धरती ने पहना बसंती वस्त्र

–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा

आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है। प्रकृति मुस्कुरा रही है, चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी है, मानों धरती ने स्वयं बसंती वस्त्र पहन लिए हों। शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन के साथ जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा और नई सृजनात्मकता का संचार होता है। वसंत पंचमी को अभिजीत मुहूर्त भी कहा जाता है—यह ऐसा शुभ दिन है जिसमें बिना विशेष मुहूर्त देखे किसी भी मंगल कार्य का आरंभ किया जा सकता है। विद्या आरंभ, लेखन, संगीत, कला और साधना के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।इसी पावन तिथि को माँ सरस्वती का अवतरण दिवस भी माना जाता है—ज्ञान, वाणी, विवेक और सृजन की अधिष्ठात्री देवी। आज के दिन उनके चरणों में वंदन कर हम अपने जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं।

देखो वसंत पंचमी का शुभ दिन आया,
माँ सरस्वती के अवतरण का मंगल दिन आया।
सफेद वस्त्रों में सुसज्जित,
मुख पर असीम शांति, होठों पर मधुर मुस्कान,
आँखों से छलक रहा स्नेह का निर्झर,
कितनी सुंदर मेरी माँ है भारती-वागेश्वरी।
हाथों में तेरे वीणा है,
सुरों की तू सुरीली देवी,
तुझसे ही है सारा संगीत,
राग-रागनियाँ और मधुर लहरियाँ।
कितनी मीठी, शहद-सी तेरी वाणी,
मेरी माँ है वीणापाणी।
हंस पर तू विराजित,
मोतियों-सी तू दमकती,
तेरे चेहरे का दिव्य नूर
कर देता मन का सारा संताप दूर।
हर लो हमारा अज्ञान, दे दो हमें ज्ञान,
मेरी माँ है हंसवाहिनी।
तू ब्रह्मा पुत्री – वेदों की अधिकारी,
शब्द-शब्द में तू समायी।
माँ से शुरू हुआ संसार,
तुझसे ही पाया अक्षर-अंक का ज्ञान।
दे दो हमें वरदान, बना लो अपना अधिकारी-वारिस,
मेरी माँ है शारदे माँ।
महाश्वेता, ज्ञानंदा, गिरा-वागीश-वागेश्वरी,
तेरी कृपा बिना सब कुछ अधूरा।
तुझको क्या कहूँ,
धरो अपना हाथ सिर पर हमारे,
दे दो ऐसा आशीष
कुछ ऐसा लिख जाएँ, कुछ ऐसा बोल जाएँ,
दुनिया में अपना जन्म सफल कर जाएँ।
मेरी हे माँ सरस्वती देवी,
मेरी हे माँ सरस्वती-शारदा देवी।
अपायल गांव में एमएसडब्ल्यू छात्रों ने लगाया निःशुल्क आयुष्मान कार्ड कैंप, बाल विवाह मुक्त अभियान भी चलाया
संजीव सिंह बलिया!अपायल:अपायल गांव में यूनिवर्सिटी के समाज कार्य (MSW) पाठ्यक्रम के छात्रों द्वारा सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए निःशुल्क आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया। कैंप में सुदामा प्रसाद, नन्हे लाल, शकुंतला गुप्ता, ढूंढा तुरहा, शिवानंद वर्मा, लक्ष्मी देवी, तेतरी देवी, सोमारी देवी, आशिफ अंसारी, रेशमी देवी, विश्वनाथ, भागीरथी देवी, अली हुसैन सहित कई पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। ग्रामीणों ने निःशुल्क कार्ड बनने पर छात्रों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा बाल विवाह मुक्त अभियान भी चलाया गया। अभियान के तहत ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा लोगों को बाल विवाह न करने के लिए जागरूक किया गया। ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य के लिए संकल्प भी दिलाया गया। इस सामाजिक पहल में एमएसडब्ल्यू छात्र अमर बहादुर सिंह, अविनाश मिश्रा एवं सुशील वर्मा ने प्रमुख भूमिका निभाई। छात्रों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया तथा आयुष्मान कार्ड बनाने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी शिविरों से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलता है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से गांव में स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता का सकारात्मक संदेश फैलाया गया।
सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज श्रद्धा और सम्मान के साथ जयंती मनाई गई बहसूमा।

मेरठ। रामराज। भारतीय गौ सेवा संघ द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक और राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भारतीय गौ सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल चौधरी एवं जिला उपाध्यक्ष परविंदर चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े सेनानियों और अग्रणी नेताओं में गिने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को नई दिशा देने के उद्देश्य से जापान के सहयोग से आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। नेताजी का दिया हुआ “जय हिंद” का नारा आज भारत का राष्ट्रीय नारा बन चुका है, जो देशवासियों में देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना जागृत करता है। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से नेताजी के आदर्शों को अपनाकर देशहित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों और समाजसेवियों ने भी नेताजी के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर पत्रकार रोहित कुमार, पत्रकार मनोज खंगवाल, प्रमोद कुमार, रोहित जाटव, कंवरपाल जाटव, मयंक चौधरी, प्रिंस खंगवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में भारतीय गौ सेवा संघ की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
लखनऊ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित नेताजी सुभाष चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी माल्यार्पण कर नेताजी को श्रद्धांजलि दी।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
रांची: नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर जिला प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि, उपायुक्त और एसएसपी ने प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प

रांची, 23 जनवरी 2026: महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रांची में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम कचहरी चौक स्थित नेताजी पार्क में आयोजित हुआ, जहाँ जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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साहस और देशभक्ति की मिसाल हैं नेताजी: उपायुक्त

श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग और अटूट देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में नेताजी के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा:

"नेताजी के विचार और उनका 'दिल्ली चलो' का उद्घोष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।"

वरीय अधिकारियों ने लिया संकल्प

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने भी नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री रजत कुमार, उपसमाहर्ता नजारत श्री सुदेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। सभी अधिकारियों ने नेताजी के बताए मार्ग पर चलने और देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।

जटवाड़ा पॉलिटेक्निक में वार्षिक खेलकूद महाकुंभ का आगाज: पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने दौड़ लगाकर बढ़ाया छात्रों का जोश

जानसठ मुजफ्फरनगर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ । राजकीय पॉलिटेक्निक जटवाड़ा के खेल प्रांगण में गुरुवार को दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। संस्थान के इतिहास में इस बार का आयोजन विशेष रहा, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने न केवल मशाल प्रज्वलित की, बल्कि स्वयं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर युवाओं के भीतर ऊर्जा का नया संचार किया।

आयोजित समारोह का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल और संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके उपरांत संस्थान की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया।

  श्रीमती रीतू आनन्द (इलेक्ट्रॉनिक्स), डॉ. कर्मवीर (यांत्रिक) एवं विकास चौधरी (सिविल) ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और स्पोर्ट्स हैट पहनाकर सम्मानित किया।  खेल अधिकारी जन्मेजय कुमार और खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

"खेलों से निखरता है व्यक्तित्व" – डॉ. कुलदीप उज्जवल
छात्रों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा, "खेल मैदान केवल जीत-हार के लिए नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण की पाठशाला हैं। एक खिलाड़ी कभी हारता नहीं, वह या तो जीतता है या सीखता है। अनुशासन और टीम भावना  जो आप यहाँ सीखेंगे, वह आपके पेशेवर करियर में भी काम आएगी।"
संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस एक सफल इंजीनियर की पहचान है।उद्घाटन सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फ्लैग मार्च रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के खिलाड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके पश्चात, पिछले वर्ष के चैंपियन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर 'क्रीड़ा मशाल' प्रज्वलित की, जो दो दिनों तक खेल भावना की लौ जलाए रखेगी। सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ भी दिलाई गई।

स्वयं दौड़ लगाकर किया स्पर्धाओं का श्रीगणेश
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन डॉ. कुलदीप उज्जवल ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में रोमांच तब बढ़ गया जब मुख्य अतिथि ने 200 मीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ स्वयं भी दौड़ में हिस्सा लिया। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर संस्थान के समस्त व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतियोगिता के समापन पर विजयी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले किसान नेताओं को नजरबंद करने से बढ़ा तनाव
बहसूमा। मेरठ।मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने दो किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-119 (NH-119) के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच की गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

बहसूमा क्षेत्र के चार गांव—राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कला और मोहम्मदपुर शाकिस्त—की कृषि भूमि NH-119 के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई थी। किसान पिछले तीन वर्षों से मात्र 270 रुपये प्रति वर्ग मीटर दिए जा रहे मुआवजे का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पड़ोसी गांवों में 860 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया गया है, ऐसे में उन्हें भी समान दर पर भुगतान किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर किसानों ने अब तक अपनी भूमि पर राष्ट्रीय राजमार्ग का कब्जा नहीं करने दिया है।

जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक, मेरठ द्वारा किसानों के साथ पूर्व में एक समझौता किया गया था, जिसके तहत कृषि भूमि का मूल्य 540 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया। हालांकि, समझौते को हुए करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद प्रशासन और NHAI द्वारा इसे लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में लगातार रोष बना हुआ है।

बताया गया है कि गुरुवार रात मुख्यमंत्री के मेरठ कार्यक्रम से पहले चारों गांवों की किसान समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कैप्टन और समिति के कोषाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कपिल चहल को पुलिस प्रशासन ने एहतियातन उनके घरों में नजरबंद कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि प्रशासन शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का प्रयास कर रहा है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक तय मुआवजा दर को लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। मौके पर मुख्य रूप से कपिल चहल पूर्व अध्यक्ष विनोद चौहान सुभाष कैप्टन नरेंद्र सिंह चहल प्रवेश चैनल प्रवेश अहलावत पिंटू देशवाल मनीष योगेंद्र नरेंद्र चहल पप्पू चहल मूलचंद सैनी राजीव चहल मुखिया राजकुमार बबलू दिनेश कुमार  सरवन कुमार सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे
शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ावासियों को मिला न्याय,गोपाल शेट्टी ने माना राहुल नार्वेकर का आभार

मुंबई। दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड परिसर में निष्कासित झोपड़ाधारकों प्रकरण में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा उठाए गए कदम तथा न्याय प्रिय भूमिका को देखते हुए उत्तर मुंबई के पूर्व सांसद तथा जनप्रिय नेता गोपाल शेट्टी ने उन्हें पत्र लिखकर शुक्ला कंपाउंड के साथ-साथ मुंबई के सभी झोपड़ावासियों की तरफ से आभार बनते हुए धन्यवाद दिया है। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में श्री शेट्टी ने कहा है कि शुक्ला कंपाउंड परिसर में स्थित झोपड़ाधारकों के अन्यायपूर्ण निष्कासन कार्रवाई के संदर्भ में 22 जनवरी, 2026 को आपकी अध्यक्षता में हुई बैठक में आप द्वारा उठाए गए स्पष्ट व संवैधानिक कदम से लोकतांत्रिक मूल्यों को न सिर्फ ताकत मिली है अपितु गरीब जनता को न्याय मिला है। गोपाल शेट्टी ने कहा कि महाराष्ट्र शासन द्वारा झोपड़ीधारकों को स्लम एक्ट के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किए जाने के बावजूद भी, महानगरपालिका के अधिकारियों द्वारा की गई गलत एवं अवैध तोड़क कार्रवाई पर आपने कड़ा संज्ञान लिया। विशेष रूप से संबंधित अधिकारी श्रीमती संध्या नांदेडकर एवं अन्य अधिकारियों से “जब स्लम एक्ट के अंतर्गत संरक्षण उपलब्ध था, तब तोड़क कार्रवाई क्यों की गई?” ऐसा सीधा एवं कठोर प्रश्न उपस्थित कर, इस पूरे प्रकरण की जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए—ऐसा स्पष्ट निर्देश देना अत्यंत महत्वपूर्ण एवं साहसिक कदम है। श्री शेट्टी ने कहा कि महापालिका आयुक्त भूषण गगराणी की उपस्थिति में तत्काल बैठक आयोजित करने के निर्देश देकर, इस संपूर्ण कार्रवाई के पीछे कहीं कोई पूर्वनियोजित उद्देश्य तो नहीं था, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष की सराहना करते हुए गोपाल शेट्टी ने कहा कि आपकी भूमिका प्रशासन को जवाबदेह ठहराने वाली एवं आम नागरिकों को न्याय दिलाने वाली है।आपके इस निर्णायक हस्तक्षेप से न केवल शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ीधारकों में, बल्कि पूरे मुंबई शहर की झोपड़पट्टियों में निवास करने वाले नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और भरोसा सुदृढ़ हुआ है। “सरकार माय-बाप होती है” यह भावना आपके कार्य से प्रत्यक्ष रूप में साकार हुई है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाक़ात कर झारखण्ड–यूके सहयोग को नई दिशा दी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांजीशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में झारखण्ड यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।

यूके ने झारखण्ड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत यूके साझेदारी का सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक एक निश्चित योजना विकसित करने पर रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं एआई, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च तथा टीवीईटी और अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक और जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की क्षमताओं के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखण्ड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जो मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन, श्रमिकों एवं समुदायों के समर्थन हेतु ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखण्ड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने तथा शहरी गतिशीलता और जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने के सरल एवं प्रभावी माध्यम के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के अंतर्गत झारखण्ड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण हेतु यूके सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखण्ड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। साथ ही मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया।

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धरती ने पहना बसंती वस्त्र

–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा

आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है। प्रकृति मुस्कुरा रही है, चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी है, मानों धरती ने स्वयं बसंती वस्त्र पहन लिए हों। शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन के साथ जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा और नई सृजनात्मकता का संचार होता है। वसंत पंचमी को अभिजीत मुहूर्त भी कहा जाता है—यह ऐसा शुभ दिन है जिसमें बिना विशेष मुहूर्त देखे किसी भी मंगल कार्य का आरंभ किया जा सकता है। विद्या आरंभ, लेखन, संगीत, कला और साधना के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।इसी पावन तिथि को माँ सरस्वती का अवतरण दिवस भी माना जाता है—ज्ञान, वाणी, विवेक और सृजन की अधिष्ठात्री देवी। आज के दिन उनके चरणों में वंदन कर हम अपने जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं।

देखो वसंत पंचमी का शुभ दिन आया,
माँ सरस्वती के अवतरण का मंगल दिन आया।
सफेद वस्त्रों में सुसज्जित,
मुख पर असीम शांति, होठों पर मधुर मुस्कान,
आँखों से छलक रहा स्नेह का निर्झर,
कितनी सुंदर मेरी माँ है भारती-वागेश्वरी।
हाथों में तेरे वीणा है,
सुरों की तू सुरीली देवी,
तुझसे ही है सारा संगीत,
राग-रागनियाँ और मधुर लहरियाँ।
कितनी मीठी, शहद-सी तेरी वाणी,
मेरी माँ है वीणापाणी।
हंस पर तू विराजित,
मोतियों-सी तू दमकती,
तेरे चेहरे का दिव्य नूर
कर देता मन का सारा संताप दूर।
हर लो हमारा अज्ञान, दे दो हमें ज्ञान,
मेरी माँ है हंसवाहिनी।
तू ब्रह्मा पुत्री – वेदों की अधिकारी,
शब्द-शब्द में तू समायी।
माँ से शुरू हुआ संसार,
तुझसे ही पाया अक्षर-अंक का ज्ञान।
दे दो हमें वरदान, बना लो अपना अधिकारी-वारिस,
मेरी माँ है शारदे माँ।
महाश्वेता, ज्ञानंदा, गिरा-वागीश-वागेश्वरी,
तेरी कृपा बिना सब कुछ अधूरा।
तुझको क्या कहूँ,
धरो अपना हाथ सिर पर हमारे,
दे दो ऐसा आशीष
कुछ ऐसा लिख जाएँ, कुछ ऐसा बोल जाएँ,
दुनिया में अपना जन्म सफल कर जाएँ।
मेरी हे माँ सरस्वती देवी,
मेरी हे माँ सरस्वती-शारदा देवी।
अपायल गांव में एमएसडब्ल्यू छात्रों ने लगाया निःशुल्क आयुष्मान कार्ड कैंप, बाल विवाह मुक्त अभियान भी चलाया
संजीव सिंह बलिया!अपायल:अपायल गांव में यूनिवर्सिटी के समाज कार्य (MSW) पाठ्यक्रम के छात्रों द्वारा सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए निःशुल्क आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से ग्रामीणों का आयुष्मान कार्ड बनाकर उन्हें सरकार की स्वास्थ्य सुरक्षा योजनाओं से जोड़ा गया। कैंप में सुदामा प्रसाद, नन्हे लाल, शकुंतला गुप्ता, ढूंढा तुरहा, शिवानंद वर्मा, लक्ष्मी देवी, तेतरी देवी, सोमारी देवी, आशिफ अंसारी, रेशमी देवी, विश्वनाथ, भागीरथी देवी, अली हुसैन सहित कई पात्र लाभार्थियों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। ग्रामीणों ने निःशुल्क कार्ड बनने पर छात्रों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर छात्रों द्वारा बाल विवाह मुक्त अभियान भी चलाया गया। अभियान के तहत ग्रामीणों को बाल विवाह के सामाजिक, शैक्षणिक एवं कानूनी दुष्परिणामों की जानकारी दी गई तथा लोगों को बाल विवाह न करने के लिए जागरूक किया गया। ग्रामीणों से बच्चों की शिक्षा एवं सुरक्षित भविष्य के लिए संकल्प भी दिलाया गया। इस सामाजिक पहल में एमएसडब्ल्यू छात्र अमर बहादुर सिंह, अविनाश मिश्रा एवं सुशील वर्मा ने प्रमुख भूमिका निभाई। छात्रों ने घर-घर जाकर लोगों को जागरूक किया तथा आयुष्मान कार्ड बनाने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग किया। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी शिविरों से गरीब और जरूरतमंद परिवारों को सीधा लाभ मिलता है। कार्यक्रम के सफल आयोजन से गांव में स्वास्थ्य एवं सामाजिक जागरूकता का सकारात्मक संदेश फैलाया गया।
सेक्टर स्तरीय महिला हैंडबॉल प्रतियोगिता: सरस्वती महाविद्यालय विजेता, जशपुर कॉलेज उपविजेता

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में सेक्टर स्तरीय हैंडबॉल प्रतियोगिता (महिला वर्ग) आयोजित हुई जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता तथा की शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर टीम उपविजेता रही।

फाइनल मुकाबला सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर के बीच खेला गया जो बहुत ही रोमांचक रहा। मैदानी गोल में दोनों टीमों ६-६ गोल किये। मैच ड्रा होने की स्थिति टाइब्रेकर से मैच का परिणाम निकाला गया।

इससे पहले अतिथियों में मां सरस्वती तथा साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। अतिथियों का स्वागत बैच लगाकर तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि एस.एस. अग्रवाल ने कहा कि खेल हमें एक-दूसरे से जोड़ता है। खेलों से हम शरीर के साथ ही मानसिक स्वास्थ्य को भी मजबूती देते हैं। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप श्रेष्ठ प्रदर्शन कीजिये और आगे बढ़िये।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेल आपको फिटनेस, फे्रंड और फ्रीडम देता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए शुभकामना देते हुए कहा कि आप खेल भावना से खेलिये। आपके खेल से खेल कमजोर नहीं होना चाहिए। उद्घाटन सत्र के दौरान डॉ. एस.एस अग्रवाल को प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव तथा एनईपी समन्वयक डॉ. आरएन शर्मा ने स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया।

प्रथम चरण में पहला मैच शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम कालिदास महाविद्यालय प्रतापपुर के बीच हुआ जिसमें गर्ल्स कॉलेज की टीम विजेता रही। दूसरा मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय अम्बिकापुर बनाम रेवतीरमण मिश्र स्नातकोत्तर महाविद्यालय सूरजपुर के बीच हुआ जिसमें साई कॉलेज की टीम विजेता रही। तीसरा मैच शासकीय विजयभूषण सिंहदेव कॉलेज जशपुर बनाम शासकीय राजमोहिनी देवी कन्या महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीव खेला गया जिसमें जशपुर की टीम विजेता रही। चौथे मैच श्री साई बाबा आदर्श महाविद्यालय बनाम सरस्वती महाविद्यालय अम्बिकापुर के बीच हुआ जिसमें सरस्वती महाविद्यालय की टीम विजेता रही। प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने विजेता और उपविजेता टीम का शील्ड को शील्ड प्रदान किया। हैंडबॉल प्रतियोगिता के रेफरी के रूप में विशाल, सुशील , आकाश और निलिमा ने सहायोग किया।

कार्यक्रम का संचालन सहायक प्राध्यापक डॉ. जगमीत कौर ने किया। प्रतियोगिता के आयोजन में क्रीड़ाधिकारी तिलकराज टोप्पो, क्रीड़ा प्रभारी सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा सभी प्राध्यापकों ने किया। इस दौरान दर्शक दीर्घा खिलाड़ि़यों से भरी रही।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की आज श्रद्धा और सम्मान के साथ जयंती मनाई गई बहसूमा।

मेरठ। रामराज। भारतीय गौ सेवा संघ द्वारा महान स्वतंत्रता सेनानी, आज़ाद हिंद फौज के संस्थापक और राष्ट्रनायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में भारतीय गौ सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल चौधरी एवं जिला उपाध्यक्ष परविंदर चौधरी विशेष रूप से मौजूद रहे। नेताजी सुभाष चंद्र बोस का जन्म 23 जनवरी 1897 को हुआ था। वे भारत के स्वतंत्रता संग्राम के सबसे बड़े सेनानियों और अग्रणी नेताओं में गिने जाते हैं। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष को नई दिशा देने के उद्देश्य से जापान के सहयोग से आज़ाद हिंद फौज का गठन किया। नेताजी का दिया हुआ “जय हिंद” का नारा आज भारत का राष्ट्रीय नारा बन चुका है, जो देशवासियों में देशभक्ति और आत्मसम्मान की भावना जागृत करता है। इस अवसर पर वक्ताओं ने नेताजी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रसेवा, त्याग और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने युवाओं से नेताजी के आदर्शों को अपनाकर देशहित में कार्य करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में उपस्थित पत्रकारों और समाजसेवियों ने भी नेताजी के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर पत्रकार रोहित कुमार, पत्रकार मनोज खंगवाल, प्रमोद कुमार, रोहित जाटव, कंवरपाल जाटव, मयंक चौधरी, प्रिंस खंगवाल सहित अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। अंत में भारतीय गौ सेवा संघ की ओर से नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर सभी देशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया गया।
लखनऊ में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित
लखनऊ। महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित नेताजी सुभाष चौक पर श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री के प्रधान सलाहकार अवनीश कुमार अवस्थी श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपस्थित रहे। पूर्व जल शक्ति मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह ने भी माल्यार्पण कर नेताजी को श्रद्धांजलि दी।

लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल ने भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके योगदान को याद किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में नेताजी को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए।

नेताजी सुभाष चौक, हजरतगंज में आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
रांची: नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती पर जिला प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि, उपायुक्त और एसएसपी ने प्रतिमा पर अर्पित किए पुष्प

रांची, 23 जनवरी 2026: महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाषचंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आज राजधानी रांची में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य कार्यक्रम कचहरी चौक स्थित नेताजी पार्क में आयोजित हुआ, जहाँ जिला प्रशासन के वरीय अधिकारियों ने नेताजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया।

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साहस और देशभक्ति की मिसाल हैं नेताजी: उपायुक्त

श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात रांची के उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजंत्री ने कहा कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस का जीवन साहस, त्याग और अटूट देशभक्ति की एक अनुपम मिसाल है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में नेताजी के अतुलनीय योगदान को याद करते हुए कहा:

"नेताजी के विचार और उनका 'दिल्ली चलो' का उद्घोष आज भी युवाओं को राष्ट्रसेवा और कर्तव्यनिष्ठा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करना चाहिए।"

वरीय अधिकारियों ने लिया संकल्प

इस अवसर पर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन ने भी नेताजी को पुष्पांजलि अर्पित की। उनके साथ अनुमंडल पदाधिकारी (सदर) श्री रजत कुमार, उपसमाहर्ता नजारत श्री सुदेश कुमार सहित जिला प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए। सभी अधिकारियों ने नेताजी के बताए मार्ग पर चलने और देश की एकता व अखंडता के लिए समर्पित रहने का संकल्प लिया।

जटवाड़ा पॉलिटेक्निक में वार्षिक खेलकूद महाकुंभ का आगाज: पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने दौड़ लगाकर बढ़ाया छात्रों का जोश

जानसठ मुजफ्फरनगर
रिपोर्टर ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ । राजकीय पॉलिटेक्निक जटवाड़ा के खेल प्रांगण में गुरुवार को दो दिवसीय वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिता का अत्यंत भव्य और गरिमामय शुभारंभ हुआ। संस्थान के इतिहास में इस बार का आयोजन विशेष रहा, जहाँ मुख्य अतिथि के रूप में पधारे पूर्व राज्यमंत्री डॉ. कुलदीप उज्जवल ने न केवल मशाल प्रज्वलित की, बल्कि स्वयं 200 मीटर दौड़ में प्रतिभाग कर युवाओं के भीतर ऊर्जा का नया संचार किया।

आयोजित समारोह का प्रारंभ मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल और संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी द्वारा मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। छात्राओं द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। इसके उपरांत संस्थान की परंपरा के अनुसार अतिथियों का स्वागत किया गया।

  श्रीमती रीतू आनन्द (इलेक्ट्रॉनिक्स), डॉ. कर्मवीर (यांत्रिक) एवं विकास चौधरी (सिविल) ने मुख्य अतिथि को बैज लगाकर और स्पोर्ट्स हैट पहनाकर सम्मानित किया।  खेल अधिकारी जन्मेजय कुमार और खेल प्रभारी प्रदीप कुमार ने प्रधानाचार्य एवं मुख्य अतिथि को स्मृति चिन्ह भेंट कर उनके मार्गदर्शन के प्रति आभार व्यक्त किया।

"खेलों से निखरता है व्यक्तित्व" – डॉ. कुलदीप उज्जवल
छात्रों के विशाल समूह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. कुलदीप उज्जवल ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा, "खेल मैदान केवल जीत-हार के लिए नहीं होते, बल्कि ये चरित्र निर्माण की पाठशाला हैं। एक खिलाड़ी कभी हारता नहीं, वह या तो जीतता है या सीखता है। अनुशासन और टीम भावना  जो आप यहाँ सीखेंगे, वह आपके पेशेवर करियर में भी काम आएगी।"
संस्थान के प्रधानाचार्य आकाश बाजपेयी ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक फिटनेस एक सफल इंजीनियर की पहचान है।उद्घाटन सत्र का सबसे आकर्षक हिस्सा फ्लैग मार्च रहा, जिसमें विभिन्न विभागों के खिलाड़ियों ने कदम से कदम मिलाकर मार्च पास्ट किया और मुख्य अतिथि को सलामी दी। इसके पश्चात, पिछले वर्ष के चैंपियन खिलाड़ियों ने मुख्य अतिथि के साथ मिलकर 'क्रीड़ा मशाल' प्रज्वलित की, जो दो दिनों तक खेल भावना की लौ जलाए रखेगी। सभी प्रतिभागियों को खेल भावना और निष्पक्षता की शपथ भी दिलाई गई।

स्वयं दौड़ लगाकर किया स्पर्धाओं का श्रीगणेश
प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन डॉ. कुलदीप उज्जवल ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में रोमांच तब बढ़ गया जब मुख्य अतिथि ने 200 मीटर की दौड़ को हरी झंडी दिखाने के साथ-साथ स्वयं भी दौड़ में हिस्सा लिया। उनके इस जज्बे को देखकर पूरा मैदान तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

इस अवसर पर संस्थान के समस्त व्याख्याता, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। प्रतियोगिता के समापन पर विजयी खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से पहले किसान नेताओं को नजरबंद करने से बढ़ा तनाव
बहसूमा। मेरठ।मेरठ के बहसूमा क्षेत्र में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित कार्यक्रम से पहले प्रशासन ने दो किसान नेताओं को उनके घरों में नजरबंद कर दिया। यह कार्रवाई राष्ट्रीय राजमार्ग-119 (NH-119) के लिए अधिग्रहीत भूमि के मुआवजे को लेकर चल रहे किसान आंदोलन के बीच की गई, जिससे क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है।

बहसूमा क्षेत्र के चार गांव—राजूपुर, फतेहपुर हंसापुर, मोड़ कला और मोहम्मदपुर शाकिस्त—की कृषि भूमि NH-119 के निर्माण के लिए अधिग्रहीत की गई थी। किसान पिछले तीन वर्षों से मात्र 270 रुपये प्रति वर्ग मीटर दिए जा रहे मुआवजे का विरोध कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि पड़ोसी गांवों में 860 रुपये प्रति वर्ग मीटर की दर से मुआवजा दिया गया है, ऐसे में उन्हें भी समान दर पर भुगतान किया जाना चाहिए। इसी मांग को लेकर किसानों ने अब तक अपनी भूमि पर राष्ट्रीय राजमार्ग का कब्जा नहीं करने दिया है।

जिला प्रशासन और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के परियोजना निदेशक, मेरठ द्वारा किसानों के साथ पूर्व में एक समझौता किया गया था, जिसके तहत कृषि भूमि का मूल्य 540 रुपये प्रति वर्ग मीटर तय किया गया। हालांकि, समझौते को हुए करीब आठ महीने बीत जाने के बावजूद प्रशासन और NHAI द्वारा इसे लागू नहीं किया गया, जिससे किसानों में लगातार रोष बना हुआ है।

बताया गया है कि गुरुवार रात मुख्यमंत्री के मेरठ कार्यक्रम से पहले चारों गांवों की किसान समिति के अध्यक्ष सुभाष चंद्र कैप्टन और समिति के कोषाध्यक्ष एवं प्रवक्ता कपिल चहल को पुलिस प्रशासन ने एहतियातन उनके घरों में नजरबंद कर दिया। किसान नेताओं का आरोप है कि प्रशासन शांतिपूर्ण विरोध को दबाने का प्रयास कर रहा है।

किसानों ने चेतावनी दी है कि जब तक तय मुआवजा दर को लागू नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। मौके पर मुख्य रूप से कपिल चहल पूर्व अध्यक्ष विनोद चौहान सुभाष कैप्टन नरेंद्र सिंह चहल प्रवेश चैनल प्रवेश अहलावत पिंटू देशवाल मनीष योगेंद्र नरेंद्र चहल पप्पू चहल मूलचंद सैनी राजीव चहल मुखिया राजकुमार बबलू दिनेश कुमार  सरवन कुमार सहित सैकड़ो किसान मौजूद रहे
शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ावासियों को मिला न्याय,गोपाल शेट्टी ने माना राहुल नार्वेकर का आभार

मुंबई। दहिसर पूर्व के रावलपाड़ा स्थित शुक्ला कंपाउंड परिसर में निष्कासित झोपड़ाधारकों प्रकरण में महाराष्ट्र विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर द्वारा उठाए गए कदम तथा न्याय प्रिय भूमिका को देखते हुए उत्तर मुंबई के पूर्व सांसद तथा जनप्रिय नेता गोपाल शेट्टी ने उन्हें पत्र लिखकर शुक्ला कंपाउंड के साथ-साथ मुंबई के सभी झोपड़ावासियों की तरफ से आभार बनते हुए धन्यवाद दिया है। विधानसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में श्री शेट्टी ने कहा है कि शुक्ला कंपाउंड परिसर में स्थित झोपड़ाधारकों के अन्यायपूर्ण निष्कासन कार्रवाई के संदर्भ में 22 जनवरी, 2026 को आपकी अध्यक्षता में हुई बैठक में आप द्वारा उठाए गए स्पष्ट व संवैधानिक कदम से लोकतांत्रिक मूल्यों को न सिर्फ ताकत मिली है अपितु गरीब जनता को न्याय मिला है। गोपाल शेट्टी ने कहा कि महाराष्ट्र शासन द्वारा झोपड़ीधारकों को स्लम एक्ट के अंतर्गत संरक्षण प्रदान किए जाने के बावजूद भी, महानगरपालिका के अधिकारियों द्वारा की गई गलत एवं अवैध तोड़क कार्रवाई पर आपने कड़ा संज्ञान लिया। विशेष रूप से संबंधित अधिकारी श्रीमती संध्या नांदेडकर एवं अन्य अधिकारियों से “जब स्लम एक्ट के अंतर्गत संरक्षण उपलब्ध था, तब तोड़क कार्रवाई क्यों की गई?” ऐसा सीधा एवं कठोर प्रश्न उपस्थित कर, इस पूरे प्रकरण की जांच अनिवार्य रूप से की जानी चाहिए—ऐसा स्पष्ट निर्देश देना अत्यंत महत्वपूर्ण एवं साहसिक कदम है। श्री शेट्टी ने कहा कि महापालिका आयुक्त भूषण गगराणी की उपस्थिति में तत्काल बैठक आयोजित करने के निर्देश देकर, इस संपूर्ण कार्रवाई के पीछे कहीं कोई पूर्वनियोजित उद्देश्य तो नहीं था, इसकी गहन जांच होनी चाहिए। विधानसभा अध्यक्ष की सराहना करते हुए गोपाल शेट्टी ने कहा कि आपकी भूमिका प्रशासन को जवाबदेह ठहराने वाली एवं आम नागरिकों को न्याय दिलाने वाली है।आपके इस निर्णायक हस्तक्षेप से न केवल शुक्ला कंपाउंड के झोपड़ीधारकों में, बल्कि पूरे मुंबई शहर की झोपड़पट्टियों में निवास करने वाले नागरिकों में शासन के प्रति विश्वास और भरोसा सुदृढ़ हुआ है। “सरकार माय-बाप होती है” यह भावना आपके कार्य से प्रत्यक्ष रूप में साकार हुई है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूके की मंत्री सीमा मल्होत्रा से मुलाक़ात कर झारखण्ड–यूके सहयोग को नई दिशा दी

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम सरकार की संसदीय अवर सचिव (समानता एवं इंडो-पैसिफ़िक मामलों की मंत्री) सीमा मल्होत्रा से भेंट कर शिक्षा, कौशल विकास, उत्तरदायी खनन, क्लाइमेट ट्रांजीशन, संस्कृति एवं विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में झारखण्ड यूके के बीच व्यावहारिक सहयोग को सुदृढ़ करने पर चर्चा की।

यूके ने झारखण्ड सरकार की मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप तथा चेवनिंग मरांग गोमके जयपाल मुंडा ओवरसीज़ स्कॉलरशिप की सराहना करते हुए इन्हें भारत यूके साझेदारी का सशक्त और जीवंत उदाहरण बताया। पिछले चार वर्षों में इन योजनाओं के माध्यम से 100 से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है। दोनों पक्षों ने सस्टेनेबिलिटी-लिंक्ड स्कॉलरशिप मार्गों पर कार्य करने तथा विदेश अध्ययन को मेंटोरशिप, इंटर्नशिप, नेतृत्व विकास और सार्वजनिक सेवा अनुभव से जोड़ने के लिए एक एक निश्चित योजना विकसित करने पर रुचि व्यक्त की।

बैठक में यूके के प्रमुख विश्वविद्यालयों, स्किल्स एवं क्वालिफ़िकेशन संस्थानों के साथ संस्थागत साझेदारी की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसमें खनन प्रौद्योगिकी, पर्यावरण एवं सततता, डेटा एवं एआई, गवर्नेंस और सार्वजनिक नीति जैसे क्षेत्रों में संयुक्त शैक्षणिक कार्यक्रम, फैकल्टी एक्सचेंज, एप्लाइड रिसर्च तथा टीवीईटी और अप्रेंटिसशिप मार्गों की स्थापना शामिल है।

आर्थिक और जलवायु सहयोग के संदर्भ में मुख्यमंत्री ने उत्तरदायी खनन के क्षेत्र में यूके की क्षमताओं के साथ घनिष्ठ सहयोग का प्रस्ताव रखा, जिसमें ईएसजी सिस्टम, मिनरल ट्रेसबिलिटी, खदान सुरक्षा, स्वच्छ प्रसंस्करण तथा प्रौद्योगिकी प्रदर्शन शामिल हैं। इस अवसर पर उत्तरदायी क्रिटिकल मिनरल्स पर एक झारखण्ड–यूके वर्किंग ट्रैक स्थापित करने पर भी चर्चा हुई, जो मानकों, अनुसंधान एवं विकास, नवाचार और आपूर्ति-श्रृंखला साझेदारी को सुदृढ़ करेगा।

बैठक में यूके की जलवायु एवं वित्तीय संस्थाओं के साथ मिलकर कोयला क्षेत्रों के विविधीकरण, जलवायु अनुकूलन, श्रमिकों एवं समुदायों के समर्थन हेतु ट्रांज़िशन फाइनेंस संरचना विकसित करने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। झारखण्ड को “जस्ट ट्रांज़िशन” कार्यक्रमों के लिए एक पायलट राज्य के रूप में स्थापित करने तथा शहरी गतिशीलता और जलवायु वित्त को सहयोग के पूरक क्षेत्रों के रूप में चिन्हित किया गया।

संस्कृति, खेल और विरासत संरक्षण को जन-जन के बीच संपर्क बढ़ाने के सरल एवं प्रभावी माध्यम के रूप में देखा गया। मुख्यमंत्री ने भारत–यूके विरासत संरक्षण समझौते के अंतर्गत झारखण्ड के मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के संरक्षण हेतु यूके सहयोग का आग्रह किया। इस संदर्भ में स्टोनहेंज जैसे वैश्विक सर्वोत्तम उदाहरणों का उल्लेख करते हुए दीर्घकाल में यूनेस्को मान्यता की दिशा में कार्य करने की बात कही गई।

मुख्यमंत्री ने मंत्री सीमा मल्होत्रा को झारखण्ड भ्रमण का आमंत्रण दिया, जिसे उन्होंने स्वीकार किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री को फ़ॉरेन, कॉमनवेल्थ एंड डेवलपमेंट ऑफिस (FCDO) मुख्यालय का भी अवलोकन कराया गया। साथ ही मंत्री मल्होत्रा ने मुख्यमंत्री को शनिवार को यूके के प्रतिष्ठित मेगालिथिक एवं मोनोलिथिक विरासत स्थल स्टोनहेंज के भ्रमण का आमंत्रण भी दिया।

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