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Jun 09 2021, 19:10

ममता ने किसान नेताओं के आंदोलन का समर्थन करने का आश्वासन दिया
  


कोलकाता : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को राकेश टिकैत और युद्धवीर सिंह के नेतृत्व में आए किसान नेताओं को नए केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ उनके आंदोलन को समर्थन देने का आश्वासन दिया. तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ने यहां किसान नेताओं के साथ बैठक में कहा कि एक ऐसा मंच होना चाहिए जहां राज्य नीतिगत विषयों पर बातचीत कर सकें।

उन्होंने कहा कि राज्यों को निशाना बनाना (बुलडोजिंग) संघीय ढांचे के लिए अच्छी बात नहीं है. उत्तर भारत के किसान संगठनों के नेताओं से इस मुलाकात से कुछ दिन पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने घोषणा की थी कि पार्टी पश्चिम बंगाल की भौगोलिक सीमाओं के बाहर अपना प्रभाव बढ़ाएगी।

टिकैत और सिंह की अगुवाई वाले भारतीय किसान यूनियन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले ‘भाजपा को कोई वोट नहीं' अभियान चलाया था. उनकी आने वाले समय में अन्य राज्यों के चुनावों में भी इसी तरह की योजना है।

ममता बनर्जी ने किसान नेताओं से मुलाकात के बाद कहा, ‘‘किसानों के आंदोलन को समर्थन रहेगा. भारत पूरी उत्सुकता से ऐसी नीतियों का इंतजार कर रहा है जिनसे कोविड-19 से लड़ने में, किसानों और उद्योगों की सहायता करने में मदद मिल सकती है.'' 

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘किसानों से बात करना इतना मुश्किल क्यों है?'' वह दरअसल केंद्र सरकार और किसानों के बीच वार्ता रुकने की ओर इशारा कर रही थीं जो संसद द्वारा पारित तीन कृषि विधेयकों के खिलाफ कई महीने से दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाले हैं. ममता बनर्जी ने कहा, ‘‘स्वास्थ्य क्षेत्र से लेकर किसानों और उद्योगों, सभी क्षेत्रों के लिए भाजपा का शासन अनर्थकारी रहा है. हम प्राकृतिक और राजनीतिक दोनों तरह की आपदाओं का सामना कर रहे हैं.'' 

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान नेताओं ने उनसे अनुरोध किया है कि वह किसानों के विषयों पर अन्य राज्यों के नेताओं से बात करें और किसान संगठनों के साथ संवाद आयोजित करें.  उन्होंने कहा, ‘‘किसान आंदोलन केवल पंजाब, हरियाणा या उत्तर प्रदेश के लिए नहीं है. यह पूरे देश के लिए है.'' ममता बनर्जी ने यह भी कहा कि राज्यों के लिए जरूरी है कि मिलकर नीतिगत विषयों पर चर्चा करें तथा अन्याय के खिलाफ खड़े रहें। 

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Jun 09 2021, 18:06

नारद मामला : सीबीआइ को गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज जमा करने का निर्देश
  


कोलकाता:  कलकत्ता हाइकोर्ट ने सीबीआइ को गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज हाइकोर्ट में जमा करने का निर्देश दिया है. गौरतलब है कि सीबीआइ की ओर से हाइकोर्ट में कहा गया है कि नारद मामले में जिस दिन सीबीआइ ने चारों हेवीवेट नेताओं को गिरफ्तार किया था. उस दिन काफी हंगामा हुआ था. सीबीआइ चारों नेताओं को लेकर निजाम पैलेस पहुंची थी, उसकी थोड़ी देर बाद मुख्यमंत्री वहां पहुंच गयीं और फिर थोड़ी देर में ही निजाम पैलेस के बाहर हजारों लोगों की भीड़ एकत्रित हो गयी. 

मुख्यमंत्री की उपस्थिति व लोगों की भीड़ के कारण सीबीआइ अपनी कार्रवाई नहीं कर पायी. इसके साथ ही सीबीआइ ने दावा किया है कि विरोध प्रदर्शन की वजह से निचली अदालत में न्याय व्यवस्था प्रभावित हुई थी. हालांकि, राज्य सरकार व बचाव पक्ष ने निचली अदालत में न्याय व्यवस्था के प्रभावित होने की बात को सिरे से नकार दिया है. 

बचाव पक्ष का कहना है कि चारों नेताओं की गिरफ्तारी के दिन निजाम पैलेस के बाहर भले ही विरोध प्रदर्शन हो रहा था, लेकिन कार्यालय के अंदर सभी कार्य स्वाभाविक रूप से हो रहे थे. साथ ही उन्होंने कहा कि बैंकशॉल कोर्ट में भी किसी प्रकार का विरोध प्रदर्शन नहीं हुआ था. राज्य सरकार व फिरहाद हकीम ने अपने हलफनामे में सीसीटीवी फुटेज देखने का आवेदन किया था. इस पर बुधवार को सुनवाई करते हुए हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल, न्यायाधीश इंद्र प्रसन्न मुखर्जी, न्यायाधीश हरीश टंडन, न्यायाधीश सौमेन सेन व न्यायाधीश अरिजीत बंद्योपाध्याय की वृहत्तर बेंच ने सीबीआइ को अब गिरफ्तारी के दिन का सीसीटीवी फुटेज जमा करने का निर्देश दिया है.

मुख्यमंत्री व कानून मंत्री का हलफनामा स्वीकार करने से किया इंकार

कलकत्ता उच्च न्यायालय के वृहत्तर बेंच ने बुधवार को नारद मामले की सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री और कानून मंत्री का हलफनामा स्वीकार करने से इंकार कर दिया. कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल की अगुवाई वाली पांच सदस्यीय वृहत्तर पीठ में सुनवाई के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कानून मंत्री मलय घटक की ओर से राकेश द्विवेदी नाम के अधिवक्ता ने हलफनामा दाखिल करने का आवेदन किया. 

हालांकि केंद्र सरकार के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसका विरोध किया और कहा कि इसकी जमा करने की अवधि खत्म हो चुकी है. इसके बाद मुख्य कार्यकारी न्यायाधीश राजेश बिंदल ने कहा कि हलफनामा दाखिल करने की अनुमति नहीं दी जायेगी. फिलहाल एक पक्ष का तर्क पूरा हो चुका है. इसलिए नये सिरे से हलफनामा दाखिल करने का कोई औचित्य नहीं है. राकेश द्विवेदी ने कहा कि गत दो जून को अतिरिक्त हलफनामा दाखिल किया गया था. आखिर हम लोग क्यों दाखिल नहीं कर सकते हैं. इसके बाद तुषार मेहता ने कहा कि जब मैं न्यायालय में अपना पक्ष रख रहा था, तब मैंने इन नेताओं के पक्ष में हलफनामा  

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Jun 09 2021, 18:02

न्यूटाउन में शूटआउट, दो बदमाशों की मौत, एक पुलिस कर्मी जख्मी
  


-एसटीएफ की तलाशी के दौरान बदमाशों ने की फायरिंग

-जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने चलायी गोली, दो की मौत

कोलकाता । विधाननगर कमिश्नरेट अंतर्गत न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में शूटआउट की घटना हुई. गुप्त सूचना के आधार पर राज्य पुलिस की एसटीएफ की टीम सापुर्जी इलाके में छापेमारी के लिए पहुंची थी, उसी दौरान एक आवासन में तलाशी के दौरान ही दो बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी. जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ ने भी गोलियां चलायी, जिसमें दो बदमाशों की मौत हुई है. वहीं, एक पुलिस कर्मी भी गोली लगने से जख्मी हुआ है. उसे सॉल्टलेक के गैर सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है. 

जानकारी के मुताबिक, सवा तीन बजे की घटना है. मृतकों के नाम जयपाल गुल्लर और जसबीर जर्सी बताये गये हैं. दोनों ही पंजाब के मोस्ट वांटेड थे. दोनों काफी दिनों से छिपे थे. गुप्त सूचना के आधार पर राज्य एसटीएफ ने न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में एक आवासन में छापेमारी की. बदमाशों ने पुलिस पर ही फायरिंग शुरू कर दी. पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की. दोनों तरफ से गोलियां चली. .दो बदमाशों की मौत हुई है. एक पुलिस कर्मी जख्मी हुए है. 

एसटीएफ के मुताबिक, बीरभूम के सिउड़ी से कुछ दिनों पहले ही बड़े पैमाने पर विस्फोटक जब्त की गयी थी, तो उसी दौरान जांच पड़ताल में पता चला था कि पंजाब के दो मोस्ट वांटेड न्यूटाउन के सापुर्जी इलाके में छिपे है, जिनसे ही इनका तार जुड़ा हुआ है. इसके बाद ही एसटीएफ तलाशी करने गयी थी. फिलहाल राज्य एसटीएफ की टीम, विधाननगर की पुलिस घटनास्थल पर तलाशी अभियान चला रहे है.  मौके पर टेकनोसिटी थाने की पुलिस भी पहुंची है. इधर, अधिकारियों का अनुमान है कि उक्त आवासन में और भी बदमाश छिपे हो सकते है. तलाशी कर पुलिस पूरे मामले की तफ्तीश में जुटी है. 

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Jun 09 2021, 17:59

पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य व उनकी पत्नी को नर्सिंग होम से मिली छुट्टी
  



कोलकाता. पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य को कोलकाता के एक नर्सिंग होम से बुधवार को छुट्टी दे दी गई.इस नर्सिंग होम में उनका कोविड-19 के बाद हुई समस्याओं के लिए इलाज चल रहा था.डॉक्टरों ने बताया कि उनकी पत्नी मीरा भट्टाचार्य को भी छुट्टी दे दी गई है.उन्हें भी इसी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था।

नर्सिंग होम के एक वरिष्ठ डॉक्टर ने बताया कि पूर्व मुख्यमंत्री की हालत स्थिर है.डॉक्टर ने कहा, ‘‘उनकी एंटीबॉडी रिपोर्ट और अन्य मानक ठीक हैं लेकिन उन्हें घर में भी दवाएं लेते रहने की जरूरत है. '' उन्होंने बताया कि भट्टाचार्य (77) सीओपीडी के मरीज हैं और उनके लिए अपनी सेहत का अच्छे से ध्यान रखना जरूरी है।

उन्होंने कहा, ‘‘हमारे डॉक्टर परिवार के संपर्क में रहेंगे और भट्टाचार्य और उनकी पत्नी दोनों की सेहत पर ध्यान रखेंगे.'' पूर्व मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी पिछले महीने कोरोना वायरस से संक्रमित पाए गए थे और उन्हें संक्रमण मुक्त होने के बाद दो जून को अस्पताल से छुट्टी दी गयी थी.इसके बाद उन्हें कोविड-19 के बाद की समस्याओं के इलाज के लिए नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था. 

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Jun 09 2021, 17:55

राज्य की अनुमति के बिना मामला शुरू नहीं कर सकती सीबीआइ, कोयला व गौ तस्करी के आरोपी विनय मिश्रा की याचिका पर सुनवाई के दौरान अभिषेक मनु सिंघवी ने रखा पक्ष
  



कोलकाता । पश्चिम बंगाल सरकार ने वर्ष 2018 में एक निर्देशिका जारी की थी, जिसके अनुसार सीबीआइ को यहां किसी के खिलाफ मामला शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी होगी. सीबीआइ स्वयं किसी के खिलाफ एफआइआर दर्ज नहीं कर सकती. ऐसी ही दलील कोयला व गौ तस्करी के आरोपी विनय मिश्रा की ओर से मामले की पैरवी करते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हाइकोर्ट में दी।

 बुधवार को हाइकोर्ट के न्यायाधीश तीर्थंकर घोष की एकल पीठ पर मामले की सुनवाई हुई. मामले की सुनवाई के दौरान अपने मुवक्किल विनय मिश्रा का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सीबीआइ को उनके मुवक्किल के खिलाफ मामला शुरू करने से पहले राज्य सरकार की अनुमति लेनी चाहिए थी, लेकिन सीबीआइ ने ऐसा नहीं किया।

हालांकि, मामले में अभिषेक मनु सिंघवी अभी अपना पक्ष रख रहे हैं. बुधवार को हाइकोर्ट ने इस बारे में कोई फैसला नहीं सुनाया. गुरूवार को भी मामले की सुनवाई हाइकोर्ट में जारी रहेगी।

गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में कोयला और पशु तस्करी मामले में आरोपी विनय मिश्रा ने कोरोना का हवाला देते हुए कलकत्ता हाईकोर्ट से मामले की सुनवाई वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए करने की अपील की थी, जिस पर बुधवार को सुनवाई हुई।

आरोपी विनय मिश्रा ने अपनी अंतरिम जमानत की अवधि बढ़ाने की भी मांग की है. विनय मिश्रा के वकील की दलील है कि वह फिलहाल इस देश का निवासी नहीं हैं. कहा जा रहा है कि उसने भारत सरकार से अपनी नागरिकता रद्द करने की अपील की है. विनय मिश्रा ने 2018 से प्रशांत महासागर के एक द्वीप वानुअतु की नागरिकता हासिल कर ली है. यह जानकारी सीबीआई के हाथ भी लगी है और इस मामले में जांच एजेंसी ने विदेश मंत्रालय से भी संपर्क साधा है।

गौरतलब है कि विनय मिश्रा फिलहाल कोयला मामले में अंतरिम जमानत पर हैं. चूंकि उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया गया है. उल्लेखनीय है कि सीबीआई लंबे समय से व्यवसायी विनय मिश्रा पर मवेशी तस्करी और कोयले की तस्करी में शामिल होने का आरोप लगाते रही है. अधिकारियों के अनुसार, मवेशियों और कोयले की तस्करी का बड़ा पैसा विनय मिश्रा के माध्यम से प्रभावशाली लोगों के पास जाता था. सीबीआई ने दावा किया है कि वह इस तस्करी के गिरोह में से एक है. इंटरपोल को रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने के बाद भी वे विनय को नहीं पकड़ सके। 

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Jun 04 2021, 21:14

এক ছাত্রীকে  খারাপভাবে করে মারধর, বাড়ির শিক্ষক গ্রেপ্তার,শনিবার আদালতে হাজির করা হবে
  



হাওড়া।  এক ছাত্রীকে খারাপভাবে মারধর করার জন্য পুলিশ বাড়ির শিক্ষককে গ্রেপ্তার করেছে।  অভিযুক্ত শিক্ষকের নাম পঙ্কজ আইচ।  ঘটনাটি বালির নিশ্চন্দ থানার অন্তর্গত রাজাপুরের প্রফুল্ল নগর এলাকা থেকে ভুক্তভোগীর নাম সায়ন্তিকা জানা।  

তিনি তৃতীয় শ্রেণির ছাত্রী।  তথ্য মতে, সায়ন্তিকা বৃহস্পতিবার সন্ধ্যায় পড়াশোনা করতে গিয়েছিলেন।  সেখান থেকে বাড়ি ফিরে তিনি কাঁদতে শুরু করলেন।  তিনি বাবা সঞ্জীব জানাকে বলেছিলেন যে ওই শিক্ষক তাকে মারধর করেছেন।  মেয়ের মুখে ক্ষতের চিহ্ন দেখে পুরো পরিবার হতবাক হয়ে গেল।  বাবা অভিযুক্ত শিক্ষকের বিরুদ্ধে থানায় অভিযোগ দায়ের করেছেন।  

অভিযোগটি নিবন্ধ হওয়ার সাথে সাথে পুলিশ বিষয়টি তদন্ত শুরু করে এবং অভিযুক্ত শিক্ষককে গ্রেপ্তার করেছে।  অভিযুক্তকে শনিবার হাওড়া আদালতে হাজির করা হবে। 

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Jun 04 2021, 21:04

রাজ্যের চিটফান্ড মামলার বিচারের ক্ষেত্রে বড়সড় পদক্ষেপ করছে কলকাতা হাইকোর্ট
  


কলকাতা : রাজ্যের চিটফান্ড মামলার বিচারের ক্ষেত্রে বড়সড় পদক্ষেপ করছে কলকাতা হাইকোর্ট। এখন থেকে এই মামলাগুলি শুনবে ভারপ্রাপ্ত প্রধান বিচারপতির ডিভিশন বেঞ্চ।শুক্রবার একটি বেসরকারি অর্থলগ্নী  সংস্থার মামলা একথা জানান ভারপ্রাপ্ত প্রধান বিচারপতি রাজেশ বিন্দাল। 
লগ্নিকারীদের আইনজীবী অরিন্দম দাস জানান,বেসরকারি অর্থলগ্নী সংস্থা গুলিতে টাকা রেখে প্রতারিত হওয়া রাজ্যের কোটি কোটি মানুষকে ক্ষতিপূরণ পাওয়ার ব্যবস্থা করতে দ্রুত মামলা শোনার জন্য ২০১৫ সালের ডিসেম্বর মাসে তৎকালীন প্রধান বিচারপতি মঞ্জুলা চেল্লুরের  ডিভিশন বেঞ্চ বিশেষ বেঞ্চ গঠন করে দিয়েছিল।তারপর থেকে সেই বেঞ্চেই মূলত টাকা ফেরানো, সম্পত্তি বিক্রি, সম্পত্তির হিসেব নিকেষ সহ চিটফান্ড সংক্রান্ত বিভিন্ন বিষয়ের মামলার শুনানি হত। বর্তমানে ভারপ্রাপ্ত প্রধান বিচারপতি রাজেশ বিন্দাল শুক্রবার যাবতীয় মামলার শুনানির জন্য নিজে উদ্যোগী হলেন। এদিন ভারপ্রাপ্ত প্রধান বিচারপতি জানান, যে কোন চিটফান্ড সংস্থার যাবতীয় মামলা এখন থেকে তিনি শুনবেন। যদিও এতে আপত্তি জানান কেন্দ্রের অতিরিক্ত সলিসিটর জেনারেল। তার বক্তব্য ছিল একই সঙ্গে জনস্বার্থ মামলা, অন্যদিকে সেই প্রতিষ্ঠানেরই ধৃতদের জামিনের মামলা সব একসঙ্গে কি করে শোনা সম্ভব?তাতে আমল না দিয়ে প্রধান বিচারপতি জানিয়ে দেন, এখন থেকে প্রতিদিন কিছু কিছু করে এই মামলা তিনি শুনবেন।
এক ছাতার তলায় একটি বেআইনি সংস্থার বিরুদ্ধে থাকা যাবতীয় অভিযোগের নিষ্পত্তির সুযোগ থাকলে তা প্রতারিতদের জন্য ইতিবাচক বলে মনে করছেন হাইকোর্টের আইনজীবীরা। এতে দীর্ঘদিন ঝুলে থাকা মামলাগুলি দ্রুত নিষ্পত্তি হবে বলেও ধারণা তাদের। 

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Jun 04 2021, 21:01

টিএমসির সভা: বিজেপির কেন্দ্রীয় নেতৃত্বের 'প্রতিহিংসামূলক রাজনীতি' মোকাবেলা করার জন্য কৌশল তৈরি করা হবে
  

 
কলকাতা : পশ্চিমবঙ্গে সদ্য সমাপ্ত বিধানসভা নির্বাচনে তৃণমূল কংগ্রেসের ব্যাপক জয়ের পরে শনিবার দলটির প্রথম সাংগঠনিক সভা অনুষ্ঠিত হতে পারে, "বিজেপির কেন্দ্রীয় নেতৃত্বের প্রতিহিংসা রাজনীতি" র বিরুদ্ধে লড়াইয়ের কৌশল বের করতে হবে।
 
শুক্রবার টিএমসির একজন প্রবীণ নেতা বললেন যে বিজেপি নেতৃত্বাধীন কেন্দ্রের উগ্রপন্থী মনোভাবের বিরুদ্ধে লড়াই করার কৌশলটিতে দল জোর দেবে।  তিনি দাবি করলেন যে বিজেপির কেন্দ্রীয় নেতৃত্ব গণতান্ত্রিকভাবে নির্বাচিত মমতা বন্দ্যোপাধ্যায় সরকারকে হয়রানিতে লিপ্ত রয়েছে।

মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়, সুব্রত বকশি, সৌগতা রায়, শোভনদেব চট্টোপাধ্যায়, মহুয়া মৈত্র এবং দল যুব শাখার প্রধান অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় পাশাপাশি দলের প্রচার উপদেষ্টা প্রশান্ত কিশোর সহ সকল প্রবীণ টিএমসির নেতারা বৈঠকে অংশ নেবেন বলে আশা করা হচ্ছে।
 বৈঠকটি কলকাতার ভবানীপুর বিধানসভা আসন থেকে ব্যানার্জি যেখান থেকে প্রতিদ্বন্দ্বিতা করবেন বলে আশা করা হচ্ছে, আসন্ন উপনির্বাচনের জন্য দলের কৌশল নিয়েও ইচ্ছাকৃত হবে।

 টিএমসি নেতারা বলেছেন, এই বৈঠকে কীভাবে রাজনৈতিক নেতৃত্বের সাথে কেন্দ্রীয় নেতৃত্বের দ্বারা রাজ্য আমলাতন্ত্রকে লক্ষ্য করে রাজনৈতিক নেতৃত্বের হয়রানির প্রয়াস নিয়ে আলোচনা করা হবে, প্রদেশের প্রাক্তন মুখ্যসচিব আলাপন বন্দ্যোপাধ্যায় পোল-পোষ্ট সহিংসতার ঘটনা।  সূত্র জানিয়েছে যে টিএমসিকে হয়রানি করার প্রচেষ্টার দিকে জনসাধারণের দৃষ্টি আকর্ষণ করতে জনসাধারণের অভিযানে আলোচনা হওয়ার কথা রয়েছে।

সভার ঘূর্ণিঝড় ইয়াসের পরে মানুষকে সহায়তা করার জন্য সদ্য ঘোষিত দুয়ারে ট্রান (আপনার দ্বারপ্রান্তে ত্রাণ) সহ রাজ্য সরকার বাস্তবায়িত পার্টির উন্নয়নমূলক কাজের ইস্যুতেও বৈঠকে ইচ্ছাকৃত সম্ভাবনা রয়েছে।  তিনি বলেছিলেন যে মুখ্যমন্ত্রী, দলের যুব শাখার প্রধান অভিষেক বন্দ্যোপাধ্যায় এবং প্রবীণ নেতা সুব্রত বকশি কীভাবে এই সমাজকল্যাণ কর্মসূচি বাস্তবায়িত করতে এবং ঘূর্ণিঝড় এবং কোভিড দ্বারা ক্ষতিগ্রস্থ দরিদ্রদের সহায়তা করবেন সে বিষয়ে গাইড করবেন। 

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Jun 04 2021, 20:59

ভারতীয় রেলপথের পরিবেশ সুরক্ষায় রেলের গুরুত্বপূর্ণ ভূমিকা
  


 
কলকাতা : পরিবেশ রক্ষায় রেলের অবদান অত্যন্ত গুরুত্বপূর্ণ।  ভারতীয় রেলপথ বিশ্বের বৃহত্তম সবুজ রেলপথ হয়ে উঠতে মিশন মোডে কাজ করছে।  এই পর্বে রেল বৈদ্যুতিকরণ, ট্রেনের র‌্যাক পরিবর্তন, এইচওজি, বায়ো টয়লেট ইত্যাদির দিকনির্দেশনায় পূর্ব রেলওয়ে প্রচুর কাজ সম্পাদন করেছে।  বিদ্যুতায়নের ক্ষেত্রে ঐতিহাসিক পদক্ষেপ গ্রহণ করে রেলপথ মন্ত্রক ভারতীয় রেলপথের সমস্ত প্রধান লাইনকে বিদ্যুতায়িত করার সিদ্ধান্ত নিয়েছে এবং এখন মিশন মোডে কাজ করছে। 

ভারতীয় রেলপথ বিশ্বের বৃহত্তম সবুজ রেলপথ হওয়ার দিকে এগিয়ে চলেছে।  ২০৩০ সালের মধ্যে 'শূন্য কার্বন ইমিটার' হওয়ার লক্ষ্য নির্ধারণ করা হয়েছে।  ভারতীয় রেলের এই উচ্চাভিলাষী পদক্ষেপকে সফল করার জন্য পূর্ব রেলওয়ের দ্বারা সম্ভাব্য সকল প্রচেষ্টা করা হচ্ছে।  

সামগ্রিকভাবে প্রাপ্ত তথ্য অনুযায়ী, জাতীয় সবুজ ট্রাইব্যুনাল কর্তৃক মনোনীত সমস্ত ৪৩ স্টেশনগুলির জন্য আইএসও ১৪০০১ শংসাপত্র সম্পন্ন হয়েছে।  ৩৬ টি স্টেশন এবং ৯৪ টি পণ্য শেডকে অত্যাধুনিক সুযোগ-সুবিধা দিয়ে সজ্জিত করা হয়েছে।  

পুরো জোনে সৌর প্যানেল দ্বারা ২.৭ মিলিয়ন (কেডব্লুএইচ) সৌর শক্তি উত্পাদিত হয়েছে।  হাওড়া বিভাগে সোলার পাওয়ার জেনারেশন, হাওড়া অর্থোপেডিকের ছাদ সোলার ওয়াটার হিটার, হাওড়া স্টেশন এবং লিলুয়া ওয়ার্কশপ চালু করা হয়েছে।  

হাওড়ায় প্রতিদিন এক টন সার প্লান্ট স্থাপন করা হয়েছে এবং শিয়ালদহে দৈনিক ৫০০ কেজি ধারণ ক্ষমতা রয়েছে।  হাওড়া, শিয়ালদা, আসানসোল ও মালদা বিভাগের বিভিন্ন স্টেশনে প্লাস্টিকের বোতল ক্রাশিং মেশিন বসানো হয়েছে। 

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Jun 04 2021, 20:47

টিকা কেন্দ্রের বাইরে লড়াইয়ে একজন গ্রেপ্তার,বৃহস্পতিবার ভ্যাকসিন দেওয়ার বিষয়টি নিয়ে তৃণমূল-বিজেপি সমর্থকদের মধ্যে সংঘর্ষ হয়েছিল
  


 হাওড়া।  জবিপুরের পুলগাস্টিয়ান স্বাস্থ্য কেন্দ্রে টিকাদানের সময় তৃণমূল ও বিজেপি সমর্থকদের মধ্যে সহিংস সংঘর্ষ, গুলি চালানো ও বোমা ফেলার মামলায় পুলিশ একজন অভিযুক্তকে গ্রেপ্তার করেছে, যদিও এই ঘটনার মূল আসামি এখনও পুলিশি জিম্মার বাইরে রয়েছে।  গ্রেপ্তারকৃত আসামির নাম ইসরাফিল মল্লিক এবং প্রধান আসামির নাম শেখ মোশাররফ।  মূল আসামির সন্ধান চলছে।  

গ্রেপ্তারকৃত আসামিকে শুক্রবার হাওড়ার সিজেএম আদালতে হাজির করা হয়।  ম্যাজিস্ট্রেট তাকে চার দিনের জন্য পুলিশ হেফাজতে প্রেরণ করেন।
 
কি ছিল মামলা -
বৃহস্পতিবার জবিপুরের পুলগুস্তিয়ান স্বাস্থ্য কেন্দ্রে এই ভ্যাকসিন দেওয়া হচ্ছে।  বিপুল সংখ্যক গ্রামবাসী এসেছিলেন।  এদিকে, বিজেপি সমর্থকরা খবর পেয়েছিলেন যে তৃণমূল নেতারা উক্ত স্বাস্থ্যকেন্দ্রে তাদের পরিচিতদের কয়েকজনকে ফোন করে ভ্যাকসিন দিচ্ছেন।  এর পরে বহু বিজেপি সমর্থক স্বাস্থ্যকেন্দ্রে পৌঁছেছিলেন।  ভ্যাকসিন নিয়ে দুই পক্ষের মধ্যে সংঘর্ষ হয়েছে।  


হিংস্র সংঘর্ষের সূত্রপাত  উভয় পক্ষ থেকে বোমা হামলা ও বিমান চালানো হয়।  এই ঘটনার একটি ভিডিও ভাইরালও হয়েছে।  ভিডিওটি ধরা পড়ে পুলিশ।  ফুটেজ দেখার পরে, সকলকে চিহ্নিত করা হয়েছিল এবং একজনকে গ্রেপ্তার করা হয়েছিল।