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May 22 2021, 10:40

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सीरम ने भारत में टीकाकरण में आई रूकावट का ठीकरा सरकार के सिर फोड़ा, एसआईआई के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर ने कहा- स्टॉक जाने बगैर दी गई वैक्सीनेशन की इजाजत

भारत बुरी तरह से कोरोना वायरस से जूझ रहा है। वहीं दूसरी ओर महामारी की दूसरी लहर के दौरान कोरोना टीकों की घोर किल्लत की वजह से टीकाकरण अभियान रूका हुआ है। कहीं 18+ वालों को वैक्सीन नहीं मिल रही तो कहीं 45+ को इंतजार करना पड़ रहा है।दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनियों में से एक सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के कार्यकारी निदेशक सुरेश जाधव ने इन हालात का ठीकरा सरकार के ही सिर फोड़ दिया है।

सरकार ने स्टॉक जाने बगैर दी टीकाकरण की इजाजतत
सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर सुरेश जाधव ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार ने वैक्सीन के स्टॉक के बारे में जाने बगैर और विश्व स्वास्थ्य संगठन की गाइडलाइन्स पर विचार किए बिना कई आयु वर्गों के लिए टीकाकरण की इजाजत दे दी। 
एक हेल्थ एडवोकेसी प्लेटफार्म की तरफ से आयोजित वर्चुअल सेमिनार में सीरम के सुरेश जाधव ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना ये आकलन किए कि भारत में कितनी वैक्सीन उपलब्ध है और इसे लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्या गाइडलाइंस हैं, कई आयुवर्ग के लोगों को वैक्सीनेशन की मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि देश को डबल्यूएचओ के दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और इसी के अनुसार प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जाना चाहिए। 

टीका लगने के बाद भी लोग संक्रमित हो रहे, इसलिए सावधानी बरते
सुरेश जाधव ने आगे कहा कि शुरू में 30 करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जानी थी, जिसके लिए 60 करोड़ खुराक की जरूरत थी, मगर हमारे इस लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही यह जाने बगैर कि हमारे पास कितनी वैक्सीन उपलब्ध है, सरकार ने पहले 45 साल से ऊपर के और फिर 18 साल से अधिक उम्र के सभी लोगों के लिए टीकाकरण के दरवाजे खोल दिए।
उन्होंने कहा, 'यह सबसे बड़ा सबक हमने सीखा। हमें प्रोडक्ट की उपलब्धता को ध्यान में रखना चाहिए और फिर उसका विवेकपूर्ण उपयोग करना चाहिए।' जाधव ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि टीकाकरण जरूरी है, मगर टीका लगने के बाद भी लोग संक्रमण की चपेट में हैं, इसलिए लोगों को सावधान रहना चाहिए और कोरोना से बचाव नियमों का पालन करना चाहिए। हालांकि भारतीय वेरिएंट के डबल म्यूटेंट को बेअसर कर दिया गया है, फिर भी वेरिएंट टीकाकरण में समस्या पैदा कर सकते हैं।

19.32 करोड़ से अधिक खुराक लगाई गई
बता दें कि देश में अब तक कोविड-19 टीके की 19.32 करोड़ से अधिक खुराक लगाई जा चुकी हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को टीकाकरण अभियान के 126वें दिन टीके की 13,83,358 खुराक दी गईं। मंत्रालय ने बताया कि शुक्रवार को 18-44 साल आयवुर्ग के 6,63,353 लोगों को कोविड-19 टीके की पहली खुर

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May 22 2021, 10:07

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भारत में कोरोना से दिख रही राहत, एक दिन में 3.5 लाख लोग हुए ठीक, मौत के आंकड़ों में कमी नहीं

भारत में बीते कुछ दिनों से कोरोना केस में भले ही बड़ी उछाल नहीं देखने को मिल रही हों, मगर मौत के आंकड़े अब भी भयभीत करने वाले हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को देश में कोरोना के 2 लाख 54 हजार 395 नए मामले दर्ज किए गए हैं। वहीं मौतें एक बार फिर से 4 हजार पार ही हैं। देशभर में बीते 24 घंटे के अंदर कोरोना वायरस की वजह से 4143 लोगों ने दम तोड़ दिया है।

शनिवार को एक दिन में करीब 2 लाख 54 हजार नए केस सामने आने के बाद भारत में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या 2 करोड़ 62 लाख 85 हजार 069 पार कर गई है। हालांकि, इनमें एक्टिव केसों की संख्या 29 लाख 20 हजार 021 है। वहीं अब तक इस खतरनाक वायरस से करीब 2 लाख 95 हजार 508 लोगों की जान चली गई है। भारत में कोरोना की सबसे अधिक तबाही महाराष्ट्र में देखने को मिल रही है, जहां 86 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

संक्रमित मामलों से ज्यादा ठीक हो रहे लोग
राहत की बात है कि देश में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के जितने नए मरीज मिले हैं, उससे कहीं अधिक लोग ठीक हुए हैं। देश में एक दिन में जहां 2 लाख 54 हजार नए मरीज मिले हैं, वहीं इसी दौरान 3 लाख 52 हजार 944 लोगों ने कोरोना को हराया है। शुक्रवार की तुलना में आज कोरोना वायरस के नए केस करीब पांच हजार अधिक मिले हैं। शुक्रवार को करीब 2 लाख 59 हजार 591 नए केस मिले थे। हालांकि, शनिवार को मौत के आंकड़ों में गिरावट आई है। 

एक दिन में 20. 61 लाख नमुनों की जांच
देश में 24 घंटों की अवधि में कोविड-19 का पता लगाने के लिए 20.61 लाख से अधिक नमूनों की जांच की गई, जो एक दिन में सर्वाधिक जांच है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के अनुसार 20 मई तक देश में 32 करोड़ 44 लाख 17 हजार 870 नमूनों की कोरोना वायरस संक्रमण का पता लगाने के लिए जांच की गई, जिनमें 20 लाख 61 हजार 683 नमूनों का परीक्षण गुरुवार को किया गया। 

संक्रमित मामलों में 76.66 प्रतिशत 10 राज्यों में
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि एक दिन में संक्रमित मामलों में 76.66 प्रतिशत मामले 10 राज्यों-तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और असम से आये हैं। सर्वाधिक मामले तमिलनाडु में सामने आए, जिनकी संख्या 35,579 रही। इसके बाद केरल में 30,491 मामले सामने आए।

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May 22 2021, 09:31

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केंद्र ने की मजदूरों लिए महंगाई भत्ते में बढोतरी की घोषणा, डेढ़ करोड़ मजदूरों को ऐसे होगा लाभ

केंद्र सरकार ने कोविड-19 महामारी को देखते हुए श्रमिक वर्ग के लिए अहम निर्णय लेते हुए न्यूनतम मजदूरों की दरों को संशोधित किया है. इससे कोरोना महामारी में आर्थिक मुश्किलों से जूझ रेह डेढ़ करोड़ श्रमिकों को राहत मिलेगी श्रम और रोजगार मंत्रालय रेलवे प्रशासन, माइनिंग, बंदरगाह और तेल क्षेत्र में काम करने वाले मजदूरों लिए परिवर्तनीय महंगाई (VDA) भत्ते में बढोतरी की घोषणा की है. मंत्रालय के इस कदम से देश के लगभग 1.5 करोड़ श्रमिकों को इसका लाभ मिलेगा. 

यह बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2021 से प्रभावी होगी. जो श्रमिक के काम की प्रकृति और भौगोलिक स्थिति के आधर पर प्रति दिन 105 रुपये से 210 रुपये तक होगी. इसका प्रभाव श्रमिकों के न्यूनतम वेतन पर भी होगा. परिवर्तनीय महंगाई (VDA) भत्ता सरकारी कर्मियों के महंगाई भत्ते की तरह ही होता है.

सरकार की संशोधित वेतन अधिसूचना रेलवे प्रशासन, तेल क्षत्रों, प्रमुख बंदरगाहों, खादानों और भारत सरकार द्वारा सभी निगमों से जैसे प्रतिष्ठानों पर लागू होगी. इसका लाभ सभी संविदा और कैजुअल श्रमिकों को भी मिलेगा.  

इससे कुल मिलाकर श्रमिकों को 2000 से 5000 रुपये प्रति महीने का लाभ होने की उम्मीद है. जबकि अकुशल खादान श्रमिकों को 431 रुपये प्रति दिन के हिसाब से मिलेंगे. जो श्रमिक भूमिगत खदानों में काम करने हैं उन्हें प्रतिदिन 539 रुपये की दर से VDA का लाभ मिलेगा. इसके अलावा खदान में काम करने वाले कुशल श्रमिकों को 752 और भूमिगत खदान में काम करने वालें श्रमिकों को 840 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से VDA का लाभ मिलेगा. 

कृषि क्षेत्र और भवन निर्माण क्षेत्र में काम करनेवालें श्रमिकों के VDA में भी संशोधन किया गया है. श्रम मंत्रालय ने कहा है कि स्वीपिंग और सफाई कर्मचारियों के अलावा वार्ड एंड वाच और लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले श्रमिक भी वेतन संशोधन के हकदार हैं.

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May 21 2021, 19:51

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93 साल की पहली भारतीय महिला, जिन्होंने अपना शरीर कोविड रिसर्च के लिए दिया दान

कोरोना बीतते दिन के साथ अपना रूप बदल रहा है। साथ ही समय के साथ और घातक होता जा रहा है। पहली लहर से अळगर इस बार कोरोना की दूसरी लहर में लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। वायरस अलग अलग ततरीके से लोगों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में वायरस पर लगातार रिसर्च हो रहा है। कोरोना मरीज की बॉडी पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसपर रिसर्च में कुछ सामने नहीं आया है। ऐसे में 93 साल की बुजुर्ग महिला ने सरहानीय पहल करते हुए अपना शरीर रिसर्च करने के लिए दान कर दिया है। 

कोलकाता की 93 साल की ट्रेड यूनियन लीडर ज्योत्सना बोस देश की पहली ऐसी महिला बन गई हैं जिनका शरीर मेडिकल रिसर्च के लिए दान किया गया है। इसके जरिए मानव शरीर पर कोरोना वायरस के प्रभाव का पता लगाया जाएगा। 

ज्योत्सना बोस की पोती डॉ तिस्ता बसु ने बताया कि 14 मई को उत्तरी कोलकाता के बेलियाघाटा इलाके के एक अस्पताल में उन्हें भर्ती कराया गया था। जहां 2 दिन कोविड वॉर्ड में उनका इलाज चला, लेकिन वह जिंदगी की जंग हार गई।अपनी मौत से पहले ही उन्होंने अपनी बॉडी कोरोना की रिसर्च के लिए दान करने का निर्णय ले लिया था।

कोविड रिचर्स के लिए अपना शरीर दान करने वाली ज्योत्सना बोस भारत की पहली महिला हैं।हालांकि, उनसे पहले पश्चिम बंगाल के ही रहने वाले ब्रोजो रॉय ने अपना शरीर रिचर्स के लिए दान किया था। ज्योत्सना बोस के बाद कोविड-10 बीमारी से पीड़ित एक अन्य शख्स और नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. विश्वजीत चक्रवर्ती का शव भी अनुसंधान के लिए दान किया गया है और ऐसा करने वाले वह प्रदेश के तीसरे व्यक्ति हुए।

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May 21 2021, 19:01

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टूलकिट मामला: बीजेपी नेताओं के ट्वीट पर ‘मैनिपुलेटेड मीडिया’ टैग से सरकार नाराज, ट्विटर को लिखा पत्र

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा की ओर से टूलकिट वाले ट्वीट को ट्विटर ने “मैन्युप्लेटिड मीडिया” करार दिया है। बताया जा रहा है कि इस पर केंद्र सरकार ने ट्विटर से नाराजगी जताई है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्र सरकार ने इस मामले ट्विटर को पत्र लिखकर कड़ा ऐतराज जताया है। 

दरअसल, ट्विटर ने बीजेपी कुछ नेताओं के ट्वीट्स को जो कि टूलकिट संबंधित थे, उनको ‘तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया’ यानी “मैन्युप्लेटिड मीडिया” करार दिया है। सरकार ने ट्विटर से साफ तौर पर कहा है कि वह इस तरह के टैग को हटाए, जिन्हें पूर्वाग्रह के तहत लगाया है। सरकार की ओर से ट्विटर से कहा गया है कि उसकी भूमिका एक माध्यम के तौर पर है और इसके जरिए उसने फैसला देने का प्रयास किया है, जो गलत है।


ट्विटर की कार्रवाई को पूर्वाग्रह, पूर्वानुमान और सोचे-समझी रणनीति बताया
सूचना एंव प्रसारण मंत्रालय की ओर से पत्र लिखकर कहा गया है कि टूलकिट के मामले में संबंधित पक्षों की ओर से शिकायतें की गई हैं और कानूनी एजेंसियों की ओर से जांच की जा रही है। ऐसे में इस मामले पर ट्विटर की ओर से कोई फैसला देने गलत है। यही नहीं सरकार ने ट्विटर की इस कार्रवाई को पूर्वाग्रह, पूर्वानुमान और सोचे-समझी रणनीति का हिस्सा बताया है ताकि जांच को प्रभावित किया जा सके। मंत्रालय ने ट्विटर को लिखे पत्र में स्पष्ट तौर पर लिखा है, 'मंत्रालय ट्विटर के इस कदम को एकतरफा फैसला और जांच की उचित प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला मानता है। यह अपने अधिकार से बाहर जाने जैसा है, जिसे स्वीकार नहीं किया जा सकता।'

ट्विटर ने 21 मई को बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के एक ट्वीट को ‘मैनिपुलेटेड’ बताया था, यानी संबित पात्रा का ट्वीट तथ्यात्मक रूप से सही नहीं है। दरअसल, संबित पात्रा ने कांग्रेस पर पीएम मोदी की छवि खराब करने के लिए एक कथित टूलकिट बनाने का आरोप लगाया था। संबित पात्रा ने अपने ट्विटर अकाउंट पर एक फोटो शेयर की थी, साथ ही कांग्रेस का एजेंडा बताया था. अब इसी ट्वीट को ट्विटर ने गलत करार दिया है।

क्या है पूरा मामला?
इससे पहले 18 मई को संबित पात्रा ने एक ट्वीट किया था, जिसमें कांग्रेस का लेटरहेड था और उसमें यह बताया गया था कि सोशल मीडिया पर किस तरह ट्वीट और जानकारी साझा करनी है। संबित पात्रा ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि वो एक कथित टूलकिट के सहारे सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि बिगाड़ने का काम कर रही है। उनका कहना था कि कांग्रेस कुछ बुद्धिजीवियों और पत्रकारों की मदद से सरकार के खिलाफ माहौल बनाने का काम कर रही है। उनकी इसी पोस्ट को गुरुवार को ट्विटर ने मैन्युप्लेटिड मीडिया यानी गुमराह करने वाली पोस्ट करार दे दिया था। 

क्या है मैन्युप्लेटिड मीडिया के टैग का मतलब ?<

  • India
     @India   ट्विटर की सिंथेटिक और मैनिपुलेटेड मीडिया पॉलिसी के मुताबिक, ट्विटर ने अपने प्लेटफॉर्म पर पोस्ट किए गए कंटेंट को अगर भ्रामक या तोड़-मरोड़कर पेश किया गया पाता है तो उसे रेड-फ्लैग कर देता है और उस पोस्ट के नीचे मैन्युप्लेटिड मीडिया लिखा होता है। बता दें कि अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान पूर्व प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप के कई ट्वीट्स को भी ट्विटर ने मैनिप्युलेटेड बताया था और बाद में उनका अकाउंट स्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया था। 
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May 21 2021, 16:21

कोरोना काल में आरबीआई अपनी कमाई से सरकार को देगा 99122 करोड़ रुपये, बोर्ड की 589 वीं बैठक में निर्णय
  


 रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सेंट्रल बोर्ड ने 589 वीं बैठक में निर्णय लिया है कि आरबीआई 99122 करोड़ रुपये के सरप्लस राशि को सरकार को ट्रांसफर करेगी। यानी कोरोना काल में सरकार को 99122 करोड़ रुपये मिलेंगे। यह राशि जुलाई 2020 से मार्च 2021 तक का सरप्लस एमाउंट है। अर्थशास्त्री बताते हैं कि आरबीआई की आमदनी का मुख्य जरिया सरकारी बॉन्ड , गोल्ड पर किया गया इन्वेस्टमेंट और विदेशी मार्केट में फोरेक्स और बॉन्ड ट्रेडिंग है। 

इसके अंतर्गत आरबीआई के पास इस बार रिकॉर्ड सरप्लस था क्योंकि पिछले साल बैंक ने गोल्ड और विदेशी मुद्रा बाजार दोनों मार्केटों में वह सक्रिय रहा था। बैंक ने बड़े प्रॉफिट पर डॉलर भी बेचे और मुद्रा बाजार में रेकॉर्ड बॉन्ड भी खरीदे , जिससे उन्हें अच्छा रिटर्न मिला है।

 बता दें कि रिजर्व बैंक को अपनी आय में किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पड़ता। इसलिए अपनी जरूरतें पूरी करने , जरूरी प्रावधान और जरूरी निवेश के बाद जो राशि बचती है वह सरप्लस एमाउंट कहलाता है , जिसे सरकार को देना होता है।
आरबीआई की बोर्ड ने 589 वीं बैठक में सरप्लस एमाउंट 99122 करोड़ रुपये केंद्र सरकार को देने का निर्णय लिया है।

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May 21 2021, 16:08

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ममता बनर्जी अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से लड़ेंगीं उपचुनाव,  विधायक शोभनदेव ने दिया इस्तीफा

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी अब अपनी परंपरागत सीट भवानीपुर से चुनाव लड़कर विधानसभा पहुंचने की तैयारी में हैं। ममता बनर्जी का रास्ता साफ करने के लिए इस सीट से मौजूदा विधायक शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे को विधानसभा के स्पीकर बिमान बनर्जी ने स्वीकार कर लिया है। 

ममता बनर्जी पहले भी भवानीपुर सीट से ही चुनाव लड़ती रही हैं, लेकिन इस बार उन्होंने नंदीग्राम से उतरने का फैसला लिया था। नंदीग्राम में उन्हें अपने ही पुराने सिपहसालार और बीजेपी के नेता शुभेंदु अधिकारी के मुकाबले हार का सामना करना पड़ा था।नंदीग्राम से हार के बावजूद वह मुख्यमंत्री बनी हैं। ऐसे में उन्हें 6 महीने के अंदर विधानसभा की सदस्यता हासिल करनी होगी।

सीएम ममता बनर्जी के लिए अपनी विधायकी छोड़ने के सवाल पर शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा कि यह पार्टी का फैसला है और मैं उसके साथ हूं।' बंगाल सरकार में कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे शोभनदेब चट्टोपाध्याय ने कहा, 'मैं आज भवानीपुर विधानसभा सीट से विधायक के तौर पर अपना पद छोड़ने जा रहा हूं। यह पार्टी के साथ ही मेरा भी फैसला है। मैं इस फैसले से पूरी तरह खुश हूं।'

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May 21 2021, 15:08

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टूलकिट मामले  में संबित पात्रा के ट्विट को ट्विटर ने बताया 'मैनिपुलेटेड मीडिया'

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बदनाम करने से जुड़ी कथित टूलकिट मामले ट्विटर ने बयान जारी किया है। ट्विटर ने उसे 'मैनिपुलेटेड मीडिया' बताया है। बता दें कि 18 मई को भाजपा नेता संबित पात्रा ने एक ट्वीट कर कांग्रेस पर टूलकिट तैयार करने का आरोप लगाया था।


ट्विटर ने क्यों लिया एक्शन?
संबित पात्रा के इस ट्वीट पर माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर ने एक्शन लिया है और इसे मैनिपुलेटेड मीडिया बताया है। ट्विटर की पॉलिसी के मुताबिक, अगर किसी जानकारी को आपने ट्वीट किया है और उसका सोर्स सटीक नहीं है और उसमें उपलब्ध जानकारी भी गलत है तो इस तरह का लेबल लगाया जाता है। ये लेबल वीडियो, ट्वीट, फोटो या अन्य किसी भी कंटेंट पर लगाया जा सकता है। 

पीएम की छवि बिगाड़ने का लगाया था आरोप
संबित पात्रा ने 18 मई को एक ट्वीट किया था, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि कांग्रेस पार्टी एक टूलकिट के जरिए कोरोना संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी की छवि को बिगाड़ने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया था कि महामारी में कांग्रेस गिद्ध राजनीति कर रही है।

बीजेपी नेताओं के अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित करने की मांग
संबित पात्रा समेत बीजेपी नेताओं के इस आरोप के बाद कांग्रेस ने गुरूवार को ट्विटर से लिखित तौर पर कहा था कि वब समाज में गलत जानकारी और अशांति फैलाने के लिए भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा और केन्द्रीय मंत्री स्मृति ईरानी समेत कई बीजेपी नेताओं के अकाउंट को स्थायी रूप से निलंबित कर दें। कांग्रेस ने दावा किया था कि बीजेपी ने जिस कथित टूलकिट के दस्तावेज जारी किए हैं वो फर्जी है।

कांग्रेस की शिकायत के बाद ट्विटर ने अपनी जांच में पात्रा के ट्वीट को 'मैनुपुलेटेड मीडिया' कैटेगरी में मार्क किया है। जिसके तहत उसने इस ट्वीट के नीचे 'तोड़ मोड़ कर दिखाया गया मीडिया' लिखा है।

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May 21 2021, 14:48

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चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा का निधर, कोरोना संक्रमण के कारण चल रहे थे बीमार

पर्यावरणविद् सुंदरलाल बहुगुणा का कोरोना संक्रमण से निधन हो गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार तबीयत खराब होने की वजह से उनका पिछले कुछ दिनों से एम्स ऋषिकेश में इलाज चल रहा था। आज 12 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। 
कोरोना समेत अन्‍य बीमारियों से ग्रसित होने के कारण उन्‍हें 8 मई को एम्‍स में भर्ती कराया गया था। प्रदेश के मुख्‍यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने उनके निधन पर शोक व्‍यक्‍त किया है। सीएम रावत ने कहा कि पहाड़ों में जल, जंगल और जमीन के मसलों को अपनी प्राथमिकता में रखने वाले और रियासतों में जनता को उनका हक दिलाने वाले श्री बहुगुणा जी के प्रयास को सदैव याद राखा जाएगा।

चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता थे बहुगुणा
9 जनवरी 1927 को सिलयारा, उत्तराखंड जन्में सुंदरलाल बहुगुणा एक प्रसिद्ध पर्यावरणविद् और चिपको आंदोलन के प्रमुख नेता थे। पर्यावरण की सुरक्षा के लिए उन्होंने चिपको आंदोलन से लेकर किसान आंदोलन तक का सफर तय किया। 

13 साल की उम्र शुरू किया राजनीतिक सफर
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के अनुयायी बहुगुणा ने 13 वर्ष की उम्र में ही राजनीतिक सफर की शुरुआत कर ली थी। वर्ष 1949 में मीराबेन व ठक्कर बाप्पा से बहुगुणा की मुलाकात हुई। यहीं से उनका आंदोलन का सफर शुरू हुआ। मंदिरों में दलितों को प्रवेश का अधिकार दिलाने के लिए प्रदर्शन करना शुरू किया। समाज के लोगों के लिए काम करने हेतु बहुगुणा ने 1956 में शादी होने के बाद राजनीतिक जीवन से संन्यास लेने का निर्णय लिया और अपनी पत्नी विमला नौटियाल के सहयोग से बहुगुणा ने पर्वतीय नवजीवन मण्डल की स्थापना की।

1970 में शुरू किया चिपको आंदोलन
सुंदरलाल बहुगुणा का मानना था कि पेड़ हमारे जीवन के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। इसलिए उन्होंने 1970 में गढ़वाल हिमालय में पेड़ों को काटने के विरोध में आंदोलन की शुरुआत की। यह विरोध प्रदर्शन पूरे देश में फैल गया। 26 मार्च 1974 में चमोली जिला में जब ठेकेदार पेड़ो को काटने के लिए पधारे तब ग्रामीण महिलाएं पेड़ो से चिप्पकर खड़ी हो गईं। परिणामस्वरूप तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 15 साल के लिए पेड़ो को काटने पर रोक लगा दिया। चिपको आंदोलन की वजह से बहुगुणा विश्व में वृक्षमित्र के नाम प्रसिद्ध हो गए।

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May 21 2021, 14:04

चंद मिनटों में जानिए, देश भर की कुछ अहम खबरें, क्योंकि खबरों से अपडेट रहना है जरूरी
  




पुणे की कंपनी ने कोवीसेल्फ किट बनाई; आप 2 मिनट में जांच कर सकते हैं, 15 मिनट में रिजल्ट दे देगी

बंगाल की खाड़ी में बन रहा लो प्रेशर, फिर आ सकता है अम्फान जैसा चक्रवात, मौसम विभाग ने दी चेतावनी। 

भारत बायोटेक ने गुजरात के अंकलेश्वर में चिरोन बेहरिंग वैक्सीन (भारत बायोटेक की पूर्ण स्वामित्व सहायक कंपनी)में COVAXIN के लिए अतिरिक्त विनिर्माण क्षमताओं को तुरंत बढ़ाने की घोषणा की।

तमिलनाडु के सीएम एमके स्टालिन ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को खत लिखकर पूर्व पीएम राजीव गांधी की हत्या के दोषियों की उम्रकैद की सजा कम करने की मांग की।

आयकर विभाग ने 2021 का इनकम टैक्स रिटर्न भरने की सीमा 2 महीने बढ़ाकर 30 सितंबर तक की।

दिल्ली के सरदार पटेल कोविड केयर सेंटर में पीएम केयर फंड्स से 150 जीपीएस वाले वेंटिलेटर बेड लगाए गए। पहले से यहां 500 ऑक्सीजन बेड कर रहे हैं काम : आईटीबीपी

एयर इंडिया में निकली वैकेंसी, पे-स्केल 50 हजार तक।

कोविड-19 की दवा 2-डीजी पर केंद्र सरकार को पूरा भरोसा, जारी रहेंगे क्लीनिकल ट्रायल।

ब्लैक फंगस क्यों बढ़ा
 ऑक्सीजन देते वक्त लापरवाही और गैस को नमी देने वाला पानी शुद्ध न होना, फंगस पनपने की बड़ी वजह।

केंद्र ने सभी राज्यों को अलर्ट किया, गुजरात-राजस्थान समेत 5 राज्यों में ब्लैक फंगस महामारी घोषित; दिल्ली में भी अलग सेंटर।

भ्रष्टाचार केस में BJP सांसद अर्जुन सिंह को बंगाल CID का नोटिस, 25 मई को हाजिर होने का आदेश। 

नारदा मामले में शुक्रवार को सुनवाई करेगा कलकत्ता हाई कोर्ट, जेल में हैं टीएमसी के चार नेता।

कांग्रेस ने देवव्रत सैकिया को असम विधानसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस विधायक दल के नेता के रूप में चुना।

सरकारी नौकरी
 लेबोरेटरी टेक्नीशियन और फार्मासिस्ट के 185 पदों पर निकली भर्ती, 28 मई आवेदन की आखिरी तारीख। 

सरकारी नौकरी
पश्चिम रेलवे ने ट्रेड अप्रेंटिस के 3591 पदों पर निकाली भर्ती, 25 मई से आवेदन कर सकेंगे 10वीं पास कैंडिडेट्स। 

सरकारी नौकरी
 आंगनवाड़ी वर्कर समेत 53,000 पदों पर भर्ती के लिए करें अप्लाई, 6 जून तक जारी रहेगी आवेदन प्रक्रिया।