आजमगढ़ : अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर को उपलब्ध कराना है। जिस क्षेत्र का शिक्षास्तर सर्वोत्तम होता हैं ,वह क्षेत्र अपने आप विकसित हो जाता है । क्योंकि शिक्षा से ही सभ्य समाज की संरचना की जा सकती है । प्रधानाचार्य संकेत माथुर ने बताया कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के छात्र और छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है । जिससे बच्चो में आत्म निर्भरता आ सके । वही मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा के माध्यम से क्षेत्र के शामिल होने वाले बच्चो में उत्साह भरना है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अनवार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ सोहराब सिद्दीकी क्षेत्र के बच्चो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा का सराहनीय कार्य शुरू किया है ।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से, हर जिले में कंट्रोल रूम, लाइव मॉनीटरिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाएं 18 फरवरी से पूरे प्रदेश में शुरू होंगी। परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा।
परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। फर्जी पोस्ट या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रश्नपत्रों के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर रात में रैंडम जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।
उत्तर प्रदेश के पचपेड़वा विकासखंड में एक पुल बना मौत का झूला
बलरामपुर 9 फरवरी उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में स्थित पचपेड़वा विकासखंड के बिशनपुर कोरड मैं एक पुल लोगों की मौत का झूल बना हुआ है आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिन से यह इसी प्रकार चल रहा है इस पर गाड़ियां भी जा रही हैं किंतु यह कभी भी गिर सकता है जिससे लोगों की जान जा सकती है बताया जाता है कि गुप्त क्षेत्र वनवासियों का क्षेत्र है जिसका कोई देखने वाला नहीं है ग्राम वासियों ने इस पुल को तुरंत बनवाए जाने की मांग की है ग्राम प्रधान ने बताया कि मैंने कई बार शासन प्रशासन को इसके बारे में अवगत कराया है किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा है अब मैं प्रदेश मुखिया योगी जी के पोर्टल पर इसे भेजने जा रहा हूं उम्मीद है कि हमारा मुखिया तो हमारी बात सुनेगा, लोगों ने जिले के मुखिया डीएम साहब से निवेदन किया है की एक नज़र इधर भी देख ले।
Sambhal शाही जामा मस्जिद मामले में नया मोड़: काशिफ खान ने ज़फर अली की पक्षकारिता पर उठाए सवाल, कोर्ट में अर्जी दाखिल
शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवाद में एक बार फिर मामला गरमा गया है। काशिफ खान ने चन्दौसी लोअर कोर्ट में अर्जी दाखिल कर खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है। काशिफ खान का कहना है कि वह पहले दिन से ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के मुख्य पैरोकार रहे हैं, जबकि ज़फर अली खुद को जामा मस्जिद का सदर बताकर कोर्ट में पक्षकार बने हुए हैं।

काशिफ खान ने आरोप लगाया कि उनकी ट्रस्ट पूरी तरह रजिस्टर्ड है और सम्भल रजिस्ट्रार ऑफिस के साथ-साथ उम्मीद पोर्टल पर भी दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि जामा मस्जिद की देखरेख, मुसाफिर खाने का संचालन और केयरटेकर की ज़िम्मेदारी वही निभा रहे हैं। इसके बावजूद ज़फर अली द्वारा उनकी ट्रस्ट को फर्जी बताया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है। काशिफ खान ने ज़फर अली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चन्दौसी कोर्ट की ओर से जुलाई और अक्टूबर समेत कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद ज़फर अली और उनकी कथित कमेटी ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। कोर्ट द्वारा दिए गए 15 दिन के ग्रेस पीरियड का भी उपयोग नहीं किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने एकतरफा आदेश देते हुए 19 तारीख को सर्वे का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नोटिस की जानकारी दी जाती, तो हाईकोर्ट जाकर सर्वे रुकवाया जा सकता था। आरोप है कि 24 तारीख को बिना किसी न्यायिक आदेश के प्रशासनिक आदेश के आधार पर दोबारा सर्वे कराया गया, जिसके बाद संभल में बड़ा बवाल और हिंसा हुई। काशिफ खान ने सवाल उठाया कि इस पूरी स्थिति की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा। लीगल एक्शन की धमकी पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि जो लोग खुद कहीं रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे उनके खिलाफ किस आधार पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरे कानूनी अधिकार और दस्तावेज मौजूद हैं। काशिफ खान ने यह भी स्पष्ट किया कि लोअर कोर्ट में विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन की याचिका में हरिहर मंदिर का कोई दावा नहीं है, बल्कि भारतीय पुरातत्व विभाग के सेक्शन 18 के तहत केवल ‘राइट टू एक्सेस’ की मांग की गई है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर मंदिर के दावे की खबरें चलाई जा रही हैं। उन्होंने 1927 में भारतीय पुरातत्व विभाग और इंतज़ामिया कमेटी के बीच हुए एग्रीमेंट का हवाला देते हुए कहा कि गैर-मुस्लिम मस्जिद को देख सकते हैं, लेकिन मुस्लिम भावनाओं का पूरा सम्मान जरूरी है। अंत में काशिफ खान ने कहा कि वह लोअर कोर्ट में भी पक्षकार बनकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे, जैसे वह पहले से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में रख रहे हैं।
बोधगया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर प्रेस वार्ता किया, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर दी प्रतिक्रिया

कहा - मृतक छात्रा नीट से जुड़े मामले में पप्पू यादव की नहीं हुई गिरफ्तारी नहीं

गया: गया जी शहर के बोधगया में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट की सराहना करते हुए इसे देश के गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के हित में बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में विकास के कई नए आयाम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि आम बजट में किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर सरकार का फोकस साफ नजर आता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

प्रेस वार्ता के दौरान जीतन राम मांझी ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक दुर्भावना नहीं है। उन्होंने बताया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी नीट की मृतक छात्रा से जुड़े मामले में नहीं हुई है, बल्कि यह उनके एक पुराने केस से संबंधित है। मांझी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों को जाने ही सरकार पर आरोप लगाने का काम कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रेस वार्ता के अंत में जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र : राज भवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन, पुष्प आकृतियाँ और सेना की तकनीक बनी आकर्षण
लखनऊ। राजभवन परिसर में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से बनी कलात्मक आकृतियों और बागवानी के आधुनिक तरीकों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रदर्शनी में बच्चों, महिलाओं और मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सजावट के साथ-साथ भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत और भारत के संविधान की प्रतिकृति जैसी पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

आगंतुकों के लिए चिकित्सा शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं विशेषज्ञों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजी और पेटूनिया, गेंदा, गुलाब, डहेलिया जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ बोनसाई भी प्रदर्शित किए गए हैं। फूड जोन, मुफ्त पेयजल व्यवस्था, पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका और मियावाकी वन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

छोटे लॉन क्षेत्र में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई और रोबोटिक तकनीक से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा ड्रोन, रोबोटिक्स और ब्रह्मोस मिसाइल सहित आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
हरदोई : तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन समेत तीन की मौके पर मौत
हरदोई। जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ढोलिया चौराहा के पास उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी (20) अपनी बहन मधु अवस्थी (23) और बावन चुंगी (हरदोई) निवासी कामिनी पाण्डेय के साथ मोटरसाइकिल से हरदोई की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे सुरसा क्षेत्र के फार्म पुरवा के पास ढोलिया चौराहा पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
आजमगढ़ : अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर को उपलब्ध कराना है। जिस क्षेत्र का शिक्षास्तर सर्वोत्तम होता हैं ,वह क्षेत्र अपने आप विकसित हो जाता है । क्योंकि शिक्षा से ही सभ्य समाज की संरचना की जा सकती है । प्रधानाचार्य संकेत माथुर ने बताया कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के छात्र और छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है । जिससे बच्चो में आत्म निर्भरता आ सके । वही मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा के माध्यम से क्षेत्र के शामिल होने वाले बच्चो में उत्साह भरना है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अनवार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ सोहराब सिद्दीकी क्षेत्र के बच्चो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा का सराहनीय कार्य शुरू किया है ।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
यूपी बोर्ड परीक्षाएं 18 फरवरी से, हर जिले में कंट्रोल रूम, लाइव मॉनीटरिंग और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था

लखनऊ। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की परीक्षाएं 18 फरवरी से पूरे प्रदेश में शुरू होंगी। परीक्षाओं को नकलविहीन और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारियां की हैं।
प्रदेश के प्रत्येक जिले में बोर्ड परीक्षा के लिए कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा, जहां से सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनीटरिंग की जाएगी। परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निर्धारित रूटों पर बसों का संचालन किया जाएगा।
परीक्षा अवधि के दौरान ध्वनि विस्तारक यंत्रों के प्रयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही परीक्षा केंद्रों के आसपास फोटोकॉपी की दुकानों को बंद रखने के निर्देश जारी किए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि पर रोक लगाई जा सके।
सोशल मीडिया पर परीक्षा से जुड़ी अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर कड़ी नजर रखी जाएगी। फर्जी पोस्ट या पेपर लीक जैसी घटनाओं पर त्वरित कार्रवाई के लिए क्विक रिस्पांस टीम को सक्रिय किया गया है।
संवेदनशील और अतिसंवेदनशील परीक्षा केंद्रों की विशेष निगरानी की जाएगी। इसके अलावा प्रश्नपत्रों के स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर रात में रैंडम जांच के निर्देश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि सभी व्यवस्थाओं का उद्देश्य परीक्षाओं को निष्पक्ष, पारदर्शी और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराना है।
उत्तर प्रदेश के पचपेड़वा विकासखंड में एक पुल बना मौत का झूला
बलरामपुर 9 फरवरी उत्तर प्रदेश के जनपद बलरामपुर में स्थित पचपेड़वा विकासखंड के बिशनपुर कोरड मैं एक पुल लोगों की मौत का झूल बना हुआ है आसपास के क्षेत्र के लोगों ने बताया कि काफी दिन से यह इसी प्रकार चल रहा है इस पर गाड़ियां भी जा रही हैं किंतु यह कभी भी गिर सकता है जिससे लोगों की जान जा सकती है बताया जाता है कि गुप्त क्षेत्र वनवासियों का क्षेत्र है जिसका कोई देखने वाला नहीं है ग्राम वासियों ने इस पुल को तुरंत बनवाए जाने की मांग की है ग्राम प्रधान ने बताया कि मैंने कई बार शासन प्रशासन को इसके बारे में अवगत कराया है किंतु कोई ध्यान नहीं दे रहा है अब मैं प्रदेश मुखिया योगी जी के पोर्टल पर इसे भेजने जा रहा हूं उम्मीद है कि हमारा मुखिया तो हमारी बात सुनेगा, लोगों ने जिले के मुखिया डीएम साहब से निवेदन किया है की एक नज़र इधर भी देख ले।
Sambhal शाही जामा मस्जिद मामले में नया मोड़: काशिफ खान ने ज़फर अली की पक्षकारिता पर उठाए सवाल, कोर्ट में अर्जी दाखिल
शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवाद में एक बार फिर मामला गरमा गया है। काशिफ खान ने चन्दौसी लोअर कोर्ट में अर्जी दाखिल कर खुद को पक्षकार बनाए जाने की मांग की है। काशिफ खान का कहना है कि वह पहले दिन से ही हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में इस मामले के मुख्य पैरोकार रहे हैं, जबकि ज़फर अली खुद को जामा मस्जिद का सदर बताकर कोर्ट में पक्षकार बने हुए हैं।

काशिफ खान ने आरोप लगाया कि उनकी ट्रस्ट पूरी तरह रजिस्टर्ड है और सम्भल रजिस्ट्रार ऑफिस के साथ-साथ उम्मीद पोर्टल पर भी दर्ज है। उन्होंने दावा किया कि जामा मस्जिद की देखरेख, मुसाफिर खाने का संचालन और केयरटेकर की ज़िम्मेदारी वही निभा रहे हैं। इसके बावजूद ज़फर अली द्वारा उनकी ट्रस्ट को फर्जी बताया जा रहा है, जो पूरी तरह गलत और भ्रामक है। काशिफ खान ने ज़फर अली पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चन्दौसी कोर्ट की ओर से जुलाई और अक्टूबर समेत कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन इसके बावजूद ज़फर अली और उनकी कथित कमेटी ने किसी भी नोटिस का जवाब नहीं दिया। कोर्ट द्वारा दिए गए 15 दिन के ग्रेस पीरियड का भी उपयोग नहीं किया गया, जिसके बाद कोर्ट ने एकतरफा आदेश देते हुए 19 तारीख को सर्वे का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि यदि समय रहते नोटिस की जानकारी दी जाती, तो हाईकोर्ट जाकर सर्वे रुकवाया जा सकता था। आरोप है कि 24 तारीख को बिना किसी न्यायिक आदेश के प्रशासनिक आदेश के आधार पर दोबारा सर्वे कराया गया, जिसके बाद संभल में बड़ा बवाल और हिंसा हुई। काशिफ खान ने सवाल उठाया कि इस पूरी स्थिति की ज़िम्मेदारी आखिर कौन लेगा। लीगल एक्शन की धमकी पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि जो लोग खुद कहीं रजिस्टर्ड नहीं हैं, वे उनके खिलाफ किस आधार पर कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरे कानूनी अधिकार और दस्तावेज मौजूद हैं। काशिफ खान ने यह भी स्पष्ट किया कि लोअर कोर्ट में विष्णु शंकर जैन और हरिशंकर जैन की याचिका में हरिहर मंदिर का कोई दावा नहीं है, बल्कि भारतीय पुरातत्व विभाग के सेक्शन 18 के तहत केवल ‘राइट टू एक्सेस’ की मांग की गई है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर मंदिर के दावे की खबरें चलाई जा रही हैं। उन्होंने 1927 में भारतीय पुरातत्व विभाग और इंतज़ामिया कमेटी के बीच हुए एग्रीमेंट का हवाला देते हुए कहा कि गैर-मुस्लिम मस्जिद को देख सकते हैं, लेकिन मुस्लिम भावनाओं का पूरा सम्मान जरूरी है। अंत में काशिफ खान ने कहा कि वह लोअर कोर्ट में भी पक्षकार बनकर अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे, जैसे वह पहले से हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में रख रहे हैं।
बोधगया में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर प्रेस वार्ता किया, पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर दी प्रतिक्रिया

कहा - मृतक छात्रा नीट से जुड़े मामले में पप्पू यादव की नहीं हुई गिरफ्तारी नहीं

गया: गया जी शहर के बोधगया में केंद्रीय मंत्री और हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (सेक्युलर) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने आम बजट को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार के आम बजट की सराहना करते हुए इसे देश के गरीब, किसान, युवा और मध्यम वर्ग के हित में बताया। प्रेस वार्ता में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार की उपलब्धियों को विस्तार से गिनाया।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने बीते वर्षों में विकास के कई नए आयाम तय किए हैं। उन्होंने कहा कि आम बजट में किसानों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं, जिससे उनकी आय बढ़ेगी। साथ ही युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने पर सरकार का फोकस साफ नजर आता है। उन्होंने यह भी कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक मजबूत कदम है।

प्रेस वार्ता के दौरान जीतन राम मांझी ने सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी को लेकर पूछे गए सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस मामले में कानून अपना काम कर रहा है और इसमें किसी तरह की राजनीतिक दुर्भावना नहीं है। उन्होंने बताया कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी नीट की मृतक छात्रा से जुड़े मामले में नहीं हुई है, बल्कि यह उनके एक पुराने केस से संबंधित है। मांझी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर नहीं माना जा सकता और न्यायिक प्रक्रिया को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने देना चाहिए। उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ लोग बिना तथ्यों को जाने ही सरकार पर आरोप लगाने का काम कर रहे हैं, जो कि दुर्भाग्यपूर्ण है।

प्रेस वार्ता के अंत में जीतन राम मांझी ने कहा कि केंद्र सरकार देश के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और आने वाले समय में गरीब, पिछड़े, दलित और वंचित वर्गों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए और भी ठोस कदम उठाए जाएंगे।

आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र : राज भवन में प्रादेशिक फल, शाकभाजी व पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन, पुष्प आकृतियाँ और सेना की तकनीक बनी आकर्षण
लखनऊ। राजभवन परिसर में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है, जो 9 फरवरी 2026 तक प्रतिदिन प्रातः 8:00 बजे से रात्रि 8:00 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी। प्रदर्शनी में जैविक उत्पादों, प्राकृतिक फूलों से बनी कलात्मक आकृतियों और बागवानी के आधुनिक तरीकों ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया है।

प्रदर्शनी में बच्चों, महिलाओं और मालियों द्वारा की गई रचनात्मक सजावट के साथ-साथ भारतीय सेना के अत्याधुनिक उपकरणों और तकनीकी प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ‘वंदे मातरम्’, ऑपरेशन सिंदूर, श्रीकृष्ण की बांसुरी, गोवर्धन पर्वत और भारत के संविधान की प्रतिकृति जैसी पुष्प आकृतियाँ प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण बनी हुई हैं।

आगंतुकों के लिए चिकित्सा शिविर में मुफ्त स्वास्थ्य जांच की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। वहीं विशेषज्ञों द्वारा पॉलीहाउस में सब्जी उत्पादन, शहद उत्पादन और हाइड्रोपोनिक्स जैसी आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी जा रही है।

प्रदर्शनी में विभिन्न कारागारों द्वारा उत्पादित शाकभाजी और पेटूनिया, गेंदा, गुलाब, डहेलिया जैसे मौसमी फूलों के साथ-साथ बोनसाई भी प्रदर्शित किए गए हैं। फूड जोन, मुफ्त पेयजल व्यवस्था, पंचतंत्र वाटिका, धन्वंतरि वाटिका और मियावाकी वन दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं।

छोटे लॉन क्षेत्र में कृषि नवाचार, जैविक उत्पाद, एआई और रोबोटिक तकनीक से जुड़े स्टॉल लगाए गए हैं, जहाँ भारतीय सेना की राजपूत रेजीमेंट द्वारा ड्रोन, रोबोटिक्स और ब्रह्मोस मिसाइल सहित आधुनिक सैन्य उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है।
हरदोई : तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को मारी टक्कर, भाई-बहन समेत तीन की मौके पर मौत
हरदोई। जिले के सुरसा थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार भाई-बहन समेत तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा ढोलिया चौराहा के पास उस समय हुआ, जब तेज रफ्तार डंपर ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

पुलिस के अनुसार, फतियापुर निवासी आदर्श अवस्थी (20) अपनी बहन मधु अवस्थी (23) और बावन चुंगी (हरदोई) निवासी कामिनी पाण्डेय के साथ मोटरसाइकिल से हरदोई की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे सुरसा क्षेत्र के फार्म पुरवा के पास ढोलिया चौराहा पहुंचे, तभी हरदोई की ओर से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।