झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म
उप मुख्यमंत्री ने आदि शक्ति मां विन्ध्यवासिनी देवी, काली खोह व अष्टभुजा देवी का विविधवत मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन कर लिया आशीर्वाद

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को जनपद भ्रमण के दौरान आदि शक्ति मां विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर पहुंचकर मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात कालीखोह मन्दिर जाकर माता काली जी, अष्टभुजा मन्दिर पहुंचकर माता अष्टभुजा देवी का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया व देश व प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। दर्शनोपरान्त उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उपस्थित पत्रकार बंधुओ से वार्ता के दौरान कहा कि आज मां विन्ध्यवासिनी देवी का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मां विन्ध्यवासिनी देवी ने जो दर्शन देकर अपना आशीर्वाद दिया है उसके लिए मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं।

कहा पूरे प्रदेशवासियों के खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य, उनके प्रगति के लिए मां के चरणों में प्रार्थना करता हूं। उन्होंने कहा कि नव संवतसर शुरू हुआ है रामनवमी भी आने वाली है भगवान रामलला का भव्य मन्दिर व काशी विश्वनाथ मन्दिर का भव्य मन्दिर बना, तो वहीं विन्ध्याचल मां का धाम भी भव्य कारीडोर के रूप में बनकर तैयार होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए गर्व  की बात है, इसके कारण निरंतर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। यह मां की महिमा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय प्रदेश में हर प्रकार से सरकार, पार्टी व हमारे प्रदेश वासियो के लिए शूभ हो यही मां के चरणो की विनती कर कामना की।

उप मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर द्वारा तकरीबन 2 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरे जहां पर जिले के जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए धरमजीत सिंह व अन्य जनप्रतिनिधियो ने उप मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर हेलीपैड पर स्वागत व अभिनन्दन किया।
भाजपा जिला कार्यसमिति में 2027 चुनाव को लेकर मिशन मोड में जुटने का आह्वान
मिशन 2027 को लेकर भाजपा सक्रिय,नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत

91 सदस्यीय कार्यसमिति में 33 महिलाओं को मिला स्थान

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

सुलतानपुर, 24 मार्च।
भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर मंगलवार को नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का माल्यार्पण व पार्टी का पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।शासन द्वारा मनोनीत सभासदों का भी स्वागत हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों को बधाई देते हुए सभी से पूरी निष्ठा,ताकत व तन्मयता के साथ मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है और प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी की अमूल्य धरोहर व पूंजी है।

कार्यक्रम में भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संतबख्श सिंह ‘चुन्नू’ एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करूणा शंकर द्विवेदी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर किया गया।बैठक का संचालन जिला महामंत्री विजय प्रताप ने किया।मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 91 सदस्यीय जिला कार्यसमिति में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है,जिसमें 33 महिलाओं को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए हैं।

बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा,पूर्व विधायक अर्जुन सिंह,जगजीत सिंह छंगू,प्रवीन कुमार अग्रवाल,ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, आनन्द जायसवाल, जिला महामंत्री संदीप सिंह, अयोध्या प्रसाद वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आनन्द द्विवेदी,डॉ प्रीति प्रकाश,आलोक आर्या,लालमणि सिंह, आशीष सिंह,धर्मेन्द्र कुमार, अखिलेश जायसवाल, चन्दन नारायन सिंह,  रामेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, मनोज मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, दिनेश चौरसिया,रेखा निषाद,अरुण जायसवाल,राजेश दूबे निर्माण,पूजा कसौधन, राजेश सिंह,मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी,संजय सोमवंशी,राहुल भान मिश्रा,अतुल सिंह, आकाश जायसवाल, रचना अग्रवाल समेत मण्डल अध्यक्ष,मोर्चों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मिशन 2027 को लेकर भाजपा सक्रिय, नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत,91 सदस्यीय कार्यसमिति में 33 महिलाओं को मिला स्थान*
भाजपा जिला कार्यसमिति में 2027 चुनाव को लेकर मिशन मोड में जुटने का आह्वान*

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर*

सुलतानपुर, 24 मार्च। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर मंगलवार को नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का माल्यार्पण व पार्टी का पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।शासन द्वारा मनोनीत सभासदों का भी स्वागत हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों को बधाई देते हुए सभी से पूरी निष्ठा,ताकत व तन्मयता के साथ मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है और प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी की अमूल्य धरोहर व पूंजी है। कार्यक्रम में भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संतबख्श सिंह ‘चुन्नू’ एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करूणा शंकर द्विवेदी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर किया गया।बैठक का संचालन जिला महामंत्री विजय प्रताप ने किया। मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 91 सदस्यीय जिला कार्यसमिति में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है,जिसमें 33 महिलाओं को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए हैं। बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा,पूर्व विधायक अर्जुन सिंह,जगजीत सिंह छंगू,प्रवीन कुमार अग्रवाल,ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, आनन्द जायसवाल, जिला महामंत्री संदीप सिंह, अयोध्या प्रसाद वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आनन्द द्विवेदी,डॉ प्रीति प्रकाश,आलोक आर्या,लालमणि सिंह, आशीष सिंह,धर्मेन्द्र कुमार, अखिलेश जायसवाल, चन्दन नारायन सिंह, रामेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, मनोज मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, दिनेश चौरसिया,रेखा निषाद,अरुण जायसवाल,राजेश दूबे निर्माण,पूजा कसौधन, राजेश सिंह,मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी,संजय सोमवंशी,राहुल भान मिश्रा,अतुल सिंह, आकाश जायसवाल, रचना अग्रवाल समेत मण्डल अध्यक्ष,मोर्चों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

क्या आप चाहेंगे कि मैं इस रिपोर्ट को किसी स्थानीय समाचार पत्र के 'हेडलाइन' स्टाइल में या सोशल मीडिया पोस्ट के लिए छोटे बुलेट्स में बदल दूँ?

देवीपाटन पहुंचने पर पीर रतन नाथ शोभायात्रा का पीठाधीश्वर ने किया स्वागत


बलरामपुर।23 मार्च मित्र राष्ट्र नेपाल के दांग चौघड़ा से पीर रतन नाथ योगी  की शोभायात्रा नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को सिद्ध पीठ देवी पाटन पहुंची भारत नेपाल की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठ देवी पाटन मंदिर दोनों देशों की धार्मिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों की प्रगाढ़ता की निशानी है। हर साल यहां चैत्र नवरात्र में नेपाल से बाबा रतन नाथ की ऐतिहासिक पात्र देवता के रूप में शोभायात्रा आती है जो देवीपाटन मंदिर में आकर ठहरती है। यह यात्रा न केवल भारत नेपाल के लिए बल्कि सात समुंदर पार रहने वाले लोगों के लिए भी धार्मिक सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

नेपाली भक्तों ने रथ से शोभायात्रा में नेपाल राष्ट्र के धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्थाओं के  लोगों ने हिस्सा लिया अपने पारंपरिक वेशभूषा में नेपाली भक्तों ने नृत्य करते हुए लोगों का ध्यान केंद्रित किया। आस्था का हुजूम स्थानीय मिल चुंगी नाके से प्रारंभ हुआ जो पुरानी बाजार होते हुए देवीपाटन के प्रसिद्ध दलीचा में स्थापित किया गया। दांग प्रांत से अमृत कलश यात्रा हर साल निकलती है। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और अक्षय पात्र के साथ भारत आते हैं। एकादशी पर्व पर निकलने वाली शोभायात्रा को देवीपाटन पहुंचने में करीब नौ दिन का समय लगता है।

जनकपुर महादेव मुक्तेश्वर नाथ मंदिर पर दो दिन ठहराव के बाद स्थानीय नकटी पुल पर कुट्टी बाबा स्थान पर पूजा पाठ कर रवाना हो जाते हैं। ऐसा बताया जाता है सिद्ध पीर बाबा रतन नाथ गुरु गोरखनाथ के शिष्य थे तथा मां पाटन पाटेश्वरी के प्रति उनकी अपार श्रद्धा थी। बाबा प्रतिदिन मां के दर्शन के लिए दांग नेपाल से आते थे। जनश्रुति के अनुसार लगभग 700 वर्ष तक पीर रतन नाथ बाबा जीवित रहे। गोलोक वासी होने के बाद गुरु गोरखनाथ द्वारा दिए गए अमृत कलश को बाबा रतन नाथ के प्रतिनिधित्व के रूप में नेपाल के दांग से देवीपाटन लाया जाता है। बताते हैं इस अमृत कलश के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए इस कलश के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्तगण पहुंचते हैं।

51 शक्तिपीठों में एक देवीपाटन शक्तिपीठ का पूरे देश में प्रख्यात महत्व है यह सिलसिला विक्रम संवत 809 से शुरू हुआ था। शोभायात्रा प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के पंचमी तिथि पर शक्तिपीठ देवीपाटन  पहुंचती है। बताया जाता है कि बाबा रतन नाथ आठ प्रकार के सिद्धियों के स्वामी थे।

नेपाल के पुजारी संभालते हैं कमान:- शिव अवतार गुरु गोरखनाथ के शिष्य रतन नाथ की पूजा से मां पाटेश्वरी इतना प्रसन्न हुई कि इनसे कोई वरदान मांगने को कहा तब रतन नाथ जी ने कहा माता मेरी प्रार्थना है यहां आपके साथ मेरी भी पूजा हो। देवी ने उन्हें मनचाहा वरदान दे दिया तभी से मां पाटेश्वरी मंदिर प्रांगण में स्थापित दलीचा में अमृत कलश को स्थापित कर नवमी तक पूजा अर्चना होती है और दशमी को बाबा की विदाई पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ पूरे विधि विधान एवं दक्षिणा आदि अर्पित कर करते हैं। पूजा के दौरान घंटे व नगाड़े नहीं बजाए जाते हैं।

मां पाटेश्वरी की पूजा सिर्फ रतन नाथ जी के पुजारी द्वारा की जाती है शोभायात्रा के साथ आए पुजारी पांच दिनों तक मंदिर के पुजारी को विश्राम देकर पूजा की कमान खुद संभालते हैं। शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए नेपाल राष्ट्र के अनेक विशिष्ट अतिथिगण अधिसंख्य नेपाली महिला पुरुष नागरिक अपने पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। स्थानीय नकटी नाले पर स्वागत के लिए प्रसिद्ध कथावाचक युवा संत सर्वेश  महाराज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की क्षेत्रीय विधायक कैलाशनाथ शुक्ला      विष्णुदेव गुप्ता दिलीप अनिल कुमार लाठ उमंग लाठ पंकज कानोड़िया पंकज जायसवाल राकेश सिंह विकास सोनी सत्यम श्रीवास्तव रोहित त्रिपाठी विवेक मोदनवाल विजय प्रताप सोनी रामदयाल सोनी विश्राम सिंह राजू अवन अनूप चरन व एडवोकेट सोनू पाल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति में हाथी चलायमान रही जो नन्हे मुन्ने बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा वहीं भक्तगण जय भवानी जय गोरखनाथ व जय रतन नाथ का उद्घोष कर रहे थे। शोभायात्रा देवीपाटन पहुंचने पर पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ ने विधि विधान से पीर रतननाथ का स्वागत किया तथा उन्हें प्रसिद्धि दलीचे में स्थापित कराया इस दौरान सदर विधायक पलटू राम क्षेत्रीय विधायक के अलावा सेवादार अरुण गुप्ता श्याम तिवारी विजय सिंह आदि उपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से उपजिला अधिकारी राकेश कुमार जयंत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय पुलिस उपाधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार स्थानीय प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह उतरौला प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के अलावा स्थानीय महिला पुरुष आरक्षियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।
झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

रामनवमी को लेकर रांची जिला प्रशासन अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री ने खुद संभाली कमान, रूट मैप का लिया जायजा

रांची | 24 मार्च 2026: आगामी रामनवमी महापर्व को देखते हुए रांची जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। विधि-व्यवस्था और सुरक्षा इंतजामों को पुख्ता करने के उद्देश्य से मंगलवार को उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने जिले के वरीय पुलिस और प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ शहर के विभिन्न संवेदनशील क्षेत्रों और जुलूस मार्गों का सघन भ्रमण किया।

जुलूस मार्गों और मंदिरों का स्थलीय निरीक्षण

उपायुक्त ने अपनी टीम के साथ तपोवन मंदिर, महावीर चौक (अपर बाजार), मेडिकल चौक मंदिर, शिव मंडप पूजा समिति (गाड़ी होटवार) और डोरंडा जैसे प्रमुख स्थलों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अखाड़ेधारियों और मंदिर समिति के सदस्यों से सीधी बातचीत की।

सुरक्षा और बैरिकेडिंग: तपोवन मंदिर में भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष बैरिकेडिंग के निर्देश दिए गए।

बुनियादी सुविधाएँ: जुलूस मार्ग में बिजली के लटकते तार, पेयजल की उपलब्धता, सीसीटीवी निगरानी और साफ-सफाई को लेकर संबंधित विभागों को कड़े निर्देश जारी किए गए।

सुगम यातायात: उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जुलूस के आगमन और प्रस्थान के रास्ते पूरी तरह सुगम होने चाहिए ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल: सेंट्रल मुहर्रम कमिटी ने किया स्वागत

निरीक्षण के दौरान एक सुखद तस्वीर सेंट्रल मुहर्रम कमिटी, डोरंडा की ओर से देखने को मिली। कमिटी के सदस्यों ने जिला प्रशासन के अधिकारियों का स्वागत करते हुए आश्वस्त किया कि रामनवमी के जुलूस का वे पूरे उत्साह के साथ स्वागत और आगवानी करेंगे। सदस्यों ने कहा कि रांची में रामनवमी आपसी भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाई जाएगी, जो शहर की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूत करेगा।

“बच्चों के अधिकारों पर राज्यस्तरीय मंथन: सुरक्षा, संरक्षण और उज्ज्वल भविष्य के लिए बनी कार्ययोजना”

रायपुर- राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग द्वारा बच्चों के अधिकारों से जुड़े संवेदनशील मुद्दों पर राज्यस्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कार्यशाला का उद्घाटन किया। इस एक दिवसीय कार्यशाला को दो सत्रों में आयोजित किया गया, जिसमें प्रथम सत्र राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से आईं शाइस्ता शाह ने लिया व द्वितीय सत्र कमिश्नरेट रायपुर के संजीव शुक्ला ने लिया, जिसमें सभी जिलों से जिला शिक्षा अधिकारी, जिला बाल कल्याण अधिकारी, बाल गृह अधीक्षक, SJPU (Special Juvenile Police Unit) शामिल हुए।

स्वागत उद्बोधन सचिव प्रतीक खरे ने दिया। आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा ने कहा कि केवल चिंता या चिंतन नहीं होगा, बल्कि मंथन होगा और आप सभी को इस मंथन को सार्थक करना है। बच्चे जो राष्ट्र का भविष्य हैं, जो राष्ट्र की नींव हैं। सोचिए, जो इतने Valuable हैं, वे vulnerable क्यों हैं। उन्होंने कहा कि हमें इस दिशा में गंभीरता से सोचने की आवश्यकता है, ताकि यह नींव कमजोर न पड़े। अपने 19 जिलों के दौरे का उल्लेख करते हुए उन्होंने सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की आवश्यकता पर भी जोर देते हुए कहा कि हम अक्सर कहते हैं कि बच्चे राष्ट्र की नींव हैं, लेकिन छोटी-छोटी जिम्मेदारियों से हम बचते हैं। बच्चों से अपराध नहीं होता, बल्कि उनसे गलतियां होती हैं। बाल गृह एवं बालिका गृह में रह रहे CNCP बच्चों के संदर्भ में उन्होंने कहा कि बाल गृह विकल्प नहीं, बल्कि उनका घर है, इसलिए उनके साथ परिवार जैसा व्यवहार किया जाना चाहिए।

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि हम बच्चों को ऊंचाइयों पर पहुंचते देखना चाहते हैं, लेकिन उन्हें सही दिशा देना भी उतना ही आवश्यक है। यह कार्यशाला बच्चों के भविष्य को सही दिशा देने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। उन्होंने कहा कि जब तक हम दूसरों के बच्चों को अपने बच्चों की तरह नहीं देखेंगे, तब तक समग्र विकास संभव नहीं है।

कार्यशाला के तकनीकी सत्रों में राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के प्रतिनिधि द्वारा शालाओं में बच्चों की सुरक्षा एवं संरक्षण तथा NCPCR के पॉक्सो ट्रैकिंग पोर्टल पर विस्तार से जानकारी दी गई। किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 2(14), 2(9), धारा 77 एवं 78 के तहत बच्चों में मादक द्रव्यों के प्रयोग एवं उनके व्यापार से उन्मूलन पर चर्चा की गई। संयुक्त कार्य योजना, एनसीपीसीआर की गाइडलाइन तथा छत्तीसगढ़ में नशामुक्ति केंद्रों की स्थापना की संभावनाओं पर भी विचार-विमर्श किया गया, जिसमें राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग, पुलिस मुख्यालय, मिशन वात्सल्य एवं समाज कल्याण विभाग के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

इसके साथ ही सत्र में रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला ने बच्चों से जुड़े विभिन्न मामलों को समझाते हुए Law and Force Department की संवेदनशील भूमिका पर बल दिया। बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने के लिए शपथ भी ली और छत्तीसगढ़ में बाल तस्करी के परिदृश्य एवं उसके उन्मूलन के लिए आवश्यक सुझावों पर चर्चा भी की गई। किशोर न्याय अधिनियम की धारा 46 सहपठित नियम 25 के अंतर्गत प्रदेश में पश्चातवर्ती देखभाल (After Care) के प्रयासों पर चर्चा की गई तथा जिलेवार एवं बाल गृहवार कार्ययोजना तैयार करने पर विचार किया गया।

इस अवसर पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी रजवाड़े, बाल अधिकार संरक्षण आयोग अध्यक्षा डॉ. वर्णिका शर्मा, राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग से शाइस्ता शाह, रायपुर कमिश्नर संजीव शुक्ला, SJPU हेड रश्मीत कौर, एडिशनल कमिश्नर पुलिस रायपुर कांबले, आयोग सचिव प्रतीक खरे सहित सभी जिलों के SJPU, DEO, DCPO एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के समन्वय से बच्चों के अधिकारों की प्रभावी सुरक्षा सुनिश्चित करना एवं उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना रहा।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
तेज रफ्तार दो पहिया वाहन ने पैदल जा रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग से जोरदार टक्कर आई काफी चोट

विश्वनाथ प्रताप सिंह



प्रयागराज।मामला जनपद प्रयाग राज   लालापुर   थाना अंतर्गत सुपारी बाग   के पास  दुर्घटना हो गई जिसमें 65 वर्षीय बुजुर्ग को  मस्तक पर  कभी चोट आई जिससे वह अपना परिचय बताने में समर्थ था
मौके पर वहां पर मौजूद लोगों के द्वारा उनकी मदद की जा रही थी जिसमें तत्काल में 112 को  पत्रकार  सोनू शुक्ला के द्वारा बुलाया गया और एंबुलेंस 108 को भी बुलाया गया

फोन  करते ही डायल हंड्रेड में हेड कांस्टेबल जय प्रजापति 2 मिनट के अंदर वहाँ मौके पर पहुंचे
जिससे उनका इलाज के लिए तत्काल सही स्थान पर पहुंचाया गया पुलिस विभाग मे p r b 112 जो काम कर जाती है आज वह काम थाना नहीं कर पाता है क्योंकि आज हेड कांस्टेबल जय प्रजापति तत्काल वहां पहुंचकर के यह साबित किया कि जनता की सेवा ही उनका पहला धर्म
उप मुख्यमंत्री ने आदि शक्ति मां विन्ध्यवासिनी देवी, काली खोह व अष्टभुजा देवी का विविधवत मंत्रोच्चार के साथ दर्शन-पूजन कर लिया आशीर्वाद

मीरजापुर। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने मंगलवार को जनपद भ्रमण के दौरान आदि शक्ति मां विन्ध्यवासिनी देवी मन्दिर पहुंचकर मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना कर आशीर्वाद लिया। तत्पश्चात कालीखोह मन्दिर जाकर माता काली जी, अष्टभुजा मन्दिर पहुंचकर माता अष्टभुजा देवी का दर्शन पूजन कर आशीर्वाद लिया व देश व प्रदेश की सुख समृद्धि की कामना की। दर्शनोपरान्त उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने उपस्थित पत्रकार बंधुओ से वार्ता के दौरान कहा कि आज मां विन्ध्यवासिनी देवी का दर्शन करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि मां विन्ध्यवासिनी देवी ने जो दर्शन देकर अपना आशीर्वाद दिया है उसके लिए मैं अपने आप को सौभाग्यशाली मानता हूं।

कहा पूरे प्रदेशवासियों के खुशहाली, अच्छे स्वास्थ्य, उनके प्रगति के लिए मां के चरणों में प्रार्थना करता हूं। उन्होंने कहा कि नव संवतसर शुरू हुआ है रामनवमी भी आने वाली है भगवान रामलला का भव्य मन्दिर व काशी विश्वनाथ मन्दिर का भव्य मन्दिर बना, तो वहीं विन्ध्याचल मां का धाम भी भव्य कारीडोर के रूप में बनकर तैयार होने की स्थिति में है। उन्होंने कहा कि हम सभी के लिए गर्व  की बात है, इसके कारण निरंतर श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है। यह मां की महिमा स्पष्ट रूप से दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि आने वाला समय प्रदेश में हर प्रकार से सरकार, पार्टी व हमारे प्रदेश वासियो के लिए शूभ हो यही मां के चरणो की विनती कर कामना की।

उप मुख्यमंत्री हेलीकाप्टर द्वारा तकरीबन 2 बजे पुलिस लाइन हेलीपैड पर उतरे जहां पर जिले के जनप्रतिनिधियों सहित जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, परियोजना निदेशक डीआरडीए धरमजीत सिंह व अन्य जनप्रतिनिधियो ने उप मुख्यमंत्री को पुष्प गुच्छ भेंटकर हेलीपैड पर स्वागत व अभिनन्दन किया।
भाजपा जिला कार्यसमिति में 2027 चुनाव को लेकर मिशन मोड में जुटने का आह्वान
मिशन 2027 को लेकर भाजपा सक्रिय,नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत

91 सदस्यीय कार्यसमिति में 33 महिलाओं को मिला स्थान

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर

सुलतानपुर, 24 मार्च।
भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर मंगलवार को नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का माल्यार्पण व पार्टी का पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।शासन द्वारा मनोनीत सभासदों का भी स्वागत हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों को बधाई देते हुए सभी से पूरी निष्ठा,ताकत व तन्मयता के साथ मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है और प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी की अमूल्य धरोहर व पूंजी है।

कार्यक्रम में भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संतबख्श सिंह ‘चुन्नू’ एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करूणा शंकर द्विवेदी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर किया गया।बैठक का संचालन जिला महामंत्री विजय प्रताप ने किया।मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 91 सदस्यीय जिला कार्यसमिति में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है,जिसमें 33 महिलाओं को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए हैं।

बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा,पूर्व विधायक अर्जुन सिंह,जगजीत सिंह छंगू,प्रवीन कुमार अग्रवाल,ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, आनन्द जायसवाल, जिला महामंत्री संदीप सिंह, अयोध्या प्रसाद वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आनन्द द्विवेदी,डॉ प्रीति प्रकाश,आलोक आर्या,लालमणि सिंह, आशीष सिंह,धर्मेन्द्र कुमार, अखिलेश जायसवाल, चन्दन नारायन सिंह,  रामेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, मनोज मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, दिनेश चौरसिया,रेखा निषाद,अरुण जायसवाल,राजेश दूबे निर्माण,पूजा कसौधन, राजेश सिंह,मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी,संजय सोमवंशी,राहुल भान मिश्रा,अतुल सिंह, आकाश जायसवाल, रचना अग्रवाल समेत मण्डल अध्यक्ष,मोर्चों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मिशन 2027 को लेकर भाजपा सक्रिय, नवनियुक्त पदाधिकारियों का हुआ भव्य स्वागत,91 सदस्यीय कार्यसमिति में 33 महिलाओं को मिला स्थान*
भाजपा जिला कार्यसमिति में 2027 चुनाव को लेकर मिशन मोड में जुटने का आह्वान*

बूथ स्तर तक संगठन मजबूत करने पर जोर*

सुलतानपुर, 24 मार्च। भारतीय जनता पार्टी जिला कार्यालय पर मंगलवार को नवनियुक्त जिला पदाधिकारियों का माल्यार्पण व पार्टी का पटका पहनाकर भव्य स्वागत किया गया।शासन द्वारा मनोनीत सभासदों का भी स्वागत हुआ।इस अवसर पर जिला कार्यसमिति की महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित हुई, जिसमें संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने और आगामी पंचायत व विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक को संबोधित करते हुए भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने नवनियुक्त पदाधिकारियों एवं कार्यसमिति सदस्यों को बधाई देते हुए सभी से पूरी निष्ठा,ताकत व तन्मयता के साथ मिशन मोड में कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती ही चुनावी सफलता की कुंजी है और प्रत्येक निष्ठावान कार्यकर्ता पार्टी की अमूल्य धरोहर व पूंजी है। कार्यक्रम में भाजपा क्षेत्रीय उपाध्यक्ष संतबख्श सिंह ‘चुन्नू’ एवं पूर्व जिलाध्यक्ष करूणा शंकर द्विवेदी ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए अनुशासन, समर्पण और संगठन के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं महापुरुषों के चित्रों पर पुष्पार्चन कर किया गया।बैठक का संचालन जिला महामंत्री विजय प्रताप ने किया। मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने जानकारी देते हुए बताया कि 91 सदस्यीय जिला कार्यसमिति में सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है,जिसमें 33 महिलाओं को स्थान दिया गया है। इसके अतिरिक्त 23 स्थायी आमंत्रित सदस्य भी शामिल किए गए हैं। बैठक में एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, निवर्तमान जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा,पूर्व विधायक अर्जुन सिंह,जगजीत सिंह छंगू,प्रवीन कुमार अग्रवाल,ओम प्रकाश पाण्डेय बजरंगी, आनन्द जायसवाल, जिला महामंत्री संदीप सिंह, अयोध्या प्रसाद वर्मा, जिला उपाध्यक्ष आनन्द द्विवेदी,डॉ प्रीति प्रकाश,आलोक आर्या,लालमणि सिंह, आशीष सिंह,धर्मेन्द्र कुमार, अखिलेश जायसवाल, चन्दन नारायन सिंह, रामेंद्र प्रताप सिंह, प्रदीप शुक्ला, मनोज मौर्य, मनोज श्रीवास्तव, दिनेश चौरसिया,रेखा निषाद,अरुण जायसवाल,राजेश दूबे निर्माण,पूजा कसौधन, राजेश सिंह,मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी,संजय सोमवंशी,राहुल भान मिश्रा,अतुल सिंह, आकाश जायसवाल, रचना अग्रवाल समेत मण्डल अध्यक्ष,मोर्चों के पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
गढ़वा: श्री रुद्र महायज्ञ के सफल आयोजन के बाद सम्मान समारोह, प्रधान संयोजक राकेश पाल ने कार्यकर्ताओं को सराहा

गढ़वा | 24 मार्च 2026 जोबरईया स्थित श्री नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में आयोजित नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ के सफलतापूर्वक संपन्न होने के उपलक्ष्य में एक भव्य समीक्षा बैठक और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। महायज्ञ के प्रधान संयोजक सह युवा समाजसेवी राकेश पाल ने इस दौरान जागृति युवा क्लब और आयोजन समिति के सदस्यों को उनकी उत्कृष्ट सेवा के लिए सम्मानित किया।

कुशल प्रबंधन और स्वच्छता की हुई प्रशंसा

समारोह को संबोधित करते हुए श्री राकेश पाल ने कहा कि 08 मार्च से 16 मार्च तक चले इस महायज्ञ की सफलता का मुख्य श्रेय सदस्यों के समर्पण और सटीक कार्य-विभाजन को जाता है। उन्होंने विशेष रूप से परिसर की स्वच्छता पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा:

"लाखों लोगों की मौजूदगी के बावजूद महायज्ञ के बाद परिसर की जिस तरह से साफ-सफाई की गई है, वह अत्यंत प्रशंसनीय है। यह अनुशासन अन्य आयोजनों के लिए एक मिसाल है।"

विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

संरक्षक एवं पदाधिकारी: कार्यक्रम की शुरुआत में क्लब के सदस्यों ने संरक्षक राकेश पाल, अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल, संरक्षक अनुज प्रसाद और विजय हलवाई (पिंडरा सुखबाना) को माला एवं शाल भेंट कर सम्मानित किया।

विशेष योगदान: श्री विजय हलवाई को मंदिर परिसर के शेड और सीढ़ियों में टाइल्स-मार्बल लगवाने के लिए सम्मानित किया गया।

भूमि दान: क्लब के कोषाध्यक्ष विवेकानंद पाल को यज्ञ और मेला क्षेत्र के लिए अपनी निजी भूमि उपलब्ध कराने हेतु विशेष रूप से बधाई दी गई।

कीर्तन मंडली: प्रत्येक सोमवार को भजन-कीर्तन करने वाली मंडली के सदस्यों (महेंद्र पाल, चंद्रदीप पाल आदि) को भी उनकी भक्तिपूर्ण प्रस्तुतियों के लिए सराहा गया।

अनुभव और आध्यात्मिक प्रभाव

क्लब के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार पाल ने मुख्य यजमान के रूप में अपने अनुभवों को साझा करते हुए इसे जीवन की अविस्मरणीय घटना बताया। वहीं अनुज प्रसाद ने आपसी सहयोग को इस बड़े आयोजन की सफलता की कुंजी बताया।

छठ पूजा और प्रसाद वितरण

सम्मान समारोह के समापन के बाद उपस्थित सभी सदस्यों के बीच चैती छठ पूजा के खरना का प्रसाद वितरित किया गया। ज्ञात हो कि मंदिर परिसर में ही क्लब के अध्यक्ष और अन्य छठव्रतियों द्वारा छठ पूजा का अनुष्ठान भी किया जा रहा था।

प्रमुख उपस्थित सदस्य:

कार्यक्रम का सफल संचालन ओमप्रकाश पाल (कार्यक्रम प्रमुख) ने किया। इस अवसर पर उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र पाल, सचिव विनय कुमार पाल, उपकोषाध्यक्ष चैतू भुइयां, संगठन मंत्री चंदन कुमार पाल, पंकज पाल, धनंजय कमलापुरी और पीयूष पाल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।

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देवीपाटन पहुंचने पर पीर रतन नाथ शोभायात्रा का पीठाधीश्वर ने किया स्वागत


बलरामपुर।23 मार्च मित्र राष्ट्र नेपाल के दांग चौघड़ा से पीर रतन नाथ योगी  की शोभायात्रा नवरात्र के पांचवें दिन सोमवार को सिद्ध पीठ देवी पाटन पहुंची भारत नेपाल की सीमा पर स्थित प्रसिद्ध 51 शक्तिपीठ देवी पाटन मंदिर दोनों देशों की धार्मिक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक संबंधों की प्रगाढ़ता की निशानी है। हर साल यहां चैत्र नवरात्र में नेपाल से बाबा रतन नाथ की ऐतिहासिक पात्र देवता के रूप में शोभायात्रा आती है जो देवीपाटन मंदिर में आकर ठहरती है। यह यात्रा न केवल भारत नेपाल के लिए बल्कि सात समुंदर पार रहने वाले लोगों के लिए भी धार्मिक सांस्कृतिक आकर्षण का केंद्र बनी रहती है।

नेपाली भक्तों ने रथ से शोभायात्रा में नेपाल राष्ट्र के धार्मिक सांस्कृतिक सामाजिक संस्थाओं के  लोगों ने हिस्सा लिया अपने पारंपरिक वेशभूषा में नेपाली भक्तों ने नृत्य करते हुए लोगों का ध्यान केंद्रित किया। आस्था का हुजूम स्थानीय मिल चुंगी नाके से प्रारंभ हुआ जो पुरानी बाजार होते हुए देवीपाटन के प्रसिद्ध दलीचा में स्थापित किया गया। दांग प्रांत से अमृत कलश यात्रा हर साल निकलती है। शोभायात्रा के दौरान श्रद्धालु अपने आराध्य देवता और अक्षय पात्र के साथ भारत आते हैं। एकादशी पर्व पर निकलने वाली शोभायात्रा को देवीपाटन पहुंचने में करीब नौ दिन का समय लगता है।

जनकपुर महादेव मुक्तेश्वर नाथ मंदिर पर दो दिन ठहराव के बाद स्थानीय नकटी पुल पर कुट्टी बाबा स्थान पर पूजा पाठ कर रवाना हो जाते हैं। ऐसा बताया जाता है सिद्ध पीर बाबा रतन नाथ गुरु गोरखनाथ के शिष्य थे तथा मां पाटन पाटेश्वरी के प्रति उनकी अपार श्रद्धा थी। बाबा प्रतिदिन मां के दर्शन के लिए दांग नेपाल से आते थे। जनश्रुति के अनुसार लगभग 700 वर्ष तक पीर रतन नाथ बाबा जीवित रहे। गोलोक वासी होने के बाद गुरु गोरखनाथ द्वारा दिए गए अमृत कलश को बाबा रतन नाथ के प्रतिनिधित्व के रूप में नेपाल के दांग से देवीपाटन लाया जाता है। बताते हैं इस अमृत कलश के दर्शन मात्र से ही भक्तों के सभी कष्ट दूर हो जाते हैं इसलिए इस कलश के दर्शन के लिए दूर-दूर से भक्तगण पहुंचते हैं।

51 शक्तिपीठों में एक देवीपाटन शक्तिपीठ का पूरे देश में प्रख्यात महत्व है यह सिलसिला विक्रम संवत 809 से शुरू हुआ था। शोभायात्रा प्रतिवर्ष चैत्र नवरात्र के पंचमी तिथि पर शक्तिपीठ देवीपाटन  पहुंचती है। बताया जाता है कि बाबा रतन नाथ आठ प्रकार के सिद्धियों के स्वामी थे।

नेपाल के पुजारी संभालते हैं कमान:- शिव अवतार गुरु गोरखनाथ के शिष्य रतन नाथ की पूजा से मां पाटेश्वरी इतना प्रसन्न हुई कि इनसे कोई वरदान मांगने को कहा तब रतन नाथ जी ने कहा माता मेरी प्रार्थना है यहां आपके साथ मेरी भी पूजा हो। देवी ने उन्हें मनचाहा वरदान दे दिया तभी से मां पाटेश्वरी मंदिर प्रांगण में स्थापित दलीचा में अमृत कलश को स्थापित कर नवमी तक पूजा अर्चना होती है और दशमी को बाबा की विदाई पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ पूरे विधि विधान एवं दक्षिणा आदि अर्पित कर करते हैं। पूजा के दौरान घंटे व नगाड़े नहीं बजाए जाते हैं।

मां पाटेश्वरी की पूजा सिर्फ रतन नाथ जी के पुजारी द्वारा की जाती है शोभायात्रा के साथ आए पुजारी पांच दिनों तक मंदिर के पुजारी को विश्राम देकर पूजा की कमान खुद संभालते हैं। शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने के लिए नेपाल राष्ट्र के अनेक विशिष्ट अतिथिगण अधिसंख्य नेपाली महिला पुरुष नागरिक अपने पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित हुए। स्थानीय नकटी नाले पर स्वागत के लिए प्रसिद्ध कथावाचक युवा संत सर्वेश  महाराज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि प्रवीण सिंह विक्की क्षेत्रीय विधायक कैलाशनाथ शुक्ला      विष्णुदेव गुप्ता दिलीप अनिल कुमार लाठ उमंग लाठ पंकज कानोड़िया पंकज जायसवाल राकेश सिंह विकास सोनी सत्यम श्रीवास्तव रोहित त्रिपाठी विवेक मोदनवाल विजय प्रताप सोनी रामदयाल सोनी विश्राम सिंह राजू अवन अनूप चरन व एडवोकेट सोनू पाल सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे।

यात्रा के दौरान अग्रिम पंक्ति में हाथी चलायमान रही जो नन्हे मुन्ने बच्चों के आकर्षण का केंद्र रहा वहीं भक्तगण जय भवानी जय गोरखनाथ व जय रतन नाथ का उद्घोष कर रहे थे। शोभायात्रा देवीपाटन पहुंचने पर पीठाधीश्वर योगी मिथलेश नाथ ने विधि विधान से पीर रतननाथ का स्वागत किया तथा उन्हें प्रसिद्धि दलीचे में स्थापित कराया इस दौरान सदर विधायक पलटू राम क्षेत्रीय विधायक के अलावा सेवादार अरुण गुप्ता श्याम तिवारी विजय सिंह आदि उपस्थित रहे। सुरक्षा की दृष्टि से उपजिला अधिकारी राकेश कुमार जयंत अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पांडेय पुलिस उपाधीक्षक डॉक्टर जितेंद्र कुमार स्थानीय प्रभारी निरीक्षक सुधीर कुमार सिंह उतरौला प्रभारी निरीक्षक अवधेश राज सिंह के अलावा स्थानीय महिला पुरुष आरक्षियों की उपस्थिति उल्लेखनीय रही।