जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन
- वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि
भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।
कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।
जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।
अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।
बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।
जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।
जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।
नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।
उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।











हजारीबाग यूथ विंग के प्रतिनिधिमंडल ने जिले के नवपदस्थापित पुलिस अधीक्षक अमन कुमार से उनके कार्यालय में शिष्टाचार भेंट की। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर यह मुलाकात हुई, जिसमें सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, सत्यनारायण सिंह एवं उदित तिवारी उपस्थित रहे।
फर्रुखाबाद l आर्मी पब्लिक स्कूल फतेहगढ़ कैण्ट में आर्मी वेल्फेयर एजूकेशन सोसाइटी के स्थापना दिवस को बड़े धूमधाम से मनाया गया। इस उपलक्ष्य में विद्यालय में अनेक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय में विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई। विद्यालय के वरिष्ठ छात्र-छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से सैनिकों के पाल्यों के लिए उत्तम प्रारम्भिक शिक्षा से लेकर व्यावसायिक शिक्षा तक के महत्त्वपूर्ण योगदान को दर्शाया। छात्राओं ने ‘टुकड़ा-टुकड़ा सी करके सपना एक बनाया’ गीत पर सामूहिक नृत्य प्रस्तुत किया।
जिले के इन्डोर स्टेडियम एवं केकेएन स्टेडियम में आयोजित अस्मिता सिटी लीग अंडर-14 एवं अंडर-17 प्रतियोगिता का आयोजन बेहद उत्साह और खेल भावना के साथ संपन्न हुआ। इस बहु-खेल प्रतियोगिता में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो, कबड्डी, वॉलीबॉल और बैडमिंटन जैसे पांच प्रमुख खेलों का आयोजन किया गया,
जिसमें जिले के युवा महिला खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला उप विकास आयुक्त पीयूष सिंहा एवं विशिष्ट अतिथि अनुमंडल पदाधिकारी रवि कुमार,जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार और जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर एक खास पहल देखने को मिली, जहां मुख्य अतिथि द्वारा छोटी बच्चियों के साथ दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया गया। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि बेटियों के सम्मान और उनकी भागीदारी को बढ़ावा देने का एक सकारात्मक संदेश भी दे गया। कार्यक्रम की शुरुआत में जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने सभी अतिथियों को मोमेंटो देकर सम्मानित किया।
इसके बाद प्रतियोगिताओं का विधिवत आरंभ हुआ। बैडमिंटन परिणाम (U-14): डबल्स विजेता: आरोही एवं सौम्या उपविजेता: अनुशा एवं सौम्या सिंगल्स विजेता: आरोही उपविजेता: आन्या बैडमिंटन परिणाम (U-17): डबल्स विजेता: लाड़ली एवं सृष्टि उपविजेता: लावण्या एवं नेहा सिंगल्स विजेता: लाड़ली उपविजेता: सृष्टि वॉलीबॉल परिणाम: U-17 विजेता: DAV उपविजेता: सेंट मेरी U-14 विजेता: सेंट मेरी A उपविजेता: सेंट मेरी B कबड्डी (U-14): विजेता: भारती विद्यापीठ उपविजेता: लीला नंद पागल बाबा इस आयोजन में जिला खेल प्राधिकरण के सचिव आशीष झा, जिला ओलंपिक संघ के कोषाध्यक्ष नवीन शर्मा, बैडमिंटन सचिव कनिष्क कश्यप, संयुक्त सचिव अंकेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके साथ ही कोच सोनाली दुबे, राहुल साहा, अभिषेक, हर्ष, गिरधारी, प्रवीर राय, नीतेश पंडित समेत बड़ी संख्या में खिलाड़ी और खेल प्रेमी मौजूद रहे। पूरे आयोजन के दौरान खिलाड़ियों का उत्साह और खेल के प्रति समर्पण देखने लायक रहा।
इस प्रतियोगिता ने न केवल युवा प्रतिभाओं को मंच दिया, बल्कि खेलों के प्रति जागरूकता और प्रेरणा भी बढ़ाई।
लखनऊ । मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।
37 min ago
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