स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
वीएचएसएनडी कार्यक्रम के तहत हजारीबाग में मातृ, शिशु एवं किशोरियों को मिली विभिन्न स्वास्थ्य सेवा

हजारीबाग जिले के विभिन्न प्रखंडों में गुरुवार को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनएम, सहिया एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्त जांच, गर्भ परीक्षण, टीटी टीकाकरण के साथ-साथ आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्सियम की दवाएं वितरित की गईं। साथ ही उन्हें संतुलित आहार एवं सुरक्षित मातृत्व से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, विकास की निगरानी एवं पूरक पोषण आहार की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहन मिल सके। किशोरियों को कार्यक्रम के दौरान हीमोग्लोबिन जांच, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, पोषण संबंधी परामर्श तथा मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त उन्हें जीवन कौशल एवं स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत, उचित शिशु देखभाल, नियमित टीकाकरण एवं बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार पर विशेष बल दिया गया।

इस संबंध में उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने कहा कि वीएचएसएनडी कार्यक्रम के माध्यम से गांव स्तर पर ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों को समय पर जांच, दवाएं और पोषण संबंधी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य कुपोषण और बीमारियों की रोकथाम के लिए इन सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

191.13 करोड़ की लागत से बन रहे से तु का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

फर्रूखाबाद l  हरदोई-कमालगंज मार्ग पर गंगा नदी पर लगभग ₹191.13 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सेतु, पहुँच मार्ग एवं कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया।
जिलाधिकारी ने पहुँच मार्ग पर संभावित कटान वाले स्थलों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नदी किनारे कराए जा रहे पिचिंग कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया तथा कार्यों की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता एवं मानक के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए, जिससे आमजन को आवागमन में बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि परियोजना जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने तथा कटान प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की क्षति की संभावना न रहे।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी, सेतु निगम के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भीषण गर्मी से बचाव को लेकर छात्राओं को दिया गया जीवनरक्षक प्रशिक्षण

हीट वेव जागरूकता अभियान में 90 छात्राओं ने लिया हिस्सा , BLS और फर्स्ट एड की दी गई जानकारी ।

गोण्डा । लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए राधे फाउण्डेशन द्वारा सरयू प्रसाद कन्या पाठशाला इण्टर कॉलेज में हीटवेव जागरूकता एवं सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या गिरिजा मिश्रा ने की । कार्यक्रम में प्रशिक्षक रजनी कान्त तिवारी ने छात्राओं को लू से बचाव , हीटस्ट्रोक के लक्षणों की पहचान, प्राथमिक उपचार तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट की महत्वपूर्ण जानकारी दी । उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर प्राथमिक सहायता किसी की जान बचा सकती है।
           प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्राओं को शरीर में पानी की कमी से बचने , तेज धूप में आवश्यक सावधानियां बरतने , हीटस्ट्रोक पीड़ित व्यक्ति को तत्काल सहायता देने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए । प्रशिक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवनरक्षक प्रशिक्षण भी दिया जाना आवश्यक है , जिससे वे समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता भी कर सकें । प्रधानाचार्या गिरिजा मिश्रा ने राधे फाउण्डेशन के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को आत्मविश्वासी , जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में शिक्षिकाएं प्रतिभा त्रिपाठी , सरिता सिंह एवं प्रतिभा वर्मा की सक्रिय सहभागिता रही । वहीं छात्राओं में तनवी कश्यप , ऋचा शुक्ला , तहसीन फातिमा , संस्कृति पाण्डेय एवं मुस्कान सहित लगभग 90 छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने हीट वेव से बचाव एवं समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया ।
चला चेकिंग अभियान, कई दुपहिया वाहनों के काटे गए चालान*
रितेश मिश्रा
हरदोई/सवायजपुर थाना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यवाहक थाना प्रभारी राघवेंद्र भूषण प्रताप के नेतृत्व में सवायजपुर थाना क्षेत्र के बृंदावन चौराहे पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बिना हेलमेट, बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी बैठाकर चल रहे तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दुपहिया वाहन चालकों की जांच की। नियमों की अनदेखी करने वाले कई वाहन चालकों के चालान काटे गए।पुलिस द्वारा वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की भी गहन जांच की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप का माहौल बना रहा।
कार्यवाहक थाना प्रभारी राघवेंद्र भूषण प्रताप ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।पुलिस के इस अभियान से वाहन चालकों में सतर्कता देखने को मिली, वहीं क्षेत्रीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान की सराहना की।इस मौके पर उप निरीक्षक क्षमता सिंह,उप निरीक्षक राकेश कुमार,के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा
झारखंड में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

रांची:-नगर विकास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।

भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी

श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।

भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।

शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर

प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।

भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत

श्री सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।

इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।

इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने वालों को जनता देगी जवाब : राजेश गौतम
*प्रधानमंत्री का अपमान,145 करोड़ देशवासियों का अपमान : राजेश गौतम*

*सपा सांसद की अमर्यादित टिप्पणी पर महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन*

सुलतानपुर।समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को कादीपुर तहसील के सामने भाजपा महिला मोर्चा एवं कार्यकर्ताओं ने विधायक राजेश गौतम की मौजूदगी में जोरदार प्रदर्शन किया।हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा की महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की। विधायक राजेश गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अशोभनीय टिप्पणी लोकतंत्र की मर्यादा और 145 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान है।उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की भाषा उनके वैचारिक दिवालियापन और सत्ता की हताशा को दर्शाती है।
लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने वालों को जनता करारा जवाब देगी।इस दौरान किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य मधु काजल,सुनीता बरनवाल व विजय लक्ष्मी शुक्ला आदि महिला नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है,जिससे विपक्ष बौखलाया हुआ है।जनता 2027 में सपा को इसका करारा जवाब देगी।प्रदर्शन के दौरान “प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और "सपा घटिया राजनीति बंद करों" जैसे नारों के साथ विरोध जताया।इस मौके सुनीता बरनवाल, विजय लक्ष्मी शुक्ला, करिश्मा गौतम, प्रतिमा सिंह, शकुंतला मिश्रा, सुनीता उपाध्याय, सावित्री सिंह, आसमा खातून समेत बड़ी संख्या में महिलाएं व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने बताया की 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले जनपद के सपा सांसद व समाजवादी पार्टी के खिलाफ लंभुआ ब्लाक मुख्यालय के सामने व कादीपुर में महिला मोर्चा की नेता रागिनी मिश्रा,भावना राय, सुनीता बरनवाल, विजय लक्ष्मी शुक्ला आदि ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
रोजाना 1700 किलो बायो-CNG उत्पादन का लक्ष्य, हजारों घरों और वाहनों को मिलेगा लाभ

गाजियाबाद। गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का एक अनोखा बायो-CNG प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत सीवर के पानी से बायो-CNG तैयार की जाएगी, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और संबंधित कंपनी के बीच समझौता भी हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट को एक वर्ष के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 1700 किलो बायो-CNG का उत्पादन किया जाएगा। इससे करीब 3050 घरों और 350 वाहनों को लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सीवर से निकलने वाली मीथेन गैस का उपयोग कर बायो-CNG तैयार करने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि डूंडाहेड़ा परियोजना सफल रहती है तो प्रदेश के अन्य एसटीपी केंद्रों पर भी इसी तरह के बायो-CNG प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
वीएचएसएनडी कार्यक्रम के तहत हजारीबाग में मातृ, शिशु एवं किशोरियों को मिली विभिन्न स्वास्थ्य सेवा

हजारीबाग जिले के विभिन्न प्रखंडों में गुरुवार को ग्राम स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं पोषण दिवस (VHSND) के अवसर पर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों में एएनएम, सहिया एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।

कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें रक्त जांच, गर्भ परीक्षण, टीटी टीकाकरण के साथ-साथ आयरन, फोलिक एसिड एवं कैल्सियम की दवाएं वितरित की गईं। साथ ही उन्हें संतुलित आहार एवं सुरक्षित मातृत्व से संबंधित आवश्यक जानकारी दी गई। बच्चों के लिए नियमित टीकाकरण, स्वास्थ्य परीक्षण, विकास की निगरानी एवं पूरक पोषण आहार की सुविधा उपलब्ध कराई गई, जिससे उनके समग्र शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रोत्साहन मिल सके। किशोरियों को कार्यक्रम के दौरान हीमोग्लोबिन जांच, आयरन-फोलिक एसिड की गोलियां, पोषण संबंधी परामर्श तथा मासिक धर्म स्वच्छता से जुड़ी जानकारी प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त उन्हें जीवन कौशल एवं स्वास्थ्य जागरूकता से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया। शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों के लिए जन्म के तुरंत बाद स्तनपान की शुरुआत, उचित शिशु देखभाल, नियमित टीकाकरण एवं बीमारियों की समय पर पहचान एवं उपचार पर विशेष बल दिया गया।

इस संबंध में उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने कहा कि वीएचएसएनडी कार्यक्रम के माध्यम से गांव स्तर पर ही गर्भवती महिलाओं, बच्चों एवं किशोरियों को समय पर जांच, दवाएं और पोषण संबंधी सलाह उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन का लक्ष्य कुपोषण और बीमारियों की रोकथाम के लिए इन सेवाओं की नियमित और प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करना है।

191.13 करोड़ की लागत से बन रहे से तु का जिलाधिकारी ने किया निरीक्षण

फर्रूखाबाद l  हरदोई-कमालगंज मार्ग पर गंगा नदी पर लगभग ₹191.13 करोड़ की लागत से निर्माणाधीन सेतु, पहुँच मार्ग एवं कराए जा रहे सुरक्षात्मक कार्यों का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता तथा सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया।
जिलाधिकारी ने पहुँच मार्ग पर संभावित कटान वाले स्थलों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों से अब तक किए गए सुरक्षात्मक कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नदी किनारे कराए जा रहे पिचिंग कार्यों का भौतिक सत्यापन भी किया तथा कार्यों की गुणवत्ता को निर्धारित मानकों के अनुरूप बनाए रखने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सेतु निगम एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों को पूरी गुणवत्ता एवं मानक के साथ निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराया जाए, जिससे आमजन को आवागमन में बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि परियोजना जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजना है, इसलिए कार्यों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को नियमित रूप से कार्यों की निगरानी करने तथा कटान प्रभावित क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी दिए, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की क्षति की संभावना न रहे।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी, सेतु निगम के अधिकारी, लोक निर्माण विभाग के अधिकारी एवं संबंधित कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भीषण गर्मी से बचाव को लेकर छात्राओं को दिया गया जीवनरक्षक प्रशिक्षण

हीट वेव जागरूकता अभियान में 90 छात्राओं ने लिया हिस्सा , BLS और फर्स्ट एड की दी गई जानकारी ।

गोण्डा । लगातार बढ़ रही गर्मी और हीट वेव के खतरे को देखते हुए राधे फाउण्डेशन द्वारा सरयू प्रसाद कन्या पाठशाला इण्टर कॉलेज में हीटवेव जागरूकता एवं सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया । कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्या गिरिजा मिश्रा ने की । कार्यक्रम में प्रशिक्षक रजनी कान्त तिवारी ने छात्राओं को लू से बचाव , हीटस्ट्रोक के लक्षणों की पहचान, प्राथमिक उपचार तथा बेसिक लाइफ सपोर्ट की महत्वपूर्ण जानकारी दी । उन्होंने बताया कि भीषण गर्मी के दौरान थोड़ी सी सावधानी और सही समय पर प्राथमिक सहायता किसी की जान बचा सकती है।
           प्रशिक्षण सत्र के दौरान छात्राओं को शरीर में पानी की कमी से बचने , तेज धूप में आवश्यक सावधानियां बरतने , हीटस्ट्रोक पीड़ित व्यक्ति को तत्काल सहायता देने तथा आपातकालीन परिस्थितियों में संयम बनाए रखने के व्यावहारिक तरीके सिखाए गए । प्रशिक्षक ने कहा कि वर्तमान समय में विद्यार्थियों को केवल किताबी शिक्षा ही नहीं, बल्कि जीवनरक्षक प्रशिक्षण भी दिया जाना आवश्यक है , जिससे वे समाज में जागरूकता फैलाने के साथ-साथ जरूरतमंदों की सहायता भी कर सकें । प्रधानाचार्या गिरिजा मिश्रा ने राधे फाउण्डेशन के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्राओं को आत्मविश्वासी , जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

कार्यक्रम में शिक्षिकाएं प्रतिभा त्रिपाठी , सरिता सिंह एवं प्रतिभा वर्मा की सक्रिय सहभागिता रही । वहीं छात्राओं में तनवी कश्यप , ऋचा शुक्ला , तहसीन फातिमा , संस्कृति पाण्डेय एवं मुस्कान सहित लगभग 90 छात्राओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया । कार्यक्रम के अंत में छात्राओं ने हीट वेव से बचाव एवं समाज में जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया ।
चला चेकिंग अभियान, कई दुपहिया वाहनों के काटे गए चालान*
रितेश मिश्रा
हरदोई/सवायजपुर थाना क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार मीणा के निर्देश पर लगातार चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कार्यवाहक थाना प्रभारी राघवेंद्र भूषण प्रताप के नेतृत्व में सवायजपुर थाना क्षेत्र के बृंदावन चौराहे पर सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बिना हेलमेट, बिना नंबर प्लेट, तीन सवारी बैठाकर चल रहे तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले दुपहिया वाहन चालकों की जांच की। नियमों की अनदेखी करने वाले कई वाहन चालकों के चालान काटे गए।पुलिस द्वारा वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की हिदायत भी दी गई। अभियान के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की भी गहन जांच की गई, जिससे क्षेत्र में हड़कंप का माहौल बना रहा।
कार्यवाहक थाना प्रभारी राघवेंद्र भूषण प्रताप ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। नियम तोड़ने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह कार्रवाई जारी रहेगी।पुलिस के इस अभियान से वाहन चालकों में सतर्कता देखने को मिली, वहीं क्षेत्रीय लोगों ने सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए जा रहे अभियान की सराहना की।इस मौके पर उप निरीक्षक क्षमता सिंह,उप निरीक्षक राकेश कुमार,के साथ भारी पुलिस बल मौजूद रहा
झारखंड में अनाधिकृत मकानों को नियमित कराने का सुनहरा मौका, ऑनलाइन पोर्टल लॉन्च

रांची:-नगर विकास मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन से झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 के ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ किया ।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एक ऐतिहासिक क्षण है जहाँ राज्य की जनता को एक मौक़ा प्रदान किया जा रहा है कि वे अनाधिकृत तरीक़े से बने अपने मकानों का नियमितीकरण करा सकेंगे । जो लोग चिंतित थे कि उनके अनियमित मकानों का क्या होगा सरकार इस दिशा में राहत देते हुए भवन नियमितीकरण योजना ले कर आई है । अब लोग पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर अपना मकान नियमित करा सकेंगे।

भवन नियमितीकरण योजना की सफलता के लिए लोगों का सहयोग एवं समर्थन जरूरी

श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की प्रबल इच्छाशक्ति थी कि राज्य के लोगों को राहत देते हुए अनियमित मकानों को नियमितीकरण करने का एक मौक़ा जरूर दिया जाना चाहिए । इसी के मद्देनजर नगर विकास विभाग ने बड़े कठिन और अथक प्रयासों के बाद यह योजना तैयार हुई है और अब ऑनलाइन पोर्टल का शुभारंभ हो गया है। लोग अब पोर्टल के माध्यम से अपने मकानों के नियमितीकरण के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे और अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे । उन्होंने कहा कि राज्य की जनता का समर्थन और सहयोग जरूरी है ताकि इस योजना को सफल बनाया जा सके ।

भवन नियमितीकरण के उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि सरकार की नीतियों का अनुपालन में जनता की भागीदारी महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण का उद्देश्य अनियमितीकरण को बढ़ावा देना नहीं है बल्कि जो लोग बिना नक्शा और मास्टर प्लान के अपना मकान बना लिए है ये उन लोगों के लिए एक मौक़ा है। सरकार ने नियमितीकरण नियमावली को बहुत ही सरल और लिबरल बनाया है और नियमित करने में लगने वाली राशि को भी तीन किस्तों में भुगतान का प्रावधान कर लोगों को राहत देने का काम किया है । इसके उद्देश्य को पूरा करना हम सब की जवाबदेही है।

शहरीकरण व्यवस्थित ढंग से हो इसके प्रति सरकार गंभीर

प्रधान सचिव श्री सुनील कुमार ने कहा कि सरकार नगरीय क्षेत्रों के विकास को गंभीरता से ले रही है । शहर की सूरत बदल रही है । इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है । रांची में 3 फ्लाइओवर बन कर तैयार हैं, सिरमटोली कनेक्टिंग फ्लाइओवर भी ऑनगोइंग है । अरगोड़ा , करमटोली और हरमू 3 नए फ्लाइओवर की स्वीकृति मिल चुकी है। जमशेदपुर और धनबाद में भी फ्लाईओवर बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन का निदेश है कि शहरीकरण अव्यवस्थित ढंग से ना हो। रोड ,फुटपाथ , टाउनहॉल, नाली सभी व्यवस्थित हों। शहरों में उन्नत बस स्टैंड हो। इस दिशा में काम जारी है। म्युनिसिपल के रेवन्यू बढ़ाने पर भी फोकस है । मानव संसाधन पर भी ज़ोर दिया जा रहा है । टाउन प्लानर , इंजीनियर आदि की नियुक्ति सरकार ने की है। उन्होंने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली 2026 को हम योजना कह सकते हैं । इससे लोगों को एक बार मौका दिया जा रहा है कि वे अपने मकानों को नियमित करा सकेंगे। उन्होंने इसकी प्रक्रिया की जानकारी दी। कहा कि इसके शुभारंभ से लेकर 2 माह के अंदर ऑनलाइन आवेदन करना है और 6 माह के अंदर नियमितीकरण का निर्णय लिया जा सकेगा ।साथ ही G+2 और 300 वर्गमीटर से कम में बने मकानों का ही नियमितीकरण होगा ।

भवन नियमितीकरण योजना लोगों के लिए राहत

श्री सूरज कुमार डायरेक्टर सूडा ने कहा कि भवन नियमितीकरण नियमावली -2026 सरकार का ऐतिहासिक कदम है । किसी कारण से लोगों ने अपने मकान को बिना नक्शा पास कराए बना लिया है ,ऐसे अनाधिकृत रूप से बने भवन का नियमतीकरण का निर्णय सरकार ने लिया है ताकि झारखंड के नागरिकों को राहत पहुंचाई जाय।भवन नियमितीकरण योजना का लाभ सभी लोग उठायें । झारखंड अनाधिकृत निर्मित भवन नियमितीकरण नियमावली,2026 का लाभ लेने के लिए पोर्टल का शुभारंभ हो गया है । इस पोर्टल में जाकर ऑनलाइन आवेदन करें । आवेदन के लिए 2माह का समय है। राशि का भुगतान भी किस्तों में कर सकेंगे । सरकार ने लोगों को राहत देने के उद्देश्य से ऐसा प्रावधान किया है।

इस अवसर पर पोर्टल पर किस प्रकार आवेदन करना है इसका लाइव डेमोंस्ट्रेशन निदेशक सूडा श्री सूरज कुमार ने मंत्री जी के समक्ष दिया ।

इस अवसर पर नगर विकास विभाग के विशेष सचिव श्री ज्ञानेंद्र कुमार , अपर सचिव जुल्फिकार अली , धनबाद नगर आयुक्त श्री आशीष सहित नगर विकास एवं राज्य शहरी विकास अभिकरण के पदाधिकारीगण और फिक्की के पदाधिकारी उपस्थित थे ।

लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने वालों को जनता देगी जवाब : राजेश गौतम
*प्रधानमंत्री का अपमान,145 करोड़ देशवासियों का अपमान : राजेश गौतम*

*सपा सांसद की अमर्यादित टिप्पणी पर महिलाओं ने किया विरोध प्रदर्शन*

सुलतानपुर।समाजवादी पार्टी के सांसद अजेंद्र सिंह लोधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर की गई अमर्यादित टिप्पणी के विरोध में मंगलवार को कादीपुर तहसील के सामने भाजपा महिला मोर्चा एवं कार्यकर्ताओं ने विधायक राजेश गौतम की मौजूदगी में जोरदार प्रदर्शन किया।हाथों में तख्तियां लेकर भाजपा की महिला नेताओं व कार्यकर्ताओं ने सपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और सांसद से सार्वजनिक माफी की मांग की। विधायक राजेश गौतम ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर की गई अशोभनीय टिप्पणी लोकतंत्र की मर्यादा और 145 करोड़ देशवासियों की भावनाओं का अपमान है।उन्होंने कहा कि सपा नेताओं की भाषा उनके वैचारिक दिवालियापन और सत्ता की हताशा को दर्शाती है।
लोकतंत्र की मर्यादा तार-तार करने वालों को जनता करारा जवाब देगी।इस दौरान किन्नर कल्याण बोर्ड की सदस्य मधु काजल,सुनीता बरनवाल व विजय लक्ष्मी शुक्ला आदि महिला नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है,जिससे विपक्ष बौखलाया हुआ है।जनता 2027 में सपा को इसका करारा जवाब देगी।प्रदर्शन के दौरान “प्रधानमंत्री का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान” और "सपा घटिया राजनीति बंद करों" जैसे नारों के साथ विरोध जताया।इस मौके सुनीता बरनवाल, विजय लक्ष्मी शुक्ला, करिश्मा गौतम, प्रतिमा सिंह, शकुंतला मिश्रा, सुनीता उपाध्याय, सावित्री सिंह, आसमा खातून समेत बड़ी संख्या में महिलाएं व भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने बताया की 33 प्रतिशत महिला आरक्षण बिल का विरोध करने वाले जनपद के सपा सांसद व समाजवादी पार्टी के खिलाफ लंभुआ ब्लाक मुख्यालय के सामने व कादीपुर में महिला मोर्चा की नेता रागिनी मिश्रा,भावना राय, सुनीता बरनवाल, विजय लक्ष्मी शुक्ला आदि ने हाथों में तख्तियां लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
रोजाना 1700 किलो बायो-CNG उत्पादन का लक्ष्य, हजारों घरों और वाहनों को मिलेगा लाभ

गाजियाबाद। गाजियाबाद के डूंडाहेड़ा क्षेत्र में उत्तर प्रदेश का एक अनोखा बायो-CNG प्लांट स्थापित किया जाएगा। इस परियोजना के तहत सीवर के पानी से बायो-CNG तैयार की जाएगी, जिससे ऊर्जा उत्पादन के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर विकसित किया जाएगा। इसके लिए नगर निगम और संबंधित कंपनी के बीच समझौता भी हो चुका है। अधिकारियों के अनुसार प्लांट को एक वर्ष के भीतर तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
परियोजना के तहत प्रतिदिन लगभग 1700 किलो बायो-CNG का उत्पादन किया जाएगा। इससे करीब 3050 घरों और 350 वाहनों को लाभ मिलने की संभावना है।
विशेषज्ञों के मुताबिक सीवर से निकलने वाली मीथेन गैस का उपयोग कर बायो-CNG तैयार करने से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी आएगी और पर्यावरण संरक्षण को मजबूती मिलेगी।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि यदि डूंडाहेड़ा परियोजना सफल रहती है तो प्रदेश के अन्य एसटीपी केंद्रों पर भी इसी तरह के बायो-CNG प्लांट स्थापित किए जाएंगे।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
आयुष मंत्री डॉ. दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ ने समीक्षा बैठक में दिए निर्देश
* आयुष मंत्री ने कहा, अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो

* निर्माण कार्य समय पर पूरे हों, जनप्रतिनिधियों के सहयोग से लगाए जाएं स्वास्थ्य शिविर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर मिश्रा दयालु ने गुरुवार को एनेक्सी भवन सभागार में प्रदेश के राजकीय आयुष महाविद्यालयों और 50 शैय्या युक्त आयुष एकीकृत चिकित्सालयों के मुख्य चिकित्सा अधीक्षकों के साथ वर्चुअल समीक्षा बैठक की।
बैठक में राजकीय आयुर्वेदिक, होम्योपैथिक और यूनानी मेडिकल कॉलेजों के कार्यों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्माणाधीन छात्रावासों और अन्य परियोजनाओं को तय समय सीमा में पूरा कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी।
आयुष मंत्री ने अस्पतालों में दवाइयों की नियमित उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि जिन दवाओं की मांग अधिक है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मरीजों को बाहर की दवा लिखने से बचा जाए, ताकि उन्हें इलाज में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
डॉ. दयाशंकर मिश्र ने ओपीडी सेवाओं को और प्रभावी बनाने तथा अधिक से अधिक मरीजों के उपचार पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने जनप्रतिनिधियों की सहभागिता से समय-समय पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर आयुष चिकित्सा पद्धति के माध्यम से लोगों को उपचार उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अस्पतालों की आईपीडी सेवाओं को मजबूत करने और बेहतर उपचार व्यवस्था सुनिश्चित करने की बात कही। साथ ही सभी चिकित्सालयों में ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की व्यवस्था सुदृढ़ कर अधिक से अधिक माइनर सर्जरी करने पर बल दिया। मंत्री ने कहा कि ओपीडी, सर्जरी और स्वास्थ्य शिविरों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष तीन चिकित्सालयों को सम्मानित भी किया जाएगा।
बैठक में प्रमुख सचिव आयुष रंजन कुमार ने विभागीय प्रगति की जानकारी दी और मंत्री के निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिलाया।
इस अवसर पर निदेशक आयुर्वेद डॉ. नारायण दास, निदेशक होम्योपैथिक डॉ. पी.के. सिंह, निदेशक यूनानी प्रो. जमाल अख्तर समेत प्रदेश के सभी आयुष महाविद्यालयों और चिकित्सालयों के प्रधानाचार्य एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।