ताइवान मुद्दे पर अमेरिका संग सैन्य संघर्ष भी हो सकता है', चीन पहुंचे ट्रंप को जिनपिंग की चेतावनी

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं। सुबह ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया। हालांकि, जल्द ही बीजिंग में दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों की मुलाकात के बीच माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोस्ती और शानदार भविष्य की बातें कर रहे थे, वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ चेतावनी दे दी कि अगर ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से संभाला गया तो अमेरिका और चीन के बीच टकराव हो सकता है।

ट्रंप ने शी को बताया महान नेता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय बैठक से पहले उद्घाटन भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को महान नेता बताया। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह जिनपिंग के साथ बातचीत को लेकर उत्साहित हैं और अमेरिका में हर कोई इस शिखर बैठक की चर्चा कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि आपके साथ होना सम्मान की बात है। आपका दोस्त होना सम्मान की बात है और अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं।

ट्रंप ने दिया अमेरिका-चीन संबंध की मजबूती पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को साझेदार होना चाहिए, न कि प्रतिद्वंदी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया बदलाव से गुजर रही है। यह एक सदी में नहीं देखा गया है। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिका और चीन के संबंध को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।

ताइवान पर टकराव की संभावना पर किया आगाह

वहीं, दूसरी तरफ बीजिंग में ट्रंप-शी जिनपिंग की हाई-लेवल बैठक के दौरान ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दा बनकर उभरा। शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर ताइवान मुद्दे को ठीक से हैंडल नहीं किया गया तो अमेरिका और चीन के रिश्ते ‘बहुत खतरनाक स्थिति’ में पहुंच सकते हैं और टकराव भी हो सकता है। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों का सबसे अहम मुद्दा बताया।

जिनपिंग ने ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का किया जिक्र

बीजिंग में बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अपने बयान में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र कर सबका ध्यान खींच लिया। यह अवधारणा प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडिडीज से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि जब कोई उभरती ताकत स्थापित शक्ति को चुनौती देती है तो टकराव का खतरा बढ़ जाता है। शी जिनपिंग ने ट्रंप के सामने सवाल रखा कि क्या अमेरिका और चीन इस ‘जाल’ से ऊपर उठ सकते हैं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता और संतुलन जरूरी है।

दोनों के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत

चीनी सरकारी मीडिया शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों की सबसे संवेदनशील और अहम कड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे को सावधानी और समझदारी से संभाला गया, तो दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन अगर इसमें दखल बढ़ा या गलत कदम उठाए गए, तो इससे पूरे द्विपक्षीय संबंध खतरे में पड़ सकते हैं।

अहम है ताइवान का मुद्दा?

ताइवान लंबे समय से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देता रहा है। यही वजह है कि यह मुद्दा दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है।

महमदपुर गुलरा में भक्तों के दर्शन के लिए खुला भव्य दुर्गा मंदिर
जौनपुर। जनपद के खुटहन थाना अंतर्गत स्थित महमदपुर गुलरा गांव में प्राचीन शिवालय एवं हनुमान मंदिर के समीप नव निर्मित मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। मंदिर का निर्माण स्वर्गीय उमाशंकर पाण्डेय एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रभावती देवी की पावन स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से कराया गया है। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को फूल-मालाओं से सजे रथ पर रखकर गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। भक्तों ने जयकारों के बीच पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित अवधेश महाराज, नन्हे महराज, गगन, गुरु प्रसाद, सोनू, रोहित और  बच्ची महराज ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि मंदिर समाज में आस्था, संस्कार और एकता का संदेश देते हैं।
इस अवसर पर डॉ श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, अमरनाथ तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व प्रधान रमेश चन्द्र पाण्डेय, लल्लन पाण्डेय, अनिल पाण्डेय, इंजीनियर ऋषभ पांडे, डॉ सुभाष चन्द्र पाण्डेय, पंडित विजय शंकर पाण्डेय, पंडित संजय पाण्डेय, कैलाश नाथ पाण्डेय, संजय सिंह, जगदीश सिंह, वशिष्ठ पाण्डेय, संतोष यादव, सतीश पाण्डेय, प्रेम प्रकाश दूबे, धनंजय पांडे ,जगदंबा पांडे, जगदीश पांडे, दयाशंकर पाण्डेय, मृदुल पांडे, राहुल पांडे, प्रवेश पांडे, प्रदीप पांडे, प्रवीण कुमार पांडे, अशोक कुमार पांडे, नित्यानंद पांडे, हरिश्चंद्र पांडे, राजन पांडे, अंकित पांडे, अभिषेक पांडे, विपिन पांडे, नवीन पांडे, रोशन पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह तीसरा मंदिर है। इस मंदिर के बगल में भगवान शंकर और हनुमान जी का भव्य मंदिर है। कुल मिलाकर यह स्थान अब भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है।
शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि पर हर्ष: बलिया में बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में आज दिनांक 14-5-2026 को सामूहिक रुद्राभिषेक और भंडारा का आयोजन

संजीव सिंह बलिया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सहयोग से उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का शुभ कार्य संपन्न हो गया है। यह समाचार समस्त शिक्षक बंधुओं के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्थाईकरण का भी सुखद समाचार प्राप्त होगा।इस पावन उपलब्धि की सफलता में श्री बाबा बालेश्वर नाथ जी महादेव की असीम कृपा, अनुकंपा और आशीर्वाद का विशेष योगदान रहा है। इसी दिव्य कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है:दिनांक: 14 मई 2026 (गुरुवार)
स्थान: श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, बलिया सामूहिक रुद्राभिषेक: दोपहर 2:00 बजेप्रसाद वितरण (भंडारा): सायं 5:00 बजे से इस पुण्य अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के समस्त सम्मानित अधिकारीगण, कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया आदि सादर आमंत्रित हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है कि उपस्थित होकर बाबा भोलेनाथ का

आशीर्वाद प्राप्त करें।
सादर निवेदक,
उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया
देवघर-में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70 वां जन्मोत्सव पर ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित।
देवघर: 13 मई : आज आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर देवघर में विभिन्न सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, देवघर द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत देवघर सदर ब्लड बैंक (टावर चौक) में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु भक्तों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा कुल 11 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा एवं परोपकार का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं के रूप में निशांत कुमार, नीलम कुमार, कन्हैया, रचना झा, गीता सिंह, देबाशीष रॉय, राम शंकर , गुरु प्रसाद, देवरत्न सिन्हा, अभय कुमार सिंह, किरणजीत मन्ना सहित अनेक गुरु भक्तों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन एवं अर्चना भगत विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत टावर चौक पर आमजन के बीच फल, जूस, मिल्कशेक एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। संध्या में शहर के मध्य स्थित मंगलम इन रिसॉर्ट में सत्संग, भजन, संगीत एवं ध्यान कार्यक्रम के साथ गुरुदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए गायक एवं संगीतज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लेकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आर्ट ऑफ लिविंग विश्व की एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था है, जिसकी स्थापना गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। संस्था ध्यान, योग, सुदर्शन क्रिया एवं मानव सेवा के माध्यम से विश्वभर में शांति, प्रेम एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दे रही है। आज यह संस्था 183 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों तक आध्यात्मिकता एवं सेवा का संदेश पहुँचा चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक सामाजिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज का निर्माण करना है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में लाखों स्वयंसेवक सेवा, साधना और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि गुरुदेव के 70वें जन्मोत्सव को विश्वभर में सेवा, साधना एवं सत्संग के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने करोड़ों लोगों को ध्यान, मौन एवं सुदर्शन क्रिया के माध्यम से जीवन जीने की नई दिशा दी है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग उनके साथ ध्यान कर जन्मोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा गुरुजी के जन्मोत्सव पर इस प्रकार का सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायक है। वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि समाज में सेवा, सद्भाव एवं मानवता की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी एवं सफलता में निशांत कुमार, नीलम, राम शंकर, गुरु प्रसाद, गौतम, कन्हैया, रणधीर, गीता, रीना, रचना सहित अनेक गुरु भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*ताप बिजली घरों का परिचालन और रख-रखाव ठेके पर देने के फैसले के विरोध में 13 मई को काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली


लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 13 मई को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि काली पट्टी बांधने का निर्णय पनकी ताप बिजली घर एवं जवाहरपुर ताप बिजली घर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में लिया गया है। कल सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता एवं संविदा कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली घरों के संचालन एवं रख-रखाव को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन की रुचि सुधार में नहीं, बल्कि निजीकरण में है।

संघर्ष समिति ने बताया कि जवाहरपुर ताप बिजली घर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप बिजली घर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए गए हैं। यह जनता की गाढ़ी कमाई का धन है। इतनी बड़ी सार्वजनिक धनराशि खर्च करने के बाद इन बिजली घरों को 25 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को सौंपना प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। ध्यान देने योग्य है कि ताप बिजली घरों की सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मार्च 2023 से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज शाहजहांपुर एवं बरेली में विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

विरोध सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद तथा राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया।

13 मई को राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर अपराह्न 02 बजे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
94150 06225
*ताप बिजली घरों का परिचालन और रख-रखाव ठेके पर देने के फैसले के विरोध में 13 मई को काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली


लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 13 मई को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि काली पट्टी बांधने का निर्णय पनकी ताप बिजली घर एवं जवाहरपुर ताप बिजली घर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में लिया गया है। कल सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता एवं संविदा कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली घरों के संचालन एवं रख-रखाव को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन की रुचि सुधार में नहीं, बल्कि निजीकरण में है।

संघर्ष समिति ने बताया कि जवाहरपुर ताप बिजली घर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप बिजली घर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए गए हैं। यह जनता की गाढ़ी कमाई का धन है। इतनी बड़ी सार्वजनिक धनराशि खर्च करने के बाद इन बिजली घरों को 25 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को सौंपना प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। ध्यान देने योग्य है कि ताप बिजली घरों की सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मार्च 2023 से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज शाहजहांपुर एवं बरेली में विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

विरोध सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद तथा राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया।

13 मई को राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर अपराह्न 02 बजे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
94150 06225
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
देवघर-स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी: दूसरा दिन अंकित पांडेय का ऑलराउंड धमाल, मिश्रा इलेवन को मिली करारी शिकस्त।
देवघर: स्थानीय टेनिस बॉल क्रिकेट के महाकुंभ स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी के दूसरे दिन मैदान पर रनों की बारिश और रोमांचक मुकाबलों का बोलबाला रहा। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अंकित पांडेय का तूफानी प्रदर्शन रहा, जिनकी बदौलत मुकेश फ्लावर ने एकतरफा जीत दर्ज की। मैचों का लेखा-जोखा अंकित की पावर-हिटिंग से दहली विपक्षी टीम आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुख्य आकर्षणों का विवरण इस प्रकार है। मुकेश फ्लावर बनाम मिश्रा इलेवन इस मैच में अंकित पांडेय का बल्ला आग उगलता नजर आया। अंकित ने मात्र 37 गेंदों में 92 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 10 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल थे। बल्लेबाजी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा और 3 विकेट चटकाए। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से मुकेश फ्लावर ने मिश्रा इलेवन को 97 रनों के विशाल अंतर से हराया। मां मनसा ऑरेंज लायंस बनाम राजा कैटरिंग एक बेहद करीबी मुकाबले में ऑरेंज लायंस ने राजा कैटरिंग को 3 विकेट से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। वीरांश स्टाइलिश बनाम बादशाह इलेवन वीरांश स्टाइलिश की टीम ने सधे हुए खेल का प्रदर्शन करते हुए बादशाह इलेवन को 13 रनों से पराजित किया। त्रिकाल इलेवन बनाम जोई इलेवन सारवा त्रिकाल इलेवन ने मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए त्रिकाल इलेवन ने 141 रन बनाए, जिसके जवाब में जोई इलेवन मात्र 37 रनों पर ढेर हो गई। त्रिकाल इलेवन की ओर से लोकनाथ और प्रवीण ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट लिए। जोई इलेवन की ओर से केवल कुणाल मिश्रा ही दहाई के आंकड़े तक पहुँच सके। खिलाड़ियों का सम्मान और आयोजन मैच के समापन पर आयोजन समिति के सचिव आशिष झा और कार्यकारी सचिव नीरज झा ने सभी 'मैन ऑफ द मैच' विजेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दीपक दुबे, अजय खवाड़े सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। टेनिस बॉल क्रिकेट: प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम टेनिस बॉल क्रिकेट मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी विकास होता है। स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट यह साबित करते हैं कि यदि सही अवसर मिले, तो गलियों से निकले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल दिखा सकते हैं। टेनिस बॉल क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसे आयोजन खेल जगत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह खेल की सादगी और रोमांच ही है जो हजारों दर्शकों को मैदान की ओर खींच लाता है।
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
ताइवान मुद्दे पर अमेरिका संग सैन्य संघर्ष भी हो सकता है', चीन पहुंचे ट्रंप को जिनपिंग की चेतावनी

#uschinasummitxijinpingwarnsdonald_trump

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन के दौरे पर हैं। सुबह ग्रेट हॉल ऑफ द पीपल में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ट्रंप का औपचारिक स्वागत किया। हालांकि, जल्द ही बीजिंग में दुनिया की दो सबसे बड़ी ताकतों की मुलाकात के बीच माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। जहां अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दोस्ती और शानदार भविष्य की बातें कर रहे थे, वहीं चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने साफ चेतावनी दे दी कि अगर ताइवान मुद्दे को गलत तरीके से संभाला गया तो अमेरिका और चीन के बीच टकराव हो सकता है।

ट्रंप ने शी को बताया महान नेता

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने द्विपक्षीय बैठक से पहले उद्घाटन भाषण में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को महान नेता बताया। ट्रम्प ने कहा है कि अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि वह जिनपिंग के साथ बातचीत को लेकर उत्साहित हैं और अमेरिका में हर कोई इस शिखर बैठक की चर्चा कर रहा है। ट्रंप ने कहा कि आपके साथ होना सम्मान की बात है। आपका दोस्त होना सम्मान की बात है और अमेरिका और चीन के रिश्ते पहले से बेहतर होने वाले हैं।

ट्रंप ने दिया अमेरिका-चीन संबंध की मजबूती पर जोर

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं को साझेदार होना चाहिए, न कि प्रतिद्वंदी। चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि दुनिया बदलाव से गुजर रही है। यह एक सदी में नहीं देखा गया है। उन्होंने वैश्विक अनिश्चितता के बीच अमेरिका और चीन के संबंध को मजबूत करने पर भी जोर दिया है।

ताइवान पर टकराव की संभावना पर किया आगाह

वहीं, दूसरी तरफ बीजिंग में ट्रंप-शी जिनपिंग की हाई-लेवल बैठक के दौरान ताइवान सबसे संवेदनशील मुद्दा बनकर उभरा। शी जिनपिंग ने साफ कहा कि अगर ताइवान मुद्दे को ठीक से हैंडल नहीं किया गया तो अमेरिका और चीन के रिश्ते ‘बहुत खतरनाक स्थिति’ में पहुंच सकते हैं और टकराव भी हो सकता है। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों का सबसे अहम मुद्दा बताया।

जिनपिंग ने ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का किया जिक्र

बीजिंग में बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने अपने बयान में ‘थ्यूसीडाइड्स ट्रैप’ का जिक्र कर सबका ध्यान खींच लिया। यह अवधारणा प्राचीन यूनानी इतिहासकार थ्यूसीडिडीज से जुड़ी है, जिसमें कहा गया है कि जब कोई उभरती ताकत स्थापित शक्ति को चुनौती देती है तो टकराव का खतरा बढ़ जाता है। शी जिनपिंग ने ट्रंप के सामने सवाल रखा कि क्या अमेरिका और चीन इस ‘जाल’ से ऊपर उठ सकते हैं। उन्होंने साफ संकेत दिया कि दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता और संतुलन जरूरी है।

दोनों के बीच बंद कमरे में हुई बातचीत

चीनी सरकारी मीडिया शिन्हुआ की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों नेताओं के बीच बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान शी जिनपिंग ने कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों की सबसे संवेदनशील और अहम कड़ी है। उन्होंने कहा कि अगर इस मुद्दे को सावधानी और समझदारी से संभाला गया, तो दोनों देशों के रिश्तों में स्थिरता बनी रह सकती है। लेकिन अगर इसमें दखल बढ़ा या गलत कदम उठाए गए, तो इससे पूरे द्विपक्षीय संबंध खतरे में पड़ सकते हैं।

अहम है ताइवान का मुद्दा?

ताइवान लंबे समय से वॉशिंगटन और बीजिंग के बीच सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है। चीन ताइवान को अपना हिस्सा मानता है, जबकि अमेरिका ताइवान को सैन्य और राजनीतिक समर्थन देता रहा है। यही वजह है कि यह मुद्दा दोनों महाशक्तियों के बीच तनाव का प्रमुख कारण बना हुआ है।

महमदपुर गुलरा में भक्तों के दर्शन के लिए खुला भव्य दुर्गा मंदिर
जौनपुर। जनपद के खुटहन थाना अंतर्गत स्थित महमदपुर गुलरा गांव में प्राचीन शिवालय एवं हनुमान मंदिर के समीप नव निर्मित मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। मंदिर का निर्माण स्वर्गीय उमाशंकर पाण्डेय एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रभावती देवी की पावन स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से कराया गया है। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को फूल-मालाओं से सजे रथ पर रखकर गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। भक्तों ने जयकारों के बीच पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित अवधेश महाराज, नन्हे महराज, गगन, गुरु प्रसाद, सोनू, रोहित और  बच्ची महराज ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि मंदिर समाज में आस्था, संस्कार और एकता का संदेश देते हैं।
इस अवसर पर डॉ श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, अमरनाथ तिवारी, ओमप्रकाश तिवारी, पूर्व प्रधान रमेश चन्द्र पाण्डेय, लल्लन पाण्डेय, अनिल पाण्डेय, इंजीनियर ऋषभ पांडे, डॉ सुभाष चन्द्र पाण्डेय, पंडित विजय शंकर पाण्डेय, पंडित संजय पाण्डेय, कैलाश नाथ पाण्डेय, संजय सिंह, जगदीश सिंह, वशिष्ठ पाण्डेय, संतोष यादव, सतीश पाण्डेय, प्रेम प्रकाश दूबे, धनंजय पांडे ,जगदंबा पांडे, जगदीश पांडे, दयाशंकर पाण्डेय, मृदुल पांडे, राहुल पांडे, प्रवेश पांडे, प्रदीप पांडे, प्रवीण कुमार पांडे, अशोक कुमार पांडे, नित्यानंद पांडे, हरिश्चंद्र पांडे, राजन पांडे, अंकित पांडे, अभिषेक पांडे, विपिन पांडे, नवीन पांडे, रोशन पांडे सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। यह तीसरा मंदिर है। इस मंदिर के बगल में भगवान शंकर और हनुमान जी का भव्य मंदिर है। कुल मिलाकर यह स्थान अब भक्तों की आस्था का केंद्र बन चुका है।
शिक्षामित्रों के मानदेय वृद्धि पर हर्ष: बलिया में बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर में आज दिनांक 14-5-2026 को सामूहिक रुद्राभिषेक और भंडारा का आयोजन

संजीव सिंह बलिया। माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के सहयोग से उत्तर प्रदेश के शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि का शुभ कार्य संपन्न हो गया है। यह समाचार समस्त शिक्षक बंधुओं के लिए अत्यंत हर्ष और गौरव का विषय है। उम्मीद है कि शीघ्र ही स्थाईकरण का भी सुखद समाचार प्राप्त होगा।इस पावन उपलब्धि की सफलता में श्री बाबा बालेश्वर नाथ जी महादेव की असीम कृपा, अनुकंपा और आशीर्वाद का विशेष योगदान रहा है। इसी दिव्य कृपा के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने हेतु उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया द्वारा निम्नलिखित कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है:दिनांक: 14 मई 2026 (गुरुवार)
स्थान: श्री बाबा बालेश्वर नाथ मंदिर, बलिया सामूहिक रुद्राभिषेक: दोपहर 2:00 बजेप्रसाद वितरण (भंडारा): सायं 5:00 बजे से इस पुण्य अवसर पर बेसिक शिक्षा विभाग के समस्त सम्मानित अधिकारीगण, कर्मचारी, शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, रसोइया आदि सादर आमंत्रित हैं। आप सभी से विनम्र निवेदन है कि उपस्थित होकर बाबा भोलेनाथ का

आशीर्वाद प्राप्त करें।
सादर निवेदक,
उ.प्र. प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ, बलिया
देवघर-में आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर के 70 वां जन्मोत्सव पर ब्लड डोनेशन कैंप आयोजित।
देवघर: 13 मई : आज आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर देवघर में विभिन्न सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, देवघर द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत देवघर सदर ब्लड बैंक (टावर चौक) में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु भक्तों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा कुल 11 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा एवं परोपकार का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं के रूप में निशांत कुमार, नीलम कुमार, कन्हैया, रचना झा, गीता सिंह, देबाशीष रॉय, राम शंकर , गुरु प्रसाद, देवरत्न सिन्हा, अभय कुमार सिंह, किरणजीत मन्ना सहित अनेक गुरु भक्तों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन एवं अर्चना भगत विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत टावर चौक पर आमजन के बीच फल, जूस, मिल्कशेक एवं चॉकलेट का वितरण किया गया। संध्या में शहर के मध्य स्थित मंगलम इन रिसॉर्ट में सत्संग, भजन, संगीत एवं ध्यान कार्यक्रम के साथ गुरुदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए गायक एवं संगीतज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लेकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की। आर्ट ऑफ लिविंग विश्व की एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था है, जिसकी स्थापना गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। संस्था ध्यान, योग, सुदर्शन क्रिया एवं मानव सेवा के माध्यम से विश्वभर में शांति, प्रेम एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दे रही है। आज यह संस्था 183 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों तक आध्यात्मिकता एवं सेवा का संदेश पहुँचा चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक सामाजिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज का निर्माण करना है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में लाखों स्वयंसेवक सेवा, साधना और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि गुरुदेव के 70वें जन्मोत्सव को विश्वभर में सेवा, साधना एवं सत्संग के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने करोड़ों लोगों को ध्यान, मौन एवं सुदर्शन क्रिया के माध्यम से जीवन जीने की नई दिशा दी है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग उनके साथ ध्यान कर जन्मोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा गुरुजी के जन्मोत्सव पर इस प्रकार का सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायक है। वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि समाज में सेवा, सद्भाव एवं मानवता की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी एवं सफलता में निशांत कुमार, नीलम, राम शंकर, गुरु प्रसाद, गौतम, कन्हैया, रणधीर, गीता, रीना, रचना सहित अनेक गुरु भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*ताप बिजली घरों का परिचालन और रख-रखाव ठेके पर देने के फैसले के विरोध में 13 मई को काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली


लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 13 मई को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि काली पट्टी बांधने का निर्णय पनकी ताप बिजली घर एवं जवाहरपुर ताप बिजली घर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में लिया गया है। कल सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता एवं संविदा कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली घरों के संचालन एवं रख-रखाव को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन की रुचि सुधार में नहीं, बल्कि निजीकरण में है।

संघर्ष समिति ने बताया कि जवाहरपुर ताप बिजली घर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप बिजली घर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए गए हैं। यह जनता की गाढ़ी कमाई का धन है। इतनी बड़ी सार्वजनिक धनराशि खर्च करने के बाद इन बिजली घरों को 25 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को सौंपना प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। ध्यान देने योग्य है कि ताप बिजली घरों की सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मार्च 2023 से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज शाहजहांपुर एवं बरेली में विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

विरोध सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद तथा राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया।

13 मई को राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर अपराह्न 02 बजे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
94150 06225
*ताप बिजली घरों का परिचालन और रख-रखाव ठेके पर देने के फैसले के विरोध में 13 मई को काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे एवं विरोध प्रदर्शन करेंगे बिजली


लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर 13 मई को प्रदेशभर के बिजली कर्मचारी समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर पूरे दिन काली पट्टी बांधकर कार्य करेंगे तथा कार्यालय समय के उपरांत परियोजनाओं एवं कार्यस्थलों पर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।

संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि काली पट्टी बांधने का निर्णय पनकी ताप बिजली घर एवं जवाहरपुर ताप बिजली घर के परिचालन एवं अनुरक्षण का कार्य 25 वर्षों के लिए निजी कंपनी को दिए जाने के विरोध में लिया गया है। कल सभी ऊर्जा निगमों में कार्यरत बिजली कर्मी, जूनियर इंजीनियर, अभियंता एवं संविदा कर्मी पूरे दिन काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम के ताप बिजली घरों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं, लेकिन इसके बावजूद बिजली घरों के संचालन एवं रख-रखाव को निजी कंपनियों को सौंपने की कोशिश की जा रही है। इससे स्पष्ट है कि प्रबंधन की रुचि सुधार में नहीं, बल्कि निजीकरण में है।

संघर्ष समिति ने बताया कि जवाहरपुर ताप बिजली घर लगभग 14,000 करोड़ रुपये तथा पनकी ताप बिजली घर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किए गए हैं। यह जनता की गाढ़ी कमाई का धन है। इतनी बड़ी सार्वजनिक धनराशि खर्च करने के बाद इन बिजली घरों को 25 वर्षों के लिए निजी क्षेत्र को सौंपना प्रदेश की जनता के साथ विश्वासघात है। ध्यान देने योग्य है कि ताप बिजली घरों की सामान्य आयु लगभग 25 वर्ष मानी जाती है।

संघर्ष समिति ने यह भी कहा कि मार्च 2023 से शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे बिजली कर्मचारियों पर की गई समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों को वापस लेने की मांग को लेकर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के अंतर्गत आज शाहजहांपुर एवं बरेली में विरोध सभाएं आयोजित की गईं।

विरोध सभाओं को संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारी जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, सुहेल आबिद तथा राजेंद्र प्रसाद घिल्डियाल ने मुख्य रूप से संबोधित किया।

13 मई को राजधानी लखनऊ में शक्ति भवन पर अपराह्न 02 बजे विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

शैलेन्द्र दुबे
संयोजक
94150 06225
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
*आईआईटी मद्रास बीएस डिग्री प्रोग्राम के आगामी बैच के लिए प्रवेश प्रारंभ, 31 मई आवेदन करने की अंतिम तिथि*

* आईआईटी मद्रास की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमियों के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है

*लखनऊ, मई, 2026:* भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास) के बीएस डिग्री प्रोग्राम ने शैक्षणिक सत्र-2026 के लिए प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दिया है। इसके लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 है। आईआईटी की उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा अधिक से अधिक और विभिन्न पृष्ठभूमि के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए सुलभ बनाने का यह प्रोग्राम कक्षा 12 की पढ़ाई पूरी कर चुके सभी उम्मीदवारों के लिए है और इसमें आयु की कोई सीमा नहीं है।
बीएस इन डेटा साइंस एंड एप्लिकेशंस, बीएस इन इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स, बीएस इन मैनेजमेंट एंड डेटा साइंस और बीएस इन एरोनॉटिक्स एंड स्पेस टेक्नोलॉजी नाम से चार अलग-अलग प्रोग्राम उपलब्ध हैं। इनकी संरचना इस तरह की गई है कि विद्यार्थी स्वतंत्र डिग्री के रूप में या किसी नियमित कॉलेज डिग्री के साथ भी इस प्रोग्राम का लाभ उठाएँ।
इन प्रोग्राम्स में पढ़ाई मुख्य रूप से ऑनलाइन होती है, जबकि शैक्षणिक गुणवत्ता बनाए रखने और विद्यार्थियों की सुविधा के लिए पूरे भारत में मौजूद परीक्षा केंद्रों पर व्यक्तिगत उपस्थिति में परीक्षाएँ आयोजित होती हैं। विद्यार्थी अपनी गति से पढ़ाई कर सकते हैं तथा उन्हें सर्टिफिकेट, डिप्लोमा या डिग्री समेत कई एग्जिट ऑप्शन दिए जाते हैं, ताकि वे शिक्षा और करियर के अपने लक्ष्यों के अनुसार इस सुविधा का लाभ उठाएँ।
आवेदन करने के इच्छुक विद्यार्थी और उनके अभिभावक अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक पोर्टल विजिट कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 31 मई, 2026 की नजदीक आ गई है। इसलिए इच्छुक विद्यार्थी https://study.iitm.ac.in  के माध्यम से आवेदन कर दें।
इन प्रोग्राम्स के बारे में प्रो. प्रताप हरिदोस, डीन (अकादमिक कोर्स), आईआईटी मद्रास ने कहा, “ये बीएस डिग्री प्रोग्राम शिक्षा की गुणवत्ता कायम रखते हुए विद्यार्थियों को अपनी सुविधा से पढ़ाई करने का अवसर देते हैं। हम यह देख रहे हैं कि विद्यार्थियों को डेटा, प्रौद्योगिकी और अंतःविषयी सोच का मजबूत आधार देने की जरूरत बढ़ रही है चाहे वे मुख्य रूप से जिस डिग्री के लिए पढ़ाई कर रहे हों। इस प्रोग्राम के माध्यम से विद्यार्थी अन्य शैक्षणिक या प्रोफेशनल कोर्स के साथ-साथ आईआईटी मद्रास की उच्च स्तरीय शिक्षा प्राप्त कर अच्छे करियर के अवसर बढ़ा सकते हैं।” ‘भविष्य के लिए तैयार कौशल’
आईआईटी मद्रास चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए तैयार कौशल का विकास करें। यह इसलिए जरूरी है, क्योंकि करियर के अवसर तेजी से बदल रहे हैं और उम्मीदवारों से उद्योगों की अपेक्षाएँ बढ़ रही हैं। इसके मद्देनजर इस शिक्षा मॉडल में सब की सुविधा का ध्यान रखा गया है। यह भौगोलिक सीमाओं, पारंपरिक प्रवेश प्रक्रियाओं और कठोर शिक्षण संरचनाओं जैसी बाधाओं को दूर करता है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम में प्रवेश के लिए आम इंजीनियरिंग प्रोग्राम की तरह संयुक्त प्रवेश परीक्षा (जेईई) उत्तीर्ण करना आवश्यक नहीं है। विद्यार्थी एक क्वालिफायर प्रक्रिया के माध्यम से प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। इस तरह आईआईटी मद्रास की शिक्षा पूरे देश के अधिक से अधिक विद्यार्थियों के लिए सुलभ हो गई है।
बीएस डिग्री प्रोग्राम्स की सबसे बड़ी खूबी इनका अन्य अंडरग्रैजुएट कोर्सेस के साथ तालमेल होना है। बीकॉम, बीएससी, बीबीए या इंजीनियरिंग डिग्री के विद्यार्थी इसके साथ-साथ आईआईटी मद्रास के बीएस प्रोग्राम में नामांकन कर सकते हैं। ये उन्हें मुख्य शिक्षा कोर्स करने के साथ-साथ विश्लेषण, प्रौद्योगिकी और निर्णय लेने की क्षमताएं बढ़ाने में सक्षम बनाते हैं।
आज के रोजगार परिदृश्य में डुअल-डिग्री का यह लचीलापन बहुत महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि आम तौर पर संगठन ऐसे ग्रैजुएट चाहते हैं, जो क्षेत्रीय विशेषज्ञता को डेटा के अनुसार काम करने की विशेषज्ञता से जोड़ने में सक्षम हों। साथ ही, उम्मीदवारों से यह अपेक्षा रखते हैं कि उनके पास विभिन्न विषयों को परस्पर जोड़ कर समस्या-समाधान करने का कौशल हो।
आईआईटी मद्रास के बीएस डिग्री प्रोग्राम्स में पूरे भारत के लाखों विद्यार्थी नामांकित हैं। इस तरह जन-जन तक आईआईटी मद्रास की विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचाने का सपना पूरा हो रहा  है। संस्थान सब के विकास पर जोर देते हुए कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि के योग्य उम्मीदवारों को 75 प्रतिशत तक शुल्क सहायता भी प्रदान करता है। यह सुनिश्चित करता है कि अर्थाभाव किसी की पढ़ाई में बाधक नहीं हो।
इन प्रोग्राम्स के करिकुलम उद्योग और शिक्षा जगत के विशेषज्ञों के परामर्श से तैयार किए गए हैं। इनमें व्यावहारिक शिक्षा, वास्तविक जन-जीवन के उपयोगों और नवोदित प्रौद्योगिकियों पर जोर दिया गया है। विद्यार्थियों को अच्छे करियर के उभरते अवसरों के लिए तैयार करने के लिए डेटा विश्लेषण, व्यावसायिक निर्णय, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों जैसे जरूरी शिक्षा क्षेत्रों का अनुभव मिलता है।
देवघर-स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी: दूसरा दिन अंकित पांडेय का ऑलराउंड धमाल, मिश्रा इलेवन को मिली करारी शिकस्त।
देवघर: स्थानीय टेनिस बॉल क्रिकेट के महाकुंभ स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी के दूसरे दिन मैदान पर रनों की बारिश और रोमांचक मुकाबलों का बोलबाला रहा। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अंकित पांडेय का तूफानी प्रदर्शन रहा, जिनकी बदौलत मुकेश फ्लावर ने एकतरफा जीत दर्ज की। मैचों का लेखा-जोखा अंकित की पावर-हिटिंग से दहली विपक्षी टीम आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। मुख्य आकर्षणों का विवरण इस प्रकार है। मुकेश फ्लावर बनाम मिश्रा इलेवन इस मैच में अंकित पांडेय का बल्ला आग उगलता नजर आया। अंकित ने मात्र 37 गेंदों में 92 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 10 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल थे। बल्लेबाजी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा और 3 विकेट चटकाए। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से मुकेश फ्लावर ने मिश्रा इलेवन को 97 रनों के विशाल अंतर से हराया। मां मनसा ऑरेंज लायंस बनाम राजा कैटरिंग एक बेहद करीबी मुकाबले में ऑरेंज लायंस ने राजा कैटरिंग को 3 विकेट से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। वीरांश स्टाइलिश बनाम बादशाह इलेवन वीरांश स्टाइलिश की टीम ने सधे हुए खेल का प्रदर्शन करते हुए बादशाह इलेवन को 13 रनों से पराजित किया। त्रिकाल इलेवन बनाम जोई इलेवन सारवा त्रिकाल इलेवन ने मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए त्रिकाल इलेवन ने 141 रन बनाए, जिसके जवाब में जोई इलेवन मात्र 37 रनों पर ढेर हो गई। त्रिकाल इलेवन की ओर से लोकनाथ और प्रवीण ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट लिए। जोई इलेवन की ओर से केवल कुणाल मिश्रा ही दहाई के आंकड़े तक पहुँच सके। खिलाड़ियों का सम्मान और आयोजन मैच के समापन पर आयोजन समिति के सचिव आशिष झा और कार्यकारी सचिव नीरज झा ने सभी 'मैन ऑफ द मैच' विजेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दीपक दुबे, अजय खवाड़े सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। टेनिस बॉल क्रिकेट: प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम टेनिस बॉल क्रिकेट मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी विकास होता है। स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट यह साबित करते हैं कि यदि सही अवसर मिले, तो गलियों से निकले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल दिखा सकते हैं। टेनिस बॉल क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसे आयोजन खेल जगत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह खेल की सादगी और रोमांच ही है जो हजारों दर्शकों को मैदान की ओर खींच लाता है।
देवघर के डीएवी भंडारकोला के विद्यार्थियों ने बारहवीं की सीबीएसई बोर्ड परीक्षा में शत प्रतिशत सफलता प्राप्त कर लहराया परचम।
देवघर: गीता देवी डी.ए.वी. पब्लिक स्कूल, भंडारकोला, के विद्यार्थियों ने सीबीएसई की बारहवीं की बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय का नाम रौशन किया। विद्यार्थियों की शानदार सफलता से विद्यालय परिसर में हर्ष एवं उत्साह का वातावरण व्याप्त है। विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने विज्ञान एवं वाणिज्य कला संकाय में बेहतरीन अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विज्ञान संकाय में 91.4 प्रतिशत अंक के साथ सुंदरम प्रथम स्थान, 85 प्रतिशत अंक के साथ प्रथम राज दूसरे और 84 प्रतिशत अंक के साथ मो असजद अंसारी तीसरे स्थान पर रहे। वाणिज्य संकाय में 90.6 प्रतिशत अंक के साथ ओम भारद्वाज प्रथम, 86.6 प्रतिशत अंक के साथ ऋचा सिंह दूसरे और 83.6 प्रतिशत अंक के साथ क्रमशः श्रेयश कुमार और निधि कुमारी तीसरे स्थान पर रहे। विद्यार्थियों की इस उपलब्धि का श्रेय उनके कठिन परिश्रम, शिक्षकों के मार्गदर्शन एवं अभिभावकों के सहयोग को दिया गया। विद्यालय के प्राचार्य ने सभी सफल विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत, अनुशासन एवं शिक्षकों की समर्पित शिक्षण पद्धति का प्रतिफल है। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें जीवन में निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।