संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
बलरामपुर में नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ,नगर को स्वच्छ व सुव्यवस्थित बनाने की पहल
               
                                                        
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र को  स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बलरामपुर ब्लॉक के सामने नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने फीता काटकर मंडी का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में मांस-मछली विक्रेताओं को अब तक अलग-अलग स्थानों पर दुकानें लगानी पड़ती थीं,जिससे गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती थी। नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सभी मछली विक्रेताओं के लिए एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से जगह निर्धारित की गई है,ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो और आम जनता को भी स्वच्छ वातावरण मिल सके।
उन्होंने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे निर्धारित स्थल पर ही अपने प्रतिष्ठान लगाएं और स्वच्छता के नियमों का पालन करें। नगर पालिका द्वारा मंडी परिसर में साफ-सफाई,जल निकासी और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की गई है,जिससे गंदगी न फैले और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने बताया कि नगर को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी बाजारों को सुव्यवस्थित करने और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राज कुमार श्रीवास्तव,नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्या,कर निरीक्षक राजेश कुमार,सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय,अधिवक्ता अनिल सिंह मामा,अध्यक्ष राम प्यारे कश्यप,सहायक निदेशक मत्स्य दीपांशु,वरिष्ठ निरीक्षक मत्स्य रमन चौधरी,सभासद सुभाष पाठक,राघवेंद्र कान्त सिंह मंटू,विनोद गिरी,अक्षय शुक्ल,सुशील साहू,आनंद किशोर,मनोज यादव,मनीष तिवारी,राजेश कुमार कश्यप,संदीप मिश्रा,मनोज साहू,शुभम चौधरी,सिद्धार्थ साहू,राजू कश्यप,राधे श्याम,बेकारू,संतोष कश्यप,पूरन कश्यप, फरीद,आफताब अहमद,चन्दन,धर्मेंद्र सहित अधिकारी,कर्मचारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि,व्यापारी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंडी के शुभारंभ से मछली व्यापारियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नगर पालिका की इस पहल की सराहना की।
नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में दिखेगा अवध की संस्कृति का संगम *

एलडीए ने हुसैनाबाद में 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया है म्यूजियम
- 01 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा म्यूजियम
लखनऊ । हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुए लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस म्यूजियम का निर्माण किया है। 01 मार्च, 2026 को लोकार्पण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। म्यूजियम का निर्माण 41.43 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होने वाली है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
जर्मनी में यूपी की बड़ी पहल: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग व ड्रोन हब बनने की ओर ठोस कदम
* रक्षा, दूरसंचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर व उन्नत विनिर्माण में साझेदारी के नए द्वार खुले

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश प्रोत्साहन नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश एवं उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में जर्मनी में महत्वपूर्ण पहल की गई।
जर्मनी प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री (आईटी) सुनील कुमार के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

* उन्नत सेंसर व स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर सहयोग
जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी Fujikura Ltd. के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकी, स्वायत्त प्लेटफॉर्म और स्मार्ट अवसंरचना से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश में प्रोटोटाइपिंग एवं उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करने, ऑटोमोटिव व ई-व्हीकल सेक्टर के लिए स्मार्ट सेंसर व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के निर्माण तथा स्मार्ट सिटी एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सहभागिता पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी ने प्रदेश में निवेश को लेकर गहरी रुचि व्यक्त की।

* ड्रोन निर्माण व तकनीक हस्तांतरण पर सकारात्मक संवाद
जर्मनी की अग्रणी ड्रोन निर्माता कंपनी Quantum-Systems GmbH के साथ तकनीक हस्तांतरण, संभावित निवेश मॉडल और उत्तर प्रदेश में उन्नत ड्रोन विनिर्माण एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई। रक्षा और नागरिक उपयोग हेतु अत्याधुनिक यूएवी प्रणालियों के विकास, डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक सहयोग तथा अनुसंधान व कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ।

* दूरसंचार व रक्षा तकनीक में नए अवसर
उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी की प्रमुख दूरसंचार कंपनी Telefónica O2 तथा रक्षा एवं सेंसर तकनीक कंपनी HENSOLDT के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्नत संचार नेटवर्क, सुरक्षित कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सेंसर एवं एवियोनिक्स सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म तथा परीक्षण एवं उत्पादन हब की स्थापना पर विस्तृत चर्चा हुई।
कंपनी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर, सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा व्यक्त की।

* निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा पारदर्शी औद्योगिक नीतियां निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, त्वरित अनुमोदन और हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जर्मनी में हुई ये उच्चस्तरीय बैठकें उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्नोलॉजी, रक्षा विनिर्माण, दूरसंचार और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में एक दूरगामी कदम सिद्ध होंगी।
डिजिटल युग में नए अवसरों की उड़ान: सोशल मीडिया सितारों का सम्मान 1 मार्च को
कुशीनगर। पिछले 15 वर्षों में Internet, IT और AI ने व्यवसाय की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। आज कमाई का बड़ा स्रोत वह नहीं रहा जिसे हम छू सकते हैं, बल्कि वह है जिसे हम देख तो सकते हैं, पर छू नहीं सकते—डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा, कंटेंट और आइडियाज।
होटल, पेट्रोल पंप, स्कूल, भट्टा, सड़क और भवन निर्माण, सिनेमा हॉल जैसे पारंपरिक पूंजी आधारित व्यवसायों के साथ-साथ अब डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से उभर रही है। भारत में लगभग 69 करोड़ लोग फेसबुक और 52 करोड़ लोग इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे हैं। औसतन प्रत्येक भारतीय प्रतिदिन लगभग ढाई घंटे सोशल मीडिया पर व्यतीत करता है।
सोशल मीडिया ने सैकड़ों नए स्किल्स और बिजनेस मॉडल लोगों को उपलब्ध कराए हैं। आज कंटेंट क्रिएटर/इन्फ्लुएंसर, डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट, एफिलिएट मार्केटर, ऑनलाइन टीचर/कोच, फ्रीलांसर, लोकल बिजनेस प्रमोटर, डिजिटल एंटरटेनर, रील्स क्रिएटर जैसे अनेक युवा अपने हुनर के बल पर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
इसी क्रम में खड्डा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे सभी सोशल मीडिया के सितारों के सम्मान समारोह का आयोजन 01 मार्च 2026, दिन रविवार, प्रातः 11 बजे किया जाएगा जिसमें जनसेवक पवन दुबे द्वारा लोगों को सम्मानित किया जाना प्रस्तावित है।
इस सम्मान समारोह का उद्देश्य अपने क्रिएटिव आइडियाज से कमाई करने वाले और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई देने वाले डिजिटल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना है, साथ ही नए युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन—दोनों माध्यमों से आयोजित होगा।
उत्तर प्रदेश में 27-28 फरवरी को ‘मीन महोत्सव का आयोजन

* इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में जुटेंगे 1000 से अधिक मत्स्य पालक
* आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और आय वृद्धि पर रहेगा विशेष फोकस – डॉ. संजय निषाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग द्वारा ‘मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो)’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।
यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है।

* आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
महोत्सव में किसानों की जमीनी समस्याओं के समाधान, नवीन तकनीकी नवाचारों की व्यवहारिक जानकारी, मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने, व्यापार वृद्धि, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, स्टैण्डी, हैंडबिल्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट्स के माध्यम से किया जाएगा। एलसीडी प्रोजेक्टर द्वारा मत्स्य पालन तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण होंगे तथा वेबकास्टिंग/यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

* तकनीकी संगोष्ठी और विशेषज्ञों से सीधा संवाद
महोत्सव में मत्स्य पालकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श आयोजित होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक, पोषण प्रबंधन एवं आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेष सत्र में प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं अनुभवी उद्यमियों द्वारा मत्स्य किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव पोषण सुरक्षा, व्यापार, एक्वा पर्यटन एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

* फिश फूड कोर्ट और प्रत्यक्ष आपूर्ति पर चर्चा
एक्सपो में विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के साथ ‘फिश फूड कोर्ट’ एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट मालिकों, कैटरर्स और विभागीय अधिकारियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों एवं कैटरर्स को मछली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि प्रत्यक्ष आपूर्ति से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी।
महोत्सव प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। सरकार मत्स्य पालन को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
खड्डा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनसंवाद
* क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए जनसेवक पवन दुबे ने रखे ठोस विकास प्रस्ताव

कुशीनगर। जनसेवक पवन दुबे ने खड्डा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार रखे गए।

* खेतों में गन्ना, केला, धान और गेहूं बोया जा रहा है, वैसे ही घर-घर रोजगार बोने की आवश्यकता है, ताकि हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
* युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों की स्थापना जरूरी है।
* किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थायी मंडी की स्थापना की आवश्यकता है।
* कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना अनिवार्य है।
* क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना की आवश्यकता है।
* स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु बड़े उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए।
* युवाओं को पुलिस, रेलवे, आर्मी, बैंक और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोफेशनल ‘वन डे कॉम्पिटिशन’ कोचिंग सेंटर की व्यवस्था की जानी चाहिए।
* प्रत्येक पाँच गांवों के मध्य एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके।
* खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विकसित स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही और क्षेत्र के विकास के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
माता शबरी महोत्सव सह शबरी मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब, मुन्ना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

हजारीबाग- बुधवार को मां शबरी सेवा संघ (भुईयां समाज), हजारीबाग द्वारा मोरांगी, नवाटांड में आयोजित माता शबरी महोत्सव सह शबरी मेला श्रद्धा, आस्था एवं सामाजिक एकता के माहौल में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल राम ने बैच पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर मुन्ना सिंह जी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। आभार व्यक्त करते हुए मुन्ना सिंह ने कहा कि समाज का यह स्नेह और विश्वास उन्हें निरंतर सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करता है। वही अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माता शबरी का जीवन अटूट आस्था, समर्पण, सेवा भावना और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। भगवान राम के प्रति उनकी निष्कलंक भक्ति हमें यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा और सेवा से समाज में समानता एवं मानवता की स्थापना संभव है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम माता शबरी के आदर्शों को अपनाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक शिक्षा, सम्मान और विकास की मुख्यधारा पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लें। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में एकजुटता, भाईचारा और सकारात्मक सामाजिक चेतना को भी बढ़ावा देते हैं। इस गरिमामय अवसर पर संस्थापक रोहित राम, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल राम, प्रदेश सचिव प्रमोद राम, प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश भुईयां, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष सुदर्शन राम संजय भुईयां सहित अनेक गणमान्य अतिथि, समाज के प्रबुद्धजन, माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में मुन्ना सिंह ने सभी आयोजकों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया।

विकास की बलि नहीं चढ़ेंगे ग्रामीण, पहले न्याय मिले फिर हो कार्य". -- विधायक रोशन लाल चौधरी

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी ने केरेडारी क्षेत्र में संचालित सीसीएल (CCL) की चन्द्रगुप्त कोयला परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन के पटल पर रखा। विधायक ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास के नाम पर ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुआवजा और पुनर्वास पर गंभीर सवाल सदन को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सीसीएल परियोजना शुरू करने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित और विस्थापित गांवों के रैयतों को अब तक उनकी भूमि का न्यायोचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार और पुनर्वास की कोई ठोस कार्ययोजना अब तक धरातल पर नहीं उतरी है, जो कि सरासर अन्याय है।

आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन के माध्यम से सरकार से अपनी मांगों को रखते हुए अविलंब पूरा करने का आग्रह किया। जिसमें रैयतों को उनकी भूमि का वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाए। R&R नीति के तहत प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित हो। प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को परियोजना में स्थायी नौकरी दी जाए। पुनर्वास स्थलों पर सड़क, शुद्ध पेयजल, बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्रों की तत्काल व्यवस्था हो। उपरोक्त सभी व्यवस्थाएं पूर्ण होने और रैयतों की संतुष्टि के बाद ही खनन कार्य शुरू किया जाए। आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा, "हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत किसी गरीब ग्रामीण के आशियाने और उसकी आजीविका को छीनकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।" उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया कि वे उनके सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य के लिए सदन से लेकर सड़क तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।

संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
बलरामपुर में नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ,नगर को स्वच्छ व सुव्यवस्थित बनाने की पहल
               
                                                        
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद क्षेत्र को  स्वच्छ,सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए बलरामपुर ब्लॉक के सामने नवनिर्मित मछली मंडी का शुभारंभ किया गया। नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने फीता काटकर मंडी का विधिवत उद्घाटन किया।
इस अवसर पर अध्यक्ष ने कहा कि नगर क्षेत्र में मांस-मछली विक्रेताओं को अब तक अलग-अलग स्थानों पर दुकानें लगानी पड़ती थीं,जिससे गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होती थी। नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के उद्देश्य से सभी मछली विक्रेताओं के लिए एक ही स्थान पर व्यवस्थित रूप से जगह निर्धारित की गई है,ताकि व्यापार सुचारु रूप से संचालित हो और आम जनता को भी स्वच्छ वातावरण मिल सके।
उन्होंने सभी विक्रेताओं को निर्देशित किया कि वे निर्धारित स्थल पर ही अपने प्रतिष्ठान लगाएं और स्वच्छता के नियमों का पालन करें। नगर पालिका द्वारा मंडी परिसर में साफ-सफाई,जल निकासी और कूड़ा निस्तारण की समुचित व्यवस्था की गई है,जिससे गंदगी न फैले और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
अध्यक्ष प्रतिनिधि डीपी सिंह बैस ने बताया कि नगर को सुदृढ़ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर पालिका निरंतर प्रयासरत है। भविष्य में भी बाजारों को सुव्यवस्थित करने और नागरिक सुविधाओं में वृद्धि के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता राज कुमार श्रीवास्तव,नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी लाल चन्द्र मौर्या,कर निरीक्षक राजेश कुमार,सफाई निरीक्षक दिवाकर पांडेय,अधिवक्ता अनिल सिंह मामा,अध्यक्ष राम प्यारे कश्यप,सहायक निदेशक मत्स्य दीपांशु,वरिष्ठ निरीक्षक मत्स्य रमन चौधरी,सभासद सुभाष पाठक,राघवेंद्र कान्त सिंह मंटू,विनोद गिरी,अक्षय शुक्ल,सुशील साहू,आनंद किशोर,मनोज यादव,मनीष तिवारी,राजेश कुमार कश्यप,संदीप मिश्रा,मनोज साहू,शुभम चौधरी,सिद्धार्थ साहू,राजू कश्यप,राधे श्याम,बेकारू,संतोष कश्यप,पूरन कश्यप, फरीद,आफताब अहमद,चन्दन,धर्मेंद्र सहित अधिकारी,कर्मचारी,स्थानीय जनप्रतिनिधि,व्यापारी एवं नगरवासी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
मंडी के शुभारंभ से मछली व्यापारियों में उत्साह देखा गया और उन्होंने नगर पालिका की इस पहल की सराहना की।
नगर निकाय चुनाव 2026: 27 फरवरी को होगा भाग्य का फैसला, राँची प्रशासन ने मतगणना हेतु कसी कमर

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राँची: राँची नगर निगम एवं बुंडू नगर पंचायत चुनाव-2026 की मतगणना को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया है। उपायुक्त सह जिला निर्वाचन पदाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देश पर बुधवार को ट्रांसपोर्ट नगर, रिंग रोड स्थित बज्रगृह स्थल पर संयुक्त ब्रीफिंग बैठक आयोजित की गई।

ब्रीफिंग और दिशा-निर्देश:

उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में मतगणना में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और दंडाधिकारियों को राज्य निर्वाचन आयोग के नियमों का पाठ पढ़ाया गया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

मतगणना हॉल में कड़ा अनुशासन बनाए रखा जाए।

सुरक्षा घेरे को अभेद्य रखा जाए और अनधिकृत व्यक्तियों का प्रवेश वर्जित हो।

बैलट बॉक्स की हैंडलिंग और टेबल निगरानी में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए।

सुरक्षा और व्यवस्थाएं:

प्रशासन ने बताया कि मतगणना स्थल पर प्रकाश, पेयजल और बैठने की मुकम्मल व्यवस्था कर ली गई है। ब्रीफिंग में सदर एसडीओ कुमार रजत और बुंडू एसडीओ किस्टो कुमार बेसरा सहित कई वरीय अधिकारी मौजूद थे। अधिकारियों को किसी भी आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए 'क्विक रिस्पांस' के लिए तैयार रहने को कहा गया है।

जनता से अपील:

प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे मतगणना से जुड़ी किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें।

लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में दिखेगा अवध की संस्कृति का संगम *

एलडीए ने हुसैनाबाद में 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में विकसित किया है म्यूजियम
- 01 मार्च को लोकार्पण के बाद आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा म्यूजियम
लखनऊ । हुसैनाबाद में बनकर तैयार हुए लखनऊ म्यूजियम ऑफ हेरिटेज एंड आर्ट में अवध की संस्कृति का संगम देखने को मिलेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण ने लगभग 4973 वर्गमीटर क्षेत्रफल में इस म्यूजियम का निर्माण किया है। 01 मार्च, 2026 को लोकार्पण के बाद इसे आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।  एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने इस नवनिर्मित म्यूजियम का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय की संरचना, प्रदर्शनी दीर्घाओं और पर्यटक सुविधाओं का जायजा लेने के साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। म्यूजियम का निर्माण 41.43 करोड़ रूपये की लागत से किया गया है। यह प्रदेश की पहली ऐसी आईकॉनिक बिल्डिंग होने वाली है, जहां बिना किसी कॉलम या पिलर के सहारे के 45 मीटर लंबा कैंटीलीवर निर्मित किया गया है। म्यूजियम भवन की आकर्षक डिजाइन इस इमारत को एक अलग पहचान देती है।
म्यूजियम में अवध की ऐतिहासिक, साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है। म्यूजियम में विभिन्न तरह की गैलरी विकसित की गयी हैं। जिनके नाम ‘मूल धारा, हुनर का सफर, हस्तशिल्प, सांझी आस्था, गंगा-जमुनी तहजीब, कारीगरी, महफिल-ए-अवध, नृत्यकला, नाट्यशाला, सोच एवं संवाद और जायका-ए-अवध’ हैं। इन गैलरी के माध्यम से अवध की संस्कृति को जीवंत रूप में दर्शाया जाएगा। म्यूजियम में वीआर गेमिंग एरीना भी बनाया गया है, जो दर्शकों को इतिहास से जोड़ने का नया अनुभव देगा।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप शहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से इस म्यूजियम का निर्माण कराया गया है। यह म्यूजियम लखनऊ की समृद्ध विरासत, कला, शिल्प परंपरा को संरक्षित करते हुए नई पीढ़ी से जोड़ने का काम करेगा। साथ ही स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को प्रोत्साहन देकर क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएगा।
इस मौके पर एलडीए के सचिव विवेक श्रीवास्तव, नजूल अधिकारी प्रभाकर सिंह, मुख्य अभियंता मानवेन्द्र सिंह, अधीक्षण अभियंता नवनीत शर्मा, अधिशासी अभियंता मनोज सागर एवं नीरज कुमार समेत अन्य अधिकारी व अभियंता उपस्थित रहे।
जर्मनी में यूपी की बड़ी पहल: हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग व ड्रोन हब बनने की ओर ठोस कदम
* रक्षा, दूरसंचार, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर व उन्नत विनिर्माण में साझेदारी के नए द्वार खुले

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘विकसित भारत’ के विजन तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की निवेश प्रोत्साहन नीति के अनुरूप उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश एवं उन्नत प्रौद्योगिकी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में जर्मनी में महत्वपूर्ण पहल की गई।
जर्मनी प्रवास पर गए भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कैबिनेट मंत्री (आईटी) सुनील कुमार के साथ अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से उच्चस्तरीय बैठकें कीं।

* उन्नत सेंसर व स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर पर सहयोग
जापान की बहुराष्ट्रीय कंपनी Fujikura Ltd. के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बैठक में उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकी, स्वायत्त प्लेटफॉर्म और स्मार्ट अवसंरचना से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। उत्तर प्रदेश में प्रोटोटाइपिंग एवं उन्नत विनिर्माण इकाई स्थापित करने, ऑटोमोटिव व ई-व्हीकल सेक्टर के लिए स्मार्ट सेंसर व इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम के निर्माण तथा स्मार्ट सिटी एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में सहभागिता पर गंभीर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी ने प्रदेश में निवेश को लेकर गहरी रुचि व्यक्त की।

* ड्रोन निर्माण व तकनीक हस्तांतरण पर सकारात्मक संवाद
जर्मनी की अग्रणी ड्रोन निर्माता कंपनी Quantum-Systems GmbH के साथ तकनीक हस्तांतरण, संभावित निवेश मॉडल और उत्तर प्रदेश में उन्नत ड्रोन विनिर्माण एवं अनुसंधान केंद्र स्थापित करने पर चर्चा हुई। रक्षा और नागरिक उपयोग हेतु अत्याधुनिक यूएवी प्रणालियों के विकास, डिफेंस कॉरिडोर के अंतर्गत औद्योगिक सहयोग तथा अनुसंधान व कौशल विकास के क्षेत्र में साझेदारी की संभावनाओं पर सकारात्मक संवाद हुआ।

* दूरसंचार व रक्षा तकनीक में नए अवसर
उप मुख्यमंत्री ने जर्मनी की प्रमुख दूरसंचार कंपनी Telefónica O2 तथा रक्षा एवं सेंसर तकनीक कंपनी HENSOLDT के साथ भी महत्वपूर्ण बैठकें कीं। इन बैठकों में उन्नत संचार नेटवर्क, सुरक्षित कनेक्टिविटी, स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर, आधुनिक सेंसर एवं एवियोनिक्स सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर प्लेटफॉर्म तथा परीक्षण एवं उत्पादन हब की स्थापना पर विस्तृत चर्चा हुई।
कंपनी प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश के डिफेंस कॉरिडोर, सुदृढ़ औद्योगिक आधारभूत संरचना और निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा व्यक्त की।

* निवेशकों के लिए आदर्श वातावरण
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश में मजबूत कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय एक्सप्रेस-वे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग क्लस्टर तथा पारदर्शी औद्योगिक नीतियां निवेश के लिए अनुकूल माहौल प्रदान कर रही हैं। राज्य सरकार सिंगल विंडो क्लीयरेंस, त्वरित अनुमोदन और हरसंभव सहयोग के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने विश्वास जताया कि जर्मनी में हुई ये उच्चस्तरीय बैठकें उत्तर प्रदेश को वैश्विक टेक्नोलॉजी, रक्षा विनिर्माण, दूरसंचार और स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में अग्रणी स्थान दिलाने की दिशा में एक दूरगामी कदम सिद्ध होंगी।
डिजिटल युग में नए अवसरों की उड़ान: सोशल मीडिया सितारों का सम्मान 1 मार्च को
कुशीनगर। पिछले 15 वर्षों में Internet, IT और AI ने व्यवसाय की दुनिया को पूरी तरह बदल दिया है। आज कमाई का बड़ा स्रोत वह नहीं रहा जिसे हम छू सकते हैं, बल्कि वह है जिसे हम देख तो सकते हैं, पर छू नहीं सकते—डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा, कंटेंट और आइडियाज।
होटल, पेट्रोल पंप, स्कूल, भट्टा, सड़क और भवन निर्माण, सिनेमा हॉल जैसे पारंपरिक पूंजी आधारित व्यवसायों के साथ-साथ अब डिजिटल अर्थव्यवस्था तेजी से उभर रही है। भारत में लगभग 69 करोड़ लोग फेसबुक और 52 करोड़ लोग इंस्टाग्राम का उपयोग कर रहे हैं। औसतन प्रत्येक भारतीय प्रतिदिन लगभग ढाई घंटे सोशल मीडिया पर व्यतीत करता है।
सोशल मीडिया ने सैकड़ों नए स्किल्स और बिजनेस मॉडल लोगों को उपलब्ध कराए हैं। आज कंटेंट क्रिएटर/इन्फ्लुएंसर, डिजिटल मार्केटिंग एक्सपर्ट, एफिलिएट मार्केटर, ऑनलाइन टीचर/कोच, फ्रीलांसर, लोकल बिजनेस प्रमोटर, डिजिटल एंटरटेनर, रील्स क्रिएटर जैसे अनेक युवा अपने हुनर के बल पर अच्छी आय अर्जित कर रहे हैं और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं।
इसी क्रम में खड्डा विधानसभा क्षेत्र के ऐसे सभी सोशल मीडिया के सितारों के सम्मान समारोह का आयोजन 01 मार्च 2026, दिन रविवार, प्रातः 11 बजे किया जाएगा जिसमें जनसेवक पवन दुबे द्वारा लोगों को सम्मानित किया जाना प्रस्तावित है।
इस सम्मान समारोह का उद्देश्य अपने क्रिएटिव आइडियाज से कमाई करने वाले और क्षेत्र की पहचान को नई ऊंचाई देने वाले डिजिटल प्रतिभाओं का उत्साहवर्धन करना है, साथ ही नए युवाओं को इस दिशा में प्रेरित करना भी है। कार्यक्रम ऑफलाइन और ऑनलाइन—दोनों माध्यमों से आयोजित होगा।
उत्तर प्रदेश में 27-28 फरवरी को ‘मीन महोत्सव का आयोजन

* इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में जुटेंगे 1000 से अधिक मत्स्य पालक
* आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और आय वृद्धि पर रहेगा विशेष फोकस – डॉ. संजय निषाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग द्वारा ‘मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो)’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।
यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है।

* आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
महोत्सव में किसानों की जमीनी समस्याओं के समाधान, नवीन तकनीकी नवाचारों की व्यवहारिक जानकारी, मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने, व्यापार वृद्धि, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, स्टैण्डी, हैंडबिल्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट्स के माध्यम से किया जाएगा। एलसीडी प्रोजेक्टर द्वारा मत्स्य पालन तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण होंगे तथा वेबकास्टिंग/यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

* तकनीकी संगोष्ठी और विशेषज्ञों से सीधा संवाद
महोत्सव में मत्स्य पालकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श आयोजित होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक, पोषण प्रबंधन एवं आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेष सत्र में प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं अनुभवी उद्यमियों द्वारा मत्स्य किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव पोषण सुरक्षा, व्यापार, एक्वा पर्यटन एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

* फिश फूड कोर्ट और प्रत्यक्ष आपूर्ति पर चर्चा
एक्सपो में विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के साथ ‘फिश फूड कोर्ट’ एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट मालिकों, कैटरर्स और विभागीय अधिकारियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों एवं कैटरर्स को मछली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि प्रत्यक्ष आपूर्ति से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी।
महोत्सव प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। सरकार मत्स्य पालन को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
खड्डा विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार पर जनसंवाद
* क्षेत्र की आर्थिक तरक्की के लिए जनसेवक पवन दुबे ने रखे ठोस विकास प्रस्ताव

कुशीनगर। जनसेवक पवन दुबे ने खड्डा विधानसभा क्षेत्र में आयोजित शिक्षा-स्वास्थ्य-रोजगार जनसंवाद कार्यक्रम के तहत क्षेत्र के लोगों के साथ संवाद किया। इस अवसर पर क्षेत्र की आर्थिक उन्नति और समग्र विकास को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श भी किया गया।
कार्यक्रम में क्षेत्र के विकास के लिए निम्न प्रमुख बिंदुओं पर विचार रखे गए।

* खेतों में गन्ना, केला, धान और गेहूं बोया जा रहा है, वैसे ही घर-घर रोजगार बोने की आवश्यकता है, ताकि हर परिवार आर्थिक रूप से सशक्त हो सके।
* युवाओं के कौशल विकास के लिए तकनीकी संस्थानों की स्थापना जरूरी है।
* किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए स्थायी मंडी की स्थापना की आवश्यकता है।
* कृषि उत्पादों के संरक्षण के लिए कोल्ड स्टोरेज की स्थापना अनिवार्य है।
* क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए बड़े अस्पताल की स्थापना की आवश्यकता है।
* स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन हेतु बड़े उद्योगों की स्थापना होनी चाहिए।
* युवाओं को पुलिस, रेलवे, आर्मी, बैंक और एसएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए प्रोफेशनल ‘वन डे कॉम्पिटिशन’ कोचिंग सेंटर की व्यवस्था की जानी चाहिए।
* प्रत्येक पाँच गांवों के मध्य एक लाइब्रेरी की स्थापना की जाए, जिससे विद्यार्थियों को अध्ययन की बेहतर सुविधा मिल सके।
* खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देने के लिए विकसित स्टेडियम और मिनी स्टेडियम का निर्माण आवश्यक है।
कार्यक्रम में भारी संख्या में क्षेत्रीय लोगों की उपस्थिति रही और क्षेत्र के विकास के लिए सभी ने एकजुट होकर कार्य करने का संकल्प लिया।
माता शबरी महोत्सव सह शबरी मेला में उमड़ा आस्था का सैलाब, मुन्ना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में हुए शामिल

हजारीबाग- बुधवार को मां शबरी सेवा संघ (भुईयां समाज), हजारीबाग द्वारा मोरांगी, नवाटांड में आयोजित माता शबरी महोत्सव सह शबरी मेला श्रद्धा, आस्था एवं सामाजिक एकता के माहौल में संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह मुख्य अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। कार्यक्रम में संघ के प्रदेश अध्यक्ष निर्मल राम ने बैच पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर मुन्ना सिंह जी का गर्मजोशी के साथ स्वागत किया। आभार व्यक्त करते हुए मुन्ना सिंह ने कहा कि समाज का यह स्नेह और विश्वास उन्हें निरंतर सामाजिक सेवा के लिए प्रेरित करता है। वही अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि माता शबरी का जीवन अटूट आस्था, समर्पण, सेवा भावना और सामाजिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। भगवान राम के प्रति उनकी निष्कलंक भक्ति हमें यह संदेश देती है कि सच्ची श्रद्धा और सेवा से समाज में समानता एवं मानवता की स्थापना संभव है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता है कि हम माता शबरी के आदर्शों को अपनाते हुए समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक शिक्षा, सम्मान और विकास की मुख्यधारा पहुंचाने का सामूहिक संकल्प लें। उन्होंने आगे कहा कि इस प्रकार के धार्मिक एवं सामाजिक आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में एकजुटता, भाईचारा और सकारात्मक सामाजिक चेतना को भी बढ़ावा देते हैं। इस गरिमामय अवसर पर संस्थापक रोहित राम, प्रदेश अध्यक्ष निर्मल राम, प्रदेश सचिव प्रमोद राम, प्रदेश कोषाध्यक्ष दिनेश भुईयां, मंदिर निर्माण समिति अध्यक्ष सुदर्शन राम संजय भुईयां सहित अनेक गणमान्य अतिथि, समाज के प्रबुद्धजन, माताएं-बहनें एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। अंत में मुन्ना सिंह ने सभी आयोजकों, कार्यकर्ताओं एवं उपस्थित श्रद्धालुओं का धन्यवाद ज्ञापित करते हुए समाज को संगठित एवं सशक्त बनाने का आह्वान किया।

विकास की बलि नहीं चढ़ेंगे ग्रामीण, पहले न्याय मिले फिर हो कार्य". -- विधायक रोशन लाल चौधरी

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी ने केरेडारी क्षेत्र में संचालित सीसीएल (CCL) की चन्द्रगुप्त कोयला परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों की समस्याओं को पुरजोर तरीके से सदन के पटल पर रखा। विधायक ने सरकार को कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि विकास के नाम पर ग्रामीणों के संवैधानिक अधिकारों का हनन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।

मुआवजा और पुनर्वास पर गंभीर सवाल सदन को संबोधित करते हुए श्री चौधरी ने कहा कि एक ओर सीसीएल परियोजना शुरू करने की प्रक्रिया को तेज कर रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रभावित और विस्थापित गांवों के रैयतों को अब तक उनकी भूमि का न्यायोचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि विस्थापित परिवारों के लिए रोजगार और पुनर्वास की कोई ठोस कार्ययोजना अब तक धरातल पर नहीं उतरी है, जो कि सरासर अन्याय है।

आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने सदन के माध्यम से सरकार से अपनी मांगों को रखते हुए अविलंब पूरा करने का आग्रह किया। जिसमें रैयतों को उनकी भूमि का वर्तमान बाजार दर से चार गुना मुआवजा दिया जाए। R&R नीति के तहत प्रभावित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास सुनिश्चित हो। प्रभावित क्षेत्र के स्थानीय युवाओं को परियोजना में स्थायी नौकरी दी जाए। पुनर्वास स्थलों पर सड़क, शुद्ध पेयजल, बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य केंद्रों की तत्काल व्यवस्था हो। उपरोक्त सभी व्यवस्थाएं पूर्ण होने और रैयतों की संतुष्टि के बाद ही खनन कार्य शुरू किया जाए। आगे विधायक रोशन लाल चौधरी ने कहा, "हम विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की कीमत किसी गरीब ग्रामीण के आशियाने और उसकी आजीविका को छीनकर नहीं चुकाई जानी चाहिए।" उन्होंने क्षेत्र की जनता को आश्वस्त किया कि वे उनके सम्मान, अधिकार और सुरक्षित भविष्य के लिए सदन से लेकर सड़क तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे।