अमृतसर में जहरीली शराब का कहर, 14 लोगों की मौत, 15 की हालत गंभीर


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पंजाब में अमृतसर में जहरीली शराब पीने से 14 लोगों की मौत हो गई। जबकि, 15 अन्य की हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना मजीठा जिले के नजदीकी तीन गांवों की है। तीनों गांवों में सन्नाटा पसर गया है। हादसा सोमवार देर रात हुआ। 14 लोगों की मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। यह पंजाब में तीन साल में चौथी बड़ी जहरीली शराब त्रासदी है।

मुख्य आरोपी समेत पांच गिरफ्तार

भुल्लर, टांगरा और संधा गांव में जहरीली शराब पीने से मौतें हुई हैं। मरने वालों में ज्यादातर मजदूर हैं जोकि गांवों के ही ईंटों के भट्ठों पर काम करते हैं। पंजाब पुलिस ने घटना के बाद एक्शन लेते हुए नकली शराब सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसएसपी अमृतसर रूरल के मुताबिक, मुख्य आरोपी प्रभजीत सिंह नकली शराब सप्लाई करने वाला मास्टरमाइंड है, उसे गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा मुख्य आरोपी के भाई कुलबीर सिंह उर्फ जग्गू, साहिब सिंह उर्फ सराय, गुर्जंत सिंह और निंदर कौर पत्नी जीता को भी पकड़ा है। पुलिस ने इनपर धारा 105 BNS व 61A एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।

सीएम मान करेंगे दौरा

हादसे के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज मजीठा का दौरा करेंगे। मान ने इस हादसे पर कहा कि मजीठा के आस पास के गांवों में जहरीली शराब पीने से कई लोगों की मौत की दुखद खबर मिली है। मासूम लोगों के इन हत्यारों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। ये मौतें नहीं, कत्ल हैं। जहरीली शराब से लोगों के घरों में मातम का माहौल बनाने वाले इन दोषियों को कानून के मुताबिक सख्त से सख्त सजा दी जाएगी। मैं परमात्मा से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। सरकार पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है और हर संभव मदद की जाएगी।

क्या सीजफायर के लिए ट्रंप ने दी थी ट्रेड ना करने की धमकी? भारत ने खारिज किया ट्रंप का दावा


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#trumponindiapakistanceasefire

अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप को दूसरों के बीच ‘टांग अड़ाने’ की बुरी आदत है। ट्रंप ने भारत पाकिस्‍तान सैन्‍य संघर्ष के बीच कूदकर भी अपनी फजीहत करायी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा है कि हमने परमाणु युद्ध रुकवाया है। भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व अडिग और शक्तिशाली था। उन्होंने यहां तक कहा कि हमने भारत और पाकिस्तान को व्यापार बंद करने को लेकर धमकाया। अगर युद्धविराम नहीं किया तो व्यापार नहीं करेंगे। ट्रंप ने कहा कि दोनों देशों ने तुरंत माना और सीजफायर हुआ।ट्रंप ने इससे पहले भारत-पाकिस्तान संघर्षविराम में मध्यस्थता का दावा किया था, जिसे भारत ने तुरंत खारिज कर दिया था।

व्यापार को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया?

ट्रंप ने कहा, "...मुझे आपको यह बताते हुए बहुत गर्व हो रहा है कि भारत और पाकिस्तान का नेतृत्व अडिग और शक्तिशाली था, लेकिन दोनों मामलों में अडिग - वे वास्तव में ताकत, बुद्धि और धैर्य रखने के दृष्टिकोण से अडिग थे, ताकि वे स्थिति की गंभीरता को पूरी तरह से समझ सकें। हमने इस पूरे मामले में काफी मदद की। सिर्फ कूटनीतिक रूप से नहीं, बल्कि व्यापार के जरिये भी हमने उन्‍हें समझाया।ट्रंप ने कहा कि उन्होंने व्यापार को एक रणनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया।

ट्रंप ने क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा, मैंने कहा- चलो, हम आप लोगों के साथ बहुत सारा व्यापार करने जा रहे हैं। चलो इसे रोकते हैं, चलो इसे रोकते हैं। यदि आप इसे रोकते हैं, तो हम व्यापार कर रहे हैं। यदि आप इसे नहीं रोकते हैं, तो हम कोई व्यापार नहीं करने जा रहे हैं। लोगों ने वास्तव में कभी भी व्यापार का उपयोग उस तरह से नहीं किया है जिस तरह से मैंने किया है। इससे, मैं आपको बता सकता हूं, और अचानक उन्होंने कहा। मुझे लगता है कि हम इसे रोकने जा रहे हैं, और उन्होंने ऐसा किया।"

संघर्षविराम को लेकर पहले भी कर चुके हैं दावा

इससे पहले ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका की मध्यस्थता में भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम हुआ। उन्होंने सबसे पहले यह घोषणा की थी कि भारत और पाकिस्तान में संघर्षविराम हो गया है। इसके तुरंत बाद पाकिस्तान ने संघर्षविराम की पुष्टि की। इतना ही नहीं, इसके तुरंत बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने तो यहां तक दावा कर दिया कि दोनों देश किसी तटस्थ देश में बैठक कर विवादों पर बातचीत करेंगे। हालांकि, भारत ने साफ कर दिया कि इस संघर्षविराम में किसी भी तीसरे देश की भूमिका नहीं है।

न्यूक्लियर ब्लैकमेल भारत नहीं सहेगा, अपनी शर्तों पर देगा करारा जवाब- पीएम मोदी

#india_will_not_tolerate_nuclear_weapons_blackmail

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद 'ऑपरेशन सिंदूर' और फिर सीजफायर के बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तान को दो टूक संदेश दिया है। पीएम मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आने वाले दिनों में भी पाकिस्तान पर नजर रखेगा। उसने जो वादा किया है। उसे देखेगा। अगर उसने किसी भी प्रकार की आतंकी गतिविधि की तो उसे कड़ा जवाब दिया जाएगा।

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने अभी ऑपरेशन सिंदूर को रद्द किया है लेकिन आतंकी गतिविधि होने पर सबक सिखाया जाएगा। पीएम मोदी ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि भारत परमाणु हथियारों के नाम पर होने वाले ब्लैकमेल को सहन नहीं करेगा। पीएम मोदी ने कहा कि न्यूक्लियर वेपंस की आड़ आतंकियों को नहीं पनपने देगा।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, यह युद्ध का युग नहीं है, लेकिन यह आतंकवाद का युग भी नहीं है। हमने हर बार युद्ध के मैदान में पाकिस्तान को हराया है और इस बार ऑपरेशन सिंदूर ने एक नया आयाम जोड़ा है। इस ऑपरेशन के दौरान हमारे ‘मेड इन इंडिया’ हथियारों की प्रामाणिकता साबित हुई। हम सभी को सभी प्रकार के आतंकवाद के खिलाफ एकजुट रहना चाहिए। हमारी एकता हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया, पूरी तरह पिटने के बाद पाकिस्तानी सेना ने संपर्क किया', पीएम ने खोली पाक की पोल

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ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर, उनके ट्रेनिंग सेंटर्स पर सटीक प्रहार किया। आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है, लेकिन जब देश एकजुट होता है, नेशन फर्स्ट की भावना से भरा होता है, राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं।

पाकिस्तानी सेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत के ड्रोन्स ने सटीकता के साथ हमला किया। पाकिस्तानी सेना के एयरबेस को नुकसान पहुंचाया। भारत ने पहले तीन दिनों में ही पाकिस्तान को इतना तबाह कर दिया जिसका उसका अंदाजा भी नहीं था। इसलिए भारत की आक्रामक कार्रवाई के बाद पाकिस्तान बचने के रास्ते खोजने लगा।

आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया-पीएम मोदी

पाकिस्तान के सीने में बसाए गए आतंक के अड्डों को हमने खंडहर बना दिया। इसलिए जब पाकिस्तान की तरफ से गुहार लगाई गई। जब ये कहा गया कि उसकी ओर से आगे कोई आतंकी गतिविधि और सैन्य दुस्साहस नहीं दिखाया जाएगा तो भारत ने भी उसपर विचार किया।

पाकिस्तानी सेना ने हमसे संपर्क किया-पीएम मोदी

पीए मोदी ने कहा कि पाकिस्तान दुनियाभर में तनाव कम करने के लिए गुहार लगा रहा था और पूरी तरह पिटने के बाद इसी मजबूरी में 10 मई की दोपहर को पाकिस्तानी सेना ने हमारे डीजीएमओ के संपर्क किया तबतक हम आतंकवाद को इंफ्रास्ट्रक्चर को बड़े पैमाने पर तबाह कर चुके थे।

आतंक का हर संगठन जान चुका है हमारी बहनों, बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है-पीएम मोदी

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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी देश को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने संबोधन में कहा कि बीते दिनों में देश का सामर्थ्य और उसका संयम देखा है। मैं सबसे पहले भारत की पराक्रमी सेनाओं को, सशस्त्र बलों को, हमारी खुफिया एजेंसियों को, वैज्ञानिकों को हर भारतवासी की तरफ से सैल्यूट करता हूं। हमारे वीर सैनिकों ने ऑपरेशन सिंदूर की प्राप्ति के लिए असीम शौर्य का प्रदर्शन करता हूं। उनकी वीरता, साहस और पराक्रम को आज ये पराक्रम समर्पित करता हूं।

आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए सेनाओं को पूरी छूट दी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने आगे कहा कि 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकवादियों ने जो बर्बरता दिखाई दी, उसने देश और दुनिया को झकझोर दिया था। ये देश के सद्भाव को तोड़ने की कोशिश भी थी।

छुट्टियां मना रहे निर्दोष नागरिकों को धर्म पूछकर उनके परिवार, उनके बच्चों के सामने बेरहमी से मार डाला यह आतंक का बहुत विभत्स चेहरा था, क्रूरता थी। यह देश के सद्भाव को तोड़ने की घिनौनी कोशिश भी थी। मेरे लिए व्यक्तिगत रूप से यह पीड़ा बहुत बड़ी थी। इस आतंकी हमले के बाद पूरा देश, हर राजनीतिक दल, एक स्वर में आतंक के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। हमने आतंकवादियों को मिट्टी में मिलाने के लिए भारत की सेनाओं को पूरी छूट दे दी है। आज हर आतंकी, आतंक का हर संगठन जान चुका है कि हमारी बहनों, बेटियों के माथे से सिंदूर हटाने का अंजाम क्या होता है।

आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने आगे कहा कि ऑपरेशन सिंदूर सिर्फ नाम नहीं है ये देश के कोटि कोटि लोगों की भावनाओं का प्रतिबिंब है। ऑपरेशन न्याय की अखंड प्रतिज्ञा है। 6 मई की देर रात 7 मई के मध्य में पूरी दुनिया ने इस प्रतिज्ञा को परिणाम में बदलते देखा है। भारत की सेनाओं ने पाकिस्तान में आतंक के ठिकानों पर उनके ट्रेनिंग सेंटर पर सटीक प्रहार किया। आतंकियों ने सपने में भी नहीं सोचा था कि भारत इतना बड़ा फैसला ले सकता है। लेकिन जब देश एकजुट होता है राष्ट्र सर्वोपरि होता है तो फौलादी फैसले लिए जाते हैं। परिणाम लाकर दिखाए जाते हैं। जब पाकिस्तान में आतंक के अड्डों पर भारत की मिसाइलों ने हमला बोला भारत के ड्रोन्स ने हमला बोला तो आतंकी संगठनों की इमारतें ही नहीं बल्कि उनका हौसला भी थर्रा गया। बहावलपुर और मुरीदके जैसे आतंकी ठिकाने एक प्रकार से ग्लोबल टेरिरिज्म की यूनिवर्सिटी रही। दुनिया में कहीं पर भी जो बड़े आतंकी हमले हुए हैं, चाहे 9-11 हो या लंदन में बम हमला हो या भारत में दशकों से जो बड़े बड़े आतंकी हमले हुए हों उन सबके तार कहीं न कहीं इन्हीं ठिकानों से जुड़ते रहे हैं।

अमेरिका-चीन में 'सीजफायर', टैरिफ पर ट्रंप और जिनपिंग में बनी बात

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भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच दुनिया के दो और ताकतवर देशों के बीच का गतिरोध कम होता दिख रहा है। यहां बात हो रही है- अमेरिका और चीन की। दरअसल, अमेरिका और चीन में आखिरकार ‘व्यापार युद्ध’ को कम करने के लिए सहमति बन गई है। वाशिंगटन और बीजिंग दोनों ने रेसिप्रोकल टैरिफ को कम करने के लिए एक समझौते पर सहमति व्यक्त की है। दोनों देश अलगे 90 दिनों के लिए एक-दूसरे पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को 115% कम करेंगे।

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ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने कहा है कि चीन से आने वाले ज्यादातर सामान पर टैरिफ 145% से घटाकर 30% कर दिया जाएगा। यह व्यवस्था 14 मई से लागू होगी और शुरुआत में 90 दिन के लिए रहेगी। दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच स्विट्जरलैंड के जेनेवा में दो दिन तक बैठक चली थी। चीन ने कहा है कि वह अमेरिकी सामान पर पहले लगाए गए 91% के अतिरिक्त टैक्स को भी हटा देगा। दोनों देशों के बीच हुई इस डील से उन उद्योगों को राहत मिलेगा जो टैरिफ की वजह से बहुत परेशान थे।

दुनियाभर के बाजारों में उछाल

अमेरिका और चीन के ट्रेड वॉर पर इस ‘सीजफायर’ से दुनिया में खुशी की लहर देखी जा सकती है। इस ऐलान के बाद हांगकांग के शेयर मार्केट इंडेक्स हेंगशेंग में 3 प्रतिशत का उछाल देखा गया है। जबकि चीन के शंघाई कंपोजिट इंडेक्स में भी तेजी का रुख रहा है। भारत में भी सोमवार को शेयर बाजारों में काफी तेज गति देखी गई। भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव में कमी आने, सीमा पर सीजफायर होने से जहां बाजार को ताकत मिली। वहीं चीन और अमेरिका की डील से ग्लोबल ट्रेड मार्केट पर छाए संकट के बादल छंटने से बाजार को उम्मीद मिली और उसने दमभर कर उछाल मारा। अमेरिका और चीन के बीच छिड़े ट्रेड वॉर से ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर एक बड़ा संकट पैदा हो गया था। इसकी वजह से दोनों देशों के बीच होने वाला करीब 600 अरब डॉलर (करीब 50,969 अरब रुपये) का ट्रेड रुक गया था।

यूएस-चीन के बीच कम हो सकता है तनाव कम

चूंकि अमेरिका ने अबतक चीन से आने वाले सामानों पर 145% का टैरिफ लगा रखा था, वो अब 90 दिनों के लिए कम होकर 30% ही रह जाएगा। वहीं चीन ने अमेरिकी सामानों पर 125% का टैरिफ लगा रखा था जो कम होकर केवल 10% पर आ जाएगा। टैरिफ में यह कमी चीन की तरफ से आर्थिक तनाव को कम करने और अमेरिका के साथ बातचीत को आगे बढ़ाने की कोशिश है। इस घोषणा से पता चलता है कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है। पिछले कुछ महीनों से दोनों देशों के बीच टैरिफ को लेकर काफी तनातनी चल रही थी।

क्या हैं किराना हिल्स, जहां पाकिस्‍तान रखता है परमाणु बम, क्या भारत ने वहां किया एयर स्ट्राइक?

#kiranahillswasnotattacked_india

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भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को भारी नुकसान पहुंचाया है। भारत के सशस्त्र बल लगातार इससे जुड़े सबूत भी पेश कर रहे हैं। इस बीच भारत ने साफ कर दिया है कि उसने किसी भी परमाणु स्थल पर हमला नहीं किया है। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एयर मार्शल एके भारती ने कहा, हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया। उन्होंने सोशल मीडिया और वैश्विक मीडिया में इस बात को लेकर लगाए जा रहे सभी अनुमानों, रिपोर्ट्स और अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया है।

किराना हिल्स के बारे में बताने के लिए धन्यवाद- एके भारती

एयर ऑपरेशन के महानिदेशक, एयर मार्शल एके भारती ने सोमवार को पुष्टि की कि भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान में किराना हिल्स में परमाणु सुविधा को निशाना नहीं बनाया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान एक सवाल का जवाब देते हुए भारती ने कहा, हमें यह बताने के लिए धन्यवाद कि किराना हिल्स में कुछ परमाणु प्रतिष्ठान हैं। हमें इसके बारे में पता नहीं था… हमने किराना हिल्स पर हमला नहीं किया है, चाहे वहां कुछ भी हो।

किराना हिल्स पर हमले की थी चर्चा

बता दें कि सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर चर्चा जोरों पर है कि भारत ने पाकिस्तान के किराना हिल्स पर हमला किया है, जो सरगोधा एयर बेस के करीब है और शायद यहां "परमाणु हथियारों का भंडारण किया जाता है"। रिपोर्ट्स में लगातार दावे किए जा रहे थे कि क्या भारतीय सेना ने पाकिस्तान के "परमाणु भंडारण" स्थलों को निशाना बनाने की कोशिश की है। ऑपरेशन सिंदूर पर मीडिया को जब भारतीय अधिकारी संबोधित कर रहे थे, उस दौरान उनसे पूछा गया था कि क्या भारत ने पाकिस्तान के परमाणु भंडारण स्थल पर हमला करने की कोशिश की है।

परमाणु आपदा के खतरे को देखते हुए एक्शन में आए ट्रंप

सीएनएन से लेकर न्यूयॉर्क टाइम्स तक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि शुरुआत में संघर्ष को नियंत्रण में रखने की बात कर रहा ट्रंप प्रशासन एकाएक परमाणु आपदा के खतरे को देखते हुए एक्शन में आया और लगातार बढ़ते संघर्ष को रुकवाने में बड़ी भूमिका निभाई।

आज रात आठ बजे पीएम मोदी देश को संबोधित करेंगे, भारत-पाकिस्तान तनाव पर कर सकते हैं बात

#pm_narendra_modi_address_to_nation

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भारत-पाक तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज रात 8 बजे राष्ट्र को संबोधित करेंगे। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पीएम मोदी का यह पहला संबोधन होगा। पहलगाम हमले के बाद जब से पाकिस्तान के खिलाफ तनातनी की शुरुआत हुई, तब से पीएम मोदी लगातार सक्रिय हैं। ऑपरेशन सिंदूर के बाद वह लगातार बैंठकें कर रहे थे। वह लगातार सेना प्रमुखों, सीडीएस, एनएसए से ऑपरेशन का जायजा ले रहे थे।माना जा रहा है पीएम मोदी पिछले करीब एक सप्ताह के घटनाक्रम पर देश को संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री के संबोधन से पहले ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान के साथ सीजफायर समझौता लागू के बाद दोनों देशों की सीमाओं पर हालात कैसे हैं? सीजफायर के बाद फिलहाल पाकिस्तान का रुख कैसा है? सैनिकों को क्या दिशानिर्देश दिए गए हैं? आतंकियों के पनाहगाह पाकिस्तान को कितना नुकसान हुआ है? ऐसे तमाम सवालों पर भारतीय सेना के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने विस्तार से जानकारी दी। तीनों सेनाओं के सैन्य महानिदेशक स्तर के अधिकारी- लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई, एयरमार्शल एके भारती और वाइस एडमिरल एएन प्रमोद ने सेना के तैयारियों की जानकारी दी। तीनों ने एक स्वर में बताया कि भारत के पास एक प्रभावी, विस्तारित वायु रक्षा तंत्र है जो सभी खतरों से निपट सकता है।

बता दें कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद 7 मई की रात भारत ने ऑपरेशन सिंदूर लॉन्च कर पाकिस्तान के 9 आतंकी ठिकानों को तबाह कर दिया था। इन ठिकानों में रहने वाले कई आतंकी भी मारे गए थे। भारत के एक्शन के बाद पाकिस्तान ने पलटवार करने की कोशिश की थी, जिसमें उसने ड्रोन हमले के साथ-साथ सीमावर्ती इलाकों में भारी फायरिंग की थी। पाकिस्तान ने भारत के आम नागरिकों को निशाना बनाना शुरू कर दिया था।पाकिस्तान की कायरतापूर्ण हरकत के बाद भारत ने भी पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया था। भारत ने पाकिस्तान के नूर खान, सहित कई एयरबेस पर हमला किया था।

भय बिनु होइ न प्रीति...भारतीय सेना का पाकिस्तान को सख्त संदेश

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भारत पाकिस्तान के बीच सीजफायर भले हो गया है, लेकिन नियंत्रण रेखा पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। इस बीच तीनों सेना के अभियान महानिदेशक यानी DGMO, DGAO, DGNO ने एक बार फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया। भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच आज लगातार दूसरे दिन भारतीय सेना के महानिदेशक स्तर के अधिकारियों ने प्रेस ब्रीफिंग की।

पाकिस्तान को क्या संदेश

पहले दिन की प्रेस वार्ता में शिव तांडव स्तोत्र से आगाज के बाद आज की ब्रीफिंग की शुरुआत रामधारी सिंह दिनकर की कविता से हुई, जिसकी लाइन ‘याचना नहीं अब रण होगा’ है। दिनकर की कृष्ण की चेतावनी कविता के अंशों का इस्तेमाल कर भारतीय सेना दहशतगर्दों के पनाहगाह पड़ोसी देश पाकिस्तान को क्या संदेश देना चाह रही है? इस सवाल पर एयरमार्शल एके भारती ने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि समझदार को इशारा काफी है। एयरमार्शल भारती ने रामचरितमानस की पंक्तियों का उल्लेख किया और कहा कि जब राम समुद्र तट पर उपासना और प्रार्थना कर रहे थे वहां तुलसीदास ने लिखा है-- विनय न मानत जलधि जड़ गए तीन दिन बीत बोले राम सकोप तब.. भय बिनु होहीं न प्रीत।

‘पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया’

इस दौरान एयर मार्शल एके भारती, एयर ऑपरेशन ने कहा कि हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकियों के खिलाफ है। इसलिए हमने 7 मई की रात उन्हें ही टारगेट किया। इसमें पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ दिया। उनकी एक्शन के बाद हमने जवाबी कार्रवाई की। जिसमें पाकिस्तान को भारी नुकसान हुआ। एयर मार्शल एके भारती ने कहा कि रविवार को हमने विस्तार से बताया था कि भारत ने किस तरह पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में कार्रवाई की थी। हमने स्पष्ट किया था कि हमने आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था, पाकिस्तान के सैन्य प्रतिष्ठानों को नहीं। हालांकि, पाकिस्तान ने हमारे सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।

‘अफसोस पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देना उचित समझा’

DG AO एके भारती ने बताया कि हमारा एयर डिफेंस सिस्टम मल्टीलेयर है। पाकिस्तान के सभी ड्रोन को स्वदेशी काउंटर ड्रोन सिस्टम से गिराया गया। हमारी लड़ाई आतंकवाद और आतंकियों के खिलाफ थी। इसलिए 7 मई को हमने केवल आतंकी ठिकानों पर ही हमला किया था पर अफसोस इस बात का है कि पाकिस्तानी सेना ने आतंकियों का साथ देना उचित समझा। इस लड़ाई को अपनी लड़ाई बना ली। इसके बाद हमने जवाबी कार्रवाई की, इसमें उसका जो भी नुकसान हुआ इसके लिए वो खुद इसके लिए जिम्मेदार था। हमारी एयर डिफेंस सिस्टिम दीवार की तरह खड़ी थी और इसको भेदना दुश्मन के लिए असंभव था।

‘हमारा एयर डिफेंस सिस्टम मल्टीलेयर’

लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की एयर डिफेंस कार्रवाई को हमें एक संदर्भ में समझने की जरूरत है। पिछले कुछ सालों में आतंकी गतिविधियों के कैरेक्टर में बदलाव आ रहा था, अब हमारी सेना के साथ-साथ निर्दोष लोगों पर भी हमला हो रहा था। 2024 में शिवखोड़ी मंदिर की ओर जाने वाले तीर्थयात्री और इस साल अप्रैल में पहलगाम में मासूम पर्यटक। पहलगाम तक उनका पाप का घड़ा भर चुका था... क्योंकि आतंकियों पर हमारे सटीक हमले LOC और IB को पार किए बना किए गए थे, हमें पूरा अंदेशा था कि पाकिस्तान का हमला भी सीमा पार से ही होगा, इसलिए हमने एयर डिफेंस की तैयारी की थी। जब 9-10 मई को पाकिस्तान की वायुसेना ने हमारे एयर फील्ड और लॉजिस्टिक इंस्टॉलेशन पर हमला किया, तो वे इस मजबूत एयर डिफेंस ग्रिड के सामने विफल हुए। एके भारती ने बताया कि हमारा एयर डिफेंस सिस्टम मल्टीलेयर है। पाकिस्तान के सभी ड्रोन को स्वदेशी काउंटर ड्रोन सिस्टम से गिराया गया।

सीजफायर बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी को क्यों किया जा ट्रोल, समर्थन में उतरे ओवैसी-अखिलेश

#foreignsecretaryvikrammisrionline_trolling

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भारत-पाकिस्‍तान तनाव के बीच भारत का पक्ष दुनिया के सामने रखने वाले विदेश सचिव विक्रम मिसरी की कुछ लोग सोशल मीडिया पर आलोचना कर रहे हैं। भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी, सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी और वायुसेना की अधिकारी विंग कमांडर व्योमिका सिंह पहलगाम आतंकी हमले के बाद शुरू किए गए ऑपरेशन सिंदूर की आवाज बनकर सामने आए। इन तीनों अधिकारियों ने बीते दिनों लगातार प्रेस ब्रीफिंग कर सेना के पराक्रम से भरी कार्रवाई की जानकारी दुनिया को दी थी। लेकिन सीजफायर की घोषणा के बाद मिसरी लोगों के निशाने पर आ गए।

ट्रोलिंग के बाद अकाउंट किया प्रोटेक्टेड

10 मई को भारत पाकिस्‍तान के बीच सीजफायर के ऐलान के बाद कई यूजर्स उनके पोस्‍ट्स पर ऑनलाइन एब्‍यूज कर रहे थे। यहां तक कि उनके परिवार के साथ उनकी पुरानी तस्‍वीरें शेयर हो रही थीं जिसके साथ उनकी बेटी का मोबाइल नंबर और कई तरह के कमेंट्स किए जा रहे थे। इसके बाद उन्‍होंने अपना अकाउंट सिक्‍योर कर लिया। इसका मतलब है कि केवल वेरिफाइड यूजर्स ही उनका अकाउंट देख सकते हैं, या उनके पोस्‍ट्स पर कोई कमेंट कर सकते हैं।

राष्ट्रीय महिला आयोग ने की निंदा

सीजफायर का ऐलान करने के बाद विदेश सचिव विक्रम मिसरी और उनके परिवार के खिलाफ की गई ट्रोलिंग और उनकी बेटियों पर किए गए कमेंट के बाद राष्ट्रीय महिला आयोग की प्रतिक्रिया भी सामने आई है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने बयान में कहा कि भारत के विदेश सचिव विक्रम मिसरी के परिवार, खासकर उनकी बेटी के खिलाफ किए गए निंदनीय ऑनलाइन दुर्व्यवहार की राष्ट्रीय महिला आयोग कड़े शब्दों में निंदा करता है। विदेश सचिव की बेटी की व्यक्तिगत संपर्क जानकारी शेयर करना गंभीर रूप से गैर-जिम्मेदाराना काम है। यह गोपनीयता का गंभीर उल्लंघन है, जो उनकी सुरक्षा को खतरे में डालता है। राष्ट्रीय महिला आयोग ने अपने बयान में आगे कहा कि जैसे देश के वरिष्ठतम सिविल सेवकों के परिवार के सदस्यों पर इस तरह के व्यक्तिगत हमले न केवल अस्वीकार्य हैं, बल्कि नैतिक रूप से भी अक्षम्य हैं। हम सभी से शालीनता, सभ्यता और संयमित व्यवहार का आग्रह करते हैं। आइए, हम इससे ऊपर उठें।

मिस्री के बचाव में उतारे ओवैसी-अखिलेश

एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने भी विक्रम मिसरी के पक्ष में बयान दिया। उन्होंने कहा, ‘विक्रम मिस्री एक सभ्य, ईमानदार और मेहनती राजनयिक हैं, जो भारत की सेवा में जुटे हैं। उन्हें सरकार के फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए

वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी ट्रोलिंग की निंदा करते हुए लिखा, ऐसे बयान उन ईमानदार अधिकारियों का मनोबल गिराते हैं, जो देश के लिए दिन-रात काम करते हैं। सरकार का निर्णय व्यक्तिगत अधिकारियों का नहीं होता। जो असामाजिक तत्व अधिकारी और उनके परिवार के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

विक्रम देश के 35वें विदेश सचिव हैं

साल 2024 में विक्रम मिसरी ने देश के 35वें विदेश सचिव के रूम में कार्यभार संभाला था। इनमें पहले विनय मोहन क्वातरा विदेश सचिव के रूप में काम कर रहे थे। जनवरी 2022 से 2024 तक विक्रम मिसरी भारत के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर यानी NSA के डिप्टी का काम कर रहे थे। 2019 से 2021 तक वो चीन में भारतीय एम्बैसडर रहे। वो इंदर कुमार गुजराल, मनमोहन सिंह और नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री रहते हुए प्राइवेट सेक्रेटरी रह चुके हैं। इसके अलावा वो स्पेन और म्यांमार में भी भारत के एम्बैसडर रहे हैं