गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

झारखण्ड के 25वें जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया गया भाषण

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आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ, इस छोटी सी मुलाकात में, आप सब लोग की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार प्रकट करता हूं, जोहार करता हूं। यहां आए लंदन के विभिन्न डिपार्टमेंट के सभी सदस्यगण आप सभी का भी मैं हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं।

हम पहली बार यहां आए हैं और मेरे आने से पहले हमने आप लोगों को यहां भेजा और आप लोगों के इस हिम्मत, साहस और इस उत्साह कि वजह से ही शायद हम यहां हैं। 

मुझे तो इस सभागार का नाम भी नहीं पता था। वेस्टमिन्स्टर चैपल। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित है और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां बोलने का मौका मिल रहा है। 

आप सबको पता है कि झारखंड, भारत देश का एक छोटा सा राज्य है। इतिहास से भरा यह राज्य - जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, उससे पहले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो का संघर्ष और आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का संघर्ष हमें देखने को मिलता है। इतिहास लिखना बहुत आसान है। इतिहास पढ़ना बहुत आसान है, पर इतिहास बनाना बहुत कठिन है। 

तो हमारा यह झारखंड का इतिहास भी गौरवपूर्ण इतिहास है। हमारे पूर्वज या हमारे, जो वर्षों पुरानी पीढ़ी रही है, शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे, लेकिन उनमें दूरदर्शिता थी। यह बहुत दूर की चीजों को जानते थे, समझते थे और उसी अनुरूप अपने जीवन शैली और कार्यशैली को अंजाम देते थे। 

आज शिक्षा का एक दायरा है। बहुआयामी शिक्षा आज के इस तकनीकी युग में बहुत आवश्यक है। मेरी यही सोच रही है कि जो हमारे पूर्वज रहे हैं उनके सपनों को पूरा करें। जो उनका संघर्ष रहा, जो उनके संघर्ष का कारण था, उन वजहों का कैसे हम समाधान करें, उसके साथ हम आगे बढ़ें। 

आखिर उन्होंने क्यों अपनी कुर्बानियां दी? क्यों उन्होंने अपने को बलिदान किया? वह इसलिए क्योंकि वो हमें सुरक्षित करना चाहते थे। हम अपने पैरों पर खड़ा हो, हम अपने को मजबूत कर पाएं, यही उनकी सोच रही होगी।

आप सबको पता है झारखंड प्रदेश में शिक्षा को लेकर कितनी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच में आप सबको यह भी पता होगा कि हम लोग लगातार शिक्षा के क्षेत्र में, कहा जाए कि आने वाली पीढ़ी को, कैसे सशक्त करें, कैसे उनको अपने पैरों पर खड़ा करें। वह सब इसके लिए नहीं कि सरकारी नौकरी चाहिए। हम उनको इस कदर तराशना चाहते हैं कि देश दुनिया का कोई भी कंपटीटिव, सिचुएशन हो, वो उसका सामना कर पाए। जो आज का वक्त है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। 

आज हम लोगों ने स्कूली स्तर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस प्रारंभ किया है। आज हमारे बच्चों को जो हायर एजुकेशन - चाहे वो टेक्निकल हो, मेडिकल हो या प्रोफेशनल कोई कोर्सेस हो, उन सबके लिए, बड़े पैमाने पर हम लोगों ने दरवाजे खोले हैं। 

आप सबको पता है कि हमारे घर-परिवारों में बेहतर शिक्षा के लिए जो संसाधन की आवश्यकता है, कितनी चुनौती भरा है। आज सभी प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए हम लोगों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ₹15 लाख तक का आर्थिक सहायता बैंकों के माध्यम से बिना किसी कोलेटरल के उनको बैंक सहायता करती है और वो भी बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट में। यह आर्थिक सहायता वह तब तक उनको नहीं देना है जब तक उनकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए। वह कोर्स चार साल का हो, चाहे वो पांच साल का। पांच साल के बाद एक साल और उनको गैप मिलेगा। उसके बाद जब आपकी नौकरी लग जाएगी तब आप धीरे-धीरे बैंक को वापस कर सकते हैं। 

अब हमने यह व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है शिक्षा को लेकर। किसी भी परिवार में - चाहे वह लड़के हों , लड़कियां हों , उनके बीच में आर्थिक अड़चन कभी न आए।

आज आप सब लोग को यहां भेजने का उद्देश्य, आर्थिक मदद का यह नहीं कि आपको आर्थिक सहायता के माध्यम से यहां तक भेजा जा रहा है। बल्कि आपकी जो क्षमता है , उस क्षमता को हम और ताकत देना चाहते हैं। आप उन ऊचाइयों तक जाएं जहां तक आप जा सके। यह ईंधन का काम कर रहा है। ईंधन पूरे मशीन का एक पार्ट है।

यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है कि एक संसाधन के माध्यम से आप और कितनी चीजों को मजबूत कर सकते हैं। विशेषकर मैं लंदन में आज जो हम लोगों ने सुबह मुलाकात की सीमा मल्होत्रा जी से जो ब्रिटिश सरकार में मिनिस्टर भी हैं, और शेवनिंग भी देखती हैं। मैं उनका विशेष रूप से शुक्रिया अदा करूंगा कि उनके माध्यम से हम आज यहां जो इस मंच पर खड़े हैं, इनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है। उसके लिए मैं उन्हें तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। उनके डेलिगेट्स भी यहां है, उनके माध्यम से जरूर यह संदेश जाए। 

यहां आज एक और नया रास्ता हम लोगों ने जिंदल समूह के साथ भी जोड़ने का प्रयास किया है। हमारे पास सब कुछ है। हमारे पास कोई ऐसी चीजें नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। बशर्ते जो दरवाजे बंद हैं, वह पहले खुल नहीं पाए, नीतियां नहीं बन पाई। संसाधन के मामले में हम अपने देश में कई राज्यों से आगे हैं। बस हम कमजोर पड़ते हैं कहां? बौद्धिक रूप से। आज इसी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए हमारा पूरा प्रयास है।

आप लोग का बहुत बहुत शुक्रिया। आप लोग को बहुत सारी शुभकामनाएं। यह साल हमारा सिल्वर जुबली भी है। 25 साल का हो गया हमारा झारखंड प्रदेश। 25 साल के इस युवा राज्य में पूरी ताकत है, पूरी क्षमता है। इस नौजवान राज्य की क्षमता को मैं एक पॉजिटिव डायरेक्शन में ले जाने का कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि अगर लक्ष्य ठीक से नहीं साधा गया तो पूरी मेहनत पानी में चला जाएगी।

इसीलिए आप सब लोग आज यहां है, कल आपके जैसे और नौजवान यहां होंगे। आज आप सब लोगों को यहां देखकर मुझे जो आत्म संतुष्टि है, मैं उसको बयान नहीं कर सकता। मैं आज यहाँ हिंदी में भाषण दे रहा हूं, लेकिन आपको अंग्रेजी में भाषण देते हुए देख मुझे गौरव महसूस हो रहा है।

आप हमारे प्रतिनिधि के रूप में यहां बातों को रख रहे हैं, और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसी तरीके से आगे और तरक्की करें, यह हमारी शुभकामनाएं हैं। इस 25 साल के बाद हम अगले 25 साल के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए - लंबे और मजबूत रोडमैप के साथ आगे आयेंगे। 

यह पहला कदम है, एक ट्राइबल स्टेट से एक ट्राइबल रिप्रेजेंटेटिव, दावोस से लेकर लंदन तक पहुंचा है, तो निश्चित रूप से आगे भी जायेंगे और आत्म विश्वास के साथ जायेंगे।

हम लोगों का राज्य इतना मिलनसार, शांत स्वभाव का है। जहां हमारे लोग झारखंड के बारे में यह कहते हैं कि बोलना ही संगीत है, चलना ही नृत्य है। हमारे यहां द्वेष की कोई जगह है। हमारे लिए सद्भाव, प्रेम और सबके साथ चलना यही हमारा स्वभाव है। इसीलिए हम अपने पुराने विरासत को साथ संभालते हुए हम आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

देवघर-डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला में साइकॉम 2.0 विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन।
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देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला में आज साइकॉम 2.0 विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को विकसित करना था। मुख्य अतिथि देवघर के एसडीएम रवि कुमार , विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, देवघर बिनोद कुमार, हनुमान कथा वाचक प्रदीप भैया महाराज, विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा,सम्माननीय अतिथि एलएमसी के अध्यक्ष संतोष तुलस्यान, जसीडीह पब्लिक स्कूल एवं दीप नारायण मेमोरियल बीएड कॉलेज के निदेशक भारतेंदु दुबे, सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, रेड रोज स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार पांडे,देवघर सेंट्रल स्कूल के प्राचार्य सुबोध कुमार झा, ब्लू बेल्स की प्राचार्या पूनम झा,गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल कास्टर टाउन के प्राचार्य दिलीप कुमार सिंह, एलएमसी के सदस्य प्रमोद बाजला, ताराचंद जैन और प्रिंसिपल मैडम श्रेया भार्गव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। तत्पश्चात बच्चों ने सुमधुर स्वागत गीत के साथ गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि रवि कुमार ने कहा कि आज यहाँ आकर विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना देखकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज प्रदर्शित किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट इस बात का प्रमाण हैं कि आज के विद्यार्थी सोचते भी हैं और समाधान भी खोजते हैं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए कहा कि आज का छोटा प्रयोग, कल की बड़ी खोज बन सकता है। आप निरंतर सीखते रहें, प्रयोग करते रहें और असफलताओं से घबराएँ नहीं। इसके बाद बच्चों ने गणेश वंदना और मिशन मंगलम पर आधारित गीत पर मनोरम नृत्य की प्रस्तुति की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न विषयों के लगभग 250 मॉडल को प्रदर्शित किया गया जैसे कृषि में आधुनिक तकनीक का प्रयोग,हाइपरबोला क्लॉक,आरएफआईडी तकनीक द्वारा दरवाजा बंद करने का तरीका, हाइड्रोपोनिक्स,एलिपटिकल कैरम,वाई फाई एवं ब्लूटूथ द्वारा कार कंट्रोल सिस्टम,पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, मानव शरीर, रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित आकर्षक और ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए गए । विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिसे अभिभावकों एवं आगंतुकों ने खूब सराहा। प्रदीप भैया जी ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है। ऐसे समय में विद्यार्थियों का वैज्ञानिक सोच विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रदर्शनी बच्चों को प्रश्न पूछने, समस्याओं का समाधान खोजने और नवाचार की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि मेरी शुभकामना है कि आज की यह विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को और अधिक सशक्त बनाए तथा भविष्य में यही बच्चे देश के वैज्ञानिक,अभियंता और नवप्रवर्तक बनकर राष्ट्र का नाम रोशन करें। विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी हमारे विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता का सजीव मंच है। यहाँ प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विज्ञान को जीवन से जोड़कर समझ रहे हैं। सभी आगंतुकों का मेमेंटो और अंग वस्त्र के साथ सम्मान किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
हजारीबाग: केरेडारी के बेलतू में विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, छावनी में तब्दील हुआ इलाका, DC-SP ने संभाला मोर्चा

हजारीबाग: जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को स्वयं मौके पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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भड़काऊ गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बेलतू पीकेट और बाजार ताड़ के समीप से विसर्जन जुलूस गुजर रहा था। इसी दौरान डीजे पर भड़काऊ गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

छावनी में बदला बेलतू, अतिरिक्त बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात ही पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई के कारण हिंसा को आगे बढ़ने से रोक लिया गया। रविवार सुबह से ही क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

दोषियों पर होगी 'कठोर कार्रवाई' - SP

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया:

"बेलतू में हुई झड़प के बाद स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। शांति भंग करने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

उपायुक्त की अपील: 'अफवाहों से बचें'

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

इलाके में पसरा सन्नाटा

रविवार सुबह से ही बेलतू और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा देखा जा रहा है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पुलिस की गाड़ियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि नागरिकों में सुरक्षा का भाव बना रहे।

मीरा रोड में सद्भाव सहयोग संस्था ने धूमधाम से मनाया सरस्वती पूजा
मुंबई। बसंत पंचवी के पावन अवसर पर सद्भाव सहयोग संस्था (मीरारोड) की ओर से लगातार 9वें वर्ष मां सरस्वती की सरस्वती विधि विधान से पूजा की गई। संस्था की तरह से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई और पूरे मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न की गई। सरस्वती पूजा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य उपस्थित हुए। संगीतकार व लोकगायक सुरेश शुक्ला ने सरस्वती वंदना एवं प्रेरणादायक भक्तिगीतों की प्रस्तुति दी जिसमें श्रोता भाव विभोर हो उठे। शुक्ल के गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और ज्ञान, कला एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मीरा रोड के विजय पार्क स्थित अंबर प्लाजा चौक पर सद्भाव सहयोग संस्था की ओर से लगभग दो हजार लोगों ने भंडारे व महाप्रसाद ग्रहण किया। मीरा-भाईंदर के विधायक नरेन्द्र मेहता ने लगातार 9वें वर्ष सरस्वती पूजा के आयोजन के लिए सद्भाव सहयोग संस्था की प्रसंशा की।

उन्होंने कहा कि जहां मां सरस्वती विराजमान रहती हैं वहां स्वयं ज्ञान, विद्या, बुद्धि, कला, संगीत और सृजनशीलता का वास होता है। देवी सरस्वती ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं, अज्ञानता के अंधकार को दूर करती हैं और भक्त की वाणी को मधुर बनाती हैं। नवनिर्वाचित नगरसेवकर नवीन सिंह ने मां सरस्वती की दिव्य प्रतिमा की ओर इशारा करते हुए कहा कि फूलों से सजा सिंहासन, स्वर्ण आभूषणों से दमकता स्वरूप और हाथो में वीणा मानो कह रहा हो कि ज्ञान ही सच्ची साधना है। मां की करुणामयी दृष्टि सब मिलकर ऐसा आभास देते हैं जैसे जीवन की सारी उलझने स्वतः सुलझने लगी है। इस दौरान नगरसेवक मनोज दुबे, प्रशांत दलवी, आनंद मांजरेकर, प्रतिभा जाट, पूर्व नगरसेवक राजू भोईर, उद्योगपति, बलवंत सिंह, रामकांत सिंह आदि उपस्थित रहे। संस्था के अध्यक्ष एड. जीसी तिवारी, महासचिव सुरेन्द्र मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, उपाध्यक्ष अशोक यादव, कोषाध्यक्ष प्रमोद दुबे, सचिव राकेश यादव, संरक्षक राजू मिश्र, प्रमोद मिश्र, रमेश उपाध्याय, मनोज सिंह, रत्नेश मिश्रा के अलावा रोहित तिवारी, लालचंद यादव, प्रमोद शुक्ल, संजय अग्रवाल (सीए), विनोद तिवारी, शिवम मिश्र, अशोक शुक्ल, दीपक कनौजिया, संजीव शुक्ल, संतोष तिवारी, भगवान चौधरी, जितेन्द्र गुप्त, मोहन मिश्र, प्यारेलाल गुप्ता, सचिदानंद मिश्र, उद्धव सोनी और विष्णु प्रकाश मिश्र ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। संस्था के महासचिव सुरेन्द्र मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया।
केजीएमयू में लिवर प्रेशर जांच की नई पहल, गंभीर मरीजों के इलाज में आएगी क्रांति
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग में पहली बार लिवर प्रेशर (HVPG – हेपेटिक वेनस प्रेशर ग्रेडिएंट) मापने की आधुनिक प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अहम मेडिकल परीक्षण के जरिए अब लिवर रोगियों का इलाज केवल लक्षणों के आधार पर नहीं, बल्कि लिवर के वास्तविक प्रेशर को मापकर किया जाएगा।

इस नई तकनीक का लाभ लखनऊ निवासी 40 वर्षीय एक गंभीर लिवर मरीज को मिला है, जो पीलिया, पेट में पानी भरने और खून की उल्टियों जैसी जटिल समस्याओं से पीड़ित था। मरीज को जनरल मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया, जहां डॉ. सुधीर वर्मा की निगरानी में HVPG जांच कर लिवर प्रेशर के अनुसार दवाओं की सटीक डोज तय की गई। इसके बाद मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा गया।

डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक शराब सेवन के कारण मरीज के लिवर में गंभीर क्षति हुई थी। पहले ऐसे मामलों में इलाज केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता था, लेकिन अब लिवर प्रेशर की जांच से उपचार ज्यादा सटीक और प्रभावी होगा।

केजीएमयू में शुरू की गई यह प्रक्रिया गंभीर लिवर रोगियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और भविष्य में लिवर से जुड़ी जटिल बीमारियों के इलाज में बड़ा लाभ देगी।
अलीगंज क्षेत्र में दो दिन बाधित रहेगी पेयजल आपूर्ति, नागरिकों से जल भंडारण की अपील

लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र के नागरिकों को आगामी दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति में अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत सेक्टर-बी, अलीगंज में नवनिर्मित शिरोपरि जलाशय (ओवरहेड टैंक) के अंतः संयोजन (इंटरकनेक्शन) का कार्य 27 जनवरी 2026 एवं 28 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इस तकनीकी कार्य के चलते जोन-3 के अंतर्गत आने वाले अलीगंज क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य क्षेत्रवासियों को भविष्य में बेहतर, सुचारू और पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। शिरोपरि जलाशय के अंतः संयोजन के बाद जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में स्थायी सुधार की संभावना है। हालांकि, कार्य के दौरान अस्थायी रूप से जलापूर्ति रोकना तकनीकी रूप से आवश्यक है।

नगर निगम प्रशासन ने सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पूर्व से ही पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण कर लें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में नगर निगम द्वारा पेयजल टैंकरों से जलापूर्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आपात स्थिति में जल टैंकर की आवश्यकता होने पर नागरिक अरुण कुमार सिंह (पी.एस.एस.) मोबाइल नंबर 8177054122 अथवा अशुतोष कुमार (अवर अभियंता) मोबाइल नंबर 7052243530 पर संपर्क कर सकते हैं।

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के तत्वाधान में समरसता खिचड़ी भोज कार्यक्रम

बलरामपुर। 25 जनवरी अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवकुमार वाल्मीकि की अध्यक्षता में समरसता भोज खिचड़ी का आयोजन संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर तुलसीपुर स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि शकील राईनी, विशिष्ट अतिथि विजय प्रताप सोनी, प्रदीप गुप्ता व उदय अग्रहरि रहे जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह, जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी भारत लाल, दिनेश ने भाग लिया इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लोक भवन गुजरात में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन
* मंत्री ए.के. शर्मा ने रेखांकित की उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा

* एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप पांच राज्यों का संयुक्त आयोजन

लखनऊ। गुजरात स्थित लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के साथ असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, निवेश, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेश के अनुकूल वातावरण और पारदर्शी शासन व्यवस्था के चलते राज्य आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक मंच पर भी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कभी “बीमारू राज्य” के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज उस छवि को पीछे छोड़ते हुए विकास का मॉडल बन रहा है।

किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है। यह परिवर्तन प्रदेश की जनता के सहयोग, विश्वास और सहभागिता से संभव हुआ है।

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल  आचार्य देवव्रत ने भी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की प्रगति की सराहना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
गया में निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच शिविर में 250 से अधिक मरीजों का हुआ सफल इलाज

गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।

शिविर के शुभारंभ अवसर पर स्थानीय ग्रामीण बालिका छात्राओं द्वारा सभी चिकित्सकों का तिलक लगाकर एवं गुलाब का फूल भेंट कर पारंपरिक स्वागत किया गया, तत्पश्चात रिबन काटकर शिविर का विधिवत शुभारंभ कराया गया। इस अवसर ने सामाजिक सहभागिता एवं बालिकाओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाया।

इस शिविर में लगभग 250 से अधिक मरीजों की निःशुल्क जांच एवं परामर्श किया गया। शिविर में विशेष रूप से पित्त की थैली की पथरी (Gall Bladder Stone), हर्निया, प्रोस्टेट रोग, पेट दर्द, बवासीर (Piles), स्तन संबंधी रोग, हाइड्रोसील सहित पेट एवं मूत्र रोगों से पीड़ित संभावित मरीजों की जांच की गई।

शिविर में डॉ. जे. पी. सिंह, लेज़र, लैप्रोस्कोपिक एवं एंडोस्कोपिक सर्जन तथा पेट एवं मूत्र रोग विशेषज्ञ ने मरीजों की जांच कर उन्हें आवश्यक चिकित्सीय परामर्श दिया। उन्होंने मरीजों को बताया कि प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, गया में इन सभी रोगों का इलाज आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत पूर्णतः निःशुल्क उपलब्ध है।

इसके अतिरिक्त शिविर में डॉ. रवि रंजन सिंह (MBBS, MS – हड्डी एवं जोड़ रोग विशेषज्ञ), डॉ. रजनी कुमारी (MBBS, MD – स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ), डॉ. लाल देव (MBBS – जनरल फिजिशियन) एवं डॉ. निशा कुमारी (BPT, MPT – फिजियोथेरेपिस्ट) द्वारा भी मरीजों की जांच, परामर्श एवं उपचार किया गया। इस शिविर को सफल बनाने में कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के सक्रिय सदस्य श्री प्रमोद कुमार (शिक्षक, जिला स्कूल, गया) का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने शिविर के आयोजन हेतु अपना भरपूर सहयोग प्रदान किया।

शिविर में आए मरीजों एवं ग्रामीण नागरिकों ने इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होते हैं। आयोजकों ने भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया

झारखण्ड के 25वें जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया गया भाषण

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आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ, इस छोटी सी मुलाकात में, आप सब लोग की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार प्रकट करता हूं, जोहार करता हूं। यहां आए लंदन के विभिन्न डिपार्टमेंट के सभी सदस्यगण आप सभी का भी मैं हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं।

हम पहली बार यहां आए हैं और मेरे आने से पहले हमने आप लोगों को यहां भेजा और आप लोगों के इस हिम्मत, साहस और इस उत्साह कि वजह से ही शायद हम यहां हैं। 

मुझे तो इस सभागार का नाम भी नहीं पता था। वेस्टमिन्स्टर चैपल। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित है और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां बोलने का मौका मिल रहा है। 

आप सबको पता है कि झारखंड, भारत देश का एक छोटा सा राज्य है। इतिहास से भरा यह राज्य - जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, उससे पहले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो का संघर्ष और आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का संघर्ष हमें देखने को मिलता है। इतिहास लिखना बहुत आसान है। इतिहास पढ़ना बहुत आसान है, पर इतिहास बनाना बहुत कठिन है। 

तो हमारा यह झारखंड का इतिहास भी गौरवपूर्ण इतिहास है। हमारे पूर्वज या हमारे, जो वर्षों पुरानी पीढ़ी रही है, शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे, लेकिन उनमें दूरदर्शिता थी। यह बहुत दूर की चीजों को जानते थे, समझते थे और उसी अनुरूप अपने जीवन शैली और कार्यशैली को अंजाम देते थे। 

आज शिक्षा का एक दायरा है। बहुआयामी शिक्षा आज के इस तकनीकी युग में बहुत आवश्यक है। मेरी यही सोच रही है कि जो हमारे पूर्वज रहे हैं उनके सपनों को पूरा करें। जो उनका संघर्ष रहा, जो उनके संघर्ष का कारण था, उन वजहों का कैसे हम समाधान करें, उसके साथ हम आगे बढ़ें। 

आखिर उन्होंने क्यों अपनी कुर्बानियां दी? क्यों उन्होंने अपने को बलिदान किया? वह इसलिए क्योंकि वो हमें सुरक्षित करना चाहते थे। हम अपने पैरों पर खड़ा हो, हम अपने को मजबूत कर पाएं, यही उनकी सोच रही होगी।

आप सबको पता है झारखंड प्रदेश में शिक्षा को लेकर कितनी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच में आप सबको यह भी पता होगा कि हम लोग लगातार शिक्षा के क्षेत्र में, कहा जाए कि आने वाली पीढ़ी को, कैसे सशक्त करें, कैसे उनको अपने पैरों पर खड़ा करें। वह सब इसके लिए नहीं कि सरकारी नौकरी चाहिए। हम उनको इस कदर तराशना चाहते हैं कि देश दुनिया का कोई भी कंपटीटिव, सिचुएशन हो, वो उसका सामना कर पाए। जो आज का वक्त है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें। 

आज हम लोगों ने स्कूली स्तर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस प्रारंभ किया है। आज हमारे बच्चों को जो हायर एजुकेशन - चाहे वो टेक्निकल हो, मेडिकल हो या प्रोफेशनल कोई कोर्सेस हो, उन सबके लिए, बड़े पैमाने पर हम लोगों ने दरवाजे खोले हैं। 

आप सबको पता है कि हमारे घर-परिवारों में बेहतर शिक्षा के लिए जो संसाधन की आवश्यकता है, कितनी चुनौती भरा है। आज सभी प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए हम लोगों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ₹15 लाख तक का आर्थिक सहायता बैंकों के माध्यम से बिना किसी कोलेटरल के उनको बैंक सहायता करती है और वो भी बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट में। यह आर्थिक सहायता वह तब तक उनको नहीं देना है जब तक उनकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए। वह कोर्स चार साल का हो, चाहे वो पांच साल का। पांच साल के बाद एक साल और उनको गैप मिलेगा। उसके बाद जब आपकी नौकरी लग जाएगी तब आप धीरे-धीरे बैंक को वापस कर सकते हैं। 

अब हमने यह व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है शिक्षा को लेकर। किसी भी परिवार में - चाहे वह लड़के हों , लड़कियां हों , उनके बीच में आर्थिक अड़चन कभी न आए।

आज आप सब लोग को यहां भेजने का उद्देश्य, आर्थिक मदद का यह नहीं कि आपको आर्थिक सहायता के माध्यम से यहां तक भेजा जा रहा है। बल्कि आपकी जो क्षमता है , उस क्षमता को हम और ताकत देना चाहते हैं। आप उन ऊचाइयों तक जाएं जहां तक आप जा सके। यह ईंधन का काम कर रहा है। ईंधन पूरे मशीन का एक पार्ट है।

यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है कि एक संसाधन के माध्यम से आप और कितनी चीजों को मजबूत कर सकते हैं। विशेषकर मैं लंदन में आज जो हम लोगों ने सुबह मुलाकात की सीमा मल्होत्रा जी से जो ब्रिटिश सरकार में मिनिस्टर भी हैं, और शेवनिंग भी देखती हैं। मैं उनका विशेष रूप से शुक्रिया अदा करूंगा कि उनके माध्यम से हम आज यहां जो इस मंच पर खड़े हैं, इनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है। उसके लिए मैं उन्हें तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। उनके डेलिगेट्स भी यहां है, उनके माध्यम से जरूर यह संदेश जाए। 

यहां आज एक और नया रास्ता हम लोगों ने जिंदल समूह के साथ भी जोड़ने का प्रयास किया है। हमारे पास सब कुछ है। हमारे पास कोई ऐसी चीजें नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। बशर्ते जो दरवाजे बंद हैं, वह पहले खुल नहीं पाए, नीतियां नहीं बन पाई। संसाधन के मामले में हम अपने देश में कई राज्यों से आगे हैं। बस हम कमजोर पड़ते हैं कहां? बौद्धिक रूप से। आज इसी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए हमारा पूरा प्रयास है।

आप लोग का बहुत बहुत शुक्रिया। आप लोग को बहुत सारी शुभकामनाएं। यह साल हमारा सिल्वर जुबली भी है। 25 साल का हो गया हमारा झारखंड प्रदेश। 25 साल के इस युवा राज्य में पूरी ताकत है, पूरी क्षमता है। इस नौजवान राज्य की क्षमता को मैं एक पॉजिटिव डायरेक्शन में ले जाने का कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि अगर लक्ष्य ठीक से नहीं साधा गया तो पूरी मेहनत पानी में चला जाएगी।

इसीलिए आप सब लोग आज यहां है, कल आपके जैसे और नौजवान यहां होंगे। आज आप सब लोगों को यहां देखकर मुझे जो आत्म संतुष्टि है, मैं उसको बयान नहीं कर सकता। मैं आज यहाँ हिंदी में भाषण दे रहा हूं, लेकिन आपको अंग्रेजी में भाषण देते हुए देख मुझे गौरव महसूस हो रहा है।

आप हमारे प्रतिनिधि के रूप में यहां बातों को रख रहे हैं, और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसी तरीके से आगे और तरक्की करें, यह हमारी शुभकामनाएं हैं। इस 25 साल के बाद हम अगले 25 साल के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए - लंबे और मजबूत रोडमैप के साथ आगे आयेंगे। 

यह पहला कदम है, एक ट्राइबल स्टेट से एक ट्राइबल रिप्रेजेंटेटिव, दावोस से लेकर लंदन तक पहुंचा है, तो निश्चित रूप से आगे भी जायेंगे और आत्म विश्वास के साथ जायेंगे।

हम लोगों का राज्य इतना मिलनसार, शांत स्वभाव का है। जहां हमारे लोग झारखंड के बारे में यह कहते हैं कि बोलना ही संगीत है, चलना ही नृत्य है। हमारे यहां द्वेष की कोई जगह है। हमारे लिए सद्भाव, प्रेम और सबके साथ चलना यही हमारा स्वभाव है। इसीलिए हम अपने पुराने विरासत को साथ संभालते हुए हम आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।

देवघर-डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला में साइकॉम 2.0 विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य आयोजन।
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देवघर: गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला में आज साइकॉम 2.0 विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को विकसित करना था। मुख्य अतिथि देवघर के एसडीएम रवि कुमार , विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, देवघर बिनोद कुमार, हनुमान कथा वाचक प्रदीप भैया महाराज, विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा,सम्माननीय अतिथि एलएमसी के अध्यक्ष संतोष तुलस्यान, जसीडीह पब्लिक स्कूल एवं दीप नारायण मेमोरियल बीएड कॉलेज के निदेशक भारतेंदु दुबे, सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, रेड रोज स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार पांडे,देवघर सेंट्रल स्कूल के प्राचार्य सुबोध कुमार झा, ब्लू बेल्स की प्राचार्या पूनम झा,गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल कास्टर टाउन के प्राचार्य दिलीप कुमार सिंह, एलएमसी के सदस्य प्रमोद बाजला, ताराचंद जैन और प्रिंसिपल मैडम श्रेया भार्गव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। तत्पश्चात बच्चों ने सुमधुर स्वागत गीत के साथ गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि रवि कुमार ने कहा कि आज यहाँ आकर विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना देखकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज प्रदर्शित किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट इस बात का प्रमाण हैं कि आज के विद्यार्थी सोचते भी हैं और समाधान भी खोजते हैं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए कहा कि आज का छोटा प्रयोग, कल की बड़ी खोज बन सकता है। आप निरंतर सीखते रहें, प्रयोग करते रहें और असफलताओं से घबराएँ नहीं। इसके बाद बच्चों ने गणेश वंदना और मिशन मंगलम पर आधारित गीत पर मनोरम नृत्य की प्रस्तुति की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न विषयों के लगभग 250 मॉडल को प्रदर्शित किया गया जैसे कृषि में आधुनिक तकनीक का प्रयोग,हाइपरबोला क्लॉक,आरएफआईडी तकनीक द्वारा दरवाजा बंद करने का तरीका, हाइड्रोपोनिक्स,एलिपटिकल कैरम,वाई फाई एवं ब्लूटूथ द्वारा कार कंट्रोल सिस्टम,पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, मानव शरीर, रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित आकर्षक और ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए गए । विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिसे अभिभावकों एवं आगंतुकों ने खूब सराहा। प्रदीप भैया जी ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है। ऐसे समय में विद्यार्थियों का वैज्ञानिक सोच विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रदर्शनी बच्चों को प्रश्न पूछने, समस्याओं का समाधान खोजने और नवाचार की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि मेरी शुभकामना है कि आज की यह विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को और अधिक सशक्त बनाए तथा भविष्य में यही बच्चे देश के वैज्ञानिक,अभियंता और नवप्रवर्तक बनकर राष्ट्र का नाम रोशन करें। विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी हमारे विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता का सजीव मंच है। यहाँ प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विज्ञान को जीवन से जोड़कर समझ रहे हैं। सभी आगंतुकों का मेमेंटो और अंग वस्त्र के साथ सम्मान किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
हजारीबाग: केरेडारी के बेलतू में विसर्जन जुलूस के दौरान हिंसक झड़प, छावनी में तब्दील हुआ इलाका, DC-SP ने संभाला मोर्चा

हजारीबाग: जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत बेलतू में शनिवार देर रात दो पक्षों के बीच हुई हिंसक झड़प के बाद तनाव का माहौल है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन को स्वयं मौके पर उतरकर मोर्चा संभालना पड़ा। भारी पुलिस बल की तैनाती के बाद फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में सन्नाटा पसरा हुआ है।

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भड़काऊ गाने को लेकर शुरू हुआ विवाद

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार रात बेलतू पीकेट और बाजार ताड़ के समीप से विसर्जन जुलूस गुजर रहा था। इसी दौरान डीजे पर भड़काऊ गाना बजाने को लेकर दो पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद ने हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से जमकर पत्थरबाजी हुई। इस पथराव में एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनका इलाज स्थानीय अस्पताल में चल रहा है।

छावनी में बदला बेलतू, अतिरिक्त बल तैनात

घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। देर रात ही पूरे क्षेत्र को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया। जिले के आला अधिकारियों की मौजूदगी और त्वरित कार्रवाई के कारण हिंसा को आगे बढ़ने से रोक लिया गया। रविवार सुबह से ही क्षेत्र में अतिरिक्त सुरक्षा बल गश्त कर रहे हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

दोषियों पर होगी 'कठोर कार्रवाई' - SP

पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा कि पुलिस उपद्रवियों की पहचान कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया:

"बेलतू में हुई झड़प के बाद स्थिति पर पूरी नजर रखी जा रही है। शांति भंग करने वाले और कानून को हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"

उपायुक्त की अपील: 'अफवाहों से बचें'

हजारीबाग उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि लोग सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है और शांति व्यवस्था बिगाड़ने वालों को चिन्हित किया जा रहा है।

इलाके में पसरा सन्नाटा

रविवार सुबह से ही बेलतू और आसपास के क्षेत्रों में सन्नाटा देखा जा रहा है। लोग अपने घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। पुलिस की गाड़ियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं ताकि नागरिकों में सुरक्षा का भाव बना रहे।

मीरा रोड में सद्भाव सहयोग संस्था ने धूमधाम से मनाया सरस्वती पूजा
मुंबई। बसंत पंचवी के पावन अवसर पर सद्भाव सहयोग संस्था (मीरारोड) की ओर से लगातार 9वें वर्ष मां सरस्वती की सरस्वती विधि विधान से पूजा की गई। संस्था की तरह से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई और पूरे मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न की गई। सरस्वती पूजा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य उपस्थित हुए। संगीतकार व लोकगायक सुरेश शुक्ला ने सरस्वती वंदना एवं प्रेरणादायक भक्तिगीतों की प्रस्तुति दी जिसमें श्रोता भाव विभोर हो उठे। शुक्ल के गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और ज्ञान, कला एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मीरा रोड के विजय पार्क स्थित अंबर प्लाजा चौक पर सद्भाव सहयोग संस्था की ओर से लगभग दो हजार लोगों ने भंडारे व महाप्रसाद ग्रहण किया। मीरा-भाईंदर के विधायक नरेन्द्र मेहता ने लगातार 9वें वर्ष सरस्वती पूजा के आयोजन के लिए सद्भाव सहयोग संस्था की प्रसंशा की।

उन्होंने कहा कि जहां मां सरस्वती विराजमान रहती हैं वहां स्वयं ज्ञान, विद्या, बुद्धि, कला, संगीत और सृजनशीलता का वास होता है। देवी सरस्वती ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं, अज्ञानता के अंधकार को दूर करती हैं और भक्त की वाणी को मधुर बनाती हैं। नवनिर्वाचित नगरसेवकर नवीन सिंह ने मां सरस्वती की दिव्य प्रतिमा की ओर इशारा करते हुए कहा कि फूलों से सजा सिंहासन, स्वर्ण आभूषणों से दमकता स्वरूप और हाथो में वीणा मानो कह रहा हो कि ज्ञान ही सच्ची साधना है। मां की करुणामयी दृष्टि सब मिलकर ऐसा आभास देते हैं जैसे जीवन की सारी उलझने स्वतः सुलझने लगी है। इस दौरान नगरसेवक मनोज दुबे, प्रशांत दलवी, आनंद मांजरेकर, प्रतिभा जाट, पूर्व नगरसेवक राजू भोईर, उद्योगपति, बलवंत सिंह, रामकांत सिंह आदि उपस्थित रहे। संस्था के अध्यक्ष एड. जीसी तिवारी, महासचिव सुरेन्द्र मिश्र, कार्यकारी अध्यक्ष प्रदीप शुक्ला, उपाध्यक्ष अशोक यादव, कोषाध्यक्ष प्रमोद दुबे, सचिव राकेश यादव, संरक्षक राजू मिश्र, प्रमोद मिश्र, रमेश उपाध्याय, मनोज सिंह, रत्नेश मिश्रा के अलावा रोहित तिवारी, लालचंद यादव, प्रमोद शुक्ल, संजय अग्रवाल (सीए), विनोद तिवारी, शिवम मिश्र, अशोक शुक्ल, दीपक कनौजिया, संजीव शुक्ल, संतोष तिवारी, भगवान चौधरी, जितेन्द्र गुप्त, मोहन मिश्र, प्यारेलाल गुप्ता, सचिदानंद मिश्र, उद्धव सोनी और विष्णु प्रकाश मिश्र ने कार्यक्रम को सफल बनाने में अहम योगदान दिया। संस्था के महासचिव सुरेन्द्र मिश्र ने अतिथियों का स्वागत किया।
केजीएमयू में लिवर प्रेशर जांच की नई पहल, गंभीर मरीजों के इलाज में आएगी क्रांति
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग में पहली बार लिवर प्रेशर (HVPG – हेपेटिक वेनस प्रेशर ग्रेडिएंट) मापने की आधुनिक प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अहम मेडिकल परीक्षण के जरिए अब लिवर रोगियों का इलाज केवल लक्षणों के आधार पर नहीं, बल्कि लिवर के वास्तविक प्रेशर को मापकर किया जाएगा।

इस नई तकनीक का लाभ लखनऊ निवासी 40 वर्षीय एक गंभीर लिवर मरीज को मिला है, जो पीलिया, पेट में पानी भरने और खून की उल्टियों जैसी जटिल समस्याओं से पीड़ित था। मरीज को जनरल मेडिसिन विभाग में भर्ती किया गया, जहां डॉ. सुधीर वर्मा की निगरानी में HVPG जांच कर लिवर प्रेशर के अनुसार दवाओं की सटीक डोज तय की गई। इसके बाद मरीज के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा गया।

डॉक्टरों के अनुसार, अत्यधिक शराब सेवन के कारण मरीज के लिवर में गंभीर क्षति हुई थी। पहले ऐसे मामलों में इलाज केवल लक्षणों के आधार पर किया जाता था, लेकिन अब लिवर प्रेशर की जांच से उपचार ज्यादा सटीक और प्रभावी होगा।

केजीएमयू में शुरू की गई यह प्रक्रिया गंभीर लिवर रोगियों के लिए मील का पत्थर साबित होगी और भविष्य में लिवर से जुड़ी जटिल बीमारियों के इलाज में बड़ा लाभ देगी।
अलीगंज क्षेत्र में दो दिन बाधित रहेगी पेयजल आपूर्ति, नागरिकों से जल भंडारण की अपील

लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र के नागरिकों को आगामी दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति में अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत सेक्टर-बी, अलीगंज में नवनिर्मित शिरोपरि जलाशय (ओवरहेड टैंक) के अंतः संयोजन (इंटरकनेक्शन) का कार्य 27 जनवरी 2026 एवं 28 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इस तकनीकी कार्य के चलते जोन-3 के अंतर्गत आने वाले अलीगंज क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य क्षेत्रवासियों को भविष्य में बेहतर, सुचारू और पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। शिरोपरि जलाशय के अंतः संयोजन के बाद जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में स्थायी सुधार की संभावना है। हालांकि, कार्य के दौरान अस्थायी रूप से जलापूर्ति रोकना तकनीकी रूप से आवश्यक है।

नगर निगम प्रशासन ने सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पूर्व से ही पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण कर लें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में नगर निगम द्वारा पेयजल टैंकरों से जलापूर्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आपात स्थिति में जल टैंकर की आवश्यकता होने पर नागरिक अरुण कुमार सिंह (पी.एस.एस.) मोबाइल नंबर 8177054122 अथवा अशुतोष कुमार (अवर अभियंता) मोबाइल नंबर 7052243530 पर संपर्क कर सकते हैं।

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के तत्वाधान में समरसता खिचड़ी भोज कार्यक्रम

बलरामपुर। 25 जनवरी अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवकुमार वाल्मीकि की अध्यक्षता में समरसता भोज खिचड़ी का आयोजन संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर तुलसीपुर स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि शकील राईनी, विशिष्ट अतिथि विजय प्रताप सोनी, प्रदीप गुप्ता व उदय अग्रहरि रहे जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह, जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी भारत लाल, दिनेश ने भाग लिया इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लोक भवन गुजरात में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन
* मंत्री ए.के. शर्मा ने रेखांकित की उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा

* एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप पांच राज्यों का संयुक्त आयोजन

लखनऊ। गुजरात स्थित लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के साथ असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, निवेश, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेश के अनुकूल वातावरण और पारदर्शी शासन व्यवस्था के चलते राज्य आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक मंच पर भी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कभी “बीमारू राज्य” के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज उस छवि को पीछे छोड़ते हुए विकास का मॉडल बन रहा है।

किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है। यह परिवर्तन प्रदेश की जनता के सहयोग, विश्वास और सहभागिता से संभव हुआ है।

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल  आचार्य देवव्रत ने भी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की प्रगति की सराहना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।