Sambhal जहां पहले कुर्बानी होती थी, वहीं होगी - ईद-उल-अज़हा पर सपा नेता का बड़ा बयान, प्रशासन को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

सम्भल में आगामी ईद-उल-अज़हा को लेकर सियासत और प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के जिला सचिव सईद अख्तर इसराइली ने एसडीएम सम्भल को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की।

सपा नेता सईद अख्तर इसराइली ने कहा कि ईद-उल-अज़हा का त्योहार तीन दिन तक चलता है, इसलिए लगातार बिजली, पानी और सफाई की व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लाइट आएगी तो पानी आएगा और पानी आएगा तो सफाई होगी।0सईद अख्तर इसराइली ने शहरवासियों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए कहा कि हिन्दू-मुस्लिम एकता कायम रखी जाए और ऐसा कोई काम न किया जाए जिससे दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचने की भी अपील की और कहा कि इस्लाम भी इसकी इजाज़त नहीं देता। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी के सवाल पर सपा नेता का बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा जहां-जहां हमारी कुर्बानी होती आई थी, वहीं होगी। मुसलमान हमेशा कानून का पालन करता आया है और आगे भी करता रहेगा। ज्ञापन में ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई, अतिरिक्त पुलिस बल तैनाती, खराब बिजली लाइनों की मरम्मत और पर्याप्त जलापूर्ति की मांग की गई है।
एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन प्रतिभाओं का हनन नहीं तो क्या है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ ।सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए लखनऊ के कृष्णा नगर में सवर्ण समाज के लोगो के बीच बोलते हुए कहा कि अंधों के अनुसार कमजोर लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन त्रिस्तरीय रिजर्वेशन वर्तवान शासन सत्ता के भक्ति में अंधे हुए लोगों को उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होगी कि राजस्थान की सर्वोच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय रिजर्वेशन की स्वीकृति प्रदान कर दी इसकी मांग अब उत्तर प्रदेश में होने लगी है इसी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन के चलते उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी के परिणाम को स्थगित कर दिया गया है तो अंध भक्त जनों त्रिस्तरीय रिजर्वेशन का मतलब जानो किसी भी एक  परीक्षा के तीन स्टेप है स्क्रीनिंग,मेंस इंटरव्यू तो इन तीनों स्टेप पर एक ही व्यक्ति को तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा क्या यह तर्क सगत है क्या ये प्रतिभाओं का हनन नहीं है क्या यह प्राकृतिक न्याय है तुम लोग अंध भक्ति में अंधे हुए जो कुछ भी कहो मेरे को गरिया रहे हो लेकिन एक बात बहुत अच्छी तरह अपने दिमाक में बैठा लो कि जिस दिन सवर्ण समाज के बुद्धजीवी और तर्कशील लोगों की संख्या सरकारी के भिन्न कार्यालय में ,50 प्रतिशत से कम हो जाएगी  उस दिन सवर्ण समाज के लोगों को सास लेना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए जो गलत है उसका विरोध करो  जो राजनेता है उनको अपनी राजनीत एवं कुर्सी से बढ़ कर कुछ भी नहीं वे कुर्सी का सुख भोगेंगे एवं मर जायेगे उसका दुष्परिणाम तुम्हारे बच्चे आने वाली पीढ़ी आजीवन भोगेगी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन गलत है यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है किसी भी व्यक्ति को एक बार रिजर्वेशन दे दिया गया न्याय संगत है कमजोर है दे दिया गया ठीक है लेकिन एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन यह कहा का न्याय है कहा का विधान है  कम से कम जो गलत है उसका तो विरोध करो अगर अब भी विरोध नहीं कर रहे हो किसी भी शासन सत्ता  की भक्ति में इतने भी अंधे नहीं बनो कि अपनी ही पीढ़ियों को गर्त में मिलादो जो गलत है उसको गलत बोलना सीखो, जातिगत आरक्षण उसमें एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन सीधे सवर्ण के प्रतियोगिता बच्चों को उच्च पदों पर जाने से रोकना है सवर्ण समाज अब भी विरोध नहीं कर रहा है जबकि अन्य वर्ग के लोग लगातार हमलावर हैं जो सवर्ण समाज के लिए संकल्पित भाव से जमीनी स्तर पर काम कर रहा है उसके साथ तो खड़े हो साथ दो हौसले बढ़ाओ यह भी नहीं कर सकते तो हौसला गिराने का काम मत करो ।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मण्डल के प्रथम विश्वविद्यालय माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय व रिंग रोड परियोजना का किया निरीक्षण

निर्माणाधीन विश्वविद्यालय और रिंग रोड  देखने पहुंची मंडलायुक्त, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से रिंग रोड तक, मंडलायुक्त ने परखा निर्माण कार्यों का स्तर

गोण्डा /बलरामपुर -। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के साथ बलरामपुर में निर्माणाधीन माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय एवं निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने सबसे पहले माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक एवं एकेडमिक ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टाफ आवास, फैकल्टी आवास, लाइब्रेरी भवन, लिफ्ट इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल वर्क, पेंटिंग कार्य, पेयजल व्यवस्था, सीवर सिस्टम, सड़क एवं परिसर विकास कार्य, अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित विभिन्न निर्माणाधीन सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता, भवनों की संरचनात्मक मजबूती तथा तकनीकी मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय व रिंगरोड के निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समयसीमा एवं लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की स्थिति, कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली तथा स्वीकृत मानचित्र एवं डीपीआर के अनुसार कराए जा रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं, लंबित कार्यों एवं अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के शैक्षणिक विकास से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। यह मण्डल का प्रथम विश्वविद्यालय है। इसलिए सभी कार्य उच्च गुणवत्ता एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने भवनों की छतों की प्रभावी वाटर प्रूफिंग कराने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने, छात्रावास एवं आवासीय परिसरों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विद्युत एवं सीवर कार्यों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण कराने को कहा।

इसके बाद मंडलायुक्त ने निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना का भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मिट्टी भराई, बेस निर्माण, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य तकनीकी कार्यों का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था से परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समयसीमा एवं लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि रिंग रोड निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का पालन करने एवं कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रिंग रोड परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा निर्माण कार्य में आने वाली किसी भी बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर, संबंधित विभागों के अधिकारी, अभियंता, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बाला जी मंदिर में स्थापना दिवस, सवामणी हवन व भजन कार्यक्रम आयोजित
*चौथे बड़े मंगल पर मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

गोंडा।जिले में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को हनुमान मंदिरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और जगह जगह भंडारों का आयोजन हुआ जहाँ भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया।वहीं देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में बड़े मंगल के साथ साथ मंदिर का स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है।मंगलवार सुबह छ: बजे से ही पूरे ललक स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर पर बालाजी महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ी धूप के बावजूद भक्त लंबी कतारों में लगकर दर्शन व प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।मंदिर में पूर्व की भांति इस बार 26वें सवामणी हवन का भी आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं तथा इसके साथ ही बहराइच, श्रावस्ती, लखनऊ, बाराबंकी व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्री बालाजी सरकार के भक्त भी पूरे हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।जिला मुख्यालय स्थित नई हनुमानगढ़ी मंदिर, पुरानी हनुमानगढ़ी मंदिर,गुरुनानक चौराहा,अंबेडकर चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहा सहित पूरे जिले में चौथे बड़े मंगल को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।इन आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा लगातार नजर रखा जा रहा है।पूरे ललक स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित सवामणी हवन व भंडारे के मद्देनजर भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा देहात कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स तैनात किया गया है तथा मंदिर प्रबंधन द्वारा भी वालंटियर की तैनाती की गई है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आज बड़े मंगल को पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्वाड देश एकजुट, जानें क्या हुआ फैसला

#quadforeignministers_meeting 

देश की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की और उनके साथ इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया। क्वाड की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा। इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क से इनकार

दिल्ली में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी साझा बयान में हॉर्मूज स्ट्रेट और लाल सागर को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साफ कहा है कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्ग खुले और निर्बाध रहने चाहिए तथा किसी भी तरह के ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क को स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्वाड देशों ने अपने साझा बयान में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। हालांकि बयान में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन इसे ईरान की उस चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण और संभावित शुल्क की बात सामने आई थी।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नहीं रूकेगी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत और अमेरिका सहित क्वाड देशों ने वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्वाड ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही किसी भी कीमत पर नहीं रुकने दी जाएगी। अगर किसी ने भी इन जहाजों को रोकने की कोशिश की, तो चारों देश मिलकर उसका कड़ा विरोध करेंगे। क्वाड देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर और पारदर्शी बनाने की बात कही है। इसके लिए आपूर्ति शृंखला को मजबूत और विविध बनाया जाएगा। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए। यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।

अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है। उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई। रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है। उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्वाड सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुशभवनपुर रत्न 2026 से सम्मानित हुईं युवा इन्फ्लुएंसर स्तुति दुबे
बल्दीराय क्षेत्र के पूरे चौपाई उपाध्याय का पुरवा निवासी एवं कक्षा 9 की छात्रा स्तुति दुबे को शिक्षा, तकनीक और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कटका क्लब सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित भव्य समारोह में "कुशभवनपुर रत्न 2026" सम्मान से सम्मानित किया गया।
कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली स्तुति दुबे ने वर्ष 2025 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। अंग्रेजी बोलने की कला को विकसित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। उनके शैक्षिक, प्रेरणादायक और जागरूकता से जुड़े वीडियो को व्यापक सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जहां शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच से जुड़े उनके वीडियो हजारों लोगों तक पहुंचे।
विद्यालयी जीवन में भी स्तुति लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। अंग्रेजी भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन तथा अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार कई वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी वक्ता के रूप में भी पहचान मिली है। इसके अतिरिक्त स्काउटिंग और कोडिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विभिन्न पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।
कटका क्लब द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, मां कामाख्या धाम के पीठाधीश्वर इंद्रेश कौशिक महाराज ने स्तुति दुबे को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां आज शिक्षा, तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं तथा स्तुति दुबे जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

#gurmeetramrahimgets30daysparolereleasesunaria_jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

Sambhal जहां पहले कुर्बानी होती थी, वहीं होगी - ईद-उल-अज़हा पर सपा नेता का बड़ा बयान, प्रशासन को सौंपा 5 सूत्रीय ज्ञापन

सम्भल में आगामी ईद-उल-अज़हा को लेकर सियासत और प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी के जिला सचिव सईद अख्तर इसराइली ने एसडीएम सम्भल को पांच सूत्रीय ज्ञापन सौंपते हुए बिजली, पानी, सफाई और सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त रखने की मांग की।

सपा नेता सईद अख्तर इसराइली ने कहा कि ईद-उल-अज़हा का त्योहार तीन दिन तक चलता है, इसलिए लगातार बिजली, पानी और सफाई की व्यवस्था बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि लाइट आएगी तो पानी आएगा और पानी आएगा तो सफाई होगी।0सईद अख्तर इसराइली ने शहरवासियों से भाईचारे के साथ त्योहार मनाने की अपील करते हुए कहा कि हिन्दू-मुस्लिम एकता कायम रखी जाए और ऐसा कोई काम न किया जाए जिससे दूसरे समुदाय की भावनाएं आहत हों। उन्होंने प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी से बचने की भी अपील की और कहा कि इस्लाम भी इसकी इजाज़त नहीं देता। वहीं सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी के सवाल पर सपा नेता का बयान चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा जहां-जहां हमारी कुर्बानी होती आई थी, वहीं होगी। मुसलमान हमेशा कानून का पालन करता आया है और आगे भी करता रहेगा। ज्ञापन में ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास विशेष सफाई, अतिरिक्त पुलिस बल तैनाती, खराब बिजली लाइनों की मरम्मत और पर्याप्त जलापूर्ति की मांग की गई है।
एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन प्रतिभाओं का हनन नहीं तो क्या है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ ।सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे आज एक निजी कार्यक्रम में शामिल होने आए लखनऊ के कृष्णा नगर में सवर्ण समाज के लोगो के बीच बोलते हुए कहा कि अंधों के अनुसार कमजोर लोगों को आरक्षण मिलना चाहिए लेकिन त्रिस्तरीय रिजर्वेशन वर्तवान शासन सत्ता के भक्ति में अंधे हुए लोगों को उन्हें इस बात की जानकारी नहीं होगी कि राजस्थान की सर्वोच्च न्यायालय ने त्रिस्तरीय रिजर्वेशन की स्वीकृति प्रदान कर दी इसकी मांग अब उत्तर प्रदेश में होने लगी है इसी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन के चलते उत्तर प्रदेश में समीक्षा अधिकारी के परिणाम को स्थगित कर दिया गया है तो अंध भक्त जनों त्रिस्तरीय रिजर्वेशन का मतलब जानो किसी भी एक  परीक्षा के तीन स्टेप है स्क्रीनिंग,मेंस इंटरव्यू तो इन तीनों स्टेप पर एक ही व्यक्ति को तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन का लाभ दिया जाएगा क्या यह तर्क सगत है क्या ये प्रतिभाओं का हनन नहीं है क्या यह प्राकृतिक न्याय है तुम लोग अंध भक्ति में अंधे हुए जो कुछ भी कहो मेरे को गरिया रहे हो लेकिन एक बात बहुत अच्छी तरह अपने दिमाक में बैठा लो कि जिस दिन सवर्ण समाज के बुद्धजीवी और तर्कशील लोगों की संख्या सरकारी के भिन्न कार्यालय में ,50 प्रतिशत से कम हो जाएगी  उस दिन सवर्ण समाज के लोगों को सास लेना मुश्किल हो जाएगा। इसलिए जो गलत है उसका विरोध करो  जो राजनेता है उनको अपनी राजनीत एवं कुर्सी से बढ़ कर कुछ भी नहीं वे कुर्सी का सुख भोगेंगे एवं मर जायेगे उसका दुष्परिणाम तुम्हारे बच्चे आने वाली पीढ़ी आजीवन भोगेगी त्रिस्तरीय रिजर्वेशन गलत है यह प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है किसी भी व्यक्ति को एक बार रिजर्वेशन दे दिया गया न्याय संगत है कमजोर है दे दिया गया ठीक है लेकिन एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन यह कहा का न्याय है कहा का विधान है  कम से कम जो गलत है उसका तो विरोध करो अगर अब भी विरोध नहीं कर रहे हो किसी भी शासन सत्ता  की भक्ति में इतने भी अंधे नहीं बनो कि अपनी ही पीढ़ियों को गर्त में मिलादो जो गलत है उसको गलत बोलना सीखो, जातिगत आरक्षण उसमें एक ही व्यक्ति को एक ही परीक्षा में तीन बार रिजर्वेशन सीधे सवर्ण के प्रतियोगिता बच्चों को उच्च पदों पर जाने से रोकना है सवर्ण समाज अब भी विरोध नहीं कर रहा है जबकि अन्य वर्ग के लोग लगातार हमलावर हैं जो सवर्ण समाज के लिए संकल्पित भाव से जमीनी स्तर पर काम कर रहा है उसके साथ तो खड़े हो साथ दो हौसले बढ़ाओ यह भी नहीं कर सकते तो हौसला गिराने का काम मत करो ।
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मण्डल के प्रथम विश्वविद्यालय माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय का किया निरीक्षण
मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय व रिंग रोड परियोजना का किया निरीक्षण

निर्माणाधीन विश्वविद्यालय और रिंग रोड  देखने पहुंची मंडलायुक्त, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से रिंग रोड तक, मंडलायुक्त ने परखा निर्माण कार्यों का स्तर

गोण्डा /बलरामपुर -। मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने मंगलवार को जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन के साथ बलरामपुर में निर्माणाधीन माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय एवं निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता एवं तकनीकी मानकों की गहन समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने सबसे पहले माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने शैक्षणिक एवं एकेडमिक ब्लॉक, प्रशासनिक भवन, छात्रावास, स्टाफ आवास, फैकल्टी आवास, लाइब्रेरी भवन, लिफ्ट इंस्टॉलेशन, इलेक्ट्रिकल वर्क, पेंटिंग कार्य, पेयजल व्यवस्था, सीवर सिस्टम, सड़क एवं परिसर विकास कार्य, अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं सहित विभिन्न निर्माणाधीन सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने निर्माण कार्य में प्रयुक्त सामग्री की गुणवत्ता, भवनों की संरचनात्मक मजबूती तथा तकनीकी मानकों के अनुपालन की भी समीक्षा की।

निरीक्षण के उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में विश्वविद्यालय व रिंगरोड के निर्माण कार्य की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समयसीमा एवं लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की स्थिति, कार्यदायी संस्था की कार्यप्रणाली तथा स्वीकृत मानचित्र एवं डीपीआर के अनुसार कराए जा रहे निर्माण कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने अधिकारियों से निर्माण कार्यों में आ रही बाधाओं, लंबित कार्यों एवं अन्य प्रशासनिक एवं तकनीकी समस्याओं की जानकारी प्राप्त की।

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने स्पष्ट निर्देश दिए कि विश्वविद्यालय निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के शैक्षणिक विकास से जुड़ी अत्यंत महत्वपूर्ण योजना है। यह मण्डल का प्रथम विश्वविद्यालय है। इसलिए सभी कार्य उच्च गुणवत्ता एवं तय समयसीमा के भीतर पूर्ण कराए जाएं। उन्होंने भवनों की छतों की प्रभावी वाटर प्रूफिंग कराने, जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त रखने तथा सुरक्षा मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही अग्निशमन एवं आपदा सुरक्षा व्यवस्थाओं को मजबूत करने, छात्रावास एवं आवासीय परिसरों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा विद्युत एवं सीवर कार्यों को मानक गुणवत्ता के अनुरूप पूर्ण कराने को कहा।

इसके बाद मंडलायुक्त ने निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना का भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, मिट्टी भराई, बेस निर्माण, जल निकासी व्यवस्था तथा अन्य तकनीकी कार्यों का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था से परियोजना की वर्तमान प्रगति, निर्धारित समयसीमा एवं लक्ष्य के अनुरूप कार्यों की जानकारी प्राप्त की।

मंडलायुक्त ने निर्देश दिए कि रिंग रोड निर्माण कार्य में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा कार्य को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित करने, तकनीकी मानकों का पालन करने एवं कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि रिंग रोड परियोजना क्षेत्र की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने तथा आवागमन को सुगम बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा निर्माण कार्य में आने वाली किसी भी बाधा का तत्काल समाधान सुनिश्चित करें।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी बलरामपुर, संबंधित विभागों के अधिकारी, अभियंता, कार्यदायी संस्थाओं के प्रतिनिधि एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
बाला जी मंदिर में स्थापना दिवस, सवामणी हवन व भजन कार्यक्रम आयोजित
*चौथे बड़े मंगल पर मंदिरों में उमड़ा भक्तों का सैलाब

गोंडा।जिले में ज्येष्ठ माह के चौथे बड़े मंगल को हनुमान मंदिरों में भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया गया और जगह जगह भंडारों का आयोजन हुआ जहाँ भक्तों ने पूजा अर्चना के बाद प्रसाद ग्रहण किया।वहीं देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर में बड़े मंगल के साथ साथ मंदिर का स्थापना दिवस भी मनाया जा रहा है।मंगलवार सुबह छ: बजे से ही पूरे ललक स्थित श्री मेंहदीपुर बालाजी मंदिर पर बालाजी महाराज के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ी धूप के बावजूद भक्त लंबी कतारों में लगकर दर्शन व प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं।मंदिर में पूर्व की भांति इस बार 26वें सवामणी हवन का भी आयोजन किया गया।जिसमें जनपद के सुदूर ग्रामीण अंचलों से बड़ी संख्या में भक्त शामिल हो रहे हैं तथा इसके साथ ही बहराइच, श्रावस्ती, लखनऊ, बाराबंकी व पड़ोसी राष्ट्र नेपाल से भी श्री बालाजी सरकार के भक्त भी पूरे हर्षोल्लास के साथ कार्यक्रम में शामिल हो रहे हैं।कार्यक्रम के दौरान शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया जाएगा।जिला मुख्यालय स्थित नई हनुमानगढ़ी मंदिर, पुरानी हनुमानगढ़ी मंदिर,गुरुनानक चौराहा,अंबेडकर चौराहा, बड़गांव पुलिस चौकी चौराहा सहित पूरे जिले में चौथे बड़े मंगल को लेकर भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं।इन आयोजनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए हैं और सोशल मीडिया पर भी पुलिस द्वारा लगातार नजर रखा जा रहा है।पूरे ललक स्थित श्री बालाजी मंदिर में आयोजित सवामणी हवन व भंडारे के मद्देनजर भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा देहात कोतवाली सहित कई थानों की फोर्स तैनात किया गया है तथा मंदिर प्रबंधन द्वारा भी वालंटियर की तैनाती की गई है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि आज बड़े मंगल को पूरे जिले में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर क्वाड देश एकजुट, जानें क्या हुआ फैसला

#quadforeignministers_meeting 

देश की राजधानी नई दिल्ली में मंगलवार को भारत-ऑस्ट्रेलिया-जापान-अमेरिका क्वाड के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इस बैठक की अध्यक्षता की और उनके साथ इस बैठक में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भाग लिया। क्वाड की बैठक में होर्मुज का मुद्दा छाया रहा। इस संगठन में शामिल देशों के विदेश मंत्रियों ने होर्मुज स्ट्रेट को जल्दी से जल्दी खोलने पर चर्चा की।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क से इनकार

दिल्ली में हुई क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद जारी साझा बयान में हॉर्मूज स्ट्रेट और लाल सागर को लेकर बड़ा संदेश दिया गया है। भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया ने साफ कहा है कि वैश्विक व्यापार के लिए समुद्री मार्ग खुले और निर्बाध रहने चाहिए तथा किसी भी तरह के ‘टोल’ या अतिरिक्त शुल्क को स्वीकार नहीं किया जाएगा। क्वाड देशों ने अपने साझा बयान में मध्य पूर्व और पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताते हुए क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए जारी कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया। हालांकि बयान में किसी देश का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन इसे ईरान की उस चेतावनी से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें हॉर्मूज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर नियंत्रण और संभावित शुल्क की बात सामने आई थी।

होर्मुज में जहाजों की आवाजाही नहीं रूकेगी

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच, भारत और अमेरिका सहित क्वाड देशों ने वैश्विक व्यापार को बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। क्वाड ने साफ कर दिया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे दुनिया के प्रमुख समुद्री रास्तों पर व्यापारिक जहाजों की आवाजाही किसी भी कीमत पर नहीं रुकने दी जाएगी। अगर किसी ने भी इन जहाजों को रोकने की कोशिश की, तो चारों देश मिलकर उसका कड़ा विरोध करेंगे। क्वाड देशों ने ऊर्जा बाजार को स्थिर और पारदर्शी बनाने की बात कही है। इसके लिए आपूर्ति शृंखला को मजबूत और विविध बनाया जाएगा। समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा सबसे जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही पर कोई रोक नहीं होनी चाहिए। यह वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए आवश्यक है।

अमेरिका ने लॉन्च किया सर्विलांस प्लान

क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि यह साझेदारी अब सिर्फ चर्चा का मंच नहीं रह गई है, बल्कि ‘फ़ोरम ऑफ एक्शन’ बन चुकी है। उन्होंने भारत को सफल मेज़बानी के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि बैठक में बेहद उपयोगी और सार्थक चर्चा हुई। रुबियो ने कहा कि भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया चारों देश मजबूत लोकतांत्रिक मूल्यों को साझा करते हैं और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र को सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिकी विदेश मंत्री ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि क्वाड देशों ने इंडो-पैसिफिक सर्विलांस लॉन्च करने का फैसला किया है। उनका कहना था कि इंडो-पैसिफिक दुनिया का सबसे अहम समुद्री क्षेत्र है, जहां से करीब 60 प्रतिशत वैश्विक समुद्री व्यापार गुजरता है। ऐसे में समुद्री सुरक्षा और निगरानी को मजबूत करना बेहद जरूरी हो गया है। रुबियो ने कहा कि बैठक में क्रिटिकल मिनरल्स फ्रेमवर्क लॉन्च करने का भी फैसला लिया गया है। माना जा रहा है कि इसका मकसद चीन पर निर्भरता कम करना और वैकल्पिक सप्लाई चेन को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि क्वाड सिर्फ सदस्य देशों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र और अन्य देशों के लिए भी फायदेमंद साबित होगा।

सदर अस्पताल में ब्लड बैंक बहाल करने की मांग को लेकर जेएलकेएम का धरना, सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी

कोडरमा: झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा की ओर से मंगलवार को कोडरमा सदर अस्पताल परिसर में एक दिवसीय धरना आयोजित कर बंद पड़े ब्लड बैंक को अविलंब चालू करने की मांग उठाई गई। संगठन के नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले कई महीनों से सदर अस्पताल का ब्लड बैंक केवल स्टोर सेंटर बनकर रह गया है, जिसके कारण दुर्घटना और गंभीर मरीजों को समय पर रक्त नहीं मिल पा रहा है।
धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं, ग्रामीण और संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए। जेकेएलएम के बरही  विधानसभा के उम्मीदवार कृष्णा यादव ने कहा कि कोडरमा जिला बिहार सीमा से जुड़ा और दुर्घटना संभावित क्षेत्र है, ऐसे में सदर अस्पताल में हर ग्रुप का ब्लड उपलब्ध रहना बेहद जरूरी है। जेएलकेएम नेता रविशंकर ने कहा कि कोडरमा सदर अस्पताल में प्रतिदिन 1200 से 1500 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, लेकिन यहां ब्लड बैंक की सुविधा नहीं होना स्वास्थ्य विभाग की बड़ी विफलता है। उन्होंने कहा कि सरकार करोड़ों रुपये खर्च कर भवन और मशीनें तो लगा रही है, लेकिन विशेषज्ञ डॉक्टर, तकनीशियन और ब्लड बैंक जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं।उन्होंने आरोप लगाया कि मरीजों को मामूली जांच और ब्लड ग्रुपिंग तक के लिए हजारीबाग भेजा जाता है। “जब मंत्री और बड़े अधिकारी अस्पताल का दौरा करते हैं तो इसे मॉडल अस्पताल बताया जाता है, लेकिन अंदर की सच्चाई कुछ और है। इलाज के नाम पर मरीजों को रेफर कर दिया जाता है,” उन्होंने कहा।धरने को संबोधित करते हुए जेएलकेएम नेता मनोज यादव ने कहा कि कोडरमा दो राज्यों को जोड़ने वाला जिला है और यहां रोज सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। इसके बावजूद ब्लड बैंक का लाइसेंस निरस्त हो जाना गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों, गर्भवती महिलाओं और दुर्घटना पीड़ितों के लिए ब्लड सबसे जरूरी आवश्यकता है।नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि एक माह के भीतर ब्लड बैंक की व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो जेएलकेएम चरणबद्ध आंदोलन चलाएगा, सड़क जाम करेगा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर व्यापक जनआंदोलन शुरू किया जाएगा। धरना के दौरान वक्ताओं ने सदर अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपकरण और आईसीयू जैसी सुविधाएं होने के बावजूद विशेषज्ञ डॉक्टरों और प्रशिक्षित तकनीशियनों की कमी के कारण मरीजों को समुचित इलाज नहीं मिल पा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री और जिला प्रशासन से अविलंब कार्रवाई करते हुए कोडरमा सदर अस्पताल में ब्लड बैंक को फिर से चालू करने तथा स्वास्थ्य सेवाओं को दुरुस्त करने की मांग की।
आयुष्मान योजना के अंतर्गत असंक, सुल्तानपुर में पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी
उत्तर प्रदेश के ऑटोनॉमस स्टेट मेडिकल कॉलेज (ASMC), सुल्तानपुर में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की गई, जहाँ आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पहली सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) सर्जरी सम्पन्न की गई। यह जटिल सर्जरी ऑर्थोपेडिक्स विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अमोल रेबेलो द्वारा सफलतापूर्वक की गई।
मरीज श्रीमती श्यामपाठी, जो कि कुरेभार की निवासी हैं, पिछले दो वर्षों से गंभीर ऑस्टियोआर्थराइटिस से पीड़ित थीं। लगातार दर्द के कारण वे लंबे समय से दर्द निवारक दवाओं का सेवन कर रही थीं, जिससे भविष्य में किडनी पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना थी।
विस्तृत जांच एवं एक्स-रे के बाद मरीज में ग्रेड-4 ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसमें घुटने की कार्टिलेज पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी थी। मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉ. अमोल रेबेलो ने टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी की सलाह दी, जिसका मुख्य उद्देश्य मरीज को दर्द से मुक्ति दिलाकर बेहतर और सक्रिय जीवन प्रदान करना था।
सर्जरी को डॉ. अमोल रेबेलो के साथ उनके सहायक डॉ. वसीम, सीनियर रेजिडेंट, ऑर्थोपेडिक्स ने सफलतापूर्वक सम्पन्न किया। डॉ. ऐश्वर्य दिनेश ( एनेस्थीसिया )निश्चेतना विभाग में वरिष्ठ सीनियर रेजिडेंट, एनेस्थीसियोलॉजी द्वारा स्पाइनल + एपिड्यूरल एनेस्थीसिया दिया गया, जिससे ऑपरेशन के बाद मरीज को उत्कृष्ट दर्द नियंत्रण प्राप्त हुआ। यह ASMC सुल्तानपुर में पहली बार था जब टोटल नी रिप्लेसमेंट सर्जरी स्पाइनल-एपिड्यूरल एनेस्थीसिया के तहत की गई।
इस सफल सर्जरी में ऑपरेशन थिएटर स्टाफ एवं नर्सिंग टीम का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा।
डॉ. अमोल रेबेलो ने इस उपलब्धि के लिए आदरणीय प्राचार्य डॉ. प्रियंक सर एवं आदरणीय डॉ. सलील सर का विशेष धन्यवाद व्यक्त किया, जिनके मार्गदर्शन, प्रोत्साहन एवं निरंतर सहयोग से संस्थान में जटिल सर्जरी करना संभव हो सका।
इस अवसर पर डॉ. अमोल रेबेलो ने कहा:
“अब सुल्तानपुर एवं आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को टोटल नी रिप्लेसमेंट और टोटल हिप रिप्लेसमेंट जैसी जटिल सर्जरी के लिए लखनऊ, वाराणसी, मुंबई या दिल्ली जाने की आवश्यकता नहीं है। आयुष्मान योजना के अंतर्गत ये सभी सुविधाएँ अब ASMC सुल्तानपुर में निःशुल्क उपलब्ध हैं।”
यह सफल सर्जरी न केवल ASMC सुल्तानपुर के लिए बल्कि पूरे क्षेत्र के मरीजों के लिए उन्नत ऑर्थोपेडिक चिकित्सा सेवाओं की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
कुशभवनपुर रत्न 2026 से सम्मानित हुईं युवा इन्फ्लुएंसर स्तुति दुबे
बल्दीराय क्षेत्र के पूरे चौपाई उपाध्याय का पुरवा निवासी एवं कक्षा 9 की छात्रा स्तुति दुबे को शिक्षा, तकनीक और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए कटका क्लब सामाजिक संस्था द्वारा आयोजित भव्य समारोह में "कुशभवनपुर रत्न 2026" सम्मान से सम्मानित किया गया।
कम उम्र में ही अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर पहचान बनाने वाली स्तुति दुबे ने वर्ष 2025 में अपना यूट्यूब चैनल शुरू किया था। अंग्रेजी बोलने की कला को विकसित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ यह प्रयास धीरे-धीरे लोगों के बीच लोकप्रिय होता गया। उनके शैक्षिक, प्रेरणादायक और जागरूकता से जुड़े वीडियो को व्यापक सराहना मिली। इसके बाद उन्होंने इंस्टाग्राम पर भी अपनी सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराई, जहां शिक्षा, व्यक्तित्व विकास और सकारात्मक सोच से जुड़े उनके वीडियो हजारों लोगों तक पहुंचे।
विद्यालयी जीवन में भी स्तुति लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन करती रही हैं। अंग्रेजी भाषण, वाद-विवाद, निबंध लेखन तथा अन्य बौद्धिक प्रतियोगिताओं में उन्होंने लगातार कई वर्षों तक प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उन्हें विद्यालय की सर्वश्रेष्ठ अंग्रेजी वक्ता के रूप में भी पहचान मिली है। इसके अतिरिक्त स्काउटिंग और कोडिंग के क्षेत्र में भी उन्होंने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं तथा विभिन्न पुरस्कार और सम्मान प्राप्त किए हैं।
कटका क्लब द्वारा आयोजित सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि एवं अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक, मां कामाख्या धाम के पीठाधीश्वर इंद्रेश कौशिक महाराज ने स्तुति दुबे को सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र की बेटियां आज शिक्षा, तकनीक और आत्मविश्वास के बल पर नई ऊंचाइयों को छू रही हैं तथा स्तुति दुबे जैसी प्रतिभाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। समारोह में उपस्थित लोगों ने उनकी उपलब्धियों की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

#gurmeetramrahimgets30daysparolereleasesunaria_jail

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।