हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य
हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।
युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।
डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।
इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।
रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।
संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।
ग्रीष्मकाल के दौरान उत्पन्न पेयजल संकट के मद्देनज़र आमजनों को स्वच्छ एवं पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के निर्देशानुसार हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों में “नीर चौपाल” का आयोजन किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल से संबंधित समस्याओं की पहचान कर उनके त्वरित समाधान हेतु कार्य योजना तैयार करना है।

*ग्राम समाज की डेढ़ बीघा जमीन खाली कराई गई
निजी विद्यालयों की मनमानी पर कांग्रेसियों का विरोध प्रदर्शन, राज्यपाल को भेजा ज्ञापन*
उन्होंने आरोप लगाया कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को खुलेआम धंधा बना दिया है, जहां एडमिशन, रजिस्ट्रेशन, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से बेशर्मी से वसूली की जा रही है। कांग्रेस नेताओं ने यह भी आरोप लगाया कि यह पूरा खेल प्रशासन की मिलीभगत से चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं। प्रदर्शन के दौरान सिटी मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने मौके पर पहुंचे, लेकिन कांग्रेसियों ने उन्हें ज्ञापन देने से इनकार कर दिया और BSA व DIOS को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ गए। काफी देर तक चले इस गतिरोध के बाद, अंततः सिटी मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन DIOS को सौंपा गया। ज्ञापन लेने के बाद DIOS ने एक सप्ताह के भीतर प्रभावी कार्यवाही का आश्वासन दिया, लेकिन कांग्रेस ने इस आश्वासन पर साफ शब्दों में कहा कि अब सिर्फ वादे नहीं, जमीनी कार्यवाही चाहिए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि निजी स्कूलों की लूट अब हर सीमा पार कर चुकी है और कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि तत्काल सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो यह आंदोलन और आक्रामक रूप लेगा और सड़कों पर बड़ा जन आंदोलन खड़ा किया जाएगा। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने प्रशासन को खुली चेतावनी देते हुए कहा कि एक हफ्ते के भीतर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर ऐसा आंदोलन करेगी, जिससे प्रशासन को जवाब देना मुश्किल हो जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की कि किताबों की कीमतों पर सख्त नियंत्रण लगाया जाए, किसी एक दुकान से किताब-कॉपी खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए, पुस्तक सेट कम से कम पांच वर्षों तक न बदले जाएं, नियम तोड़ने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और फीस निर्धारण में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। साथ ही अभिभावकों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी निगरानी तंत्र बनाने की भी मांग की गई। प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में लंबे समय तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा। स्थिति को नियंत्रित रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आंदोलन में बदल जाएगा और इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
मुंबई : तेज़ रफ्तार और भागदौड़ भरी मुंबई में कई ऐसे दृश्य होते हैं, जो अक्सर हमारी नजरों से छूट जाते हैं। इन्हीं “अनदेखी और अलग” तस्वीरों को ‘माय मुंबई’ छायाचित्र प्रदर्शनी ने सामने लाने का कार्य किया। खास बात यह रही कि ये सभी तस्वीरें उन बेघर नागरिकों द्वारा खींची गई थीं, जिन्होंने कभी कैमरा तक नहीं पकड़ा था। इसके बावजूद उनकी नजरों से कैद हुए ये छायाचित्र अद्वितीय और भावनात्मक अभिव्यक्ति 8का सशक्त माध्यम बनकर सामने आए, जिनका सभी ने दिल से सराहना की।३५ बेघर लोगों ने Fujifilm Quicksnap डिस्पोज़ेबल कैमरों का उपयोग करके कुल ९४५ तस्वीरें खींचीं। मुंबई स्थित पहचान संस्था द्वारा आयोजित यह विशेष प्रदर्शनी मुंबई प्रेस क्लब में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। इस अनोखे प्रोजेक्ट के तहत बेघर नागरिकों ने स्वयं मुंबई के विभिन्न पहलुओं को अपने कैमरे में कैद किया, जिससे शहर को देखने का एक नया और संवेदनशील दृष्टिकोण सामने आया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी एवं राज्य स्तरीय आश्रय निगरानी समिति के अध्यक्ष उज्ज्वल उके ने भी इस पहल की सराहना की। उन्होंने अपने छात्र जीवन के फोटोग्राफी अनुभव साझा करते हुए कहा कि बेघर नागरिकों द्वारा तस्वीरों के माध्यम से अपनी कहानी कहना अत्यंत प्रेरणादायक है।कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार एवं सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली और भाजपा प्रवक्ता संजय ठाकूर प्रमुख अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने पहचान संस्था के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि बेघर लोगों के लिए आश्रय और उनके विचारों को मंच देना आज की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। संस्था के संस्थापक-संचालक बृजेश आर्य ने प्रोजेक्ट के पीछे की प्रेरणा साझा करते हुए पिछले दो वर्षों में आयोजित सफल प्रदर्शनों का उल्लेख किया। कार्यक्रम में पूर्व मुंबई विश्वविद्यालय कुलगुरु प्रो. भालचंद्र मुणगेकर, पूर्व उपमहापौर अरुण देव, अमरजीत मिश्रा, एडवोकेट संतोष पांडे, उदयप्रताप सिंह, सुमिति सिंह, रवि नायर, डॉ. सुरैना मल्होत्रा, भावना जैन, निजामुद्दीन राईन, प्रमिला शर्मा, डॉ. दीपनारायण शुक्ला, सोनल खानोलकर, डॉ. धीरज सिंह, राजेंद्र आकेलकर, रौनक कुकड़े, विजय सिंह, इंद्रजीत सिंह, जमीर काज़ी, भगवती मिश्रा, अंकित मिश्रा और डिंपल छेड़ा सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही। पहचान फाउंडेशन की टीम—सुभाष, रेचेल, समीर और सार्थक—के प्रयासों की भी सभी ने सराहना की। विशेष रूप से, प्रदर्शनी में शामिल बेघर छायाकारों ने इस पहल को केवल एक प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी पहचान, भावनाओं और संघर्षों को अभिव्यक्त करने का सशक्त माध्यम बना दिया।
मुंबई। घाटकोपर स्थित जंगलश्वर महादेव मंदिर सभागृह में इन दिनों चल रहे “संगीतमय नौ दिवसीय श्रीराम कथा महोत्सव” ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया है। 5 अप्रैल से प्रारंभ हुआ यह आयोजन 13 अप्रैल 2026 तक जारी है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन पहुंचकर भगवान श्रीराम की पावन कथा का श्रवण कर रहे हैं। कथा स्थल पर भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। प्रख्यात कथा वाचक श्री.श्री. 1008 श्रीमद जगद्गुरु हरि प्रपन्नाचार्य महाराज अपने प्रवचनों में राम के आदर्शों को सरल भाषा में प्रस्तुत कर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम कथा केवल कहानी नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला है, जो मनुष्य को मर्यादा, धैर्य और धर्म के मार्ग पर चलना सिखाती है।” वहीं कथा संयोजक श्री रमेश छेदी सिंह ने बताया, “यह आयोजन समाज में भक्ति और संस्कारों को मजबूत करने का एक प्रयास है, हमें खुशी है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें सहभागिता कर रहे हैं। इस भव्य आयोजन ने न केवल धार्मिक आस्था को सशक्त किया है, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती दी है। प्रतिदिन शाम आयोजित हो रही कथा में परिवारों की भागीदारी विशेष रूप से देखने को मिल रही है, जिससे पूरा वातावरण राममय और भक्तिरस से सराबोर हो गया है।
4 hours ago
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