स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया
थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के दुधली खादर मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना हस्तिनापुर वन विभाग की रेंजर खुशबू उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ने की तैयारी की गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम में सोनू कुंडा, नितिन, अंकित यादव, अतुल दुबे, नितिन त्यागी, अतुल स्वामी, ऊदल सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों में रजनीश, भोलू, रामबीर, सोनू वर्मा, तुषार, जोनी, राहुल आदि ने मगरमच्छ को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वन विभाग अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगली जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव खेडी कला खादर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराई गई वन भूमि

संवाददाता/परविंदर चौधरी


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खेड़ी कला खादर में सोमवार दिनांक 18/05/2026 को प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से विवादित पड़ी एम.एल.सी की भूमि एवं वन विभाग की भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम तथा वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, थाना हस्तिनापुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। बताया गया कि भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से वन एवं एमएलसी की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी तथा आज ट्रैक्टरों के के द्वारा करीब 200-400 बीघा (भूमि ) जमीन को जोत कर कब्जा मुक्त कराया गया और भविष्य में बची हुई भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इस भूमि से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई थी। कई बार इस भूमि को लेकर तनाव एवं खूनी रंजिश जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। वन विभाग की टीम वन दरोगा, अतुल स्वामी, अंकित यादव, ऋषभ कुमार, नितिन फौजी, वनरक्षक अशोक, वनरक्षक रवि चपराना , वनरक्षक डालचंद, वाचर अमित, पवन,हर्षित चौहान, राजेंद्र,ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराते हुए कब्जामुक्त कराया। खेड़ी कला के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के कब्जे के कारण उनकी पैतृक एवं लगानी भूमि लगातार प्रभावित हो रही थी। खेतों के आसपास अवैध कब्जों के चलते नीलगाय व अन्य जंगली पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे किसान परेशान थे।
वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभयारण क्षेत्र की वन भूमि है, जो वन्य जीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा तथा वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग से कानूनगो सीताराम, पटवारी नीरज तोमर, थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने  उपनिरीक्षक मनीष, उपनिरीक्षक निर्दोष कुमार सहित पूरी पुलिस टीम एवं महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और इस प्रशासनिक कार्य में अड़चन भी आई कुछ किसानों ने इसका विरोध किया जिससे पुलिस बल ने उन्हें समझाया ,प्रशासनिक अपने प्रशासनिक कार्य में कोई भी हस्तीक्षेप किया तो आपको पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा , और सभी ने कार्रवाई का समर्थन किया।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था। 

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय: सुशील पाण्डेय कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 18 मई, 2026 — समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने पार्टी की ओर से इसकी कड़ी निंदा की है और सरकार से तुरंत मुआवजा व जवाबदेही की मांग की है। कान्हजी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। सरकार को संवाद और संवेदनशीलता से समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि बल प्रयोग कर। किसी भी व्यवस्थित प्रक्रिया के बिना हिंसा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और यह नागरिकों के विश्वास को कमज़ोर करता है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता समाज लोकतंत्र और न्यायपालिका का अहम स्तम्भ है। वकील न केवल न्याय दिलाते हैं, बल्कि संविधान और कानून की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के चैम्बरों पर बुलडोजर चलाना केवल भवन नष्ट करना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता समाज के सम्मान पर सीधा आघात है। सपा नेता ने कहा कि लखनऊ में जिस प्रकार कार्रवाई की गई, वह पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार कर सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कान्हजी ने मांग की कि सरकार घटना की निष्पक्ष जांच कराए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और प्रभावितों को उचित मुआवजा दे। समाजवादी पार्टी की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि भविष्य में इस तरह की कार्यवाही से पहले संबंधित संगठनों से बातचीत की जाए और संवेदनशीलता के साथ विवादों का हल निकाला जाए ताकि लोकतंत्र की मर्यादा व कानून व्यवस्था बनी रहे।
स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के तहत पीवीयूएनएल द्वारा कटिया मार्केट में स्वच्छता अभियान आयोजित

पतरातु, 19 मई 2026: स्वच्छता पखवाड़ा 2026 के अंतर्गत आज Patratu Vidyut Utpadan Nigam Limited द्वारा कटिया मार्केट क्षेत्र में व्यापक स्वच्छता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का नेतृत्व पीवीयूएनएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी Shri A.K. Sehgal ने किया। इस अवसर पर श्री अनुपम मुखर्जी, सीजीएम (प्रोजेक्ट), श्री मनीष खेतरपाल, जीएम (ओ एंड एम), तथा श्री जियाउर रहमान, एचओएचआर सहित बड़ी संख्या में कर्मचारियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।

अभियान के दौरान कटिया मार्केट परिसर में स्वच्छता अभियान चलाकर आसपास के क्षेत्र की साफ-सफाई की गई। साथ ही लोगों के उपयोग हेतु विभिन्न स्थानों पर डस्टबिन वितरित एवं स्थापित किए गए, ताकि क्षेत्र में स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जनभागीदारी को बढ़ावा मिल सके।

इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों द्वारा स्थानीय दुकानदारों एवं आमजन को कचरा प्रबंधन, सूखा एवं गीला कचरा पृथक्करण तथा स्वच्छ वातावरण के महत्व के संबंध में जागरूक किया गया। अधिकारियों ने लोगों से अपील की कि वे स्वच्छता को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं और आसपास के वातावरण को स्वच्छ एवं स्वस्थ बनाए रखने में सहयोग करें।

कार्यक्रम के दौरान Shri A.K. Sehgal ने कहा कि स्वच्छता केवल एक अभियान नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों से ही स्वच्छ और स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है।

फिर महकेगी बुंदेलखंड की रसोई, 'बुंदेली शेफ सीज़न- 4' जल्द लेकर आ रहा है स्वाद, सपनों और पहचान का सबसे बड़ा मंच

इंदौर,  मई, 2026: कुछ स्वाद सिर्फ ज़ुबान पर नहीं ठहरते, वे हर दिन महकती यादों में बस जाते हैं। कुछ रसोइयाँ सिर्फ भोजन ही नहीं पकातीं, वे अपने घर, अपनी मिट्टी और अपनी परंपरा की कहानियाँ परोसती हैं। बुंदेलखंड की वही सौंधी खुशबू, वही देसी तड़का और वही आत्मीयता अब एक बार फिर पूरे क्षेत्र को उत्साह से भरने लौट रही है। 'बुंदेली शेफ' अब अपने चौथे सीज़न के साथ फिर तैयार है, जहाँ रसोई से निकलने वाली हर खुशबू सिर्फ व्यंजन ही नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की पहचान बनकर सामने आएगी।

बुंदेली पाक और महिलाओं के हुनर को देखते हुए, अब सीज़न 4 पहले से कहीं ज्यादा भव्य और रोमांचक होने जा रहा है। इस बार प्रतिभागियों के हुनर को परखने के लिए तीन बड़े ऑडिशन राउंड्स आयोजित किए जाएँगे। इन राउंड्स में चयनित पाककला की होनहार प्रतिभागियों को क्रमशः क्वार्टर फाइनल, सेमी फाइनल और फिर भव्य ग्रैंड फिनाले में अपने हुनर की करछी चलाने का मौका मिलेगें और इस प्रकार बुंदेलखंड की सर्वश्रेष्ठ रसोई की नई पहचान सामने आएगी।

बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जब हमने 'बुंदेली शेफ' की शुरुआत की थी, तब हमारा उद्देश्य सिर्फ एक कुकिंग शो बनाना नहीं था, बल्कि बुंदेलखंड की उन प्रतिभाशाली महिलाओं को एक ऐसा मंच देना था, जिनका हुनर अक्सर घर की चारदीवारी तक ही सीमित रह जाता है। पिछले तीन सीज़न्स में हमने देखा कि कैसे इस मंच ने कई महिलाओं के भीतर आत्मविश्वास जगाया, उन्हें नई पहचान दी और उनके सपनों को नई उड़ान दी। आज 'बुंदेली शेफ' सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की संस्कृति, परंपरा और स्वाद का उत्सव बन चुका है। यही हमारी सफलता है और आगे इसे बढ़ने के लिए प्रेरणा भी है। सीज़न 4 में हम और भी नए चेहरे, पाककला की नई कहानियों और ऐसे अनोखे स्वादों से परिचित होने जा रहे हैं, जो एक बार फिर पूरे बुंदेलखंड को अपनी मिट्टी पर गर्व करने का मौका देंगे।"

पिछले तीन सीज़न्स में इस मंच ने न सिर्फ कई प्रतिभाओं को पहचान दी, बल्कि यह हजारों महिलाओं के भीतर छिपे आत्मविश्वास को भी नई उड़ान देने का माध्यम रहा है। सीज़न 1 की विजेता शमिता सिंह ने अपने सहज और पारंपरिक स्वाद से लोगों का दिल जीता। इसके बाद सीज़न 2 में ज़हीदा परवीन ने यह साबित किया कि बुंदेली रसोई में हुनर और प्रयोग दोनों साथ-साथ बखूबी चल सकते हैं। वहीं, कुछ माह पूर्व ही सम्पन्न हुए सीज़न 3 में शाजिदा अमीर ने अपने लाजवाब व्यंजनों से ऐसा जादू चलाया कि उनकी जीत पूरे बुंदेलखंड के लिए गर्व का क्षण बन गई।

'बुंदेली शेफ' अब सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं रह गया है, बल्कि यह उस भावना का उत्सव बन चुका है, जहाँ महिलाएँ अपनी थाली में अपने अपना हुनर, अपने सपने और अपने संस्कार लेकर आती हैं। हर बढ़ते सीज़न के साथ यह मंच इस बात को साबित कर रहा है कि बुंदेलखंड की रसोई में सिर्फ स्वाद ही नहीं, बल्कि दुनिया को जोड़ लेने वाली आत्मीयता भी बसती है।

सीज़न 4 की चर्चा अभी से लोगों के बीच उत्साह पैदा करने लगी है। क्योंकि यह मंच केवल जीतने के लिए नहीं, बल्कि उस मिट्टी की खुशबू को दुनिया तक पहुँचाने के लिए है, जो हर बुंदेली रसोई में आज भी प्रेम, अपनापन और परंपरा के साथ पकती है।
आवारा कुत्तों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, डॉग लवर्स की याचिका की खारिज, नहीं बदला अपना पुराना आदेश

#supremecourtdecisiononstreetdogsrefusestochangeitsprevious_order

सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्‍तों पर अपने पूर्व के फैसलों को बदलने की मांग को खारिज कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के बढ़ते खतरे और उनसे जुड़ी सार्वजनिक सुरक्षा चिंताओं को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए अपने 25 नवंबर के आदेश में बदलाव करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने साफ कहा कि वह जमीनी सच्चाइयों से आंखें बंद नहीं की जा सकती। अदालत ने सार्वजनिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए कहा कि सरकारों की जिम्मेदारी है कि नागरिकों को भयमुक्त वातावरण उपलब्ध कराया जाए।

नसबंदी के बाद पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार

स्टिस विक्रम नाथ, जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस एनवी अंजारिया की पीठ ने सुनवाई की। अदालत ने शैक्षणिक संस्थानों, बस स्टैंडों, रेलवे स्टेशनों, खेल परिसरों, अस्पतालों आदि जगहों से आवारा कुत्तों को हटाने के अपने पूर्व के निर्देशों को बदलने से इनकार कर दिया और कुत्तों को नसबंदी के बाद वापस पुरानी जगहों पर छोड़ने का निर्देश देने से इनकार कर दिया।

कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी

जस्टिस विक्रम नाथ की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा, कुत्तों के काटने की घटना लगातार जारी है और यह दिखाता है कि संबंधित अथॉरिटी की लापरवाही है। डॉग बाइट की समस्या चिंता में डालने वाली है। राजस्थान के गंगानगर, सीकर, उदयपुर और भीलवाड़ा से हमें चौंकाने वाले आंकड़े मिले हैं। तमिलनाडु समेत दूसरे राज्यों से भी ऐसे ही आंकड़े सामने आए हैं। दिल्ली के IGI एयरपोर्ट में भी जनवरी से अब तक 31 डॉग बाइट की घटनाएं हुई हैं। विदेशी पर्यटकों को भी कुत्तों ने काटा है। देश भर में रैबीज से मौत की कई घटनाएं हुई हैं।

राइट टू लाइफ को लेकर राज्य सरकारों पर सख्त

शीर्ष अदालत ने कहा, "Animal Birth Control" नियमों को सही तरीके से लागू करने में गंभीर लापरवाही हुई है, जिसकी वजह से समस्या बढ़ी। राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों का यह दायित्व है कि लोगों के जीवन की रक्षा करें। राइट टू लाइफ की रक्षा करना राज्य और यूटी की जिम्मेदारी है।सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कहा कि यदि राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों ने समय रहते दूरदर्शिता के साथ काम किया होता, तो आज स्थिति इतनी गंभीर नहीं होती। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस मुद्दे पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती।

गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन करने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को Animal Birth Control (ABC) गाइडलाइंस का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अदालत ने चेतावनी दी कि यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित राज्यों के खिलाफ अवमानना कार्यवाही शुरू की जा सकती है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आवारा कुत्तों की समस्या से निपटने के लिए प्रभावी, व्यवस्थित और वैज्ञानिक कदम उठाना बेहद जरूरी है। अदालत ने निर्देश दिया कि देश के हर जिले में कम से कम एक ABC सेंटर स्थापित किया जाए, जहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित हो। अदालत ने माना कि मौजूदा व्यवस्था कई स्थानों पर बेहद कमजोर है और इसका सीधा असर आम नागरिकों की सुरक्षा पर पड़ रहा है।

अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
बिजली कर्मचारियों का जन-जागरण अभियान तेज, निजीकरण और उत्पीड़न के खिलाफ खोला मोर्चा
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के आह्वान पर पूर्वांचल में बिजली कर्मचारियों ने जन-जागरण अभियान तेज कर दिया है। बस्ती और गोरखपुर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब ओबरा और अनपरा जैसी बड़ी परियोजनाओं सहित कई जिलों में विरोध सभाएं आयोजित की जाएंगी।

संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि सरकार और ऊर्जा विभाग द्वारा कर्मचारियों पर लगातार दमनात्मक कार्रवाई की जा रही है। कर्मचारियों, अभियंताओं और संविदा कर्मियों पर दर्ज एफआईआर, निलंबन, दूरस्थ स्थानों पर तबादले और अनुशासनात्मक कार्रवाइयों को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।

विरोध सभा को संबोधित करते हुए संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम और प्रेमनाथ राय ने कहा कि 3 दिसंबर 2022 को ऊर्जा मंत्री और शासन स्तर पर हुए लिखित समझौते को अब तक लागू नहीं किया गया। इससे बिजली कर्मियों में असंतोष लगातार बढ़ रहा है।

संघर्ष समिति ने मांग की कि मार्च 2023 के आंदोलन के बाद कर्मचारियों पर की गई सभी कार्रवाई तुरंत वापस ली जाए। साथ ही हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली, आउटसोर्स कर्मचारियों को उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम में समाहित करने और स्टेट विजिलेंस जांच समाप्त करने की मांग भी उठाई गई।

कर्मचारियों ने फेशियल अटेंडेंस के नाम पर वेतन कटौती, विरोध प्रदर्शन में शामिल होने पर तबादले, स्मार्ट मीटर लगाने के दबाव और ट्रांसफार्मर खराब होने पर अभियंताओं से वसूली जैसे आदेशों का भी विरोध किया।

संघर्ष समिति ने प्रदेश की जनता और उपभोक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि यह आंदोलन केवल कर्मचारियों का नहीं बल्कि सस्ती, सुलभ और विश्वसनीय बिजली व्यवस्था बचाने की लड़ाई है। समिति ने चेतावनी दी कि निजीकरण से बिजली महंगी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा।
जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया
थाना हस्तिनापुर क्षेत्र के दुधली खादर मार्ग पर उस समय हड़कंप मच गया जब ग्रामीणों को एक विशालकाय मगरमच्छ दिखाई दिया। मगरमच्छ को देखते ही आसपास के लोगों में भय का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना हस्तिनापुर वन विभाग की रेंजर खुशबू उपाध्याय को दी।
सूचना मिलते ही रेंजर खुशबू उपाध्याय के निर्देशन में वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और रेस्क्यू अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद टीम ने मगरमच्छ को सुरक्षित पकड़ लिया। वन विभाग की टीम द्वारा मगरमच्छ को गंगा नदी में छोड़ने की तैयारी की गई, जिससे ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
रेस्क्यू टीम में सोनू कुंडा, नितिन, अंकित यादव, अतुल दुबे, नितिन त्यागी, अतुल स्वामी, ऊदल सहित वन विभाग के अन्य कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं ग्रामीणों में रजनीश, भोलू, रामबीर, सोनू वर्मा, तुषार, जोनी, राहुल आदि ने मगरमच्छ को देखा और इसकी सूचना वन विभाग को दी।
वन विभाग अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील करते हुए कहा कि जंगली जीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं और तुरंत विभाग को सूचना दें, ताकि समय रहते सुरक्षित रेस्क्यू किया जा सके।
हस्तिनापुर क्षेत्र के गांव खेडी कला खादर में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, भूमाफियाओं से कब्जामुक्त कराई गई वन भूमि

संवाददाता/परविंदर चौधरी


हस्तिनापुर। थाना क्षेत्र अंतर्गत गांव खेड़ी कला खादर में सोमवार दिनांक 18/05/2026 को प्रशासन एवं वन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से बड़ी कार्रवाई करते हुए कई वर्षों से विवादित पड़ी एम.एल.सी की भूमि एवं वन विभाग की भूमि को भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान भारी पुलिस बल, राजस्व विभाग की टीम तथा वन विभाग के अधिकारी मौके पर मौजूद रहे।
वन क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान में राजस्व विभाग, थाना हस्तिनापुर पुलिस तथा स्थानीय ग्रामीणों की सहमति से कब्जाई गई भूमि को खाली कराया गया। बताया गया कि भूमाफियाओं द्वारा लंबे समय से वन एवं एमएलसी की भूमि पर अवैध रूप से खेती की जा रही थी तथा आज ट्रैक्टरों के के द्वारा करीब 200-400 बीघा (भूमि ) जमीन को जोत कर कब्जा मुक्त कराया गया और भविष्य में बची हुई भूमि को भी कब्जा मुक्त कराया जाएगा, इस भूमि से क्षेत्र में लगातार विवाद की स्थिति बनी हुई थी। कई बार इस भूमि को लेकर तनाव एवं खूनी रंजिश जैसी घटनाएं भी सामने आ चुकी थीं।
प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग द्वारा संबंधित भूमि को वन विभाग के सुपुर्द किया गया। वन विभाग की टीम वन दरोगा, अतुल स्वामी, अंकित यादव, ऋषभ कुमार, नितिन फौजी, वनरक्षक अशोक, वनरक्षक रवि चपराना , वनरक्षक डालचंद, वाचर अमित, पवन,हर्षित चौहान, राजेंद्र,ने मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराते हुए कब्जामुक्त कराया। खेड़ी कला के ग्रामीणों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि भूमाफियाओं के कब्जे के कारण उनकी पैतृक एवं लगानी भूमि लगातार प्रभावित हो रही थी। खेतों के आसपास अवैध कब्जों के चलते नीलगाय व अन्य जंगली पशु फसलों को भारी नुकसान पहुंचा रहे थे, जिससे किसान परेशान थे।
वन रेंज क्षेत्राधिकारी खुशबू उपाध्याय ने बताया कि कब्जामुक्त कराई गई भूमि अभयारण क्षेत्र की वन भूमि है, जो वन्य जीवों के प्राकृतिक विचरण क्षेत्र में आती है। उन्होंने कहा कि वन विभाग भविष्य में भी अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान जारी रखेगा तथा वन संपदा और वन्य जीवों की सुरक्षा से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
इस कार्रवाई में राजस्व विभाग से कानूनगो सीताराम, पटवारी नीरज तोमर, थाना प्रभारी हस्तिनापुर ने  उपनिरीक्षक मनीष, उपनिरीक्षक निर्दोष कुमार सहित पूरी पुलिस टीम एवं महिला कांस्टेबल मौजूद रहीं। मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण भी उपस्थित रहे और इस प्रशासनिक कार्य में अड़चन भी आई कुछ किसानों ने इसका विरोध किया जिससे पुलिस बल ने उन्हें समझाया ,प्रशासनिक अपने प्रशासनिक कार्य में कोई भी हस्तीक्षेप किया तो आपको पुलिस हिरासत में ले लिया जाएगा , और सभी ने कार्रवाई का समर्थन किया।
पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था।

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

पेट्रोल-डीजल आज फिर हो गया महंगा, एक हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

#petroldieselpriceshikedbyabout90paisea_litre

देश में आम आदमी पर महंगाई की एक और मार पड़ी है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में मंगलवार को फिर से बढ़ोतरी कर दी गई। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल दोनों के दाम में करीब 90 पैसे प्रति लीटर तक का इजाफा किया है। एक हफ्ते के भीतर ईंधन की कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

19 मई को सुबह-सुबह नए रेट जारी कर दिए गए हैं। देश के कई शहरों में आज पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बदलाव हुआ है। ऐसे में दिल्ली से लेकर मुंबई, जयपुर, पटना और हैदराबाद तक कई शहरों में नई कीमतें लागू हो गई हैं।

तीन दिन पहले ही बढ़े थे दाम

इस नई बढ़ोतरी से ठीक तीन दिन पहले, शुक्रवार को ही केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल और डीजल दोनों की कीमतों में तीन-तीन रुपये प्रति लीटर का भारी इजाफा किया था। उस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये और डीजल 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये हो गया था। 

देश अलग-अलग शहरों में पेट्रोल-डीजल का ताजा भाव

• दिल्ली में पेट्रोल ₹0.87 महंगा होकर ₹98.64 प्रति लीटर और डीजल ₹0.91 बढ़कर ₹91.58 प्रति लीटर हो गया है।

• मुंबई में पेट्रोल ₹0.91 बढ़कर ₹107.59 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 महंगा होकर ₹94.08 प्रति लीटर बिक रहा है।

• कोलकाता में पेट्रोल ₹1 बढ़कर ₹109.70 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 चढ़कर ₹96.07 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• चेन्नई में पेट्रोल ₹0.79 महंगा होकर ₹104.46 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 बढ़कर ₹96.11 प्रति लीटर हो गया है।

• गुरुग्राम में पेट्रोल ₹0.82 बढ़कर ₹99.29 प्रति लीटर और डीजल ₹0.86 महंगा होकर ₹91.80 प्रति लीटर बिक रहा है।

• नोएडा में पेट्रोल ₹1.15 चढ़कर ₹98.91 प्रति लीटर और डीजल ₹1.22 बढ़कर ₹92.21 प्रति लीटर हो गया है।

• बेंगलुरु में पेट्रोल ₹0.95 महंगा होकर ₹107.12 प्रति लीटर और डीजल ₹0.94 बढ़कर ₹95.04 प्रति लीटर पहुंच गया है।

• भुवनेश्वर में पेट्रोल ₹0.52 बढ़कर ₹105.09 प्रति लीटर और डीजल ₹0.57 महंगा होकर ₹96.68 प्रति लीटर बिक रहा है।

• चंडीगढ़ में पेट्रोल ₹0.83 बढ़कर ₹98.10 प्रति लीटर और डीजल ₹0.84 चढ़कर ₹86.09 प्रति लीटर हो गया है।

• हैदराबाद में पेट्रोल ₹0.99 महंगा होकर ₹111.88 प्रति लीटर और डीजल ₹0.99 बढ़कर ₹99.95 प्रति लीटर पहुंच गया है.

• जयपुर में पेट्रोल ₹1.71 बढ़कर ₹109.32 प्रति लीटर और डीजल ₹1.60 महंगा होकर ₹94.50 प्रति लीटर बिक रहा है।

• लखनऊ में पेट्रोल ₹0.68 बढ़कर ₹98.40 प्रति लीटर और डीजल ₹0.72 चढ़कर ₹91.73 प्रति लीटर हो गया है।

• पटना में पेट्रोल ₹1.10 महंगा होकर ₹110.02 प्रति लीटर और डीजल ₹1.08 बढ़कर ₹96.05 प्रति लीटर पहुंच गया है।

पश्चिमी एशिया युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा संकट

पेट्रोल और डीजल के दामों में इस तरह की लगातार बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय कारण बहुत बड़ी वजह हैं। दरअसल, पश्चिमी एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष और युद्ध के कारण दुनिया भर में ऊर्जा का बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इस विवाद के कारण समुद्री व्यापार के सबसे अहम रास्तों में से एक होर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आ गई है। इसी साल 28 फरवरी से अमेरिका और इस्राइल का ईरान के साथ युद्ध शुरू हो गया था, जिसके बाद से ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतें रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई हैं। कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के आसपास घूम रही है, हालांकि मौजूदा अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप और ईरान इस इलाके में लंबे समय के युद्धविराम के लिए बातचीत करने की कोशिश कर रहे हैं।

लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज निंदनीय: सुशील पाण्डेय कान्हजी
संजीव सिंह बलिया, 18 मई, 2026 — समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष व प्रवक्ता सुशील पाण्डेय कान्हजी ने कहा है कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अधिवक्ताओं पर लाठीचार्ज की घटना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने पार्टी की ओर से इसकी कड़ी निंदा की है और सरकार से तुरंत मुआवजा व जवाबदेही की मांग की है। कान्हजी ने कहा कि लोकतंत्र में अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है। सरकार को संवाद और संवेदनशीलता से समस्याओं का समाधान करना चाहिए, न कि बल प्रयोग कर। किसी भी व्यवस्थित प्रक्रिया के बिना हिंसा करना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और यह नागरिकों के विश्वास को कमज़ोर करता है। उन्होंने बताया कि अधिवक्ता समाज लोकतंत्र और न्यायपालिका का अहम स्तम्भ है। वकील न केवल न्याय दिलाते हैं, बल्कि संविधान और कानून की रक्षा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में अधिवक्ताओं के चैम्बरों पर बुलडोजर चलाना केवल भवन नष्ट करना नहीं, बल्कि न्याय व्यवस्था और अधिवक्ता समाज के सम्मान पर सीधा आघात है। सपा नेता ने कहा कि लखनऊ में जिस प्रकार कार्रवाई की गई, वह पूरी तरह दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है। उन्होंने कहा कि यदि सरकार अधिवक्ताओं के अधिकारों और सम्मान के साथ इस तरह का व्यवहार कर सकती है, तो आम जनता की सुरक्षा और अधिकारों के प्रति भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। कान्हजी ने मांग की कि सरकार घटना की निष्पक्ष जांच कराए, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे और प्रभावितों को उचित मुआवजा दे। समाजवादी पार्टी की ओर से यह भी आग्रह किया गया कि भविष्य में इस तरह की कार्यवाही से पहले संबंधित संगठनों से बातचीत की जाए और संवेदनशीलता के साथ विवादों का हल निकाला जाए ताकि लोकतंत्र की मर्यादा व कानून व्यवस्था बनी रहे।