तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भोपाल में 28 अप्रैल को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा, सीएम मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल। राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर भव्य शौर्य यात्रा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे।

पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सरकार के सामने यह मांग रखी जाएगी कि नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी की जीवनगाथा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही वर्ष 1842 की क्रांति में उनके योगदान पर शोध कार्य कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके शौर्य, पराक्रम और बलिदान से परिचित हो सके।

उन्होंने कहा कि हिरदेशाह लोधी का इतिहास समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की मांग है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
AIRF की पहल रंग लाई: रेलवे बोर्ड ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर जारी किए सख्त निर्देश, P-Way मैनुअल 2024 का पालन अनिवार्य

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन आयोजित कर ट्रैकमेन्टेनर्स के हितों और मांगों पर रेलमंत्री के समक्ष जोरदार आवाज उठाते ही इस संघर्ष का असर दिखने लगा है।

उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर एवं ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री मो ज़्याऊद्दीन ने बताया है कि अब की मैन की ड्यूटी में पूर्व अधिसूचित इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू ने रेलवे की मैन की डियूटी में निर्धारित मैनुअल का हो सख़्ती से पालन के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न बैठकों में आवाज उठाई थी। पिछले दिनों आयोजित ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन में भी यह बात एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष अपने संबोधन में उठाया और ट्रैक पर काम करने वाले ट्रैकमेन्टेनर्स सहित अन्य कटेगरियों की जान-माल की सुरक्षा की ओर सख्त और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर पहल करते हुए रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर प्लानिंग के निदेशक श्री सौरभ जैन ने पत्र संख्या - 2023/सी ई टू / सेफ्टी/ इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए सभी जोन्स के प्रधान मुख्य इंजीनियर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। इसके अनुसार सुबह एक राउंड निरीक्षण करना होगा अप लाइन से जाकर डाउन लाइन से वापस आना होगा या इसके विपरीत। की मैन को हमेशा ट्रेन परिचालन की दिशा के विपरीत चलना होगा ।

इसके अलावा केवल ट्रैकमेन्टेनर्स वन को ही की मैन के कार्य में लगाया जाएगा । आवश्यकता पड़ने पर केवल वरीय, अनुभवी और सक्षम ट्रैकमैन को ही यह ड्यूटी दी जाएगी । साथ ही, सभी जोनल रेलवे को की मैन के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य सम्पादन के दरम्यान होने वाले रन ओवर के मामले को नियंत्रित करने एवं ट्रैकमेन्टेनर्स की सुरक्षा के लिए इन निर्देशों का अनुपालन जोनल रेलवे प्रशासन द्वारा किया जाना बहुत जरूरी है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

झारखंड में निवेश की बहार: दावोस और UK यात्रा के MoU को जमीन पर उतारने की तैयारी में मुख्यमंत्री सोरेन!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित MoU (समझौता ज्ञापनों) पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा , फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है

कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिए ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग श्री राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग श्री अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग श्री प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग श्री मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी श्री राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड में डायन प्रथा पर सख्ती की जरूरत: न्यायिक अकादमी में NALSA कोलोकीयम, पीड़ित पुनर्वास पर जोर

रांची।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर झारखंड में डायन प्रथा (विच हंटिंग) जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कोलोकीयम का आयोजन शनिवार को झारखंड न्यायिक अकादमी के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में अपराध पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 महिलाओं को समानता, भेदभाव से मुक्ति और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देते हैं, लेकिन वास्तविकता में इन अधिकारों और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध समाज की गहरी संरचनात्मक समस्या का परिणाम हैं, जहां हिंसा को सामान्य मान लिया गया है।

उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में प्रचलित डायन प्रथा को अमानवीय और लैंगिक हिंसा का गंभीर रूप बताते हुए कहा कि यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता, सत्ता और पितृसत्ता से जुड़ा मुद्दा है। इस पर प्रभावी रोक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील

कानून-व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कोलोकीयम में यह भी रेखांकित किया गया कि न्याय केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास को उसका केंद्र बनाना होगा। विधिक सेवा संस्थाओं को गांव स्तर तक पहुंच बनाकर पीड़ितों को कानूनी सहायता, जागरूकता और मुआवजा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

*महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए चुनौती कानून की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है: न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि मॉब लींचिंग को लेकर कानून के मार्गदर्शन के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार गाइडलाइन दी हैं। अगर सही तरीके से गाइडलाइन और कानून का क्रियान्वयन हो जाए और जिला स्तर पर इसकी लीगल बॉडी प्रो-एक्टिव तरीके से काम करे तो इसमें कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि वह निष्पक्ष होकर काम करे।

वहीं ज्यूडिशियल किया भूमिका लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर फाइटिंग की धारणा को बदलना होगा। सही आदमी को सही जगह पर अगर बैठाया जाए तो ऐसे मामलों के निष्पादन में तेजी आ सकती है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण के सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने किया। वहीं द्वितीय सत्र में कानूनी एवं तकनीकी विषय पर विशेषज्ञों ने अपने परामर्श दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं सेवी संस्था की महिलाओं समेत दुर्घटना में पीड़ित परिवार एवं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को राशि प्रदान की गई।

राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह की मां धानफूल देवी का निधन
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां श्रीमती धानफूल फुलराज सिंह (उम्र 85 वर्ष ) का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की थी। यही कारण था कि हर व्यक्ति उनका सम्मान करता था। वह अपने पीछे 2 बेटों,6 बेटियों, पौत्र, पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई। उनके निधन पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ समाजसेवी चित्रसेन सिंह,भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, एडवोकेट डीके पांडे, समाजसेवी ब्रह्मदेव सिंह, ओम प्रकाश सिंह, शिवसेना नेता विक्रम प्रताप सिंह, रमेश चंद्र मिश्र, कमलेश दुबे, नगरसेवक मनोज दुबे, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, एडवोकेट कारण पांडे, पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय,पत्रकार महेंद्र पांडे, उमाशंकर सिंह, रमाकांत सिंह, बलवंत सिंह समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
विश्व पशुचिकित्सा दिवस पर लखनऊ में भव्य अधिवेशन व सम्मान समारोह का आयोजन

  • मंत्री धर्मपाल सिंह बोले- पशु चिकित्सक खाद्य सुरक्षा और स्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक

लखनऊ। “विश्व पशुचिकित्सा दिवस” के अवसर पर अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ द्वारा भव्य अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के पशुधन विकास, दुग्ध विकास एवं राजनीतिक पेंशन विभाग के कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

कैबिनेट मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि पशु चिकित्सक केवल पशुओं के उपचारकर्ता ही नहीं, बल्कि पशुधन, खाद्य सुरक्षा और जनस्वास्थ्य के सच्चे संरक्षक हैं। उन्होंने कहा कि विश्व पशुचिकित्सा दिवस पूरी दुनिया में पशु चिकित्सकों के समर्पण, सेवा और योगदान के सम्मान में मनाया जाता है।

उन्होंने कहा कि इस वर्ष की थीम “Veterinarians: Guardians of Food and Health” बेहद प्रासंगिक है। यह बताती है कि पशु चिकित्सकों की भूमिका केवल उपचार तक सीमित नहीं, बल्कि सुरक्षित दुग्ध उत्पादन, पोषण, खाद्य श्रृंखला की मजबूती और मानव स्वास्थ्य की सुरक्षा से भी जुड़ी है।

धर्मपाल सिंह ने कहा कि यदि पशुधन स्वस्थ और उत्पादक रहेगा तो किसानों और पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी तथा प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। उत्तर प्रदेश जैसे बड़े राज्य में पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ है और लाखों परिवार अपनी आजीविका के लिए पशुधन पर निर्भर हैं। उन्होंने पशु चिकित्सकों, पैरावेट कर्मियों और विभागीय अधिकारियों से सेवा भावना, संवेदनशीलता और निष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया। साथ ही विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि सरकार की पशुपालन एवं दुग्ध विकास योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए।

कार्यक्रम में गो सेवा आयोग के अध्यक्ष श्याम बिहारी गुप्त ने कहा कि गौसंरक्षण, पशुधन संवर्धन और ग्रामीण समृद्धि योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में पशु चिकित्सा अधिकारियों का अमूल्य योगदान है। वहीं, पशुधन एवं दुग्ध विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव मुकेश कुमार मेश्राम ने आयोजन की सराहना करते हुए विभाग और संघ के बीच बेहतर समन्वय से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

इस अवसर पर पशुपालन विभाग के निदेशक (प्रशासन एवं विकास) डॉ. मेम पाल सिंह, निदेशक (रोग नियंत्रण एवं प्रक्षेत्र) डॉ. राजेंद्र, बड़ी संख्या में पशु चिकित्सक, विभागीय अधिकारी और गणमान्यजन मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन उत्तर प्रदेश पशु चिकित्सा संघ के अध्यक्ष डॉ. सुधीर कुमार ने किया।

वीआईटी विश्वविद्यालय द्वारा छात्र-छात्राओं की जान से किया जा रहा खिलवाड़, प्रशासन बना मूकदर्शक

  • कार्रवाई नहीं हुई तो उच्च शिक्षा मंत्री और निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करेगी एनएसयूआई
  • 300 से ज्यादा छात्र छात्राएं दूषित पानी और खाने की वजह से हुई बीमार जिसका जिम्मेदारी वीआईटी प्रशासन- एनएसयूआई

भोपाल। मध्यप्रदेश के सीहोर स्थित वीआईटी विश्वविद्यालय में लगातार सामने आ रही गंभीर अनियमितताओं ने एक बार फिर छात्र-छात्राओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हाल ही में दूषित पानी एवं भोजन के कारण लगभग 300 से अधिक छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से बीमार हो गए हैं, वहीं दो दर्जन से अधिक छात्र-छात्राओं में टाइफाइड संक्रमण की पुष्टि हुई है।

गौरतलब है कि इससे पूर्व भी विश्वविद्यालय में दूषित भोजन के कारण एक छात्रा की मृत्यु हो चुकी है तथा सैकड़ों छात्र-छात्राएं बीमार पड़े थे। उस घटना के बाद आक्रोशित विद्यार्थियों द्वारा विरोध प्रदर्शन किया गया था, जिसमें तोड़फोड़ और आगजनी जैसी घटनाएं भी सामने आई थीं। लेकिन इतनी गंभीर घटना के बाद भी प्रशासन और विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा कोई ठोस सुधारात्मक कदम नहीं उठाया गया, जो अत्यंत चिंताजनक है।

एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष रवि परमार ने कहा कि एनएसयूआई लंबे समय से वीआईटी विश्वविद्यालय में व्याप्त अनियमितताओं, लापरवाही और छात्रों की जान से खिलवाड़ जैसे मामलों को लेकर शासन-प्रशासन को लगातार अवगत कराता रहा है। एनएसयूआई द्वारा इस संबंध में मानव अधिकार आयोग को भी विस्तृत शिकायत प्रस्तुत की गई थी, जिस पर आयोग ने उच्च शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव एवं यूजीसी चेयरमैन को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।

रवि परमार ने बताया कि मानव अधिकार आयोग ने दो सप्ताह में जवाब मांगा था लेकिन आश्चर्यजनक रूप से तीन सप्ताह बीत जाने के बाद भी संबंधित विभागों द्वारा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया है, जो स्पष्ट रूप से प्रशासनिक उदासीनता और संगठित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। यह भी संदेह उत्पन्न होता है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में मामले को जानबूझकर दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

एनएसयूआई जिलाध्यक्ष अक्षय तोमर ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शीघ्र ही वीआईटी विश्वविद्यालय के खिलाफ कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, दोषियों पर सख्त दंडात्मक कदम नहीं उठाए गए और छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो संगठन प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार एवं निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग का घेराव करने के लिए बाध्य होगा।एनएसयूआई छात्रों के अधिकारों और सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करती रहेगी और किसी भी स्थिति में छात्रों के जीवन से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

भोपाल में 28 अप्रैल को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी बलिदान दिवस पर शौर्य यात्रा, सीएम मोहन यादव होंगे मुख्य अतिथि

भोपाल। राजधानी भोपाल के जंबूरी मैदान में 28 अप्रैल 2026 को नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी के बलिदान दिवस पर भव्य शौर्य यात्रा एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव होंगे।

कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती, प्रदेश के पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों और समाज के वरिष्ठ लोग शामिल होंगे।

पूर्व विधायक जालम सिंह पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि इस आयोजन के माध्यम से सरकार के सामने यह मांग रखी जाएगी कि नर्मदा टाइगर हिरदेशाह लोधी की जीवनगाथा को स्कूलों के पाठ्यक्रम में शामिल किया जाए। साथ ही वर्ष 1842 की क्रांति में उनके योगदान पर शोध कार्य कराया जाए, ताकि आने वाली पीढ़ी उनके शौर्य, पराक्रम और बलिदान से परिचित हो सके।

उन्होंने कहा कि हिरदेशाह लोधी का इतिहास समाज और प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है, जिसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की मांग है।

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
AIRF की पहल रंग लाई: रेलवे बोर्ड ने की-मैन की ड्यूटी को लेकर जारी किए सख्त निर्देश, P-Way मैनुअल 2024 का पालन अनिवार्य

ऑल इंडिया रेलवे मेंस फेडरेशन द्वारा ताल कटोरा स्टेडियम नई दिल्ली में ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन आयोजित कर ट्रैकमेन्टेनर्स के हितों और मांगों पर रेलमंत्री के समक्ष जोरदार आवाज उठाते ही इस संघर्ष का असर दिखने लगा है।

उक्त जानकारी देते हुए एआईआरएफ वर्किंग कमिटी मेम्बर एवं ईसीआरकेयू के अपर महामंत्री मो ज़्याऊद्दीन ने बताया है कि अब की मैन की ड्यूटी में पूर्व अधिसूचित इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य कर दिया गया है।

मो ज़्याऊद्दीन ने बताया कि ईसीआरकेयू ने रेलवे की मैन की डियूटी में निर्धारित मैनुअल का हो सख़्ती से पालन के लिए बोर्ड स्तर पर विभिन्न बैठकों में आवाज उठाई थी। पिछले दिनों आयोजित ट्रैकमेन्टेनर्स महासम्मेलन में भी यह बात एआईआरएफ के महामंत्री शिव गोपाल मिश्रा ने रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव के समक्ष अपने संबोधन में उठाया और ट्रैक पर काम करने वाले ट्रैकमेन्टेनर्स सहित अन्य कटेगरियों की जान-माल की सुरक्षा की ओर सख्त और आवश्यक कार्रवाई करने की मांग रखी। इस पर पहल करते हुए रेलवे बोर्ड के सिविल इंजीनियर प्लानिंग के निदेशक श्री सौरभ जैन ने पत्र संख्या - 2023/सी ई टू / सेफ्टी/ इंस्ट्रक्शन जारी करते हुए सभी जोन्स के प्रधान मुख्य इंजीनियर्स को निर्देश दिए हैं कि इंडियन रेलवे पी वे मैनुअल 2024 के पैरा 115 और 116 का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। इसके अनुसार सुबह एक राउंड निरीक्षण करना होगा अप लाइन से जाकर डाउन लाइन से वापस आना होगा या इसके विपरीत। की मैन को हमेशा ट्रेन परिचालन की दिशा के विपरीत चलना होगा ।

इसके अलावा केवल ट्रैकमेन्टेनर्स वन को ही की मैन के कार्य में लगाया जाएगा । आवश्यकता पड़ने पर केवल वरीय, अनुभवी और सक्षम ट्रैकमैन को ही यह ड्यूटी दी जाएगी । साथ ही, सभी जोनल रेलवे को की मैन के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक सुधार करने का भी निर्देश जारी किया गया है। उन्होंने बताया कि कार्य सम्पादन के दरम्यान होने वाले रन ओवर के मामले को नियंत्रित करने एवं ट्रैकमेन्टेनर्स की सुरक्षा के लिए इन निर्देशों का अनुपालन जोनल रेलवे प्रशासन द्वारा किया जाना बहुत जरूरी है।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

झारखंड में निवेश की बहार: दावोस और UK यात्रा के MoU को जमीन पर उतारने की तैयारी में मुख्यमंत्री सोरेन!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित MoU (समझौता ज्ञापनों) पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा , फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है

कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिए ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग श्री राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग श्री अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग श्री प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग श्री मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी श्री राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

झारखंड में डायन प्रथा पर सख्ती की जरूरत: न्यायिक अकादमी में NALSA कोलोकीयम, पीड़ित पुनर्वास पर जोर

रांची।

महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों, विशेषकर झारखंड में डायन प्रथा (विच हंटिंग) जैसी गंभीर सामाजिक समस्या पर केंद्रित एक महत्वपूर्ण कोलोकीयम का आयोजन शनिवार को झारखंड न्यायिक अकादमी के डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ऑडिटोरियम में किया गया। कार्यक्रम में अपराध पीड़ितों को राहत एवं पुनर्वास प्रदान करने में विधिक सेवा संस्थाओं की भूमिका पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

इस अवसर पर सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति विक्रम नाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। वहीं न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति महेश शरदचंद्र सोनक, न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद सहित कई गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही।

न्यायमूर्ति विक्रम नाथ ने अपने संबोधन में कहा कि संविधान के अनुच्छेद 14, 15 और 21 महिलाओं को समानता, भेदभाव से मुक्ति और गरिमापूर्ण जीवन का अधिकार देते हैं, लेकिन वास्तविकता में इन अधिकारों और उनके क्रियान्वयन के बीच बड़ा अंतर है। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध समाज की गहरी संरचनात्मक समस्या का परिणाम हैं, जहां हिंसा को सामान्य मान लिया गया है।

उन्होंने विशेष रूप से झारखंड में प्रचलित डायन प्रथा को अमानवीय और लैंगिक हिंसा का गंभीर रूप बताते हुए कहा कि यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि सामाजिक असमानता, सत्ता और पितृसत्ता से जुड़ा मुद्दा है। इस पर प्रभावी रोक के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं और संवेदनशील

कानून-व्यवस्था की आवश्यकता पर जोर दिया गया।

कोलोकीयम में यह भी रेखांकित किया गया कि न्याय केवल अपराधियों को सजा देने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि पीड़ितों के पुनर्वास को उसका केंद्र बनाना होगा। विधिक सेवा संस्थाओं को गांव स्तर तक पहुंच बनाकर पीड़ितों को कानूनी सहायता, जागरूकता और मुआवजा दिलाने में सक्रिय भूमिका निभानी होगी।

*महिलाओं के खिलाफ अपराध को रोकने के लिए चुनौती कानून की नहीं बल्कि क्रियान्वयन की है: न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए न्यायमूर्ति श्री अहसानुद्दीन अमानुल्लाह ने कहा कि मॉब लींचिंग को लेकर कानून के मार्गदर्शन के साथ माननीय सुप्रीम कोर्ट ने भी कई बार गाइडलाइन दी हैं। अगर सही तरीके से गाइडलाइन और कानून का क्रियान्वयन हो जाए और जिला स्तर पर इसकी लीगल बॉडी प्रो-एक्टिव तरीके से काम करे तो इसमें कमी लाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि किसी भी संस्थान की जिम्मेदारी होती है कि वह निष्पक्ष होकर काम करे।

वहीं ज्यूडिशियल किया भूमिका लंबित मामलों के निष्पादन में तेजी की होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फायर फाइटिंग की धारणा को बदलना होगा। सही आदमी को सही जगह पर अगर बैठाया जाए तो ऐसे मामलों के निष्पादन में तेजी आ सकती है।

कार्यक्रम के प्रथम सत्र का धन्यवाद ज्ञापन महिला बाल विकास एवं समाज कल्याण के सचिव श्री उमाशंकर सिंह ने किया। वहीं द्वितीय सत्र में कानूनी एवं तकनीकी विषय पर विशेषज्ञों ने अपने परामर्श दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में स्वयं सेवी संस्था की महिलाओं समेत दुर्घटना में पीड़ित परिवार एवं ब्रेस्ट कैंसर से पीड़ित महिला को राशि प्रदान की गई।

राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह की मां धानफूल देवी का निधन
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां श्रीमती धानफूल फुलराज सिंह (उम्र 85 वर्ष ) का आज सुबह आकस्मिक निधन हो गया। वे अत्यंत दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की थी। यही कारण था कि हर व्यक्ति उनका सम्मान करता था। वह अपने पीछे 2 बेटों,6 बेटियों, पौत्र, पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गई। उनके निधन पर देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी, महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ समाजसेवी चित्रसेन सिंह,भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, एडवोकेट डीके पांडे, समाजसेवी ब्रह्मदेव सिंह, ओम प्रकाश सिंह, शिवसेना नेता विक्रम प्रताप सिंह, रमेश चंद्र मिश्र, कमलेश दुबे, नगरसेवक मनोज दुबे, नगरसेवक विवेक उपाध्याय, एडवोकेट राजकुमार मिश्रा, एडवोकेट कारण पांडे, पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार राजेश उपाध्याय,पत्रकार महेंद्र पांडे, उमाशंकर सिंह, रमाकांत सिंह, बलवंत सिंह समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।