‘बलिदान दिवस’ पर जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, प्रतिभागी को दिए पुरस्कार
फर्रुखाबाद l ‘बलिदान दिवस’ के पावन पर माय भारत  द्वारा जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इन प्रतियोगिता में कुल 6 खेल आयोजित किए गए, जिनमें बालकों हेतु वॉलीबॉल, 400 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद तथा बालिकाओं हेतु खो-खो, 200 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद प्रतियोगिताएं हुई । इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानियों शहीद भगत सिंह, शिवराम राजगुरु एवं सुखदेव थापर को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा युवाओं को अनुशासन एवं टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 200 मीटर दौड़ को हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रतियोगिताओं के विजेता
वॉलीबॉल (बालक वर्ग):
प्रथम – मुरहास कन्हैया टीम (कप्तान – नवनीत राजपूत)
द्वितीय – लवली बडी 1 टीम (कप्तान – योगेश त्रिवेदी)
खो-खो (बालिका वर्ग):
प्रथम – टीम राजेपुर (कप्तान – सुहानी राठौर)
द्वितीय – टीम कमालगंज (कप्तान – अनन्या)
400 मीटर दौड़ (बालक वर्ग):
प्रथम – आर्यन राजपूत
द्वितीय – दीपक सिंह
तृतीय – मुदित राजपूत
200 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग):
प्रथम – प्रकृति वर्मा
द्वितीय – रागिनी
तृतीय – नैंसी मिश्रा
लंबी कूद (बालिका वर्ग):
प्रथम – निशा
द्वितीय – दुर्गा
तृतीय – सुहानी
लंबी कूद (बालक वर्ग):
प्रथम – आर्यन
द्वितीय – मुदित राजपूत
तृतीय – दीपक सिंह
सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि मोनिका यादव एवं  जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा प्रमाण पत्र, मेडल, ट्रॉफी एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा मोनिका यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ‘बलिदान दिवस हमें हमारे वीर शहीदों के त्याग और समर्पण की याद दिलाता है। युवाओं को चाहिए कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि अनुशासन, नेतृत्व एवं टीम भावना का भी विकास करता है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में अधिवक्ता शशांक शेखर मिश्रा, सभासद तथा नमामि गंगे की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल भी उपस्थित रहीं।

सभासद शशांक शेखर मिश्रा ने युवाओं को संबोधित करते हुए बलिदान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि ‘यह दिवस हमें देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस और देशभक्ति की याद दिलाता है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही खेलों के माध्यम से स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना चाहिए, जिससे वे देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकें।

कार्यक्रम का आयोजन शिखर रस्तोगी जिला युवा अधिकारी माय भारत के नेतृत्व में किया गया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में माय भारत टीम (राहुल बाबू वर्मा, रचना, लक्ष्मीनारायण पाण्डेय, अजीत कुमार, आकाश सोमवंशी, विकास, सुलोचना, सूरज, मयंक, शुभम मिश्रा, प्रेम शंकर श्रीवास्तव एवं खेल प्रशिक्षकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी द्वारा किया गया । अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
डैनोन इंडिया ने 20,911 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की प्रतिज्ञा के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बनाया नया कीर्तिमान*
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एनीमिया से लड़ने और कमजोर आबादी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए डैनोन ने चिकित्सा समुदाय को किया एकजुट पटना, 23 मार्च 2026: डैनोन इंडिया ने आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के खिलाफ सबसे अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की प्रतिज्ञा हासिल करने के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसके लिए पूरे भारत से कुल 20,911 प्रतिज्ञाएं मिलीं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि जागरूकता बढ़ाने, समय पर पहचान को प्रोत्साहित करने और आयरन की कमी व एनीमिया से निपटने के लिए प्रभावी पोषण संबंधी हस्तक्षेपों को बढ़ावा देने के डैनोन के सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है। यह पहल सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर जोर देती है। इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, डैनोन इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर, सुश्री प्रियंका वर्मा ने कहा, हमें इस प्रभावशाली पहल के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता मिलने पर गर्व है। 20,911 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से प्रतिज्ञा प्राप्त करना एनीमिया से लड़ने के लिए चिकित्सा समुदाय के भीतर साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, एक ऐसी स्थिति जो लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। यह निरंतर और समुदाय-आधारित दृष्टिकोण अनगिनत भारतीयों के स्वास्थ्य परिणामों को बदल देगा। यह सामूहिक कार्रवाई की शक्ति को दर्शाता है, जहां हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, समुदाय और संस्थान सार्थक बदलाव लाने के लिए एक साथ आते हैं। हमें इस आंदोलन का समर्थन करने पर गर्व है, जो न केवल देश की पोषण नींव को मजबूत करता है बल्कि भारत को साक्ष्य-आधारित और समावेशी सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करता है। नवंबर 2025 में, डैनोन इंडिया ने देशभर में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की पहचान और रोकथाम में तेजी लाने के लिए आयरन अप! नामक एक राष्ट्रव्यापी पहल शुरू की थी। इस पहल के तहत, डैनोन ने आईडीए प्लेज कैंपेन (आईडीए प्रतिज्ञा अभियान) शुरू किया, जिसमें भारत भर के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से जागरूकता बढ़ाने, समय पर निदान में सुधार करने और निवारक पोषण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होने का आह्वान किया गया। इस सामूहिक प्रयास का उद्देश्य चिकित्सा समुदाय के भीतर एक मजबूत और एकजुट आंदोलन खड़ा करना है, ताकि परिवारों को हर दिन आयरन की कमी को समझने और उस पर कार्रवाई करने में मदद मिल सके। आयरन अप अभियान के तहत देश भर के बाल रोग विशेषज्ञों, सामान्य चिकित्सकों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को शैक्षिक पहुंच और जमीनी स्तर की गतिविधियों के माध्यम से जोड़ा गया। चिकित्सा समुदाय को लामबंद करके, डैनोन इंडिया का लक्ष्य आयरन की कमी पर जागरूकता बढ़ाने और विशेष रूप से कमजोर आबादी के बीच जीवन की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों में तेजी लाना है। अपने विज्ञान-आधारित पोषण दृष्टिकोण के अंतर्गत, डैनोन इंडिया ने आयरनबायोटिक्स जैसे समाधानों को आगे बढ़ाना जारी रखा है, जिन्हें आवश्यक पोषक तत्वों के साथ आयरन के अवशोषण और पेट के स्वास्थ्य के समर्थन के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह बड़े पैमाने पर आयरन की कमी और एनीमिया को दूर करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। आयरन अप पहल के साथ-साथ, डैनोन इंडिया ने बिहार में स्वस्थ माता स्वस्थ बालक नामक एक साल भर चलने वाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसे माताओं के पोषण में सुधार, जागरूकता बढ़ाने और माताओं व उनके बच्चों दोनों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं और शिशुओं में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से निपटने के डैनोन के केंद्रित प्रयासों का हिस्सा है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की यह मान्यता कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के डैनोन इंडिया के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी एक स्वस्थ भविष्य बनाने के लिए हेल्थकेयर हितधारकों, नीति निर्माताओं और समुदायों के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी, कहा-सरकार के पास ऊर्जा के पर्याप्त भंडार

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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भारत की स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।लोकसभा में प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुचारू बनी रहेगी। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जनता को इन जरूरी ईंधनों की कोई कमी न हो।

पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही विपरित असर-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने और हरदीप पुरी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।

भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

गैस सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी-पीएम मोदी

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है, लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरे देश में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। गैस की सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की ऊर्जा आयात की विविधता काफी बढ़ी है। पहले भारत सिर्फ 27 देशों से कच्चा तेल आयात करता था, आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों हो गई है। सरकार अलग-अलग सप्लायर्स के साथ निरंतर संपर्क में है और जहां से भी संभव हो, वहां से तेल, गैस और फर्टिलाइजर का आयात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) 53 लाख टन से अधिक है और इसे बढ़ाकर 65 लाख टन करने का काम तेजी से चल रहा है। तेल कंपनियों के अपने रिजर्व अलग से हैं. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे

पीएम मोदी ने बताया कि भारत के करीब 1 करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। वहां समुद्री जहाजों पर बहुत से भारतीय काम करते हैं। जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारतीय लोगों को मदद दी जा रही है। मैंने भी दो राष्ट्राध्यक्षों से इसके बारे में बात की है। दुर्भाग्य से इस युद्ध की वजह से कुछ लोगों की मौत है और कुछ लोग घायल हैं। विदेशों में हमारे जितने भी मिशन हैं। वह हमारे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। विदेश में फंसें हमारे लोगों की मदद के लिए भारत में 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की गई है। अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से 1000 से अधिक छात्र लौटे हैं। इसमें से अधिकतक मेडिकल के छात्र हैं।

इंदौर का ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट बना मिसाल: मीडिया दल ने देखा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल

इंदौर/रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित मीडिया प्रवास के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय पत्रकार दल ने इंदौर स्थित ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट का दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक बायो-मेथेनेशन संयंत्र की कार्यप्रणाली को समझना और ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना था।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित यह संयंत्र 15 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह प्लांट प्रतिदिन 500 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण करता है, जिससे शहरी कचरा प्रबंधन का एक टिकाऊ समाधान सामने आया है।

तकनीकी रूप से उन्नत इस संयंत्र में रोजाना लगभग 17,000 किलोग्राम बायो-सीएनजी और 100 टन उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद का उत्पादन होता है। साथ ही, गैस उत्पादन के जरिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा रही है। खास बात यह है कि इंदौर की सिटी बसें इसी प्लांट से तैयार बायो-सीएनजी पर संचालित हो रही हैं, जिससे स्वच्छ और किफायती ईंधन का उपयोग बढ़ा है।

भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने रिसेप्शन बंकर, प्री-ट्रीटमेंट यूनिट और हैमर मिल जैसी आधुनिक मशीनों को देखा और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को समझा। साथ ही, संयंत्र के अधिकारियों से चर्चा कर इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

यह दौरा केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को कचरा मुक्त बनाने और आधुनिक तकनीक के जरिए सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों को उजागर करता है।

फाफामऊ थाना क्षेत्र अतर्गत चादपुर गाँव में भरभराकर कोल्ड स्टोर ढहा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज में अमोनिया गैस रिसाव से सपा के पूर्व MLA का कोल्ड स्टोरेज ढहा, कई मजदूर दबे

प्रयागराज के चंदापुर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद भवन धराशायी हो गया, जिससे कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया है।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं, जबकि फाफामऊ समेत आसपास के थानों की फोर्स भी तैनात है। अब तक कई मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

धूमधाम से मनाया गया चक्रदूत प्रजापति समाज का होली मिलन समारोह
जौनपुर। नगर के हिन्दी भवन में चक्रदूत प्रजापति समाज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में फूल की होली खेली गई। राष्ट्रीय ताइक्वांडो 2025 स्वर्ण पदक विजेता विशाल प्रजापति आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि हमारी एकता ही हमारी ताकत है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी लालचन्द प्रजापति ने कहा कि प्रजापति समाज में प्रतिभा की कमी नहीं है। आने वाले कल में प्रजापति समाज देश की दशा और दिशा तय करेगा।  इसी क्रम में विशिष्ठ अतिथि जेसीआई अध्यक्ष अंजनी प्रजापति, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रजापति विकलेश कुमार एडवोकेट, आजमगढ़ सिविल कोर्ट के पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभान प्रजापति, रामसूरत प्रजापति, प्रजापति महासभा जौनपुर के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति एडवेाकेट, दक्ष आर्मी प्रमुख जनार्दन प्रजापति, चक्रदूत प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष बसंत प्रजापति (अनिल) सभासद ने समाज की एकता पर बल दिया।
सम्मानित किए जाने पर नोटरी अधिवक्ता अरुण कुमार प्रजापति, नायब नाजिर तहसील सदर सदानन्द प्रजापति एवं शिक्षक राजेंद्र प्रजापति ने समाज को शिक्षित होने पर जोर दिया। राष्ट्रीय ताइक्वांडो 2025 स्वर्ण पदक विजेता विशाल प्रजापति पर उपस्थित लोगों ने फूलों की बारिश करके सम्मानित किया। विशाल प्रजापति ने कहा कि देश के लिए समर्पित रहूंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट अधविक्ता समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष सुधाकर प्रजापति एवं संचालन डॉ. दिनेश कुमार प्रजापति ने किया। कार्यक्रम मंत्री पवन कुमार प्रजापति ने सफल कार्यक्रम के लिए सभी लोगों को बधाई देते हुए एकजुटता का संकल्प लिया। अंत में कार्यक्रम आयोजक संस्थापक महेन्द्र कुमार प्रजापति ने आए हुए सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रजापति शीर्षक सुधारक संत रामसुभीख प्रजापति का सपना धीरे धीरे पूरा हो रहा है। आने वाले समय में देश और प्रदेश की सरकार में प्रजापति समाज का अहम रोल रहेगा। इस अवसर पर चक्रदूत प्रजापति समाज के संरक्षक चंद्रशेखर प्रजापति, मुन्ना लाल प्रजापति, जिलाजीत प्रजापति, रामकिशुन प्रजापति, महासचिव अजय कुमार प्रजापति एडवोकेट, उपाध्यक्ष मोहन लाल प्रजापति, सुरेश चंद्र प्रजापति, संतोष प्रजापति शिकारपुर, ब्रह्मदेव प्रजापति, मुकेश प्रजापति, संगठन मंत्री संजय प्रजापति, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र प्रजापति राजू, प्रचार मंत्री संतोष प्रजापति वाजिदपुर, नगर महासचिव इंद्र कुमार प्रजापति मुन्ना, नगर उपाध्यक्ष साहेब लाल प्रजापति, राजदेव प्रजापति, भुलई राम प्रजापति, डॉ. योगेंद्र कुमार प्रजापति, प्रजापति महासभा के महासचिव राजबहादुर प्रजापति एडवोकेट, संयुक्त मंत्री अरविंद प्रजापति एडवोकेट, रामपलट प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, आर्यन प्रजापति एडवोकेट, शिवशंकर प्रजापति, तेज बहादुर प्रजापति, राजेश प्रजापति एडवोकेट, सावन प्रजापति, मोहित प्रजापति, कमलेश प्रजापति, पिंटू प्रजापति, रोहित प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, रामपलट प्रजापति, भुलईराम प्रजापति, समेत समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
गैस बुकिंग पर आया एक और अपडेट, कोटे से अधिक सिलिंडर के लिए देनी होगी ये जानकारी; क्या है नया नियम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच नया अपडेट आया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू की है। अब कोटे से अतिरिक्त सिलिंडर चाहिए होंगे तो प्रयोजन बताना होगा। घर में शादी है या भंडारा, परिवार के सदस्यों और आने वाले मेहमानों की भी जानकारी देनी होगी।

एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन उपभोक्ताओं ने सालाना कोटे के 12 सिलिंडर रिफिल करा लिए हैं, उन्हें नई बुकिंग के लिए हेलो बीपीसीएल एप पर जाकर सवालों के जवाब देने होंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या, आने वाले मेहमानों का विवरण, घर में शादी, भंडारा या कोई अन्य आयोजन है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। तभी सिलिंडर बुक होगा। 

रविवार से लागू इस नियम की जानकारी गैस एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं को भी नहीं थी। सुबह से ही मोबाइल फोन से बुकिंग की कोशिश कर रहे लोग असफल होने पर गैस एजेंसी पहुंचे। एजेंसी पर मौजूद स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। संचालक ने कंपनी के अधिकारियों को कॉल की तो इस नई प्रक्रिया की जानकारी मिली। 

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टि्रब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, एक वित्त वर्ष में उपभोक्ता 12 सिलिंडर ले सकते हैं। कई उपभोक्ताओं का कोटा पूरा हो चुका है।  

बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देशलिहाजा, बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देश के तहत अब उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। क्रमवार सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद ही बुकिंग होगी। 

उपभोक्ताओं को होगी परेशानीस्मार्टफोन के दौर में भी तमाम शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता कीपैड वाला फोन ही चलाते हैं। कई ऐसे हैं जो स्मार्टफोन खरीद नहीं सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोटे के अलावा गैस बुकिंग के लिए फोन खरीदना, एप डाउनलोड कर सवालों के जवाब देना भी कठिन होगा। ऐसी स्थिति में घर बैठे एलपीजी बुकिंग की सहूलियत का लाभ भी नहीं मिलेगा। उनको एजेंसी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

पूछे जाएंगे ये सवाल- परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं?- परिवार में मेहमान आए हैं।- शादी, भंडारा या अन्य कोई कार्यक्रम है।- अन्य घरेलू उपयोग के लिए। 

काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

‘बलिदान दिवस’ पर जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन, प्रतिभागी को दिए पुरस्कार
फर्रुखाबाद l ‘बलिदान दिवस’ के पावन पर माय भारत  द्वारा जनपद स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

इन प्रतियोगिता में कुल 6 खेल आयोजित किए गए, जिनमें बालकों हेतु वॉलीबॉल, 400 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद तथा बालिकाओं हेतु खो-खो, 200 मीटर दौड़ एवं लंबी कूद प्रतियोगिताएं हुई । इस दौरान मुख्य अतिथि के रूप में जिला पंचायत अध्यक्ष मोनिका यादव, जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी एवं जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पूर्ति अधिकारी सुरेंद्र यादव द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानियों शहीद भगत सिंह, शिवराम राजगुरु एवं सुखदेव थापर को पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इस अवसर पर उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए खेलों के महत्व पर प्रकाश डाला तथा युवाओं को अनुशासन एवं टीम भावना के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने 200 मीटर दौड़ को हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ किया।
प्रतियोगिताओं के विजेता
वॉलीबॉल (बालक वर्ग):
प्रथम – मुरहास कन्हैया टीम (कप्तान – नवनीत राजपूत)
द्वितीय – लवली बडी 1 टीम (कप्तान – योगेश त्रिवेदी)
खो-खो (बालिका वर्ग):
प्रथम – टीम राजेपुर (कप्तान – सुहानी राठौर)
द्वितीय – टीम कमालगंज (कप्तान – अनन्या)
400 मीटर दौड़ (बालक वर्ग):
प्रथम – आर्यन राजपूत
द्वितीय – दीपक सिंह
तृतीय – मुदित राजपूत
200 मीटर दौड़ (बालिका वर्ग):
प्रथम – प्रकृति वर्मा
द्वितीय – रागिनी
तृतीय – नैंसी मिश्रा
लंबी कूद (बालिका वर्ग):
प्रथम – निशा
द्वितीय – दुर्गा
तृतीय – सुहानी
लंबी कूद (बालक वर्ग):
प्रथम – आर्यन
द्वितीय – मुदित राजपूत
तृतीय – दीपक सिंह
सभी विजेताओं को मुख्य अतिथि मोनिका यादव एवं  जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी द्वारा प्रमाण पत्र, मेडल, ट्रॉफी एवं उपहार प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्षा मोनिका यादव ने अपने संबोधन में कहा कि ‘बलिदान दिवस हमें हमारे वीर शहीदों के त्याग और समर्पण की याद दिलाता है। युवाओं को चाहिए कि वे उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाएं। खेल युवाओं के सर्वांगीण विकास का एक महत्वपूर्ण माध्यम है, जो न केवल शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है बल्कि अनुशासन, नेतृत्व एवं टीम भावना का भी विकास करता है। ऐसे आयोजन युवाओं को सकारात्मक दिशा देने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम में अधिवक्ता शशांक शेखर मिश्रा, सभासद तथा नमामि गंगे की जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल भी उपस्थित रहीं।

सभासद शशांक शेखर मिश्रा ने युवाओं को संबोधित करते हुए बलिदान दिवस की महत्ता पर प्रकाश डाला और कहा कि ‘यह दिवस हमें देश के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले वीर सपूतों के अदम्य साहस और देशभक्ति की याद दिलाता है। युवाओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए। साथ ही खेलों के माध्यम से स्वयं को शारीरिक एवं मानसिक रूप से सशक्त बनाना चाहिए, जिससे वे देश के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में योगदान दे सकें।

कार्यक्रम का आयोजन शिखर रस्तोगी जिला युवा अधिकारी माय भारत के नेतृत्व में किया गया । कार्यक्रम के सफल आयोजन में माय भारत टीम (राहुल बाबू वर्मा, रचना, लक्ष्मीनारायण पाण्डेय, अजीत कुमार, आकाश सोमवंशी, विकास, सुलोचना, सूरज, मयंक, शुभम मिश्रा, प्रेम शंकर श्रीवास्तव एवं खेल प्रशिक्षकों का विशेष योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन वैभव सोमवंशी द्वारा किया गया । अंत में आयोजकों द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया गया।
डैनोन इंडिया ने 20,911 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की प्रतिज्ञा के साथ एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में बनाया नया कीर्तिमान*
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एनीमिया से लड़ने और कमजोर आबादी के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए डैनोन ने चिकित्सा समुदाय को किया एकजुट पटना, 23 मार्च 2026: डैनोन इंडिया ने आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के खिलाफ सबसे अधिक हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स की प्रतिज्ञा हासिल करने के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में एक नया मील का पत्थर स्थापित किया है। इसके लिए पूरे भारत से कुल 20,911 प्रतिज्ञाएं मिलीं। यह ऐतिहासिक उपलब्धि जागरूकता बढ़ाने, समय पर पहचान को प्रोत्साहित करने और आयरन की कमी व एनीमिया से निपटने के लिए प्रभावी पोषण संबंधी हस्तक्षेपों को बढ़ावा देने के डैनोन के सामूहिक प्रयासों को दर्शाती है। यह पहल सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने और सार्वजनिक स्वास्थ्य परिणामों को बेहतर बनाने के लिए सामूहिक कार्रवाई के महत्व पर जोर देती है। इस उपलब्धि के बारे में बात करते हुए, डैनोन इंडिया की मार्केटिंग डायरेक्टर, सुश्री प्रियंका वर्मा ने कहा, हमें इस प्रभावशाली पहल के लिए एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स द्वारा मान्यता मिलने पर गर्व है। 20,911 हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से प्रतिज्ञा प्राप्त करना एनीमिया से लड़ने के लिए चिकित्सा समुदाय के भीतर साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है, एक ऐसी स्थिति जो लाखों लोगों को प्रभावित कर रही है। यह निरंतर और समुदाय-आधारित दृष्टिकोण अनगिनत भारतीयों के स्वास्थ्य परिणामों को बदल देगा। यह सामूहिक कार्रवाई की शक्ति को दर्शाता है, जहां हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स, समुदाय और संस्थान सार्थक बदलाव लाने के लिए एक साथ आते हैं। हमें इस आंदोलन का समर्थन करने पर गर्व है, जो न केवल देश की पोषण नींव को मजबूत करता है बल्कि भारत को साक्ष्य-आधारित और समावेशी सार्वजनिक स्वास्थ्य नवाचार में एक ग्लोबल लीडर के रूप में स्थापित करता है। नवंबर 2025 में, डैनोन इंडिया ने देशभर में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की पहचान और रोकथाम में तेजी लाने के लिए आयरन अप! नामक एक राष्ट्रव्यापी पहल शुरू की थी। इस पहल के तहत, डैनोन ने आईडीए प्लेज कैंपेन (आईडीए प्रतिज्ञा अभियान) शुरू किया, जिसमें भारत भर के हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स से जागरूकता बढ़ाने, समय पर निदान में सुधार करने और निवारक पोषण को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध होने का आह्वान किया गया। इस सामूहिक प्रयास का उद्देश्य चिकित्सा समुदाय के भीतर एक मजबूत और एकजुट आंदोलन खड़ा करना है, ताकि परिवारों को हर दिन आयरन की कमी को समझने और उस पर कार्रवाई करने में मदद मिल सके। आयरन अप अभियान के तहत देश भर के बाल रोग विशेषज्ञों, सामान्य चिकित्सकों और अन्य हेल्थकेयर प्रोफेशनल्स को शैक्षिक पहुंच और जमीनी स्तर की गतिविधियों के माध्यम से जोड़ा गया। चिकित्सा समुदाय को लामबंद करके, डैनोन इंडिया का लक्ष्य आयरन की कमी पर जागरूकता बढ़ाने और विशेष रूप से कमजोर आबादी के बीच जीवन की गुणवत्ता में सुधार के प्रयासों में तेजी लाना है। अपने विज्ञान-आधारित पोषण दृष्टिकोण के अंतर्गत, डैनोन इंडिया ने आयरनबायोटिक्स जैसे समाधानों को आगे बढ़ाना जारी रखा है, जिन्हें आवश्यक पोषक तत्वों के साथ आयरन के अवशोषण और पेट के स्वास्थ्य के समर्थन के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह बड़े पैमाने पर आयरन की कमी और एनीमिया को दूर करने की कंपनी की प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। आयरन अप पहल के साथ-साथ, डैनोन इंडिया ने बिहार में स्वस्थ माता स्वस्थ बालक नामक एक साल भर चलने वाला कार्यक्रम भी शुरू किया है। इसे माताओं के पोषण में सुधार, जागरूकता बढ़ाने और माताओं व उनके बच्चों दोनों के लिए बेहतर स्वास्थ्य परिणाम सुनिश्चित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। यह कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं और शिशुओं में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया से निपटने के डैनोन के केंद्रित प्रयासों का हिस्सा है। एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की यह मान्यता कुपोषण और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के डैनोन इंडिया के निरंतर प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी एक स्वस्थ भविष्य बनाने के लिए हेल्थकेयर हितधारकों, नीति निर्माताओं और समुदायों के साथ साझेदारी करने के लिए प्रतिबद्ध है।
मिडिल ईस्ट संकट पर लोकसभा में बोले पीएम मोदी, कहा-सरकार के पास ऊर्जा के पर्याप्त भंडार

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पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को लोकसभा में भारत की स्थिति की जानकारी दी। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पश्चिम एशिया की हालत चिंताजनक है और दुनिया की अर्थव्यवस्था पर इसका असर पड़ा है।लोकसभा में प्रधानमंत्री ने देश को भरोसा दिलाया कि पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की सप्लाई सुचारू बनी रहेगी। सरकार हर संभव प्रयास कर रही है कि जनता को इन जरूरी ईंधनों की कोई कमी न हो।

पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर बहुत ही विपरित असर-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने लोकसभा में कहा कि इस समय पश्चिमी एशिया की हालत चिंताजनक है। बीते 2-3 हफ्तों में विदेश मंत्री एस जयशंकर ने और हरदीप पुरी ने इस विषय पर संसद को जरूरी जानकारी दी है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।

भारत के सामने भी अप्रत्याशित चुनौतियां-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, भारत के सामने भी इस युद्ध ने अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ये चुनौतियां आर्थिक भी हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा से भी जुड़ी हैं और मानवीय भी हैं। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं। जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।

गैस सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी-पीएम मोदी

लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर अपने बयान में प्रधानमंत्री ने कहा कि देश 60 प्रतिशत एलपीजी का आयात करता है, लेकिन हमने यह सुनिश्चित किया है कि पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरे देश में बिना किसी रुकावट के जारी रहे। गैस की सप्लाई में भी कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। पीएम मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की ऊर्जा आयात की विविधता काफी बढ़ी है। पहले भारत सिर्फ 27 देशों से कच्चा तेल आयात करता था, आज यह संख्या बढ़कर 41 देशों हो गई है। सरकार अलग-अलग सप्लायर्स के साथ निरंतर संपर्क में है और जहां से भी संभव हो, वहां से तेल, गैस और फर्टिलाइजर का आयात किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व (SPR) 53 लाख टन से अधिक है और इसे बढ़ाकर 65 लाख टन करने का काम तेजी से चल रहा है। तेल कंपनियों के अपने रिजर्व अलग से हैं. हम हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं।

3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौटे

पीएम मोदी ने बताया कि भारत के करीब 1 करोड़ लोग खाड़ी देशों में रहते हैं। वहां समुद्री जहाजों पर बहुत से भारतीय काम करते हैं। जब से ये युद्ध शुरू हुआ है, तब से भारतीय लोगों को मदद दी जा रही है। मैंने भी दो राष्ट्राध्यक्षों से इसके बारे में बात की है। दुर्भाग्य से इस युद्ध की वजह से कुछ लोगों की मौत है और कुछ लोग घायल हैं। विदेशों में हमारे जितने भी मिशन हैं। वह हमारे नागरिकों की मदद कर रहे हैं। विदेश में फंसें हमारे लोगों की मदद के लिए भारत में 24 घंटे हेल्पलाइन जारी की गई है। अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित भारत लौट चुके हैं। ईरान से 1000 से अधिक छात्र लौटे हैं। इसमें से अधिकतक मेडिकल के छात्र हैं।

इंदौर का ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट बना मिसाल: मीडिया दल ने देखा ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल

इंदौर/रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित मीडिया प्रवास के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय पत्रकार दल ने इंदौर स्थित ‘गोवर्धन’ बायो-सीएनजी प्लांट का दौरा किया। इस भ्रमण का उद्देश्य देश के सबसे बड़े और अत्याधुनिक बायो-मेथेनेशन संयंत्र की कार्यप्रणाली को समझना और ‘वेस्ट-टू-वेल्थ’ मॉडल का प्रत्यक्ष अनुभव प्राप्त करना था।

सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल पर विकसित यह संयंत्र 15 एकड़ क्षेत्र में फैला है और इसे करीब 156 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है। यह प्लांट प्रतिदिन 500 टन गीले कचरे का प्रसंस्करण करता है, जिससे शहरी कचरा प्रबंधन का एक टिकाऊ समाधान सामने आया है।

तकनीकी रूप से उन्नत इस संयंत्र में रोजाना लगभग 17,000 किलोग्राम बायो-सीएनजी और 100 टन उच्च गुणवत्ता की जैविक खाद का उत्पादन होता है। साथ ही, गैस उत्पादन के जरिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी लाई जा रही है। खास बात यह है कि इंदौर की सिटी बसें इसी प्लांट से तैयार बायो-सीएनजी पर संचालित हो रही हैं, जिससे स्वच्छ और किफायती ईंधन का उपयोग बढ़ा है।

भ्रमण के दौरान मीडिया प्रतिनिधियों ने रिसेप्शन बंकर, प्री-ट्रीटमेंट यूनिट और हैमर मिल जैसी आधुनिक मशीनों को देखा और कचरे से ऊर्जा उत्पादन की पूरी प्रक्रिया को समझा। साथ ही, संयंत्र के अधिकारियों से चर्चा कर इस मॉडल को अन्य राज्यों में लागू करने की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया।

यह दौरा केंद्र सरकार के स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहरों को कचरा मुक्त बनाने और आधुनिक तकनीक के जरिए सतत विकास को बढ़ावा देने के प्रयासों को उजागर करता है।

फाफामऊ थाना क्षेत्र अतर्गत चादपुर गाँव में भरभराकर कोल्ड स्टोर ढहा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज में अमोनिया गैस रिसाव से सपा के पूर्व MLA का कोल्ड स्टोरेज ढहा, कई मजदूर दबे

प्रयागराज के चंदापुर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद भवन धराशायी हो गया, जिससे कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया है।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं, जबकि फाफामऊ समेत आसपास के थानों की फोर्स भी तैनात है। अब तक कई मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

धूमधाम से मनाया गया चक्रदूत प्रजापति समाज का होली मिलन समारोह
जौनपुर। नगर के हिन्दी भवन में चक्रदूत प्रजापति समाज द्वारा आयोजित होली मिलन समारोह में फूल की होली खेली गई। राष्ट्रीय ताइक्वांडो 2025 स्वर्ण पदक विजेता विशाल प्रजापति आकर्षण का केंद्र रहे। मुख्य अतिथि भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति ने कहा कि हमारी एकता ही हमारी ताकत है। विशिष्ट अतिथि वरिष्ठ समाजसेवी लालचन्द प्रजापति ने कहा कि प्रजापति समाज में प्रतिभा की कमी नहीं है। आने वाले कल में प्रजापति समाज देश की दशा और दिशा तय करेगा।  इसी क्रम में विशिष्ठ अतिथि जेसीआई अध्यक्ष अंजनी प्रजापति, वरिष्ठ अधिवक्ता प्रजापति विकलेश कुमार एडवोकेट, आजमगढ़ सिविल कोर्ट के पूर्व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता चंद्रभान प्रजापति, रामसूरत प्रजापति, प्रजापति महासभा जौनपुर के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार प्रजापति एडवेाकेट, दक्ष आर्मी प्रमुख जनार्दन प्रजापति, चक्रदूत प्रजापति समाज के जिलाध्यक्ष बसंत प्रजापति (अनिल) सभासद ने समाज की एकता पर बल दिया।
सम्मानित किए जाने पर नोटरी अधिवक्ता अरुण कुमार प्रजापति, नायब नाजिर तहसील सदर सदानन्द प्रजापति एवं शिक्षक राजेंद्र प्रजापति ने समाज को शिक्षित होने पर जोर दिया। राष्ट्रीय ताइक्वांडो 2025 स्वर्ण पदक विजेता विशाल प्रजापति पर उपस्थित लोगों ने फूलों की बारिश करके सम्मानित किया। विशाल प्रजापति ने कहा कि देश के लिए समर्पित रहूंगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता कलेक्ट्रेट अधविक्ता समिति के पूर्व कोषाध्यक्ष सुधाकर प्रजापति एवं संचालन डॉ. दिनेश कुमार प्रजापति ने किया। कार्यक्रम मंत्री पवन कुमार प्रजापति ने सफल कार्यक्रम के लिए सभी लोगों को बधाई देते हुए एकजुटता का संकल्प लिया। अंत में कार्यक्रम आयोजक संस्थापक महेन्द्र कुमार प्रजापति ने आए हुए सभी लोगों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा कि भारतीय प्रजापति शीर्षक सुधारक संत रामसुभीख प्रजापति का सपना धीरे धीरे पूरा हो रहा है। आने वाले समय में देश और प्रदेश की सरकार में प्रजापति समाज का अहम रोल रहेगा। इस अवसर पर चक्रदूत प्रजापति समाज के संरक्षक चंद्रशेखर प्रजापति, मुन्ना लाल प्रजापति, जिलाजीत प्रजापति, रामकिशुन प्रजापति, महासचिव अजय कुमार प्रजापति एडवोकेट, उपाध्यक्ष मोहन लाल प्रजापति, सुरेश चंद्र प्रजापति, संतोष प्रजापति शिकारपुर, ब्रह्मदेव प्रजापति, मुकेश प्रजापति, संगठन मंत्री संजय प्रजापति, कोषाध्यक्ष जितेन्द्र प्रजापति राजू, प्रचार मंत्री संतोष प्रजापति वाजिदपुर, नगर महासचिव इंद्र कुमार प्रजापति मुन्ना, नगर उपाध्यक्ष साहेब लाल प्रजापति, राजदेव प्रजापति, भुलई राम प्रजापति, डॉ. योगेंद्र कुमार प्रजापति, प्रजापति महासभा के महासचिव राजबहादुर प्रजापति एडवोकेट, संयुक्त मंत्री अरविंद प्रजापति एडवोकेट, रामपलट प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, आर्यन प्रजापति एडवोकेट, शिवशंकर प्रजापति, तेज बहादुर प्रजापति, राजेश प्रजापति एडवोकेट, सावन प्रजापति, मोहित प्रजापति, कमलेश प्रजापति, पिंटू प्रजापति, रोहित प्रजापति, धर्मेंद्र प्रजापति, रामपलट प्रजापति, भुलईराम प्रजापति, समेत समाज के सैकड़ों लोग मौजूद रहे।
गैस बुकिंग पर आया एक और अपडेट, कोटे से अधिक सिलिंडर के लिए देनी होगी ये जानकारी; क्या है नया नियम

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच नया अपडेट आया है। भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू की है। अब कोटे से अतिरिक्त सिलिंडर चाहिए होंगे तो प्रयोजन बताना होगा। घर में शादी है या भंडारा, परिवार के सदस्यों और आने वाले मेहमानों की भी जानकारी देनी होगी।

एलपीजी सिलिंडरों की किल्लत के बीच भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने एक नई प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिन उपभोक्ताओं ने सालाना कोटे के 12 सिलिंडर रिफिल करा लिए हैं, उन्हें नई बुकिंग के लिए हेलो बीपीसीएल एप पर जाकर सवालों के जवाब देने होंगे। परिवार के सदस्यों की संख्या, आने वाले मेहमानों का विवरण, घर में शादी, भंडारा या कोई अन्य आयोजन है तो उसकी भी जानकारी देनी होगी। तभी सिलिंडर बुक होगा। 

रविवार से लागू इस नियम की जानकारी गैस एजेंसी संचालकों और उपभोक्ताओं को भी नहीं थी। सुबह से ही मोबाइल फोन से बुकिंग की कोशिश कर रहे लोग असफल होने पर गैस एजेंसी पहुंचे। एजेंसी पर मौजूद स्टाफ को भी इसकी जानकारी नहीं थी। संचालक ने कंपनी के अधिकारियों को कॉल की तो इस नई प्रक्रिया की जानकारी मिली। 

ऑल इंडिया एलपीजी डिस्टि्रब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेश सचिव आदर्श गुप्ता के मुताबिक, एक वित्त वर्ष में उपभोक्ता 12 सिलिंडर ले सकते हैं। कई उपभोक्ताओं का कोटा पूरा हो चुका है।  

बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देशलिहाजा, बीपीसीएल कंपनी के नए दिशा-निर्देश के तहत अब उपभोक्ताओं को बुकिंग के लिए मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। क्रमवार सवालों के जवाब देने होंगे। उसके बाद ही बुकिंग होगी। 

उपभोक्ताओं को होगी परेशानीस्मार्टफोन के दौर में भी तमाम शहरी और ग्रामीण उपभोक्ता कीपैड वाला फोन ही चलाते हैं। कई ऐसे हैं जो स्मार्टफोन खरीद नहीं सकते हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को कोटे के अलावा गैस बुकिंग के लिए फोन खरीदना, एप डाउनलोड कर सवालों के जवाब देना भी कठिन होगा। ऐसी स्थिति में घर बैठे एलपीजी बुकिंग की सहूलियत का लाभ भी नहीं मिलेगा। उनको एजेंसी के चक्कर काटने पड़ सकते हैं।

पूछे जाएंगे ये सवाल- परिवार में छह या इससे अधिक सदस्य हैं?- परिवार में मेहमान आए हैं।- शादी, भंडारा या अन्य कोई कार्यक्रम है।- अन्य घरेलू उपयोग के लिए। 

काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।