बिहार बजट सत्र : इस फायदे के मुद्दे पर एकजुट हुए सत्ता पक्ष और विपक्ष के माननीय, जानिए क्या है वह
डेस्क : बिहार विधानमंडल के 12 वें दिन की कार्यवाही आज एकबार फिर विपक्ष के हंगामे के साथ शुरु हुई। विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा के बाहर जोरदार हंगामा किया। हाथों में पोस्टर लेकर राजद विधायक सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते दिखे। हालांकि सत्र के कार्यवाही के दौरान एक मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष एकजुट हो गए। दरअसल, विधान परिषद में निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए पटना में आवास के लिए जमीन उपलब्ध कराने से जुड़ा सवाल किया गया था। इस पर सत्ता और विपक्ष के सदस्य एकजुट दिखे।
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बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बुधवार को कहा कि नेताओं का नाम इतना खराब हो चुका उन्हें कोई भाड़ा (किराया) पर मकान तक नहीं देता। ऐसे में विधानमंडल के निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए पटना में एक अदद छत की व्यवस्था हो इसके लिए सरकार को पहल करनी चाहिए।
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सरकार की ओर से मंत्री जीवेश मिश्रा ने कहा कि वर्ष 1998 में किए गए एक संशोधन के बाद ही निर्वाचित प्रतिनिधियों के लिए सहकारिता समितियों की जमीनों में दो प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान खत्म किया गया। इसके बाद वर्ष 2016 में भी इसी तरह से कोई बदलाव नहीं किया गया। यही कारण है कि अब दोनों सदनों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को पटना में जमीन नहीं मिल पा रही है। इस पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों एक एकजुट होकर इसमें बदलाव करने की मांग की।
सदस्यों को पटना में प्लॉट देने के सवाल पर सबसे पहले नगर विकास मंत्री जीवेश मिश्रा जवाब देने उठे। उन्होंने कहा कि विधायकों-विधान पार्षदों को पटना में जमीन का प्लॉट देने का मामला सहकारिता विभाग से जुड़ा है। उनके विभाग का यह मामला नहीं है। सहकारिता मंत्री ही इस पर जवाब दे सकते हैं। इस पर सभापति ने कहा कि सवाल भी सहकारिता विभाग से ही है। हम मंत्री विजय बाबू से कहेंगे कि इसके लिए समय दीजिए। सदस्यों का एक शिष्टमंडल इनसे जाकर मिले। इस पर विजय चौधरी ने सदन में कहा कि सहकारिता विभाग के मंत्री प्रेम कुमार सक्षम हैं। वे कल ही विधानसभा में प्रेम बरसा रहे थे। आज यहां बरसाने वाले हैं। इतना सुनते ही सहकारिता मंत्री प्रेम कुमार ने विप में खड़े होकर कहा कि हम सदस्यों की चिंता से खुद को जोड़ते हैं। सोमवार को ही इस पर बैठक करेंगे। पक्ष-विपक्ष के पांच सदस्य आयें, अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। सरकारी भूमि पर बात हो जाएगी। विभाग के स्तर से रास्ता निकालेंगे और मुख्यमंत्री की सहमति से सदस्यों को राजधानी में जमीन का प्लॉट दिलाने की कोशिश करेंगे।
Mar 19 2025, 16:37