अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
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*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार
मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।
पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*
पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।
*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*
दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*
जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।
आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।


*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

*दोनों ने एक दूसरे को दी गालियां
अधिवक्ता व्यापार मण्डल छात्रो समाज सेवियो का मिल रहा समर्थन



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15 min ago
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