मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन! विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम का छापा*

रितेश मिश्रा
हरदोई/अनंगपुर उपकेंद्र के टाउन क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं को मौके पर ही बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
प्रवर्तन दल के जेई  ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध कनेक्शन, कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटर से छेड़छाड़ जैसे कई मामलों का खुलासा किया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने अवैध कनेक्शन हटाने शुरू कर दिए।
बिजली विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, जिससे चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।संदेश साफ है: अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं!
थानाध्यक्ष शंकरगढ़ द्वारा पुलिस बल के साथ शाम को  पैदल गश्त किया गया ।


विश्वनाथ प्रताप सिंह


  प्रयागराज,पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार एवम अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा  के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव एवम अपर पुलिस उपायुक्त यमुनागर विजय आनंद के निर्देश के क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्र के निर्देश के अंतर्गत शंकरगढ़ थानाक्षेत्र में  कानून व्यवस्था को चुस्त एवम दुरुस्त रखने के दृष्टिगत को  थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे द्वारा पुलिस बल के साथ शिवराजपुर चौराहा,एवम बाजार एवम शंकरगढ़ बाजार एवम थाना क्षेत्र के भीड़ भाड़ स्थानों पर  सांय कालीन पैदल गस्त शिवराजपुर चौराहा कस्बा व थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध लोगों एवम संदिग्ध वाहन को चेकिंग कर आम जनमानस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
आजमगढ़:-सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र को नई सुविधा, अब मोबाइल से दर्ज होंगी शिकायतें

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील मुख्यालय सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र को उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई सौगात मिली है। अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी गर्मी को देखते हुए उपकेंद को एक नया मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है, जिससे उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें सीधे मोबाइल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार “उपभोक्ता देवो भव” की भावना के तहत यह पहल की गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपकेंद्र तक बार-बार न आना पड़े। शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को अपना खाता संख्या और मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य होगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर बिजली के तार टूटने या अन्य आपात समस्याओं की सूचना देने के लिए उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7307562579 पर संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए यह कदम काफी राहत भरा साबित होगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 2,00000/- रूपये कराए गए वापस

पैसे वापस मिलने पर पीड़िता के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के मार्गदर्शन में थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़िता की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 2,00000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-
आवेदिका श्रीमती पूजा पाण्डेय द्वारा थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड गयी उनकी 2,00000/- रू0 की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वाराजनपदीय साइबर सेल टीम की मदद से  कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 2,00000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस
खटीमा में बीजेपी नेता की बेरहमी से पिटाई, वन रेंजर समेत 3 वनकर्मियों पर FIR दर्ज
खटीमा। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता और ग्राम प्रहरी विपिन राणा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर समेत तीन वनकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन राणा, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद जब शुरुआती कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रविवार को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई।
कोतवाली परिसर में भारी हंगामे और दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खटीमा वन रेंज के रेंजर और दो अन्य वनकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान बीजेपी नेता नवीन भट्ट, नंदन सिंह खड़ायत, राकेश बिष्ट, किशन चंद कुक्कु, बलदेव सिंह और जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी: हाथियों को रोकने के लिए बनेगी एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच, लगेगा AI कैमरा नेटवर्क
हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
वन विभाग द्वारा 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच बनाई जाएगी, जो हाथियों के आवागमन को रोकने में एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगी। इसके साथ ही 51 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी, ताकि हाथी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
इसके अलावा विभाग एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हाथियों की गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जो वनकर्मियों के मोबाइल से जुड़ा रहेगा।
जैसे ही कैमरों में हाथियों की मूवमेंट डिटेक्ट होगी, संबंधित कर्मचारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी और मौके पर टीम पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को “एलीफेंट अर्ली वार्निंग सिस्टम” नाम दिया गया है।
हरिद्वार के भूपतवाला, खड़खड़ी, जगजीतपुर और मिस्सरपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। गंगा पार करके हाथियों के झुंड कई बार आबादी और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान होता है।
अधिकारियों के अनुसार, बैरागी कैंप जैसे कुंभ मेला क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, जहां साधु-संतों के शिविर लगते हैं। इसी कारण यह पूरी योजना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वन विभाग का दावा है कि ट्रेंच, सोलर फेंसिंग और AI आधारित निगरानी सिस्टम के बाद हाथियों की आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ काफी हद तक रोकी जा सकेगी।
आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कुल्हनामऊ में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर भव्य प्रतिमा का अनावरण

जौनपुर। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के जन्मदिन के पावन अवसर पर जिले के कुल्हनामऊ चौराहे पर स्थापित 11 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम का आयोजन मुरलीधर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी एवं उद्योगपति प्रमोद पाठक के संयोजन में किया गया। शाम शुरू हुए कार्यक्रम में 51बटुको द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, आरती और परशुराम चालीसा का पाठ किया गया। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।इस मौके पर प्रमोद पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे समाज के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान को जातियों में बांटना गलत सोच है, वे सर्व समाज के लिए समान रूप से पूजनीय हैं।” कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की सहभागिता इस संदेश को मजबूत करती दिखी।राजनीतिक चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसे किसी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने धर्म की रक्षा में भगवान परशुराम के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रतिमा अनावरण के इस अवसर पर राजनीतिक सीमाओं से परे हटकर विभिन्न जन प्रतिनिधि एक साथ नजर आए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा की कुल्हनामऊ का यह जमदग्निपुरम पार्क न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा बल्कि युवाओं को धर्म और पुरुषार्थ की सीख भी देगा वहीं विधायक बदलापुर ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जनता स्वयं सही-गलत का निर्णय करेगी।आयोजन की सफलता में कई लोगों का योगदान रहा, जिसमें परमिशन से लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग मिला। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस स्थल को “परशुराम चौक” या “परशुराम पार्क” के रूप में विकसित करने की योजना है।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। इस मौके पर विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, मंत्री गिरीश चंद्र यादव, नगरपालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या, उद्योगपति तथा वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानप्रकाश सिंह ,पूर्व ब्लाक प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं श्रीपति उपाध्याय जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ,कुंवर मृगेंद्र सिंह समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।
मगध विश्वविद्यालय में वैचारिक टकराव गहराया, जातीय उन्माद और हिंदू विरोधी विचारों के प्रसार के आरोप

गया-बोधगया। मगध विश्वविद्यालय एवं उससे संबद्ध कॉलेजों में हाल के दिनों में हो रही कुछ गतिविधियों ने शैक्षणिक वातावरण को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप सामने आ रहे हैं कि कुछ व्यक्तियों द्वारा वामपंथी विचारधारा के नाम पर छात्रों के बीच जातीय उन्माद फैलाने तथा हिंदू विरोधी सोच को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इससे विश्वविद्यालय का शैक्षणिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संतुलन प्रभावित होता प्रतीत हो रहा है, जो चिंता का विषय है।एबीवीपी के छात्र नेता सूरज सिंह ने इस पूरे प्रकरण पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज विचारों के स्वस्थ आदान-प्रदान के केंद्र होते हैं, लेकिन वर्तमान परिस्थिति में सुनियोजित ढंग से छात्रों को विभाजित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जाति के आधार पर छात्रों को बांटना तथा हिंदू आस्था, परंपरा एवं सांस्कृतिक मूल्यों के विरुद्ध नकारात्मक वातावरण तैयार करना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। इससे न केवल छात्र एकता कमजोर होती है, बल्कि उनके शैक्षणिक विकास और भविष्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। सूरज सिंह ने आगे आरोप लगाया कि कुछ तत्व एकतरफा विचारधारा और भ्रामक प्रचार के माध्यम से छात्रों व ख़ास कर छात्राओं को गुमराह कर रहे हैं, जिससे परिसर में अविश्वास और तनाव का माहौल बनता जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिक्षा के मंदिर में किसी भी प्रकार की विभाजनकारी राजनीति या वैचारिक उन्माद को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

सूरज सिंह ने सभी छात्र संगठनों, शिक्षकों और समाज के जिम्मेदार नागरिकों से भी अपील की कि वे छात्रों को जोड़ने, आपसी सद्भाव बढ़ाने और सकारात्मक, समावेशी एवं शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में कार्य करें।

इधर छात्र समुदाय के बीच भी इस मुद्दे को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। कई छात्रों का मानना है कि विचारों की स्वतंत्रता लोकतांत्रिक व्यवस्था की आधारशिला है, लेकिन किसी भी विचारधारा के नाम पर समाज या किसी धर्म विशेष के खिलाफ माहौल बनाना तथा छात्रों को विभाजित करना शिक्षा की मूल भावना के विपरीत है।

बिजली चोरी पर बड़ा एक्शन! विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम का छापा*

रितेश मिश्रा
हरदोई/अनंगपुर उपकेंद्र के टाउन क्षेत्र में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब विजिलेंस और बिजली विभाग की संयुक्त टीम ने अचानक छापेमारी कर दी। इस कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं को मौके पर ही बिजली चोरी करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
प्रवर्तन दल के जेई  ने जानकारी देते हुए बताया कि पकड़े गए सभी उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
छापेमारी के दौरान टीम ने अवैध कनेक्शन, कटिया डालकर बिजली इस्तेमाल करने और मीटर से छेड़छाड़ जैसे कई मामलों का खुलासा किया। इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने आनन-फानन में अपने अवैध कनेक्शन हटाने शुरू कर दिए।
बिजली विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि बिजली चोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे भी ऐसे अभियान लगातार चलाए जाएंगे, जिससे चोरी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके।संदेश साफ है: अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं!
थानाध्यक्ष शंकरगढ़ द्वारा पुलिस बल के साथ शाम को  पैदल गश्त किया गया ।


विश्वनाथ प्रताप सिंह


  प्रयागराज,पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार एवम अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा  के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव एवम अपर पुलिस उपायुक्त यमुनागर विजय आनंद के निर्देश के क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्र के निर्देश के अंतर्गत शंकरगढ़ थानाक्षेत्र में  कानून व्यवस्था को चुस्त एवम दुरुस्त रखने के दृष्टिगत को  थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे द्वारा पुलिस बल के साथ शिवराजपुर चौराहा,एवम बाजार एवम शंकरगढ़ बाजार एवम थाना क्षेत्र के भीड़ भाड़ स्थानों पर  सांय कालीन पैदल गस्त शिवराजपुर चौराहा कस्बा व थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध लोगों एवम संदिग्ध वाहन को चेकिंग कर आम जनमानस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
आजमगढ़:-सुदनीपुर विद्युत उपकेंद्र को नई सुविधा, अब मोबाइल से दर्ज होंगी शिकायतें

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील मुख्यालय सुदनीपुर स्थित विद्युत उपकेंद्र को उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए नई सौगात मिली है। अवर अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने उच्च अधिकारियों के निर्देश पर आगामी गर्मी को देखते हुए उपकेंद को एक नया मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है, जिससे उपभोक्ता अब अपनी शिकायतें सीधे मोबाइल के माध्यम से दर्ज करा सकेंगे। अधिकारियों के अनुसार “उपभोक्ता देवो भव” की भावना के तहत यह पहल की गई है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उपकेंद्र तक बार-बार न आना पड़े। शिकायत दर्ज कराने के लिए उपभोक्ता को अपना खाता संख्या और मोबाइल नंबर बताना अनिवार्य होगा। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर बिजली के तार टूटने या अन्य आपात समस्याओं की सूचना देने के लिए उपभोक्ता मोबाइल नंबर 7307562579 पर संपर्क कर सकते हैं। इस नई व्यवस्था से उपभोक्ताओं को त्वरित सेवा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, खासकर गर्मी के मौसम में बढ़ती बिजली संबंधी समस्याओं को देखते हुए यह कदम काफी राहत भरा साबित होगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी 2,00000/- रूपये कराए गए वापस

पैसे वापस मिलने पर पीड़िता के चेहरे पर लौटी मुस्कान, पीड़ित ने गोण्डा पुलिस को किया धन्यवाद


जनपद गोण्डा में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के मार्गदर्शन में थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क की टीम द्वारा पीड़िता की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि 2,00000/- पीड़ित के खाते में वापस करायी गयी।

घटना का संक्षिप्त विवरण-
आवेदिका श्रीमती पूजा पाण्डेय द्वारा थाना खरगूपुर की साइबर हेल्प डेस्क में साइबर फ्रॉड गयी उनकी 2,00000/- रू0 की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वाराजनपदीय साइबर सेल टीम की मदद से  कार्यवाही करते हुए संबंधित बैंक से ईमेल के माध्यम से विभिन्न जानकारियां एकत्रित कर नोडल अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़ित के 2,00000/- रू0 की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रूपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए थाना खरगूपुर की साइबर हेल्पडेस्क की टीम को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

साइबर सुरक्षा टिप्स-
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस
खटीमा में बीजेपी नेता की बेरहमी से पिटाई, वन रेंजर समेत 3 वनकर्मियों पर FIR दर्ज
खटीमा। उत्तराखंड के खटीमा क्षेत्र में बीजेपी नेता और ग्राम प्रहरी विपिन राणा के साथ मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मामले में खटीमा वन रेंज के रेंजर समेत तीन वनकर्मियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
विपिन राणा, जो बीजेपी अनुसूचित जनजाति चकरपुर मंडल के अध्यक्ष भी हैं, ने आरोप लगाया कि वन विभाग के कर्मचारियों ने उनके साथ मारपीट, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद जब शुरुआती कार्रवाई नहीं हुई तो मामले को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
रविवार को बीजेपी चकरपुर मंडल अध्यक्ष विक्रम भाट के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने खटीमा कोतवाली का घेराव किया और आरोपियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने कोतवाल विजेंद्र शाह को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई।
कोतवाली परिसर में भारी हंगामे और दबाव के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए खटीमा वन रेंज के रेंजर और दो अन्य वनकर्मियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
इस दौरान बीजेपी नेता नवीन भट्ट, नंदन सिंह खड़ायत, राकेश बिष्ट, किशन चंद कुक्कु, बलदेव सिंह और जीवन सिंह सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है।
कुंभ 2027 से पहले हरिद्वार में बड़ी तैयारी: हाथियों को रोकने के लिए बनेगी एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच, लगेगा AI कैमरा नेटवर्क
हरिद्वार। 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले के दौरान जंगली हाथियों के आबादी और मेला क्षेत्र में प्रवेश को रोकने के लिए वन विभाग ने बड़ी योजना तैयार की है। शासन ने इस योजना के तहत 2.37 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है, जिसके अंतर्गत एलीफेंट प्रूफ ट्रेंच (हाथी रोधी खाई) और आधुनिक तकनीकी निगरानी सिस्टम विकसित किया जाएगा।
वन विभाग द्वारा 8.5 किलोमीटर लंबी ट्रेंच बनाई जाएगी, जो हाथियों के आवागमन को रोकने में एक मजबूत सुरक्षा दीवार की तरह काम करेगी। इसके साथ ही 51 लाख रुपये की लागत से सोलर फेंसिंग भी लगाई जाएगी, ताकि हाथी आबादी क्षेत्र में प्रवेश न कर सकें।
इसके अलावा विभाग एआई आधारित अर्ली वार्निंग सिस्टम भी विकसित कर रहा है। इसके तहत करीब 50 संवेदनशील स्थानों पर स्मार्ट कैमरे लगाए जाएंगे, जो हाथियों की गतिविधियों को पहचानकर तुरंत अलर्ट भेजेंगे। इसके लिए एक विशेष मोबाइल एप भी तैयार किया जा रहा है, जो वनकर्मियों के मोबाइल से जुड़ा रहेगा।
जैसे ही कैमरों में हाथियों की मूवमेंट डिटेक्ट होगी, संबंधित कर्मचारियों को तुरंत सूचना मिल जाएगी और मौके पर टीम पहुंचकर हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ेगी। इस पूरे प्रोजेक्ट को “एलीफेंट अर्ली वार्निंग सिस्टम” नाम दिया गया है।
हरिद्वार के भूपतवाला, खड़खड़ी, जगजीतपुर और मिस्सरपुर जैसे क्षेत्रों में लगातार हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। गंगा पार करके हाथियों के झुंड कई बार आबादी और खेतों तक पहुंच जाते हैं, जिससे फसलों और संपत्ति को नुकसान होता है।
अधिकारियों के अनुसार, बैरागी कैंप जैसे कुंभ मेला क्षेत्रों को विशेष रूप से सुरक्षित किया जाएगा, जहां साधु-संतों के शिविर लगते हैं। इसी कारण यह पूरी योजना मानव-वन्यजीव संघर्ष को रोकने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
वन विभाग का दावा है कि ट्रेंच, सोलर फेंसिंग और AI आधारित निगरानी सिस्टम के बाद हाथियों की आबादी क्षेत्रों में घुसपैठ काफी हद तक रोकी जा सकेगी।
आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
कुल्हनामऊ में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव पर भव्य प्रतिमा का अनावरण

जौनपुर। अक्षय तृतीया एवं भगवान परशुराम के जन्मदिन के पावन अवसर पर जिले के कुल्हनामऊ चौराहे पर स्थापित 11 फीट ऊंची भगवान परशुराम की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन एवं अनावरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे और पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला।कार्यक्रम का आयोजन मुरलीधर चैरिटेबल ट्रस्ट के ट्रस्टी समाजसेवी एवं उद्योगपति प्रमोद पाठक के संयोजन में किया गया। शाम शुरू हुए कार्यक्रम में 51बटुको द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजा-अर्चना, आरती और परशुराम चालीसा का पाठ किया गया। आयोजकों द्वारा श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण की भी व्यवस्था की गई।इस मौके पर प्रमोद पाठक ने कहा कि भगवान परशुराम किसी एक समाज के नहीं बल्कि पूरे समाज के आराध्य हैं। उन्होंने कहा कि “भगवान को जातियों में बांटना गलत सोच है, वे सर्व समाज के लिए समान रूप से पूजनीय हैं।” कार्यक्रम में विभिन्न वर्गों और समुदायों के लोगों की सहभागिता इस संदेश को मजबूत करती दिखी।राजनीतिक चर्चाओं को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि यह आयोजन केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, इसे किसी प्रकार के शक्ति प्रदर्शन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने धर्म की रक्षा में भगवान परशुराम के योगदान पर प्रकाश डाला। प्रतिमा अनावरण के इस अवसर पर राजनीतिक सीमाओं से परे हटकर विभिन्न जन प्रतिनिधि एक साथ नजर आए। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा की कुल्हनामऊ का यह जमदग्निपुरम पार्क न केवल पर्यटन का केंद्र बनेगा बल्कि युवाओं को धर्म और पुरुषार्थ की सीख भी देगा वहीं विधायक बदलापुर ने सोशल मीडिया पर हो रही आलोचनाओं पर उन्होंने कहा कि जनता स्वयं सही-गलत का निर्णय करेगी।आयोजन की सफलता में कई लोगों का योगदान रहा, जिसमें परमिशन से लेकर कार्यक्रम की रूपरेखा तक विभिन्न स्तरों पर सहयोग मिला। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में इस स्थल को “परशुराम चौक” या “परशुराम पार्क” के रूप में विकसित करने की योजना है।कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों, गणमान्य व्यक्तियों सहित हजारों श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही, जिससे पूरा क्षेत्र भक्ति और उत्साह के रंग में रंगा नजर आया। इस मौके पर विधायक इंद्र प्रताप तिवारी खब्बू, मंत्री गिरीश चंद्र यादव, नगरपालिका अध्यक्ष मनोरमा मौर्या, उद्योगपति तथा वरिष्ठ समाजसेवी ज्ञानप्रकाश सिंह ,पूर्व ब्लाक प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं श्रीपति उपाध्याय जिलाध्यक्ष भाजपा अजीत प्रजापति, पूर्व जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह ,कुंवर मृगेंद्र सिंह समेत अनेक गणमान्य उपस्थित रहे।