खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
राजभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक सजेगी प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026


* प्रदेशभर के उद्यानों व गृहवाटिकाओं के बीच होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक

लखनऊ। राजभवन प्रांगण, लखनऊ में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का आयोजन इस वर्ष भी 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पत्र सूचना शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में प्रदेश भर के व्यक्तिगत बंगलों, गृहवाटिकाओं, कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों, पब्लिक पार्कों के साथ-साथ प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थलों के उद्यानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इन सभी श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक उद्यान एवं गृहवाटिका प्रेमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 3:00 बजे तक चलेगी। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी http://upflowershowlko.com पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण के पश्चात आवेदकों को पंजीकरण आवेदन की एक प्रति कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। पंजीकृत उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की जजिंग 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को निर्णायक टोलियों द्वारा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0522-2975506 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
मिशन दावोस: वैश्विक 'क्रिटिकल मिनरल्स' का पावर हब बनने को तैयार झारखंड, विजन 2050 के साथ दुनिया के सामने उतरेंगे सीएम हेमंत सोरेन।

रांची: झारखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे कर अब 'विजन 2050' की ओर कदम बढ़ा रहा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार विश्व आर्थिक मंच (दावोस) और ब्रिटेन की आधिकारिक यात्रा के जरिए दुनिया को यह संदेश देने जा रही है कि झारखंड केवल खनिजों का स्रोत नहीं, बल्कि वैश्विक 'ऊर्जा परिवर्तन' (Energy Transition) की धुरी है।

प्रमुख अपडेट्स:

1. वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन का केंद्र: झारखंड की मिट्टी में मौजूद क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे तांबा, यूरेनियम, लिथियम आदि) भविष्य की क्लीन एनर्जी के लिए अनिवार्य हैं। सौर ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV), हाइड्रोजन गैस और स्मार्ट ग्रिड जैसे उद्योगों के लिए झारखंड एक विश्वसनीय और दीर्घकालिक वैश्विक भागीदार के रूप में खुद को पेश कर रहा है।

2. जिम्मेदार खनन और 'ग्रीन स्टील': दावोस में झारखंड "प्रकृति के साथ सामंजस्य" की अपनी सोच को साझा करेगा। राज्य का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के माध्यम से ग्रीन स्टील और स्वच्छ ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में मौजूद संभावनाओं को उजागर करना है।

3. IIT-ISM धनबाद की भूमिका: हाल ही में IIT-ISM धनबाद में स्थापित क्लीन-टेक केंद्र राज्य की तकनीकी मजबूती को दर्शाता है। यह केंद्र खनिजों के प्रसंस्करण में उच्च-प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा।

4. औद्योगिक विरासत का लाभ: टाटा स्टील, हिंदुस्तान कॉपर और यूरेनियम कॉर्पोरेशन जैसे संस्थानों की मौजूदगी के साथ झारखंड के पास एक सदी पुराना औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र है। इसी अनुभव के आधार पर राज्य अब एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करेगा।

प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

अंश-अंशिका की सकुशल वापसी पुनर्जन्म जैसा माहौल, केक काटकर एवं दही चूड़ा खिलाकर स्वागत किया गया : कैलाश यादव

आज दिनांक 15/1/26 को अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति की ओर से मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल में समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव के नेतृत्व में लोगों के साथ मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर दही चूड़ा भोज किया गया !

दही-चूड़ा भोज कार्यक्रम के दौरान अंश-अंशिका का सकुशल घर वापसी पर परिवार एवं लोगों के साथ अंश-अंशिका को केक एवं दही-चूड़ा खिलाकर खुशियां मनाई गई !

इस अवसर पर अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने कहा कि अपहृत अंश-अंशिका दोनों भाई बहन का नया पुनर्जन्म हुआ है ! 12 दिन से लापता दोनों बच्चे के ऊपर ईश्वर का साक्षात् चमत्कार हुआ है !

5 वर्ष का अंश और 4 वर्षीय अंशिका एक अबोध बालक है अपहरणकर्ताओं ने बच्चे के साथ अमानवीय व्यवहार किया है क्योंकि कड़ाके ठंड में बच्चों को जमीन पर सुलाया गया, खाने पीने और रहन सहन बिल्कुल अव्यवस्थित रहा है !

अपहृत अंश-अंशिका के परिजन सुनील यादव बेहद गरीब एवं कमजोर परिवार है,रोज कमाने खाने वाले सुनील यादव की ऐसी स्थिति में दोनों बच्चे का अपहरण हो जाना अत्यंत पीड़ादायक स्थिति बन गई थी ! निश्चित रूप से महाप्रभु जगन्नाथ स्वामी की असीम कृपा है !

अंश-अंशिका के अपहरण होने उपरांत समिति , पुलिस प्रशासन ,पत्रकार समूह नगरवासी, सामाजिक संगठन समस्त समाज एवं व्यवसाई परिवारो ने भरपूर सहयोग किया !

शुरुआती दिनों से समिति एवं प्रशासन का तालमेल लगातार चलता रहा,समिति की ओर से प्रशासन से मैत्री सवाल जवाब होता रहा,संघर्ष को चरणबद्ध रणनीति के तहत कार्य किया गया जिस कारण परिजन का मनोबल हमेशा मजबूत रहा !

आज समाज प्रशाशन और स्थानीय क्षेत्रों के लोग काफी खुशी महसूस कर रहे हैं !

आज मकर संक्रांति के पावन अवसर पर हजारों लोगों को दही-चूड़ा भोज कराया गया ! इस मुहिम में शामिल प्रशासन के सभी सदस्यों को जल्द सम्मानित किया जाएगा !

कार्यक्रम में नंदन यादव रंजन यादव परमेश्वर सिंह गौरीशंकर यादव मिंटू पासवान संजीत यादव नीतू देवी बबन यादव अभिषेक साहू मनीष राय बबलू गोप राहुल कुमार सहित भारी संख्या में लोग मौजूद थे !

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
राजभवन प्रांगण में 6 से 8 फरवरी तक सजेगी प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026


* प्रदेशभर के उद्यानों व गृहवाटिकाओं के बीच होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण 30 जनवरी तक

लखनऊ। राजभवन प्रांगण, लखनऊ में प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2026 का आयोजन इस वर्ष भी 6, 7 एवं 8 फरवरी 2026 को किया जाएगा। यह आयोजन सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, उत्तर प्रदेश के अंतर्गत पत्र सूचना शाखा द्वारा आयोजित किया जा रहा है।

प्रदर्शनी में प्रदेश भर के व्यक्तिगत बंगलों, गृहवाटिकाओं, कार्यालय परिसरों, शिक्षण संस्थानों, पब्लिक पार्कों के साथ-साथ प्राचीन एवं ऐतिहासिक स्थलों के उद्यानों को विभिन्न श्रेणियों में शामिल किया जाएगा। इन सभी श्रेणियों में प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी, जिनमें श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को सम्मानित किया जाएगा।

प्रदर्शनी में भाग लेने के इच्छुक उद्यान एवं गृहवाटिका प्रेमियों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया 16 जनवरी 2026 से प्रारंभ हो चुकी है, जो 30 जनवरी 2026 को अपरान्ह 3:00 बजे तक चलेगी। निर्धारित तिथि एवं समय के बाद प्राप्त होने वाले आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा। इच्छुक प्रतिभागी http://upflowershowlko.com पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं।

ऑनलाइन पंजीकरण के पश्चात आवेदकों को पंजीकरण आवेदन की एक प्रति कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ में अनिवार्य रूप से जमा करनी होगी। पंजीकृत उद्यानों एवं गृहवाटिकाओं की विभिन्न श्रेणियों में प्रतियोगिताओं की जजिंग 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को निर्णायक टोलियों द्वारा की जाएगी।

अधिक जानकारी के लिए कार्यालय अधीक्षक, राजकीय उद्यान, आलमबाग, लखनऊ से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए दूरभाष संख्या 0522-2975506 पर भी जानकारी प्राप्त की जा सकती है।
मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने दी शाकिर हुसैन‘तशना’ को श्रद्धांजलि“तशना सम्मान”की घोषणा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने उर्दू अदब के वरिष्ठ पत्रकार उस्ताद शायर एवं कुशल मुशायरा– निज़ामतकार स्व0 शाकिर हुसैन‘तशना’ को उनके करेली स्थित आवास पर पहुँचकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उर्दू साहित्य शेरो–शायरी एवं ग़ज़ल की समृद्ध परम्परा के संरक्षण और संवर्धन हेतु विश्व जनचेतना ट्रस्ट भारत द्वारा प्रतिष्ठित साहित्यिक सम्मान तशना सम्मान”की स्थापना की घोषणा की गई।यह सम्मान स्वर्गीय शाकिर हुसैन ‘तशना’की पुण्य स्मृति में स्थापित किया जा रहा है जिन्होने पत्रकारिता को जीवन–धर्म मानते हुए उर्दू अदब की निस्वार्थ सेवा की और अपने संवेदनशील सादगीपूर्ण तथा प्रभावशाली व्यक्तित्व से साहित्यिक जगत में विशिष्ट पहचान बनाई।इस अवसर पर समाजसेवी असरार नियाज़ी ने कहा कि शाकिर हुसैन‘तशना’उर्दू अदब और पत्रकारिता दोनो के सशक्त स्तंभ थे जिनकी सेवाओं को यह सम्मान सच्ची श्रद्धांजलि है।

स्वर्गीय तशना साहब के सुपुत्र अमजद हुसैन ‘रावी’ने कहा कि“तशना सम्मान”उनके पिता की साहित्यिक साधना विचारधारा और मूल्यो को चिरस्थायी बनाए रखने का सार्थक प्रयास है।एडवोकेट बख़्तियार यूसुफ ने तशना साहब के उर्दू एवं हिन्दी भाषाओ पर समान अधिकार की सराहना करते हुए उनके व्यक्तित्व को साहित्यिक सौहार्द का प्रतीक बताया।

विश्व जन चेतना ट्रस्ट भारत के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ.राहुल शुक्ल ‘साहिल’ ने कहा कि संस्था की उर्दू शाखा बज़्म–ए–अहबाब के माध्यम से निरंतर मुशायरे एवं शेरो–शायरी के भव्य आयोजन कर उर्दू अदब को नई दिशा दी जाएगी।कार्यक्रम में उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में महमूद मो.अकबर अली मोइन हबीबी मोहम्मद शाहब तलत महमूद कौशर रिज़वी एस.एम.रिज़वी मो.दानिश यासीन एडवोकेट फरहान आलम सुहैल अख्तर अवसाफ निसार सैफ अली असद हुसैन ताबी असद कुरैशी मोहम्मद कादिर शरिक सिद्दीकी कौसर सहित अनेक साहित्यप्रेमी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

आयोजको ने विश्वास व्यक्त किया कि“तशना सम्मान”न केवल स्वर्गीय शाकिर हुसैन‘तशना’की साहित्यिक विरासत को चिर स्थायी बनाए रखेगा बल्कि उर्दू अदब की परम्परा शालीनता और अदबी गरिमा को आने वाली पीढ़ियो तक सशक्त रूप से पहुँचाएगा।

अघोरपीठ बाबा सत्यनाथ मठ पर हुआ तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व का समापन, राष्ट्रीय संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे*
सुलतानपुर,अघोर पीठ बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर में आयोजित तीन दिवसीय अवधूत देशना पर्व के समापन अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई। मठ के पीठाधीश्वर अवधूत उग्र चण्डेश्वर कपाली बाबा के सानिध्य में समाज में अघोर परम्परा का योगदान विषयक इस संगोष्ठी में देश के विद्वानों ने अपने अपने विचार रखे । मुख्य अतिथि समाजसेवी हनुमान सिंह ने कहा कि जब समाज में कुरीतियां पनपती हैं तो अघोर परम्परा समाज को जागृत करती है। विशिष्ट अतिथि पिछड़ा वर्ग आयोग के सदस्य घनश्याम चौहान ने कहा कि अघोर पंथ समदर्शी है। समाजसेवा में इनके द्वारा विभिन्न कार्य किये जा रहे हैं। प्रमोद मिश्र मुन्ना ने कहा कि अघोर परम्परा का काम जातियों को समाप्त करना है । बांके बिहारी पाण्डेय ने कहा अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा। विषय प्रवर्तन करते हुए सत्यनाथ विद्वत परिषद के मंत्री श्याम चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित व संरक्षित करने के लिए अघोर परम्परा अपनाना जरूरी है। यह परम्परा सामाजिक भेदभाव को समाप्त करती है। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि समाज में समन्वय और समरसता स्थापित करने में अघोर परम्परा ने अग्रणी भूमिका निभाई है। अहंकार को समाप्त कर सामाजिक वर्जनाओं को तोड़कर और मृत्यु व जन्म के द्वैत से परे जाकर आत्म ज्ञान प्राप्त करना तथा समस्त सृष्टि की एकता को समझना ही अघोर परम्परा का लक्ष्य है। संत तुलसीदास पीजी कालेज के पूर्व प्राचार्य डॉ इन्दुशेखर उपाध्याय ने कहा कि अघोर परम्परा का पालन आवश्यक है।अगर हम आज नहीं चेते तो भविष्य संकट में होगा । नसीराबाद स्टेट रायबरेली के राय अभिषेक ने कहा नई पीढ़ी में सनातन संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी आयेगी जब वे अघोर परम्परा से जुड़ेंगे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ सुशील कुमार पाण्डेय साहित्येन्दु व संचालन मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया। संगोष्ठी में एडवोकेट समर बहादुर सिंह, विजय बहादुर सिंह दिवाकर, पवन कुमार सिंह आदि ने भी अपने विचार रखे। इससे पूर्व फौजदार सिंह ने आल्हा सुनाकर लोगों को वीररस से ओतप्रोत कर दिया। आचार्य नीरज मिश्र ने स्वस्ति वाचन कर कार्यक्रम की शुरुआत की । इस अवसर पर एम एल सी रामसूरत राजभर, विधायक राजेश गौतम, पूर्व विधायक राम चंद्र चौधरी, पूर्व चेयरमैन विजयभान सिंह, हरिकृपाल सिंह , इंद्र नारायण तिवारी, समर बहादुर सिंह एडवोकेट, दिवाकर सिंह एडवोकेट,अंगद सिंह, शुभम् सिंह शुभ,सुरेंद्र सिंह,अजय बहादुर सिंह,अजीत सिंह बरवारीपुर समेत अनेक प्रमुख व्यक्ति उपस्थित रहे।
भीषण शीतलहर में 'भैरव फाउंडेशन' ने फैलाई मानवता की गर्माहट, चल रहे सेवा शिविर  संपन्न

मुज़फ्फरनगर।मकर संक्रांति के पावन पर्व पर केनरा बैंक के समीप राहगीरों को वितरित की गई गर्मागर्म चाय और खिचड़ी

मुजफ्फरनगर।जानसठ । कड़ाके की ठंड और हाड़ कंपा देने वाली शीतलहर के बीच जहाँ आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है, वहीं 'भैरव फाउंडेशन रिलिजियस एंड चैरिटेबल ट्रस्ट' ने मानवता की सेवा का बीड़ा उठाकर समाज के सामने एक अनूठी मिसाल पेश की है। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर ट्रस्ट द्वारा  केनरा बैंक के समीप आयोजित 'पञ्च दिवसीय शिशिर ऋतु सेवा कार्यक्रम' का आज गुरुवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ।


बुधवार को की दिनेश से निरंतर शिविर का समापन हुआ जबकि घने कोहरे और कड़कड़ाती ठंड के बावजूद फाउंडेशन के सेवादार प्रतिदिन सुबह 8:00 बजे ही मोर्चे पर तैनात हो जाते थे। मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों, मेहनत-कश रिक्शा चालकों और असहाय लोगों को गर्मागर्म चाय और मकर संक्रांति के पारंपरिक प्रसाद 'खिचड़ी' का वितरण किया गया।

इस सेवा यज्ञ में क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों ने शिरकत कर पुण्य लाभ कमाया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से नाहर सिंह, प्रवेंद्र भड़ाना, चंद्रमुकुट शर्मा, योगेश भेटवाल, रेशु गोयल , निकुंज वालिया और सोहित कांबोज सहित अन्य अतिथियों ने अपने कर-कमलों से प्रसाद वितरित किया। अतिथियों ने फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन आपसी भाईचारे और सेवा भाव को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम की सफलता में फाउंडेशन के समर्पित कार्यकर्ताओं का विशेष योगदान रहा। सूरज भाई, आशुतोष, रईस, विनय, आलोक, राजबीर और पप्पन ने पूरी तन्मयता के साथ 'प्रभु इच्छा' तक आने वाले हर व्यक्ति को जलपान और भोजन कराया। सेवादारों के चेहरे पर थकान के बजाय संतुष्टि के भाव स्पष्ट नजर आ रहे थे।

भैरव फाउंडेशन अध्यक्ष ने कहा कि
ट्रस्ट का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान करना ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से जुड़कर पीड़ित मानवता की सेवा करना है। मकर संक्रांति दान और पुण्य का पर्व है, इसीलिए हमने यह पांच दिवसीय एशिविर लगाया ताकि इस भीषण ठंड में कोई भूखा न रहे।

राहगीरों के लिए बना वरदान ।।
ठंड से ठिठुरते हुए राहगीरों के लिए यह शिविर किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। लंबी दूरी तय करने वाले यात्रियों ने बताया कि रास्ते में इस तरह की नि:स्वार्थ सेवा मिलना ईश्वर की कृपा जैसा है। ट्रस्ट के इस कदम की पूरे क्षेत्र में जमकर सराहना की जा रही है।