अतरौलिया में धड़ल्ले से हो रही पेड़ की कटाई, पुलिस और वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थानाक्षेत्र के सीमा हॉस्पिटल के सामने स्थित मैदान में लगे आम के हरे पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई हो रही है जिस पर पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीम मौन है। सड़क के बगल में स्थित इन पेड़ों की कटाई हो रही है क्योंकि साहब की आंखों पर पैसे की पट्टी बांध दी गई है। मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो पेड़ काटने वाले लोग पेड़ काटते रहे और उन्होंने कहा कि हमने जुर्माना भर दिया है। वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम पर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी वन विभाग वीर बहादुर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आपके द्वारा जानकारी दी गई है इस पर तत्काल कार्रवाई कराई जा रही है।
द वॉयस ऑफ़ अवध प्रतियोगिता का दूसरा आडिशन सम्पन्न-सत्यधाम आश्रम द्वारा क्षत्रिय भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम*
सुलतानपुर,द वॉयस ऑफ अवध इस क्षेत्र में लोक गायन की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। अवधी और भोजपुरी गीतों पर केंद्रित इस आयोजन में हम गांव की मिट्टी की महक महसूस कर सकते हैं। यह बातें राणा प्रताप पीजी कालेज के प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह ने कही। वह सत्यधाम आश्रम और राणा प्रताप पीजी कॉलेज के तत्वावधान में क्षत्रिय भवन में आयोजित अवधी और भोजपुरी लोकगीतों की प्रतियोगिता द वायस आफ अवध को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजक सत्यधाम आश्रम के गद्दीधीश आचार्य सत्यसमदर्शी देवेंद्र कविराज देव ने बताया कि प्रतियोगिता में अवध क्षेत्र के 18 जनपदों के कुल 73 बच्चों ने भाग लिया । जिसमें से 30 प्रतिभागी चयनित हुए। दोनों राउंड मिलाकर कुल साठ प्रतिभाओं का चयन किया गया है। जिसकी सूची जल्द ही सार्वजनिक की जायेगी । अंतिम रूप से टॉप 12 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित होंगे जिसमें से तीन प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर “ द वायस आफ अवध ” के खिताब से नवाजा जाएगा। समारोह के विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि लोकगीत पीढ़ियों से चली आ रही एक मौखिक विरासत है जिसे गांव से जुड़ी महिलाएं सहेजती रही हैं। आज जब लोक परम्परायें संकट में हैं इन्हें सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है । महाविद्यालय आई क्यू ए सी निदेशक प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने कहा कि अच्छी गायकी के लिए अच्छा स्वर, सधा सुर , संगीत की समझ, सातत्य, समर्पण, साधना और संवेदनशीलता का सामंजस्य जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व संचालन कवि लोकेश श्रीवास्तव ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक भोजपुरी के चर्चित गायक नंदन ,चंदन और अमित यादव दीपू ने अपने गीतों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर निर्देशक विनय पाण्डेय,अन्नू यादव,कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग,प्रबंधक सुधा देव, पंकज चौरसिया,बृजकुमार भारती,जादूगर संजय घायल,कवि धर्मराज,अंतिमा तिवारी, पार्वती पाण्डेय,राजन विश्वकर्मा,चंद्रमणि मौर्य,बाबुल यादव,मनीष तिवारी व पूनम पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
*गनपत सहाय महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस*
गनपत सहाय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के समस्त ईकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर *"स्वामी विवेकानंद एक विचारक-वेदांत और भारतीय संस्कृति"विषय पर एक व्याख्यान माला का शुभारंभ किया गया और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक भव्य रैली निकाली गई। व्याख्यान माला का आयोजन महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ.ओमप्रकाश पाण्डेय “बजरंगी” के मार्गदर्शन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अंग्रेज सिंह की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया गया और अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद जी ने अल्प आयु में वो काम कर दिखाया जो कि लोग 100 वर्षों में नहीं कर पाते।उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया और लक्ष्य प्राप्त करने तक नहीं रुकने का मंत्र दिया।व्याख्यान माला के पश्चात एक भव्य रैली निकाली गई जिसे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अंग्रेज़ सिंह और राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनुज पटेल ने हरी झंडी दिखा कर मुख्य परिसर पयागीपुर से रवाना किया जो पयागीपुर, अहिमने, जोगीवीर होते हुए पुनः महाविद्यालय परिसर पर समाप्त हुई।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया।कार्यक्रम में छात्रों में प्रत्युषा,ख़ुशी मिश्रा, रजिया,अर्चिता,अंकिता तिवारी,ऋषिका, करन,शौर्य,राजकपूर का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर कार्यक्रमाधिकारी डॉ.भोलानाथ, डॉ.देवेन्द्र नाथ मिश्र,डॉ.दीपा सिंह, डॉ.शाहनवाज आलम के साथ साथ प्रो.शक्ति सिंह,प्रो.समीर सिन्हा, डॉ.भूपेश गुप्ता,डॉ.दिनेश चंद्र द्विवेदी,डॉ.विनय मिश्र,दिनेश दुबे तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
खारघर में स्नेह मिलन व कवि सम्मेलन सम्पन्न

नवी मुंबई। हिंदी भाषी विकास महासंघ व पूर्वांचल ग्लोबल फाउंडेशन की तरफ से खारघर, नवी मुंबई स्थित श्री राघवेन्द्र स्वामी मठ में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हास्य कवि सुरेश, लाफ्टर चैंपियन फेम सुनील सावरा, योगेश मिश्र व सूरज त्रिपाठी ने अपनी हास्य व्यंग कविताओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। सुरेश मिश्र ने हंसाते -हंसाते बेटी के नाम ख़त कविता पढ़कर श्रोताओं की आंखों को नम कर दिया।

प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद व उद्योगपति कुंवर हरिवंश सिंह, जौनपुर बदलापुर के विधायक रमेश मिश्र, प्रशांत ठाकुर, समाजसेवा विश्वनाथ दूबे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संस्था प्रमुख हेमंत सिंह, अमरीश सिंह और प्रमोद सिंह ने अतिथियों का सम्मान किया।

सम्मान कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र तिवारी ने किया।सभी वक्ताओं ने अपने वक्तव्य में उत्तर भारतीयों की एकजुटता पर बल दिया। कवि सम्मेलन का संचालन योगेश मिश्रा ने किया।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन, उनके जीवन दर्शन से विद्यार्थियों को कराया गया परिचय

अम्बिकापुर- बालक नरेन्द्रनाथ से विवेकानन्द बनने के बाद भारतीय ज्ञान के दूत, दैवीय वक्ता, ज्ञान के आनन्द, राष्ट्रप्रेमी संत, योद्धा संन्यासी जैसे विभूषण भी स्वामी जी के लिए छोटे पड़ जाते हैं। यह बातें सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकान्द जयंती के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने स्वामी जी की 163वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानन्द जब शिकागो धर्म सम्मेलन को सम्बोधित करने के बाद भारत लौटे और देश का भ्रमण किया तो वह विद्वान से विद्यावान बन चुके थे। उन्होंने जब बहनो और भाइयो का सम्बोधन किया तो पूरी दुनिया एक परिवार का रूप चुकी थी। वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश पहुंच चुका था। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानन्द ने भागवत गीता के तथ्यों को आध्यात्मिक कलेवर में सिखाया जो जीवन दर्शन है।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बैच लगा कर स्वागत किया तथा प्रेरणागीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन बहुत ही छोटा 39 वर्षों का था जिसमें उन्होंने मानवता की सेवा किया। उनका छोटा जीवन बड़ा संदेश देता है। उनके जीवन में खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने स्वामी जी के शिकागो यात्रा के लिये धन दिया और विवेकानन्द नाम भी दिया। महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें एक पगड़ी भेंट किया जो अविस्मरणीय है। अल्लसिंगा पेरूमल और रामनाद के राजा भास्कर सेतुपति स्वामी जी का सहयोग करते रहे। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिष्य गुरू के नाम से और गुरू-शिष्य के नाम से जाना जाये, यह दुर्लभ है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानन्द इसी के पर्याय हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एनईपी के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा और आध्यामिकता को स्वामी जी ने वैश्विक मंच पर लाया। उन्होंने भारतीय विरासत, ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से दुनिया को अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने रोम्या रोलां के संस्मरण से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस की स्वयं सेवक शानू रानी तिर्की, सृंखला गोरे और गौरी यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने नशा से मुक्ति के लिए सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों को शपथ दिलायी। उन्होंने हरी झंडी दिखा कर भारत संकल्प दौड़ को रवाना किया। स्वयं सेवक और विद्यार्थियों ने दौड़ में सहभागिता कर देश की एकता को मजबूत किया।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्का सिंह परिहार और अदिति भारतीय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, सहायक प्राध्यापक सुमन मिंज तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को मारी टक्कर, छात्रा की मौत,दो अन्य की हालत गंभीर
प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार 18 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गयी,जबकि बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने  घायलों को स्थानीय अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है तथा साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली को भी कब्जे में ले लिया है।

यह हादसा सूबह लगभग 8.30 बजे हुआ जब ग्राम सभा नरहरपुर के मौजा सुमहिया निवासी नंदनी(18) पुत्री राम जीवन,रोशनी व सनी के साथ अल्लीपुर से गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़ प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रही थी।जैसे ही उनकी बाइक गिन्नी नगर चौराहे पर पहुंची कि तभी गौराचौकी की तरफ से आ रही केबीएफ ईंट भट्टै की ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों लोग बाइक से गिर पड़े और इस दौरान नंदनी ट्रैक्टर के नीचे दब गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में घायल रोशनी व सनी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज रिफर कर दिया।मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेते हुए मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतका की मां कमला ने बताया कि नंदनी अल्लीपुर भीखि के विद्यालय में पढ़ रही थी और गर्ग इंटर कालेज हथियागढ़ में प्रि बोर्ड की परीक्षा देने जा रही थी।वह अपनी सहेलि व उसके मामा के साथ निकली थी।कमला ने कहा कि मैं अपनी बेटी को घर से अल्लीपुर तक छोड़कर वह घर लौट गई थी।वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ईंट भट्ठा मालिक मौके पर नहीं पहुंचेंगे तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों ने कहा कि गिन्नी नगर चौराहे पर अवैध अतिक्रमण के कारण अल्लीपुर रोड पर आने वाले लोगों को गौराचौकी बभनान मार्ग पर साफ दिखाई नहीं देता जिसके कारण आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
लखनऊ विवि में 21 पुस्तकों का विमोचन, उच्च शिक्षा मंत्री बोले— नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी

* राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के बौद्धिक पुनर्जागरण का आधार : योगेंद्र उपाध्याय

लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य एक-दूसरे के पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है।

मंत्री उपाध्याय ने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान का मार्गदर्शक बनना होगा और ‘भारत बौद्धिक्स’ जैसी पहलें युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करेंगी।

कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों के बौद्धिक, संज्ञानात्मक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक सार्थक पहल बताया।

कार्यक्रम में भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने बताया कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। इसमें 100 अंकों में से 80 अंक बहुविकल्पीय और 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित होंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय 50 हजार रुपये, तृतीय 25 हजार रुपये और चतुर्थ 2,500 रुपये के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर महोत्सव-2026 में इतिहास और ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी

* गोरखनाथ से लेकर 1942 आंदोलन तक के ऐतिहासिक दस्तावेज बने आकर्षण

लखनऊ। गोरखपुर महोत्सव–2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार, संस्कृति विभाग द्वारा गोरखपुर के इतिहास एवं ‘वंदे मातरम्’ विषय पर आधारित विशेष अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 11 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक चंपा देवी पार्क, रामगढ़ ताल, गोरखपुर में आमजन के लिए खुली है।

प्रदर्शनी में गोरखपुर और पूर्वांचल के गौरवशाली इतिहास से जुड़े अनेक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें गुरु गोरखनाथ से संबंधित प्राचीन पांडुलिपि, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मयूटिनी नैरेटिव (गोरखपुर), क्रांतिकारी बंधू सिंह का चित्र एवं विवरण, जनपद गोरखपुर परिक्षेत्र के क्रांतिकारियों की सूची, चौरी-चौरा घटना से संबंधित अभिलेख तथा काकोरी कांड के क्रांतिकारियों के विवरण एवं उनकी गिरफ्तारी की तिथियाँ शामिल हैं।

इसके साथ ही गोरखपुर जेल से संबंधित अभिलेख, जहां पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी की सजा दी गई थी, 1942 के आंदोलन के दौरान देवरिया कचहरी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले क्रांतिकारी रामचंद्र और सोना विद्यार्थी से जुड़े दस्तावेज, गोरखपुर के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों तथा ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रीय आंदोलन, स्थानीय इतिहास और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी एवं आम नागरिक इस अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं।
अब कोनिया कोने में नहीं कोनिया अब सोने में रहेगी- विधायक विपुल दूबे


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर के विधायक विपुल दूबे ने सोमवार को आपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में क्षेत्र के विकास कार्य और बिशेष रूप से कोनिया के धनतुलसी-डेंगूरपुर में पक्का पुल की स्वीकृत होने पर विस्तार से बताया और योगी आदित्यनाथ को को धन्यवाद दिया। विधायक विपुल दूबे ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के
रामपुर और डेंगूरपुर में पक्का पुल के लिए वर्षों से मांग थी, 2023 में रामपुर पक्का पुल और 2025 में डेंगूरपुर पक्का पुल स्वीकृत हुआ।

यह काम कल्पना के परे है। विधायक ने कहा कि न केवल ज्ञानपुर विधानसभा ही नहीं बल्कि आसपास के विधानसभा में भी पुलों की मांग हो रही है। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने भदोही के लोगो को सौगात दी और यह सब क्षेत्र के लोगो की प्रेरणा और आशीर्वाद से संभव हुआ। जनपद के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर जनता तक को मांग करने का हक़ है लेकिन ज्ञानपुर विधानसभा के प्रतिनिधि के मांग पर 789 करोड़ 41 लाख स्वीकृत हुआ। जो भाजपा के नेतृत्व में सरकार का विकास का उदाहरण है। कहा कि भाजपा और निषाद पार्टी बड़े और छोटे भाई की तरह है, और वह सपना अब जाकर साकार हुआ।

ज़िला अस्पताल के बारे में कहा कि 22 करोड़ के बाद भी बसपा सरकार ने ज़िला अस्पताल नहीं बना सकी। सपा के शासन काल में ज़िला अस्पताल को लेकर कुछ किया ही  नहीं गया। लेकिन अब 7 करोड़ का कार्यदायी संस्था और 10 करोड़ शासन से राशि देकर ज़िला अस्पताल का कार्य प्रगति पर है और मंशा है कि यहां भी 100 बेड हो जाये जिससे मेडिकल कॉलेज बनने का रास्ता साफ हो जाये। जिले में पोलिटेक्निक कॉलेज में भी शीघ्र हैंड ओवर होगा।

अभोली का सीएचसी भी बनकर तैयार हो गया है जो भ्रष्टाचार का शिकार हो गया था। पर्यटन विभाग के तरफ से सीतामढ़ी मुख्य द्वार और बिहरोजपुर में 2.5 करोड़ की लागत से मंदिर का विकास कराया जा रहा है। ज़िला में माध्यमिक शिक्षा विभाग से 5 करोड़ लेकर, संस्कृत महाविद्यालय के लिए 7.5 करोड़ का काम हुआ। विधायक ने कहा कि जिन किसानों की जमीन ली जा रही है उनको मुआवजा अवश्य दिया जायेगा। क्षेत्र में सड़कों की जाल बिछा दिया गया है। दर्जनों सड़के स्वीकृत हुई है। बिजली के लिए भारी हद तक  समस्या समाधान किया गया। विधायक ने कहा कि अब कोनिया कोने में नहीं कोनिया अब सोने में रहेगी। बिजली की भी जहां समस्या थी कई जगहों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढाकर बिजली की समस्या का समाधान किया। विधायक विपुल दूबे ने कहा कि क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहेगी। जनपद को शीघ्र ही काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में इसी सत्र में मिलने की संभावना है।
बच्चों के विवाद में बुजुर्ग की मौत,पहले महिलाओं फिर पुरुषों में हुई जमकर मारपीट
*खूनी संघर्ष में कई महिलाएं हुई घायल

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजाजोत गांव में देर रात बच्चों के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष व जमकर हुई मारपीट में ध्रुवनारायण (65) की मौत हो गयी।इस घटना में रामबाबू (40) समेत कई महिलाएं भी घायल हुई हैं।जिनका जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात पहले महिलाओं के बीच बच्चों को लेकर विवाद हुआ जो बाद में पुरुषों के बीच खूनी संघर्ष में बदल गया।इसी दौरान ध्रुवनारायण गंभीर रूप से घायल हो कर जमीन पर गिर गये।उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।मृतक ध्रुवनारायण के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने खरगूपुर थाने में तहरीर दिया है जिसके आधार पर राजेश कुमार, संतोष कुमार,अर्जुन,रजनेश कुमार व उमाशंकर के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या,मारपीट व गाली गलौज सहित सात गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।परिजनों द्वारा लगाए गये हत्या के आरोप की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।खरगूपुर पुलिस द्वारा ध्रुवनारायण के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देर रात से ही सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है परन्तु सभी आरोपी अभी तक फरार हैं।प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक पंकज कुमार व थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय कर रहे हैं।घटना के बाद राजाजोत गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय ने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।
अतरौलिया में धड़ल्ले से हो रही पेड़ की कटाई, पुलिस और वन विभाग की टीम पर उठ रहे सवाल
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थानाक्षेत्र के सीमा हॉस्पिटल के सामने स्थित मैदान में लगे आम के हरे पेड़ों की धड़ल्ले से कटाई हो रही है जिस पर पुलिस प्रशासन और वन विभाग की टीम मौन है। सड़क के बगल में स्थित इन पेड़ों की कटाई हो रही है क्योंकि साहब की आंखों पर पैसे की पट्टी बांध दी गई है। मीडिया की टीम मौके पर पहुंची तो पेड़ काटने वाले लोग पेड़ काटते रहे और उन्होंने कहा कि हमने जुर्माना भर दिया है। वन विभाग और पुलिस विभाग की टीम पर तरह-तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी वन विभाग वीर बहादुर सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि आपके द्वारा जानकारी दी गई है इस पर तत्काल कार्रवाई कराई जा रही है।
द वॉयस ऑफ़ अवध प्रतियोगिता का दूसरा आडिशन सम्पन्न-सत्यधाम आश्रम द्वारा क्षत्रिय भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम*
सुलतानपुर,द वॉयस ऑफ अवध इस क्षेत्र में लोक गायन की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। अवधी और भोजपुरी गीतों पर केंद्रित इस आयोजन में हम गांव की मिट्टी की महक महसूस कर सकते हैं। यह बातें राणा प्रताप पीजी कालेज के प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह ने कही। वह सत्यधाम आश्रम और राणा प्रताप पीजी कॉलेज के तत्वावधान में क्षत्रिय भवन में आयोजित अवधी और भोजपुरी लोकगीतों की प्रतियोगिता द वायस आफ अवध को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजक सत्यधाम आश्रम के गद्दीधीश आचार्य सत्यसमदर्शी देवेंद्र कविराज देव ने बताया कि प्रतियोगिता में अवध क्षेत्र के 18 जनपदों के कुल 73 बच्चों ने भाग लिया । जिसमें से 30 प्रतिभागी चयनित हुए। दोनों राउंड मिलाकर कुल साठ प्रतिभाओं का चयन किया गया है। जिसकी सूची जल्द ही सार्वजनिक की जायेगी । अंतिम रूप से टॉप 12 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित होंगे जिसमें से तीन प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर “ द वायस आफ अवध ” के खिताब से नवाजा जाएगा। समारोह के विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि लोकगीत पीढ़ियों से चली आ रही एक मौखिक विरासत है जिसे गांव से जुड़ी महिलाएं सहेजती रही हैं। आज जब लोक परम्परायें संकट में हैं इन्हें सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है । महाविद्यालय आई क्यू ए सी निदेशक प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने कहा कि अच्छी गायकी के लिए अच्छा स्वर, सधा सुर , संगीत की समझ, सातत्य, समर्पण, साधना और संवेदनशीलता का सामंजस्य जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व संचालन कवि लोकेश श्रीवास्तव ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक भोजपुरी के चर्चित गायक नंदन ,चंदन और अमित यादव दीपू ने अपने गीतों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर निर्देशक विनय पाण्डेय,अन्नू यादव,कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग,प्रबंधक सुधा देव, पंकज चौरसिया,बृजकुमार भारती,जादूगर संजय घायल,कवि धर्मराज,अंतिमा तिवारी, पार्वती पाण्डेय,राजन विश्वकर्मा,चंद्रमणि मौर्य,बाबुल यादव,मनीष तिवारी व पूनम पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
*गनपत सहाय महाविद्यालय में मनाया गया राष्ट्रीय युवा दिवस*
गनपत सहाय महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना के समस्त ईकाईयों के संयुक्त तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर *"स्वामी विवेकानंद एक विचारक-वेदांत और भारतीय संस्कृति"विषय पर एक व्याख्यान माला का शुभारंभ किया गया और राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर एक भव्य रैली निकाली गई। व्याख्यान माला का आयोजन महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ.ओमप्रकाश पाण्डेय “बजरंगी” के मार्गदर्शन एवं महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अंग्रेज सिंह की अध्यक्षता में किया गया।कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पार्चन कर किया गया और अपने संबोधन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि विवेकानंद जी ने अल्प आयु में वो काम कर दिखाया जो कि लोग 100 वर्षों में नहीं कर पाते।उन्होंने युवाओं को प्रेरित किया और लक्ष्य प्राप्त करने तक नहीं रुकने का मंत्र दिया।व्याख्यान माला के पश्चात एक भव्य रैली निकाली गई जिसे महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.अंग्रेज़ सिंह और राम मनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम समन्वयक प्रो. अनुज पटेल ने हरी झंडी दिखा कर मुख्य परिसर पयागीपुर से रवाना किया जो पयागीपुर, अहिमने, जोगीवीर होते हुए पुनः महाविद्यालय परिसर पर समाप्त हुई।कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ कार्यक्रम अधिकारी डॉ.विष्णु शंकर अग्रहरि ने किया।कार्यक्रम में छात्रों में प्रत्युषा,ख़ुशी मिश्रा, रजिया,अर्चिता,अंकिता तिवारी,ऋषिका, करन,शौर्य,राजकपूर का विशेष सहयोग रहा।इस अवसर पर कार्यक्रमाधिकारी डॉ.भोलानाथ, डॉ.देवेन्द्र नाथ मिश्र,डॉ.दीपा सिंह, डॉ.शाहनवाज आलम के साथ साथ प्रो.शक्ति सिंह,प्रो.समीर सिन्हा, डॉ.भूपेश गुप्ता,डॉ.दिनेश चंद्र द्विवेदी,डॉ.विनय मिश्र,दिनेश दुबे तथा बड़ी संख्या में स्वयंसेवक और स्वयंसेविकाएं उपस्थित रहे।
खारघर में स्नेह मिलन व कवि सम्मेलन सम्पन्न

नवी मुंबई। हिंदी भाषी विकास महासंघ व पूर्वांचल ग्लोबल फाउंडेशन की तरफ से खारघर, नवी मुंबई स्थित श्री राघवेन्द्र स्वामी मठ में एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। हास्य कवि सुरेश, लाफ्टर चैंपियन फेम सुनील सावरा, योगेश मिश्र व सूरज त्रिपाठी ने अपनी हास्य व्यंग कविताओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। सुरेश मिश्र ने हंसाते -हंसाते बेटी के नाम ख़त कविता पढ़कर श्रोताओं की आंखों को नम कर दिया।

प्रतापगढ़ के पूर्व सांसद व उद्योगपति कुंवर हरिवंश सिंह, जौनपुर बदलापुर के विधायक रमेश मिश्र, प्रशांत ठाकुर, समाजसेवा विश्वनाथ दूबे ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संस्था प्रमुख हेमंत सिंह, अमरीश सिंह और प्रमोद सिंह ने अतिथियों का सम्मान किया।

सम्मान कार्यक्रम का संचालन वीरेंद्र तिवारी ने किया।सभी वक्ताओं ने अपने वक्तव्य में उत्तर भारतीयों की एकजुटता पर बल दिया। कवि सम्मेलन का संचालन योगेश मिश्रा ने किया।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन, उनके जीवन दर्शन से विद्यार्थियों को कराया गया परिचय

अम्बिकापुर- बालक नरेन्द्रनाथ से विवेकानन्द बनने के बाद भारतीय ज्ञान के दूत, दैवीय वक्ता, ज्ञान के आनन्द, राष्ट्रप्रेमी संत, योद्धा संन्यासी जैसे विभूषण भी स्वामी जी के लिए छोटे पड़ जाते हैं। यह बातें सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकान्द जयंती के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने स्वामी जी की 163वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानन्द जब शिकागो धर्म सम्मेलन को सम्बोधित करने के बाद भारत लौटे और देश का भ्रमण किया तो वह विद्वान से विद्यावान बन चुके थे। उन्होंने जब बहनो और भाइयो का सम्बोधन किया तो पूरी दुनिया एक परिवार का रूप चुकी थी। वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश पहुंच चुका था। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानन्द ने भागवत गीता के तथ्यों को आध्यात्मिक कलेवर में सिखाया जो जीवन दर्शन है।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बैच लगा कर स्वागत किया तथा प्रेरणागीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन बहुत ही छोटा 39 वर्षों का था जिसमें उन्होंने मानवता की सेवा किया। उनका छोटा जीवन बड़ा संदेश देता है। उनके जीवन में खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने स्वामी जी के शिकागो यात्रा के लिये धन दिया और विवेकानन्द नाम भी दिया। महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें एक पगड़ी भेंट किया जो अविस्मरणीय है। अल्लसिंगा पेरूमल और रामनाद के राजा भास्कर सेतुपति स्वामी जी का सहयोग करते रहे। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिष्य गुरू के नाम से और गुरू-शिष्य के नाम से जाना जाये, यह दुर्लभ है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानन्द इसी के पर्याय हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एनईपी के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा और आध्यामिकता को स्वामी जी ने वैश्विक मंच पर लाया। उन्होंने भारतीय विरासत, ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से दुनिया को अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने रोम्या रोलां के संस्मरण से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस की स्वयं सेवक शानू रानी तिर्की, सृंखला गोरे और गौरी यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने नशा से मुक्ति के लिए सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों को शपथ दिलायी। उन्होंने हरी झंडी दिखा कर भारत संकल्प दौड़ को रवाना किया। स्वयं सेवक और विद्यार्थियों ने दौड़ में सहभागिता कर देश की एकता को मजबूत किया।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्का सिंह परिहार और अदिति भारतीय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, सहायक प्राध्यापक सुमन मिंज तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को मारी टक्कर, छात्रा की मौत,दो अन्य की हालत गंभीर
प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार 18 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गयी,जबकि बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने  घायलों को स्थानीय अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है तथा साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली को भी कब्जे में ले लिया है।

यह हादसा सूबह लगभग 8.30 बजे हुआ जब ग्राम सभा नरहरपुर के मौजा सुमहिया निवासी नंदनी(18) पुत्री राम जीवन,रोशनी व सनी के साथ अल्लीपुर से गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़ प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रही थी।जैसे ही उनकी बाइक गिन्नी नगर चौराहे पर पहुंची कि तभी गौराचौकी की तरफ से आ रही केबीएफ ईंट भट्टै की ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों लोग बाइक से गिर पड़े और इस दौरान नंदनी ट्रैक्टर के नीचे दब गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में घायल रोशनी व सनी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज रिफर कर दिया।मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेते हुए मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतका की मां कमला ने बताया कि नंदनी अल्लीपुर भीखि के विद्यालय में पढ़ रही थी और गर्ग इंटर कालेज हथियागढ़ में प्रि बोर्ड की परीक्षा देने जा रही थी।वह अपनी सहेलि व उसके मामा के साथ निकली थी।कमला ने कहा कि मैं अपनी बेटी को घर से अल्लीपुर तक छोड़कर वह घर लौट गई थी।वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ईंट भट्ठा मालिक मौके पर नहीं पहुंचेंगे तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों ने कहा कि गिन्नी नगर चौराहे पर अवैध अतिक्रमण के कारण अल्लीपुर रोड पर आने वाले लोगों को गौराचौकी बभनान मार्ग पर साफ दिखाई नहीं देता जिसके कारण आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
लखनऊ विवि में 21 पुस्तकों का विमोचन, उच्च शिक्षा मंत्री बोले— नैतिक मूल्यों के बिना शिक्षा अधूरी

* राष्ट्रीय शिक्षा नीति भारत के बौद्धिक पुनर्जागरण का आधार : योगेंद्र उपाध्याय

लखनऊ। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में कला, विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान विषयों पर आधारित 21 पुस्तकों का विमोचन किया। यह कार्यक्रम भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान की महत्वाकांक्षी योजना ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने की।

मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा और नैतिक मूल्य एक-दूसरे के पूरक हैं तथा केवल डिग्री आधारित शिक्षा समाज को सही दिशा नहीं दे सकती। भारतीय शिक्षा परंपरा सदैव चरित्र निर्माण, कर्तव्यबोध और सामाजिक उत्तरदायित्व पर आधारित रही है। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को भारत के सांस्कृतिक और बौद्धिक पुनर्जागरण का माध्यम बताते हुए कहा कि यह नीति भारतीय ज्ञान परंपरा, भारतीय भाषाओं और कौशल आधारित शिक्षा को केंद्र में रखती है।

मंत्री उपाध्याय ने कहा कि आज विश्व पर्यावरणीय संकट, मानसिक तनाव और नैतिक मूल्यों के क्षरण जैसी समस्याओं से जूझ रहा है, जिनका समाधान भारतीय दर्शन और ज्ञान परंपरा में निहित है। योग, आयुर्वेद और भारतीय जीवन मूल्यों को वैश्विक स्तर पर अपनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत को ज्ञान का उपभोक्ता नहीं, बल्कि ज्ञान का मार्गदर्शक बनना होगा और ‘भारत बौद्धिक्स’ जैसी पहलें युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हुए वैश्विक नागरिक के रूप में तैयार करेंगी।

कुलपति प्रो. मनुका खन्ना ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि ‘भारत बौद्धिक्स’ के अंतर्गत प्रकाशित पुस्तकें विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में भारतीय ज्ञान प्रणाली को सुदृढ़ करेंगी तथा विद्यार्थियों के बौद्धिक, संज्ञानात्मक और नैतिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप एक सार्थक पहल बताया।

कार्यक्रम में भारत बौद्धिक्स परियोजना की अवधारणा पर प्रकाश डालते हुए प्रो. जय शंकर पांडेय ने बताया कि यह पहल भारतीय ज्ञान, दर्शन और परंपराओं को आधुनिक एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ विद्यार्थियों तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने जानकारी दी कि भारत बौद्धिक्स परीक्षा स्नातक एवं परास्नातक विद्यार्थियों के लिए 31 जनवरी और 1 फरवरी को ऑफलाइन मोड में आयोजित की जाएगी। परीक्षा हिंदी एवं अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी। इसमें 100 अंकों में से 80 अंक बहुविकल्पीय और 20 अंक वर्णनात्मक प्रश्नों के लिए निर्धारित होंगे। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को प्रथम पुरस्कार के रूप में 1 लाख रुपये, द्वितीय 50 हजार रुपये, तृतीय 25 हजार रुपये और चतुर्थ 2,500 रुपये के साथ प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. आदित्य मोहंती ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन कुलसचिव डॉ. भावना मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के संकायाध्यक्ष, विभागाध्यक्ष, उपकुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक, लखनऊ विश्वविद्यालय शिक्षक संघ के पदाधिकारी सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।
गोरखपुर महोत्सव-2026 में इतिहास और ‘वंदे मातरम्’ पर आधारित दुर्लभ अभिलेखों की प्रदर्शनी

* गोरखनाथ से लेकर 1942 आंदोलन तक के ऐतिहासिक दस्तावेज बने आकर्षण

लखनऊ। गोरखपुर महोत्सव–2026 के अंतर्गत उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार, संस्कृति विभाग द्वारा गोरखपुर के इतिहास एवं ‘वंदे मातरम्’ विषय पर आधारित विशेष अभिलेख प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी 11 जनवरी से 13 जनवरी 2026 तक चंपा देवी पार्क, रामगढ़ ताल, गोरखपुर में आमजन के लिए खुली है।

प्रदर्शनी में गोरखपुर और पूर्वांचल के गौरवशाली इतिहास से जुड़े अनेक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण ऐतिहासिक अभिलेख प्रदर्शित किए गए हैं। इनमें गुरु गोरखनाथ से संबंधित प्राचीन पांडुलिपि, 1857 के स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ा मयूटिनी नैरेटिव (गोरखपुर), क्रांतिकारी बंधू सिंह का चित्र एवं विवरण, जनपद गोरखपुर परिक्षेत्र के क्रांतिकारियों की सूची, चौरी-चौरा घटना से संबंधित अभिलेख तथा काकोरी कांड के क्रांतिकारियों के विवरण एवं उनकी गिरफ्तारी की तिथियाँ शामिल हैं।

इसके साथ ही गोरखपुर जेल से संबंधित अभिलेख, जहां पंडित राम प्रसाद बिस्मिल को फांसी की सजा दी गई थी, 1942 के आंदोलन के दौरान देवरिया कचहरी पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने वाले क्रांतिकारी रामचंद्र और सोना विद्यार्थी से जुड़े दस्तावेज, गोरखपुर के ऐतिहासिक एवं पर्यटन स्थलों तथा ‘वंदे मातरम्’ के इतिहास से संबंधित महत्वपूर्ण अभिलेख भी प्रदर्शनी में आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

प्रदर्शनी का उद्देश्य नई पीढ़ी को राष्ट्रीय आंदोलन, स्थानीय इतिहास और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है। बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शोधार्थी एवं आम नागरिक इस अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं।
अब कोनिया कोने में नहीं कोनिया अब सोने में रहेगी- विधायक विपुल दूबे


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। ज्ञानपुर के विधायक विपुल दूबे ने सोमवार को आपने आवास पर आयोजित पत्रकार वार्ता में क्षेत्र के विकास कार्य और बिशेष रूप से कोनिया के धनतुलसी-डेंगूरपुर में पक्का पुल की स्वीकृत होने पर विस्तार से बताया और योगी आदित्यनाथ को को धन्यवाद दिया। विधायक विपुल दूबे ने कहा कि विधानसभा क्षेत्र के
रामपुर और डेंगूरपुर में पक्का पुल के लिए वर्षों से मांग थी, 2023 में रामपुर पक्का पुल और 2025 में डेंगूरपुर पक्का पुल स्वीकृत हुआ।

यह काम कल्पना के परे है। विधायक ने कहा कि न केवल ज्ञानपुर विधानसभा ही नहीं बल्कि आसपास के विधानसभा में भी पुलों की मांग हो रही है। लेकिन योगी आदित्यनाथ ने भदोही के लोगो को सौगात दी और यह सब क्षेत्र के लोगो की प्रेरणा और आशीर्वाद से संभव हुआ। जनपद के विकास के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर जनता तक को मांग करने का हक़ है लेकिन ज्ञानपुर विधानसभा के प्रतिनिधि के मांग पर 789 करोड़ 41 लाख स्वीकृत हुआ। जो भाजपा के नेतृत्व में सरकार का विकास का उदाहरण है। कहा कि भाजपा और निषाद पार्टी बड़े और छोटे भाई की तरह है, और वह सपना अब जाकर साकार हुआ।

ज़िला अस्पताल के बारे में कहा कि 22 करोड़ के बाद भी बसपा सरकार ने ज़िला अस्पताल नहीं बना सकी। सपा के शासन काल में ज़िला अस्पताल को लेकर कुछ किया ही  नहीं गया। लेकिन अब 7 करोड़ का कार्यदायी संस्था और 10 करोड़ शासन से राशि देकर ज़िला अस्पताल का कार्य प्रगति पर है और मंशा है कि यहां भी 100 बेड हो जाये जिससे मेडिकल कॉलेज बनने का रास्ता साफ हो जाये। जिले में पोलिटेक्निक कॉलेज में भी शीघ्र हैंड ओवर होगा।

अभोली का सीएचसी भी बनकर तैयार हो गया है जो भ्रष्टाचार का शिकार हो गया था। पर्यटन विभाग के तरफ से सीतामढ़ी मुख्य द्वार और बिहरोजपुर में 2.5 करोड़ की लागत से मंदिर का विकास कराया जा रहा है। ज़िला में माध्यमिक शिक्षा विभाग से 5 करोड़ लेकर, संस्कृत महाविद्यालय के लिए 7.5 करोड़ का काम हुआ। विधायक ने कहा कि जिन किसानों की जमीन ली जा रही है उनको मुआवजा अवश्य दिया जायेगा। क्षेत्र में सड़कों की जाल बिछा दिया गया है। दर्जनों सड़के स्वीकृत हुई है। बिजली के लिए भारी हद तक  समस्या समाधान किया गया। विधायक ने कहा कि अब कोनिया कोने में नहीं कोनिया अब सोने में रहेगी। बिजली की भी जहां समस्या थी कई जगहों पर ट्रांसफार्मर की क्षमता बढाकर बिजली की समस्या का समाधान किया। विधायक विपुल दूबे ने कहा कि क्षेत्र में विकास की कोई कमी नहीं रहेगी। जनपद को शीघ्र ही काशी नरेश राजकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में इसी सत्र में मिलने की संभावना है।
बच्चों के विवाद में बुजुर्ग की मौत,पहले महिलाओं फिर पुरुषों में हुई जमकर मारपीट
*खूनी संघर्ष में कई महिलाएं हुई घायल

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र के राजाजोत गांव में देर रात बच्चों के विवाद को लेकर खूनी संघर्ष व जमकर हुई मारपीट में ध्रुवनारायण (65) की मौत हो गयी।इस घटना में रामबाबू (40) समेत कई महिलाएं भी घायल हुई हैं।जिनका जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज में इलाज चल रहा है।प्राप्त जानकारी के अनुसार देर रात पहले महिलाओं के बीच बच्चों को लेकर विवाद हुआ जो बाद में पुरुषों के बीच खूनी संघर्ष में बदल गया।इसी दौरान ध्रुवनारायण गंभीर रूप से घायल हो कर जमीन पर गिर गये।उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खरगूपुर ले जाया गया जहाँ इलाज के दौरान उनकी मौत हो गयी।मृतक ध्रुवनारायण के दामाद संतोष कुमार मिश्रा ने खरगूपुर थाने में तहरीर दिया है जिसके आधार पर राजेश कुमार, संतोष कुमार,अर्जुन,रजनेश कुमार व उमाशंकर के विरुद्ध गैर इरादतन हत्या,मारपीट व गाली गलौज सहित सात गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।परिजनों द्वारा लगाए गये हत्या के आरोप की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।खरगूपुर पुलिस द्वारा ध्रुवनारायण के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।पुलिस द्वारा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए देर रात से ही सभी संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है परन्तु सभी आरोपी अभी तक फरार हैं।प्रकरण की जांच उपनिरीक्षक पंकज कुमार व थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय कर रहे हैं।घटना के बाद राजाजोत गांव में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किये गए हैं और पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।थानाध्यक्ष शेषमणि पांडेय ने बताया कि पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।