उप्र: 24 घंटे में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दें: प्रमुख सचिव राजस्व
लखनऊ। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत राशि के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और 15 मार्च 2026 से अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में बजट की आवश्यकता हो, तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से मांग की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल-फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराएं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम संबंधी सूचनाएं विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित करें।
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में बेमौसम बारिश से 17 लोगों की मृत्यु, 11 पशुहानि तथा सहारनपुर और ललितपुर में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है।प्रमुख सचिव ने कहा कि राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कर प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
PNG सेवाओं के विस्तार पर केंद्र-राज्य समन्वय बैठक, यूपी में प्रगति की निगरानी खुद करेंगे ए.के. शर्मा
लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार और PNG सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विज्ञान भवन में उच्च स्तरीय केंद्र-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में PNG सेवाओं के विस्तार की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज प्रमुख हैं। इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए वे स्वयं निगरानी करेंगे।
यह बैठक समूह मंत्रियों (GoM) के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मनोहर लाल खट्टर तथा प्रह्लाद जोशी सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने, PNG कनेक्शन वितरण में तेजी लाने तथा CGD नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल व समयबद्ध बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शहरी विकास को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली ने भी सक्रिय भागीदारी की, जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
बिजली कर्मियों में उबाल: संविदा कर्मियों की छंटनी और अभियंताओं के निलंबन पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली और अभियंताओं के निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो अप्रैल माह में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार, प्रबंधन द्वारा निजीकरण की दिशा में मनमाने तरीके से राजधानी लखनऊ समेत एक दर्जन से अधिक शहरों में तथाकथित “वर्टिकल व्यवस्था” लागू की गई है। अब उसी व्यवस्था की समीक्षा के लिए प्रबंधन ने अपने ही अधिकारियों—निदेशकों और प्रबंध निदेशकों—को जिम्मेदारी सौंप दी है, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समिति का कहना है कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और आने वाली गर्मियों में उपभोक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। “सिंगल विंडो सिस्टम” को समाप्त कर कार्यों को चार भागों में बांट दिया गया है, जिससे समन्वय और जवाबदेही कमजोर हो गई है।
संघर्ष समिति ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था ने उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ा दी हैं। कई मामलों में भुगतान के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है, और उपभोक्ताओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
समिति ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि अपनी विफलताओं का ठीकरा कर्मचारियों और अभियंताओं पर फोड़ा जा रहा है। वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी, नियमित पदों में कटौती और टीजी-2 कर्मचारियों को हटाया गया है। साथ ही, अभियंताओं के निलंबन की तैयारी से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
अलीगढ़ में एक मुख्य अभियंता के निलंबन का उदाहरण देते हुए समिति ने इसे मनोबल तोड़ने वाली कार्रवाई बताया। साथ ही कहा कि कम वेतन पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रबंधन जानबूझकर गर्मियों से पहले ऊर्जा निगमों में अस्थिरता पैदा कर रहा है, ताकि भविष्य में निजीकरण को उचित ठहराया जा सके। जिन शहरों में यह व्यवस्था लागू की गई है, वहां आगे अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
इसी क्रम में कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO) में बिजली कर्मियों ने उत्पीड़न के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी। वहीं, पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन 486वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट

ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट में हुआ भव्य आयोजन जिसमें भाकियू (भानू ) विधि प्रमोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रयागराज


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।नवरात्र के नौमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट मऊगंज मध्य प्रदेश में एक भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 101 कन्याओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया और उन्हें एक थाली, एक गिलास, एक चम्मच और 101 रुपये भेंट में दिए गए।

इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने कहा कि कन्याओं की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट देना एक पवित्र कार्य है, जिससे हमें पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस अवसर पर आश्रम के सचिव सर्वण कुमार द्विवेदी, शिष्य प्रयागराज से भारतीय किसान यूनियन (भानू) विधिप्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष धर्मराज सिंह एडाकेट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी देते हुए आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर कन्याओं को भेंट देने के साथ-साथ उन्हें भोजन भी कराया गया।

आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने बताया कि ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट का उद्देश्य समाज में धर्म और संस्कृति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आश्रम द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहते हैं, जिससे समाज में एकता और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की उठी मांग, सुल्तानपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन*
सुल्तानपुर,सऊदी अरब स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान के विध्वंस को लेकर दुनिया भर के साथ-साथ अब सुल्तानपुर में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार को अमहट में शिया समुदाय के लोगों ने मौलाना मोहम्मद जाफर खान के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पैगंबर मोहम्मद साहब के परिवार के सदस्यों के उन मजारों का फिर से निर्माण कराया जाए जिन्हें वर्षों पहले ध्वस्त कर दिया गया था। यहां राष्ट्रपति को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को सौंपा गया। मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने प्रदर्शन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा यह कोई नया विरोध नहीं है, बल्कि पैगंबर (SAW) और उनके परिवार के प्रति अटूट प्रेम रखने वाले लोग वर्षों से इस दर्द को साझा करने के लिए जुलूस निकालते आए हैं। मौलाना ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के मुसलमान हैं। एक वो, जिन्हें अहले-बैत (पैगंबर के परिवार) से सच्ची मोहब्बत है और वे उनके सम्मान के लिए आवाज उठा रहे हैं। दूसरे वो, जो खुद को केवल नाम का मुसलमान कहते हैं और इस जुल्म पर खामोश हैं। उन्होंने गांधी जी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी 'जिंदा कौम' अपनी कुर्बानियों को याद रखने के लिए उनकी यादगारें और मूर्तियां बनाती है। इसी तरह, अहले-बैत के रोजे (मकबरे) भी इंसानियत और कुर्बानी का प्रतीक हैं। मौलाना ने चेतावनी दी कि यदि इन यादगारों को खत्म कर दिया गया, तो समाज में "जंगल राज" फैल जाएगा और इंसानियत, मानवता व प्रेम के जज्बात खत्म हो जाएंगे। उनकी एकमात्र मांग है कि जन्नतुल बकी में अहले-बैत के मजारों का पुनः निर्माण हो ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महानता को सलाम कर सकें और उनके बताए रास्ते पर चल सकें। यहां पर नगर कोतवाल संदीप राय अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में मौलाना आसिफ नकवी, मौलाना जीशान खान, मौलाना तौसीफ़, हैदर अब्बास, एमएच खान एडवोकेट, अजादार हुसैन आदि मौजूद रहे।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक


गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
योग केवल व्यायाम नहीं,वरन एक संपूर्ण जीवन पद्धति है-विक्रम सिंह

बी एड़ विभाग में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित



सुल्तानपुर। राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के बी.एड. विभाग द्वारा पाठ्येतर प्रायोगिक गतिविधियों के अंतर्गत एक दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ से आए योग प्रशिक्षक विक्रम सिंह ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है जो व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को संतुलित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास करने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

योग प्रशिक्षक विक्रम सिंह द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इन योगाभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक लचीलापन, मानसिक शांति एवं एकाग्रता के लाभों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर शाश्वत सिंह द्वारा योग का उत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया गया, जिसे सभी ने सराहा। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने आभार व्यक्त किया तथा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया।

इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर शांतिलता कुमारी, डॉ. सीमा सिंह, विजय सिंह सहित बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ हुआ।
सीतापुर में एनएसएस शिविर में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के प्रभात राजेंद्र कुमार पूनम देवी महाविद्यालय के तत्वावधान में ग्राम भवानीपुर में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य जागरूकता  अभियान की जानकारी दी गई। शनिवार को शिविर का शुभारंभ ध्यान, प्राणायाम एवं योगाभ्यास के साथ किया गया और लोगों को स्वास्थ्य को लेकर जागरूक  किया गया।
कार्यक्रम में सेवक सेविकाओं ने प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से स्वास्थ्य,स्वच्छता एवं संतुलित जीवनशैली का संदेश दिया और स्वास्थ्य के महत्व  तथा जंक फूड का सेवन न करने के  लिए जागरूक किया। इस मौके पर महाविद्यालय के संस्थापक राजेंद्र श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वच्छ वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चंद्र व गौतम कुमार के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य जागरूकता  रैली निकाली गई।इस दौरान स्वयंसेवकों एवं सेविकाओं ने ग्रामीणों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्राचार्य  मनोज श्रीवास्तव ,कार्यक्रम अधिकारी  प्रकाश चन्द्र, गौतम कुमार,
संयोजक  अमरेन्द्र सिंह चौहान,अमित वर्मा नमित मिश्रा अस्तुति अवस्थी सहित ग्रामीण व सेवक सेविकाएं उपस्थित थीं।
उप्र: 24 घंटे में फसल क्षति का आकलन कर किसानों को राहत दें: प्रमुख सचिव राजस्व
लखनऊ। बेमौसम बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान से प्रभावित किसानों को तत्काल राहत पहुंचाने के लिए योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर प्रमुख सचिव राजस्व अपर्णा यू ने सख्त आदेश जारी किए हैं। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि फसल क्षति का आकलन कर 24 घंटे के भीतर प्रभावित किसानों को राहत राशि का वितरण सुनिश्चित किया जाए।
शनिवार को लाल बहादुर शास्त्री भवन स्थित सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि राहत कार्यों में शिथिलता बरतने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्रभावित परिवारों से व्यक्तिगत संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि राहत राशि के लिए बजट की कोई कमी नहीं है और 15 मार्च 2026 से अब तक लगभग 20 करोड़ रुपये की धनराशि जनपदों को जारी की जा चुकी है।
उन्होंने कहा कि यदि किसी जनपद में बजट की आवश्यकता हो, तो तत्काल राहत आयुक्त कार्यालय से मांग की जाए। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि राहत राशि प्राप्त करने में किसी भी प्रकार की कठिनाई होने पर टोल-फ्री नंबर 1070 पर शिकायत दर्ज कराएं।
भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 31 मार्च तक प्रदेश के विभिन्न जिलों में खराब मौसम की संभावना बनी हुई है। ऐसे में लोगों से सतर्क रहने और आवश्यक सावधानियां बरतने की अपील की गई है। जिलाधिकारियों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे मौसम संबंधी सूचनाएं विभिन्न माध्यमों से व्यापक रूप से प्रसारित करें।
उल्लेखनीय है कि 15 मार्च से 28 मार्च 2026 के बीच प्रदेश में बेमौसम बारिश से 17 लोगों की मृत्यु, 11 पशुहानि तथा सहारनपुर और ललितपुर में 1661.75 हेक्टेयर फसल क्षति दर्ज की गई है।प्रमुख सचिव ने कहा कि राहत कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता पर पूरा कर प्रभावितों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए।
PNG सेवाओं के विस्तार पर केंद्र-राज्य समन्वय बैठक, यूपी में प्रगति की निगरानी खुद करेंगे ए.के. शर्मा
लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार और PNG सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विज्ञान भवन में उच्च स्तरीय केंद्र-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में PNG सेवाओं के विस्तार की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज प्रमुख हैं। इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए वे स्वयं निगरानी करेंगे।
यह बैठक समूह मंत्रियों (GoM) के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मनोहर लाल खट्टर तथा प्रह्लाद जोशी सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने, PNG कनेक्शन वितरण में तेजी लाने तथा CGD नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल व समयबद्ध बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शहरी विकास को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली ने भी सक्रिय भागीदारी की, जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
बिजली कर्मियों में उबाल: संविदा कर्मियों की छंटनी और अभियंताओं के निलंबन पर प्रदेशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
लखनऊ। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि हटाए गए संविदा कर्मियों की बहाली और अभियंताओं के निलंबन की कार्रवाई वापस नहीं ली गई, तो अप्रैल माह में प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा।
संघर्ष समिति के अनुसार, प्रबंधन द्वारा निजीकरण की दिशा में मनमाने तरीके से राजधानी लखनऊ समेत एक दर्जन से अधिक शहरों में तथाकथित “वर्टिकल व्यवस्था” लागू की गई है। अब उसी व्यवस्था की समीक्षा के लिए प्रबंधन ने अपने ही अधिकारियों—निदेशकों और प्रबंध निदेशकों—को जिम्मेदारी सौंप दी है, जिससे निष्पक्षता और पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
समिति का कहना है कि वर्टिकल व्यवस्था लागू होने के बाद प्रदेश की बिजली व्यवस्था प्रभावित हुई है और आने वाली गर्मियों में उपभोक्ताओं को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। “सिंगल विंडो सिस्टम” को समाप्त कर कार्यों को चार भागों में बांट दिया गया है, जिससे समन्वय और जवाबदेही कमजोर हो गई है।
संघर्ष समिति ने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर व्यवस्था ने उपभोक्ताओं की समस्याएं बढ़ा दी हैं। कई मामलों में भुगतान के बावजूद बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो रही है, और उपभोक्ताओं को अलग-अलग विभागों के चक्कर काटने पड़ रहे हैं।
समिति ने प्रबंधन पर आरोप लगाया कि अपनी विफलताओं का ठीकरा कर्मचारियों और अभियंताओं पर फोड़ा जा रहा है। वर्टिकल व्यवस्था के नाम पर बड़े पैमाने पर संविदा कर्मियों की छंटनी, नियमित पदों में कटौती और टीजी-2 कर्मचारियों को हटाया गया है। साथ ही, अभियंताओं के निलंबन की तैयारी से कर्मचारियों में भारी रोष व्याप्त है।
अलीगढ़ में एक मुख्य अभियंता के निलंबन का उदाहरण देते हुए समिति ने इसे मनोबल तोड़ने वाली कार्रवाई बताया। साथ ही कहा कि कम वेतन पर काम करने वाले संविदा कर्मियों की आजीविका पर भी संकट खड़ा हो गया है।
संघर्ष समिति ने आरोप लगाया कि प्रबंधन जानबूझकर गर्मियों से पहले ऊर्जा निगमों में अस्थिरता पैदा कर रहा है, ताकि भविष्य में निजीकरण को उचित ठहराया जा सके। जिन शहरों में यह व्यवस्था लागू की गई है, वहां आगे अर्बन डिस्ट्रीब्यूशन फ्रेंचाइजी लागू करने की तैयारी भी चल रही है।
इसी क्रम में कानपुर इलेक्ट्रिसिटी सप्लाई कंपनी (KESCO) में बिजली कर्मियों ने उत्पीड़न के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया और प्रबंधन को चेतावनी दी। वहीं, पूर्वांचल एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगमों के निजीकरण के विरोध में कर्मचारियों का आंदोलन 486वें दिन भी जारी रहा। संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने कहा कि कर्मचारियों के हितों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट

ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट में हुआ भव्य आयोजन जिसमें भाकियू (भानू ) विधि प्रमोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रयागराज


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।नवरात्र के नौमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट मऊगंज मध्य प्रदेश में एक भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 101 कन्याओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया और उन्हें एक थाली, एक गिलास, एक चम्मच और 101 रुपये भेंट में दिए गए।

इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने कहा कि कन्याओं की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट देना एक पवित्र कार्य है, जिससे हमें पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस अवसर पर आश्रम के सचिव सर्वण कुमार द्विवेदी, शिष्य प्रयागराज से भारतीय किसान यूनियन (भानू) विधिप्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष धर्मराज सिंह एडाकेट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी देते हुए आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर कन्याओं को भेंट देने के साथ-साथ उन्हें भोजन भी कराया गया।

आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने बताया कि ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट का उद्देश्य समाज में धर्म और संस्कृति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आश्रम द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहते हैं, जिससे समाज में एकता और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की उठी मांग, सुल्तानपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन*
सुल्तानपुर,सऊदी अरब स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान के विध्वंस को लेकर दुनिया भर के साथ-साथ अब सुल्तानपुर में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार को अमहट में शिया समुदाय के लोगों ने मौलाना मोहम्मद जाफर खान के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पैगंबर मोहम्मद साहब के परिवार के सदस्यों के उन मजारों का फिर से निर्माण कराया जाए जिन्हें वर्षों पहले ध्वस्त कर दिया गया था। यहां राष्ट्रपति को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को सौंपा गया। मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने प्रदर्शन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा यह कोई नया विरोध नहीं है, बल्कि पैगंबर (SAW) और उनके परिवार के प्रति अटूट प्रेम रखने वाले लोग वर्षों से इस दर्द को साझा करने के लिए जुलूस निकालते आए हैं। मौलाना ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के मुसलमान हैं। एक वो, जिन्हें अहले-बैत (पैगंबर के परिवार) से सच्ची मोहब्बत है और वे उनके सम्मान के लिए आवाज उठा रहे हैं। दूसरे वो, जो खुद को केवल नाम का मुसलमान कहते हैं और इस जुल्म पर खामोश हैं। उन्होंने गांधी जी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी 'जिंदा कौम' अपनी कुर्बानियों को याद रखने के लिए उनकी यादगारें और मूर्तियां बनाती है। इसी तरह, अहले-बैत के रोजे (मकबरे) भी इंसानियत और कुर्बानी का प्रतीक हैं। मौलाना ने चेतावनी दी कि यदि इन यादगारों को खत्म कर दिया गया, तो समाज में "जंगल राज" फैल जाएगा और इंसानियत, मानवता व प्रेम के जज्बात खत्म हो जाएंगे। उनकी एकमात्र मांग है कि जन्नतुल बकी में अहले-बैत के मजारों का पुनः निर्माण हो ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महानता को सलाम कर सकें और उनके बताए रास्ते पर चल सकें। यहां पर नगर कोतवाल संदीप राय अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में मौलाना आसिफ नकवी, मौलाना जीशान खान, मौलाना तौसीफ़, हैदर अब्बास, एमएच खान एडवोकेट, अजादार हुसैन आदि मौजूद रहे।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
“मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत महिलाओं/बालिकाओं को किया गया जागरूक


गोण्डा। उत्तर प्रदेश शासन द्वारा संचालित “मिशन शक्ति” विशेष अभियान फेज-05 के द्वितीय चरण के अंतर्गत चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर महिला एवं बालिका सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में व्यापक जनजागरूकता कार्यक्रम संचालित किए गए। इस अवसर पर एण्टी रोमियो स्क्वायड टीमों एवं महिला पुलिसकर्मियों द्वारा मंदिरों, भीड़-भाड़ वाले स्थलों, बाजारों एवं सार्वजनिक स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। श्रद्धालुओं से संवाद स्थापित कर उन्हें उनके अधिकारों, सुरक्षा उपायों एवं पुलिस सहायता सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई।

*कार्यक्रम के दौरान महिलाओं/बालिकाओं को निम्न विषयों पर विशेष रूप से जागरूक किया गया—*

महिला सशक्तिकरण एवं आत्मनिर्भरता
साइबर अपराध से बचाव के उपाय
आत्मरक्षा के तरीके
कानून द्वारा प्रदत्त अधिकार
भीड़-भाड़ वाले स्थलों पर सतर्कता बरतने के उपाय

महिला पुलिसकर्मियों द्वारा उपस्थित महिलाओं से उनकी समस्याओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई तथा त्योहार के दौरान सुरक्षित आवागमन एवं संभावित जोखिमों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया गया। इसके साथ ही, सार्वजनिक स्थलों पर संदिग्ध गतिविधियों में संलिप्त पाए गए व्यक्तियों को चेतावनी देते हुए सख्त कार्रवाई की हिदायत दी गई, जिससे महिलाओं के प्रति होने वाले अपराधों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके। टीमों द्वारा महिलाओं एवं बालिकाओं को भरोसा दिलाया गया कि गोण्डा पुलिस उनकी सुरक्षा एवं सम्मान के लिए सदैव तत्पर है।

महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबर:
112 – पुलिस आपातकालीन सेवा
1090 – वूमेन पावर हेल्पलाइन
1076 – मुख्यमंत्री हेल्पलाइन
108 – एम्बुलेंस सेवा
1930 – साइबर अपराध हेल्पलाइन
1098 – चाइल्ड हेल्पलाइन
102 – स्वास्थ्य सेवा

अतिरिक्त रूप से महिलाओं/बालिकाओं को यह भी बताया गया कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल हेल्पलाइन नंबरों का उपयोग करें तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि मिशन शक्ति अभियान का उद्देश्य केवल सुरक्षा सुनिश्चित करना ही नहीं, बल्कि महिलाओं को जागरूक एवं आत्मनिर्भर बनाना भी है, ताकि वे हर परिस्थिति में स्वयं की सुरक्षा कर सकें।
योग केवल व्यायाम नहीं,वरन एक संपूर्ण जीवन पद्धति है-विक्रम सिंह

बी एड़ विभाग में योग प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित



सुल्तानपुर। राणा प्रताप पी.जी. कॉलेज के बी.एड. विभाग द्वारा पाठ्येतर प्रायोगिक गतिविधियों के अंतर्गत एक दिवसीय योग प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को योग के महत्व से अवगत कराना तथा उन्हें शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ बनाना था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में लखनऊ से आए योग प्रशिक्षक विक्रम सिंह ने अपने प्रेरणादायक उद्बोधन में कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं, बल्कि यह एक संपूर्ण जीवन पद्धति है जो व्यक्ति के तन, मन और आत्मा को संतुलित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित योगाभ्यास करने की सलाह दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रो. डी. के. त्रिपाठी ने अपने संबोधन में कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में योग का महत्व और भी बढ़ गया है। उन्होंने विद्यार्थियों को योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

योग प्रशिक्षक विक्रम सिंह द्वारा विभिन्न महत्वपूर्ण योगासन जैसे ताड़ासन, भुजंगासन, प्राणायाम एवं सूर्य नमस्कार का अभ्यास कराया गया। इन योगाभ्यासों के माध्यम से विद्यार्थियों को शारीरिक लचीलापन, मानसिक शांति एवं एकाग्रता के लाभों से अवगत कराया गया।
इस अवसर पर शाश्वत सिंह द्वारा योग का उत्कृष्ट प्रदर्शन भी किया गया, जिसे सभी ने सराहा। कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डॉ. भारती सिंह ने आभार व्यक्त किया तथा सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया।

इस अवसर पर असिस्टेंट प्रोफेसर शांतिलता कुमारी, डॉ. सीमा सिंह, विजय सिंह सहित बी.एड. प्रथम वर्ष के सभी विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और योगाभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन स्वस्थ जीवन के संकल्प के साथ हुआ।
सीतापुर में एनएसएस शिविर में स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का शुभारंभ

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के प्रभात राजेंद्र कुमार पूनम देवी महाविद्यालय के तत्वावधान में ग्राम भवानीपुर में चल रहे राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के सात दिवसीय विशेष शिविर में ग्रामीणों को स्वास्थ्य जागरूकता  अभियान की जानकारी दी गई। शनिवार को शिविर का शुभारंभ ध्यान, प्राणायाम एवं योगाभ्यास के साथ किया गया और लोगों को स्वास्थ्य को लेकर जागरूक  किया गया।
कार्यक्रम में सेवक सेविकाओं ने प्रेरणादायक गीतों के माध्यम से स्वास्थ्य,स्वच्छता एवं संतुलित जीवनशैली का संदेश दिया और स्वास्थ्य के महत्व  तथा जंक फूड का सेवन न करने के  लिए जागरूक किया। इस मौके पर महाविद्यालय के संस्थापक राजेंद्र श्रीवास्तव ने स्वास्थ्य और स्वच्छता के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण में स्वच्छ वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।कार्यक्रम अधिकारी प्रकाश चंद्र व गौतम कुमार के नेतृत्व में एक स्वास्थ्य जागरूकता  रैली निकाली गई।इस दौरान स्वयंसेवकों एवं सेविकाओं ने ग्रामीणों को स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से प्राचार्य  मनोज श्रीवास्तव ,कार्यक्रम अधिकारी  प्रकाश चन्द्र, गौतम कुमार,
संयोजक  अमरेन्द्र सिंह चौहान,अमित वर्मा नमित मिश्रा अस्तुति अवस्थी सहित ग्रामीण व सेवक सेविकाएं उपस्थित थीं।