जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें


प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में अनियमित बिजली कटौती और अधिक बिलिंग से लोग परेशान, सिर्फ मिलता है आश्वासन


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियाें के साथ बैठक हुई। इसमें अनियमित बिजली कटौती, अधिक बिलिंग का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियाें ने दो टूक कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वह लंबे समय से मांग कर रहे हैं। हमेशा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। उद्यमियों को लाखों का हो रहा नुकसान उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि दिन में कई बार ट्रिपिंग होती है। इससे प्रतिदिन उद्यमियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें हुईं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। बीच-बीच में मनमाने तरीके से बिल भेज दिया जाता है। लोड बढ़ाने व घटाने के लिए उद्यमियों को कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ती है। ढीले व लटके तार और झुके हैं बिजली के खंभे नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नैय्यर ने कहा कि कई जगहों पर तार ढीले होकर लटक रहे हैं। खंभे झुके हुए हैं। तारों के ऊपर पेड़ों की टहनियां हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से अगर कार्य कराए जाएं तो यह समस्या दूर हो सकती है। अधीक्षण अभियंता ने समस्याओं के समाधान की बात कही अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत व आशीष सिन्हा ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया। अधिशासी अभियंता रचित खन्ना, एसडीओ मदन, जेई मुनेश कुमार, उद्यमी डा. पुनीत अरोरा, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, के. खान, सुशील दुबे, मोहित नैय्यर आदि रहे।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें




विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर परिसर स्थित सूखे/क्षतिग्रस्त वृक्षों की नीलामी के संबंध में
मेरठ ।सामान्य जन को सूचित किया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर (जनपद मेरठ) परिसर में स्थित सूखे एवं जर्जर अवस्था में खड़े वृक्षों के मूल्यांकन उपरांत उनके निस्तारण हेतु सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।

यह नीलामी संबंधित सक्षम अधिकारियों की अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अधीन आयोजित की जाएगी।

नीलामी का विवरण:
स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर
दिनांक: 17 अप्रैल दिन शुक्रवार 2026
समय: प्रातः 11:00 बजे


मुख्य शर्तें एवं नियम:
नीलामी सार्वजनिक रूप से की जाएगी तथा उच्चतम बोलीदाता को वृक्ष प्रदान किए जाएंगे।

नीलामी के समय संबंधित वन क्षेत्राधिकारी  हस्तिनापुर की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

नीलामी में भाग लेने वाले व्यक्तियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वृक्षों के पातन (कटान) हेतु शासनादेश संख्या 1245/14-5-2010-91/2010 दिनांक 10.08.2010 के अनुसार ₹100 प्रति वृक्ष शुल्क जमा करना होगा।

पातन से पूर्व ₹1000 (एक हजार रुपये) की धनराशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी, जो 06 वर्षीय बचत पत्र के रूप में जमा की जाएगी।
वृक्षों के स्थान पर 10 गुना पौधारोपण करना अनिवार्य होगा तथा पौधों की देखरेख सुनिश्चित करनी होगी।

उत्पन्न लकड़ी के अभिवहन हेतु ₹38 प्रति टन शुल्क जमा कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

नीलामी से प्राप्त धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी।

बिना अनुमति किसी अन्य वृक्ष का पातन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

किसी भी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय संबंधित प्रभारी अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर का होगा।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह केवल वृक्षों के मूल्यांकन एवं नीलामी हेतु सूचना है। वृक्षों के पातन के लिए पृथक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
घाटकोपर के श्रीराम कथा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
जनगणना 2027 : प्रयागराज के सैन्य व प्रतिबंधित क्षेत्रों में दूसरे चरण में होगी जनगणना, केंद्रीय व जिला जेलों में भी बाद में



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। सैन्य क्षेत्र समेत केंद्रीय व जिला कारागारों समेत अन्य प्रतिबंधित इलाकों में दूसरे चरण के दौरान जनगणना होगी। वहीं शैक्षिक संस्थानों स्कूल-काॅलेज, विश्वविद्यालय, अस्पताल समेत अन्य सरकारी कालोनियों में रहने वाले लोगों की जनगणना के लिए उनके कर्मचारियों को ही लगाया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू हो गई है। इसके लिए ब्लाकों का गठन होगा। वहीं, पहले चरण की गणना में दूसरे चरण की जनगणना का फ्रेेम भी तैयार किया जाएगा।

पहली बार डिजिटल रूप में होगी जनगणना
पहली बार डिजिटल रूप में होने जा रही जनगणना के दौरान आबादी, घरों की गणना, वाहन, भोजन, रसोंई, शौचालय आदि का ब्यौरा तो लिया ही जाएगा, साथ ही तालाब-पोखरे, बाग-बगीचे, मुख्य सड़क, चकमार्ग, जल निगम की टंकी, हैंडपंप, नाली व सीवर का ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। घर में कौन सी गाड़ियां हैं, कौन सा अनाज खाते हैं और इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं या नहीं, यह भी पूछा जाएगा।

जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज होगा 
सरकार न केवल परिवार के सदस्यों की संख्या और मुखिया की जानकारी ले रही है, बल्कि लोगों की जीवनशैली और सुविधाओं का भी पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। इसमें घर की छत और दीवार किस सामग्री से बनी है, पीने के पानी और शौचालय की क्या व्यवस्था है, से लेकर मौजूद गैजेट्स (लैपटाप, स्मार्टफोन) की भी जानकारी ली जाएगी।

घर-घर जाकर प्रगणक पूछेंगे 33 सवाल
केंद्र सरकार ने 33 सवालों की पूरी सूची जारी कर दी है, जो प्रगणकों द्वारा घर-घर जाकर पूछे जाएंगे। जेलों में बंद कैदियों की गणना वहां के कर्मचारी ही करेंगे, जो प्रशासन को रिपोर्ट देंगे। इसी तरह रेलवे, आयकर, दूरसंचार, एयरपोर्ट, जीएसटी, पीडब्ल्यूडी, जल निगम, स्वास्थ्य विभाग की कालोनियों में वहां के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जा रही है।

शीघ्र ही उपलब्ध कराएं कर्मचारियों की सूची
जनगणना की तैयारियों की बुधवार को मुख्य सचिव ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण से लेकर गणना ब्लाकों के गठन के निर्देश दिए। डीआइओएस व बीएसए को निर्देशित किया कि वे जनगणना कार्यक्रम में ड्यूटी करने वाले कर्मचारियों की शीघ्र ही सूची उपलब्ध करा दें। डीएम मनीष कुमार वर्मा व एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह भी जुड़ी रहीं।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें


प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में अनियमित बिजली कटौती और अधिक बिलिंग से लोग परेशान, सिर्फ मिलता है आश्वासन


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र नैनी में उद्यमियों और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियाें के साथ बैठक हुई। इसमें अनियमित बिजली कटौती, अधिक बिलिंग का मुद्दा छाया रहा। उद्यमियाें ने दो टूक कहा कि निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वह लंबे समय से मांग कर रहे हैं। हमेशा आश्वासन दिया जाता है, लेकिन होता कुछ नहीं है। उद्यमियों को लाखों का हो रहा नुकसान उप्र राज्य औद्योगिक संघ के अध्यक्ष अरविंद राय ने कहा कि दिन में कई बार ट्रिपिंग होती है। इससे प्रतिदिन उद्यमियों को लाखों का नुकसान उठाना पड़ता है। ट्रिपिंग की समस्या के समाधान के लिए कई बार बैठकें हुईं, लेकिन नतीजा शून्य ही रहा। बीच-बीच में मनमाने तरीके से बिल भेज दिया जाता है। लोड बढ़ाने व घटाने के लिए उद्यमियों को कई दिनों तक भागदौड़ करनी पड़ती है। ढीले व लटके तार और झुके हैं बिजली के खंभे नैनी इंडस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजीव नैय्यर ने कहा कि कई जगहों पर तार ढीले होकर लटक रहे हैं। खंभे झुके हुए हैं। तारों के ऊपर पेड़ों की टहनियां हैं, लेकिन इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। नियमित रूप से अगर कार्य कराए जाएं तो यह समस्या दूर हो सकती है। अधीक्षण अभियंता ने समस्याओं के समाधान की बात कही अधीक्षण अभियंता केके सारस्वत व आशीष सिन्हा ने समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए जल्द समाधान का आश्वासन दिया। साथ ही उद्योगों को निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर भी जोर दिया। अधिशासी अभियंता रचित खन्ना, एसडीओ मदन, जेई मुनेश कुमार, उद्यमी डा. पुनीत अरोरा, नीरज श्रीवास्तव, मनीष शुक्ला, के. खान, सुशील दुबे, मोहित नैय्यर आदि रहे।
प्रयागराज के करेली में प्रापर्टी डीलर की गोली मारकर हत्या, हत्यारोपितों को ढूंढ रहीं पुलिस की पांच टीमें




विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ।शहर में बुधवार शाम सनसनीखेज वारदात हुई। करेली क्षेत्र में 47 वर्षीय प्रापर्टी डीलर मो. इरफान की गोली मारकर हत्या कर दी गई। नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सरेशाम हत्याकांड को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गए। प्रापर्टी के विवाद में हत्या की वजह बताई गई है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्यारोपितों की तलाश पुलिस टीम लगी है। उधर, हत्या से इरफान के परिवार में मातम पसर गया।

करेली के ऐनुद्दीनपुर निवासी थे मो. इरफान 
बताया गया है कि करेली थाना क्षेत्र के ऐनुद्दीनपुर में रहने वाले मोहम्मद इरफान प्रापर्टी डीलर थे। बुधवार शाम वह घर से करीब दो सौ मीटर दूर गौसनगर में नौशाद डिस वाले के पास एक चाय की दुकान पर मौजूद थे। आरोप है कि इसी दौरान तीन बाइक से पांच-छह नकाबपोश बदमाश आए और इरफान पर फायर झोंक दिया। सीने के पास गोली लगते ही वह जमीन पर गिर पड़े तो हमलावर भाग निकले।

एसआरएन अस्पताल ले गए, डॉक्टरों ने मृत बताया 
फायरिंग की आवाज सुन आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। थोड़ी ही देर में थानाध्यक्ष करेली आशीष सिसाेदिया फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। आनन-फानन घायल इरफान को स्वरूपरानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल भिजवाया गया, जहां डाॅक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे परिवार के सदस्य बिलखते लगे तो करीबी गम में डूब गए।

सीसीटीवी फुटेज में हत्यारोपितों की मिली तस्वीर
डीसीपी सिटी, एडीसीपी सिटी राजकुमार मीना ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। तब पता चला कि इरफान का प्रापर्टी को लेकर कुछ लोगों से रंजिश चली आ रही थी। उसी विवाद में हत्या की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो कुछ हत्यारोपितों की तस्वीर मिली, जिसके आधार पर गिरफ्तारी के लिए पुलिस, एसओजी, सर्विलांस की पांच टीम लगाई गई है।

प्रारंभिक जांच और पूछताछ में पता चला है कि प्रापर्टी को लेकर इरफान का कुछ लोगों से विवाद था। उसी की वजह से घटना कारित की गई है। सीसीटीवी फुटेज खंगाला जा रहा है। अभियुक्तों की गिरफ्तारी को पांच टीम लगाई गई है। तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर परिसर स्थित सूखे/क्षतिग्रस्त वृक्षों की नीलामी के संबंध में
मेरठ ।सामान्य जन को सूचित किया जाता है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर (जनपद मेरठ) परिसर में स्थित सूखे एवं जर्जर अवस्था में खड़े वृक्षों के मूल्यांकन उपरांत उनके निस्तारण हेतु सार्वजनिक नीलामी की जाएगी।

यह नीलामी संबंधित सक्षम अधिकारियों की अनुमति एवं निर्धारित शर्तों के अधीन आयोजित की जाएगी।

नीलामी का विवरण:
स्थान: सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, हस्तिनापुर
दिनांक: 17 अप्रैल दिन शुक्रवार 2026
समय: प्रातः 11:00 बजे


मुख्य शर्तें एवं नियम:
नीलामी सार्वजनिक रूप से की जाएगी तथा उच्चतम बोलीदाता को वृक्ष प्रदान किए जाएंगे।

नीलामी के समय संबंधित वन क्षेत्राधिकारी  हस्तिनापुर की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

नीलामी में भाग लेने वाले व्यक्तियों को वैध पहचान पत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वृक्षों के पातन (कटान) हेतु शासनादेश संख्या 1245/14-5-2010-91/2010 दिनांक 10.08.2010 के अनुसार ₹100 प्रति वृक्ष शुल्क जमा करना होगा।

पातन से पूर्व ₹1000 (एक हजार रुपये) की धनराशि जमानत के रूप में जमा करनी होगी, जो 06 वर्षीय बचत पत्र के रूप में जमा की जाएगी।
वृक्षों के स्थान पर 10 गुना पौधारोपण करना अनिवार्य होगा तथा पौधों की देखरेख सुनिश्चित करनी होगी।

उत्पन्न लकड़ी के अभिवहन हेतु ₹38 प्रति टन शुल्क जमा कर अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।

नीलामी से प्राप्त धनराशि राजकीय कोष में जमा कराई जाएगी।

बिना अनुमति किसी अन्य वृक्ष का पातन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।

किसी भी विवाद की स्थिति में अंतिम निर्णय संबंधित प्रभारी अधिकारी, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हस्तिनापुर का होगा।

महत्वपूर्ण सूचना:
यह केवल वृक्षों के मूल्यांकन एवं नीलामी हेतु सूचना है। वृक्षों के पातन के लिए पृथक अनुमति प्राप्त करना अनिवार्य होगा।


प्रभागीय निदेशक
सामाजिक वानिकी प्रभाग, मेरठ
नेटग्रिड पर यूपी पुलिस की सुस्ती पर केंद्र सख्त: 15वें स्थान से सुधार के आदेश, DGP ने जारी किए कड़े निर्देश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय खुफिया ग्रिड (नेटग्रिड) के कम उपयोग को लेकर केंद्र सरकार ने नाराजगी जताई है। गृह मंत्रालय ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए राज्य में इसके उपयोग को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मौजूदा स्थिति में उत्तर प्रदेश नेटग्रिड के इस्तेमाल के मामले में देश में 15वें स्थान पर है, जो कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संतोषजनक नहीं माना जा रहा है।
गृह मंत्रालय की ओर से भेजे गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि नेटग्रिड एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिसके माध्यम से आतंकवाद, साइबर अपराध, संगठित अपराध, नकली नोट और मादक पदार्थों से जुड़े नेटवर्क की निगरानी प्रभावी ढंग से की जा सकती है। ऐसे में इसका नियमित और अनिवार्य उपयोग बेहद जरूरी है।
केंद्र के निर्देशों के बाद प्रदेश के डीजीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों को नेटग्रिड के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि जिला स्तर तक इसके उपयोग को बढ़ाया जाए और अधिक से अधिक अधिकारियों को इससे जोड़ा जाए। साथ ही, सभी संबंधित अधिकारियों को प्रशिक्षण देकर उन्हें इस प्रणाली के उपयोग में दक्ष बनाया जाए।
डीजीपी ने यह भी निर्देश दिए हैं कि प्रत्येक क्राइम मीटिंग में नेटग्रिड के उपयोग की समीक्षा की जाए, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि इसका सही और प्रभावी तरीके से इस्तेमाल हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इसके अलावा, पुलिस विभाग को अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग को भी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया की निगरानी के लिए सुदर्शन पोर्टल का अधिक उपयोग करने को कहा गया है। वहीं, साइबर अपराधों की जांच, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और गुमशुदा व्यक्तियों की तलाश के लिए गाण्डीव पोर्टल को भी सक्रिय रूप से इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सर्किल, कमिश्नरेट और जनपद स्तर पर यूजर आईडी बनाकर उन्हें सक्रिय रखा जाए, ताकि किसी भी समय जरूरी जानकारी तुरंत उपलब्ध हो सके।
गौरतलब है कि नेटग्रिड गृह मंत्रालय के अधीन एक केंद्रीय प्रणाली है, जो विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों और राज्य पुलिस को रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराती है। इसके प्रभावी उपयोग से अपराध नियंत्रण और खुफिया तंत्र को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
घाटकोपर के श्रीराम कथा महोत्सव में उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।