Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
हिंद मजदूर किसान समिति महिला मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन।

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। सोमवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के बैनर तले महिला मोर्चा की सैकड़ों महिलाओं ने महिला हाल में संसद भवन में आरक्षण बिल पास न होने पर कड़ा विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री के नाम योगी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आदि आबादी के लिए सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला और उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द महिला आरक्षण बिल को फिर से सदन में दोबारा लाकर पास कराने की मांग की। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रान्तिगुरु चन्द्रमोहन के संदेश को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मृदुला ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल का पास न होना देश की आधी आबादी के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं देश की 50 प्रतिशत आबादी हैं, तो उन्हें केवल 33 प्रतिशत नहीं बल्कि पूरा 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

नगर के हृदय स्थल शिव चौक से जुलूस के रूप में नारिया बाजी करते हुए प्रकाश चौक पहुंची महिला मोर्चा की सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ महिला विरोधी सोच के लोग 33 प्रतिशत आरक्षण भी देने के खिलाफ हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि इस बिल को पुनः संसद में लाया जाए और इसे हर हाल में पारित कराया जाए। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो नेता महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के वोट के जरिए जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब आधी आबादी अपनी ताकत पहचान चुकी है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करेगी। महिला मोर्चा ने यह भी ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में हर जिला मुख्यालय पर हजारों महिलाओं को एकत्रित कर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और अन्य महिलाओं को भी जागरूक किया जाएगा कि वे उसी उम्मीदवार को वोट दें जो महिला आरक्षण के पक्ष में हो। इस मौके पर मुख्य रूप से मोनिका, पंकज, बबीता, प्रतिमा, अलका, नेहा, राजबीरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।

जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
*भदोही में यातायात अभियान: 216 वाहनों का चालान: मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न पर ₹2.61 लाख का समन, एक वाहन सीज*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के कुशल निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, जनपद में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात पुलिस ने 190 दोपहिया और 26 चारपहिया वाहनों सहित कुल 216 वाहनों का चालान किया, जिससे ₹2.61 लाख का समन शुल्क वसूला गया। एक वाहन को सीज भी किया गया। यह अभियान मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर, ट्रकों और भारी वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न, तथा निजी वाहनों पर अनधिकृत रूप से लगी नीली/लाल बत्ती व हूटर के विरुद्ध चलाया गया। यातायात/जनपदीय पुलिस द्वारा जनपद के व्यस्त चौराहों, संवेदनशील मार्गों और विशेष रूप से जनपद के बॉर्डर के मुख्य मार्गों पर सघन जांच की गई। नियम विरुद्ध पाए गए वाहनों का तत्काल चालान किया गया। मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग कर शोर मचाने वाले चालकों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। चेकिंग के दौरान रॉन्ग साइड ड्राइविंग और गलत लेन में वाहन चलाने वालों को भी चेतावनी दी गई, साथ ही आमजन को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करने वाले और मॉडिफाइड उपकरणों से शांति भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
बिहार में “आग” उगल रहा आसमान, 43 डिग्री तक पहुंचा टेम्प्रेचर, 9 जिलों में हीट वेव का कहर

#biharweatherheatwavetemperatureat43degrees

भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड समेत कई राज्य भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं।

मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली

बिहार में मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। 20 अप्रैल को जहां दोपहर में भीषण धूप और गर्म हवाएं हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी, वहीं 23 अप्रैल के लिए विभाग ने 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सीमांचल के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

43 डिग्री तक पहुंचा पारा

दक्षिण बिहार में जहां हीट वेव और भीषण गर्मी से लोग परेशान है तो उत्तर बिहार के पूर्वी इलाके में वर्ष भी दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकार सभी जिलों में भीषण गर्मी के लोग परेशान हैं और 43 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, रविवार को नौ जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किए गए। हालांकि उत्तर बिहार के 6 जिलों में हल्की से लेकर मध्य मास्टर की वर्षा भी दर्ज की गई।

डिहरी सबसे गर्म

बिहार की राजधानी पटना में उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार को रोहतास जिले का डिहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया।

48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

पटना मौसम केंद्र ने बिहार के तापमान की प्रवृत्ति को लेकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसमें अगले 48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में पारा सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और अररिया में गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकले। हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है, दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला, कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को अहम विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों के तहत उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है।इसी क्रम में अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर और सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम नियुक्त किया गया है।
अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव और मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी, जबकि बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का डीएम और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर में भी बदलाव करते हुए नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) का एमडी बनाया गया है।
प्रतीक्षारत आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, साथ ही यूपीनेडा और रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा झांसी के डीएम मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव व निदेशक, श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, और रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य फेरबदल में कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे जिला और विभागीय प्रशासन में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
आजमगढ़: बाब साहब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत - पूर्व सांसद, तहबरपुुुुर में मनाई गई अम्बेडकर जयंती
आजमगढ़ । रविवार को तहबरपुुुुर ब्लाक परिसर में अम्बेडकर जयंती मनाई गयी। लोगों ने ब्लाक मुख्यालय स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित किया।तत्पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद डाक्टर बलिराम ने कहा कि बाबा साहब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा ही वह हथियार है जिसके बदौलत हम समाज की कुरीतियों जातिवाद और असमानता को मिटाकर भारत का नव निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने ने कहा कि वे एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते थे जहां समता स्वतंत्रता प्रेम और बंधुत्व का वास हो। हरिश्चंद्र गौतम ने कहा कि आज हमें बाबा साहब को केवल याद करने की नहीं समझने जरूरत है। उन्होंने ने कहा कि शिक्षा का महत्व समझना चाहिए । शिक्षा के बदौलत ही बाबा साहब ने हमें समाज में सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार दिलाया। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। हमें समाज में भेदभाव को मिटाकर सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है। ओंमकार शास्त्री ने कहा कि हमें बाबा साहेब को पढ़ने की जरूरत है।हम सब मिलकर उनके विचारों को अपनाएं और एक सशक्त, शिक्षित और एकजुट भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर विनोद चौहान, राम पूजन, सनातन पटेल, ज्वाला प्रसाद, डाक्टर बाबू राम, ओमप्रकाश प्रजापति, , सागर राम आदि ने अपने विचार व्यक्त किया। डा0 राकेश ,रामजनम मौर्या, मुकेश कुमार , विजय कुमार ,नन्हकू प्रसाद ,सुनील कुमार गौतम, डा0 हंसराज गौतम, मो साकिर प्रधान , दीपक , दयाराम यादव , त्रिलोकी बौद्ध मो नैयर बेग , शेरबहादुर बौद्ध ,बृजलाल , पवन कुमार ,अरविंद कुमार एडोकेट ,महेंद्र प्रसाद, छोटेलाल ,गोपीचंद ,मुन्नी लाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्द्र शेखर ने किया। अमृत लाल ने आभार व्यक्त किया।
Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
हिंद मजदूर किसान समिति महिला मोर्चा ने किया विरोध प्रदर्शन, राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल को सौंपा ज्ञापन।

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। सोमवार को हिन्द मजदूर किसान समिति के बैनर तले महिला मोर्चा की सैकड़ों महिलाओं ने महिला हाल में संसद भवन में आरक्षण बिल पास न होने पर कड़ा विरोध जताते हुए प्रधानमंत्री के नाम योगी सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल को एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान आदि आबादी के लिए सड़कों पर उतरी महिलाओं का आक्रोश साफ तौर पर देखने को मिला और उन्होंने सरकार से जल्द से जल्द महिला आरक्षण बिल को फिर से सदन में दोबारा लाकर पास कराने की मांग की। समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष क्रान्तिगुरु चन्द्रमोहन के संदेश को आगे बढ़ाते हुए राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मृदुला ने कहा कि संसद में महिला आरक्षण बिल का पास न होना देश की आधी आबादी के साथ बड़ा अन्याय है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं देश की 50 प्रतिशत आबादी हैं, तो उन्हें केवल 33 प्रतिशत नहीं बल्कि पूरा 50 प्रतिशत आरक्षण मिलना चाहिए।

नगर के हृदय स्थल शिव चौक से जुलूस के रूप में नारिया बाजी करते हुए प्रकाश चौक पहुंची महिला मोर्चा की सदस्यों ने आरोप लगाया कि कुछ महिला विरोधी सोच के लोग 33 प्रतिशत आरक्षण भी देने के खिलाफ हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रधानमंत्री से मांग करते हुए कहा कि इस बिल को पुनः संसद में लाया जाए और इसे हर हाल में पारित कराया जाए। महिलाओं ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो नेता महिला आरक्षण का विरोध कर रहे हैं, उन्हें आने वाले चुनावों में महिलाओं के वोट के जरिए जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अब आधी आबादी अपनी ताकत पहचान चुकी है और अपने अधिकारों के लिए संघर्ष तेज करेगी। महिला मोर्चा ने यह भी ऐलान किया कि यदि उनकी मांगों को नजरअंदाज किया गया, तो भविष्य में हर जिला मुख्यालय पर हजारों महिलाओं को एकत्रित कर बड़े स्तर पर आंदोलन किया जाएगा और अन्य महिलाओं को भी जागरूक किया जाएगा कि वे उसी उम्मीदवार को वोट दें जो महिला आरक्षण के पक्ष में हो। इस मौके पर मुख्य रूप से मोनिका, पंकज, बबीता, प्रतिमा, अलका, नेहा, राजबीरी समेत सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने सक्रिय भूमिका निभाई और कार्यक्रम को सफल बनाया।

जापान में आया 7.4 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी की चेतावनी जारी

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जापानी में एक शक्तिशाली भूकंप आया है। उत्तरी जापानी तट पर आए शक्तिशाली भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने क्षेत्र में सुनामी की चेतावनी जारी की है। 7.4 की प्रारंभिक तीव्रता वाला यह भूकंप उत्तरी जापान के सैनरिकु के तट पर स्थानीय समयानुसार शाम लगभग 4:53 बजे आया।

सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी महसूस हुए झटके

भूकंप की गहराई मात्र 10 किलोमीटर थी, जिससे झटके काफी तेज महसूस किए गए। भूकंप इतना शक्तिशाली था कि केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर टोक्यो में भी ऊंची इमारतें हिल गईं। कई इलाकों में लोगों ने तेज झटके महसूस किए। हालांकि, अभी तक किसी बड़े नुकसान या हताहत की खबर नहीं आई है, लेकिन स्थिति की निगरानी की जा रही है।

सुनामी की चेतावनी

जापान की मौसम विज्ञान एजेंसी ने बताया कि सोमवार दोपहर को देश के उत्तर-पूर्वी तट के पास 7.4 की शुरुआती तीव्रता वाला भूकंप आया। भूकंप के बाद एजेंसी ने इवाते आओमोरी और होक्काइडो प्रांतों में 3 मीटर (9.84 फीट) तक ऊंची सुनामी आने की चेतावनी दी है। जापान के इवाते प्रान्त, होक्काइडो के प्रशांत तट के मध्य भाग और आओमोरी प्रान्त के प्रशांत तट के लिए सुनामी चेतावनी जारी की गई है। ऐसे में बड़े नुकसान का अंदेशा जताया जा रहा है।

भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में

जापानी मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार, इस भूकंप का केंद्र प्रशांत महासागर में था और यह 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था। जापान के भूकंपीय तीव्रता पैमाने पर इस भूकंप की तीव्रता 'ऊपरी 5' मापी गई। ये इतनी तेज थी कि लोगों का इधर-उधर चलना-फिरना मुश्किल हो गया।

जापान में बार-बार आता है भूकंप

जापान दुनिया के सबसे भूकंपीय रूप से सक्रिय देशों (एक्टिव) में से एक है, जो प्रशांत "रिंग ऑफ फायर" के पश्चिमी किनारे पर चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटों के शीर्ष पर स्थित है। जापान लगभग 12.5 करोड़ लोगों का घर है और एक द्वीपसमूह पर बसा है। यह देश आम तौर पर हर साल लगभग 1,500 झटके महसूस करता है और दुनिया के लगभग 18 प्रतिशत भूकंपों के लिए जिम्मेदार है।

विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल संकट का मुख्य कारण : रामबाबू सिंह

वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत : सूर्य प्रताप सिंह ।

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। आज जंगल में मंगल रहने वाले बंदरो की टोली गांव में लगी नलों पर झुंड में पहुंच कर प्यास बुझा रहे हैं । शायद इस परिदृश्य से हर इंसान को सोचने की जरुरत है । क्योंकि ऐसी हालत क्यो बनी । आज जंगल के जीव जंतु अपनी प्यास बुझाने के लिए आबादी में हैंड पंपों का सहारा ले रहें हैं । उक्त बातें भारतीय किसान यूनियन भानू के प्रदेश उपाध्यक्ष  रामबाबू सिंह ने कही । उन्होंने कहा कि भले ही जानवरों की प्यास बुझाकर हर इंसान सुकून की आह भर रहा हो पर ऐसी जिंदगी पहले जीव जंतुओं को देखने के लिए कभी नही मिली थी । इस लिए पहले नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही - देवकी जंगल झाड़ियों के बीच पानी से लबालब झर - झर झरही बहते थे । अब वही संपति बेपानी क्यो होते जा रहे हैं । ऐसा अचरज होती प्राकृतिक धरोहरों के प्रति अट्टाहास कुछ भी बहस हो सकती है पर सच्चाई पर बहस तीखा हमला के समान होता है । क्योकि आज धरती पर बढ़ रही आबादी की घनत्व से जल - जंगल के मुहाने तक अतिक्रमण और उसके दोहन ही मुख्य कारण माना जा सकता है । इसलिए व्यक्ति अपनी आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए आदिमानव की तरह हांथ में टांग और फावड़ा पकड़े फौलादी बन कर जंगलो की विनाश करने के लिए विनाशलीला पर आतुर है । यही वजह है कि मनुष्य की कुरुरता से भयभीत होकर पर्यावरण दूर - दूर भागता जा रहा है । वहीं लोहगरा गांव के युवा समाजसेवी सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि पृथ्वी पर बढ़ती आबादी का घोतक है कि नदी - नाले ,ताल - तलैया ,झरही और देवकी नाले बेपानी होते चले गए । फिर भी इंसान पर्यावरण को लेकर चिंतित नहीं है । इसी का दुष्परिणाम हो सकता है कि आज जंगलो में व्याकुल होकर जानवर आबादी की तरफ भाग रहें हैं । कहा जाता है कि "कभी प्यासे को पानी पिलाया नही बाद अमृत पिलाने से क्या फायदा" यह कहावत आज चरितार्थ हो रही है कि जानवर आज अपनी प्यास बुझाने के लिए गांवों में भटक रहा है । जानवरो की प्यास बुझा कर इंसान मन की सुख प्राप्ति कर रहा है । प्रत्येक इंसान को इस विषय परिस्थितियों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता है । इसलिए अब वन पर्यावरण और प्रकृति से प्यार करने की जरूरत है, तभी धरती संतुलित रहेंगी और धरती पर दैवीय और पैदा होने वाली प्राकृतिक संकट सुनाई नही देगा और इंसान से लेकर जानवरों के लिए वन पर्यावरण मुफीद बना रहेगा ।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
*भदोही में यातायात अभियान: 216 वाहनों का चालान: मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न पर ₹2.61 लाख का समन, एक वाहन सीज*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के कुशल निर्देशन एवं अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, जनपद में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और ध्वनि प्रदूषण पर अंकुश लगाने के लिए एक सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान यातायात पुलिस ने 190 दोपहिया और 26 चारपहिया वाहनों सहित कुल 216 वाहनों का चालान किया, जिससे ₹2.61 लाख का समन शुल्क वसूला गया। एक वाहन को सीज भी किया गया। यह अभियान मुख्य रूप से दोपहिया वाहनों में लगे मॉडिफाइड साइलेंसर, ट्रकों और भारी वाहनों में अवैध प्रेशर हॉर्न, तथा निजी वाहनों पर अनधिकृत रूप से लगी नीली/लाल बत्ती व हूटर के विरुद्ध चलाया गया। यातायात/जनपदीय पुलिस द्वारा जनपद के व्यस्त चौराहों, संवेदनशील मार्गों और विशेष रूप से जनपद के बॉर्डर के मुख्य मार्गों पर सघन जांच की गई। नियम विरुद्ध पाए गए वाहनों का तत्काल चालान किया गया। मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग कर शोर मचाने वाले चालकों पर नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। चेकिंग के दौरान रॉन्ग साइड ड्राइविंग और गलत लेन में वाहन चलाने वालों को भी चेतावनी दी गई, साथ ही आमजन को ध्वनि प्रदूषण के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों के पालन के प्रति जागरूक किया गया।
पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। सार्वजनिक सड़कों पर स्टंट करने वाले और मॉडिफाइड उपकरणों से शांति भंग करने वालों के विरुद्ध कठोर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार का अवैध मॉडिफिकेशन न कराएं और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।
बिहार में “आग” उगल रहा आसमान, 43 डिग्री तक पहुंचा टेम्प्रेचर, 9 जिलों में हीट वेव का कहर

#biharweatherheatwavetemperatureat43degrees

भारत के कई राज्यों में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार और झारखंड समेत कई राज्य भीषण गर्मी और उमस की चपेट में हैं। बिहार में फिलहाल गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं।

मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली

बिहार में मौसम की दोहरी मार पड़ने वाली है। 20 अप्रैल को जहां दोपहर में भीषण धूप और गर्म हवाएं हीटस्ट्रोक का खतरा बढ़ाएंगी, वहीं 23 अप्रैल के लिए विभाग ने 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। विशेष रूप से सीमांचल के इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

43 डिग्री तक पहुंचा पारा

दक्षिण बिहार में जहां हीट वेव और भीषण गर्मी से लोग परेशान है तो उत्तर बिहार के पूर्वी इलाके में वर्ष भी दर्ज की जा रही है। दक्षिण बिहार के अधिकार सभी जिलों में भीषण गर्मी के लोग परेशान हैं और 43 डिग्री तक पारा पहुंच चुका है। जानकारी के अनुसार, रविवार को नौ जिलों में 40 डिग्री से ऊपर तापमान दर्ज किए गए। हालांकि उत्तर बिहार के 6 जिलों में हल्की से लेकर मध्य मास्टर की वर्षा भी दर्ज की गई।

डिहरी सबसे गर्म

बिहार की राजधानी पटना में उमस भरी गर्मी ने लोगों का हाल बेहाल कर रखा है। सोमवार को यहां अधिकतम तापमान 40 डिग्री और न्यूनतम 26 डिग्री रहने का अनुमान है। आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद उमस कम होने का नाम नहीं ले रही है। बीते रविवार को रोहतास जिले का डिहरी राज्य का सबसे गर्म इलाका रहा, जहां पारा 43 डिग्री दर्ज किया गया।

48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं

पटना मौसम केंद्र ने बिहार के तापमान की प्रवृत्ति को लेकर विशेष बुलेटिन जारी किया है। इसमें अगले 48 घंटे तक राहत की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। अगले 3-4 दिनों तक राज्य के अधिकतम तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद और गया जिलों में पारा सामान्य से अधिक रहेगा, जिससे लू जैसी स्थिति बनी रहेगी। उत्तर बिहार के पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मधुबनी और अररिया में गरज के साथ छींटे पड़ने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने भीषण गर्मी को देखते हुए लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक बाहर न निकले। हाइड्रेटेड रहने की सलाह दी गई है, दक्षिण बिहार के जिलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है।

प्रदेश सरकार ने 40 आईएएस अधिकारियों का किया तबादला, कई जिलों के डीएम बदले
लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 40 आईएएस अधिकारियों के तबादले कर दिए हैं। इस व्यापक बदलाव में कई जिलों के जिलाधिकारियों (DM) को बदला गया है, जबकि कई अधिकारियों को अहम विभागों और संस्थानों की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
तबादलों के तहत उन्नाव के डीएम गौरांग राठी को झांसी का जिलाधिकारी बनाया गया है, जबकि इंद्रजीत सिंह को सुल्तानपुर का डीएम नियुक्त किया गया है। सुल्तानपुर के डीएम कुमार हर्ष को बुलंदशहर भेजा गया है।इसी क्रम में अन्नपूर्णा गर्ग को श्रावस्ती, आलोक यादव को शामली और अरविंद कुमार चौहान को सहारनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। नितिन गौड़ को अमरोहा, अभिषेक गोयल को हमीरपुर और सरनीत कौर ब्रोका को रायबरेली का डीएम नियुक्त किया गया है।
अमरोहा की डीएम निधि गुप्ता वत्स को फतेहपुर, हमीरपुर के डीएम घनश्याम मीणा को उन्नाव और मैनपुरी के डीएम अंजनी कुमार सिंह को लखीमपुर खीरी भेजा गया है। औरैया के डीएम डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी को मैनपुरी, जबकि बृजेश कुमार को औरैया का डीएम बनाया गया है।
सहारनपुर के डीएम मनीष बंसल को आगरा का डीएम और आगरा के डीएम अरविंद मल्लप्पा बांगरी को मुख्यमंत्री का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है।
ऊर्जा और पावर सेक्टर में भी बदलाव करते हुए नीतीश कुमार को उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि बुलंदशहर की डीएम श्रुति को दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (आगरा) का एमडी बनाया गया है।
प्रतीक्षारत आशुतोष निरंजन को परिवहन आयुक्त और किंजल सिंह को सचिव माध्यमिक शिक्षा बनाया गया है।
वहीं, लखीमपुर खीरी की डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल को देवीपाटन मंडल का कमिश्नर बनाया गया है। शशि भूषण लाल सुशील को प्रमुख सचिव MSME एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
फतेहपुर के डीएम रविंदर सिंह को विशेष सचिव ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत, साथ ही यूपीनेडा और रिन्यूएबल एंड ईवी इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड का प्रबंध निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा झांसी के डीएम मृदुल चौधरी को पर्यटन विभाग में विशेष सचिव व निदेशक, श्रावस्ती के डीएम अश्वनी कुमार पांडे को निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण, और रायबरेली की डीएम हर्षिता माथुर को बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग का निदेशक बनाया गया है।
प्रशासनिक स्तर पर अन्य फेरबदल में कई मुख्य विकास अधिकारियों (CDO) और संयुक्त मजिस्ट्रेट स्तर के अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं, जिससे जिला और विभागीय प्रशासन में व्यापक बदलाव देखने को मिलेगा।
आजमगढ़: बाब साहब के विचारों को आत्मसात करने की जरूरत - पूर्व सांसद, तहबरपुुुुर में मनाई गई अम्बेडकर जयंती
आजमगढ़ । रविवार को तहबरपुुुुर ब्लाक परिसर में अम्बेडकर जयंती मनाई गयी। लोगों ने ब्लाक मुख्यालय स्थित अम्बेडकर प्रतिमा पर माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित किया।तत्पश्चात एक विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद डाक्टर बलिराम ने कहा कि बाबा साहब डाक्टर भीमराव अम्बेडकर का स्पष्ट मानना था कि शिक्षा ही वह हथियार है जिसके बदौलत हम समाज की कुरीतियों जातिवाद और असमानता को मिटाकर भारत का नव निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने ने कहा कि वे एक ऐसे भारत का निर्माण करना चाहते थे जहां समता स्वतंत्रता प्रेम और बंधुत्व का वास हो। हरिश्चंद्र गौतम ने कहा कि आज हमें बाबा साहब को केवल याद करने की नहीं समझने जरूरत है। उन्होंने ने कहा कि शिक्षा का महत्व समझना चाहिए । शिक्षा के बदौलत ही बाबा साहब ने हमें समाज में सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार दिलाया। हम सदैव उनके आभारी रहेंगे। हमें समाज में भेदभाव को मिटाकर सबको साथ लेकर चलने की जरूरत है। ओंमकार शास्त्री ने कहा कि हमें बाबा साहेब को पढ़ने की जरूरत है।हम सब मिलकर उनके विचारों को अपनाएं और एक सशक्त, शिक्षित और एकजुट भारत का निर्माण करें। इस अवसर पर विनोद चौहान, राम पूजन, सनातन पटेल, ज्वाला प्रसाद, डाक्टर बाबू राम, ओमप्रकाश प्रजापति, , सागर राम आदि ने अपने विचार व्यक्त किया। डा0 राकेश ,रामजनम मौर्या, मुकेश कुमार , विजय कुमार ,नन्हकू प्रसाद ,सुनील कुमार गौतम, डा0 हंसराज गौतम, मो साकिर प्रधान , दीपक , दयाराम यादव , त्रिलोकी बौद्ध मो नैयर बेग , शेरबहादुर बौद्ध ,बृजलाल , पवन कुमार ,अरविंद कुमार एडोकेट ,महेंद्र प्रसाद, छोटेलाल ,गोपीचंद ,मुन्नी लाल सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन चन्द्र शेखर ने किया। अमृत लाल ने आभार व्यक्त किया।