आजमगढ़: इसकफ के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय नेपाल में हुए सम्मानित
जमगढ़ के अधिवक्ता जितेन्द्र हरि पाण्डेय नेपाल में सम्मानित आजमगढ़।तहसील निजामाबाद क्षेत्र स्थित परसहा गांव निवासी पेशे से अधिवक्ता जितेंद्र हरि पाण्डेय को साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्य के लिए प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल की केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को नेपाल में किया सम्मानित। नेपाल देश के महेंद्र नगर स्थित दोधारा चांदनी,कंचनपुर के नगर पालिका हॉल में प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल केंद्रीय इकाई द्वारा 3 अप्रैल 2026 को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इसमें भारत से सात साहित्यिक और सांस्कृतिकर्मियों ने भाग लिया।जहां विभिन्न सत्रों में साहित्य,संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक चर्चा हुई। आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील स्थित एक छोटे से गांव परसहा निवासी और पेशे से अधिवक्ता एवं भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ (इसकफ) के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय के लिए यह अवसर भावुक और गौरवपूर्ण रहा,क्योंकि यह उनके जीवन की पहली विदेश यात्रा थी।भारत के एक छोटे से गांव परसहा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना और साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना उनके लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है सम्मान प्राप्त करने के बाद पाण्डेय ने कहा कि नेपाल की धरती पर मिला यह सम्मान उनके लिए अविस्मरणीय है।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है,बल्कि सदियों से भारत और नेपाल के बीच चले आ रहे साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ मित्रता का सम्मान है।जितेंद्र हरि पाण्डेय की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने इसे आजमगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।
रामराज में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा की मासिक बैठक संपन्न, परशुराम जयंती की तैयारियां तेज
बहसूमा/रामराज, मेरठ।क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति रामराज द्वारा रविवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन सभा के अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा के आवास पर हुआ, जिसमें आगामी 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 अप्रैल, रविवार को प्रातः 8:00 बजे हवन-पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात 11:00 बजे से भंडारे का आयोजन प्रारंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभा की अध्यक्षता श्री मनोज दास महाराज ने की, जबकि संचालन पंडित विपुल राम शर्मा ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया।

बैठक में सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पंडित विजय प्रकाश, वैष्णो दयाल शर्मा, रविंद्र गौतम, अजय कुमार शर्मा, पुनीत कुमार शर्मा, आदेश शर्मा, योगेश शर्मा, हैप्पी शर्मा, सुमित शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, मांधाता मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, मनोज शर्मा, राजू शर्मा, रवि शंकर कौशिक, श्याम लाल शर्मा, सचिन पंडित, बिट्टू शर्मा, अमित शर्मा, संदीप शर्मा, मोनू पंडित, सत्यप्रकाश शर्मा, आदर्श वीर शर्मा, हर्ष शर्मा, रितिक शर्मा, सनी शर्मा, ऋषभदेव शर्मा, कन्हैया शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महर्षि कश्यप जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई
मेरठ। जनपद के मवाना क्षेत्र के ग्राम ढिकौली में रविवार को महर्षि कश्यप जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों ने एकत्र होकर महर्षि कश्यप जी के जीवन, आदर्शों एवं शिक्षाओं को स्मरण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि महर्षि कश्यप प्राचीन भारत के महान ऋषि थे, जिन्हें सृष्टि का जनक और सप्तऋषियों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। उन्होंने सृष्टि के संतुलन, प्रकृति के सम्मान और सभी जीवों के प्रति समान भाव रखने का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर आयोजित सामूहिक सभा में उपस्थित लोगों ने समाज में भाईचारा, एकता और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और महर्षि कश्यप जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा ली।

कार्यक्रम की जानकारी ठाकुर शनि प्रताप एवं अवजीत चौहान (सभासद) द्वारा दी गई। इस दौरान अंकुश चौहान, मोहित ठाकुर, योगेन्द्र चौहान, यशवंत चौहान, मोंटी चौहान, अर्जुन चौहान, अक्षत शर्मा, अमित चौहान, अभिषेक कश्यप, वंश शर्मा, मुकुल चौहान, मनीष चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
डोंबिवली में 9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
ठाणे । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ डोंबिवली में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव था। उक्त समारोह में मुख्य रूप से श्रीमती डिंपल सिंह,सोनू सिंह,कुमारी आराध्या सिंह,चिरंजीव अर्चित सिंह,श्रीमती शांताबाई झोपे, श्रीमती स्मिता दळवी (कोकण ), श्रीमती शैलजा महाजन (खारघर),कवि अनिल कुमार गुप्ता 'राही' एवं संपूर्ण गायत्री परिवार सभासद डोंबिवली उपस्थित रहे तथा गायत्री स्वरूप श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर एवं विद्वान पंडित श्री स्वरूप एवं अनेक हृदयस्पर्शी आत्माओं का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
आर्य समाजद्वारा डॉ.भारती श्रीवास्तव को वैदिक साहित्य श्री सम्मान
मुंबई। आर्य समाज, बोरीवली की ओर से डॉ. भारती  संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री"  सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति लालचंद तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध हास्य कवि महेश दुबे उपस्थित थे।कवयित्री श्रीमती गायत्री पाण्डेय बतौर सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी सुदीर्घ साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। भारती का हिंदी भाषा के प्रति अटूट प्रेम रहा है। उनकी लेखनी में भाषा का संयम,भावों की गहराई और काव्य का संतुलन झलकता है। उनकी भाषा शैली मर्यादित, परिष्कृत और प्रभावशाली है। उनके पहले ही काव्य संग्रह ‘उसका सूरज’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जाना उनके साहित्यिक कौशल और संवेदनशील दृष्टि का प्रमाण है। हाल ही में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ‘निराला साहित्य में अभिव्यक्त जीवन दर्शन ‘ विषय पर पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की है। इस अवसर पर उन्होंने ने अपने शोध-यात्रा एवं रचना प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। हास्य कवि महेश दुबे ने अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को जमकर हँसाया। उन्होंने कहा, "हंसने और हंसाने वाला कभी स्वर्ग नरक में नहीं जाता क्योंकि वह जहां जाता है वही स्वर्ग बन जाता है ।" श्रीमती गायत्री पाण्डेय ने नारी सम्मान में अपनी कविता पढ़ी। इस अवसर पर शालिनी जोशी,अनीता गोठवाल, मुन्ना यादव 'मयंक', संजीव श्रीवास्तव आदि गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कवि एवं आलोचक डॉ. जितेंद्र पाण्डेय ने किया। डॉ.पाण्डेय ने अध्यात्म और साहित्य की अभिन्नता पर अपनी बात रखी।संस्था के संस्थापक आचार्य प्रभारंजन पाठक ने उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़:-राष्ट्रीय महासचिव ने रालोद कार्यालय का फीता काटकर किया उदघाटन


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। रविवार दोपहर करीब दो बजे दीदारगंज क्षेत्र में कालिका होटल के निकट राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नए कार्यालय का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रालोद के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दूबे ने फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद महमूद खां सहित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
मुख्य अतिथि अनिल दूबे ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती के लिए एक स्थायी कार्यालय का होना अत्यंत आवश्यक है। इससे कार्यकर्ताओं को एक मंच मिलता है, जहां वे संगठन की नीतियों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए रणनीति बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि “संघे शक्ति कलियुगे” का अर्थ है कि संगठन में ही शक्ति निहित होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मोहम्मद महमूद खां ने की, जबकि संचालन राम मिलन चौहान एडवोकेट ने किया। इस दौरान पतिराम यादव, वकील अहमद, वीरेन्द्र बहादुर सिंह, चंद्र मोहन सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह (प्रदेश सचिव), मनोज कुमार सिंह चंद्रवंशी, डॉ. पृथ्वी राज सिंह, अकमल आजमी, राकेश सिंह, के.एन. शास्त्री, जय प्रकाश यादव एडवोकेट, अशोक यादव, अमित पाठक, सफदर खान, संतोष कुमार धरकार, चंद्रकेश यादव, दिनेश प्रजापति, तीर्थ राज चौहान सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
आजमगढ़: इसकफ के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय नेपाल में हुए सम्मानित
जमगढ़ के अधिवक्ता जितेन्द्र हरि पाण्डेय नेपाल में सम्मानित आजमगढ़।तहसील निजामाबाद क्षेत्र स्थित परसहा गांव निवासी पेशे से अधिवक्ता जितेंद्र हरि पाण्डेय को साहित्यिक और सांस्कृतिक कार्य के लिए प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल की केंद्रीय समिति ने शुक्रवार को नेपाल में किया सम्मानित। नेपाल देश के महेंद्र नगर स्थित दोधारा चांदनी,कंचनपुर के नगर पालिका हॉल में प्रगतिशील लेखक संघ नेपाल केंद्रीय इकाई द्वारा 3 अप्रैल 2026 को अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।इसमें भारत से सात साहित्यिक और सांस्कृतिकर्मियों ने भाग लिया।जहां विभिन्न सत्रों में साहित्य,संस्कृति और सामाजिक सरोकारों पर सार्थक चर्चा हुई। आजमगढ़ जिले के निजामाबाद तहसील स्थित एक छोटे से गांव परसहा निवासी और पेशे से अधिवक्ता एवं भारतीय सांस्कृतिक सहयोग एवं मैत्री संघ (इसकफ) के राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय के लिए यह अवसर भावुक और गौरवपूर्ण रहा,क्योंकि यह उनके जीवन की पहली विदेश यात्रा थी।भारत के एक छोटे से गांव परसहा से निकलकर अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचना और साहित्य एवं संस्कृति के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित होना उनके लिए प्रेरणादायक उपलब्धि मानी जा रही है सम्मान प्राप्त करने के बाद पाण्डेय ने कहा कि नेपाल की धरती पर मिला यह सम्मान उनके लिए अविस्मरणीय है।उन्होंने कहा कि यह सिर्फ मेरा सम्मान नहीं है,बल्कि सदियों से भारत और नेपाल के बीच चले आ रहे साहित्यिक और सांस्कृतिक संबंधों तथा दोनों देशों के बीच प्रगाढ़ मित्रता का सम्मान है।जितेंद्र हरि पाण्डेय की इस उपलब्धि पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोगों ने इसे आजमगढ़ जिले के लिए गौरव का विषय बताया है।
रामराज में क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा की मासिक बैठक संपन्न, परशुराम जयंती की तैयारियां तेज
बहसूमा/रामराज, मेरठ।क्षेत्रीय ब्राह्मण सभा समिति रामराज द्वारा रविवार को मासिक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक का आयोजन सभा के अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा के आवास पर हुआ, जिसमें आगामी 19 अप्रैल को भगवान श्री परशुराम जी के जन्मोत्सव के आयोजन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 19 अप्रैल, रविवार को प्रातः 8:00 बजे हवन-पूजन किया जाएगा। इसके पश्चात 11:00 बजे से भंडारे का आयोजन प्रारंभ होगा, जो प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्री परशुराम जी के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। सभा की अध्यक्षता श्री मनोज दास महाराज ने की, जबकि संचालन पंडित विपुल राम शर्मा ने किया। इस अवसर पर अध्यक्ष पंडित विधी चन्द शर्मा ने भगवान परशुराम के आदर्शों पर चलने और समाज को संगठित करने का आह्वान किया।

बैठक में सैकड़ों ब्राह्मण समाज के लोग उपस्थित रहे। प्रमुख रूप से पंडित विजय प्रकाश, वैष्णो दयाल शर्मा, रविंद्र गौतम, अजय कुमार शर्मा, पुनीत कुमार शर्मा, आदेश शर्मा, योगेश शर्मा, हैप्पी शर्मा, सुमित शर्मा, जितेंद्र शर्मा, सत्येंद्र शर्मा, मांधाता मिश्रा, सुभाष चंद्र शर्मा, अशोक शर्मा, मनोज शर्मा, राजू शर्मा, रवि शंकर कौशिक, श्याम लाल शर्मा, सचिन पंडित, बिट्टू शर्मा, अमित शर्मा, संदीप शर्मा, मोनू पंडित, सत्यप्रकाश शर्मा, आदर्श वीर शर्मा, हर्ष शर्मा, रितिक शर्मा, सनी शर्मा, ऋषभदेव शर्मा, कन्हैया शर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
महर्षि कश्यप जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई
मेरठ। जनपद के मवाना क्षेत्र के ग्राम ढिकौली में रविवार को महर्षि कश्यप जी की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई।

कार्यक्रम के दौरान ग्रामवासियों ने एकत्र होकर महर्षि कश्यप जी के जीवन, आदर्शों एवं शिक्षाओं को स्मरण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने बताया कि महर्षि कश्यप प्राचीन भारत के महान ऋषि थे, जिन्हें सृष्टि का जनक और सप्तऋषियों में प्रमुख स्थान प्राप्त है। उन्होंने सृष्टि के संतुलन, प्रकृति के सम्मान और सभी जीवों के प्रति समान भाव रखने का संदेश दिया, जो आज भी समाज के लिए प्रेरणास्रोत है।

इस अवसर पर आयोजित सामूहिक सभा में उपस्थित लोगों ने समाज में भाईचारा, एकता और सद्भाव बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और महर्षि कश्यप जी के विचारों को अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा ली।

कार्यक्रम की जानकारी ठाकुर शनि प्रताप एवं अवजीत चौहान (सभासद) द्वारा दी गई। इस दौरान अंकुश चौहान, मोहित ठाकुर, योगेन्द्र चौहान, यशवंत चौहान, मोंटी चौहान, अर्जुन चौहान, अक्षत शर्मा, अमित चौहान, अभिषेक कश्यप, वंश शर्मा, मुकुल चौहान, मनीष चौहान सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
डोंबिवली में 9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
ठाणे । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ डोंबिवली में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव था। उक्त समारोह में मुख्य रूप से श्रीमती डिंपल सिंह,सोनू सिंह,कुमारी आराध्या सिंह,चिरंजीव अर्चित सिंह,श्रीमती शांताबाई झोपे, श्रीमती स्मिता दळवी (कोकण ), श्रीमती शैलजा महाजन (खारघर),कवि अनिल कुमार गुप्ता 'राही' एवं संपूर्ण गायत्री परिवार सभासद डोंबिवली उपस्थित रहे तथा गायत्री स्वरूप श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर एवं विद्वान पंडित श्री स्वरूप एवं अनेक हृदयस्पर्शी आत्माओं का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
आर्य समाजद्वारा डॉ.भारती श्रीवास्तव को वैदिक साहित्य श्री सम्मान
मुंबई। आर्य समाज, बोरीवली की ओर से डॉ. भारती  संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री"  सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति लालचंद तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध हास्य कवि महेश दुबे उपस्थित थे।कवयित्री श्रीमती गायत्री पाण्डेय बतौर सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी सुदीर्घ साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। भारती का हिंदी भाषा के प्रति अटूट प्रेम रहा है। उनकी लेखनी में भाषा का संयम,भावों की गहराई और काव्य का संतुलन झलकता है। उनकी भाषा शैली मर्यादित, परिष्कृत और प्रभावशाली है। उनके पहले ही काव्य संग्रह ‘उसका सूरज’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जाना उनके साहित्यिक कौशल और संवेदनशील दृष्टि का प्रमाण है। हाल ही में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ‘निराला साहित्य में अभिव्यक्त जीवन दर्शन ‘ विषय पर पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की है। इस अवसर पर उन्होंने ने अपने शोध-यात्रा एवं रचना प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। हास्य कवि महेश दुबे ने अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को जमकर हँसाया। उन्होंने कहा, "हंसने और हंसाने वाला कभी स्वर्ग नरक में नहीं जाता क्योंकि वह जहां जाता है वही स्वर्ग बन जाता है ।" श्रीमती गायत्री पाण्डेय ने नारी सम्मान में अपनी कविता पढ़ी। इस अवसर पर शालिनी जोशी,अनीता गोठवाल, मुन्ना यादव 'मयंक', संजीव श्रीवास्तव आदि गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कवि एवं आलोचक डॉ. जितेंद्र पाण्डेय ने किया। डॉ.पाण्डेय ने अध्यात्म और साहित्य की अभिन्नता पर अपनी बात रखी।संस्था के संस्थापक आचार्य प्रभारंजन पाठक ने उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
आजमगढ़:-राष्ट्रीय महासचिव ने रालोद कार्यालय का फीता काटकर किया उदघाटन


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। रविवार दोपहर करीब दो बजे दीदारगंज क्षेत्र में कालिका होटल के निकट राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नए कार्यालय का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रालोद के राष्ट्रीय महासचिव अनिल दूबे ने फीता काटकर कार्यालय का शुभारंभ किया। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोहम्मद महमूद खां सहित पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि के साथ उत्साहपूर्वक स्वागत किया।
मुख्य अतिथि अनिल दूबे ने कहा कि किसी भी संगठन की मजबूती के लिए एक स्थायी कार्यालय का होना अत्यंत आवश्यक है। इससे कार्यकर्ताओं को एक मंच मिलता है, जहां वे संगठन की नीतियों पर विचार-विमर्श कर सकते हैं और आम जनता की समस्याओं के समाधान के लिए रणनीति बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि “संघे शक्ति कलियुगे” का अर्थ है कि संगठन में ही शक्ति निहित होती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष मोहम्मद महमूद खां ने की, जबकि संचालन राम मिलन चौहान एडवोकेट ने किया। इस दौरान पतिराम यादव, वकील अहमद, वीरेन्द्र बहादुर सिंह, चंद्र मोहन सिंह, धीरेंद्र कुमार सिंह (प्रदेश सचिव), मनोज कुमार सिंह चंद्रवंशी, डॉ. पृथ्वी राज सिंह, अकमल आजमी, राकेश सिंह, के.एन. शास्त्री, जय प्रकाश यादव एडवोकेट, अशोक यादव, अमित पाठक, सफदर खान, संतोष कुमार धरकार, चंद्रकेश यादव, दिनेश प्रजापति, तीर्थ राज चौहान सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।