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Jun 15 2022, 10:58

राष्ट्रपति चुनाव लेकर ममता बनर्जी की कोशिशों को झटका,टीआरएस और आप ने आज होने वाली बैठक से किया किनारा

राष्ट्रपति चुनाव लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी विपक्ष को एकजुट करने के प्रयास में हैं। हालांकि इसको लेकर रणनीति बना रहीं ममता बनर्जी की कोशिशों को झटका लगा है। दरअसल तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) और आम आदमी पार्टी (आप) आगामी राष्ट्रपति चुनाव के मुद्दे पर टीएमसी प्रमुख और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा बुलाई गई विपक्षी पार्टियों की बैठक में शामिल नहीं होंगे।

खबर है कि इस बैठक से आम आदमी पार्टी, टीआरएस और बीजद किनारा कर सकती है। इससे पहले सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा भी इस बैठक को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। 

खबर है कि इस बैठक से आम आदमी पार्टी, टीआरएस और बीजद किनारा कर सकती है। इससे पहले सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा भी इस बैठक को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। 

खबर ये भी है कि इस बैठक से बीजद भी किनारा कर सकती है। इससे पहले सीपीएम नेता सीताराम येचुरी और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के महासचिव डी राजा भी इस बैठक को लेकर नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

सूत्रों की मानें तो आम आदमी पार्टी राष्ट्रपति चुनाव के लिए उम्मीदवार घोषित होने के बाद ही इस मुद्दे पर विचार करेगी। वहीं टीआरएस भी बैठक से दूर रहेगी। सूत्रों के हवाले से बताया गया कि तेलंगाना में सत्तारूढ़ टीआरएस को भी ममता से बैठक में शामिल होने का निमंत्रण मिला था, लेकिन उन्होंने मीटिंग छोड़ने का फैसला किया है। लोकसभा में बीजद नेता और पिनाकी मिश्रा का कहना है कि उन्हें पार्टी की तरफ से बैठक में शामिल होने को लेकर कोई जानकारी नहीं मिली है।

बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से घोषित कार्रक्रम के मुताबिक, 18 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव होने हैं। 


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Jun 15 2022, 10:43

#coronaupdatein_india

देश में एक बार फिर कोरोना ने पकड़ी रफ्तार, एक्टिव केस पहुंचे 50 हजार के पार

भारत में पिछले कुछ दिनों से लगातार कोरोना मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिसके चलते अब एक्टिव केस 50 हजार के पार पहुंच चुके हैं। बुधवार को बीते 24 घंटे में 8822 नए केस मिले हैं। ये पिछले तीन माह में एक दिन में मिले सबसे ज्यादा मामले हैं। 

लगातार बढ़ रहे कोरोना के मामलों के कारण देश में सक्रिय केस बढ़कर 53,637 हो गए हैं। दैनिक संक्रमण दर 2.35 फीसदी है। स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटे में 15 लोगों की महामारी से मौत हुई। इसे मिलाकर देश में अब तक कुल 5,24,792 मौतें हो चुकी है। 

इससे पहले सोमवार को 8084 नए मरीज मिले थे। इसी दिन दैनिक संक्रमण दर भी बढ़कर चार माह बाद 3.24 फीसदी तक पहुंच गई थी। इसके पहले 11 फरवरी को संक्रमण दर 3.50 फीसदी दर्ज की गई थी, लेकिन बुधवार को घटकर 2.35 फीसदी पर आ गई।


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Jun 15 2022, 09:49

#rahulgandhitofaceedagaintodayinnationalheraldcase

राहुल गांधी से आज ईडी तीसरे दिन करेगी पूछताछ, नेशनल हेराल्ड केस में जारी है जांच

नेशनल हेराल्ड प्रकरण में कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज लगातार तीसरे दिन भी प्रवर्तन निदेशालय(ईडी) के सामने पेश होंगे। बीते दो दिनों में ईडी के अधिकारी राहुल गांधी से 21 घंटे से ज्यादा समय तक पूछताछ कर चुके हैं। राहुल से इस पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस ने मोर्चा खोला है और उसके सभी वरिष्ठ नेता एवं कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। ईडी की पूछताछ के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ता लगातार तीसरे दिन कांग्रेस पार्टी मुख्यालय में प्रदर्शन कर रहे हैं। 

राहुल गांधी से मिलने पहुंचीं प्रियंका गांधी

रोज की तरह आज भी राहुल गांधी से मिलने के लिए प्रियंका गांधी उनके आवास पहुंची हैं। उनके साथ राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी मौजूद हैं। पिछले दो दिनों में देखने में आया है कि प्रियंका गांधी सुबह राहुल के आवास पहुंचती हैं और फिर उनके साथ पहले कांग्रेस मुख्यालय और फिर ईडी दफ्तर जाती है। राहुल के ईडी दफ्तर पहुंचने के बाद प्रियंका वापस लौट आती हैं।

मंगवार को हुई 11 घंटे से ज्यादा पूछताछ

इससे पहले मंगलवार को राहुल गांधी से ‘नेशनल हेराल्ड’ समाचार पत्र से जुड़े कथित धनशोधन के एक मामले में लगातार दूसरे दिन भी ईडी के अफसरों ने 11 घंटे से ज्यादा पूछताछ की। राहुल गांधी मंगलवार सुबह करीब 11:30 बजे पर ईडी के सामने पेश हुए। पहले दौर में करीब चार घंटे की पूछताछ के बाद वे बाहर निकले। दूसरे दौर की पूछताछ के लिए राहुल फिर एक बार शाम करीब साढ़े 4 बजे ईडी दफ्तर पहुंचे। देर रात 11:43 बजे वह ईडी दफ्तर से बाहर निकले।

दूसरे दिन भी कई बड़े नेता समेत कार्यकर्ताओं का लिया गया हिरासत में

सोमवार एवं मंगलवार को दोनों दिन अकबर रोड स्थित कांग्रेस मुख्यालय एवं इससे करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर स्थित ईडी के दफ्तर के सामने कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने जमकर विरोध-प्रदर्शन किया। इन इलाकों में धारा 144 लागू होने के बावजूद कांग्रेस नेताओं ने उग्र प्रदर्शन किया। इलाके में शांति कायम करने के लिए इन दो दनों में दिल्ली पुलिस ने नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया।

कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने मंगलवार को कहा कि दिल्ली पुलिस और मोदी सरकार ने बेशर्मी की सारी हदें पार कर दीं हैं। सुरजेवाला, एआईसीसी सचिव प्रणव झा और एनएसयूाई प्रमुख नीरज कुंदन के साथ-साथ पार्टी के अन्य नेता वसंत कुंज पुलिस थानों में 8 घंटे से अधिक समय तक हिरासत में रहे।


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Jun 15 2022, 09:30

खुसखबरी : अब छह हजार रुपये में करें अपनों के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री

 लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने संपत्ति अपनों के नाम करने के लिए गिफ्ट डीड (दान विलेख) में पांच हजार रुपये के स्टांप पर रजिस्ट्री की सुविधा प्रदान कर दी है। इसके अलावा एक हजार रुपये प्रोसेसिंग शुल्क भी देना होगा। मंगलवार को योगी आदित्यनाथ कैबिनेट ने स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के इस महत्वपूर्ण प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। शुरुआत में इस योजना का लाभ छह महीने के लिए मिलेगा।

दान विलेख के दायरे में आने वाले पारिवारिक सदस्यों में पिता, माता, पति, पत्नी, पुत्र, पुत्री, पुत्रवधु, दामाद, सगा भाई, सगी बहन, पुत्र व पुत्री का बेटा-बेटी आएंगे। छूट का लाभ स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन विभाग द्वारा अधिसूचना जारी होने की तिथि से दिया जाएगा। छूट के बाद राजस्व व रजिस्ट्री पर पडऩे वाले प्रभाव का अध्ययन कर समय-सीमा छह माह से आगे बढ़ाने पर भी विचार किया जाएगा।

यह सुविधा देश के प्रमुख राज्यों महाराष्ट्र, कर्नाटक व मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में पहले से हैं। वहां पारिवारिक सदस्यों के बीच अचल संपत्तियों के दान विलेख पर स्टांप शुल्क में छूट दी जाती है। भारतीय स्टांप अधिनियम के प्रावधानों के अनुसार प्रदेश सरकार चाहे तो यह छूट दे सकती है। इसी आधार पर योगी सरकार ने यह सुविधा देने का फैसला किया है।

प्रदेश सरकार को इस योजना के लागू होने से करीब 200 करोड़ रुपये सालाना नुकसान होने का अनुमान है। मौजूदा समय सभी प्रकार की रजिस्ट्री पर सर्किल रेट के आधार पर स्टांप शुल्क लेने की व्यवस्था है। इसके चलते परिवार के सदस्य बहुत जरूरी होने पर ही संपत्तियों की रजिस्ट्री कराते हैं, जिससे उन्हें स्टांप शुल्क न देना पड़े।

ऐसे में परिवार के स्वामी सदस्यों के पक्ष में वसीयत कर देते हैं। संपत्ति स्वामी की मृत्यु के बाद वसीयत को लेकर कई बार विवाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इन विवादों में भी इस फैसले से कमी आएगी। राज्य विधि आयोग ने भी इसकी सिफारिश प्रदेश सरकार से की थी।

अब प्रयोगशाला सहायकों की भर्ती अधीनस्थ सेवा चयन आयोग करेगा : चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य) के पद पर भर्ती अब उप्र अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) के माध्यम से की जाएगी। चयनित हुए अभ्यर्थियों को तैनाती के साथ ट्रेनिंग दी जाएगी। अभी तक विभाग अपने स्तर पर भर्ती करता था और ट्रेनिंग के बाद तैनाती दी जाती थी। प्रयोगशाला सहायक (ग्राम्य) सेवा नियमावली, 1998 में संशोधन को कैबिनेट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी है। कैबिनेट की हरी झंडी मिलने के बाद अब जल्द खाली पदों पर भर्ती भी की जाएगी।

पुराने भवनों को ध्वस्त करने को दी गई मंजूरी : केंद्र की मदद से अब जिला अस्पतालों को मेडिकल कालेजों से संबद्ध किया जा रहा है। जिला अस्पतालों को अपग्रेड कर राजकीय मेडिकल कालेज बनाने पर जोर दिया जा रहा है। ऐसे में निर्माणाधीन राजकीय मेडिकल कालेज से संबद्ध चंदौली के पंडित कमलापति त्रिपाठी जिला संयुक्त चिकित्सालय के 12 पुराने व जर्जर भवनों को ध्वस्त किए जाने को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।


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Jun 14 2022, 19:28

#jharkhandpolicereleaseranchiviolenceaccusedposter

योगी आदित्यनाथ के नक्शेकदम पर हेमंत सोरेन, रांची हिंसा में शामिल 33 उपद्रवियों की फोटो जारी, पुलिस ने की आम जनता से मदद की अपील

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपराधियों के खिलाफ अपनी सख्तत कार्रवाई के लिए जाने जाते हैं। अब झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार भी योगी आदित्यनाथ के नक्शे कदम कर चलती दिख रही है। उत्तर प्रदेश की तरह अब झारखंड पुलिस ने भी रांची हिंसा के 33 आरोपियों की तस्वीरों वाले पोस्टर जारी किए हैं। इन तस्वीरों के माध्यम से पुलिस जनता से आरोपियों संबंध में जानकारी जुटाने की कोशिश कर रही है।

10 जून को रांची में हुई हिंसा को लेकर पुलिस ने आरोपियों के फोटो जारी किए हैं। लोगों से उनकी पहचान कर उन्हें पकड़वाने में पुलिस की मदद करने को कहा है।पोस्टर के साथ लिखा है कि रांची हिंसा में वांछिक उपद्रवियों का फोटो पहचान कर रांची पुलिस का सहयोग करें। रांची पुलिस ने इस मामले में अब तक कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है।आरोपियों की पहचान मोहम्मद आरिफ उर्फ रिंकू खान, बेलाल अंसारी, मोहम्मद अशफाक, मोहम्मद अनीश और मोहम्मद दानिश खान के रूप में हुई है।

दरअसल भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नुपुर शर्मा के द्वारा पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ विवादास्पद टिप्पणी के बाद झारखंड की राजधानी रांची समेत अलग-अलग हिस्सों में शुक्रवार 10 जून को हिंसा हुई थी। इस दौरान जमकर पत्थरबाजी, आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं। हिंसा में दो लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई लोग घायल हो गए थे। इस हिंसा के दौरान पुलिस के कई अधिकारी और जवान भी घायल हुए। हालात को देखत हुए प्रशासन ने कर्फ्यू लगाने के साथ ही 11 जून की सुबह 6 बजे तक रांची में सभी इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया था।


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Jun 14 2022, 18:01

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखा पत्र, पूर्व भाजपा नेता नुपुर शर्मा को हिन्दू राष्ट्र की लक्ष्य प्राप्ति का बताया प्रतीक, जेड सुरक्षा देने की कही बात

नूपुर शर्मा द्वारा पैगम्बर मोहम्मद पर दिए विवादित बयान के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पूर्व भाजपा नेता को हिन्दू राष्ट्र की लक्ष्य प्राप्ति का प्रतीक बताया है। उत्तरखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को लिखे गए एक पत्र में शाह ने उत्तराखंड में धामी द्वारा कानून-व्यवस्था कायम रखने के लिए पहाड़ी राज्य के मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए देहरादून में रह रहे नूपुर शर्मा के परिवार को जेड सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है।

बता दें कि पैगम्बर मोहम्मद पर बयान देने के बाद नूपुर शर्मा और उनके परिवार को लगातार जान से मारने की धमकी मिल रही है। पैगम्बर मोहम्मद पर की गई टिप्पणी के बाद खाड़ी देशों तक इसका विरोध दर्ज होने के चलते भाजपा ने नूपुर शर्मा को पार्टी से निष्काषित कर दिया था। अमित शाह ने अपनी इस चिट्ठी में नूपुर शर्मा को हिन्दू राष्ट्र की लक्ष्य प्राप्ति का प्रतीक बताया है।

गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी के नाम अपने पत्र में लिखा है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के आपके प्रयासों की प्रशंसा करता हूं और श्री अजय गुप्ता को जेड सुरक्षा प्रदान करने का आपका निर्णय भी बेहद प्रशंसनीय है। वर्तमान परिदृश्य में मैं आपको देहरादून में श्रीमती नूपुर शर्मा के परिवार के लिए पैदा हो रहे खतरों और धमकियों को संज्ञान में लेते हुए आलोचनात्मक मूल्यांकन करने और तत्काल आधार पर जेड सुरक्षा प्रदान करने की सलाह देता हूं।

शाह ने आगे लिखा है कि ''मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप इस कार्य को बेहतर तरीके से और कुशलता से निभाएंगे। श्री अजय गुप्ता और श्रीमती नुपुर शर्मा दोनों राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा को बढ़ावा देने के प्रतीक हैं जो कि अंततः हमें हिंदू राष्ट्र लक्ष्य को पूरा करने के लिए सदैव प्रेरित करेगा। मुझे आशा है आप इस कार्य की संवेदनशीलता को समझते हुए इस ओर अपना प्रमुख समय देंगे। आपको मेरी शुभकामनाएं।

ऐसे समय में जब स्वयं केंद्र सरकार ने नूपुर शर्मा के बयानों से किनारा कर लिया है और पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया है, गृह मंत्री शाह का नूपुर शर्मा के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय और उन्हें आइकॉन बताना एक अलग तरह के बहस को जन्म देगा। शाह ने ना केवल नूपुर के परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की बात कही है बल्कि उत्तरखंड में धामी की सुरक्षा-व्यवस्था को भी सराहा है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि नूपुर शर्मा के बयान के बाद उपजे विवाद ने पुरे देश को आगोश में ले लिया है। बीते दो शुक्रवार को कानपुर के अलावा उत्तर प्रदेश के कई शहरों में जहाँ कानून व्यवस्था पुरी तरह से चरमरा गयी। वहीँ उत्तराखंड में ऐसी किसी भी अप्रिय स्थिति का सामना लोगों को नहीं करना पड़ा। उत्तराखंड पूरी तरह से शांत रहा। ऐसे में शाह का धामी को पत्र लिख कर सराहना करना भाजपा के ही कई ताकतवर मुख्यमंत्रियों को रास नहीं आएगा।

नूपुर शर्मा की टिप्पणियां सरकार का रुख को नहीं

बता दें कि मई के अंत में एक टीवी डिबेट में की गई नुपुर शर्मा की टिप्पणी ने खासा विवाद खड़ा कर दिया। उनके बयान पर नाराजगी जताते हुए अरब देशों ने भारतीय राजदूतों को तालाब कर दिया था। नूपुर शर्मा के बयान के बाद तक़रीबन एक दर्जन से अधिक इस्लामी देशों ने भारत सरकार से अपनी नाराजगी प्रकट की थी। कुछ मुस्लिम देशों में तो भारतीय सामानों के बहिष्कार तक का मामला सामने आया था।

नूपुर शर्मा के बयान के बाद उपजे विवाद के कारण भारतीय जनता पार्टी ने अपने प्रवक्ता को पार्टी से निलंबित कर दिया था। यही नहीं पार्टी ने अपने दिल्ली मीडिया इकाई के प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को भी एक ट्वीट में उनकी आपत्तिजनक टिप्पणी का स्क्रीनशॉट साझा करने के लिए निष्कासित कर दिया गया था। नाराज इस्लामी राष्ट्रों को शांत करने के प्रयास में, भारतीय राजनयिकों ने कहा था कि नूपुर शर्मा की टिप्पणियां सरकार के रुख को नहीं दर्शाती हैं।

नूपुर शर्मा ने पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी की थी

अपनी बर्खास्तगी के बाद एक बयान में, सुश्री शर्मा ने लिखा कि वह "बिना शर्त" अपनी टिप्पणी वापस ले रही थीं, लेकिन उन्होंने यह दावा करके अपनी टिप्पणियों को सही ठहराने का प्रयास किया कि वे "हिंदू भगवान शिव के प्रति निरंतर अपमान और अनादर" के जवाब में थीं। नूपुर शर्मा ने ज्ञानवापी मस्जिद के विवाद पर बहस के दौरान पैगम्बर मुहम्मद पर टिप्पणी की थी।

नूपुर शर्मा ने 2008 में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, जब उन्हें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की छात्र शाखा अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार के रूप में छात्र संघ के अध्यक्ष के रूप में चुना गया। उनके राजनीतिक करियर ने 2011 में गति पकड़ी जब वह लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से अंतरराष्ट्रीय व्यापार कानून में स्नातकोत्तर करने के बाद भारत लौटीं।

तेज और मुखर, बहस करने और अंग्रेजी और हिंदी दोनों में अपनी बात रखने की उनकी क्षमता ने उन्हें 2013 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए भाजपा की मीडिया समिति में स्थान दिलाया। दो साल बाद जब नए सिरे से चुनाव हुए, तो वह दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भाजपा की उम्मीदवार थीं। 2020 में वह भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाई गयीं।


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Jun 14 2022, 18:00

डेढ़ साल में 10 लाख नौकरियां देने को लेकर कांग्रेस का हमला, मोदी सरकार को जुमलेबाज बताते हुए कांग्रेस ने पूछा सवाल - वादा तो 2 करोड़ नौकरी हर साल देने का था

मोदी सरकार द्वारा डेढ़ साल में 10 लाख नौकरियां देने को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर से सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने मोदी सरकार को जुमलेबाज बताते हुए सवाल पूछा कि वादा 2 करोड़ नौकरी हर साल देने का था यानि कि 8 साल में 16 करोड़ नौकरियां देनी थी लेकिन अब कह रहे हैं साल 2024 तक केवल 10 लाख नौकरी देंगे। 60 लाख पद तो केवल सरकारों में ख़ाली पड़े हैं, 30 लाख पद केंद्रीय सरकार में ख़ाली पड़े हैं। जुमलेबाज़ी कब तक चलेगी?

दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विभिन्न सरकारी विभागों और मंत्रालयों से कहा है कि वे ‘‘मिशन मोड’’ में काम करते हुये अगले डेढ़ साल में दस लाख लोगों की भर्ती करें। प्रधानमंत्री कार्यालय ने मंगलवार को इसकी जानकारी दी। प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने कहा कि सभी सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा के बाद प्रधानमंत्री का यह निर्देश आया है।

बेरोजगारी के मसले पर विपक्ष की ओर से लगातार आलोचना के बीच सरकार ने यह फैसला किया है। पीएमओ ने ट्वीट कर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद मोदी ने सभी सरकारी विभागों एवं मंत्रालयों में मानव संसाधन की स्थिति की समीक्षा की और सरकार द्वारा मिशन मोड में अगले डेढ़ साल में दस लाख लोगों की भर्ती करने का निर्देश दिया।


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Jun 14 2022, 17:37

जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह से मांगा इस्तीफा, कई अन्य नेताओं को भी पार्टी से निकाला

राज्यसभा का टिकट कटने के बाद से ही केंद्रीय मंत्री और जेडीयू नेता आरसीपी सिंह को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पार्टी में घमासान मचा हुआ है। बिहार में इसको लेकर सियासी सरगर्मी काफी तेज हो गई है। इस बीच जदयू ने आरसीपी सिंह के करीबियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया। अब जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह से इस्तीफे की मांग की है। उन्होंने कहा है कि आरसीपी सिंह को नैतिकता के आधार पर केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए।

उपेन्द्र कुशवाहा ने कहा है कि सात जुलाई के बाद आरसीपी सिंह को केंद्रीय मंत्री का पद छोड़ देना चाहिए। दरअसल सात जुलाई को उनका राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो रहा है। फिलहाल आरसीपी सिंह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। ऐसे में केंद्र में मंत्री बनने के लिए सदन का सदस्य बनना अनिवार्य है। आगे क्या होगा इस पर भी संशय की स्थिति बनी हुई है। इसी को लेकर उपेन्द्र कुशवाहा ने आरसीपी सिंह से इस्तीफा मांगा है।

इससे पहले जदयू ने कई नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। और उन्हें पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया है। केंद्रीय मंत्री आरसीपी सिंह के करीबी व पार्टी प्रवक्ता अजय आलोक को भी जदयू ने पार्टी से निकाल दिया है। जदयू ने अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए अनिल कुमार, विपिन यादव और अजय आलोक को पार्टी के पदों से मुक्त कर उन्हें पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से भी निलंबित कर दिया है। अजय आलोक और जितेंद्र नीरज आरसीपी सिंह के करीबी बताए जाते हैं।


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Jun 14 2022, 17:15

आज विश्व रक्तदान दिवस पर जानिए ब्लड डोनेट करने से दूसरों की जान बचाने के साथ खुद की सेहत को भी होते हैं कई सारे फायदे

हर साल 14 जून को रक्‍तदान दिवस मनाने का मकसद लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित करना है। रक्तदान सिर्फ खून प्राप्त करने वालों के लिए तो फायदेमंद है ही साथ ही यह रक्‍तदाता के लिए भी फायदेमंद होता है। रक्‍तदान कैंसर पीड़ित मरीजों, रक्‍तस्राव विकार, एनीमिया और दूसरी खून की कमी से जुड़ी बीमारियों के इलाज में मदद करता है।

1. वजन कम करने में मददगार

रक्तदान करते रहने से आप अपने वजन को बहुत ही आसानी से कंट्रोल में रख सकते हैं क्योंकि एक बार ब्लड डोनेट करने आप 650 से 700 कैलोरी तक कम कर सकते हैं। बढ़ते वजन का संबंध कैलोरी से होता है तो जब कैलोरी घटेगी तो जाहिर सी बात है वजन भी घटेगा। इस वजह से हर तीन महीने में आपको रक्तदान करते रहना चाहिए।

2. दिल को रखता है सेहतमंद

दूध, मावा, घी या फल, असली है या नकली, ऐसे करें पहचान

आयरन एक तरह का मिनरल होता है जो हमारे हार्ट में जमा होता है। जो जब ब्लड में आयरन की मात्रा ज्यादा होने लगती है तो इससे हार्ट पर प्रेशर बनता है जो हार्ट के लिए बहुत ही नुकसानदायक होता है। इसकी वजह से हार्ट अटैक का भी खतरा रहता है। लेकिन अगर आप नियमित रूप से रक्तदान करते रहते हैं तो ब्लड में आवश्यकता से ज्यादा आयरन इकट्ठा नहीं होता जिससे दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।

एक या दो नहीं बल्कि इन 16 तरह के कैंसर की वजह बन सकता है धूम्रपान।

3. कैंसर का खतरा होता है कम

शरीर में ज्यादा आयरन हार्ट के साथ-साथ लीवर और पैनक्रियाज़ में भी जमा होता है, जिसके कारण लीवर और अग्न्याशय को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लेकिन नियमित रूप से रक्तदान करते रहने से लीवर में आयरन की मात्रा नियंत्रित रहती है जो लीवर और अग्न्याशय के कैंसर से बचाव में सहायक है।

4. नयी ब्लड सेल्स का निर्माण

रक्तदान के बाद शरीर में ब्लड की कमी पूरा करने के लिए रेड ब्लड सेल्स नयी कोशिकाओं का निर्माण करती हैं। जिससे शरीर को नई उर्जा मिलती है और आप अंदर से अच्छा फील करते हैं।

5. शरीर रहता है तंदुरुस्त

नियमित रुप से रक्त दान करते रहने से शरीर में मौजूद गंदगी बाहर निकलती रहती है जिससे कई सारी गंभीर बीमारियों का खतरा टल जाता है। इतना ही नहीं ब्लड डोनेशन के बाद बोनमैरो नए रेड सेल्स बनाता है जिससे शरीर चुस्त-दुरूस्त बना रहता है।


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Jun 14 2022, 16:44

लालू प्रसाद यादव को इलाज के लिए सिंगापुर जाने का रास्ता साफ, कल तक जारी हो जाएगा पासपोर्ट, कोर्ट ने दे दी अनुमति

बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के लिए सिंगापुर जाकर इलाज कराने का रास्ता साफ हो गया है। सीबीआई स्पेशल कोर्ट ने पासपोर्ट जारी करने की अनुमति प्रदान कर दी है। मंगलवार कोर्ट इस मामले की सुनवाई हुई। अधिवक्ता प्रभात कुमार ने बताया कि स्पेशल जज दिनेश राय ने पासपोर्ट रिलीज करने की स्वीकृति दी है। याचिका सीबीआई कोर्ट में पासपोर्ट रिलीज करने के लिये याचिका दायर की गयी है। अब अनुमान लगाया जा रहा है कि लालू प्रसाद को कल तक पासपोर्ट मिल जाएगा। इससे पहले मामले की सुनवाई दस जून को होनी थी। लेकिन अपरिहार्य कारणों से मामले की सुनवाई टाल दी गयी थी। यहां उल्लेखनीय है कि चारा घोटाला मामले की जांच के दौरान 1996 में सीबीआई ने लालू प्रसाद का पासपोर्ट जब्त किया था।

क्या है मामला

याचिका के माध्यम से यादव ने पासपोर्ट रिलीज करने की मांग की है। चारा घोटाले मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान लालू प्रसाद यादव का पासपोर्ट जब्त कर लिया था। मामले में सोमवार को याचिका दायर की गयी याचिका में प्रसाद की ओर से गुहार लगायी गयी है कि उनका पासपोर्ट रिलीज किया जायें। वे किडनी की इलाज के लिये सिंगापूर जाना चाहते है। जानकारी हो कि लालू प्रसाद यादव को सीबीआई की विशेष अदालत ने डोरंडा कोषागार से अवैध निकासी के लिये दोषी ठहराते हुए सात साल की सजा सुनायी है। वहीं, सजा को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में जमानत की अर्जी दी गयी थी। जिसके बाद अप्रैल में लालू को जमानत मिली।