परमार्थ त्रिवेणी पुष्प से लोहड़ी की वैश्विक शुभकामनाएँ, स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने सेवाभाव और आध्यात्मिक प्रगति पर दिया संदेश
प्रयागराज। परमार्थ निकेतन की नई शाखा, परमार्थ त्रिवेणी पुष्प से “लोहड़ी” पर्व के अवसर पर वैश्विक परिवार को अनेकानेक शुभकामनाएँ प्रेषित की गईं। यह पर्व प्रकाश, प्रेम और प्रगति का प्रतीक माना जाता है।
पूज्य स्वामी चिदानन्द सरस्वती जी के नेतृत्व और साध्वी भगवती सरस्वती जी के मार्गदर्शन में परमार्थ त्रिवेणी पुष्प ने सेवा, शिक्षा और सशक्तिकरण के क्षेत्र में अपनी गतिविधियों को तेज किया है। माघ मेले के दौरान स्नान तट, गंगा आरती और विद्यालयों तक त्रिवेणी पुष्प की टीमें पर्यावरण जागरूकता, जल संरक्षण, नारी सशक्तिकरण, स्वच्छता और वैदिक-वैज्ञानिक कार्यशालाओं के माध्यम से समाज के हर वर्ग तक सेवा का संदेश पहुँचा रही हैं।
स्वामी चिदानन्द सरस्वती ने कहा कि जीवन केवल उत्सव का नाम नहीं, बल्कि उद्देश्य और उत्साह का भी होना आवश्यक है। प्रकाश केवल दीपक में नहीं, बल्कि विचारों में भी जलना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विकास का अर्थ अपने मूल्यों से विमुख होना नहीं, बल्कि उन्हें और ऊँचाई देना है।
परमार्थ त्रिवेणी पुष्प ने चारों धामों के प्रतिरूप, अनेक मंदिरों, अमर जवान ज्योति, भारत माता मंदिर और चारों वेदों की स्थापना के माध्यम से देशभक्ति और आध्यात्मिक चेतना का संदेश दिया है। गुरूकुल के माध्यम से वैदिक शिक्षा का पुनर्जागरण हो रहा है, जिससे युवा पीढ़ी में संस्कृति और ज्ञान का संपूर्ण विकास सुनिश्चित हो रहा है।
लोहड़ी का यह पर्व केवल आग जलाने का नहीं, बल्कि अज्ञान और अंधकार को जलाने का प्रतीक बने। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने स्वामी जी के पावन सान्निध्य में विश्व शांति यज्ञ में भाग लेकर आध्यात्मिक ऊर्जा प्राप्त की।
4 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1