गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

हजारीबाग यूथ विंग ने एसपी अमन कुमार से की शिष्टाचार भेंट, समाजहित में मिलकर काम करने का भरोसा

हजारीबाग यूथ विंग के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक अमन कुमार से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर यह मुलाकात हुई, जिसमें सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, सत्यनारायण सिंह एवं उदित तिवारी उपस्थित रहे।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अमन कुमार को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग में उनके पदस्थापन पर शुभकामनाएं दीं। मुलाकात का माहौल सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा, जहां समाजहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों की जानकारी देते हुए हाल ही में आयोजित रक्तदान शिविर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हजारीबाग पुलिस के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसके लिए संस्था ने पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने छठ पूजा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ आगामी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान की योजना से भी अवगत कराया। बताया गया कि संस्था जल्द ही जागरूकता रथ के माध्यम से और विद्यालयों में जाकर बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करेगी, ताकि समाज को एक सकारात्मक दिशा मिल सके।

पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में ऐसी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और पुलिस विभाग भविष्य में भी संस्था के जनहितकारी कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाजहित के कार्यों के लिए सदैव तत्पर रही है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से इन प्रयासों को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सेवा पहुंचाना है और आने वाले समय में न

आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस पर हुए विभिन्न कार्यक्रम
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में विद्यालय में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। विद्यालय के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सैनिकों के पाल्यों के लिए उत्तम प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक शिक्षा तक के महत्त्वपूर्ण योगदान को दर्शाया। छात्राओं ने ‘टुकड़ा-टुकड़ा सी करके सपना एक बनाया’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
कक्षा 12 ‘अ’ की छात्रा आरजू राठौर ने सैनिकों के पाल्यों के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा से लेकर तकनीकी शिक्षा तक द्वारा किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कक्षा 12 की छात्रा आराध्या सिंह ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन’ का ओजस्वी पाठ कर सभी की सराहना प्राप्त की। विद्यालय के छात्रों ने विद्यालय गीत प्रस्तुत कर के कार्यों को सराहा। इस अवसर पर बास्केटबॉल एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व विकास एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है।
विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन, सिखलाई रेजिमेंट सेंटर, फतेहगढ़ (उ.प्र.) ने AWES स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि AWES शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रही है तथा यह संस्था सैनिकों के पाल्यों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस मौके पर डॉ. अंजना चौहान, पूर्णिमा अग्निहोत्री, डॉ. नैन्सी, डॉ. शिवाली वर्मा, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी सहित अनेक अध्यापकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक हुई आयोजित

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक संबंधित उद्यमियों,व्यापारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति  में आयोजित की गयी। उक्त बैठक में उद्यमियों व व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे जैसे - इंडस्ट्री लगाने में भूमि विवाद, रास्ते की समस्या, नाली की समस्या, व्यापार की दृष्टि से सुरक्षा की समस्या, रोड सेफ्टी , बिजली की समस्या, स्ट्रीट लाइट की समस्या, भूमि की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आधारभूत समस्याओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी तथा उनकी समस्याओं को सुना गया। 

1.उक्त बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उद्यमियों से कहा गया कि सभी उद्यमी अपनी समस्याओं को बतायें। तत्क्रम में रवीन्द्र त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद के विभाजन के दौरान उनका औद्योगिक क्षेत्र जनपद अमेठी में चला गया। परिणाम स्वरूप जनपद में औद्योगिक क्षेत्र नही रह गया जिस कारण उद्योग हेतु भूमि नहीं मिल पा रही है। जिस कारण उद्योग स्थापित करना कठिन हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उद्योग का आधार भूमि है ऐसे में यदि उद्योग हेतु भूमि समय पर उपलब्ध नहीं करायी जायेगी तो व्यापार प्रारम्भ करना सम्भव नहीं हो सकता है। अतः जनपद में भूमि को चिन्हित कर जल्द से जल्द उसे उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाय।

2.उन्होंने सभी उद्यमियों/व्यापारियों  से कहा कि वह बैठक से  पहले अपनी समस्याओं को बता दें जिससे उन पर चर्चा कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा सके।

3.बैठक में उद्यमी विनोद जायसवाल द्वारा बताया गया कि उनका एक रिजार्ट है जो कि अभी निर्माणाधीन है तथा उसके लिये बिजली कनेक्शन की समस्या तथा वेस्टेज निकालने हेतु नाली की समस्या आ रही है। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि इनकी समस्या का संज्ञान लेते हुये जल्द से जल्द इसका निराकरण किया जाय।

4.बैठक में एक उद्यमी द्वारा अवगत कराया गया कि कादीपुर से बेलवाई बाजार पुलिया के पास रोड पर  02 गढ़ढे है। जिससे आये दिन दुर्घटना होती रहती है कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जिलाधिकारी महोदय द्वारा लोनिवि के सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ठेकेदार को बोलकर गढ़ढों को भरा जाये यदि वह नहीं करता है तो उसको ब्लैक लिस्ट किया जाये। उन्होने निर्देशित किया कि यदि 03 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

5.बैठक में उद्यमी मोइन द्वारा अवगत कराया गया कि लॉक डाउन से पहले वह कोल्ड ड्रिक्स का व्यापार करता थे परन्तु लॉक डाउन में उसका बहुत नुकसान हो गया। अब उसने पुनः व्यापार को प्रारम्भ किया है परन्तु बैंक से सी0सी0 स्वीकृत होने के बाद भी उसे लिमिट के प्रयोग में बाधा आ रही है। जिलाधिकारी द्वारा LDM को निर्देशित करते हुये कहा गया कि सम्बन्धित केनरा बैंक शाखा से सम्पर्क कर नियमानुसार समस्या का निस्तारण करें तथा जनपद में व्यापार को बढ़ाने हेतु सहयोग करें।

6.सूरापुर व्यापार मण्डल के अध्यक्ष ने अवगत कराया कि उनकी 02 करोड़ की जमीन है उस पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उन्होने निवेश मित्र को  निर्देशित किया कि एक रिपोर्ट बना कर हमे प्रस्तुत करें जिससे संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत करते हुए समस्या का निस्तारण कराया जा सकें।उन्होंने सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों से कहा कि यदि किसी और की इस प्रकार की समस्या है तो उसे लिखित में अवगत करा दें।

7.उद्यमी अजमत खान ,नगर अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि इटकौली चौराहे से सेंट जोसेफ स्कूल तक ट्रैफिक के वन वे हो जाने के कारण दूसरी तरफ से आने वाले वाहन व ग्राहकों को उनकी दुकान तक आने में समस्या हो रही है जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि रूट डाइवर्जन जनपद से ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने के लिये किया गया है अभी मेरे द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर पालिका और लखनऊ से आई सर्वे टीम द्वारा ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिर्पोट आने के बाद जल्द ही समस्या का निस्तारण कर दिया जायेगा।

8 उद्यमी संतोष बरनवाल द्वारा अवगत कराया गया कि हाइवे से हनुमानगंज बाजार जाने वाली सड़क पर अंधेरा रहता है तथा रोडवेज भी आगे नहीं जाती है। जिससे असुरक्षा का माहौल रहता है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि मार्ग पर प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा अगली बैठक में ए0आर0एम0 रोडवेज को भी बुलाया जाये।

9 बैठक में श्री आनन्द पाण्डेय, नगर अध्यक्ष व्यापार मण्डल तथा सुन्दरलाल व्यापारी कल्याण एवं सेवा समिति सुलतानपुर द्वारा सुपर मार्केट में अतिक्रमण, दुकानों के मरम्मत तथा सुरक्षा हेतु अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका को सुपर मार्केट के व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुये अतिक्रमण को हटाने तथा पार्किंग की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में हनुमानगंज बाजार के अवर बसों के न जाने पर ए०आर०एम० रोडवेज सुलतानपुर को बस को अंदर जाने हेतु निर्देश जारी किये गये। बैठक में व्यापारियों द्वारा सूरापुर में जाम की समस्या तथा नगर पचायल दोस्तपुर में शाही पुल के जर्जर होने व जाम की समस्या के सम्बंध में अवगत कराया गया। जिस पर अध्यक्ष द्वारा अगली बैठक में सम्बधित अधिकारियों शिकायत से सम्बंधित कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये गये।
       
जिलाधिकारी द्वारा उपयुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया कि अगली बैठक हेतु LED स्क्रीन पर पीपीटी प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा  सोलर ऊर्जा के क्षे़त्र में व्यापारियों को निवेश करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होने बताया कि सोलर के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अर्न्तगत ऋण लेकर स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान किया जाय। सभी व्यापारियों  व उद्यमियों ने समस्याओं को इतनी गहराई से सुनने व समय देने के लिए जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया।

बैठक में डीसी एन.आर.एल.एम सहित अन्य समस्त उद्यमी व व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।
देवघर-अस्मिता सिटी लीग में खेल प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन, दीप प्रज्वलन में बच्चियों की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र।
देवघर: जिले के इन्डोर स्टेडियम एवं केकेएन स्टेडियम में आयोजित अस्मिता सिटी लीग अंडर-14 एवं अंडर-17 प्रतियोगिता का आयोजन बेहद उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे पांच प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के युवा महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार,जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार और जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर एक खास पहल देखने को मिली, जहां मुख्य अतिथि द्वारा छोटी बच्चियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रतियोगिताओं का विधिवत आरंभ हुआ। बैडमिंटन परिणाम (U-14): डबल्स विजेता: आरोही एवं सौम्या उपविजेता: अनुशा एवं सौम्या सिंगल्स विजेता: आरोही उपविजेता: आन्या बैडमिंटन परिणाम (U-17): डबल्स विजेता: लाड़ली एवं सृष्टि उपविजेता: लावण्या एवं नेहा सिंगल्स विजेता: लाड़ली उपविजेता: सृष्टि वॉलीबॉल परिणाम: U-17 विजेता: DAV उपविजेता: सेंट मेरी U-14 विजेता: सेंट मेरी A उपविजेता: सेंट मेरी B कबड्डी (U-14): विजेता: भारती विद्यापीठ उपविजेता: लीला नंद पागल बाबा इस आयोजन में जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, जिला ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, बैडमिंटन सचिव कनिष्क कश्यप, संयुक्त सचिव अंकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके साथ ही कोच सोनाली दुबे, राहुल साहा, अभिषेक, हर्ष, गिरधारी, प्रवीर राय, नीतेश पंडित समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा। इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि खेलों के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी बढ़ाई।
विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का नहीं बनाएगा दबाव-जिला

*विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध शुल्क की नहीं की जाएगी वसूली-जिलाधिकारी*


*विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र- छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों से वर्ष भर में लिए जाने वाले सभी शुल्क की देनी होगी रसीद-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 29 अप्रैल,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क, नियमों के अनुपालन तथा अभिभावकों से संबंधित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बाध्यता पूरी तरह अवैध है और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और अभिभावकों के हितों का विशेष ध्यान रखें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जाएगी। यदि किसी विद्यालय के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित विद्यालय एवं उसके प्रबंधन के विरुद्ध शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक शुल्क की विधिवत रसीद अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा, जिससे शुल्क संबंधी पारदर्शिता बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जनपद के विद्यालय प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफॉर्म, पुस्तकें एवं कॉपियां बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। ऐसा करना अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, जो स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित जांच की जाए तथा यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि प्रशासन अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि विकासखंडवार सभी विद्यालयों के लिए नोडल अधिकारी नामित करें और नोडल अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की रेंडम जांच कराई जाए।

बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामखेलावन सिंह सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

हजारीबाग यूथ विंग ने एसपी अमन कुमार से की शिष्टाचार भेंट, समाजहित में मिलकर काम करने का भरोसा

हजारीबाग यूथ विंग के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक अमन कुमार से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर यह मुलाकात हुई, जिसमें सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, सत्यनारायण सिंह एवं उदित तिवारी उपस्थित रहे।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक अमन कुमार को पुष्पगुच्छ एवं शॉल भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग में उनके पदस्थापन पर शुभकामनाएं दीं। मुलाकात का माहौल सकारात्मक और सहयोगात्मक रहा, जहां समाजहित के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।

प्रतिनिधिमंडल ने संस्था द्वारा किए जा रहे विभिन्न सामाजिक कार्यों की जानकारी देते हुए हाल ही में आयोजित रक्तदान शिविर का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि हजारीबाग पुलिस के सहयोग से आयोजित इस शिविर में कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया, जिसके लिए संस्था ने पुलिस विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया।

इसके साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने छठ पूजा, शिक्षा एवं स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के साथ-साथ आगामी नशा मुक्ति जागरूकता अभियान की योजना से भी अवगत कराया। बताया गया कि संस्था जल्द ही जागरूकता रथ के माध्यम से और विद्यालयों में जाकर बच्चों को नशा मुक्ति के प्रति जागरूक करेगी, ताकि समाज को एक सकारात्मक दिशा मिल सके।

पुलिस अधीक्षक अमन कुमार ने संस्था के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार की सेवा भावना समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि समाज निर्माण में ऐसी संस्थाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है और पुलिस विभाग भविष्य में भी संस्था के जनहितकारी कार्यों में हर संभव सहयोग प्रदान करेगा।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग समाजहित के कार्यों के लिए सदैव तत्पर रही है और पुलिस प्रशासन के सहयोग से इन प्रयासों को और व्यापक बनाया जाएगा। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक सेवा पहुंचाना है और आने वाले समय में न

आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस पर हुए विभिन्न कार्यक्रम
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में विद्यालय में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। विद्यालय के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सैनिकों के पाल्यों के लिए उत्तम प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक शिक्षा तक के महत्त्वपूर्ण योगदान को दर्शाया। छात्राओं ने ‘टुकड़ा-टुकड़ा सी करके सपना एक बनाया’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
कक्षा 12 ‘अ’ की छात्रा आरजू राठौर ने सैनिकों के पाल्यों के लिए पूर्व-प्राथमिक शिक्षा से लेकर तकनीकी शिक्षा तक द्वारा किए गए प्रयासों एवं उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कक्षा 12 की छात्रा आराध्या सिंह ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता ‘नित जीवन के संघर्षों से जब टूट चुका हो अन्तर्मन’ का ओजस्वी पाठ कर सभी की सराहना प्राप्त की। विद्यालय के छात्रों ने विद्यालय गीत प्रस्तुत कर के कार्यों को सराहा। इस अवसर पर बास्केटबॉल एवं प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य नितिन चतुर्वेदी ने छात्र-छात्राओं के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह सराहनीय प्रयास बच्चों में आत्मविश्वास, नेतृत्व विकास एवं आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में मील का पत्थर सिद्ध हो रहा है।
विद्यालय के चेयरमैन ब्रिगेडियर मनीष कुमार जैन, सिखलाई रेजिमेंट सेंटर, फतेहगढ़ (उ.प्र.) ने AWES स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यालय परिवार को शुभकामनाएँ प्रेषित करते हुए कहा कि AWES शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय कार्य कर रही है तथा यह संस्था सैनिकों के पाल्यों के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
इस मौके पर डॉ. अंजना चौहान, पूर्णिमा अग्निहोत्री, डॉ. नैन्सी, डॉ. शिवाली वर्मा, डॉ. सुनील कुमार त्रिपाठी सहित अनेक अध्यापकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक हुई आयोजित

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जनपद स्तरीय उद्योग बन्धु समिति एवं एम0ओ0यू0 क्रियान्वयन तथा व्यापार बन्धु की बैठक संबंधित उद्यमियों,व्यापारियों एवं अधिकारियों की उपस्थिति  में आयोजित की गयी। उक्त बैठक में उद्यमियों व व्यापारियों द्वारा उठाए गए मुद्दे जैसे - इंडस्ट्री लगाने में भूमि विवाद, रास्ते की समस्या, नाली की समस्या, व्यापार की दृष्टि से सुरक्षा की समस्या, रोड सेफ्टी , बिजली की समस्या, स्ट्रीट लाइट की समस्या, भूमि की उपलब्धता सहित अन्य समस्त आधारभूत समस्याओं के सम्बन्ध में सम्बन्धित अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा की गयी तथा उनकी समस्याओं को सुना गया। 

1.उक्त बैठक में जिलाधिकारी द्वारा उद्यमियों से कहा गया कि सभी उद्यमी अपनी समस्याओं को बतायें। तत्क्रम में रवीन्द्र त्रिपाठी द्वारा जिलाधिकारी को अवगत कराया गया कि जनपद के विभाजन के दौरान उनका औद्योगिक क्षेत्र जनपद अमेठी में चला गया। परिणाम स्वरूप जनपद में औद्योगिक क्षेत्र नही रह गया जिस कारण उद्योग हेतु भूमि नहीं मिल पा रही है। जिस कारण उद्योग स्थापित करना कठिन हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि उद्योग का आधार भूमि है ऐसे में यदि उद्योग हेतु भूमि समय पर उपलब्ध नहीं करायी जायेगी तो व्यापार प्रारम्भ करना सम्भव नहीं हो सकता है। अतः जनपद में भूमि को चिन्हित कर जल्द से जल्द उसे उद्यमियों को उपलब्ध कराया जाय।

2.उन्होंने सभी उद्यमियों/व्यापारियों  से कहा कि वह बैठक से  पहले अपनी समस्याओं को बता दें जिससे उन पर चर्चा कर उनका त्वरित निस्तारण किया जा सके।

3.बैठक में उद्यमी विनोद जायसवाल द्वारा बताया गया कि उनका एक रिजार्ट है जो कि अभी निर्माणाधीन है तथा उसके लिये बिजली कनेक्शन की समस्या तथा वेस्टेज निकालने हेतु नाली की समस्या आ रही है। जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिशासी अभियन्ता को निर्देशित किया कि इनकी समस्या का संज्ञान लेते हुये जल्द से जल्द इसका निराकरण किया जाय।

4.बैठक में एक उद्यमी द्वारा अवगत कराया गया कि कादीपुर से बेलवाई बाजार पुलिया के पास रोड पर  02 गढ़ढे है। जिससे आये दिन दुर्घटना होती रहती है कई बार शिकायत करने के बाद भी समाधान नहीं हुआ। जिलाधिकारी महोदय द्वारा लोनिवि के सम्बन्धित अधिकारी को निर्देशित किया गया कि ठेकेदार को बोलकर गढ़ढों को भरा जाये यदि वह नहीं करता है तो उसको ब्लैक लिस्ट किया जाये। उन्होने निर्देशित किया कि यदि 03 दिन में समस्या का समाधान नहीं हुआ तो सम्बन्धित के खिलाफ कार्यवाही की जायेगी।

5.बैठक में उद्यमी मोइन द्वारा अवगत कराया गया कि लॉक डाउन से पहले वह कोल्ड ड्रिक्स का व्यापार करता थे परन्तु लॉक डाउन में उसका बहुत नुकसान हो गया। अब उसने पुनः व्यापार को प्रारम्भ किया है परन्तु बैंक से सी0सी0 स्वीकृत होने के बाद भी उसे लिमिट के प्रयोग में बाधा आ रही है। जिलाधिकारी द्वारा LDM को निर्देशित करते हुये कहा गया कि सम्बन्धित केनरा बैंक शाखा से सम्पर्क कर नियमानुसार समस्या का निस्तारण करें तथा जनपद में व्यापार को बढ़ाने हेतु सहयोग करें।

6.सूरापुर व्यापार मण्डल के अध्यक्ष ने अवगत कराया कि उनकी 02 करोड़ की जमीन है उस पर अवैध निर्माण किया जा रहा है। उन्होने निवेश मित्र को  निर्देशित किया कि एक रिपोर्ट बना कर हमे प्रस्तुत करें जिससे संबंधित उपजिलाधिकारी को अवगत करते हुए समस्या का निस्तारण कराया जा सकें।उन्होंने सभी उद्यमियों एवं व्यापारियों से कहा कि यदि किसी और की इस प्रकार की समस्या है तो उसे लिखित में अवगत करा दें।

7.उद्यमी अजमत खान ,नगर अध्यक्ष द्वारा अवगत कराया गया कि इटकौली चौराहे से सेंट जोसेफ स्कूल तक ट्रैफिक के वन वे हो जाने के कारण दूसरी तरफ से आने वाले वाहन व ग्राहकों को उनकी दुकान तक आने में समस्या हो रही है जिससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी द्वारा बताया गया कि रूट डाइवर्जन जनपद से ट्रैफिक जाम की समस्या को समाप्त करने के लिये किया गया है अभी मेरे द्वारा दिए गए निर्देश पर नगर पालिका और लखनऊ से आई सर्वे टीम द्वारा ड्रोन सर्वे किया जा रहा है। सर्वे रिर्पोट आने के बाद जल्द ही समस्या का निस्तारण कर दिया जायेगा।

8 उद्यमी संतोष बरनवाल द्वारा अवगत कराया गया कि हाइवे से हनुमानगंज बाजार जाने वाली सड़क पर अंधेरा रहता है तथा रोडवेज भी आगे नहीं जाती है। जिससे असुरक्षा का माहौल रहता है। जिलाधिकारी द्वारा निर्देशित किया गया कि मार्ग पर प्रकाश की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जाये तथा अगली बैठक में ए0आर0एम0 रोडवेज को भी बुलाया जाये।

9 बैठक में श्री आनन्द पाण्डेय, नगर अध्यक्ष व्यापार मण्डल तथा सुन्दरलाल व्यापारी कल्याण एवं सेवा समिति सुलतानपुर द्वारा सुपर मार्केट में अतिक्रमण, दुकानों के मरम्मत तथा सुरक्षा हेतु अवगत कराया गया। जिलाधिकारी द्वारा नगर पालिका को सुपर मार्केट के व्यापारियों के साथ समन्वय स्थापित करते हुये अतिक्रमण को हटाने तथा पार्किंग की व्यवस्था हेतु निर्देशित किया गया। बैठक में हनुमानगंज बाजार के अवर बसों के न जाने पर ए०आर०एम० रोडवेज सुलतानपुर को बस को अंदर जाने हेतु निर्देश जारी किये गये। बैठक में व्यापारियों द्वारा सूरापुर में जाम की समस्या तथा नगर पचायल दोस्तपुर में शाही पुल के जर्जर होने व जाम की समस्या के सम्बंध में अवगत कराया गया। जिस पर अध्यक्ष द्वारा अगली बैठक में सम्बधित अधिकारियों शिकायत से सम्बंधित कार्ययोजना के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिये गये।
       
जिलाधिकारी द्वारा उपयुक्त उद्योग को निर्देशित किया गया कि अगली बैठक हेतु LED स्क्रीन पर पीपीटी प्रेजेन्टेशन के माध्यम से कराना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी महोदय द्वारा  सोलर ऊर्जा के क्षे़त्र में व्यापारियों को निवेश करने हेतु प्रोत्साहित किया गया। उन्होने बताया कि सोलर के क्षेत्र में असीम सम्भावनाएं हैं। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अर्न्तगत ऋण लेकर स्वरोजगार के नये अवसर प्रदान किया जाय। सभी व्यापारियों  व उद्यमियों ने समस्याओं को इतनी गहराई से सुनने व समय देने के लिए जिलाधिकारी महोदय का आभार व्यक्त किया।

बैठक में डीसी एन.आर.एल.एम सहित अन्य समस्त उद्यमी व व्यापारी बंधु उपस्थित रहे।
देवघर-अस्मिता सिटी लीग में खेल प्रतिभाओं का शानदार प्रदर्शन, दीप प्रज्वलन में बच्चियों की भागीदारी बनी आकर्षण का केंद्र।
देवघर: जिले के इन्डोर स्टेडियम एवं केकेएन स्टेडियम में आयोजित अस्मिता सिटी लीग अंडर-14 एवं अंडर-17 प्रतियोगिता का आयोजन बेहद उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे पांच प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया, जिसमें जिले के युवा महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार,जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार और जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा की उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर एक खास पहल देखने को मिली, जहां मुख्य अतिथि द्वारा छोटी बच्चियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इसके बाद प्रतियोगिताओं का विधिवत आरंभ हुआ। बैडमिंटन परिणाम (U-14): डबल्स विजेता: आरोही एवं सौम्या उपविजेता: अनुशा एवं सौम्या सिंगल्स विजेता: आरोही उपविजेता: आन्या बैडमिंटन परिणाम (U-17): डबल्स विजेता: लाड़ली एवं सृष्टि उपविजेता: लावण्या एवं नेहा सिंगल्स विजेता: लाड़ली उपविजेता: सृष्टि वॉलीबॉल परिणाम: U-17 विजेता: DAV उपविजेता: सेंट मेरी U-14 विजेता: सेंट मेरी A उपविजेता: सेंट मेरी B कबड्डी (U-14): विजेता: भारती विद्यापीठ उपविजेता: लीला नंद पागल बाबा इस आयोजन में जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, जिला ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, बैडमिंटन सचिव कनिष्क कश्यप, संयुक्त सचिव अंकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके साथ ही कोच सोनाली दुबे, राहुल साहा, अभिषेक, हर्ष, गिरधारी, प्रवीर राय, नीतेश पंडित समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा। इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि खेलों के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी बढ़ाई।
विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का नहीं बनाएगा दबाव-जिला

*विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध शुल्क की नहीं की जाएगी वसूली-जिलाधिकारी*


*विद्यालय प्रबंधन द्वारा छात्र- छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों से वर्ष भर में लिए जाने वाले सभी शुल्क की देनी होगी रसीद-जिलाधिकारी*


*गोण्डा 29 अप्रैल,2026*।
कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में जिला शुल्क नियामक समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जनपद के विभिन्न विद्यालयों द्वारा लिए जा रहे शुल्क, नियमों के अनुपालन तथा अभिभावकों से संबंधित शिकायतों की गहन समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने बैठक के दौरान स्पष्ट निर्देश दिए कि कोई भी विद्यालय प्रबंधन छात्र-छात्राओं अथवा उनके अभिभावकों पर किसी एक निर्धारित दुकान से पुस्तकें, कॉपियां या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव नहीं बनाएगा। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बाध्यता पूरी तरह अवैध है और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने विद्यालयों को निर्देशित किया कि वे पारदर्शिता बनाए रखें और अभिभावकों के हितों का विशेष ध्यान रखें।

जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा वर्ष भर विभिन्न कार्यक्रमों, उत्सवों या अन्य गतिविधियों के नाम पर अभिभावकों से किसी प्रकार की अवैध वसूली नहीं की जाएगी। यदि किसी विद्यालय के खिलाफ इस प्रकार की शिकायत प्राप्त होती है, तो संबंधित विद्यालय एवं उसके प्रबंधन के विरुद्ध शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अंतर्गत कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विद्यालय द्वारा लिए जाने वाले प्रत्येक शुल्क की विधिवत रसीद अभिभावकों को देना अनिवार्य होगा, जिससे शुल्क संबंधी पारदर्शिता बनी रहे। इसके अतिरिक्त जिलाधिकारी ने यह स्पष्ट किया कि जनपद के विद्यालय प्रत्येक वर्ष अनावश्यक रूप से यूनिफॉर्म, पुस्तकें एवं कॉपियां बदलने की प्रवृत्ति पर रोक लगाएं। ऐसा करना अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालता है, जो स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्यालयों की नियमित जांच की जाए तथा यदि कहीं भी नियमों का उल्लंघन पाया जाए, तो तत्काल प्रभाव से आवश्यक कार्रवाई की जाए।

बैठक में संबंधित विभागीय अधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और नियमों के प्रभावी क्रियान्वयन का आश्वासन दिया।
जिलाधिकारी ने बैठक में कहा कि प्रशासन अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने जिला विद्यालय निरीक्षक को निर्देश दिए हैं कि विकासखंडवार सभी विद्यालयों के लिए नोडल अधिकारी नामित करें और नोडल अधिकारियों द्वारा विद्यालयों की रेंडम जांच कराई जाए।

बैठक के दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक डॉक्टर रामचंद्र, खण्ड शिक्षा अधिकारी मुख्यालय रामखेलावन सिंह सहित अन्य सभी संबंधित विभाग के अधिकारीगण एवं समिति के पदाधिकारी उपस्थित रहे।