ट्रस्ट की जमीन पर फर्जी बैनामा मामले में 22 लोगों पर मुकदमा दर्ज
*बलरामपुर स्टेट का फर्जी बैनामा और कब्जा करने का आरोप

गोंडा।जिले में बलरामपुर स्टेट के महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह के धर्म कार्यनिधि ट्रस्ट की रजिस्टर्ड जमीन के फर्जी बैनामे और उस पर जबरन जेसीबी से कब्जा करने का मामला सामने आया है।महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह के मुख्तार विकास सिंह ने गोंडा नगर कोतवाली में अधिवक्ता सहज राम वर्मा सहित 22 नामजद लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है,यह मुकदमा न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है।जिसकी जांच उपनिरीक्षक पिंटू कुमार यादव को सौंपी गई है।बलरामपुर स्टेट के मुख्तार विकास सिंह ने अपनी शिकायत में जनार्दन,अनिल कुमार मिश्रा,सोनू,जगदंबा प्रसाद,सूरत नारायण मिश्रा, नीलम,शिव कुमार चौबे, अनिरुद्ध कुमार,पवन कुमार, अधिवक्ता सहज राम वर्मा,सुरेश कुमार गुप्ता, सोनेलाल,शुभम चतुर्वेदी, अकरम,बलराज्ञ तिवारी,सुरेंद्र नाथ चौबे उर्फ़ सुधीर, मस्तराम,हरिहर प्रसाद,ललित कुमार श्रीवास्तव,गीत,श्रीमती संतोष और राजेंद्र प्रसाद पर गलत तरीके से बैनामा करवाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।बताते चलें कि यह मामला गाटा संख्या 375 से संबंधित है,जो महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद धर्म कार्यनिधि ट्रस्ट के नाम पर दर्ज है।इस ट्रस्ट के मूल ट्रस्टी महराज अजीत प्रताप सिंह (प्रतापगढ़ ),सूरत नाथ मिश्रा,महराज दिनेश सिंह (कालाकांकर),सुरेन्द्र नाथ घोष और जगदीश कन्हैया लाल मुंशी थे,इन ट्रस्टियों का निधन वर्ष 1995 से पहले हो गया था।इसके बाद 17 दिसंबर 1995 को ट्रस्ट की बैठक में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई थी।जमीन के देखभाल की जिम्मेदारी विश्वा गणेश के शिव कुमार तिवारी,सुरजीत चौबे और संजय पाण्डेय को दिया गया था।शिकायत के अनुसार,28 दिसंबर 2025 को सभी आरोपी एक राय होकर हथियार लेकर जमीन पर कब्जा करने और नींव खोदने के लिए पहुंचे।जिसकी सूचना बलरामपुर स्टेट को दिया गया और प्रार्थना पत्र भी दिया गया,लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ,जिसके फलस्वरूप न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।विकास सिंह ने यह भी बताया कि इन लोगों ने कूठ रचना करके धर्म कार्य निधि ट्रस्ट की जमीन हड़पने के उद्देश्य से जालि व फर्जी मृतक ट्रस्ट के स्थान पर व्यक्तियों को खड़ा करके कई तिथियों में जालसाजी किया है।अवैध रूप से कब्जा करने के लिए लगातार यह लोग प्रयासरत हैं।जब हम लोगों ने विस्तार से जांच किया तो अवैध रूप से फर्जी बैनामे की जानकारी हुई और नकल प्राप्त करने के बाद हम लोगों ने अब मुकदमा करवाया है।हमारी जमीन गोंडा से उतरौला जाने वाले मार्ग पर पडती है और बैसकीमती जमीन पर इन लोगों की हड़पने को लेकर नजर है।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

दर्शन को 27 घंटे खुला रहेगा मंदिर
*15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ संयोग बन रहा है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ संयोग बन रहा है। करीब नौ साल बाद के बाद सूर्य, चंद्र,बुध, शुक्र एवं राहु के विशेष संयोग से सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, लक्ष्मी नारायण योग, बुधादित्य योग,शुक्रादित्य योग तथा शश नामक महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह संयोग भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी एवं कल्याणकारी माना गया है। इस शुभ अवसर पर नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम में विशेष पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया है। यह जानकारी बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति सचिव राम कृष्ण खट्टू ने दी। बताया कि मंदिर के कपाट 15 फरवरी को मंगल आरती से 16 फरवरी सुबह सात बजे तक लागातार 27 घंटे श्रद्धालुओं के दर्शानार्थ खुले रहेंगे। मंगल आरती सुबह तीन से चार बजे तक होगा। भोग आरती दोपहर सवा 11 बजे से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक है। सप्तऋषि आरती शाम सात से सवा आठ बजे तक,रात्रि के चार पहर की विशेष आरती प्रथम पहर
प्रथम पहर – सायं 6:11 से 9:23 बजे तक
द्वितीय पहर – रात्रि 9:30 से 12:35 बजे तक
तृतीय पहर – रात्रि 12:35 से 3:45 बजे तक
चतुर्थ पहर – प्रातः 3:45 से 6:59 बजे तक (16 फरवरी, सोमवार)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक।
इस दुर्लभ एवं पावन अवसर पर श्रद्धालुजन भगवान आशुतोष, देवों के देव महादेव बाबा बड़े शिव महाराज का दर्शन-पूजन कर अपने जीवन को मंगलमय एवं कृतार्थ बना सकते हैं।
समिति द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।
पुल निर्माण हस्ताक्षर अभियान में 5500 लोग शामिल

*बिसुही पुल निर्माण को लेकर छ: दिन से चल रहा अभियान

गोंडा।जिले में 144 साल पुराने बिसुही पुल निर्माण की मांग को लेकर पिछले छ: दिनों से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।गोंडा बलरामपुर मार्ग पर स्थित इस जर्जर पुल के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर यह अभियान चला रहा है,जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर पुल निर्माण का समर्थन कर रहे हैं।इस अभियान में अब तक 5500 लोगों ने हस्ताक्षर कर पुल के शीघ्र निर्माण की मांग का समर्थन कर रहे हैं।लोगों ने मांग किया है कि यहाँ जल्द से जल्द एक नया पुल बनाया जाए तथा साथ ही, गोंडा से बलरामपुर तक फोरलेन सड़क के बीच छोड़े गए हिस्से को भी फोरलेन किया जाए,ताकि आवागमन सुगम हो सके।इस पुल के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है।छह दिनों से चल रहे इस हस्ताक्षर अभियान और विरोध प्रदर्शन के बावजूद लोक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर लोगों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा है।इससे स्थानीय लोगों और राष्ट्रीय छात्र पंचायत के सदस्यों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।जिसके बाद उन्होंने अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दिया है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पाण्डेय ने कहा कि यदि अतिशीघ्र कोई कार्यवाही नहीं हुई तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे,जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की होगी।पुल के निर्माण में देरी होने से प्रतिदिन बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तथा आपातकालीन स्थिति में यहाँ जाम की स्थिति बनी रहती है जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतें होती है।वहीं क्षेत्रीय भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अतिशीघ्र इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपनी मांग रखने का अधिकार है।
बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

आज भारत बंद: जानें, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने क्यों बुलाई हड़ताल

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संयुक्त किसान मोर्चा समेत देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने बुलाई हड़ताल

यह हड़ताल 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाई है, जिसमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU शामिल हैं। हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), कृषि श्रमिक संघों, छात्रों, युवा संघों और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान समूहों ने एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और कृषि को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल

इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। इस प्रकार, हड़ताल के बीच, बैंकिंग कार्यों पर अनिश्चितता छाई हुई है, और शहरों भर के ग्राहक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई बैंक यूनियन हड़ताल के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

भारत बंद क्यों बुलाया गया?

भारत बंद उन नीतियों के विरोध में बुलाया गया है जिन्हें श्रमिक संघ "श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और निगम समर्थक" नीतियां बताते हैं। इनमें चार श्रम संहिताएं, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, वीबी-जी रैम जी अधिनियम 2025 और हालिया मुक्त व्यापार समझौते जैसे विशिष्ट मुद्दे शामिल हैं।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

1. परिवहन सेवाएं

कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक व निजी परिवहन प्रभावित हो सकता है। बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था में बाधा आने की संभावना है।

2. बैंकिंग सेवाएं

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं। चेक क्लीयरेंस में देरी की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बैंक बंद नहीं होंगे और ऑनलाइन लेन-देन व एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी।

3. बाजार और व्यापार

कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है, जिससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।

4. सरकारी कार्यालय

ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना, जिससे सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है।

5. स्कूल और कॉलेज

सुरक्षा और परिवहन समस्याओं को देखते हुए, कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है।

जो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी

• एंबुलेंस, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाएं

• दमकल विभाग

• हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन

• डिजिटल बैंकिंग और एटीएम

गया शहर के बड़की डेल्हा धनिया बगीचा में नाला निर्माण अटका, 40 घरों के अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी

गया: गया शहर के बड़की डेल्हा स्थित धनिया बगीचा मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य अतिक्रमण के कारण प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 40 घरों के सामने किए गए अतिक्रमण की वजह से नाला निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है और मोहल्ले के निवासियों को रोजाना आने-जाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि इस इलाके में लंबे समय से जलजमाव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। नाला निर्माण की योजना शुरू होने से लोगों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य बाधित हो गया। संकरी गली और रास्ते पर किए गए अवैध कब्जे के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने और मशीन लगाने में दिक्कत आ रही है। मोहल्ले के लोगों ने इस समस्या को लेकर नगर प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के बाद नगर प्रखंड के सीओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासी संजीत कुमार, ध्रुव कुमार, पुष्पा देवी और विजय कुमार वर्मा सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाकर नाला का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए और रास्ते को सुगम बनाया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। लोगों ने बताया कि गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है और वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

निरीक्षण के बाद सीओ ने कहा कि मोहल्ले के लोगों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर वे जांच के लिए पहुंचे हैं। नक्शे के अनुसार जिस भी मकान का हिस्सा अतिक्रमण में पाया जाएगा, उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अतिक्रमण हटाकर नाला निर्माण कार्य को पूर्ण रूप से कराया जाएगा, ताकि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

गया में होटल एसएस पैलेस का भव्य शुभारंभ, पूर्व विधायक विनय यादव ने किया उद्घाटन

गया शहर के मगध मेडिकल रोड स्थित घुटिया में बुधवार को होटल एसएस पैलेस का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर गुरुआ के पूर्व विधायक विनय यादव ने फीता काटकर होटल का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता विश्वनाथ प्रसाद यादव, मनोज कुमार, हरदेव यादव समेत कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

उद्घाटन के मौके पर पूर्व विधायक विनय यादव ने होटल प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गया एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटलों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि होटल एसएस पैलेस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर आतिथ्य सेवा प्रदान करेगा।

होटल के मालिक सुनील कुमार ने बताया कि होटल एसएस पैलेस सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां आरामदायक और सुसज्जित कमरे, स्वच्छ वातावरण, बेहतर खान-पान की व्यवस्था और सुरक्षा की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की सुविधा और संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए होटल की सेवाएं तैयार की गई हैं। साथ ही, पारिवारिक कार्यक्रमों, बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की सराहना की। स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई कि इस होटल के शुरू होने से क्षेत्र की पहचान और भी मजबूत होगी। उद्घाटन समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
रांची नगरपालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का डीडीसी ने किया निरीक्षण, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

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रांची (11 फरवरी 2026): आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, आज उपविकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मोरहाबादी स्थित डिस्पैच सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया।

22 फरवरी को रवानगी: निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी केंद्र से ही सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी तैयारियां समय पर और बिना किसी त्रुटि के पूरी कर ली जाएं।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर: डीडीसी ने डिस्पैच के दिन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:

निर्वाचन सामग्री किट का सही संकलन।

सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट चार्ट के अनुसार वाहनों की व्यवस्था।

मतदान कर्मियों के लिए मेडिकल सहायता, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।

किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की स्थापना।

पारदर्शिता और समन्वय की अपील: श्री भुवनिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। इस दौरान पोलिंग कर्मियों के रैंडमाइजेशन और उनके प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।

ट्रस्ट की जमीन पर फर्जी बैनामा मामले में 22 लोगों पर मुकदमा दर्ज
*बलरामपुर स्टेट का फर्जी बैनामा और कब्जा करने का आरोप

गोंडा।जिले में बलरामपुर स्टेट के महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह के धर्म कार्यनिधि ट्रस्ट की रजिस्टर्ड जमीन के फर्जी बैनामे और उस पर जबरन जेसीबी से कब्जा करने का मामला सामने आया है।महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद सिंह के मुख्तार विकास सिंह ने गोंडा नगर कोतवाली में अधिवक्ता सहज राम वर्मा सहित 22 नामजद लोगों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया गया है,यह मुकदमा न्यायालय के आदेश पर दर्ज किया गया है।जिसकी जांच उपनिरीक्षक पिंटू कुमार यादव को सौंपी गई है।बलरामपुर स्टेट के मुख्तार विकास सिंह ने अपनी शिकायत में जनार्दन,अनिल कुमार मिश्रा,सोनू,जगदंबा प्रसाद,सूरत नारायण मिश्रा, नीलम,शिव कुमार चौबे, अनिरुद्ध कुमार,पवन कुमार, अधिवक्ता सहज राम वर्मा,सुरेश कुमार गुप्ता, सोनेलाल,शुभम चतुर्वेदी, अकरम,बलराज्ञ तिवारी,सुरेंद्र नाथ चौबे उर्फ़ सुधीर, मस्तराम,हरिहर प्रसाद,ललित कुमार श्रीवास्तव,गीत,श्रीमती संतोष और राजेंद्र प्रसाद पर गलत तरीके से बैनामा करवाकर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने का आरोप लगाया है।बताते चलें कि यह मामला गाटा संख्या 375 से संबंधित है,जो महाराजा पाटेश्वरी प्रसाद धर्म कार्यनिधि ट्रस्ट के नाम पर दर्ज है।इस ट्रस्ट के मूल ट्रस्टी महराज अजीत प्रताप सिंह (प्रतापगढ़ ),सूरत नाथ मिश्रा,महराज दिनेश सिंह (कालाकांकर),सुरेन्द्र नाथ घोष और जगदीश कन्हैया लाल मुंशी थे,इन ट्रस्टियों का निधन वर्ष 1995 से पहले हो गया था।इसके बाद 17 दिसंबर 1995 को ट्रस्ट की बैठक में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई थी।जमीन के देखभाल की जिम्मेदारी विश्वा गणेश के शिव कुमार तिवारी,सुरजीत चौबे और संजय पाण्डेय को दिया गया था।शिकायत के अनुसार,28 दिसंबर 2025 को सभी आरोपी एक राय होकर हथियार लेकर जमीन पर कब्जा करने और नींव खोदने के लिए पहुंचे।जिसकी सूचना बलरामपुर स्टेट को दिया गया और प्रार्थना पत्र भी दिया गया,लेकिन कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ,जिसके फलस्वरूप न्यायालय का सहारा लेना पड़ा।विकास सिंह ने यह भी बताया कि इन लोगों ने कूठ रचना करके धर्म कार्य निधि ट्रस्ट की जमीन हड़पने के उद्देश्य से जालि व फर्जी मृतक ट्रस्ट के स्थान पर व्यक्तियों को खड़ा करके कई तिथियों में जालसाजी किया है।अवैध रूप से कब्जा करने के लिए लगातार यह लोग प्रयासरत हैं।जब हम लोगों ने विस्तार से जांच किया तो अवैध रूप से फर्जी बैनामे की जानकारी हुई और नकल प्राप्त करने के बाद हम लोगों ने अब मुकदमा करवाया है।हमारी जमीन गोंडा से उतरौला जाने वाले मार्ग पर पडती है और बैसकीमती जमीन पर इन लोगों की हड़पने को लेकर नजर है।
राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता होगी खत्म? निशिकांत दुबे ने निलंबित करने का दिया नोटिस

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बुधवार को लोकसभा में कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के भाषण ने सियासत को और गर्मा दिया। उन्होंने राजनीति को मार्शल आर्ट से जोड़ते हुए कहा कि जैसे खेल में 'ग्रिप' और 'चोक' होती है, वैसे ही राजनीति में भी कई अदृश्य तकनीकें काम करती हैं- बस वे दिखाई नहीं देतीं। अब अब भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के खिलाफ एक प्रस्‍ताव लाने का नोटिस दिया है।

आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग

भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने गुरुवार 12 फरवरी को कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ ‘सब्सटेंटिव मोशन’ लाने का नोटिस दिया और उनकी संसद सदस्यता रद्द करने के साथ ही आजीवन चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग की है।

नोटिस में सोरोस फाउंडेशन जिक्र

संसद परिसर में भाजपा सांसद ने कहा कि उन्होंने अपने नोटिस में राहुल गांधी के विदेशी दौरों और कथित रूप से सोरोस फाउंडेशन, यूएसएआईडी और फोर्ड फाउंडेशन जैसी संस्थाओं से जुड़े लोगों के साथ संपर्क का उल्लेख किया है। दुबे ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी थाईलैंड, वियतनाम और कंबोडिया जैसे देशों की यात्राओं के दौरान ‘भारत विरोधी तत्वों’ के साथ मिलीभगत करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह कोई विशेषाधिकार प्रस्ताव नहीं, बल्कि एक स्वतंत्र और आत्मनिर्भर प्रस्ताव यानी सब्सटेंटिव मोशन है, जिसका उद्देश्य सदन के समक्ष निर्णय या राय व्यक्त करना होता ।

पहले जा चुकी है राहुल गांधी की सदस्यता

साल 2023 में राहुल गांधी के 2019 में लोकसभा चुनाव के दौरान कर्नाटक के कोलार में दिए गए भाषण को लेकर सूरत की एक अदालत ने राहुल गांधी को दो साल की सज़ा सुनाई। इसके तुरंत बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद कर दी गई थी। हालांकि बाद राहुल गांधी की सदस्यता बहाल हो गई थी।

क्या राहुल गांधी का बयान

बुधवार को लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते में सरकार ने देश के हितों से समझौता किया है। उन्होंने कहा कि सरकार खुद मानती है कि दुनिया इस समय अस्थिर दौर से गुजर रही है, जहां ऊर्जा और वित्त को हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके बावजूद, उनके मुताबिक, भारत ने अपनी ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े अहम फैसलों में अमेरिका को ज्यादा प्रभाव दिया है। उन्होंने मार्शल आर्ट का उदाहरण देते हुए कहा कि पहले पकड़ बनाई जाती है, फिर गला दबाया जाता है और अंत में सामने वाला हार मान लेता है।

दर्शन को 27 घंटे खुला रहेगा मंदिर
*15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ संयोग बन रहा है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर 15 फरवरी रविवार को अत्यंत दुर्लभ एवं शुभ संयोग बन रहा है। करीब नौ साल बाद के बाद सूर्य, चंद्र,बुध, शुक्र एवं राहु के विशेष संयोग से सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत योग, लक्ष्मी नारायण योग, बुधादित्य योग,शुक्रादित्य योग तथा शश नामक महापुरुष राजयोग का निर्माण हो रहा है। यह संयोग भगवान शिव की आराधना के लिए अत्यंत फलदायी एवं कल्याणकारी माना गया है। इस शुभ अवसर पर नगर के प्रमुख धार्मिक स्थल बाबा बड़े शिव धाम में विशेष पूजन एवं आरती का आयोजन किया गया है। यह जानकारी बाबा बड़े शिव धाम सेवा समिति सचिव राम कृष्ण खट्टू ने दी। बताया कि मंदिर के कपाट 15 फरवरी को मंगल आरती से 16 फरवरी सुबह सात बजे तक लागातार 27 घंटे श्रद्धालुओं के दर्शानार्थ खुले रहेंगे। मंगल आरती सुबह तीन से चार बजे तक होगा। भोग आरती दोपहर सवा 11 बजे से लेकर 12 बजकर 20 मिनट तक है। सप्तऋषि आरती शाम सात से सवा आठ बजे तक,रात्रि के चार पहर की विशेष आरती प्रथम पहर
प्रथम पहर – सायं 6:11 से 9:23 बजे तक
द्वितीय पहर – रात्रि 9:30 से 12:35 बजे तक
तृतीय पहर – रात्रि 12:35 से 3:45 बजे तक
चतुर्थ पहर – प्रातः 3:45 से 6:59 बजे तक (16 फरवरी, सोमवार)
अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:09 से 12:58 बजे तक।
इस दुर्लभ एवं पावन अवसर पर श्रद्धालुजन भगवान आशुतोष, देवों के देव महादेव बाबा बड़े शिव महाराज का दर्शन-पूजन कर अपने जीवन को मंगलमय एवं कृतार्थ बना सकते हैं।
समिति द्वारा समस्त श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करने का विनम्र अनुरोध किया गया है।
पुल निर्माण हस्ताक्षर अभियान में 5500 लोग शामिल

*बिसुही पुल निर्माण को लेकर छ: दिन से चल रहा अभियान

गोंडा।जिले में 144 साल पुराने बिसुही पुल निर्माण की मांग को लेकर पिछले छ: दिनों से हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।गोंडा बलरामपुर मार्ग पर स्थित इस जर्जर पुल के कारण स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर यह अभियान चला रहा है,जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल होकर पुल निर्माण का समर्थन कर रहे हैं।इस अभियान में अब तक 5500 लोगों ने हस्ताक्षर कर पुल के शीघ्र निर्माण की मांग का समर्थन कर रहे हैं।लोगों ने मांग किया है कि यहाँ जल्द से जल्द एक नया पुल बनाया जाए तथा साथ ही, गोंडा से बलरामपुर तक फोरलेन सड़क के बीच छोड़े गए हिस्से को भी फोरलेन किया जाए,ताकि आवागमन सुगम हो सके।इस पुल के निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है।छह दिनों से चल रहे इस हस्ताक्षर अभियान और विरोध प्रदर्शन के बावजूद लोक निर्माण विभाग का कोई भी अधिकारी मौके पर लोगों को आश्वासन देने नहीं पहुंचा है।इससे स्थानीय लोगों और राष्ट्रीय छात्र पंचायत के सदस्यों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।जिसके बाद उन्होंने अब बड़े आंदोलन की चेतावनी दिया है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पाण्डेय ने कहा कि यदि अतिशीघ्र कोई कार्यवाही नहीं हुई तो वे इससे भी बड़ा आंदोलन करेंगे,जिसकी जिम्मेदारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिला प्रशासन की होगी।पुल के निर्माण में देरी होने से प्रतिदिन बच्चों को आने जाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है तथा आपातकालीन स्थिति में यहाँ जाम की स्थिति बनी रहती है जिसके कारण लोगों को काफी दिक्कतें होती है।वहीं क्षेत्रीय भाजपा विधायक विनय कुमार द्विवेदी ने बताया कि पुल निर्माण का प्रस्ताव शासन को भेजा जा चुका है और अतिशीघ्र इसका निर्माण कार्य प्रारम्भ किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को अपनी मांग रखने का अधिकार है।
बांग्लादेश में नई सरकार की गठन के लिए डाले जा रहे वोट, सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

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बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव को लेकर वोटिंग जारी है। भारतीय समयानुसार सुबह 7 बजे से वोटिंग जारी है। यह चुनाव 2024 के उस हिंसक आंदोलन के बाद हो रहे हैं, जिसके कारण 15 साल से शासन कर रही तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद से हटना पड़ा था।शेख हसीना की सरकार गिरने के 18 महीने बाद यह चुनाव हो रहा है।

12.77 करोड़ वोटर्स करेंगे फैसला

ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। राजधानी ढाका में ज्यादातर मतदान केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से मतदान जारी है। वोटिंग को लेकर मिला-जुला नजारा दिखाई दे रहा है, कुछ जगहों पर सुबह से वोटिंग के लिए लंबी-लंबी कतारें नजर आ रही हैं, वहीं कई जगहों पर उम्मीद के मुताबिक मतदान कम होता नजर आ रहा है, जहां पोलिंग बूथ खाली दिखाई दे रहे हैं।

सुबह 11 बजे तक 14.96% मतदान

बांग्‍लादेश के चुनाव आयोग ने कहा है कि सुबह 11 बजे तक देश में 14.96% फीसदी मतदान हुआ है। ये वोट 32000 पोलिंग सेंटर पर डाले जा रहे हैं। जमात-ए-इस्‍लामी ने कहा है कि चुनाव का माहौल शांत है लेकिन कुछ जगहों पर संघर्ष की खबरें हैं। पार्टी ने आरोप लगाया कि कुछ बूथ एजेंटों पर 'आतंकियों' ने हमला किया। उन्‍होंने प्रशासन से ऐक्‍शन की मांग की है।

तारिक रहमान के पीएम बनने की संभावना

बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (बीएनपी) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बीएनपी 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटिजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।

शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?

आज भारत बंद: जानें, किसान संगठनों और ट्रेड यूनियनों ने क्यों बुलाई हड़ताल

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संयुक्त किसान मोर्चा समेत देश की 10 प्रमुख केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भारत–अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते, केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और नए श्रम कानूनों के विरोध में 12 फरवरी को भारत बंद का आह्वान किया है।

10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों ने बुलाई हड़ताल

यह हड़ताल 10 सेंट्रल ट्रेड यूनियनों के जॉइंट प्लेटफॉर्म ने बुलाई है, जिसमें AITUC, INTUC, CITU, HMS, TUCC, SEWA, AIUTUC, AICCTU शामिल हैं। हड़ताल को संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम), कृषि श्रमिक संघों, छात्रों, युवा संघों और अन्य संगठनों का समर्थन प्राप्त है। किसान समूहों ने एमजीएनआरईजीए को बहाल करने और कृषि को प्रभावित करने वाली नीतियों का विरोध करने की आवश्यकता पर जोर दिया है।

हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल

इस हड़ताल में बैंकिंग यूनियनें भी शामिल हैं। इस प्रकार, हड़ताल के बीच, बैंकिंग कार्यों पर अनिश्चितता छाई हुई है, और शहरों भर के ग्राहक इस बात को लेकर अनिश्चित हैं कि शाखाएं सामान्य रूप से काम करेंगी या उन्हें व्यवधानों का सामना करना पड़ेगा क्योंकि कई बैंक यूनियन हड़ताल के आह्वान का समर्थन कर रहे हैं।

भारत बंद क्यों बुलाया गया?

भारत बंद उन नीतियों के विरोध में बुलाया गया है जिन्हें श्रमिक संघ "श्रमिक विरोधी, किसान विरोधी और निगम समर्थक" नीतियां बताते हैं। इनमें चार श्रम संहिताएं, बिजली विधेयक 2025, बीज विधेयक 2025, वीबी-जी रैम जी अधिनियम 2025 और हालिया मुक्त व्यापार समझौते जैसे विशिष्ट मुद्दे शामिल हैं।

किन सेवाओं पर पड़ेगा असर?

1. परिवहन सेवाएं

कई राज्यों में बस, ऑटो और लॉरी ड्राइवर्स यूनियनों के समर्थन के कारण सार्वजनिक व निजी परिवहन प्रभावित हो सकता है। बड़े शहरों में यातायात व्यवस्था में बाधा आने की संभावना है।

2. बैंकिंग सेवाएं

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में काउंटर सेवाएं धीमी रह सकती हैं। चेक क्लीयरेंस में देरी की आशंका बनी हुई है। हालांकि, बैंक बंद नहीं होंगे और ऑनलाइन लेन-देन व एटीएम सेवाएं सामान्य रहेंगी।

3. बाजार और व्यापार

कई व्यापारिक संगठनों और मंडियों ने हड़ताल को नैतिक समर्थन दिया है, जिससे बड़े शहरों में थोक और खुदरा बाजार आंशिक या पूर्ण रूप से बंद रह सकते हैं।

4. सरकारी कार्यालय

ट्रेड यूनियनों के अधिक प्रभाव वाले विभागों में कर्मचारियों की उपस्थिति कम रहने की संभावना, जिससे सरकारी कामकाज धीमा हो सकता है।

5. स्कूल और कॉलेज

सुरक्षा और परिवहन समस्याओं को देखते हुए, कुछ राज्यों में जिला प्रशासन स्कूल-कॉलेजों की छुट्टी घोषित कर सकता है।

जो सेवाएं सामान्य रूप से जारी रहेंगी

• एंबुलेंस, अस्पताल और अन्य आपातकालीन सेवाएं

• दमकल विभाग

• हवाई यात्रा और एयरपोर्ट संचालन

• डिजिटल बैंकिंग और एटीएम

गया शहर के बड़की डेल्हा धनिया बगीचा में नाला निर्माण अटका, 40 घरों के अतिक्रमण से बढ़ी परेशानी

गया: गया शहर के बड़की डेल्हा स्थित धनिया बगीचा मोहल्ले में नाला निर्माण कार्य अतिक्रमण के कारण प्रभावित हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब 40 घरों के सामने किए गए अतिक्रमण की वजह से नाला निर्माण का काम आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इससे जल निकासी की समस्या गंभीर बनी हुई है और मोहल्ले के निवासियों को रोजाना आने-जाने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बताया जाता है कि इस इलाके में लंबे समय से जलजमाव और गंदगी की समस्या बनी हुई है। बारिश के दिनों में स्थिति और भी बदतर हो जाती है। नाला निर्माण की योजना शुरू होने से लोगों में राहत की उम्मीद जगी थी, लेकिन अतिक्रमण के कारण निर्माण कार्य बाधित हो गया। संकरी गली और रास्ते पर किए गए अवैध कब्जे के कारण निर्माण सामग्री पहुंचाने और मशीन लगाने में दिक्कत आ रही है। मोहल्ले के लोगों ने इस समस्या को लेकर नगर प्रखंड कार्यालय में लिखित आवेदन दिया था। आवेदन के बाद नगर प्रखंड के सीओ ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान स्थानीय निवासी संजीत कुमार, ध्रुव कुमार, पुष्पा देवी और विजय कुमार वर्मा सहित अन्य लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाकर नाला का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए और रास्ते को सुगम बनाया जाए, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। लोगों ने बताया कि गंदा पानी सड़क पर बहता रहता है और वे नारकीय जीवन जीने को मजबूर हैं।

निरीक्षण के बाद सीओ ने कहा कि मोहल्ले के लोगों द्वारा दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर वे जांच के लिए पहुंचे हैं। नक्शे के अनुसार जिस भी मकान का हिस्सा अतिक्रमण में पाया जाएगा, उसे नियमानुसार हटाया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अतिक्रमण हटाकर नाला निर्माण कार्य को पूर्ण रूप से कराया जाएगा, ताकि जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके।

गया में होटल एसएस पैलेस का भव्य शुभारंभ, पूर्व विधायक विनय यादव ने किया उद्घाटन

गया शहर के मगध मेडिकल रोड स्थित घुटिया में बुधवार को होटल एसएस पैलेस का विधिवत उद्घाटन किया गया। इस अवसर पर गुरुआ के पूर्व विधायक विनय यादव ने फीता काटकर होटल का शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के वरिष्ठ नेता विश्वनाथ प्रसाद यादव, मनोज कुमार, हरदेव यादव समेत कई गणमान्य लोग और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

उद्घाटन के मौके पर पूर्व विधायक विनय यादव ने होटल प्रबंधन को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गया एक महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन स्थल है, जहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक आते हैं। ऐसे में आधुनिक सुविधाओं से युक्त होटलों की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि होटल एसएस पैलेस क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने के साथ-साथ बेहतर आतिथ्य सेवा प्रदान करेगा।

होटल के मालिक सुनील कुमार ने बताया कि होटल एसएस पैलेस सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस है। यहां आरामदायक और सुसज्जित कमरे, स्वच्छ वातावरण, बेहतर खान-पान की व्यवस्था और सुरक्षा की समुचित सुविधा उपलब्ध कराई गई है। उन्होंने कहा कि ग्राहकों की सुविधा और संतुष्टि को प्राथमिकता देते हुए होटल की सेवाएं तैयार की गई हैं। साथ ही, पारिवारिक कार्यक्रमों, बैठकों और अन्य आयोजनों के लिए भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अतिथियों ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और व्यवस्थाओं की सराहना की। स्थानीय लोगों ने भी उम्मीद जताई कि इस होटल के शुरू होने से क्षेत्र की पहचान और भी मजबूत होगी। उद्घाटन समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।

आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
रांची नगरपालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का डीडीसी ने किया निरीक्षण, तैयारियों को दिया अंतिम रूप

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रांची (11 फरवरी 2026): आगामी नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए रांची जिला प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री के निर्देशानुसार, आज उपविकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया ने मोरहाबादी स्थित डिस्पैच सेंटर का विस्तृत निरीक्षण किया।

22 फरवरी को रवानगी: निरीक्षण के दौरान डीडीसी ने बताया कि आगामी 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी केंद्र से ही सभी पोलिंग पार्टियों को उनके निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। उन्होंने उपनिर्वाचन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के गाइडलाइंस के अनुसार सभी तैयारियां समय पर और बिना किसी त्रुटि के पूरी कर ली जाएं।

इन सुविधाओं पर रहेगा विशेष जोर: डीडीसी ने डिस्पैच के दिन भीड़-भाड़ को नियंत्रित करने के लिए चरणबद्ध व्यवस्था बनाने का निर्देश दिया। मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान देने को कहा गया:

निर्वाचन सामग्री किट का सही संकलन।

सुरक्षा बलों की तैनाती और रूट चार्ट के अनुसार वाहनों की व्यवस्था।

मतदान कर्मियों के लिए मेडिकल सहायता, पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं।

किसी भी आपात स्थिति के लिए कंट्रोल रूम और हेल्प डेस्क की स्थापना।

पारदर्शिता और समन्वय की अपील: श्री भुवनिया ने सभी संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश दिया ताकि पूरी निर्वाचन प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित बनी रहे। इस दौरान पोलिंग कर्मियों के रैंडमाइजेशन और उनके प्रशिक्षण से जुड़े पहलुओं की भी समीक्षा की गई।