आपस में भिड़े कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के समर्थक, कांग्रेस कार्यालय में जमकर चले लात-जूते, वीडियो हो रहा वायरल

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मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में दो गुटों के बीच विवाद हो गया। एक गुट दिग्विजय सिंह का समर्थन करता है, जबकि दूसरा गुट कमलनाथ का समर्थन करता है। दोनों गुटों के नेता एवं कार्यकर्ता एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे थे। झड़प के चलते दोनों गुटों के नेताओं ने एक-दूसरे को धक्का-मुक्की की तथा गालियाँ दीं। कुछ नेताओं ने एक-दूसरे पर कुर्सियाँ भी फेंक दीं। सोशल मीडिया पर इस झड़प का वीडियो वायरल हो गया है।

घटना के मुताबिक, राज्य कांग्रेस के दो वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह एवं कमलनाथ के समर्थकों के बीच लड़ाई हुई। लड़ाई इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के नेता एक-दूसरे पर गाली-गलौज करने लगे। झगड़े के चलते एक नेता ने दूसरे नेता पर कुर्सियाँ फेंकी। जानकारी के अनुसार, यह घटना सोमवार (29 जनवरी, 2024) को हुई। भोपाल के कांग्रेस कार्यालय में कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता शहरयार खान एवं अनुसूचित जाति विभाग के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार के बीच झड़प हो गई। दोनों नेताओं ने एक दूसरे के साथ धक्का-मुक्की की तथा जमकर गलियाँ बकी। इस के चलते वहाँ उपस्थित लोगों ने इसका वीडियो भी बना लिया।

वही इसके चलते मौके पर उपस्थित दूसरे नेताओं ने दोनों नेताओं को अलग किया। कहा जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर विवाद हुआ था। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अनुसूचित जाति विभाग अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार को कमलनाथ समर्थक बताया जाता है वहीं कांग्रेस प्रवक्ता शहरयार खान को दिग्विजय समर्थक माना जाता है। दोनों के बीच दिग्विजय सिंह को गाली देने को लेकर हुआ। झगड़ा इतना बढ़ा कि मामला मारपीट तक पहुँच गया।

भाजपा नेता नरेंद्र सलूजा ने इस घटना का वीडियो एक्स पर साझा किया है। उन्होंने लिखा, “कमलनाथ जी समर्थक द्वारा दिग्विजय सिंह जी को गाली बकने को लेकर PCC में खूब चले लात-ठूँसे कुर्सियाँ चली, जमकर एक दूसरे को गालियाँ बकी गईं। बीच-बचाव करने आए कमलनाथ समर्थक एक नेता को भी लात-घूसे पड़े।” ये घटना मध्य प्रदेश कांग्रेस के लिए एक बड़ी चुनौती है। दिग्विजय सिंह एवं कमलनाथ दोनों कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं तथा उनके समर्थकों का आंकड़ा भी बढ़ा है। ऐसे में इन दोनों नेताओं के बीच मतभेद कांग्रेस के लिए घातक सिद्ध हो सकते हैं।

'5 ट्रिलियन डॉलर की इकॉनमी एक जुमला है..', केंद्र सरकार पर भड़कीं प्रियंका गांधी, कहा, असली मुद्दा महंगाई और बेरोज़गारी का

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 इजराइल में नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज मंगलवार को कहा कि पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था और मोदी की गारंटी की बात सिर्फ एक "जुमला" है, जबकि देश में असली मुद्दा बेरोजगारी का है। उन्होंने दावा किया कि महंगाई का भाजपा सरकार के पास कोई समाधान नहीं है।

उल्लेखनीय है कि, हमास के साथ जंग के बीच इजराइल ने फिलिस्तीनी कर्मचारियों को काम से हटा दिया है और भारतीय श्रमिकों की मांग की है। जिन्हे प्रतिमाह डेढ़ लाख रुपए वेतन और रहने की व्यवस्था दी जाएगी। इसके लिए यूपी में कई लोग इजराइल जाने के लिए आगे भी आए हैं। कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव प्रियंका वाड्रा ने एक्स पर एक वीडियो साझा किया, जिसमें इज़राइल जाने के लिए चल रहे भर्ती अभियान में लोग कतार में खड़े हुए थे।

इसको लेकर प्रियंका ने अपनी पोस्ट में लिखा कि, "अगर कहीं पर युद्ध के हालात हैं तो सबसे पहले हम अपने नागरिकों को वहाँ से बचाकर, वापस अपने वतन लाते हैं। लेकिन बेरोजगारी ने आज वो हाल कर दिया है कि देश की सरकार हजारों असहाय और मजबूर युवाओं को युद्धग्रस्त इजराइल जाकर ये खतरा उठाने से भी बचा नहीं रही है। इसी से पता चलता है कि चुनावों में 5 ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी', 'सालाना दो करोड़ रोजगार' और 'मोदी की गारंटी' जैसी बातें सिर्फ जुमला हैं।'' 

उन्होंने लिखा कि, यहाँ, अपने देश में इन्हें रोजगार क्यों नहीं मिल रहा? ये लंबी-लंबी लाइनों में दो-दो दिनों से खड़े युवा क्या हमारे देश के बच्चे नहीं हैं कि हम इन्हें ख़ुशी से इतने भयानक युद्ध के बीच भेजने को तैयार हैं? गौर कीजिए, कितनी चालाकी से सरकार इसे देश के युवाओं का व्यक्तिगत मसला बना रही है! सरकार की इसमें क्या भूमिका है? भारत सरकार ने युद्धग्रस्त इजराइल को भारतीय युवाओं की बलि लेने की स्वीकृति किस आधार पर दी है? हमारे इन युवकों के जान-माल की रक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा? भगवान न करे अगर किसी के साथ कोई दुर्घटना हो गई तो किसकी जिम्मेदारी होगी? आज भारत का असली मुद्दा बेरोजगारी-महंगाई है और भाजपा सरकार के पास इसका कोई हल नहीं है। देश के युवा अब ये बात समझ रहे हैं।

अरब सागर में डाकुओं ने किडनैप कर ली थी कई नाव, फ़ौरन पहुंची इंडियन नेवी, 19 पाकिस्तानी नाविकों को बचाया

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भारतीय युद्धपोत INS सुमित्रा ने एक बचाव अभियान को सफलतापूर्वक अंजाम दिया, जिसमें 19 पाकिस्तानी नाविकों को सोमाली समुद्री डाकुओं से बचाया गया, जिन्होंने उनके मछली पकड़ने वाले जहाज का अपहरण कर लिया था। यह 36 घंटे की अवधि के भीतर INS सुमित्रा द्वारा चलाया गया दूसरा समुद्री डकैती विरोधी अभियान है। जहाज ने रविवार रात को एक इमरजेंसी कॉल का जवाब दिया, जिससे मछली पकड़ने वाले एक अन्य जहाज की सहायता की गई जो समुद्री डाकुओं का शिकार हो गया था।

इस घटना में ईरानी ध्वज वाला मछली पकड़ने वाला जहाज अल नईमी शामिल था, जिसे सोमवार को सशस्त्र समुद्री डाकुओं ने जब्त कर लिया था। चालक दल के 19 सदस्यों, सभी पाकिस्तानी राष्ट्रीयता के, को बंधक बना लिया गया। उभरते संकट की त्वरित और निर्णायक प्रतिक्रिया में, INS सुमित्रा ने 29 जनवरी को मुखर रणनीति का उपयोग करके और अपने हेलीकॉप्टर और नौकाओं को प्रभावी ढंग से तैनात करके मछली पकड़ने वाले जहाज को रोक दिया। इस रणनीतिक दृष्टिकोण ने चालक दल और पकड़े गए जहाज दोनों की सुरक्षित रिहाई को मजबूर किया।

नौसेना ने जहाज की त्वरित कार्रवाई पर प्रकाश डालते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया कि, "INS सुमित्रा ने 29 जनवरी की शाम को मछली पकड़ने वाले जहाज को रोक लिया और अपने अभिन्न हेलीकॉप्टर और नौकाओं की जबरदस्त मुद्रा और प्रभावी तैनाती के माध्यम से चालक दल और जहाज की सुरक्षित रिहाई को मजबूर किया।" इसके अतिरिक्त, युद्धपोत ने सोमाली समुद्री डाकुओं द्वारा बंदी बनाए गए चालक दल की सुरक्षा और भलाई सुनिश्चित करने के लिए पुष्टिकरण बोर्डिंग का आयोजन किया।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव में भाजपा की जीत, कांग्रेस-आप गठबंधन को बड़ा झटका

#chandigarh_mayor_bjp_candidate_wins 

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बिहार में नीतीश कुमार के झटका देने के बाद अब चंडीगढ़ में ‘इंडिया गठबंधन’ को झटका लगा है। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में कांग्रेस-आप गठबंधन को बड़ा झटका लगा है। इस चुनाव में बीजेपी उम्मीदवार मनोज कुमार सोनकर ने जीत दर्ज की है। मनोज कुमार को 16 वोट मिले। वहीं आप के उम्मीदवार कुलदीप कुमार ने 12 वोट हासिल किए। वहीं 8 वोट कैंसिल कर दिया गया। कुल चार वोट से भाजपा ने यह चुनाव जीता है। इसके साथ ही इंडिया गठबंधन अपने पहले ही टेस्ट में औंधे मुंह गिरा है। 

जानकारी के अनुसार, सुबह 10 बजे से चंडीगढ़ मेयर के लिए चुनाव शुरू होना था। लेकिन 38 मिनट की देरी पर प्रिजाइडिंग अफसर अनिल मसीह पहुंचे। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू हुई। इस दौरान सभी काउसिंलर्स को चुनावी प्रक्रिया समझाई गई। इसके बाद, चंडीगढ़ की सांसद किरण खेर ने सबसे पहले वोट डाला। इसके बाद वार्ड नंबर से लेकर अन्य पार्षदों ने वोट डाला। करीब पौने दो घंटे तक वोटिंग प्रक्रिया हुई और साढ़े बारह बजे तक सभी 36 वोट पोल हुए। 

पीठासीन अधिकारी पर वोटों के साथ छेड़छाड़ के आरोप

चुनाव के नतीजों के ऐलान के बाद कांग्रेस और भाजपा पार्षदों ने हंगामा भी किया है। प्रिजाइडिंग अफसर पर गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।पीठासीन अधिकारी अनिल मसीह पर कई वोटों के साथ छेड़छाड़ के आरोप लगे हैं। कांग्रेस और आप पार्षदों की तरफ से आरोप लगाए जा रहे हैं कि अनिल मसीह वीडियो में कई वोटों पर पेन चलाते हुए नजर आए हैं। 

केजरीवाल बोले-बेईमानी हुई

वहीं, अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर चंडीगढ़ मेयर चुनाव पर प्रतिक्रिया दी। केजरीवाल ने कहा कि चंडीगढ़ मेयर चुनाव में दिन दहाड़े जिस तरह से बेईमानी की गई है, वो बेहद चिंताजनक है। यदि एक मेयर चुनाव में ये लोग इतना गिर सकते हैं तो देश के चुनाव में तो ये किसी भी हद तक जा सकते हैं। ये बेहद चिंताजनक है।

मेयर चुनाव को देखते हुए आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस ने गठबंधन किया था। समझौते के तहत आप ने मेयर पद के लिए प्रत्याशी खड़ा किया, जबकि कांग्रेस ने डिप्टी मेयर और सीनियर मेयर पदों के लिए अपने उम्मीवार चुनावी मैदान में उतारे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव के लिए 18 जनवरी को वोटिंग होने वाली थी, लेकिन पीठासीन अधिकारी के बीमार पड़ने के बाद चंडीगढ़ प्रशासन ने इसे छह फरवरी तक के लिए टाल दिया था। इसके खिलाफ आम आदमी पार्टी ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की। चुनाव टालने के प्रशासन के आदेश पर कांग्रेस और आप के पार्षदों ने विरोध प्रदर्शन किया था। हाई कोर्ट ने कड़ी सुरक्षा के बीच 30 जनवरी को वोटिंग कराने के निर्देश दिए थे।

केरल में भाजपा नेता की हत्या के मामले में बड़ा फैसला, PFI सो जुड़े 15 एक्टिविस्ट को मौत की सजा

#kerala_bjp_leader_ranjeet_srinivasan_murder_case

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केरल में भाजपा नेता रंजीत श्रीनिवास हत्‍याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने प्रतिबंधित पीएफआई के 15 सदस्‍यों को मौत की सजा दी है।भाजपा नेता श्रीनिवास की 19 दिसंबर 2021 में हत्‍या कर दी गई थी।केरल की अलाप्पूझे एडीजे अदालत ने रंजीत श्रीनिवासन की हत्या के दोषी इन सभी 15 पीएफआई सदस्यों को मौत की सजा सुनाई है। सजा मावेलिककारा की एडिशनल डिस्ट्रिक्ट जज श्रीदेवी ने सुनाई है।मर्डर केस में कोर्ट ने इन्हें एक हफ्ते पहले ही दोषी करार दिया था।

कोर्ट ने 8 आरोपियों को सीधे हत्या में शामिल पाया है। इन 8 आरोपियों को धारा 302 (हत्या), 149 (गैरकानूनी जमावड़ा), 449 (मौत की सजा वाले अपराध को अंजाम देने के लिए घर में अतिक्रमण), 506 (आपराधिक धमकी), और 341 ( भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) का गलत तरीके से रोकना) का दोषी पाया गया है। जबकि हत्या के वक्त 9 आरोपी हथियारों से लैस होकर रंजीत सिंह के घर के बाहर पहरा दे रहे थे। इन्हें कोर्ट ने आईपीसी की धारा 302 r/w 149 और 447 के तहत दोषी ठहराया है।

कोर्ट ने नईसम, अजमल, अनूप, मोहम्मद असलम, अब्दुल कलाम उर्फ सलाम, अब्दुल कलाम, सफारुद्दीन, मनशाद, जसीब राजा, नवास, समीर, नजीर, जाकिर हुसैन, शाजी पूवाथुंगल और शेरनस अशरफ को आरएसएस नेता की हत्या में दोषी पाया था। इन्हें मौत की सजा सुनाई गई है।

अभियोजन पक्ष ने मामले में दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी और कहा था कि सभी दोषी प्रशिक्षित हत्यारे हैं। जिस क्रूर तरह से इन लोगों ने पीड़ित को उसकी मां-पत्नी और बच्चों के सामने मारा, वह दुर्लभतम अपराध की श्रेणी में आता है। दूसरी तरफ, बचाव पक्ष ने दलील देते हुए कहा था कि यह मामला रेयर ऑफ द रेयरेस्‍ट की श्रेणी में नहीं आता है, लिहाजा अधिकतम सजा नहीं दी जा सकती है। सजा की घोषणा करने से पहले कोर्ट ने सभी दोषियों की मानसिक जांच भी करवाई थी, ताकि किसी तरह की कोई मेडिकल संबंधी दिक्‍कत न हो।

19 दिसंबर, 2021 को भाजपा ओबीसी मोर्चा के राज्य सचिव श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई थी। पीएफआई और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (एसडीपीआई) से जुड़े कार्यकर्ताओं ने श्रीनिवासन के परिवार के सामने उनके घर पर ही हमला कर हत्या कर दी थी। भारतीय जनता पार्टी के नेता की हत्या एसडीपीआई नेता केएस शान की के बाद हुई थी। 18 दिसंबर को केएस शान की हत्या एक गिरोह ने कर दी थी। इस हत्या के कुछ ही घंटों के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता श्रीनिवासन की हत्या कर दी गई। यह तब हुआ जब श्रीनिवासन अलाप्पूझे में अपने घर लौट रहे थे।

इंसानी दिमाग में लगाई गई चिप, एलन मस्‍क की न्‍यूरालिंक ने किया ये कारनामा, न्यूरोलॉजिकल विकारों के इलाज में मिलेगी मदद

#elon_musk_neuralink_installs_brain_implant_in_first_human

टेस्‍ला और एक्‍स के मालिक एलन मस्‍क की कंपनी न्यूरालिंक ने कमाल कर दिया है। न्यूरालिंक ने इंसान के दिमाग में सर्जरी के जरिए चिप इम्प्लांट की है। स्‍टार्टअप कंपनी ‘न्यूरालिंक’ ने पहले मानव में ब्रेन में चिप इम्प्लांट किया है। मस्क ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा कर यह जानकारी दी। मस्क ने कहा है कि जिस व्यक्ति के दिमाग में चिप लगाई गई है, उसकी सेहत में सुधार हो रहा है। 

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एलन मस्क ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी और कहा उनके न्यूरालिंक स्टार्टअप ने अपने पहले मानव रोगी में ब्रेन इम्प्लांट किया। मस्क ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, पहले मानव को कल न्यूरालिंक से इम्प्लांट प्राप्त हुआ और वह अच्छी तरह से ठीक हो रहा है। उन्होंने लिखा, "प्रारंभिक परिणाम आशाजनक हैं।"

कंपनी की ओर से पिछले साल जारी एक बयान में जानकारी दी गई थी कि उसे लोगों में मस्तिष्क प्रत्यारोपण का परीक्षण करने के लिए अमेरिकी नियामकों से मंजूरी मिल गई है। अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्‍ट्रेशन (एफडीए) ने उसे इन-ह्यूमन क्लिनिकल ट्रायल के लिए हरी झंडी दी थी। न्‍यूरालिंक का कहना है कि उसका मकसद न्यूरोलॉजिकल विकारों से पीड़ित लोगों के लिए जीवन को आसान बनाना है।

न्यूरालिंक एक स्टार्टअप है, जिसकी शुरुआत मशहूर अरबपति एलन मस्क ने साल 2016 में कुछ वैज्ञानिकों और इंजीनियर्स के साथ मिलकर की थी। न्यूरालिंक ब्रेन चिप इंटरफेस बनाने का काम करती है, जिन्हें इंसानी खोपड़ी में इंप्लांट किया जा सकेगा। इन चिप की मदद से दिव्यांग लोग जो चल-फिर नहीं सकते या बात नहीं कर सकते या देख नहीं देख सकते, वे फिर से कुछ हद तक बेहतर जीवन जी सकेंगे। चिप की मदद से न्यूरल सिग्नल को कंप्यूटर या फोन जैसी डिवाइस पर ट्रांसमिट किया जा सकेगा। हालांकि मस्क की कंपनी को आलोचना भी झेलनी पड़ रही है। दरअसल कंपनी ने लैब में जानवरों पर पहले चिप लगाने के परीक्षण किए थे, जिसके लिए कंपनी की खूब आलोचना हुई थी।

अमेरिका की पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाली भारतीय छात्र की मौत, मां ने की थी लापता हुए बेटे को ढूंढने की अपील

#us_missing_indian_student_of_purdue_university_confirmed_dead

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अमेरिका के इंडियाना स्थित पर्ड्यू विश्वविद्यालय में पढ़ने वाला एक भारतीय छात्र का शव बरामद किया गया है। पिछले हफ्ते लापता होने के बाद परिसर में एक इमारत के बाहर छात्र मृत पाया गया है। अमेरिका में एक काउंटी के कोरोनर ने इसकी पुष्टि की है। छात्र की पहचान नील आचार्य के रूप में हुई है। जो रविवार सा लापता था।

यूनिवर्सिटी के कंप्यूटर साइंस विभाग के अंतरिम प्रमुख क्रिस क्लिफ्टन ने सोमवार को विभाग को एक ईमेल में बताया, “मुझे अत्यंत दुख के साथ सूचित करना पड़ रहा है कि हमारे एक छात्र नील आचार्य का निधन हो गया है। कंप्यूटर साइंस विभाग उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करता है। हम बहुत दुखी हैं।”

अधिकारियों ने बताया कि उन्हें रविवार सुबह 11.30 बजे के करीब यह जानकारी मिली कि पश्चिमी लफायेट के 500 एलिसन रोड पर एक शव बरामद किया गया है। जांच करने पर यह एक कॉलेज जाने वाले छात्र का शव पाया गया। मृतक की पहचान भारतीय मूल के छात्र नील आचार्य के तौर पर की गई है। नील की मौत का सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है।

इससे पहले सोमवार को नील की मां गौरी आचार्य ने एक्स पर बेटे के लापता होने की जानकारी देते हुए लिखा था- “हमारा बेटा नील आचार्य कल 28 जनवरी (12:30 ईएसटी) से लापता है, वह अमेरिका में पर्ड्यू यूनिवर्सिटी में पढ़ रहा है। उसे आखिरी बार उबर ड्राइवर ने देखा था जिसने उन्हें पर्ड्यू यूनिवर्सिटी पर छोड़ा था. यदि आप कुछ जानते हैं तो कृपया हमारी मदद करें।”

इससे पहले अमेरिका के लिथोनिया शहर के जॉर्जिया में एक बेघर नशेड़ी ने एक 25 वर्षीय भारतीय छात्र की पीट-पीटकर हत्या कर दी। दरअसल, छात्र पिछले कुछ दिनों से उस बेघर नशेड़ी की मदद कर रहा था। हत्या की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पुलिस ने इस घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अटलांटा में हुई इस घटना पर भारत ने शोक जताते हुए इसे डरावना बताया और इसकी निंदा की।

एक्शन में भारतीय युद्धपोत, ईरान के बाद पाकिस्तानी जहाज को लुटेरों से छुड़ाया, 36 घंटे में दो ऑपरेशन को दिया अंजाम

#indian_navy_rescues_19_pak_sailors_kidnapped_by_pirates

भारतीय नौसेना ने मात्र 36 घंटे के अंदर अरब सागर में समुद्री लुटेरों से दो जहाजों को छुड़ाया है। रक्षा मामलों से जुड़े अफसरों के मुताबिक, भारतीय नौसैनिक युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने रविवार को ईरान के जहाज एफवी ईमान को बचाने के बाद एक और अभियान में जहाज अल नईमी को सोमालियाई लुटेरों के शिकंजे से छुड़ाया। 

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एंटी पायरेसी ऑपेरशन में तैनात आईएनएस सुमित्रा को मदद के लिये कॉल आया। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, करीब 11 सोमालियाई समुद्री लुटेरों ने पाकिस्तानी दल के साथ मछली पकड़ने निकली नौका को अगवा करने का प्रयास किया था। हालांकि भारतीय नौसेना ने तुरंत एक्शन लेते हुए लुटेरों की इस कोशिश को नाकाम कर दिया। मछली पकड़ने वाले इस जहाज में 19 पाकिस्तानी थे। समुद्री लुटेरों ने इनको बंधक बना लिया था। नौसेना ने पाकिस्तानी बंधकों को सुरक्षित बाहर निकाला। पिछले 24 घन्टे में आईएनएस सुमित्रा ने 19 पाकिस्तानी और 17 ईरानी को समुद्री लुटेरों से बचाया।

ये अरब सागर में समुद्री लुटेरों के हमले का छठा मामला है। इन घटना से 15 दिन पहले ही भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सुमित्रा ने एक ईरानी जहाज को समुद्री डाकुओं से बचाया था। सोमवार को ईरान के झंडे वाले जहाज अल नाएमी पर समुद्री लूटेरों ने हमला कर दिया था और इस पर मौजूद सभी 19 लोगों को बंधक बना लिया था। ये अरब सागर में पिछले 3 महीने में हाईजैक का चौथा मामला था।

कोहरे के “कंबल” में ढका पूरा उत्तर भारत, पंजाब-हरियाणा से लेकर बिहार तक तीन दिन का यलो अलर्ट, कई राज्यों में बारिश बढ़ाएगी परेशानी

#yellow_alert_of_fog_for_three_days

उत्तर भारत में भीषण सर्दी और कोहरे का कहर जारी है।राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी से ज्यादातर इलाकों में गलन भरी ठंड महसूस की जा रही है।भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा से लेकर बिहार तक अगले तीन दिनों तक कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहेगा। विभाग ने इसको लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के आसपास के मैदानी इलाकों में 30 जनवरी से 4 फरवरी तक बारिश की भी संभावना है।  

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बार‍िश के बाद गिर सकता है पारा

मौसम विभाग ने हल्‍के से मध्‍यम स्‍तर की बार‍िश की संभावना जताई है जिससे ठंड बढ़ने और तापमान में 3 से 4 ड‍िग्री तक ग‍िरावट आने का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार यूपी और पंजाब में अभी कोल्‍ड वेव का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।आईएमडी ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि 31 जनवरी को दिल्ली में बहुत हल्की, शायद कुछ हल्की बारिश या बहुत हल्की गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।

घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो द‍िल्‍ली, हर‍ियाणा, यूपी, पंजाब, चंडीगढ़, नॉर्थ राजस्थान, ब‍िहार, झारखंड, पूर्वोत्तर मध्‍य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और स‍िक्‍क‍िम के हिस्सों में न्‍यूनतम तापमान 7 से 10 ड‍िग्री सेल्‍सि‍यस के बीच रहने की संभावना है। मौसम व‍िभाग ने पंजाब में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है तो वहीं यूपी और ब‍िहार में अगले 24 घंटे के भीतर दिन के वक्‍त भी कोहरा छाये रहने की संभावना जताई है।

दो साल बाद सबसे ज्यादा शीत दिवस

इस साल जनवरी माह में कुल पांच शीत दिवस रहे जो पिछले दो साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले साल 2022 की जनवरी में सात शीत दिवस रहे। वहीं, शीतलहर की बात करें तो इस साल अब तक पांच दिन शीत लहर चली है।

कोहरे के “कंबल” में ढका पूरा उत्तर भारत, पंजाब-हरियाणा से लेकर बिहार तक तीन दिन का यलो अलर्ट, कई राज्यों में बारिश बढ़ाएगी परेशानी

#yellowalertoffogforthreedays

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उत्तर भारत में भीषण सर्दी और कोहरे का कहर जारी है।राष्ट्रीय राजधानी समेत देश के कई राज्यों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है।जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बारिश और बर्फबारी से ज्यादातर इलाकों में गलन भरी ठंड महसूस की जा रही है।भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा से लेकर बिहार तक अगले तीन दिनों तक कहीं हल्का तो कहीं घना कोहरा छाया रहेगा। विभाग ने इसको लेकर ऑरेंज और यलो अलर्ट जारी किया है। पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र के आसपास के मैदानी इलाकों में 30 जनवरी से 4 फरवरी तक बारिश की भी संभावना है।  

बार‍िश के बाद गिर सकता है पारा

मौसम विभाग ने हल्‍के से मध्‍यम स्‍तर की बार‍िश की संभावना जताई है जिससे ठंड बढ़ने और तापमान में 3 से 4 ड‍िग्री तक ग‍िरावट आने का पूर्वानुमान जताया है। आईएमडी के अनुसार यूपी और पंजाब में अभी कोल्‍ड वेव का प्रकोप जारी रहने की संभावना है।आईएमडी ने कहा है कि हमें उम्मीद है कि 31 जनवरी को दिल्ली में बहुत हल्की, शायद कुछ हल्की बारिश या बहुत हल्की गरज के साथ बौछारें पड़ेंगी।

घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट

मौसम विभाग की मानें तो द‍िल्‍ली, हर‍ियाणा, यूपी, पंजाब, चंडीगढ़, नॉर्थ राजस्थान, ब‍िहार, झारखंड, पूर्वोत्तर मध्‍य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और स‍िक्‍क‍िम के हिस्सों में न्‍यूनतम तापमान 7 से 10 ड‍िग्री सेल्‍सि‍यस के बीच रहने की संभावना है। मौसम व‍िभाग ने पंजाब में घने कोहरे को लेकर येलो अलर्ट भी जारी किया है तो वहीं यूपी और ब‍िहार में अगले 24 घंटे के भीतर दिन के वक्‍त भी कोहरा छाये रहने की संभावना जताई है।

दो साल बाद सबसे ज्यादा शीत दिवस

इस साल जनवरी माह में कुल पांच शीत दिवस रहे जो पिछले दो साल में सबसे ज्यादा है। इससे पहले साल 2022 की जनवरी में सात शीत दिवस रहे। वहीं, शीतलहर की बात करें तो इस साल अब तक पांच दिन शीत लहर चली है।