ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।
छपवा चौक में अत्याधुनिक ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर का भव्य उद्घाटन

सुगौली... पूर्वी चंपारण जिले के छपवा चौक स्थित छपवा-सुगौली रोड में रविवार को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस “ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर” का भव्य उद्घाटन बिहार सरकार के मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी एवं अनन्या गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सेंटर के प्रोप्राइटर केदार कुमार ने मुख्य अतिथि ललन सहनी को अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद अतिथियों ने सेंटर में उपलब्ध डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं अन्य जांच सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ललन सहनी ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आधुनिक जांच केंद्र खुलने से आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से लैस ऐसे संस्थान स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की पहचान आसान होती है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है। क्षेत्र में इस तरह की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत और खुशी की बात है। उद्घाटन समारोह के दौरान पारस लाल साह, महावीर प्रसाद, संदीप मिश्रा, डॉ. असगर अली, दशरथ प्रसाद, रामाज्ञा साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने सेंटर संचालक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं स्थानीय लोगों ने सेंटर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसे एक सकारात्मक पहल बताया।
समरस फाउंडेशन ने किया गौरव उमेश तिवारी का सम्मान

मुंबई। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज सोइथा, जौनपुर के ब्लॉक प्रमुख डॉ उमेश तिवारी के सुपुत्र गौरव तिवारी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, रामकृपाल शर्मा, पूरव गांधी,अनिल कनौजिया तथा शमशाद भाई उपस्थित रहे। देहरादून से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद गौरव तिवारी मुंबई में Waaree RTL में एसोसिएट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
थाना कौड़िया पुलिस द्वारा 02 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी सदर कर्नलगंज श्री अभिषेक दवाच्यॉ के नेतृत्व में थाना कौड़िया पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-129/2026 धारा 115(2),351(3),352,109(1),103(1) बीएनएस से सम्बन्धित 02 आरोपी अभियुक्तों-01. ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ दद्दन पाण्डेय पुत्र मलखान पाण्डेय, 02. उपेन्द्र पाण्डेय पुत्र राधेश्याम पाण्डेय निवासीगण बिछूूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा को गुदगुदिया रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक 23.05.2026 को वादी अतुल पुत्र चन्दन उर्फ मेवाराम यादव निवासी ग्राम आमाडीह मौजा तेलियाकोट थाना कौड़िया जनपद गोण्डा द्वारा थाना कौड़िया पर लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 23.05.2026 को समय करीब 05ः00 बजे शाम को वादी अपने बाबा कन्हैयालाल पुत्र स्व0 दुखी के साथ ग्राम इमलियाछीटू नहर पुलिया स्थित अपने मड़हा के पास खेत में भैंस चरा रहा था तथा उसकी माता हेनम देवी खेत में घास छील रही थीं। इसी दौरान पूर्व के पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर विपक्षीगण 1. ओमप्रकाश उर्फ दद्दन पाण्डे पुत्र मलखान पाण्डे तथा 2. उपेन्द्र पाण्डे पुत्र राधेश्याम पाण्डे निवासीगण ग्राम बिछूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा मौके पर आए और वादी पक्ष के लोगों को गाली-गलौज देने लगे। वादी के पिता द्वारा गाली देने से मना करने पर विपक्षीगण उत्तेजित होकर पास में खेत में लगी बांस की बल्ली एवं लाठी-डण्डा उठाकर वादी के पिता को मारने-पीटने लगे। शोर सुनकर जब वादी, उसकी माता तथा बाबा कन्हैयालाल बीच-बचाव करने पहुंचे तो विपक्षीगण द्वारा हम  लोगों पर भी हमला कर दिया गया। जिसमें कन्हैयालाल पुत्र स्व0 दुखी को गंभीर चोटें आयीं, जिन्हें चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया  है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना कौड़िया में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें थाना कौड़िया पुलिस द्वारा आज दिनांक 24.05.2026 को घटना कारित करने के 02 आरोपी अभियुक्तों-01. ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ दद्दन पाण्डेय पुत्र मलखान पाण्डेय, 02. उपेन्द्र पाण्डेय पुत्र राधेश्याम पाण्डेय निवासीगण बिछूूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा को गुदगुदिया रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना कौड़िया पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
परिवार परामर्श केन्द्र में 01 जोड़ा एक साथ रहने को हुए राजीः-
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछडे जोड़ों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 01 जोड़े को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थिति सदस्यगण

शशि कुमार भारती, राम मंगल मौर्या,  यशोदानन्दन त्रिपाठी,  उमा सिंह, अनीता यादव (प्रभारी निरीक्षक महिला थाना), उ0नि0बृजेश चौबे, म0आ0 शाहिना बानो, म0आ0 नितांशी शुक्ला आदि उपस्थित रही।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
गर्मी पर भारी पड़ा आस्था का संकल्प,सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्रों की तीन घंटे चली सफाई मुहिम
सुलतानपुर:-भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद गोमती मित्रों का सेवा संकल्प डिगा नहीं,रविवार को गोमती मित्र मण्डल के सदस्यों ने सीताकुण्ड धाम पर अपना साप्ताहिक श्रमदान अभियान पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा,भारी तपन के बीच गोमती मित्रों ने लगातार तीन घंटे तक पूरे परिसर और सीता उपवन की सफाई की।
अभियान के दौरान न केवल तट व परिसर को चमकाया बल्कि नदी के भीतर प्रवेश कर भारी मात्रा में कूड़ा-करकट, प्लास्टिक,फटे कपड़े और सड़ रही पूजन सामग्री को बाहर निकाल उसे एकत्रित कर उचित निस्तारण के लिए भेजा गया।
वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि मौसम चाहे जैसा भी हो प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में आदि गंगा माँ गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने का उनका यह संकल्प रुकता नहीं है।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, सेनजीत कसौधन, डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अरुण गुप्ता,मुन्ना सोनी,विकास यादव,सौरभ गुप्ता, अजीत शर्मा, राकेश मिश्रा,विकास शर्मा,मुन्ना पाठक,अजय प्रताप सिंह,अभय मिश्रा,अभय सोनी,रामू सोनी,राकेश सिंह दद्दू,ऋतिक आदि उपस्थित रहे।
महिला की मौत के बाद जिला अधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की टीम, निजी चिकित्सालय को कराया सील, जॉच शुरू
फर्रुखाबाद l जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। 23 मई, 2026 को एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा, फतेहगढ़ में उपचार के दौरान एक महिला मरीज श्वेता पत्नी अश्वनी निवासी ग्राम राजेपुर, थाना राजेपुर की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश  पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर (सी०ओ० सिटी) के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें, किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
ब्राह्मण मान चाहता है अपमान नहीं : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष

लखनऊ। ब्राह्मण न हुआ जैसे ठोल नगाड़ा हो गया जिसको देखो आजकल बजाने लग गया। वो भी लगे हैं ब्राह्मणों के खिलाफ आवाज उठाने जो न जाए मजदूरी पर तो रोटी भी न मिले खाने को। शास्त्र हमें सिखाता है अति होने तक सहते रहना वही शस्त्र सिखाता है।

अति होने पर शस्त्र उठाना जिस दिन उठ गया शस्त्र तुम कुछ न कह पाओगे इसलिए प्रेम से रहो तो सब जीत जाओगे ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने सपा प्रवक्ता मनोज यादव के उस बयान पर कही जिसमें कहा था कि " जितना उनका( ब्राह्मण) का खर्च नहीं होता होगा उससे ज्यादा दान दे दे ते है" राजा भैया का सीधा बयान सनातन अगर कमजोर हुआ तो संविधान भी नहीं रहेगा का मै भी समर्थन करता हू। सनातन हमारी संस्कृति,हमारी पहचान और हमारी आत्मा है। यही हमें जोड़ता है, संस्कार देता है और एक सहेजी दिशा देता है। इसे मजबूत रखना हम सब की जिम्मेदारी है। सनातन रहेगा,तो संस्कार रहेंगे संस्कार रहेंगे तो संविधान रहेगा ।

राजा भैया  ने जो कहा सच कहा इन जय भीम वाले को कैसे समझाया जाए आरक्षण से नौकरी तो मिल जाएगी पर बुद्धि कहा से लाए । जातीय जनगणना स्वीकार करने के बाद जो पार्टी अपने माथे से सवर्ण की पार्टी होने का टैग हटाने के लिए फुले,और पेरियार के सामने शीर्षासन और मुर्गासन कर सकती है दलित हितैषी बनने के लिए माननीय सुप्रीम कोर्ट के सुझाओ को दरकिनार कर के एससीएसटी एक्ट में धारा 18 ए जोड़ सकती है यूजीसी जैसे घटिया रेगुलेशन ला सकती है उसके बारे में आप इतने विश्वास से नहीं बोल सकते कि कल  अगर इनका वोट बैंक प्रभावित हुआ तो वह मोहम्मद साहब को अपना बाप नहीं बनायेंगे।
छपवा चौक में अत्याधुनिक ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर का भव्य उद्घाटन

सुगौली... पूर्वी चंपारण जिले के छपवा चौक स्थित छपवा-सुगौली रोड में रविवार को अत्याधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं से लैस “ज्योति डिजिटल एक्स-रे एंड ईसीजी सेंटर” का भव्य उद्घाटन बिहार सरकार के मछुआरा आयोग के अध्यक्ष ललन सहनी एवं अनन्या गुप्ता द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया। उद्घाटन समारोह को लेकर क्षेत्र में उत्साह का माहौल देखने को मिला तथा बड़ी संख्या में स्थानीय लोग एवं गणमान्य नागरिक कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सेंटर के प्रोप्राइटर केदार कुमार ने मुख्य अतिथि ललन सहनी को अंगवस्त्र एवं फूलों का गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया। इसके बाद अतिथियों ने सेंटर में उपलब्ध डिजिटल एक्स-रे, ईसीजी एवं अन्य जांच सुविधाओं का निरीक्षण किया तथा इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए अध्यक्ष ललन सहनी ने कहा कि वर्तमान समय में स्वास्थ्य सेवाओं का आधुनिकीकरण बेहद जरूरी हो गया है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण एवं कस्बाई क्षेत्रों में आधुनिक जांच केंद्र खुलने से आम लोगों को काफी सहूलियत मिलेगी। अब मरीजों को छोटी-छोटी जांच के लिए दूर शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक से लैस ऐसे संस्थान स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि समय पर सही जांच और उपचार से गंभीर बीमारियों की पहचान आसान होती है, जिससे मरीजों को बेहतर इलाज मिल पाता है। क्षेत्र में इस तरह की सुविधा शुरू होना स्थानीय लोगों के लिए राहत और खुशी की बात है। उद्घाटन समारोह के दौरान पारस लाल साह, महावीर प्रसाद, संदीप मिश्रा, डॉ. असगर अली, दशरथ प्रसाद, रामाज्ञा साह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने सेंटर संचालक को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह संस्थान क्षेत्र के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान देगा। कार्यक्रम के अंत में अतिथियों एवं स्थानीय लोगों ने सेंटर के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में इसे एक सकारात्मक पहल बताया।
समरस फाउंडेशन ने किया गौरव उमेश तिवारी का सम्मान

मुंबई। मुंबई की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था समरस फाउंडेशन द्वारा आज सोइथा, जौनपुर के ब्लॉक प्रमुख डॉ उमेश तिवारी के सुपुत्र गौरव तिवारी का सम्मान किया गया। इस अवसर पर संस्था के चेयरमैन डॉ किशोर सिंह, महासचिव वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, उपाध्यक्ष मानिकचंद यादव, रामकृपाल शर्मा, पूरव गांधी,अनिल कनौजिया तथा शमशाद भाई उपस्थित रहे। देहरादून से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने के बाद गौरव तिवारी मुंबई में Waaree RTL में एसोसिएट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं।
एस जयशंकर ने उठाया यूएस वीजा का मुद्दा, रुबियो ने कहा- नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए

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दिल्ली के हैदराबाद हाउस में विदेश मंत्री एस जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के बीच बैठक हुई। एस. जयशंकर ने रविवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के सामने यूएस वीजा का मुद्दा उठाया और होने वाली परेशानियों से अवगत कराया। जिस पर मार्को रुबियो ने कहा कि ये नियम भारत को निशाना बनाकर नहीं बनाए गए हैं।

एस जयशंकर ने कहा कि हमारे संबंधों का आधार जन-संबंध हैं। मैंने विदेश मंत्री रुबियो को वैध यात्रियों को वीजा जारी करने में आने वाली चुनौतियों से अवगत कराया। हालांकि, हम अवैध और अनियमित आवागमन से निपटने के लिए सहयोग कर रहे हैं, लेकिन हमारी अपेक्षा है कि इससे वैध आवागमन पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। आखिरकार यह हमारे व्यापार, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान सहयोग के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

भारत को सबसे खास रणनीतिक साझेदार बताया

द्विपक्षीय बातचीत के दौरान जयशंकर ने जैसे ही वीजा का मुद्दा उठाया, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि 'यह पाबंदियां या कड़े नियम भारत को टारगेट करके नहीं बनाए गए हैं। यह एक ऐसी प्रणाली है जिसे वैश्विक स्तर पर लागू किया जा रहा है। लेकिन हम संक्रमण काल से गुजर रहे हैं और किसी भी संक्रमण काल की तरह, इस राह में कुछ बाधाएं तो आएंगी ही। इसके साथ ही रुबियो ने भारत को अमेरिका का सबसे खास और रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर चल रही अटकलों पर भी विराम लगा दिया।

भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं- रुबियो

रुबियो ने कई क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की संभावना भी जताई है। रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और यही साझा लोकतांत्रिक आधार दोनों देशों के मजबूत सहयोग की नींव है। उनके मुताबिक दोनों देशों के कई साझा हित हैं, जिन पर मिलकर काम करना स्वाभाविक और आवश्यक है। अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत-अमेरिका संबंधों को बहाल करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि यह साझेदारी पहले से ही बेहद मजबूत और ठोस है। उन्होंने कहा कि अब लक्ष्य इस रिश्ते को और आगे ले जाने तथा नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का है.

व्यापार समझौते पर हुई बातचीत

इस बैठक में सिर्फ वीजा ही नहीं, बल्कि कई और बड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। भारत और अमेरिका के बीच जल्द से जल्द बड़े व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने पर बातचीत आगे बढ़ी। विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि 'हमने पश्चिम एशिया, भारतीय उपमहाद्वीप और पूर्वी एशिया की स्थिति पर चर्चा की। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा क्षेत्र में भारत और अमेरिका के बीच हालिया सहयोग का स्वागत किया गया।

अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
थाना कौड़िया पुलिस द्वारा 02 हत्याभियुक्तों को किया गया गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*
गोण्डा। पुलिस अधीक्षक श्री विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी सदर कर्नलगंज श्री अभिषेक दवाच्यॉ के नेतृत्व में थाना कौड़िया पुलिस टीम द्वारा थाना स्थानीय पर पंजीकृत मु0अ0सं0-129/2026 धारा 115(2),351(3),352,109(1),103(1) बीएनएस से सम्बन्धित 02 आरोपी अभियुक्तों-01. ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ दद्दन पाण्डेय पुत्र मलखान पाण्डेय, 02. उपेन्द्र पाण्डेय पुत्र राधेश्याम पाण्डेय निवासीगण बिछूूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा को गुदगुदिया रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
दिनांक 23.05.2026 को वादी अतुल पुत्र चन्दन उर्फ मेवाराम यादव निवासी ग्राम आमाडीह मौजा तेलियाकोट थाना कौड़िया जनपद गोण्डा द्वारा थाना कौड़िया पर लिखित तहरीर दी गयी कि दिनांक 23.05.2026 को समय करीब 05ः00 बजे शाम को वादी अपने बाबा कन्हैयालाल पुत्र स्व0 दुखी के साथ ग्राम इमलियाछीटू नहर पुलिया स्थित अपने मड़हा के पास खेत में भैंस चरा रहा था तथा उसकी माता हेनम देवी खेत में घास छील रही थीं। इसी दौरान पूर्व के पैसों के लेन-देन के विवाद को लेकर विपक्षीगण 1. ओमप्रकाश उर्फ दद्दन पाण्डे पुत्र मलखान पाण्डे तथा 2. उपेन्द्र पाण्डे पुत्र राधेश्याम पाण्डे निवासीगण ग्राम बिछूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा मौके पर आए और वादी पक्ष के लोगों को गाली-गलौज देने लगे। वादी के पिता द्वारा गाली देने से मना करने पर विपक्षीगण उत्तेजित होकर पास में खेत में लगी बांस की बल्ली एवं लाठी-डण्डा उठाकर वादी के पिता को मारने-पीटने लगे। शोर सुनकर जब वादी, उसकी माता तथा बाबा कन्हैयालाल बीच-बचाव करने पहुंचे तो विपक्षीगण द्वारा हम  लोगों पर भी हमला कर दिया गया। जिसमें कन्हैयालाल पुत्र स्व0 दुखी को गंभीर चोटें आयीं, जिन्हें चिकित्सक द्वारा मृत घोषित कर दिया गया  है। वादी की लिखित तहरीर के आधार पर थाना कौड़िया में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया। जिसमें थाना कौड़िया पुलिस द्वारा आज दिनांक 24.05.2026 को घटना कारित करने के 02 आरोपी अभियुक्तों-01. ओमप्रकाश पाण्डेय उर्फ दद्दन पाण्डेय पुत्र मलखान पाण्डेय, 02. उपेन्द्र पाण्डेय पुत्र राधेश्याम पाण्डेय निवासीगण बिछूूड़ी थाना कौड़िया जनपद गोण्डा को गुदगुदिया रेलवे क्रासिंग के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना कौड़िया पुलिस द्वारा अग्रिम विधिक कार्यवाही कर माननीय न्यायालय रवाना किया गया।
परिवार परामर्श केन्द्र में 01 जोड़ा एक साथ रहने को हुए राजीः-
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछडे जोड़ों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 01 जोड़े को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थिति सदस्यगण

शशि कुमार भारती, राम मंगल मौर्या,  यशोदानन्दन त्रिपाठी,  उमा सिंह, अनीता यादव (प्रभारी निरीक्षक महिला थाना), उ0नि0बृजेश चौबे, म0आ0 शाहिना बानो, म0आ0 नितांशी शुक्ला आदि उपस्थित रही।
शहीद करतार सिंह सराभा की 129वीं जयंती पर जदयू प्रबुद्ध प्रकोष्ठ ने दी श्रद्धांजलि

_"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव" - यही था उनका जीवन मंत्र_

*सुलतानपुर*। 24 मई 1896 को लुधियाना के सराभा गांव में जन्मे *शहीद करतार सिंह सराभा* का जीवन देशभक्ति और बलिदान का पर्याय है। जदयू उत्तर प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष, प्रबुद्ध प्रकोष्ठ *श्री ओम प्रकाश उपाध्याय* ने उनके 129वें जन्मदिवस पर उन्हें नमन करते हुए कहा कि आज के युवाओं को सराभा जी के आदर्शों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

*अमेरिका में जगाया क्रांति का अलख*
1912 में उच्च शिक्षा के लिए अमेरिका गए करतार सिंह सराभा को वहां भारतीयों के साथ हो रहे नस्लीय भेदभाव ने भीतर तक झकझोर दिया। उन्होंने देखा कि जो भारतीय ब्रिटिश साम्राज्य के लिए लड़ रहे हैं, उसी साम्राज्य के देश में उन्हें "दूसरे दर्जे का नागरिक" समझा जाता है। इसी आक्रोश ने उन्हें *गदर पार्टी* से जोड़ दिया।

1913 में गठित गदर पार्टी के वे सबसे युवा और सक्रिय नेता बने। *"गदर" पत्रिका* का संपादन करते हुए उन्होंने पंजाबी, हिंदी और उर्दू में क्रांतिकारी लेख लिखे। उनके लेखों का नारा था - *"हिंदुस्तान आजाद होकर रहेगा"*।

*19 साल की उम्र में फांसी का फंदा चूमा*
1914 में प्रथम विश्व युद्ध शुरू होते ही सराभा जी भारत लौट आए। उनका लक्ष्य था - ब्रिटिश सेना के भारतीय सैनिकों को विद्रोह के लिए तैयार करना। उन्होंने पंजाब के गाँव-गाँव में जाकर किसानों और सैनिकों को अंग्रेजों के खिलाफ एकजुट किया।

लेकिन अंग्रेजों की गुप्तचर एजेंसी ने उनके साथियों को बहला-फुसलाकर उनकी योजना लीक करवा दी। 1915 में ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। महज *19 वर्ष की आयु* में 16 नवंबर 1915 को लाहौर सेंट्रल जेल में उन्हें फांसी दे दी गई।

फांसी से पहले भी उनके चेहरे पर कोई भय नहीं था। वे अक्सर ये पंक्तियां गुनगुनाते थे:
> _"शेष कटाए भूमि धरे, तापे राखे पांव। 
> ऐसा हो तो आओ करतार सिंह सराभा।"_

*भगत सिंह के आदर्श और गुरु*
सरदार भगत सिंह ने सराभा जी को अपना *आदर्श और गुरु* माना था। भगत सिंह ने अपने लेखों में लिखा था कि सराभा जी का बलिदान ही उनके क्रांतिकारी जीवन की प्रेरणा बना।

*ओम प्रकाश उपाध्याय जी ने कहा*: "आज कुछ लोग कहते हैं कि 'दे दी हमें आज़ादी बिना खड़क बिना ढाल, साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल'। लेकिन सच ये है कि आजादी करतार सिंह सराभा, भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद जैसे हजारों क्रांतिकारियों के खून और बलिदान से मिली है। इतिहास में उनका नाम स्वर्ण अक्षरों में लिखा जाएगा।"

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सराभा जी के आदर्शों पर चलकर देश की एकता और अखंडता के लिए काम करें।
गर्मी पर भारी पड़ा आस्था का संकल्प,सीताकुण्ड धाम पर गोमती मित्रों की तीन घंटे चली सफाई मुहिम
सुलतानपुर:-भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप के बावजूद गोमती मित्रों का सेवा संकल्प डिगा नहीं,रविवार को गोमती मित्र मण्डल के सदस्यों ने सीताकुण्ड धाम पर अपना साप्ताहिक श्रमदान अभियान पूरी निष्ठा के साथ जारी रखा,भारी तपन के बीच गोमती मित्रों ने लगातार तीन घंटे तक पूरे परिसर और सीता उपवन की सफाई की।
अभियान के दौरान न केवल तट व परिसर को चमकाया बल्कि नदी के भीतर प्रवेश कर भारी मात्रा में कूड़ा-करकट, प्लास्टिक,फटे कपड़े और सड़ रही पूजन सामग्री को बाहर निकाल उसे एकत्रित कर उचित निस्तारण के लिए भेजा गया।
वरिष्ठ पदाधिकारी राजेश पाठक ने बताया कि मौसम चाहे जैसा भी हो प्रदेश अध्यक्ष मदन सिंह के नेतृत्व में आदि गंगा माँ गोमती को स्वच्छ और निर्मल बनाने का उनका यह संकल्प रुकता नहीं है।
श्रमदान में प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन,प्रवक्ता रमेश माहेश्वरी, सेनजीत कसौधन, डॉ कुंवर दिनकर प्रताप सिंह,अरुण गुप्ता,मुन्ना सोनी,विकास यादव,सौरभ गुप्ता, अजीत शर्मा, राकेश मिश्रा,विकास शर्मा,मुन्ना पाठक,अजय प्रताप सिंह,अभय मिश्रा,अभय सोनी,रामू सोनी,राकेश सिंह दद्दू,ऋतिक आदि उपस्थित रहे।
महिला की मौत के बाद जिला अधिकारी ने नगर मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में गठित की टीम, निजी चिकित्सालय को कराया सील, जॉच शुरू
फर्रुखाबाद l जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता, मरीजों की सुरक्षा तथा निजी चिकित्सालयों के संचालन में निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा सतत निरीक्षण एवं निगरानी की कार्रवाई की जा रही है। 23 मई, 2026 को एस०एस० हॉस्पिटल, निकट मसेनी चौराहा, फतेहगढ़ में उपचार के दौरान एक महिला मरीज श्वेता पत्नी अश्वनी निवासी ग्राम राजेपुर, थाना राजेपुर की मृत्यु की सूचना प्राप्त हुई। प्रकरण को जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर द्वारा गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए तत्काल जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश प्रदान किए गए।
जिलाधिकारी के निर्देश  पर सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया, जिसमें क्षेत्राधिकारी नगर (सी०ओ० सिटी) के साथ कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी से उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ० आर०सी० माथुर एवं डॉ० दीपक कटारिया सहित अन्य संबंधित अधिकारी सम्मिलित रहे। संयुक्त टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर एस०एस० हॉस्पिटल का गहन निरीक्षण एवं अभिलेखों की जांच की गई।
निरीक्षण के दौरान चिकित्सालय की ऑपरेशन थियेटर (ओ०टी०) में आवश्यक व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गईं। इसके अतिरिक्त मृतका की बी०एच०टी० फाइल अपूर्ण पाई गई तथा मरीज के उपचार संबंधी अभिलेखों में भी आवश्यक प्रविष्टियां एवं चिकित्सकीय विवरण संतोषजनक रूप से उपलब्ध नहीं मिले। जांच के दौरान चिकित्सालय के संचालन में विभिन्न अनियमितताएं परिलक्षित हुईं तथा चिकित्सालय का संचालन शासन द्वारा निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुरूप न पाए जाने पर संयुक्त टीम द्वारा तत्काल प्रभाव से एस०एस० हॉस्पिटल को सील कर दिया गया।
जांच टीम द्वारा चिकित्सालय में उपलब्ध दस्तावेजों, उपचार संबंधी अभिलेखों तथा अन्य आवश्यक साक्ष्यों को सुरक्षित करते हुए विस्तृत जांच प्रारंभ कर दी गई है। प्रकरण में संबंधित चिकित्सालय प्रबंधन एवं उत्तरदायी व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार अग्रिम विधिक एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जा रही है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि जनपद में संचालित समस्त निजी चिकित्सालयों, नर्सिंग होम एवं क्लीनिकों को शासन द्वारा निर्धारित मानकों, चिकित्सकीय प्रोटोकॉल एवं मरीजों की सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित करना अनिवार्य है। किसी भी स्तर पर लापरवाही, मानकों की अनदेखी अथवा अवैध संचालन पाए जाने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की है कि उपचार हेतु पंजीकृत एवं मान्यता प्राप्त चिकित्सालयों में ही चिकित्सा सेवाएं प्राप्त करें, किसी भी प्रकार की चिकित्सकीय अनियमितता की सूचना तत्काल स्वास्थ्य विभाग अथवा जिला प्रशासन को उपलब्ध कराएं, जिससे समय रहते प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।