रांची नगर निकाय चुनाव: नामांकन शुरू; प्रत्याशी बनने से पहले जान लें ये 15 कड़े नियम, एक गलती और हाथ से निकल जाएगा मौका!

रांची: झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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नामांकन के लिए मुख्य गाइडलाइन

समय और स्थान: नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे।

समर्थकों की सीमा: नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम केवल 3 समर्थकों को ही ले जा सकते हैं।

दस्तावेजों की जांच: निर्वाची पदाधिकारियों को कागजातों की सूक्ष्म जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक भी त्रुटि होने पर नामांकन रद्द हो सकता है।

आदर्श आचार संहिता: क्या करें और क्या न करें?

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है:

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। दिन में भी अनुमति लेकर ही सीमित ध्वनि (75 डेसिबल से कम) में इसका उपयोग किया जा सकता है।

हथियार लेकर चलने पर रोक: किसी भी प्रकार का धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध है। (सिखों के कृपाण और नेपालियों की खुखरी जैसे पारंपरिक शस्त्रों को छूट प्राप्त है)।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी भवनों या सड़कों पर नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

भीड़ पर नियंत्रण: शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर जमा नहीं हो सकेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक संदेश फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थलों का उपयोग: किसी भी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण रोक है।

पर्यावरण का ध्यान: प्रचार के लिए प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण सुर्खियां (Headlines):

"प्रत्याशी ध्यान दें! नामांकन के समय साथ रहेंगे केवल 3 समर्थक, 100 मीटर का दायरा होगा 'नो-गो ज़ोन'"

"रांची निकाय चुनाव: बिना अनुमति सभा या जुलूस निकाला तो होगी जेल, आचार संहिता के कड़े नियम लागू"

"निकाय चुनाव 2026: रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर"

"नामांकन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी तक मौका, गाइडलाइन का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पर्चा"

पीटी उषा के पति वी श्रीनिवास का निधन, घर में इस हालत में मिला शव

#ptushashusbandvsrinivasanpasses_away

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भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका देहांत केरल के कोझिकोड स्थित आवास पर हुआ। वे 67 वर्ष के थे।

श्रीनिवासन अपने घर थिक्कोडी पेरुमलपुरम में लगभग 1:00 बजे गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना तब हुई जब पीटी उषा एक संसदीय सत्र से लौट रही थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं।

किरेन रिजिजू का ट्वीट

किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पी टी उषा जी के पति श्री वी. श्रीनिवासन जी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उषा जी और शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस मुश्किल समय में उन्हें शक्ति मिले, इसके लिए प्रार्थना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बात कर उनके पति के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन भी जताया।

कौन थे वी. श्रीनिवासन?

वी. श्रीनिवासन का जन्म कुट्टिक्काड पोन्नानी के वेंगाली थारवाद में नारायणन और सरोजिनी के घर हुआ था। वे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में उप अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 1991 में पीटी उषा से शादी की थी, जो उनकी दूर की रिश्तेदार भी थीं।

उषा के जीवन और करियर में निभाई अहम भूमिका

केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी श्रीनिवासन उषा के शानदार खेल करियर और राजनीतिक करियर के दौरान हमेशा उनके साथ रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति माना जाता था। इस दंपति का एक बेटा है जिसका नाम उज्ज्वल है।

एनओसी के फेर में फंसा अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम


*आग से बचाव के लिए जिला अस्पताल ज्ञानपुर में लगा है उपकरण,1.20 करोड़ का है प्रोजेक्ट*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंड सिस्टम का काम अब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण फायर हाइड्रेंड सिस्टम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अस्पताल परिसर में धुंआ उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा, इससे समय रहते आग पर काबू पाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में अगलगी की घटनाओं में मरीजों की मौत हो चुकी है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में बचाव के लिए पहल की जा रही है। जिला अस्पताल में लगने वाले फायर हाइड्रेंड सिस्टम से जिला अस्पताल के हर बिल्डिंग को जोड़ा गया है। ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लैब, एक्स-रे कक्ष आदि स्थानों कहीं भी धुआं उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा। सायरन बजते ही स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड़ में होगे। फायर सिस्टम चालू करने पर पाइप के माध्यम से पानी के फुहारे आग की लपटों पर गिरेगी। इससे आग पर तुंरत काबू पाया जाएगा। अस्पताल में रोजाना एक हजार की ओपीडी होती है। वहीं, तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है। जनवरी 2024 में फायर हाइड्रेंट सिस्टम कार्य शुरू हुआ था। जून 2025 हैंडओवर की अंतिम डेड लाइन थी। शासन से बजट समय से नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 कर दिया। इस डेडलाइन से पहले ही फायर सिस्टम बनकर तैयार हो गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया हैं, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली। इससे कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट को हैंडओवर नहीं किया।


छह स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित
फायर हाईड्रेंड सिस्टम को संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगजनी की घटना के बाद कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। कर्मचारियों को अस्पताल में ट्रेंनिग दी जाएगी। इस दौरान पूरे सिस्टम को ऑन करके दिखाया जाएगा। आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया जाएगा। एक लाख लीटर पानी हमेशा संरक्षित रहेगा। इसके लिए टंकी का निर्माण कराया गया है।


सीएफओ ने फायर हाइड्रेंट सिस्टम के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। अग्निशमन से एनओसी जारी होते ही हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की घटना में यह प्रभावशाली होगा। - डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल
मुठभेड़ के बाद 20 हजार का इनामी बदमाश विकास उर्फ अटरिया गिरफ्तार ।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरपुर/जानसठ, । जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जानसठ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹20,000 का इनामी और शातिर अपराधी विकास उर्फ अटरिया पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्त के पास से अवैध हथियार और नकदी बरामद हुई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, गढ़ी-नया गांव मार्ग पर हुई मुठभेड़ ।

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, थाना जानसठ पुलिस वांछित अपराधियों की तलाश में सक्रिय थी। इसी दौरान थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि गढ़ी-नया गांव मार्ग पर स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल के पास इनामी बदमाश विकास अटरिया छिपा हुआ है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अभियुक्त विकास ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और ईख के खेतों की ओर भागने लगा।

आत्मरक्षार्थ पुलिस ने की जवाबी फायरिंग पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाश का पीछा किया और उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी। इसके बावजूद अभियुक्त ने फायरिंग जारी रखी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने उसके पास से  01 अवैध तमंचा (315 बोर) जिंदा व खोखा कारतूस 3,320 रुपये नकद जो थाना जानसठ और ककरौली की विभिन्न चोरी व लूट की घटनाओं होना बताया और बरामद करने का दावा किया है पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विकास उर्फ अटरिया (निवासी: ग्राम योगेन्द्रनगर, थाना भोपा) एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। इसके विरुद्ध मुजफ्फरनगर और शामली के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे 20 गंभीर मामले दर्ज हैं। यह लंबे समय से वांछित चल रहा था और पुलिस ने इस पर ₹20,000 का इनाम घोषित कर रखा था।

ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, दीपक शर्मा और कांस्टेबल अनुज, कपिल व विजय कुमार शामिल रहे।
*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
देशभक्ति की हुंकार के साथ शंकरगढ़ में लहराया तिरंगा।

बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने एम.वी.कॉन्वेन्ट स्कूल में किया ऐतिहासिक ध्वजारोहण।

शिक्षा ही मजबूत भारत की सबसे बड़ी बंदूक है-डॉ. वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल एवं कॉलेज, कनक नगर का प्रांगण सोमवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब बारा विधायक एवं जनप्रिय नेता डॉ. वाचस्पति ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ओर बढ़ा,वैसे ही सैकड़ों कंठों से निकला भारत माता की जय का उद्घोष पूरे इलाके में गूंज उठा। यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नही था बल्कि देश के प्रति निष्ठा की परेड थी।डॉ. वाचस्पति का व्यक्तित्व किसी सधे हुए फौजी कमांडर जैसा प्रतीत हो रहा था—सीधा स्पष्ट और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला। उन्होंने मंच से नही बल्कि एक सिपाही की तरह विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया।

डॉ. वाचस्पति ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का सेनापति वैज्ञानिक प्रशासक और जनसेवक बनेगा। अगर आज शिक्षा मजबूत होगी तो कल भारत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”उन्होंने कहा कि एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान सीमाओं पर तैनात जवानों जितना ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है क्योंकि यहां से निकलने वाला हर बच्चा राष्ट्र की रीढ़ बनता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुति और कविताओ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदान को जीवंत कर दिया।कई अभिभावकों की आंखें उस समय नम हो गईं जब बच्चो ने शहीदों के त्याग पर आधारित प्रस्तुति दी।

डॉ.वाचस्पति ने विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों और अभिभावकों की खुले मन से सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन संस्कार और शिक्षा—तीनो का संगम ही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भटकाव से दूर रहकर देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। विद्यालय परिसर पूरे कार्यक्रम के दौरान तिरंगे राष्ट्रगीत और देशभक्ति नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन केवल औपचारिक नही बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की चिंगारी सुलगाने वाला क्षण बन गया।

सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण से एनसीसी कैडेट्स में निखर रही सैन्य दक्षता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के तत्वावधान में 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट(सी टी आर) एनसीसी प्रयागराज द्वारा एमएनएन आईटी प्रयागराज परिसर में सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है।यह प्रशिक्षण आधुनिक सैन्य तकनीक के माध्यम से कैडेट्स को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप के अंतर्गत संचालित सभी एनसीसी बटालियन एवं कंपनियाँ इस सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में सहभागिता कर रही है। 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट (सीटीआर)प्रयागराज द्वारा जारी प्रशिक्षण शेड्यूल के अनुसार कैडेट्स को चरणबद्ध ढंग से सिमुलेटर फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है।इसी क्रम में आज 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में फायरिग के दौरान सटीक निशाना साधने की क्षमता विकसित करना तथा फायरिंग से सम्बंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक क्रियाकलापों को सुदृढ़ बनाना रहा।कैडेट्स को प्वाइंट.22 राइफल के माध्यम से सिमुलेटर पर फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी एकाग्रता आत्मविश्वास एवं निशाने की सटीकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। भारतीय सेना में फील्ड फायरिंग रेंज की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेटर तकनीक को एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपनाया गया है।यद्यपि विशेषज्ञों का मत है कि सिमुलेटर पूर्णतः वास्तविक प्रशिक्षण का स्थान नहीं ले सकते फिर भी यह कैडेट्स को वास्तविक परिस्थितियो के निकट अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन1यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेन्ट(सीटीआर) के कमान अधिकारी लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश्वरी प्रसाद कर रहे है।यह सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन साहस तकनीकी दक्षता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास सिद्ध हो रहा है।

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।
लखनऊ में UGC 2026 बिल के खिलाफ ब्राह्मण परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC 2026 बिल के विरोध में ब्राह्मण परिवार लखनऊ/भारत (रजि.) के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ के GPO स्थित गांधी प्रतिमा, हज़रतगंज पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध में ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा, शामिल हुए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की प्रतिनिधि बताती थी, वह आज समाज को बांटने का काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर वोट दिया, और आज उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह “काला बिल” जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जंतर-मंतर, दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा।

ब्राह्मण परिवार के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि UGC संशोधन से सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णयों से उच्च शिक्षा के संस्थानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अपराधी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश का हिस्सा है और सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के विरोध में खड़े सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और सवर्ण नेताओं के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई हुई, तो ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी ससम्मान पदों पर वापसी सुनिश्चित कराएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह समझती है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस कानून का समर्थन करेगा, सवर्ण समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सवर्ण समाज अपना राजनीतिक विकल्प स्वयं तैयार करेगा। मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष थमेगा नहीं और जरूरत पड़ी तो संसद का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि UGC 2026 कानून में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं है; इसे पूर्ण रूप से वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण परिवार ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक मांग-पत्र भी सौंपा।
डॉ मंजू लोढ़ा को एक सप्ताह में मिला दो प्रतिष्ठित अवार्ड
मुंबई। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा को इस सप्ताह 2 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्र सेवा और समाज सेवा की क्षेत्र में जहां उन्हें “ राष्ट्रीय रत्न अवार्ड “ प्राप्त हुआ, वहीं सायबर अवेयरनेस तथा डिजिटल सेफ्टी के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य के चलते “ व्हाट नाउ अवार्ड " प्राप्त हुआ । देखा जाए तो डॉ मंजू लोढ़ा हमेशा से ही समाज को मजबूत करने की दिशा में समर्पित भावना के साथ काम कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नारी सम्मान, देश भक्ति, पर्यावरण सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में उन्होंने रचनात्मक काम किया है। सायबर सुरक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए कार्यों की गई। एक सप्ताह के भीतर दो अवार्ड मिलना गौरव की बात है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से काम की जिम्मेदारी और गति बढ़ जाती है।
रांची नगर निकाय चुनाव: नामांकन शुरू; प्रत्याशी बनने से पहले जान लें ये 15 कड़े नियम, एक गलती और हाथ से निकल जाएगा मौका!

रांची: झारखंड की राजधानी में नगर निकाय चुनाव का बिगुल बज चुका है। 29 जनवरी से 4 फरवरी तक नामांकन की प्रक्रिया चलेगी। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव राधेश्याम प्रसाद ने स्पष्ट किया है कि नामांकन के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन अनिवार्य है।

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नामांकन के लिए मुख्य गाइडलाइन

समय और स्थान: नामांकन सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ही स्वीकार किए जाएंगे।

समर्थकों की सीमा: नामांकन स्थल के 100 मीटर के दायरे में प्रत्याशी अपने साथ अधिकतम केवल 3 समर्थकों को ही ले जा सकते हैं।

दस्तावेजों की जांच: निर्वाची पदाधिकारियों को कागजातों की सूक्ष्म जांच के निर्देश दिए गए हैं। एक भी त्रुटि होने पर नामांकन रद्द हो सकता है।

आदर्श आचार संहिता: क्या करें और क्या न करें?

अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) कार्यालय द्वारा शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए निषेधाज्ञा लागू की गई है:

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लाउडस्पीकर का प्रयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है। दिन में भी अनुमति लेकर ही सीमित ध्वनि (75 डेसिबल से कम) में इसका उपयोग किया जा सकता है।

हथियार लेकर चलने पर रोक: किसी भी प्रकार का धारदार या घातक हथियार लेकर चलने पर प्रतिबंध है। (सिखों के कृपाण और नेपालियों की खुखरी जैसे पारंपरिक शस्त्रों को छूट प्राप्त है)।

सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा: सरकारी भवनों या सड़कों पर नारे लिखना, पोस्टर चिपकाना या झंडा लगाना अपराध माना जाएगा। ऐसा करने पर प्रिवेंशन ऑफ डिफेसमेंट ऑफ प्रॉपर्टी एक्ट के तहत कार्रवाई होगी।

भीड़ पर नियंत्रण: शांति भंग करने के उद्देश्य से 5 या उससे अधिक व्यक्ति एक स्थान पर जमा नहीं हो सकेंगे।

सोशल मीडिया पर नजर: किसी भी व्यक्ति या समुदाय के विरुद्ध आपत्तिजनक टिप्पणी या भ्रामक संदेश फैलाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।

धार्मिक स्थलों का उपयोग: किसी भी मंदिर, मस्जिद या गुरुद्वारे का प्रयोग राजनीतिक प्रचार के लिए नहीं किया जा सकेगा।

भड़काऊ भाषण प्रतिबंधित: जाति, धर्म या भाषा के आधार पर नफरत फैलाने वाले भाषणों पर पूर्ण रोक है।

पर्यावरण का ध्यान: प्रचार के लिए प्लास्टिक या पॉलीथीन से बने पोस्टर और बैनर का इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा।

महत्वपूर्ण सुर्खियां (Headlines):

"प्रत्याशी ध्यान दें! नामांकन के समय साथ रहेंगे केवल 3 समर्थक, 100 मीटर का दायरा होगा 'नो-गो ज़ोन'"

"रांची निकाय चुनाव: बिना अनुमति सभा या जुलूस निकाला तो होगी जेल, आचार संहिता के कड़े नियम लागू"

"निकाय चुनाव 2026: रात 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बंद, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट पर प्रशासन की पैनी नजर"

"नामांकन प्रक्रिया शुरू: 4 फरवरी तक मौका, गाइडलाइन का पालन न करने पर रद्द हो सकता है पर्चा"

पीटी उषा के पति वी श्रीनिवास का निधन, घर में इस हालत में मिला शव

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भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष और राज्यसभा सदस्य पी टी उषा के पति वी श्रीनिवासन का शुक्रवार तड़के निधन हो गया। पारिवारिक सूत्रों के मुताबिक, उनका देहांत केरल के कोझिकोड स्थित आवास पर हुआ। वे 67 वर्ष के थे।

श्रीनिवासन अपने घर थिक्कोडी पेरुमलपुरम में लगभग 1:00 बजे गिर पड़े थे। उन्हें तुरंत पास के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह घटना तब हुई जब पीटी उषा एक संसदीय सत्र से लौट रही थीं और घर पर मौजूद नहीं थीं।

किरेन रिजिजू का ट्वीट

किरेन रिजिजू ने ट्वीट करते हुए लिखा कि राज्यसभा सांसद और इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन की प्रेसिडेंट पी टी उषा जी के पति श्री वी. श्रीनिवासन जी के निधन के बारे में जानकर बहुत दुख हुआ। उषा जी और शोक संतप्त परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। इस मुश्किल समय में उन्हें शक्ति मिले, इसके लिए प्रार्थना।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीटी उषा से फोन पर बात कर उनके पति के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने इस कठिन समय में परिवार के प्रति अपनी सहानुभूति और समर्थन भी जताया।

कौन थे वी. श्रीनिवासन?

वी. श्रीनिवासन का जन्म कुट्टिक्काड पोन्नानी के वेंगाली थारवाद में नारायणन और सरोजिनी के घर हुआ था। वे सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) में उप अधीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने 1991 में पीटी उषा से शादी की थी, जो उनकी दूर की रिश्तेदार भी थीं।

उषा के जीवन और करियर में निभाई अहम भूमिका

केंद्र सरकार के पूर्व कर्मचारी श्रीनिवासन उषा के शानदार खेल करियर और राजनीतिक करियर के दौरान हमेशा उनके साथ रहे। उन्हें उषा का मजबूत संबल और उनकी कई पेशेवर उपलब्धियों के पीछे प्रेरक शक्ति माना जाता था। इस दंपति का एक बेटा है जिसका नाम उज्ज्वल है।

एनओसी के फेर में फंसा अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम


*आग से बचाव के लिए जिला अस्पताल ज्ञानपुर में लगा है उपकरण,1.20 करोड़ का है प्रोजेक्ट*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंड सिस्टम का काम अब 98 फीसदी पूरा हो चुका है। अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण फायर हाइड्रेंड सिस्टम का संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का प्रोजेक्ट है। अस्पताल परिसर में धुंआ उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा, इससे समय रहते आग पर काबू पाया जाएगा। इसके लिए स्वास्थ्यकर्मी को प्रशिक्षित किया जाएगा। देश के कई अस्पतालों में अगलगी की घटनाओं में मरीजों की मौत हो चुकी है। शासन के निर्देश पर अस्पतालों में बचाव के लिए पहल की जा रही है। जिला अस्पताल में लगने वाले फायर हाइड्रेंड सिस्टम से जिला अस्पताल के हर बिल्डिंग को जोड़ा गया है। ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थियेटर, लैब, एक्स-रे कक्ष आदि स्थानों कहीं भी धुआं उठते ही सेंसर आवाज करने लगेगा। सायरन बजते ही स्वास्थ्य कर्मी अलर्ट मोड़ में होगे। फायर सिस्टम चालू करने पर पाइप के माध्यम से पानी के फुहारे आग की लपटों पर गिरेगी। इससे आग पर तुंरत काबू पाया जाएगा। अस्पताल में रोजाना एक हजार की ओपीडी होती है। वहीं, तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है। जनवरी 2024 में फायर हाइड्रेंट सिस्टम कार्य शुरू हुआ था। जून 2025 हैंडओवर की अंतिम डेड लाइन थी। शासन से बजट समय से नहीं मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों ने हैंडओवर की अंतिम तिथि 31 दिसंबर 2025 कर दिया। इस डेडलाइन से पहले ही फायर सिस्टम बनकर तैयार हो गया। अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने जिला अस्पताल का निरीक्षण भी कर लिया हैं, लेकिन अभी तक एनओसी नहीं मिली। इससे कार्यदायी संस्था ने प्रोजेक्ट को हैंडओवर नहीं किया।


छह स्वास्थ्यकर्मी होंगे प्रशिक्षित
फायर हाईड्रेंड सिस्टम को संचालित करने के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। आगजनी की घटना के बाद कैसे आग पर काबू पाया जाएगा। कर्मचारियों को अस्पताल में ट्रेंनिग दी जाएगी। इस दौरान पूरे सिस्टम को ऑन करके दिखाया जाएगा। आग कैसे बुझानी है, इसके बारे में बताया जाएगा। एक लाख लीटर पानी हमेशा संरक्षित रहेगा। इसके लिए टंकी का निर्माण कराया गया है।


सीएफओ ने फायर हाइड्रेंट सिस्टम के लिए अस्पताल का निरीक्षण किया है। अग्निशमन से एनओसी जारी होते ही हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की घटना में यह प्रभावशाली होगा। - डॉ. अजय तिवारी सीएमएस जिला अस्पताल
मुठभेड़ के बाद 20 हजार का इनामी बदमाश विकास उर्फ अटरिया गिरफ्तार ।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मुजफ्फरपुर/जानसठ, । जनपद में अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत जानसठ पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुरुवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में ₹20,000 का इनामी और शातिर अपराधी विकास उर्फ अटरिया पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पकड़े गए अभियुक्त के पास से अवैध हथियार और नकदी बरामद हुई है।
मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी, गढ़ी-नया गांव मार्ग पर हुई मुठभेड़ ।

पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, थाना जानसठ पुलिस वांछित अपराधियों की तलाश में सक्रिय थी। इसी दौरान थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि गढ़ी-नया गांव मार्ग पर स्थित एक सरकारी ट्यूबवेल के पास इनामी बदमाश विकास अटरिया छिपा हुआ है।

सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही अभियुक्त विकास ने जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और ईख के खेतों की ओर भागने लगा।

आत्मरक्षार्थ पुलिस ने की जवाबी फायरिंग पुलिस टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते हुए बदमाश का पीछा किया और उसे आत्मसमर्पण के लिए चेतावनी दी। इसके बावजूद अभियुक्त ने फायरिंग जारी रखी। पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक गोली अभियुक्त के पैर में लगी और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने तत्काल उसे हिरासत में लेकर उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया।पुलिस ने उसके पास से  01 अवैध तमंचा (315 बोर) जिंदा व खोखा कारतूस 3,320 रुपये नकद जो थाना जानसठ और ककरौली की विभिन्न चोरी व लूट की घटनाओं होना बताया और बरामद करने का दावा किया है पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त विकास उर्फ अटरिया (निवासी: ग्राम योगेन्द्रनगर, थाना भोपा) एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। इसके विरुद्ध मुजफ्फरनगर और शामली के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट जैसे 20 गंभीर मामले दर्ज हैं। यह लंबे समय से वांछित चल रहा था और पुलिस ने इस पर ₹20,000 का इनाम घोषित कर रखा था।

ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में थाना प्रभारी विनोद कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार, दीपक शर्मा और कांस्टेबल अनुज, कपिल व विजय कुमार शामिल रहे।
*शिक्षकों के हित के लिए सड़क,से सदन तक हमेशा लड़ता रहूंगा-शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी*
आज क्षत्रिय भवन सुल्तानपुर में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ सुल्तानपुर का जनपदीय वार्षिक सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि के रूप में गोरखपुर अयोध्या से शिक्षक विधायक माननीय ध्रुव कुमार त्रिपाठी जी और विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री नरेन्द्र प्रताप वर्मा द्वारा ध्वजारोहण कर किया गया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए जिला मंत्री अरुण कुमार सिंह द्वारा कहा गया कि संगठन हमेशा शिक्षकों की लड़ाई के लिए संघर्षशील हैं। साथ ही कहा कि संगठन पर विश्वास कर आप साथ दे सदन तक लड़ाई जारी रहेगी। जिला अध्यक्ष राजेन्द्र प्रसाद मिश्रा ने कहा कि पहले के समय में शिक्षक संघर्ष पर विश्वास करता था और काफी उपलब्धियां हासिल की लेकिन अब कही न कही संघर्ष में कमी आई है जिसके कारण हमारी सभी उपलब्धियां हमसे छीनी जा रही है। हमको समय देना होगा,संघर्ष में आगे आना होगा। तभी हम सब के शिक्षक विधायक सदन में अपनी बातों को जोरदार ढंग से सरकार के समक्ष रखेंगे। *मुख्य अतिथि ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि अगर आप सभी शिक्षकों का साथ मिलता रहा तो हम सरकार से शिक्षकों के हित में सड़क से सदन तक लड़ता रहूंगा और जरूरत पड़ी तो हम जेल में भी जाने को तैयार है,उन्होंने कहा कि शिक्षकों के संघर्षों से प्राप्त सारी उपलब्धियां शिक्षक विरोधी यह सरकार की दर्जी के कैंची की तरह काट रही है चाहे बेसिक शिक्षा,माध्यमिक शिक्षा और उच्च शिक्षा सभी में सरकार की पैनी नजर है, शिक्षक चाणक्य के वंशज,राष्ट्र निर्माता है। आप को सोचना होगा कि हम कहा थे कहा है और कहा रहेंगे, अगर हम जाति धर्म में बटते रहे तो हमको सरकार का दंश झेलना पड़ेगा। चाहे तदर्थ शिक्षक का सेवा की बात हो, सेवा सुरक्षा की बात हो, सरकार बिना कुछ सोचे हिटलर जैसा आदेश जारी कर लागू कराने का प्रयास करता रहता है सरकार शिक्षा में नए नए बदलाव कर शिक्षकों को अनावश्यक परीक्षा देने पर मजबूर कर रही है, हम सभी को सोचना होगा विचार करना होगा शिक्षक हित में जो लड़ाई लड़ रहा है उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलना होगा* विशिष्ट अतिथि प्रदेशीय मंत्री श्री नरेन्द्र कुमार वर्मा जी ने वेतन आयोग के गठन, वेतन वितरण अधिनियम आदि तमाम संघर्षों की चर्चा कर कहा शिक्षक बांटने का काम सरकार कर रही है, हमको एक रहना होगा तभी शिक्षक हित की बात संभव है। सम्मेलन को मंडलीय अध्यक्ष रामानुज तिवारी, अजीत सिंह, मंडलीय मंत्री शिव भूषण उपाध्याय, प्रधानाचार्य परिषद के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ के डी सिंह,जिला अध्यक्ष अयोध्या राकेश पाण्डेय,जिला मंत्री अयोध्या आलोक कुमार त्रिपाठी,पूर्व जिला मंत्री अशोक तिवारी,जिला मंत्री अमेठी जय प्रकाश द्विवेदी,शिक्षक महासभा के जिला अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय,महाविद्यालय संघ के पूर्व अध्यक्ष डॉ विजय प्रताप सिंह ने संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन हिन्दी प्रवक्ता भूपेन्द्र सिंह ने किया,कार्यक्रम संयोजक श्याम प्रकाश सिंह,संत राम शुक्ला भी मंच पर उपस्थित रहे। इस मौके पर संरक्षक राम विशाल द्विवेदी,प्रधानाचार्य डॉ दिनेश प्रताप सिंह,अजय कुमार ओझा,मनोज कुमार मिश्रा,जितेन्द्र कुमार सिंह,डॉ अतुल पाण्डेय, सभा राज यादव,ड्रा प्रेम नाथ सिंह,अमिताभ द्विवेदी,उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ जिला मंत्री एच बी सिंह,जिला प्रवक्ता निजाम खान,प्रशांत पाण्डेय,शिक्षणेत्तर संघ जिला अध्यक्ष सकील अहमद,जिला मंत्री संजय तिवारी अनन्त नारायण मिश्र,श्याम बहादुर दीक्षित,दिनेश कुमार यादव,रमेश चन्द्र तिवारी,अजय कुमार त्रिपाठी,सुजीत कुमार मिश्रा,अशोक कुमार पाण्डेय,नरेन्द्र प्रताप यादव,किरण पाण्डेय,संदीप कुमार , छोटे लाल,धर्मेन्द्र कुमार,चन्द्र शेखर शुक्ला आदि उपस्थित रहे।
देशभक्ति की हुंकार के साथ शंकरगढ़ में लहराया तिरंगा।

बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने एम.वी.कॉन्वेन्ट स्कूल में किया ऐतिहासिक ध्वजारोहण।

शिक्षा ही मजबूत भारत की सबसे बड़ी बंदूक है-डॉ. वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के नगर पंचायत शंकरगढ़ स्थित एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल एवं कॉलेज, कनक नगर का प्रांगण सोमवार को उस समय राष्ट्रभक्ति के रणक्षेत्र में तब्दील हो गया जब बारा विधायक एवं जनप्रिय नेता डॉ. वाचस्पति ने गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर तिरंगे का ध्वजारोहण किया। जैसे ही तिरंगा आसमान की ओर बढ़ा,वैसे ही सैकड़ों कंठों से निकला भारत माता की जय का उद्घोष पूरे इलाके में गूंज उठा। यह सिर्फ एक ध्वजारोहण नही था बल्कि देश के प्रति निष्ठा की परेड थी।डॉ. वाचस्पति का व्यक्तित्व किसी सधे हुए फौजी कमांडर जैसा प्रतीत हो रहा था—सीधा स्पष्ट और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाला। उन्होंने मंच से नही बल्कि एक सिपाही की तरह विद्यार्थियों के बीच खड़े होकर राष्ट्रवाद का पाठ पढ़ाया।

डॉ. वाचस्पति ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का सेनापति वैज्ञानिक प्रशासक और जनसेवक बनेगा। अगर आज शिक्षा मजबूत होगी तो कल भारत को कोई चुनौती नहीं दे सकता।”उन्होंने कहा कि एम.वी. कॉन्वेंट स्कूल जैसे शिक्षण संस्थान सीमाओं पर तैनात जवानों जितना ही महत्वपूर्ण कार्य कर रहे है क्योंकि यहां से निकलने वाला हर बच्चा राष्ट्र की रीढ़ बनता है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नाट्य प्रस्तुति और कविताओ के माध्यम से स्वतंत्रता सेनानियो के बलिदान को जीवंत कर दिया।कई अभिभावकों की आंखें उस समय नम हो गईं जब बच्चो ने शहीदों के त्याग पर आधारित प्रस्तुति दी।

डॉ.वाचस्पति ने विद्यालय प्रबंधन शिक्षकों और अभिभावकों की खुले मन से सराहना करते हुए कहा कि अनुशासन संस्कार और शिक्षा—तीनो का संगम ही सच्चा राष्ट्रनिर्माण है।उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे मोबाइल और भटकाव से दूर रहकर देश और समाज के लिए उपयोगी नागरिक बनें। विद्यालय परिसर पूरे कार्यक्रम के दौरान तिरंगे राष्ट्रगीत और देशभक्ति नारों से गूंजता रहा। यह आयोजन केवल औपचारिक नही बल्कि युवा पीढ़ी में राष्ट्रप्रेम की चिंगारी सुलगाने वाला क्षण बन गया।

सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण से एनसीसी कैडेट्स में निखर रही सैन्य दक्षता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप मुख्यालय के तत्वावधान में 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट(सी टी आर) एनसीसी प्रयागराज द्वारा एमएनएन आईटी प्रयागराज परिसर में सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का प्रभावी एवं सुव्यवस्थित संचालन किया जा रहा है।यह प्रशिक्षण आधुनिक सैन्य तकनीक के माध्यम से कैडेट्स को व्यवहारिक अनुभव प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।प्रयागराज एनसीसी ग्रुप के अंतर्गत संचालित सभी एनसीसी बटालियन एवं कंपनियाँ इस सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में सहभागिता कर रही है। 1 यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेंट (सीटीआर)प्रयागराज द्वारा जारी प्रशिक्षण शेड्यूल के अनुसार कैडेट्स को चरणबद्ध ढंग से सिमुलेटर फायरिंग का अभ्यास कराया जा रहा है।इसी क्रम में आज 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में फायरिग के दौरान सटीक निशाना साधने की क्षमता विकसित करना तथा फायरिंग से सम्बंधित तकनीकी एवं व्यवहारिक क्रियाकलापों को सुदृढ़ बनाना रहा।कैडेट्स को प्वाइंट.22 राइफल के माध्यम से सिमुलेटर पर फायरिंग का विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है जिससे उनकी एकाग्रता आत्मविश्वास एवं निशाने की सटीकता में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। भारतीय सेना में फील्ड फायरिंग रेंज की सीमित उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए सिमुलेटर तकनीक को एक प्रभावी विकल्प के रूप में अपनाया गया है।यद्यपि विशेषज्ञों का मत है कि सिमुलेटर पूर्णतः वास्तविक प्रशिक्षण का स्थान नहीं ले सकते फिर भी यह कैडेट्स को वास्तविक परिस्थितियो के निकट अनुभव प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण का नेतृत्व एवं मार्गदर्शन1यूपी समग्र तकनीकी रेजीमेन्ट(सीटीआर) के कमान अधिकारी लेफ्टिनेन्ट कर्नल राजेश्वरी प्रसाद कर रहे है।यह सिमुलेटर फायरिंग प्रशिक्षण कैडेट्स में अनुशासन साहस तकनीकी दक्षता एवं राष्ट्रसेवा की भावना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सराहनीय प्रयास सिद्ध हो रहा है।

आजमगढ़: जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर का किया औचक निरीक्षण , मचा हड़कंप
आजमगढ़। जिला स्तरीय स्वास्थ्य टीम ने तहबरपुुुुर विकास खंड में पड़ने वाले आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का औचक निरीक्षण किया। टीम के औचक निरीक्षण की खबर से अफरातफरी का माहौल रहा। लोग एक दूसरे से जानकारी लेते रहे। स्वास्थ्य सेवा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज, डी सी पी एम विपिन बिहारी पाठक, जिला लेखा प्रबंधन अधिकारी अमरनाथ की संयुक्त जिला स्तरीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पुरा अचानक , बैरमपुर एवं बीबीपुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर साफ सफाई,दवाओं का स्टाक, रख रखाव एवं संबंधित रजिस्टरो का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पूरा न होने पर टीम ने नाराजगी जताई और एक हफ्ते के अंदर ठीक करने का कड़ा निर्देश दिया। चेतावनी दी की अगर एक हफ्ते के अंदर अभिलेख ठीक नहीं होते हैं तो वेतन रोक दिया जाएगा। उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर ए अजीज ने कहा कि आप लोग सरकार के मंशा के अनुरूप कार्य करें। गांव के लोगों को अच्छी स्वास्थ्य सेवा दे। लापरवाही क्षम्य नहीं है। दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जायेगी। स्वास्थ्य टीम के औचक निरीक्षण से खलबली मची रही।
लखनऊ में UGC 2026 बिल के खिलाफ ब्राह्मण परिवार ने किया विरोध प्रदर्शन
लखनऊ । केंद्र सरकार द्वारा लाए गए UGC 2026 बिल के विरोध में ब्राह्मण परिवार लखनऊ/भारत (रजि.) के नेतृत्व में राजधानी लखनऊ के GPO स्थित गांधी प्रतिमा, हज़रतगंज पर बुधवार को जोरदार प्रदर्शन किया गया। इस विरोध में ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज के सैकड़ों लोग, विशेषकर युवा, शामिल हुए।

प्रदर्शन को संबोधित करते हुए संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानु पांडेय ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि जो सरकार खुद को हिंदुओं की प्रतिनिधि बताती थी, वह आज समाज को बांटने का काम कर रही है। पांडेय ने कहा कि सवर्ण समाज की सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेकर वोट दिया, और आज उसे इसका परिणाम भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह “काला बिल” जल्द वापस नहीं लिया गया, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा और जंतर-मंतर, दिल्ली की ओर कूच किया जाएगा।

ब्राह्मण परिवार के प्रवक्ता अभिषेक अग्निहोत्री ने कहा कि UGC संशोधन से सवर्ण समाज में गहरा आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के निर्णयों से उच्च शिक्षा के संस्थानों में भय का माहौल बनाया जा रहा है। अग्निहोत्री ने सवाल उठाया कि 21वीं सदी में किसी व्यक्ति को जन्म के आधार पर अपराधी कैसे ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यह कानून हिंदू समाज को विभाजित करने की साजिश का हिस्सा है और सरकार को इसका जवाब देना होगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर इस बिल के विरोध में खड़े सरकारी कर्मचारियों, अधिकारियों और सवर्ण नेताओं के खिलाफ कोई द्वेषपूर्ण कार्रवाई हुई, तो ब्राह्मण परिवार और सवर्ण समाज इसे स्वीकार नहीं करेंगे और उनकी ससम्मान पदों पर वापसी सुनिश्चित कराएंगे।

प्रदेश अध्यक्ष श्याम नारायण मिश्रा ने कहा कि भाजपा यह समझती है कि उसके पास कोई विकल्प नहीं है, तो यह उसकी सबसे बड़ी भूल है। उन्होंने कहा कि जो भी राजनीतिक दल इस कानून का समर्थन करेगा, सवर्ण समाज उसे स्वीकार नहीं करेगा और जरूरत पड़ी तो सवर्ण समाज अपना राजनीतिक विकल्प स्वयं तैयार करेगा। मिश्रा ने स्पष्ट कहा कि यह संघर्ष थमेगा नहीं और जरूरत पड़ी तो संसद का घेराव भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि UGC 2026 कानून में किसी भी प्रकार का संशोधन स्वीकार्य नहीं है; इसे पूर्ण रूप से वापस लिया जाना चाहिए, अन्यथा आंदोलन अनिश्चितकाल तक जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान ब्राह्मण परिवार ने प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित एक मांग-पत्र भी सौंपा।
डॉ मंजू लोढ़ा को एक सप्ताह में मिला दो प्रतिष्ठित अवार्ड
मुंबई। देश की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था लोढ़ा फाउंडेशन की चेयरमैन तथा वरिष्ठ साहित्यकार डॉ मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा को इस सप्ताह 2 प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। राष्ट्र सेवा और समाज सेवा की क्षेत्र में जहां उन्हें “ राष्ट्रीय रत्न अवार्ड “ प्राप्त हुआ, वहीं सायबर अवेयरनेस तथा डिजिटल सेफ्टी के क्षेत्र में विशिष्ट कार्य के चलते “ व्हाट नाउ अवार्ड " प्राप्त हुआ । देखा जाए तो डॉ मंजू लोढ़ा हमेशा से ही समाज को मजबूत करने की दिशा में समर्पित भावना के साथ काम कर रही हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, नारी सम्मान, देश भक्ति, पर्यावरण सुरक्षा जैसे अनेक क्षेत्रों में उन्होंने रचनात्मक काम किया है। सायबर सुरक्षा की दिशा में उनके द्वारा किए गए कार्यों की गई। एक सप्ताह के भीतर दो अवार्ड मिलना गौरव की बात है। इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि अवार्ड मिलने से काम की जिम्मेदारी और गति बढ़ जाती है।