अलीगंज क्षेत्र में दो दिन बाधित रहेगी पेयजल आपूर्ति, नागरिकों से जल भंडारण की अपील

लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र के नागरिकों को आगामी दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति में अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत सेक्टर-बी, अलीगंज में नवनिर्मित शिरोपरि जलाशय (ओवरहेड टैंक) के अंतः संयोजन (इंटरकनेक्शन) का कार्य 27 जनवरी 2026 एवं 28 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इस तकनीकी कार्य के चलते जोन-3 के अंतर्गत आने वाले अलीगंज क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य क्षेत्रवासियों को भविष्य में बेहतर, सुचारू और पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। शिरोपरि जलाशय के अंतः संयोजन के बाद जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में स्थायी सुधार की संभावना है। हालांकि, कार्य के दौरान अस्थायी रूप से जलापूर्ति रोकना तकनीकी रूप से आवश्यक है।

नगर निगम प्रशासन ने सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पूर्व से ही पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण कर लें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में नगर निगम द्वारा पेयजल टैंकरों से जलापूर्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आपात स्थिति में जल टैंकर की आवश्यकता होने पर नागरिक अरुण कुमार सिंह (पी.एस.एस.) मोबाइल नंबर 8177054122 अथवा अशुतोष कुमार (अवर अभियंता) मोबाइल नंबर 7052243530 पर संपर्क कर सकते हैं।

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के तत्वाधान में समरसता खिचड़ी भोज कार्यक्रम

बलरामपुर। 25 जनवरी अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवकुमार वाल्मीकि की अध्यक्षता में समरसता भोज खिचड़ी का आयोजन संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर तुलसीपुर स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि शकील राईनी, विशिष्ट अतिथि विजय प्रताप सोनी, प्रदीप गुप्ता व उदय अग्रहरि रहे जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह, जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी भारत लाल, दिनेश ने भाग लिया इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लोक भवन गुजरात में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन
* मंत्री ए.के. शर्मा ने रेखांकित की उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा

* एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप पांच राज्यों का संयुक्त आयोजन

लखनऊ। गुजरात स्थित लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के साथ असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, निवेश, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेश के अनुकूल वातावरण और पारदर्शी शासन व्यवस्था के चलते राज्य आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक मंच पर भी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कभी “बीमारू राज्य” के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज उस छवि को पीछे छोड़ते हुए विकास का मॉडल बन रहा है।

किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है। यह परिवर्तन प्रदेश की जनता के सहयोग, विश्वास और सहभागिता से संभव हुआ है।

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल  आचार्य देवव्रत ने भी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की प्रगति की सराहना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति,वर–वधुओं को मिला आशीर्वाद
                 
बलरामपुर।आज  24 जनवरी 2026 को माया होटल,बलरामपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री एवं माननीय सदर विधायक पलटू राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में डीपी सिंह बैस ने सहभागिता करते हुए मुख्य अतिथि के साथ मंच साझा किया तथा नवविवाहित वर–वधुओं को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
उक्त अवसर पर विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला,जिलाधिकारी बलरामपुर विपिन कुमार जैन,जिला पंचायत अध्यक्ष बलरामपुर आरती तिवारी,ब्लॉक प्रमुख बलरामपुर सदर गोविन्द सोनकर,मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता,जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी,प्रधान प्रतिनिधि विशुनीपुर महेश मिश्र,पूर्व प्रधान कलवारी बाबू मिश्रा जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताबंधु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है,बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूती देती है।

समारोह का माहौल उल्लासपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को करें रिजेक्ट, फिर से कमल खिलाएं: अमित शाह

* उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर गृह मंत्री की निर्णायक अपील

* कहा—यूपी के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार जरूरी

लखनऊ। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं।

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देश की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण और प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार बनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी—ये परिवारवादी दल उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकते।

* लेबर सोर्स स्टेट से इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बना उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। उत्तर प्रदेश आज देश का फूड बास्केट है। प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले तीन वर्षों में 17 प्रतिशत रही है और देश के खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का 20 प्रतिशत योगदान है। गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में प्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर है।

* मोदी-योगी सरकार ने विकास की संभावनाओं को दिया आकार

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की विकास संभावनाओं को तराशकर उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है। आज प्रदेश नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ चुका है, सबसे अधिक एयरपोर्ट वाला राज्य बन चुका है और डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार कर कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है और हर गरीब तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई हैं। प्रदेश के हर गांव तक न्यूनतम 20 घंटे बिजली पहुंच रही है।

* 2047 तक पूर्ण विकसित प्रदेश बनेगा उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश आज़ादी की शताब्दी मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर भारत के विकास का इंजन होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन और आत्मा है।

* युग-प्रवर्तकों की पावन भूमि

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वह भूमि है, जिसे प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर और भगवान बुद्ध ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

* कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक

उन्होंने कहा कि जहां आज राष्ट्र प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलकर इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया।

* युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं

गृह मंत्री ने बताया कि हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त व गारंटी-मुक्त ऋण दिया जा रहा है। अब तक 1.30 लाख युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है।

प्रदेश में ओडीओपी योजना से कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। 62 लाख गरीबों को पक्का घर मिला है और एक करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

* निवेश, तकनीक और सुरक्षा में ऐतिहासिक प्रगति

अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। आईटी निर्यात 82 हजार करोड़ रुपये पार कर चुका है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कानून-व्यवस्था में सुधार के चलते डकैती में 94 प्रतिशत और लूट में 82 प्रतिशत की कमी आई है।

* उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

समारोह में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। गृह मंत्री ने डॉ. हरिओम पंवार के साहित्यिक योगदान की विशेष सराहना की। अंत में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

यूजीसी नियमों के विरोध में करणी सेना व सवर्ण समाज का मांग-पत्र, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

मीरजापुर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एवं जनपद मीरजापुर के समस्त सवर्ण समाज ने यूजीसी द्वारा लाए गए नए नियमों के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है।

संगठन की जिला इकाई के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक मांग-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। करणी सेना ने यूजीसी के इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों में लागू किए जा रहे नियम तुष्टिकरण और जातिगत राजनीति से प्रेरित हैं, जो न केवल संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं बल्कि देश की एकता और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है, जिससे उनका आत्मसम्मान और भविष्य दोनों खतरे में पड़ रहे हैं।


संगठन का कहना है कि नई व्यवस्था के अंतर्गत गठित इक्विटी कमेटियों में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व का अभाव है तथा शिकायतों की परिभाषा अत्यंत व्यापक होने के कारण शिक्षा संस्थानों में भय का माहौल बन रहा है। झूठी शिकायतों पर जवाबदेही तय न होना भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
करणी सेना ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एकतरफा और असंतुलित प्रणाली के खिलाफ है। संगठन ने मांग की कि सभी छात्रों के लिए समान और निष्पक्ष शिकायत तंत्र बनाया जाए तथा शिक्षा को राजनीति से दूर रखा जाए।

अंत में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने यूजीसी के इन नियमों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो सवर्ण समाज सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने को मजबूर होगा। संगठन ने समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर अपने बच्चों के भविष्य और समान न्याय के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सदर अस्पताल, हजारीबाग में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में शनिवार को सदर अस्पताल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा ने नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं को उपहार प्रदान कर माताओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस दौरान उप विकास आयुक्त ने सदर अस्पताल में जन्मी बालिकाओं को बधाई देते हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत 28 बेबी किट एवं उपहार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में चुरचू प्रखंड के बिरहोर टोला की निवासी फूलमनी बिरहोर के नवजात बालिका अभिनन्दन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि समाज में बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यावश्यक है। उन्होंने लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के समापन एवं बालिकाओं के सम्मानजनक भविष्य हेतु सामूहिक प्रयास किए जाने की अपील की।

कार्यक्रम के उपरांत उप विकास आयुक्त ने सदर अस्पताल की प्रसव सेवाओं एवं मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही युवा मैत्री केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर का अवलोकन करते हुए लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा सैनिटरी पैड जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की अधिकारी श्रीमती शिप्रा सिंहा, विभागीय कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, अस्पताल स्टाफ एवं लाभुक उपस्थित रहे।

अलीगंज क्षेत्र में दो दिन बाधित रहेगी पेयजल आपूर्ति, नागरिकों से जल भंडारण की अपील

लखनऊ। अलीगंज क्षेत्र के नागरिकों को आगामी दो दिनों तक पेयजल आपूर्ति में अस्थायी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। नगर निगम के जोन-3 के अंतर्गत सेक्टर-बी, अलीगंज में नवनिर्मित शिरोपरि जलाशय (ओवरहेड टैंक) के अंतः संयोजन (इंटरकनेक्शन) का कार्य 27 जनवरी 2026 एवं 28 जनवरी 2026 को प्रस्तावित है। इस तकनीकी कार्य के चलते जोन-3 के अंतर्गत आने वाले अलीगंज क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति प्रभावित रहेगी।

जलकल विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह कार्य क्षेत्रवासियों को भविष्य में बेहतर, सुचारू और पर्याप्त दबाव के साथ स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया जा रहा है। शिरोपरि जलाशय के अंतः संयोजन के बाद जल वितरण प्रणाली अधिक प्रभावी होगी तथा जलापूर्ति से जुड़ी समस्याओं में स्थायी सुधार की संभावना है। हालांकि, कार्य के दौरान अस्थायी रूप से जलापूर्ति रोकना तकनीकी रूप से आवश्यक है।

नगर निगम प्रशासन ने सम्मानित नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की असुविधा से बचने के लिए पूर्व से ही पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण कर लें। विशेष रूप से बुजुर्गों, बच्चों, बीमार व्यक्तियों एवं आवश्यक सेवाओं से जुड़े परिवारों को अतिरिक्त सावधानी बरतने का अनुरोध किया गया है।

वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में नगर निगम द्वारा पेयजल टैंकरों से जलापूर्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। आपात स्थिति में जल टैंकर की आवश्यकता होने पर नागरिक अरुण कुमार सिंह (पी.एस.एस.) मोबाइल नंबर 8177054122 अथवा अशुतोष कुमार (अवर अभियंता) मोबाइल नंबर 7052243530 पर संपर्क कर सकते हैं।

अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के तत्वाधान में समरसता खिचड़ी भोज कार्यक्रम

बलरामपुर। 25 जनवरी अखिल भारतीय वाल्मीकि महासभा के नवनिर्वाचित अध्यक्ष शिवकुमार वाल्मीकि की अध्यक्षता में समरसता भोज खिचड़ी का आयोजन संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर तुलसीपुर स्थित वाल्मीकि मोहल्ले में किया गया जिसमें मुख्य अतिथि शकील राईनी, विशिष्ट अतिथि विजय प्रताप सोनी, प्रदीप गुप्ता व उदय अग्रहरि रहे जिसमें भारी संख्या में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ के जिला अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह जिला मीडिया प्रभारी जय सिंह, जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी भारत लाल, दिनेश ने भाग लिया इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
लोक भवन गुजरात में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस का भव्य आयोजन
* मंत्री ए.के. शर्मा ने रेखांकित की उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा

* एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना के अनुरूप पांच राज्यों का संयुक्त आयोजन

लखनऊ। गुजरात स्थित लोक भवन में उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। एक भारत–श्रेष्ठ भारत की भावना को साकार करते हुए इस आयोजन में उत्तर प्रदेश के साथ असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय का स्थापना दिवस भी उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम में विभिन्न राज्यों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने आपसी सौहार्द और राष्ट्रीय एकता का सुंदर संदेश दिया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश आज सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक विकास की नई इबारत लिख रहा है। प्रदेश सरकार के निरंतर प्रयासों से उत्तर प्रदेश ने हर क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है और आज देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि उत्तर प्रदेश संस्कृति, पर्यटन, शिक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य, निवेश, उद्योग और सुशासन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। बेहतर बुनियादी ढांचे, निवेश के अनुकूल वातावरण और पारदर्शी शासन व्यवस्था के चलते राज्य आज न केवल राष्ट्रीय बल्कि वैश्विक मंच पर भी सशक्त उपस्थिति दर्ज करा रहा है।

उन्होंने प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई से कानून व्यवस्था में व्यापक सुधार हुआ है। स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से आमजन को बेहतर सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं। मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि कभी “बीमारू राज्य” के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज उस छवि को पीछे छोड़ते हुए विकास का मॉडल बन रहा है।

किसान कल्याण को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने कहा कि अन्नदाता किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ सरकार निरंतर कार्य कर रही है। यह परिवर्तन प्रदेश की जनता के सहयोग, विश्वास और सहभागिता से संभव हुआ है।

इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल  आचार्य देवव्रत ने भी उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की प्रगति की सराहना की। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहित असम, त्रिपुरा, मणिपुर और मेघालय के अनेक गणमान्य प्रतिनिधि, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति,वर–वधुओं को मिला आशीर्वाद
                 
बलरामपुर।आज  24 जनवरी 2026 को माया होटल,बलरामपुर में समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित “मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना” के अंतर्गत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री एवं माननीय सदर विधायक पलटू राम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में नगर पालिका अध्यक्ष के प्रतिनिधि के रूप में डीपी सिंह बैस ने सहभागिता करते हुए मुख्य अतिथि के साथ मंच साझा किया तथा नवविवाहित वर–वधुओं को आशीर्वाद प्रदान कर उनके सुखद दांपत्य जीवन की कामना की।
उक्त अवसर पर विधायक तुलसीपुर कैलाश नाथ शुक्ला,जिलाधिकारी बलरामपुर विपिन कुमार जैन,जिला पंचायत अध्यक्ष बलरामपुर आरती तिवारी,ब्लॉक प्रमुख बलरामपुर सदर गोविन्द सोनकर,मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता,जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि श्याम मनोहर तिवारी,प्रधान प्रतिनिधि विशुनीपुर महेश मिश्र,पूर्व प्रधान कलवारी बाबू मिश्रा जी सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं कार्यकर्ताबंधु उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना को समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना न केवल आर्थिक सहयोग प्रदान करती है,बल्कि सामाजिक समरसता को भी मजबूती देती है।

समारोह का माहौल उल्लासपूर्ण रहा और बड़ी संख्या में उपस्थित लोगों ने नवदंपत्तियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को करें रिजेक्ट, फिर से कमल खिलाएं: अमित शाह

* उत्तर प्रदेश दिवस समारोह के शुभारंभ पर गृह मंत्री की निर्णायक अपील

* कहा—यूपी के विकास और युवाओं के भविष्य के लिए प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार जरूरी

लखनऊ। देश के केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शनिवार को राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस समारोह का दीप प्रज्ज्वलन कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेश की जनता से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि आगामी चुनाव में जात-पात से ऊपर उठकर वंशवादी पार्टियों को पूरी तरह रिजेक्ट करें और फिर से एक बार भारतीय जनता पार्टी का कमल खिलाएं।

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के विकास, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य और देश की सुरक्षा के लिए प्रदेश में एक बार फिर पूर्ण और प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार बनना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि चाहे कांग्रेस हो, समाजवादी पार्टी या बहुजन समाज पार्टी—ये परिवारवादी दल उत्तर प्रदेश का कल्याण नहीं कर सकते।

* लेबर सोर्स स्टेट से इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बना उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि कभी उत्तर प्रदेश को लेबर सोर्स स्टेट कहा जाता था, लेकिन आज यह भारत की इकोनॉमी का फोर्स स्टेट बन चुका है। उत्तर प्रदेश आज देश का फूड बास्केट है। प्रदेश की कृषि विकास दर पिछले तीन वर्षों में 17 प्रतिशत रही है और देश के खाद्यान्न उत्पादन में उत्तर प्रदेश का 20 प्रतिशत योगदान है। गन्ना और एथेनॉल उत्पादन में प्रदेश देश में नंबर एक स्थान पर है।

* मोदी-योगी सरकार ने विकास की संभावनाओं को दिया आकार

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की विकास संभावनाओं को तराशकर उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया है। आज प्रदेश नेशनल हाईवे नेटवर्क से जुड़ चुका है, सबसे अधिक एयरपोर्ट वाला राज्य बन चुका है और डिफेंस कॉरिडोर में ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर प्रहार कर कानून-व्यवस्था को चाक-चौबंद किया है और हर गरीब तक सरकारी योजनाएं पहुंचाई हैं। प्रदेश के हर गांव तक न्यूनतम 20 घंटे बिजली पहुंच रही है।

* 2047 तक पूर्ण विकसित प्रदेश बनेगा उत्तर प्रदेश

अमित शाह ने कहा कि विकसित भारत के साथ-साथ विकसित उत्तर प्रदेश का निर्माण किया जा रहा है। जब 15 अगस्त 2047 को देश आज़ादी की शताब्दी मनाएगा, तब उत्तर प्रदेश पूर्ण विकसित प्रदेश बनकर भारत के विकास का इंजन होगा। उत्तर प्रदेश भारत की धड़कन और आत्मा है।

* युग-प्रवर्तकों की पावन भूमि

गृह मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश वह भूमि है, जिसे प्रभु श्रीराम, श्रीकृष्ण, बाबा विश्वनाथ, महावीर और भगवान बुद्ध ने पावन किया है। उन्होंने राष्ट्र प्रेरणा स्थल की भव्यता की सराहना करते हुए कहा कि यहां स्थापित डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी, पंडित दीनदयाल उपाध्याय और अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमाएं आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती रहेंगी।

* कूड़े के पहाड़ से प्रेरणा स्थल तक

उन्होंने कहा कि जहां आज राष्ट्र प्रेरणा स्थल खड़ा है, वहां कभी 65 एकड़ में कूड़े का पहाड़ था। भाजपा सरकार ने कूड़े को कंचन में बदलकर इसे पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणा का केंद्र बना दिया।

* युवाओं, किसानों और महिलाओं के लिए योजनाएं

गृह मंत्री ने बताया कि हर वर्ष एक लाख युवाओं को पांच लाख रुपये तक का ब्याज-मुक्त व गारंटी-मुक्त ऋण दिया जा रहा है। अब तक 1.30 लाख युवाओं को 5,322 करोड़ रुपये का लाभ मिल चुका है।

प्रदेश में ओडीओपी योजना से कारीगरों, महिलाओं और युवाओं को रोजगार के नए अवसर मिले हैं। 62 लाख गरीबों को पक्का घर मिला है और एक करोड़ से अधिक लोगों को पेंशन का लाभ दिया जा रहा है।

* निवेश, तकनीक और सुरक्षा में ऐतिहासिक प्रगति

अमित शाह ने कहा कि उत्तर प्रदेश को अब तक 45 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं। आईटी निर्यात 82 हजार करोड़ रुपये पार कर चुका है। डाटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में प्रदेश तेजी से आगे बढ़ रहा है।

कानून-व्यवस्था में सुधार के चलते डकैती में 94 प्रतिशत और लूट में 82 प्रतिशत की कमी आई है।

* उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान

समारोह में पांच विशिष्ट व्यक्तित्वों को उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान प्रदान किया गया। गृह मंत्री ने डॉ. हरिओम पंवार के साहित्यिक योगदान की विशेष सराहना की। अंत में अमित शाह ने उत्तर प्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए वंदे मातरम् और भारत माता की जय के उद्घोष के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

यूजीसी नियमों के विरोध में करणी सेना व सवर्ण समाज का मांग-पत्र, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

मीरजापुर। श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना एवं जनपद मीरजापुर के समस्त सवर्ण समाज ने यूजीसी द्वारा लाए गए नए नियमों के विरोध में कड़ा रुख अपनाया है।

संगठन की जिला इकाई के नेतृत्व में महामहिम राष्ट्रपति महोदया को संबोधित एक मांग-पत्र जिलाधिकारी के माध्यम से प्रेषित किया गया। करणी सेना ने यूजीसी के इन नियमों को “काला कानून” बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की है।
जिलाध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने कहा कि वर्तमान सरकार द्वारा शिक्षा संस्थानों में लागू किए जा रहे नियम तुष्टिकरण और जातिगत राजनीति से प्रेरित हैं, जो न केवल संविधान की मूल भावना के खिलाफ हैं बल्कि देश की एकता और निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था को भी नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इन नियमों से सामान्य वर्ग के प्रतिभाशाली छात्रों के साथ अन्याय हो रहा है, जिससे उनका आत्मसम्मान और भविष्य दोनों खतरे में पड़ रहे हैं।


संगठन का कहना है कि नई व्यवस्था के अंतर्गत गठित इक्विटी कमेटियों में निष्पक्ष प्रतिनिधित्व का अभाव है तथा शिकायतों की परिभाषा अत्यंत व्यापक होने के कारण शिक्षा संस्थानों में भय का माहौल बन रहा है। झूठी शिकायतों पर जवाबदेही तय न होना भी गंभीर चिंता का विषय बताया गया।
करणी सेना ने स्पष्ट किया कि यह विरोध किसी वर्ग विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि एकतरफा और असंतुलित प्रणाली के खिलाफ है। संगठन ने मांग की कि सभी छात्रों के लिए समान और निष्पक्ष शिकायत तंत्र बनाया जाए तथा शिक्षा को राजनीति से दूर रखा जाए।

अंत में चेतावनी दी गई कि यदि सरकार ने यूजीसी के इन नियमों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो सवर्ण समाज सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन करने को मजबूर होगा। संगठन ने समाज के सभी लोगों से एकजुट होकर अपने बच्चों के भविष्य और समान न्याय के लिए आवाज उठाने का आह्वान किया।
राँची में जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा सरकारी सहारा: उप विकास आयुक्त ने दिए हर ब्लॉक से कम से कम 10 बच्चों को चिन्हित करने के निर्देश

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राँची, 24 जनवरी 2026: उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री के दिशा-निर्देशानुसार आज राँची जिले के उन बच्चों के उत्थान के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है, जिन्हें विशेष देखभाल और आर्थिक सहायता की आवश्यकता है। उप विकास आयुक्त (DDC) श्री सौरभ कुमार भुवनिया की अध्यक्षता में आयोजित एक ऑनलाइन बैठक में 'प्रायोजन (Sponsorship) योजना' की समीक्षा की गई।

किन बच्चों को मिलेगा योजना का लाभ?

इस योजना का लक्ष्य 18 वर्ष से कम आयु के उन बालक-बालिकाओं के जीवन स्तर को सुधारना है, जिनके परिवार की वार्षिक आय 75,000 रुपये से कम है। इसके दायरे में विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों के बच्चे आएंगे:

जिनके माता-पिता की मृत्यु हो चुकी हो या जिन्होंने बच्चों का परित्याग कर दिया हो।

जो बच्चे रिश्तेदारों की देख-रेख में रह रहे हों।

जिनके माता-पिता गंभीर बीमारी (HIV, कुष्ठ रोग) या 100% दिव्यांगता से जूझ रहे हों।

जिनके माता-पिता जेल में हों।

जो बाल विवाह, बाल श्रम या तस्करी जैसे दुर्व्यवहार से प्रभावित हुए हों।

31 जनवरी तक मांगी गई सूची

डीडीसी ने सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) और अंचल अधिकारियों (CO) को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से कम से कम 10 योग्य बच्चों की पहचान करें। चिन्हित बच्चों की विस्तृत सूची 31 जनवरी 2026 तक अनिवार्य रूप से जिला प्रशासन को उपलब्ध करानी होगी।

आर्थिक सहायता से संवरेगा भविष्य

बैठक में बताया गया कि इस योजना के तहत चयनित बच्चों के परिवार को पोषण, शिक्षा, चिकित्सा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए अनुपूरक आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। यह कदम बाल संरक्षण की दिशा में झारखंड सरकार की एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण पहल है।

बैठक में सहायक निदेशक (सामाजिक सुरक्षा) और जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

प्रमुख जानकारी एक नज़र में (Table)

विवरण जानकारी

योजना का नाम प्रायोजन (Sponsorship) योजना

पात्रता आयु 18 वर्ष से कम

आय सीमा वार्षिक आय ₹75,000 से कम

लक्ष्य प्रति प्रखंड न्यूनतम 10 बच्चे

डेडलाइन 31 जनवरी 2026

झारखंड में बनेगा 'Centre of Excellence': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ माइनिंग और स्वच्छ ऊर्जा पर मुख्यमंत्री की बड़ी पहल

लंदन / रांची, 24 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने शनिवार को लंदन स्थित विश्व प्रसिद्ध रॉयल स्कूल ऑफ माइंस (इम्पीरियल कॉलेज लंदन) का दौरा किया। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य झारखंड को केवल खनन (Extraction) तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, विकास और उच्च मूल्य संवर्धन (Value Addition) के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

प्रयोगशालाओं का अवलोकन और विशेषज्ञों से संवाद

मुख्यमंत्री ने संस्थान की आधुनिक प्रयोगशालाओं का भ्रमण किया और क्रिटिकल मिनरल्स, परमाणु अनुसंधान व स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में कार्यरत अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों से सीधा संवाद किया। प्रोफेसर स्टीफन नीथलिंग और प्रोफेसर मुकेश कुमार (कैम्ब्रिज विवि) सहित अन्य शोधकर्ताओं ने खनिज प्रसंस्करण (Mineral Processing) और उन्नत सेंसिंग तकनीकों के औद्योगिक उपयोग की जानकारी दी।

"अनुसंधान ही भविष्य का आधार" - मुख्यमंत्री

दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य के विजन को स्पष्ट करते हुए कहा:

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"झारखंड अनुसंधान और विकास (R&D) पर आधारित एक ऐसा औद्योगिक तंत्र विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है, जो न्यायसंगत और भविष्य-उन्मुख हो। हम अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करेंगे।"

झारखंड में Centre of Excellence की तैयारी

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण परिणाम यह रहा कि मुख्यमंत्री और प्रतिनिधिमंडल ने इम्पीरियल कॉलेज के साथ मिलकर झारखंड में 'क्रिटिकल मिनरल्स और माइनिंग साइंसेज़' के क्षेत्र में एक Centre of Excellence स्थापित करने की संभावनाओं पर चर्चा की। इसके माध्यम से:

तकनीकी विकास: वैश्विक मानकों के अनुरूप खनन और प्रसंस्करण।

कौशल निर्माण: झारखंड के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण।

संस्थागत क्षमता: राज्य के खनन संस्थानों को वैश्विक संस्थानों के साथ जोड़ना।

मूल्य सृजन (Value Creation) पर जोर

विशेषज्ञों ने प्रदर्शित किया कि कैसे मॉडलिंग और इमेजिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के जरिए प्रारंभिक शोध को औद्योगिक स्तर पर लाभदायक बनाया जा सकता है। यह झारखंड के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि राज्य अब कच्चे खनिजों के बजाय परिष्कृत उत्पादों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करना चाहता है।

आकर्षक हेडलाइंस (विकल्प):

विकल्प 1: झारखंड बनेगा माइनिंग का 'ग्लोबल रिसर्च हब': लंदन के इम्पीरियल कॉलेज के साथ साझेदारी की तैयारी।

विकल्प 2: हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए लंदन के विशेषज्ञों से मिलाया हाथ।

विकल्प 3: खनिजों की पहचान से लेकर प्रसंस्करण तक; अब विश्वस्तरीय तकनीक अपनाएगा झारखंड।

राष्ट्रीय बालिका दिवस पर सदर अस्पताल, हजारीबाग में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर समाज कल्याण विभाग के तत्वावधान में शनिवार को सदर अस्पताल में विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह एवं समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिन्हा ने नवजात बालिकाओं एवं उनकी माताओं को उपहार प्रदान कर माताओं के बेहतर स्वास्थ्य एवं बच्चियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस दौरान उप विकास आयुक्त ने सदर अस्पताल में जन्मी बालिकाओं को बधाई देते हुए “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” अभियान के तहत 28 बेबी किट एवं उपहार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में चुरचू प्रखंड के बिरहोर टोला की निवासी फूलमनी बिरहोर के नवजात बालिका अभिनन्दन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा।

उप विकास आयुक्त ने कहा कि समाज में बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना अत्यावश्यक है। उन्होंने लिंगानुपात में सुधार, कन्या भ्रूण हत्या जैसी कुप्रथाओं के समापन एवं बालिकाओं के सम्मानजनक भविष्य हेतु सामूहिक प्रयास किए जाने की अपील की।

कार्यक्रम के उपरांत उप विकास आयुक्त ने सदर अस्पताल की प्रसव सेवाओं एवं मातृत्व स्वास्थ्य सुविधाओं का निरीक्षण किया। साथ ही युवा मैत्री केंद्र एवं वन स्टॉप सेंटर का अवलोकन करते हुए लाभुकों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने, स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा सैनिटरी पैड जैसी आवश्यक सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

कार्यक्रम में समाज कल्याण विभाग की अधिकारी श्रीमती शिप्रा सिंहा, विभागीय कर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, अस्पताल स्टाफ एवं लाभुक उपस्थित रहे।