NH-119 भूमि मुआवजा विवाद: किसानों का उग्र प्रदर्शन, नजरबंदी के आरोपों से भड़का आक्रोश
बहसूमा।NH-119 बहसूमा बायपास झुनझुनी रोड स्थित जेएसएस पब्लिक स्कूल के पास चार ग्रामों—राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कला एवं मोहम्मदपुर शाकिस्त—की कृषि भूमि के अधिग्रहण में बाजार दर से कम मुआवजा दिए जाने को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। बीते पाँच वर्षों से मुआवजा बढ़ोतरी की मांग कर रहे किसानों ने शुक्रवार को एक बैठक आयोजित कर प्रशासन के रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन के दौरान 21 जनवरी की रात संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कैप्टन एवं कोषाध्यक्ष व प्रवक्ता कपिल चहल को पुलिस प्रशासन द्वारा घर में नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों ने बताया कि लगभग आठ माह पूर्व मेरठ के जिलाधिकारी द्वारा एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया कि किसानों को बाजार मूल्य से बेहद कम मुआवजा दिया गया है तथा 540 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से ब्याज सहित मुआवजा दिया जाना न्यायोचित है। इसके बावजूद अब तक समिति की रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में गहरी निराशा और आक्रोश बना हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग की कि जिलाधिकारी स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर समिति की रिपोर्ट को शीघ्र लागू कराएं और प्रभावित किसानों को उनका वाजिब हक दिलाया जाए। मौके पर बिजनौर लोकसभा सांसद चंदन चौहान के प्रतिनिधि युगांश राणा भी उपस्थित रहे और किसानों की समस्याओं को सुना।

इस अवसर पर किसान कपिल चहल, पूर्व चेयरमैन विनोद चाहल, सुभाष कैप्टन, नरेंद्र सिंह चाहल, प्रवेश जेनर, प्रवेश अहलावत, पिंटू देशवाल, शोकिंद्र, जोगेंद्र सिंह, सुनीत कुमार, राहुल देशवाल, मनीष, योगेंद्र, हरेंद्र चहल, पप्पू जैनर, मूलचंद सैनी, राजीव जैनर, मुखिया, राजकुमार, बबलू, दिनेश कुमार, मारुत देशवाल, श्रवण कुमार सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन
गणतंत्र दिवस पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति निष्ठा का दिलाया संकल्प
लखनऊ।  गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर उन्होंने सूचना भवन परिसर में आयोजित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें विभागीय गतिविधियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की गई। अपने संबोधन में विशाल सिंह ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र देश में जन्म लिया है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल भावनाओं को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, वहीं उत्साह और उल्लास के प्रतीक रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।


झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।

बलिया में उत्साह का दौर: शिवानंद तिवारी बने प्रदेश संगठन मंत्री, जनपदीय कार्यालय में भव्य सम्मान
संजीव सिंह बलिया, 25 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के प्रांतीय संगठन में जनपद बलिया के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी जी को संगठन मंत्री पद पर मनोनीत किए जाने से जिले के शिक्षणेत्तर साथियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।चुनाव समिति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए बलिया के शिक्षणेत्तर साथियों ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा जी, प्रांतीय मंत्री संजय कुमार पुंढीर जी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष अनूप कुमार द्विवेदी जी सहित समस्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।जनपदीय कार्यालय श्री मुरली मनोहर टाउन इंटर कॉलेज, बलिया में आयोजित समारोह में प्रदेश संगठन मंत्री श्री शिवानंद तिवारी जी का जनपदीय पदाधिकारियों ने अंगवस्त्राम और माल्यार्पण कर भव्य सम्मान किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रशांत कुमार राय, जिला मंत्री राजीव रंजन सिंह, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार गुप्ता, संयोजक अजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, आय-व्यय निरीक्षक अमित कुमार सिंह, संगठन मंत्री विजय शंकर तिवारी, शिवजी सिंह, रामबहादुर सिंह, अभिमन्यु जी एवं हरिनारायण सिंह उपस्थित रहे।यह सम्मान संगठन की मजबूती और बलिया के शिक्षणेत्तर कर्मियों की एकजुटता का प्रतीक है।
ऑक्सफोर्ड में 'मरांग गोमके' की यादें: मुख्यमंत्री ने देखे जयपाल सिंह मुंडा के दुर्लभ अभिलेख, झारखंड के लिए विशेष PhD छात्रवृत्ति पर बनी सहमति

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज का ऐतिहासिक दौरा किया। यह वही कॉलेज है जहाँ झारखंड आंदोलन के स्तंभ और भारतीय हॉकी के जादूगर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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दुर्लभ अभिलेखों में दिखी जयपाल सिंह मुंडा की झलक

दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों और तस्वीरों का अवलोकन किया। कॉलेज द्वारा प्रदर्शित अभिलेखों में शामिल थे:

हॉकी ब्लू सम्मान: ऑक्सफोर्ड की ओर से हॉकी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रमाण।

डिबेटिंग सोसाइटी: वह अभिलेख जिसमें दर्ज है कि जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष रहे थे।

व्यक्तिगत यादें: उनके द्वारा लिखे गए पत्र, नोटबुक और 1928 ओलंपिक के कप्तान के रूप में उनकी ऐतिहासिक तस्वीरें।

विरासत का सम्मान और संघर्ष की निरंतरता

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा इस विरासत को सहेजने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड की जो वैचारिक नींव रखी, उसे उनके पिता स्वर्गीय "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन ने लंबे जनआंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का गठन हुआ।

झारखंड-विशेष 'PhD छात्रवृत्ति' का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री और कॉलेज प्रशासन के बीच 'सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति' शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह छात्रवृत्ति मरांग गोमके और दिशोम गुरु की स्मृति में दी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी छात्र दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज में शोध कर सकेंगे।

अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज के साथ अभिलेखीय आदान-प्रदान और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने इस पहल का स्वागत करते हुए 'चेवनिंग–मरांग गोमके छात्रवृत्ति' को एक सशक्त सेतु बताया।

समाजसेवियों ने की बीजेपी नगरसेविका मानसी रमेश शर्मा से शिष्टाचार मुलाकात

भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका नगरसेवक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्वाचित नगरसेविका कुमारी मानसी रमेश शर्मा से रविवार 25 जनवरी 2026 को मुंबई महानगर के समाजसेवियों ने निजी कार्यालय भायंदर में शिष्टाचार मुलाकात किया तत्पश्चात पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित करके आशीर्वाद दिया।शिष्टाचार मुलाकात में आगामी जनसेवा एवं समाजसेवा पर भी चर्चाएं हुई।उपस्थित समाजसेवियों में लालमन शर्मा भायंदर,सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी भांडुप,सैन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी खाररोड,प्रेमकुमार शर्मा (ट्रांसपोर्ट प्रबंधक - कांदिवली),शिवम् शर्मा चारकोप,अमन मोहनलाल शर्मा ठाकुर काम्प्लेक्स,कवि लेखक गीतकार एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप कलवा ठाणे मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित अतिथियों ने वरिष्ठ पत्रकार टी.व्ही. 9 रमेश शर्मा के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए हौसला अफजाई किया जिनके स्नेह का फल उन्हें प्राप्त हुआ।रमेश मूलतः बड़ागांव वाराणसी के रहने वाले हैं जो महानगर मुंबई में विगत कई दसकों से रहते हुए जनसेवा के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है।
प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और साहित्य-ऋषि थे पं. राम नारायण शास्त्री : प्रेम कुमार
राम कुमार व राकेश प्रवीर को स्मृति सम्मान, साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी मेधा सम्मान’


पटना,संस्कृत एवं प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता तथा ऋषि-तुल्य साहित्य-साधक पंडित राम नारायण शास्त्री न केवल हिन्दी के समर्पित सेवक थे, बल्कि एक उच्चकोटि के चिंतक भी थे। उनका तपस्वी जीवन और उनकी विद्वता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह बातें बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति-सह-सम्मान समारोह के उद्घाटन अवसर पर कही।
यह समारोह पं. राम नारायण शास्त्री स्मारक न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं विचारक राम कुमार तथा वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर को ‘अक्षर-पुरुष पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं, माध्यमिक बोर्ड परीक्षा-2025 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली जे.पी.एन.एस. उच्च विद्यालय, नरहन (समस्तीपुर) की मेधावी छात्रा साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ छात्रा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें ₹2551 की राशि भी दी गई।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्री जी की विद्वता और विनम्रता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वे ज्ञान और मानवीय मूल्यों के सजीव प्रतीक थे, जिनके विचारों से समाज निरंतर लाभान्वित होता रहा। मुख्य अतिथि एवं बिहार विधान परिषद के उप सभापति डॉ. राम वचन राय ने कहा कि वे वर्ष 1961 से शास्त्री जी को जानते थे, जब वे राष्ट्रभाषा परिषद में कार्यरत थे। वे ओजस्वी वक्ता, कट्टर आर्यसमाजी तथा सनातन और आधुनिक चिंतन के सुंदर संगम थे। झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन ने कहा कि शास्त्री जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन कर उसका सदुपयोग समाज-सेवा में किया। वे ज्ञान के ऐसे दीप-स्तंभ थे, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव प्रकाश प्राप्त करती रहेंगी। सभा की अध्यक्षता करते हुए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि पं. राम नारायण शास्त्री एक प्रणम्य साहित्य-साधु पुरुष थे। प्राच्य-साहित्य की दुर्लभ पोथियों और पांडुलिपियों का अन्वेषण, अनुशीलन एवं सूचीकरण कर उन्होंने हिन्दी साहित्य को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी का जन्म और निधन एक ही तिथि—24 जनवरी—को हुआ, जो ईश्वरीय कृपा-प्राप्त महापुरुषों के जीवन में ही संभव होता है। संयोगवश उनकी पत्नी ईश्वरी देवी का तिरोधान भी इसी तिथि को हुआ। न्यास के प्रमुख न्यासी एवं शास्त्री जी के पुत्र अभिजीत कश्यप ने न्यास की गतिविधियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अतिथियों का स्वागत न्यास अध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र सिंहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंकज कुमार ने किया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा एवं गौरव सुंदरम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.सी. सिन्हा, सम्मेलन की उपाध्यक्ष डॉ. मधु वर्मा, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, कुमार अनुपम, पारिजात सौरभ, डॉ. मेहता नागेंद्र सिंह, प्रो. आर.आर. सहाय, डॉ. नागेश्वर शर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, इंदु भूषण सहाय, डॉ. मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग का फाइनल रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने 8 विकेट से जीता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग (आरपीएल)का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम प्रयागराज में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी ईस्ट अकेडमिया के मध्य खेला गया। फाइनल मैच में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया।रोटरी प्रीमियर लीग का सफल संचालन डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।फाइनल मुकाबले का उद्घाटन डीजीएन (मंडलाध्यक्ष 2027–28) रोटेरियन दिनेश गर्ग द्वारा किया गया।इस प्रतिष्ठित रोटरी प्रीमियर लीग का आयोजन होस्ट क्लब रोटरी ईस्ट द्वारा भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन (MOC)रोटरी साउथ की सदस्य रोटेरियन डॉ. कीर्ति अग्रवाल द्वारा किया गया।मैच में रोटरी ईस्ट अकेडमिया की टीम ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 15 ओवर में मात्र 1 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम की टीम 10 विकेट खोकर 140 रन ही बना सकी।इस प्रकार रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने फाइनल मुकाबला 8 विकेट से जीतकर रोटरी प्रीमियर लीग 25–26 की ट्रॉफी अपने नाम की।इस रोमांचक फाइनल मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी ईस्ट अकेडमिया के रोटेरियन इमरान को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया जबकि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए रोटरी अकेडमिया के रोटेरियन दुर्गेश को मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया।उल्लेखनीय है कि रोटरी प्रीमियर लीग की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को गवर्नमेन्ट प्रेस ग्राउंड से हुई थी जो लगभग एक माह तक चले रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों के बाद 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।इस रोटरी प्रीमियर लीग में प्रयागराज के सभी रोटरी क्लबों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इसमें रोटरी प्लैटिनम रोटरी ईस्ट रोटरी नार्थ रोटरी एलीट रोटरी साउथ रोटरी प्रयागराज रोटरी इलाहाबाद रोटरी संगम रोटरी अकेडमिया रोटरी रॉयल्स रोटरी ग्रैंड एवं रोटरी मिडटाउन शामिल रहे।सभी क्लबों के अध्यक्ष सचिव बड़ी संख्या में रोटेरियन्स उनके परिवारजन आम नागरिक एवं गणमान्य अतिथियो की गरिमामयी उपस्थिति रही।फाइनल के दिन रोटरी महिला मैत्री मैच का भी आयोजन किया गया जिसमें रोटरी रॉयल्स एवं रोटरी ब्यूटी रोज़ेज़ की टीमें आमने-सामने रही। इस मुकाबले में ब्यूटी रोज़ेज़ की टीम ने 78 रन बनाकर 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी प्लैटिनम की रोटेरियन रुचिरा को वुमन ऑफ द मैच घोषित किया गया।इस अवसर पर डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने रोटेरियन्स के बीच आपसी सौहार्द, खेल भावना और पारिवारिक सहभागिता को मजबूत किया है।वहीं डीजीएन रोटेरियन दिनेश गर्ग ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन रोटरी को समाज से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और सेवा के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन को भी बढ़ावा देते है।कार्यक्रम की मंच संचालक रोटेरियन डॉ.कीर्ति अग्रवाल ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने खेल के माध्यम से रोटेरियन परिवारों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य किया है और यह आयोजन अनुशासन टीमवर्क तथा सकारात्मक ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण है।आरपीएल चेयरमैन रोटेरियन ए. एन. नियोगी ने आयोजन समिति एवं सभी टीमों की सराहना करते हुए इसे समर्पण और समन्वय का आदर्श आयोजन बताया।मीडिया प्रभारी रोटेरियन मनीष गर्ग ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि रोटरी परिवार का उत्सव है जिसमें खेल सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।

Sambhal बाजार सब्जी मंडी में तिरंगा वितरण, गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का संदेश
संभल:आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्भल शहर की बाजार सब्जी मंडी में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर एक कार्यक्रम के तहत स्थानीय दुकानदारों को तिरंगा झंडा वितरित किया गया और राष्ट्रीय पर्व को पूरे सम्मान के साथ मनाने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ता ने कहा कि गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में बाजार सब्जी मंडी के दुकानदारों को तिरंगा वितरित कर देशभक्ति और एकता का संदेश दिया गया है। उन्होंने सभी देशवासियों, प्रदेशवासियों और विशेष रूप से सम्भल शहरवासियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों, मकानों, कार्यालयों और वाहनों पर अनिवार्य रूप से तिरंगा झंडा लगाएँ।
सपा जिला सचिव सईद अख्तर ने कहा कि तिरंगा हमारे देश की आन-बान-शान है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में राष्ट्रीय चेतना और संविधान के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस हमें लोकतंत्र और संविधान से मिले अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाता है। कार्यक्रम के अंत में वक्ता ने सभी देशवासियों और सम्भल शहरवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ और मुबारकबाद दीं। इस दौरान दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्रीय पर्व को धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया।
पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप का भव्य समापन।

अनुशासन साहस और राष्ट्रसेवा की ऊँची उड़ान का सशक्त उदाहरण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा भारतीय वायु सेना क्षेत्र फाफामऊ–पड़िला महादेव जी हवाई पट्टी पर आयोजित पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का पाँचवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत गरिमामय प्रेरणास्पद एवं ऐतिहासिक रहा।यह शिविर साहस अनुशासन नेतृत्व एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो को सुदृढ़ करने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।इस पांच दिवसीय एडवेंचर शिविर का उद्घाटन एन सी सी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल द्वारा किया गया था।शिविर के समापन अवसर पर कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह उत्तर–पूर्वी भारत उप क्षेत्र रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।इस अवसर पर विंग कमाण्डर देबार्थे धर जनसम्पर्क अधिकारी रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।अपने प्रेरक सम्बोधन में कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के साहसिक प्रशिक्षण शिविर युवाओ में न केवल शारीरिक और मानसिक दृढ़ता विकसित करते है बल्कि उन्हें अनुशासित आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य करते है। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन उत्साह और साहस की सराहना करते हुए आयोजक इकाई को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।इस पाँच दिवसीय एडवेंचर कैम्प में एनसीसी ग्रुप प्रयागराज की कुल आठ बटालियनो के कैडेट्स ने सहभागिता की जिनमें15 यूपी बटालियन 16 यूपी बटालियन 17 यूपी बटालियन 6 यूपी गर्ल्स बटालियन 2 यूपी आर्टी बैटरी 1 यूपी मेडिकल कम्पनी 1यूपी नेवल यूनिट एवं 1 यूपी सीटीआर शामिल रही।इन बटालियनो के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानो—इलाहाबाद विश्वविद्यालय नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रो.राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय डॉ.रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ कौशाम्बी ईश्वर शरण कॉलेज अग्रसेन इंटर कॉलेज राम यश पीजी कॉलेज नेशनल इण्टर कॉलेज कौशाम्बी कौशाम्बी पब्लिक स्कूल भवन्स मेहता महाविद्यालय आई.के.एम. इंटर कॉलेज चित्रकूट इंटर कॉलेज कर्वी जगद्गुरु राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट ठाकुर हरनारायण सिंह पीजी कॉलेज इविंग क्रिश्चियन कॉलेज प्रयागराज तथा साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या के कैडेट्स ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ साहसिक गतिविधियों में भाग लिया।इस पाँच दिवसीय शिविर की कमान 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह ने कैंप कमाण्डेन्ट के रूप में संभाली।उनके सुदृढ़ नेतृत्व कुशल प्रशासन और अनुशासित संचालन में यह शिविर अपने सभी उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए पूर्णतःसुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह के नेतृत्व में कैडेट्स को न केवल साहसिक प्रशिक्षण मिला बल्कि उनमें नेतृत्व निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास का भी प्रभावी विकास हुआ।शिविर के सफल संचालन में चित्रकूट पैराग्लाइडिंग एडवेचर संस्था के अनुभवी प्रशिक्षकों और उनकी टीम का तकनीकी सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा जिनकी दक्षता एवं सतत निगरानी से प्रत्येक गतिविधि उच्चतम सुरक्षा मानको के अनुरूप संपन्न हुई।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप एनसीसी के मूल मंत्र—“एकता और अनुशासन”—को साकार करता हुआ राष्ट्र के लिए समर्पित साहसी और सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद मील का पत्थर सिद्ध हुआ।

NH-119 भूमि मुआवजा विवाद: किसानों का उग्र प्रदर्शन, नजरबंदी के आरोपों से भड़का आक्रोश
बहसूमा।NH-119 बहसूमा बायपास झुनझुनी रोड स्थित जेएसएस पब्लिक स्कूल के पास चार ग्रामों—राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कला एवं मोहम्मदपुर शाकिस्त—की कृषि भूमि के अधिग्रहण में बाजार दर से कम मुआवजा दिए जाने को लेकर किसानों का आक्रोश लगातार गहराता जा रहा है। बीते पाँच वर्षों से मुआवजा बढ़ोतरी की मांग कर रहे किसानों ने शुक्रवार को एक बैठक आयोजित कर प्रशासन के रवैये के खिलाफ कड़ा विरोध दर्ज कराया।

बैठक में किसानों ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मेरठ आगमन के दौरान 21 जनवरी की रात संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कैप्टन एवं कोषाध्यक्ष व प्रवक्ता कपिल चहल को पुलिस प्रशासन द्वारा घर में नजरबंद कर दिया गया। इस कार्रवाई से किसानों में भारी रोष व्याप्त है। किसानों का कहना है कि शांतिपूर्ण आंदोलन को दबाने का प्रयास किया गया, जिसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

किसानों ने बताया कि लगभग आठ माह पूर्व मेरठ के जिलाधिकारी द्वारा एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में छह सदस्यीय समिति का गठन किया गया था। समिति की रिपोर्ट में यह स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया कि किसानों को बाजार मूल्य से बेहद कम मुआवजा दिया गया है तथा 540 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से ब्याज सहित मुआवजा दिया जाना न्यायोचित है। इसके बावजूद अब तक समिति की रिपोर्ट को लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में गहरी निराशा और आक्रोश बना हुआ है।

प्रदर्शन के दौरान किसानों ने मांग की कि जिलाधिकारी स्वयं इस मामले में हस्तक्षेप कर समिति की रिपोर्ट को शीघ्र लागू कराएं और प्रभावित किसानों को उनका वाजिब हक दिलाया जाए। मौके पर बिजनौर लोकसभा सांसद चंदन चौहान के प्रतिनिधि युगांश राणा भी उपस्थित रहे और किसानों की समस्याओं को सुना।

इस अवसर पर किसान कपिल चहल, पूर्व चेयरमैन विनोद चाहल, सुभाष कैप्टन, नरेंद्र सिंह चाहल, प्रवेश जेनर, प्रवेश अहलावत, पिंटू देशवाल, शोकिंद्र, जोगेंद्र सिंह, सुनीत कुमार, राहुल देशवाल, मनीष, योगेंद्र, हरेंद्र चहल, पप्पू जैनर, मूलचंद सैनी, राजीव जैनर, मुखिया, राजकुमार, बबलू, दिनेश कुमार, मारुत देशवाल, श्रवण कुमार सहित सैकड़ों किसान मौजूद रहे।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन
गणतंत्र दिवस पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति निष्ठा का दिलाया संकल्प
लखनऊ।  गणतंत्र दिवस के अवसर पर सूचना निदेशक विशाल सिंह ने सूचना भवन परिसर में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संविधान के प्रति निष्ठा एवं कर्तव्यपरायणता की शपथ दिलाई।

इस अवसर पर उन्होंने सूचना भवन परिसर में आयोजित एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया, जिसमें विभागीय गतिविधियों तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी प्रदर्शित की गई। अपने संबोधन में विशाल सिंह ने कहा कि हम सभी सौभाग्यशाली हैं कि स्वतंत्र देश में जन्म लिया है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानियों के संघर्ष और बलिदान को सदैव स्मरण रखने का आह्वान किया। साथ ही उन्होंने संविधान की प्रस्तावना में निहित मूल भावनाओं को आत्मसात कर अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करने की अपील की।
कार्यक्रम के दौरान देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं, वहीं उत्साह और उल्लास के प्रतीक रूप में रंग-बिरंगे गुब्बारे आकाश में छोड़े गए।


झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।

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संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास

11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।

"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय

पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:

"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"

विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव

उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।

गुरुजी की राजनीतिक विरासत:

मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।

सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।

आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"

विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।

विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।

बलिया में उत्साह का दौर: शिवानंद तिवारी बने प्रदेश संगठन मंत्री, जनपदीय कार्यालय में भव्य सम्मान
संजीव सिंह बलिया, 25 जनवरी 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षणेत्तर संघ के प्रांतीय संगठन में जनपद बलिया के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी जी को संगठन मंत्री पद पर मनोनीत किए जाने से जिले के शिक्षणेत्तर साथियों में जबरदस्त उत्साह का माहौल है।चुनाव समिति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए बलिया के शिक्षणेत्तर साथियों ने नवनिर्वाचित प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा जी, प्रांतीय मंत्री संजय कुमार पुंढीर जी, प्रांतीय कोषाध्यक्ष अनूप कुमार द्विवेदी जी सहित समस्त पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।जनपदीय कार्यालय श्री मुरली मनोहर टाउन इंटर कॉलेज, बलिया में आयोजित समारोह में प्रदेश संगठन मंत्री श्री शिवानंद तिवारी जी का जनपदीय पदाधिकारियों ने अंगवस्त्राम और माल्यार्पण कर भव्य सम्मान किया। कार्यक्रम में अध्यक्ष प्रशांत कुमार राय, जिला मंत्री राजीव रंजन सिंह, कोषाध्यक्ष पंकज कुमार गुप्ता, संयोजक अजय कुमार सिंह, उपाध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, आय-व्यय निरीक्षक अमित कुमार सिंह, संगठन मंत्री विजय शंकर तिवारी, शिवजी सिंह, रामबहादुर सिंह, अभिमन्यु जी एवं हरिनारायण सिंह उपस्थित रहे।यह सम्मान संगठन की मजबूती और बलिया के शिक्षणेत्तर कर्मियों की एकजुटता का प्रतीक है।
ऑक्सफोर्ड में 'मरांग गोमके' की यादें: मुख्यमंत्री ने देखे जयपाल सिंह मुंडा के दुर्लभ अभिलेख, झारखंड के लिए विशेष PhD छात्रवृत्ति पर बनी सहमति

ऑक्सफोर्ड / रांची, 25 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अपने यूनाइटेड किंगडम प्रवास के दौरान ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के सेंट जॉन्स कॉलेज का ऐतिहासिक दौरा किया। यह वही कॉलेज है जहाँ झारखंड आंदोलन के स्तंभ और भारतीय हॉकी के जादूगर मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा ने शिक्षा प्राप्त की थी। कॉलेज की अध्यक्ष प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया।

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दुर्लभ अभिलेखों में दिखी जयपाल सिंह मुंडा की झलक

दौरे का सबसे भावुक क्षण वह था जब मुख्यमंत्री ने जयपाल सिंह मुंडा से जुड़े दुर्लभ दस्तावेजों और तस्वीरों का अवलोकन किया। कॉलेज द्वारा प्रदर्शित अभिलेखों में शामिल थे:

हॉकी ब्लू सम्मान: ऑक्सफोर्ड की ओर से हॉकी में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के प्रमाण।

डिबेटिंग सोसाइटी: वह अभिलेख जिसमें दर्ज है कि जयपाल सिंह मुंडा कॉलेज डिबेटिंग सोसाइटी के सचिव और अध्यक्ष रहे थे।

व्यक्तिगत यादें: उनके द्वारा लिखे गए पत्र, नोटबुक और 1928 ओलंपिक के कप्तान के रूप में उनकी ऐतिहासिक तस्वीरें।

विरासत का सम्मान और संघर्ष की निरंतरता

मुख्यमंत्री ने सेंट जॉन्स कॉलेज द्वारा इस विरासत को सहेजने की सराहना की। उन्होंने कहा कि जयपाल सिंह मुंडा ने झारखंड की जो वैचारिक नींव रखी, उसे उनके पिता स्वर्गीय "दिशोम गुरु" शिबू सोरेन ने लंबे जनआंदोलन के जरिए आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप झारखंड राज्य का गठन हुआ।

झारखंड-विशेष 'PhD छात्रवृत्ति' का प्रस्ताव

बैठक में शिक्षा और शोध के क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। मुख्यमंत्री और कॉलेज प्रशासन के बीच 'सेंट जॉन्स कॉलेज–झारखंड समर्पित पीएचडी/डॉक्टोरल छात्रवृत्ति' शुरू करने पर विचार-विमर्श हुआ। यह छात्रवृत्ति मरांग गोमके और दिशोम गुरु की स्मृति में दी जाएगी, जिससे राज्य के मेधावी छात्र दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित कॉलेज में शोध कर सकेंगे।

अभिलेखों का डिजिटाइजेशन और संरक्षण

मुख्यमंत्री ने झारखंड की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के लिए कॉलेज के साथ अभिलेखीय आदान-प्रदान और डिजिटाइजेशन के क्षेत्र में सहयोग का प्रस्ताव रखा। प्रोफेसर लेडी सू ब्लैक ने इस पहल का स्वागत करते हुए 'चेवनिंग–मरांग गोमके छात्रवृत्ति' को एक सशक्त सेतु बताया।

समाजसेवियों ने की बीजेपी नगरसेविका मानसी रमेश शर्मा से शिष्टाचार मुलाकात

भायंदर। मीरा भायंदर महानगरपालिका नगरसेवक चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की नवनिर्वाचित नगरसेविका कुमारी मानसी रमेश शर्मा से रविवार 25 जनवरी 2026 को मुंबई महानगर के समाजसेवियों ने निजी कार्यालय भायंदर में शिष्टाचार मुलाकात किया तत्पश्चात पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित करके आशीर्वाद दिया।शिष्टाचार मुलाकात में आगामी जनसेवा एवं समाजसेवा पर भी चर्चाएं हुई।उपस्थित समाजसेवियों में लालमन शर्मा भायंदर,सैन हरिकेश शर्मा नंदवंशी भांडुप,सैन प्रदीप कुमार शर्मा नंदवंशी खाररोड,प्रेमकुमार शर्मा (ट्रांसपोर्ट प्रबंधक - कांदिवली),शिवम् शर्मा चारकोप,अमन मोहनलाल शर्मा ठाकुर काम्प्लेक्स,कवि लेखक गीतकार एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप कलवा ठाणे मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित अतिथियों ने वरिष्ठ पत्रकार टी.व्ही. 9 रमेश शर्मा के त्याग और समर्पण की सराहना करते हुए हौसला अफजाई किया जिनके स्नेह का फल उन्हें प्राप्त हुआ।रमेश मूलतः बड़ागांव वाराणसी के रहने वाले हैं जो महानगर मुंबई में विगत कई दसकों से रहते हुए जनसेवा के माध्यम से अपनी पहचान बनाई है।
प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता और साहित्य-ऋषि थे पं. राम नारायण शास्त्री : प्रेम कुमार
राम कुमार व राकेश प्रवीर को स्मृति सम्मान, साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी मेधा सम्मान’


पटना,संस्कृत एवं प्राच्य-साहित्य के महान अध्येता तथा ऋषि-तुल्य साहित्य-साधक पंडित राम नारायण शास्त्री न केवल हिन्दी के समर्पित सेवक थे, बल्कि एक उच्चकोटि के चिंतक भी थे। उनका तपस्वी जीवन और उनकी विद्वता आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है। यह बातें बिहार विधान सभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शनिवार को बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन में आयोजित पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति-सह-सम्मान समारोह के उद्घाटन अवसर पर कही।
यह समारोह पं. राम नारायण शास्त्री स्मारक न्यास के तत्वावधान में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सुप्रसिद्ध समाजसेवी एवं विचारक राम कुमार तथा वरिष्ठ पत्रकार राकेश प्रवीर को ‘अक्षर-पुरुष पं. राम नारायण शास्त्री स्मृति सम्मान’ से सम्मानित किया गया। वहीं, माध्यमिक बोर्ड परीक्षा-2025 में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाली जे.पी.एन.एस. उच्च विद्यालय, नरहन (समस्तीपुर) की मेधावी छात्रा साक्षी कुमारी को ‘ईश्वरी देवी सर्वश्रेष्ठ गणितज्ञ छात्रा पुरस्कार’ प्रदान किया गया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें ₹2551 की राशि भी दी गई।
समारोह को संबोधित करते हुए पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे ने कहा कि शास्त्री जी की विद्वता और विनम्रता सभी को अपनी ओर आकर्षित करती थी। वे ज्ञान और मानवीय मूल्यों के सजीव प्रतीक थे, जिनके विचारों से समाज निरंतर लाभान्वित होता रहा। मुख्य अतिथि एवं बिहार विधान परिषद के उप सभापति डॉ. राम वचन राय ने कहा कि वे वर्ष 1961 से शास्त्री जी को जानते थे, जब वे राष्ट्रभाषा परिषद में कार्यरत थे। वे ओजस्वी वक्ता, कट्टर आर्यसमाजी तथा सनातन और आधुनिक चिंतन के सुंदर संगम थे। झारखंड उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति रवि रंजन ने कहा कि शास्त्री जी ने शास्त्रों का गहन अध्ययन कर उसका सदुपयोग समाज-सेवा में किया। वे ज्ञान के ऐसे दीप-स्तंभ थे, जिनसे आने वाली पीढ़ियाँ सदैव प्रकाश प्राप्त करती रहेंगी। सभा की अध्यक्षता करते हुए बिहार हिन्दी साहित्य सम्मेलन के अध्यक्ष डॉ. अनिल सुलभ ने कहा कि पं. राम नारायण शास्त्री एक प्रणम्य साहित्य-साधु पुरुष थे। प्राच्य-साहित्य की दुर्लभ पोथियों और पांडुलिपियों का अन्वेषण, अनुशीलन एवं सूचीकरण कर उन्होंने हिन्दी साहित्य को अमूल्य धरोहर प्रदान की। उन्होंने यह भी कहा कि शास्त्री जी का जन्म और निधन एक ही तिथि—24 जनवरी—को हुआ, जो ईश्वरीय कृपा-प्राप्त महापुरुषों के जीवन में ही संभव होता है। संयोगवश उनकी पत्नी ईश्वरी देवी का तिरोधान भी इसी तिथि को हुआ। न्यास के प्रमुख न्यासी एवं शास्त्री जी के पुत्र अभिजीत कश्यप ने न्यास की गतिविधियों पर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया और सभी आगंतुकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। अतिथियों का स्वागत न्यास अध्यक्ष प्रो. रमेश चंद्र सिंहा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पंकज कुमार ने किया। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण कांत ओझा एवं गौरव सुंदरम ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. के.सी. सिन्हा, सम्मेलन की उपाध्यक्ष डॉ. मधु वर्मा, डॉ. रत्नेश्वर सिंह, कुमार अनुपम, पारिजात सौरभ, डॉ. मेहता नागेंद्र सिंह, प्रो. आर.आर. सहाय, डॉ. नागेश्वर शर्मा, विभारानी श्रीवास्तव, इंदु भूषण सहाय, डॉ. मनोज कुमार सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी एवं प्रबुद्धजन उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग का फाइनल रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने 8 विकेट से जीता।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग (आरपीएल)का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम प्रयागराज में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी ईस्ट अकेडमिया के मध्य खेला गया। फाइनल मैच में रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी करने का निर्णय लिया।रोटरी प्रीमियर लीग का सफल संचालन डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया।फाइनल मुकाबले का उद्घाटन डीजीएन (मंडलाध्यक्ष 2027–28) रोटेरियन दिनेश गर्ग द्वारा किया गया।इस प्रतिष्ठित रोटरी प्रीमियर लीग का आयोजन होस्ट क्लब रोटरी ईस्ट द्वारा भव्य एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराया गया। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन (MOC)रोटरी साउथ की सदस्य रोटेरियन डॉ. कीर्ति अग्रवाल द्वारा किया गया।मैच में रोटरी ईस्ट अकेडमिया की टीम ने शानदार बल्लेबाज़ी का प्रदर्शन करते हुए 15 ओवर में मात्र 1 विकेट के नुकसान पर 199 रन बनाए। लक्ष्य का पीछा करते हुए रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम की टीम 10 विकेट खोकर 140 रन ही बना सकी।इस प्रकार रोटरी ईस्ट अकेडमिया ने फाइनल मुकाबला 8 विकेट से जीतकर रोटरी प्रीमियर लीग 25–26 की ट्रॉफी अपने नाम की।इस रोमांचक फाइनल मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी ईस्ट अकेडमिया के रोटेरियन इमरान को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार प्रदान किया गया जबकि पूरे टूर्नामेंट में शानदार खेल के लिए रोटरी अकेडमिया के रोटेरियन दुर्गेश को मैन ऑफ द सीरीज़ चुना गया।उल्लेखनीय है कि रोटरी प्रीमियर लीग की शुरुआत 28 दिसंबर 2025 को गवर्नमेन्ट प्रेस ग्राउंड से हुई थी जो लगभग एक माह तक चले रोमांचक एवं प्रतिस्पर्धात्मक मुकाबलों के बाद 25 जनवरी 2026 को रेलगांव क्रिकेट स्टेडियम में उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई।इस रोटरी प्रीमियर लीग में प्रयागराज के सभी रोटरी क्लबों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।इसमें रोटरी प्लैटिनम रोटरी ईस्ट रोटरी नार्थ रोटरी एलीट रोटरी साउथ रोटरी प्रयागराज रोटरी इलाहाबाद रोटरी संगम रोटरी अकेडमिया रोटरी रॉयल्स रोटरी ग्रैंड एवं रोटरी मिडटाउन शामिल रहे।सभी क्लबों के अध्यक्ष सचिव बड़ी संख्या में रोटेरियन्स उनके परिवारजन आम नागरिक एवं गणमान्य अतिथियो की गरिमामयी उपस्थिति रही।फाइनल के दिन रोटरी महिला मैत्री मैच का भी आयोजन किया गया जिसमें रोटरी रॉयल्स एवं रोटरी ब्यूटी रोज़ेज़ की टीमें आमने-सामने रही। इस मुकाबले में ब्यूटी रोज़ेज़ की टीम ने 78 रन बनाकर 8 विकेट से शानदार जीत दर्ज की। इस मैच में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए रोटरी प्लैटिनम की रोटेरियन रुचिरा को वुमन ऑफ द मैच घोषित किया गया।इस अवसर पर डीजीआरएच रोटेरियन अजय शर्मा ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने रोटेरियन्स के बीच आपसी सौहार्द, खेल भावना और पारिवारिक सहभागिता को मजबूत किया है।वहीं डीजीएन रोटेरियन दिनेश गर्ग ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन रोटरी को समाज से जोड़ने का प्रभावी माध्यम हैं और सेवा के साथ-साथ स्वस्थ मनोरंजन को भी बढ़ावा देते है।कार्यक्रम की मंच संचालक रोटेरियन डॉ.कीर्ति अग्रवाल ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग ने खेल के माध्यम से रोटेरियन परिवारों को एक-दूसरे से जोड़ने का कार्य किया है और यह आयोजन अनुशासन टीमवर्क तथा सकारात्मक ऊर्जा का उत्कृष्ट उदाहरण है।आरपीएल चेयरमैन रोटेरियन ए. एन. नियोगी ने आयोजन समिति एवं सभी टीमों की सराहना करते हुए इसे समर्पण और समन्वय का आदर्श आयोजन बताया।मीडिया प्रभारी रोटेरियन मनीष गर्ग ने कहा कि रोटरी प्रीमियर लीग केवल एक क्रिकेट टूर्नामेंट नहीं बल्कि रोटरी परिवार का उत्सव है जिसमें खेल सेवा और सामाजिक समरसता का सुंदर संगम देखने को मिला।

Sambhal बाजार सब्जी मंडी में तिरंगा वितरण, गणतंत्र दिवस पर देशभक्ति का संदेश
संभल:आगामी गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्भल शहर की बाजार सब्जी मंडी में देशभक्ति का उत्साह देखने को मिला। इस मौके पर एक कार्यक्रम के तहत स्थानीय दुकानदारों को तिरंगा झंडा वितरित किया गया और राष्ट्रीय पर्व को पूरे सम्मान के साथ मनाने की अपील की गई।

कार्यक्रम के दौरान वक्ता ने कहा कि गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में बाजार सब्जी मंडी के दुकानदारों को तिरंगा वितरित कर देशभक्ति और एकता का संदेश दिया गया है। उन्होंने सभी देशवासियों, प्रदेशवासियों और विशेष रूप से सम्भल शहरवासियों से अपील की कि वे अपनी दुकानों, मकानों, कार्यालयों और वाहनों पर अनिवार्य रूप से तिरंगा झंडा लगाएँ।
सपा जिला सचिव सईद अख्तर ने कहा कि तिरंगा हमारे देश की आन-बान-शान है और इसका सम्मान करना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे कार्यक्रमों से समाज में राष्ट्रीय चेतना और संविधान के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है। उन्होंने यह भी कहा कि गणतंत्र दिवस हमें लोकतंत्र और संविधान से मिले अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों की याद दिलाता है। कार्यक्रम के अंत में वक्ता ने सभी देशवासियों और सम्भल शहरवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ और मुबारकबाद दीं। इस दौरान दुकानदारों और स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए राष्ट्रीय पर्व को धूमधाम से मनाने का संकल्प लिया।
पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप का भव्य समापन।

अनुशासन साहस और राष्ट्रसेवा की ऊँची उड़ान का सशक्त उदाहरण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा भारतीय वायु सेना क्षेत्र फाफामऊ–पड़िला महादेव जी हवाई पट्टी पर आयोजित पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का पाँचवाँ एवं अंतिम दिवस अत्यंत गरिमामय प्रेरणास्पद एवं ऐतिहासिक रहा।यह शिविर साहस अनुशासन नेतृत्व एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो को सुदृढ़ करने की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में सफलता पूर्वक सम्पन्न हुआ।इस पांच दिवसीय एडवेंचर शिविर का उद्घाटन एन सी सी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल द्वारा किया गया था।शिविर के समापन अवसर पर कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह उत्तर–पूर्वी भारत उप क्षेत्र रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष गौरव प्रदान किया।इस अवसर पर विंग कमाण्डर देबार्थे धर जनसम्पर्क अधिकारी रक्षा मंत्रालय भारत सरकार की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही।अपने प्रेरक सम्बोधन में कर्नल जी.एस.राघवेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार के साहसिक प्रशिक्षण शिविर युवाओ में न केवल शारीरिक और मानसिक दृढ़ता विकसित करते है बल्कि उन्हें अनुशासित आत्मनिर्भर और राष्ट्र के प्रति समर्पित नागरिक के रूप में गढ़ने का कार्य करते है। उन्होंने कैडेट्स के अनुशासन उत्साह और साहस की सराहना करते हुए आयोजक इकाई को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी।इस पाँच दिवसीय एडवेंचर कैम्प में एनसीसी ग्रुप प्रयागराज की कुल आठ बटालियनो के कैडेट्स ने सहभागिता की जिनमें15 यूपी बटालियन 16 यूपी बटालियन 17 यूपी बटालियन 6 यूपी गर्ल्स बटालियन 2 यूपी आर्टी बैटरी 1 यूपी मेडिकल कम्पनी 1यूपी नेवल यूनिट एवं 1 यूपी सीटीआर शामिल रही।इन बटालियनो के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानो—इलाहाबाद विश्वविद्यालय नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय प्रो.राजेन्द्र सिंह (रज्जू भैया) विश्वविद्यालय डॉ.रिजवी कॉलेज ऑफ लॉ कौशाम्बी ईश्वर शरण कॉलेज अग्रसेन इंटर कॉलेज राम यश पीजी कॉलेज नेशनल इण्टर कॉलेज कौशाम्बी कौशाम्बी पब्लिक स्कूल भवन्स मेहता महाविद्यालय आई.के.एम. इंटर कॉलेज चित्रकूट इंटर कॉलेज कर्वी जगद्गुरु राम भद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय चित्रकूट ठाकुर हरनारायण सिंह पीजी कॉलेज इविंग क्रिश्चियन कॉलेज प्रयागराज तथा साकेत पीजी कॉलेज अयोध्या के कैडेट्स ने पूरे जोश और अनुशासन के साथ साहसिक गतिविधियों में भाग लिया।इस पाँच दिवसीय शिविर की कमान 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह ने कैंप कमाण्डेन्ट के रूप में संभाली।उनके सुदृढ़ नेतृत्व कुशल प्रशासन और अनुशासित संचालन में यह शिविर अपने सभी उद्देश्यों को पूर्ण करते हुए पूर्णतःसुरक्षित एवं सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह के नेतृत्व में कैडेट्स को न केवल साहसिक प्रशिक्षण मिला बल्कि उनमें नेतृत्व निर्णय क्षमता और आत्मविश्वास का भी प्रभावी विकास हुआ।शिविर के सफल संचालन में चित्रकूट पैराग्लाइडिंग एडवेचर संस्था के अनुभवी प्रशिक्षकों और उनकी टीम का तकनीकी सहयोग अत्यंत सराहनीय रहा जिनकी दक्षता एवं सतत निगरानी से प्रत्येक गतिविधि उच्चतम सुरक्षा मानको के अनुरूप संपन्न हुई।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप एनसीसी के मूल मंत्र—“एकता और अनुशासन”—को साकार करता हुआ राष्ट्र के लिए समर्पित साहसी और सक्षम युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद मील का पत्थर सिद्ध हुआ।