लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी की राबड़ी देवी से पूछताछ खत्म, तकरीबन 4 घंटे तक ईडी ने कई सवालो का मांगा जवाब


डेस्क : लैंड फॉर जॉब मामले में ईडी की टीम ने राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव को समन भेजकर पटना स्थित दफ्तर पूछताछ के लिए बुलाया था। ईडी के समन पर पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर पहुंचे, जहां ईडी की टीम ने उनसे अलग-अलग पूछताछ की। वही इस मामले में ईडी कल पटना में लालू यादव से भी पूछताछ कर सकती है।

राबड़ी देवी करीब साढ़े 10 बजे ईडी दफ्तर पहुंची थी, जहां 11 बजे उनसे ईडी के अधिकारियों ने पूछताछ शुरू की थी। चार घंटे तक ईडी के अधिकारियों ने राबड़ी देवी से पूछताछ की। इस दौरान राबड़ी देवी और तेजप्रताप यादव को लंच का समय मिला। 

वही राबड़ी देवी से ईडी की पूछताछ चार घंटे के बाद खत्म हो गई है। हालांकि लालू प्रसाद के बड़े बेटे तेजप्रताप से ईडी के अधिकारी अभी भी केस से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं।

मिली जानकारी के अनुसार रेलवे में नौकरी के बदले जमीन और फ्लैट रजिस्ट्री कराने के मामले में प्रवर्तन निदेशालय की टीम ने तत्कालीन रेल मंत्री लालू प्रसाद की पत्नी पूर्व सीएम राबड़ी देवी से चार घंटे तक पूछताछ की। चार घंटे की पूछताछ के दौरान ईडी ने लैंड फॉर जॉब केस से जुड़े अहम सवाल राबड़ी देवी से पूछे, जिसका उन्होंने जवाब दिया है। 

चार घंटे की पूछताछ के बाद वह ईडी दफ्तर से रवाना हो गईं जबकि तेजप्रताप यादव से पूछताछ अब भी जारी है।

होली के बाद काम पर लौटने लगे लोग, रेलवे जंक्शन पर दिख रहा कुछ ऐसा नजारा


डेस्क : होली के मौके पर परदेश से घर आए लोगों के काम पर लौटने का सिलसिला शुरु हो गया है। इन यात्रियों का रेला पटना के रेल परिसरों में दिखने लगा है। सुबह में टिकट काउंटरों पर लंबी कतारें लगी रही। शाम में भारी भीड़ रही। सबसे ज्यादा समस्या स्लीपर और अनारक्षित बोगियों में है। इधर आरक्षण काउंटरों पर कतार में खड़े यात्रियों को तीसरे नंबर पर रहने के बावजूद भी बुकिंग के समय वेटिंग में टिकट मिल रहा है। 

पटना जंक्शन आरक्षण काउंटर पर पहुंचे एक यात्री ने बताया कि संघमित्रा एक्सप्रेस से यात्रा के लिए वे टिकट लेने पहुंचे थे, लेकिन जब टिकट कटाने की बारी आई तो वेटिंग में टिकट मिलने लगा। वे 45 मिनट तक आरक्षण काउंटर पर कतार में लगे थे। संपूर्ण क्रांति में तत्काल टिकट लेने पहुंचे कंकड़बाग के निवासी ने बताया कि तत्काल में वेटिंग टिकट लेकर क्या करें। अब मंगलवार को कोशिश करेंगे। बगल की कतार में चौथे नंबर पर खड़े यात्री को मगध में टिकट मिल गई। वे तीसरे नंबर पर खड़े थे, लेकिन एसी में वेटिंग टिकट मिलने लगा। 

राजेन्द्रनगर टर्मिनल, दानापुर और पाटिलपुत्र जंक्शन पर भी तत्काल के समय सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक की भीड़ यह बताने को काफी थी कि टिकटों के लिए लोग कितने परेशान हैं।

बिहार बजट सत्र : विधानसभा में विपक्ष द्वारा किये जा रहे हंगामे को सीएम ने कुछ इस तरह कराया शांत, जानिए


डेस्क : बिहार विधानमंडल के 11वें दिन की कार्यवाही आज एकबार फिर विपक्ष के हंगामे के साथ शुरु हुई। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक ललित कुमार यादव द्वारा पूछे गए एक सवाल पर आए शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। ललित यादव ने निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के सरकारी स्कूलों में दाखिला लेकर दोनों जगहों पर पढ़ने का सवाल किया। इसे लेकर शिक्षा मंत्री ने जो जवाब दिया उससे ललित यादव ने अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस मामले में को डेटा नहीं है।

ललित यादव ने कहा कि सरकार का जो जवाब है उसमें बताना चाहिए कि अगर टारगेट से कम दाखिला का मामला आया है तो किस पर कार्रवाई हुई। उन्होंने नामांकन की संख्या और कार्रवाई के बारे में सवाल किया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सूची उपलब्ध कराने की बात कही। इसे लेकर ललित यादव उनके जवाब से असंतुष्ट हुए और बाद में विपक्ष के कई सदस्यों ने एक साथ इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सदस्य एक साथ अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे। 

स्थिति ऐसी हो गई कि खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को अपनी जगह पर खड़े होकर सदस्यों को शांत कराने की पहल करनी पड़ी। हंगामा कर रहे सदस्यों को पहले सीएम नीतीश ने कहा कि अगर कोई दिक्कत है तो लिख कर दें हम इसे देखेंगे। उन्होंने कहा- 'मेरे खिलाफ आप खूब बोलिए। मैं ताली बजाकर तारीफ करूंगा, लेकिन कोई समस्या है तो आप लोग लिखकर दीजिए। हम एक्शन लेंगे । हालाँकि सीएम नीतीश की इस अपील का कोई असर विपक्षी सदस्यों पर नहीं हुआ। नतीजा हुआ कि सदन में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की जोरदार नारेबाजी जारी रही।

अंततः सीएम नीतीश ने एक बार फिर से अपनी जगह पर खड़े होकर विपक्ष को संतुष्ट करने की कोशिश की। उन्होंने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि शिक्षा के अधिकार अधिनियम से जुड़े मामले में सरकार पूरी तरह गंभीर है। हमारी सरकार कमजोर वर्ग के लिए काम करती है। उन्होंने कहा कि पूरे मामले में समीक्षा होगी और जहां गडबडी होगी उसे देखा जाएगा। उन्होंने सदन में खड़े होकर सीधे शिक्षा मंत्री और अधिकारी को कहा कि आप इसे देखिए। जहां भी शिक्षा के अधिकार अधिनियम दिक्कत है उसे दूर किया जाए। 

उन्होंने कहा कि अगर शिकायत है तो हम को लिख के दीजिए। हम एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे खिलाफ बोल रहे हैं, हमारे खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। इस लिए हम आपसबों को बधाई दे रहे हैं। बजाप्ता उन्होंने ताली बजाकर दिखाया। मुख्यमंत्री ने मंत्री को भी नसीहत दी। साथ ही विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ को एक्शन लेने को कहा। मंत्री विजय चौधरी ने मुख्यमंत्री को कागज बढ़ाया,जिसे नीतीश कुमार ने पढ़ा।मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद राजद विधायक शांत हुए और अपनी सीट पर बैठ गए।

बिहार बजट सत्र : प्रश्नकाल के दौरान मंत्री के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष ने विधान सभा में किया जोरदार हंगामा


डेस्क : बिहार विधानमंडल के 11वें दिन की कार्यवाही आज एकबार फिर विपक्ष के हंगामे के साथ शुरु हुई। विपक्षी सदस्यों ने विधानसभा के बाहर जोरदार हंगामा किया। हाथों में पोस्टर लेकर आरजेडी, कांग्रेस और वाम दलों के सदस्य नारेबाजी करते दिखे। इस दौरान उन्होंने पुरजोर तरीके से अपनी मांगों को सरकार के समक्ष पेश करने की कोशिश की है। पुरानी पेंशन सिस्टम को लागू करने की मांग को लेकर विपक्ष ने सदन के बाहर हंगामा किया।

वहीं विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान राजद विधायक ललित कुमार यादव द्वारा पूछे गए एक सवाल पर आए शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन में विपक्षी सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। ललित यादव ने निजी शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बच्चों के सरकारी स्कूलों में दाखिला लेकर दोनों जगहों पर पढ़ने का सवाल किया। इसे लेकर शिक्षा मंत्री ने जो जवाब दिया उससे ललित यादव ने अपनी असहमति जताई। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस मामले में को डेटा नहीं है।

ललित यादव ने कहा कि सरकार का जो जवाब है उसमें बताना चाहिए कि अगर टारगेट से कम दाखिला का मामला आया है तो किस पर कार्रवाई हुई। उन्होंने नामांकन की संख्या और कार्रवाई के बारे में सवाल किया। शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सूची उपलब्ध कराने की बात कही। इसे लेकर ललित यादव उनके जवाब से असंतुष्ट हुए और बाद में विपक्ष के कई सदस्यों ने एक साथ इस मुद्दे पर जोरदार हंगामा किया। विपक्षी सदस्य एक साथ अपनी जगह पर खड़े होकर नारेबाजी करते रहे।

कांग्रेस के पलायन रोको, नौकरी दो पदयात्रा पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडये ने कसा तंज, मांगा इन सवालों का जवाब


डेस्क : बिहार में इस साल विधान सभा चुनाव होने है। जिसकी तैयारी में सभी राजनीतिक दल अभी से जुट गए है। सभी पार्टियों द्वारा यात्रा और कई तरह के कार्यक्रम आयोजित कर जनता को लुभाने का सिलसिला जारी है। इसी कड़ी में बिहार कांग्रेस की ओर से पदयात्रा निकाला गया है। जिसका मुद्दा कांग्रेस ने पलायन रोको और नौकरी दो बनाया है। 

इधर कांग्रेस के बिहार में जारी पलायन रोको, नौकरी दो पदयात्रा पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने तंज कसा है। सोमवार को जारी बयान में मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 के बाद राज्य में बेरोजगारी और पलायन पर जबरदस्त लगाम लगी है।

कहा कि कांग्रेस को यह बताना चाहिए कि वर्ष 1990 से 2005 तक बिहार के पतन का दौर था। यह वह दौर था, जब बिहार में राजनीतिक पतन, जातिवाद, हिंसा, नरसंहार चरम पर था। मंत्री ने कहा कि 90 के दशक के नरसंहारों को बिहार के युवाओं ने देखा है। उस वक्त दिन के उजाले में गांवों के दरवाजे बंद होते थे। औरतों की पीड़ा सुनने वाला कोई नहीं था। हालत इतनी बुरी हो चुकी थी कि लोग अपना घर छोड़कर पलायन कर रहे थे। उदारीकरण के बाद देश के कई राज्यों ने अपनी तकदीर बदली, लेकिन बिहार न बदल सका। 

मंगल पांडेय ने कहा है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हालात बदले हैं। तत्कालीन मुख्यमंत्री लालू प्रसाद भी चारा घोटाले के अलग-अलग मामलों में जेल गए। 2005 में जब लालू रेल मंत्री थे, तब भी उन पर रेलवे टेंडर में घोटाले के आरोप लगे। हाल ही में सीबीआई ने उन पर रेलवे भर्ती में घोटाले में भी केस दर्ज किया है। कांग्रेस ने हमेशा राजद का खुलकर समर्थन किया और आज भी कर रही है। ऐसे में कांग्रेस की तरफ से बेरोजगारी व पलायन पर निकाली गयी पदयात्रा एक मजाक है।

विधि-व्यवस्था को लेकर सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक, दिए यह सख्त निर्देश

डेस्क : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पदाधिकारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि विधि-व्यवस्था सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। अपराध नियंत्रण में किसी प्रकार की कोताही न बरतें। अपराध करने वाले कोई भी हों, उन्हें किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

दरअसल विपक्ष द्वारा प्रदेश की विधि-व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे है। जिसके बाद बीते सोमवार को मुख्यमंत्री ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी के साथ विधि-व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर कई दिशा-निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा है कि अपराध के कारणों की पूरी तहकीकात कर दोषी की पहचान करें। बिना किसी भेदभाव के उन पर सख्त कार्रवाई करें। यदि आपराधिक घटनाओं के पीछे साजिश है तो उसकी भी जांच कर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाय।

मुख्यमंत्री ने अपराध अनुसंधान के कार्यों में तेजी लाने और इसे ससमय पूर्ण करने का निर्देश दिया, ताकि दोषियों पर जल्द कार्रवाई हो सके। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिये पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी से कार्य करें। मुख्यमंत्री को डीजीपी ने अपराध नियंत्रण पर हो रहे कार्यों की जानकारी दी। बताया कि पुलिस पूरी मुस्तैदी के साथ लगातार काम कर रही है। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अनुपम कुमार और मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह उपस्थित थे।

समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया गया कि वे असामाजिक तत्वों की पहचान करें। कोई पुलिसकर्मी के खिलाफ आचरण कर रहा है तो उनपर विधि सम्मत कार्रवाई हो। असामाजिक तत्वों के खिलाफ क्राइम कंट्रोल एक्ट (सीसीए) और राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अपराध के विरुद्ध सरकार की जीरो टालरेंस नीति को प्रभावी तरीके से अमल में लाने को कहा गया है।

बिहार में बदला मौसम का मिजाज, राज्य के कई जिलों में हो रही बारिश से मौसम हुआ सुहावना


डेस्क : पिछले कुछ दिनों से बिहार के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। बीते रविवार 16 मार्च से मौसम के मिजाज में हुआ बदलाव अबतक जारी है। वहीं अगले पांच दिनों तक ऐसा ही बने रहने की संभावना है। पिछले दो दिनों से राज्य के कई हिस्सों में बारिश हो रही है, जबकि कुछ जिलों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे मौसम सुहावना हो गया है, ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। 

मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम का यही रुख बना रहेगा। दिन में धूप के साथ हवाएं चलती रहेंगी, जिससे फिलहाल गर्मी से राहत मिलेगी। 21 से 23 मार्च के बीच बिहार के कई जिलों में वर्षा होने की संभावना है। आज यानी 18 मार्च को बिहार का मौसम शुष्क बना रहेगा। अगले 24 घंटों में बांका, मुंगेर, भागलपुर, शेखपुरा, खगड़िया और बेगूसराय जिलों में अधिकतम तापमान 34-38°C (सामान्य से अधिक) रहने की संभावना है, जबकि राज्य के अन्य हिस्सों में तापमान 32-34°C के बीच बना रहेगा। इसके अलावा, बिहार के अधिकतर इलाकों में मध्यम से तेज गति की पछुआ हवा चल सकती है।

वहीं मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक बिहार के इन जिलो में बारिश की संभावना जताई है। मौसम विभाग के अनुसार 21 मार्च को सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया, कटिहार, पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश की संभावना है।

22 मार्च को बक्सर, भोजपुर, रोहतास, भभुआ, औरंगाबाद, अरवल, पटना, गया, जहानाबाद, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, बेगूसराय, भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर और खगड़िया में बारिश की संभावना। और 23 मार्च भागलपुर, बांका, जमुई, मुंगेर, खगड़िया, सुपौल, अररिया, किशनगंज, सहरसा, मधेपुरा, पूर्णिया और कटिहार में बारिश के साथ मेघ गर्जन और वज्रपात की आशंका है।

अपराध को लेकर विपक्ष के लगातार हमले के बाद एक्शन में आए सीएम नीतीश कुमार, सीएस और डीजीपी को किया तलब

डेस्क : बिहार विधानमंडल का बजट सत्र चल रहा है। वहीं विपक्ष प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार सरकार पर हमलावर है। आज सत्र के 10वें दिन एकबार विपक्ष ने प्रदेश में बढ़ते अपराध को लेकर जमकर हंगामा किया। वहीं सबसे बड़ी बात यह रही कि सत्ता में शामिल बीजेपी के विधायक ने भी पुलिस के कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाया।

आज सोमवार को जैसे की सत्र की कार्यवाही शुरु हुई विधानसभा में गिरती कानून व्यवस्था को लेकर विपक्ष ने नीतीश कुमार सरकार पर जोरदार हमला बोला। विपक्षी विधायकों ने सदन में प्ले कार्ड लहराते हुए नारेबाजी की, जिससे सीएम नीतीश कुमार कुछ ही सेकंड में सदन छोड़कर अपने चैम्बर में चले गए। इसके बाद वे विधान परिषद पहुंचे, जहां भी विपक्ष ने सवालों की झड़ी लगा दी।

विपक्षी नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि पिछले 20 वर्षों में बिहार में 60,000 हत्याएं और कई रेप की घटनाएं हुई हैं। वहीं इनमें पिछले तीन दिनों में बिहार में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं, जिनमें पुलिस पर हमले भी शामिल हैं। तेजस्वी ने कहा कि गृह मंत्री के रूप में नीतीश कुमार को इसका जवाब देना चाहिए।

इधर विपक्ष के बढ़ते दबाव और कानून व्यवस्था पर तीखी आलोचना के बीच सीएम नीतीश कुमार ने बिहार के डीजीपी और मुख्य सचिव को तलब किया। मुख्यमंत्री ने राज्य में बढ़ते अपराध और पुलिस की नाकामी पर चर्चा की और अधिकारियों से स्पष्ट जवाब मांगा। माना जा रहा है कि बढ़ते दबाव के कारण सरकार जल्द ही कुछ कड़े फैसले ले सकती है।

रोहतास जिले के इस पंचायत मे अवैध शराब के कारोबार को लेकर लोगो मे आक्रोश, थाने का किया घेराव

डेस्क : बिहार मे पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद इसका कारोबार जारी है। कई राजनीतिक दलो द्वारा इसे लेकर सवाल उठाए जाते है और शराबबंदी को खत्म किए जाने की मांग की जाती रही है।इसी बीच रोहतास जिले के चेनारी से शराबबंदी की मांग को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है।

जिले के देवडीही पंचायत में खुलेआम शराब की बिक्री और निर्माण के खिलाफ युवाओं का एक समूह विरोध प्रदर्शन करते हुए चेनारी थाना पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने शराब पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की।

ग्रामीणों का कहना है कि देवडीही गांव में देसी शराब की बिक्री बेधड़क हो रही है, जिससे खासकर युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है। कई लोग यहां अवैध रूप से शराब बना और बेच रहे हैं। स्थानीय लोगों ने कई बार इसकी शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस के पहुंचते ही अवैध शराब कारोबारी फरार हो जाते हैं, जिससे प्रशासन की निष्क्रियता को लेकर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।

लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 9 साल पहले बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू की जिसके कई फायदे देखने को मिले है। शराबबंदी को लागू कराने की जिम्मेदारी जिसे दी गयी है वही शराब बेचवाने का काम कर रहे है। लोगों का आरोप सीधे तौर पर बिहार की पुलिस पर है। जो शराब के धंधेबाजों से मिली हुई है। शराब के अवैध धंधेबाज पुलिस तक हफ्ते पहुंचाता है इसलिए पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती।

शराबबंदी को लेकर बढ़ते जनाक्रोश के चलते युवाओं ने जुलूस निकाला और नारेबाजी करते हुए चेनारी थाना पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने उन्हें कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए और वहां से लौट गए। गौरतलब है कि इससे पहले भी महिलाओं ने थाना घेराव कर शराबबंदी को प्रभावी बनाने की मांग की थी। पुलिस की निष्क्रियता के कारण क्षेत्र में जनता का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है।

बिहार बजट सत्र : बीजेपी विधायक ने अपनी ही सरकार के पुलिस पर उठाए सवाल, विपक्ष ने इन मुद्दों को लेकर सरकार को घेरा

डेस्क : होली को लेकर तीन दिनों के अवकाश के बाद आज सोमवार को बिहार विधानमंडल के बजट सत्र की 10वें दिन की कार्यवाही विपक्ष के भारी हंगामे के साथ शुरु हुई। सदन के बाहर और अंदर नीतीश सरकार के खिलाफ विपक्षी सदस्यों ने कई मुद्दों पर नीतीश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। वहीं कार्यवाही शुरू होने के दौरान भी हाथों में पोस्टर लेकर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा शुरू किया।

वहीं सदन के अंदर भाजपा विधायक अरुण शंकर प्रसाद ने बिहार पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए। मधुबनी के खजौली से विधायक अरुण शंकर प्रसाद ने अपने क्षेत्र से जुड़े एक मामले में कहा कि अपराधियों के साथ नरम व्यवहार और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ अभद्र व्यवहार। यह कैसी पीपुल फ्रेंडली पुलिसिंग है।

दरअसल, उनके क्षेत्र में विजय कुमार सिंह नाम के एक व्यक्ति को पुलिस ने रात 10 बजे घर से पकड़ लिया जबकि इसी नाम के दूसरे आदमी को पकड़ना था। इस सरकार की ओर से जवाब आया कि यह एक ही नाम के दो आदमी के भ्रम की स्थिति में हुआ और सुबह जब विजय कुमार सिंह के परिजनों ने आधार कार्ड पेश किया तो निजी मुचलके पर उन्हें छोड़ दिया गया। इस जवाब से असंतुष्ट से दिखे अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि आखिर एक सामाजिक कार्यकर्ता को निजी मुचलका क्यों भरना पड़े ?

वहीं बिहार विधानसभा में सोमवार को कब्रिस्तान की घेराबंदी के मुद्दे पर विपक्षी सदस्यों ने नीतीश सरकार को घेरा। सिकटा विधायक वीरेंद्र गुप्ता ने इसे लेकर सदन में सवाल किया। इसके बाद कई विपक्षी सदस्यों ने सदन में जमकर नारेबाजी की। अपना विरोध दर्शाने के लिए सदस्यों ने सदन से वॉक आउट किया। हालाँकि करीब 2 मिनट के बाद ही सदस्य वापस सदन में आ गए। इसके पहले राजद विधायक मुकेश रौशन ने कहा कि सरकार खून की होली खेल रही है। राज्य में 2 दिन में 22 हत्याएं हुई हैं।