इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए- सुधीर विद्यार्थी
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जन-स्मृति से जोड़ता है सुधीर विद्यार्थी का लेखन-प्रोफेसर सत्यकाम
मुविवि में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन
प्रयागराज । उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज के समाज विज्ञान विद्या शाखा के तत्वावधान में शनिवार को सरस्वती परिसर स्थित लोकमान्य तिलक शास्त्रार्थ सभागार में स्वतंत्रता संग्राम और प्रयागराज विषय पर व्याख्यान का आयोजन किया गया।
व्याख्यान के मुख्य वक्ता प्रख्यात लेखक सुधीर विद्यार्थी ने इतिहास, क्रांतिकारी चेतना और वर्तमान समय की चुनौतियों पर गंभीर विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि लेखन केवल अतीत का वर्णन न करे, बल्कि भविष्य को दिशा देने वाला होना चाहिए। उन्होंने 1921 से स्वतंत्रता आंदोलन की चर्चा प्रारंभ करते हुए महान क्रांतिकारी सचिन्द्र नाथ सान्याल के प्रसिद्ध “पीला पर्चा” का उल्लेख किया, जिसमें एक ऐसे समाज की कल्पना की गई थी जहाँ मनुष्य द्वारा मनुष्य का शोषण न हो। श्री विद्यार्थी ने ऐतिहासिक काकोरी कांड को स्वतंत्रता संग्राम के निर्णायक क्षणों में से एक बताते हुए हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन की भूमिका पर प्रकाश डाला। प्रयागराज स्थित आनंद भवन का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे राष्ट्रीय चेतना का केंद्र बताया।
उन्होंने आचार्य कृपलानी की भाषा शैली, बलुआ घाट की ऐतिहासिक सभा में बालकृष्ण भट्ट के उद्बोधन तथा क्रांतिकारी परंपरा में चन्द्रशेखर आज़ाद और भगत सिंह के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने इतिहासकार पंडित सुंदरलाल की औपनिवेशिक सत्ता पर लिखी रचनाओं का संदर्भ देते हुए कहा कि इतिहास केवल स्मरण नहीं, चेतना का आधार है।
श्री विद्यार्थी ने मोतीलाल नेहरू, पुरुषोत्तम दास टंडन तथा प्रयागराज क्षेत्र में सक्रिय राष्ट्रीय आंदोलनों होम रूल आंदोलन, खिलाफत आंदोलन और असहयोग आंदोलन की भूमिका पर भी प्रकाश डाला। श्री विद्यार्थी ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज त्याग और बलिदान की भावना क्षीण होती दिखाई दे रही है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि इतिहास को भुलाया नहीं जाना चाहिए, बल्कि उसे जीवित रखना समय की आवश्यकता है।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने कहा कि सुधीर विद्यार्थी का लेखन इतिहास को जन-स्मृति से जोड़ता है, जो आज अत्यंत प्रासंगिक है। कुलपति ने प्रयागराज के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े इतिहास को विश्वविद्यालय पाठ्यक्रम में शामिल करने का प्रस्ताव रखा। साथ ही इतिहास विभाग से अपेक्षा की कि वे सुधीर विद्यार्थी के लेखन पर अकादमिक शोध की दिशा में पहल करें। उन्होंने कहा कि स्थानीय इतिहास को अकादमिक रूप देना नई पीढ़ी को अपनी वैचारिक विरासत से जोड़ने का प्रभावी माध्यम होगा। इसी क्रम में उन्होंने अपनी प्रथम पुस्तक में वर्णित शहीद अशफाक उल्ला खाँ के योगदान का उल्लेख करते हुए उनके त्याग और वैचारिक दृढ़ता को याद किया।
कार्यक्रम का संचालन आयोजन सचिव डॉ सुनील कुमार ने किया। अतिथियों का स्वागत कार्यक्रम निदेशक प्रोफेसर एस कुमार तथा धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर संजय सिंह ने दिया। इस अवसर पर समस्त विश्वविद्यालय के आचार्य, सह-आचार्य, शिक्षकगण, कर्मचारी, छात्र-छात्राएँ, शोधार्थी आदि उपस्थित रहे।डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी


जन-स्मृति से जोड़ता है सुधीर विद्यार्थी का लेखन-प्रोफेसर सत्यकाम
डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र

जहानाबाद। होली के पावन अवसर पर कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय के परिसर में ‘रंगोत्सव’ सह होली मिलन समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर रंगों और उल्लास से सराबोर नजर आया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सरस्वती कुमारी (जिला शिक्षा पदाधिकारी) उपस्थित रहीं। उन्होंने छात्राओं के साथ गुलाल लगाकर होली की खुशियाँ साझा कीं और सभी को पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए पारंपरिक होली गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी। छात्राओं के गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे परिसर के माहौल को उत्सवमय बना दिया।
इस अवसर पर जिला शिक्षा पदाधिकारी ने छात्राओं की प्रतिभा और सांस्कृतिक कौशल की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत में त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सौहार्द के प्रतीक होते हैं। आवासीय विद्यालयों में इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि छात्राएं अपने परिवार से दूर रहकर भी त्योहारों के दौरान अकेलापन महसूस न करें और उन्हें घर जैसा माहौल मिल सके। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे अपनी प्रतिभा को खुलकर प्रदर्शित कर पाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन की ओर से सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया और सभी ने मिलकर आपसी सौहार्द और शांति के साथ पर्व मनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर सुष्मिता भारद्वाज (जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, स्थापना) भी मौजूद रहीं। उनके साथ विद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित होकर कार्यक्रम का आनंद लेते नजर आए।



सत्येन्द्र कुमार यादव






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मोनू भाटी।
लखनऊ। राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) वाहिनी मुख्यालय, लखनऊ में चल रहे द्वितीय चरण ‘आपदा मित्र’ प्रशिक्षण कार्यक्रम के 8वें बैच का समापन समारोह गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में एडीजी पीएसी डॉ. रामकृष्ण स्वर्णकार मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
30 min ago
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