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Jun 01 2021, 10:27

Coronavirus India: देश में 8 अप्रैल के बाद सबसे कम केस दर्ज,  पिछले 24 घंटों में 1 लाख 27 हजार नए मामले आए

  


    : देश में कोरोना वायरस महामारी के नए मामलों में अब गिरावट दर्ज की जा रही है. देश में पिछले 24 घंटों में कोरोना के एक लाख 27 हजार 510 नए मामले सामने आए हैं. बड़ी बात यह है कि देश में आखिरी बार कोरोना के एक लाख 27 से कम मामले 13 अप्रैल को आए थे.

तब देश में कोरोना के एक लाख 26 हजार मामले दर्ज किए गए थे. कल कोरोना से 2795 लोगों की मौत हो गई. हालांकि दो लाख 55 हजार 287 लोग ठीक हुए हैं. जानिए देश में कोरोना के ताजा आंकड़े क्या हैं.

कुल केस- दो करोड़ 81 लाख 75 हजार 44
कुल डिस्चार्ज- दो करोड़ 59 लाख 47 हजार 629
कुल मौत- तीन लाख 31 हजार 895
कुल एक्टिव केस- 18 लाख 95 हजार 520
कुल टीकाकरण- 21 करोड़ 60 लाख 46 हजार 638
  

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Jun 01 2021, 10:19

UP Police SI Bharti 2021: UP पुलिस की 9500 एसआई भर्ती के लिए आवेदन की तिथि बढ़ी, जानिए पूरी डिटेल्स

  


UP Police SI Bharti 2021: कोरोना महामारी को देखते हुए, यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड द्वारा 9500 एसआई भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि को बढ़ा देने का फैसला लिया गया है।

UP Police SI Recruitment 2021: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्न्ति बोर्ड (UPPRPB), लखनऊ ने उप निरीक्षक भर्ती के लिए महत्वपूर्ण नोटिस जारी किया है। जिन उम्मीदवारों ने आवेदन किया है और जिन उम्मीदवारों ने अभी तक अप्लाई नहीं किया है, वे इसे जरूर पढ़ें। यह भर्ती कुल 9534 पदों पर भर्ती के लिए निकाली गई है। इससे पहले आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 अप्रैल से 30 मई तक की थी। अब इसे बढ़ाकर 15 जून, 2021 कर दिया गया है।

जिन उम्मीदवारों ने अभी तक आवेदन नही किया है वे लोग अब 15 जून, 2021 से पहले आफिशिय़ल बेवसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। एसआई पदों की भर्ती के लिए यूपी पुलिस की ओर आवेदन की प्रक्रिया 25 फरवरी, 2021 से शुरू हो गई थी।

आवेदन करने के लिए उम्मीदवार सबसे पहले बेवसाइट uppbpb.gov.in पर जाएं और यूपी पुलिस एसआई भर्ती 2021 लिंक पर क्लिक करें।
इसके बाद नया पेज खुलने पर आपसे आवश्यक विवरण मांगा जाएगा जिसे भरने के बाद उसे रजिस्टर करने के लिए अपना ईमेल आईडी और मोबाइल नंबर प्रदान करें।
इसके बाद आपको ओटीपी भेजा जाएगा जिसे दर्ज करके, सत्यापन कोड टाइप करें, घोषणा की जांच करें और जमा करें।

इसके बाद आवेदन प्रक्रिया को पूरा करें और संबंधित दस्तावेज़ को पूछे गए अनुसार अपलोड करें। शुल्क भुगतान के सफलतापूर्वक पूरा होने पर, आपके पंजीकृत मेल आईडी पर एक रसीद भेजी जाएगी। अंतिम जमा करने के लिए आवेदन की पुष्टि करें और जमा करें।
   

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Jun 01 2021, 10:16

UP में कोरोना टीकाकारण का महाअभियान आज से, जून में एक करोड़ वैक्सीनेशन का लक्ष्य

  


लखनऊ। वैश्विक महामारी कोरोना वायरस संक्रमण के खिलाफ कोरोना वैक्सीन एक बड़ा हथियार है। उत्तर प्रदेश सरकार भी प्रदेश के हर नागरिक को इस हथियार से लैस करने की तैयारी में हैं। प्रदेश में वैसे तो एक मई से बड़े स्तर पर वैक्सीनेशन चल रहा है, लेकिन महाअभियान मंगलवार से शुरू होगा।

उत्तर प्रदेश सरकार का लक्ष्य जून में एक करोड़ लोगों के वैक्सीनेशन का है। वैक्सीन के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए आज सरकार मिशन जून का आगाज करने जा रही है। मिशन जून अभियान के तहत 30 दिन में कम से कम एक करोड़ से लोगों को वैक्सीन लगाने का लक्ष्य है।

जून में एक करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन का लाभ देने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार ने छह हजार वैक्सीनेशन सेंटर बनाए हैं।

सभी अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि समाज के सभी वर्गों, विशेष रूप से आर्थिक आॢथक रूप से कमजोर वर्ग के लेगों को बिना परेशानी के टीका लगाया जाए। जून में प्रदेश में ड्राइवर, वेंडर, और रिक्शा चालकों के लिए 15 से खास वैक्सीन अभियान चलाया जाएगा। यह ऐसा वर्ग है जिन्हेंं लगातार अपने काम के सिलसिले में कई लोगों से मिलना होता है। लखनऊ में मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ कम से कम चार स्थान पर टीकाकरण अभियान का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि जून के महीने में हमारा लक्ष्य एक करोड़ लोगों को वैक्सीन की खुराक देना है। अपने इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए हमारे पास पर्याप्त वैक्सीन है। प्रदेश में युद्ध स्तर पर इसकी तैयारी की गई है। स्वास्थ्य अधिकारियों को केंद्र सरकार और वैक्सीन निर्माता कंपनियों के लगातार संपर्क में रहने को भी कहा है जिससे वैक्सीन की सप्लाई पर असर ना पड़े।

प्रदेश में मार्च से चरणवार शुरू कोरोना वैक्सीनेशन के तहत अब तक वैक्सीन की 1,83,32,104 डोज दी जा चुकी है। 34,80,181 लोगों को वैक्सीन की दोनों खुराक दी जा चुकी है। कम से कम एक खुराक प्राप्त करने वालों में से लगभग दो-तिहाई 45 वर्ष और उससे अधिक आयु वर्ग के हैं। 18-44 आयु वर्ग में 34 लाख से अधिक लोगों को टीके की कम से कम एक खुराक मिली है। लखऊ में सर्वाधिक 9.16 लाख लोगों को वैक्सीन लगी है। गौतमबुद्ध नगर में 6.19 लाख, कानपुर नगर में 5.88 लाख, गाजियाबाद में 5.82 लाख, मेरठ में 5.77 लाख, प्रयागराज में 5.76 लाख, वाराणसी में 5.18 लाख और गोरखपुर में 5.15 लाख इससे लाभान्वित हैं।
    

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Jun 01 2021, 10:02

1 June: देश में मानसून की एंट्री, आज बंगाल, झारखंड, बिहार में होगी बारिश, UP में चलेगी धूल भरी आंधी, जानें दिल्ली, केरल समेत अन्य राज्यों का हाल

  


स्काईमेट वेदर रिपोर्ट की मानें मानसून का प्रवेश केरल की ओर से भारत में हो गया है. इसी के साथ गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड के जमशेदपुर, ओडिशा के तटीय हिस्सों और पूरे पूर्वोत्तर भारत में पिछले 24 घंटे में अच्छी वर्षा हुई है.

आज भी बंगाल समेत पूरे पूर्वोत्तर राज्य में भारी बारिश की संभावना है. साथ ही साथ बिहार, झारखंड के कुछ हिस्सों में भी बारिश होगी.

स्काईमेट की मानें तो इन सबके अलावा महाराष्ट्र और उत्तर भारत के कुछ हिस्से जैसे पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी आज गरज के साथ वर्षा होनी की प्रबल संभावना है. इस दौरान धूल भरी आंधी भी चलेगी. वहीं, दक्षिण भारत के राज्य केरल, तटीय कर्नाटक में भी तेज बारिश की संभावना जतायी गयी है.

रांची, झारखंड
अधिकतम तापमान: 33
न्यूनतम तापमान: 23
वर्षा : 72
हवा: 13 किमी प्रति घंटा

पटना, बिहार
अधिकतम तापमान: 35
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 5
हवा: 10 किमी प्रति घंटा

लखनऊ, उत्तरप्रदेश
अधिकतम तापमान: 37
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 3
हवा: 14 किमी प्रति घंटा

कोलकाता, पश्चिम बंगाल
अधिकतम तापमान: 34
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 99
हवा: 15 किमी प्रति घंटा

भोपाल, मध्यप्रदेश
अधिकतम तापमान: 35
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 5
हवा: 15 किमी प्रति घंटा

रायपुर, छत्तीसगढ़
अधिकतम तापमान: 38
न्यूनतम तापमान: 29
वर्षा : 5
हवा: 17 किमी प्रति घंटा

भुवनेश्वर, ओडिशा
अधिकतम तापमान: 38
न्यूनतम तापमान: 29
वर्षा : 6
हवा: 20 किमी प्रति घंटा

दिल्ली
अधिकतम तापमान: 35
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 14
हवा: 14 किमी प्रति घंटा

जयपुर, राजस्थान
अधिकतम तापमान: 38
न्यूनतम तापमान: 27
वर्षा : 4
हवा: 16 किमी प्रति घंटा

चंडीगढ़, हरियाणा
अधिकतम तापमान: 37
न्यूनतम तापमान: 25
वर्षा : 2
हवा: 12 किमी प्रति घंटा

लुधियाना, पंजाब
अधिकतम तापमान: 32
न्यूनतम तापमान: 25
वर्षा : 60
हवा: 28 किमी प्रति घंटा

देहरादून, उत्तराखंड
अधिकतम तापमान: 33
न्यूनतम तापमान: 22
वर्षा : 3
हवा: 13 किमी प्रति घंटा

शिमला, हिमाचल प्रदेश
अधिकतम तापमान: 21
न्यूनतम तापमान: 15
वर्षा : 5 प्रतिशत
हवा: 10 किमी प्रति घंटा

श्रीनगर, जम्मू-कश्मीर
अधिकतम तापमान: 28
न्यूनतम तापमान: 13
वर्षा: 45
हवाः 14
  

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Jun 01 2021, 09:52

RBI ने एक और बैंक का लाइसेंस किया रद्द, 98 परसेंट डिपॉजिटर्स को वापस मिलेगी उनकी पूरी रकम

  


नई दिल्ली: Reserve Bank of India (RBI) ने महाराष्ट्र के एक और सहकारी बैंक का लाइसेंस कैंसिल कर दिया है. RBI ने इस बार खराब वित्तीय हालत को देखते हुए महाराष्ट्र के शिवाजीराव भोसले सहकारी बैंक (Shivajirao Bhosale Sahakari Bank) का लाइसेंस रद्द किया है.

RBI की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 31 मई 2021 को क्लोजिंग के बाद से बैंक को अपना कामकाज बंद करना होगा. हालांकि अच्छी बात ये है कि बैंक की ओर से जमा किए गए डाटा के मुताबिक उसके 98 परसेंट से ज्यादा डिपॉजिटर्स को उनका पूरा पैसा वापस मिल जाएगा.

ये पैसा उन्हें Deposit Insurance and Credit Guarantee Corporation (DICGC) के तहत मिलेगा. सहकारी बैंक में 71,000 लोगों का 5 लाख रुपये का फिक्स्ड डिपॉजिट है, जबकि 8000 डिपॉजिटर्स ऐसे हैं जिन्होंने 5 लाख रुपये से ज्यादा जमा किया है.

RBI ने बताया है कि महाराष्ट्र को-ऑपरेटिव सोसाइटीज के रजिस्ट्रार से कहा गया है कि वो बैंक के बंद होने के बारे में एक आदेश जारी करे और एक लिक्विडेटर को भी नियुक्त करे.

RBI ने बैंक का लाइसेंस इसलिए रद्द किया क्योंकि बैंक के पास पर्याप्त पूंजी नहीं थी और न ही कमाई की संभावनाएं. RBI का कहना है कि बैंक का कामकाज जारी रहना उसके डिपॉजिटर्स के हितों के खिलाफ होता. RBI ने कहा कि बैंक की मौजूदा वित्तीय हालत ऐसी नहीं थी कि वो अपने डिपॉजिटर्स को पूरा पैसा वापस कर पाता, अगर बैंक को उसका कामकाज आगे भी जारी रखने की इजाजत दी जाती तो इससे जनहित पर बुरा असर पड़ता.

RBI के आदेश के मुताबिक 'Shivajirao Bhosale Sahakari Bank का लाइसेंस कैंसिल होने के बाद अब वो बैंकिंग से जुड़ा कोई भी काम नहीं कर सकता है, जैसे न तो कोई डिपॉजिट ले सकता है न तो डिपॉजिट पेमेंट दे सकता है.' लाइसेंस कैंसिल होने के बाद लिक्विडेशन की प्रक्रिया की शुरुआत होगी, इसके बाद डिपॉजिटर्स को उनके पैसे वापस करने का प्रोसेस शुरू किया जाएगा. लिक्विडेशन में सभी डिपॉजिटर्स को उनके जमा पर डिपॉजिट इंश्योरेंस क्लेम अमाउंट मिलेगा. DICGC एक्ट 1961 के तहत 5 लाख रुपये तक की रकम वापस की जाएगी.
  

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Jun 01 2021, 09:47

देश में आज से इन सात नियमों में होने जा रहा है बदलाव, आम आदमी की जेब पर पड़ेगा सीधा असर

  


नई दिल्ली: देश में आज यानी 1 जून 2021 से सात बड़े बदलाव होने जा रहे हैं. इन बदलावों में रसोई गैस सिलिंडर के दाम, हवाई सफर का किराया, बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा बदला गया चेक से पेमेंट का तरीका, गूगल फोटोज की अनलिमिटेड स्टोरेज और आयकर विभाग का नया ई-फाइलिंग वेब पोर्टल शामिल हैं.

1. पीएफ अकाउंट को आधार से लिंक करना अनिवार्य
प्रोविडेंट फंड यानी पीएफ से जुड़े नियमों में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है. नए नियम के मुताबिक हर खाताधारक का पीएफ खाता आधार से लिंक होना चाहिए. इस काम की जिम्मेदारी नियोक्ता की होगी कि वो अपने कर्मचारियों से कहे कि वे अपना पीएफ आधार से वेरिफाई करवाएं. ये नया नियम 1 जून से लागू होगा. EPFO ने इस बारे में एंप्लॉयर्स के लिए नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है. नौकरी देने वाली कंपनी यानी एंप्लॉयर ऐसा नहीं कर पाती है तो इससे सब्सक्राइबर के खाते में एंप्लॉयर का योगदान रोका जा सकता है. साथ ही सब्सक्राइबर्स का UAN भी आधार से वेरिफाइड होना जरूरी है.

2. इनकम टैक्स ई-फाइलिंग की साइट
इनकम टैक्स विभाग का ई-फाइलिंग पोर्टल 1 से 6 जून तक काम नहीं करेगा. आयकर विभाग 7 जून को टैक्सपेयर्स के लिए इनकम टैक्स ई-फाइलिंग का नया पोर्टल लॉन्च करेगा. अभी यह पोर्टल है www.incometaxindiaefiling.gov.in . वहीं ITR भरने की आधिकारिक वेबसाइट 7 जून 2021 से बदल जाएगी. 7 जून से ये www.INCOMETAX.GOV.IN हो जाएगी.

3. बैंक ऑफ बड़ौदा में 1 जून से लागू होगा पॉजिटिव पे सिस्टम
बैंक ऑफ बड़ौदा के ग्राहक ध्यान रखें कि बैंक में आज से चेक से पेमेंट का तरीका बदलने वाला है. बैंक अपने ग्राहकों के लिए 'पॉजिटिव पे कन्फर्मेशन' शुरू कर रहा है जिसमें चेक जारी करने वाले को उस चेक से जुड़ी कुछ जानकारी इलेक्ट्रॉनिक तरीके से भुगतान करने वाले बैंक को देनी होगी. यह जानकारी SMS, मोबाइल ऐप, इंटरनेट बैंकिंग या ATM के जरिए दी जा सकती है. ग्राहकों को पॉजिटिव पे सिस्टम के तहत चेक की डिटेल्स को तभी रिकन्फर्म करना होगा, जब वे 2 लाख रुपए या इससे ज्यादा के बैंक चेक जारी करेंगे.
  

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Jun 01 2021, 09:41

WHO ने दुनियाभर में मिले कोविड स्ट्रेन का किया नामकरण, भारत में मिले वैरिएंट को कहा जाएगा 'Delta'

  


नई दिल्ली, 1 जून। कोरोना वायरस के सामने आ रहे अलग-अलग वैरिएंट को लेकर विवाद के बीच अब विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने SARS-CoV-2 के प्रमुख वैरिएंट को सरल भाषा में पुकारने और याद रखने के लिए विभिन्न वैरिएंट का नाम करणकर दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने महामारी की शुरुआत के बाद से दुनिया के विभिन्न हिस्सों में खोजे गए कोरोना स्ट्रेन के नामों को व्यापक रायशुमारी और समीक्षा के बाद तय किया है।

भारत में पहली बार अक्टूबर 2020 में खोजे गए कोरोना वायरस स्ट्रेन B.1.617.2 को अब डब्ल्यूएचओ ने 'डेल्टा' नाम दिया है। इसका मतलब है कि वैरिएंट को अब कोरोना वायरस का 'डेल्टा' स्ट्रेन कहा जाएगा।

इसके अलावा पिछले साल अक्टूबर में भारत में पहली बार पाए जाने वाले एक अन्य स्ट्रेन (B.1.617.1) को 'कप्पा' नाम दिया गया है। कोरोना वैरिएंट के नामकरण के लिए डब्ल्यूएचओ ने दुनियाभर के एक्सपर्ट ग्रुप को विचार करने के लिए कहा था।

इस ग्रुप में वह लोग भी शामिल थे जिन्हें सिस्टम का एक्सपर्ट कहा जाता है। इसके अलावा नामकरण करने वाले ग्रुप में नॉमनक्लेचर, वायरस टॉक्सोनॉमिक एक्सपर्ट, रिसर्चर्स और राष्ट्रीय प्राधिकरण भी इसमें शामिल थे। भारत के अलावा पिछले साल सितंबर 2020 में ब्रिटेन में पाए गए कोरोना स्ट्रेन को 'अल्फा' नाम दिया गया है। वहीं साउथ अफ्रीका में मिले वैरिएंट कान नाम 'बीटा' रखा गया है। आपको बता दें कि बीते साल नवंबर 2020 में ब्राजील मिले कोरोना स्ट्रेन को डब्ल्यूएचओ की टीम ने 'गामा' नाम दिया था।

इसके अलावा अमेरिका में मिले कोविड स्ट्रेन को 'एप्सिलॉन' कहा गया, जबकि फिलीपींस में इस साल जनवरी में मिले स्ट्रेन का नाम 'थीटा' रखा है। बता दें कि भारत में मिले कोरोना वायरस स्ट्रेन को लेकर काफी विवाद हो चुका है। इस महीने की शुरुआत में भारत सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को एक एडवाइजरी जारी की थी, जिसमें उन्होंने बी.1.617.2 स्ट्रेन को 'भारतीय संस्करण' के रूप में संदर्भित करने वाली सभी पोस्ट को हटाने के लिए कहा था। इसी तरह के निर्देश सिंगापुर में अधिकारियों द्वारा सोशल मीडिया पर वायरस के 'सिंगापुर संस्करण' के संदर्भ में जारी किए गए थे।
  

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Jun 01 2021, 09:37

ब्रिटेन में कोरोना की तीसरी लहर की शुरुआत, भारतीय मूल के वैज्ञानिक ने दी सरकार को चेतावनी

  


लंदन: ब्रिटिश सरकार को परामर्श दे रहे भारतीय मूल के एक मशहूर वैज्ञानिक ने इस बात के संकेत देते हुए चेतावनी दी है कि ब्रिटेन कोरोना वायरस संक्रमण की तीसरी लहर के प्रारंभिक चरण में हैं. साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री बॉरिस जॉनसन से 21 जून से लॉकडाउन हटाने की योजना को कुछ हफ्ते के लिए टालने की अपील की है.

बीबीसी ने सोमवार को खबर दी कि सरकार के 'न्यू एंड इमर्जिंग रेस्पिरेटरी वायरस थ्रेट एडवाइजरी ग्रुप (नर्वटैग) के सदस्य और कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय के प्रोफेसर रवि गुप्ता ने कहा कि वैसे तो नये मामले अपेक्षाकृत कम हैं लेकिन कोविड-19 के बी.1.617 स्वरूप ने (संक्रमण के) 'तेजी से बढ़ने ' की आशंका को बल दिया है. ब्रिटेन में रविवार को लगातार पांचवें दिन कोविड-19 के 3000 से अधिक नये मामले सामने आये थे.

गुप्ता ने प्रधानमंत्री से 21 जून से लॉकडाउन हटाने की योजना को कुछ हफ्ते के लिए टालने की अपील भी की. देश में कोविड-19 के कुल मामले 4,499,939 तक पहुंच गये हैं और अब तक 1,28,043 मरीजों ने अपनी जान गंवायी है. गुप्ता ने कहा कि ब्रिटेन पहले से तीसरी लहर की गिरफ्त में है और तीन चौथाई नये मामलों में कोरोना वायरस का वह स्वरूप मिला है जो भारत में सामने आया.

उन्होंने कहा, 'वाकई, फिलहाल मामले तो कम हैं लेकिन सभी लहरें कम आंकड़े से ही शुरू होती हैं, लेकिन बाद में वे विस्फोटक हो जाती हैं, इसलिए यह अहम तत्व है कि हमें यहां जो दिख रहा है वह शुरूआती लहर है.' उन्होंने कहा कि लेकिन ब्रिटेन में जितने लोगों को टीका लगा है, उस हिसाब से शायद इस लहर को पिछली लहरों की तुलना में सशक्त रूप से सामने आने में वक्त लगेगा.
  

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Jun 01 2021, 09:31

आपकी जेब में पड़ा 500 रुपये का नोट नकली तो नहीं. RBI ने बताया- कैसे करें असली-नकली की पहचान

  


Reserve bank of India Annual Report 2021: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की एनुअल रिपोर्ट में जाली नोटों को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. आरबीआई और अन्य बैंकों द्वारा पकड़े गए 5.45 करोड़ से ज्यादा के नकली नोट इस बात की तस्दीक करते हैं कि देश में जाली नोटों का कारोबार चलता रहा है.

RBI की रिपोर्ट के मुताबिक वित्तीय वर्ष 2020-21 में 5.45 करोड़ रुपये से ज्यादा के नकली नोट पकड़े गए हैं. कुल 2,08,625 नकली नोट पकड़े गए हैं, जिनमें से 8107 नोट यानी करीब 4 फीसदी जाली नोट RBI ने पकड़े हैं, जबकि अन्य बैंकों ने 2,00,518 नोट यानी करीब 96 फीसदी जाली नोट पकड़े हैं.

इन कुछ महत्‍वपूर्ण संकेतों को ध्‍यान में रखें
संकेत- नोट को किसी लाइट के सामने रखने पर यहां 500 लिखा हुआ दिखता है.
संकेत- आंख के सामने 45 डिग्री के एंगल पर नोट रखेंगे तो यहां 500 लिखा दिखेगा.
संकेत- यहां पर देवनागरी में 500 लिखा होता है.
संकेत- पुराने नोट से तुलना करें तो महात्मा गांधी की तस्वीर का ओरिएंटेशन और पोजिशन थोड़ा अलग है.
संकेत- नोट को हल्का मोड़ेंगे तो सिक्योरिटी थ्रीड का कलर हरा से नीला हो जाता है.
संकेत- पुराने नोट की तुलना में गवर्नर के सिग्नेचर, गारंटी क्लॉज, प्रॉमिस क्लॉज और RBI का लोगो दाहिनी तरफ शिफ्ट हो गया है.
संकेत- यहां महात्मा गांधी की तस्वीर है और इलेक्ट्रोटाइप वाटरमार्क भी है.
संकेत- 8 ऊपर में बाईं तरफ और नीचे सबसे दाहिनी तरफ दर्ज नंबर बाएं से दाएं की तरफ बड़े होते जाते हैं.
संकेत- यहां लिखे नंबर 500 का रंग बदलता है. इसका कलर हरा से नीला हो जाता है.
संकेत- 10 दाहिनी तरफ अशोक स्तम्भ है.दाहिनी तरफ सर्कल बॉक्स जिसमें 500 लिखा है.

नोट के पीछे की तरफ ये प्रमुख पहचान चिह्न
नोट की छपाई का साल लिखा हुआ है.
सेंटर की तरफ लैंग्वेज पैनल है.
स्लोगन के साथ स्वच्छ भारत का लोगो मुद्रित है.
भारतीय ध्वज के साथ लाल किले की तस्वीर छपी है.
देवनागरी में 500 मुद्रित है.

भारतीय करेंसी में दृष्टिबाधितों के लिए भी कुछ विशेष पहचान चिह्न होते हैं, जिन्हें वे स्पर्श से पहचान सकते हैं. 500 रुपये के नोट में अशोक स्तम्भ के प्रतीक, महात्मा गांधी की तस्वीर, ब्लीड लाइन और पहचान चिन्ह खुरदरे से मुद्रित हैं, जिन्हें दृष्टिबाधित व्यक्ति छूकर महसूस कर सकते हैं.
  

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Jun 01 2021, 09:25

नौकरी करने वालों के लिए आई अच्छी खबर, 6 करोड़ लोगों को EPFO ने फिर से दी ये सुविधा, दोबारा उठा सकते हैं लाभ

  


PF News Latest: पीएफ खाताधारकों के लिए कोरोना काल में एक राहत भरी खबर है. कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने कोविड महामारी की दूसरी लहर के दौरान अपने ग्राहकों को सहयोग देने के लिए अपने सदस्यों को दूसरे नन-रिफंडेबल (गैर-वापसी) कोविड-19 एडवांस का लाभ उठाने की अनुमति दी है. बता दें कि मार्च, 2020 में प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना (PMGKY) के अंतर्गत कोरोना महामारी के दौरान मदद के लिए किया था.

इसके तहत ईपीएफ सब्सक्राइबर्स की वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए विशेष निकासी का प्रावधान किया गया था. इस विषय में श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि योजना, 1952 में संशोधन करके सरकारी गजट में अधिसूचना जारी कर इस प्रावधान को जोड़ा गया था.

ईपीएफ सब्सक्राइबर्स तीन महीने के लिए मूल वेतन और महंगाई भत्ते की सीमा तक या ईपीएफ खाते में सदस्य की जमा राशि का 75 फीसदी तक (जो भी कम हो) निकाल सकते हैं. यह अधिकतम निकासी की सीमा है. खाताधारक चाहें तो कम राशि के लिए भी आवेदन कर सकते हैं. यह गैर-वापसी योग्य निकासी होगी, यानी इस एडवांस की रकम को वापस नहीं करना होगा.

महामारी के दौरान कोविड-19 एडवांस के जरिये ईपीएफओ अपने सदस्यों की बड़ी मदद कर रहा है. खासकर उनलोगों के लिए, जिनका मासिक वेतन 15,000 रुपए से कम है. ईपीएफओ ने अब तक 76.31 लाख कोविड एडवांस दावों का निपटारा किया है और कुल 18,698.15 करोड़ रुपए वितरित किए गए हैं.

पीआईबी की विज्ञप्ति के मुताबिक, कोविड-19 महामारी की दूसरी लहर के दौरान हाल में ‘म्यूकरमाइकोसिस’ या ब्लैक फंगस को महामारी घोषित किया गया है. ऐसे कठिन समय में ईपीएफओ का प्रयास अपने सदस्यों की मदद करना रहा है ताकि सदस्य अपनी वित्तीय आवश्यकताएं पूरी कर सकें.

पहला कोविड-19 एडवांस का लाभ उठाने वाले सदस्य दूसरे कोविड-19 एडवांस का विकल्प भी चुन सकते हैं. दूसरे कोविड-19 एडवांस का प्रावधान और प्रक्रिया पहले एडवांस की तरह ही है. संकट के समय में सदस्यों के लिए वित्तीय सहयोग की आवश्यकता पर विचार करते हुए कोविड-19 दावों को उच्च प्रथमिकता देने का निर्णय लिया गया है.

श्रम और रोजगार मंत्रालय के मुताबिक, दावों की प्राप्ति के तीन दिनों के अंदर उन्हें निपटाने के लिए संकल्पबद्ध है. EPFO ने इसके लिए ऐसे सभी सदस्यों के संबंध में एक प्रणाली संचालित ऑटो-क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया की तैनाती की है, जिनकी केवाईसी आवश्यकताएं सभी दृष्टि से पूर्ण हैं. दावों के निपटान के लिए ऑटो-मोड व्यवस्था बनाई गई है. पहले जहां ईपीएफओ को 20 दिनों के भीतर दावे निपटाने होते थे, अब महज 3 दिन में निपटान संभव हो जा रहा है.