राजनीति विज्ञान विभाग में फेयरवेल का आयोजन हुआ
सुलतानपुर। राणा प्रताप महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र छात्राओं के द्वारा स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के पूजन से हुआ I महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी. के. त्रिपाठी, मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप सिंह, राजनीति के विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आलोक पाण्डेय, डॉ. मंजू ठाकुर एवं डॉ. अंजना सिंह ने चित्रों पर पुष्प अर्पण किया I अपने उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी के त्रिपाठी ने कहा की राजनीति विज्ञान एक ऐसा विषय है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है I अंतिम वर्ष के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए जब तक सफलता के रूप में मंजिल प्राप्त न हो जाएI मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, आवश्यकता है लक्ष्य के प्रति समर्पण की। डॉ. आलोक पाण्डेय ने कहा की जीवन में अनुभव का लाभ उठाएं क्योंकि अनुभव निश्चित रूप में हमें सिखाने का कार्य करते हैं। डॉ. मंजू ठाकुर ने कहा की जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए महाविद्यालय में  सीखा हुआ हर एक पाठ निश्चित रूप से मार्ग प्रशस्त करता है और मंजिल तक पहुंचने में सहायक होता है। यद्यपि कॉलेज पूरा होने के बाद विद्यार्थी नई विधा की ओर अग्रसारित होते हैं लेकिन सत्य यह है कि गुरु और शिष्य का संबंध जीवन भर का होता है जब भी शिष्य किसी भी प्रकार का मार्गदर्शन चाहता है तो निश्चित रूप से शिक्षकों का सानिध्य उन्हें प्राप्त होता है। कार्यक्रम में शिवानी, साक्षी, शशि, दीपांशु, कुलदीप, अर्जुन आदि छात्र छात्राओं ने अपना अनुभव सबके समक्ष रखा I कार्यक्रम में समूह नृत्य एकल नृत्य एवं छात्र-छात्राओं के द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया शिवानी अर्जुन, दीपांशु,एवं नैना वर्मा को विशेष प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन परास्नातक की छात्रा नंदिनी एवं स्नातक की छात्रा शिखा ने किया।
महाराष्ट्र दिवस पर उत्तर भारतीय संघ का परोपकार, 100 महिलाओं को सिलाई मशीन का उपहार
मुंबई। उत्तर भारतीय समाज के संगठन, विकास और सम्मान के प्रति समर्पित सबसे बड़ी और सबसे पुरानी संस्था उत्तर भारतीय संघ ने विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी महाराष्ट्र दिवस (1 मई) के गौरवपूर्ण अवसर पर बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में नारी शक्ति सम्मान समारोह करने जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने बताया कि 100 जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीन का उपहार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है। महाराष्ट्र की मिट्टी ने हम सबको बहुत कुछ दिया है। हमें यहां से उतना ही प्यार है, जितना प्यार हम अपनी जन्मभूमि से करते हैं। यही कारण है कि उत्तर भारतीय संघ विगत कई वर्षों से पूरे उत्साह और हर्ष के साथ महाराष्ट्र दिवस का भव्य आयोजन करता आ रहा है। दोपहर 12 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र दिवस से जुड़े गीतों की भी शानदार प्रस्तुति की जाएगी।
क्या बंगाल से ममता दीदी की विदाई तय, 4 मई को आ रही नई सरकार?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ। मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल से दीदी की विदाई तय हो गई है।

बंगाल की जनता चाहती है बदलाव?

बंगाल के रण में इस बार ममता बनर्जी का जादू चलता नहीं दिख रहा है। प्रमुख एग्जिट पोल्स ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। 2021 में जिस भाजपा को दीदी ने पटखनी दी थी, वही भाजपा 2026 में सुनामी बनकर लौटती दिख रही है।

टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए जो दांव चल रही थीं, वे उलटे पड़ गए हैं। इन आंकड़ों ने न केवल टीएमसी के कैंप में सन्नाटा पसरा दिया है, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बंगाल में दशकों पुरानी वामपंथी और फिर टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

क्या कह रहे एग्जिट पोल के आंकड़े

जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है। वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है। वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं। वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

सर्वे नतीजों में बदलते तो...

अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो टीएमसी के लिए सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है। अगर ये सर्वे नतीजों में बदलते हैं, तो भाजपा के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत होगी।

भदोही में बारिश-ओलावृष्टि और आंधी से गर्मी से राहत:तापमान में 5-7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सीतामढ़ी क्षेत्र में गुरुवार की सुबह मौसम ने ऐसा सुहावना रूप लिया कि लोगों के चेहरे खिल उठे। सुबह होते ही आसमान में हल्के बादल छा गए और बीच-बीच में हल्की फुहारों ने पूरे माहौल को तरोताजा कर दिया। बीते कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को इस बदलाव ने बड़ी राहत दी है। हल्की-हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के झोंकों ने न सिर्फ तापमान को नीचे लाया, बल्कि वातावरण को भी सुखद बना दिया। सुबह के समय जब लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकले, तो उन्हें तपती धूप की बजाय ठंडी हवा और बूंदाबांदी का सामना करना पड़ा। इससे जनजीवन पर मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां एक ओर मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं हल्की बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई और कुछ स्थानों पर आवागमन धीमा हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ के कारण लोगों को थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ी। स्थानीय किसानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय हुई हल्की बारिश फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी और जमीन की नमी बनाए रखने में मदद करेगी। वहीं, बच्चों और युवाओं ने भी इस मौसम का भरपूर आनंद लिया। कई जगहों पर बच्चे बारिश में भीगते नजर आए तो कुछ लोग अपने घरों की छतों और बरामदों से मौसम का लुत्फ उठाते दिखे।बाजारों में भी इस बदलाव का असर साफ नजर आया। जहां भीषण गर्मी के कारण दोपहर में सन्नाटा छा जाता था, वहीं आज लोगों की आवाजाही सामान्य रही। चाय और पकौड़ी की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली, जहां लोग मौसम का आनंद लेते हुए बातचीत करते नजर आए।क्षकुल मिलाकर, गुरुवार का यह सुहावना मौसम सीतामढ़ी क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरा रहा। हालांकि हल्की बारिश से कुछ असुविधाएं भी हुईं, लेकिन भीषण गर्मी से मिली राहत ने लोगों के मन को सुकून जरूर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार यदि ऐसे ही बादल और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद है।
गया के प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मगध का पहला लैप्रोस्कोपिक डुओडेनल परफोरेशन ऑपरेशन सफल

गया: मगध क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डुओडेनल परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल ऑपरेशन लैप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया गया। पूरे मगध क्षेत्र में यह पहली बार है जब इस जटिल एवं गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) से संपन्न किया गया।

सामान्यतः इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज का पेट पूरी तरह खोलकर (लैपरोटॉमी) सर्जरी करनी पड़ती है, जिससे दर्द अधिक होता है तथा रिकवरी में भी लंबा समय लगता है। लेकिन प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने अपनी कुशलता, अनुभव एवं आधुनिक सर्जिकल तकनीक के बल पर इस जटिल ऑपरेशन को लैप्रोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक पूरा किया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही तथा आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम समय में मरीज की रिकवरी हो गई। इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा एवं शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिला।

प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज पूरे मगध क्षेत्र में मिनिमली इनवेसिव एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुका है। जटिल से जटिल ऑपरेशन को अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा।

इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार एवं अस्पताल के ओटी स्टाफ की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। पूरी टीम के समर्पण, तालमेल एवं दक्षता के कारण यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हो सका। प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मगध क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

राजनीति विज्ञान विभाग में फेयरवेल का आयोजन हुआ
सुलतानपुर। राणा प्रताप महाविद्यालय में राजनीति विज्ञान विभाग के छात्र छात्राओं के द्वारा स्नातक और परास्नातक अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ मां सरस्वती और महाराणा प्रताप के पूजन से हुआ I महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी. के. त्रिपाठी, मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप सिंह, राजनीति के विज्ञान विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. आलोक पाण्डेय, डॉ. मंजू ठाकुर एवं डॉ. अंजना सिंह ने चित्रों पर पुष्प अर्पण किया I अपने उद्बोधन में महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर डी के त्रिपाठी ने कहा की राजनीति विज्ञान एक ऐसा विषय है जो प्रतियोगी परीक्षाओं में अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान रखता है I अंतिम वर्ष के छात्रों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा की जीवन में निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए जब तक सफलता के रूप में मंजिल प्राप्त न हो जाएI मुख्य कुलानुशासक प्रोफेसर शैलेंद्र प्रताप ने कहा कि लक्ष्य निर्धारित करना ही महत्वपूर्ण नहीं है, आवश्यकता है लक्ष्य के प्रति समर्पण की। डॉ. आलोक पाण्डेय ने कहा की जीवन में अनुभव का लाभ उठाएं क्योंकि अनुभव निश्चित रूप में हमें सिखाने का कार्य करते हैं। डॉ. मंजू ठाकुर ने कहा की जीवन पथ पर आगे बढ़ने के लिए महाविद्यालय में  सीखा हुआ हर एक पाठ निश्चित रूप से मार्ग प्रशस्त करता है और मंजिल तक पहुंचने में सहायक होता है। यद्यपि कॉलेज पूरा होने के बाद विद्यार्थी नई विधा की ओर अग्रसारित होते हैं लेकिन सत्य यह है कि गुरु और शिष्य का संबंध जीवन भर का होता है जब भी शिष्य किसी भी प्रकार का मार्गदर्शन चाहता है तो निश्चित रूप से शिक्षकों का सानिध्य उन्हें प्राप्त होता है। कार्यक्रम में शिवानी, साक्षी, शशि, दीपांशु, कुलदीप, अर्जुन आदि छात्र छात्राओं ने अपना अनुभव सबके समक्ष रखा I कार्यक्रम में समूह नृत्य एकल नृत्य एवं छात्र-छात्राओं के द्वारा गीत प्रस्तुत किया गया शिवानी अर्जुन, दीपांशु,एवं नैना वर्मा को विशेष प्रस्तुति के लिए पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का सफल संचालन परास्नातक की छात्रा नंदिनी एवं स्नातक की छात्रा शिखा ने किया।
महाराष्ट्र दिवस पर उत्तर भारतीय संघ का परोपकार, 100 महिलाओं को सिलाई मशीन का उपहार
मुंबई। उत्तर भारतीय समाज के संगठन, विकास और सम्मान के प्रति समर्पित सबसे बड़ी और सबसे पुरानी संस्था उत्तर भारतीय संघ ने विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी महाराष्ट्र दिवस (1 मई) के गौरवपूर्ण अवसर पर बांद्रा पूर्व स्थित उत्तर भारतीय संघ भवन में नारी शक्ति सम्मान समारोह करने जा रहा है। संस्था के अध्यक्ष संतोष आरएन सिंह ने बताया कि 100 जरूरतमंद महिलाओं को सिलाई मशीन का उपहार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र हमारी कर्मभूमि है। महाराष्ट्र की मिट्टी ने हम सबको बहुत कुछ दिया है। हमें यहां से उतना ही प्यार है, जितना प्यार हम अपनी जन्मभूमि से करते हैं। यही कारण है कि उत्तर भारतीय संघ विगत कई वर्षों से पूरे उत्साह और हर्ष के साथ महाराष्ट्र दिवस का भव्य आयोजन करता आ रहा है। दोपहर 12 बजे से आयोजित इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र दिवस से जुड़े गीतों की भी शानदार प्रस्तुति की जाएगी।
क्या बंगाल से ममता दीदी की विदाई तय, 4 मई को आ रही नई सरकार?

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में कुल 294 सीटों पर दो चरणों में वोट डाले गए। पहले चरण में 152 सीटों पर 23 अप्रैल को और दूसरे चरण में 142 सीटों पर 29 अप्रैल को मतदान हुआ। मतगणना 4 मई को होगी। इस बीच दूसरे चरण की वोटिंग खत्म होते ही एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आ गए हैं। एग्जिट पोल की मानें तो बंगाल से दीदी की विदाई तय हो गई है।

बंगाल की जनता चाहती है बदलाव?

बंगाल के रण में इस बार ममता बनर्जी का जादू चलता नहीं दिख रहा है। प्रमुख एग्जिट पोल्स ने साफ कर दिया है कि बंगाल की जनता ने परिवर्तन का मन बना लिया है। 2021 में जिस भाजपा को दीदी ने पटखनी दी थी, वही भाजपा 2026 में सुनामी बनकर लौटती दिख रही है।

टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि ममता बनर्जी अपनी सत्ता बचाने के लिए जो दांव चल रही थीं, वे उलटे पड़ गए हैं। इन आंकड़ों ने न केवल टीएमसी के कैंप में सन्नाटा पसरा दिया है, बल्कि राजनीतिक पंडितों को भी यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या बंगाल में दशकों पुरानी वामपंथी और फिर टीएमसी वाली राजनीति का युग अब अंत की ओर है?

क्या कह रहे एग्जिट पोल के आंकड़े

जेवीसी के एग्जिट पोल के अनुसार, पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भाजपा के बीच कांटे की टक्कर है। टीएमसी को 131 से 152 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 138 से 159 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 2 सीटें जाने का अनुमान है, जबकि वाम दलों और अन्य के खाते में कोई सीट जाती नहीं दिख रही है। वहीं, जनमत पोल्स के एग्जिट पोल में टीएमसी को 195 से 205 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 80 से 90 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस को 1 से 3 सीटें मिलने की संभावना है। वाम दलों को 0 से 1 सीट और अन्य के खाते में 3 से 5 सीटें जा सकती हैं। वहीं पीपुल्स इनसाइट के एग्जिट पोल के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। टीएमसी को 138 से 150 सीटें मिलने का अनुमान है, जबकि भाजपा को 144 से 154 सीटें मिल सकती हैं। कांग्रेस के खाते में 0 से 1 सीट और वाम दलों को भी 0 से 1 सीट मिलने की संभावना जताई गई है।

सर्वे नतीजों में बदलते तो...

अगर यह अनुमान सही साबित होता है तो टीएमसी के लिए सत्ता में वापसी मुश्किल हो सकती है। अगर ये सर्वे नतीजों में बदलते हैं, तो भाजपा के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी ऐतिहासिक जीत होगी।

भदोही में बारिश-ओलावृष्टि और आंधी से गर्मी से राहत:तापमान में 5-7 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। सीतामढ़ी क्षेत्र में गुरुवार की सुबह मौसम ने ऐसा सुहावना रूप लिया कि लोगों के चेहरे खिल उठे। सुबह होते ही आसमान में हल्के बादल छा गए और बीच-बीच में हल्की फुहारों ने पूरे माहौल को तरोताजा कर दिया। बीते कई दिनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से जूझ रहे लोगों को इस बदलाव ने बड़ी राहत दी है। हल्की-हल्की बारिश और ठंडी हवाओं के झोंकों ने न सिर्फ तापमान को नीचे लाया, बल्कि वातावरण को भी सुखद बना दिया। सुबह के समय जब लोग अपने दैनिक कार्यों के लिए घरों से निकले, तो उन्हें तपती धूप की बजाय ठंडी हवा और बूंदाबांदी का सामना करना पड़ा। इससे जनजीवन पर मिला-जुला असर देखने को मिला। जहां एक ओर मौसम सुहावना होने से लोगों को गर्मी से राहत मिली, वहीं हल्की बारिश के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ गई और कुछ स्थानों पर आवागमन धीमा हो गया। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे रास्तों पर कीचड़ के कारण लोगों को थोड़ी परेशानी भी उठानी पड़ी। स्थानीय किसानों के लिए यह मौसम किसी वरदान से कम नहीं माना जा रहा है। किसानों का कहना है कि इस समय हुई हल्की बारिश फसलों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगी और जमीन की नमी बनाए रखने में मदद करेगी। वहीं, बच्चों और युवाओं ने भी इस मौसम का भरपूर आनंद लिया। कई जगहों पर बच्चे बारिश में भीगते नजर आए तो कुछ लोग अपने घरों की छतों और बरामदों से मौसम का लुत्फ उठाते दिखे।बाजारों में भी इस बदलाव का असर साफ नजर आया। जहां भीषण गर्मी के कारण दोपहर में सन्नाटा छा जाता था, वहीं आज लोगों की आवाजाही सामान्य रही। चाय और पकौड़ी की दुकानों पर भी भीड़ देखने को मिली, जहां लोग मौसम का आनंद लेते हुए बातचीत करते नजर आए।क्षकुल मिलाकर, गुरुवार का यह सुहावना मौसम सीतामढ़ी क्षेत्र के लोगों के लिए राहत भरा रहा। हालांकि हल्की बारिश से कुछ असुविधाएं भी हुईं, लेकिन भीषण गर्मी से मिली राहत ने लोगों के मन को सुकून जरूर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार यदि ऐसे ही बादल और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहा, तो आने वाले दिनों में तापमान में और गिरावट देखने को मिल सकती है, जिससे लोगों को और राहत मिलने की उम्मीद है।
गया के प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में मगध का पहला लैप्रोस्कोपिक डुओडेनल परफोरेशन ऑपरेशन सफल

गया: मगध क्षेत्र में आधुनिक एवं उन्नत सर्जरी के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जोड़ते हुए प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल में डुओडेनल परफोरेशन (आंत में छेद) का सफल ऑपरेशन लैप्रोस्कोपी विधि द्वारा किया गया। पूरे मगध क्षेत्र में यह पहली बार है जब इस जटिल एवं गंभीर ऑपरेशन को सफलतापूर्वक मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) से संपन्न किया गया।

सामान्यतः इस प्रकार के ऑपरेशन में मरीज का पेट पूरी तरह खोलकर (लैपरोटॉमी) सर्जरी करनी पड़ती है, जिससे दर्द अधिक होता है तथा रिकवरी में भी लंबा समय लगता है। लेकिन प्रकाश मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल के वरिष्ठ सर्जन डॉ. जे. पी. सिंह ने अपनी कुशलता, अनुभव एवं आधुनिक सर्जिकल तकनीक के बल पर इस जटिल ऑपरेशन को लैप्रोस्कोपिक विधि से सफलतापूर्वक पूरा किया।

ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति पूरी तरह स्थिर रही तथा आश्चर्यजनक रूप से बहुत कम समय में मरीज की रिकवरी हो गई। इस आधुनिक तकनीक के कारण मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव, संक्रमण का कम खतरा एवं शीघ्र सामान्य जीवन में लौटने का लाभ मिला।

प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल आज पूरे मगध क्षेत्र में मिनिमली इनवेसिव एवं एडवांस लैप्रोस्कोपिक सर्जरी के लिए अपनी विशेष पहचान बना चुका है। जटिल से जटिल ऑपरेशन को अत्याधुनिक तकनीक एवं अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा सफलतापूर्वक किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ रहा।

इस सफल ऑपरेशन में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. नीरज कुमार एवं अस्पताल के ओटी स्टाफ की भूमिका भी अत्यंत सराहनीय रही। पूरी टीम के समर्पण, तालमेल एवं दक्षता के कारण यह चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन सफल हो सका। प्रकाश मल्टी स्पेशियलिटी हॉस्पिटल प्रबंधन ने बताया कि अस्पताल का उद्देश्य मगध क्षेत्र के लोगों को विश्वस्तरीय एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कराना है, ताकि मरीजों को बेहतर इलाज के लिए बाहर न जाना पड़े।

गर्मी में सेहत रहे दुरुस्त: डॉ दीक्षिता पांडे ने बताए आसान और असरदार बचाव उपाय
लखनऊ ।  मैं हूं डॉ दीक्षिता पांडे आज मैं आपको बताऊंगी कि कैसे हम बचाव कर सकते हैं इस भीषण गर्मी में होने वाले रोगों से होम्योपैथी दवाइयां की सहायता से तो आईए जानते हैं सबसे पहले जो इसमें प्रमुख बीमारी है वह है हीट स्ट्रोक  या लू लगना _जी हां तेज धूप के संपर्क में आने से होने वाले दर्द बुखार और चक्कर आने जैसी स्थितियां जब आपके सामने हो तब आप होम्योपैथी की यह दवा ले सकते हैं जैसे की  बेलाडोना चेहरे की लालिमा तेज बुखार सूखी त्वचा और अचानक होने वाले दर्द के लिए उपयोगी है दूसरा गर्मी में सबसे ज्यादा शिकायत होती है देखने में आती है वह है थकावट डिहाइड्रेशन जिसको कहते हैं इसमें सबसे खास बात होती कि शरीर में पानी कमी हो जाती है इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो जाती है जिसके लिए होम्योपैथिक में हम अगर दवा दें तो सबसे पहले दवा आती है "नेटराम मयूर "_धूप के लंबे समय तक प्रभाव के कारण होने वाले पुराने सर दर्द और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन के लिए उपयोग की जाती है इसमें दूसरी दवा आती है "चायना"_इसमें अत्यधिक पसीना आने के साथ दस्त के साथ होने वाली कमजोरी शरीर में पानी की कमी की भरपाई के लिए दी जाती है ।

इसमें तीसरी दवा आती है "आर्सेनिक एल्बम"_जलन बेचैनी और निर्जलीकरण के कारण होने वाले कमजोरी में राहत देती है ठीक है और अब बात करते हैं त्वचा संबंधी समस्याओं पर जो हमें गर्मियों के मौसम में देखने को मिलती है वह गर्मी में होने वाले त्वचा में रशेस और सनबर्न हो जाता है इसके कारण होने वाली जलन इसमें सल्फर दवा दी जा सकती है और घमौरी भी अगर निकल आए तो सल्फर दवा बड़े अच्छे से काम करती है जो की  त्वचा संवेदनशीलता को दूर करने में सल्फर की मेडिसिन बहुत ही अच्छी मानी जाती है अब हम बात करेंगे कि गर्मियों के मौसम में अगर  बच्चों को  बार-बार उल्टी दस्त हो रहे हैं तो उसके लिए सबसे अच्छी दवा होती है होम्योपैथिक में आर्सेनिक एल्बम, वैरेटम एल्बम, कैंपर दवा खांसी उपयोगी होती है ।

यह बहुत अच्छी मानी जाती हैं जी हां लेकिन दोस्तों कौन सी दवा किस मरीज को कितनी मात्रा में देना है यह आप होम्योपैथी डॉक्टर की सलाह से ही दीजिएगा बिल्कुल क्योंकि रोग की अवधि और दवा की खुराक यह सही निर्णय एक होम्योपैथी डॉक्टर ही आपको सही-सही बता पाएगा ठीक है और अब हम बताते हैं कि आप कैसे इन गर्मियों में आप अपना ख्याल सबसे ज्यादा इस प्रकार से रखें कि ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जियां खाएं और मौसमी फलों का सेवन करें, लस्सी खीरा ककड़ी छाछ है ना जितना हो सके खाएं और पिए और गर्मियों से बचने के लिए आरामदायक सूती कपड़े पहने धूप में जब भी निकले तो छतरी या टोपी का इस्तेमाल जरूर करें और आंखों का भी ख्याल रखें आंखों के लिए भी आप चाहे तो आरामदायक चश्मा का प्रयोग कर सकते हैं सनग्लासेस के तौर पर और सबसे बड़ी बात आपको नाश्ते या खाने में गाजर एप्पल का सेवन ज्यादा से ज्यादा मात्रा में करिए तो आपको ब्लू नहीं लगेगी और गर्मी नहीं लगेगी हाजमा भीआपका बहुत अच्छा रहेगा तो दोस्तों उम्मीद करते हैं आपको हमारे द्वारा दी गई ।
जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

भोपाल स्लॉटर हाउस मामले में बड़ा खुलासा

  • धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और भ्रष्टाचार पर सरकार जवाब दे : अमित शर्मा

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव श्री अमित शर्मा ने आज पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि भोपाल स्लॉटर हाउस का मामला केवल एक प्रशासनिक विषय नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था, सनातन परंपराओं, धार्मिक भावनाओं तथा शासन-प्रशासन की जवाबदेही से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।

उन्होंने कहा कि पिछले कई महीनों से भोपाल के जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आ रही हैं। इस मामले में असलम चमड़ा एवं उसके ड्राइवर की गिरफ्तारी हुई, बाद में उन्हें जमानत भी मिल गई, लेकिन प्रश्न यह है कि क्या इतना बड़ा अवैध कारोबार केवल एक व्यक्ति के भरोसे संचालित हो सकता है?

श्री शर्मा ने कहा कि भोपाल की महापौर, एमआईसी सदस्य तथा संबंधित अधिकारियों ने लगातार यह कहा कि उन्हें मामले की जानकारी नहीं थी, लेकिन आज प्रस्तुत दस्तावेज स्पष्ट करते हैं कि यह दावा पूरी तरह असत्य है।

उन्होंने पत्रकारों को दस्तावेज दिखाते हुए बताया कि दिनांक 24 अक्टूबर 2025 की एमआईसी बैठक में प्रस्ताव क्रमांक 6 के अंतर्गत जहांगीराबाद स्थित मॉडर्न स्लॉटर हाउस के कार्य को पूर्ण करने हेतु 8 अक्टूबर 2025 तक मात्र 6 माह की अवधि विस्तार का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया था। किन्तु बाद में उसी प्रक्रिया में संशोधन कर बिना पेनल्टी समयावधि बढ़ाते हुए संचालन एवं संधारण का अनुबंध 20 वर्षों के लिए दे दिया गया। यह गंभीर अनियमितता है।

श्री शर्मा ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये की पेनल्टी, जो संबंधित पक्ष पर लगाई गई थी, उसे भी माफ कर दिया गया। पहले दंड लगाया गया और बाद में मिलीभगत से उसे समाप्त कर दिया गया। यह सीधे-सीधे भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग का मामला है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने सार्वजनिक रूप से कहा कि उन्हें जानकारी नहीं थी, उनके हस्ताक्षर दस्तावेजों पर मौजूद हैं। इनमें महापौर श्रीमती मालती राय सहित कई एमआईसी सदस्यों के हस्ताक्षर दर्ज हैं। इससे स्पष्ट है कि जनता को गुमराह किया गया।

श्री शर्मा ने कहा कि इस पूरे प्रकरण में राज्य सरकार द्वारा गठित एसआईटी केवल खानापूर्ति साबित हुई है। मूल दस्तावेजों को जांच से दूर रखा गया और पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि यदि सरकार वास्तव में गौ संरक्षण, सनातन संस्कृति और धार्मिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्ध है, तो फिर इस मामले पर भाजपा के बड़े नेता और स्वयंभू धर्म रक्षक मौन क्यों हैं?

श्री शर्मा ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए, सभी दोषी अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और संरक्षण देने वालों पर कठोर कार्रवाई की जाए तथा जनता के सामने सत्य रखा जाए। उन्होंने कहा कि कल असलम चमड़ा को जमानत मिलना यह स्पष्ट करता है कि मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे बड़े संरक्षणकर्ताओं की भूमिका है, जिनकी पहचान उजागर होना आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को जनता की आवाज बनाकर लगातार उठाएगी और धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ तथा भ्रष्टाचार करने वालों को बेनकाब करेगी।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_