दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।
रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।
आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।
प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:
क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन
इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल
अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)
टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद
पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग
'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।
क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।
2 hours and 31 min ago
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