यह कई लोगों की नींद हराम कर देगा...मंच पर थरूर की मौजूदगी को लेकर पीएम मोदी का राहुल गांधी पर तंज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार को केरल दौरे पर हैं। यहां उन्होंने मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और कांग्रेस सांसद शशि थरूर के साथ मंच साझा किया। केरल के तिरुवनंतपुरम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 8,900 करोड़ रुपए की लागत से निर्मित ‘विझिनजाम इंटरनेशनल डीपवाटर मल्टीपर्पज सीपोर्ट’ को राष्ट्र को समर्पित किया। इस दौरान मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के अलावा मंच पर कांग्रेस नेता शशि थरूर भी मौजूद रहे। यहां कांग्रेस का नाम लिए बगैर पीएम ने कहा कि आज का यह इवेंट कई लोगों को नींद हराम कर देगा।

इशारों ही इशारों में राहुल को संदेश

कांग्रेस के भीतर राहुल गांधी और शशि थरूर की अदावत जगजाहिर है। अब इस पर पीएम मोदी ने भी चुटकी ली है। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल में विझिनजम अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का आधिकारिक रूप से उद्घाटन किया। पीएम मोदी ने इशारों ही इशारों में कांग्रेस पर हमला बोला। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ‘हमारे सीएम से कहना चाहूंगा कि आप तो इंडी अलाइंस के मजबूत पिलर रहे हैं। आज शशी थरूर भी बैठे हैं। आज का ये इवेंट कई लोगों की नींद हराम कर देगा। मैसेज चला गया, जहां जाना था। इसके बाद खुद पीएम मोदी मुस्कुराने लगे। मंच पर मौजूद पिनराई विजयन और शशि थरूर भी इस दौरान मुस्कुराते दिखे। माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने राहुल गांधी और शशि थरूर के बीच कथित तकरार पर तंज कसा है।

थरूर ने एयरपोर्ट पर की पीएम का आगवानी

इससे पहले पीएम मोदी गुरुवार को केरल पहुंचे थे, जहां सीएम के साथ तिरुवनंतपुरम के सांसद शशि थरूर ने उनका स्वागत किया था। शशि थरूर ने दिल्ली एयरपोर्ट पर देरी के बावजूद तिरुवनंतपुरम एयरपोर्ट पर समय से पहुंचकर प्रधानमंत्री की आगवानी की। शशि थरूर ने एक्स पर लिखा, दिल्ली हवाई अड्डे पर देरी होने के बावजूद, मैं समय पर तिरुवनंतपुरम पहुंच गया और पीएम नरेंद्र मोदी का स्वागत किया। उन्होंने पीएम मोदी के साथ तस्वीरें भी शेयर कीं। उन्होंने लिखा कि मैं विझिंजम पोर्ट के उद्घाटन का इंतजार कर रहा हूं। मुझे इस परियोजना से शुरू से ही जुड़ने पर गर्व है। उन्होंने पीएम मोदी के साथ तस्वीरें भी शेयर कीं।

अडानी की तारीफ

पीएम मोदी ने मंच से गौतम अडानी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा, मैं अभी पोर्ट का विजीट करके आया हूं। जब गुजरात के लोगों को पता चलेगा कि अडानी ने केरल में इतना बढ़िया पोर्ट बनाया है। ये गुजरात में 30 साल से काम कर रहे हैं, मगर अभी तक ऐसा पोर्ट नहीं बनाया। तब उनको (अडानी को) गुजरात के लोगों से गुस्सा सहन करने के लिए तैयार रहना होगा।

सीमा पर हथियार जुटा रहा पाकिस्तान, भारत से सटी सीमाओं पर चीनी तोप तैनात

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पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव बना हुआ है। पाकिस्तान की तरफ से सीमा पर लगातार गोलीबारी हो रही है। एलओसी पर लगातार आठवें दिन सीजफायर का उल्लंघन किया गया है। पाकिस्तानी सेना ने बारामूला, कुपवाड़ा, पुंछ, रौशेरा और अखनूर में छोटे हथियारों से फायरिंग की। भारत की तरफ से हमले होने का दावा कर रहा पाकिस्तान खुद उकसावे की कार्रवाई कर रहा है। यही नहीं, पाकिस्तान ने भारत से सटी सीमा पर अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। पाकिस्तानी सेना ने रडार, वायु रक्षा प्रणाली और चीन में बनी हॉवित्जर तोपों समेत कई तरह के हथियार सीमा पर तैनात किए हैं।

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एक साथ 3 सैन्य अभ्यास कर रही पाक वायुसेना

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की तरफ से हमले को लेकर खौफजदा पाकिस्तान सीमाओं पर लगातार सैन्य जमावड़ा बढ़ा रहा है। उसने अग्रिम मोर्चों पर वायु रक्षा प्रणाली और चीनी एसएच-15 होवित्जर तोपें भी तैनात कर दी हैं। पाकिस्तानी वायु सेना फिलहाल एक साथ 3 सैन्य अभ्यास कर रही है। इन्हें फिजा-ए-बद्र, ललकार-ए-मोमिन और जर्ब-ए-हैदरी नाम दिया गया है। इनमें वायुसेना के एफ-16, जे-10 और जेएफ-17 सहित सभी प्रमुख लड़ाकू विमान हिस्सा ले रहे हैं। वायुसेना का ये अभ्यास 29 अप्रैल को शुरू हुआ और इसमें साब एयरबोर्न अर्ली वार्निंग एंड कंट्रोल सिस्टम विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। साथ ही पाकिस्तान ने लाहौर और कराची के ऊपर अपना हवाई क्षेत्र भी अस्थायी रूप से बंद कर दिया है।

सीमा पर चीनी हॉवित्जर तोपों की तैनाती

पाकिस्तानी सेना चीन से खरीदी गई एसएच-15 हॉवित्जर तोपों को भी अपनी आर्टिलरी रेजीमेंट में शामिल कर रही है। इन आधुनिक तोपों को अब सीमा के नजदीक तैनात किया जा रहा है। इससे पाकिस्तान की फायरिंग क्षमता काफी बढ़ गई है। पाकिस्तान का एसएच -15 हॉवित्जर हथियार को लेकर दावा है कि परमाणु हमला करने में माहिर है।

2019 में पाकिस्तान ने 236 ऐसी तोपें खरीदने के लिए चीन से समझौता किया था। यह 155 मिमी/52-कैलिबर का स्वचालित, व्हीकल-माउंटेड तोप है। यानी यह हथियार 155 एमएम के गोले दाग सकता है।

चीनी हॉवित्जर की खासियत

इसकी खासियत की बात करें तो इसे पाक और चीन मारक और घातक बताते हैं। एसएच-15 की रेंज 20 किमी से 53 किमी तक है। यानी यह नाटो गोला-बारूद के साथ-साथ र जीपीएस-निर्देशित गोले भी दाग सकता है। इसकी डिजिटल फायर कंट्रोल सिस्टम, स्वचालित गन-लेइंग, और जीपीएस-नेविगेशन सटीकता बढ़ाते हैं। इस हथियार को 6×6 शानक्सी ट्रक के चेसिस पर फिट किया गया है। यह 90 किमी/घंटा की गति और 500 किमी की रेंज के साथ ‘शूट एंड स्कूट’ रणनीति के लिए बेस्ट माना जाता है। इसके बख्तरबंद केबिन और हाइड्रो-न्यूमैटिक सस्पेंशन पहाड़ी और जटिल इलाकों में प्रभावी बनाते हैं। यानी पहाड़ी इलाकों के लिए एसच-15 को बेस्ट माना जाता है। दावा तो पाकिस्तान की तरफ से यह भी कहा जाता है कि यह न्यूक्लियर गोले दाग सकता है।

पहलगाम हमले पर अमेरिकी उपराष्ट्रपति ने भारत से की संयम बरतने की अपील, पाक को आतंकियों पर एक्शन की सीख

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अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने पहलगाम आतंकी हमले पर भारत के प्रति समर्थन जताया साथ ही भारत से संयम बरतने की अपील की। वहीं, जेडी वेंस ने पाकिस्तान को पहलगाम हमले की जांच में भारत का सहयोग करने की बात कही, ताकि हमले के जिम्मेदार दोषियों को सजा दी जा सके। बता दें कि पहलगाम में जब हमला हुआ था, उस समय जेडी वेंस परिवार के साथ भारत के दौरे पर थे। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिसमें अधिकांश पर्यटक थे। इस हमले को पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने अंजाम दिया था, जिसके बाद से दोनों परमाणु सशस्त्र पड़ोसियों के बीच तनाव बढ़ा हुआ है।

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भारत के साथ सहयोग करना पाक की जिम्मेदारी-वेंस

अमेरिकी चैनल फॉक्स न्यूज पर एक इंटरव्यू में अमेरिकी उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, हमारी उम्मीद है कि भारत इस आतंकवादी हमले का इस हमले का इस तरह से जवाब देगा, जिससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष न हो। वेंस ने आगे कहा, हम उम्मीद करते हैं कि जहां तक पाकिस्तान की जिम्मेदारी है, वह भारत के साथ सहयोग करेगा ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि उसके क्षेत्र में कभी-कभी सक्रिय आतंकवादियों का पता लगाया जाए और उनसे निपटा जाए।

वेंस ने पहले भी की थी हमले की निंदा

22 अप्रैल को जब जम्मू कश्मीर के पहलगाम में आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को निशाना बनाया, उस वक्त जेडी वेंस अपने परिवार के साथ भारत दौरे पर ही थे। वेंस ने तब हमले की निंदा की थी। एक्स पर एक पोस्ट में पीड़ितों और उनके परिवारों के साथ एकजुटता व्यक्त की थी। साथ ही जेडी वेंस ने बीते हफ्ते पीएम मोदी से फोन पर बात कर पहलगाम आतंकी हमले की कड़ी निंदा भी की थी।

आतंकियों को चुन-चुनकर मारेंगे,किसी को बख्शा नहीं जाएगा... पहलगाम हमले पर अमित शाह की चेतावनी

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवादियों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि आतंकियों को चुन-चुनकर मारेंगे। आतंकवाद को जड़ से उखाड़ फेकेंगे। पहलगाम हमले के दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। दिल्ली में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सख्त बयान दिया।

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आतंक फैलाने वालों को अल्टीमेटम

गृह मंत्री ने कहा, मैं आज जनता को बताना चाहता हूं कि 90 के दशक से कश्मीर में जो आतंकवाद चला रहे हैं, उनके खिलाफ हम जीरो टॉलरेंस की नीति पर मजबूती के साथ अपनी लड़ाई लड़ रहे हैं। आज वे यह न समझें कि हमारे नागरिकों की जान लेकर वो ये लड़ाई जीत लेंगे। उन्होंने आगे कहा, मैं सभी आतंक फैलाने वालों को कहना चाहता हूं कि यह लड़ाई अंत नहीं है, एक मकाम है। एक-एक व्यक्ति को चुन-चुन कर इसका जवाब दिया जाएगा।

आतंकवाद के खात्मे लड़ाई जारी रहेगी-शाह

शाह ने आगे कहा कि अगर कोई कायराना हमला करके सोचता है कि यह उनकी बड़ी जीत है, तो एक बात समझ लें, यह नरेंद्र मोदी की सरकार है, किसी को बख्शा नहीं जाएगा। हमारा संकल्प है कि इस देश के हर कोने से आतंकवाद को उखाड़ फेंकेंगे और यह पूरा होगा। न केवल 140 करोड़ भारतीय बल्कि पूरी दुनिया इस लड़ाई में भारत के साथ खड़ी है। मैं इस संकल्प को दोहराना चाहता हूं कि जब तक आतंकवाद का खात्मा नहीं हो जाता, हमारी लड़ाई जारी रहेगी और जिन्होंने इसे अंजाम दिया है, उन्हें निश्चित रूप से उचित सजा दी जाएगी।

पाक ने दिया आतंकियों को पनाह देने का सबूत, भारत के हमले के डर से बढ़ाई हाफिज सईद की सुरक्षा

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पाकिस्तान भले ही अपनी जुबान से ये ना माने की वो अतंकियों को पाल-पोस रहा है, लेकिन उसकी हरकतें हर बार जाहिर हो जाती हैं। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई और सेना ने लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे आतंकी गुटों को सरगना हाफिज सईद की सुरक्षा बढ़ा दी है। कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद सईद की सुरक्षा काफी ज्यादा कड़ी की गई है। दरअसल, पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद पाकिस्तान को भारत की ओर से सैन्य कार्रवाई की चिंता सता रही है। वह बार-बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत की ओर से हमला किए जाने की बात कर रहा है। इस हमले की आशंका के बीच उसने कुख्यात आतंकवादी हाफिज सईद की सुरक्षा बढ़ा दी है।

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घनी आबादी वाले इलाके में हुआ शिफ्ट

फर्स्टपोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, हाफिज सईद को लाहौर के एक घनी आबादी वाले इलाके में छोटे घर में रखा गया है। हाफिज सईद को जिस घनी आबादी वाले इलाके में रखा गया है वहां मस्जिद, मदरसा और आम लोगों के छोटे-छोटे घर हैं। हाफिज को लाहौर के मोहल्ला जोहर में छिपाया गया है जहां पाकिस्तान सेना के स्पेशल सर्विस ग्रुप के पूर्व कमांडो उसकी 24 घंटे सुरक्षा में तैनात है। उसकी सुरक्षा में पूर्व एसएसजी कमांडो तैनात किए गए हैं। उसके पाक सुरक्षाबलों के घेरे में एक सुरक्षित ठिकाने पर होने की बात कही गई है। हाफिज सईद को उसके लाहौर के मोहल्ला जौहर स्थित घर पर नहीं रखा गया है। इसके बावजूद उसके घर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात हैं।

2019 से कागजों पर गिरफ्तार

हाफिज सईद 2019 से कागजों पर गिरफ्तार है। कागजों पर अभी जेल में है और इसी कारण उसके नए ठिकाने को अस्थाई उप-जेल में तब्दील कर दिया गया है। जानकारों का कहना है कि उसके घर के एक किमी के दायरे में इशारा पहचानने वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। साथ ही पूरे इलाके पर नजर रखने के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है।

जेल में होने के बाद भी सार्वजनिक तौर पर दिखता रहा है

हाफिज सईद को पाकिस्तान की अदालतों ने भी कई मामलों में दोषी ठहराया है। उसे 46 साल की सजा हुई है। वह आतंकवाद को बढ़ाने के लिए पैसे देने का दोषी है। वह 2019 से गिरफ्तार है। लेकिन, वह पाकिस्तान की सरकार और सेना के संरक्षण में अपना काम कर रहा है। बीते तीन सालों में वह कम से कम दो दर्जन से अधिक बार सार्वजनिक तौर पर देखा गया है। इसी साल फरवरी में उसे एक कड़ी सुरक्षा घेरे के बीच देखा गया था। वह मुख्य रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के आतंकवादी लॉन्च पैड और मुरिदके, बहावलपुर और रावलकोट के शिविरों में देखा जाता है।

अमेरिका-यूक्रेन के बीच साइन हुई मिनरल डील, धरती में दबा खजाना ट्रंप को देने को तैयार हुए जेलेंस्की

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यूक्रेन और अमेरिका ने आखिरकार बुधवार को मिनरल डील पर साइन कर लिए। इस डील के तहत अमेरिका को यूक्रेन के नए मिनरल प्रोजेक्ट्स में खास एक्सेस मिलेगा। इसके बदले में अमेरिका यूक्रेन के पुनर्निर्माण में निवेश करेगा। इस डील के तहत यूक्रेन के रिडेवलपमेंट और रिकंस्ट्रक्शन के लिए एक जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड बनाया जाएगा। कई हफ्तों तक राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद दोनों देशों के बीच यह समझौता हुआ है। अमेरिका अब तक यूक्रेन को अरबों डॉलर की सैन्य और आर्थिक मदद दे चुका है। जिसके बादले में ट्रंप इस डील को लेकर दबाव बना रहे थे।

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अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने ऐलान किया कि यूक्रेन की अर्थव्यवस्था मंत्री यूलिया स्विरिडेंको ने वॉशिंगटन में इस डील पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने बुधवार को एक्स पर पोस्ट किया, ‘समझौते की शर्तों में ‘पूर्ण स्वामित्व और नियंत्रण’ यूक्रेन के पास रहना शामिल है।’ अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने एक बयान में कहा, जैसा कि राष्ट्रपति ने कहा, अमेरिका इस क्रूर और निरर्थक युद्ध को खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। यह समझौता रूस को स्पष्ट रूप से संकेत देता है कि ट्रंप प्रशासन लंबे समय तक एक स्वतंत्र, संप्रभु और समृद्ध यूक्रेन पर केंद्रित प्रक्रिया के लिए प्रतिबद्ध है।

जॉइंट इन्वेस्टमेंट फंड में 50-50 निवेश करेंगे दोनों देश

यूक्रेन के इकोनॉमी मिनिस्ट्री ने कहा है कि अमेरिका इस फंड में सीधे या फिर मिलिट्री मदद के जरिए योगदान देगा, जबकि यूक्रेन इस फंड में अपने नेचुरल रिसोर्सेज के इस्तेमाल से होने वाली कमाई का 50% हिस्सा डालेगा। मिनिस्ट्री ने बताया कि फंड के सारे पैसे पहले 10 साल तक सिर्फ यूक्रेन में ही इन्वेस्ट किए जाएंगे। इसके बाद, 'प्रॉफिट को दोनों पार्टनर्स के बीच बांटा जा सकता है। मिनिस्ट्री ने यह भी कहा कि अमेरिका और यूक्रेन को फंड के फैसलों में बराबर की हिस्सेदारी मिलेगी। यह डील सिर्फ भविष्य की अमेरिकी मिलिट्री मदद को कवर करती है, पहले दी गई मदद इसमें शामिल नहीं है।

यूक्रेन के पास दुर्लभ खनिजों का भंडार

यूक्रेन के पास 22 ऐसे दुर्लभ खनिजों के भंडार हैं, जो अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण की 50 महत्वपूर्ण सामग्रियों में शामिल हैं. ये खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स, क्लीन एनर्जी टेक्नोलॉजी और हथियार प्रणालियों के लिए जरूरी हैं. चीन ने इन दुर्लभ खनिजों के वैश्विक उत्पादन पर कब्जा जमा रखा है, जिसके चलते पश्चिमी देश यूक्रेन जैसे वैकल्पिक स्रोतों की तलाश में हैं. 2021 में यूक्रेन ने यूरोपीय संघ के साथ भी ऐसी ही डील की थी, और अब अमेरिका ने इस दौड़ में कदम रखा है

डील का असर रूस-यूक्रेन युद्ध पर होगा?

समझौते के मसौदे से मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका को भविष्य में यूक्रेनी प्राकृतिक संसाधन सौदों में तरजीही जी जाएगी है। समझौते के इस पहलू पर विवाद होने की भी पूरी आशंका है, क्योंकि यूक्रेन अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को आगे बढ़ाते हुए अपनी अर्थव्यवस्था का पुनर्निर्माण करना चाहता है। हालांकि इस समझौते ने यूरोप में शांति की उम्मीद को फिर से जगा दिया है, अब देखना होगा कि इस डील का असर रूस-यूक्रेन युद्ध पर कितना पड़ेगा।

रामदेव किसी के वश में नहीं हैं...जानें दिल्ली हाईकोर्ट ने क्यों की ये टिप्पणी, जारी करेगी अवमानना नोटिस

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दिल्ली हाई कोर्ट ने बाबा रामदेव को रूह अफजा के विरुद्ध उनके विवादास्पद वीडियो के लिए कड़ी फटकार लगाई है। साथ ही कोर्ट अवमानना नोटिस जारी करने की तैयार में है। कोर्ट ने पहले ही रामदेव को हमदर्द के उत्पादों के बारे में कोई भी बयान जारी करने से मना किया था। कोर्ट ने पाया कि रामदेव ने पिछले आदेश की अवहेलना की है। रामदेव ने हमदर्द के रूह अफजा के खिलाफ फिर से एक वीडियो प्रकाशित किया है।

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बाबा रामदेव पर कोर्ट की तीखी टिप्पणी

जस्टिस अमित बंसल को बृहस्पतिवार को सूचित किया गया कि अदालत के 22 अप्रैल के निर्देशों के बावजूद रामदेव ने आपत्तिजनक बयान देते हुए एक वीडियो प्रसारित किया है। इसके बाद उन्होंने कहा, पिछले आदेश के मद्देनजर उनका हलफनामा और यह वीडियो प्रथम दृष्टया अवमानना के अंतर्गत आता है। मैं अब अवमानना नोटिस जारी करूंगा हम उन्हें यहां बुला रहे हैं। जस्टिस ने टिप्पणी की, वह (रामदेव) किसी के वश में नहीं हैं। वह अपनी ही दुनिया में रहते हैं।

रामदेव ने की कोर्ट की अवमानना

कोर्ट ने गुरुवार को ये बताया कि बाबा रामदेव में नया वीडियो जारी किया, जिसमें हमदर्द के खिलाफ टिप्पणी की गई है। ये नया वीडियो कब आया, इसकी जानकारी नहीं मिली है।

इससे पहले 22 अप्रैल को हाईकोर्ट ने रामदेव को दिए आदेश में कहा था- हमदर्द उत्पादों को लेकर न तो कोई बयान दें और न ही कोई वीडियो शेयर करें।

रामदेव के वकील बोले- आपत्तिजनक हिस्सा हटाएंगे

हाईकोर्ट ने रामदेव के वीडियो पर तल्खी जताई तो उनके वकील ने कहा कि योगगुरु के ताजा वीडियो से आपत्तिजनक हिस्सा हर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से 24 घंटे के अंदर हटा दिया जाएगा। इस पर कोर्ट ने कहा कि आपने आदेश का पालन किया, एक हफ्ते के भीतर हलफनामा दायर करें। हाईकोर्ट कल यानी 2 मई को फिर इस मामले की सुनवाई करेगा। इसमें देखेगा कि पूर्व आदेश का पालन हुआ या नहीं।

भारत में रह रहे पाकिस्तानियों को राहत, मोदी सरकार ने बढ़ायी वापसी की मियाद

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भारत में रह रहे पाकिस्तानी नागरिकों को भारत सरकार ने बड़ी राहत दी है। गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान के नागरिकों के वापस जाने की मियाद बढ़ा दी है। केंद्र सरकार ने उन्हें वाघा-अटारी बॉर्डर से वापस जाने की अनुमति दे दी है। अगले आदेश तक भारत में मौजूद पाकिस्तान के नागरिक अटारी इंटरनेशनल बॉर्डर से वापस अपने वतन लौट सकते हैं। इससे पहले भारत सरकार ने अटारी बॉर्डर से नागरिकों की आवाजाही और व्यापार ऑपरेशंस पूरी तरह से बंद करने के आदेश जारी किए थे।

गृह मंत्रालय की ओर से जारी नए आदेश में कहा गया है कि आदेश की समीक्षा की गई और आंशिक संशोधन के साथ अब यह आदेश दिया जाता है कि पाकिस्तानी नागरिकों को उचित मंजूरी के साथ अगले आदेश तक अटारी स्थित एकीकृत जांच चौकी से भारत से पाकिस्तान जाने की अनुमति दी जा सकती है।

गृह मंत्रालय ने पहले कहा था कि यह बॉर्डर 30 अप्रैल को बंद हो जाएगा। लेकिन अब इस आदेश को बदल दिया गया है। नए आदेश के अनुसार, पाकिस्तानी नागरिक अब अटारी बॉर्डर से पाकिस्तान जा सकते हैं। यह अनुमति अगले आदेश तक जारी रहेगी।

केन्द्र सरकार ने तय की थी वापसी की तारीख

23 अप्रैल को वीजा रद्द करने के फैसले के बाद अटारी बॉर्डर पर लोगों का तांता लग गया था। सरकार के नए आदेश उन्हें बड़ी राहत मिली है। वैलिड ट्रेवल वीजा और तमाम दस्तावेज दिखाने और किसी कारण से भारत में फंसे नागरिकों को अभी भी बॉर्डर क्रॉस करने के लिए अनुमति दी जाएगी।

सरकार ने अल्पकालिक और सार्क वीजा रखने वालों को 27 अप्रैल तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया था। ऐसे ही मेडिकल वीजा रखने वालों के लिए समय सीमा 29 अप्रैल थी। पिछले हफ्ते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों को फोन करके यह सुनिश्चित करने को कहा कि कोई भी पाकिस्तानी निर्धारित समय सीमा से आगे भारत में न रह जाए।

अब तक कितने लोग गए-आए?

केंद्र के निर्देश के बाद से बीते छह दिनों में 55 राजनयिकों और उनके सहायक कर्मचारियों सहित 786 पाकिस्तानी नागरिक अटारी-वाघा सीमा पार करके भारत छोड़ चुके हैं। पाकिस्तान से 1,465 भारतीय भारत आए हैं। देश छोड़ने संबंधी निर्देश पहलगाम आतंकी हमले के बाद आया था, जिसमें 26 पर्यटकों और एक कश्मीरी स्थानीय व्यक्ति को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी।

पाकिस्तान को जवाब देने की तैयारी? अरब सागर में भारतीय नौसेना का अभ्यास

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पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ गया है। आतंकी हमले के पीछे पाकिस्तान का हाथ होने बात सामने आने के बाद भारत ने पड़ोसी देश के खिलाफ कई अहम कदम उठाए है। सेना भी हर तरह की तैयारी शुरू कर रही है। इस बीच भारतीय नौसेना ने अपनी जंगी जहाजों को समंदर में उतार दिया है। इसका मकसद समुद्री सुरक्षा को और भी मजबूत करना है।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने सुरक्षा के दृष्टिकोण से 30 अप्रैल से 3 मई तक गुजरात तट के पास अरब सागर में नौसेना बड़े पैमाने पर अभ्यास कर रही है। इस दौरान किसी भी असामान्य गतिविधि के प्रति युद्धपोतों को सतर्क रखा गया है। हाल ही में भारतीय नौसेना ने अपने युद्धपोतों से कई एंटी-शिप मिसाइल फायरिंग कर सफलतापूर्वक लंबी दूरी के सटीक हमलों की तैयारी को साबित किया था। अब भारतीय नौसेना कई तरह के अभ्यास में जुटी है जिसमें मिसाइल फायरिंग और युद्धाभ्यास शामिल हैं।

भारतीय नौसेना पूरी तरह से तैयार हैं

भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि यह फायरिंग यह दिखाने के लिए की गई कि उनके प्लेटफॉर्म, सिस्टम और क्रू लंबी दूरी तक सटीक हमले करने के लिए कितने तैयार हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना के जहाज लंबी दूरी तक सटीक हमले करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वे देश के समुद्री हितों की रक्षा के लिए हमेशा, कहीं भी और किसी भी तरह से तैयार हैं।

कोस्ट गार्ड भी नौसेना के साथ

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार आने वाले दिनों में और भी कई प्रदर्शन और अभ्यास की योजना है। भारतीय कोस्ट गार्ड ने भी गुजरात तट से दूर अंतर्राष्ट्रीय समुद्री सीमा के निकट जहाज तैनात किए हैं और निगरानी बढ़ाने के लिए नौसेना के साथ साथ मिलकर काम कर रहे हैं।

भारत के एक्शन से बढ़ी पाक की टेंशन

भारत ने पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान का तनाव बढ़ा दिया है। सेना ने जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान कई आतंकियों के घरों को तबाह किया गया। सेना और जम्मू कश्मीर पुलिस ने स्थानीय लोगों से हमले को लेकर पूछताछ भी की। दूसरी ओर भारत के एक्शन से पाकिस्तान की बेचैनी बढ़ गई है। उसने सीमा के पास आर्मी मूवमेंट को बढ़ा दिया है।

सेना का का मनोबल न गिराएं...पहलगाम हमले की जांच की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की फटकार

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पहलगाम आतंकी हमलों की न्यायीक जांच की मांग से जुड़ी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी टिप्पणी की है। याचिकाकर्ता को फटकार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस तरह की याचिका दायर करने से पहले मामले की गंभीरता को समझना चाहिए था। हमारे बलों का मनोबल मत तोड़ो। इन याचिकाओं के लिए यह सही समय नहीं है।

जज कब से ऐसे मामलों की जांच करने के एक्सपर्ट ?

अदालत ने याचिकाकर्ता से कहा कि आपने मांग की है कि रिटायर्ड जज की अगुवाई में पहलगाम हमले के जांच हो। जज कब से ऐसे मामलों की जांच करने के एक्सपर्ट हो गए हैं? सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखिए। कोर्ट ने कहा कि यह कठिन समय है और सभी को साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी।

हर भारतीय आतंकवाद से लड़ने के लिए एकसाथ

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस मुश्किल वक्त में देश का प्रत्येक नागरिक आतंकवाद से लड़ने के लिए एकजुट है। जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि यह ऐसा जरूरी समय है, जब हर भारतीय आतंकवाद से लड़ने के लिए एकसाथ खड़ा है। कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसी मांग कर सुरक्षाबलों का मनोबल ना गिराएं। जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने याचिकाकर्ताओं से कहा कि ये मामला बहुत ही संवेदनशील है। ऐसे में इस मामले की संवेदनशीलता का भी ख्याल रखें।

याचिका पर सुनवाई करने से इनकार

बता दें कि पहलगाम आतंकी हमले में विदेशी पर्यटकों समेत 26 लोग मारे गए थे। आतंकियों ने धर्म पूछकर सबको मारा था। याचिकाकर्ताओं ने 26 लोगों की मौत वाली पहलगाम आतंकी हमले की न्यायिक जांच की मांग की थी। मगर सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया. याचिकाकर्ता से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अपने निष्कर्षों को लेकर थोड़ा ज़िम्मेदार बनिए।