सिर से लेकर पांव तक इनके शरीर में लिखा होता है राम नाम… पीएम मोदी ने भी इन्हें याद किया

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक दिवसीय दौरे पर आज छत्तीसगढ़ आए है. वे बिलासपुर के मोहभट्टा में आम सभा को संबोधित कर रहे है. इस सभा में पीएम मोदी ने उस समाज को भी याद किया जिनके पूरे शरीर में यानी सिर से लेकर पांव तक राम नाम लिखा होता है. तो चलिए आपको बताते है ये रामनामी समाज कौन है और ये ऐसे क्यों करते है.

छत्तीसगढ़ में एक विशेष समुदाय है जिसे रामनामी समाज के नाम से जाना जाता है. यह समुदाय भगवान राम के प्रति अटूट भक्ति के लिए प्रसिद्ध है. माना जाता है कि इस संप्रदाय की स्थापना परशुराम ने की थी. रामनामी समाज के लोग भगवान राम को ही अपना सब कुछ मानते हैं, और उनकी आराधना ही इनके जीवन का मुख्य उद्देश्य है.

पूरे शरीर पर ‘राम नाम’ की छाप

इस समुदाय की सबसे अनोखी पहचान यह है कि वे अपने पूरे शरीर पर ‘राम’ नाम का टैटू गुदवाते हैं. यह सिर्फ एक परंपरा नहीं, बल्कि भगवान राम के प्रति गहरी आस्था और निष्ठा का प्रतीक है. इनके शरीर पर अंकित हर अक्षर राम के प्रति उनकी अटूट श्रद्धा को दर्शाता है.

लाखों की संख्या में फैला समुदाय

छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा और आसपास के क्षेत्रों में रामनामी समाज के लाखों अनुयायी रहते हैं. यहां के हर रामनामी व्यक्ति के लिए राम का नाम ही सबसे बड़ा आभूषण है. वे सिर से लेकर पांव तक अपने शरीर को ‘राम’ नाम से अंकित कराते हैं, जिससे उनका राम प्रेम साफ झलकता है.

ठेकेदार को लगाया लाखों का चूना, शातिर आरोपी खुद को पत्रकार बताकर जमाता था धौंस, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रायगढ़-  ठेकेदार को लाखों रुपये का चूना लगाने वाले फरार पेटी कॉन्ट्रैक्टर को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. दरअसल, कंस्ट्रक्शन कंपनी मेसर्स आर्या ने जल जीवन मिशन परियोजना के तहत जल-नल कनेक्शन का काम पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में आरोपी शकील अहमद को सौंपा था. लेकिन आरोपी काम अधूरा छोड़कर फरार हो गया और पैसे वापस मांगे जाने पर खुद को पत्रकार बताकर धमकी देता था.

पूरा मामला साल 2023 का है, मेसर्स आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी ने तमनार और घरघोड़ा ब्लॉक में जल जीवन मिशन योजना के तहत जल-नल आपूर्ति का कार्यादेश लिया था. शकील अहमद को जुलाई 2023 में पेटी कॉन्ट्रैक्टर के रूप में ठेका दिया गया. कंपनी ने उसे जुलाई-अगस्त, सितंबर-अक्टूबर में नकद और नवंबर माह में चेक के माध्यम से कुल 22.50 लाख रुपये का भुगतान किया. इसके अलावा कार्य के लिए कोटरीमाल स्टोर में 330 टन सीमेंट, 30.93 टन स्टील, 52,000 मीटर पाइप, 17,000 मीटर कंपोजिट पाइप सहित अन्य निर्माण सामग्री उपलब्ध कराई गई.

काम अधूरा छोड़कर हुआ फरार

जनवरी 2024 में शकील अहमद काम छोड़कर फरार हो गया. जब 11 जनवरी 2024 को सामग्री का मिलान किया गया, तो 135 टन सीमेंट, 13 टन स्टील, 3,000 मीटर पाइप, 4,000 मीटर कंपोजिट पाइप और अन्य सामान सहित करीब 25 लाख रुपये मूल्य की सामग्री गायब पाई गई. शिकायतकर्ता के अनुसार शकील अहमद ने 22.50 लाख नगद और 25 लाख रुपए के समान लेकर फरार हो गया.

ठेकेदार ने दर्ज कराई शिकायत

मेसर्स आर्या कंस्ट्रक्शन कंपनी रायगढ़ के एकाउंटेंट मिथलेश कुमार पटेल ने 28 मार्च को थाना घरघोड़ा में शिकायत दर्ज कराई. जिसके आधार पर घरघोड़ा पुलिस ने अपराध क्रमांक 72/2025 धारा 409 भा.द.वि. के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की. थाना प्रभारी रामकिंकर यादव के नेतृत्व में साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया. पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार किया. आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है. पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है.

सरकार आदिवासी समाज के विकास के लिए विशेष अभियान चला रही है: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी

रायपुर-  बुनियादी ढांचे के विकास और सतत आजीविका को बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई विकास परियोजनाओं का शिलान्यास, कार्यारंभ और लोकार्पण किया। आज नए वर्ष की शुभ शुरुआत और नवरात्र के पहले दिन उन्होंने माता महामाया की भूमि और माता कौशल्या के मायके के रूप में छत्तीसगढ़ के महत्व पर बल दिया। उन्होंने राज्य के लिए स्त्री देवत्व को समर्पित इन नौ दिनों के विशेष महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने नवरात्र के पहले दिन छत्तीसगढ़ में होने पर सौभाग्य व्यक्त किया और भक्त शिरोमणि माता कर्मा के सम्मान में हाल ही में जारी किए गए डाक टिकट पर सभी को बधाई दी। उन्होंने यह भी कहा कि नवरात्र उत्सव का समापन रामनवमी के उत्सव के साथ होगा, जो छत्तीसगढ़ में भगवान राम के प्रति अद्वितीय भक्ति विशेष रूप से रामनामी समाज का असाधारण समर्पण को उजागर करता है, जिसने अपना पूरा अस्तित्व भगवान राम के नाम पर समर्पित कर दिया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के लोगों को भगवान राम का मातृ परिवार बताते हुए हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

इस पावन अवसर पर मोहभट्ट स्वयंभू शिवलिंग महादेव के आशीर्वाद से श्री मोदी ने छत्तीसगढ़ में विकास को गति देने के अवसर पर प्रकाश डाला। उन्होंने 33,700 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास का उल्लेख किया, जिसमें गरीबों के लिए आवास, स्कूल, सड़क, रेलवे, बिजली और गैस पाइपलाइन शामिल हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन परियोजनाओं का उद्देश्य छत्तीसगढ़ के नागरिकों के लिए सुविधा बढ़ाना और रोजगार के नए अवसर उपलब्‍ध कराना है। उन्होंने इन विकास पहलों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति के लिए सभी को बधाई दी।

प्रधानमंत्री ने आश्रय प्रदान करने के सांस्कृतिक महत्व पर बल देते हुए इसे महान पुण्य बताया। उन्होंने कहा कि घर का मालिक होने का किसी का सपना पूरा होने की खुशी अद्वितीय है। नवरात्र और नव वर्ष के शुभ अवसर पर उन्होंने इस बात पर बल दिया कि छत्तीसगढ़ में तीन लाख गरीब परिवार अपने नए घरों में प्रवेश कर रहे हैं। उन्होंने इन परिवारों को नई शुरुआत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इन घरों के निर्माण का श्रेय अपने नेतृत्व में दिखाए गए भरोसे को दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में लाखों परिवारों के लिए पक्के घर का सपना पहले नौकरशाही की फाइलों में खो गया था। उन्होंने इस सपने को पूरा करने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता को याद किया। उन्होंने कहा कि विष्णु देव के नेतृत्व में, पहला कैबिनेट निर्णय 18 लाख मकानों के निर्माण का था, जिनमें से तीन लाख पूरे हो चुके हैं। उन्होंने खुशी ज़ाहिर की कि इनमें से कई घर आदिवासी इलाकों में हैं, जो बस्तर और सरगुजा के परिवारों को लाभान्वित कर रहे हैं। उन्होंने उन परिवारों के लिए इन घरों के परिवर्तनकारी प्रभाव को स्वीकार किया, जिन्होंने अस्थायी आश्रयों में पीढ़ियों तक कठिनाई झेली है। प्रधानमंत्री ने इसे ऐसे लोगों के लिए महत्वपूर्ण उपहार बताया।

श्री मोदी ने कहा, " सरकार ने इन घरों के निर्माण में सहायता प्रदान की, लेकिन लाभार्थियों ने खुद ही तय किया कि उनके सपनों का घर कैसे बनाया जाएगा", उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ये घर सिर्फ चार दीवारें नहीं हैं, बल्कि जीवन में बदलाव हैं। उन्होंने इन घरों को शौचालय, बिजली, उज्ज्वला गैस कनेक्शन और पाइप्ड पानी जैसी आवश्यक सुविधाओं से लैस करने के प्रयासों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कार्यक्रम में महिलाओं की महत्वपूर्ण उपस्थिति पर ध्यान दिया और कहा कि इनमें से अधिकांश घर महिलाओं के स्वामित्व में हैं। उन्होंने उन हजारों महिलाओं द्वारा हासिल की गई उपलब्धि को स्वीकार किया, जिन्होंने पहली बार अपने नाम पर संपत्ति पंजीकृत कराई है। उन्होंने इन महिलाओं के चेहरों पर झलकती खुशी और आशीर्वाद के लिए आभार व्यक्त किया और इसे अपनी सबसे बड़ी संपत्ति बताया।

प्रधानमंत्री ने लाखों घरों के निर्माण के व्यापक प्रभाव पर बल दिया। इसने न केवल गांवों में स्थानीय कारीगरों, राजमिस्त्रियों और मजदूरों को रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराए, बल्कि इन घरों के लिए उपयोग की जाने वाली सामग्री स्थानीय स्तर पर प्राप्त की जाती है, जिससे छोटे दुकानदारों और परिवहन ऑपरेटरों को लाभ होता है। उन्होंने कहा कि इन आवास परियोजनाओं ने छत्तीसगढ़ में महत्वपूर्ण रोजगार के अवसर उपलब्‍ध कराए हैं, जिससे कई लोगों की आजीविका में योगदान मिला है।

श्री मोदी ने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों से किए गए हर वादे को पूरा कर रही है। श्री मोदी ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों की बड़ी संख्या पर प्रकाश डाला। उन्‍होंने सरकारी गारंटियों के तेजी से कार्यान्वयन पर बल दिया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की महिलाओं से किए गए वादों को पूरा किया गया है, जिसमें धान किसानों को दो साल का लंबित बोनस वितरित करना और बढ़ी हुई एमएसपी दरों पर धान की खरीद शामिल है। इन उपायों से लाखों किसान परिवारों को हजारों करोड़ रुपये मिले हैं। प्रधानमंत्री ने भर्ती परीक्षा घोटालों के लिए पिछली सरकार की आलोचना की तथा उनकी सरकार की पारदर्शी जांच और परीक्षाओं के निष्पक्ष संचालन पर प्रकाश डाला। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इन ईमानदार प्रयासों ने जनता के बढ़ते समर्थन के साथ विश्वास को मजबूत किया है, जो छत्तीसगढ़ में विधानसभा, लोकसभा और अब नगर निगम चुनावों में उनकी जीत से स्पष्ट है। उन्होंने अपनी सरकार की पहलों के लिए लोगों के जबरदस्‍त समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

श्री मोदी ने कहा कि इस वर्ष छत्तीसगढ़ राज्य की स्थापना की 25वीं वर्षगांठ है। इसे राज्य के रजत जयंती वर्ष के रूप में मनाना संयोग है क्योंकि इस वर्ष अटल बिहारी वाजपेयी की जन्म शताब्दी भी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार 2025 को "अटल निर्माण वर्ष" के रूप में मना रही है। उन्‍होंने प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हुए कहा, "हमने इसे बनाया है, और हम इसे विकसित करेंगे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि आज उद्घाटन और लॉन्च की गई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं इस संकल्प का हिस्सा हैं।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ को अलग राज्य के रूप में बनाना पड़ा क्योंकि विकास का लाभ इस क्षेत्र तक नहीं पहुंच रहा था। श्री मोदी ने विकास करने में विफलता और शुरू की गई परियोजनाओं में भ्रष्टाचार के लिए पिछली सरकार की आलोचना की। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि उनकी सरकार ने लोगों की भलाई को प्राथमिकता दी है, उनके जीवन, सुविधाओं और उनके बच्चों के लिए अवसरों को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के हर गाँव में विकास योजनाओं को लाने के प्रयासों पर प्रकाश डाला।

सुदूर आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति को रेखांकित करते हुए श्री मोदी ने कहा कि वहां पहली बार गुणवत्तापूर्ण सड़कें पहुँच रही हैं। श्री मोदी ने कई क्षेत्रों में रेल सेवाओं की शुरूआत का उल्लेख किया, जिसमें कार्यक्रम में पहले एक नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाना भी शामिल है। उन्होंने पहले वंचित क्षेत्रों में बिजली, पाइप से पानी और मोबाइल टावरों के आगमन पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने नए स्कूलों, कॉलेजों और अस्पतालों के निर्माण की जानकारी दी। उन्‍होंने इस बात पर जोर दिया कि ये पहल छत्तीसगढ़ के परिदृश्य को बदल रही हैं।

छत्तीसगढ़ के पूर्ण विद्युतीकृत रेल नेटवर्क वाले राज्यों में से एक बनने की उपलब्धि की जानकारी देते हुए, प्रधानमंत्री ने इसे महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य में वर्तमान में लगभग 40,000 करोड़ रुपये मूल्य की रेल परियोजनाएं चल रही हैं, जिसमें इस वर्ष के बजट में विभिन्न क्षेत्रों और पड़ोसी राज्यों में रेल संपर्क में सुधार के लिए 7,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। उन्‍होंने इस बात पर बल दिया कि विकास के लिए बजटीय समर्थन और ईमानदार इरादों दोनों की आवश्यकता होती है। श्री मोदी ने भ्रष्टाचार और अक्षमता के लिए पिछली सरकार की आलोचना की, जिसने आदिवासी क्षेत्रों में प्रगति में बाधा डाली। उन्होंने कोयले का उदाहरण देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के प्रचुर भंडार के बावजूद, पिछली सरकारों द्वारा बिजली संयंत्रों की उपेक्षा के कारण राज्य को बिजली की कमी का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार के तहत, इन मुद्दों को हल करने और राज्य के लिए विश्वसनीय बिजली सुनिश्चित करने के लिए नए बिजली संयंत्र स्थापित किए जा रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा पर सरकार के फोकस और ‘पीएम सूर्य घर मुफ़्त बिजली योजना’ की शुरुआत का जिक्र करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य बिजली के बिलों को खत्म करना और घरों को बिजली का उत्पादन करके आय अर्जित करने में सक्षम बनाना है। प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार सौर पैनल लगाने के लिए प्रति घर 78,000 रुपये की सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में दो लाख से अधिक परिवार पहले ही इस योजना के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। उन्होंने अन्य लोगों को भी महत्वपूर्ण लाभ के लिए इसमें शामिल होने के लिए प्रोत्साहित किया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़, भू-आबद्ध राज्य है, जिसमें गैस पाइपलाइन पहुंचाने की चुनौती है। इसका समाधान करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए, श्री मोदी ने गैस अवसंरचना में आवश्यक निवेश की उपेक्षा करने के लिए पिछली सरकार की आलोचना की और क्षेत्र में गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए किए जा रहे कार्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ये पाइपलाइन पेट्रोलियम उत्पादों के लिए ट्रक परिवहन पर निर्भरता कम करेंगी, उपभोक्ताओं के लिए लागत कम करेंगी और सीएनजी वाहनों का उपयोग संभव करेंगी। उन्होंने कहा कि पाइप्ड कुकिंग गैस से घरों को लाभ होगा, जिसका लक्ष्य दो लाख से अधिक घरों तक रसोई गैस पहुंचाना है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि गैस की उपलब्धता छत्तीसगढ़ में नए उद्योगों की स्थापना को सुगम बनाएगी, जिससे रोजगार के महत्वपूर्ण अवसर उपलब्‍ध होंगे।

प्रधानमंत्री ने दशकों से चली आ रही पिछली सरकारों की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि इन नीतियों की वजह से छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों में नक्सलवाद को बढ़ावा मिला है। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद उन इलाकों में पनपा है जहां विकास और संसाधन नहीं हैं और इन मुद्दों से निपटने के बजाय ऐसे जिलों को पिछड़ा घोषित कर दिया गया था जिससे उनकी जिम्मेदारी से बचा जा सके। उन्होंने पिछली सरकार के शासन में छत्तीसगढ़ के कई जिलों में सबसे वंचित आदिवासी परिवारों की उपेक्षा पर प्रकाश डाला। इसके विपरीत, उन्होंने गरीब आदिवासी समुदायों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपनी सरकार के प्रयासों पर बल दिया। उन्होंने शौचालय उपलब्ध कराने के लिए स्वच्छ भारत अभियान, 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की पेशकश करने वाली आयुष्मान भारत योजना और 80% छूट पर दवाइयां उपलब्ध कराने वाले पीएम जन औषधि केंद्रों की स्थापना जैसी पहलों का उल्लेख किया।

प्रधानमंत्री ने उन लोगों की आलोचना की जो आदिवासी समुदाय की उपेक्षा करते हुए सामाजिक न्याय का झूठा दावा करते हैं। उन्होंने आदिवासी समाज के विकास के लिए अपनी सरकार की प्रतिबद्धता पर बल दिया। उन्होंने "धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान" की शुरूआत का जिक्र किया, जिसके तहत आदिवासी क्षेत्रों में लगभग 80,000 करोड़ रुपये का निवेश किया जा रहा है। इससे छत्तीसगढ़ के लगभग 7,000 आदिवासी गांवों को लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से कमजोर आदिवासी समूहों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए, श्री मोदी ने इन समुदायों के लिए अपनी तरह की पहली पहल "पीएम जनमन योजना" की शुरूआत का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत, छत्तीसगढ़ के 18 जिलों में 2,000 से अधिक बस्तियों का विकास किया जा रहा है। उन्होंने देश भर में आदिवासी बस्तियों के लिए 5,000 किलोमीटर सड़कों की मंजूरी का जिक्र किया, जिसमें से लगभग आधी - 2,500 किलोमीटर - पीएम जनमन योजना के तहत छत्तीसगढ़ में बनाई जा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि इस पहल के तहत कई लाभार्थियों को स्थायी घर मिले हैं।

केंद्र और राज्य सरकारों के तहत छत्तीसगढ़ में तेजी से हो रहे बदलाव का जिक्र करते हुए, श्री मोदी ने सुकमा जिले के स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय गुणवत्ता प्रमाण पत्र मिलने और दंतेवाड़ा में कई वर्षों के बाद स्वास्थ्य केंद्र को फिर से खोलने जैसी उपलब्धियों से आए नए आत्मविश्वास पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ये प्रयास नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्थायी शांति के नए युग की शुरुआत कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने दिसंबर 2024 में अपने "मन की बात" कार्यक्रम के दौरान चर्चा किए गए बस्तर ओलिम्पिक की जानकारी दी। छत्तीसगढ़ में सकारात्मक बदलावों के सबूत के रूप में, उन्होंने इस आयोजन में हजारों युवाओं की उत्साही भागीदारी का जिक्र किया, जो राज्य की प्रगति को दर्शाता है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के बारे में आशा व्यक्त की और राज्य द्वारा नई शिक्षा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन की प्रशंसा की। उन्होंने देश भर में 12,000 से अधिक आधुनिक पीएम श्री स्कूलों की स्थापना की जानकारी दी जिनमें छत्तीसगढ़ में लगभग 350 शामिल हैं। ये अन्य स्कूलों के लिए मॉडल के रूप में काम करेंगे और राज्य की शिक्षा प्रणाली को आगे बढ़ाएंगे।

प्रधानमंत्री ने छत्तीसगढ़ में एकलव्य मॉडल स्कूलों द्वारा किए जा रहे उत्कृष्ट कार्यों और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में स्कूलों को फिर से खोलने की सराहना की। उन्होंने राज्य में विद्या समीक्षा केंद्र का भी उद्घाटन किया और इसे देश की शिक्षा प्रणाली के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि इस पहल से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ेगी और कक्षाओं में शिक्षकों और विद्यार्थियों को वास्तविक समय में सहायता मिलेगी।

प्रधानमंत्री ने नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत एक और वादे को पूरा करने का जिक्र किया, जो हिंदी में मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई को सक्षम बनाता है। श्री मोदी ने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल गांवों, वंचितों और आदिवासी परिवारों के युवाओं के लिए भाषा की बाधाओं को दूर करेगी और उन्हें अपने सपनों को हासिल करने में मदद करेगी। उन्होंने पिछले वर्षों में डॉ. रमन सिंह द्वारा रखी गई मजबूत नींव को स्वीकार किया और इसे और मजबूत करने के लिए वर्तमान सरकार के प्रयासों को दोहराया। उन्होंने अगले 25 वर्षों में इस नींव पर विकास की भव्य संरचना बनाने की कल्पना की।

छत्तीसगढ़ के संसाधनों, सपनों और संभावनाओं की प्रचुरता का जिक्र करते हुए उन्‍होंने राज्य की 50वीं वर्षगांठ तक देश के अग्रणी राज्यों में से एक बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया। प्रधानमंत्री ने अंत में कहा कि सरकार यह सुनिश्चित करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी कि विकास का लाभ छत्तीसगढ़ के प्रत्येक परिवार तक पहुंचे।

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रामेन डेका, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और तोखन साहू, छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष रमन सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

पृष्ठभूमि

प्रधानमंत्री देश भर में बिजली क्षेत्र में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं। इसके अनुरूप, सस्ती और विश्वसनीय बिजली उपलब्ध कराने और छत्तीसगढ़ को बिजली उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने बिलासपुर जिले में स्थित एनटीपीसी के सीपत सुपर थर्मल पावर प्रोजेक्ट स्टेज- III (1x800MW) की आधारशिला रखी, जिसकी लागत 9,790 करोड़ रुपये से अधिक है। यह पिट हेड प्रोजेक्ट उच्च बिजली उत्पादन दक्षता के साथ अत्याधुनिक अल्ट्रा-सुपरक्रिटिकल तकनीक पर आधारित है। उन्होंने छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी लिमिटेड (सीएसपीजीसीएल) की 15,800 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पहली सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर परियोजना (2X660MW) के कार्य की शुरुआत की। उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र विस्तार योजना (डब्ल्यूआरईएस) के तहत 560 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली पावरग्रिड की तीन पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं को भी राष्ट्र को समर्पित किया।

भारत के शुद्ध-शून्य उत्सर्जन लक्ष्यों, वायु प्रदूषण को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा समाधान प्रदान करने के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और सरगुजा जिलों में भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) की सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना की आधारशिला रखी। इसमें 200 किलोमीटर से अधिक उच्च दाब पाइपलाइन और 800 किलोमीटर से अधिक एमडीपीई (मीडियम डेंसिटी पॉलीइथिलीन) पाइपलाइन और 1,285 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली कई सीएनजी डिस्पेंसिंग आउटलेट शामिल हैं। उन्होंने हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एचपीसीएल) की 540 किलोमीटर लंबी विशाख-रायपुर पाइपलाइन (वीआरपीएल) परियोजना की भी आधारशिला रखी, जिसकी लागत 2210 करोड़ रुपये से अधिक है। इस बहुउत्पाद (पेट्रोल, डीजल, केरोसिन) पाइपलाइन की क्षमता 3 मिलियन मीट्रिक टन प्रति वर्ष से अधिक होगी।

क्षेत्र में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने पर ध्यान केंद्रित करते हुए, प्रधानमंत्री ने 108 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली सात रेल परियोजनाओं की आधारशिला रखी और 2,690 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली 111 किलोमीटर की कुल लंबाई वाली तीन रेल परियोजनाएं राष्ट्र को समर्पित की। उन्होंने मंदिर हसौद के माध्यम से अभनपुर-रायपुर खंड में मेमू ट्रेन सेवा को हरी झंडी दिखाई। वह छत्तीसगढ़ में भारतीय रेलवे के रेल नेटवर्क के 100% विद्युतीकरण को भी समर्पित करेंगे। ये परियोजनाएँ भीड़भाड़ को कम करेंगी, कनेक्टिविटी में सुधार करेंगी और पूरे क्षेत्र में सामाजिक और आर्थिक विकास को बढ़ावा देंगी।

क्षेत्र में सड़क के बुनियादी ढांचे को बढ़ाते हुए, प्रधानमंत्री ने एनएच-930 (37 किमी) के झलमला से शेरपार खंड और एनएच-43 (75 किमी) के अंबिकापुर-पत्थलगांव खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने के लिए राष्ट्र को समर्पित किया। प्रधानमंत्री ने एनएच-130डी (47.5 किमी) के कोंडागांव-नारायणपुर खंड को पेव्ड शोल्डर के साथ 2 लेन में उन्नत करने की आधारशिला भी रखी। 1,270 करोड़ रुपये से अधिक की ये परियोजनाएं आदिवासी और औद्योगिक क्षेत्रों तक पहुंच में काफी सुधार करेंगी जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।

सभी के लिए शिक्षा सुनिश्चित करने की अपनी प्रतिबद्धता के अनुरूप, प्रधानमंत्री ने दो प्रमुख शैक्षिक पहल - राज्य के 29 जिलों में 130 पीएम श्री स्कूल और रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र (वीएसके) - राष्ट्र को समर्पित की। रायपुर में वीएसके विभिन्न शिक्षा संबंधी सरकारी योजनाओं की ऑनलाइन निगरानी और डेटा विश्लेषण को सक्षम करेगा।

ग्रामीण परिवारों के लिए उचित आवास तक पहुंच सुनिश्चित करने और उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और जीवन की समग्र गुणवत्ता में सुधार लाने की प्रतिबद्धता को पूरा करते हुए, प्रधानमंत्री आवास योजना - ग्रामीण (पीएमएवाई-जी) के तहत 3 लाख लाभार्थियों का गृह प्रवेश हुआ और प्रधानमंत्री ने इस योजना के तहत कुछ लाभार्थियों को चाबियाँ सौंपी।

छत्तीसगढ़ की बुनाई, संस्कृति और जीवंत परंपराओं का प्रतीक – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया कोसा सिल्क से बना हस्तनिर्मित शॉल

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा और विकास कार्यों के लोकार्पण एवं शिलान्यास कार्यक्रम में कोसा सिल्क से निर्मित एक विशेष हस्तनिर्मित शॉल भेंट किया, जो छत्तीसगढ़ की समृद्ध बुनाई परंपरा और जनजातीय सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है। यह शॉल न केवल कपड़े का एक सुंदर नमूना है, बल्कि छत्तीसगढ़ की कला, संगीत और जनजातीय अस्मिता का जीवंत दस्तावेज भी है। यह शॉल पूरी तरह हस्तनिर्मित है और इसमें राज्य की स्थानीय बुनकर परंपरा की गहराई को दर्शाया गया है। इस शॉल पर बांस से निर्मित पारंपरिक वाद्ययंत्र ‘टोड़ी’ और बस्तर के प्रसिद्ध ‘बाइसन हॉर्न माड़िया नृत्य’ को कढ़ाई के माध्यम से दर्शाया गया है। टोड़ी वाद्ययंत्र छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवनशैली में संगीत का अभिन्न हिस्सा है। वहीं माड़िया जनजाति का यह नृत्य शौर्य, ऊर्जा और सामूहिक एकता की अभिव्यक्ति है। यह शॉल केवल वस्त्र नहीं, बल्कि जनजातीय गर्व, सांस्कृतिक विविधता और शिल्प कौशल की अभिव्यक्ति है।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किया गया यह कोसा शॉल छत्तीसगढ़ की हुनरमंद बुनकर महिलाओं, जनजातीय समुदायों, और लोक परंपराओं की महत्ता को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का एक भावनात्मक और सशक्त प्रयास है। यह भेंट भारत की विविधता में एकता, और लोककला के माध्यम से जुड़ाव का प्रतीक है।

अवैध रेत उत्खनन पर प्रशासन की सख्त कार्रवाई, छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और 3 हाइवा किया जब्त

आरंग- महानदी से हो रहे अवैध रेत उत्खनन और परिवहन पर प्रशासन ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए सख्ती दिखाई है। रविवार को ग्राम कागदेही में रेत के अवैध उत्खनन की शिकायत मिलने पर प्रशासन हरकत में आया और मौके पर छापा मारकर एक चैन माउंटेन मशीन और तीन हाइवा वाहनों को जब्त कर लिया।

संयुक्त टीम ने की कार्रवाई

बता दें कि आरंग एसडीएम पुष्पेंद्र शर्मा के मार्गदर्शन में तहसीलदार सीता शुक्ला के नेतृत्व में राजस्व और खनिज विभाग की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। बताया जा रहा है कि कागदेही में अवैध रूप से रैंप बनाकर महासमुंद जिले से रेत का परिवहन किया जा रहा था, जिसकी शिकायत मिलने पर प्रशासन ने तत्काल कदम उठाया।

जांच में जुटी प्रशासनिक टीम

इस कार्रवाई में नायब तहसीलदार गजानंद सिदार, खनिज विभाग के सुपरवाइजर सुनीलदत्त शर्मा, वीरेंद्र बेलचंदन, जितेंद्र केशरवानी, जितेंद्र वर्मा, लुकेश वर्मा और छबि साहू समेत अन्य अधिकारियों ने अहम भूमिका निभाई। फिलहाल जब्त किए गए वाहनों और मशीनरी पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।

प्रशासन ने साफ किया है कि अवैध रेत खनन को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।

छत्तीसगढ़ में भी हुआ चांद का दीदार, कल देशभर में धूमधाम से मनाई जाएगी ईद

रायपुर- राजधानी रायपुर समेत देश के कई इलाकों में आज शाम चांद दिखने की शरई तसदीक के बाद कल यानी सोमवार 31 मार्च 2025 देशभर में ईद मनाए जाने का ऐलान कर दिया गया है। ईद से पहले बाजारों में काफी चहल-पहल देखी जा रही है। वहीं, रविवार को नवरात्र शुरू होने से मंदिरों में भी काफी भीड़ देखी गई। दोनों त्योहारों को देखते हुए देशभर में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं।

रायपुर में चांद दिखने की पुष्टि

इदारा-ए-शरीया इस्लामी कोर्ट के अनुसार, 30 मार्च 2025 को मगरिब की नमाज के बाद एक शव्वाल 1446 हिजरी के चांद की पुष्टि हुई। रायपुर समेत देश के अन्य हिस्सों में भी चांद दिखने की खबरें आईं, जिसके बाद यह फैसला किया गया कि 31 मार्च को ईद मनाई जाएगी। इससे पहले सऊदी अरब में 29 मार्च को ईद का चांद दिखा था, जिसके बाद आज वहां ईद मनाई गई।

ईद की तारीख कैसे तय होती है ?

इस्लामी कैलेंडर चांद पर आधारित होता है, इसलिए ईद-उल-फितर की तारीख हर साल बदलती रहती है। यह त्योहार शव्वाल महीने की पहली तारीख को मनाया जाता है, जो रमजान के खत्म होने का ऐलान करता है।

ईद की तारीख तय करने का सबसे अहम तरीका है चांद का दीदार। अगर रमजान के 29वें दिन चांद नजर आ जाता है, तो अगले दिन ईद होती है। लेकिन अगर चांद नहीं दिखता, तो रमजान 30 दिनों का पूरा होता है और उसके बाद ईद मनाई जाती है। क्योंकि चांद के दिखने का समय और स्थिति हर देश में अलग-अलग होती है, इसलिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में ईद अलग दिनों में भी हो सकती है। कई इस्लामी देश चांद देखने के लिए आधिकारिक समितियां बनाते हैं, जो वैज्ञानिक और धार्मिक आधार पर निर्णय लेती हैं। कुछ जगहों पर लोग सऊदी अरब की घोषणा के आधार पर भी ईद मनाते हैं। इसलिए ईद की सही तारीख का फैसला चांद के दीदार के बाद ही किया जाता है।

सोमारी पुनेम, दल्लुराम बैगा और जगतपाल राम को प्रधानमंत्री ने अपने हाथों से सौंपी नए आवास की चाबी

रायपुर-  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब बिलासपुर जिले के ग्राम मोहभट्ठा में आयोजित आमसभा एवं विकास कार्यों के लोकार्पण-शिलान्यास समारोह के दौरान हितग्राहियों से संवाद किया, तो मंच पर एक विशेष क्षण आया – प्रधानमंत्री और दल्लु राम बैगा के बीच सरल, संक्षिप्त किन्तु सजीव, आत्मीय एवं सारगर्भित संवाद।

प्रधानमंत्री ने मुस्कराकर पूछा –

“पक्का मकान बन गया है?”

दल्लु राम ने हाथ जोड़कर जवाब दिया –

“हां, बन गया है।”

प्रधानमंत्री श्री मोदी ने फिर स्नेहपूर्वक पूछा –

“अच्छा लग रहा है की नहीं?”

भावुक दल्लु राम ने जवाब दिया

“अच्छा लग रहा है।”

प्रधानमंत्री ने अंत में पूछा –

“बाकी सब ठीक है?”

दल्लु राम ने आत्मविश्वास के साथ कहा –

“ठीक है।”

यह संवाद कोई औपचारिक प्रश्नोत्तर नहीं था, बल्कि विश्वास, संवेदना और साझेदारी का साक्षात चित्रण था।

छत्तीसगढ़ के तीन लाख गरीब परिवारों के लिए आज का दिन बेहद खास और अविस्मरणीय है। आज चैत्र नवरात्रि के पहले दिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें उनके सपनों के आशियानों में गृहप्रवेश कराया। इनमें बड़ी संख्या में दूरस्थ वनांचलों के गरीब और वंचित परिवार भी शामिल हैं। ये ऐसे परिवार हैं जो प्रधानमंत्री आवास जैसी योजना नहीं होती तो शायद ही कभी अपने खुद के पक्के मकान का सपना पूरा कर पाते। यह योजना प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों का बड़ा सपना पूरा कर रही है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में दूरस्थ अंचलों के तीन आदिवासी परिवारों को खुद अपने हाथों से नए आवासों की चाबी सौंपी। बीजापुर जिले के चेरपाल पंचायत की सोमारी पुनेम, कबीरधाम जिले के ग्राम हाथीडोब के दल्लुराम बैगा और जशपुर जिले के करदना पंचायत के पहाड़ी कोरवा जगतपाल राम को जब प्रधानमंत्री श्री मोदी ने प्रतीक रूप में मंच से उनके नवनिर्मित पक्के आवासों की चाबी सौंपी तो उनकी खुशियां देखते ही बनती थी।

रोटी, कपड़ा और मकान हर इंसान की सबसे बुनियादी जरूरतें हैं। पिछड़े ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में जहां आज भी संसाधनों की भारी कमी है, वहां एक पक्का घर सिर्फ एक दीवार और छत नहीं, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास का प्रतीक है।

विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय के दल्लुराम बैगा कभी कच्ची मिट्टी और खपरैल के घर में भय और असुरक्षा के साये में रहते थे। बरसात में छत से टपकते पानी, कमजोर मिट्टी की दीवारें और रात के सन्नाटे में रेंगते जहरीले जीव-जंतु... ऐसे हालात में पूरे परिवार के साथ रहना रोज का संघर्ष था।

प्रधानमंत्री जनमन योजना के अंतर्गत दल्लुराम का आवास स्वीकृत होने के बाद उसके सपनों के घर का सफर शुरू हुआ। आवास निर्माण के लिए दो लाख रुपए की आर्थिक सहायता के साथ ही 95 दिनों की मनरेगा मजदूरी के रूप में 23 हजार रुपए भी मिले। अन्य योजनाओं से रसोई गैस, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएं भी मिलीं। अब दल्लुराम और उसका परिवार न केवल सुरक्षित मकान में रह रहा है, बल्कि आत्मसम्मान और गर्व के साथ समाज में अपनी पहचान भी बना रहा है।

दीवारों की नहीं सपने के पूरे होने की मुस्कान

राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले पहाड़ी कोरबा समुदाय के जशपुर जिले के सुदूर अंचल में बसे ग्राम करदना के जगतपाल राम वर्षों से एक टूटी-फूटी झोपड़ी में अपना जीवन व्यतीत कर रहे थे। बरसात के मौसम में छत से पानी टपकता था, चारों ओर कीचड़ और भीतर डर का माहौल बना रहता था। सांप-बिच्छुओं का डर, हर साल झोपड़ी की मरम्मत का बोझ, और बिजली जैसी मूलभूत सुविधा का भी अभाव था।

प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महा अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना जगतपाल के लिए उम्मीद की रोशनी लेकर आई। योजना के तहत मिली दो लाख रुपए की सहायता से जगतपाल ने साफ-सुथरा, मजबूत पक्का घर बनवाया जहां न केवल रहने के लिए कमरे हैं, बल्कि शौचालय और बिजली भी है। अब उनका परिवार मूसलाधार बारिश के थपेड़ो, जंगली जानवर और रात के अंधेरे के खतरों से सुरक्षित है।

आज जब जगतपाल अपने घर के सामने बैठते हैं, तो उनके चेहरे पर संतोष की मुस्कान होती है। यह मुस्कान सिर्फ दीवारों की नहीं, बल्कि सपने के पूरे होने की मुस्कान है। जगतपाल की ही तरह हजारों गरीब और वंचित आदिवासी परिवारों की भी ऐसी ही कहानी है जिनका जीवन प्रधानमंत्री आवास योजना ने खुशियों से भर दिया है।

टूटे सपनों को मिला सहारा और मिट्टी के आंगन में उग आई उम्मीद की छत

वर्षों तक संघर्ष करते हुए सोमारी पुनेम ने कभी नहीं सोचा था कि उसके सिर पर एक दिन पक्की छत होगी। पति के निधन के बाद वह अपने बेटे के साथ एक छोटे से टपकते छप्पर के नीचे जीवन की अनगिनत कठिनाइयों के बीच अपना जीवन-यापन कर रही थी। नियद नेल्ला नार योजना शुरू होने के बाद जब उसे प्रधानमंत्री आवास योजना की जानकारी मिली, तो उसकी आंखें चमक उठी। वह बताती है - "मैंने अपने पास जो थोड़ी-बहुत बचत थी, वही लगाई। हर दिन मजदूरों के साथ बैठकर खुद ईंटें उठाई। घर बनता गया... और मेरा आत्मविश्वास भी। आखिरकार महीनों की मेहनत के बाद पक्का आवास बनकर तैयार हो गया। अब बारिश की बूंदें डर नहीं, राहत देती हैं... रातें भी सुकूनभरी लगती हैं। धूप से अब सिर्फ दीवारें नहीं, सम्मान भी बचता है।"

बीजापुर के चेरपाल में रहने वाली 60 साल की सोमारी कहती है - "आज जब मैं अपने घर के दरवाजे से अंदर जाती हूं, तो लगता है कि मैं अकेली नहीं हूं। मेरे साथ मेरे स्वर्गीय पति का सपना भी इस घर में सांस ले रहा है।" प्रधानमंत्री आवास योजना ने सोमारी को सिर्फ एक मकान नहीं दिया। यह योजना उसके जीवन में भरोसे की नींव, आत्मसम्मान की दीवारें और भविष्य की छत बनकर उतरी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देखने और सुनने पहुंचे युवा, बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी और लखपति दीदियां

रायपुर-  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज बिलासपुर के मोहभट्ठा में आयोजित कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक का विशेष रूप से उल्लेख करते हुए कहा कि इस आयोजन में हजारों लोगों ने हिस्सा लिया। मैं छत्तीसगढ़ के युवाओं का उज्ज्वल भविष्य देख रहा हूं। बस्तर ओलंपिक का सफल और शानदार आयोजन एक सुखद बदलाव का प्रमाण है। छत्तीसगढ़ संसाधनों, सपनों और सामर्थ्य से भरपूर है। आज से 25 वर्ष बाद जब हम छत्तीसगढ़ की स्थापना का 50वां वर्ष मनाएंगे तब छत्तीसगढ़ देश के अग्रणी राज्यों में से एक होगा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को देखने और सुनने के लिए युवा, बस्तर ओलंपिक विजयी प्रतिभागी, लखपति दीदियां, नगरीय निकायों और त्रि-स्तरीय पंचायतों के निर्वाचित पदाधिकारी मोहभट्ठा पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान बस्तर ओलंपिक के विजयी प्रतिभागी अपने हाथों में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की तस्वीर को लहराते रहे और बीच-बीच में प्रधानमंत्री जिंदाबाद के नारे भी लगाए। बस्तर ओलंपिक के प्रतिभागियों का उत्साह देखते ही बनता था। बीते सवा सालों में बस्तर के समग्र विकास और वहां के लोगों की बेहतरी के लिए डबल इंजन की सरकार के नेतृत्व में किए जा रहे कार्यों के लिए प्रधानमंत्री का आभार जताया।

यहां यह उल्लेखनीय है कि नक्सल हिंसा कमजोर होने के बाद लोगों में उत्साह को बढ़ाने के लिए बस्तर ओलंपिक का आयोजन किया गया। इसमें 1 लाख 65 हजार से अधिक खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। इसमें नक्सल हिंसा से अपना अंग गंवा चुके लोगों ने भी हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर में अपने मन की बात कार्यक्रम में बस्तर ओलंपिक की सराहना की और इसे बदलते हुए बस्तर का प्रतीक बताया था।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की विशेष पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य में महिलाओं को आजीविका मूलक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में अब तक सवा दो लाख महिलाएं लखपति दीदी की श्रेणी में आ चुकी हैं। इस वित्त वर्ष में 10 लाख महिलाओं को लखपति दीदी की श्रेणी में लाने का लक्ष्य रखा गया है।

प्रधानमंत्री मोदी का छत्तीसगढ़ दौरा X पर किया ट्रेंड, नेता-कार्यकर्ताओं से लेकर आम लोगों ने किया ट्वीट…

रायपुर- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज छत्तीसगढ़ के प्रवास पर थे. इस दौरान उन्होंने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया. लोकसभा चुनाव 2024 के बाद उनका यह पहला दौरा न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) में भी ट्रेंड कर रहा था. (#Modi_AtVikasParab)

प्रधानमंत्री मोदी का दौरा आज एक्स पर के नाम से पहले स्थान पर ट्रेंड कर रहा था. समाचार लिखे जाने तक एक-दो, सौ-पचार, हजार-दो हजार नहीं बल्कि लगभग साढ़े तीन हजार पोस्ट किए गए थे. यह संख्या समय के साथ-साथ बढ़ती जा रही है. इसमें भाजपा के नेता-कार्यकर्ताओं से लेकर आम आदमी भी शामिल हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली छत्तीसगढ़ को 33 हजार 700 करोड़ रुपए की विकास परियोजनाओं की सौगात

रायपुर- मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आमसभा को संबोधित करते हुए कहा कि हिंदू नववर्ष के शुभारंभ के अवसर पर आज छत्तीसगढ़ की पावन धरती पर विकास की नई रोशनी फैली है, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य को 33,700 करोड़ रुपए से अधिक की बहुआयामी परियोजनाओं की सौगात दी है। उन्होंने जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता की ओर से हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।

जनकल्याण और अधोसंरचना के क्षेत्र में ऐतिहासिक कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएं रेल, सड़क, ऊर्जा, ईंधन, आवास और शिक्षा से जुड़ी हैं, जो न केवल लोगों के जीवन में खुशहाली और सुविधा का नया सूर्याेदय लाएंगी, बल्कि विकसित छत्तीसगढ़ की नींव भी मजबूत करेंगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की गारंटी पर लोगों ने भरोसा किया जिससे विधानसभा और लोकसभा चुनावों में डबल इंजन की सरकार बनी और अब स्थानीय निकाय चुनावों में तीसरा इंजन भी जुड़ गया है।

2047 के विकसित भारत की ओर छत्तीसगढ़ का मजबूत कदम

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भावी पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में कार्य कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ इसमें ऊर्जा, खनिज और कृषि के क्षेत्र में राष्ट्रीय आवश्यकताओं की पूर्ति में सहायक बनेगा। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि जैसे कार्यक्रमों के जरिए अंतिम छोर तक लाभ पहुंचा है। साथ ही रेल, सड़क, एयर कनेक्टिविटी और डिजिटल नेटवर्क का तेजी से विस्तार हुआ है।

आदिवासी विकास में विशेष योगदान

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री जन-मन, धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान, स्वच्छ भारत मिशन, जल जीवन मिशन जैसी योजनाओं ने जनजातीय बहुल छत्तीसगढ़ को एक नई दिशा और दशा दी है। भारत अब दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में अयोध्या में श्रीरामलला का भव्य मंदिर बना और प्रयागराज महाकुंभ में भारत की संस्कृति की भव्यता को दुनिया ने देखा।

छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। गरीबों, महिलाओं, युवाओं और किसानों के सशक्तिकरण के लिए सरकार पूरी शक्ति से जुटी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने अंत में प्रधानमंत्री जी के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए कहा कि जब-जब छत्तीसगढ़ के विकास के लिए हमने मांग की, आपने अपेक्षा से अधिक दिया। इसके लिए हम सदैव आभारी रहेंगे। उन्होंने प्रदेश की जनता की ओर से प्रधानमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।