रिश्तों का कत्ल: कलयुगी चाचा ने उजाड़ दिया भाई का संसार,तीन मासूमों की गला रेतकर किया निर्मम हत्या

औरंगाबाद रिश्तों की मर्यादा और ममता को शर्मसार करने वाली एवं रोंगटे खड़े कर देने वाली एक हृदयविदारक वारदात में शुक्रवार को खुटहन गांव का एक घर खून से लाल हो गया। एक सनकी चाचा ने घरेलू विवाद का बदला लेने के लिए अपने सगे बड़े भाई के तीन मासूम बच्चों की बलि चढ़ा दी। आरोपी अमंत पाल उर्फ अमन पाल ने अपनी रंजिश का शिकार उन नन्हे-मुन्नों को बनाया,जो उसे 'चाचा' कहकर पुकारते थें । आरोपी ने बड़े हीं शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया और फिर पकड़े जाने के डर से या पश्चाताप में खुद का गला भी रेत लिया। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे अनुमंडल में सनसनी फैल गई है।

पैसे के विवाद ने बनाया 'हैवान', मां के अपमान का बदला बच्चों से लिया

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इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह महज कुछ हजार रुपये और मां के साथ हुई कहासुनी बताई जा रही है। बताया जाता है कि बड़ा भाई गुड्डू पाल और छोटा भाई अमंत पाल दोनों बाहर रहकर कमाते थें । पैसों के लेनदेन को लेकर घर में अक्सर 'तू-तू मैं-मैं' होती थी। दो दिन पूर्व जब बड़ा भाई मुंबई काम पर लौटा,तो पीछे से आए अमंत ने मां से पुरानी मारपीट की बात सुनी। बस, इसी बात ने उसके भीतर हैवानियत जगा दी। उसने ठान लिया कि वह अपने भाई का 'वंश' हीं खत्म कर देगा। शुक्रवार की सुबह उसने उस वक्त का इंतजार किया जब घर के बाकी लोग काम में उलझे थें।

कमरे में बजता रहा संगीत और बाहर सिसकती रही इंसानियत

आरोपी ने कत्ल की पटकथा पहले हीं लिख ली थी। उसने कमरे में लगे होम थिएटर बॉक्स की आवाज इतनी तेज कर दी कि मासूमों की चीखें पड़ोसियों के कानों तक न पहुंच सकें। उसने अपने भतीजे अनीश (10),आयुष (7) और भतीजी अनुष्का (5) को मोबाइल पर गेम दिखाने का लालच देकर कमरे में ले गया। मासूम अपने चाचा की गलत नीयत से बेखबर होकर कमरे में चले गए। जैसे हीं दरवाजा बंद हुआ, अमंत ने धारदार हथियार निकाला और बारी-बारी से तीनों का गला रेतनें लगा। बच्चों के चीख पुकार सुन मां दौड़ी आई, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था और वह बेबस माँ चाह कर भी कुछ नहीं कर पाई।जब तक ग्रामीण दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे,तीनों मासूम दम तोड़ चुके थें और कमरा बूचड़खाना बन चुका था।

हमर लइकवन के का दोष हलै.. : मां की चीख से सहम गया पुरा गांव व क्षेत्र

घटनास्थल पर मौजूद हर शख्स की आंखें उस वक्त छलक उठीं, जब बच्चों की मां अनीता देवी बदहवास होकर जमीन पर गिरने पटकाने लगीं। वह चीख-चीख कर कह रही थीं, "हमर लइकवन दुश्मनवा के का बिगड़ले हलक मईया? ऊ त तनी-तनी सन हलक,ओकरा से केकर का दुश्मनी हलै?" मां का यह विलाप सुनकर गांव की महिलाएं क्या पुरुषों की आँखों में भी आंसू नहीं रुक पायें। अनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं और होश आते हीं अपने बच्चों के नाम पुकारने लगती हैं। उनके करुण क्रंदन ने गांव की हवाओं में भी गम घोल दिया है।

गंभीर हालात में आरोपी गया रेफर,औरंगाबाद सदर अस्पताल में होगा बच्चों का पोस्टमार्टम

दाऊदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि आरोपी अमंत पाल ने बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी का प्रयास किया।हसपुरा पुलिस उसे उठा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसपुरा लेकर गई,जहाँ डॉ.संजय नें प्राथमिक उपचार करने के बाद स्तिथि गंभीर देखते हुये मगध मेडिकल कॉलेज,गयाजी रेफर कर दिया है। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार जब्त कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि विवाद मामूली था,लेकिन आरोपी के सनकीपन ने इसे एक बड़े नरसंहार में बदल दिया। पुलिस मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का हर सम्भव भरोसा दिया है।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल

* खेलों से सशक्त हो रही बेटियाँ, राज्य स्तरीय टूर्नामेंट का भव्य समापन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गोमतीनगर स्थित सेज क्रिकेट एकेडमी में आयोजित स्वर्गीय राधिका सिंह मेमोरियल राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उप मुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट का अवलोकन कर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि आज बेटियाँ खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनमें आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय राधिका सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा देते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, विशेषकर महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने टूर्नामेंट के आयोजक हर्ष वर्धन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है और नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्राप्त होता है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती आशा मौर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
35 साल के बालेन शाह बने नेपाल के प्रधानमंत्री, सबसे युवा पीएम के तौर पर ली शपथ

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नेपाल में GenZ आंदोलन के बाद सत्तापलट हुआ। पिछले साल जेन-Z ने सत्ता परिवर्तन की जो कसम खाई थी वो आज पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल ने 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

बालेन शाह ने ली नेपाल के पीएम पद की शपथ

नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ फेंका था। इसके बाद इस साल देश में आम चुनाव करवाए गये। जिसमें बालेन शाह की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। जिसके बाद आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 

हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। ये शपथ ग्रहण काफी खास रहा। पद और गोपनीयता की यह शपथ हिंदू रीति-रिवाजों और बौद्ध परंपराओं के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।

बालेन शाह के वादों पर जनता ने दिखाया भरोसा

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में आए प्रमुख बदलाव का वादा करती है। लोकतंत्र लागू होने के बाद से नेपाल में जितने भी चुनाव हुए उनमें किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो पाया। लेकिन बालेन शाह के वादों पर जनता ने भरोसा दिखाया है। उन्होंने बदलाव का जो सपना दिखाया उसपर लोगों ने भरोसा किया है। नेपाल के मतदाता वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रसूखदारों के राज से नाराज थे।

बालेन शाह कौन हैं?

बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। बालेन शाह की राजनीति में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2022 में पहली बार चुनाव लड़ा और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बने। उस वक्त वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से अपनी बैचलर डिग्री पूरी की थी। बालेन शाह मशहूर नेपाली रैपर हैं। राजनीति में आने से पहले वे अपने गानों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाया करते थे।

संभल और बरेली के आईपीएस अधिकारियों की सगाई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

संभल। जिले के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और बरेली की एएसपी अंशिका वर्मा की सगाई गुरुवार को संपन्न हुई। कार्यक्रम में दोनों परिवार, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और आमंत्रित अतिथि शामिल हुए। समारोह संभल के बबराला स्थित यारा फर्टिलाइजर परिसर में आयोजित किया गया और दिनभर की तैयारियों के बाद देर रात तक चला।

इस आईपीएस जोड़ी की शादी से जुड़े अगले कार्यक्रम राजस्थान में होंगे। 27 मार्च को बाड़मेर में हल्दी और संगीत की रस्में, 29 मार्च को विवाह और 30 मार्च को जोधपुर में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। रिसेप्शन में कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

सगाई के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कृष्ण कुमार विश्नोई काले चश्मे में डांस करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले शादी का निमंत्रण पत्र भी चर्चा का विषय बना। आयोजन की भव्यता और पुलिस-प्रशासनिक क्षेत्र की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया है।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
फोन की रिकार्डिंग सुन पत्नी के प्रेमी की हत्या,फोन कर मिलने के बहाने बुलाया
*लाठी डंडों से पीटा फिर दबाया गला

गोंडा।जिले में हाईस्कूल छात्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस ने मृतक छात्र की प्रेमिका के पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 24 मार्च की रात साहिल को फोन कर बुलाया।उसको लाठी डंडों से पीटा उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया।जांच में सामने आया है कि 20 साल का साहिल और 22 साल की मानसी चौहान के बीच पिछले तीन साल से अफेयर था,दोनों साथ में पढ़ाई करते थे।मानसी की शादी के बाद भी दोनों का रिश्ता चलता रहा।मानसी के पति ने दोनों की बातचीत की रिकार्डिंग फोन में सुन लिया था,उसके बाद मर्डर का प्लान बनाया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।मामला तरबगंज थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा गांव का है।गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत पिपरी रोहुआ के तालाब के किनारे बुधवार सुबह एक युवक का शव मिला था।खेतों में सरसों की कटाई कर रहे किसानों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दिया था।शव की पहचान बिशुनपुर बनियन गांव निवासी साहिल के रूप में हूई थी।शव से 200 मीटर की दूरी पर साहिल की मोटरसाइकिल मिली थी परन्तु उसका मोबाइल गायब था और हाथ पैर व शरीर पर चोट के नीशान थे।इसके बाद परिजनों ने साहिल के हत्या की आशंका व्यक्त किया था,इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या के संभावनाओं पर जांच शुरू कर दिया।भरोसेमंद सूत्रों की माने तो तरबगंज तहसील अंतर्गत गत 13 मार्च को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोनियन पुरवा गांव निवासनी मानसी चौहान की शादी उसके परिजनों ने रामशंकर चौहान के साथ कर दिया था परन्तु शादी के बाद भी मानसी और साहिल की बातचीत जारी रही,जिससे पति रामशंकर को शक हो गया तदोपरांत रामशंकर ने पत्नी मानसी की मोबाइल में काल रिकार्डिंग लगा दिया और जब 24 मार्च को उसने फोन चेक किया तो उसे साहिल की काल रिकार्डिंग मिली।काल रिकार्डिंग मिलने के बाद उसने हत्या की साजिश रची और अपने तीन साथियों नानबाबू चौहान, दिनेश चौहान और रमन उर्फ अंगद चौहान को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।24 मार्च की रात को आरोपियों ने साहिल को सीधे अपने फोन से नहीं बल्कि  मानसी के फोन से काल कर बुलाया ताकि उसे कोई संदेह न हो।फ़ोन आने के बाद साहिल को लगा कि वह मानसी से मिलने जा रहा है,परन्तु यह एक साजिश थी।फोन आने के बाद घर से निकलते समय साहिल ने अपनी माँ से कहा कि वह गांव में एक जन्मदिन कार्यक्रम में जा रहा है,जबकि उसे कोई निमंत्रण नहीं मिला था।साहिल चार भाइयों में सबसे छोटा था और हाल में ही उसने हाईस्कूल की परीक्षा दिया था परन्तु परिणाम आने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दिया है
गया में “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को मिला नया मंच,

गया: ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित टेकुना फॉर्म के समीप एक निजी होटल में शुक्रवार को “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, संस्थान और नीति निर्माता एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान किया और विकास के नए अवसरों की तलाश की।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों, सेवाओं और व्यवसाय मॉडलों का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। इस प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया, वहीं उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों से परिचित होने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ने के उपाय बताए। इसके साथ ही बैंकिंग और निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उद्यमियों को व्यावसायिक विस्तार की दिशा में मार्गदर्शन मिला। सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण उद्यमियों के अनुभव साझा करने का सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत कीं। इन अनुभवों ने अन्य प्रतिभागियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।

इस आयोजन में नेटवर्किंग के लिए भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थानों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रयासों को पहचान मिली और अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाहना ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया है, जो छोटे स्तर पर कार्य करते हुए अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और सिलाई जैसे कार्यों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
बूढनपुर भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर महान सम्राट को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके शासनकाल और उनके द्वारा अपनाए गए बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश पूरे विश्व में फैलाया।समारोह की अध्यक्षता कांता प्रसाद ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बासदेव मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लालचंद मौर्य ने किया। संयोजक के रूप में अमन मौर्य, नागेश मौर्य, मनीष मौर्य और आर्यन सम्राट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर एडवोकेट राजेश मौर्य, एडवोकेट जयप्रकाश मौर्य, अर्जुन मौर्य, अनिल मौर्य, जिम्मी सिंह, सुशील उपाध्याय, सागर मौर्य, अजय मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति, एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।
रिश्तों का कत्ल: कलयुगी चाचा ने उजाड़ दिया भाई का संसार,तीन मासूमों की गला रेतकर किया निर्मम हत्या

औरंगाबाद रिश्तों की मर्यादा और ममता को शर्मसार करने वाली एवं रोंगटे खड़े कर देने वाली एक हृदयविदारक वारदात में शुक्रवार को खुटहन गांव का एक घर खून से लाल हो गया। एक सनकी चाचा ने घरेलू विवाद का बदला लेने के लिए अपने सगे बड़े भाई के तीन मासूम बच्चों की बलि चढ़ा दी। आरोपी अमंत पाल उर्फ अमन पाल ने अपनी रंजिश का शिकार उन नन्हे-मुन्नों को बनाया,जो उसे 'चाचा' कहकर पुकारते थें । आरोपी ने बड़े हीं शातिराना अंदाज में वारदात को अंजाम दिया और फिर पकड़े जाने के डर से या पश्चाताप में खुद का गला भी रेत लिया। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे अनुमंडल में सनसनी फैल गई है।

पैसे के विवाद ने बनाया 'हैवान', मां के अपमान का बदला बच्चों से लिया

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इस खौफनाक वारदात के पीछे की वजह महज कुछ हजार रुपये और मां के साथ हुई कहासुनी बताई जा रही है। बताया जाता है कि बड़ा भाई गुड्डू पाल और छोटा भाई अमंत पाल दोनों बाहर रहकर कमाते थें । पैसों के लेनदेन को लेकर घर में अक्सर 'तू-तू मैं-मैं' होती थी। दो दिन पूर्व जब बड़ा भाई मुंबई काम पर लौटा,तो पीछे से आए अमंत ने मां से पुरानी मारपीट की बात सुनी। बस, इसी बात ने उसके भीतर हैवानियत जगा दी। उसने ठान लिया कि वह अपने भाई का 'वंश' हीं खत्म कर देगा। शुक्रवार की सुबह उसने उस वक्त का इंतजार किया जब घर के बाकी लोग काम में उलझे थें।

कमरे में बजता रहा संगीत और बाहर सिसकती रही इंसानियत

आरोपी ने कत्ल की पटकथा पहले हीं लिख ली थी। उसने कमरे में लगे होम थिएटर बॉक्स की आवाज इतनी तेज कर दी कि मासूमों की चीखें पड़ोसियों के कानों तक न पहुंच सकें। उसने अपने भतीजे अनीश (10),आयुष (7) और भतीजी अनुष्का (5) को मोबाइल पर गेम दिखाने का लालच देकर कमरे में ले गया। मासूम अपने चाचा की गलत नीयत से बेखबर होकर कमरे में चले गए। जैसे हीं दरवाजा बंद हुआ, अमंत ने धारदार हथियार निकाला और बारी-बारी से तीनों का गला रेतनें लगा। बच्चों के चीख पुकार सुन मां दौड़ी आई, लेकिन दरवाजा अंदर से बंद था और वह बेबस माँ चाह कर भी कुछ नहीं कर पाई।जब तक ग्रामीण दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंचे,तीनों मासूम दम तोड़ चुके थें और कमरा बूचड़खाना बन चुका था।

हमर लइकवन के का दोष हलै.. : मां की चीख से सहम गया पुरा गांव व क्षेत्र

घटनास्थल पर मौजूद हर शख्स की आंखें उस वक्त छलक उठीं, जब बच्चों की मां अनीता देवी बदहवास होकर जमीन पर गिरने पटकाने लगीं। वह चीख-चीख कर कह रही थीं, "हमर लइकवन दुश्मनवा के का बिगड़ले हलक मईया? ऊ त तनी-तनी सन हलक,ओकरा से केकर का दुश्मनी हलै?" मां का यह विलाप सुनकर गांव की महिलाएं क्या पुरुषों की आँखों में भी आंसू नहीं रुक पायें। अनीता बार-बार बेहोश हो रही हैं और होश आते हीं अपने बच्चों के नाम पुकारने लगती हैं। उनके करुण क्रंदन ने गांव की हवाओं में भी गम घोल दिया है।

गंभीर हालात में आरोपी गया रेफर,औरंगाबाद सदर अस्पताल में होगा बच्चों का पोस्टमार्टम

दाऊदनगर एसडीपीओ अशोक कुमार दास ने बताया कि आरोपी अमंत पाल ने बच्चों की हत्या के बाद खुदकुशी का प्रयास किया।हसपुरा पुलिस उसे उठा कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसपुरा लेकर गई,जहाँ डॉ.संजय नें प्राथमिक उपचार करने के बाद स्तिथि गंभीर देखते हुये मगध मेडिकल कॉलेज,गयाजी रेफर कर दिया है। पुलिस ने मौके से हत्या में इस्तेमाल किया गया हथियार जब्त कर लिया है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल औरंगाबाद भेजा गया है। प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट है कि विवाद मामूली था,लेकिन आरोपी के सनकीपन ने इसे एक बड़े नरसंहार में बदल दिया। पुलिस मामले की हर बिंदु पर जांच कर रही है और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का हर सम्भव भरोसा दिया है।

औरंगाबाद से धिरेन्द्र पाण्डेय

राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
महिला क्रिकेट प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बढ़ाया खिलाड़ियों का मनोबल

* खेलों से सशक्त हो रही बेटियाँ, राज्य स्तरीय टूर्नामेंट का भव्य समापन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने गोमतीनगर स्थित सेज क्रिकेट एकेडमी में आयोजित स्वर्गीय राधिका सिंह मेमोरियल राज्य स्तरीय महिला क्रिकेट टूर्नामेंट के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने महिला खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
उप मुख्यमंत्री ने टूर्नामेंट का अवलोकन कर खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि आज बेटियाँ खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू रही हैं। उन्होंने खिलाड़ियों से भेंट कर उनका मनोबल बढ़ाया और उनमें आत्मविश्वास का संचार किया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वर्गीय राधिका सिंह के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित करने से हुई। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजन प्रतिभाओं को मंच देने के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण को भी नई दिशा देते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि खेल शारीरिक और मानसिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश सरकार खेलों के विकास और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयासरत है, विशेषकर महिला खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने टूर्नामेंट के आयोजक हर्ष वर्धन सिंह की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से प्रदेश में खेल संस्कृति को मजबूती मिलती है और नई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर प्राप्त होता है। इस अवसर पर विधायक श्रीमती आशा मौर्य सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
35 साल के बालेन शाह बने नेपाल के प्रधानमंत्री, सबसे युवा पीएम के तौर पर ली शपथ

#nepalnewprimeministerbalenshahtake_oath 

नेपाल में GenZ आंदोलन के बाद सत्तापलट हुआ। पिछले साल जेन-Z ने सत्ता परिवर्तन की जो कसम खाई थी वो आज पूरी हो गई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता बालेन शाह ने देश के नए प्रधानमंत्री पद के लिए शपथ ले ली है। 35 साल के बालेंद्र शाह उर्फ बालेन नेपाल ने 47वें प्रधानमंत्री बन गए हैं।

बालेन शाह ने ली नेपाल के पीएम पद की शपथ

नेपाल में पिछले साल हुए हिंसक विरोध प्रदर्शन के बाद केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली वामपंथी सरकार को प्रदर्शनकारियों ने उखाड़ फेंका था। इसके बाद इस साल देश में आम चुनाव करवाए गये। जिसमें बालेन शाह की पार्टी ने एकतरफा जीत हासिल की। बालेन शाह की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी ने 5 मार्च को हुए चुनाव में 275 में से 182 सीटें जीतकर इतिहास रचा था। जिसके बाद आज राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान के नियमों के तहत बालेन को नेपाल के नए प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई। 

हिंदू रीति-रिवाजों के साथ शपथ ग्रहण

शपथ समारोह राष्ट्रपति भवन शीतल निवास में हुआ। बालेन के साथ उनके मंत्रिमंडल का भी शपथ ग्रहण हुआ। ये शपथ ग्रहण काफी खास रहा। पद और गोपनीयता की यह शपथ हिंदू रीति-रिवाजों और बौद्ध परंपराओं के साथ संपन्न हुई। इस अवसर पर सात शंखनादकों ने शंख ध्वनि के साथ मांगलिक शुरुआत की। परंपरा के अनुसार, शुभ कार्यों के आरंभ में शंखनाद को सफलता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इस मौके पर सात ब्राह्मणों ने शंखनाद, 108 युवा ब्राह्मणों द्वारा स्वस्ति वाचन और 107 लामाओं द्वारा बौद्ध मंत्रों का पाठ किया गया।

बालेन शाह के वादों पर जनता ने दिखाया भरोसा

बालेन शाह का प्रधानमंत्री बनना नेपाल की राजनीति में आए प्रमुख बदलाव का वादा करती है। लोकतंत्र लागू होने के बाद से नेपाल में जितने भी चुनाव हुए उनमें किसी भी चुनाव में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल नहीं हो पाया। लेकिन बालेन शाह के वादों पर जनता ने भरोसा दिखाया है। उन्होंने बदलाव का जो सपना दिखाया उसपर लोगों ने भरोसा किया है। नेपाल के मतदाता वर्षों से चले आ रहे भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और रसूखदारों के राज से नाराज थे।

बालेन शाह कौन हैं?

बालेन राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के नेता हैं। बालेन शाह की राजनीति में एंट्री भी काफी दिलचस्प रही है। उन्होंने 2022 में पहली बार चुनाव लड़ा और काठमांडू महानगरपालिका के मेयर बने। उस वक्त वे निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर जीते थे, जिसने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई। 27 अप्रैल 1990 को काठमांडू में जन्मे बालेन शाह का बैकग्राउंड इंजीनियरिंग का है। उन्होंने भारत की विश्वेश्वरैया टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी से स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री हासिल की है। इससे पहले उन्होंने काठमांडू से अपनी बैचलर डिग्री पूरी की थी। बालेन शाह मशहूर नेपाली रैपर हैं। राजनीति में आने से पहले वे अपने गानों के जरिए भ्रष्टाचार और सामाजिक मुद्दों पर आवाज उठाया करते थे।

संभल और बरेली के आईपीएस अधिकारियों की सगाई, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

संभल। जिले के एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई और बरेली की एएसपी अंशिका वर्मा की सगाई गुरुवार को संपन्न हुई। कार्यक्रम में दोनों परिवार, पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और आमंत्रित अतिथि शामिल हुए। समारोह संभल के बबराला स्थित यारा फर्टिलाइजर परिसर में आयोजित किया गया और दिनभर की तैयारियों के बाद देर रात तक चला।

इस आईपीएस जोड़ी की शादी से जुड़े अगले कार्यक्रम राजस्थान में होंगे। 27 मार्च को बाड़मेर में हल्दी और संगीत की रस्में, 29 मार्च को विवाह और 30 मार्च को जोधपुर में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा। रिसेप्शन में कई प्रमुख हस्तियों के शामिल होने की संभावना है।

सगाई के बाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कृष्ण कुमार विश्नोई काले चश्मे में डांस करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले शादी का निमंत्रण पत्र भी चर्चा का विषय बना। आयोजन की भव्यता और पुलिस-प्रशासनिक क्षेत्र की मौजूदगी ने इसे खास बना दिया है।
सुरियावां ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया:पुलिस ने चोरी की 7 घटनाओं में शामिल 4 को किया गिरफ्तार, 3 क्विंटल तार बरामद

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपराध नियंत्रण अभियान के तहत सुरियावां पुलिस टीम ने अन्तर्जनपदीय चोरों के एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मुखबिर की सूचना पर प्रयागराज और भदोही जिलों में एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल चोरी के मामलों से संबंधित चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है। यह गिरफ्तारी जंगीगंज से कोईरौना जाने वाले तिराहे से करीब 300 मीटर पहले गोपीगंज की तरफ सड़क की दाहिनी पटरी से हुई। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 9 बोरों में लगभग 3 क्विंटल एलटी तार, एबी कंडक्टर और केबल बरामद किए गए हैं।

इसके अतिरिक्त, पुलिस ने दो पिकअप वाहन, एक पल्सर मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 2500 रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में गिरफ्तार व्यक्तियों ने बताया कि उनका एक संगठित गिरोह है, जिसका मुखिया पवन कुमार बिंद पुत्र गुलाबधर बिंद है। वे पवन कुमार बिंद के साथ मिलकर प्रयागराज और भदोही जिलों में विभिन्न स्थानों से बिजली के तार काटकर चोरी करते थे। अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 24/25 की रात को भदोही जिले के प्रयागराज बॉर्डर के पास ग्राम नेवादा रोही और आसपास के इलाकों से बिजली के तार चोरी किए थे।

उन्होंने बताया कि पवन कुमार बिंद, संजय बिंद और पवन कुमार बिंद उर्फ ओझा सहित कुल छह लोगों ने मिलकर पोल से तार काटे थे। चोरी किए गए तारों को पिकअप में लादकर पवन कुमार बिंद के घर पर छिपाया गया था। अभियुक्तों ने बताया कि उन्होंने तारों से प्लास्टिक हटाकर एल्युमिनियम को प्लास्टिक के बोरों में भर दिया था। उन्हें जानकारी मिली थी कि पुलिस ने उनकी टाटा मैजिक पिकअप को पहचान लिया है और उनकी तलाश में गांव आई है, जिसके बाद वे चोरी के तार बेचने की फिराक में थे, तभी उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
फोन की रिकार्डिंग सुन पत्नी के प्रेमी की हत्या,फोन कर मिलने के बहाने बुलाया
*लाठी डंडों से पीटा फिर दबाया गला

गोंडा।जिले में हाईस्कूल छात्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस ने मृतक छात्र की प्रेमिका के पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 24 मार्च की रात साहिल को फोन कर बुलाया।उसको लाठी डंडों से पीटा उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया।जांच में सामने आया है कि 20 साल का साहिल और 22 साल की मानसी चौहान के बीच पिछले तीन साल से अफेयर था,दोनों साथ में पढ़ाई करते थे।मानसी की शादी के बाद भी दोनों का रिश्ता चलता रहा।मानसी के पति ने दोनों की बातचीत की रिकार्डिंग फोन में सुन लिया था,उसके बाद मर्डर का प्लान बनाया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।मामला तरबगंज थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा गांव का है।गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत पिपरी रोहुआ के तालाब के किनारे बुधवार सुबह एक युवक का शव मिला था।खेतों में सरसों की कटाई कर रहे किसानों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दिया था।शव की पहचान बिशुनपुर बनियन गांव निवासी साहिल के रूप में हूई थी।शव से 200 मीटर की दूरी पर साहिल की मोटरसाइकिल मिली थी परन्तु उसका मोबाइल गायब था और हाथ पैर व शरीर पर चोट के नीशान थे।इसके बाद परिजनों ने साहिल के हत्या की आशंका व्यक्त किया था,इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या के संभावनाओं पर जांच शुरू कर दिया।भरोसेमंद सूत्रों की माने तो तरबगंज तहसील अंतर्गत गत 13 मार्च को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोनियन पुरवा गांव निवासनी मानसी चौहान की शादी उसके परिजनों ने रामशंकर चौहान के साथ कर दिया था परन्तु शादी के बाद भी मानसी और साहिल की बातचीत जारी रही,जिससे पति रामशंकर को शक हो गया तदोपरांत रामशंकर ने पत्नी मानसी की मोबाइल में काल रिकार्डिंग लगा दिया और जब 24 मार्च को उसने फोन चेक किया तो उसे साहिल की काल रिकार्डिंग मिली।काल रिकार्डिंग मिलने के बाद उसने हत्या की साजिश रची और अपने तीन साथियों नानबाबू चौहान, दिनेश चौहान और रमन उर्फ अंगद चौहान को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।24 मार्च की रात को आरोपियों ने साहिल को सीधे अपने फोन से नहीं बल्कि  मानसी के फोन से काल कर बुलाया ताकि उसे कोई संदेह न हो।फ़ोन आने के बाद साहिल को लगा कि वह मानसी से मिलने जा रहा है,परन्तु यह एक साजिश थी।फोन आने के बाद घर से निकलते समय साहिल ने अपनी माँ से कहा कि वह गांव में एक जन्मदिन कार्यक्रम में जा रहा है,जबकि उसे कोई निमंत्रण नहीं मिला था।साहिल चार भाइयों में सबसे छोटा था और हाल में ही उसने हाईस्कूल की परीक्षा दिया था परन्तु परिणाम आने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दिया है
गया में “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का आयोजन, ग्रामीण उद्यमियों को मिला नया मंच,

गया: ग्रामीण उद्यमिता को सशक्त बनाने और स्थानीय स्तर पर नवाचार को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से बोधगया स्थित टेकुना फॉर्म के समीप एक निजी होटल में शुक्रवार को “उद्यमिता सम्मेलन 2026” का सफल आयोजन किया गया। यह सम्मेलन एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में उभरा, जहां विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े उद्यमी, विशेषज्ञ, संस्थान और नीति निर्माता एकत्रित होकर विचारों का आदान-प्रदान किया और विकास के नए अवसरों की तलाश की।

सम्मेलन की प्रमुख विशेषताओं में माइक्रो और छोटे उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों, सेवाओं और व्यवसाय मॉडलों का लाइव प्रदर्शन शामिल रहा। इस प्रदर्शनी ने स्थानीय उद्यमियों को अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर प्रदान किया, वहीं उपस्थित प्रतिभागियों को जमीनी स्तर पर हो रहे नवाचारों से परिचित होने का मौका मिला। ग्रामीण क्षेत्रों में सीमित संसाधनों के बावजूद किए जा रहे नवाचारों ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामीण उद्यमिता के अवसरों, चुनौतियों और भविष्य की संभावनाओं पर आधारित पैनल चर्चाएं भी आयोजित की गईं। इन चर्चाओं में विशेषज्ञों ने अपने अनुभव साझा करते हुए उद्यमियों को बाजार, ब्रांडिंग, पैकेजिंग और वित्तीय सहायता से जुड़ने के उपाय बताए। इसके साथ ही बैंकिंग और निर्यात क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे, जिससे उद्यमियों को व्यावसायिक विस्तार की दिशा में मार्गदर्शन मिला। सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण उद्यमियों के अनुभव साझा करने का सत्र रहा, जिसमें उन्होंने अपनी सफलता, संघर्ष और नवाचार की प्रेरणादायक कहानियां प्रस्तुत कीं। इन अनुभवों ने अन्य प्रतिभागियों को न केवल प्रेरित किया, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ने का हौसला भी दिया।

इस आयोजन में नेटवर्किंग के लिए भी पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराए गए, जिससे प्रतिभागियों को विभिन्न संस्थानों, विशेषज्ञों और संभावित सहयोगियों से जुड़ने का अवसर मिला। सम्मेलन के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उद्यमियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनके प्रयासों को पहचान मिली और अन्य लोगों को भी प्रेरणा प्राप्त हुई।

सर्व सेवा समिति संस्था 4S इंडिया के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर मिहिर शाहना ने बताया कि यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन उद्यमियों के लिए आयोजित किया गया है, जो छोटे स्तर पर कार्य करते हुए अपने साथ-साथ समाज को भी आगे बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाएं मशरूम उत्पादन, बकरी पालन, स्ट्रॉबेरी खेती और सिलाई जैसे कार्यों के माध्यम से न केवल आत्मनिर्भर बन रही हैं, बल्कि अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यह सम्मेलन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।

भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई
बूढनपुर भरौली टोडर गांव में सम्राट अशोक की 2330वीं जयंती के अवसर पर भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर गांव के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लेकर महान सम्राट को श्रद्धांजलि अर्पित की।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने सम्राट अशोक के जीवन, उनके शासनकाल और उनके द्वारा अपनाए गए बौद्ध धर्म के सिद्धांतों पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध के बाद हिंसा का मार्ग त्यागकर शांति, अहिंसा और मानवता का संदेश पूरे विश्व में फैलाया।समारोह की अध्यक्षता कांता प्रसाद ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में बासदेव मौर्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन लालचंद मौर्य ने किया। संयोजक के रूप में अमन मौर्य, नागेश मौर्य, मनीष मौर्य और आर्यन सम्राट ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।इस अवसर पर एडवोकेट राजेश मौर्य, एडवोकेट जयप्रकाश मौर्य, अर्जुन मौर्य, अनिल मौर्य, जिम्मी सिंह, सुशील उपाध्याय, सागर मौर्य, अजय मौर्य सहित बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के अंत में सम्राट अशोक के आदर्शों को अपनाने और समाज में शांति, एकता एवं सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया गया।
*लखनऊ में एजुकेट गर्ल्स ने मनाया 18वाँ स्थापना दिवस, बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने में जमीनी साझेदारियों के प्रभाव को किया प्रदर्शित*

लखनऊ, 25 मार्च, 2026: एजुकेट गर्ल्स, जिसे 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार से सम्मानित किया गया है, ने 25 मार्च 2026 को लखनऊ में अपना 18वाँ स्थापना दिवस मनाया। इस पुरस्कार को व्यापक रूप से एशिया का नोबेल पुरस्कार माना जाता है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में 300 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए, जिनमें टीम बालिका स्वयंसेवक, फील्ड स्टाफ, वरिष्ठ सरकारी अधिकारी, सिविल सोसाइटी साझेदार और शिक्षा क्षेत्र के हितधारक शामिल थे। इस अवसर पर संस्था की यात्रा पर विचार किया गया और भारत भर में बालिका शिक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया गया।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मुख्य संबोधन दिया और राज्य में प्रत्येक बालिका के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और सशक्तिकरण सुनिश्चित करने के लिए सरकार के सतत प्रयासों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “देशव्यापी पहलों जैसे बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ से लेकर उत्तर प्रदेश में एजुकेट गर्ल्स जैसे साझेदारों के माध्यम से निरंतर प्रयासों तक, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि बालिकाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। वर्ष 2017 के बाद से राज्य में बुनियादी, माध्यमिक और उच्च शिक्षा में व्यापक परिवर्तन देखने को मिले हैं, जिनमें बेहतर बुनियादी ढाँचा, संसाधनों में वृद्धि और ड्रॉपआउट दर को कम करने के लिए केंद्रित प्रयास शामिल हैं। कायाकल्प योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के विस्तार जैसी सरकारी योजनाओं ने बालिकाओं को स्कूल में वापस लाने और उनकी शिक्षा जारी रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज अधिकांश बालिकाएँ कक्षाओं में हैं और ड्रॉपआउट दर लगातार घट रही है। मिशन शक्ति के माध्यम से हम बालिकाओं को गरिमा, अवसर और समानता के साथ जीवन जीने में सक्षम बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम एजुकेट गर्ल्स के साथ मिलकर बालिका शिक्षा और सशक्तिकरण को आगे बढ़ाने के हर प्रयास में दृढ़ता से साथ खड़े हैं।”

माध्यमिक शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक विष्णु कांत पांडेय ने राज्यभर में सामुदायिक भागीदारी और पुनःसमावेशन प्रयासों के माध्यम से हासिल की गई प्रगति को रेखांकित किया। उन्होंने कहा, “लगातार प्रयासों के माध्यम से हम लगभग 23 जिलों में बालिकाओं की पहचान कर उन्हें मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने में सफल हुए हैं, साथ ही जोखिमग्रस्त छात्रों को विद्यालय में बनाए रखने में भी सहयोग किया है। विद्या कार्यक्रम के अंतर्गत टीम बालिका स्वयंसेवक गाँव-गाँव जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं को पुनः शिक्षा से जोड़ने की तैयारी कर रहे हैं और सामाजिक या आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ चुकी बालिकाओं के लिए ओपन स्कूलिंग के माध्यम से निरंतरता सुनिश्चित कर रहे हैं। किशोर बालिकाओं को पुनः मुख्यधारा में लाना एक जटिल चुनौती बनी हुई है, लेकिन एजुकेट गर्ल्स ने मजबूत सामुदायिक जुड़ाव और साझेदारियों के माध्यम से इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उनके जमीनी अनुभवों ने हमारी योजना और क्रियान्वयन को मजबूत किया है, जिससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिली है कि कोई भी बालिका पीछे न रह जाए। हम इस सहयोग और एजुकेट गर्ल्स, टीम बालिका तथा सभी साझेदारों की बालिका शिक्षा को आगे बढ़ाने की निरंतर प्रतिबद्धता को अत्यंत महत्व देते हैं।”




एजुकेट गर्ल्स की सीईओ गायत्री नायर लोबो ने संस्था की जमीनी पहल से राष्ट्रीय स्तर पर परिवर्तनकारी शक्ति बनने की यात्रा पर प्रकाश डाला और 2025 के रेमन मैग्सेसे पुरस्कार का श्रेय अग्रिम पंक्ति में कार्यरत स्वयंसेवकों और फील्ड टीमों के सामूहिक साहस को दिया।

उन्होंने कहा, “एजुकेट गर्ल्स यह दर्शाता है कि मजबूत साझेदारियाँ किस प्रकार बड़े स्तर पर सार्थक परिवर्तन ला सकती हैं। ज्ञान का पिटारा जैसे हमारे रेमेडियल लर्निंग कार्यक्रमों के माध्यम से हम सबसे वंचित बालिकाओं तक पहुँचते हैं, उन्हें स्कूल में वापस लाने और सीखने की राह पर बनाए रखने में सहयोग करते हैं। रेमन मैग्सेसे पुरस्कार, जिसे एशिया का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है हमारी टीम बालिका स्वयंसेवकों, फील्ड टीमों और साझेदारों के सामूहिक प्रयासों को मान्यता देता है और सेवा, ईमानदारी तथा जमीनी नेतृत्व की उस भावना को दर्शाता है, जो हमारे कार्य को आगे बढ़ाती है। घर-घर जाकर स्कूल से बाहर बालिकाओं की पहचान करना और गहरी जड़ें जमाए सामाजिक दृष्टिकोणों को बदलना, यह सम्मान अग्रिम पंक्ति में काम कर रहे लोगों के असाधारण साहस और प्रतिबद्धता का प्रमाण है। हम अपने कार्य में निरंतर सहयोग के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के प्रति भी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।”

इस आयोजन में शिक्षार्थियों और स्वयंसेवकों की प्रेरणादायक कहानियाँ और प्रस्तुतियाँ भी शामिल थीं, जिन्होंने शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को उजागर किया। बिहार की प्रगति टीम से जुड़ी शिक्षार्थी हलीमा सादिया भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। संचालन निदेशक विक्रम सिंह सोलंकी द्वारा संचालित टीम बालिका पैनल चर्चा में 55,000 से अधिक स्वयंसेवकों के प्रभाव को दर्शाया गया, जो घर-घर जाकर समुदायों में परिवर्तन ला रहे हैं और बाल विवाह, घरेलू जिम्मेदारियों तथा सामाजिक मान्यताओं जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जो अक्सर बालिकाओं के स्कूल छोड़ने का कारण बनती हैं।

इन्हीं में से बदायूं की सोनम ने साझा किया कि पिछले दो वर्षों में एजुकेट गर्ल्स के साथ उनकी यात्रा ने उन्हें अधिक आत्मविश्वासी बनाया है और शिक्षा की परिवर्तनकारी शक्ति को समझने में मदद की है। सोनभद्र की प्रांचल गुप्ता ने बताया कि ड्रॉपआउट बच्चों को शिक्षा से जोड़ना उन्हें अपार खुशी और उद्देश्य देता है। अंकित मौर्य ने अपने गाँव में जागरूकता बढ़ाने के प्रयासों को साझा किया, जहाँ वे सामाजिक और आर्थिक चुनौतियों के बावजूद परिवारों को, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करते हैं। निर्मला यादव की कहानी विशेष रूप से प्रेरणादायक रही। कम उम्र में विवाह और विरोध का सामना करने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी, यहाँ तक कि उनकी किताबें नष्ट कर दी गईं, फिर भी उन्होंने हार नहीं मानी और बीए तथा एमएसडब्ल्यू की पढ़ाई पूर्ण की, जिससे वे कई लोगों के लिए प्रेरणा बनीं।