प्रयागराज में राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने वादों पर हो रही सुनवाई, निस्तारित भी किए गए्

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । राष्ट्रीय लोक अदालत जिला कचहरी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लगी है। इसमें पुराने वादों से लेकर उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान ही वादों को निस्तारित भी किया जा रहा है।

लोक अदालत में जुटी लोगों की भीड़ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने किया। उनके साथ कई एडीजे और एसीजेएम भी मौजूद हैं, जो वादों की सुनवाई कर रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में सुबह से ही काफी भीड़ जुट गई थी।

हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट

Rashtriya Lok Adalat जनपद न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट लगाए हैं। इन सभी मजिस्ट्रेट की अलग-अलग टेबल भी लगाई गई है। यहां भीड़ जुटी है और पुराने वादों की सुनवाई चल रही है।

संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष लामबंद, टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

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बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले एक बार फिर सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

बिरला पर भेदभाव करने का आरोप

लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव में, बिरला पर खुलकर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना

बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और उसी दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोली कांग्रेस?

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

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लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

लोकसभा में विरोध के बीच जी राम जी बिल पास, शिवराज ने अटल की कविता से दिया विपक्ष को जवाब

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मनरेगा का नाम बदलकर भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी 'जी राम जी' करने वाला बिल लोकसभा में आज विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पास हो गया है। विपक्ष ने बिल पास होने पर जमकर हंगामा किया और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए। सदन का माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

शिवराज सिंह ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर दिया जवाब

विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार की तरफ से जारी आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने फंड का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने पर जोर दिया।

किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक

शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि सरकार किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक लाई है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा, सबसे पहले इस पवित्र सदन में मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। सभापति महोदय को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस विषय पर हमने माननीय सदस्यों के विचार सुने हैं। अब जवाब देना मेरा अधिकार है। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूं। मैंने रात के डेढ़ बजे तक माननीय सदस्यों की बात सुनी है। अपनी बात सुना देना और फिर जवाब न सुनना ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है।

कृषि मंत्री ने कहा- यह गांवों के विकास का विधायक

कृषि मंत्री ने कहा, यह गांवों के विकास का विधायक है। माननीय प्रतिपक्षी सदस्यों ने कई तरह के आरोप लगाए। एक बात यह कही कि हम भेदभाव करते हैं। सारा देश हमारे लिए एक है। चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी। अलग भाषा-अलग वेष, फिर भी अपना एक देश। उन्होंने आगे कहा, मैं इनको बताना चाहता हूं कि अटल जी ने क्या कहा था। माननीय अध्यक्ष महोदय, हम देश के किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करते। हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था - यह देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है, जीता-जाता राष्ट्र पुरुष है।

कांग्रेस को नाम रखने की सनक

शिवराज सिंह ने आगे कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, कितनी योजनाओ का नाम नेहरू परिवार पर रखा गया। राजीव जी के नाम पर 55 राज्य सरकार की योजनाओं के नाम रखे गए। 74 सड़कों के नाम राजीव पर, 15 नेशनल पार्क नेहरू जी के नाम पर रखे गए. नाम रखने की सनक कांग्रेस की है।

बता दें कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 16 दिसंबर को कहा कि हम इस बिल का विरोध करते हैं। हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती है।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

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बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78

चतरा में दो दिवसीय 'कृषि उद्यम मेला-2025' का भव्य शुभारंभ: किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की पहल

चतरा, 1 अगस्त 2025: चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आज 'कृषि उद्यम मेला-2025' का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसने जिले के कृषि इतिहास में एक नई शुरुआत दर्ज की है। दो दिवसीय इस मेले का उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना, बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और कृषि नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा सीधे बाजार पहुंच के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। मेले का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया।

मेले की प्रमुख विशेषताएँ और नवाचार:

इस मेले में कृषि क्षेत्र से जुड़े विविध विभागों, योजनाओं, तकनीकों और बाजार को एक ही छत के नीचे लाया गया है।

40 से अधिक स्टॉल: कृषि विभाग, गव्य विकास, मत्स्य, उद्यान, भूमि संरक्षण, JSLPS (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी), कृषि विज्ञान केंद्र सहित विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) व किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) द्वारा योजनाओं और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

कृषि विशेषज्ञ और राष्ट्रीय क्रेता कंपनियाँ: 10 से अधिक कृषि विशेषज्ञ और 30 से ज्यादा राष्ट्रीय क्रेता कंपनियाँ जैसे Amul, Reliance, Suvidha Mart, Tokari Fresh आदि उपस्थित हैं, जो किसानों के उत्पादों को सीधे खरीदने की संभावना तलाशेंगी।

डिजिटल नवाचार: आमजनों की भागीदारी और शिकायत निवारण के लिए “जन शिकायत पोर्टल” और “लोक सेतु पोर्टल” का भी लोकार्पण किया गया। अब नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं और अपनी शिकायतों की स्थिति जान सकते हैं।

सम्मान और प्रोत्साहन: आगंतुकों का स्वागत पौधा और शॉल भेंट कर किया गया। SHG दीदियों, FPO प्रतिनिधियों और क्रेताओं को सम्मानित भी किया गया।

प्रगतिशील किसानों और अधिकारियों का संबोधन:

कान्हाचट्टी प्रखंड के बाकचुंबा गांव के प्रगतिशील किसान श्री उदय दांगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई दिशा और बेहतर बाजार से जोड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।

जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री बृज किशोर तिवारी ने इस आयोजन को किसानों में नई उम्मीद की किरण बताया। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे मादक पदार्थों, खासकर अफीम की खेती से दूर रहकर फूल, फल और सब्जियों की खेती की ओर अग्रसर हों। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

गव्य विकास निदेशालय के निदेशक श्री जिशान कमर ने चतरा की टमाटर उत्पादन परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आ रहा है।

उपायुक्त कीर्तिश्री जी: "कृषि नवाचार की दिशा में चतरा का सशक्त कदम"

दो दिवसीय “आकांक्षा हाट सह कृषि उद्यम मेला – 2025” के उद्घाटन अवसर पर उपायुक्त चतरा श्रीमती कीर्तिश्री जी ने अपने संबोधन में इसे "चतरा के किसानों की मेहनत, संकल्प और नवाचार को एक सशक्त मंच प्रदान करने का प्रयास" बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 'वोकल फॉर लोकल' और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' जैसी महत्वपूर्ण पहलों को जमीन पर उतारने का माध्यम बनेगा। यह कार्यक्रम कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, भूमि संरक्षण, JSLPS और NABARD के सहयोग से वाणिज्यिक खेती, डेयरी फार्मिंग, खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रयासों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।

उपायुक्त ने चतरा को एक कृषि प्रधान जिला बताते हुए इसकी कृषि योग्य भूमि (88,700 हेक्टेयर में से कुल 3,94,290 हेक्टेयर) और धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन व सब्जियों के प्रमुख उत्पादन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सिमरिया, गिद्धौर, ईटखोरी, हंटरगंज, प्रतापपुर जैसे प्रखंड सब्जी उत्पादन के हब बन चुके हैं। उन्होंने फसल राहत योजना, कृषि ऋण माफी योजना, बिरसा ग्राम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और खाद्य सुरक्षा मिशन जैसी सरकारी योजनाओं से किसानों को मिल रही सहायता का भी उल्लेख किया। खाद, बीज, कीटनाशक और यंत्रों की आपूर्ति ब्लॉकचेन तकनीक से की जा रही है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।

समग्र कृषि विकास और डिजिटल पहल:

श्रीमती कीर्तिश्री ने बताया कि सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से किसानों को भूमि की उर्वरता की वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है और 2000 से अधिक मिट्टी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं। आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों को बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कृषि अनुसंधान संस्थानों में एक्सपोजर विजिट और प्रशिक्षण भी दिए गए हैं।

उन्होंने गव्य विकास योजना के तहत 216 लाभुकों को दुधारू गाय व बोरिंग की सुविधा, दूध उत्पादन इकाई, मिल्किंग मशीन, वर्मी कम्पोस्ट, पनीर निर्माण यूनिट जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया। पशुओं का नियमित टीकाकरण और बेहतर नस्ल का वितरण भी चल रहा है। भूमि संरक्षण के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार, परकोलेशन टैंक, डीप बोरिंग और जल निधि योजना से सिंचित क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 125 डीप बोरिंग और 124 परकोलेशन टैंक बनाए गए हैं, जिससे 250 हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई है। 1000 से अधिक किसानों को मिनी ट्रैक्टर और कृषि यंत्र दिए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव:

JSLPS के 'पलाश' ब्रांड के तहत महिलाएं दाल, सरसों तेल, अचार, हल्दी, बांस उत्पाद, मुर्गी पालन आदि के उत्पाद बना रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उपायुक्त ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना ग्रामीण विकास अधूरा है।

उपायुक्त ने Lok Setu Portal और जन समाधान पोर्टल के शुभारंभ की भी जानकारी दी, जो कृषि, गव्य विकास, मत्स्य, भूमि संरक्षण, पशुपालन, JSLPS आदि विभागों की योजनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुलभ बनाएंगे और शिकायतों की डिजिटल निगरानी व समाधान सुनिश्चित करेंगे।

मेले में Reliance, Amul, Medha, Tokari Fresh, Suvidha Mart, Farmart जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की उपस्थिति का जिक्र करते हुए उपायुक्त ने उनसे जिले के उत्पादों को बाजार देने, MoU करने और चतरा को अपने पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुनने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल विचार-विमर्श का नहीं, बल्कि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के बीच एक सेतु बनाने का कार्य करेगा और "यह प्रयास एक औपचारिकता नहीं, बल्कि धरातल पर परिवर्तन लाने की दिशा में प्रतिबद्ध पहल है।"

प्रमुख बिंदु:

SHG, FPO, विभागीय योजनाओं और उत्पादों की एकीकृत प्रदर्शनी।

जन शिकायत पोर्टल और लोक सेतु पोर्टल का शुभारंभ।

बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम।

मादक पदार्थों के खिलाफ जन-जागरूकता और वैकल्पिक खेती पर बल।

प्रगतिशील कृषकों के अनुभव और राष्ट्रीय कंपनियों से सीधा संवाद।

यह मेला कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और डिजिटल समावेशन की दिशा में चतरा की एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम का दूसरा दिन (02 अगस्त) भी विविध गतिविधियों, संवाद सत्रों और पुरस्कार वितरण के साथ आयोजित होगा।

प्रयागराज में राष्ट्रीय लोक अदालत में पुराने वादों पर हो रही सुनवाई, निस्तारित भी किए गए्

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । राष्ट्रीय लोक अदालत जिला कचहरी में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत लगी है। इसमें पुराने वादों से लेकर उपभोक्ताओं से जुड़े मामलों की सुनवाई की जा रही है। सुनवाई के दौरान ही वादों को निस्तारित भी किया जा रहा है।

लोक अदालत में जुटी लोगों की भीड़ राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने किया। उनके साथ कई एडीजे और एसीजेएम भी मौजूद हैं, जो वादों की सुनवाई कर रहे हैं। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से आयोजित इस लोक अदालत में सुबह से ही काफी भीड़ जुट गई थी।

हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट

Rashtriya Lok Adalat जनपद न्यायाधीश सत्य प्रकाश त्रिपाठी ने हर विभाग से जुड़े मामलों के लिए अलग-अलग मजिस्ट्रेट लगाए हैं। इन सभी मजिस्ट्रेट की अलग-अलग टेबल भी लगाई गई है। यहां भीड़ जुटी है और पुराने वादों की सुनवाई चल रही है।

संसद के नियम किसी भी व्यक्ति से सर्वोपरि, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों”, अविश्वास प्रस्ताव गिरने के बाद बोले ओम बिरला

#ombirlacomebackinloksabhasaysallmembersmustfollow_rules

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाया गया अविश्वास प्रस्ताव बुधवार को खारिज कर दिया गया। इस पर सदन में भारी बहस और हंगामे देखने को मिले, लेकिन ध्वनि मत से खारिज कर दिया गया। प्रस्ताव खारिज होने के बाद स्पीकर ओम बिरला ने वापसी के बाद सदन को संबोधित किया।

सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार रखे-ओम बिरला

स्पीकर ओम बिरला ने 10 मार्च, 2026 को अपने खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बात करते हुए कहा कि वह पार्लियामेंट के सभी सदस्यों के आभारी हैं कि उन्होंने उनके काम में पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि यह सदन भारत के 140 करोड़ नागरिकों की संप्रभु इच्छा का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने कहा कि हर सांसद अपने क्षेत्र के लोगों की समस्याओं और उम्मीदों को लेकर सदन में आता है और उनकी कोशिश हमेशा रही है कि सभी सदस्य नियमों के तहत अपने विचार खुलकर रख सकें।

स्पीकर ने बताया क्यों लेने पड़े मुश्किल फैसले

इस आरोप का जवाब देते हुए कि स्पीकर ने विपक्ष को बोलने नहीं दिया, उन्होंने कहा कि सदन नियमों और कानूनों का पालन करता है जिसके तहत बोलने से पहले स्पीकर की इजाजत लेना जरूरी है। बिरला ने कहा कि पार्लियामेंट में पेश करने से पहले सभी तस्वीरों, प्रिंटेड चीजों, कोट्स और डॉक्यूमेंट्स को स्पीकर की मंजूरी लेनी होगी। उन्होंने इशारा किया कि विपक्ष ने इस नियम का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें मुश्किल फैसले लेने पड़े।

यह आसन लोकतंत्र की भावना का प्रतिनिधि-ओम बिरला

उन्होंने स्पष्ट किया कि संसद के नियम सर्वोपरि हैं और कोई भी व्यक्ति नियम से ऊपर नहीं है, चाहे वह प्रधानमंत्री ही क्यों न हों। उन्होंने सदन को विचारों का जीवंत मंच बताते हुए कहा कि पिछले दो दिन में सभी सदस्यों की बातों को गंभीरता से सुना गया। हर सदस्य का आभारी हूं, चाहे वे आलोचक ही क्यों न रहे हों। यही विशेषता है कि यहां हर आवाज सुनी जाती है। यह आसन किसी व्यक्ति का नहीं है, यह लोकतंत्र की महान भावना का प्रतिनिधि है।

स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

लोकसभा अध्यक्ष के खिलाफ विपक्ष लामबंद, टीएमसी करेगी ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन

#tmcsupportsnoconfidencemotionagainstloksabhaspeakerombirla

बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत से पहले एक बार फिर सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ लाए जाने वाले अविश्वास प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। पार्टी के सांसदों को यह निर्देश तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी की ओर से दिया गया है।

बिरला पर भेदभाव करने का आरोप

लोकसभा में बिरला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए प्रस्ताव में, बिरला पर खुलकर भेदभाव करने का आरोप लगाया गया है। कांग्रेस सांसदों ने बिरला पर राहुल गांधी जैसे विपक्षी नेताओं को बोलने से रोकने, पक्षपातपूर्ण व्यवहार करने और जनता के मुद्दों को उठाने वाले सांसदों को निलंबित करने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

9 मार्च को प्रस्ताव पर चर्चा की संभावना

बजट सत्र के पहले चरण के अंतिम सप्ताह में कांग्रेस की अगुवाई में विपक्षी दलों ने स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव का नोटिस दिया था। संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से शुरू होगा और उसी दिन इस प्रस्ताव पर चर्चा होने की संभावना है।

अविश्वास प्रस्ताव पर क्या बोली कांग्रेस?

इससे पहले कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को कहा, 'तृणमूल कांग्रेस के अलावा सभी विपक्षी दलों के सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए हैं। कहा गया है कि इस पर नौ मार्च को विचार किया जाएगा।'

दोनों पक्षों ने जारी किया व्हिप

इस पूरे घटनाक्रम के बीच सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और विपक्षी कांग्रेस दोनों ने अपने लोकसभा सांसदों को तीन लाइन का व्हिप जारी किया है। इसके तहत 9 से 11 मार्च के बीच सदन में सभी सांसदों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा गया है।

9 मार्च को ओम बिरला के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग, हंगामे पर रिजिजु ने विपक्ष को चेताया

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लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला के खिलाफ विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बहस और मतदान 9 मार्च को होगा। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। साथ ही 9 मार्च से बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू होने वाला है। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाएंगे।

रिजिजू ने बताया कि, '9 मार्च को लोकसभा में हम स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर बहस करेंगे। नियम के अनुसार, सत्र के पहले ही दिन इस अविश्वास प्रस्ताव पर निर्णय पहले ही दिन लिया जाएगा। बहस के बाद मतदान होगा।'

कई महत्वपूर्ण विधेयक होंगे पेश

किरेन रिजिजू ने विपक्ष को चेतावनी देते हुए कहा कि, यदि विपक्ष ने बजट सत्र के पहले चरण की तरह विरोध जारी रखा तो यह उनके लिए ही नुकसानदायक होगा। उन्होंने कहा कि सेशन का यह हिस्सा ‘रोचक’ होगा, क्योंकि इसमें कई महत्वपूर्ण विधेयक और एक ‘क्रिटिकल’ बिल पेश किए जाएंगे।

रिजिजू की विपक्ष को गंभीर चेतावनी

संसदीय कार्य मंत्री ने कहा, यदि विपक्ष सदन नहीं चलने देगा तो विशेषाधिकार का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसका मतलब होगा कि बिना बहस के ही विधेयकों को पारित कर दिया जाएगा। यह विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका होगा।

2 अप्रैल तक चलेगा सत्र

बता दें कि बजट सेशन 28 जनवरी को राष्ट्रपति के संयुक्त सत्र को संबोधन से शुरू हुआ था और 12 फरवरी को रिसेस पर चला गया। 1 फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया गया। सेशन 9 मार्च से दोबारा शुरू होकर 2 अप्रैल तक चलेगा।

राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

#bjpmpnishikantdubeyfilesnoticetocancelrahulgandhiloksabhamembership

बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

लोकसभा में विरोध के बीच जी राम जी बिल पास, शिवराज ने अटल की कविता से दिया विपक्ष को जवाब

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मनरेगा का नाम बदलकर भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) बिल यानी 'जी राम जी' करने वाला बिल लोकसभा में आज विपक्ष के जोरदार हंगामे के बीच पास हो गया है। विपक्ष ने बिल पास होने पर जमकर हंगामा किया और बिल के कागज फाड़कर फेंक दिए। सदन का माहौल इतना बिगड़ गया कि कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।

शिवराज सिंह ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर दिया जवाब

विपक्षी दलों के हंगामे के बीच शिवराज सिंह चौहान ने विकसित भारत जी-राम-जी विधेयक पर विस्तार से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार का जवाब सुनना ही नहीं चाहता। केंद्रीय कृषि मंत्री ने सरकार की तरफ से जारी आंकड़े पेश करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों ने फंड का दुरुपयोग किया, लेकिन हमारी सरकार ने विकास कार्यों पर खर्च करने पर जोर दिया।

किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक

शिवराज सिंह चौहान ने दावा किया कि सरकार किसानों के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए विधेयक लाई है, जिसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा, सबसे पहले इस पवित्र सदन में मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं। सभापति महोदय को धन्यवाद देना चाहता हूं। इस विषय पर हमने माननीय सदस्यों के विचार सुने हैं। अब जवाब देना मेरा अधिकार है। मैं आपसे संरक्षण चाहता हूं। मैंने रात के डेढ़ बजे तक माननीय सदस्यों की बात सुनी है। अपनी बात सुना देना और फिर जवाब न सुनना ये लोकतांत्रिक परंपराओं को तार-तार करना है।

कृषि मंत्री ने कहा- यह गांवों के विकास का विधायक

कृषि मंत्री ने कहा, यह गांवों के विकास का विधायक है। माननीय प्रतिपक्षी सदस्यों ने कई तरह के आरोप लगाए। एक बात यह कही कि हम भेदभाव करते हैं। सारा देश हमारे लिए एक है। चेन्नई हो या गुवाहाटी, अपना देश-अपनी माटी। अलग भाषा-अलग वेष, फिर भी अपना एक देश। उन्होंने आगे कहा, मैं इनको बताना चाहता हूं कि अटल जी ने क्या कहा था। माननीय अध्यक्ष महोदय, हम देश के किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं करते। हमारे नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने कहा था - यह देश हमारे लिए जमीन का टुकड़ा नहीं है, जीता-जाता राष्ट्र पुरुष है।

कांग्रेस को नाम रखने की सनक

शिवराज सिंह ने आगे कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कहा, कितनी योजनाओ का नाम नेहरू परिवार पर रखा गया। राजीव जी के नाम पर 55 राज्य सरकार की योजनाओं के नाम रखे गए। 74 सड़कों के नाम राजीव पर, 15 नेशनल पार्क नेहरू जी के नाम पर रखे गए. नाम रखने की सनक कांग्रेस की है।

बता दें कि कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने 16 दिसंबर को कहा कि हम इस बिल का विरोध करते हैं। हर योजना का नाम बदलने की सनक समझ नहीं आती है।

Bihar Chunav Result: रूझानों में एनडीए को बहुमत, बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी

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बिहार विधानसभा के कुल 243 सीटों पर काउंटिंग जारी है। चुनाव के रुझान आने लगे हैं। चुनाव आयोग ने अपनी वेबसाइट results.eci.gov.in पर रूझान जारी कर दिया है। शुरुआती रुझान में एनडीए को भारी बढ़त दिख रही है। रुझान में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरती दिख रही है।

भाजपा सबसे आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों में भाजपा सबसे ज्यादा 84 सीटों पर आगे है जबकि जेडीयू 76 सीटों पर आगे है। राजद इतिहास का दूसरा सबसे बुरा प्रदर्शन करती दिख रही है। वह केवल 34 सीटों पर आगे है। लोजपा 22 सीटों पर आगे चल रही है।कांग्रेस का भी बुरा हाल है, वो मात्र 5 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।

एनडीए ने पार किया बहुमत का आंकड़ा

बहुमत के लिए 243 सदस्यीय विधानसभा में 122 सीटें चाहिए। इस लिहाज से एनडीए ने बहुमत का आंकड़ा पार कर लिया है। एनडीए को इस चुनाव में 190 के करीब सीटें मिलती दिख रही है।

किस पार्टी को कितनी बढ़त?

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 84 84

Janata Dal (United) - JD(U) 0 76 76

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 34 34

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 22 22

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 5 5

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 5 5

Rashtriya Lok Morcha - RSHTLKM 0 3 3

All India Majlis-E-Ittehadul Muslimeen - AIMIM 0 3 3

Communist Party of India (Marxist) - CPI(M) 0 2 2

Vikassheel Insaan Party - VSIP 0 1 1

Bahujan Samaj Party - BSP 0 1 1

Total 0 243 243

बिहार में मतों की गिनती जारी, शुरुआती रुझानों में बीजेपी को बढ़त

#biharelectionresults_2025

बिहार विधानसभा चुनाव में दो चरण में मतदान के के बाद नई सरकार चुनने के लिए कुछ ही देर में वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। मतगणना के बाद यह तय हो जाएगा कि अगले पांच साल तक बिहार में सीएम की कुर्सी पर कौन बैठेगा।

रुझानों में बीजेपी आगे

चुनाव आयोग के आंकड़ों के मुताबिक शुरूआती रुझानों में बीजेपी आगे चल रही है। चुनाव आयोग की साइट पर जारी आंकड़ों के मुताबिक बीजेपी 28 सीटों पर बढ़त बने हुए है। जेडीयू 20 सीटों पर आगे है। वहीं, आरजेडी 17 और कांग्रेस 3 सीटों पर आगे चल रही है।

कौन कितनी सीटों पर आगेः

Party Won Leading Total

Bharatiya Janata Party - BJP 0 28 28

Janata Dal (United) - JD(U) 0 20 20

Rashtriya Janata Dal - RJD 0 17 17

Lok Janshakti Party (Ram Vilas) - LJPRV 0 7 7

Indian National Congress - INC 0 3 3

Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) - CPI(ML)(L) 0 1 1

The Plurals Party - TPLRSP 0 1 1

Hindustani Awam Morcha (Secular) - HAMS 0 1 1

Total 0 78 78

चतरा में दो दिवसीय 'कृषि उद्यम मेला-2025' का भव्य शुभारंभ: किसानों को सीधे बाजार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने की पहल

चतरा, 1 अगस्त 2025: चतरा जिले के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आज 'कृषि उद्यम मेला-2025' का भव्य शुभारंभ हुआ, जिसने जिले के कृषि इतिहास में एक नई शुरुआत दर्ज की है। दो दिवसीय इस मेले का उद्देश्य किसानों को उनके उत्पादों के लिए सीधा बाजार उपलब्ध कराना, बिचौलियों की भूमिका को समाप्त करना और कृषि नवाचार, आत्मनिर्भरता तथा सीधे बाजार पहुंच के लिए एक साझा मंच प्रदान करना है। मेले का उद्घाटन दीप प्रज्वलन के साथ विधिवत रूप से किया गया।

मेले की प्रमुख विशेषताएँ और नवाचार:

इस मेले में कृषि क्षेत्र से जुड़े विविध विभागों, योजनाओं, तकनीकों और बाजार को एक ही छत के नीचे लाया गया है।

40 से अधिक स्टॉल: कृषि विभाग, गव्य विकास, मत्स्य, उद्यान, भूमि संरक्षण, JSLPS (झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी), कृषि विज्ञान केंद्र सहित विभिन्न विभागों और स्वयं सहायता समूहों (SHGs) व किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) द्वारा योजनाओं और उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई गई है।

कृषि विशेषज्ञ और राष्ट्रीय क्रेता कंपनियाँ: 10 से अधिक कृषि विशेषज्ञ और 30 से ज्यादा राष्ट्रीय क्रेता कंपनियाँ जैसे Amul, Reliance, Suvidha Mart, Tokari Fresh आदि उपस्थित हैं, जो किसानों के उत्पादों को सीधे खरीदने की संभावना तलाशेंगी।

डिजिटल नवाचार: आमजनों की भागीदारी और शिकायत निवारण के लिए “जन शिकायत पोर्टल” और “लोक सेतु पोर्टल” का भी लोकार्पण किया गया। अब नागरिक ऑनलाइन आवेदन कर योजनाओं का लाभ ले सकते हैं और अपनी शिकायतों की स्थिति जान सकते हैं।

सम्मान और प्रोत्साहन: आगंतुकों का स्वागत पौधा और शॉल भेंट कर किया गया। SHG दीदियों, FPO प्रतिनिधियों और क्रेताओं को सम्मानित भी किया गया।

प्रगतिशील किसानों और अधिकारियों का संबोधन:

कान्हाचट्टी प्रखंड के बाकचुंबा गांव के प्रगतिशील किसान श्री उदय दांगी ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन किसानों को नई दिशा और बेहतर बाजार से जोड़ने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं।

जिला परिषद उपाध्यक्ष श्री बृज किशोर तिवारी ने इस आयोजन को किसानों में नई उम्मीद की किरण बताया। उन्होंने युवाओं से विशेष अपील की कि वे मादक पदार्थों, खासकर अफीम की खेती से दूर रहकर फूल, फल और सब्जियों की खेती की ओर अग्रसर हों। उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा इस संबंध में लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

गव्य विकास निदेशालय के निदेशक श्री जिशान कमर ने चतरा की टमाटर उत्पादन परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं के माध्यम से किसानों को तकनीक, प्रशिक्षण और बाजार से जोड़ा जा रहा है, जिससे कृषि क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन आ रहा है।

उपायुक्त कीर्तिश्री जी: "कृषि नवाचार की दिशा में चतरा का सशक्त कदम"

दो दिवसीय “आकांक्षा हाट सह कृषि उद्यम मेला – 2025” के उद्घाटन अवसर पर उपायुक्त चतरा श्रीमती कीर्तिश्री जी ने अपने संबोधन में इसे "चतरा के किसानों की मेहनत, संकल्प और नवाचार को एक सशक्त मंच प्रदान करने का प्रयास" बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन 'वोकल फॉर लोकल' और 'वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट' जैसी महत्वपूर्ण पहलों को जमीन पर उतारने का माध्यम बनेगा। यह कार्यक्रम कृषि, डेयरी, पशुपालन, मत्स्य पालन, बागवानी, भूमि संरक्षण, JSLPS और NABARD के सहयोग से वाणिज्यिक खेती, डेयरी फार्मिंग, खाद्य प्रसंस्करण जैसे प्रयासों को मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास है।

उपायुक्त ने चतरा को एक कृषि प्रधान जिला बताते हुए इसकी कृषि योग्य भूमि (88,700 हेक्टेयर में से कुल 3,94,290 हेक्टेयर) और धान, गेहूं, मक्का, दलहन, तिलहन व सब्जियों के प्रमुख उत्पादन का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि सिमरिया, गिद्धौर, ईटखोरी, हंटरगंज, प्रतापपुर जैसे प्रखंड सब्जी उत्पादन के हब बन चुके हैं। उन्होंने फसल राहत योजना, कृषि ऋण माफी योजना, बिरसा ग्राम योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना और खाद्य सुरक्षा मिशन जैसी सरकारी योजनाओं से किसानों को मिल रही सहायता का भी उल्लेख किया। खाद, बीज, कीटनाशक और यंत्रों की आपूर्ति ब्लॉकचेन तकनीक से की जा रही है, जो पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।

समग्र कृषि विकास और डिजिटल पहल:

श्रीमती कीर्तिश्री ने बताया कि सॉइल हेल्थ कार्ड के माध्यम से किसानों को भूमि की उर्वरता की वैज्ञानिक जानकारी दी जा रही है और 2000 से अधिक मिट्टी परीक्षण पूरे किए जा चुके हैं। आत्मा योजना के अंतर्गत किसानों को बिहार, छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कृषि अनुसंधान संस्थानों में एक्सपोजर विजिट और प्रशिक्षण भी दिए गए हैं।

उन्होंने गव्य विकास योजना के तहत 216 लाभुकों को दुधारू गाय व बोरिंग की सुविधा, दूध उत्पादन इकाई, मिल्किंग मशीन, वर्मी कम्पोस्ट, पनीर निर्माण यूनिट जैसी सुविधाओं का भी उल्लेख किया। पशुओं का नियमित टीकाकरण और बेहतर नस्ल का वितरण भी चल रहा है। भूमि संरक्षण के तहत तालाबों का जीर्णोद्धार, परकोलेशन टैंक, डीप बोरिंग और जल निधि योजना से सिंचित क्षेत्रफल में वृद्धि हुई है। पिछले तीन वर्षों में 125 डीप बोरिंग और 124 परकोलेशन टैंक बनाए गए हैं, जिससे 250 हेक्टेयर भूमि सिंचित हुई है। 1000 से अधिक किसानों को मिनी ट्रैक्टर और कृषि यंत्र दिए गए हैं।

महिला सशक्तिकरण और राष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव:

JSLPS के 'पलाश' ब्रांड के तहत महिलाएं दाल, सरसों तेल, अचार, हल्दी, बांस उत्पाद, मुर्गी पालन आदि के उत्पाद बना रही हैं, जिससे वे आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं। उपायुक्त ने कहा कि महिला सशक्तिकरण के बिना ग्रामीण विकास अधूरा है।

उपायुक्त ने Lok Setu Portal और जन समाधान पोर्टल के शुभारंभ की भी जानकारी दी, जो कृषि, गव्य विकास, मत्स्य, भूमि संरक्षण, पशुपालन, JSLPS आदि विभागों की योजनाओं को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुलभ बनाएंगे और शिकायतों की डिजिटल निगरानी व समाधान सुनिश्चित करेंगे।

मेले में Reliance, Amul, Medha, Tokari Fresh, Suvidha Mart, Farmart जैसी राष्ट्रीय संस्थाओं की उपस्थिति का जिक्र करते हुए उपायुक्त ने उनसे जिले के उत्पादों को बाजार देने, MoU करने और चतरा को अपने पायलट प्रोजेक्ट के लिए चुनने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि यह मंच केवल विचार-विमर्श का नहीं, बल्कि बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज के बीच एक सेतु बनाने का कार्य करेगा और "यह प्रयास एक औपचारिकता नहीं, बल्कि धरातल पर परिवर्तन लाने की दिशा में प्रतिबद्ध पहल है।"

प्रमुख बिंदु:

SHG, FPO, विभागीय योजनाओं और उत्पादों की एकीकृत प्रदर्शनी।

जन शिकायत पोर्टल और लोक सेतु पोर्टल का शुभारंभ।

बिचौलियों की भूमिका समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम।

मादक पदार्थों के खिलाफ जन-जागरूकता और वैकल्पिक खेती पर बल।

प्रगतिशील कृषकों के अनुभव और राष्ट्रीय कंपनियों से सीधा संवाद।

यह मेला कृषि विकास, महिला सशक्तिकरण, नवाचार और डिजिटल समावेशन की दिशा में चतरा की एक ऐतिहासिक पहल है। कार्यक्रम का दूसरा दिन (02 अगस्त) भी विविध गतिविधियों, संवाद सत्रों और पुरस्कार वितरण के साथ आयोजित होगा।