रांची: उपायुक्त ने सरकारी कार्यालयों के लिपिकों व ऑपरेटरों संग की बैठक, जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर दिया जोर

रांची: रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने आज, 25 जुलाई 2025 को समाहरणालय में जिला प्रशासन के अंतर्गत कार्यरत सभी कार्यालयों के प्रधान लिपिक, उच्च वर्गीय लिपिक, निम्न वर्गीय लिपिक और कंप्यूटर ऑपरेटरों के साथ एक महत्वपूर्ण संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, जन शिकायतों का त्वरित समाधान और कार्य संस्कृति में सुधार सुनिश्चित करना था।

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'प्रत्येक कर्मचारी सरकार और जनता के बीच महत्वपूर्ण कड़ी'

श्री भजन्त्री ने अपने संबोधन में कहा कि जिला प्रशासन का प्रत्येक कर्मचारी सरकार और जनता के बीच एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने सभी को संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का निर्देश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा, "सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को धरातल पर उतारना हमारी प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक कर्मचारी को अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से लेना होगा ताकि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।"

उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि सामाजिक सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं के आवेदनों की जांच और निष्पादन में किसी भी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने लाभार्थियों की सूची को समय-समय पर अद्यतन करने और पात्र व्यक्तियों तक त्वरित लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

अनुशासन, पारदर्शिता और जनता से मर्यादित व्यवहार पर बल

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने सभी कार्यालयों में अनुशासन, पारदर्शिता और जनता के प्रति उत्तरदायित्वपूर्ण व्यवहार को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आत्मानुशासन सभी कर्मियों की कार्य संस्कृति का हिस्सा बनना चाहिए। सभी कर्मियों को अपना आईडी कार्ड और नेम प्लेट हमेशा स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करना अनिवार्य होगा, और निर्धारित कार्यावधि तक कार्यालय में उपस्थित रहना अनिवार्य है। कार्यालयों की साफ-सफाई और फाइलों की सुसंगतता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

जनता के साथ व्यवहार पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा, "कार्यालय आने वाले नागरिकों के साथ सभ्य, संवेदनशील और सहयोगपूर्ण व्यवहार करें। किसी प्रकार का दुर्व्यवहार, चाहे जानबूझकर हो या अनजाने में, न किया जाए।" उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आमजन को गलत या भ्रामक जानकारी नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि सही और उचित जानकारी देना कर्मियों की जिम्मेदारी है।

दलालों और बिचौलियों पर सख्ती, शिकायत निवारण पर फोकस

उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट रूप से कहा कि कार्यालयों में किसी भी प्रकार के दलाल या बिचौलिये को प्रवेश नहीं करने दिया जाए। यदि कोई व्यक्ति किसी प्रकार के अनुचित कार्य करने को कहता है, तो उसकी सूचना संबंधित पदाधिकारी को तुरंत दी जाए।

उन्होंने सभी कर्मियों को अनुशासन और मर्यादित आचरण के साथ कार्य करने और किसी भी प्रकार की गुटबाजी या विभागीय राजनीति से बचने की सलाह दी, जिससे संस्था की छवि पर आंच न आए। रिटायरमेंट के करीब पहुंच चुके कर्मियों (छह महीने के भीतर सेवानिवृत्त होने वालों) की सूची तैयार कर समर्पित करने का भी निर्देश दिया गया।

जन शिकायतों के निवारण के लिए एक सुव्यवस्थित तंत्र अपनाने पर जोर देते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए और नियमानुसार उसका समाधान समयबद्ध तरीके से किया जाए। इसके लिए शिकायतों के पंजीकरण, ट्रैकिंग और फॉलो-अप की प्रक्रिया को और सुदृढ़ करने पर बल दिया गया।

तकनीकी दक्षता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग पर जोर

कार्य संस्कृति में सुधार के लिए कर्मचारियों को नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी दक्षता बढ़ाने और डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का अधिकतम उपयोग करने का निर्देश दिया गया। कंप्यूटर ऑपरेटरों को विशेष रूप से ई-गवर्नेंस और डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग में अपनी भूमिका को और प्रभावी बनाने के लिए प्रेरित किया गया। उपायुक्त ने कार्यालय में उपस्थिति और कार्य निष्पादन की नियमित समीक्षा की बात भी कही, और किसी भी प्रकार की लापरवाही के प्रति असहिष्णुता व्यक्त की।

उन्होंने पंचायत, प्रखंड और अंचल कार्यालयों के कर्मचारियों को जिला प्रशासन के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का भी निर्देश दिया ताकि योजनाओं का लाभ ग्रामीण स्तर तक प्रभावी ढंग से पहुंच सके।

संवाद कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी कर्मचारियों के साथ खुला संवाद किया, उनकी समस्याओं को सुना और आश्वस्त किया कि उनकी कार्य-संबंधी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने कर्मचारियों से सुझाव भी मांगे ताकि प्रशासनिक प्रक्रियाओं को और सरल व प्रभावी बनाया जा सके।

उपायुक्त श्री भजन्त्री ने सभी कर्मचारियों से जिला प्रशासन के विजन को साकार करने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की अपील करते हुए कहा, "हमारा लक्ष्य रांची जिले को एक मॉडल जिला बनाना है, जहां सरकार की योजनाएं और सेवाएं हर नागरिक तक समय पर और प्रभावी ढंग से पहुंचें।"

कांग्रेस पार्टी के पिछड़ा सम्मेलन में पिछड़ा समाज से नफरत उजागर....अमर कुमार बाउरी

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पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर कुमार बाउरी ने आज कांग्रेस पार्टी पर बड़ा निशाना साधा।

श्री बाउरी कांग्रेस पार्टी द्वारा दिल्ली में आयोजित पिछड़ा सम्मेलन में झारखंड सरकार के मंत्री इरफान अंसारी द्वार इशारे इशारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए गए बयान अपमानजनक टिप्पणी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

उन्होंने कहा कि ये कांग्रेस पार्टी पिछड़ों का हितैषी बनने का नाटक कर रही है।लेकिन इसका चाल चरित्र पिछड़ा विरोधी है।

कहा कि एक चाय वाले पिछड़े समाज से आने वाले भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कांग्रेस को बर्दाश्त नहीं हैं। इसलिए कांग्रेस के नेता को प्रधानमंत्री पर असंसदीय भाषा का प्रयोग करने से परहेज नहीं है।

उन्होंने कहा कि ऐसे भी इरफान अंसारी बड़बोलेपन के शिकार हैं। ये भले ही स्वास्थ्य मंत्री हैं लेकिन मीडिया में अपने उल्टे पलटे बयानों के माध्यम से मीडिया में बने रहने केलिए मानसिक रोगी हो चुके हैं।

कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे ही बड़बोले नेताओं के माध्यम से कभी आदिवासी ,तो कभी दलित ,कभी पिछड़े समाज का अपमान कराती रही है। कांग्रेस के डीएनए में कोई बदलाव की गुंजाइश नहीं बची है।

प्रधानमंत्री जी के सेवा और समर्पण के 4078 दिन स्वर्णाक्षरों में अंकित....बाबूलाल मरांडी

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प्रदेश भाजपा ने आज बतौर प्रधानमंत्री 4078 दिन पूरा कर देश के दूसरे प्रधानमंत्री बनने वाले श्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई एवं शुभकामनाएं दी है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि यह दिन केवल काल गणना नहीं बल्कि सेवा और समर्पण के दिन हैं। गांव,गरीब , किसान को समर्पित दिन है। यह अंत्योदय से आत्म निर्भर भारत को समर्पित दिन हैं। ये दिन परिवारवाद के पार राष्ट्रवाद को समर्पित दिन हैं। ये दिन भारत के इतिहास में स्वर्णाक्षरों में अंकित दिन हैं।

श्री मरांडी ने कहा मोदी जी के नेतृत्व में देश लगातार प्रगति की ऊंचाइयों को छू रहा।

उन्होंने प्रधानमंत्री के स्वस्थ ,सुखी यशस्वी जीवन की कामना करते हुए कहा कि भारत की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में विकसित भारत का सपना साकार होते देखना चाहती है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी को बधाई एवं शुभकामनाएं देने वालों में कार्यकारी अध्यक्ष डॉ रविंद्र कुमार राय,प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह,महामंत्री एवम सांसद आदित्य साहू, डॉ प्रदीप वर्मा, मनोज कुमार सिंह सहित पार्टी के प्रदेश पदाधिकारी एवं मोर्चा अध्यक्ष गण शामिल हैं।

झारखंड और आदिवासी अस्मिता को श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी ने ही पहचान दिया......बाबूलाल मरांडी

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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार द्वारा अटल मोहल्ला क्लीनिक का नाम बदलकर मदर टेरेसा के नाम पर किए जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

श्री मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जी से यह पूछा है कि इसे कृतघ्नता कहा जाए या नैतिक पतन, कि राज्य सरकार ने मोहल्ला क्लिनिक के नाम से अटल बिहारी वाजपेयी जी का नाम हटाने का निर्णय लिया है?

कहा कि झारखंड राज्य के निर्माण में वाजपेयी जी का योगदान किसी परिचय का मोहताज नहीं है।

1999 में अटल जी ने झारखंड की धरती से जनता से वादा किया था कि यदि केंद्र में उनकी सरकार बनी, तो झारखंड के लोगों को एक अलग राज्य का उपहार दिया जाएगा और जैसे ही उनकी सरकार बनी, उन्होंने अपना यह वादा निभाया।

कहा कि झारखंडवासियों को उनका अधिकार दिलाने में और आदिवासी अस्मिता को अलग पहचान देने में अटल जी के अटल इरादों की निर्णायक भूमिका रही है।लेकिन हेमंत सरकार ने राजनीति के निम्नतम स्तर को छूते हुए उनके योगदान को अनदेखा कर दिया।

कहा कि क्या सरकार यह स्पष्ट कर सकती है कि कैबिनेट के इस निर्णय से स्वास्थ्य व्यवस्था में वास्तविक सुधार होगा?एम्बुलेंस समय पर पहुँचने लगेगी?क्लिनिक में बेहतर इलाज उपलब्ध होगा?

कहा कि यदि सरकार को वास्तव में मदर टेरेसा का सम्मान करना था, तो उनके नाम पर कोई नई योजना लाती, ऐसी योजना जो मरीज़ों को सहारा और सेवा प्रदान करती, जो स्वयं मदर टेरेसा के जीवन का उद्देश्य था। किन्तु ऐसा न कर सरकार ने यहाँ भी केवल राजनीतिक हित साधने का प्रयास किया है।

कहा कि राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था इतनी बदहाल है कि गर्भवती महिलाओं को एम्बुलेंस न मिलने के कारण रास्ते में ही प्रसव कराना पड़ रहा है। वृद्ध महिलाओं को खाट पर अस्पताल ले जाया जा रहा है, और शवों को ले जाने तक के लिए एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं है।परन्तु इन बुनियादी समस्याओं को दूर करने के बजाय, सरकार नाम बदलने में व्यस्त है।

झारखंड को मिले नए मुख्य न्यायाधीश, राज्यपाल संतोष गंगवार ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को दिलाई शपथ

रांची: झारखंड उच्च न्यायालय को आज अपना नया मुख्य न्यायाधीश मिल गया है। बुधवार को राजभवन में आयोजित एक गरिमामय समारोह में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने न्यायमूर्ति तरलोक सिंह चौहान को झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश (चीफ जस्टिस) के पद की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन विशेष रूप से उपस्थित रहे। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री तरलोक सिंह चौहान को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

शपथ ग्रहण समारोह में राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण, माननीय विधायकगण सहित अन्य गणमान्य अतिथिगण भी उपस्थित थे, जिन्होंने नए मुख्य न्यायाधीश का स्वागत किया।

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने क्यूरेस्टा अस्पताल में विमल लकड़ा से मुलाकात की, जाना हालचाल

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रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को रांची स्थित दीपाटोली के क्यूरेस्टा अस्पताल पहुंचे। मुख्यमंत्री ने वहां इलाजरत पूर्व अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी श्री विमल लकड़ा से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना।

मुख्यमंत्री सोरेन ने अस्पताल में उपस्थित चिकित्सकों से श्री विमल लकड़ा के स्वास्थ्य में हो रहे सुधार से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त की। उन्होंने विमल लकड़ा के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की।

रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मेडिका अस्पताल में कड़िया मुंडा से मुलाकात कर जाना हालचाल


रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बुधवार को रांची स्थित मेडिका मणिपाल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने इलाजरत लोकसभा के पूर्व उपाध्यक्ष कड़िया मुंडा से मुलाकात की। मुख्यमंत्री ने श्री मुंडा का कुशलक्षेम जाना और उनके स्वास्थ्य के बारे में चिकित्सकों से जानकारी ली।

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मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने श्री कड़िया मुंडा के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की। गौरतलब है कि भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व सांसद कड़िया मुंडा को मंगलवार को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

हेमंत सरकार पर 'नाम परिवर्तन घोटाले' का आरोप, भाजपा ने CBI जांच की मांग की


भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने झारखंड की हेमंत सरकार पर एक नया और गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के घोटालों की श्रृंखला में अब 'नाम परिवर्तन घोटाला' भी जुड़ गया है। शाहदेव ने आरोप लगाया कि राज्य बनने के बाद से नाम परिवर्तन संबंधी जो मैनुअल गजट नोटिफिकेशन के रजिस्टर रखे जाते थे, वे हेमंत सरकार के कार्यकाल में गायब हो गए हैं।

प्रतुल शाहदेव के अनुसार, नाम परिवर्तन से जुड़े कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, जिससे यह पता नहीं चल पा रहा है कि इस अवधि में कितने और किन लोगों के नाम बदले गए। उन्होंने यह भी बताया कि हाल के वर्षों में इस प्रक्रिया के ऑनलाइन होने के बावजूद रिकॉर्ड ठीक से नहीं रखे जा रहे हैं, और इसमें बड़ी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप भी लगे हैं।

धर्मांतरण के आंकड़ों को छुपाने की आशंका?

भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार से सवाल किया कि क्या इन दस्तावेजों का गायब होना बड़े पैमाने पर हुए धर्मांतरण के आंकड़ों को छुपाने की कोई साजिश तो नहीं है। उन्होंने कहा कि झारखंड में धर्मांतरण में लिप्त शक्तियां बड़े पैमाने पर सक्रिय हैं। प्रतुल ने इस बात पर जोर दिया कि नाम परिवर्तन का रजिस्टर लोगों की पहचान का एक महत्वपूर्ण आधार हो सकता था। उन्होंने आशंका जताई कि संभवतः बड़े पैमाने पर हुए धर्मांतरण के वास्तविक आंकड़ों को छिपाने के लिए ये सारे दस्तावेज गायब कर दिए गए हैं। शाहदेव ने यह भी कहा कि इन दस्तावेजों के गायब होने से संबंधित व्यक्ति आधार कार्ड में बदलाव कर अपनी उम्र, धर्म और जाति तक बदल सकता है।

FIR न होना मामले को संदिग्ध बनाता है:

प्रतुल शाहदेव ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार द्वारा इस मामले में प्राथमिकी (FIR) दर्ज न करना पूरे मुद्दे को और भी संदिग्ध बना देता है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में सिर्फ राजकीय प्रेस के संजीव कुमार से स्पष्टीकरण पूछा गया है। शाहदेव ने कहा कि जब सरकारी दस्तावेज गायब होते हैं, तो प्राथमिकी दर्ज की जाती है और संबंधित अधिकारी पर कड़ी कार्रवाई होती है। लेकिन यहां सिर्फ मामले को रफा-दफा करने की साजिश चल रही है।

भाजपा प्रवक्ता ने मांग की है कि इस पूरे घटनाक्रम की सीबीआई जांच कराई जाए, क्योंकि उन्हें आशंका है कि जांच के बाद कई और चौंकाने वाले रहस्य सामने आ सकते हैं।

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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 31 जुलाई से झारखंड दौरे पर, तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव ने की उच्चस्तरीय बैठक

रांची: राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू 31 जुलाई से 1 अगस्त तक दो दिवसीय झारखंड दौरे पर रहेंगी। इस दौरान वे देवघर, रांची और धनबाद जाएंगी। उनके आगमन की तैयारियों को लेकर मंगलवार को मुख्य सचिव श्रीमती अलका तिवारी की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

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मुख्य सचिव ने संबंधित अधिकारियों को राष्ट्रपति के दौरे को लेकर हर छोटी-बड़ी व्यवस्था को समय रहते चाक-चौबंद करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के झारखंड प्रवास को यादगार बनाने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित की जाएं।

कार्यक्रम और व्यवस्थाएं:

राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मू देवघर में एम्स के पहले दीक्षांत समारोह में शिरकत करेंगी, वहीं धनबाद में आईआईटी (आईएसएम) के दीक्षांत समारोह में भी शामिल होंगी। उनके आगमन और प्रस्थान की पूरी व्यवस्था तय कर संबंधित विभागों को जवाबदेही सौंपी गई है। वाणिज्य कर विभाग के सचिव श्री अमिताभ कौशल और आईजी अखिलेश कुमार झा इस पूरी व्यवस्था की निगरानी बतौर नोडल पदाधिकारी करेंगे। पब्लिक एड्रेस सिस्टम की जवाबदेही सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की होगी।

देवघर, धनबाद और रांची के उपायुक्तों ने समीक्षा के दौरान राष्ट्रपति के आगमन से लेकर प्रस्थान तक के कार्यक्रमों को पूरे प्रोटोकॉल के साथ संपन्न कराने का ब्लू प्रिंट साझा किया। विशेष रूप से, सावन माह में देवघर में श्रद्धालुओं के कांवरिया पथ को बिना बाधित किए राष्ट्रपति को एयरपोर्ट से एम्स तक ले जाने के लिए एक अलग मार्ग तय किया गया है।

पिछली तैयारी के निर्देश यथावत:

गौरतलब है कि इससे पहले 10-11 जून को राष्ट्रपति का झारखंड दौरा अपरिहार्य कारणों से स्थगित हो गया था। उस समय की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्य सचिव ने उनके झारखंड प्रवास को यादगार बनाने पर बल दिया था, और उन्होंने स्पष्ट किया कि पूर्व के दौरे के दौरान दिए गए निर्देश इस बार भी यथावत रहेंगे।

बैठक में मंच व्यवस्था के प्रारूप, प्रत्येक कार्यक्रम के लिए नोडल पदाधिकारी का नामांकन, आगवानी और विदाई के दौरान उपस्थित रहने वाले महानुभावों की सूची, एयरपोर्ट पर रेड कार्पेट और बुके की व्यवस्था, राष्ट्रीय गान की व्यवस्था, कारकेड और आउट राइडर्स की व्यवस्था, फोटोग्राफरों के लिए खुली जीप की व्यवस्था, बैगेज वैन एवं कर्मी तथा छाता की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा हुई और जवाबदेही तय की गई। देवघर एयरपोर्ट से एम्स तक पुख्ता सुरक्षा व्यवस्था और ध्वनि विस्तारक यंत्र की व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

इसके अतिरिक्त, राष्ट्रपति के साथ आए लोगों के आवासन और भोजन की व्यवस्था, कार्यक्रम स्थल पर चिकित्सीय व्यवस्था, पेयजल एवं शौचालय की व्यवस्था, अग्निशमन की व्यवस्था आदि पर भी विस्तार से चर्चा कर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं।

परिवार के साथ पहुंचे झारखंड हाई कोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान रांची एयरपोर्ट

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रांची : झारखंड हाइकोर्ट के नवनियुक्त मुख्य न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान रांची एयरपोर्ट पहुंचे।तरलोक सिंह अपने परिवार सहित सगे संबंधियों के साथ रांची एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट पर झारखंड हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका भव्य स्वागत किया। राजभवन में 23 जुलाई को राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। मुख्य न्यायधीश अपने वृद्ध माता-पिता को हाथ पकड़ कर गाड़ी में बैठाया। हालांकि उन्होंने एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत नहीं किया लेकिन इशारों इशारे में सभी का अभिवादन किया। झारखंड हाईकोर्ट के नवनियुक्त चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस के बाद सबसे सीनियर जज थे। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा शिमला से प्राप्त की है। उन्हें 1989 में हिमाचल प्रदेश स्टेट बार काउंसिल में एडवोकेट के तौर पर दाखिला मिला था। वर्ष 2014 में उन्हें हाइकोर्ट के अतिरिक्त जज के तौर पर पदोन्नत किया गया था। उसी साल उन्हें स्थायी न्यायाधीश भी नियुक्त किया गया था।