अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी

ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ मुजफ्फरनगर।  NH-709AD पर अवैध कब्जा हटाने को लेकर हाईवे अथॉरिटी ने प्रशासन से मांगी फोर्स ।
जानसठ । पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-709AD) पर दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हाईवे कंट्रोल रूम की बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण न हटाए जाने पर अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईवे प्रबंधन ने उपजिलाधिकारी  जानसठ को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने के लिए भारी पुलिस बल की मांग की है।

हाईवे कंट्रोल रूम के प्रतिनिधि विकास यादव ने पत्र के माध्यम से बताया कि राजमार्ग की चैनज संख्या 114.00 से 116.00 के बीच कई दुकानदारों ने हाईवे की सुरक्षित सीमा के भीतर स्थाई और अस्थाई रूप से दुकानें सजा ली हैं। इन कब्जों के कारण न केवल सड़क संकरी हो गई है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन को दिए गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि हाईवे प्रबंधन द्वारा कई बार दुकानदारों से सामूहिक रूप से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन, दुकानदार अपनी हठधर्मी पर अड़े हुए हैं और सरकारी भूमि खाली करने को तैयार नहीं हैं।
शिकायती पत्र में केवल दुकानों ही नहीं, बल्कि हाईवे के किनारे अवैध रूप से पार्क किए जाने वाले चार पहिया वाहनों का मुद्दा भी उठाया गया है। विकास यादव ने मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए, क्योंकि ये वाहन सुरक्षित यातायात के मार्ग में बड़ी बाधा बन रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए  एक प्रतिलिपि डीएसपी जानसठ और आर.सी.सी. डायरेक्टर मेरठ को भी लिखित पत्र भेजा है।
उपजिलाधिकारी राजकुमार भारती ने कहा कि शीघ्र ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा राजमार्ग हाईवे पर बड़ा  अभियान  चलाया जाएगा और अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

विकास यादव हाईवे कंट्रोल रूम Nh-709 AD
हमारा लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित और सुचारू मार्ग प्रदान करना है। अतिक्रमण के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अब प्रशासन के सहयोग से इसे सख्ती से हटाया जाएगा।
नाट्य समारोह के तीसरे दिन उजबक राजा तीन डकैत का शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।साइंटिफिक एंपावरमेंट ऑफ डेवलपमेन्ट सोसाइटी के नाट्य समारोह के तीसरे दिन जबलपुर से आए कलाकारों द्वारा उजबक राजा तीन डकैत नाटक का मंचन किया गया।सर्वप्रथम संस्कार भारती के संस्थापक कलाऋषि पद्मश्री बाबा योगेन्द्र के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर उनको याद किया एवं आज के मुख्य वक्ता व मुख्य अतिथि युद्ध वीर सिंह द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। नाट्य मंचन के अवसर पर विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा दीपक शर्मा सुशीलराय प्रेमलता मिश्रा ज्योति मिश्रा सुदेश शर्मा तेजेन्द्र सिंह आदि विशिष्ट अतिथियो ने पुष्पार्पण किया।संचालन सुषमा शर्मा का रहा।नाटक का लेखन अलकनंदन का है और नाटक को संजय गर्ग ने निर्देशित किया।नाटक में यह भी दिखाया गया है कि आज देश दुनिया में ढेरों मल्टीनेशनल कंपनियां किस्म- किस्म की ठगी कर रही है टीवी सिनेमा और भ्रामक विज्ञापनो का सहारा लेकर सैकड़ो गैर जरूरी चीज बेच रही है।हमारे खान-पान रहन-सहन सभ्यता और संस्कृति के इर्द-गिर्द एक झूठा जादू तिलस्म रच चुका है उनके जादुई संसार में सब फंसे हुए है हम देशी खान-पान पहनावा अपनी भाषा बोली सब भूलते जा रहे है।बच्चे दाल-चावल रोटी-सब्जी खाना छोड़कर मैगी पिज्जा बर्गर और कोल्ड ड्रिंक से अपना पेट भर रहे हैं हास्य व्यंग्य विनोद गीत संगीत के माध्यम से इस सामाजिक दुर्दशा पर केंद्रित है नाटक उजबक राजा तीन डकैत।मंच पर राजा की भूमिका में दविन्दर सिंह ग्रोवर ने शानदार अभिनय कर दर्शको की खूब प्रशंसा बटोरी।ठगो की भूमिका में विनय शर्मा पराग तेलंग और आत्मानंद श्रीवास्तव ने अपनी भाव भंगिमाओ और अदायगी से न सिर्फ अपनी भूमिकाओ के साथ न्याय किया अपितु नाटक को निरंतर गतिमान बनाए रखा।अन्य पात्रो में मानसी सोनी देवेन्द्र झरिया वैष्णवी बरसैया अनिल पाली अरमान गुप्ता राजवर्धन पटेल भूमिका झरिया समीर सराठे और उन्नति तिवारी ने अपने अभिनय और अदाएगी से दर्शको का मन मोह लिया l

श्रद्धालुओ की जल-सुरक्षा को लेकर नाविको एवं गोताखोरो के साथ पुलिस की बैठक

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रिज़र्व पुलिस लाइन्स माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी माघ मेला विजय आनन्द द्वारा मेला क्षेत्र में आने वाले लाखो श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए नाविकों एवं गोताखोरो के साथ बैठक आयोजित की गई।बैठक के दौरान नौ-संचालको को जल-सुरक्षा से सम्बंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।नोडल मेला अधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो की सुरक्षा सर्वोपरि है अतःकोई भी नाविक अपनी नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक व्यक्तियो को न बैठाए क्योकि क्षमता से अधिक सवारियो के साथ नौ-संचालन से दुर्घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।उन्होने यह भी निर्देशित किया कि नाव में सवार प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ सेविंग जैकेट अनिवार्य रूप से पहनाना सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही सभी नाविको को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि निर्धारित दर से अधिक किराया किसी भी स्नानार्थी/श्रद्धालु से न वसूला जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नशे की अवस्था में कोई भी नाविक नौ-संचालन नही करेगा तथा श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता कदापि स्वीकार्य नही होगी।बैठक के दौरान उप जिलाधिकारी अभिनव पाठक नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू निषाद सहित अन्य नाविकगण उपस्थित रहे।

विंध्याचल में श्रद्धालुओं की जेब पर डाका: अवैध पार्किंग वसूली बदस्तूर जारी
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी देवी धाम, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, यहां लाखों श्रद्धालु साल भर दर्शन के लिए आते हैं। एक तरफ प्रशासन और आला अधिकारी भक्तों की सुविधा बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ वाहन स्टैंड संचालक श्रद्धालुओं की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। खुलेआम अवैध वसूली का यह खेल विंध्याचल में लंबे समय से चल रहा है, जहां वाहन स्टैंड संचालक प्रति घंटे 100 रुपये की मनमानी राशि वसूल रहे हैं।

श्रद्धालु जब मां के दर्शन के लिए वाहन लेकर पहुंचते हैं, तो उन्हें इन अवैध स्टैंडों पर पार्किंग के नाम पर जबरन पैसे देने पड़ते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि किसी भी वाहन स्टैंड पर सरकारी रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई है। यदि नगर पालिका या यातायात पुलिस द्वारा कभी रेट लिस्ट लगाई भी जाती है, तो स्टैंड संचालक इसे उखाड़ फेंकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि यह अवैध धंधा कितनी बेखौफी से चल रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट फरमान जारी किया है कि वाहन स्टैंड तभी वैध माना जाए, जहां वाहनों के लिए छावनी (शेड), यात्रियों के लिए पीने का पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। लेकिन विंध्याचल में संचालित अधिकांश स्टैंडों पर इन सुविधाओं का पूर्णतः अभाव है। फिर भी ये अवैध स्टैंड अपने चरम पर चल रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है? प्रशासन की उदासीनता या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना इतनी बेखौफी संभव नहीं।

यह अवैध वसूली न केवल श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनकी आस्था पर भी चोट करती है। दूर-दराज से आने वाले भक्त पहले से ही यात्रा की थकान और लंबी कतारों से जूझते हैं, ऊपर से यह मनमानी वसूली उनकी परेशानी बढ़ा देती है। अन्य धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी के दुर्गाकुंड मंदिर में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जहां पार्किंग के नाम पर अतिक्रमण और अवैध चार्जिंग होती है। विंध्याचल में भी यही स्थिति है, जो योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े करती है।

प्रशासन से अपील है कि इस अवैध धंधे पर तत्काल अंकुश लगाया जाए। वैध स्टैंडों की व्यवस्था की जाए, रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। तभी मां विंध्यवासिनी के भक्तों को सच्ची श्रद्धा से दर्शन का सुख मिल सकेगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत साइबर सेल टीम द्वारा पीड़ित के फ्रॉड किये गये 97,960/- रुपये कराए गए वापस
गोण्डा। जनपद में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत के मार्गदर्शन में साईबर सेल टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि रु0 97,960/- पीड़िता के खाते में वापस करायी गयी।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आवेदक श्री सुनील कुमार कन्नौजिया द्वारा साईबर सेल में साइबर फ्रॉड गयी उसकी रु0 97,960/- की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना नवाबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़िता के रु0 997,960/- की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रुपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए साईबर सेल टीम व गोण्डा पुलिस को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

*साइबर सुरक्षा टिप्स-*
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें
*बाल विवाह मुक्त अभियान सरकार ने 100 दिवसीय,जागरूकता कार्यक्रम किया शुरू*
सुल्तानपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। यह सरकार का 100 दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य समाज से बाल विवाह की कुरीति को समाप्त करना है। जिला प्रोबेशन कार्यालय से आई एक महिला अधिकारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। अभियान के तहत टीमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगा रही हैं। घर-घर जाकर पैम्फलेट बांटे जा रहे हैं और लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक छोटी सी पहल किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत भारत में बाल विवाह गैरकानूनी है। यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए सख्त कानूनी सजा का प्रावधान है। अधिनियम के अनुसार, यदि विवाह में लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो उसे बाल विवाह माना जाएगा। बाल विवाह के कई गंभीर दुष्परिणाम होते हैं। शारीरिक अपरिपक्वता के कारण कम उम्र में गर्भधारण और प्रसव से किशोरियों और उनके बच्चों दोनों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसी लड़कियां घरेलू हिंसा के अधिक जोखिम में होती हैं और उनका समग्र विकास बाधित होता है। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह से लड़के और लड़कियों दोनों की पढ़ाई छूट जाती है। लड़के बाल मजदूरी के अधिक जोखिम में आ जाते हैं, जिससे वे अनपढ़ और अकुशल रह जाते हैं। यह उन्हें सीमित रोजगार के अवसर प्रदान करता है और उन पर कम उम्र में ही पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ डाल देता है। इससे उनके जीवन कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास का पूर्ण विकास नहीं हो पाता। बाइट -महिला
*विधायक ने धान खरीद केंद्र पर अधिकारियों को फटकारा,भुगतान में देरी पर दी सख्त चेतावनी,DM से शिकायत की बात कही*
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जयसिंहपुर सहकारी समिति के धान खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण किया और धान खरीद व भुगतान में देरी पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। विधायक को पिछले कुछ दिनों से किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। किसानों का कहना था कि धान दिए हुए उन्हें 10 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन न तो उनके अंगूठे का निशान (बायोमेट्रिक) लग पा रहा है और न ही भुगतान उनके खातों में आया है। शिकायतों के बाद विधायक राज प्रसाद उपाध्याय अचानक धान केंद्र पर पहुंचे। वहां अधिकारी के न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। जांच में पता चला कि पीसीएफ (प्रोविंशियल कोऑपरेटिव फेडरेशन) के जिला अधीक्षक (डीएस) की लापरवाही के कारण ऑनलाइन बोरों की व्यवस्था नहीं हो पाई थी, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया बाधित थी। विधायक ने मौके से ही पीसीएफ विभाग के अधिकारी डीएस को फोन लगाकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि 10 मिनट के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जिलाधिकारी और शासन स्तर पर इसकी शिकायत करेंगे। राज प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि किसान परेशान हैं, उन्हें गेहूं में खाद डालनी है और अन्य काम करने हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपसी खींचतान और बोरों की कमी के बहाने अब नहीं चलेंगे। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि जनता बेहाल रहेगी, तो अधिकारियों को भी बेहाल कर दिया जाएगा। विधायक ने केंद्र पर अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मोदी और योगी सरकार की मंशा को दोहराते हुए कहा कि किसानों के हितों पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
*निकाय चुनाव में विलम्ब के खिलाफ देवघर-भाजपा का जोरदार धरना, ईवीएम से चुनाव कराने व तिथि की जल्द घोषणा की मांग।
देवघर: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तिथियों की तुरंत घोषणा, दलीय आधार पर चुनाव कराने एवं मतदान में ईवीएम के प्रयोग की मांग और रामपुर में बने वर्टिकल 3 के तहत आवास ( फ्लैट)में लाभूको को जल्द से जल्द गृह प्रवेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से धरना प्रदर्शन का आयोजन निगम कार्यालय के प्रांगण में बुधवार को किया गया। धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने की।आपको बता दें कि राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव कराने में हो रहे विलम्ब के खिलाफ भाजपा ने सड़कों पर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया, धरना में भाजपा नेताओं ने चुनाव की तिथि की जल्द से जल्द घोषणा, चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा बैलेट पेपर की जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रयोग करने एवं वर्टिकल 3 तहत बने आवास में गृह प्रवेश जल्द कराने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने कहा कि हेमंत सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीरता से नहीं ले रही है और निकाय चुनाव में बैलेट पेपर का प्रयोग सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह निकाय चुनाव भी दलीय आधार पर होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों से नगर निगम चुनाव लंबित होने के कारण इच्छुक उम्मीदवार मायूस हैं और विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। यदि निकाय चुनाव जल्द नहीं हुए तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब का आशियाना बदहाली के आंसू रो रहे हैं वर्टिकल 3 के तहत बने फ्लैट लाभुकों को गृह प्रवेश नहीं करवाया जा रहा है यह किसके इशारे। पर हो रहा लाभुक पैसा दे दिए हैं निगम का चक्कर लगा रहे हम निगम अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं है कि जल्द से जल्द अगर उस फ्लैट में गृह प्रवेश नहीं करवा गया उग्र आंदोलन होगा और आंदोलन के बाद वर्टिकल 3 के लाभुक के साथ ताला तोड़कर गृह प्रवेश होगा भाजपा हमेशा जनता के साथ है मौके पर धरना को संबोधित करते हुए कार्यक्रम प्रभारी सारठ के पूर्व विधायक रंधीर सिंह ने कहा कि,नगर निकाय चुनाव न होने से शहरी विकास बाधित हो रहा है। जिस वजह से आम जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। राज्य सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को टाल रही है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। कहा कि निगम में अफसरशाही हावी है। वहीं, देवघर के पूर्व विधायक नारायण दास ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार चुनाव में संभावित हार से डर रही है। इसलिए चुनाव नहीं करा रही है।जिला महामंत्री अधीर चंद्र भैया ने कहा कि जनता की आवाज को सीधे सरकार तक पहुंचने वाला स्थानीय नेतृत्व गायब है। इससे आम लोगों की मूलभूत सुविधाएं नाली, सड़क ,जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। भाजपा निगम प्रभारी सह वार्ड पार्षद जिला उपाध्यक्ष कन्हैया झा ने कहा कि कि नगर निकाय चुनाव में ईवीएम का प्रयोग पारदर्शिता व निष्पक्षता के लिए आवश्यक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि निकाय चुनाव में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और उन्होंने और कहा कि अफसर शाही के चलते राज सरकार की मिली भगत के चलते वर्टिकल 3 तहत बने प्रधानमंत्री आवास 6साल से धूल फांक रहे पीएम आवास योजना के फ्लैट यह प्रोजेक्ट केंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट है कि साल 2022 तक हर गरीब के सिर पर छत देंगे, इस सपने को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर-शहर गरीबों के लिए आशियाना बनाया जाने लगा. ऐसे ही देवघर में भी करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से 665 फ्लैट बनाए गए, ये फ्लैट्स बन कर तो तैयार हो गए, लेकिन जिस मकसद से ये फ्लैट्स बनाए गए वो पूरा नहीं हुआ. जिन फ्लैट्स में गरीब लोग अपना आशियाना बनाने वाले थे. आज उन्हीं फ्लैट्स में नशेड़ी अपना मयखाना बनाए बैठे हैं. इन फ्लैट्स में आज शराबी अपनी पार्टियां करते हैं. रख रखाव के अभाव की वजह से बड़ी-बड़ी घास उगी है. अगर आप फ्लैट्स के अंदर नजारा देखोगे तो टॉयलेट,गंदा हैं. यहां तक कि इन फ्लैट्स में लगाई गई ग्रील भी उखड़ी हुई है. यहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि यह फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीपीएल परिवार के लोगों के लिए बनाए गए थे, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से इन फ्लैटों को गरीब लोगों को गृह प्रवेश नहीं कराया गया है. निगम को हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जल्द से जल्द नगर निगम फ्लैट लाभुकों को गृह प्रवेश नहीं कराएगा तो ताला तोड़ कर गृह प्रवेश होगा चाहे जनता के लिए हमें जेल जाना पड़े कोई लाभुक परेशान नहीं हो गृह प्रवेश अब जल्द होगा मौके पर जिला महामंत्री संतोष उपाध्याय ने कहा कि नगर निकाय चुनाव न कराना सीधे-सीधे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध है। संचालन संतोष उपाध्याय ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला सोशल मीडिया प्रभारी अमृत मिश्रा ने किया। वहीं राज्यपाल के नाम से भाजपा नेताओं ने सह नगर प्रशासक को मांग पत्र सौंपा। धरना को संबोधित करने वाले वक्ता धरना को मुख्य रूप से संबोधित करने वालों में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया , संजीव जजवाड़े,पंकज सिंह भदोरिया,अधीर चंद्र भैया संतोष उपाध्याय कन्हैया झा नारायण दास रंधीर सिंह सचिन सुल्तानिया विनय चंद्र वंशी रमेश राय बबलू पासवान धनंजय तिवारी बलराम पोद्दार ,अभय आनंद झा ,सुनीता सिंह महेशा राय गौरी शंकर शर्मा वर्टिकल 3 के लाभुक सुधा वर्मा आदी ने सम्बोधित किया। धरना में शामिल पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी विजया सिंह विशाखा सिंह मिथलेश सिन्हा अमृत मिश्रा तुफान महथा, मुकेश पाठक मुकेश दास दशरथ दास भूषण सोनी मिथलेश यादव चंद्रशेखर खवाड़े संजय गुप्ता धनंजय खवाड़े विकास कुमार कन्हैया झा,अधीर चंद्र भैया संतोष उपाध्याय संजीव जजवाड़े रीता चौरसिया विपीन देव नवल राय मनोज मिश्रा बालानाथ सिन्हा संध्या कुमारी निरंजन देव अलका सोनी अमर पासवान सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी समेत वर्टिकल 3 के लाभुक एवं आमलोग धरना में शामिल रहे।
मनरेगा का नाम बदलना संविधान विरोधी मानसिकता का है प्रमाण : मोईद अहमद
कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न,मनरेगा बचाओ संग्राम व एसआईआर पर हुई चर्चा।

भाजपा सुनियोजित तरीके से मनरेगा व संविधान को कर रही कमजोर : शिवनारायण मिश्र।

सुल्तानपुर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की अध्यक्षता में कांग्रेस की मासिक बैठक पूर्व मंत्री मोईद अहमद, पूर्व विधायक शिवनारायण मिश्र व मनरेगा बचाओ संग्राम के कोर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में संगठन को सशक्त व मजबूत बनाने पर जोर दिया गया वही मनरेगा बचाओ संग्राम व एसआईआर (SIR) पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। बैठक में जिला स्तर से लेकर ब्लाक, न्याय पंचायत स्तर तक के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मोईद अहमद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना चाहती है। मनरेगा का नाम बदलना केवल एक शब्द परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला और संविधान विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान की शुरुआत 10 जनवरी से कर रही है। 10 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 को एकदिवसीय प्रतीकात्मक उपवास उसके बाद 12 जनवरी से 29 जनवरी तक जनपद के सभी ब्लॉकों में न्याय पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल अथवा नुक्कड़ सभा जनसंपर्क अभियान आदि अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस चरण में नेता प्रतिपक्ष के एक पत्र ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, रोजगार सेवको और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे साथ ही विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण किया जाएगा। 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित कर जिनमें अहिंसा संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर विशेष जोर दिया जाएगा। पूर्व विधायक शिवनारायण मिश्र ने कहा कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा एवं संविधान को कमजोर कर रही है। मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने जैसे निर्णय सरकार की उस मानसिकता को दर्शाता हैं, जो गांधी की विचारधारा और श्रमिक की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार पहले रोजगार खत्म करती है, फिर रोजगार की गारंटी देने वाली योजना का नाम बदलकर अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास करती है लेकिन क्षेत्र की जनता जागरुक है उनके इस कृत को पहचान चुकी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि जनपद के सभी ब्लॉक अध्यक्ष संगठन के प्रति ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करें। 10 तारीख से मनरेगा बचाओ संग्राम की तैयारियों जुट जाए और इस महीने को सफल बनाएं। बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम के मनोनीत किए गए जिला कोऑर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह को कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा पूर्व मंत्री अथवा पूर्व विधायक व शहर अध्यक्ष सहित कांग्रेस के वरिष्ठ अन्य नेताओं ने उन्हें बधाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी, हौसला प्रसाद भीम, रणजीत सिंह सलूजा,सलाउद्दीन हाशमी, सिया राम त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखें, संचालन उपाध्यक्ष जनार्दन शुक्ल ने किया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य निकलेश सरोज, ममनून आलम, आवेश अहमद, विधि प्रकोष्ठ के कमर खान, विजयपाल,इमरान अहमद, गुड्डू पांडे,अतहर नवाब, तेरसराम पाल, मनोज तिवारी, सुरेश चंद्र मिश्र, हामिद राइनी, जनेश्वर उपाध्याय,जमीदार यादव, नंदलाल मोर्य, रामचंद्र कोरी, सुब्रत सिंह सनी, मोहसिन सलीम इंद्रकेश शर्मा, अतीक अहमद आदि लोग मौजूद रहे। इंसेट *दर्जनों लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन* कांग्रेस नेत्री कु0 निकलेश सरोज के नेतृत्व में बल्दीराय ब्लॉक के निवासी समाजसेवी पंकज मिश्रा के साथ राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार, शाह आलम आदि ने जिला कार्यालय पर पहुंचकर कांग्रेस कि सदस्यता ग्रहण की कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने उन्हें पार्टी का फटका पहन कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। समाजसेवी पंकज मिश्र ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर आज हमने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली है। पार्टी की नीति का प्रचार प्रसार कर माननीय राहुल गांधी, माननीय प्रियंका गांधी, माननीय मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथों को मजबूत करूंगा और पार्टी के प्रति पूरी ईमानदारी निष्ठा लगन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करुंगा। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
डायन कुप्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

डायन कुप्रथा उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त झारखंड, मिशन शक्ति तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बरही में अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाकर सशक्त झारखंड के निर्माण हेतु डायन कुप्रथा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिंहा ने कहा कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन कर बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन द्वारा दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए सबसे पहले बच्चियों की माताओं को जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चियों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक अंतिम संस्कार योजना, सामूहिक विवाह कार्यक्रम, निःशक्त कल्याणार्थ योजना, डायन कुप्रथा उन्मूलन कार्यक्रम सहित राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा घटक एवं महिला सशक्तिकरण घटक तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की भी जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में बरही अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, पोषण सखी, महिला पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ, सहिया, सेविका, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, रांची से आए प्रशिक्षक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।

अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी

ब्रह्म प्रकाश शर्मा



जानसठ मुजफ्फरनगर।  NH-709AD पर अवैध कब्जा हटाने को लेकर हाईवे अथॉरिटी ने प्रशासन से मांगी फोर्स ।
जानसठ । पानीपत-खटीमा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-709AD) पर दुकानदारों द्वारा किए गए अवैध अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। हाईवे कंट्रोल रूम की बार-बार चेतावनी के बावजूद अतिक्रमण न हटाए जाने पर अब भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईवे प्रबंधन ने उपजिलाधिकारी  जानसठ को पत्र लिखकर अतिक्रमण हटाने के लिए भारी पुलिस बल की मांग की है।

हाईवे कंट्रोल रूम के प्रतिनिधि विकास यादव ने पत्र के माध्यम से बताया कि राजमार्ग की चैनज संख्या 114.00 से 116.00 के बीच कई दुकानदारों ने हाईवे की सुरक्षित सीमा के भीतर स्थाई और अस्थाई रूप से दुकानें सजा ली हैं। इन कब्जों के कारण न केवल सड़क संकरी हो गई है, बल्कि राहगीरों और वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
प्रशासन को दिए गए पत्र में स्पष्ट किया गया है कि हाईवे प्रबंधन द्वारा कई बार दुकानदारों से सामूहिक रूप से अतिक्रमण हटाने का अनुरोध किया गया था। लेकिन, दुकानदार अपनी हठधर्मी पर अड़े हुए हैं और सरकारी भूमि खाली करने को तैयार नहीं हैं।
शिकायती पत्र में केवल दुकानों ही नहीं, बल्कि हाईवे के किनारे अवैध रूप से पार्क किए जाने वाले चार पहिया वाहनों का मुद्दा भी उठाया गया है। विकास यादव ने मांग की है कि ऐसे वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की जाए, क्योंकि ये वाहन सुरक्षित यातायात के मार्ग में बड़ी बाधा बन रहे हैं। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए  एक प्रतिलिपि डीएसपी जानसठ और आर.सी.सी. डायरेक्टर मेरठ को भी लिखित पत्र भेजा है।
उपजिलाधिकारी राजकुमार भारती ने कहा कि शीघ्र ही प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा राजमार्ग हाईवे पर बड़ा  अभियान  चलाया जाएगा और अतिक्रमण को हटाया जाएगा।

विकास यादव हाईवे कंट्रोल रूम Nh-709 AD
हमारा लक्ष्य यात्रियों को सुरक्षित और सुचारू मार्ग प्रदान करना है। अतिक्रमण के कारण दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। अब प्रशासन के सहयोग से इसे सख्ती से हटाया जाएगा।
नाट्य समारोह के तीसरे दिन उजबक राजा तीन डकैत का शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।साइंटिफिक एंपावरमेंट ऑफ डेवलपमेन्ट सोसाइटी के नाट्य समारोह के तीसरे दिन जबलपुर से आए कलाकारों द्वारा उजबक राजा तीन डकैत नाटक का मंचन किया गया।सर्वप्रथम संस्कार भारती के संस्थापक कलाऋषि पद्मश्री बाबा योगेन्द्र के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर उनको याद किया एवं आज के मुख्य वक्ता व मुख्य अतिथि युद्ध वीर सिंह द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। नाट्य मंचन के अवसर पर विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा दीपक शर्मा सुशीलराय प्रेमलता मिश्रा ज्योति मिश्रा सुदेश शर्मा तेजेन्द्र सिंह आदि विशिष्ट अतिथियो ने पुष्पार्पण किया।संचालन सुषमा शर्मा का रहा।नाटक का लेखन अलकनंदन का है और नाटक को संजय गर्ग ने निर्देशित किया।नाटक में यह भी दिखाया गया है कि आज देश दुनिया में ढेरों मल्टीनेशनल कंपनियां किस्म- किस्म की ठगी कर रही है टीवी सिनेमा और भ्रामक विज्ञापनो का सहारा लेकर सैकड़ो गैर जरूरी चीज बेच रही है।हमारे खान-पान रहन-सहन सभ्यता और संस्कृति के इर्द-गिर्द एक झूठा जादू तिलस्म रच चुका है उनके जादुई संसार में सब फंसे हुए है हम देशी खान-पान पहनावा अपनी भाषा बोली सब भूलते जा रहे है।बच्चे दाल-चावल रोटी-सब्जी खाना छोड़कर मैगी पिज्जा बर्गर और कोल्ड ड्रिंक से अपना पेट भर रहे हैं हास्य व्यंग्य विनोद गीत संगीत के माध्यम से इस सामाजिक दुर्दशा पर केंद्रित है नाटक उजबक राजा तीन डकैत।मंच पर राजा की भूमिका में दविन्दर सिंह ग्रोवर ने शानदार अभिनय कर दर्शको की खूब प्रशंसा बटोरी।ठगो की भूमिका में विनय शर्मा पराग तेलंग और आत्मानंद श्रीवास्तव ने अपनी भाव भंगिमाओ और अदायगी से न सिर्फ अपनी भूमिकाओ के साथ न्याय किया अपितु नाटक को निरंतर गतिमान बनाए रखा।अन्य पात्रो में मानसी सोनी देवेन्द्र झरिया वैष्णवी बरसैया अनिल पाली अरमान गुप्ता राजवर्धन पटेल भूमिका झरिया समीर सराठे और उन्नति तिवारी ने अपने अभिनय और अदाएगी से दर्शको का मन मोह लिया l

श्रद्धालुओ की जल-सुरक्षा को लेकर नाविको एवं गोताखोरो के साथ पुलिस की बैठक

संजय द्विवेदी प्रयागराज।रिज़र्व पुलिस लाइन्स माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में अपर पुलिस अधीक्षक/नोडल अधिकारी माघ मेला विजय आनन्द द्वारा मेला क्षेत्र में आने वाले लाखो श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए नाविकों एवं गोताखोरो के साथ बैठक आयोजित की गई।बैठक के दौरान नौ-संचालको को जल-सुरक्षा से सम्बंधित आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।नोडल मेला अधिकारी द्वारा स्पष्ट किया गया कि मेला क्षेत्र में श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो की सुरक्षा सर्वोपरि है अतःकोई भी नाविक अपनी नाव में निर्धारित क्षमता से अधिक व्यक्तियो को न बैठाए क्योकि क्षमता से अधिक सवारियो के साथ नौ-संचालन से दुर्घटना की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।उन्होने यह भी निर्देशित किया कि नाव में सवार प्रत्येक व्यक्ति को लाइफ सेविंग जैकेट अनिवार्य रूप से पहनाना सुनिश्चित किया जाए।इसके साथ ही सभी नाविको को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कि निर्धारित दर से अधिक किराया किसी भी स्नानार्थी/श्रद्धालु से न वसूला जाए। बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि नशे की अवस्था में कोई भी नाविक नौ-संचालन नही करेगा तथा श्रद्धालुओ/स्नानार्थियो के साथ किसी भी प्रकार की अभद्रता कदापि स्वीकार्य नही होगी।बैठक के दौरान उप जिलाधिकारी अभिनव पाठक नाविक संघ के अध्यक्ष पप्पू निषाद सहित अन्य नाविकगण उपस्थित रहे।

विंध्याचल में श्रद्धालुओं की जेब पर डाका: अवैध पार्किंग वसूली बदस्तूर जारी
विंध्याचल। मां विंध्यवासिनी देवी धाम, जो उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में स्थित विश्व प्रसिद्ध शक्तिपीठ है, यहां लाखों श्रद्धालु साल भर दर्शन के लिए आते हैं। एक तरफ प्रशासन और आला अधिकारी भक्तों की सुविधा बढ़ाने के लिए हरसंभव प्रयास करते नजर आते हैं, तो दूसरी तरफ वाहन स्टैंड संचालक श्रद्धालुओं की जेब काटने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। खुलेआम अवैध वसूली का यह खेल विंध्याचल में लंबे समय से चल रहा है, जहां वाहन स्टैंड संचालक प्रति घंटे 100 रुपये की मनमानी राशि वसूल रहे हैं।

श्रद्धालु जब मां के दर्शन के लिए वाहन लेकर पहुंचते हैं, तो उन्हें इन अवैध स्टैंडों पर पार्किंग के नाम पर जबरन पैसे देने पड़ते हैं। सबसे हैरानी की बात यह है कि किसी भी वाहन स्टैंड पर सरकारी रेट लिस्ट प्रदर्शित नहीं की गई है। यदि नगर पालिका या यातायात पुलिस द्वारा कभी रेट लिस्ट लगाई भी जाती है, तो स्टैंड संचालक इसे उखाड़ फेंकते हैं। इससे साफ जाहिर होता है कि यह अवैध धंधा कितनी बेखौफी से चल रहा है।

सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने स्पष्ट फरमान जारी किया है कि वाहन स्टैंड तभी वैध माना जाए, जहां वाहनों के लिए छावनी (शेड), यात्रियों के लिए पीने का पानी और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध हों। लेकिन विंध्याचल में संचालित अधिकांश स्टैंडों पर इन सुविधाओं का पूर्णतः अभाव है। फिर भी ये अवैध स्टैंड अपने चरम पर चल रहे हैं। सवाल उठता है कि आखिर यह सब किसके संरक्षण में हो रहा है? प्रशासन की उदासीनता या स्थानीय स्तर पर मिलीभगत के बिना इतनी बेखौफी संभव नहीं।

यह अवैध वसूली न केवल श्रद्धालुओं को आर्थिक नुकसान पहुंचाती है, बल्कि उनकी आस्था पर भी चोट करती है। दूर-दराज से आने वाले भक्त पहले से ही यात्रा की थकान और लंबी कतारों से जूझते हैं, ऊपर से यह मनमानी वसूली उनकी परेशानी बढ़ा देती है। अन्य धार्मिक स्थलों जैसे वाराणसी के दुर्गाकुंड मंदिर में भी इसी तरह की शिकायतें सामने आ चुकी हैं, जहां पार्किंग के नाम पर अतिक्रमण और अवैध चार्जिंग होती है। विंध्याचल में भी यही स्थिति है, जो योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति पर सवाल खड़े करती है।

प्रशासन से अपील है कि इस अवैध धंधे पर तत्काल अंकुश लगाया जाए। वैध स्टैंडों की व्यवस्था की जाए, रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से लगाई जाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो। तभी मां विंध्यवासिनी के भक्तों को सच्ची श्रद्धा से दर्शन का सुख मिल सकेगा।
ऑपरेशन साइबर कवच के दृष्टिगत साइबर सेल टीम द्वारा पीड़ित के फ्रॉड किये गये 97,960/- रुपये कराए गए वापस
गोण्डा। जनपद में साइबर फ्रॉड अपराध की रोकथाम के संबंध में त्वरित कार्यवाही करने हेतु पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल द्वारा दिये गये निर्देशों के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत के मार्गदर्शन में साईबर सेल टीम द्वारा पीड़ित की फ्रॉड गयी धनराशि को सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए धनराशि रु0 97,960/- पीड़िता के खाते में वापस करायी गयी।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आवेदक श्री सुनील कुमार कन्नौजिया द्वारा साईबर सेल में साइबर फ्रॉड गयी उसकी रु0 97,960/- की शिकायत दर्ज करायी गयी थी। जिसपर थाना नवाबगंज की साइबर हेल्पडेस्क टीम द्वारा तत्काल कार्यवाही करते हुए सम्बंधित बैंक/इंटीमेडरी से संपर्क स्थापित करते हुए पीड़िता के रु0 997,960/- की धनराशि वापस करायी गयी। पीड़िता द्वारा अपने रुपये वापस पाकर प्रसन्नता जाहिर करते हुए साईबर सेल टीम व गोण्डा पुलिस को धन्यवाद दिया गया।

नोट- साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर सूचना अंकित कराये, सूचना विलम्ब से देने पर साइबर अपराधियों द्वारा धन निकाल लिया जाता है। धन निकलने के उपरान्त पैसे वापस होने की सम्भावना बहुत कम होती है। लोगो को साइबर ठगों से सावधान रहने की जरुरत है। किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओ0टी0पी0, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें। फ्रॉड ट्रांजेक्सन होने पर तत्काल अपने बैंक एवं थाना पर गठित साइबर सेल को सूचना दें एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएँ।

*साइबर सुरक्षा टिप्स-*
01. ऑनलाइन लेन-देन में सावधानी बरतें
02. किसी भी अनजान फोन कॉल पर अपनी बैंक डिटेल, ओटीपी, बायोमैट्रिक डेटा, पैन कार्ड व आधार कार्ड की डिटेल किसी के साथ साझा न करें।
03. सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
04. अनजान लिंक्स पर क्लिक न करें।
05. अपने डिवाइस को सुरक्षित रखें।
06. ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षित वेबसाइट्स का उपयोग करें।
07. पासवर्ड को मजबूत और गुप्त रखें।
08. ऑनलाइन गतिविधियों पर निगरानी रखें।
09. साइबर बुलिंग और साइबर स्टॉकिंग के मामलों में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
10. ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में कंपनी प्रबंधन और पुलिस को सूचित करें
*बाल विवाह मुक्त अभियान सरकार ने 100 दिवसीय,जागरूकता कार्यक्रम किया शुरू*
सुल्तानपुर में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान शुरू किया गया है। यह सरकार का 100 दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य समाज से बाल विवाह की कुरीति को समाप्त करना है। जिला प्रोबेशन कार्यालय से आई एक महिला अधिकारी ने बुधवार को इसकी जानकारी दी। अभियान के तहत टीमें ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता शिविर लगा रही हैं। घर-घर जाकर पैम्फलेट बांटे जा रहे हैं और लोगों को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक छोटी सी पहल किसी बच्चे का भविष्य बचा सकती है। अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत भारत में बाल विवाह गैरकानूनी है। यह एक संज्ञेय और गैर-जमानती अपराध है, जिसके लिए सख्त कानूनी सजा का प्रावधान है। अधिनियम के अनुसार, यदि विवाह में लड़की की उम्र 18 वर्ष से कम और लड़के की उम्र 21 वर्ष से कम है, तो उसे बाल विवाह माना जाएगा। बाल विवाह के कई गंभीर दुष्परिणाम होते हैं। शारीरिक अपरिपक्वता के कारण कम उम्र में गर्भधारण और प्रसव से किशोरियों और उनके बच्चों दोनों का जीवन खतरे में पड़ सकता है। ऐसी लड़कियां घरेलू हिंसा के अधिक जोखिम में होती हैं और उनका समग्र विकास बाधित होता है। इसके अतिरिक्त, बाल विवाह से लड़के और लड़कियों दोनों की पढ़ाई छूट जाती है। लड़के बाल मजदूरी के अधिक जोखिम में आ जाते हैं, जिससे वे अनपढ़ और अकुशल रह जाते हैं। यह उन्हें सीमित रोजगार के अवसर प्रदान करता है और उन पर कम उम्र में ही पारिवारिक व सामाजिक जिम्मेदारियों का बोझ डाल देता है। इससे उनके जीवन कौशल, निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास का पूर्ण विकास नहीं हो पाता। बाइट -महिला
*विधायक ने धान खरीद केंद्र पर अधिकारियों को फटकारा,भुगतान में देरी पर दी सख्त चेतावनी,DM से शिकायत की बात कही*
उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर सदर विधायक राज प्रसाद उपाध्याय ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने जयसिंहपुर सहकारी समिति के धान खरीद केंद्र का औचक निरीक्षण किया और धान खरीद व भुगतान में देरी पर अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी। विधायक को पिछले कुछ दिनों से किसानों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं। किसानों का कहना था कि धान दिए हुए उन्हें 10 दिन से अधिक हो गए हैं, लेकिन न तो उनके अंगूठे का निशान (बायोमेट्रिक) लग पा रहा है और न ही भुगतान उनके खातों में आया है। शिकायतों के बाद विधायक राज प्रसाद उपाध्याय अचानक धान केंद्र पर पहुंचे। वहां अधिकारी के न मिलने पर उन्होंने नाराजगी जताई। जांच में पता चला कि पीसीएफ (प्रोविंशियल कोऑपरेटिव फेडरेशन) के जिला अधीक्षक (डीएस) की लापरवाही के कारण ऑनलाइन बोरों की व्यवस्था नहीं हो पाई थी, जिससे पूरी खरीद प्रक्रिया बाधित थी। विधायक ने मौके से ही पीसीएफ विभाग के अधिकारी डीएस को फोन लगाकर फटकार लगाई। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि 10 मिनट के भीतर समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे जिलाधिकारी और शासन स्तर पर इसकी शिकायत करेंगे। राज प्रसाद उपाध्याय ने कहा कि किसान परेशान हैं, उन्हें गेहूं में खाद डालनी है और अन्य काम करने हैं। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि आपसी खींचतान और बोरों की कमी के बहाने अब नहीं चलेंगे। विधायक ने स्पष्ट किया कि यदि जनता बेहाल रहेगी, तो अधिकारियों को भी बेहाल कर दिया जाएगा। विधायक ने केंद्र पर अधिकारियों की अनुपस्थिति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मोदी और योगी सरकार की मंशा को दोहराते हुए कहा कि किसानों के हितों पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी गई।
*निकाय चुनाव में विलम्ब के खिलाफ देवघर-भाजपा का जोरदार धरना, ईवीएम से चुनाव कराने व तिथि की जल्द घोषणा की मांग।
देवघर: झारखंड में नगर निकाय चुनाव की तिथियों की तुरंत घोषणा, दलीय आधार पर चुनाव कराने एवं मतदान में ईवीएम के प्रयोग की मांग और रामपुर में बने वर्टिकल 3 के तहत आवास ( फ्लैट)में लाभूको को जल्द से जल्द गृह प्रवेश को लेकर भारतीय जनता पार्टी की ओर से धरना प्रदर्शन का आयोजन निगम कार्यालय के प्रांगण में बुधवार को किया गया। धरना का नेतृत्व जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने की।आपको बता दें कि राज्य सरकार द्वारा निकाय चुनाव कराने में हो रहे विलम्ब के खिलाफ भाजपा ने सड़कों पर मोर्चा खोल दिया है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने नगर निगम कार्यालय में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया, धरना में भाजपा नेताओं ने चुनाव की तिथि की जल्द से जल्द घोषणा, चुनाव दलीय आधार पर कराने तथा बैलेट पेपर की जगह इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रयोग करने एवं वर्टिकल 3 तहत बने आवास में गृह प्रवेश जल्द कराने की मांग उठाई। जिला अध्यक्ष सचिन रवानी ने कहा कि हेमंत सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को गंभीरता से नहीं ले रही है और निकाय चुनाव में बैलेट पेपर का प्रयोग सरकार की मंशा पर सवाल खड़ा करता है। लोकसभा और विधानसभा चुनाव की तरह निकाय चुनाव भी दलीय आधार पर होना चाहिए। पिछले पांच वर्षों से नगर निगम चुनाव लंबित होने के कारण इच्छुक उम्मीदवार मायूस हैं और विकास कार्य ठप पड़े हैं। उन्होंने ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र होगा। यदि निकाय चुनाव जल्द नहीं हुए तो भाजपा कार्यकर्ता सड़क से सदन तक विरोध प्रदर्शन करेंगे। साथ ही उन्होंने कहा कि गरीब का आशियाना बदहाली के आंसू रो रहे हैं वर्टिकल 3 के तहत बने फ्लैट लाभुकों को गृह प्रवेश नहीं करवाया जा रहा है यह किसके इशारे। पर हो रहा लाभुक पैसा दे दिए हैं निगम का चक्कर लगा रहे हम निगम अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं है कि जल्द से जल्द अगर उस फ्लैट में गृह प्रवेश नहीं करवा गया उग्र आंदोलन होगा और आंदोलन के बाद वर्टिकल 3 के लाभुक के साथ ताला तोड़कर गृह प्रवेश होगा भाजपा हमेशा जनता के साथ है मौके पर धरना को संबोधित करते हुए कार्यक्रम प्रभारी सारठ के पूर्व विधायक रंधीर सिंह ने कहा कि,नगर निकाय चुनाव न होने से शहरी विकास बाधित हो रहा है। जिस वजह से आम जनता मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। राज्य सरकार जानबूझकर चुनाव प्रक्रिया को टाल रही है, जो लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों के विरुद्ध है। कहा कि निगम में अफसरशाही हावी है। वहीं, देवघर के पूर्व विधायक नारायण दास ने कहा कि झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार चुनाव में संभावित हार से डर रही है। इसलिए चुनाव नहीं करा रही है।जिला महामंत्री अधीर चंद्र भैया ने कहा कि जनता की आवाज को सीधे सरकार तक पहुंचने वाला स्थानीय नेतृत्व गायब है। इससे आम लोगों की मूलभूत सुविधाएं नाली, सड़क ,जलापूर्ति, स्ट्रीट लाइट, कचरा प्रबंधन जैसे काम प्रभावित हो रहे हैं। भाजपा निगम प्रभारी सह वार्ड पार्षद जिला उपाध्यक्ष कन्हैया झा ने कहा कि कि नगर निकाय चुनाव में ईवीएम का प्रयोग पारदर्शिता व निष्पक्षता के लिए आवश्यक है। उन्होंने सरकार को चेतावनी दी कि निकाय चुनाव में और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। और उन्होंने और कहा कि अफसर शाही के चलते राज सरकार की मिली भगत के चलते वर्टिकल 3 तहत बने प्रधानमंत्री आवास 6साल से धूल फांक रहे पीएम आवास योजना के फ्लैट यह प्रोजेक्ट केंद्र का ड्रीम प्रोजेक्ट है कि साल 2022 तक हर गरीब के सिर पर छत देंगे, इस सपने को पूरा करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों ने हजारों करोड़ रुपये पानी की तरह बहा दिए. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत शहर-शहर गरीबों के लिए आशियाना बनाया जाने लगा. ऐसे ही देवघर में भी करीब 42 करोड़ रुपये की लागत से 665 फ्लैट बनाए गए, ये फ्लैट्स बन कर तो तैयार हो गए, लेकिन जिस मकसद से ये फ्लैट्स बनाए गए वो पूरा नहीं हुआ. जिन फ्लैट्स में गरीब लोग अपना आशियाना बनाने वाले थे. आज उन्हीं फ्लैट्स में नशेड़ी अपना मयखाना बनाए बैठे हैं. इन फ्लैट्स में आज शराबी अपनी पार्टियां करते हैं. रख रखाव के अभाव की वजह से बड़ी-बड़ी घास उगी है. अगर आप फ्लैट्स के अंदर नजारा देखोगे तो टॉयलेट,गंदा हैं. यहां तक कि इन फ्लैट्स में लगाई गई ग्रील भी उखड़ी हुई है. यहां पर मौजूद लोगों का कहना है कि यह फ्लैट प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बीपीएल परिवार के लोगों के लिए बनाए गए थे, लेकिन अभी तक विभाग की तरफ से इन फ्लैटों को गरीब लोगों को गृह प्रवेश नहीं कराया गया है. निगम को हम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि जल्द से जल्द नगर निगम फ्लैट लाभुकों को गृह प्रवेश नहीं कराएगा तो ताला तोड़ कर गृह प्रवेश होगा चाहे जनता के लिए हमें जेल जाना पड़े कोई लाभुक परेशान नहीं हो गृह प्रवेश अब जल्द होगा मौके पर जिला महामंत्री संतोष उपाध्याय ने कहा कि नगर निकाय चुनाव न कराना सीधे-सीधे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के विरुद्ध है। संचालन संतोष उपाध्याय ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापन जिला सोशल मीडिया प्रभारी अमृत मिश्रा ने किया। वहीं राज्यपाल के नाम से भाजपा नेताओं ने सह नगर प्रशासक को मांग पत्र सौंपा। धरना को संबोधित करने वाले वक्ता धरना को मुख्य रूप से संबोधित करने वालों में प्रदेश कार्यसमिति सदस्य रीता चौरसिया , संजीव जजवाड़े,पंकज सिंह भदोरिया,अधीर चंद्र भैया संतोष उपाध्याय कन्हैया झा नारायण दास रंधीर सिंह सचिन सुल्तानिया विनय चंद्र वंशी रमेश राय बबलू पासवान धनंजय तिवारी बलराम पोद्दार ,अभय आनंद झा ,सुनीता सिंह महेशा राय गौरी शंकर शर्मा वर्टिकल 3 के लाभुक सुधा वर्मा आदी ने सम्बोधित किया। धरना में शामिल पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी विजया सिंह विशाखा सिंह मिथलेश सिन्हा अमृत मिश्रा तुफान महथा, मुकेश पाठक मुकेश दास दशरथ दास भूषण सोनी मिथलेश यादव चंद्रशेखर खवाड़े संजय गुप्ता धनंजय खवाड़े विकास कुमार कन्हैया झा,अधीर चंद्र भैया संतोष उपाध्याय संजीव जजवाड़े रीता चौरसिया विपीन देव नवल राय मनोज मिश्रा बालानाथ सिन्हा संध्या कुमारी निरंजन देव अलका सोनी अमर पासवान सहित सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता और पदाधिकारी समेत वर्टिकल 3 के लाभुक एवं आमलोग धरना में शामिल रहे।
मनरेगा का नाम बदलना संविधान विरोधी मानसिकता का है प्रमाण : मोईद अहमद
कांग्रेस की मासिक बैठक संपन्न,मनरेगा बचाओ संग्राम व एसआईआर पर हुई चर्चा।

भाजपा सुनियोजित तरीके से मनरेगा व संविधान को कर रही कमजोर : शिवनारायण मिश्र।

सुल्तानपुर बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की अध्यक्षता में कांग्रेस की मासिक बैठक पूर्व मंत्री मोईद अहमद, पूर्व विधायक शिवनारायण मिश्र व मनरेगा बचाओ संग्राम के कोर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में संगठन को सशक्त व मजबूत बनाने पर जोर दिया गया वही मनरेगा बचाओ संग्राम व एसआईआर (SIR) पर विस्तार पूर्वक चर्चा की गई। बैठक में जिला स्तर से लेकर ब्लाक, न्याय पंचायत स्तर तक के समस्त पदाधिकारी व कार्यकर्ता सम्मिलित हुए। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मंत्री मोईद अहमद ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा सरकार महात्मा गांधी के नाम से डरती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं के नाम बदलकर इतिहास को तोड़ना-मरोड़ना चाहती है। मनरेगा का नाम बदलना केवल एक शब्द परिवर्तन नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला और संविधान विरोधी मानसिकता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी मनरेगा बचाओ संग्राम अभियान की शुरुआत 10 जनवरी से कर रही है। 10 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस 11 को एकदिवसीय प्रतीकात्मक उपवास उसके बाद 12 जनवरी से 29 जनवरी तक जनपद के सभी ब्लॉकों में न्याय पंचायत व ग्राम पंचायत स्तर पर चौपाल अथवा नुक्कड़ सभा जनसंपर्क अभियान आदि अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने विस्तार से बताया कि इस चरण में नेता प्रतिपक्ष के एक पत्र ग्राम प्रधान, पूर्व प्रधान, रोजगार सेवको और मनरेगा श्रमिकों तक पहुंचाए जाएंगे साथ ही विधानसभा स्तर पर नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण किया जाएगा। 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना आयोजित कर जिनमें अहिंसा संवैधानिक मूल्यों और काम के अधिकार पर विशेष जोर दिया जाएगा। पूर्व विधायक शिवनारायण मिश्र ने कहा कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा एवं संविधान को कमजोर कर रही है। मनरेगा से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का नाम हटाने जैसे निर्णय सरकार की उस मानसिकता को दर्शाता हैं, जो गांधी की विचारधारा और श्रमिक की गरिमा के विपरीत है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा सरकार पहले रोजगार खत्म करती है, फिर रोजगार की गारंटी देने वाली योजना का नाम बदलकर अपनी नाकामी छिपाने का प्रयास करती है लेकिन क्षेत्र की जनता जागरुक है उनके इस कृत को पहचान चुकी है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि जनपद के सभी ब्लॉक अध्यक्ष संगठन के प्रति ईमानदारी से कार्य करते हुए संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करें। 10 तारीख से मनरेगा बचाओ संग्राम की तैयारियों जुट जाए और इस महीने को सफल बनाएं। बैठक में मनरेगा बचाओ संग्राम के मनोनीत किए गए जिला कोऑर्डिनेटर ओम प्रकाश सिंह को कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा पूर्व मंत्री अथवा पूर्व विधायक व शहर अध्यक्ष सहित कांग्रेस के वरिष्ठ अन्य नेताओं ने उन्हें बधाई दी। इस मौके पर वरिष्ठ नेता हरीश त्रिपाठी, हौसला प्रसाद भीम, रणजीत सिंह सलूजा,सलाउद्दीन हाशमी, सिया राम त्रिपाठी ने भी अपने विचार रखें, संचालन उपाध्यक्ष जनार्दन शुक्ल ने किया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य निकलेश सरोज, ममनून आलम, आवेश अहमद, विधि प्रकोष्ठ के कमर खान, विजयपाल,इमरान अहमद, गुड्डू पांडे,अतहर नवाब, तेरसराम पाल, मनोज तिवारी, सुरेश चंद्र मिश्र, हामिद राइनी, जनेश्वर उपाध्याय,जमीदार यादव, नंदलाल मोर्य, रामचंद्र कोरी, सुब्रत सिंह सनी, मोहसिन सलीम इंद्रकेश शर्मा, अतीक अहमद आदि लोग मौजूद रहे। इंसेट *दर्जनों लोगों ने थामा कांग्रेस का दामन* कांग्रेस नेत्री कु0 निकलेश सरोज के नेतृत्व में बल्दीराय ब्लॉक के निवासी समाजसेवी पंकज मिश्रा के साथ राजेश कुमार, राजेंद्र कुमार, शाह आलम आदि ने जिला कार्यालय पर पहुंचकर कांग्रेस कि सदस्यता ग्रहण की कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने उन्हें पार्टी का फटका पहन कर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता दिलाई। समाजसेवी पंकज मिश्र ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की विचारधारा से प्रभावित होकर आज हमने कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता ली है। पार्टी की नीति का प्रचार प्रसार कर माननीय राहुल गांधी, माननीय प्रियंका गांधी, माननीय मल्लिकार्जुन खड़गे के हाथों को मजबूत करूंगा और पार्टी के प्रति पूरी ईमानदारी निष्ठा लगन के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वाहन करुंगा। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
डायन कुप्रथा उन्मूलन एवं बाल विवाह रोकथाम को लेकर अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

डायन कुप्रथा उन्मूलन, बाल विवाह मुक्त झारखंड, मिशन शक्ति तथा महिला सशक्तिकरण के उद्देश्य से राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं को लेकर बरही में अनुमंडल स्तरीय प्रशिक्षण सह कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं को सुरक्षित एवं सशक्त बनाकर सशक्त झारखंड के निर्माण हेतु डायन कुप्रथा एवं बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की शपथ दिलाई गई।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला समाज कल्याण पदाधिकारी श्रीमती शिप्रा सिंहा ने कहा कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों में इस प्रकार की कार्यशालाओं का आयोजन कर बालिकाओं को सामाजिक कुप्रथाओं के विरुद्ध जागरूक किया जाएगा। उन्होंने कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों को चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसे मामलों में जिला प्रशासन द्वारा दोषियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता ने अपने संबोधन में कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए सबसे पहले बच्चियों की माताओं को जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चियों को मानसिक एवं शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है, जिससे उनका भविष्य प्रभावित होता है।

कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, मुख्यमंत्री कन्यादान योजना, राज्य विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना, सामूहिक अंतिम संस्कार योजना, सामूहिक विवाह कार्यक्रम, निःशक्त कल्याणार्थ योजना, डायन कुप्रथा उन्मूलन कार्यक्रम सहित राज्य सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही मिशन शक्ति के अंतर्गत महिला सुरक्षा घटक एवं महिला सशक्तिकरण घटक तथा डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की भी जानकारी साझा की गई।

कार्यक्रम में बरही अनुमंडल पदाधिकारी, जिला परिषद अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, पोषण सखी, महिला पर्यवेक्षिका, सीडीपीओ, सहिया, सेविका, यूनिसेफ के प्रतिनिधि, रांची से आए प्रशिक्षक सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।