तिरुपति में मानसुम सीनियर लिविंग की नई शुरुआत, ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ हुआ लॉन्च
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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में सीनियर हाउसिंग के क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु स्थित कंपनी मानसुम सीनियर लिविंग ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अपने पहले सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह तिरुपति का अपनी तरह का पहला सुसज्जित सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट है, जिसे वसुंधरा कंस्ट्रक्शंस के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह प्रोजेक्ट रेनिगुंटा रोड पर श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित 3.5 एकड़ में फैले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट टेम्पल टाउन का हिस्सा है। मयूरा को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आराम और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे एक निश्चिंत और सम्मानजनक जीवन जी सकें। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति की पृष्ठभूमि में यह प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन प्रस्तुत करता है।

मानसुम सीनियर लिविंग पहले से ही बेंगलुरु, मैसूर और गोवा में अपने प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कर रहा है, जहाँ 850 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। तिरुपति में प्रवेश के साथ कंपनी ने अपने विस्तार को धार्मिक और टियर-2 शहरों की ओर बढ़ाया है।

मानसुम सीनियर लिविंग के को-फाउंडर अनंतराम वी वरयूर ने कहा कि मयूरा में रिटायरमेंट लाइफ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जहाँ देखभाल, सुविधाएँ और समुदाय एक साथ मिलते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहाँ केवल घर ही नहीं, बल्कि अपनापन भी मिलेगा।

प्रोजेक्ट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 2 बीएचके, 2.5 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें एंटी-स्किड फ़्लोरिंग, ग्रैब बार, पैनिक अलार्म सिस्टम और सुविधाजनक मूवमेंट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
फ्लैट्स की शुरुआती कीमतें इस प्रकार हैं—
2 बीएचके: ₹73 लाख,
2.5 बीएचके: ₹92 लाख,
3 बीएचके: ₹1.07 करोड़।

यहाँ 10,000 वर्ग फुट में फैली सीनियर लिविंग सुविधाएँ मानसुम की अपनी टीम द्वारा संचालित की जाएँगी, जिनमें पौष्टिक भोजन, ऑन-साइट हेल्थकेयर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज सर्विस और दैनिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 20,000 वर्ग फुट का आधुनिक क्लब हाउस भी विकसित किया गया है, जिसमें जिम, योग एवं ध्यान कक्ष, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और कम्युनिटी हॉल सामाजिक मेलजोल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे।

मानसुम की को-फाउंडर सुश्री सुमथी अनंतराम ने कहा कि प्रत्येक कम्युनिटी की योजना वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है। मयूरा में तिरुपति की आध्यात्मिक भावना के साथ सुरक्षा और देखभाल का समन्वय किया गया है।

मानसुम के को-फाउंडर कुशल रमेश ने कहा कि मयूरा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और साथ का प्रतीक है, जहाँ वे एक खुशहाल और सुरक्षित जीवनशैली चुन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएलएल और एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (एएसएलआई) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की संगठित सीनियर हाउसिंग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में है। इसी को ध्यान में रखते हुए मानसुम अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है।

प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें सी. दिवाकर रेड्डी, चेयरमैन, तिरुपति अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीयूडीए) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़: सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने अहरौला में सामाजिक समरसता रैली स्थल का किया निरीक्षण
आजमगढ़। भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव डॉक्टर अरविंद राजभर जनता इंटर कालेज अहरौला पहुंचे। 22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर होने वाले सामाजिक समरसता रैली का निरीक्षण किया ।उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के साथ बीजेपी और सुहेलदेव समाज पार्टी के कई बड़े नेता भाग लेंगे। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी बात चल रही है और निश्चित तौर से उनके भी आने की संभावना है। रैली में एक लाख लोगों के आने की व्यवस्था की जा रही है।अहरौला नदी पुल से ही गाड़ी रोक दी जाएगी । बाजार से कार्यकर्ता पैदल ही रैली स्थल तक आएंगे। कार्यक्रम स्थल पर आने के लिए तीन तरफ से रास्ते बनाए जाएंगे कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच महासचिव अरविंद राजभर ने मंच से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच तक की जानकारी ली। उन्होंने एक रोड मैप भी बनाया ।साफ सफाई का भी जायजा लिया। मीडिया को बताया कि 22 फरवरी को ही फूलपुर विधान सभा के टिकुरिया मैदान में अनिल राजभर के द्वारा सुहेलदेव जयंती का आयोजन किया गया है। जहां मुख्यमंत्री के आने की संभावना है तो फिर उसी दिन अहरौला में जो अतरौलिया विधानसभा में है यहां पर एक ही दिन दो-दो कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे जनता के बीच में दो नेताओं के मतभेद की चर्चा हो रही है तो अरविंद राजभर ने कहा एक ही दिन में कई कार्यक्रम होते हैं और उनका कार्यक्रम अलग है । उन्होंने कहा कि हम अपने कार्य कर्ताओं के बल पर कैडर चलाते हैं। इस मौके पर विधायक बेदी राम ,प्रतिनिधि वकील चौरसिया, मीडिया प्रभारी दीपक सिंह ,संतोष पांडेय, फागु सिंह, पितराम राजभर आदि लोग रहे।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम

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संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।

यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।

सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका

सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।

नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल

अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।

राजभर समाज ने धूमधाम से मनाया महाराजा सुहेलदेव जयंती
वसई। राजभर समाज सेवा संघ (महाराष्ट्र) द्वारा श्रावस्ती भर सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी की १०१७ वीं जयंती नायगांव में बड़े धूमधाम से मनाई गई। समारोह के प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जयंती समारोह के इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझता हूं कि महाराष्ट्र की इस धरती पर राजभर समाज सेवा संघ (महा.) द्वारा आयोजित इस भव्य महाराजा सुहेलदेव जी की जयंती पर प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सुहेलदेव जी के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी सुहेलदेव देव जी का वंशज होने के नाते हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके द्वारा बताए गए रास्तों का अनुसरण करके एकजुटता का परिचय दें और आपस में भाईचारा का माहौल स्थापित करके सुहेलदेव जी के आदर्शों, शौर्य व शूर विरता की गाथा को जन- जन तक पहुंचाने का कार्य करें। संघ के संस्थापक अध्यक्ष लालमनी राजभर ने कहा कि मुंबई में राजभर समाज विगत कई पिंडियों से रह रहा है मगर समाज को महाराष्ट्र में किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ या सहुलियत नहीं मिलता है हमसे १९५० के समय का पुरावा मांगा    जाता है जो कि लगभग नामुमकिन है इसके लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है व महाराष्ट्र सरकार से समन्वय बनाकर संवाद स्थापित कर इस समस्या हल निकाला जा सकता है। सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदुलारे राजभर ने कहा कि हम सभी राजभर समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा तभी हम किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ढूंढ पाएंगे। संघ के महामंत्री रमाकांत राजभर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष तारकेश्वर राय ने कहा कि उम्र व अस्वस्थता की वजह से अब हम आगे की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगे आप सभी संभाले , संस्था के कोषाध्यक्ष रमेश राजभर के मार्गदर्शन में अतिथियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन जीतु भारद्वाज ने किया समारोह में पप्पू राजभर ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित व्यवसाई बलिराम राजभर , पन्नालाल राजभर, राघवेन्द्र राजभर , हीरा भारद्वाज , महेंद्र राजभर,रमेश राजभर, फिल्म निर्माता विरेंद्र प्रताप राजभर गीतकार विलास राजभर कवि नंदलाल राजभर, धर्मा देवी राजभर व संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजनाथ राय , ओमप्रकाश राजभर (छेदी) बालकिशन राजभर, अशोक राजभर, राजेश राजभर, रामभुवन राजभर , चंदू राजभर भुल्लन राजभर, रामप्रताप राजभर, रामबदन राजभर, हरिश्चंद्र राजभर व भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
संत रविदास जयंती के अवसर पर लोजपा कार्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम
जौनपुर। रविदास जयंती के पावन अवसर पर लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) जौनपुर कार्यालय में कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचारों एवं उनके सामाजिक संदेश को स्मरण करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम के दौरान संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व भी सौंपे गए। इस अवसर पर पार्टी की जिला अध्यक्ष रीता सरोज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्यारे लाल सरोज सहित जिले भर से आए समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक जनशक्ति पार्टी के प्रधान महासचिव विकास पांडेय ने कहा कि संत गुरु रविदास का जीवन समता, न्याय और मानव गरिमा की प्रेरणा है। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और शोषित-वंचित वर्ग को अधिकार दिलाने का मार्ग दिखाते हैं। लोक जनशक्ति पार्टी गुरु रविदास के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने गुरु रविदास के विचारों को आत्मसात कर संगठन को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
जिले के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर घाघरा पुल न बंद करने की मांग की
बंद करने से पहले वैकल्पिक पुल बनाने पर दिया जोर

गोंडा।जिले के पाच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर चर्चा किया और उसके बाद सभी विधायकों ने एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में क्रमशः प्रेम नारायण पांडेय विधायक तरबगंज, बावन सिंह विधायक कटरा बाजार, विनय कुमार द्विवेदी विधायक मेहनौन,अजय कुमार सिंह विधायक करनैलगंज तथा प्रभात कुमार वर्मा विधायक गौरा शामिल थे।इन सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री से संजय सेतु (घाघरा पुल) को मरम्मत के लिए तब तक बंद न करने की मांग किया, जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पांटून (पीपा पुल) पुल न बन जाए।उन्होंने तर्क दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुल बंद होने से प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों की इस मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पहले वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा,उसके बाद ही पुल को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग किया कि मरम्मत के स्थान पर एक नया संजय सेतु (घाघरा पुल)बनाया जाए,ताकि लोगों को भविष्य में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने विधायकों की इस मांग पर भी आश्वासन दिया है।मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान जिले के अधिकारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा किया साथ ही उन्होंने शेष विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनकी मांगों को सुना और स्वीकार किया।विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पांटून (पीपा) पुल बने बिना घाघरा पुल न बंद करने का आश्वासन दिया है।उन्होंने इसको लेकर के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
क्रिकेट और सियासत का मिलन: जून में शादी करेंगे रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज, लखनऊ–वाराणसी पर सस्पेंस



लखनऊ। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर (जौनपुर) से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज जून महीने में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में संपन्न हुई थी। अब शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, हालांकि बरात लखनऊ जाएगी या वाराणसी, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

रिंकू सिंह के परिजनों ने शादी की तारीख जून में तय होने की पुष्टि की है। इससे पहले दोनों की शादी 18 नवंबर 2025 को वाराणसी में प्रस्तावित थी, लेकिन रिंकू के अंतरराष्ट्रीय मैचों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। बाद में फरवरी 2026 में नई तारीख तय हुई, मगर टी-20 विश्वकप और आईपीएल की व्यस्तताओं के कारण शादी को जून तक टाल दिया गया।

लखनऊ में हुई सगाई समारोह में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कई सांसद, विधायक और क्रिकेट जगत की हस्तियां शामिल हुई थीं। शादी के आयोजन की जिम्मेदारी एक पेशेवर इवेंट कंपनी को सौंपी गई है। शादी के बाद अलीगढ़ में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।

रिंकू सिंह फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं और विश्वकप के बाद वह कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की ओर से आईपीएल खेलेंगे। क्रिकेट करियर के साथ-साथ निजी जीवन में भी उनका सफर सुर्खियों में है।

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने बेहद साधारण परिवार से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाई। 2023 आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की पांच गेंदों पर पांच छक्के लगाकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। इसके बाद वे देश के भरोसेमंद फिनिशर के रूप में पहचाने जाने लगे।

प्रिया सरोज पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में मछलीशहर से सांसद हैं। यह रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति और स्नेह से तय हुआ है। शादी समारोह में देशभर के प्रमुख राजनेताओं, क्रिकेटरों, फिल्मी सितारों और समाजसेवियों के शामिल होने की संभावना है।
तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?
तिरुपति में मानसुम सीनियर लिविंग की नई शुरुआत, ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ हुआ लॉन्च
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नई दिल्ली। दक्षिण भारत में सीनियर हाउसिंग के क्षेत्र में अग्रणी बेंगलुरु स्थित कंपनी मानसुम सीनियर लिविंग ने आंध्र प्रदेश के तिरुपति में अपने पहले सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट ‘मयूरा – टेम्पल टाउन’ के लॉन्च की घोषणा की है। यह तिरुपति का अपनी तरह का पहला सुसज्जित सीनियर लिविंग प्रोजेक्ट है, जिसे वसुंधरा कंस्ट्रक्शंस के सहयोग से विकसित किया गया है।

यह प्रोजेक्ट रेनिगुंटा रोड पर श्रीनिवासम कॉम्प्लेक्स के पीछे स्थित 3.5 एकड़ में फैले रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट टेम्पल टाउन का हिस्सा है। मयूरा को वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा, आराम और सामाजिक जुड़ाव को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है, ताकि वे एक निश्चिंत और सम्मानजनक जीवन जी सकें। आध्यात्मिक नगरी तिरुपति की पृष्ठभूमि में यह प्रोजेक्ट आधुनिक सुविधाओं और पारंपरिक मूल्यों का संतुलन प्रस्तुत करता है।

मानसुम सीनियर लिविंग पहले से ही बेंगलुरु, मैसूर और गोवा में अपने प्रोजेक्ट्स का सफल संचालन कर रहा है, जहाँ 850 से अधिक परिवार निवास कर रहे हैं। तिरुपति में प्रवेश के साथ कंपनी ने अपने विस्तार को धार्मिक और टियर-2 शहरों की ओर बढ़ाया है।

मानसुम सीनियर लिविंग के को-फाउंडर अनंतराम वी वरयूर ने कहा कि मयूरा में रिटायरमेंट लाइफ को नए सिरे से परिभाषित किया गया है, जहाँ देखभाल, सुविधाएँ और समुदाय एक साथ मिलते हैं। वरिष्ठ नागरिकों को यहाँ केवल घर ही नहीं, बल्कि अपनापन भी मिलेगा।

प्रोजेक्ट में वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए 2 बीएचके, 2.5 बीएचके और 3 बीएचके फ्लैट्स उपलब्ध हैं। इनमें एंटी-स्किड फ़्लोरिंग, ग्रैब बार, पैनिक अलार्म सिस्टम और सुविधाजनक मूवमेंट जैसी सुविधाएँ शामिल हैं।
फ्लैट्स की शुरुआती कीमतें इस प्रकार हैं—
2 बीएचके: ₹73 लाख,
2.5 बीएचके: ₹92 लाख,
3 बीएचके: ₹1.07 करोड़।

यहाँ 10,000 वर्ग फुट में फैली सीनियर लिविंग सुविधाएँ मानसुम की अपनी टीम द्वारा संचालित की जाएँगी, जिनमें पौष्टिक भोजन, ऑन-साइट हेल्थकेयर, 24 घंटे आपातकालीन सेवा, हाउसकीपिंग, कंसीयर्ज सर्विस और दैनिक गतिविधियाँ शामिल हैं।

इसके अतिरिक्त, 20,000 वर्ग फुट का आधुनिक क्लब हाउस भी विकसित किया गया है, जिसमें जिम, योग एवं ध्यान कक्ष, लाइब्रेरी, स्विमिंग पूल और सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए हॉल उपलब्ध हैं। गार्डन, वॉकिंग ट्रैक और कम्युनिटी हॉल सामाजिक मेलजोल और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देंगे।

मानसुम की को-फाउंडर सुश्री सुमथी अनंतराम ने कहा कि प्रत्येक कम्युनिटी की योजना वरिष्ठ नागरिकों की ज़रूरतों को केंद्र में रखकर बनाई जाती है। मयूरा में तिरुपति की आध्यात्मिक भावना के साथ सुरक्षा और देखभाल का समन्वय किया गया है।

मानसुम के को-फाउंडर कुशल रमेश ने कहा कि मयूरा वरिष्ठ नागरिकों के लिए सम्मान, स्वतंत्रता और साथ का प्रतीक है, जहाँ वे एक खुशहाल और सुरक्षित जीवनशैली चुन सकते हैं।

उल्लेखनीय है कि जेएलएल और एसोसिएशन ऑफ सीनियर लिविंग इंडिया (एएसएलआई) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत की संगठित सीनियर हाउसिंग का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा दक्षिण भारत में है। इसी को ध्यान में रखते हुए मानसुम अपने प्रोजेक्ट्स का विस्तार कर रहा है।

प्रोजेक्ट लॉन्च इवेंट तिरुपति में आयोजित किया गया, जिसमें सी. दिवाकर रेड्डी, चेयरमैन, तिरुपति अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी (टीयूडीए) सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़: सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव ने अहरौला में सामाजिक समरसता रैली स्थल का किया निरीक्षण
आजमगढ़। भारतीय सुहेलदेव समाज पार्टी के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव डॉक्टर अरविंद राजभर जनता इंटर कालेज अहरौला पहुंचे। 22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती पर होने वाले सामाजिक समरसता रैली का निरीक्षण किया ।उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता रैली में राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के साथ बीजेपी और सुहेलदेव समाज पार्टी के कई बड़े नेता भाग लेंगे। उन्होंने ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी बात चल रही है और निश्चित तौर से उनके भी आने की संभावना है। रैली में एक लाख लोगों के आने की व्यवस्था की जा रही है।अहरौला नदी पुल से ही गाड़ी रोक दी जाएगी । बाजार से कार्यकर्ता पैदल ही रैली स्थल तक आएंगे। कार्यक्रम स्थल पर आने के लिए तीन तरफ से रास्ते बनाए जाएंगे कार्यकर्ताओं और नेताओं के बीच महासचिव अरविंद राजभर ने मंच से लेकर सांस्कृतिक कार्यक्रम मंच तक की जानकारी ली। उन्होंने एक रोड मैप भी बनाया ।साफ सफाई का भी जायजा लिया। मीडिया को बताया कि 22 फरवरी को ही फूलपुर विधान सभा के टिकुरिया मैदान में अनिल राजभर के द्वारा सुहेलदेव जयंती का आयोजन किया गया है। जहां मुख्यमंत्री के आने की संभावना है तो फिर उसी दिन अहरौला में जो अतरौलिया विधानसभा में है यहां पर एक ही दिन दो-दो कार्यक्रम हो रहे हैं। इससे जनता के बीच में दो नेताओं के मतभेद की चर्चा हो रही है तो अरविंद राजभर ने कहा एक ही दिन में कई कार्यक्रम होते हैं और उनका कार्यक्रम अलग है । उन्होंने कहा कि हम अपने कार्य कर्ताओं के बल पर कैडर चलाते हैं। इस मौके पर विधायक बेदी राम ,प्रतिनिधि वकील चौरसिया, मीडिया प्रभारी दीपक सिंह ,संतोष पांडेय, फागु सिंह, पितराम राजभर आदि लोग रहे।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
एपीआई उत्पादन से ही फार्मा क्षेत्र में सच्ची आत्मनिर्भरता संभव : मुदित अग्रवाल
कुमाऊं, उत्तराखंड। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष, उत्तराखंड फार्मा चैप्टर प्रमुख एवं एग्रोन रेमेडीज प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक मुदित अग्रवाल ने केंद्रीय बजट–2026 को प्रगतिशील, संतुलित और उद्योगोन्मुखी बताते हुए केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण एवं भारत सरकार का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट न केवल आर्थिक विकास को गति देगा, बल्कि स्वास्थ्य, एमएसएमई और बायो-फार्मास्युटिकल जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों के प्रति सरकार की गंभीर प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।

श्री अग्रवाल ने कैंसर रोधी दवाओं पर करों में की गई कटौती को अत्यंत सराहनीय और स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के इलाज में दवाओं की ऊँची कीमत एक बड़ी चुनौती होती है। कर राहत से जीवनरक्षक दवाओं की लागत में कमी आएगी, जिससे आम मरीजों को सीधा लाभ मिलेगा। यह निर्णय सरकार की मानवीय सोच और जनस्वास्थ्य को प्राथमिकता देने वाले दृष्टिकोण को दर्शाता है।

उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र के लिए 2,000 करोड़ रुपये के विशेष आवंटन, विशेषकर बायो-फार्मा एवं लाइफ साइंसेज उद्योग पर केंद्रित समर्थन को दूरदर्शी पहल बताया। उनके अनुसार इससे छोटे एवं मध्यम फार्मा उद्यमों को तकनीकी उन्नयन, आधुनिक मशीनरी, गुणवत्ता मानकों के अनुपालन, अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, इससे रोजगार सृजन को भी बल मिलेगा। औद्योगिक रूप से उभरते राज्य उत्तराखंड के लिए यह प्रावधान विशेष रूप से उत्साहवर्धक है।

श्री अग्रवाल ने बजट में ईमानदार एवं नियमों का पालन करने वाले करदाताओं को दी गई राहत का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी, ईज ऑफ डूइंग बिज़नेस को मजबूती मिलेगी और स्वैच्छिक कर अनुपालन को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे उद्योग जगत का सरकार पर विश्वास और सुदृढ़ होगा।

हालाँकि, उन्होंने यह भी कहा कि फार्मास्युटिकल उद्योग को कुछ अतिरिक्त सेक्टर-विशिष्ट कर राहतों की अपेक्षा थी। यदि उत्पादन-आधारित प्रोत्साहन (PLI) या अतिरिक्त कर रियायतें दी जातीं, तो आवश्यक दवाओं की उपलब्धता और अधिक किफायती हो सकती थी।

भविष्य की रणनीति पर बात करते हुए श्री अग्रवाल ने सक्रिय दवा सामग्री (एपीआई) के मामले में चीन पर भारत की अत्यधिक निर्भरता को गंभीर चिंता का विषय बताया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में लगभग 70 प्रतिशत एपीआई आयात चीन से किया जाता है। देश में सच्ची आत्मनिर्भरता प्राप्त करने के लिए सरकार को कर रियायतों, सब्सिडी, भूमि और बुनियादी ढांचे के सहयोग से घरेलू एपीआई उत्पादन को प्रोत्साहित करना चाहिए।

अंत में उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट–2026 एमएसएमई सशक्तिकरण, बायो-फार्मा क्षेत्र के विस्तार, जनस्वास्थ्य संरक्षण और ईमानदार करदाताओं के सम्मान की दिशा में एक संतुलित और विकासोन्मुखी बजट है। कुमाऊँ–गढ़वाल चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री का फार्मा चैप्टर इन पहलों का पूर्ण समर्थन करता है और भविष्य में उद्योग की व्यावहारिक एवं नीतिगत आवश्यकताओं के अनुरूप और सकारात्मक कदमों की अपेक्षा करता है।
सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद, यूपीएससी ने बदले नियम

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संघ लोकसेवा आयोग (यूपीएससी) ने सिविल सेवा परीक्षा 2026 का नोटिफिकेशन बुधवार को जारी किया है। आयोग ने इस बार प्रयास और पात्रता से जुड़े नियमों में भी बड़ा बदलाव किया गया है। नए प्रावधानों में सेवा में रहते हुए बार-बार परीक्षा देने का रास्ता बंद कर दिया गया है। यानी अब एक बार IAS, IPS या IFS बन गए तो बार-बार यूपीएससी का एग्जाम नहीं दे पाएंगे।

यूपीएससी के नए नियम के अनुसार, सिविल सर्विस ज्वॉइन करने वाले उम्मीदवारों को सिर्फ एक अटेंप्ट मिलेगा। वे तीसरी बार यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा के लिए अप्लाई नहीं कर सकते। नए नियम की शर्ते इस प्रकार हैं।

सिर्फ एक बार रैंक सुधारने का मौका

सिविल सर्विस एग्जाम-2026 में अगर ग्रुप-ए या फिर आईपीएस मिलती है, तो उम्मीदवार को सिर्फ एक बार यानी सीएसई-2027 में रैंक सुधारने का मौका मिलेगा। मौका तभी मिलेगा जब उम्मीदवार को ट्रेनिंग जॉइन न करने की वन टाइम एक्जेम्शन (एक बार की छूट) मिले।

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित

छूट फाउंडेशन कोर्स तक सीमित होगी। यदि उम्मीदवार न ट्रेनिंग जॉइन करता है, और न छूट लेता है, तो सीएसई-2026 और सीएसई-2027 दोनों के आधार पर मिली सेवा अपने आप रद्द हो जाएगी।

नए सेलेक्शन के बाद पुराना सेलेक्शन हो जाएगा कैंसिल

अगर कोई ऐसा उम्मीदवार यूपीएससी सीएसई-2027 में सेलेक्ट होता है, तो वह सीएसई -2026 या सीएसई -2027 के आधार पर अलॉट की गई सेवा को एक्सेप्ट कर सकता है और सीएसई -2027 के लिए निर्धारित ट्रेनिंग में शामिल हो सकता है। इस लेवल पर उसके द्वारा चुनी गई सेवा के अलावा अन्य सेवा का अलॉटमेंट रद्द कर दिया जाएगा। अगर उसे सीएसई -2027 के आधार पर कोई सेवा आवंटित नहीं की जाती है, तो वह सीएसई-2026 के माध्यम से आवंटित सेवा में शामिल हो सकता है।

राजभर समाज ने धूमधाम से मनाया महाराजा सुहेलदेव जयंती
वसई। राजभर समाज सेवा संघ (महाराष्ट्र) द्वारा श्रावस्ती भर सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव जी की १०१७ वीं जयंती नायगांव में बड़े धूमधाम से मनाई गई। समारोह के प्रमुख अतिथि के रूप में मौजूद सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र राजभर ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। जयंती समारोह के इस अवसर पर अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि मैं खुद को बहुत ही सौभाग्यशाली समझता हूं कि महाराष्ट्र की इस धरती पर राजभर समाज सेवा संघ (महा.) द्वारा आयोजित इस भव्य महाराजा सुहेलदेव जी की जयंती पर प्रमुख अतिथि के रूप में सम्मिलित होने का अवसर प्राप्त हुआ। उन्होंने सुहेलदेव जी के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हम सभी सुहेलदेव देव जी का वंशज होने के नाते हमारी नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि उनके द्वारा बताए गए रास्तों का अनुसरण करके एकजुटता का परिचय दें और आपस में भाईचारा का माहौल स्थापित करके सुहेलदेव जी के आदर्शों, शौर्य व शूर विरता की गाथा को जन- जन तक पहुंचाने का कार्य करें। संघ के संस्थापक अध्यक्ष लालमनी राजभर ने कहा कि मुंबई में राजभर समाज विगत कई पिंडियों से रह रहा है मगर समाज को महाराष्ट्र में किसी भी प्रकार के आरक्षण का लाभ या सहुलियत नहीं मिलता है हमसे १९५० के समय का पुरावा मांगा    जाता है जो कि लगभग नामुमकिन है इसके लिए हमें एकजुट होकर संघर्ष करने की आवश्यकता है व महाराष्ट्र सरकार से समन्वय बनाकर संवाद स्थापित कर इस समस्या हल निकाला जा सकता है। सुहेलदेव स्वाभिमान पार्टी के राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष रामदुलारे राजभर ने कहा कि हम सभी राजभर समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा तभी हम किसी भी प्रकार की समस्या का समाधान ढूंढ पाएंगे। संघ के महामंत्री रमाकांत राजभर ने समारोह में आए हुए सभी अतिथियों व समाज के लोगों का आभार व्यक्त किया कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए अध्यक्ष तारकेश्वर राय ने कहा कि उम्र व अस्वस्थता की वजह से अब हम आगे की जिम्मेदारी नहीं संभाल पाएंगे आप सभी संभाले , संस्था के कोषाध्यक्ष रमेश राजभर के मार्गदर्शन में अतिथियों का सत्कार किया गया। कार्यक्रम का संचालन जीतु भारद्वाज ने किया समारोह में पप्पू राजभर ने अपनी गायकी से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर प्रतिष्ठित व्यवसाई बलिराम राजभर , पन्नालाल राजभर, राघवेन्द्र राजभर , हीरा भारद्वाज , महेंद्र राजभर,रमेश राजभर, फिल्म निर्माता विरेंद्र प्रताप राजभर गीतकार विलास राजभर कवि नंदलाल राजभर, धर्मा देवी राजभर व संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजनाथ राय , ओमप्रकाश राजभर (छेदी) बालकिशन राजभर, अशोक राजभर, राजेश राजभर, रामभुवन राजभर , चंदू राजभर भुल्लन राजभर, रामप्रताप राजभर, रामबदन राजभर, हरिश्चंद्र राजभर व भारी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे।
संत रविदास जयंती के अवसर पर लोजपा कार्यालय में पुष्पांजलि कार्यक्रम
जौनपुर। रविदास जयंती के पावन अवसर पर लोकजनशक्ति पार्टी (लोजपा) जौनपुर कार्यालय में कार्यकर्ताओं द्वारा श्रद्धापूर्वक पुष्पांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संत शिरोमणि गुरु रविदास के विचारों एवं उनके सामाजिक संदेश को स्मरण करते हुए उनके चित्र पर पुष्प अर्पित किए गए। कार्यक्रम के दौरान संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई कार्यकर्ताओं को नवीन दायित्व भी सौंपे गए। इस अवसर पर पार्टी की जिला अध्यक्ष रीता सरोज, वरिष्ठ उपाध्यक्ष प्यारे लाल सरोज सहित जिले भर से आए समस्त कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इस अवसर पर उत्तर प्रदेश लोक जनशक्ति पार्टी के प्रधान महासचिव विकास पांडेय ने कहा कि संत गुरु रविदास का जीवन समता, न्याय और मानव गरिमा की प्रेरणा है। उनके विचार आज भी समाज को जोड़ने और शोषित-वंचित वर्ग को अधिकार दिलाने का मार्ग दिखाते हैं। लोक जनशक्ति पार्टी गुरु रविदास के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय और सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी। कार्यक्रम के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने गुरु रविदास के विचारों को आत्मसात कर संगठन को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प लिया।
जिले के 5 विधायकों ने मुख्यमंत्री से मुलाकात कर घाघरा पुल न बंद करने की मांग की
बंद करने से पहले वैकल्पिक पुल बनाने पर दिया जोर

गोंडा।जिले के पाच विधायकों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपने अपने विधानसभा क्षेत्रों के विकास कार्यों पर चर्चा किया और उसके बाद सभी विधायकों ने एक मांगपत्र भी मुख्यमंत्री को सौंपा।मुख्यमंत्री से मुलाकात करने वालों में क्रमशः प्रेम नारायण पांडेय विधायक तरबगंज, बावन सिंह विधायक कटरा बाजार, विनय कुमार द्विवेदी विधायक मेहनौन,अजय कुमार सिंह विधायक करनैलगंज तथा प्रभात कुमार वर्मा विधायक गौरा शामिल थे।इन सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री से संजय सेतु (घाघरा पुल) को मरम्मत के लिए तब तक बंद न करने की मांग किया, जब तक कोई वैकल्पिक व्यवस्था या पांटून (पीपा पुल) पुल न बन जाए।उन्होंने तर्क दिया कि वैकल्पिक व्यवस्था के बिना पुल बंद होने से प्रतिदिन लाखों लोगों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विधायकों की इस मांग को स्वीकार करते हुए आश्वासन दिया कि पहले वैकल्पिक मार्ग बनाया जाएगा,उसके बाद ही पुल को मरम्मत के लिए बंद किया जाएगा।जनप्रतिनिधियों ने यह भी मांग किया कि मरम्मत के स्थान पर एक नया संजय सेतु (घाघरा पुल)बनाया जाए,ताकि लोगों को भविष्य में दिक्कतों का सामना न करना पड़े।मुख्यमंत्री ने विधायकों की इस मांग पर भी आश्वासन दिया है।मुख्यमंत्री ने मुलाकात के दौरान जिले के अधिकारियों और विकास कार्यों की प्रगति पर भी चर्चा किया साथ ही उन्होंने शेष विकास कार्यों को तेजी से पूरा कराने का निर्देश दिया।सभी विधायकों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने उनकी मांगों को सुना और स्वीकार किया।विधायक मेहनौन विनय कुमार द्विवेदी ने विशेष रूप से मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया कि उन्होंने पांटून (पीपा) पुल बने बिना घाघरा पुल न बंद करने का आश्वासन दिया है।उन्होंने इसको लेकर के अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
क्रिकेट और सियासत का मिलन: जून में शादी करेंगे रिंकू सिंह और सपा सांसद प्रिया सरोज, लखनऊ–वाराणसी पर सस्पेंस



लखनऊ। भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार बल्लेबाज रिंकू सिंह और मछलीशहर (जौनपुर) से समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज जून महीने में विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों की सगाई 8 जून 2025 को लखनऊ में संपन्न हुई थी। अब शादी की तैयारियां अंतिम चरण में हैं, हालांकि बरात लखनऊ जाएगी या वाराणसी, इस पर अंतिम निर्णय जल्द लिया जाएगा।

रिंकू सिंह के परिजनों ने शादी की तारीख जून में तय होने की पुष्टि की है। इससे पहले दोनों की शादी 18 नवंबर 2025 को वाराणसी में प्रस्तावित थी, लेकिन रिंकू के अंतरराष्ट्रीय मैचों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा। बाद में फरवरी 2026 में नई तारीख तय हुई, मगर टी-20 विश्वकप और आईपीएल की व्यस्तताओं के कारण शादी को जून तक टाल दिया गया।

लखनऊ में हुई सगाई समारोह में सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव, बीसीसीआई उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला, कई सांसद, विधायक और क्रिकेट जगत की हस्तियां शामिल हुई थीं। शादी के आयोजन की जिम्मेदारी एक पेशेवर इवेंट कंपनी को सौंपी गई है। शादी के बाद अलीगढ़ में रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।

रिंकू सिंह फिलहाल भारतीय क्रिकेट टीम का हिस्सा हैं और विश्वकप के बाद वह कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) की ओर से आईपीएल खेलेंगे। क्रिकेट करियर के साथ-साथ निजी जीवन में भी उनका सफर सुर्खियों में है।

गौरतलब है कि रिंकू सिंह ने बेहद साधारण परिवार से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में पहचान बनाई। 2023 आईपीएल में गुजरात टाइटंस के खिलाफ यश दयाल की पांच गेंदों पर पांच छक्के लगाकर उन्होंने इतिहास रच दिया था। इसके बाद वे देश के भरोसेमंद फिनिशर के रूप में पहचाने जाने लगे।

प्रिया सरोज पेशे से अधिवक्ता हैं और वर्तमान में मछलीशहर से सांसद हैं। यह रिश्ता दोनों परिवारों की सहमति और स्नेह से तय हुआ है। शादी समारोह में देशभर के प्रमुख राजनेताओं, क्रिकेटरों, फिल्मी सितारों और समाजसेवियों के शामिल होने की संभावना है।
तेज रफ्तार स्कूल वैन गड्ढे में पलटा, बाल बाल बचे बच्चे, एक बार फिर विद्यालय प्रबंधन एवं विभाग पर खड़े हुए सवाल


गिरिडीह जिले के तिसरी थाना क्षेत्र केे समीप स्थित गांधी मैदान के समीप पीसीसी सड़क किनारे गड्ढे में गुरुवार की सुबह तिसरी के उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन तेज रफ्तार में बच्चे सहित पलटी खा गया। गनीमत रही कि आस पास के ग्रामीणों ने सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया जिसमें तीन बच्चों को चोट आई। इस सम्बन्ध में जानकारी देते हुए परिजन एवं ग्रामीणों ने बताया कि उज्ज्वल पब्लिक स्कूल का स्कूल वैन जिसका रजिस्ट्रेशन संख्या JH10BT3853 प्रतिदिन की भांति बुटवरिया से लगभग 10 की संख्या में बच्चों को बैठा कर तेज रफ्तार में स्कूल की ओर जा रहा था। इसी बीच वह नवनिर्मित पीसीसी सड़क के मोड पर अनियंत्रित हो गड्ढे में जा पलटा। परिजनों ने बताया कि उनके द्वारा पूर्व में भी चालक को चेताया गया और उसे धीरे चलने को कहा गया था। वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने सड़क किनारे गड्ढे नहीं भरे होने की वजह बताया साथ ही उन्होंने कथित तौर पर चालक के अप्रशिक्षित होने एवं उसके पास फर्जी लाइसेंस एवं लाइसेंस नहीं होने की बात को भी कहा, जो कि जांच के बाद ही पता लगाया जा सकता है। बता दें कि घटना में तिसरी के बुटवरिया निवासी 12 वर्षीय मुस्कान कुमारी पिता गणेश पासवान, 8 वर्षीय बिपिन सिंह पिता शारदा सिंह एवं 10 वर्षीय मरिता बेसरा को चोट आई, जिसके बाद सभी को इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तिसरी लाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद सभी को घर भेज दिया गया। बताते चलें कि उक्त स्कूल वैन का जब एम परिवहन में जानकारी खंगाला गया तो उक्त वाहन का फिटनेस 28 मार्च 2021 तक ही वैध दिखा। वहीं इंश्योरेंस भी 25 मार्च 2020 को ही खत्म हो चुका था। इतना ही नहीं उक्त विद्यालय में पूर्व में भी एक बच्चे को शिक्षक द्वारा बेरहमी से पीटा गया था, जिसके बाद विभाग ने जांच भी की थी। ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या प्राइवेट विद्यालय को सरकार एवं विभाग द्वारा दिए गए गाइडलाइन को पालन करना आवश्यक है या नहीं और यदि आवश्यक है तो आखिर विभाग इसकी मॉनिटरिंग क्यों नहीं करता है? आखिर बिना फिटनेस एवं इंश्योरेंस के वाहन निजी विद्यालय में कैसे चलाए किए जा रहे है और इसमें होने वाले हादसों के दोषी कौन है? अब देखना यह है कि प्रशाशन और विभाग इसे लेकर क्या कार्रवाई करता है और निजी विद्यालय के इस मनमानी कदम पर रोक कैसे लगाता है?