दक्षिणा काली मंदिर का 42 वां स्थापना दिवस व श्रृंगारोत्सव सम्पन्न
जौनपुर। नगर के सिटी स्टेशन रेलवे क्रॉसिंग के निकट ओवरब्रिज के पास स्थित श्री मां आद्याशक्ति दक्षिणा काली मंदिर का 42वां वार्षिक द्विदिवसीय स्थापना दिवस एवं भव्य श्रृंगारोत्सव सोमवार की सायंकाल धूमधाम के साथ सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया। मां काली का अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। सायंकाल हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंदिर के प्रधान पुजारी भगवती सिंह वागीश ने बताया कि काली कलयुग की अधिष्ठात्री पराशक्ति हैं। कलयुग में मां काली के श्रृंगार दर्शन-पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थापना सन् 1984 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर की गई थी। सायंकाल आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ मंदिर के पुजारी भगवती सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, मुंबई शिवसेना उपाध्यक्ष संतोष सिंह एवं पूर्व प्राचार्य टी डी कॉलेज समर बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बैंक महाप्रबंधक विजेंद्र सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डॉ. लाल जी प्रसाद एवं सपा नेता अजय त्रिपाठी ने कलाकारों को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। एक्टर व गायक जितेंद्र झा ने “जय काली जय काली कलकत्ते वाली”, “तोरे धमवा में बलमा मोर हरेलइल” तथा “बम बम बोल रहा है काशी” जैसे गीत प्रस्तुत कर देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक अभिषेक मयंक ने देवी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि आशीष पाठक अमृत, सरदार सुराज सिंह एवं पिंटू शेख के गीतों पर भी श्रोता झूम उठे। राजकुमार चौहान सिकंदर जौनपुरिया एवं सोनू द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-सुदामा की झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गहना कोठी फर्म द्वारा श्रद्धालुओं को बुनिया का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गोविंद मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कनौजिया, डॉ. अजय पांडेय, डॉ. गौरव मौर्य, डॉ. संजीव पी. पांडेय, डॉ. बृजेश कनौजिया, भाजपा जिला महामंत्री पियूष गुप्ता, सोमेश्वर केसरवानी, ओम प्रकाश जायसवाल, संकठा प्रसाद पांडेय, भानू मौर्य, दल श्रृंगार विश्वकर्मा, अमित निगम, विक्रम गुप्ता एवं रामपाल विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत देवेश सिंह व सर्वेश सिंह सोनू ने किया तथा आभार वंदेश कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
अगरिया असुर आदिम जनजाति विकास समिति का 26वां स्थापना दिवस हजारीबाग में धूमधाम से मनाया गया

हजारीबाग- जिलें के सरहुल मैदान स्थित धुमकुड़िया भवन में झारखंड अगरिया असुर आदिम जनजाति विकास समिति का 26वां स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और एकजुटता के साथ मनाया गया। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग 500 समाजबंधुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। पूरे परिसर में पारंपरिक परिधान, सांस्कृतिक झलक और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मां देव प्रिया , महेंद्र बेक उपस्थित रहीं। वहीं पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान विशिष्ट अतिथि के तौर पर समारोह में शामिल हुए। मंच पर पहुंचते ही उनका पारंपरिक अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में विक्की कुमार धान ने मुन्ना सिंह का संदेश समाज के बीच साझा करते हुए कहा कि अगरिया असुर आदिम जनजाति की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को संरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताते हुए युवाओं से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है तो विकास की नई दिशा और नई पहचान स्थापित होती है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनिल अगरिया ने संगठन की 26 वर्षों की संघर्षपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समिति समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। सचिव मुकेश कुमार अगरिया एवं कोषाध्यक्ष बिनोद अगरिया ने संगठन की भावी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत पारंपरिक नृत्य एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Mirzapur: आरएसएस पदाधिकारी कर रहे पद का दुरुपयोग, जबरन स्वयंसेवकों का करा रहे बीमा पॉलिसी

मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चुनार में एक विवादित मामला सामने आया है। यहां संघ के एक पदाधिकारी पर अपने पद और प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए स्वयंसेवक बंधुओं पर जबरदस्ती बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। कुछ पीड़ित स्वयंसेवकों का कहना है कि जिला कार्यवाह द्वारा संगठनात्मक बैठकों और व्यक्तिगत संपर्कों के दौरान उन्हें बीमा करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। स्वयंसेवकों ने अपनी शिकायत में कहा कि संघ एक स्वैच्छिक सेवा संगठन है, जहां सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना सर्वोपरि होती है, लेकिन यहां पद की गरिमा को ताक पर रखकर इसे व्यावसायिक लाभ का जरिया बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिला कार्यवाह द्वारा स्वयंसेवकों को डरा-धमकाकर या भावनात्मक दबाव डालकर बीमा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। कई स्वयंसेवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्हें प्रीमियम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वयंसेवकों के अनुसार, यह कृत्य संघ की रीति-नीति और अनुशासन के पूरी तरह विरुद्ध है। इस पूरे मामले में एक अन्य संघ प्रचारक की भी मिलीभगत होनी बताई गई है। स्वयंसेवक बंधुओं ने इस मामले को संघ के विभाग स्तर पे बताने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  खंड, जिला व विभाग के उच्च पदाधिकारियों ने विभाग, प्रांत व क्षेत्र स्तर के उच्च पदाधिकारीयों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो इससे संगठन की छवि धूमिल होगी और निष्ठावान स्वयंसेवकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में जिला कार्यवाह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जनता की गंभीर परेशानियों को देखते हुए विधायक संजय उपाध्याय ने मनपा आयुक्त को लिखा पत्र
मुंबई। बोरिवली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें चारकोप, सेक्टर ८ क्षेत्र में कोस्टल रोड परियोजना के अंतर्गत चल रहे पाइलिंग कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्पन्न हुई गंभीर चिंता एवं भय की स्थिति का उल्लेख किया गया है। ११ फरवरी २०२६ से प्रारंभ हुए पाइलिंग कार्य के कारण आसपास की इमारतों में तीव्र कंपन अनुभव हो रहा है, जिससे निवासियों में भूकंप-सा भय व्याप्त हो गया है। कार्य आरंभ करने से पूर्व स्थानीय निवासियों को कोई पूर्व सूचना अथवा परामर्श नहीं दिया गया था। पत्र में श्री उपाध्याय ने आयुक्त को कहा है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पूर्व प्रभावित निवासियों को पूर्ण जानकारी प्रदान की जाए तथा उनकी राय ली जाए।  समस्त निकटवर्ती इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच वी.जे.टी.आई. तथा/अथवा आई.आई.टी. के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाए। कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति अथवा दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। किसी भी क्षति/दुर्घटना की स्थिति में पूर्ण दायित्व स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।  कार्य स्थल पर पूर्णकालिक रूप से उत्तरदायी अधिकारी की नियुक्ति एवं निरंतर उपस्थिति अनिवार्य की जाए।  प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। निवासियों के जीवन, सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।
संजय उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि वे कोस्टल रोड परियोजना के विरोध में नहीं हैं, किंतु निवासियों की सुरक्षा एवं जीवन की रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा करते हैं।
राँची प्रशासन सख्त: बोर्ड परीक्षाओं के बीच 'शोर' मचाया तो होगी जेल, डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ा पहरा

राँची: सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए राँची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रत्याशियों और बार संचालकों को चेतावनी:

वर्तमान में नगर निगम चुनाव के प्रचार और रेस्टोरेंट/बार में बजने वाले तेज संगीत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि चुनावी वाहन, प्रत्याशी, रेस्टोरेंट संचालक या कोई भी आयोजक तय डेसिबल सीमा से अधिक शोर करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उपकरण की जब्ती और भारी जुर्माना शामिल है।

मानकों का करना होगा पालन:

ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत प्रशासन ने मानक स्पष्ट किए हैं:

आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) की सीमा।

लाउडस्पीकर: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

निजी स्थान: यहां भी शोर की सीमा 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़नी चाहिए।

परीक्षा का संवेदनशील समय:

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री कुमार रजत को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाएं। शोर से न केवल छात्र, बल्कि वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को नई रफ्तार, 10 स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित

*27 फरवरी 2026 तक कर सकते हैं आवेदन, 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा संचालन*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हरित पर्यटन को नई दिशा देने की पहल करते हुए उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने राज्य के 10 प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन और देखरेख के लिए इच्छुक संस्थाओं, कंपनियों एवं अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह पहल प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के पेशेवर प्रबंधन, दीर्घकालिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चयनित एजेंसियों को परियोजनाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन विकास के लिए संस्थागत ढांचा तैयार करेगा, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित संरक्षण सुनिश्चित होगा।

* 10 प्रमुख स्थलों पर विकसित होंगी परियोजनाएं

बोर्ड द्वारा जिन स्थलों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से अयोध्या की उधेला झील, ललितपुर के बदरौन स्थित करकरावल जलप्रपात, बाराबंकी की बघर झील, बलिया का मैरीटार गांव, सीतापुर की अज्जेपुर झील, महराजगंज का देवदह स्थल, कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील, चित्रकूट का रामनगर, जालौन का पचनदा तथा बांदा जनपद की तहसील नरैनी में कालिंजर किले के समीप पर्यटन सुविधा केंद्र शामिल हैं।
सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मोड) पर विकसित की जाएंगी, जिससे निजी सहभागिता के माध्यम से गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

* 27 फरवरी तक करें आवेदन

इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने प्रस्ताव 27 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के क्षेत्र में समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश को ईको टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
.एआरटीओ मेरठ में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ 24 फरवरी को भाकियू (तोमर) का विशाल धरना-प्रदर्शन


मेरठ, 18 फरवरी 2026। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिला अध्यक्ष चौ० इंतजार देशवाल ने आज अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में एआरटीओ (मेरठ) कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, किसानों एवं आमजन की अनदेखी तथा अवैध वसूली के विरोध में 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान या आमजन अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालय जाते हैं तो उनसे सरकारी रसीद से लगभग छह गुना अधिक धनराशि वसूली जाती है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय परिसर में अनेक निजी व्यक्ति खुलेआम दलाली कर रहे हैं और किसानों व आमजन से काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाए। प्रेस वार्ता में पीटीओ मैडम प्रीति पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन का आरोप है कि ओवरलोडिंग वाहनों से प्रति माह लगभग छह हजार रुपये एंट्री के नाम पर वसूले जाते हैं तथा कुछ विशेष गाड़ियों को बिना रोक-टोक चलने दिया जाता है, जबकि एंट्री न देने वाली गाड़ियों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान कर दिया जाता है। संगठन ने सभी के साथ समान व्यवहार की मांग की है।इसके अतिरिक्त आरोप लगाया गया कि जिन वाहनों का चालान किया जाता है, उन्हें किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाकर ले जाया जाता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी को लेकर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। साथ ही पेट्रोल पंपों एवं दुकानों पर खड़ी गाड़ियों के चालान काटने का भी आरोप लगाया गया, जिसके वीडियो प्रमाण संगठन के पास होने का दावा किया गया।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे जिला अध्यक्ष अकिल राणा, जिला महासचिव अमित चौधरी, जिला महामंत्री अब्दुल कलाम, जिला प्रवक्ता जमीर चौधरी, मंडल उपाध्यक्ष अमरपाल सिंह ग्रेवाल, मंडल उपाध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्ण कुमार, जिला अध्यक्ष सलाहकार मोनु बटला, जसप्रीत सिंह ग्रेवाल, फैयाज भाई, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी वह अन्य साथी मौजूद रहे
बाल उत्सव ‘प्रगति–स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0’ में बच्चों ने भरी रचनात्मक उड़ान
*“संस्कार, संवाद और अनुशासन से संवरता है बचपन, आदतों पर निर्भर है बच्चों का भविष्य”*

*“मोबाइल नहीं, संस्कार बनाएं भविष्य—बच्चों की आदतों पर टिकी है सफलता की नींव”*

*“आज की आदतें, कल का नागरिक—बच्चों का भविष्य अभिभावकों की सजगता से जुड़ा”*


*गोण्डा 18 फरवरी 2026*  -  प्रकाश मैरिज हॉल, पंतनगर में मंगलवार को आयोजित प्रगति–स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव में बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुक्त, ने कहा कि मीना मंच केवल एक मंच नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, स्वाभिमान और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करने की प्रयोगशाला है।

आयुक्त ने कहा कि जब बच्चे अपनी कहानी स्वयं लिखते हैं, कॉमिक्स बनाते हैं और जेंडर स्टीरियोटाइप, मीडिया के आदर्श स्वरूप तथा हानिकारक बॉडी टॉक जैसे विषयों पर विचार रखते हैं, तब वे केवल प्रतिभागी नहीं रहते—वे परिवर्तन के वाहक बनते हैं। शिक्षा का उद्देश्य पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न होकर अभिव्यक्ति, निर्णय क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और नेतृत्व कौशल का विकास होना चाहिए।

आयुक्त ने बच्चों की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और डिजिटल युग में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों से नियमित रूप से संवाद बनाए रखें, उनकी भावनाओं, विचारों और समस्याओं को गंभीरता से सुनें तथा विश्वास का वातावरण तैयार करें, जिससे बच्चे स्वयं को अकेला या उपेक्षित न महसूस करें।

आयुक्त ने विशेष रूप से बच्चों की स्क्रीन गतिविधियों पर संतुलित निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि मोबाइल, टीवी और इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके विकल्प के रूप में खेलकूद, योग, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनेक बच्चे अवसाद, तनाव और नकारात्मक सोच से गुजर रहे हैं, ऐसे में अभिभावकों को समय-समय पर परामर्श (काउंसलिंग) की व्यवस्था करनी चाहिए। सकारात्मक आदतें, अनुशासन और संवेदनशील पालन-पोषण ही बच्चों को आत्मविश्वासी, संतुलित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की मजबूत नींव रखते हैं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील के हाथों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

आयुक्त ने बताया कि पुरस्कृत बच्चों को स्टेट लेवल प्रतियोगिता में प्रतिभाग के लिए भेजा जाएगा। जिन बच्चों को पुरस्कार नहीं मिल सका, उनसे कहा गया कि यह अंतिम अवसर नहीं है—निरंतर प्रयास से सफलता अवश्य मिलेगी।
इस अवसर पर चैंपियन ऑफ चेंज श्रेणी में 10 बच्चों को सम्मानित किया गया, जिनमें गोण्डा की अनसुइया यादव व लक्ष्मी सोनी, बलरामपुर की साक्षी, श्रावस्ती की अनुप्रिया, बहराइच की निधि तिवारी सहित अन्य प्रतिभाशाली बच्चे शामिल रहे।

बाल उत्सव का उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित सेल्फ-स्ट्रीम एवं मीना मंच गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाना, आत्मविश्वास को पोषित करना और सफलता की कहानियों को साझा करने का मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम ने सिद्ध किया कि सही दिशा और अवसर मिलने पर बच्चे न केवल स्वयं आगे बढ़ते हैं, बल्कि समाज को भी सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देते हैं।


इस अवसर पर संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन राकेश कुमार पाण्डेय, सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा) राम सागर पति त्रिपाठी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

दक्षिणा काली मंदिर का 42 वां स्थापना दिवस व श्रृंगारोत्सव सम्पन्न
जौनपुर। नगर के सिटी स्टेशन रेलवे क्रॉसिंग के निकट ओवरब्रिज के पास स्थित श्री मां आद्याशक्ति दक्षिणा काली मंदिर का 42वां वार्षिक द्विदिवसीय स्थापना दिवस एवं भव्य श्रृंगारोत्सव सोमवार की सायंकाल धूमधाम के साथ सम्पन्न हो गया। कार्यक्रम का समापन विशाल भंडारे के साथ हुआ, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया।
मंदिर परिसर को आकर्षक फूल-मालाओं और रोशनी से सजाया गया। मां काली का अलौकिक श्रृंगार श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहा। सुबह से लेकर देर रात तक दर्शनार्थियों का तांता लगा रहा। सायंकाल हवन-पूजन एवं पूर्णाहुति में श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
मंदिर के प्रधान पुजारी भगवती सिंह वागीश ने बताया कि काली कलयुग की अधिष्ठात्री पराशक्ति हैं। कलयुग में मां काली के श्रृंगार दर्शन-पूजन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं। उन्होंने बताया कि मंदिर की स्थापना सन् 1984 में महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर की गई थी। सायंकाल आयोजित भजन संध्या का शुभारंभ मंदिर के पुजारी भगवती सिंह, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष दिनेश टंडन, मुंबई शिवसेना उपाध्यक्ष संतोष सिंह एवं पूर्व प्राचार्य टी डी कॉलेज समर बहादुर सिंह ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
इस अवसर पर बैंक महाप्रबंधक विजेंद्र सिंह, डॉ. सुभाष सिंह, वरिष्ठ सर्जन डॉ. लाल बहादुर सिद्धार्थ, डॉ. लाल जी प्रसाद एवं सपा नेता अजय त्रिपाठी ने कलाकारों को चुनरी ओढ़ाकर सम्मानित किया। एक्टर व गायक जितेंद्र झा ने “जय काली जय काली कलकत्ते वाली”, “तोरे धमवा में बलमा मोर हरेलइल” तथा “बम बम बोल रहा है काशी” जैसे गीत प्रस्तुत कर देर रात तक दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। गायक अभिषेक मयंक ने देवी गीतों की मनमोहक प्रस्तुति दी, जबकि आशीष पाठक अमृत, सरदार सुराज सिंह एवं पिंटू शेख के गीतों पर भी श्रोता झूम उठे। राजकुमार चौहान सिकंदर जौनपुरिया एवं सोनू द्वारा प्रस्तुत कृष्ण-सुदामा की झांकी ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। गहना कोठी फर्म द्वारा श्रद्धालुओं को बुनिया का प्रसाद वितरित किया गया। कार्यक्रम का संचालन गोविंद मिश्रा ने किया। इस अवसर पर कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुरेश कनौजिया, डॉ. अजय पांडेय, डॉ. गौरव मौर्य, डॉ. संजीव पी. पांडेय, डॉ. बृजेश कनौजिया, भाजपा जिला महामंत्री पियूष गुप्ता, सोमेश्वर केसरवानी, ओम प्रकाश जायसवाल, संकठा प्रसाद पांडेय, भानू मौर्य, दल श्रृंगार विश्वकर्मा, अमित निगम, विक्रम गुप्ता एवं रामपाल विश्वकर्मा सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे। अतिथियों का स्वागत देवेश सिंह व सर्वेश सिंह सोनू ने किया तथा आभार वंदेश कुमार सिंह ने व्यक्त किया।
अगरिया असुर आदिम जनजाति विकास समिति का 26वां स्थापना दिवस हजारीबाग में धूमधाम से मनाया गया

हजारीबाग- जिलें के सरहुल मैदान स्थित धुमकुड़िया भवन में झारखंड अगरिया असुर आदिम जनजाति विकास समिति का 26वां स्थापना दिवस बड़े ही उत्साह, गरिमा और एकजुटता के साथ मनाया गया। राज्य के विभिन्न जिलों से पहुंचे लगभग 500 समाजबंधुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया। पूरे परिसर में पारंपरिक परिधान, सांस्कृतिक झलक और सामाजिक एकता का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में मां देव प्रिया , महेंद्र बेक उपस्थित रहीं। वहीं पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि विक्की कुमार धान विशिष्ट अतिथि के तौर पर समारोह में शामिल हुए। मंच पर पहुंचते ही उनका पारंपरिक अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ देकर भव्य स्वागत किया गया। अपने संबोधन में विक्की कुमार धान ने मुन्ना सिंह का संदेश समाज के बीच साझा करते हुए कहा कि अगरिया असुर आदिम जनजाति की संस्कृति, परंपरा और सामाजिक पहचान को संरक्षित रखना हम सभी का कर्तव्य है। उन्होंने शिक्षा को समाज की प्रगति की सबसे मजबूत नींव बताते हुए युवाओं से संगठित होकर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जब समाज एकजुट होकर कार्य करता है तो विकास की नई दिशा और नई पहचान स्थापित होती है। समिति के प्रदेश अध्यक्ष अनिल अगरिया ने संगठन की 26 वर्षों की संघर्षपूर्ण यात्रा और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समिति समाज के शैक्षणिक, सामाजिक और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयासरत है। सचिव मुकेश कुमार अगरिया एवं कोषाध्यक्ष बिनोद अगरिया ने संगठन की भावी योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में विभिन्न जिलों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत पारंपरिक नृत्य एवं लोकगीतों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

Mirzapur: आरएसएस पदाधिकारी कर रहे पद का दुरुपयोग, जबरन स्वयंसेवकों का करा रहे बीमा पॉलिसी

मीरजापुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चुनार में एक विवादित मामला सामने आया है। यहां संघ के एक पदाधिकारी पर अपने पद और प्रभाव का अनुचित लाभ उठाते हुए स्वयंसेवक बंधुओं पर जबरदस्ती बीमा पॉलिसी लेने का दबाव बनाने का मामला सामने आया है। कुछ पीड़ित स्वयंसेवकों का कहना है कि जिला कार्यवाह द्वारा संगठनात्मक बैठकों और व्यक्तिगत संपर्कों के दौरान उन्हें बीमा करवाने के लिए विवश किया जा रहा है। स्वयंसेवकों ने अपनी शिकायत में कहा कि संघ एक स्वैच्छिक सेवा संगठन है, जहां सेवा और राष्ट्रभक्ति की भावना सर्वोपरि होती है, लेकिन यहां पद की गरिमा को ताक पर रखकर इसे व्यावसायिक लाभ का जरिया बनाया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिला कार्यवाह द्वारा स्वयंसेवकों को डरा-धमकाकर या भावनात्मक दबाव डालकर बीमा फॉर्म भरवाए जा रहे हैं। कई स्वयंसेवकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ठीक न होने के बावजूद उन्हें प्रीमियम भरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। स्वयंसेवकों के अनुसार, यह कृत्य संघ की रीति-नीति और अनुशासन के पूरी तरह विरुद्ध है। इस पूरे मामले में एक अन्य संघ प्रचारक की भी मिलीभगत होनी बताई गई है। स्वयंसेवक बंधुओं ने इस मामले को संघ के विभाग स्तर पे बताने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।  खंड, जिला व विभाग के उच्च पदाधिकारियों ने विभाग, प्रांत व क्षेत्र स्तर के उच्च पदाधिकारीयों से हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि यदि इस प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियों पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो इससे संगठन की छवि धूमिल होगी और निष्ठावान स्वयंसेवकों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा।
इस संबंध में जिला कार्यवाह का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
राज्य संग्रहालय में ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का भव्य शुभारम्भ

* नई पीढ़ी को कला और विरासत से जोड़ने की अनूठी पहल, 28 फरवरी तक चलेगा ज्ञान संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग की ओर से राज्य संग्रहालय लखनऊ में 18 से 28 फरवरी 2026 तक आयोजित ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का शुभारम्भ आज भव्य समारोह के साथ हुआ। कार्यक्रम में देशभर के विद्वान भारतीय कला के विविध आयामों पर दस दिनों तक व्याख्यान देंगे।
कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्य अतिथि प्रो. माण्डवी सिंह, कुलपति भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय ने किया। मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल (पूर्व विभागाध्यक्ष, प्राचीन भारतीय इतिहास एवं पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय), विशिष्ट अतिथि संजय कुमार बिसवाल एवं डॉ. सृष्टि धवन उपस्थित रहे।
प्रो. माण्डवी सिंह ने कहा कि कला अभिरुचि जैसे आयोजनों से समाज में कला और संस्कृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित होती है। यह कार्यशाला जनसामान्य को कला से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगी।
मुख्य वक्ता प्रो. के.के. थप्पल्याल ने अपने व्याख्यान में कला के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि कला मनुष्य के जीवन का अनिवार्य अंग है। उन्होंने प्रागैतिहासिक काल से मानव द्वारा कला सृजन की परंपरा का उल्लेख करते हुए भीमबेटका शैलाश्रय का उदाहरण दिया, जो प्रागैतिहासिक चित्रों का विश्वप्रसिद्ध स्थल है। उन्होंने कहा कि कला का रसास्वादन करने के लिए दर्शक में भी संवेदनशीलता और समझ आवश्यक है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह पाठ्यक्रम विद्यार्थियों, शोधार्थियों और कला-प्रेमियों के लिए अत्यंत उपयोगी होगा। सरल भाषा में भारतीय कला, इतिहास और संग्रहालय विज्ञान की जानकारी प्रदान कर नई पीढ़ी को अपनी विरासत से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

* दस दिनों तक होंगे विशिष्ट व्याख्यान

19 फरवरी को “प्राचीन कला का उद्भव एवं विकास” विषय पर डॉ. राकेश तिवारी (पूर्व महानिदेशक, भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण, नई दिल्ली) व्याख्यान देंगे। 20 फरवरी को “गुप्त कालीन कला में सांस्कृतिक चेतना” विषय पर प्रो. एस.एन. कपूर (लखनऊ विश्वविद्यालय) बोलेंगे।
21 फरवरी को “मिनिएचर मार्बल्स: शाही संरक्षण, परंपरा, तकनीक और कलात्मक उत्कृष्टता” विषय पर डॉ. विजय माथुर (सलाहकार, संघ लोक सेवा आयोग) व्याख्यान देंगे। 22 फरवरी को “क्यों किसी को संग्रहालय जाना चाहिए” विषय पर प्रो. ऊषा रानी तिवारी, काशी हिंदू विश्वविद्यालय व्याख्यान देंगी।
24 फरवरी को “भारत की प्राचीन मौद्रिक यात्रा” विषय पर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) अपने विचार रखेंगे। 25 फरवरी को “प्रागैतिहासिक भारत की संस्कृतियां” विषय पर प्रो. अनिल कुमार (विभागाध्यक्ष, पुरातत्व विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय) व्याख्यान देंगे।
26 फरवरी को “गुप्त कालीन भारतीय वास्तुकला” विषय पर डॉ. राजीव द्विवेदी, निदेशक वृन्दावन शोध संस्थान अपने विचार साझा करेंगे। 27 फरवरी को “संग्रहालय की वस्तुओं का निवारक संरक्षण” विषय पर धर्मेन्द्र मिश्रा, निदेशक इंटैक लखनऊ व्याख्यान देंगे।
28 फरवरी को प्रमाण-पत्र वितरण के साथ इस दस दिवसीय ‘कला अभिरुचि पाठ्यक्रम’ का समापन होगा। आयोजकों के अनुसार यह पहल कला और विरासत के प्रति नई पीढ़ी में रुचि और जागरूकता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
जनता की गंभीर परेशानियों को देखते हुए विधायक संजय उपाध्याय ने मनपा आयुक्त को लिखा पत्र
मुंबई। बोरिवली विधानसभा क्षेत्र के लोकप्रिय विधायक संजय उपाध्याय ने बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आयुक्त को एक औपचारिक पत्र प्रेषित किया है, जिसमें चारकोप, सेक्टर ८ क्षेत्र में कोस्टल रोड परियोजना के अंतर्गत चल रहे पाइलिंग कार्य से स्थानीय निवासियों में उत्पन्न हुई गंभीर चिंता एवं भय की स्थिति का उल्लेख किया गया है। ११ फरवरी २०२६ से प्रारंभ हुए पाइलिंग कार्य के कारण आसपास की इमारतों में तीव्र कंपन अनुभव हो रहा है, जिससे निवासियों में भूकंप-सा भय व्याप्त हो गया है। कार्य आरंभ करने से पूर्व स्थानीय निवासियों को कोई पूर्व सूचना अथवा परामर्श नहीं दिया गया था। पत्र में श्री उपाध्याय ने आयुक्त को कहा है कि किसी भी कार्य की शुरुआत से पूर्व प्रभावित निवासियों को पूर्ण जानकारी प्रदान की जाए तथा उनकी राय ली जाए।  समस्त निकटवर्ती इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा की जाँच वी.जे.टी.आई. तथा/अथवा आई.आई.टी. के विशेषज्ञों द्वारा कराई जाए। कार्य के दौरान किसी प्रकार की क्षति अथवा दुर्घटना न होने की लिखित गारंटी प्रदान की जाए। किसी भी क्षति/दुर्घटना की स्थिति में पूर्ण दायित्व स्वीकार करने का लिखित आश्वासन दिया जाए। निर्माण संबंधी समस्त नियमों एवं सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।  कार्य स्थल पर पूर्णकालिक रूप से उत्तरदायी अधिकारी की नियुक्ति एवं निरंतर उपस्थिति अनिवार्य की जाए।  प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण संरक्षण के उपायों का सख्ती से अनुपालन किया जाए। निवासियों के जीवन, सुरक्षा एवं कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता प्रदान की जाए।
संजय उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि वे कोस्टल रोड परियोजना के विरोध में नहीं हैं, किंतु निवासियों की सुरक्षा एवं जीवन की रक्षा को सर्वोपरि मानते हुए इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जाने की अपेक्षा करते हैं।
राँची प्रशासन सख्त: बोर्ड परीक्षाओं के बीच 'शोर' मचाया तो होगी जेल, डीजे और लाउडस्पीकर पर कड़ा पहरा

राँची: सीबीएसई (CBSE), आईसीएसई (ICSE) और झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) की बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए राँची जिला प्रशासन ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने स्पष्ट किया है कि परीक्षार्थियों की एकाग्रता भंग करने वाले किसी भी व्यक्ति या संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा।

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प्रत्याशियों और बार संचालकों को चेतावनी:

वर्तमान में नगर निगम चुनाव के प्रचार और रेस्टोरेंट/बार में बजने वाले तेज संगीत से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। प्रशासन ने निर्देश दिया है कि यदि चुनावी वाहन, प्रत्याशी, रेस्टोरेंट संचालक या कोई भी आयोजक तय डेसिबल सीमा से अधिक शोर करते पाए गए, तो उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें उपकरण की जब्ती और भारी जुर्माना शामिल है।

मानकों का करना होगा पालन:

ध्वनि प्रदूषण नियम, 2000 के तहत प्रशासन ने मानक स्पष्ट किए हैं:

आवासीय क्षेत्र: दिन में 55 dB(A) और रात में 45 dB(A) की सीमा।

लाउडस्पीकर: रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक बिना अनुमति के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध।

निजी स्थान: यहां भी शोर की सीमा 5 dB(A) से अधिक नहीं बढ़नी चाहिए।

परीक्षा का संवेदनशील समय:

उपायुक्त ने अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री कुमार रजत को निर्देशित किया है कि बोर्ड परीक्षाओं के इस संवेदनशील समय में पुलिस गश्त बढ़ाएं। शोर से न केवल छात्र, बल्कि वृद्ध, बीमार और गर्भवती महिलाएं भी प्रभावित हो रही हैं, जिसे किसी भी हाल में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

उत्तर प्रदेश में ईको टूरिज्म को नई रफ्तार, 10 स्थलों के संचालन हेतु प्रस्ताव आमंत्रित

*27 फरवरी 2026 तक कर सकते हैं आवेदन, 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा संचालन*

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के हरित पर्यटन को नई दिशा देने की पहल करते हुए उत्तर प्रदेश ईको टूरिज्म डेवलपमेंट बोर्ड (UPETDB) ने राज्य के 10 प्रमुख ईको टूरिज्म स्थलों के संचालन और देखरेख के लिए इच्छुक संस्थाओं, कंपनियों एवं अनुभवी एजेंसियों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। यह पहल प्राकृतिक पर्यटन स्थलों के पेशेवर प्रबंधन, दीर्घकालिक निवेश और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि चयनित एजेंसियों को परियोजनाओं का संचालन प्रारंभिक रूप से 15 वर्षों के लिए सौंपा जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन की स्थिति में यह अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकेगी। उन्होंने कहा कि यह निर्णय जिम्मेदार और पर्यावरण-संवेदनशील पर्यटन विकास के लिए संस्थागत ढांचा तैयार करेगा, जिससे स्थानीय समुदायों को रोजगार मिलेगा और प्राकृतिक संसाधनों का संतुलित संरक्षण सुनिश्चित होगा।

* 10 प्रमुख स्थलों पर विकसित होंगी परियोजनाएं

बोर्ड द्वारा जिन स्थलों के लिए प्रस्ताव आमंत्रित किए गए हैं, उनमें प्रमुख रूप से अयोध्या की उधेला झील, ललितपुर के बदरौन स्थित करकरावल जलप्रपात, बाराबंकी की बघर झील, बलिया का मैरीटार गांव, सीतापुर की अज्जेपुर झील, महराजगंज का देवदह स्थल, कुशीनगर की रामपुर सोहरौना झील, चित्रकूट का रामनगर, जालौन का पचनदा तथा बांदा जनपद की तहसील नरैनी में कालिंजर किले के समीप पर्यटन सुविधा केंद्र शामिल हैं।
सभी परियोजनाएं पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP मोड) पर विकसित की जाएंगी, जिससे निजी सहभागिता के माध्यम से गुणवत्ता, पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके।

* 27 फरवरी तक करें आवेदन

इच्छुक आवेदकों को निर्धारित पात्रता मानदंडों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप अपने प्रस्ताव 27 फरवरी 2026 तक प्रस्तुत करने होंगे। विस्तृत जानकारी एवं आवेदन प्रक्रिया बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश प्राकृतिक संपदा, जैव-विविधता और सांस्कृतिक धरोहर के क्षेत्र में समृद्ध है। ईको टूरिज्म के क्षेत्र में अपार संभावनाओं को पेशेवर प्रबंधन के माध्यम से वैश्विक स्तर तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश को ईको टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।
.एआरटीओ मेरठ में कथित भ्रष्टाचार के खिलाफ 24 फरवरी को भाकियू (तोमर) का विशाल धरना-प्रदर्शन


मेरठ, 18 फरवरी 2026। भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के जिला अध्यक्ष चौ० इंतजार देशवाल ने आज अपने आवास पर आयोजित प्रेस वार्ता में एआरटीओ (मेरठ) कार्यालय में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार, किसानों एवं आमजन की अनदेखी तथा अवैध वसूली के विरोध में 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन करने की घोषणा की।उन्होंने आरोप लगाया कि जब किसान या आमजन अपनी गाड़ी का रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए कार्यालय जाते हैं तो उनसे सरकारी रसीद से लगभग छह गुना अधिक धनराशि वसूली जाती है, जिस पर तत्काल रोक लगनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि एआरटीओ कार्यालय परिसर में अनेक निजी व्यक्ति खुलेआम दलाली कर रहे हैं और किसानों व आमजन से काम कराने के नाम पर मोटी रकम वसूल रहे हैं, जिन्हें तत्काल हटाया जाए। प्रेस वार्ता में पीटीओ मैडम प्रीति पांडेय पर भी गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन का आरोप है कि ओवरलोडिंग वाहनों से प्रति माह लगभग छह हजार रुपये एंट्री के नाम पर वसूले जाते हैं तथा कुछ विशेष गाड़ियों को बिना रोक-टोक चलने दिया जाता है, जबकि एंट्री न देने वाली गाड़ियों का मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालान कर दिया जाता है। संगठन ने सभी के साथ समान व्यवहार की मांग की है।इसके अतिरिक्त आरोप लगाया गया कि जिन वाहनों का चालान किया जाता है, उन्हें किसी अन्य व्यक्ति द्वारा चलाकर ले जाया जाता है, जिससे दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी को लेकर प्रश्नचिन्ह खड़ा होता है। साथ ही पेट्रोल पंपों एवं दुकानों पर खड़ी गाड़ियों के चालान काटने का भी आरोप लगाया गया, जिसके वीडियो प्रमाण संगठन के पास होने का दावा किया गया।
भारतीय किसान यूनियन (तोमर) ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो 24 फरवरी 2026 को एआरटीओ कार्यालय मेरठ पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
प्रेस वार्ता में मौजूद रहे जिला अध्यक्ष अकिल राणा, जिला महासचिव अमित चौधरी, जिला महामंत्री अब्दुल कलाम, जिला प्रवक्ता जमीर चौधरी, मंडल उपाध्यक्ष अमरपाल सिंह ग्रेवाल, मंडल उपाध्यक्ष प्रतिनिधि कृष्ण कुमार, जिला अध्यक्ष सलाहकार मोनु बटला, जसप्रीत सिंह ग्रेवाल, फैयाज भाई, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी वह अन्य साथी मौजूद रहे
बाल उत्सव ‘प्रगति–स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0’ में बच्चों ने भरी रचनात्मक उड़ान
*“संस्कार, संवाद और अनुशासन से संवरता है बचपन, आदतों पर निर्भर है बच्चों का भविष्य”*

*“मोबाइल नहीं, संस्कार बनाएं भविष्य—बच्चों की आदतों पर टिकी है सफलता की नींव”*

*“आज की आदतें, कल का नागरिक—बच्चों का भविष्य अभिभावकों की सजगता से जुड़ा”*


*गोण्डा 18 फरवरी 2026*  -  प्रकाश मैरिज हॉल, पंतनगर में मंगलवार को आयोजित प्रगति–स्वाभिमान और सफलता की ओर 2.0 बाल उत्सव में बच्चों की रचनात्मकता, आत्मविश्वास और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम देखने को मिला। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आयुक्त, ने कहा कि मीना मंच केवल एक मंच नहीं, बल्कि बच्चों के सपनों, स्वाभिमान और नेतृत्व क्षमता को सशक्त करने की प्रयोगशाला है।

आयुक्त ने कहा कि जब बच्चे अपनी कहानी स्वयं लिखते हैं, कॉमिक्स बनाते हैं और जेंडर स्टीरियोटाइप, मीडिया के आदर्श स्वरूप तथा हानिकारक बॉडी टॉक जैसे विषयों पर विचार रखते हैं, तब वे केवल प्रतिभागी नहीं रहते—वे परिवर्तन के वाहक बनते हैं। शिक्षा का उद्देश्य पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित न होकर अभिव्यक्ति, निर्णय क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और नेतृत्व कौशल का विकास होना चाहिए।

आयुक्त ने बच्चों की प्रस्तुतियों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए कहा कि आज के प्रतिस्पर्धात्मक और डिजिटल युग में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों से नियमित रूप से संवाद बनाए रखें, उनकी भावनाओं, विचारों और समस्याओं को गंभीरता से सुनें तथा विश्वास का वातावरण तैयार करें, जिससे बच्चे स्वयं को अकेला या उपेक्षित न महसूस करें।

आयुक्त ने विशेष रूप से बच्चों की स्क्रीन गतिविधियों पर संतुलित निगरानी रखने की आवश्यकता पर बल दिया और कहा कि मोबाइल, टीवी और इंटरनेट का अत्यधिक उपयोग बच्चों के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है। इसके विकल्प के रूप में खेलकूद, योग, व्यायाम और अन्य शारीरिक गतिविधियों को दिनचर्या में शामिल करना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में अनेक बच्चे अवसाद, तनाव और नकारात्मक सोच से गुजर रहे हैं, ऐसे में अभिभावकों को समय-समय पर परामर्श (काउंसलिंग) की व्यवस्था करनी चाहिए। सकारात्मक आदतें, अनुशासन और संवेदनशील पालन-पोषण ही बच्चों को आत्मविश्वासी, संतुलित और जिम्मेदार नागरिक बनाने की मजबूत नींव रखते हैं। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को आयुक्त देवीपाटन मंडल शशि भूषण लाल सुशील के हाथों द्वारा पुरस्कृत किया गया।

आयुक्त ने बताया कि पुरस्कृत बच्चों को स्टेट लेवल प्रतियोगिता में प्रतिभाग के लिए भेजा जाएगा। जिन बच्चों को पुरस्कार नहीं मिल सका, उनसे कहा गया कि यह अंतिम अवसर नहीं है—निरंतर प्रयास से सफलता अवश्य मिलेगी।
इस अवसर पर चैंपियन ऑफ चेंज श्रेणी में 10 बच्चों को सम्मानित किया गया, जिनमें गोण्डा की अनसुइया यादव व लक्ष्मी सोनी, बलरामपुर की साक्षी, श्रावस्ती की अनुप्रिया, बहराइच की निधि तिवारी सहित अन्य प्रतिभाशाली बच्चे शामिल रहे।

बाल उत्सव का उद्देश्य उच्च प्राथमिक विद्यालयों में संचालित सेल्फ-स्ट्रीम एवं मीना मंच गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के सपनों और आकांक्षाओं का उत्सव मनाना, आत्मविश्वास को पोषित करना और सफलता की कहानियों को साझा करने का मंच प्रदान करना रहा। कार्यक्रम ने सिद्ध किया कि सही दिशा और अवसर मिलने पर बच्चे न केवल स्वयं आगे बढ़ते हैं, बल्कि समाज को भी सकारात्मक परिवर्तन की प्रेरणा देते हैं।


इस अवसर पर संयुक्त विकास आयुक्त देवीपाटन राकेश कुमार पाण्डेय, सहायक निदेशक (बेसिक शिक्षा) राम सागर पति त्रिपाठी तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित सिंह उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : शमसाबाद महुआरा में हुआ मां देवरती शिक्षण संस्थान का शिलान्यास,असहायों की शिक्षा से ही सर्वांगीण विकास : राज मनि यादव
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के  महुवारा शमसाबाद गांव में मां देवरती शिक्षण संस्थान के निर्माण कार्य का शुभारंभ विधिवत शिलान्यास एवं भूमिपूजन के साथ बुधवार को  किया गया। कार्यक्रम में क्षेत्र के गणमान्य लोगों एवं ग्रामीणों की उपस्थिति रही। संस्थान के संस्थापक रामजस यादव ने वैदिक विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर विद्यालय भवन निर्माण की आधारशिला रखी।
इस अवसर पर संस्थान के प्रबंधक और रॉयल ओसियन ग्रुप के सी एम डी राजमनि यादव ने अपने संबोधन में कहा कि मां देवरती शिक्षण संस्थान की स्थापना का उद्देश्य क्षेत्र के असहाय, गरीब एवं वंचित बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि महुवारा एवं आसपास का इलाका शैक्षिक दृष्टि से अभी भी पिछड़ा हुआ है, जहां संसाधनों की कमी के कारण अनेक बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। ऐसे में यह संस्थान शिक्षा की ज्योति जलाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का कार्य करेगा।
राज मनि यादव ने कहा, “हमने अपने जीवन में गरीबी और अभाव को बहुत करीब से देखा है। इसलिए हमारा संकल्प है कि क्षेत्र का कोई भी बच्चा केवल आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे।” उन्होंने बताया कि विद्यालय में आधुनिक शिक्षा व्यवस्था, अनुशासन और संस्कारों पर विशेष बल दिया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर हो सकें।
भूमिपूजन कार्यक्रम पंडित रमाशंकर दुबे द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। पूरे वातावरण में धार्मिक और उत्साहपूर्ण माहौल बना रहा। इस दौरान महाप्रधान विजय बहादुर सिंह, संतोष कुमार सिंह, पारस नाथ यादव, ओमकार यादव, रणजीत यादव, विंद्रा प्रसाद, श्रवण शुक्ला, राज किशोर यादव, रागिनी ,सत्यम,अजीम अली,रामरूप,शेष नाथ यादव सहित अनेक ग्रामीण व क्षेत्रीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में प्रबंधक राजमनि यादव ने सभी आगंतुकों, ग्रामीणों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से ही यह संस्थान क्षेत्र में शिक्षा का नया अध्याय लिखेगा। ग्रामीणों ने भी संस्थान की स्थापना पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे क्षेत्र के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।