आजमगढ़:-शिक्षक का सनसनीखेज आरोप: इस्तीफा न देने पर पोक्सो एक्ट में फँसाने की मिल रही धमकी
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर क्षेत्र के मेजवा स्थित श्री कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज के एक प्रवक्ता ने विद्यालय प्रबंधन और मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र सौंपा है। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि उन पर जबरन इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर पोक्सो जैसे गंभीर कानून के तहत झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित शिक्षक वीरेंद्र कुमार, जो 2021 से कॉलेज में कार्यरत हैं, ने बताया कि बीती 27 फरवरी को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर लौटने के बाद उन्हें सोसाइटी के कार्यालय में बुलाया गया। आरोप है कि वहां संस्था की सीईओ गुरजीत कौर, मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और बोर्ड सदस्य विकास यादव ने उन्हें लगभग डेढ़ घंटे तक रोककर रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिक्षक का दावा है कि उन पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। शिकायती पत्र के अनुसार, जब शिक्षक ने इस्तीफा देने से मना किया, तो उन पर बिना किसी साक्ष्य के चरित्र हनन के आरोप लगाए गए। वीरेंद्र कुमार ने आशंका जताई है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत फँसाने का जाल बुना जा रहा है। "इस घटना के बाद से मैं और मेरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में हैं। मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।" इस संबंध में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा का कहना है कि सोसाइटी की सीईओ गुरमीत कौर, सीनियर मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और लल्लन प्रजापति द्वारा विद्यालय और सोसाइटी पर धब्बा लगाने वाला काम किया जा रहा है। मैं अपने ढंग से पता लगाई हूं। इस तरह की कोई बात नहीं है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव साफ सुथरे सज्जन इंसान हैं। सोसाइटी द्वारा अचानक से उन्हें बुलाकर ये सब कहा गया। इन लोगों द्वारा लगाया जा रहा आरोप छोटा आरोप नहीं। किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। वहीं सोसायटी के उपप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षक द्वारा कुछ गलतियां की गई हैं। उसे छुपाने के लिए सोसाइटी पर आरोप लगा रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी बैरिया की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण: सारनाथ, रामनगर किला सहित वाराणसी भ्रमण पर उत्साह
संजीव सिंह बलिया। बैरिया:  कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, टोला सिवन राय की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण वाराणसी के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण में सारनाथ, रामनगर किला सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया गया, जहां छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।खंड शिक्षा अधिकारी  पंकज मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर टीम को रवाना किया। भ्रमण टीम में वार्डन वंदना सिंह, नीतू पांडेय, निशा पांडेय, रिकी यादव, सरिता गुप्ता, सतीश चौरसिया, जयशंकर प्रसाद, प्रधानाध्यापिका कविता सिंह, रसोइया सहित कुल 85 छात्राएं शामिल रहीं।यह भ्रमण छात्राओं को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जो शिक्षा विभाग की पहल को दर्शाता है
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अर्श हॉस्पिटल परिवार के द्वारा होली मिलन समारोह का किया आयोजन, होली मिलन के मौके पर दिखी ग्रामीण सांस्कृतिकमयी होली का रंग

गया: गयाजी शहर के एपी कॉलोनी स्थित संचालित अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल परिवार की ओर से अस्पताल के निदेशक सह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ नवनीत निश्चल के आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रंगोत्सव का त्यौहार होली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर होली के पावन त्यौहार में ग्रामीण परिवेश का समावेश देखने को मिला। पारंपरिक होली के गीत एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।

पारंपरिक एवं ग्रामीण परिवेश की होली के गीत पर सभी लोग मंत्र मुग्ध नजर आए। जहां सभी डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी आपस में रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं इस मौके पर अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नवनीत निश्चल ने सभी को होली की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे जीवन में नया प्रकाश एवं ऊर्जा लेकर आता है। हम लोगों को सादगी एवं भाईचारे के माहौल में पर्व को मनाना चाहिए। किसी के साथ जबरदस्ती ना करते हुए पारिवारिक एवं खुशनुमा माहौल में एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली मनानी चाहिये।

वहीं, उन्होंने कहा कि ग्रामीण होली मिलन समारोह की व्यवस्था करने का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण संस्कृतिक में होली का एक अलग ही महत्व है और हमारे कर्मचारी एवं हमारे पास जो मरीज भी आते हैं वह कहीं ना कहीं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े होते हैं ।वही उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल को ऊंचाइयों तक ले जाने में सभी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अहम योगदान है इसके लिए भी सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। वहीं अस्पताल के निदेशक डॉक्टर कविता निश्चल ने भी होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए लोगों से अपील किया। वही इस मौके पर उन्होंने भी होली की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी है.

उन्होंने भी कहा कि ग्रामीण होली मिलन की व्यवस्था करने का उद्देश्य है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्र से हम लोग जुड़े हुए हैं क्योंकि कहीं न कहीं सभी लोग ग्रामीण क्षेत्र से जुड़कर ही शहर में व्यवसाय या अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं ।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आए गायको के द्वारा भक्ति होली एवं भजन का आयोजन किया गया है जिसे सुन सभी लोग भाव विहोर हो गए ।

गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
सेवानिवृत्त पर उपनिरीक्षक को दी गई विदाई
उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित एलआईयु कार्यालय में उपनिरीक्षक पद पर तैनात पीतांबर यादव के रिटायरमेंट पर विदाई सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें इंस्पेक्टर अरविंद राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक शरद सिंह, उपनिरीक्षक इस्लाम खां, मुख्य आरक्षी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य आरक्षी अखिलेश यादव व कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से पीतांबर यादव को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व फूलमालाओं से लादकर सम्मानित कर सेवाकाल के दौरान इनकी सेवाओं व उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। वही वरिष्ठ अधिकारियों व सहकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए पीतांबर ने कहा कि पुलिस विभाग उनके जीवन का अभिन्न अंग रहा है, उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। इस दौरान शशिधर सिंह, अजय, पुष्पेंद्र, सुमन यादव, बलराम सिंह, अनुभव, मनीष सिंह, आदित्य यादव, लल्लन शर्मा, अविनाश फर्स्ट, अविनाश सेकंड, जीनम, रामतेज, शैलेंद्र, मनजीत, रविंद्र गौतम, कमल किशोर, जितेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।
खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक निर्देश

#mhaissueshighalertinindiaoverprotestsbackingiranskhamenei

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अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम कम्यूनिटी में शोक की लहर है। भारत के कई शहरों में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन किए गए। देशभर में प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा है।

केन्द्र का कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाए

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी संगठनों की ओर से संभावित खतरों की चेतावनी

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

पर्यटक स्थलों और संवेदनशील जगहों पर नजर

दरअसल, मंत्रालय को खुफिया इनपुट मिला है। अलर्ट में प्रमुख पर्यटन स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी संभावित निशाना बताया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

आजमगढ़:-शिक्षक का सनसनीखेज आरोप: इस्तीफा न देने पर पोक्सो एक्ट में फँसाने की मिल रही धमकी
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर क्षेत्र के मेजवा स्थित श्री कैफी आजमी गर्ल्स इंटर कॉलेज के एक प्रवक्ता ने विद्यालय प्रबंधन और मिजवां वेलफेयर सोसाइटी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्र सौंपा है। भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार का आरोप है कि उन पर जबरन इस्तीफा देने का दबाव बनाया जा रहा है और इनकार करने पर पोक्सो जैसे गंभीर कानून के तहत झूठे मुकदमे में फँसाने की धमकी दी जा रही है। पीड़ित शिक्षक वीरेंद्र कुमार, जो 2021 से कॉलेज में कार्यरत हैं, ने बताया कि बीती 27 फरवरी को बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जमा कर लौटने के बाद उन्हें सोसाइटी के कार्यालय में बुलाया गया। आरोप है कि वहां संस्था की सीईओ गुरजीत कौर, मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और बोर्ड सदस्य विकास यादव ने उन्हें लगभग डेढ़ घंटे तक रोककर रखा और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। शिक्षक का दावा है कि उन पर सादे कागज पर हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया गया। शिकायती पत्र के अनुसार, जब शिक्षक ने इस्तीफा देने से मना किया, तो उन पर बिना किसी साक्ष्य के चरित्र हनन के आरोप लगाए गए। वीरेंद्र कुमार ने आशंका जताई है कि उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत पोक्सो अधिनियम के अंतर्गत फँसाने का जाल बुना जा रहा है। "इस घटना के बाद से मैं और मेरा परिवार गहरे मानसिक तनाव और अवसाद में हैं। मुझे और मेरे परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाए।" इस संबंध में प्रिंसिपल वंदना मिश्रा का कहना है कि सोसाइटी की सीईओ गुरमीत कौर, सीनियर मैनेजर सलीम खान, डिप्टी मैनेजर मनोज प्रजापति और लल्लन प्रजापति द्वारा विद्यालय और सोसाइटी पर धब्बा लगाने वाला काम किया जा रहा है। मैं अपने ढंग से पता लगाई हूं। इस तरह की कोई बात नहीं है। विद्यालय के भौतिक विज्ञान के प्रवक्ता वीरेंद्र कुमार यादव साफ सुथरे सज्जन इंसान हैं। सोसाइटी द्वारा अचानक से उन्हें बुलाकर ये सब कहा गया। इन लोगों द्वारा लगाया जा रहा आरोप छोटा आरोप नहीं। किसी के जीवन के साथ खिलवाड़ करना ठीक नहीं है। वहीं सोसायटी के उपप्रबंधक मनोज कुमार का कहना है कि शिक्षक द्वारा कुछ गलतियां की गई हैं। उसे छुपाने के लिए सोसाइटी पर आरोप लगा रहे हैं।
कस्तूरबा गांधी बैरिया की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण: सारनाथ, रामनगर किला सहित वाराणसी भ्रमण पर उत्साह
संजीव सिंह बलिया। बैरिया:  कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय, टोला सिवन राय की छात्राओं का शैक्षणिक भ्रमण वाराणसी के विभिन्न ऐतिहासिक स्थलों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस भ्रमण में सारनाथ, रामनगर किला सहित अन्य महत्वपूर्ण स्थानों का दौरा किया गया, जहां छात्राओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।खंड शिक्षा अधिकारी  पंकज मिश्र ने हरी झंडी दिखाकर टीम को रवाना किया। भ्रमण टीम में वार्डन वंदना सिंह, नीतू पांडेय, निशा पांडेय, रिकी यादव, सरिता गुप्ता, सतीश चौरसिया, जयशंकर प्रसाद, प्रधानाध्यापिका कविता सिंह, रसोइया सहित कुल 85 छात्राएं शामिल रहीं।यह भ्रमण छात्राओं को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक ज्ञान प्रदान करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था, जो शिक्षा विभाग की पहल को दर्शाता है
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

झारखंड के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और टाटा चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के बीच निवेश पर अहम बैठक।

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रांची: झारखंड में औद्योगिक निवेश और विकास की संभावनाओं को धरातल पर उतारने के लिए आज मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन और टाटा समूह के चेयरमैन श्री एन. चंद्रशेखरन के बीच हुई इस मुलाकात में राज्य के औद्योगिक परिदृश्य को बदलने और नए निवेश प्रस्तावों पर गहन चर्चा की गई।

बैठक के मुख्य बिंदु:

इस बैठक में राज्य सरकार और टाटा समूह के बीच आपसी समन्वय को और सुदृढ़ करने पर जोर दिया गया। चर्चा का मुख्य केंद्र झारखंड में टाटा समूह की आगामी परियोजनाएं और रोजगार सृजन रहा। मुख्यमंत्री ने टाटा समूह के लंबे जुड़ाव की सराहना करते हुए राज्य सरकार की ओर से हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

उपस्थिति:

इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, टाटा स्टील के प्रबंध निदेशक श्री टी.वी. नरेंद्रन, कॉरपोरेट सर्विसेज के उपाध्यक्ष श्री डी.बी. सुंदरा रामम तथा रांची के चीफ रेजिडेंट एक्जीक्यूटिव श्री संजय मोहन श्रीवास्तव मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

झारखंड: आजीवन कारावास काट रहे 23 कैदियों की रिहाई का रास्ता साफ, CM हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में बड़ा फैसला

रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड राज्य सजा पुनरीक्षण परिषद की 36वीं बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण बैठक में राज्य की विभिन्न जेलों में उम्रकैद की सजा काट रहे 23 कैदियों को रिहा करने के प्रस्ताव पर अंतिम सहमति दी गई है।

गहन समीक्षा के बाद निर्णय

बैठक के दौरान परिषद द्वारा अनुशंसित नए मामलों के साथ-साथ पिछली बैठकों में अस्वीकृत किए गए 34 मामलों की बिंदुवार और गहन समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने कैदियों के अपराध की प्रकृति, संबंधित जिला पुलिस अधीक्षकों, जेल अधीक्षकों, प्रोबेशन अधिकारियों और न्यायालयों द्वारा दिए गए मंतव्यों को आधार बनाकर यह निर्णय लिया। रिहाई सुनिश्चित करते समय न्यायिक नियमों, सामाजिक सुरक्षा और कारा अधिनियमों का पूर्णतः पालन किया गया है।

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मुख्यमंत्री के प्रमुख निर्देश:

कैदियों का डेटाबेस: रिहा होने वाले सभी कैदियों के लिए एक व्यवस्थित डेटाबेस तैयार किया जाएगा ताकि उनकी गतिविधियों और पुनर्वास पर नजर रखी जा सके।

सामाजिक पुनर्वास: सीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि रिहा होने वाले कैदियों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। उनकी आय सृजन और बेहतर सामाजिक जीवन सुनिश्चित करने के लिए जिला समन्वयकों को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जागरूकता अभियान: डायन-बिसाही जैसे आरोपों में सजा काट चुके कैदियों के क्षेत्रों में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) के माध्यम से सामाजिक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, गृह एवं कारा विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती वंदना दादेल, डीजीपी श्रीमती तदाशा मिश्रा, विधि विभाग के प्रधान सचिव श्री नीरज कुमार श्रीवास्तव, जेल आईजी श्री सुदर्शन प्रसाद मंडल और न्यायिक आयुक्त श्री अनिल कुमार मिश्रा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

अर्श हॉस्पिटल परिवार के द्वारा होली मिलन समारोह का किया आयोजन, होली मिलन के मौके पर दिखी ग्रामीण सांस्कृतिकमयी होली का रंग

गया: गयाजी शहर के एपी कॉलोनी स्थित संचालित अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल परिवार की ओर से अस्पताल के निदेशक सह हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ नवनीत निश्चल के आवास पर होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। रंगोत्सव का त्यौहार होली बड़े ही धूमधाम के साथ मनाया गया। इस मौके पर होली के पावन त्यौहार में ग्रामीण परिवेश का समावेश देखने को मिला। पारंपरिक होली के गीत एवं भजन संध्या का आयोजन किया गया।

पारंपरिक एवं ग्रामीण परिवेश की होली के गीत पर सभी लोग मंत्र मुग्ध नजर आए। जहां सभी डॉक्टर एवं अन्य कर्मचारी आपस में रंग गुलाल लगाकर एक दूसरे को होली पर्व की शुभकामनाएं दी। वहीं इस मौके पर अर्श सुपर स्पेशलियटी हॉस्पिटल के चेयरमैन डॉ नवनीत निश्चल ने सभी को होली की शुभकामना देते हुए कहा कि यह पर्व हमारे जीवन में नया प्रकाश एवं ऊर्जा लेकर आता है। हम लोगों को सादगी एवं भाईचारे के माहौल में पर्व को मनाना चाहिए। किसी के साथ जबरदस्ती ना करते हुए पारिवारिक एवं खुशनुमा माहौल में एक दूसरे को गुलाल लगा कर होली मनानी चाहिये।

वहीं, उन्होंने कहा कि ग्रामीण होली मिलन समारोह की व्यवस्था करने का मुख्य उद्देश्य है कि ग्रामीण संस्कृतिक में होली का एक अलग ही महत्व है और हमारे कर्मचारी एवं हमारे पास जो मरीज भी आते हैं वह कहीं ना कहीं ग्रामीण क्षेत्र से जुड़े होते हैं ।वही उन्होंने कहा कि हमारे अस्पताल को ऊंचाइयों तक ले जाने में सभी कर्मचारी एवं चिकित्सकों का अहम योगदान है इसके लिए भी सभी को शुभकामनाएं एवं बधाई देता हूं। वहीं अस्पताल के निदेशक डॉक्टर कविता निश्चल ने भी होली को शांतिपूर्ण तरीके से मनाने के लिए लोगों से अपील किया। वही इस मौके पर उन्होंने भी होली की शुभकामनाएं एवं बधाइयां दी है.

उन्होंने भी कहा कि ग्रामीण होली मिलन की व्यवस्था करने का उद्देश्य है कि अभी भी ग्रामीण क्षेत्र से हम लोग जुड़े हुए हैं क्योंकि कहीं न कहीं सभी लोग ग्रामीण क्षेत्र से जुड़कर ही शहर में व्यवसाय या अपना परिवार का भरण पोषण करते हैं ।उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र से आए गायको के द्वारा भक्ति होली एवं भजन का आयोजन किया गया है जिसे सुन सभी लोग भाव विहोर हो गए ।

गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने न‌ई परेशानी ने दी दस्तक, युद्ध लंबा खींचा तो करोबार पर दिखेगा का असर

*खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध से 80 फीसदी द्विपक्षीय कालीन कारोबार होगा प्रभावित*



नितेश श्रीवास्तव


भदोही। अमेरिकी टैरिफ से उबरे निर्यातकों के सामने अब एक नई परेशानी ने दस्तक दी है। खाड़ी देशों के बीच छिड़े युद्ध ने निर्यातकों को चिंता में डाल दिया है। वर्तमान में भले ही भारतीय कालीनों के निर्यात पर कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन युद्ध अगर लंबा खिंचता है तो निश्चित तौर पर इसका असर कारोबार पर देखने को मिलेगा। इसमें खरीदार देशों में पैनिक स्थिति होने पर 80 फीसदी द्विपक्षीय कारोबार प्रभावित होने की संभावना है। वहीं, कई अहम रास्ते प्रभावित होने के साथ अगले महीने नई दिल्ली में होने वाले कारपेट एक्स्पो पर भी चिंता के बादल मंडराने लगे हैं।भारतीय कालीन की सबसे अधिक मांग अमेरिका और जर्मनी में होती है। यह दोनों देश फिलहाल प्रत्यक्ष रूप से नहीं, लेकिन अप्रत्यक्ष रूप से युद्ध का हिस्सा बने हुए हैं। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) के वाइस चेयरमैन असलम महबूब का कहना है कि निर्यातक अभी-अभी अमेरिकी टैरिफ के बोझ से निकले हैं। अगले महीने में नई दिल्ली में होेने वाले कारपेट एक्स्पो में निर्यातकों ने यह उम्मीद लगाई है कि बड़ी संख्या में अमेरिकी खरीदार आएंगे, क्योंकि बीते मेले में टैरिफ के असर के कारण खरीदारों ने दूरी बनाई थी। अब एक बार फिर से जिस तरह की स्थितियां बन रही है। उससे कहीं न कहीं कालीन व्यापारियों में यह चिंता बढ़ रही है कि युद्ध के असर से खरीदार कहीं नई दिल्ली के मेले से भी दूरी न बना लें। बताया कि अमेरिका हमारे निर्यात 60 फीसदी हिस्सेदार है। अगर जर्मनी और अन्य यूरोपिय देशों को जोड़ लिया जाए तो यह 80 फीसदी तक पहुंचा जाता है। अब आने वाले दिनों में युद्ध की स्थिति से व्यापार पर भी इसका असर देखा जा सकेगा।
सेवानिवृत्त पर उपनिरीक्षक को दी गई विदाई
उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: पुलिस अधीक्षक कार्यालय स्थित एलआईयु कार्यालय में उपनिरीक्षक पद पर तैनात पीतांबर यादव के रिटायरमेंट पर विदाई सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। जिसमें इंस्पेक्टर अरविंद राय के नेतृत्व में उपनिरीक्षक शरद सिंह, उपनिरीक्षक इस्लाम खां, मुख्य आरक्षी राजेश कुमार पाण्डेय, मुख्य आरक्षी अखिलेश यादव व कार्यालय के अन्य कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से पीतांबर यादव को अंगवस्त्रम, स्मृति चिन्ह व फूलमालाओं से लादकर सम्मानित कर सेवाकाल के दौरान इनकी सेवाओं व उपलब्धियों की प्रशंसा करते हुए ढेर सारी शुभकामनाएं दी। वही वरिष्ठ अधिकारियों व सहकर्मियों का आभार व्यक्त करते हुए पीतांबर ने कहा कि पुलिस विभाग उनके जीवन का अभिन्न अंग रहा है, उन्होंने पूरी निष्ठा के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया है। इस दौरान शशिधर सिंह, अजय, पुष्पेंद्र, सुमन यादव, बलराम सिंह, अनुभव, मनीष सिंह, आदित्य यादव, लल्लन शर्मा, अविनाश फर्स्ट, अविनाश सेकंड, जीनम, रामतेज, शैलेंद्र, मनजीत, रविंद्र गौतम, कमल किशोर, जितेंद्र प्रजापति आदि मौजूद रहे।
खामेनेई की मौत पर प्रदर्शन को लेकर भारत में हाई अलर्ट, गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक निर्देश

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अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई। खामेनेई की मौत से पूरी दुनिया के मुस्लिम कम्यूनिटी में शोक की लहर है। भारत के कई शहरों में भी खामेनेई की मौत को लेकर अमेरिका और इजरायल के विरोध में प्रदर्शन किए गए। देशभर में प्रदर्शनों को लेकर गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों के लिए अलर्ट जारी किया है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से सतर्क रहने को कहा है।

केन्द्र का कानून-व्यवस्था को लेकर सख्त निर्देश

गृह मंत्रालय ने देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों और पुलिस महानिदेशकों को एक सख्त पत्र लिखा है। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि मध्य पूर्व एशिया में चल रहे युद्ध और खामेनेई की मौत का बहाना बनाकर देश के अंदर कोई भी माहौल खराब करने की कोशिश कर सकता है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

दूतावासों के बाहर सुरक्षा बढ़ाई जाए

राज्यों को भेजे गए निर्देश में कहा गया है कि वे ईरान समर्थक और ईरान विरोधी समूहों की गतिविधियों पर पैनी नजर रखें। विशेष रूप से ईरानी, अमेरिकी और इजरायली दूतावासों और वाणिज्य दूतावासों के आसपास सुरक्षा घेरा मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं।

आतंकी संगठनों की ओर से संभावित खतरों की चेतावनी

गृह मंत्रालय ने शिया मिलिशिया के साथ-साथ इस्लामिक स्टेट और अल-कायदा जैसे आतंकी संगठनों से उत्पन्न संभावित खतरों की ओर भी इशारा किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, आतंकी समूह इस तनावपूर्ण माहौल का फायदा उठाकर अशांति फैलाने की कोशिश कर सकते हैं।

पर्यटक स्थलों और संवेदनशील जगहों पर नजर

दरअसल, मंत्रालय को खुफिया इनपुट मिला है। अलर्ट में प्रमुख पर्यटन स्थलों, यहूदी संस्थानों और पश्चिमी देशों से जुड़े प्रतिष्ठानों को भी संभावित निशाना बताया गया है। केंद्र सरकार ने राज्यों को संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।