पीवीयूएनएल ने सीएसआर फंड के तहत रामगढ़ पुलिस को 10 टीवीएस अपाचे आरटीआर बाइक तथा गश्ती के लिए जरुरी उपकरण प्रदान किया


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पीवीयूएनएल द्वारा कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) पहल के तहत रामगढ़ पुलिस को 10 टीवीएस अपाचे आरटीआर बाइक सभी गश्ती आवश्यक उपकरणों के साथ प्रदान की गईं।  

पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) श्री आर.के. सिंह ने इन बाइकों को रामगढ़ पुलिस अधीक्षक (एसपी) श्री अजय कुमार को औपचारिक रूप से सौंपा। इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और पीवीयूएनएल के वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति रही।  

इस अवसर पर रामगढ़ के एसपी श्री अजय कुमार ने पीवीयूएनएल द्वारा दी गई इस महत्वपूर्ण सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ये बाइक्स पुलिस बल की दक्षता को और अधिक मजबूत बनाएंगी, खासकर कानून व्यवस्था बनाए रखने और आपातकालीन स्थितियों में तेजी से कार्रवाई करने में यह बहुत सहायक होंगी।  

सीईओ श्री आर.के. सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पीवीयूएनएल समाज और समुदाय के प्रति अपनी जिम्मेदारी को समझते हुए इस तरह की पहल के लिए हमेशा प्रतिबद्ध है। यह योगदान पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ाने और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।  

इस प्रयास ने समाज के साथ पीवीयूएनएल की गहरी प्रतिबद्धता को एक बार फिर प्रमाणित किया है।

केंद्र सरकार से मिली राशि का ससमय उपयोगिता प्रमाण पत्र देः मुख्य सचिव

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स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट (एसएएससीआई) को लेकर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में बैठक

रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची: राज्यों को पूंजी निवेश के लिए दी जानेवाली विशेष सहायता योजना के तहत झारखंड को मिली राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र केंद्र सरकार को ससमय देने का निर्देश मुख्य सचिव अलका तिवारी ने सभी संबंधित विभागों के सचिवों को दिया है। उन्होंने कहा कि खर्च की गई राशि का उपयोगिता प्रमाण ससमय देने से उस मद में बची राशि पर दावा मजबूत होगा। साथ ही वित्तीय अनुशासन के साथ ससमय योजना पूरी करने वाले राज्य के रूप में भी हमारी पहचान बनेगी। गौरतलब है कि केंद्र सरकार द्वारा पूंजी निवेश के लिए विशेष सहायता योजना के तहत राज्यों को 50 वर्षों के लिए ब्याज मुक्त कर्ज दिया जाता है। मुख्य सचिव आज 24 जनवरी को स्कीम फॉर स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट फॉर कैपिटल इनवेस्टमेंट (एसएएससीआई) को लेकर संबंधित विभागों के सचिवों के साथ समीक्षा कर रही थीं।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव को बताया गया कि वित्तीय वर्ष, 2023-24 में झारखंड को केंद्र सरकार द्वारा 5255.14 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं, जिसमें से अभी तक 4580.62 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए राज्य द्वारा 4302 करोड़ रुपये का प्रस्ताव केंद्र सरकार को समर्पित किया गया है, जिसके विरुद्ध 2763 करोड़ रुपये के प्रस्ताव की स्वीकृति केंद्र सरकार ने दे दी है। वहीं प्रस्ताव के तहत 1233 करोड़ रुपये की राशि झारखंड को मिल भी चुकी है। 

बताया गया कि इसके अतिरिक्त भी राज्य लगभग 1250 करोड़ रुपये का दावा एसएएससीआई के विभिन्न हिस्सों के लिए कर सकता है। बताया गया कि अगर केंद्र सरकार के दिशा निर्देशों के अनुरूप कार्य हुआ, तो एसएएससीआई के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 4600 करोड़ रुपये की अधिप्राप्ति केंद्र सरकार से संभावित है। 

समीक्षा के दौरान बताया गया कि झारखंड में यूनिटी मॉल के निर्माण के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 के लिए 162.94 करोड़ की स्वीकृति दी गयी है। उसके प्रथम किश्त के रूप में राज्य को 81.47 करोड़ रुपये प्राप्त हो चुके हैं। अब उद्योग विभाग को प्राप्त राशि का 75 प्रतिशत खर्च करने का उपयोगिता प्रमाण पत्र देना है, उसके बाद ही इस मद की शेष राशि केंद्र सरकार से मिलेगी। 

नेतरहाट, तिलैया एवं तेनूघाट डैम सौंदर्यीकरण के लिए 214.94 करोड़ रुपये का प्रस्ताव राज्य ने समर्पित किया है। तिलैया डैम के लिए केंद्र सरकार ने 34.87 करोड़ रुपये की स्वीकृति दे दी है। सौंदर्यीकरण योजना के लिए केंद्र सरकार द्वारा कुछ जानकारी तलब की गई है। वुमेन हॉस्टल निर्माण के लिए केंद्र सरकार द्वारा राज्य को 163 करोड़ रुपये आवंटित किये गये हैं। इसके तहत झारखंड में कुल 8 हॉस्टल का निर्माण होना है। भारत सरकार द्वारा दो हॉस्टल को लेकर कुछ जानकारी मांगी गयी है, जिसे उद्योग विभाग को उपलब्ध कराना है। 

समीक्षा के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि एसएनए स्पर्श के तहत राज्य सरकार केंद्र सरकार से 31 जनवरी 2025 तक 250 करोड़ रुपये का क्लेम कर सकती है। बताया गया कि अर्बन प्लानिंग रिफार्म के तहत भवन निर्माण नियम को युक्तिसंगत करने के लिए 30 करोड़ रुपये का दावा केंद्र सरकार से किया गया है।

रांची के धुर्वा में पुलिस वाहन और स्कूल वैन में टक्कर, वैन के परखच्चे उड़े, ड्राइवर गंभीर


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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : राजधानी रांची में एक बड़ा हादसा सामने आया है, जहां एक पुलिस अधिकारी की गाड़ी और एक स्कूल वैन आपस में टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूल वैन के परखच्चे उड़े गए। हालांकि, हादसे में ड्राइवर और मासूम बच्चे बाल-बाल बच गए।

यह घटना रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के शालीमार बाजार के पास की है। जहां पुलिस अधिकारी के स्कॉर्पियो गाड़ी और एक स्कूल वैन आपस में टकरा गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मारुति वैन के परखच्चे उड़ गए। उसके सामने का हिस्सा पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। दुर्घटना में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वही वैन में बैठे कुछ बच्चों को भी चोटें आई हैं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने ड्राइवर और बच्चों को वैन से सुरक्षित बाहर निकाला और अस्पताल पहुंचाया।

राजधानी रांची के लगभग सभी स्कूलों में बच्चों को छोटी वैन के जरिए स्कूल लाया-ले जाया जाता है। इन चालकों की लापरवाही और यातायात नियमों का उल्लंघन करते नजर आते हैं। नतीजतन आए दिन दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जरूरत है इन पर नियंत्रण करने की।

गणतंत्र दिवस कार्यक्रम 2025, 26 जनवरी के दिन रांची में सुबह 6 बजे से रात 10 बजे तक बड़े वाहनों का नो इंट्री


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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह को लेकर 26 जनवरी को यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह का मुख्य कार्यक्रम होगा। इसे लेकर रांची शहरी क्षेत्र में सुगम यातायात को लेकर सुबह छह से रात दस बजे तक बड़े वाहनों का प्रवेश वर्जित रखा गया है। शहर के अन्य मार्गों पर छोटे वाहनों का परिचालन पूर्व की तरह होगा।

कांके से रांची आने वाले वाहन बोड़या तक, चाईबासा से खूंटी होकर रांची आने वाले वाहन बिरसा चौक तक, गुमला- सिमडेगा से रांची आने वाले कटहल मोड़ व आईटीआई तक, जमशेदपुर से आने वाले वाहन दुर्गा सोरेन चौक व सदाबहार चौक तक, पतरातू से कांके होकर आने वाले वाहन लॉ यूनिवर्सिटी तक, तिलता चौक से होकर आने वाले वाहन पंडरा बाजार तक ही आ सकेंगे। वीवीआईपी के लिए भी मार्ग निर्धारित किए गए हैं। 

मुख्य समारोह स्थल मोरहाबादी मैदान और आसपास में वाहन पड़ाव के लिए अलग से व्यवस्था की गई है।

• राज्यपाल के कारकेड और वीवीआइपी के वाहनों का पड़ाव मुख्य मंच के पीछे होगा।

• पदाधिकारियों की गाड़ियां ऑक्सीजन पार्क के बगल में पार्क होंगी।

• नारंगी रंग के पासयुक्त वाहन का पड़ाव मुख्य मंच के पश्चिम में होगा।

• हरा पास के लिए बापू वाटिका के सामने और सामान्य वाहन का पड़ाव टीआरआइ के सामने फुटबॉल मैदान में होगा।

गजब : नगर निगम, IAS अधिकारी के बेटे ने तीन तीन बार लिया जन्म प्रमाण पत्र

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झारखंड में मचा सियासी बवाल… बीजेपी ने उठाए 4 सवाल

रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड में रांची नगर निगम की गजब कहानी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के नाम नगर निगम ने तीन जन्म प्रमाण पत्र जारी किया है। इसे लेकर भारतीय जनता पार्टी ने सरकार और निगम पर चार सवाल उठाया है।

भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय साह ने कहा कि जहां आम लोग को नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र बनाने में परेशानी होती है, वहीं झारखंड के एक ऐसे आईएएस अधिकारी हैं जिन्होंने अपने बेटे का नगर निगम से तीन जन्म प्रमाण पत्र बनवाए हैं। इस पर सवाल पूछे जाने पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि आईएएस अधिकारी राजीव रंजन के बेटे के एक जन्म प्रमाण पत्र को वैध माना गया है।

 बाकी जन्म प्रमाण पत्रों को निरस्त कर दिया गया है। बच्चे का पहला बर्थ सर्टिफिकेट में बर्थ डेट है 13 अक्टूबर 2013, दूसरा बर्थ सर्टिफिकेट में बर्थ डेट 13 अक्टूबर 2015 और तीसरा सर्टिफिकेट में बर्थ डेट 10 अक्टूबर 2017 है। अजय साह ने सवाल खड़ा करते हुए कहा कि नगर निगम ने आखिर किस बर्थडे सर्टिफिकेट को मान्यता दी है, 2013 का, 2015 का या फिर 10 अक्टूबर 2017 का। उन्होंने यह भी पूछा है कि यह निर्णय किस आधार पर लिया गया कि आईएएस अधिकारी के बेटे का कौन-सा प्रमाण पत्र असली है और कौन सा फर्जी?

अजय साह ने यह भी कहा कि बच्चे के जन्म के 21 दिन के बाद जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करते समय शपथ पत्र देना होता है। राजीव रंजन ने भी शपथ पत्र दिया होगा, इस तीन शपथ पत्र में कौन फर्जी है। क्या नगर निगम ने संबंधित आईएएस अधिकारी के खिलाफ फर्जीवाड़े का मामला दर्ज कराया है? नगर निगम के उस अधिकारी पर क्या कार्रवाई की गयी, जिसने तीन अलग-अलग जन्म प्रमाण पत्र जारी किये और उन्हें सत्यापित किया?

उन्होंने कहा कि झारखंड में कानून का खुलेआम मजाक उड़ाया जा रहा है। यहां आम जनता और बड़े अधिकारियों के लिए अलग-अलग कानून की व्यवस्था लागू हैं। यदि ऐसा फर्जीवाड़ा किसी सामान्य व्यक्ति ने किया होता तो नगर निगम उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करता लेकिन चूंकि यह मामला एक बड़े अधिकारी से जुड़ा है। इसलिए निगम का रवैया नरम दिखाई दे रहा है।

राष्ट्रीय मतदाता दिवस के राज्य स्तरीय समारोह की तैयारियों का मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने किया निरीक्षण
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रांची :  राष्ट्रीय मतदाता दिवस 25 जनवरी को आर्यभट्ट सभागार में के राज्य स्तरीय समारोह का आयोजन होने जा रहा है। जिसमें झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार को मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।


मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने कहा कि झारखंड  लोकसभा आम निर्वाचन 2024 एवं विधानसभा आम निर्वाचन 2024 के दौरान बेहतर प्रदर्शन करने वाले पदाधिकारियों एवं कर्मियों को राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया जाना है। आर्यभट्ट सभागार में आयोजित होने वाले कार्यक्रम स्थल काf निरीक्षण के दौरान उन्होंने उक्त बातें कहीं।

के. रवि कुमार ने पदाधिकारियों को कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए व्यवस्था को दुरुस्त रखने का निदेश दिया । उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में अन्य जिलों के उपायुक्त, पदाधिकारी एवं बीएलओ भी सम्मिलित होंगे। निर्वाचन में बेहतर प्रदर्शन के लिए उन्हें सम्मानित किया जाना है। उनके आने जाने एवं ठहरने की व्यवस्था को पूर्ण कर लिया जाए। कार्यक्रम में कॉलेज एवं एनएसएस के बच्चे, नए मतदाता, वृद्धि मतदाता एवं दिव्यांग मतदाता आदि भी सम्मिलित होंगे।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. नेहा अरोड़ा ने कहा कि कार्यक्रम में लोगों को निर्वाचन के दौरान हुए कार्यों एवं बीएलओ के प्रयासों से अवगत कराने के उद्देश्य से वीडियो, बैनर आदि का डिस्प्ले किया जाए साथ ही सम्मानित होने वाले पदाधिकारियों, कर्मियों एवं बीएलओ के स्वागत की भी व्यवस्था की जाए।
दिल्ली के कर्तव्य पथ पर दिखेगी झारखंड की झांकी
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झारखंड की विरासत, विकास, संस्कृति और रतन टाटा की झलक होगा आकर्षण का केंद्र रिपोर्टर जयंत कुमार

रांची : गणतंत्र दिवस 2025 के अवसर पर दिल्ली में आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम के लिए झारखंड समेत 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियों का चयन किया गया है। 26 को दिल्ली में गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर कर्तव्य पथ पर झारखंड की झांकी दिखेगी।


झारखंड ने भी गणतंत्र दिवस पर आयोजित होने वाले राष्ट्रीय कार्यक्रम की पूरी तैयारी कर ली है। इसमें झारखंड की विरासत, विकास और संस्कृति की झलक होगी। वहीं इस वर्ष झारखंड की झांकी में स्वर्गीय रतन टाटा की मूर्ति आकर्षण के केंद्र में रहेगी। इसके जरिए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इसके अलावा यहां का पारंपरिक नृत्य, शिक्षा के क्षेत्र में नारी शक्ति के बढ़ते कदम आदि को प्रदर्शित किया जाएगा।

गौरतलाप है कि पिछले वर्ष 2024 में दिल्ली गणतंत्र दिवस परेड के अवसर पर तसर सिल्क पर आधारित झांकी प्रदर्शित की गई थी।

एक खास बात यह भी है कि गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड के पीएम कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, पटमदा, पूर्वी सिंहभूम की छात्राओं के दल को रोस्ट्रम में प्रदर्शन करने का गौरवशाली अवसर मिला है। यहां की छात्राएं दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर रोस्ट्रम में पाइप बैंड के साथ प्रदर्शन करेंगी।
झारखंड में आपदा प्रबंधन के 1300 करोड़ पर सियासत हुई गर्म, पक्ष और विपक्ष में हुई तकरार


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भाजपा ने कहा आपदा प्रबंधन के 1300 करोड़ कहां गए?, तो JMM ने PM Care Fund पर उठाए सवाल

रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड में इन दोनों आपदा प्रबंधन विभाग सुर्खियों में छाया हुआ है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के 1300 करोड़ का हिसाब नहीं मिलने पर सियासत शुरू हो गई है। विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा है कि आखिर यह पैसा कहां गया इसकी जांच होनी चाहिए। पूर्व विधायक और भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अमित मंडल ने कहा कि 2019 से अब तक राज्य आपदा मोचक निधि से खर्च हुए 1300 करोड़ का हिसाब झारखंड सरकार नहीं दे पा रही है।

 उन्होंने कहा कि 15वें वित्त आयोग का कार्यकाल समाप्त होने वाला है और 16वें वित्त आयोग के गठन से पहले सभी राज्यों को मिलने वाले पैसे का हिसाब भारत सरकार को देना था। लेकिन झारखंड सरकार के द्वारा डाटा नहीं देने के कारण एक बार फिर यह संशय की स्थिति उत्पन्न हो गई है कि आखिर 1300 करोड़ कहां गए।

भारतीय जनता पार्टी के इस आप पर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने पलटवार करते हुए पीएम केयर फंड पर सवाल उठाए और इसका भाजपा के नेताओं को हिसाब मांगने को कहा। 

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव सुप्रियो भट्टाचार्य ने कहा कि राशि के मिलान में विभाग को खर्च में अनियमितता पता चला, जिसकी जांच हो रही है। 2019 में कोरोना के उस वक्त की परिस्थिति को पैसे से नहीं आंका जा सकता, ये आम जनों का पैसा है और उसका प्रोपर एकाउंटेंशी होना चाहिए। सरकार ने विभागों से हिसाब लेने का निर्णय लिया। 

वही सुप्रियो ने बीजेपी के नेताओं से अनुरोध भी किया है कि थोड़ा पीएम केयर फंड का भी हिसाब लेले। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि पीएम आपदा राहत के रहते अचानक एक पीएम केयर फंड ट्रस्ट तैयार हो जाता, जिसका CAG ऑडिट नहीं कर सकता। पीएम केयर फंड में पूरे देश, विदेश से कितने पैसे आए। जिसका कोई हिसाब नहीं है।  

उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना के समय  वैक्सिंग का सबसे बड़ा भ्रष्टाचार हुआ। उसका पैसा इलेक्ट्रॉल बॉड में भी लगाया गया। इस वैक्सीनेशन सीरम इंस्टीट्यूट के मालिक आज देश छोड़ कर भागा।जिसकी जानकारी नहीं आई की कहां गया? ऐसे में भाजपा को पीएम केयर फंड का ब्यौरा भी जारी करना चाहिए।

झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड में होने वाली बहाली में पहले कार्य कर रहे मानव दिवस कर्मियों के लिए तय हो प्राथमिकता - अजय राय

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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड में श्रमिकों की बहाली होने वाली है। नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर श्रमिक संघ के अध्यक्ष अजय राय ने कहा कि होने वाली बहाली में पहले कार्य कर रहे मानव दिवस कर्मियों के लिए प्राथमिकता तय होनी चाहिए।

 उन्होंने ने कहा है कि 2016-2018 में अनुबंध एवं मानव दिवस कर्मियों के लिए अनुभव के आधार पर छूट व उम्र सीमा में प्राथमिकता तय की गई थी, जिसे आने वाली बहाली में भी लागू किया जाना चाहिए। यहां कार्य कर रहे लगभग 10-15 वर्षों से लगातार जो कर्मी ऊर्जा निगम की सेवा कर रहे हैं, उन्हें प्राथमिकता मिलनी ही चाहिए।

अजय राय ने निगम संचरण के एमडी व वित्त एवं परियोजना के निर्देशक के के वर्मा व ऊर्जा निगम के महाप्रबंधक कार्मिक सह: सामान्य प्रशासन सुनील दत्त खाखा से मुलाकात की और इस संबंध में वस्तु स्थिति से अवगत कराते हुए पिछले तीन अक्टूबर को श्रमिक संघ के साथ हुए समझौते की भी याद दिलाई ताकि मानव दिवस कर्मियों को न्याय मिल सके। 

झारखंड ऊर्जा विकास श्रमिक संघ की ओर से इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की गई है। उन्होंने कहा है कि अगर इस मामले में जल्द कार्रवाई नहीं होती है, तो श्रमिक संघ की ओर से आंदोलन किया जाएगा।

नामकुम अंचल के राजस्व कर्मी के ठिकानों पर ACB ने की ताबड़तोड़ छापेमारी


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रिपोर्टर जयंत कुमार 

रांची : झारखंड की राजधानी में भ्रष्टाचार को रोकने को लेकर लगातार कार्रवाई की जा रही है। एसीबी टीम ने मोरहाबादी में टैगोर हिल रोड स्थित नामकुम अंचल के अंचल निरीक्षक राजेश कुमार के आवास पर छापा मारा है। राजधानी के साथ साथ अन्य जिला और बिहार के औरंगाबाद में भी छापेमारी जारी है। 

एसीबी की टीम ने आज सुबह राजधानी रांची के मोरहाबादी स्थित टैगोर हिल के पास नामकुम अंचल के राजस्व कर्मचारी राजेश कुमार के आवास पर छापा मारा है। इसके अलावा गुमला जिले के घाघरा स्थित राजेश कुमार के किराये के मकान पर भी एसीबी छापेमारी कर रही है। राजेश बिशुनपुर और घाघरा अंचल में भी कई वर्षों तक पदस्थापित रहे हैं। वर्तमान में राजेश कुमार नामकुम अंचल कार्यालय में कार्यरत हैं।

दरअसल, 2025 के शुरुआत में ही एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने टाउन सीओ को रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा था। जिसके बाद राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भ्रष्टाचार के मामले में जीरो टॉलरेंस के तहत काम करने के निर्देश दिया और डीजीपी अनुराग गुप्ता के आदेश पर करवाई तेज की गई। जिसके तहत भ्रष्टाचार में चाहे जो भी अधिकारी, कर्मचारी या आम लोग संलिप्त पाए जाएंगे। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।