आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलिया की दो बेटियों ने यूपीपीसीएस में चमकाया परचम, क्षेत्र में खुशी की लहर
संजीव सिंह बलिया, 30 मार्च 2026: बलिया जनपद के लिए गर्व और खुशी का पल है, जहां दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।बैरिया विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी निर्भय नारायण सिंह की भतीजी आकांक्षा सिंह का चयन यूपीपीसीएस परीक्षा में हुआ है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।वहीं, बांसडीह इण्टर कॉलेज, बांसडीह के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार पाण्डेय जी की पुत्री निधि पाण्डेय का चयन भी यूपीपीसीएस में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) पद के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से बांसडीह क्षेत्र में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।दोनों बेटियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है!
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।
एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।
ट्रकों से टोल प्लाजा पर अवैध वसूली में टोल कर्मचारी समेत तीन गिरफ्तार
थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में की गई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई

  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत मुंगरी टोल प्लाजा पर ट्रकों से जबरन वसूली करने और चालकों को धमकी देने के मामले में थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार को मुंगारी टोल प्लाजा के कर्मचारी अनुज यादव और उसके सहयोगी संतोष दुबे, श्यामजी यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिए। टोल मैनेजर समेत कई आरोपित वांछित चल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक अनुज यादव फिरोजाबाद के सिरसागंज, संतोष दुबे सुरियांवा भदोही और श्यामजी चिरईपुर, मुंगारी का निवासी है। कुछ दिन पूर्व औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस ने हैवी ट्रक आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कुमार मिश्र की तहरीर पर टोल मैनेजर दिलीप यादव, नितिन यादव, अनुज यादव, बृजेश पांडेय और संतोष दुबे के खिलाफ पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में मुकदमा पंजीकृत किए थे। औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्यवाही करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिए। बता दें  की मुंगारी टोल प्लाजा एक ऐसा टोल प्लाजा है कि जहां पर आए दिन किसी न किसी न किसी वजहों से विवाद होता रहता है।
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शब्बीर अहमद, आईएसआई के इशारे पर रचता था साजिश

#lethandlershabbirlonearrestedindelhi 

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी और ‘मेट्रो पोस्टर केस’ के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। शब्बीर उस मॉड्यूल का हैंडलर था, जिसका हाल ही में भंडाफोड़ हुआ था।फरवरी में दिल्ली पुलिस ने लश्कर के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। 

नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश नाकाम

यह गिरफ्तारी दिल्ली बॉर्डर पर एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लोन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर भारत में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के अनुसार, लोन ढाका के नजदीक अपने ठिकाने से लश्कर के एक मॉड्यूल का संचालन कर रहा था। 

करीब दो महीने से चल रहा था ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन करीब दो महीने तक चली 'कैट-एंड-माउस' कार्रवाई का परिणाम था। इस पूरे अभियान की निगरानी पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा की जा रही थी। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा, एसीपी ललित नेगी और इंस्पेक्टर सुनील रजैन कर रहे थे, लंबे समय से लोन पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने में उसकी भूमिका सामने आई थी।

2007 में भी हो चुका है गिरफ्तार

लोन को इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में गिरफ़्तार किया था। 2007 में स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें AK-47 और ग्रेनेड भी शामिल थे। उस समय उसके सीधे संबंध 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और लश्कर कमांडर से जुड़े पाए गए थे। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था, और जब यह बात सामने आई कि उसने वहां एक आतंकी सेल बना लिया है, तो वह सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली की एटीएस के लिए सिरदर्द बन गया था।

फर्जी पहचान के जरिए बनाया आतंक का नेटवर्क

शब्बीर लोन बेहद शातिर आतंकी है, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए कभी ‘राजू’ तो कभी ‘जफर सिद्दीकी’ बन जाता था। वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कोलकाता, गोवा, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत देश के कई राज्यों में फेरीवाले के रूप में घूमता रहा और ‘शॉल बेचने’ के बहाने अपना नेटवर्क खड़ा करता रहा।

नितिन गुप्ता ने दी नवनिर्वाचित प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले को बधाई
मुंबई। भाजपा की वरिष्ठ नगरसेविका को पी दक्षिण वार्ड के प्रभाग समिति का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया है। नवनिर्वाचित प्रभाग समिति की अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले ने विधिवत पदभार संभालते हुए समूचे प्रभाग को समस्यामुक्त करने का पूरी प्रतिबद्धता से प्रयास शुरू कर दिया है। शनिवार को भाजपा कामगार मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन गुप्ता ने नवनिर्वाचित प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले को उनके तस्वीर का प्रतीक चिह्न भेंटकर बधाई दी तथा उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

नितिन गुप्ता ने पिछले कई टर्म से नगरसेविका रहते हुए श्रीकला पिल्ले द्वारा अपने वार्ड के विकास तथा समस्याओं के निराकरण के लिए किए गए प्रतिबद्ध प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि अब उनके नेतृत्व में पी दक्षिण प्रभाग आदर्श, विकसित और समस्यामुक्त प्रभाग की पहचान स्थापित करेगा, जिससे क्षेत्रवासियों का जीवन सुखमय और सुलभ हो सकेगा।

प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले ने नितिन गुप्ता व उनके सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा नेतृत्व एवं जनता द्वारा जताए गए विश्वास के प्रति कृतज्ञता जताई और जन-विश्वास की कसौटियों पर पूरी तरह से खरा उतरने के लिए पूरे मनोयोग से समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।
अयोध्या की अनामिका मिश्रा ने रचा इतिहास, UPPCS में हासिल की चौथी रैंक
अयोध्या। अयोध्या की साकेतपुरी कॉलोनी निवासी अनामिका मिश्रा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथी रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

अनामिका मिश्रा के पिता महेन्द्रनाथ मिश्र गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता माधुरी मिश्रा गृहणी हैं। वर्ष 2023 में उनका विवाह आकाश पाण्डेय से हुआ, जिनका निवास अयोध्या में है और उनका ससुराल गोरखपुर के बासगांव में स्थित है।

शैक्षिक सफर की बात करें तो अनामिका ने वर्ष 2010 में हाईस्कूल, 2012 में इंटरमीडिएट, 2015 में बीएससी और 2017 में बीटीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटीसी में उन्होंने करीब 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्ष 2018 से वह बस्ती जिले के विकासखंड विक्रमजोत के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
अनामिका ने बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के जरिए यह सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं।उन्होंने आगे बताया कि उनका Bihar Public Service Commission साक्षात्कार 10 अप्रैल को प्रस्तावित है और उन्होंने 2025 पीसीएस मेंस परीक्षा भी दी है।
आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बलिया की दो बेटियों ने यूपीपीसीएस में चमकाया परचम, क्षेत्र में खुशी की लहर
संजीव सिंह बलिया, 30 मार्च 2026: बलिया जनपद के लिए गर्व और खुशी का पल है, जहां दो बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।बैरिया विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी निर्भय नारायण सिंह की भतीजी आकांक्षा सिंह का चयन यूपीपीसीएस परीक्षा में हुआ है। उनकी सफलता पूरे क्षेत्र के युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा बनकर उभरी है।वहीं, बांसडीह इण्टर कॉलेज, बांसडीह के प्रधानाचार्य श्री अनिल कुमार पाण्डेय जी की पुत्री निधि पाण्डेय का चयन भी यूपीपीसीएस में कमर्शियल टैक्स ऑफिसर (CTO) पद के लिए हुआ है। इस उपलब्धि से बांसडीह क्षेत्र में भी खुशी की लहर दौड़ गई है।दोनों बेटियों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य दूर नहीं। यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवारों के लिए, बल्कि पूरे जनपद के लिए गर्व का विषय है!
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

#census2027indiaallyouneedtoknowabout33point_question 

जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।
एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
जनगणना 2026 में शिक्षा क्षेत्र नवानगर के शिक्षा मित्रों को प्रगणक बनाने की मांग तेज
संजीव सिंह बलिया! सिकंदरपूर:30 मार्च 2026: उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ नवानगर ने जनगणना 2026 में शिक्षा मित्रों को प्रगणक (Enum erator) पद पर नियुक्त करने की मांग को लेकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।संघ के पदाधिकारियों ने उपजिलाधिकारी, सिकंदरपुर (बलिया) को संबोधित पत्र में यह मांग प्रमुखता से उठाई। फैसल अजीज, ब्लॉक अध्यक्ष उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के नेतृत्व में शिक्षामित्रों ने ज्ञापन सौंपा। महामंत्री मुकेश कुमार राय ने कहा कि आगामी जनगणना 2026 का पहला चरण अप्रैल से प्रस्तावित है, लेकिन शिक्षा मित्रों की ड्यूटी न लगाने से उनमें निराशा का माहौल है।ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शिक्षा मित्र पहले बीएलओ, SIR और अन्य सरकारी कार्यों में सक्रिय रहे हैं, जहां उन्हें कम मानदेय मिलता है, फिर भी वे निष्ठा से कर्तव्य निभाते हैं। 2011 की जनगणना में भी उन्होंने प्रगणक के रूप में सफल कार्य किया था। ऐसे में उन्हें इस राष्ट्रीय कार्य से अलग रखना उनके मनोबल को ठेस पहुंचाएगा और प्रशासनिक दृष्टि से उचित नहीं।संघ ने विनम्र अनुरोध किया कि शिक्षा मित्रों के अनुभव और सेवा भाव का उपयोग हो। आशा जताई कि प्रशासन सकारात्मक विचार करेगा।सक्रिय सहभागी: रामेश्वर अब्दुल्लाह अंसारी, अरविंद यादव, मुकेश राय, नागेन्द्र यादव, राजेश कुमार यादव, सुनील कुमार, हरिओम मोर्य, नरेंद्र कुमार वर्मा, वीरेंद्र प्रसाद, सुशीला देवी, पुष्पा यादव, सुमन वर्मा, बृजेश तिवारी, हरिंदर वर्मा, सुनील कुमार, लियाकत खान, अजय कुमार वर्मा।
ट्रकों से टोल प्लाजा पर अवैध वसूली में टोल कर्मचारी समेत तीन गिरफ्तार
थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में की गई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई

  विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। औद्योगिक क्षेत्र थाना के अंतर्गत मुंगरी टोल प्लाजा पर ट्रकों से जबरन वसूली करने और चालकों को धमकी देने के मामले में थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्रवाई करते हुए पुलिस ने रविवार को मुंगारी टोल प्लाजा के कर्मचारी अनुज यादव और उसके सहयोगी संतोष दुबे, श्यामजी यादव को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिए। टोल मैनेजर समेत कई आरोपित वांछित चल रहे हैं। पुलिस के मुताबिक अनुज यादव फिरोजाबाद के सिरसागंज, संतोष दुबे सुरियांवा भदोही और श्यामजी चिरईपुर, मुंगारी का निवासी है। कुछ दिन पूर्व औद्योगिक क्षेत्र थाने की पुलिस ने हैवी ट्रक आपरेटर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश उपाध्यक्ष कमल कुमार मिश्र की तहरीर पर टोल मैनेजर दिलीप यादव, नितिन यादव, अनुज यादव, बृजेश पांडेय और संतोष दुबे के खिलाफ पुलिस ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में मुकदमा पंजीकृत किए थे। औद्योगिक क्षेत्र थाना प्रभारी कमलेश कुमार पटेल के नेतृत्व में गठित टीम ने कार्यवाही करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिए। बता दें  की मुंगारी टोल प्लाजा एक ऐसा टोल प्लाजा है कि जहां पर आए दिन किसी न किसी न किसी वजहों से विवाद होता रहता है।
दिल्ली से गिरफ्तार हुआ लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी शब्बीर अहमद, आईएसआई के इशारे पर रचता था साजिश

#lethandlershabbirlonearrestedindelhi 

राजधानी दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की टीम ने लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी और ‘मेट्रो पोस्टर केस’ के मास्टरमाइंड शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार कर लिया है। शब्बीर उस मॉड्यूल का हैंडलर था, जिसका हाल ही में भंडाफोड़ हुआ था।फरवरी में दिल्ली पुलिस ने लश्कर के मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। 

नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश नाकाम

यह गिरफ्तारी दिल्ली बॉर्डर पर एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि लोन पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर भारत में लश्कर-ए-तैयबा के एक नए मॉड्यूल को सक्रिय करने की कोशिश कर रहा था। जानकारी के अनुसार, लोन ढाका के नजदीक अपने ठिकाने से लश्कर के एक मॉड्यूल का संचालन कर रहा था। 

करीब दो महीने से चल रहा था ऑपरेशन

बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन करीब दो महीने तक चली 'कैट-एंड-माउस' कार्रवाई का परिणाम था। इस पूरे अभियान की निगरानी पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा द्वारा की जा रही थी। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम, जिसका नेतृत्व अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुशवाहा, एसीपी ललित नेगी और इंस्पेक्टर सुनील रजैन कर रहे थे, लंबे समय से लोन पर नजर रखे हुए थी। जांच के दौरान दिल्ली, कोलकाता और तमिलनाडु में युवाओं को आतंकी गतिविधियों के लिए भर्ती करने में उसकी भूमिका सामने आई थी।

2007 में भी हो चुका है गिरफ्तार

लोन को इससे पहले 2007 में दिल्ली पुलिस ने आतंकवाद के आरोपों में गिरफ़्तार किया था। 2007 में स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में हथियारों के साथ गिरफ्तार किया था, जिसमें AK-47 और ग्रेनेड भी शामिल थे। उस समय उसके सीधे संबंध 26/11 मुंबई हमलों के मास्टरमाइंड हाफिज सईद और लश्कर कमांडर से जुड़े पाए गए थे। 2019 में जमानत मिलने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था, और जब यह बात सामने आई कि उसने वहां एक आतंकी सेल बना लिया है, तो वह सुरक्षा एजेंसियों और दिल्ली की एटीएस के लिए सिरदर्द बन गया था।

फर्जी पहचान के जरिए बनाया आतंक का नेटवर्क

शब्बीर लोन बेहद शातिर आतंकी है, जो अपनी पहचान छिपाने के लिए कभी ‘राजू’ तो कभी ‘जफर सिद्दीकी’ बन जाता था। वह दिल्ली, हिमाचल प्रदेश, कोलकाता, गोवा, मध्यप्रदेश, तमिलनाडु और केरल समेत देश के कई राज्यों में फेरीवाले के रूप में घूमता रहा और ‘शॉल बेचने’ के बहाने अपना नेटवर्क खड़ा करता रहा।

नितिन गुप्ता ने दी नवनिर्वाचित प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले को बधाई
मुंबई। भाजपा की वरिष्ठ नगरसेविका को पी दक्षिण वार्ड के प्रभाग समिति का अध्यक्ष निर्वाचित घोषित किया गया है। नवनिर्वाचित प्रभाग समिति की अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले ने विधिवत पदभार संभालते हुए समूचे प्रभाग को समस्यामुक्त करने का पूरी प्रतिबद्धता से प्रयास शुरू कर दिया है। शनिवार को भाजपा कामगार मोर्चा के महाराष्ट्र प्रदेश उपाध्यक्ष नितिन गुप्ता ने नवनिर्वाचित प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले को उनके तस्वीर का प्रतीक चिह्न भेंटकर बधाई दी तथा उनके सफल कार्यकाल की कामना की।

नितिन गुप्ता ने पिछले कई टर्म से नगरसेविका रहते हुए श्रीकला पिल्ले द्वारा अपने वार्ड के विकास तथा समस्याओं के निराकरण के लिए किए गए प्रतिबद्ध प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि हमें पूरी उम्मीद है कि अब उनके नेतृत्व में पी दक्षिण प्रभाग आदर्श, विकसित और समस्यामुक्त प्रभाग की पहचान स्थापित करेगा, जिससे क्षेत्रवासियों का जीवन सुखमय और सुलभ हो सकेगा।

प्रभाग समिति अध्यक्षा श्रीकला पिल्ले ने नितिन गुप्ता व उनके सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए भाजपा नेतृत्व एवं जनता द्वारा जताए गए विश्वास के प्रति कृतज्ञता जताई और जन-विश्वास की कसौटियों पर पूरी तरह से खरा उतरने के लिए पूरे मनोयोग से समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया।
अयोध्या की अनामिका मिश्रा ने रचा इतिहास, UPPCS में हासिल की चौथी रैंक
अयोध्या। अयोध्या की साकेतपुरी कॉलोनी निवासी अनामिका मिश्रा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथी रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

अनामिका मिश्रा के पिता महेन्द्रनाथ मिश्र गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता माधुरी मिश्रा गृहणी हैं। वर्ष 2023 में उनका विवाह आकाश पाण्डेय से हुआ, जिनका निवास अयोध्या में है और उनका ससुराल गोरखपुर के बासगांव में स्थित है।

शैक्षिक सफर की बात करें तो अनामिका ने वर्ष 2010 में हाईस्कूल, 2012 में इंटरमीडिएट, 2015 में बीएससी और 2017 में बीटीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटीसी में उन्होंने करीब 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्ष 2018 से वह बस्ती जिले के विकासखंड विक्रमजोत के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
अनामिका ने बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के जरिए यह सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं।उन्होंने आगे बताया कि उनका Bihar Public Service Commission साक्षात्कार 10 अप्रैल को प्रस्तावित है और उन्होंने 2025 पीसीएस मेंस परीक्षा भी दी है।