हाथियों के हमले पर मुख्यमंत्री सख्त: अधिकारियों को निर्देश—"एक भी जान गई तो खैर नहीं, बचाव के पुख्ता इंतजाम करें"

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में जंगली हाथियों के बढ़ते हमलों से हो रही जान-माल की क्षति पर गहरी चिंता व्यक्त की है। शनिवार को मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अधिकारियों के साथ आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में उन्होंने स्पष्ट लहजे में कहा कि हाथियों के हमले से किसी भी व्यक्ति की मृत्यु न हो, यह हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।
हाथी हमलों से बचाव के लिए 'क्विक रिस्पॉन्स' रणनीति:
मुख्यमंत्री ने रामगढ़, बोकारो, हजारीबाग और चाईबासा जैसे प्रभावित जिलों में तत्काल प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को केवल जागरूक न करें, बल्कि उन्हें 'एलीफेंट रेस्क्यू' का तकनीकी प्रशिक्षण देकर विशेष टीमें तैयार करें। ग्रामीणों को मशाल के लिए डीजल, पुराने टायर, टॉर्च और सोलर सायरन जैसे सुरक्षा उपकरण तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
मुआवजे में देरी अब बर्दाश्त नहीं:
पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक निर्देश दिया कि हाथी या किसी भी जानवर के हमले में मृत्यु होने पर 12 दिनों के भीतर मुआवजा राशि का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि मुआवजा वितरण की पुरानी जटिल प्रक्रियाओं और नियमों में संशोधन कर एक प्रभावी नियमावली बनाई जाए, ताकि पीड़ितों को राहत मिलने में विलंब न हो।
सिस्टम को मजबूत करने के लिए 6 कुनकी हाथी:
बैठक में अधिकारियों ने बताया कि एलीफेंट ट्रेकिंग और रेस्क्यू के लिए 6 कुनकी हाथी मंगाए जा रहे हैं। इसके साथ ही विशेषज्ञों की मदद से एक 'क्विक रिस्पांसिबल मेकैनिज्म' तैयार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विभाग को पिछले 5 वर्षों में हुई कैजुअल्टी और दिए गए मुआवजे का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
एलिफेंट कॉरिडोर की होगी मैपिंग:
मुख्यमंत्री ने राज्य के सभी एलिफेंट कॉरिडोर की मैपिंग करने का निर्देश दिया ताकि हाथियों के विचलन का सटीक पूर्वानुमान लगाया जा सके। हजारीबाग क्षेत्र में सक्रिय 5 आक्रामक हाथियों के झुंड पर निगरानी के लिए तैनात 70 लोगों की टीम की समीक्षा करते हुए उन्होंने अधिकारियों को निरंतर अलर्ट मोड पर रहने को कहा।
बैठक में मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार सहित वन विभाग के तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री के कड़े निर्देश (Bullet Points):
शून्य कैजुअल्टी: हाथियों के हमले से एक भी जान न जाए, यह वन विभाग की जिम्मेदारी।
त्वरित मुआवजा: घटना के 12 दिनों के भीतर शत-प्रतिशत मुआवजा भुगतान।
ग्रामीणों का सशक्तिकरण: ग्रामीणों को रेस्क्यू ट्रेनिंग और सुरक्षा सामग्री (डीजल, टॉर्च, सायरन) की आपूर्ति।
नियमों में बदलाव: मुआवजा नियमावली में आवश्यक संशोधन कर प्रक्रिया को सरल बनाना।
1 hour and 8 min ago
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