India

Feb 22 2024, 10:50

सरकार बातचीत के लिए तैयार, किसानों ने कहा कि अभी तक वार्ता की चिट्ठी नहीं मिली, आकिर क्या चल रहा है अन्नदाताओं के मन में?

#farmers_protest_delhi_chalo_march 

एमएसपी को लेकर कानून की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। किसानों ने बुधवार को दिल्ली कूच करने की कोशिश की। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव हुआ। कई जगहों पर प्रदर्शन उग्र भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों के साथ रबड़ की गोलियां चलाईं। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने 20 से 25 किसानों को हिरासत में ले लिया। करीब 40 किसानों के घायल होने की खबर है।किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि खनोरी और शंभु बार्डर पर केंद्र सरकार ने बर्बरता की है। 

आंदोलन के बीच सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर भी चल रहा है। अब तक चार दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार ने पांचवें दौर की वार्ता का न्योता किसानों को दिया है। कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को किसानों को न्योता दिया। सरकार किसानों से एमएसपी, पराली, फसल विविधता और एफआईआर पर बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, सरकार के न्योते पर किसानों ने कहा कि अभी तक बातचीत की चिट्ठी नहीं मिली है।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दिल्ली जाने के फैसले पर दो दिन स्टे होगा। इस दौरान क्या फैसला लेना होगा इसपर विचार करेंगे। अगले दो दिनों तक किसान हालात का जायजा लेंगे और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। आपस में चर्चा के बाद किसान शुक्रवार शाम को अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार के साथ किसानों की एमएसपी पर सहमति नहीं बन सकी है। सरकार ने कपास, मक्का, मसूर, अरहर और उड़द यानी 5 फसलों पर एमएसपी देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे किसानों ने खारिज कर दिया था। किसान सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। मांगें अब तक नहीं मानी जाने की वजह से किसान एक बार फिर से दिल्ली मार्च कर रहे हैं।

msyadav

Feb 19 2024, 14:47

అక్రిడిటేషన్‌ అనేది రాయితీ కార్డు మాత్రమే* *-జర్నలిస్టులని గుర్తించే పట్టా కానే కాదు* *-నిజాలు రాసేవారంతా జర్నలిస్టులే* *-చిన్నపెద్


అక్రిడిటేషన్‌ అనేది రాయితీ కార్డు మాత్రమే

-జర్నలిస్టులని గుర్తించే పట్టా కానే కాదు

-నిజాలు రాసేవారంతా జర్నలిస్టులే

-చిన్నపెద్ద అనేది సిండికేట్ల సృష్టే

-జర్నలిస్టు ఔనో కాదో తేల్చాల్సింది పత్రిక ఎడిటర్లు మాత్రమే "ఖాకీలు" కాదు.

-డెమోక్రటిక్ జర్నలిస్ట్ ఫెడరేషన్ జాతీయ అధ్యక్షుడు:మనసాని కృష్ణారెడ్డి.

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msyadav
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Feb 19 2024, 11:49

क्या एमएसपी की कानूनी गारंटी पर अध्यादेश की मांग रहेगी जारी, या चौथे दौर की बातचीत के बाद खत्म होगा आंदोलन?

#farmers_protest_2024 

केंद्र सरकार और किसानों के बीच रविवार देर रात हुई चौथे दौर की बैठक बेनतीजा रही है। हालांकि, बैठक में शामिल केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस बैठक को सकारात्मक बताया है। उन्होंने कहा कि 'नए विचारों और सुझावों के साथ हमने भारतीय किसान मज़दूर संघ और अन्य किसान नेताओं के साथ सकारात्मक चर्चा की। गोयल ने कहा कि पिछले 10 साल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से किए गए कार्यों को कैसे आगे बढ़ाया जाए, इस पर हमने विस्तार से बात की है। केंद्र सरकार ने किसानों के सामने फसलों के विविधीकरण का प्रस्ताव रखा है, जिसके तहत अलग-अलग फसलें उगाने पर उन्हें एमएसपी पर ख़रीदा जाएगा।

इससे पहले फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और कर्ज माफी समेत 12 मांगों को लेकर दिल्ली कूच के लिए निकले किसान अध्यादेश की मांग की। रविवार को चंडीगढ़ में सरकार के साथ देर शाम करीब सवा आठ बजे शुरू हुई चौथे दौर की वार्ता में किसान संगठनों ने स्पष्ट कर दिया है कि एमएसपी की कानूनी गारंटी के लिए केंद्र अध्यादेश लेकर लाए। वह इससे कम किसी बात पर नहीं मानेंगे। 

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने केन्द्र सरकार से शनिवार को मांग की कि वह न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी गारंटी देने के लिए अध्यादेश लाए। पंधेर ने शंभू बॉर्डर पर कहा कि अगर केन्द्र सरकार चाहे तो वह रातों रात अध्यादेश ला सकती है। अगर सरकार किसानों के आंदोलन का कोई समाधान चाहती है तो उसे यह अध्यादेश लाना चाहिए कि वह एमएसपी पर कानून लागू करेगी, तब बातचीत आगे बढ़ सकती है।

उधर, केंद्र सरकार ने हरियाणा से सटे पंजाब के सात जिलों पटियाला, एसएएस नगर (मोहाली), बठिंडा, मुक्तसर साहिब, मानसा, संगरूर और फतेहगढ़ साहिब में इंटरनेट पर पाबंदी 24 फरवरी तक बढ़ा दी है। इससे पहले 12 से 16 फरवरी तक तीन जिलों में इंटरनेट सेवाएं बंद की गई थीं। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने केंद्रीय मंत्रियों से चंडीगढ़ में 15 फरवरी को हुई बैठक में इंटरनेट बंद होने का मुद्दा उठाया था। वहीं, हरियाणा ने भी अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद और सिरसा जिलों में मोबाइल इंटरनेट और बल्क एसएमएस सेवाएं बंद कर दी हैं।

किसान न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए क़ानून बनाने और स्वामीनाथन आयोग की सभी सिफारिशों को लागू करने की मांग कर रहे हैं। किसान नेताओं ने अपनी मांगों को लेकर दिल्ली चलो का नारा दिया थाय़ 12 फ़रवरी को केंद्र सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद किसान अगले दिन पंजाब-हरियाणा की सीमा शंभू बॉर्डर पर पहुंचे थे। वहां से जब उन्होंने हरियाणा की सीमा में दाखिल होने की कोशिश की तो सुरक्षा बलों ने उन्हें रोक दिया। सुरक्षा बलों ने किसानों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े, पैलेट गन से गोलियां चलाईं. किसानों पर ड्रोन से भी आंसू गैस के गोले छोड़े गए। इसमें कई किसान और पुलिसकर्मी घायल हुए।

बता दें कि दो साल पहले भी किसानों ने दिल्ली की सीमाओं पर डेरा डाला था। इसके बाद किसानों के आंदोलन के आगे झुकते हुए नरेंद्र मोदी सरकार ने कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) क़ानून -2020, कृषक (सशक्तीकरण व संरक्षण) कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार कानून 2020 और आवश्यक वस्तुएं संशोधन अधिनियम 2020 को रद्द कर दिया था। इस क़दम के बाद सरकार ने किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी देने का वादा किया था। इस पर किसानों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था।

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Feb 16 2024, 10:36

किसानों का भारत बंद आज, शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों में झड़प, पुलिस ने जारी किया प्रदर्शनकारियों का वीडियो

#farmersprotestbharat_bandh

किसान संगठनों ने आज भारत बंद का ऐलान किया है। दिनभर चलने वाला ये विरोध प्रदर्शन सुबह 6 बजे से शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगा। किसान दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक देशभर की मुख्य सड़कों पर चक्का जाम में शामिल होंगे। पंजाब में आज ज्यादातर स्टेट और नेशनल हाईवे चार घंटे के लिए बंद रहेंगे। देश की 10 केंद्रीय ट्रेड यूनियन से जुड़े करोड़ों की संख्या में मजदूरों ने भी राष्ट्रव्यापी हड़ताल का आह्वान किया है।

शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प

भारत बंद के बीच शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प की खबर आ रही है.। पुलिस ने एक वीडियो जारी किया है। इसमें प्रदर्शनकारी किसान सुरक्षाबलों पर पथराव करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले बुधवार को भी शंभू बॉर्डर पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे थे। इससे किसानों में अफरा तफरी मच गई थी।

भारत बंद को लेकर नोएडा पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर पुलिस ने गुरुवार को कहा कि शुक्रवार को किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए भारत बंद के मद्देनजर जिले भर में धारा 144 लागू की जाएगी, जिसमें अनधिकृत सार्वजनिक सभाओं पर रोक भी शामिल है। पुलिस ने दिल्ली जाने और आने वाले यात्रियों को नोएडा में किये गये यातायात परिवर्तन को लेकर आगाह किया और लोगों को असुविधा से बचने के लिए जहां तक संभव हो मेट्रो सेवा का इस्तेमाल करने की सलाह दी।

केंद्र और किसानों के बीच कोई समाधान नहीं

इससे पहले तीन केंद्रीय मंत्रियों और प्रदर्शनकारी किसान यूनियनों के नेताओं के बीच गुरुवार देर रात यहां मैराथन बैठक बिना किसी समाधान के समाप्त हो गई। केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि चर्चा “सकारात्मक” थी और बातचीत का एक और दौर रविवार को होगा। किसान नेताओं ने कहा कि वे पंजाब और हरियाणा के बीच दो सीमा बिंदुओं पर डटे रहेंगे। हालांकि तब तक शांति बनाए रखने पर सहमति बनी है। बैठक में यह तय किया गया कि रविवार की बैठक तक शंभू बॉर्डर पर किसान आगे नहीं बढ़ेंगे और हरियाणा पुलिस और पैरामिलिट्री की तरफ से भी सीजफायर पर सहमति बनी। इससे पहले किसानों के साथ 8 और 12 फरवरी को दो बैठकें बेनतीजा रह चुकी है।

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Feb 15 2024, 20:08

किसान संगठनों का शुक्रवार को भारत बंद का ऐलान, जानें क्या खुला, क्या रहेगा बंद

#Farmersprotestbharatbandhon16february

किसानों के 16 फरवरी को भारत बंद के ऐलान किया है।संयुक्त किसान मोर्चा ने केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के साथ मिलकर भारत बंद बुलाने की घोषणा की है। संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से बुलाए गए भारत बंद के तहत सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक विरोध प्रदर्शन चलने वाला है। केंद्र सरकार से अपनी मांगे मनवाने के लिए किसान कई दिनों से दिल्ली पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें हरियाणा बॉर्डर के पास रोका गया है। ऐसे में अपनी मांगों के समर्थन में किसानों ने बंद का आह्वान किया है।

भारत बंद का आह्वान तब किया गया है जब पंजाब से मार्च कर रहे सैकड़ों किसानों को दिल्ली से लगभग 200 किलोमीटर दूर अंबाला के पास हरियाणा के साथ राज्य की सीमा पर रोक दिया गया है। हरियाणा सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर-बितर करने की कोशिश करने के लिए उन पर आंसू गैस का इस्तेमाल किया है। संयुक्त किसान मोर्चा ने सभी समान विचारधारा वाले किसान संगठनों से एकजुट होने और भारत बंद में भाग लेने का आग्रह किया है।

क्या खुला, क्या बंद?

16 फरवरी को किसान संघठनों की इस राष्ट्रव्यापी हड़ताल की वजह से परिवहन, कृषि गतिविधियां, मनरेगा, ग्रामीण कार्य, निजी कार्यालय, गांव की दुकानें और ग्रामीण औद्योगिक और सेवा क्षेत्र के संस्थान बंद रहने की उम्मीद है। हालांकि कुछ रिपोर्टों में यह दावा किया गया है कि हड़ताल के दौरान आपातकालीन सेवाएं जैसे एम्बुलेंस संचालन, शादी, चिकित्सा दुकानें, बोर्ड परीक्षा के लिए जाने वाले छात्र आदि लोगों के प्रभावित होने की संभावना नहीं है।

मोर्चा के संयोजक डॉ. दर्शन पाल ने बताया है कि आपातकालीन सेवाएं, स्वास्थ्य सुविधाएं, परीक्षा के लिए छात्रों और हवाईअडडे से जाने के लिए लोगों को रास्ता दिया जाएगा। बंद के दौरान दवा की दुकानों को खुली रहने की छूट दी गई है और किसी की अंतिम यात्रा को भी बंद के दौरान रास्ता दिया जाएगा। इसके लिए पूरी तरह से समन्वय बनाया गया है। इसके अलावा सभी संस्थानों को बंद रखने का आहवान किया गया है।

बॉर्डर पर किसानों को रोका गया

बता दें कि पंजाब और हरियाणा के किसानों ने दिल्ली चलो मार्च निकाला है। इस समय अंबाला के पास शंभू बार्डर पर हरियाणा और पंजाब के पास किसानों को रोके रखा गया है। दिल्ली से किसान अभी 200 किलोमीटर दूर हैं। यहां किसानों पर जमकर आंसू गैस के बम छोड़े जा रहे हैं। हरियाणा-दिल्ली बार्डर पर किसानों का आंदोलन उग्र हो गया है।

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Feb 15 2024, 10:07

किसान मार्च का तीसरा दिनः मांगों पर अड़े अन्नदाता, सरकार के साथ आज फिर होगी वार्ता

#Farmers_Protest

किसान संगठन विभिन्‍न मांगों को लेकर सड़क पर हैं। हजारों की संख्या में किसान अपनी मांगों को लेकर पंजाब से दिल्‍ली की तरफ कूच कर चुके हैं। फसलों के लिए एमएसपी और कर्ज माफी पर कानून सहित अपनी मांगों को लेकर केंद्र पर दबाव बनाने के लिए पंजाब और हरियाणा की शंभू और खनौरी सीमाओं पर दिल्ली की ओर मार्च करने के लिए रुके हुए हैं। किसानों के ‘दिल्‍ली चलो’ मार्च को देखते हुए देश की राजधानी में सुरक्षा के पुख्‍ता इंतजाम किए गए हैं। दिल्‍ली से लगती सीमाओं को सील कर दिया गया है, ताकि प्रदर्शनकारी किसान दिल्‍ली की सीमा के अंदर प्रवेश न कर सकें। दूसरी तरफ, सरकार किसान नेताओं से बातचीत कर मामला को कल करने की कोशिश में जुटी है। किसानों के साथ 8 और 12 फरवरी को दो बैठकें बेनतीजा रहने के बाद केंद्र ने किसान नेताओं को तीसरे दौर की बातचीत के लिए आज आमंत्रित किया है।

आज शाम तीसरे दौर की वार्ता

सरकार व किसानों में चंडीगढ़ में बृहस्पतिवार शाम पांच बजे तीसरे दौर की वार्ता होगी। किसानों ने बैठक तक दिल्ली मार्च रोक दिया है, लेकिन हरियाणा की सीमाओं पर 25 हजार से अधिक किसान जमे हुए हैं।पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के महासचिव सरवन सिंह पंधेर और संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने बताया कि बृहस्पतिवार की बैठक के लिए उन्हें सरकार की तरफ से पत्र के जरिये न्योता मिला है। किसान सरकार से टकराव नहीं चाहते और वार्ता के लिए तैयार हैं। बैठक में किसानों की तरफ से ये दोनों नेता शामिल होंगे, जबकि केंद्र की तरफ से मंत्री पीयूष गोयल, अर्जुन मुंडा और नित्यानंद राय शामिल होंगे।

बेशक हमें मार दें, लेकिन हमारी मांगें मान लें- किसान नेता श्रवण सिंह पंधेर

पंजाब किसान मजदूर संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी श्रवण सिंह पंधेर ने कहा कि हमारे उपर गोली चलाई जा रही है। हम चाहेंगे आज जो माटिंग है उस पर कोई न कोई हल निकले। हमारे किसान नेता को गिरफ्तार किया जा रहा है, सरकार किसान आंदोलन को पैरो तले कुचलना चाहती है। आज हम पूरे पॉजिटिव मूड में मीटिंग में जाएंगे और हम चाहेंगे कोई न कोई हल निकले। उन्होंने कहा कि ये आंदोलन इंटरनेशनल आंदोलन बन गया है। भाजपा धर्म के नाम पर पूरे देश को बांटने का काम कर रही है। हम कहते हैं कि कांग्रेस भी उतनी ही दोषी है। हमारे लोग पीसफूल खड़े थे। लेकिन फिर भी हमारे उपर स्मोक फायर किया जा रहा था। अगर हमको मार के उनका उनका मकसद पूरा होता है तो ठीक है। हमें मार डालें। लेकिन हमारी मांगे मान लें। हम बस प्रधानमंत्री मोदी से यही अपील करते हैं उनके मंत्री महोदय बात करके किसानों की समाधान निकालें। 

आज ट्रेनें रोकेंगे, टोल नाका फ्री करेंगे

इधर, किसानों के खिलाफ कार्रवाई के विरोध में भारतीय किसान यूनियन-एकता उगराहां ने बृहस्पतिवार को पंजाब में ट्रेनें रोकने की घोषणा की है। पंजाब भर में आज दोपहर 12 बजे से 4 बजे तक रेलवे ट्रैक किए जाएंगे जाम। साथ ही, संयुक्त किसान मोर्चा की 34 जत्थेबंदियों ने 15 फरवरी को सुबह 11 बजे से 2 बजे तक टोल प्लाजा फ्री कराने का एलान किया है। 

किसान आंदोलन पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को पक्षकार बनाने का दिया आदेश

किसान आंदोलन पर कोर्ट ने दिल्ली सरकार को पक्षकार बनाने और पक्ष रखने का आदेश दिया है. इसके साथ ही प्रदर्शन के लिए जगह सुनिश्चित, सभी पक्षकार मिलकर आपस में बात करने का निर्देश भी दिया गया है

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Feb 14 2024, 16:06

किसान आंदोलनःबॉर्डर पर बवाल, प्रदर्शनकारी किसानों ने किया पथराव और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश, आंसू गैस के गोलों से रोकने की कोशिश

#farmers_protest

पंजाब और हरियाणा के किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली कूच की कोशिश में लगे हुए हैं।किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को पंजाब और हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर रोक लिया गया है। किसानों को रोकने और उन्हें तितर-बितर करने के लिए मंगलवार को पुलिस की ओर से आंसू गैस के दागे गए। सिंघु बॉर्डर, टीकरी बॉर्डर और गाजीपुर बॉर्डर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात हैं। इन सीमाओं पर सीमेंट और लोहे की बैरिकेडिंग भी की गई है। इसके अलावा किसानों को रोकने के लिए कटीले तार और कंटेनर भी रखे गए हैं।

हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर हालात बिगड़े हुए हैं। एक ओर जवान तो दूसरी ओर किसान खड़े हुए हैं। सील किए गए पटियाला के शंभू और जींद के दातासिंह वाला बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों और सुरक्षाबलों की बीच कई बार टकराव हुआ। पथराव कर रहे और बैरिकेड तोड़ने की कोशिश कर रहे किसानों को खदेड़ने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले, वाटर कैनन और रबड़ की गोलियां चलाईं।जींद में लाठियां बरसाई गईं। दोनों बॉर्डर पर हुए टकराव में लगभग 100 किसान व अंबाला के नारायणगढ़ के डीएसपी आदर्शदीप समेत पुलिस व अर्धसैनिक बलों के 27 जवान घायल हुए हैं।

किसानों के पथराव करने पर चलाए आंसू गैस के गोले- हरियाणा पुलिस

हरियाणा पुलिस की प्रवक्ता व एआईजी मनीषा चौधरी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया गया। भारी पथराव किया, जिसके जवाब में हरियाणा पुलिस ने वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है। प्रदर्शन की आड़ में किसी को भी उपद्रव फैलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऐसे लोगों पर कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

अनिल विज ने उठाए सवाल

किसानों के आंदोलन पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने कहा, एमएसपी पर रिपोर्ट 2004 में आई थी, जब कांग्रेस सत्ता में थी। उन्होंने 10 साल में कुछ क्यों नहीं किया? किसान दिल्ली जाकर सरकार के प्रतिनिधियों से बातचीत करना चाहते हैं लेकिन जब वे चंडीगढ़ आए तो किसान नेताओं ने उनसे बात करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि मुझे हैरानी है कि पंजाब सरकार ने एक नोटिस जारी कर हमसे कहा है कि हम अपनी सीमा पर ड्रोन न भेजें। जब किसान अमृतसर से आगे बढ़ने लगे, तो उन्होंने उन्हें रोकने की कोशिश भी नहीं की। इसका मतलब साफ है कि वे चाहते हैं कि किसान दिल्ली में आतंक फैलाएं।

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Feb 14 2024, 10:01

दूसरे दिन भी दिल्ली कूच के लिए अड़े किसान, शंभू बॉर्डर पर डाला डेरा, हरियाणा के सात जिलों में इंटरनेट बैन

#Farmers_Protest

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की ओर किसानों के मार्च का आज दूसरा दिन है।मंगलवार को प्रदर्शन के बाद आज फिर किसानों ने दिल्ली की ओर कूच करने का ऐलान किया है। हरियाणा के शंभू बॉर्डर पर करीब 8 से 10 हजार लोग मौजूद हैं, वहीं डेढ़ से 2 हजार ट्रैक्टर-ट्रालियां है। पुलिस ने साफ कह दिया है कि किसी भी कीमत पर किसानों को बॉर्डर पार नहीं करने दिया जाएगा।इधर दूसरे दिन सीमा को मजबूत बनाने के लिए टिकरी बॉर्डर पर कंक्रीट स्लैब के बीच और भी ज्यादा कंक्रीट डाला जा रहा है। टिकरी बॉर्डर पर भी सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

पीएम मोदी किसानों से करें बात'-सरवन सिंह पंढेर

पंजाब किसान मजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मीडिया में ऐसी खबरें हैं कि एमएसपी की गारंटी वाला कानून इतनी जल्दी नहीं बन सकता। हम सिर्फ इतना कह रहे हैं कि हमें उस पर कानूनी गारंटी दी जाए, ताकि हम उस एमएसपी से नीचे फसल न बेचें। इसलिए, समिति का कोई सवाल ही नहीं है। हम चाहेंगे कि पीएम आगे बढ़ें और किसानों से बात करें।

पुलिस और अर्धसैनिक बलों के पांच हजार से अधिक जवान तैनात

दिल्ली पुलिस ने पूरे शहर में धारा 144 लागू कर दिया था और अपनी सीमाओं को पूरी तरह से सुरक्षित कर दिया। सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों जैसे निगरानी उपकरणों का उपयोग किया जा रहा है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए टीकरी, सिंघू और गाजीपुर सीमा क्षेत्रों में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 5,000 से अधिक जवानों को तैनात किया गया। 

दिल्ली पुलिस ने जारी की ट्रैफिक एडवाइजरी

किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि एनएच-44 पर हरियाणा जाने वाले और भोपुरा बॉर्डर तक पहुंचने वाले वाहन लोनी भोपुरा रोड - कोयल एन्क्लेव थाना टीला मोड़ लोनी - बंथला फ्लाईओवर हनुमान मंदिर लोनी - पूजा पावी पंचलोक - मंडोला - मसूरी - खेकड़ा (26) की ओर यू टर्न ले सकते हैं। और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर जा सकते । गाजियाबाद से दिल्ली की ओर आने वाला लोग आईएसबीटी आनंद विहार के पास महाराजपुर बॉर्डर से वैशाली-कौशांबी के रास्ते प्रवेश कर सकते हैं।

15 फरवरी तक इंटरनेट सेवा बंद

किसान संगठनों के दिल्ली कूच करने के बाद पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर लगते हरियाणा के सात जिलों में इंटनेट सेवाएं 15 फरवरी तक बाधित रहेंगी। हरियाणा सरकार ने 7 जिलों अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल, जींद, हिसार, फतेहाबाद, सिरसा और डबवाली में 15 फरवरी तक इंटरनेट सेवा बंद करने का आदेश जारी किया है। इसके अलावा राजस्थान में तीन जिलों श्रीगंगानगर, अनूपगढ़, हनुमानगढ़ में इंटरनेट बंद और 15 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है।

पूरी तैयारी में किसान, ट्रैक्टरों में खाने का भंडार

आंदोलन को लेकर किसानों की तैयारी पूरी है। इसका अंदाजा ट्रैक्टर-ट्रालियों में मौजूद रोटी, सब्जी के भंडार को देखकर लगाया जा सकता है। सैकड़ों ट्रैक्टर-ट्रालियों में से अधिकतर में भोजन की व्यवस्था है। नौबत कई दिन बठने की आए तो खानपान की कमी नहीं आएगी।

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Feb 13 2024, 15:47

किसान आंदोलनः सीमेंट बैरिकेड को किसानों ने ट्रैक्टर से हटाया, पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले

#farmers_protest 

किसान एक बार फिर दिल्‍ली की दहलीज पर अड़े हैं। पंजाब के किसान स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, एमएसपी पर गारंटी, लखीमपुर खीरी हादसे पर सख्त कार्रवाई करने जैसी कई मांगों पर अड़े किसान आज दिल्ली कूच कर रहे हैं। किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च को राष्ट्रीय राजधानी में प्रवेश करने से रोकने के लिए दिल्ली की सीमाओं पर बहुस्तरीय अवरोधक, कंक्रीट के अवरोधक, लोहे की कीलों और कंटेनर की दीवारें लगाकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। दिल्ली की तीन सीमाओं - सिंघू, टिकरी और गाजीपुर पर दंगा-रोधी वर्दी में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवानों को अत्यधिक संख्या में तैनात किया गया है।

किसानों ने फ्लाईओवर पर लगे सेफ्टी बैरियर को तोड़ा

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसानों ने हरियाणा-पंजाब शंभू सीमा पर फ्लाईओवर पर लगे सेफ्टी बैरियर को तोड़ दिया है। हरियाणा-पंजाब शंभू बॉर्डर पार करने की कोशिश कर रहे प्रदर्शनकारी किसानों ने अपने ट्रैक्टरों से सीमेंट के बैरिकेड को जबरन हटा दिया। ऐसे में पुलिस ने आंसू गैस के गोले पर छोड़े हैं। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर कई राउंड आंसू गैस के गोले दागे हैं। इस बीच, प्रदर्शनकारी किसान तितर-बितर हो गए और पंजाब-हरियाणा सीमा पर खेतों में घुस गए। उन्होंने पुलिस पर पत्थरबाजी भी की है। कई किसानों को हिरासत में भी लिया गया है। 

हरियाणा पुलिस का बयान

शंभू बॉर्डर पर प्रदर्शनकारियों द्वारा हरियाणा पुलिस पर पथराव किया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हरियाणा पुलिस द्वारा आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। उपद्रव फैलाने की अनुमति किसी को नहीं है, ऐसा करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।

शंभू बॉर्डर पर 10 हजार किसान जमा- सरवन सिंह

किसानों के प्रदर्शन की अगुवाई कर रही पंजाब किसान मंजदूर संघर्ष कमेटी के महासचिव सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि शंभू बॉर्डर पर 10 हजार किसान मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि किसान शांति बनाए हुए हैं, लेकिन हमारे ऊपर ड्रोन से आंसू गैस के गोले दागे गए। जब तक हमारी मांग नहीं मानी जाएगी, हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।

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Feb 13 2024, 11:04

किसान आंदोलन को रोकने के लिए सीजेआई से लगाई गई गुहार, सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने लिखी चिठ्ठी

#farmers_protest_ supreme_court_bar_association_president_writes_to_cji

किसान फिर एक बार एक बड़े जत्थे के साथ दिल्ली कूच कर रहे हैं। पिछली बार मोदी सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा था और तीन कृषि कानूनों को वापस लेना पड़ा था। एक साल के लंबे आंदोलन के बाद कृषि कानूनों को निरस्त करवाने में कामयाब रहे किसान एक बार फिर आंदोलन कर रहे हैं। पंजाब-हरियाणा के साथ ही कई और राज्यों के किसान आज दिल्ली कूच कर रहे हैं। किसानों के आंदोलन से एक बार फिर दिल्ली की रफ्तार थमने वाले है। ऐसे में सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आदिश अग्रवाल ने भारत के मुख्य न्यायधीश यानी सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को चिठ्ठी लिखकर किसान आंदोलन पर स्वतः संज्ञान लेने का आग्रह किया है।

बार एसोसिएशन ने सीजेआई डीवाई चंद्रचूड़ को लिखे पत्र में किसान आंदोलन में गलत उद्देश्यों से शामिल किसानों के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेते हुए कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया है। चिट्ठी में मांग की गई है कि सुप्रीम कोर्ट दिल्ली में घुसकर समस्या खड़ी करने और लोगों के आम जनजीवन को प्रभावित करने वाले किसानों पर स्वतः संज्ञान लेकर कार्रवाई करे। इसके साथ ही इसमें सीजेआई चंद्रचूड़ से मांग की गई है कि किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण आज जो वकील कोर्ट में पेश ना हो पाए, उनके खिलाफ कोई प्रतिकूल आदेश पारित नहीं किया जाए।

पत्र में कहा गया है कि किसानों के 2020-21 वाले आंदोलन के दौरान लोगों को बड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही इसमें दावा किया गया कि पिछले किसान आंदोलन की चलते कई लोगों की मौत भी हो गई थी। ऐसे में आज किसान दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं। ऐसे आंदोलन में गलत उद्देश्य से शामिल किसानों पर स्वत संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाए।

India

Feb 22 2024, 10:50

सरकार बातचीत के लिए तैयार, किसानों ने कहा कि अभी तक वार्ता की चिट्ठी नहीं मिली, आकिर क्या चल रहा है अन्नदाताओं के मन में?

#farmers_protest_delhi_chalo_march 

एमएसपी को लेकर कानून की मांग कर रहे किसानों का आंदोलन लगातार जारी है। किसानों ने बुधवार को दिल्ली कूच करने की कोशिश की। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर किसानों और सुरक्षाबलों के बीच टकराव हुआ। कई जगहों पर प्रदर्शन उग्र भी हुआ। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग की ओर बढ़ने की कोशिश की। उन्हें रोकने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोलों के साथ रबड़ की गोलियां चलाईं। शंभू बॉर्डर पर पुलिस ने 20 से 25 किसानों को हिरासत में ले लिया। करीब 40 किसानों के घायल होने की खबर है।किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा है कि खनोरी और शंभु बार्डर पर केंद्र सरकार ने बर्बरता की है। 

आंदोलन के बीच सरकार और किसानों के बीच बातचीत का दौर भी चल रहा है। अब तक चार दौर की बातचीत हो चुकी है। सरकार ने पांचवें दौर की वार्ता का न्योता किसानों को दिया है। कृषि मंत्री अर्जुन मुंडा ने बुधवार को किसानों को न्योता दिया। सरकार किसानों से एमएसपी, पराली, फसल विविधता और एफआईआर पर बातचीत करने के लिए तैयार है। हालांकि, सरकार के न्योते पर किसानों ने कहा कि अभी तक बातचीत की चिट्ठी नहीं मिली है।

किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि दिल्ली जाने के फैसले पर दो दिन स्टे होगा। इस दौरान क्या फैसला लेना होगा इसपर विचार करेंगे। अगले दो दिनों तक किसान हालात का जायजा लेंगे और आगे की रणनीति पर विचार करेंगे। आपस में चर्चा के बाद किसान शुक्रवार शाम को अपने अगले कदम का ऐलान करेंगे।

बता दें कि केंद्र सरकार के साथ किसानों की एमएसपी पर सहमति नहीं बन सकी है। सरकार ने कपास, मक्का, मसूर, अरहर और उड़द यानी 5 फसलों पर एमएसपी देने का प्रस्ताव दिया था, जिसे किसानों ने खारिज कर दिया था। किसान सभी फसलों पर एमएसपी गारंटी देने की मांग कर रहे हैं। मांगें अब तक नहीं मानी जाने की वजह से किसान एक बार फिर से दिल्ली मार्च कर रहे हैं।

msyadav

Feb 19 2024, 14:47

అక్రిడిటేషన్‌ అనేది రాయితీ కార్డు మాత్రమే* *-జర్నలిస్టులని గుర్తించే పట్టా కానే కాదు* *-నిజాలు రాసేవారంతా జర్నలిస్టులే* *-చిన్నపెద్


అక్రిడిటేషన్‌ అనేది రాయితీ కార్డు మాత్రమే

-జర్నలిస్టులని గుర్తించే పట్టా కానే కాదు

-నిజాలు రాసేవారంతా జర్నలిస్టులే

-చిన్నపెద్ద అనేది సిండికేట్ల సృష్టే

-జర్నలిస్టు ఔనో కాదో తేల్చాల్సింది పత్రిక ఎడిటర్లు మాత్రమే "ఖాకీలు" కాదు.

-డెమోక్రటిక్ జర్నలిస్ట్ ఫెడరేషన్ జాతీయ అధ్యక్షుడు:మనసాని కృష్ణారెడ్డి.

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msyadav
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