lucknow

Nov 25 2021, 10:35

यूपी में सीधी भर्ती प्रक्रिया से होगी न‍ियुक्‍त‍ियां, शैक्षणिक व गैर शैक्षणि‍क पदों के सृजन का शासनादेश जारी

  


लखनऊ- शासन ने लखनऊ के पिपरसंड में निर्माणाधीन यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंसेज के संचालन के लिए निदेशक समेत शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग के 131 पदों का सृजन कर दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस विवेचना में वैज्ञानिक साक्ष्यों की भूमिका बढ़ाने के लिए लगातार गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। इसी कड़ी में इंस्टीट्यूट के पदों का सृजन कर भर्ती के लिए नियमावली बनाने का निर्देश दिया गया है। 

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक अगस्त को इस इंस्टीट्यूट का शिलान्यास किया था। अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया कि इंस्टीट्यूट के लिए शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग के कुल 131 पदों का सृजन किया गया है, जिसका शासनादेश जारी कर दिया गया है। इन पदों पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर तथा सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्तियां होंगी।

  

यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट आफ फारेंसिक साइंसेज के संचालन के लिए निदेशक, अतिरिक्त निदेशक, प्रशासनिक अधिकारी, वित्त अधिकारी, पुस्तकालय सहायक, लेखाधिकारी, अकाउंटेंट, कैंपस सुपरवाइजर व सुरक्षा अधिकारी के एक-एक पद सृजित किये गये हैं। जबकि उप निदेशक, सहायक लेखाधिकारी, कंप्यूटर प्रोग्रामर के दो-दो पद सृजित किये गये हैं। इसके अलावा असिस्टेंट रजिस्ट्रार के पांच, प्रोफेसर के तीन, एसोसिएट प्रोफेसर के छह, असिस्टेंट प्रोफेसर के 16, वैज्ञानिक अधिकारी के पांच, वैज्ञानिक सहायक के छह, वरिष्ठ सहायक के आठ, कनिष्ठ सहायक के 16, प्रयोगशाला सहायक के 14, स्टैनो के चार, कंप्यूटर आपरेटर के तीन, रिकार्ड कीपर के चार पदों का सृजन किया गया है।

अपर मुख्य सचिव ने बताया कि सीधी भर्ती के माध्यम से नियुक्ति के लिए गांधीनगर (गुजरात) स्थित राष्ट्रीय विधि विज्ञान विश्वविद्यालय के मानक के आधार पर शैक्षणिक व गैर शैक्षणिक संवर्ग की नियमावली तैयार कर आगे की कार्यवाही की जायेगी। वहीं चतुर्थ श्रेणी के 20 पद व वाहन चालक के छह पद भी सृजित किये गये हैं, जिन्हें ठेके के माध्यम से भरा जाएगा। उल्लेखनीय है कि लखनऊ के पिपरसंड में लगभग 50 एकड़ भूमि पर इंस्टीट््यूट का निर्माण कराया जा रहा है। यहां लगभग पांच एकड़ भूमि पर डीएनए के सेंटर आफ एक्सीलेंस की भी स्थापना होगी। 

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Nov 25 2021, 10:09

'हाथी' की चाल पर अभी भी सस्‍पेंस बरकरार? बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने तैयार किया नया प्लान

  

   

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को चुनावों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बसपा ने इससे पहले यूपी में ब्राह्मण सम्मेलन भी किए हैं, लेकिन फिर भी यूपी की इस चुनावी लड़ाई में बसपा का कोई खास प्रभाव दिख नहीं रहा है. आपको बता दें कि 2022 के चुनावों में भाजपी की सीधी टक्कर सिर्फ समाजवादी पार्टी से ही दिखाई दे रही है. 

  

ब्राह्मणों के भरोसे बसपा की नैया?
दरअसल आगामी चुनावों से पहले बसपा अध्यक्ष मायावती की पार्टी के पुराने सदस्य लगातार उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब तो बसपा में मायावती के बाद सतीश चंद्र मिश्र ही नेता के तौर पर दिखाई पड़ते हैं. बसपा के कई बड़े नेता हाल फिलहाल सपा में शामिल हो चुके हैं और ऐसा तब है जब बसपा अध्यक्ष मायावती की रैलियां अभी यूपी में शुरू भी नहीं हुई हैं. जबकि भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों चुनाव कैंपेन शुरू कर चुके हैं. मौजूदा राजनीति को समझते हुए बसपा अब आकाश आनंद और कपिल मिश्र को आगे कर रही है. बता दें कि आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं तो कपिल मिश्र बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के बेटे हैं. इसेक जरिए बसपा यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को साथ लाने की कोशिश कर रही है।

जातीय समीकरण बैठाने में नाकाम बसपा
गौरतलब है कि यूपी में बसपा का मूल वोट बैंक दलित जाति को ही माना जाता है. यूपी में लगभग 21% दलित मतदाता हैं जिनमें से लगभग 12-13% बीएसपी का मूल वोट माना जाता है. हालांकि दलित की अन्य जातियां बीजेपी और सपा में बंट चुकी हैं. मायावती के इन 12-13% वोटों के बारे में कहा जाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों लेकिन यह वोट हर हाल में मायावती के नाम पर ही वोट करता है. लेकिन मायावती के साथ इस बार मुस्लिम,पिछड़ा और अन्य वोट जुड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं. शायद यही कारण है कि बीएसपी के 50 से ज्यादा ओबीसी नेता सपा में शामिल हो चुके हैं. हाल ही में बीएसपी के 6 विधायक भी सपा में शामिल हुए. जिसमें ओबीसी और मुस्लिम विधायक शामिल थे. 

मायावती के रवैये में बड़ा बदलाव
ऐसे में मायावती के सामने इस बार चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं क्योंकि जो नेता सपा से बच जा रहे हैं उन्हें बीजेपी छोड़ने को तैयार नहीं है. यही कारण है कि मायावती अपने अंदाज में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं. परिवर्तनों की बात करें तो बीएसपी अध्यक्ष मायावती चुनावी समीक्षा बैठक कर रही हैं, पत्रकारों से पहली बार बातचीत कर रही हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हो चुकी हैं. साथ ही मायावती मीडिया पर लगा रही हैं कि बीएसपी को लड़ाई में कमजोर दिखाया जा रहा है. इन आरोपों के साथ मायावती ने बीएसपी का एक फोल्डर भी जारी किया है, जिसमें 2007-12 के दौरान उनकी सरकार के कामकाज की जानकारी है और अपने काडर तक इसे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

पार्टी के अस्तित्व का चुनाव
आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी 19 सीटें जीती थी. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी अपना खाता भी खोल पाने में नाकाम रही थीं. हालांकि 2019 के आम चुनावों में सपा से गठबंधन करने पर 10 सीटें बीएसपी ने जीतीं. लेकिन अब बुआ और बबुआ की राहें अलग हैं और बुआ की पार्टी से अखिलेश लगातार बड़े नेताओं को तोड़ने में जुटे हैं. ऐसे में मायावती अपने मूल वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ कुछ ब्राह्मण मतदाताओं पर काम कर रही हैं. इसके अलावा बीएसपी की कोशिश यह भी होगी कि जहां बीजेपी और सपा के लोगों का टिकट कटे, उन मजबूत लोगों के बीएसपी टिकट दिया जाए. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि मायावती के लिए यह चुनाव अपनी पार्टी के भविष्य का भी चुनाव होगा. इसलिए मायावती वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ पार्टी में नए चेहरे के तौर पर आकाश आनंद को आगे कर रही हैं। 

lucknow

Nov 25 2021, 09:49

'हाथी' की चाल पर अभी भी सस्‍पेंस बरकरार? बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने तैयार किया नया प्लान

  

   

लखनऊ- उत्तर प्रदेश में 2022 की शुरुआत में ही विधानसभा चुनाव होने हैं. ऐसे में बसपा सुप्रीमो मायावती ने सोमवार को चुनावों को लेकर एक समीक्षा बैठक की। बसपा ने इससे पहले यूपी में ब्राह्मण सम्मेलन भी किए हैं, लेकिन फिर भी यूपी की इस चुनावी लड़ाई में बसपा का कोई खास प्रभाव दिख नहीं रहा है. आपको बता दें कि 2022 के चुनावों में भाजपी की सीधी टक्कर सिर्फ समाजवादी पार्टी से ही दिखाई दे रही है. 

  

ब्राह्मणों के भरोसे बसपा की नैया?
दरअसल आगामी चुनावों से पहले बसपा अध्यक्ष मायावती की पार्टी के पुराने सदस्य लगातार उनका साथ छोड़ते जा रहे हैं. अब तो बसपा में मायावती के बाद सतीश चंद्र मिश्र ही नेता के तौर पर दिखाई पड़ते हैं. बसपा के कई बड़े नेता हाल फिलहाल सपा में शामिल हो चुके हैं और ऐसा तब है जब बसपा अध्यक्ष मायावती की रैलियां अभी यूपी में शुरू भी नहीं हुई हैं. जबकि भाजपा, सपा और कांग्रेस तीनों चुनाव कैंपेन शुरू कर चुके हैं. मौजूदा राजनीति को समझते हुए बसपा अब आकाश आनंद और कपिल मिश्र को आगे कर रही है. बता दें कि आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं तो कपिल मिश्र बसपा महासचिव सतीश चंद्र मिश्र के बेटे हैं. इसेक जरिए बसपा यूपी के ब्राह्मण मतदाताओं को साथ लाने की कोशिश कर रही है।

जातीय समीकरण बैठाने में नाकाम बसपा
गौरतलब है कि यूपी में बसपा का मूल वोट बैंक दलित जाति को ही माना जाता है. यूपी में लगभग 21% दलित मतदाता हैं जिनमें से लगभग 12-13% बीएसपी का मूल वोट माना जाता है. हालांकि दलित की अन्य जातियां बीजेपी और सपा में बंट चुकी हैं. मायावती के इन 12-13% वोटों के बारे में कहा जाता है कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों लेकिन यह वोट हर हाल में मायावती के नाम पर ही वोट करता है. लेकिन मायावती के साथ इस बार मुस्लिम,पिछड़ा और अन्य वोट जुड़ते हुए नहीं दिखाई दे रहे हैं. शायद यही कारण है कि बीएसपी के 50 से ज्यादा ओबीसी नेता सपा में शामिल हो चुके हैं. हाल ही में बीएसपी के 6 विधायक भी सपा में शामिल हुए. जिसमें ओबीसी और मुस्लिम विधायक शामिल थे. 

मायावती के रवैये में बड़ा बदलाव
ऐसे में मायावती के सामने इस बार चुनौतियां बहुत ज्यादा हैं क्योंकि जो नेता सपा से बच जा रहे हैं उन्हें बीजेपी छोड़ने को तैयार नहीं है. यही कारण है कि मायावती अपने अंदाज में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं. परिवर्तनों की बात करें तो बीएसपी अध्यक्ष मायावती चुनावी समीक्षा बैठक कर रही हैं, पत्रकारों से पहली बार बातचीत कर रही हैं और सोशल मीडिया पर भी काफी एक्टिव हो चुकी हैं. साथ ही मायावती मीडिया पर लगा रही हैं कि बीएसपी को लड़ाई में कमजोर दिखाया जा रहा है. इन आरोपों के साथ मायावती ने बीएसपी का एक फोल्डर भी जारी किया है, जिसमें 2007-12 के दौरान उनकी सरकार के कामकाज की जानकारी है और अपने काडर तक इसे पहुंचाने के निर्देश दिए हैं।

पार्टी के अस्तित्व का चुनाव
आपको बता दें कि 2017 के विधानसभा चुनाव में बीएसपी 19 सीटें जीती थी. इसके अलावा 2014 के लोकसभा चुनाव में बीएसपी अपना खाता भी खोल पाने में नाकाम रही थीं. हालांकि 2019 के आम चुनावों में सपा से गठबंधन करने पर 10 सीटें बीएसपी ने जीतीं. लेकिन अब बुआ और बबुआ की राहें अलग हैं और बुआ की पार्टी से अखिलेश लगातार बड़े नेताओं को तोड़ने में जुटे हैं. ऐसे में मायावती अपने मूल वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ कुछ ब्राह्मण मतदाताओं पर काम कर रही हैं. इसके अलावा बीएसपी की कोशिश यह भी होगी कि जहां बीजेपी और सपा के लोगों का टिकट कटे, उन मजबूत लोगों के बीएसपी टिकट दिया जाए. लेकिन एक बात बिल्कुल साफ है कि मायावती के लिए यह चुनाव अपनी पार्टी के भविष्य का भी चुनाव होगा. इसलिए मायावती वोट बैंक को बचाने के साथ-साथ पार्टी में नए चेहरे के तौर पर आकाश आनंद को आगे कर रही हैं। 

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Nov 24 2021, 20:42

खंडपीठ स्थापना के लिए प्रधानमंत्री मोदी को आज ज्ञापन देंगे अधिवक्ता

  


आगरा। आगरा में उच्च न्यायालय खंडपीठ (हाईकोर्ट बेंच) स्थापना की मांग करने अधिवक्ता 25 नवंबर को आज जेवर जाएंगे। वे वहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को आगरा में खंडपीठ स्थापना के संबंध में ज्ञापन सौंपेंगे। पत्रकारों को जानकारी देते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा भईये ने बताया कि यह निर्णय मंगलवार को दीवानी में बैठक करके लिया गया। 


बैठक में वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अध्यक्ष आगरा बार एसोसिएशन प्रमोद शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता दीपक शर्मा, वरिष्ठ अधिवक्ता अभिनंदन शर्मा एवं वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा कप्तान आदि अधिवक्तागण उपस्थित रहे।

  


अधिवक्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री 25 नवंबर को जेवर एयरपोर्ट का शिलान्यास करेंगे। इस दौरान अधिवक्ता भी पहुंचेंगे। प्रधानमंत्री को ज्ञापन दिया जाएगा। इसमें जसवंत सिंह आयोग की रिपोर्ट के अनुसार हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग की जाएगी। प्रधानमंत्री कार्यालय में पत्राचार करके उनसे मिलने का समय लेने का प्रयास किया जाएगा।


वरिष्ठ अधिवक्ता संजय शर्मा कप्तान ने बताया कि केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्री किरण रिजिजू ने भी पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की बेंच बनाने संबंधी बात कही है। मंत्री द्वारा एक खेल कार्यक्रम में आगरा में हाईकोर्ट की खंडपीठ बनाने पर विचार करने के आश्वासन का हम स्वागत करते हैं। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:41

सिविल अस्पताल के कर्मचारियों ने गरीब मजदूर की की आर्थिक मदद

  


लखनऊ। रोजी रोटी की तलाश में लखनऊ पहुंचे मजदूर की पत्नी की अचानक तबियत खराब हुई। आनन—फानन में पति ने अपनी पत्नी को सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी में मौजूद कर्मचारियों ने आर्थिक मदद कर उसे घर भेजा।    


जिला गाजीपुर के जमुनिया गांव निवासी पुनीतराम पत्नी सविता (३२) और चार बच्चियों समेत बुधवार को मजदूरी के तलाश में लखनऊ रेलवे स्टेशन पहुंचा था।  पुनीतराम के मुताबकि अचानक उसकी पत्नी की तबियत बिगड़ गई। आनन-फानन में सिविल अस्पताल की इमरजेंसी में भर्ती कराया। वहां डाक्टरों नेउसे मृत धोषित कर दिया। पुनीतराम ने बताया कि उसके पास मृत शरीर को गजीपुर ले जाने के लिए पैसा नही है, बच्चे भूख से परेशान है।  इमरजेंसी के कर्मियों ने अस्पताल के अन्य कर्मियों के साथ आपस मे सहयोग कर धन की व्यवस्था की और शव वाहन की व्यवस्था की और मृत शरीर को परिवार के साथ गाजीपुर भिजवाया। इस दौरान इमरजेंसी के इंचार्ज चीफ फार्मेसिस्ट सुनील यादव ने कहा कि चिकित्सालय के कर्मचारी हमेशा जनता के दुख में भागीदारी करने को तत्पर हैं,उन्होंने सभी चिकित्सा कर्मियो का धन्यवाद दिया। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:40

फीडिंग कार्यों में शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीएम

  


कन्नौज। फार्मों में गलती या किसी अन्य बीहड़ों पर सूचना न भरे होने के आधार पर फार्म को निरस्त न किया जायें। एईआरओ0 को सूचना होने के उपरांत भी उपस्थित न होने की दशा में कड़ी चेतावनी।
       
 उक्त सख्त निर्देश व चेतावनी आज जिलाधिकारी  राकेश कुमार मिश्र एवं अपर जिलाधिकारी गजेंद्र कुमार द्वारा संयुक्त रूप से तहसील तिर्वा छिबरामऊ एवं कन्नौज में मतदाता पंजीकरण के कार्यों का जायजा लेते हुए उपस्थित अधिकारियों को दिए। उन्होंने तहसील पर बीएलओ स्तर से आये कुल फार्मों का अवलोकन किया जिसमें महिला मतदाताओं के एवं 18 वर्ष पूर्ण करने वाले छात्र छात्राओं का प्रतिशत औसत से कम होने की दशा में शीघ्र कार्यवाही करते हुए मतदान प्रतिशत बढ़ाने हेतु विशेष अभियान में इस सप्ताह शत प्रतिशत रूप से सर्वे बीएलओ के माध्यम से कराकर फॉर्म 06, 07 व 08 को समय से फीडिंग कराये जाने के निर्देश दिए।
         
उन्होंने मतदाता पंजीकरण कक्ष में चल रहे फॉर्म फीडिंग कार्य की प्रगति एवं गुणवत्ता का जायजा लिया एवं फीडिंग में तेजी लाये जाने के साथ ही ईआरओ नेट के माध्यम से बूथों का सत्यापन शत प्रतिशत पूर्ण कराये जाने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने तहसील पर जमा हुए कुल फॉर्म 06, 07 व 08 में 18 वर्ष पूर्ण कर चुके छात्र एवं छात्राओं सहित महिला मतदाता को बढ़ाने हेतु प्राप्त फॉर्म का आंकड़ा संरक्षित करने के निर्देश संवंधित उपजिलाधिकारी को दिए। उन्होंने तहसील छिबरामऊ में पंजिका का अवलोकन किया जहां पर पंजिका पूर्ण न होने की दशा में कड़ी नाराजगी जताते हुए आज ही पंजिका पूर्ण कर कर पूर्ण ब्यौरे के साथ मुख्यालय उपस्थित होने के सख्त निर्देश तहसीलदार छिबरामऊ को दिए। उन्होंने फॉर्म निरस्तीकरण के संबंध में निर्देश दिये कि कोई भी फॉर्म यद्यपि ऑनलाइन अथवा ऑफ़लाइन माध्यम से प्राप्त फॉर्म में किसी भी सूचना के अभाव में, भाग संख्या आदि के न भरे होने की दशा में फॉर्म को निरस्त न करते हुए संवंधित फॉर्म को संबंधित बीएलओ के माध्यम से पूर्ण कराते हुए मतदाता पंजीकरण कराने के निर्देश दिये। उन्होंने गरुण एप पर भी नियमानुसार कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिए।
       
 उन्होंने तहसील सदर में भी चल रहे मतदाता पंजिकरण कार्य का अवलोकन किया एवं पंजिका में अंकन की व्यवस्था सही पाई। उन्होंने इसी क्रम में मतदाता पंजीकरण के फर्मों के ऑनलाइन फीडिंग के साथ ही उसको प्रोसेस करते हुए वेबसाइट से निकली चेकलिस्ट पर संबंधित बीएलओ के साथ ही आवेदन कर्ता के भी हस्ताक्षर कर सुरक्षित किये जाने के निर्देश दिए। इस मौके पर संबंधित उपजिलाधिकारी, संबंधित तहसीलदार सहित अन्य तहसील कर्मचारी उपस्थित थे। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:38

राजधानी में मिलें डेंगू 10 नए मरीज,5 घरों को नोटिस जारी 

  



लखनऊ। राजधानी में बुधवार को डेंगू 10 नए मरीज मिलें। यह मरीज इन्दिरानगर, अलीगंज, एनके रोड, टूडियागंज, चन्दरनगर, सिल्वर जुबली, रेडक्रास, बीकेटी,में पाये गये। सीएमओ के निर्देशानुसार  नगर मलेरिया इकाई एवं जिला मलेरिया अधिकारी की टीम ने बताया घर के आस-पास पानी जमा न होने, पानी से भरे हुए बर्तनों एवं टंिकयों को ढक कर रखने, कुछ समय अन्तराल पर कूलर को खाली करके साफ कपडे से पोछ कर सूखा एवं साफ करने के बाद ही पुनः प्रयोग में लाने, पूरी बाह के कपडे पहनने, बच्चों को घर से बाहर न निकलने एवं मच्छर रोधी क्रीम लगाने एवं मच्छरदानी में रहने तथा डेंगू एवं मच्छर जनित रोगो से बचाव के लिए ‘‘क्या करें, क्या न करें’’ सम्बन्धी स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की गयी। 

वहीं खरिका प्रथम, आलमनगर, बालागंज, त्रिवेणीनगर, फैजुल्लागंज, इन्दिरानगर वार्ड के आस-पास के क्षेत्रों का दौरा किया गया। बुधवार को कुल 4077 घरों तथा विभिन्न मच्छरजनित स्थितियों का सर्वेक्षण किया गया और कुल पांच घर में मच्छरजनित स्थितियां पाये जाने पर नोटिस जारी किया गया।

  


वहीं दूसरी तरफ 

जीका वायरस रोगियों के क्षेत्रान्तर्गत नगर सामुदायिक स्वासथ्य केन्द्र रेडक्रास,की टीम द्वारा सफदलबाग/कुर्मी टोला क्षेत्र में कुल 18 टीमों द्वारा 415 घरों में 2368 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। सीएचसी चन्दरनगर, आलमबाग,की टीम द्वारा एलडीए कालोनी क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 181 घरों में 905 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया तथा आजादनगर क्षेत्र में कुल 12 टीमों के माध्यम से द्वारा 210 घरों में 1043 व्यक्तियों का सर्वेक्षण किया गया। इस दौरान क्षेत्र में सोर्स रिडक्शन के अन्तर्गत नगर मलेरिया इकाई की टीम द्वारा एण्टी लार्वा का छिडकाव तथा नगर निगम की टीम द्वारा फांगिग का कार्य कराया गया। 

lucknow

Nov 24 2021, 20:36

अधिवक्ताओं ने भरी हुंकार आगरा में जल्द स्थापित हो हाईकोर्ट खंडपीठ

  


आगरा। ताजनगरी में हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग को लेकर दीवानी कचहरी में 26 सितंबर 2001 को अधिवक्ताओं पर किए गए लाठीचार्ज के 20 वर्ष बाद भी मांग पूरी नहीं हो सकी है। अधिवक्ताओं का संघर्ष जारी है। अधिवक्ताओं का कहना है कि आगरा में हाईकोर्ट की स्थापनी की गई थी। आज खंडपीठ के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। हमने इस मामले में अधिवक्ताओं की नब्ज टटोली तो उनका आक्रोश बाहर आ गया।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं यूनाइटेड बार एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष प्रमोद लवानियां का कहना है कि हाईकोर्ट खंडपीठ स्थापना की मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। खंडपीठ स्थापना के लिए कई बार प्रदर्शन भी हो चुके हैं। यदि जनप्रतिनिधि सच्चे मन से साथ दें तो खंडपीठ की स्थापना में बहुत देर नहीं लगेगी। 

  

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं युवा अधिवक्ता संघ के मंडल अध्यक्ष नितिन वर्मा ने कहा कि सांसद और विधायक आगरा में तो आवाज उठाते हैं, लेकिन दिल्ली और लखनऊ में खामोश रहते हैं। यदि सांसद लोकसभा और विधायक विधानसभा में मुद्दा उठाएं तो आंदोलन को बल मिले।

वरिष्ठ अधिवक्ता राजकुमार कुशवाहा ने कहा कि जसवंत सिंह आयोग ने स्पष्ट कहा था कि खंडपीठ की स्थापना आगरा में होनी चाहिए। आयोग सरकार ने बनाया था। 35 साल पहले आई रिपोर्ट को आगरा के जनप्रतिनिधि लागू नहीं करा पाए।

वरिष्ठ अधिवक्ता एवं अधिवक्ता सहयोग समिति के कोषाध्यक्ष कृपाल सिंह वर्मा ने कहा कि खंडपीठ आंदोलन में जनप्रतिनिधियों की भूमिका नगण्य है। सभी सांसद और विधायक कहते हैं कि वे आगरा में खंडपीठ स्थापना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए जो काम उन्हें करना है, वह नहीं करते। सरकार पर दबाव नहीं बनाते, संसद और विधानसभा में आवाज नहीं उठाते। 

वरिष्ठ अधिवक्ता ललित नारायण सिंह कुशवाह का कहना था कि खंडपीठ पर जनप्रतिनिधि सिर्फ बातें कर रहे हैं। उन्हें सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। उन्हें लोगों की पीड़ा समझनी चाहिए जो मुकदमों की पैरवी के लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं। 

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Nov 24 2021, 20:34

गूंगी बहरी सरकार को जगाने 27 को निकालेंगे मशाल जुलूस: विनोद इलाहाबादी

  


●प्रदेश के मुख्यमंत्री को बताएंगे अपनी न्यायोचित मांगों की पीड़ा]●

आगरा। आज कर्मचारी शिक्षक संयुक्त मोर्चा उत्तर प्रदेश जिलाध्यक्ष डॉ महेश बघेल के नेतृत्व में प्रदेश में प्रस्तावित आंदोलन दिनांक 27 नवंबर को मशाल जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को मांग पूर्ण करने हेतु दिए जाने वाले ज्ञापन की तैयारी जोर शोर से चल रही है। ऐसा लगता है कि अबकी बार पदाधिकारी सरकार को जगा कर ही मानेंगे। 

  

जिला महिला चिकित्सालय के मुख्य ओषधी प्रभारी अधिकारी कक्ष कर्मचारी साथियों साथ संयुक्त मोर्चा के पदाधिकारी विनोद इलाहाबादी, प्रांतीय सचिव राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद जिलाध्यक्ष योगेन्द्र शर्मा, उप्र स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ जिलाध्यक्ष राजकुमार विद्यार्थी, संयुक्त राज्य कर्मचारी परिषद जिलामंत्री वीरेन्द्र कुमार  वार्ष्णेय, महासंघ मण्डल संगठनमंत्री बोबी नरबार, अध्यक्ष चेयरमैन संघर्ष समिति राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद अजय शर्मा, महासंघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रोहित लवानियां, महानगर महामंत्री सौनू चौहान, सचिव अनिल राजौरिया, उपाध्यक्ष सुमित चौहान, कान्हा ठाकुर आदि ने पुरजोर तरीके से सरकार के कर्मचारी विरोधी हठधर्मिता का खुलकर विरोध करते हुऐ कहा कि अब कर्मचारी आरपार की लड़ाई के लिए तैयार हो गया है। जिसका खामियाजा सरकार को भुगतना पड़ेगा। 

अगर कर्मचारियों की न्यायोचित मांगों जैसे पुरानी पेंशन बहाली सभी संवर्गों के आउटसोर्सिंग एवं संविदा कर्मचारियों को नियमित करते हुए शेष रिक्त पदों पर स्थाई भर्ती कर आउटसोर्सिंग एवं संविदा जैसी कर्मचारियों के लिए कैंसर रूपी बिमारी को जड़ से समाप्त करे। वर्षों से लम्बित पदोन्नति की जाए वेतन विसंगतियां एक देश एक पद एक वेतन का कानून लागू कर आदि सभी मांगों की पूर्ति के लिए सभी विभागों के कर्मचारी 27 को मशाल जुलूस निकालकर गूंगी बहरी अंधी सरकार को जगाने का कार्य करेंगे तथा अपनी न्यायोचित मांगों की पीड़ा को रखेंगे। 

विनोद इलाहाबादी ने यह भी बताया की कल दिनांक 25 नवम्बर को विकास प्राधिकरण में वशीउल्लाह खान के नेतृत्व में दोपहर एक बजे एवं जलकल विभाग में सिकन्दर सिंह एवं चौधरी राकेश सिंह के नेतृत्व में दोपहर तीन बजे बैठक कर मशाल जुलूस को सफल बनाने के लिए जनजागरण अभियान चलाया जाएगा।
बैठक में सभी साथियों द्वारा विचार विमर्श कर समीक्षा की गई और सभी पदाधिकारी अलग-अलग की जिम्मेदारी दी गयी। 

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Nov 24 2021, 20:33

*त्याग और बलिदान के प्रतीक थे गुरु तेग बहादुर , आशीष शुक्ला

  


-अवध रक्षा मंच के पदाधिकारियों ने गुरु तेग बहादुर की शौर्य गाथा को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल कराने के लिए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा

लखनऊ। वालिदान दिवस पर गुरु तेग बहादुर की शौर्य गाथा को जन जन तक पहुंचाने के लिए इसे स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल करने की बात रखी गईऔर कहा कि इससे आने वाली पीढ़ी को बहुत कुछ जानकारी हासिल होगी। अवध रक्षा मंच के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को भी सौंपा और कहां कि सरकार इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाएं तभी समाज को मजबूती मिलेगी।

  

भारत रक्षा मंच अवध प्रांत उत्तर प्रदेश लखनऊ ने गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस राजस्व बार एसोसिएशन कमिश्नरी  में माल्यार्पण कर मनाया। इस अवसर पर भारत रक्षा मंच के विद्वान वक्ता गणों ने गुरु तेग बहादुर जो सिख पंथ के नवम गुरु के गौरव गाथा शौर्य एवं पराक्रम तथा त्याग की पराकाष्ठा पर विभिन्न उदाहरण प्रस्तुत किए। संगठन के द्वारा गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस भारत रक्षा मंच के भावी कार्यक्रमों से एक गुरु तेग बहादुर का बलिदान दिवस की शौर्य गाथा जन जन तक पहुंचाना शामिल है।
 उक्त क्रम में भारत रक्षा मंच ने उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। 

 इस ज्ञापन में भारत रक्षा मंच ने मांग रखी कि उत्तर प्रदेश में सिख पंथ के नवम गुरु तेग बहादुर जी की गौरव गाथा एवं पराक्रम तथा त्याग की पराकाष्ठा का पाठ्यक्रम उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा प्राथमिक शिक्षा में शिक्षण हेतु शामिल किया जाए जिससे भावी पीढ़ी राष्ट्र व हिंदू हित की रक्षा में निर्णायक भूमिका निभा सके। ज्ञापन देने में भारत रक्षा मंच के 21 लोगों का प्रतिनिधिमंडल शामिल हुआ जिसमें आरपी अवस्थी प्रांत संगठन मंत्री  आशीष शुक्ल प्रांत महामंत्री उदय भान सिंह एडवोकेट महिला मंच की अध्यक्ष डॉ शशि मिश्रा लखनऊ विश्वविद्यालय की सेवानिवृत्त प्रोफेसर निधि वाला महिला मंच की कार्यालय मंत्री सुनीता यादव एडवोकेट संतोष कुमार पाल, एडवोकेट शरद कुमार मिश्रा एडवोकेट सर्वेश कुमार शुक्ला, एडवोकेट ज्ञान सागर अवस्थी, सह कार्यालय मंत्री एवं प्रांत मंत्री रामनिवास उपाध्याय, आशीष त्रिवेदी,  अनिल कुमार बाजपेई उपाध्यक्ष विधि मंच धर्मेंद्र कुमार सिंह प्रांत मंत्री विधि मंच अशोक कुमार शर्मा एडवोकेट डॉ महेश दत्त शर्मा प्रांत उपाध्यक्ष राजीव अहूजा कार्यालय मंत्री एडवोकेट रूपम मिश्रा आदि कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।

 प्रांत अध्यक्ष आरपी अवस्थी ने गुरु तेग बहादुर के बलिदान पर प्रकाश डाला तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता की। कार्यक्रम में भारत रक्षा मंच की स्थापना एवं भावी कार्यक्रमों के बारे में संगठन मंत्री ने विषय वस्तु पर प्रकाश डाला कार्यक्रम का संचालन महामंत्री उदय भान सिंह एडवोकेट ने किया। राजीव अहूजा कार्यालय मंत्री ने मंच का संचालन किया। महिला मंच की अध्यक्ष डॉ शशि मिश्रा ने गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान पर प्रकाश डाला तथा डॉ निधि वाला ने भी बलिदान दिवस के अतिरिक्त हिंदू हित के लिए हिंदुओं को उदार दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया तथा इस विषय पर अनेकानेक उदाहरण भी रखें कार्यक्रम में अनिल बाजपेई उपाध्यक्ष विधि मंच ने भी गुरु तेग बहादुर बलिदान दिवस पर अपनी कृतज्ञता व्यक्त की। 

डॉ महेश दत्त शर्मा उपाध्यक्ष विधि मंच एवं सुश्री सुनीता यादव कार्यालय मंत्री ने भी बलिदान दिवस पर चर्चा  चर्चा की बलिदान दिवस पर अनेकों वक्ताओं ने प्रकाश डाला अंत में कार्यक्रम का समापन प्रांत अध्यक्ष द्वारा किया गया। तत्पश्चात प्रांत पदाधिकारियों द्वारा जिलाधिकारी को जाकर ज्ञापन सौंपा गया तथा उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री से पाठ्यक्रम में त्याग और बलिदान की गुरु तेग बहादुर जी को प्राथमिक शिक्षा में शामिल करने का मांग पत्र सोफा सभी सम्मानित पदाधिकारियों सम्मानित सदस्यों को महामंत्री उदयभान सिंह एडवोकेट ने उपस्थित होने पर आभार व्यक्त किया एवं बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया उदय भान सिंह एडवोकेट महामंत्री भारत रक्षा मंच अवध प्रांत मौजूद रहे।