देवघर-17 वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य आयोजन।
देवघर: 17 जनवरी 2026 17 वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन देवघर में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से 17वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 10 प्रखंडों से कुल 14 टीमों ने भाग लिया, जिनमें लड़कों की 8 तथा लड़कियों की 6 टीमें शामिल थीं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह, जोश और खेल भावना देखने को मिली। देवघर जिला खो-खो संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का शुभारंभ संरक्षक सह आयोजक आदर्श लक्ष्य, मुख्य संरक्षक विजय प्रताप सनातन, सचिव कौशल कुमार सिंह, निर्देशक संजीव कुमार झा एवं मुख्य अतिथि डॉ. गौरी शंकर की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी शानदार फुर्ती, बेहतरीन टीम वर्क एवं अनुशासित खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रोमांचक मुकाबलों ने पूरे माहौल को खेलमय बना दिया। इस अवसर पर संरक्षक आदर्श लक्ष्य ने कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य एवं अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा, जिससे जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ती है तथा नई प्रतिभाओं को पहचान मिलती है। खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
आजमगढ़: “सपा जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय” — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहर
आज़मगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा राजनीतिक दावा किया है। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन वर्ष 2047 तक सत्ता में बना रहेगा, क्योंकि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है। सपा के प्रचार पर कसा तंज राजभर ने महाराष्ट्र के हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों ने जमकर प्रचार किया, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा— “समाजवादी पार्टी जहाँ-जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय हो जाती है। चाहे राजस्थान हो, हरियाणा हो या महाराष्ट्र—सपा की मौजूदगी भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होती है।” मुस्लिम वोट बैंक और ओवैसी पर टिप्पणी महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में AIMIM की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल वोट देने की मशीन बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय ले रहा है, इसी कारण ओवैसी को समर्थन मिला। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों ने बार-बार सपा को सत्ता सौंपी, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। 2027 नहीं, 2047 तक एनडीए की सरकार का दावा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “सिर्फ 2027 ही नहीं, बल्कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में एनडीए की सरकार रहेगी। अब जनता जाति या भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विकास और काम के आधार पर मतदान कर रही है।” आरक्षण और परिवारवाद पर सफाई दी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों पर राजभर ने कहा कि जो भी पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करता है, वही उनका परिवार है। उन्होंने बताया कि दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण को लेकर वे गंभीर हैं और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन वर्गों के लिए सीटें सुरक्षित करने की मांग कर चुके हैं। विवादित बयान से मचा राजनीतिक बवाल प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक सवाल के जवाब में राजभर द्वारा यह कहे जाने का दावा किया गया कि 18 जनवरी (रविवार) को खजूरी स्थित विश्ववाणी जूनियर हाई स्कूल के मैदान में बिना लाइसेंस के हथियार बांटे जाएंगे—जिसे जरूरत हो, वह आकर ले जाए। इस कथन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
देवघर- संदीपनी पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेलकुद उत्सव मनाया गया।
देवघर: झौंसागड़ी, दुःखी साह रोड स्थित,संदीपनी पब्लिक स्कूल में  17 जनवरी को प्राइमरी विंग के बच्चों का वार्षिक खेलकूद उत्सव – अत्यंत उत्साह, उमंग एवं अनुशासन के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के तीनों हाउस के कप्तानों ने प्रज्वलित मशाल लेकर कर विद्यालय मैदान की परिक्रमा करते हुए प्राचार्य को हस्तगत किया। विद्यालय के सचिव विजय कुमार गुप्ता तथा प्राचार्य के. मूर्ति ने संयुक्त रूप से खेल ज्योति प्रज्वलित कर वार्षिक खेल कूद का आगाज किया। प्राचार्य के साथ शिक्षिकाओं के समूह ने आकाश में गुब्बारे गुच्छ उड़ाए ,जो ऊंची उड़ान भरता हुआ गगन को चूमता प्रतीत हुआ. बच्चों ने करतल ध्वनि से विद्यालय प्रांगण को गुंजित कर दिया। इसके पश्चात खेलकूद उत्सव के शुरुआत की औपचारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्राइमरी विंग (कक्षा 3 एवं 4) के बच्चों द्वारा प्रस्तुत हाउस-वाइज़ सामूहिक ड्रिल डांस से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इसके उपरांत सभी बच्चों को खेल प्रतिज्ञा दिलाई गई, जिससे खेल भावना, ईमानदारी एवं अनुशासन का संदेश दिया गया। प्रथम खेल में जूनियर विंग की शिक्षिकाओं का बैलून रेस करवाया गया, जिसे देखकर बच्चों में गुदगुदी के साथ-साथ अपार उत्साह देखने को मिला। इसके पश्चात प्राइमरी कक्षा के बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल प्रतियोगिताओं में लंबी दौड़, तेज दौड़, धीमी दौड़, तीन टांग दौड़, सैक रेस, स्पून एंड मार्बल रेस, हर्डल रेस, बैक रेस, बैलून बैलेंसिंग, जिराफ रेस, कलेक्ट द बॉल, हर्डल रेस, डूयेट रेस सहित अनेको रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लेते हुए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए। इन सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेड हाउस ने सर्वाधिक मेडल प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। प्रथम उपविजेता (Runner-Up) : येलो हाउस द्वितीय उपविजेता (Second Runner-Up) : ग्रीनहाउस रही। मध्यांतर (ब्रेक) के पश्चात सभी महिला शिक्षिकाओं की फास्ट वॉकिंग रेस तथा पुरुष शिक्षकों की फास्ट वॉकिंग रेस बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखकर बच्चों ने खूब तालियाँ बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सीनियर विंग की छात्राओं एवं जूनियर विंग की शिक्षिकाओं द्वारा रंग-बिरंगे कपड़ों का सुंदर पैटर्न बनाकर पुष्प-पंखुड़ियों की कलात्मक प्रस्तुति दी जो अत्यंत मनमोहक एवं रचनात्मक थी। यह नवप्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी रही। अंत में सभी शिक्षकों का म्यूजिकल चेयर गेम कराया गया जिसमें बच्चों ने शिक्षकों के लिए चीयर अप किया अपने संक्षिप्त एवं प्रेरक उद्बोधन में विद्यालय की प्राचार्या के. मूर्ति ने कहा कि “वार्षिक खेलकूद उत्सव बच्चों में नई ऊर्जा और नवसंचार भरता है। इससे उनमें अनुशासन, धैर्य, खेल भावना, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास होता है। खेल के माध्यम से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाएँ सामने आती हैं। कई बार यह भी देखा जाता है कि जो बच्चे अकादमिक क्षेत्र में पीछे रहते हैं, वे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास से भर उठते हैं और ऐसा आज हुआ भी हमने अपनी आंखों से देखा। खेल बच्चों को एक मजबूत, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करता है।” कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

सीता हरण की कथा को सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रही सुधाकर मिश्र और सुशील मिश्र के तत्वाधान में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी ने बताया रामचंद्रजी के बनवास काल के समय लंका नरेश रावण रामचंद्रजी की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले जाता है। भगवान श्री राम अपनी पत्नी सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराने हेतु भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान एवं वानरों की सेना के साथ मिलकर रावण वध किया।

आचार्य ने  आगे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजा। मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण बेहोश हो गए। उनका उपचार करने के लिए हनुमान विभीषण के कहने पर सुषेण वैद्य को भवन सहित उठा लाए। उन्होंने सूर्योदय से पहले हनुमान से संजीवनी लाने को कहा। इस पर हनुमान पूरा का पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

संजीवनी के उपचार से लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद उन्होंने मेघनाद का वध कर दिया। आखिर में स्वयं रावण युद्ध भूमि में आया। राम का प्रताप देख वह आकाशमार्ग में पहुंच गया जहां पहुंचकर प्रभु श्री राम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसकी नाभि का अमृत सोख लिया और उसका वध कर दिया। रावण वध का प्रसंग सुनते ही भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और पूरा आयोजन स्थल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

लंका विजय के बाद जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके भाई भरत अपने प्राण त्यागने जा रहे थे। तब भगवान राम ने हनुमान जी को भेजकर उनके प्राणों की रक्षा की।

इस दौरान आयोजक सुधाकर मिश्र, सुशील मिश्र और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धांलुओं के साथ साथ पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ रविंद्र शुक्ल, अंजनी कुमार सिंह जिला अधिकारी मैनपुरी, अनुपम राहुल राजपूत चेयरमैन संकिसा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग आरपीएल का एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी रविवार को डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर 12 12 ओवरों के रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

एलिमिनेटर राउंड में रोटरी ईस्ट एकेडेमिया रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी संगम की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

रोटरी के सभी अध्यक्षों सचिवो पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें तथा रोटरी भावना को सशक्त बनाएं।

सीएम डैशबोर्ड में जनपद का 18 वा स्थान,विद्युत विभाग सहित एक दर्जन विभागों की रैंक खराब, मुख्य विकास अधिकारी ने दी सभी को चेतावनी

फर्रूखाबाद l सी0एम0 डैऊशबोर्ड के विकास कार्यो की नवंबर माह की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ कीअध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित किया गया जिसमे विकास कार्यों में जनपद ने 18वां स्थान प्राप्त किया है।

बैठक  में 29 विभागों की 77 योजनाओं की समीक्षा की गई,समीक्षा में सबसे खराब डी0 श्रेणी में  उद्योग विभाग की ओ0डी0ओ0पी0 टूल किट योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना  में आई,समाज कल्याण विभाग  की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 24 रैंक आई,सामान्य वर्ग दशमोत्तर  छात्रवृत्ति योजना में 38रैंक आई,अनुसूचित जाति पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 59 रैंक आई,  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 40 रैंक आई,पूर्व दशम छात्रवृतियोजना में 63 रैंक आई, जल निगम ग्रामीण विभाग का कार्यक्रम जल जीवन मिशन की रैंक 60 प्राप्त हुई है ।

ग्राम्य विकास विभाग का कार्यक्रम डे एन आर एल एम आरएफ सी आई एफ में रैंक में सुधार हुआ और 12 रैंक आई है,अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यक्रम दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ती योजना में 35,पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 48  रैंक प्राप्त हुई है, उद्योग विभाग  ओ0डी0ओ0पी0 वित्त पोषण योजना में 67 रैंक आई,  चिकित्सा विभाग का कार्यक्रम एम्बुलेंस 102 में 23 एवं एम्बुलेंस 108 में 12 रैंक आई है,विद्युत विभाग के खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों में 75 रैंक व विद्युत आपूर्ति ग्रामीण में 52 रैंक आई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उक्त विभागों के अधिकारियों से नाराजगी जताई व अगले माह रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिये।इस मौके पर पी0डी0 डी0आर0डी0ए0, जिला विकास अधिकारी व संवंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मा. न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने किया वन्दे मातरम् चित्रकला कार्यशाला का भव्य उद्घाटन

संयोजक कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा तथा मेंटोर डॉ सचिन सैनी के निर्देशन में शुरू हुई कला कार्यशाला

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में वंदे मातरम पर आधारित चित्रांकन हेतु तीन दिवसीय वंदे मातरम कला कार्यशाला का उद्घाटन माघ मेले के संस्कार भारती शिविर में फीता काटकर एवं कैनवस पर चित्रण करके भव्य उद्घाटन किया और कहां कि वंदे मातरम बोलने मात्र से ही शरीर में देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ जाती है।

कार्यशाला के संयोजक सुविख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति एवं विशिष्ट अतिथि ज्योति मिश्रा का स्वागत अंग वस्त्र एवं पुष्पदान से किया।महामंत्री विभव शंकर मिश्रा ने कलाकारो का उत्साह वर्धन किया।कार्यशाला के मेंटोर असिस्टेंट प्रो.डॉ.सचिन सैनी के निर्देशन में चित्रकार शुभम कुशवाहा सौरभ सोनी सर्वेश पटेल प्रिया सिंह एवं युग सिंह वन्दे मातरम थीम पर स्केचिंग की शानदार शुरुआत की उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा उपाध्यक्ष गिरीशचद्र मिश्र व निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने संयोजक रवीन्द्र कुशवाहा को बधाई दी।उद्घाटन।

अवसर पर संस्कार भारतीय प्रयागराज के पदाधिकारी दीपक शर्मा सुशील राय योगेन्द्र मिश्र विश्वबन्धु ज्योति मिश्रा विभव मिश्रा ने कलाकारों के ड्राइंग की तारीफ की।

दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
खबरदार! बाल-विवाह एक गंभीर कानूनन अपराध है” जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में जिला प्रशासन व महिला कल्याण विभाग का जागरूकता अभियान
अमर बहादुर सिंह,बलिया शहर! बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग, जनपद बलिया एवं हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के संयुक्त तत्वावधान में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को बाल-विवाह से जुड़े कानून, दंडात्मक प्रावधान एवं इसके सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है। कार्यक्रम में बताया गया कि बाल-विवाह करवाने वाले दोषी माता-पिता, रिश्तेदारों, पंडित, मौलवी सहित विवाह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को 2 वर्ष तक की सजा अथवा 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही बाल-विवाह में अपनी सेवाएं देने वाले नाई, रसोइया, बैंड, टेंट, सजावट अथवा किसी भी प्रकार से सहयोग करने वालों पर भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल-विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध है, जिससे बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे इस अपराध के विरुद्ध जागरूक रहें और इसकी सूचना समय पर प्रशासन को दें। इस अवसर पर अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), बलिया ने कहा कि यदि कहीं भी बाल-विवाह की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित विभाग, महिला कल्याण कार्यालय अथवा प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रियंका सिंह (सेंटर मैनेजर, वन स्टॉप सेंटर), अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), निकिता सिंह (जेंडर स्पेशलिस्ट), एमएसडब्ल्यू विभागाध्यक्ष पुष्पा मिश्रा, रूबी मैम, प्रेम भूषण यादव सर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने बाल-विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकार दिलाने का संकल्प लिया। यह जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम माना जा रहा है।
देवघर-17 वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य आयोजन।
देवघर: 17 जनवरी 2026 17 वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का आयोजन देवघर में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के उद्देश्य से 17वीं देवघर जिला स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता 2025–26 का भव्य आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 10 प्रखंडों से कुल 14 टीमों ने भाग लिया, जिनमें लड़कों की 8 तथा लड़कियों की 6 टीमें शामिल थीं। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों में जबरदस्त उत्साह, जोश और खेल भावना देखने को मिली। देवघर जिला खो-खो संघ के तत्वावधान में आयोजित इस प्रतियोगिता का शुभारंभ संरक्षक सह आयोजक आदर्श लक्ष्य, मुख्य संरक्षक विजय प्रताप सनातन, सचिव कौशल कुमार सिंह, निर्देशक संजीव कुमार झा एवं मुख्य अतिथि डॉ. गौरी शंकर की गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने अपनी शानदार फुर्ती, बेहतरीन टीम वर्क एवं अनुशासित खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रोमांचक मुकाबलों ने पूरे माहौल को खेलमय बना दिया। इस अवसर पर संरक्षक आदर्श लक्ष्य ने कहा कि इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों का चयन आगामी राज्य एवं अन्य उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए किया जाएगा, जिससे जिले के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना सकें। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के आयोजनों से बच्चों और युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ती है तथा नई प्रतिभाओं को पहचान मिलती है। खेलों के माध्यम से युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की यह पहल निश्चित रूप से सराहनीय है। कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने सभी खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों, निर्णायकों एवं सहयोगियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।
आजमगढ़: “सपा जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय” — ओमप्रकाश राजभर का अखिलेश यादव पर तीखा प्रहर
आज़मगढ़। सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी (सपा) और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोलते हुए बड़ा राजनीतिक दावा किया है। अतरौलिया स्थित निरीक्षण भवन में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए गठबंधन वर्ष 2047 तक सत्ता में बना रहेगा, क्योंकि विपक्ष जनता का भरोसा खो चुका है। सपा के प्रचार पर कसा तंज राजभर ने महाराष्ट्र के हालिया चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि वहाँ समाजवादी पार्टी के सांसदों और विधायकों ने जमकर प्रचार किया, लेकिन पार्टी को एक भी सीट नसीब नहीं हुई। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा— “समाजवादी पार्टी जहाँ-जहाँ जाती है, वहाँ भाजपा की जीत तय हो जाती है। चाहे राजस्थान हो, हरियाणा हो या महाराष्ट्र—सपा की मौजूदगी भाजपा के लिए फायदेमंद साबित होती है।” मुस्लिम वोट बैंक और ओवैसी पर टिप्पणी महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनावों में AIMIM की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए राजभर ने कहा कि अब मुस्लिम समाज केवल वोट देने की मशीन बनकर नहीं रहना चाहता। उन्होंने कहा कि मुस्लिम मतदाता अब शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर सोच-समझकर निर्णय ले रहा है, इसी कारण ओवैसी को समर्थन मिला। सपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुसलमानों ने बार-बार सपा को सत्ता सौंपी, लेकिन बदले में उन्हें अपेक्षित लाभ नहीं मिला। 2027 नहीं, 2047 तक एनडीए की सरकार का दावा विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर पूछे गए सवाल पर राजभर ने स्पष्ट शब्दों में कहा— “सिर्फ 2027 ही नहीं, बल्कि 2047 तक उत्तर प्रदेश में एनडीए की सरकार रहेगी। अब जनता जाति या भावनाओं के आधार पर नहीं, बल्कि विकास और काम के आधार पर मतदान कर रही है।” आरक्षण और परिवारवाद पर सफाई दी पार्टी में परिवारवाद के आरोपों पर राजभर ने कहा कि जो भी पार्टी के लिए ईमानदारी से काम करता है, वही उनका परिवार है। उन्होंने बताया कि दलितों, पिछड़ों और महिलाओं के आरक्षण को लेकर वे गंभीर हैं और इस संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री तथा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर इन वर्गों के लिए सीटें सुरक्षित करने की मांग कर चुके हैं। विवादित बयान से मचा राजनीतिक बवाल प्रेस वार्ता के दौरान दिए गए एक बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। एक सवाल के जवाब में राजभर द्वारा यह कहे जाने का दावा किया गया कि 18 जनवरी (रविवार) को खजूरी स्थित विश्ववाणी जूनियर हाई स्कूल के मैदान में बिना लाइसेंस के हथियार बांटे जाएंगे—जिसे जरूरत हो, वह आकर ले जाए। इस कथन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान लिए जाने की संभावना जताई जा रही है, वहीं विपक्ष ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है।
देवघर- संदीपनी पब्लिक स्कूल में वार्षिक खेलकुद उत्सव मनाया गया।
देवघर: झौंसागड़ी, दुःखी साह रोड स्थित,संदीपनी पब्लिक स्कूल में  17 जनवरी को प्राइमरी विंग के बच्चों का वार्षिक खेलकूद उत्सव – अत्यंत उत्साह, उमंग एवं अनुशासन के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के तीनों हाउस के कप्तानों ने प्रज्वलित मशाल लेकर कर विद्यालय मैदान की परिक्रमा करते हुए प्राचार्य को हस्तगत किया। विद्यालय के सचिव विजय कुमार गुप्ता तथा प्राचार्य के. मूर्ति ने संयुक्त रूप से खेल ज्योति प्रज्वलित कर वार्षिक खेल कूद का आगाज किया। प्राचार्य के साथ शिक्षिकाओं के समूह ने आकाश में गुब्बारे गुच्छ उड़ाए ,जो ऊंची उड़ान भरता हुआ गगन को चूमता प्रतीत हुआ. बच्चों ने करतल ध्वनि से विद्यालय प्रांगण को गुंजित कर दिया। इसके पश्चात खेलकूद उत्सव के शुरुआत की औपचारिक घोषणा की गई। कार्यक्रम की शुरुआत प्राइमरी विंग (कक्षा 3 एवं 4) के बच्चों द्वारा प्रस्तुत हाउस-वाइज़ सामूहिक ड्रिल डांस से हुई, जिसने पूरे वातावरण को उत्सवमय बना दिया। इसके उपरांत सभी बच्चों को खेल प्रतिज्ञा दिलाई गई, जिससे खेल भावना, ईमानदारी एवं अनुशासन का संदेश दिया गया। प्रथम खेल में जूनियर विंग की शिक्षिकाओं का बैलून रेस करवाया गया, जिसे देखकर बच्चों में गुदगुदी के साथ-साथ अपार उत्साह देखने को मिला। इसके पश्चात प्राइमरी कक्षा के बच्चों ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर भाग लिया। खेल प्रतियोगिताओं में लंबी दौड़, तेज दौड़, धीमी दौड़, तीन टांग दौड़, सैक रेस, स्पून एंड मार्बल रेस, हर्डल रेस, बैक रेस, बैलून बैलेंसिंग, जिराफ रेस, कलेक्ट द बॉल, हर्डल रेस, डूयेट रेस सहित अनेको रोचक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। बच्चों ने पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ भाग लेते हुए प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किए। इन सभी प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए रेड हाउस ने सर्वाधिक मेडल प्राप्त कर विजेता ट्रॉफी अपने नाम की। प्रथम उपविजेता (Runner-Up) : येलो हाउस द्वितीय उपविजेता (Second Runner-Up) : ग्रीनहाउस रही। मध्यांतर (ब्रेक) के पश्चात सभी महिला शिक्षिकाओं की फास्ट वॉकिंग रेस तथा पुरुष शिक्षकों की फास्ट वॉकिंग रेस बच्चों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रही, जिसे देखकर बच्चों ने खूब तालियाँ बजाकर उत्साहवर्धन किया। कार्यक्रम के अंतिम चरण में सीनियर विंग की छात्राओं एवं जूनियर विंग की शिक्षिकाओं द्वारा रंग-बिरंगे कपड़ों का सुंदर पैटर्न बनाकर पुष्प-पंखुड़ियों की कलात्मक प्रस्तुति दी जो अत्यंत मनमोहक एवं रचनात्मक थी। यह नवप्रस्तुति आकर्षण का केंद्र बनी रही। अंत में सभी शिक्षकों का म्यूजिकल चेयर गेम कराया गया जिसमें बच्चों ने शिक्षकों के लिए चीयर अप किया अपने संक्षिप्त एवं प्रेरक उद्बोधन में विद्यालय की प्राचार्या के. मूर्ति ने कहा कि “वार्षिक खेलकूद उत्सव बच्चों में नई ऊर्जा और नवसंचार भरता है। इससे उनमें अनुशासन, धैर्य, खेल भावना, आत्मविश्वास, स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता एवं व्यक्तित्व विकास होता है। खेल के माध्यम से बच्चों की छिपी हुई प्रतिभाएँ सामने आती हैं। कई बार यह भी देखा जाता है कि जो बच्चे अकादमिक क्षेत्र में पीछे रहते हैं, वे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर आत्मविश्वास से भर उठते हैं और ऐसा आज हुआ भी हमने अपनी आंखों से देखा। खेल बच्चों को एक मजबूत, सक्षम और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में अग्रसर करता है।” कार्यक्रम का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हर्षोल्लासपूर्वक संपन्न हुआ।
235 पेड़ों को बचाने सड़क पर उतरी गांधीगिरी

इंदौर के रीगल चौराहे पर 16 दिन से जारी है शांतिपूर्ण धरना



इंदौर। विकास के नाम पर लगातार सिमटती हरियाली के बीच इंदौर में पर्यावरण संरक्षण की एक अनोखी और प्रेरक मिसाल सामने आई है। शहर के व्यस्ततम रीगल चौराहे पर मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित पेड़ कटाई के विरोध में जागरूक नागरिकों ने गांधीगिरी का रास्ता अपनाते हुए पिछले 16 दिनों से लगातार धरना शुरू कर रखा है। प्रदर्शनकारी पेड़ों के बीच ही बिस्तर बिछाकर दिन-रात उनकी निगरानी कर रहे हैं, ताकि उन्हें किसी भी समय काटा न जा सके।

देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में हरियाली का दायरा घटकर महज 9 प्रतिशत रह गया है। इसके बावजूद मेट्रो रेल परियोजना के अंतर्गत रीगल चौराहे के रानी सराय क्षेत्र में प्रस्तावित अंडरग्राउंड मेट्रो स्टेशन के लिए यहां मौजूद 235 हरे-भरे पेड़ों को काटने की तैयारी की जा रही है। खास बात यह है कि इन पेड़ों पर प्रतिदिन शाम को हजारों तोते बसेरा करते हैं, जिनके जीवन पर भी गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

पेड़ों को बचाने की इस मुहिम की अगुवाई जनहित पार्टी के अभय जैन कर रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन, नगर निगम और मेट्रो रेल प्रबंधन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन जब कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो 1 जनवरी से शांतिपूर्ण धरना शुरू कर दिया। उनके साथ कई पर्यावरण प्रेमी और स्थानीय नागरिक लगातार डटे हुए हैं। अब इस आंदोलन को उन राहगीरों का भी समर्थन मिलने लगा है, जो किसी अन्य कार्य से यहां आते हैं लेकिन पेड़ों को बचाने के उद्देश्य से जुड़ रहे हैं।

धरना स्थल पर 235 पेड़ों का विस्तृत पंचनामा तैयार किया गया है, जिसमें उनकी प्रजाति, पर्यावरणीय उपयोगिता और उन्हें न काटने की अपील दर्ज की गई है। पूरे क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण से जुड़े स्लोगन और जागरूकता संदेश लिखे गए हैं, जो लोगों का ध्यान इस आंदोलन की ओर आकर्षित कर रहे हैं।

अभय जैन का कहना है:

“सभी जिम्मेदार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इसके साथ ही इंदौर हाईकोर्ट में जनहित याचिका भी दाखिल की गई है, जिसकी सुनवाई शीघ्र होगी। 16 दिन और 16 रात से धरना इसलिए जारी है ताकि पेड़ दिन या रात किसी भी समय चोरी-छिपे न काटे जा सकें और हजारों तोतों की जान बचाई जा सके।”

वहीं मेट्रो रेल कंपनी के जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु ग्रोवर का कहना है कि,

“इस विषय में कोई भी निर्णय शीर्ष प्रबंधन स्तर पर ही लिया जा सकता है।”

पर्यावरणविदों और जागरूक नागरिकों का मानना है कि जयपुर, कानपुर, लखनऊ और पुणे जैसे शहरों में मेट्रो परियोजनाओं पर भारी निवेश के बावजूद यात्री संख्या अपेक्षा से कम रही है। इसके बावजूद हजारों करोड़ रुपये का कर्ज लेकर ऐसी योजनाएं लागू की जा रही हैं, जिनकी कीमत शहरों को अपनी हरियाली गंवाकर चुकानी पड़ रही है।

पर्यावरणविद मनीष काले का कहना है:

“मेट्रो जैसी परियोजनाएं अब फैशन आइकॉन बनती जा रही हैं। यह पश्चिमी विकास मॉडल है, जो कर्ज पर आधारित है। इसके बदले पेड़-पौधों का विनाश भविष्य में गंभीर संकट खड़ा करेगा। दिल्ली में सांसों का संकट इसका उदाहरण है। यदि इंदौर में भी हरियाली खत्म हुई, तो आने वाले समय में यहां भी वही हालात बन सकते हैं।”

फिलहाल रीगल चौराहे पर जारी यह गांधीगिरी विकास बनाम पर्यावरण के सवाल को एक बार फिर केंद्र में ले आई है और यह सोचने पर मजबूर कर रही है कि क्या विकास की कीमत प्रकृति की बलि देकर चुकाई जानी चाहिए।

सीता हरण की कथा को सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर

फर्रुखाबाद।गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में चल रही सुधाकर मिश्र और सुशील मिश्र के तत्वाधान में चल रही नौ दिवसीय श्री रामकथा में अंतर्राष्ट्रीय कथाकार आचार्य मनोज अवस्थी ने बताया रामचंद्रजी के बनवास काल के समय लंका नरेश रावण रामचंद्रजी की पत्नी सीता का अपहरण कर लंका ले जाता है। भगवान श्री राम अपनी पत्नी सीता को रावण के बंधन से मुक्त कराने हेतु भाई लक्ष्मण, भक्त हनुमान एवं वानरों की सेना के साथ मिलकर रावण वध किया।

आचार्य ने  आगे का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि रावण ने मेघनाद को युद्ध भूमि में भेजा। मेघनाथ के शक्तिबाण से लक्ष्मण बेहोश हो गए। उनका उपचार करने के लिए हनुमान विभीषण के कहने पर सुषेण वैद्य को भवन सहित उठा लाए। उन्होंने सूर्योदय से पहले हनुमान से संजीवनी लाने को कहा। इस पर हनुमान पूरा का पूरा पहाड़ ही उठा लाए।

संजीवनी के उपचार से लक्ष्मण को होश आया। इसके बाद उन्होंने मेघनाद का वध कर दिया। आखिर में स्वयं रावण युद्ध भूमि में आया। राम का प्रताप देख वह आकाशमार्ग में पहुंच गया जहां पहुंचकर प्रभु श्री राम ने ब्रह्मास्त्र का प्रयोग कर उसकी नाभि का अमृत सोख लिया और उसका वध कर दिया। रावण वध का प्रसंग सुनते ही भक्तजन भाव-विभोर हो उठे और पूरा आयोजन स्थल प्रभु श्री राम के जयकारों से गूंज उठा।

लंका विजय के बाद जब प्रभु श्रीराम 14 वर्षों का वनवास पूरा कर अयोध्या लौट रहे थे, तब उनके भाई भरत अपने प्राण त्यागने जा रहे थे। तब भगवान राम ने हनुमान जी को भेजकर उनके प्राणों की रक्षा की।

इस दौरान आयोजक सुधाकर मिश्र, सुशील मिश्र और बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धांलुओं के साथ साथ पूर्व बेसिक शिक्षा मंत्री डॉ रविंद्र शुक्ल, अंजनी कुमार सिंह जिला अधिकारी मैनपुरी, अनुपम राहुल राजपूत चेयरमैन संकिसा आदि गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
रोटरी प्रीमियर लीग एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रोटरी प्रीमियर लीग आरपीएल का एलिमिनेटर राउंड 18 जनवरी रविवार को डीएसए ग्राउंड प्रयागराज में आयोजित किया जाएगा।इस अवसर पर 12 12 ओवरों के रोमांचक मुकाबले खेले जाएंगे।

एलिमिनेटर राउंड में रोटरी ईस्ट एकेडेमिया रोटरी प्रयागराज प्लैटिनम एवं रोटरी संगम की टीमें आपस में मुकाबला करेंगी। प्रतियोगिता का फाइनल मुकाबला 25 जनवरी को आयोजित किया जाएगा।

रोटरी के सभी अध्यक्षों सचिवो पदाधिकारियों एवं सदस्यों से अनुरोध है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करें तथा रोटरी भावना को सशक्त बनाएं।

सीएम डैशबोर्ड में जनपद का 18 वा स्थान,विद्युत विभाग सहित एक दर्जन विभागों की रैंक खराब, मुख्य विकास अधिकारी ने दी सभी को चेतावनी

फर्रूखाबाद l सी0एम0 डैऊशबोर्ड के विकास कार्यो की नवंबर माह की समीक्षा बैठक मुख्य विकास अधिकारी विनोद कुमार गौड़ कीअध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में  आयोजित किया गया जिसमे विकास कार्यों में जनपद ने 18वां स्थान प्राप्त किया है।

बैठक  में 29 विभागों की 77 योजनाओं की समीक्षा की गई,समीक्षा में सबसे खराब डी0 श्रेणी में  उद्योग विभाग की ओ0डी0ओ0पी0 टूल किट योजना एवं विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना  में आई,समाज कल्याण विभाग  की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में 24 रैंक आई,सामान्य वर्ग दशमोत्तर  छात्रवृत्ति योजना में 38रैंक आई,अनुसूचित जाति पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 59 रैंक आई,  पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में 40 रैंक आई,पूर्व दशम छात्रवृतियोजना में 63 रैंक आई, जल निगम ग्रामीण विभाग का कार्यक्रम जल जीवन मिशन की रैंक 60 प्राप्त हुई है ।

ग्राम्य विकास विभाग का कार्यक्रम डे एन आर एल एम आरएफ सी आई एफ में रैंक में सुधार हुआ और 12 रैंक आई है,अल्पसंख्यक कल्याण विभाग का कार्यक्रम दशमोत्तर छात्रवृत्ति/शुल्क प्रतिपूर्ती योजना में 35,पूर्व दशम छात्रवृत्ति योजना में 48  रैंक प्राप्त हुई है, उद्योग विभाग  ओ0डी0ओ0पी0 वित्त पोषण योजना में 67 रैंक आई,  चिकित्सा विभाग का कार्यक्रम एम्बुलेंस 102 में 23 एवं एम्बुलेंस 108 में 12 रैंक आई है,विद्युत विभाग के खराब ट्रांसफार्मर की शिकायतों में 75 रैंक व विद्युत आपूर्ति ग्रामीण में 52 रैंक आई।

मुख्य विकास अधिकारी द्वारा उक्त विभागों के अधिकारियों से नाराजगी जताई व अगले माह रैंकिंग में सुधार करने के निर्देश दिये।इस मौके पर पी0डी0 डी0आर0डी0ए0, जिला विकास अधिकारी व संवंधित अधिकारी मौजूद रहे।
मा. न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने किया वन्दे मातरम् चित्रकला कार्यशाला का भव्य उद्घाटन

संयोजक कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा तथा मेंटोर डॉ सचिन सैनी के निर्देशन में शुरू हुई कला कार्यशाला

संजय द्विवेदी,प्रयागराज।न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में वंदे मातरम पर आधारित चित्रांकन हेतु तीन दिवसीय वंदे मातरम कला कार्यशाला का उद्घाटन माघ मेले के संस्कार भारती शिविर में फीता काटकर एवं कैनवस पर चित्रण करके भव्य उद्घाटन किया और कहां कि वंदे मातरम बोलने मात्र से ही शरीर में देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ जाती है।

कार्यशाला के संयोजक सुविख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति एवं विशिष्ट अतिथि ज्योति मिश्रा का स्वागत अंग वस्त्र एवं पुष्पदान से किया।महामंत्री विभव शंकर मिश्रा ने कलाकारो का उत्साह वर्धन किया।कार्यशाला के मेंटोर असिस्टेंट प्रो.डॉ.सचिन सैनी के निर्देशन में चित्रकार शुभम कुशवाहा सौरभ सोनी सर्वेश पटेल प्रिया सिंह एवं युग सिंह वन्दे मातरम थीम पर स्केचिंग की शानदार शुरुआत की उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा उपाध्यक्ष गिरीशचद्र मिश्र व निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने संयोजक रवीन्द्र कुशवाहा को बधाई दी।उद्घाटन।

अवसर पर संस्कार भारतीय प्रयागराज के पदाधिकारी दीपक शर्मा सुशील राय योगेन्द्र मिश्र विश्वबन्धु ज्योति मिश्रा विभव मिश्रा ने कलाकारों के ड्राइंग की तारीफ की।

दादी-पोते की एक साथ उठी अर्थी
* पोते की मौत के सदमे से दादी ने तोड़ा दम,दो दिन पूर्व सूखे तालाब में मिला था शव

सुल्तानपुर। सुल्तानपुर में पोते की मौत के सदमे से दादी की भी जान चली गई। शनिवार दोपहर को दादी और पोते की अर्थी एक साथ उठी, जिससे पूरे गांव में शोक का माहौल छा गया। कादीपुर विधायक राजेश गौतम ने पीड़ित परिवार से मिलकर संवेदना व्यक्त की और 5 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की।
दोस्तपुर के बभनझ्या पश्चिम निवासी 39 वर्षीय गुड्डू गौतम 2 जनवरी की सुबह 7 बजे से लापता थे। परिजनों ने दोस्तपुर थाने में उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने गुड्डू की तलाश में पोस्टर भी जारी किए थे, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल पा रहा था।
गुरुवार को गुड्डू का शव घर से लगभग दो सौ मीटर दूर एक सूखे तालाब में मिला। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
शुक्रवार शाम पोस्टमार्टम के बाद गुड्डू का शव घर पहुंचा। अंधेरा होने के कारण परिजनों ने शनिवार को अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। रात भर परिजन शव के पास बैठे रहे। इसी दौरान, मृतक की 75 वर्षीय दादी द्रोपदी देवी रात को सोईं और सुबह नहीं उठ पाईं। परिजनों का मानना है कि पोते की मौत के सदमे से ही उनकी जान गई है।
विधायक राजेश गौतम ने घटना की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचकर परिजनों को सांत्वना दी। दोपहर में दोनों शवों को ऊष्मा घाट ले जाया गया, जहां मृतक गुड्डू के भतीजे राम कुमार ने दादी और पोते दोनों को मुखाग्नि दी। इस दौरान पूर्व नगर पंचायत सभासद राजेश त्रिपाठी, नगर सपा पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि रमाशंकर पाठक, भीम आर्मी जिला अध्यक्ष रमेश सोनकर, सब इंस्पेक्टर अनूप सिंह, सब इंस्पेक्टर सियाराम और कांस्टेबल आनंद सिंह व योगेंद्र सहित कई लोग मौजूद रहे।
मृतक गुड्डू कस्बे में ठेले पर सब्जी बेचकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी असामयिक मृत्यु से उनकी पत्नी किरण, बेटियों खुशी, दीपांशी, तान्या और बेटे आकृत का बुरा हाल है।
खबरदार! बाल-विवाह एक गंभीर कानूनन अपराध है” जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में जिला प्रशासन व महिला कल्याण विभाग का जागरूकता अभियान
अमर बहादुर सिंह,बलिया शहर! बाल-विवाह जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से समाप्त करने के उद्देश्य से महिला कल्याण विभाग, जनपद बलिया एवं हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वूमेन के संयुक्त तत्वावधान में जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक जन-जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को बाल-विवाह से जुड़े कानून, दंडात्मक प्रावधान एवं इसके सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तृत जानकारी दी गई। अभियान के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के एवं 18 वर्ष से कम आयु की लड़की का विवाह कराना कानूनन अपराध है, जिसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है। कार्यक्रम में बताया गया कि बाल-विवाह करवाने वाले दोषी माता-पिता, रिश्तेदारों, पंडित, मौलवी सहित विवाह में शामिल प्रत्येक व्यक्ति को 2 वर्ष तक की सजा अथवा 1 लाख रुपये तक का जुर्माना या दोनों हो सकते हैं। इसके साथ ही बाल-विवाह में अपनी सेवाएं देने वाले नाई, रसोइया, बैंड, टेंट, सजावट अथवा किसी भी प्रकार से सहयोग करने वालों पर भी समान रूप से कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। जिला प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि बाल-विवाह केवल एक सामाजिक कुरीति नहीं, बल्कि एक दंडनीय अपराध है, जिससे बच्चों के भविष्य, शिक्षा, स्वास्थ्य और मानसिक विकास पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इसलिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों का दायित्व है कि वे इस अपराध के विरुद्ध जागरूक रहें और इसकी सूचना समय पर प्रशासन को दें। इस अवसर पर अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), बलिया ने कहा कि यदि कहीं भी बाल-विवाह की जानकारी मिलती है तो तत्काल संबंधित विभाग, महिला कल्याण कार्यालय अथवा प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जा सके। उन्होंने छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे स्वयं जागरूक बनें और अपने परिवार व समाज को भी जागरूक करें। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रियंका सिंह (सेंटर मैनेजर, वन स्टॉप सेंटर), अंजली सिंह (डिस्ट्रिक्ट मिशन कोऑर्डिनेटर), निकिता सिंह (जेंडर स्पेशलिस्ट), एमएसडब्ल्यू विभागाध्यक्ष पुष्पा मिश्रा, रूबी मैम, प्रेम भूषण यादव सर सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शिक्षकों की सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित छात्र-छात्राओं एवं प्रतिभागियों ने बाल-विवाह के विरुद्ध जागरूकता फैलाने तथा प्रत्येक बच्चे को उसके अधिकार दिलाने का संकल्प लिया। यह जागरूकता अभियान समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रभावी कदम माना जा रहा है।