राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बहसूमा थाना को मिले नए प्रभारी, रविंद्र कुमार ने संभाली कमान
मेरठ/बहसूमा। थाना बहसूमा को नए थाना प्रभारी के रूप में रविंद्र कुमार मिले हैं। चार्ज संभालते ही उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है। रविंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाना प्रभारी ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और अमन-चैन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि थाना परिसर आम जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा और हर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

रविंद्र कुमार पहले स्वाट टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के चर्चित अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चार्ज संभालते ही रविंद्र कुमार एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने पुलिस टीम को निर्देश दिए हैं कि गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। थाना प्रभारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने नए थाना प्रभारी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ईएमटी कर्मियों को किया गया सम्मानित
फर्रुखाबाद lईएमटी दिवस के उपलक्ष्य पर जिलाधिकारी ने 108/102 के ईएमटी कर्मियों को किया सम्मानित
फर्रुखाबाद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात समर्पित रहने वाले ईएमटी  के सम्मान में आज ईएमटी दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ईएमटी कर्मियों का चयन कर उन्हें जिलाधिकारी  द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें अपर जिलाधिकारी उपजिलाधिकारी  सहित क्षेत्राधिकारी नगर  ऐश्वर्या उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण गर्व, सम्मान एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जहाँ प्रत्येक  ईएमटी के समर्पण एवं सेवा भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित स्टाफ में सोनिका, आकांक्षा, भानु प्रताप, प्रियंका, श्रद्धा, नितेश कुमारी, सोनू, सौरभ, आदेश, जितेंद्र, अमन, प्रमोद कुमार, प्रीति, रजनीश, मोहित कुमार एवं सुनील शामिल रहे, जिन्होंने अपने सक्रिय योगदान से कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी पी आर के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर 108 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी  सोनू द्वारा आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट ज्ञान के साथ सी पी आर की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित सभी अधिकारी प्रभावित हुए। जिलाधिकारी ने उनकी सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (108/102) विजय चौहान की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिनके कुशल समन्वय से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल ईएमटी कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत ये कर्मी समाज के सच्चे नायक हैं, जो हर परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
बीमार, कमजोर पशुओं का समय-समय पर कैम्प लगाकर कराया जाए उनका स्वास्थ्य परीक्षण -मण्डलायुक्त
*मण्डलायुक्त ने मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश
मीरजापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। मण्डलायुक्त ने कहा कि गौशालाओं में संरक्षित किए जा रहे गौवंशो का जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओ को भी पकड़कर गौशाला में रखा जाए तथा उनका भी जियो टैगिंग कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशालाओ में पर्याप्त मात्रा में भूषा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूषा बैंक बनाते हुए भूषे संग्रहीत किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गौवंशो को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध किया जाए। बीमार, कमजोर पशुओ का तत्काल उनका नियमानुसार कराया जाए तथा समय-समय पर कैम्प लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि गोचर जमीनो पर गौवंशो हेतु लगाए गए हरे चारे की भी जिये टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो गए गौ आश्रय स्थलों की हैण्डओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़े गौ आश्रय स्थलों पर भरण पोषण हेतु कम से कम तीन माह का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए उसमें पशुपालन विभाग क मण्डलीय अधिकारी, तीनो जनपदो के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं तीनो जनपदो के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जोड़ा जाए तथा रोस्टर बनाते हुए उसके अनुसार अधिकारी गौ आश्रय स्थलो का नियमित निरीक्षण करे व निरीक्षण के दौरान यदि कोई पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीनों जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को ग्रुप में जोड़े व उनके द्वारा किए जा रहे की फोटोग्राफ ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करें। सम्बन्धित जनपद के पशु चिकित्साधिकारी पाई गई कमियों का नियमानुसार निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गौ संरक्षण के प्रति काफी संवेदनशील है अतएव सभी अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यो का निर्वहन करे इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही क्षम्य नही होंगी। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि विकेश पटेल एवं तीनो जनपदों मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

बहसूमा थाना को मिले नए प्रभारी, रविंद्र कुमार ने संभाली कमान
मेरठ/बहसूमा। थाना बहसूमा को नए थाना प्रभारी के रूप में रविंद्र कुमार मिले हैं। चार्ज संभालते ही उन्होंने क्षेत्र में कानून व्यवस्था को मजबूत करने का स्पष्ट संदेश दिया है। रविंद्र कुमार ने कहा कि क्षेत्र में अपराध पर पूरी तरह अंकुश लगाया जाएगा और किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

थाना प्रभारी ने साफ शब्दों में कहा कि क्षेत्र में किसी भी व्यक्ति पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और अमन-चैन बनाए रखना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी भरोसा दिलाया कि थाना परिसर आम जनता के लिए 24 घंटे खुला रहेगा और हर पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।

रविंद्र कुमार पहले स्वाट टीम में अपनी सेवाएं दे चुके हैं, जहां उन्होंने कई महत्वपूर्ण मामलों में सक्रिय भूमिका निभाई। अपने अनुभव का लाभ उठाते हुए उन्होंने कहा कि क्षेत्र के चर्चित अपराधियों पर सख्त नजर रखी जाएगी और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

चार्ज संभालते ही रविंद्र कुमार एक्शन मोड में नजर आए। उन्होंने पुलिस टीम को निर्देश दिए हैं कि गश्त बढ़ाई जाए और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष निगरानी रखी जाए। थाना प्रभारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय लोगों ने नए थाना प्रभारी से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था और बेहतर होने की उम्मीद जताई है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने 3 अप्रैल को मशाल जुलूस,9 अप्रैल को झारखंड बंद को लिया वापस

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू आज देर शाम नई दिल्ली से रांची पहुंचते ही प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता के मीडिया को संबोधित किया।

श्री साहू ने विष्णुगढ़ कुसुंबा में बेटी की निर्मम हत्या को लेकर पार्टी द्वारा घोषित 3 अप्रैल के मशाल जुलूस और 9 अप्रैल की झारखंड बंदी को वायस लेने की घोषणा की।

उन्होंने राज्य सरकार पर करारा प्रहार करते हुए कहा कि भाजपा के प्रचंड दबाव के बाद कुसुंबा की बेटी की निर्मम हत्या का उद्भेदन हुआ है,लेकिन आगे इसकी न्यायिक जांच होनी चाहिए ताकि बलि देने संबंधी बातों की सच्चाई सामने आए। बलि पत्थर से मारकर नहीं दी जाती है। पुलिस ने जो बातें बताई है उसकी और छानबीन की जरूरत है, पोक्सो एक्ट आदि के उल्लंघन संबंधी बातें भी उजागर हो।

उन्होंने कहा कि गिरफ्तार भीम राम कभी भी किसी स्तर का भाजपा कार्यकर्ता नहीं रहा।मीडिया में सत्ता पक्ष के दबाव में भ्रामक खबरें चलाई जा रही है।

कहा कि भाजपा ही जिसके स्वयं प्रदेश अध्यक्ष सहित सांसद विधायकगण,,जिलाध्यक्ष रामनवमी जुलूस त्यौहार के बीच घटना स्थल गए, हजारीबाग बंद और आंदोलन के माध्यम से पुलिस प्रशासन पर दबाव का परिणाम है हत्या के षडयंत्र का उद्भेदन ,गिरफ्तारी।

कहा कि आज जो सड़कों पर झंडा लेकर कांग्रेस झामुमो के लोग नाच रहे,अनर्गल बयानबाजी कर रहे वे 8 दिन तक किस बिल में छुपे थे।क्यों मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन,विधायक कल्पना सोरेन ने कोई ट्वीट तक नहीं किया। क्यों नहीं घटना स्थल गए।

कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य में लगातार लूट,हत्या दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी है। अब तो हिंदू पर्व त्योहारों में पत्थरबाजी ,अड़ंगा आम बात हो गई है।ये सब सरकार के तुष्टीकरण नीति का परिणाम है।

कहा कि राज्य सरकार चेते,विधि व्यवस्था को ठीक करे, पुलिस प्रशासन को बालू कोयला पत्थर चोरों से वसूली कराना बंद करे।

उन्होंने कहा कि भाजपा चेतावनी देती है कि पुलिस प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि भविष्य में फिर कोई बेटी की इज्जत नहीं लूटी जाए, हत्या नहीं हो, खनिज बालू पत्थर की लूट बंद हो नहीं तो भाजपा कार्यकर्ता झारखंड को ठप करेंगे, सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ईएमटी कर्मियों को किया गया सम्मानित
फर्रुखाबाद lईएमटी दिवस के उपलक्ष्य पर जिलाधिकारी ने 108/102 के ईएमटी कर्मियों को किया सम्मानित
फर्रुखाबाद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात समर्पित रहने वाले ईएमटी  के सम्मान में आज ईएमटी दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ईएमटी कर्मियों का चयन कर उन्हें जिलाधिकारी  द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें अपर जिलाधिकारी उपजिलाधिकारी  सहित क्षेत्राधिकारी नगर  ऐश्वर्या उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण गर्व, सम्मान एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जहाँ प्रत्येक  ईएमटी के समर्पण एवं सेवा भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित स्टाफ में सोनिका, आकांक्षा, भानु प्रताप, प्रियंका, श्रद्धा, नितेश कुमारी, सोनू, सौरभ, आदेश, जितेंद्र, अमन, प्रमोद कुमार, प्रीति, रजनीश, मोहित कुमार एवं सुनील शामिल रहे, जिन्होंने अपने सक्रिय योगदान से कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी पी आर के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर 108 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी  सोनू द्वारा आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट ज्ञान के साथ सी पी आर की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित सभी अधिकारी प्रभावित हुए। जिलाधिकारी ने उनकी सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (108/102) विजय चौहान की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिनके कुशल समन्वय से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल ईएमटी कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत ये कर्मी समाज के सच्चे नायक हैं, जो हर परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।
हीट वेव एक्शन प्लान को लेकर डीएम ने ली बैठक
फर्रूखाबाद l जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा संबंधी बैठक सम्पन्न
जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वाधान में आज जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में स्टेट हीट वेव एक्शन प्लान–2026 के प्रभावी क्रियान्वयन एवं सूखा की स्थिति के संबंध में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारियों को लू (हीट वेव) से बचाव एवं राहत कार्यों को समयबद्ध एवं प्रभावी ढंग से संचालित करने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद में संभावित लू-प्रकोप को देखते हुए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें तथा आमजन को जागरूक करने के साथ-साथ आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें।
बैठक में
स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित किया गया कि जिला चिकित्सालय में एक वार्ड तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर 4-4 बेड हीट वेव के मरीजों हेतु आरक्षित किए जाएं। कूल रूम की व्यवस्था, 108 एम्बुलेंस सेवा की सक्रियता, ओआरएस एवं आवश्यक दवाओं का पर्याप्त भंडारण तथा सभी स्वास्थ्य केन्द्रों को 24×7 क्रियाशील रखा जाए। साथ ही सन स्ट्रोक से बचाव हेतु जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए एवं मृत्यु के मामलों में निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन सुनिश्चित किया जाए।
परिवहन विभाग को बस स्टैंडों पर प्राथमिक चिकित्सा, पेयजल एवं छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा हीट वेव से बचाव संबंधी प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग को पशुओं की सुरक्षा हेतु हीट वेव एक्शन प्लान लागू करने, पशुपालकों को जागरूक करने, पानी की व्यवस्था एवं टीकाकरण कार्य नियमित रूप से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
सूचना विभाग को सोशल मीडिया एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से हीट वेव से बचाव संबंधी एडवाइजरी का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने को कहा गया।
मनरेगा विभाग को श्रमिकों के कार्य समय में परिवर्तन कर दोपहर 12:00 से 3:00 बजे तक कार्य रोकने, कार्यस्थलों पर पेयजल एवं छाया की व्यवस्था तथा सार्वजनिक स्थलों पर पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वन विभाग को सार्वजनिक स्थलों पर वृक्षारोपण, जंगलों में आग से बचाव तथा वन्य जीवों हेतु जल स्रोतों के प्रबंधन के निर्देश दिए गए।
अग्निशमन विभाग को सभी इकाइयों को 24×7 सक्रिय रखने, फायर ऑडिट पूर्ण करने, संसाधनों का विवरण उपलब्ध कराने तथा ग्रामीण स्तर पर अग्नि सुरक्षा के लिए लोगों को प्रशिक्षित करने के निर्देश दिए गए।
शिक्षा विभाग को विद्यालयों के समय में परिवर्तन करने, पेयजल एवं पंखों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा विद्यार्थियों को हीट वेव से बचाव का प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए गए।
नगर निकायों को सार्वजनिक स्थलों पर कूलिंग सेंटर, प्याऊ एवं शीतल जल की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष प्रबंध करने के निर्देश दिए गए।
पंचायती राज विभाग को ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल, टैंकर एवं प्याऊ की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत विभाग को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने, खराब विद्युत पोलों को दुरुस्त करने तथा शिकायत मिलने पर त्वरित कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित किया कि हीट वेव से बचाव हेतु “क्या करें और क्या न करें” का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
बैठक में संबंधित विभागों के समस्त अधिकारी उपस्थित रहे।
राज्यपाल की अध्यक्षता में महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक, नैक मूल्यांकन व गुणवत्ता सुधार पर जोर
लखनऊ। प्रदेश की राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की अध्यक्षता में गुरुवार को जन भवन स्थित गांधी सभागार में लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध शासकीय एवं वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्रधानाचार्यों के साथ एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में विश्वविद्यालय से संबद्ध 17 शासकीय एवं 33 वित्त पोषित महाविद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने-अपने संस्थानों की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। प्रस्तुतीकरण में फैकल्टी की स्थिति, शोध एवं प्रकाशन, एमओयू, खेल गतिविधियां, नैक एवं एनआईआरएफ रैंकिंग, नामांकन प्रतिशत, प्लेसमेंट, रोजगार मेले, पुस्तकालय, प्रयोगशालाएं, छात्रवृत्ति, शैक्षणिक भ्रमण सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत जानकारी दी गई।
राज्यपाल ने महाविद्यालयों में शिक्षकों की संख्या, शोध कार्यों, खेल गतिविधियों एवं पौधारोपण अभियानों की प्रगति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि सभी गतिविधियों का जियो-टैगिंग के साथ रिकॉर्ड रखा जाए। उन्होंने रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति, विद्यार्थियों की कम संख्या में सुधार तथा लैब एवं कंप्यूटर कक्षों को सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इसलिए विद्यार्थियों को कौशल विकास, नवाचार एवं सामाजिक सहभागिता से जोड़ा जाना आवश्यक है। साथ ही उन्होंने महाविद्यालयों को नैक मूल्यांकन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
राज्यपाल ने शिक्षकों को पुस्तक लेखन के लिए प्रोत्साहित करने, पुस्तकालयों को मजबूत बनाने तथा स्वच्छता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कॉरपोरेट सोशल रिस्पांसिबिलिटी (CSR) फंड के प्रभावी उपयोग हेतु स्थानीय उद्योगों और बैंकों से समन्वय बढ़ाने की बात कही। इसके अलावा तंबाकू, नशा एवं ड्रग्स के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
बैठक में प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय तथा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी उपस्थित रहे। उच्च शिक्षा मंत्री ने राज्यपाल के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सुधारों की सराहना की।
इस अवसर पर कुलपति प्रो. जे.पी. सैनी ने बताया कि विश्वविद्यालय से लगभग 530 महाविद्यालय संबद्ध हैं तथा करीब 40,000 छात्र अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि नैक मूल्यांकन और शैक्षणिक गुणवत्ता सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।
बैठक में राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी डॉ. पंकज एल. जानी, विशेष सचिव श्रीप्रकाश गुप्ता, विशेष सचिव उच्च शिक्षा गिरिजेश त्यागी सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालयों के सभी प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
निलंबन के बाद भी अध्यापक पर मेहरबान बना हुआ है महकमा
*अधिवक्ता ऋषभ द्वारा पुनः जिलाधिकारी को दिया गया शिकायती पत्र
मीरजापुर। बेसिक शिक्षा विभाग में नारायणपुर ब्लॉक का मामला एक बार फिर चर्चा में है। जांच अधिकारी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के कार्यशैली को लेकर सवाल उठ रहे है, कि आख़िरकार कैसे निलंबित अध्यापक धीरज सिंह जो पिछले १० माह से निलंबित चल रहे होने के बावजूद ब्लॉक संसाधन केंद्र शिवशंकरी धाम पर सम्बद्ध होकर पूर्व की भांति विभागीय कार्यो को पूर्ण कर रहे है। उनके खिलाफ लगाये गए आरोप की जांच हेतु नियुक्त विभागीय जांच अधिकारी विगत १० माह के बीत जाने के बाद भी जांच आख्या नहीं दे पा रहे है या जांच आख्या प्राप्त होने के बाद भी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कार्यवाही जानबूझ के नहीं की जा रही है। चर्चा है कि इस मामले की लीपापोती करने के बाद उन्हें नारायणपुर ब्लॉक में ही उनके घर के पास किसी स्कूल में तैनाती देने की तैयारी चल रही है। ऐसे में इन सब मामलों को लेकर एक बार पुनः अधिवक्ता ऋषभ सिंह द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत पत्र देकर जांच कर कार्रवाई की मांग की है। अपने शिकायती पत्र में अधिवक्ता ने निलंबित अध्यापक द्वारा विद्यालय भवन निर्माण में सरकारी धन के गबन व दुरुपयोग के साथ-साथ उनके द्वारा बनवाये गए भवन की गुणवत्ता ख़राब होने, भवन की नींव बैठ जाने तथा दीवारों में बड़ी बड़ी दरारों के पड़ने के साथ छोटे बच्चों के जिन्दगियों के साथ खिलवाड़ करने जैसे गंभीर आरोप लगाये है। अधिवक्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया है कि जब त्रिस्तरीय जांच समिति के सामने आरोपी के ऊपर दोष सिद्ध हो चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है उसके बाद भी उसपर ना ही प्राथमिकी दर्ज करके मुक़दमा किया गया ना ही सरकारी धन की वसूली हेतु कोई कार्यवाही की गई, बल्कि इससे उलट उससे विभागीय कार्य लिया जा रहा है। आरोप लगाया है कि आधार बनाने में भी धीरज सिंह द्वारा काफ़ी वित्तीय अनियमितता किया गया है। उनके द्वारा लगभग ५ लाख रुपए की हेराफेरी की गई है। आधार बनाने के सरकारी शुल्क को विभागीय खाते में आंशिक रूप से जमा किया गया है। इस मामले की जांच का भी अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकल पाया है। उन्होंने कहा है कि विभाग के उच्चाधिकारी उनके ऊपर लगातार मेहरबान बने हुए है। आरोपी आज भी खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में बाबूगिरी का कार्य कर रहा है। उसके द्वारा विभागीय ह्वाट्सऐप ग्रुप में आधिकारिक मैसेज भी लगातार भेजा जाता है। दूसरी ओर शिकायत पत्र पर जिलाधिकारी द्वारा तुरंत मामले को संज्ञान में लेकर संबधित अधिकारियों को तलब किया गया है। देखना अब यह है कि क्या कार्रवाई सुनिश्चित होती है।
बीमार, कमजोर पशुओं का समय-समय पर कैम्प लगाकर कराया जाए उनका स्वास्थ्य परीक्षण -मण्डलायुक्त
*मण्डलायुक्त ने मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश
मीरजापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। मण्डलायुक्त ने कहा कि गौशालाओं में संरक्षित किए जा रहे गौवंशो का जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओ को भी पकड़कर गौशाला में रखा जाए तथा उनका भी जियो टैगिंग कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशालाओ में पर्याप्त मात्रा में भूषा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूषा बैंक बनाते हुए भूषे संग्रहीत किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गौवंशो को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध किया जाए। बीमार, कमजोर पशुओ का तत्काल उनका नियमानुसार कराया जाए तथा समय-समय पर कैम्प लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि गोचर जमीनो पर गौवंशो हेतु लगाए गए हरे चारे की भी जिये टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो गए गौ आश्रय स्थलों की हैण्डओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़े गौ आश्रय स्थलों पर भरण पोषण हेतु कम से कम तीन माह का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए उसमें पशुपालन विभाग क मण्डलीय अधिकारी, तीनो जनपदो के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं तीनो जनपदो के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जोड़ा जाए तथा रोस्टर बनाते हुए उसके अनुसार अधिकारी गौ आश्रय स्थलो का नियमित निरीक्षण करे व निरीक्षण के दौरान यदि कोई पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीनों जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को ग्रुप में जोड़े व उनके द्वारा किए जा रहे की फोटोग्राफ ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करें। सम्बन्धित जनपद के पशु चिकित्साधिकारी पाई गई कमियों का नियमानुसार निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गौ संरक्षण के प्रति काफी संवेदनशील है अतएव सभी अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यो का निर्वहन करे इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही क्षम्य नही होंगी। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि विकेश पटेल एवं तीनो जनपदों मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।