मुख्य विकास अधिकारी के हाथों सम्मानित हुए बलिया के निपुण विद्यालयों के 448 प्रधानाध्यापक
राजेश सिंह गुड्डू सीवन टोला बलिया ! शैक्षिक सत्र 2025-26 के जनवरी-फरवरी माह में निपुण भारत मिशन के तहत डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा कराए गए आकलन में चयनित 448 निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को गंगा बहुद्देशीय सभागार, कलेक्ट्रेट में मुख्य विकास अधिकारी बलिया श्री ओजस्वी राज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह के हाथों प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। निपुण भारत मिशन पर चर्चा करते हुए जनपद के एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर, संतोष चंद तिवारी व चित्रलेखा सिंह ने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। आने वाले नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाकर प्रदेश में नई ऊंचाई हासिल करना हमारा लक्ष्य होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजय कुमार, डॉ. संजय कुमार यादव, डॉ. भवतोष पांडेय, अजयकांत, मुमताज अहमद, राम प्रकाश सिंह व बम बहादुर की विशेष भूमिका रही। संचालन डॉ. शशि भूषण मिश्रा ने किया।
आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावियों का सम्मान
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा(बलिया) आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय के विभिन्न क्लास में कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रमुख रूप सर्वजीत यादव, श्रेया यादव, अंशिका यादव, अंशिका सिंह, माहिरा, इमरान, सिया गुप्ता, वाणी, खुशी यादव, सुमित कुमार वर्मा, अनुष्का प्रजापति, अनुषा परवीन, अंश यादव, सृष्टि यादव, नजिया खातून, सौम्या गुप्ता, अनंत विजय, अंश सिंह, रोशन शर्मा, अंकित कुमार यादव और अपर्णा यादव अमृता,अर्सिता जैसे विद्यार्थियों के नाम उल्लेखनीय रहे। इन सभी ने कड़ी मेहनत और लगन से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के डायरेक्टर श्री विद्यसागर उपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर प्रयास और अनुशासन है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार मेहनत करते हुए ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी। वहीं प्रबंधक श्री रामदरश यादव (क्रांति) ने सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है, जो हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में मनसा शर्मा, अंजू यादव, प्रियंका गुप्ता, बलिराम, आदित्य यादव, स्वाति वर्मा, स्वाति सिंह, नीलू सिंह, रमेश सर, सुनील, सपना, सहिता, रीना एवं सौम्या मैडम सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने भी बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय के प्रयासों की सराहना रहा।
राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
लोकगीत गायक गोपाल राय ने रामकथा में लिया आशीर्वाद, श्रद्धालुओं को दी चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं
रामेश्वर प्रजापति छांगुर, नगरा (बलिया)चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगरा के पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा प्रवचन में प्रसिद्ध लोकगीत गायक गोपाल राय अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत माथा टेककर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया और कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी से दीक्षा ग्रहण की।इस मौके पर गोपाल राय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।" उन्होंने रामकथा के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल का आभार जताया, विशेष रूप से बृजेश सिंह बिट्टन जी को धन्यवाद दिया।कार्यक्रम में समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, बृजेश गुप्ता, राहुल ठाकुर, छांगुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंदिर के पुजारी पंडित मुन्ना पांडे एवं निर्भय प्रकाश ने गोपाल राय को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया।गोपाल राय के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह छा गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने उनके साथ सेल्फी लीं और फोटो खिंचवाकर पल को यादगार बनाया। रामकथा के दौरान भक्तिमय माहौल रहा, श्रद्धालु कथा श्रवण कर भाव-विभोर नजर आए। आयोजन स्थल पर पूरे समय धार्मिक उत्साह और भक्ति की धारा बही।
आजमगढ़। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू नव वर्ष का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़।राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर हिंदू नव वर्ष का कार्यक्रम बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भंवरनाथ मंदिर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाओं द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदू नव वर्ष के महत्व, भारतीय संस्कृति की महानता तथा समाज में संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सेविकाओं एवं नागरिकों ने आपस में एकजुट होकर राष्ट्र को नई दिशा देने एवं समाज के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने का संकल्प लिया। इस दौरान भजन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें बरसाने वाली लाडलीजी ने अपने संगीतमय भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। देशभक्ति गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर समिति के प्रांत कार्यवाहिका, जिला संपर्क प्रमुख ललिता पाठक, जिला व्यवस्था प्रमुख रागिनी बरनवाल, नगर कार्यवाहिका संचिता बरनवाल, जिला बौद्धिक प्रमुख डॉक्टर सुचिता श्रीवास्तव, सह बौद्धिक प्रमुख अनीता द्विवेदी, नगर संपर्क प्रमुख अंजू बरनवाल, बिन्नी श्रीवास्तव, प्रिया गुप्ता, आशा गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जनपद में डीजल एवं पेट्रोल कि नहीं है कोई कमी, पर्याप्त मात्रा में है डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता

जनपद के समस्त पेट्रोल पंप एसोसिएशन एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों के साथ की गई बैठक दिए गए आवश्यक निर्देश


गोण्डा। 25 मार्च,2026।
जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी, गोण्डा  प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी  आलोक कुमार ने की, जिसमें आनंद कुमार राय (पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी) तथा कुँवर दिनेश प्रताप सिंह (जिला पूर्ति अधिकारी) सहित जनपद के समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर तथा प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited तथा Hindustan Petroleum Corporation Limited के सेल्स ऑफिसर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार ही पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा उसकी आपूर्ति भी नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर अफवाहें फैलाकर आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक सूचना फैलाता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे उपभोक्ताओं को सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से ईंधन उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता से बचें।

जनपद वासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के दौरान एआरओ शिव प्रकाश जनपद के समस्त पूर्ति निरीक्षक तथा पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों सहित अन्य सभी संबंधित आधिकारी उपस्थित रहे।
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
मुख्य विकास अधिकारी के हाथों सम्मानित हुए बलिया के निपुण विद्यालयों के 448 प्रधानाध्यापक
राजेश सिंह गुड्डू सीवन टोला बलिया ! शैक्षिक सत्र 2025-26 के जनवरी-फरवरी माह में निपुण भारत मिशन के तहत डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा कराए गए आकलन में चयनित 448 निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को गंगा बहुद्देशीय सभागार, कलेक्ट्रेट में मुख्य विकास अधिकारी बलिया श्री ओजस्वी राज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह के हाथों प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। निपुण भारत मिशन पर चर्चा करते हुए जनपद के एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर, संतोष चंद तिवारी व चित्रलेखा सिंह ने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। आने वाले नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाकर प्रदेश में नई ऊंचाई हासिल करना हमारा लक्ष्य होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजय कुमार, डॉ. संजय कुमार यादव, डॉ. भवतोष पांडेय, अजयकांत, मुमताज अहमद, राम प्रकाश सिंह व बम बहादुर की विशेष भूमिका रही। संचालन डॉ. शशि भूषण मिश्रा ने किया।
आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित, मेधावियों का सम्मान
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा(बलिया) आर.एन. इंटरनेशनल स्कूल में सत्र 2025-26 की वार्षिक परीक्षा का परिणाम घोषित किया गया। परिणाम घोषणा के साथ ही विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। विद्यालय के विभिन्न क्लास में कई विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रमुख रूप सर्वजीत यादव, श्रेया यादव, अंशिका यादव, अंशिका सिंह, माहिरा, इमरान, सिया गुप्ता, वाणी, खुशी यादव, सुमित कुमार वर्मा, अनुष्का प्रजापति, अनुषा परवीन, अंश यादव, सृष्टि यादव, नजिया खातून, सौम्या गुप्ता, अनंत विजय, अंश सिंह, रोशन शर्मा, अंकित कुमार यादव और अपर्णा यादव अमृता,अर्सिता जैसे विद्यार्थियों के नाम उल्लेखनीय रहे। इन सभी ने कड़ी मेहनत और लगन से विद्यालय का नाम गौरवान्वित किया। विद्यालय के डायरेक्टर श्री विद्यसागर उपाध्याय ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का मूल मंत्र निरंतर प्रयास और अनुशासन है। उन्होंने विद्यार्थियों को आगे भी इसी प्रकार मेहनत करते हुए ऊंचाइयों को छूने की प्रेरणा दी। वहीं प्रबंधक श्री रामदरश यादव (क्रांति) ने सभी सफल छात्रों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही जीवन की सबसे बड़ी ताकत है, जो हर लक्ष्य को प्राप्त करने में सहायक होती है। प्रधानाचार्य श्री सुनील कुमार तिवारी ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की लगन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। उन्होंने बच्चों को नियमित अध्ययन और सकारात्मक सोच अपनाने की सलाह दी। इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाओं में मनसा शर्मा, अंजू यादव, प्रियंका गुप्ता, बलिराम, आदित्य यादव, स्वाति वर्मा, स्वाति सिंह, नीलू सिंह, रमेश सर, सुनील, सपना, सहिता, रीना एवं सौम्या मैडम सहित अन्य स्टाफ उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने भी बच्चों की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की और विद्यालय के प्रयासों की सराहना रहा।
राम कथा में भाव-विभोर हुए श्रद्धालु, राम गमन प्रसंग सुन छलक पड़े भाव
ामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में चल रहे श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत आयोजित राम कथा प्रवचन के सातवें दिन मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने भगवान श्रीराम के वन गमन (राम गमन) प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे। कथा के दौरान महाराज जी ने बताया कि जब भगवान श्रीराम ने पिता के वचन की मर्यादा रखते हुए अयोध्या का राज-पाट त्यागकर वन जाने का निर्णय लिया, तब पूरे नगर में शोक की लहर दौड़ गई। माता कौशल्या, सुमित्रा एवं अयोध्यावासियों का विलाप सुन वातावरण भावुक हो उठा। श्रीराम के साथ माता सीता और भाई लक्ष्मण का वन गमन त्याग, प्रेम और कर्तव्य का अद्भुत उदाहरण है। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन हमें कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और मर्यादा का पालन करने की प्रेरणा देता है। कथा के इस प्रसंग ने लोगों को जीवन मूल्यों का संदेश दिया, जिसे सुनकर कई श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं। प्रवचन के उपरांत भगवान श्रीराम की आरती का आयोजन किया गया, जिसमें नगर थाना अध्यक्ष संजय कुमार मिश्रा, पूर्व विधायक धनंजय कनौजिया, मनीष सिंह, श्याम प्रकाश सिंह, डीएन प्रसाद, बिट्टन सिंह, समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, आशु सिंह सहित अन्य गणमान्य लोगों ने सेवक के रूप में भाग लेकर आरती की। इस दौरान पूरा परिसर “जय श्रीराम” के जयघोष से गूंज उठा। कार्यक्रम में क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
बलिया की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था पर सपा नेता का तीखा प्रहार: 'उपमुख्यमंत्री बड़े दावे करते हैं, जमीनी स्तर पर पूरी तरह फेल'
संजीव सिंह बलिया। जनपद की बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष एवं प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय “कान्हजी” ने प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखा सवाल खड़ा किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के उपमुख्यमंत्री/स्वास्थ्य मंत्री बड़े-बड़े दावे करने में तो माहिर हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।सोमवार को जारी प्रेस विज्ञप्ति में कान्हजी ने कहा कि आजादी की लड़ाई में अग्रणी भूमिका निभाने वाला बलिया आज अपनी जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के कारण आंसू बहाने को मजबूर है। हर दिन स्वास्थ्य संबंधी दुखद घटनाएं यहां के लोगों को झकझोर रही हैं, लेकिन सरकार और प्रशासन संवेदनहीन बना हुआ है।उन्होंने आरोप लगाया कि बलिया का जिला अस्पताल अब मात्र रेफरल सेंटर बनकर रह गया है, जहां से मरीजों को मजबूरन निजी अस्पतालों में भेजा जा रहा है। निजी अस्पतालों में आम जनता का खुलेआम शोषण हो रहा है और लोग अपनी जान गंवाने को मजबूर हैं। बावजूद इसके शासन-प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा, जो अत्यंत निंदनीय है।कान्हजी ने कहा कि मेडिकल कॉलेज की घोषणा का श्रेय लेने की होड़ में लगी सत्ताधारी पार्टी के नेता केवल धन उगाही और विपक्ष को प्रताड़ित करने में व्यस्त हैं। उन्हें जनपद की जनता के स्वास्थ्य और जीवन से कोई सरोकार नहीं है। बलिया की जर्जर स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए यही लोग सबसे बड़े जिम्मेदार हैं।उन्होंने सुझाव दिया कि मेडिकल कॉलेज कब बनेगा, यह भविष्य के गर्भ में है, लेकिन यदि जिला अस्पताल को ही सुदृढ़ कर दिया जाए, तो आम जनता को तत्काल राहत मिल सकती है। समाजवादी पार्टी की सरकार में बने ट्रामा सेंटर को यदि व्यवस्थित ढंग से संचालित किया जाए, तो कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार केवल घोषणाएं करती है, धरातल पर कोई काम नहीं दिखता।अंत में कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को मंत्रिमंडल विस्तार कर एक “घोषणा मंत्री” की नियुक्ति कर देनी चाहिए, जो प्रतिदिन केवल नई घोषणाएं करता रहे, इससे अन्य मंत्रियों का बोझ भी कम हो जाएगा।बलिया में निर्माणाधीन पुल के गिरने से 2 मज़दूरों की मौत का समाचार बेहद दुखद है। सवाल ये है कि इस हादसे का कारण भ्रष्टाचार है या अनुभवहीनता। जाँच हो और आगामी ‘महा-उद्घाटन’ की भी अच्छे से पड़ताल हो जाए।
सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी सपा प्रवक्ता बलिया
लोकगीत गायक गोपाल राय ने रामकथा में लिया आशीर्वाद, श्रद्धालुओं को दी चैत्र नवरात्रि की शुभकामनाएं
रामेश्वर प्रजापति छांगुर, नगरा (बलिया)चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर नगरा के पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित रामकथा प्रवचन में प्रसिद्ध लोकगीत गायक गोपाल राय अपने पूरे परिवार के साथ पहुंचे। उन्होंने मंदिर में विधिवत माथा टेककर मां दुर्गा का आशीर्वाद लिया और कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी से दीक्षा ग्रहण की।इस मौके पर गोपाल राय ने उपस्थित श्रद्धालुओं को चैत्र नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, "इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना का संचार करते हैं।" उन्होंने रामकथा के सफल आयोजन के लिए आयोजक मंडल का आभार जताया, विशेष रूप से बृजेश सिंह बिट्टन जी को धन्यवाद दिया।कार्यक्रम में समरजीत सिंह, धनजी, संजय गुप्ता, बृजेश गुप्ता, राहुल ठाकुर, छांगुर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। मंदिर के पुजारी पंडित मुन्ना पांडे एवं निर्भय प्रकाश ने गोपाल राय को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया।गोपाल राय के आगमन से श्रद्धालुओं में खासा उत्साह छा गया। बड़ी संख्या में भक्तों ने उनके साथ सेल्फी लीं और फोटो खिंचवाकर पल को यादगार बनाया। रामकथा के दौरान भक्तिमय माहौल रहा, श्रद्धालु कथा श्रवण कर भाव-विभोर नजर आए। आयोजन स्थल पर पूरे समय धार्मिक उत्साह और भक्ति की धारा बही।
आजमगढ़। राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू नव वर्ष का उत्सव हर्षोल्लास के साथ मनाया गया
उपेन्द्र कुमार पांडेय


आजमगढ़।राष्ट्र सेविका समिति द्वारा हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र शुक्ल प्रतिपदा के पावन अवसर पर हिंदू नव वर्ष का कार्यक्रम बड़े उत्साह एवं श्रद्धा के साथ भंवरनाथ मंदिर पर आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ राष्ट्र सेविका समिति की सेविकाओं द्वारा किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय चेतना का विकास करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने हिंदू नव वर्ष के महत्व, भारतीय संस्कृति की महानता तथा समाज में संस्कारों के संरक्षण की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी सेविकाओं एवं नागरिकों ने आपस में एकजुट होकर राष्ट्र को नई दिशा देने एवं समाज के सर्वांगीण विकास हेतु कार्य करने का संकल्प लिया। इस दौरान भजन कार्यक्रम भी आयोजित हुआ, जिसमें बरसाने वाली लाडलीजी ने अपने संगीतमय भजनों से पूरे वातावरण को भक्तिमय कर दिया। देशभक्ति गीत एवं प्रार्थना के साथ कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

इस अवसर पर समिति के प्रांत कार्यवाहिका, जिला संपर्क प्रमुख ललिता पाठक, जिला व्यवस्था प्रमुख रागिनी बरनवाल, नगर कार्यवाहिका संचिता बरनवाल, जिला बौद्धिक प्रमुख डॉक्टर सुचिता श्रीवास्तव, सह बौद्धिक प्रमुख अनीता द्विवेदी, नगर संपर्क प्रमुख अंजू बरनवाल, बिन्नी श्रीवास्तव, प्रिया गुप्ता, आशा गुप्ता सहित अन्य पदाधिकारी एवं गणमान्य लोग सम्मिलित हुए।
रांची के सरकारी स्कूलों में 'एनुअल डे' की धूम: 2000 विद्यालयों के 2 लाख बच्चों ने बिखेरा अपनी प्रतिभा का जलवा

रांची | 25 मार्च 2026: रांची जिला प्रशासन की एक अनूठी पहल के तहत बुधवार को जिले के लगभग 2000 सरकारी प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2025-26 का भव्य वार्षिकोत्सव (Annual Day) मनाया गया। निजी स्कूलों की तर्ज पर आयोजित इस कार्यक्रम में 2 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लेकर अपनी सांस्कृतिक और कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

निजी स्कूलों जैसी भव्यता, सरकारी स्कूलों की प्रतिभा

राजकीयकृत मध्य विद्यालय, नवीन आरक्षी (कांके रोड) में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा:

"अक्सर यह माना जाता था कि एनुअल डे केवल निजी स्कूलों की परंपरा है, लेकिन सरकारी स्कूलों के बच्चों में भी अद्भुत प्रतिभा है। जिला प्रशासन ने उन्हें उचित मंच देने के लिए इस कार्यक्रम की शुरुआत की है ताकि बच्चों का आत्मविश्वास बढ़े और स्कूलों में 'ड्रॉप-आउट' की समस्या कम हो सके।"

30 हजार से अधिक सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ

पूरे जिले में उत्सव का माहौल रहा, जहाँ नृत्य, गायन, नाटक और कविता पाठ जैसी कुल 30,000 से अधिक प्रस्तुतियाँ दी गईं।

विशिष्ट उपस्थिति: उप विकास आयुक्त श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने राजकीय मध्य विद्यालय, बरियातू में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत की। यहाँ पद्मश्री मुकुंद नायक भी अतिथि के रूप में उपस्थित रहे और बच्चों का उत्साहवर्धन किया।

JEPC की भागीदारी: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के प्रशासी पदाधिकारी ने जगन्नाथपुर मध्य विद्यालय में छात्रों को प्रोत्साहित किया।

सुदृढ़ शिक्षा और सुशासन का लक्ष्य

उपायुक्त ने राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य हर बच्चे को निःशुल्क और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। इस आयोजन के माध्यम से जिला प्रशासन कई महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रहा है:

सरकारी स्कूलों के प्रति अभिभावकों का विश्वास बढ़ाना।

ड्रॉप-आउट दर को शून्य के करीब लाना।

छात्रों का शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।

अभिभावकों से अपील

श्री भजंत्री ने अभिभावकों का अभिनंदन करते हुए उनसे अपील की कि वे अपने बच्चों को प्रतिदिन स्कूल भेजें और उनकी पढ़ाई में निरंतर रुचि लें। कार्यक्रम में स्कूल प्रबंधन समिति (SMC), स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शिक्षकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।

जनपद में डीजल एवं पेट्रोल कि नहीं है कोई कमी, पर्याप्त मात्रा में है डीजल एवं पेट्रोल की उपलब्धता

जनपद के समस्त पेट्रोल पंप एसोसिएशन एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों के साथ की गई बैठक दिए गए आवश्यक निर्देश


गोण्डा। 25 मार्च,2026।
जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति को लेकर फैल रही अफवाहों पर प्रभावी नियंत्रण हेतु प्रशासन पूरी तरह सतर्क एवं सक्रिय है। जिलाधिकारी, गोण्डा  प्रियंका निरंजन के निर्देशानुसार कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता अपर जिलाधिकारी  आलोक कुमार ने की, जिसमें आनंद कुमार राय (पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी) तथा कुँवर दिनेश प्रताप सिंह (जिला पूर्ति अधिकारी) सहित जनपद के समस्त पेट्रोलियम कंपनियों के प्रतिनिधि एवं पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर तथा प्रबंधक उपस्थित रहे।

बैठक में Indian Oil Corporation Limited, Bharat Petroleum Corporation Limited तथा Hindustan Petroleum Corporation Limited के सेल्स ऑफिसर्स के साथ विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही, पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि वे शासन द्वारा निर्धारित नियमों एवं मानकों के अनुसार ही पेट्रोल एवं डीजल की आपूर्ति सुनिश्चित करें।

अपर जिलाधिकारी ने अपने संबोधन में कहा कि जनपद में पेट्रोल एवं डीजल की किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। सभी तेल कंपनियों के पास पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है तथा उसकी आपूर्ति भी नियमित रूप से की जा रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा जानबूझकर अफवाहें फैलाकर आमजन में भ्रम की स्थिति उत्पन्न की जा रही है, जिसे किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस क्षेत्राधिकारी सिटी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई व्यक्ति या समूह ईंधन की कमी को लेकर भ्रामक सूचना फैलाता हुआ पाया गया, तो उसके विरुद्ध कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी ने सभी पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों को निर्देशित किया कि वे उपभोक्ताओं को सुचारु एवं पारदर्शी तरीके से ईंधन उपलब्ध कराएं तथा किसी भी प्रकार की कालाबाजारी या अनियमितता से बचें।

जनपद वासियों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही विश्वास करें। प्रशासन द्वारा स्थिति पर सतत निगरानी रखी जा रही है और आवश्यकतानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के दौरान एआरओ शिव प्रकाश जनपद के समस्त पूर्ति निरीक्षक तथा पेट्रोल व डीजल पम्प प्रोपराइटर एवं प्रबंधकों सहित अन्य सभी संबंधित आधिकारी उपस्थित रहे।
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।