झारखंड के 'विजन 2050' के मुरीद हुए अज़ीम प्रेमजी: वैश्विक निवेशकों से कहा— 'झारखंड निवेश के लिए बेहतरीन जगह'

विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास मॉडल की गूँज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विप्रो लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अज़ीम प्रेमजी ने झारखंड सरकार के "विजन 2050" और "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" की सोच की मुक्त कंठ से सराहना की है।

Image 2Image 3

निवेशकों के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश

झारखंड सरकार के सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर श्री प्रेमजी ने वैश्विक मंच से कहा:

"झारखंड राज्य अपने विकास के लिए बहुत ही गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है। सरकार के साथ हमारा अनुभव अत्यंत अनुकूल और सुखद रहा है। मैं भारत और दुनिया भर के निवेशकों का आह्वान करता हूँ कि वे झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर विचार करें।"

रांची के इटकी में बनेगा 'हेल्थ और एजुकेशन हब'

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विशाल निवेश कर रहा है। रांची के इटकी में निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है:

विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के लिए एक आधुनिक परिसर।

1300 बेड का अस्पताल: राज्यवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं।

मेडिकल कॉलेज और स्कूल: चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने की पहल।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में जिस "ग्रीन और सस्टेनेबल" विकास की रूपरेखा पेश की है, उसे अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। यह सराहना झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीतने में मील का पत्थर साबित होगी।

ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल के नेतृत्व में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज द्वारा पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी का भव्य शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का आयोजन फाफामऊ वायु सेना क्षेत्र पंडिला महादेव जी हवाई पट्टी प्रयागराज में किया जा रहा है।यह शिविर साहस अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो से अनुप्राणित होकर युवा कैडेट्स के सर्वागीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है।इस पाँच दिवसीय साहसिक शिविर का नेतृत्व एनसीसी ग्रुप कमांडर प्रयागराज ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल एवं लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह द्वारा किया गया।इस अवसर पर ब्रिगेडियर ने स्वयं पैरासेलिंग बैलून द्वारा उड़ान भरकर कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया तथा साहसिक प्रशिक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप में प्रदर्शित किया।अपने प्रेरक सम्बोधन में ब्रिगेडियर कांदिल ने कहा कि एडवेंचर प्रशिक्षण अनुशासनबद्ध आत्मनिर्भर एवं सशक्त युवाओ के निर्माण की आधारशिला है।यह प्रशिक्षण कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता आत्मविश्वास साहस तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियो में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है जो राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करता है।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व गुणो का विकास आत्मविश्वास का सुदृढ़ीकरण तथा साहसिक दृष्टिकोण का निर्माण करना है।शिविर का आयोजन कड़े सुरक्षा मानको के अन्तर्गत किया जा रहा है जिसमें प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की सतत निगरानी मानक सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण उपयोग तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशःपालन सुनिश्चित किया गया है जिससे कैडेट्स को एक सुरक्षित रोमांचक एवं समृद्ध अनुभव प्राप्त हो सके।एनसीसी प्रशिक्षण का अभिन्न अंग रही इस प्रकार की साहसिक गतिविधियाँ युवाओ में चरित्र निर्माण सौहार्द अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस एडवेंचर कैम्प में 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। यह गतिविधि 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेन्ट कर्नल अरविंद सिंह के नेतृत्व एवं कुशल प्रबन्धन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।शिविर के प्रथम दिवस 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज एवं 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सहभागिता की।इस अवसर पर 6 यूपी गर्ल्स बटालियन की लेफ्टिनेन्ट कर्नल फराह दीबा का योगदान भी अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय रहा।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप न केवल साहसिक प्रशिक्षण का प्रतीक है बल्कि यह“एकता और अनुशासन”के एनसीसी मंत्र को साकार करते हुए राष्ट्र के लिए समर्पित सक्षम एवं आत्मविश्वासी युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम है।

अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
महू बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब

 कवर्ड शेड के लिए 64.50 करोड़ की मंजूरी


इंदौर। देशभर में तेज, आरामदायक और आधुनिक रेलयात्रा की पहचान बन चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस को लेकर इंदौर के महू को बड़ी सौगात मिली है। यहां वंदे भारत ट्रेनों के लिए अत्याधुनिक कवर्ड शेड का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए रेलवे ने 64.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। यह परियोजना इसी वर्ष पूरी होने की संभावना है।

फरवरी 2019 से शुरू हुई वंदे भारत सेवा के तहत वर्तमान में देश के विभिन्न शहरों में करीब 164 वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा के साथ संचालित हो रही हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 800 और 2047 तक लगभग 2400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है। इसी विस्तार योजना के तहत मेंटेनेंस ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, महू में बनने वाले कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेनों की यात्रा के बाद नियमित मेंटेनेंस और रखरखाव की आधुनिक व्यवस्था होगी। इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि महू में दो पिट लाइनों और आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा, जिससे भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम होगा। फिलहाल इंदौर से नागपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि महू में मेंटेनेंस हब बनने से इंदौर को और भी वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल सकती है। इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।

रेलवे विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी के अनुसार, “जहां से वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होता है, वहीं उनका मेंटेनेंस होना सबसे सुविधाजनक रहता है। महू में हब बनने से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा।”

मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की मौत से बढ़ी चिंता: बांधवगढ़ में मादा बाघिन और कान्हा में तेंदुए की मौत

उमरिया/मंडला। टाइगर और लेपर्ड स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश में लगातार बाघ और तेंदुओं की मौत की घटनाओं ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही इन घटनाओं ने प्रदेश की वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र के अंतर्गत बीट कुचवाही के कक्ष क्रमांक पीएफ-342 से लगभग 250 मीटर दूर निजी राजस्व क्षेत्र गुरुवाही गांव के पास करीब पांच वर्षीय मादा बाघिन का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बाघों के आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया गया।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि यह घटना 20 जनवरी की है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शव का पंचनामा तैयार किया गया, डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच कराई गई। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया और सैंपल अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी औपचारिकताओं के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया।

गौरतलब है कि जनवरी माह के महज 20 दिनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले धमोखर बफर और ताला परिक्षेत्र में भी बाघों के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

इधर, मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। बताया गया कि किसली रेंज में एक सप्ताह पहले एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। बुधवार को हुई जांच में उसकी मौत का कारण बाघ का हमला बताया गया है। कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ सुरेंद्र सिरसम के अनुसार, तेंदुए के शरीर पर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया गया है कि उसकी मौत टाइगर अटैक के चलते हुई। तेंदुए का अंतिम संस्कार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है।

एषा सिंह को गणतन्त्र दिवस परेड–2026 में‘वॉटर वॉरियर’ के रूप में विशेष अतिथि का आमंत्रण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा गणतंत्र दिवस परेड– 2026 के अवसर पर देशभर से गंगा नदी के संरक्षण पुनर्जीवन स्वच्छता सामुदायिक जागरूकता एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सतत योगदान देने वाले चयनित‘वॉटर वॉरियर्स’को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।इस प्रतिष्ठित सूची में प्रयागराज की जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे)एषा सिंह का नाम शामिल है।

एषा सिंह विगत कई वर्षो से गंगा संरक्षण के क्षेत्र में निरन्तर जन- जागरूकता का कार्य कर रही है।उन्होंने गंगा तटवर्ती ग्रामों में ग्रामीण युवाओ को प्रशिक्षण देकर उन्हें गंगा स्वच्छता जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियो के प्रति जागरूक किया।नमामि गंगे परियोजना को केवल एक सरकारी परियोजना तक न सीमित रखते हुए उन्होने इसे जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया।उनके प्रयासों में महिलाओ युवाओ एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘नदी उत्सव’गंगा उत्सव जैसे समावेशी कार्यक्रमो के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को मजबूती दी गई। जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयो में चित्रकला क्विज़ नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैलियाँ तथा घाटों पर स्वच्छता अभियानों का आयोजन कर छात्रों एवं आम नागरिको को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

महाकुम्भ–2025 जैसे विशाल आयोजन के दौरान उनके नेतृत्व में संचालित नमामि गंगे प्रदर्शनी जन-जागरूकता रैलियों एवं अभियानों ने देश-विदेश से आए लाखो श्रद्धालुओ में गंगा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया।इन उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हे जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।गंगा संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को पूर्व में भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा जा चुका है।उन्हें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री द्वारा‘वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर वॉरियर अवार्ड’ तथा राज्य स्तर पर ‘गंगा सम्मान’से सम्मानित किया जा चुका है।गणतंत्र दिवस परेड–2026 में विशेष अतिथि के रूप में उनका चयन उनके सतत समर्पित एवं प्रभावी कार्यो की स्वाभाविक परिणति है।

मुक्त विश्वविद्यालय का सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव- प्रो.सत्यकाम

माघ मेला शिविर में दूरस्थ शिक्षा पर संगोष्ठी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में लाल सड़क मार्ग सेक्टर 3 स्थित विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर में वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा का क्षेत्र बहुत व्यापक है।वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता बहुत अधिक है। यह शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जो छात्रो को घर बैठे या अपने समय और गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि माघ मेला में दूरस्थ शिक्षा का प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है।मुक्त विश्वविद्यालय की ख्याति बढ़ रही है।हमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए उनकी सेवा करनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने अपने सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव का अपने सभी क्षेत्रीय केन्द्रो को पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि राज्यपाल उत्तर प्रदेश की एडीसी ने भी मुक्त विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कार्यक्रम में अपना नामांकन कराया है।दूरस्थ शिक्षा कामकाजी लोगो को अपने लक्ष्यो को प्राप्त करने और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करती है।इस अवसर पर कुलपति प्रो.सत्यकाम ने जागरूकता प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।विशिष्ट अतिथि एस सी मिश्रा सेवानिवृत अपर महानिदेशक दूरदर्शन मुख्यालय प्रसार भारती ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा आजीवन सीखने को बढ़ावा देती है जो आज की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया में आवश्यक है।दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों और डिग्री प्रोग्रामो में प्रवेश लेकर व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है।इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा प्रो.पीके स्टालिन प्रो.रुचि बाजपेई प्रो.छत्रसाल सिंह प्रो.मीरा पाल आदि ने दूरस्थ शिक्षा की महत्ता प्रतिपादित की।दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह भदौरिया ने संचालन तथा डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अग्रसेन अग्रवाल समाज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में भण्डारे का आयोजन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अग्रसेन अग्रवाल समाज प्रयागराज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में महा भंडारे का सफल आयोजन किया गया।यह सेवा कार्यक्रम श्रद्धा सहयोग एवं सामाजिक समरसता की भावना के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ कल्पवासियो एवं मेला आगंतुको ने प्रसाद ग्रहण किया।यह भंडारा अग्रसेन अग्रवाल समाज एवं अग्रवाल युवा मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें समाज के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवको ने सक्रिय सहभागिता निभाई और स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस आयोजन को सफल बनाने में पियूष रंजन अग्रवाल हरीश चन्द्र अग्रवाल (कैंप संयोजक) अभिषेक मित्तल रीमा अग्रवाल (महामंत्री)वैभव गोयल मनोज अग्रवाल एवं अभिनव अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।

बसंत पंचमी से विंध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम के लिए दिया जाएगा पौध, जिलाधिकारी ने स्थल व कारीडोर में साफ सफाई व्यवस


संतोष देव गिरि,

मीरजापुर। विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को हरित क्रांति के दृष्टिगत खुशखबरी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर उद्यान विभाग द्वारा विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम पौध का निशुल्क वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश व जनपद को हरा-भरा बनाए रखना व हरित क्रांति लाने के दृष्टिगत विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी से अनवरत गेट नंबर 4 कोतवाली रोड मुख्य द्वार पर काउंटर लगाकर श्रद्धालुओं को मां के प्रसाद के रूप में निःशुल्क पौध का वितरण किया जाएगा।

उपनिदेशक उद्यान ने बताया कि चिन्हित स्थल पर आज ही काउंटर आदि की तैयारी करके बसंत पंचमी के दिन से दो शिफ्टो में प्रातः 6 से अपरान्ह 2 तक तथा अपरान्ह 2 से रात्रि 10 बजे तक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अनवरत औषधि व सुगंधित फूलों के पौधे वितरण कराया जाएगा। तत्पश्चात जिलाधिकारी कारीडोर व मां विन्ध्यवासिनी मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने नंबर एक पर सेफ हाऊस कार्य का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी द्वारा आगामी बासंतिक नवरात्र के पूर्व कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य पूर्व में ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने कार्य देरी पर कार्यदाई संस्था के उपस्थित अधिकारी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर गोवा लाल, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
वेलस्पन वर्ल्ड द्वारा झारखंड में प्लास्टिक उद्योग क्षेत्र में ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

Image 2Image 3

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के दौरान झारखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री बी.के. गोयनका के बीच उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें वेलस्पन वर्ल्ड द्वारा झारखंड में प्लास्टिक उद्योग के क्षेत्र में लगभग ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया गया।

पीवीसी आधारित प्लास्टिक उद्योग में निवेश की संभावना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधिमंडल ने वेलस्पन के प्रतिनिधियों को देवघर स्थित प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी तथा वहां निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वेलस्पन की टीम शीघ्र ही झारखंड का दौरा कर स्थल निरीक्षण और विस्तृत अध्ययन करेगी।

क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी रुचि

वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की। राज्य प्रतिनिधिमंडल द्वारा धनबाद स्थित लॉजिस्टिक पार्क, राज्यभर में उपलब्ध वेयरहाउसिंग एवं स्टोरेज सुविधाओं की जानकारी साझा की गई। दोनों पक्षों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखते हुए इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने को लेकर सहमति बनी।

यह बैठक झारखंड को औद्योगिक निवेश का एक उभरता हुआ केंद्र बनाने तथा राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

झारखंड के 'विजन 2050' के मुरीद हुए अज़ीम प्रेमजी: वैश्विक निवेशकों से कहा— 'झारखंड निवेश के लिए बेहतरीन जगह'

विश्व आर्थिक मंच (WEF), दावोस में झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य के विकास मॉडल की गूँज वैश्विक स्तर पर सुनाई दे रही है। विप्रो लिमिटेड के पूर्व चेयरमैन और अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन के संस्थापक श्री अज़ीम प्रेमजी ने झारखंड सरकार के "विजन 2050" और "प्रकृति के साथ सामंजस्य में विकास" की सोच की मुक्त कंठ से सराहना की है।

Image 2Image 3

निवेशकों के लिए अज़ीम प्रेमजी का संदेश

झारखंड सरकार के सक्रिय और सकारात्मक दृष्टिकोण से प्रभावित होकर श्री प्रेमजी ने वैश्विक मंच से कहा:

"झारखंड राज्य अपने विकास के लिए बहुत ही गंभीर और संगठित प्रयास कर रहा है। सरकार के साथ हमारा अनुभव अत्यंत अनुकूल और सुखद रहा है। मैं भारत और दुनिया भर के निवेशकों का आह्वान करता हूँ कि वे झारखंड में निवेश की संभावनाओं पर विचार करें।"

रांची के इटकी में बनेगा 'हेल्थ और एजुकेशन हब'

अज़ीम प्रेमजी फाउंडेशन झारखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक विशाल निवेश कर रहा है। रांची के इटकी में निम्नलिखित परियोजनाओं पर कार्य प्रगति पर है:

विश्वविद्यालय: उच्च शिक्षा के लिए एक आधुनिक परिसर।

1300 बेड का अस्पताल: राज्यवासियों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं।

मेडिकल कॉलेज और स्कूल: चिकित्सा शिक्षा और बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करने की पहल।

प्रकृति और प्रगति का संतुलन

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दावोस में जिस "ग्रीन और सस्टेनेबल" विकास की रूपरेखा पेश की है, उसे अज़ीम प्रेमजी ने भविष्य की जरूरत बताया। उन्होंने राज्य के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी शुभकामनाएँ भी प्रेषित कीं। यह सराहना झारखंड के लिए अंतरराष्ट्रीय निवेशकों का भरोसा जीतने में मील का पत्थर साबित होगी।

ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल के नेतृत्व में एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज द्वारा पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी का भव्य शुभारम्भ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के तत्वावधान में 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज द्वारा पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर एक्टिविटी कैम्प का आयोजन फाफामऊ वायु सेना क्षेत्र पंडिला महादेव जी हवाई पट्टी प्रयागराज में किया जा रहा है।यह शिविर साहस अनुशासन एवं राष्ट्रसेवा के मूल्यो से अनुप्राणित होकर युवा कैडेट्स के सर्वागीण विकास की दिशा में एक सशक्त पहल है।इस पाँच दिवसीय साहसिक शिविर का नेतृत्व एनसीसी ग्रुप कमांडर प्रयागराज ब्रिगेडियर उपेन्द्र सिंह कांदिल एवं लेफ्टिनेंट कर्नल अरविन्द सिंह द्वारा किया गया।इस अवसर पर ब्रिगेडियर ने स्वयं पैरासेलिंग बैलून द्वारा उड़ान भरकर कैडेट्स का उत्साहवर्धन किया तथा साहसिक प्रशिक्षण के महत्व को व्यवहारिक रूप में प्रदर्शित किया।अपने प्रेरक सम्बोधन में ब्रिगेडियर कांदिल ने कहा कि एडवेंचर प्रशिक्षण अनुशासनबद्ध आत्मनिर्भर एवं सशक्त युवाओ के निर्माण की आधारशिला है।यह प्रशिक्षण कैडेट्स में नेतृत्व क्षमता आत्मविश्वास साहस तथा चुनौतीपूर्ण परिस्थितियो में निर्णय लेने की क्षमता विकसित करता है जो राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रभावी भूमिका सुनिश्चित करता है।इस शिविर का मुख्य उद्देश्य कैडेट्स में नेतृत्व गुणो का विकास आत्मविश्वास का सुदृढ़ीकरण तथा साहसिक दृष्टिकोण का निर्माण करना है।शिविर का आयोजन कड़े सुरक्षा मानको के अन्तर्गत किया जा रहा है जिसमें प्रशिक्षित प्रशिक्षकों की सतत निगरानी मानक सुरक्षा उपकरणों का पूर्ण उपयोग तथा निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशःपालन सुनिश्चित किया गया है जिससे कैडेट्स को एक सुरक्षित रोमांचक एवं समृद्ध अनुभव प्राप्त हो सके।एनसीसी प्रशिक्षण का अभिन्न अंग रही इस प्रकार की साहसिक गतिविधियाँ युवाओ में चरित्र निर्माण सौहार्द अनुशासन तथा राष्ट्रभक्ति की भावना को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।इस एडवेंचर कैम्प में 500 से अधिक एनसीसी कैडेट्स उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर रहे हैं। यह गतिविधि 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के लेफ्टिनेन्ट कर्नल अरविंद सिंह के नेतृत्व एवं कुशल प्रबन्धन में सफलतापूर्वक संचालित की जा रही है।शिविर के प्रथम दिवस 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज एवं 17 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज के कैडेट्स ने सहभागिता की।इस अवसर पर 6 यूपी गर्ल्स बटालियन की लेफ्टिनेन्ट कर्नल फराह दीबा का योगदान भी अत्यंत सराहनीय एवं उल्लेखनीय रहा।यह पाँच दिवसीय पैरासेलिंग एडवेंचर कैंप न केवल साहसिक प्रशिक्षण का प्रतीक है बल्कि यह“एकता और अनुशासन”के एनसीसी मंत्र को साकार करते हुए राष्ट्र के लिए समर्पित सक्षम एवं आत्मविश्वासी युवा नेतृत्व के निर्माण की दिशा में एक प्रेरणास्पद कदम है।

अग्निशमन केंद्र परिसर में ब्लैक आउट मार्क ड्रिल का होगा आयोजन
फर्रूखाबाद l  नागरिक सुरक्षा अनुभाग के निर्देश पर 23 जनवरी 2026 को सांय 6.00 बजें नेताजी सुभाष चन्द्र बोस के जन्म दिवस पर जनपद में कार्यालय अग्निशमन केन्द्र, फतेहगढ परिसर में ब्लैक आउट मॉक ड्रिल का आयोजन किया जायेगा। इस दौरान
मॉकड्रिल की कार्यवाही की जायेगी हवाई हमलें की चेतावनी हेतु 02 मिनट तक ऊंची-नीची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा। सायरन ध्वनित होते ही कार्यालय अग्निशमन केन्द्र,फतेहगढ के आस पास क्षेत्रों की विधुत व्यवस्था बाधित कर ब्लैक आउट किया जायेगा।

सायरन ध्वनित होने पर नागरिकों द्वारा सुरक्षित स्थान पर शरण लिया जायेगा। हवाई हमला का खतरा समाप्त होने पर आल क्लियर ध्वनि में 02 मिनट तक ऊंची आवाज में सायरन ध्वनित किया जायेगा।हवाई हमलें की चेतावनी समाप्त होने के उपरान्त नागरिक सुरक्षा के स्वयंसेवकों द्वारा छोटी आग बुझानें हेतु फायर एक्सटिंगुशर का प्रयोग तथा फायर सर्विस द्वारा बडी आग बुझाने हेतु फायर टेंडर वेहिकल का प्रयोग किया जायेगा।

हमलें के दौरान घायल हुए लोगों को नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों द्वारा प्राथमिक चिकित्सा प्रदान की जायेगी।ध्वस्त/क्षतिग्रस्त बिल्डिंगों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जायेगा। गंभीर रूप से घायल लोगों को एम्बुलेंस से अस्पताल पहॅूचाया जायेगा। मॉक ड्रिल समाप्ति की घोषणा की जायेगी।
महू बनेगा वंदे भारत ट्रेनों का मेंटेनेंस हब

 कवर्ड शेड के लिए 64.50 करोड़ की मंजूरी


इंदौर। देशभर में तेज, आरामदायक और आधुनिक रेलयात्रा की पहचान बन चुकी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस को लेकर इंदौर के महू को बड़ी सौगात मिली है। यहां वंदे भारत ट्रेनों के लिए अत्याधुनिक कवर्ड शेड का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए रेलवे ने 64.50 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत कर दी है। यह परियोजना इसी वर्ष पूरी होने की संभावना है।

फरवरी 2019 से शुरू हुई वंदे भारत सेवा के तहत वर्तमान में देश के विभिन्न शहरों में करीब 164 वंदे भारत ट्रेनें चेयर कार और एग्जीक्यूटिव क्लास की सुविधा के साथ संचालित हो रही हैं। भविष्य को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्रालय का लक्ष्य वर्ष 2030 तक 800 और 2047 तक लगभग 2400 वंदे भारत ट्रेनें चलाने का है। इसी विस्तार योजना के तहत मेंटेनेंस ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है।

रेलवे के अनुसार, महू में बनने वाले कवर्ड शेड में वंदे भारत ट्रेनों की यात्रा के बाद नियमित मेंटेनेंस और रखरखाव की आधुनिक व्यवस्था होगी। इंदौर रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि महू में दो पिट लाइनों और आधुनिक शेड का निर्माण किया जाएगा, जिससे भविष्य में वंदे भारत ट्रेनों का संचालन और अधिक सुगम होगा। फिलहाल इंदौर से नागपुर के बीच वंदे भारत एक्सप्रेस का संचालन किया जा रहा है।

रेल विशेषज्ञों का मानना है कि महू में मेंटेनेंस हब बनने से इंदौर को और भी वंदे भारत ट्रेनों की सौगात मिल सकती है। इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने की मांग भी लंबे समय से की जा रही है।

रेलवे विशेषज्ञ नागेश नाम जोशी के अनुसार, “जहां से वंदे भारत ट्रेनों का संचालन होता है, वहीं उनका मेंटेनेंस होना सबसे सुविधाजनक रहता है। महू में हब बनने से इंदौर और आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में बड़ा लाभ मिलेगा।”

मध्य प्रदेश में वन्यजीवों की मौत से बढ़ी चिंता: बांधवगढ़ में मादा बाघिन और कान्हा में तेंदुए की मौत

उमरिया/मंडला। टाइगर और लेपर्ड स्टेट के रूप में पहचाने जाने वाले मध्य प्रदेश में लगातार बाघ और तेंदुओं की मौत की घटनाओं ने वन विभाग के साथ-साथ वन्यजीव प्रेमियों की चिंता बढ़ा दी है। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में जहां बाघों की मौत का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है, वहीं मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। नए साल की शुरुआत के साथ ही इन घटनाओं ने प्रदेश की वन्यजीव संरक्षण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मानपुर बफर क्षेत्र के अंतर्गत बीट कुचवाही के कक्ष क्रमांक पीएफ-342 से लगभग 250 मीटर दूर निजी राजस्व क्षेत्र गुरुवाही गांव के पास करीब पांच वर्षीय मादा बाघिन का शव बरामद किया गया। प्रारंभिक जांच में बाघों के आपसी संघर्ष को मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और क्षेत्र को तत्काल सुरक्षित किया गया।

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि यह घटना 20 जनवरी की है। सूचना मिलने के तुरंत बाद उच्च अधिकारियों को अवगत कराया गया और वन्य प्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो तथा राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की गईं। शव का पंचनामा तैयार किया गया, डॉग स्क्वायड और मेटल डिटेक्टर की मदद से जांच कराई गई। इसके बाद विशेषज्ञों की निगरानी में पोस्टमार्टम किया गया और सैंपल अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी औपचारिकताओं के बाद बाघिन का अंतिम संस्कार किया गया।

गौरतलब है कि जनवरी माह के महज 20 दिनों में बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में चार बाघों की मौत हो चुकी है। इससे पहले धमोखर बफर और ताला परिक्षेत्र में भी बाघों के शव मिलने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे वन्यजीवों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

इधर, मंडला जिले के कान्हा नेशनल पार्क में भी एक तेंदुए की मौत की पुष्टि हुई है। बताया गया कि किसली रेंज में एक सप्ताह पहले एक तेंदुआ मृत अवस्था में मिला था। बुधवार को हुई जांच में उसकी मौत का कारण बाघ का हमला बताया गया है। कान्हा नेशनल पार्क के एसडीओ सुरेंद्र सिरसम के अनुसार, तेंदुए के शरीर पर बाघ के दांतों के स्पष्ट निशान पाए गए हैं, जिससे यह अनुमान लगाया गया है कि उसकी मौत टाइगर अटैक के चलते हुई। तेंदुए का अंतिम संस्कार निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत किया जाएगा। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने मध्य प्रदेश में वन्यजीव संरक्षण, निगरानी और प्रबंधन व्यवस्था को लेकर चिंताओं को और गहरा कर दिया है।

एषा सिंह को गणतन्त्र दिवस परेड–2026 में‘वॉटर वॉरियर’ के रूप में विशेष अतिथि का आमंत्रण।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय के अन्तर्गत राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (NMCG) द्वारा गणतंत्र दिवस परेड– 2026 के अवसर पर देशभर से गंगा नदी के संरक्षण पुनर्जीवन स्वच्छता सामुदायिक जागरूकता एवं पर्यावरणीय प्रदूषण की रोकथाम के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं सतत योगदान देने वाले चयनित‘वॉटर वॉरियर्स’को विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है।इस प्रतिष्ठित सूची में प्रयागराज की जिला परियोजना अधिकारी (नमामि गंगे)एषा सिंह का नाम शामिल है।

एषा सिंह विगत कई वर्षो से गंगा संरक्षण के क्षेत्र में निरन्तर जन- जागरूकता का कार्य कर रही है।उन्होंने गंगा तटवर्ती ग्रामों में ग्रामीण युवाओ को प्रशिक्षण देकर उन्हें गंगा स्वच्छता जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय जिम्मेदारियो के प्रति जागरूक किया।नमामि गंगे परियोजना को केवल एक सरकारी परियोजना तक न सीमित रखते हुए उन्होने इसे जन-आन्दोलन का स्वरूप प्रदान किया।उनके प्रयासों में महिलाओ युवाओ एवं ट्रांसजेंडर समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की गई। ‘नदी उत्सव’गंगा उत्सव जैसे समावेशी कार्यक्रमो के माध्यम से सामाजिक सहभागिता को मजबूती दी गई। जिला स्तर पर विभिन्न विद्यालयो में चित्रकला क्विज़ नुक्कड़ नाटक सांस्कृतिक कार्यक्रम रैलियाँ तथा घाटों पर स्वच्छता अभियानों का आयोजन कर छात्रों एवं आम नागरिको को पर्यावरण एवं नदी संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया।

महाकुम्भ–2025 जैसे विशाल आयोजन के दौरान उनके नेतृत्व में संचालित नमामि गंगे प्रदर्शनी जन-जागरूकता रैलियों एवं अभियानों ने देश-विदेश से आए लाखो श्रद्धालुओ में गंगा के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को प्रबल किया।इन उल्लेखनीय कार्यों के लिए उन्हे जिलाधिकारी द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।गंगा संरक्षण के प्रति उनके समर्पण को पूर्व में भी राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सराहा जा चुका है।उन्हें भारत सरकार के जल शक्ति मंत्री द्वारा‘वॉटर डाइजेस्ट वर्ल्ड वॉटर वॉरियर अवार्ड’ तथा राज्य स्तर पर ‘गंगा सम्मान’से सम्मानित किया जा चुका है।गणतंत्र दिवस परेड–2026 में विशेष अतिथि के रूप में उनका चयन उनके सतत समर्पित एवं प्रभावी कार्यो की स्वाभाविक परिणति है।

मुक्त विश्वविद्यालय का सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव- प्रो.सत्यकाम

माघ मेला शिविर में दूरस्थ शिक्षा पर संगोष्ठी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय प्रयागराज के माघ मेला क्षेत्र में लाल सड़क मार्ग सेक्टर 3 स्थित विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर में वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता विषय पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया।कुलपति प्रो.सत्यकाम ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा का क्षेत्र बहुत व्यापक है।वर्तमान परिवेश में दूरस्थ शिक्षा की प्रासंगिकता बहुत अधिक है। यह शिक्षा का एक ऐसा तरीका है जो छात्रो को घर बैठे या अपने समय और गति के अनुसार अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करता है।उन्होंने कहा कि माघ मेला में दूरस्थ शिक्षा का प्रचार प्रसार करने की आवश्यकता है।मुक्त विश्वविद्यालय की ख्याति बढ़ रही है।हमें अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़ने के लिए उनकी सेवा करनी चाहिए। विश्वविद्यालय ने अपने सूत्र वाक्य शिक्षार्थी देवो भव का अपने सभी क्षेत्रीय केन्द्रो को पालन करने का निर्देश दिया है। उन्होने इस बात पर खुशी व्यक्त की कि राज्यपाल उत्तर प्रदेश की एडीसी ने भी मुक्त विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर कार्यक्रम में अपना नामांकन कराया है।दूरस्थ शिक्षा कामकाजी लोगो को अपने लक्ष्यो को प्राप्त करने और व्यक्तिगत विकास के अवसर प्रदान करती है।इस अवसर पर कुलपति प्रो.सत्यकाम ने जागरूकता प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया।विशिष्ट अतिथि एस सी मिश्रा सेवानिवृत अपर महानिदेशक दूरदर्शन मुख्यालय प्रसार भारती ने कहा कि दूरस्थ शिक्षा आजीवन सीखने को बढ़ावा देती है जो आज की तेजी से विकसित हो रही डिजिटल दुनिया में आवश्यक है।दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से विभिन्न पाठ्यक्रमों और डिग्री प्रोग्रामो में प्रवेश लेकर व्यक्तित्व का विकास किया जा सकता है।इस अवसर पर कुलसचिव कर्नल विनय कुमार वित्त अधिकारी पूनम मिश्रा प्रो.पीके स्टालिन प्रो.रुचि बाजपेई प्रो.छत्रसाल सिंह प्रो.मीरा पाल आदि ने दूरस्थ शिक्षा की महत्ता प्रतिपादित की।दूरस्थ शिक्षा जागरूकता शिविर के नोडल अधिकारी डॉ अनिल कुमार सिंह भदौरिया ने संचालन तथा डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।

अग्रसेन अग्रवाल समाज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में भण्डारे का आयोजन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अग्रसेन अग्रवाल समाज प्रयागराज द्वारा माघ मेला क्षेत्र में महा भंडारे का सफल आयोजन किया गया।यह सेवा कार्यक्रम श्रद्धा सहयोग एवं सामाजिक समरसता की भावना के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओ कल्पवासियो एवं मेला आगंतुको ने प्रसाद ग्रहण किया।यह भंडारा अग्रसेन अग्रवाल समाज एवं अग्रवाल युवा मण्डल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया जिसमें समाज के पदाधिकारियों एवं स्वयंसेवको ने सक्रिय सहभागिता निभाई और स्वच्छता एवं सुव्यवस्थित सेवा व्यवस्था सुनिश्चित की।

इस आयोजन को सफल बनाने में पियूष रंजन अग्रवाल हरीश चन्द्र अग्रवाल (कैंप संयोजक) अभिषेक मित्तल रीमा अग्रवाल (महामंत्री)वैभव गोयल मनोज अग्रवाल एवं अभिनव अग्रवाल का विशेष सहयोग रहा।

बसंत पंचमी से विंध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम के लिए दिया जाएगा पौध, जिलाधिकारी ने स्थल व कारीडोर में साफ सफाई व्यवस


संतोष देव गिरि,

मीरजापुर। विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को हरित क्रांति के दृष्टिगत खुशखबरी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर उद्यान विभाग द्वारा विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम पौध का निशुल्क वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश व जनपद को हरा-भरा बनाए रखना व हरित क्रांति लाने के दृष्टिगत विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी से अनवरत गेट नंबर 4 कोतवाली रोड मुख्य द्वार पर काउंटर लगाकर श्रद्धालुओं को मां के प्रसाद के रूप में निःशुल्क पौध का वितरण किया जाएगा।

उपनिदेशक उद्यान ने बताया कि चिन्हित स्थल पर आज ही काउंटर आदि की तैयारी करके बसंत पंचमी के दिन से दो शिफ्टो में प्रातः 6 से अपरान्ह 2 तक तथा अपरान्ह 2 से रात्रि 10 बजे तक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अनवरत औषधि व सुगंधित फूलों के पौधे वितरण कराया जाएगा। तत्पश्चात जिलाधिकारी कारीडोर व मां विन्ध्यवासिनी मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने नंबर एक पर सेफ हाऊस कार्य का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी द्वारा आगामी बासंतिक नवरात्र के पूर्व कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य पूर्व में ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने कार्य देरी पर कार्यदाई संस्था के उपस्थित अधिकारी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर गोवा लाल, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
वेलस्पन वर्ल्ड द्वारा झारखंड में प्लास्टिक उद्योग क्षेत्र में ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव

Image 2Image 3

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम, दावोस के दौरान झारखंड के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि जुड़ी है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और वेलस्पन वर्ल्ड के संस्थापक एवं चेयरमैन श्री बी.के. गोयनका के बीच उच्च स्तरीय बैठक आयोजित हुई, जिसमें वेलस्पन वर्ल्ड द्वारा झारखंड में प्लास्टिक उद्योग के क्षेत्र में लगभग ₹300 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव दिया गया।

पीवीसी आधारित प्लास्टिक उद्योग में निवेश की संभावना

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य प्रतिनिधिमंडल ने वेलस्पन के प्रतिनिधियों को देवघर स्थित प्रस्तावित प्लास्टिक पार्क की जानकारी दी तथा वहां निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया। इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वेलस्पन की टीम शीघ्र ही झारखंड का दौरा कर स्थल निरीक्षण और विस्तृत अध्ययन करेगी।

क्रिटिकल मिनरल्स और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी रुचि

वेलस्पन वर्ल्ड ने झारखंड में क्रिटिकल मिनरल्स तथा लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी निवेश की संभावनाओं में रुचि व्यक्त की। राज्य प्रतिनिधिमंडल द्वारा धनबाद स्थित लॉजिस्टिक पार्क, राज्यभर में उपलब्ध वेयरहाउसिंग एवं स्टोरेज सुविधाओं की जानकारी साझा की गई। दोनों पक्षों के बीच निरंतर संवाद बनाए रखते हुए इन प्रस्तावों को धरातल पर उतारने को लेकर सहमति बनी।

यह बैठक झारखंड को औद्योगिक निवेश का एक उभरता हुआ केंद्र बनाने तथा राज्य में रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।