मिडिल ईस्ट में फिड़ भड़की युद्ध की चिंगारी, हेलीकॉप्टर गिराने जाने के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला

मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर से सुलग उठी है। ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक किया है। यूएस आर्मी ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स बम बरसाए है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। सेंटकॉम ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर मंगलवार शाम से ये हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ संतुलित और सीमित जवाबी कार्रवाई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गूंजी धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह एक अहम शिपिंग रूट है, जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान असल में बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले ईरान की राजधानी का दूसरे बड़े शहरों में नहीं बल्कि केशम द्वीप पर हुए है। इससे जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ईरानी विदेश मंत्री की खुली चेतावनी

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी के इतिहास में बाहरी ताकतों के बुरे अंजाम के कई उदाहरण मौजूद हैं।

इजराइल और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव

बता दें कि हाल के दिनों में ईरान और इस्राइल के बीच भी तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान की ओर से इस्राइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
कार रोककर युवक का अपहरण, तीन घंटे बंधक बनाकर मारपीट; 18 हजार रुपये लूटने का आरोप
हस्तिनापुर। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र में एक युवक ने कुछ नामजद एवं अज्ञात लोगों पर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

डिफेंस कॉलोनी निवासी कुलदीप भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार रात करीब 10:30 बजे वह मनोहरपुर कॉलोनी स्थित अपने मकान से घर लौट रहे थे। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय मनोहरपुर कॉलोनी के पास एक स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने उनकी कार को रोक लिया। वाहन में ओमवीर भड़ाना, रोहित, जीतू, कमल समेत चार अज्ञात व्यक्ति मौजूद थे।

पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने तमंचे से फायर करने का प्रयास किया तथा तमंचे की बट से सिर पर वार कर घायल कर दिया। इसके बाद उनका मुंह कपड़े से बंद कर हाथ-पैर बांध दिए गए और जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर अपहरण कर लिया गया।

कुलदीप का आरोप है कि रास्ते भर लोहे की सरिया, तमंचे और अन्य हथियारों से उनकी पिटाई की गई। बाद में उन्हें उधम सिंह चौक के निकट डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र के एक कमरे में ले जाकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान लगातार मारपीट करने के साथ उनके पर्स में रखे करीब 18 हजार रुपये भी छीन लिए गए।

पीड़ित का कहना है कि छोड़ते समय आरोपियों ने घटना की जानकारी किसी को देने पर गोली मारने की धमकी दी और स्वयं को खनन माफिया बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप
मेरठ । थाना हस्तिनापुर क्षेत्र में एक युवक ने कुछ नामजद एवं अज्ञात लोगों पर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डिफेंस कॉलोनी निवासी कुलदीप भारद्वाज ने थाना हस्तिनापुर में दी शिकायत में बताया कि वह सोमवार रात करीब 10:30 बजे मनोहरपुर कॉलोनी स्थित अपने मकान से घर लौट रहे थे। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय मनोहरपुर कॉलोनी के पास एक स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उनकी कार को रोक लिया।
पीड़ित के अनुसार स्कॉर्पियो में ओमवीर भड़ाना, रोहित, जीतू, कमल समेत चार अज्ञात व्यक्ति सवार थे। आरोप है कि आरोपियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने तमंचे से फायर करने का प्रयास किया तथा तमंचे की बट से सिर पर हमला कर घायल कर दिया।
कुलदीप का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनका मुंह कपड़े से बंद कर हाथ-पैर बांध दिए और जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर अपहरण कर लिया। रास्ते में लोहे की सरिया, तमंचे और अन्य हथियारों से मारपीट की गई।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें हस्तिनापुर के उधम सिंह चौक के निकट डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र के एक कमरे में ले जाकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान लगातार मारपीट कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही उनके पर्स में रखे करीब 18 हजार रुपये नकद भी छीन लिए गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि छोड़ते समय आरोपियों ने घटना की जानकारी पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति को देने पर गोली मारने की धमकी दी। आरोपियों ने स्वयं को खनन माफिया बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उधर, पुलिस का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
झारखंड भवन, वसंत विहार का रेजिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश


नई दिल्ली, 09 जून 2026 झारखंड सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन, वसंत विहार का औचक निरीक्षण कर भवन की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेंटेनेंस, हाउसकीपिंग, स्वच्छता, रसोई संचालन तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

श्री राजकमल ने भवन परिसर, अतिथि कक्षों, कॉमन एरिया और रसोईघर का निरीक्षण कर रखरखाव एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर भवन संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की तथा स्वच्छता, समयबद्ध रखरखाव और अतिथि सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान रेजिडेंट कमिश्नर ने भवन परिसर में उपलब्ध पार्किंग स्थल के बेहतर उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए लंबे समय से खड़े छह अनुपयोगी एवं कंडम वाहनों की नियमानुसार शीघ्र नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पार्किंग क्षेत्र का अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कार्यालयी स्थान के बेहतर प्रबंधन एवं उपयोग पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई तथा उपलब्ध संसाधनों के कार्यकुशल एवं सुव्यवस्थित उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुछ सीसीटीवी कैमरे बंद पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें तत्काल मरम्मत कर पुनः क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए, ताकि भवन की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

इस निरीक्षण के दौरान श्री अरवा राजकमल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित झारखंड भवन राज्य का प्रतिनिधि संस्थान है। इसलिए यहां आने वाले अतिथियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार एवं आधुनिकीकरण किया जाना आवश्यक है, ताकि आगंतुकों और अतिथियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान की जा सकें।

रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने भवन की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मिडिल ईस्ट में फिड़ भड़की युद्ध की चिंगारी, हेलीकॉप्टर गिराने जाने के बाद अमेरिका का ईरान पर हमला

मिडिल ईस्ट यानी खाड़ी में युद्ध की चिंगारी एक बार फिर से सुलग उठी है। ईरान द्वारा अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर मार गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान पर हमला किया है। अमेरिकी सेना ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बंदर अब्बास तक एक साथ अटैक किया है। यूएस आर्मी ने ईरान के एयर डिफेंस, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और रडार साइट्स बम बरसाए है।

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, अमेरिकी बलों ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा में हमले शुरू किए हैं। सेंटकॉम का कहना है कि यह कार्रवाई उस घटना के जवाब में की गई, जिसमें ईरान ने अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराने का दावा किया था। सेंटकॉम ने बताया कि राष्ट्रपति के निर्देश पर मंगलवार शाम से ये हमले शुरू किए गए। अमेरिकी सेना का कहना है कि यह ईरान की अनुचित आक्रामकता के खिलाफ संतुलित और सीमित जवाबी कार्रवाई है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में गूंजी धमाकों की आवाज

ईरान के सरकारी मीडिया ने बताया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में केशम द्वीप पर धमाकों की आवाज सुनी गई है। यह एक अहम शिपिंग रूट है, जिसे ईरान ने युद्ध के दौरान असल में बंद कर दिया है। ईरानी मीडिया की रिपोर्ट से पता चलता है कि हमले ईरान की राजधानी का दूसरे बड़े शहरों में नहीं बल्कि केशम द्वीप पर हुए है। इससे जानमाल के नुकसान की जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

ईरानी विदेश मंत्री की खुली चेतावनी

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर वह सुरक्षित रहना चाहता है तो उसे फारस की खाड़ी क्षेत्र छोड़ देना चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान की सशस्त्र सेनाएं किसी भी हमले या धमकी का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि युद्ध के मैदान में असफल रहने के बाद अमेरिका ने ईरान के संकल्प को परखने की कोशिश की है। उन्होंने कहा कि ईरान की शक्तिशाली सेना किसी भी हमले को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेगी। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि फारस की खाड़ी के इतिहास में बाहरी ताकतों के बुरे अंजाम के कई उदाहरण मौजूद हैं।

इजराइल और ईरान के बीच भी बढ़ा तनाव

बता दें कि हाल के दिनों में ईरान और इस्राइल के बीच भी तनाव बढ़ा है। दोनों देशों के बीच लगातार हमले और जवाबी हमले हो रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार इस्राइल ने ईरान के एक पेट्रोकेमिकल संयंत्र को निशाना बनाया, जबकि ईरान की ओर से इस्राइली सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए। ऐसे में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता टकराव पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में हालात को और गंभीर बना सकता है।

अवैध वन्यजीव तस्करी में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर में वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम ने वन्यजीव हाथी के दांत सहित तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है।
प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया है कि अवैध वन्यजीव तस्करी के विरूद्ध संयुक्त कार्यवाही में हाथी दांत सहित तीन तस्कर गिरफ्तार किये गये। वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो (wcc8). गोरखपुर, विशेष कार्य बल (STF) एवं मीरजापुर वन प्रभाग की संयुक्त टीम द्वारा प्राप्त गोपनीय सूचना के आधार पर 9 जून 2026 को संचालित संयुक्त अभियान के दौरान मीरजापुर वन प्रभाग के लालगंज रेंज द्वारा थाना जिगना क्षेत्रान्तर्गत बाबा कलेश्वर मंदिर के समीप लगभग एक बजे बजे अवैध वन्यजीव अवयवों की तस्करी में संलिप्त तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया।
संयुक्त टीम द्वारा की गई तलाशी एवं जांच के दौरान तस्करों के कब्जे से हाथी के दांत एवं अन्य वन्यजीव अवयव बरामद किए गए। बरामद सामग्री में 2 अदद हाथी दांत (कुल भार लगभग 1.49 किलोग्राम), 1 अदद हाथी का जबड़ा (लगभग 800 ग्राम) एवं एक स्प्लेन्डर बाइक संख्या UP70BE2825 तथा तीन मोबाइल फोन
बरामद किया गया है।
नटवीर बाबा स्थान पर विशाल भंडारे का आयोजन, हजारों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया महाप्रसाद .
विनोद गुप्ता
हरदोई: ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि एवं मंगलवार के पावन अवसर पर बेनीगंज रेलवे क्रॉसिंग स्थित प्राचीन नटवीर बाबा स्थान पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा के नेतृत्व में विशाल पूड़ी-सब्जी भंडारा एवं प्रसाद वितरण कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र सहित दूर-दराज से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण कर धर्म लाभ प्राप्त किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ नैमिषारण्य स्थित नारदानंद आश्रम शांतिकुटी के प्रमुख श्री शाश्वतानंद  महाराज द्वारा पूजा-अर्चना एवं विधि-विधान के साथ कराया गया। इसके पश्चात भंडारे का वितरण प्रारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस अवसर पर नैमिषारण्य हनुमानगढ़ी के महंत पवन दास महाराज ने उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि कलयुग में अन्नदान और भंडारा सबसे बड़ा पुण्य कार्य है तथा इससे समाज में सेवा, समर्पण और सद्भावना की भावना विकसित होती है।
कार्यक्रम में 84 कोसी परिक्रमा अध्यक्ष नारायण दास महाराज, वनगढ़ आश्रम महंत संतोष दास खाकी, प्रसिद्ध भजन गायक एवं कथावाचक सुरेश दास शास्त्री तथा अयोध्या धाम से पधारे सत्य सनातन धर्म प्रचारक दिवाकराचार्य जी महाराज ने भी अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। संतों एवं धर्माचार्यों ने नैमिषारण्य की महिमा, सनातन संस्कृति एवं धर्म के महत्व पर प्रकाश डालते हुए श्रद्धालुओं को आशीर्वचन प्रदान किए।
संत-महात्माओं की उपस्थिति से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा। श्रद्धालुओं ने संतों के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया तथा धार्मिक आयोजन में बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के विख्यात समाजसेवी राजवर्धन सिंह 'राजू', समाजवादी पार्टी के नेता छत्रपाल 'छत्तर', समाजसेवी विशाल गुप्ता (टड़ियावां), कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता अंशू अवस्थी, वन क्षेत्राधिकारी कछौना विनय कुमार सिंह सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने पहुंचकर आयोजन की सराहना की और अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
नगर क्षेत्र से राजीव रंजन त्रिपाठी, शेष कुमार मिश्रा सहित अनेक सम्मानित नागरिक, सामाजिक कार्यकर्ता एवं धर्मप्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
भंडारे के सफल आयोजन पर समाजसेवी पुनीत मिश्रा ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, सहयोगियों एवं श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज सेवा और धर्म सेवा के ऐसे आयोजन आगे भी निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
कार रोककर युवक का अपहरण, तीन घंटे बंधक बनाकर मारपीट; 18 हजार रुपये लूटने का आरोप
हस्तिनापुर। थाना हस्तिनापुर क्षेत्र में एक युवक ने कुछ नामजद एवं अज्ञात लोगों पर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।

डिफेंस कॉलोनी निवासी कुलदीप भारद्वाज ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि सोमवार रात करीब 10:30 बजे वह मनोहरपुर कॉलोनी स्थित अपने मकान से घर लौट रहे थे। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय मनोहरपुर कॉलोनी के पास एक स्कॉर्पियो में सवार लोगों ने उनकी कार को रोक लिया। वाहन में ओमवीर भड़ाना, रोहित, जीतू, कमल समेत चार अज्ञात व्यक्ति मौजूद थे।

पीड़ित के अनुसार आरोपियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने तमंचे से फायर करने का प्रयास किया तथा तमंचे की बट से सिर पर वार कर घायल कर दिया। इसके बाद उनका मुंह कपड़े से बंद कर हाथ-पैर बांध दिए गए और जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर अपहरण कर लिया गया।

कुलदीप का आरोप है कि रास्ते भर लोहे की सरिया, तमंचे और अन्य हथियारों से उनकी पिटाई की गई। बाद में उन्हें उधम सिंह चौक के निकट डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र के एक कमरे में ले जाकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया। इस दौरान लगातार मारपीट करने के साथ उनके पर्स में रखे करीब 18 हजार रुपये भी छीन लिए गए।

पीड़ित का कहना है कि छोड़ते समय आरोपियों ने घटना की जानकारी किसी को देने पर गोली मारने की धमकी दी और स्वयं को खनन माफिया बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी। थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप
मेरठ । थाना हस्तिनापुर क्षेत्र में एक युवक ने कुछ नामजद एवं अज्ञात लोगों पर अपहरण, बंधक बनाकर मारपीट, लूटपाट और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
डिफेंस कॉलोनी निवासी कुलदीप भारद्वाज ने थाना हस्तिनापुर में दी शिकायत में बताया कि वह सोमवार रात करीब 10:30 बजे मनोहरपुर कॉलोनी स्थित अपने मकान से घर लौट रहे थे। आरोप है कि प्राथमिक विद्यालय मनोहरपुर कॉलोनी के पास एक स्कॉर्पियो सवार लोगों ने उनकी कार को रोक लिया।
पीड़ित के अनुसार स्कॉर्पियो में ओमवीर भड़ाना, रोहित, जीतू, कमल समेत चार अज्ञात व्यक्ति सवार थे। आरोप है कि आरोपियों ने उनकी गाड़ी की चाबी छीन ली और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। विरोध करने पर एक आरोपी ने तमंचे से फायर करने का प्रयास किया तथा तमंचे की बट से सिर पर हमला कर घायल कर दिया।
कुलदीप का आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने उनका मुंह कपड़े से बंद कर हाथ-पैर बांध दिए और जबरन स्कॉर्पियो में बैठाकर अपहरण कर लिया। रास्ते में लोहे की सरिया, तमंचे और अन्य हथियारों से मारपीट की गई।
पीड़ित ने बताया कि आरोपियों ने उन्हें हस्तिनापुर के उधम सिंह चौक के निकट डिफेंस कॉलोनी क्षेत्र के एक कमरे में ले जाकर करीब तीन घंटे तक बंधक बनाकर रखा। इस दौरान लगातार मारपीट कर शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। साथ ही उनके पर्स में रखे करीब 18 हजार रुपये नकद भी छीन लिए गए।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि छोड़ते समय आरोपियों ने घटना की जानकारी पुलिस या किसी अन्य व्यक्ति को देने पर गोली मारने की धमकी दी। आरोपियों ने स्वयं को खनन माफिया बताते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दी।
पीड़ित ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने तथा अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उधर, पुलिस का कहना है कि तहरीर प्राप्त हो गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
झारखंड भवन, वसंत विहार का रेजिडेंट कमिश्नर अरवा राजकमल ने किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के दिए निर्देश


नई दिल्ली, 09 जून 2026 झारखंड सरकार के रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने नई दिल्ली स्थित झारखंड भवन, वसंत विहार का औचक निरीक्षण कर भवन की विभिन्न व्यवस्थाओं एवं सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मेंटेनेंस, हाउसकीपिंग, स्वच्छता, रसोई संचालन तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया।

श्री राजकमल ने भवन परिसर, अतिथि कक्षों, कॉमन एरिया और रसोईघर का निरीक्षण कर रखरखाव एवं संचालन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से संवाद कर भवन संचालन से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की तथा स्वच्छता, समयबद्ध रखरखाव और अतिथि सेवाओं की गुणवत्ता को निरंतर बनाए रखने पर विशेष जोर दिया।

निरीक्षण के दौरान रेजिडेंट कमिश्नर ने भवन परिसर में उपलब्ध पार्किंग स्थल के बेहतर उपयोग की आवश्यकता पर बल देते हुए लंबे समय से खड़े छह अनुपयोगी एवं कंडम वाहनों की नियमानुसार शीघ्र नीलामी प्रक्रिया शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि पार्किंग क्षेत्र का अधिक प्रभावी एवं सुव्यवस्थित उपयोग सुनिश्चित किया जा सके।

उन्होंने कार्यालयी स्थान के बेहतर प्रबंधन एवं उपयोग पर भी ध्यान देने की आवश्यकता बताई तथा उपलब्ध संसाधनों के कार्यकुशल एवं सुव्यवस्थित उपयोग के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कुछ सीसीटीवी कैमरे बंद पाए जाने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों को उन्हें तत्काल मरम्मत कर पुनः क्रियाशील बनाने के निर्देश दिए, ताकि भवन की सुरक्षा एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

इस निरीक्षण के दौरान श्री अरवा राजकमल ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में स्थित झारखंड भवन राज्य का प्रतिनिधि संस्थान है। इसलिए यहां आने वाले अतिथियों को बेहतर से बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि व्यवस्थाओं में निरंतर सुधार एवं आधुनिकीकरण किया जाना आवश्यक है, ताकि आगंतुकों और अतिथियों को अधिक गुणवत्तापूर्ण एवं सुविधाजनक सेवाएं प्रदान की जा सकें।

रेजिडेंट कमिश्नर श्री अरवा राजकमल ने भवन की व्यवस्थाओं को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।