मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय लौटेंगे घर, आज संचालित होंगी एयर इंडिया और इंडिगो की 58 उड़ानें

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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण मध्य पूर्व के अधिकांश हवाई क्षेत्र बंद या प्रतिबंधित हैं। ऐसे में मिडिल ईस्ट के देशों में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए आज कुल 58 उड़ानें संचालित करने का फैसला लिया गया है। इनमें नियमित और अतिरिक्त विशेष उड़ानें शामिल हैं। जेद्दा, मस्कट और संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ानें चलाई जाएंगी। 

आज कुल 58 उड़ानें होगी संचालित

एयर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस आज से दुबई, अबू धाबी और शारजाह सहित मिडिल ईस्ट के कई देशों से आने-जाने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना है, जिनमें 30 उड़ानें इंडिगो और 23 उड़ानें एयर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा चलाई जाएंगी।

इन एयरपोर्ट्स पर उतरेंगी फ्लाइट्स

रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर दुबई और फुजैराह जैसे खाड़ी शहरों से कई विशेष उड़ानें संचालित करेंगी। ये उड़ानें नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोच्चि, अहमदाबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे भारतीय हवाईअड्डों पर उतरेंगी।

9 मार्च को लाए गए थे 7,047 यात्री

इससे पहले भारत के विमानन मंत्रालय के अनुसार, 9 मार्च को पश्चिम एशिया से भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने 45 उड़ानें संचालित कीं, जिनमें 7,047 यात्री आए थे। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और तेज व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के साथ सीधे जुड़ाव बनाए हुए हैं।

मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सम्मानित व्यक्ति का अपमान उसकी मौत के समान : पंडित धर्मराज तिवारी
जौनपुर। किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि उसे व्यक्ति का अपमान होता है तो वह उसके लिए मृत्यु के समान होता है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में प्रमोद तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के 6ठे दिन कथा व्यास से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कथा है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, डॉ श्रीपाल पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे, राम अनंद पांडे, रमेश दुबे, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, प्रधान हरसू पाठक, रामधारी तिवारी, प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह , वीरेंद्र सिंह, रामसागर सिंह, रविंद्र तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी,  प्रधान अवधेश तिवारी, अगर्दी पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, शशिधर तिवारी, श्रवण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, गोरखनाथ गुप्ता, पारसनाथ गुप्ता , शिवपूजन बरनवाल, हरिओम बरनवाल ,दुर्गेश श्रीवास्तव, अच्छेलाल मिश्र, शंभूनाथ मिश्र, दिवाकर मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, अभिनव तिवारी, शिव तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज तिवारी, रिंकल तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।

मिडिल ईस्ट में फंसे भारतीय लौटेंगे घर, आज संचालित होंगी एयर इंडिया और इंडिगो की 58 उड़ानें

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अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष के कारण मध्य पूर्व के अधिकांश हवाई क्षेत्र बंद या प्रतिबंधित हैं। ऐसे में मिडिल ईस्ट के देशों में हजारों भारतीय फंसे हुए हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए आज कुल 58 उड़ानें संचालित करने का फैसला लिया गया है। इनमें नियमित और अतिरिक्त विशेष उड़ानें शामिल हैं। जेद्दा, मस्कट और संयुक्त अरब अमीरात के लिए उड़ानें चलाई जाएंगी। 

आज कुल 58 उड़ानें होगी संचालित

एयर इंडिया और इंडिगो एयरलाइंस आज से दुबई, अबू धाबी और शारजाह सहित मिडिल ईस्ट के कई देशों से आने-जाने के लिए स्पेशल फ्लाइट्स का संचालन शुरू किया है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने बताया कि कुल 58 उड़ानें संचालित करने की योजना है, जिनमें 30 उड़ानें इंडिगो और 23 उड़ानें एयर इंडिया तथा एयर इंडिया एक्सप्रेस द्वारा चलाई जाएंगी।

इन एयरपोर्ट्स पर उतरेंगी फ्लाइट्स

रिपोर्ट्स के अनुसार, एयर इंडिया, इंडिगो, स्पाइसजेट और आकासा एयर दुबई और फुजैराह जैसे खाड़ी शहरों से कई विशेष उड़ानें संचालित करेंगी। ये उड़ानें नई दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, कोच्चि, अहमदाबाद और तिरुवनंतपुरम जैसे भारतीय हवाईअड्डों पर उतरेंगी।

9 मार्च को लाए गए थे 7,047 यात्री

इससे पहले भारत के विमानन मंत्रालय के अनुसार, 9 मार्च को पश्चिम एशिया से भारतीय एयरलाइंस कंपनियों ने 45 उड़ानें संचालित कीं, जिनमें 7,047 यात्री आए थे। नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू लगातार स्थिति पर नजर रख रहे हैं और तेज व समन्वित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के लिए सभी संबंधित हितधारकों के साथ सीधे जुड़ाव बनाए हुए हैं।

मार्च में मौसम ने बदला मिजाज, यूपी के कई जिलों में घनी धुंध से घटा विजिबिलिटी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मार्च के महीने में भी मौसम का बदला हुआ मिजाज देखने को मिल रहा है। बुधवार सुबह राजधानी लखनऊ समेत अवध और पूर्वांचल के कई जिलों में घनी धुंध छाई रही, जिससे कई स्थानों पर दृश्यता काफी कम हो गई और लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा।

पहले भी कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था

मौसम विभाग के अनुसार इससे पहले मंगलवार को भी पूर्वी और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में घना कोहरा देखने को मिला था। प्रयागराज में दृश्यता घटकर लगभग 30 मीटर तक पहुंच गई, जबकि अमेठी में करीब 50 मीटर, मेरठ में 100 मीटर और वाराणसी में करीब 500 मीटर तक सीमित रही। इसके अलावा लखनऊ, कानपुर, अयोध्या, गोरखपुर, बरेली, सहारनपुर और मुरादाबाद जैसे शहरों में भी सुबह के समय धुंध का असर दिखाई दिया।

पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, हवा में नमी की मात्रा अधिक होने और पूर्वी हवाओं के साथ धूल कणों के जमाव के कारण यह स्थिति बनी है। उन्होंने बताया कि 14 मार्च के आसपास एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने की संभावना है, जिसके प्रभाव से 15 और 16 मार्च को तराई और पूर्वांचल के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।

मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा

वहीं तापमान में भी तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। मंगलवार को बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 38.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आगरा और झांसी में तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि वाराणसी में न्यूनतम तापमान 24.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने के साथ रातें अपेक्षाकृत गर्म रहीं।मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि नमी भरी हवाओं के कारण इस तरह का मौसम पहले भी देखा जा चुका है और मार्च 2008 में भी ऐसी स्थिति बनी थी।इधर अमेठी जिले के फुरसतगंज क्षेत्र में लगातार कोहरे और धुंध के कारण लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा

होली के बाद भी कई दिनों से कोहरा बने रहने से रायबरेली–सुल्तानपुर–बांदा–टांडा हाईवे पर यातायात प्रभावित हो रहा है। सुबह के समय वाहन चालकों को बेहद सावधानी के साथ वाहन चलाना पड़ रहा है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी हुई है।इसके अलावा बदलते मौसम का असर किसानों पर भी दिखाई देने लगा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि मार्च में इस तरह का कोहरा सामान्य नहीं है और इससे फसलों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। ग्रामीणों का मानना है कि मौसम में आए इस बदलाव से जनजीवन के साथ-साथ खेती पर भी असर पड़ने की संभावना है।
सम्मानित व्यक्ति का अपमान उसकी मौत के समान : पंडित धर्मराज तिवारी
जौनपुर। किसी भी सम्मानित व्यक्ति के लिए उसका सम्मान ही सबसे बड़ी पूंजी होती है। यदि उसे व्यक्ति का अपमान होता है तो वह उसके लिए मृत्यु के समान होता है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित घनश्यामपुर में प्रमोद तिवारी के यहां आयोजित संगीतमय श्रीमद् भागवत कथा के 6ठे दिन कथा व्यास से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी ने उपरोक्त बातें कही। भगवान श्री कृष्णा और रुक्मणी के विवाह की कथा सुनाते हुए उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन केवल धर्म स्थापना और युद्ध विजय तक सीमित नहीं था, बल्कि यह प्रेम, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना से भी जुड़ा हुआ था। उनके जीवन की अनेक लीलाओं में से एक सबसे महत्वपूर्ण घटना थी रुक्मिणी विवाह। यह केवल एक राजकुमारी और एक राजकुमार का विवाह नहीं था, बल्कि यह सच्चे प्रेम, भक्ति और समर्पण की विजय की कथा है। उन्होंने बताया कि रुक्मिणी ने भगवान श्रीकृष्ण को मन, वचन और कर्म से अपना पति मान लिया था, लेकिन उनके भाई रुक्मी ने उनके विवाह को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया। फिर भी, जब प्रेम सच्चा हो और भक्ति अडिग हो, तो स्वयं भगवान उसे सफल बनाते हैं। यही सिद्धांत इस कथा का मूल है।

इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख लोगों में कमला प्रसाद तिवारी बड़े बाबू, डॉ श्रीपाल पांडे, पूर्व प्रधानाचार्य रामकीरत दुबे, राम अनंद पांडे, रमेश दुबे, पूर्व प्रधान राम जियावन तिवारी, प्रधान हरसू पाठक, रामधारी तिवारी, प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी, जिला पंचायत सदस्य शिव प्रताप सिंह , वीरेंद्र सिंह, रामसागर सिंह, रविंद्र तिवारी, हृदय प्रकाश तिवारी,  प्रधान अवधेश तिवारी, अगर्दी पांडे, स्वतंत्र मिश्रा, शशिधर तिवारी, श्रवण तिवारी, राजेंद्र तिवारी, गोरखनाथ गुप्ता, पारसनाथ गुप्ता , शिवपूजन बरनवाल, हरिओम बरनवाल ,दुर्गेश श्रीवास्तव, अच्छेलाल मिश्र, शंभूनाथ मिश्र, दिवाकर मिश्र, विजय प्रकाश मिश्र, अभिनव तिवारी, शिव तिवारी, नीरज तिवारी, धीरज तिवारी, रिंकल तिवारी समेत सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
असम की धरती से हेमंत सोरेन की हुंकार: "चाय बागान के आदिवासियों को मिले हक और पहचान का सम्मान।"

झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज असम के बिस्वनाथ चारियाली स्थित मेजिकाजन चाय बागान में आयोजित एक विशाल जागरूकता जनसभा में शामिल हुए। आदिवासी स्टूडेंट यूनियन ऑफ असम, जारी शक्ति एवं आदिवासी काउंसिल ऑफ असम द्वारा आयोजित इस सभा में उन्होंने असम में निवास कर रहे आदिवासी समुदाय के हक और अधिकारों की पुरजोर वकालत की।

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मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि असम का आदिवासी समाज दशकों से देश के चाय व्यापार का अभिन्न अंग रहा है, लेकिन आज भी यह वर्ग शोषण और अत्याचार का सामना कर रहा है। उन्होंने झारखंड के 50 वर्षों के लंबे संघर्ष और दिशोम गुरु शिबू सोरेन के योगदान का जिक्र करते हुए कहा कि हक पाने के लिए चट्टानी एकजुटता जरूरी है। सीएम सोरेन ने जोर देकर कहा कि असम के आदिवासियों को अभी तक 'आदिवासी का दर्जा' न मिलना एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने समुदाय से आह्वान किया कि वे अपनी पहचान की सुरक्षा के लिए बौद्धिक रूप से सशक्त बनें और संवैधानिक अधिकारों के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने को तैयार रहें।

पर्व-त्योहार और पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर मुख्यमंत्री योगी सख्त, शांति और सुरक्षा के कड़े निर्देश

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को आगामी पर्व-त्योहारों, उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा और अन्य महत्वपूर्ण आयोजनों को देखते हुए कानून-व्यवस्था एवं प्रशासनिक तैयारियों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को पूरी सतर्कता, समन्वय और जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि सभी कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न होने चाहिए।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 13 मार्च को अलविदा की नमाज, 14 और 15 मार्च को उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड द्वारा सब-इंस्पेक्टर एवं समकक्ष पदों की लिखित परीक्षा, 19 मार्च से चैत्र नवरात्र और 20-21 मार्च को ईद-उल-फितर मनाए जाने की संभावना है। इन आयोजनों को देखते हुए उन्होंने कहा कि यह अवधि कानून-व्यवस्था की दृष्टि से संवेदनशील है, इसलिए सभी अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी प्रकार की नई परंपरा शुरू करने की अनुमति न दी जाए और धार्मिक आयोजनों के कारण आमजन को कोई असुविधा न हो। समाज-विरोधी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाने के भी निर्देश दिए गए।

  • एसआई भर्ती परीक्षा पर विशेष सतर्कता

मुख्यमंत्री ने पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। 14 और 15 मार्च को प्रदेश के 1090 परीक्षा केंद्रों पर चार पालियों में परीक्षा आयोजित होगी, जिसमें 15 लाख 75 हजार से अधिक अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के विभिन्न जिलों से आने की संभावना को देखते हुए प्रभावी ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि कहीं भी जाम या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता और गोपनीयता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सेक्टर मजिस्ट्रेट और स्टेटिक मजिस्ट्रेट पूरी जिम्मेदारी के साथ तैनात रहें, वहीं खुफिया तंत्र को भी पूरी तरह सक्रिय रखा जाए। सोशल मीडिया पर लगातार निगरानी रखने और किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना का तत्काल खंडन करने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक परीक्षा केंद्र के बाहर पीआरवी-112 की गाड़ी अनिवार्य रूप से तैनात करने के भी निर्देश दिए गए।

  • नवरात्र और रामनवमी की तैयारियों की समीक्षा

चैत्र नवरात्र को लेकर मुख्यमंत्री ने प्रमुख शक्तिपीठों—देवीपाटन मंदिर (बलरामपुर), शाकुम्भरी देवी (सहारनपुर), मां विंध्यवासिनी धाम (मीरजापुर) और ललिता देवी (सीतापुर) में श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, सुगम दर्शन, पेयजल, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि नवरात्र के अवसर पर नगरों और गांवों में मंदिरों तथा धार्मिक स्थलों के आसपास विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए और आवश्यकता अनुसार अतिरिक्त स्वच्छताकर्मी तैनात किए जाएं। पुलिस को स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप प्रभावी भीड़ प्रबंधन और फुट पेट्रोलिंग की कार्ययोजना लागू करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि 27 मार्च को अयोध्या में श्रीरामनवमी के अवसर पर देशभर से श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। साथ ही 19 मार्च को राष्ट्रपति के अयोध्या और मथुरा आगमन का प्रस्तावित कार्यक्रम है, जिसके मद्देनजर सभी प्रोटोकॉल व्यवस्थाएं समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

  • पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता सामान्य

बैठक में मुख्यमंत्री ने हालिया वैश्विक परिस्थितियों के मद्देनजर पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने उन्हें अवगत कराया कि प्रदेश में कहीं भी ईंधन की कमी नहीं है और आपूर्ति तथा वितरण सामान्य है। मुख्यमंत्री ने खाद्य एवं रसद विभाग को निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी पर कड़ी निगरानी रखी जाए तथा किसी भी अनियमितता पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित इस समीक्षा बैठक में सभी मंडलायुक्त, जिलाधिकारी, अपर पुलिस महानिदेशक (जोन), पुलिस आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक (रेंज) तथा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और पुलिस अधीक्षक सहित शासन स्तर के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा घेराव के लिए जुटे झारखंड आंदोलनकारी, रांची आए बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर डेरा डाला

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झारखंड के आंदोलनकारी एक बार फिर अपने हक की मांग को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे झारखंड आंदोलनकारियों को रोका गया तो बीच सड़क पर ही डेरा डाल दिया। सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। आज के सत्र की कार्रवाई समाप्त होने के बाद भी किसी विधायक या मंत्री ने उनकी सुध नहीं ली। आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सैकड़ो की संख्या में झारखंड के अलग-अलग जिला से आए आंदोलनकारी विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे। आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड अलग राज्य बनाने में उन्होंने आंदोलन किया। सरकार से उनकी मांग है कि उन्हें विशेष दर्जा दिया जाए और 50 हजार रुपए पेंशन की भी मांग की जा रही है। अपनी मांगों को लेकर सड़क पर ही डेरा डाल दिया। देर शाम बीतने के बाद भी वह यहां अधिक है और सरकार के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया।

प्रदर्शन कर रहे आंदोलनकारियों का कहना है कि झारखंड राज्य के गठन के लिए उन्होंने लंबा संघर्ष किया था, लेकिन आज भी उन्हें उनका उचित अधिकार और सम्मान नहीं मिल पाया है। इसी मांग को लेकर वे विधानसभा का घेराव करने पहुंचे हैं।

आंदोलनकारियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें सत्ता विरासत में मिली है, इसलिए उन्हें आंदोलनकारियों के संघर्ष को समझना चाहिए। उनके पिता शिबू सोरेन खुद एक आंदोलनकारी थे उन्होंने कहा था कि उनके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। आंदोलनकारी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा।

प्रदर्शन के कारण इलाके में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। अब देखना होगा कि सरकार आंदोलनकारियों की मांगों पर क्या कदम उठाती है।

सफलता की कहानी: सास-बहू से देवरानी-जेठानी तक

  • रिश्तों की साझेदारी से खिल रहा ग्रामीण पर्यटन, होम-स्टे से बदली गांव की तस्वीर

सास-बहू, मां-बेटी या देवरानी-जेठानी के रिश्तों को अक्सर तकरार और मतभेद के उदाहरणों के रूप में प्रस्तुत किया जाता है, लेकिन मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिले के पर्यटन ग्राम इन धारणाओं को बदलते हुए एक नई मिसाल कायम कर रहे हैं। जिले के गॉवों की महिलाएं आपसी सहयोग और विश्वास के साथ होम-स्टे चला रही हैं और रिश्तों की मजबूती को तरक्की की नई राह में बदल रही हैं।

पर्यटन ग्राम धूसावानी की मनेशी धुर्वे और अलका धुर्वे रिश्ते में सास-बहू हैं, लेकिन जब उनके होम-स्टे में पर्यटक आते हैं तो दोनों मिलकर पूरे उत्साह से मेहमाननवाजी में जुट जाती हैं। इसी तरह सावरवानी में मालती यदुवंशी अपनी सास शारदा यदुवंशी के साथ मिलकर होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। यह केवल एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि पूरे जिले में उभरती एक नई सामाजिक और आर्थिक तस्वीर है, जहां रिश्तों की साझेदारी महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रही है।

  • रिश्तों की साझेदारी से मिली पहचान

छिंदवाड़ा के पर्यटन ग्रामों में चल रहे होम-स्टे केवल आय का साधन नहीं हैं, बल्कि ये महिलाओं की सांस्कृतिक पहचान और आत्मविश्वास का भी प्रतीक बन चुके हैं। यहां सास-बहू, मां-बेटी और देवरानी-जेठानी मिलकर पर्यटकों का स्वागत करती हैं, भोजन तैयार करती हैं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन करती हैं। इन रिश्तों की सामूहिक ताकत ने यह साबित किया है कि जब परिवार की महिलाएं साथ मिलकर काम करती हैं, तो घर ही नहीं बल्कि पूरा गांव विकास की राह पर आगे बढ़ सकता है।

  • जिले में 50 से अधिक होम-स्टे

मध्यप्रदेश में सर्वाधिक होम-स्टे संचालित करने वाले जिलों में शामिल छिंदवाड़ा में इस समय 50 से अधिक होम-स्टे संचालित हैं। खास बात यह है कि इन सभी होम-स्टे का पंजीयन महिलाओं के नाम पर किया गया है और संचालन की अधिकांश जिम्मेदारी भी महिलाएं ही संभाल रही हैं। सावरवानी, चोपना, काजरा, देवगढ़, चिमटीपुर, गुमतरा और धूसावानी जैसे पर्यटन ग्रामों में स्थानीय महिलाएं पारंपरिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ पर्यटन गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

  • स्थानीय स्वाद और संस्कृति से जुड़ते पर्यटक

गांव की महिलाएं पर्यटकों के लिए पारंपरिक और स्वादिष्ट स्थानीय व्यंजन तैयार करती हैं। इसके साथ ही वे लोकनृत्य और लोक गायन से क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भी पर्यटकों को परिचित कराती हैं। इससे पर्यटकों को ग्रामीण जीवन और संस्कृति को करीब से देखने का अवसर मिलता है, वहीं महिलाओं को आय का सम्मानजनक साधन भी प्राप्त हो रहा है।

  • महिलाओं के हाथों में होम-स्टे की कमान

गांव की महिलाएं स्वयं होम-स्टे का संचालन कर रही हैं। पर्यटकों के स्वागत से लेकर भोजन व्यवस्था, आवास और सांस्कृतिक गतिविधियों के प्रबंधन तक की पूरी जिम्मेदारी वे ही निभाती हैं। इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सास-बहू, देवरानी-जेठानी जैसे रिश्ते केवल पारिवारिक संबंध ही नहीं, बल्कि सहयोग और विश्वास के मजबूत आधार भी बन सकते हैं। यही साझेदारी आज छिंदवाड़ा के ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान दे रही है और महिलाओं को आत्मनिर्भर बन रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि होम-स्टे की यह पहल गांव की महिलाओं को सशक्त बनाने के साथ-साथ पर्यटन ग्रामों की पहचान भी तेजी से बढ़ा रही है। आने वाले समय में यहां पर्यटन गतिविधियों के और विस्तार की संभावनाएं भी दिखाई दे रही हैं।

उप्र राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव का लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम
लखनऊ। उप्र राज्य महिला आयोग अपर्णा यादव, उपाध्यक्ष (उपमंत्री स्तर प्राप्त) आज जनपद लखनऊ में बैठक, महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण से संबंधित विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार  उपाध्यक्ष सुबह 10:30 बजे विक्रमादित्य मार्ग, लखनऊ से प्रस्थान कर 11 बजे उप्र राज्य महिला आयोग के सभागार, तृतीय तल, विभूतिखण्ड, गोमतीनगर, लखनऊ पहुँचेंगी। वहाँ उपाध्यक्ष महिला कल्याण विभाग के अधिकारियों तथा अन्य जनपदीय अधिकारियों के साथ महिला उत्पीड़न से संबंधित समस्याओं के समाधान के संबंध में आयोजित बैठक में प्रतिभाग करेंगी। बैठक के बाद उपाध्यक्ष द्वारा महिला जनसुनवाई भी की जाएगी, जिसमें पीड़ित महिलाओं की समस्याओं को सुनकर उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए जाएंगे।
इसके अलावा उपाध्यक्ष 12:45 बजे राज्य महिला आयोग सभागार, गोमतीनगर से प्रस्थान कर 1 बजे वन स्टॉप सेंटर, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह केन्द्र का निरीक्षण करेंगी तथा वहीं आयोजित महिलाओं की गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। इसके बाद उपाध्यक्ष 1:30 बजे वन वन स्टॉप सेन्टर  से होकर 1:45 बजे लोक बन्धु चिकित्सालय, लखनऊ पहुँचेंगी, जहाँ वह चिकित्सालय का निरीक्षण करेंगी तथा आयोजित किट वितरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करेंगी। उक्त कार्यक्रमों के माध्यम से उपाध्यक्ष की ओर से महिलाओं के कल्याण, सुरक्षा एवं सशक्तिकरण से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी प्रदान किए जाएंगे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।