बनते ही उखड़ने लगी पीडब्ल्यूडी सड़क! सेहुंडा– बबंधर मार्ग पर मानकों की धज्जियां, ठेकेदार बेलगाम, अधिकारी बेखबर
पुरानी सड़क पर ही डामर चढ़ाने का खेल! बिना खुदाई, बिना बेस, सिर्फ पानी-गिट्टी से बन रही रोड, जांच पर उठे सवाल
विश्वनाथ प्रताप सिंह,प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत सेहुंडा से बबंधर नहर तक बन रही पीडब्ल्यूडी की सिंगल रोड का निर्माण कार्य शुरू होते ही विवादों में घिर गया है। मौके पर जो स्थिति दिखाई दे रही है, वह विभागीय मानकों की खुली अनदेखी और ठेकेदार की मनमानी की कहानी खुद बयान कर रही है। ग्रामीणों द्वारा उपलब्ध कराए गए वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पुरानी सड़क को पूरी तरह उखाड़े बिना ही उस पर पानी का फुहारा मारकर गिट्टी डाल दी जा रही है और रोलर चलाकर काम पूरा दिखाया जा रहा है।
सड़क निर्माण के निर्धारित नियमों के अनुसार पहले पुरानी परत हटाना, जमीन की सफाई, समतलीकरण, सबग्रेड तैयार करना, उसके बाद गिट्टी डालकर कम्पेक्शन करना, फिर प्राइम कोट, टैक कोट और अंत में डामरीकरण किया जाता है, लेकिन यहां इन सभी प्रक्रियाओं को दरकिनार कर सीधे काम निपटाने की कोशिश की जा रही है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क कहीं ऊंची, कहीं नीची और कई जगह उभरी हुई बन रही है, जिससे साफ लगता है कि बेस ही मजबूत नहीं बनाया गया। लोगों का कहना है कि अगर यही हाल रहा तो एक महीने के अंदर सड़क उखड़ जाएगी और फिर वही पुरानी जर्जर स्थिति सामने आ जाएगी।
ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि संबंधित ठेकेदार बिना किसी डर के घटिया सामग्री का उपयोग कर रहा है और कार्य में जल्दबाजी दिखाकर सिर्फ भुगतान निकालने की तैयारी में है। सवाल यह उठ रहा है कि जब मौके पर इतनी बड़ी अनियमितता हो रही है तो पीडब्ल्यूडी विभाग के अवर अभियंता, सहायक अभियंता और अधिशासी अभियंता अब तक चुप क्यों हैं। क्या निरीक्षण नहीं हो रहा या फिर सब कुछ देखकर भी अनदेखा किया जा रहा है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि सरकार द्वारा सड़क निर्माण के लिए लाखों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत से सड़क बनने से पहले ही खराब होने की स्थिति में पहुंच रही है।
अगर समय रहते जांच नहीं हुई तो यह सड़क भी सरकारी कागजों में ही मजबूत और जमीन पर कमजोर साबित होगी। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय जांच कराकर दोषी ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए तथा मानक के अनुसार दोबारा सड़क का निर्माण कराया जाए, ताकि सरकारी धन की बर्बादी न हो और जनता को टिकाऊ सड़क मिल सके।
37 sec ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
0.1k