सिविल कोर्ट सहायक परीक्षा को लेकर रांची प्रशासन अलर्ट: ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के पास धारा-163 लागू।

झारखण्ड राज्य में सिविल न्यायालय में सहायक/क्लर्क के पद के लिए कम्प्यूटर कौशल परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था सधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।

फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया:-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गडासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, प्रगति पथ, राँची।

निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर कांग्रेस मुखर, कल बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार
*जिले ने निजी स्कूलों ने शिक्षा को बनाया है धंधा : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों के कथित आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ अब माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए ऐलान किया है कि कल 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और आक्रामक रूप दिया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को धंधा बना दिया है। रजिस्ट्रेशन, एडमिशन फीस, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से खुलेआम लूट मचाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा वसूली तंत्र प्रशासन की शह पर चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस लूट और शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज कर  दिया जाएगा। युवा छात्र नेता मानस तिवारी ने कहा कि अब अभिभावकों का गुस्सा फूटने के कगार पर है और कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और भविष्य का सवाल है।  कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आक्रोश की लहर बनकर सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि आंदोलन की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गई है।
फर्रुखाबाद के आलू किसानों ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन, औद्योगिक इकाई से जोड़ा जाए आलू को
फर्रुखाबाद l आलू किसान बचाओ यात्रा का  नेतृत्व कर रहे किसान नेता अशोक कटियार के साथ प्रदेश संयोजक किसान आन्दोलन अजय अनमोल, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी अंशुल कटियार, राजीव यादव, संतोष कुमार, अरविन्द राजपूत ,नितिन कुमार , आदेश यादव, आकाश कटियार, सहित प्रतिनिधि मंडल ने लखनऊ राजभवन में राज्यपाल आंनदी बेन पटेल जी को ज्ञापन सौंपा गया ,जिसमें उत्तर प्रदेश के 2207 शीतगृहों में लगभग 195 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण है इस साल आलू के भाव अत्यधिक कम होने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है, आलू किसानों के हित में राहत हेतु उचित क़दम उठाया जाना अति आवश्यक है, मेरा आपसे निम्न अनुरोध है कि आलू विकास बोर्ड की स्थापना की जाए , आलू को प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील कार्यकम में शामिल किया जाए, शीतगृहों में भंडारित आलू को सरकारी राशन की दूकानों से आलू का वितरण कराया जाए, आलू पर मंडी टैक्स देश के अन्य समस्त प्रांतों की भांति समाप्त किया जाए, आलू के चिप्सोना हाइलैंड 3797 श्रीनाथ आदि अच्छी गुणवत्ता वाले आलू बीज को पर्याप्त मात्रा में किसानों को उपलब्ध कराने की ठोस नीति बनाई जाए , आलू भंडारण शुल्क पर किसानों को अनुदान दिया जाए, फर्रुखाबाद, कानपुर,आगरा, मेरठ, कन्नौज,सम्भल आदि से आलू नेपाल,श्रीलंका, बंगलादेश आदि में निर्यात करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र फाइटी जिनेट्री लैब( रोग मुक्त) की स्थापना की जाए , आलू आधारित उद्योगों को फर्रुखाबाद, आगरा , सिरसागंज ,कन्नौज, कानपुर , लखनऊ, मेरठ, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, बदायूं, आदि जनपदों में प्रोत्साहन दिया जाए , उत्तर प्रदेश शासन में कानपुर के अरौल में प्रस्तावित सेंटर आफ एक्सीलेंस पार्क पोटैटो की स्थापना की जाए , शीतगृहों को कृषि उपज आलू भंडारित करने के आधार पर सस्ती दरों पर विधुत आपूर्ति करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, शीतगृहों से हर वर्ष सैकड़ों ट्राली सड़ा कटा हरा छर्री व मलवा बाहर सड़कों पर फेंका जाता है शीतगृह कैम्पस में ही नेडप कम्पोस्ट यूनिट लगवाने की नीति बनाई जाए जैविक खाद बनने से आम जनमानस को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और कृषि भूमि स्वास्थ्य में भी सुधार होगा तथा अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी, प्रायोगिक तौर पर कुछ शीतगृहों में आलू चिप्स पाउडर एल्कोहल स्टार्च आटा दवाइयों आदि के बनाने कारखाने उसी कैम्पस में संचालित किया जाए, आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर सरकारी खरीद की जाए , आलू को राशन की दुकानों के माध्यम से प्रति राशन कार्ड 25 किलो प्रतिमाह वितरित कराया जाए, जनपद में उधोगिक क्षेत्र खिमसेपुर में आलू आलू उधोग स्थापित करने पर विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए ,, उन्होंने  अनुरोध किया है कि आलू किसानों के हित में शीघ्र सहानुभूति पूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करें।
प्रवेश उत्सव के साथ नवसत्र का शुभारंभ, छात्राओं को दिलाया गया जीवन मूल्यों का संकल्प-
फर्रुखाबाद l पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्राओं का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने बताया कि प्रवेश उत्सव के अवसर पर छात्राओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे संस्कारवान बनें, शिक्षित हों तथा बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों के साथ अपने जीवन का सफलतापूर्वक निर्वहन करें।उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्राओं से लक्ष्य निर्धारण कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों को अपनाने की सीख दी।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। सभी शिक्षिकाओं ने छात्राओं को अपने आशीर्वचन प्रदान किए। शिक्षिका गरिमा पांडे द्वारा छात्राओं को विधिवत संकल्प दिलाये गये जिसमे पर्यावरण संरक्षण नागरिक कर्तव्य आपसी सद्भाव संस्कार आदि पर चर्चा की गई।
इस मौके पर वरिष्ठ शिक्षिका ऋचा तिवारी, ज्योति, आरती यादव,अर्चना गुलशन जहां शैलजा मौर्य, अल्पना मोनी निर्मला गीता नीलम सहित अन्य विद्यालय के सदस्य  भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में प्रवेश एवं विद्यालय की समृद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से सहभागिता की।प्रवेश उत्सव कार्यक्रम ने छात्राओं में नए उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया तथा नवसत्र की सफल शुरुआत का संदेश दिया।
गोरखपुर, कन्नौज और कानपुर डेयरी प्लांट का संचालन निर्धारित समय सीमा में शुरू किया जाए: धर्मपाल सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जनपद गोरखपुर, कन्नौज एवं कानपुर में स्थापित किए जा रहे दुग्ध संयंत्रों का संचालन निर्धारित समयसीमा में हर हाल में प्रारंभ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कन्नौज डेयरी प्लांट का संचालन 30 अप्रैल 2026 तक, गोरखपुर डेयरी प्लांट का 05 मई तक तथा कानपुर डेयरी प्लांट का संचालन 20 मई 2026 तक प्रत्येक दशा में प्रारंभ कर दिया जाए। प्रदेश में प्लांट संचालन के लिए अमोनिया गैस अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए सभी संयंत्रों का संचालन पूरी क्षमता के साथ सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। अतः किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एनडीडीबी द्वारा स्थापित किए जा रहे कानपुर, गोरखपुर और कन्नौज दुग्ध संयंत्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता को  सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन दुग्ध संयंत्रों के शीघ्र संचालन से प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मंत्री ने दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक एवं बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाया जाए।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त श्रीमती के. धनलक्ष्मी, डॉ. राम सागर, पीसीडीएफ के समन्वय राम चरण, संजय भारती सहित एनडीडीबी एवं दुग्ध विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़:ब्लाक संसाधन केंद्र तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह का आयोजन
आजमगढ़।ब्लाक संसाधन केंद्र, तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। शिक्षा क्षेत्र के सत्र 2026 में उर्मिला राय, लालमती देवी,उषा वर्मा, सुरेश कुमार यादव, डॉ रुद्रनाथ चौबे एवं अवधेश कुमार उपाध्याय शानदार तरीके से लंबी सेवा निवृत्त हो गये। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का ए आर पी उदय प्रताप राय, लालचंद भारती,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। तथा अंगवस्त्रम् , श्रीमद्भागवत, मिष्ठान एवं अन्य उपहार भेंट कर किया। गया।खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। बल्कि उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य जीवन जीने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन स्वामीनाथ यादव एवं अध्यक्षता मंडलाध्यापक नर्वदेश्वर उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में सुबेदार यादव, संत प्रसाद यादव, शिवशंकर राय, संतोष कुमार राय,राजकुमार यादव, रणधीर यादव ,मनोज कुमार त्रिपाठी, रमाकांत यादव,विजय यादव, सुषमा राय,गीता,ममता राय, सिम्पल सिंह,देवेश राय , गुरु प्रकाश यादव,कंचन राय, उर्मिला मौर्या, कंचनमाला,दिनेश पाल,अजय कुमार चतुर्वेदी,शेर बहादुर,संजय कुमार मौर्य, महेन्द्र मौर्य,सुरेश प्रसाद,विनय राय, हेमंत राय, रमेश यादव, अशोक राय, संदीप कुमार राय, राजेश यादव, दिनेश यादव, मनोज राय, सूर्यभान चौहान, सुरेन्द्र त्रिपाठी, सुरेन्द्र यादव,वीरेन्द्र कुमार, नन्द किशोर यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हेमलता , प्रेमलता, अमरेन्द्र प्रताप सिंह,दयाराम यादव, अवनीश कुमार, राहुल यादव, रवीन्द्र राय,सतीश चन्द्र, प्रेमचंद यादव, कमलेश यादव, हरिहर यादव, राजभवन राम,विवेकालाल श्रीवास्तव ,गुरु प्रसाद गुप्त, संजीत गुप्त, रामप्रवेश यादव, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र यादव,अनंत प्रदीप सिंह,रामचेत यादव, बालगोविंद, सूर्य प्रकाश, दिनेश यादव, रामकृष्ण,आशुतोष तिवारी,पवन यादव, बृजभान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिका मौजूद रहे।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
भारत के वीर सपूत मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर ब्राह्मण समाज ने चित्र पर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित किया

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मंगल पाण्डेय की शहादत दिवस पर ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के तत्वावधान में बुधवार को एलवल स्थित शिविर कार्यालय पर मंगल पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने कहा कि पण्डित मंगल पाण्डेय 1857 की क्रान्ति के प्रणेता थे।

अपने देश एवं धर्म की रक्षा के लिए अंग्रेजी सरकार में अंग्रेज अधिकारियों पर प्रथम गोली चलाने वाले सिपाही थे। जिन्होंने देश के लिए अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर एक देशभक्त सिपाही के रूप प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम योद्धा बने। आजादी के महा नायक पण्डित मंगल पाण्डेय को 8 अप्रैल 1857 के दिन बैरकपुर जेल में फांसी दी गई। उनके बलिदान से देश में क्रान्ति की ज्वाला और भड़क उठी तथा देश की आजादी के लिए उनके द्वारा बोया गया क्रान्ति रूपी बीज 90 साल बाद 1947 में आजादी के वट वृक्ष के रूप में तब्दील हो गया ।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि  आजादी की लड़ाई के अग्रदूत मंगल पाण्डेय का जन्म 19 जुलाई 1827 को बलिया जनपद के नगवा ग्राम में हुआ था।  मंगल पाण्डेय ईस्ट इण्डिया कम्पनी की बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34 वीं रेजिमेंट के सिपाही थे। संदिग्ध कारतूसों के प्रयोग एवं भारतीय सैनिकों के साथ होने वाले भेद भाव के चलते मंगल पाण्डेय ने बैरकपुर की छावनी में 29 मार्च 1857 को अंग्रजों के विद्रोह कर कई अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई की क्रान्ति की शुरुआत किया।

कार्यक्रम को धनंजय पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, विश्व देव उपाध्याय ने संबोधित किया।

इस दौरान सतीश कुमार मिश्र, रामाश्रय उपाध्याय, सतीश पाण्डेय, कृष्ण कुमार पाण्डेय, उपेंद्र दत्त शुक्ला, गोविन्द दुबे, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।

सिविल कोर्ट सहायक परीक्षा को लेकर रांची प्रशासन अलर्ट: ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल के पास धारा-163 लागू।

झारखण्ड राज्य में सिविल न्यायालय में सहायक/क्लर्क के पद के लिए कम्प्यूटर कौशल परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। परीक्षा के कदाचार मुक्त संचालनार्थ एवं विधि-व्यवस्था सधारणार्थ हेतु उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी, राँची एवं अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि-व्यवस्था, राँची के आदेश द्वारा पुलिस बल एवं पुलिस पदाधिकारी के साथ दंडाधिकारी की प्रतिनियुक्ति की गई है।

फिर भी ऐसी आशंका है कि परीक्षा केन्द्रों पर असामाजिक तत्वों के द्वारा भीड़ लगाकर विधि व्यवस्था भंग करने की चेष्टा कर सकते हैं।

जिसको लेकर श्री कुमार रजत, अनुमंडल दंडाधिकारी, सदर, राँची द्वारा बि०एन०एस०एस० की धारा-163 के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन परीक्षा केन्द्रों के 200 मीटर की परिधि में निम्नलिखित निषेधाज्ञा जारी किया:-

(1) पाँच या पाँच से अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों तथा सरकारी कार्यक्रम एवं शवयात्रा को छोड़कर)।

(2) किसी प्रकार का ध्वनि विस्तारक यंत्र का व्यवहार करना।

(3) किसी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र, जैसे-बंदुक, राईफल, रिवाल्वर, बम, बारूद आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों / कर्मचारियों को छोड़कर)।

(4) किसी प्रकार का हरवे हथियार जैसे लाठी-डंडा, तीर-धनुष, गडासा-भाला आदि लेकर चलना (सरकारी कार्य में लगे पदाधिकारियों/ कर्मचारियों को छोड़कर)

(5) किसी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन करना।

परीक्षा केन्द्र का नामः-

(1) ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल, प्रगति पथ, राँची।

निजी स्कूलों की ‘लूट’ पर कांग्रेस मुखर, कल बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार
*जिले ने निजी स्कूलों ने शिक्षा को बनाया है धंधा : अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर। जनपद में निजी विद्यालयों की मनमानी और अभिभावकों के कथित आर्थिक-मानसिक शोषण के खिलाफ अब माहौल पूरी तरह गरमा गया है। जिला कांग्रेस कमेटी ने प्रशासन पर सीधा हमला बोलते हुए ऐलान किया है कि कल 9 अप्रैल को जिला मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा, और यदि कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और आक्रामक रूप दिया जाएगा। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने आक्रामक तेवर अपनाते हुए कहा कि निजी स्कूलों ने शिक्षा को धंधा बना दिया है। रजिस्ट्रेशन, एडमिशन फीस, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर अभिभावकों से खुलेआम लूट मचाई जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरा वसूली तंत्र प्रशासन की शह पर चल रहा है और जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर आंखें मूंदे बैठे हैं।शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अगर इस लूट और शोषण पर तत्काल रोक नहीं लगी, तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेगी। जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज कर  दिया जाएगा। युवा छात्र नेता मानस तिवारी ने कहा कि अब अभिभावकों का गुस्सा फूटने के कगार पर है और कांग्रेस उनके साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष करेगी। यह सिर्फ एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि हर परिवार के सम्मान और भविष्य का सवाल है।  कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने जानकारी दी कि 9 अप्रैल को होने वाले प्रदर्शन के बाद जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा। साथ ही उन्होंने प्रशासन को सीधी चेतावनी दी गई है कि यदि समय रहते सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो यह आंदोलन जल्द ही जन आक्रोश की लहर बनकर सड़कों पर फूटेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने बताया कि आंदोलन की जानकारी जिलाधिकारी को दे दी गई है।
फर्रुखाबाद के आलू किसानों ने राज्यपाल को दिया ज्ञापन, औद्योगिक इकाई से जोड़ा जाए आलू को
फर्रुखाबाद l आलू किसान बचाओ यात्रा का  नेतृत्व कर रहे किसान नेता अशोक कटियार के साथ प्रदेश संयोजक किसान आन्दोलन अजय अनमोल, आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला, अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी अंशुल कटियार, राजीव यादव, संतोष कुमार, अरविन्द राजपूत ,नितिन कुमार , आदेश यादव, आकाश कटियार, सहित प्रतिनिधि मंडल ने लखनऊ राजभवन में राज्यपाल आंनदी बेन पटेल जी को ज्ञापन सौंपा गया ,जिसमें उत्तर प्रदेश के 2207 शीतगृहों में लगभग 195 लाख मीट्रिक टन आलू भंडारण है इस साल आलू के भाव अत्यधिक कम होने से किसानों की लागत भी नहीं निकल पा रही है, आलू किसानों के हित में राहत हेतु उचित क़दम उठाया जाना अति आवश्यक है, मेरा आपसे निम्न अनुरोध है कि आलू विकास बोर्ड की स्थापना की जाए , आलू को प्राथमिक विद्यालयों में मिड-डे मील कार्यकम में शामिल किया जाए, शीतगृहों में भंडारित आलू को सरकारी राशन की दूकानों से आलू का वितरण कराया जाए, आलू पर मंडी टैक्स देश के अन्य समस्त प्रांतों की भांति समाप्त किया जाए, आलू के चिप्सोना हाइलैंड 3797 श्रीनाथ आदि अच्छी गुणवत्ता वाले आलू बीज को पर्याप्त मात्रा में किसानों को उपलब्ध कराने की ठोस नीति बनाई जाए , आलू भंडारण शुल्क पर किसानों को अनुदान दिया जाए, फर्रुखाबाद, कानपुर,आगरा, मेरठ, कन्नौज,सम्भल आदि से आलू नेपाल,श्रीलंका, बंगलादेश आदि में निर्यात करने के लिए आवश्यक प्रमाण पत्र फाइटी जिनेट्री लैब( रोग मुक्त) की स्थापना की जाए , आलू आधारित उद्योगों को फर्रुखाबाद, आगरा , सिरसागंज ,कन्नौज, कानपुर , लखनऊ, मेरठ, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, बदायूं, आदि जनपदों में प्रोत्साहन दिया जाए , उत्तर प्रदेश शासन में कानपुर के अरौल में प्रस्तावित सेंटर आफ एक्सीलेंस पार्क पोटैटो की स्थापना की जाए , शीतगृहों को कृषि उपज आलू भंडारित करने के आधार पर सस्ती दरों पर विधुत आपूर्ति करने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाए, शीतगृहों से हर वर्ष सैकड़ों ट्राली सड़ा कटा हरा छर्री व मलवा बाहर सड़कों पर फेंका जाता है शीतगृह कैम्पस में ही नेडप कम्पोस्ट यूनिट लगवाने की नीति बनाई जाए जैविक खाद बनने से आम जनमानस को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी और कृषि भूमि स्वास्थ्य में भी सुधार होगा तथा अतिरिक्त आय भी प्राप्त होगी, प्रायोगिक तौर पर कुछ शीतगृहों में आलू चिप्स पाउडर एल्कोहल स्टार्च आटा दवाइयों आदि के बनाने कारखाने उसी कैम्पस में संचालित किया जाए, आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित कर सरकारी खरीद की जाए , आलू को राशन की दुकानों के माध्यम से प्रति राशन कार्ड 25 किलो प्रतिमाह वितरित कराया जाए, जनपद में उधोगिक क्षेत्र खिमसेपुर में आलू आलू उधोग स्थापित करने पर विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिया जाए ,, उन्होंने  अनुरोध किया है कि आलू किसानों के हित में शीघ्र सहानुभूति पूर्वक विचार कर आवश्यक कार्रवाई करें।
प्रवेश उत्सव के साथ नवसत्र का शुभारंभ, छात्राओं को दिलाया गया जीवन मूल्यों का संकल्प-
फर्रुखाबाद l पीएम श्री महीयसी महादेवी वर्मा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, फतेहगढ़ में आज प्रवेश उत्सव कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशी छात्राओं का स्वागत करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, संस्कार और अनुशासन के महत्व से अवगत कराना रहा।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य दीपिका राजपूत ने बताया कि प्रवेश उत्सव के अवसर पर छात्राओं को यह संकल्प दिलाया गया कि वे संस्कारवान बनें, शिक्षित हों तथा बुद्धिमत्ता और नैतिक मूल्यों के साथ अपने जीवन का सफलतापूर्वक निर्वहन करें।उन्होंने छात्राओं को नियमित अध्ययन, अनुशासन और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला विद्यालय निरीक्षक नरेंद्रपाल सिंह ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षा ही सशक्त भविष्य की कुंजी है। उन्होंने विद्यालय परिवार के प्रयासों की सराहना करते हुए छात्राओं से लक्ष्य निर्धारण कर निरंतर परिश्रम करने का आह्वान किया।

विशिष्ट अतिथि के रूप में राजकीय इंटर कॉलेज फर्रुखाबाद के प्राचार्य सुधीर कुमार मिश्र भी उपस्थित रहे। उन्होंने छात्राओं को शिक्षा के साथ संस्कारों को अपनाने की सीख दी।

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6, 7 एवं 8 की छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें वितरित की गईं। सभी शिक्षिकाओं ने छात्राओं को अपने आशीर्वचन प्रदान किए। शिक्षिका गरिमा पांडे द्वारा छात्राओं को विधिवत संकल्प दिलाये गये जिसमे पर्यावरण संरक्षण नागरिक कर्तव्य आपसी सद्भाव संस्कार आदि पर चर्चा की गई।
इस मौके पर वरिष्ठ शिक्षिका ऋचा तिवारी, ज्योति, आरती यादव,अर्चना गुलशन जहां शैलजा मौर्य, अल्पना मोनी निर्मला गीता नीलम सहित अन्य विद्यालय के सदस्य  भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय में प्रवेश एवं विद्यालय की समृद्धि हेतु यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिवार ने सामूहिक रूप से सहभागिता की।प्रवेश उत्सव कार्यक्रम ने छात्राओं में नए उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा का संचार किया तथा नवसत्र की सफल शुरुआत का संदेश दिया।
गोरखपुर, कन्नौज और कानपुर डेयरी प्लांट का संचालन निर्धारित समय सीमा में शुरू किया जाए: धर्मपाल सिंह

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) को सख्त निर्देश देते हुए कहा है कि जनपद गोरखपुर, कन्नौज एवं कानपुर में स्थापित किए जा रहे दुग्ध संयंत्रों का संचालन निर्धारित समयसीमा में हर हाल में प्रारंभ किया जाए। उन्होंने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि कन्नौज डेयरी प्लांट का संचालन 30 अप्रैल 2026 तक, गोरखपुर डेयरी प्लांट का 05 मई तक तथा कानपुर डेयरी प्लांट का संचालन 20 मई 2026 तक प्रत्येक दशा में प्रारंभ कर दिया जाए। प्रदेश में प्लांट संचालन के लिए अमोनिया गैस अथवा अन्य आवश्यक संसाधनों की कोई कमी नहीं है, इसलिए सभी संयंत्रों का संचालन पूरी क्षमता के साथ सुचारु रूप से सुनिश्चित किया जाए। अतः किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह ने आज यहां विधान भवन स्थित अपने कार्यालय कक्ष में एनडीडीबी द्वारा स्थापित किए जा रहे कानपुर, गोरखपुर और कन्नौज दुग्ध संयंत्रों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार दुग्ध उत्पादन एवं दुग्ध प्रसंस्करण क्षमता को  सुदृढ़ बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इन दुग्ध संयंत्रों के शीघ्र संचालन से प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों को बेहतर बाजार उपलब्ध होगा तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इससे दुग्ध संग्रहण, प्रसंस्करण एवं विपणन व्यवस्था अधिक प्रभावी बनेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।
मंत्री ने दुग्ध विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए तथा सभी परियोजनाओं को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूर्ण कराया जाए। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक एवं बेहतर प्रबंधन के माध्यम से उत्तर प्रदेश को दुग्ध उत्पादन के क्षेत्र में और अधिक सशक्त बनाया जाए।
बैठक में पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम, दुग्ध आयुक्त श्रीमती के. धनलक्ष्मी, डॉ. राम सागर, पीसीडीएफ के समन्वय राम चरण, संजय भारती सहित एनडीडीबी एवं दुग्ध विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
आजमगढ़:ब्लाक संसाधन केंद्र तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त शिक्षकों के विदाई समारोह का आयोजन
आजमगढ़।ब्लाक संसाधन केंद्र, तहबरपुुुुर में सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं सम्मान एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन कर किया। शिक्षा क्षेत्र के सत्र 2026 में उर्मिला राय, लालमती देवी,उषा वर्मा, सुरेश कुमार यादव, डॉ रुद्रनाथ चौबे एवं अवधेश कुमार उपाध्याय शानदार तरीके से लंबी सेवा निवृत्त हो गये। सेवानिवृत्त शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं का ए आर पी उदय प्रताप राय, लालचंद भारती,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों एवं शिक्षकों तथा शिक्षिकाओं ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। तथा अंगवस्त्रम् , श्रीमद्भागवत, मिष्ठान एवं अन्य उपहार भेंट कर किया। गया।खंड शिक्षा अधिकारी व्यास देव ने कहा कि शिक्षक कभी सेवानिवृत्त नहीं होता। बल्कि उसकी जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। उन्होंने उनके कार्यों की सराहना करते हुए स्वास्थ्य जीवन जीने की कामना की। कार्यक्रम का संचालन स्वामीनाथ यादव एवं अध्यक्षता मंडलाध्यापक नर्वदेश्वर उपाध्याय ने किया। कार्यक्रम में सुबेदार यादव, संत प्रसाद यादव, शिवशंकर राय, संतोष कुमार राय,राजकुमार यादव, रणधीर यादव ,मनोज कुमार त्रिपाठी, रमाकांत यादव,विजय यादव, सुषमा राय,गीता,ममता राय, सिम्पल सिंह,देवेश राय , गुरु प्रकाश यादव,कंचन राय, उर्मिला मौर्या, कंचनमाला,दिनेश पाल,अजय कुमार चतुर्वेदी,शेर बहादुर,संजय कुमार मौर्य, महेन्द्र मौर्य,सुरेश प्रसाद,विनय राय, हेमंत राय, रमेश यादव, अशोक राय, संदीप कुमार राय, राजेश यादव, दिनेश यादव, मनोज राय, सूर्यभान चौहान, सुरेन्द्र त्रिपाठी, सुरेन्द्र यादव,वीरेन्द्र कुमार, नन्द किशोर यादव, हरिश्चन्द्र यादव, हेमलता , प्रेमलता, अमरेन्द्र प्रताप सिंह,दयाराम यादव, अवनीश कुमार, राहुल यादव, रवीन्द्र राय,सतीश चन्द्र, प्रेमचंद यादव, कमलेश यादव, हरिहर यादव, राजभवन राम,विवेकालाल श्रीवास्तव ,गुरु प्रसाद गुप्त, संजीत गुप्त, रामप्रवेश यादव, अरविन्द कुमार, राजेन्द्र यादव,अनंत प्रदीप सिंह,रामचेत यादव, बालगोविंद, सूर्य प्रकाश, दिनेश यादव, रामकृष्ण,आशुतोष तिवारी,पवन यादव, बृजभान सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शिक्षिका मौजूद रहे।
कृषि में वैल्यू एडिशन और तकनीक के समन्वय से बढ़ेगी किसानों की आय : केशव प्रसाद मौर्य
* एमिटी विवि में डिप्टी सीएम ने किया अंर्तराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बुधवार को लखनऊ स्थित एमिटी विश्वविद्यालय में ‘खाद्य सुरक्षा’ (Food Security) विषय पर
“पैथोजेन्स, प्लांट हेल्थ एंड फूड सिक्योरिटी: क्लाइमेट रेजिलिएंट एग्रीकल्चर एंड लैंडस्केप कंजर्वेशन” विषय पर आयोजित चार दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन मे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।
इस अवसर पर उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा उप मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत करते हुए उन्हें अंगवस्त्र, पगड़ी (साफा) पहनाकर तथा एक पौधा सम्मान स्वरूप भेंट किया गया।
कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने “Pathogens, Plant Health and Food Security” नामक पुस्तक का विमोचन किया तथा देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों से आए वरिष्ठ वैज्ञानिकों को उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने इस उत्कृष्ट एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आयोजकों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं भी दीं।
उप मुख्यमंत्री श्री मौर्य ने अपने संबोधन में कहा कि कृषि, नवाचार और आधुनिक तकनीक के समन्वय से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने कहा कि खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि भंडारण, कोल्ड चेन, प्रसंस्करण, गुणवत्ता और प्रभावी विपणन से जुड़ा एक व्यापक विषय है, जिस पर गंभीरता से कार्य करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि भारत एक कृषि प्रधान देश है और उत्तर प्रदेश देश की सबसे उपजाऊ भूमि वाला प्रदेश है, जहां उत्पादन की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद फसलों के भंडारण की कमी, कोल्ड चेन की अपर्याप्त व्यवस्था तथा वैल्यू एडिशन के अभाव के कारण किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कई बार अधिक उत्पादन होने पर भी किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल पाता, जो शोध और नीति निर्माण का महत्वपूर्ण विषय है।
उप मुख्यमंत्री ने वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से आह्वान किया कि वे ऐसी तकनीकों का विकास करें, जिससे प्राकृतिक आपदाओं जैसे वर्षा एवं ओलावृष्टि से फसलों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और किसानों की मेहनत सुरक्षित रह सके। उन्होंने कहा कि अब समय क्वांटिटी के साथ क्वालिटी पर ध्यान देने का है, ताकि भारतीय उत्पाद वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा कर सकें।प्रदेश में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों के बारे में बताते हुए श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश में चाहे सड़क मार्ग हो, चाहे रेल मार्ग या फिर हवाई मार्ग, इन सबके निर्माण में उत्तर प्रदेश देश में अग्रणी बन चुका है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में गरीब, किसान, युवा एवं मातृशक्ति के सशक्तिकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। प्रदेश में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं खाद्य प्रसंस्करण के माध्यम से आत्मनिर्भर बन रही हैं और सरकार का लक्ष्य उन्हें “लखपति दीदी” से आगे “करोड़पति दीदी” बनाना है।
श्री मौर्य ने कहा कि प्रदेश सरकार की ‘एक जनपद, एक उत्पाद (ODOP)’ योजना ने स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाई है तथा अब “एक जनपद, एक व्यंजन” के माध्यम से खाद्य उत्पादों की ब्रांडिंग और विपणन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादों में वैल्यू एडिशन बढ़ाकर न केवल किसानों की आय बढ़ाई जा सकती है, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी सृजित किए जा सकते हैं। सम्मेलन को संबोधित करते हुए केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश में प्रधानमंत्री मोदी और प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में चल रही डबल इंजन की सरकार किसानों और किसानी के सतत विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक अर्थव्यवस्था में अपनी स्थिति मजबूत कर रहा है और वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की दिशा में अग्रसर है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार के सम्मेलन खाद्य सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों के समाधान खोजने में मील का पत्थर साबित होंगे।
इस सम्मेलन का आयोजन एमिटी फूड एंड एग्रीकल्चर फाउंडेशन (ए.एफ.ए.एफ), एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर और इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी (आईएसएमपीपी) के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। इसमें सतत कृषि और खाद्य सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विश्वस्तरीय चर्चा और विचार-मंथन के लिए  प्रतिष्ठित वैज्ञानिक एक मंच पर इकट्ठा हो रहे हैं।
डॉ. अशोक के. चौहान ने वर्चुवल रूप से जुड़ते हुये मुख्य अतिथि सहित सभी का स्वागत करते हुए कहा कि एक किसान परिवार से जुड़े होने के नाते वे कृषि और किसानों की परेशानियों से परिचित हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मेलन में विश्वभर के वरिष्ठ और स्थापित वैज्ञानिकों को एक साथ देखकर विश्वास मजबूत होता है कि भारत न केवल कृषि में बल्कि हर क्षेत्र में सुपर पावर बनकर रहेगा और एमिटी विश्वविद्यालय इसमें अपना हर प्रकार का सहयोग देगा।
डॉ. असीम चौहान ने अपने वर्चुवल सम्बोधन मे ग्रामीण विकास में बुनियादी ढांचे के सुदृढ़ीकरण, मूल्य संवर्धन और ड्रोन एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी उन्नत तकनीकों के उपयोग के महत्व को रेखांकित  किया और कहा कि प्राकृतिक आपदाओं और बदलते मौसम का सामना करने के उपायों पर  हमे और काम करना होगा।
प्रो. (डॉ.) अनिल वशिष्ठ ने डॉ. अशोक के. चौहान एवं डॉ. असीम चौहान के दूरदर्शी नेतृत्व की सराहना करते हुए जलवायु परिवर्तन, उभरती पादप बीमारियों तथा खाद्य प्रणालियों पर बढ़ते दबाव जैसे वैश्विक चुनौतियों का उल्लेख करते हुए सम्मेलन को ज्ञान के आदान-प्रदान, सहयोग एवं नवाचार के लिए एक सशक्त मंच बताया।
कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने जलवायु-लचीली कृषि प्राप्त करने में पादप स्वास्थ्य, रोगजनकों के प्रबंधन एवं खाद्य सुरक्षा की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया।
डॉ. सी. डी. मयी ने कृषि को किसान, रोगजनक कीटाणुओं और पर्यावरण के एक जटिल संबंध के रूप में प्रस्तुत किया। उन्होंने जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न चुनौतियों पर चर्चा करते हुए संतुलित एवं सतत कृषि पद्धतियों को अपनाने की आवश्यकता बताई तथा रासायनिक उपयोग पर अत्यधिक निर्भरता के प्रति सावधान किया।
डॉ. एस. एस. चाहल ने कृषि परिदृश्य में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा करते हुए आक्रामक प्रजातियों, उभरते रोगजनकों और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों को रेखांकित किया। उन्होंने इन समस्याओं के समाधान में जीनोमिक्स एवं पारिस्थितिक दृष्टिकोण की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
प्रो. (डॉ.) पोखर रावल ने इंडियन सोसाइटी ऑफ माइकोलॉजी एंड प्लांट पैथोलॉजी की उल्लेखनीय प्रगति पर प्रकाश डालते हुए इसकी बढ़ती सदस्यता और वैश्विक पहचान का उल्लेख किया। उन्होंने इसकी शोध पत्रिका के वेब ऑफ साइंस में सूचीबद्ध होने को महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया और उच्च गुणवत्ता वाले वैज्ञानिक शोध को सुलभ बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
डॉ. ललित महात्मा ने अपने विचारोत्तेजक संबोधन में लखनऊ की सांस्कृतिक विरासत का उल्लेख करते हुए शैक्षणिक जीवन में मूल्यों, ईमानदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व पर जोर दिया। उन्होंने बीजों के माध्यम से वायरस संचरण के प्रयोगात्मक प्रमाण प्रस्तुत करते हुए वैज्ञानिक समुदाय से पारंपरिक धारणाओं की पुनर्समीक्षा करने का आह्वान किया।
डॉ. डी. आर. सिंह ने भारत की कृषि विविधता, विशेषकर बिहार के मखाना, आम और लीची जैसे उत्पादों में योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने खाद्य पर्याप्तता से पोषण सुरक्षा की ओर बढ़ने की आवश्यकता पर बल देते हुए कीटनाशकों के अवशेष और माइकोटॉक्सिन प्रदूषण के खतरों को उजागर किया।
सम्मेलन के दौरान वैज्ञानिक उत्कृष्टता का उत्सव भी मनाया गया, जिसमें विशिष्ट वैज्ञानिकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए विशेष उपलब्धि पुरस्कार तथा प्रतिष्ठित लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड प्रदान किए गए।
प्रति कुलपति एमिटी विश्वविद्यालय लखनऊ परिसर प्रोफेसर (डॉ.) अनिल वशिष्ठ, एमेरिटस प्रेसिडेंट आईएसएमपीपी डॉ. एस. एस. चाहल, वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं ‘कॉटन मैन’ के नाम से विख्यात, प्रेसिडेंट साउथ एशिया बायोटेक्नोलॉजी सेंटर, नई दिल्ली, डॉ. सी. डी. मयी, सचिव आईएसएमपीपी प्रो. (डॉ.) पोखर रावल, अध्यक्ष आईएसएमपीपी डॉ. ललित महात्मा, कुलपति बिहार एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी डॉ. डी. आर. सिंह और सम्मेलन की आयोजन सचिव एवं निदेशक, एएफएएफ, एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ परिसर, प्रो. (डॉ.) शालिनी सिंह विसेन ने  सम्मेलन मे औपचारिकरुप सै भाग लिया। इस अवसर पर फाउंडर प्रेसिडेंट, एमिटी एजुकेशन ग्रुप, रितनंद बलवेद एजुकेशन फाउंडेशन, डॉ. अशोक के. चौहान, और चेयरमैन एमिटी यूनिवर्सिटी लखनऊ कैंपस डॉ. असीम चौहान ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम में सम्मिलित हुए।
भारत के वीर सपूत मंगल पांडे के बलिदान दिवस पर ब्राह्मण समाज ने चित्र पर श्रद्धापूर्वक श्रद्धांजलि अर्पित किया

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़ :: मंगल पाण्डेय की शहादत दिवस पर ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के तत्वावधान में बुधवार को एलवल स्थित शिविर कार्यालय पर मंगल पाण्डेय के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया।

कार्यक्रम अध्यक्षता करते हुए ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद के अध्यक्ष ब्रजेश नन्दन पाण्डेय ने कहा कि पण्डित मंगल पाण्डेय 1857 की क्रान्ति के प्रणेता थे।

अपने देश एवं धर्म की रक्षा के लिए अंग्रेजी सरकार में अंग्रेज अधिकारियों पर प्रथम गोली चलाने वाले सिपाही थे। जिन्होंने देश के लिए अपने निजी स्वार्थ को त्याग कर एक देशभक्त सिपाही के रूप प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के प्रथम योद्धा बने। आजादी के महा नायक पण्डित मंगल पाण्डेय को 8 अप्रैल 1857 के दिन बैरकपुर जेल में फांसी दी गई। उनके बलिदान से देश में क्रान्ति की ज्वाला और भड़क उठी तथा देश की आजादी के लिए उनके द्वारा बोया गया क्रान्ति रूपी बीज 90 साल बाद 1947 में आजादी के वट वृक्ष के रूप में तब्दील हो गया ।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन करते हुए महामंत्री महामंत्री मनोज कुमार त्रिपाठी ने कहा कि  आजादी की लड़ाई के अग्रदूत मंगल पाण्डेय का जन्म 19 जुलाई 1827 को बलिया जनपद के नगवा ग्राम में हुआ था।  मंगल पाण्डेय ईस्ट इण्डिया कम्पनी की बंगाल नेटिव इन्फेंट्री की 34 वीं रेजिमेंट के सिपाही थे। संदिग्ध कारतूसों के प्रयोग एवं भारतीय सैनिकों के साथ होने वाले भेद भाव के चलते मंगल पाण्डेय ने बैरकपुर की छावनी में 29 मार्च 1857 को अंग्रजों के विद्रोह कर कई अंग्रेज अधिकारियों को मौत के घाट उतार कर आजादी की लड़ाई की क्रान्ति की शुरुआत किया।

कार्यक्रम को धनंजय पाण्डेय, सुभाष पाण्डेय, विश्व देव उपाध्याय ने संबोधित किया।

इस दौरान सतीश कुमार मिश्र, रामाश्रय उपाध्याय, सतीश पाण्डेय, कृष्ण कुमार पाण्डेय, उपेंद्र दत्त शुक्ला, गोविन्द दुबे, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय, निशीथ रंजन तिवारी, राजन पाण्डेय, वैभव पाण्डेय आदि ने श्रद्धा सुमन अर्पित किया।
गया में वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद, पार्षद ने मारपीट के आरोप नकारे, ASI पर लगाए गंभीर आरोप

गया: गया में एक वार्ड पार्षद और एएसआई के बीच विवाद का मामला गरमा गया है। वार्ड पार्षदक कलाम कुरैशी पर रामपुर थाना के एएसआई अश्वनी विक्रम कुमार पासवान के साथ मारपीट करने का आरोप है। हालांकि, पार्षद ने प्रेस वार्ता कर इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए पुलिस अधिकारी पर ही गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रेस वार्ता के दौरान कलाम कुरैशी ने बताया कि वे गेवाल बीघा में एक हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान गेवाल बीघा मोड़ पर उन्होंने रामपुर थाना के एएसआई को दो युवकों के साथ बहस करते और फिर उन्हें बेरहमी से पीटते देखा।

पार्षद के अनुसार, उन्होंने मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए मारपीट का कारण पूछा। कलाम कुरैशी का आरोप है कि उनके सवाल उठाने पर एएसआई भड़क गए और उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे।

चाय की दुकान पर हुई थी घटना

प्राप्त जानकारी के अनुसार यह घटना गेवाल बीघा के पास एक चाय की दुकान पर हुई, जहां किसी बात को लेकर एएसआई और वार्ड पार्षद के बीच विवाद हो गया। वायरल वीडियो में दोनों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की होती दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की पूरी सच्चाई और विवाद की शुरुआत कैसे हुई, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।

इस संबंध में वार्ड पार्षद कलाम कुरैशी ने प्रेस वार्ता कर कहा कि वे गेवाल बीघा में अपने बचपन के दोस्त की बहन के हल्दी समारोह में शामिल होने गए थे। इसी दौरान वे कुछ सामान लेने के लिए गेवाल बीघा मोड़ पहुंचे। वहां उन्होंने देखा कि रामपुर थाना के एएसआई दो युवकों के साथ बहस कर रहे थे और बाद में उन्हें बेरहमी से पीटने लगे। वार्ड पार्षद ने कहा की उन्होंने सिर्फ मानवीय आधार पर हस्तक्षेप करते हुए पूछा कि इस तरह मारपीट क्यों की जा रही है।

कलाम कुरैशी ने आरोप लगाया कि एएसआई ने शराब पी रखी थी और उनका व्यवहार बेहद आपत्तिजनक था। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और मामला धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। पार्षद ने यह भी कहा कि अगर एएसआई का हाथ टूटा है, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। वार्ड पार्षद ने अपने ऊपर लगे आरोपों को चुनौती देते हुए कहा कि अगर वे दोषी पाए जाते हैं तो वे खुद जेल जाने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी मांग की कि उनका और एएसआई दोनों का ब्लड टेस्ट कराया जाए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि किसने शराब का सेवन किया था। घटना के बाद पार्षद ने आईजी और एसएसपी से मिलने की कोशिश की, लेकिन अधिकारियों से मुलाकात नहीं हो सकी। हालांकि, उन्हें निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।