राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

जहानाबाद में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत नेत्र जांच शिविर, 350 महिलाओं को मिला निःशुल्क चश्मा
जहानाबाद के सदर प्रखंड अंतर्गत सिकरिया पंचायत के भेवर गांव में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत महिलाओं के लिए नेत्र जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में बढ़ रही निकट दृष्टि दोष की समस्या का समाधान कर उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत प्रदान करना है। सदर प्रखंड के भेवर गांव में प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्घाटन पीसीआई के प्रोग्राम मैनेजर एजाज अहमद, संघ अध्यक्ष नीतू कुमारी, डीबीएस के देवांजन शर्मा तथा जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 300 से 350 महिलाओं की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अक्सर निकट दृष्टि दोष की समस्या होने लगती है, जिससे उन्हें सिलाई-कढ़ाई, खाना बनाने, पढ़ने-लिखने और अन्य घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर दृष्टि उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।निःशुल्क चश्मा मिलने के बाद महिलाओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी तथा पीसीआई के प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं ने चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को खंडित मूर्तियां व सामग्री न डालने की अपील

फर्रुखाबाद l
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं के द्वारा पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर युवाओं के द्वारा गंगा घाट पर वृहत रूप से स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा में विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां,प्लास्टिक पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को निकाल कर गंगा नदी को साफ किया गया।  समस्त टीम के द्वारा गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।कुछ लोगों के द्वारा पूजा की सामग्री,खंडित मूर्तियां इत्यादि डालने से भी रोका गया। नविकों को भी किसी प्रकार की सामग्री गंगा नदी में विसर्जित करने से भी रोका गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि धार्मिक रूप से गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी। इस दिन हजारों लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं परंतु कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री विसर्जित करते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।अज्ञानता वर्ष लोग खंडित मूर्तियां गंगा नदी के किनारे छोड़ जाते हैं जिससे वह पैरों के नीचे आती हैं। इस तरह से उन मूर्तियों का अपमान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह शपथ लेनी चाहिए की गंगा नदी मे किसी भी प्रकार की अपशिष्ट सामग्री नहीं डालेंगे एवं गंगा नदी को पूरी तरह से स्वच्छ रखने का प्रयास करेंगे। वर्तमान समय में गंगा नदी में जल कम हो गया है एवं प्रदूषण के कारण गंगा नदी का जल भी दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने नदियों को बचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उपस्थित सभी युवाओं के द्वारा गंगा नदी में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोका गया एवं नविकों को भी लाइव जैकेट आवश्यक रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर ए डी ओ पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,सुमित कुमार,अमित प्रकाश,घनश्याम, रचना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।i
उपायुक्त ने PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजनाओं की समीक्षा की, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में 25 मई को PM-ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों की जमीनी स्थिति की जांच के लिए उपसमाहर्ताओं को विभिन्न प्रखंडों में प्रतिनियुक्त करते हुए नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एएनएम/सीएचओ की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, दवा उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, बिजली-पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजना अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। कई स्वास्थ्य भवनों का उद्घाटन 15 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित करने तथा शेष अपूर्ण योजनाओं को 15 नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही अनुपयोगी उपकरणों को चालू कराने, वन विभाग से लंबित एनओसी प्राप्त करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक सुदृढ़ करने तथा सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह मौजूद थी।

उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों की समस्याएं सुन दिए त्वरित समाधान के निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, तकिया मजार के समीप, नवाबगंज, हजारीबाग का आज 25 मई को औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां रह रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में छात्रावास के विद्यार्थियों ने उपायुक्त के समक्ष छात्रावास में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखीं तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की तथा सभी आवश्यक कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।

अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में पुस्तकालय निर्माण, शौचालय एवं सेप्टिक टैंक निर्माण, 100 लीटर क्षमता के आर०ओ० का अधिष्ठापन, साइकिल स्टैंड निर्माण, हाई मास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट, बिजली वायरिंग एवं सीसीटीवी अधिष्ठापन कराया जाएगा।

वहीं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में 100 बेड वाले नए छात्रावास भवन का निर्माण, बोरिंग कार्य तथा सोलर सिस्टम की मरम्मति कराई जाएगी।

उपायुक्त ने छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीर रहने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
राम रहीम को मिली 30 दिन की पैरोल, 16वीं बार रोहतक जेल से आया बाहर

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह एक बार फिर जेल से बाहर आ गया है। हरियाणा सरकार ने गुरमीत राम रहीम को 30 दिन की पैरोल मंजूर की है। इसके बाद मंगलवार सुबह वह रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर निकला। यह दूसरी बार है जब इस विवादित उपदेशक को राज्य सरकार ने इस साल पैरोल पर रिहा किया है। इससे पहले इस साल जनवरी में राज्य सरकार ने 40 दिन की पैरोल दी थी। वहीं, 16वीं बार है जब गुरमीत राम रहीम पैरोल या फरलो पर जेल से बाहर आया है।

बड़े और कड़े काफिले के साथ सिरसा रवाना

साध्वियों के यौन उत्पीड़न और एक पत्रकार की हत्या से मामले में दोषी गुरुमीत राम रहीम को रोहतक की सुनारिया जेल सुबह 6:30 बजे सिरसा के लिए रवाना किया गया। जेल से बाहर आते ही राम रहीम को पंजाब और हरियाणा पुलिस के भारी सुरक्षा घेरे में ले लिया गया। सुरक्षा कारणों और स्थानीय कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए, राम रहीम को पुलिस के एक बहुत बड़े और कड़े काफिले के साथ सीधे सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय के लिए रवाना किया गया है। सिरसा में ही डेरा चीफ का मुख्य आश्रम है।

जनवरी में भी आया था जेल से बाहर

इसी साल जनवरी में भी वह जेल से बाहर आया था। जानकारी के मुताबिक, इससे पहले 15 सितंबर, 2025 को भी राम रहीम को 40 दिनों की पैरोल मिली थी। इस बार की पैरोल के साथ वह 16वीं बार जेल से बाहर आया है।

2017 से जेल में बंद है

दोषी राम रहीम 25 अगस्त 2017 से जेल में है, जब उसे साध्वियों के यौन उत्पीड़न से संबंधित दो मामलों में 20 साल की कैद की सजा सुनाई गई थी। साल 2019 की जनवरी में राम रहीम को पत्रकार राम चंद्र छत्रपति की हत्या मामले में दोषी करार देकर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। अक्टूबर 2021 में, सीबीआई कोर्ट ने डेरा प्रबंधक रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी आजीवन कारावास की सजा दी थी। हालांकि, तीन साल बाद पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने इस मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।

राम रहीम को कब-कब पैरोल या फरलो मिला?

अक्टूबर 2020 : 1 दिन की पैरोल

मई 2021 : 1 दिन की पैरोल

फरवरी 2022 : 21 दिन की फरलो

जून 2022 : 30 दिन की पैरोल

अक्टूबर 2022 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2023 : 40 दिन की पैरोल

जुलाई 2023 : 30 दिन की पैरोल

नवंबर 2023 : 21 दिन की फरलो

जनवरी 2024 : 50 दिन की पैरोल

अगस्त 2024 : 21 दिन की फरलो

अक्टूबर 2024 : 20 दिन की पैरोल

जनवरी 2025 : 30 दिन की पैरोल

अप्रैल 2025 : 21 दिन की फरलो

अगस्त 2025 : 40 दिन की पैरोल

जनवरी 2026 : 40 दिन की पैरोल

मई 2026 : 30 दिन की पैरोल

_खेतों तक पानी पहुंचे, पलायन रुके: सीएम हेमन्त सोरेन ने सिंचाई योजनाओं में तेजी के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में जल संसाधन विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में राज्य में संचालित विभिन्न सिंचाई योजनाओं, मेगा लिफ्ट परियोजनाओं, पाइपलाइन आधारित योजनाओं, बांधों एवं बहुउद्देश्यीय परियोजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया कि जल संसाधन विभाग की सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जाए, ताकि राज्य के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

उन्होंने कहा कि झारखंड एक कृषि प्रधान राज्य है और यहां सिंचाई सुविधाओं के विस्तार से न केवल कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्रों से पलायन पर भी रोक लगेगी।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि खेतों तक पानी पहुंचाने के लिए समर्पित और प्रभावी प्रयास सुनिश्चित किए जाएं। उन्होंने कहा कि खेती-किसानी में पानी की समस्या किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए। सिंचाई योजनाओं के सफल क्रियान्वयन से किसानों की आय में वृद्धि होगी तथा कृषि क्षेत्र को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

बैठक के दौरान पाइपलाइन आधारित सिंचाई योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कार्यों में तेजी लाने का निर्देश दिया, ताकि पेयजल आपूर्ति एवं सिंचाई दोनों उद्देश्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

मुख्यमंत्री ने नदी जल संरक्षण पर विशेष बल देते हुए कहा कि राज्य की नदियों के जल को राज्य के भीतर ही संरक्षित कर उसे किसानों के खेतों तक पहुंचाने के लिए ठोस एवं व्यवहारिक कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप योजनाएं बनाने पर जोर दिया तथा नदी जल को छोटे-छोटे जलाशयों में लिफ्ट कर सिंचाई कार्यों में उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही, पॉली तालाबों में जल उपलब्धता सुनिश्चित कर मत्स्य पालन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर बल दिया।

उक्त बैठक में स्वर्णरेखा बहुउद्देश्यीय परियोजना सहित राज्य की विभिन्न वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं, लघु सिंचाई योजनाओं, बाढ़ नियंत्रण एवं कटाव निरोधक कार्यों, भवन निर्माण एवं मरम्मत कार्यों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण एवं अनुसंधान गतिविधियों तथा सिंचाई आयोग से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई।

मुख्यमंत्री ने चांडिल बांध, खरकई बराज, ईंचा बांध, सोन-कनहर पाइपलाइन सिंचाई योजना, सिकटिया, मसलिया-रानीश्वर, पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, पलामू पाइपलाइन सिंचाई योजना (पैकेज-1 एवं 2), भीमखंडा माइक्रो लिफ्ट योजना, खरकई बॉयी मेगा लिफ्ट योजना, भैरवा जलाशय, कोनार सिंचाई परियोजना, पुनासी जलाशय एवं गुमानी बराज योजना की प्रगति की भी गहन समीक्षा की।

बैठक में भविष्य की संभावित योजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें पलामू के लिए अमानत बराज योजना, गिरिडीह के लिए गांडेय मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना, खूंटी के चाराडीह-उलीहातू योजना, सिमडेगा के कोनपाला मेगा लिफ्ट योजना, पूर्वी सिंहभूम के पटमदा-बोड़ाम मेगा लिफ्ट योजना तथा सरायकेला-खरसावां के नीमडीह-कुकड़ू मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने इन योजनाओं के शीघ्र क्रियान्वयन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक के प्रारंभ में जल संसाधन विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार ने विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की अद्यतन स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

उक्त बैठक में जल संसाधन विभाग के मंत्री श्री हफीजुल हसन, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, विभागीय सचिव श्री प्रशांत कुमार सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

CM हेमन्त सोरेन ने की वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा, खनन राजस्व में झारखंड ओडिशा-छत्तीसगढ़ से आगे

झारखंड मंत्रालय में आज मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में वित्त एवं वाणिज्य-कर विभाग के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षात्मक बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की वित्तीय स्थिति, राजस्व संग्रहण, बजट प्रावधानों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा विभागों द्वारा संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बजट प्रबंधन एवं राजस्व लक्ष्यों पर विशेष जोर

वित्त विभाग की समीक्षा के दौरान बजट आकलन, बजट प्राक्कलन, राजस्व लक्ष्य, स्थापना व्यय, पूंजीगत प्राप्तियां तथा भारत सरकार से प्राप्त सहायता अनुदान सहित विभिन्न वित्तीय विषयों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। बैठक में राज्य के आय-व्यय की समग्र स्थिति पर बिंदुवार चर्चा की गई तथा वित्तीय संसाधनों के प्रभावी प्रबंधन एवं उनके समुचित उपयोग पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के क्रम में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की वर्तमान प्रगति की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति, व्यय की गति, लक्ष्य की प्राप्ति तथा संभावित चुनौतियों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

खनन राजस्व में झारखंड की स्थिति मजबूत

बैठक में विभिन्न वित्तीय वर्षों के आंकड़ों के आधार पर यह सामने आया कि पड़ोसी राज्यों ओडिशा एवं छत्तीसगढ़ की अपेक्षा झारखंड का खनन राजस्व बेहतर स्थिति में है। संबंधित अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया कि राज्य में खनिज संसाधनों के सुव्यवस्थित प्रबंधन, पारदर्शी नीतिगत व्यवस्था एवं प्रभावी निगरानी तंत्र के परिणामस्वरूप राजस्व संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने उक्त उपलब्धि पर संतोष व्यक्त करते हुए निर्देश दिया कि इस सकारात्मक स्थिति को बनाए रखने के साथ-साथ इसे और अधिक सुदृढ़ करने हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएं। उन्होंने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने, अवैध खनन पर कठोर नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकों के उपयोग को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया।

पारदर्शिता के लिए बायोमैट्रिक एवं ई-गवर्नेंस प्रणाली पर जोर

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कार्यों में पारदर्शिता एवं शुद्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से बायोमैट्रिक प्रणाली के प्रभावी एवं व्यापक उपयोग पर विशेष बल दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी संबंधित कार्यालयों एवं विभागों में उपस्थिति तथा कार्यप्रणाली से जुड़े प्रक्रियाओं में बायोमैट्रिक व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए, ताकि जवाबदेही सुनिश्चित हो और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़े।

विभागों के बीच समन्वय से विकास को मिलेगी गति

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की समन्वय की कमी न रहे तथा सभी विभाग निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य करते हुए एक साझा दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि समन्वित कार्यप्रणाली से न केवल योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि संसाधनों का बेहतर उपयोग भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।

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वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा में राजस्व वृद्धि पर फोकस

वाणिज्य-कर विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान राज्य में कर संग्रह की वर्तमान स्थिति, जीएसटी अनुपालन की प्रगति, राजस्व वृद्धि के उपायों तथा विभागीय कार्यप्रणाली की व्यापक एवं गहन समीक्षा की गई। बैठक में अधिकारियों द्वारा विभिन्न कर मदों के अंतर्गत प्राप्त राजस्व के आंकड़ों का विश्लेषण प्रस्तुत किया गया, साथ ही कर संग्रह में आ रही चुनौतियों एवं संभावनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा के क्रम में वस्तु एवं सेवा कर (GST), मूल्य वर्धित कर (VAT), प्रोफेशनल टैक्स तथा अन्य राज्य स्तरीय करों के निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तारपूर्वक विचार-विमर्श किया गया। करदाताओं के बीच अनुपालन बढ़ाने, कर वंचना पर नियंत्रण स्थापित करने तथा तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर विशेष जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने हेतु आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए गए।

समीक्षा के क्रम में कर निर्धारण, वसूली, निगरानी एवं प्रवर्तन से संबंधित महत्वपूर्ण पहलुओं पर विशेष ध्यान दिये जाने पर बल दिया गया। करदाताओं के बीच स्वैच्छिक अनुपालन को प्रोत्साहित करने, कर चोरी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आधुनिक तकनीकी साधनों के माध्यम से निगरानी प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर भी बल दिया गया।

पारदर्शिता एवं जवाबदेही बढ़ाने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिया गया कि विभागीय प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी, सरल एवं जवाबदेह बनाया जाए, ताकि करदाताओं को सुविधा मिल सके और राजस्व संग्रह में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा सके। अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति हेतु सक्रियता से कार्य करने तथा समय-समय पर प्रगति की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में विभागीय मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त सचिव श्री प्रशांत कुमार तथा वाणिज्य-कर विभाग के सचिव श्री अमित कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।

जहानाबाद में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत नेत्र जांच शिविर, 350 महिलाओं को मिला निःशुल्क चश्मा
जहानाबाद के सदर प्रखंड अंतर्गत सिकरिया पंचायत के भेवर गांव में “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना के तहत महिलाओं के लिए नेत्र जांच एवं निःशुल्क चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से आयोजित इस शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाओं ने भाग लिया। शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं में बढ़ रही निकट दृष्टि दोष की समस्या का समाधान कर उन्हें दैनिक कार्यों में सहूलियत प्रदान करना है। सदर प्रखंड के भेवर गांव में प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्घाटन पीसीआई के प्रोग्राम मैनेजर एजाज अहमद, संघ अध्यक्ष नीतू कुमारी, डीबीएस के देवांजन शर्मा तथा जिला परिषद अध्यक्ष अभिषेक रंजन उर्फ सोनू राधे ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 300 से 350 महिलाओं की आंखों की जांच की गई तथा जरूरतमंद महिलाओं को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं में अक्सर निकट दृष्टि दोष की समस्या होने लगती है, जिससे उन्हें सिलाई-कढ़ाई, खाना बनाने, पढ़ने-लिखने और अन्य घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।उन्होंने बताया कि “ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड” परियोजना का उद्देश्य महिलाओं को बेहतर दृष्टि उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और उनके दैनिक जीवन को आसान बनाना है। यह पहल महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और आजीविका से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है।निःशुल्क चश्मा मिलने के बाद महिलाओं में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। कार्यक्रम में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी तथा पीसीआई के प्रोजेक्ट एसोसिएट संदीप कुमार सहित कई लोग उपस्थित रहे।
पांचाल घाट पर गंगा योद्धाओं ने चलाया स्वच्छता अभियान, लोगों को खंडित मूर्तियां व सामग्री न डालने की अपील

फर्रुखाबाद l
गंगा दशहरा के पावन पर्व पर जिला गंगा समिति के तत्वाधान में गंगा योद्धाओं के द्वारा पांचाल घाट पर स्वच्छता अभियान एवं जागरूकता अभियान चलाया गया। इस अवसर पर युवाओं के द्वारा गंगा घाट पर वृहत रूप से स्वच्छता अभियान चलाकर गंगा में विसर्जित की गई खंडित मूर्तियां,प्लास्टिक पॉलिथीन एवं अन्य सामग्री को निकाल कर गंगा नदी को साफ किया गया।  समस्त टीम के द्वारा गंगा स्नान करने आए श्रद्धालुओं को गंगा को स्वच्छ बनाए रखने के लिए जागरूक किया गया।कुछ लोगों के द्वारा पूजा की सामग्री,खंडित मूर्तियां इत्यादि डालने से भी रोका गया। नविकों को भी किसी प्रकार की सामग्री गंगा नदी में विसर्जित करने से भी रोका गया। जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल ने बताया कि धार्मिक रूप से गंगा दशहरा के दिन गंगा स्नान का विशेष महत्व माना जाता है। हिंदू धर्म में मान्यता है कि इस दिन मां गंगा स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई थी। इस दिन हजारों लाखों श्रद्धालु गंगा स्नान करते हैं परंतु कुछ श्रद्धालुओं के द्वारा गंगा तट पर अनावश्यक सामग्री विसर्जित करते हैं जिसकी वजह से गंगा का जल दूषित होता है।अज्ञानता वर्ष लोग खंडित मूर्तियां गंगा नदी के किनारे छोड़ जाते हैं जिससे वह पैरों के नीचे आती हैं। इस तरह से उन मूर्तियों का अपमान भी होता है। प्रत्येक व्यक्ति को यह शपथ लेनी चाहिए की गंगा नदी मे किसी भी प्रकार की अपशिष्ट सामग्री नहीं डालेंगे एवं गंगा नदी को पूरी तरह से स्वच्छ रखने का प्रयास करेंगे। वर्तमान समय में गंगा नदी में जल कम हो गया है एवं प्रदूषण के कारण गंगा नदी का जल भी दूषित हो रहा है। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को अपने नदियों को बचाने का प्रयास करना चाहिए। साथ ही उपस्थित सभी युवाओं के द्वारा गंगा नदी में स्नान कर रहे श्रद्धालुओं को गहरे पानी में स्नान करने से रोका गया एवं नविकों को भी लाइव जैकेट आवश्यक रूप से प्रयोग करने के निर्देश दिए गए। इस मौके पर ए डी ओ पंचायत ओम पांडे, भारतीय वन्यजीव संस्थान के परियोजना सहायक शुभम कटियार, गंगा योद्धा राम रहीश कुशवाहा,सुमित कुमार,अमित प्रकाश,घनश्याम, रचना एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।i
उपायुक्त ने PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजनाओं की समीक्षा की, कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती की अध्यक्षता में 25 मई को PM-ABHIM एवं 15वें वित्त आयोग अंतर्गत संचालित स्वास्थ्य योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के विभिन्न प्रखंडों में चल रहे स्वास्थ्य उपकेंद्रों एवं भवन निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य उपकेंद्रों की जमीनी स्थिति की जांच के लिए उपसमाहर्ताओं को विभिन्न प्रखंडों में प्रतिनियुक्त करते हुए नियमित निरीक्षण का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान एएनएम/सीएचओ की उपस्थिति, ओपीडी संचालन, दवा उपलब्धता, संस्थागत प्रसव, बिजली-पेयजल सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं की जांच की जाएगी।

बैठक में उपायुक्त ने निर्देश दिया कि PM-ABHIM एवं 15वें वित्त योजना अंतर्गत लंबित सभी कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। कई स्वास्थ्य भवनों का उद्घाटन 15 अगस्त 2026 तक सुनिश्चित करने तथा शेष अपूर्ण योजनाओं को 15 नवंबर 2026 तक पूर्ण करने का निर्देश दिया गया।

साथ ही अनुपयोगी उपकरणों को चालू कराने, वन विभाग से लंबित एनओसी प्राप्त करने तथा स्वास्थ्य केंद्रों के संचालन को शीघ्र प्रारंभ कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।

उपायुक्त ने स्वास्थ्य सेवाओं को ग्रामीण स्तर तक सुदृढ़ करने तथा सभी योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। बैठक उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह मौजूद थी।

उपायुक्त ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति बालक छात्रावास का किया औचक निरीक्षण, विद्यार्थियों की समस्याएं सुन दिए त्वरित समाधान के निर्देश

उपायुक्त हेमन्त सती ने आज कल्याण विभाग द्वारा संचालित अनुसूचित जाति बालक छात्रावास एवं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास, तकिया मजार के समीप, नवाबगंज, हजारीबाग का आज 25 मई को औचक निरीक्षण किया। 

निरीक्षण के दौरान उन्होंने छात्रावास परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा वहां रह रहे विद्यार्थियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की।

निरीक्षण के क्रम में छात्रावास के विद्यार्थियों ने उपायुक्त के समक्ष छात्रावास में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखीं तथा आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। उपायुक्त ने विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की तथा सभी आवश्यक कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने का निर्देश दिया।

अनुसूचित जाति बालक छात्रावास में पुस्तकालय निर्माण, शौचालय एवं सेप्टिक टैंक निर्माण, 100 लीटर क्षमता के आर०ओ० का अधिष्ठापन, साइकिल स्टैंड निर्माण, हाई मास्ट लाइट, स्ट्रीट लाइट, बिजली वायरिंग एवं सीसीटीवी अधिष्ठापन कराया जाएगा।

वहीं अनुसूचित जनजाति बालक छात्रावास में 100 बेड वाले नए छात्रावास भवन का निर्माण, बोरिंग कार्य तथा सोलर सिस्टम की मरम्मति कराई जाएगी।

उपायुक्त ने छात्रावास में रह रहे सभी विद्यार्थियों से मन लगाकर पढ़ाई करने, अनुशासन बनाए रखने तथा अपने भविष्य के प्रति गंभीर रहने की अपील की। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी सभी जायज मांगों को प्राथमिकता के आधार पर यथाशीघ्र पूरा किया जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर शैक्षणिक एवं आवासीय वातावरण उपलब्ध हो सके।

निरीक्षण के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी श्रीमती मां देव प्रिया सहित संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन – बाबा दुबे, टॉपर विद्यार्थियों को किया गया सम्मानित
जौनपुर। बदलापुर तहसील के  शाहपुर स्थित टारगेट कोचिंग क्लासेज में कल 24 मई को सम्मान समारोह का कार्यक्रम बहुत ही हर्षोल्लास के साथ किया गया। मुख्य अतिथि बदलापुर के पूर्व विधायक ओमप्रकाश दुबे (बाबा) एवं श्री गणेश राम इंटर कालेज   बटाऊबीर के प्रधानाचार्य अनिल यादव के सानिध्य में इस वर्ष बोर्ड की परीक्षा में सभी सफल छात्र एवं छात्राओं को मेडल एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।मेडल पाने वाले छात्र कक्षा 10 के जिला टॉपर राजशेखर सिंह एवं द्वितीय स्थान सविनय गुप्ता,महक,शिवांगी, प्रियांशी,अनामिका,कृतिका,आरुषि,उत्कर्ष, नितिन,विपिन,कृष्णा और अन्य छात्र एवं छात्राओं को दोनों अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का संचालन कोचिंग के प्रबंधक अखिलेश सर एवं प्रेमचंद सर द्वारा किया गया। इस अवसर पर बोलते हुए बाबा दुबे ने कहा कि विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है। विद्यार्थी को किसी तपस्वी की तरह लगातार कठिन परिश्रम करते हुए अपने लक्ष्य को प्राप्त करना चाहिए। संघर्ष से मिली जीत असली जीत कहलाती है।  सम्मान समारोह कार्यक्रम में प्रधानाचार्य अनिल यादव द्वारा सभी छात्र एवं छात्राओं को उनके उज्ज्वल भविष्य एवं शिक्षा को एक नये शिखर पर ले जाने और जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने का शुभ आशिर्वाद प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन करते हुए सचिन सर ने आये हुए सभी अतिथियों का आभार प्रकट किए। इस अवसर पर कोचिंग के टीचिंग स्टाफ अभिषेक सर,सन्तोष सर,सतीश सर ,एवं अन्य वरिष्ठ लोगो में समरनाथ एडवोकेट, बबलू, प्रवीण, अरुण ,अनिल, प्रभातजी आदि उपस्थित रहे।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।