जंगली जानवर ने हमला कर युवक की चार उंगली काटकर खाया,पैर भी काटा
*गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत लोनपुरवा गांव में रविवार सुबह एक अज्ञात जंगली जानवर ने संजय (35) पर हमला कर दिया है।यह घटना उस समय हुई जब संजय खेत में सिंचाई के लिए पंपिंग सेट इंजन लगा रहे थे।इस हमले में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए,जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।जंगली जानवर ने हमला कर संजय की दाहिने हाथ की चार उंगलियों को काट लिया।इसके साथ ही जानवर ने उनके दाहिने व बाएं पैर के कई हिस्सों पर भी हमला किया,जिससे पैर का मांस भी निकल गया।जंगली जानवर द्वारा हमले की जानकारी होने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची।टीम ने गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया और साथ ही गांव के आसपास जंगली जानवर को पकड़ने के लिए सर्च अभियान भी शुरु कर दिया।वन विभाग के लोगों ने ग्रामीणों को जागरूक किया है कि वे अकेले उस तरफ न जाएं ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।घायल संजय कुमार के पिता चैतू ने बताया कि उनका बेटा खेत में पानी लगाने के लिए पंपिंग सेट इंजन लगाने गया था।पानी के लिए पंपिंग सेट इंजन लगाते समय एक अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर दिया।चैतू ने बताया कि उनके बेटे की चीख सुनकर वह दौड़ कर मौके पर पहुंचे।जब तक वहपहुंचते,जानवर शरीर के कई अंगों पर हमला कर चुका था।उन्होंने वन विभाग से जंगली जानवर को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है,क्योंकि इस हमले के बाद वे अपने खेत की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।वहीं गोंडा वन प्रभाग के एसडीओ सुदर्शन कुमार ने बताया कि सूचना मिली है और पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है कि कौन सा जंगली जानवर है कौन सा जंगली जानवर नहीं है।जांच में जो भी निकलकर आएगा बताया जाएगा।अभी तक जंगली जानवर की पहचान नहीं हो पाई है।
सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
मेरठ में भाकियू संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी नजरबंद, प्रधानमंत्री कार्यक्रम में विरोध से पहले सौंपा ज्ञापन
मेरठ में आज भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रस्तावित ट्रेड बिल विरोध से पहले ही प्रशासन ने एहतियातन घरों पर नजरबंद कर दिया। संगठन के अनुसार देर रात से ही प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की आवाजाही सीमित कर दी।

प्रशासन के आग्रह के बाद संगठन प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम पूनम जादौन, इंस्पेक्टर मवाना को सौंपा। ज्ञापन में किसानों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो संगठन बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगा।

जिलाध्यक्ष नवनीत चौहान ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराता रहेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार आगे की रणनीति शीघ्र घोषित की जाएगी।
पवन चौहान जिला संगठन मंत्री , अनुपम राणा तहसील उपाध्यक्ष ,भूपेंद्र चौहान जिला सलाहकार,धर्मेंद्र चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष हस्तिनापुर,ठाकुर शनि प्रताप युवा नगर अध्यक्ष ,मोहित गुर्जर युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष किला ,अरुण गौतम ,गोपाल चौहान , अचिन चौहान , मोनू चौहान ,मुकुल चौहान
मोड खुर्द में ट्रेड बिल के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

मेरठ/बहसूमा।  अपने निवास स्थान ग्राम मोड खुर्द में किसानों ने प्रस्तावित ट्रेड बिल के विरोध में एकजुट होकर थाना बहसूमा की थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित बिल से कृषि व्यवस्था और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

ज्ञापन में किसानों ने सरकार से बिल पर पुनर्विचार करने और किसान हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि किसानों की चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक गंभीरता से पहुंचाया जाए, ताकि समय रहते उचित निर्णय लिया जा सके।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, अमित (जिला सचिव), शिवांशु (तहसील अध्यक्ष), सचिन (मीडिया प्रभारी), अमरपाल सिंह, मोहम्मद यामीन, असलम, सोनू कुमार बाटला और रामराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। थाना प्रभारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा और उनकी बात को गंभीरता से लिया जाएगा।
पलामू में मॉब लिंचिंग: प्रेमिका से मिलने गए युवक को 'बैट्री चोर' बताकर पीट-पीटकर मार डाला

पलामू: जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के तेलियाही गांव में शनिवार की रात एक दलित युवक पवन कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में यह मामला मॉब लिंचिंग का पाया गया है। मृतक पवन कुमार कोकरसा गांव का निवासी था।

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घटना का विवरण:

जानकारी के अनुसार, पवन शनिवार रात तेलियाही में एक युवती से मिलने गया था। इसी दौरान परिजनों ने उसे पकड़ लिया और 'बैट्री चोर' का शोर मचाकर ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही पड़वा थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पवन का रेस्क्यू किया, लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:

पलामू एसपी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में मॉब लिंचिंग की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम दंडाधिकारी की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:

घटना को लेकर इलाके में भारी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इधर, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस जघन्य अपराध की निंदा की है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

#pakistanairstrikesin_afghanistan

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।

बहसूमा-मेरठट्रेड बिल विरोध से पहले कार्रवाई: युवा जिला अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष को घर में रोका
मेरठ/बहसुमा। आगामी 22 फरवरी को प्रस्तावित मेरठ मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ कार्यक्रम से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। वहीं संगठन के जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल को भी पुलिस उप निरीक्षक कृष्णकांत ने घर से बाहर निकलने नहीं दिया। आरोप है कि दोनों नेताओं को मेरठ जाने से पहले ही एहतियातन “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत मेरठ में किसानों की समस्याओं और ट्रेड बिल के विरोध में प्रदर्शन प्रस्तावित था। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर सहित आसपास जनपदों से किसान पदाधिकारियों के पहुंचने की योजना थी।

बताया गया कि स्थानीय पुलिस टीम नेताओं के आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। संगठन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे वे निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। किसान यूनियन पदाधिकारियों ने इसे किसानों की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया है।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तरीय कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

संगठन कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बहसूमा में किसान नेता को घर में रोका, ‘चलो मेरठ’ से पहले पुलिस की एहतियाती कार्रवाई
मेरठ/बहसूमा। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। संगठन का आरोप है कि उन्हें मेरठ जाने से पहले ही “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत किसान कार्यकर्ता ट्रेड बिल के विरोध और किसानों की समस्याओं को लेकर मेरठ में प्रदर्शन करने वाले थे। बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सनी चौधरी घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस टीम उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में उनके आवास पहुंची और बाहर जाने से रोक दिया।

किसान यूनियन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का हनन हुआ है। संगठन ने इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सघन गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में किसान नेट विजेंद्र सिंह देशवाल और चौधरी विपिन अहलावत और गौरव चौधरी को भी नजर बंद किया गया किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे सुरक्षा बनाम विरोध के अधिकार की बहस के रूप में देखा जा रहा है।
नगर पालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी से आज रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, रांची और बुंडू में कल होगा मतदान

रांची: नगर पालिका (आम) निर्वाचन 2026 के सफल संचालन हेतु रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आज, 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी फुटबॉल स्टेडियम स्थित डिस्पैच सेंटर से पोलिंग पार्टियों को रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत के मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा।

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उपायुक्त का औचक निरीक्षण:

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार देर रात मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान सामग्री, बैलेट पेपर और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की जांच की। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और निर्भय वातावरण में संपन्न हो सके।

मतदान का विवरण:

मतदान तिथि: 23 फरवरी 2026

समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक।

क्षेत्र: रांची नगर निगम के 53 वार्ड (909 बूथ) और बुंडू नगर पंचायत।

निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन, डीडीसी श्री सौरभ कुमार भुवनिया और एसडीओ सदर श्री कुमार रजत सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय रूप से भाग लें और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करें।

यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण मोर्चा की रैली, हलवासिया चौराहे पर पुलिस से नोकझोंक


* सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों के शंखनाद के साथ परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च का प्रयास

लखनऊ। यूजीसी कानून को वापस लेने, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक शांति मार्च निकाला गया।
हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता हलवासिया चौराहे तक पहुंच गए, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
रैली की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई, जहां सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर मार्च में शामिल हुए। शंखनाद की गूंज के बीच मार्च आगे बढ़ा, जिससे क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा सवर्ण समाज के इतिहास के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही बिना पर्याप्त जांच के एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग की।
प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया तथा नोटिस जारी किए। उन्होंने इसे जनआवाज दबाने का प्रयास बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह तथा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सवर्ण मोर्चा के संरक्षक कुंवर दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टी.पी. पांडे (समाजसेवी), आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा व प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल रहे।
जंगली जानवर ने हमला कर युवक की चार उंगली काटकर खाया,पैर भी काटा
*गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज में भर्ती

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत लोनपुरवा गांव में रविवार सुबह एक अज्ञात जंगली जानवर ने संजय (35) पर हमला कर दिया है।यह घटना उस समय हुई जब संजय खेत में सिंचाई के लिए पंपिंग सेट इंजन लगा रहे थे।इस हमले में संजय गंभीर रूप से घायल हो गए,जिसके बाद इलाज के लिए उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया है।जंगली जानवर ने हमला कर संजय की दाहिने हाथ की चार उंगलियों को काट लिया।इसके साथ ही जानवर ने उनके दाहिने व बाएं पैर के कई हिस्सों पर भी हमला किया,जिससे पैर का मांस भी निकल गया।जंगली जानवर द्वारा हमले की जानकारी होने के बाद वन विभाग की टीम गांव पहुंची।टीम ने गांव पहुंचकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया और साथ ही गांव के आसपास जंगली जानवर को पकड़ने के लिए सर्च अभियान भी शुरु कर दिया।वन विभाग के लोगों ने ग्रामीणों को जागरूक किया है कि वे अकेले उस तरफ न जाएं ताकि इस तरह की घटना दोबारा न हो।घायल संजय कुमार के पिता चैतू ने बताया कि उनका बेटा खेत में पानी लगाने के लिए पंपिंग सेट इंजन लगाने गया था।पानी के लिए पंपिंग सेट इंजन लगाते समय एक अज्ञात जंगली जानवर ने हमला कर दिया।चैतू ने बताया कि उनके बेटे की चीख सुनकर वह दौड़ कर मौके पर पहुंचे।जब तक वहपहुंचते,जानवर शरीर के कई अंगों पर हमला कर चुका था।उन्होंने वन विभाग से जंगली जानवर को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की मांग की है,क्योंकि इस हमले के बाद वे अपने खेत की सिंचाई भी नहीं कर पा रहे हैं।वहीं गोंडा वन प्रभाग के एसडीओ सुदर्शन कुमार ने बताया कि सूचना मिली है और पूरे मामले को लेकर जांच की जा रही है कि कौन सा जंगली जानवर है कौन सा जंगली जानवर नहीं है।जांच में जो भी निकलकर आएगा बताया जाएगा।अभी तक जंगली जानवर की पहचान नहीं हो पाई है।
सीएम योगी आज सिंगापुर-जापान दौरे पर रवाना
यूपी को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने की मुहिम तेज, 33 वैश्विक कंपनियों से करेंगे संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश को ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनाने के लक्ष्य के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे पर रवाना होंगे। वर्ष 2017 में म्यांमार यात्रा के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा है, जिसे प्रदेश की निवेश कूटनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है।
23-24 फरवरी को सिंगापुर और 25-26 फरवरी को जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 33 वैश्विक कंपनियों के शीर्ष प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में निवेश, तकनीकी सहयोग और औद्योगिक विस्तार के अवसरों पर चर्चा करेंगे।

* जी-टू-बी और राउंड टेबल मीटिंग में होगा सीधा संवाद
दौरे की खास बात यह होगी कि मुख्यमंत्री जी-टू-बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों और राउंड टेबल मीटिंग के माध्यम से निवेशकों से सीधे संवाद करेंगे। वे उत्तर प्रदेश के औद्योगिक रोडमैप, नीति स्थिरता, भूमि बैंक, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, लॉजिस्टिक्स व्यवस्था और कौशल विकास की संभावनाओं पर स्पष्ट और परिणामोन्मुख चर्चा करेंगे। मुख्यमंत्री प्रवासी भारतीयों और उत्तर प्रदेश मूल के लोगों को संबोधित करने के साथ स्कूली बच्चों से भी संवाद करेंगे और प्रदेश की बदली तस्वीर साझा करेंगे।

* सिंगापुर में 25 कंपनियों से मुलाकात
सिंगापुर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री 25 प्रमुख कंपनियों के प्रतिनिधियों से मिलेंगे।

* डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी: Google, ST Telemedia Global Data Centres

* एग्रीबिजनेस: Japfa, Olam International

* लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर: Mapletree Investments, SATS Ltd

* ग्रीन और सौर ऊर्जा: AVPN, EDP Renewables

* इंडस्ट्रियल पार्क और एविएशन: Sembcorp Industries, Singapore Airlines Engineering Company

* ग्लोबल फंड्स: Temasek Holdings, GIC, Blackstone Inc.

* फिनटेक व बैंकिंग: DBS Bank

* जापान में ऑटोमोबाइल और सेमीकंडक्टर पर फोकस
जापान प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री आठ प्रमुख कंपनियों से निवेश वार्ता करेंगे।

* ऑटोमोबाइल: Kubota, Suzuki

* सेमीकंडक्टर: Tokyo Electron

* इलेक्ट्रॉनिक्स: Toshiba

- ग्रीन हाइड्रोजन व रियल एस्टेट: Marubeni

* वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था की ओर कदम
प्रदेश सरकार का मानना है कि 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश उत्पादन और उपभोग दोनों का बड़ा केंद्र बन सकता है। मजबूत कानून व्यवस्था, नीति स्थिरता और तीव्र कनेक्टिविटी के आधार पर यह दौरा राज्य को वन ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।मुख्यमंत्री की यह विदेश यात्रा न केवल निवेश आकर्षित करने का प्रयास है, बल्कि वैश्विक मंच पर ‘ब्रांड यूपी’ को सशक्त पहचान दिलाने की दिशा में भी एक निर्णायक कदम साबित हो सकती है।
मेरठ में भाकियू संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारी नजरबंद, प्रधानमंत्री कार्यक्रम में विरोध से पहले सौंपा ज्ञापन
मेरठ में आज भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम में प्रस्तावित ट्रेड बिल विरोध से पहले ही प्रशासन ने एहतियातन घरों पर नजरबंद कर दिया। संगठन के अनुसार देर रात से ही प्रशासनिक टीमों ने विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर नेताओं की आवाजाही सीमित कर दी।

प्रशासन के आग्रह के बाद संगठन प्रतिनिधिमंडल ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम पूनम जादौन, इंस्पेक्टर मवाना को सौंपा। ज्ञापन में किसानों से जुड़े मुद्दों के त्वरित समाधान की मांग करते हुए चेतावनी दी गई कि यदि मांगें शीघ्र पूरी नहीं की गईं तो संगठन बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन करेगा।

जिलाध्यक्ष नवनीत चौहान ने कहा कि किसानों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और संगठन लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध दर्ज कराता रहेगा। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्देशानुसार आगे की रणनीति शीघ्र घोषित की जाएगी।
पवन चौहान जिला संगठन मंत्री , अनुपम राणा तहसील उपाध्यक्ष ,भूपेंद्र चौहान जिला सलाहकार,धर्मेंद्र चौधरी ब्लॉक अध्यक्ष हस्तिनापुर,ठाकुर शनि प्रताप युवा नगर अध्यक्ष ,मोहित गुर्जर युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष किला ,अरुण गौतम ,गोपाल चौहान , अचिन चौहान , मोनू चौहान ,मुकुल चौहान
मोड खुर्द में ट्रेड बिल के विरोध में किसानों का प्रदर्शन, थाना प्रभारी को सौंपा ज्ञापन

मेरठ/बहसूमा।  अपने निवास स्थान ग्राम मोड खुर्द में किसानों ने प्रस्तावित ट्रेड बिल के विरोध में एकजुट होकर थाना बहसूमा की थाना प्रभारी प्रतिभा सिंह को ज्ञापन सौंपा। किसानों का कहना है कि प्रस्तावित बिल से कृषि व्यवस्था और स्थानीय व्यापार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है, जिससे छोटे और मध्यम किसानों की आजीविका प्रभावित हो सकती है।

ज्ञापन में किसानों ने सरकार से बिल पर पुनर्विचार करने और किसान हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की। प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से अपील की कि किसानों की चिंताओं को उच्च अधिकारियों तक गंभीरता से पहुंचाया जाए, ताकि समय रहते उचित निर्णय लिया जा सके।

इस अवसर पर जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल, युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी, अमित (जिला सचिव), शिवांशु (तहसील अध्यक्ष), सचिन (मीडिया प्रभारी), अमरपाल सिंह, मोहम्मद यामीन, असलम, सोनू कुमार बाटला और रामराज सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखते हुए प्रशासन से सकारात्मक पहल की अपेक्षा जताई।

किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी आंदोलन करने को बाध्य होंगे। थाना प्रभारी ने किसानों को आश्वस्त किया कि उनका ज्ञापन संबंधित अधिकारियों तक पहुंचा दिया जाएगा और उनकी बात को गंभीरता से लिया जाएगा।
पलामू में मॉब लिंचिंग: प्रेमिका से मिलने गए युवक को 'बैट्री चोर' बताकर पीट-पीटकर मार डाला

पलामू: जिले के पड़वा थाना क्षेत्र के तेलियाही गांव में शनिवार की रात एक दलित युवक पवन कुमार की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुरुआती जांच में यह मामला मॉब लिंचिंग का पाया गया है। मृतक पवन कुमार कोकरसा गांव का निवासी था।

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घटना का विवरण:

जानकारी के अनुसार, पवन शनिवार रात तेलियाही में एक युवती से मिलने गया था। इसी दौरान परिजनों ने उसे पकड़ लिया और 'बैट्री चोर' का शोर मचाकर ग्रामीणों के साथ मिलकर उसकी बेरहमी से पिटाई कर दी। सूचना मिलते ही पड़वा थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर पवन का रेस्क्यू किया, लेकिन अस्पताल ले जाने के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।

पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई:

पलामू एसपी ने स्पष्ट किया है कि इस मामले में मॉब लिंचिंग की गंभीर धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है। शव का पोस्टमार्टम दंडाधिकारी की मौजूदगी में मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी पूरी वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी की जा रही है।

राजनीतिक प्रतिक्रिया:

घटना को लेकर इलाके में भारी तनाव है, जिसे देखते हुए भारी पुलिस बल की तैनाती की गई है। इधर, भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस जघन्य अपराध की निंदा की है और दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है।

अफगानिस्तान में पाकिस्तान ने किया एयरस्ट्राइक, फाइटर जेट से कई जगहों पर बमबारी, 28 की मौत

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पाकिस्तान ने रविवार तड़के अफगानिस्तान सीमा से सटे इलाकों में कथित आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले करने का दावा किया है। सरकार के मुताबिक यह इंटेलिजेंस आधारित, चयनित ऑपरेशन था, जिसमें प्रतिबंधित संगठन तहरीक-ए तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) और उसके सहयोगी गुटों के सात ठिकानों को निशाना बनाया गया।

सात कैंप और ठिकाने को बनाया गया निशाना

जियो न्यूज ने पाकिस्तान के सूचना मंत्रालय के हवाले से बताया कि इन हमलों में फिटना अल खवारिज (FAK), उसके सहयोगी संगठनों और दाएश खुरासान प्रांत (DKP) के सात कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया। मंत्रालय ने दावा किया कि हाल के आत्मघाती हमलों के जवाब में यह कार्रवाई “पूरी सटीकता और सावधानी” के साथ की गई। रिपोर्ट के अनुसार इस्लामाबाद, बाजौर और बन्नू में रमजान के दौरान हुए आत्मघाती हमलों के पीछे अफगानिस्तान में बैठे नेतृत्व और उनके सहयोगियों का हाथ बताया गया है।

28 टीटीपी लड़ाकों के मारे जाने की खबर

सूत्रों का कहना है कि इन हमलों में कम से कम 28 टीटीपी लड़ाके मारे गए हैं। हालांकि, अभी काबुल के तालिबान प्रशासन ने इस बारे में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। अफगानिस्तान के मीडिया आउटलेट टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तानी फाइटर जेट ने सुबह तड़के सीमावर्ती प्रांत पक्तिका के बरमल और उरगुन जिले में हवाई हमले किए हैं। इसके अलावा नंगरहार प्रांत के खोगयानी जिले में भी हवाई हमले किए गए हैं।

आम लोगों के घरों को निशाना बनाने का आरोप

टोलो न्यूज ने बताया कि पाकिस्तान ने हवाई हमलों में आम लोगों के घरों के साथ ही एक मदरसे को भी निशाना बनाया है। रिपोर्टों में बताया गया है कि पक्तिका के बरमल जिले में बानुसी मदरसे पर एयरक्राफ्ट से मिसाइलें दागी गई हैं। स्थानीय रिपोर्ट बताती हैं कि कुल आठ टारगेट पर हमला किया गया है।

हालिया आत्मघाती हमलों के बाद कार्रवाई

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब हाल के दिनों में पाकिस्तान में आतंकी हमलों में तेजी आई है। बाजौर जिले में एक आत्मघाती हमलावर ने सुरक्षा चौकी को निशाना बनाकर 11 सैनिकों और एक बच्चे की जान ले ली थी। इसके अलावा बन्नू जिले में भी एक और आत्मघाती हमले में दो सैनिक मारे गए। पाकिस्तानी सेना ने पहले ही चेतावनी दी थी कि वह जिम्मेदार लोगों के खिलाफ स्थान की परवाह किए बिना कार्रवाई करेगी। इस बयान से इस्लामाबाद और काबुल के बीच बढ़ते तनाव के संकेत मिले थे।

बहसूमा-मेरठट्रेड बिल विरोध से पहले कार्रवाई: युवा जिला अध्यक्ष व जिला अध्यक्ष को घर में रोका
मेरठ/बहसुमा। आगामी 22 फरवरी को प्रस्तावित मेरठ मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ कार्यक्रम से पहले प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन (तोमर) के युवा जिला अध्यक्ष अभिषेक चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। वहीं संगठन के जिला अध्यक्ष इंतजार देशवाल को भी पुलिस उप निरीक्षक कृष्णकांत ने घर से बाहर निकलने नहीं दिया। आरोप है कि दोनों नेताओं को मेरठ जाने से पहले ही एहतियातन “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत मेरठ में किसानों की समस्याओं और ट्रेड बिल के विरोध में प्रदर्शन प्रस्तावित था। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर, शामली और बिजनौर सहित आसपास जनपदों से किसान पदाधिकारियों के पहुंचने की योजना थी।

बताया गया कि स्थानीय पुलिस टीम नेताओं के आवास पर पहुंची और उन्हें बाहर निकलने से रोक दिया। संगठन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे वे निर्धारित कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सके। किसान यूनियन पदाधिकारियों ने इसे किसानों की आवाज दबाने की कार्रवाई बताया है।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि उच्च स्तरीय कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियाती कदम उठाए गए हैं, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो।

संगठन कार्यकर्ताओं ने प्रशासनिक कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को उठाना उनका लोकतांत्रिक अधिकार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।
बहसूमा में किसान नेता को घर में रोका, ‘चलो मेरठ’ से पहले पुलिस की एहतियाती कार्रवाई
मेरठ/बहसूमा। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम और मेट्रो स्टेशन के शुभारंभ से पहले प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। इसी क्रम में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी को पुलिस ने उनके आवास पर ही रोक दिया। संगठन का आरोप है कि उन्हें मेरठ जाने से पहले ही “हाउस अरेस्ट” कर दिया गया।

संगठन पदाधिकारियों के अनुसार “चलो मेरठ” आह्वान के तहत किसान कार्यकर्ता ट्रेड बिल के विरोध और किसानों की समस्याओं को लेकर मेरठ में प्रदर्शन करने वाले थे। बताया गया कि कार्यक्रम में शामिल होने के लिए सनी चौधरी घर से निकलने की तैयारी कर रहे थे, तभी स्थानीय पुलिस टीम उप निरीक्षक संदीप कुमार के नेतृत्व में उनके आवास पहुंची और बाहर जाने से रोक दिया।

किसान यूनियन का आरोप है कि बिना किसी लिखित आदेश के यह कार्रवाई की गई, जिससे लोकतांत्रिक विरोध के अधिकार का हनन हुआ है। संगठन ने इसे किसानों की आवाज दबाने का प्रयास बताते हुए चेतावनी दी कि मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो आंदोलन आगे भी जारी रहेगा।

वहीं पुलिस सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम को देखते हुए क्षेत्र में सघन गश्त और निगरानी बढ़ाई गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए एहतियातन कदम उठाए गए हैं।

घटना के बाद क्षेत्र में किसान नेट विजेंद्र सिंह देशवाल और चौधरी विपिन अहलावत और गौरव चौधरी को भी नजर बंद किया गया किसान संगठनों और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। स्थानीय स्तर पर इसे सुरक्षा बनाम विरोध के अधिकार की बहस के रूप में देखा जा रहा है।
नगर पालिका चुनाव 2026: मोरहाबादी से आज रवाना होंगी पोलिंग पार्टियां, रांची और बुंडू में कल होगा मतदान

रांची: नगर पालिका (आम) निर्वाचन 2026 के सफल संचालन हेतु रांची जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। आज, 22 फरवरी 2026 को मोरहाबादी फुटबॉल स्टेडियम स्थित डिस्पैच सेंटर से पोलिंग पार्टियों को रांची नगर निगम और बुंडू नगर पंचायत के मतदान केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा।

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उपायुक्त का औचक निरीक्षण:

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजंत्री ने शनिवार देर रात मोरहाबादी डिस्पैच सेंटर का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने मतदान सामग्री, बैलेट पेपर और सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की जांच की। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष और निर्भय वातावरण में संपन्न हो सके।

मतदान का विवरण:

मतदान तिथि: 23 फरवरी 2026

समय: सुबह 7:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक।

क्षेत्र: रांची नगर निगम के 53 वार्ड (909 बूथ) और बुंडू नगर पंचायत।

निरीक्षण के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन, डीडीसी श्री सौरभ कुमार भुवनिया और एसडीओ सदर श्री कुमार रजत सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित थे। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे लोकतंत्र के इस पर्व में सक्रिय रूप से भाग लें और शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करें।

यूजीसी कानून के विरोध में सवर्ण मोर्चा की रैली, हलवासिया चौराहे पर पुलिस से नोकझोंक


* सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों के शंखनाद के साथ परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा तक शांति मार्च का प्रयास

लखनऊ। यूजीसी कानून को वापस लेने, सवर्ण आयोग के गठन और आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को सवर्ण मोर्चा के बैनर तले परिवर्तन चौक से गांधी प्रतिमा, हजरतगंज तक शांति मार्च निकाला गया।
हजारों की संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने जगह-जगह बैरिकेडिंग की व्यवस्था की थी। परिवर्तन चौक और केडी सिंह बाबू मेट्रो स्टेशन के पास लगाए गए बैरिकेड्स को पार करते हुए कई कार्यकर्ता हलवासिया चौराहे तक पहुंच गए, जहां भारी पुलिस बल ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक भी हुई। बाद में कई कार्यकर्ता सड़क पर धरने पर बैठ गए और नारेबाजी करने लगे। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में भी लिया।
रैली की शुरुआत परिवर्तन चौक से हुई, जहां सैकड़ों ब्राह्मण बटुकों ने शंखनाद कर कार्यक्रम का आगाज किया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता तिरंगा और भगवा ध्वज लेकर मार्च में शामिल हुए। शंखनाद की गूंज के बीच मार्च आगे बढ़ा, जिससे क्षेत्र में विशेष माहौल देखने को मिला।
सवर्ण मोर्चा के राष्ट्रीय संयोजक प्रदीप सिंह और राष्ट्रीय प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी ने कहा कि यूजीसी का यह कानून सवर्ण समाज के हितों के विरुद्ध है और इसे वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सवर्ण आयोग के गठन, आर्थिक आधार पर आरक्षण लागू करने तथा सवर्ण समाज के इतिहास के संरक्षण की मांग उठाई। साथ ही बिना पर्याप्त जांच के एससी-एसटी कानून के तहत दर्ज मुकदमों पर रोक लगाने की भी मांग की।
प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि रैली को प्रभावित करने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने प्रदेश भर में सैकड़ों कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट किया तथा नोटिस जारी किए। उन्होंने इसे जनआवाज दबाने का प्रयास बताया।
कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजपूत करनी सेना के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह रघुवंशी, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा युवा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अवनीश सिंह तथा अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी अपने समर्थकों के साथ मौजूद रहे।
इसके अतिरिक्त सवर्ण मोर्चा के संरक्षक कुंवर दुर्गेश प्रताप सिंह, बसंत सिंह बघेल, टी.पी. पांडे (समाजसेवी), आनंद त्रिपाठी और मीडिया प्रभारी उमेश मिश्रा व प्रवक्ता पंडित अभिनव नाथ त्रिपाठी सहित अनेक कार्यकर्ता कार्यक्रम में शामिल रहे।