झामुमो ने किया 'पद्म भूषण' का स्वागत, पर दोहराई 'भारत रत्न' की मांग: "हाशिये की आवाज थे दिशोम गुरु"

राँची, 26 जनवरी 2026: झारखंड आंदोलन के प्रणेता और पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय शिबू सोरेन (दिशोम गुरु) को मरणोपरांत पद्म भूषण सम्मान दिए जाने की घोषणा का झारखंड मुक्ति मोर्चा ने स्वागत किया है। हालांकि, पार्टी ने स्पष्ट किया है कि गुरुजी का कद और उनका संघर्ष 'भारत रत्न' के योग्य है और यह मांग निरंतर जारी रहेगी।
संघर्षों का रहा है लंबा इतिहास
11 जनवरी 1944 को नेमरा (रामगढ़) में जन्मे गुरुजी का जीवन महाजनी प्रथा, शोषण और जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए समर्पित रहा। झामुमो महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने कहा कि गुरुजी ने न केवल झारखंड को अलग पहचान दिलाई, बल्कि नशा मुक्ति और शिक्षा जैसे सामाजिक सुधारों से आदिवासी-मूलवासी समाज के जीवन को बदला।
"बाबा भारत के अनमोल रत्न थे" - विनोद पांडेय
पद्म भूषण की घोषणा पर प्रतिक्रिया देते हुए विनोद पांडेय ने केंद्र सरकार को साधुवाद दिया, लेकिन एक महत्वपूर्ण सवाल भी उठाया:
"गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे। मेरी नजर में बाबा भारत के अनमोल रत्न थे। क्या आदिवासी समाज में अब तक कोई नायक भारत रत्न के योग्य नहीं हुआ? सच्चाई यह है कि आदिवासी समाज को अब तक मुख्यधारा का हिस्सा ही नहीं माना गया है। करोड़ों समर्थकों की भावना है कि उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाए।"
विधानसभा से पारित हो चुका है प्रस्ताव
उल्लेखनीय है कि झारखंड विधानसभा ने पहले ही सर्वसम्मति से शिबू सोरेन को 'भारत रत्न' देने का प्रस्ताव केंद्र को भेजा था। 4 अगस्त 2025 को उनके निधन के बाद से ही राज्यभर में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान देने की मांग जोर पकड़ रही है।
गुरुजी की राजनीतिक विरासत:
मुख्यमंत्री: तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहे।
सांसद: दुमका से 8 बार लोकसभा सांसद चुने गए।
आंदोलन: पृथक झारखंड राज्य के निर्माण में सबसे बड़ी भूमिका।
आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):
विकल्प 1: पद्म भूषण पर झामुमो का साधुवाद, लेकिन 'भारत रत्न' की मांग पर अडिग; विनोद पांडेय बोले- "बाबा रत्न नहीं, महा रत्न थे।"
विकल्प 2: "आदिवासी नायक को मिले सर्वोच्च सम्मान"; गुरुजी को पद्म भूषण मिलने पर झामुमो ने जताई खुशी, भारत रत्न की मांग तेज।
विकल्प 3: दिशोम गुरु के संघर्षों का सम्मान: केंद्र ने दी पद्म भूषण की घोषणा, समर्थकों को अब 'भारत रत्न' का इंतजार।
42 min ago
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