हज़ारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने वर्ष 2026-27 के बजट को बताया दिशाहीन और जनविरोधी

हज़ारीबाग सदर विधानसभा के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराधार, दिशाहीन और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की महिलाओं, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सरकार ने कुल ₹1,58,560 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है किंतु इस भारी-भरकम आंकड़े के बावजूद ज़मीनी विकास की स्पष्ट रणनीति नज़र नहीं आती। राजस्व आय को ₹1,36,210.04 करोड़ तथा राजस्व व्यय को ₹1,20,851.90 करोड़ दर्शाया गया है परंतु इन आंकड़ों में आम जनता के जीवन स्तर में ठोस सुधार का कोई रोडमैप नहीं दिखता।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर केवल योजनागत प्रावधान दिखाए गए हैं, लेकिन रोजगार, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ठोस एवं नवीन पहल का अभाव है। युवाओं के लिए कौशल विकास और स्थायी रोजगार सृजन की दिशा में कोई स्पष्ट नीति या बड़े निवेश की घोषणा नहीं की गई है। किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास के मद में आवंटन तो दर्शाया गया है, परंतु पिछली योजनाओं के परिणामों की समीक्षा और जवाबदेही का अभाव है।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, जिसमें पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जनता को “छलावा” परोसा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आधारभूत संरचना की चुनौतियों पर गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि हज़ारीबाग सहित पूरे झारखंड की जनता एक ऐसे बजट की अपेक्षा करती थी, जो युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को राहत और शहरों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ प्रदान करे। किंतु प्रस्तुत बजट में न तो दूरदृष्टि है और न ही ठोस कार्ययोजना।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बजट प्रावधानों की पुनर्समीक्षा करे तथा वास्तविक विकास और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

जिला कांग्रेस का प्रदर्शन व ज्ञापन 25 फरवरी को
गोंडा। प्रदेश में संत समाज एवं धार्मिक व्यक्तियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार तथा ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त की गई है।यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने एक विज्ञप्ति मे कहा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता एवं अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।श्री मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के निर्देशानुसार  25 फरवरी दिन बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा द्वारा जिला अधिकारी, गोंडा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाती  रहेगी।
स्वच्छता,साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है-प्रो.मंजू मगन*
सुलतानपुर,राणा प्रताप महाविद्यालय के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं लंबरदार का पुरवा में स्वच्छता रैली निकाल करके लोगों को स्वच्छ जीवन यापन करने का संदेश दिया। द्वितीय सत्र में बौद्धिक के अंतर्गत मुख्य अतिथि के रूप में संजय गांधी पी जी कॉलेज चौकिया की प्राचार्य प्रो0 मंजू मगन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ अर्चना सिंह जो प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी है कार्यक्रम में उपस्थिति रही। डॉ मंजू मगन ने कहा कि स्वच्छता, साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है।उन्होंने शिविरार्थियों को कर्तव्य बोध कराते हुए अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि आज का युग डिजिटलीकरण का है, इसे हम सभी को जन-जन तक पहुंचना है। सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं संचालित होती हैं किंतु जानकारी का अभाव होता है। अतः हमें जागरूकता अभियान करना चाहिए। डॉक्टर अर्चना सिंह ने जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की स्वयं के लिए भी दस मिनट का समय निकाल करके जीवन को स्वस्थ बनाया जा सकता है। आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने और संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया ।
दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य जारी रहा*
सुल्तानपुर,टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर 23 फरवरी से 25 फरवरी तक जनपद के शिक्षक बाहों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य संपादित कर रहे हैं। सोमवार को पूरे जिले के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ काली पट्टी बांधकर पढ़ाया। दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य जारी रहा।
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विद्यालय बंद होने के बाद कुड़वार ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक अध्यक्ष निजाम खान के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ तथा महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने एकत्र होकर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ब्लॉक अध्यक्ष निजाम खान ने शिक्षकों में उत्साह और ऊर्जा भरते हुए भावुक उद्बोधन में कहा कि टीईटी अनिवार्यता की वापसी लाखों शिक्षकों के आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि जब तक अनिश्चितता का बादल छाया है, तब तक शिक्षकों के घरों में चिंता स्वाभाविक है। वर्षों का अनुभव, समर्पण और सेवा देने के बावजूद असुरक्षा की भावना किसी भी शिक्षक के लिए सबसे बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला कर्मी नहीं, बल्कि समाज का निर्माता है। धैर्य, विश्वास और लोकतांत्रिक संघर्ष ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जिस दिन टीईटी अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी, वह दिन शिक्षकों की एकता और संयमित आंदोलन की ऐतिहासिक जीत का दिन होगा। इससे विद्यार्थियों को भी अपने अनुभवी गुरुजनों का मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहेगा।
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इस अवसर पर रेखा सिंह, अंजू, विनय पाण्डेय, प्रदीप यादव (अध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश शुक्ला, राम भवन, अरविंद कुमार, आशीष यादव, मृदुल देव तिवारी, मान सिंह, राजमणि यादव, कैलाश सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
मीरा भायंदर के नो हॉकर्स जोन में अवैध वसूली को लेकर रवि व्यास ने दी चेतावनी

भायंदर। मीरा भायंदर शहर में नो-हॉकर ज़ोन घोषित क्षेत्रों में अवैध रूप से फेरीवालों से शुल्क वसूली तथा अवैध बैठकों को संरक्षण दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संदर्भ में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगरसेवक एड रवि व्यास ने मनपा आयुक्त को एक शिकायत पत्र लिखा पत्र में कहा गया है कि महानगरपालिका द्वारा घोषित नो-हॉकर ज़ोन में भी ठेकेदार एवं उसके प्रतिनिधियों द्वारा फेरीवालों से अवैध शुल्क वसूला जा रहा है तथा उन्हें अनधिकृत रूप से बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे आम नागरिकों को यातायात बाधा, अतिक्रमण, असुविधा तथा कानून व्यवस्था संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह कृत्य ‘स्ट्रीट वेंडर्स (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014’ तथा महानगरपालिका के नियमों का उल्लंघन है। नो-हॉकर ज़ोन में किसी भी प्रकार की वसूली अथवा व्यवसाय की अनुमति देना पूरी तरह अवैध है। यदि प्रशासन द्वारा घोषित क्षेत्र में ही नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। एड रवि व्यास ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं: 1. संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल जांच के आदेश दिए जाएं। 2. जांच पूर्ण होने तक नो-हॉकर ज़ोन में किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली तत्काल रोकी जाए। 3. संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।

4. अवैध रूप से बैठाए गए फेरीवालों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। 5. अधिकृत एवं नो-हॉकर ज़ोन की सूची सार्वजनिक की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय में शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनहित में उच्च अधिकारियों एवं सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। मिरा-भाईंदर के नागरिकों के हितों की रक्षा हेतु प्रशासन से पारदर्शी एवं सख्त कदम उठाने की अपेक्षा की गई है।
झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

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रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
रितिक दुबे ने स्व. शिवनारायण उपाध्याय के घर पहुंच कर प्रकट की शोक संवेदना
जौनपुर। जय भोलेनाथ सेवा संस्था के संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष रितिक दुबे ने आज बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित रमनीपुर गांव में स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के घर आकर उनके परिवार जनों को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना प्रकट किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय अत्यंत विनम्र और सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। कैंसर के चलते पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो गई थी। वह मुंबई के समीप नालासोपारा में रहते थे और रितिक दुबे की संस्था से जुड़े हुए थे। रितिक दुबे जौनपुर के बरसठी तहसील अंतर्गत स्थित सिरोली गांव के रहने वाले हैं। इस अवसर पर मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, दीपक मिश्रा, सुनील पांडे,  अश्विन पांडे, शिवम तिवारी, के अलावा स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के बड़े भाई मारकंडे उपाध्याय, पुत्र प्रिंस उपाध्याय तथा रिकेन उपाध्याय उपस्थित रहे।
हज़ारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने वर्ष 2026-27 के बजट को बताया दिशाहीन और जनविरोधी

हज़ारीबाग सदर विधानसभा के विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा में प्रस्तुत वर्ष 2026-27 के बजट को पूरी तरह निराधार, दिशाहीन और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि यह बजट राज्य की महिलाओं, युवाओं, किसानों एवं आम नागरिकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने में असफल रहा है।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि सरकार ने कुल ₹1,58,560 करोड़ का बजट प्रस्तुत किया है किंतु इस भारी-भरकम आंकड़े के बावजूद ज़मीनी विकास की स्पष्ट रणनीति नज़र नहीं आती। राजस्व आय को ₹1,36,210.04 करोड़ तथा राजस्व व्यय को ₹1,20,851.90 करोड़ दर्शाया गया है परंतु इन आंकड़ों में आम जनता के जीवन स्तर में ठोस सुधार का कोई रोडमैप नहीं दिखता।

उन्होंने विशेष रूप से कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के नाम पर केवल योजनागत प्रावधान दिखाए गए हैं, लेकिन रोजगार, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए ठोस एवं नवीन पहल का अभाव है। युवाओं के लिए कौशल विकास और स्थायी रोजगार सृजन की दिशा में कोई स्पष्ट नीति या बड़े निवेश की घोषणा नहीं की गई है। किसानों एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने के लिए बजट में अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और शहरी विकास के मद में आवंटन तो दर्शाया गया है, परंतु पिछली योजनाओं के परिणामों की समीक्षा और जवाबदेही का अभाव है।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि यह बजट केवल आंकड़ों का खेल है, जिसमें पिछले वर्ष की तरह इस बार भी जनता को “छलावा” परोसा गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और आधारभूत संरचना की चुनौतियों पर गंभीरता नहीं दिखाई। उन्होंने कहा कि हज़ारीबाग सहित पूरे झारखंड की जनता एक ऐसे बजट की अपेक्षा करती थी, जो युवाओं को रोजगार, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को राहत और शहरों को बेहतर आधारभूत सुविधाएँ प्रदान करे। किंतु प्रस्तुत बजट में न तो दूरदृष्टि है और न ही ठोस कार्ययोजना।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने सरकार से मांग की कि वह जनभावनाओं का सम्मान करते हुए बजट प्रावधानों की पुनर्समीक्षा करे तथा वास्तविक विकास और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

जिला कांग्रेस का प्रदर्शन व ज्ञापन 25 फरवरी को
गोंडा। प्रदेश में संत समाज एवं धार्मिक व्यक्तियों के साथ हो रहे कथित दुर्व्यवहार तथा ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जी एवं उनके शिष्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर के संबंध में गहरी चिंता व्यक्त की गई है।यह बात जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद कुमार मिश्रा ने एक विज्ञप्ति मे कहा।उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 25 एवं 26 प्रत्येक नागरिक को धार्मिक स्वतंत्रता एवं अपने धार्मिक कार्यों के संचालन का मौलिक अधिकार प्रदान करते हैं।श्री मिश्रा ने आगे बताया कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के निर्देशानुसार  25 फरवरी दिन बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा द्वारा जिला अधिकारी, गोंडा के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा जाएगा। ज्ञापन के माध्यम से प्रकरण की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कराए जाने तथा दोषियों के विरुद्ध उचित कार्रवाई की मांग की जाएगी।जिला कांग्रेस कमेटी, गोंडा संविधान की मूल भावना, लोकतांत्रिक मूल्यों एवं धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है और इस विषय पर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक ढंग से अपनी आवाज उठाती  रहेगी।
स्वच्छता,साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है-प्रो.मंजू मगन*
सुलतानपुर,राणा प्रताप महाविद्यालय के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत प्रथम सत्र में छात्र-छात्राओं लंबरदार का पुरवा में स्वच्छता रैली निकाल करके लोगों को स्वच्छ जीवन यापन करने का संदेश दिया। द्वितीय सत्र में बौद्धिक के अंतर्गत मुख्य अतिथि के रूप में संजय गांधी पी जी कॉलेज चौकिया की प्राचार्य प्रो0 मंजू मगन ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। डॉ अर्चना सिंह जो प्राकृतिक चिकित्सा से जुड़ी है कार्यक्रम में उपस्थिति रही। डॉ मंजू मगन ने कहा कि स्वच्छता, साक्षरता और पर्यावरण राष्ट्रीय सेवा योजना की त्रिवेणी है।उन्होंने शिविरार्थियों को कर्तव्य बोध कराते हुए अपने अनुभव को साझा किया और कहा कि आज का युग डिजिटलीकरण का है, इसे हम सभी को जन-जन तक पहुंचना है। सरकार द्वारा बहुत सी योजनाएं संचालित होती हैं किंतु जानकारी का अभाव होता है। अतः हमें जागरूकता अभियान करना चाहिए। डॉक्टर अर्चना सिंह ने जीवन में योग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा की स्वयं के लिए भी दस मिनट का समय निकाल करके जीवन को स्वस्थ बनाया जा सकता है। आभार ज्ञापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ विभा सिंह ने और संचालन डॉ प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने किया ।
दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य जारी रहा*
सुल्तानपुर,टीईटी अनिवार्यता के विरोध में टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ दिनेश चंद्र शर्मा के आह्वान पर 23 फरवरी से 25 फरवरी तक जनपद के शिक्षक बाहों में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य संपादित कर रहे हैं। सोमवार को पूरे जिले के शिक्षकों ने टीईटी अनिवार्यता के खिलाफ काली पट्टी बांधकर पढ़ाया। दूसरे दिन भी काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य जारी रहा।
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विद्यालय बंद होने के बाद कुड़वार ब्लॉक संसाधन केंद्र पर ब्लॉक अध्यक्ष निजाम खान के नेतृत्व में उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ, उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ तथा महिला शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने एकत्र होकर टीईटी अनिवार्यता के विरोध में नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। ब्लॉक अध्यक्ष निजाम खान ने शिक्षकों में उत्साह और ऊर्जा भरते हुए भावुक उद्बोधन में कहा कि टीईटी अनिवार्यता की वापसी लाखों शिक्षकों के आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि जब तक अनिश्चितता का बादल छाया है, तब तक शिक्षकों के घरों में चिंता स्वाभाविक है। वर्षों का अनुभव, समर्पण और सेवा देने के बावजूद असुरक्षा की भावना किसी भी शिक्षक के लिए सबसे बड़ा संकट है। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल पाठ पढ़ाने वाला कर्मी नहीं, बल्कि समाज का निर्माता है। धैर्य, विश्वास और लोकतांत्रिक संघर्ष ही हमारी सबसे बड़ी शक्ति है। जिस दिन टीईटी अनिवार्यता से मुक्ति मिलेगी, वह दिन शिक्षकों की एकता और संयमित आंदोलन की ऐतिहासिक जीत का दिन होगा। इससे विद्यार्थियों को भी अपने अनुभवी गुरुजनों का मार्गदर्शन निरंतर मिलता रहेगा।
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इस अवसर पर रेखा सिंह, अंजू, विनय पाण्डेय, प्रदीप यादव (अध्यक्ष, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन), राकेश शुक्ला, राम भवन, अरविंद कुमार, आशीष यादव, मृदुल देव तिवारी, मान सिंह, राजमणि यादव, कैलाश सहित अनेक शिक्षक उपस्थित रहे।
मीरा भायंदर के नो हॉकर्स जोन में अवैध वसूली को लेकर रवि व्यास ने दी चेतावनी

भायंदर। मीरा भायंदर शहर में नो-हॉकर ज़ोन घोषित क्षेत्रों में अवैध रूप से फेरीवालों से शुल्क वसूली तथा अवैध बैठकों को संरक्षण दिए जाने का गंभीर मामला सामने आया है। इस संदर्भ में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष नगरसेवक एड रवि व्यास ने मनपा आयुक्त को एक शिकायत पत्र लिखा पत्र में कहा गया है कि महानगरपालिका द्वारा घोषित नो-हॉकर ज़ोन में भी ठेकेदार एवं उसके प्रतिनिधियों द्वारा फेरीवालों से अवैध शुल्क वसूला जा रहा है तथा उन्हें अनधिकृत रूप से बैठने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। इससे आम नागरिकों को यातायात बाधा, अतिक्रमण, असुविधा तथा कानून व्यवस्था संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

यह कृत्य ‘स्ट्रीट वेंडर्स (Protection of Livelihood and Regulation of Street Vending) Act, 2014’ तथा महानगरपालिका के नियमों का उल्लंघन है। नो-हॉकर ज़ोन में किसी भी प्रकार की वसूली अथवा व्यवसाय की अनुमति देना पूरी तरह अवैध है। यदि प्रशासन द्वारा घोषित क्षेत्र में ही नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, तो यह अत्यंत गंभीर विषय है। एड रवि व्यास ने प्रशासन से निम्न मांगें की हैं: 1. संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध तत्काल जांच के आदेश दिए जाएं। 2. जांच पूर्ण होने तक नो-हॉकर ज़ोन में किसी भी प्रकार की शुल्क वसूली तत्काल रोकी जाए। 3. संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी जांच की जाए।

4. अवैध रूप से बैठाए गए फेरीवालों को हटाकर क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। 5. अधिकृत एवं नो-हॉकर ज़ोन की सूची सार्वजनिक की जाए। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय में शीघ्र कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो जनहित में उच्च अधिकारियों एवं सक्षम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया जाएगा। मिरा-भाईंदर के नागरिकों के हितों की रक्षा हेतु प्रशासन से पारदर्शी एवं सख्त कदम उठाने की अपेक्षा की गई है।
झारखंड बजट 2026-27: 1.58 लाख करोड़ का ऐतिहासिक बजट पेश, 'नया झारखंड' बनाने का रोडमैप तैयार

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रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट विधानसभा में पेश करते हुए राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट रोडमैप रखा. 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये के इस बजट में बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक सुरक्षा को विकास का इंजन बताया गया है.

बजट का आकार और वित्तीय तस्वीर

वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सकल बजट अनुमान पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत अधिक रखा गया है. राजस्व व्यय के लिए 1.20 लाख करोड़ रुपये से अधिक और पूंजीगत व्यय के लिए 37,708 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. सरकार ने स्पष्ट किया कि यह बजट विकास के साथ-साथ वित्तीय अनुशासन को भी साधने का प्रयास है. राजकोषीय घाटा 13,595.96 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो राज्य के GSDP का 2.18 प्रतिशत है.

निधि की व्यवस्था के लिए अपने कर राजस्व से 46,000 करोड़, गैर कर राजस्व से 20,700 करोड़, केंद्रीय सहायता से 18,273.66 करोड़, केंद्रीय करों में राज्य के हिस्सेदारी के रूप में 51,236.38 करोड़, लोक ऋण से 22,049.96 करोड़ और उधार तथा अग्रिम की वसूली से 300 करोड़ रु होने का अनुमान है.

GSDP दोगुना करने का लक्ष्य

सरकार का लक्ष्य अगले पांच वर्षों में झारखंड की अर्थव्यवस्था को दोगुना करना है. इसके लिए कृषि, उद्योग, भौतिक संरचना, वित्तीय क्षेत्र, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास पर विशेष फोकस रखा गया है. वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा संसाधनों के बेहतर उपयोग और सूखे जैसे बाहरी कारकों के प्रभाव को कम कर 14 प्रतिशत की लक्षित विकास दर हासिल की जाएगी.

कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को संबल

महिला किसान खुशहाली योजना के जरिए महिला किसानों को आधुनिक तकनीक और मार्केटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा. नकदी फसलों के विस्तार, कोल्ड स्टोरेज युक्त कोऑपरेटिव मार्केटिंग कॉम्प्लेक्स और लघु वन उत्पादों के उन्नयन से ग्रामीण आय बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

शिक्षा और कौशल विकास

राज्य के सभी सरकारी पॉलिटेक्निक संस्थानों को Jharkhand Institute of Technology के रूप में विकसित करने की घोषणा की गई है. इसके साथ ही चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना और चयनित ITI में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस प्रशिक्षण की योजना पेश की गई है.

स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़ा निवेश

कैंसर की शुरुआती पहचान और इलाज के लिए मेडिकल कॉलेजों में PET-CT, कैथलैब और जिला अस्पतालों में मैमोग्राफी मशीनें लगेंगी. 750 अबुआ दवाखानों के माध्यम से सस्ती और गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य है.

सड़क, पुल और पर्यटन को रफ्तार

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क और सेतु योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. पर्यटन के क्षेत्र में ग्लास ब्रिज, रोपवे, स्काइवॉक, सोलर बोट और फ्लोटिंग रेस्टोरेंट जैसी परियोजनाओं से राज्य को नया पर्यटन मानचित्र देने की तैयारी है.

निवेश और रोजगार

सरकार के अनुसार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के मंच से झारखंड को 1.24 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिससे करीब 45 हजार रोजगार के अवसर बनने की संभावना है. इसके अलावा औद्योगिक नीतियों के तहत 20 हजार करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य रखा गया है.

बाल बजट और जेंडर बजट

इस बजट की खासियत आउटकम बजट के तहत तैयार किया गया बाल बजट और जेंडर बजट है. बच्चों से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल योजना आकार का 10.7 प्रतिशत और महिलाओं से संबंधित योजनाओं के लिए 34 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है.

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को सरकार ने “विकास, निवेश और सामाजिक न्याय का संतुलित दस्तावेज” बताया है, जो झारखंड को अगले दशक में तेज आर्थिक वृद्धि की राह पर ले जाने का दावा करता है.

गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
रितिक दुबे ने स्व. शिवनारायण उपाध्याय के घर पहुंच कर प्रकट की शोक संवेदना
जौनपुर। जय भोलेनाथ सेवा संस्था के संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष रितिक दुबे ने आज बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित रमनीपुर गांव में स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के घर आकर उनके परिवार जनों को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना प्रकट किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय अत्यंत विनम्र और सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। कैंसर के चलते पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो गई थी। वह मुंबई के समीप नालासोपारा में रहते थे और रितिक दुबे की संस्था से जुड़े हुए थे। रितिक दुबे जौनपुर के बरसठी तहसील अंतर्गत स्थित सिरोली गांव के रहने वाले हैं। इस अवसर पर मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, दीपक मिश्रा, सुनील पांडे,  अश्विन पांडे, शिवम तिवारी, के अलावा स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के बड़े भाई मारकंडे उपाध्याय, पुत्र प्रिंस उपाध्याय तथा रिकेन उपाध्याय उपस्थित रहे।