अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा कादीपुर सुलतानपुर अखिल भारती ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी और सदस्यों ने
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा

कादीपुर सुलतानपुर
अखिल भारती ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी और सदस्यों ने मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए आज कादीपुर मेउप  जिला अधिकारी कादीपुर कार्यालय के सामने सैकड़ो की संख्या में

पहुंचकर ब्राह्मण समाज ने जोरदार विरोध दर्ज किया और आई ऐएस संतोष वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी को दिया गया। समाज के प्रमुख मांगे अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त किया जाए आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए  लोक सेवा नियमावली का उल्लंघन किया है उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए सामाजिक सौहार्द बिगाडने का कार्य किया है। ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुई है सरकार तत्काल कार्रवाई कर उसे जेल भेजें। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सीताराम मिश्रा राष्ट्रीय संयोजक विश्वनाथ मिश्र राष्ट्रीय महासचिव रमेश त्रिपाठी एडवोकेट राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे एडवोकेट जिला अध्यक्ष राम नायक तिवारी तहसील अध्यक्ष रामसहाय दुबे विधिक सलाहकार जय कृष्ण पांडे एडवोकेट प्रेम शंकर पांडे सुनील दुबे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विनय पांडे बाबा हृदय नारायण शुक्ला हरि पांडे कुंमभज तिवारी एडवोकेट अरुण तिवारी अंकित पांडे ए राजेश तिवारी प्रवीण शुक्ला उमेश मिश्रा विकास शुक्ला मनीष मिश्रा बृजेश शुक्ला दिलीप मिश्रा पंडित केशव प्रसाद मिश्रा घनश्याम मिश्रा सूर्य प्रकाश तिवारी अजय तिवारी मित्रसेन उपाध्याय पूर्व अध्यक्ष के के तिवारी शाहित सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे।
हुनर से स्वावलंबन की राह: ऐधना फाउंडेशन की अनूठी पहल पाँचवें वर्ष में
ऐधना फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विगत चार वर्ष पाँच माह से पटना के राजेंद्र नगर रोड नंबर 10 पर संचालित निःशुल्क सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का प्राथमिक उद्देश्य स्थानीय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना, उनकी पारिवारिक आय में वृद्धि सुनिश्चित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। फाउंडेशन कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण और अनुदान भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र में सिलाई और कढ़ाई के अलावा ब्यूटीशियन, आर्ट एंड क्राफ्ट, टीकूली आर्ट, फिनिशिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा छोटे उद्यम संचालन का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। ऐधना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रेम कुमार ने इस अवसर पर पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य केवल तकनीकी ज्ञान देना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में, प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना निर्माण, लागत प्रबंधन, बाजार की मांग का विश्लेषण और ग्राहकों से जुड़ने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वे प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने इस पहल को अपने जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया है; कई महिलाएं, जो पूर्व में केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, अब सिलाई के माध्यम से घर से ही आय अर्जित करने की दिशा में अग्रसर हैं, और कुछ ने तो अपना छोटा बुटीक शुरू करने की योजना भी बना ली है। केंद्र प्रबंधन के अनुसार, प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उन्हें भविष्य में नौकरी या स्वरोजगार के अधिक अवसर प्राप्त करने में सहायक होगा। यह निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है, और इच्छुक महिलाएं सीधे ऐधना फाउंडेशन में पहुंचकर नामांकन करा सकती हैं।
मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीक शिक्षा स्वच्छता और विकास का मॉडल-महापौर।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी-महापौर।

स्थान:डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लोकल बॉडीज सेक्टर-7 गोमती नगर एक्सटेशन लखनऊ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विकसित UP for विकसित भारत के अन्तर्गत एक राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।सुबह 9:30 बजे पंजीकरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियो नगर निकायो के जनप्रतिनिधियो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानो के विशेषज्ञो तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तो ने प्रतिभाग किया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने किया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य:-उत्तर प्रदेश की शहरी व्यवस्था को विकसित भारत 2047 के अनुरूप ढालना था—स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

ई-गवर्नेंस शहरी गतिशीलता एवं ट्रांजिट सिस्टम शहरी सततता इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग इन बिन्दुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सतत समावेशी और तकनीक आधारित नगर विकास का रोडमैप तैयार किया गया।

विशेष सत्र:महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी प्रयागराज का सम्बोधन।

महापौर ने विशेष अतिथि वक्ता के रुप में उपस्थित रहे अपने सम्बोधन में कहा—प्रयागराज आज परम्परा तकनीक शिक्षा स्वच्छता और नवाचार का ऐसा आदर्श संगम बन चुका है जो विकसित भारत 2047 की मजबूत नीव रखता है।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी

महापौर ने शहर में हुए तीव्र बदलावो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और योजना के साथ कोई भी शहर राष्ट्रीय आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया—

शिक्षा में क्रांति:ऑपरेशन कायाकल्प

महापौर ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रयागराज के प्राथमिक विद्यालयों का अभूतपूर्व कायाकल्प किया गया है—

प्राथमिक विद्यालयो में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए।

आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू किया गया।

बच्चो के लिए स्वच्छ शौचालय RO पेयजल फर्नीचर खेल सामग्री व पूर्णत:विकसित परिसर तैयार किए गए।

सभी विद्यालयों को सुरक्षित आकर्षक और तकनीकी रूप से सक्षम मॉडल स्कूल के रूप में बदला गया।

उन्होने कहा कि प्रयागराज का हर विद्यालय अब आधुनिक भारत के बच्चो के सपनो को पंख देने वाला ज्ञान मंदिर बन चुका है।

महा माघ मेला 2026 : विश्व स्तरीय आयोजन की तैयारी

उन्होंने कहा कि प्रयागराज आगामी महा माघमेला 2026 हेतु—

अत्याधुनिक यातायात व्यवस्था

नवाचार आधारित सुविधाएं

पर्यावरण-मित्र तकनीक

को अपनाते हुए वैश्विक स्तर की तैयारियाँ कर रहा है।

स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में प्रयागराज ने देश में 12वाँ स्थान प्राप्त किया।

वॉटर गंगा टाउन सहित कई राष्ट्रीय अवार्ड।मियावाकी तकनीक से सिर्फ 1 वर्ष में संपूर्ण शहर में घने वन।

SBM कंट्रोल रूम से 24×7 स्वच्छता निगरानी।पुराने कूड़े के पहाड़ो का वैज्ञानिक निस्तारण।धरोहर व सौन्दर्य संवर्धन.हेरिटेज मोहल्ला. साहित्य तीर्थ पार्क.रामसेतु एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था.विश्व की सबसे बड़ी रंगोली के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश

तकनीक आधारित नगर प्रबन्धन.IIT की सोच पर आधारित नवाचार.स्मार्ट सिटी के अंतर्गत डिजिटल शासन.ई-गवर्नेंस से त्वरित नागरिक सेवाएं.कार्यशाला के तकनीकी सत्र.कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रो का आयोजन हुआ—1-स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेस 2-अर्बन मोबिलिटी एवं ट्रांज़िट सिस्टम 3-अर्बन सस्टेनेबिलिटी4-इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग.इन सत्रों में NIUA. UNEP.WRI India.NITI Aayog.Smart City Mission.नगर विकास विभाग विभिन्न नगर निगमो के आयुक्त व विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दी।

महापौर का समापन सन्देश-

अपने सम्बोधन का समापन करते हुए महापौर ने कहा- विकसित भारत 2047 का सपना केवल योजनाओ से नही बल्कि हर शहर में वास्तविक परिवर्तन से पूरा होगा।प्रयागराज साबित कर रहा है कि यदि नीयत नीति और तकनीक साथ चले तो विकास अपने आप रास्ता बना लेता है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से जिला उद्योग बंधु की बैठक सम्पन्न।

उद्यमियों की समस्याओ का शीर्ष प्राथमिकता पर करें निस्तारण।

जिलाधिकारी ने औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से एस०आई०आर० फार्म भरवाने के सम्बन्ध में अपना सहयोग प्रदान करने की अपील की।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को ऑनलाइन के माध्यम से जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उद्यमियों की समस्याओं को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश सम्बंधित विभागो के अधिकारियो को दिए है।उन्होने कहा कि उद्यमियो की समस्याओ के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नही है। उद्योग धन्धो को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले बिन्दुओ में से एक है।बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण किया गया।आर० एम०यूपीसीडा से सम्बन्धित 5 बिन्दुओं के प्रकरण पर निस्तारण हेतु दिनांक 05.12.2025 को आर०एम० यूपीसीडा एवं औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियो के साथ बैठक निर्धारित की गयी। अशीष कुमार के प्रकरण पर जिलाधिकारी द्वारा उपायुक्त उद्योग एवं आर०एम० यूपीसीडा को निर्देशित किया गया कि उप जिलाधिकारी करछना से समन्वय कर तिथि निर्धारण कराते हुए कब्जा मुक्त कराने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कराए।औद्योगिक आस्थान फूलपुर में उद्योग विभाग की औद्योगिक भूमि का नाम यथाशीघ्र दर्ज करने हेतु उप जिलाधिकारी/नायब तहसीलदार फूलपुर को निर्देशित किया गया।उ०प्र० स्टेट यार्न लि० मेजा की भूमि के सम्बन्ध में अध्यक्ष द्वारा आर०एम०यूपीसीडा एवं वन विभाग के साथ दिनांक 05.12.2025 को बैठक कराने के निर्देश दिये गए।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा औद्योगिक संगठनो के पदाधिकारियो से एस०आई०आर०फार्म भरवाने के सम्बन्ध में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया।उमेश चन्द्र वर्मा सहायक आयुक्त उद्योग द्वारा जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए बैठक का संचालन किया गया।बैठक में सन्तोष कुमार आर०एम० यूपीसीडा मणि प्रकाश मिश्रा एल०डी०एम० मुख्य कर अधिकारी नगर निगम मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपायुक्त वाणिज्यि कर इत्यादि व औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी विनय टण्डन चौम्बर आफ कामर्स जी०एस०दरबारी नटवर लाल राजीव नैयर एवं अन्य विभागो के अधिकारीगण तथा उद्यमीगण उपस्थित रहे।

जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक

गया: जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात द्वारा आज गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में लगभग 200 से अधिक टोटो /ऑटो/ ई रिक्शा का जांच किया गया। आज वाहनों का जांच मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय गोलंबर, जीबी रोड, एपीआर गोलंबर एवं गवालबीघा के पास जांच की गई। जांच के दौरान कुछ टोटो ऑटो ई रिक्शा चालक बिना लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चला रहे थे, उन संबंधित सभी वाहनों से साढे चार लाख रुपया फाइन वसूल की गई साथ में चेतावनी दी गई की किसी भी हाल में बिना रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों के पूर्ण रखे बिना ई रिक्शा टोटो का परिचालन नहीं करें अन्यथा और कठोरता से कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में यातायात नियमों का पालन करवाया जाएगा ताकि शहर के अंदर कहीं जाम की समस्या नहीं रहे। यत्र तत्र ऑटो लगाने के कारण यात्रियों को जाम की समस्याओं का सामना करना पड़ता है आज से लगातार शहर के अंदर सभी चौक चौराहों पर जांच दल गठित की गई है, उनके माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा एवं परिवहन विभाग के नियमों का पालन करवाया जाएगा। जो भी नियम का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध फाइन की वसूली एवं कार्रवाई की जाएगी।

बखिरा पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुये चोरी के 02 मामले से सम्बन्धित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार

रमेश दूबे

अभियुक्त के पास से एक

अदद चोरी की मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद बरामद

पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना बखिरा पुलिस द्वारा आज दिनाँक 29.11.2025 को 01 अभियुक्त नाम पता भालचन्द्र उर्फ सगेन्द्र उर्फ सगेदू पुत्र बनारसी निवासी ग्राम बिहारे थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर को चोरी की एक अदद मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद बरामद करते हुए नन्दौर के पास से गिरफ्तार किया गया ।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

प्रथम घटना- दिनाँक 30.09.2025 को वादी श्री श्यामकरन पुत्र श्री बिहारी निवासी थाना बिहारे जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर दिनाँक 04.09.2025 को वादी के घर में चोरी हो जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 360/2025 धारा 351(2),115(2),305 बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

द्वितीय घटना- दिनाँक 28.11.2025 को वादी श्री धर्मेन्द्र चौधरी पुत्र श्री स्व0 रामनरेश चौधरी निवासी सुन्दरपुर बजहां थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर दिनाँक 27.11.2025 को वादी की मोटरसाइकिल देवकली चौराहा से चोरी हो जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 461/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-

भालचन्द्र उर्फ सगेन्द्र उर्फ सगेदू पुत्र बनारसी निवासी ग्राम बिहारे थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर ।

बरामदगी का विवरणः- चोरी की एक अदद मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरणः-* उ0नि0 श्री राजकुमार मिश्रा, हे0का0 मनोज यादव, का0 अमित कुमार यादव ।

*हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, उसे भरोसे का माहौल देना चाहिए - डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज, सुलतानपुर के बी.एड. विभाग द्वारा “विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति” विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यापकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने विषय की गंभीरता पर अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति का मूल कारण विद्यार्थियों में बढ़ता मानसिक दबाव, अपेक्षाओं का बोझ और अकेलेपन की भावना है, जिसे समझना व संभालना जरूरी है। सोशल मीडिया में विद्यार्थियों की अत्यधिक सक्रियता से वास्तविक जीवन मे सामंजस्य कठिन हो रहा है। फलस्वरूप छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है। वास्तविक भावनात्मक सुरक्षा की कमी आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। डॉ.संतोष अंश ने अपने वक्तव्य में कहा कि हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, इसलिए हमें तुलना से बचकर उन्हें सहयोग, सहानुभूति और भरोसे का माहौल देना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें। आत्महत्या समाधान नहीं समस्याओं से भागने का प्रयास है। हर एक धड़कन और हर एक सपना, किसी भी परिणाम से अधिक कीमती है। डॉ. सीमा सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यालय और परिवार दोनों को मिलकर विद्यार्थियों में भावनात्मक स्थिरता विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम में बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों ने भी विषय पर अपने संक्षिप्त विचार व्यक्त किए। अभिषेक समय पर संवाद ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। अंशिका पाण्डेय सकारात्मक सोच और सहयोगी वातावरण विद्यार्थियों को मजबूत बनाते हैं। लक्ष्मीकांत असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर है, इसी संदेश को फैलाना होगा। खुशी सिंह भावनात्मक तनाव को साझा करना आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने का पहला कदम है। अनुपम वर्मा शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिखा मौर्या छात्रों को अपनी समस्याएँ बताने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। श्वेता मौर्या सामाजिक दबाव आत्महत्या को प्रेरित करता है । आदर्श दीक्षित सहपाठियों का सहयोग कई बार जीवनरक्षक साबित हो सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान वदेने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आत्महत्या से बचाने का उत्तरदायित्व सभी का है। कार्यक्रम का सफल संचालन वर्षा यादव ने किया। इस अवसर पर बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व प्रदेश के मुखिया ने दी शुभकामनाएं








संजय द्विवेदी, प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा मेजा क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नही बल्कि आत्मा को ईश्वर की ओर ले जाने वाला महान आध्यात्मिक उत्सव है।यह जीवन भक्ति तथा जीवन मूल्यों का अनन्त प्रकाश देता है जिसने सदियो से मानव को धर्म सत्य प्रेम संयम और करुणा का संदेश दिया है।




मुख्यमंत्री ने यह विचार एडवोकेट हाईकोर्ट एवं प्रदेश सह संयोजक(विधि विभाग) भाजपा उत्तर प्रदेश सुशील कुमार मिश्र को सम्बोधित शुभकामना सन्देश में व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होने कहा कि जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज जैसे सन्तो की वाणी केवल शास्त्रो के रूप में अध्ययन नही की जाती बल्कि अनुभूति बनकर हृदय में उतरती है।ऐसी दिव्य कथा मानव जीवन को सतमार्ग पर चलने का मार्ग प्रशस्त करता है।तथा भक्ति एवं सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि दुर्गावती इण्टर नेशनल स्कूल एंड कॉलेज गोसौरा कला(मेजा रोड प्रयागराज)में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा प्रदेशवासियो के जीवन में ज्ञान शांति और मंगल का प्रकाश एवं सतमार्ग पर चलने का सन्देश प्राप्त हो।और उन्होने वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओ से आह्वान किया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम धर्म और निष्काम कर्म के सन्देश को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र की समृद्धि में अपना अहम योगदान दे।




अंत में उन्होने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हो तथा सभी उपस्थित श्रद्धालुओ पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा निरन्तर बनी रहे।भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का हुआ शुभारम्भ
* बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: राज्यपाल थावरचंद

* प्रदेश सरकार दिव्यांगजन शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास पर निरंतर कार्यरत: मंत्री नरेंद्र कश्यप

* अवसर प्रदान कर बौद्धिक दिव्यांगजन को मुख्यधारा में लाना आवश्यक: अवनीश अवस्थी

लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित 31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का भव्य शुभारम्भ  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नरेंद्र कश्यप तथा मुख्यमंत्री  सलाहकार अवनीश कुमार  अवस्थी की उपस्थिति में शनिवार को दीप प्रज्ज्वलन से हुआ ।

राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को गार्जियनशिप संबंधी प्रक्रियाओं में सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने परिवार संगठन द्वारा पिछले 30 वर्षों में किए गए सराहनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

प्रदेश  के दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और नीतियाँ  को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करते हुए,  प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के दौरान अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सम्पन्न हुईं, जिनमें परिवार की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 का विमोचन और सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ द्वारा लिखित पुस्तक “Who knew the forgotten you” का लोकार्पण किया गया । साथ ही पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 प्रदान किए गए, जिनमें रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को  सम्मानित किया गया। शाम के सत्र में बौद्धिक दिव्यांगजन प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को प्रभावित किया ।

दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 11 तकनीकी सत्र, 4 पैनल चर्चाएँ और एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएँगी। इस राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन का उद्देश्य अभिभावकों, विशेषज्ञों, स्वयं-प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे बौद्धिक दिव्यांगजन के नेतृत्व निर्माण, समावेशन, अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा और नीति-निर्माण पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित हो सके। सम्मेलन का समापन 30 नवम्बर को खुला मंच चर्चा के साथ होगा, जिसमें आगामी वर्ष के लिए सामूहिक कार्ययोजना और सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुदीप गोयल ने किया तथा आभार प्रकट करते हुए समापन टिप्पणी यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. सुभोध शंकर ने दी।

सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त संयोजन में किया गया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “समावेशी एवं सतत भविष्य के लिए नेतृत्व का संवर्द्धन” रखा गया, जिसमें देश के 25 राज्यों से 350 से अधिक अभिभावकों, विशेषज्ञों, संस्थानों, एनजीओ  और स्वयं-प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, निदेशक NIEPID सिकंदराबाद, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा,  डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के  कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित थे।
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा कादीपुर सुलतानपुर अखिल भारती ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी और सदस्यों ने
अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के सदस्यों ने उप जिलाधिकारी को ज्ञापन सौपा

कादीपुर सुलतानपुर
अखिल भारती ब्राह्मण महासभा के पदाधिकारी और सदस्यों ने मध्य प्रदेश के आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ ब्राह्मण समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाते हुए आज कादीपुर मेउप  जिला अधिकारी कादीपुर कार्यालय के सामने सैकड़ो की संख्या में

पहुंचकर ब्राह्मण समाज ने जोरदार विरोध दर्ज किया और आई ऐएस संतोष वर्मा के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। उसके बाद प्रधानमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांग पत्र उप जिलाधिकारी उत्तम तिवारी को दिया गया। समाज के प्रमुख मांगे अधिकारी को नौकरी से बर्खास्त किया जाए आपराधिक मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाए  लोक सेवा नियमावली का उल्लंघन किया है उसके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाए सामाजिक सौहार्द बिगाडने का कार्य किया है। ब्राह्मण समुदाय की भावनाएं गंभीर रूप से आहत हुई है सरकार तत्काल कार्रवाई कर उसे जेल भेजें। ज्ञापन देने वालों में अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित सीताराम मिश्रा राष्ट्रीय संयोजक विश्वनाथ मिश्र राष्ट्रीय महासचिव रमेश त्रिपाठी एडवोकेट राष्ट्रीय प्रवक्ता मनोज पांडे एडवोकेट जिला अध्यक्ष राम नायक तिवारी तहसील अध्यक्ष रामसहाय दुबे विधिक सलाहकार जय कृष्ण पांडे एडवोकेट प्रेम शंकर पांडे सुनील दुबे राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी विनय पांडे बाबा हृदय नारायण शुक्ला हरि पांडे कुंमभज तिवारी एडवोकेट अरुण तिवारी अंकित पांडे ए राजेश तिवारी प्रवीण शुक्ला उमेश मिश्रा विकास शुक्ला मनीष मिश्रा बृजेश शुक्ला दिलीप मिश्रा पंडित केशव प्रसाद मिश्रा घनश्याम मिश्रा सूर्य प्रकाश तिवारी अजय तिवारी मित्रसेन उपाध्याय पूर्व अध्यक्ष के के तिवारी शाहित सर्व समाज के लोग उपस्थित रहे।
हुनर से स्वावलंबन की राह: ऐधना फाउंडेशन की अनूठी पहल पाँचवें वर्ष में
ऐधना फाउंडेशन द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण हेतु विगत चार वर्ष पाँच माह से पटना के राजेंद्र नगर रोड नंबर 10 पर संचालित निःशुल्क सिलाई, कढ़ाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण कार्यक्रम सफलतापूर्वक अपने पाँचवें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस महत्वाकांक्षी पहल का प्राथमिक उद्देश्य स्थानीय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना, उनकी पारिवारिक आय में वृद्धि सुनिश्चित करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। फाउंडेशन कौशल विकास के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है, जिसके तहत उन्हें मुफ्त प्रशिक्षण, आवश्यक उपकरण और अनुदान भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। केंद्र में सिलाई और कढ़ाई के अलावा ब्यूटीशियन, आर्ट एंड क्राफ्ट, टीकूली आर्ट, फिनिशिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम तथा छोटे उद्यम संचालन का व्यापक प्रशिक्षण प्रदान किया जाता है। ऐधना फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रेम कुमार ने इस अवसर पर पहल के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि उनका लक्ष्य केवल तकनीकी ज्ञान देना नहीं, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के लिए प्रेरित करना है। प्रशिक्षण के अंतिम चरण में, प्रतिभागियों को व्यवसाय योजना निर्माण, लागत प्रबंधन, बाजार की मांग का विश्लेषण और ग्राहकों से जुड़ने की तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी जाती है, जिससे वे प्रशिक्षण पूर्ण करने के उपरांत स्वयं का व्यवसाय स्थापित करने में सक्षम बन सकें। प्रशिक्षण में शामिल प्रतिभागियों ने इस पहल को अपने जीवन में एक बड़ा सकारात्मक बदलाव लाने वाला बताया है; कई महिलाएं, जो पूर्व में केवल घरेलू कार्यों तक सीमित थीं, अब सिलाई के माध्यम से घर से ही आय अर्जित करने की दिशा में अग्रसर हैं, और कुछ ने तो अपना छोटा बुटीक शुरू करने की योजना भी बना ली है। केंद्र प्रबंधन के अनुसार, प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाली सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उन्हें भविष्य में नौकरी या स्वरोजगार के अधिक अवसर प्राप्त करने में सहायक होगा। यह निःशुल्क सिलाई प्रशिक्षण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के साथ-साथ उन्हें समाज में आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। कार्यक्रम के लिए पंजीकरण प्रक्रिया अभी भी जारी है, और इच्छुक महिलाएं सीधे ऐधना फाउंडेशन में पहुंचकर नामांकन करा सकती हैं।
मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीक शिक्षा स्वच्छता और विकास का मॉडल-महापौर।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी-महापौर।

स्थान:डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लोकल बॉडीज सेक्टर-7 गोमती नगर एक्सटेशन लखनऊ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विकसित UP for विकसित भारत के अन्तर्गत एक राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।सुबह 9:30 बजे पंजीकरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियो नगर निकायो के जनप्रतिनिधियो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानो के विशेषज्ञो तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तो ने प्रतिभाग किया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने किया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य:-उत्तर प्रदेश की शहरी व्यवस्था को विकसित भारत 2047 के अनुरूप ढालना था—स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

ई-गवर्नेंस शहरी गतिशीलता एवं ट्रांजिट सिस्टम शहरी सततता इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग इन बिन्दुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सतत समावेशी और तकनीक आधारित नगर विकास का रोडमैप तैयार किया गया।

विशेष सत्र:महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी प्रयागराज का सम्बोधन।

महापौर ने विशेष अतिथि वक्ता के रुप में उपस्थित रहे अपने सम्बोधन में कहा—प्रयागराज आज परम्परा तकनीक शिक्षा स्वच्छता और नवाचार का ऐसा आदर्श संगम बन चुका है जो विकसित भारत 2047 की मजबूत नीव रखता है।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी

महापौर ने शहर में हुए तीव्र बदलावो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और योजना के साथ कोई भी शहर राष्ट्रीय आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया—

शिक्षा में क्रांति:ऑपरेशन कायाकल्प

महापौर ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रयागराज के प्राथमिक विद्यालयों का अभूतपूर्व कायाकल्प किया गया है—

प्राथमिक विद्यालयो में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए।

आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू किया गया।

बच्चो के लिए स्वच्छ शौचालय RO पेयजल फर्नीचर खेल सामग्री व पूर्णत:विकसित परिसर तैयार किए गए।

सभी विद्यालयों को सुरक्षित आकर्षक और तकनीकी रूप से सक्षम मॉडल स्कूल के रूप में बदला गया।

उन्होने कहा कि प्रयागराज का हर विद्यालय अब आधुनिक भारत के बच्चो के सपनो को पंख देने वाला ज्ञान मंदिर बन चुका है।

महा माघ मेला 2026 : विश्व स्तरीय आयोजन की तैयारी

उन्होंने कहा कि प्रयागराज आगामी महा माघमेला 2026 हेतु—

अत्याधुनिक यातायात व्यवस्था

नवाचार आधारित सुविधाएं

पर्यावरण-मित्र तकनीक

को अपनाते हुए वैश्विक स्तर की तैयारियाँ कर रहा है।

स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में प्रयागराज ने देश में 12वाँ स्थान प्राप्त किया।

वॉटर गंगा टाउन सहित कई राष्ट्रीय अवार्ड।मियावाकी तकनीक से सिर्फ 1 वर्ष में संपूर्ण शहर में घने वन।

SBM कंट्रोल रूम से 24×7 स्वच्छता निगरानी।पुराने कूड़े के पहाड़ो का वैज्ञानिक निस्तारण।धरोहर व सौन्दर्य संवर्धन.हेरिटेज मोहल्ला. साहित्य तीर्थ पार्क.रामसेतु एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था.विश्व की सबसे बड़ी रंगोली के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश

तकनीक आधारित नगर प्रबन्धन.IIT की सोच पर आधारित नवाचार.स्मार्ट सिटी के अंतर्गत डिजिटल शासन.ई-गवर्नेंस से त्वरित नागरिक सेवाएं.कार्यशाला के तकनीकी सत्र.कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रो का आयोजन हुआ—1-स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेस 2-अर्बन मोबिलिटी एवं ट्रांज़िट सिस्टम 3-अर्बन सस्टेनेबिलिटी4-इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग.इन सत्रों में NIUA. UNEP.WRI India.NITI Aayog.Smart City Mission.नगर विकास विभाग विभिन्न नगर निगमो के आयुक्त व विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दी।

महापौर का समापन सन्देश-

अपने सम्बोधन का समापन करते हुए महापौर ने कहा- विकसित भारत 2047 का सपना केवल योजनाओ से नही बल्कि हर शहर में वास्तविक परिवर्तन से पूरा होगा।प्रयागराज साबित कर रहा है कि यदि नीयत नीति और तकनीक साथ चले तो विकास अपने आप रास्ता बना लेता है।

जिलाधिकारी की अध्यक्षता में ऑनलाइन माध्यम से जिला उद्योग बंधु की बैठक सम्पन्न।

उद्यमियों की समस्याओ का शीर्ष प्राथमिकता पर करें निस्तारण।

जिलाधिकारी ने औद्योगिक संगठनों के पदाधिकारियों से एस०आई०आर० फार्म भरवाने के सम्बन्ध में अपना सहयोग प्रदान करने की अपील की।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा की अध्यक्षता में शनिवार को ऑनलाइन के माध्यम से जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक आयोजित की गई।बैठक में जिलाधिकारी ने उद्यमियों की समस्याओं को शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारित करने के निर्देश सम्बंधित विभागो के अधिकारियो को दिए है।उन्होने कहा कि उद्यमियो की समस्याओ के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या उदासीनता स्वीकार्य नही है। उद्योग धन्धो को बढ़ावा देना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता वाले बिन्दुओ में से एक है।बैठक में जिलाधिकारी के द्वारा उद्यमियों की समस्याओं का निराकरण किया गया।आर० एम०यूपीसीडा से सम्बन्धित 5 बिन्दुओं के प्रकरण पर निस्तारण हेतु दिनांक 05.12.2025 को आर०एम० यूपीसीडा एवं औद्योगिक संगठन के पदाधिकारियो के साथ बैठक निर्धारित की गयी। अशीष कुमार के प्रकरण पर जिलाधिकारी द्वारा उपायुक्त उद्योग एवं आर०एम० यूपीसीडा को निर्देशित किया गया कि उप जिलाधिकारी करछना से समन्वय कर तिथि निर्धारण कराते हुए कब्जा मुक्त कराने के सम्बन्ध में आवश्यक कार्यवाही कराए।औद्योगिक आस्थान फूलपुर में उद्योग विभाग की औद्योगिक भूमि का नाम यथाशीघ्र दर्ज करने हेतु उप जिलाधिकारी/नायब तहसीलदार फूलपुर को निर्देशित किया गया।उ०प्र० स्टेट यार्न लि० मेजा की भूमि के सम्बन्ध में अध्यक्ष द्वारा आर०एम०यूपीसीडा एवं वन विभाग के साथ दिनांक 05.12.2025 को बैठक कराने के निर्देश दिये गए।बैठक में जिलाधिकारी द्वारा औद्योगिक संगठनो के पदाधिकारियो से एस०आई०आर०फार्म भरवाने के सम्बन्ध में सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया गया।उमेश चन्द्र वर्मा सहायक आयुक्त उद्योग द्वारा जिलाधिकारी का स्वागत करते हुए बैठक का संचालन किया गया।बैठक में सन्तोष कुमार आर०एम० यूपीसीडा मणि प्रकाश मिश्रा एल०डी०एम० मुख्य कर अधिकारी नगर निगम मुख्य अग्निशमन अधिकारी उपायुक्त वाणिज्यि कर इत्यादि व औद्योगिक संगठन के पदाधिकारी विनय टण्डन चौम्बर आफ कामर्स जी०एस०दरबारी नटवर लाल राजीव नैयर एवं अन्य विभागो के अधिकारीगण तथा उद्यमीगण उपस्थित रहे।

जिला परिवहन पदाधिकारी एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात ने गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक

गया: जिला परिवहन पदाधिकारी राजेश कुमार एवं पुलिस उपाधीक्षक यातायात द्वारा आज गया शहर के विभिन्न प्रमुख चौक चौराहों पर औचक रूप से ई-रिक्शा ऑटो रिक्शा के परिचालन का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के क्रम में लगभग 200 से अधिक टोटो /ऑटो/ ई रिक्शा का जांच किया गया। आज वाहनों का जांच मुख्य रूप से जिला पदाधिकारी कार्यालय गोलंबर, जीबी रोड, एपीआर गोलंबर एवं गवालबीघा के पास जांच की गई। जांच के दौरान कुछ टोटो ऑटो ई रिक्शा चालक बिना लाइसेंस, बिना इंश्योरेंस, बिना रजिस्ट्रेशन के वाहन चला रहे थे, उन संबंधित सभी वाहनों से साढे चार लाख रुपया फाइन वसूल की गई साथ में चेतावनी दी गई की किसी भी हाल में बिना रजिस्ट्रेशन सहित अन्य कागजातों के पूर्ण रखे बिना ई रिक्शा टोटो का परिचालन नहीं करें अन्यथा और कठोरता से कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिवहन पदाधिकारी ने कहा कि हर हाल में यातायात नियमों का पालन करवाया जाएगा ताकि शहर के अंदर कहीं जाम की समस्या नहीं रहे। यत्र तत्र ऑटो लगाने के कारण यात्रियों को जाम की समस्याओं का सामना करना पड़ता है आज से लगातार शहर के अंदर सभी चौक चौराहों पर जांच दल गठित की गई है, उनके माध्यम से लगातार जांच अभियान चलाया जाएगा एवं परिवहन विभाग के नियमों का पालन करवाया जाएगा। जो भी नियम का पालन नहीं करेंगे उनके विरुद्ध फाइन की वसूली एवं कार्रवाई की जाएगी।

बखिरा पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुये चोरी के 02 मामले से सम्बन्धित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार

रमेश दूबे

अभियुक्त के पास से एक

अदद चोरी की मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद बरामद

पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर सुशील कुमार सिंह द्वारा जनपद संतकबीरनगर में अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में क्षेत्राधिकारी मेंहदावल सर्वदवन सिंह के निकट पर्यवेक्षण में थाना बखिरा पुलिस द्वारा आज दिनाँक 29.11.2025 को 01 अभियुक्त नाम पता भालचन्द्र उर्फ सगेन्द्र उर्फ सगेदू पुत्र बनारसी निवासी ग्राम बिहारे थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर को चोरी की एक अदद मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद बरामद करते हुए नन्दौर के पास से गिरफ्तार किया गया ।

घटना का संक्षिप्त विवरण-

प्रथम घटना- दिनाँक 30.09.2025 को वादी श्री श्यामकरन पुत्र श्री बिहारी निवासी थाना बिहारे जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर दिनाँक 04.09.2025 को वादी के घर में चोरी हो जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 360/2025 धारा 351(2),115(2),305 बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

द्वितीय घटना- दिनाँक 28.11.2025 को वादी श्री धर्मेन्द्र चौधरी पुत्र श्री स्व0 रामनरेश चौधरी निवासी सुन्दरपुर बजहां थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर दिनाँक 27.11.2025 को वादी की मोटरसाइकिल देवकली चौराहा से चोरी हो जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र दिया गया था । प्राप्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 461/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-

भालचन्द्र उर्फ सगेन्द्र उर्फ सगेदू पुत्र बनारसी निवासी ग्राम बिहारे थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर ।

बरामदगी का विवरणः- चोरी की एक अदद मोटरसाइकिल, गैस सिलेन्डर, 2000 रु0 नगद।

गिरफ्तार करने वाले पुलिस बल का विवरणः-* उ0नि0 श्री राजकुमार मिश्रा, हे0का0 मनोज यादव, का0 अमित कुमार यादव ।

*हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, उसे भरोसे का माहौल देना चाहिए - डॉ संतोष अंश*
सुलतानपुर,राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज, सुलतानपुर के बी.एड. विभाग द्वारा “विद्यार्थियों में बढ़ती आत्महत्या की प्रवृत्ति” विषय पर एक सारगर्भित संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अध्यापकों एवं प्रशिक्षणार्थियों ने विषय की गंभीरता पर अपने विचार व्यक्त किए। संगोष्ठी को संबोधित करते हुए असिस्टेंट प्रो. शांतिलता कुमारी ने कहा कि आत्महत्या की प्रवृत्ति का मूल कारण विद्यार्थियों में बढ़ता मानसिक दबाव, अपेक्षाओं का बोझ और अकेलेपन की भावना है, जिसे समझना व संभालना जरूरी है। सोशल मीडिया में विद्यार्थियों की अत्यधिक सक्रियता से वास्तविक जीवन मे सामंजस्य कठिन हो रहा है। फलस्वरूप छात्रों में आत्महत्या की प्रवृत्ति बढ़ रही है। वास्तविक भावनात्मक सुरक्षा की कमी आत्महत्या की प्रवृत्ति को बढ़ावा दे रही है। डॉ.संतोष अंश ने अपने वक्तव्य में कहा कि हरेक विद्यार्थी अद्वितीय है, इसलिए हमें तुलना से बचकर उन्हें सहयोग, सहानुभूति और भरोसे का माहौल देना चाहिए, ताकि वे कठिन परिस्थितियों से उबर सकें। आत्महत्या समाधान नहीं समस्याओं से भागने का प्रयास है। हर एक धड़कन और हर एक सपना, किसी भी परिणाम से अधिक कीमती है। डॉ. सीमा सिंह ने मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर बल देते हुए कहा कि विद्यालय और परिवार दोनों को मिलकर विद्यार्थियों में भावनात्मक स्थिरता विकसित करने की दिशा में कार्य करना चाहिए।कार्यक्रम में बी.एड. प्रथम वर्ष के प्रशिक्षणार्थियों ने भी विषय पर अपने संक्षिप्त विचार व्यक्त किए। अभिषेक समय पर संवाद ही छात्र जीवन की सबसे बड़ी सुरक्षा है। अंशिका पाण्डेय सकारात्मक सोच और सहयोगी वातावरण विद्यार्थियों को मजबूत बनाते हैं। लक्ष्मीकांत असफलता अंत नहीं, सीखने का अवसर है, इसी संदेश को फैलाना होगा। खुशी सिंह भावनात्मक तनाव को साझा करना आत्महत्या की प्रवृत्ति को रोकने का पहला कदम है। अनुपम वर्मा शैक्षणिक संस्थानों में काउंसलिंग को अनिवार्य किया जाना चाहिए। शिखा मौर्या छात्रों को अपनी समस्याएँ बताने के लिए सुरक्षित माहौल मिलना चाहिए। श्वेता मौर्या सामाजिक दबाव आत्महत्या को प्रेरित करता है । आदर्श दीक्षित सहपाठियों का सहयोग कई बार जीवनरक्षक साबित हो सकता है। विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान वदेने की आवश्यकता है। विद्यार्थियों को आत्महत्या से बचाने का उत्तरदायित्व सभी का है। कार्यक्रम का सफल संचालन वर्षा यादव ने किया। इस अवसर पर बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थी उपस्थित रहे।
श्रीमद् भागवत कथा के पूर्व प्रदेश के मुखिया ने दी शुभकामनाएं








संजय द्विवेदी, प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विधान सभा मेजा क्षेत्र में प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन केवल धार्मिक अनुष्ठान नही बल्कि आत्मा को ईश्वर की ओर ले जाने वाला महान आध्यात्मिक उत्सव है।यह जीवन भक्ति तथा जीवन मूल्यों का अनन्त प्रकाश देता है जिसने सदियो से मानव को धर्म सत्य प्रेम संयम और करुणा का संदेश दिया है।




मुख्यमंत्री ने यह विचार एडवोकेट हाईकोर्ट एवं प्रदेश सह संयोजक(विधि विभाग) भाजपा उत्तर प्रदेश सुशील कुमार मिश्र को सम्बोधित शुभकामना सन्देश में व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होने कहा कि जगद्गुरु स्वामी राघवाचार्य महाराज जैसे सन्तो की वाणी केवल शास्त्रो के रूप में अध्ययन नही की जाती बल्कि अनुभूति बनकर हृदय में उतरती है।ऐसी दिव्य कथा मानव जीवन को सतमार्ग पर चलने का मार्ग प्रशस्त करता है।तथा भक्ति एवं सदाचार के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा भी प्रदान करता है।मुख्यमंत्री ने अपेक्षा जताई कि दुर्गावती इण्टर नेशनल स्कूल एंड कॉलेज गोसौरा कला(मेजा रोड प्रयागराज)में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा प्रदेशवासियो के जीवन में ज्ञान शांति और मंगल का प्रकाश एवं सतमार्ग पर चलने का सन्देश प्राप्त हो।और उन्होने वहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओ से आह्वान किया कि भगवान श्रीकृष्ण के प्रेम धर्म और निष्काम कर्म के सन्देश को जीवन में अपनाकर समाज और राष्ट्र की समृद्धि में अपना अहम योगदान दे।




अंत में उन्होने ईश्वर से प्रार्थना की कि यह आयोजन सफलता पूर्वक सम्पन्न हो तथा सभी उपस्थित श्रद्धालुओ पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा निरन्तर बनी रहे।भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का हुआ शुभारम्भ
* बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के कल्याण को समाज की सामूहिक जिम्मेदारी: राज्यपाल थावरचंद

* प्रदेश सरकार दिव्यांगजन शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास पर निरंतर कार्यरत: मंत्री नरेंद्र कश्यप

* अवसर प्रदान कर बौद्धिक दिव्यांगजन को मुख्यधारा में लाना आवश्यक: अवनीश अवस्थी

लखनऊ। डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ में राष्ट्रीय संस्थान बौद्धिक दिव्यांगजन सशक्तिकरण द्वारा आयोजित 31वाँ राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन 2025 का भव्य शुभारम्भ  कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, उत्तर प्रदेश पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)  नरेंद्र कश्यप तथा मुख्यमंत्री  सलाहकार अवनीश कुमार  अवस्थी की उपस्थिति में शनिवार को दीप प्रज्ज्वलन से हुआ ।

राज्यपाल थावर चंद गहलोत ने कहा कि बौद्धिक दिव्यांग बच्चों के समग्र कल्याण की जिम्मेदारी समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों को गार्जियनशिप संबंधी प्रक्रियाओं में सहयोग मिलना अत्यंत आवश्यक है ताकि बच्चों का भविष्य सुरक्षित रह सके। उन्होंने परिवार संगठन द्वारा पिछले 30 वर्षों में किए गए सराहनीय कार्यों का उल्लेख करते हुए नीति-निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।

प्रदेश  के दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि राज्य सरकार बौद्धिक दिव्यांग बच्चों की शिक्षा, प्रशिक्षण और पुनर्वास के लिए हर संभव कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की योजनाओं और नीतियाँ  को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करते हुए,  प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को लाभान्वित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री सलाहकार अवनीश अवस्थी ने समाज के सभी वर्गों से आह्वान किया कि वे बौद्धिक दिव्यांगजन को अवसर प्रदान कर समाज की मुख्यधारा में सम्मिलित करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाएँ।

कार्यक्रम के दौरान अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियाँ सम्पन्न हुईं, जिनमें परिवार की वार्षिक रिपोर्ट 2024–25 का विमोचन और सौम्या उपाध्याय ‘तताई’ द्वारा लिखित पुस्तक “Who knew the forgotten you” का लोकार्पण किया गया । साथ ही पैरिवार राष्ट्रीय पुरस्कार 2025 प्रदान किए गए, जिनमें रोशनी सोसायटी हल्द्वानी, परिवार पलक्कड़ और मेसेनी पोंग पोंगें को सम्मानित किया गया। इसके साथ ही स्पेशल ओलंपिक्स वर्ल्ड गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले आठ बौद्धिक दिव्यांग पैराअथलीटों को  सम्मानित किया गया। शाम के सत्र में बौद्धिक दिव्यांगजन प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से सभी को प्रभावित किया ।

दो दिवसीय सम्मेलन में कुल 11 तकनीकी सत्र, 4 पैनल चर्चाएँ और एक सांस्कृतिक संध्या आयोजित की जाएँगी। इस राष्ट्रीय अभिभावक सम्मेलन का उद्देश्य अभिभावकों, विशेषज्ञों, स्वयं-प्रतिनिधियों, विश्वविद्यालयों, सरकारी संस्थानों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच उपलब्ध कराना है, जिससे बौद्धिक दिव्यांगजन के नेतृत्व निर्माण, समावेशन, अधिकारों, भविष्य की सुरक्षा और नीति-निर्माण पर राष्ट्रीय स्तर पर संवाद स्थापित हो सके। सम्मेलन का समापन 30 नवम्बर को खुला मंच चर्चा के साथ होगा, जिसमें आगामी वर्ष के लिए सामूहिक कार्ययोजना और सुझाव प्रस्तुत किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुदीप गोयल ने किया तथा आभार प्रकट करते हुए समापन टिप्पणी यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रो. सुभोध शंकर ने दी।

सम्मेलन का आयोजन पैरिवार – नेशनल कॉन्फेडरेशन ऑफ पेरेंट्स ऑर्गेनाइजेशंस के सहयोग से तथा डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, मौलाना आज़ाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय और यू.पी. पेरेंट्स एसोसिएशन के संयुक्त संयोजन में किया गया। सम्मेलन का केंद्रीय विषय “समावेशी एवं सतत भविष्य के लिए नेतृत्व का संवर्द्धन” रखा गया, जिसमें देश के 25 राज्यों से 350 से अधिक अभिभावकों, विशेषज्ञों, संस्थानों, एनजीओ  और स्वयं-प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

इस अवसर पर मेजर बी. वी. रामकुमार, निदेशक NIEPID सिकंदराबाद, राज्य दिव्यांगजन आयुक्त प्रो. हिमांशु शेखर झा,  डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के  कुलसचिव रोहित सिंह उपस्थित थे।