लोकसभा चुनाव के नतीजों पर राहुल गांधी ने कसा तंज, बोले-वाराणसी में मुश्किल से बचे पीएम मोदी

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पिछले कुछ सालों से लगातार सीटें गंवा रही कांग्रेस के लिए 2024 का लोकसभा चुनाव बेहतर रहा। कांग्रेस ने 2024 के चुनाव में बीते 10 साल में सबसे जोरदार प्रदर्शन किया। जहां 2014 में कांग्रेस को लोकसभा चुनाव में 44 सीटें आई थी। वहीं 2019 में 52 सीटें अपने नाम की थी। 2024 में कांग्रेस “शतक” से चूक गई। इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने 99 सीटें जीतीं हैं। इस जीत के बाद कांग्रेस नेता राहुल गांधी खासे उत्साहित नजर आ रहे है। कांग्रेस के बेहतर प्रदर्शन से उत्साहित राहुल गांधी लगातार प्रधानमंत्री मोदी पर हमलावर हैं। इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने आज बुधवार को उत्तरी केरल के मलप्पुरम पहुंचे।

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राहुल गांधी ने वायनाड से लगातार दूसरी बार शानदार जीत दर्ज की है। जिसके बाद वह लोगों का आभार जताने के लिए यहां पहुंचे है। इस दौरान राहुल गांधी ने एक सभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर जमकर तंज कसे। उन्होंने कहा कि मोदी की तरह मुझे भगवान से गाइडेंस नहीं मिल रही है। मैं साधारण मनुष्य हूं। वायनाड या रायबरेली का फैसला मुझे खुद ही करना होगा। मेरे लिए देश की गरीब जनता ही मेरी भगवान है। मैं जनता से बात करूंगा और फैसला लूंगा।

जनता ने पीएम को बताया वे तानाशाही नहीं कर सकते-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने आगे कहा कि केरल और उत्तर प्रदेश के लोगों ने पीएम मोदी को बताया है कि संविधान हमारी आवाज है और वे इसको छू नहीं सकते हैं। देश की जनता ने पीएम को बताया कि वे तानाशाही नहीं कर सकते हैं। चुनाव से पहले भाजपा के नेता कहते थे कि वो संविधान को फाड़ देंगे। अब चुनाव के बाद मोदी संविधान को सिर से लगाते हैं। मोदी वाराणसी में मुश्किल से जीत पाए हैं। भाजपा अयोध्या में भी हार गई है। नफरत को मुहब्बत ने हरा दिया।

इस बार का चुनाव संविधान को बचाने के लिए था-राहुल गांधी

इसके आगे राहुल ने कहा कि इस बार का चुनाव संविधान को बचाने के लिए था। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश के वो लाखों लोग थे जो अपनी परंपरा, इतिहास, संस्कृति से प्यार करते हैं और अपना भविष्य खुद तय करना चाहते थे। दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह थे जो कहते थे कि नहीं। राहुल ने कहा कि पीएम और शाह चाहते थे कि अगर वो चाहेंगे कि केरल के लोग हिंदी बोले तो उन्हें हिंदी ही बोलना पड़ेगा, अगर वो चाहेंगे कि तमिल लोग तमिल छोड़कर हिंदी बोले तो उन्हें ऐसा ही करना पड़ेगा।

लगातार हमलावर हैं राहुल

इससे पहले राहुल गांधी ने मंगलवार को रायबरेली में आयोजित आभार सभा में भी पीएम मोदी पर जमकर हमला बोला था।राहुल गांधी ने कहा था कि भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की साख लगातार गिर रही है। उन्होंने कहा कि अगर वाराणसी लोकसभा सीट से प्रियंका गांधी चुनाव लड़ती तो पीएम मोदी की हार निश्चित थी।राहुल गांधी ने कहा कि उत्तर प्रदेश के चुनाव नतीजे इस बात का सबूत हैं कि अब यहां से मोदी और योगी, दोनों का प्रभाव लगातार कम हो रहा है। लोग अब बीजेपी की तोड़-फोड़ की राजनीति को अच्छी तरह से समझ चुके हैं।

रियासी आतंकी हमला: आतंकवादियों को पकड़ने के लिए सेना ने झोंकी पूरी ताकत, जारी किया आतंकी का स्केच, घोषित किया इनाम

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रविवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में आतंकवादियों ने शिव खोड़ी से वापस आ रही बस पर हमला कर दिया। इसके बाद तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर अंधाधुंध फायरिंग की। इसमें 9 श्रद्धालुओं की जान चली गई और 41 से ज्यादा श्रद्धालु घायल हो गए। श्रद्धालुओं का कहना है की यदि बस खाई में नहीं गिरती तो शायद सभी मारे जाते। अब जम्मू पुलिस ने रियासी हमले पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकियों पर इनाम घोषित किया है और उनका स्केच भी जारी किया है। 

 बता दें कि, आतंकवादियों को पकड़ने के लिए जम्मू कश्मीर पुलिस और सेना ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी कड़ी में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने मंगलवार को इस हमले में शामिल एक आतंकवादी का स्केच जारी किया और उसके बारे में जानकारी देने वाले को 20 लाख रुपये का इनाम देने की घोषणा की। 

सामाचार एजेंसी ANI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह स्केच चश्मदीदों के बताए हुलिए के हिसाब से बनाया गया है। साथ ही रियासी पुलिस ने जनता से अपील की है कि किसी भी तरह की जानकारी जरूर साझा करें। एक पुलिस प्रवक्ता ने कहा कि रियासी पुलिस ने पौनी इलाके में यात्री बस पर हाल ही में हुए हमले में शामिल आतंकवादी के ठिकाने के बारे में किसी भी उपयोगी जानकारी के लिए 20 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है।

चश्मदीदों के अनुसार, अगर बस खाई में न गिरती तो आतंकी सभी श्रद्धालुओं को मारने की फिराक में थे। इस हमले के बाद रियासी क्षेत्र के साथ ही पूरे देश में हड़कंप मच गया। आतंकी घटना के बाद से पुलिस सेना और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाया है। सुरक्षा बलों के 11 दल जंगलों को खंगाल रहे हैं। पुलिस के आलाधिकारी खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए रखे हुए हैं।

एकनाथ शिंदे ने बढ़ाया सियासी तापमान, बोले-400 पार के नारे से लोकसभा चुनाव में हुआ बीजेपी को नुकसान

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केन्द्र में नई सरकार का गठन हो गया है, मंत्रालयों का भी बंटवारा हो गया है। हालांकि, अब तक इस बात की चर्चा जोरों पर है कि बीजेपी को इस चुनाव में इतना नुकसान क्यों हो गया? दरअसल, बीजेपी ने चुनाव प्रचार की शुरुआत में 400 पार का नारा दिया था। हालांकि बीजेपी 300 सीटें भी नहीं जीत सकी।इस पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि 400 पार नारे से नुकसान हुआ है।

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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान लोकसभा चुनाव में कम आई सीटों पर खुलकर बोला। उन्होंने कहा, 'इस नारे को लेकर विपक्ष ने ऐसा माहौल तैयार कर दिया कि अगर मोदी सरकार 400 पार चली गई, तो वह संविधान बदल देगी। लोगों ने इसे दिमाग में रखा और सब गड़बड़ हो गई। यही हमारी महायुति के लिए भारी पड़ा।'

शिंदे ने कहा कि उन्होंने पिछले 10 सालों से पीएम मोदी ने बिना छुट्टी लिए काम किया है। 'लेकिन क्या हुआ? जो कहानी बनाई गई, उससे हमें कुछ जगहों पर नुकसान हुआ। महाराष्ट्र में भी हमें नुकसान हुआ। संविधान बदल जाएगा, आरक्षण खत्म हो जाएगा... ये चर्चाएं थीं... ऐसा कुछ नहीं होना था। लेकिन '400 पार' की संख्या ने सारी समस्याएं पैदा कर दीं।

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2024 में बीजेपी ने 240, कांग्रेस ने 99, समाजवादी पार्टी ने 37, ऑल इंडिया त्रिणमूल कांग्रेस ने 29, डीएमके ने 22, जनता दल ने 12, वाईएसआरसीपी ने 4, आम आदमी पार्टी ने 3, तेलगु देशम पार्टी ने 16 और अन्यों ने 83 सीटें जीती थीं। वहीं, शिंदे की पार्टी शिवसेना को लोकसभा चुनाव में महाराष्ट्र की 49 सीट में से सात सीट पर जीत दर्ज की।

चंद्रबाबू नायडू ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, चौथी बार बने आंध्र प्रदेश के सीएम

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चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चंद्रबाबू नायडू इससे पहले तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ये चौथी बार है जब चंद्रबाबू नायडू प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी शामिल हुए।नायडू सरकार में टीडीपी से 20, जनसेना से दो और भाजपा से एक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इससे पहले मंगलवार को टीडीपी और एनडीए ने नायडू को अपने विधायक दल नेता चुना था।

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शपथ के बाद नायडू ने पीएम मोदी को गले लगाया

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया। इसके साथ ही टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में शपथ ली। 

पवन कल्याण हो सकते हैं उपमुख्यमंत्री

पवन कल्याण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, पवन कल्याण को उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई है। जनसेना को तीन कैबिनेट मंत्री पद और बीजेपी को एक मंत्री पद की पेशकश की जा रही है। आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या (175) के अनुसार, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 26 मंत्री हो सकते हैं।

बता दें कि आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 में से 135 सीटें जीतकर चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने 21 सीटें जीती हैं और भाजपा को भी आठ सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी महज 11 सीटों पर सिमट गई है। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में टीडीपी, जनसेना और भाजपा गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरीं थीं।

चंद्रबाबू नायडू ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, चौथी बार बने आंध्र प्रदेश के सीएम*
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चंद्रबाबू नायडू ने आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली। चंद्रबाबू नायडू इससे पहले तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। ये चौथी बार है जब चंद्रबाबू नायडू प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं। शपथग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा भी शामिल हुए।नायडू सरकार में टीडीपी से 20, जनसेना से दो और भाजपा से एक को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई। इससे पहले मंगलवार को टीडीपी और एनडीए ने नायडू को अपने विधायक दल नेता चुना था। *शपथ के बाद नायडू ने पीएम मोदी को गले लगाया* आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने शपथ लेने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को गले लगाया। इसके साथ ही टीडीपी के राष्ट्रीय महासचिव नारा लोकेश ने आंध्र प्रदेश सरकार में मंत्री पद की शपथ ली। जनसेना प्रमुख पवन कल्याण ने आंध्र प्रदेश के मंत्री के रूप में शपथ ली। *पवन कल्याण हो सकते हैं उपमुख्यमंत्री* पवन कल्याण राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री हो सकते हैं। सूत्रों के अनुसार, पवन कल्याण को उपमुख्यमंत्री पद की पेशकश की गई है। जनसेना को तीन कैबिनेट मंत्री पद और बीजेपी को एक मंत्री पद की पेशकश की जा रही है। आंध्र प्रदेश विधानसभा की सदस्य संख्या (175) के अनुसार, मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री सहित 26 मंत्री हो सकते हैं। बता दें कि आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 में से 135 सीटें जीतकर चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने 21 सीटें जीती हैं और भाजपा को भी आठ सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी महज 11 सीटों पर सिमट गई है। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में टीडीपी, जनसेना और भाजपा गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरीं थीं।
भीषण गर्मी से दिल्ली-यूपी-बिहार समेत कई राज्य बेहाल, आसमान उगल रहा आग, अभी राहत के आसार नहीं

#bad_weather_condition_due_to_severe_heatwave 

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देश के अधिकांश राज्यों में इस साल भीषण गर्मी पड़ रही है।पिछले कुछ दिनों में थोड़ी राहत के बाद आसमान फिर आग गल रहा है। कई इलाकों में तापमान 45 पार पहुंच गया है। पश्चिम और पूर्वी भारत भीषण गर्मी की चपेट में है। पहाड़ी राज्यों के मैदानी इलाकों में प्रचंड गर्मी पड़ रही है।मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों में तापमान में दो से तीन डिग्री की वृद्धि होने की उम्मीद है। बिहार के कई इलाके लू की चपेट में हैं और मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, बीते 24 घंटे के दौरान पश्चिम बंगाल के गंगा किनारे वाले क्षेत्रों, बिहार, झारखंड, यूपी, दिल्ली, पंजाब, हरियाणा व ओडिशा के अलग-अलग क्षेत्रों में लू की स्थिति बनी हुई है। 

आईएमडी के मानें तो दिल्ली वालों का हाल भी फिर गर्मी से खराब होने वाला है। मौसम विभाग ने दिल्ली समेत पूरे उत्तर भारत के लिए अलर्ट जारी किया है। बताया गया कि दिल्ली में पारा 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने के आसार है। वहीं, यूपी और बिहार में भी भीषण गर्मी पड़ने की आशंका जताई गई है। आईएमडी ने हाल ही में कहा कि यूपी, बिहार, झारखंड, राजस्थान, उत्तराखंड और दिल्ली में गर्मी का प्रकोप देखने को मिलेगा।

मौसम विभाग का अनुमान है कि गांगेय पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों में उष्ण लहर से लेकर गंभीर उष्ण लहर की स्थिति बनी हुई है। जबकि उत्तराखंड के कुछ हिस्सों, उत्तर प्रदेश, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, पूर्वी मध्य प्रदेश और ओडिशा के अलग-अलग इलाकों में अगले कुछ दिनों तक लू की संभावना है। इन राज्यों में लू की स्थिति करीब अगले सात से आठ दिनों तक बनी रहेगी। हालांकि कुछ क्षेत्रों में बारिश की भी संभावना है।

मौसम संबंधी जानकारी देने वाली निजी वेबसाइट स्काईमेट वेदर के मुताबिक, यूपी-बिहार और झारखंड में भयंकर लू चलेगी। अभी उत्तर बिहार को भीषण गर्मी से राहत की कोई संभावना नहीं है। मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में लू चल सकती है। यूपी-बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा में बीते कुछ समय से लू का प्रकोप जारी है।

इसके अलावा सिक्किम, पूर्वोत्तर भारत, दक्षिण-पश्चिम मध्य प्रदेश और विदर्भ और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। दक्षिण ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, दक्षिण गुजरात, मध्य प्रदेश, दक्षिण गुजरात और दक्षिण-पूर्व राजस्थान में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, मध्यप्रदेश, झारखंड, बिहार, गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, पंजाब और हरियाणा के कुछ हिस्सों में लू चल सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में लू से लेकर भीषण लू चल सकती है।

मौसम विभाग ने आगे बताया कि अगले 3 से 4 दिनों के दौरान पश्चिम बंगाल, सिक्किम के कुछ हिस्से, असम और मेघालय में भारी बारिश होने की संभावना है। आगे कहा कि नगालैंड, मिजोरम और त्रिपुरा के कुछ जगहों पर 13 जून को भारी वर्षा हो सकती है। वहीं, आज यानी 12 जून को कर्नाटक, केरल और तेलंगाना में को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। आईएमडी ने फिर आगे बताया कि दक्षिण-पश्चिम मानसून उत्तर अरब सागर के कुछ जगहों, मध्य महाराष्ट्र के कुछ जगहों और गुजरात के दक्षिण हिस्से तक पहुंच चुका है। इस बार गुजरात में मानसून मंगलवार को तय समय से 4 दिन पहले ही दस्तक दे दी है। आईएमडी के मुताबिक, गुजरात में मानसून आम तौर पर 15 जून तक पहुंचता है, लेकिन इस बार समय से चार दिन पहले की मानसून ने गुजरात में दस्तक दे दी है।

लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी होंगे नए आर्मी चीफ, चीन-पाकिस्तान के बॉर्डर ऑपरेशन का है अनुभव*
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लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी देश के नए सेना प्रमुख होंगे। केंद्र सरकार उन्हें अगले चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ के रूप में नियुक्ति दी है।केंद्र सरकार ने मंगलवार रात को घोषणा की कि लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी मौजूदा जनरल मनोज पांडे की जगह अगले सेना प्रमुख होंगे। बता दें कि जनरल पांडे को पहले 31 मई को रिटायर होना था, लेकिन सरकार ने पिछले महीने एक दुर्लभ कदम उठाते हुए उनकी रिटायरमेंट से कुछ दिन पहले उनका कार्यकाल एक महीने के लिए बढ़ा दिया था। ऐसे में अब जनरल पांडे 30 जून को रिटायर होंगे और इसके बाद ही लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी आर्मी चीफ का जिम्मा संभालेंगे। परम विशिष्ट सेवा मेडल और अति विशिष्ट सेवा मेडल से सम्मानित लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी ने लंबे समय तक जम्मू-कश्मीर में सेवाएं दी हैं। मौजूदा समय में सेना में पूर्व उत्तरी सेना कमांडर सबसे वरिष्ठ अधिकारी होता है। नियम ये है कि सबसे वरिष्ठ सेना कमांडर को आर्मी चीफ के पद पर नियुक्त किया जाता है। इसके अलावा सेवारत थल सेनाध्यक्ष (सीओएएस) के रिटायरमेंट होने पर उप सेना प्रमुख को सेना प्रमुख बनाया जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी को 15 दिसंबर, 1984 को भारतीय सेना की इन्फैंट्री (जम्मू और कश्मीर राइफल्स) में कमीशन मिला था। लगभग 40 वर्षों की अपनी लंबी और विशिष्ट सेवा के दौरान, उन्होंने विभिन्न कमांड, स्टाफ, इंस्ट्रक्शनल और विदेशी नियुक्तियों में काम किया है। लेफ्टिनेंट जनरल द्विवेदी की कमांड नियुक्तियों में रेजिमेंट (18 जम्मू और कश्मीर राइफल्स), ब्रिगेड (26 सेक्टर असम राइफल्स), महानिरीक्षक, असम राइफल्स (पूर्व) और 9 कोर की कमान शामिल है। लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर, अधिकारी ने सेना के उप प्रमुख के रूप में नियुक्त होने से पहले 2022-2024 तक महानिदेशक इन्फैंट्री और जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ (मुख्यालय उत्तरी कमान) सहित महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई हैं। नए सेना प्रमुख द्विवेदी को चीन और पाकिस्तान बॉर्डर पर ऑपरेशन एक्सपीरियंस के लिए जाना जाता है। लेफ्टिनेंट जनरल उपेन्द्र द्विवेदी के पास चीन और पाकिस्तान के साथ सीमाओं पर व्यापक परिचालन अनुभव है। उत्तरी सेना के कमांडर के रूप में लेफ्टिनेंट जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने उत्तरी और पश्चिमी सीमाओं पर निरंतर सैन्य अभियानों की योजना बनाने और उन्हें सफलतापूर्व पूरा करने के लिए बेहतरीन कौशल दिखाया। उनके बारे में कहा जाता है कि वे जटिल सीमा मुद्दे सुलझाने के लिए सक्रिय रूप से शामिल रहे हैं और भारतीय सेना की सबसे बड़ी कमान के आधुनिकीकरण में योगदान दिया है। बख्तरबंद ब्रिगेड, माउंटेन डिवीजन, स्ट्राइक कोर का खास अनुभव है। इसके अलावा उत्तरी कमान में सभी रैंकों की तकनीकी दक्षता को बढ़ाने में भूमिका निभाई है। सेना में बिग डेटा, AI, क्वांटम और ब्लॉकचेन इस्तेमाल शामिल किया है।
नई सरकार के गठन के बाद 24 जून से संसद सत्र की शुरुआत, नए सांसद लेंगे शपथ, स्पीकर का भी होगा चुनाव

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नई सरकार के गठन के बाद संसद का विशेष सत्र 24 से शुरू होने वाला है। 18वीं लोकसभा का पहला सत्र 24 जून से शुरू होकर तीन जुलाई तक चलेगा। इसमें नवनिर्वाचित लोकसभा सांसदों को शपथ दिलाए जाएगी साथ ही नए लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव का अहम कार्य पूरा किया जाएगा। नए लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का अभिभाषण भी पहले दिन ही होगा।इस बात की जानकारी केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने दी।

बुधवार 12 जून को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया साइड एक्स पर बताया कि 24 जून से शुरू होने जा रहे 18वीं लोकसभा के पहले सत्र में नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाई जाएगी। साथ ही सदन के अध्यक्ष का चुनाव भी होगा। सत्र का समापन अगले महीने 3 जुलाई को होगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 27 जून को लोकसभा और राज्यसभा की संयुक्त बैठक को संबोधित करेंगी। 

इसके अलावा 27 जून को राष्ट्रपति के अभिभाषण के बाद प्रधानमंत्री मोदी की तरफ से संसद में अपने मंत्रिपरिषद का परिचय कराए जाने की भी उम्मीद है। प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में, राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देंगे।राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस में आक्रामक विपक्ष द्वारा विभिन्न मुद्दों पर एनडीए सरकार को घेरने की कोशिश किए जाने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री संसद के दोनों सदनों में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब देंगे

लोकसभा चुनाव 2024 के बाद यह पहला संसद सत्र होगा। बीजेपी इस बार बहुमत के साथ सत्ता में नहीं लौटी है, हालांकि एनडीए को पूर्ण बहुमत प्राप्त है। एनडीए सरकार के पास लोकसभा में 293 सीटें हैं, जिनमें से बीजेपी के पास 240 सीटें हैं। वहीं विपक्षी गठबंधन इंडिया के पास लोकसभा की 233 सीटें हैं।

मोहन चरण माझी आज लेंगे ओड़िशा के सीएम पद की शपथ, जानें सरपंच से विधायक और मुख्यमंत्री बनने का सफर*
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ओडिशा में हुए विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 147 सीटों में से 78 पर रिकॉर्ड जीत हासिल की है। राज्य की सत्ता में करीब 24 साल से राज कर रही बीजेडी को हराकर इस बार बीजेपी पहली बार प्रदेश में सरकार बना रही है। ओडिशा की क्योंझर सीट से भाजपा विधायक मोहन चरण माझी आज राज्य के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह शाम पांच बजे भुवनेश्वर के जनता मैदान में होगा। माझी के शपथ ग्रहण में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोपहर 2:30 बजे पहुंचेंगे। प्रदेश में पहली बार सरकार बनाने जा रही भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को विधायक दल की बैठक के बाद माझी के नाम का एलान किया था।इसके साथ ही भाजपा ने प्रदेश में दो उप मुख्यमंत्री बनाने का भी फैसला लिया है। इन दो उप मुख्यमंत्रियों में कनकवर्धन सिंहदेव और प्रभाती परिडा का नाम शामिल है।माझी के नाम का एलान 11 जून को हुई विधायक दल की बैठक में किया गया। भाजपा ने वरिष्ठ पार्टी नेता राजनाथ सिंह और भूपेंद्र यादव को ओडिशा में विधायक दल के नेता के चुनाव के लिए केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था। मोहन चरण माझी का जन्म 6 जनवरी 1972 को क्योंझर जिले के सदर थाना क्षेत्र के रायकला में हुआ था। उनकी शैक्षणिक योग्यता बैचलर ऑफ आर्ट्स है। माझी ने अपने राजनीतिक सफर की शुरुआत 1997 में की थी। वह 1997 से लेकर साल 2000 तक सरपंच रहे। इसके बाद 2000 में वह क्योंझर से पहली बार विधायक चुने गए। उन्होंने 2000, 2004, 2019 और 2024 में भाजपा के टिकट पर क्योंझर सीट से जीत दर्ज की है । वह 28 फरवरी, 2005 से 9 मार्च, 2009 तक विपक्ष के उप मुख्य सचेतक थे। सरपंच से अपनी राजनीति की शुरुआत करने वाले माझी जब पहली बार विधायक बने थे तब नवीन पटनायक पहली बार राज्य के सीएम पद की शपथ ले रहे थे।वो बीजेपी के समर्पित कार्यकर्ता माने जाते हैं। इन्हें संगठन में काम करने का अच्छा अनुभव भी है। संघ में भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। इससे पहले बीजेडी के नवीन पटनायक ने राज्य में लंबा शासन किया है। वो साल 2000 से लगातार 2024 तक राज्य के मुख्यमंत्री रहे। वे इस पद पर 24 साल और 98 दिन तक रहे। लेकिन इस बार ओडिशा विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी ने राज्य की सत्ता में काबिज बीजू जनता दल के विजयरथ को रोक दिया और बड़ी जीत दर्ज की। सूबे की 147 सीटों में से बीजेपी ने 78 पर कब्जा किया।
चंद्रबाबू नायडू आज लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ, जानें कैबिनेट में किसे-किसे मिल रही जगह

#chandrababunaidutakeoathaschiefminister_today 

चंद्रबाबू नायडू आज आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। मंगलवार को टीडीपी और एनडीए ने नायडू को अपने विधायक दल नेता चुना। जिसके बाद आज चौथी बार नायडू आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने जा रहा हैं। चंद्रबाबू नायडू के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री मोदी भी मौजूद रहेंगे। नायडू समेत 25 विधायक मंत्रीपद की शपथ लेंगे। मंत्रियों की लिस्ट में चंद्रबाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश का भी नाम शामिल है।

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पवन कल्याण हो सकते हैं डिप्टी सीएम

जनसेना के संस्थापक एवं अभिनेता पवन कल्याण को आंध्र प्रदेश में नायडू के नेतृत्व वाली सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद दिए जाने की संभावना है। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पवन कल्याण के साथ पार्टी की राजनीतिक मामलों की समिति के अध्यक्ष नादेंदला मनोहर को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना है।

मंत्रियों की लिस्ट

• कोलू रविंद्र

• नाडेंडला मनोहर

• पी नारायण

• वंगलापुडी अनिता

• सत्यकुमार यादव

• आपका रामनायडू

• एनएमडी फारूक

• अनाम रामनारायण रेड्डी

• पय्यवुला केशव

• अनज्ञानी सत्यप्रसाद

• कोलुसु पार्थसारधि

• बलवीरंजनेयस्वामी

• गोत्तीपति रवि

• कांडला दुर्गेश

• गुम्मदी संध्यारानी

• जनार्दन रेड्डी

• टीजी भरत

• एस सविथा

• वासमशेट्टी सुभाष

• कोंडापल्ली श्रीनिवास

• मंदीपल्ली राम प्रसाद रेड्डी

• नारा लोकेश

बता दें कि आंध्र प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव में राज्य की 175 में से 135 सीटें जीतकर चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व वाली तेलुगु देशम पार्टी सबसे बड़ी पार्टी बनी। चुनाव में पवन कल्याण की जनसेना पार्टी ने 21 सीटें जीती हैं और भाजपा को भी आठ सीटों पर जीत हासिल हुई है। वहीं जगनमोहन रेड्डी की पार्टी वाईएसआरसीपी महज 11 सीटों पर सिमट गई है। आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में टीडीपी, जनसेना और भाजपा गठबंधन बनाकर चुनाव मैदान में उतरीं थीं।