भारतीय किसान यूनियन की बैठक में उठा स्थानीय समस्याओं के समाधान का मुद्दा

संभल।भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा ग्राम - मेहराना में गुरूवार को जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी के नेतृत्व में जन जागरण अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया ! बैठक की अध्यक्षता जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी एवं संचालन निर्देश कुमार ने किया !
बैठक में बोलते हुए।

जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने भ्रष्टाचार पर तीखा वार किया ! कहा कि जनपद संभल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है ! जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है ! जिसको संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा ! प्रदेश सरकार तमाम कल्याणकारी योजनाएं चला रही है जिससे आम जनमानस का लाभ हो सके परंतु भ्रष्टाचार के चलते आम जनमानस को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है ! बैठक में बिजली की दरें बढ़ाने से लेकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने एवं क्रेडिट कार्ड के नाम पर किसान को टरकाने का विरोध किया गया ! साथ ही आधार कार्ड संशोधन से लेकर जाति, निवास प्रमाण पत्र एवं खतौनी में त्रुटि के संबंध में हो रही धांधलेबाजी का विरोध दर्ज किया ! सरकार द्वारा चलायी जा रही एकमुश्त समाधान योजना पर निराशा जताते हुए कहा कि आधे से ज्यादा उपभोक्ता योजना के लाभ से वंचित है ! योजना को बेहतर करते हुए पुनः लागू किया जाए जिससे कि आम जनमानस को लाभ मिल सके ! आधे से ज्यादा मीटर गलत बिल निकाल कर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं ! जिसमें सुधार अति आवश्यक है ! वहीं जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ पदाधिकारियों के लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण उनके पद में फेर बदल किया गया है, जिससे कि संगठन को मजबूती दी जा सके ! संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जाएगी एवं अनुपस्थित रहने वाले कार्यकर्ताओं को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा ! युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने कहा कि बैठक में कुछ स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया है जिन पर जल्द ही रणनीति तय कर अधिकारियों के समक्ष रखकर मजबूती से समाधान कराया जाएगा ! कार्यकारिणी द्वारा संगठन विस्तार में चौधरी संतवीर सिंह को जिला प्रचार मंत्री, राज्यपाल कश्यप को तहसील उपाध्यक्ष संभल, ज्ञानचंद कश्यप को ग्राम संगठन मंत्री, पुष्पेन्द्र सिंह को ग्राम सचिव, रोहतास चौधरी को ग्राम महासचिव, लोकेश कश्यप को ग्राम प्रभारी, प्रशांत चौधरी को ग्राम सचिव नियुक्त किया गया ! जिला महासचिव अनमोल कुमार ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकर्ता ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा के साथ जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए आम जनमानस को एवं किसान का सहयोग करते हुए संगठन की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे !
मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील महासचिव राजीव कुमार, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, धीरेन्द्र त्यागी ब्लाक महासचिव, ब्लॉक महासचिव मनीराम गूर्जर, डॉ वसीम युवा ब्लॉक अध्यक्ष, युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, राजपाल कश्यप, राम सिंह, तेजपाल सिंह, करण सिंह, जाकिर अली, ज्ञानचंद कश्यप, नन्नू चौधरी, रोहतास सिंह, विजेन्द्र कुमार अंकुल कुमार, उपेन्द्र चौधरी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे !
कम हो गई कड़वाहट! राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिले शशि थरूर

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शशि थरूर की पार्टी नेतृत्व से नाराजगी की खबरें आ रही हैं।

संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर राहुल गांधी के ऑफिस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। यह आधे घंटे से अधिक समय तक चली। इस बैठक के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "सब ठीक है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष की खबरों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।

हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे- थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हमारी बातचीत हुई। हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं और क्या कह सकता हूं?... मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?

उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं-थरूर

जब उनसे पूछा गया कि क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज़ के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी, मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है। मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है।'

शशि थरूर लगातार सुर्खियों में

बता दें कि हाल के महीनों में शशि थरूर लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर। कभी पार्टी बैठकों से दूरी को लेकर। कभी केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर। बीते कुछ समय में शशि थरूर ने कई अहम बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। केरल चुनाव की रणनीति पर होने वाली बैठक में वे नहीं पहुंचे। सोनिया गांधी के आवास पर हुई मीटिंग भी मिस की। वजह यात्रा बताई गई। लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंदरूनी नाराजगी की बात भी सामने आई।

थरूर ने माना-कुछ मुद्दे हैं

वहीं, थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी के मंच पर उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के तय रुख का उल्लंघन नहीं किया है। थरूर ने कहा था, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें मुझे अपने पार्टी नेतृत्व के साथ उठाना है, न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मैं संसद के लिए दिल्ली जाऊंगा, और मुझे मौका मिलेगा, मेरा मानना है, कि मैं अपनी चिंताओं को पार्टी नेतृत्व के सामने बहुत स्पष्ट रूप से रख सकूं और उनका दृष्टिकोण जान सकूं, एक उचित बातचीत कर सकूं।'

लम्भुआ के बनकटवा रामगढ में माँ शीतला धाम में ज्योति पर्व धूमधाम से मनाया गया*
सुल्तानपुर,लम्भुआ समीप के बनकटवा रामगढ में माँ शीतला धाम में ज्योति पर्व धूमधाम से मनाया गया।24 घण्टे के अखण्ड श्री राम चरित मानस पाठ के बाद श्रद्धालुओं ने हवन में हिस्सा लिया।पूर्णाहुति के बाद बीती देर रात तक महाप्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। इस वार्षिक समारोह खासी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। गांव के भारद्वाज आश्रम के प्रांगण में मां शीतला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अनवरत ज्योति पर्व का आयोजन किया जाता है जिसमें मंगलवार को श्री रामचरित मानस पाठ का शुभारंभ किया गया। बुधवार को पूर्णाहुति के बाद सामूहिक हवन में खासी संख्या में ग्रामीणों और विशिष्टजनों ने हिस्सा लिया। अपरान्ह बाद महाप्रसाद वितरण (भंडारा) किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में मां शीतला धाम समिति के पुनीत द्विवेदी ,अमिताभ द्विवेदी, अमित द्विवेदी, नितेश द्विवेदी ,राजेंद्र द्विवेदी, रामप्यारे दुबे, जितेंद्र दुबे, राजेश दुबे,ऋतिक दुबे, मनीष दुबे, जयंत दुबे, नीरज दुबे, संदीप दुबे,रवि दुबे आदि का खास योगदान रहा।
UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा-दुरुपयोग का खतरा

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देशभर में जबरदस्त विरोध हो रहा है। नए नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला किया है और यूजीसी के नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है।

केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च तक मांगा जवाब

सीजेआई सूर्यकांत की बेंच कहा कि ये प्रावधान पहली नज़र में अस्पष्ट हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया। सीजेआई सूर्यकांत ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस को फिर से बनाने के लिए कहा है, तब तक इनका संचालन रोक दिया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब देने को कहा है।

कोर्ट ने पूछा अहम सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सवाल उठाए। जस्टिस बागची ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से ऐसा लगता है कि इनका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल बनाना चाहते हैं। जस्टिस बागची ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जब पहले से ही 3 'E' मौजूद हैं, तो फिर 2 'C' की क्या जरूरत पड़ जाती है? यह सवाल नियमों की प्रासंगिकता पर उठाया गया था।

दरअलस, यूजीसी के नए नियमों पर बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है। सवर्ण तबके के स्टूडेंट्स इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी बुधवार को ही यूजीसी नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए हामी भरी थी। याचिका में कहा गया है कि ये नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं। मामला राहुल देवन और अन्य बनाम केंद्र सरकार है। सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका को सुनवाई के लिए आज लिस्ट किया था।

ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च किया ईज़ी: खुदरा ग्राहकों को स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य
~ इस स्मार्ट, सरल और पर्सनलाइज़्ड प्लेटफॉर्म पर हर तरह की मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के लिए 200 से अधिक फीचर्स उपलब्ध हैं
भोपाल, जनवरी, 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज अपने उन्नत मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म, उज्जीवन ईज़ी (ईएज़वाई) लॉन्च करने की घोषणा की। यह बैंक की डिजिटल प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। उज्जीवन के ईज़ी को खुदरा ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो मोबाइल और वेब चैनलों पर एकीकृत, सुरक्षित और सहज बैंकिंग का अनुभव प्रदान करता है। यह नौ भाषाओं- अंग्रेज़ी, हिंदी, कन्नड़, गुजराती, मराठी, बंगाली, उड़िया, पंजाबी और तमिल में उपलब्ध है।
इस प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक बैंकिंग फीचर्स उपलब्ध हैं, जिनमें 90 से अधिक नई किस्म की सुविधाएँ शामिल हैं। इन फीचर्स का उद्देश्य रोज़मर्रा की बैंकिंग को सरल बनाना और साथ ही बचत, भुगतान, ऋण और निवेश में भागीदारी बढ़ाना है। अगली पीढ़ी के माइक्रोसर्विस आर्किटेक्चर पर निर्मित, ईज़ी प्रणाली की गति, विस्तार क्षमता और इसके लचीलेपन को बढ़ाता है। इस तरह बैंक नए फीचर तेज़ी से पेश कर सकता है और ग्राहकों की बदलती जरूरतों अनुरूप अधिक प्रभावी तरीके से बदलाव कर सकता है।
ईज़ी, एक ही प्लेटफॉर्म पर खाता प्रबंधन, फंड ट्रांसफर (धन का हस्तांतरण), फिक्स्ड और रेकरिंग डिपॉज़िट (सावधि और आवर्ती जमा), बिल भुगतान, डेबिट कार्ड प्रबंधन, जीएसटी भुगतान और डीमैट और एनपीएस सहित निवेश सेवाओं जैसी मुख्य बैंकिंग सेवाएँ पेश करता है। इस उन्नत प्लेटफॉर्म ने इन इन मौजूदा सेवाओं के अलावा, ऋण सेवा, स्मार्ट स्टेटमेंट, नई डिजिटल क्षमताओं और ग्राहकों के उत्पाद संबंधों के आधार पर पर्सनलाइज़्ड इंटरफेस पेश किए हैं, जिससे सुविधा बढ़ती है और ग्राहक को बेहतर अनुभव मिलता है। इस तरह यह हर तरह के बैंकिंग अनुभव भी प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म पहुँच और समावेश ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो भौगोलिक क्षेत्रों, आयु समूहों और डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तरों के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करता है। उन्नत सुरक्षा एसडीके, ऐपप्रोटेक्ट के जरिए सुरक्षा बढ़ाई गई है, जो धोखाधड़ी, उपकरण-स्तर के खतरों और उभरते साइबर जोखिमों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के रणनीति और परिवर्तन (स्ट्रेटेजी और ट्रांसफॉर्मेशन) प्रमुख, श्री दीपक अग्रवाल, ने कहा, “ईज़ी का लॉन्च एकल डिजिटल चैनलों से एकीकृत डिजिटल परितंत्र की ओर अग्रसर होने के हमारे प्रयास को रेखांकित करता है। यह प्लेटफॉर्म तेज़ नवाचार, ग्राहक सहभागिता और वहनीय कारोबार के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह विश्वास, सरलता, सुरक्षा और वित्तीय समावेश पर विशेष ध्यान देने की हमारी नीति के अनुरूप है।”
बैंक के परिचालन में डिजिटल चैनल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुल आउटवर्ड ट्रांज़ेक्शन में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी डिजिटल पेमेंट की है, जिससे बैंक के डिजिटल परितंत्र में ग्राहकों का विश्वास और डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने का स्तर ज़ाहिर होता है।
आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:

28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।

29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।

क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?

यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।

लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।

भारतीय किसान यूनियन की बैठक में उठा स्थानीय समस्याओं के समाधान का मुद्दा

संभल।भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा ग्राम - मेहराना में गुरूवार को जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी के नेतृत्व में जन जागरण अभियान के तहत बैठक का आयोजन किया गया ! बैठक की अध्यक्षता जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी एवं संचालन निर्देश कुमार ने किया !
बैठक में बोलते हुए।

जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने भ्रष्टाचार पर तीखा वार किया ! कहा कि जनपद संभल में भ्रष्टाचार चरम सीमा पर है ! जिला स्तर के अधिकारियों द्वारा किसानों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है ! जिसको संगठन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगा ! प्रदेश सरकार तमाम कल्याणकारी योजनाएं चला रही है जिससे आम जनमानस का लाभ हो सके परंतु भ्रष्टाचार के चलते आम जनमानस को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है ! बैठक में बिजली की दरें बढ़ाने से लेकर स्मार्ट मीटर लगाए जाने एवं क्रेडिट कार्ड के नाम पर किसान को टरकाने का विरोध किया गया ! साथ ही आधार कार्ड संशोधन से लेकर जाति, निवास प्रमाण पत्र एवं खतौनी में त्रुटि के संबंध में हो रही धांधलेबाजी का विरोध दर्ज किया ! सरकार द्वारा चलायी जा रही एकमुश्त समाधान योजना पर निराशा जताते हुए कहा कि आधे से ज्यादा उपभोक्ता योजना के लाभ से वंचित है ! योजना को बेहतर करते हुए पुनः लागू किया जाए जिससे कि आम जनमानस को लाभ मिल सके ! आधे से ज्यादा मीटर गलत बिल निकाल कर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं ! जिसमें सुधार अति आवश्यक है ! वहीं जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ पदाधिकारियों के लगातार बैठक में अनुपस्थित रहने के कारण उनके पद में फेर बदल किया गया है, जिससे कि संगठन को मजबूती दी जा सके ! संगठन में सक्रिय भूमिका निभाने वाले कार्यकर्ताओं को अहम जिम्मेदारियां दी जाएगी एवं अनुपस्थित रहने वाले कार्यकर्ताओं को संगठन से बाहर का रास्ता दिखाया जाएगा ! युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने कहा कि बैठक में कुछ स्थानीय समस्याओं को प्रमुखता से रखा गया है जिन पर जल्द ही रणनीति तय कर अधिकारियों के समक्ष रखकर मजबूती से समाधान कराया जाएगा ! कार्यकारिणी द्वारा संगठन विस्तार में चौधरी संतवीर सिंह को जिला प्रचार मंत्री, राज्यपाल कश्यप को तहसील उपाध्यक्ष संभल, ज्ञानचंद कश्यप को ग्राम संगठन मंत्री, पुष्पेन्द्र सिंह को ग्राम सचिव, रोहतास चौधरी को ग्राम महासचिव, लोकेश कश्यप को ग्राम प्रभारी, प्रशांत चौधरी को ग्राम सचिव नियुक्त किया गया ! जिला महासचिव अनमोल कुमार ने नवनियुक्त पदाधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कार्यकर्ता ईमानदारी एवं कर्तव्य निष्ठा के साथ जमीनी स्तर पर कार्य करते हुए आम जनमानस को एवं किसान का सहयोग करते हुए संगठन की नीतियों को आगे बढ़ाते हुए संगठन को मजबूती प्रदान करेंगे !
मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष मिंकू चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील महासचिव राजीव कुमार, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, धीरेन्द्र त्यागी ब्लाक महासचिव, ब्लॉक महासचिव मनीराम गूर्जर, डॉ वसीम युवा ब्लॉक अध्यक्ष, युवा ब्लॉक उपाध्यक्ष मो. हसन, राजपाल कश्यप, राम सिंह, तेजपाल सिंह, करण सिंह, जाकिर अली, ज्ञानचंद कश्यप, नन्नू चौधरी, रोहतास सिंह, विजेन्द्र कुमार अंकुल कुमार, उपेन्द्र चौधरी आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे !
कम हो गई कड़वाहट! राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे से मिले शशि थरूर

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कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गुरुवार को संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे समय में हुई है जब शशि थरूर की पार्टी नेतृत्व से नाराजगी की खबरें आ रही हैं।

संसद में गुरुवार को कांग्रेस सांसद शशि थरूर राहुल गांधी के ऑफिस में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी से मुलाकात की। यह आधे घंटे से अधिक समय तक चली। इस बैठक के बाद थरूर ने मुस्कुराते हुए कहा, "सब ठीक है।" उनके इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रहे मतभेदों और असंतोष की खबरों पर फिलहाल विराम लगा दिया है।

हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे- थरूर

कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, 'मेरी पार्टी के 2 नेताओं, नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष के साथ हमारी बातचीत हुई। हमारी बहुत अच्छी, रचनात्मक, सकारात्मक बातचीत हुई। सब ठीक है और हम सब एक साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं और क्या कह सकता हूं?... मैंने हमेशा पार्टी के लिए प्रचार किया है, मैंने कहां प्रचार नहीं किया है?

उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं-थरूर

जब उनसे पूछा गया कि क्या केरल के मुख्यमंत्री के बारे में बात हुई, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, इस बारे में कभी बात नहीं हुई। मुझे किसी भी चीज़ के लिए उम्मीदवार बनने में कोई दिलचस्पी नहीं है। अभी, मैं पहले से ही सांसद हूं और तिरुवनंतपुरम के मेरे वोटर्स का मुझ पर भरोसा है। मुझे संसद में उनके हितों का ध्यान रखना है, यही मेरा काम है।'

शशि थरूर लगातार सुर्खियों में

बता दें कि हाल के महीनों में शशि थरूर लगातार सुर्खियों में रहे हैं। कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ को लेकर। कभी पार्टी बैठकों से दूरी को लेकर। कभी केरल कांग्रेस की अंदरूनी राजनीति को लेकर। बीते कुछ समय में शशि थरूर ने कई अहम बैठकों में हिस्सा नहीं लिया। केरल चुनाव की रणनीति पर होने वाली बैठक में वे नहीं पहुंचे। सोनिया गांधी के आवास पर हुई मीटिंग भी मिस की। वजह यात्रा बताई गई। लेकिन पार्टी सूत्रों के मुताबिक अंदरूनी नाराजगी की बात भी सामने आई।

थरूर ने माना-कुछ मुद्दे हैं

वहीं, थरूर ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था कि कुछ मुद्दे हैं, जिन्हें वे पार्टी के मंच पर उठाना चाहते हैं। उन्होंने जोर देकर कहा था कि उन्होंने कभी भी संसद में पार्टी के तय रुख का उल्लंघन नहीं किया है। थरूर ने कहा था, 'मैं बस इतना कह सकता हूं कि कुछ ऐसे मुद्दे हैं जिन्हें मुझे अपने पार्टी नेतृत्व के साथ उठाना है, न कि किसी सार्वजनिक मंच पर। मैं संसद के लिए दिल्ली जाऊंगा, और मुझे मौका मिलेगा, मेरा मानना है, कि मैं अपनी चिंताओं को पार्टी नेतृत्व के सामने बहुत स्पष्ट रूप से रख सकूं और उनका दृष्टिकोण जान सकूं, एक उचित बातचीत कर सकूं।'

लम्भुआ के बनकटवा रामगढ में माँ शीतला धाम में ज्योति पर्व धूमधाम से मनाया गया*
सुल्तानपुर,लम्भुआ समीप के बनकटवा रामगढ में माँ शीतला धाम में ज्योति पर्व धूमधाम से मनाया गया।24 घण्टे के अखण्ड श्री राम चरित मानस पाठ के बाद श्रद्धालुओं ने हवन में हिस्सा लिया।पूर्णाहुति के बाद बीती देर रात तक महाप्रसाद वितरण का कार्यक्रम चलता रहा। इस वार्षिक समारोह खासी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा रहा। गांव के भारद्वाज आश्रम के प्रांगण में मां शीतला की मूर्ति के प्राण प्रतिष्ठा के बाद से अनवरत ज्योति पर्व का आयोजन किया जाता है जिसमें मंगलवार को श्री रामचरित मानस पाठ का शुभारंभ किया गया। बुधवार को पूर्णाहुति के बाद सामूहिक हवन में खासी संख्या में ग्रामीणों और विशिष्टजनों ने हिस्सा लिया। अपरान्ह बाद महाप्रसाद वितरण (भंडारा) किया गया, जो देर रात तक चलता रहा। कार्यक्रम में मां शीतला धाम समिति के पुनीत द्विवेदी ,अमिताभ द्विवेदी, अमित द्विवेदी, नितेश द्विवेदी ,राजेंद्र द्विवेदी, रामप्यारे दुबे, जितेंद्र दुबे, राजेश दुबे,ऋतिक दुबे, मनीष दुबे, जयंत दुबे, नीरज दुबे, संदीप दुबे,रवि दुबे आदि का खास योगदान रहा।
UGC के नए नियम पर सुप्रीम कोर्ट ने लगाई रोक, कहा-दुरुपयोग का खतरा

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विश्वविद्यालय अनुदान आयोग यानी यूजीसी के नए नियमों को लेकर पूरे देशभर में जबरदस्त विरोध हो रहा है। नए नियमों को चुनौती देने वाली जनहित याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सुनवाई हुई है। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए बड़ा फैसला किया है और यूजीसी के नियम पर फिलहाल रोक लगा दी है।

केंद्र को नोटिस जारी, 19 मार्च तक मांगा जवाब

सीजेआई सूर्यकांत की बेंच कहा कि ये प्रावधान पहली नज़र में अस्पष्ट हैं और इनका गलत इस्तेमाल हो सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को नोटिस जारी किया और जवाब तलब किया। सीजेआई सूर्यकांत ने केंद्र सरकार को रेगुलेशंस को फिर से बनाने के लिए कहा है, तब तक इनका संचालन रोक दिया गया है। अदालत ने केंद्र सरकार और यूजीसी को नोटिस जारी कर 19 मार्च तक जवाब देने को कहा है।

कोर्ट ने पूछा अहम सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने यूजीसी के 23 जनवरी को जारी किए गए 'उच्च शिक्षा संस्थानों में समानता को बढ़ावा देने' वाले नियमों में इस्तेमाल किए गए शब्दों पर सवाल उठाए। जस्टिस बागची ने कहा कि रेगुलेशन में इस्तेमाल किए गए शब्दों से ऐसा लगता है कि इनका दुरुपयोग हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि हम समाज में एक निष्पक्ष और सबको साथ लेकर चलने वाला माहौल बनाना चाहते हैं। जस्टिस बागची ने एक महत्वपूर्ण सवाल उठाया कि जब पहले से ही 3 'E' मौजूद हैं, तो फिर 2 'C' की क्या जरूरत पड़ जाती है? यह सवाल नियमों की प्रासंगिकता पर उठाया गया था।

दरअलस, यूजीसी के नए नियमों पर बीते कुछ दिनों से बवाल जारी है। सवर्ण तबके के स्टूडेंट्स इन नियमों का विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने एक दिन पहले यानी बुधवार को ही यूजीसी नियमों के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई करने के लिए हामी भरी थी। याचिका में कहा गया है कि ये नियम जनरल कैटेगरी के छात्रों के खिलाफ भेदभाव पैदा कर सकते हैं। मामला राहुल देवन और अन्य बनाम केंद्र सरकार है। सीजेआई सूर्यकांत ने याचिका को सुनवाई के लिए आज लिस्ट किया था।

ओबरा को मिली विकास की बड़ी सौगात: मंत्री संजीव गौड़ ने किया अत्याधुनिक तहसील भवन का लोकार्पण
विकास कुमार सोनभद्र | 28 जनवरी, 2026ओबरा क्षेत्र के विकास इतिहास में आज एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही प्रतीक्षा को समाप्त करते हुए प्रदेश के माननीय मंत्री श्री संजीव गौड़ ने ओबरा में नवनिर्मित अत्याधुनिक तहसील भवन का भव्य लोकार्पण किया। समारोह का शुभारंभ पूरे विधि-विधान और पूजा-अर्चना के साथ हुआ, जिसके बाद मंत्री जी ने फीता काटकर और शिलापट्ट का अनावरण कर भवन को जनता को समर्पित किया। इस अवसर पर जनसैलाब उमड़ पड़ा और पूरा वातावरण विकास के उत्साह व उल्लास से सराबोर दिखा।

जनसमूह को संबोधित करते हुए मंत्री श्री संजीव गौड़ ने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थर का ढांचा नहीं, बल्कि ओबरा की प्रगति और उज्ज्वल भविष्य का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के विजन की सराहना करते हुए बताया कि 4 सितंबर 2020 को घोषित यह तहसील अब तक अन्यत्र संचालित हो रही थी। ₹965.34 लाख की लागत से रिकॉर्ड समय (2 जून 2025 से अब तक) में तैयार हुआ यह परिसर अब सभी राजस्व, प्रशासनिक और न्यायिक कार्यों का केंद्र बनेगा। मंत्री जी ने निर्माण में जुटे अभियंताओं और श्रमिकों की सराहना करते हुए तहसील के आवासीय भवन का भी शिलान्यास किया, जिससे अधिकारियों व कर्मचारियों को आवास की सुविधा मिल सकेगी।

जिलाधिकारी श्री बी.एन. सिंह ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि इस परिसर में बुजुर्गों, दिव्यांगों और ग्रामीणों के बैठने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। अब आय, जाति, निवास प्रमाण-पत्र और जमीन संबंधी समस्याओं का निस्तारण एक ही छत के नीचे होगा। कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष श्री नंदलाल गुप्ता, अनुसूचित जाति/जनजाति आयोग के उपाध्यक्ष श्री जीत सिंह खरवार सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जागृति अवस्थी, सी.जे.एम. श्री आर.के. अग्रवाल और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
सेवलाइफ फाउंडेशन और आईसीआईसीआई लोम्बार्ड ने मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर कार्य क्षेत्र की सुरक्षा में सुधार के लिए इंजीनियर्स का प्रशिक्षण आयोजित क

पुणे, जनवरी, 2026: अपनी चल रही जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत, सेवलाइफ फाउंडेशन ने 20 जनवरी, 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर इंजीनियर्स के लिए एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। इस पहल का उद्देश्य उच्च जोखिम वाले सड़क गलियारों में सुरक्षा उपायों को मजबूत करके रोकी जा सकने वाली सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को समाप्त करना है।
आईसीआईसीआई लोम्बार्ड के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) कार्यक्रम के तहत समर्थित इस प्रशिक्षण में सुरक्षित सड़क कार्यस्थल प्रबंधन के सैद्धांतिक और व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया था, जिसका उद्देश्य सक्रिय निर्माण क्षेत्रों में सुरक्षा मानकों में सुधार करना और दुर्घटना के जोखिम को कम करना था।
इस कार्यक्रम में एमएसआरडीसी की कार्यकारी अभियंता श्रीमती शैलजा पाटिल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने कहा, “सड़क सुरक्षा प्रबंधन में जमीनी कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेसवे पर स्थापित एसओएस सिस्टम के अलावा, मैं पीड़ितों को बुनियादी चिकित्सा सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक चिकित्सा बॉक्स शुरू करने का प्रस्ताव करती हूं, जिससे दुर्घटनाओं का प्रभाव कम हो सके।”
94.5 किलोमीटर की दूरी में फैला मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे भारत का पहला 6-लेन वाला राजमार्ग है, जो पूरे राज्य में कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास में सुधार ला रहा है। वर्ष 2016 में जब सेवलाइफ फाउंडेशन ने अपनी जीरो फैटैलिटी कॉरिडोर (जेडएफसी) पहल के तहत इस कॉरिडोर पर काम शुरू किया, तब से लेकर 31 दिसंबर, 2023 तक सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 58% की कमी आई। हाल ही में, महाराष्ट्र राज्य परिवहन विभाग द्वारा साझा किए गए आँकड़ों के अनुसार, जनवरी से नवंबर 2025 के बीच एक्सप्रेसवे पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली कुल मौतों में 26% की और कमी दर्ज की गई है: 2024 में इसी अवधि के दौरान 82 मौतों से घटकर इस वर्ष 61 रह गईं।
प्रशिक्षण के प्रमुख फोकस क्षेत्र निम्नलिखित थे:
दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने के लिए कार्य क्षेत्रों की योजना और प्रबंधन
यातायात प्रबंधन योजनाओं, अवरोधों और साइनेज का प्रभावी उपयोग
केस स्टडीज़: सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग पद्धतियाँ और दुर्घटना निवारण
सुरक्षित जमीनी प्रथाओं पर संवादात्मक सत्र
कार्य क्षेत्र प्रबंधन में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय सर्वोत्तम प्रथाओं पर चर्चा
इसके अतिरिक्त, रखरखाव और निर्माण गतिविधियों के दौरान यातायात प्रबंधन और सुरक्षित कार्य क्षेत्र स्थापित करने से संबंधित मॉड्यूल भी सत्र का हिस्सा थे।
इंजीनियर्स ट्रेनिंग प्रोग्राम के बारे में बात करते हुए, आईसीआईसीआई लोम्बार्ड की मार्केटिंग, कॉर्पोरेट कम्युनिकेशन और सीएसआर प्रमुख शीना कपूर ने कहा, “आईसीआईसीआई लोम्बार्ड में, न केवल जीआई श्रेणी में बल्कि मोटर बीमा में भी अग्रणी होने के नाते, हम सड़क सुरक्षा और निवारक उपायों के प्रति अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। सेवलाइफ फाउंडेशन के साथ हमारा सहयोग सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और/या कम करने तथा शून्य मृत्यु दर वाले कॉरिडोर बनाने पर हमारे उद्देश्य को और मजबूत करता है। आज आयोजित प्रशिक्षण, हमारी सड़कों को सुरक्षित बनाने और बहुमूल्य जीवन बचाने में लगे सड़क इंजीनियरिंग पेशेवरों के कौशल को बढ़ाने की दिशा में एक कदम है।”
प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने वाले इंजीनियर्स को सहभागिता प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल के बारे में बात करते हुए, सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ श्री पीयूष तिवारी ने कहा, “अच्छी तरह से प्रबंधित कार्य क्षेत्र एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह प्रशिक्षण इंजीनियर्स को सुरक्षा परिणामों को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपकरण और सर्वोत्तम पद्धतियाँ प्रदान करता है। यह गतिविधि भारतीय सड़कों पर जीवन बचाने की हमारी व्यापक प्रतिबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम है।”
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे सेवलाइफ फाउंडेशन के लिए एक प्रमुख फोकस क्षेत्र रहा है। इंजीनियरिंग सुधार, प्रवर्तन प्रशिक्षण और आघात देखभाल को मजबूत करने जैसी पहलों के माध्यम से, एसएलएफ एक्सप्रेसवे पर शून्य दुर्घटनाओं का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर चल पड़े हैं…जानें आर्थिक सर्वे से पहले क्या बोले पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को बजट सत्र के दूसरे दिन संसद भवन परिसर में मीडिया को संबोधित किया। पीएम मोदी ने आर्थिक सर्वे से पहले कहा अपने संबोधन में कहा कि देश का ध्यान इस समय केंद्रीय बजट पर केंद्रित होना स्वाभाविक है, क्योंकि बजट देश की आर्थिक दिशा और विकास की प्राथमिकताओं को तय करता है।

पीएम मोदी ने कहा, "कल आदरणीय राष्ट्रपति जी ने कई मार्गदर्शन वाली बाते हम सभी के सामने रखी थी। सत्र के प्रारंभ में राष्ट्रपति जी ने सांसदों से अपेक्षाएं व्यक्त की हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि सभी सांसदों ने उनकी बातों को गंभीरता से लिया होगा। यह सत्र अपने आप में बहुत महत्वपूर्ण सत्र होता है। यह बजट सत्र है। 21वीं सदी का 1/4 हिस्सा बीत चुका है और यह 2/4 का प्रारंभ हो रहा है। 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए यह दौर प्रारंभ हो रहा है।"

भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, "आत्मविश्वास भरा भारत आज विश्व के लिए आशा की किरण भी बना है और आकर्षण का केंद्र भी बना है। इस क्वार्टर के प्रारंभ में ही भारत और यूरोपीय संघ का मुक्त व्यापार समझौता दिखाता है कि आने वाले वक्त में भारत के युवाओं का भविष्य कितना उज्जवल है। मुझे पूरा विश्वास है कि भारत के उत्पादक इस अवसर का इस्तेमाल अपनी क्षमताएं बढ़ाने के लिए करेंगे। हमें गुणवत्ता पर बल देना है। आज बाजार खुल गया है तो हमें उत्तम से उत्तम गुणवत्ता वाला सामान लेकर बाजार में जाना है। 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता हमारे देश के मछुआरे, किसान, युवाओं और जो लोग सर्विस सेक्टर में जाने के लिए उत्सुक हैं, उनके लिए बड़े अवसर लेकर आ रहा है।"

रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिल रही गति- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा, देश का ध्यान बजट की तरफ होना बहुत स्वाभाविक है। लेकिन इस सरकार की पहचान रही है रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म। उन्होंने कहा, अब तो हम रिफॉर्म एक्सप्रेस पर बहुत तेजी से चल पड़े हैं और मैं संसद के भी सभी साथियों का आभार व्यक्त करता हूं कि इस रिफॉर्म एक्सप्रेस को गति देने में वे भी अपनी सकारात्मक शक्ति लगा रहे हैं। जिसके कारण रिफॉर्म एक्सप्रेस को लगातार गति मिल रही है। इस दौरान पीएम मोदी का इशारा 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत की ओर था।

भारत-ईयू एफटीए पर क्या बोले पीएम

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच हुए मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को प्रधानमंत्री मोदी ने आत्मनिर्भर और प्रतिस्पर्धी भारत की दिशा में एक बड़ा कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह समझौता देश के उज्ज्वल भविष्य और भारतीय युवाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत है। पीएम मोदी ने कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि यह समझौता आत्मविश्वासी, प्रतिस्पर्धी और उत्पादक भारत की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि मौजूदा तिमाही की शुरुआत बेहद सकारात्मक रही है और आज आत्मविश्वासी भारत दुनिया के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है।

उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने लॉन्च किया ईज़ी: खुदरा ग्राहकों को स्मार्ट और सुरक्षित डिजिटल बैंकिंग सुविधा प्रदान करने का लक्ष्य
~ इस स्मार्ट, सरल और पर्सनलाइज़्ड प्लेटफॉर्म पर हर तरह की मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के लिए 200 से अधिक फीचर्स उपलब्ध हैं
भोपाल, जनवरी, 2026: उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक ने आज अपने उन्नत मोबाइल बैंकिंग और इंटरनेट बैंकिंग प्लेटफॉर्म, उज्जीवन ईज़ी (ईएज़वाई) लॉन्च करने की घोषणा की। यह बैंक की डिजिटल प्रक्रिया को प्राथमिकता देने की रणनीति को मज़बूत करने की दिशा में उल्लेखनीय कदम है। उज्जीवन के ईज़ी को खुदरा ग्राहकों के लिए तैयार किया गया है, जो मोबाइल और वेब चैनलों पर एकीकृत, सुरक्षित और सहज बैंकिंग का अनुभव प्रदान करता है। यह नौ भाषाओं- अंग्रेज़ी, हिंदी, कन्नड़, गुजराती, मराठी, बंगाली, उड़िया, पंजाबी और तमिल में उपलब्ध है।
इस प्लेटफॉर्म पर 200 से अधिक बैंकिंग फीचर्स उपलब्ध हैं, जिनमें 90 से अधिक नई किस्म की सुविधाएँ शामिल हैं। इन फीचर्स का उद्देश्य रोज़मर्रा की बैंकिंग को सरल बनाना और साथ ही बचत, भुगतान, ऋण और निवेश में भागीदारी बढ़ाना है। अगली पीढ़ी के माइक्रोसर्विस आर्किटेक्चर पर निर्मित, ईज़ी प्रणाली की गति, विस्तार क्षमता और इसके लचीलेपन को बढ़ाता है। इस तरह बैंक नए फीचर तेज़ी से पेश कर सकता है और ग्राहकों की बदलती जरूरतों अनुरूप अधिक प्रभावी तरीके से बदलाव कर सकता है।
ईज़ी, एक ही प्लेटफॉर्म पर खाता प्रबंधन, फंड ट्रांसफर (धन का हस्तांतरण), फिक्स्ड और रेकरिंग डिपॉज़िट (सावधि और आवर्ती जमा), बिल भुगतान, डेबिट कार्ड प्रबंधन, जीएसटी भुगतान और डीमैट और एनपीएस सहित निवेश सेवाओं जैसी मुख्य बैंकिंग सेवाएँ पेश करता है। इस उन्नत प्लेटफॉर्म ने इन इन मौजूदा सेवाओं के अलावा, ऋण सेवा, स्मार्ट स्टेटमेंट, नई डिजिटल क्षमताओं और ग्राहकों के उत्पाद संबंधों के आधार पर पर्सनलाइज़्ड इंटरफेस पेश किए हैं, जिससे सुविधा बढ़ती है और ग्राहक को बेहतर अनुभव मिलता है। इस तरह यह हर तरह के बैंकिंग अनुभव भी प्रदान करता है।
यह प्लेटफॉर्म पहुँच और समावेश ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जो भौगोलिक क्षेत्रों, आयु समूहों और डिजिटल साक्षरता के विभिन्न स्तरों के ग्राहकों की जरूरतें पूरी करता है। उन्नत सुरक्षा एसडीके, ऐपप्रोटेक्ट के जरिए सुरक्षा बढ़ाई गई है, जो धोखाधड़ी, उपकरण-स्तर के खतरों और उभरते साइबर जोखिमों के खिलाफ बेहतर सुरक्षा प्रदान करता है।
उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के रणनीति और परिवर्तन (स्ट्रेटेजी और ट्रांसफॉर्मेशन) प्रमुख, श्री दीपक अग्रवाल, ने कहा, “ईज़ी का लॉन्च एकल डिजिटल चैनलों से एकीकृत डिजिटल परितंत्र की ओर अग्रसर होने के हमारे प्रयास को रेखांकित करता है। यह प्लेटफॉर्म तेज़ नवाचार, ग्राहक सहभागिता और वहनीय कारोबार के विकास को आगे बढ़ाने में मदद करता है। साथ ही, यह विश्वास, सरलता, सुरक्षा और वित्तीय समावेश पर विशेष ध्यान देने की हमारी नीति के अनुरूप है।”
बैंक के परिचालन में डिजिटल चैनल की महत्वपूर्ण भूमिका है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक के कुल आउटवर्ड ट्रांज़ेक्शन में 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी डिजिटल पेमेंट की है, जिससे बैंक के डिजिटल परितंत्र में ग्राहकों का विश्वास और डिजिटल प्रक्रिया को अपनाने का स्तर ज़ाहिर होता है।
आजमगढ़: यूजीसी के विरोध में रणबीर सेना ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को दिया ज्ञापन
आजमगढ़। यू जी सी लागूं होने से सवर्ण समाज आक्रोषित है। उसका गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है। रणबीर सेना यू जी सी के खिलाफ जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन देकर इस बिल को वापस किए जाने की मांग किया। बुधवार को रणबीर सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुधीर पाठक के नेतृत्व में सामान्य वर्ग के लोगों ने यू जी सी के विरोध में प्रदर्शन किया और अपने मांगों के समर्थन में नारे लगाए। लोगों ने जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपा और यू जी सी को काला कानून बताया। और इसे वापस लेने की मांग किया। रणबीर सेना के राष्ट्रीय महासचिव दुर्गा प्रसाद चौवे ने कहा कि यू जी सी सामान्य वर्ग के हित में नहीं है।इसे काला कानून बताया कहा की इससे सामान्य वर्ग के छात्र-छात्राओं का कैरियर खराब होगा। चेतावनी दिया की अगर काला कानून वापस नहीं होता है तो हम लोग चुप नहीं बैठेंगे। इस अवसर पर कृष्ण माधव, अभिषेक अमन, सत्यम, सौरभ संतोष ,विशाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कुपोषण के खिलाफ राँची की 'डिजिटल स्ट्राइक': अब पोषण ट्रैकर ऐप पर होगी रीयल-टाइम मॉनिटरिंग, DC ने दिए प्रशिक्षण के निर्देश

राँची, 28 जनवरी 2026: राँची जिले में बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य और पोषण स्तर को सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब तकनीक का सहारा ले रहा है। उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने 'पोषण ट्रैकर ऐप' की समीक्षा के दौरान पाया कि डेटा एंट्री में कमी के कारण जिले का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं है। इसे सुधारने के लिए उन्होंने तत्काल प्रभाव से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का निर्देश दिया है।

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डेटा एंट्री में ढिलाई पर सख्त रुख

समीक्षा बैठक में यह बात सामने आई कि उचित प्रशिक्षण के अभाव में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी और महिला पर्यवेक्षिकाएं ऐप पर डेटा अपलोड नहीं कर पा रही थीं। इस पर उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि टीकाकरण, Face Recognition System (FRS) और APAAR ID जैसे महत्वपूर्ण डेटा की रीयल-टाइम एंट्री अनिवार्य है।

दो दिवसीय विशेष प्रशिक्षण शिविर

उपायुक्त के निर्देश पर जिले के सभी प्रखंडों के सीडीपीओ, महिला पर्यवेक्षिकाओं और चयनित आंगनबाड़ी सेविकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है:

28 जनवरी: सदर, बुण्डू, तमाड़, सोनाहातु, अनगड़ा, बेड़ो, लापुंग और नगड़ी प्रखंड।

29 जनवरी: कांके, नामकुम, रातु, बुड़मू, ओरमांझी, माण्डर, चान्हों और सिल्ली प्रखंड।

क्या है पोषण ट्रैकर ऐप का लाभ?

यह ऐप गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली माताओं और 0-6 वर्ष के बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण की रीयल-टाइम ट्रैकिंग करता है। प्रशिक्षण के बाद, आंगनबाड़ी केंद्रों की गतिविधियों की निगरानी सुगम होगी और कुपोषण की स्थिति में सुधार के लिए सटीक रणनीति बनाई जा सकेगी।

लक्ष्य: पोषण में राँची बने 'नंबर वन'

उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन निरंतर मॉनिटरिंग करेगा ताकि राँची जिला पोषण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में राज्य में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सके। उन्होंने सभी सेविकाओं से इस ऐप का अधिकतम उपयोग करने की अपील की है।