नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे
नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, कहा - उनके संघर्ष से मिला अलग झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी की पुण्यतिथि पर लोवाडीह, नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्व० दुर्गा सोरेन जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति आज हम सभी लोग यहां एकत्रित होकर स्व० दुर्गा सोरेन जी को याद करते है। स्व० दुर्गा सोरेन एक दूरदर्शी, संघर्षील एवं जनभावनाओं से जुड़े हुए नेता थे, उनका जीवन जन कल्याण के प्रति समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन के विचार एवं आदर्श सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे। स्व० दुर्गा सोरेन जैसे मार्गदर्शक और संघर्षील लोगों के शहादत एवं संघर्ष के बदौलत बहुत बड़ी मंजिल मिली, अलग राज्य मिला। बड़े भाई स्व० दुर्गा सोरेन जैसे कर्मठ एवं युवा नेताओं पर हम सभी को गर्व है। स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन!

दुर्गा सोरेन स्मारक स्थित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु गोष्ठी आयोजित
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक  गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में आज दिनांक 21.05.2026 को जनपद गोण्डा में E-Sakshya प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस लाइन बहुद्देशिय हाल में एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में समस्त थानों के विवेचकों एवं सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को E-Sakshya मोबाइल ऐप एवं वेब पोर्टल के उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
सी0सी0टी0एन0एस प्रभारी श्री राजदीप यादव द्वारा गोष्ठी के दौरान बताया गया कि E-Sakshya एक उन्नत डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब पोर्टल दोनों सम्मिलित हैं। यह प्रणाली नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप विकसित की गयी है, जिसका उद्देश्य साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, सटीक, पारदर्शी एवं विधिसम्मत बनाना है। विवेचको को E-Sakshya प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से घटनास्थल, साक्ष्य एवं गवाहों के बयान का वीडियो एवं फोटो रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जा सकता है। साथ ही रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य सुरक्षित रूप से संरक्षित रहते हैं, जिससे उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना समाप्त होती है तथा न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता बनी रहती है। प्रणाली में डिजिटल ऑथेन्टिकेशन एवं टाइम स्टैम्प की सुविधा उपलब्ध है, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है। यह प्रणाली केंद्रीकृत वेब पोर्टल से जुड़ी होने के कारण अधिकृत अधिकारी कहीं से भी साक्ष्यों की समीक्षा कर सकते हैं। गोष्ठी में नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत E-Sakshya प्रणाली के उपयोग के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विवेचनाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए E-Sakshya प्रणाली के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की 35वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई
गोण्डा। गोंडा कांग्रेस भवन में जिला अध्यक्ष रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक एवं शहर  अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की 35वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
सर्वप्रथम कांग्रेस भवन परिसर में स्थित स्व. राजीव गांधी जी की प्रतिमा पर  कांग्रेसजनों एवं पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात कांग्रेस भवन सभागार में "आधुनिक भारत के निर्माता राजीव गांधी" विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह व सभासद /शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी ने कहा कि राजीव जी ने देश को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखा था। उन्होंने कंप्यूटर क्रांति, दूरसंचार क्रांति, 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार एवं पंचायती राज व्यवस्था लागू कर देश को सशक्त बनाने का कार्य किया। राजीव जी का मानना था कि भारत की ताकत उसके गांवों में बसती है। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कहा कि आज देश में जिस तरह नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, उस दौर में राजीव जी का "सद्भावना" का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता राजीव जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी शिवकुमार दुबे ,कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब,संतोष सिंह जिला उपाध्यक्ष, रामजन्म वर्मा, मोहम्मद रिजवान पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष, वसीम खान, शहर प्रवक्ता विनय प्रकाश त्रिपाठी, महबूब अहमद, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ब्लॉक अध्यक्ष, जलील अहमद खान, शाहबाज खान, आरिफ, विनोद ,वाजिद अली किसान नेता, जानकी देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे ।
नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे
नरेंद्र कुमार शुक्ला बने जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया के नए कुलपति
संजीव सिंह बलिया — जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय (JNCU) के नए कुलपति के रूप में प्रो. नरेंद्र कुमार शुक्ला की नियुक्ति की घोषणा की गई है। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने प्रो. शुक्ला को वर्तमान कार्यभार ग्रहण की तिथि से अगले तीन वर्षों के लिए विश्वविद्यालय का कुलपति नियुक्त किया है। प्रो. शुक्ला वर्तमान में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग में प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। शिक्षण और प्रशासनिक अनुभव को ध्यान में रखते हुए उन्हें JNCU की कमान सौंपी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि प्रो. शुक्ला के नेतृत्व में शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध एवं अधोसंरचना के विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा। विश्वविद्यालय के शिक्षावृत्त और कर्मचारी संगठनों ने प्रो. शुक्ला के स्वागत में संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनका अनुभव विश्वविद्यालय को आगे बढ़ाने में सहायक रहेगा। आने वाले दिनों में विश्वविद्यालय द्वारा एक औपचारिक स्वागत एवं परिचयात्मक कार्यक्रम आयोजित किये जाने की संभावना है, जिसमें प्रो. शुक्ला अपने दायित्व ग्रहण-पत्र पर हस्ताक्षर कर वार्षिक योजनाओं और प्राथमिकताओं का उल्लेख करेंगे
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर दी श्रद्धांजलि, कहा - उनके संघर्ष से मिला अलग झारखंड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज झारखंड आंदोलन के अग्रणी नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय दुर्गा सोरेन जी की पुण्यतिथि पर लोवाडीह, नामकुम स्थित दुर्गा सोरेन स्मारक स्थल पहुंचकर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए स्व० दुर्गा सोरेन जी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन ने अलग झारखंड राज्य की लड़ाई और वंचितों के अधिकारों के लिए अपना जीवन समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि हर वर्ष की भांति आज हम सभी लोग यहां एकत्रित होकर स्व० दुर्गा सोरेन जी को याद करते है। स्व० दुर्गा सोरेन एक दूरदर्शी, संघर्षील एवं जनभावनाओं से जुड़े हुए नेता थे, उनका जीवन जन कल्याण के प्रति समर्पित रहा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि स्व० दुर्गा सोरेन के विचार एवं आदर्श सदैव हम सभी को प्रेरित करते रहेंगे। स्व० दुर्गा सोरेन जैसे मार्गदर्शक और संघर्षील लोगों के शहादत एवं संघर्ष के बदौलत बहुत बड़ी मंजिल मिली, अलग राज्य मिला। बड़े भाई स्व० दुर्गा सोरेन जैसे कर्मठ एवं युवा नेताओं पर हम सभी को गर्व है। स्व० दुर्गा सोरेन की पुण्यतिथि पर उन्हें शत शत नमन!

दुर्गा सोरेन स्मारक स्थित उनकी प्रतिमा पर जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं गणमान्य लोगों ने भी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को स्मरण किया।

पुलिस अधीक्षक गोण्डा के निर्देशन में नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु गोष्ठी आयोजित
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक  गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में आज दिनांक 21.05.2026 को जनपद गोण्डा में E-Sakshya प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवीन आपराधिक कानूनों के अन्तर्गत डिजिटल साक्ष्य संकलन को सुदृढ़ बनाने हेतु पुलिस लाइन बहुद्देशिय हाल में एक गोष्ठी आयोजित की गयी। गोष्ठी में समस्त थानों के विवेचकों एवं सम्बन्धित पुलिस अधिकारियों/कर्मचारियों को E-Sakshya मोबाइल ऐप एवं वेब पोर्टल के उपयोग के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी दी गयी।
सी0सी0टी0एन0एस प्रभारी श्री राजदीप यादव द्वारा गोष्ठी के दौरान बताया गया कि E-Sakshya एक उन्नत डिजिटल साक्ष्य प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें मोबाइल एप्लीकेशन एवं वेब पोर्टल दोनों सम्मिलित हैं। यह प्रणाली नवीन आपराधिक कानूनों के अनुरूप विकसित की गयी है, जिसका उद्देश्य साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित, सटीक, पारदर्शी एवं विधिसम्मत बनाना है। विवेचको को E-Sakshya प्रणाली की प्रमुख विशेषताओं के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया कि इसके माध्यम से घटनास्थल, साक्ष्य एवं गवाहों के बयान का वीडियो एवं फोटो रियल टाइम में रिकॉर्ड किया जा सकता है। साथ ही रिकॉर्ड किए गए साक्ष्य सुरक्षित रूप से संरक्षित रहते हैं, जिससे उनके साथ छेड़छाड़ की संभावना समाप्त होती है तथा न्यायालय में उनकी विश्वसनीयता बनी रहती है। प्रणाली में डिजिटल ऑथेन्टिकेशन एवं टाइम स्टैम्प की सुविधा उपलब्ध है, जिससे साक्ष्यों की प्रमाणिकता सुनिश्चित होती है। यह प्रणाली केंद्रीकृत वेब पोर्टल से जुड़ी होने के कारण अधिकृत अधिकारी कहीं से भी साक्ष्यों की समीक्षा कर सकते हैं। गोष्ठी में नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की विभिन्न धाराओं के अन्तर्गत E-Sakshya प्रणाली के उपयोग के सम्बन्ध में भी जानकारी दी गयी।
इस अवसर पर उपस्थित अधिकारियों/कर्मचारियों को निर्देशित किया गया कि सभी विवेचनाओं में आधुनिक तकनीक का अधिकतम उपयोग करते हुए डिजिटल साक्ष्यों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध संकलन सुनिश्चित किया जाए तथा शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण अनुपालन किया जाए। गोष्ठी में उपस्थित अधिकारियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए E-Sakshya प्रणाली के सफल संचालन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
यूपी के विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में ड्रेस कोड होगा अनिवार्य
* योगी सरकार का बड़ा फैसला, समानता और अनुशासन को बढ़ावा देने की पहल
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा संस्थानों में अनुशासन और सामाजिक समरसता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने घोषणा की है कि राज्यपाल आनंदीबेन पटेल  के निर्देशानुसार प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में ड्रेस कोड अनिवार्य किया जाएगा।
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि प्रत्येक शिक्षण संस्थान में यथासंभव एक समान ड्रेस कोड लागू किया जाएगा, जिससे छात्र-छात्राओं के बीच समानता, अनुशासन और सामाजिक समरसता की भावना को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि छात्र वर्ग एक समरूप वर्ग होता है, जहां किसी भी प्रकार का ऊंच-नीच या भेदभाव नहीं दिखना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कई बार पहनावे के कारण सामाजिक और आर्थिक असमानता स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जिससे कुछ छात्रों में हीन भावना और कुछ में श्रेष्ठता का भाव पैदा हो जाता है। ड्रेस कोड लागू होने से इस तरह की परिस्थितियों पर प्रभावी नियंत्रण होगा और सभी विद्यार्थियों को समान माहौल में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार का उद्देश्य केवल शैक्षणिक गुणवत्ता को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि शिक्षण संस्थानों में सकारात्मक, अनुशासित और संस्कारित वातावरण तैयार करना भी है। ड्रेस कोड व्यवस्था से छात्रों का ध्यान पढ़ाई और व्यक्तित्व विकास पर अधिक केंद्रित रहेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक और बेहतर शैक्षणिक वातावरण देने के लिए लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में एकरूपता के साथ बेहतर शैक्षणिक संस्कृति विकसित होगी, जो विकसित उत्तर प्रदेश और विकसित भारत के लक्ष्य को मजबूती प्रदान करेगी।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की 35वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई
गोण्डा। गोंडा कांग्रेस भवन में जिला अध्यक्ष रामप्रताप सिंह पूर्व विधायक एवं शहर  अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी के नेतृत्व में भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री स्व. राजीव गांधी जी की 35वीं पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई।
सर्वप्रथम कांग्रेस भवन परिसर में स्थित स्व. राजीव गांधी जी की प्रतिमा पर  कांग्रेसजनों एवं पदाधिकारियों ने माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। तत्पश्चात कांग्रेस भवन सभागार में "आधुनिक भारत के निर्माता राजीव गांधी" विषय पर गोष्ठी का आयोजन किया गया।
गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक जिला अध्यक्ष श्री राम प्रताप सिंह व सभासद /शहर अध्यक्ष शाहिद अली कुरैशी ने कहा कि राजीव जी ने देश को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखा था। उन्होंने कंप्यूटर क्रांति, दूरसंचार क्रांति, 18 वर्ष के युवाओं को मताधिकार एवं पंचायती राज व्यवस्था लागू कर देश को सशक्त बनाने का कार्य किया। राजीव जी का मानना था कि भारत की ताकत उसके गांवों में बसती है। उनके अधूरे सपनों को पूरा करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।कहा कि आज देश में जिस तरह नफरत का माहौल बनाया जा रहा है, उस दौर में राजीव जी का "सद्भावना" का संदेश और भी प्रासंगिक हो गया है। कांग्रेस का एक-एक कार्यकर्ता राजीव जी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए संकल्पित है।इस अवसर पर जिला मीडिया प्रभारी शिवकुमार दुबे ,कंट्रोल रूम इंचार्ज सैयद अब्दुल मुजीब,संतोष सिंह जिला उपाध्यक्ष, रामजन्म वर्मा, मोहम्मद रिजवान पिछड़ा वर्ग शहर अध्यक्ष, वसीम खान, शहर प्रवक्ता विनय प्रकाश त्रिपाठी, महबूब अहमद, हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ब्लॉक अध्यक्ष, जलील अहमद खान, शाहबाज खान, आरिफ, विनोद ,वाजिद अली किसान नेता, जानकी देवी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पदाधिकारी मौजूद रहे ।