Ranchi

Jul 30 2021, 09:12

झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आज शुक्रवार को राज्य में स्कूल-कॉलेज खोलने पर  ले   सकती है निर्णय

रांची:  झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार आज शुक्रवार को राज्य में स्कूल-कॉलेज खोलने पर निर्णय ले सकती है। इसके अलावा पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतन पर भी फैसले लिए जा सकते हैं।

  

 3 0 जुलाई को स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की बैठक बुलाई गई है। इसमें मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे। वे शिक्षा विभाग के पदाधिकारियों से इस संबंध में बात करेंगे। कोरोना वायरस संक्रमण के कारण राज्य में बड़ी संख्या में बच्चे ऑनलाइन शिक्षा से वंचित रह जा रहे हैं।

इसे देखते हुए सरकार स्कूल खोलने पर विचार कर रही है। सरकारी स्कूलों के सभी बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा से जोडऩे को लेकर भी बैठक में विकल्प खोजे जा सकते हैं।

बता दें कि स्कूल और शिक्षण संस्थान विद्यालय खोलने की मांग कर रहे हैं। बच्चों की पढ़ाई और आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा जा रहा है कि अब कोरोना का संक्रमण कम हो गया है। इसलिए अब स्कूल-कॉलेजों को कोरोना गाइडलाइन का पालन करने का निर्देश देते हुए अनुमति दी जाए।

पारा शिक्षकों पर हो सकता है बड़ा निर्णय

बताया गया कि बैठक में पारा शिक्षकों के स्थायीकरण और वेतन पर भी निर्णय लिया जा सकता है। पारा शिक्षकों के कल्याण कोष पर भी बात होगी। राज्य में 65 हजार पारा शिक्षक कार्यरत हैं। 

वे लगातार अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। बताया गया है कि उनके स्थायीकरण और वेतन को लेकर प्रस्ताव तैयार है। अब सीएम को इस पर अंतिम निर्णय लेना है। शिक्षक नियुक्ति की संशोधित नियमावली पर भी बैठक में चर्चा होगी। 

मुख्यमंत्री नियमावलियों को अंतिम रूप देने के लिए समय सीमा निर्धारित कर सकते हैं। नियमावलियां तैयार होने से शिक्षक पात्रता परीक्षा के आयोजन से लेकर नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी आ सकती है। ऐसे में यह बैठक काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। 

Ranchi

Jul 30 2021, 09:11

Jharkhand Board JAC 10th Result 2021 LIVE Updates: झारखंड बोर्ड 10वीं के रिजल्‍ट जारी,

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने कक्षा 10वीं के नतीजे जारी कर दिए हैं. एग्‍जाम के लिए रजिस्‍टर्ड सभी छात्र आधिकारिक वेबसाइट jacresults.com, jac.nic.in, jharresults.nic.in और jac.jharkhand.gov.in पर अपने रिजल्‍ट चेक कर सकते हैं. रिजल्‍ट चेक करने के लिए स्‍टूडेंट को अपने रोल नंबर की मदद से लॉगिन करना होगा.

  

झारखंड सरकार ने इस वर्ष महामारी की स्थिति को देखते हुुए कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने की घोषणा की थी. रिजल्‍ट इंटरनल मार्किंग के आधार पर तैयार किया गया है जिसकी जानकारी बोर्ड पहले ही जारी कर चुका है.

इस साल कुल पास प्रतिशत 95.93 प्रतिशत रहा. झारखंड बोर्ड कक्षा 10वीं की परीक्षा के लिए कुल 4,33,571 छात्रों ने रजिस्‍ट्रेशन किया था. इसमें से 4,15,924 छात्रों ने परीक्षा उत्तीर्ण की है. 

हालांकि, जैक बोर्ड की केवल दसवीं का रिजल्ट ही जारी किया गया है। इंटर के परीक्षार्थियों को अभी इंतजार करना पडेगा।  अपराह्र तीन बजे रिजल्ट जारी होने के साथ ही परीक्षार्थियों के लिए उपलब्ध हो गया है। परीक्षार्थी इसे आनलाइन भी देख सकते हैं। इसके लिए जैक की वेबसाइट www.jacresults.com या www.jac.nic.in पर जाना होगा। यहां मांगी जा रही सूचनाएं डालने के साथ ही परीक्षार्थियों के परीक्षा परिणाम का ब्योरा सामने होगा.

दसवीं में 95.93 प्रतिशत रिजल्ट है। दसवीं में 270931 विद्यार्थी प्रथम श्रेणी, 133924 द्वितीय तथा 11069 तृतीय श्रेणी में सफल हुए है। परिणाम का प्रतिशत पिछले साल की तुलना में अधिक है। जैक के अध्यक्ष अरविंद प्रसाद सिंह ने यह जानकारी साझा की थी कि शिक्षा मंत्री जगन्नाथ महतो अपराह्र तीन बजे  दससवीं के रिजल्ट की विधिवत घोषणा करेंगे। इसी के अनुरूप रिजल्ट जारी भी हो गया। दसवीं में झारखंड के करीब 4 लाख विद्यार्थी हैं।  12वीं का रिजल्ट भी 31 तक जारी कर दिया जायेगा.

 इसकी भी तैयारी अंतिम चरण में है। कोरोना संक्रमण के खतरे की वजह से इस बार आइसीएसइ, सीबीएसइ के साथ ही किसी राज्य के बोर्ड ने परीक्षा नहीं ली है। मूल्यांकन के निर्धारित किए गए मानदंडों के आधार पर रिजल्ट जारी करने की बात है। आइसीएसइ के बाद झारखंड बोर्ड ने दसवी का परिणाम जारी किया है.

 पूर्वी सिंहभूम जिले के 45 हजार छात्रों को जैक के रिजल्ट का इंतजार था। इस जिला के 228 स्कूल व कॉलेज के छात्र इस परिणाम काे लेकर उत्सुक थे। उनका इंतजार खत्म  जैक अध्यक्ष अरविंद सिंह ने पहले बताया था कि दसवी व बारहवी के रिजल्ट 31 जुलाई तक जारी होंगे। इस बीच आज केवल दसवीं के रिजल्ट की बात कही गइ। प्रकाशित भी हो गया. 

Ranchi

Jul 29 2021, 08:53

सरकार गिराने का मामला:CCTV फुटेज में दिखे कांग्रेस विधायक,DAMAGE CONTROL में जुटी पार्टी,देर शाम विधायको से हुए सवाल जबाब


रांची: झारखंड में विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही पुलिस के सबूत ने कांग्रेस के विधायकों की परेशानी बढ़ा दी है। हर दिन नये खुलासों से दागदार होती छवि को बचाने के लिये कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के आवास पर आठ विधायकों की बैठक हुई। अंदर बैठक में विधायकों से उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए, जबकि बाहर कांग्रेस के विधायक मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।इससे पार्टी की किरकिरी तो हो ही रही है, वहीं अब आलाकमान ने भी प्रदेश कांग्रेस से पूरे मामले में जवाब मांगा है।

  

बैठक में विधायकों से वन-टू-वन बात की गई।इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव भी मौजूद थे।दरअसल सरकार गिराने की साजिश मामले में रांची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के बयान पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कांग्रेस विधायक नजर आ रहे हैं। इससे कांग्रेस विधायक संदेह के घेरे में आ गए हैं। वहीं, इस मामले को जानने-समझने में प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता जुटे हुए हैं।


विधायकों की ओर से जानकारी जमा की जा रही है, ताकि आलाकमान को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सके. वहीं, विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला ने साफ कहा है कि उनपर लग रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पिता के इलाज के लिए दिल्ली गए थे। कहीं किसी सीसीटीवी फुटेज में दिख गए होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं।


दरअसल 3 जुलाई की रात से रांची पुलिस की अचानक हरकत शुरू हुई और और रांची के एक निजी होटलों में छापेमारी की। इस छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।इसके बाद 24 जुलाई से सरकार गिराने की साजिश की चर्चा शुरू हुई। सूबे के राजनीतिक गलियारे में कहा जाने लगा कि कांग्रेस के 18 विधायकों में से 11 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और सरकार गिराने की साजिश चल रही है, जिसमें बीजेपी सफल नहीं हुई। इतना ही नहीं, सरकार गिराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ, तो कई कांग्रेस नेताओं का बयान आने लगे। अब प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता नाराज विधायकों से बातचीत कर नाराजगी दूर करने में लगे हैं।हालांकि बैठक के बाद विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक एक जुट है। 

Ranchi

Jul 29 2021, 08:53

सरकार गिराने का मामला:CCTV फुटेज में दिखे कांग्रेस विधायक,DAMAGE CONTROL में जुटी पार्टी,देर शाम विधायको से हुए सवाल जबाब


रांची: झारखंड में विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही पुलिस के सबूत ने कांग्रेस के विधायकों की परेशानी बढ़ा दी है। हर दिन नये खुलासों से दागदार होती छवि को बचाने के लिये कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के आवास पर आठ विधायकों की बैठक हुई। अंदर बैठक में विधायकों से उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए, जबकि बाहर कांग्रेस के विधायक मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।इससे पार्टी की किरकिरी तो हो ही रही है, वहीं अब आलाकमान ने भी प्रदेश कांग्रेस से पूरे मामले में जवाब मांगा है।

  

बैठक में विधायकों से वन-टू-वन बात की गई।इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव भी मौजूद थे।दरअसल सरकार गिराने की साजिश मामले में रांची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के बयान पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कांग्रेस विधायक नजर आ रहे हैं। इससे कांग्रेस विधायक संदेह के घेरे में आ गए हैं। वहीं, इस मामले को जानने-समझने में प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता जुटे हुए हैं।


विधायकों की ओर से जानकारी जमा की जा रही है, ताकि आलाकमान को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सके. वहीं, विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला ने साफ कहा है कि उनपर लग रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पिता के इलाज के लिए दिल्ली गए थे। कहीं किसी सीसीटीवी फुटेज में दिख गए होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं।


दरअसल 3 जुलाई की रात से रांची पुलिस की अचानक हरकत शुरू हुई और और रांची के एक निजी होटलों में छापेमारी की। इस छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।इसके बाद 24 जुलाई से सरकार गिराने की साजिश की चर्चा शुरू हुई। सूबे के राजनीतिक गलियारे में कहा जाने लगा कि कांग्रेस के 18 विधायकों में से 11 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और सरकार गिराने की साजिश चल रही है, जिसमें बीजेपी सफल नहीं हुई। इतना ही नहीं, सरकार गिराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ, तो कई कांग्रेस नेताओं का बयान आने लगे। अब प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता नाराज विधायकों से बातचीत कर नाराजगी दूर करने में लगे हैं।हालांकि बैठक के बाद विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक एक जुट है। 

Ranchi

Jul 29 2021, 08:52

सरकार गिराने का मामला:CCTV फुटेज में दिखे कांग्रेस विधायक,DAMAGE CONTROL में जुटी पार्टी,देर शाम विधायको से हुए सवाल जबाब


रांची: झारखंड में विधायकों के खरीद-फरोख्त मामले की जांच कर रही पुलिस के सबूत ने कांग्रेस के विधायकों की परेशानी बढ़ा दी है। हर दिन नये खुलासों से दागदार होती छवि को बचाने के लिये कांग्रेस विधायक दल के नेता आलमगीर आलम के आवास पर आठ विधायकों की बैठक हुई। अंदर बैठक में विधायकों से उनकी भूमिका को लेकर सवाल पूछे गए, जबकि बाहर कांग्रेस के विधायक मीडिया के सवालों से बचते नजर आए।इससे पार्टी की किरकिरी तो हो ही रही है, वहीं अब आलाकमान ने भी प्रदेश कांग्रेस से पूरे मामले में जवाब मांगा है।

  

बैठक में विधायकों से वन-टू-वन बात की गई।इस दौरान पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. रामेश्वर उरांव भी मौजूद थे।दरअसल सरकार गिराने की साजिश मामले में रांची पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार लोगों के बयान पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें कांग्रेस विधायक नजर आ रहे हैं। इससे कांग्रेस विधायक संदेह के घेरे में आ गए हैं। वहीं, इस मामले को जानने-समझने में प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता जुटे हुए हैं।


विधायकों की ओर से जानकारी जमा की जा रही है, ताकि आलाकमान को वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जा सके. वहीं, विधायक इरफान अंसारी और उमाशंकर अकेला ने साफ कहा है कि उनपर लग रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि पिता के इलाज के लिए दिल्ली गए थे। कहीं किसी सीसीटीवी फुटेज में दिख गए होंगे। उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं।


दरअसल 3 जुलाई की रात से रांची पुलिस की अचानक हरकत शुरू हुई और और रांची के एक निजी होटलों में छापेमारी की। इस छापेमारी में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।इसके बाद 24 जुलाई से सरकार गिराने की साजिश की चर्चा शुरू हुई। सूबे के राजनीतिक गलियारे में कहा जाने लगा कि कांग्रेस के 18 विधायकों में से 11 विधायक बीजेपी के संपर्क में हैं और सरकार गिराने की साजिश चल रही है, जिसमें बीजेपी सफल नहीं हुई। इतना ही नहीं, सरकार गिराने की साजिश का पर्दाफाश हुआ, तो कई कांग्रेस नेताओं का बयान आने लगे। अब प्रदेश कांग्रेस के वरीय नेता नाराज विधायकों से बातचीत कर नाराजगी दूर करने में लगे हैं।हालांकि बैठक के बाद विधायक दल के नेता आलमगीर आलम ने कहा है कि पार्टी के सभी विधायक एक जुट है। 

Ranchi

Jul 28 2021, 20:23

झारखंड में मंत्रियों के विभागों का नए सिरे से बंटवारा


रांची: झारखंड सरकार में मंत्रियों के विभागों का नए सिरे से बंटवारा किया गया है। आज इसकी अधिसूचना जारी की गई है। अस्वस्थ होने के कारण इलाज कराने गए जगरनाथ महतो की वापसी के बाद एक बार फिर उन्हें स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग तथा उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। नए बनाए गए मंत्री हफीजुल हसन अंसारी को अल्पसंख्यक कल्याण, पर्यटन कला संस्कृति खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। उनके विभाग के दायित्‍व में निबंधन भी जोड़ा गया है।

  

मंत्री आलमगीर आलम को संसदीय कार्य, ग्रामीण विकास विभाग, ग्रामीण कार्य, पंचायती राज विभाग तथा रामेश्वर उरांव को वित्त योजना एवं विकास, वाणिज्य कर, खाद्य सार्वजनिक वितरण उपभोक्ता मामलों का मंत्री बनाया गया है। जगन्नाथ महतो के स्वस्थ होने के बाद बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उनसे मुलाकात की। इसके बाद ही झारखंड सरकार के मंत्रिमंडल सचिवालय एवं निगरानी विभाग की तरफ से मुख्‍यमंत्री हेमंत सोरेन की सलाह से झारखंड के राज्यपाल की तरफ से मंत्रियों के बीच सरकारी विभागों का वितरण करने संबंधी अधिसूचना जारी कर दी गई। 

Ranchi

Jul 28 2021, 07:50

BIG NEWS

हेमंत सरकार गिराने का मामला:पुलिस को दिल्ली के होटल में मिले CCTV फुटेज में दिखे कांग्रेस के 2 विधायक और 1 निर्दलीय विधायक

  


रांची: झारखंड में सरकार गिराने की साजिश और विधायकाें के खरीद-फराेख्त मामले में रांची पुलिस काे अहम सुराग मिले हैं। पुलिस कोे दिल्ली के द्वारका स्थित होटल विवांता से 15 जुलाई का सीसीटीवी फुटेज मिला है। इसमेें महाराष्ट्र के नेता नौ लोगों के साथ बातचीत कर रहे हैं। इसी होटल में झारखंड के नेताओं का भी कमरा बुक था।

खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी इस मामले की जांच के लिए दिल्ली में हैं। सूत्राे के मुताबिक पुलिस को जो फुटेज मिले हैं, वह 15 मिनट का है। बैठक के बाद उसमें मौजूद सभी लोग दाे लग्जरी गाड़ियों में बैठकर वहां से निकलते दिख रहे हैं।

सूत्रों का कहना है कि इनमें झारखंड के तीन विधायक और पकड़े गए तीनों आरोपी भी थे। इससे पहले आरोपियों ने भी अपने स्वीकारोक्ति बयान में बताया था कि उनके दिल्ली पहुंचने पर एयरपोर्ट पर दो गाड़ियां खड़ी थीं। इनमें ही वे लोग विधायकों और महाराष्ट्र के नेताओं के साथ होटल पहुंचे थे।

एक केंद्रीय नेता के घर भी गए थे तीनाें विधायक

सूत्राें का कहना है कि दिल्ली में महाराष्ट्र के नेताओं के साथ झारखंड के तीनाें विधायक एक बड़े केंद्रीय नेता के घर भी गए थे। हालांकि वहां से वे लाेग सिर्फ दुआ-सलाम करने के बाद वापस लाैट गए थे।

अब तीनाें विधायकाें काे नाेटिस भेजने की तैयारी

अब तीनाें विधायकों काे नाेटिस भेजने की तैयारी चल रही है। दिल्ली में जांच करने गई रांची पुलिस की टीम के लाैटते ही विधायक इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और अमित यादव काे नाेटिस भेजकर अपना पक्ष रखने काे कहा जाएगा।

विधायक बोले-नहीं हुई मीटिंग

कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और निर्दलीय विधायक अमित यादव ने फिर दाेहराया कि वे लाेग विवांता हाेटल गए ही नहीं। वहां किसी बैठक में भाग लने की बात भी गलत है। फिर वे सीसीटीवी में कैसे कैद हाे गए?

इस सवाल पर उन्हाेंने कहा कि ऐसा हाे ही नहीं सकता। इरफान अंसारी ने कहा कि उनके खिलाफ बड़ी साजिश रची गई है। हाे सकता है कि सीसीटीवी फुटेज काे मैनुपुलेट किया गया हाे। बताया गया था कि हमारे नाम पर एक कमरा बुक है, पर वहां नहीं गए।

इधर, हाईकाेर्ट में याचिका: पूरे मामले की सीबीआई जांच हाे

विधायकाें की खरीद फराेख्त का मामला हाईकाेर्ट पहुंच गया है। सामाजिक कार्यकर्ता पंकज यादव ने जनहित याचिका दाखिल कर सीबीआई जांच की मांग की है। याचिका में कहा गया है कि झारखंड के माननीय जनता के वाेट काे पैसाें के लिए बेच देते हैं। यह वाेटराें के संवैधानिक अधिकाराें का हनन है। इसलिए सीबीआई जांच से ही सच सामने आ सकता है। 

Ranchi

Jul 28 2021, 07:50

झारखंड में राज्यकर्मियों को हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा,2.5 लाख कर्मचारियों को अब 17 की जगह 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिलेगा


रांची: झारखंड सरकार ने राज्य के कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। राज्यकर्मियों को अब 17 प्रतिशत के बजाय 28 प्रतिशत महंगाई भत्ता देय होगा। यह निर्णय केंद्र सरकार की ओर से लिए गए फैसले के ही अनुरूप है। मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में इससे जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

  

वित्त विभाग ने कर्मचारियों के वेतन और पेंशनधारियों के डीए में 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी का प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इस पर मुहर लगते हुए राज्य सरकार के लगभग ढाई लाख से अधिक कर्मचारी लाभान्वित होंगे। वहीं, सरकारी कोष पर लगभग 1000 करोड़ रुपए का अतिरिक्त भार पड़ने का अनुमान है।

कोरोना के कारण महंगाई भत्ते पर लगाई गई थी रोक

कोरोना महामारी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने जनवरी-2020 से महंगाई भत्ते पर रोक लगा दी थी। केंद्र सरकार ने पिछले दिनों महंगाई भत्ते पर लगी रोक हटा कर इसे 17 प्रतिशत से 28 प्रतिशत करने का निर्णय लिया था। केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने 20 जुलाई को इससे संबंधित अधिसूचना जारी कर दी है। इसके बाद झारखंड में भी सरकारी कर्मियों और पेंशन भोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि का रास्ता साफ हो गया था। 

Ranchi

Jul 27 2021, 18:44

दिशोम गुरु पोषण वाटिका योजना से ग्रामीण महिलाओं-बच्चों की थालियों तक पहुंच रहा पौष्टिक भोजन


रांचीः सरायकेला के कुचाई प्रखंड स्थित मांगुडीह जंगल और पहाड़ों से घिरे आदिवासी गांव के ग्रामीणों के स्वास्थ्य में दिशोम गुरु पोषण वाटिका योजना का सकारात्मक परिणाम नजर आने लगा है। योजना के माध्यम से गांव की महिलाओं-बच्चों की थालियों तक पौष्टिक भोजन पहुंच रहा है, जिससे उनके स्वास्थ्य में लगातार सुधार नजर आ रहा है।  

  

जागरूक हुए ग्रामीण, पोषक खाद्य पदार्थों से सजने लगीं  थालियां 

मांगुडीह गांव के ग्रामीणों की जीविका का मुख्य आधार कृषि है। सरकार के स्वास्थ्य जांच कार्यक्रम में बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) और एमयूएसी से ग्रामीणों के कमजोर शारीरिक स्वास्थ्य के बारे में पता चला। इसके बाद ग्रामीणों के स्वास्थ्य में सुधार हेतु झारखण्ड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसायटी ने प्रयास शुरू किये। गांव में पोषण को लेकर जागरूकता कार्यक्रम शुरू हुआ, तो कड़ियां जुड़नी शुरू हो गईं। ग्रामीणों ने माना कि भोजन की थाली में साग-सब्जियों की मात्रा बढ़ने से स्वास्थ्य में सुधार हो सकता है। 

बेलमती ने बढ़ाया कदम तो अन्य ने दिया साथ 

झारखण्ड ट्राइबल डेवलपमेंट सोसाइटी के पोषण से संबंधित जागरूकता कार्यक्रम से प्रभावित होकर बेलमती हेम्ब्रोंम ने किचन गार्डेन के लिए कदम बढ़ाया। इसके बाद जब उसे दिशोम गुरु पोषण वाटिका योजना से आच्छादित करते हुए जेटीडीएस की मदद से बीज, खाद व तकनीकी जानकारी दी गई। मदद मिलते ही बेलमती ने घर के पास किचन गार्डेन में सात तरह की साग-सब्जियों का उत्पादन शुरू किया। इससे उसके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आया। उसे सब्जियां खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती। इतना ही नहीं, पौष्टिक भोजन मिलने से बेलमती ने अपना वजन दो किलो बढ़ा लिया। उसके घर में भी सभी को अब पौष्टिक खाना मिलने लगा है। बेलमती को देखकर बाकी ग्रामीण भी इस योजना से जुड़कर घरों के पास ही अपने उपयोग के लिए सब्जियों की खेती कर रहे हैं। 

पोषण दर बढ़ाना है लक्ष्य 

दिशोम गुरु पोषण वाटिका योजना को जेटीडीएस के माध्यम से क्रियान्वित किया जा रहा है। जेटीडीएस ग्रामीणों को इस योजना की जानकारी देने के अलावा बीज, खाद सहित अन्य जानकारियां उपलब्ध करा रहा है। योजना से गांव की महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। झारखण्ड में महिलाओं और बच्चों में आज भी कुपोषण की दर ज्यादा है। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं खून की कमी से पीड़ित हैं। राज्य सरकार ने महिलाओं व बच्चों में कुपोषण को दूर करने और उन्हें अच्छा और पौष्टिक भोजन मिल सके, इसके लिए दिशोम गुरु पोषण वाटिका योजना की शुरुआत की है। इनमें मौसम के अनुकूल तरह-तरह की सब्जियां उगाई जा रही हैं, ताकि ग्रामीणों को जरूरत के मुताबिक सब्जियां उनके घर के आंगन में ही उपलब्ध हो सके। 

Ranchi

Jul 27 2021, 14:48

हाइकोर्ट पहुंचा सरकार गिराने का मामला,याचिकाकर्ता ने PIL दायर कर की CBI जांच की मांग 


रांची: हेमंत सरकार गिराने की साजिश और विधायकों की खरीद-फरोख्त के मामले में एक तरफ जहां झारखंड की राजनीति का पारा चढ़ा हुआ है, वही दूसरी तरफ यह मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। सोशल एक्टिविस्ट पंकज यादव ने PIL दायर कर CBI जांच की मांग की है। वहीं, पुलिस की चार टीमें दिल्ली और महाराष्ट्र तक जांच में जुट गई हैं। खलारी डीएसपी अनिमेष नैथानी के नेतृत्व में एक टीम सोमवार को दिल्ली गई है।

  

टीम वहां उस पांच सितारा होटल विवांता में छानबीन कर रही है, जिसके बारे में गिरफ्तार आरोपी पेटी कॉन्ट्रैक्टर रातू रोड निवासी अभिषेक दुबे ने रांची पुलिस से वहां ठहरने की बात कही थी। इधर, मुंबई गई दूसरी टीम उन चार लोगों से पूछताछ करने वाली है, जो 21 जुलाई को रांची आए थे और होटल लीलैक में रुके थे।

याचिकाकर्ता पंकज ने राइट टू वोटर का हवाला देते हुए कहा है कि विधायक झारखंड की जनता के वोटों को पैसों के लिए बेच देते हैं। यह वोटर्स के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा है कि झारखंड 2005 से लगातार हॉर्स ट्रेडिंग का केंद्र रहा है। विधायक सरकार बनाने और राज्यसभा सदस्य चुनने में खुद को बेचते रहे हैं। अभी भी आधा दर्जन विधायक हॉर्स ट्रेडिंग मामले में फंसे हुए हैं। विधायकों के इस करतूत से झारखंड की जनता हमेशा ठगा महसूस करती रही है।

आरोपियों को रिमांड पर लेगी पुलिस

तीसरी टीम कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी, उमाशंकर अकेला और निर्दलीय विधायक अमित यादव से पूछताछ की तैयारी में है। वहीं, जेल भेजे गए आरोपी अभिषेक दुबे, अमित सिंह और निवारण प्रसाद महतो को रिमांड पर लेने के लिए पुलिस सिविल कोर्ट में आवेदन दे सकती है।

दिल्ली जाने वाले तीन विधायकों से भी होगी पूछताछ

पुलिस ने 15 जुलाई की शाम 6.10 बजे रांची से दिल्ली गई इंडिगो फ्लाइट संख्या 6ई-2328 के पीएनआर ओएमजेडएमआरडब्ल्यू और आईजीसीटी2वी की डिटेल निकाल ली है। इसके अनुसार, एक पीएनआर में तीन और एक अन्य पीएनआर से चार लोगों ने यात्रा की थी। दिल्ली जाने वाले जिन तीन विधायकों के नाम सामने आए हैं, उनमें उमाशंकर अकेला, इरफान अंसारी और अमित यादव हैं। इन तीनों के साथ विधायक उमाशंकर अकेला का नाती हर्षवर्धन भी था। पुलिस उससे भी पूछताछ हो सकती है।


खुद को बेचने वाले विधायक पर राजद्रोह का केस चले

PIL में इनकम टैक्स, CBI, ED, रांची SSP, कोतवाली थाने और विधायक जयमंगल सिंह को पार्टी बनाते हुए CBI जांच की मांग की गई है। उन्होंने PIL में आरोप लगाया है कि खुद को बेचने वाले विधायक और खरीदने वाली पार्टी पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। मामला इंटर स्टेट का है, जिसमें दिल्ली, महाराष्ट्र और यूपी के भी नाम आ रहे हैं। इसलिए CBI जांच जरूरी है।

सत्तापक्ष की अगर साजिश है तो वो भी सामने आए

याचिकाकर्ता ने कहा कि जो भी किंगपिन हैं उन पर राजद्रोह का और सरकार को अस्थिर करने का मुकदमा दर्ज होना चाहिए। अगर इस प्रकरण में सत्ता पक्ष का कोई प्रोपेगेंडा है, जैसा विपक्ष का आरोप है तो उसका भी पर्दाफाश होना चाहिए। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता राजीव कुमार ने याचिका दायर की है।