वक्फ बोर्ड कानून पर शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती का बयान, कहा- मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं, सोच-समझकर फैसले लेते हैं

रायपुर- पुरी पीठ के शंकराचार्य निश्चलानंद सरस्वती बीते दो दिनों से रायपुर प्रवास पर हैं. यहां पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत की. उन्होंने वक्फ बोर्ड संशोधन बिल और धर्मांतरण को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सूझबूझ वाले नेता हैं और सोच-समझकर फैसले लेते हैं. मुस्लिम समुदाय को धन और संपत्ति की कमी न हो, इसके लिए उन्हें वक्फ बोर्ड के माध्यम से सुविधाएं दी गई हैं, लेकिन वक्फ बोर्ड की संपत्तियों को सबके लिए बराबर देखा जाए.

वहीं धर्मांतरण पर सख्त रुख अपनाते हुए शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म को सही से समझ लिया जाता, तो धर्मांतरण जैसी समस्या कभी उत्पन्न नहीं होती. उन्होंने कहा कि धर्मांतरण का सीधा अर्थ हिंदू धर्म को समाप्त करना है और यह हिंदुओं की दुर्बलता का परिणाम है.

शंकराचार्य ने छत्तीसगढ़ में धर्मांतरण और राजनीति पर टिप्पणी करते हुए कहा कि राज्य में ऐसे मुख्यमंत्री भी हुए हैं, जिन्होंने हिंदुओं को अल्पसंख्यक बनाने की भावना से अन्य क्षेत्रों के मुसलमानों को बसाने का कार्य किया. उन्होंने राजनीति को सत्ता का लोभ बताते हुए कहा कि आज के कई राजनेताओं को राजनीति की सही परिभाषा तक नहीं मालूम. उन्होंने चुनावी प्रक्रिया को दूषित करार दिया और इसे सुधारने की आवश्यकता जताई.

रायपुर नगर निगम के 9 जोन में अध्यक्षों का चुनाव कल, दोपहर 12 बजे से शुरू होगी प्रक्रिया

रायपुर- नगर निगम रायपुर के 9 जोन में अध्यक्षों का कल यानी 3 अप्रैल को चुनाव होगा. निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में दोपहर 12 बजे से इसके लिए कार्रवाई शुरू होगी. निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन के लिए निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी को नियुक्त किया है. निर्देशन पत्र प्रस्तुत करने के बाद संविक्षा की जाएगी. संविक्षा सही पाए जाने पर अभ्यर्थियों के नाम का प्रकाशन किया जाएगा. इसके बाद अभ्यर्थियों के पास 12:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे. 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान होगा. तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा की जाएगी.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत्त नगर पालिक निगम रायपुर की 10 वार्ड समितियों में से जोन क्रमांक 2 को छोड़कर वार्ड समिति (जोन) अध्यक्ष का निर्वाचन 3 अप्रेल 2025 की समस्त कार्यवाही के लिए नगर निगम आयुक्त विश्वदीप ने निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी अपर आयुक्त द्वय पंकज के. शर्मा और विनोद पांडेय के निर्देशन पर्यवेक्षण में निर्वाचन की कार्यवाही संपन्न करवाने का आदेश जारी किया है. आदेश के अनुसार वार्ड समिति जोन क्रमांक 01 के लिए जोन 01 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 03 के लिए जोन 03 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 04 के लिए जोन 04 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक के लिए जोन 05 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 06 के लिए जोन 06 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 07 के लिए जोन 07 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 08 के लिए जोन 08 आयुक्त, वार्ड समिति जोन क्रमांक 09 के लिए जोन 09 आयुक्त एवं वार्ड समिति जोन क्रमांक 10 के लिए जोन 10 आयुक्त को निर्वाचन सह पीठासीन अधिकारी नियुक्त किया गया है.

वार्ड समिति के अध्यक्ष के निर्वाचन की कार्यवाही नगर पालिक निगम रायपुर महात्मा गांधी सदन मुख्यालय के चतुर्थ तल स्थित सामान्य सभा सभागार में कराया जाना है. आदेशित किया गया है कि निर्वाचन की तारीख समय एवं स्थान की सूचना जोन अंतर्गत आने वाले वार्डो के निर्वाचित पार्षदों को दी जाए. साथ ही सर्वसाधारण की जानकारी के लिए सूचना पटल पर चस्पा किया जाए.

छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 की धारा 48 (क) के अंतर्गत वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के विहित रीति से निर्वाचन के लिए अनुसूची अनुसार निर्वाचन कार्यक्रम के अनुसार दिनांक 3 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजे निगम मुख्यालय के सामान्य सभा सभागार में वार्ड समिति के जोन अध्यक्ष के लिए निर्वाचन की कार्रवाई प्रारंभ की जाएगी. दोपहर 12 बजे से 12: 15 बजे तक नाम निर्देशन पत्र प्रस्तुत किया जाएगा. दोपहर 12:15 बजे से 12:45 बजे तक प्रस्तुत नाम निर्देशन पत्रों की संविक्षा और सही पाए गए नाम निर्देशन अभ्यर्थियों के नाम प्रकाशन होगा. दोपहर 12:45 बजे से 1:00 बजे तक अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे. इसके बाद दोपहर 1 बजे से 1: 30 बजे तक मतदान (यदि आवश्यक हो) तत्काल बाद मतगणना और परिणाम की घोषणा होगी. साथ ही कार्रवाई वृत्त का लेखन किया जाएगा.

शराब घोटाला: कोर्ट ने EOW का आवेदन किया मंजूर, 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर रहेंगे पूर्व आबकारी मंत्री लखमा

रायपुर- छत्तीसगढ़ में 2161 करोड़ के शराब घोटाला मामले में जेल में बंद पूर्व आबकारी मंत्री कवासी लखमा से अब आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) की टीम पूछताछ करेगी। बीते मंगलवार को EOW ने विशेष कोर्ट में लखमा के प्रोडक्शन वारंट की मांग करते हुए आवेदन दायर किया था, जिसे मंजूरी मिल गई। कोर्ट ने लखमा को 7 अप्रैल तक कस्टोडियल रिमांड पर भेजने का आदेश दिया है।

बता दें कि कस्टोडियल रिमांड के दौरान लखमा से शराब घोटाले के विभिन्न पहलुओं पर गहन पूछताछ होगी। सूत्रों के मुताबिक, उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य संदिग्धों को भी जल्द तलब किया जा सकता है। EOW और प्रवर्तन निदेशालय (ED) इस घोटाले की परतें खोलने में जुटे हैं, जिससे कई और बड़े नाम सामने आने की संभावना है। मामले में आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।

इससे पहले कोर्ट ने EOW को 19 और 20 मार्च को पूछताछ करने के इजाजत दी थी, जिसके बाद आशंका जताई जा रही थी की ईओडब्ल्यू कई अन्य लोगों को पूछताछ के लिए तलब कर सकती है।

सचिन पायलट ने की लखमा से मुलाकात

गौरतलब है कि बुधवार यानी 19 मार्च को कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट रायपुर सेंट्रल जेल पहुंचकर कवासी लखमा से मुलाकात की। उनके साथ नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज, विधायक देवेंद्र यादव समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।

छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण को लेकर सांसद बृजमोहन अग्रवाल की प्राथमिकता

रायपुर-  छत्तीसगढ़ में रेलवे में रिक्त पदों पर भर्ती और नए नियुक्त कर्मचारियों के तकनीकी प्रशिक्षण हेतु विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने का महत्वपूर्ण मुद्दा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में उठाया।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेल मंत्री से भारतीय रेलवे, विशेषकर छत्तीसगढ़ में रिक्तियों की वर्तमान स्थिति की जानकारी मांगी। साथ ही, उन्होंने इन रिक्तियों को भरने की समय-सीमा और नए भर्ती कर्मियों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाया।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जवाब देते हुए बताया कि भारतीय रेलवे में भर्ती एक सतत प्रक्रिया है, जिसमें परिचालनिक और तकनीकी आवश्यकताओं के अनुसार योग्य उम्मीदवारों का चयन किया जाता है। उन्होंने बताया कि कोविड-19 प्रतिबंधों में ढील देने के बाद रेलवे ने दो प्रमुख परीक्षाओं का सफलतापूर्वक आयोजन किया, जिसमें 2.37 करोड़ से अधिक अभ्यर्थियों ने भाग लिया और 1,30,581 अभ्यर्थियों की भर्ती की गई।

रेल मंत्री ने बताया कि केंद्र में कांग्रेस के 10 वर्ष के कार्यकाल (2004-2014) में 4.11 लाख भर्तियां हुई थीं, वहीं भाजपा के 10 वर्ष के शासनकाल (2014-2024) में 5.2 लाख भर्तियां हुई हैं।

रेल मंत्रालय ने 2024 से समूह 'ग' पदों की भर्ती के लिए वार्षिक कैलेंडर जारी करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और गति आएगी। रेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि किसी भी राज्य या क्षेत्र के उम्मीदवारों को विशेष प्राथमिकता नहीं दी जाती और न ही भर्ती प्रक्रिया को किसी राज्य तक सीमित किया जाता है।

इसके अलावा, छत्तीसगढ़ में रेलवे कर्मचारियों के प्रशिक्षण को लेकर भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बिलासपुर स्थित क्षेत्रीय रेल प्रशिक्षण संस्थान और रायपुर, मिलाई, बिलासपुर, उसलापुर में संचालित विभिन्न प्रशिक्षण केंद्र रेलवे कर्मचारियों की दक्षता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, तकनीकी कौशल को उन्नत करने के लिए पुनश्चर्या और विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम भी समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं।

सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा, “छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए रेलवे में रोजगार और उनके प्रशिक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। रेलवे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और समयबद्धता आवश्यक है ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उचित अवसर मिल सके। मैं यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयासरत हूं कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को रेलवे में रोजगार के अधिक अवसर मिलें और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण प्राप्त हो।”

छत्तीसगढ़ में रेलवे भर्ती और प्रशिक्षण के लिए आवश्यक संसाधनों को सुदृढ़ करने के प्रयास जारी रहेंगे। इस दिशा में सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने रेलवे मंत्रालय से विशेष ध्यान देने की अपील की है ताकि राज्य के युवाओं को रोजगार और प्रशिक्षण के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जा सकें।

नक्सलियों ने शांति वार्ता के लिए जारी किया पत्र, गृहमंत्री शर्मा बोले – सरकार बातचीत करने तैयार

रायपुर- छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या के समाधान को लेकर सरकार पूरी गंभीरता से प्रयासरत है. उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसी भी प्रकार की सार्थक वार्ता के लिए तैयार है, बशर्ते कि इसके लिए कोई शर्त न हो. उन्होंने कहा कि यदि नक्सली वास्तव में मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं और बातचीत के लिए इच्छुक हैं तो उन्हें अपने प्रतिनिधि और वार्ता की शर्तों को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट करना होगा.

उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि वार्ता का स्वरूप आईएसआईएस जैसी किसी कट्टरपंथी विचारधारा की तर्ज पर नहीं हो सकता. यदि कोई चर्चा करना चाहता है तो उसे भारतीय संविधान की मान्यता स्वीकार करनी होगी. अगर संविधान को नकारते हैं और समानांतर व्यवस्था थोपने की कोशिश करते हैं तो वार्ता का कोई औचित्य नहीं रहता.

सरकार की नीति स्पष्ट – आत्मसमर्पण करें, पुनर्वास पाएं

उपमुख्यमंत्री ने यह भी दोहराया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने अब तक की सबसे बेहतर पुनर्वास नीति लागू की है. जो भी नक्सली आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटना चाहते हैं, उन्हें इस नीति के तहत सुरक्षा, पुनर्वास और रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे. सरकार चाहती है कि जो लोग भटके हुए हैं, वे समाज में वापस आएं और एक व्यवस्थित जीवन जीएं.

संविधान का हर गांव में क्रियान्वयन

उपमुख्यमंत्री ने बताया कि बीते 1 से डेढ़ वर्षों में 40 गांवों में पहली बार तिरंगा फहराया गया है, जहां पहले तक नक्सली कानून थोपने की कोशिश करते थे. उन्होंने कहा कि अब राज्य के सभी गांवों में तिरंगा लहराना और भारतीय संविधान का पालन करना अनिवार्य है. उपमुख्यमंत्री शर्मा ने कहा कि यदि नक्सली वार्ता को लेकर गंभीर हैं तो उन्हें अपनी ओर से वार्ता के लिए समिति बनानी चाहिए. अब यदि वे बातचीत करना चाहते हैं तो उन्हें स्पष्ट प्रस्ताव के साथ आगे आना होगा. शर्मा ने कहा कि सरकार का रुख साफ है, बातचीत के दरवाजे खुले हैं, लेकिन हिंसा और खूनखराबे पर कोई समझौता नहीं होगा. नक्सलियों को हथियार छोड़कर आत्मसमर्पण करना होगा, तभी कोई सार्थक समाधान संभव है.

बता दें कि माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

वक्फ बोर्ड संशोधन बिल लोकसभा में हुआ पेश, मुस्लिम समुदाय में उत्साह, पटाखे फोड़कर जताई खुशी…

रायपुर-  वक्फ संशोधन बिल के लोकसभा में पेश होने पर मुस्लिम समुदाय में काफी उत्साह देखा गया. समुदाय के लोगों ने घड़ी चौक पर आतिशबाजी कर जश्न मनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त किया. लोगों ने पटाखे फोड़कर एक-दूसरे को बधाई दी और कहा कि अल्पसंख्यकों के हित में यह एक बड़ा कदम है, जिसका स्वागत किया जाना चाहिए. साथ ही, उन्होंने विरोध करने वालों को कांग्रेसी मानसिकता का बताया और मोदी जी के समर्थन में नारे लगाए.

बीजेपी प्रवक्ता तौकीर रजा ने जानकारी देते हुए कहा कि सभी इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि कांग्रेस इसका विरोध कर रही है. वे लोग नहीं चाहते कि ऐसा कठोर बिल बने, वे विपरीत माहौल बनाने के लिए इस बिल का विरोध कर रहे हैं. जब यह कानून बनेगा, तब उसकी स्थिति अलग होगी.

जो लोग पहले कानून का मजाक बनाते थे, उनके लिए मोदी जी ने इस बिल के जरिए एक सख्त कदम उठाया है. अतिक्रमण कर जमीनों पर कब्जा जमाने वालों को हटाने की कोशिश प्रधानमंत्री मोदी ने की है, और इसी उद्देश्य से वक्फ का यह बिल लाया गया है. राजस्व मामलों में कलेक्टर से बेहतर कोई नहीं समझ सकता, इसलिए इस बिल में उनकी भूमिका अहम होगी.

महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए दो महिलाओं को समिति में शामिल करने का निर्णय स्वागत योग्य है. इसके अलावा, सच्चर कमेटी की रिपोर्ट को भी इस बिल में शामिल किया गया है. पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के समय सच्चर कमेटी की रिपोर्ट आई थी, लेकिन उन्होंने इसे लागू करने की कोई कोशिश नहीं की. आज पीएम मोदी जो कहते हैं, वह कर के दिखाते हैं. 

हमारा नारा “सबका साथ, सबका विश्वास” इसी भावना को चरितार्थ करता है, और विकास की गाथा लिखने की कोशिश की जा रही है. कांग्रेस ने कभी भी अल्पसंख्यकों की शिक्षा और विकास के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए, लेकिन इस बिल का छत्तीसगढ़ में सभी ने स्वागत किया है.

डॉ. जाऊलकर अस्पताल का ये खेल आया सामने, मिला नोटिस

रायपुर- बड़े शॉपिंग कॉम्पलेक्स में पार्किंग की व्यवस्था पर सख्ती बरतते हुए नगर निगम अब जुर्माने के साथ ही व्यवस्था बहाल करने के लिए काम्पलेक्स मालिक व संचालकों को अल्टीमेटम दे रहा है. इसी अभियान के चलते चौबे कॉलोनी एरिया में स्थित डॉक्टर जाऊलकर द्वारा अपनी बिल्डिंग की पार्किंग में स्प्राउट हॉउस कैफे खोल दिया है. इसे संज्ञान में लेते हुए जोन कमिश्नरी ने एक दिन का अल्टीमेटम देकर उन्हें पार्किंग सुनिश्चित करने कहा है. वहीं समता कालोनी मुख्य मार्ग में 5 दुकानों बीकानेर स्वीट्स, गोली फास्ट फूड, अपना मार्ट, जूसी फैक्ट्री और पोहे वाला को पार्किंग की उचित व्यवस्था नहीं होने के कारण सीलबंद कर दिया गया.

अभी शहर के चारों विधानसभा क्षेत्र में से केवल पश्चिम विधानसभा क्षेत्र में विधायक राजेश मूणत की फटकार के बाद निगम का अमला हरकत में आया. इसी के चलते जोन 7 कमिश्नरी ने समता-चौबे कॉलोनी मेन रोड में सघन अभियान शुरू किया है. इसी प्रकार सुलभ दुग्ध भण्डार को पार्किंग की व्यवस्था अल्टीमेटम दिया और रोड की दूसरी ओर की दुकानों को भी पर्किंग व्यवस्था करने जोन 7 ने नोटिस दिया है. इसी प्रकार सफाई व्यवस्था बहाल करने के लिए कटोरा तालाब में पोहा पॉइंट दुकान को गन्दगी फैलाने पर तत्संबंधित दुकान के संचालक पर 5 हजार रुपए का जुर्माना किया और उन्हें भविष्य के लिए कड़ी चेतावनी दी गई.

भू-माफियाओं ने श्मशान की जमीन पर किया कब्जा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की बुलडोजर कार्रवाई की मांग

बलौदा बाजार- छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार जिले में भू-माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि अब वे श्मशान और चारागाह भूमि पर भी कब्जा करने से नहीं हिचक रहे. मामला भाटापारा विकासखंड के पाटन गांव का है, जहां अतिक्रमणकारियों ने श्मशान भूमि और चारागाह पर अवैध निर्माण कर लिया है. इससे ग्रामीणों को मृतकों के अंतिम संस्कार में परेशानी हो रही है, साथ ही मवेशियों के लिए भी चारागाह की जमीन नहीं बची है.

इस अतिक्रमण को हटाने के लिए 20 मार्च 2025 को ग्राम पंचायत में मुनादी कर आमसभा बुलाई गई थी, जिसमें 10 दिनों के भीतर कब्जा हटाने का निर्णय लिया गया. लेकिन तय समय बीत जाने के बावजूद कब्जा नहीं हटाया गया. जब ग्रामीणों ने खुद कब्जा हटाने की कोशिश की, तो अतिक्रमणकारियों ने गाली-गलौच कर विवाद खड़ा कर दिया.

ग्राम सरपंच टिकेश्वर वर्मा ने बताया कि गांव के ही 7-8 लोगों ने श्मशान और चारागाह की जमीन पर कब्जा कर रखा है. जब इसे हटाने की बात हुई, तो कब्जाधारियों ने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के साथ दुर्व्यवहार किया. इसके बाद ग्रामीणों ने कलेक्टर से मिलकर बुलडोजर कार्रवाई की मांग की.

देखें आवेदन की कॉपी:

गांव के बुजुर्ग टेकराम वर्मा ने चिंता जताते हुए कहा कि श्मशान घाट पर कब्जे के कारण अंतिम संस्कार के लिए जगह नहीं बची है, यहां तक कि मवेशियों को दफनाने की भी जगह खत्म हो गई है. वहीं, युवा योगेश वर्मा ने बताया कि अतिक्रमण के कारण गायों और अन्य मवेशियों के लिए चारागाह खत्म हो चुका है, जिससे ग्रामीणों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है.

ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन जल्द से जल्द इस अवैध कब्जे को हटाकर सार्वजनिक भूमि को संरक्षित करे. अब देखना होगा कि प्रशासन कब तक ग्राम पाटन पहुंचकर अतिक्रमणकारियों पर कार्रवाई करता है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही प्रशासनिक हस्तक्षेप से इस समस्या का समाधान होगा.

नक्सली शांति वार्ता के लिए तैयार हैं तो इस पर विचार करे सरकार – दीपक बैज

रायपुर- नक्सलियों के शांति वार्ता के पत्र पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने सरकार को विचार करने की बात कही है. बैज ने कहा, शांति वार्ता के लिए नक्सलियों की ओर से ठोस निर्णय आया है तो इस पर विचार करनी चाहिए. किस स्थिति पर शांति वार्ता करना चाहते हैं, शांति वार्ता का मकसद क्या है, बस्तर की शांति के लिए क्या बेहतर हो सकता है, इस पर सरकार क्या सोचती है, यह निर्णय सरकार को करनी चाहिए. कहीं ऐसा तो नहीं कि सरकार अपनी वाहवाही लूटने के लिए प्रोपेगेंडा कर रही.

बता दें कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के छत्तीसगढ़ दौरे के ठीक पहले माओवादियों ने पत्र जारी कर संघर्ष विराम और शांति वार्ता का आह्वान किया है. जवानों को भारी पड़ता देख सीपीआई केंद्रीय समिति ने भारत सरकार से ऑपरेशन कागर को रोकने का आग्रह किया है. साथ ही शांति वार्ता के लिए कुछ शर्तें भी रखी हैं. नक्सलियों ने यह पत्र तेलगु भाषा में जारी किया है.

PM के दौरे से पहले ED की रेड, गृहमंत्री के दौरे से पहले FIR आई बाहर: भूपेश बघेल बोले- मेरी राजनीतिक हत्या कराना चाहती हैं सेंट्रल एजेंसियां

रायपुर- छत्तीसगढ़ में महादेव सट्टा ऐप मामले में सियासत तेज हो गई है. CBI ने मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है और उनके निवास पर रेड कार्रवाई की है. इसे लेकर भूपेश बघेल ने आज प्रेस कांफ्रेस आयोजित कर केंद्रीय जांच एजेंसियों और भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा कि सेंट्रल एजेंसियां मेरी राजनैतिक हत्या करना चाहती हैं, शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित करना चाहते हैं.

18 दिसंबर को हुई थी FIR

पूर्व सीएम बघेल ने कहा कि FIR 18 दिसंबर 2024 को हुई लेकिन कल (1 अप्रैल 2025 को) सार्वजनिक हुआ है. FIR ED से लेकर CBI तक इधर उधर हो रही है. भारत सरकार के पास गैम्बलिंग का कोई कानून नहीं है. ऑनलाइन गैम्बलिंग का भी कानून नहीं है. अब सवाल है कि ये लीगल मानती है या इलीगल. अगर लीगल है तो प्रोटेक्शन मनी की कोई बात नहीं है और अगर इलीगल है, तो ऐप अब तक चल क्यों रहा है?

सट्टा ऐप के मालिक शुभम सोनी का नाम FIR में नहीं

उन्होंने कहा कि FIR में सबसे ऊपर नाम रवि उप्पल का नाम है. 6वें नंबर पर भूपेश बघेल, 8वें पर सौरभ चंद्राकर. जिनके नाम से सब संचालन हो रहा शुभम सोनी, उसका नाम ही नहीं है जो खुद को मलिक बताता है , लेकिन मुझे लेकर जो बयान दिया, उसके आधार पर मुझे आरोपी बनाया गया है. 

कथावाचक प्रदीप मिश्रा को लेकर उठाए सवाल

महादेव ऐप में धड़ल्ले से सट्टा चल रहा है, लेकिन अभी कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. विष्णुदेव साय प्रदीप मिश्रा के जजमान बने हैं, उनसे मिल कर आए हैं, लेकिन उनसे (प्रदीप मिश्रा) कोई पूछताछ नहीं हुई. उन्होंने आगे कहा कि हम छत्तीसगढ़ और राष्ट्रीय मुद्दों पर लगातार बात कर रहे हैं, इसलिए ये कार्रवाई कर रहे हैं. जनता का ध्यान भटकाने के लिए ये काम किया जाता है. 

मोगेम्बो खुश हुआ की तर्ज पर कर रहे काम : पूर्व सीएम बघेल

उन्होंने कहा कि जब-जब मोदी जी शाह जी आए, तब-तब CBI-ED का पहले ही एक दौरा हो जाता है. पीएम के आने से पहले ed की रेड पड़ी. अब अमित शाह आ रहे हैं, इतना पुराना FIR पब्लिक डोमेन में कल लाने का क्या औचित्य.? मोगेम्बो खुश हुआ कि तर्ज पर ये काम कर रहे. गिरफ्तार करना है तो कर ले, गिरफ्तार होने का मुझे डर नहीं है. न पहले भागे थे, न अब भाग रहे हैं.

भारत सरकार से पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने पूछा सवाल-

पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भारत सरकार से महादेव सट्टा ऐप से संबंधित कुछ सवाल किए हैं. उन्होंने पूछा है कि ऑनलाइन बेटिंग लीगल है या नहीं ? लीगल है तो, प्रोटेक्शन मनी का कोई मामला ही नहीं बनता, इललीगल है तो अब तक बंद क्यों नहीं हुआ ? बंद नहीं करने का सीधा मतलब है कि मोदी-शाह-विष्णुदेव का महादेव सट्टा को संरक्षण है.

उन्होंने कहा कि असीम दास के पास गाड़ी और पैसे कहां से आए ? बीजेपी नेताओं के साथ इन सभी के फोटो हैं, लेकिन उस ओर जांच क्यों नहीं किया जा रहा है ?

भूपेश बघेल ने कहा कि मुझे पंजाब का प्रभारी बनाया है और CD कांड में CBI की 7 साल के जांच के बाद भी कोर्ट ने चार्जशीट दायर करने के लायक नहीं समझा और मुझे डिस्चार्ज कर दिया. इसलिए बौखला कर ये कार्रवाई की जा रही.