Ranchi

Jul 24 2021, 08:53

कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल ने झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेंन से की मुलाकात,

  


मुख्यमंत्री ने कोल इंडिया पर राज्य सरकार का बकाया 56000 करोड़ की राशि  को शीघ्र भुगतान का किया मांग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से झारखंड मंत्रालय में कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल ने मुलाकात की। भेंटवार्ता के क्रम में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल से कहा कि कोल इंडिया लिमिटेड को खनन हेतु राज्य सरकार द्वारा जो सरकारी जमीन दी गई है उस पर 56 हजार करोड़ रुपए का बकाया है।

  

बकाये राशि का भुगतान कोल इंडिया लिमिटेड राज्य सरकार को शीघ्र करे इस पर कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष पहल करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की रॉयल्टी AD VALOREM आधार पर कोल इंडिया लिमिटेड राज्य सरकार को देना सुनिश्चित करे। 

मुख्यमंत्री ने श्री प्रमोद अग्रवाल से कहा कि जिस क्षेत्र में माइनिंग हो जाती है वहां सीसीएल द्वारा वृहद वृक्षारोपण कार्य किया जाए। 

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी सीसीएल द्वारा प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जाना चाहिए। सीसीएल द्वारा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल का संचालन हो इस निमित्त मुख्यमंत्री ने श्री प्रमोद अग्रवाल के समक्ष अपने सुझाव रखे। मुख्यमंत्री ने झरिया पुनर्वास कार्य में धीमा प्रगति पर चिंता जतायी। 

कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रमोद अग्रवाल ने मुख्यमंत्री को इन सभी बिंदुओं पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिया। श्री प्रमोद अग्रवाल ने कोल इंडिया के खनन कार्यों में राज्य सरकार द्वारा की जा रही मदद हेतु मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया। साथ ही मुख्यमंत्री से ईसीएल के राजमहल परियोजना में भूमि की समस्या का समाधान, सीसीएल के भूमि सत्यापन, वन पट्टा, सीटीओ की अवधि बढ़ाने (कम से कम 3 वर्ष) एवं आम्रपाली परियोजना में कोयले के ट्रांसपोर्टेशन को सुचारू करने हेतु आग्रह किया।

 मुख्यमंत्री ने कोल इंडिया लिमिटेड के अध्यक्ष द्वारा रखी गयी मांग एवं आग्रहों पर सकारात्मक रूप से विचार करने का आश्वासन दिया। मौके पर राज्य के मुख्य सचिव श्री सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री राजीव अरुण एक्का, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विनय कुमार चौबे, महाधिवक्ता श्री राजीव रंजन,  ईस्टर्न कोलफील्ड के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी एस मिश्रा, सीसीएल रांची के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक श्री पी एम प्रसाद उपस्थित थे। 

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Jul 23 2021, 21:06

रांची में फर्जी महिला आइएएस अधिकारी को पुलिस ने पकड़ा, जमशेदपुर में डिप्टी कलेक्टर के तौर पर पोस्टेड होने की बतायी थी कहानी, पकड़ी गयी महिला से पुलिस उगलवा रही राज

  


रांची l झारखंड की राजधानी रांची में एक फर्जी महिला आइएएस मोनिका को गिरफ्तार किया है. वह अरगोड़ा थाना क्षेत्र के अशोकनगर रोड नंबर एक में रह रही थी और बकायदा बॉडीगार्ड लेकर चल रही थी. रांची के सबसे पॉश इलाकों में एक अशोकनगर ऐसा इलाका है, जहां सरकारी अधिकारी और बड़े लोग रहते है. वह उक्त एरिया में डॉ डीके राय के मकान में भाड़े में रहती थी और खुद को 2020 बैच की आइएएस अधिकारी बताती थी. मोोनिका ने डॉक्टर को मकान लेने के पहले बताया था कि उसकी पोस्टिंग जमशेदपुर में है और वह असिस्टेंट कलेक्टर के पद पर है. मोनिका का एक बॉडीगार्ड, एक रसोइया और एक ड्राइवर भी था.

 इतना ही नहीं मोनिका अपने मकान के बाहर डिप्टी कलेक्टर का बोर्ड भी लगा रखी थी. मकान मालिक डॉक्टर राय को तब शक हुआ, जब उसको घर पर ही पाया गया. जब उन्होंने कई बार उससे पूछा कि वह क्यों नहीं बाहर जाती है तो उसने बतााया कि वह अभी छुट्टी पर है. मोनिका की गतिविधियां संदिग्ध लगी तो उन्हंने अरगोड़ा थाना की पुलिस को सूचना दी. करीब दो दिनों तक पुलिस ने मोनिका पर नजर ररखी. 

  


मोनिकी की हर गतिविधियों पर नजर रखी गयी, जिसके बाद यह तय हो गया कि महिला फर्जी है, तब पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी और पुलिस को देखते ही उसके होश उड़ गये. महिला के पास से फर्जी आइएएस का आइ कार्ड, डिप्टी कलेक्टर का लेटर पैड और कई चीजें बरामद की गयी है. मोनिका द्वारा आर्मी से रिटायर एक जवान को अपना बॉडीगार्ड बनाकर ररखा गया था, जो हमेशा घर के सामने बैठता था. पुलिस ने इस मामले में ड्राइवर और बॉडीगार्ड को सरकारी गवाह बना लिया है. बॉडीगार्ड ने पुलिस को बताया कि एक आइएएस अधिकारी के तौर पर ही महिला ने उसको रखा था. मोनिका को गिरफ्तार कर महिला थाना को सौंप दिया गया है. उक्त महिला के बारे में सारी जानकारी अब तक हासिल नहीं हो पाया है. वह दिल्ली में यूपीएससी की तैयारी जरूर कर रही थी. 

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Jul 23 2021, 20:23

झारखंड में अब खत्म होगा वीकेंड लॉकडाउन, जमशेदपुर और रांची में कोरोना की गति थमने के बाद लॉकडाउन में सरकार दे सकती है राहत, शनिवार को बैठक संभव

  


रांची l झारखंड में वर्तमान में कोरोना के केस काफी कम आ चुके है. लगातार कोरोना के केस में कमी आयी है. जमशेदपुर और रांची में सबसे ज्यादा कोरोना के केस थे, जहां अब काफी कमी आ चुकी है. हालात का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले 14 दिन से जमशेदपुर जैसे शहर में एक भी मौत नहीं हुई है जबकि अब केस 1 से लेकर 5 तक ही आ रहे है. इतनी कमी के बाद अब लोगों का भी डिमांड हो चुका है कि वीकेंड लॉकडाउन को बंद किया जाये क्योंकि जब तीसरा वेभ आयेगा तो बाजारों को फिर से बंद किया जायेगा, ऐसे में पहले खोल दिया जाये ताकि कारोबार तो चलाया जा सके. इसको लेकर समीक्षा की जा रही है. 

यह संभव है कि शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता कोरोना की समीक्षा करें और आपदा प्रबंधन प्राधिकार की बैठक कर इस पर कोई ना कोई फैसला लें. अभी रविवार को पूर्ण लॉकडाउन रहता है जबकि रात को आठ बजे से लेकर सुबह के 6 बजे तक लॉकडाउन है. नाइट कर्फ्यू की तरह के हालात है और रेस्टोरेंट में भी 50 फीसदी लोगों के साथ इंट्री दी जा रही है. यहीं वजह है कि अब लगातार दबाव बनाया जा रहा है कि हर हाल में वीकेंड लॉकडाउन को समाप्त कर दिया जाये. यहीं वजह है कि अब इस पर फैसला लेने के लिए सरकार तैयारी कर रही है. 

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Jul 23 2021, 20:20

झारखंड हाईकोर्ट में सवर्णों के 10 फीसदी आरक्षण के मसले पर सुनवाई पूरी, फैसला सुरक्षित

  


रांची  l झारखंड में आर्थिक रुप से कमजोर सवर्णों को 10 फीसदी आरक्षण के मामले में सुनवाई पूरी हो गयी है. शुक्रवार को हाईकोर्ट के डबल बेंच में जस्टिस रंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस राजेश शंकर ने सुनवाई की. इस सुनवाई के दौरान बताया गया कि सारे पक्षों को सुन लिया गया है और जल्द फैसला सुनाया जायेगा. 

आपको बता दें कि हाईकोर्ट के सिंगल बेंच ने अपने आदेश में ककहा था कि वर्ष 2019 में सवर्णों को आरक्षण देने का कानून लागू हो गया है, इस कारण वर्ष 2019 से पहले हुई नियुक्त में इस आरक्षण का लाभ नहीं दिया जा सकता है. इसके साथ ही अदालत ने जेपीएससी को दोबारा विज्ञापन निकालने का निर्देश दिया था. हाईकोर्ट में जेपीएससी की ओर से एडवोकेट संजय पिपरवाल और प्रिंस कुमार ने अपना पक्ष रखा. 22 जनवरी को झारखंड में मुख्य परीक्षा जेपीएससी की होनी थी. 

  

इससे पहले हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया. झारखंड लोकसेवा आयोग ने सिविल इंजीनियर और मैकेनिकल इंजीनियर की वेकेंसी के लिए वर्ष 2019 में एडवरटाइजमेंट जारी किया गया था. इसके तहत सिविल इंजीनियर के पद पर 542 और मैकेनिकल इंजीनियर के पद पर 92 आवेदक शामिल थे. यह महत्वपूर्ण फैसला हाईकोर्ट के जस्टिस संजय कुमार द्विवेदी की अदालत ने सुनायी थी. याचिकाकर्ता रंजीत कुमार शाह ने सहायक इंजीनियर की नियुक्ति प्रक्रिया को चुनौती देते हुए झारखंड हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. 21 जनवरी को हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने इस मामले में अपना फैसला सुनाया था. 

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Jul 23 2021, 18:19

डाक विभाग ने शुरू की नई सेवा:अब घर बैठे करा सकेंगे आधार में मोबाइल नंबर अपडेट

  



रांची: झारखंड के लोगों को आधार कार्ड में अपना मोबाइल नंबर अपडेट या बदलाव कराने के लिए आधार सेंटर का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा। अब ये सुविधा अब घर बैठे प्राप्त होगी। इसके लिए डाक विभाग और यूआईडीएआई के बीच एक करार हुआ है। डाक विभाग के इंडियन पोस्ट पेयमेंट बैंक के द्वारा पोस्टमैंन और ग्रामीण डाक सेवकों की मदद से आमलोगों को ये सुविधा उनके घर पर दी जाएगी।

इसके लिए पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों को स्मार्ट फोन और बायोमेट्रिक रिडिंग डिवाइज से लैस किया जाएगा। आधार कार्ड में मोबाइल नंबर के अपडेट नहीं होने के कारण लोगों को पीडीएस राशन, ड्राइविंग लाइसेंस, इपीएफओ, इनकम टैक्स रिटर्न आदि से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ऐसे में कोरोना संक्रमण काल में सरकार के द्वारा दी जा रही ये सुविधा लोगों के लिए बहुत उपयोगी होगी। राज्य के हर जिले में पोस्ट आफिस के माध्यम से इस सेवा की शुरूआत कर दी गयी है।

  

जल्द पोस्टमैन बनाएंगे बच्चों का आधार

इंडियन पोस्ट पेयमेंट बैंक के द्वारा राज्य में इस सेवा की शुरूआत करते हुए बताया गया कि जल्द ही पोस्टमैन और ग्रामीण डाक सेवकों की मदद से राज्य में पांच वर्ष कम उम्र के बच्चों का आधार भी बनाने का काम शुरू किया जाएगा। इसके लिए यूआईडीएआई के द्वारा चाइल्ड एनरोलमेंट लाइट क्लाइंट एप्लिकेशन बनायी गयी है। आधार में मोबाइल नंबर अपडेट इसी का हिस्सा है। हालांकि इस सेवा को राज्य में अभी शुरू नहीं किया गया है। 

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Jul 23 2021, 16:49

CM ने रांची शहर के विकास के लिए कुल 84 करोड़ रुपए की लागत वाले विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया।

  



रांची: रांची शहर के सर्वांगीण विकास में सरकार के साथ-साथ आम जनता की सहभागिता होनी जरूरी है। सरकार की विकास योजनाएं अनवरत चलती रहती हैं परंतु इन योजनाओं का लाभ हमें तभी पूर्ण रूप से मिलेगा जब हम जागरूक होकर सरकार के उद्देश्यों को पूरा करने में अपनी महती भूमिका निभाएं। रांची शहर झारखंड की राजधानी है, राजधानी की छवि से पूरे राज्य की छवि बनती है। आज यहां 84 करोड़ की लागत से रांची शहर के सुंदरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास हो रहा है। हमारी सरकार की सोच है कि कोई भी विकास योजना लंबे समय के लिए होनी चाहिए जिसका लाभ सिर्फ हमें ही नहीं बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी मिल सके। विकास का पैमाना पर्यावरण को नुकसान पहुंचाकर नहीं बल्कि पर्यावरण के साथ संतुलन बनाकर होना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आयोजित रांची शहर के विभिन्न विकास परियोजनाओं के शिलान्यास कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची के बीचो-बीच स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम एवं बड़ा तालाब का कायाकल्प कर आकर्षक रूप प्रदान करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। जो लोग बाहर से रांची आते हैं वे एक बार जरूर इन जगहों पर घूमने पधारें इस सोच के साथ राज्य सरकार आगे बढ़ रही है।

समस्याओं के जिम्मेदार हम होंगे तो समाधान भी हमें ही ढूंढने पड़ेंगे

  

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि विकास योजनाओं का स्वरूप पर्यावरण के साथ समन्वय स्थापित कर तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे कारणों से समस्याएं उत्पन्न होंगी तो उसका समाधान भी हमें ही ढूंढने की जरूरत है। बेमौसम बारिश, बेमौसम कहीं बाढ़, कहीं तूफान, कहीं महामारी ये सब पर्यावरण से छेड़छाड़ अथवा दोहन का उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज से 25-30 साल पहले की रांची का वातावरण और वर्तमान समय में रांची का वातावरण में काफी अंतर दिखाई पड़ता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि शहर के अंदर खाली जमीनों पर वृक्ष लगाकर शहर को हरा-भरा बनाया जाए इस निमित्त विभाग को निर्देशित भी किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ सरकार के प्रयासों से ही नहीं बल्कि आम जनता को भी अपने वार्ड, गली-मोहल्लों में पौधारोपण करनी चाहिए तभी हम स्वच्छ वातावरण और सुंदर शहर की परिकल्पना को पूरा कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सोच है कि कोई भी सरकारी अथवा निजी कार्यक्रमों में उपहार स्वरूप बुके देने की परिपाटी को समाप्त कर उपहार स्वरूप पौधा देने की परिपाटी की शुरुआत की जानी चाहिए।

छोटी-छोटी चीजों से बड़े बदलाव संभव

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि रांची शहर के सुंदरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण में आपसभी अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रांची शहर में अभी भी कई  ऐसे वार्ड, गली-मोहल्ले हैं जहां सड़कें काफी संकीर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील किया कि सड़कें पतली और संकीर्ण होने से छोटी-छोटी गाड़ियां भी गली मोहल्लों में नहीं पहुंच पाती है अतएव शहरवासी इन समस्याओं के समाधान के लिए निरंतर प्रयासरत रहें तथा अपने-अपने घरों के सामने स्वेछापूर्वक कुछ भूमि छोड़कर गृह निर्माण करें ताकि भविष्य में ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप जमीन छोड़ेंगे तो आप का भी अधिकार होगा कि सरकार उस जमीन पर सड़क निर्माण  करे। छोटी-छोटी चीजों का ख्याल रखकर ही बड़े बदलाव किए जा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रतिबद्धता के साथ भविष्य का ख्याल रखते हुए लंबी कार्य योजना बनाने का काम कर रही है। रांची शहर में जनसंख्या का दबाव काफी तेजी से बढ़ा है। जनसंख्या के हिसाब से सड़कों पर गाड़ियां भी अधिक हो गई हैं। हल्की बरसात में सड़कों पर पानी बहने लगता है, हल्की तूफान से बिजली कट जाती है। रांची शहर के विकास कार्यों में तेजी के साथ-साथ हर पहलुओं पर पैनी नजर रखने की आवश्यकता है। हम सभी लोग एकजुट होकर ही विकास कार्यों को मूर्त रूप दे सकेंगे। समस्याओं का समाधान आपसी समन्वय और समझदारी दिखाकर करें तभी चीजें सुधरेंगी।

विकास परियोजनाओं में लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई सुनिश्चित

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि रांची शहर में विभिन्न विकास परियोजना का शिलान्यास आज 84 करोड़ रुपए की लागत से हो रहा है। मेरा मानना है कि इन विकास परियोजनाओं की राशि का सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह राशि हजार करोड़ के बराबर हो सकती है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास परियोजनाओं पर लापरवाही करने वाले लोगों को किसी भी हाल में बक्शा नहीं जाएगा। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

संक्रमण काल में राज्यवासियों ने धैर्य का परिचय दिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के गरीब-गुरबा, मजदूर वर्ग के लोग हतोत्साहित न हो इस हेतु राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। राज्यवासी एवं रांचीवासियों ने संक्रमण काल में धैर्य का परिचय दिया है। यहां के लोग इस हेतु धन्यवाद के पात्र हैं। सभी लोगों के सहयोग से संक्रमण काल में राज्य को विकट परिस्थिति से बचाया गया है। आने वाली चुनौतियों के लिए भी हमसबों को तैयार रहने की आवश्यकता है। 

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Jul 23 2021, 15:36

अध्यादेश लाकर नागरिक रक्षा उत्पादन का निगमीकरण के रास्ते आयुध कारखानों के निजीकरण के खिलाफ विरोध दिवस

  



रांची: भारत सरकार द्वारा नागरिक रक्षा उत्पादन का निगमीकरण के रास्ते आयुध कारखानों का निजीकरण करने और इसका विरोध कर रहे कामगारों का दमन करने के लिए  आवश्यक प्रतिरक्षा सेवा अध्यादेश (इडीएसओ) लागू किए जाने के खिलाफ आज देशव्यापी विरोध दिवस का कार्यक्रम झारखंड मे भी  आयोजित किया गया.

सीटू एटक एक्टू इंटक एचएमएस और एआईयुटीयुसी, बेफी समेत विभिन्न श्रमिक फेडरेशनो ने भी इस विरोध कार्रवाई मे हिस्सा लिया. ट्रेड यूनियनों के राज्य मुख्यालयों को मिली अब तक की सूचना के अनुसार झारखंड मे 400 से ज्यादा औधोगिक और सरकारी संस्थानों  जिनमे कोयला, इस्पात, बैंक, बीमा, राज्य व केंद्र सरकार के दफ्तरों, आंगनवाड़ी केंद्रों और विभिन्न कल-कारखानों के कार्य स्थलों पर मजदूरों - कर्मचारियों ने कोविड - 19 के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए विरोध दिवस मनाया. राजधानी रांची मे मेन रोड स्थित बेफी कार्यालय के समक्ष कार्यक्रम आयोजित किया गया.

  

इस अवसर पर सीटू के राज्य महासचिव प्रकाश विप्लव, बेफी के एम एल सिंह, अनिर्वान बोस, कनक रंजन, विजय वर्मा और सुमंत कुमार साहू समेत दर्जनों लोग मौजूद थे. इस मौके पर हुई सभा को संबोधित करते हुए एम एल सिंह ने कहा कि मोदी सरकार अपने निजीकरण के एजेंडे पर चलते हुए आयुध कारखानों को कई टुकड़ों में बांटकर निगमीकरण के माध्यम इन कारखानों के नेटवर्क के निजीकरण और आयुध कारखाना बोर्ड को खत्म करने के सरकार के कदम के खिलाफ रक्षा उत्पादन कर्मचारियों और श्रमिकों के एकजुट संघर्ष को रोकने के लिए केंद्र सरकार द्वारा अध्यादेश की जल्दबाजी में घोषणा की गयी  है।

सीटू के प्रकाश विप्लव ने कहा कि हाल ही में, केंद्र की भाजपा सरकार ने आयुध निर्माण बोर्ड के तहत संचालित 44 आयुध कारखानों को उनके अंतिम निजीकरण का मार्ग प्रशस्त करने के लिए निगमित करने का विनाशकारी निर्णय लिया है।  रक्षा उत्पादन कर्मचारियों के सभी संघ लंबे समय से कई एकजुट आंदोलनों के माध्यम से सरकार के इस तरह के विनाशकारी कदम का पुरजोर विरोध कर रहे हैं और आयुध कारखानों के नेटवर्क को निगमित करने का सरकार का यह हालिया निर्णय रक्षा के संयुक्त मंच को अक्टूबर 2020 में सरकार द्वारा कर्मचारी संघो को दिए गए आश्वासन का पूर्ण उल्लंघन है।रक्षा कर्मचारी संघों के संयुक्त मंच ने पहले ही सरकार के उक्त विनाशकारी निर्णय का विरोध करने का निर्णय लिया है. 

30 जून 2021 को लाया गया आवश्यक रक्षा सेवा अध्यादेश 2021 की घोषणा राष्ट्रीय हितों की रक्षा में रक्षा-उत्पादन श्रमिकों के एकजुट संघर्ष को रोकने की चाल है और पूरी तरह से निंदनीय है।

सीटू  रक्षा उत्पादन श्रमिकों और उनके संघों के एकजुट संघर्षों को पूरा समर्थन देता है और सरकार से अध्यादेश को वापस लेने और आयुध कारखानों के निगमीकरण जैसे  विनाशकारी कदम से बचने का आगाह करता है। 

Ranchi

Jul 23 2021, 15:02

टोक्यो में आज हो रहा ओलंपिक गेम्स का आगाज, सिमडेगा के सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में भी चीयर फॉर इंडिया का लग रहा नारा

  



जापान की राजधानी टोक्यो में आज 32 वां ओलंपिक गेम्स का उद्घाटन किया जा रहा है। जिसमें भारत के 122 एथलीट भाग ले रहे हैं। इस दल में भारतीय महिला हॉकी टीम में सिमडेगा जिला की बेटी सलीमा टेटे, खूंटी की बेटी निक्की प्रधान एवं तीरंदाजी टीम में झारखंड की दीपिका कुमारी भी भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।  ओलंपिक में गए भारतीय टीम के उत्साहवर्धन के लिए पूरा देश अपने अपने स्तर से कार्यक्रम कर रहा है। 

ओलंपिक में गई सलीमा टेटे सहित पूर्व ओलंपियन माइकल किंडो एवं सिलबानुश डुंगडुंग की जन्मस्थली सिमडेगा जिला में भी हॉकी सिमडेगा के द्वारा भारतीय टीम को उत्साहवर्धन के लिए लगातार कई कार्यक्रम किए जा रहे हैं।आज उद्घाटन के दिन भी अहले सुबह हॉकी सिमडेगा के पदाधिकारियों के साथ सिमडेगा जिला के सुदूरवर्ती गांव में भविष्य के ओलंपियानो ने प्रभात फेरी निकालकर हाथो में तिरंगा झंडा एवम हॉकी स्टिक लेकर चीयर फॉर इंडिया... चक दे इंडिया..., ,हम सभी की शुभकामना है इंडिया को गोल्ड लामा है...,,निक्की दीदी को गोल बचाना है,सलीमा दीदी को गोल मारना है,भारत को गोल्ड जिताना है,  इत्यादि का नारा लगाते हुए भारतीय दल का जोश भरने का प्रयास कर रहे है।जिसका वीडियो फुटेज बनाकर हॉकी सिमडेगा के द्वारा हॉकी टीम के पास टोक्यो भेजा गया।

  

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से हॉकी सिमडेगा के मनोज कोनबेगी,कमलेवार मांझी,दीपक माझी,रघुनाथ बेसरा के साथ हॉकी एवम तीरंदाजी खिलाड़ी थे।भारतीय महिला हॉकी टीम का पहला मैच कल 24जुलाई को रात्रि 8.45pm को नीदरलैंड के साथ तथा पुरुष टीम का मैच भी कल 10Am को न्यूजीलैंड के साथ है। 

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Jul 23 2021, 13:43

कोरोना काल मे ऑन लाइन श्रद्धालु घर बैठे अपने नाम व गोत्र के अनुसार पहाड़ी बाबा का कर सकते है विशेष पूजन या रूद्राभिषेक

  



रांची: भोलेनाथ का प्रिय मास सावन 25 जुलाई से आरंभ हो रहा है। सावन के दिनों में रांची के पहाड़ी मंदिर में प्रतिदिन हजारों की भीड़ उमड़ती है। घंटों लाइन में खड़े होने के बाद पहाड़ी बाबा का दर्शन हो पाता है। खासकर सोमवारी में रविवार देर रात से ही भीड़ जुटने लगती है। विहंगम नजारा देखने को मिलता है। कोरोना संक्रमण के कारण यह दूसरा साल है जब श्रद्धालु पहाड़ी बाबा का दर्शन नहीं कर पाएंगे। हालांकि, इससे मायूस होने की जरूरत नहीं है। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए पहाड़ी मंदिर विकास समिति ने ऑनलाइन दर्शन के साथ पूजन की भी व्यवस्था की है। श्रद्धालु घर बैठे अपने नाम व गोत्र के अनुसार पहाड़ी बाबा का विशेष पूजन या रूद्राभिषेक करा सकते हैं।

पहाड़ी मंदिर के आधिकारिक वेबसाइट पर पैसा जमा करें, पंडित करा देंगे पूजा

  

मंदिर के कोषाध्यक्ष अभिषेक आनंद के अनुसार पहाड़ी बाबा के देश-विदेशों में लाखों भक्त हैं। कई ऐसे भक्त हैं जो सावन में निश्चित रूप से रुद्राभिषेक कराते हैं। श्रद्धालुओं की आस्था को देखते हुए ऑनलाइन पूजन की व्यवस्था की गई है। यही नहीं श्रद्धालु खुद अपने नाम से पूजा होते देख भी सकते हैं। विशेष पूजन के लिए 101 रुपये जबकि रुद्राभिषेक के लिए 1101 रुपये तय किया गया है। इसके लिए पहाड़ी मंदिर की वेबसाईट पहाड़ीमंदिररांची.कॉम पर जाकर अपनी इच्छानुसार राशि जमा कर सकते हैं। राशि जमा करने के बाद नियत समय पर मंदिर के पंडित पूजा संपन्न करा देंगे। विशेष पूजा में 11 बिल्वपत्र और एक लोटा गंगाजल पहाड़ी बाबा को अर्पित किया जाएगा। जबकि रूद्राभिषेक में बाबा को दूध, गंगाजल, सुगंधित पुष्प आदि अर्पित किया जाएगा। मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालु के सर्व मंगल की कामना की जाएगी।

भीड़ रोकने के लिए तैनात रहेंगे दंडाधिकारी

सावन में मंदिर परिसर में भीड़ न हो इसको लेकर दंडाधिकारी के साथ पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेंगे। मंदिर का मुख्य गेट नहीं खुलेगा। सरकारी पूजा में सिर्फ सीमित लोगों को ही शामिल होने की अनुमति दी जाएगी। 

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Jul 23 2021, 12:55

झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक संजीव सिंह को दुमका से धनबाद जेल वापस लाने का दिया आदेश

  



रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने पूर्व विधायक संजीव सिंह को दुमका जेल से धनबाद जेल वापस लाने का आदेश दिया है। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दो सप्ताह में निचली अदालत के आदेश के अनुपालन करने का आदेश दिया है। निचली अदालत ने संजीव सिंह को दुमका से धनबाद जेल वापस लाने का आदेश दिया था।

इस मामले में अदालत ने दोनों पक्षों की ओर से बहस पूरी होने के बाद पांच जुलाई को फैसला सुरक्षित रख लिया। शुक्रवार को अदालत ने संजीव सिंह को दुमका जेल से धनबाद जेल वापस लाने का निर्देश दिया।

  

पूर्व में सुनवाई के दौरान अधिवक्ता चंचल चैन ने अदालत को बताया था कि विचाराधीन कैदी को किसी दूसरी जेल में भेजने से पहले संबंधित निचली अदालत से अनुमति लेना अनिवार्य है। लेकिन इस मामले में बिना निचली अदालत के अनुमति के ही संजीव सिंह को धनबाद जेल से दुमका जेल भेज दिया गया। संजीव सिंह को दुमका भेजने के बाद सरकार की ओर से निचली अदालत से अनुमति मांगी गई, लेकिन कोर्ट ने उनके आवेदन खारिज कर संजीव सिंह को वापस धनबाद जेल लाने का आदेश दिया। इसके बाद भी संजीव सिंह को दुमका जेल में ही रखा गया है। निचली अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं करना अवमानना है। इस मामले में संजीव सिंह व सरकार दोनों याचिका दाखिल की है।