सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए…महुआ मोइत्रा ने किसके लिए कही इतनी “बड़ी” बात

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पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित बयान दिया है। मोइत्रा ने शुक्रवार को घुसपैठ मुद्दे पर कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की होती है। अगर घुसपैठ हो रही है तो अमित शाह का सिर काटकर टेबिल पर रख देना चाहिए।

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शुक्रवार को महुआ राज्य में अवैध घुसपैठ को लेकर जवाब दे रही थीं। इस दौरान टीएमसी नेता ने कहा- मैं पूछ रही हूं कि अगर हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है और लाखों-करोड़ों लोग भारत में घुस रहे हैं, अगर वे हमारी माताओं और बहनों पर बुरी नजर डाल रहे हैं, वे हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटना चाहिए और मेज पर रखना चाहिए।

चिल्लाने से कुछ नहीं होगा-मोइत्रा

मोइत्रा ने आगे कहा कि 'केवल घुसपैठिया... घुसपैठिया... चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से कहा कि घुसपैठ हो रही है और उसकी वजह से डेमोग्राफी चेंज हो रही है, बाहर से लोग यहां आ रहे हैं। जिस वक्त वो ये बात कह रहे थे कि उस वक्त पहली पंक्ति में बैठे गृहमंत्री उनकी बात सुनकर तालियां बजा रहे थे, ये बेहद ही शर्मनाक है।

बीजेपी बोले-टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति उजागर

बंगाल भाजपा ने उनके बयान से जुड़ा एक वीडियो भी एक्स पर शेयर किया। वहीं दूसरी पोस्ट में भाजपा ने लिखा- जब महुआ गृह मंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो यह टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है जो बंगाल की छवि को धूमिल कर रही है और राज्य को पीछे धकेल रही है। वहीं, महुआ के बयान को लेकर संदीप मजूमदार नाम के एक बीजेपी कार्यकर्ता ने नदिया कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

*महुआ मोइत्रा को ईडी का एक और समन, फेमा मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, हीरानंदानी को भी समन*

#ed_summons_mahua_moitra_darshan_hiranandani  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढती ही जा रही है। ईडी ने एक बार फिर फेमा मामले में टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन जारी किया है। दोनों को 28 मार्च को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। ईडी की तरफ से महुआ को भेजा गया ये तीसरा समन है। इससे पहले महुआ ने ईडी को चिट्ठी लिखकर पेशी के लिए मोहलत मांगी थी। मोइत्रा को ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के मामले में दिसंबर में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। भाजपा के नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने टीएमसी सांसद पर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोइत्रा पर आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। लोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि उन्हें वकील और महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मोइत्रा और जाने-माने बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी के बीच सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आदान-प्रदान के सबूत साझा किए हैं। इसके आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि मोइत्रा ने संसद में उनके द्वारा पूछे गए कुल 61 में से लगभग 50 प्रश्न दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों को बचाने के लिए थे। टीएमसी नेता के खिलाफ लोकपाल की तरफ से शिकायत करने के बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच शुरू की थी। लोकपाल की तरफ से निर्देश दिए जाने के बाद शनिवार को सीबीआई ने इस संबंध में मोइत्रा के परिसर की तलाशी ली थी।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

#cbi_action_against_mahua_moitra_raid_at_many_places 

कैश फॉर क्वेरी मामले में घिरीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा एक बार फिर मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। दरअसल, सीबीआई मोइत्रा के आवासों पर छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। कोलकाता तथा अन्य स्थानों पर भी कैश फॉर क्वेरी मामले में छापे मारी कर रही है। सीबीआई ने गुरूवार 21 मार्च को ही महुआ मोइत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एंटी-करप्शन संस्था लोकपाल के निर्देशों पर सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों ने रविवार को महुआ से जुड़े कोलकाता सहित कई अन्य लोकेशन में रेड की। महुआ मोइत्रा के साथ ही उनके पिता के आवास पर भी सीबीआई ने छापा मारा है। कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित महुआ के पिता दीपेन्द्रलाल मोइत्रा के फ्लैट पर भी सीबीआई की टीम पहुंची। सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने शनिवार को कथित कैश-फॉर-क्वेरी मामले में कोलकाता सहित कई स्थानों पर पूर्व टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के परिसरों की तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें शनिवार तड़के कोलकाता और अन्य शहरों में मोइत्रा के आवास पर पहुंचीं, तलाशी कार्यवाही की जानकारी दी और ऑपरेशन शुरू किया।

हालांकि, महुआ मोइत्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआई ने उनके पिता के घर पर छापा मारा है लेकिन ये छापेमारी कैश फॉर क्वेरी मामले में नहीं बल्कि किसी और मामले में हैं।

बता दें कि पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा पर बीजेपी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने पैसे लेकर सवाल का आरोप लगाया था। जिसके बाद सीबीआई ने इस केस की जांच की। लोकपाल ने सीबीआई को मामले में शिकायतों के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद छह महीने में रिपोर्ट देने को कहा है. लोकपाल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि एक सांसद के रूप में मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोप ठोस सबूतों और गंभीर हैं। ऐसे में सच का पता लगाने के लिए इसकी गहन जांच होना जरूरी है।

*महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई दर्ज करेगी एफआईआर, पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकपाल ने दिया आदेश*

#mahua_moitra_in_big_trouble_lokpal_orders_cbi_probe 

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में घिरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।लोकपाल ने अब इस मामले में टीएमसी नेता के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि अब सीबीआई जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी।इसके अलावा लोकपाल ने सीबीआई को छह महीने में रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।

2023 नवंबर में सीबीआई ने पीई यानी प्रिमिलनरी इंक्वायरी लोकपाल के आदेश पर शुरू करके लोकपाल को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद ये आदेश दिए गए है।लोकपाल ने अपने आदेश में कहा, 'रिकॉर्ड पर मौजूद संपूर्ण जानकारी का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और विचार के बाद इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता है उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं।बेहद गंभीर प्रकृति के हैं, खासकर उनके पद को देखते हुए।

लोकपाल ने अपने आदेश में कहा, 'एक जन प्रतिनिधि के कंधों पर जिम्मेदारी और बोझ अधिक होता है। भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जो इस लोकतांत्रिक देश की विधायी, प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। यह हमारा कर्तव्य है और अधिनियम का आदेश है कि उन भ्रष्टाचार और भ्रष्ट प्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए सभी प्रयास किए जाएं जो अनुचित लाभ, अवैध लाभ या लाभ और बदले में लाभ जैसे पहलुओं को अपने दायरे में लाते हैं।

लोकपाल के आदेश पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सत्यमेव जयते।निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया, “मेरी शिकायत को सही मानते हुए लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया।” उन्होंने आगे कहा, ‘सत्यमेव जयते’।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं आरोप है कि महुआ ने अपने दोस्त हीरानंदानी को संसद की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया। निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ के खिलाफ जांच की मांग की थी। इसके बाद एथिक्स कमेटी का गठन किया गया था। एथिक्स कमेटी ने महुआ के खिलाफ आरोपों को सही ठहराया था और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद महुआ मोइत्रा के आचरण को अनैतिक और अशोभनीय करार देते हुए उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी ने महुआ को इस बार भी इसी सीट से उम्मीदवार बनाया है।

कम नहीं हो रही महुआ मोइत्रा की मुश्किलें, पहले सांसदी गई, अब जबरन खाली कराया जाएगा सरकारी बंगला

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तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले तो घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में उनको लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। अब उनको नोटिस जारी कर सरकारी बंगला तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है। टीएमसी नेता को पहले ही बंगला खाली करने को कहा गया था। संसद से निलंबन के बाद महुआ मोइत्रा को सरकारी बंगला खाली करने के लिए कई नोटिस दिए गए लेकिन उन्होंने बंगला खाली नहीं किया। वहीं, सरकार ने अब उन्हें अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर अब उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया तो उन्हें जबरन वहां से निकाल बाहर किया जाएगा।

नोटिस के मुताबिक, संसद सदस्यता छिनने के बाद अब वे इस बंगले की पात्र नहीं रहीं इसलिए उन्हें 9B टेलीग्राफ लेन का टाइप 5 बंगला खाली करना होगा। नियम के मुताबिक, बंगला खाली करने के लिए उन्हें एक महीने का समय दिया गया था। हालांकि, इस बीच उन्होंने कोर्ट का भी सहारा लिया था लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली।

दो बार बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया

डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स ने मंगलवार को उन्हें ये नोटिस भेजा। कैश फॉर क्वेरी केस में 8 दिसंबर 2023 को महुआ की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी। इसके बाद उन्हें दो बार बंगला खाली करने के लिए कहा जा चुका है। महुआ को सबसे पहले इस साल 7 जनवरी तक बंगला खाली करने को कहा गया था। 8 जनवरी को डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स ने एक नोटिस जारी करके उनसे पूछा कि उन्होंने अब तक बंगला खाली क्यों नहीं किया है। इसके बाद उन्हें 12 जनवरी को दूसरा नोटिस भेजा गया।

कैश फॉर क्वेरी केस में गई थी महुआ की सांसदी

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मुहआ पर आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी। एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था।महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने प्रस्ताव पास हो गया।

सांसदी जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची महुआ मोइत्रा, लोकसभा निष्कासन को दी चुनौती

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तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कैश फॉर क्वेश्चन मामले में महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को लोकसभा ने सदस्यता से वंचित कर दिया था। अब उन्होंने इस निर्णय को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।बता दें कि इस मामले में शुक्रवार 8 दिसंबर को महुआ की सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

महुआ पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद एथिक्स कमिटी का गठन किया गया और फिर एथिक्स कमिटी ने लोकसभा में लंबी जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपा था।रिपोर्ट में एथिक्स कमिटी ने लोकसभा अध्यक्ष से महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की थी। रिपोर्ट पेश होने के बाद लोकसभा में चर्चा के बाद महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने का प्रस्ताव जारी किया गया।

कृष्णानगर लोकसभा सीट से पहली बार संसद पहुंचीं मोइत्रा को लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट में उन्हें ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया जिससे उनके निष्कासन का रास्ता बना। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हंगामेदार चर्चा के बाद लोकसभा में मोइत्रा के निष्कासन का प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। चर्चा में मोइत्रा को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।

वहीं, संसद सदस्यता खत्म होने के बाद महुआ मोइत्रा ने कहा, मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। मैंने अडाणी का मुद्दा उठाया था, मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए मेरी सदस्यता रद्द की गई है। समिति ने अच्छे से जांच नहीं की। अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए मोइत्रा ने इस फैसले की तुलना ‘कंगारू अदालत’ द्वारा सजा दिए जाने से करते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोकसभा की आचार समिति को, विपक्ष को झुकने के लिए मजबूर करने का हथियार बना रही है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि ये सरकार के अंत की शुरुआत है।

सांसदी जाने के बाद बौखलाईं महुआ, बोलीं-ये आपको अंत की शुरूआत

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कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई है। लोकसभा की एथिक्स कमिटी ने उनकी सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी। शुक्रवार को कमिटी की रिपोर्ट पर लोकसभा में चर्चा हुई और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने टीएमसी सांसद की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पास होने के बाद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई।

इस रिपोर्ट पर बहस कराए जाने और महुआ मोइत्रा को लोकसभा में अपनी बात रखने की मांग को लोकसभा स्पीकर ने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें पैनल की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका मिल चुका है।महुआ मोइत्रा को सांसद से निलंबित किए जाने के बाद टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद की कार्यवाही का वॉकआउट किया। विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा से बहिर्गमन किया। इस दौरान सभी विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि बीजेपी और केंद्र सरकार बदले की राजनीति कर रही है

लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। मोइत्रा ने कहा है कि एथिक्स कमेटी के पास उन्हें निष्कासित करने की सिफ़ारिश करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कंगारू कोर्ट में जो कुछ हुआ, वो बताता है कि अदानी को बचाने के लिए मोदी सरकार क्या कुछ कर सकती है। महुआ मोइत्रा ने कहा, मैं 49 साल की हूं और मैं अगले 30 साल तक संसद के अंदर और बाहर आपके ख़िलाफ़ संघर्ष करूंगी। मैं गटर में लड़ूंगी, मैं सड़कों पर लड़ूंगी। 

महुआ मोइत्रा ने बांग्ला में कहा - लोग आपका अंत देखेंगे। आपके पास पंजाब नहीं है, सिंध हमारे पास नहीं है, द्रविड़ आपका नहीं है, उत्कल आपका नहीं है, बंगाल आपका नहीं है। आप कहां से हम पर राज करेंगे, आपको ये शक्तिशाली बहुमत कहां से मिलेगा? एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का अधिकार नहीं है. आपने अर्धन्यायिक अथॉरिटी की अधिकार लिए और मुझ पर कार्रवाई कर दी। आपने प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। ये आपके अंत की शुरुआत है। हम लौटेंगे और आपका अंत देखेंगे।

पूरे मामले को लेकर टीएमसी चीफ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम महुआ मोइत्रा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, हम महुआ मोइत्रा के साथ हैं। ये गणतंत्र के अधिकारों का हनन है। मुझे लगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस बात पर सही रवैया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये पूरी संसद के लिए दुख भरा दिन है।

बता दें कि महुआ मोइत्रा पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से महंगे उपहार के एवज में उनकी तरफ से संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इतना ही नहीं, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने संसदीय लॉग इन आईडी और पासवर्ड को भी हीरानंदानी को बता रखा था ताकि वह सीधे सवाल पूछ सकें। बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी भेजकर आरोप लगाया था कि महुआ ने दर्शन हीरानंदानी नाम के कारोबारी से रिश्वत लेकर अदानी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए सवाल पूछे।

*टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म, लोकसभा से प्रस्ताव पास, पैसे लेकर सवाल पूछने में दोषी करार*

#cashforquerymatterloksabhaexpelsmahuamoitra 

कैश फॉर क्वेरी मामले को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। एथिक्स कमेटी की जांच में वह दोषी पाई गईं। संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन लोकसभा ने आचार समिति की उस रिपोर्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी।महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप था।बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर आरोप लगाया था।

महुआ मोइत्रा अब सांसद नहीं रहीं। उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव पास हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर, 2023 को सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर आचार समिति ने महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को सही पाया। इस कारण उन्हें लोकसभा में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। लोकसभा ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा में प्रस्ताव पास हुआ। इससे पहले सदन में चर्चा हुई। ओम बिरला ने कहा, हम यहां न्याय नहीं, चर्चा कर रहे हैं। ये सदन न्यायलय की तरह काम नहीं कर रहा। मैं नियम के तहत बात कर रहा हूं। मेरा अधिकार नहीं, सभा का अधिकार है। सभा का अधिकार नहीं होता तो अब तक मैं फैसला सुना देता। 

सदस्यता जाने पर क्या बोली महुआ

सदस्यता जाने पर महुआ मोइत्रा ने कहा कि मैंने अडानी ग्रुप का मुद्दा उठाया था। इसलिए मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ये सब किया गया है।किसी तरह की रकम या तोहफा लेने का कोई सबूत नहीं है। आचार समिति इस मामले की जांच की तह तक नहीं गई। मोदी सरकार को लगता है कि मुझे चुप कराकर वह अदाणी के मुद्दे से ध्यान भटका देगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा।

*महुआ मोइत्रा के खिलाफ आचार समिति की रिपोर्ट में क्या-क्या, सांसदी जाएगी या बचेगी इस पर लोकसभा में बहस जारी*

#tmc_mp_mahua_moitra_lok_sabha_ethics_panel_report

पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमुल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के आज पांचवे दिन महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। जिसमें महुआ की सांसदी खत्म करने की सिफारिश की गई है। इस रिपोर्ट में महुआ से हुई पूछताछ का हवाला देते हुए ये भी लिखा गया है कि महुआ के खिलाफ लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, ऐसे में उनपर एक्शन होना चाहिए। एथिक्स कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि महुआ मोइत्रा ने निहायत ही आपत्तिजनक, गैरकानूनी और घृणित अपराध किया है।रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इस मामले में भारत सरकार एक कानूनी और संस्थागत जांच कराएं, जो एक तय समय सीमा में खत्म होनी चाहिए।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए मोशन मूव किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ये पीड़ादायक है, लेकिन कई बार सदन को अपने नियमों के लिए उचित फैसला लेना पड़ता है। पूरा देश ऊंच संसदीय परंपराओं के लिए हमारी तरफ देखता है। पिछले 75 साल में हमारा लोकतंत्र परिपक्व हुआ है। उन्होंने कहा, हमारी जनता को कल्याण के लिए इस सदन में चर्चा जरूरी होती है।

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आचार समिति की रिपोर्ट पर बहस के लिए तीन-चार दिन का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि सांसदों के पास जो रिपोर्ट आई है, उसमें 106 पन्ने हैं। एनेक्सर और अन्य चीजें मिलाकर कुल 406 पन्ने हैं। भला दो घंटे में इतने पन्ने कैसे पढ़ सकता है? क्या किसी इंसान की क्षमता है कि इतना कम समय में पूरा दस्तावेज पढ़ ले? इसलिए तीन-चार दिन का समय दिया जाए ताकि रिपोर्ट को ठीक से पढ़कर देखें कि क्या इसमें कोई त्रुटि है? नैचरल जस्टिस यही कहता है कि जिस पर आरोप है, कम से कम उसे तो रिपोर्ट समझने का वक्त मिले।

बता दें कि कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास भेज दी थी। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे तमाम मतभेदों के बावजूद एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था।

*क्या जाएगी महुआ मोइत्रा की सांसदी? पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा में आचार समिति की रिपोर्ट पेश*

#tmc_mp_mahua_moitra_report_tabelled_in_lok_sabha 

पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निर्देश पर जांच करने वाली सदन की एथिक्स कमेटी ने लोकसभा में रिपोर्ट पेश कर दी है। भाजपा सांसद विजय सोनकर ने रिपोट की सभा के पटल पर रखा। इस बीच सदन में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट में न सिर्फ महुआ की सदस्यता निरस्त करने की, बल्कि उनके कृत्यों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इसकी जांच भी कराने की सिफारिश की गई है।

रिपोर्ट पेश होते ही सदन में हंगामा हो गया। टीएमसी समेत विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ मोइत्रा संसद से बाहर चली गईं। उन्होंने कहा, हमें अभी तक यह नहीं मिला है। मुझे अपना दोपहर का भोजन करने दो और वापस आने दो। जो भी होना है, दोपहर 2 बजे के बाद होगा।

विपक्षी दलों के हंगामे को देखते हुए रिपोर्ट को स्वीकार करते समय अथवा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई करते समय सदन में वोटिंग की नौबत आ सकती है। इसे देखते हुए भाजपा ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान दिनभर सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

एथिक्स कमिटी ने नौ नवंबर को छह-चार के बहुमत से पैसे लेकर प्रश्न पूछने के आरोप में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट को स्वीकार किया था। बता दें कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट को पिछले महीने 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेज दिया था। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था। अगर इसे लागु किया गया तो महुआ की संसद सदस्यता खत्म हो सकती है।

इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा, ''मां दुर्गा आ गई हैं, अब देखेंगे..रिपोर्ट पेश होने से पहले महुआ मोइत्रा ने महाभारत की तरह रण होने की चेतावनी दी है। उन्होंने एक बंगला कविता का पाठ करते हुए कहा कि जो डराता है उसके सामने सिर उठाकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उसके बाद उन्होंने दिनकर की मशहूर कविता का पाठ करते हुए कहा कि जब नाश मनुष्य पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। महुआ ने कहा, " उन्होंने (बीजेपी) चीर हरण शुरू किया है तो महाभारत का रण देखेंगे।

सिर काटकर टेबल पर रख देना चाहिए…महुआ मोइत्रा ने किसके लिए कही इतनी “बड़ी” बात

#mahuamoitracontroversyamitshah

पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा ने गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित बयान दिया है। मोइत्रा ने शुक्रवार को घुसपैठ मुद्दे पर कहा कि सीमा सुरक्षा की जिम्मेदारी गृह मंत्रालय की होती है। अगर घुसपैठ हो रही है तो अमित शाह का सिर काटकर टेबिल पर रख देना चाहिए।

पश्चिम बंगाल के नदिया जिले में शुक्रवार को महुआ राज्य में अवैध घुसपैठ को लेकर जवाब दे रही थीं। इस दौरान टीएमसी नेता ने कहा- मैं पूछ रही हूं कि अगर हमारे देश की सीमाओं की रक्षा करने वाला कोई नहीं है और लाखों-करोड़ों लोग भारत में घुस रहे हैं, अगर वे हमारी माताओं और बहनों पर बुरी नजर डाल रहे हैं, वे हमारी जमीन पर कब्जा कर रहे हैं, तो सबसे पहले अमित शाह का सिर काटना चाहिए और मेज पर रखना चाहिए।

चिल्लाने से कुछ नहीं होगा-मोइत्रा

मोइत्रा ने आगे कहा कि 'केवल घुसपैठिया... घुसपैठिया... चिल्लाने से कुछ नहीं होगा। प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को लाल किले से कहा कि घुसपैठ हो रही है और उसकी वजह से डेमोग्राफी चेंज हो रही है, बाहर से लोग यहां आ रहे हैं। जिस वक्त वो ये बात कह रहे थे कि उस वक्त पहली पंक्ति में बैठे गृहमंत्री उनकी बात सुनकर तालियां बजा रहे थे, ये बेहद ही शर्मनाक है।

बीजेपी बोले-टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति उजागर

बंगाल भाजपा ने उनके बयान से जुड़ा एक वीडियो भी एक्स पर शेयर किया। वहीं दूसरी पोस्ट में भाजपा ने लिखा- जब महुआ गृह मंत्री का सिर काटने की बात करती हैं, तो यह टीएमसी की हताशा और हिंसा की संस्कृति को उजागर करता है जो बंगाल की छवि को धूमिल कर रही है और राज्य को पीछे धकेल रही है। वहीं, महुआ के बयान को लेकर संदीप मजूमदार नाम के एक बीजेपी कार्यकर्ता ने नदिया कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।

*महुआ मोइत्रा को ईडी का एक और समन, फेमा मामले में पूछताछ के लिए बुलाया, हीरानंदानी को भी समन*

#ed_summons_mahua_moitra_darshan_hiranandani  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढती ही जा रही है। ईडी ने एक बार फिर फेमा मामले में टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा और दर्शन हीरानंदानी को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने समन जारी किया है। दोनों को 28 मार्च को पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया गया है। ईडी की तरफ से महुआ को भेजा गया ये तीसरा समन है। इससे पहले महुआ ने ईडी को चिट्ठी लिखकर पेशी के लिए मोहलत मांगी थी। मोइत्रा को ‘रिश्वत लेकर सवाल पूछने’ के मामले में दिसंबर में लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया था। भाजपा के नेता निशिकांत दुबे ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकपाल में भी शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने टीएमसी सांसद पर संसद में सवाल पूछने के बदले पैसे लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने मोइत्रा पर आर्थिक लाभ के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का भी आरोप लगाया था। लोकसभा स्पीकर को लिखे अपने पत्र में दुबे ने कहा था कि उन्हें वकील और महुआ के पूर्व दोस्त जय अनंत का एक पत्र मिला है, जिसमें उन्होंने मोइत्रा और जाने-माने बिजनेस टाइकून दर्शन हीरानंदानी के बीच सवाल पूछने के लिए रिश्वत के आदान-प्रदान के सबूत साझा किए हैं। इसके आधार पर निष्कर्ष निकाला गया कि मोइत्रा ने संसद में उनके द्वारा पूछे गए कुल 61 में से लगभग 50 प्रश्न दर्शन हीरानंदानी और उनकी कंपनी के व्यावसायिक हितों को बचाने के लिए थे। टीएमसी नेता के खिलाफ लोकपाल की तरफ से शिकायत करने के बाद सीबीआई ने प्राथमिक जांच शुरू की थी। लोकपाल की तरफ से निर्देश दिए जाने के बाद शनिवार को सीबीआई ने इस संबंध में मोइत्रा के परिसर की तलाशी ली थी।
महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई की बड़ी कार्रवाई, कोलकाता समेत कई ठिकानों पर छापेमारी

#cbi_action_against_mahua_moitra_raid_at_many_places 

कैश फॉर क्वेरी मामले में घिरीं तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता महुआ मोइत्रा एक बार फिर मुश्किल में घिरती नजर आ रही हैं। दरअसल, सीबीआई मोइत्रा के आवासों पर छापेमारी की कार्रवाई कर रही है। कोलकाता तथा अन्य स्थानों पर भी कैश फॉर क्वेरी मामले में छापे मारी कर रही है। सीबीआई ने गुरूवार 21 मार्च को ही महुआ मोइत्रा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। एंटी-करप्शन संस्था लोकपाल के निर्देशों पर सीबीआई ने कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सीबीआई अधिकारियों ने रविवार को महुआ से जुड़े कोलकाता सहित कई अन्य लोकेशन में रेड की। महुआ मोइत्रा के साथ ही उनके पिता के आवास पर भी सीबीआई ने छापा मारा है। कोलकाता के अलीपुर इलाके में स्थित महुआ के पिता दीपेन्द्रलाल मोइत्रा के फ्लैट पर भी सीबीआई की टीम पहुंची। सीबीआई अधिकारियों ने कहा कि सीबीआई ने शनिवार को कथित कैश-फॉर-क्वेरी मामले में कोलकाता सहित कई स्थानों पर पूर्व टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के परिसरों की तलाशी ली गई। उन्होंने बताया कि केंद्रीय जांच एजेंसी की टीमें शनिवार तड़के कोलकाता और अन्य शहरों में मोइत्रा के आवास पर पहुंचीं, तलाशी कार्यवाही की जानकारी दी और ऑपरेशन शुरू किया।

हालांकि, महुआ मोइत्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि सीबीआई ने उनके पिता के घर पर छापा मारा है लेकिन ये छापेमारी कैश फॉर क्वेरी मामले में नहीं बल्कि किसी और मामले में हैं।

बता दें कि पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा पर बीजेपी के लोकसभा सांसद निशिकांत दुबे ने पैसे लेकर सवाल का आरोप लगाया था। जिसके बाद सीबीआई ने इस केस की जांच की। लोकपाल ने सीबीआई को मामले में शिकायतों के सभी पहलुओं की जांच करने के बाद छह महीने में रिपोर्ट देने को कहा है. लोकपाल पीठ ने अपने आदेश में कहा है कि एक सांसद के रूप में मोइत्रा के खिलाफ लगाए गए आरोप ठोस सबूतों और गंभीर हैं। ऐसे में सच का पता लगाने के लिए इसकी गहन जांच होना जरूरी है।

*महुआ मोइत्रा की बढ़ी मुश्किलें, सीबीआई दर्ज करेगी एफआईआर, पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकपाल ने दिया आदेश*

#mahua_moitra_in_big_trouble_lokpal_orders_cbi_probe 

संसद में पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में घिरी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।लोकपाल ने अब इस मामले में टीएमसी नेता के खिलाफ सीबीआई जांच का आदेश दिया है। माना जा रहा है कि अब सीबीआई जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज करेगी।इसके अलावा लोकपाल ने सीबीआई को छह महीने में रिपोर्ट सौंपने का भी निर्देश दिया है।

2023 नवंबर में सीबीआई ने पीई यानी प्रिमिलनरी इंक्वायरी लोकपाल के आदेश पर शुरू करके लोकपाल को रिपोर्ट सौंपी थी, जिसके बाद ये आदेश दिए गए है।लोकपाल ने अपने आदेश में कहा, 'रिकॉर्ड पर मौजूद संपूर्ण जानकारी का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और विचार के बाद इस बात में कोई संदेह नहीं रह जाता है उनके खिलाफ ठोस सबूत हैं।बेहद गंभीर प्रकृति के हैं, खासकर उनके पद को देखते हुए।

लोकपाल ने अपने आदेश में कहा, 'एक जन प्रतिनिधि के कंधों पर जिम्मेदारी और बोझ अधिक होता है। भ्रष्टाचार एक ऐसी बीमारी है जो इस लोकतांत्रिक देश की विधायी, प्रशासनिक, सामाजिक और आर्थिक कार्यप्रणाली पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। यह हमारा कर्तव्य है और अधिनियम का आदेश है कि उन भ्रष्टाचार और भ्रष्ट प्रथाओं को जड़ से खत्म करने के लिए सभी प्रयास किए जाएं जो अनुचित लाभ, अवैध लाभ या लाभ और बदले में लाभ जैसे पहलुओं को अपने दायरे में लाते हैं।

लोकपाल के आदेश पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'सत्यमेव जयते।निशिकांत दुबे ने ट्वीट किया, “मेरी शिकायत को सही मानते हुए लोकपाल ने महुआ मोइत्रा के खिलाफ सीबीआई को जांच करने का आदेश दिया।” उन्होंने आगे कहा, ‘सत्यमेव जयते’।

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया था। इतना ही नहीं आरोप है कि महुआ ने अपने दोस्त हीरानंदानी को संसद की लॉगइन आईडी और पासवर्ड दिया। निशिकांत दुबे ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर महुआ के खिलाफ जांच की मांग की थी। इसके बाद एथिक्स कमेटी का गठन किया गया था। एथिक्स कमेटी ने महुआ के खिलाफ आरोपों को सही ठहराया था और कार्रवाई की मांग की थी। इसके बाद महुआ मोइत्रा के आचरण को अनैतिक और अशोभनीय करार देते हुए उनकी सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, ममता बनर्जी की पार्टी ने महुआ को इस बार भी इसी सीट से उम्मीदवार बनाया है।

कम नहीं हो रही महुआ मोइत्रा की मुश्किलें, पहले सांसदी गई, अब जबरन खाली कराया जाएगा सरकारी बंगला

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तृणमूल कांग्रेस नेता महुआ मोइत्रा की मुश्किलें थमने का नाम नहीं ले रही हैं। पहले तो घूस लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में उनको लोकसभा से निष्कासित कर दिया गया। अब उनको नोटिस जारी कर सरकारी बंगला तुरंत खाली करने का निर्देश दिया गया है। टीएमसी नेता को पहले ही बंगला खाली करने को कहा गया था। संसद से निलंबन के बाद महुआ मोइत्रा को सरकारी बंगला खाली करने के लिए कई नोटिस दिए गए लेकिन उन्होंने बंगला खाली नहीं किया। वहीं, सरकार ने अब उन्हें अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर अब उन्होंने सरकारी बंगला खाली नहीं किया तो उन्हें जबरन वहां से निकाल बाहर किया जाएगा।

नोटिस के मुताबिक, संसद सदस्यता छिनने के बाद अब वे इस बंगले की पात्र नहीं रहीं इसलिए उन्हें 9B टेलीग्राफ लेन का टाइप 5 बंगला खाली करना होगा। नियम के मुताबिक, बंगला खाली करने के लिए उन्हें एक महीने का समय दिया गया था। हालांकि, इस बीच उन्होंने कोर्ट का भी सहारा लिया था लेकिन वहां से भी राहत नहीं मिली।

दो बार बंगला खाली करने का नोटिस भेजा गया

डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स ने मंगलवार को उन्हें ये नोटिस भेजा। कैश फॉर क्वेरी केस में 8 दिसंबर 2023 को महुआ की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई थी। इसके बाद उन्हें दो बार बंगला खाली करने के लिए कहा जा चुका है। महुआ को सबसे पहले इस साल 7 जनवरी तक बंगला खाली करने को कहा गया था। 8 जनवरी को डायरेक्टोरेट ऑफ एस्टेट्स ने एक नोटिस जारी करके उनसे पूछा कि उन्होंने अब तक बंगला खाली क्यों नहीं किया है। इसके बाद उन्हें 12 जनवरी को दूसरा नोटिस भेजा गया।

कैश फॉर क्वेरी केस में गई थी महुआ की सांसदी

बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मुहआ पर आरोप लगाया था कि उन्होंने लोकसभा में पैसे लेकर सवाल पूछे हैं। निशिकांत ने इसकी शिकायत लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से की थी। मामले की जांच के लिए एथिक्स कमेटी बनाई गई थी। एथिक्स कमेटी की रिपोर्ट में महुआ को दोषी माना गया था, जिसके बाद महुआ के निष्कासन का प्रस्ताव 8 दिसंबर 2023 को लोकसभा में पेश हुआ था।महुआ के निष्कासन पर लोकसभा में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई थी। आखिर में प्रस्ताव पर वोटिंग हुई। वोटिंग में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने प्रस्ताव पास हो गया।

सांसदी जाने के बाद सुप्रीम कोर्ट पहुंची महुआ मोइत्रा, लोकसभा निष्कासन को दी चुनौती

#mahua_moitra_filed_petition_in_supreme_court

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की पूर्व सांसद महुआ मोइत्रा ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। कैश फॉर क्वेश्चन मामले में महुआ मोइत्रा को शुक्रवार को लोकसभा ने सदस्यता से वंचित कर दिया था। अब उन्होंने इस निर्णय को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।बता दें कि इस मामले में शुक्रवार 8 दिसंबर को महुआ की सदस्यता रद्द कर दी गई थी।

महुआ पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप लगाया गया था, जिसके बाद एथिक्स कमिटी का गठन किया गया और फिर एथिक्स कमिटी ने लोकसभा में लंबी जांच-पड़ताल के बाद शुक्रवार को रिपोर्ट सौंपा था।रिपोर्ट में एथिक्स कमिटी ने लोकसभा अध्यक्ष से महुआ मोइत्रा को सदन से निष्कासित करने की सिफारिश की थी। रिपोर्ट पेश होने के बाद लोकसभा में चर्चा के बाद महुआ मोइत्रा को संसद से निष्कासित करने का प्रस्ताव जारी किया गया।

कृष्णानगर लोकसभा सीट से पहली बार संसद पहुंचीं मोइत्रा को लोकसभा की आचार समिति की रिपोर्ट में उन्हें ‘अनैतिक एवं अशोभनीय आचरण’ के लिए जिम्मेदार ठहराया गया जिससे उनके निष्कासन का रास्ता बना। संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने हंगामेदार चर्चा के बाद लोकसभा में मोइत्रा के निष्कासन का प्रस्ताव पेश किया जिसे सदन ने ध्वनिमत से मंजूरी दे दी। चर्चा में मोइत्रा को अपना पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया।

वहीं, संसद सदस्यता खत्म होने के बाद महुआ मोइत्रा ने कहा, मेरे खिलाफ कोई सबूत नहीं मिले। मैंने अडाणी का मुद्दा उठाया था, मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए मेरी सदस्यता रद्द की गई है। समिति ने अच्छे से जांच नहीं की। अपने निष्कासन पर प्रतिक्रिया देते हुए मोइत्रा ने इस फैसले की तुलना ‘कंगारू अदालत’ द्वारा सजा दिए जाने से करते हुए आरोप लगाया कि सरकार लोकसभा की आचार समिति को, विपक्ष को झुकने के लिए मजबूर करने का हथियार बना रही है। महुआ मोइत्रा ने कहा कि ये सरकार के अंत की शुरुआत है।

सांसदी जाने के बाद बौखलाईं महुआ, बोलीं-ये आपको अंत की शुरूआत

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कैश फॉर क्वेरी मामले में टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई है। लोकसभा की एथिक्स कमिटी ने उनकी सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की थी। शुक्रवार को कमिटी की रिपोर्ट पर लोकसभा में चर्चा हुई और संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद पटेल ने टीएमसी सांसद की सदस्यता रद्द करने का प्रस्ताव रखा। प्रस्ताव पास होने के बाद महुआ मोइत्रा की संसद सदस्यता रद्द हो गई।

इस रिपोर्ट पर बहस कराए जाने और महुआ मोइत्रा को लोकसभा में अपनी बात रखने की मांग को लोकसभा स्पीकर ने ये कहते हुए ठुकरा दिया कि उन्हें पैनल की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखने का मौका मिल चुका है।महुआ मोइत्रा को सांसद से निलंबित किए जाने के बाद टीएमसी नेता महुआ मोइत्रा, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं के साथ संसद की कार्यवाही का वॉकआउट किया। विपक्षी सदस्यों ने लोकसभा से बहिर्गमन किया। इस दौरान सभी विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया कि बीजेपी और केंद्र सरकार बदले की राजनीति कर रही है

लोकसभा से निष्कासित किए जाने के बाद तृणमूल कांग्रेस की नेता महुआ मोइत्रा ने मोदी सरकार पर जमकर भड़ास निकाली। मोइत्रा ने कहा है कि एथिक्स कमेटी के पास उन्हें निष्कासित करने की सिफ़ारिश करने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि इस कंगारू कोर्ट में जो कुछ हुआ, वो बताता है कि अदानी को बचाने के लिए मोदी सरकार क्या कुछ कर सकती है। महुआ मोइत्रा ने कहा, मैं 49 साल की हूं और मैं अगले 30 साल तक संसद के अंदर और बाहर आपके ख़िलाफ़ संघर्ष करूंगी। मैं गटर में लड़ूंगी, मैं सड़कों पर लड़ूंगी। 

महुआ मोइत्रा ने बांग्ला में कहा - लोग आपका अंत देखेंगे। आपके पास पंजाब नहीं है, सिंध हमारे पास नहीं है, द्रविड़ आपका नहीं है, उत्कल आपका नहीं है, बंगाल आपका नहीं है। आप कहां से हम पर राज करेंगे, आपको ये शक्तिशाली बहुमत कहां से मिलेगा? एथिक्स कमेटी के पास निष्कासित करने का अधिकार नहीं है. आपने अर्धन्यायिक अथॉरिटी की अधिकार लिए और मुझ पर कार्रवाई कर दी। आपने प्रक्रिया का दुरुपयोग किया है। ये आपके अंत की शुरुआत है। हम लौटेंगे और आपका अंत देखेंगे।

पूरे मामले को लेकर टीएमसी चीफ और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि हम महुआ मोइत्रा के साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा, हम महुआ मोइत्रा के साथ हैं। ये गणतंत्र के अधिकारों का हनन है। मुझे लगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का इस बात पर सही रवैया होगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ये पूरी संसद के लिए दुख भरा दिन है।

बता दें कि महुआ मोइत्रा पर उद्योगपति दर्शन हीरानंदानी से महंगे उपहार के एवज में उनकी तरफ से संसद में सवाल पूछने का आरोप है। इतना ही नहीं, उन पर आरोप है कि उन्होंने अपने संसदीय लॉग इन आईडी और पासवर्ड को भी हीरानंदानी को बता रखा था ताकि वह सीधे सवाल पूछ सकें। बीजेपी सासंद निशिकांत दुबे ने लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी भेजकर आरोप लगाया था कि महुआ ने दर्शन हीरानंदानी नाम के कारोबारी से रिश्वत लेकर अदानी समूह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाना बनाने के लिए सवाल पूछे।

*टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म, लोकसभा से प्रस्ताव पास, पैसे लेकर सवाल पूछने में दोषी करार*

#cashforquerymatterloksabhaexpelsmahuamoitra 

कैश फॉर क्वेरी मामले को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म कर दी गई। एथिक्स कमेटी की जांच में वह दोषी पाई गईं। संसद के शीतकालीन सत्र के पांचवे दिन लोकसभा ने आचार समिति की उस रिपोर्ट को मंजूरी प्रदान कर दी है। जिसमें तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा को निष्कासित करने की सिफारिश की गई थी।महुआ मोइत्रा पर पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने का आरोप था।बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महुआ पर आरोप लगाया था।

महुआ मोइत्रा अब सांसद नहीं रहीं। उनकी लोकसभा सदस्यता खत्म करने का प्रस्ताव पास हो गया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इसकी घोषणा की। उन्होंने कहा कि 15 अक्टूबर, 2023 को सांसद निशिकांत दुबे की शिकायत पर आचार समिति ने महुआ मोइत्रा पर लगे आरोपों को सही पाया। इस कारण उन्हें लोकसभा में रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। लोकसभा ने इस प्रस्ताव को पास कर दिया है।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ लोकसभा में प्रस्ताव पास हुआ। इससे पहले सदन में चर्चा हुई। ओम बिरला ने कहा, हम यहां न्याय नहीं, चर्चा कर रहे हैं। ये सदन न्यायलय की तरह काम नहीं कर रहा। मैं नियम के तहत बात कर रहा हूं। मेरा अधिकार नहीं, सभा का अधिकार है। सभा का अधिकार नहीं होता तो अब तक मैं फैसला सुना देता। 

सदस्यता जाने पर क्या बोली महुआ

सदस्यता जाने पर महुआ मोइत्रा ने कहा कि मैंने अडानी ग्रुप का मुद्दा उठाया था। इसलिए मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ये सब किया गया है।किसी तरह की रकम या तोहफा लेने का कोई सबूत नहीं है। आचार समिति इस मामले की जांच की तह तक नहीं गई। मोदी सरकार को लगता है कि मुझे चुप कराकर वह अदाणी के मुद्दे से ध्यान भटका देगी, लेकिन ऐसा नहीं हो पाएगा।

*महुआ मोइत्रा के खिलाफ आचार समिति की रिपोर्ट में क्या-क्या, सांसदी जाएगी या बचेगी इस पर लोकसभा में बहस जारी*

#tmc_mp_mahua_moitra_lok_sabha_ethics_panel_report

पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में तृणमुल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। संसद के शीतकालीन सत्र के आज पांचवे दिन महुआ मोइत्रा के खिलाफ कैश-फॉर-क्वेरी आरोपों पर लोकसभा की एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट पेश कर दी है। जिसमें महुआ की सांसदी खत्म करने की सिफारिश की गई है। इस रिपोर्ट में महुआ से हुई पूछताछ का हवाला देते हुए ये भी लिखा गया है कि महुआ के खिलाफ लगे आरोप बेहद गंभीर हैं, ऐसे में उनपर एक्शन होना चाहिए। एथिक्स कमिटी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि महुआ मोइत्रा ने निहायत ही आपत्तिजनक, गैरकानूनी और घृणित अपराध किया है।रिपोर्ट में सिफारिश की गई है कि इस मामले में भारत सरकार एक कानूनी और संस्थागत जांच कराएं, जो एक तय समय सीमा में खत्म होनी चाहिए।

संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने एथिक्स कमिटी की रिपोर्ट पर एक्शन के लिए मोशन मूव किया। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा, ये पीड़ादायक है, लेकिन कई बार सदन को अपने नियमों के लिए उचित फैसला लेना पड़ता है। पूरा देश ऊंच संसदीय परंपराओं के लिए हमारी तरफ देखता है। पिछले 75 साल में हमारा लोकतंत्र परिपक्व हुआ है। उन्होंने कहा, हमारी जनता को कल्याण के लिए इस सदन में चर्चा जरूरी होती है।

लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी ने आचार समिति की रिपोर्ट पर बहस के लिए तीन-चार दिन का वक्त मांगा। उन्होंने कहा कि सांसदों के पास जो रिपोर्ट आई है, उसमें 106 पन्ने हैं। एनेक्सर और अन्य चीजें मिलाकर कुल 406 पन्ने हैं। भला दो घंटे में इतने पन्ने कैसे पढ़ सकता है? क्या किसी इंसान की क्षमता है कि इतना कम समय में पूरा दस्तावेज पढ़ ले? इसलिए तीन-चार दिन का समय दिया जाए ताकि रिपोर्ट को ठीक से पढ़कर देखें कि क्या इसमें कोई त्रुटि है? नैचरल जस्टिस यही कहता है कि जिस पर आरोप है, कम से कम उसे तो रिपोर्ट समझने का वक्त मिले।

बता दें कि कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के पास भेज दी थी। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे तमाम मतभेदों के बावजूद एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था।

*क्या जाएगी महुआ मोइत्रा की सांसदी? पैसे लेकर सवाल पूछने के मामले में लोकसभा में आचार समिति की रिपोर्ट पेश*

#tmc_mp_mahua_moitra_report_tabelled_in_lok_sabha 

पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के निर्देश पर जांच करने वाली सदन की एथिक्स कमेटी ने लोकसभा में रिपोर्ट पेश कर दी है। भाजपा सांसद विजय सोनकर ने रिपोट की सभा के पटल पर रखा। इस बीच सदन में विपक्षी सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ के खिलाफ निष्कासन प्रस्ताव लाने की भी तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट में न सिर्फ महुआ की सदस्यता निरस्त करने की, बल्कि उनके कृत्यों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इसकी जांच भी कराने की सिफारिश की गई है।

रिपोर्ट पेश होते ही सदन में हंगामा हो गया। टीएमसी समेत विपक्ष के सांसदों ने नारेबाजी, जिसके बाद लोकसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। रिपोर्ट पेश होने के बाद महुआ मोइत्रा संसद से बाहर चली गईं। उन्होंने कहा, हमें अभी तक यह नहीं मिला है। मुझे अपना दोपहर का भोजन करने दो और वापस आने दो। जो भी होना है, दोपहर 2 बजे के बाद होगा।

विपक्षी दलों के हंगामे को देखते हुए रिपोर्ट को स्वीकार करते समय अथवा टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ कार्रवाई करते समय सदन में वोटिंग की नौबत आ सकती है। इसे देखते हुए भाजपा ने अपने सभी लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी कर शुक्रवार को सदन की कार्यवाही के दौरान दिनभर सदन में मौजूद रहने का निर्देश दिया है।

एथिक्स कमिटी ने नौ नवंबर को छह-चार के बहुमत से पैसे लेकर प्रश्न पूछने के आरोप में महुआ को लोकसभा से निष्कासित करने की सिफारिश करते हुए रिपोर्ट को स्वीकार किया था। बता दें कि महुआ मोइत्रा मामले में एथिक्स कमेटी ने अपनी जांच रिपोर्ट को पिछले महीने 10 नवंबर को ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को भेज दिया था। पैसे लेकर संसद में सवाल पूछने के मामले में लोकसभा अध्यक्ष बिरला के निर्देश पर पूरे मामले की जांच कर एथिक्स कमेटी ने लगभग 500 पन्नों की अपनी रिपोर्ट तैयार की थी, जिसे एथिक्स कमेटी की बैठक में 6-4 के अंतर से मंजूर कर लिया गया था। अगर इसे लागु किया गया तो महुआ की संसद सदस्यता खत्म हो सकती है।

इससे पहले महुआ मोइत्रा संसद पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने कहा, ''मां दुर्गा आ गई हैं, अब देखेंगे..रिपोर्ट पेश होने से पहले महुआ मोइत्रा ने महाभारत की तरह रण होने की चेतावनी दी है। उन्होंने एक बंगला कविता का पाठ करते हुए कहा कि जो डराता है उसके सामने सिर उठाकर लड़ाई लड़नी चाहिए। उसके बाद उन्होंने दिनकर की मशहूर कविता का पाठ करते हुए कहा कि जब नाश मनुष्य पर छाता है पहले विवेक मर जाता है। महुआ ने कहा, " उन्होंने (बीजेपी) चीर हरण शुरू किया है तो महाभारत का रण देखेंगे।