ओरिया में कीर्तन समाज द्वारा होली पर निकाला गया ग्राम-भ्रमण, भजनों की गूंज से भक्तिमय हुआ वातावरण

रंगोत्सव के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर कीर्तन समाज, ओरिया द्वारा परंपरानुसार शिवमंदिर से ग्राम-भ्रमण का मंगलमय शुभारंभ किया गया। वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियों से गूंजता वातावरण आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठा। झंकार और करताल की समन्वित ताल ने ऐसी अनुपम लय उत्पन्न की, जिसने हर हृदय को स्पंदित कर दिया। गूंजते भजनों और उल्लासपूर्ण भक्तिमय स्वर ने पूरे ग्राम को एक सूत्र में बांध दिया। सामाजिक एकता, पारस्परिक प्रेम और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। ग्राम- भ्रमण के दौरान चौक- चौराहा, गली- मुहल्ला एवं कई घरों में पकवान एवं अबीर- गुलाल लगाकर सहृदय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्य रूप से कीर्तन समाज के अध्यक्ष नारायण साव, उपाध्यक्ष बिनोद साव, सचिव दिनु ठाकुर, उपसचिव पोखन साव, कोषाध्यक्ष रामनाथ राणा, सक्रिय सदस्य चरका साव, मोहन साव, रोहित साव, महादेव साव, गणेश गोप, बंधन साव, विजय यादव, शीतल पवन रजक, उदय पासवान, अभय पासवान, बबलू यादव, गोविन्द यादव, जीतु यादव, विनय यादव, कौलेश्वर साव, संजय यादव सहित कई ग्रामीण उत्साह के साथ जुटे रहे।

13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में लगेगा भव्य रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं को भेंट किया जाएगा हेलमेट

हजारीबाग - सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग की एक विशेष बैठक संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया ने की, जबकि संचालन सचिव रितेश खंडेलवाल के द्वारा किया गया। बैठक में संस्था के आगामी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संस्था के प्रमुख कार्यक्रम एकदिवसीय रक्तदान शिविर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आगामी 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस पहल के पीछे एक सकारात्मक और जागरूकता से जुड़ा संदेश है। जिस प्रकार एक रक्तदाता रक्तदान कर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का कार्य करता है, उसी प्रकार संस्था रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट कर उनके स्वयं के जीवन की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करना चाहती है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे अधिक घातक साबित होती हैं, ऐसे में हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ संस्था ने यह पहल की है कि जो लोग रक्तदान कर किसी की जान बचाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट प्रदान किया जाए। संस्था को उम्मीद है कि इस सकारात्मक संदेश से अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और समाज में सुरक्षा एवं सेवा दोनों का संदेश जाएगा।गौरतलब है कि संस्था द्वारा पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविरों को भी लोगों का व्यापक सहयोग मिला है। वर्ष 2025 में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 221 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 130 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था। लगातार बढ़ते रक्तदान के आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष के आयोजन को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। रक्तदान शिविर में संग्रहित रक्त को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल के ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं रेड क्रॉस सोसाइटी हजारीबाग का भी विशेष सहयोग प्राप्त होगा। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सह-संयोजक के रूप में गुंजन मद्धेशिया, प्रवेक जैन, जयप्रकाश खंडेलवाल एवं कुश पांडे को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा लगातार पांचवें वर्ष आयोजित किया जाने वाला लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। रामनवमी के पावन अवसर पर 26 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप 151 किलो लड्डू राम भक्तों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में प्रणीत जैन एवं रितेश खंडेलवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से जहां जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा, वहीं हेलमेट भेंट कर सड़क सुरक्षा का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाएगा। वहीं संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था निरंतर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस वर्ष भी रक्तदान शिविर और रामनवमी के अवसर पर आयोजित लड्डू महाभोग कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इन आयोजनों से जुड़ें और समाज में सेवा एवं जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके। बैठक में संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्दर्शक जय प्रकाश खण्डेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य रोहित बजाज, सत्यनारायण सिंह,प्रवेक जैन,प्रणीत जैन एवं कैलाश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहें।

महिला दिवस पर केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ‘अस्मिता लीग’ का आयोजन, 1000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को लखनऊ में ASMITA लीग के अंतर्गत महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के निर्देशन में के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस–SAI, लखनऊ के हॉकी कोच ऋषि कुमार तथा उपनिदेशक, मेरा युवा भारत के समन्वय से किया जा रहा है। प्रतियोगिता में लगभग 1000 से अधिक महिला प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।
ASMITA (Achieving Sports Milestone by Inspiring Women Through Action) लीग का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा खेलों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता तीन आयु वर्गों—अंडर-13, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक—में आयोजित की जाएगी। इन वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इस प्रकार कुल नौ दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों के लिए रस्सा-कसी जैसी एक एंगेजमेंट गतिविधि भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अधिक से अधिक महिला प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग, आईटीआई अलीगंज, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, उच्च शिक्षा विभाग, एनएसएस, एनसीसी तथा भारत स्काउट एवं गाइड का सहयोग लिया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस और चिकित्सक दल की तैनाती की जाएगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराएगा। प्रतियोगिता के तकनीकी संचालन हेतु क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी द्वारा रेफरी एवं कोच तैनात किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल संस्थानों से अपील की है कि अधिक से अधिक बालिकाएं और महिलाएं ASMITA पोर्टल पर पंजीकरण कर इस प्रतियोगिता में भाग लें और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को सफल बनाएं।
आयुक्त ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली, बांटी खुशियां
*आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली*

*वृद्धजनों को गुझिया, बच्चों को अल्पाहार वितरित कर आयुक्त ने बांटी होली की खुशियां*

*महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के साथ रंग-गुलाल खेलकर आयुक्त ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश*

*गोण्डा 05 मार्च 2026*। - होली के पावन पर्व पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने अपनी धर्मपत्नी गरिमा भूषण एवं सुपुत्र के साथ वन स्टॉप सेंटर, वृद्धाश्रम तथा बाल देखरेख संस्थान पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयुक्त ने सभी के साथ रंग-गुलाल खेलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं और आत्मीयता के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

आयुक्त सबसे पहले वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से वृद्धजनों को गुझिया खिलाई और रंग लगाकर होली की बधाई दी। आयुक्त के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से वृद्धजन भावुक हो उठे और उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
इसके बाद आयुक्त बाल देखरेख संस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ भी होली का त्योहार मनाया। बच्चों ने आयुक्त और उनके परिवार का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर आयुक्त ने बच्चों को अल्पाहार वितरित किया तथा रंग-गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां बांटी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और परिसर में उल्लास का माहौल बना रहा।

आयुक्त ने वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से भी मुलाकात की और उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने महिलाओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। आयुक्त ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सभी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ होली का पर्व मनाया।
होली पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के उपरान्त रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन-
*पुलिस अधीक्षक गोण्डा की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया होली पर्व-*

*आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर दी होली की शुभकामनाएँ-*

गोण्डा। होली पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उपरान्त आज दिनांक 05.03.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा परिसर में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुक्त देवीपाटन मंडल श्री शशि भूषण लाल सुशील, मण्डलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती गरिमा भूषण, पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र श्री अमित पाठक, जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन, वामासरथी संघ की अध्यक्षा डॉ0 तन्वी जायसवाल, डीएफओ श्री अनुराग प्रियदर्शी , IFS ट्रेनी सुश्री प्रिया अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ0 संतलाल पटेल सहित जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण समारोह में सम्मिलित हुए। समारोह के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर एवं फूलों की वर्षा कर होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। कार्यक्रम का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें पुलिस परिवार के बीच आपसी भाईचारे, सहयोग एवं समन्वय की भावना देखने को मिली।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय, सहायक पुलिस अधीक्षक  अभिषेक दवाच्या, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, जनपद के समस्त थाना प्रभारी व पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ने ज़श्न-ए-सुख़न किया आयोजित
ठाणे । साहित्यिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में साहित्यिक सहल  ज़श्न-ए-सुख़न मिश्रावाड़ी भताने गांव नियर-नंदनवन रिसार्ट, विरार पूर्व जिला पालघर में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी संस्था उपसचिव सुशील कुमार शुक्ल 'नाचीज' की थी।उक्त कार्यक्रम में भारतीय जन भाषा प्रचार समिति के साथ संगीत साहित्य मंच,नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान एवं काव्य सृजन परिवार साहित्यिक संस्था मुंबई ने सहभागिता सुनिश्चित की।सभी संस्थाओं का यह मिला- जुला कार्यक्रम अपने आप में अद्वितीय रहा।भारतीय जनभाषा के चेयरमैन रामप्यारे सिंह 'रघुवंशी' का सम विचारी संस्थाओं को लेकर चलने का ध्येय अद्भुत रहा है।वहीं संस्था के नौजवान अध्यक्ष विनय कुमार सिंह 'विनम्र' की भूमिका भी काबिल-ए- तारीफ रही।प्रमुख सहयोगियों में अनिल 'राही' ,नरसिंह हैरान जौनपुरी,  डा.आनंदी सिंह रावत,अधिवक्ता अनिल शर्मा,लालबहादुर 'कमल'  का नाम विशेष रहा।उपस्थित साहित्यकारों में संगीत साहित्य मंच के संयोजक रामजीत गुप्त,त्रिलोचन सिंह अरोरा,रेखा किंगर 'रौशनी' संजय द्विवेदी, सदाशिव चतुर्वेदी 'मधुर', अरुण प्रकाश मिश्र 'अनुरागी',आत्मिक' श्रीधर मिश्र, प्रमिला शर्मा,सुमन सारस्वत,शोभा 'स्वपनिल' लक्ष्मी यादव का नाम प्रमुख रहा। श्रोताओं में दर्शना रामप्यारे  सिंह,रचना द्विवेदी,पुष्पा चतुर्वेदी
शशी सिंह,प्रीतिमा सिंह,उर्मिला सिंह,पूनम सिंह,मीना सिंह, रामसहाय सिंह,हरीलाल यादव, मनोज बी सिंह,अनन्या यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।काव्यगोष्ठी के पश्चात एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन भी अचानक किया गया जिसके बारे में किसी को पता नहीं था।वह यह कि संस्था चेयरमैन रामप्यारे 'रघुवंशी' और दर्शना सिंह की शादी की 50 वीं वर्षगांठ (गोल्डेन जुबली इयर) थी।शादी के अद्भुत जोड़े में सजे युगल का म़त्रोच्चार के साथ एक दूसरे को पुष्प हार पहनाकर पुन: विवाह के बंधन में बांधा गया।दृश्य अत्यंत अलौकिक,जहां दोनों ने केक काटकर सबका मुंह मीठा कराया।दूसरे दिन सुबह योग कार्यक्रम में स्वास्थ्य के कुछ टिप्स दिए गये।अल्पहार के पश्चात हौजी और अन्य खेलों का खास आयोजन का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया।लंच के पश्चात  होली स्नेह मिलन और पुरस्कार वितरण किया गया।हास- परिहास के साथ खूब धूमधाम के साथ कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगान और नरसि़ह हैरान के आभार प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ।
आजमगढ़:-पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़, एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा व हथियार बरामद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गोकशी की घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार 3 मार्च को फूलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित कुंवर नदी में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले की जांच चल रही थी। इसी क्रम में गुरुवार तड़के करीब 2:15 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम मुडियार में शाहिदा सुल्ताना स्कूल के पास पुलिया के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर थाना फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के दोबारा फायर करने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि दो अन्य को मौके से दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आमिर (22), साकिब (26) और युसुफ (19) निवासी ग्राम कौड़िया थाना फूलपुर के रूप में हुई है। घायल आरोपी आमिर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
मौके से पुलिस ने एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से गोवंश को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वध के बाद बचे अवशेषों को नदी-नालों में फेंककर या जमीन में गाड़कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फूलपुर थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं सहित गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
फूलपुर पुलिस और बदमाशों के बीच मुंडियार के पास मुठभेड़ हुई थी। एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। दो बदमाशों को पुलिस के दौड़ाकर पकड़ लिया है। घायल को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है। 
किरन पाल सिंह, सीओ फूलपुर।

*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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उदयप्रताप सिंह को फिर मिली मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुंबई। मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा आज जारी सूची में उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा प्रवक्ता के रूप में उदय प्रताप सिंह लगातार पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते रहे हैं। मीडिया में उनकी लगातार सक्रियता और समर्पित भावना के साथ की जा रही कार्यशैली को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें एक बार फिर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पत्रकार संघ द्वारा पत्रकार मित्र पुरस्कार से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने दी गई जिम्मेदारी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम के अलावा सभी शीर्ष नेताओं का आभार मानते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग पूर्वक करते हुए पार्टी के प्रचार प्रसार और उसकी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम पूर्ववत करते रहेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला: मादा गैंडे की मौत से वन विभाग हैरान

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज स्थित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां बाघ के हमले में एक मादा गैंडे की मौत हो गई।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्य जीव विशेषज्ञों में चिंता और हैरानी का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बाघ इतने बड़े और शक्तिशाली जानवर पर आसानी से हमला नहीं करते। ऐसे में इस घटना को असामान्य माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मादा गैंडा पुनर्वास केंद्र में संरक्षित थी। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में बाघ ने गैंडे पर हमला किया।
ओरिया में कीर्तन समाज द्वारा होली पर निकाला गया ग्राम-भ्रमण, भजनों की गूंज से भक्तिमय हुआ वातावरण

रंगोत्सव के पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर कीर्तन समाज, ओरिया द्वारा परंपरानुसार शिवमंदिर से ग्राम-भ्रमण का मंगलमय शुभारंभ किया गया। वाद्ययंत्रों की मधुर ध्वनियों से गूंजता वातावरण आध्यात्मिक आभा से आलोकित हो उठा। झंकार और करताल की समन्वित ताल ने ऐसी अनुपम लय उत्पन्न की, जिसने हर हृदय को स्पंदित कर दिया। गूंजते भजनों और उल्लासपूर्ण भक्तिमय स्वर ने पूरे ग्राम को एक सूत्र में बांध दिया। सामाजिक एकता, पारस्परिक प्रेम और समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर का जीवंत प्रतीक है। ग्राम- भ्रमण के दौरान चौक- चौराहा, गली- मुहल्ला एवं कई घरों में पकवान एवं अबीर- गुलाल लगाकर सहृदय स्वागत एवं अभिनंदन किया। मुख्य रूप से कीर्तन समाज के अध्यक्ष नारायण साव, उपाध्यक्ष बिनोद साव, सचिव दिनु ठाकुर, उपसचिव पोखन साव, कोषाध्यक्ष रामनाथ राणा, सक्रिय सदस्य चरका साव, मोहन साव, रोहित साव, महादेव साव, गणेश गोप, बंधन साव, विजय यादव, शीतल पवन रजक, उदय पासवान, अभय पासवान, बबलू यादव, गोविन्द यादव, जीतु यादव, विनय यादव, कौलेश्वर साव, संजय यादव सहित कई ग्रामीण उत्साह के साथ जुटे रहे।

13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में लगेगा भव्य रक्तदान शिविर, रक्तदाताओं को भेंट किया जाएगा हेलमेट

हजारीबाग - सामाजिक एवं जनसेवा के कार्यों में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग की एक विशेष बैठक संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन के निवास स्थान पर आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया ने की, जबकि संचालन सचिव रितेश खंडेलवाल के द्वारा किया गया। बैठक में संस्था के आगामी सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में संस्था के प्रमुख कार्यक्रम एकदिवसीय रक्तदान शिविर को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। निर्णय लिया गया कि आगामी 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल परिसर में भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस शिविर में रक्तदान करने वाले सभी रक्तदाताओं को संस्था की ओर से हेलमेट भेंट किया जाएगा। इस पहल के पीछे एक सकारात्मक और जागरूकता से जुड़ा संदेश है। जिस प्रकार एक रक्तदाता रक्तदान कर किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का कार्य करता है, उसी प्रकार संस्था रक्तदाताओं को हेलमेट भेंट कर उनके स्वयं के जीवन की सुरक्षा के प्रति भी जागरूक करना चाहती है। सड़क दुर्घटनाओं में सिर की चोटें सबसे अधिक घातक साबित होती हैं, ऐसे में हेलमेट पहनना जीवन की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है। इसी सोच के साथ संस्था ने यह पहल की है कि जो लोग रक्तदान कर किसी की जान बचाने का पुण्य कार्य कर रहे हैं, उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से हेलमेट प्रदान किया जाए। संस्था को उम्मीद है कि इस सकारात्मक संदेश से अधिक से अधिक लोग रक्तदान के लिए प्रेरित होंगे और समाज में सुरक्षा एवं सेवा दोनों का संदेश जाएगा।गौरतलब है कि संस्था द्वारा पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविरों को भी लोगों का व्यापक सहयोग मिला है। वर्ष 2025 में आयोजित रक्तदान शिविर में कुल 221 यूनिट रक्त का संग्रह किया गया था, जबकि वर्ष 2024 में 130 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया था। लगातार बढ़ते रक्तदान के आंकड़ों को देखते हुए इस वर्ष के आयोजन को और अधिक भव्य एवं सुव्यवस्थित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस पुनीत कार्य से जुड़ सकें और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सके। रक्तदान शिविर में संग्रहित रक्त को शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज ऑफ अस्पताल के ब्लड बैंक को उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं रेड क्रॉस सोसाइटी हजारीबाग का भी विशेष सहयोग प्राप्त होगा। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन के लिए संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल को संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि सह-संयोजक के रूप में गुंजन मद्धेशिया, प्रवेक जैन, जयप्रकाश खंडेलवाल एवं कुश पांडे को जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि संस्था द्वारा लगातार पांचवें वर्ष आयोजित किया जाने वाला लड्डू महाभोग वितरण कार्यक्रम इस वर्ष भी भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा। रामनवमी के पावन अवसर पर 26 मार्च को महावीर स्थान मंदिर के समीप 151 किलो लड्डू राम भक्तों के बीच वितरित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम के प्रभारी के रूप में प्रणीत जैन एवं रितेश खंडेलवाल को जिम्मेदारी सौंपी गई है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य समाज में सेवा, सहयोग और जागरूकता की भावना को बढ़ावा देना है। रक्तदान शिविर के माध्यम से जहां जरूरतमंद मरीजों को जीवनदान मिलेगा, वहीं हेलमेट भेंट कर सड़क सुरक्षा का संदेश भी समाज तक पहुंचाया जाएगा। वहीं संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि संस्था निरंतर सामाजिक एवं धार्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को सेवा कार्यों से जोड़ने का प्रयास कर रही है। इस वर्ष भी रक्तदान शिविर और रामनवमी के अवसर पर आयोजित लड्डू महाभोग कार्यक्रम को भव्य रूप से संपन्न किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इन आयोजनों से जुड़ें और समाज में सेवा एवं जागरूकता का सकारात्मक संदेश प्रसारित हो सके। बैठक में संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन, अध्यक्ष करण जायसवाल, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, संस्था मार्दर्शक जय प्रकाश खण्डेलवाल, कार्यकारिणी सदस्य रोहित बजाज, सत्यनारायण सिंह,प्रवेक जैन,प्रणीत जैन एवं कैलाश कुमार सहित कई लोग मौजूद रहें।

महिला दिवस पर केडी सिंह बाबू स्टेडियम में ‘अस्मिता लीग’ का आयोजन, 1000 से अधिक प्रतिभागियों के शामिल होने की संभावना

लखनऊ। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर 8 मार्च 2026 को लखनऊ में ASMITA लीग के अंतर्गत महिला एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार तथा भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के निर्देशन में के.डी. सिंह बाबू स्टेडियम, लखनऊ में आयोजित होगा।
कार्यक्रम का आयोजन नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस–SAI, लखनऊ के हॉकी कोच ऋषि कुमार तथा उपनिदेशक, मेरा युवा भारत के समन्वय से किया जा रहा है। प्रतियोगिता में लगभग 1000 से अधिक महिला प्रतिभागियों के भाग लेने की संभावना है।
ASMITA (Achieving Sports Milestone by Inspiring Women Through Action) लीग का उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना तथा खेलों में उनकी भागीदारी को बढ़ावा देना है। प्रतियोगिता तीन आयु वर्गों—अंडर-13, 13 से 18 वर्ष और 18 वर्ष से अधिक—में आयोजित की जाएगी। इन वर्गों में 100 मीटर, 200 मीटर और 400 मीटर दौड़ की प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी। इस प्रकार कुल नौ दौड़ प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके अतिरिक्त प्रतिभागियों के लिए रस्सा-कसी जैसी एक एंगेजमेंट गतिविधि भी आयोजित की जाएगी।
कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। अधिक से अधिक महिला प्रतिभागियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग, आईटीआई अलीगंज, जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, उच्च शिक्षा विभाग, एनएसएस, एनसीसी तथा भारत स्काउट एवं गाइड का सहयोग लिया जाएगा।
कार्यक्रम स्थल पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा एम्बुलेंस और चिकित्सक दल की तैनाती की जाएगी, जबकि सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस विभाग आवश्यक पुलिस बल उपलब्ध कराएगा। प्रतियोगिता के तकनीकी संचालन हेतु क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी द्वारा रेफरी एवं कोच तैनात किए जाएंगे।
जिला प्रशासन ने सभी विद्यालयों, महाविद्यालयों और खेल संस्थानों से अपील की है कि अधिक से अधिक बालिकाएं और महिलाएं ASMITA पोर्टल पर पंजीकरण कर इस प्रतियोगिता में भाग लें और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को सफल बनाएं।
आयुक्त ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली, बांटी खुशियां
*आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने वृद्धाश्रम, वन स्टॉप सेंटर व बाल देखरेख संस्थान में मनाई होली*

*वृद्धजनों को गुझिया, बच्चों को अल्पाहार वितरित कर आयुक्त ने बांटी होली की खुशियां*

*महिलाओं, बच्चों और वृद्धजनों के साथ रंग-गुलाल खेलकर आयुक्त ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश*

*गोण्डा 05 मार्च 2026*। - होली के पावन पर्व पर देवीपाटन मंडल के आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने अपनी धर्मपत्नी गरिमा भूषण एवं सुपुत्र के साथ वन स्टॉप सेंटर, वृद्धाश्रम तथा बाल देखरेख संस्थान पहुंचकर वहां रह रहे वृद्धजनों, महिलाओं और बच्चों के साथ होली का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर आयुक्त ने सभी के साथ रंग-गुलाल खेलकर उन्हें होली की शुभकामनाएं दीं और आत्मीयता के साथ त्योहार की खुशियां साझा कीं।

आयुक्त सबसे पहले वृद्धाश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने वहां रह रहे वृद्धजनों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना। इस दौरान उन्होंने अपने हाथों से वृद्धजनों को गुझिया खिलाई और रंग लगाकर होली की बधाई दी। आयुक्त के इस स्नेहपूर्ण व्यवहार से वृद्धजन भावुक हो उठे और उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें आशीर्वाद दिया।
इसके बाद आयुक्त बाल देखरेख संस्थान पहुंचे, जहां उन्होंने बच्चों के साथ भी होली का त्योहार मनाया। बच्चों ने आयुक्त और उनके परिवार का उत्साहपूर्वक स्वागत किया। इस अवसर पर आयुक्त ने बच्चों को अल्पाहार वितरित किया तथा रंग-गुलाल लगाकर उनके साथ होली की खुशियां बांटी। बच्चों ने भी पूरे उत्साह के साथ त्योहार का आनंद लिया और परिसर में उल्लास का माहौल बना रहा।

आयुक्त ने वन स्टॉप सेंटर पहुंचकर वहां रह रही महिलाओं से भी मुलाकात की और उनके साथ होली की खुशियां साझा कीं। उन्होंने महिलाओं को होली की शुभकामनाएं देते हुए उनका उत्साहवर्धन किया। आयुक्त ने कहा कि होली का त्योहार आपसी प्रेम, भाईचारे और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। यह पर्व हमें सभी भेदभाव भूलकर एक-दूसरे के साथ खुशियां साझा करने का संदेश देता है। कार्यक्रम के दौरान सभी ने मिलकर प्रेम, सौहार्द और उल्लास के साथ होली का पर्व मनाया।
होली पर्व को सकुशल सम्पन्न कराने के उपरान्त रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन-
*पुलिस अधीक्षक गोण्डा की ओर से पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाया गया होली पर्व-*

*आयुक्त, पुलिस महानिरीक्षक, जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर दी होली की शुभकामनाएँ-*

गोण्डा। होली पर्व को सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उपरान्त आज दिनांक 05.03.2026 को पुलिस अधीक्षक गोण्डा श्री विनीत जायसवाल द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन गोण्डा परिसर में भव्य होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आयुक्त देवीपाटन मंडल श्री शशि भूषण लाल सुशील, मण्डलीय आकांक्षा समिति की अध्यक्षा श्रीमती गरिमा भूषण, पुलिस महानिरीक्षक देवीपाटन परिक्षेत्र श्री अमित पाठक, जिलाधिकारी गोण्डा श्रीमती प्रियंका निरंजन, वामासरथी संघ की अध्यक्षा डॉ0 तन्वी जायसवाल, डीएफओ श्री अनुराग प्रियदर्शी , IFS ट्रेनी सुश्री प्रिया अग्रवाल, मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) डॉ0 संतलाल पटेल सहित जनपद के अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण समारोह में सम्मिलित हुए। समारोह के दौरान सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर एवं फूलों की वर्षा कर होली पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई दी। कार्यक्रम का आयोजन सौहार्दपूर्ण एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ, जिसमें पुलिस परिवार के बीच आपसी भाईचारे, सहयोग एवं समन्वय की भावना देखने को मिली।

इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  मनोज कुमार रावत, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी  राधेश्याम राय, सहायक पुलिस अधीक्षक  अभिषेक दवाच्या, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, जनपद के समस्त थाना प्रभारी व पुलिस अधिकारी/कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ने ज़श्न-ए-सुख़न किया आयोजित
ठाणे । साहित्यिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में साहित्यिक सहल  ज़श्न-ए-सुख़न मिश्रावाड़ी भताने गांव नियर-नंदनवन रिसार्ट, विरार पूर्व जिला पालघर में आयोजित किया गया।इस कार्यक्रम की पूरी जिम्मेदारी संस्था उपसचिव सुशील कुमार शुक्ल 'नाचीज' की थी।उक्त कार्यक्रम में भारतीय जन भाषा प्रचार समिति के साथ संगीत साहित्य मंच,नवकुंभ साहित्य सेवा संस्थान एवं काव्य सृजन परिवार साहित्यिक संस्था मुंबई ने सहभागिता सुनिश्चित की।सभी संस्थाओं का यह मिला- जुला कार्यक्रम अपने आप में अद्वितीय रहा।भारतीय जनभाषा के चेयरमैन रामप्यारे सिंह 'रघुवंशी' का सम विचारी संस्थाओं को लेकर चलने का ध्येय अद्भुत रहा है।वहीं संस्था के नौजवान अध्यक्ष विनय कुमार सिंह 'विनम्र' की भूमिका भी काबिल-ए- तारीफ रही।प्रमुख सहयोगियों में अनिल 'राही' ,नरसिंह हैरान जौनपुरी,  डा.आनंदी सिंह रावत,अधिवक्ता अनिल शर्मा,लालबहादुर 'कमल'  का नाम विशेष रहा।उपस्थित साहित्यकारों में संगीत साहित्य मंच के संयोजक रामजीत गुप्त,त्रिलोचन सिंह अरोरा,रेखा किंगर 'रौशनी' संजय द्विवेदी, सदाशिव चतुर्वेदी 'मधुर', अरुण प्रकाश मिश्र 'अनुरागी',आत्मिक' श्रीधर मिश्र, प्रमिला शर्मा,सुमन सारस्वत,शोभा 'स्वपनिल' लक्ष्मी यादव का नाम प्रमुख रहा। श्रोताओं में दर्शना रामप्यारे  सिंह,रचना द्विवेदी,पुष्पा चतुर्वेदी
शशी सिंह,प्रीतिमा सिंह,उर्मिला सिंह,पूनम सिंह,मीना सिंह, रामसहाय सिंह,हरीलाल यादव, मनोज बी सिंह,अनन्या यादव प्रमुख रूप से उपस्थित थे।काव्यगोष्ठी के पश्चात एक अनूठे कार्यक्रम का आयोजन भी अचानक किया गया जिसके बारे में किसी को पता नहीं था।वह यह कि संस्था चेयरमैन रामप्यारे 'रघुवंशी' और दर्शना सिंह की शादी की 50 वीं वर्षगांठ (गोल्डेन जुबली इयर) थी।शादी के अद्भुत जोड़े में सजे युगल का म़त्रोच्चार के साथ एक दूसरे को पुष्प हार पहनाकर पुन: विवाह के बंधन में बांधा गया।दृश्य अत्यंत अलौकिक,जहां दोनों ने केक काटकर सबका मुंह मीठा कराया।दूसरे दिन सुबह योग कार्यक्रम में स्वास्थ्य के कुछ टिप्स दिए गये।अल्पहार के पश्चात हौजी और अन्य खेलों का खास आयोजन का लोगों ने खूब लुत्फ उठाया।लंच के पश्चात  होली स्नेह मिलन और पुरस्कार वितरण किया गया।हास- परिहास के साथ खूब धूमधाम के साथ कार्यक्रम का अंत राष्ट्रगान और नरसि़ह हैरान के आभार प्रदर्शन के साथ समाप्त हुआ।
आजमगढ़:-पुलिस और आरोपियों के बीच हुई मुठभेड़, एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल, अवैध तमंचा व हथियार बरामद
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़।  फूलपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और बदमाशों के बीच देर रात मुठभेड़ हो गई। पुलिस ने गोकशी की घटना में संलिप्त तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक बदमाश पैर में गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस के अनुसार 3 मार्च को फूलपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कौड़िया स्थित कुंवर नदी में प्रतिबंधित पशु के अवशेष मिलने के मामले की जांच चल रही थी। इसी क्रम में गुरुवार तड़के करीब 2:15 बजे पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी।
इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम मुडियार में शाहिदा सुल्ताना स्कूल के पास पुलिया के पास कुछ संदिग्ध लोग किसी घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। सूचना पर थाना फूलपुर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की।
पुलिस को देखते ही बदमाशों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन बदमाशों के दोबारा फायर करने पर पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लग गई, जबकि दो अन्य को मौके से दबोच लिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो. आमिर (22), साकिब (26) और युसुफ (19) निवासी ग्राम कौड़िया थाना फूलपुर के रूप में हुई है। घायल आरोपी आमिर को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया है।
मौके से पुलिस ने एक अवैध देशी तमंचा (.315 बोर), एक जिंदा कारतूस, दो खोखा कारतूस, दो चापड़ और दो एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे सुनियोजित तरीके से गोवंश को पकड़कर सुनसान स्थानों पर ले जाकर उनका वध करते थे और मांस को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर ऊंचे दामों पर बेचते थे। वध के बाद बचे अवशेषों को नदी-नालों में फेंककर या जमीन में गाड़कर साक्ष्य मिटाने की कोशिश करते थे।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ फूलपुर थाने में बीएनएस और आर्म्स एक्ट की धाराओं सहित गोवध निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
इस कार्रवाई को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में थाना फूलपुर पुलिस टीम ने अंजाम दिया।
फूलपुर पुलिस और बदमाशों के बीच मुंडियार के पास मुठभेड़ हुई थी। एक बदमाश के बाएं पैर में गोली लगी है। दो बदमाशों को पुलिस के दौड़ाकर पकड़ लिया है। घायल को उपचार के लिए सीएचसी फूलपुर भेजा गया। पुलिस द्वारा विधिक कार्यवाही की जा रही है। 
किरन पाल सिंह, सीओ फूलपुर।

*आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 का रजिस्ट्रेशन 5 मार्च से शुरू; परीक्षा 7 जून को होगी*
* सभी 7 आईआईएसईआर में प्रवेश का आधार सिर्फ आईएटी स्कोर होगा, जेईई स्कोर के आधार पर प्रवेश नहीं |
*लखनऊ, मार्च 2026* : इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) ने आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। आईएटी शैक्षिक वर्ष 2026-27 के लिए सभी आईआईएसईआर कैंपस के अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम में प्रवेश के लिए एकमात्र और अनिवार्य परीक्षा है।
ऑनलाइन आवेदन की आरंभिक तिथि 5 मार्च, 2026 (गुरुवार) है और एप्टीट्यूड टेस्ट 7 जून, 2026 (रविवार) को होगा।
विज्ञान पढ़ने के इच्छुक उम्मीदवार इस अनिवार्य एप्टीट्यूड टेस्ट के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। इस परीक्षा से सभी 7 आईआईएसईआर कैंपस में किसी में भी विश्वस्तरीय शोध एवं प्रशिक्षण का प्रवेश द्वार खुल जाएगा। आईआईएसईआर की स्थापना भारत सरकार ने उच्च गुणवत्ता के साथ आधारभूत विज्ञान की शिक्षा और शोध संवर्धन के लिए किया। ये देश के प्रमुख स्वयात्त शिक्षा संस्थान हैं।
आईआईएसईआर बरहामपुर, आईआईएसईआर भोपाल, आईआईएसईआर कोलकाता, आईआईएसईआर मोहाली, आईआईएसईआर पुणे, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम और आईआईएसईआर तिरुपति- किसी भी आईआईएसईआर में प्रवेश के इच्छुक उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट https://www.iiseradmission.in/ पर साल 2026 के लिए रजिस्टर कर सकते हैं। वेबसाइट पर परीक्षा केंद्र के विवरण भी दिए जाएँगे।
आईएटी 2026 की पूरी प्रवेश प्रक्रिया में उम्मीदवारों की सहायता के लिए एक हेल्पडेस्क (टेली. $91 7205457461 (कार्य दिवस में दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे के बीच); ईमेल: का प्रावधान किया गया है।
आईआईएसईआर के प्लेसमेंट रिकॉर्ड बहुत अच्छे रहे हैं। पूरी दुनिया के टॉप ग्लोबल फर्मों, रिसर्च इंस्टिट्यूशन्स और पीएचडी प्रोग्राम्स में आईआईएसईआर के ग्रेजुएट्स अपनी जगह बना रहे हैं। विद्यार्थियों को इंटर्नशिप, इंडस्ट्री कोलेबोरेशन और इंटरनेशनल एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से सीखने के पर्याप्त अवसर मिलते हैं। उनके लिए शिक्षा जगत, उद्योग और अन्य क्षेत्रों में अच्छा करियर बनाना आसान होता है।
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) ‘सर्वोपरि विज्ञान’ का मार्ग प्रशस्त करता है। यह इसे खास पहचान देता है। विद्यार्थियों को उनकी विशेषज्ञता का विषय चुनने से पहले कई विषयों को जानने का अवसर देता है। प्रवेश परीक्षा में सफल आवेदकों को एक वाइब्रेंट कम्युनिटी मिलती है, जहाँ बायोलॉजिकल, केमिकल, मैथमेटिकल, फिजिकल और अर्थ साइंसेज में अत्याधुनिक शोध हो रहे हैं।
आईआईएसईआर के विद्यार्थियों को रिसर्च, कॉन्सेप्चुअल ट्रेनिंग, इंटरडिसिप्लिनरी और हायर स्टडीज़ (एमएस / पीएचडी) के लिए अधिक फ्लेक्सिबिलिटी और फिर आर एण्ड डी, एकेडेमिया, डीप टेक और साइंटिफिक इनोवेशन में करियर के लिए बेहतर अनुकूलन का दीर्घकालिक लाभ मिलता है।
आईएटी 2026 के लिए योग्यता मानक
आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 में आवेदन के लिए उम्मीदवार का साइंस स्ट्रीम में कक्षा 12 / समकक्ष परीक्षा या न्यूनतम 3 साल का डिप्लोमा प्रोग्राम (2024, 2025 या 2026 में) न्यूनतम 60 प्रतिशत अंकों (एससी / एसटी / पीडब्ल्यू के लिए 55 प्रतिशत) के साथ पास होना अनिवार्य है। यह आकलन सभी विषयों को ध्यान में रख कर किया गया हो।
उम्मीदवार ने बायोलॉजी, केमिस्ट्री, मैथमेटिक्स और फिजिक्स में से कम से कम तीन विषयों की पढ़ाई की हो। आईआईएसईआर कोलकाता के बीएस-एमएस कम्प्यूटेशनल और डेटा साइंस प्रोग्राम, आईआईएसईआर भोपाल के बी.टेक / बीएस इकोनॉमिक साइंस प्रोग्राम और आईआईएसईआर तिरुपति के बीएस इकोनॉमिक और स्टैटिस्टिकल साइंस प्रोग्राम के लिए मैथमेटिक्स अनिवार्य है।
विशेष सूचना- दिसंबर 2023 के जेकेबीओएसई कश्मीर / लद्दाख के विद्यार्थियों को 2024 में पास माना जाएगा; कश्मीरी माइग्रेंट्स अपने डोमिसाइल सर्टिफिकेट अपलोड करें; आरक्षण भारत सरकार की नीतियों के अनुसार उपलब्ध हैं। (एससी 15 प्रतिशत, एसटी 7.5 प्रतिशत, ओबीसी-एनसीएल 27 प्रतिशत, पीडब्ल्यूडी 5 प्रतिशत, ईडब्ल्यूएस 10 प्रतिशत तक, कश्मीरी माइग्रेंट्स के लिए सुपरन्यूमरेरी)।
*उम्मीदवार नीचे दिए गए स्टेप्स अनुसार आईएटी 2026 में आवेदन करें-*
स्टेप 1 - आईआईएसईआर एडमिशन 2026 के लिए वेबसाइट https://iiseradmission.in/ पर जाएँ।
स्टेप 2 - होमपेज पर ‘अप्लाई फॉर आईएटी-2026’ पर जाएँ
स्टेप 3 - अगले पेज पर रजिस्टर कर यूजर आईडी और पासवर्ड प्राप्त करें
स्टेप 4 - सफलतापूर्वक रजिस्ट्रेशन के बाद अनिवार्य डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और उचित राशि भुगतान कर आवेदन पत्र पूरा भरें।
उम्मीदवार सभी विवरण सही से और ध्यानपूर्वक दें। आवेदन पत्र सबमिट करने के बाद विवरण नहीं बदल सकते हैं।
*महत्वपूर्ण तिथियाँ*
5 मार्च, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल खुलेगा
13 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन पोर्टल बंद होगा
16-18 अप्रैल, 2026 - एप्लीकेशन फॉर्म में करेक्शन
24 मई, 2026 - एग्जाम हॉल टिकट जारी होगा
7 जून, 2026 - आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट (आईएटी) 2026 परीक्षा की तिथि (सुबह 9:00 बजे - दोपहर 12:00 बजे आईएसटी)
उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि किसी अपडेट के लिए नियमित रूप से ऑफिशियल एडमिशन पोर्टल देखें- https://www.iiseradmission.in/#admission_important_dates
एनेक्सर
*प्रो. अशोक कुमार गांगुली, निदेशक, आईआईएसईआर बरहामपुर, ओडिशा, ने कहा,* “आईआईएसईआर बरहामपुर का शांत, सुकून भरा और स्वच्छ प्राकृतिक परिवेश उन्मुक्त सोच और सर्जना का संवर्धन करता है। साथ ही सबसे आधुनिक उपकरण देता है, ताकि अब तक अज्ञात पहलुओं को समझने और इनोवेशन करने का अवसर मिले। हमने विद्यार्थियों को शिक्षा का अद्वितीय अनुभव प्रदान करने के लिए सर्वश्रेष्ठ मानव संसाधन हासिल करने का लक्ष्य रखा है। हम स्पोर्ट्स, कल्चरल और आउटरीच / सोशल एक्टिविटीज़ को पर्याप्त महत्व देते हैं, क्योंकि ये विद्यार्थियों के व्यक्तित्व के बहुआयामी विकास के लिए जरूरी हैं।“
*प्रो. गोवर्धन दास, निदेशक, आईआईएसईआर भोपाल, ने कहा,* “आईआईएसईआर एप्टीट्यूड टेस्ट एक प्रवेश परीक्षा से बढ़ कर आईआईएसईआर भोपाल के डायनामिक रिसर्च इकोसिस्टम का प्रवेश मार्ग है। हमारा कैंपस विद्यार्थियों को नई जानकारियाँ हासिल करने, परीक्षण और सर्जन करने की प्रेरणा देता है। आईआईएसईआर भोपाल कई खूबियों की वजह से खास है, जैसे यहाँ साइंस, इंजीनियरिंग, इकोनॉमिक्स और ह्यूमैनिटीज़ का अनोखा तालमेल है। श्रेष्ठ शिक्षा का इंटरडिसिप्लिनरी परिवेश है। यह शिक्षा के अलावा कैंपस लाइफ के ज़रूरी स्पोर्ट्स और कल्चरल एक्टिविटीज़ को बढ़ावा देता है। खेल का अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और सभी सुविधाएँ देता है। कुल मिला कर विद्यार्थियों का मानसिक और शारीरिक विकास में पूरा योगदान देता है।”
*प्रो. सुनील कुमार खरे, निदेशक, आईआईएसईआर कोलकाता, ने कहा,* “आईआईएसईआर कोलकाता में हम आगामी पीढ़ी के लीडर्स को प्रशिक्षण देने के लिए कृतसंकल्प हैं, ताकि वे देश को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथेमेटिक्स के शिखर पर ले जाएँ। साल 2006 में संस्थान के शुभारंभ के बाद हम ने रिसर्च, टीचिंग और इनोवेशन में श्रेष्ठ कार्य करने का वाइब्रेंट इकोसिस्टम स्थापित किया है। कैंपस में सब के समावेश और प्रगतिशील परिवेश के लिए विश्वस्तरीय सुविधाएँ दी है। हमारे फैकल्टी अपने क्षेत्र में जाने-माने नाम हैं, जो क्यूरियोसिटी, लीडरशिप और इंटरडिसिप्लिनरी सोच को बढ़ावा देते हैं। हम शैक्षिक मार्गदर्शन के अलावा विद्यार्थियों को सत्यनिष्ठ, ज़िम्मेदार और भविष्य के तैयार बनाते हैं। बड़े बदलाव के विज़न के साथ उन्हें समाज में सार्थक योगदान देने के लिए तैयार करते हैं।”
*प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, आईआईएसईआर मोहाली, ने कहा* , “आईआईएसईआर मोहाली हिमालय की तराई में बसी नॉलेज सिटी मोहाली में है, जहाँ नागरिकों के लिए बेहतरीन परिवेश है। यहाँ विद्यार्थियों की जिज्ञासा को एक उद्देश्य मिलता है, आश्चर्य भाव से ज्ञान सृजन होता है, विज्ञान का जुनून समझदारी और इनोवेशन का रूप लेता है और ज्ञान मनुष्य की प्रगति का संबल बनता है। हम विज्ञान की उत्कृष्ट शिक्षा पर ज़ोर देते हैं। साथ ही स्पोर्ट्स और कल्चरल जानने का उत्साह भरते हैं, क्योंकि यह विद्यार्थियों के सम्रग विकास के लिए जरूरी है। इस तरह हम विद्यार्थियों की करिकुलर और एक्स्ट्रा करिकुलर सभी गतिविधियों में मदद करते हैं।”
*प्रो. सुनील एस. भागवत, निदेशक, आईआईएसईआर पुणे, ने कहा,* “आईआईएसईआर पुणे में दुनिया की कुछ सबसे अच्छी यूनिवर्सिटीज़ की तरह इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाएँ हैं। अत्याधुनिक शोधों में संलग्न फैकल्टी हैं। सही अर्थों में शानदार प्रतिभाएँ तैयार करने का आदर्श परिवेश है। संस्थान पुणे शहर में है और इसके चारों ओर उच्च स्तरीय शोध संस्थान और उद्योग केंद्र हैं। आईआईएसईआर पुणे सीखने, नई खोज और प्रगति करने का जीवंत और उत्साहवर्धक माहौल देता है। साथ ही, कल्चरल और स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ के साथ सभी के समावेश का परिवेश देता है।”
*प्रो. जारुगु नरसिम्हा मूर्ति, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम, ने कहा,* “आईआईएसईआर तिरुवनंतपुरम में हम विद्यार्थियों को ऐसा परिवेश देने के लिए कृतसंकल्प हैं, जिसमें उत्सकुता से प्रेरित जिज्ञाशा वैज्ञानिक प्रशिक्षण को संपूर्णता प्रदान करती करती है। केरल के वेस्टर्न घाट की शांत पृष्ठभूमि में हमारा कैंपस एक प्रेरक परिवेश देता है, ताकि विभिन्न विषयों में जिज्ञाशा, सर्जना और सार्थक सहयोग का संवर्धन हो। साल 2008 में संस्थान की शुरुआत के बाद से हम ने उच्च गुणवत्ता के शोध और शिक्षण की मजबूत नींव बनाई है। हमारे पास अत्याधुनिक लैब्स और अध्ययन-अध्यापन की वाइब्रेंट कम्युनिटी है। हम उत्कृष्ट प्रतिभाओं को आकर्षित करने और उन्हें दुनिया की वास्तविक चुनौतियाँ पार कर शिखर छूने के लिए तैयार करते हैं। इस तरह वे देश-दुनिया की ज्वलंत समस्याओं के समाधान देने में सक्षम होते हैं। हमारे एकेडमिक प्रोग्राम्स इसलिए खास हैं, क्योंकि हम उन्हें इंटरडिसिप्लिनरी बनाते हैं। हम प्रतिभा प्रशिक्षण पर जोर देकर देश के भविष के लिए तैयार एक मजूबत वैज्ञानिक कार्यबलब बना रहे हैं। यह एनर्जी सेक्युरिटी, एडवांस्ड मटीरियल, मॉडर्न मेडिसिन, क्वांटम कंप्यूटिंग आदि आधुनिक कार्य क्षेत्रों की चुनौतियों के समाधान देंगे।”
*प्रो. शांतनु भट्टाचार्य, निदेशक, आईआईएसईआर तिरुपति, ने कहा* , “आईआईएसईआर तिरुपति एक अग्रगण्य शोध-उन्मुख संस्थान है (यह वर्ष 2015 में स्थापित और आईआईएसईआर सीरीज़ का 6ठा संस्थान है)। आईआईएसईआर तिरुपति का 5-साल का इंटरडिसिप्लिनरी बीएस-एमएस प्रोग्राम मौलिक विज्ञान का शोध-उन्मुख शिक्षा से बेजोड़ तालमेल करता है। संस्थान के पास अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर, सबसे बड़ा आईआईएसईआर कैंपस, उच्च कोटि के इंस्ट्रूमेंट्स, स्वयं सीख कर वैज्ञानिक जिज्ञासा बढ़ाने पर जोर और उच्च गुणवत्ता के फैकल्टी के मार्गदर्शन में शिक्षण-प्रशिक्षण जैसे सभी फीचर्स हैं। यहाँ मेजर और माइनर्स के कई ऑप्शन हैं। साथ ही पूरी दुनिया में मान्य डुअल डिग्री के अवसर भी हैं। आईआईएसईआर तिरुपति में हम भविष्य सँवारने में सक्षम जिज्ञाशा का सम्मान करते हैं। हमें चुनौती देते सवालों, हमें प्रेरित करते एक्सपेरिमेंट्स और उन खोजों को अहमियत देते हैं, जो हमारी दुनिया बदलने में सक्षम दिखते हैं। यह रिसर्चर्स, स्कॉलर्स और उन लोगों के लिए है, जिनके सपने हैं, जो हर दिन ज्ञान की नई सीमाएँ बना रहे हैं।”
*इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) का संक्षिप्त परिचय*
इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (आईआईएसईआर) विज्ञान की शिक्षा और शोध दोनों क्षेत्रों में बेहतरीन काम करने के अपने मजबूत इरादों के लिए मशहूर हैं। ये संस्थान बरहमपुर, भोपाल, कोलकाता, मोहाली, पुणे, तिरुवनंतपुरम और तिरुपति में हैं। इन संस्थानों में शिक्षा का अद्वितीय परिवेश है, जहाँ विभिन्न विषयों के तालमेल से सीखने और शोध करने को बढ़ावा दिया जाता है। अत्याधुनिक प्रयोगशालाएँ, शोध केंद्र और कैंपस का प्रगतिशील माहौल है। इस तरह आईआईएसईआर अपने विद्यार्थियों को नई खोज, इनोवेशन और शैक्षिक उपलब्धियों के लिए प्रोत्साहित करते हैं।
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उदयप्रताप सिंह को फिर मिली मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी
मुंबई। मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम द्वारा आज जारी सूची में उदयप्रताप सिंह को एक बार फिर मुंबई भाजपा प्रवक्ता की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। भाजपा प्रवक्ता के रूप में उदय प्रताप सिंह लगातार पार्टी की नीतियों और उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाते रहे हैं। मीडिया में उनकी लगातार सक्रियता और समर्पित भावना के साथ की जा रही कार्यशैली को देखते हुए पार्टी द्वारा उन्हें एक बार फिर यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। पत्रकार संघ द्वारा पत्रकार मित्र पुरस्कार से सम्मानित उदयप्रताप सिंह ने दी गई जिम्मेदारी के लिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष एडवोकेट अमित साटम के अलावा सभी शीर्ष नेताओं का आभार मानते हुए कहा कि वे दी गई जिम्मेदारी का निर्वहन पूरे मनोयोग पूर्वक करते हुए पार्टी के प्रचार प्रसार और उसकी नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का काम पूर्ववत करते रहेंगे।
दुधवा टाइगर रिजर्व में बाघ का हमला: मादा गैंडे की मौत से वन विभाग हैरान

लखीमपुर खीरी। दुधवा टाइगर रिजर्व के दक्षिण सोनारीपुर रेंज स्थित प्रथम गैंडा पुनर्वास केंद्र से एक दुखद खबर सामने आई है। यहां बाघ के हमले में एक मादा गैंडे की मौत हो गई।
घटना के बाद वन विभाग के अधिकारियों और वन्य जीव विशेषज्ञों में चिंता और हैरानी का माहौल है। विशेषज्ञों का कहना है कि सामान्य परिस्थितियों में बाघ इतने बड़े और शक्तिशाली जानवर पर आसानी से हमला नहीं करते। ऐसे में इस घटना को असामान्य माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह मादा गैंडा पुनर्वास केंद्र में संरक्षित थी। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मौके से मिले साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जांच की जाएगी।
इस घटना ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं और विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर किन परिस्थितियों में बाघ ने गैंडे पर हमला किया।