दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें
भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है।
मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।
मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौद्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौद्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।
किसको किया शामिल
लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।
मई तक चलेगा सर्वे
तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।
* क्या होगा जन का फायदा
लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।




जिला संयोजक श समीर कुमार पाण्डेय एवं जिला कार्यकारिणी के नेतृत्व में शिक्षकों ने अपने कार्यस्थल पर बांह में काली पट्टी बांधकर कार्य किया।प्रदर्शनकारियों ने NPS/UPS को समाप्त कर सर्वहितकारी पुरानी पेंशन व्यवस्था को अविलंब बहाल करने की सरकार से मांग की। ब्लैक डे को सफल बनाने में नगरा ब्लॉक के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों, शिक्षक साथियों और शिक्षिका बहनों का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने बुढ़ापे की लाठी के महत्व को समझा।अटेवा नगरा के अध्यक्ष राकेश सिंह, उपाध्यक्ष राहुल उपाध्याय, महामंत्री राजकुमार यादव, सुभाष जी, संगठन मंत्री निर्भय नारायण सिंह एवं समस्त संघर्षशील शिक्षकगण ने सभी का आभार जताया। आपके संघर्ष में हम सभी साथ हैं!





मोनू भाटी।मेरठ,रामराज: क्षेत्र के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान दशमेश पब्लिक स्कूल में नए शैक्षणिक सत्र के पावन अवसर पर हवन बड़े ही श्रद्धाभाव के साथ किया गया। इस मांगलिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नए सत्र में बच्चों की बौद्धिक प्रगति और उनके उज्जवल भविष्य की कामना करना था।

उपेन्द्र कुमार पांडेय
मेरठ। बहसूमा। क्षेत्र में हनुमान जयंती का पर्व बड़े ही श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी और भक्तों ने बजरंगबली के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
1 hour and 29 min ago
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