प्राथमिक विद्यालय मुसहर बस्ती उरैनी में माँ सरस्वती की हवन पूजा बच्चों के बीच उत्साह से संपन्न
संजीव सिंह बलिया, 24 जनवरी 2026: प्राथमिक विद्यालय मुसहर बस्ती उरैनी में माँ सरस्वती की हवन पूजा का आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव नयन के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर बच्चों के लिए विशेष भोजन का भी प्रबंध किया गया था।कार्यक्रम में कई विद्यालयों से पुष्पेन्द्र सिंह, बृजेश कुमार सिंह 'तेगा', रामप्रवेश राम, यशवंत सिंह, सोनू सिंह, सुनील कुमार, राहुल तिवारी, मंजू सिंह, इंदु पांडेय


समेत अनेक प्रधानाध्यापक और शिक्षक उपस्थित रहे। बीईओ रामप्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि ने बच्चों को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने का संदेश दिया तथा विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति की सराहना की।प्रधानाध्यापक राजीव नयन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन विद्यालय परिवार को एकजुट करते हैं तथा शिक्षा के उत्कृष्ट लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होते हैं।
सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए- शिवम सिंह
“मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा एवं स्लेट पूजा का आयोजन


टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, के परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा का श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ पूजा में सहभागिता की। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। जो नौनिहाल बच्चे पूजा प्रारंभ के लिए इच्छुक थे, वे अपने माता-पिता के साथ पूजा में सम्मिलित हुए। साथ ही बच्चों की स्लेट पूजा संपन्न कराई गई। पंडित जी ने विधिवत स्लेट पूजा कराते हुए बच्चों को माँ सरस्वती की पूजा का आशीर्वाद प्रदान किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पावन अवसर पर अभिभावकों ने भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया। विद्यालय के *डायरेक्टर लायन राजीव भार्गव* एवं *प्रिंसिपल लायन शिवानी भार्गव* ने सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर समाज एवं विद्यालय परिवार को माँ सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाओं का संदेश दिया।
लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा

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लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।

भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।

युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।

रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।

विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:

विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।

शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।

तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।

यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण

झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।

POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ

यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:

"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"

झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति

बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:

पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।

मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।

शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।

"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन

प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।

सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर

झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।

उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
मुलुंड में श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का द्वितीय वर्धापन दिवस सम्पन्न
मुंबई। राम मंदिर, अर्चना होटल के पास, चेक नाका मुलुंड पश्चिम में श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का द्वितीय वर्धापन दिवस श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्री आंजनेय प्रतिष्ठान के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रामभक्तों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा एवं हवन के साथ हुई, जिसमें विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु श्रीराम की आराधना की गई। इसके उपरांत सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ, जहां भक्तिमय भजनों से संपूर्ण परिसर राममय हो उठा। इस पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम से सुख-समृद्धि और राष्ट्रकल्याण की कामना की।

आयोजकों द्वारा आए हुए सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफल रूप से सम्पन्न हुआ।
गढ़वा में शिक्षा की नई क्रांति: 'Garhwa Learns & Garhwa Leads' कार्यक्रम का कल होगा भव्य आगाज

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गढ़वा: जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गढ़वा जिला प्रशासन एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू करने जा रहा है। “Garhwa Learns & Garhwa Leads” नामक इस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ कल, यानी 24 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

टाउन हॉल में जुटेगा शिक्षा जगत

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह शनिवार पूर्वाह्न 11:30 बजे से नीलांबर पीतांबर बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन (टाउन हॉल), गढ़वा में आयोजित होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव के दिशा-निर्देशों और 'डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इनोवेशन चैलेंज' (DEIC) के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

क्या है इस कार्यक्रम का उद्देश्य?

“Garhwa Learns & Garhwa Leads” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गढ़वा की शिक्षा व्यवस्था को बदलने का एक रोडमैप है। इसके मुख्य लक्ष्य इस प्रकार हैं:

गुणवत्ता में सुधार: जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक स्तर और लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाना।

नवाचार (Innovation): शिक्षण पद्धतियों में नए प्रयोगों और तकनीक को बढ़ावा देना।

परफॉरमेंस रिव्यू: निर्धारित इंडिकेटर्स के आधार पर स्कूलों और शिक्षकों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा।

नेतृत्व क्षमता: विद्यार्थियों में न केवल सीखने की ललक (Learns) पैदा करना, बल्कि उन्हें भविष्य के नेतृत्व (Leads) के लिए तैयार करना।

अधिकारियों और शिक्षकों को मिला दायित्व

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस ऐतिहासिक पहल की सफलता के लिए शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम गढ़वा जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा और जिले को शैक्षणिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

परमात्मा के मिलन का सरल मार्ग है भक्ति : नीरज शास्त्री
- बेलसर नगर पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस
-बेलसर। नगर पंचायत बेलसर में चेयरमैन प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह के श्यामू सिंह हाता स्थित आवास पर चल रही  सायं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस भागवत कथा में भक्ति के महात्मय का वर्णन किया गया।
अयोध्या के युवा कथा मनीषी  नीरज दास शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के मिलन का सबसे सरल मार्ग भक्ति है। मानव का शरीर परमात्मा की असीम अनुकम्पा से मिलता है। हमें जीवन के एक एक पल का सद्पयोग करते हुए प्रभु का भजन करना चाहिए। जीवन का बहुमूल्य समय विषय भोग में व्यर्थ गंवाने से अंत में केवल पछतावा ही हाथ आता है।श्रद्धालुओं को भक्ति की ज्ञान गंगा में अभिसिंचित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद व ध्रुव जैसे भक्तों ने वाल्यावस्था में ही प्रभु का शरण ग्रहण किया तो प्रभु श्री राम से मिलन के लिए शबरी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया।कथा में   शिक्षक नेता अजीत सिंह, मोनू सिंह, सूरज सिंह  संतोष कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, पंकज सिंह व नगरवासी व्यापारीगण मौजूद रहे।
प्राथमिक विद्यालय मुसहर बस्ती उरैनी में माँ सरस्वती की हवन पूजा बच्चों के बीच उत्साह से संपन्न
संजीव सिंह बलिया, 24 जनवरी 2026: प्राथमिक विद्यालय मुसहर बस्ती उरैनी में माँ सरस्वती की हवन पूजा का आयोजन विद्यालय के प्रधानाध्यापक राजीव नयन के नेतृत्व में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस पवित्र अवसर पर बच्चों के लिए विशेष भोजन का भी प्रबंध किया गया था।कार्यक्रम में कई विद्यालयों से पुष्पेन्द्र सिंह, बृजेश कुमार सिंह 'तेगा', रामप्रवेश राम, यशवंत सिंह, सोनू सिंह, सुनील कुमार, राहुल तिवारी, मंजू सिंह, इंदु पांडेय


समेत अनेक प्रधानाध्यापक और शिक्षक उपस्थित रहे। बीईओ रामप्रताप सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।शिक्षकों, अभिभावकों और बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्य अतिथि ने बच्चों को ज्ञान की देवी माँ सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने का संदेश दिया तथा विद्यालय की शैक्षणिक प्रगति की सराहना की।प्रधानाध्यापक राजीव नयन ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन विद्यालय परिवार को एकजुट करते हैं तथा शिक्षा के उत्कृष्ट लक्ष्यों की प्राप्ति में सहायक होते हैं।
सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए- शिवम सिंह
“मंथन” में 931 परीक्षार्थियों को मिला परीक्षा और कैरियर मार्गदर्शन*

अमेठी,अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद द्वारा अमेठी जनपद में यूपी बोर्ड एवं सीबीएसई बोर्ड के हाई स्कूल व इंटरमीडिएट परीक्षा में सम्मिलित होने जा रहे विद्यार्थियों के लिए “मंथन " कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह मंच विद्यार्थियों की परीक्षा संबंधी जिज्ञासाओं, मानसिक तनाव और कैरियर विकल्पों पर समाधान प्रदान करने हेतु समर्पित रहा। कार्यक्रम में अमेठी जनपद के 931 परीक्षार्थी शामिल हुए। विद्यार्थियों के प्रश्नों का समाधान उप जिलाधिकारी अमेठी पंकज मिश्र, प्रान्त मंत्री शिवम सिंह तथा प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश द्वारा किया गया। प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने प्रास्ताविकी रखते हुए कहा कि आज विद्यार्थियों की आँखों में जो उत्सुकता, जिज्ञासा और आत्मविश्वास झलक रहा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत का भविष्य जागरूक, कर्मठ और लक्ष्यबद्ध है। “मंथन” नाम स्वयं में सार्थक है। मंथन से अमृत निकलता है, और आज यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा का अमृत खोजने का प्रयास है। परीक्षा का समय हर विद्यार्थी के जीवन में निर्णायक पड़ाव होता है। यह केवल पाठ्यपुस्तकों की परीक्षा नहीं, बल्कि समय-प्रबंधन, धैर्य, मनोबल और आत्मअनुशासन की भी परीक्षा है। कई बार विद्यार्थी तनाव, भ्रम और भय से घिर जाते हैं। ऐसे समय में सही मार्गदर्शन दीपक की भाँति रास्ता दिखाता है। “मंथन” उसी दीपक को प्रज्वलित करने का मंच है। आज का युग प्रतिस्पर्धा का है, परंतु प्रतिस्पर्धा में वही सफल होता है जो स्वयं से प्रतिस्पर्धा करना सीखता है। अंक महत्त्वपूर्ण हैं, किंतु उससे भी अधिक महत्त्वपूर्ण है दृष्टि, दिशा और दृढ़ संकल्प। यही कारण है कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद निरंतर विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास हेतु ऐसे कार्यक्रम आयोजित करती रही है। याद रखिए, परीक्षा जीवन का पड़ाव है, मंज़िल नहीं। असफलता अंत नहीं, अनुभव है। परिश्रम कभी व्यर्थ नहीं जाता। अपने भीतर छिपी क्षमता को पहचानिए। लक्ष्य तय कीजिए। विद्यार्थी नियमित अभ्यास को जीवन का संस्कार बनायें और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्य का भाव सदैव जागृत रखिए। मुख्य अतिथि उप जिलाधिकारी पंकज मिश्र ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंक प्राप्त करने का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मअनुशासन, धैर्य और समय-प्रबंधन की परीक्षा भी है। नियमित अध्ययन, सकारात्मक सोच और आत्मविश्वास से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। विद्यार्थी तनाव से मुक्त होकर अपनी क्षमता पर विश्वास रखें। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे बच्चों पर अनावश्यक दबाव न डालें, बल्कि उनका मनोबल बढ़ाएँ। मुख्य वक्ता प्रान्त मंत्री शिवम सिंह ने परीक्षार्थियों को संबोधित करते हुए कि आज का विद्यार्थी केवल परीक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि अपने कैरियर को लेकर स्पष्ट दृष्टि बनाए। विज्ञान, वाणिज्य, कला के साथ-साथ तकनीकी और स्टार्टअप के क्षेत्र में भी अपार संभावनाएँ हैं। सही मार्गदर्शन और परिश्रम से विद्यार्थी राष्ट्र निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर निरंतर प्रयास करने की प्रेरणा दी। प्रश्न –उत्तर सत्र के महत्वपूर्ण प्रश्न में, प्रश्न 1 परीक्षा में तनाव कैसे कम करें? उत्तर- समय-सारणी बनाकर पढ़ाई करें, पर्याप्त नींद लें और स्वयं पर विश्वास रखें। प्रश्न 2 यदि अपेक्षित अंक न आएँ तो क्या करें? उत्तर- आत्मविश्लेषण करें, हार न मानें, आगे बेहतर प्रयास करें। जीवन में अनेक अवसर उपलब्ध हैं। प्रश्न 3 बोर्ड परीक्षा के बाद कैरियर चयन कैसे करें? उत्तर- अपनी रुचि, क्षमता और उपलब्ध अवसरों का मूल्यांकन कर मार्गदर्शन लेकर निर्णय लें। प्रश्न 4 परीक्षा में समय प्रबंधन कैसे करें? उत्तर- प्रश्न पत्र पढ़कर उत्तर लिखने की प्राथमिकता तय करें और निर्धारित समय में संतुलन बनाए रखें।कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों को परीक्षा-सफलता के साथ कैरियर-दृष्टि और आत्मविश्वास प्रदान करना रहा। “मंथन” कार्यक्रम वास्तव में जिज्ञासा, समाधान और प्रेरणा का सशक्त मंच सिद्ध हुआ। कार्यक्रम में विभाग संगठन मंत्री कौतुक, प्रान्त सह मंत्री युवराज, प्रान्त कार्यसमिति सदस्य सुबोध, जिला प्रमुख डॉ. धनंजय सिंह, तेजस्व पाण्डेय, जिला संयोजक आदित्य सिंह, देवांश तिवारी, शिखर पाठक सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा एवं स्लेट पूजा का आयोजन


टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, के परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा का श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ पूजा में सहभागिता की। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। जो नौनिहाल बच्चे पूजा प्रारंभ के लिए इच्छुक थे, वे अपने माता-पिता के साथ पूजा में सम्मिलित हुए। साथ ही बच्चों की स्लेट पूजा संपन्न कराई गई। पंडित जी ने विधिवत स्लेट पूजा कराते हुए बच्चों को माँ सरस्वती की पूजा का आशीर्वाद प्रदान किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पावन अवसर पर अभिभावकों ने भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया। विद्यालय के *डायरेक्टर लायन राजीव भार्गव* एवं *प्रिंसिपल लायन शिवानी भार्गव* ने सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर समाज एवं विद्यालय परिवार को माँ सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाओं का संदेश दिया।
लंदन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की 'डिप्लोमेसी': वैश्विक नीति-निर्माताओं के सामने रखी झारखंड की विकास गाथा

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लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने यूनाइटेड किंगडम में भारत के उच्चायुक्त श्री विक्रम दोराईस्वामी द्वारा आयोजित आधिकारिक स्वागत समारोह में शिरकत की। इस गरिमामयी कार्यक्रम में विभिन्न देशों के राजदूतों, नीति-निर्माताओं और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जहाँ मुख्यमंत्री ने झारखंड की संभावनाओं पर वैश्विक संवाद का नेतृत्व किया।

भारत के विकास में झारखंड का 'अहम स्थान'

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत की समग्र आर्थिक प्रगति में झारखंड की भूमिका कितनी निर्णायक है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया:

औद्योगिक एवं खनिज क्षमता: प्रचुर प्राकृतिक संसाधनों के साथ राज्य की बढ़ती औद्योगिक ताकत।

युवा शक्ति: मानव संसाधन की क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने का संकल्प।

रणनीतिक सहयोग: यूके और अन्य अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ क्रिटिकल मिनरल्स, उच्च शिक्षा और कौशल विकास में निवेश की अपील।

विरासत से लेकर खेल तक: बहुआयामी साझेदारी पर चर्चा

मुख्यमंत्री ने केवल आर्थिक ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी सहयोग के द्वार खोले:

विरासत संरक्षण: झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति और प्राचीन स्मारकों के संरक्षण के लिए ब्रिटिश विशेषज्ञों के साथ तकनीकी साझेदारी।

शिक्षा और खेल: झारखंड के युवाओं और खिलाड़ियों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए द्विपक्षीय समझौतों पर चर्चा।

तकनीकी सहयोग: नई और स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में संभावित निवेश।

यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा

यह संवाद यूके-भारत रणनीतिक साझेदारी के व्यापक ढांचे के अनुरूप रहा। राजनीतिक गलियारों में इस यात्रा को झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेश, उच्च शिक्षा और तकनीकी सहयोग के नए द्वार खोलने वाली एक ऐतिहासिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि इन चर्चाओं के सकारात्मक परिणाम जल्द ही धरातल पर दिखाई देंगे।

झारखंड की प्राचीन विरासत अब वैश्विक मंच पर: लंदन में 'Historic England' के साथ मुख्यमंत्री की उच्चस्तरीय बैठक

लंदन / रांची, 23 जनवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड का आधिकारिक प्रतिनिधिमंडल 'झारखंड वैश्विक आउटरीच के तहत यूनाइटेड किंगडम में राज्य की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए नई संभावनाएँ तलाश रहा है। इसी कड़ी में, प्रतिनिधिमंडल ने यूके की विरासत संरक्षण संस्था 'Historic England' के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की।

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स्टोनहेंज और एवेबरी भ्रमण का विशेष आमंत्रण

झारखंड के मेगालिथिक (पाषाणकालीन) स्मारकों में गहरी रुचि दिखाते हुए 'Historic England' ने मुख्यमंत्री को विश्व प्रसिद्ध एवेबरी (Avebury) और स्टोनहेंज (Stonehenge) जैसे प्रागैतिहासिक स्थलों के भ्रमण के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया है। मुख्यमंत्री शनिवार को इन स्थलों का दौरा कर वहां की संरक्षण तकनीकों का अवलोकन करेंगे।

POCC 2025: भारत-यूके सांस्कृतिक सहयोग का लाभ

यह बैठक 'यूके भारत व्यापक सांस्कृतिक सहयोग कार्यक्रम (POCC) 2025' के तहत आयोजित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा:

"झारखंड देश के उन अग्रणी राज्यों में है, जो इस अंतरराष्ट्रीय ढांचे का उपयोग कर अपनी आदिवासी विरासत और प्राचीन मेगालिथिक परंपराओं को वैश्विक पहचान दिला रहा है। झारखंड की विशेषता यह है कि यहाँ हजारों साल पुरानी परंपराएँ आज भी समुदायों के जीवन में जीवित हैं।"

झारखंड के 'जीवाश्म' और 'मेगालिथ' की वैश्विक प्रस्तुति

बैठक में झारखंड के प्रमुख ऐतिहासिक स्थलों को शोध-आधारित तथ्यों के साथ प्रस्तुत किया गया:

पकरी बरवाडीह (हजारीबाग): सूर्य की गति के अनुसार निर्मित विशिष्ट मेगालिथिक परिसर।

मंदर जीवाश्म उद्यान (साहिबगंज): करोड़ों साल पुराने जीवाश्मों का अनूठा संग्रह।

शैलचित्र एवं मोनोलिथ: राज्य के विभिन्न हिस्सों में फैले पाषाण स्मारक।

"Sentinels of Time" कॉफी टेबल बुक का विमोचन

प्रतिनिधिमंडल ने “Sentinels of Time” शीर्षक वाली एक विशेष कॉफी टेबल बुक प्रस्तुत की। यह पुस्तक झारखंड के मेगालिथिक और जीवाश्म परिदृश्यों को वैश्विक विशेषज्ञों और पर्यटकों के सामने वैज्ञानिक और दृश्य दस्तावेज़ के रूप में प्रस्तुत करती है।

सांस्कृतिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका पर जोर

झारखंड सरकार का लक्ष्य विरासत संरक्षण को केवल स्मारकों तक सीमित न रखकर, उसे अनुसंधान, शैक्षणिक साझेदारी और स्थानीय आदिवासियों की आजीविका व पर्यटन से जोड़ना है।

उपस्थिति: बैठक में मंत्री सुदिव्य कुमार, विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, गृह सचिव वंदना डाडेल सहित 'English Heritage Trust' और 'National Trust' के वरिष्ठ प्रतिनिधि उपस्थित थे।

भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
मुलुंड में श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का द्वितीय वर्धापन दिवस सम्पन्न
मुंबई। राम मंदिर, अर्चना होटल के पास, चेक नाका मुलुंड पश्चिम में श्री रामलला प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का द्वितीय वर्धापन दिवस श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन श्री आंजनेय प्रतिष्ठान के तत्वावधान में किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में रामभक्तों ने सहभागिता की।

कार्यक्रम की शुरुआत विधिवत पूजा एवं हवन के साथ हुई, जिसमें विद्वान आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्रभु श्रीराम की आराधना की गई। इसके उपरांत सुंदरकांड पाठ एवं भजन संध्या का आयोजन हुआ, जहां भक्तिमय भजनों से संपूर्ण परिसर राममय हो उठा। इस पावन अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने प्रभु श्रीराम से सुख-समृद्धि और राष्ट्रकल्याण की कामना की।

आयोजकों द्वारा आए हुए सभी भक्तों का आभार व्यक्त करते हुए कहा गया कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, एकता और आध्यात्मिक चेतना को सुदृढ़ करते हैं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफल रूप से सम्पन्न हुआ।
गढ़वा में शिक्षा की नई क्रांति: 'Garhwa Learns & Garhwa Leads' कार्यक्रम का कल होगा भव्य आगाज

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गढ़वा: जिले की शैक्षणिक गुणवत्ता को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए गढ़वा जिला प्रशासन एक नई और महत्वाकांक्षी पहल शुरू करने जा रहा है। “Garhwa Learns & Garhwa Leads” नामक इस कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ कल, यानी 24 जनवरी 2026 को किया जाएगा।

टाउन हॉल में जुटेगा शिक्षा जगत

जिला शिक्षा पदाधिकारी कैशर राजा ने जानकारी दी कि इस कार्यक्रम का जिला स्तरीय शुभारंभ समारोह शनिवार पूर्वाह्न 11:30 बजे से नीलांबर पीतांबर बहुउद्देशीय सांस्कृतिक भवन (टाउन हॉल), गढ़वा में आयोजित होगा। कार्यक्रम की रूपरेखा गढ़वा उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव के दिशा-निर्देशों और 'डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन इनोवेशन चैलेंज' (DEIC) के मानकों को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

क्या है इस कार्यक्रम का उद्देश्य?

“Garhwa Learns & Garhwa Leads” केवल एक अभियान नहीं, बल्कि गढ़वा की शिक्षा व्यवस्था को बदलने का एक रोडमैप है। इसके मुख्य लक्ष्य इस प्रकार हैं:

गुणवत्ता में सुधार: जिले के सरकारी स्कूलों में शैक्षणिक स्तर और लर्निंग आउटकम को बेहतर बनाना।

नवाचार (Innovation): शिक्षण पद्धतियों में नए प्रयोगों और तकनीक को बढ़ावा देना।

परफॉरमेंस रिव्यू: निर्धारित इंडिकेटर्स के आधार पर स्कूलों और शिक्षकों के प्रदर्शन की निरंतर समीक्षा।

नेतृत्व क्षमता: विद्यार्थियों में न केवल सीखने की ललक (Learns) पैदा करना, बल्कि उन्हें भविष्य के नेतृत्व (Leads) के लिए तैयार करना।

अधिकारियों और शिक्षकों को मिला दायित्व

जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इस ऐतिहासिक पहल की सफलता के लिए शिक्षा विभाग के सभी पदाधिकारियों, शिक्षकों और कर्मियों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम गढ़वा जिले के लिए मील का पत्थर साबित होगा और जिले को शैक्षणिक मानचित्र पर एक नई पहचान दिलाएगा।

परमात्मा के मिलन का सरल मार्ग है भक्ति : नीरज शास्त्री
- बेलसर नगर पंचायत में श्रीमद्भागवत कथा का द्वितीय दिवस
-बेलसर। नगर पंचायत बेलसर में चेयरमैन प्रतिनिधि अमित कुमार सिंह उर्फ गोलू सिंह के श्यामू सिंह हाता स्थित आवास पर चल रही  सायं श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के द्वितीय दिवस भागवत कथा में भक्ति के महात्मय का वर्णन किया गया।
अयोध्या के युवा कथा मनीषी  नीरज दास शास्त्री ने कहा कि परमात्मा के मिलन का सबसे सरल मार्ग भक्ति है। मानव का शरीर परमात्मा की असीम अनुकम्पा से मिलता है। हमें जीवन के एक एक पल का सद्पयोग करते हुए प्रभु का भजन करना चाहिए। जीवन का बहुमूल्य समय विषय भोग में व्यर्थ गंवाने से अंत में केवल पछतावा ही हाथ आता है।श्रद्धालुओं को भक्ति की ज्ञान गंगा में अभिसिंचित करते हुए कथा व्यास ने कहा कि भक्त प्रह्लाद व ध्रुव जैसे भक्तों ने वाल्यावस्था में ही प्रभु का शरण ग्रहण किया तो प्रभु श्री राम से मिलन के लिए शबरी ने अपना पूरा जीवन लगा दिया।कथा में   शिक्षक नेता अजीत सिंह, मोनू सिंह, सूरज सिंह  संतोष कुमार सिंह, कृष्णपाल सिंह, पंकज सिंह व नगरवासी व्यापारीगण मौजूद रहे।