कपाट खुलने से पहले फूलों से सजाया जा रहा केदारनाथ धाम , 2 मई को खुलेंगे कपाट

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देहरादून। केदारनाथ धाम के कपाट 2 मई 2025 को श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके पहले पूरे धाम को भव्य रूप से फूलों से सजाया जा रहा है। सोशल मीडिया पर एक मनमोहक वीडियो सामने आया है, जिसमें मंदिर की खूबसूरती देखते ही बन रही है। श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए फूलों से की जा रही यह सजावट न सिर्फ एक धार्मिक माहौल बना रही है, बल्कि भक्तों की श्रद्धा को भी और अधिक गहरा कर रही है।

धाम में सुरक्षा व्यवस्था को भी पुख्ता किया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन और तीर्थ पुरोहित मिलकर यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने की तैयारियों में जुटे हैं।

पाक ने परमाणु हमले की दी धमकी तो ओवैसी ने दिखा दी “औकात”, बताया भारत से कितनी पीछे

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। पाकिस्तान की ओर से लगातार हो रही बयानबाजी के बीच ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पाकिस्तान को उसकी औकात दिखाई है। पाकिस्‍तान के मंत्री की ओर से परमाणु हमले की धमकी के बाद ओवैसी ने उन पर आतंकवादी समूह आईएसआईएस की तरह काम करने का आरोप लगाया।

ओवैसी ने पाकिस्तान को घेरा

महाराष्ट्र के परभणी में एक सभा को संबोधित करते हुए ओवैसी ने पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के लिए एक बार फिर पाकिस्तान की आलोचना की। ओवैसी ने कहा, अब जो लोग पाकिस्तान में बैठकर बकवास कर रहे हैं, मैं उनसे कहना चाहता हूं कि भारत से आपका वक्त आधा घंटा पीछे है, लेकिन आधा घंटा नहीं, आधा सदी भारत से पीछे है। तुम्हारे मुल्क का बजट हमारी मिल्ट्री के बजट के बराबर भी नहीं है।

परमाणु हमले की धमकी पर ओवैसी ने निकाली अकड़

ओवैसी ने पाकिस्तानी नेताओं की धमकियों पर भी उन्हें आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, पाकिस्तान बार-बार कहता है कि उनके पास परमाणु बम हैं, परमाणु बम हैं। याद रखें अगर आप किसी दूसरे देश में जाते हैं और निर्दोष लोगों को मारते हैं, तो कोई भी देश चुप नहीं रहेगा। एआईएमआईएम प्रमुख ने दोहराया कि आतंकवादियों ने पहलगाम में पर्यटकों को मारने से पहले उनका धर्म पूछा। उन्होंने कहा, आप किस धर्म की बात कर रहे हैं? आप ख्वारिज से भी बदतर हैं। यह कृत्य दिखाता है कि आप आईएसआईएस के उत्तराधिकारी हैं।

सरकार पाक को आर्थिक रूप से कमजोर करने के कदम उठाए- ओवैसी

ओवैसी ने कहा कि पाकिस्तान कई सालों से भारत को निशाना बनाने के लिए आतंकवादियों को ट्रेन कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून भारत को पाकिस्तान की एयरफोर्स की नाकाबंदी लागू करने और हमारे नैतिक हैकरों का उपयोग करके उनके इंटरनेट को हैक करने की अनुमति देता है। उन्होंने मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पाकिस्तान को आर्थिक रूप से कमजोर करने के लिए कदम उठाएं।

NCERT ने मुगल, दिल्‍ली सल्‍तनत के टॉपिक हटाए, बच्चे अब पढ़ेंगे महाकुंभ और चारधाम के चैप्टर

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राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने 7वीं के सिलेबस में बड़ा बदलाव किया है। हिस्‍ट्री, जियोग्राफी की टेक्‍स्‍टबुक्‍स से मुगल सल्‍तनत और दिल्‍ली सल्‍तनत के टॉपिक्‍स हटा दिए गए हैं, जबकि महाकुंभ समेत गर्वनमेंट इनीशिएटिव जैसे मेक इन इंडिया और बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ को किताबों में जोड़ा गया है। यह कदम राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे (NCFSE) 2023 के अनुरूप उठाया गया। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य भारतीय परंपराओं, दर्शन, शिक्षा व्यवस्था और स्थानीय संदर्भ को बढ़ावा देना है।

एनसीईआरटी अधिकारियों के अनुसार, फिलहाल जो पुस्तकें जारी की गई हैं वे पहले भाग की हैं। दूसरे भाग की पुस्तकें आने वाले महीनों में आएंगी। इस दौरान अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि नहीं की है कि हटाए गए चैप्टर्स अगली किताबों में शामिल होंगे या नहीं। नई किताब “Exploring Society: India and Beyond” में अब मौर्य, मगध, शुंग और सातवाहन जैसे प्राचीन भारतीय राजवंशों पर चैप्टर्स हैं।

हाल ही में संपन्न महाकुंभ मेले का जिक्र

नई किताबों में बच्चों को ‘How the Land Becomes Sacred’ नाम के चैप्टर्स में भारत और धार्मिक स्थानों और तीर्थ यात्राओं का जिक्र किया गया है। इसमें चार धाम यात्रा, 12 ज्योतिर्लिंग और शक्ति पीठों के साथ-साथ नदियों के संगम, पर्वत और जंगलों को सेकर्ड प्लेसेस के रूप में दर्शाया गया है। हाल ही में प्रयागराज में आयोजित किए गए महाकुंभ मेला में भाग लेने वाले 66 करोड़ लोगों का उल्लेख भी किताब में किया गया है। टेक्स्ट बुक में वहां हुई भगदड़ और मौतों का जिक्र नहीं किया गया है।

सरकारी योजनाओं को भी मिली किताबों में जगह

इसके अलावा, नई पाठ्यपुस्तक में भारतीय सरकार की विभिन्न योजनाओं का भी उल्लेख किया गया है। इनमें ‘मेक इन इंडिया’, ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘अटल सुरंग’ जैसी योजनाओं का समावेश है, जो देश की विकासात्मक दिशा और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसके अतिरिक्त, भारत के संविधान पर एक अध्याय में यह बताया गया है कि 2004 में सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय ध्वज फहराने के अधिकार को नागरिकों के मौलिक अधिकार में शामिल किया। हालांकि, इस बदलाव को लेकर कुछ आलोचनाएं भी सामने आई हैं, खासकर किताबों में ‘भगवाकरण’ के आरोप लगने के कारण।

किताबों के नए नाम भी जारी

हाल ही में, NCERT ने विभिन्न कक्षाओं के लिए किताबों के नए नाम जारी किए। कक्षा 1 और कक्षा 2 की इंग्लिश किताबों का नाम मैरीगोल्ड (MARIGOLD) से बदलकर 'मृदंग (MRIDANG)' और कक्षा 3 की पुस्तक का नाम 'संतूर (SANTOOR)' रखा गया है। कक्षा 6 की की इंग्लिश किताब का नाम 'हनीसकल (HONEYSUCKLE)' से बदलकर 'पूर्वी (POORVI)' कर दिया गया है। मैथ्स की किताबों के लिए भी यही पैटर्न अपनाया गया है। कक्षा 6 की गणित की किताब, जो पहले इंग्लिश में मैथमेटिक्स और हिंदी में गणित थी, अब दोनों भाषाओं में यह गणित नाम से आएगी।

पहले भी कम किए गए थे मुगल और दिल्‍ली सल्‍तनत के हिस्से

इससे पहले एनसीईआरटी ने कोविड-19 महामारी के समय मुगल और दिल्‍ली सल्‍तनत से जुड़े कई हिस्‍सों को कम कर दिया था। इसमें तुगल‍क, खिलजी, लोधी और मुगलों के उपलब्धियों के टॉपिक्‍स शामिल थे। अब इन टॉपिक्‍स को पूरी तरह किताबों से हटा दिया गया है।

शशि थरूर कांग्रेस पार्टी में हैं या बीजेपी में', जानें अपनी ही पार्टी में क्यों घिरे तिरुवनंतपुरम सांसद?

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कांग्रेस के सीनियर नेता और तिरुवनंतपुरम से सांसद शशि थरूर एक बार फिर अपनी ही पार्टी में घिर गए हैं। इस बार उन्होंने पहलगाम हमले को लेकर सरकार के पक्ष में बयान दे दिया। दरअसल, कांग्रेस ने सरकार की ओर से सुरक्षा चूक और खुफिया नाकामी को लेकर सवाल उठाए थे। वहीं, शशि थरूर ने पहलगाम हमले को लेकर कहा था कि कोई भी देश कभी भी सौ फीसदी फुलप्रूफ खुफिया जानकारी नहीं रख सकता है। शशि थरूर के बयान पर उदित राज ने प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता उदित राज का कहना है कि शशि थरूर पहलगाम हमले को लेकर पार्टी लाइन से अलग हट गए हैं। उन्होंने सवाल किया है कि शशि थरूर कांग्रेस पार्टी में हैं या बीजेपी में हैं।

शशि थरूर क्या कहा?

थरूर ने अपने बयान में थरूर ने इजरायल का उदाहरण देते हुए कहा कि किसी भी देश के पास कभी भी 100% पुख्ता खुफिया जानकारी नहीं हो सकती। उन्होंने कहा, कोई पूरी तरह से पुख्ता खुफिया जानकारी नहीं थी। कुछ विफलताएं थीं, लेकिन हमारे पास इज़रायल का उदाहरण है, जो सभी के अनुसार दुनिया की सबसे अच्छी खुफिया सेवाएं हैं, जिन्हें सिर्फ़ दो साल पहले 7 अक्टूबर को आश्चर्य हुआ था। मुझे लगता है कि जिस तरह इजरायल युद्ध के अंत तक जवाबदेही की मांग करने का इंतज़ार कर रहा है। उसी तरह, मुझे लगता है कि हमें भी मौजूदा संकट को देखना चाहिए और फिर सरकार से जवाबदेही की मांग करनी चाहिए।

थरूर ने आगे कहा कि देश के लोग, जिनमें वे भी शामिल हैं, कभी भी उन विभिन्न आतंकी हमलों के बारे में नहीं जान पाते जिन्हें सफलतापूर्वक विफल कर दिया गया। उन्होंने कहा, हमें केवल उन लोगों के बारे में पता चलता है जिन्हें हम विफल करने में विफल रहे। उन्होंने कहा कि सुरक्षा विफलता पर सरकार से सवाल तब पूछा जाना चाहिए जब भारत पहलगाम हत्याकांड का मुंहतोड़ जवाब दे।

खुद की पार्टी को रास नहीं आया थरूर का बयान

शशि थरूर का बयान उनकी खुद की पार्टी को रास नहीं आया, क्योंकि पार्टी के एक अन्य नेता उदित राज ने उनसे सवाल किया कि क्या वह “सुपर-बीजेपी मैन” बनने की कोशिश कर रहे हैं।समाचार एजेंसी एएनआई से बात करते हुए उदित राज ने कहा, मैं शशि थरूर से यह पूछना चाहता हूं कि वह कांग्रेस पार्टी में हैं या भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) में? क्या वह सुपर-बीजेपी मैन बनने की कोशिश कर रहे हैं?

ऑल पार्टी मीटिंग में झूठ बोलने का आरोप

उदित राज ने ये भी कहा, साल 2013-14 के चुनाव में यह भी कहा गया था कि मोदी जी प्रधानमंत्री बन जाएंगे तो लाहौर तक घुसकर मारेंगे। शशि थरूर को क्या यह नहीं पूछना चाहिए कि क्या घुसकर मारे? उन्हें ये भी पूछना चाहिए कि यूपीए सरकार पीओके नहीं ले पाई तो आप पीओके कब ले रहे हैं। शशि थरूर को यह भी पूछना चाहिए कि जो ऑल पार्टी मीटिंग में झूठ बोला कि बैसरन घाटी दो दिन पहले खुला। टूरिस्ट और वहां के ऑपरेटर ने बताया कि ये पूरे साल तक खुला रहता है।

उदित राज का तीखे सवाल

उदित राज ने सवाल किया, क्या शशि थरूर बीजेपी के वकील बन गए हैं? मुझे तो लगता है कि भारतीय जनता पार्टी वाले भी इतना बड़ा वकील नहीं हो पाएंगे। मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि अमेरिका में 9/11 के बाद कौन सी आतंकी घटना हुई थी? चाइना में कौन सी घटना हो गई? इजरायल एक अपवाद है, यहां कोई अपवाद थोड़े ही है। उरी हुआ, पुलवामा की घटना हुई और इसके अलावा भी गुलमर्ग भी हुआ। राजौरी में हुआ। पहलगाम में हुआ।

क्या बीजेपी ने अपना प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है-उदित राज

कांग्रेस नेता ने आगे कहा, शशि थरूर जी ये तय कर लें कि क्या भारतीय जनता पार्टी ने अपना प्रवक्ता नियुक्त कर दिया है? बीजेपी जो दावा कर रही है, ये उनको नजर नहीं आ रहा है? विपक्ष उचित सवाल पूछ रहा है और जिसे सत्ता पक्ष ने भी माना है कि हमारी सिक्योरिटी लैप्स है तो ये उसपर भी लीपापोती कर रहे हैं। मैं तो बड़ा हैरान हूं।

भारत से डरा पाक तो ड्रैगन की शरण में आया, चीनी राजदूत से मिले विदेश मंत्री इशाक डार

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पहलगाम आतंकी हमले के बाद से पाकिस्तान खौफ में जी रहा है। पहलगाम में 26 लोगों की निर्मम हत्या के बाद पूरा भारत गुस्से में है। जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक के बाद कई बड़े फैसले लिए है। पाकिस्तान इससे बौखलाया हुआ है। वहीं पाकिस्तान भारत की तरफ से किसी बड़ी कार्रवाई का डर भी सता रहा है। इसी बीच पाकिस्तान ड्रैगन की शरण में आया है। चीन के राजदूत जियांग जेडोंग ने आज पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात की।

सदाबहार दोस्त को दी हालात की जानकारी

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने चीन के राजदूत जियांग जेड ने इस्लामाबाद में मुलाकात की है। इस मुलाकात को लेकर पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री ने क्षेत्रीय तनाव की जानकारी चीन को दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के एक्स अकाउंट से जारी बयान में कहा गया है कि "चीन के राजदूत जियांग जेड ने आज उप प्रधानमंत्री/विदेश मंत्री सीनेटर मोहम्मद इशाक डार से मुलाकात की। पाकिस्तान और चीन के बीच हर मौसम में रणनीतिक साझेदारी की पुष्टि करते हुए दोनों पक्षों ने उभरते क्षेत्रीय हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया और नजदीकी कम्युनिकेशन और समन्वय बनाए रखने पर सहमति जताई।

चीन ने की थी आतंकी हमले की निंदा

इससे पहले जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद चीन ने अपनी प्रतिक्रिया में आतंकी हमले की निंदा तो की थी दी है। नई दिल्ली में चीन के राजदूत शू फेइहोंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट में इस बर्बर आतंकी हमले की निंदा की है। लेकिन चीन का यह बयान आतंकी हमले के एक दिन बाद आया था और इससे भी दिलचस्प बात यह थी कि इस पर पाकिस्तान और चीन की प्रतिक्रिया एक साथ आई थी। वहीं अब इस्लामाबाद में चीन और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच मुलाकात हुई है।

क्यों खौफ में पाकिस्तान?

ये मुलाकात ऐसे समय हुई है जब भारत ने पाकिस्तान के लिए सारे दरवाजे बंद कर दिए हैं। भारत ने सिंधु जल समझौते को सस्पेंड कर दिया और फिर देश से सभी पाकिस्तानी नागरिकों को अपने देश वापस जाने का आदेश दिया। इसके साथ ही भारत ने सख्त ऐक्शन लेते हुए अटारी बॉर्डर चेक पोस्ट को भी बंद करने का फैसला लिया है। भारत में पाकिस्तान के दूतावास को भी तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है। भारत के इस ऐक्शन से पाकिस्तान बौखला गया है और बार-बार चेतावनी दे रहा है। तमाम देशों ने पहलगाम हमले के बाद भारत का साथ दिया है। ऐसे में पाकिस्तान अब चीन के पास मदद की गुहार लगाने पहुंचा है।

पाकिस्तान के लिए चीन काफी अहम

भारत के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के लिए चीन बेहद जरूरी खिलाड़ी साबित हो सकता है। हथियार देने से लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी वह पाकिस्तान का पक्ष ले सकता है, क्योंकि चीन के पास संयुक्त राष्ट्र में वीटो पावर है। इसलिए इसकी पाकिस्तान से करीबी भारत के लिए चिंता बढ़ा सकती है।

नहीं सुधरने वाला पाकिस्तान! लंदन में पाक अधिकारी की बेशर्मी, भारतीयों को किया गला काटने का इशारा

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पहलगाम आतंकी हमले के विरोध में पूरे देश में उबाल है। इस आक्रोश का असर विदेशों में भी दिख रहा है। पहलगाम हमले की पूरी दुनिया में निंदा हो रही है, लेकिन इससे अगर किसी को फर्क नहीं पड़ता है तो वो है पाकिस्तान। वैश्विक मंच पर हो रही बेइज्जती के बाद भी पाकिस्तान ने बेशर्मी की हदें पार दी है। शुक्रवार को लंदन में बड़ी संख्या में भारतीय और भारतीय मूल के लोग इकट्ठा हुए और उन्होंने पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पाकिस्तानी उच्चायोग में तैनात पाकिस्तानी सेना के एक अधिकारी ने भारतीयों की तरफ आपत्तिजनक इशारा किया।

पाक अधिकारी की शर्मनाक हरकत

पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी कर्नल तैमूर राहत ने ऐसी शर्मनाक हरकत की कि हर तरफ इसकी आलोचना हो रही है। पाकिस्तानी अधिकारी ने भारतीयों की तरफ गला काटने का इशारा किया। इतना ही नहीं इस दौरान उसने अभिनंदन वर्धमान की चाय के साथ एक तस्वीर भी हाथ में ली हुई थी, जिसे वह बार-बार दिखा रहा था। उसकी इस बेशर्म हरकत को वहां मौजूद किसी शख्स ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। अब यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

भारतीयों के प्रदर्शन के दौरान तेज संगीत बजाया

एक तरफ पहलगाम में मासूम पर्यटकों की निर्मम हत्या से न सिर्फ भारत बल्कि पूरी दुनिया में गम का माहौल है। वहीं लंदन स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग ने बेशर्मी की हद पार करते हुए भारतीयों के प्रदर्शन के दौरान तेज संगीत बजाया। ऐसा लगा कि पाकिस्तानी उच्चायोग पहलगाम हमले का जश्न मना रहा है। कई प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की इस हरकत पर नाराजगी भी जताई। भारतीयों के समर्थन में बड़ी संख्या में यहूदी भी प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि पहलगाम में हुआ हमला वैसा ही है, जैसे इस्राइल पर 7 अक्तूबर 2023 को हमला हुआ था। दोनों जगह निर्दोष नागरिकों को मारा गया।

लंदन में पहलगाम हमले के विरोध में प्रदर्शन

बता दें कि पहलगाम हमले के विरोध में ब्रिटिश हिंदुओं ने शुक्रवार को लंदन में पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर और प्लेकार्ड पकड़े हुए थे और प्रदर्शनकारी नारेबाजी कर रहे थे और पहलगाम पीड़ितों के लिए न्याय की मांग कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने आतंकवाद के खिलाफ नारे लगाए और पाकिस्तान पर आतंकवाद का समर्थन करने का आरोप लगाया।

भारत के एक्शन से तिलमिलाया पाकिस्तान की गीदड़भभकी, शहबाज शरीफ ने कहा- किसी भी हालात से निपटने को तैयार

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पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने पहलगाम हमले में इस्लामाबाद की भूमिका को लेकर भारत के आरोपों का जवाब दिया है। अपनी चुप्पी तोड़ते हुए पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा कि वह पहलगाम आतंकी हमले की "तटस्थ और पारदर्शी जांच" के लिए तैयार हैं। हालांकि शरीफ ये बात भी कहने से नहीं चूके कि उनका देश किसी भी दुस्साहस के लिए तैयार है।

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पहलगाम आतंकी हमले की जांच की अपील

शहबाज शरीफ भारत के आरोपों को नकारते हुए कहा कि ये आरोप बिना किसी विश्वसनीय जांच और साक्ष्य के लगाए गए हैं। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहाउन्होंने कहा कि भारत की तरफ से आरोप लगाने का सिलसिला बंद होना चाहिए और पहलगाम आतंकी हमले की जांच की अपील की।

एक-एक इंच की जमीन की रक्षा करेंगे-शरीफ

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने कहा, हम किसी भी तटस्थ, पारदर्शी जांच में भाग लेने के लिए तैयार है। शांति हमारी प्राथमिकता है। हम अपनी अखंडता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेंगे। शहबाज शरीफ ने जोर देकर कहा कि हमारी सेना किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा हम पाकिस्तान की एक-एक इंच की जमीन की रक्षा करेंगे।

भारत आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद करे-शरीफ

शहबाज शरीफ ने कहा कि भारत आरोप-प्रत्यारोप का खेल बंद करे और इस बात पर जोर दिया का भारत की किसी भी कार्रवाई का सामना पूरी ताकत से किया जाएगा। पाकिस्तान सेना प्रमुख की मौजूदगी में एक कार्यक्रम में बोलते हुए शहबाज ने कहा, 'पाकिस्तान शांति चाहता है, लेकिन उसकी इस इच्छा को कमजोरी न समझा जाए।' उन्होंने कहा कि अगर भारत ने सिंधु नदी का पानी रोका तो पूरी ताकत से जवाब देंगे।

पहलगाम हमले के बाद बढ़े तनाव

पहलगाम हाल के वर्षों में कश्मीर में सबसे घातक आतंकवादी हमलों में से एक का गवाह बना। लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहे जाने वाले सुंदर बैसरन घाटी में 26 पर्यटकों की हत्या कर दी। भारत, जिसने परोक्ष रूप से आतंकवादी हमले के लिए पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया है, ने दंडात्मक उपायों की झड़ी लगा दी और राजनयिक संबंधों को कम कर दिया। सिंधु जल संधि को निलंबित करने के अलावा, भारत ने पाकिस्तानियों को वीजा जारी करना रद्द कर दिया है और वाघा-अटारी सीमा को बंद कर दिया है। पाकिस्तान ने भी जवाबी कार्रवाई की है और भारतीय स्वामित्व वाली और संचालित एयरलाइनों के लिए अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है।

पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान की सरेआम बेइज्जती, संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद ने लगाई फटकार

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संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने पहलगाम के बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। परिषद के सदस्यों ने आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने वाले आयोजकों, आरोपियों और वित्तपोषकों की जवाबदेही तय करने की बात कही है।साथ ही सभी देशों से अपील की कि वह इस मसले पर अपने-अपने स्तर पर सहयोग दें। इस बयान को पाकिस्तान के लिए एक बड़े झटके के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पाकिस्तान आए दिन कश्मीर का राग सुरक्षा परिषद में अलापता रहता है।

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सुरक्षा परिषद ने 25 अप्रैल को एक प्रेस बयान जारी कर पहलगाम हमले की निंदा की, जिसमें कहा गया, सुरक्षा परिषद के सदस्य 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले की सबसे कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें कम से कम 26 लोग मारे गए और कई घायल हुए।

आतंकवादी को बताया घृणित कृत्य

बयान में कहा गया है कि सभी प्रकार के आतंकवाद अंतरराष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए सबसे गंभीर खतरे में से एक हैं। यूएनएससी सदस्यों ने पीड़ितों के परिवारों और भारत और नेपाल की सरकारों के प्रति अपनी गहरी संवेदना और सहानुभूति व्यक्त की और घायलों के शीघ्र और पूर्ण स्वस्थ होने की कामना की। उन्होंने इस ‘घृणित आतंकवादी कृत्य’ के अपराधियों, आयोजकों, फंडिंग करने वालों और स्पॉन्सर्स को न्याय के कटघरे में लाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र की अपील

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने साफ कहा है कि आतंकवाद किसी भी रूप में, कहीं भी, और किसी की ओर से भी किया जाए, वह अपराध है और किसी भी हाल में उचित नहीं ठहराया जा सकता। परिषद ने दोहराया कि इसकी कोई भी वजह या प्रेरणा इसे जायज नहीं बना सकती। यूएनएससी ने सभी देशों से अपील की कि वे आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करें। सुरक्षा परिषद ने जोर दिया कि हर देश को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना चाहिए।

वेटिकन पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पोप को दी श्रद्धांजलि, आज अंतिम संस्कार में होंगी शामिल

#presidentmurmuarrivedtoattendfuneralofpopefrancis

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शुक्रवार को वेटिकन सिटी में पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि दी। राष्ट्रपति के साथ अल्पसंख्यक मंत्री किरेन रिजिजू, राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डि'सूजा भी गए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर राष्ट्रपति के अकाउंट से किए गए एक पोस्ट में बताया गया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वेटिकन सिटी में सेंट पीटर के बेसिलिका में परम पावन पोप फ्रांसिस को श्रद्धांजलि अर्पित की। बता दें कि भारत ने पोप के निधन पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है। मुर्मू वेटिकन सिटी की दो दिनी यात्रा पर हैं।

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88 साल की उम्र में ली आखिरी सांस

पोप का 21 अप्रैल को 88 साल की उम्र में स्ट्रोक और हार्ट फैलियर से निधन हुआ था। अपनी मृत्यु से एक दिन पहले पोप फ्रांसिस ने ईस्टर संडे के लिए मौन आशीर्वाद दिया। उन्होंने एक बयान जारी कर गाजा समेत दुनिया भर में चल रहे संघर्ष पर बात की और शांति की अपील की। उनके पार्थिव शरीर को अंतिम दर्शन के लिए सेंट पीटर्स बेसिलिका में रखा गया था। शुरक्रवार शाम को अंतिम दर्सन के बाद उनके ताबूत को बंद कर दिया गया। पोप का अंतिम संस्कार आज किया जाएगा। अंतिम संस्कार में दुनियाभर के नेता और आम लोग जुटेंगे।

ट्रंप समेत 50 राष्ट्राध्यक्ष अंतिम संस्कार में होंगे शामिल

वेटिकन ने गुरुवार को कहा कि कम से कम 130 विदेशी प्रतिनिधिमंडलों ने पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने की पुष्टि की है, जिसमें 50 राष्ट्राध्यक्ष और 10 राजघराने शामिल हैं। जिन राष्ट्राध्यक्षों और राजघरानों ने अपनी उपस्थिति की पुष्टि की है, उनमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, ब्रिटेन के प्रिंस विलियम, फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, स्पेन के राजा फेलिप VI और रानी लेटिजिया और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डा सिल्वा शामिल हैं।

वेटिकन में नहीं दफनाया जाएगा पोप का शव

पोप फ्रांसिस को वेटिकन में नहीं दफनाया जाएगा। वे एक सदी से भी ज्यादा वक्त में वेटिकन के बाहर दफन होने वाले पहले पोप होंगे। आमतौर पर पोप को वेटिकन सिटी में सेंट पीटर्स बेसिलिका के नीचे गुफाओं में दफनाया जाता है। लेकिन पोप फ्रांसिस को रोम में टाइबर नदी के दूसरी तरफ मौजूद सांता मारिया मैगीगोर बेसिलिका में दफनाया जाएगा।

पोप ने सांता मारिया मैगीगोर बेसिलिका में अपने दफन होने का बात का खुलासा दिसंबर 2023 में किया था। उन्होंने बताया था कि वे मैगीगोर बेसिलिका से खास जुड़ाव महसूस करते हैं। वे यहां वर्जिन मैरी के सम्मान में रविवार की सुबह जाते थे। सांता मारिया मैगीगोर में 7 अन्य पोप को भी दफनाया गया है। पोप लियो XIII आखिरी पोप थे जिन्हें वेटिकन से बाहर दफनाया गया था। उनकी मृत्यु 1903 में हुई थी।

रक्तपात से अभी नहीं भरा पाकिस्तान का मन, बिलावल ने जहर उगला, कहा-सिंधु में या तो पानी बहेगा या खून

#bilawalbhuttoinduswatertreatyallegationon_india

खून-खराबे और हिंसा से पाकिस्तान का मन अभी भरा नहीं है। पहलगाम आतंकी हमले के बाद भी पाकिस्तान की तरफ से बिगड़े बोल बोले जा रहे हैं। भारत ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। इन कदमों में सबसे तगड़ा रहा सिंधु जल समझौते को निलंबित करने का फैसला। इससे पाकिस्तान बुरी तरह बौखला उठा है और उसके नेता गीदड़ भभकियां देने लगे हैं। अब बिलावल भुट्टो का बयान सामने आया है। बिलावल ने सिंधु नदी में भारत के लोगों का खून बहाने की बात कह दी है।

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...तो उसका खून बहेगा-बिलावल

पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो ने कहा है कि सिंधु नदी का पानी पाकिस्तान का है और अगर कोई इसे छीनने की कोशिश करेगा तो उसका खून बहेगा। एक रैली में बिलावल ने कहा, ‘सिंधु दरिया हमारा है और हमारा ही रहेगा। या तो इस नदी से हमारा पानी बहेगा, या फिर उसका खून।

पाकिस्तान की फौज हर हमले का जवाब देने को तैयार-बिलावल

बिलावल युद्ध की गीदड़भभकी देने से भी नहीं चूके। उन्होंने कहा कि भारत सिर्फ इस आधार पर सिंधु के पानी की मिल्कियत नहीं तय कर सकता कि उसकी आबादी ज्यादा है। भुट्टो ने कहा कि हर पाकिस्तानी सिंधु का पैगाम लेकर दुनिया को बताएगा कि दरिया पर डाका मंजूर नहीं। दुश्मन की नजरें हमारे पानी पर हैं। बिलावल भुट्टो ने यह भी कहा कि पाकिस्तान की फौज हर हमले का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि देश के चारों प्रांत एकजुट होकर भारत के हर मंसूबे का करारा जवाब देंगे। बिलावल के मुताबिक, चार प्रांत चार भाइयों जैसे हैं।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मामला उठाएंगे

बिलावल ने भारत की घोषणाओं, खासकर आईडब्ल्यूटी के बारे में, की भी कड़ी निंदा की और कहा कि वे न केवल अवैध हैं बल्कि मानवता के खिलाफ हैं। पूर्व विदेश मंत्री ने कहा, हम आपके साथ खड़े होंगे और न केवल सड़कों पर बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पाकिस्तान का मामला उठाएंगे और भारत के फैसले का मुंहतोड़ जवाब देंगे।