झारखंड: कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने छात्रवृत्ति और साइकिल वितरण योजनाओं में तेजी लाने का निर्देश दिया

रांची: झारखंड के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक आज संपन्न हुई। विभागीय मंत्री श्री चमरा लिंडा ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए विभागीय योजनाओं, विशेषकर प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा साइकिल वितरण योजना के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि इन योजनाओं का लाभ हर पात्र विद्यार्थी तक बिना किसी देरी के पहुंचना चाहिए, क्योंकि यह सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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छात्रवृत्तियों का भुगतान तेजी से करने का निर्देश

मंत्री श्री चमरा लिंडा ने सभी जिलों को निर्देश दिया कि छात्रवृत्ति का भुगतान तेजी से किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन जिलों में छात्रवृत्ति की राशि उपलब्ध है, वहाँ लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि विद्यार्थियों को अनावश्यक विलंब का सामना न करना पड़े।

पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की बकाया राशि पर पत्राचार तेज करने का आदेश

पिछड़े वर्ग के छात्रों की पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति की बकाया राशि के संबंध में, मंत्री ने विभाग को भारत सरकार से पत्राचार तेज करने का निर्देश दिया। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्र-छात्राओं को यह वित्तीय सहायता समय पर प्राप्त हो सके।

लापरवाही बर्दाश्त नहीं, समयबद्ध क्रियान्वयन पर जोर

श्री चमरा लिंडा ने सभी जिला कल्याण पदाधिकारियों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर धरातल पर उतारने का भी निर्देश दिया, ताकि उनका वास्तविक लाभ लक्षित लाभार्थियों तक पहुंच सके।

बैठक में विभागीय सचिव श्री कृपानंद झा और कल्याण आयुक्त श्री कुलदीप चौधरी ने भी योजनाओं की अद्यतन प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की। इस अवसर पर विभागीय सचिव श्री कृपानंद झा, कल्याण आयुक्त श्री कुलदीप चौधरी और राज्य के सभी जिलों के परियोजना निदेशक (ITDA) एवं जिला कल्याण पदाधिकारी उपस्थित थे।

बिहार में मतदाता गणना प्रपत्र संग्रह में तेजी: 74% से अधिक फॉर्म जमा, 25 जुलाई अंतिम तिथि

पटना, बिहार: बिहार में मतदाता गणना प्रपत्र संग्रह का कार्य तेजी से चल रहा है, और अंतिम तिथि से 14 दिन पहले ही 74.39% प्रपत्र जमा कर लिए गए हैं। राज्य के कुल 7,89,69,844 (लगभग 7.90 करोड़) मतदाताओं में से अब तक 5,87,49,463 गणना प्रपत्र एकत्र किए जा चुके हैं।

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घर-घर जाकर बीएलओ कर रहे सहायता

सार्वजनिक सूचना रजिस्ट्री (SIR) के दूसरे चरण में, बूथ लेवल अधिकारी (BLOs) घर-घर जाकर मतदाताओं की सहायता कर रहे हैं और उनके भरे हुए गणना प्रपत्र एकत्र कर रहे हैं। इस प्रक्रिया की प्रगति पर 38 जिला निर्वाचन अधिकारी (DEOs), सभी 243 विधानसभा क्षेत्रों को कवर करने वाले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (EROs), और 963 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (AEROs) सहित क्षेत्र-स्तरीय पदाधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निगरानी की जा रही है।

डिजिटलीकरण और सत्यापन प्रक्रिया जारी

गणना प्रपत्रों का डिजिटलीकरण और अपलोडिंग भी सुचारु रूप से आगे बढ़ रही है। SIR दिशानिर्देशों के पैरा 3(H) के अनुसार, BLOs ने अब तक एकत्र किए गए कुल गणना प्रपत्रों में से 3.73 करोड़ प्रपत्रों को BLO ऐप/ECInet के माध्यम से सफलतापूर्वक डिजिटाइज्ड और अपलोड कर दिया है। आज, अपलोड किए गए प्रपत्रों के AERO/ERO द्वारा सत्यापन के लिए ECInet में एक नया मॉड्यूल भी लागू किया गया है, जिससे प्रक्रिया में और पारदर्शिता आएगी।

अथक प्रयास और सामूहिक योगदान

24 जून, 2025 को SIR निर्देश जारी होने के बाद से पिछले 17 दिनों में यह उपलब्धि हासिल की गई है। गणना प्रपत्र जमा करने की अंतिम तिथि 25 जुलाई, 2025 निर्धारित की गई है। इस कार्य को समय पर पूरा करने के लिए 77,895 BLOs, 20,603 नव नियुक्त BLOs और अन्य चुनाव अधिकारी अथक प्रयास कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त, 4 लाख से अधिक स्वयंसेवक बुजुर्गों, दिव्यांग व्यक्तियों (PWDs), बीमार और कमजोर आबादी को सहायता प्रदान कर रहे हैं। सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त बूथ स्तर के एजेंटों (BLAs) की 1.56 लाख सक्रिय शक्ति ने भी इस कार्य में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, जिससे 74.39% गणना प्रपत्रों के संग्रह में सफलता मिली है।

झारखंड कैबिनेट के बड़े फैसले: मॉनसून सत्र को मंजूरी, सड़कों के लिए करोड़ों स्वीकृत, कई सेवा संबंधी प्रस्तावों पर मुहर

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज, 11 जुलाई 2025 को झारखंड मंत्रालय में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णयों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में राज्य के विकास, प्रशासनिक सुधार और जन कल्याण से जुड़े कई प्रस्तावों को मंजूरी मिली।

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विधानसभा का मॉनसून सत्र और विधायी कार्य

कैबिनेट ने षष्ठम झारखंड विधानसभा के तृतीय (मॉनसून) सत्र को 01 अगस्त 2025 से 07 अगस्त 2025 तक आहूत किए जाने तथा इससे संबंधित औपबंधिक कार्यक्रम पर अपनी स्वीकृति दे दी है। यह सत्र राज्य के महत्वपूर्ण विधायी कार्यों और अनुपूरक बजट पर चर्चा के लिए महत्वपूर्ण होगा।

सड़क परियोजनाओं के लिए करोड़ों की स्वीकृति

राज्य में आधारभूत संरचना के विकास को गति देते हुए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की है:

सिल्ली-बंता-हजाम टीकर-रंगामाटी पथ (MDR-25) के 39 किलोमीटर हिस्से के राईडिंग क्वालिटी सुधार (IRQP) कार्य के लिए ₹32.70 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची जिले में कुम्हरिया मोड़ से संग्रामपुर तक (कुल लंबाई-6.333 किमी) पथ के पुनर्निर्माण (पुल निर्माण, भू-अर्जन, एवं यूटिलिटी शिफ्टिंग सहित) के लिए ₹38.89 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। इस पथ को ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित भी किया जाएगा।

साहेबगंज अंतर्गत करमाटांड से जुराल तक (कुल 12.706 किमी) पथ के चौड़ीकरण, मजबूतीकरण और पुनर्निर्माण (भू-अर्जन, यूटिलिटी शिफ्टिंग और प्लांटेशन सहित) के लिए ₹121.74 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस पथ को भी ग्रामीण कार्य विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित किया जाएगा।

प्रशासनिक एवं सेवा संबंधी महत्वपूर्ण निर्णय

कैबिनेट ने विभिन्न प्रशासनिक और सेवा संबंधी प्रस्तावों पर भी निर्णय लिए:

जिला योजना अनाबद्ध निधि के माध्यम से योजनाओं की स्वीकृति और कार्यान्वयन हेतु मार्गदर्शिका में संशोधन को स्वीकृति मिली।

झारखंड प्रशासनिक सेवा की तत्कालीन अंचल अधिकारी, नामकुम, रांची, श्रीमती कुमुदिनी टुडू के अपील अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए उनके विरुद्ध 02 वेतनवृद्धि पर रोक के दण्ड को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नयाभुसूर, नामकुम, रांची की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभिनीति सिद्धार्थ और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, नाला, जामताड़ा की चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. स्नेहा सिंह को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति मिली।

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में तत्कालीन प्रभारी सिविल सर्जन, जमशेदपुर डॉ. अरविंद कुमार लाल की सेवा से बर्खास्तगी आदेश को निरस्त करने की स्वीकृति दी गई।

राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) के तहत एकीकृत पेंशन योजना (Unified Pension Scheme) के संचालन को स्वीकृति दी गई।

स्वर्गीय भगत चरण महान्ती, भूतपूर्व पदचर को अनुमान्य ACP/MACP का लाभ प्रदान किए जाने की स्वीकृति मिली।

स्वैच्छिक सेवानिवृत पुलिस अवर निरीक्षक श्री शिव कुमार प्रसाद के चिकित्सा पर हुए व्यय की प्रतिपूर्ति हेतु ₹10.20 लाख के भुगतान को घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड अवर शिक्षा सेवा के पूर्व में सृजित पदों के आलोक में वर्तमान आवश्यकतानुसार पदों के प्रत्यर्पण एवं स्वीकृति को मंजूरी मिली।

प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-जलछाजन विकास अवयव (WDC-PMKSY 2.0) परियोजनाओं में Spineless Cactus Plantation अंतर्गत तकनीकी सहयोग प्रदान करने हेतु 04 संस्थाओं के मध्य Non-Financial MoU करने की स्वीकृति दी गई।

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायादेश के अनुपालन में याचिकाकर्ता उमेश पासवान और राम बिनय शर्मा की सेवा को 16 जनवरी 1994 से नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

राज्य अंतर्गत सभी थानों हेतु चार पहिया एवं दो पहिया वाहनों के क्रय की स्वीकृति प्रदान की गई।

"झारखंड उत्पाद (झारखंड राज्य बेवरेजेज कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से खुदरा उत्पाद दुकानों का संचालन) नियमावली, 2022" के तहत राजस्वहित में अल्पकालीन वैकल्पिक व्यवस्था के अंतर्गत नई खुदरा उत्पाद नीति के तहत दुकानों के संचालन हेतु दैनिक पारिश्रमिक पर मानव बल की सेवा प्राप्त करने के लिए निर्गत संकल्प पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

"The District Courts of the State of Jharkhand for the Use of Electronic Communication and Audio-Video Electronic Means Rules, 2025" के गठन के लिए माननीय राज्यपाल महोदय का अनुमोदन प्राप्त करने की स्वीकृति मिली।

माननीय झारखंड उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में वर्ष 2017 में नियुक्त/कार्यरत खान निरीक्षकों को देय तिथि से सेवा सम्पुष्टि एवं वेतनवृद्धि अनुमान्य करने हेतु एकबारीय व्यवस्था के तहत सेवा नियमावली में प्रावधानित विभागीय परीक्षा में उत्तीर्णता की शर्त को शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।

राज्य सरकार के कर्मियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केंद्रीय वेतनमान और पंचम वेतनमान) में 01 जनवरी 2025 के प्रभाव से महंगाई भत्ता की दरों में वृद्धि को स्वीकृति मिली।

राज्य सरकार के पेंशनधारियों/पारिवारिक पेंशनभोगियों को अपुनरीक्षित वेतनमान (छठा केंद्रीय वेतनमान) में 01 जनवरी 2025 के प्रभाव से महंगाई राहत की दरों में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

तत्कालीन जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, हजारीबाग दिनेश कुमार मिश्र के एयर एंबुलेंस से रांची से दिल्ली ले जाने में हुए चिकित्सा व्यय ₹5.75 लाख की प्रतिपूर्ति को स्वीकृति मिली।

संस्था निबंधन अधिनियम, 1860 की धारा 24 के अंतर्गत संस्था निबंधन नियमावली के गठन को स्वीकृति मिली।

मरंग गोमके जयपाल सिंह मुंडा पारदेशीय छात्रवृत्ति अंतर्गत सुश्री माधुरी खालखो को छात्रवृत्ति प्रदान करने हेतु वर्णित छात्रवृत्ति की अवधि व पाठ्यक्रम संबंधी पात्रता को विशेष परिस्थिति में क्षांत/शिथिल करने की स्वीकृति दी गई।

स्वर्गीय जगरनाथ महतो, तत्कालीन मंत्री, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग, झारखंड सरकार के Lung Transplant के उपरांत MGM अस्पताल चेन्नई में कराई गई अनुगामी चिकित्सा में वास्तविक व्यय ₹44.83 लाख की प्रतिपूर्ति/भुगतान की स्वीकृति दी गई।

उत्तरवर्ती बिहार एवं झारखंड राज्य स्थित एकीकृत बिहार पंचायत राज वित्त निगम लिमिटेड के कर्मियों के बकाया वेतनादि के भुगतान हेतु झारखंड आकस्मिकता निधि से अग्रिम की निकासी की स्वीकृति दी गई।

गढ़वा मे अरहर मिनी किट का वितरण, दलहन उत्पादकता बढ़ाने की दिशा में एक सार्थक पहल - शिव शंकर प्रसाद

गढ़वा :- गढ़वा जिला मुख्यालय मे गढ़वा संयुक्त कृषि भवन परिसर में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा पोषण मिशन-दलहन के अंतर्गत गढ़वा प्रखंड के संग्रहे खुर्द क्लस्टर में चयनित 78 किसानों के बीच अरहर मिनी किट का वितरण किया गया। इस अवसर पर कृषि विभाग के अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में यह कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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वही इस योजना का उद्देश्य जिले में दलहन की उत्पादकता एवं क्षेत्रफल में वृद्धि करना है। गढ़वा जिला दलहन उत्पादन के लिए अत्यंत उपयुक्त है और यहां के किसान परंपरागत रूप से दलहन की खेती में सक्रिय रूप से संलग्न हैं। ऐसे में इस पहल से किसानों को तकनीकी सहयोग एवं बेहतर बीज सामग्री मिलने से उत्पादन क्षमता में निश्चित ही वृद्धि होगी।

जिला कृषि पदाधिकारी शिव शंकर प्रसाद में बताया कि जिला प्रशासन एवं कृषि विभाग द्वारा किसानों को समय-समय पर योजनाओं से जोड़कर लाभान्वित करने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है, ताकि जिले में सतत कृषि विकास को गति मिल सके।

कार्यक्रम के दौरान जिला कृषि पदाधिकारी, उप परियोजना निदेशक (आत्मा), जिला परामर्शी (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन), बीटीएम गढ़वा, संग्रहे खुर्द के मुखिया, बीडीसी, उप मुखिया समेत बड़ी संख्या में कृषकगण उपस्थित रहे। सभी किसानों को मिनी किट प्रदान करते हुए उन्हें तकनीकी जानकारी भी दी गई, जिससे वे उचित तकनीक के साथ खेती कर सकें।

झारखंड की 'मंईयां सम्मान योजना' के तहत महिलाओं के खाते में ₹2500 आने शुरू

रांची, झारखंड: झारखंड सरकार की महत्वाकांक्षी 'मंईयां सम्मान योजना' के तहत महिलाओं के बैंक खातों में ₹2500 की राशि आनी शुरू हो गई है। हाल ही में पलामू जिले की महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला था, और अब राजधानी रांची में भी अधिकतर महिलाओं के अकाउंट में यह राशि ट्रांसफर की जा रही है। बताया गया है कि 10 जुलाई को ही बड़ी संख्या में महिलाओं के खातों में यह राशि भेजी गई है।

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अप्रैल की राशि जून में हुई थी ट्रांसफर

इससे पहले, अप्रैल महीने की राशि जून में लाभुकों के बैंक खातों में भेजी गई थी। 'मंईयां सम्मान योजना' के लिए महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग ने कुल ₹559 करोड़ आवंटित किए हैं, जो पाँच महीने की राशि है।

आधार लिंकेज और DBT अनिवार्य

यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि इस योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिल रहा है जिनके बैंक खाते आधार से लिंक हैं और जिनमें डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) का विकल्प चालू है। सरकार की यह पहल राज्य की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज भाषाओं को नियोजन नीति में शामिल करने की मांग, राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन

रांची: आज, 11 जुलाई 2025 को राजद महासचिव और अखिल भारतीय भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका मंच के अध्यक्ष कैलाश यादव के नेतृत्व में एक 6 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य झारखंड की नियोजन नीति में भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल करने की मांग करना था। प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा और इस मुद्दे पर विस्तारपूर्वक चर्चा की।

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द्वितीय राजभाषा होने के बावजूद नियोजन नीति से बाहर

कैलाश यादव ने राज्यपाल को अवगत कराया कि झारखंड, जो पूर्ववर्ती बिहार राज्य से बना है, एक ऐसा राज्य है जहाँ सभी जाति, धर्म और भाषा के लोग मिलकर राज्य के विकास में लगे हुए हैं। उन्होंने बताया कि झारखंड राज्य में कुछ राजकीय प्रयोजनों के लिए उर्दू, संथाली, बंगला, मुंडारी, हो, खरिया, कुडूख (उरांव), कुरमाली, खोरठा, नागपुरी, पंचपरगनिया और उड़िया भाषाओं के अतिरिक्त भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज भाषाओं को भी द्वितीय राजभाषा के रूप में मान्यता दी गई है, जिसके लिए अधिसूचना 29 अगस्त 2018 को जारी की गई थी।

हालांकि, झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या 1426 दिनांक 10.03.2023 के तहत जारी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग परीक्षा संचालन नियमावली 2023 में उक्त 17 द्वितीय राजभाषाओं में से 12 को क्षेत्रीय भाषा के रूप में मान्यता दी गई है, जबकि भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज भाषाओं को इससे वंचित रखा गया है।

व्यापक जनसमर्थन और साहित्यिक विरासत

यादव ने राज्यपाल को बताया कि पलामू और संथाल परगना प्रमंडल सहित राज्य के मुख्य शहरों जैसे रांची, जमशेदपुर, धनबाद, बोकारो, गोड्डा, देवघर, गिरिडीह, कोडरमा और चतरा में करोड़ों लोग इन भाषाओं को बोलते हैं। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इन भाषाओं का साहित्य एक अमूल्य धरोहर है।

उन्होंने यह भी बताया कि झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की अधिसूचना संख्या 453 दिनांक 18.02.2022 में जिलावार चिन्हित क्षेत्रीय भाषाओं में भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज के अतिरिक्त सभी भाषाओं को सम्मिलित किया गया है।

राज्यपाल का आश्वासन और आगे की रणनीति

प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल से निवेदन किया कि राज्य की मान्यता प्राप्त द्वितीय राजभाषा में शामिल सभी 17 भाषाओं को उचित सम्मान और प्रोत्साहन देते हुए भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका और भूमिज को भी राज्य नियोजन नीति में क्षेत्रीय भाषा के रूप में न्यायसंगत तरीके से शामिल करने के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को अनुशंसा कर अवगत कराने की कृपा करें।

वार्ता के उपरांत राज्यपाल संतोष गंगवार ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि वह इस विषय पर सरकार को पत्र लिखेंगे और इसे गंभीरता से अध्ययन करने का जिक्र करेंगे। राज्यपाल ने प्रतिनिधिमंडल को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भी मुलाकात कर इस विषय पर चर्चा करने की सलाह दी।

इस प्रतिनिधिमंडल में कैलाश यादव के अलावा अमरनाथ झा, सुधीर गोप, सुरेंद्र मिश्रा, राधेश्याम यादव और सुनील पांडेय भी मौजूद थे।

झारखंड: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों से की बैठक, मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए बूथ लेवल एजेंट नियुक्त करने का आग्रह

रांची: झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री के. रवि कुमार ने राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ गुरुवार को निर्वाचन सदन में एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची के आगामी पुनरीक्षण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और उसमें राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था।

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सभी मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल एजेंट की नियुक्ति अनिवार्य

श्री के. रवि कुमार ने सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया है कि वे सभी मतदान केंद्रों पर अपने-अपने दल के बूथ लेवल एजेंट (BLA) अवश्य नियुक्त कर लें। उन्होंने स्पष्ट किया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाए रखने के लिए यह कदम अत्यंत आवश्यक है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजनीतिक दलों से जिला/विधानसभा स्तर पर बूथ लेवल एजेंट-1 और सभी मतदान केंद्र स्तर पर बूथ लेवल एजेंट-2 का चयन कर उनकी सूची संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी (ERO) को उपलब्ध कराने का भी आग्रह किया।

BLA की नियुक्ति के लिए महत्वपूर्ण निर्देश

श्री रवि कुमार ने राजनीतिक दलों को BLA नियुक्त करते समय कुछ महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखने को कहा:

संबंधित BLA उसी मतदान केंद्र का मतदाता होना चाहिए।

BLA की सूची संबंधित क्षेत्र के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिसे निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी द्वारा संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को दिया जाएगा।

पारदर्शिता और समन्वय पर जोर

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के क्रम में एक भी मतदाता छूटना नहीं चाहिए। इसके लिए उन्होंने BLA और BLO के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के चयनित BLA को शर्तों के साथ मतदाताओं के फॉर्म जमा करने, मतदाता सूची के प्रारूप की कॉपी प्राप्त करने जैसे कई अधिकार भी दिए गए हैं।

श्री रवि कुमार ने कहा कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने में BLO के साथ-साथ BLA की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इस अवसर पर संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता सहित विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

आजसू का मिलन समारोह: प्रवीण प्रभाकर ने पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की सुरक्षा कटौती पर जताई नाराजगी, सरकार पर लगाया भेदभाव का आरोप


रांची, झारखंड: आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में मंगलवार, 8 जुलाई 2025 को आयोजित मिलन समारोह में दर्जनों युवाओं ने आजसू का दामन थामा. इस अवसर पर पार्टी के वरिष्ठ नेता और झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने मीडिया से बातचीत करते हुए राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने पार्टी के प्रधान महासचिव एवं पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस की सुरक्षा की अनदेखी पर नाराजगी जाहिर की और इसे बर्दाश्त न करने की चेतावनी दी.

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रामचंद्र सहिस की सुरक्षा में कटौती पर सवाल

प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि पूर्व मंत्री रामचंद्र सहिस के एकमात्र बॉडीगार्ड को क्लोज कर लिया गया है, जबकि सत्ता पक्ष के छोटे-मोटे नेता भी गार्ड लेकर घूम रहे हैं. उन्होंने मांग की कि श्री सहिस की सुरक्षा अविलंब बहाल की जाए. प्रभाकर ने आरोप लगाया कि आजसू नेताओं के प्रति राज्य सरकार और प्रशासन का रवैया भेदभावपूर्ण प्रतीत होता है. उन्होंने याद दिलाया कि इससे पूर्व आजसू प्रमुख सुदेश महतो की सुरक्षा की अनदेखी करते हुए उनका आवास खाली करवा लिया गया था, जबकि पूर्व में राजग सरकार ने झामुमो प्रमुख शिबू सोरेन को आजीवन आवास आवंटित किया था.

पूर्णिया घटना पर कांग्रेस को घेरा, ओबीसी आरक्षण पर भी उठाए सवाल

प्रभाकर ने बिहार के पूर्णिया में 5 आदिवासियों को जिंदा जलाने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताया और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की. हालांकि, उन्होंने कांग्रेस पर पूर्णिया की घटना का राजनीतिक लाभ उठाने की कोशिश करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंत्रियों और नेताओं को झारखंड की बजाय बिहार चुनाव की ज्यादा फिक्र है, और पूछा कि क्या कांग्रेस के पास बिहार में कोई नेता नहीं है, जो झारखंड से नेताओं को पूर्णिया भेजा जा रहा है.

प्रवीण प्रभाकर ने राज्य सरकार पर ओबीसी को अधिकार न देने का आरोप भी लगाया. उन्होंने दावा किया कि आजसू पार्टी के दबाव के बाद ही सरकार ने पिछड़ा आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया है और ट्रिपल टेस्ट शुरू किया है.

डायन-बिसाही और शैक्षणिक माहौल पर चिंता

श्री प्रभाकर ने झारखंड में डायन-बिसाही से संबंधित घटनाओं पर नियंत्रण न हो पाने पर भी चिंता व्यक्त की. उन्होंने सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि विगत 3 वर्षों में केवल खूंटी जिले में 650 से ज्यादा महिलाएं प्रताड़ित हुई हैं. उन्होंने कहा कि राज्य में खूंटी, गुमला, लोहरदगा, दुमका, पूर्वी सिंहभूम आदि जिलों में डायन प्रथा की घटनाएं होती हैं.

उन्होंने राज्य में शैक्षणिक माहौल तैयार करने में सरकार की रुचि न दिखने की भी बात कही.

मिलन समारोह में युवा आजसू में शामिल

आजसू छात्र संघ द्वारा केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह में दर्जनों छात्रों और युवाओं ने वरिष्ठ नेता प्रवीण प्रभाकर के समक्ष आजसू का दामन थामा. श्री प्रभाकर ने आजसू में शामिल हुए लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि नौजवानों का आजसू की ओर रुझान तेजी से बढ़ रहा है.

समारोह की अध्यक्षता करते हुए छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा ने कहा कि राज्य सरकार और विश्वविद्यालय छात्रों की समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि प्रत्येक कॉलेज में संगठन तैयार किया जा रहा है. समारोह का संचालन ऋतुराज शाहदेव ने किया.

आजसू में शामिल हुए प्रमुख नाम: गौरव सिंह के नेतृत्व में सुशांत सिंह, प्रिंस सिंह, शाहिद अंसारी, उज्ज्वल उरांव, पीयूष यादव, तरुण, सुधांशु शाही, निर्भय शाही, प्रणव शर्मा, लाल अर्पित नाथ शाहदेव, मयूर मनोज, नवनीत कुमार, शिवम सिंह, निखिल, रोशन कुमार, कृष कुमार, अंकित, हनी गर्ग, राहुल उपाध्याय, अभिनव कुमार, नीतीश सिंह आदि.

उपस्थित गणमान्य व्यक्ति: समारोह में राजेश सिंह, रोशन नायक, अमन साहू, हिमांशु सिंह, सुरदीप तिग्गा, राज दुबे, विकास महतो आदि भी उपस्थित थे.

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह का गढ़वा प्रवास: संगठन निर्माण और सदस्यता अभियान पर जोर

भाजपा के प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह एक दिवसीय प्रवास पर गढ़वा पहुंचे। इस दौरान उन्होंने भाजपा जिला कार्यालय में बैठक की अध्यक्षता की और सदस्यता अभियान की समीक्षा एवं संगठन निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की।

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संगठन निर्माण और सदस्यता अभियान

- संगठन निर्माण: कर्मवीर सिंह ने कहा कि बहुत जल्द मंडल से लेकर जिला एवं प्रदेश स्तर पर संगठन का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा कार्यकर्ता संगठन के रीढ़ हैं और कार्यकर्ताओं के दम पर ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है।

- सदस्यता अभियान: उन्होंने कहा कि भाजपा का चुनावी प्रक्रिया को लेकर मंडल से जिला तक के नेता और कार्यकर्ता काम कर रहे हैं।

वृक्षारोपण कार्यक्रम और संगठन की गतिविधियाँ

- वृक्षारोपण: भाजपा जिला कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें आम सहित कई फलदार वृक्ष लगाए गए।

- कार्यक्रम में उपस्थिति: इस कार्यक्रम में भाजपा संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, गढ़वा विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी, जिलाध्यक्ष ठाकुर प्रसाद महतो सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

बिहार के 4.96 करोड़ मतदाताओं के लिए खुशखबरी: 2003 की वोटर लिस्ट ECI वेबसाइट पर उपलब्ध, अब नहीं लगेंगे दस्तावेज

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1.भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार की 2003 की मतदाता सूची, जिसमें 4.96 करोड़ मतदाताओं का विवरण शामिल है, को ईसीआई वेबसाइट – https://voters.eci.gov.in पर अपलोड कर दिया है।

2. ईसीआई के 24 जून, 2025 के निर्देशों के पैरा 5 में यह उल्लेख किया गया था कि सीईओ/डीईओ/ईआरओ 01.01.2003 की अर्हक तिथि वाली मतदाता सूचियों को सभी बीएलओ को हार्ड कॉपी में, साथ ही अपनी वेबसाइट पर ऑनलाइन भी मुफ्त में उपलब्ध कराएंगे ताकि कोई भी व्यक्ति इसे डाउनलोड कर सके और अपना गणना प्रपत्र जमा करते समय इसे दस्तावेजी प्रमाण के रूप में उपयोग कर सके।

3. बिहार की 2003 की मतदाता सूचियों की आसान उपलब्धता, बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को बहुत सुविधा प्रदान करेगी क्योंकि अब कुल मतदाताओं का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा कोई भी दस्तावेज़ जमा नहीं करेगा। उन्हें केवल 2003 की मतदाता सूची में अपने विवरण को सत्यापित करना होगा और भरा हुआ गणना प्रपत्र जमा करना होगा। मतदाता और बीएलओ दोनों इन विवरणों को आसानी से प्राप्त कर सकेंगे।

4. इसके अलावा, निर्देशों के अनुसार, जिसका नाम 2003 की बिहार मतदाता सूची में नहीं है, वह अभी भी अपने माता या पिता के लिए कोई अन्य दस्तावेज़ प्रदान करने के बजाय 2003 की मतदाता सूची का अंश उपयोग कर सकता है। ऐसे मामलों में, उसके माता या पिता के लिए किसी अन्य दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होगी। केवल 2003 की मतदाता सूची का प्रासंगिक अंश/विवरण पर्याप्त होगा। ऐसे मतदाताओं को केवल अपने लिए, भरे हुए गणना प्रपत्र के साथ, दस्तावेज़ जमा करने होंगे।

5.यह दोहराया जाता है कि प्रत्येक चुनाव से पहले, लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 21(2)(ए) और मतदाता पंजीकरण नियम 1960 के नियम 25 के अनुसार मतदाता सूची का पुनरीक्षण अनिवार्य है। ईसीआई अब तक 75 वर्षों से वार्षिक पुनरीक्षण, गहन और संक्षिप्त दोनों, करता रहा है।

6. यह अभ्यास आवश्यक है क्योंकि मतदाता सूची हमेशा एक गतिशील सूची होती है जो मृत्यु, व्यवसाय/शिक्षा/विवाह जैसे विभिन्न कारणों से लोगों के स्थानांतरण, 18 वर्ष के नए मतदाताओं के जुड़ने आदि के कारण बदलती रहती है।

7. इसके अलावा, संविधान का अनुच्छेद 326 एक मतदाता बनने की पात्रता को निर्दिष्ट करता है। केवल भारतीय नागरिक, 18 वर्ष से अधिक आयु के और उस निर्वाचन क्षेत्र के सामान्य निवासी, एक मतदाता के रूप में पंजीकृत होने के पात्र हैं।