राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर सीएम योगी का संदेश
“यूपी को बनाएंगे देश का ‘डीप टेक कैपिटल’, युवा सीखें नई तकनीक”
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती लिखते हुए युवाओं से नवीनतम तकनीकों को अपनाने और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 11 मई भारत के वैज्ञानिक सामर्थ्य और आत्मगौरव का प्रतीक दिवस है। इसी दिन पोखरण में ‘ऑपरेशन शक्ति’ के माध्यम से भारत ने पूरी दुनिया को अपनी वैज्ञानिक प्रतिभा और सामरिक क्षमता का एहसास कराया था। उन्होंने यह भी स्मरण कराया कि 11 मई को ही ‘हंस-3’ विमान की सफल उड़ान तथा स्वदेशी ‘त्रिशूल’ मिसाइल का सफल परीक्षण भी हुआ था।
सीएम योगी ने कहा कि तकनीक केवल विकास का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता का सबसे सशक्त आधार है। आज तकनीक प्रयोगशालाओं से निकलकर खेत-खलिहानों तक पहुंच चुकी है और आम जनजीवन को बदल रही है।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार राज्य को तकनीक और नवाचार का अग्रणी केंद्र बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश में रोबोटिक्स और एआई मिशन की शुरुआत की गई है, जबकि डेटा सेंटर क्लस्टर विकसित करने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘टेक युवा समर्थ युवा योजना’ के जरिए युवाओं को आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे वैश्विक प्रतिस्पर्धा के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का मूल मंत्र “इनोवेट इन यूपी, स्केल फॉर द वर्ल्ड” है।
सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार ड्रोन, क्वांटम टेक्नोलॉजी, ग्रीन हाइड्रोजन और मेड-टेक जैसे भविष्य के क्षेत्रों में तेजी से आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश को देश का ‘डीप टेक कैपिटल’ बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि आज उत्तर प्रदेश में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण भी हो रहा है, जो प्रदेश की बढ़ती तकनीकी और औद्योगिक क्षमता का प्रमाण है। अपने संदेश में उन्होंने कहा, “तकनीक समय की तरह है। तकनीक के साथ नहीं चलना, समय से पिछड़ जाना है।” सीएम योगी ने युवाओं से अपील की कि वे नवाचार और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आत्मनिर्भर प्रदेश और विकसित भारत के निर्माण में योगदान दें। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी।




के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला,देवघर में अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे के पुनीत अवसर पर भावपूर्ण एवं आकर्षक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के महत्व को उजागर करना तथा बच्चों के मन में अपनी माँ के प्रति सम्मान और प्रेम की भावना को प्रोत्साहित करना था।
कार्यक्रम की शुरुआत प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने दीप प्रज्वलित करके किया। इसके पश्चात क्लास 8 से 12 तक के विद्यार्थियों ने माँ के प्रेम, त्याग और स्नेह को दर्शाते हुए गीत की प्रस्तुति से वातावरण को मधुर एवं भावनात्मकता से सराबोर कर दिया,माइम की प्रस्तुति ने सभी दर्शकों को भावुक कर दिया।
वहीं रंगारंग नृत्य की प्रस्तुति ने सभी का मन मोह लिया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने माँ के सम्मान में भावपूर्ण कविता पाठ भी प्रस्तुत किया। उनकी प्रस्तुति ने उपस्थित अभिभावकों एवं शिक्षकों को भावविभोर कर दिया।
एलकेजी के बच्चों ने माँ की तस्वीर को रंग करके, क्लास 1 के बच्चों ने बुके बनाकर, क्लास 2 के बच्चों ने पर्स बनाकर, क्लास 3 से 5 तक के बच्चों ने कोलाज और ग्रीटिंग कार्ड बनाकर तथा क्लास 5 से 7 के बच्चों ने गायन की प्रस्तुति कर मातृशक्ति के प्रति प्रेम प्रदर्शित किया।
विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनके योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता। उन्होंने विद्यार्थियों को सदैव अपने माता-पिता का सम्मान करने तथा उनके आदर्शों पर चलने की प्रेरणा दी।
उन्होंने विद्यार्थियों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि माँ के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का यह एक सुंदर प्रयास है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों में संस्कार, संवेदनशीलता और पारिवारिक मूल्यों को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में विद्यालय के शिक्षकों अभिषेक सूर्य, निशा किरण, दीपिका सिन्हा, नीलम चौधरी, राज रानी, मीनू चौधरी, कार्तिक राज, उर्वशी वत्स,संगीता बनर्जी,निधि तथा क्लास एलकेजी से दो तक की सभी वर्ग शिक्षिका एवं विद्यार्थियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अंत में धन्यवाद ज्ञापन और शांति पाठ के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
गयाजी। गया शहर के नैली रोड खटकाचक स्थित श्री शिक्षा निकेतन स्कूल में मदर्स डे समारोह का आयोजन बड़े ही धूमधाम से किया गया। सबसे पहले पूरे विद्यालय परिसर को रंगीन गुब्बारों से सजाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत वंदे मातरम एवं राष्ट्रगान के उपरांत अवकाश प्राप्त शिक्षिका सह विद्यालय की संस्थापिका स्वर्गीय रुक्मिणी देवी के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि के उपरांत प्राचार्य पूनम सिन्हा के साथ आगत माताओं द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया।

सिद्धेश्वर पाण्डेय
सिद्धेश्वर पाण्डेय
मातृ दिवस के पावन दिन पर हजारीबाग यूथ विंग द्वारा ओल्ड एज होम में विशेष सेवा एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान संस्था के पदाधिकारी एवं सदस्य वहां निवास कर रही मातृशक्ति एवं बुजुर्गों के बीच पहुंचे और पूरे आत्मीय भाव के साथ मातृ दिवस मनाया। इस दौरान ओल्ड एज होम का वातावरण भावुकता, सम्मान और अपनत्व से सराबोर हो उठा। संस्था की ओर से बुजुर्गों के बीच फल, बिस्किट ग्लूकोन-डी, हॉर्लिक्स, दूध के पैकेट, जूस, मुरी सहित कई आवश्यक खाद्य सामग्रियों का वितरण किया गया। संस्था के सदस्यों ने एक-एक बुजुर्ग से मिलकर उनका हालचाल जाना तथा उनके साथ समय बिताया। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्ग भावुक हो उठे। किसी ने अपने परिवार की बातें साझा कीं तो किसी ने अपने जीवन के अनुभव सुनाए। पूरे धैर्य और आत्मीयता के साथ उनकी बातें सुनीं और उन्हें अपनेपन का एहसास कराया। मातृ दिवस के इस खास मौके पर बुजुर्ग माताओं के चेहरों पर जो मुस्कान देखने को मिली, वह पूरे कार्यक्रम की सबसे बड़ी उपलब्धि बन गई। कार्यक्रम के दौरान कई बुजुर्गों ने कहा कि ऐसे अवसर उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालते हैं और यह एहसास कराते हैं कि वे समाज के लिए आज भी महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम के समापन पर वहां उपस्थित सभी बुजुर्गों ने संस्था के सभी सदस्यों को दोनों हाथ उठाकर आशीर्वाद दिया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूरे कार्यक्रम के दौरान ओल्ड एज होम में एक पारिवारिक वातावरण देखने को मिला। गौरतलब है कि हजारीबाग यूथ विंग समय-समय पर सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यक्रमों का आयोजन करता रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि माता केवल एक शब्द नहीं, बल्कि त्याग, ममता और संस्कार का सबसे बड़ा स्वरूप होती हैं। मातृ दिवस का वास्तविक उद्देश्य केवल शुभकामनाएं देना नहीं, बल्कि उन माताओं और बुजुर्गों तक पहुंचना है जिन्हें सबसे अधिक अपनेपन और सहारे की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग हमेशा समाज के हर वर्ग के बीच सेवा कार्य करता रहा है और आगे भी संस्था इसी भावना के साथ जनसेवा के कार्यों को निरंतर जारी रखेगी। संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि ओल्ड एज होम में पहुंचकर बुजुर्गों के साथ समय बिताना संस्था के लिए अत्यंत भावुक और प्रेरणादायी अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद किसी भी समाज की सबसे बड़ी पूंजी होती है। आज के दौर में जरूरत इस बात की है कि युवा पीढ़ी अपने बुजुर्गों के सम्मान और देखभाल के प्रति अधिक संवेदनशील बने। मौके पर संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,संस्था के मार्गदर्शक डॉक्टर बी वेंकटेश,संजय कुमार,विकाश केशरी,कार्यकारिणी सदस्य राजेश जैन,विवेक तिवारी,सनी देव,सेजल सिंह, सत्यनारायण सिंह,सनी सलूजा,साक्षी राणा सहित कई लोग उपस्थित रहें।
हजारीबाग। मातृ दिवस के शुभ अवसर पर तरंग ग्रुप द्वारा कृष्णापुरी स्थित डांस एवं म्यूजिक अकादमी में नृत्य, गायन एवं मॉडलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस चयन प्रतियोगिता में हजारीबाग एवं आसपास के क्षेत्रों से 50 से अधिक प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृ दिवस के अवसर पर माता के महत्व को रेखांकित करना, स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करना तथा उन्हें बड़े स्तर तक पहुँचाने का अवसर देना था।
गयाजी: गया शहर के माडनपुर स्थित एक निजी मैरेज हॉल में रविवार को राइजिंग स्टार्स पब्लिक स्कूल, नैली काजीचक की ओर से मदर्स डे के अवसर पर भव्य एवं हर्षोल्लासपूर्ण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य मातृत्व के प्रेम, त्याग और समर्पण को सम्मान देना था। समारोह में बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

सुलतानपुर। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कुशभवनपुर का तहसील अभ्यास वर्ग सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज सिरवारा में सम्पन्न हुआ। तहसील अभ्यास वर्ग का विधिवत शुभारंभ प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश, जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, तहसील सह संयोजक आदर्श एवं विभाग संगठन मंत्री कौतुक द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया।प्रस्ताविकी एवं सैद्धान्तिकी सत्र को संबोधित करते हुए प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने कहा कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद केवल एक छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र पुनर्निर्माण का विराट अभियान है। परिषद विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और नेतृत्व निर्माण का सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा कि परिषद का मूल मंत्र “ज्ञान, शील और एकता” केवल शब्द नहीं, बल्कि जीवन जीने की दिशा है। यदि छात्र शक्ति जागृत होती है तो राष्ट्र शक्तिशाली बनता है। अभाविप विद्यार्थियों को केवल अधिकारों के लिए संघर्ष करना नहीं सिखाती, बल्कि कर्तव्यों के प्रति जागरूक भी बनाती है। उन्होंने कहा कि अभाविप का उद्देश्य ऐसे विद्यार्थियों का निर्माण करना है जो शिक्षा में उत्कृष्ट, समाज के प्रति संवेदनशील और राष्ट्रहित को सर्वोपरि मानने वाले हों। भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कार एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को पश्चिमी अन्धानुकरण से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। कार्य पद्धति सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद की कार्यपद्धति सामूहिकता, अनुशासन और निरंतर सक्रियता पर आधारित है। संगठन में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होती है तथा नियमित संवाद, अभ्यास वर्ग और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से संगठन को सशक्त बनाया जाता है। आयाम कार्य सत्र को संबोधित करते हुए जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय ने कहा कि अभाविप शिक्षा, सेवा, सामाजिक समरसता, पर्यावरण संरक्षण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे विविध आयामों पर कार्य कर रही है। परिषद का उद्देश्य विद्यार्थियों को समाज जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में नेतृत्व के लिए तैयार करना है। सदस्यता सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. विवेक सिंह ने कहा कि परिषद की सदस्यता केवल संगठन से जुड़ना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जुड़ना है। उन्होंने विद्यार्थियों से अधिकाधिक संख्या में परिषद से जुड़कर छात्रहित एवं राष्ट्रहित में कार्य करने का आह्वान किया। समारोप सत्र को संबोधित करते हुए विभाग संगठन मंत्री कौतुक ने कहा कि परिषद का प्रत्येक कार्यकर्ता राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ कार्य करता है। उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं से संगठन की विचारधारा को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सैकड़ों कार्यकर्ताओं की उत्साहपूर्ण सहभागिता रही।
* लखनऊ समेत कई जिलों में चढ़ेगा पारा, मौसम विभाग ने दी तापमान बढ़ने की चेतावनी
7 min ago
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