वन नेशन-वन इलेक्शन पर जेपीसी का गठन, लोकसभा के 21, राज्यसभा के 10 सांसदों का नाम, जानें कौन-कौन शामिल

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वन नेशन वन इलेक्शन पर आम सहमति के लिए सरकार ने ज्वॉइंट पार्लियामेंट कमेटी (जेपीसी) के सदस्यों का ऐलान कर दिया है। लोकसभा से 21 और राज्यसभा से 10 सांसदों को इस JPC के लिए चुना गया है।राजस्थान के पाली से बीजेपी के सांसद पीपी चौधरी जेपीसी की अध्यक्षता करेंगे।

लोकसभा ने अपने 21 नामों की घोषणा भी कर दी है। इन 21 में से 5 सांसदों का पेशा वकालत है। जेपीसी में बीजेपी के 10, कांग्रेस के 3 और टीएमसी, डीएमके, शिवसेना (शिंदे), एनसीपी (शरद), रालोद, टीडीपी, जनसेना, सपा के एक-एक सांसदों को जगह दी गई है।

कांग्रेस की तरफ से प्रियंका गांधी वाड्रा, मनीष तिवारी और सुखदेव भगत सिंह को शामिल किया गया है। भाजपा की तरफ से बांसुरी स्वराज, संबित पात्रा और अनुराग सिंह ठाकुर समेत 10 सांसद हैं, जबकि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से कल्याण बनर्जी का नाम है। इसके अलावा सपा, डीएमके, टीडीपी समेत 8 अन्य पार्टियों से एक-एक सांसद इस जेपीसी का सदस्य बनाया गया है।

बता दें कि संसद में मंगलवार को पेश हुए 129 वें संविधान (संशोधन) बिल यानी एक देश एक चुनाव बिल की समीक्षा के लिए सरकार ने बनने ज्वॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी नाई है। इस समिति को अगले सत्र के आखिरी हफ्ते के पहले दिन तक अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी। फिलहाल सिर्फ लोकसभा से जेपीसी में शामिल किए गए सांसदों के नामों का ऐलान किया गया है। राज्यसभा की तरफ से इस जेपीसी के लिए 10 सांसदों के नामों की घोषणा जल्द की जाएगी।

यह संसद की संयुक्त संसदीय कमेटी है, जिसमें बिल और मुद्दों की समीक्षा की जाती है। समीक्षा के बाद जेपीसी कमेटी अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपताी है। वन नेशन-वन इलेक्शन बिल को इसी कमेटी में भेजा गया है। वन नेशन-वन इलेक्शन का विधेयक संवैधानिक संशोधन से जुड़ा है। इस विधेयक के संसद से पास होने के बाद पूरे देश में चुनाव आयोग की सिफारिश पर विधानसभा और लोकसभा को भंग किया जा सकता है। विधेयक लागू होने के बाद देश में विधानसभा और लोकसभा का चुनाव एक साथ कराया जा सकता है।

कानून मंत्री मेघवाल ने 17 दिसंबर को लोकसभा में एक देश-एक चुनाव को लेकर संविधान संशोधन बिल रखा था। विपक्षी सांसदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद बिल पेश करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग कराई गई। कुछ सांसदों की आपत्ति के बाद वोट संशोधित करने के लिए पर्ची से दोबारा मतदान हुआ। इस वोटिंग में बिल पेश करने के पक्ष में 269 और विपक्ष में 198 वोट पड़े। इसके बाद कानून मंत्री ने बिल दोबारा सदन में रखा।

धक्का-मुक्की विवाद पर बीजेपी और कांग्रेस आमने सामने, दोनों पार्टियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर क दूसरे पर बोला हमला

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संसद में संविधान निर्माता बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान के बाद हंगामा मचा हुआ है। गुरुवार को ये हंगामा धक्का-मुक्की में तब्दील हो गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष ने एक-दूसरे पर बदसलूकी के आरोप लगाए हैं।संसद में गुरुवार सुबह हुई धक्कामुक्की की घटना को लेकर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। कांग्रेस मुख्यालय में राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि ये उनका अडाणी जैसे जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने का तरीका है। वहीं, भाजपा मुख्यालय में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कहा कि अगर खड़गे-राहुल को माफी नहीं मांगनी थी तो प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों की।

राज्यसभा में धक्का-मुक्की वाले विवाद के बाद कांग्रेस की तरफ से प्रेस कॉन्फ्रेंस की गई। इसमें कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, जयराम रमेश समेत तमाम नेता मौजूद रहे। इस दौरान संविधान पर बहस के दौरान राज्यसभा में केंद्रीय गृह मंत्री के भाषण पर राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'सरकार और खासकर प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह डॉ. बीआर अंबेडकर के बारे में जो बयान दे रहे हैं, वह बहुत दुखद है और उन्होंने (अमित शाह) कल तथ्यों को देखे बिना ही प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। जवाहरलाल नेहरू, डॉ. बीआर अंबेडकर को गाली देने से पहले उन्हें तथ्यों को देखना चाहिए।

गृह मंत्री से इस्तीफे की मांग

खरगे ने आगे कहा कि, आंबेडकर पर बयानबाजी काफी दुखदायक है, गृह मंत्री अमित शाह अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है। हमारी मांग है कि गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए और देश से माफी मांगनी चहिए।

कांग्रेस करेगी देशव्यापी प्रदर्शन

इस दौरान मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि हम संसद में हर रोज धरना प्रदर्शन करते थे, कभी हिंसा नहीं हुई। आज भी हम लोग शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। हमें मकर द्वार पर रोका गया। इस दौरान हमारे ऊपर हमला किया गया। भाजपा के सांसदों ने मुझे धक्का दिया। हमारी महिला सांसदों को भी धक्का दिया गया। वो लोग हमारा मजाक उड़ा रहे थे। हम इस मामले में देशव्यापी प्रदर्शन करेंगे।

उनका अहंकार उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में झलक रहा था- शिवराज सिंह

वहीं, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद बीजेपी की ओर से केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और पीयूष गोयल ने पार्टी मुख्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस की। शिवराज सिंह ने कहा कि राहुल गांधी हमारे सांसदों के बीच पहुंच गए। उन्होंने ऐसा व्यवहार किया, जिसकी कल्पना नहीं की जा सकती है। खरगे और राहुल की प्रेस कॉन्फ्रेंस देखी। इन्होंने संसद में किए कुकृत्य की क्षमा नहीं मांगी। मुझे समझ नहीं आ रहा कि फिर प्रेस कॉन्फ्रेंस क्यों की।शिवराज सिंह ने कहा, उनका अहंकार उनकी प्रेस कॉन्फ्रेंस में झलक रहा था।

अशोभनीय और गुंडागर्दी से भरा व्यवहार हुआ

शिवराज सिंह ने आगे कहा कि आज जो कुछ उसकी कल्पना नहीं की जा सकती। अशोभनीय और गुंडागर्दी से भरा व्यवहार हुआ। विचार से विरोध करना सबका अधिकार है। वो लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, तब द्वार बदल लेते थे। आज सुरक्षा कर्मियों ने राहुल से कहा कि आप साइड से निकल सकते हैं लेकिन जानबूझकर राहुल गांधी हमारे सांसदों के बीच पहुंच गए। वहां जाकर हमारे सांसदों को धमकाने लगे। शिवराज सिंह ने कहा, हमारे बुजुर्ग और गरीब सांसद प्रताप सारंगी गिर गए, उन्हें गंभीर चोट आई। मुझे कहते हुए शर्म आती है, हमारी एक बहन सांसद कन्याल के साथ अशालीन, असभ्य अमर्यादित व्यवहार किया गया। क्या महिला आदिवासी संसद के साथ ऐसा व्यवहार किया जाएगा।

डेमोक्रेसी को कलंकित करने का पाप किया

कांग्रेस और राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा, 2 बजे संसद शुरू हुई तो अध्यक्ष की टेबल पर चढ़ गए। उन्होंने डेमोक्रेसी को कलंकित करने का पाप किया है। लोकतंत्र की धज्जियां उड़ाई गईं। मैं राहुल गांधी से पूछना चाहता हूं कि क्या भारत की ये सोच और व्यवहार है। ये गैर भारतीय आचरण है। अभी तक संसद में ये चल रहा था कि कौन अच्छे से बात रखेगा। कांग्रेस अब धारा बदलने का काम कर रही है। अब वहां पहलवान और गुंडे जाएं।

विपक्ष को बड़ा झटका, राज्यसभा सभापति के खिलाफ विपक्ष का अविश्वास प्रस्ताव खारिज

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राज्यसभा के सभापति और उप-राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के खिलाफ विपक्ष की तरफ से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव को उप-सभापति हरिवंश ने खारिज कर दिया है।इस तरह अब इसे सदन में पेश नहीं किया जा सकेगा। अनुच्छेद 67(बी) का इस्तेमाल करते हुए उपराष्ट्रपति को हटाने पर विचार करने वाले किसी भी प्रस्ताव के लिए अनिवार्य रूप से कम से कम 14 दिन पूर्व नोटिस देना अनिवार्य होता है, जिसका पालन नहीं किया गया। इस वजह से तकनीकी आधार पर विपक्ष के प्रस्ताव को खारिज किया गया।

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उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि यह अविश्वास प्रस्ताव देश के दूसरे सबसे बड़े संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति के खिलाफ नैरेटिव बनाने के उद्देश्य से लाया गया था। उन्होंने बताया कि उस प्रस्ताव में उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का नाम भी ठीक से नहीं लिखा गया था। बताया जा रहा है कि अविश्वास प्रस्ताव में दस्तावेज और वीडियो को जिक्र नहीं किया गया। उपसभापति ने कहा, संसद और उसके सदस्यों की प्रतिष्ठा के लिए चिंताजनक बात ये है कि यह नोटिस मौजूदा उपराष्ट्रपति को बदनाम करने के दावों से भरा हुआ है, जिसमें अगस्त 2022 में उनके पदभार ग्रहण करने के समय की घटनाओं का जिक्र किया गया है। नोटिस में प्रामाणिकता की कमी और बाद में सामने आई घटनाओं से पता चला कि यह राजनीतिक प्रचार को चमकाने का एक प्रयास था।

संसद के शाीतकालीन सत्र के 10वें दिन (10 दिसंबर) विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के जनरल सेक्रेटरी पीसी मोदी को धनखड़ के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस दिया था। पीसी मोदी ने ही आज उप-सभापति का जवाब सदन में रखा।

राज्य सभा के सभापति जगदीप धनखड़ के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर INDIA ब्लॉक ने 11 दिसंबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- सभापति राज्यसभा में स्कूल के हेडमास्टर की तरह व्यवहार करते हैं। विपक्ष का सांसद 5 मिनट भाषण दे तो वे उस पर 10 मिनट तक टिप्पणी करते हैं। सभापति सदन के अंदर प्रतिपक्ष के नेताओं को अपने विरोधी के तौर पर देखते हैं। सीनियर-जूनियर कोई भी हो, विपक्षी नेताओं पर आपत्तिजनक टिप्पणी कर अपमानित करते हैं। उनके व्यवहार के कारण हम अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए मजबूर हुए हैं।

राहुल गांधी के खिलाफ हत्या की कोशिश के तहत शिकायत, थाने पहुंचे बांसुरी और अनुराग

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संसद में बीजेपी सांसदों के साथ ही धक्‍का-मुक्‍की के मामले ने तूल पकड़ लिया है।बीजेपी ने संसद में अपने सांसदों के खिलाफ हुई कथित धक्‍का-मुक्‍की के मामले को लेकर संसद मार्ग थाने में शिकायत दी है। बीजेपी ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता के खिलाफ हत्‍या के प्रयास के का मामला दर्ज करने की मांग की है।अनुराग ठाकुर और बांसुरी स्वराज समेत एनडीए के तीन सांसदों ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है।

शिकायत दर्ज कराने के बाद सांसद अनुराग ठाकुर ने कहा कि राहुल गांधी का जिस तरह का रवैया है, उन्हें लगता है की वह कानून से ऊपर हैं। गांधी परिवार अपने आप को कानून से ऊपर समझता है। राहुल गांधी ने नागालैंड की महिला सांसद से भी बेहद अहंकारपूर्ण तरीके से बदसलूकी की थी। शारीरिक हमला करना और उकसाने का काम राहुल गांधी ने किया है। अनुराग ठाकुर ने कहा कि कांग्रेस की हालत ऐसी हो गई है कि जैसे खिसियानी बिल्ली खंबा नोचे।

राहुल गांधी के खिलाफ इतनी धाराओं में शिकायत

भीमराव अंबेडकर को लेकर देश के गृहमंत्री अमित शाह के बयान को लेकर आज संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन हो रहा था। इसी दौरान धक्का मुक्की भी हुई जिसमें बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत घायल गए। अब इस मामले में कांग्रेस पार्टी के महासचिव और पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी पर भाजपा ने मामला दर्ज करवा दिया है। संसद में धक्‍का-मुक्‍की के मामले में राहुल गांधी ने के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

धारा 109 हत्या का प्रयास के तहत शिकायत दर्ज की गई है।

धरा 115 स्वेच्छा से चोट पहुंचाना।

धारा 117 स्वेच्छा से गंभीर चोट पहुंचाना।

धारा 125 दूसरों के जीवन या व्यक्तिगत सुरक्षा को खतरे में डालने का काम।

धारा 131 आपराधिक बल का प्रयोग।

धारा 351 आपराधिक धमकी देने का मामला।

बीजेपी के दो सांसद घायल

बता दें कि संसद के दोनों सदनों में गुरूवार को भी हंगामा हुआ। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के सांसदों के बीच मकर द्वार पर धक्कामुक्की की खबर आई। भाजपा सांसद प्रताप सारंगी के सिर में चोट देखी गई। इस दौरान भाजपा सांसद मुकेश राजपूत भी घायल हो गए। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें आरएमएल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। सारंगी का इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है। पीएम मोदी ने फोन पर सांसदों का हालचाल जाना है।

राहुल गांधी मेरे बेहद पास आकर चिल्लाने लगे”,बीजेपी महिला सांसद कोन्याक का दावा, सभापति से की शिकायत

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संसद में हुई धक्का-मुक्की में बीजेपी के दो सांसद घायल हुए हैं। ये मामला यहीं थमता नहीं दिख रहा है।अब नागालैंड की महिला सांसद ने राहुल गांधी पर गंभीर आरोप लगाया है कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने उनके साथ बदसलूकी की है। बीजेपी की नागालैंड से सांसद एस फैनोंग कोन्याक ने राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ से शिकायत की है कि राहुल गांधी ने उनके साथ मिसविहेब किया है।

संविधान निर्माता बी आर आंबेडकर के कथित अपमान को लेकर संसद परिसर में विपक्ष और सत्ताधारी एनडीए के सांसदों के बीच धक्का-मुक्की हुई। बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी घायल हो गए। पार्टी ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर सारंगी को धक्का देने का आरोप लगाया। इस धक्का-मुक्की में भाजपा सांसद मुकेश राजपूत भी घायल हो गए। अब बीजेपी की राज्यसभा सदस्य एस फैनोंग कोन्याक ने दावा किया कि वह राहुल गांधी के अचानक पास आने और चिल्लाने से असहज महसूस कर रही थीं।

कोन्याक ने सदन में सभापति जगदीप धनखड़ को घटना की जानकारी दी। उन्होंने बताया, विपक्ष के नेता राहुल गांधी करीब आए, मुझे यह पसंद नहीं आया और उन्होंने चिल्लाना शुरू कर दिया। आज जो कुछ भी हुआ वह बहुत दुखद है, ऐसा नहीं होना चाहिए। मैंने सभापति से भी शिकायत की है। बीजेपी की राज्यसभा सांसद एस फैनोंग कोन्याक ने सभापति को भेजे अपने शिकायती पत्र में कहा, विपक्षी नेता राहुल गांधी ने मेरी गरिमा और आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई है। उन्होंने कहा, मैं सदन में सुरक्षा की मांग करती हूं।

धनखड़ को लिखे पत्र में बीजेपी सांसद ने लिखा, "मैं, एस. फागनोन कोन्याक, संसद सदस्य (राज्यसभा) माननीय डॉ. बाबा साहेब अंबेडकर के खिलाफ कांग्रेस पार्टी की और से किए गए अत्याचारों के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में भाग ले रही थी। मैं अपने हाथ में एक तख्ती लेकर मकर द्वार की सीढ़ी के ठीक नीचे खड़ी थी। सुरक्षा कर्मियों ने अन्य दलों के माननीय सांसदों के प्रवेश के लिए प्रवेश द्वार पर एक रास्ता बना रखा था। अचानक, विपक्ष के नेता राहुल गांधी अन्य पार्टी सदस्यों के साथ मेरे सामने आ गए, जबकि उनके लिए एक रास्ता बनाया गया था। उन्होंने ऊंची आवाज में मेरे साथ दुर्व्यवहार किया और उनकी शारीरिक निकटता इतनी करीब थी कि एक महिला सदस्य होने के नाते मुझे बेहद असहज महसूस हुआय़ मैं भारी मन से और अपने लोकतांत्रिक अधिकारों की निंदा करते हुए एक तरफ हट गई, लेकिन मुझे लगा कि किसी भी संसद सदस्य को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, "मैं नागालैंड के एसटी समुदाय से हूं और मैं एक महिला सदस्य हूं। विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मेरी गरिमा और आत्मसम्मान को गहरी ठेस पहुंचाई है। इसलिए माननीय अध्यक्ष महोदय, मैं आपकी सुरक्षा चाहती हूं।"

इससे पहले राज्यसभा में नेता सदन और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा तथा केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर संसद के प्रवेश द्वार पर बीजेपी की महिला सांसदों के खिलाफ बल प्रयोग करने का आरोप लगाया। इसके बाद सदन में हंगामा हो गया और हंगामे को देखते हुए राज्यसभा की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित करनी पड़ गई।

संसद में एक बार के स्थगन के बाद 2 बजे जैसे ही सदन की कार्यवाही शुरू हुई, बीजेपी की ओर से राहुल गांधी के कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा उठाया गया। बीजेपी ने इसके लिए उनसे और कांग्रेस से सदन तथा पूरे देश से माफी की मांग की।

फिर से शुरू होगी कैलाश मानसरोवर यात्रा, भारत चीन के बीच बनी बात

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कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर भारत और चीन के बीच एक बड़ा समझौता हुआ है। पूरे पांच साल बाद बीजिंग में दोनों देशों के प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इस बैठक में दोनों देश के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा को लेकर सहमति बन गई। दोनों देशों के बीच पांच साल के अंतराल के बाद विशेष प्रतिनिधियों की 23वें दौर की बैठक बीजिंग में 6 मुद्दों पर सहमति बनी।भारत की ओर से इस बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार अजीत डोभाल तो चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी शामिल थे।

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ईस्टर्न लद्दाख में चार साल लंबे गतिरोध के बाद संबंधों की बहाली के मद्दनेजर सभी मुद्दों पर बात करने के लिए बॉर्डर मुद्दे पर बने इस मैकेनिज्म की आखिरी बैठक दिसंबर 2019 के बाद पहली बार हुई है।भारत की ओर से इस बैठक में राष्ट्रीय सलाहकार अजीत डोभाल तो चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी शामिल थे। दोनों विशेष प्रतिनिधियों ने बॉर्डर एरिया में शांति क़ायम करने को द्विपक्षीय संबंधों की बेहतरी के लिए अहम बताया।

दोनों पक्षों ने इस बात को माना कि ग्राउंड पर शांतिपूर्ण हालात कायम करने ज़रूरी हैं जिससे कि सीमा संबंधी मुद्दे द्विपक्षीय संबंधों की सामान्य गतिविधियों पर असर ना डाले। साल 2020 से सबक़ लेते हुए बॉर्डर पर शांति कायम करने और बॉर्डर मैनेजमेंट को लेकर चर्चा की गई। दोनों देशों ने इस इसे लेकर संबंधित डिप्लोमैटिक और मिलिट्री चैनल को निर्देशित करने और इस्तेमाल का भी फ़ैसला किया

कैलाश मानसरोवर यात्रा करने के दौरान चीन की अनुमति जरूरी है क्योंकि यह यात्रा तिब्बत में स्थित है। जो वर्तमान में चीन का एक स्वायत्त क्षेत्र है। इसलिए वहां जाने के लिए चीनी पर्यटक वीजा लेना होता है। चीनी सरकार ने इस क्षेत्र में यात्रा के लिए नियम और शर्तें निर्धारित की हैं, जिनका पालन करना अनिवार्य है. अब भारत के समझौते के साथ कैलाश मानसरोवर की यात्रा आसान हो सकती है।

विशेष प्रतिनिधियों की बैठक प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच कजान में हाल ही में हुई बैठक के दौरान लिए गए निर्णय के अनुसार हुई। इसके तहत सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के प्रबंधन की देखरेख करने और सीमा से जुड़े सवालों का निष्पक्ष, उचित और परस्पर स्वीकार्य समाधान तलाशने के लिए शीघ्र बैठक की जानी थी। इससे पहले विदेश मंत्री एस जयशंकर ने ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में जी-20 शिखर सम्मेलन के दौरान अपने चीनी समकक्ष वांग यी से मुलाकात की थी। जिसमें मानसवोर यात्रा को दोबारा शुरू करने और भारत और चीन के बीच डायरेक्ट फ्लाइट शुरू करने जैसे मुद्दों पर बातचीत हुई थी।

कैलाश मानसरोवर यात्रा एक महत्वपूर्ण धार्मिक तीर्थ यात्रा है, जो हिंदू धर्म के अनुयायियों के लिए विशेष महत्व रखती है. यह यात्रा तिब्बत में स्थित कैलाश पर्वत और मानसरोवर झील तक जाती है। कैलाश पर्वत को भगवान शिव का निवास स्थान माना जाता है। यह पर्वत तिब्बत के पश्चिमी क्षेत्र में हिमालय श्रृंखला का हिस्सा है, जिसकी ऊंचाई लगभग 6,638 मीटर है। जबिक, मानसरोवर झील को लेकर ऐसी मान्यता है कि इसकी रचना ब्रह्मा जी ने की थी। यह झील तिब्बत के उच्च पठार पर 4,590 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है और कैलाश पर्वत से लगभग 30 किलोमीटर दूर है।

इस यात्रा के दौरान तीर्थयात्री कैलाश पर्वत की परिक्रमा करते हैं और मानसरोवर झील में स्नान करते हैं, जिसे पवित्र और मोक्ष प्राप्ति का माध्यम माना जाता है। समुद्र तल से 17,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित लिपूलेख दर्रे से होकर यात्रा की जाती है।

मुझे धक्का दिया गया”, खरगे ने लगाया बीजेपी सांसदों पर आरोप, ओम बिरला को पत्र भी लिखा

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संसद परिसर में सत्तापक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच हुई धक्का-मुक्की के बाद आरोपों का दौर चल रहा है। बीजेपी घटना के लिए कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को जिम्मेदार ठहरा रही है। धक्का-मुक्की में बीजेपी के दो सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत चोटिल हो गए। दोनों अस्पताल में भर्ती हैं,आरोप राहुल गांधी पर लगा है। वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने दावा किया है कि उनके साथ भी बदसलूकी हुई है। खरगे ने कहा है कि पीएम मोदी बीजेपी सांसदों को प्लेकार्ड वाले डंडे से लैस कराकर इंडिया गठबंधन के सांसदों को रोकने के लिए धक्का-मुक्की करवाते हैं। खरगे ने इसकी जांच के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को बकायदा पत्र भी लिखा है।

कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा है कि मुझे भाजपा सांसदों ने धक्का दिया, मैं अपना संतुलन खो बैठा और मकर द्वार के सामने जमीन पर बैठने के लिए मजबूर हो गया। खरगे ने लोकसभा अध्यक्ष से भाजपा सांसदों द्वारा उन्हें 'धक्का' दिए जाने के मामले की जांच का आदेश देने की मांग की। उन्होंने कहा कि यह न केवल उन पर, बल्कि राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष पर हमला था।

खरगे ने ओम बिरला को लिखे पत्र में कहा कि आज सुबह इंडिया गठबंधन के सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर डॉ. अंबेडकर की प्रतिमा से लेकर मकर द्वार तक मार्च किया। यह मार्च केंद्रीय गृह मंत्री के 17 दिसंबर 2024 को राज्यसभा में दिए गए डॉ. अंबेडकर के अपमानजनक भाषण के विरोध में किया गया था। जब मैं भाजपा सांसदों के साथ मकर द्वार पहुंचा,तो मुझे धक्का दिया गया। इसके बाद मैं अपना संतुलन खो बैठा और मकर द्वार के सामने जमीन पर गिर गया। इससे मेरे घुटनों को चोट लगी,जिनकी पहले ही सर्जरी हो चुकी है।

संसद में प्रदर्शन के दौरान धक्का-मुक्की, बीजेपी के 2 सांसद घायल, राहुल ने मारा धक्का?

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संसद के दोनों सदनों में आज भी हंगामा हो रहा है। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा दोनों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान दोनों दलों के सांसदों के बीच मकर द्वार पर धक्कामुक्की की खबर आई। भाजपा सांसद प्रताप सारंगी के सिर में चोट देखी गई। इस दौरान भाजपा सांसद मुकेश राजपूत भी घायल हो गए। उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उन्हें आरएमएल अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। सारंगी का इलाज भी इसी अस्पताल में चल रहा है।

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजीजू ने कहा, आज संसद के मुख्य द्वार में भाजपा-एनडीए सांसदों का प्रदर्शन चल रहा था, राहुल गांधी और उनके सांसदों ने जबरदस्ती घुसकर अपना जो शारीरिक प्रदर्शन किया है, वो बहुत गलत है। संसद कोई शारीरिक ताकत दिखाने का प्लैटफ़ॉर्म नहीं है। राहुल गांधी ने भाजपा के 2 सांसद प्रताप सारंगी और मुकेश राजपूत को जोर से धक्का दिया। राहुल गांधी ने जो धक्का-मुक्की की है, मैं उसका खंडन करता हूं। मैं राहुल गांधी से सवाल करना चाहता हूं कि अगर सब लोग अपनी ताकत दिखाकर मारपीट करने लग जाएंगे, तो संसद कैसे चलेगा? यह लोकतंत्र का मंदिर है, हमारे दोनों सांसद गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका इलाज चल रहा है।

इन आरोपों पर अब राहुल गांधी की भी प्रतिक्रिया आ गई है।लोकसभा नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने कहा कि मैं संसद के प्रवेश द्वार से अंदर जाने की कोशिश कर रहा था तो भाजपा सासंद मुझे रोकने की कोशिश कर रहे थे। मुझे धमका रहे थे, तो यह हुआ है। यह संसद का प्रवेश द्वार है और हमारा अंदर जाने का अधिकार है। मुख्य मुद्दा यह है कि वे संविधान पर आक्रमण कर रहे हैं।

दरअसल, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बयान को लेकर कांग्रेस ने संसद भवन परिसर में मार्च निकाला। जवाब में भाजपा ने कांग्रेस पर झूठ की राजनीति का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। इस दौरान संसद भवन के मकर द्वार पर दोनों दलों के सांसद आमने-सामने आ गए। दोनों के बीच धक्का-मुक्की की भी नौबत आई

चीन अपनी परमाणु शक्ति बढ़ा रहा, तैयार किए 600 न्यूक्लियर हथियार, भारत के लिए कितना बड़ा खतरा?

#ischinacontinuouslyincreasingitsnuclearpower

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चीन अपने न्यूक्लियर पावर को लगातार बढ़ा रहा है। दावा किया रहा है कि उसने अपने लिए 600 के करीब परमाणु हथियार भी तैयार करके रखा है। ये दावा पेंटागन की रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्ट में इस दावे के साथ-साथ कई चौकाने वाले खुलासे भी किए गए हैं।इसमें कहा गया है कि 2030 के अंत तक चीन के पास 1000 से ज्यादा परमाणु बम होंगे। इनमें से कई को पूरी तरह से तैनाती के मोड पर रखे जाने की योजना है।चीन जिस तरह से अपने परमाणु बमों के भंडार को बढ़ा रहा है, वह भारत और अमेरिका के लिए बड़ा खतरा है।

पेंटागन की इस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अपने परमाणु हथियारों की संख्या में लगातार इजाफा करने में जुटा है। अगर वह इसी गति से परमाणु हथियारों की संख्या बढ़ाता रहा तो वर्ष 2030 उसके पास 1000 परमाणु हथियार होंगे।रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की वायु सेना अपने टेक्नोलॉजी स्टैंडर्ड में सुधार कर रही है और तेजी से टेक्नोलॉजी को अमेरिकी मानकों के बराबर ला रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने अपने ड्रोन आधुनिकीकरण के प्रयास जारी रखे हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ड्रोन के लिए झुंड क्षमताओं को विकसित करने में पर्याप्त प्रयास कर रहा है। अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि सुधारों के बावजूद, चीन की एयर फोर्स यूएस एयर फोर्स के बराबर या उससे आगे नहीं निकल पाई है।

इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित कर रहा चीन

पेंटागन की इस रिपोर्ट के अनुसार चीन बीते कुछ समय से अपनी सेना को और अधिक अत्याधुनिक हथियारों से लैस करने में जुटा है। यही वजह है कि वह लगातार ऐसी मिसाइलें भी बना रहा है जो दुश्मनों की नींद उड़ा सके। रिपोर्ट के अनुसार चीन नई इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइलें विकसित करने पर जोर दे रहा है। ऐसा करने से उसकी परमाणु सक्षम मिसाइल ताकतों में इजाफा होगा। इसके साथ-साथ अनुमान लगाया जा रहा है कि चीन पारंपरिक रूप से सशस्त्र इंटरकॉन्टिनेंटल रेंज मिसाइल सिस्टम विकसित करने पर विचार कर सकता है।

अमेरिका शहरों पर तक हमला करने की क्षमता

इसमें कहा गया है कि चीन एडवांस न्यूक्लियर डिलीवरी सिस्टम विकसित कर रहा है। इसे अमेरिका से दीर्घकालिक चुनौती को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। पीपल्स रिपब्लिक आर्मी की बढ़ती हुई न्यूक्लियर फोर्स इसे अमेरिकी शहरों, सैन्य सुविधाओं और नेतृत्व स्थलों को निशाना बनाने में सक्षम करेगी। चीन की योजना ऐसे हथियार तैयार करने की है जो बहुत अधिक स्तर पर नुकसान पहुंचाने की क्षमता रखते हों।

वॉरशिप और सबमरीन

रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन के पास 370 से अधिक प्लेटफार्मों के साथ दुनिया की सबसे बड़ी नेवी है। जहाजों की संख्या 2025 तक 395 और 2030 तक 435 जहाजों तक बढ़ने की उम्मीद है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की नेवी के पास वर्तमान में छह न्यूक्लियर बैलिस्टिक मिसाइल सबमरीन, छह न्यूक्लियर सबमरीन और 48 डीजल से चलने वाली या एयर फ्री अटैक सबमरीन हैं। 2025 तक सबमरीन बल बढ़कर 65 और 2035 तक 80 तक पहुंचने की उम्मीद है।

रूस और उत्तर कोरिया से चीन ने बनाई दूरी

इस रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चीन ने सार्वजनिक रूप से रूस और उत्तर कोरिया के बढ़ते रक्षा संबंधों से खुदको दूर कर लिया है। ऐसा माना जा रहा है कि चीन ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि शायद उसे लगता है कि इन देशों से नजदीकी उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा सकती है।

अंबेडकर विवाद पर अरविंद केजरीवाल ने नीतीश कुमार-चंद्रबाबू नायडू को लिखी चिट्ठी, जानें क्या कहा

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राज्यसभा में डॉक्टर भीमराव आंबेडकर को लेकर अमित शाह के दिए बयान ने देश की सियासत में उबाल ला दिया है। कांग्रेस समेत तमाम विपक्षी दल इसे लेकर शाह और पूरी बीजेपी पर हमलावर हैं। इस बीच दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल ने नया दांव खेला है। केजरीवाल ने एनडीए के साथी दलों जेडीयू और टीडीपी के मुखिया नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू को चिट्ठी लिखी है। केजरीवाल ने दोनों नेताओं से कहा कि लोगों को लगता है कि बाबा साहेब को चाहने वाले बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते। आप भी इसपर विचार करें।

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आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने यह चिट्ठी गृह मंत्री अमित शाह की ओर से बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर पर दिए गए बयान के संबंध में लिखी है। इसमें उन्होंने लिखा है कि बाबा साहब नेता नहीं, इस देश की आत्मा हैं।हाल ही में संसद में, गृहमंत्री की ओर से दिया गया बयान न केवल अपमानजनक है बल्कि भाजपा की बाबासाहेब और हमारे संविधान के प्रति सोच को उजागर करता है। देश भर में करोड़ों लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। ये बयान देने के बाद अमित शाह जी ने माफी मांगने की बजाय अपने बयान को उचित ठहराया।

दिल्ली के पूर्व सीएम ने आगे लिखा, 'बाबासाहेब के बारे में ऐसा कहने का साहस आखिर भाजपा ने कैसे किया? प्रधान मंत्री जी ने सार्वजनिक रूप से अमित शाह जी के बयान का समर्थन किया। इसने जले पर नमक छिड़कने का काम किया।लोगों को लगने लगा है कि बाबा साहेब को चाहने वाले अब भाजपा का समर्थन नहीं कर सकते। बाबा साहेब सिर्फ एक नेता नहीं, बल्कि हमारे देश की आत्मा हैं। अरविंद केजरीवाल ने आगे लिखा, बाबा साहेब को चाहने वाले बीजेपी का समर्थन नहीं कर सकते, लोग चाहते हैं आप भी इस मसले पर गहराई से विचार करें।