झारखण्ड के 25वें जयंती समारोह के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का लंदन के वेस्टमिन्स्टर चैपल स्थित सभागार में दिया गया भाषण
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आज लंदन के इस भरी सभागार में आयोजित, हमारे झारखंड के छात्र-छात्राओं के साथ और यहां के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ, इस छोटी सी मुलाकात में, आप सब लोग की उपस्थिति के लिए बहुत-बहुत शुक्रिया, आभार प्रकट करता हूं, जोहार करता हूं। यहां आए लंदन के विभिन्न डिपार्टमेंट के सभी सदस्यगण आप सभी का भी मैं हार्दिक अभिनंदन और स्वागत करता हूं।
हम पहली बार यहां आए हैं और मेरे आने से पहले हमने आप लोगों को यहां भेजा और आप लोगों के इस हिम्मत, साहस और इस उत्साह कि वजह से ही शायद हम यहां हैं।
मुझे तो इस सभागार का नाम भी नहीं पता था। वेस्टमिन्स्टर चैपल। इस खूबसूरत और ऐतिहासिक सभागार में यह कार्यक्रम आयोजित है और यह बड़े सौभाग्य की बात है कि आज मुझे यहां बोलने का मौका मिल रहा है।
आप सबको पता है कि झारखंड, भारत देश का एक छोटा सा राज्य है। इतिहास से भरा यह राज्य - जहां मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा, उससे पहले भगवान बिरसा मुंडा, सिदो कान्हू, चांद भैरव, फूलो झानो का संघर्ष और आदरणीय दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी का संघर्ष हमें देखने को मिलता है। इतिहास लिखना बहुत आसान है। इतिहास पढ़ना बहुत आसान है, पर इतिहास बनाना बहुत कठिन है।
तो हमारा यह झारखंड का इतिहास भी गौरवपूर्ण इतिहास है। हमारे पूर्वज या हमारे, जो वर्षों पुरानी पीढ़ी रही है, शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे, लेकिन उनमें दूरदर्शिता थी। यह बहुत दूर की चीजों को जानते थे, समझते थे और उसी अनुरूप अपने जीवन शैली और कार्यशैली को अंजाम देते थे।
आज शिक्षा का एक दायरा है। बहुआयामी शिक्षा आज के इस तकनीकी युग में बहुत आवश्यक है। मेरी यही सोच रही है कि जो हमारे पूर्वज रहे हैं उनके सपनों को पूरा करें। जो उनका संघर्ष रहा, जो उनके संघर्ष का कारण था, उन वजहों का कैसे हम समाधान करें, उसके साथ हम आगे बढ़ें।
आखिर उन्होंने क्यों अपनी कुर्बानियां दी? क्यों उन्होंने अपने को बलिदान किया? वह इसलिए क्योंकि वो हमें सुरक्षित करना चाहते थे। हम अपने पैरों पर खड़ा हो, हम अपने को मजबूत कर पाएं, यही उनकी सोच रही होगी।
आप सबको पता है झारखंड प्रदेश में शिक्षा को लेकर कितनी चुनौतियां हैं। इन चुनौतियों के बीच में आप सबको यह भी पता होगा कि हम लोग लगातार शिक्षा के क्षेत्र में, कहा जाए कि आने वाली पीढ़ी को, कैसे सशक्त करें, कैसे उनको अपने पैरों पर खड़ा करें। वह सब इसके लिए नहीं कि सरकारी नौकरी चाहिए। हम उनको इस कदर तराशना चाहते हैं कि देश दुनिया का कोई भी कंपटीटिव, सिचुएशन हो, वो उसका सामना कर पाए। जो आज का वक्त है, उसके साथ कदम से कदम मिलाकर चल सकें।
आज हम लोगों ने स्कूली स्तर पर सीएम स्कूल ऑफ एक्सेलेंस प्रारंभ किया है। आज हमारे बच्चों को जो हायर एजुकेशन - चाहे वो टेक्निकल हो, मेडिकल हो या प्रोफेशनल कोई कोर्सेस हो, उन सबके लिए, बड़े पैमाने पर हम लोगों ने दरवाजे खोले हैं।
आप सबको पता है कि हमारे घर-परिवारों में बेहतर शिक्षा के लिए जो संसाधन की आवश्यकता है, कितनी चुनौती भरा है। आज सभी प्रोफेशनल कोर्सेस के लिए हम लोगों ने गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को भी लॉन्च किया है, जिसके माध्यम से ₹15 लाख तक का आर्थिक सहायता बैंकों के माध्यम से बिना किसी कोलेटरल के उनको बैंक सहायता करती है और वो भी बहुत कम रेट ऑफ इंटरेस्ट में। यह आर्थिक सहायता वह तब तक उनको नहीं देना है जब तक उनकी पढ़ाई पूरी ना हो जाए। वह कोर्स चार साल का हो, चाहे वो पांच साल का। पांच साल के बाद एक साल और उनको गैप मिलेगा। उसके बाद जब आपकी नौकरी लग जाएगी तब आप धीरे-धीरे बैंक को वापस कर सकते हैं।
अब हमने यह व्यवस्था बनानी शुरू कर दी है शिक्षा को लेकर। किसी भी परिवार में - चाहे वह लड़के हों , लड़कियां हों , उनके बीच में आर्थिक अड़चन कभी न आए।
आज आप सब लोग को यहां भेजने का उद्देश्य, आर्थिक मदद का यह नहीं कि आपको आर्थिक सहायता के माध्यम से यहां तक भेजा जा रहा है। बल्कि आपकी जो क्षमता है , उस क्षमता को हम और ताकत देना चाहते हैं। आप उन ऊचाइयों तक जाएं जहां तक आप जा सके। यह ईंधन का काम कर रहा है। ईंधन पूरे मशीन का एक पार्ट है।
यह आपकी क्षमता पर निर्भर करता है कि एक संसाधन के माध्यम से आप और कितनी चीजों को मजबूत कर सकते हैं। विशेषकर मैं लंदन में आज जो हम लोगों ने सुबह मुलाकात की सीमा मल्होत्रा जी से जो ब्रिटिश सरकार में मिनिस्टर भी हैं, और शेवनिंग भी देखती हैं। मैं उनका विशेष रूप से शुक्रिया अदा करूंगा कि उनके माध्यम से हम आज यहां जो इस मंच पर खड़े हैं, इनमें उनका बहुत बड़ा योगदान है। उसके लिए मैं उन्हें तहेदिल से बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करता हूं। उनके डेलिगेट्स भी यहां है, उनके माध्यम से जरूर यह संदेश जाए।
यहां आज एक और नया रास्ता हम लोगों ने जिंदल समूह के साथ भी जोड़ने का प्रयास किया है। हमारे पास सब कुछ है। हमारे पास कोई ऐसी चीजें नहीं है जो हमें आगे बढ़ने से रोक सकता है। बशर्ते जो दरवाजे बंद हैं, वह पहले खुल नहीं पाए, नीतियां नहीं बन पाई। संसाधन के मामले में हम अपने देश में कई राज्यों से आगे हैं। बस हम कमजोर पड़ते हैं कहां? बौद्धिक रूप से। आज इसी बौद्धिक क्षमता को बढ़ाने के लिए हमारा पूरा प्रयास है।
आप लोग का बहुत बहुत शुक्रिया। आप लोग को बहुत सारी शुभकामनाएं। यह साल हमारा सिल्वर जुबली भी है। 25 साल का हो गया हमारा झारखंड प्रदेश। 25 साल के इस युवा राज्य में पूरी ताकत है, पूरी क्षमता है। इस नौजवान राज्य की क्षमता को मैं एक पॉजिटिव डायरेक्शन में ले जाने का कोशिश कर रहा हूं, क्योंकि अगर लक्ष्य ठीक से नहीं साधा गया तो पूरी मेहनत पानी में चला जाएगी।
इसीलिए आप सब लोग आज यहां है, कल आपके जैसे और नौजवान यहां होंगे। आज आप सब लोगों को यहां देखकर मुझे जो आत्म संतुष्टि है, मैं उसको बयान नहीं कर सकता। मैं आज यहाँ हिंदी में भाषण दे रहा हूं, लेकिन आपको अंग्रेजी में भाषण देते हुए देख मुझे गौरव महसूस हो रहा है।
आप हमारे प्रतिनिधि के रूप में यहां बातों को रख रहे हैं, और हम चाहते हैं कि हमारी आने वाली पीढ़ी इसी तरीके से आगे और तरक्की करें, यह हमारी शुभकामनाएं हैं। इस 25 साल के बाद हम अगले 25 साल के लिए आने वाली पीढ़ी के लिए - लंबे और मजबूत रोडमैप के साथ आगे आयेंगे।
यह पहला कदम है, एक ट्राइबल स्टेट से एक ट्राइबल रिप्रेजेंटेटिव, दावोस से लेकर लंदन तक पहुंचा है, तो निश्चित रूप से आगे भी जायेंगे और आत्म विश्वास के साथ जायेंगे।
हम लोगों का राज्य इतना मिलनसार, शांत स्वभाव का है। जहां हमारे लोग झारखंड के बारे में यह कहते हैं कि बोलना ही संगीत है, चलना ही नृत्य है। हमारे यहां द्वेष की कोई जगह है। हमारे लिए सद्भाव, प्रेम और सबके साथ चलना यही हमारा स्वभाव है। इसीलिए हम अपने पुराने विरासत को साथ संभालते हुए हम आगे बढ़े, यही हमारी शुभकामनाएं हैं।




गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला में आज साइकॉम 2.0 विज्ञान प्रदर्शनी का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। इस प्रदर्शनी का उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार और रचनात्मकता को विकसित करना था।
मुख्य अतिथि देवघर के एसडीएम रवि कुमार , विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा पदाधिकारी, देवघर बिनोद कुमार, हनुमान कथा वाचक प्रदीप भैया महाराज, विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा,सम्माननीय अतिथि एलएमसी के अध्यक्ष संतोष तुलस्यान, जसीडीह पब्लिक स्कूल एवं दीप नारायण मेमोरियल बीएड कॉलेज के निदेशक भारतेंदु दुबे, सहोदया स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, रेड रोज स्कूल के प्राचार्य अनिल कुमार पांडे,देवघर सेंट्रल स्कूल के प्राचार्य सुबोध कुमार झा, ब्लू बेल्स की प्राचार्या पूनम झा,गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल कास्टर टाउन के प्राचार्य दिलीप कुमार सिंह, एलएमसी के सदस्य प्रमोद बाजला, ताराचंद जैन और प्रिंसिपल मैडम श्रेया भार्गव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया।
तत्पश्चात बच्चों ने सुमधुर स्वागत गीत के साथ गणमान्य अतिथियों का स्वागत किया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि रवि कुमार ने कहा कि आज यहाँ आकर विद्यार्थियों की रचनात्मक सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना देखकर मुझे अत्यंत प्रसन्नता हो रही है। आज प्रदर्शित किए गए मॉडल और प्रोजेक्ट इस बात का प्रमाण हैं
कि आज के विद्यार्थी सोचते भी हैं और समाधान भी खोजते हैं। उन्होंने अपने स्कूली जीवन को याद करते हुए कहा कि आज का छोटा प्रयोग, कल की बड़ी खोज बन सकता है। आप निरंतर सीखते रहें, प्रयोग करते रहें और असफलताओं से घबराएँ नहीं। इसके बाद बच्चों ने गणेश वंदना और मिशन मंगलम पर आधारित गीत पर मनोरम नृत्य की प्रस्तुति की। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों के द्वारा विभिन्न विषयों के लगभग 250 मॉडल को प्रदर्शित किया गया जैसे कृषि में आधुनिक तकनीक का प्रयोग,हाइपरबोला क्लॉक,आरएफआईडी तकनीक द्वारा दरवाजा बंद करने का तरीका, हाइड्रोपोनिक्स,एलिपटिकल कैरम,वाई फाई एवं ब्लूटूथ द्वारा कार कंट्रोल सिस्टम,पर्यावरण संरक्षण, नवीकरणीय ऊर्जा, जल संरक्षण, मानव शरीर, रोबोटिक्स एवं आधुनिक तकनीक पर आधारित आकर्षक और ज्ञानवर्धक मॉडल प्रस्तुत किए गए । विद्यार्थियों ने अपने प्रोजेक्ट्स की कार्यप्रणाली को आत्मविश्वास के साथ समझाया, जिसे अभिभावकों एवं आगंतुकों ने खूब सराहा। प्रदीप भैया जी ने कहा कि आज का युग विज्ञान और तकनीक का युग है। ऐसे समय में विद्यार्थियों का वैज्ञानिक सोच विकसित करना अत्यंत आवश्यक है। यह प्रदर्शनी बच्चों को प्रश्न पूछने, समस्याओं का समाधान खोजने और नवाचार की ओर अग्रसर होने की प्रेरणा देती है। जिला शिक्षा पदाधिकारी विनोद कुमार ने कहा कि मेरी शुभकामना है कि आज की यह विज्ञान प्रदर्शनी विद्यार्थियों के भीतर छिपे वैज्ञानिक को और अधिक सशक्त बनाए तथा भविष्य में यही बच्चे देश के वैज्ञानिक,अभियंता और नवप्रवर्तक बनकर राष्ट्र का नाम रोशन करें। विद्यालय के प्राचार्य बलराम कुमार झा ने कहा कि विज्ञान प्रदर्शनी हमारे विद्यार्थियों की कल्पनाशीलता, जिज्ञासा और प्रयोगधर्मिता का सजीव मंच है। यहाँ प्रस्तुत प्रत्येक मॉडल इस बात का प्रमाण है कि हमारे बच्चे केवल पाठ्यपुस्तकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे विज्ञान को जीवन से जोड़कर समझ रहे हैं। सभी आगंतुकों का मेमेंटो और अंग वस्त्र के साथ सम्मान किया गया और धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।

मुंबई। बसंत पंचवी के पावन अवसर पर सद्भाव सहयोग संस्था (मीरारोड) की ओर से लगातार 9वें वर्ष मां सरस्वती की सरस्वती विधि विधान से पूजा की गई। संस्था की तरह से हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित की गई और पूरे मंत्रोच्चार के साथ पूजा संपन्न की गई। सरस्वती पूजा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य उपस्थित हुए। संगीतकार व लोकगायक सुरेश शुक्ला ने सरस्वती वंदना एवं प्रेरणादायक भक्तिगीतों की प्रस्तुति दी जिसमें श्रोता भाव विभोर हो उठे। शुक्ल के गीतों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया और ज्ञान, कला एवं संस्कारों के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। मीरा रोड के विजय पार्क स्थित अंबर प्लाजा चौक पर सद्भाव सहयोग संस्था की ओर से लगभग दो हजार लोगों ने भंडारे व महाप्रसाद ग्रहण किया। मीरा-भाईंदर के विधायक नरेन्द्र मेहता ने लगातार 9वें वर्ष सरस्वती पूजा के आयोजन के लिए सद्भाव सहयोग संस्था की प्रसंशा की।
लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) के मेडिसिन विभाग में पहली बार लिवर प्रेशर (HVPG – हेपेटिक वेनस प्रेशर ग्रेडिएंट) मापने की आधुनिक प्रक्रिया शुरू की गई है। इस अहम मेडिकल परीक्षण के जरिए अब लिवर रोगियों का इलाज केवल लक्षणों के आधार पर नहीं, बल्कि लिवर के वास्तविक प्रेशर को मापकर किया जाएगा।


* मंत्री ए.के. शर्मा ने रेखांकित की उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा
गया। कर्म मेरा सेवा सहयोग एकता मंच के तत्वावधान में एवं प्रकाश मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के सहयोग से रविवार, 25 जनवरी 2026 को गया जिले के विशुनगंज स्थित शिव मंदिर परिसर / सामुदायिक भवन में एक निःशुल्क मेगा स्वास्थ्य जांच एवं उपचार शिविर का सफल आयोजन किया गया।
10 min ago
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