राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग में हिंदी कार्यशाला का हुआ आयोजन
भारत सरकार के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षे.सं.प्र.), हजारीबाग के द्वारा कार्यालय परिसर में 31 दिसंबर 2025 दिन बुधवार को प्रत्येक तिमाही की भांति वर्तमान वर्ष की अंतिम तिमाही में भी हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. शिव मंगल प्रसाद, प्रधान वैज्ञानिक, केन्द्रीय चावल अनुसंधान केंद्र, हजारीबाग मुख्य रूप से उपस्थित रहे। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, हजारीबाग के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह कार्यालय प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने सर्वप्रथम मुख्य अतिथि महोदय का अपने विभाग की ओर से स्वागत किया एवं तत्पश्चात आशीष कुमार कंधवे, कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी ने मुख्य अतिथि को पौधा देकर सम्मानित किया। इसके पश्चात् कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय सांख्यिकी के जनक डॉ. (प्रो.) पी.सी. महालोनोबिस जी के चित्र को पुष्प अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया। हजारीबाग कार्यालय के वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी सह प्रभारी ब्रजेश्वर कुमार ने हिंदी भाषा के उत्थान हेतु उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग के द्वारा किये जा रहे कार्यों से मुख्य अतिथि को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि हमारा कार्यालय शत प्रतिशत कार्य हिंदी में करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस कार्यालय को नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, हजारीबाग की हाल ही में आयोजित छमाही बैठक में हिंदी भाषा के प्रचार प्रसार के लिए पूरे हजारीबाग में तृतीय पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। उन्होंने देश में हिंदी की महत्ता पर भी प्रकाश डाला।
इसके उपरान्त वरिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी नितिन मिलन ने बताया कि तकनीक के प्रयोग से जैसे कंठस्थ टूल, हिंदी इनपुट टूल्स, अनुवाद तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के प्रयोग से हिंदी में कार्यो को अधिक सुगम बनाया जा सकता है। इसके उपरान्त कार्यालय प्रभारी के निर्देश पर कार्यालय के समस्त कर्मियों ने बारी-बारी से कविता, नारे, भाषण, संस्मरण आदि का प्रस्तुतीकरण सभी के समक्ष किया। तत्पश्चात माननीय मुख्य अतिथि डॉ. शिव मंगल प्रसाद ने अपने संबोधन में उप क्षेत्रीय कार्यालय, हजारीबाग द्वारा हिंदी के प्रति किये जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने प्रधान वैज्ञानिक के अपने पद पर रहते हुए एवं हिंदी के प्रति अपने कर्तव्य को निभाते हुए सभी राजभाषा कार्यक्रमों में शामिल होते रहने के बारे में बताया। इसके साथ ही उन्होंने देश भर में अनेक महत्वपूर्ण पत्रिकाओं में उनके उधृत हुए लेखो को भी बताया। उन्होंने बताया कि तकनीकी शब्दावली को भी हिंदी में सरलता से लिखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होंने चावल अनुसंधान केंद्र के उन्नत बीजो की जानकारी दी एवं पार्थेनियम पौधे (गाजर घास) के बारे में भी लोगों को जागरूक किया। उन्होंने पार्थेनियम के हानिकारक प्रभाव एवं इससे बचने के तरीकों को भी बताया। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पर्यावरण एवं हिंदी भाषा के प्रोत्साहन हेतु सभी को कार्यशील रहना चाहिए। उन्होंने राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के कर्मियों को क्षेत्र कार्य के दौरान लोगों को हिंदी भाषा एवं पर्यावरण के प्रति जागरूक करने की अपील की।
विदित हो कि राष्ट्रीय सांख्यिकीय कार्यालय या राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय देश भर में महत्वपूर्ण सामजिक आर्थिक योजनाओ के निर्माण हेतु भारत सरकार की ओर से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों अथवा प्रतिष्ठानों से मिलकर अनेक प्रकार के सर्वेक्षण करती है। यहाँ के सभी कर्मियों ने स्वीकार किया कि सरकारी सर्वेक्षणों के दौरान लोगों से मिलने जुलने एवं उनसे आंकड़ो का संग्रहण हेतु उन्हें हिंदी भाषा का ही प्रयोग करने की आवश्यकता होती है। यह कार्यालय अपने कार्यो के साथ-साथ हर संभव यह प्रयास करता रहा है कि पूरे समाज में तथा समाज के अंतर्गत सभी कार्यालयों में हिंदी का महत्वपूर्ण स्थान हो |विगत कई वर्षो से यहाँ के सभी कर्मचारी अपना निजी एवं कार्यालयी कार्य यथा इमेल, पत्राचार आदि यथासंभव हिंदी माध्यम में ही करने का प्रयास करते रहे हैं।
कार्यालय के कनिष्ठ सांख्यिकीय अधिकारी आशीष कुमार कंधवे, जानकी नाथ मिश्र, सतीश गुप्ता, सूरज कुमार, सुधीर कुमार, मनीष किशोर के साथ सर्वेक्षण प्रगणक मिथलेश मोदी, बृज किशोर सिंह, उमेश नाथ चौबे, रणजीत कुमार गुप्ता, प्रशांत कुमार, राहुल रंजन, हरेन्द्र कुमार राय, आशीष रंजन, शुभम सोनी, दिवाकर राज, राहुल कुमार, अजय रविदास, नीलांजन दास ने कार्यक्रम में अपने महत्वपूर्ण विचार रखे। मंच संचालन जानकी नाथ मिश्र, कनिष्ठ सांख्यकी अधिकारी द्वारा किया गया एवं उपस्थित लोगों का धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ सांख्यकीय अधिकारी श्री नितिन मिलन के द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यालय के सभी सदस्यों सहित आदेशपाल रविशंकर की भी अहम भूमिका रही।
56 min ago
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