बाल श्रम मुक्त जनपद हमारा संकल्प, 12 से 17 जून तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

अयोध्या। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम विभाग (अयोध्या मंडल) एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक कृषि भवन में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय "बाल श्रम मुक्त जनपद- हमारा संकल्प" रहा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से 12 जून से 17 जून तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं आम नागरिकों को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, विकास मोदनवाल, रसकुंज सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि एवं श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बाल श्रम उन्मूलन को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा बाल श्रम के विरुद्ध जनजागरूकता ही इस दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित होगी।

बलिया  शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया श्रद्धालुओं को जीवन सुखी बनाने का संदेश
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि सफलता पाने के लिए 'मैं' की भावना का त्याग कर 'आप' और 'हम' शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि सच्चे शिवभक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेते, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानते हैं और सामूहिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में यह भावना स्थिर हो जाए कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, तो उसके जीवन एवं परिवार से स्वतः अशांति दूर हो जाती है।
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है। उन्होंने एक क्षण की महत्ता समझाने के लिए संत और लोहार की कथा सुनाई। कथा में बताया गया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहता था; एक बार तेज वर्षा और जलभराव के कारण उस गांव में संकट उत्पन्न हुआ तो लोहार ने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से मदद मांगी, जिससे वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना जरूरी नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।
कार्यक्रम में मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का आशीर्वाद लिया। शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी और श्रद्धालु भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
सात सालों के अलविदा के साथ दीपक कुमार सिंह का भावुक विदाई संदेश — बलिया को कहा दिल से धन्यवाद

संजीव सिंह बलिया  — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
उन्होंने बताया कि मऊ उनकी पहली मातृभूमि रही, लेकिन समय के साथ बलिया ने उनकी पहचान, भावनाएँ और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। रसड़ा में बिताए गए लम्हे, बीएस चौराहा शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में पहली जिम्मेदारी, और नगरा शाखा में प्राप्त असीम स्नेह—ये सभी मौकों ने उनके लिए अनमोल स्मृतियाँ बना दीं।
दीपक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के पद या उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि लोगों का प्यार, विश्वास और अपनापन है। उन्होंने बलिया के लोगों की मानवता और संबंधों को निभाने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि एक बार यहाँ के लोगों ने किसी को अपना मान लिया तो वह कभी अकेला नहीं छोड़ते। इसीलिए हर विदाई उनके लिए बहुत कठिन रही।
उन्होंने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने उनके सात वर्षों को खूबसूरत बनाया, और कहा कि बलिया उनका “दूसरा परिवार” बन गया है। लखनऊ जाने के बावजूद उनका मन और यादें रसड़ा की गलियों, नगरा की सड़कों तथा सभी साथियों के बीच ही रहेंगी। दीपक ने वादा किया कि वे जहाँ भी जाएँगे, रिश्तों और अपनापन को अपनी आखिरी साँस तक निभाएंगे और यदि कहीं अनजाने में कोई भूल हुई हो तो क्षमा चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब भी उन्हें याद करें तो उन्हें अपने परिवार का सदस्य समझें।
दीपक ने अंत में कहा, “धन्यवाद, बलिया — अलविदा तो नहीं कहूँगा, क्योंकि मैं अपना दिल यहीं छोड़कर जा रहा हूँ।”
90 लाख का गांजा जब्त,तस्कर गिरफ्तार,ओडिशा से अयोध्या-बहराइच होनी थी सप्लाई,बिहार का आरोपी गिरफ़्तार*
सुलतानपुर में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 लाख रुपये का 360 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह गांजा ओडिशा से अयोध्या और बहराइच जिलों में सप्लाई किया जाना था। गिरफ्तार तस्कर की पहचान मधुबनी (बिहार) निवासी दीपक कुमार महतो (पुत्र किशोर महतो) के रूप में हुई है।

एसटीएफ ने उसे सुलतानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र स्थित बरनी मोड़ टोल प्लाजा के पास से पकड़ा। गांजा एक ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा था। एसटीएफ को पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ लखनऊ) अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया। उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एक टीम सुलतानपुर में तैनात थी।

इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि ओडिशा से गांजे की एक बड़ी खेप सुलतानपुर के रास्ते जनपद अयोध्या और बहराइच भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम ने एनसीबी गोरखपुर टीम के साथ मिलकर बरनी मोड़ टोल प्लाजा पर नाकाबंदी की। ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा मिला और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी दीपक कुमार महतो ने बताया कि वह लंबे समय से ट्रक चला रहा है। उसकी मुलाकात नौमान नामक ड्राइवर से हुई थी, जिसने उसे बहराइच के एक व्यक्ति से मिलवाया।

इसी व्यक्ति के माध्यम से ओडिशा के तस्करों से गांजा मंगाया जाता था। आरोपी ने कबूल किया कि उसे प्रति चक्कर 50 हजार रुपये मिलते थे। इस मामले में एनसीबी गोरखपुर ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई एनसीबी द्वारा की जा रही है।
धुर्वा के 3 बच्चे 12 दिन से लापता, पुलिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का बड़ा सवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा एवं जगरनाथपुर क्षेत्र से लापता तीन बच्चे करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और मामले की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा बताई गई बातें और थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के विवरण में गंभीर विरोधाभास दिखाई देता है। बच्चों की माता का बयान कुछ और है, जबकि एफआईआर में अलग बातें दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पढ़ा-लिखा नहीं है और पुलिस ने अपने बचाव में मनमाने ढंग से प्राथमिकी दर्ज करने का काम किया है। इससे पुलिस की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से तीनों बच्चों की अविलंब बरामदगी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने धुर्वा मंडल एवं भाजपा राँची महानगर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से आह्वान किया कि बच्चों की बरामदगी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में कल शाम 6 बजे मशाल जुलूस निकाला जाएगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बाद भी बच्चों की बरामदगी नहीं होती है तो पार्टी आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेगी।

श्री साहू ने कहा कि रांची के कोकर स्थित खोरहा टोली रोड नं-02 से लापता 18 माह की मासूम बच्ची अदिति का आज तक कोई पता पुलिस प्रशासन नहीं लगा सकी है। स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं दिखती है। इस दिशा में भी पुलिस ठोस कदम उठावें।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में बच्चों के अपहरण और लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। भाजपा ऐसे प्रत्येक मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां पार्टी कार्यकर्ता जनहित में आवाज उठाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी इस देश में समान अधिकार प्राप्त हैं। धुर्वा इलाके के बच्चों के लापता होने के लगभग 12 दिन बाद भी पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार के अनुसार पुलिस केवल औपचारिकताएं पूरी कर रही है और अब तक प्रभावी खोजबीन नहीं की गई है।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सरोज सिंह, अशोक बड़ाईक, रामकुमार पाहन, रमेश सिंह, उमेश यादव, शुचिता रानी राय, जितेंद्र वर्मा, वीणा मिश्रा, दीपक लोहरा, पंकज सिन्हा, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राजेंद्र मुंडा सहित कई लोग थे।

सदरपुर पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बने गड्ढे दे रहे मौत को दावत, समाधान का इंतजार
मेरठ/बहसूमा। बहसूमा क्षेत्र के गांव सदरपुर के निकट स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत का कारण बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले की सफाई न होने के कारण बारिश और घरों का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। जल निकासी बाधित होने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो वाहन चालकों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई न देने से दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है।

भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के संगठन मंत्री ने कहा कि सड़क पर इतने गड्ढे हो चुके हैं कि सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।

वहीं भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि यदि जल्द ही नाले की सफाई और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्रवासियों ने नाले की सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
एडीजीपी से कोतवाल की शिकायत करनी पड़ी महंगी। सुबह  से शाम तक पुलिस हिरासत में रहे समाजसेवी की तबीयत अचानक बिगड़ी ,जिला अस्पताल रेफर।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

- समाजसेवी अश्वनी शर्मा प्रकरण पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े ।

-बार एसोसिएशन का प्रशासन को अल्टीमेटम, कोतवाल नहीं हटे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ता ।

-न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता एकजुट, प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी ।

जानसठ। समाजसेवी अश्वनी शर्मा से जुड़े प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता अन्वेष शर्मा जो समाजसेवी अश्वनी शर्मा के भाई हैं उन्होंने भाई के साथ हुए मामले को  बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कॉमरेड एवं सचिव दीपेश गुप्ता के समक्ष रखा जिसको लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाल को तत्काल हटाए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा कॉमरेड  का कहना है कि अश्वनी शर्मा प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे आमजन में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और कानून के राज की स्थापना के लिए प्रशासन को निष्पक्षता का परिचय देना होगा। सीओ ऋषिका सिंह से हुई वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया, जिसके चलते न्यायालयों में कई कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। बार पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उधर, अश्वनी शर्मा प्रकरण को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों की माने तो अधिवक्ताओं के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों , त्यागी ब्राह्मण समाज, भाकियू किसान मजदूर संगठन के अलावा अन्य का समर्थन मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को अगले कदम का इंतजार है।

एडीजीपी से शिकायत करना पड़ा समाजसेवी को महंगा।।

बताया गया कि समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने किसी मामले को लेकर एडीजीपी से जानसठ कोतवाली प्रभारी की शिकायत की थी जिसको लेकर तभी से जानसठ कोतवाल उनसे द्वेष रखें हुए थें कहावत भी है की  पुलिस की यारी और पुलिस की दुश्मनी दोनों ही  महंगी पड़ी है सो वही कहावत यहां देखने को मिलीं है।
20 से 25 जून के बीच दस्तक देगा मानसून


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में दक्षिण - पश्चिम मानसून के 20 से 25 जून के बीच दस्तक देने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में प्री- मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जिससे बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 19-20 जून के आसपास क्षेत्र में प्री- मानसून हलचल बढ़ेगी, जिससे तेजी गर्मी से राहत लगेगी। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को उसम भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
30 घंटे से अंधेरे में बिल्थरा रोड, जनता बेहाल; व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग पर साधा निशाना


बिल्थरा रोड। भीषण गर्मी के बीच बिल्थरा रोड क्षेत्र में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनता का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । नगर में लगातार बिजली न आने से लोगों को पेयजल, व्यापार, शिक्षा और दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला मंत्री एवं पूर्व सभासद सुनील कुमार टिंकू ने नाराजगी जताते हुए जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

सुनील कुमार टिंकू ने कहा कि बिल्थरा रोड में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) का अभाव क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। पर्याप्त क्षमता का सब स्टेशन न होने के कारण आए दिन थोड़ी सी बारिश और तेज हवाएं से बिजली संकट उत्पन्न होता है और छोटी तकनीकी खराबी भी लंबे बिजली कटौती का कारण बन जाती है।

उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि बिल्थरा रोड तहसील क्षेत्र में शीघ्र 132/33 केवी सब स्टेशन की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली समस्याओं से राहत मिल सके।।

उन्होंने कहा नगर पंचायत के व्यापारियों का सवाल सीधा है— आखिर कब तक बिल्थरा रोड के लोग बिजली संकट और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहेंगे? और अपना कारोबार को ठप करेंगे
एयर इंडिया, बाबतपुर एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 2.59101 लाख रुपए
*न नौकरी मिली न रुपया, रकम मांगने पर मिल रही धमकी,बेटी के साथ भटक रहे पीड़ित पिता ने एसपी से लगाई गुहार

मीरजापुर। वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर भदोही जिले के रहने वाले एक व्यक्ति ने मीरजापुर जिले के एक व्यक्ति को भरोसे में लेते हुए 2.59101 लाख रुपए ठग लिए। काफी दिन बीतने के बाद जब ज्वाइनिंग लेटर के बावत चर्चा करने पर आजकल कहकर टाल-मटोल करते हुए आए जालसाज ने अब धमकियां देनी शुरू कर दी है। ठगे जाने का आभास होने पर  पीड़ित ने बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों सहित भदोही, वाराणसी और मीरजापुर के पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अपनी पुरी दास्तां बयां करते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।

मीरजापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनपुर गांव निवासी रामछबीले पुत्र चेतन दास ने बताया कि पड़ोसी जनपद भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वेजवां उगापुर में उनकी बहन ब्याही हुई है। बहन के ही गांव के रहने वाले अंकित गौतम पुत्र महेन्द्र गौतम से बहन के ससुराल आते-जाते मुलाकात हुई थी। इसी दरम्यान अंकित गौतम ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेकिंग के तौर पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जुलाई 2025 में 2.59101 लाख रुपए ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब न नौकरी मिली और ना ही कोई ज्वाइनिंग लेटर तो इस संदर्भ में जब अंकित को फोन पर सम्पर्क किया गया तो वह आज-कल कहकर टरकाने लगा। इस बीच कुछ गड़बड होने की आशंका पर जब अंकित गौतम के गांव जाकर नौकरी दिलाने के संदर्भ में बात की गई तो वह आपे से बाहर हो गए। पुनः घर न आने की चेतावनी देते हुए अब कोई भी पैसा न होन की बात करते हुए अपने राजनैतिक और प्रभाव का हवाला देते हुए जान-माल की धमकियां दे रहे हैं।

*फोन करने पर दी जान-माल की धमकी*

पीड़ित रामछबीले ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के साथ अंकित गौतम से बात करने पर दी गई धमकियों का आडियो सुनाते हुए बताया कि वह किसी प्रकार से नाते-रिश्तेदारों और अन्य से लेकर 2.59101 लाख रुपए अंकित गौतम को दिए थे, जिसे देने में अब वह आनाकानी करते हुए धमकियां दे रहा है।  जिससे उन्हें जान-माल का खतरा बना हुआ है ‌ उन्होंने एयर इंडिया बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर 2.59101 लाख रुपए लेकर अब धमकियां देने के मामले में कार्रवाई करते हुए रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाई है।
बाल श्रम मुक्त जनपद हमारा संकल्प, 12 से 17 जून तक चलेगा विशेष जागरूकता अभियान

अयोध्या। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर श्रम विभाग (अयोध्या मंडल) एवं व्यापार मंडल के पदाधिकारियों की संयुक्त बैठक कृषि भवन में आयोजित की गई। बैठक का मुख्य विषय "बाल श्रम मुक्त जनपद- हमारा संकल्प" रहा।

बैठक में निर्णय लिया गया कि जनपद को बाल श्रम मुक्त बनाने के उद्देश्य से 12 जून से 17 जून तक विशेष जनजागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान व्यापारियों, प्रतिष्ठान संचालकों एवं आम नागरिकों को बाल श्रम के दुष्परिणामों तथा इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के प्रति जागरूक किया जाएगा।

बैठक में व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, विकास मोदनवाल, रसकुंज सहित अनेक व्यापारी प्रतिनिधि एवं श्रम विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बाल श्रम उन्मूलन को सामाजिक जिम्मेदारी बताते हुए सभी वर्गों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग करने का आह्वान किया।

अधिकारियों ने कहा कि बच्चों को शिक्षा और सुरक्षित भविष्य उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है तथा बाल श्रम के विरुद्ध जनजागरूकता ही इस दिशा में सबसे प्रभावी कदम साबित होगी।

बलिया  शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया श्रद्धालुओं को जीवन सुखी बनाने का संदेश
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि सफलता पाने के लिए 'मैं' की भावना का त्याग कर 'आप' और 'हम' शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि सच्चे शिवभक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेते, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानते हैं और सामूहिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में यह भावना स्थिर हो जाए कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, तो उसके जीवन एवं परिवार से स्वतः अशांति दूर हो जाती है।
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है। उन्होंने एक क्षण की महत्ता समझाने के लिए संत और लोहार की कथा सुनाई। कथा में बताया गया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहता था; एक बार तेज वर्षा और जलभराव के कारण उस गांव में संकट उत्पन्न हुआ तो लोहार ने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से मदद मांगी, जिससे वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना जरूरी नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।
कार्यक्रम में मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का आशीर्वाद लिया। शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी और श्रद्धालु भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
सात सालों के अलविदा के साथ दीपक कुमार सिंह का भावुक विदाई संदेश — बलिया को कहा दिल से धन्यवाद

संजीव सिंह बलिया  — बैंक शाखा प्रबंधक दीपक कुमार सिंह ने लखनऊ स्थानांतरण के अवसर पर मंगलवार को बलिया तथा रसड़ा और नगरा के लोगों को भावभीनी विदाई देते हुए कहा कि वे यहाँ अपने घर जैसा महसूस करते रहे। दीपक ने साझा किया कि जब 2019 में बलिया में पहली बार तैनाती हुई तो उन्हें खुशी और अपनापन मिला और तब उन्हें यह नौकरी नहीं बल्कि अपने लोगों के बीच लौटने का अवसर लगा।
उन्होंने बताया कि मऊ उनकी पहली मातृभूमि रही, लेकिन समय के साथ बलिया ने उनकी पहचान, भावनाएँ और जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया। रसड़ा में बिताए गए लम्हे, बीएस चौराहा शाखा में शाखा प्रबंधक के रूप में पहली जिम्मेदारी, और नगरा शाखा में प्राप्त असीम स्नेह—ये सभी मौकों ने उनके लिए अनमोल स्मृतियाँ बना दीं।
दीपक ने कहा कि उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि बैंक के पद या उपलब्धियाँ नहीं, बल्कि लोगों का प्यार, विश्वास और अपनापन है। उन्होंने बलिया के लोगों की मानवता और संबंधों को निभाने की भावना की सराहना करते हुए कहा कि एक बार यहाँ के लोगों ने किसी को अपना मान लिया तो वह कभी अकेला नहीं छोड़ते। इसीलिए हर विदाई उनके लिए बहुत कठिन रही।
उन्होंने उन सभी का आभार जताया जिन्होंने उनके सात वर्षों को खूबसूरत बनाया, और कहा कि बलिया उनका “दूसरा परिवार” बन गया है। लखनऊ जाने के बावजूद उनका मन और यादें रसड़ा की गलियों, नगरा की सड़कों तथा सभी साथियों के बीच ही रहेंगी। दीपक ने वादा किया कि वे जहाँ भी जाएँगे, रिश्तों और अपनापन को अपनी आखिरी साँस तक निभाएंगे और यदि कहीं अनजाने में कोई भूल हुई हो तो क्षमा चाहते हैं। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया कि जब भी उन्हें याद करें तो उन्हें अपने परिवार का सदस्य समझें।
दीपक ने अंत में कहा, “धन्यवाद, बलिया — अलविदा तो नहीं कहूँगा, क्योंकि मैं अपना दिल यहीं छोड़कर जा रहा हूँ।”
90 लाख का गांजा जब्त,तस्कर गिरफ्तार,ओडिशा से अयोध्या-बहराइच होनी थी सप्लाई,बिहार का आरोपी गिरफ़्तार*
सुलतानपुर में एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 90 लाख रुपये का 360 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में बिहार के एक अंतरराज्यीय तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह गांजा ओडिशा से अयोध्या और बहराइच जिलों में सप्लाई किया जाना था। गिरफ्तार तस्कर की पहचान मधुबनी (बिहार) निवासी दीपक कुमार महतो (पुत्र किशोर महतो) के रूप में हुई है।

एसटीएफ ने उसे सुलतानपुर जिले के चांदा थाना क्षेत्र स्थित बरनी मोड़ टोल प्लाजा के पास से पकड़ा। गांजा एक ट्रक में छिपाकर ले जाया जा रहा था। एसटीएफ को पिछले कुछ समय से उत्तर प्रदेश में विभिन्न राज्यों से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी की सूचनाएं मिल रही थीं। अपर पुलिस अधीक्षक (एसटीएफ लखनऊ) अवनीश्वर चंद्र श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण में खुफिया तंत्र को सक्रिय किया गया। उपनिरीक्षक फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एक टीम सुलतानपुर में तैनात थी।

इसी दौरान मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली कि ओडिशा से गांजे की एक बड़ी खेप सुलतानपुर के रास्ते जनपद अयोध्या और बहराइच भेजी जा रही है। सूचना मिलते ही एसटीएफ टीम ने एनसीबी गोरखपुर टीम के साथ मिलकर बरनी मोड़ टोल प्लाजा पर नाकाबंदी की। ट्रक को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें भारी मात्रा में गांजा मिला और आरोपी को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी दीपक कुमार महतो ने बताया कि वह लंबे समय से ट्रक चला रहा है। उसकी मुलाकात नौमान नामक ड्राइवर से हुई थी, जिसने उसे बहराइच के एक व्यक्ति से मिलवाया।

इसी व्यक्ति के माध्यम से ओडिशा के तस्करों से गांजा मंगाया जाता था। आरोपी ने कबूल किया कि उसे प्रति चक्कर 50 हजार रुपये मिलते थे। इस मामले में एनसीबी गोरखपुर ने गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया है। आगे की वैधानिक कार्रवाई एनसीबी द्वारा की जा रही है।
धुर्वा के 3 बच्चे 12 दिन से लापता, पुलिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का बड़ा सवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा एवं जगरनाथपुर क्षेत्र से लापता तीन बच्चे करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और मामले की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा बताई गई बातें और थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के विवरण में गंभीर विरोधाभास दिखाई देता है। बच्चों की माता का बयान कुछ और है, जबकि एफआईआर में अलग बातें दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पढ़ा-लिखा नहीं है और पुलिस ने अपने बचाव में मनमाने ढंग से प्राथमिकी दर्ज करने का काम किया है। इससे पुलिस की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से तीनों बच्चों की अविलंब बरामदगी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने धुर्वा मंडल एवं भाजपा राँची महानगर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से आह्वान किया कि बच्चों की बरामदगी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में कल शाम 6 बजे मशाल जुलूस निकाला जाएगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बाद भी बच्चों की बरामदगी नहीं होती है तो पार्टी आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेगी।

श्री साहू ने कहा कि रांची के कोकर स्थित खोरहा टोली रोड नं-02 से लापता 18 माह की मासूम बच्ची अदिति का आज तक कोई पता पुलिस प्रशासन नहीं लगा सकी है। स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं दिखती है। इस दिशा में भी पुलिस ठोस कदम उठावें।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में बच्चों के अपहरण और लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। भाजपा ऐसे प्रत्येक मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां पार्टी कार्यकर्ता जनहित में आवाज उठाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी इस देश में समान अधिकार प्राप्त हैं। धुर्वा इलाके के बच्चों के लापता होने के लगभग 12 दिन बाद भी पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार के अनुसार पुलिस केवल औपचारिकताएं पूरी कर रही है और अब तक प्रभावी खोजबीन नहीं की गई है।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सरोज सिंह, अशोक बड़ाईक, रामकुमार पाहन, रमेश सिंह, उमेश यादव, शुचिता रानी राय, जितेंद्र वर्मा, वीणा मिश्रा, दीपक लोहरा, पंकज सिन्हा, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राजेंद्र मुंडा सहित कई लोग थे।

सदरपुर पेट्रोल पंप के पास सड़क पर बने गड्ढे दे रहे मौत को दावत, समाधान का इंतजार
मेरठ/बहसूमा। बहसूमा क्षेत्र के गांव सदरपुर के निकट स्थित पेट्रोल पंप के पास सड़क की बदहाल स्थिति राहगीरों और वाहन चालकों के लिए मुसीबत का कारण बनी हुई है। सड़क पर बने गहरे गड्ढों और जलभराव के कारण हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं कराया गया है।

ग्रामीणों का कहना है कि नाले की सफाई न होने के कारण बारिश और घरों का पानी सड़क पर जमा हो जाता है। जल निकासी बाधित होने से सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जो वाहन चालकों के लिए खतरा साबित हो रहे हैं। खासकर रात के समय गड्ढे दिखाई न देने से दुर्घटना का जोखिम और बढ़ जाता है।

भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के संगठन मंत्री ने कहा कि सड़क पर इतने गड्ढे हो चुके हैं कि सड़क कम और गड्ढे ज्यादा दिखाई देते हैं। उन्होंने प्रशासन से तत्काल मरम्मत और जल निकासी की व्यवस्था कराने की मांग की।

वहीं भारतीय गौ सेवा संघ मेरठ के जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने कहा कि यदि जल्द ही नाले की सफाई और सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो कोई बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेने की अपील की।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों को ज्ञापन देकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे। क्षेत्रवासियों ने नाले की सफाई, जल निकासी की समुचित व्यवस्था और सड़क की मरम्मत कराए जाने की मांग की है।
एडीजीपी से कोतवाल की शिकायत करनी पड़ी महंगी। सुबह  से शाम तक पुलिस हिरासत में रहे समाजसेवी की तबीयत अचानक बिगड़ी ,जिला अस्पताल रेफर।

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

- समाजसेवी अश्वनी शर्मा प्रकरण पर फूटा अधिवक्ताओं का गुस्सा, कोतवाल हटाने की मांग पर अड़े ।

-बार एसोसिएशन का प्रशासन को अल्टीमेटम, कोतवाल नहीं हटे तो होगी अनिश्चितकालीन हड़ता ।

-न्याय की मांग को लेकर अधिवक्ता एकजुट, प्रशासन को दी आर-पार की चेतावनी ।

जानसठ। समाजसेवी अश्वनी शर्मा से जुड़े प्रकरण ने अब तूल पकड़ लिया है। मामले को लेकर अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को अधिवक्ता अन्वेष शर्मा जो समाजसेवी अश्वनी शर्मा के भाई हैं उन्होंने भाई के साथ हुए मामले को  बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद कॉमरेड एवं सचिव दीपेश गुप्ता के समक्ष रखा जिसको लेकर बड़ी संख्या में अधिवक्ता एकजुट होकर पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) कार्यालय पहुंचे और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करते हुए कोतवाल को तत्काल हटाए जाने की मांग उठाई। अधिवक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र अमल नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।

बार एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रमोद शर्मा कॉमरेड  का कहना है कि अश्वनी शर्मा प्रकरण में पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं, जिससे आमजन में भी असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तभी संभव है जब संबंधित कोतवाल को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि न्याय और कानून के राज की स्थापना के लिए प्रशासन को निष्पक्षता का परिचय देना होगा। सीओ ऋषिका सिंह से हुई वार्ता के दौरान अधिवक्ताओं ने दो टूक शब्दों में कहा कि यदि कोतवाल के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो बार एसोसिएशन बड़े आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि न्यायिक कार्यों का बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल तक की जा सकती है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। फिलहाल अधिवक्ताओं ने विरोध स्वरूप कलमबंद हड़ताल का ऐलान किया, जिसके चलते न्यायालयों में कई कार्य प्रभावित रहे। अधिवक्ताओं का कहना है कि यह केवल प्रारंभिक चेतावनी है। यदि प्रशासन ने मामले की गंभीरता को नहीं समझा तो आने वाले दिनों में आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण कर सकता है। बार पदाधिकारियों और वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि न्याय व्यवस्था और नागरिक अधिकारों से जुड़ा विषय है। उन्होंने प्रशासन को चेताते हुए कहा कि जनभावनाओं की अनदेखी करना भारी पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा दोषी अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उधर, अश्वनी शर्मा प्रकरण को लेकर नगर और आसपास के क्षेत्रों में भी चर्चाओं का बाजार गर्म है। सूत्रों की माने तो अधिवक्ताओं के आंदोलन को विभिन्न सामाजिक संगठनों , त्यागी ब्राह्मण समाज, भाकियू किसान मजदूर संगठन के अलावा अन्य का समर्थन मिलने की बातें सामने आ रही हैं। इससे प्रशासन पर दबाव लगातार बढ़ता दिखाई दे रहा है। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने स्थिति को संभालने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए, तो अधिवक्ताओं का यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है। फिलहाल पूरे क्षेत्र की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हुई हैं और सभी को अगले कदम का इंतजार है।

एडीजीपी से शिकायत करना पड़ा समाजसेवी को महंगा।।

बताया गया कि समाजसेवी अश्वनी शर्मा ने किसी मामले को लेकर एडीजीपी से जानसठ कोतवाली प्रभारी की शिकायत की थी जिसको लेकर तभी से जानसठ कोतवाल उनसे द्वेष रखें हुए थें कहावत भी है की  पुलिस की यारी और पुलिस की दुश्मनी दोनों ही  महंगी पड़ी है सो वही कहावत यहां देखने को मिलीं है।
20 से 25 जून के बीच दस्तक देगा मानसून


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में दक्षिण - पश्चिम मानसून के 20 से 25 जून के बीच दस्तक देने की संभावना जताई गई है। भारतीय मौसम विभाग के अनुसार इस अवधि में प्री- मानसून गतिविधियां तेज होंगी, जिससे बादल छाने के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि 19-20 जून के आसपास क्षेत्र में प्री- मानसून हलचल बढ़ेगी, जिससे तेजी गर्मी से राहत लगेगी। लगातार बदलते मौसम के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा सकती है और लोगों को उसम भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है।
30 घंटे से अंधेरे में बिल्थरा रोड, जनता बेहाल; व्यापार मंडल ने जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग पर साधा निशाना


बिल्थरा रोड। भीषण गर्मी के बीच बिल्थरा रोड क्षेत्र में 30 घंटे से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से आम जनता का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया । नगर में लगातार बिजली न आने से लोगों को पेयजल, व्यापार, शिक्षा और दैनिक कार्यों में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस गंभीर समस्या को लेकर अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला मंत्री एवं पूर्व सभासद सुनील कुमार टिंकू ने नाराजगी जताते हुए जनप्रतिनिधियों की उदासीनता पर भी सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि वर्षों से क्षेत्र में बिजली व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की जा रही है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि इस मुद्दे पर गंभीरता नहीं दिखा रहे हैं।

सुनील कुमार टिंकू ने कहा कि बिल्थरा रोड में 132/33 केवी विद्युत उपकेंद्र (सब स्टेशन) का अभाव क्षेत्र की सबसे बड़ी समस्या है। पर्याप्त क्षमता का सब स्टेशन न होने के कारण आए दिन थोड़ी सी बारिश और तेज हवाएं से बिजली संकट उत्पन्न होता है और छोटी तकनीकी खराबी भी लंबे बिजली कटौती का कारण बन जाती है।

उन्होंने प्रदेश के ऊर्जा मंत्री A. K. Sharma से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग करते हुए कहा कि बिल्थरा रोड तहसील क्षेत्र में शीघ्र 132/33 केवी सब स्टेशन की स्थापना के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए, ताकि लाखों उपभोक्ताओं को बार-बार होने वाली बिजली समस्याओं से राहत मिल सके।।

उन्होंने कहा नगर पंचायत के व्यापारियों का सवाल सीधा है— आखिर कब तक बिल्थरा रोड के लोग बिजली संकट और अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा भुगतते रहेंगे? और अपना कारोबार को ठप करेंगे
एयर इंडिया, बाबतपुर एयरपोर्ट में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगे 2.59101 लाख रुपए
*न नौकरी मिली न रुपया, रकम मांगने पर मिल रही धमकी,बेटी के साथ भटक रहे पीड़ित पिता ने एसपी से लगाई गुहार

मीरजापुर। वाराणसी के बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर भदोही जिले के रहने वाले एक व्यक्ति ने मीरजापुर जिले के एक व्यक्ति को भरोसे में लेते हुए 2.59101 लाख रुपए ठग लिए। काफी दिन बीतने के बाद जब ज्वाइनिंग लेटर के बावत चर्चा करने पर आजकल कहकर टाल-मटोल करते हुए आए जालसाज ने अब धमकियां देनी शुरू कर दी है। ठगे जाने का आभास होने पर  पीड़ित ने बाबतपुर एयरपोर्ट के अधिकारियों सहित भदोही, वाराणसी और मीरजापुर के पुलिस अधिकारियों को शिकायती पत्र देकर अपनी पुरी दास्तां बयां करते हुए कार्रवाई की गुहार लगाई है।

मीरजापुर जिले के चील्ह थाना क्षेत्र अंतर्गत लखनपुर गांव निवासी रामछबीले पुत्र चेतन दास ने बताया कि पड़ोसी जनपद भदोही जिले के औराई थाना क्षेत्र अंतर्गत वेजवां उगापुर में उनकी बहन ब्याही हुई है। बहन के ही गांव के रहने वाले अंकित गौतम पुत्र महेन्द्र गौतम से बहन के ससुराल आते-जाते मुलाकात हुई थी। इसी दरम्यान अंकित गौतम ने बाबतपुर एयरपोर्ट पर पासपोर्ट चेकिंग के तौर पर नौकरी दिलाने का झांसा देकर जुलाई 2025 में 2.59101 लाख रुपए ले लिए। काफी समय बीतने के बाद भी जब न नौकरी मिली और ना ही कोई ज्वाइनिंग लेटर तो इस संदर्भ में जब अंकित को फोन पर सम्पर्क किया गया तो वह आज-कल कहकर टरकाने लगा। इस बीच कुछ गड़बड होने की आशंका पर जब अंकित गौतम के गांव जाकर नौकरी दिलाने के संदर्भ में बात की गई तो वह आपे से बाहर हो गए। पुनः घर न आने की चेतावनी देते हुए अब कोई भी पैसा न होन की बात करते हुए अपने राजनैतिक और प्रभाव का हवाला देते हुए जान-माल की धमकियां दे रहे हैं।

*फोन करने पर दी जान-माल की धमकी*

पीड़ित रामछबीले ने पुलिस अधीक्षक सहित अन्य अधिकारियों को शिकायती पत्र देने के साथ अंकित गौतम से बात करने पर दी गई धमकियों का आडियो सुनाते हुए बताया कि वह किसी प्रकार से नाते-रिश्तेदारों और अन्य से लेकर 2.59101 लाख रुपए अंकित गौतम को दिए थे, जिसे देने में अब वह आनाकानी करते हुए धमकियां दे रहा है।  जिससे उन्हें जान-माल का खतरा बना हुआ है ‌ उन्होंने एयर इंडिया बाबतपुर एयरपोर्ट पर नौकरी दिलाने के नाम पर 2.59101 लाख रुपए लेकर अब धमकियां देने के मामले में कार्रवाई करते हुए रुपए वापस दिलाने की गुहार लगाई है।