भारत निर्वाचन आयोग का राजनीतिक दलों के साथ सबसे बड़ा सहभागिता अभियान

नई दिल्ली-  भारत निर्वाचन आयोग द्वारा देश भर में निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी (ईआरओ), जिला निर्वाचन अधिकारी (डीईओ) और मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ अनेक संरचनाबद्ध सहभागिता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। 25 दिनों की अवधि में और 31 मार्च 2025 तक, कुल 4,719 बैठकें आयोजित की गई, जिनमें सीईओ द्वारा 40, डीईओ द्वारा 800 और ईआरओ द्वारा 3,879 बैठकों का आयोजन किया गया। इनमें देश-भर से राजनीतिक दलों के 28,000 से अधिक प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

ये बैठकें मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधु और निर्वाचन आयुक्त डॉ. विवेक जोशी द्वारा 4-5 मार्च, 2025 को आईआईआईडीईएम, नई दिल्ली में आयोजित मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के सम्मेलन के दौरान जारी निदेशों के अनुसरण में आयोजित की गईं।

इन बैठकों का उद्देश्य संबंधित सक्षम प्राधिकारी यानी ईआरओ या डीईओ या सीईओ द्वारा किसी भी लंबित मुद्दे का लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और 1951: निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण नियम, 1960, निर्वाचनों का संचालन नियम, 1961 में निर्धारित कानूनी ढांचे और आयोग द्वारा समय-समय पर जारी मैनुअल, दिशा-निर्देशों और अनुदेशों के भीतर समाधान करना है। सभी राज्यों/संघ राज्य-क्षेत्रों के सीईओ से आगे और मूल्यांकन किए जाने के लिए की गई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी गई है और मौजूदा कानूनी ढांचे के भीतर कोई भी मुद्दा यदि अनसुलझा रह जाता है, तो आयोग द्वारा उस पर विचार किया जाएगा।

राजनीतिक दलों द्वारा विधान सभा निर्वाचन क्षेत्रों, जिलों और राज्यों/ संघ राज्य क्षेत्रों में आयोजित इन बैठकों में सक्रिय और उत्साहपूर्ण सहभागिता करके इनका स्वागत किया गया है। देश-भर से प्राप्त इन बैठकों की तस्वीरें आयोग के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर देखी जा सकती हैं: https://x.com/ECISVEEP?refsrc=twsrc%5E.google%7Ctwcamp%5Eserp%7Ctwgr%5Eauthor

पोटाकेबिन के छात्र की मौत, कांग्रेस ने 5 सदस्यीय जांच समिति का किया गठन

रायपुर-  बीजापुर के दुगाईगुड़ा स्थित बालक रेसिडेंशियल स्कूल के एक छात्र की मौत हो गई. छात्र नीतीश ध्रुव ग्राम जिनिप्पा का निवासी था. छत्तीसगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष दीपक बैज ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच समिति का गठन किया है. इस कमेटी में पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम को संयोजक बनाया गया है.


कांग्रेस ने 5 सदस्य कमेटी का किया गठन

पीसीसी चीफ दीपक बैज ने पोटाकैबिन के छात्र की मौत मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय कमेटी गठित की. पूर्व पंचायत उपाध्यक्ष कमलेश कारम को कमेटी का संयोजक बनाया गया है. वहीं जनपद पंचायत के तीन सदस्य और ब्लॉक-सीसी के अध्यक्ष कमेटी में शामिल है.

यह कमेटी पोटाकेबिन तीसरी कक्षा में अध्ययनरत नीतीश ध्रुव की आकस्मिक मौत की जांच करेगी. इसके बाद प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष दीपक बैज को जांच रिपोर्ट सौंपेगी.

पंडरी के कपड़ा शोरूम में लाखों की चोरी, दो दिन बैंक बंद होने से दुकान में ही था कैश, जांच में जुटी पुलिस

रायपुर- राजधानी के व्यस्ततम पंडरी इलाके के श्री शिवम कपड़ा शोरूम में लाखों रुपए की चोरी से व्यापारियों में दहशत का माहौल है. पुलिस ने मामला दर्ज कर अलग-अलग टीम बनाकर मामले की जांच शुरू कर दी है.

शोरूम के मालिक ने पुलिस बताया कि रविवार और सोमवार को बैंक बंद होने के कारण कैश दुकान में ही था. मंगलवार को कैश का मिलान हुआ, तब तकरीबन 20 लाख रुपए कम निकले. उन्होंने चोरी की आशंका जताई है. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

दुकान में दो दर्जन कैमरे हैं, लेकिन किसी में रात का फुटेज नहीं मिला है. पुलिस अफसरों ने शोरूम मालिक से पूछा तो उन्होंने बताया कि रात में भीतर के कैमरे बंद कर दिए जाते हैं. इस बात से पुलिस अफसर भी हैरान हैं. काउंटर में लाखों रुपए कम हैं, लेकिन रात का फुटेज नहीं है और दिन में कैमरों में ऐसी किसी गतिविधि का पता नहीं चला है, जिससे इतनी बड़ी चोरी का सुराग मिल पाए. पुलिस को आशंका है कि चोरी रात में हुई होगी. पुलिस मामले की जांच कर रही है.

श्रीशिवम कपड़ा शोरूम में इतनी बड़ी चोरी की शहर के कारोबारी जगत में काफी चर्चा है. पुलिस का कहना है कि शोरूम भीड़भाड़ इलाके में है. ट्रैफिक रातभर चलता है, गार्ड भी रहते हैं, इसलिए म्मीद है कि चोरी का कोई न कोई सुराग जल्द मिल जाएगा और आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे.

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर जनहित में हो रहा डीएमएफ राशि का प्रभावी उपयोग

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के स्पष्ट निर्देश हैं कि शासन की प्रत्येक योजना का लाभ राज्य की जनता तक पहुँचे और सभी संसाधनों का उपयोग जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए किया जाए। मुख्यमंत्री की इस जनकेंद्रित सोच के अनुरूप अब डीएमएफ (जिला खनिज संस्थान न्यास) की राशि का जनहित में लोगों को गुणवत्तायुक्त स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में उपयोग प्रारंभ हो गया है।

इसी क्रम में दंतेवाड़ा जिले की डीएमएफ शासी परिषद की बैठक में गीदम में नवीन शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय भवन निर्माण कार्य हेतु ₹299 करोड़ 85 लाख की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। यह स्वीकृति क्षेत्रीय स्वास्थ्य ढांचे को सशक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस महत्वपूर्ण परियोजना के क्रियान्वयन के लिए लोक स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कॉर्पोरेशन) को कार्य एजेंसी नियुक्त किया गया है। सीजीएमएससी नियमानुसार राज्य शासन एवं पीडब्ल्यूडी मैनुअल के प्रावधानों के तहत निविदा प्रक्रिया, कार्यादेश और निर्धारित समय सीमा का पालन सुनिश्चित करेगी।

मुख्यमंत्री श्री साय के नेतृत्व में यह पहल न सिर्फ गीदम और दंतेवाड़ा क्षेत्र के लोगों को अपने निवास के समीप उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सुविधाएँ उपलब्ध कराएगी, बल्कि यह संपूर्ण बस्तर अंचल के स्वास्थ्य सेवा तंत्र को भी एक नई दिशा देगी।

यह निर्णय मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जनकेंद्रित सरकार की उस अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है, जिसमें विकास, विश्वास और पारदर्शिता को समान रूप से महत्व देते हुए राज्य के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का संकल्प झलकता है।

नक्सल प्रभावित जिलों में निर्माण कार्यों के लिए "जिला निर्माण समिति" का गठन – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का बड़ा निर्णय

रायपुर-  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य शासन ने एक निर्णायक कदम उठाते हुए नक्सल प्रभावित सुकमा, बीजापुर एवं नारायणपुर जिलों में निर्माण कार्यों की पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने हेतु "जिला निर्माण समिति" के गठन की स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट कहा है कि भ्रष्टाचार को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में जनता के पैसे से चलने वाले कार्यों में गुणवत्ता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। इसी तारतम्य में सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जिला निर्माण समिति के गठन के सम्बन्ध में आदेश जारी किया गया है। यह समिति निर्माण कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन, निगरानी और मूल्यांकन के लिए गठित की गई है। समिति के अध्यक्ष जिला कलेक्टर रहेंगे। जिले के पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत, डीएफओ, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री, जिला कोषालय अधिकारी एवं संबंधित कार्य के जिला प्रमुख अधिकारी समिति के सदस्य रहेंगे।

जिला निर्माण समिति का कार्य क्षेत्र संपूर्ण राजस्व जिला होगा।

कार्यों की प्रशासकीय स्वीकृति वर्तमान नियमों के तहत् सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी की जाएगी। जिला निर्माण समिति के माध्यम से किए जाने वाले कार्यों का निर्धारण जिला कलेक्टर द्वारा किया जायेगा। जिन कार्यों को 3 बार ऑनलाईन निविदा आमंत्रित करने के बाद भी, इच्छुक ठेकेदार उपलब्ध नहीं होने के कारण पूरा कराया जाना संभव न हो, ऐसे अत्यावश्यक तथा अपरिहार्य निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति के माध्यम से कराया जायेगा। जिले के जो ब्लॉक गहन रूप से नक्सल प्रभावित नहीं है उनमें जिला निर्माण समिति के माध्यम से यथासंभव कार्य नहीं कराया जाने के निर्देश हैं। स्थानीय निधि जैसे की डीएमएफ/सीएसआर इत्यादि मद से कराए जाने वाले कार्यों में भी सर्वप्रथम कार्य एजेंसी जैसे की पीडब्लूडी/ आरईएस/पीएमजीएसवाई इत्यादि को ही क्रियान्वयन एजेंसी नियुक्त किया चाहिए ना की जिला निर्माण एजेंसी को। इन एजेंसी के द्वारा अगर कार्य निष्पादन नहीं हो पाता है, लगातार 3 बार निविदा में कोई भाग नहीं लेता है तब वैसी परिस्थिति में ही कार्य स्थानीय निधि से जो कराए जाने है, में जिला निर्माण एजेंसी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया जा सकता है।

समिति के माध्यम से रूपये 10.00 करोड़ तक का कार्य कराया जा सकेगा। अपरिहार्य तथा अत्यावश्यक निर्माण कार्यों को जिला निर्माण समिति से कराये जाने के संबंध में ई-टेण्डर द्वारा निविदा आमंत्रित की जायेगी। जिला निर्माण समिति द्वारा एक कार्य को निर्माण की सुविधा की दृष्टि से दो अथवा दो से अधिक भागों में विभाजित किया जा सकेगा, जैसे-पुल-पुलियों के कार्य सहित सड़क निर्माण का कार्य स्वीकृत हो, तो सड़क कार्य के लिये अलग ठेकेदार तथा पुल-पुलियों के लिये अलग-ठेकेदार नियुक्त करने की छूट होगी। सड़क की लंबाई अधिक होने अथवा पुल-पुलियों की संख्या अधिक होने की स्थिति में सड़क को दो अथवा दो से अधिक भागों में बांटने तथा अलग-अलग पुल-पुलियों के लिये भी अलग-अलग एजेंसी नियुक्त करने की छूट होगी, किन्तु एक कार्य को छोटे-छोटे टुकडों में विभाजित करते समय समिति द्वारा इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि समग्र रूप से कार्य की गुणवत्ता एक जैसी रहे तथा अलग-अलग टुकड़ों में कराए गए कार्यों के लागत मूल्य में समानता रहे। यदि कार्य को अलग अलग-अलग टुकड़ों में कराया जाता है तो यह ध्यान रखा जाए कि विगत तीन वर्षों में जिले में विभिन्न विभागों के द्वारा कराए गए समान प्रवृत्ति के कार्य के दर से अधिक नहीं हो।

कार्यों का निरीक्षण, पर्यवेक्षण तथा मूल्यांकन का कार्य लोक निर्माण विभाग या कलेक्टर द्वारा निर्धारित किसी सक्षम तकनीकी अधिकारी के द्वारा किया जायेगा।

पारदर्शिता को मिलेगा संस्थागत ढाँचा: दरों की समुचितता और प्रतिस्पर्धात्मकता की जाएगी सुनिश्चित

निविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं को स्वीकार करने से पहले दरों की उचितता के बारे में खुद को संतुष्ट करेगा। दरों की उचितता का आंकलन मुख्य रूप से उचित दरों के आधार पर किया जाएगा, निविदा स्वीकार करने वाला प्राधिकारी निविदाओं पर निर्णय लेते समय पिछले तीन महीनों की अवधि के भीतर बुलाए गए कार्यों की समान प्रकृति की निविदाओं की दरों का उल्लेख कर सकता है। समान कार्यों का अर्थ है प्रकृति, मात्रा, विनिर्देशों और स्थान में समान कार्य, जो बहुत करीब है। दरों की उचितता की जांच के लिए औचित्य कथन तैयार किया जाएगा। इस विधि में श्रम, सामग्री, माल ढुलाई आदि की बाजार दरों को ध्यान में रखते हुए दरों का विस्तृत विश्लेषण तैयार करना शामिल है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाएगी, बल्कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में विकास को गति देने के साथ-साथ भ्रष्टाचार पर कठोर प्रहार भी करेगी।

राज्य शासन के विकास, विश्वास और पारदर्शिता के मूल सिद्धांतों को सशक्त करने की दिशा में मुख्यमंत्री श्री साय की यह रणनीति एक निर्णायक कदम है।

पुलिस कस्टडी में युवक की मौत पर भूपेश बघेल ने उठाए सवाल, CM साय से की उच्च स्तरीय जांच की मांग

रायपुर- धमतरी में पुलिस रिमांड में युवक की मौत के मामले पर अब सियासत तेज हो गई है. पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाया है. उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है.

भूपेश बघेल ने की उच्च स्तरीय जांच की मांग

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने एक्स पर पोस्ट में लिखा कि धमतरी उबल रहा है. पुलिस कस्टडी में एक व्यक्ति के मौत की खबर आ रही है. मृतक की पत्नी का कहना है कि उनके पति को पुलिस ने गिरफ़्तार किया लेकिन जानकारी भी नहीं दी गई. उनका आरोप है कि उनके पति को सांकल से पीटा गया, जिससे उनकी मौत हो गई.मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अनुरोध है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच हो. वे सुनिश्चित करें कि गृहमंत्री कवर्धा की घटना की तरह लीपापोती न करने लगें.

बता दें कि राजनांदगांव के भंवरमरा का निवासी दुर्गेश कठोलिया के खिलाफ अर्जुनी थाना में धोखधड़ी की शिकायत दर्ज की गई थी. शिकायतकर्ताओं का आरोप था कि दुर्गेश ने किसानों से उंचे दामों पर धान खरीदी का झांसा दिया और पैसे नहीं लौटाए. जब किसानों ने अपना पैसा मांगा तो युवक मोबाइल बंद कर फरार हो गया था. इसके बाद पीड़ित किसानों ने दुर्गेश के खिलाफ अर्जुनी थाने में 7 करोड़ रुपए की ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी.

परिजनों ने लगाए थे मारपीट के आरोप

घटना के बाद जिला अस्पताल पहुंचे परिजनों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की थी. परिजनों ने आरोप लगाया है कि गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने सांकल से जमकर पिटाई की, जिसकी वजह से युवक की मौत हुई है. वहीं मृतक के परिजनों के आरोप पर एसपी ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद सारे घटनाक्रम की वीडियो रिकार्डिंग उपलब्ध है. जिसे साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया जाएगा.

छत्तीसगढ़ सरकार का बड़ा निर्णय : व्यापारियों और आम जनता को राहत, ई-वे बिल की सीमा ₹1 लाख तक बढ़ाई गई, पेट्रोल पर वैट ₹1 प्रति लीटर कम

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के छोटे व्यापारियों और मध्यमवर्गीय परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दो अहम निर्णय लागू किए हैं, जो 1 अप्रैल 2025 से प्रभावी हो चुके हैं।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी के दिशानिर्देश पर इन निर्णयों को वर्ष 2025-26 के बजट में शामिल किया गया था।

ई-वे बिल की सीमा में वृद्धि : अब ₹1 लाख तक का माल परिवहन होगा बिना ई-वे बिल के

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ने छत्तीसगढ़ के भीतर माल परिवहन के लिए अनिवार्य ई-वे बिल की सीमा ₹50,000 से बढ़ाकर ₹1 लाख कर दी है। यह निर्णय विशेष रूप से छोटे व्यापारियों को राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है। इस निर्णय से व्यापारियों को ₹1 लाख तक के मूल्य के सामानों के परिवहन में अब ई-वे बिल की आवश्यकता नहीं होगी। इस निर्णय से राज्य में ई-वे बिल जनरेट करने वाले लगभग 26% व्यापारियों को ई-वे बिल जनरेट करने से मुक्ति मिलेगी। इस निर्णय से ई-वे बिल जनरेशन में 54 प्रतिशत की कमी आएगी, जिससे अनुपालन व्यय में उल्लेखनीय कमी आएगी। हालांकि, कुछ विशेष वस्तुएं जैसे पान मसाला, तंबाकू उत्पाद, विशिष्ट लकड़ी उत्पाद जैसे – प्लायवुड, लेमिनेटेड शीट, पार्टिकल बोर्ड, फाइबर बोर्ड, आयरन, स्टील एवं उसके सामान, कोयला के लिए यह छूट लागू नहीं होगी।

व्यापारियों द्वारा लंबे समय से ई-वे बिल में छूट दिए जाने की मांग पर यह निर्णय लिया गया है, जो व्यापार को सुगम और लागत प्रभावी बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल है।

पेट्रोल पर वैट में ₹1 प्रति लीटर की कमी : मध्यमवर्गीय परिवारों को सीधी राहत

राज्य सरकार ने 1 अप्रैल 2025 से पेट्रोल पर वैट की राशि में ₹1 प्रति लीटर की कटौती की है। इस निर्णय से पेट्रोल की कीमतों में सीधे कमी आएगी, जिसका लाभ विशेष रूप से मध्यमवर्गीय और निम्न मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ में दुपहिया वाहनों का उपयोग करने वालों की संख्या अधिक है, जो मुख्यतः पेट्रोल पर निर्भर हैं। वैट में की गई यह कटौती इन परिवारों की रोज़मर्रा की लागत को कम करने में सहायक सिद्ध होगी।

यह निर्णय भी मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन और वित्त मंत्री ओ पी चौधरी द्वारा वर्ष 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के अनुरूप वर्तमान आर्थिक परिस्थिति को ध्यान में रखते हुए क्रियान्वित किया गया है।

सरकार की प्रतिबद्धता : सुगमता, सुविधा और संवेदनशीलता

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेशवासियों की समस्याओं को समझते हुए लगातार ऐसे निर्णय ले रही है जो सार्थक, जनहितकारी और दूरदर्शिता से परिपूर्ण हों। व्यापारी वर्ग को सहूलियत और आम जनता को राहत देने के ये निर्णय प्रदेश के आर्थिक विकास को गति देने में महत्वपूर्ण कारक सिद्ध होंगे।

दबंगई और मारपीट से क्षुब्ध किसान ने की आत्महत्या, कांग्रेस नेता के अलावा दो को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बलौदाबाजार- नेता की दबंगई व मारपीट से क्षुब्ध होकर किसान ने जहर पीकर आत्महत्या कर लिया था. मामले में परिजनों की नामजद रिपोर्ट के बाद पुलिस ने कांग्रेस नेता विमल देवांगन सहित तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. 

मामला कसडोल थाना क्षेत्र के ग्राम कटगी का है, जहां कांग्रेस नेता विमल देवांगन ने अपने साथियों के साथ दबगंई करते हुए किसान चंद्रिका साहू से मारपीट की थी. घटना से क्षुब्ध किसान ने तत्काल कीटनाशक का सेवन कर लिया था. घटना के तत्काल बाद बाद कसडोल अस्पताल ले जाया गया था, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई.

मामले में किसान के परिजनों ने विमल देवांगन के साथ उसके साथियों के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी. मामले में कसडोल पुलिस ने आरोपी विमल देवांगन के साथ उसके अन्य दो साथियों को गिरफ्तार किया है. वहीं अन्य लोगों की तलाश की जा रही है.

गृहमंत्री अमित शाह का दो दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरा, जानिए मिनट टू मिनट कार्यक्रम…

रायपुर- केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ आ रहे हैं. वे 4 अप्रैल की शाम राजधानी रायपुर पहुंचेंगे. इस दौरान वे राज्य के प्रमुख नेताओं और अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे. 5 अप्रैल को गृहमंत्री शाह बस्तर के दंतेवाड़ा जिले के दौरे पर रहेंगे, जहां वे बस्तर पंडुम महोत्‍सव के समापन कार्यक्रम में हिस्‍सा लेंगे. यहां वे मां दंतेश्वरी के दर्शन करेंगे. इसके अलावा एंटी-नक्सल अभियान के ऑपरेशन कमांडरों के साथ संवाद भी करेंगे. जानिए अमित शाह का मिनट टू मिनट कार्यक्रम का पूरा शेड्यूल क्या है.

जानिए मिनट टू मिनट कार्यक्रम

गृहमंत्री अमित शाह 4 अप्रैल को शाम 07:25 बजे नई दिल्ली से BSE विमान से प्रस्थान करेंगे. और 09:30 को रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. यहां से सड़क मार्ग से रवाना होकर 09:50 बजे होटल मेफेयर रायपुर पहुंचेंगे, जहां रात्रि विश्राम करेंगे. 05 अप्रैल को 10:30 बजे होटल मेफेयर से रवाना होकर 10:45 बजे रायपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे और BSF विमान से 10:50 बजे जगदलपुर के लिए रवाना होंगे. गृहमंत्री शाह 11:35 बजे मां दन्तेश्वरी एयरपोर्ट जगदलपुर पहुंचेंगे. 11:40 बजे जगदलपुर से BSF हेलिकॉप्टर से रवाना होकर 12:10 बजे हेलिपैड पुलिस लाइन, कार्ती, दंतेवाड़ा पहुंचेंगे.

अमित शाह 12:15 बजे सड़क मार्ग से 12:20 बजे दन्तेश्वरी मंदिर पहुंचेंगे, जहां 12:20 बजे से 12:45 बजे तक दर्शन एवं पूजन करेंगे. 12:45 बजे दन्तेश्वरी मंदिर से प्रस्थान कर 12:50 बजे सर्किट हाउस दंतेवाड़ा पहुंचेंगे, जहां 12:50 बजे से 01:20 बजे का समय दोपहर का भोजन के लिए आरक्षित रहेगा. 01:25 बजे सड़क मार्ग से हाई स्कूल ग्राउंड दंतेवाडा पहुंचेंगे, जहां 01:30 बजे से 02:50 बजे तक बस्तर पंडुम के समापन कार्यक्रम में शामिल रहेंगे. यहां से 02:50 बजे प्रस्थान कर 03:00 बजे पुलिस लाइन कार्ली दंतेवाड़ा पहुंचेंगे, जहां 3 से साढ़े तीन बजे तक एंटी-नक्सल अभियान के ऑपरेशन कमांडरों के साथ संवाद करेंगे.गृहमंत्री शाह 03:35 बजे पुलिस लाइन, कार्ती, दंतेवाड़ा से सड़क मार्ग से प्रस्थान कर 03:37 बजे हेलिपैड पुलिस लाइन कार्ती दंतेवाड़ा पहुंचेगे, जहां BSF हेलिकॉप्टर से 03:40 बजे प्रस्थान कर 04:10 बजे जगदलपुर एयरपोर्ट पहुंचेंगे. यहां से 5 बजे रायपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे और 05:20 बजे होटल मेफेयर, रायपुर पहुंचेंगे. यहां 05:20 बजे से 07:20 बजे तक विभागीय समीक्षा बैठक लेंगे. इसके बाद 07:50 बजे BSE विमान से रायपुर एयरपोर्ट से नई दिल्ली रवाना होंगे.

सतनामी समाज के युवक की पिटाई पर भीम आर्मी ने किया थाने का घेराव, इधर आरक्षक हुआ लाइन अटैच

रायपुर- सतनामी समाज के युवक की पुलिसकर्मी द्वारा की गई पिटाई के विरोध में भीम आर्मी ने पंडरी थाना का घेराव किया. इस बीच रायपुर एसएसपी लाल उमेद सिंह ने घटना में शामिल आरक्षक को लाइन अटैच कर दिया है.

होली त्योहार के दौरान सतनामी समाज के युवक की पुलिसकर्मी द्वारा की गई पिटाई के विरोध में बड़ी संख्या में लोग पंडरी थाना के सामने जुटे थे. इनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं. विरोध-प्रदर्शन के दौरान कोई अप्रिय स्थिति निर्मित न हो इसके लिए पुलिस बल के साथ मौके पर एडिशनल एसपी सिटी और ग्रामीण के साथ डीएसपी और टीआई तैनात थे.

आरक्षक को किया लाइन अटैच

युवक की पिटाई का वीडियो वायरल होने के बाद रायपुर एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कार्रवाई करते हुए पंडरी थाना में पदस्थ आरक्षक मनीष साहू को रायपुर रक्षित केंद्र में संबद्ध कर दिया है.