लखनऊ मेट्रो की पटरियां मानकों से कमजोर, CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
* स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी; तत्कालीन एमडी कुमार केशव पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मेट्रो संचालन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। Comptroller and Auditor General of India (CAG) की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि मेट्रो की रेल पटरियां निर्धारित तकनीकी मानकों से कमजोर पाई गईं। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात कही गई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो ट्रैक से संबंधित कई विशेष मानकों का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं, स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का समय पर नवीनीकरण भी नहीं कराया गया, जिससे उच्च गति पर संचालन के दौरान संभावित खतरे की आशंका बढ़ गई। यह स्थिति सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में डालने वाली मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, परियोजना से जुड़ी प्रमुख कंपनियों जैसे Tata Group और Larsen & Toubro (L&T) ने पहले ही मेट्रो प्रशासन को तकनीकी खामियों को लेकर आगाह किया था। बावजूद इसके, आवश्यक सुधारात्मक कदम समय पर नहीं उठाए गए।

जांच में यह भी सामने आया है कि ‘कालिंदी’ नामक फर्म को पटरियां बिछाने का ठेका दिया गया था, जो कथित तौर पर कागजों पर ही सक्रिय बताई जा रही है। इस फर्म और मेट्रो प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप भी उभरकर सामने आए हैं।

मामले में तत्कालीन प्रबंध निदेशक Kumar Keshav की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि परियोजना में अनियमितताओं के बावजूद उन्होंने प्रभावी निगरानी नहीं की। सूत्रों का दावा है कि इस मुद्दे पर संपर्क किए जाने के बावजूद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया है।

इस पूरे मामले ने मेट्रो प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि संबंधित एजेंसियां इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

#boardofpeacefirstmeetingindiaattendsasobserver 

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है”, AI इम्पैक्ट समिट में बोले पीएम मोदी

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' को पीएम मोदी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद बताया। पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है।

भारत को एआई में भय नहीं भविष्य दिखता है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है।

एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा। भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए।

एआई एक ट्रांसफॉर्मेशन है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है। सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है।

एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही-पीएम मोदी

पीएम ने कहा एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही है। लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी दिखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी रखना है और जिम्मेदारी भी बढ़ानी है।

ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा इस समिट का होना पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। यहां दुनिया के कोने-कोने से आए मेहमान इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। यंग जेनरेशन की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है। पीएम ने कहा एआई समिट में यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

#kirenrijijusaysrahulgandhimostdangerouspersonforindiasecurity

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

Sacred School of Business Sets a New Benchmark for Career-Linked Management Education in India

Noida, India – February 2026 As India’s job market continues to evolve toward skill-based hiring and performance-driven roles, Sacred School of Business (SSB) is emerging as a strong example of how professional education can directly translate into employment and long-term career growth. With its flagship Post Graduate Program (PGP) in Sales & Marketing, the institution is redefining how young professionals transition from learning environments into corporate leadership pathways.

Founded in 2019, Sacred School of Business was established with a clear purpose: to close the gap between academic qualifications and real-world employability. The institution was built on the belief that education should not end with a certificate, but with a sustainable career. This philosophy has guided the design of its programs, faculty engagement, industry partnerships, and placement structure.

At the heart of SSB’s success is its six-month PGP in Sales & Marketing, a program designed to make learners job-ready through a blend of classroom learning and real corporate exposure. The program begins with structured training in sales execution, marketing strategy, business communication, and corporate professionalism, followed by a transition into full-time, paid roles with partner companies. This integrated model allows students to earn while they learn, apply concepts in live business settings, and build professional credibility from the early stages of their careers.

Unlike traditional postgraduate programs that defer employability to the end of the academic cycle, SSB embeds placement preparation throughout the learning journey. Students receive continuous guidance in interview readiness, resume positioning, and professional negotiation, ensuring that they are prepared not only to secure roles but to perform and grow within them. Alumni from recent batches are now working across healthcare, FMCG, banking and insurance, IT sales, education, logistics, real estate, automobile, and e-commerce sectors, holding roles in sales leadership, operations, business development, and account management.

Leadership has played a critical role in shaping this outcome-driven model. Founder and CEO Sanjeev Singh has consistently emphasized the importance of aligning education with real hiring needs, focusing on confidence, execution, and professional discipline. Supporting this vision is the institution’s business leadership, including Sudhanshu Shekhar, whose background in sales strategy, planning, and market execution has strengthened industry engagement and employer alignment. Together, the leadership team has positioned Sacred School of Business as a performance-focused institution rather than a theory-led academic center.

Institutional credibility further strengthens this positioning. Sacred School of Business operates as an IIM Bodh Gaya–incubated and government-funded initiative, providing a strong foundation for quality assurance, curriculum relevance, and long-term scalability. This backing has enabled the institute to prioritize outcomes, employer trust, and learner success over short-term enrollment-driven goals.

From its headquarters in Noida, Sacred School of Business continues to expand its corporate partnerships and placement network, responding to the growing demand for professionals who can contribute from day one. As India’s education ecosystem increasingly shifts toward accountability, skill validation, and employment outcomes, SSB’s model offers a practical alternative to conventional management education.

With a clear mission, strong leadership, and a flagship program built around real careers rather than academic abstraction, Sacred School of Business is steadily positioning itself as a trusted platform for developing the next generation of sales and marketing professionals in India.

For more information, visit :- https://www.sacredschoolofbusiness.com/

ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

पीएम मोदी आज करेंगे AI एक्सपो का उद्घाटन, जुटेंगे दुनियाभर के दिग्गज

#indiaaiimpactexpopmmoditoinauguratetoday 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में सोमवार को शाम पांच बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा और इसमें एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा। यह एक्सपो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार का सबसे बड़ा मंच साबित होने वाला है।

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाला यह आयोजन नवाचार, नीति और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को दर्शाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो आम नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा।

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन

यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में होगा और इसमें विश्वभर की प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समागम होगा। इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं।

300 से अधिक प्रदर्शनी

एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन होंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख विषयों लोग, ग्रह और उन्नति पर आधारित है। लोग के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं ग्रह में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्नति में उद्योग, कारोबार और आर्थिक विकास में एआई की भूमिका बताई जाएगी।

दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 देशों के उपराष्ट्रपति और 9 देशों के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं। साथ ही, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के CEO और करीब 2 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पीएमओ के अनुसार, इस पूरे पांच दिवसीय आयोजन में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

600 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे

एक्सपो में 600 से अधिक स्टार्टअप भी शामिल होंगे। इनमें से कई विश्वस्तर पर प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रहे एआई समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जिनके एआई समाधान पहले से जमीनी स्तर पर लागू हैं।

सीएम हेमंत सोरेन ने रोजगार सौगात के तहत लगभग 9,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए; बहुमत गठबंधन पर राजनीति जारी|

Ranchi | 29-11-2025: 29 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में अपनी सरकार के एक वर्ष के कामकाज के हिस्से के रूप में लगभग 9,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान किए — यह रोजगार सृजन की एक बड़ी पहल मानी जा रही है। समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित INDIA ब्लॉक के नेताओं ने भाग लिया; वहीं भाजपा ने राज्य सरकार पर आरोपपत्र जारी कर ‘जनादेश के वायदे पूरे न होने’ का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक बहस भी जारी रही।

लखनऊ मेट्रो की पटरियां मानकों से कमजोर, CAG रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
* स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का नवीनीकरण नहीं, सुरक्षा मानकों की अनदेखी; तत्कालीन एमडी कुमार केशव पर उठे सवाल

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मेट्रो संचालन को लेकर एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। Comptroller and Auditor General of India (CAG) की हालिया रिपोर्ट में सामने आया है कि मेट्रो की रेल पटरियां निर्धारित तकनीकी मानकों से कमजोर पाई गईं। रिपोर्ट में कई महत्वपूर्ण सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की बात कही गई है, जिससे यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लग गया है।

रिपोर्ट के अनुसार, मेट्रो ट्रैक से संबंधित कई विशेष मानकों का पालन नहीं किया गया। इतना ही नहीं, स्पीड लिमिट प्रमाणपत्र का समय पर नवीनीकरण भी नहीं कराया गया, जिससे उच्च गति पर संचालन के दौरान संभावित खतरे की आशंका बढ़ गई। यह स्थिति सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा को जोखिम में डालने वाली मानी जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, परियोजना से जुड़ी प्रमुख कंपनियों जैसे Tata Group और Larsen & Toubro (L&T) ने पहले ही मेट्रो प्रशासन को तकनीकी खामियों को लेकर आगाह किया था। बावजूद इसके, आवश्यक सुधारात्मक कदम समय पर नहीं उठाए गए।

जांच में यह भी सामने आया है कि ‘कालिंदी’ नामक फर्म को पटरियां बिछाने का ठेका दिया गया था, जो कथित तौर पर कागजों पर ही सक्रिय बताई जा रही है। इस फर्म और मेट्रो प्रशासन के बीच सांठगांठ के आरोप भी उभरकर सामने आए हैं।

मामले में तत्कालीन प्रबंध निदेशक Kumar Keshav की भूमिका पर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि परियोजना में अनियमितताओं के बावजूद उन्होंने प्रभावी निगरानी नहीं की। सूत्रों का दावा है कि इस मुद्दे पर संपर्क किए जाने के बावजूद उन्होंने फोन उठाना भी बंद कर दिया है।

इस पूरे मामले ने मेट्रो प्रशासन की कार्यशैली और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। अब देखना यह है कि संबंधित एजेंसियां इस रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई करती हैं और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

Bangkok, Thailand:Prof. Dr. Prakash Divakaran, Vice-Chancellor of Himalayan University, has been conferred with the Prestigious Indo–Thai Educational Excellence Award in recognition of his iconic leadership and remarkable contribution to higher education.

The award was presented by Asst. Prof. Dr. Thanapon Sarunburana, Vice-Chancellor of Rajapark University, during a distinguished academic gathering in Bangkok. The ceremony brought together leading academicians, administrators, and international delegates from India and Thailand.

The event commenced with a Welcome Address by Dr. J. P. Bhosale, Patron, GRCF, Savitribai Phule Pune University. The Presidential Address was delivered by Prof. Dr. Gowri Ramesh, Registrar of The Tamil Nadu Dr. Ambedkar Law University. Prof. Dr. Prakash Divakaran graced the occasion as Chief Guest and delivered the Inaugural Address.

Among the distinguished dignitaries present were Dr. R. Thippa Reddy, Chairman & Director, Dr. Ambedkar Global Law Institute; Assoc. Prof. Dr. Chaiwat Phuakkhong; Asst. Prof. Dr. Arun Chainit; Dr. Jidapa Thavarit; Dr. Gireesh Kumar J; Dr. Shibu Dharmarajan; Dr. Seema Vijay Medhe; and Ms. Ashsagan Ashghari, Chairman, Phoenix Global Gold Co. Ltd., Bangkok.

The formal Vote of Thanks was proposed by Dr. Cholaraja Mudimannan, Assistant Professor of Law (Senior Scale), University of Delhi.

The award highlights Prof. Dr. Divakaran’s visionary leadership in promoting academic excellence, research innovation, and international collaboration. Under his stewardship, Himalayan University has expanded its global academic partnerships and strengthened its commitment to quality higher education.

The Indo–Thai Educational Excellence Award marks a significant milestone for Himalayan University and reflects the growing academic cooperation between India and Thailand.

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

#indiajoinedusledpaxsilicaallianceimportantforsemiconductorsaisupplychain

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है”, AI इम्पैक्ट समिट में बोले पीएम मोदी

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' को पीएम मोदी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद बताया। पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है।

भारत को एआई में भय नहीं भविष्य दिखता है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है।

एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा। भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए।

एआई एक ट्रांसफॉर्मेशन है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है। सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है।

एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही-पीएम मोदी

पीएम ने कहा एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही है। लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी दिखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी रखना है और जिम्मेदारी भी बढ़ानी है।

ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा इस समिट का होना पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। यहां दुनिया के कोने-कोने से आए मेहमान इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। यंग जेनरेशन की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है। पीएम ने कहा एआई समिट में यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

Sacred School of Business Sets a New Benchmark for Career-Linked Management Education in India

Noida, India – February 2026 As India’s job market continues to evolve toward skill-based hiring and performance-driven roles, Sacred School of Business (SSB) is emerging as a strong example of how professional education can directly translate into employment and long-term career growth. With its flagship Post Graduate Program (PGP) in Sales & Marketing, the institution is redefining how young professionals transition from learning environments into corporate leadership pathways.

Founded in 2019, Sacred School of Business was established with a clear purpose: to close the gap between academic qualifications and real-world employability. The institution was built on the belief that education should not end with a certificate, but with a sustainable career. This philosophy has guided the design of its programs, faculty engagement, industry partnerships, and placement structure.

At the heart of SSB’s success is its six-month PGP in Sales & Marketing, a program designed to make learners job-ready through a blend of classroom learning and real corporate exposure. The program begins with structured training in sales execution, marketing strategy, business communication, and corporate professionalism, followed by a transition into full-time, paid roles with partner companies. This integrated model allows students to earn while they learn, apply concepts in live business settings, and build professional credibility from the early stages of their careers.

Unlike traditional postgraduate programs that defer employability to the end of the academic cycle, SSB embeds placement preparation throughout the learning journey. Students receive continuous guidance in interview readiness, resume positioning, and professional negotiation, ensuring that they are prepared not only to secure roles but to perform and grow within them. Alumni from recent batches are now working across healthcare, FMCG, banking and insurance, IT sales, education, logistics, real estate, automobile, and e-commerce sectors, holding roles in sales leadership, operations, business development, and account management.

Leadership has played a critical role in shaping this outcome-driven model. Founder and CEO Sanjeev Singh has consistently emphasized the importance of aligning education with real hiring needs, focusing on confidence, execution, and professional discipline. Supporting this vision is the institution’s business leadership, including Sudhanshu Shekhar, whose background in sales strategy, planning, and market execution has strengthened industry engagement and employer alignment. Together, the leadership team has positioned Sacred School of Business as a performance-focused institution rather than a theory-led academic center.

Institutional credibility further strengthens this positioning. Sacred School of Business operates as an IIM Bodh Gaya–incubated and government-funded initiative, providing a strong foundation for quality assurance, curriculum relevance, and long-term scalability. This backing has enabled the institute to prioritize outcomes, employer trust, and learner success over short-term enrollment-driven goals.

From its headquarters in Noida, Sacred School of Business continues to expand its corporate partnerships and placement network, responding to the growing demand for professionals who can contribute from day one. As India’s education ecosystem increasingly shifts toward accountability, skill validation, and employment outcomes, SSB’s model offers a practical alternative to conventional management education.

With a clear mission, strong leadership, and a flagship program built around real careers rather than academic abstraction, Sacred School of Business is steadily positioning itself as a trusted platform for developing the next generation of sales and marketing professionals in India.

For more information, visit :- https://www.sacredschoolofbusiness.com/

ममता सरकार के 7 अधिकारियों को चुनाव आयोग ने किया संस्पेंड, जानें क्या है वजह?

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पश्चिम बंगाल में चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन लिया है। चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है। चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में 7 अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह एक्‍शन SIR (मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़ा हुआ है।

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चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी सरकार यानी पश्चिम बंगाल के 7 अधिकारियों को सस्पेंड कर दिया है। यह कार्रवाई एसआईआर के संबंध में गंभीर गलत काम, ड्यूटी में लापरवाही और कानूनी शक्तियों के गलत इस्तेमाल के लिए की गई है। आयोग ने जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13CC के तहत अपने अधिकारों का उपयोग करते हुए यह सख्त कदम उठाया है।

पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को खास निर्देश

इसके साथ ही पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध उनके अपने कैडर द्वारा तत्काल विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू की जाए। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी बिना किसी देरी के उसे उपलब्ध कराई जाए।

इन अधिकारियों पर गिरी गाज

ईसीआई ने जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नामों की लिस्ट भी सामने आ गई है। ये नाम AERO, डॉक्टर सेफौर रहमान, एग्रीकल्चर डिपार्टमेंट के असिस्टेंट डायरेक्टर, 56-समसेरगंज असेंबली सीट, जिला मुर्शिदाबाद। नीतीश दास, रेवेन्यू ऑफिसर, फरक्का और 55-फरक्का असेंबली सीट के लिए AERO पर तैनात थे। AERO, दलिया रे चौधरी, महिला डेवलपमेंट ऑफिस, मयनागुड़ी डेवलपमेंट ब्लॉक और AERO, 16-मयनागुड़ी असेंबली सीट, एसके. मुर्शिद आलम, ADA, सुती ब्लॉक और AERO 57-सुती विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। सत्यजीत दास, संयुक्त BDO और जॉयदीप कुंडू, FEO दोनों AERO 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए काम करते थे। देबाशीष बिस्वास, संयुक्त BDO और AERO 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए के काम करते थे।

चुनाव से पहले आयोग सख्त

पश्चिम बंगाल में आगामी चुनावी गतिविधियों को देखते हुए यह निर्णय और भी अहम माना जा रहा है। पश्चिम बंगाल में आने वाले कुछ सप्‍ताह में विधानसभा चुनाव की तिथियों का ऐलान हो सकता है। उससे पहले चुनाव आयोग का ममता बनर्जी के अफसरों पर डंडा चला है।

पीएम मोदी आज करेंगे AI एक्सपो का उद्घाटन, जुटेंगे दुनियाभर के दिग्गज

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत मंडपम में सोमवार को शाम पांच बजे इंडिया एआई इम्पैक्ट एक्सपो 2026 का उद्घाटन करेंगे। यह एक्सपो 20 फरवरी तक चलेगा और इसमें एआई के व्यावहारिक उपयोग का प्रदर्शन किया जाएगा। यह एक्सपो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग और नवाचार का सबसे बड़ा मंच साबित होने वाला है।

इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाला यह आयोजन नवाचार, नीति और प्रौद्योगिकी के व्यापक प्रभाव को दर्शाने का एक राष्ट्रीय मंच होगा, जो आम नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास करेगा। यह एक्सपो एआई के व्यावहारिक प्रदर्शन का एक राष्ट्रीय मंच होगा।

एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन

यह एक्सपो 70,000 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्र में फैले 10 एरेना में होगा और इसमें विश्वभर की प्रौद्योगिकी कंपनियों, स्टार्टअप्स, शिक्षाविदों, केंद्रीय मंत्रालयों, राज्य सरकारों और अंतरराष्ट्रीय भागीदारों का समागम होगा। इस एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन होंगे, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और अफ्रीका शामिल हैं।

300 से अधिक प्रदर्शनी

एक्सपो में 300 से अधिक प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव प्रदर्शन होंगे। कार्यक्रम की रूपरेखा तीन प्रमुख विषयों लोग, ग्रह और उन्नति पर आधारित है। लोग के तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और नागरिक सेवाओं में एआई का उपयोग दिखाया जाएगा। वहीं ग्रह में पर्यावरण और जलवायु से जुड़े समाधान पेश किए जाएंगे। इसके साथ ही उन्नति में उद्योग, कारोबार और आर्थिक विकास में एआई की भूमिका बताई जाएगी।

दुनियाभर के दिग्गजों का जमावड़ा

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें 7 देशों के राष्ट्रपति, 2 देशों के उपराष्ट्रपति और 9 देशों के प्रधानमंत्री शामिल हो रहे हैं। साथ ही, दुनिया की दिग्गज टेक कंपनियों के CEO और करीब 2 लाख से अधिक अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे। पीएमओ के अनुसार, इस पूरे पांच दिवसीय आयोजन में 25 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है।

600 से अधिक स्टार्टअप शामिल होंगे

एक्सपो में 600 से अधिक स्टार्टअप भी शामिल होंगे। इनमें से कई विश्वस्तर पर प्रभावशाली और व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। ये स्टार्टअप वास्तविक दुनिया में उपयोग हो रहे एआई समाधानों का प्रदर्शन करेंगे। इनमें कई ऐसे स्टार्टअप हैं, जिनके एआई समाधान पहले से जमीनी स्तर पर लागू हैं।

सीएम हेमंत सोरेन ने रोजगार सौगात के तहत लगभग 9,000 नियुक्ति पत्र वितरित किए; बहुमत गठबंधन पर राजनीति जारी|

Ranchi | 29-11-2025: 29 नवंबर 2025 को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रांची के मोरहाबादी मैदान में अपनी सरकार के एक वर्ष के कामकाज के हिस्से के रूप में लगभग 9,000 युवाओं को सरकारी नौकरी के नियुक्ति पत्र प्रदान किए — यह रोजगार सृजन की एक बड़ी पहल मानी जा रही है। समारोह में झारखंड मुक्ति मोर्चा सहित INDIA ब्लॉक के नेताओं ने भाग लिया; वहीं भाजपा ने राज्य सरकार पर आरोपपत्र जारी कर ‘जनादेश के वायदे पूरे न होने’ का आरोप लगाया, जिससे राजनीतिक बहस भी जारी रही।