*'सभापति अंपायर, चीयरलीडर नहीं होते', राहुल गांधी के बयान पर जगदीप धनखड़ की टिप्पणी के बाद कांग्रेस का पलटवार*

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कांग्रेस ने राहुल गांधी की आलोचना किए जाने को लेकर उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर निशाना साधा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर ततंज कसते हुए कहा है कि राज्यसभा के सभापति सभी के लिए अंपायर और रेफरी होते हैं, लेकिन वह सत्तापक्ष के चीयरलीडर नहीं हो सकते। बता दें कि धनखड़ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की परोक्ष रूप से आलोचना करते हुए कहा कि विदेशी धरती से यह कहना मिथ्या प्रचार और देश का अपमान है कि भारतीय संसद में माइक बंद कर दिया जाता है। जिसका कांग्रेस ने करारा जवाब दिया है।

जयराम रमेश ने आज शुक्रवार को ट्वीट कर उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति की टिप्पणी पर जवाब दिया। उन्होंने कहा, “राज्यसभा के सभापति सभी के लिए अंपायर, रेफरी, मित्र और मार्गदर्शक होते हैं. वह किसी सत्तापक्ष के लिए चीयरलीडर नहीं हो सकते। इतिहास इस आधार पर परख नहीं करता कि नेताओं ने किस जोश के साथ अपनी पार्टी का बचाव किया, इस पर करता है कि उन्होंने लोगों की सेवा करते हुए किस गरिमा के साथ अपना कर्तव्य निभाया।

जयराम रमेश ने राहुल गांधी पर की गई उपराष्ट्रपति की टिप्पणी को हैरान करने वाला बताया है। जयराम ने कहा कि वो एक ऐसी सरकार के बचाव में उतर आए हैं, जिससे उन्हें संवैधानिक रूप से दूरी बनाई रखनी चाहिए। कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने गुरुवार रात जारी एक बयान में कहा कि कुछ ऐसे पद होते हैं जहां हमें अपने पूर्वाग्रह, पार्टी के प्रति झुकाव से मुक्त होना पड़ता है. उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति का पद भी इसमें शामिल है।

उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राहुल गांधी का बयान तथ्यात्मक और जमीनी वास्तविकता को दर्शाता है। रमेश ने कहा कि पिछले दो सप्ताह में संसद के 12 सदस्यों को विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया गया, क्योंकि उन्होंने संसद के भीतर अपनी आवाज दबाए जाने का विरोध किया था।रमेश ने दावा किया कि असहमति जताने वाले लोगों को दंडित किया जाता है। आपातकाल भले ही घोषित नहीं किया गया है, लेकिन सरकार के कदम वैसे नहीं हैं जैसा कि संविधान का सम्मान करने वाली सरकार के होते हैं। उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति की मौजूदा टिप्पणियों और अतीत की कुछ टिप्पणियों ने इस बात को साबित किया है।

दरअसल, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने संसद में माइक्रोफोन बंद करने के राहुल गांधी के आरोपों पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि, अगर वह इस मुद्दे पर चुप रहते हैं तो वह संविधान के 'गलत पक्ष' में होंगे। उन्होंने कहा कि, विदेशी धरती से यह कहना मिथ्या प्रचार और देश का अपमान है कि भारतीय संसद में माइक बंद कर दिया जाता है।

*बीजेपी के नए पोस्टर में सिसोदिया-जैन पर हमला, केजरीवाल को बताया घोटालों का सरगना*

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मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद से बीजेपी ने लगातार आम आदमी पार्टी को निशाने पर ले रखा है। मनीष सिसोदिया की गिरफ्तारी के बाद भाजपा आम आदमी पार्टी की सरकार और सीएम केजरीवाल को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ रही है। बीजेपी ने शुक्रवार को एक पोस्टर जारी किया है। जिसमें दिल्ली सरकार के पूर्व सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को घोटाले बाजों के रूप में दिखाया गया है। वहीं केजरीवाल को इनका सरगना बताया है।

फिल्मी पोस्टर के रूप में जारी इस पोस्टर का नाम जोड़ी नंबर वन दिया गया है। इसी प्रकार पोस्टर में बताया गया है कि यह फिल्म आम आदमी पार्टी द्वारा प्रस्तुत की जा रही है। पोस्टर में सत्येंद्र जैन और मनीष सिसोदिया को शिकंजो के पीछे दिखाया गया है। भाजपा द्वारा जारी इस पोस्टर में मनीष सिसोदिया के हाथ में शराब की एक बोलत लिए हुए दिख रहे हैं, जबकि सत्येंद्र जैन अपने हाथों में कुछ नोट लिए हुए नजर आ रहे हैं। पोस्टर पर दिल्ली बीजेपी ने कैप्शन दिया है कि “सिसोदिया और सत्येंद्र तो झांकी है, इनका सरगना अरविंद केजरीवाल अभी बाकी है।”

बीजेपी के पहले कांग्रेस ने भी एक पोस्टर के जरिए आप पर हमला बोला था। कुछ दिनों पहले कांग्रेस कार्यलयों के बाहर भी पोस्टर लगे थे, जिसमें पूर्व उपमुख्यमंत्री को सलाखों के बीच खड़ा हुआ दिखाया गया था। साथ ही इस पोस्टर पर एक नारा "जो भ्रष्टाचारी है, वही देशद्रोही है" लिखा हुआ भी नजर आ रहा था।

इससे पहले गुरुवार को ईडी ने सिसोदिया को गिरफ्तार कर लिया। ईडी से पहले सीबीआई ने उन्हें कथित शराब घोटाले के तहत गिरफ्तार किया था। ईडी ने सिसोदिया की जमानत याचिका पर सुनवाई से एक दिन पहले यह कार्रवाई की।

बता दें कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को शराब घोटाले में सीबीआई ने 26 फरवरी को गिरफ्तार किया था।वह पांच मार्च तक सीबीआई की पुलिस कस्टडी रिमांड में थे, वहीं छह मार्च को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। आज उनकी जमानत अर्जी पर सुनवाई होनी है, लेकिन इससे ठीक पहले शराब घोटाले में ही मनी ट्रेल की जांच करते हुए ईडी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

राम चंद्र पौडेल बने नेपाल के नए राष्ट्रपति, विपक्षी सुभाष चंद्र को 18 हजार वोटों से हराया

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नेपाली कांग्रेस के राम चंद्र पौडेल गुरुवार को नेपाल के तीसरे राष्ट्रपति चुने गए।राष्‍ट्रपति चुनाव में वह प्रधानमंत्री पुष्‍पकमल दहल 'प्रचंड' के नेतृत्व वाले आठ-दलीय गठबंधन के समर्थित उम्मीदवार थे। उन्‍होंने मुकाबले में प्रतिद्वंद्वी सुभाष चंद्र नेम्बवांग को बड़े अंतर से हराया।रामचंद्र पौडेल को 33,802 वोट मिले, जबकि उनके प्रतिद्वंदी सुभाष चंद्र नेम्बवांग को महज 15,518 वोट हासिल हुए।नेपाल में 2008 में गणतंत्र बनने के बाद से यह तीसरा राष्ट्रपति चुनाव है।

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राम चंद्र पौडेल को नेपाली कांग्रेस और सीपीएन (माओवादी सेंटर) सहित आठ दलों के गठबंधन के 214 सांसदों और 352 प्रांतीय विधानसभा सदस्यों के वोट मिले। इस चुनाव में शुरू से ही पौडेल का पलड़ा भारी माना जा रहा था, क्‍योंकि उन्‍हें सत्‍ता समर्थित 8 दलों का समर्थन हासिल था।जिनमें प्रधानमंत्री प्रचंड की पार्टी भी शामिल थी। वहीं, सीपीएन-यूएमएल के उम्मीदवार सुभाष चंद्र नेमबांग को अपनी पार्टी के अलावा सिर्फ निर्दलीय उम्मीदवारों के समर्थन की ही उम्मीद थी।

राष्ट्रपति चुनाव में कुल 882 मतदाता हैं, जिनमें 332 सदस्य संसद के हैं जबकि 550 सदस्य सात प्रांतीय विधानसभाओं के हैं। निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता शालीग्राम ने बताया कि राष्ट्रपति चुनाव में प्रांतीय विधानसभाओं के 518 सदस्यों और संसद के 313 सदस्यों ने हिस्सा लिया।

पौडेल ऐसे समय राष्ट्रपति निर्वाचित हुए हैं जब राजनीतिक अस्थिरता बढ़ रही है और प्रधानमंत्री पुष्प कमल दाहाल ‘प्रचंड’ के नेतृत्व में कमजोर गठबंधन सरकार शासन कर रही है। पौडेल को राष्ट्रपति पद के चुनाव में समर्थन देने को लेकर पनपे राजनीतिक विवाद के बाद पूर्व प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा के नेतृत्व वाली सीपीएन-यूएमएल ने मौजूदा सरकार से अपना समर्थन वापस ले लिया था।

नेपाल के संविधान के मुताबिक, राष्ट्रपति के कार्यकाल की अवधि निर्वाचन की तारीख से पांच वर्ष होगी और एक व्यक्ति को इस पद पर केवल दो कार्यकाल के लिए ही चुना जा सकता है. नेपाल की मौजूदा राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी का कार्यकाल 12 मार्च को समाप्त होगा

देवेन्द्र फडणवीस ने पेश किया शिंदे सरकार का पहला बजट, किसानों को मिला बड़ा तोहफा

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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को वित्त वर्ष 2023-24 के लिए राज्य का बजट पेश किया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को 'पंचामृत' के सिद्धांत पर आधारित और किसानों, महिलाओं, युवाओं, रोजगार और पर्यावरण को समर्पित राज्य का बजट पेश किया। राज्य के किसानों को लेकर बजट में कई बड़े ऐलान किए गए। इनमें सबसे अहम ऐलान यह रहा कि सरकार हर साल किसानों को 12 हजार रुपए देगी।अब तक किसानों को छह हजार रुपए दिए जा रहे थे. अब छह हजार रुपए और मिलेंगे. इस तरह किसानों को साल में बारह हजार रुपए दिए जाएंगे।

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-वित्तमंत्री फडणवीस ने केंद्र सरकार के प्रधानमंत्री किसान सम्मान योजना के तर्ज पर नमो किसान सम्मान निधि की योजना का ऐलान किया। इसी योजना के तहत किसानों को साल में केंद्र के छह हजार रुपए की सहायता के साथ महाराष्ट्र सरकार की ओर से छह हजार रुपए दिए जाएंगे। इस तरह किसानों के खाते में साल में बारह हजार की रकम मिल पाएगी। फिलहाल किसानों के खाते में हर तीन महीने में दो हजार रुपए केंद्र सरकार की ओर से जमा होते हैं। इसी तर्ज पर अब महाराष्ट्र सरकार भी अब हर तीन महीने में किसानों के खाते में दो हजार रुपए जमा करेगी।इससे राज्यसरकार के खजाने में 6900 करोड़ रुपए का बोझ बढ़ेगा लेकिन 1.15 करोड़ किसान परिवार को लाभ होगा।

-इसके अलावा शिंदे सरकार की ओर से देवेंद्र फडणवीस ने ऐलान किया किसानों को फसल बीमा योजना के लिए अब सिर्फ 1 रुपया देना होगा। बाकी की रकम राज्य सरकार भरेगी। इसके अलावी 14 आत्महत्या प्रभावित जिलों के किसानों को पीडीएस के माध्यम से वितरित अनाज के बदले प्रति वर्ष ₹1800 का नकद लाभ मिलेगा।

-बेमौसम बारिश और अन्य प्राकृतिक आपदाओं के कारण होने वाले नुकसान का आकलन करने के लिए ड्रोन और उपग्रह की मदद से ई-पंचनामा आयोजित किया जाएगा। राज्य सरकार ने मछुआरों को 5 लाख रुपये के बीमा कवर की घोषणा की है।

-महात्मा फुले जन स्वास्थ्य योजना का दायरा डेढ़ लाख से बढ़ा कर 5 लाख रुपए तक किया गया। यानी अब पांच लाख रुपए तक के इलाज का खर्च सरकार वहन करेगी। इसके अलावा राज्य भर में 700 बालासाहेब ठाकरे दवाखाने खोले जाएंगे। फडणवीस ने कहा कि राज्य के 29 हजार युवाओं को रोजगार दिया। जल्दी ही राज्य में 20 हजार आंगनवाड़ी सेविकाओं को भर्ती की जाएगी। डिप्टी सीएम ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 10 हजार रुपये करने की घोषणा की है।

-आठवीं से दसवीं के छात्रों के लिए 7 हजार 5 सौ रुपए की स्कॉलरशिप दी जाएगी। मुंबई के 200 स्कूलों में कौशल विकास का खास कार्यक्रम शुरू किया जाएगा

-मोदी आवास योजना शुरू की जाएगी जिसके तहत अगले तीन वर्षों में 12,000 करोड़ रुपये खर्च करके 10 लाख किफायती घर बनाए जाएंगे। इनमें से तीन लाख 2023-24 में बनेंगे। महाराष्ट्र में ऑटोरिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए एक कल्याण बोर्ड शुरू किया जाएगा।

-महाराष्ट्र सरकार नागपुर में 1,000 एकड़ के भूखंड पर एक लॉजिस्टिक हब विकसित करेगी। मुंबई महानगर क्षेत्र में नियोजित 337 किलोमीटर मेट्रो नेटवर्क में से 46 किलोमीटर मेट्रो लाइन पहले ही चालू हो चुकी है। इस वर्ष 50किमी लाइनें चालू होने वाली हैं. इसके साथ साथ फडणवीस ने मराठी भाषा विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा, महाराष्ट्र में नए अंतर्राष्ट्रीय एयरपोर्ट और किसानों के खाते में ₹12000 सालाना और किसानों को एक रुपये में फसल बीमा का ऐलान किया है।

दिल्ली सरकार में 2 नए मंत्रियों सौरभ भारद्वाज और आतिशी ने ली शपथ, मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के इस्तीफे के बाद से खाली थे पद

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 आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन के मंत्री पद से इस्तीफे के बाद पार्टी के प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज और विधायक आतिशी ने मंत्री पद की शपथ ले ली है। दोनों ही नेताओं को दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना ने मंत्री पद की शपथ दिलाई है। फिलहाल सौरभ भारद्वाज और आतिशी को पोर्टफोलियो नहीं दिया गया है, लेकिन जल्द ही आम आदमी पार्टी इसकी भी घोषणा कर देगी।

बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से बयान जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने मंगलवार को आतिशी और सौरभ भारद्वाज को दिल्ली की कैबिनेट में नियुक्त किए जाने की अनुमति दी जाती है। CM केजरीवाल ने दोनों नेताओं को कैबिनेट में शामिल करने का प्रस्ताव दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना के पास भेजा था।

मनीष सिसोदिया ने हाल ही में दिया था इस्तीफा

दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया से सीबीआई ने 8 घंटे तक लंबी पूछताछ करके गिरफ्तार किया था। इसके बाद सिसोदिया को सीबीआई कस्टडी में भेजा गया। इसी दौरान सिसोदिया ने मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। सिसोदिया के साथ-साथ सत्येंद्र जैन ने भी इस्तीफा दिया था। सीबीआई की कस्टडी खत्म होने के बाद सिसोदिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सिसोदिया और जैन के इस्तीफे के बाद ही सौरभ भारद्वाज और आतिशी को कैबिनेट में शामिल किया जा रहा हैं।

महिला के बिंदी नहीं लगाने पर बिगड़े बीजेपी सांसद के बोल, कहा- तुम्हारा पति तो जिंदा है ना.

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कर्नाटक में बीजेपी सांसद एक महिला के बिंदी नहीं लगाने पर बिगड़ गए। उन्होंने महिला से उल्टे सीधे सवाल कर डाले। अब बीजेपी सांसद एस मुनिस्वामी का महिला को नसीहत देते हुए वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। भाजपा सांसद के वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर काफी आलोचना हो रही है। 

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भाजपा सांसद एस मुनिस्वामी कर्नाटक के कोलार में महिला दिवस पर आयजित एक कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्‍होंने एक दुकान में एक महिला को माथे पर बिंदी नहीं लगाने को लेकर जमकर डांट लगाई।वीडियो वायरल में बीजेपी सांसद महिला विक्रेता पर चिल्लाते हुए दिखाई दे रहे हैं।कोलार बीजेपी लोकसभा सांसद ने कहा कि पहले बिंदी लगा लो। तुम्हारा पति जिंदा है, है ना? तुम्हारे पास कॉमन सेंस नहीं है। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

कार्ति पी चिदंबरम ने कहा- बीजेपी भारत को ‘हिंदुत्व ईरान’ में बदल देगी

मुनिस्वामी की ओर से बिंदी नहीं लगाने पर महिला दुकानदार की डांट लगाने को लेकर कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है। कांग्रेस पार्टी ने सांसद की टिप्पणी की निंदा करते हुए कहा है कि ऐसी घटनाएं बीजेपी की संस्कृति को दर्शाती है। कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने भी वायरल हुए वीडियो पर प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस सांसद ने ट्वीट करते हुए कहा, भारतीय जनता पार्टी भारत को ‘हिंदुत्व ईरान’ में बदल देगी।

शरद पवार की पार्टी NCP का नागालैंड में भाजपा गठबंधन को समर्थन, यहां डिटेल में पढ़िए, इस निर्णय से महाराष्ट्र की सियासत पर क्या पड़ेगा असर


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शरद पवार की अगुवाई वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने महाराष्ट्र में नेफ्यू रियो की एनडीपीपी-भाजपा गठबंधन सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। एनसीपी के मुखिया शरद पवार ने सुप्रिया सुले और पार्टी के अन्य नेताओं के साथ मंथन करने के बाद यह फैसला किया है। एनसीपी महासचिव और पार्टी के पूर्वोत्तर प्रभारी नरेंद्र वर्मा ने बताया कि नागालैंड के व्यापक के हित में पार्टी के मुखिया शरद पवार ने रियो सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है।

हालांकि घोषणा में भाजपा का कोई जिक्र नहीं है जो नागालैंड में एनडीपीपी की प्रमुख सहयोगी पार्टी है। शरद पवार की ओर से उठाए गए इस कदम ने महाराष्ट्र की सियासत में भी नई कयासबाजी को जन्म दे दिया है क्योंकि महाराष्ट्र में एनसीपी का कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ गठबंधन है।

रियो सरकार को समर्थन देने का फैसला

नागालैंड के विधानसभा चुनाव में इस बार एनसीपी के सात विधायक चुने गए हैं। ऐसे में एनसीपी के कदम पर सबकी निगाहें लगी हुई थीं। एनसीपी नेता नरेंद्र वर्मा ने बताया कि मैंने पार्टी के मुखिया शरद पवार से रियो सरकार को समर्थन देने की अनुमति मांगी थी और पार्टी प्रमुख ने इस संबंध में अपनी अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि नागालैंड में अन्य सभी दलों में नेफ्यू रियो को अपना समर्थन दिया है और ऐसे में एनसीपी के सात विधायक अलग-थलग नहीं रह सकते।

 सूत्रों का कहना है कि एनसीपी मुखिया शरद पवार ने बुधवार को नागालैंड की सियासी स्थितियों के संबंध में सुप्रिया सुले और अन्य नेताओं के साथ चर्चा की। इस चर्चा के दौरान नागालैंड की रियो सरकार को समर्थन देने का फैसला किया गया। एनसीपी नेता नरेंद्र वर्मा ने बताया कि पूर्वोत्तर प्रभारी की बातें सुनने के बाद शरद पवार ने यह फैसला किया है।

उन्होंने कहा कि नागालैंड के व्यापक हितों को देखते हुए यह कदम उठाया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य के व्यापक हितों और नेफ्यू रियो के साथ पार्टी विधायकों पर अच्छे संबंधों को देखते हुए स्थानीय इकाई का मानना है कि पार्टी को सरकार का हिस्सा होना चाहिए।

पिक्टो शोहे होंगे विधायक दल के नेता

नागालैंड में पिक्टो शोहे को एनसीपी विधायक दल का नया नेता बनाया गया है। शोहे ने 2018 में नंबर पीपुल्स फ्रंट के टिकट पर विधानसभा का चुनाव जीता था। बाद में वे नेफ्यू रियो की अगुवाई वाली एनडीपीपी में शामिल हो गए थे। एनडीपीपी की ओर से इस बार के विधानसभा चुनाव में उन्हें टिकट नहीं दिया गया था जिसके बाद उन्होंने एनसीपी के टिकट पर विधानसभा चुनाव जीतने में कामयाबी हासिल की है। शरद पवार ने उन्हें एनसीपी विधायक दल का नेता बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। नागालैंड में मंगलवार को नेफ्यू रियो ने पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की कमान संभाली थी।

महाराष्ट्र की सियासत को लेकर कयासबाजी

एनसीपी मुखिया शरद पवार की ओर से उठाए गए इस कदम के पीछे नागालैंड के पार्टी विधायकों के दबाव को प्रमुख कारण माना जा रहा है। पहले पार्टी की ओर से विपक्ष में बैठने की चर्चा हो रही थी मगर फिर पार्टी ने अलग रुख अपनाते हुए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया। दरअसल पार्टी विधायक रियो की सरकार को समर्थन देने के इच्छुक थे और सियासी जानकारों का मानना है कि इसी कारण पवार ने यह फैसला किया है।

हालांकि उनके फ़ैसले के बाद महाराष्ट्र की सियासत को लेकर भी कयासबाजी का दौर शुरू हो गया है। महाराष्ट्र में एनसीपी का कांग्रेस और उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना के साथ गठबंधन है। पवार की ओर से उठाए गए इस कदम की महाराष्ट्र की सियासत में भी खूब चर्चा हो रही है। यह देखने वाली बात होगी कि आने वाले दिनों में पवार की ओर से उठाए गए इस कदम का महाराष्ट्र की सियासत पर क्या असर पड़ता है।

गहलोत के मंत्री के बेटे की राहुल गांधी पर तल्ख टिप्पणी, बताया-सिरफिरा और झक्की

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कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ब्रिटिश पार्लियामेंट में दिए बयान पर लगातार सियासत हो रही है। एक तरफ विदेश में जाकर देश के अंदरूनी मामलों को लेकर बयान देने से राहुल बीजेपी के निशाने पर हैं, तो दूसरी तरफ अब अपनों ने भी घेर लिया है।अब राहुल गांधी पायलट के वफादार और राजस्थान सरकार में मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बेटे के निशाने पर आ गए हैं।राजस्थान सरकार में कैबिनेट मंत्री विश्वेन्द्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के खिलाफ सोशल मीडिया पर तंज कसा हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा कि शायद वह सिरफिरे हो गए है जो दूसरे देश की संसद में जाकर भारत का अपमान कर रहे हैं। अनिरुद्ध ने राहुल गांधी के लिए यह भी लिखा कि वह शायद इटली को अपनी मातृभूमि मानते हैं।

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अनिरुद्ध ने लंदन में ब्रिटिश हाउस ऑफ कॉमन्स के ग्रैंड कमेटी रूम में आयोजित एक कार्यक्रम में राहुल के हवाले से एक समाचार रिपोर्ट को टैग करते हुए ट्वीट किया कि ‘हमारी संसद के माइक खामोश हैं।’ऐसा कहकर क्या राहुल गांधी झक्की हो गए हैं, जो दूसरे देश की संसद में अपने देश का अपमान करते हैं। शायद वह इटली को अपनी मातृभूमि मानते हैं।

सचिन पायलट के करीबी हैं अनिरुद्ध

बता दें कि मंत्री विश्वेंद्र सिंह के बेटे अनिरुद्ध सिंह अक्सर विवादों में रहे हैं और वह खुले तौर पर सचिन पायलट का समर्थन करते हैं।सचिन पायलट के समर्थन में खुलकर बोलने के साथ ही उन्हें सीएम बनाने को लेकर भी सोशल मीडिया पर पैरवी करते रहे हैं।

अनिरुद्ध ने पिता पर लगाए थे गंभीर आरोप

यह पहला मौका नहीं है जब अनिरुद्ध सिंह किसी मामले को लेकर विवाद में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो अनिरुद्ध की अपने पिता से बिल्कुल नहीं बनती है। मई 2021 में अनिरुद्ध ने अपने पिता पर अपनी मां के प्रति हिंसक होने का आरोप लगाया था। अनिरुद्ध ने ये भी कहा था कि उनके पिता को शराब की लत है। विश्वेंद्र सिंह पर आरोप लगाते हुए अनिरुद्ध ने कहा था, मैं 6 सप्ताह से अपने पिता के संपर्क में नहीं हूं। वो मेरी मां के प्रति हिंसक हो गए हैं, शराब पीने लग गए हैं और मेरे दोस्तों के बिजनेस को भी खत्म कर दिया है। ये केवल राजनीतिक विचारधाराओं का अंतर नहीं है।

हिमाचल विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया ने कहा, भाजपा के दस विधायक कांग्रेस के संपर्क में, इसलिए जय राम कांग्रेस की नहीं भाजपा की चिंता करें


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भाजपा के 10 विधायक कांग्रेस के संपर्क में है। इसलिए जय राम कांग्रेस की नहीं भाजपा की चिंता करें। यह कहना हिमाचल विधानसभा स्पीकर कुलदीप पठानिया का है। विधानसभा स्पीकर चार दिवसीय राष्ट्रीय होली मेले के समापन पर सुजानपुर में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने राष्ट्रीय होली मेले की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह मेला सभी के जीवन में खुशियां लेकर आए ऐसी मेरी मंगल कामना है। 

उन्होंने कहा कि 2 माह के भीतर ही भाजपा सड़कों पर आ गई है। यह इस बात की सच्चाई है कि भाजपा पूरी तरह बौखला गई है इससे पहले उन्होंने विधिवत मेले का समापन किया शोभा यात्रा की अगुवाई की बगड़ी रेशम को पूरा करते हुए मुरली मनोहर मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की। आरती में भाग लिया विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया।

कोलकाता के आईटी हब विधाननगर के न्यू टाउन में अवैध कॉल सेंटर से चार करोड़ बरामद, चार सौ कंप्यूटर भी जब्त


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कोलकाता में आईटी हब के नाम से प्रसिद्ध विधाननगर इलाके में स्थित न्यू टाउन में विधाननगर थाना पुलिस को छापेमारी अभियान में एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। विधाननगर थाना पुलिस ने न्यू टाउन के दो फ्लैट में छापेमारी कर तीन करोड़ 96 लाख रूपए के साथ 6 महंगी कार, 11 कलाई घड़ी, गहने सहित करीब 400 कंप्यूटर जब्त किया है।

 दो मार्च को न्यू टाउन मे नाकाचेकिंग के दौरान करीब चार लोगों को पुलिस ने उनके संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर गिरफ्तार किया था। जिनसे पूछताछ के बाद पुलिस उनके अन्य और दो साथियों तक हावड़ा के लिलुआ स्थित एक फ्लैट तक पहुँची। पुलिस को पता चला कि इन 6 लोगों की टीम कोलकाता के अलग-अलग जगहों से एक दो नही बल्कि कुल 10 अवैध कॉल सेंटर चलाते हैं। ये लोग विदेशी ग्राहकों सहित राज्य के लोगों को भी ठगने का काम करते हैं। पुलिस ने उनके पास से 13 लाख रुपए कैश सहित कई दस्तावेज बरामद किया। साथ ही उनके निशानदेही पर जब कोलकाता के न्यू टाउन स्थित संकलप टावर के दो फ्लैटों में पुलिस ने छापेमारी की तो पुलिस के होश उड़ गए। उन फलैटों से पुलिस को नोटों से भरे चार ट्रॉली बैग मिले।

 जिनमे करीब तीन करोड़ 96 लाख रुपए नकद भरे थे। इसके अलावा पुलिस ने वहाँ से 11 महँगी कलाई घड़ी, सोने के कई अंगूठी, चाँदी के सिक्के, कई दस्तावेजों सहित करीब 400 कम्प्यूटर जब्त किए हैं। फिलहाल पुलिस पकड़े गए इन 6 लोगों से इनके ठगी के इस कारोबार से जुड़े और अन्य लोगों तक भी पहुंचना चाहती है। साथ ही इनके तार और कहां तक फैले हैं उसका भी पुलिस खुलासा करना चाहती है।