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May 19 2021, 11:36

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केजरीवाल को करारा जवाबः पहले भारत सरकार फिर सिंगापुर ने बताई दिल्ली सीएम की गलती

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कोरोना के ‘सिंगापुर स्ट्रेन’ को लेकर चेताया था और भारत सरकार से एक्शन की अपील की थी। पहले भारत सरकार ने अरविंद केजरीवाल के आरोपों का जवाब दिया और अब सिंगापुर सरकार ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जवाब दिया है। साथ ही भारतीय उच्चायुक्त को तलब कर अपनी नाराजगी जताई है। 

दरअसल केजरीवाल ने मंगलवार को ट्वीट में आशंका जताई कि वायरस का यह नया स्वरूप तीसरी लहर के रूप में भारत में दस्तक दे सकता है। उन्होंने ट्वीट किया, सिंगापुर में आया कोरोना का नया रूप बच्चों के लिए बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। भारत में यह तीसरी लहर के रूप में आ सकता है। केंद्र सरकार से मेरी अपील है- 1. सिंगापुर के साथ हवाई सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द हों। 2. बच्चों के लिए भी टीके के विकल्पों पर प्राथमिकता के आधार पर काम हो।

अरविंद केजरीवाल के ट्वीट के जवाब में भारत में सिंगापुर के डिप्लोमैटिक मिशन ने कहा है कि ये सच नहीं है। सिंगापुर डिप्लोमैटिक मिशन के आधिकारिक ट्विटर हैंडल सिंगापुर इन इंडिया ने केजरीवाल के ट्वीट के जवाब में लिखा है, ‘’इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि सिंगापुर में कोविड का कोई नया स्ट्रेन आया है। जांच में पता चला है कि B.1.617.2 वेरिएंट ही है, जो भारत में पैदा हुआ है। इसमें बच्चों से जुड़े कुछ मामले भी शामिल हैं।  सिंगापुर के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बयान जारी कर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के दावे का खंडन किया था। सिंगापुर के दूतावास ने अपनी ट्वीट में इस लिंक को भी अटैच किया।

सिंगापुर से पहले केंद्र सरकार ने केजरीवाल को जवाब दिया। विमानन मंत्री हरदीप सिंह पुरी ट्विटर पर कहा, ''केजरीवाल जी, सभी अंतरराष्ट्रीय उड़ानें मार्च 2020 से ही बंद हैं। सिंगापुर के साथ हमारा एयर बब्बल भी नहीं है। उन्होंने कहा कि वंदे भारत मिशन के तहत दोनों देशों के बीच कुछ उड़ानें जारी हैं ताकि वहां फंसे भारतीयों को वापस लाया जा सके।

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May 19 2021, 10:56

-firms-get-licences-for-vaccines
  

मोदी जी मान जाइए ! कोरोना वैक्सीन बनाने के लिए दूसरी कंपनियों को भी लाइसेंस देने की गडकरी ने दी सलाह

देश में कोरोना वायरस का कहर कम होने का नाम नहीं ले रहा है। संक्रमण के मामले भले ही कम हो गए हों, लेकिन मौतों के आंकड़े रिकॉर्ड तोड़ रहे हैं। इस बीच विशेषज्ञों की सलाह है कि टीकाकरण की रफ्तार को तेज किया जाए। ज्यादा से ज्यादा लोगों को कोरोना वैक्सीन दी जाए। हालांकि देश वैक्सीन की कमी से जूझ रहा है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को सुझाव दिया कि कोरोना वैक्सीन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कुछ और दवा कंपनियों को उत्पादन का लाइसेंस दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा, ''अगर वैक्सीन की आपूर्ति के मुकाबले उसकी मांग ज्यादा होगी तो इससे समस्या खड़ी होगी। इसलिए एक कंपनी के बजाय 10 कंपनियों को वैक्सीन का उत्पादन करने के लिए लाइसेंस दिया जाना चाहिए। इसके लिए वैक्सीन की मूल पेंटेंट धारक कंपनी को दूसरी कंपनियों द्वारा दस फीसदी रॉयल्टी का भुगतान किया जाना चाहिए।’’

पीएम से अनुरोध करेंगे गडकरी
गडकरी ने कहा, ''हर राज्य में दो-तीन लैब हैं। मेरी जानकारी है कि उनके पास क्षमता भी है, और उनके पास इन्फ्रास्ट्रक्चर भी है। उनको फॉमूर्ला देकर कॉओर्डिनेशन कराया जा सकता है। मुझे लगता है कि ये 15-20 दिनों में किया जा सकता है। 
विश्वविद्यालयों के कुलपतियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संबोधित करते हुए गडकरी ने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बारे में अनुरोध करेंगे कि देश में जीवन रक्षक दवाओं का उत्पादन बढ़ाने के लिए और दवा कंपनियों को मंजूरी देने को कानून बनाया जाना चाहिए।

देश के सभी जिलों को मेडिकल ऑक्सीजन में आत्मनिर्भर होना होगा
सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री गडकरी ने कहा कि भारत को अभी भी दवाओं के लिए कच्चा माल विदेशों से मंगाना पड़ता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम आत्मनिर्भर भारत बनाना चाहते हैं। भारत के सभी जिले मेडिकल ऑक्सीजन के मामले में आत्मनिर्भर होने चाहिए। उन्होंने कहा, ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों की मौत हो गई। यह अच्छा नहीं था।

केजरीवाल भी दे चुके हैं ऐसा ही सुझाव
इससे पहले दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस संबंध में लेटर लिखकर कहा था कि केंद्र को टीका बनाने वाली दोनों कंपनियों (भारत बायोटेक और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया) का फॉर्मूला अन्य सक्षम दवा मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों को देना चाहिए ताकि टीके का उत्पादन बढ़ाया जा सके।
बता दें कि देश में फिलहाल तीन वैक्सीन को ही इस्तेमाल की अनुमति मिली है - कोवैक्सीन, कोविशील्ड और स्पुतनिक- वी. डॉ. रेड्डीज लैब स्पुतनिक- वी का रूस से आयात कर रही है। फिलहाल देश में इसकी उपलब्धता व्यापक स्तर पर नहीं है।

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May 19 2021, 10:15

-18-months-critical
  

भारत के लिए आने वाले 6-18 महीने अहम, आ सकती है ऐसी कई और लहरें, डब्ल्यूएचओ ने दी चेतावनी

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने ऐसी कई और लहरें आने की चेतावनी दी है। हालांकि उसने यह कहा कि सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि देश कितनी बड़ी आबादी का टीकाकरण कर लेता है। संगठन ने कहा कि अगर ज्यादा आबादी का टीकाकरण होगा तो नई लहरें कुछ खास असर नहीं कर पाएंगी। 

अगले 6-18 महीने भारत के लिए महत्वपूर्ण
विश्व संगठन की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि कोरोना से जंग में अगले 6-18 महीने भारत के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इन महीनों के दौरान उसे टीकाकरण अभियान की रफ्तार बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस वायरस से सुरक्षित करना होगा। अगर सब कुछ सही रहा तो इस साल के अंत तक कोरोना के मामलों में कमी आनी शुरू हो जाएगी।

स्वास्थ्य ढांचे में तेजी से सुधार लाना होगा
एक रिपोर्ट के मुताबिक डॉ. सौम्या स्वामीनाथन ने कहा कि भारत को अगले 6 से 12 महीनों तक अपने प्रदर्शन पर ध्यान देना होगा. उसे अपने स्वास्थ्य ढांचे में तेजी से सुधार लाना होगा। ऐसा करना बेहद मुश्किल होगा, लेकिन भारत को ऐसा करना होगा। इस साल के अंत तक भारत समेत दुनिया भर की करीब 30 फीसदी आबादी वैक्सीनेट हो सकती है। अगर ऐसा हुआ तो ये बड़ी कामयाबी होगी। 

बी 1.617 वेरिएंट ज्यादा खतरनाक
स्वामीनाथन ने कहा कि पहली बार भारत में मिला कोरोना वायरस का बी 1.617 वेरिएंट निश्चित तौर पर ज्यादा संक्रामक है। ये ऑरिजिनल स्ट्रेन से डेढ़ से दो गुना अधिक संक्रामक हो सकता है। इतना ही नहीं, ये ब्रिटेन में पाए गए B 117 वेरिएंट से भी ज्यादा खतरनाक हो सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों टीके कोरोना वायरस के नए स्ट्रेन के खिलाफ काफी प्रभावशाली है। हालांकि कई मामलों में दो डोज लेने वाले लोग भी संक्रमित हुए हैं।

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May 19 2021, 09:59

-updates
  

देश में कोरोना से रोजाना होने वाली मौतों ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, बीते 24 घंटे में 4525 मरीजों की गई जान, संक्रमित मामलों में गिरावट

देश में कोरोना से मौत का तांडव जारी है। भले ही नए केसों में बीते कुछ दिनों से गिरावट देखी जा रही है, मगर मौत के आंकड़े डर पैदा कर रहे हैं। मंगलवार को देश में एक दिन में कोरोना से 4525 लोगों की मौतें हुई हैं, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2 लाख 67 हजार 174 नए केस आए हैं। रविवार को 2.63 लाख कोरोना केस आए थे और मौतों की संख्या भी कम होकर 4340 दर्ज की गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार 144 पहुंच गई है। इनमें से एक्टिव केसों की संख्या 2 करोड़ 19 लाख 79 हजार 703 है। मंगलवार को करीब 3.89 लाख से अधिक कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। 

एक दिन में सबसे अधिक 4525 मौतें
देश में कोरोना वायरस से अब तक सबसे अधिक 4525 मौतें मंगलवार को हुई हैं। कोरोना से होने वाली एक दिन में मौतों का यह सर्वाधिक आंकड़ा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 10 राज्यों में सबसे ज्यादा मौतें पिछले चौबीस घंटों के दौरान हुई हैं। इनमें महाराष्ट्र  में 1200, कर्नाटक में 476, दिल्ली में 340, तमिलनाडु में 335, आंध्र प्रदेश में 271, उत्तराखंड में 223, पंजाब में 191, राजस्थान में 157, छत्तीसगढ़ में 149 तथा पश्चिम बंगाल में 147 मौतें शामिल हैं। 

अगले 15 दिनों तक मौतों की दर ऊंची बनी रहेगी
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना मामलों की पीक से अगले 15 दिनों तक मौतों की दर ऊंची बनी रहेगी और उसके बाद कमी शुरू होगी। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर जुगल किशोर ने कहा कि संक्रमण के पीक पर पहुंचने का असर मौतों पर अगले 15 दिनों तक दिख सकता है। क्योंकि कोई व्यक्ति संक्रमित होता है तो उसे ठीक होने में कम से कम 15 दिन लगते हैं। वह स्वस्थ हो सकता है या उसकी मृत्यु हो सकती है। 7 मई के बाद से अगले 15 दिनों तक मौतों का आंकड़ा स्थिर रह सकता है तथा इसमें कुछ बढ़ोतरी भी हो सकती है।

इस बीच, एक अच्छी बात ये है नए संक्रमण कम होने के साथ सक्रि मामले भी तेजी से घट रहे हैं। जहां 8 मई को देश में सक्रिय मामलों की संख्या 37.23 लाख थे वहीं मंगलवार को यह घटकर 33.53 लाख रह गए हैं। 

24 घंटे में 20,08,296 टेस्ट हुए
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में 2 लाख 8 हजार 296 कोरोना टेस्ट किए गए। अबतक देश में 32 करोड़ 03 लाख 01 हजार 177 लोगों का टेस्ट किया जा चुका है।

कुल आबादी के मात्र 3 फीसदी लोगों को लगा टीका
हर रोज पॉजिटिव केस की संख्या कम होती जा रही है, लेकिन मौत का आंकड़ा अभी भी बढ़ रहा है। इस बीच देश में वैक्सीने

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May 19 2021, 09:58

-updates
  

देश में कोरोना से रोजाना होने वाली मौतों ने तोड़े सभी रिकॉर्ड, बीते 24 घंटे में 4525 मरीजों की गई जान, संक्रमित मामलों में गिरावट

देश में कोरोना से मौत का तांडव जारी है। भले ही नए केसों में बीते कुछ दिनों से गिरावट देखी जा रही है, मगर मौत के आंकड़े डर पैदा कर रहे हैं। मंगलवार को देश में एक दिन में कोरोना से 4525 लोगों की मौतें हुई हैं, जो अब तक की सर्वाधिक संख्या है। 

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, भारत में बीते 24 घंटे में कोरोना वायरस के 2 लाख 67 हजार 174 नए केस आए हैं। रविवार को 2.63 लाख कोरोना केस आए थे और मौतों की संख्या भी कम होकर 4340 दर्ज की गई थी। आंकड़ों के मुताबिक, देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 2 करोड़ 54 लाख 95 हजार 144 पहुंच गई है। इनमें से एक्टिव केसों की संख्या 2 करोड़ 19 लाख 79 हजार 703 है। मंगलवार को करीब 3.89 लाख से अधिक कोरोना मरीज ठीक हुए हैं। 

एक दिन में सबसे अधिक 4525 मौतें
देश में कोरोना वायरस से अब तक सबसे अधिक 4525 मौतें मंगलवार को हुई हैं। कोरोना से होने वाली एक दिन में मौतों का यह सर्वाधिक आंकड़ा है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि 10 राज्यों में सबसे ज्यादा मौतें पिछले चौबीस घंटों के दौरान हुई हैं। इनमें महाराष्ट्र  में 1200, कर्नाटक में 476, दिल्ली में 340, तमिलनाडु में 335, आंध्र प्रदेश में 271, उत्तराखंड में 223, पंजाब में 191, राजस्थान में 157, छत्तीसगढ़ में 149 तथा पश्चिम बंगाल में 147 मौतें शामिल हैं। 

अगले 15 दिनों तक मौतों की दर ऊंची बनी रहेगी
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना मामलों की पीक से अगले 15 दिनों तक मौतों की दर ऊंची बनी रहेगी और उसके बाद कमी शुरू होगी। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज के कम्युनिटी मेडिसिन विभाग के प्रमुख प्रोफेसर जुगल किशोर ने कहा कि संक्रमण के पीक पर पहुंचने का असर मौतों पर अगले 15 दिनों तक दिख सकता है। क्योंकि कोई व्यक्ति संक्रमित होता है तो उसे ठीक होने में कम से कम 15 दिन लगते हैं। वह स्वस्थ हो सकता है या उसकी मृत्यु हो सकती है। 7 मई के बाद से अगले 15 दिनों तक मौतों का आंकड़ा स्थिर रह सकता है तथा इसमें कुछ बढ़ोतरी भी हो सकती है।

इस बीच, एक अच्छी बात ये है नए संक्रमण कम होने के साथ सक्रि मामले भी तेजी से घट रहे हैं। जहां 8 मई को देश में सक्रिय मामलों की संख्या 37.23 लाख थे वहीं मंगलवार को यह घटकर 33.53 लाख रह गए हैं। 

24 घंटे में 20,08,296 टेस्ट हुए
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद के मुताबिक देश में बीते 24 घंटे में 2 लाख 8 हजार 296 कोरोना टेस्ट किए गए। अबतक देश में 32 करोड़ 03 लाख 01 हजार 177 लोगों का टेस्ट किया जा चुका है।

कुल आबादी के मात्र 3 फीसदी लोगों को लगा टीका
हर रोज पॉजिटिव केस की संख्या कम होती जा रही है, लेकिन मौत का आंकड़ा अभी भी बढ़ रहा है। इस बीच देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार को और बढ़ा दिया गया है। केन्द्र सरकार की ओर से अब तक 18

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May 18 2021, 21:46

टाऊते तूफान से समुद्र में फंसा भारतीय जहाज डूबा,  नौसेना ने 140 से ज्यादा लोगों को बचाया, 
  

 राहत एवं बचाव कार्य जारी



महाराष्ट्र के तट के निकट चक्रवाती तूफान में फंसा भारतीय जहाज P-305 समुद्र में डूब गया है। यह हादसा मुंबई से 175 किलोमीटर दूर हीरा ऑयल फील्ड्स के समीप हुआ है। भारतीय नौसेना ने इस जहाज में सवार 146 लोगों को बचा लिया है जबकि 170 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं। जानकारी के मुताबिक उसी स्थान पर एक और भारतीय जहाज फंसा है। इसमें सवार लोगों को बचाने के लिए आईएनएस कोलकाता को भेजा गया है। आईएनएस कोलकाता भारतीय नौसेना का ही पोत है। वहीं सुबह ओएनजीसी ने भी सूचना दी कि अब तक 148 लोगों को बचा लिया गया है। बचाव कार्य अभी जारी है।
 ओएनजीसी की ओर से बताया कि गंभीर चक्रवाती तूफान के कारण अरब सागर में पश्चिम - तटीय क्षेत्रों में ओएनजीसी की एक परियोजना पर काम कर रहे एफकॉन्स के 03 निर्माण बार्ज और अन्वेषण उद्देश्य के लिए तैनात कर्मचारी दुर्भाग्यपूर्ण घटना के शिकार हुए हैं। ओएनजीसी ने कहा कि अपने कर्मियों और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ओडीएजी (ऑफशोर डिफेंस एडवाइजरी ग्रुप) और एमआरसीसी (समुद्री बचाव समन्वय केंद्र) के सहयोग से हर संभव उपाय किए जा रहे हैं।

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May 18 2021, 21:41

पश्चिम बंगाल नारदा केस: टीएमसी के मंत्री, विधायक का बेल रिजेक्ट, गए जेल, शोभन हॉस्पिटल में
  




नारदा स्टिंग ऑपरेशन मामले में जेल हिरासत में भेजे गए मंत्री सुब्रत मुखर्जी को एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया है। पहले से ही मदन मित्रा और शोभन चटर्जी अस्पताल के वुडवर्न अस्पताल में भर्ती हैं।

 शनिवार को कलकत्ता हाई कोर्ट ने गिरफ्तार मंत्री फिरहाद हकीम और सुब्रत मुखर्जी, विधायक मदन मित्रा और कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी की जमानत याचिका खारिज कर दी थी और जेल हिरासत का निर्देश दिया था। सभी को प्रेसिडेंसी जेल में रखा गया था।

कोलकाता के पूर्व मेयर शोभन चटर्जी और सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा की तबीयत बिगड़ने के बाद मंगलवार तड़के जेल से इन्हें एसएसकेएम अस्पताल ले जाकर भर्ती किया गया है। इसके अलावा सीबीआई हिरासत में मौजूद मंत्री सुब्रत मुखर्जी की भी तबीयत बिगड़ गई थी।

 हालांकि अस्पताल ले जाने पर उन्होंने चेकअप करवाने से मना कर दिया और वापस जेल लौट आए थे, लेकिन फिर आज सुबह उन्हें एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया है। सीबीआई सूत्रों के अनुसार वहां जाने के कुछ देर के बाद मदन मित्रा, शोभन चटर्जी और सुब्रत मुखर्जी ने तबीयत खराब होने की बात कही। जेल के डॉक्टरों ने इनकी जांच की लेकिन तीनों सांस लेने में तकलीफ का दावा कर रहे थे.एनएफ। इन्हें तुरंत एसएसकेएम अस्पताल ले जाया गया। यहां मदन मित्रा का ऑक्सीजन लेवल सामान्य से नीचे था जिसके बाद इन्हें वूडवर्न वार्ड के कमरा नंबर 103 में भर्ती किया गया है। 

शोभन चटर्जी को भी 106 नंबर वार्ड में भर्ती करना पड़ा है। हालांकि सुब्रत मुखर्जी वापस जेल लौटे हैं।

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May 18 2021, 19:18

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कोरोना वैक्‍सीन की दोनों डोज लेने के बाद भी क्‍यों हुई डॉ केके अग्रवाल की मौत ?

देश के मशहूर डॉक्‍टर केके अग्रवाल का कोविड-19 से निधन हो गया।28 अप्रैल को उनके कोरोना संक्रमित होने का पता चला और 17 मई की रात को वह इस दुनिया में नहीं रहे। हालांकि उन्होंनो करोना वैक्सीन की दोनों डोज ले ली थी, बावजूद वो कोरोना के खिलाफ लड़ाई हार गए। लोगों को यही बात हैरान कर रही है।ऐसे में लोगों के मन में वैक्सीन को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। मेदांता के डॉक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि क्या वजहें हो सकती हैं जिनके चलते वैक्सीन की दोनों डोज लगने के बाद भी लोगों की मौत की खबरें आ रही हैं। 

इसपर मेदांता अस्‍पताल के डॉक्‍टर अरविंद कुमार ने कहा कि जब वैक्सीन के फेज 3 ट्रायल हुए थे उस वक्त मुख्य मुद्दा आया था कि जिनको वैक्सीन लगी थी, उनको भी कोरोना हुआ था। ऐसा नहीं है कि वैक्सीन लगने के बाद किसी को कोरोना नहीं हुआ। 25-30 फीसदी लोगों को कोरोना हुआ था। ट्रायल में वॉलंटियर ग्रुप में इन्फेक्शन माइल्ड था। उस ग्रुप में किसी को हॉस्पिटल की, आईसीयू की या वेंटिलेटर की जरूर नहीं पड़ी थी। ना किसी की डेथ हुई थी। 

पर्याप्‍त ऐंटीबॉडीज का ना बनना हो सकता है वजह
डॉ कुमार ने कहा कि हाल-फिलहाल में वैक्‍सीन लगवा चुके लोगों की जो मौतें हुई हैं, उनकी पिछले साल से तुलना करें तो एक बात तो साफ है कि इस बार मृतकों की संख्‍या कम है। हमने फेज 3 ट्रायल्‍स में डेथ रेट 0% माना था मगर जमीन पर हालात अलग नजर आ रहे हैं। इसके कई कारण हो सकते हैं। डॉ कुमार ने इशारा क‍िया कि ऐसा हो सकता है कि दोनों डोज लगने के बाद जिनकी मौत हुई, उनमें पर्याप्‍त ऐंटीबॉडीज न बनीं हो या फिर इन स्‍ट्रेन्‍स के खिलाफ वैक्‍सीन असरदार न हो।

ट्रायल में नहीं हुई थी किसी की मौत
इससे पहले डॉक्टर कुमार ने कहा कि जब पिछले साल कोरोना वैक्सीन के फेज तीन के ट्रायल हुए थे, तो उसमें यह देखा गया था कि वैक्सीन लगाने के बाद भी 25-30 पर्सेंट लोग संक्रमित हो गए थे। हालांकि उस दौरान इस ट्रायल में सभी वॉलंटियर्स में इन्फेक्शन माइल्ड वैरायटी का था। किसी को भी अस्पताल में भर्ती होने या फिर वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी थी। उस ग्रुप में किसी की मौत नहीं हुई थी।

सेकेंड वेब में हुई कई मौतें
उन्‍होंने कहा कि आज से करीब एक-डेढ़ महीने पहले तक, जब देश में कोरोना की दूसरी लहर नहीं आई थी, तब तक भी यही माना जा रहा था कि वैक्सीन के दोनों डोज लगवाने के बाद वेंटिलेटर पर जाने, आईसीयू में भर्ती होने या फिर जान जाने की नौबत नहीं आती है। लेकिन यह धारणा अब बदल गई है। पिछले कुछ हफ्तों में देखा जा रहा है कि कई डॉक्टर, पत्रकार या फिर फ्रंट लाइन वर्कर्स जो वैक्सिनेटेड थे, उनकी स्थिति गंभीर हुई या फिर जान चली गई।

क्या नया स्ट्रेन इन एंटीबॉडीज को अवॉइड कर गया ?
डॉक्टर अरविंद ने क

  • India
     @India   डॉक्टर अरविंद ने कहा कि ये रिसर्च का विषय है, क्या इन लोगों में दोनों डोज लगने के बाद एंटीबॉडी नहीं बनी? या एंटीबडी लेकिन समुचित मात्रा में नहीं बनी या जो न्यूट्रिलाइजिंग एंटीबॉडी चाहिए वो नहीं बनी? या तीसरी पॉसिबिलिटी है कि वायरस का नया स्ट्रेन इन एंटीबॉडीज को अवॉइड कर गया और इन्फेक्शन सीरियस हो गया
    
    वैक्सीन के बाद भी रखें इन बातों का ध्यान
    डॉक्टर अरविंद ने बताया, पहला डोज लगने से आप खुद को सुरक्षित ना मानें। दूसरी डोज के दूसरे हफ्ते से एंटीबॉडी आ गई होंगी ऐसा माना जाता है। इसके बाद भी मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग, बंद जगहों पर इकट्ठा ना होना और हैंड हाइजीन इन सबका ध्यान रखना बेहद जरूरी है। 
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May 18 2021, 17:12

भाजपा सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा--गौमूत्र पीने से लंग में नहीं होता इंफेक्शन, मैं पीती हूं इसलिए कोरोना नहीं हुआ
  




भोपाल से बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने अब कोरोना को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि रोज़ाना गौमूत्र का अर्क लेने से फेफड़ों का इंफेक्शन दूर हो जाता है। भोपाल में एक कार्यक्रम के दौरान साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि " गौमूत्र पीने से फेफड़ों का इंफेक्शन दूर होता है। मैं खुद भी गौमूत्र अर्क लेती हूं और इसलिए मुझे अभी तक कोरोना के लिए कोई औषधि नहीं लेनी पड़ी और ना ही मुझे अभी तक कोरोना हुआ है। "


     इसके साथ ही बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कोरोना काल में उन पर गायब रहने का आरोप लगाने वालों को भी आड़े हाथों लिया और कहा कि "कुछ लोग मेरे गायब होने की बात कर रहे हैं। साथ ही मेरे ऊपर इनाम घोषित कर रहे हैं। वे लोग संवैधानिक अपराध कर रहे हैं , 

 उन्हें क्षमा नहीं किया जा सकता है।" बीजेपी सांसद साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर ने कहा कि अपराधियों को दंड देना ईश्वर का काम है। मैंने प्रचार नहीं किया और सोशल मीडिया पर फोटो नहीं डाले यही मेरा अपराध था जबकि मेरा स्टाफ लगातार लोगों की मदद कर रहा था और मैं अस्वस्थ रहती हूं इसलिए उनसे फोन पर लगातार संपर्क में रहती हूं। 

प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि " मैं अस्वस्थ हूं बावजूद इसके लगातार अपने कर्मियों से क्षेत्र में काम करा रही हूं। जनता की समस्याओं को जानने के लिए उनसे फोन के जरिये संपर्क में रहती हूं। मेरा अपराध यही है कि मैं फोटो सोशल मीडिया पर नहीं डालती हूं। "

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May 18 2021, 17:07

नेपाल में पीएम पद की शपथ लेते ओली ने राष्ट्रपति का किया अपमान , सुप्रीम कोर्ट पहुंचा मामला
  




नेपाल  में के. पी. शर्मा ओली प्रधानमंत्री  पद की शपथ लेने दौरान राष्ट्रपति का अपमान करने को लेकर विवादों में घिर गए हैं। सुप्रीम  कोर्ट में चार रिट याचिकाएं दायर की गई , जिसमें प्रधानमंत्री श्री ओली को फिर से शपथ दिलाने का अनुरोध किया गया है। 

याचिकाओं में कहा गया है कि उन्होंने शपथ ग्रहण समारोह के दौरान बोले गए सभी शब्दों को नहीं दोहरा कर राष्ट्रपति पद का अपमान किया है। राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने बीते शुक्रवार को राष्ट्रपति भवन , शीतल निवास में आयोजित एक समारोह में श्री ओली को प्रधानमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई थी। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जब राष्ट्रपति ने शब्द ‘‘ शपथ '' के अलावा " भगवान के नाम पर " बोला तो कम्युनिस्ट पार्टी आफ नेपाल (यूएमएल) के 69 वर्षीय अध्यक्ष श्री ओली ने उन शब्दों को छोड़ दिया।  राष्ट्रपति भंडारी ने जब ‘‘ ईश्वर , देश और लोगों '' का उल्लेख किया तो तीसरी बार नेपाल के प्रधानमंत्री बनने वाले श्री ओली ने कहा, ‘‘ मैं देश और लोगों के नाम पर शपथ लूंगा। ''

 काठमांडू पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार सभी चार रिट याचिकाकर्ताओं ने अनुरोध किया है कि वे पुनः पद और गोपनीयता की शपथ लें क्योंकि शुक्रवार को ली गई शपथ अवैध और राष्ट्र विरोधी है। वरिष्ठ अधिवक्ता चंद्रकांता ग्यावली , अधिवक्ता लोकेंद्र ओली और केशर जंग के. सी. ने एक संयुक्त रिट याचिका दायर की है

 जबकि अधिवक्ता राज कुमार सुवाल , संतोष भंडारी और नवराज़ अधिकारी ने इसी मुद्दे पर अलग - अलग रिट याचिका दायर की है।

 खबर के अनुसार याचिकाकर्ताओं ने अदालत से अनुरोध किया है कि वह ओली को फिर से शपथ लेने का निर्देश दे और उनके फिर से शपथ लेने तक उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने से रोके।