वीर सावरकर का राष्ट्र प्रथम विचार युवाओं के लिए प्रेरणा : अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे
लखनऊ। गोमती नगर के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में शनिवार को 'माय होम इंडिया' संस्था के तत्वावधान में 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026' का आयोजन हुआ।क्रांतिसूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर की जयंती पर आयोजित इस वैचारिक संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने सावरकर के राष्ट्र प्रथम के विचारों को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है। एडीसीपी दुबे ने मातृभूमि की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने काला पानी की यातनाओं को सहकर भी देश की आजादी का सपना नहीं छोड़ा। उनका सामाजिक समरसता और अखंड भारत का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण रहे। अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने की। मुख्य वक्ता 'माय होम इंडिया' के संस्थापक सुनील देवधर ने सावरकर के जीवन दर्शन को विस्तार से साझा किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. सतीश द्विवेदी भी मंच पर मौजूद रहे। सायं 5 बजे शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने सावरकर के हिंदुत्व, इतिहास लेखन और समाज सुधार के योगदान को याद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम प्रताप सिंह, आलोक रंजन सिंह और अखिल चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य सम्मेलन का किया गया आयोजन
कवियों ने अपने साहित्यों से बांधा समा, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा तहसील सभागार।

बलरामपुर जनपद के श्रावस्ती में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर तहसील भिनगा में पत्रकार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष जीपीए बृजेश गुप्ता ,पत्रकार प्रदीप गुप्ता व वरिष्ठ पत्रकार/कवि जीपी मिश्र मधुकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री/जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा व विशिष्ट अतिथि विधायक भिनगा श्रीमती इंद्राणी वर्मा, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन अध्यक्ष सुभाष सत्या एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव रहे। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पत्रकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर व राम दरबार, भगवान बुद्ध का चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नही है बल्कि एक समाज सेवा का पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधायका व न्याय पालिका के बाद पत्रकारिता ही राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है इस लिए लोग इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जो हम गरीब पिछड़े, वंचित, दलित तक नही पहुँचा पाते वह कार्य पत्रकार पूरा करता है। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश लॉक डाउन से जूझ रहा था उस समय निडरता के साथ पत्रकार अपने घरों से निकलकर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहा था। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ मासूम बच्ची पड़ी थी वहीं दूसरी तरफ एक गिद्ध उस मासूम बच्ची के मरने का इंतजार कर रहा था उन्होंने उस फोटो को ट्यूट करके वाह वाही लूटी परंतु उस व्यक्ति ने अपने मानवता धर्म का पालन नही किया। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद भिनगा विधायक श्रीमती इंद्राणी वर्मा ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है परंतु इस सभागार में एक भी महिला पत्रकार नजर नही आ रही है जबकि महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के शुभारंभ में कवियों ने अपनी रचना को पढ़कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्त्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी को कमजोर न होने दें अगर शासन या प्रशासन के विरुद्ध कोई खबर प्रकाशित होती है तो उसको संज्ञान में लेकर अधिकारियों को उसकी कमी को दूर करना चाहिए। वही परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार सोनकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा लगा कि मैं श्रावस्ती जिले में हूँ जहां ऐसे हुनर कवि व समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकार है जिन्होंने ऐसे आयोजन कर समाज में एक संदेश देने का काम किया है जिससे श्रावस्ती जिला साक्षरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा की जिन्होंने 14 वर्ष यहां तपस्या कर लोगों को ज्ञान दिया परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी श्रावस्ती काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आप सभी पत्रकार जन जन तक पहुंचाए उन्होंने कहा कि जिले में अभी भी बहुत ऐसे गरीब, असहाय परिवार है जिनके सर पर छत नही है उन्हें प्रशासन की जानकारी में लाने का काम करे जिससे उन गरीब परिवार तक सरकार की योजनाएं पहुंच सके। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये हुए कवियों के द्वारा पढ़ी गई साहित्य को सराहा साथ ही उन्हें मंच देने के लिए उनका आवाहन किया और उन्हें माल्यर्पण कर शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वही परियोजना निदेशक ने वरिष्ठ कवि जीपी मिश्र मधुकर व कार्यक्रम में मौजूद समस्त पत्रकारों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम तिवारी, राजीव टंडन, मदन मोहन सिंह, शिव नंदन गुप्ता,मेराज , मुकेश गुप्ता व बाबू राम पाठक, नन्द कुमार गुप्ता, मोहित गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी शिव शंकर तिवारी तिवारी, ओंकार वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
दुर्वासा धाम में हरिहरात्मक यज्ञ की पूर्णाहुति
उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। जनपद में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल दुर्वासा धाम पर चल रहे सात दिवसीय 'हरिहरात्मक यज्ञ' का रविवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यह धार्मिक अनुष्ठान 25 मई से मौनी बाबा आश्रम के महंत व महामंडलेश्वर श्री श्री 108 शुभम दास महाराज के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा था। रविवार को मुख्य यज्ञाचार्य पंडित हरिकेश चौबे के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाधीश शुभम महाराज के हाथों पूर्णाहुति की प्रक्रिया संपन्न कराई।  बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संतों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया और महाप्रसाद ग्रहण किया।

इस दिव्य अवसर पर मध्य प्रदेश से पधारे ओंकार पीठाधीश्वर योगी रामानंद दास महाराज ने कहा कि "यज्ञ की आहुति से न केवल वायुमंडल शुद्ध होता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। मानव जीवन का मूल उद्देश्य आत्मकल्याण है, इसलिए सांसारिक व्यस्तताओं के बीच जितना भी समय मिले, उसे भगवत भक्ति में अवश्य लगाना चाहिए।"

वहीं, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्ण दास महाराज ने कहा, "महान तपस्वी महर्षि दुर्वासा की इस सिद्ध स्थली पर बाद में ब्रह्मर्षि मौनी बाबा रामलाल दास महाराज ने भी कठिन तपस्या कर इस स्थान की महिमा को और बढ़ा दिया।"

इस अवसर पर पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा, राममिलन सिंह, लक्ष्मण दुबे, रासबिहारी सिंह प्रधान, हाकिम बाबा, हरिद्वार सिंह, सुभाष शास्त्री, शिशिर दुबे, कुलबुल सिंह, प्रेमचंद गिरी, कृष्णा पाठक, जनार्दन सिंह, उमेश सिंह, आशुतोष सिंह, प्रदीप यादव, रामकवल तिवारी, नीरज गिरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर मद्यनिषेध विभाग की जागरूकता रैली
* ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत तम्बाकू और गुटखा के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को किया जागरूक

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को मद्यनिषेध विभाग द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत तम्बाकू एवं गुटखा जनित नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों और दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रैली एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ एवं सभ्य जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा तम्बाकू और गुटखा सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करना रहा।
जागरूकता रैली रविवार को क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी कार्यालय, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ से शुरू होकर महात्मा गांधी प्रतिमा, जीपीओ पार्क, हजरतगंज चौराहा तक निकाली गई।
रैली/पदयात्रा को राज्य मद्यनिषेध अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामाजिक स्वैच्छिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं सहित करीब 300 लोगों ने भाग लिया।
रैली के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि तम्बाकू और गुटखा जैसी लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है, बल्कि समाज और परिवार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जनभागीदारी से ही नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
सचिवालय कर्मियों की जीत: CUG नंबर बदलने का फैसला वापस

अब पुराने नंबर ही BSNL में होंगे पोर्ट, अवकाश के दिन कार्यालय खोलने का आदेश भी रद्द


लखनऊ। सचिवालय कर्मचारियों के विरोध के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर बदलने का फैसला वापस ले लिया है। अब कर्मचारियों के पिछले करीब 15 वर्षों से उपयोग में रहे मोबाइल नंबरों को बदलने के बजाय नई सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में ही पोर्ट कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सोमवार को मौजूदा सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन/आइडिया के अधिकारियों से सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी शाखा अधिष्ठानों को शनिवार, अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों को नए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि कर्मचारियों की आपत्तियों और विरोध के बीच विभाग ने शुक्रवार देर रात यह आदेश भी निरस्त कर दिया।
फैसला वापस होने के बाद सचिवालय कर्मियों में राहत की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से उपयोग किए जा रहे नंबर बदलने से सरकारी कार्य, संपर्क व्यवस्था और व्यक्तिगत संचार प्रभावित हो सकता था।
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
वीर सावरकर का राष्ट्र प्रथम विचार युवाओं के लिए प्रेरणा : अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे
लखनऊ। गोमती नगर के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में शनिवार को 'माय होम इंडिया' संस्था के तत्वावधान में 'स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026' का आयोजन हुआ।क्रांतिसूर्य स्वातंत्र्यवीर सावरकर की जयंती पर आयोजित इस वैचारिक संगोष्ठी में विशिष्ट अतिथि के रूप में अपर पुलिस उपायुक्त जितेंद्र कुमार दुबे उपस्थित रहे। उन्होंने सावरकर के राष्ट्र प्रथम के विचारों को आज के युवाओं के लिए प्रेरणादायी बताया और कहा कि सावरकर का जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्र के प्रति अटूट समर्पण की मिसाल है। एडीसीपी दुबे ने मातृभूमि की सेवा को सर्वोच्च कर्तव्य बताते हुए उनके विचारों को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सावरकर ने काला पानी की यातनाओं को सहकर भी देश की आजादी का सपना नहीं छोड़ा। उनका सामाजिक समरसता और अखंड भारत का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण रहे। अध्यक्षता महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह ने की। मुख्य वक्ता 'माय होम इंडिया' के संस्थापक सुनील देवधर ने सावरकर के जीवन दर्शन को विस्तार से साझा किया। पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. सतीश द्विवेदी भी मंच पर मौजूद रहे। सायं 5 बजे शुरू हुए इस गरिमामय आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों ने सपरिवार हिस्सा लिया और राष्ट्र निर्माण का संकल्प दोहराया। वक्ताओं ने सावरकर के हिंदुत्व, इतिहास लेखन और समाज सुधार के योगदान को याद किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में राम प्रताप सिंह, आलोक रंजन सिंह और अखिल चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।
हिंदी पत्रकारिता दिवस पर भव्य सम्मेलन का किया गया आयोजन
कवियों ने अपने साहित्यों से बांधा समा, तालियों की गड़गड़ाहट से गूंजा तहसील सभागार।

बलरामपुर जनपद के श्रावस्ती में हिन्दी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर तहसील भिनगा में पत्रकार गोष्ठी एवं सम्मान समारोह का आयोजन पूर्व जिलाध्यक्ष जीपीए बृजेश गुप्ता ,पत्रकार प्रदीप गुप्ता व वरिष्ठ पत्रकार/कवि जीपी मिश्र मधुकर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री/जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्रा व विशिष्ट अतिथि विधायक भिनगा श्रीमती इंद्राणी वर्मा, उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन अध्यक्ष सुभाष सत्या एवं जिला पंचायत सदस्य अशोक यादव रहे। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित व मां सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। पत्रकारों ने अतिथियों का माल्यार्पण कर व राम दरबार, भगवान बुद्ध का चित्र व अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत किया।

मुख्य अतिथि ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय नही है बल्कि एक समाज सेवा का पुण्य का कार्य है। उन्होंने कहा कि कार्यपालिका, विधायका व न्याय पालिका के बाद पत्रकारिता ही राष्ट्र का मजबूत स्तंभ है इस लिए लोग इसे लोकतंत्र का चौथा स्तंभ मानते है। सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जो हम गरीब पिछड़े, वंचित, दलित तक नही पहुँचा पाते वह कार्य पत्रकार पूरा करता है। उन्होंने कोरोना काल का जिक्र करते हुए कहा कि जब पूरा देश लॉक डाउन से जूझ रहा था उस समय निडरता के साथ पत्रकार अपने घरों से निकलकर अपनी जिम्मेदारियां बखूबी निभा रहा था। साथ ही उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा कि एक तरफ मासूम बच्ची पड़ी थी वहीं दूसरी तरफ एक गिद्ध उस मासूम बच्ची के मरने का इंतजार कर रहा था उन्होंने उस फोटो को ट्यूट करके वाह वाही लूटी परंतु उस व्यक्ति ने अपने मानवता धर्म का पालन नही किया। वही विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद भिनगा विधायक श्रीमती इंद्राणी वर्मा ने इस बात पर खेद प्रकट किया कि जहाँ सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण की बात करती है परंतु इस सभागार में एक भी महिला पत्रकार नजर नही आ रही है जबकि महिलाओं को भी बढ़ चढ़कर पत्रकारिता के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। कार्यक्रम के शुभारंभ में कवियों ने अपनी रचना को पढ़कर लोगों को ताली बजाने पर मजबूर कर दिया। वहीं उत्त्तर प्रदेश व्यापार मंडल संगठन जिलाध्यक्ष सुभाष सत्या ने हिंदी पत्रकारिता दिवस के अवसर पर सभी पत्रकारों को अपनी शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पत्रकार अपनी लेखनी को कमजोर न होने दें अगर शासन या प्रशासन के विरुद्ध कोई खबर प्रकाशित होती है तो उसको संज्ञान में लेकर अधिकारियों को उसकी कमी को दूर करना चाहिए। वही परियोजना निदेशक अश्वनी कुमार सोनकर ने कहा कि हिंदी पत्रकारिता दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में आकर मुझे ऐसा लगा कि मैं श्रावस्ती जिले में हूँ जहां ऐसे हुनर कवि व समाज को आइना दिखाने वाले पत्रकार है जिन्होंने ऐसे आयोजन कर समाज में एक संदेश देने का काम किया है जिससे श्रावस्ती जिला साक्षरता की ओर बढ़ेगा। उन्होंने भगवान बुद्ध का उदाहरण देते हुए कहा की जिन्होंने 14 वर्ष यहां तपस्या कर लोगों को ज्ञान दिया परंतु शिक्षा के क्षेत्र में आज भी श्रावस्ती काफी पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपील की कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को आप सभी पत्रकार जन जन तक पहुंचाए उन्होंने कहा कि जिले में अभी भी बहुत ऐसे गरीब, असहाय परिवार है जिनके सर पर छत नही है उन्हें प्रशासन की जानकारी में लाने का काम करे जिससे उन गरीब परिवार तक सरकार की योजनाएं पहुंच सके। इस अवसर पर कार्यक्रम में आये हुए कवियों के द्वारा पढ़ी गई साहित्य को सराहा साथ ही उन्हें मंच देने के लिए उनका आवाहन किया और उन्हें माल्यर्पण कर शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात कार्यक्रम में मौजूद पत्रकारों को अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। वही परियोजना निदेशक ने वरिष्ठ कवि जीपी मिश्र मधुकर व कार्यक्रम में मौजूद समस्त पत्रकारों का माल्यार्पण कर व अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार राधेश्याम तिवारी, राजीव टंडन, मदन मोहन सिंह, शिव नंदन गुप्ता,मेराज , मुकेश गुप्ता व बाबू राम पाठक, नन्द कुमार गुप्ता, मोहित गुप्ता, प्रदीप त्रिपाठी, संदीप त्रिपाठी शिव शंकर तिवारी तिवारी, ओंकार वर्मा सहित सैकड़ों की संख्या में पत्रकार उपस्थित रहे।
दुर्वासा धाम में हरिहरात्मक यज्ञ की पूर्णाहुति
उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। जनपद में प्रसिद्ध तीर्थ स्थल दुर्वासा धाम पर चल रहे सात दिवसीय 'हरिहरात्मक यज्ञ' का रविवार को भव्य पूर्णाहुति के साथ समापन हो गया। यह धार्मिक अनुष्ठान 25 मई से मौनी बाबा आश्रम के महंत व महामंडलेश्वर श्री श्री 108 शुभम दास महाराज के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा था। रविवार को मुख्य यज्ञाचार्य पंडित हरिकेश चौबे के नेतृत्व में विद्वान ब्राह्मणों ने वैदिक रीति-रिवाज और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच यज्ञाधीश शुभम महाराज के हाथों पूर्णाहुति की प्रक्रिया संपन्न कराई।  बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और संतों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा कर पुण्य लाभ अर्जित किया और महाप्रसाद ग्रहण किया।

इस दिव्य अवसर पर मध्य प्रदेश से पधारे ओंकार पीठाधीश्वर योगी रामानंद दास महाराज ने कहा कि "यज्ञ की आहुति से न केवल वायुमंडल शुद्ध होता है, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा का संचार भी होता है। मानव जीवन का मूल उद्देश्य आत्मकल्याण है, इसलिए सांसारिक व्यस्तताओं के बीच जितना भी समय मिले, उसे भगवत भक्ति में अवश्य लगाना चाहिए।"

वहीं, श्री श्री 1008 महामंडलेश्वर स्वामी रामकृष्ण दास महाराज ने कहा, "महान तपस्वी महर्षि दुर्वासा की इस सिद्ध स्थली पर बाद में ब्रह्मर्षि मौनी बाबा रामलाल दास महाराज ने भी कठिन तपस्या कर इस स्थान की महिमा को और बढ़ा दिया।"

इस अवसर पर पं. सुभाष चन्द्र तिवारी कुन्दन, दैवज्ञ दुर्वासा मंडल मुन्ना बाबा, राममिलन सिंह, लक्ष्मण दुबे, रासबिहारी सिंह प्रधान, हाकिम बाबा, हरिद्वार सिंह, सुभाष शास्त्री, शिशिर दुबे, कुलबुल सिंह, प्रेमचंद गिरी, कृष्णा पाठक, जनार्दन सिंह, उमेश सिंह, आशुतोष सिंह, प्रदीप यादव, रामकवल तिवारी, नीरज गिरि सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
ग्रामीण परिवारों को मिलेगी 125 दिन रोजगार की गारंटी, ‘जी-रामजी अधिनियम’ बनेगा विकसित भारत का मजबूत आधार: केशव मौर्य

**ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार और आय सुरक्षा को मिलेगी नई मजबूती, गांव-गांव तक पहुंचेगा ‘विकसित भारत’ का संकल्प**

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 (जी-रामजी) ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर, सशक्त और समृद्ध बनाने की दिशा में एक दूरदर्शी पहल है। यह अधिनियम ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और आर्थिक सुरक्षा को नई मजबूती प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा कि अधिनियम के तहत रोजगार गारंटी को बढ़ाकर 125 कार्य दिवस किए जाने से ग्रामीण परिवारों की आय, आर्थिक स्थिरता और आजीविका सुरक्षा को बल मिलेगा। इससे श्रमिकों को अधिक काम, बेहतर आय और आत्मनिर्भर जीवन जीने का अवसर प्राप्त होगा।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना केवल रोजगार उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों, कौशल विकास और स्वरोजगार को भी बढ़ावा देगी। इसके प्रभावी क्रियान्वयन से गांवों में विकास की नई ऊर्जा पैदा होगी और हर ग्रामीण परिवार की विकास प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी।

श्री मौर्य ने कहा कि ‘जी-रामजी अधिनियम, 2025’ विकसित भारत के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बनेगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत आधार मिलेगा, आय सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और सतत एवं समावेशी विकास के लक्ष्य को गति मिलेगी।
उन्होंने प्रदेशवासियों से आत्मनिर्भर गांव, सशक्त परिवार और समृद्ध भारत के निर्माण के अभियान में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।
विश्व तम्बाकू निषेध दिवस पर मद्यनिषेध विभाग की जागरूकता रैली
* ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत तम्बाकू और गुटखा के दुष्प्रभावों के प्रति लोगों को किया जागरूक

लखनऊ। विश्व तम्बाकू निषेध दिवस के अवसर पर रविवार को मद्यनिषेध विभाग द्वारा “नशा मुक्त भारत अभियान” के अंतर्गत तम्बाकू एवं गुटखा जनित नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाली बीमारियों और दुष्प्रभावों के प्रति जनजागरूकता फैलाने के उद्देश्य से रैली एवं पदयात्रा का आयोजन किया गया।
इस अभियान का उद्देश्य लोगों को स्वस्थ एवं सभ्य जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना, उनके जीवन स्तर में सुधार लाना तथा तम्बाकू और गुटखा सेवन से होने वाले गंभीर स्वास्थ्य खतरों के प्रति जागरूक करना रहा।
जागरूकता रैली रविवार को क्षेत्रीय मद्यनिषेध एवं समाजोत्थान अधिकारी कार्यालय, 27 अशोक मार्ग, लखनऊ से शुरू होकर महात्मा गांधी प्रतिमा, जीपीओ पार्क, हजरतगंज चौराहा तक निकाली गई।
रैली/पदयात्रा को राज्य मद्यनिषेध अधिकारी ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामाजिक स्वैच्छिक संस्थाओं के कार्यकर्ताओं सहित करीब 300 लोगों ने भाग लिया।
रैली के माध्यम से लोगों को संदेश दिया गया कि तम्बाकू और गुटखा जैसी लत न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को गंभीर नुकसान पहुंचाती है, बल्कि समाज और परिवार पर भी इसका नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। जनभागीदारी से ही नशा मुक्त और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।
सचिवालय कर्मियों की जीत: CUG नंबर बदलने का फैसला वापस

अब पुराने नंबर ही BSNL में होंगे पोर्ट, अवकाश के दिन कार्यालय खोलने का आदेश भी रद्द


लखनऊ। सचिवालय कर्मचारियों के विरोध के बाद सचिवालय प्रशासन विभाग ने सीयूजी (CUG) मोबाइल नंबर बदलने का फैसला वापस ले लिया है। अब कर्मचारियों के पिछले करीब 15 वर्षों से उपयोग में रहे मोबाइल नंबरों को बदलने के बजाय नई सेवा प्रदाता कंपनी बीएसएनएल में ही पोर्ट कराया जाएगा।

जानकारी के अनुसार, इस प्रक्रिया को लेकर सोमवार को मौजूदा सेवा प्रदाता कंपनी वोडाफोन/आइडिया के अधिकारियों से सचिवालय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी वार्ता करेंगे।
गौरतलब है कि सचिवालय प्रशासन विभाग ने सभी शाखा अधिष्ठानों को शनिवार, अवकाश के दिन भी कार्यालय खोलकर कर्मचारियों को नए सीयूजी नंबर उपलब्ध कराने के निर्देश जारी किए थे। हालांकि कर्मचारियों की आपत्तियों और विरोध के बीच विभाग ने शुक्रवार देर रात यह आदेश भी निरस्त कर दिया।
फैसला वापस होने के बाद सचिवालय कर्मियों में राहत की भावना देखी जा रही है। कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से उपयोग किए जा रहे नंबर बदलने से सरकारी कार्य, संपर्क व्यवस्था और व्यक्तिगत संचार प्रभावित हो सकता था।
माय होम इंडिया के संयोजन में आयोजित कार्यक्रम में काबीना मंत्री बेबी रानी मौर्या व राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार असीम अरुण ने किया सम्मानित*
गोमती मित्र मंडल समिति हुई लखनऊ में सम्मानित।

सुल्तानपुर,माय होम इंडिया परिवार द्वारा 30 मई दिन शनिवार को देर शाम लखनऊ के छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में आयोजित हुए स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव में पर्यावरण एवं गोमती स्वच्छता के लिए किए गए व किये जा रहे उल्लेखनीय कार्यों के लिए विशिष्ठ अतिथि पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री स्वतंत्र प्रभार प्रो.डॉक्टर सतीश द्विवेदी,मुख्य वक्ता पूर्व राष्ट्रीय सचिव भाजपा एवं संस्थापक माय होम इंडिया सुनील देवधर व कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कृपा शंकर सिंह पूर्व गृह राज्य मंत्री महाराष्ट्र की उपस्थिति में पूर्व राज्यपाल उत्तराखंड व वर्तमान में काबीना मंत्री महिला कल्याण,बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग उ.प्र.सरकार तथा राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार समाज कल्याण विभाग उत्तर प्रदेश सरकार असीम अरुण ने किया। गोमती मित्र मंडल समिति कुशभवनपुर के प्रदेश अध्यक्ष रूद्र प्रताप सिंह मदन को सम्मानित,माय होम इंडिया के उत्तरप्रदेश संयोजक आलोक रंजन द्वारा आयोजक मंडल को गोमती मित्र मंडल द्वारा किए जा रहे कार्यों की विस्तार से चर्चा करने के बाद आयोजक मंडल ने यह निर्णय लिया। सम्मान प्राप्त करने के बाद गोमती मित्रों संरक्षक रतन कसौधन,प्रबंधक राजेंद्र शर्मा,आरती सह-संयोजक राकेश सिंह दद्दू,युवा मण्डल अध्यक्ष अजय वर्मा,मुन्ना सोनी व आलोक तिवारी के साथ उपस्थित रहे। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने अनौपचारिक वार्तालाप में आयोजक मण्डल के प्रति ह्रदय से आभार प्रेषित करते हुये कहा की यह गोमती मित्रों व प्रत्येक नगरवासी का सम्मान है। गोमती मित्र मण्डल के प्रदेश प्रवक्ता व मीडिया प्रभारी रमेश माहेश्वरी ने कहा की इस सम्मान के असली हक़दार जनपद के सम्मानित पत्रकार बंधु हैं जिन्होंने समिति के कार्यों को हमेशा अपनी ख़बरों में प्रमुख स्थान दिया है।
सूर्या हत्याकांड में बड़ा घटनाक्रम: मुख्य आरोपी असद की मुठभेड़ के बाद मौत, खोड़ा में सुरक्षा कड़ी
गाजियाबाद। खोड़ा कॉलोनी में 11वीं कक्षा के छात्र सूर्या चौहान की हत्या से उपजे आक्रोश और तनाव के बीच रविवार को मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया। हत्या के मुख्य आरोपी और 50 हजार रुपये के इनामी असद की पुलिस मुठभेड़ के बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस का दावा है कि गिरफ्तारी से बचने के दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की थी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में वह घायल हो गया। बाद में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इस घटनाक्रम के बाद खोड़ा और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और सख्त कर दी गई है। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस और पीएसी की अतिरिक्त तैनाती की गई है, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं।

मुखबिर की सूचना पर बिछाया गया जाल

डीसीपी ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि सूर्या हत्याकांड का मुख्य आरोपी असद अपने कुछ साथियों से मिलने खोड़ा क्षेत्र में आने वाला है। बताया गया कि वह आर्थिक मदद लेकर क्षेत्र से बाहर भागने की तैयारी में था।

सूचना मिलते ही पुलिस ने खोड़ा और वसुंधरा क्षेत्र में कॉम्बिंग अभियान शुरू किया और कई स्थानों पर बैरियर लगाकर चेकिंग तेज कर दी। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक पुलिस को आते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का संकेत दिया, लेकिन आरोप है कि उन्होंने रुकने के बजाय पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में असद गोली लगने से घायल हो गया। उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मुठभेड़ के दौरान एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है। वहीं असद का एक साथी मौके से फरार होने में सफल रहा, जिसकी तलाश जारी है।

बकरीद के दिन हुई थी छात्र की हत्या

28 मई को बकरीद के दिन खोड़ा की नवनीत विहार कॉलोनी निवासी 17 वर्षीय सूर्या चौहान की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने कई लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।

पुलिस जांच में सामने आया कि सूर्या और मुख्य आरोपी पहले से एक-दूसरे को जानते थे। शुरुआती जांच के अनुसार दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। बाद में आरोपी ने सूर्या को मिलने के लिए बुलाया, जहां उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल सूर्या की उपचार के दौरान मौत हो गई थी।

गिरफ्तारी के बाद भी नहीं थमा परिवार का दर्द

मुख्य आरोपी की मौत की खबर के बावजूद पीड़ित परिवार का कहना है कि उन्हें तब तक न्याय नहीं मिलेगा, जब तक मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं होती। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब सूर्या का शव घर पहुंचा था, तब बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता परिवार के समर्थन में जुट गए थे।

परिजनों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कई घंटों तक अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया था। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा वार्ता और आश्वासन के बाद ही अंतिम संस्कार की प्रक्रिया आगे बढ़ सकी।

पुलिस छावनी में बदला खोड़ा

हत्याकांड के बाद से खोड़ा क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है। रविवार को भी इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा। प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा बढ़ा दी गई। कई दुकानों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग समूहों में खड़े होकर पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते दिखाई दिए।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।

जांच जारी, अन्य आरोपियों की तलाश

पुलिस ने इस मामले में कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अन्य संदिग्धों से पूछताछ जारी है और फरार लोगों की तलाश के लिए टीमों को लगाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।

सूर्या हत्याकांड ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। अब लोगों की नजर पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी है, जबकि प्रशासन शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती से जूझ रहा है।
पुलिस महानिदेशक पीएसी ने 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद का किया निरीक्षण, जवानों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश
लखनऊ । पुलिस महानिदेशक पीएसी उत्तर प्रदेश आलोक सिंह द्वारा 41वीं वाहिनी पीएसी, गाजियाबाद का भ्रमण एवं निरीक्षण किया गया। इस दौरान सभी मोर्चों का निरीक्षण करते हुए जवानों से ‘आर्क ऑफ फायर’ के संबंध में जानकारी प्राप्त की। साथ ही क्वार्टर गार्ड की व्यवस्थाओं का भी अवलोकन किया।

निरीक्षण के दौरान पुलिस महानिदेशक ने प्रशासनिक भवन के विभिन्न कार्यालयों, वाहिनी अस्पताल एवं परिसर में स्थापित सेनेटरी नैपकिन मेकिंग मशीन का निरीक्षण किया। इसके अतिरिक्त उन्होंने पी.एम.एस. तथा निर्माणाधीन ऑडिटोरियम का जायजा लेकर संबंधित अभियंताओं को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। स्पोर्ट्स हॉस्टल का भी निरीक्षण किया गया।

तत्पश्चात मनोरंजन कक्ष में आयोजित सैनिक सम्मेलन में उन्होंने जवानों की समस्याओं को सुना तथा उनके त्वरित निराकरण हेतु आवश्यक निर्देश दिए। अपने संबोधन में उन्होंने सभी कार्मिकों को सोशल मीडिया पॉलिसी का कड़ाई से पालन करने, शारीरिक दक्षता एवं एबीसी कोर्स पर विशेष ध्यान देने तथा वर्तमान समय में अर्बन नक्सलवाद की चुनौतियों के प्रति सतर्क एवं सजग रहने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर डीआईजी पीएसी मेरठ अनुभाग मेरठ श्रीमती कल्पना सक्सेना, सेनानायक 41वीं वाहिनी पीएसी गाजियाबाद डॉ. दिनेश यादव, सेनानायक 5वीं वाहिनी यूपीएसएसएफ सहारनपुर डॉ. एम.पी. सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
छात्र संख्या कम होने पर बीईओ को प्रतिकूल प्रविष्टि, डीएम ने बेसिक शिक्षा की मासिक बैठक ली
फर्रुखाबाद l  बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ अंकुर लाठर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में विभागीय योजनाओं, नामांकन अभियान तथा दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई।
समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने स्कूल चलो अभियान के अंतर्गत निर्धारित 35,800 नामांकन लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि नामांकन बढ़ाने के लिए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष प्रयास करने होंगे तथा शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने के लिए प्रभावी रणनीति अपनानी होगी।
मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की खराब प्रगति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का दायित्व निर्धारित करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर भी उन्होंने असंतोष व्यक्त किया तथा संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने हेतु निर्देशित किया।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में 10 से कम विद्यार्थियों का नामांकन हुआ है, उनकी सूची तत्काल उपलब्ध कराई जाए। साथ ही ऐसे विद्यालयों की स्थिति के लिए उत्तरदायित्व निर्धारित करते हुए आवश्यक कार्यवाही कर आख्या प्रस्तुत की जाए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि स्पेशल एजुकेटर द्वारा मई माह के दौरान कितने दिव्यांग बच्चों के घर जाकर भ्रमण किया गया है, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक विद्यालय में विशेष शिविर आयोजित कर फैमिली आईडी बनवाने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे पात्र परिवारों को विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सके।
दिव्यांग बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए जिलाधिकारी ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया कि जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय उपलब्ध नहीं हैं, वहां तत्काल निर्माण कार्य कराया जाए।
जिलाधिकारी ने सभी विद्यालयों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियों को भी विद्यालयी जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी तथा संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।