रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों के लिए लगाया गया कूलर
भायंदर। विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर , वाराणसी की तर्ज पर भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में प्रख्यात समाजसेवी तथा राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में बनाए गए काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए कूलर लगाया गया। आज पंडित लल्लन तिवारी ने मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर समाजसेवी सुनील तावड़े, श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष श्रीराम दुबे, संतोष मिश्रा, विवेक मिश्रा समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि यह मंदिर यहां के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां पर भगवान शंकर के अलावा अन्य देवी देवताओं की भी मूर्तियां स्थापित की गई है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, स्थापना दिवस, होली तथा अन्य त्योहारों पर यहां धूमधाम से भजन कीर्तन तथा भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड पाठ तथा खिचड़ी वितरण का कार्यक्रम किया जाता है।
जनता की समस्याओं का समाधान और नगर का विकास ही प्राथमिकता- बब्बू
वाटर फ्रीजर, सड़क और सफाई का चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू प्रतिदिन वार्डों का पैदल भ्रमण कर जनमानस की समस्यायों से रूबरू हो रहे हैँ उनके द्वारा वार्डों की सफाई व्यवस्था, मार्गो की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
      शनिवार को नगर के मोहल्ला मौलागंज, मौखेल और सरदारगंज मोहल्लो में पैदल निरीक्षण के दौरान उन्होंने क़स्बा वासियों से मुलाक़ात कर उनका हाल जाना इस मौके पर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।मोहल्लों में विभिन्न स्थानों पर लगे वाटर फ्रीजर से लोगों को सहूलियत के विषय में जानकारी ली और साफ सफाई व्यवस्था देखी।इस मौके पर श्री खां ने कहा जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।नगर के मोहल्लों में जल जीवन मिशन के तहत पाइप डाली जा रही हैँ जिससे मोहल्ले की सड़के खराब हुई हैँ संबंधित ठेकेदार को उन्होंने खराब सभी सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैँ। पाइप लाइन पड़ने के बाद शीघ्र ही पालिका द्वारा नगर की सभी सड़कों को ठीक करबाया जायेगा।भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा वाटर फ्रीजर लगवाए गए हैँ जिससे लोगों शुद्ध व शीतल जल के लिए भटकना न पड़े।स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर श्री खां ने कहा उनके द्वारा सभी वार्डो की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है और सफाई नायको को जिम्मेदारी से कर्तव्य पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि नगर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें निर्धारित स्थान पर कूड़ा डाला जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
दूषित खाने से लोग हो रहे संक्रमित

नितेश श्रीवास्तव
भदोही। दूषित स्थानों पर बिक रहा नाश्ता और भोजन लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लगातार बाहर का भोजन और नाश्ता करने वाले लोग पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगर पंचायत ज्ञानपुर समेत जिले के कई स्थानों पर खुले नालों के किनारे नाश्ता, भोजन, मीट और सब्जियों की बिक्री हो रही है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों की सुबह पेट दर्द से शुरू हो रही है, जबकि रात गैस, जलन और अपच जैसी समस्याओं के साथ बीत रही है। संक्रामक बीमारियों का खतरा अब सामान्य होता जा रहा है।
अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, एसिडिटी, अल्सर, कब्ज, कोलाइटिस और पेट संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब सामान्य पेट संक्रमण भी कई मामलों में दवाओं से आसानी से नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नालों और सीवर के पानी में ऐसे बैक्टीरिया मिल रहे हैं, जिन पर सामान्य दवाओं का असर भी कम हो रहा है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के अनुसार दूषित पानी लगातार पीने से पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। भारी तत्वों वाला पानी आंतों की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इरिटेशन, कब्ज की समस्याएं बनी रहती हैं।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए कड़े निर्देश

*अस्पताल / मेडिकल कॉलेज परिसर में साफ सफाई, पार्किंग आदि की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश 15 दिवस से पहले सभी अनुपालन हो सुनिश्चित*

*गोण्डा 30 मई,2026*।
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

उन्होंने आमजन के सुगम आवागमन हेतु सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए पर्याप्त एवं सुविधाजनक बैठने की व्यवस्था विकसित करने को कहा। ओपीडी, वेटिंग रूम तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने मरीजों के पर्चों पर लिखी जाने वाली दवाओं का ऑनलाइन कम्प्यूटर अपडेट समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से किए जाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त उन्होंने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई तथा पूरे अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिये हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर कम से कम पांच-पांच व्हीलचेयर उपलब्ध रहें, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग एवं गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि डॉक्टरों, नर्सों, कम्पाउंडरों एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पर्याप्त संख्या में रहे, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज एवं तीमारदार को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे अस्पताल में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सहज एवं सम्मानजनक वातावरण में प्राप्त हों।
मसकनवा पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग तेज
मसकनवा (गोंडा)। मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक खगेंद्र पांडेय ने बताया कि मसकनवा बाजार जनपद गोंडा का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2017 तक यहां पीएचसी के साथ सीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन सीएचसी छपिया स्थानांतरित होने के बाद मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र केवल ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। वर्तमान में यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों के लिए बने आवास भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। इससे रात के समय मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
मसकनवा बाजार के साथ-साथ रानीजोत, खालेगांव, भवाजीतपुर, खपरिपारा, पटखौली, नारायणपुर सहित दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। रात में दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए छपिया या मनकापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में मांग की गई है कि क्षेत्र की जनसंख्या और आवश्यकता को देखते हुए मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए तथा यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों व तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिल जाता है तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
रामबदन यादव के आकस्मिक निधन पर शिक्षा-जगत और समाज में शोक की लहर
संजीव सिंह बलिया, नगरा मलप में 16 मई 2026 — समाज और शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरे शोक ने स्थानीय समुदाय को झकझोर दिया जब अवकाशप्राप्त प्रवक्ता और समाजसेवी रामबदन यादव का आकस्मिक निधन हो गया। वे स्व. प्रधानाचार्य मलिकार यादव के पुत्र थे और उच्च शिक्षा में परिष्कृत—एम.ए. (भूगोल) व बी.एड। शैक्षिक सेवाएँ और सामाजिक योगदान रामबदन यादव ने दशकों तक श्री गांधी महा विद्यालय, मलय नगर मलप, बलिया में भूगोल प्रवक्ता के रूप में शिक्षा दी और विद्यालय के शैक्षिक मानक को उन्नत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और शिक्षण से अनेक विद्यार्थियों का मार्गदर्शन हुआ और विद्यालय की प्रतिष्ठा में वृद्धि हुई। अपने करियर में उन्होंने दिसपुर, गुवाहाटी में सुपरवाइजर के रूप में भी सेवाएँ प्रदान कीं, जिससे उनका शैक्षिक दायरा व्यापक हुआ। उनके पिता मलिकार यादव ने राम-लक्ष्मण सिंह उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सरायचावट में कोषाध्यक्ष के रूप में लंबे समय तक सेवा दी—शैक्षिक परिवार की यह परंपरा रामबदन जी में स्पष्ट रूप से दिखाई देती रही। पारिवारिक जीवन रामबदन यादव के पारिवारिक जीवन में उनके चार संतानें हैं: ब्रजेश यादव (व्यवसायी), राकेश यादव (अध्यापक), संगीता यादव (अध्यापिका) तथा शैलेश यादव 'पिंटू' (समाजसेवी)। दोनों बुहुएँ भी अध्यापिका हैं। उनके पिता का प्रारंभिक संबंध प्रसिद्ध उद्योगपति व स्टील प्लांट के मालिक बाबु रामनगीना सिंह कोदईं से रहा, जो उनके मित्र और सहपाठी थे। परिजन, मित्र और शैक्षिक समुदाय रामबदन जी के आकस्मिक निधन से गहरे सदमे में हैं। समारोह और श्रद्धांजलि रामबदन यादव का तेरहवीं संस्कार 28 मई 2026 को संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में राजनीतिक दलों के नेता, समाजसेवी और शिक्षक उपस्थित रहे और उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि दी। स्थानीय समाज और शिक्षण समुदाय ने शोक-संदेश और श्रद्धांजलि सभाओं के माध्यम से परिवार को सांत्वना दी। स्थानीय प्रतिक्रिया और विरासत उनके निधन से स्थानीय शिक्षा जगत और सामाजिक कार्यों में एक खालीपन उत्पन्न हुआ है। सहकर्मियों ने रामबदन जी की सरलता, समर्पण और छात्रों के प्रति उनकी निष्ठा का स्मरण किया। कई शिक्षण संस्थानों में उनके योगदान और अनुशासन को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बताया जा रहा है। परिवार, मित्रों और सहकर्मियों ने उनके स्मरण में आने वाले दिनों में अनेक कार्यक्रम आयोजित करने की घोषणा की है ताकि शिक्षक व समाजसेवी के रूप में उनकी याद जीवित रहे।
राजभवन में राज्यपाल ने किया सम्मानित, शैलेन्द्र यादव ने रखा “एक वाहन—एक पौधा” का राष्ट्रीय प्रस्ताव
संजीव सिंह बलिया! चंडीगढ़, 29 मई — राजभवन, पंजाब में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के तत्वावधान में आयोजित गरिमामय कार्यक्रम में महामहिम राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया ने जनपद बलिया के इको क्लब प्रभारी और पर्यावरणविद् श्री शैलेन्द्र प्रताप यादव को पर्यावरण संरक्षण में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया। समारोह में राज्यपाल ने श्री यादव की समर्पित सेवा और उनके अभिनव सुझावों की प्रशंसा की। समारोह के दौरान श्री यादव ने राज्यपाल को पौधा भेंट करते हुए पर्यावरण संरक्षण हेतु एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किया — भविष्य में वाहन खरीद या पंजीकरण के साथ ‘एक वाहन—एक पौधा’ का अनिवार्य संकल्प जोड़ा जाए। उनका तर्क था कि देश में हर साल सड़कों पर लाखों नए वाहन आते हैं; यदि प्रत्येक वाहन के साथ एक पौधा लगाने की परंपरा बन जाए तो करोड़ों वृक्ष धरती की हरियाली बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने बताया कि यह पहल सरकारी नीतियों के साथ जनभागीदारी को जोड़ कर पर्यावरण संरक्षण को सामान्य नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी के रूप में स्थापित करेगी। श्री यादव, जो 5 सितम्बर 2020 से प्रतिदिन पौधारोपण का आजीवन संकल्प निभा रहे हैं, ने अपने अभियान के अब हजारों दिनों के सफर और जन-प्रेरणादायी प्रभाव का जिक्र किया। कार्यक्रम में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेश कुमार शर्मा, प्रख्यात कवि विनय कुशवाहा, रजनी बाला समेत अनेक शिक्षाविद्, साहित्यकार और समाजसेवी उपस्थित थे। उपस्थित जनों ने श्री यादव के प्रयासों की सराहना की और अधिकाधिक वृक्षारोपण का आह्वान किया। राजभवन में पेश किया गया ‘एक वाहन—एक पौधा’ प्रस्ताव उपस्थित लोगों के बीच चर्चा का विषय बना। समारोह में मौजूद अतिथियों ने इसे पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक दूरदर्शी, व्यवहारिक और जनहितकारी पहल बताते हुए समर्थन व्यक्त किया और नीतिगत स्तर पर इसे अपनाने के सुझाव दिए
सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों के लिए लगाया गया कूलर
भायंदर। विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर , वाराणसी की तर्ज पर भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में प्रख्यात समाजसेवी तथा राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में बनाए गए काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए कूलर लगाया गया। आज पंडित लल्लन तिवारी ने मंदिर में आने वाले भक्तों के लिए इसका शुभारंभ किया। इस अवसर पर समाजसेवी सुनील तावड़े, श्री राम सेवा समिति के अध्यक्ष श्रीराम दुबे, संतोष मिश्रा, विवेक मिश्रा समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। ज्ञातव्य है कि यह मंदिर यहां के लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां पर भगवान शंकर के अलावा अन्य देवी देवताओं की भी मूर्तियां स्थापित की गई है। प्रतिवर्ष महाशिवरात्रि, स्थापना दिवस, होली तथा अन्य त्योहारों पर यहां धूमधाम से भजन कीर्तन तथा भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इसके अलावा प्रत्येक शनिवार को सुंदरकांड पाठ तथा खिचड़ी वितरण का कार्यक्रम किया जाता है।
जनता की समस्याओं का समाधान और नगर का विकास ही प्राथमिकता- बब्बू
वाटर फ्रीजर, सड़क और सफाई का चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू प्रतिदिन वार्डों का पैदल भ्रमण कर जनमानस की समस्यायों से रूबरू हो रहे हैँ उनके द्वारा वार्डों की सफाई व्यवस्था, मार्गो की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
      शनिवार को नगर के मोहल्ला मौलागंज, मौखेल और सरदारगंज मोहल्लो में पैदल निरीक्षण के दौरान उन्होंने क़स्बा वासियों से मुलाक़ात कर उनका हाल जाना इस मौके पर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।मोहल्लों में विभिन्न स्थानों पर लगे वाटर फ्रीजर से लोगों को सहूलियत के विषय में जानकारी ली और साफ सफाई व्यवस्था देखी।इस मौके पर श्री खां ने कहा जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।नगर के मोहल्लों में जल जीवन मिशन के तहत पाइप डाली जा रही हैँ जिससे मोहल्ले की सड़के खराब हुई हैँ संबंधित ठेकेदार को उन्होंने खराब सभी सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैँ। पाइप लाइन पड़ने के बाद शीघ्र ही पालिका द्वारा नगर की सभी सड़कों को ठीक करबाया जायेगा।भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा वाटर फ्रीजर लगवाए गए हैँ जिससे लोगों शुद्ध व शीतल जल के लिए भटकना न पड़े।स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर श्री खां ने कहा उनके द्वारा सभी वार्डो की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है और सफाई नायको को जिम्मेदारी से कर्तव्य पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि नगर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें निर्धारित स्थान पर कूड़ा डाला जाए।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
दूषित खाने से लोग हो रहे संक्रमित

नितेश श्रीवास्तव
भदोही। दूषित स्थानों पर बिक रहा नाश्ता और भोजन लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लगातार बाहर का भोजन और नाश्ता करने वाले लोग पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगर पंचायत ज्ञानपुर समेत जिले के कई स्थानों पर खुले नालों के किनारे नाश्ता, भोजन, मीट और सब्जियों की बिक्री हो रही है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों की सुबह पेट दर्द से शुरू हो रही है, जबकि रात गैस, जलन और अपच जैसी समस्याओं के साथ बीत रही है। संक्रामक बीमारियों का खतरा अब सामान्य होता जा रहा है।
अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, एसिडिटी, अल्सर, कब्ज, कोलाइटिस और पेट संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब सामान्य पेट संक्रमण भी कई मामलों में दवाओं से आसानी से नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नालों और सीवर के पानी में ऐसे बैक्टीरिया मिल रहे हैं, जिन पर सामान्य दवाओं का असर भी कम हो रहा है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के अनुसार दूषित पानी लगातार पीने से पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। भारी तत्वों वाला पानी आंतों की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इरिटेशन, कब्ज की समस्याएं बनी रहती हैं।
पत्रकारिता लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण : सुनील सिंह
*निष्पक्ष पत्रकारिता लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत : विधायक विपुल दुबे*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शनिवार को जिला पंचायत सभागार में हिंदी पत्रकारिता दिवस के 200 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक विशाल गोष्ठी और अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। विभिन्न राष्ट्रीय पत्रकार संगठनों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में पत्रकारिता के बदलते स्वरूप, चुनौतियों और सामाजिक दायित्वों पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी और ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने दीप प्रज्वलित कर किया। इसके बाद पत्रकारिता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मानित किया गया।
मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित पूर्वांचल विश्वविद्यालय, जौनपुर के पत्रकारिता विभाग के डॉ. सुनील सिंह ने कहा कि पत्रकारिता केवल समाचार देने का माध्यम नहीं, बल्कि लोकतंत्र की चेतना और समाज का दर्पण है। उन्होंने बदलते सामाजिक परिवेश में पत्रकारों की जिम्मेदारी बढ़ने पर जोर दिया और सत्य, निष्पक्षता तथा जनहित की भावना को पत्रकारिता की वास्तविक पहचान बताया।
ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे ने अपने संबोधन में कहा कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए स्वतंत्र और निष्पक्ष पत्रकारिता आवश्यक है। उन्होंने पत्रकारों को समाज की समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने वाला महत्वपूर्ण माध्यम बताया और पत्रकारिता के मूल्यों को बचाए रखने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी ने कहा कि पत्रकार समाज और शासन के बीच एक सशक्त सेतु की भूमिका निभाते हैं। उन्होंने जनहित से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने में पत्रकारों के योगदान की सराहना की और हिंदी पत्रकारिता के गौरवशाली इतिहास को नई पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बताया।
गोष्ठी में वरिष्ठ पत्रकार रामाश्रय सिंह, आशुतोष जायसवाल और सुमित जायसवाल ने भी पत्रकारिता के बदलते स्वरूप और डिजिटल युग की चुनौतियों पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता अरुणेंद्र चौबे ने की, संचालन वीरेंद्र चतुर्वेदी ने किया और संयोजन राजीव गोयल ने किया। समारोह में जिले के विभिन्न पत्रकार संगठनों के पदाधिकारी, पत्रकार और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं में सुधार हेतु दिए कड़े निर्देश

*अस्पताल / मेडिकल कॉलेज परिसर में साफ सफाई, पार्किंग आदि की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने के निर्देश-जिलाधिकारी*


*जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण अधिकारियों को दिये आवश्यक निर्देश 15 दिवस से पहले सभी अनुपालन हो सुनिश्चित*

*गोण्डा 30 मई,2026*।
जनपद की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ एवं जनहितकारी बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने बाबू ईश्वरशरण जिला चिकित्सालय/मेडिकल कॉलेज का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर की विभिन्न व्यवस्थाओं का गहनता से जायजा लिया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने अस्पताल परिसर में मरीजों एवं तीमारदारों की सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर बल दिया।

उन्होंने आमजन के सुगम आवागमन हेतु सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही मरीजों एवं उनके परिजनों के लिए पर्याप्त एवं सुविधाजनक बैठने की व्यवस्था विकसित करने को कहा। ओपीडी, वेटिंग रूम तथा अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का निरीक्षण करते हुए उन्होंने व्यवस्थाओं को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया।
जिलाधिकारी ने मरीजों के पर्चों पर लिखी जाने वाली दवाओं का ऑनलाइन कम्प्यूटर अपडेट समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत रूप से किए जाने के निर्देश दिए, ताकि मरीजों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अतिरिक्त उन्होंने शौचालयों की नियमित साफ-सफाई तथा पूरे अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज परिसर में उच्च स्तर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश दिये हैं।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि अस्पताल के प्रत्येक फ्लोर पर कम से कम पांच-पांच व्हीलचेयर उपलब्ध रहें, जिससे बुजुर्ग, दिव्यांग एवं गंभीर मरीजों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि डॉक्टरों, नर्सों, कम्पाउंडरों एवं अन्य आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की तैनाती पर्याप्त संख्या में रहे, जिससे मरीजों को गुणवत्तापूर्ण एवं त्वरित चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो सकें।

इस अवसर पर जिलाधिकारी ने प्राचार्य मेडिकल कॉलेज, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) जिला अस्पताल तथा मेडिकल कॉलेज अधीक्षक को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि निरीक्षण के दौरान दिए गए सभी निर्देशों का अनुपालन आगामी 15 दिनों के भीतर पूर्ण रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।

जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने कहा कि अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज एवं तीमारदार को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसी सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं, जिससे अस्पताल में आने वाले लोगों को किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े और उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं सहज एवं सम्मानजनक वातावरण में प्राप्त हों।
मसकनवा पीएचसी को सीएचसी का दर्जा देने की मांग तेज
मसकनवा (गोंडा)। मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उच्चीकृत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा दिए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ने लगी है। इस संबंध में मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर क्षेत्रवासियों की स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की मांग उठाई गई है। उप्र खेत मजदूर यूनियन के जिला संयोजक खगेंद्र पांडेय ने बताया कि मसकनवा बाजार जनपद गोंडा का एक महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र है। वर्ष 2017 तक यहां पीएचसी के साथ सीएचसी की सुविधाएं उपलब्ध थीं, लेकिन सीएचसी छपिया स्थानांतरित होने के बाद मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र केवल ओपीडी तक सीमित होकर रह गया है। वर्तमान में यहां आपातकालीन चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं हैं।
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र परिसर में स्थित कई भवन जर्जर अवस्था में हैं। डॉक्टरों, फार्मासिस्टों व अन्य कर्मचारियों के लिए बने आवास भी उपयोग के योग्य नहीं रह गए हैं, जिसके कारण अधिकांश कर्मचारी रात्रि निवास नहीं करते। इससे रात के समय मरीजों को स्वास्थ्य सेवाएं नहीं मिल पाती हैं।
मसकनवा बाजार के साथ-साथ रानीजोत, खालेगांव, भवाजीतपुर, खपरिपारा, पटखौली, नारायणपुर सहित दर्जनों गांवों की बड़ी आबादी इस स्वास्थ्य केंद्र पर निर्भर है। रात में दुर्घटना अथवा गंभीर बीमारी की स्थिति में मरीजों को उपचार के लिए छपिया या मनकापुर जाना पड़ता है, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त हानि होती है।
मुख्यमंत्री से की गई शिकायत में मांग की गई है कि क्षेत्र की जनसंख्या और आवश्यकता को देखते हुए मसकनवा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया जाए तथा यहां 24 घंटे स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही मरीजों व तीमारदारों के लिए बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं भी सुनिश्चित की जाएं।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि मसकनवा स्वास्थ्य केंद्र को सीएचसी का दर्जा मिल जाता है तो आसपास के दर्जनों गांवों के लोगों को बेहतर और त्वरित स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।