तेज आवाज में बज रहे डीजे से गिरी छत, बच्चे की हुई मौत, घटना पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, राज्य सरकार से मांगा जवाब

बिलासपुर- बिलासपुर के मल्हार में शोभायात्रा के दौरान डीजे की तेज आवाज से बड़ा हादसा हो गया। जबरदस्त शोर के कारण एक मकान का छज्जा गिर गया, जिसमें चार बच्चों समेत 10 लोग घायल हो गए। इलाज के दौरान एक मासूम की मौत हो गई। इस दर्दनाक घटना पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए खुद संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस ने इसे जनहित याचिका मानकर बुधवार को सुनवाई तय की है। कोर्ट ने राज्य सरकार समेत सभी संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।

पहले भी दिए जा चुके हैं सख्त आदेश

गौरतलब है कि हाईकोर्ट पहले भी ध्वनि प्रदूषण और डीजे पर सख्त पाबंदी के आदेश जारी कर चुका है। इसके बावजूद नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए तेज आवाज में डीजे बजाए जा रहे हैं, जिससे कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं।

पुलिस ने दर्ज किया केस, आरोपी फरार

इस मामले में पुलिस ने डीजे संचालक, ड्राइवर और शोभायात्रा के आयोजनकर्ताओं के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। डीजे संचालक और ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन आयोजन समिति के चार नामजद आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है। अब देखने वाली बात होगी कि हाईकोर्ट इस मामले में क्या सख्त कदम उठाता है और क्या शासन-प्रशासन डीजे की मनमानी पर लगाम लगाने में सफल होगा या नहीं।

पूर्व CM बघेल के खिलाफ FIR पर PCC चीफ ने सरकार को घेरा, तो मंत्री जायसवाल ने कहा-

रायपुर- महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम भूपेश बघेल के खिलाफ प्रदेश की सियासत गरमा गई है. सीबीआई की रेड कार्रवाई को लेकर कांग्रेस लगातार भाजपा सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है, तो भाजपा भी कांग्रेस पर लगातार भ्रष्टाचार के आरोप लगा रही है. वहीं स्वास्थ मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने पीसीसी चीफ दीपक बैज के बयान का पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि वहीं इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने पलटवार करते हुए कहा कि कितना भी ताकतवर व्यक्ति हो, कानून से बड़ा कोई नहीं है.

मंत्री जायसवाल ने आगे कहा कि सरकार सभी प्रकार के घोटाले की मॉनिटरिंग कर रही है. पावर का दुरुपयोग करके ऐसा काम करेगा, तो कार्रवाई सुनिश्चित है. कांग्रेस को खुश होना चाहिए कि जो भी गलत काम हुए है उन पर अब कार्रवाई हो रही है और उन्हें जांच में सहयोग करना चाहिए.

क्या कहा पीसीसी चीफ ने ?

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर CBI के FIR को लेकर पीसीसी चीफ दीपक बैज ने कहा था कि CBI रेड के बाद 21 से अधिक लोगों पर FIR किया गया. केंद्रीय एजेंसियों के जरिए ये हमें डराना चाहते हैं. उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य सरगना सौरभ चंद्राकर का नाम 8वे नंबर पर लेकिन भूपेश बघेल का 6वें नंबर पर है. सरकार ने ऐसा करके मुख्य अभियुक्तियों को बचाने के लिए कार्य करने की मंशा स्पष्ट कर चुकी है. 

महादेव सट्टा ऐप बंद न होने पर उठाया सवाल

पीसीसी चीफ बैज ने सरकार पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि सरकार क्यों महादेव सट्टा बंद नहीं कर रही है? मंत्री से लेकर नेता के जेब महादेव सट्टा से भर रहा है. इसलिए कार्रवाई नहीं कर रहे.

बता दें, CBI ने महादेव सट्टा ऐप मामले में पूर्व सीएम बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं.

क्या है महादेव सट्टा ऐप मामला?

महादेव सट्टा ऐप सट्टे के लिए बनाया गया है. इस पर यूजर पोकर, कार्ड गेम, चांस गेम नाम के लाइव गेम खेलते हैं. ऐप के जरिए क्रिकेट, बैडमिंटन, टेनिस, फुटबॉल और चुनाव जैसे खेलों में भी अवैध सट्टा लगाया जाता है. अवैध सट्टे के नेटवर्क के जरिए ऐप का जाल तेजी से फैला. सबसे ज्यादा खाते छत्तीसगढ़ में खोले गए.

इस मामले की शुरुआत में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. बाद में राज्य सरकार ने इस केस को CBI को सौंप दिया, ताकि जांच को व्यापक स्तर पर किया जा सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके. CBI ने इस मामले में कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर पूर्व सीएम के निवास समेत विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.

आय से अधिक संपत्ति का मामला : पंचायत विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर को नहीं मिली राहत, हाईकोर्ट ने खारिज की याचिका

बिलासपुर-  पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के निलंबित ज्वॉइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। उन्होंने एसीबी की ओर से दर्ज आय से अधिक संपत्ति के केस को निरस्त करने के लिए याचिका लगाई थी। मामले की सुनवाई के दौरान एसीबी ने बताया कि सेवाकाल के दौरान अफसर की कुल आय 68 लाख रुपए थी, जबकि उनसे 31 करोड़ की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज और सबूत मिले हैं।

पंचायत एवं ग्रामीण विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर अशोक चतुर्वेदी के खिलाफ एसीबी ने आय से अधिक संपत्ति का केस दर्ज किया है। इससे पहले एसीबी ने उनकी संपत्ति की जांच की थी, जिसके बाद उनके ठिकानों में छापेमारी भी की थी। जांच के बाद 28 अगस्त 2023 को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(बी) और 13(2) के तहत अंतिम रिपोर्ट दाखिल की। यह मामला विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट), रायपुर की अदालत में ट्रायल पर है। आरोपी अफसर के खिलाफ साक्ष्य मिलने पर राज्य शासन ने उसे सस्पेंड कर दिया है। साथ ही एसीबी की टीम उसकी तलाश भी कर रही थी। इस बीच आरोपी अफसर ने हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें अपने खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले को निरस्त करने की मांग की थी। इस मामले में हाईकोर्ट ने नोटिस जारी कर जवाब मांगा था।


बदले की भावना से दर्ज किया केस : याचिकाकर्ता

याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उनका रिकॉर्ड साफ है। वह जांच का सामना करने को तैयार है। आरोप लगाया कि राज्य सरकार ने राजनीतिक दुर्भावना के चलते कार्रवाई की थी। पत्नी को एफआईआर में आरोपी नहीं बनाया गया था, लेकिन अंतिम रिपोर्ट में शामिल किया गया है। यह भी कहा गया कि बिना वैध पूर्व स्वीकृति के रिपोर्ट दाखिल की गई, जो कानून के खिलाफ है। मामले की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता के खिलाफ आरोप गंभीर है। आरोप पत्र दाखिल हो चुका है। जांच को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाना जरूरी है। इस आधार पर हाईकोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।

पेयजल की समस्या दूर करने बनाई गई कंट्रोल रूम, इन नंबरों पर कर सकते हैं शिकायत…

रायपुर-  गर्मी के दिनों मैदानी स्तर पर पेयजल की समस्याओं के त्वरित निराकरण और जिले में पेयजल की सुचारू व्यवस्था बनाए रखने जिला स्तर और उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम का गठन किया गया है. आमजनों के लिए विभागीय टोल फ्री नं. 1800-233-0008 एवं कार्यालय के कंट्रोल रूम का फोन नं. 07771-2582223 जारी किया गया है। इन नंबरों में पेयजल की समस्या, हैंडपंप बिगड़ने की सूचना दर्ज करा सकते हैं।

जिला स्तर और उपखंड स्तर पर दल का गठन किया गया है, जिसमें लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी खंड रायपुर के कंट्रोल रूम कार्यालय के प्रभारी अधिकारी आलोक जाधव, मानचित्रकार (सिविल) हैं। इसी तरह विकासखंड धरसीवा/तिल्दा की प्रभारी सहायक अभियंता रूक्मिणी सिंह, विकासखंड तिल्दा के प्रभारी उप-अभियंता अविनाश एक्का एवं ज्योति गुप्ता, विकासखंड धरसीवा के प्रभारी उप-अभियंता मिलनदास घृतलहरे एवं ज्योति गुप्ता हैं.

इसी तरह लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी भू-जल संवर्धन उपखंड, रायपुर के अंतर्गत विकासखंड अभनपुर-आरंग के प्रभारी दीपक कोहली, सहायक अभियंता को बनाया गया है। विकासखंड अभनपुर की प्रभारी सरिता महेश कुमार, उप-अभियंता, भानुजा सिंह एवं उपासना सुखदेवे है. विकासखंड आरंग की प्रभारी रानू दिनकर, उप-अभियंता एवं शुभ्रा बघेल उप-अभियंता को बनाया गया है।

बोर खनन पर लगी रोक, कलेक्टर ने जारी किया आदेश

रायपुर-  गर्मी के दिनों में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में मंगलवार को कलेक्टर रायपुर, डॉ. गौरव सिंह ने बोर खनन पर पूर्णतः रोक लगाने का आदेश जारी किया है. जारी आदेश के अनुसार 15 जुलाई 2025 तक या मानसून के आगमन तक (दोनों तिथि में से जो बाद में आए) जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया गया है।

कलेक्टर ने कहा, छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के अंतर्गत रायपुर जिले में इस अवधि के दौरान समक्ष अधिकारी की पूर्वानुमति की बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिये खनन नहीं किया जा सकेगा. केंद्रीय भूजल बोर्ड के रिपोर्ट के अनुसार रायपुर जिले के विकासखंड (धरसींवा) भूजल के उपयोग के विषय पर क्रिटिकल जोन में आ चुका है.

जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए नलकूप खनन के लिए अनुमति प्रदान करने के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्ति किया जाता है, जिनमें एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा शामिल हैं. सभी अधिकारी संबंधित क्षेत्र में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी/नगरीय निकाय/तहसील से रिपोर्ट प्राप्त कर नियमानुसार अनुमति प्रदान करेंगे.

महादेव सट्टा ऐप मामले में भूपेश बघेल के खिलाफ FIR दर्ज

रायपुर-  केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने महादेव बेटिंग एप मामले में छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी बनाया है. इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें भूपेश बघेल छठवें आरोपी के रूप में नामित हैं. कुल 21 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिनमें महादेव एप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल भी शामिल हैं.

पहले से ही चल रही थी जांच

CBI की एफआईआर में रवि उप्पल, सौरभ चंद्राकर, असीम दास, सतीश चंद्राकर, चंद्रभूषण वर्मा और भीम सिंह को भी आरोपी बनाया गया है. एफआईआर में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को आरोपी नंबर 6 के रूप में नामित किया गया है. संभावना जताई जा रही है कि CBI जल्द ही उनसे पूछताछ कर सकती है.

राजनीतिक हलचल तेज

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर आरोप है कि उन्होंने महादेव बेटिंग एप के प्रमोटरों से करीबी संबंध रखे और उन्हें संरक्षण दिया. CBI इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है. इस मामले के सामने आने के बाद छत्तीसगढ़ की राजनीति में हलचल मच गई है, और विपक्ष ने निष्पक्ष जांच की मांग की है.

ईओडब्ल्यू से CBI को सौंपी गई जांच

इस मामले की शुरुआत में आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज की थी. बाद में राज्य सरकार ने इस केस को CBI को सौंप दिया, ताकि जांच को व्यापक स्तर पर किया जा सके और इसमें शामिल वरिष्ठ अधिकारियों और अन्य आरोपियों की भूमिका स्पष्ट हो सके.

CBI की छापेमारी और बरामदगी

CBI ने इस मामले में विभिन्न ठिकानों पर छापेमारी की, जिसमें बड़ी मात्रा में डिजिटल और दस्तावेजी साक्ष्य मिले हैं. जब्त किए गए दस्तावेजों में वित्तीय लेन-देन से जुड़े अहम रिकॉर्ड शामिल हैं. CBI की जांच अभी जारी है, और आने वाले दिनों में नए खुलासे होने की संभावना है.

इन लोगों के नाम शामिल:

1. भूपेश बघेल

2. सौरभ चंद्राकर

3. रवि उप्पल

4. असीम दास

5. सतीश चंद्राकर

6. चंद्रभूषण वर्मा

7. भीम सिंह

8. नीतिश दीवान

9. अनिल कुमार अग्रवाल उर्फअतुल अग्रवाल

10. विकास छापरिया

11. रोहित गुलाटी

12. विशाल आहुजा

13. धीरज आहुजा

14. अनिल दम्मानी

15. सुनील दम्मानी

16. यादव

17. हरीशंकर तिबरवाल

18. सुरेंद्र बागड़ी

19. सूरज चोखानी

20. शुभम सोनी।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में नियद नेल्ला नार योजना से पुसकोंटा को मिली विकास की सौगात : छत्तीसगढ़ के दूरस्थ अंचल में आई रोशनी की नई किरण

रायपुर-  घना जंगल, टेढ़े-मेढ़े रास्ते, और सूरज ढलते ही छा जाने वाला घना अंधेरा – कुछ समय पहले तक बीजापुर जिले के हीरापुर ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पुसकोंटा की यही पहचान थी। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में संचालित "नियद नेल्लानार योजना" ने वह कर दिखाया, जो लंबे समय से सिर्फ एक सपना था। गांव के प्रत्येक घर में जब पहली बार बल्ब जला, तो वह एक नए जीवन की शुरुआत थी।

पुसकोंटा के ग्रामीण देवा कुंजाम, भीमा माड़वी, नागू पोट्टाम और जमुना मिच्चा की आँखों में यह चमक साफ़ देखी जा सकती है, जो उम्मीद और विश्वास की होती है।

देवा कुंजाम बताते हैं, “पहले अंधेरा ऐसा होता था कि जंगली जानवरों का डर हर समय बना रहता था। लेकिन अब गांव में रोशनी है, और साथ ही सुरक्षा का भी एहसास।"

पीने का पानी अब घर के द्वार पर

गृहिणी जमुना मिच्छा कहती हैं, “जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल होने से अब हमें पानी के लिए हैण्डपंप तक नहीं जाना पड़ता। पहले बच्चों को अकेला छोड़कर पानी लाने जाना पड़ता था, अब घर में ही पानी है, तो बच्चों का भी ठीक से ध्यान रख पाती हूं।”

सपनों को पंख देने वाला प्रशासन

भीमा माड़वी के लिए तो यह बदलाव कुछ और ही मायने रखता है। वे पहली बार रायपुर देखने गए – एक ऐसा अनुभव जो पहले कभी कल्पना में भी नहीं था। वे कहते हैं, “मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल के कारण आज पुसकोंटा जैसे दूरदराज गांव के ग्रामीण भी राजधानी के विकास कार्यों को देख पा रहे हैं।”

बिजली, पानी, सड़क, मोबाइल टावर, स्कूल, आंगनबाड़ी – एक समग्र बदलाव

नियद नेल्लानार योजना सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि एक विजन है – वह विजन जो हर गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ता है। अब पुसकोंटा जैसे गांवों में न सिर्फ रोशनी आई है, बल्कि संभावनाओं की नई सुबह भी हुई है। प्रधानमंत्री आवास, शौचालय, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सुविधाएं अब यहां दस्तक दे रही हैं। ये बदलाव सिर्फ सुविधा का नहीं, बल्कि सम्मान और आत्मनिर्भरता का है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह स्पष्ट हो चुका है कि कोई भी गांव अब ‘दूर’ नहीं है, और कोई भी सपना अब ‘असंभव’ नहीं है।

भारत निर्वाचन आयोग का राजनीतिक दलों के साथ सबसे बड़ा सहभागिता अभियान

नई दिल्ली-  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश भर में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ अनेक संरचनाबद्ध सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 25 दिनों की अवधि में और 31 मार्च 2025 तक, कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गई, जिनमें सीईओ द्वारा 40, डीईओ द्वारा 800 और ईआरओ द्वारा 3,879 बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें देश-भर से राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

ये बैठकें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी द्वारा 4-5 मार्च, 2025 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान जारी निदेशों के अनुसरण में आयोजित की गईं।

इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित सक्षम प्राधिकारी यानी ईआरओ या डीईओ या सीईओ द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में निर्धारित कानूनी ढांचे और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों के भीतर समाधान करना है। सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के सीईओ से आगे और मूल्यांकन किए जाने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है और मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कोई भी मुद्दा यदि अनसुलझा रह जाता है, तो आयोग द्वारा उस पर विचार किया जाएगा।

राजनीतिक दलों द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में आयोजित इन बैठकों में सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता करके इनका स्वागत किया गया है। देश-भर से प्राप्त इन बैठकों की तस्वीरें आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देखी जा सकती हैं: https://x.com/ECISVEEP?refsrc=twsrc%5E.google%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor

पोटाकेबिन के छात्र की मौत, कांग्रेस ने 5 सदस्यीय जांच समिति का किया गठन

रायपुर-  बीजापुर के दुगाईगुड़ा स्थित बालक रेसिडेंशियल स्कूल के एक छात्र की मौत हो गई. छात्र नीतीश ध्रुव ग्राम जिनिप्पा का निवासी था. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति का गठन किया है. इस कमेटी में पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम को संयोजक बनाया गया है.


कांग्रेस ने 5 सदस्य कमेटी का किया गठन

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पोटाकैबिन के छात्र की मौत मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की. पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम को कमेटी का संयोजक बनाया गया है. वहीं जनपद पंचायत के तीन सदस्य और ब्लॉक-सीसी के अध्यक्ष कमेटी में शामिल है.

यह कमेटी पोटाकेबिन तीसरी कक्षा में अध्ययनरत नीतीश ध्रुव की आकस्मिक मौत की जांच करेगी. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष दीपक बैज को जांच रिपोर्ट सौंपेगी.

पंडरी के कपड़ा शोरूम में लाखों की चोरी, दो दिन बैंक बंद होने से दुकान में ही था कैश, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर- राजधानी के व्यस्ततम पंडरी इलाके के श्री शिवम कपड़ा शोरूम में लाखों रुपए की चोरी से व्यापारियों में दहशत का माहौल है. पुलिस ने मामला दर्ज कर अलग-अलग टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

शोरूम के मालिक ने पुलिस बताया कि रविवार और सोमवार को बैंक बंद होने के कारण कैश दुकान में ही था. मंगलवार को कैश का मिलान हुआ, तब तकरीबन 20 लाख रुपए कम निकले. उन्होंने चोरी की आशंका जताई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दुकान में दो दर्जन कैमरे हैं, लेकिन किसी में रात का फुटेज नहीं मिला है. पुलिस अफसरों ने शोरूम मालिक से पूछा तो उन्होंने बताया कि रात में भीतर के कैमरे बंद कर दिए जाते हैं. इस बात से पुलिस अफसर भी हैरान हैं. काउंटर में लाखों रुपए कम हैं, लेकिन रात का फुटेज नहीं है और दिन में कैमरों में ऐसी किसी गतिविधि का पता नहीं चला है, जिससे इतनी बड़ी चोरी का सुराग मिल पाए. पुलिस को आशंका है कि चोरी रात में हुई होगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

श्रीशिवम कपड़ा शोरूम में इतनी बड़ी चोरी की शहर के कारोबारी जगत में काफी चर्चा है. पुलिस का कहना है कि शोरूम भीड़भाड़ इलाके में है. ट्रैफिक रातभर चलता है, गार्ड भी रहते हैं, इसलिए म्मीद है कि चोरी का कोई न कोई सुराग जल्द मिल जाएगा और आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे.