गरीब छात्रों के सपनों को उड़ान दे रहा मगध साइंस कोचिंग
पटना, 05 अप्रैल 2026: मगध साइंस कोचिंग, बाजार समिति के प्रांगण में आज ’प्रतिभा सम्मान समारोह’ में आज शिक्षा और सेवा का अद्भूत संगम देखने को मिला। ज्ञात हो कि मगध सांइस कोचिंग 11वीं एवं 12वीं की तैयारी हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम में बहुत ही कम फी में सारे विषय की तैयारी करवाती है ताकि गरीब से गरीब बच्चें भी पढ़ाई से वंचित नहीं रहें मगध साइंस कोचिंग में आॅफलाइन एवं आॅनलाइन दोनों माध्यम से तैयारी करवायी जाती है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में IPS विकास वैभव एवं प्रख्यात चिकित्सक पद्म श्री डाॅ0 आर0 एन0 सिंह उपस्थित रहे। संस्थान हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2026 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह में मुख्य अतिथि विकास वैभव, पद्म श्री डाॅ0 आर0 एन0 सिंह और संस्थान के निदेशक पंकज सर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की।
विकास वैभव जी ने संस्थान के निदेशक पंकज सर छात्रों को उत्कृष्ट प्रर्दशन दिलाने के लिए धन्यवाद ज्ञापन किया एवं अपने 'Let's Inspire Bihar' अभियान के सार को छात्रों के बीच रखा। उन्होंने कहा शिक्षा केवल अंक प्राप्त करना नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का साधन है। बिहार का गौरवशाली इतिहास रहा है और आप जैसे मेधावी छात्र ही उस विरासत को वापस लाएंगे। अपनी ऊर्जा को व्यर्थ न जाने दें। एक स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करें और उसे पाने के लिए निरंतर प्रयास करें। आपके भीतर असीम क्षमताएं हैं, बस उन्हें पहचानने की आवश्यकता है।
डाॅ0 आर0 एन0 सिंह ने छात्रों को स्वास्थ, शिक्षा और सेवा का महत्व समझाते हुए कहा कि मेधावी होना अच्छी बात है, लेकिन उस मेधा का उपयोग राष्ट्र और समाज के उत्थान में होना चाहिए। एक डाॅक्टर या इंजीनियार बनने से पहले एक सहीं इंसान का बनना बहुत जरूरी है। इसके लिए मगध साइंस कोचिंग एवं उनकी टीम इस कार्य को अच्छे ठंग से कर रहे जो बहुत ही सराहनीय है।
पंकज सर ने छात्रों में जोश भरते हुए जीवन के व्यावहारिक सूत्र बताए उन्होनें कहा कि आचरण और सफलता अगर सफल बनना है, तो आज से ही एक सफल इंसान जैसा आचरण करना शुरू कर दीजिए। आपकी अनुशासन और मेहनत ही आपकी पहचान बनेगी। अपने आप को सफल बनाने के लिए इस कदर जुट जाइए कि जो लोग आज आपका मजाक बनाते हैं, कल वे आपसे जुड़ने के लिए तरसें। याद रखिए, केवल उत्साहित लोग ही इतिहास रचते हैं। सर्वांगीण विकास मगध साइंस कोचिंग का उद्देश्य केवल आपको बोर्ड टॉपर बनाना नहीं, बल्कि आपको एक जिम्मेदार और अच्छा इंसान बनाना भी है। इस प्रकार का आयोजन संस्थान प्रतिवर्ष करती है, पुरस्कार प्राप्त करने वाला छात्रों में मधुबनी के जिला टॉपर सुमन कुमार पुर्वे (472 अंक) को विशेष उपलब्धि के लिए लैपटॉप प्रदान किया गया। और कटिहार के जिला टाॅपर समसाद आलम (456 अंक), नवादा जिला के सुप्रिया कुमारी (464 अंक) तथा आइंस्टीन कुमार (462 अंक) एवं मुंगेर जिला के बंटी कुमार (454 अंक) सभी 90 प्रतिशत से अधिक अंक को एवं इसके आलावे अन्य सैंकड़ों छात्रों को चेक घड़ी एवं मेडल देकर प्रोत्साहित किया गया।
सफल छात्रों नें अपना सफलता का श्रेय अपने माता पिता एवं मगध साइंस कोचिंग के सभी गुरूजनों को दिया। कहा कि यहाँ जिस तरह से सर लोग पढ़ाते है सिर्फ उनकी बात मानने से अच्छे माक्र्स लाने से कोई रोक नहीं सकता है।
संस्थान के निदेशक पंकज सर ने घोषणा की कि नया सत्र 7 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जिसमें 11वीं और 12वीं के छात्रों के लिए पढ़ाई के साथ-साथ लाइब्रेरी और आवासीय सुविधा भी उपलब्ध होगी।
कार्यक्रम में मगध साइंस कोचिंग के सभी गुरूजन एवं उनकी टीम उपस्थित थी।

पटना, 05 अप्रैल 2026: मगध साइंस कोचिंग, बाजार समिति के प्रांगण में आज ’प्रतिभा सम्मान समारोह’ में आज शिक्षा और सेवा का अद्भूत संगम देखने को मिला। ज्ञात हो कि मगध सांइस कोचिंग 11वीं एवं 12वीं की तैयारी हिन्दी एवं अंग्रेजी माध्यम में बहुत ही कम फी में सारे विषय की तैयारी करवाती है ताकि गरीब से गरीब बच्चें भी पढ़ाई से वंचित नहीं रहें मगध साइंस कोचिंग में आॅफलाइन एवं आॅनलाइन दोनों माध्यम से तैयारी करवायी जाती है कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में IPS विकास वैभव एवं प्रख्यात चिकित्सक पद्म श्री डाॅ0 आर0 एन0 सिंह उपस्थित रहे। संस्थान हर वर्ष की तरह इस वर्ष 2026 में 12वीं बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। समारोह में मुख्य अतिथि विकास वैभव, पद्म श्री डाॅ0 आर0 एन0 सिंह और संस्थान के निदेशक पंकज सर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की। 

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जमगढ़ के अधिवक्ता जितेन्द्र हरि पाण्डेय नेपाल में सम्मानित आजमगढ़।तहसील निजामाबाद क्षेत्र स्थित परसहा गांव निवासी पेशे से अधिवक्ता जितेंद्र हरि पाण्डेय को साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्य के लिए प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल की केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को नेपाल में किया सम्मानित। नेपाल देश के महेंद्र नगर स्थित दोधारा चांदनी,कंचनपुर के नगर पालिका हॉल में प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल केंद्रीय इकाई द्वारा 3 अप्रैल 2026 को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इसमें भारत से सात साहित्यिक और सांस्कृतिकर्मियों ने भाग लिया।जहां विभिन्न सत्रों में साहित्य,संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक चर्चा हुई। आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील स्थित एक छोटे से गांव परसहा निवासी और पेशे से अधिवक्ता एवं भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ (इसकफ) के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय के लिए यह अवसर भावुक और गौरवपूर्ण रहा,क्योंकि यह उनके जीवन की पहली विदेश यात्रा थी।भारत के एक छोटे से गांव परसहा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना और साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना उनके लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है सम्मान प्राप्त करने के बाद पाण्डेय ने कहा कि नेपाल की धरती पर मिला यह सम्मान उनके लिए अविस्मरणीय है।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है,बल्कि सदियों से भारत और नेपाल के बीच चले आ रहे साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ मित्रता का सम्मान है।जितेंद्र हरि पाण्डेय की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने इसे आजमगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।
बहसूमा/रामराज, मेरठ।क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति रामराज द्वारा रविवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन सभा के अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा के आवास पर हुआ, जिसमें आगामी 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
मेरठ। जनपद के मवाना क्षेत्र के ग्राम ढिकौली में रविवार को महर्षि कश्यप जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई।
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है।
मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज
ठाणे । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ डोंबिवली में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव था। उक्त समारोह में मुख्य रूप से श्रीमती डिंपल सिंह,सोनू सिंह,कुमारी आराध्या सिंह,चिरंजीव अर्चित सिंह,श्रीमती शांताबाई झोपे, श्रीमती स्मिता दळवी (कोकण ), श्रीमती शैलजा महाजन (खारघर),कवि अनिल कुमार गुप्ता 'राही' एवं संपूर्ण गायत्री परिवार सभासद डोंबिवली उपस्थित रहे तथा गायत्री स्वरूप श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर एवं विद्वान पंडित श्री स्वरूप एवं अनेक हृदयस्पर्शी आत्माओं का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।


1 hour and 3 min ago
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