देश में दुर्भाग्यपूर्ण है या अब तक नहीं हुआ..... सांसदों विधायकों के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता...



देश बदल रहा है हालात बदल रहे हैं और राजनीतिक परिस्थितियों भी बदल रही है ऐसे में सवाल भी उठ रहा है कि क्या जनप्रतिनिधियों का भी शिक्षित होना अनिवार्य है। देश और राज्य में हर 5 साल के बाद आम चुनाव होता है इस चुनाव में जनप्रतिनिधि जो विधानसभा व लोकसभा चुनावों के लिए प्रत्याशि होते हैं क्या उनके लिए शैक्षणिक योग्यता अनिवार्य करनी चाहिए।

हाल ही में पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने संसद और विधायक बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता न होने पर खेत व्यक्त किया है। कोर्ट ने बीजेपी के पूर्व विधायक नरबीर सिंह के खिलाफ आपराधिक शिकायत को खारिज करते हुए यह टिप्पणी की।

अदालत ने सुनवाई के दौरान कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद द्वारा विधायकों और सांसदों के लिए न्यूनतम योग्यता को अनिवार्य न करने पर जताए गए खेद को अब तक दूर नहीं किया गया है।

जस्टिस महाबीर सिंह सिंधु ने इस मामले में संविधान सभा में डॉ. राजेंद्र प्रसाद के 26 नवंबर 1949 को दिए गए संबोधन का उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कानून बनाने वालों की बजाय कानून को प्रशासित करने वालों के लिए उच्च योग्यता पर जोर देना सही नहीं है। कोर्ट ने इस संदर्भ में कहा कि लगभग 75 साल बीत चुके हैं, लेकिन आज भी सांसद या विधायक बनने के लिए किसी शैक्षणिक योग्यता की आवश्यकता नहीं है।
झारखंड उत्पाद सिपाही नियुक्ति प्रक्रिया में CM हेमंत सोरेन ने नियमावली में बदलाव के दिए संकेत, अगले तीन दिनों तक परीक्षा रहेगी स्थगित


झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उत्पादसीएम हेमंत सोरेन के आदेश के बाद उत्पाद सिपाही की बहाली मैं युवाओं की हो रही मृत्यु को देखते हुए अगलेतीन दिन 3, 4 और 5 सितंबर तक के लिए स्थगित करने का आदेश दिया है।  सीएम ने कहा कि उत्पाद सिपाही की नियुक्ति प्रक्रिया में दौड़ के क्रम में प्रतिभागियों की असामयिक मृत्यु दुःखद और मर्माहत करने वाली है।


मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पूर्ववर्ती रघुवर सरकार द्वारा बनाये गये नियमावली की अविलंब समीक्षा का निर्देश देते हुए कहा इस ढंग की भविष्य की सभी बहालियों के लिए नियमावली में बदलाव करने की आवश्यकता है। साथ ही इस प्रक्रिया में दुर्भाग्यवश पीड़ित और शोकाकुल परिवार को सरकार की तरफ से तत्काल राहत पहुंचाने के लिए प्रस्ताव बनाने का भी निर्देश दिया गया है।


आखिर किन कारणों से हमारे गांव - समाज के अपेक्षाकृत स्वस्थ / चुस्त लोग, पूर्व से चली आ रही शारीरिक परीक्षा में हताहत हो जा रहे हैं, आखिर झारखंड सहित देश में पिछले 3-4 वर्षों में सामान्य जन के स्वास्थ्य में ऐसा क्या बदलाव आया है ? इन युवाओं की असामयिक मृत्यु के कारणों की समीक्षा करने के लिए, जिससे की भविष्य में ऐसी दुर्घटना घटित न हो, हमने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भी एक समिति का गठन कर परामर्श रिपोर्ट देने का भी निर्देश दिया है।
उत्पाद सिपाही भर्ती के बहाली में हुई मौत पर असम के सीएम ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए और एक सरकारी नौकरी देने की मांग हेमंत सरकार से की
झारखंड में हो रहे उत्पाद सिपाही भर्ती में युवाओं के मौत पर असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने हेमंत सरकार से मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने की मांग की।वहीं भाजपा ने परिजनों को ₹1लाख रु देने का किया वादा
शिवराज सिंह चौहान और हिमंत बिस्व शर्मा की मौजूदगी में चंपई सोरेन सैंकड़ो समर्थकों के साथ BJP में हुए शामिल
मंच से दहाड़ा चंपई ने कहा 40 साल का प्रतिफल जासूसी करवाई, शिवराज सिंह ने कहा टाइगर अभी जिंदा है...


रांची : झारखंड मुक्ति मोर्चा छोड़ने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन आज शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व शर्मा की मौजूदगी में अपने समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल हुए। इस दौरान उनका जोरदार स्वागत किया गया, जिससे सोरेन कुछ समय के लिए भावुक भी हो गए। चंपई सोरेन के बीजेपी में शामिल होने को राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी की बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि इससे राज्य के अनुसूचित जनजाति वर्ग में भाजपा को अपनी स्थिति मजबूत करने के प्रयासों में बल मिलेगा। इस मिलन समारोह में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष और सांसद सहित भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद रहे।

कोल्हान टाइगर के रूप में चर्चित चंपई सोरेन ने रांची के धुर्वा गोलचक्कर मैदान में आयोजित समारोह में बीजेपी का दामन थामा। केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि चंपई सोरेन ने पूरी जिंदगी ईमानदारी से जनता की सेवा की, आज वे झारखंड में इंडिया गठबंधन की भ्रष्ट सरकार को उखाड़ फेंकने के लिए भाजपा में आ गए हैं, उनका पार्टी में स्वागत है। शिवराज सिंह चौहान ने कहा- टाइगर अभी जिंदा है... वे टाइगर हैं, उनके साथ मिलकर भाजपा अब अपनी सरकार बनाएगी।


चंपई सोरेन को झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन के सबसे निकट सहयोगी माना जाते थे। अलग झारखंड राज्य बनाने के लिए चंपई सोरेन, शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर आंदोलन किया था। जिसे याद करते हुए चंपई सोरेन ने कहा कि हमारे 40 साल के ईमानदारी का  नतीजा मिला कि हमारे पीछे जासूस लगाया गया। जेएमएम और हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए चंपाई ने कहा कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि मेरे लोग ही मेरी जासूसी करायेंगे। अगर संताल परगना को बचाना है, आदिवासियों को बचाना है, तो एक ही पार्टी यह काम कर सकती है। संताल को बचाने के लिए मैंने बीजेपी में आने का फैसला किया। किसी भी कीमत पर झारखंड में आदिवासियों पर अत्याचार नहीं होने देंगे। घुसपैठियों की बात करते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को निकालने, आदिवासियों की जमीन को बचाने के लिए हम अपने पूर्वजों की तरह संघर्ष करेंगे। आज मैं उस क्षेत्रीय पार्टी को छोड़ विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो रहा हूं। वही चंपई सोरेन मंच से जय श्री राम के नारे भी लगाते नजर आए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की वर्तमान कार्यशैली और नीतियों ने उन्हें पार्टी को छोड़ने के लिए मजबूर किया है जिसकी उन्होंने कई वर्षों तक सेवा की है।



वहीं इसी मंच से असम के मुख्यमंत्री हेमंता बिस्वा सरमा ने इस जासूसी तंत्र को लेकर बड़ा सवाल पूछा झारखंड सरकार कैसे किसी मंत्री का जासूसी करवा सकती है। अगर दो सिपाही सिक्योरिटी के तौर पर भेजे गए थे तो उनके हाथ में बंदूक क्यों नहीं था। उन्होंने कहा कि आज से चंपई सोरेन भाजपा के नेता है और वह बाबूलाल मरांडी जी के साथ मिलकर झारखंड का विकास करेंगे।
पटना के इस्कॉन मंदिर में भीड़ हुई बेकाबू, पुलिस को करना पड़ा लाठी चार्ज, मचा अफरा तफरी

पूरे देश में जन्माष्टमी का त्यौहार बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस बीच बिहार की राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। जहां कृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर पटना के इस्कॉन मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। देखते ही देखते भीड़ इतना बेकाबू हो गया कि इसे संभालना मुश्किल पड़ता जा रहा था। इस दौरान भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अंत में पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।


भीड़ इतना ज्यादा हो गया कि उसे नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। हालांकि पुलिस की ओर से सुरक्षा व्यवस्था के जो दावे किए जा रहे थे, वह यहां पूरी तरह से फेल होते दिखाई दे रही थी। जिस वक्त यह घटना हुई उसे वक्त मंदिर के अंदर और प्रांगण में लगभग 1लाख भक्त मौजूद थे।


वहीं आयोजन समिति का कहना है कि लाठी चार्ज नहीं हुआ था। कुछ लोग लाइन तोड़कर जबरदस्ती घुस गए थे। इससे दूसरे लोगों को परेशानी हो रही थी। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए हल्का बल का प्रयोग किया है।


वही पूजा अर्चना की बात करें तो इस्कॉन मंदिर में रात 12 बजे भगवान कृष्ण का अवतरण हुआ। बांके बिहारी को 56 भोग चढ़ाया गया। इसके साथ ही पूजा अर्चना की गई। इस दौरान मंदिर में लाखों की संख्या में श्रद्धालु जुटे।
गया-धनबाद रेलखंड पर रेल हादसा, पटरी से उतरी मालगाड़ी के आठ डिब्बे


बिहार के गया-धनबाद रेल लाइन पर आज गया से आ रही एक मालगाड़ी के आठ डिब्बे  पटरी से उतर गए। जिसके कारण गया-नवादा मार्ग पर आवाजाही पूरी तरह बाधित हो गई है।


कोयला लदा हुआ मालगाड़ी के 8 बोगिंया रसलपुर रेलवे फाटक के पास पटरी से अलग हो गई इस घटना से एनएच-82 मुख्य मार्ग गया-नवादा आवागमन भी बाधित है। इस घटना के कारण पिछले आधे घंटे से इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह से बंद है।


हादसे के बाद ट्रैक पर कोयला बिखर गया है, जिससे
यातायात बाधित है। घटना की सूचना पर रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और ट्रैक को बहाल करने का काम शुरू कराया। मालगाड़ी के डिब्बों को हटाने के लिए बड़ी संख्या में मजदूरों को लगाया गया है। घटना के बाद आरा, गया और दानापुर से दुर्घटना राहत गाड़ियां मौके पर पहुंच गई हैं और आरओआर (रेलवे ओवरहॉलिंग रेस्टोरेशन) के जरिए रेल सेवा बहाल करने का काम युद्धस्तर पर चल रहा है।क्रेन की मदद से डिब्बों को हटाने का काम चल रहा है। घटना के कारणों का पता नहीं चल सका है। रेल अधिकारियों ने जल्द से जल्द ट्रैक को बहाल करने की बात कही है।
पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन दिल्ली से लौटे, बताया क्यों गए थे दिल्ली
झारखंड सरकार में मंत्री चंपाई सोरेन ने दिल्ली में सरायकेला लौटे। बीजेपी नेताओं से मुलाकात की बात को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि मैंने किसी से मुलाकात नहीं बल्कि अपने निजी काम के सिलसिले में गया था।
एक महिला मुख्यमंत्री आवास के बाहर जाने किन कारणों से फुट -फुट कर रोने लगी
मंगलवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास के बाहर एक महिला फुट -फुट कर रोने लगी। रोने की वजह जब हमने जानने की कोशिश की तो उन्होंने बताया कि उनके ई-रिक्शा का परमिट नहीं मिलना और चालान कटना है। जिस वजह से महिला कुछ दिनों से परेशान चल रही थी
रांची में कोकर चौक के पास क्रेन से एक बच्चे की मौत के बाद हंगामा, पुलिस ने हल्की लाठीचार्ज कर भीड़ को हटाया
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Jayantkumar29
झारखंड में पूर्वी भारत का पहला दिव्यांगों के लिए विश्वविद्यालय की होगी स्थापना उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग केद्वारा रांची मेंकार्यशाला काअयोजन
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