आज सीएम सोरेन से ईडी करेगी उनके आवास पर पूछताछ,प्रशासन चौकस,पुलिस बल किये गए तैनात


Image 2Image 3

राँची:आज प्रवर्तन निदेशालय की टीम झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से पूछताछ करेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आज अपने सरकारी आवास पर झारखंड भूमि घोटाले के मामले में ईडी को अपना बयान दर्ज कराएंगे। 

पूछताछ के लिए ईडी के अधिकारी दोपहर को मुख्यमंत्री आवास जाने वाले हैं। इससे पहले ईडी दफ्तर और मुख्यमंत्री आवास के बाहर अवरोधक लगाए गए हैं। कार्यकर्ताओं का जुटान होने लगा है महाअधिवक्ता भी सीएम आवास पहुंचे।

रांची सीटी एसपी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर मुस्ताक नजर आ रहे हैं लगभग 900 पुलिस बल तैनात किए गए हैं।रांची डीसी राहुल कुमार सिन्हा भी पहुंचे सीएम आवास एसएसपी, एसडीओ तमाम आला अधिकारी सीएम आवास पहुंच गए।

इस बीच सीटी एसपी खुद सीएम आवास के आसपास इसका जायजा ले रहे हैं।

 किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए जांच एजेंसी के कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास के आसपास तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की गई है। 

सोरेन ने ईडी से 20 जनवरी को उनके आवास पर उनका बयान दर्ज करने को कहा था। इसी कड़ी में आज सीएम आवास पर पूछताछ होनी है।

ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा झारखंड में किए गए कार्यों को विभागीय सचिव ने जानकारी


Image 2Image 3

23 जनवरी को खूंटी जिले से अबुआ आवास योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे सीएम हेमंत सोरेन

राजधानी रांची के सूचना भवन में ग्रामीण विकास विभाग के विभागीय सचिव के द्वारा एक प्रेस वार्ता के माध्यम से विभागीय सचिव चंद्रशेखर ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक 911 लाख मानव दिवस का सृजन किया जा चुका है। 

पिछले 4 वर्षों की बात की जाए तो मनरेगा में महिलाओं की भागीदारी 47% से अधिक रही है। राज्य में पेड़ लगाओ पैसे कमाओ योजना के तहत कार्बन उत्सर्जन करने वाली कंपनियां पेड़ के मालिक को पैसे का भुगतान करेंगी। 

मनरेगा के तहत खेल संरचना के विकास के तहत वीर शहीद पोटो का खेल विकास योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत गांव में खेल का मैदान का निर्माण कराया जा रहा है।

झारखंड राज्य में प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को और भी बेहतर क्रियान्वयन जा रहा है। लक्ष्य के अनुरूप अब तक 98% आवास निर्माण किया गया है। राज्य सरकार के महत्वाकांक्षी अबुआ आवास योजना की औपचारिक शुरुआत मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन आगामी 23 जनवरी को खूंटी जिले से करेंगे।

श्री राम भरत मिलाप समिति के कार्यालय का जिर्णोद्धार के लिए राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने राशि दी


Image 2Image 3

रांची के डोरंडा स्थित राम भरत मिलाप समिति के कार्यालय का जिर्णोद्धार के लिए राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश ने अपने सांसद निधि से 14.50लाख रुपया निर्गत करवाए। 

इस कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा ने सभी अतिथियों का शाल एवं राम दरबार का चित्र देकर स्वागत किया। 

इस अवसर पर सांसद दीपक प्रकाश ने कहा कि डोरंडा राम भक्तों का एक महत्वपूर्ण राजधानी के हृदयस्थली में स्थान है। उन्होंने भी अपना बचपन इस क्षेत्र में समय बिताया है। इस कार्यालय की झज्जर स्थिति को देखकर उन्हें हमेशा यह लगता था कि यहां एक भव्य भवन होना चाहिए। राम भरत मिलाप के सभी सदस्य रामकाज में लगे हुए हैं और रामकाज में कभी किसी चीज की कमी नहीं होती। 

यहां बनने वाले भव्य भवन में अगर आगे भी मद की आवश्यकता होगी तो वह देने को तैयार हैं।

इस अवसर पर हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा जनकल्याण के कार्य में लगी रहती है। भाजपा हमेशा ऐसा कार्य करती है जिससे ज्यादा से ज्यादा जनता को लाभ हो और यहां भवन बनने से आने वाले समय में जनता को बहुत फायदा होगा। कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्री राम भरत मिलाप समिति के संरक्षक बीके विजय, सरदार अशोक सिंह, पुरुषोत्तम दास, जय नारायण विजय ,सुरेश प्रसाद अपने सदस्यों के साथ एवं अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

आज साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव को ED के दूसरे समन पर हाजिर होना है, ऐसी क्या वजह रही जो अभी तक नही पहुंचे कार्यालय


Image 2Image 3

साहेबगंज में हुए अवैध खनन मामले में आज डीसी रामनिवास यादव से पूछताछ करने वाली है। बीते बुधवार को ED ने उन्हें दूसरा समन भेजकर 19 जनवरी को रांची जोनल ऑफिस में पूछताछ के लिए उपस्थित होने को कहा था। 

बता दें कि ED ने इससे पहले भी साहिबगंज डीसी रामनिवास यादव को 6 जनवरी को समन भेजकर 11 जनवरी को पूछताछ के लिए बुलाया गया था, लेकिन वह ED कार्यालय नहीं पहुंचे थे। 

दरअसल तीन जनवरी को झारखंड, बंगाल, और राजस्थान में हुई छापेमारी में साहेबगंज डीसी के ठिकाने भी शामिल थे। रांची, साहिबगंज, हजारीबाग में डीसी रामनिवास यादव के यहां रेड में कैम्प कार्यालय से कई दस्तावेज समते अवैध कारतूस, सात लाख रुपये बरामद किए गए थे। इसके बाद ही सभी को समन भेज कर पूछताछ के लिए तलब किया गया था। 

पिछली बार भी वो ईडी दफतर नही पहुंचे थे। आज भी खबर लिखे जाने तक डीसी राम निवास हाजिर नहीं हुए। ऐसा माना जा रहा है कि साहिबगंज डीसी एजेंसी के सामने हाजिर नहीं होने को लेकर कैबिनेट के फैसले को आधार बना सकते हैं। चुकी पिछला कैबिनेट की बैठक में राज्य के बाहर की एजेंसियों को लेकर प्रस्ताव पारित किया गया था।

सरायकेला :चमत्कारिक होता है रमल ज्योतिष,बिना कुंडली के जानें भविष्य


Image 2Image 3

भगवान शिव ने भी इस विद्या से की थी अधूरी इच्छा पूरी।

सरायकेला : ज्योतिष की अनेक....शाखाओं-प्रशाखाओं में से रमल ज्योतिष भी एक है। महासती के वियोग से व्याकुल भगवान शिव के समक्ष महाभैरव ने चार बिन्दु बना दिए और उनसे उसी में अपनी इच्छित प्रिया सती को खोजने के लिए कहा। 

विशेष विधान से उन्होंने इसे सिद्ध करके सातवें लोक में अपनी प्रियतमा को देखा। तभी से इस रेखा और बिन्दु शास्त्र का प्रादुर्भाव हुआ। एक बार एक व्यक्ति अरब के रेगिस्तान में चल रहा था, अंतत: चलते-चलते थक गया। चारों ओर बालू ही बालू दिखाई देती थी। वह गंतव्य का मार्ग भूल गया और बड़ा चिंतित हुआ। तब साक्षात शक्ति ने आकर उसके सामने चार रेखा और चार बिन्दु बना दिए। उसे एक ऐसी विधि बताई कि वह गंतव्य स्थान का मार्ग जान गया। वहीं से इस शास्त्र की उत्पत्ति हुई।

इसका जन्म भारत में ही हुआ। बहुत काल तक भारत में विकसित हुई यह विद्या दूर-दूर तक फैल गई और काल प्रभाव से यहां इसका महत्व कम हो गया। जब देश में मुसलमानों का शासन हुआ तो इसे राज्याश्रय प्राप्त हो गया। कारण, भारतीयों की तरह मुसलमान ज्योतिष विद्या के अन्य सूक्ष्म तत्वों को जानते नहीं थे। अत: उनके समय में इसका प्रचार अधिक हुआ। भारतवर्ष में भविष्य कथन जानने और समाधान के वास्ते अनेक विद्याओं का विद्वान समय-समय पर सहारा लिया करते हैं और ज्योतिष विज्ञान की अनेक शाखाएं भी वर्तमान में मौजूद हैं। 

इनमें रमल (अरबी ज्योतिष) यानी कि इल्म-ए-रमल एक सबसे महत्वपूर्ण, ज्योतिष जगत की जीती-जागती अनूठी, अतिशीघ्र समस्याओं का समाधान करने वाली पद्धति है जिसमें प्राणी मात्र प्रकृति (स्थावर और जंगम) का पूर्ण लेखा-जोखा किसी घटना विशेष से पूर्व, समय रहते हुए शोध कर खोजा जा सकता है। 

जन्मकुंडली जरूरी नहीं

रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में प्रश्रककर्ता अर्थात याचक की जन्मकुंडली की कदापि आवश्यकता नहीं होती। यहां तक कि प्रश्रकर्ता का नाम, माता-पिता का नाम, घड़ी, दिन, वार, समय और तो और पंचांग की भी आवश्यकता नहीं होती है। प्रश्रकर्ता मात्र रमलाचार्य के पास अपने अभीष्ट प्रश्र के शुभ-अशुभ, लाभ-हानि, अमुक कार्य कब तक, किसके माध्यम से किस प्रकार होगा एवं अन्य तात्कालिक प्रश्र इत्यादि को मन-वचन और आंतरिक भावना से लेकर जाए क्योंकि किसी भी ज्योतिष शास्त्र में श्रद्धा और विश्वास का भाव प्रश्रकर्ता के मन में होना अति आवश्यक है। 

रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में जीवन के प्रत्येक कठिन समस्या के मार्गदर्शन और समाधान अरबी पासा डालकर किए जाते हैं। पासे को अरबी भाषा में ‘कुरा’ कहते हैं। ये प्रश्रकर्ता के हाथ पर रख कर किसी विशेष स्थान पर डलवाए जाते हैं और उनसे प्राप्त हुई शक्ल (आकृति) का रमल ज्योतिषीय गणित के मुताबिक प्रस्तार अर्थात ‘जायचा’ बनाया जाता है। उस प्रस्तार के माध्यम से प्रश्रकर्ता के समस्त प्रश्नों का मार्गदर्शन समाधान गणित के द्वारा तत्काल ही प्राप्त होता रहता है। 

यह सारी प्रक्रिया प्रश्रकर्ता के रमलाचार्य के सम्मुख होने पर होती है। यदि प्रश्रकर्ता रमलाचार्य के सम्मुख न हो तो प्रश्रकर्ता के समस्त प्रश्रों का जवाब मय समाधान सहित ‘प्रश्र फार्म’ द्वारा किया जा सकता है जो वर्तमान काल में एक नवीन शोध द्वारा तैयार किया गया है। प्रश्र करने की दोनों पद्धतियों द्वारा प्राप्त परिणाम एक ही आता है। इनसे प्राप्त फलादेश में भिन्नता किसी प्रकार से कभी नहीं होती मगर गणितीय स्थिति पूर्णत: भिन्न अवश्य ही होती है।

सटीक फलादेश.....

आजकल भारतीय ज्योतिष द्वारा भविष्यकाल के जानने के वास्ते जन्मकुंडली कुछ लोगों के पास नहीं हैं या पूर्ण नहीं हैं तथा जिनके पास हैं भी तो पूर्ण रूप से सही नहीं हैं जिससे उनका फलादेश पूर्ण तथा सही घटित नहीं होता। इस कारण प्रश्रकर्ता पूर्ण मानसिक रूप से संतुष्ट नहीं होता और न ही उसे इच्छित लाभ प्राप्त होता है मगर रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र में जन्मकुंडली आदि की आवश्यकता नहीं होती है। रमल (अरबी ज्योतिष) शास्त्र का फलादेश इनके मुकाबले काफी सटीक प्राप्त होता है।

प्रस्तार की रचना.....

रमल शास्त्र में पासा डालने के उपरांत प्रस्तार अर्थात ‘जायचा’ बनाया जाता है। प्रस्तार में 16 घर होते हैं। 13, 14, 15 और 16 पर गवाहन अर्थात साक्षी घर होते हैं। प्रस्तार के 1, 5, 7, 13 अग्रि तत्व के होते हैं। 2,6,10,14, 13, 7, 11, 15 घर जल तत्व के होते हैं।

भारतीय महिला हॉकी टीम ओलंपिक क्वालीफायर में जर्मनी से शूट आउट में 3-4 से हारी


Image 2Image 3

 पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का एक मौका और

रांची : भारतीय महिला हॉकी टीम ने गुरुवार को रांची के मारंग गोमके जयपाल सिंह एस्ट्रोटर्फ हॉकी स्टेडियम में जारी एफआईएच हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर-2024 के दूसरे सेमीफाइनल में जर्मनी के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बावजूद उसे निर्धारित समय तक 2-2 की बराबरी के बाद शूट आउट में 3-4 से हार का सामना करना पड़ा। 

भारतीय टीम अब तीसरे-चौथे स्थान के लिए शुक्रवार को जापान से भिड़ेगी, जहां उसके पास पेरिस ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने का एक और मौका होगा। इस टूर्नामेंट की टॉप-3 टीमें पेरिस ओलंपिक का टिकट हासिल करेंगी। जापान को पहले सेमीफाइनल में अमेरिका से 1-2 से हार का सामना करना पड़ा। 

ग्रुप चरण में लगातार दो जीत के बाद सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम ने जर्मनी के खिलाफ पहले क्वार्टर में सर्कल के अंदर कई आक्रमण किए और फिर 14वें मिनट में जाकर उसे पेनल्टी कॉर्नर मिला। दीपिका ने इस पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करके भारत के मुकाबले में बढ़त दिला दी। डिफेंस में शानदार प्रदर्शन और फिर जर्मनी को ज्यादा मौके नहीं देने के बाद भी भारतीय टीम अपनी बढ़त गंवा बैठी। चार्लोट स्टेपनहॉर्स्ट ने 26वें मिनट में गोल करके जर्मनी को बराबरी पर ला दिया। इसके बाद दोनों टीमें हाफ टाइम तक 1-1 की बराबरी पर थी।  

हाफ टाइम के बाद तीसरे क्वार्टर में दोनों टीमों ने बढ़त लेने की भरपूर कोशिश की। भारत और जर्मनी दोनों ने आक्रामक खेल दिखाना शुरू कर दिया। इसके बाद दोनों टीमों ने फाइनल के लिए क्वालीफाई करने और पेरिस ओलंपिक 2024 में जगह अपनी पक्की करने के लिए खुद को ड्राइविंग सीट पर रखा। लेकिन दोनों टीमें स्कोर करके बढ़त नहीं ले पा रही थी। 

भारत और जर्मनी यहां कई मौके बनाए। लेकिन सफलता आखिरकार जर्मनी को ही मिली। चार्लोट स्टेपनहॉर्स्ट ने 56वें मिनट में अपना और अपनी टीम का दूसरा मैदानी गोल करके जर्मनी को बढ़त दिला दी। मैच के अंतिम समय यानी 59वें मिनट में इशिका चौधरी पेनल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दील करके भारत को 2-2 की बराबरी पर ला दिया। 

इसके बाद दोनों टीमें निर्धारित समय तक बढ़त नहीं ले पाई और मुकाबला शूट आउट में चला गया। शूट आउट में भारत के लिए संगीता, सोनिका और लालरेमसियामी ने गोल किए जबकि कप्तान सविता ने गोल के सामने कुछ शानदार बचाव किए। हालांकि जर्मनी ने धैर्य बनाए रखते हुए भारत को पेनल्टी शूटआउट में 4-3 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया।

भारत का सामना अब 19 जनवरी को जापान से होगा। इस जीत के बाद जर्मनी ने पेरिस ओलंपिक 2024 का टिकट पक्का कर लिया है। जबकि हार के बाद भी भारत के पास अभी ओलंपिक टिकट पाने का एक और मौका है। 

इससे पहले, अमेरिका ने एक अन्य सेमीफाइनल में पूर्व एशियाई चैम्पियन जापान को 2-1 से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया। और पेरिस ओलंपिक 2024 का का टिकट हासिल कर लिया। अमेरिका ने एफआईएच महिला ओलंपिक क्वालीफायर 2024 में अजेय रहते हुए पेरिस का टिकट हासिल किया। 

वहीं, एक अन्य मैच में न्यूजीलैंड ने चेकिया को 2-0 से मात दी। इस जीत के बाद न्यूजीलैंड ने एफआईएच महिला ओलंपिक क्वालीफायर के पांचवें-छठे स्थान के क्वालीफिकेशन मैच में जगह बना ली। पांचवें-छठे स्थान के लिए न्यूजीलैंड का सामना अब शुक्रवार को लिए इटली से होगा। वहीं दूसरे मैच में इटली ने शूटआउट में चिली को हरा दिया। पांचवें से आठवें स्थान के इस क्वालिफिकेशन मैच में निर्धारित समय तक स्कोर दोनों टीमों के बीच स्कोर 2-2 से बराबरी पर था। इसके बाद शूटआउट में इटली के लिए मारिया इनाउदी और कार्टा ने गोल किए जबकि चिली के लिए एकमात्र गोल डोमेनिका अनानियास ने किया।

11 फरवरी को बाबा तिलका मांझी की जयंती पर राष्ट्रीय जनजाति सम्मेलन का होगा आयोजन


भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा की बैठक प्रदेश कार्यालय में हुई। बैठक में 11 फरवरी को रांची में होनी वाली राष्ट्रीय जनजाति सम्मेलन की तैयारी को लेकर बैठक हुई। बैठक में प्रदेश पदाधिकारी, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, जिला अध्यक्ष शामिल हुए।

Image 2Image 3

बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष बाबुलाल मरांडी ने कहा कि 11 फरवरी को रांची में जनजाति मोर्चा द्वारा आयोजित होने वाले जनजाति सम्मेलन में 1 लाख से अधिक आदिवासी होंगे शामिल। इसके लिए मोर्चा के प्रत्येक कार्यकर्ता गांव-गांव एवं बुथ में जाकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आदिवासी समाज के लिए किए गए कार्यो को बताए। यह सम्मेलन ऐतिहासिक होगी और राज्य एवं राष्ट्रीय पटल पर एक मिल का पत्थर साबित होंगी। इस सम्मेलन को लेकर मोर्चा के कार्यकर्ताओं के कंधे में बढ़ी जिम्मेदारी है।

आदिवासी समाज की बेटी को राष्ट्रपति बनाना, झारखण्ड राज्य अलग करना, आदिवासी मंत्रालय बनाना, धरती आबा बिरसा मुंडा की जन्मजयंती पर जनजाति गौरव दिवस की घोषणा, मोदी कैबिनेट में 8 जनजाति मंत्री, पीएम जन-मन योजना सहित कई ऐसे कार्य है जो आदिवासी समाज को पीएम नरेंद्र मोदी एवं भाजपा से जोड़ती है।

इस कार्यक्रम का संयोजक मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर उराँव को बनाया गया है। वही सम्मेलन में झारखंड, उड़ीसा, छत्तीसगढ़, बंगाल, उत्तर प्रदेश, असम, बिहार, नार्थ ईस्ट में सभी राज्य से प्रतिनिधि से शत प्रतिशत आदिवासी शामिल होने की संभावना है। जिसमे सभी अपने-अपने पारंपरिक वेश भूषा, नृत्य संगीत, वाद्य यंत्र, के साथ अपनी अपनी संस्कृति का दृश्य दिखेगा।

बैठक में मोर्चा के अध्यक्ष शिवशंकर उराँव, प्रदेश उपाध्यक्ष बड़कुंवर गागराई, प्रदेश मंन्त्री दुर्गा मरांडी, मोर्चा प्रभारी रामकुमार पाहन, अशोक बड़ाईक, गंगोत्री कुजूर, बिन्देश्वर उराँव सहित कई उपस्थित थे।

रांची के डोरंडा में राम भरत मिलाप कार्यालय का जिर्णोद्धार सांसद संजय सेठ ने किया

Image 2Image 3

रांची के डोरंडा स्थित राम भरत मिलाप समिति के कार्यालय का जिर्णोद्धार का शिलान्यास रांची के सांसद संजय सेठ के द्वारा सांसद निधि से कराया जाएगा। इस कार्यक्रम में हटिया के विधायक नवीन जायसवाल श्री राम भरत मिलाप समिति के संरक्षक सरदार अशोक सिंह ,बीके विजय, जयनारायण विजय, सुरेश प्रसाद, सोहन राम ने संयुक्त रूप से किया।

बात दे कि राम भरत मिलाप समिति ने पिछले दिनों डोरंडा क्षेत्र में अयोध्या से पूजित अक्षत, निमंत्रण और राम मंदिर की तस्वीर को घर घर वितरण किया था।इस कार्यक्रम की अध्यक्षता समिति के अध्यक्ष रोहित शारदा ने किया अतिथियों का स्वागत समिति के पदाधिकारी के द्वारा किया गया।

इस अवसर पर संजय सेठ ने कहा कि यह राम मंदिर के उद्घाटन का सप्ताह चल रहा है। इस अवसर पर राम भरत मिलाप कार्यालय को नए रूप देने की तैयारी भी चल रही है। यह भगवान श्री राम की इच्छा से हो रहा है और डोरंडा के नागरिकों को आने वाले समय में इसका फायदा मिलेगा।

वहीं हटिया के विधायक नवीन जायसवाल ने कहा कि इस भव्य कार्यालय के निर्माण में अगर किसी चीज की कमी रहेगी तो उसे वह अपने मद से पूरा करेंगे। अतिथियों को राम दरबार का चित्र देकर उनका स्वागत किया गया। इस अवसर पर मुख्य रूप से समिति के संरक्षक बी के विजय सरदार अशोक सिंह ,सुरेश प्रसाद, जयनारायण विजय सहित अन्य धार्मिक एवं सामाजिक संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

20 जनवरी को सीएम हेमंत सोरेन से ED करेगी पूछताछ, आदिवासी संगठन में आक्रोश, 19 जनवरी को राजभवन में करेंगे प्रदर्शन

रांची ; झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन से ईडी 20 जनवरी को उनके सरकारी आवास पर आकर ED पूछताछ करेगी। तो वहीं ईडी के इस कार्रवाई के खिलाफ 19 जनवरी को आदिवासी संगठन प्रदर्शन करेंगे।

Image 2Image 3

आदिवासी जनसंगठनों का आरोप है कि जनता के द्वारा निर्वाचित सरकार को अस्थिर करने की साजिश की जा रही है।

प्रदर्शन में शामिल होने राज्य के आठ से अधिक जिलों से आदिवासी लोग आएंगे। वहीं इस प्रदर्शन को छह आदिवासी संगठनों का समर्थन है। इस बीच कार्मिक सचिव वंदना दादेल की ओर से ईडी को लिखी गई चिट्‌ठी का जवाब प्रवर्तन निदेशालय ने दिया है। ईडी की ओर से जिस लहजे में जवाब दिया गया है, उसने सरकार की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निदेशालय ने साफ तौर पर कहा है कि इस तरह की चिट्ठी जांच को प्रभावित करने वाला है।

एक और ईडी के जवाब ने सरकार को सकते में डाल दिया है तो वहीं दूसरी ओर इसके खिलाफ आंदोलन की तैयारी की जा रही है।

19 जनवरी को राजभवन के समक्ष एक दर्जन से अधिक आदिवासी संगठनों से जुड़े लोग धरना-प्रदर्शन करेंगे।

एचईसी में वेतन की मांग को लेकर कर्मचारी और अधिकारियों का टूटा सब्र का बांध, किया बंद का आवाहन

Image 2Image 3

राँची: हेवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड (एचईसी) मुख्यालय के सामने तीनों प्लांट के कर्मचारी अनिश्चितकालीन अवकाश का आह्वान किया, जिसमे समस्त कर्मचारियों ने अवकाश पर रहने की बात कही। पिछले 20 महीनो से बकाये वेतन की मांग को लेकर कंपनी के अफसरों और मजदूरों ने विरोध जताया है।

आज सुबह से ही मजदूर एचएमटीपी, एचएमबीपी और एफएफपी के मुख्य गेट पर जुटने लगे थे। वहीं आठ बजे के करीब तीनों प्लांटों में जुटे लोग धीरे धीरे मुख्यालय के मुख्य गेट पर पहुंचने लगे। मुख्यालय सहित तीनों प्लांट में आज से किसी के भी प्रवेश पर रोक लगा दिया गया है। अस्थाई सीएमडी पर भी इन्होंने सवाल उठाया।

हालाकि एचईसी की समस्या को लेकर INDIA गठबंधन के लोग एक जुट और सरकार के खिलाफ आवाज भी उठाई।राज्यसभा सांसद महुआ मांझी भी राज्य सभा में एचईसी के मुद्दे को उठाया। लेकिन इन सब के बावजूद इन कर्मचारियों की सुध किसी न नही लिया। कर्मचारियों ने अपनी व्यथा बताते हुए कहा कि फैक्ट्री के अंदर जो कैंटीन चल रही थी उसे भी बंद कर दिया गया है।

आज हमने चंदा करके मुख्यालय के से ही मजदूर कैंटीन की शुरुआत की है। इन सब के बावजूद सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि कौन इनका सुध लेगा और एचईसी को पुनः पुराने रूप में स्थापित कैसे होगा?