æ
फर्रुखाबाद l कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के थाना जहानगंज के महरुपुर बीजल स्थित जवाहरलाल विद्यालय में जहाँ एक सरकारी अभियान के तहत पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लगभग 20 से ज्यादा बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।

घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को विद्यालय में बच्चों को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' या नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई थीं। दवा के सेवन के कुछ ही समय बाद, कई बच्चों ने बेचैनी, पेट में दर्द और घबराहट की शिकायत करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में उपचार जारी
बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। CHC में प्राथमिक उपचार देने के बाद, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए 40 बच्चों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।

वर्तमान स्थिति: वर्तमान में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

चिकित्सकीय सहायता: डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और उनका उपचार जारी है।

अभिभावकों में रोष
इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल और स्कूल पहुँच गए। परिजनों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस बात की जांच कर सकता है कि क्या दवा की डोज में कोई समस्या थी या यह दवा के सामान्य 'साइड इफेक्ट्स' (जो कभी-कभी खाली पेट दवा लेने से हो सकते हैं) का मामला है।
उत्तर प्रदेश का अनोखा मंदिर, जहां कुएं में होती है शिवलिंग की पूजा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के सेमराध स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर जो कुएं में स्थित है। किवदंतियों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उत्पत्ति विशालकाय प्रकाश पुंज से हुई थी। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर काशी-प्रयाग के मध्य सेमराध नाथ धाम जंगीगंज के पास परम पावनी मां गंगा के तट पर स्थित है।‌कहा जाता है कि एक व्यापारी जलमार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसकी नौका डावांडोल होकर नदी में फंस गयी। जिसके बाद व्यापारी ने गंगा तट पर रात्रि में विश्राम का मन बनाया। व्यापारी को सपने में आया कि यह भगवान शिव का स्थान है। यहीं जमीन के अंदर शिवलिंग स्थित है। व्यापारी ने सपने की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए जमीन की खुदाई शुरू करा दी। जहां कुछ गहराई में जाने पर उसे चमकता हुआ एक शिवलिंग दिखाई पड़ा। शिवलिंग का दर्शन कर व्यापारी भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और उसे अपने साथ ले जाना चाहा।
बताते हैं कि वह शिवलिंग के जितना करीब जाता लिंग उतना ही दूर खिसक जाया करता था। थक हार कर उसने वहीं गंगा नदी के तट पर खुदाई से बने कुंए नुमा बने गड्ढे में एक भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया, जो बाद में बाबा सेमराध नाथ धाम के नाम से विख्यात हुआ।
आजमगढ़:-पूर्व प्रमुख की पुण्यतिथि पर नम आंखों से श्रद्धांजलि
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर विकास खंड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सभी महिला-पुरुषों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम की शुरुआत वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव द्वारा स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं चरण वंदन के साथ की गई। इसके पश्चात ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, स्थानीय नागरिकों व समर्थकों ने आंखों में आंसू लिए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व प्रमुख के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अमरेथु उमाशंकर यादव ने बताया कि स्वर्गीय वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2000 में ग्राम पंचायत सराबा से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और उसी वर्ष फूलपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख बने। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र यादव पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर सभी की सेवा करते थे और जरूरत पड़ने पर दिन-रात लोगों के साथ खड़े रहते थे। यही कारण है कि वे आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में बसे हुए हैं। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव, रिजवान अहमद, मंशा यादव, खंड विकास अधिकारी इशरत रोमेल, अरविंद अस्थाना, पूर्व लेखाकार राम आसरे यादव, पवन जायसवाल, हरपत यादव, शिव पूजन उर्फ रिंकू यादव, मंगला यादव सहित सैकड़ों समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने दिवंगत मार्गदर्शक के दायित्वों का निर्वहन करते हुए सभी को एक सूत्र में जोड़कर चलने का प्रयास कर रही हैं और आगे भी जनसेवा का यह क्रम जारी रहेगा। पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा रक्तदान कर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही लगभग 200 गरीब व असहाय महिलाओं एवं मजदूरों को कंबल वितरित किए गए। कंबल वितरण का कार्य ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं स्वर्गीय वीरेंद्र यादव के पुत्र मृगांक यादव ‘टाइगर’ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मृगांक यादव टाइगर ने उपस्थित सभी सहयोगियों व शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी के आशीर्वाद से जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।
आजमगढ़:-पूर्व प्रमुख की पुण्यतिथि पर नम आंखों से श्रद्धांजलि, ब्लाक मुख्यालय पर हुआ कार्यक्रम


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर विकास खंड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सभी महिला-पुरुषों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम की शुरुआत वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव द्वारा स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं चरण वंदन के साथ की गई। इसके पश्चात ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, स्थानीय नागरिकों व समर्थकों ने आंखों में आंसू लिए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व प्रमुख के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अमरेथु उमाशंकर यादव ने बताया कि स्वर्गीय वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2000 में ग्राम पंचायत सराबा से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और उसी वर्ष फूलपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख बने। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र यादव पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर सभी की सेवा करते थे और जरूरत पड़ने पर दिन-रात लोगों के साथ खड़े रहते थे। यही कारण है कि वे आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में बसे हुए हैं। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव, रिजवान अहमद, मंशा यादव, खंड विकास अधिकारी इशरत रोमेल, अरविंद अस्थाना, पूर्व लेखाकार राम आसरे यादव, पवन जायसवाल, हरपत यादव, शिव पूजन उर्फ रिंकू यादव, मंगला यादव सहित सैकड़ों समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने दिवंगत मार्गदर्शक के दायित्वों का निर्वहन करते हुए सभी को एक सूत्र में जोड़कर चलने का प्रयास कर रही हैं और आगे भी जनसेवा का यह क्रम जारी रहेगा। पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा रक्तदान कर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही लगभग 200 गरीब व असहाय महिलाओं एवं मजदूरों को कंबल वितरित किए गए। कंबल वितरण का कार्य ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं स्वर्गीय वीरेंद्र यादव के पुत्र मृगांक यादव ‘टाइगर’ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मृगांक यादव टाइगर ने उपस्थित सभी सहयोगियों व शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी के आशीर्वाद से जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बलिया में सांख्य दर्शन का आधुनिक अवतार: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 'नव-भाष्य' का भव्य विमोचन
संजीव सिंह बलिया, 10 फरवरी 2026: प्राचीन सांख्य दर्शन को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा ग्रंथ 'नव-भाष्य' आज यहां विधिवत् विमोचित हुआ। शिक्षा जगत के प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित यह पुस्तक पारंपरिक भाष्य शैली को पीछे छोड़कर वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। संस्कृत की गहराई, हिंदी की सहजता और अंग्रेजी की वैज्ञानिक शब्दावली का संगम इसे इंजीनियरों, डॉक्टरों और डेटा साइंटिस्टों के लिए उपयोगी बनाता है।ग्रंथ का आशीर्वाद अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने दिया, वहीं यूक्रेन के तारास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यूरी बोत्वींकिन ने शुभाशीष पत्र भेजा। यह वैश्विक समर्थन पुस्तक की अंतरराष्ट्रीय अपील को रेखांकित करता है।'नव-भाष्य' में सांख्य के सिद्धांतों को आधुनिक उदाहरणों से जोड़ा गया है—'प्रतिप्रसव' को रिवर्स इंजीनियरिंग, 'पुरुष-प्रकृति' को यूजर-सॉफ्टवेयर, और सत्त्व-रज-तम को इंफॉर्मेशन-एनर्जी-मास के रूप में समझाया गया। कैवल्य को 'सिस्टम रिकवरी' और मुक्ति को 'आइडेंटिटी करेक्शन' बताते हुए इसे इसी जीवन में संभव ठहराया गया है।डॉ. उपाध्याय ने विमोचन अवसर पर कहा, "यह ग्रंथ ऋषियों की प्रज्ञा और वैज्ञानिकों के तर्क का पुल है। सांख्य को इतिहास की धूल से निकालकर भविष्य की प्रयोगशाला में लाता है।" महर्षि कपिल के दर्शन पर आधारित यह कृति शोधार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए समर्पित है, जो विज्ञान में चेतना और दर्शन में तर्क तलाशते हैं।
घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही सत्ताधारी भाजपा:* कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष /प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया (फॉर्म-7) के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी विचारधारा वाले और आम मतदाताओं के नाम कटवाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक पर बड़े पैमाने पर 'फॉर्म-7' भरकर सही मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। कान्हजी ने मांग किया कि चुनाव आयोग द्वारा (एस.आई.आर.) प्रक्रिया में नाम हटाने से पूर्व उपयोग होने वाले सभी 'फॉर्म-7' को संबंधित बूथों के सभी बी.एल.ए. (Booth Level Agents) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सुशील कुमार पाण्डेय ने कहा कि "मतदान का अधिकार आम जनता का सबसे बड़ा हथियार और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इस अधिकार को छीनकर लोकतंत्र को कमजोर करने का निंदनीय प्रयास कर रही है।" चेतावनी और अपील सपा प्रवक्ता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को आगाह किया कि यदि बिना उचित सत्यापन और बी.एल.ए. की जानकारी के नाम काटे गए, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और मतदाता सूची में हो रही किसी भी गड़बड़ी का डटकर मुकाबला करें। भवदीय सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी बलिया
æ
फर्रुखाबाद l कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के थाना जहानगंज के महरुपुर बीजल स्थित जवाहरलाल विद्यालय में जहाँ एक सरकारी अभियान के तहत पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लगभग 20 से ज्यादा बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।

घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को विद्यालय में बच्चों को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' या नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई थीं। दवा के सेवन के कुछ ही समय बाद, कई बच्चों ने बेचैनी, पेट में दर्द और घबराहट की शिकायत करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में उपचार जारी
बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। CHC में प्राथमिक उपचार देने के बाद, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए 40 बच्चों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।

वर्तमान स्थिति: वर्तमान में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

चिकित्सकीय सहायता: डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और उनका उपचार जारी है।

अभिभावकों में रोष
इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल और स्कूल पहुँच गए। परिजनों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस बात की जांच कर सकता है कि क्या दवा की डोज में कोई समस्या थी या यह दवा के सामान्य 'साइड इफेक्ट्स' (जो कभी-कभी खाली पेट दवा लेने से हो सकते हैं) का मामला है।
उत्तर प्रदेश का अनोखा मंदिर, जहां कुएं में होती है शिवलिंग की पूजा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के सेमराध स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर जो कुएं में स्थित है। किवदंतियों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उत्पत्ति विशालकाय प्रकाश पुंज से हुई थी। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर काशी-प्रयाग के मध्य सेमराध नाथ धाम जंगीगंज के पास परम पावनी मां गंगा के तट पर स्थित है।‌कहा जाता है कि एक व्यापारी जलमार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसकी नौका डावांडोल होकर नदी में फंस गयी। जिसके बाद व्यापारी ने गंगा तट पर रात्रि में विश्राम का मन बनाया। व्यापारी को सपने में आया कि यह भगवान शिव का स्थान है। यहीं जमीन के अंदर शिवलिंग स्थित है। व्यापारी ने सपने की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए जमीन की खुदाई शुरू करा दी। जहां कुछ गहराई में जाने पर उसे चमकता हुआ एक शिवलिंग दिखाई पड़ा। शिवलिंग का दर्शन कर व्यापारी भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और उसे अपने साथ ले जाना चाहा।
बताते हैं कि वह शिवलिंग के जितना करीब जाता लिंग उतना ही दूर खिसक जाया करता था। थक हार कर उसने वहीं गंगा नदी के तट पर खुदाई से बने कुंए नुमा बने गड्ढे में एक भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया, जो बाद में बाबा सेमराध नाथ धाम के नाम से विख्यात हुआ।
आजमगढ़:-पूर्व प्रमुख की पुण्यतिथि पर नम आंखों से श्रद्धांजलि
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर विकास खंड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सभी महिला-पुरुषों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम की शुरुआत वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव द्वारा स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं चरण वंदन के साथ की गई। इसके पश्चात ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, स्थानीय नागरिकों व समर्थकों ने आंखों में आंसू लिए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व प्रमुख के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अमरेथु उमाशंकर यादव ने बताया कि स्वर्गीय वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2000 में ग्राम पंचायत सराबा से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और उसी वर्ष फूलपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख बने। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र यादव पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर सभी की सेवा करते थे और जरूरत पड़ने पर दिन-रात लोगों के साथ खड़े रहते थे। यही कारण है कि वे आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में बसे हुए हैं। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव, रिजवान अहमद, मंशा यादव, खंड विकास अधिकारी इशरत रोमेल, अरविंद अस्थाना, पूर्व लेखाकार राम आसरे यादव, पवन जायसवाल, हरपत यादव, शिव पूजन उर्फ रिंकू यादव, मंगला यादव सहित सैकड़ों समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने दिवंगत मार्गदर्शक के दायित्वों का निर्वहन करते हुए सभी को एक सूत्र में जोड़कर चलने का प्रयास कर रही हैं और आगे भी जनसेवा का यह क्रम जारी रहेगा। पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा रक्तदान कर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही लगभग 200 गरीब व असहाय महिलाओं एवं मजदूरों को कंबल वितरित किए गए। कंबल वितरण का कार्य ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं स्वर्गीय वीरेंद्र यादव के पुत्र मृगांक यादव ‘टाइगर’ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मृगांक यादव टाइगर ने उपस्थित सभी सहयोगियों व शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी के आशीर्वाद से जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।
आजमगढ़:-पूर्व प्रमुख की पुण्यतिथि पर नम आंखों से श्रद्धांजलि, ब्लाक मुख्यालय पर हुआ कार्यक्रम


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर विकास खंड के पूर्व ब्लॉक प्रमुख स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की दसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर बुधवार को श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में मौजूद सभी महिला-पुरुषों ने अपने-अपने स्थान पर खड़े होकर दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। कार्यक्रम की शुरुआत वर्तमान ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव द्वारा स्वर्गीय वीरेंद्र यादव की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर एवं चरण वंदन के साथ की गई। इसके पश्चात ग्राम प्रधानों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, स्थानीय नागरिकों व समर्थकों ने आंखों में आंसू लिए श्रद्धा सुमन अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने पूर्व प्रमुख के कृतित्व और व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने उनके साथ बिताए गए संस्मरण साझा किए, जिससे माहौल भावुक हो गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान अमरेथु उमाशंकर यादव ने बताया कि स्वर्गीय वीरेंद्र यादव ने वर्ष 2000 में ग्राम पंचायत सराबा से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी और उसी वर्ष फूलपुर ब्लॉक के ब्लॉक प्रमुख बने। उन्होंने कहा कि वीरेंद्र यादव पक्ष-विपक्ष से ऊपर उठकर सभी की सेवा करते थे और जरूरत पड़ने पर दिन-रात लोगों के साथ खड़े रहते थे। यही कारण है कि वे आज भी क्षेत्रवासियों के दिलों में बसे हुए हैं। श्रद्धांजलि सभा में जिला पंचायत सदस्य प्रमोद यादव, रिजवान अहमद, मंशा यादव, खंड विकास अधिकारी इशरत रोमेल, अरविंद अस्थाना, पूर्व लेखाकार राम आसरे यादव, पवन जायसवाल, हरपत यादव, शिव पूजन उर्फ रिंकू यादव, मंगला यादव सहित सैकड़ों समर्थक व शुभचिंतक उपस्थित रहे। ब्लॉक प्रमुख अर्चना यादव ने क्षेत्रवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपने दिवंगत मार्गदर्शक के दायित्वों का निर्वहन करते हुए सभी को एक सूत्र में जोड़कर चलने का प्रयास कर रही हैं और आगे भी जनसेवा का यह क्रम जारी रहेगा। पुण्यतिथि के अवसर पर ग्राम प्रधानों व क्षेत्र पंचायत सदस्यों द्वारा रक्तदान कर सच्ची श्रद्धांजलि दी गई। साथ ही लगभग 200 गरीब व असहाय महिलाओं एवं मजदूरों को कंबल वितरित किए गए। कंबल वितरण का कार्य ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि एवं स्वर्गीय वीरेंद्र यादव के पुत्र मृगांक यादव ‘टाइगर’ द्वारा किया गया। कार्यक्रम के अंत में मृगांक यादव टाइगर ने उपस्थित सभी सहयोगियों व शुभचिंतकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे सभी के आशीर्वाद से जनसेवा के मार्ग पर आगे बढ़ते रहेंगे।
इंदौर में स्टूडेंट्स के सपनों को हकीकत से जोड़ने वाला मंच बना 'माफिया इंक चैंपियनशिप और आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026'

- स्टूडेंट्स को मिला स्टार्टअप इकोसिस्टम, बिज़नेस सोच और लीडरशिप को करीब से समझने का मौका
- 5 कॉलेजों के 700 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने मैनेजमेंट गेम के जरिए खुद को आजमाया
- 1 लाख रुपए का नकद पुरस्कार, पेड इंटर्नशिप और रियल इंडस्ट्री एक्सपोज़र
- इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स एक ही छत के नीचे

इंदौर, फरवरी, 2026: इंदौर में आयोजित आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 उन स्टूडेंट्स के लिए एक ऐसा मंच बनकर सामने आया, जो पढ़ाई के साथ-साथ कुछ नया करने का सपना देखते हैं। यह सिर्फ एक कॉन्फ्रेंस नहीं थी, बल्कि स्टूडेंट्स को यह समझाने की एक कोशिश थी कि आज के दौर में करियर के रास्ते सिर्फ नौकरी से होकर ही नहीं जाते हैं। इसी सोच के साथ माफिया इंक चैंपियनशिप और इंदौर स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप कॉन्फ्रेंस-2026 (आईएसईसी-2026) का आयोजन किया गया। यह आयोजन इंदौर स्थित आईपीएस एकेडमी में आयोजित किया गया, जहाँ सुबह से ही स्टूडेंट्स की भारी उपस्थिति और उत्साह देखने को मिला। 'भारतीय स्टार्टअप इकोसिस्टम का विकास और छात्र आंत्रप्रेन्योरशिप पर उसका असर; थीम पर आधारित उक्त समिट ने यह स्पष्ट कर दिया कि आज का छात्र सिर्फ नौकरी की तलाश में नहीं है, बल्कि वह खुद कुछ नया शुरू करना चाहता है। सबसे विशेष बात, यह इंदौर में इस तरह का पहला आयोजन है।

माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति सौरभ राठौर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत कार्यक्रम के दौरान कई दिग्गज उपस्थित रहे, जिन्होंने स्टूडेंट्स का मार्गदर्शन किया तथा मध्यप्रदेश के स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप पर बात रखी, जिनमें हेमंत राजोरिया, क्लाइंट सक्सेस पार्टनर, स्टार्टअप बैंकिंग, आईडीएफसी फर्स्ट बैंक; संजय कुमार शर्मा, डिविज़नल मैनेजर, एलआईसी; रोहित प्रसाद, प्रोडक्ट मैनेजर, एलआईसी; नेहा गौर, सीईओ, पीआर 24x7; तथा स्टार्ट अप इकोसिस्टम से किंजल्क पंचोली के नाम शामिल हैं। इस आयोजन में डॉ. मोहित दुबे, प्रो वाइस चांसलर, एमआईटी एडीटी यूनिवर्सिटी, सुंदर रामकृष्णन समेत कई जाने-माने स्टार्टअप लीडर्स और इकोसिस्टम बिल्डर्स मौजूद रहे। उन्होंने स्टूडेंट्स को बताया कि आज छोटे शहरों से भी बड़े स्टार्टअप्स निकल रहे हैं। जरुरत है, तो सिर्फ सही समय पर सही एक्सपोज़र और सही गाइडेंस की। साथ ही, स्टूडेंट्स को स्टार्टअप स्किल्स के तहत प्रॉब्लम को समझने और उसका सर्वश्रेष्ठ हल निकालने पर प्रकाश डाला।

पूरे आयोजन का सबसे बड़ा आकर्षण रहा माफिया इंक चैंपियनशिप, जो एक स्ट्रेटेजिक मैनेजमेंट गेम है। जनवरी 2026 से लेकर 6 फरवरी, 2026 तक यह टूर्नामेंट चला। इस संस्करण में माफिया इंक चैंपियनशिप के जरिए इंदौर के 5 कॉलेजों के करीब 700 स्टूडेंट्स जुड़े। कैंपस राउंड में 100 स्टूडेंट्स का चयन किया गया, जिनमें से आगे बढ़ते हुए इन कॉलेजों ने सिटी क्वालिफायर में हिस्सा लिया और अंततः 30 छात्र फाइनल्स में पहुँचे। फिनाले के दौरान स्टेज पर लाइव गेम खेला गया, जिसमें स्टूडेंट्स को कम समय में फैसले लेने, टीम को साथ लेकर चलने और दबाव में सही डिसीजन लेने की चुनौती दी गई। लब्धि नाहर, पहल जैन, माधवी धुदानी, लक्ष्मी चौधरी, रवि ठाकुर, भावेश निकुम्बे और शीतल सोमानी विनर्स रहे, जिन्हें कुल 1 लाख रुपए के नकद पुरस्कार समेत पेड इंटर्नशिप का मौका भी मिलेगा, जिससे वे रियल वर्क कल्चर को करीब से समझ सकें।

अगला चरण मई से अगस्त के बीच आयोजित किए जाने की योजना है। इस दौरान, 27 कॉलेजों के करीब 5,000 से 6,000 स्टूडेंट्स को इस स्टूडेंट आंत्रप्रेन्योरशिप प्लेटफॉर्म से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत आयोजक तथा माफिया इंक के संस्थापक मधुकर केशवमूर्ति के सम्बोधन से हुई। उन्होंने कहा कि आज का छात्र सिर्फ डिग्री नहीं चाहता, वह रियल लाइफ स्किल्स सीखना चाहता है। इसी सोच के साथ इस पूरे प्लेटफॉर्म को तैयार किया गया है, ताकि छात्र क्लासरूम से बाहर निकलकर असली दुनिया की चुनौतियों को समझ सकें।

कार्यक्रम के दौरान हुए थिंक टैंक सेशन में इन्वेस्टर्स, आंत्रप्रेन्योर्स और एजुकेशनिस्ट्स ने स्टूडेंट्स से खुलकर बातचीत की। यहाँ कोई फॉर्मल लेक्चर नहीं था, बल्कि असली ज़िंदगी के एक्सपीरियंस, गलत फैसले, असफलताएँ और उनसे मिली सीख पर खुली चर्चा हुई। स्टूडेंट्स के लिए यही सेशंस सबसे ज्यादा कनेक्टिंग साबित हुए।

समस्त वक्ताओं ने कहा कि यदि स्टूडेंट्स को सही प्लेटफॉर्म और सही माहौल मिले, तो इंदौर जैसे शहर भी बड़े स्टार्टअप हब बन सकते हैं।

कार्यक्रम के समापन पर सौरभ राठौर, मुख्य कार्यकारी अधिकारी- माफिया इंक ने कहा कि यह पहल सिर्फ एक दिन का इवेंट नहीं है। आने वाले महीनों में इस चैंपियनशिप से जुड़े गेम्स और मोमेंट्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर शेयर किया जाएगा, ताकि और भी ज्यादा स्टूडेंट्स इससे प्रेरणा ले सकें।

यह आयोजन आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) द्वारा सह-प्रस्तुत किया गया। इसके साथ इंदौर मैनेजमेंट एसोसिएशन, लक्ष्य एनजीओ, पीआर 24x7, नेक्सस इंदौर और आईपीएस एकेडमी सहयोगी संस्थाओं के रूप में जुड़े रहे।

आंत्रप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन समिट-2026 ने यह स्पष्ट कर दिया कि इंदौर का स्टूडेंट अब सिर्फ सुनने वाला नहीं, बल्कि आगे बढ़कर करने वाला बनना चाहता है। ऐसे में, यह मंच उन युवाओं के लिए एक मजबूत शुरुआत साबित हुआ, जो पढ़ाई के साथ-साथ अपने आइडियाज़ को उड़ान देना चाहते हैं।
मथुरा में दिल दहला देने वाली त्रासदी, एक ही परिवार के पांच लोगों ने जहर खाकर की सामूहिक आत्महत्या

लखनऊ /मथुरा । उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। महावन तहसील क्षेत्र के ग्राम खप्परपुर में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और तीन मासूम बच्चों के साथ जहरीला पदार्थ खाकर सामूहिक आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर पति, पत्नी और तीनों बच्चों के शव पड़े मिले। सभी की मौत जहरीला पदार्थ खाने से होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने घर को सील कर जांच शुरू कर दी है और सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है।

दीवार पर लिखा संदेश और सुसाइड नोट ने बढ़ाया रहस्य पुलिस के अनुसार, घर के अंदर दीवार पर लिखा मिला है— “अपनी इच्छा से आत्महत्या कर रहा हूं।” इसके अलावा एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसकी जांच की जा रही है। हालांकि, नोट में आत्महत्या की ठोस वजह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सकी है।घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसी और डीआईजी स्वयं मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि परिवार किन परिस्थितियों से गुजर रहा था।

इलाके में मातम और सन्नाटा

एक साथ पांच लोगों की मौत से पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार सामान्य दिखता था, किसी बड़े विवाद या परेशानी की जानकारी पहले सामने नहीं आई थी।फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे आर्थिक तंगी, पारिवारिक तनाव या किसी अन्य दबाव की आशंका जताई जा रही है, लेकिन सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी।
बलिया में सांख्य दर्शन का आधुनिक अवतार: डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 'नव-भाष्य' का भव्य विमोचन
संजीव सिंह बलिया, 10 फरवरी 2026: प्राचीन सांख्य दर्शन को आधुनिक विज्ञान से जोड़ने वाला अनोखा ग्रंथ 'नव-भाष्य' आज यहां विधिवत् विमोचित हुआ। शिक्षा जगत के प्रसिद्ध विद्वान डॉ. विद्यासागर उपाध्याय द्वारा रचित यह पुस्तक पारंपरिक भाष्य शैली को पीछे छोड़कर वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करती है। संस्कृत की गहराई, हिंदी की सहजता और अंग्रेजी की वैज्ञानिक शब्दावली का संगम इसे इंजीनियरों, डॉक्टरों और डेटा साइंटिस्टों के लिए उपयोगी बनाता है।ग्रंथ का आशीर्वाद अनंत श्री विभूषित जगद्गुरु रामानुजाचार्य मधुसूदनाचार्य जी महाराज ने दिया, वहीं यूक्रेन के तारास शेव्चेंको कीव राष्ट्रीय विश्वविद्यालय के प्रोफेसर यूरी बोत्वींकिन ने शुभाशीष पत्र भेजा। यह वैश्विक समर्थन पुस्तक की अंतरराष्ट्रीय अपील को रेखांकित करता है।'नव-भाष्य' में सांख्य के सिद्धांतों को आधुनिक उदाहरणों से जोड़ा गया है—'प्रतिप्रसव' को रिवर्स इंजीनियरिंग, 'पुरुष-प्रकृति' को यूजर-सॉफ्टवेयर, और सत्त्व-रज-तम को इंफॉर्मेशन-एनर्जी-मास के रूप में समझाया गया। कैवल्य को 'सिस्टम रिकवरी' और मुक्ति को 'आइडेंटिटी करेक्शन' बताते हुए इसे इसी जीवन में संभव ठहराया गया है।डॉ. उपाध्याय ने विमोचन अवसर पर कहा, "यह ग्रंथ ऋषियों की प्रज्ञा और वैज्ञानिकों के तर्क का पुल है। सांख्य को इतिहास की धूल से निकालकर भविष्य की प्रयोगशाला में लाता है।" महर्षि कपिल के दर्शन पर आधारित यह कृति शोधार्थियों और जिज्ञासुओं के लिए समर्पित है, जो विज्ञान में चेतना और दर्शन में तर्क तलाशते हैं।
घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

संजय सेत मरम्मत के लिए 8.96 करोड़ के पीपा पुल का प्रस्ताव
*500 मीटर लंबा वैकल्पिक पुल बनने तक नहीं शुरू होगा काम

गोंडा।गोंडा लखनऊ मार्ग को जोड़ने वाले 42 वर्ष पुराने संजय सेतु की मरम्मत का काम अब वैकल्पिक पीपा पुल बनने के बाद ही शुरु होगा।अधिकारियों के अनुसार,500 मीटर लंबा यह पीपा पुल बनाने में लगभग एक महीने का समय लगेगा और इस पर लगभग 8.96 करोड़ रूपए का खर्च आएगा।गोंडा लोक निर्माण विभाग ने इस संबंध में शासन को एक प्रस्ताव भेजा है।शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही पीपा पुल का निर्माण शुरू किया जाएगा।यह निर्णय जनहित को देखते हुए लिया गया है क्योंकि पहले पुल को दो महीने के लिए बंद करने की योजना थी।कल सोमवार को लखनऊ में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल वर्मा और प्राधिकरण के अवर अभियंताओं की बैठक हुई।लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव अजय चौहान ने पुष्टि किया कि पीपे का पुल बनाकर वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जाएगा और मरम्मत के दौरान केवल वही मार्ग बंद रहेगा।बिना पीपे पुल के बने अब संजय सेतु को मरम्मत के लिए बंद नहीं किया जाएगा क्योंकि इसे न बंद करने को लेकर अब जनप्रतिनिधि भी मांग कर रहे हैं।बताते चलें कि घाघरा नदी पर बना संजय सेतु गोंडा सहित आठ जिलों को जोड़ता है और देवीपाटन मंडल की जीवनरेखा माना जाता है।रोजाना हजारों यात्री, व्यापारी और एंबुलेंस इसी पुल से गुजरते हैं तथा नेपाल सीमा तक जाने वाला तह सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है,जिसके बंद होने से पूरे मंडल आवागमन ठप हो सकता है।संजय सेतु बंद होने से होने वाली संभावित दिक्कतों को देखते हुए जिले के पांच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर पीपा पुल निर्माण की मांग किया था।
लोकतंत्र को कमजोर करने की साजिश रच रही सत्ताधारी भाजपा:* कान्हजी
संजीव सिंह बलिया। समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष /प्रवक्ता सुशील कुमार पाण्डेय 'कान्हजी' ने मतदाता सूची से नाम काटने की प्रक्रिया (फॉर्म-7) के दुरुपयोग को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के दबाव में भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा विपक्षी विचारधारा वाले और आम मतदाताओं के नाम कटवाने का कुचक्र रचा जा रहा है, जो लोकतंत्र के लिए बेहद घातक है। सपा प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा के लोग सत्ता की हनक पर बड़े पैमाने पर 'फॉर्म-7' भरकर सही मतदाताओं के नाम कटवाने की साजिश कर रहे हैं। कान्हजी ने मांग किया कि चुनाव आयोग द्वारा (एस.आई.आर.) प्रक्रिया में नाम हटाने से पूर्व उपयोग होने वाले सभी 'फॉर्म-7' को संबंधित बूथों के सभी बी.एल.ए. (Booth Level Agents) को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराया जाए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। सुशील कुमार पाण्डेय ने कहा कि "मतदान का अधिकार आम जनता का सबसे बड़ा हथियार और संवैधानिक अधिकार है। भाजपा इस अधिकार को छीनकर लोकतंत्र को कमजोर करने का निंदनीय प्रयास कर रही है।" चेतावनी और अपील सपा प्रवक्ता ने जिला प्रशासन और चुनाव आयोग को आगाह किया कि यदि बिना उचित सत्यापन और बी.एल.ए. की जानकारी के नाम काटे गए, तो समाजवादी पार्टी चुप नहीं बैठेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की है कि वे सजग रहें और मतदाता सूची में हो रही किसी भी गड़बड़ी का डटकर मुकाबला करें। भवदीय सुशील कुमार पाण्डेय कान्हजी उपाध्यक्ष/प्रवक्ता, समाजवादी पार्टी बलिया