श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।
पश्चिम बंगाल में जीत की मन्नत पूरी होने पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगातार जमकर प्रचार करने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी उस मन्नत को पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने बंगाल का चुनाव जीतने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की बात कही थी। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बाबा उन्हें निराश नहीं करेंगे। अंततः पश्चिम बंगाल में एक सनातन विरोधी तानाशाही सरकार का अंत हो गया।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी

फर्रूखाबाद l आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी l शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान लिए जाएं । शिकायत गुणवत्ता एवं तत्वविहीन होने पर संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी l
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आई0जी0आर0एस0 शिकायतों के निस्तारण एवं उनकी गुणवत्ता की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड तथा फीडबैक की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक निस्तारण आख्या के साथ आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं, जिनमें शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट, तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान सम्मिलित हों।
जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित न करना गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसकी समस्या को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उदाहरण स्वरूप विभिन्न अधिकारियों की जांच आख्या को पढ़कर उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले संदर्भों को चिन्हित करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की पुनः जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के पुनरीक्षण हेतु अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अन्य विभागीय शिकायतों हेतु मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिलाधिकारी महोदया ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सर्वप्रथम आई जी आर एस पोर्टल का अवलोकन करें, साथ ही लंबित शिकायतों की समीक्षा कर उनका निस्तारण स्वयं की निगरानी में सुनिश्चित करें। यदि कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के कार्यक्षेत्र से संबद्ध नहीं है, तो उसे उसी दिन अथवा अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को वापस किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संदर्भ को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से पूर्व कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक खराब होगा एवं जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।  आई जी आर एस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
विकास काशी नरेश विश्वविद्यालय के पहले कुलसचिव बने:ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती विश्वविद्यालय से आकर कार्यभार संभाला
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। काशी नरेश राज्य विश्वविद्यालय को अपना पहला कुलसचिव मिल गया है। शासन द्वारा नियुक्त विकास ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय पहुंचकर अपना कार्यभार संभाला। उनके आगमन पर, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने उनका स्वागत किया। प्रोफेसर यादव ने विकास को स्मृति चिन्ह भेंट किया और माल्यार्पण भी किया। इस अवसर पर प्रोफेसर प्राचार्य रमेश चंद्र यादव ने कहा कि कुलसचिव के कार्यभार संभालने के बाद विश्वविद्यालय के कार्यों में तेजी आएगी और प्रगति होगी। नवनियुक्त कुलसचिव विकास ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि वह शासन द्वारा दी गई जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगे और विश्वविद्यालय को एक नई पहचान दिलाने का प्रयास करेंगे।‌विकास को ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ के परीक्षा नियंत्रक पद से इस नई जिम्मेदारी के लिए नियुक्त किया गया है। प्रदेश शासन के उच्च शिक्षा अनुभाग के संयुक्त सचिव ने उनके कुलसचिव पद पर तैनाती का आदेश जारी किया था।
पश्चिम बंगाल में जीत की मन्नत पूरी होने पर काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। पश्चिम बंगाल के चुनाव में लगातार जमकर प्रचार करने वाले महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने आज विश्व प्रसिद्ध काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचकर भगवान शिव का दर्शन किया। बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ उन्होंने अपनी उस मन्नत को पूरा कर लिया, जिसमें उन्होंने बंगाल का चुनाव जीतने के बाद बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने की बात कही थी। कृपाशंकर सिंह ने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा था कि बाबा उन्हें निराश नहीं करेंगे। अंततः पश्चिम बंगाल में एक सनातन विरोधी तानाशाही सरकार का अंत हो गया।
हजारीबाग में 18 मई को होगा फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन का राज्य स्तरीय सम्मेलन

हजारीबाग में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन द्वारा 18 मई 2026 को राज्य स्तरीय सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। यह सम्मेलन स्थानीय मुंद्रिका कुंज में सुबह 11 बजे से आयोजित होगा। सम्मेलन को सफल बनाने को लेकर एसोसिएशन की एक महत्वपूर्ण बैठक 11 मई 2026 को दोपहर 12 बजे जिला परिषदन भवन सर्किट हाउस के सभा कक्ष में बुलाई गई है।

एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष नंदु प्रसाद ने जानकारी देते हुए बताया कि राज्य स्तरीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में आल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डिलर एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव श्री विश्वाभर बसु शामिल होंगे। सम्मेलन में राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।

बैठक में जिला के सभी पदाधिकारी, 16 प्रखंडों के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सक्रिय सदस्य, नगर अध्यक्ष, उनकी टीम तथा कार्य समिति के सभी सदस्यों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने का निर्देश दिया गया है। बैठक में सम्मेलन की तैयारी, जिम्मेदारियों के बंटवारे और कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

न्यूजीलैंड की तकनीक से यूपी में बढ़ेगा गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन

* मधुमक्खी पालकों को मिलेगा प्रशिक्षण, निर्यात को भी मिलेगा बढ़ावा : केशव प्रसाद मौर्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में गुणवत्तायुक्त शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण को बढ़ावा देने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शुक्रवार को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य से न्यूजीलैंड के शहद उत्पादन एवं प्रसंस्करण क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार भेंट कर तकनीकी सहयोग और आधुनिक उत्पादन प्रणालियों पर विस्तृत चर्चा की।

प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के अपर मुख्य सचिव बी.एल. मीणा ने किया। प्रतिनिधिमंडल में न्यूजीलैंड के कृषि एवं मधुमक्खी पालन विशेषज्ञों के साथ एपीडा और उत्तर प्रदेश के उद्यमी भी शामिल रहे। टीम ने रायबरेली और बाराबंकी का दौरा कर स्थानीय मधुमक्खी पालकों से संवाद स्थापित किया तथा प्रदेश में शहद उत्पादन की संभावनाओं का अध्ययन किया।

बैठक में बताया गया कि न्यूजीलैंड में उच्च गुणवत्ता वाले शहद उत्पादन, रोग नियंत्रण और प्रसंस्करण की अत्याधुनिक तकनीक विकसित की गई है। इन तकनीकों का प्रशिक्षण उत्तर प्रदेश के मधुमक्खी पालकों को दिया जा सकता है, जिससे प्रदेश में गुणवत्तायुक्त एवं निर्यातोन्मुख शहद उत्पादन को नई दिशा मिलेगी।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भारत और न्यूजीलैंड के बीच हुए फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से दोनों देशों के व्यापारिक और तकनीकी संबंध मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड की उन्नत तकनीक का लाभ प्रदेश के किसानों और मधुमक्खी पालकों तक पहुंचाकर उनकी आय में वृद्धि की जाएगी। साथ ही प्रदेशवासियों को बेहतर गुणवत्ता का स्वास्थ्यवर्धक शहद उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को अतिरिक्त आय के साधन उपलब्ध कराने के लिए मधुमक्खी पालन को एक सशक्त व्यवसाय के रूप में विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है। विभाग किसानों और उद्यमियों को आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित करेगा।

प्रतिनिधिमंडल ने उप मुख्यमंत्री को उनके जन्मदिवस की शुभकामनाएं भी दीं। इस दौरान न्यूजीलैंड में शहद आधारित चॉकलेट टॉफी और अन्य स्वास्थ्यवर्धक उत्पादों के आधुनिक उत्पादन की जानकारी साझा की गई।

उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारियों एवं शहद उत्पादन से जुड़े उद्यमियों को विशेष प्रशिक्षण के लिए न्यूजीलैंड भेजने की कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं भी न्यूजीलैंड और यूरोप का दौरा कर तकनीकी सहयोग को और मजबूत करने का प्रयास करेंगे।

बैठक के बाद खाद्य प्रसंस्करण निदेशालय में रणनीतिक चर्चा और प्रस्तुतीकरण के माध्यम से न्यूजीलैंड की आधुनिक शहद उत्पादन, गुणवत्ता नियंत्रण एवं रोग प्रबंधन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी साझा की गई।

शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण न होने पर अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी

फर्रूखाबाद l आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी l शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान लिए जाएं । शिकायत गुणवत्ता एवं तत्वविहीन होने पर संबंधित अधिकारी को प्रतिकूल प्रविष्टि के साथ ही प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी l
जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में आई0जी0आर0एस0 शिकायतों के निस्तारण एवं उनकी गुणवत्ता की समीक्षा हेतु महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा शिकायतों के निस्तारण की स्थिति, शिकायतकर्ताओं से संवाद, साक्ष्यों के अपलोड तथा फीडबैक की गुणवत्ता की गहन समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी महोदया ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी सक्षम अधिकारी स्वयं निस्तारण आख्या का परीक्षण कर उसे पोर्टल पर अपलोड कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केवल औपचारिक निस्तारण पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं तथ्यपरक समाधान किया जाना आवश्यक है। उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक निस्तारण आख्या के साथ आवश्यक साक्ष्य अनिवार्य रूप से संलग्न किए जाएं, जिनमें शिकायतकर्ता से वार्ता, स्थलीय निरीक्षण की रिपोर्ट, तथा शिकायतकर्ता की अनुपस्थिति में दो पड़ोसियों के बयान सम्मिलित हों।
जिलाधिकारी ने शिकायतकर्ताओं से संपर्क न करने वाले अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायतकर्ता से संवाद स्थापित न करना गंभीर लापरवाही एवं अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायतकर्ता से व्यक्तिगत रूप से वार्ता कर उसकी समस्या को समझते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उदाहरण स्वरूप विभिन्न अधिकारियों की जांच आख्या को पढ़कर उसकी गुणवत्ता की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि किसी अधिकारी द्वारा गुणवत्ताहीन अथवा तथ्यहीन निस्तारण किया जाता है, तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने पिछले एक माह में प्राप्त असंतोषजनक फीडबैक वाले संदर्भों को चिन्हित करते हुए निर्देश दिए कि ऐसे प्रकरणों की पुनः जांच कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कराया जाए। राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के पुनरीक्षण हेतु अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) तथा अन्य विभागीय शिकायतों हेतु मुख्य विकास अधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी गई।
जिलाधिकारी महोदया ने यह भी निर्देश दिए कि सभी अधिकारी प्रतिदिन कार्यालय पहुंचने के बाद सर्वप्रथम आई जी आर एस पोर्टल का अवलोकन करें, साथ ही लंबित शिकायतों की समीक्षा कर उनका निस्तारण स्वयं की निगरानी में सुनिश्चित करें। यदि कोई शिकायत संबंधित अधिकारी के कार्यक्षेत्र से संबद्ध नहीं है, तो उसे उसी दिन अथवा अधिकतम अगले दिन संबंधित विभाग को वापस किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी संदर्भ को डिफाल्टर श्रेणी में जाने से पूर्व कम से कम पांच दिन पहले गुणवत्तापूर्ण एवं स्पष्ट निस्तारण आख्या पोर्टल पर अपलोड कर दी जाए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन अधिकारियों की लापरवाही से शिकायतकर्ताओं का फीडबैक खराब होगा एवं जनपद की रैंकिंग प्रभावित होगी, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।  आई जी आर एस शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की शिथिलता अथवा उदासीनता स्वीकार नहीं की जाएगी।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व), अपर जिलाधिकारी (न्यायिक), उपजिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।