राम नवमी पर सुगौली में भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़




सुगौली  नगर पंचायत क्षेत्र में राम नवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के बैनर तले एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

शोभायात्रा महादेव टोला से प्रारंभ होकर राजवाड़ी रोड, सुगौली कानूटोला, महाबीर चौक होते हुए मुख्य राजमार्ग के रास्ते थाना चौक पहुंची। वहां से यह जुलूस मुख्य बाजार से गुजरते हुए राधे-कृष्ण मठ प्रांगण में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया,


जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। जुलूस का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के मनोज सिंह एवं ओमप्रकाश विश्वकर्मा कर रहे थे। वहीं स्थानीय विधायक बबलु गुप्ता, भाजपा नेता अब्दुल रहमान, प्रदीप सर्राफ और विकास शर्मा समेत कई गणमान्य लोग भी शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते नजर आए। शोभायात्रा में आकर्षण का मुख्य केंद्र सुसज्जित रथ रहा, जिस पर भगवान श्रीराम, माता सीता और प्रभु लक्ष्मण की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई थी। रथ को रंग-बिरंगे फूलों और झालरों से सजाया गया था, जिसे देखने के लिए लोग रास्ते के दोनों ओर खड़े होकर दर्शन कर रहे थे। इसके अलावा जुलूस में शामिल बैंड-बाजा, ढोल-ताशा और डीजे की धुनों पर युवा झूमते नजर आए। “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। समापन स्थल राधे-कृष्ण मठ प्रांगण में पहुंचकर शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया, जहां श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश भी दिया। राम नवमी के इस आयोजन ने पूरे सुगौली क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना दिया, जो देर शाम तक कायम रहा।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रामनवमी पर बहसूमा में कन्या पूजन, श्रद्धालुओं ने मां महागौरी की आराधना की
संवाददाता: परविंदर कुमार

मेरठ। बहसूमा। कस्बा बहसूमा में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। नगर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

भक्तों ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, कन्या पूजन कार्यक्रम के तहत छोटी-छोटी कन्याओं को माता रानी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।

इस दौरान बबली देवी, संगीता देवी, सोनम, प्रियंका, साक्षी और परी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन ग्रहण करवाया और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रामनवमी के अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की विशेष आराधना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पाठ करने के बाद कन्याओं को भोजन कराया और फिर स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया।
आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

टोलकर्मियों की गुंडागर्दी के विरोध में भाकियू तोमर ने सौंपा ज्ञापन, महापंचायत की चेतावनी
मेरठ/बहसूमा। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शिवाया टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों द्वारा कथित बदसलूकी, गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार के विरोध में जोरदार आवाज उठाई। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल के नेतृत्व में किसानों ने दौराला थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि शिवाया टोल पर आए दिन टोलकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल ने साफ कहा कि यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) द्वारा शिवाया टोल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों ने प्रशासन से टोलकर्मियों के व्यवहार में सुधार और व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
Mirzapur: राम नवमी से पहले मीरजापुर नगर में निकली भव्य स्कूटी यात्रा सैकड़ों मातृशक्ति बहनों ने की सहभागिता
संतोष गिरि

मीरजापुर: श्री राम जन्मोत्सव भव्य शोभायात्रा समिति के द्वारा राम नवमी के पूर्व जनपद में उत्सव का माहौल बनता जा रहा है। इसी क्रम में मीरजापुर नगर के स्टेशन रोड से भव्य स्कूटी यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों माताओं बहनो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह यात्रा रेलवे स्टेशन रोड से प्रारम्भ होकर संगमोहाल, कच्ची सड़क, रतनगंज, तेलियागंज, घंटाघर, वासलीगंज, बसनई बाजार, मुकेरी बाजार समेत विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के नारों से वातावरण भक्तिमय  हो गया।मातृशक्तियों द्वारा फूल नहीं चिंगारी है हम भारत की नारी है ,भारत की हर एक नारी बनके झाँसी की रानी ,जय भवानी जय श्री राम , राम ने उत्तर दक्षिण जोड़ा भेद भाव को मिटाया ,नारी तु अबला नहीं सबला हो ,वीरांगनाओं का यही संकल्प
राष्ट्र की रक्षा हमारा संकल्प ,घर घर दुर्गावाहिनी घर घर संस्कार ,जय जगदम्मा भवानी ,भारत माता की जय वन्दे मातरम ,गर्व से कहो हम हिन्दू है के नारो का जयघोष
बहनो ने किया। यात्रा के दौरान बहनों ने भारतीय परिधान,  झासी की रानी अन्य राज्यो के परिधान में दिखी।

आम जन मानस द्वारा रास्ते में स्वागत, पुष्प वर्षा आदि की व्यवस्था की गई थी।

इस अवसर पर प्रान्त सयोजिका दिव्या जी शोभा यात्रा समिति की संरक्षक पूर्व प्राचार्य वीना सिंह  महिला प्रभारी शिखा अग्रवाल, महिला प्रमुख पुनम चौरसिया, सह प्रमुख - सपना सिंह,  सैफाली जैन पूनम केशरी, गुन्जा गुप्ता,  सोनम चतुर्वेदी,  सीमा खत्री,  सारिका मैनी,  सोनी भारती,  सोनम पाण्डेय, ज्योति गुप्ता,  भावना बरनवाल,  सह प्रभारी -संगीता सिंह गहरवार,  रेनू भरतिया,  सिमरन विश्वकर्मा,  किरण जायसवाल,  रेखा गुप्ता,  मनु ऊमर,  प्रीति सोनी,  वंदना गुप्ता,  संजना अग्रवाल,  दीपा गुप्ता के साथ सैकड़ों बहने सम्मिलित हुई।
नवरात्रि को लेकर एसपी ने मंदिरों का किया निरीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l नवरात्रि के पावन पर्व के दृष्टिगत, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा थाना मऊदरवाजा के प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसरों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और शांति व्यवस्था का जायजा लेना रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।

एसपी ने निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो। सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों और एंटी-रोमियो स्क्वाड को मंदिर के आसपास गश्त बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि अराजक तत्वों पर लगाम कसी जा सके।
कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।
राम नवमी पर सुगौली में भव्य शोभायात्रा, हजारों श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़




सुगौली  नगर पंचायत क्षेत्र में राम नवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल के बैनर तले एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर भगवान श्रीराम के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।

शोभायात्रा महादेव टोला से प्रारंभ होकर राजवाड़ी रोड, सुगौली कानूटोला, महाबीर चौक होते हुए मुख्य राजमार्ग के रास्ते थाना चौक पहुंची। वहां से यह जुलूस मुख्य बाजार से गुजरते हुए राधे-कृष्ण मठ प्रांगण में संपन्न हुआ। पूरे मार्ग में जगह-जगह स्थानीय लोगों द्वारा पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया गया,


जिससे माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया। जुलूस का नेतृत्व विश्व हिंदू परिषद के मनोज सिंह एवं ओमप्रकाश विश्वकर्मा कर रहे थे। वहीं स्थानीय विधायक बबलु गुप्ता, भाजपा नेता अब्दुल रहमान, प्रदीप सर्राफ और विकास शर्मा समेत कई गणमान्य लोग भी शोभायात्रा में शामिल होकर श्रद्धालुओं का उत्साह बढ़ाते नजर आए। शोभायात्रा में आकर्षण का मुख्य केंद्र सुसज्जित रथ रहा, जिस पर भगवान श्रीराम, माता सीता और प्रभु लक्ष्मण की मनोहारी झांकी प्रस्तुत की गई थी। रथ को रंग-बिरंगे फूलों और झालरों से सजाया गया था, जिसे देखने के लिए लोग रास्ते के दोनों ओर खड़े होकर दर्शन कर रहे थे। इसके अलावा जुलूस में शामिल बैंड-बाजा, ढोल-ताशा और डीजे की धुनों पर युवा झूमते नजर आए। “जय श्रीराम” के जयकारों से पूरा इलाका गूंज उठा, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। जगह-जगह पुलिस बल की तैनाती की गई थी ताकि जुलूस शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो सके। समापन स्थल राधे-कृष्ण मठ प्रांगण में पहुंचकर शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया, जहां श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस अवसर पर लोगों ने आपसी भाईचारे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का संदेश भी दिया। राम नवमी के इस आयोजन ने पूरे सुगौली क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना दिया, जो देर शाम तक कायम रहा।
भारतीय आभूषणों की विरासतः अतीत से वर्तमान तक एक निरंतर यात्रा

भोपाल। संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ उजागर करती हैं भारतीय शिल्प, सौंदर्य और सांस्कृतिक निरंतरता का अद्भुत संगम भारत में आभूषण केवल सजावट का माध्यम नहीं, बल्कि सामाजिक पहचान, आस्था और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति के सशक्त प्रतीक रहे हैं। बदलते समय के साथ इनके स्वरूप में परिवर्तन अवश्य हुआ है, किंतु यह भी उतना ही सत्य है कि प्राचीन आभूषण शैलियाँ समय-समय पर आधुनिक फैशन में पुनः उभरती रहती हैं। यह प्रवृत्ति भारतीय परंपरा की गहरी जड़ों और उसकी निरंतरता को दर्शाती है।

संचालनालय द्वारा संरक्षित मूर्तियाँ इस सांस्कृतिक यात्रा का सजीव प्रमाण प्रस्तुत करती हैं। इन मूर्तियों में अंकित आभूषण न केवल उस समय की शिल्पकला और तकनीकी दक्षता को दर्शाते हैं, बल्कि समाज की सौंदर्य दृष्टि और जीवन शैली को भी जीवंत रूप में सामने लाते हैं।

द्वितीय शताब्दी ईसा पूर्व की शुंगकालीन यक्षी प्रतिमा, भरहुत से प्राप्त, भारतीय आभूषणों के प्रारंभिक विकसित स्वरूप को दर्शाती है। विकसित कमल के मध्य अंकित इस प्रतिमा में मोतियों के पंचवली हार, कर्ण-कुंडल और बहु-लड़ी हारावली का सुंदर अंकन है। यक्षी अपने हाथों में सनाल पद्म धारण किए हुए हैं। यक्षी के चेहरे पर हल्की मुस्कान और शिरो-सज्जा में बालों का व्यवस्थित विन्यास उस समय की सौंदर्य दृष्टि को दर्शाता है।

9वीं-10वीं शताब्दी की हरिहर प्रतिमा में शिव और विष्णु का संयुक्त स्वरूप अंकित है। आधे भाग में जटामुकुट और दूसरे भाग में किरीट मुकुट, दोनों देवताओं की पहचान को स्पष्ट करते हैं। अन्य आभूषणों में केयूर, शिव सर्पकुंडल तथा विष्णु सूर्यवृत कुंडल, एकावलीहार, यज्ञोपवीत, उरूदाम धारण किए हुए हैं। हरि का वाहन गरुड मानव रूप में आलेखित हैं, तथा हर का वाहन नंदी भी प्रदर्शित हैं।

11वीं शताब्दी की परमारकालीन शिव-पार्वती प्रतिमा में 'रावणानुग्रह' का दृश्य अंकित है। शिव-पार्वती को कैलाश पर्वत पर अपने अपने वाहन नंदी एवं सिंह पर बैठा दिखाया गया हैं। पार्वती जटामुकुट धारण किए हुए हैं। पादपीठ पर रावण को कैलाश पर्वत उठाने के लिए घुटने के बल मुड़े हुए दिखाया गया हैं। गणेश, कार्तिकेय, ब्रह्मा-विष्णु के साथ विद्याधर एवं गन्धों का आलेखन हैं। शिव के कानों में चक्राकार कर्णकुंडल, गले में एकावली (मुक्तामाला) तथा उसके ऊपर तीन लड़ी वाला हार दर्शाया गया है। इसके अतिरिक्त भुजाओं में केयूर (भुजबंध) अलंकरण को और समृद्ध बनाते हैं। एक बनमाला भी नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई गई है, जिसे पुष्पमाला के रूप में सजाया गया है।

पार्वती के कानों में भिन्न प्रकार के कुंडल; एक ओर चक्रकुंडल और दूसरी ओर ताटंक दर्शाए गए हैं। गले के आभूषण में हारावली मध्य भाग से नीचे की ओर झूलती हुई दिखाई देती है, और भीतर की ओर स्तनसूत्र का भी अंकन है।

11वीं शताब्दी की कलचुरी कला में आभूषणों की सूक्ष्मता और जटिलता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। सुर सुंदरी स्खलित वसना प्रतिमा की भावांकन में सरलता, चक्र-कुंडल, एकावली, चंद्रहार, स्तनसूत्र, कुचबंध, केयूर, कंकण धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा में नायिका के स्नानोपरांत वस्त्र धारण करने का आलेखन है।

11-12वीं शताब्दी की कच्छपघात शैली की वैष्णवी प्रतिमा में क्षेत्रीय कला का प्रभाव स्पष्ट है। भुजाओं में शंख, चक्र, गदा एवं पद्म धारण किए हुए हैं। देवी किरीट मुकुट कुंडल, हार, स्तनहार, कटीमेखला, वैजयंती माला, नूपुर, कंगन, बाजूबंध आदी आभूषणों से अलंकृत हैं। पादपीठ पर परिचारक देवी से आशीर्वाद ले रहा हैं।

उमा-महेश्वर अपने अपने वाहन सिंह एवं नंदी पर बैठे हुए जटा मुकुट, हार, बाजूबंद, कटीमेखला, नूपुर धारण किए हैं। प्रतिमा में उमा-महेश्वर को एक दूसरे की ओर निहारते हुए दिखाया गया हैं। चतुर्भुजी शिव की भुजाओं में त्रिशूल, सर्प, कमलपुष्प अंकित हैं। पार्वती की दाहिनी भुजा शिव के स्कन्ध एवं बांयी भुजा में दर्पण लिए हैं।

समभंग में स्थानक देवी के घुटने के नीचे का भाग खंडित हैं। द्विभुजी देवी की दायीं भुजा में अक्षमाला, बांयी भुजा में कमंडल का अंकन हैं। अलंकृत केश दोनों कंधों पर फैलें हुए हैं। देवी कर्णकुंडल, ग्रैवेयक, केयूर, कटीमेखला, पारदर्शी अधोवस्त्र आदि से अलंकृत हैं।

संयुक्त निदेशक डॉ. मनीषा शर्मा के शब्दों में, भारतीय आभूषण केवल अलंकरण नहीं, बल्कि समय, समाज और संवेदनाओं का जीवंत दस्तावेज़ हैं। इन मूर्तियों में अंकित प्रत्येक कुंडल, हार और कटिमेखला अपने युग की सौंदर्य दृष्टि और सांस्कृतिक मूल्यों की कहानी कहती है। संचालनालय में संरक्षित ये धरोहर हमें यह समझने का अवसर देती हैं कि परंपरा कभी स्थिर नहीं होती; वह निरंतर विकसित होती है, फिर भी अपनी जड़ों से गहराई से जुड़ी रहती है। आज के आभूषणों में जो रूप दिखाई देते हैं, वे इन्हीं प्राचीन परंपराओं की पुनरावृत्ति हैं, जो अतीत और वर्तमान के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती हैं।

रामनवमी पर बहसूमा में कन्या पूजन, श्रद्धालुओं ने मां महागौरी की आराधना की
संवाददाता: परविंदर कुमार

मेरठ। बहसूमा। कस्बा बहसूमा में रामनवमी के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला। इस मौके पर व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन कराकर अपना व्रत खोला। नगर के विभिन्न मंदिरों में मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी।

भक्तों ने मां दुर्गा से परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की। वहीं, कन्या पूजन कार्यक्रम के तहत छोटी-छोटी कन्याओं को माता रानी का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया गया और उन्हें ससम्मान भोजन कराया गया।

इस दौरान बबली देवी, संगीता देवी, सोनम, प्रियंका, साक्षी और परी सहित अन्य श्रद्धालुओं ने कन्याओं को भोजन ग्रहण करवाया और उपहार भेंट किए। कार्यक्रम में माता रानी के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो गया।

रामनवमी के अवसर पर भक्तों ने मां दुर्गा के स्वरूप महागौरी की विशेष आराधना की। अधिकांश श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पाठ करने के बाद कन्याओं को भोजन कराया और फिर स्वयं प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया।
आरक्षण का लाभ उन्हीं को मिले जिनके लिए व्यवस्था बनाई गई है....बाबूलाल मरांडी

भाजपा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवम नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने धर्मांतरण के बाद आरक्षण और एससी/एसटी एक्ट का संरक्षण प्राप्त करने वाले लोगों के संबंध में माननीय उच्चतम न्यायालय के फैसले पर बड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री मरांडी ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो उसे अनुसूचित जाति का दर्जा नहीं मिलेगा... यानी धर्म परिवर्तन के बाद वह व्यक्ति आरक्षण या अन्य संवैधानिक लाभों का दावा नहीं कर सकता।

कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वेच्छा से हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर किसी अन्य धर्म को अपनाता है, तो वह उस सामाजिक संरचना से बाहर हो जाता है, जिसके आधार पर उसे आरक्षण का अधिकार मिला था। ऐसे में उस व्यक्ति द्वारा आरक्षित वर्ग के लाभों का दावा करना संविधान की भावना के विपरीत माना गया है।

कहा कि हाल के वर्षों में यह भी देखा गया है कि कुछ संगठित नेटवर्क लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित करते हैं, जिसके पीछे सामाजिक या आर्थिक लाभ की सोच भी जुड़ी रहती है। इस तरह के प्रयास न केवल समाज में भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि आरक्षण जैसी संवेदनशील व्यवस्था का दुरुपयोग भी करते हैं। ऐसे मामलों पर रोक लगाना आवश्यक था, ताकि वास्तविक हकदारों को ही इसका लाभ मिल सके।

कहा कि माननीय सुप्रीम कोर्ट का यह निर्णय संविधान की गरिमा, सामाजिक न्याय और समान अवसर की भावना को सशक्त करता है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि आरक्षण का लाभ वास्तव में उन्हीं लोगों तक पहुंचे, जिनके उत्थान के लिए यह व्यवस्था बनाई गई है।

रांची: रामनवमी और CBSE 12वीं बोर्ड परीक्षा एक ही दिन, जिला प्रशासन ने जारी की विशेष एडवाईजरी


रांची | 26 मार्च 2026: राजधानी रांची में कल, 27 मार्च 2026 को रामनवमी का महापर्व और CBSE 12वीं बोर्ड की परीक्षा एक साथ होने जा रही है। इस विशेष संयोग को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। परीक्षार्थियों को केंद्र तक पहुँचने में कोई असुविधा न हो, इसके लिए उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के निर्देश पर व्यापक सुरक्षा और ट्रैफिक योजना तैयार की गई है।

ट्रैफिक प्रबंधन और रूट डायवर्जन

रामनवमी के भव्य जुलूस और संभावित भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने परीक्षा केंद्रों तक निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए वैकल्पिक मार्ग (रूट डायवर्जन) निर्धारित किए हैं।

विशेष प्रतिनियुक्ति: सभी परीक्षा केंद्रों के बाहर पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और दंडाधिकारियों (Magistrates) की तैनाती की गई है।

समन्वय: जुलूस मार्ग और परीक्षा केंद्रों के बीच बेहतर तालमेल बिठाने के लिए ट्रैफिक पुलिस को विशेष निर्देश दिए गए हैं।

अभिभावकों और परीक्षार्थियों से विशेष अपील

जिला प्रशासन ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से कुछ महत्वपूर्ण आग्रह किए हैं:

समय से पहले निकलें: त्योहार के कारण सार्वजनिक परिवहन प्रभावित हो सकता है, इसलिए परीक्षार्थी निर्धारित समय से काफी पहले घर से निकलें।

अफवाहों से बचें: किसी भी प्रकार की भ्रामक जानकारी या अफवाह पर ध्यान न दें। प्रशासन व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है।

निर्देशों का पालन: प्रशासन द्वारा जारी रूट चार्ट और निर्देशों का सख्ती से पालन करें।

सोशल मीडिया पर पैनी नजर

जिला प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि सोशल मीडिया पर किसी भी प्रकार की भड़काऊ, भ्रामक या आपत्तिजनक पोस्ट साझा करने वालों के खिलाफ विधिसम्मत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साइबर सेल के माध्यम से हर गतिविधि पर निगरानी रखी जा रही है।

प्रशासन का संकल्प

जिला प्रशासन का मुख्य उद्देश्य रामनवमी के पर्व और बोर्ड परीक्षा, दोनों का आयोजन शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे शांति और सौहार्द बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।

झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति का गढ़वा दौरा, विकास योजनाओं की हुई समीक्षा।

गढ़वा :- झारखंड विधानसभा की सामान्य प्रयोजन समिति ने गुरुवार को गढ़वा जिले का दौरा किया। इस अवसर पर समिति द्वारा परिसदन भवन में विभिन्न विभागों के पदाधिकारियों के साथ बैठक आयोजित कर जिले में संचालित जन-कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक की अध्यक्षता समिति के सभापति -सह- माननीय विधायक गढ़वा- 80 विद्यानसभा क्षेत्र सत्येंद्र नाथ तिवारी ने की। बैठक में झारखंड विधानसभा के उपसचिव कुंदन सिंह, एसओ उमेश कुमार एवं निजी सचिव गौतम कुमार उपस्थित रहें।

वहीं बैठक के दौरान समिति ने विभिन्न विभागों द्वारा क्रियान्वित विकास योजनाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्माणाधीन योजनाओं में आ रही समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। इस क्रम में विधायक फंड, भूमि अधिग्रहण से संबंधित मुआवजा भुगतान, सड़क निर्माण, विभिन्न संरचना निर्माण, ग्रामीण एवं शहरी जलापूर्ति योजनाओं की प्रगति आदि की विशेष रूप से समीक्षा की गई।

वहीं समिति द्वारा विभिन्न सड़क निर्माण के दौरान अधिग्रहित किए गए भूमि के एवज में मुआवजा भुगतान से संबंधित अद्यतन रिपोर्ट से अवगत कराने की बात कही। साथ ही सड़क निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सड़क निर्माण एवं मुआवजा राशि के भुगतान में हर समस्याओं व शिकायत का समय समाधान निकालने का निर्देश संबंधित पदाधिकारी को दिया गया। खनन विभाग की समीक्षा करते हुए अवैध बालू खनन पर रोक लगाने हेतु आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया गया। लक्ष्य के अनुरूपधन अधिप्राप्ति किए जाने संबंधी अधिकतम प्रतिवेदन से अवगत होते हुए पैक्स के माध्यम से की गई धान अधिप्राप्ति के भुगतान में तेजी लाने के लिए जिला आपूर्ति पदाधिकारी को आवश्यक निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त एसी/डीसी बिल के मामलों पर भी गंभीरता से संज्ञान लेते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए। बैठक में राजस्व एवं भूमि सुधार, भू-अर्जन, खनन विभाग, भवन प्रमंडल, पीएचईडी सहित अन्य विभागों की योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। शहिद नीलांबर पीतांबर उत्तर कोयल परियोजना (मंडल डैम) के विस्थापितों को रंका रमकंडा क्षेत्र के विश्रामपुर व बलीगढ़ में पुनर्वासित करने के मामले की समीक्षा की गई एवं इस संदर्भ में आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। इसके अतिरिक्त पुल पुलिया का निर्माण, छात्रावास निर्माण, राशन वितरण, खेल विभाग द्वारा बनाया जा रहे हैं खेल मैदानों की की समीक्षा, बालू घाटों की नीलामी की समीक्षा, स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों एवं बहाली की समीक्षा, गढ़वा जिले से मजदूरों के पलायन के मुद्दे, जिले में लंबित म्युटेशन की समीक्षा, सामाजिक वानिकी के तहत लिए गए योजनाओं की समीक्षा एवं विद्युत विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों समेत ग्रामीण एवं शहरी विभाग के द्वारा किए जा रहे हैं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए।

वहीं इस अवसर पर समिति के सभापति सत्येंद्र नाथ तिवारी ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करते हुए जनहित में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।

वहीं बैठक में उपरोक्त के अलावे उप विकास आयुक्त पशुपतिनाथ मिश्रा, डीएफओ ईबी अब्राहम, अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार एवं अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, डीआरडीबी निदेशक प्रमेश कुशवाहा, भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, जिला परिवहन पदाधिकारी धीरज प्रकाश, सिविल सर्जन डॉ. जेएफ कैनेडी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी पंकज कुमार गिरी, विभिन्न अभियंत्रण विभागों के कार्यपालक अभियंतागण, जिला योजना पदाधिकारी शिशिर तिग्गा सहित विभिन्न विभागों के कार्यालय प्रधान व वरीय पदाधिकारीगण समेत अन्य कर्मी उपस्थित रहें।।

टोलकर्मियों की गुंडागर्दी के विरोध में भाकियू तोमर ने सौंपा ज्ञापन, महापंचायत की चेतावनी
मेरठ/बहसूमा। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को शिवाया टोल प्लाजा पर टोलकर्मियों द्वारा कथित बदसलूकी, गुंडागर्दी और दुर्व्यवहार के विरोध में जोरदार आवाज उठाई। संगठन के जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल के नेतृत्व में किसानों ने दौराला थाने पहुंचकर थाना प्रभारी को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में किसानों ने आरोप लगाया कि शिवाया टोल पर आए दिन टोलकर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे क्षेत्र के किसानों और आम लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

जिलाध्यक्ष चौधरी इंतजार देशवाल ने साफ कहा कि यदि 5 अप्रैल तक प्रशासन ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, तो भारतीय किसान यूनियन (तोमर) द्वारा शिवाया टोल पर महापंचायत का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति उत्पन्न होती है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

किसानों ने प्रशासन से टोलकर्मियों के व्यवहार में सुधार और व्यवस्था को सुचारु बनाने की मांग की है।
Mirzapur: राम नवमी से पहले मीरजापुर नगर में निकली भव्य स्कूटी यात्रा सैकड़ों मातृशक्ति बहनों ने की सहभागिता
संतोष गिरि

मीरजापुर: श्री राम जन्मोत्सव भव्य शोभायात्रा समिति के द्वारा राम नवमी के पूर्व जनपद में उत्सव का माहौल बनता जा रहा है। इसी क्रम में मीरजापुर नगर के स्टेशन रोड से भव्य स्कूटी यात्रा निकाली गई, जिसमें सैकड़ों माताओं बहनो ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

यह यात्रा रेलवे स्टेशन रोड से प्रारम्भ होकर संगमोहाल, कच्ची सड़क, रतनगंज, तेलियागंज, घंटाघर, वासलीगंज, बसनई बाजार, मुकेरी बाजार समेत विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए गुजरी। पूरे मार्ग में जय श्रीराम के नारों से वातावरण भक्तिमय  हो गया।मातृशक्तियों द्वारा फूल नहीं चिंगारी है हम भारत की नारी है ,भारत की हर एक नारी बनके झाँसी की रानी ,जय भवानी जय श्री राम , राम ने उत्तर दक्षिण जोड़ा भेद भाव को मिटाया ,नारी तु अबला नहीं सबला हो ,वीरांगनाओं का यही संकल्प
राष्ट्र की रक्षा हमारा संकल्प ,घर घर दुर्गावाहिनी घर घर संस्कार ,जय जगदम्मा भवानी ,भारत माता की जय वन्दे मातरम ,गर्व से कहो हम हिन्दू है के नारो का जयघोष
बहनो ने किया। यात्रा के दौरान बहनों ने भारतीय परिधान,  झासी की रानी अन्य राज्यो के परिधान में दिखी।

आम जन मानस द्वारा रास्ते में स्वागत, पुष्प वर्षा आदि की व्यवस्था की गई थी।

इस अवसर पर प्रान्त सयोजिका दिव्या जी शोभा यात्रा समिति की संरक्षक पूर्व प्राचार्य वीना सिंह  महिला प्रभारी शिखा अग्रवाल, महिला प्रमुख पुनम चौरसिया, सह प्रमुख - सपना सिंह,  सैफाली जैन पूनम केशरी, गुन्जा गुप्ता,  सोनम चतुर्वेदी,  सीमा खत्री,  सारिका मैनी,  सोनी भारती,  सोनम पाण्डेय, ज्योति गुप्ता,  भावना बरनवाल,  सह प्रभारी -संगीता सिंह गहरवार,  रेनू भरतिया,  सिमरन विश्वकर्मा,  किरण जायसवाल,  रेखा गुप्ता,  मनु ऊमर,  प्रीति सोनी,  वंदना गुप्ता,  संजना अग्रवाल,  दीपा गुप्ता के साथ सैकड़ों बहने सम्मिलित हुई।
नवरात्रि को लेकर एसपी ने मंदिरों का किया निरीक्षण, ड्यूटी पर तैनात कर्मियों को दिए दिशा निर्देश
फर्रुखाबाद l नवरात्रि के पावन पर्व के दृष्टिगत, श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुगम दर्शन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा थाना मऊदरवाजा के प्रमुख देवी मंदिरों और शक्तिपीठों का स्थलीय निरीक्षण किया गया।

इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य मंदिर परिसरों में भीड़ प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और शांति व्यवस्था का जायजा लेना रहा। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया गया।

एसपी ने निर्देश दिए कि संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए और किसी भी अप्रिय स्थिति में तत्काल रिस्पॉन्स सुनिश्चित हो। सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों और एंटी-रोमियो स्क्वाड को मंदिर के आसपास गश्त बढ़ाने के लिए निर्देशित किया गया है, ताकि अराजक तत्वों पर लगाम कसी जा सके।
कृष्ण और सुदामा की बालसखा की कथा सुना कर भक्त भाव विभोर हुए, कथा के अंतिम दिन भक्तों की रही भीड़

फर्रुखाबाद ।क्षेत्र के गांव रुनीचुरसाई में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के अन्तिम दिवस पर कथाव्यास पं सुरेश चन्द्र द्विवेदी व सुनोराम दुबे असेह कन्नौज ने अपने मुखारविंद से भक्तों को अमृतमयी कथा का रसपान कराते हुए सुनाया कि भगवान कन्हैया ने रुक्मिणी, जामवंती, सत्यभामा सहित सोलह हजार एक सौ आठ विवाह का वर्णन किया, प्रसंग सुनकर भक्त भावविभोर हुए, अपने गुरुकुल के बालसखा सुदामा चरित्र का मार्मिक चित्रण वर्णन किया, कृष्ण सुदामा की निस्वार्थ मित्रता का वर्णन करते हुए कहा पत्नी सुशीला के बहुत  आग्रह पर भेंट स्वरूप चावल ले गए , द्वारिकाधीशने अपने गरीब मित्र को राजसिंहासन बैठाया और सुदामा की दीन दशा पर करुणा करिके करुणानिधि बहुत रोऐ तत्पश्चात अपने गरीब मित्र को चावल की एक मुठ्ठी के बदले सुदामा की कुटिया को राजमहल में बदल दिया, आगे उन्होंने कहा कि चार वेद छः शास्त्र में बात लिखी है दोय,दुख दीन्हे दुख होत है सुख दीन्हे सुख होय और अन्त में सभी श्रद्धालुओं से खचाखच भरे पंडाल में जीवन के कल्याण हेतु कहा , संसार के जीवों पर हर दम ही दया करना, जब कोई न हो अपना सियाराम जपा करना, कथा परीक्षित विमलेश कुमार पत्नी ममता कुमारी रहे, संगीतमय कथा में ढोलक पर राजेश पैड पर पुजारी, हेमचंद्र दुबे, साधू , केशव और व्यवस्था में अरविन्द राजपूत, वीरभान सिंह, गिरन्द सिंह, माखनलाल, सूरजपसाद, हरजीत,अमित कुमार ,भगवान दास,मनोज कुमार, रामनरेश, अवधेश सिंह, राजनरायन, हरीराम , दीपक ,आशाराम , प्रभूदयाल , शोभित सहित भारी संख्या में श्रद्धालु रहे ।