*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़: डिप्टी कमिश्नर ने ब्लाक व स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण , जाने क्या हैं मामला
आजमगढ़। उपनिदेशक मत्स्य और अपर निदेशक स्वास्थ्य ने ब्लाक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुुुुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। मंडलायुक्त के निर्देश पर उप निदेशक मत्स्य वी एन गौड़ ने तहबरपुुुुर ब्लाक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने ब्लाक में स्थापना ,एन आर एल एम, मनरेगा,लेखा, पंचायत विभाग के पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूंछ - ताछ किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। तत्पश्चात उप निदेशक ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ओटी,प्रसव कक्ष,लैब आदि का निरीक्षण किया। उपनिदेशक निरीक्षण के दौरान खुश नजर आए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर सुशील अग्रहरी, दंत चिकित्सक डाक्टर पवन यादव, खण्ड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता, सहायक विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद राय, पंचायत मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य डाक्टर बी के सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ सफाई, उपस्थित रजिस्टर, ओटी, लैब आदि का निरीक्षण किया। अपर निदेशक ने क्रीम नाशक दवा खिलायें जाने की जानकारी ली।सभी कर्मचारी उपस्थित रहे ।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया भाग
एचपीवी टीकाकरण को लेकर  राज्यपाल महोदया ने दिया जागरूकता का संदेश

स्वस्थ, शिक्षित और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर



बलरामपुर 10 फरवरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज मंगलवार को माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करने पहुंचीं।
इस अवसर पर  राज्यपाल  ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण कुलाधिपति सरोवर के रूप में किया गया।
राज्यपाल  ने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।

राज्यपाल  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

इसके उपरांत  राज्यपाल  ने कलेक्ट्रेट में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कैंप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।आयोजित एचपीवी टीकाकरण कैंप में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।

राज्यपाल  ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर एचपीवी वायरस के विरुद्ध टीकाकरण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी टीके की दो डोज लगाए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं। यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है।
राज्यपाल  ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में इंडस्ट्री एवं निजी कंपनियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे जागरूक बनें और अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि 3 वर्ष का बच्चा अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी जाए तथा 6 वर्ष का बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब कोई भी बच्चा न तो बीमार रहे और न ही अशिक्षित।

उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे अब विद्यार्थी फिजिक्स के साथ संगीत और केमिस्ट्री के साथ भाषा जैसे विषयों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
राज्यपाल  ने एक अभिभावक के रूप में बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना मार्ग स्वयं तय करें, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को ऐसे बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी को समान सम्मान मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

इस दौरान  राज्यपाल  ने बच्चियों को पोषण किट एवं टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया।

इस अवसर पर मंडलायुक्त  शशि भूषण लाल सुशील, कुलपति प्रोफेसर  रवि शंकर सिंह, जिलाधिकारी  विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक  विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
दूसरे की गोद भरने के लिए एक माह के नवजात का अपरहण करने वाले सात अभियुक्त गिरफ्तार

रमेश दूबे


संत कबीरनगर।पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी मेंहदावल  सर्व दवन सिंह के पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक  अजय कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी  अभिमन्यु सिंह व प्रभारी निरीक्षक थाना बेलहरकला  अनिल कुमार के गठित टीम द्वारा आज  10.02.2026 को कुल 07 अभियुक्तगणो को बालूशासन पुल के पास से गिरफ्तार किया गया ।

*घटना विवरण-*  09.02.2026 को वादिनी द्वारा थाना बेलहरकला पर एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें बताया गया का 08.02.2026 को समय लगभग सायं 05:00 बजे, जब वादिनी नरायनपुर से बाजार कर जंगल के रास्ते अपने घर वापस जा रही थी और अपने गांव के निकट पहुँची ही थी, तभी रास्ते में पीछे से आए एक अज्ञात पुरुष एवं एक अज्ञात महिला ने वादिनी की गोद में मौजूद उसका लगभग 01 माह का नवजात शिशु छीन लिया तथा जंगल की ओर भाग गए । उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बेलहरकला पर मु0अ0सं0 28/2026, धारा 140(1) बीएनएस के अंतर्गत अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था । घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा टीम गठित कर नवजात शिशु की बरामदगी करने हेतु निर्देशित किया गया था ।

*गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर धारा 143(4),3/5 बीएनएस की बढ़ोतरी किया गया ।*


*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
राजेश यादव पुत्र रंगलाल निवासी भलुआं थाना तरैंया जनपद छपरा बिहार राज्य वर्तमान पता विधियानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
संगीता पत्नी राजेश यादव निवासी बिधियानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
राजकुमार पुत्र मोहरत निवासी मैलानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
पिन्टू पुत्र नेबूलाल निवासी वार्ड न0 8 बेलहर खुर्द न0प0 बेलहरकला थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर ।
चन्दन जायसवाल पुत्र भजनलाल निवासी वार्ड न0 11 गोरखल थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
मोहिनी जायसवाल पत्नी चन्दन जायसवाल निवासी वार्ड नं0 11 गोरखल थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
सत्यप्रकाश जायसवाल पुत्र स्व0 अमरनाथ निवासी हयातगंज उत्तरी वार्ड न0 15 थाना टांडा जनपद अम्बेडकरनगर ।
*बरामदगी का विवरणः-*
• नवजात शिशु
• एक लाख साठ हजार रुपये नगद
• एक अदद कार
• एक अदद मोटरसाईकिल

*पूछताछ विवरणः-*

गिरफ्तार अभियुक्त राजेश यादव द्वारा बताया गया कि मेरी पत्नी संगीता, मोहिनी जायसवाल के घर नौकरानी का काम करती है । मोहिनी ने बताया कि मेरे एक रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल की शादी 10-12 वर्ष पूर्व हुई है, परन्तु उनके पत्नी को कोई बच्चा नही हो रहा है, अगर कोई नवजात शिशु दिलवा दो तो मै तुम्हे मुहमांगी कीमत दुंगी, इसी बात को लेकर मेरी पत्नी संगीता ने अपने बहन के लड़के पिन्टू से बात की थी, तो पिन्टू ने ग्राम जंगल बेलहर के रहने वाले फूलचन्द को एक माह पूर्व हुए नवजात शिशु को खरीदने हेतु कहा तो फूलचन्द ने पिन्टू को मना कर दिया तो पिन्टू ने उक्त बात मुझे तथा मेरी पत्नी संगीता को बताया । तब पैसे के लालच मे मैं तथा मेरी पत्नी एंव मेरे साढ़ू राजकुमार  08.02.2026 को नरायनपुर पंहुचे वहां पर योगी बारी पुत्र रमेश निवासी छितौना थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर व पिन्टू मिले । उसी समय फूलचन्द की पत्नी अपने नवजात बच्चे व तीन साल की एक लड़की के साथ बाजार आयी थी तो वहीं से हम लोगो ने योजना बनाकर मोटरसाईकिल से निकले तथा जंगल के पहले राजकुमार गाड़ी खड़ी कर रुक गया तथा मैं व मेरी पत्नी जंगल में आगे जाकर आड़ लेकर छिप गये कुछ देर बाद फूलचन्द की पत्नी जब हम लोगो के पास पहुंची तो नवजात शिशु उनसे छीन कर भाग गये ।

आगे आकर राजकुमार मोटरसाईकिल के साथ खड़ा था । हम तीनो लोग उसी मोटरसाईकिल से नवजात शिशु को लेकर राजकुमार के घर मैलानी जाकर रातभर रुके । मेरी पत्नी ने मोहिनी जायसवाल को बताया कि आपका काम हो गया है आप पैसा देकर के बच्चे को ले जाईये ।  बालू शासन पुल के पास नवजात शिशु को मोहिनी जायसवाल, चन्दन व अपने रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल के साथ नवजात शिशु को लेने आयी थी । नवजात शिशु व पैसे का लेन देन कर रहे थे कि पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया ।

*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 एसओजी टीम प्रभारी निरीक्षक  अजय कुमार सिंह, हे0का0 विवेक कुमार राय, हे0का0 अनूप कुमार राय, का0 अभिषेक सिंह, का0 दीपक सिंह, का0 सर्वेश मिश्रा, का0 वीर बहादुर यादव, का0 शुभम सिंह, का0 विवेक मिश्रा, का0 अरूण हलवाई ।प्रभारी निरीक्षक थाना बेलहरकला  अनिल कुमार, उ0नि0  नन्दा प्रसाद, उ0नि0  रविन्द्र नाथ शर्मा, हे0का0 राजीव सिंह यादव, का0 राहुल कुमार, का0 बृजेश सिंह, का0 रोहित कुमार, म0का0 बैष्णवी शुक्ला, म0का0 अंजूलता ।
सर्विलांस प्रभारी उ0नि0  अभिमन्यु सिंह, का0 ज्ञान प्रकाश सिंह, का0 अमरजीत मौर्या, का0 नितीश कुमार ।महिला थाना प्रभारी  पूनम मौर्या, म0का0 विनीता सिंह ।

नोट- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीमों के उत्साहवर्धन हेतु 25000 रु0 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी ।
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
गोंडा में अवैध मिट्टी खनन बेलगाम, पुलिस चौकी–थानों के सामने से बेधड़क निकल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

गोंडा। जिले में शहर, कोतवाली देहात और कर्नलगंज थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के बड़े गढ़ बन गये हैं। हालात यह हैं कि पुलिस चौकी और थानों के सामने से ही मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन का यह कारोबार पुलिस और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। थानों और चौकियों से “लाइन” सेट कर खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खुलेआम मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं।

जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाज से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना पुलिस चौकी के सामने से रात में मिट्टी लदे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा चौकी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तकिया गांव के पास रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। कर्नलगंज कोतवाली के भंभुआ चौकी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर खनन जारी है। वर्तमान में भंभुआ गांव के पास जेसीबी से खुदाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी बाजार चौकी से करीब 300 मीटर दूर, केला गोदाम के पास रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात हो रहे अवैध खनन से खेतों, खाली जमीनों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब तक सख्ती दिखाता है और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
उपायुक्त ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन, डेमोटांड़ का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को डेमोटांड़ स्थित अक्षय पात्रा फाउंडेशन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में संचालित विभिन्न कार्यों, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक संसाधनों का बारीकी से अवलोकन किया एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने बॉयलर इंस्टॉलेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने, लंबित स्टीम कनेक्शन को अविलंब पूरा करने तथा वेजिटेबल कोल्ड रूम के इंस्टॉलेशन से संबंधित लंबित कार्यों को समय पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रसोई संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी या आधारभूत कमी नहीं रहनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने संस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बोरवेल कनेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सर्फेस वाटर रिचार्ज प्लान तैयार कर उसे लागू करने तथा तालाब खुदाई से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित जांच हेतु वाटर टेस्टिंग किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान मैनपावर की कमी पर भी चर्चा की गई, जिस पर उपायुक्त ने आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेजिटेबल वेस्ट के समुचित निपटान हेतु ठोस एवं प्रभावी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने, ड्रेनेज सिस्टम से संबंधित समस्याओं को शीघ्र दुरुस्त करने तथा परिसर की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

साथ ही उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में 24 घंटे क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे संधारित रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी समस्या से बचा जा सके।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के अलावे जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आकाश कुमार, भवन निगम के अभियंता, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, अक्षय पात्रा फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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फर्रुखाबाद l कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के थाना जहानगंज के महरुपुर बीजल स्थित जवाहरलाल विद्यालय में जहाँ एक सरकारी अभियान के तहत पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लगभग 20 से ज्यादा बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।

घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को विद्यालय में बच्चों को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' या नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई थीं। दवा के सेवन के कुछ ही समय बाद, कई बच्चों ने बेचैनी, पेट में दर्द और घबराहट की शिकायत करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में उपचार जारी
बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। CHC में प्राथमिक उपचार देने के बाद, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए 40 बच्चों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।

वर्तमान स्थिति: वर्तमान में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

चिकित्सकीय सहायता: डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और उनका उपचार जारी है।

अभिभावकों में रोष
इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल और स्कूल पहुँच गए। परिजनों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस बात की जांच कर सकता है कि क्या दवा की डोज में कोई समस्या थी या यह दवा के सामान्य 'साइड इफेक्ट्स' (जो कभी-कभी खाली पेट दवा लेने से हो सकते हैं) का मामला है।
*इंटर के छात्राओं को विदाई और हाई स्कूल मंगलकान दी गई*
सुल्तानपुर,गोसाईगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत आंगनकोल स्थित ए के शिक्षा निकेतन स्कूल में विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस मौके पर विद्यालय प्रधानाचार्या आरती पांडेय ने बताया कि हाई स्कूल (कक्षा 10) और इंटरमीडिएट (कक्षा 12) के छात्रों के लिए विदाई समारोह एवं शुभकामनाएं एक भावनात्मक और यादगार अवसर होता है। इस मौके पर विद्यालय के प्रबंधक शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि यह सुख का क्षण है। बच्चे स्कूली पढ़ाई पूरी कर अब उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हो रहे हैं. 12वीं व 10वीं के सभी बच्चों को बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की मंगल कामना भी की व आशीर्वाद दिया, विद्यार्थियों के सुखद भविष्य की कामना की। इस अवसर पर 12वीं के सभी बच्चों को स्मृति चिन्ह व उपहार भेंट किया। छात्राओं को संबोधित करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अनुशासन, परिश्रम और लक्ष्य के प्रति समर्पण से ही सफलता प्राप्त होती है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने का भी आह्वान किया। इस मौके पर सीमा मिश्रा, पूजा मिश्रा, शालनी यादव, अनुष्का यादव, रेनू भारती, मैसाना, सत्य प्रकाश तिवारी, शेर मोहम्मद, राजेंद्र प्रसाद यादव, धर्मेंद्र शर्मा, सैंकड़ों लोग उपस्थित रहे।
आजमगढ़: डिप्टी कमिश्नर ने ब्लाक व स्वास्थ्य केंद्र का किया निरीक्षण , जाने क्या हैं मामला
आजमगढ़। उपनिदेशक मत्स्य और अपर निदेशक स्वास्थ्य ने ब्लाक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तहबरपुुुुर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। मंडलायुक्त के निर्देश पर उप निदेशक मत्स्य वी एन गौड़ ने तहबरपुुुुर ब्लाक का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उपनिदेशक ने ब्लाक में स्थापना ,एन आर एल एम, मनरेगा,लेखा, पंचायत विभाग के पत्रावलियों का अवलोकन किया तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों से पूंछ - ताछ किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिया। इस दौरान अफरा तफरी का माहौल रहा। तत्पश्चात उप निदेशक ने स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में ओटी,प्रसव कक्ष,लैब आदि का निरीक्षण किया। उपनिदेशक निरीक्षण के दौरान खुश नजर आए। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डाक्टर सुशील अग्रहरी, दंत चिकित्सक डाक्टर पवन यादव, खण्ड विकास अधिकारी अखिलेश गुप्ता, सहायक विकास अधिकारी दुर्गा प्रसाद राय, पंचायत मनोज कुमार श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। इसी क्रम में स्वास्थ्य विभाग के अपर निदेशक स्वास्थ्य डाक्टर बी के सिंह ने स्वास्थ्य केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ सफाई, उपस्थित रजिस्टर, ओटी, लैब आदि का निरीक्षण किया। अपर निदेशक ने क्रीम नाशक दवा खिलायें जाने की जानकारी ली।सभी कर्मचारी उपस्थित रहे ।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय के निर्माणाधीन परिसर का किया निरीक्षण, एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में लिया भाग
एचपीवी टीकाकरण को लेकर  राज्यपाल महोदया ने दिया जागरूकता का संदेश

स्वस्थ, शिक्षित और विकसित भारत के लक्ष्य पर जोर



बलरामपुर 10 फरवरी राज्यपाल आनंदीबेन पटेल आज मंगलवार को माँ पाटेश्वरी राज्य विश्वविद्यालय, बलरामपुर के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण करने पहुंचीं।
इस अवसर पर  राज्यपाल  ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित कुलाधिपति वाटिका में मौलिसरी का पौधरोपण किया। साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन सरोवर का नामकरण कुलाधिपति सरोवर के रूप में किया गया।
राज्यपाल  ने प्रशासनिक भवन, अकादमिक भवन, कुलपति आवास सहित अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का स्थलीय निरीक्षण करते हुए निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक निर्देश भी दिए।

राज्यपाल  ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य समयबद्ध, गुणवत्तापूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से पूर्ण किए जाएं तथा विश्वविद्यालय को उच्च शिक्षा के एक सशक्त केंद्र के रूप में विकसित किया जाए।

इसके उपरांत  राज्यपाल  ने कलेक्ट्रेट में एचपीवी टीकाकरण कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए कैंप में स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया।आयोजित एचपीवी टीकाकरण कैंप में 100 बच्चियों का टीकाकरण किया गया।

राज्यपाल  ने अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बेटियों को स्वस्थ रखने के लिए सरकार द्वारा विशेष अभियान चलाकर एचपीवी वायरस के विरुद्ध टीकाकरण कराया जा रहा है।उन्होंने बताया कि 9 से 14 वर्ष की आयु की बच्चियों को एचपीवी टीके की दो डोज लगाए जाने से वे लगभग 95 प्रतिशत तक सुरक्षित रह सकती हैं। यह टीका 26 वर्ष की आयु तक लगाया जा सकता है।
राज्यपाल  ने कहा कि ऐसे जनकल्याणकारी कार्यक्रमों में इंडस्ट्री एवं निजी कंपनियों का सहयोग भी प्राप्त किया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने परिवारों से अपील की कि वे जागरूक बनें और अपनी बच्चियों का टीकाकरण अवश्य कराएं।
उन्होंने कहा कि 3 वर्ष का बच्चा अनिवार्य रूप से आंगनबाड़ी जाए तथा 6 वर्ष का बच्चा विद्यालय अवश्य जाए। विकसित भारत का लक्ष्य तभी साकार होगा जब कोई भी बच्चा न तो बीमार रहे और न ही अशिक्षित।

उच्च शिक्षा में किए गए सुधारों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि  प्रधानमंत्री के निर्देशन में शिक्षा व्यवस्था को अधिक लचीला बनाया गया है, जिससे अब विद्यार्थी फिजिक्स के साथ संगीत और केमिस्ट्री के साथ भाषा जैसे विषयों का भी अध्ययन कर सकते हैं।
राज्यपाल  ने एक अभिभावक के रूप में बच्चियों को संबोधित करते हुए कहा कि वे अपना मार्ग स्वयं तय करें, पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करें और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करें। उन्होंने बाल विवाह जैसी कुप्रथाओं पर रोक लगाने के लिए सभी को जागरूक रहने का आह्वान किया।
उन्होंने ट्रांसजेंडर समुदाय के लिए संचालित कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि परिवारों को ऐसे बच्चों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं करना चाहिए। सभी को समान सम्मान मिले और सरकार की योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक पहुंचे।

इस दौरान  राज्यपाल  ने बच्चियों को पोषण किट एवं टीबी मरीजों को पोषण पोटली का वितरण किया।

इस अवसर पर मंडलायुक्त  शशि भूषण लाल सुशील, कुलपति प्रोफेसर  रवि शंकर सिंह, जिलाधिकारी  विपिन कुमार जैन, पुलिस अधीक्षक  विकास कुमार, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु गुप्ता, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व ज्योति राय, अपर जिलाधिकारी न्यायिक , मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मुकेश रस्तोगी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
दूसरे की गोद भरने के लिए एक माह के नवजात का अपरहण करने वाले सात अभियुक्त गिरफ्तार

रमेश दूबे


संत कबीरनगर।पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर  संदीप कुमार मीना के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर  सुशील कुमार सिंह के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी मेंहदावल  सर्व दवन सिंह के पर्यवेक्षण में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक  अजय कुमार सिंह, सर्विलांस प्रभारी  अभिमन्यु सिंह व प्रभारी निरीक्षक थाना बेलहरकला  अनिल कुमार के गठित टीम द्वारा आज  10.02.2026 को कुल 07 अभियुक्तगणो को बालूशासन पुल के पास से गिरफ्तार किया गया ।

*घटना विवरण-*  09.02.2026 को वादिनी द्वारा थाना बेलहरकला पर एक प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसमें बताया गया का 08.02.2026 को समय लगभग सायं 05:00 बजे, जब वादिनी नरायनपुर से बाजार कर जंगल के रास्ते अपने घर वापस जा रही थी और अपने गांव के निकट पहुँची ही थी, तभी रास्ते में पीछे से आए एक अज्ञात पुरुष एवं एक अज्ञात महिला ने वादिनी की गोद में मौजूद उसका लगभग 01 माह का नवजात शिशु छीन लिया तथा जंगल की ओर भाग गए । उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बेलहरकला पर मु0अ0सं0 28/2026, धारा 140(1) बीएनएस के अंतर्गत अज्ञात अभियुक्तों के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत किया गया था । घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर द्वारा टीम गठित कर नवजात शिशु की बरामदगी करने हेतु निर्देशित किया गया था ।

*गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर धारा 143(4),3/5 बीएनएस की बढ़ोतरी किया गया ।*


*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
राजेश यादव पुत्र रंगलाल निवासी भलुआं थाना तरैंया जनपद छपरा बिहार राज्य वर्तमान पता विधियानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
संगीता पत्नी राजेश यादव निवासी बिधियानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
राजकुमार पुत्र मोहरत निवासी मैलानी थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
पिन्टू पुत्र नेबूलाल निवासी वार्ड न0 8 बेलहर खुर्द न0प0 बेलहरकला थाना बेलहरकला जनपद संतकबीरनगर ।
चन्दन जायसवाल पुत्र भजनलाल निवासी वार्ड न0 11 गोरखल थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
मोहिनी जायसवाल पत्नी चन्दन जायसवाल निवासी वार्ड नं0 11 गोरखल थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
सत्यप्रकाश जायसवाल पुत्र स्व0 अमरनाथ निवासी हयातगंज उत्तरी वार्ड न0 15 थाना टांडा जनपद अम्बेडकरनगर ।
*बरामदगी का विवरणः-*
• नवजात शिशु
• एक लाख साठ हजार रुपये नगद
• एक अदद कार
• एक अदद मोटरसाईकिल

*पूछताछ विवरणः-*

गिरफ्तार अभियुक्त राजेश यादव द्वारा बताया गया कि मेरी पत्नी संगीता, मोहिनी जायसवाल के घर नौकरानी का काम करती है । मोहिनी ने बताया कि मेरे एक रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल की शादी 10-12 वर्ष पूर्व हुई है, परन्तु उनके पत्नी को कोई बच्चा नही हो रहा है, अगर कोई नवजात शिशु दिलवा दो तो मै तुम्हे मुहमांगी कीमत दुंगी, इसी बात को लेकर मेरी पत्नी संगीता ने अपने बहन के लड़के पिन्टू से बात की थी, तो पिन्टू ने ग्राम जंगल बेलहर के रहने वाले फूलचन्द को एक माह पूर्व हुए नवजात शिशु को खरीदने हेतु कहा तो फूलचन्द ने पिन्टू को मना कर दिया तो पिन्टू ने उक्त बात मुझे तथा मेरी पत्नी संगीता को बताया । तब पैसे के लालच मे मैं तथा मेरी पत्नी एंव मेरे साढ़ू राजकुमार  08.02.2026 को नरायनपुर पंहुचे वहां पर योगी बारी पुत्र रमेश निवासी छितौना थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर व पिन्टू मिले । उसी समय फूलचन्द की पत्नी अपने नवजात बच्चे व तीन साल की एक लड़की के साथ बाजार आयी थी तो वहीं से हम लोगो ने योजना बनाकर मोटरसाईकिल से निकले तथा जंगल के पहले राजकुमार गाड़ी खड़ी कर रुक गया तथा मैं व मेरी पत्नी जंगल में आगे जाकर आड़ लेकर छिप गये कुछ देर बाद फूलचन्द की पत्नी जब हम लोगो के पास पहुंची तो नवजात शिशु उनसे छीन कर भाग गये ।

आगे आकर राजकुमार मोटरसाईकिल के साथ खड़ा था । हम तीनो लोग उसी मोटरसाईकिल से नवजात शिशु को लेकर राजकुमार के घर मैलानी जाकर रातभर रुके । मेरी पत्नी ने मोहिनी जायसवाल को बताया कि आपका काम हो गया है आप पैसा देकर के बच्चे को ले जाईये ।  बालू शासन पुल के पास नवजात शिशु को मोहिनी जायसवाल, चन्दन व अपने रिश्तेदार सत्यप्रकाश जायसवाल के साथ नवजात शिशु को लेने आयी थी । नवजात शिशु व पैसे का लेन देन कर रहे थे कि पुलिस द्वारा पकड़ लिया गया ।

*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 एसओजी टीम प्रभारी निरीक्षक  अजय कुमार सिंह, हे0का0 विवेक कुमार राय, हे0का0 अनूप कुमार राय, का0 अभिषेक सिंह, का0 दीपक सिंह, का0 सर्वेश मिश्रा, का0 वीर बहादुर यादव, का0 शुभम सिंह, का0 विवेक मिश्रा, का0 अरूण हलवाई ।प्रभारी निरीक्षक थाना बेलहरकला  अनिल कुमार, उ0नि0  नन्दा प्रसाद, उ0नि0  रविन्द्र नाथ शर्मा, हे0का0 राजीव सिंह यादव, का0 राहुल कुमार, का0 बृजेश सिंह, का0 रोहित कुमार, म0का0 बैष्णवी शुक्ला, म0का0 अंजूलता ।
सर्विलांस प्रभारी उ0नि0  अभिमन्यु सिंह, का0 ज्ञान प्रकाश सिंह, का0 अमरजीत मौर्या, का0 नितीश कुमार ।महिला थाना प्रभारी  पूनम मौर्या, म0का0 विनीता सिंह ।

नोट- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर संदीप कुमार मीना द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीमों के उत्साहवर्धन हेतु 25000 रु0 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी ।
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
गोंडा में अवैध मिट्टी खनन बेलगाम, पुलिस चौकी–थानों के सामने से बेधड़क निकल रहीं ट्रैक्टर-ट्रॉलियां

गोंडा। जिले में शहर, कोतवाली देहात और कर्नलगंज थाना क्षेत्र इन दिनों अवैध मिट्टी खनन के बड़े गढ़ बन गये हैं। हालात यह हैं कि पुलिस चौकी और थानों के सामने से ही मिट्टी लदी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दिन-रात सड़कों पर फर्राटा भर रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की ओर से कोई ठोस कार्रवाई होती नहीं दिख रही। सूत्रों के अनुसार, अवैध खनन का यह कारोबार पुलिस और खनन विभाग के कुछ जिम्मेदारों की कथित मिलीभगत से संचालित हो रहा है। थानों और चौकियों से “लाइन” सेट कर खनन माफिया रात के अंधेरे में जेसीबी मशीनों से खुलेआम मिट्टी की खुदाई कर रहे हैं।

जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की आवाज से ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल बना हुआ है। नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत सद्भावना पुलिस चौकी के सामने से रात में मिट्टी लदे वाहन गुजरते देखे जा सकते हैं। वहीं, कोतवाली देहात क्षेत्र के खोरहंसा चौकी से लगभग 500 मीटर की दूरी पर तकिया गांव के पास रात के समय बड़े पैमाने पर अवैध मिट्टी खनन किया जा रहा है। कर्नलगंज कोतवाली के भंभुआ चौकी क्षेत्र में भी कई स्थानों पर खनन जारी है। वर्तमान में भंभुआ गांव के पास जेसीबी से खुदाई किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते खनन माफिया बेखौफ होकर काम कर रहे हैं। इसी तरह नगर कोतवाली क्षेत्र के तिवारी बाजार चौकी से करीब 300 मीटर दूर, केला गोदाम के पास रात के अंधेरे में जेसीबी से मिट्टी की खुदाई की जा रही है।

इस अवैध गतिविधि से पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंच रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिन-रात हो रहे अवैध खनन से खेतों, खाली जमीनों और जल स्रोतों को नुकसान पहुंच रहा है। कई बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इतने बड़े पैमाने पर चल रहे अवैध खनन के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई के नाम पर सन्नाटा पसरा हुआ है। अब देखना यह है कि शासन-प्रशासन इस मामले में कब तक सख्ती दिखाता है और अवैध खनन पर प्रभावी रोक लगाई जाती है।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
उपायुक्त ने अक्षय पात्रा फाउंडेशन, डेमोटांड़ का किया औचक निरीक्षण, व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश

उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने मंगलवार को डेमोटांड़ स्थित अक्षय पात्रा फाउंडेशन का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने संस्थान में संचालित विभिन्न कार्यों, उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं तथा आवश्यक संसाधनों का बारीकी से अवलोकन किया एवं संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिए।

निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने बॉयलर इंस्टॉलेशन कार्य को शीघ्र पूर्ण करने, लंबित स्टीम कनेक्शन को अविलंब पूरा करने तथा वेजिटेबल कोल्ड रूम के इंस्टॉलेशन से संबंधित लंबित कार्यों को समय पूर्ण करने का स्पष्ट निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि रसोई संचालन में किसी भी प्रकार की तकनीकी या आधारभूत कमी नहीं रहनी चाहिए।

इसके अतिरिक्त उपायुक्त ने संस्थान की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने, बोरवेल कनेक्शन, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, सर्फेस वाटर रिचार्ज प्लान तैयार कर उसे लागू करने तथा तालाब खुदाई से संबंधित आवश्यक कार्यवाही करने का निर्देश दिया। साथ ही जल गुणवत्ता की नियमित जांच हेतु वाटर टेस्टिंग किट की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

निरीक्षण के दौरान मैनपावर की कमी पर भी चर्चा की गई, जिस पर उपायुक्त ने आवश्यकतानुसार मानव संसाधन की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने वेजिटेबल वेस्ट के समुचित निपटान हेतु ठोस एवं प्रभावी वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने, ड्रेनेज सिस्टम से संबंधित समस्याओं को शीघ्र दुरुस्त करने तथा परिसर की स्वच्छता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।

साथ ही उन्होंने सुरक्षा की दृष्टि से परिसर में 24 घंटे क्रियाशील सीसीटीवी कैमरे संधारित रखने तथा उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, ताकि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था या सुरक्षा संबंधी समस्या से बचा जा सके।

इस अवसर पर उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के अलावे जिला शिक्षा अधीक्षक श्री आकाश कुमार, भवन निगम के अभियंता, प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी, अक्षय पात्रा फाउंडेशन के प्रतिनिधि सहित अन्य कर्मी उपस्थित थे।

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फर्रुखाबाद l कमालगंज ब्लॉक क्षेत्र के थाना जहानगंज के महरुपुर बीजल स्थित जवाहरलाल विद्यालय में जहाँ एक सरकारी अभियान के तहत पेट के कीड़े मारने की दवा (एल्बेंडाजोल) खाने के बाद बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। इस घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और लगभग 20 से ज्यादा बच्चों को आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।

घटना का विवरण
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को विद्यालय में बच्चों को 'राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस' या नियमित स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत एल्बेंडाजोल की गोलियां खिलाई गई थीं। दवा के सेवन के कुछ ही समय बाद, कई बच्चों ने बेचैनी, पेट में दर्द और घबराहट की शिकायत करना शुरू कर दिया। देखते ही देखते बच्चों की हालत बिगड़ने लगी।

अस्पताल में उपचार जारी
बच्चों की बिगड़ती स्थिति को देख स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुँचाया। CHC में प्राथमिक उपचार देने के बाद, स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए 40 बच्चों को लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया।

वर्तमान स्थिति: वर्तमान में करीब एक दर्जन से अधिक बच्चे लोहिया अस्पताल में भर्ती हैं।

चिकित्सकीय सहायता: डॉक्टरों की टीम लगातार बच्चों की निगरानी कर रही है और उनका उपचार जारी है।

अभिभावकों में रोष
इस घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में अभिभावक अस्पताल और स्कूल पहुँच गए। परिजनों में डर और प्रशासन के प्रति नाराजगी देखी जा रही है। स्वास्थ्य विभाग इस बात की जांच कर सकता है कि क्या दवा की डोज में कोई समस्या थी या यह दवा के सामान्य 'साइड इफेक्ट्स' (जो कभी-कभी खाली पेट दवा लेने से हो सकते हैं) का मामला है।