'अदृश्य' शौचालय: 8 साल से लगा है ताला, फिर भी कागजों पर हो रही मरम्मत
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:विकासखंड कछौना की ग्राम सभा कुकुही में लाल हरीराम इंटर कॉलेज के पास स्थित सामुदायिक शौचालय क्षेत्र पंचायत से वर्ष 2018 में बना था। परंतु विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह अधूरा पड़ा है। जिसका लाभ स्थानीय लोगों व पास में खेलकूद मैदान में आने वाले युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बना सामुदायिक शौचालय शो-पीस है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। स्वच्छता मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त अभियान के तहत लाखों रुपए की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिन्हें साफ स्वच्छ रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिला समूह को इनमें केयरटेकर के रूप में तैनाती की गई थी। जिससे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन हो, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सके। परंतु प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सामुदायिक शौचालय अपने उद्देश्यों से कोसों दूर है। ब्लॉक कर्मियों व प्रतिनिधियों के गठजोड़ के चलते ठेकेदार/कार्यदायीं संस्थाओं ने मानकों को दरकिनार कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया हैं। यह सामुदायिक शौचालय का निर्माण वर्ष 2018 में क्षेत्र पंचायत निधि से कराया गया था। ठेकेदार ने मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराया, गड्डो का निर्माण नहीं कराया, पानी की टंकी भी नहीं रखी गई, टोटियां टूटी लगाई गई है, कार्य अधूरा छोड़कर कर्तव्य की इति-श्री कर ली, लाखों रूपों की धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसका लाभ ग्रामीणों को कभी नहीं मिला। इस भवन में ताला लटका रहता है। यहां पर पास में दूरदराज के युवक खेलने आते हैं। सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा होने व ताला लगा होने के कारण लोग उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 8 वर्षों में एक दिन भी ताला नहीं खुला है, जबकि प्रतिवर्ष शौचालय की मरम्मत व रंगाई पुताई के लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च होती है। यह शौचालय अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। कमोवश यही स्थिति पुरे विकासखंड कछौना में सामुदायिक शौचालय की है, यहां तक ब्लॉक परिसर व कोतवाली कछौना में स्थित सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग नहीं हो पता है। जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों पुरुष महिलाओं का आवागमन रहता है। योजनाओं में कमीशन खोरी के चलते योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पता है। जिससे सरकार की भी छवि धूमिल होती है। पूरे मामले पर जिला पंचायत अधिकारी विपिन कुमार सिंह ने बताया खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह सामुदायिक शौचालय की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी। मरम्मत कार्य कराकर अधूरे कार्य को पूरा करके सही ढंग से संचालित कराया जायेगा, जिससे लोगों को लाभ मिल सके।
मिर्जापुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-कार-बोलेरो टक्कर के बाद आग, 11 की दर्दनाक मौत

ड्रमंडगंज घाटी में ब्रेक फेल होने से बना मौत का मंजर, बोलेरो में जिंदा जले कई लोग


मिर्जापुर। जिले के रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार रात करीब 8 बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ट्रक, स्विफ्ट डिजायर कार, बोलेरो और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घाटी में गिट्टी लदा ट्रेलर उतर रहा था, उसके पीछे स्विफ्ट कार, फिर दाल से लदा ट्रक और सबसे पीछे बोलेरो चल रही थी। अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे उसने आगे चल रही कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार ट्रेलर से जा भिड़ी और पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रक से टकरा गई।

भीषण टक्कर के बाद बोलेरो और कार में आग लग गई। देखते ही देखते बोलेरो आग का गोला बन गई, जिसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि किसी को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला।

हादसे में बोलेरो सवार दो महिलाओं, दो बच्चों समेत कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं स्विफ्ट कार चालक जय प्रकाश (26) निवासी सोनभद्र की भी जान चली गई। ट्रक चालक और खलासी ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही ड्रमंडगंज, हलिया समेत कई थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया ट्रक का ब्रेक फेल होना मुख्य वजह माना जा रहा है।

प्रशासन हरकत में:
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
लखनऊ: यूपी में गर्मी का कहर जारी, 22 जिलों में आज भी लू का अलर्ट; 3 दिन बाद मिल सकती है राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुंदेलखंड समेत कई जिलों में तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। प्रदेश में बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जबकि देश में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी तथा लू प्रभावित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए भी प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। फिलहाल अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को बांदा में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं।

* इन जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती में विश्व पृथ्वी दिवस पर बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मेरठ। बहसूमा। 22 अप्रैल को उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती में विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और प्रेरणादायक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपने-अपने घरों से पौधे लाकर विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया तथा सभी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से “पेड़ लगाओ – पृथ्वी बचाओ” का संदेश दिया, जिसने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

कक्षा यू.के.जी. से आदित्य, अन्वी एवं हरमन ने सहभागिता की। कक्षा एक से हसमीत कौर, कृष्णा, अनायरा और आरुष ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कक्षा दो से रेयांश, तनिषी, सिद्धार्थ, याज्ञवल्क्य, अनिका सिंह, अनिका पंवार, अन्वी जोशी, आयुष कश्यप एवं अक्षित चौहान ने भाग लिया। कक्षा तीन के छात्र-छात्राओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई, वहीं कक्षा आठ की छात्रा भव्या और अवनी ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय की शिक्षिकाओं वीनस मैम, सोनिया मैम, सीमा चौधरी मैम एवं यशी मैम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ममता चौधरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित रखना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है।

विद्यालय के प्रबंधक सी. एस. चौधरी ने बच्चों को जल संरक्षण, स्वच्छता और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पृथ्वी को हरा-भरा बना सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में पर्यावरण की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करेंगे। उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती का यह आयोजन बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो लाख किसान रह जाएंगे खाद-बीज से वंचित,खरीफ सीजन से पहले प्रशासन सख्त, योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य:

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उन्हें खाद, बीज सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।जिले में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 74 प्रतिशत यानी 4,02,978 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि अभी भी 1,48,720 किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में करीब डेढ़ लाख किसानों पर खरीफ सीजन में खाद-बीज न मिलने का संकट मंडरा रहा है।

शासन के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कैंप कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सन्दीप मिश्रा लेखपाल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना या खाद-बीज से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों को नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है, उनके लिए तहसील प्रशासन स्तर पर सुधार की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर तुरंत किसान पहचान पत्र बनवाएं, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है।

Mirzapur: सपा मजदूर सभा ने नोएडा श्रमिक आंदोलन को दबाने पर लगे रोक
मृतक परिजनों को 25-25 लाख रूपया मिले आर्थिक सहायता की मांग को लेकर मुख्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन


मिर्जापुर।  नोएडा श्रमिक आंदोलन दमन पर रोक लगाने एवं पिछड़े दिनों मिर्जापुर जनपद के अदानी पॉवर प्लांट से काम कर घर लौट रहे तीनों मृतक मजदूरों के परिजनों को 25-25 लाख रूपया आर्थिक सहायता तथा परिजनों को नौकरी देने की मांग को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र बुधवार को सपा मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष मेवालाल प्रजापति के नेतृत्व में जोरदार जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को सौंपा गया। इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा नोएडा में जारी दमनात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। गिरफ्तार सभी श्रमिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए। राजनीतिक दलों और संगठनों को श्रमिकों से मिलने की अनुमति दी जाए। वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को तत्काल रिहा किया जाए। मजदूर आंदोलन व उसके प्रतिनिधियों को बदनाम करने के प्रयासों पर रोक लगे। सर्वोपरि श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन हेतु प्रदेश में 26,000 मासिक न्यूनतम मजदूरी की घोषणा की जाए। मजदूरो के लिए आधूनिक लेवर अड्डा, श्रमिकों, महिलाओं के उत्पीडन मामलो को त्वरित निपाटारा। काम के घंटे आठ, सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी। शहर के सडको का जगह-जगह धंस जाना, दूषित पानी पीने के लिए विवश न होना पडे़।
इस मौके पर प्रदर्शन करने वालो में आदर्श यादव, दीनानाथ प्रजापति, केशरीनंदन शर्मा, अमरनाथ चक्रवाल, रवि सोनकर, झल्लू यादव, राममिलन यादव बाबूलाल प्रजापति, बदरूद्दीन अंसारी, कृष्णमुरारी शर्मा, पवन कुमार, पतलू यादव, शिवकुमार यादव, अनील सोनकर, बजरंगी पाल, विनोद कुमार यादव, इन्द्रमणि प्रजापति, रामजी बिन्द, धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे।
युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वाँछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, अपहृता बरामद
रमेश दूबे
जनपद में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर * सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद * प्रियम राजशेखर पाण्डेय* के निकट पर्यवेक्षण में *थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस* द्वारा मु0अ0स0 287/2025 धारा 137(2), 87 बीएनएस थाना कोतवाली खीलालाबाद जनपद संतकबीरनगर के मामले में वांछित अभियुक्त नाम पता नितिन कुमार पुत्र मोतीलाल निवासी दलेलगंज थाना कोतवाली खीलालाबाद जनपद संतकबीरनगर को आज दिनांक 22.04.2026 को ग्राम दलेलगंज के पास से गिरफ्तार कर  न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 18.04.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद पर वादी की पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 22.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया तथा अपहृता को बरामद किया गया ।
*गिरफ्तार/बरामद करने वाले पुलिस बल का विवरण*- उ0नि0  अश्वनी कुमार तिवारी, का0 श्यामनरायन, म0का0 प्रतिक्षा यादव ।
विश्व पृथ्वी दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन का पर्यावरण जागरूकता अभियान

प्रयागराज। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार 22 अप्रैल 2026को अथर्वन फाउंडेशन द्वारा प्रयागराज के तीन विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों को पृथ्वी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।कार्यक्रम के अंतर्गत दो विद्यालय विकर पब्लिक स्कूल एवं कैंट हाई स्कूल,न्यू कैंट प्रयागराज में गतिविधियाँ फाउंडेशन की सचिव डॉ. कंचन मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं। विकर पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य विष्णु शुक्ला, शिक्षकों एवं फाउंडेशन सदस्य समन्वयक ठाकुर स्नेहलता द्वारा किया गया।जबकि कैंट हाई स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य मोहम्मद अंसार द्वारा किया गया।पूरे कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया और समारोह समापन ज्ञापन में कहा कि पर्यावरण हमारी अमूल्य धरोहर है अगर आज हम इसे नहीं संजोएंगे तो कल बहुत देर हो जाएगी और इसका सबसे बाद दायित्व नन्हे हाथों में है।विकर पब्लिक स्कूल में डॉ. उपमा नारायण ने विद्यार्थियों को “जल संरक्षण” विषय पर जागरूक किया, वहीं कैंट हाई स्कूल में डॉ. अल्का दास ने “स्वस्थ भोजन, स्वस्थ धरती” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियाँ (स्किट) भी दी गईं।दोनों विद्यालयों में पर्यावरण विषय पर ईको-फ्रेंडली आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालय से 15 विद्यार्थियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप झोला, स्टेशनरी एवं अन्य सामग्री वितरित की गई।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अथर्वन फाउंडेशन का हार्दिक स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर दोनों विद्यालय परिसरों में दो-दो पौधों का रोपण किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की स्थिति का निरीक्षण किया गया जो अत्यंत संतोषजनक पाई गई।कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्य हेमंत कुमार, सुषमा सिंह, कल्पना जायसवाल एवं अर्चना गुप्ता सहित विद्यालयों के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

इसी क्रम में फाउंडेशन की तीसरी गतिविधि उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं डॉ. समीर भार्गव के विद्यालय, जवाहर लाल भार्गव विद्यालय, बमरौली में आयोजित की गई। यहां भी पौधारोपण, जागरूकता रैली, क्विज एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई, जिसने विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
'अदृश्य' शौचालय: 8 साल से लगा है ताला, फिर भी कागजों पर हो रही मरम्मत
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:विकासखंड कछौना की ग्राम सभा कुकुही में लाल हरीराम इंटर कॉलेज के पास स्थित सामुदायिक शौचालय क्षेत्र पंचायत से वर्ष 2018 में बना था। परंतु विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह अधूरा पड़ा है। जिसका लाभ स्थानीय लोगों व पास में खेलकूद मैदान में आने वाले युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बना सामुदायिक शौचालय शो-पीस है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। स्वच्छता मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त अभियान के तहत लाखों रुपए की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिन्हें साफ स्वच्छ रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिला समूह को इनमें केयरटेकर के रूप में तैनाती की गई थी। जिससे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन हो, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सके। परंतु प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सामुदायिक शौचालय अपने उद्देश्यों से कोसों दूर है। ब्लॉक कर्मियों व प्रतिनिधियों के गठजोड़ के चलते ठेकेदार/कार्यदायीं संस्थाओं ने मानकों को दरकिनार कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया हैं। यह सामुदायिक शौचालय का निर्माण वर्ष 2018 में क्षेत्र पंचायत निधि से कराया गया था। ठेकेदार ने मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराया, गड्डो का निर्माण नहीं कराया, पानी की टंकी भी नहीं रखी गई, टोटियां टूटी लगाई गई है, कार्य अधूरा छोड़कर कर्तव्य की इति-श्री कर ली, लाखों रूपों की धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसका लाभ ग्रामीणों को कभी नहीं मिला। इस भवन में ताला लटका रहता है। यहां पर पास में दूरदराज के युवक खेलने आते हैं। सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा होने व ताला लगा होने के कारण लोग उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 8 वर्षों में एक दिन भी ताला नहीं खुला है, जबकि प्रतिवर्ष शौचालय की मरम्मत व रंगाई पुताई के लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च होती है। यह शौचालय अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। कमोवश यही स्थिति पुरे विकासखंड कछौना में सामुदायिक शौचालय की है, यहां तक ब्लॉक परिसर व कोतवाली कछौना में स्थित सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग नहीं हो पता है। जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों पुरुष महिलाओं का आवागमन रहता है। योजनाओं में कमीशन खोरी के चलते योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पता है। जिससे सरकार की भी छवि धूमिल होती है। पूरे मामले पर जिला पंचायत अधिकारी विपिन कुमार सिंह ने बताया खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह सामुदायिक शौचालय की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी। मरम्मत कार्य कराकर अधूरे कार्य को पूरा करके सही ढंग से संचालित कराया जायेगा, जिससे लोगों को लाभ मिल सके।
मिर्जापुर में भीषण सड़क हादसा: ट्रक-कार-बोलेरो टक्कर के बाद आग, 11 की दर्दनाक मौत

ड्रमंडगंज घाटी में ब्रेक फेल होने से बना मौत का मंजर, बोलेरो में जिंदा जले कई लोग


मिर्जापुर। जिले के रीवा-मिर्जापुर हाईवे स्थित ड्रमंडगंज घाटी में बुधवार रात करीब 8 बजे हुए भीषण सड़क हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया। ट्रक, स्विफ्ट डिजायर कार, बोलेरो और ट्रेलर की टक्कर के बाद लगी आग में कुल 11 लोगों की मौत हो गई, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घाटी में गिट्टी लदा ट्रेलर उतर रहा था, उसके पीछे स्विफ्ट कार, फिर दाल से लदा ट्रक और सबसे पीछे बोलेरो चल रही थी। अचानक ट्रक का ब्रेक फेल हो गया, जिससे उसने आगे चल रही कार को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कार ट्रेलर से जा भिड़ी और पीछे से आ रही बोलेरो भी ट्रक से टकरा गई।

भीषण टक्कर के बाद बोलेरो और कार में आग लग गई। देखते ही देखते बोलेरो आग का गोला बन गई, जिसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए और जिंदा जल गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि किसी को बाहर निकालने का मौका ही नहीं मिला।

हादसे में बोलेरो सवार दो महिलाओं, दो बच्चों समेत कई लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं स्विफ्ट कार चालक जय प्रकाश (26) निवासी सोनभद्र की भी जान चली गई। ट्रक चालक और खलासी ने भी दम तोड़ दिया। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 11 बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही ड्रमंडगंज, हलिया समेत कई थानों की पुलिस और फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर शिनाख्त की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है, हालांकि प्रथम दृष्टया ट्रक का ब्रेक फेल होना मुख्य वजह माना जा रहा है।

प्रशासन हरकत में:
घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हादसे का संज्ञान लिया और मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार और पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक समेत कई अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
लखनऊ: यूपी में गर्मी का कहर जारी, 22 जिलों में आज भी लू का अलर्ट; 3 दिन बाद मिल सकती है राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुंदेलखंड समेत कई जिलों में तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। प्रदेश में बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जबकि देश में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी तथा लू प्रभावित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए भी प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। फिलहाल अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को बांदा में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं।

* इन जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती में विश्व पृथ्वी दिवस पर बच्चों ने दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
मेरठ। बहसूमा। 22 अप्रैल को उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती में विश्व पृथ्वी दिवस बड़े उत्साह और प्रेरणादायक वातावरण में मनाया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अपने-अपने घरों से पौधे लाकर विद्यालय परिसर में पौधारोपण किया तथा सभी को प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों ने आकर्षक पोस्टर और स्लोगन के माध्यम से “पेड़ लगाओ – पृथ्वी बचाओ” का संदेश दिया, जिसने सभी का मन मोह लिया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जागरूकता और जिम्मेदारी का परिचय दिया।

कक्षा यू.के.जी. से आदित्य, अन्वी एवं हरमन ने सहभागिता की। कक्षा एक से हसमीत कौर, कृष्णा, अनायरा और आरुष ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कक्षा दो से रेयांश, तनिषी, सिद्धार्थ, याज्ञवल्क्य, अनिका सिंह, अनिका पंवार, अन्वी जोशी, आयुष कश्यप एवं अक्षित चौहान ने भाग लिया। कक्षा तीन के छात्र-छात्राओं ने भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी जागरूकता दिखाई, वहीं कक्षा आठ की छात्रा भव्या और अवनी ने भी कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

विद्यालय की शिक्षिकाओं वीनस मैम, सोनिया मैम, सीमा चौधरी मैम एवं यशी मैम ने विद्यार्थियों को पर्यावरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या श्रीमती ममता चौधरी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि पृथ्वी को सुरक्षित रखना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य है।

विद्यालय के प्रबंधक सी. एस. चौधरी ने बच्चों को जल संरक्षण, स्वच्छता और अधिक से अधिक वृक्ष लगाने का संदेश देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास मिलकर पृथ्वी को हरा-भरा बना सकते हैं।

कार्यक्रम के अंत में सभी विद्यार्थियों ने संकल्प लिया कि वे अपने जीवन में पर्यावरण की रक्षा के लिए निरंतर कार्य करेंगे। उत्तम पब्लिक स्कूल, रहावती का यह आयोजन बच्चों में प्रकृति के प्रति प्रेम, जागरूकता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करने में अत्यंत प्रेरणादायक रहा।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो लाख किसान रह जाएंगे खाद-बीज से वंचित,खरीफ सीजन से पहले प्रशासन सख्त, योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य:

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उन्हें खाद, बीज सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।जिले में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 74 प्रतिशत यानी 4,02,978 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि अभी भी 1,48,720 किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में करीब डेढ़ लाख किसानों पर खरीफ सीजन में खाद-बीज न मिलने का संकट मंडरा रहा है।

शासन के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कैंप कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सन्दीप मिश्रा लेखपाल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना या खाद-बीज से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों को नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है, उनके लिए तहसील प्रशासन स्तर पर सुधार की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर तुरंत किसान पहचान पत्र बनवाएं, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है।

Mirzapur: सपा मजदूर सभा ने नोएडा श्रमिक आंदोलन को दबाने पर लगे रोक
मृतक परिजनों को 25-25 लाख रूपया मिले आर्थिक सहायता की मांग को लेकर मुख्यालय पर किया जोरदार प्रदर्शन


मिर्जापुर।  नोएडा श्रमिक आंदोलन दमन पर रोक लगाने एवं पिछड़े दिनों मिर्जापुर जनपद के अदानी पॉवर प्लांट से काम कर घर लौट रहे तीनों मृतक मजदूरों के परिजनों को 25-25 लाख रूपया आर्थिक सहायता तथा परिजनों को नौकरी देने की मांग को लेकर 15 सूत्रीय मांग पत्र बुधवार को सपा मजदूर सभा के जिलाध्यक्ष मेवालाल प्रजापति के नेतृत्व में जोरदार जिला मुख्यालय कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार को सौंपा गया। इस अवसर पर वक्ताओ ने कहा नोएडा में जारी दमनात्मक कार्रवाई पर तत्काल रोक लगाई जाए। गिरफ्तार सभी श्रमिकों को बिना शर्त रिहा किया जाए। राजनीतिक दलों और संगठनों को श्रमिकों से मिलने की अनुमति दी जाए। वरिष्ठ पत्रकार सत्यम वर्मा को तत्काल रिहा किया जाए। मजदूर आंदोलन व उसके प्रतिनिधियों को बदनाम करने के प्रयासों पर रोक लगे। सर्वोपरि श्रमिकों के सम्मानजनक जीवन हेतु प्रदेश में 26,000 मासिक न्यूनतम मजदूरी की घोषणा की जाए। मजदूरो के लिए आधूनिक लेवर अड्डा, श्रमिकों, महिलाओं के उत्पीडन मामलो को त्वरित निपाटारा। काम के घंटे आठ, सामाजिक सुरक्षा की गारण्टी। शहर के सडको का जगह-जगह धंस जाना, दूषित पानी पीने के लिए विवश न होना पडे़।
इस मौके पर प्रदर्शन करने वालो में आदर्श यादव, दीनानाथ प्रजापति, केशरीनंदन शर्मा, अमरनाथ चक्रवाल, रवि सोनकर, झल्लू यादव, राममिलन यादव बाबूलाल प्रजापति, बदरूद्दीन अंसारी, कृष्णमुरारी शर्मा, पवन कुमार, पतलू यादव, शिवकुमार यादव, अनील सोनकर, बजरंगी पाल, विनोद कुमार यादव, इन्द्रमणि प्रजापति, रामजी बिन्द, धनंजय सिंह आदि मौजूद रहे।
युवती को बहला फुसलाकर भगा ले जाने के मामले में वाँछित अभियुक्त को किया गया गिरफ्तार, अपहृता बरामद
रमेश दूबे
जनपद में मिशन शक्ति अभियान 5.0 के अन्तर्गत महिलाओं पर अपराधों के रोकथाम हेतु पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर *संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के अंतर्गत अपर पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर * सुशील कुमार सिंह* के मार्गदर्शन व क्षेत्राधिकारी खलीलाबाद * प्रियम राजशेखर पाण्डेय* के निकट पर्यवेक्षण में *थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस* द्वारा मु0अ0स0 287/2025 धारा 137(2), 87 बीएनएस थाना कोतवाली खीलालाबाद जनपद संतकबीरनगर के मामले में वांछित अभियुक्त नाम पता नितिन कुमार पुत्र मोतीलाल निवासी दलेलगंज थाना कोतवाली खीलालाबाद जनपद संतकबीरनगर को आज दिनांक 22.04.2026 को ग्राम दलेलगंज के पास से गिरफ्तार कर  न्यायालय रवाना किया गया ।
           विदित हो कि वादी द्वारा दिनाँक 18.04.2026 को थाना कोतवाली खलीलाबाद पर वादी की पुत्री को उपरोक्त अभियुक्त द्वारा बहला फुसलाकर भगा ले जाने के सम्बन्ध में प्रार्थना पत्र देकर अभियोग पंजीकृत कराया गया था । थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलन के आधार पर महिला अपराध की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनाँक 22.04.2026 को उक्त अभियुक्त को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया तथा अपहृता को बरामद किया गया ।
*गिरफ्तार/बरामद करने वाले पुलिस बल का विवरण*- उ0नि0  अश्वनी कुमार तिवारी, का0 श्यामनरायन, म0का0 प्रतिक्षा यादव ।
विश्व पृथ्वी दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन का पर्यावरण जागरूकता अभियान

प्रयागराज। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार 22 अप्रैल 2026को अथर्वन फाउंडेशन द्वारा प्रयागराज के तीन विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों को पृथ्वी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।कार्यक्रम के अंतर्गत दो विद्यालय विकर पब्लिक स्कूल एवं कैंट हाई स्कूल,न्यू कैंट प्रयागराज में गतिविधियाँ फाउंडेशन की सचिव डॉ. कंचन मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं। विकर पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य विष्णु शुक्ला, शिक्षकों एवं फाउंडेशन सदस्य समन्वयक ठाकुर स्नेहलता द्वारा किया गया।जबकि कैंट हाई स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य मोहम्मद अंसार द्वारा किया गया।पूरे कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया और समारोह समापन ज्ञापन में कहा कि पर्यावरण हमारी अमूल्य धरोहर है अगर आज हम इसे नहीं संजोएंगे तो कल बहुत देर हो जाएगी और इसका सबसे बाद दायित्व नन्हे हाथों में है।विकर पब्लिक स्कूल में डॉ. उपमा नारायण ने विद्यार्थियों को “जल संरक्षण” विषय पर जागरूक किया, वहीं कैंट हाई स्कूल में डॉ. अल्का दास ने “स्वस्थ भोजन, स्वस्थ धरती” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियाँ (स्किट) भी दी गईं।दोनों विद्यालयों में पर्यावरण विषय पर ईको-फ्रेंडली आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालय से 15 विद्यार्थियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप झोला, स्टेशनरी एवं अन्य सामग्री वितरित की गई।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अथर्वन फाउंडेशन का हार्दिक स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर दोनों विद्यालय परिसरों में दो-दो पौधों का रोपण किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की स्थिति का निरीक्षण किया गया जो अत्यंत संतोषजनक पाई गई।कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्य हेमंत कुमार, सुषमा सिंह, कल्पना जायसवाल एवं अर्चना गुप्ता सहित विद्यालयों के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

इसी क्रम में फाउंडेशन की तीसरी गतिविधि उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं डॉ. समीर भार्गव के विद्यालय, जवाहर लाल भार्गव विद्यालय, बमरौली में आयोजित की गई। यहां भी पौधारोपण, जागरूकता रैली, क्विज एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई, जिसने विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।