फायर पुलिस स्टेशन प्रभारी राजेश कुमार द्वारा अपराध निरोधक कमेटी के सदस्यो को प्रशिक्षण

संवाददाता प्रयागराज।

प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत तहसील कोराव क्षेत्र के फायर पुलिस स्टेशन पथरताल में सात दिवसीय प्रशिक्षण आरम्भ हुआ जिसमें फायर पुलिस स्टेशन प्रभारी राजेश कुमार तथा चंद्रभान सिंह अभिषेक के द्वारा जिला अपराध निरोधक कमेटी के थाना समिति प्रभारी नरेन्द्र देव मिश्रा के नेतृत्व पदाधिकारी एवं सदस्यगण को प्रशिक्षण दिया जा रहा आज प्रथम दिन में सम्मिलित हुए।

प्रशिक्षणार्थियों में शफात अली शाह दिनेश कुमार चंद्र प्रकाश सिंह आशीष कुमार चिदानंद मिश्र विद्याकांत अजय कुमार राजू पासवान मुश्ताक अली उमेश कुमार पृथ्वीराज वर्मा हरिशंकर सिंह अवनीश नारायण कौशलेशकुमार मुकेश कुमार कमलेश कुमार सियाराम राजकुमार उमेश कुमार सूरज कुमार प्रदीप कुमार आदि।

धोखाधड़ी पर लगेगा अंकुश गुणवत्ता फेल होने पर कंपनी होगी जवाबदेह- के.के.सिंह जिला कृषि अधिकारी

प्रयागराज।कृषकों को मानक के अनुरूप उच्च गुणवत्तायुक्त बीज उपलब्ध कराने एवं सम्पूर्ण ज़िले में बीज की उपलब्धता पर पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सोमवार को केन्द्रीय कृषि बीज भंडार, पुलिस लाइन प्रयागराज में बीज विक्रेताओं का प्रशिक्षण जिला कृषि विभाग द्वारा आयोजित किया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला कृषि अधिकारी के.के.सिंह ने की।लखनऊ से लेकर महाराष्ट्र तक के विशेषज्ञों ने बड़ी एलईडी स्क्रीन के माध्यम से बीज की खरीद-बिक्री, रखरखाव और पारदर्शी व्यवस्था की संपूर्ण जानकारी दी।

जिला कृषि अधिकारी के.के.सिंह ने बताया कि अब बीज की आपूर्ति भी उर्वरक पीओएस की तरह ऑनलाइन होगी।कम्पनी निर्माता, पासिंग अधिकारी, डीलर व रिटेलर सभी को लॉट नम्बर सहित बीज उपलब्ध होंगे। प्रत्येक लेन-देन की एंट्री ऑनलाइन दर्ज करनी होगी जिससे रिपैकेजिंग और धोखाधड़ी जैसी ग़लत प्रथाओं पर रोक लगेगी।उन्होंने स्पष्ट किया कि बीज की अंकुरण क्षमता कम होने या सैंपल फेल होने पर संबंधित कंपनी को जवाबदेह ठहराया जाएगा और स्टॉक वापस लिया जाएगा।

बिना लाइसेंस वाले रिटेलर को बीज उपलब्ध नहीं हो सकेंगे। प्रत्येक रिटेलर को अलग आईडी-पासवर्ड मिलेगा जिससे स्टॉक और वेरायटी की जानकारी सीधे विभाग और शासन स्तर पर उपलब्ध होगी। राज्य व केंद्र सरकार एक क्लिक पर किसानों तक की जानकारी देख सकेंगी और गलत बीज बिक्री पर कार्रवाई सुनिश्चित होगी। अपर जिला कृषि अधिकारी विकास मिश्रा ने भी प्रशिक्षण में मार्गदर्शन दिया।

सहायक विकास अधिकारी मनीष अग्रहरि मुकेश सिंह एसएमएस बारा नीरज सोनी एडीओ बीज विक्रेता दिलीप कुमार चतुर्वेदी मंजेश केसरवानी अब्दुल्लाह अहमद आदि के साथ भारी संख्या में बीज विक्रेता उपस्थित रहे।

ससुराल गये राहुल भारतीया का नहर में मिला शव.पुलिस जांच में जुटी

संवाददाता प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत करछना क्षेत्र के नहर में बहता हुआ मिला दलित युवक की लाश। देवरी खुर्द मृतक के भाई का आरोप है कि हमारे भाई को ससुराल वालों के ऊपर हत्या का आरोप लगाया है।वही जिस प्रकार से राहुल भारतीया की हत्या बड़ी ही बेरहमी से किया गया।ससुराल व मायके पक्ष दोनों एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगा रहे है।शुक्रवार रात अपने घर से ससुराल के लिए निकले मजदूर का शव शनिवार को नहर में बहते हुए मिला।ग्रामीणों ने शव बहते देखा तो पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणो के मदद से शव को पानी से बाहर निकालकर कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जनपद प्रयागराज भेज दिया।

महोरी रीवा गांव के देवरी खुर्द निवासी राहुल भारतीया पुत्र छठ्ठुल भारतीया उम्र लगभग 25वर्ष ने शुक्रवार को काम पर गया था।रात में वह नहीं लौटा तो सुबह उसकी पत्नी ने हर जगह उसकी तलाश की। शनिवार की सुबह कौंधियारा थाना के माही गांव में लावारिस बाइक और चप्पल देख कर ग्रामीणों ने कौंधियारा पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बाइक के नम्बर के आधार पर पता लगाने की कोशिश नहीं की और बाइक वही गांव के एक व्यक्ति के यहां रखवा कर चली गई।शनिवार रात मछहर उर्फ पुरवा गांव में ग्रामीणों ने अज्ञात शव को नहर में बहते हुए देखा तो हड़कम्प मच गया।मामले की सूचना पुलिस को दी गई।स्थानीय पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंच कर जांच पड़ताल में जुट गई। प्राप्त जानकारी अनुसार मृतक छह भाइयो में सबसे छोटा था।वह मजदूरी का काम करता था। उसके दो बेटे कार्तिक तीन वर्ष व अमन दो वर्ष है।पत्नी कल्पना अपने मायके मछहर उर्फ पुरवा गांव में ही रहती थी। जैसे ही शव गांव में पहुंचा तो हजारों की संख्या में ग्रामीणों की भीड़ पहुंच गई।पुलिस की मौजूदगी में राहुल भारतीया का अंतिम दाह-संस्कार किया गया।

ग्रामीण महिलाओं को स्वावलंबी बनाएगा मुक्त विश्वविद्यालय -प्रो.सत्यकाम।

संजय द्विवेदी संवाददाता।

प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को उच्च शिक्षा प्रदान कर उन्हें स्वावलम्बी बनाएगा जिससे वह अपने पैरो पर खड़े हो सकें। यह बीड़ा उठाया है प्रदेश के एकमात्र मुक्त विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.सत्यकाम ने रविवार को बताया कि मुक्त विश्वविद्यालय यह प्रयत्न कर रहा है कि उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में कोई भी महिला उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।इसके लिए लगातार इण्टर कॉलेजो पंचायतों और आंगनबाड़ियो से सम्पर्क स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय ने सभी को शिक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से ही माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश से एम ओ यू किया है। जिससे इंटरमीडिएट उत्तीर्ण शिक्षार्थियों के आंकड़े प्राप्त कर विश्वविद्यालय महिला विद्यार्थियों तक अपनी पहुंच बनाएगा।कुलपति ने जानकारी दी कि विश्वविद्यालय ने पहल करते हुए प्रोत्साहन देने और आकर्षित करने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों के लिए बाल विकास एवं पोषण में डिप्लोमा कार्यक्रम प्रारंभ किया है। जो उनके लिए मुफ्त में उपलब्ध होगा।ज्ञात हो कि पूरे उत्तर प्रदेश में आंगनबाड़ी केन्द्रो की संख्या लगभग 1 लाख 89 हजार है।कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने इस डिप्लोमा में निःशुल्क प्रवेश लेने के लिए सभी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का आह्वान किया है।प्रो.सत्यकाम ने कहा कि यह एक सामाजिक एवं राष्ट्रीय दायित्व है। जिसके लिए मुक्त विश्वविद्यालय कृत संकल्पित है।

विश्वविद्यालय यह चाहता है कि प्रदेश की प्रत्येक महिला जो इंटरमीडिएट उत्तीर्ण है वह उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय में प्रवेश ले और अपने को समर्थ और सशक्त बनाए।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने कहा कि बिटिया पढ़ेगी तो समर्थ होगी।वह सशक्त होगी तो दहेज के लिए जलाई नहीं जाएगी।उन्होंने अभी हाल में ग्रेटर नोएडा में हुई एक दर्दनाक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि वहां दहेज के लिए एक बिटिया को जला दिया गया। यह घटना कदापि न होती यदि वह बिटिया समर्थ और सशक्त होती।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने लड़कियों के माता एवं पिता का आह्वान किया कि वह अपनी बेटियों को समर्थ बनाएं।उन्हें पराया धन न समझें और उनकी शादी करना ही अंतिम लक्ष्य न रखे।बेटियों को सुशिक्षित करें और आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाएं।उन्होंने कहा कि यदि कोई बिटिया विवाह के बाद घर लौटती है और अपना दुखड़ा सुनाती है तो माता-पिता को भी जागरूक रहना चाहिए और बिटिया को स्वतंत्र निर्णय लेने का अधिकार देना चाहिए और घरेलू समर्थन दिया जाना चाहिए।

कुलपति प्रो.सत्यकाम ने उत्तर प्रदेश की महिलाओं का आह्वान किया कि वह प्रधानमंत्री के उद्देश्य बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को कार्यान्वित करने के लिए उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज की प्रतिबद्धता में अपना सहयोग प्रदान करे जिससे कोई भी महिला उच्च शिक्षा से वंचित न रह जाए।इसके लिए प्रत्येक नागरिक का सहयोग चाहिए। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय की प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ है।जिसका लाभ अधिक से अधिक लोगों को उठाना चाहिए।

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ अरुण कुमार तिवारी ने सीएचसी सैदाबाद का किया निरीक्षण

संजय द्विवेदी संवाददाता।

प्रयागराज।आज दिनांक 24. 8.2025 को मुख्य चिकित्सा अधिकारी प्रयागराज डॉ अरुण कुमार तिवारी ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सैदाबाद का निरीक्षण दोपहर 12:10 पर किया।सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र सैदाबाद में आकस्मिक चिकित्सा सेवाएं सुचारू रूप से चलती हुई मिली।रोस्टर के अनुसार डॉक्टर नरेंद्र पटेल की आकस्मिक चिकित्सा सेवा में ड्यूटी थी किंतु वह अनुपस्थित थे। डॉ नरेंद्र पटेल के स्थान पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र असढिया में कार्यरत आयुष डॉक्टर विजय कुमार गौतम ड्यूटी पर थे।मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जब इसका कारण पूछा तो संतोषजनक उत्तर प्राप्त नहीं हुआ।इसके लिए उन्होंने डॉक्टर नरेन्द्र पटेल से स्पष्टीकरण अधीक्षक सैदाबाद के माध्यम से प्रस्तुत करने के लिए निर्देश दिए।

तत्पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने चीफ फार्मासिस्ट से स्टॉक रजिस्टर मंगा कर देखा एवं दवाइयों के रखरखाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए।जननी सुरक्षा योजना का रजिस्टर देखने पर ज्ञात हुआ कि उसमें मंत्रा आईडी 20 अगस्त 2025 से दर्ज नहीं की गई थी इस पर मंत्रा आईडी को अपडेट रखने के निर्देश संबंधित एएनएम एवं स्टाफ नर्स को दिए।इसके बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र असढिया का निरीक्षण दोपहर 12:35 पर किया।प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर सुधीर सिंह अनुपस्थित थे उनका एक दिन का वेतन बाधित करने का निर्देश दिया। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र असढिया में मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भी सुचारू रूप से नहीं लगा था, इसलिए अधीक्षक सैदाबाद को मुख्यमंत्री आरोग्य मेला सुचारू रूप से लगवाने के कड़े निर्देश दिए अन्यथा की स्थिति में कठोर कार्रवाई करने की चेतावनी दी।तत्पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र थुलमा का निरीक्षण दोपहर 1:20 पर किया।

प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ नरेंद्र सिंह पटेल अनुपस्थित मिले अन्य पूरा स्टाफ उपस्थित था।मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भी सुचारू रूप से संपन्न हो रहा था।तत्पश्चात मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दोपहर 1:50 पर नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र मोतिहां का निरीक्षण किया।दीपक शुक्ला वार्ड बाय 21 अगस्त 2025 से अनुपस्थित पाए गए दीपक शुक्ला का माह अगस्त 2025 का वेतन रोकने का आदेश दिया तथा स्पष्टीकरण अधीक्षक सैदाबाद के माध्यम से प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। स्पष्टीकरण संतोष जनक ना पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की चेतावनी भी दी।मुख्यमंत्री आरोग्य मेला भी सुचारू रूप से सम्पन्न हो रहा था।मुख्य चिकित्सा अधिकारी के उपरोक्त स्थानों पर निरीक्षण के समय उप जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी अरविंद कुमार गुप्ता साथ में उपस्थित रहे।

आद्या प्रसाद पुत्र रामकैलाश के चल सम्पत्ति की सार्वजनिक नीलामी 15 सितम्बर को।

संजय द्विवेदी संवाददाता।

प्रयागराज।उप जिलाधिकारी कोराव संदीप तिवारी ने बताया है कि उ०प्र०उपभोक्ता सहकारी संघ लिमिटेड इलाहाबाद मु010939289/- रू0 व अन्य के बाकीदार मेसर्स भूर्तिया राईस मिल नीबी डीही प्रो०आद्या प्रसाद पुत्र रामकैलाश निवासी डीही लेड़ियारी तहसील कोरांव जिला प्रयागराज के चल सम्पत्ति की सार्वजनिक नीलामी दिनांक 15.09.2025 को अपरान्ह 01ः00 बजे भूर्तिया राईस मिल नीबी लेड़ियारी तहसील कोरांव प्रयागराज में की जायेगी।लो० नि० वि० से प्राप्त मूल्यांकन धनराशि मु0 126250+18% जी०एस०टी० से अधिक मूल्य पर नीलामी दिनांक 15.09.2025 को प्रारम्भ की जायेगी।उक्त नीलामी में इच्छुक व्यक्ति दिये गये स्थल पर नियत समय से उपस्थित होकर नीलामी में प्रतिभाग कर सकते है,जिसमें नीलाम अधिकारी नायब तहसीलदार बड़ोखर तहसील कोरांव प्रयागराज होगें।चल सम्पत्ति का ब्यौरा-

(1)राईस मिल प्लांट पावद 02 टन क्षमता (2)इंजन प्लांट 06 सिलेण्डर(3) तीन पालीसर मशीन(4) 50 हार्स पॉवर मोटर।

जिलाधिकारी के निर्देश के क्रम में खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा गौआश्रय स्थलों का किया औचक निरीक्षण

जिलाधिकारी ने गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान पायी गयी कमियों को ठीक कराते हुए गौशालाओं में सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दूरूस्त बनाये रखने के दिए निर्देश

जिलाधिकारी ने जिन गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान कमियाँ पायी गयी है उन गौशालाओं के संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया

संवाददाता प्रयागराज।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा के द्वारा गौआश्रय स्थलों एवं केन्द्रों की व्यवस्थाओं का जायजा लिये जाने एवं गौआश्रय स्थलों में निराश्रित गौवंशों को उपलब्ध करायी जा रही आवश्यक मूलभूत सुविधाओं की अद्यतन स्थिति की जांच हेतु सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों को नोडल अधिकारी बनाते हुए सम्बंधित विकास खण्ड में स्थित गौवंश आश्रय स्थलों का औचक निरीक्षण किए जाने के निर्देश दिए गए थे।जिलाधिकारी के द्वारा दिए गए निर्देश के क्रम में सभी सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा उनके विकास खण्ड से सम्बंधित गौआश्रय स्थलों का शनिवार को औचक निरीक्षण किया गया और गौआश्रय स्थलों में साफ-सफाई की स्थिति, पंजीकृत गौवंशों के सापेक्ष उपस्थित गौवंशों की संख्या गौवंश के स्वास्थ्य की स्थिति पेयजल की व्यवस्था चारा-चूनी-चोकर हरे चारा की उपलब्धता की स्थिति गौआश्रय स्थल के चारों तरफ बाउंड्रीवाल की स्थिति गौआश्रय स्थलों में कर्मचारियों की उपलब्धता कम्पोस्ट खाद बनाये जाने की स्थिति अभिलेखों के सत्यापन की स्थिति सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था गौशाला केन्द्र के नजदीकी चारागाह जहां नैपियर घास हरा चारा बोया गया है आदि बिंदुओं पर निरीक्षण कर आख्या प्रस्तुत की गयी।जनपद प्रयागराज में कुल 132 गौशालाएं है, जिसमें ग्रामीण क्षेत्र में 123 गौशालाएं है एवं शहरी क्षेत्र में 09 गौशालाएं है, जिनमें ग्रामीण क्षेत्र की सभी 123 गौशालाओं का सम्बंधित खण्ड विकास अधिकारियों के द्वारा निरीक्षण किया गया।निरीक्षण में यमुनापार के विकास खण्ड कोरॉव शंकरगढ मेजा एवं जसरा में संचालित 63 गोशालाओं में से 19 गो-आश्रय स्थलों में हरे चारा की व्यवस्था नही है और हरे चारे के विकल्प के रूप में विकास खण्ड मेजा माण्डा एवं कोरॉव में जनपद स्तर से साईलेज की निर्धारित दर पर साईलेज दिया जा रहा है जबकि विकास खण्ड शंकरगढ एवं जसरा के गो आश्रय स्थलों में साईलेज उपलब्ध नही है। गंगापार में संचालित 60 गौ आश्रय स्थलो में से 12 गो आश्रय स्थलो में हरे चारे की व्यवस्था नही पायी गयी। वर्मीकम्पोस्ट केवल गाढा कटरा(शकरगढ) चैमलपुर(सहसो)एवं कॉटी(जसरा)को छोडकर कहीं नही बनाया जा रहा है भगवतपुर की 04 गो आश्रय में कुल 07 गोवंश, विकास खण्ड जसरा अन्तर्गत गो आश्रय स्थलो में 07 गौवंश सैदाबाद विकास खण्ड अन्तर्गत संचालित गो आश्रय स्थल 03 गौवंश, मेजा विकास खण्ड अन्तर्गत संचालित गो आश्रय स्थल में 04 गौवंश अस्वस्थ पाये गये जिनकी चिकित्सा चल रही है। गो आश्रय स्थल भटोती (मेजा)एवं मेंडारा (श्रंगवेरपुर) को छोडकर कही भी सी0सी0टी0वी की व्यवस्था नही पायी गयी।समस्त गो आश्रय स्थलों में एफ0एम0डी0 टीकाकरण कार्य किया जा चुका है तथा समस्त गो आश्रय स्थलो पर गोपालक एवं रात्रिकालीन चौकीदार नियुक्त है।जिलाधिकारी ने खण्ड विकास अधिकारियों की निरीक्षण आख्या के आधार पर जिन गौशालाओं में निरीक्षण के दौरान कमियाँ पायी गयी हैं संबंधित ग्राम सचिव को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और कमियों को ठीक कराते हुए गौशालाओं में सभी आवश्यक व्यवस्थायें चुस्त-दूरूस्त बनाये रखने के निर्देश दिए है। उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि जिन गौशालाओं में अभी तक सीसीटीवी कैमरे नहीं लग पाये है,जहां पर पशुओं का टीकाकरण नहीं हो पाया है या जिन गौशालाओं में साफ-सफाई की व्यवस्था ठीक ढंग से नहीं पायी गयी है, इसके साथ ही साथ गौशालाओं में जल जमाव, कीचड़ या अन्य कमियां पायी गयी है उनकों प्राथमिकता पर ठीक कराने के निर्देश दिए है। साथ ही साथ उन्होंने यह भी निर्देशित किया है कि उनके द्वारा भी समय-समय पर गौशालाओं का निरीक्षण किया जायेगा और निरीक्षण में यदि कहीं पर भी कोई कमी पायी गयी तो सम्बंधित ग्राम सचिव की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी।उन्होंने यह भी कहा है कि गौवंशों का शत-प्रतिशत टीकाकरण करा लिया जाये। छुट्टा घूमने वाले निराश्रित गौवंशों को अनिवार्य रूप से गौसरंक्षण केन्द्रों में संरक्षित किया जाये।

विकसित भारत के स्वप्न को साकार करेगी आधुनिक तकनीके-प्रो.सत्यकाम।

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के विज्ञान विद्याशाखा नेहरू ग्राम भारती विश्वविद्यालय एवं शुआट्स नैनी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित पाँच दिवसीय रिसेंट एडवांसेज इन रिसर्च टेक्निक: विकसित भारत 2047 विषय पर अंतर्राष्ट्रीय कार्यशाला का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।कार्यशाला में देश-विदेश के प्रतिष्ठित विद्वानों ने शोध की विविध तकनीकों एवं आधुनिक उपकरणों पर अपने व्याख्यान दिए।

कार्यशाला के समापन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कुलपति प्रो. सत्यकाम ने इसे ज्ञान-संवाद और युवा शोधकर्ताओं को सक्षम बनाने वाली प्रेरक यात्रा बताया और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य की ओर शोधार्थियों को आगे बढ़ने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की दिशा में एक सशक्त मंच प्रदान किया है। हमारे शोधार्थियों और प्राध्यापकों ने आधुनिक तकनीकों जैसे कृत्रिम बुद्धिमत्ता मशीन लर्निंग बायोटेक्नोलॉजी कम्प्यूटेशनल मॉडलिंग तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण पर गहन विमर्श किया।

ये सभी साधन न केवल शोध की गुणवत्ता बढ़ाएंगे बल्कि विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने में सहायक होंगे।उन्होंने कहा कि यह विश्वविद्यालय सदैव से उत्कृष्टता और नवाचार को प्रोत्साहित करता रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यशाला से प्राप्त अनुभव और ज्ञान प्रतिभागियों को नए आयाम देंगे और 2047 तक भारत को वैश्विक शोध नेतृत्व की दिशा में अग्रसर करेंगे। उन्होने शोधार्थियों से कहा कि आज के दौर में हमें किताबों से निकलकर बाहरी दुनिया में कदम रखने के लिए इन टूल्स को माध्यम बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है जिससे हमारे शोध की गुणवत्ता बनी रहे। इस कार्यशाला ने शोध और नवाचार की नई संभावनाओं को उजागर किया है।यहां हुए विचार-विमर्श ने यह स्पष्ट किया है कि आधुनिक तकनीकें कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैव-प्रौद्योगिकी और अंतर्विषयी दृष्टिकोण हमारे भविष्य के शोध की दिशा तय करेंगे।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो उमेश चन्द्र गणित विभाग बनारस हिंदू वश्वविद्यालय वाराणसी ने इस कार्यशाला की उपयोगिता और महत्त्व को बताया।उन्होंने कार्यक्रम संयोजक प्रो ए के मलिक को बधाई देते हुए कहा कि भविष्य में भी ऐसे कार्यशाला होती रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने हेतु नवीन और नवाचार शोधों, शोध पद्धतियों नई तकनीकी का प्रयोग कर किया जा सकता है।उन्होंने कहा किआधुनिक अनुसंधान में कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा विश्लेषण जैव-प्रौद्योगिकी तथा अंतर्विषयी दृष्टिकोण अत्यंत महत्वपूर्ण हैं।

विशिष्ट अतिथि डॉ प्रिया माथुर पूर्णिमा इंस्टीट्यूट ऑफ़ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी जयपुर ने शोध में नवीनता और सहयोग के महत्व पर बल दिया।उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशाला का आयोजन आने वाले समय में शोधार्थियों के लिए बहुत ही उपयोगी साबित होगा।शोध कार्यों में निरंतर नए नए तकनीकी और नवाचार हो रहे है इसी के आधार पर आगामी 2047 तक भारत को विकसित करने का एक सशक्त दिशा प्रदान करेगी।

प्रारम्भ में अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम संयोजक प्रोफेसर ए के मलिक ने किया।कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन डॉ सी के ने किया।इस अवसर पर ऑनलाइन और ऑफलाइन माध्यम से 100 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता करते हुए ज्ञानवर्धन किया।

विश्व हिन्दू परिषद ने स्थापना दिवस के अवसर पर शोभा यात्रा

प्रयागराज।नगर पंचायत कोरांव अंतर्गत आज 24 अगस्त सन 2025 को विश्व हिंदू परिषद के जिला उपाध्यक्ष अरुण कुमार चतुर्वेदी के सानिध्य में स्थापना दिवस के अवसर पर पद संचलन शोभा यात्रा के नहर विभाग कालोनी से गोपाल विद्यालय तक मार्केट होते हुए सम्पन्न हुआ।इस मौके पर उपजिलाधिकारी कोरांव संदीप तिवारी ने भ्रमण कर स्थित का जायजा लेते रहे।जिसमें प्रदेश सचिव संतोष कुमार श्रीवास्तव की आदेश के क्रम में एसीपी मेजा संत प्रसाद उपाध्याय तथा उप जिलाधिकारी संदीप कुमार त्रिपाठी के कुशल मार्गदर्शन में जिला अपराध निरोधक कमेटी के पदाधिकारी एवं सदस्य गण को थाना प्रभारी निरीक्षक राकेश कुमार वर्मा के आदेशानुसार थाना कमेटी प्रभारी नरेन्द्र देव मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस बल के साथ वालंटियर ड्यूटी पर उपस्थित रहे।

संयुक्त सचिव संगम लाल जायसवाल मीडिया प्रभारी मोहम्मद असलम क्षेत्रीय प्रभारी अजय कुमार पृथ्वीराज वर्मा सियाराम उमेश कुमार भोला सिंह नित्यानंद उपाध्याय रवि कुमार सुधाकर डॉक्टर अनिल कुमार इत्यादि सम्भ्रांत व्यक्ति उपस्थित रहे।इस कार्यक्रम का संचालन अधिवक्ता शशि द्विवेदी ने किया।

साहित्यांजलि प्रकाशन प्रयागराज के तत्वावधान में मासिक बैठक एवं गोष्ठी संपन्न

संवाददाता प्रयागराज।

प्रयागराज।साहित्यांजलि प्रकाशन की मासिक पत्रिका "साहित्यांजलि-प्रभा" के उपसंपादक वरिष्ठ साहित्यकार डा•योगेन्द्र कुमार मिश्र विश्वबन्धु के नीमसंराय काॅलोनी स्थित आवास पर पत्रिका निमित्त आहूत हुई बैठक में माह अगस्त की पत्रिका का विमोचन किया गया।बैठक में "साहित्यकार सत्कार आपके द्वार" योजना के अंतर्गत माननीय न्यायमूर्ति सुधीर नारायण को उनके साहित्यिक योगदान के लिए सम्मानित करने का निर्णय लिया गया।

बैठक के साथ गोष्ठी में डा• योगेन्द्र कुमार मिश्र विश्वबन्धु की रचनाओं पर समालोचना करते हुए वरिष्ठ समालोचक डा•रामलखन चौरसिया ने कहा कि विश्वबन्धु का शब्द-संसार(कहानी-संग्रह) सरल-सुबोध और सुगम है जिनमें समसामयिक विषयों को निरूपित करने का सफल प्रयास है।कहानियों में भावनाओं का उद्वेलन पात्रों के दुर्गम जीवन-पथ का संघर्ष और सफलता उसकी जिजीविषा पाठक के अंतस में विविध संवेगों का आरोह-अवरोह उसकी सुरचिता में वृद्धि करता है।इसलिए कहानियां शब्दों के जाल में न उलझकर सीधे-सीधे पाठक के बुद्धि-विवेक से संवाद करती हैं। उन्होंनें कहा कि इन उपलब्धियों के होते हुए कहानीकार को अभी अपनी भाषा पर और श्रम करना चाहिए। सम्पादक डा•भगवान प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि विश्वबन्धु"की गीत कविता कहानी लघुकथा-मुक्तक एवं नाटक की छः पुस्तकों का चार माह के अंदर प्रकाशित होने से प्रकाशन का गौरव बढ़ा है।

साहित्यांजलि प्रभा के सह-संपादक एवं राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी रवीन्द्र कुशवाहा तथा वरिष्ठ गीतकार शम्भूनाथ श्रीवास्तव शम्भु ने भी अपने सारगर्भित विचार प्रस्तुत किये।रेखा मिश्रा ने समस्त अतिथिगण का स्वागत एवं विश्वबन्धु" ने आभार प्रकट किया।