पश्चिम बंगाल की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथ
* भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नेता, कल ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण
कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक में उनके नाम के समर्थन में कुल आठ प्रस्ताव आए।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। अमित शाह ने औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। घोषणा के बाद बैठक स्थल पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया और शुभेंदु अधिकारी को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
बैठक में भाजपा नेतृत्व ने आगामी राजनीतिक रणनीति और राज्य में सरकार गठन को लेकर भी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी कल सुबह 11 बजे ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बिक्री के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन  सांसद को दिया
फर्रुखाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जिस में दवा की  ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग उठाई गई l साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित कर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दवाओं कीऑनलाइन बिक्री के चलते दुकानदारों को खाते का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा अन्य और भी समस्याएं हैं विभिन्न तरीके से दवा विक्रेताओं को परेशान किया जाता है कभी किसी धारा को लेकर तो कभी किसी जीआरएस को लेकर दवा विक्रेताओं का मानसिक उत्पीड़न  किया जाता है  जो बंद होना चाहिए।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 20 मई को संगठन के बैनर तले दवा व्यवसाय पूरी तरह से देश स्तर पर बंद रहेगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रवि शंकर चौहान मंत्री मनोज मिश्रा रजनीश कटियार, मोहित चौहान,कुनाल मोहित चौहान, प्रशांत शाक्य,सूरज यादव प्रदीप सिंह,अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय,आदि शामिल रहे।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
पश्चिम बंगाल की कमान शुभेंदु अधिकारी के हाथ
* भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से चुने गए नेता, कल ब्रिगेड ग्राउंड में होगा शपथ ग्रहण
कोलकाता। शुभेंदु अधिकारी को पश्चिम बंगाल भाजपा विधायक दल का नेता चुन लिया गया है। पार्टी की महत्वपूर्ण बैठक में उनके नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगी। इसके साथ ही शुभेंदु अधिकारी के पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री बनने का रास्ता साफ हो गया है।
भाजपा विधायक दल की बैठक में समिक भट्टाचार्य ने शुभेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसका सभी विधायकों ने समर्थन किया। बैठक में उनके नाम के समर्थन में कुल आठ प्रस्ताव आए।
बैठक में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर्यवेक्षक के रूप में मौजूद रहे। अमित शाह ने औपचारिक रूप से शुभेंदु अधिकारी के नाम का ऐलान किया। घोषणा के बाद बैठक स्थल पर उत्साह का माहौल दिखाई दिया और शुभेंदु अधिकारी को फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया गया।
बैठक में भाजपा नेतृत्व ने आगामी राजनीतिक रणनीति और राज्य में सरकार गठन को लेकर भी चर्चा की। पार्टी नेताओं ने शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में नई राजनीतिक दिशा मिलने की उम्मीद जताई।
सूत्रों के अनुसार, शुभेंदु अधिकारी कल सुबह 11 बजे ब्रिगेड ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। समारोह में भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है।
ड्रगिस्ट एसोसिएशन ने ऑनलाइन बिक्री के विरोध में स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन  सांसद को दिया
फर्रुखाबाद। केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने सांसद मुकेश राजपूत के निवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जिस में दवा की  ऑनलाइन बिक्री बंद करने की मांग उठाई गई l साथ ही आगामी 20 मई को होने वाले देशव्यापी बंद की अग्रिम सूचना दी।
स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित कर दिए गए ज्ञापन में कहा गया कि दवाओं कीऑनलाइन बिक्री के चलते दुकानदारों को खाते का सामना करना पड़ रहा है इसके अलावा अन्य और भी समस्याएं हैं विभिन्न तरीके से दवा विक्रेताओं को परेशान किया जाता है कभी किसी धारा को लेकर तो कभी किसी जीआरएस को लेकर दवा विक्रेताओं का मानसिक उत्पीड़न  किया जाता है  जो बंद होना चाहिए।
ज्ञापन में अवगत कराया है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आगामी 20 मई को संगठन के बैनर तले दवा व्यवसाय पूरी तरह से देश स्तर पर बंद रहेगा। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रवि शंकर चौहान मंत्री मनोज मिश्रा रजनीश कटियार, मोहित चौहान,कुनाल मोहित चौहान, प्रशांत शाक्य,सूरज यादव प्रदीप सिंह,अनिल सक्सेना, अनुपम पांडेय,आदि शामिल रहे।
09-10 मई को होगी प्रवक्ता संवर्ग भर्ती परीक्षा, 4.64 लाख अभ्यर्थी होंगे शामिल
* 17 जिलों के 319 केंद्रों पर एआई निगरानी में परीक्षा, नकल माफियाओं पर होगी सख्त कार्रवाई
प्रयागराज / लखनऊ।
उ०प्र० शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज द्वारा विज्ञापन संख्या 02/2022 के अंतर्गत प्रवक्ता संवर्ग के 18 विषयों के कुल 624 पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा 09 एवं 10 मई 2026 को आयोजित की जाएगी। परीक्षा दो पालियों में होगी, जिसमें कुल 4,64,605 पंजीकृत अभ्यर्थी शामिल होंगे।
आयोग के अध्यक्ष डॉ. प्रशांत कुमार ने बताया कि 17 जनपदों के 319 परीक्षा केंद्रों पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों के सभी कक्षों एवं महत्वपूर्ण स्थलों को एआई आधारित सीसीटीवी कैमरों से लैस किया गया है, जिनकी निगरानी जिला कंट्रोल रूम और आयोग के अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कंट्रोल कमांड रूम से की जाएगी।
उन्होंने बताया कि प्रत्येक जनपद में विशेष प्रेक्षक नियुक्त किए गए हैं। जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधिकारी एवं निगरानी टीमें परीक्षा केंद्रों का लगातार निरीक्षण करेंगी। परीक्षा केंद्रों के आसपास निषेधाज्ञा लागू रहेगी तथा पर्याप्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे। आयोग ने स्पष्ट किया कि नकल माफियाओं एवं परीक्षा की शुचिता प्रभावित करने वालों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
09 मई को प्रथम पाली में भौतिक विज्ञान, जीव विज्ञान, गृह विज्ञान, इतिहास एवं शिक्षाशास्त्र सहित छह विषयों तथा द्वितीय पाली में अंग्रेजी, कृषि, वाणिज्य एवं समाजशास्त्र सहित चार विषयों की परीक्षा होगी। वहीं 10 मई को प्रथम पाली में नागरिक शास्त्र, गणित, अर्थशास्त्र, संस्कृत एवं मनोविज्ञान सहित पांच विषयों तथा द्वितीय पाली में रसायन विज्ञान, भूगोल, हिन्दी एवं कला सहित चार विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी।
डॉ. प्रशांत कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल फोन सहित किसी भी प्रकार की इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी। एआई तकनीक की मदद से ऐसे संदिग्ध अभ्यर्थियों की पहचान भी की गई है, जिन्होंने अलग-अलग फोटो अथवा नामों से आवेदन किया है। ऐसे परीक्षार्थियों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
पारदर्शिता बढ़ाने के लिए लखनऊ मंडल के 10 परीक्षा केंद्रों पर ओएमआर उत्तर पत्रकों की स्कैनिंग का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जा रहा है। इसके तहत परीक्षा समाप्त होने के तुरंत बाद परीक्षा कक्ष में ही कक्ष निरीक्षकों और अभ्यर्थियों की उपस्थिति में ओएमआर शीट स्कैन की जाएगी और डेटा सुरक्षित किया जाएगा।
आयोग अध्यक्ष ने अभ्यर्थियों से समय से परीक्षा केंद्र पहुंचने तथा प्रवेश पत्र में दिए गए निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि अभ्यर्थी किसी भी अफवाह या भ्रामक सूचना से बचें और आयोग की आधिकारिक वेबसाइट एवं एक्स हैंडल पर जारी सूचनाओं पर ही भरोसा करें।
आयोग ने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः निष्पक्ष, पारदर्शी और शुचितापूर्ण ढंग से कराने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। परीक्षा में अनुचित साधनों के प्रयोग पर उ०प्र० सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों का निवारण) अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
योगी सरकार का डिजिटल दुग्ध मॉडल: मोबाइल एप से जुड़ेंगी गांव की महिलाएं
* 10 जिलों में ‘सामर्थ्य साथी’ एप के जरिए रोजाना 4 लाख लीटर दूध कारोबार होगा हाईटेक
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अब तकनीक आधारित दुग्ध व्यापार मॉडल लागू कर रही है। अवध क्षेत्र और आसपास के 10 जिलों में कार्यरत ‘सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी’ के माध्यम से महिलाएं अब मोबाइल एप के जरिए दुग्ध उत्पादन, संग्रहण और भुगतान व्यवस्था का संचालन करेंगी। इस पहल से प्रतिदिन चार लाख लीटर से अधिक दूध के कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जा रहा है।
सरकार के अनुसार इस नेटवर्क से अब तक सवा लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ा जा चुका है। महिलाएं न केवल दुग्ध उत्पादन कर रही हैं, बल्कि अब तकनीकी प्रबंधन, भुगतान निगरानी और डिजिटल रिकॉर्ड संचालन की जिम्मेदारी भी संभालेंगी।

* गांव-गांव बने दुग्ध संग्रह केंद्र
सामर्थ्य दुग्ध उत्पादक कंपनी द्वारा गांव स्तर पर दुग्ध संग्रह केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनका संचालन स्वयं महिलाएं कर रही हैं। इन केंद्रों पर किसानों से उचित मूल्य पर दूध खरीदा जा रहा है। इससे ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला है और पशुपालकों को भी बाजार की अनिश्चितताओं से राहत मिली है।
सरकार ने भुगतान व्यवस्था को भी पूरी तरह पारदर्शी बनाया है। महिला दुग्ध उत्पादकों को हर 10 दिन के अंतराल पर महीने में तीन बार सीधे बैंक खातों में भुगतान किया जाता है, जिससे बिचौलियों की भूमिका लगभग समाप्त हो गई है।

* इन जिलों में तैयार हुआ नेटवर्क
लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर में महिलाओं का बड़ा दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है।

* 'सामर्थ्य साथी’ एप से मिलेगा हर जानकारी का अपडेट
दुग्ध कारोबार को डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप शुरू किया गया है। इस एप के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी जानकारियां उपलब्ध कराई जाएंगी। महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है, ताकि वे तकनीक का बेहतर उपयोग कर सकें।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से महिलाओं का भरोसा बढ़ा है। अब वे केवल पशुपालन तक सीमित नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डेटा, भुगतान और रिकॉर्ड प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभाल रही हैं। सरकार की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी को मजबूत करने के साथ ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को भी नई दिशा दे रही है।
निपुण भारत मिशन से मजबूत हो रही उत्तर प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था
* मंत्री संदीप सिंह बोले— हर बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित शिक्षा पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ‘निपुण भारत मिशन’ के माध्यम से बच्चों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक दक्षता विकसित करने के लिए प्रभावी एवं परिणाममुखी प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा किसी भी राष्ट्र के भविष्य की मजबूत नींव होती है और सरकार प्रत्येक बच्चे तक गुणवत्तापूर्ण, समावेशी एवं आधुनिक शिक्षा पहुंचाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
शुक्रवार को लखनऊ में आयोजित देवी संस्थान (डिग्निटी एजुकेशन विजन इंटरनेशनल) द्वारा आयोजित ‘फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरसी (FLN)’ विषयक लीडरशिप कॉन्क्लेव को संबोधित करते हुए मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि प्रदेश सरकार बेसिक शिक्षा को आधुनिक एवं तकनीक आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। प्रदेश के हजारों विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आईसीटी लैब और डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित कर विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षण व्यवस्था से जोड़ा गया है। इससे बच्चों की सीखने की क्षमता, रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता में वृद्धि हो रही है।
उन्होंने कहा कि ‘निपुण भारत मिशन’ के अंतर्गत बच्चों की भाषा, गणित एवं समझ विकसित करने के लिए नवाचार आधारित शिक्षण पद्धतियों को अपनाया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा प्रारंभिक स्तर पर पढ़ने, लिखने और गणना करने में दक्ष बन सके।
मंत्री ने कहा कि योगी सरकार शिक्षा क्षेत्र में व्यापक सुधारों के माध्यम से नई पीढ़ी को आत्मनिर्भर एवं प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। शिक्षा व्यवस्था में तकनीकी नवाचारों को शामिल कर विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

श्रावस्ती में आयुक्त का जनसंपर्क एवं निरीक्षण अभियान, जनसुनवाई से लेकर निर्माण कार्यों तक की गहन समीक्षा
*जनसमस्याओं के त्वरित निस्तारण, बाढ़ तैयारियों की समीक्षा और निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर आयुक्त सख्त*

*गोण्डा , 08 मई 2026* — देवीपाटन मंडल की आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने श्रावस्ती जनपद के दौरे के दौरान जनसुनवाई, विभागीय समीक्षा, निर्माण कार्यों के निरीक्षण तथा “संध्या संवाद कार्यक्रम” में प्रतिभाग कर आमजन से सीधे संवाद किया। इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक व्यवस्थाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं तथा निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति एवं गुणवत्ता का गहन निरीक्षण किया।

कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में आयुक्त ने जिलाधिकारी एवं अन्य अधिकारियों के साथ आमजन की समस्याएं सुनीं तथा कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण, पारदर्शी एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए, ताकि आमजन को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त ने संभावित बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन द्वारा की गई तैयारियों की विस्तृत समीक्षा भी की। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की तैयारियों, संवेदनशील क्षेत्रों की निगरानी, राहत सामग्री की उपलब्धता तथा विभिन्न विभागों के समन्वय की जानकारी प्राप्त की। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ जैसी आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु सभी व्यवस्थाएं पूर्व से ही सक्रिय एवं सुदृढ़ रखी जाएं।

आयुक्त ने सभी विभागों के कर्मचारियों एवं पेंशनरों (वरिष्ठ नागरिकों) की विभागीय एवं पेंशन संबंधी समस्याओं की भी सुनवाई की। कई पेंशनधारकों एवं सेवानिवृत्त कर्मचारियों द्वारा जीपीएफ, पेंशन एवं अन्य देयकों के भुगतान लंबित होने की शिकायत प्रस्तुत की गई। इस पर आयुक्त ने संबंधित विभागों के कार्यालयाध्यक्षों को निर्देशित किया कि सभी लंबित देय भुगतान प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र सुनिश्चित किए जाएं।

निरीक्षण कार्यक्रम के दौरान आयुक्त ने जनपद में विभिन्न निर्माणाधीन एवं नवनिर्मित परियोजनाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने राजस्व विभाग के कर्मियों के लिए बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया तथा व्यवस्थाओं की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त उन्होंने श्रावस्ती में संचालित पर्यटन विकास परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण कर कार्यों की प्रगति एवं गुणवत्ता की परख की। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्ट्रीट ब्यूटीफिकेशन, बुद्ध वनम पार्क, डोरमेट्री, गेट पिलर, पार्किंग तथा इंटरप्रिटेशन सेंटर सहित विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया।
आयुक्त ने संबंधित कार्यदायी संस्थाओं एवं अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी प्रकार का समझौता न किया जाए तथा अतिरिक्त मैनपॉवर लगाकर सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा में पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि पर्यटन विकास से क्षेत्र की पहचान मजबूत होगी तथा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, इसलिए सभी कार्य गंभीरता एवं जवाबदेही के साथ पूरे किए जाएं।

*दौरे के दौरान आयुक्त ने सीता द्वार मंदिर पहुंचकर दर्शन किया तथा मंदिर की पौराणिक एवं धार्मिक मान्यताओं की जानकारी प्राप्त की। बताया गया कि यह स्थल माता सीता से जुड़ी आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है तथा स्थानीय जनमानस में इसकी विशेष धार्मिक मान्यता है।*

इसके उपरांत आयुक्त ने टेण्डवा महन्थ में *आयोजित “संध्या संवाद कार्यक्रम”* में प्रतिभाग कर ग्रामीणों एवं आमजन से सीधे संवाद किया। उन्होंने लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण के निर्देश दिए। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याणकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया गया तथा योजनाओं की जानकारी आमजन को उपलब्ध कराई गई।

आयुक्त ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र वितरित किए तथा दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया। साथ ही पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर जनपद स्तरीय अधिकारी, विभिन्न विभागों के कर्मचारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
विकास या महाविनाश घूरपुर–प्रतापपुर सड़क निर्माण में सुस्ती, घटिया काम और भारी अनियमितताओं का आरोप
करोड़ों की लागत वाली सड़क बनी सवालों का गड्ढा—आधा काम अधूरा, जहां बना वहां भी टूट-फूट, जांच पर उठे गंभीर सवाल

बारा,प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील अंतर्गत घूरपुर से प्रतापपुर तक प्रस्तावित लंबी सड़क, जिसे क्षेत्र के विकास की रीढ़ बताया जा रहा था, अब खुद सवालों के बोझ तले दबती नजर आ रही है। बारा विधायक डॉ वॉचस्पति द्वारा इसे क्षेत्र के लिए बड़ी उपलब्धि और विकास का प्रतीक बताया गया, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट कहानी बयां कर रही है।
करीब अट्ठाईस किलोमीटर से अधिक लंबाई में बनने वाली इस सड़क के लिए बत्तीस करोड़ से अधिक की भारी भरकम लागत स्वीकृत हुई और कार्य भी शुरू हुआ, मगर बीते लगभग छह महीनों में निर्माण की रफ्तार इतनी धीमी रही कि अब तक केवल कुछ हिस्सों में ही डामरीकरण हो पाया है। हैरानी की बात यह है कि जहां सड़क बन भी चुकी है, वहां की हालत पहले से भी बदतर बताई जा रही है—डामर उखड़ चुका है, सड़क फट चुकी है और जगह- जगह गड्ढे उभर आए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता का घोर अभाव है। जिन स्थानों पर आरसीसी सड़क बनाई गई है, वहां न तो लोहे के सरिये का जाल दिख रहा है और न ही निर्माण मानकों का पालन होता नजर आता है। यह स्थिति सीधे तौर पर बड़े स्तर पर घोटाले की आशंका को जन्म देती है। कुछ समय पूर्व स्वयं विधायक द्वारा निरीक्षण में घटिया कार्य की पुष्टि भी हुई थी और संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाई गई थी, सुधार के निर्देश दिए गए थे। बावजूद इसके, हालात जस के तस बने हुए हैं। सवाल यह उठता है कि जब अनियमितताएं उजागर हो चुकी हैं, तो निर्माण की गति और गुणवत्ता में सुधार क्यों नहीं हो रहा? घूरपुर से भीटा तक की हालत इतनी दयनीय बताई जा रही है कि लोग कहते हैं कि यदि केवल गिट्टी ही गिर जाए तो भी बड़ी राहत होगी। वहीं, बस्तियों में नालियों का अभाव स्थिति को और गंभीर बना रहा है। ठेकेदार द्वारा पंद्रह किलोमीटर नाली स्वीकृत होने का दावा किया जा रहा है, लेकिन जमीनी स्तर पर कहीं भी इसका स्पष्ट प्रमाण नजर नहीं आता। बरसात नजदीक है और जल निकासी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि कई घरों में पानी घुस जाएगा, गलियों में जलभराव होगा और यही गंदा पानी बीमारियों को जन्म देगा। स्थानीय लोग पूछ रहे हैं कि आखिर इस पानी की निकासी होगी कैसे? इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक निष्क्रियता पर उठ रहा है। कई बार मीडिया में खबरें प्रकाशित हो चुकी हैं, किसान संगठनों ने ज्ञापन सौंपे, काम कई बार रोका गया, जांच में खामियां सामने आईं—फिर भी सुधार की जगह हालात और बिगड़ते जा रहे हैं। जनता के बीच अब यह चर्चा आम हो चुकी है कि यदि रोजाना निगरानी और सख्त जांच हो, तभी इस सड़क का वास्तविक विकास संभव है, अन्यथा यह परियोजना विकास के नाम पर महाविनाश का प्रतीक बनती जाएगी। करोड़ों की सरकारी धनराशि जिस तरह खर्च हो रही है, उस पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग लगातार तेज होती जा रही है।
गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो का ज्ञापन सोपा।
नैनी-प्रयागराज/गो सम्मान आह्वान अभियान के अंतर्गत आज दिनांक 27/04/26 समय प्रातः11 बजे सैकड़ो गोभक्त करछना तहसील में पहुंच कर गोवत्स-गोवत्सा के साथ संकीर्तन करते हुए S.D.M महोदय को 5000 लोगों का हस्ताक्षर युक्त चार सेट (राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री,राज्यपाल,मुख्यमंत्री)गो सेवा,गो सुरक्षा और गो सम्मान के लिए विनयपूर्वक ज्ञापन सोपा है कि गोमाता राष्ट्रमाता बने,गो हत्या बंद हो और गोमाता को एक उचित सम्मान दिलाना चाहते है गो स्वयंसेवको ने प्रचंड धूप में भी उपस्थित रहे।
गो स्वयंसेवको ने कहा कि अपने आने वाले बच्चों के लिए,अपने सनातन को मजबूत बनाने के लिए हमारे पूर्वजों ने सनातन के लिए बहुत किया है अब बारी हमारी है हमें कुछ करना है भारतीय संस्कृति सभ्यता सनातन के लिए हो जाए तैयार।
ज्ञापन देने वालों में उपस्थित रहे राजा रामदास फलारी आश्रम,सरदार पतविंदर सिंह,धर्मेंद्र स्वामी,दीपक कुमार सिंह,हेरम्व शास्त्री,अनिल सिंह चौहान, लल्लू पंडित,प्रतीक शर्मा,सुमित अग्रवाल, विक्रान्त पांडे, शिवांगी मिश्रा, शिवम केसरवानी,व्यास अंकित ओझा,काशी दास,हरमनजी सिह  सहित गोभक्त कई अतिविशिष्ट, गणमान्य लोग उपस्थित रहे।