1984 सिख दंगा मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

#rouseavenuecourtacquitssajjankumarin1984antisikhriots_case

Image 2Image 3

1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बड़ी राहत मिली है। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी, विकासपुरी हिंसा मामले में राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। इस मामले में दो लोगों की मौत हुई थी। सज्जन कुमार कांग्रेस के पूर्व सांसद रह चुके हैं।

हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया

पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को जब कोर्ट ने बताया कि उन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में बरी कर दिया गया है, तो सज्जन कुमार ने दोनों हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया।

अपने बचाव में क्या बोले सज्जन कुमार?

इस मामले में आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष हैं, और कभी इसमें शामिल नहीं थे और न ही सपने में भी शामिल हो सकते हैं। सज्जन कुमार ने कहा कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं हैं। जांच एजेंसी ने उन्हें जान बूझकर इस मामले में घसीटा है।

कोर्ट ने सीबीआई से मांगा था जवाब

इससे पहले नवंबर 2025 में सज्जन कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था। सीबीआई के जवाब के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 की रखी थी।

उम्रकैद की सजा के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील

बता दें, फरवरी के महीने में सज्जन कुमार को दोषी करार दिया था और 25 फरवरी 2025 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की। सज्जन कुमार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनका नाम शुरुआत में दर्ज एफआईआर में नहीं था बल्कि साजिश के तहत बाद में जोड़ा गया था।

भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

#supremecourtverdict2018provisioninantigraftlaw

Image 2Image 3

भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर देर रात गरजे बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने पर बवाल

#faizeilahimosqueantiencroachmentdemolition

Image 2Image 3

दिल्ली में देर रात तुर्कमान गेट पर बुलडोजर एक्शन हुआ। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास हुई। अवैध दुकानें और दूसरे निर्माण हटाने के लिए देर रात 30 से ज्यादा बुलडोजर पहुंचे और कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।

पत्थरबाजी में पांच जवान घायल

दिल्ली के रामलीला मैदान क्षेत्र के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के उस समय तनाव फैल गया, जब एक मस्जिद के पास चलाया जा रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान हिंसक हो गया। भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस और निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवान घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में करना पड़ा। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े हैं।

पुलिस ने पथराव करने वाले 10 लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की टीम पर यहां अतिक्रमण हटाते वक्त हमला हुआ था। लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है। FIR फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ है, हालांकि पुलिस ने 4 से 5 संदिग्धों की पहचान कर ली है।

पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश पर

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने का सवाल नहीं है और पूरी कार्रवाई अदालत के आदेशों के पालन में की जा रही थी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम बनाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
हेमंत सरकारों पार्ट 2 में भी भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाला जारी,स्वास्थ्य विभाग में मैनपॉवर सप्लाई में 50 करोड़ के घोटाले की तैयारी - प्रतुल


Image 2Image 3

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हेमंत सरकार पार्ट 2 में भी लगातार टेंडर घोटाले और भ्रष्टाचार के जारी रहने का आरोप लगाया। प्रतुल ने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निकाले गए टेंडर पर बड़ा प्रश्न चिन्ह करते हुए इसे 50 करोड़ का घोटाला करार दिया।

प्रतुल ने कहा कि सिविल सर्जन सह सीएमओ रांची के कार्यालय के द्वारा नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं अन्य तकनीकी स्टाफ के लिए ई टेंडर संख्या 4374, दिनांक 20 सितंबर, 2025 को निकाला गया। इस टेंडर में ऐसी शर्तों को डाला गया जिससे झारखंड की कोई स्थानीय कंपनी हिस्सा ही नहीं ले पाएगी।प्रतुल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जी आदिवासी मूलवासी और झारखंडियत की बात करते हैं। लेकिन इस टेंडर के जरिए बिहार की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम देने का षड्यंत्र किया जा रहा है।

प्रतुल ने कहा कि इस से पूर्व जब इसी सिविल सर्जन के कार्यालय ने 2022 में जब टेंडर निकला था तो उस समय की अर्हता और अभी की अर्हता में लगभग 5 गुण का इजाफा कर दिया गया है। यह सिर्फ बिहार की एक विशेष ब्लैक लिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।प्रतुल ने कहा कि इसी टेंडर में 2022 में सिक्योरिटी मनी (ईएमडी) चार लाख रुपए रखा गया था। इस वर्ष उसे 15 लाख कर दिया गया। 2022 में टेंडर की अर्हता में सिंगल वर्क आर्डर का वैल्यू 3 करोड़ था। 3 वर्षों में इस बार इसे 15 करोड़ कर दिया गया है। ईसीआर की कॉपी 300 लोगों की आवश्यकता थी। इस वर्ष इसे 1500 कर दिया गया है। 2022 में निकाले गए टेंडर में पिछले तीन वित्तीय वर्ष का कंपनी का एवरेज टर्नओवर 5 करोड़ होने की आवश्यकता थी। इस बार इसे 5 गुना बढ़कर 25 करोड़ कर दिया गया है। जिस कंपनी को ये टेंडर देने की कोशिश की जा रही है ,उसे झारखंड के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने डिबार किया है। लेकिन टेंडर में ब्लैकलिस्टेड कॉलम में सिर्फ यह लिखकर डाल दिया गया है कि जिस कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया है वह एक अंडरटेकिंग देगी।

प्रतुल ने कहा कि इन सारी चीजों से स्पष्ट है कि टेंडर को इस रूप में बनाया गया है कि झारखंड की किसी स्थानीय कंपनी को कोई लाभ न हो।लाभ होना तो दूर की बात है, झारखंड की कोई कंपनी इसमें हिस्सा भी नहीं ले पाएगी। बिहार की एक विवादास्पद ब्लैकलिस्टेड कंपनी को टेंडर देने के लिए अर्हता को बदल गया है क्योंकि यही इन सारी अहर्ताओं को पूरा करती है। अब वह कंपनी मनमाने रेट पर टेंडर डालेगी और कमीशन ऊपर से नीचे तक सब जगह बटेगा। प्रतुल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस पूरे मुद्दे को सरकार और एसीबी के सामने भी ले जाएगी।

Corruption and Tender Scams Continue in Hemant Government Part 2

₹50 Crore Scam Planned in Health Department’s Manpower Supply Tender – Pratul Shah Deo

BJP State Spokesperson Pratul Shah Deo today addressed a press conference at the party’s state headquarters, alleging that large-scale tender scams and corruption continue unabated in the Hemant Soren Government Part 2. Pratul raised serious questions over a recent tender issued by the Health Department, calling it a ₹50 crore scam in the making.

Pratul said that the Office of the Civil Surgeon -cum- Chief Medical Officer, Ranchi, issued an e-tender (No. 4374 dated September 20, 2025) for the supply of nursing, paramedical, and other technical staff. Pratul alleged that the tender conditions have been deliberately framed in such a way that no local company from Jharkhand can participate.

Pratul remarked, “The Chief Minister and Health Minister often talk about Adivasi, Moolvasi, and 'Jharkhandiyat', but through this tender, a conspiracy is being hatched to award the work to a blacklisted company from Bihar.”

He pointed out that in 2022, when a similar tender was issued by the same office, the eligibility criteria were much more reasonable. However, in the 2025 tender, the qualifications have been raised nearly fivefold, seemingly to benefit a specific blacklisted Bihar-based company.

He detailed the differences:

In 2022, the security deposit (EMD) was ₹4 lakh; this time, it has been raised to ₹15 lakh.

The minimum value of a single work order required earlier was ₹3 crore; now, it has been increased to ₹15 crore.

The ECR copy requirement for 300 personnel has now been raised to 1,500.

The average annual turnover required over the past three financial years was ₹5 crore; this year, it has been increased 500% to ₹25 crore.

Pratul further revealed that the company being favoured has been debarred by a reputed university in Jharkhand, yet the tender document conveniently allows blacklisted firms to participate if they merely provide an undertaking.

He added, “It is now absolutely clear that this tender has been structured to exclude local Jharkhand-based companies and favour one specific Bihar-based blacklisted company. Once awarded, this company will quote arbitrary rates, and the commission will flow from top to bottom.”

Pratul Shah Deo said that the Bharatiya Janata Party will take up this issue not only with the state government but also before the Anti-Corruption Bureau (ACB) for a full investigation.

रांची में एनसीबी की बड़ी कार्रवाई, ड्रग माफिया की 48.6 लाख की संपत्ति फ्रीज की

#jharkhandanticorruptionbureauseizedpropertyofdrugmafias

Image 2Image 3

नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रांची जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने तस्करों की अवैध कमाई पर सीधी चोट करते हुए करीब 48.6 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा हेरफेर अधिनियम (साफेमा) के तहत की गई है और सक्षम प्राधिकरण ने इसे मंजूरी भी दे दी है।

क्या है मामला?

ये संपत्ति एक बड़े अफीम (पोपी स्ट्रॉ) तस्करी मामले से जुड़ी है। यह केस 8 अगस्त 2024 को शुरू हुआ था। 8 अगस्त 2024 को एनसीबी रांची को गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद हेसमी टोल प्लाजा, मांडर पर एक वाहन को रोका गया, जिसमें से 4,317 किलो से ज़्यादा पोपी स्ट्रॉ (अफीम का भूसा) बरामद हुआ। ये माल झारखंड के खूंटी से लाया जा रहा था और राजस्थान सप्लाई होना था। इस केस में 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें मास्टरमाइंड मोहम्मद इमरान आलम भी शामिल था।

साफेमा के तहत संपत्ति फ्रीज

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसकी डोर राजस्थान तक फैली हुई है। यही नेटवर्क लगातार बिहार और झारखंड में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी की रणनीति सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, अब तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके। साफेमा के तहत संपत्ति फ्रीज करना उसी दिशा में उठाया गया अहम कदम है। इस केस में आरोपियों की 48.6 लाख की संपत्ति फ्रीज की गई और साफेमा अथॉरिटी ने इसे सही ठहराया।

आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की छानबीन जारी

बताया गया कि जांच अभी जारी है और आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी छानबीन की जा रही है। एजेंसी ने साफ कर दिया है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयां होती रहेंगी। ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सहयोग करें। अगर किसी को नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो राष्ट्रीय नशा विरोधी हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

कनाडा में अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे खालिस्तानी, निकाली हिंदू विरोधी परेड, भारतीयों को वापस भेजने की मांग

#khalistanisheldantihinduparadeincanada

कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के सत्ता से हटने के बाद मार्क कार्नी प्रधानमंत्री बने थे। तब उम्मीद जताई जा रही थी कि वह खालिस्तानियों पर लगाम लगाएंगे और भारत के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। हालांकि, ऐसा होता तो नहीं दिख रहा है। रविवार को एक बार फिर कनाडा में खालिस्तानियों ने हिंदू-विरोधी रैली निकाली।कनाडा के टोरंटो में माल्टन गुरुद्वारे से यह रैली निकाली। इस रैली में कई खालिस्तान समर्थकों ने हिस्सा लिया। इस रैली के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं।

Image 2Image 3

कनाडा के एक पत्रकार डेनियल बोर्डमैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में खालिस्तानी कट्टरपंथी टोरंटो के एक गुरुद्वारे में हिंदू विरोधी परेड निकालते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान खालिस्तानियों ने कनाडा से सभी हिंदुओं को निर्वासित करने की मांग भी की।

कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने रविवार को कहा कि जिहादी हमारे सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं, यहूदी समुदाय को धमका रहे हैं और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन खालिस्तानी समाज के लिए सबसे खतरनाक खतरा बन गए हैं। क्या कार्नी का कनाडा ट्रूडो से अलग होगा? उन्होंने शॉन बिंडा नामक एक एक्स यूजर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि खालिस्तानी आतंकवादी समूह ने ‘हिंदू विरोधी नफरत’ के कारण यह विरोध प्रदर्शन किया।

नई सरकार के बाद भी हालात जस के तस

यह हिंदू विरोधी परेड टोरंटो के माल्टन गुरुद्वारे में निकाली गई। यह परेड ऐसे समय निकाली गई, जब हाल ही में कनाडा में चुनाव हुए हैं। कनाडा में चुनाव के बाद एक बार फिर लिबरल पार्टी को जीत हासिल हुई है और मार्क कार्नी ने सत्ता संभाली है। हालांकि, इस बार के चुनाव में देश में प्रमुख सिख नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की करारी हार हुई और साथ ही उनकी पार्टी ने भी काफी खराब प्रदर्शन किया। चुनाव के नतीजों को देखने के बाद लगा कि अब देश में खालिस्तानी गतिविधियों को भी झटका लगेगा। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

कनाडा में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ रैली

कनाडा में चुनाव के तुरंत बाद फिर खालिस्तान समर्थकों ने हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला। इस विरोध परेड का वीडियो सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के पिंजरे में बंद पुतले भी दिखाए गए। इस रैली में खालिस्तानियों ने कनाडा में रह रहे करीब 8 लाख हिंदुओं को देश से निकालने की मांग की। यह रैली भारत सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कनाडा में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ निकाली गई।

क्या कार्नी खालिस्तानियों के खिलाफ लेंगे एक्शन?

कनाडा में जब जस्टिन ट्रूडो की सरकार थी, तब खालिस्तानियों को काफी संरक्षण मिला। इससे पहले कनाडा में कई मदिरों को क्षतिग्रस्त करने और मंदिर की दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि अभी तक इन घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। अब मार्क कार्नी देश के पीएम हैं। ऐसे में उनकी सरकार कनाडा में खालिस्तानियों के खिलाफ कोई एक्शन लेंगे या नहीं, यह देखना होगा।

Dr. Ankit Agrawal and i2CAN Skin Care Clinic: A Trusted Name in Dermatology in Delhi and Mathura

New Delhi / Mathura: When it comes to skin and hair care, people today are looking for experts they can truly trust. That’s where Dr. Ankit Agrawal, a renowned dermatologist and cosmetologist, steps in with his advanced and patient-friendly approach. Heading the i2CAN Skin Care Clinic, Dr. Agrawal has become a well-known name in both Delhi and Mathura, offering top-quality skincare services to thousands of satisfied patients. The i2CAN Skin Care Clinic, located at 1st Floor, Near Shalimar Palace, Kaushik Enclave, Burari, New Delhi, serves as a hub for advanced skincare solutions. The clinic has also extended its presence to Mathura, allowing more people to benefit from expert consultation and cutting-edge treatments. Strategically located in these two cities, i2CAN is becoming the preferred choice for people seeking reliable and result-oriented dermatological care.

Under the leadership of Dr. Agrawal, i2CAN Skin Care Clinic has grown into a top-notch institute, offering a comprehensive range of skin and hair treatments. The clinic blends medical excellence with advanced technologies, ensuring that patients receive modern, effective, and personalized care. Whether the concern is acne, pigmentation, hair fall, skin allergies, or aesthetic enhancements like PRP therapy, laser hair reduction, or anti-aging procedures, patients can expect solutions tailored to their individual needs.

Dr. Ankit Agrawal is known for his hands-on approach, attention to detail, and deep understanding of dermatological conditions. He is appreciated not just for his professional knowledge but also for his genuine care and honest advice. Patients across Delhi and Mathura often speak highly of his clear communication style, gentle manner, and dedication to achieving visible, long-lasting results. He also emphasizes educating patients about their skin type, condition, and how to maintain healthy skin beyond the clinic.

What sets i2CAN Skin Care Clinic apart is its well-rounded team. The clinic is home to trained professionals who assist Dr. Agrawal in delivering high-quality services with consistency and compassion. Every member of the team is committed to maintaining the clinic’s standards of hygiene, patient comfort, and timely service. This combination of expertise and hospitality is a big reason why i2CAN has grown rapidly in popularity and trust.

In terms of infrastructure, the clinic features a modern, welcoming environment equipped with the latest diagnostic and therapeutic tools. The clinic also adheres strictly to safety protocols and international standards, making it a safe and comfortable space for both first-time and regular visitors. From the moment a patient steps in until the completion of their treatment, they are guided and supported at every step.

The clinic’s growing patient base is also a result of its transparent pricing and flexible treatment plans. By keeping services affordable without compromising on quality, i2CAN Skin Care Clinic makes professional dermatological care accessible to a wider community. This approach is particularly appreciated in areas like Burari and Mathura, where high-end skincare services were previously limited.

Dr. Agrawal has long-term plans to expand the clinic’s services across Delhi NCR and parts of Uttar Pradesh, reaching more people who deserve top-quality skincare. His mission is simple—to make people feel confident and comfortable in their own skin. With his knowledge, experience, and a great team behind him, he is well on his way to achieving it.

https://www.instagram.com/iicandelhi/

https://mathura.iicanpune.in/

If you’re searching for a dermatologist you can trust, i2CAN Skin Care Clinic offers everything you need—experience, technology, compassion, and consistent results. Whether you live in North Delhi, Kaushik Enclave, or Mathura, Dr. Ankit Agrawal’s clinic is just around the corner, ready to help you look and feel your best.

बांग्लादेश की यूनुस सरकार का भारत विरोधी एजेंडा, चीन को दिया बड़ा ऑफर, कोलकाता के बगल में...

#bangladeshsyunusgovernmentsantiindia_agenda

Image 2Image 3

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कई ऐसे फैसले लिए जिसमें भारत का विरोध झलका। सत्ता संभालने के बाद यूनुस के फैसले बांग्लादेश को चीन और पाकिस्तान के करीब लाते हैं, जबकि भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। मोहम्मद यूनुस ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे भारत की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। पहले पाकिस्तान से गलबहियां करने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस ने हाल ही में चीन का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान यूनुस ने भारत के खिलाफ चीन को “चारा” देने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस का भारत विरोधी रवैया जारी है। बिमस्टेक समिट में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भी यूनुस सरकार ने चीन और पाकिस्तान को रणनीतिक जगहों पर अहम प्रोजेक्ट सौंप दिए हैं। इनमें एक पोर्ट और एक एयरबेस शामिल है। अपनी चीन यात्रा के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने चीन को बड़ा ऑफर दिया। उन्होंने बांग्लादेश के लालमोनिरहाट जिले में एयरबेस बनाने का न्योता दे डाला।

इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक दस्तावेजों में तो इस एयरबेस का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन माना जा रहा है कि मोहम्मद यूनुस ने जब पिछले दिनों बीजिंग की यात्रा की थी तो उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ इस एयरबेस को लेकर बात की थी।

कोलकाता से सिर्फ 200 किमी पोर्ट की जिम्मेदारी चीन को

बांग्लादेश में शेख हसीना (सरकार के सत्ता से बाहर होने और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में बदलाव देखने को मिला है। इस बीच नई सरकार ने चीन से घनिष्ठ संबंध बनाने के संकेत दिए हैं। हाल ही में बिजिंग के दौरे पर पहुंचे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस दौरान बांग्लादेश ने भारत के कोलकाता से सिर्फ 200 किमी दूर मोंगला पोर्ट के विस्तार की जिम्मेदारी चीन को दी है। यूनुस की हालिया बीजिंग यात्रा के दौरान इस डील पर मुहर लगी थी। चीन ने इस पोर्ट के डेवलपमेंट के लिए 400 मिलियन डॉलर (करीब 3,300 करोड़ रुपए) देने का वादा किया है।

चीन को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने का न्योता दिया

वहीं, बांग्लादेशी सरकार लालमोनिरहाट जिले में एक सैन्य एयरबेस बना रही है, जो भारत के 'चिकन नेक' यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर से सिर्फ 120 किमी दूर है। मोहम्मद यूनुस ने चीन को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने का न्योता दिया। सूत्रों के मुताबिक इसी साल अक्टूबर तक एयरबेस का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। वहीं एक पाकिस्तानी कंपनी एयरबेस निर्माण में सहयोग करेगी। बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहउद्दीन शोएब चौधरी ने एक वेबसाइट पर लिखे अपने लेख में यह दावा किया।

चिकन नेक को लेकर यूनुस का बयान भी अहम

मोहम्मद यूनुस ने चीन जाकर 'चिकन नेक' को लेकर जो बयान दिया था, जिसे भारत की ओर से भड़काऊ बताया गया था यूनुस ने कहा था, 'भारत के सात, राज्य भारत के पूर्वी हिस्से...जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, ये भारत के लैंडलॉक्ड इलाके हैं। समुद्र तक उनकी पहुंच का कोई रास्ता नहीं। इस पूरे क्षेत्र के लिए समंदर के अकेले संरक्षक हम हैं। यह चीनी इकनॉमी के लिए मौका हो सकता है।

चिकन नेक क्या है?

चिकन नेक को सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है। चिकन नेक, पश्चिम बंगाल में भारत का वह 22 से 25 किलोमीटर चौड़ा गलियारा है जो पूरे पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है। यह गलियारा नेपाल और भूटान तथा बांग्लादेश से घिरा हुआ है। यह गलियारा दक्षिण-पश्चिम में बांग्लादेश, उत्तर-पश्चिम में नेपाल और उत्तर में भूटान के समीप स्थित है। सिक्किम और भूटान के बीच चुम्बी घाटी तिब्बती क्षेत्र स्थित है। डोलम पठार या डोकलाम ट्राइबाउंड्री क्षेत्र का दक्षिणी छोर गलियारे में ढलान पर है। सबसे संकरी जगह पर, गलियारा आम तौर पर पूर्व में मेची नदी द्वारा निर्मित होता है; नेपाल का भद्रपुर नदी के तट पर स्थित है। आगे उत्तर में मेची ब्रिज मेचीनगर को जोड़ता है। इसकी सबसे पतली चौड़ाई केवल 20 किलोमीटर है।

चिकन नेक पर चीन की नजर?

इस रूट की कोई भी नाकाबंदी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्यभूमि से काट सकती है। इसे काटना मतलब 7 राज्यों को भारत के बाकी हिस्सों से काट देना है। लिहाजा बांग्लादेश को चीन को एयरबेस बनाने का न्योता देना भारत के खिलाफ न सिर्फ भौगोलिक, बल्कि सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक लड़ाई की शुरूआत है। ऐसे में अगर इस कॉरिडोर से कुछ किलोमीटर दूर चीन को एयरबेस बनाने की छूट मिल जाती है, तो क्या वह इस जगह की सेंसेटिविटी का फायदा नहीं उठाएगा? यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद यूनुस ने खुले तौर पर चीन को ‘बांग्लादेश में निवेश’ का न्योता दिया है और यह भी कहा कि वह सैन्य उपयोग की संभावनाओं से इनकार नहीं करते।

Tusker Trunk: Redefining Travel with Stylish, Secure, and Durable Luggage.

Travel is more than just moving from one place to another—it’s about ease, efficiency, and style. Tusker Trunk’s premium trolleys are designed to enhance every journey with advanced security features and hassle-free mobility. Whether you need a sleek trolley for daily use or a spacious one for long trips, the brand offers thoughtfully crafted solutions for modern travelers. With a focus on durability, functionality, and elegant design, Tusker Trunk ensures that every trip, whether for business or leisure, is smooth and stress-free.

The eco-friendly building materials at Tusker Trunk enable sustainable production while maintaining dependable product strength. The approach enhances durability, making each travelling bag for man shock-resistant with its robust shell design. The advanced anti-theft zipper system provides enhanced security, ensuring double protection for international passengers. The 360° wheels set includes 8 silent spinner wheels for smooth movement on all floor types, helping customers effortlessly manage large trolley bags. Tusker Trunk’s Exclusive Wide-Handle Trolley – unlike traditional telescopic handles – offers better weight distribution, enhanced stability, and a more ergonomic grip, reducing strain while maneuvering. The brand also provides a telescopic luggage bag trolley system.

A fundamental security element exists in Tusker Trunk’s luggage collection. Every model contains a combination lock and TSA-compliant locks, offering better safety for modern travelers. The 20-inch cabin luggage includes tech-friendly benefits like an integrated USB charging system. The premium model’s storage pouch maintains dryness with a dedicated compartment for essentials.

The company subjects each trolley bag to rigorous tests to fulfill strict performance requirements. Procedures assess bag trolley bag system jerks, shell impact, and drop maneuvers for durability. Wheels and handlebars undergo functionality tests to ensure they withstand regular use. With 3-year shell protection and 1-year accessory coverage, the brand guarantees quality for frequent travelers.

The product line offers varied options in materials, dimensions, and colors. The Sapphire and Jade series highlight polypropylene toughness, while the Microlite series focuses on ABS (acrylonitrile-butadiene-styrene) strength. The Garnet and Pearl series, made from co-extrusion polycarbonate, include TSA locks and USB charging in premium colors. Customers can choose 20-inch, 24-inch, or 28-inch luggage, with a two-piece or trolley bag set of 3 options available.

For those seeking high-end trolley bags, Tusker Trunk’s trolley bag set of 3 combines innovation with premium features, including a wide-handle trolley for enhanced comfort and control, along with a top-notch silent wheels set of 8 that ensures smooth, noise-free movement, offering cost-effective solutions for all travelers.

Tusker Trunk distinguishes itself through superior products, customer experiences, and creative advancements. The brand unites secure design with style and durability, letting travelers focus on their adventures. Explore www.tuskertrunk.com to find your ideal travel companion.

1984 सिख दंगा मामले में पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार को बड़ी राहत, कोर्ट ने किया बरी

#rouseavenuecourtacquitssajjankumarin1984antisikhriots_case

Image 2Image 3

1984 के सिख विरोधी दंगे से जुड़े मामले में सज्जन कुमार को बड़ी राहत मिली है। 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े जनकपुरी, विकासपुरी हिंसा मामले में राउज़ ऐवन्यू कोर्ट ने सज्जन कुमार को बरी कर दिया है। इस मामले में दो लोगों की मौत हुई थी। सज्जन कुमार कांग्रेस के पूर्व सांसद रह चुके हैं।

हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया

पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार को जब कोर्ट ने बताया कि उन्हें 1984 के सिख विरोधी दंगों के एक मामले में बरी कर दिया गया है, तो सज्जन कुमार ने दोनों हाथ जोड़कर कोर्ट का शुक्रिया अदा किया।

अपने बचाव में क्या बोले सज्जन कुमार?

इस मामले में आरोपी पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार ने अपने बचाव में कहा था कि वह निर्दोष हैं, और कभी इसमें शामिल नहीं थे और न ही सपने में भी शामिल हो सकते हैं। सज्जन कुमार ने कहा कि उनके खिलाफ एक भी सबूत नहीं हैं। जांच एजेंसी ने उन्हें जान बूझकर इस मामले में घसीटा है।

कोर्ट ने सीबीआई से मांगा था जवाब

इससे पहले नवंबर 2025 में सज्जन कुमार की अपील पर सुनवाई करते हुए दिल्ली कोर्ट ने सीबीआई को नोटिस जारी किया था। सीबीआई के जवाब के लिए कोर्ट ने अगली सुनवाई 28 जनवरी 2026 की रखी थी।

उम्रकैद की सजा के खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में अपील

बता दें, फरवरी के महीने में सज्जन कुमार को दोषी करार दिया था और 25 फरवरी 2025 को उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। इसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाई कोर्ट में अपील दायर की। सज्जन कुमार की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि उनका नाम शुरुआत में दर्ज एफआईआर में नहीं था बल्कि साजिश के तहत बाद में जोड़ा गया था।

भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

#supremecourtverdict2018provisioninantigraftlaw

Image 2Image 3

भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

दिल्ली के तुर्कमान गेट पर देर रात गरजे बुलडोजर, अतिक्रमण हटाने पर बवाल

#faizeilahimosqueantiencroachmentdemolition

Image 2Image 3

दिल्ली में देर रात तुर्कमान गेट पर बुलडोजर एक्शन हुआ। अतिक्रमण हटाने की यह कार्रवाई फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास हुई। अवैध दुकानें और दूसरे निर्माण हटाने के लिए देर रात 30 से ज्यादा बुलडोजर पहुंचे और कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और कुछ लोगों ने पथराव भी किया लेकिन पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर हालात काबू किए। पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी दागे।

पत्थरबाजी में पांच जवान घायल

दिल्ली के रामलीला मैदान क्षेत्र के तुर्कमान गेट इलाके में बुधवार तड़के उस समय तनाव फैल गया, जब एक मस्जिद के पास चलाया जा रहा अतिक्रमण विरोधी अभियान हिंसक हो गया। भीड़ के एक हिस्से ने पुलिस और निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी की। अचानक हुई पत्थरबाजी से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। इस घटना में दिल्ली पुलिस के कम से कम पांच जवान घायल हो गए। हालात बिगड़ने पर पुलिस को हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को काबू में करना पड़ा। आंसू गैस के गोले भी छोड़ने पड़े हैं।

पुलिस ने पथराव करने वाले 10 लोगों को हिरासत में लिया

दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट पर पत्थरबाजी की घटना के सिलसिले में अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। बता दें कि दिल्ली पुलिस की टीम पर यहां अतिक्रमण हटाते वक्त हमला हुआ था। लगभग 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। CCTV फुटेज और बॉडी कैमरा रिकॉर्डिंग की मदद से पत्थर फेंकने वालों की पहचान की जा रही है। FIR फिलहाल अज्ञात लोगों के खिलाफ है, हालांकि पुलिस ने 4 से 5 संदिग्धों की पहचान कर ली है।

पूरी कार्रवाई अदालत के आदेश पर

पुलिस ने स्पष्ट किया कि किसी भी समुदाय या धार्मिक स्थल को निशाना बनाने का सवाल नहीं है और पूरी कार्रवाई अदालत के आदेशों के पालन में की जा रही थी। फिलहाल इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम बनाए गए हैं और अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती जारी है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

पुलिस मंथन–2025 का समापन, मुख्यमंत्री ने किया दूरदर्शी और परिणामोन्मुख सम्मेलन का उल्लेख
लखनऊ। पुलिस मुख्यालय में आयोजित दो दिवसीय राज्यस्तरीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन “पुलिस मंथन–2025” का समापन रविवार को हुआ। सम्मेलन के अंतिम दिन चार महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिए गए, जिनमें आपदा प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण, इंटेलिजेंस व उभरती चुनौतियाँ तथा आतंकवाद एवं संगठित अपराध शामिल रहे।

अंतिम दिन के सत्रों का सार

—सत्र- 08 में Disaster Management, Civil Defence and Home Guards विषय पर नोडल अधिकारी डी.के. ठाकुर (DG नागरिक सुरक्षा/UPSSF) के पैनल द्वारा जलवायु परिवर्तन, बढ़ते शहरीकरण, ज्यादा आबादी घनत्व एवं लगातार आने वाली आपदाओं से बने जोखिम भरे माहौल में, उत्तर प्रदेश में प्रभावी आपदा प्रबंधन ‘इंसिडेंट कमांड सिस्टम’ (ICS) को लागू करने एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने, भीड़ और ट्रैफिक मैनेजमेंट, संकट के समय लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुँचाने में सिविल डिफेंस एवं होमगार्ड ऑपरेशनल फोर्स की उपयोगिता एवं महत्व पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

सत्र- 09 में Large Crowd Management विषय पर नोडल अधिकारी  प्रवीण कुमार, आईजी रेंज अयोध्या के पैनल द्वारा बड़े धार्मिक, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक आयोजन में भीड़ प्रबंधन में आने वाली विभिन्न चुनौतियों तथा उनके उपाय के बारे में प्रस्तुतीकरण दिया गया । प्रस्तुतीकरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित तकनीकों—जैसे भीड़ की घनता का विश्लेषण, भू-चिन्हित क्रमिक (Geo-Tagged Sequencial) पार्किंग, पूर्वानुमानात्मक विश्लेषण (Predictive Analysis), डिजिटल डैशबोर्ड, ड्रोन की सहायता तथा भौतिकी पर आधारित सिमुलेशन—के माध्यम से भीड़ की स्थिति को पहले से समझने, समय रहते बेहतर योजना बनाने, आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने तथा किसी भी आपात स्थिति में लोगों की सुरक्षित और सुव्यवस्थित निकासी सुनिश्चित करने के बारे में जानकारी दी गई ।

सत्र- 10 में Intelligence and Emerging Challenges विषय पर नोडल अधिकारी भगवान स्वरूप, अपर पुलिस महानिदेशक अभिसूचना के पैनल द्वारा सोशल मीडिया के विभिन्न दुरुपयोग से आने वाली चुनौतियों, सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार, डीपफेक, डार्कवेब, आतंकी नेटवर्क की मौजूदगी आदि चुनौतियों एवं “रिलीजियस कन्वर्जन” पर विस्तृत चर्चा की गयी । साथ ही सोशल मीडिया से सम्बन्धित खतरों को कम करने के लिए उठाए जाने वाले सार्थक कदमों व भविष्य की कार्य-योजना पर प्रस्तुतीकरण दिया गया  ।

सत्र- 11 में Anti-Terror, Narcotics, Cattle-Theft and Other organized Crimes विषय पर नोडल अधिकारी अमिताभ यश, अपर पुलिस महानिदेशक कानून एवं व्यवस्था के पैनल द्वारा उ0प्र0 में पाकिस्तान, बांग्लादेश तथा नेपाल से जुड़ी सीमाओं पर बढ़ते आंतकवाद के नए आयामों के विश्लेषण एवं अंतर्राष्ट्रीय सीमा निगरानी (सर्विलांस) का सुदृढ़ीकरण किये जाने के साथ-साथ उ0प्र0 में ‘अंतर्राष्ट्रीय अनुदानित धर्मान्तरण रैकेट’ के रोकथाम हेतु नयी तकनीक जैसे आर्टिफिशियल इन्टेलिजेंस, वित्तीय ट्रेल आदि के उपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी एवं नशीले पदार्थों का सेवन की जटिल और संगठित समस्या से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयास तथा भविष्य की योजनाओं पर प्रस्तुतीकरण दिया गया ।

उत्तम प्रथाओं (Best Practices) एवं नवाचारों पर अनुपूरक सत्र में  प्रकाश डी. अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे द्वारा राजकीय रेलवे पुलिस द्वारा किए गए नवाचारों,  सोनम कुमार, DCP ट्रैफिक आगरा द्वारा इनवेंटरी मैनेजमेन्ट सिस्टम (Police Inventory Portal),  अभिमन्यु मांगलिक, पुलिस अधीक्षक भदोही द्वारा जमानतदार सत्यापन, अंकित शर्मा,पुलिस अधीक्षक कासगंज द्वारा ऑपरेशन जागृति, सागर जैन, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण सहारनपुर द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के कार्यों की डाटाबेस आधारित रैंकिंग एवं  अमृत जैन पुलिस अधीक्षक ग्रामीण अलीगढ़ द्वारा धारा 107 BNS के प्रयोग से सम्बन्धी नवाचारों के सम्बन्ध में प्रस्तुतीकरण दिया गया ।सभी सत्र के प्रस्तुतीकरण के उपरान्त मुख्यमंत्री द्वारा पदक अलंकरण समारोह में निम्नलिखित पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को पदक पहनाकर सम्मानित किया गया ।

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक से सम्मानित

वर्ष 2022

1. प्रभाकर चौधरी – डीआईजी- अलीगढ़ परिक्षेत्र
2. विनय चंद्रा- अपर पुलिस अधीक्षक- अभिसूचना मुख्यालय उत्तर प्रदेश
3. रविंद्र प्रताप सिंह- निरीक्षक- मुरादाबाद
4. दिनेश कुमार डांडियाल- निरीक्षक- अधिसूचना विभाग
5. मनु चौधरी-निरीक्षक यूपीपीसीएल गाजियाबाद

वर्ष 2023

6. शैलेश कुमार पांडेय-डीआईजी- आगरा परिक्षेत्र
7. विशाल विक्रम सिंह- अपर पुलिस अधीक्षक- एसटीएफ
8. विशाल संगारी- निरीक्षक- सीतापुर
9. मनोज चिकारा- मुख्य आरक्षी- गौतमबुद्धनगर
10. शैलेष कुंतल- महिला आरक्षी

वर्ष 2024

11. अनुराग आर्य-एसएसपी- बरेली
12. विमल कुमार सिंह- पुलिस उपाधीक्षक- एसटीएफ
13. अरुण कुमार- मुख्य आरक्षी- एसटीएफ

वर्ष 2025

14. कृष्ण कुमार-पुलिस अधीक्षक संभल
15. प्रेम शुक्ला-पुलिस उपाधीक्षक एसटीएफ
16. प्रियांशी प्रजापति- महिला आरक्षी कमिश्नरेट आगरा

मुख्यमंत्री  द्वारा कार्यक्रम के समापन के अवसर पर अपने सम्बोधन में इस दो दिवसीय आयोजन को अत्यंत महत्वपूर्ण, दूरदर्शी एवं परिणामोन्मुख बताया गया। उन्होंने पुलिस मंथन के सफल आयोजन हेतु पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी तथा कहा कि यह सम्मेलन  प्रधानमंत्री  के स्मार्ट पुलिसिंग एवं विकसित भारत–2047 के विज़न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त रोडमैप प्रदान करता है।

मुख्यमंत्री  ने कहा कि सम्मेलन के दौरान आयोजित 11 सत्रों में बीट पुलिसिंग, मानव संसाधन विकास, पुलिस कल्याण, प्रशिक्षण, पुलिस व्यवहार, थाना प्रबंधन, महिला एवं बाल सुरक्षा, साइबर अपराध, अभियोजन, कारागार, फॉरेंसिक, आपदा प्रबंधन, इंटेलिजेंस, संगठित अपराध एवं क्राउड मैनेजमेंट जैसे विषयों पर गहन मंथन हुआ, जो उत्तर प्रदेश पुलिस की भावी रणनीति का आधार बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम के दौरान समयबद्ध एवं विषय-केंद्रित प्रस्तुतीकरण की विशेष सराहना की ।

अपने उद्बोधन में मुख्यमंत्री  ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून के राज, सुरक्षा की भावना और पारदर्शी शासन व्यवस्था से आज प्रदेश में निवेश, आधारभूत ढांचे और रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। एक्सप्रेसवे, एयर कनेक्टिविटी, रेल नेटवर्क, मेट्रो, रैपिड रेल एवं वॉटर-वे जैसी उपलब्धियों की नींव मजबूत कानून-व्यवस्था पर टिकी है, जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस की अहम भूमिका है।

उन्होंने पुलिस के व्यवहार, संवेदनशीलता, संवाद और ह्यूमन इंटेलिजेंस को प्रभावी पुलिसिंग का आधार बताते हुए जनप्रतिनिधियों, समाज के विभिन्न वर्गों, धर्माचार्यों, व्यापारियों एवं नागरिकों से सतत संवाद पर बल दिया। साथ ही थाना, सर्किल और जिला स्तर पर बेहतर समन्वय को सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती के लिए आवश्यक बताया।

मुख्यमंत्री  ने तीन नए आपराधिक कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता एवं भारतीय साक्ष्य संहिता के प्रभावी क्रियान्वयन और व्यापक जन-जागरूकता की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने पुलिस अवसंरचना, बैरकों, पुलिस लाइनों, पीएसी पुनर्गठन, महिला वाहिनियों एवं महिला कार्मिकों की बढ़ती भागीदारी को उत्तर प्रदेश पुलिस की सशक्तिकरण यात्रा का महत्वपूर्ण चरण बताया।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस मंथन जैसे विचार-मंच को प्रतिवर्ष दिसम्बर के अन्तिम सप्ताह में आयोजित किया जाना चाहिए, ताकि प्रस्तावों का नियमित फॉलोअप हो और नीतिगत निर्णय जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किए जा सकें। उन्होंने सम्मेलन में भाग लेने वाले सभी अधिकारियों, विशेषज्ञों तथा मुख्यमंत्री उत्कृष्ट अलंकरण से सम्मानित पुलिस कार्मिकों को शुभकामनाएँ देते हुए पुनः आयोजन की सफलता के लिए बधाई दी।


कार्यक्रम के समापन अवसर पर पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश राजीव कृष्ण ने सभी सत्रों में प्रस्तुतीकरण देने वाले समस्त अधिकारियों के विचारों एवं प्रस्तुतिकरणों को अत्यंत सारगर्भित, व्यावहारिक तथा परिणामोन्मुखी बताते हुए उनकी सराहना की और उन्हें हार्दिक बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने माननीय मुख्यमंत्री जी को यह आश्वासन भी दिया कि पुलिस मंथन के दौरान प्राप्त सभी महत्वपूर्ण सुझावों एवं निष्कर्षों का शीघ्र, प्रभावी एवं चरणबद्ध रूप से क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा । तत्पश्चात पुलिस महानिदेशक कारागार, उत्तर प्रदेश प्रेम चंद मीणा के धन्यवाद उद्बोधन से इस दो दिवसीय वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सम्मेलन का समापन हुआ ।
हेमंत सरकारों पार्ट 2 में भी भ्रष्टाचार और टेंडर घोटाला जारी,स्वास्थ्य विभाग में मैनपॉवर सप्लाई में 50 करोड़ के घोटाले की तैयारी - प्रतुल


Image 2Image 3

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने आज प्रदेश मुख्यालय में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए हेमंत सरकार पार्ट 2 में भी लगातार टेंडर घोटाले और भ्रष्टाचार के जारी रहने का आरोप लगाया। प्रतुल ने स्वास्थ्य विभाग के द्वारा निकाले गए टेंडर पर बड़ा प्रश्न चिन्ह करते हुए इसे 50 करोड़ का घोटाला करार दिया।

प्रतुल ने कहा कि सिविल सर्जन सह सीएमओ रांची के कार्यालय के द्वारा नर्सिंग, पैरामेडिकल एवं अन्य तकनीकी स्टाफ के लिए ई टेंडर संख्या 4374, दिनांक 20 सितंबर, 2025 को निकाला गया। इस टेंडर में ऐसी शर्तों को डाला गया जिससे झारखंड की कोई स्थानीय कंपनी हिस्सा ही नहीं ले पाएगी।प्रतुल ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री जी आदिवासी मूलवासी और झारखंडियत की बात करते हैं। लेकिन इस टेंडर के जरिए बिहार की ब्लैकलिस्टेड कंपनी को काम देने का षड्यंत्र किया जा रहा है।

प्रतुल ने कहा कि इस से पूर्व जब इसी सिविल सर्जन के कार्यालय ने 2022 में जब टेंडर निकला था तो उस समय की अर्हता और अभी की अर्हता में लगभग 5 गुण का इजाफा कर दिया गया है। यह सिर्फ बिहार की एक विशेष ब्लैक लिस्टेड कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया।प्रतुल ने कहा कि इसी टेंडर में 2022 में सिक्योरिटी मनी (ईएमडी) चार लाख रुपए रखा गया था। इस वर्ष उसे 15 लाख कर दिया गया। 2022 में टेंडर की अर्हता में सिंगल वर्क आर्डर का वैल्यू 3 करोड़ था। 3 वर्षों में इस बार इसे 15 करोड़ कर दिया गया है। ईसीआर की कॉपी 300 लोगों की आवश्यकता थी। इस वर्ष इसे 1500 कर दिया गया है। 2022 में निकाले गए टेंडर में पिछले तीन वित्तीय वर्ष का कंपनी का एवरेज टर्नओवर 5 करोड़ होने की आवश्यकता थी। इस बार इसे 5 गुना बढ़कर 25 करोड़ कर दिया गया है। जिस कंपनी को ये टेंडर देने की कोशिश की जा रही है ,उसे झारखंड के प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी ने डिबार किया है। लेकिन टेंडर में ब्लैकलिस्टेड कॉलम में सिर्फ यह लिखकर डाल दिया गया है कि जिस कंपनी को ब्लैक लिस्ट किया गया है वह एक अंडरटेकिंग देगी।

प्रतुल ने कहा कि इन सारी चीजों से स्पष्ट है कि टेंडर को इस रूप में बनाया गया है कि झारखंड की किसी स्थानीय कंपनी को कोई लाभ न हो।लाभ होना तो दूर की बात है, झारखंड की कोई कंपनी इसमें हिस्सा भी नहीं ले पाएगी। बिहार की एक विवादास्पद ब्लैकलिस्टेड कंपनी को टेंडर देने के लिए अर्हता को बदल गया है क्योंकि यही इन सारी अहर्ताओं को पूरा करती है। अब वह कंपनी मनमाने रेट पर टेंडर डालेगी और कमीशन ऊपर से नीचे तक सब जगह बटेगा। प्रतुल ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस पूरे मुद्दे को सरकार और एसीबी के सामने भी ले जाएगी।

Corruption and Tender Scams Continue in Hemant Government Part 2

₹50 Crore Scam Planned in Health Department’s Manpower Supply Tender – Pratul Shah Deo

BJP State Spokesperson Pratul Shah Deo today addressed a press conference at the party’s state headquarters, alleging that large-scale tender scams and corruption continue unabated in the Hemant Soren Government Part 2. Pratul raised serious questions over a recent tender issued by the Health Department, calling it a ₹50 crore scam in the making.

Pratul said that the Office of the Civil Surgeon -cum- Chief Medical Officer, Ranchi, issued an e-tender (No. 4374 dated September 20, 2025) for the supply of nursing, paramedical, and other technical staff. Pratul alleged that the tender conditions have been deliberately framed in such a way that no local company from Jharkhand can participate.

Pratul remarked, “The Chief Minister and Health Minister often talk about Adivasi, Moolvasi, and 'Jharkhandiyat', but through this tender, a conspiracy is being hatched to award the work to a blacklisted company from Bihar.”

He pointed out that in 2022, when a similar tender was issued by the same office, the eligibility criteria were much more reasonable. However, in the 2025 tender, the qualifications have been raised nearly fivefold, seemingly to benefit a specific blacklisted Bihar-based company.

He detailed the differences:

In 2022, the security deposit (EMD) was ₹4 lakh; this time, it has been raised to ₹15 lakh.

The minimum value of a single work order required earlier was ₹3 crore; now, it has been increased to ₹15 crore.

The ECR copy requirement for 300 personnel has now been raised to 1,500.

The average annual turnover required over the past three financial years was ₹5 crore; this year, it has been increased 500% to ₹25 crore.

Pratul further revealed that the company being favoured has been debarred by a reputed university in Jharkhand, yet the tender document conveniently allows blacklisted firms to participate if they merely provide an undertaking.

He added, “It is now absolutely clear that this tender has been structured to exclude local Jharkhand-based companies and favour one specific Bihar-based blacklisted company. Once awarded, this company will quote arbitrary rates, and the commission will flow from top to bottom.”

Pratul Shah Deo said that the Bharatiya Janata Party will take up this issue not only with the state government but also before the Anti-Corruption Bureau (ACB) for a full investigation.

रांची में एनसीबी की बड़ी कार्रवाई, ड्रग माफिया की 48.6 लाख की संपत्ति फ्रीज की

#jharkhandanticorruptionbureauseizedpropertyofdrugmafias

Image 2Image 3

नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) रांची जोनल यूनिट ने बड़ी कार्रवाई की है। ब्यूरो ने तस्करों की अवैध कमाई पर सीधी चोट करते हुए करीब 48.6 लाख रुपये की संपत्ति फ्रीज कर दी है। यह कार्रवाई विदेशी मुद्रा हेरफेर अधिनियम (साफेमा) के तहत की गई है और सक्षम प्राधिकरण ने इसे मंजूरी भी दे दी है।

क्या है मामला?

ये संपत्ति एक बड़े अफीम (पोपी स्ट्रॉ) तस्करी मामले से जुड़ी है। यह केस 8 अगस्त 2024 को शुरू हुआ था। 8 अगस्त 2024 को एनसीबी रांची को गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद हेसमी टोल प्लाजा, मांडर पर एक वाहन को रोका गया, जिसमें से 4,317 किलो से ज़्यादा पोपी स्ट्रॉ (अफीम का भूसा) बरामद हुआ। ये माल झारखंड के खूंटी से लाया जा रहा था और राजस्थान सप्लाई होना था। इस केस में 6 आरोपी गिरफ्तार किए गए थे, जिनमें मास्टरमाइंड मोहम्मद इमरान आलम भी शामिल था।

साफेमा के तहत संपत्ति फ्रीज

जांच के दौरान पता चला कि आरोपी एक बड़े अंतरराज्यीय ड्रग नेटवर्क से जुड़े हैं, जिसकी डोर राजस्थान तक फैली हुई है। यही नेटवर्क लगातार बिहार और झारखंड में नशीले पदार्थों की आपूर्ति कर रहा था। एनसीबी अधिकारियों का कहना है कि एजेंसी की रणनीति सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, अब तस्करों की अवैध संपत्तियों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है, ताकि उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर किया जा सके। साफेमा के तहत संपत्ति फ्रीज करना उसी दिशा में उठाया गया अहम कदम है। इस केस में आरोपियों की 48.6 लाख की संपत्ति फ्रीज की गई और साफेमा अथॉरिटी ने इसे सही ठहराया।

आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की छानबीन जारी

बताया गया कि जांच अभी जारी है और आरोपियों से जुड़ी अन्य संपत्तियों की भी छानबीन की जा रही है। एजेंसी ने साफ कर दिया है कि आगे भी ऐसी कार्रवाइयां होती रहेंगी। ब्यूरो ने आम लोगों से अपील की है कि वे नशे के खिलाफ इस लड़ाई में सहयोग करें। अगर किसी को नशीले पदार्थों की बिक्री या तस्करी की जानकारी मिले तो राष्ट्रीय नशा विरोधी हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दी जा सकती है। सूचना देने वाले का नाम और पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी।

कनाडा में अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे खालिस्तानी, निकाली हिंदू विरोधी परेड, भारतीयों को वापस भेजने की मांग

#khalistanisheldantihinduparadeincanada

कनाडा में जस्टिन ट्रूडो के सत्ता से हटने के बाद मार्क कार्नी प्रधानमंत्री बने थे। तब उम्मीद जताई जा रही थी कि वह खालिस्तानियों पर लगाम लगाएंगे और भारत के साथ रिश्ते अच्छे होंगे। हालांकि, ऐसा होता तो नहीं दिख रहा है। रविवार को एक बार फिर कनाडा में खालिस्तानियों ने हिंदू-विरोधी रैली निकाली।कनाडा के टोरंटो में माल्टन गुरुद्वारे से यह रैली निकाली। इस रैली में कई खालिस्तान समर्थकों ने हिस्सा लिया। इस रैली के वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं।

Image 2Image 3

कनाडा के एक पत्रकार डेनियल बोर्डमैन ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया है। इस वीडियो में खालिस्तानी कट्टरपंथी टोरंटो के एक गुरुद्वारे में हिंदू विरोधी परेड निकालते दिखाई दे रहे हैं। इस दौरान खालिस्तानियों ने कनाडा से सभी हिंदुओं को निर्वासित करने की मांग भी की।

कनाडाई पत्रकार डैनियल बोर्डमैन ने रविवार को कहा कि जिहादी हमारे सड़कों पर उत्पात मचा रहे हैं, यहूदी समुदाय को धमका रहे हैं और सामाजिक ताने-बाने को नुकसान पहुंचा रहे हैं, लेकिन खालिस्तानी समाज के लिए सबसे खतरनाक खतरा बन गए हैं। क्या कार्नी का कनाडा ट्रूडो से अलग होगा? उन्होंने शॉन बिंडा नामक एक एक्स यूजर के पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें कहा गया था कि खालिस्तानी आतंकवादी समूह ने ‘हिंदू विरोधी नफरत’ के कारण यह विरोध प्रदर्शन किया।

नई सरकार के बाद भी हालात जस के तस

यह हिंदू विरोधी परेड टोरंटो के माल्टन गुरुद्वारे में निकाली गई। यह परेड ऐसे समय निकाली गई, जब हाल ही में कनाडा में चुनाव हुए हैं। कनाडा में चुनाव के बाद एक बार फिर लिबरल पार्टी को जीत हासिल हुई है और मार्क कार्नी ने सत्ता संभाली है। हालांकि, इस बार के चुनाव में देश में प्रमुख सिख नेता और खालिस्तान समर्थक जगमीत सिंह की करारी हार हुई और साथ ही उनकी पार्टी ने भी काफी खराब प्रदर्शन किया। चुनाव के नतीजों को देखने के बाद लगा कि अब देश में खालिस्तानी गतिविधियों को भी झटका लगेगा। लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं।

कनाडा में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ रैली

कनाडा में चुनाव के तुरंत बाद फिर खालिस्तान समर्थकों ने हिंदुओं के खिलाफ जहर उगला। इस विरोध परेड का वीडियो सामने आया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री डॉ एस जयशंकर के पिंजरे में बंद पुतले भी दिखाए गए। इस रैली में खालिस्तानियों ने कनाडा में रह रहे करीब 8 लाख हिंदुओं को देश से निकालने की मांग की। यह रैली भारत सरकार के खिलाफ नहीं, बल्कि कनाडा में रह रहे हिंदुओं के खिलाफ निकाली गई।

क्या कार्नी खालिस्तानियों के खिलाफ लेंगे एक्शन?

कनाडा में जब जस्टिन ट्रूडो की सरकार थी, तब खालिस्तानियों को काफी संरक्षण मिला। इससे पहले कनाडा में कई मदिरों को क्षतिग्रस्त करने और मंदिर की दीवारों पर खालिस्तानी नारे लिखने की कई घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि अभी तक इन घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई है। अब मार्क कार्नी देश के पीएम हैं। ऐसे में उनकी सरकार कनाडा में खालिस्तानियों के खिलाफ कोई एक्शन लेंगे या नहीं, यह देखना होगा।

Dr. Ankit Agrawal and i2CAN Skin Care Clinic: A Trusted Name in Dermatology in Delhi and Mathura

New Delhi / Mathura: When it comes to skin and hair care, people today are looking for experts they can truly trust. That’s where Dr. Ankit Agrawal, a renowned dermatologist and cosmetologist, steps in with his advanced and patient-friendly approach. Heading the i2CAN Skin Care Clinic, Dr. Agrawal has become a well-known name in both Delhi and Mathura, offering top-quality skincare services to thousands of satisfied patients. The i2CAN Skin Care Clinic, located at 1st Floor, Near Shalimar Palace, Kaushik Enclave, Burari, New Delhi, serves as a hub for advanced skincare solutions. The clinic has also extended its presence to Mathura, allowing more people to benefit from expert consultation and cutting-edge treatments. Strategically located in these two cities, i2CAN is becoming the preferred choice for people seeking reliable and result-oriented dermatological care.

Under the leadership of Dr. Agrawal, i2CAN Skin Care Clinic has grown into a top-notch institute, offering a comprehensive range of skin and hair treatments. The clinic blends medical excellence with advanced technologies, ensuring that patients receive modern, effective, and personalized care. Whether the concern is acne, pigmentation, hair fall, skin allergies, or aesthetic enhancements like PRP therapy, laser hair reduction, or anti-aging procedures, patients can expect solutions tailored to their individual needs.

Dr. Ankit Agrawal is known for his hands-on approach, attention to detail, and deep understanding of dermatological conditions. He is appreciated not just for his professional knowledge but also for his genuine care and honest advice. Patients across Delhi and Mathura often speak highly of his clear communication style, gentle manner, and dedication to achieving visible, long-lasting results. He also emphasizes educating patients about their skin type, condition, and how to maintain healthy skin beyond the clinic.

What sets i2CAN Skin Care Clinic apart is its well-rounded team. The clinic is home to trained professionals who assist Dr. Agrawal in delivering high-quality services with consistency and compassion. Every member of the team is committed to maintaining the clinic’s standards of hygiene, patient comfort, and timely service. This combination of expertise and hospitality is a big reason why i2CAN has grown rapidly in popularity and trust.

In terms of infrastructure, the clinic features a modern, welcoming environment equipped with the latest diagnostic and therapeutic tools. The clinic also adheres strictly to safety protocols and international standards, making it a safe and comfortable space for both first-time and regular visitors. From the moment a patient steps in until the completion of their treatment, they are guided and supported at every step.

The clinic’s growing patient base is also a result of its transparent pricing and flexible treatment plans. By keeping services affordable without compromising on quality, i2CAN Skin Care Clinic makes professional dermatological care accessible to a wider community. This approach is particularly appreciated in areas like Burari and Mathura, where high-end skincare services were previously limited.

Dr. Agrawal has long-term plans to expand the clinic’s services across Delhi NCR and parts of Uttar Pradesh, reaching more people who deserve top-quality skincare. His mission is simple—to make people feel confident and comfortable in their own skin. With his knowledge, experience, and a great team behind him, he is well on his way to achieving it.

https://www.instagram.com/iicandelhi/

https://mathura.iicanpune.in/

If you’re searching for a dermatologist you can trust, i2CAN Skin Care Clinic offers everything you need—experience, technology, compassion, and consistent results. Whether you live in North Delhi, Kaushik Enclave, or Mathura, Dr. Ankit Agrawal’s clinic is just around the corner, ready to help you look and feel your best.

बांग्लादेश की यूनुस सरकार का भारत विरोधी एजेंडा, चीन को दिया बड़ा ऑफर, कोलकाता के बगल में...

#bangladeshsyunusgovernmentsantiindia_agenda

Image 2Image 3

बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद बनी अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने कई ऐसे फैसले लिए जिसमें भारत का विरोध झलका। सत्ता संभालने के बाद यूनुस के फैसले बांग्लादेश को चीन और पाकिस्तान के करीब लाते हैं, जबकि भारत के लिए मुश्किलें बढ़ा रहे हैं। मोहम्मद यूनुस ने कई ऐसे फैसले लिए हैं, जिससे भारत की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ती है। पहले पाकिस्तान से गलबहियां करने के बाद बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया यूनुस ने हाल ही में चीन का दौरा किया। अपने इस दौरे के दौरान यूनुस ने भारत के खिलाफ चीन को “चारा” देने की कोशिश की।

प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद भी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार डॉ. मोहम्मद यूनुस का भारत विरोधी रवैया जारी है। बिमस्टेक समिट में पीएम मोदी से मुलाकात के बाद भी यूनुस सरकार ने चीन और पाकिस्तान को रणनीतिक जगहों पर अहम प्रोजेक्ट सौंप दिए हैं। इनमें एक पोर्ट और एक एयरबेस शामिल है। अपनी चीन यात्रा के दौरान बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने चीन को बड़ा ऑफर दिया। उन्होंने बांग्लादेश के लालमोनिरहाट जिले में एयरबेस बनाने का न्योता दे डाला।

इकोनॉमिक टाइम्स ने अपनी रिपोर्ट में ये दावा किया गया है। ईटी की रिपोर्ट के मुताबिक आधिकारिक दस्तावेजों में तो इस एयरबेस का जिक्र नहीं किया गया है लेकिन माना जा रहा है कि मोहम्मद यूनुस ने जब पिछले दिनों बीजिंग की यात्रा की थी तो उन्होंने चीनी अधिकारियों के साथ इस एयरबेस को लेकर बात की थी।

कोलकाता से सिर्फ 200 किमी पोर्ट की जिम्मेदारी चीन को

बांग्लादेश में शेख हसीना (सरकार के सत्ता से बाहर होने और मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार के गठन के बाद भारत-बांग्लादेश संबंधों में बदलाव देखने को मिला है। इस बीच नई सरकार ने चीन से घनिष्ठ संबंध बनाने के संकेत दिए हैं। हाल ही में बिजिंग के दौरे पर पहुंचे बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की थी। इस दौरान बांग्लादेश ने भारत के कोलकाता से सिर्फ 200 किमी दूर मोंगला पोर्ट के विस्तार की जिम्मेदारी चीन को दी है। यूनुस की हालिया बीजिंग यात्रा के दौरान इस डील पर मुहर लगी थी। चीन ने इस पोर्ट के डेवलपमेंट के लिए 400 मिलियन डॉलर (करीब 3,300 करोड़ रुपए) देने का वादा किया है।

चीन को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने का न्योता दिया

वहीं, बांग्लादेशी सरकार लालमोनिरहाट जिले में एक सैन्य एयरबेस बना रही है, जो भारत के 'चिकन नेक' यानी सिलीगुड़ी कॉरिडोर से सिर्फ 120 किमी दूर है। मोहम्मद यूनुस ने चीन को बांग्लादेश में एयरबेस बनाने का न्योता दिया। सूत्रों के मुताबिक इसी साल अक्टूबर तक एयरबेस का निर्माण कार्य शुरू हो सकता है। वहीं एक पाकिस्तानी कंपनी एयरबेस निर्माण में सहयोग करेगी। बांग्लादेश के वरिष्ठ पत्रकार सलाहउद्दीन शोएब चौधरी ने एक वेबसाइट पर लिखे अपने लेख में यह दावा किया।

चिकन नेक को लेकर यूनुस का बयान भी अहम

मोहम्मद यूनुस ने चीन जाकर 'चिकन नेक' को लेकर जो बयान दिया था, जिसे भारत की ओर से भड़काऊ बताया गया था यूनुस ने कहा था, 'भारत के सात, राज्य भारत के पूर्वी हिस्से...जिन्हें सेवन सिस्टर्स कहा जाता है, ये भारत के लैंडलॉक्ड इलाके हैं। समुद्र तक उनकी पहुंच का कोई रास्ता नहीं। इस पूरे क्षेत्र के लिए समंदर के अकेले संरक्षक हम हैं। यह चीनी इकनॉमी के लिए मौका हो सकता है।

चिकन नेक क्या है?

चिकन नेक को सिलीगुड़ी कॉरिडोर के नाम से भी जाना जाता है। चिकन नेक, पश्चिम बंगाल में भारत का वह 22 से 25 किलोमीटर चौड़ा गलियारा है जो पूरे पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है। यह गलियारा नेपाल और भूटान तथा बांग्लादेश से घिरा हुआ है। यह गलियारा दक्षिण-पश्चिम में बांग्लादेश, उत्तर-पश्चिम में नेपाल और उत्तर में भूटान के समीप स्थित है। सिक्किम और भूटान के बीच चुम्बी घाटी तिब्बती क्षेत्र स्थित है। डोलम पठार या डोकलाम ट्राइबाउंड्री क्षेत्र का दक्षिणी छोर गलियारे में ढलान पर है। सबसे संकरी जगह पर, गलियारा आम तौर पर पूर्व में मेची नदी द्वारा निर्मित होता है; नेपाल का भद्रपुर नदी के तट पर स्थित है। आगे उत्तर में मेची ब्रिज मेचीनगर को जोड़ता है। इसकी सबसे पतली चौड़ाई केवल 20 किलोमीटर है।

चिकन नेक पर चीन की नजर?

इस रूट की कोई भी नाकाबंदी भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्यभूमि से काट सकती है। इसे काटना मतलब 7 राज्यों को भारत के बाकी हिस्सों से काट देना है। लिहाजा बांग्लादेश को चीन को एयरबेस बनाने का न्योता देना भारत के खिलाफ न सिर्फ भौगोलिक, बल्कि सैन्य, राजनीतिक और रणनीतिक लड़ाई की शुरूआत है। ऐसे में अगर इस कॉरिडोर से कुछ किलोमीटर दूर चीन को एयरबेस बनाने की छूट मिल जाती है, तो क्या वह इस जगह की सेंसेटिविटी का फायदा नहीं उठाएगा? यूरेशियन टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक मोहम्मद यूनुस ने खुले तौर पर चीन को ‘बांग्लादेश में निवेश’ का न्योता दिया है और यह भी कहा कि वह सैन्य उपयोग की संभावनाओं से इनकार नहीं करते।

Tusker Trunk: Redefining Travel with Stylish, Secure, and Durable Luggage.

Travel is more than just moving from one place to another—it’s about ease, efficiency, and style. Tusker Trunk’s premium trolleys are designed to enhance every journey with advanced security features and hassle-free mobility. Whether you need a sleek trolley for daily use or a spacious one for long trips, the brand offers thoughtfully crafted solutions for modern travelers. With a focus on durability, functionality, and elegant design, Tusker Trunk ensures that every trip, whether for business or leisure, is smooth and stress-free.

The eco-friendly building materials at Tusker Trunk enable sustainable production while maintaining dependable product strength. The approach enhances durability, making each travelling bag for man shock-resistant with its robust shell design. The advanced anti-theft zipper system provides enhanced security, ensuring double protection for international passengers. The 360° wheels set includes 8 silent spinner wheels for smooth movement on all floor types, helping customers effortlessly manage large trolley bags. Tusker Trunk’s Exclusive Wide-Handle Trolley – unlike traditional telescopic handles – offers better weight distribution, enhanced stability, and a more ergonomic grip, reducing strain while maneuvering. The brand also provides a telescopic luggage bag trolley system.

A fundamental security element exists in Tusker Trunk’s luggage collection. Every model contains a combination lock and TSA-compliant locks, offering better safety for modern travelers. The 20-inch cabin luggage includes tech-friendly benefits like an integrated USB charging system. The premium model’s storage pouch maintains dryness with a dedicated compartment for essentials.

The company subjects each trolley bag to rigorous tests to fulfill strict performance requirements. Procedures assess bag trolley bag system jerks, shell impact, and drop maneuvers for durability. Wheels and handlebars undergo functionality tests to ensure they withstand regular use. With 3-year shell protection and 1-year accessory coverage, the brand guarantees quality for frequent travelers.

The product line offers varied options in materials, dimensions, and colors. The Sapphire and Jade series highlight polypropylene toughness, while the Microlite series focuses on ABS (acrylonitrile-butadiene-styrene) strength. The Garnet and Pearl series, made from co-extrusion polycarbonate, include TSA locks and USB charging in premium colors. Customers can choose 20-inch, 24-inch, or 28-inch luggage, with a two-piece or trolley bag set of 3 options available.

For those seeking high-end trolley bags, Tusker Trunk’s trolley bag set of 3 combines innovation with premium features, including a wide-handle trolley for enhanced comfort and control, along with a top-notch silent wheels set of 8 that ensures smooth, noise-free movement, offering cost-effective solutions for all travelers.

Tusker Trunk distinguishes itself through superior products, customer experiences, and creative advancements. The brand unites secure design with style and durability, letting travelers focus on their adventures. Explore www.tuskertrunk.com to find your ideal travel companion.