झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता: हेमन्त सोरेन

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग “Delivering Sustainability at Scale: Pathways for Global Transformation” में भाग लिया।

झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देने का लक्ष्य

इस अवसर पर वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं एवं संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार का लक्ष्य संसाधनों के मूल्य संवर्धन, सतत औद्योगिकीकरण और जन-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ना है, जिससे झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। “हमारा उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदार और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि रोजगार के अवसर सृजित हों और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सततता का अर्थ केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन से भी है, विशेषकर स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों के लिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उन पहलों का उल्लेख किया जिनके माध्यम से खनिज आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय एवं सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पर्यटन के विकास पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की विशाल और अब तक काफी हद तक अप्रयुक्त पर्यटन संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य इको-टूरिज्म, प्रकृति आधारित पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन को सतत विकास के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में विकसित करना चाहता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और साझेदारों को जिम्मेदार खनन, सतत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा पर्यटन अवसंरचना के क्षेत्र में झारखंड के साथ सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

CII द्वारा आयोजित इस वैश्विक सततता संवाद में झारखण्ड की भागीदारी राज्य की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक समावेशन के साथ जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के दावोस - यूके के मोर्चे पर किए प्रयासों से कुछ सीखें बाबूलाल : विनोद कुमार पाण्डेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय  महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के पास व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्ड मैसेज से कहीं अधिक ज्ञान है। इसलिए उनसे यह अपेक्षा भी है कि वे यह समझें कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा और वहां होने वाली सभी बैठकें उच्चतम स्तर पर स्वीकृत हैं। मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड केवल किसी एक औपचारिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित कार्यक्रमों व संवादों के लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पूरी तैयारी और स्पष्ट उद्देश्य के साथ इस यात्रा पर हैं। वे सभी दृष्टिकोणों को सम्मान देने, सभी की बात सुनने और समझने की लोकतांत्रिक भावना के साथ भारत और झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह वही भारत की भावना है जो समावेशी, सहयोगी और मिलनसार है—और जिस पर पूरे देश को गर्व है।

उन्होंने कहा कि झामुमो बाबूलाल जी और भाजपा को यह भी सलाह देती है कि वे गंभीरता से यह समझने का प्रयास करें कि कोई राज्य सिर्फ छह हफ्तों की तैयारी में दावोस कैसे पहुंचता है, और फिर भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौते के तुरंत बाद यूके पहुंचने वाला पहला राज्य कैसे बनता है। यह उपलब्धि बयानबाजी से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व और सक्षम शासन से हासिल होती है। इसलिए ट्रोल की तरह व्यवहार करने के बजाय नेता प्रतिपक्ष को चाहिए कि वे माननीय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के दावोस और यूके—दोनों मोर्चों पर किए गए प्रयासों से कुछ सीखें।

महासचिव विनोद पाण्डेय ने कहा कि यह झारखंड के लिए गर्व की बात है कि माननीय मुख्यमंत्री को ऑल सोल्स कॉलेज और सेंट जॉन कॉलेज में आधिकारिक मान्यता मिली—वही सेंट जॉन कॉलेज जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी—और उन्होंने ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में व्याख्यान दिया, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गवर्नेंस संस्थानों में से एक है।

झामुमो नेता ने कहा कि हम बाबूलाल जी को मित्रवत सलाह देते हैं कि वे थोड़ा ब्रेक लें, और आरोप लगाने से पहले माननीय मुख्यमंत्री की दावोस और यूके यात्रा के उद्देश्य, उपलब्धियों और महत्व को समझने की कोशिश करें। जलन और नकारात्मक राजनीति छोड़िए, और ग्लोबल मंच पर झारखंड के गर्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के बारे में सोचिए—यही एक जिम्मेदार विपक्ष की पहचान होती है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: ऊर्जा और समावेशी विकास के वैश्विक संवाद में झारखंड की सशक्त भागीदारी"

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के दूसरे दिन झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं और निवेशकों के बीच राज्य की स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य-उन्मुख नीतियों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

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वैश्विक मंच पर इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग

मुख्यमंत्री ने एक विशेष सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें स्लोवाकिया के पूर्व मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित थे। चर्चा का मुख्य केंद्र 'सतत और समावेशी आर्थिक विकास' रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया:

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का विस्तार।

भारी वाहन निर्माण (Heavy Vehicle Manufacturing) में निवेश।

बागवानी (Horticulture) में टिकाऊ और आधुनिक पद्धतियाँ।

ऊर्जा प्रणालियों का विस्तार और क्षेत्रीय नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स” विषयक चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए प्रभावी नीतिगत समन्वय और नवाचार आधारित वित्तपोषण (Innovation-based Financing) समय की मांग है।

झारखंड का संकल्प: संतुलन और रोजगार

मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं के सामने झारखंड का पक्ष रखते हुए कहा:

"झारखंड औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना है।"

मिशन वात्सल्य की बैठक में डीएम ने वात्सल्यो को दिलाई शपथ, घरों को छोड़कर रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों को पुनर्वास भेजने का कार्य करें अधिकारी

फर्रुखाबाद।”मिशन वात्सल्यं“ के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जिला टास्क फोर्स की बैठक, बाल विवाह-डिस्ट्रिक टास्क फोर्स, जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई l ”मिशन वात्सल्य“ के अन्तर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत जिला टास्क फोर्स की बैठक।

बाल विवाह-डिस्ट्रिक टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वार्ड स्तर एवं ग्राम स्तर पर समितियों की बैठक रोस्टर जारी कर प्रत्येक त्रैमास में ही सम्पन्न करायी जायें l साथ ही ग्राम चैपाल के एजेण्डा में शामिल किया जाये। साथ ही समस्त खण्ड विकास अधिकारी ब्लाॅक बाल कल्याण संरक्षण समिति की बैठकों को 01 वर्ष के रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से सम्पन्न करायें।जिलाधिकारी द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ भी दिलायी गयी।


जनपद के होटल/ढाबों/कारखानों पर श्रम विभाग द्वारा बाल श्रमिकों के सम्बन्ध में निरन्तर अभियान चलाया जाये। ए0आर0टी0ओ0 को निर्देशित किया गया कि गम्भीरता और सघनता के साथ अभियान चलाकर जनपद में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा स्कूटी/किसी भी प्रकार वाहन एवं ई-रिक्शा चलाते हुए पाये जाने पर कार्यवाही की जाये। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम हेतु प्रत्येक माह एक गोष्ठी का आयोजन किया जाये एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों के सम्बन्ध में बच्चों को जागरूक किया जाये। बाल विवाह को रोकने हेतु चाईल्ड हेल्पलाइन नम्बर-1098, इमरजेंसी नम्बर 112 अथवा विभागीय सी0यू0जी0 नम्बर 7518024057 पर सूचना दें। अपर पुलिस अधीक्षक को बाल विवाह की रोकथाम हेतु एक सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिये गये

। 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु जनपद के समस्त विद्यालयों/कालेजों के शिक्षकों द्वारा अनिवार्य रूप से पोर्टल पर ऑनलाइन शपथ लेने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया ।

जनपद स्तर पर कठिन परिस्थितियों में सड़क पर मिलने वाले अनाथ, परित्यक्त या आपात स्थिति में रह रहे लोगों के सम्बन्ध में उनके पुनर्वासन की कार्यवाही किये जाने हेतु सम्बन्धित विभागों की एक संयुक्त समिति द्वारा औचक ड्राइव का संचालन किया जाये। रेस्क्यू के दौरान मिलने वाले बच्चों एवं महिलाओं को यथासम्भव परिवार में पुनर्वासित कराने अथवा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल देखरेख संस्थाओं एवं महिला आश्रय गृहों में आवासित कराने हेतु कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार गौड़, मुख्य विकास अधिकारी अवनीन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी रजनीकान्त सी0ओ0 सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चन्द्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, ए0आर0टी0ओ0, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
सोनभद्र: ड्रग इंस्पेक्टर की छापेमारी से दवा विक्रेताओं में हड़कंप, बजरंग मेडिकल स्टोर की बिक्री पर रोक

विकास कुमार

सोनभद्र। जिले के रॉबर्ट्सगंज और ओबरा नगरीय क्षेत्रों में दवाओं की बिक्री में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने सोमवार की देर शाम तक विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई छापेमारी से दवा विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते कई संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से भाग निकले।

निरीक्षण के दौरान ओबरा स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर में भारी अनियमितताएं पाई गईं। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के समय संचालक स्टोर में मौजूद दवाओं के वैध बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इसके अतिरिक्त, संदेह के आधार पर दो दवाइयों के नमूने (सैंपल) लेकर राजकीय लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत उक्त मेडिकल स्टोर की खरीद और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने स्पष्ट किया कि जो संचालक निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर भागे हैं, उन्हें चिन्हित कर चेतावनी जारी कर दी गई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नकली दवाओं की बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमानुसार संचालन और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
हजारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने बरही विधानसभा के लिए प्रतिनिधियों का किया मनोनयन

हजारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्र की जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से बरही विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रतिनिधियों का मनोनयन किया है। सांसद द्वारा जारी सूची के अनुसार विभिन्न पदों पर अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद मनीष जयसवाल ने मुकुंद साव को बरही विधानसभा सांसद प्रतिनिधि मनोनीत किया है। वहीं गुरुदेव गुप्ता को जिला परिषद हजारीबाग के लिए सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है। रितेश कुमार को बरही विधानसभा मीडिया प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त बरही विधानसभा सह-प्रतिनिधि के रूप में मणिलाल यादव, रामस्वरूप पासवान एवं रंजीत चंद्रवंशी को मनोनीत किया गया है। पदमा प्रखंड प्रतिनिधि के रूप में अजय मेहता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बरही पूर्वी मंडल प्रतिनिधि के रूप में मोतीलाल चौधरी, बरही पश्चिमी मंडल के लिए भगवान केशरी, चौपारण पूर्वी मंडल के लिए सहदेव यादव, चौपारण मध्य मंडल के लिए रितेश कुमार बर्णवाल, चौपारण पश्चिमी मंडल के लिए आशीष सिंह तथा चंदवारा मंडल के लिए सुखदेव साव को मनोनीत किया गया है। इस अवसर पर सांसद मनीष जयसवाल ने कहा कि सभी मनोनीत प्रतिनिधि जनता और संगठन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सांसद ने सभी नवमनोनीत प्रतिनिधियों से ईमानदारी, समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।

यादव समाज शैक्षणिक, आर्थिक,सामाजिक व संगठित होकर कार्य करे तभी समृद्ध उत्थान,युवाओं को हर क्षेत्र में तरजीह देने की जरूरत : कैलाश यादव


श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज का पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत धुर्वा डैम पर वनभोज सह मिलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ !

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कार्यक्रम में रांची शहर एवं ग्रामीण तथा अन्य जिलों से हजारों लोग शामिल हुए !

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण की तस्वीर पर बतौर मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक सह राजद प्रवक्ता कैलाश यादव के कर कमलों द्वारा माल्यार्पण किया और विधिपूर्ण रीति रिवाज से दीपक दिखाकर आरती अर्चना की गई ! उस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को दही-मक्खन एवं फल-मिठाई से भोग लगाया गया !

कार्यक्रम के दौरान जनसभा भी हुई जिसमें मुख्य रूप से सुरेश राय नंदन यादव रामकुमार यादव रंजन यादव विभाकर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी अशोक यादव अधिवक्ता मोती गोप शिक्षक अजय यादव पूनम देवी बबन यादव सुनील यादव रंजीत राय सूरज गोप सुग्रीव यादव परमवीर गोप सुरेश गोप राहुल यादव सुधीर गोप सुरेन्द्र यादव बीएन सिंह योगेन्द्र यादव ने संबोधित किए और हजारों लोग शामिल हुए !

मुख्य संरक्षक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा यादव समाज का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है पूरे देश में लगभग 26 फीसदी आबादी है देश के तमाम प्रसिद्ध मंदिरों में यादव समाज के प्रतिनिधियों के दूध से मंदिरों में पूजा की शुरुआत होती है !

यादव समाज सबल जरूर हुए है लेकिन कई मामले में अपेक्षित है इन्हें प्रबल होना होगा और अपनी ताकत और सहभागिता को पहचानना होगा !

यादव समाज को साक्षर होना अनिवार्य है इसके लिए शैक्षणिक , आर्थिक, सामाजिक एवं संगठित होकर कार्य करने होंगे, युवा पीढ़ी को सामाजिक दायित्व का ज्ञान से अवगत कराने होंगे ! समाज में प्रतिभाशाली लोग बहुत हैं लेकिन एकजुटता की कमी झलकती है हमें संगठित होने की जरूरत तभी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूती होगी !

यादव समाज की उत्पति राजा ययाति से है और इस वंश का इतिहास के कड़ी में बासुदेव नंदन भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण हैं, यादव त्याग और संघर्ष के लिए जाने जाते रहे हैं, दंगल और वीरता से लेकर सुरक्षा की कड़ी रहे हैं !

यादव समाज को महाप्रभु श्रीकृष्ण के आदर्शों पर सदैव चलने की जरूरी है भगवान श्रीकृष्ण कलयुग में सर्वेश्वर है विश्वंभर है ये दया और सृष्टि के सागर हैं तारणहार और पालनहार है इनकी आराधना करना एक अखंड ज्योति के तरह दिव्य है ! इसलिए हमें सामाजिक और राजनैतिक हिस्सेदारी पर पैनी नजर रखने होंगे !

झारखंड में यादव समाज को नजर अंदाज कर किसी भी दलों के लिए सत्ता पाना आसान नहीं होगा ! हेमंत सोरेन सरकार से यादव समाज को काफी उम्मीद है ओबीसी का आरक्षण 27 फीसदी लागू कर उपहार देना चाहिए !

झारखंड बनेगा ग्लोबल आईटी हब: दावोस में टेक महिंद्रा ने निवेश के लिए बढ़ाया हाथ"

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और ग्लोबल आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। टेक महिंद्रा के IMEA डिवीजन के प्रेसिडेंट शाहिल धवन ने मुख्यमंत्री और राज्य के प्रतिनिधिमंडल को राज्य के आईटी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए आमंत्रित किया।

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प्रमुख निवेश और तकनीकी प्रस्ताव

टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में बड़े निवेश का प्रस्ताव रखा है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि झारखंड की 'ऊर्जा-सरप्लस' (Energy Surplus) स्थिति डेटा सेंटर्स के लिए आदर्श है। इसके लिए कंपनी ने अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज जैसे आधुनिक समाधानों पर सहयोग की इच्छा जताई है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और आईटी पार्क

झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना पर सकारात्मक चर्चा हुई। यह सेंटर माइनिंग रिसर्च, डिजिटल इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिभाओं का उपयोग करेगा। साथ ही, टेक महिंद्रा राज्य में प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए एक 'रणनीतिक भागीदार' के रूप में भूमिका निभाएगी।

कौशल विकास और आईटीआई (ITI) का आधुनिकिकरण

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने टेक महिंद्रा से राज्य के आईटीआई संस्थानों को अधिक बाजारोन्मुख (Market-oriented) बनाने में सहयोग मांगा। टेक महिंद्रा ने राज्य के भीतर और बाहर झारखंडी युवाओं के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री का संदेश: "उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सशक्त साझेदारी से ही हमारे युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जा सकता है।"

झारखंड के विकास को मिलेगी वैश्विक गति: दावोस में सीएम हेमंत सोरेन और हिताची के बीच उच्च स्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड श्री भारत कौशल एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दावोस में बैठक की। इस दौरान पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, उन्नत अवसंरचना तथा स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिताची के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं का पावर सिस्टम हिताची द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लेकर हिताची ने एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया है तथा धनबाद में हिताची का एक सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड के साथ कंपनी के निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को श्री कौशल ने हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि फरवरी–मार्च के दौरान देश एवं झारखण्ड में स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर ठोस सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

हिताची ने यह भी अवगत कराया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके समाधान के लिए उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक उपलब्ध है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सकता है। कंपनी ने झारखण्ड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा जताई।

बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति दी जा सके।यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह बने एनयूजे उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष

एनयूजे प्रयागराज के कैलेन्डर का नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने किया अनावरण


लखनऊ । उतर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, उत्तर प्रदेश (एनयूजे) की प्रदे श कार्यकारिणी बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से अहम निर्णय लिए गए। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन से जुड़े विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित होटल द कॉन्टिनेंटल में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारियों के साथ-साथ अधिकांश जनपद इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन ने किया। इस दौरान संरक्षक अजय कुमार, अशोक अग्निहोत्री और के. बख्श सिंह संरक्षत्व में मंच साझा किया गया। मंच पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान भी मौजूद रहे। इसी बीच प्रयागराज इकाई के कोषाध्यक्ष मनोज कुमार का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।
के. बख्श सिंह बने कार्यवाहक अध्यक्ष
बैठक की शुरुआत में प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक कुमार जैन ने के. बख्श सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष नामित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे संरक्षक अजय कुमार ने समर्थन दिया। सभागार में मौजूद सभी सदस्यों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रस्ताव का स्वागत किया। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में आगे की कार्यवाही संचालित करने की बात कही।
संगठन और ट्रस्ट विवाद पर तीखे विचार
इसी बीच, प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि किसी भी निजी ट्रस्ट को पत्रकार संगठन की मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो पत्रकारों के जायज़ मुद्दों को मजबूती से उठा सके। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अतुल मोहन सिंह ने संगठन में समान सम्मान और समभाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य सदस्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शीर्ष नेतृत्व।

प्रदेश सचिव राकेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश सैनी, प्रयागराज जिलाध्यक्ष कुंदन श्रीवास्तव, चंदौली जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, सुल्तानपुर सदस्य अरुण जायसवाल एवं श्याम चंद्र श्रीवास्तव, आजमगढ़ से आये डॉ. संतोष श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने संगठनात्मक एकता, पारदर्शिता और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। इसके बाद लखनऊ की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा ने सभी जनपद इकाइयों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

“हम रेखा मिटाने में नहीं, नई रेखा बनाने में विश्वास करते हैं”

संरक्षक अजय कुमार ने कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकता में होती है। उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह को संगठन का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से पत्रकारों की समस्याओं का समाधान होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह ने कहा कि वे किसी बड़े वादे की बजाय सदस्यों की उम्मीदों, आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का ईमानदार प्रयास करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा ऐलान

संरक्षक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि विवाद की जड़ बने नवगठित ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही उत्तर प्रदेश इकाई के चुनाव कराए जाएंगे, जो केंद्रीय पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होंगे। लखनऊ इकाई की ओर से कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा, महामंत्री श्यामल त्रिपाठी और कोषाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव और संगठन मंत्री अनिल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिव सागर सिंह, पंकज सिंह चौहान, पूनम कुमारी, शिवेंद्र पाण्डेय, आलोक श्रीवास्तव, मनीषा सिंह, टीटू शर्मा, नागेंद्र सिंह, किरन सिंह, फरहान इराकी, रोलैंड डिसूजा, सचिन भार्गव, के.के. सिंह समेत बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।
झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता: हेमन्त सोरेन

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) द्वारा आयोजित उच्चस्तरीय राउंडटेबल मीटिंग “Delivering Sustainability at Scale: Pathways for Global Transformation” में भाग लिया।

झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ देने का लक्ष्य

इस अवसर पर वैश्विक नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के नेताओं एवं संस्थागत निवेशकों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड केवल खनिजों और प्राकृतिक संसाधनों का निर्यातक राज्य बनकर नहीं रहना चाहता। राज्य सरकार का लक्ष्य संसाधनों के मूल्य संवर्धन, सतत औद्योगिकीकरण और जन-केंद्रित विकास की दिशा में आगे बढ़ना है, जिससे झारखण्ड के लोगों को प्रत्यक्ष लाभ मिले। “हमारा उद्देश्य केवल प्राकृतिक संसाधनों का दोहन नहीं, बल्कि उनका जिम्मेदार और सतत उपयोग सुनिश्चित करना है, ताकि रोजगार के अवसर सृजित हों और लोगों का जीवन स्तर बेहतर हो।” उन्होंने इस बात पर बल दिया कि सततता का अर्थ केवल पर्यावरण संरक्षण नहीं, बल्कि आजीविका, कौशल विकास और सामाजिक समावेशन से भी है, विशेषकर स्थानीय एवं आदिवासी समुदायों के लिए।

मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की उन पहलों का उल्लेख किया जिनके माध्यम से खनिज आधारित डाउनस्ट्रीम उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास के जरिए रोजगार सृजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने आर्थिक विकास के साथ पर्यावरणीय एवं सामाजिक संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर जोर दिया।

पर्यटन के विकास पर भी जोर

मुख्यमंत्री ने झारखण्ड की विशाल और अब तक काफी हद तक अप्रयुक्त पर्यटन संभावनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि राज्य इको-टूरिज्म, प्रकृति आधारित पर्यटन और सांस्कृतिक पर्यटन को सतत विकास के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में विकसित करना चाहता है, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो और प्राकृतिक एवं सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। दीर्घकालिक विकास दृष्टि को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों और साझेदारों को जिम्मेदार खनन, सतत विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा तथा पर्यटन अवसंरचना के क्षेत्र में झारखंड के साथ सहयोग के लिए आमंत्रित किया।

CII द्वारा आयोजित इस वैश्विक सततता संवाद में झारखण्ड की भागीदारी राज्य की उस प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके तहत आर्थिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी और सामाजिक समावेशन के साथ जोड़ा जा रहा है।

मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के दावोस - यूके के मोर्चे पर किए प्रयासों से कुछ सीखें बाबूलाल : विनोद कुमार पाण्डेय

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झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय  महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा है कि उन्हें उम्मीद है कि नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के पास व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी के फॉरवर्ड मैसेज से कहीं अधिक ज्ञान है। इसलिए उनसे यह अपेक्षा भी है कि वे यह समझें कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की विदेश यात्रा और वहां होने वाली सभी बैठकें उच्चतम स्तर पर स्वीकृत हैं। मुख्यमंत्री ऑक्सफोर्ड केवल किसी एक औपचारिक मुलाकात के लिए नहीं, बल्कि कई महत्वपूर्ण और प्रतिष्ठित कार्यक्रमों व संवादों के लिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पूरी तैयारी और स्पष्ट उद्देश्य के साथ इस यात्रा पर हैं। वे सभी दृष्टिकोणों को सम्मान देने, सभी की बात सुनने और समझने की लोकतांत्रिक भावना के साथ भारत और झारखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। यह वही भारत की भावना है जो समावेशी, सहयोगी और मिलनसार है—और जिस पर पूरे देश को गर्व है।

उन्होंने कहा कि झामुमो बाबूलाल जी और भाजपा को यह भी सलाह देती है कि वे गंभीरता से यह समझने का प्रयास करें कि कोई राज्य सिर्फ छह हफ्तों की तैयारी में दावोस कैसे पहुंचता है, और फिर भारत–यूके मुक्त व्यापार समझौते के तुरंत बाद यूके पहुंचने वाला पहला राज्य कैसे बनता है। यह उपलब्धि बयानबाजी से नहीं, बल्कि दूरदर्शी नेतृत्व और सक्षम शासन से हासिल होती है। इसलिए ट्रोल की तरह व्यवहार करने के बजाय नेता प्रतिपक्ष को चाहिए कि वे माननीय मुख्यमंत्री और राज्य सरकार के दावोस और यूके—दोनों मोर्चों पर किए गए प्रयासों से कुछ सीखें।

महासचिव विनोद पाण्डेय ने कहा कि यह झारखंड के लिए गर्व की बात है कि माननीय मुख्यमंत्री को ऑल सोल्स कॉलेज और सेंट जॉन कॉलेज में आधिकारिक मान्यता मिली—वही सेंट जॉन कॉलेज जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी—और उन्होंने ब्लावटनिक स्कूल ऑफ गवर्नमेंट में व्याख्यान दिया, जो दुनिया के सर्वश्रेष्ठ गवर्नेंस संस्थानों में से एक है।

झामुमो नेता ने कहा कि हम बाबूलाल जी को मित्रवत सलाह देते हैं कि वे थोड़ा ब्रेक लें, और आरोप लगाने से पहले माननीय मुख्यमंत्री की दावोस और यूके यात्रा के उद्देश्य, उपलब्धियों और महत्व को समझने की कोशिश करें। जलन और नकारात्मक राजनीति छोड़िए, और ग्लोबल मंच पर झारखंड के गर्वपूर्ण प्रतिनिधित्व के बारे में सोचिए—यही एक जिम्मेदार विपक्ष की पहचान होती है।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम: ऊर्जा और समावेशी विकास के वैश्विक संवाद में झारखंड की सशक्त भागीदारी"

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) की बैठक के दूसरे दिन झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अंतरराष्ट्रीय नीति निर्माताओं और निवेशकों के बीच राज्य की स्वच्छ ऊर्जा और भविष्य-उन्मुख नीतियों को मजबूती से रखा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि वैश्विक जलवायु लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्यों की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है।

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वैश्विक मंच पर इंटर-मिनिस्टीरियल डायलॉग

मुख्यमंत्री ने एक विशेष सत्र में हिस्सा लिया, जिसमें स्लोवाकिया के पूर्व मंत्री वाजिल हुडाक सहित कई वैश्विक नेता उपस्थित थे। चर्चा का मुख्य केंद्र 'सतत और समावेशी आर्थिक विकास' रहा। इस दौरान मुख्यमंत्री ने झारखंड में निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश और सहयोग की संभावनाओं पर जोर दिया:

नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) का विस्तार।

भारी वाहन निर्माण (Heavy Vehicle Manufacturing) में निवेश।

बागवानी (Horticulture) में टिकाऊ और आधुनिक पद्धतियाँ।

ऊर्जा प्रणालियों का विस्तार और क्षेत्रीय नेतृत्व

मुख्यमंत्री ने “कैपिटल इन एक्शन: स्केलिंग एनर्जी सिस्टम्स” विषयक चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार के लिए प्रभावी नीतिगत समन्वय और नवाचार आधारित वित्तपोषण (Innovation-based Financing) समय की मांग है।

झारखंड का संकल्प: संतुलन और रोजगार

मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं के सामने झारखंड का पक्ष रखते हुए कहा:

"झारखंड औद्योगिक विकास को पर्यावरणीय जिम्मेदारी के साथ संतुलित करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य केवल उद्योग लगाना नहीं, बल्कि रोजगार सृजन और क्षेत्रीय आर्थिक मजबूती को सुनिश्चित करना है।"

मिशन वात्सल्य की बैठक में डीएम ने वात्सल्यो को दिलाई शपथ, घरों को छोड़कर रहने वाले बच्चों और बुजुर्गों को पुनर्वास भेजने का कार्य करें अधिकारी

फर्रुखाबाद।”मिशन वात्सल्यं“ के तहत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना जिला टास्क फोर्स की बैठक, बाल विवाह-डिस्ट्रिक टास्क फोर्स, जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई l ”मिशन वात्सल्य“ के अन्तर्गत जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति, उ0प्र0 मुख्यमंत्री बाल सेवा योजनान्तर्गत जिला टास्क फोर्स की बैठक।

बाल विवाह-डिस्ट्रिक टास्क फोर्स एवं जिला स्तरीय रेस्क्यू टास्क फोर्स की बैठक में जिलाधिकारी द्वारा अपर जिलाधिकारी एवं समस्त खण्ड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वार्ड स्तर एवं ग्राम स्तर पर समितियों की बैठक रोस्टर जारी कर प्रत्येक त्रैमास में ही सम्पन्न करायी जायें l साथ ही ग्राम चैपाल के एजेण्डा में शामिल किया जाये। साथ ही समस्त खण्ड विकास अधिकारी ब्लाॅक बाल कल्याण संरक्षण समिति की बैठकों को 01 वर्ष के रोस्टर के अनुसार नियमित रूप से सम्पन्न करायें।जिलाधिकारी द्वारा 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु शपथ भी दिलायी गयी।


जनपद के होटल/ढाबों/कारखानों पर श्रम विभाग द्वारा बाल श्रमिकों के सम्बन्ध में निरन्तर अभियान चलाया जाये। ए0आर0टी0ओ0 को निर्देशित किया गया कि गम्भीरता और सघनता के साथ अभियान चलाकर जनपद में 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों द्वारा स्कूटी/किसी भी प्रकार वाहन एवं ई-रिक्शा चलाते हुए पाये जाने पर कार्यवाही की जाये। जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रत्येक विद्यालय में बाल विवाह रोकथाम हेतु प्रत्येक माह एक गोष्ठी का आयोजन किया जाये एवं बाल विवाह के दुष्परिणामों के सम्बन्ध में बच्चों को जागरूक किया जाये। बाल विवाह को रोकने हेतु चाईल्ड हेल्पलाइन नम्बर-1098, इमरजेंसी नम्बर 112 अथवा विभागीय सी0यू0जी0 नम्बर 7518024057 पर सूचना दें। अपर पुलिस अधीक्षक को बाल विवाह की रोकथाम हेतु एक सर्कुलर जारी करने के निर्देश दिये गये

। 100 दिवसीय बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के अन्तर्गत बाल विवाह रोकथाम हेतु जनपद के समस्त विद्यालयों/कालेजों के शिक्षकों द्वारा अनिवार्य रूप से पोर्टल पर ऑनलाइन शपथ लेने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया ।

जनपद स्तर पर कठिन परिस्थितियों में सड़क पर मिलने वाले अनाथ, परित्यक्त या आपात स्थिति में रह रहे लोगों के सम्बन्ध में उनके पुनर्वासन की कार्यवाही किये जाने हेतु सम्बन्धित विभागों की एक संयुक्त समिति द्वारा औचक ड्राइव का संचालन किया जाये। रेस्क्यू के दौरान मिलने वाले बच्चों एवं महिलाओं को यथासम्भव परिवार में पुनर्वासित कराने अथवा महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित बाल देखरेख संस्थाओं एवं महिला आश्रय गृहों में आवासित कराने हेतु कार्यवाही किये जाने के निर्देश दिये।

इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार गौड़, मुख्य विकास अधिकारी अवनीन्द्र कुमार, अपर जिलाधिकारी अरूण कुमार सिंह, उप जिलाधिकारी रजनीकान्त सी0ओ0 सिटी ऐश्वर्या उपाध्याय, जिला प्रोबेशन अधिकारी अनिल चन्द्र, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी, ए0आर0टी0ओ0, समस्त खण्ड विकास अधिकारी, संरक्षण अधिकारी, विधि सह परिवीक्षा अधिकारी आदि उपस्थित रहे।
सोनभद्र: ड्रग इंस्पेक्टर की छापेमारी से दवा विक्रेताओं में हड़कंप, बजरंग मेडिकल स्टोर की बिक्री पर रोक

विकास कुमार

सोनभद्र। जिले के रॉबर्ट्सगंज और ओबरा नगरीय क्षेत्रों में दवाओं की बिक्री में मिल रही अनियमितताओं की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने सोमवार की देर शाम तक विभिन्न मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया। इस अचानक हुई छापेमारी से दवा विक्रेताओं में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जिसके चलते कई संचालक अपनी दुकानें बंद कर मौके से भाग निकले।

निरीक्षण के दौरान ओबरा स्थित बजरंग मेडिकल स्टोर में भारी अनियमितताएं पाई गईं। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि जांच के समय संचालक स्टोर में मौजूद दवाओं के वैध बिल प्रस्तुत करने में असमर्थ रहे। इसके अतिरिक्त, संदेह के आधार पर दो दवाइयों के नमूने (सैंपल) लेकर राजकीय लैब में परीक्षण के लिए भेजे गए हैं। नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए विभाग ने औषधि एवं सौंदर्य प्रसाधन सामग्री अधिनियम 1940 के तहत उक्त मेडिकल स्टोर की खरीद और बिक्री पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है।

ड्रग इंस्पेक्टर राजेश कुमार मौर्या ने स्पष्ट किया कि जो संचालक निरीक्षण के दौरान दुकानें बंद कर भागे हैं, उन्हें चिन्हित कर चेतावनी जारी कर दी गई है। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से खिलवाड़ और नकली दवाओं की बिक्री किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी मेडिकल स्टोर संचालकों को नियमानुसार संचालन और पारदर्शी बिलिंग व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, अन्यथा उनके लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी।
हजारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने बरही विधानसभा के लिए प्रतिनिधियों का किया मनोनयन

हजारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने संगठनात्मक मजबूती और क्षेत्र की जनसमस्याओं के प्रभावी समाधान के उद्देश्य से बरही विधानसभा क्षेत्र में अपने प्रतिनिधियों का मनोनयन किया है। सांसद द्वारा जारी सूची के अनुसार विभिन्न पदों पर अनुभवी और सक्रिय कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। सांसद मनीष जयसवाल ने मुकुंद साव को बरही विधानसभा सांसद प्रतिनिधि मनोनीत किया है। वहीं गुरुदेव गुप्ता को जिला परिषद हजारीबाग के लिए सांसद प्रतिनिधि की जिम्मेदारी दी गई है। रितेश कुमार को बरही विधानसभा मीडिया प्रतिनिधि नियुक्त किया गया है। इसके अतिरिक्त बरही विधानसभा सह-प्रतिनिधि के रूप में मणिलाल यादव, रामस्वरूप पासवान एवं रंजीत चंद्रवंशी को मनोनीत किया गया है। पदमा प्रखंड प्रतिनिधि के रूप में अजय मेहता को जिम्मेदारी सौंपी गई है। बरही पूर्वी मंडल प्रतिनिधि के रूप में मोतीलाल चौधरी, बरही पश्चिमी मंडल के लिए भगवान केशरी, चौपारण पूर्वी मंडल के लिए सहदेव यादव, चौपारण मध्य मंडल के लिए रितेश कुमार बर्णवाल, चौपारण पश्चिमी मंडल के लिए आशीष सिंह तथा चंदवारा मंडल के लिए सुखदेव साव को मनोनीत किया गया है। इस अवसर पर सांसद मनीष जयसवाल ने कहा कि सभी मनोनीत प्रतिनिधि जनता और संगठन के बीच सेतु का कार्य करेंगे। वे क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे तथा केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे। सांसद ने सभी नवमनोनीत प्रतिनिधियों से ईमानदारी, समर्पण और सेवा भावना के साथ कार्य करने की अपेक्षा जताई।

यादव समाज शैक्षणिक, आर्थिक,सामाजिक व संगठित होकर कार्य करे तभी समृद्ध उत्थान,युवाओं को हर क्षेत्र में तरजीह देने की जरूरत : कैलाश यादव


श्रीकृष्ण विकास परिषद यादव समाज का पूर्व नियोजित कार्यक्रम के तहत धुर्वा डैम पर वनभोज सह मिलन कार्यक्रम सम्पन्न हुआ !

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कार्यक्रम में रांची शहर एवं ग्रामीण तथा अन्य जिलों से हजारों लोग शामिल हुए !

कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण की तस्वीर पर बतौर मुख्य अतिथि परिषद के मुख्य संरक्षक सह राजद प्रवक्ता कैलाश यादव के कर कमलों द्वारा माल्यार्पण किया और विधिपूर्ण रीति रिवाज से दीपक दिखाकर आरती अर्चना की गई ! उस दौरान भगवान श्रीकृष्ण को दही-मक्खन एवं फल-मिठाई से भोग लगाया गया !

कार्यक्रम के दौरान जनसभा भी हुई जिसमें मुख्य रूप से सुरेश राय नंदन यादव रामकुमार यादव रंजन यादव विभाकर प्रदूषण बोर्ड के अधिकारी अशोक यादव अधिवक्ता मोती गोप शिक्षक अजय यादव पूनम देवी बबन यादव सुनील यादव रंजीत राय सूरज गोप सुग्रीव यादव परमवीर गोप सुरेश गोप राहुल यादव सुधीर गोप सुरेन्द्र यादव बीएन सिंह योगेन्द्र यादव ने संबोधित किए और हजारों लोग शामिल हुए !

मुख्य संरक्षक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा यादव समाज का इतिहास प्राचीन काल से जुड़ा हुआ है पूरे देश में लगभग 26 फीसदी आबादी है देश के तमाम प्रसिद्ध मंदिरों में यादव समाज के प्रतिनिधियों के दूध से मंदिरों में पूजा की शुरुआत होती है !

यादव समाज सबल जरूर हुए है लेकिन कई मामले में अपेक्षित है इन्हें प्रबल होना होगा और अपनी ताकत और सहभागिता को पहचानना होगा !

यादव समाज को साक्षर होना अनिवार्य है इसके लिए शैक्षणिक , आर्थिक, सामाजिक एवं संगठित होकर कार्य करने होंगे, युवा पीढ़ी को सामाजिक दायित्व का ज्ञान से अवगत कराने होंगे ! समाज में प्रतिभाशाली लोग बहुत हैं लेकिन एकजुटता की कमी झलकती है हमें संगठित होने की जरूरत तभी राजनीतिक हिस्सेदारी मजबूती होगी !

यादव समाज की उत्पति राजा ययाति से है और इस वंश का इतिहास के कड़ी में बासुदेव नंदन भगवान महाप्रभु श्रीकृष्ण हैं, यादव त्याग और संघर्ष के लिए जाने जाते रहे हैं, दंगल और वीरता से लेकर सुरक्षा की कड़ी रहे हैं !

यादव समाज को महाप्रभु श्रीकृष्ण के आदर्शों पर सदैव चलने की जरूरी है भगवान श्रीकृष्ण कलयुग में सर्वेश्वर है विश्वंभर है ये दया और सृष्टि के सागर हैं तारणहार और पालनहार है इनकी आराधना करना एक अखंड ज्योति के तरह दिव्य है ! इसलिए हमें सामाजिक और राजनैतिक हिस्सेदारी पर पैनी नजर रखने होंगे !

झारखंड में यादव समाज को नजर अंदाज कर किसी भी दलों के लिए सत्ता पाना आसान नहीं होगा ! हेमंत सोरेन सरकार से यादव समाज को काफी उम्मीद है ओबीसी का आरक्षण 27 फीसदी लागू कर उपहार देना चाहिए !

झारखंड बनेगा ग्लोबल आईटी हब: दावोस में टेक महिंद्रा ने निवेश के लिए बढ़ाया हाथ"

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) के दौरान झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन और ग्लोबल आईटी दिग्गज टेक महिंद्रा के बीच एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। टेक महिंद्रा के IMEA डिवीजन के प्रेसिडेंट शाहिल धवन ने मुख्यमंत्री और राज्य के प्रतिनिधिमंडल को राज्य के आईटी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने के लिए आमंत्रित किया।

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प्रमुख निवेश और तकनीकी प्रस्ताव

टेक महिंद्रा ने झारखंड में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सेंटर और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों में बड़े निवेश का प्रस्ताव रखा है। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि झारखंड की 'ऊर्जा-सरप्लस' (Energy Surplus) स्थिति डेटा सेंटर्स के लिए आदर्श है। इसके लिए कंपनी ने अंडरग्राउंड एनर्जी स्टोरेज जैसे आधुनिक समाधानों पर सहयोग की इच्छा जताई है।

ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और आईटी पार्क

झारखंड को वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) की स्थापना पर सकारात्मक चर्चा हुई। यह सेंटर माइनिंग रिसर्च, डिजिटल इनोवेशन और रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में स्थानीय प्रतिभाओं का उपयोग करेगा। साथ ही, टेक महिंद्रा राज्य में प्रस्तावित आईटी पार्क के लिए एक 'रणनीतिक भागीदार' के रूप में भूमिका निभाएगी।

कौशल विकास और आईटीआई (ITI) का आधुनिकिकरण

युवाओं के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने टेक महिंद्रा से राज्य के आईटीआई संस्थानों को अधिक बाजारोन्मुख (Market-oriented) बनाने में सहयोग मांगा। टेक महिंद्रा ने राज्य के भीतर और बाहर झारखंडी युवाओं के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट और रोजगार प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री का संदेश: "उद्योग और शैक्षणिक संस्थानों के बीच सशक्त साझेदारी से ही हमारे युवाओं को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के लिए तैयार किया जा सकता है।"

झारखंड के विकास को मिलेगी वैश्विक गति: दावोस में सीएम हेमंत सोरेन और हिताची के बीच उच्च स्तरीय बैठक

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार के आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल ने हिताची के रीजनल हेड श्री भारत कौशल एवं कंपनी के वरिष्ठ प्रतिनिधियों के साथ दावोस में बैठक की। इस दौरान पावर सिस्टम, पावर ट्रांसमिशन, उन्नत अवसंरचना तथा स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

बैठक में हिताची के प्रतिनिधियों ने जानकारी दी कि वर्तमान में देश की 9 मेट्रो रेल परियोजनाओं का पावर सिस्टम हिताची द्वारा संचालित किया जा रहा है, जो बड़े पैमाने पर शहरी परिवहन और ऊर्जा प्रबंधन में कंपनी की तकनीकी दक्षता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी बताया कि पावर इलेक्ट्रॉनिक्स को लेकर हिताची ने एक विशेष डिजिटल डैशबोर्ड विकसित किया है तथा धनबाद में हिताची का एक सेंटर पहले से संचालित है, जो झारखंड के साथ कंपनी के निरंतर जुड़ाव को दर्शाता है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री को श्री कौशल ने हिताची के मैन्युफैक्चरिंग यूनिट के दौरे का औपचारिक आमंत्रण दिया। साथ ही यह प्रस्ताव भी रखा गया कि फरवरी–मार्च के दौरान देश एवं झारखण्ड में स्थित हिताची की मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स तथा अन्य जापानी कंपनियों के साथ संयुक्त बैठकें आयोजित की जाएँ, जिनमें शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म प्रोजेक्ट्स पर चर्चा कर ठोस सहयोग के क्षेत्रों की पहचान की जा सके।

हिताची ने यह भी अवगत कराया कि पावर ट्रांसमिशन परियोजनाओं में भूमि की उपलब्धता एक बड़ी चुनौती होती है, जिसके समाधान के लिए उनके पास ऐसी उन्नत तकनीक उपलब्ध है, जिससे कम भूमि में प्रभावी ट्रांसमिशन संभव हो सकता है। कंपनी ने झारखण्ड में इन तकनीकों को लागू कर राज्य की पावर और ट्रांसमिशन अवसंरचना को सशक्त बनाने की इच्छा जताई।

बैठक में हैवी व्हीकल सेक्टर से जुड़े विषयों पर भी चर्चा हुई, जिसमें राज्य में एक हाई-स्किल्ड हैवी व्हीकल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट स्थापित करने का प्रस्ताव शामिल रहा। इसका उद्देश्य युवाओं को उन्नत तकनीकी कौशल से लैस कर उनकी रोजगार क्षमता को बढ़ाना है।

प्रस्तावों का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार ऊर्जा, अवसंरचना और स्किल डेवलपमेंट के क्षेत्रों में वैश्विक तकनीकी साझेदारियों को और सुदृढ़ करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि राज्य में सतत, समावेशी और भविष्य-उन्मुख विकास को गति दी जा सके।यह बैठक झारखंड में ऊर्जा सुरक्षा, आधुनिक पावर ट्रांसमिशन सिस्टम और उच्च कौशल मानव संसाधन विकास को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह बने एनयूजे उत्तर प्रदेश के कार्यवाहक अध्यक्ष

एनयूजे प्रयागराज के कैलेन्डर का नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने किया अनावरण


लखनऊ । उतर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स, उत्तर प्रदेश (एनयूजे) की प्रदे श कार्यकारिणी बैठक में संगठनात्मक दृष्टि से अहम निर्णय लिए गए। बैठक में वरिष्ठ पत्रकार के. बख्श सिंह को कार्यवाहक प्रदेश अध्यक्ष नामित किया गया। इसके साथ ही ट्रस्ट डीड रजिस्ट्रेशन से जुड़े विवाद पर कड़ा रुख अपनाते हुए तीन महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए।
रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित होटल द कॉन्टिनेंटल में आयोजित प्रदेश कार्यकारिणी बैठक में प्रदेश कार्यसमिति के पदाधिकारियों के साथ-साथ अधिकांश जनपद इकाइयों के अध्यक्ष, महामंत्री और कोषाध्यक्ष उपस्थित रहे। बैठक का संचालन प्रदेश महामंत्री संतोष भगवन ने किया। इस दौरान संरक्षक अजय कुमार, अशोक अग्निहोत्री और के. बख्श सिंह संरक्षत्व में मंच साझा किया गया। मंच पर प्रदेश कोषाध्यक्ष अनुपम चौहान भी मौजूद रहे। इसी बीच प्रयागराज इकाई के कोषाध्यक्ष मनोज कुमार का जन्मदिन केक काटकर मनाया गया।
के. बख्श सिंह बने कार्यवाहक अध्यक्ष
बैठक की शुरुआत में प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक कुमार जैन ने के. बख्श सिंह को कार्यवाहक अध्यक्ष नामित करने का प्रस्ताव रखा, जिसे संरक्षक अजय कुमार ने समर्थन दिया। सभागार में मौजूद सभी सदस्यों ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ प्रस्ताव का स्वागत किया। इसके बाद प्रदेश उपाध्यक्ष निर्भय सक्सेना ने कार्यवाहक अध्यक्ष के नेतृत्व में आगे की कार्यवाही संचालित करने की बात कही।
संगठन और ट्रस्ट विवाद पर तीखे विचार
इसी बीच, प्रदेश उपाध्यक्ष हिमांशु सिंह ने कहा कि किसी भी निजी ट्रस्ट को पत्रकार संगठन की मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने स्पष्ट किया कि संगठन का नेतृत्व ऐसा होना चाहिए जो पत्रकारों के जायज़ मुद्दों को मजबूती से उठा सके। प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अतुल मोहन सिंह ने संगठन में समान सम्मान और समभाव की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सामान्य सदस्य भी उतना ही महत्वपूर्ण है जितना शीर्ष नेतृत्व।

प्रदेश सचिव राकेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश सैनी, प्रयागराज जिलाध्यक्ष कुंदन श्रीवास्तव, चंदौली जिलाध्यक्ष दीपक सिंह, सुल्तानपुर सदस्य अरुण जायसवाल एवं श्याम चंद्र श्रीवास्तव, आजमगढ़ से आये डॉ. संतोष श्रीवास्तव सहित कई वक्ताओं ने संगठनात्मक एकता, पारदर्शिता और सक्रिय नेतृत्व की आवश्यकता पर अपने विचार रखे। इसके बाद लखनऊ की कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा ने सभी जनपद इकाइयों को पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।

“हम रेखा मिटाने में नहीं, नई रेखा बनाने में विश्वास करते हैं”

संरक्षक अजय कुमार ने कहा कि संगठन की शक्ति उसकी एकता में होती है। उन्होंने कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह को संगठन का मजबूत स्तंभ बताते हुए कहा कि उनकी सक्रियता से पत्रकारों की समस्याओं का समाधान होगा। कार्यवाहक अध्यक्ष के. बख्श सिंह ने कहा कि वे किसी बड़े वादे की बजाय सदस्यों की उम्मीदों, आशाओं और आकांक्षाओं पर खरा उतरने का ईमानदार प्रयास करेंगे और संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध रहेंगे।

केंद्रीय नेतृत्व का बड़ा ऐलान

संरक्षक एवं राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष डॉ. अरविंद सिंह ने स्पष्ट किया कि विवाद की जड़ बने नवगठित ट्रस्ट को तत्काल प्रभाव से समाप्त किया जाएगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि जल्द ही उत्तर प्रदेश इकाई के चुनाव कराए जाएंगे, जो केंद्रीय पर्यवेक्षक और चुनाव अधिकारी की देखरेख में स्वतंत्र एवं निष्पक्ष होंगे। लखनऊ इकाई की ओर से कार्यवाहक जिलाध्यक्ष मीनाक्षी वर्मा, महामंत्री श्यामल त्रिपाठी और कोषाध्यक्ष अभिनव श्रीवास्तव और संगठन मंत्री अनिल सिंह के नेतृत्व में प्रदेश भर से आए पदाधिकारियों का भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर शिव सागर सिंह, पंकज सिंह चौहान, पूनम कुमारी, शिवेंद्र पाण्डेय, आलोक श्रीवास्तव, मनीषा सिंह, टीटू शर्मा, नागेंद्र सिंह, किरन सिंह, फरहान इराकी, रोलैंड डिसूजा, सचिन भार्गव, के.के. सिंह समेत बड़ी संख्या में सदस्य उपस्थित रहे।