विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर संत रविदास जयंती को सामाजिक समरसता के रूप में मनाएगा।
बलरामपुर 13 जनवरी विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आ0 भिखारी प्रजापति के निर्देश पर प्रदेश भर में संत रविदास की जयंती मनाएगी, इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने बताया कि संत रविदास जी की जयंती जिले के गौरा क्षेत्र के मथुरा बिलासपुर में 3 फरवरी को सामाजिक समरसता के लिए मनाया जाएगा जिसमें सहभोज के माध्यम से हजारों हिंदू सनातनियों को जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर तुलसीपुर तहसील अध्यक्ष प्रेमनाथ मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र देव वर्मा चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवनलाल गुप्ता उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी मंत्री राधेश्याम कौशल मीडिया प्रभारी जय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थितरहे।
ध्रुवनारायण मौत मामले में दो गिरफ्तार,जमीन पर गिरने से हुई थी मौत

* बच्चों के विवाद को लेकर हुई थी मारपीट

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजाजोत गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट  ध्रुवनारायण (70) की जान ले ली।पुलिस ने इस मामले में आरोपियों रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार रविवार 11 जनवरी की रात को विवाद के बाद आरोपियों ने पहले महिलाओं के साथ मारपीट किया और उसके बाद मृतक ध्रुवनारायण और उनके परिवार के घर में घुसकर जमकर मारपीट किया।मारपीट के दौरान ध्रुवनारायण गंभीर रूप से घायल हो कर जमीन पर गिर गए जिसके बाद परिजनों द्वारा उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।ध्रुवनारायण के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार, संतोष कुमार, अर्जुन,रजनेश कुमार तथा उमाशंकर ने घर में घुसकर मारपीट की जिससे उनके ससुर की मौत हो गयी।खरगूपुर थाने की पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, मारपीट और गाली गलौज समेत 7 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दिया है।आरोपी फिलहाल फरार चल रहे थे परन्तु आज सुबह पुलिस ने रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।खरगूपुर थानाध्यक्ष शेष मणि पांडेय ने बताया कि पूरे मामले में पांच लोग आरोपी हैं जिनमें तीन अभी फरार हैं।उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीम सक्रिय हैं।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

#supremecourtstraydogbitecompensationindia

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।

महालक्ष्मी केंद्र में विशेष रूप से सक्षम युवाओं हेतु टॉयलेट ब्लॉक का पुनर्निर्माण

मुंबई। विशेष रूप से सक्षम युवाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमापूर्ण जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, Sangam Foundation के सहयोग से Om Creations Trust के महालक्ष्मी डे-केयर केंद्र में टॉयलेट ब्लॉक का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण किया गया। इस सराहनीय सामाजिक पहल का मार्गदर्शन संगम फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष राजेंद्रजी रूइया,उपाध्यक्ष सुशील गाड़िया, सचिव सुरेश पासरी तथा कोषाध्यक्ष सुनील पटवारी द्वारा किया गया। इस कार्य में फ़ाउंडेशन के सम्मानित सदस्यों बंकेश अग्रवाल एवं सुभाष गाड़िया का भी सक्रिय योगदान रहा।

कार्यक्रम की गरिमा को और ऊँचाई देते हुए मुख्य अतिथि डॉ मंजू लोढ़ा ने अपने प्रेरणादायी एवं संवेदनशील शब्दों के माध्यम से महालक्ष्मी केंद्र के विशेष रूप से सक्षम युवा वयस्कों को आत्मविश्वास, आत्मबल और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। उनके विचारों ने युवाओं को गहराई से प्रेरित किया और वातावरण को आशा एवं ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी – डॉ. राधिके खन्ना ने संगम फ़ाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अतिथियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल एक संरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि विशेष रूप से सक्षम युवाओं के दैनिक जीवन में सुविधा, सुरक्षा और गरिमा जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नव-निर्मित टॉयलेट ब्लॉक को महालक्ष्मी केंद्र में आने वाले विशेष रूप से सक्षम युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुलभ, सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वावलंबन को सशक्त समर्थन मिल सके।

यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता, सहयोग और साझा उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।
भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

#supremecourtverdict2018provisioninantigraftlaw

भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा-अभिलाष
सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा। संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री आवास में जमी JMM की चौपाल: हेमंत सोरेन ने की रांची जिला संगठन की समीक्षा, दिए पैनी धार देने के निर्देश

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवासीय सभागार में सोमवार को रांची जिला और महानगर संगठन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला, प्रखंड और वार्ड स्तर तक के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।

संगठन की समीक्षा और भावी लक्ष्य बैठक की अध्यक्षता करते हुए माननीय हेमंत सोरेन ने संगठन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता और बूथ स्तर की समितियां हैं। बैठक में सांगठनिक विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने किया।

वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी इस सांगठनिक बैठक में पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव श्री अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय सदस्य श्री पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी और हेमलाल मेहता उपस्थित रहे।

वार्ड और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों का जमावड़ा बैठक में रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के साथ महिला नेतृत्व से नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा और अंकिता वर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा रांची जिला और महानगर संयोजक मंडली के सदस्य, जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष व सचिव तथा महानगर के सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों ने संगठन की मजबूती को लेकर अपने विचार साझा किए।

विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर संत रविदास जयंती को सामाजिक समरसता के रूप में मनाएगा।
बलरामपुर 13 जनवरी विश्व हिंदू महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष आ0 भिखारी प्रजापति के निर्देश पर प्रदेश भर में संत रविदास की जयंती मनाएगी, इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने बताया कि संत रविदास जी की जयंती जिले के गौरा क्षेत्र के मथुरा बिलासपुर में 3 फरवरी को सामाजिक समरसता के लिए मनाया जाएगा जिसमें सहभोज के माध्यम से हजारों हिंदू सनातनियों को जोड़ा जाएगा। इस अवसर पर तुलसीपुर तहसील अध्यक्ष प्रेमनाथ मिश्रा ब्लॉक अध्यक्ष नरेंद्र देव वर्मा चौधरी विजय सिंह वरिष्ठ उपाध्यक्ष जीवनलाल गुप्ता उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी मंत्री राधेश्याम कौशल मीडिया प्रभारी जय सिंह सहित दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थितरहे।
ध्रुवनारायण मौत मामले में दो गिरफ्तार,जमीन पर गिरने से हुई थी मौत

* बच्चों के विवाद को लेकर हुई थी मारपीट

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजाजोत गांव में बच्चों के विवाद को लेकर हुई मारपीट  ध्रुवनारायण (70) की जान ले ली।पुलिस ने इस मामले में आरोपियों रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।पुलिस के अनुसार रविवार 11 जनवरी की रात को विवाद के बाद आरोपियों ने पहले महिलाओं के साथ मारपीट किया और उसके बाद मृतक ध्रुवनारायण और उनके परिवार के घर में घुसकर जमकर मारपीट किया।मारपीट के दौरान ध्रुवनारायण गंभीर रूप से घायल हो कर जमीन पर गिर गए जिसके बाद परिजनों द्वारा उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया गया जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।ध्रुवनारायण के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार, संतोष कुमार, अर्जुन,रजनेश कुमार तथा उमाशंकर ने घर में घुसकर मारपीट की जिससे उनके ससुर की मौत हो गयी।खरगूपुर थाने की पुलिस ने गैर इरादतन हत्या, मारपीट और गाली गलौज समेत 7 गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच प्रारम्भ कर दिया है।आरोपी फिलहाल फरार चल रहे थे परन्तु आज सुबह पुलिस ने रजनेश कुमार व संतोष कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दिया है।खरगूपुर थानाध्यक्ष शेष मणि पांडेय ने बताया कि पूरे मामले में पांच लोग आरोपी हैं जिनमें तीन अभी फरार हैं।उनकी गिरफ्तारी के लिए कई पुलिस टीम सक्रिय हैं।
डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

– समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

– पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

#supremecourtstraydogbitecompensationindia

आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

डिजिटल शिक्षा से आत्मनिर्भर बनेंगी छात्राएं

समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच हुआ एमओयू, दो बालिका विद्यालयों को दिए टैबलेट

पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में गोरखपुर और महाराजगंज के सर्वाेदय बालिका विद्यालयों से पहल की शुरुआत

लखनऊ। छात्राओं के समावेशी विकास, डिजिटल साक्षरता और तकनीकी सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से समाज कल्याण विभाग द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इसी क्रम में मंगलवार को गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में मदद फाउंडेशन के सहयोग से समन्वय बैठक और टैबलेट वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज कल्याण विभाग और मदद फाउंडेशन के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री असीम अरुण और मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि उपस्थित रहे। 

हर बालिका विद्यालयों को 20-20 टैबलेट
कार्यक्रम के दौरान जय प्रकाश नारायण सर्वाेदय बालिका विद्यालय, गोरखपुर और महराजगंज जनपदों के प्रधानाचार्यों को कुल 40 टैबलेट प्रदान किए गए, जो संबंधित विद्यालयों की छात्राओं के शैक्षणिक उपयोग हेतु उपलब्ध कराए जाएंगे। हर विद्यालय को 20-20 टैबलेट दिए गए हैं। यह पहल पायलट प्रॉजेक्ट के रूप में शुरू की गई है, जिसकी सफलता के आधार पर भविष्य में अन्य विद्यालयों को भी टैबलेट उपलब्ध करवाए जाने की योजना है।

‘डिजिटल शिक्षा समय की अनिवार्य आवश्यकता’
कार्यक्रम में राज्य मंत्री श्री असीम अरुण ने टैबलेट वितरित करते हुए कहा कि डिजिटल शिक्षा आज के समय की अनिवार्य आवश्यकता है। तकनीकी संसाधनों के माध्यम से छात्राओं को न केवल गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलेगी, बल्कि वे आत्मनिर्भर भी बन सकेंगी। उन्होंने इस पहल को बालिकाओं के सशक्तिकरण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी कदम बताया।

‘शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास’
कार्यक्रम में उपस्थित मदद फाउंडेशन के फाउंडर श्री राजेश मणि ने समाज कल्याण विभाग के साथ इस सहयोग को सामाजिक उत्थान और शिक्षा के क्षेत्र में एक सार्थक प्रयास बताया। कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग निदेशक श्री संजीव सिंह, उपनिदेशक श्री आनंद कुमार सिंह, श्री जे राम सहित विभागीय अधिकारी और मदद फाउंडेशन की टीम मौजूद रही।
असहाय परिवार का सहारा बना NSCT – प्रदीप कुमार वर्मा 'नन्दवंशी'

प्रयागराज । जनपद के साथ उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में जन्म लेकर आज संपूर्ण भारत के प्रदेशों में पैर फैलाती राष्ट्रीय संस्था नंदवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट गरीब,असहाय, निर्बल परिवार के विपत्ति में सहारा बनकर खड़ी हो रही है। संस्था के संस्थापक/ राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप कुमार वर्मा नंदवंशी ने कहा कि हमारे सम्मानित समस्त पदाधिकारीगण एवं एडमिन पैनल नन्दवंशी सेल्फ केयर ट्रस्ट (NSCT) को लोगों तक पहुंचाने का सराहनीय कार्य कर रहें हैं।निःसंदेह यह पावन और पारदर्शी मंच NSCT अपने प्रत्येक रजिस्टर्ड,वैधानिक दिवंगत साथी के असहाय परिवार के आँसू पोंछने का कार्य कर रहा है।इस पुनीत अभियान में समाज के असंख्य दानवीर साथी निष्काम भाव से अपना योगदान दे रहे हैं।यह कार्य जमीनी स्तर पर होने वाली सच्ची सेवा है— जहाँ केवल आत्म संतोष मिलता है,पुण्य मिलता है,पर यहाँ राजनीतिक महत्वाकांक्षा,मंच,माला और माइक का कोई स्थान नहीं।इसी भावभूमि को सुदृढ़ करने के लिए आप सभी से विनम्र किंतु दृढ़ आग्रह है कि आप NSCT की मूल भावना,उद्देश्य और सामाजिक सुरक्षा कवच अपने परिवार, सगे-सम्बन्धियों,नातेदारों और प्रत्येक मिलने वाले समाजबंधु तक पहुंचाएं और निरंतर संवाद और चर्चा के माध्यम से साझा करें।किन्तु जब तक उनकी स्पष्ट सहमति न हो, किसी को भी‌ संस्था,समूह में न जोड़ा जाए।क्योंकि यह मंच संख्या नहीं,संकल्प से चलता है।अंत में एक सत्य- जिस समाज के उत्थान के लिए आप दिन-रात पवित्र मन से जुटे हैं,वह समाज सोया नहीं है…वह केवल जागने की प्रतीक्षा में है।जिस समाज का नेतृत्व स्वार्थ से मुक्त,त्याग से युक्त और उद्देश्य के प्रति समर्पित हाथों में होता है,वहाँ सैकड़ों संगठन भी एक दिशा,एक लक्ष्य और एक भावना में जुड़ जाते हैं।NSCT वही चेतना,NSCT वही संकल्प, NSCT समाज की सामूहिक सुरक्षा है।नंदवंशी ने कहा सहयोग की निरंतरता बनी हुई है,सहयोग अलर्ट 09 वां मानवीय संवेदना हेतु आपके सहयोग हेतु अपेक्षित है।यह सहयोग स्वर्गीय -मदन कुमार (NSCT0304)पंजिकरण तिथि 09 अप्रैल 2021है जो गृह जनपद -अलीगढ (उत्तर प्रदेश)के रहने वाले हैं जिनकी मृत्यु तिथि -05 दिसंबर 2025 को हुआ।

मृत्यु का कारण कार्डियक अरेस्ट बताया गया।उत्तराधिकारी पत्नी श्रीमती पिंकी हैं जिनके बैंक खाते में सीधे सहयोग दिया जा रहा है।

महालक्ष्मी केंद्र में विशेष रूप से सक्षम युवाओं हेतु टॉयलेट ब्लॉक का पुनर्निर्माण

मुंबई। विशेष रूप से सक्षम युवाओं के स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं गरिमापूर्ण जीवन को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के अंतर्गत, Sangam Foundation के सहयोग से Om Creations Trust के महालक्ष्मी डे-केयर केंद्र में टॉयलेट ब्लॉक का सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण किया गया। इस सराहनीय सामाजिक पहल का मार्गदर्शन संगम फ़ाउंडेशन के अध्यक्ष राजेंद्रजी रूइया,उपाध्यक्ष सुशील गाड़िया, सचिव सुरेश पासरी तथा कोषाध्यक्ष सुनील पटवारी द्वारा किया गया। इस कार्य में फ़ाउंडेशन के सम्मानित सदस्यों बंकेश अग्रवाल एवं सुभाष गाड़िया का भी सक्रिय योगदान रहा।

कार्यक्रम की गरिमा को और ऊँचाई देते हुए मुख्य अतिथि डॉ मंजू लोढ़ा ने अपने प्रेरणादायी एवं संवेदनशील शब्दों के माध्यम से महालक्ष्मी केंद्र के विशेष रूप से सक्षम युवा वयस्कों को आत्मविश्वास, आत्मबल और सकारात्मक सोच का संदेश दिया। उनके विचारों ने युवाओं को गहराई से प्रेरित किया और वातावरण को आशा एवं ऊर्जा से भर दिया। इस अवसर पर संस्थापक एवं प्रबंध न्यासी – डॉ. राधिके खन्ना ने संगम फ़ाउंडेशन के सभी पदाधिकारियों, सदस्यों एवं अतिथियों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा कि यह सहयोग केवल एक संरचना का निर्माण नहीं है, बल्कि विशेष रूप से सक्षम युवाओं के दैनिक जीवन में सुविधा, सुरक्षा और गरिमा जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। नव-निर्मित टॉयलेट ब्लॉक को महालक्ष्मी केंद्र में आने वाले विशेष रूप से सक्षम युवाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सुलभ, सुरक्षित एवं उपयोगकर्ता-अनुकूल बनाया गया है, जिससे उनकी दिनचर्या और स्वावलंबन को सशक्त समर्थन मिल सके।

यह पहल सामाजिक संवेदनशीलता, सहयोग और साझा उत्तरदायित्व का एक प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करती है।
भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

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भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा-अभिलाष
सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा। संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है। आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।
मुख्यमंत्री आवास में जमी JMM की चौपाल: हेमंत सोरेन ने की रांची जिला संगठन की समीक्षा, दिए पैनी धार देने के निर्देश

रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष श्री हेमंत सोरेन के कांके रोड स्थित आवासीय सभागार में सोमवार को रांची जिला और महानगर संगठन की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिला, प्रखंड और वार्ड स्तर तक के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया, जहाँ संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की रणनीति तैयार की गई।

संगठन की समीक्षा और भावी लक्ष्य बैठक की अध्यक्षता करते हुए माननीय हेमंत सोरेन ने संगठन के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने पदाधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि संगठन की असली ताकत उसके कार्यकर्ता और बूथ स्तर की समितियां हैं। बैठक में सांगठनिक विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। कार्यक्रम का संचालन केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पांडेय ने किया।

वरिष्ठ नेताओं की रही मौजूदगी इस सांगठनिक बैठक में पार्टी के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। मुख्य रूप से केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री सुप्रियो भट्टाचार्य, केंद्रीय सचिव श्री अभिषेक प्रसाद "पिंटू", केंद्रीय सदस्य श्री पवन जेडीया, अश्विनी शर्मा, अंतु तिर्की, समनूर मंसूरी और हेमलाल मेहता उपस्थित रहे।

वार्ड और प्रखंड स्तर के पदाधिकारियों का जमावड़ा बैठक में रांची जिला संयोजक प्रमुख मुस्ताक आलम के साथ महिला नेतृत्व से नयनतारा उरांव, संध्या गुड़िया, सुषमा वरदेवा और अंकिता वर्मा ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इसके अलावा रांची जिला और महानगर संयोजक मंडली के सदस्य, जिले के सभी प्रखंड अध्यक्ष व सचिव तथा महानगर के सभी वार्ड समितियों के अध्यक्ष एवं सचिवों ने संगठन की मजबूती को लेकर अपने विचार साझा किए।