गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
कन्नौज में आलू के खेत में मिली अधजली युवती की लाश, पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम जुटी जांच में।
पंकज कुमार श्रीवास्तव
कन्नौज :कन्नौज में युवती की अधजली लाश मिलने से हड़कंप मच गया । सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डाग स्क्वायड टीम के साथ जांच शुरू कर दी है । मामले में एसपी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि युवती को मार कर यहां लाया गया। मामले की जांच की जा रही है ।

बताते चले कि कन्नौज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के जीटी रोड हाईवे से महज़ 100 मीटर की दूरी के पास ऋतु कला गांव में एक आलू के खेत में एक अज्ञात युवती का बुरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, शव रामबाबू कुशवाहा के खेत में मिला। शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि युवती की हत्या कहीं और की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहाँ लाकर किसी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग करके जला दिया गया। शव का चेहरा पहचानने योग्य स्थिति में है, जिससे पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसकी शिनाख्त हो जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई। पुलिस जीटी रोड के टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है मामले के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। डॉग स्क्वायड की मदद से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में एसपी विनोद कुमार ने बताया कि कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के ऋतुकुरा गांव में एक रामबाबू कुशवाहा के आलू के खेत में एक अधजली व्यक्ति की लाश मिली है ऐसा लग रहा है कि साक्ष्य मिटाने के लिए कहीं और से लाकर शब को यहां जलाया गया है। बॉडी पूरी तरह जल गई है लेकिन चेहरे से पहचान की जा रही है । इसमें फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम के साथ पुलिस की टीम लगाई गई है । साथ ही सीसीटीवी कैमरे और पेट्रोल प्लाजा के कैमरे देखे जा रहे हैं इसके अनावरण के लिए कई टीम में लगाई गई

*साक्ष्य छुपाने के लिए युवती को जलाया*

कन्नौज पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने घटना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि देखिए यह थाना कोतवाली के रितुकाला गांव में जो जीटी रोड है उससे 100 मीटर अंदर एक आलू का खेत है यह रामबाबू कुशवाहा है उनके खेत में एक जली हुई अवस्था में एक युवती की लाश मिली है। ऐसा लगता है कि कहीं बाहर से ला करके यहां पर जलाया गया है और उसकी बाॅडी लगभग जल गई है और चेहरा से उसकी पहचान हो सकती है। इसमें आस-पास के जो लोग है उन्होंने देखा है तो अभी पहचान नही हो पा रही है। इसमें फील्ड यूनिट और डाग स्कार्ट से भी इसके साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे है, साथ ही कई टीमों का गठन किया गया है। इसमें इसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है और दूसरा इसकी अनावरण की भी कोशिश हो रही है। यहां आस-पास के सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे है टोल प्लाजा से भी टीम लगाई गई है ताकि इसकी पहले शिनाख्त हो और इसका अनावरण के लिए टीमें लगाई गई है कोशिश की जा रही है।

*सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का अभियोग पंजीकृत*

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि  देखिए ऐसा लगता है कि काफी लोगों ने देखा है इसकी पहचान नही हो पा रही है। तो ऐसा लग रहा है कि बाहर से ही इसको ला करके और यहां जलाया गया है और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया है। इसमें सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया है, इसमें सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का अभियोग भी पंजीकृत किया जा रहा है और साथ ही घटना के अनावरण का प्रयास किया जा रहा है। देखिए कोई ज्वलनशील पदार्थ ही है, तेल डाल करके जलाया गया है और बाकी चीजों का हमारी फील्ड यूनिट है वह परीक्षण कर रही है साक्ष्य के लिए।
संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर द्वारा विभिन्न कार्यक्रम।
बलरामपुर 4 फरवरी संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर द्वारा थाना गौरा के निकट गोविंदपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गौ रक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ, हरि ओम पाठक मुख्य अतिथि रहे कार्यक्रम के अध्यक्षता चौधरी विजय सिंह ने की संचालन प्रेमनाथ मिश्रा ने किया सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दीप जलाकर तथा संत रविदास के चित्र पर पुष्पर्जन एवं माल्यार्पण अर्पण कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया जिसमें मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष सोशल मीडिया गंगा शर्मा कौशिक प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह मिथिलेश गिरी आदि ने संबोधित किया।

गौ रक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डा, हरिओम पाठक ने अपने वक्तव्य में संत शिरोमणि रविदास के जीवन के बारे में प्रकाश डाला वहीं उन्होंने देश के भविष्य छात्रों के बारे में कुछ गुरु मंत्र देते हुए उन्हें परिवारों से लागू करने को कहा, कार्यक्रम को पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू ने संबोधित करते हुए सभी को जात-पात में ना बटकर इकट्ठा रहने का आवाहन किया उन्होंने कहा कि सभी एक रहे हमारे विधानसभा में किसी को कोई कष्ट हो हम तक पहुंचाएं हम उनका काम तुरंत करेंगे,कार्यक्रम के अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने अपने उद्बोधन में आए सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए झांसी से पधारे गौ रक्षा प्रपोश के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर हरिओम पाठक का विशेष आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में पधारे विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू का आभार व्यक्त किया। तथा 5 फरवरी को संत शिरोमणि रविदास के साप्ताहिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदान देने का आवाहन किया उन्होंने भारी संख्या में शोभा यात्रा में रहे लोगों का भी आभार व्यक्त कियाअंत में आसपास क्षेत्र से आए भारी संख्या में ग्राम वासियों तथा भक्तों ने सहभोज में भाग लिया। कार्यक्रम में चौधरी विजय सिंह जय सिंह जीवन लाल मिथिलेश गिरी राधेश्याम, पाटेश्वरी उर्फ विक्की, सुग्रीव श्रीमती सुनीता तिवारी पंडित मातेश्वरी प्रसाद प्रेमनाथ मिश्रा नरेंद्र देव सहित सैकड़ो की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव के नेतृत्व में ग्राम चौपाल से जनसमस्dयाओं का व्यापक समाधान, 150 से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का निर्
संभल।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल एवं रजिस्टर में दर्ज कर उसकी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकरण का निस्तारण लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति से अवगत कराना भी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

चौपाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं — वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन — के लंबित मामलों की समीक्षा की गई और मौके पर ही पात्र लाभार्थियों के प्रपत्र पूर्ण कराए गए। राशन कार्ड से वंचित परिवारों, पात्र गृहस्थी सूची, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), शौचालय निर्माण, पेयजल आपूर्ति एवं ग्रामीण सड़कों की मरम्मत से जुड़े मामलों पर भी विभागवार निर्देश जारी किए गए।

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने आजीविका सृजन, बैंक ऋण सुविधा, प्रशिक्षण एवं मुख्यमंत्री उद्यम योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी और संबंधित अधिकारियों को समूहों को बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, उपस्थिति, स्वच्छता, टीकाकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता एवं चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता तभी सार्थक होगी जब पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और जनसामान्य मिलकर सहभागिता निभाएँ। इसी उद्देश्य से आगामी दिनों में अन्य ग्रामों में भी व्यापक स्तर पर चौपाल आयोजित कर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएँ, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर हो और उसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला स्तर पर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में पात्रता की कमी या दस्तावेजों की त्रुटि पाई जाए, वहाँ संबंधित लाभार्थियों को मौके पर ही मार्गदर्शन देकर आवेदन पूर्ण कराया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुशासन का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से सरकार की नीतियों और योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर जवाबदेह बनने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान भूमि विवाद, नामांतरण, खसरा-खतौनी, पारिवारिक रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली बिल संशोधन, नल-जल कनेक्शन, सड़क मरम्मत, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता अभियान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आंगनबाड़ी सेवाएँ एवं छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों को मौके पर ही प्राथमिक कार्रवाई करने एवं गंभीर प्रकरणों को प्राथमिकता सूची में रखने के निर्देश दिए गए।

मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत युवाओं और प्रथम बार मतदान करने वाले नागरिकों से विशेष संवाद किया गया। उन्हें लोकतंत्र में मतदान के महत्व के बारे में बताया गया और ग्राम स्तर पर विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उन्हें धरातल पर उतारना है। इसी क्रम में विकासखण्ड स्तर पर समीक्षा बैठकों का आयोजन कर प्रत्येक विभाग के कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि जनता का शासन पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होता है।
अधिवक्ता की मौत के मामले में दोबारा होगी जांच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश
गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मोहल्ला गायत्री पुरम निवासी अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव की हिरासत में हुई मौत के मामले में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह की अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को नकारते हुए खारिज कर दिया है।अदालत ने याचिकाकर्ता पवन कुमार श्रीवास्तव की याचिका को स्वीकार करते हुए थाना कोतवाली नगर को उक्त मामले में पुनः निष्पक्ष व गहन विवेचना का आदेश दिया है।यह मामला 16 मई 2023 का है जब अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव को कथित रूप से हिरासत में लिया गया था।इस मामले में मृतक अधिवक्ता के परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान राजकुमार लाल श्रीवास्तव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था तथा इस दौरान तेजाब पिलाने के कारण उनकी हालत खराब हुई और दौरान इलाज उनकी मौत हो गई।इस मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।विवेचना के बाद पुलिस ने 30 सितंबर 2023 को यह स्पष्ट करते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दिया था कि अपराध के समुचित साक्ष्य नहीं मिले।पुलिस द्वारा दाखिल किये गए फाइनल रिपोर्ट के विरुद्ध मृतक अधिवक्ता के भाई पवन कुमार श्रीवास्तव ने 16 अक्टूबर 2025 को प्रोटेस्ट दाखिल किया था और आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा जानबूझकर कमजोर धाराएं लगाई गई तथा चिकित्सकीय साक्ष्यों की अनदेखी की गई।इसके साथ ही जांच आरोपी पुलिसकर्मियों के प्रभाव वाले थाने से कराई गई।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की विवेचना को खारिज करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं।
आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: सज्ञान,डीजीपी से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
*महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं,व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आघात

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र निवासिनी शिवानी पांडेय(21) की कथित आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।शिवानी की हत्या उसके पिता व भाई ने कथित तौर पर प्रेमी से शादी करने के कारण किया था।आयोग ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किया है।यह घटना पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा की है।आरोप है कि शिवानी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय व भाई राहुल पाण्डेय ने उसे करंट लगाकर और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया था।राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच,दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा आनर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।आयोग ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत भयावह और अमानवीय बताया।आयोग के अनुसार,अपनी पसंद से विवाह करने के निर्णय के कारण युवती की हत्या,महिला के जीवन,गरिमा, समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर आघात है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता व सिविल बार की पूर्व उपाध्यक्ष संतोष ओझा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन पर रोक लगनी चाहिए।श्रीमती ओझा ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को एक गंभीर कदम बताया और सरकार से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा, मैं समझती हूँ कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर कोर्ट में तीव्र और सख्त पैरवी की जाएगी।
जिले में चार स्थानों पर बनेगा स्थायी हेलिपैड

*सीतामढ़ी, भिखारीपुर,औराई,सरपतहां में जगह की है चिह्नित*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के हर ब्लॉक में एक-एक स्थायी हेलिपैड बनाया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थितियों व वीआईपी मूवमेंट में उनका उपयोग किया जा सके।ज्ञशासन से निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर चार ब्लॉकों में जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसमें सीतामढ़ी समेत चार जगह चयनित हो गए हैं। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।
जिले में मौजूदा समय पुलिस लाइन में स्थाई हेलिपैड हैं। अब तक वीआइपी दौरों के समय अस्थायी हेलिपैड बनाए जाते हैं। इसमें समय और धन बर्बाद होता है।
स्थायी बनने से समस्या का समाधान हो जाएगा। साल में पांच से सात बार वीआईपी मूवमेंट होते हैं। चुनाव के दौरान वीआईपी मूवमेंट की संख्या बढ़ जाती है। इनके लिए अस्थायी हेलिपैड बनाए जाते हैं। स्थायी हेलिपैड बनाए जाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।



सरकार की नई नीति के तहत इसका निर्माण होगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन, चिकित्सा आपात स्थितियों और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों सहित अन्य वीआईपी आगमन को सुगम बनाना है।
जिले में डीघ ब्लॉक के सीतामढ़ी, भदोही के भिखारीपुर, औराई के काशिराज इंटर कॉलेज और ज्ञानपुर के सरपतहां में हेलिपैड बनाए जाएंगे। जल्द ही इसका स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर निर्माण शुरू किया जाएगा।


जिले में सीतामढ़ी सहित चार स्थानों हैलीपैड के लिए जमीन चिह्नित की गई है। कागजी प्रक्रिया पूर्ण कर जल्द ही शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।


शैलेश कुमार डीएम भदोही
आइसा उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक संपन्न हुई , जिसमें में शशांक को प्रदेश सचिव चुना गया

कार्यकारिणी की बैठक में यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट के तर्ज पर लागू करने तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्टान बिल के खिलाफ आइसा प्रदेश व्यापी अभियान चलाएगा

प्रयागराज।ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक इलाहाबाद में संपन्न हुई। बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष नेहा मौजूद रही। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्य कर रहे आइसा के राज्य स्तरीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल रहे। कार्यकारी के बैठक में शशांक अनिरुद्ध को उत्तर प्रदेश राज्य का सचिव चुना गया। 

    कार्यकारी की बैठक में पूरे प्रदेश में शिक्षा और रोजगार पर बढ़ते हमले और लगातार विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ते जातिगत भेदभाव के खिलाफ अभियान लेने और संगठन के दायरे को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में मौजूद केंद्रीय अध्यक्ष नेहा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मौजूदा दौर में फासीवादी विचारधारा सत्ता और समाज में हावी होती जा रही है जिसके कारण विश्वविद्यालय परिसर से लेकर के देश में मौजूद लोकतांत्रिक परिवेश घटता जा रहा है इसके खिलाफ आइसा पूरे प्रदेश भर में आंदोलन को मजबूत करते हुए भारतीय संविधान और लोकतंत्र के समक्ष मौजूद फासीवादी चुनौतियां को खत्म करेगा। 

   बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में जातिगत भेदभाव के बढ़ते मामले के खिलाफ यूजीसी के रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज पर लागू करने तथा भाजपा सरकार द्वारा लाया जा रहे विकसित भारत शिक्षा अधिष्टान बिल के खिलाफ अभियान लेते हुए यूजीसी और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई को आगे बढ़ाने का हैं।

आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: सज्ञान,डीजीपी से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
*महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं,व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आघात

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र निवासिनी शिवानी पांडेय(21) की कथित आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।शिवानी की हत्या उसके पिता व भाई ने कथित तौर पर प्रेमी से शादी करने के कारण किया था।आयोग ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किया है।यह घटना पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा की है।आरोप है कि शिवानी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय व भाई राहुल पाण्डेय ने उसे करंट लगाकर और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया था।राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच,दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा आनर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।आयोग ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत भयावह और अमानवीय बताया।आयोग के अनुसार,अपनी पसंद से विवाह करने के निर्णय के कारण युवती की हत्या,महिला के जीवन,गरिमा, समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर आघात है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता व सिविल बार की पूर्व उपाध्यक्ष संतोष ओझा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन पर रोक लगनी चाहिए।श्रीमती ओझा ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को एक गंभीर कदम बताया और सरकार से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा, मैं समझती हूँ कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर कोर्ट में तीव्र और सख्त पैरवी की जाएगी।
गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
कन्नौज में आलू के खेत में मिली अधजली युवती की लाश, पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक और डॉग स्क्वायड टीम जुटी जांच में।
पंकज कुमार श्रीवास्तव
कन्नौज :कन्नौज में युवती की अधजली लाश मिलने से हड़कंप मच गया । सूचना पर पहुंची पुलिस ने फॉरेंसिक टीम और डाग स्क्वायड टीम के साथ जांच शुरू कर दी है । मामले में एसपी ने बताया कि ऐसा लग रहा है कि युवती को मार कर यहां लाया गया। मामले की जांच की जा रही है ।

बताते चले कि कन्नौज जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के जीटी रोड हाईवे से महज़ 100 मीटर की दूरी के पास ऋतु कला गांव में एक आलू के खेत में एक अज्ञात युवती का बुरी तरह जला हुआ शव बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार, शव रामबाबू कुशवाहा के खेत में मिला। शुरुआती जांच से ऐसा प्रतीत होता है कि युवती की हत्या कहीं और की गई और फिर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को यहाँ लाकर किसी ज्वलनशील पदार्थ का उपयोग करके जला दिया गया। शव का चेहरा पहचानने योग्य स्थिति में है, जिससे पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही उसकी शिनाख्त हो जाएगी।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के आला अधिकारी और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुँच गई। पुलिस जीटी रोड के टोल प्लाजा और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर रही है मामले के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें बनाई गई हैं। डॉग स्क्वायड की मदद से भी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। मामले में एसपी विनोद कुमार ने बताया कि कन्नौज कोतवाली क्षेत्र के ऋतुकुरा गांव में एक रामबाबू कुशवाहा के आलू के खेत में एक अधजली व्यक्ति की लाश मिली है ऐसा लग रहा है कि साक्ष्य मिटाने के लिए कहीं और से लाकर शब को यहां जलाया गया है। बॉडी पूरी तरह जल गई है लेकिन चेहरे से पहचान की जा रही है । इसमें फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड टीम के साथ पुलिस की टीम लगाई गई है । साथ ही सीसीटीवी कैमरे और पेट्रोल प्लाजा के कैमरे देखे जा रहे हैं इसके अनावरण के लिए कई टीम में लगाई गई

*साक्ष्य छुपाने के लिए युवती को जलाया*

कन्नौज पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने घटना के सम्बन्ध में जानकारी देते हुए बताया कि देखिए यह थाना कोतवाली के रितुकाला गांव में जो जीटी रोड है उससे 100 मीटर अंदर एक आलू का खेत है यह रामबाबू कुशवाहा है उनके खेत में एक जली हुई अवस्था में एक युवती की लाश मिली है। ऐसा लगता है कि कहीं बाहर से ला करके यहां पर जलाया गया है और उसकी बाॅडी लगभग जल गई है और चेहरा से उसकी पहचान हो सकती है। इसमें आस-पास के जो लोग है उन्होंने देखा है तो अभी पहचान नही हो पा रही है। इसमें फील्ड यूनिट और डाग स्कार्ट से भी इसके साक्ष्य इकट्ठा किए जा रहे है, साथ ही कई टीमों का गठन किया गया है। इसमें इसकी पहचान का प्रयास किया जा रहा है और दूसरा इसकी अनावरण की भी कोशिश हो रही है। यहां आस-पास के सीसीटीवी कैमरे भी देखे जा रहे है टोल प्लाजा से भी टीम लगाई गई है ताकि इसकी पहले शिनाख्त हो और इसका अनावरण के लिए टीमें लगाई गई है कोशिश की जा रही है।

*सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का अभियोग पंजीकृत*

पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने बताया कि  देखिए ऐसा लगता है कि काफी लोगों ने देखा है इसकी पहचान नही हो पा रही है। तो ऐसा लग रहा है कि बाहर से ही इसको ला करके और यहां जलाया गया है और साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया गया है। इसमें सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का प्रयास किया गया है, इसमें सुसंगत धाराओं में हत्या और साक्ष्य छिपाने का अभियोग भी पंजीकृत किया जा रहा है और साथ ही घटना के अनावरण का प्रयास किया जा रहा है। देखिए कोई ज्वलनशील पदार्थ ही है, तेल डाल करके जलाया गया है और बाकी चीजों का हमारी फील्ड यूनिट है वह परीक्षण कर रही है साक्ष्य के लिए।
संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर द्वारा विभिन्न कार्यक्रम।
बलरामपुर 4 फरवरी संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर विश्व हिंदू महासंघ बलरामपुर द्वारा थाना गौरा के निकट गोविंदपुर में एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें गौ रक्षा प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ, हरि ओम पाठक मुख्य अतिथि रहे कार्यक्रम के अध्यक्षता चौधरी विजय सिंह ने की संचालन प्रेमनाथ मिश्रा ने किया सर्वप्रथम प्रदेश अध्यक्ष द्वारा दीप जलाकर तथा संत रविदास के चित्र पर पुष्पर्जन एवं माल्यार्पण अर्पण कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया गया जिसमें मुख्य वक्ता प्रदेश अध्यक्ष सोशल मीडिया गंगा शर्मा कौशिक प्रदेश उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह मिथिलेश गिरी आदि ने संबोधित किया।

गौ रक्षा प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डा, हरिओम पाठक ने अपने वक्तव्य में संत शिरोमणि रविदास के जीवन के बारे में प्रकाश डाला वहीं उन्होंने देश के भविष्य छात्रों के बारे में कुछ गुरु मंत्र देते हुए उन्हें परिवारों से लागू करने को कहा, कार्यक्रम को पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू ने संबोधित करते हुए सभी को जात-पात में ना बटकर इकट्ठा रहने का आवाहन किया उन्होंने कहा कि सभी एक रहे हमारे विधानसभा में किसी को कोई कष्ट हो हम तक पहुंचाएं हम उनका काम तुरंत करेंगे,कार्यक्रम के अध्यक्ष चौधरी विजय सिंह ने अपने उद्बोधन में आए सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए झांसी से पधारे गौ रक्षा प्रपोश के प्रदेश अध्यक्ष डॉक्टर हरिओम पाठक का विशेष आभार व्यक्त किया कार्यक्रम में पधारे विशिष्ट अतिथि पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू का आभार व्यक्त किया। तथा 5 फरवरी को संत शिरोमणि रविदास के साप्ताहिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में रक्तदान देने का आवाहन किया उन्होंने भारी संख्या में शोभा यात्रा में रहे लोगों का भी आभार व्यक्त कियाअंत में आसपास क्षेत्र से आए भारी संख्या में ग्राम वासियों तथा भक्तों ने सहभोज में भाग लिया। कार्यक्रम में चौधरी विजय सिंह जय सिंह जीवन लाल मिथिलेश गिरी राधेश्याम, पाटेश्वरी उर्फ विक्की, सुग्रीव श्रीमती सुनीता तिवारी पंडित मातेश्वरी प्रसाद प्रेमनाथ मिश्रा नरेंद्र देव सहित सैकड़ो की संख्या में लोगों ने भाग लिया।
जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव के नेतृत्व में ग्राम चौपाल से जनसमस्dयाओं का व्यापक समाधान, 150 से अधिक शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई का निर्
संभल।जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ग्राम स्तर पर प्राप्त प्रत्येक शिकायत को ऑनलाइन पोर्टल एवं रजिस्टर में दर्ज कर उसकी ट्रैकिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकरण का निस्तारण लंबित न रहे। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को समाधान की स्थिति से अवगत कराना भी विभागीय अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी।

चौपाल के दौरान सामाजिक सुरक्षा योजनाओं — वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन — के लंबित मामलों की समीक्षा की गई और मौके पर ही पात्र लाभार्थियों के प्रपत्र पूर्ण कराए गए। राशन कार्ड से वंचित परिवारों, पात्र गृहस्थी सूची, आय एवं जाति प्रमाण पत्र, आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), शौचालय निर्माण, पेयजल आपूर्ति एवं ग्रामीण सड़कों की मरम्मत से जुड़े मामलों पर भी विभागवार निर्देश जारी किए गए।

स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं से संवाद करते हुए उन्होंने आजीविका सृजन, बैंक ऋण सुविधा, प्रशिक्षण एवं मुख्यमंत्री उद्यम योजना के अंतर्गत स्वरोजगार के अवसरों की जानकारी दी और संबंधित अधिकारियों को समूहों को बाजार से जोड़ने के निर्देश दिए।

शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग को स्कूलों में आधारभूत सुविधाओं, उपस्थिति, स्वच्छता, टीकाकरण, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की उपलब्धता एवं चिकित्सकीय सेवाओं की गुणवत्ता की नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं की सफलता तभी सार्थक होगी जब पंचायत प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी और जनसामान्य मिलकर सहभागिता निभाएँ। इसी उद्देश्य से आगामी दिनों में अन्य ग्रामों में भी व्यापक स्तर पर चौपाल आयोजित कर विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।

कार्यक्रम में ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधि, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, स्वयं सहायता समूहों की सदस्याएँ, युवा एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।

जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागों के अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण तय समय-सीमा के भीतर हो और उसकी प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से जिला स्तर पर प्रस्तुत की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जिन मामलों में पात्रता की कमी या दस्तावेजों की त्रुटि पाई जाए, वहाँ संबंधित लाभार्थियों को मौके पर ही मार्गदर्शन देकर आवेदन पूर्ण कराया जाए, ताकि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं के लाभ से वंचित न रहना पड़े।

उन्होंने प्रशासनिक पारदर्शिता पर जोर देते हुए कहा कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर सुशासन का प्रभावी माध्यम है। इसके माध्यम से सरकार की नीतियों और योजनाओं की वास्तविक स्थिति सामने आती है और अधिकारियों को जनता के बीच जाकर जवाबदेह बनने का अवसर मिलता है।

कार्यक्रम के दौरान भूमि विवाद, नामांतरण, खसरा-खतौनी, पारिवारिक रजिस्टर, जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, बिजली बिल संशोधन, नल-जल कनेक्शन, सड़क मरम्मत, नाली निर्माण, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता अभियान, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, आंगनबाड़ी सेवाएँ एवं छात्रवृत्ति से जुड़े मामलों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों को मौके पर ही प्राथमिक कार्रवाई करने एवं गंभीर प्रकरणों को प्राथमिकता सूची में रखने के निर्देश दिए गए।

मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत युवाओं और प्रथम बार मतदान करने वाले नागरिकों से विशेष संवाद किया गया। उन्हें लोकतंत्र में मतदान के महत्व के बारे में बताया गया और ग्राम स्तर पर विशेष पंजीकरण शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए गए, ताकि अधिक से अधिक नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ा जा सके।

जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल विकास कार्यों की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि गुणवत्ता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ उन्हें धरातल पर उतारना है। इसी क्रम में विकासखण्ड स्तर पर समीक्षा बैठकों का आयोजन कर प्रत्येक विभाग के कार्यों की प्रगति का आकलन किया जाएगा।

उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं, युवाओं और वंचित वर्गों के सशक्तिकरण के लिए विशेष कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों, कौशल विकास प्रशिक्षण, स्वरोजगार योजनाओं और वित्तीय समावेशन के माध्यम से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित ग्रामीणों ने प्रशासन द्वारा किए जा रहे इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से न केवल समस्याओं का समाधान होता है, बल्कि जनता का शासन पर विश्वास भी और अधिक मजबूत होता है।
अधिवक्ता की मौत के मामले में दोबारा होगी जांच, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दिया आदेश
गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मोहल्ला गायत्री पुरम निवासी अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव की हिरासत में हुई मौत के मामले में एक बड़ा निर्णय लेते हुए मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित सिंह की अदालत ने पुलिस की फाइनल रिपोर्ट को नकारते हुए खारिज कर दिया है।अदालत ने याचिकाकर्ता पवन कुमार श्रीवास्तव की याचिका को स्वीकार करते हुए थाना कोतवाली नगर को उक्त मामले में पुनः निष्पक्ष व गहन विवेचना का आदेश दिया है।यह मामला 16 मई 2023 का है जब अधिवक्ता राजकुमार लाल श्रीवास्तव को कथित रूप से हिरासत में लिया गया था।इस मामले में मृतक अधिवक्ता के परिजनों का आरोप है कि हिरासत के दौरान राजकुमार लाल श्रीवास्तव के साथ अमानवीय व्यवहार किया गया था तथा इस दौरान तेजाब पिलाने के कारण उनकी हालत खराब हुई और दौरान इलाज उनकी मौत हो गई।इस मामले में कोतवाली नगर में मुकदमा भी दर्ज किया गया था।विवेचना के बाद पुलिस ने 30 सितंबर 2023 को यह स्पष्ट करते हुए फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दिया था कि अपराध के समुचित साक्ष्य नहीं मिले।पुलिस द्वारा दाखिल किये गए फाइनल रिपोर्ट के विरुद्ध मृतक अधिवक्ता के भाई पवन कुमार श्रीवास्तव ने 16 अक्टूबर 2025 को प्रोटेस्ट दाखिल किया था और आरोप लगाया था कि पुलिस द्वारा जानबूझकर कमजोर धाराएं लगाई गई तथा चिकित्सकीय साक्ष्यों की अनदेखी की गई।इसके साथ ही जांच आरोपी पुलिसकर्मियों के प्रभाव वाले थाने से कराई गई।मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने पुलिस की विवेचना को खारिज करते हुए पुनर्विवेचना के आदेश दिए हैं।
आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: सज्ञान,डीजीपी से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
*महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं,व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आघात

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र निवासिनी शिवानी पांडेय(21) की कथित आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।शिवानी की हत्या उसके पिता व भाई ने कथित तौर पर प्रेमी से शादी करने के कारण किया था।आयोग ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किया है।यह घटना पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा की है।आरोप है कि शिवानी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय व भाई राहुल पाण्डेय ने उसे करंट लगाकर और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया था।राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच,दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा आनर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।आयोग ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत भयावह और अमानवीय बताया।आयोग के अनुसार,अपनी पसंद से विवाह करने के निर्णय के कारण युवती की हत्या,महिला के जीवन,गरिमा, समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर आघात है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता व सिविल बार की पूर्व उपाध्यक्ष संतोष ओझा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन पर रोक लगनी चाहिए।श्रीमती ओझा ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को एक गंभीर कदम बताया और सरकार से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा, मैं समझती हूँ कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर कोर्ट में तीव्र और सख्त पैरवी की जाएगी।
जिले में चार स्थानों पर बनेगा स्थायी हेलिपैड

*सीतामढ़ी, भिखारीपुर,औराई,सरपतहां में जगह की है चिह्नित*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के हर ब्लॉक में एक-एक स्थायी हेलिपैड बनाया जाएगा, ताकि आपातकालीन स्थितियों व वीआईपी मूवमेंट में उनका उपयोग किया जा सके।ज्ञशासन से निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। डीएम शैलेष कुमार के निर्देश पर चार ब्लॉकों में जमीन चिह्नित कर ली गई है। इसमें सीतामढ़ी समेत चार जगह चयनित हो गए हैं। जल्द ही इसका निर्माण शुरू होगा।
जिले में मौजूदा समय पुलिस लाइन में स्थाई हेलिपैड हैं। अब तक वीआइपी दौरों के समय अस्थायी हेलिपैड बनाए जाते हैं। इसमें समय और धन बर्बाद होता है।
स्थायी बनने से समस्या का समाधान हो जाएगा। साल में पांच से सात बार वीआईपी मूवमेंट होते हैं। चुनाव के दौरान वीआईपी मूवमेंट की संख्या बढ़ जाती है। इनके लिए अस्थायी हेलिपैड बनाए जाते हैं। स्थायी हेलिपैड बनाए जाने की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग को दी गई है।



सरकार की नई नीति के तहत इसका निर्माण होगा। योजना का मुख्य उद्देश्य आपदा प्रबंधन, चिकित्सा आपात स्थितियों और प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों सहित अन्य वीआईपी आगमन को सुगम बनाना है।
जिले में डीघ ब्लॉक के सीतामढ़ी, भदोही के भिखारीपुर, औराई के काशिराज इंटर कॉलेज और ज्ञानपुर के सरपतहां में हेलिपैड बनाए जाएंगे। जल्द ही इसका स्टीमेट बनाकर शासन को भेजा जाएगा। बजट स्वीकृत होने पर निर्माण शुरू किया जाएगा।


जिले में सीतामढ़ी सहित चार स्थानों हैलीपैड के लिए जमीन चिह्नित की गई है। कागजी प्रक्रिया पूर्ण कर जल्द ही शासन स्तर पर पत्राचार किया जाएगा।


शैलेश कुमार डीएम भदोही
आइसा उत्तर प्रदेश राज्य कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक संपन्न हुई , जिसमें में शशांक को प्रदेश सचिव चुना गया

कार्यकारिणी की बैठक में यूजीसी रेगुलेशन को रोहित एक्ट के तर्ज पर लागू करने तथा विकसित भारत शिक्षा अधिष्टान बिल के खिलाफ आइसा प्रदेश व्यापी अभियान चलाएगा

प्रयागराज।ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) उत्तर प्रदेश कार्यकारिणी की एकदिवसीय बैठक इलाहाबाद में संपन्न हुई। बैठक में केंद्रीय अध्यक्ष नेहा मौजूद रही। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्य कर रहे आइसा के राज्य स्तरीय कार्यकारिणी के सदस्य शामिल रहे। कार्यकारी के बैठक में शशांक अनिरुद्ध को उत्तर प्रदेश राज्य का सचिव चुना गया। 

    कार्यकारी की बैठक में पूरे प्रदेश में शिक्षा और रोजगार पर बढ़ते हमले और लगातार विश्वविद्यालय परिसर में बढ़ते जातिगत भेदभाव के खिलाफ अभियान लेने और संगठन के दायरे को और मजबूत करने पर विशेष बल दिया गया। बैठक में मौजूद केंद्रीय अध्यक्ष नेहा ने अपनी बात रखते हुए कहा कि मौजूदा दौर में फासीवादी विचारधारा सत्ता और समाज में हावी होती जा रही है जिसके कारण विश्वविद्यालय परिसर से लेकर के देश में मौजूद लोकतांत्रिक परिवेश घटता जा रहा है इसके खिलाफ आइसा पूरे प्रदेश भर में आंदोलन को मजबूत करते हुए भारतीय संविधान और लोकतंत्र के समक्ष मौजूद फासीवादी चुनौतियां को खत्म करेगा। 

   बैठक में विश्वविद्यालय परिसर में जातिगत भेदभाव के बढ़ते मामले के खिलाफ यूजीसी के रेगुलेशन को रोहित एक्ट की तर्ज पर लागू करने तथा भाजपा सरकार द्वारा लाया जा रहे विकसित भारत शिक्षा अधिष्टान बिल के खिलाफ अभियान लेते हुए यूजीसी और सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था को बचाने की लड़ाई को आगे बढ़ाने का हैं।

आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: सज्ञान,डीजीपी से 5 दिन में मांगी रिपोर्ट
*महिला आयोग अध्यक्ष बोलीं,व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर आघात

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र निवासिनी शिवानी पांडेय(21) की कथित आनर किलिंग मामले में राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत:संज्ञान लिया है।शिवानी की हत्या उसके पिता व भाई ने कथित तौर पर प्रेमी से शादी करने के कारण किया था।आयोग ने इस घटना पर कड़ी नाराजगी व्यक्त किया है।यह घटना पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा की है।आरोप है कि शिवानी के पिता चंद्र प्रकाश पाण्डेय व भाई राहुल पाण्डेय ने उसे करंट लगाकर और मारपीट कर मौत के घाट उतार दिया था।राष्ट्रीय महिला आयोग ने उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को पत्र भेजकर मामले में विस्तृत कार्रवाई रिपोर्ट पांच दिन के भीतर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है।आयोग ने निष्पक्ष व समयबद्ध जांच,दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा आनर आधारित हिंसा की रोकथाम के लिए प्रभावी कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है।आयोग ने अपने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर इस घटना को अत्यंत भयावह और अमानवीय बताया।आयोग के अनुसार,अपनी पसंद से विवाह करने के निर्णय के कारण युवती की हत्या,महिला के जीवन,गरिमा, समानता और व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर गंभीर आघात है।राष्ट्रीय महिला आयोग ने इस जघन्य अपराध की कड़ी निंदा की है और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य सरकारों को ऐसी घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।वरिष्ठ अधिवक्ता व सिविल बार की पूर्व उपाध्यक्ष संतोष ओझा ने इस घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं समाज में गलत संदेश देती हैं और इन पर रोक लगनी चाहिए।श्रीमती ओझा ने राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा स्वत: संज्ञान लेने को एक गंभीर कदम बताया और सरकार से जागरूकता अभियान चलाने का अनुरोध किया।उन्होंने कहा, मैं समझती हूँ कि अब राष्ट्रीय महिला आयोग द्वारा संज्ञान लिए जाने के बाद इसमें उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा आरोपियों को कड़ी सजा दिलाए जाने को लेकर कोर्ट में तीव्र और सख्त पैरवी की जाएगी।