डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

गंगा एक्सप्रेसवे लूटकांड: दो और वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पहले ही कई को भेज चुकी है जेल*

रितेश मिश्रा
सवायजपुर हरदोई/गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कुछ दिन पहले हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में फरार चल रहे दो और वांछित आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार, मुकदमे का मुख्य अभियुक्त नीतेश उर्फ छोटू अपने एक साथी के साथ जमानत करवाने के उद्देश्य से अपने ससुराल बरवन लोनार आया हुआ था। रात्रि का फायदा उठाकर वह अपने ससुरालियों से मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से पैदल हुल्लापुर की ओर जा रहा था।मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। उपनिरीक्षक अतुल गुप्ता, उपनिरीक्षक रंजीत चौधरी समेत पुलिस टीम को मुबारकपुर पुलिया के पास चेकिंग के निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार भी पुलिस बल और मुखबिर के साथ मौके पर पहुंचे और सघन चेकिंग शुरू की गई।इसी दौरान सर्विस लेन पर करीब 100 मीटर दूरी पर दो संदिग्ध युवक तेजी से रुपापुर की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुबारकपुर पुलिया के अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे खितौली जाने वाली सर्विस लेन पर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों आरोपी पहले से वांछित चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस अन्य एक संभावित आरोपी की तलाश में भी जुटी हुई है
भोपाल देहात पुलिस का दस्तक अभियान, गौकशी आरोपियों पर कड़ी नजर

भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गौकशी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 की रात पुलिस ने व्यापक स्तर पर “दस्तक अभियान” चलाया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने आरोपियों के निवास स्थलों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया।

विशेष रूप से थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए पहले से संलिप्त रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए कुछ लोगों को थाने लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की वर्तमान स्थिति की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी और मजबूत कर दी गई है।

भोपाल देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौकशी जैसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।

बाराबंकी में पर्यटन विकास को मिली रफ्तार, 702 लाख रुपये की 10 परियोजनाएं स्वीकृत
* आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा पर्यटन, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : जयवीर सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बाराबंकी जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास को गति देते हुए 702 लाख रुपये की लागत से 10 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। ये परियोजनाएं राज्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत की गई हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीएनडीएस कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है। संस्था को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शीघ्र लाभ मिल सके।

* इन स्थलों का होगा विकास
मंत्री ने बताया कि कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के करौंदी स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के विकास हेतु 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के अलियाबाद स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर के लिए 55 लाख रुपये तथा हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हसवापुर मजरे खैरा कंकू स्थित ठाकुर राधाकृष्ण महाराज मंदिर के विकास हेतु 59 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
रामनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित कोटवाधाम जगजीवन दास मंदिर के लिए 150 लाख रुपये, बाराबंकी आवास विकास कॉलोनी कोठी डीह स्थित स्वामी चेतना जी महाराज शिवा योगपीठ योग आश्रम के लिए 86 लाख रुपये तथा जैदपुर ब्लॉक मसौली स्थित ज्वालामुखी मंदिर के लिए 70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा हैदरगढ़ क्षेत्र के जलालपुर स्थित नैपुरा घाट गोमती नदी तट पर मंदिर प्रांगण में इंटरलॉकिंग कार्य हेतु 48 लाख रुपये दिए गए हैं। कुर्सी विकासखंड फतेहपुर के ग्राम गौरा सैलक स्थित गंगापुर घाट सुमली नदी किनारे बहुउद्देशीय सुविधाओं के लिए 48 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
रामनगर क्षेत्र के कालभैरव मंदिर श्रीनाथ बाबा, ग्राम शहादगंज मजरे लालपुर में पर्यटन विकास हेतु 48 लाख रुपये तथा हैदरगढ़ के ग्राम बेहटा स्थित बाबा टीकाराम तीर्थ स्थल पर बहुउद्देशीय सुविधाओं के विकास के लिए भी 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, रोजगार मिलेगा
जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश भर के विरासत एवं आस्था स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनगणना पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक किया गया आयोजित

*गोण्डा 27 अप्रैल,2026*। जनपद में प्रस्तावित जनगणना- 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण चार्जों में प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण नगर पंचायत परसपुर, नगर पंचायत धानेपुर, तहसील करनैलगंज तथा तहसील मनकापुर में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना से जुड़े कार्मिकों को मकान सूचीकरण, भवनों के वर्गीकरण, परिवारों की पहचान,7 तथा डेटा संकलन की सटीक प्रक्रिया से अवगत कराना था। इस दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल एवं मैनुअल दोनों माध्यमों से जानकारी संकलित करने की विधियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, उन्हें फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों एवं उनके समाधान के बारे में भी समझाया गया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन अनुभवी फील्ड ट्रेनर्स श्री विपिन चन्द्र वर्मा एवं श्री राखाराम गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की महत्ता, गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी तथा सटीक एवं निष्पक्ष आंकड़ा संकलन के महत्व पर विशेष बल दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रायोगिक अभ्यास (प्रैक्टिकल सेशन) भी आयोजित किए गए, जिससे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त हो सके। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण की आधारशिला होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करेंगे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। प्रशासन द्वारा आशा व्यक्त की गई कि प्रशिक्षित कार्मिक आगामी जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों का 'हरियाली घोटाला'
: जेडीयू प्रबुद्ध प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय ने दी आंदोलन की चेतावनी


लखनऊ/सुल्तानपुर। जनपद में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर किए गए लाखों-करोड़ों रुपये के कथित गबन ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले को लेकर *जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जेल नहीं भेजा गया और लूटी गई पाई-पाई की वसूली नहीं हुई, तो वे एक 'प्रबल आंदोलन' के लिए विवश होंगे।

कागजों पर लहरा रहे जंगल, जमीन पर धूल और सूखा

शिकायतकर्ता संतराम (पुत्र मनीराम निषाद) द्वारा जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025–26 में वृक्षारोपण के नाम पर भारी-भरकम धनराशि का फर्जी भुगतान किया गया है। मौके पर स्थिति इसके उलट है:

दिखाया गया खर्च: विभिन्न मार्गों और ग्राम समाजों में ₹1.90 लाख से ₹1.92 लाख प्रति यूनिट का खर्च।

जमीनी हकीकत: शादीपुर, कबरी, धमौर-रवि मार्ग और गोपालपुर माइनर जैसे क्षेत्रों में न तो गड्ढे खोदे गए और न ही पौधे लगाए गए।

गड्ढा खुदाई का 'खेल': कुड़वार ब्लॉक में 35,000 गड्ढों का लक्ष्य कागजों पर पूरा दिखाया गया, लेकिन धरातल पर एक भी गड्ढा अस्तित्व में नहीं मिला।

मजदूरों के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार

आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों के खातों में फर्जी तरीके से 'मजदूरों का भुगतान' ट्रांसफर किया। मास्टर रोल में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए जिन्होंने कभी कार्यस्थल देखा तक नहीं। हद तो तब हो गई जब शिकायतकर्ता पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा।

भ्रष्टाचारियों की सही जगह जेल है" – ओमप्रकाश उपाध्याय

मामले की गंभीरता को देखते हुए *जेडीयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
> "प्रदेश में मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद वन विभाग के अधिकारी सरकारी धन पर डकैती डाल रहे हैं। विगत तीन वर्षों के वृक्षारोपण की निष्पक्ष जांच हो जाए तो जनपद का सबसे बड़ा घोटाला उजागर होगा। अधिकारी इस पर मिट्टी डालकर बैठे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया:

1. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
2. जनता के धन की लूट की एक-एक पाई की रिकवरी की जाए।
3. यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' नहीं किया, तो भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा।

नए डीएम पर टिकी निगाहें
नवनियुक्त जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस पाता है या यह फाइल भी पिछली फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चली जाती है।
डी मोनफोर अकादमी में पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन वर्कशॉप आयोजित
मेरठ, बहसूमा। डी मोनफोर अकादमी में छात्रों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए ‘पर्सनालिटी डेवलपमेंट और इंग्लिश कन्वर्सेशन’ विषय पर एक विशेष वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला का उद्देश्य छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाना, अंग्रेजी बोलचाल में सुधार करना तथा संवाद शैली को प्रभावशाली बनाना रहा।

कार्यक्रम के दौरान छात्रों को आत्मविश्वास निर्माण (Build Confidence), अंग्रेजी बोलचाल (Improve Speaking) और बेहतर संवाद शैली (Enhance Communication) के विभिन्न तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. विकास लांबा एवं डॉ. शालिनी लांबा द्वारा किया गया। दोनों विशेषज्ञों ने अपने अनुभव और प्रभावशाली प्रशिक्षण शैली से छात्रों को सक्रिय रूप से जोड़े रखा तथा व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से महत्वपूर्ण बातें समझाईं।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ व्यवहारिक ज्ञान और मंच पर बोलने का साहस ही छात्र को जीवन की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।

विद्यालय की निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज के दौर में बेहतर कम्युनिकेशन स्किल्स ही सफलता की असली कुंजी है। उन्होंने छात्रों को अपनी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पर विशेष ध्यान देने के लिए प्रेरित किया।

विद्यालय के निदेशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि विद्यालय का निरंतर प्रयास है कि छात्रों को ऐसा मंच प्रदान किया जाए, जहां वे अपनी झिझक छोड़कर एक आत्मविश्वासी व्यक्तित्व के रूप में उभर सकें। उन्होंने कहा कि अनुशासन और सही मार्गदर्शन से ही व्यक्तित्व निखरता है।

अंत में विद्यालय की उप-प्रधानाचार्या श्रीमती ऋतु चिकारा ने वर्कशॉप के प्रैक्टिकल सेशन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सत्रों से छात्रों की सीखने की क्षमता बढ़ती है और उनका मनोबल ऊंचा होता है।

वर्कशॉप में विद्यालय के छात्रों ने बड़े उत्साह के साथ भाग लिया और व्यवहारिक अभ्यास के माध्यम से महत्वपूर्ण कौशल सीखकर लाभ प्राप्त किया।
मध्यप्रदेश में श्रम स्टार रेटिंग पहल को व्यापक स्वीकृति, 554 कारखानों ने पाई रेटिंग

भोपाल। मध्यप्रदेश शासन के श्रम विभाग द्वारा शुरू की गई श्रम स्टार रेटिंग पहल को प्रदेशभर के उद्योगों से उत्साहजनक प्रतिसाद मिल रहा है। इस अभिनव पहल का उद्देश्य कारखानों में श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करना तथा श्रमिकों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और कल्याण से जुड़ी सर्वोत्तम व्यवस्थाओं को बढ़ावा देना है।

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, मध्यप्रदेश इंदौर श्रीमती नमिता तिवारी ने बताया कि अब तक प्रदेश के 554 कारखानों ने स्व-मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त की है। इनमें बड़ी, मध्यम और लघु श्रेणी की अनेक विनिर्माण इकाइयाँ शामिल हैं, जो इस पहल की बढ़ती स्वीकार्यता को दर्शाती हैं।

  • श्रमिक हितों की सुरक्षा का प्रमाण

श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कारखाने इस बात का संकेत हैं कि संबंधित कार्यस्थलों पर बाल श्रम और बंधुआ श्रम पूर्णतः प्रतिबंधित है तथा श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा रहा है। यह पहल उद्योगों में सुरक्षित, जिम्मेदार और श्रमिक हितैषी वातावरण विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

*श्रम स्टार रेटिंग पाने वाले पहले पाँच कारखाने

श्रम विभाग के अनुसार श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त करने वाले प्रथम पाँच कारखाने इस प्रकार हैं—

1. UltraTech Cement Limited Unit Birla White, कटनी

2. JK White (Unit of J K Cement Ltd.), कटनी

3. Mahakaushal Refractories Pvt. Ltd., कटनी

4. Udaipur Beverages Ltd., जबलपुर

5. KEC International Ltd., जबलपुर

  • उद्योगों को भी मिल रहे कई लाभ

इस प्रणाली को अपनाने से न केवल श्रमिकों के हित सुरक्षित होते हैं, बल्कि उद्योगों को भी कई प्रत्यक्ष लाभ मिलते हैं। इससे उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ता है, निवेशकों का भरोसा मजबूत होता है और बाजार में संस्थानों की प्रतिष्ठा बढ़ती है। साथ ही प्रमाणित कारखानों को ग्राहकों की प्राथमिकता मिलने की संभावना भी अधिक रहती है।

  • अन्य उद्योगों से भी अपील

संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा ने प्रदेश के अन्य कारखानों से भी अपील की है कि वे इस पहल में सक्रिय रूप से भाग लें और श्रम स्टार रेटिंग प्राप्त कर अपने संस्थानों को सुरक्षित, उत्तरदायी और विश्वसनीय कार्यस्थल के रूप में स्थापित करें।

भारत की ज्ञान परंपरा एवं ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना : डॉ सौरभ मालवीय


सुल्तानपुर। सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय विवेकानन्द नगर सुल्तानपुर में विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षा संस्थान पूर्वी उत्तर प्रदेश की दो दिवसीय क्षेत्रीय संस्कृति महोत्सव, वैदिक गणित एवं विज्ञान मेला कार्य योजना बैठक का आयोजन किया गया।दीप प्रज्ज्वलन एवं सरस्वती वन्दना के पश्चात् प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने अतिथियों का परिचय कराया।

अतिथि सम्मान के उपरान्त  परियोजना बैठक को संबोधित करते हुए उद्घाटन सत्र के मुख्य वक्ता विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के मंत्री एवं लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डॉ सौरभ मालवीय ने कहा कि हम वर्ष भर की योजना बनाएं।जिस पर मनोयोग पूर्ण ढंग से कार्य करें। हम अखिल भारतीय स्तर पर कुछ कर सकें।इस दृष्टिकोण से योजना बनाएं। विद्या भारती में विज्ञान मेला, वैदिक गणित और संस्कृति बोध परियोजना की आवश्यकता इसलिए पड़ी कि भारतीय ज्ञान परंपरा का मूल गणित,मूल स्वभाव, श्रुति परंपरा को मुगलों, अंग्रेजों ने जो षड्यंत्र पूर्वक नष्ट करने का  प्रयास किया, उसे पुनरुज्जीवित करना है। जिस ज्ञान ने सम्पूर्ण भारत को पूरब से पश्चिम और उत्तर से दक्षिण तक जोड़े रखा। उस ज्ञान परंपरा,ऋषि परंपरा को बाल मन में संजोना है।हम वन्दना सत्र,भोजन मंत्र और चित्र प्रदर्शनी के माध्यम से उनके भीतर यह भाव भरने का कार्य करते हैं।  भारत के भावी कर्णधारों के भीतर भारतीय संस्कृति ज्ञान परंपरा का भाव भरकर हम इस मंच से एक सार्थक संदेश दे सकें, यही हमारा मूल उद्देश्य है।
कार्यक्रम कोअखिल भारतीय वैदिक गणित संयोजक देवेन्द्र राव देशमुख क्षेत्र के सह क्षेत्रीय संगठन मंत्री डॉ राममनोहर एवं काशी प्रांत के प्रदेश निरीक्षक शेषधर द्विवेदी ने भी सम्बोधित किया। इससे पूर्व क्षेत्रीय विज्ञान मेला प्रमुख बांके बिहारी पाण्डेय,क्षेत्रीय संस्कृति बोध परियोजना प्रमुख राजकुमार सिंह एवं वैदिक गणित परियोजना प्रमुख संतोष सिंह ने सत्र 2026-27  का संक्षिप्त वृत्त निवेदन किया।
“रिसर्च और समीक्षा से ही सुधरेगी इलाज व्यवस्था”

  • एसीएस अशोक वर्णवाल की सख्त हिदायत, रीवा मेडिकल कॉलेज में गहन समीक्षा बैठक

रीवा। चिकित्सा शिक्षा और उपचार सेवाओं को अधिक प्रभावी, आधुनिक और जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अशोक वर्णवाल ने रीवा मेडिकल कॉलेज सभागार में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर व्यवस्थाओं का गहन परीक्षण किया। उन्होंने विभागाध्यक्षों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी विभाग अपने कार्यों की नियमित समीक्षा करें और कमियों को तत्काल दूर करें।

बैठक में एसीएस ने कहा कि मेडिकल कॉलेजों में रिसर्च वर्क को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। विद्यार्थियों को मौलिक शोध के लिए प्रोत्साहित किया जाए तथा उनके शोधपत्र राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर प्रकाशित हों। उन्होंने कहा कि वर्तमान रिसर्च आउटपुट संतोषजनक नहीं है, इसमें व्यापक सुधार की आवश्यकता है।

उन्होंने प्रसूति एवं शिशु रोग विभाग में होने वाली मौतों को गंभीर विषय बताते हुए कहा कि प्रत्येक मामले का प्रोटोकॉल के अनुसार ऑडिट कराया जाए और सामने आने वाली कमियों को दूर कर मृत्यु दर कम की जाए।

  • उपचार सुविधाओं के विस्तार पर जोर

अशोक वर्णवाल ने मेडिकल कॉलेज में उपचार सुविधाओं के विस्तार के लिए ठोस कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। इसमें मशीनरी, भवन, नर्सिंग स्टाफ और अन्य मानव संसाधनों की जरूरतों का स्पष्ट उल्लेख करने को कहा गया।

उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज एवं संबद्ध अस्पतालों में वर्तमान में बेड उपलब्ध हैं। इसके अनुरूप नर्सिंग स्टाफ की भर्ती सुनिश्चित की जाए। साथ ही सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्यों की सराहना करते हुए विशेष रूप से कार्डियोलॉजी विभाग की उपलब्धियों को सराहा। उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पताल की आय को दोबारा स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार में लगाया जाए तथा डीएमएफ, सीएसआर और दानदाताओं के माध्यम से अतिरिक्त संसाधन जुटाए जाएं।

  • आंकड़ों की सटीकता पर भी सवाल

प्रसूति विभाग में 42,794 मरीजों के भर्ती होने और उनमें 30 प्रतिशत से अधिक मामलों में मेजर ऑपरेशन होने पर एसीएस ने चिंता जताई और आंकड़ों की सटीकता की समीक्षा के निर्देश दिए। पीडियाट्रिक विभाग के आंकड़ों को भी व्यवस्थित करने को कहा गया।

  • रेफरल व्यवस्था पर सख्त निर्देश

उन्होंने स्पष्ट कहा कि मेडिकल College से मरीजों को रेफर करने की नौबत कम से कम आए, ऐसी मजबूत व्यवस्था विकसित की जाए। जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी उपचार सेवाएं मजबूत करने पर जोर दिया गया, ताकि अनावश्यक रेफरल रोके जा सकें।

  • मेडिकल कॉलेज विस्तार की योजना

बैठक में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. सुनील अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में एमबीबीएस सीटें 150 से बढ़ाकर 250 करने का प्रस्ताव तैयार है। साथ ही डेंटल कॉलेज स्थापना, कैंसर यूनिट में भर्ती और सुपर स्पेशलिटी अस्पताल विस्तार पर भी कार्य जारी है।

बैठक में रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद, अधीक्षक डॉ. अक्षय श्रीवास्तव, डॉ. राहुल मिश्रा, क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य डॉ. एसबी अवधिया, डॉ. यत्नेश त्रिपाठी सहित विभागाध्यक्ष एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।


भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।

इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।

उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।

श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।

मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।

श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।

गंगा एक्सप्रेसवे लूटकांड: दो और वांछित आरोपी गिरफ्तार, पुलिस पहले ही कई को भेज चुकी है जेल*

रितेश मिश्रा
सवायजपुर हरदोई/गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस रोड पर कुछ दिन पहले हुई लूट की घटना का खुलासा पुलिस पहले ही कर चुकी है, जिसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इसी क्रम में फरार चल रहे दो और वांछित आरोपियों को पुलिस ने धर दबोचा।
जानकारी के अनुसार, मुकदमे का मुख्य अभियुक्त नीतेश उर्फ छोटू अपने एक साथी के साथ जमानत करवाने के उद्देश्य से अपने ससुराल बरवन लोनार आया हुआ था। रात्रि का फायदा उठाकर वह अपने ससुरालियों से मिलने के बाद पकड़े जाने के डर से गंगा एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन से पैदल हुल्लापुर की ओर जा रहा था।मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। उपनिरीक्षक अतुल गुप्ता, उपनिरीक्षक रंजीत चौधरी समेत पुलिस टीम को मुबारकपुर पुलिया के पास चेकिंग के निर्देश दिए गए। थानाध्यक्ष प्रिंस कुमार भी पुलिस बल और मुखबिर के साथ मौके पर पहुंचे और सघन चेकिंग शुरू की गई।इसी दौरान सर्विस लेन पर करीब 100 मीटर दूरी पर दो संदिग्ध युवक तेजी से रुपापुर की ओर जाते दिखाई दिए। पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया, लेकिन दोनों भागने लगे। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर मुबारकपुर पुलिया के अंडरपास से लगभग 100 मीटर आगे खितौली जाने वाली सर्विस लेन पर दोनों को पकड़ लिया। पकड़े गए दोनों आरोपी पहले से वांछित चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ विधिक कार्यवाही करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है। साथ ही पुलिस अन्य एक संभावित आरोपी की तलाश में भी जुटी हुई है
भोपाल देहात पुलिस का दस्तक अभियान, गौकशी आरोपियों पर कड़ी नजर

भोपाल। भोपाल देहात पुलिस ने जिले में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और गौकशी जैसी अवैध गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए विशेष अभियान तेज कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जिले के सभी थाना क्षेत्रों में पूर्व में चिन्हित आरोपियों की सूची तैयार कर उनकी लगातार निगरानी की जा रही है।

इसी क्रम में 26 अप्रैल 2026 की रात पुलिस ने व्यापक स्तर पर “दस्तक अभियान” चलाया। अभियान के तहत पुलिस टीमों ने आरोपियों के निवास स्थलों पर पहुंचकर उनकी गतिविधियों का गहन सत्यापन किया।

विशेष रूप से थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र में हुई गौकशी की घटना के अज्ञात आरोपियों को चिन्हित करने के लिए पहले से संलिप्त रहे संदिग्ध व्यक्तियों की सघन जांच की गई। इस दौरान संदिग्ध पाए गए कुछ लोगों को थाने लाकर उनसे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।

अभियान के दौरान पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर दबिश देकर आरोपियों की वर्तमान स्थिति की जांच की और उन्हें सख्त चेतावनी दी कि भविष्य में किसी भी अवैध गतिविधि में शामिल पाए जाने पर कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संदिग्ध व्यक्तियों पर निगरानी और मजबूत कर दी गई है।

भोपाल देहात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि गौकशी जैसे अपराधों के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। थाना सूखी सेवनिया क्षेत्र की घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई जारी है और जल्द ही मामले का खुलासा किए जाने की संभावना है।

बाराबंकी में पर्यटन विकास को मिली रफ्तार, 702 लाख रुपये की 10 परियोजनाएं स्वीकृत
* आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा पर्यटन, स्थानीय रोजगार को मिलेगा बढ़ावा : जयवीर सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बाराबंकी जनपद की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास को गति देते हुए 702 लाख रुपये की लागत से 10 परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की है। ये परियोजनाएं राज्य योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत की गई हैं।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि इन परियोजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी सीएनडीएस कार्यदायी संस्था को सौंपी गई है। संस्था को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को शीघ्र लाभ मिल सके।

* इन स्थलों का होगा विकास
मंत्री ने बताया कि कुर्सी विधानसभा क्षेत्र के करौंदी स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर के विकास हेतु 90 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। दरियाबाद विधानसभा क्षेत्र के अलियाबाद स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर के लिए 55 लाख रुपये तथा हैदरगढ़ विधानसभा क्षेत्र के हसवापुर मजरे खैरा कंकू स्थित ठाकुर राधाकृष्ण महाराज मंदिर के विकास हेतु 59 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं।
रामनगर विधानसभा क्षेत्र स्थित कोटवाधाम जगजीवन दास मंदिर के लिए 150 लाख रुपये, बाराबंकी आवास विकास कॉलोनी कोठी डीह स्थित स्वामी चेतना जी महाराज शिवा योगपीठ योग आश्रम के लिए 86 लाख रुपये तथा जैदपुर ब्लॉक मसौली स्थित ज्वालामुखी मंदिर के लिए 70 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
इसके अलावा हैदरगढ़ क्षेत्र के जलालपुर स्थित नैपुरा घाट गोमती नदी तट पर मंदिर प्रांगण में इंटरलॉकिंग कार्य हेतु 48 लाख रुपये दिए गए हैं। कुर्सी विकासखंड फतेहपुर के ग्राम गौरा सैलक स्थित गंगापुर घाट सुमली नदी किनारे बहुउद्देशीय सुविधाओं के लिए 48 लाख रुपये स्वीकृत हुए हैं।
रामनगर क्षेत्र के कालभैरव मंदिर श्रीनाथ बाबा, ग्राम शहादगंज मजरे लालपुर में पर्यटन विकास हेतु 48 लाख रुपये तथा हैदरगढ़ के ग्राम बेहटा स्थित बाबा टीकाराम तीर्थ स्थल पर बहुउद्देशीय सुविधाओं के विकास के लिए भी 48 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
* श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ेगी, रोजगार मिलेगा
जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश भर के विरासत एवं आस्था स्थलों का कायाकल्प किया जा रहा है। इसका उद्देश्य धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण कर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन स्थलों पर सुविधाएं बढ़ने से श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
जनगणना पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक किया गया आयोजित

*गोण्डा 27 अप्रैल,2026*। जनपद में प्रस्तावित जनगणना- 2027 के प्रथम चरण “मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना” के सफल क्रियान्वयन के उद्देश्य से विभिन्न नगरीय एवं ग्रामीण चार्जों में प्रगणकों तथा पर्यवेक्षकों के प्रथम बैच का तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया गया। यह प्रशिक्षण नगर पंचायत परसपुर, नगर पंचायत धानेपुर, तहसील करनैलगंज तथा तहसील मनकापुर में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनगणना से जुड़े कार्मिकों को मकान सूचीकरण, भवनों के वर्गीकरण, परिवारों की पहचान,7 तथा डेटा संकलन की सटीक प्रक्रिया से अवगत कराना था। इस दौरान प्रतिभागियों को डिजिटल एवं मैनुअल दोनों माध्यमों से जानकारी संकलित करने की विधियों का विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही, उन्हें फील्ड में आने वाली संभावित चुनौतियों एवं उनके समाधान के बारे में भी समझाया गया। प्रशिक्षण सत्रों का संचालन अनुभवी फील्ड ट्रेनर्स श्री विपिन चन्द्र वर्मा एवं श्री राखाराम गुप्ता द्वारा किया गया। उन्होंने प्रतिभागियों को जनगणना कार्य की महत्ता, गोपनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी तथा सटीक एवं निष्पक्ष आंकड़ा संकलन के महत्व पर विशेष बल दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रायोगिक अभ्यास (प्रैक्टिकल सेशन) भी आयोजित किए गए, जिससे प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव प्राप्त हो सके। अधिकारियों द्वारा बताया गया कि जनगणना देश की विकास योजनाओं के निर्माण की आधारशिला होती है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सभी प्रतिभागियों से अपेक्षा की गई कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा एवं पारदर्शिता के साथ करेंगे। प्रशिक्षण के समापन पर प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए तथा इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया। प्रशासन द्वारा आशा व्यक्त की गई कि प्रशिक्षित कार्मिक आगामी जनगणना कार्य को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
वृक्षारोपण के नाम पर करोड़ों का 'हरियाली घोटाला'
: जेडीयू प्रबुद्ध प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय ने दी आंदोलन की चेतावनी


लखनऊ/सुल्तानपुर। जनपद में वन विभाग द्वारा वृक्षारोपण के नाम पर किए गए लाखों-करोड़ों रुपये के कथित गबन ने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। इस मामले को लेकर *जनता दल (यूनाइटेड) उत्तर प्रदेश के प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों को जेल नहीं भेजा गया और लूटी गई पाई-पाई की वसूली नहीं हुई, तो वे एक 'प्रबल आंदोलन' के लिए विवश होंगे।

कागजों पर लहरा रहे जंगल, जमीन पर धूल और सूखा

शिकायतकर्ता संतराम (पुत्र मनीराम निषाद) द्वारा जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025–26 में वृक्षारोपण के नाम पर भारी-भरकम धनराशि का फर्जी भुगतान किया गया है। मौके पर स्थिति इसके उलट है:

दिखाया गया खर्च: विभिन्न मार्गों और ग्राम समाजों में ₹1.90 लाख से ₹1.92 लाख प्रति यूनिट का खर्च।

जमीनी हकीकत: शादीपुर, कबरी, धमौर-रवि मार्ग और गोपालपुर माइनर जैसे क्षेत्रों में न तो गड्ढे खोदे गए और न ही पौधे लगाए गए।

गड्ढा खुदाई का 'खेल': कुड़वार ब्लॉक में 35,000 गड्ढों का लक्ष्य कागजों पर पूरा दिखाया गया, लेकिन धरातल पर एक भी गड्ढा अस्तित्व में नहीं मिला।

मजदूरों के नाम पर लूट और भ्रष्टाचार

आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने अपने चहेतों के खातों में फर्जी तरीके से 'मजदूरों का भुगतान' ट्रांसफर किया। मास्टर रोल में ऐसे लोगों के नाम शामिल किए गए जिन्होंने कभी कार्यस्थल देखा तक नहीं। हद तो तब हो गई जब शिकायतकर्ता पर विभागीय कर्मचारियों द्वारा शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया जाने लगा।

भ्रष्टाचारियों की सही जगह जेल है" – ओमप्रकाश उपाध्याय

मामले की गंभीरता को देखते हुए *जेडीयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष ओमप्रकाश उपाध्याय* ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा:
> "प्रदेश में मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के बावजूद वन विभाग के अधिकारी सरकारी धन पर डकैती डाल रहे हैं। विगत तीन वर्षों के वृक्षारोपण की निष्पक्ष जांच हो जाए तो जनपद का सबसे बड़ा घोटाला उजागर होगा। अधिकारी इस पर मिट्टी डालकर बैठे हैं, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

उन्होंने जिला प्रशासन को चेतावनी देते हुए स्पष्ट किया:

1. दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को तत्काल निलंबित कर सलाखों के पीछे भेजा जाए।
2. जनता के धन की लूट की एक-एक पाई की रिकवरी की जाए।
3. यदि जिला प्रशासन ने जल्द ही 'दूध का दूध और पानी का पानी' नहीं किया, तो भ्रष्टाचारियों को बेनकाब करने के लिए व्यापक जन-आंदोलन किया जाएगा।

नए डीएम पर टिकी निगाहें
नवनियुक्त जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह के लिए यह मामला एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अब देखना यह है कि क्या प्रशासन इन रसूखदार भ्रष्टाचारियों पर नकेल कस पाता है या यह फाइल भी पिछली फाइलों की तरह ठंडे बस्ते में चली जाती है।