नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
13 साल बाद शनिवार को पड़ रही शनि जयंती, मंदिर में तैयारी तेज
*शनिदेव का तेल से अभिषेक से फलदायी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि शनिवार को 13 साल बाद शनि जयंती का दुर्लभ संयोग बन रहा है। शनिवार का तेलाभिषेक करके विधि विधान से पूजन अर्चन करने पर शनि दोष ( साढ़ेसाती ढैय्या) से मुक्ति मिलती है। जिले के शनि मंदिरों पर जयंती को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। मंदिर में सफाई का कार्य भी चल रहा है। फकरीपुर बैदा के प्राचीन शनि मंदिर में 16 म‌ई को धार्मिक अनुष्ठान के साथ शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके अलावा भिडिऊरा, ज्ञानपुर, भदोही गोपीगंज आदि शनिदेव मंदिर में विशेष पूजन अर्चन किया जाएगा।  इस बार अद्भुत संयोग बना है। जब शनिवार को 13 साल बाद शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी दिन शनि जयंती भी है। इस दिन शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाना और कच्चे तिल का दान करना और मंत्र जाप करना बेहद फलदायी होता है। जिन व्यक्तियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है। इससे वह दोष मुक्त हो जाते हैं। भगवान शनिदेव का सरसों,तिल कि तेल अर्पित करें। इससे जीवन में चल रही बाधाएं दूर हो जाएंगी।
महाराणा प्रताप जयंती पर निकलेगी सामाजिक सद्भावना शोभायात्रा
17 जून को बघोल,लेंडियारी से कोरांव तक गूंजेगा वीरता और एकता का संदेश

प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

मेवाड़ के महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप सिंह की जयंती को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को डी आर एजेंसी कोरांव में सर्व समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें महाराणा प्रताप जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में महाराणा प्रताप जयंती 17 जून को मनाई जाएगी, जो हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ती है। हालांकि महाराणा प्रताप की ऐतिहासिक जन्मतिथि 9 मई 1540 मानी जाती है, लेकिन परंपरागत रूप से कई स्थानों पर उनकी जयंती पंचांग के अनुसार मनाई जाती है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाराणा प्रताप की वीरता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 जून 2026 को बघोल स्थित हनुमान मंदिर से लेंडियारी बाजार होते हुए कोरांव तक सामाजिक सद्भावना भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में प्रमुख रूप से ज्योति प्रकाश बाबा सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता एवं पत्रकार गिरिजेश शुक्ला, अवनीश मिश्रा, रत्नाकर सिंह, अनुराग तिवारी, राजू सिंह प्रधान, राजेश सिंह, राहुल पांडे, अधिवक्ता एवं जिला महासचिव संकल्प सिंह ‘शिब्बू’, राजेंद्र सिंह कुदर, शिवम् सिंह गहरवार, विनय प्रताप सिंह, बालेश्वरी सिंह, राकेश सोनी, निर्भय सिंह, श्यामु सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राम परिवार प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 25 मई को, अयोध्या में होगा भव्य आयोजन

गंगा दशहरा पर विशेष पूजन, हवन और भजन-कीर्तन की तैयारी; सीएम योगी के शामिल होने की संभावना

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में 25 मई को श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

बताया जा रहा है कि इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट स्तर पर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष गंगा दशहरा के दिन ही श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी। उस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे थे। इस वर्ष भी गंगा दशहरा 25 मई को पड़ने के कारण मंदिर ट्रस्ट ने इसी दिन वर्षगांठ समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है।

बुधवार देर शाम राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजन, हवन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।
नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
13 साल बाद शनिवार को पड़ रही शनि जयंती, मंदिर में तैयारी तेज
*शनिदेव का तेल से अभिषेक से फलदायी*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्येष्ठ माह की अमावस्या तिथि शनिवार को 13 साल बाद शनि जयंती का दुर्लभ संयोग बन रहा है। शनिवार का तेलाभिषेक करके विधि विधान से पूजन अर्चन करने पर शनि दोष ( साढ़ेसाती ढैय्या) से मुक्ति मिलती है। जिले के शनि मंदिरों पर जयंती को लेकर तैयारी शुरू हो चुकी है। मंदिर में सफाई का कार्य भी चल रहा है। फकरीपुर बैदा के प्राचीन शनि मंदिर में 16 म‌ई को धार्मिक अनुष्ठान के साथ शनिदेव का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। इसके अलावा भिडिऊरा, ज्ञानपुर, भदोही गोपीगंज आदि शनिदेव मंदिर में विशेष पूजन अर्चन किया जाएगा।  इस बार अद्भुत संयोग बना है। जब शनिवार को 13 साल बाद शनिश्चरी अमावस्या का दुर्लभ संयोग बन रहा है। इसी दिन शनि जयंती भी है। इस दिन शनि देव को सरसों का तेल चढ़ाना और कच्चे तिल का दान करना और मंत्र जाप करना बेहद फलदायी होता है। जिन व्यक्तियों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है। इससे वह दोष मुक्त हो जाते हैं। भगवान शनिदेव का सरसों,तिल कि तेल अर्पित करें। इससे जीवन में चल रही बाधाएं दूर हो जाएंगी।
महाराणा प्रताप जयंती पर निकलेगी सामाजिक सद्भावना शोभायात्रा
17 जून को बघोल,लेंडियारी से कोरांव तक गूंजेगा वीरता और एकता का संदेश

प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

मेवाड़ के महान वीर योद्धा महाराणा प्रताप सिंह की जयंती को लेकर क्षेत्र में तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में गुरुवार को डी आर एजेंसी कोरांव में सर्व समाज की एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें महाराणा प्रताप जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने का निर्णय लिया गया।
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2026 में महाराणा प्रताप जयंती 17 जून को मनाई जाएगी, जो हिंदू पंचांग के अनुसार ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर पड़ती है। हालांकि महाराणा प्रताप की ऐतिहासिक जन्मतिथि 9 मई 1540 मानी जाती है, लेकिन परंपरागत रूप से कई स्थानों पर उनकी जयंती पंचांग के अनुसार मनाई जाती है।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि महाराणा प्रताप की वीरता, राष्ट्रभक्ति और सामाजिक समरसता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से 17 जून 2026 को बघोल स्थित हनुमान मंदिर से लेंडियारी बाजार होते हुए कोरांव तक सामाजिक सद्भावना भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं युवा संगठनों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम को लेकर क्षेत्रीय लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। बैठक में उपस्थित वक्ताओं ने लोगों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की।
बैठक में प्रमुख रूप से ज्योति प्रकाश बाबा सिंह, नागेंद्र प्रताप सिंह, अधिवक्ता एवं पत्रकार गिरिजेश शुक्ला, अवनीश मिश्रा, रत्नाकर सिंह, अनुराग तिवारी, राजू सिंह प्रधान, राजेश सिंह, राहुल पांडे, अधिवक्ता एवं जिला महासचिव संकल्प सिंह ‘शिब्बू’, राजेंद्र सिंह कुदर, शिवम् सिंह गहरवार, विनय प्रताप सिंह, बालेश्वरी सिंह, राकेश सोनी, निर्भय सिंह, श्यामु सिंह सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
राम परिवार प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ 25 मई को, अयोध्या में होगा भव्य आयोजन

गंगा दशहरा पर विशेष पूजन, हवन और भजन-कीर्तन की तैयारी; सीएम योगी के शामिल होने की संभावना

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में 25 मई को श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर विराजमान राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाई जाएगी। गंगा दशहरा के पावन अवसर पर आयोजित होने वाले इस समारोह को भव्य और ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

बताया जा रहा है कि इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि उनके कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन और मंदिर ट्रस्ट स्तर पर तैयारियों का सिलसिला शुरू हो गया है।

गौरतलब है कि पिछले वर्ष गंगा दशहरा के दिन ही श्रीराम मंदिर के प्रथम तल पर राम परिवार की भव्य प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई थी। उस ऐतिहासिक आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे थे। इस वर्ष भी गंगा दशहरा 25 मई को पड़ने के कारण मंदिर ट्रस्ट ने इसी दिन वर्षगांठ समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया है।

बुधवार देर शाम राम मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारियों की बैठक में कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा पर चर्चा हुई। बैठक में वैदिक मंत्रोच्चार, विशेष पूजन, हवन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों के आयोजन का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाने तथा श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर भी जोर दिया गया।

ट्रस्ट से जुड़े पदाधिकारियों के अनुसार, राम परिवार की प्राण प्रतिष्ठा की पहली वर्षगांठ को यादगार बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। समारोह में बड़ी संख्या में संत-महात्माओं, श्रद्धालुओं और विशिष्ट अतिथियों के शामिल होने की संभावना है।

स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील

कमलेश मेहरोत्रा । लहरपुर (सीतापुर)। जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने 10 अस्पतालों की जांच कर एक अस्पताल व एक पैथोलॉजी को किया सील। बृहस्पतिवार को जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा गठित टीम में नोडल अधिकारी डॉ एम एल गंगवार, डिप्टी सीएमओ दिनेश त्रिपाठी, नायाब तहसीलदार अशोक कुमार यादव व सीएचसी अधीक्षक अरविंद बाजपेई के द्वारा केशरी गंज स्थित गैलेक्सी अस्पताल की जांच की गई जांच के दौरान आवश्यक प्रपत्र न मिलने पर अस्पताल को सील कर दिया गया, श्री खाटू श्याम अस्पताल की जांच की जो बन्द पाया गया, टीम ने कोतवाली मार्ग पर स्थित लहरपुर मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल और ट्रॉमा सेंटर की जांच की गई ।

जहां पर डॉक्टर मौजूद डॉक्टर के द्वारा सीजर किया गया था लेकिन अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नही था जिसके चलते  बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल संचालित करने पर जमकर फटकार लगाई गई और दो दिनों के अंदर आवश्यक प्रपत्र दिखाने के निर्देश दिए। जिसके बाद टीम मोहल्ला गन्नी टोला स्थित अल्फा हॉस्पिटल की जांच की जिसमे पंजीकरण पाया गया, टीम ने छावनी पुलिया स्थित डॉ एम आई बेग हॉस्पिटल की जांच की गई जो पंजीकृत पाया गया, उसी के बगल में संचालित मेडी केयर हॉस्पिटल, मेडिक्स हॉस्पिटल बन्द मिले, टीम ने वाहिद हॉस्पिटल की जाँच की जो पंजीकृत मिला, उसके  बगल में संचालित कोलैब डायग्नोस्टिक सेंटर का रिनीवल न मिलने पर उसको सील कर दिया गया, टीम के द्वारा मजा शाह स्थित मैक्स हॉस्पिटल व लाइफ लाइन हॉस्पिटल की भी जांच की गई जो पंजीकृत पाए गए।

स्वास्थ्य विभाग की टीम की छापेमारी की सूचना पर ज्यादातर संचालित वैध और अवैध अस्पतालों के शटर धड़ा धड़ गिर गए। जांच के दौरान नोडल अधिकारी एम एल गंगवार ने निर्देश दिए की जिन अस्पतालों में प्रसव कराया जाता है वह अस्पताल संचालकों को प्रसव की रिपोर्ट स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र पर आवश्यक रूप से भेजें। ज्ञातव्य है कि नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में भारी संख्या में वैध और अवैध अस्पताल स्वास्थ्य विभाग की कृपा से संचालित हैं जिनकी समय-समय पर जांच के नाम पर खाना पूर्ति कर अपने कर्तव्य की इतिश्री कर ली जाती है और टीम के जाते ही सभी अस्पताल पुनः संचालित हो जाते हैं।