शंकराचार्य के अपमान के विरोध में मैदान में उतरी शिवसेना
सत्ता के अहंकार में डूबी योगी सरकार : आनंद दुबे

मुंबई। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को लेकर शिवसेना यूबीटी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। यूबीटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने आज सांताक्रूज़ पूर्व स्थित वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बगल, हनुमान मंदिर पर साधु संतों और शिवसैनिकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। आनंद दुबे ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी योगी सरकार की पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अंधी हो चुकी है। सनातन और हिंदुत्व के नाम पर सरकार बनने वाली भाजपा शासित राज्यों में सनातन और हिंदुत्व का जितना अपमान हो रहा है, उतना शायद ही कहीं हो। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के जुल्म के खिलाफ शंकराचार्य जी और साधु संत धरने पर बैठे हैं और सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि आखिर सनातन और हिंदुत्व कहां सुरक्षित रहेगा? पालघर की घटना का उदाहरण देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि पालघर में साधु संतों की निर्मम हत्या करने वाले लोगों को जहां उद्धव सरकार ने सलाखों के पीछे पहुंचाया, वहीं भाजपा ने एक आरोपी को सार्वजनिक रूप से अपनी पार्टी में प्रवेश कराया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की चुप्पी पर निशाना  साधते हुए उन्होंने कहा कि किस विवशता से वे मौनी बाबा बने हुए हैं?
संगीत साहित्य मंच के वार्षिकोत्सव में संगीत और साहित्य महाकुंभ
ठाणे। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगीत साहित्य मंच ठाणे के वार्षिकोत्सव में रविवार 18 जनवरी 2026 को वर्धमान हाल,गोकुल नगर ठाणे पश्चिम में संगीत के साथ साहित्य महाकुंभ का आयोजन किया गया।संगीत साहित्य मंच के संस्थापक एवं संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार रामजीत गुप्ता के संयोजन एवं सदाशिव चतुर्वेदी मधुर के सह संयोजन में भव्य आयोजन हुआ। उक्त समारोह की अध्यक्षता अनिल कुमार सिंह - प्रबंध निदेशक यस आर डिग्री कॉलेज बांसपार गोरखपुर ने किया तथा स्वागताध्यक्ष रामप्यारे सिंह रघुवंशी चेयरमैन भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ने किया। विशिष्ट अतिथियों में के पी मिश्रा, गुलाब चंद दूबे, देवेन्द्र तिवारी, उमाशंकर पाण्डेय, शंकर सिंह, लाल सिंह, आनंदप्रकाश सिंह, संजय दूबे,गुलाब धर दूबे, तिलकराज खुराना,डॉ कृपाशंकर मिश्र,हौसला प्रसाद अन्वेषी, विधु भूषण त्रिवेदी, शिव कुमार सिंह, डॉ रामस्वरूप साहू,पं शिवप्रकाश पाण्डेय जमदग्निपुरी,अनिल कुमार राही,श्रीधर मिश्र,नंदलाल क्षितिज,अंजनी कुमार द्विवेदी, पत्रकार नामदार राही,डॉ कनक लता तिवारी,सीमा त्रिवेदी, शिल्पा सोनटक्के उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन अतिथि सत्कार सदाशिव चतुर्वेदी मधुर एवं कवि सम्मेलन उमेशचंद्र मिश्र प्रभाकर ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना से किया गया।संगीत के साथ गीतकार शिवम पाण्डेय,नंदिनी तिवारी, सुरेश आनंद ने सभी को मनमोहक अवधि गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों पर संगीत आर्गन पर दीपक उपाध्याय,ढोलक रत्नाकर शर्मा,पैड पर धीरेन्द्र सिंह ने दिया।संस्था संरक्षक वरिष्ठ समाजसेवी दयाशंकर सिंह की उपस्थिति में यादगार कवि सम्मेलन हुआ जिसमें वरिष्ठ गज़लकार एन बी सिंह नादान, कमलेश पाण्डेय तरुण, जयप्रकाश मिलिंद,राजीव मिश्रा, राजेश दुबे अल्हड़ असरदार, संतोष सिंह,त्रिलोचन सिंह अरोरा,विनय शर्मा दीप,अन्नपूर्णा गुप्ता,किरण तिवारी,नेहा मिश्र नेह के साथ सभागृह में
सत्यभामा सिंह,लक्ष्मी यादव, पत्रकार संतोष पाण्डेय,डॉ प्रमोद पल्लवित,एडवोकेट अनिल शर्मा,वाचस्पति तिवारी,डॉ मृदुला तिवारी महक,अरुण मिश्र अनुरागी, लालबहादुर यादव कमल,डॉ शारदा प्रसाद दुबे शरदचन्द्र, ओमप्रकाश तिवारी, सुशील शुक्ला नाचीज, आनंद पाण्डेय केवल,डॉ वफा वारसी उपस्थित थे। वरिष्ठ पत्रकार नामदार राही के संपादक में प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक समाचार पत्र हरित जीवन का लोकार्पण उपस्थित साहित्यकारों की उपस्थिति में किया गया।अंत में संयोजक ने उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं अतिथियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
बदलता झारखंड: क्षेत्रीय भागीदारी से वैश्विक सहभागिता की ओर बढ़ा राज्य; टिकाऊ निवेश और भविष्य की तकनीकी उन्नति पर मुख्यमंत्री का फोकस।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह के साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए वैश्विक स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषदों और संस्थागत भागीदारों के साथ सुनियोजित वार्ताओं की एक श्रृंखला शुरू कर रहा है।

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प्रमुख कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय संवाद:

बैठक के पहले दिन मुख्यमंत्री कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों और रणनीतिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे:

टाटा स्टील: भारत के औद्योगीकरण में झारखंड की ऐतिहासिक भूमिका और टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) पर चर्चा।

हिताची इंडिया: बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा प्रणालियों और आधुनिक तकनीकी समाधानों पर विमर्श।

टेक महिंद्रा: आईटी हब के रूप में झारखंड का विकास, डिजिटल नवाचार और तकनीकी इकोसिस्टम की स्थापना।

वैश्विक मंचों के साथ संस्थागत सहयोग:

मुख्यमंत्री ब्लूमबर्ग APAC, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को सुगम बनाना और झारखंड को वैश्विक बाजार के साथ एकीकृत करना है।

समावेशी विकास और तकनीक पर जोर:

झारखंड केवल भारी उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समावेशी नेतृत्व को भी शासन के अभिन्न अंग के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री टेक्नोलॉजी पवेलियनों का दौरा कर भविष्य के उन नवाचारों को समझेंगे जिन्हें झारखंड के औद्योगिक विकास के साथ जोड़ा जा सकता है।

विजन 2050 की ओर बढ़ते कदम:

25 वर्ष पूरे करने के बाद, झारखंड अब 'Vision 2050' की ओर अग्रसर है। दावोस में हो रही ये बैठकें इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य अब जिम्मेदार निवेश आकर्षित करने और अपनी अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार (Future-Ready) बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अपर्णा यादव को तलाक देंगे अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक, इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट ने मचाई हलचल

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी और पारिवारिक घमासान सामने आया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है।

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प्रतीक यादव का यह बयान उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतीक ने कहा कि मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लूंगा, इन्होंने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया।

प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट से सनसनी

अखिलेश के भाई प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, "मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूँ, उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।"

कौन हैं अपर्णा यादव

अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। उनके पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनकी मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी के पद पर हैं। अपर्णा यादव ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से सपा (समाजवादी पार्टी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं थीं।

यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष हैं अपर्णा यादव

अपर्णा ने जनवरी 2022 में अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। अपर्णा यादव का यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। हालांकि अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होने पर कहा था कि वह पारिवारिक राजनीति नहीं, राष्ट्रवाद को चुनती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं। बीजेपी नेता अपर्णा यादव इस समय यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष भी हैं।

2011 में हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव का इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट तेजी के साथ वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बता दें कि अपर्णा यादव और प्रतीक ने एक दूसरे को 11 साल तक डेट किया। इसके बाद साल 2011 में परिवार की रजामंदी से दोनों की लव मैरिज हुई थी। अपर्णा और प्रतीक की शादी बेहद हाई प्रोफाइल शादी थी।

रेत माफिया चंबल नदी को कर रहे खोखला

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में 350 ट्रॉली अवैध रेत जब्त


श्योपुर, मध्य प्रदेश। चंबल अंचल में रेत माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अवैध खनन इस कदर बढ़ गया है कि प्रशासन और पुलिस की टीमें भी कई बार कार्रवाई से कतराती नजर आती हैं। रेत माफिया खुलेआम जेसीबी मशीनों से खनन कर चंबल नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ताजा मामला श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र का है, जहां राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। रविवार को वीरपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव के पास चंबल नदी से अवैध रूप से निकाली गई करीब 350 ट्रॉली रेत को जब्त कर जेसीबी मशीनों के माध्यम से नष्ट किया गया। इस कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मच गया।

एसडीओपी राघवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल और वन विभाग के रेंजर दीपक शर्मा को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद पुलिस और राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध भंडारण स्थल पर दबिश दी।

वहीं, वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल ने बताया कि सूचना मिली थी कि चंबल नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकालकर उसका भंडारण किया गया है। इसके बाद गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों से रेत को नष्ट कराया।

स्थानीय लोगों में रेत माफिया को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। नदी में मौजूद जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं रेत से भरे तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां रेत माफिया पर अस्थायी लगाम लगी है, वहीं स्थानीय लोग अब अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

देवघर पुस्तक मेला में महिला संसद बनेगी आकर्षण का केंद्र।
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देवघर: में आयोजित होने वाला पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगा। इस पुस्तक मेले का सबसे बड़ा आकर्षण महिला संसद होगी, जिसमें महिलाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। महिला संसद में मंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री, विपक्ष एवं सत्तापक्ष की भूमिका महिलाओं द्वारा निभाई जाएगी। महिला संसद में शिक्षा मंत्री की भूमिका योगमाया कुमारी, स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका मंजुला कांत, रक्षा मंत्री की भूमिका इंदिरा मिश्रा, महिला सशक्तिकरण मंत्री की भूमिका राखी पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री की भूमिका डॉ. शिप्रा झा, वित्त मंत्री की भूमिका अर्चना भगत, विदेश मंत्री की भूमिका सोनाली भारती, ग्रामीण विकास मंत्री की भूमिका मधु कुमारी, तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका सिमरन कुमारी निभाएंगी। वहीं महिला संसद में प्रधानमंत्री की भूमिका डॉ. इति, उप-प्रधानमंत्री की भूमिका बबली सिंह, अध्यक्ष की भूमिका डॉ. कल्पना कुमारी और उपाध्यक्ष की भूमिका डॉ. रूपा श्री और ममता किरण।। सत्तापक्ष सांसदों की भूमिका में भारती सिंह, संध्या कुमारी, इंदु तिवारी, गीता सिंह, सलोनी कुमारी, रंजनी रंजन, ममता गुप्ता, खुशबू कुमारी एवं विनीता कुमारी शामिल होंगी। वहीं विपक्ष की भूमिका में अर्चना सिंह, सुनीता कुमारी, डॉ. आशा रानी, सोनम झा, रंजीता कांत, राजेश्वरी सिंह, कुमारी निधि, डॉ. पूजा विश्वकर्मा, मनीषा सिंह, सोमा कुमारी, डॉ. नेहलता, आशु कुमारी, श्री ठाकुर, सुहानी प्रिया एवं खुशी कुमारी शामिल रहेंगी। आयोजकों के अनुसार महिला संसद का उद्देश्य महिलाओं में लोकतांत्रिक समझ विकसित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। महिला संसद निश्चित रूप से पुस्तक मेले में आने वाले दर्शकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव होगी।
वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया लोकप्रिय नगरसेवक मनोज दुबे का अभिनंदन

भायंदर। महानगर के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने मीरा भायंदर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 21/ क से भारी मतों से विजई भाजपा के नवनिर्वाचित नगरसेवक तथा उत्तर भारतीय समाज के युवा चेहरा मनोज रामनारायण दुबे का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके पिता तथा पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे के अलावा भाजपा जिला सचिव रमेश चंद्र मिश्रा जिला प्रवक्ता राधेश्याम मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट डीसी पांडे, वीएन त्रिपाठी, सूरज पांडे विनोद दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए पहली बार 2017 में नगरसेवक निर्वाचित हुए। भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, सभापति समेत अनेक पदों पर विराजमान रहे। आज भी खुद को पार्टी का सिपाही मानने वाले मनोज दुबे अपने पिता रामनारायण दुबे और विधायक नरेंद्र मेहता को अपना राजनीतिक प्रेरणास्रोत मानते हैं। अत्यंत विनम्र, शालीन उदार और सहयोगी प्रवृत्ति के मनोज दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी अजय अर्जुन सिंह को 5641 मतों से पराजित किया ।
एक दर्जन से अधिक उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गये,आर्यनगर व तिवारी बाजार चौकी प्रभारी हटाए गए

गोंडा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।इस फेरबदल में आर्यनगर और तिवारी बाजार चौकी प्रभारियों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है,जबकि कई नए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।लापरवाही के आरोप में हटाए गए आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी को थाना उमरीबेगमगंज भेजा गया है,इसी तरह तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ को भी थाना उमरीबेगमगंज स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल में अजय कुमार सिंह को बड़गांव चौकी प्रभारी तो गोलू तिवारी को दुबहा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।राजीव कनौजिया को आर्यनगर व उदित कुमार वर्मा को तिवारी बाजार चौकी की बागडोर सौंपी गई है।शिवकुमार यादव को हथियागढ़ चौकी इंचार्ज बनाया गया है।अन्य तबादलों में रुद्रावती को महिला थाने से पुलिस लाइन भेजा गया है।तेज नारायण गुप्ता को देहात कोतवाली,अखिलेश सिंह को न्यायालय सम्मन सेल और इबरार अहमद को नवाबगंज थाना भेजा गया है।विनोद कुमार सिंह को पुलिस लाइन व विनय कुमार सिंह को थाना कोतवाली देहात,संजय कुमार पांडेय को थाना खरगूपुर,अरविंद कुमार सिंह को छपिया तथा राकेश कुमार गुप्ता को मोतीगंज थाने पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ के विरुद्ध शिकायतों को सुनने और उनके समाधान में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं,जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित पुलिस कर्मियों को तत्काल अपने अपने थानों और चौकियों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो उस पर भी तत्काल कार्यवाही की जाएगी।
शंकराचार्य के अपमान के विरोध में मैदान में उतरी शिवसेना
सत्ता के अहंकार में डूबी योगी सरकार : आनंद दुबे

मुंबई। प्रयागराज में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान को लेकर शिवसेना यूबीटी ने योगी सरकार पर हमला बोला है। यूबीटी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आनंद दुबे ने आज सांताक्रूज़ पूर्व स्थित वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे के बगल, हनुमान मंदिर पर साधु संतों और शिवसैनिकों के साथ विरोध प्रदर्शन किया। आनंद दुबे ने कहा कि सत्ता के अहंकार में डूबी योगी सरकार की पुलिस प्रशासन पूरी तरह से अंधी हो चुकी है। सनातन और हिंदुत्व के नाम पर सरकार बनने वाली भाजपा शासित राज्यों में सनातन और हिंदुत्व का जितना अपमान हो रहा है, उतना शायद ही कहीं हो। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन के जुल्म के खिलाफ शंकराचार्य जी और साधु संत धरने पर बैठे हैं और सरकार के कान में जूं तक नहीं रेंग रही है। उन्होंने कहा कि आखिर सनातन और हिंदुत्व कहां सुरक्षित रहेगा? पालघर की घटना का उदाहरण देते हुए आनंद दुबे ने कहा कि पालघर में साधु संतों की निर्मम हत्या करने वाले लोगों को जहां उद्धव सरकार ने सलाखों के पीछे पहुंचाया, वहीं भाजपा ने एक आरोपी को सार्वजनिक रूप से अपनी पार्टी में प्रवेश कराया। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की चुप्पी पर निशाना  साधते हुए उन्होंने कहा कि किस विवशता से वे मौनी बाबा बने हुए हैं?
संगीत साहित्य मंच के वार्षिकोत्सव में संगीत और साहित्य महाकुंभ
ठाणे। साहित्यिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक संगीत साहित्य मंच ठाणे के वार्षिकोत्सव में रविवार 18 जनवरी 2026 को वर्धमान हाल,गोकुल नगर ठाणे पश्चिम में संगीत के साथ साहित्य महाकुंभ का आयोजन किया गया।संगीत साहित्य मंच के संस्थापक एवं संयोजक वरिष्ठ साहित्यकार रामजीत गुप्ता के संयोजन एवं सदाशिव चतुर्वेदी मधुर के सह संयोजन में भव्य आयोजन हुआ। उक्त समारोह की अध्यक्षता अनिल कुमार सिंह - प्रबंध निदेशक यस आर डिग्री कॉलेज बांसपार गोरखपुर ने किया तथा स्वागताध्यक्ष रामप्यारे सिंह रघुवंशी चेयरमैन भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ने किया। विशिष्ट अतिथियों में के पी मिश्रा, गुलाब चंद दूबे, देवेन्द्र तिवारी, उमाशंकर पाण्डेय, शंकर सिंह, लाल सिंह, आनंदप्रकाश सिंह, संजय दूबे,गुलाब धर दूबे, तिलकराज खुराना,डॉ कृपाशंकर मिश्र,हौसला प्रसाद अन्वेषी, विधु भूषण त्रिवेदी, शिव कुमार सिंह, डॉ रामस्वरूप साहू,पं शिवप्रकाश पाण्डेय जमदग्निपुरी,अनिल कुमार राही,श्रीधर मिश्र,नंदलाल क्षितिज,अंजनी कुमार द्विवेदी, पत्रकार नामदार राही,डॉ कनक लता तिवारी,सीमा त्रिवेदी, शिल्पा सोनटक्के उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन अतिथि सत्कार सदाशिव चतुर्वेदी मधुर एवं कवि सम्मेलन उमेशचंद्र मिश्र प्रभाकर ने किया।कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण दीप प्रज्ज्वलित कर वंदना से किया गया।संगीत के साथ गीतकार शिवम पाण्डेय,नंदिनी तिवारी, सुरेश आनंद ने सभी को मनमोहक अवधि गीतों से मंत्रमुग्ध कर दिया। गीतों पर संगीत आर्गन पर दीपक उपाध्याय,ढोलक रत्नाकर शर्मा,पैड पर धीरेन्द्र सिंह ने दिया।संस्था संरक्षक वरिष्ठ समाजसेवी दयाशंकर सिंह की उपस्थिति में यादगार कवि सम्मेलन हुआ जिसमें वरिष्ठ गज़लकार एन बी सिंह नादान, कमलेश पाण्डेय तरुण, जयप्रकाश मिलिंद,राजीव मिश्रा, राजेश दुबे अल्हड़ असरदार, संतोष सिंह,त्रिलोचन सिंह अरोरा,विनय शर्मा दीप,अन्नपूर्णा गुप्ता,किरण तिवारी,नेहा मिश्र नेह के साथ सभागृह में
सत्यभामा सिंह,लक्ष्मी यादव, पत्रकार संतोष पाण्डेय,डॉ प्रमोद पल्लवित,एडवोकेट अनिल शर्मा,वाचस्पति तिवारी,डॉ मृदुला तिवारी महक,अरुण मिश्र अनुरागी, लालबहादुर यादव कमल,डॉ शारदा प्रसाद दुबे शरदचन्द्र, ओमप्रकाश तिवारी, सुशील शुक्ला नाचीज, आनंद पाण्डेय केवल,डॉ वफा वारसी उपस्थित थे। वरिष्ठ पत्रकार नामदार राही के संपादक में प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक समाचार पत्र हरित जीवन का लोकार्पण उपस्थित साहित्यकारों की उपस्थिति में किया गया।अंत में संयोजक ने उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं अतिथियों का हार्दिक धन्यवाद ज्ञापित करते हुए आभार व्यक्त किया।
बदलता झारखंड: क्षेत्रीय भागीदारी से वैश्विक सहभागिता की ओर बढ़ा राज्य; टिकाऊ निवेश और भविष्य की तकनीकी उन्नति पर मुख्यमंत्री का फोकस।

दावोस/रांची: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) 2026 की वार्षिक बैठक के उद्घाटन समारोह के साथ ही झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए वैश्विक स्तर पर मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड का प्रतिनिधिमंडल अंतरराष्ट्रीय व्यापार परिषदों और संस्थागत भागीदारों के साथ सुनियोजित वार्ताओं की एक श्रृंखला शुरू कर रहा है।

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प्रमुख कंपनियों के साथ उच्च स्तरीय संवाद:

बैठक के पहले दिन मुख्यमंत्री कई बड़ी ग्लोबल कंपनियों के प्रमुखों और रणनीतिक संस्थानों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे:

टाटा स्टील: भारत के औद्योगीकरण में झारखंड की ऐतिहासिक भूमिका और टिकाऊ विनिर्माण (Sustainable Manufacturing) पर चर्चा।

हिताची इंडिया: बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा प्रणालियों और आधुनिक तकनीकी समाधानों पर विमर्श।

टेक महिंद्रा: आईटी हब के रूप में झारखंड का विकास, डिजिटल नवाचार और तकनीकी इकोसिस्टम की स्थापना।

वैश्विक मंचों के साथ संस्थागत सहयोग:

मुख्यमंत्री ब्लूमबर्ग APAC, स्वीडन इंडिया बिजनेस काउंसिल और यूएस-इंडिया स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप फोरम (USISPF) के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य राज्य में निवेश को सुगम बनाना और झारखंड को वैश्विक बाजार के साथ एकीकृत करना है।

समावेशी विकास और तकनीक पर जोर:

झारखंड केवल भारी उद्योगों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिला सशक्तिकरण और समावेशी नेतृत्व को भी शासन के अभिन्न अंग के रूप में वैश्विक मंच पर प्रस्तुत करेगा। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री टेक्नोलॉजी पवेलियनों का दौरा कर भविष्य के उन नवाचारों को समझेंगे जिन्हें झारखंड के औद्योगिक विकास के साथ जोड़ा जा सकता है।

विजन 2050 की ओर बढ़ते कदम:

25 वर्ष पूरे करने के बाद, झारखंड अब 'Vision 2050' की ओर अग्रसर है। दावोस में हो रही ये बैठकें इस बात का स्पष्ट संकेत हैं कि राज्य अब जिम्मेदार निवेश आकर्षित करने और अपनी अर्थव्यवस्था को भविष्य के लिए तैयार (Future-Ready) बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

अपर्णा यादव को तलाक देंगे अखिलेश यादव के छोटे भाई प्रतीक, इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट ने मचाई हलचल

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समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के परिवार में एक बार फिर सियासी और पारिवारिक घमासान सामने आया है। समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव ने अपनी पत्नी और बीजेपी नेता अपर्णा यादव से तलाक लेने का ऐलान कर दिया है।

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प्रतीक यादव का यह बयान उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए सामने आया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इंस्टाग्राम पोस्ट में प्रतीक यादव ने अपर्णा यादव पर गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रतीक ने कहा कि मैं इस स्वार्थी महिला से जल्द से जल्द तलाक लूंगा, इन्होंने मेरे पारिवारिक रिश्तों को बर्बाद कर दिया।

प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पोस्ट से सनसनी

अखिलेश के भाई प्रतीक यादव ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर लिखा, "मैं इस मतलबी औरत को जल्द से जल्द तलाक देने जा रहा हूँ, उसने मेरे परिवार के रिश्ते खराब कर दिए। वह बस मशहूर और असरदार बनना चाहती है। अभी मेरी मेंटल हेल्थ बहुत खराब है और उसे कोई फर्क नहीं पड़ता। क्योंकि उसे सिर्फ अपनी ही चिंता है। मैंने इतनी बुरी औरत कभी नहीं देखी और मैं बदकिस्मत था कि मेरी शादी उससे हुई।"

कौन हैं अपर्णा यादव

अपर्णा यादव समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू हैं। उनके पिता अरविंद सिंह पत्रकार रहे हैं और उनकी मां लखनऊ नगर निगम में अधिकारी के पद पर हैं। अपर्णा यादव ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में लखनऊ कैंटोनमेंट सीट से सपा (समाजवादी पार्टी) के टिकट पर चुनाव लड़ा था लेकिन वह हार गईं थीं।

यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष हैं अपर्णा यादव

अपर्णा ने जनवरी 2022 में अचानक समाजवादी पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ली थी। अपर्णा यादव का यह फैसला अखिलेश यादव के लिए बड़ा झटका माना जा रहा था। हालांकि अपर्णा यादव ने बीजेपी में शामिल होने पर कहा था कि वह पारिवारिक राजनीति नहीं, राष्ट्रवाद को चुनती हैं और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की कार्यशैली से प्रभावित हैं। बीजेपी नेता अपर्णा यादव इस समय यूपी राज्‍य महिला आयोग की उपाध्‍यक्ष भी हैं।

2011 में हुई थी शादी

सोशल मीडिया पर प्रतीक यादव का इंस्‍टाग्राम पोस्‍ट तेजी के साथ वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की चर्चा कर रहे हैं। बता दें कि अपर्णा यादव और प्रतीक ने एक दूसरे को 11 साल तक डेट किया। इसके बाद साल 2011 में परिवार की रजामंदी से दोनों की लव मैरिज हुई थी। अपर्णा और प्रतीक की शादी बेहद हाई प्रोफाइल शादी थी।

रेत माफिया चंबल नदी को कर रहे खोखला

राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य में 350 ट्रॉली अवैध रेत जब्त


श्योपुर, मध्य प्रदेश। चंबल अंचल में रेत माफिया के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। अवैध खनन इस कदर बढ़ गया है कि प्रशासन और पुलिस की टीमें भी कई बार कार्रवाई से कतराती नजर आती हैं। रेत माफिया खुलेआम जेसीबी मशीनों से खनन कर चंबल नदी और उसके आसपास के पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा रहे हैं।

ताजा मामला श्योपुर जिले के वीरपुर क्षेत्र का है, जहां राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई की। रविवार को वीरपुर थाना क्षेत्र के श्यामपुर गांव के पास चंबल नदी से अवैध रूप से निकाली गई करीब 350 ट्रॉली रेत को जब्त कर जेसीबी मशीनों के माध्यम से नष्ट किया गया। इस कार्रवाई से रेत माफिया में हड़कंप मच गया।

एसडीओपी राघवेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल और वन विभाग के रेंजर दीपक शर्मा को लंबे समय से क्षेत्र में अवैध रेत भंडारण की शिकायतें मिल रही थीं। लगातार मिल रही सूचनाओं के बाद पुलिस और राष्ट्रीय चंबल अभ्यारण्य विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए अवैध भंडारण स्थल पर दबिश दी।

वहीं, वीरपुर थाना प्रभारी महाराज सिंह बघेल ने बताया कि सूचना मिली थी कि चंबल नदी से बड़े पैमाने पर अवैध रेत निकालकर उसका भंडारण किया गया है। इसके बाद गठित टीम ने मौके पर पहुंचकर जेसीबी मशीनों से रेत को नष्ट कराया।

स्थानीय लोगों में रेत माफिया को लेकर भारी रोष है। उनका कहना है कि लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से पर्यावरण को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। नदी में मौजूद जीव-जंतुओं को नुकसान पहुंच रहा है, वहीं रेत से भरे तेज रफ्तार वाहनों के कारण सड़क हादसों की आशंका भी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि रेत माफिया न केवल नियमों की अनदेखी कर रहे हैं, बल्कि विरोध करने पर मारपीट तक पर उतारू हो जाते हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जहां रेत माफिया पर अस्थायी लगाम लगी है, वहीं स्थानीय लोग अब अवैध खनन पर स्थायी रोक लगाने की मांग कर रहे हैं।

सागर मैराथन में हंगामा: मेडल-इनाम न मिलने पर भड़के खिलाड़ी, चक्काजाम के बाद बांटे गए पुरस्कार

सागर। संभागीय खेल परिसर में आयोजित मैराथन प्रतियोगिता उस समय विवादों में घिर गई, जब प्रतिभागियों ने आयोजकों पर मेडल और नगद इनाम राशि न देने के गंभीर आरोप लगाए। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) और आयुष मंत्रालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस मैराथन में सागर सहित दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया था।

प्रतियोगिता समाप्त होते ही खिलाड़ियों का गुस्सा फूट पड़ा। आरोप है कि IMA अध्यक्ष डॉ. तल्हा शाद मेडल और नगद पुरस्कार लेकर कार्यक्रम स्थल से चले गए। इससे आक्रोशित प्रतिभागियों ने हंगामा शुरू कर दिया। हालात उस समय और बिगड़ गए, जब एक खिलाड़ी संभागीय खेल परिसर के मुख्य गेट पर चढ़ गया और अन्य प्रतियोगियों ने सड़क पर चक्काजाम कर दिया।

प्रतिभागियों का कहना था कि 10-10 किलोमीटर की दौड़ के बाद न तो पीने के पानी की समुचित व्यवस्था की गई और न ही प्रमाण पत्र, मेडल व घोषित इनाम राशि दी गई। प्रतिभागी राकेश ने बताया कि वह 90 किलोमीटर दूर से 500 रुपये खर्च कर प्रतियोगिता में हिस्सा लेने आया था, लेकिन आयोजक बिना मेडल और सर्टिफिकेट दिए ही चले गए। वहीं अमिता ने आरोप लगाया कि टॉप-50 प्रतिभागियों को मेडल देने की घोषणा की गई थी, लेकिन किसी को भी कुछ नहीं मिला।

भाजपा नेता कैलाश यादव ने भी आयोजन पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि खिलाड़ियों के लिए बुनियादी सुविधाओं तक की व्यवस्था नहीं की गई और बाद में आयोजक मेडल, प्रमाण पत्र और इनाम राशि दिए बिना मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और हंगामा कर रहे खिलाड़ियों को समझाया। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद IMA अध्यक्ष को वापस बुलाया गया। इसके बाद खिलाड़ियों को नगद राशि, मेडल और पुरस्कार वितरित किए गए, तब जाकर स्थिति सामान्य हो सकी।

हालांकि हंगामा शांत हो गया, लेकिन इस घटना ने आयुष मंत्रालय और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की आयोजन व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतियोगियों और स्थानीय नागरिकों ने भविष्य में ऐसे आयोजनों में पारदर्शिता और बेहतर प्रबंधन सुनिश्चित करने की मांग की है।

कर्नल सोफिया कुरैशी टिप्पणी मामला: मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका, FIR रद्द करने से इनकार


भोपाल। कर्नल सोफिया कुरैशी पर विवादित टिप्पणी के मामले में मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। देश की सर्वोच्च अदालत ने उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने से साफ इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि अब बहुत देर हो चुकी है और इस स्तर पर एफआईआर हटाने का कोई आधार नहीं बनता।

सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार को निर्देश दिए हैं कि वह दो सप्ताह के भीतर यह तय करे कि मामले में अभियोजन चलाया जाएगा या नहीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। यह एफआईआर भारत द्वारा पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्नल सोफिया कुरैशी को लेकर दिए गए मंत्री विजय शाह के कथित अपमानजनक बयान के बाद दर्ज की गई थी। विजय शाह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता के. परमेश्वर ने दलील दी कि कोर्ट के निर्देश के बाद मंत्री ने सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली थी और यह माफीनामा सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा, “ऑनलाइन माफीनामा क्या होता है? अगर माफी दी गई है तो उसे रिकॉर्ड पर रखा जाए।”

गौरतलब है कि इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (SIT) के गठन के निर्देश दिए थे। SIT ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट के समक्ष पेश की थी। रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा था कि जांच केवल विजय शाह के बयान तक सीमित न रहे, बल्कि उन सभी लोगों के बयान भी दर्ज किए जाएं जिनकी भावनाएं उनके बयान से आहत हुई हैं।

उल्लेखनीय है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने मीडिया को ब्रीफिंग दी थी, जिसमें भारतीय सेना की कार्रवाई और पराक्रम की जानकारी दी गई थी। इसी दौरान मंत्री विजय शाह द्वारा कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणी को लेकर पहले मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई थी और एफआईआर दर्ज करने के आदेश दिए थे। बाद में यह मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा।

इस बीच, विजय शाह के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका भी दाखिल की गई है। कांग्रेस नेता जया ठाकुर ने मंत्री विजय शाह को पद से हटाने की मांग करते हुए क्वो-वारंटो रिट याचिका दायर की है। याचिका में कहा गया है कि विजय शाह का बयान संविधान के अनुच्छेद 164(3) के तहत ली गई मंत्री पद की शपथ का उल्लंघन है, इसलिए उन्हें तत्काल मंत्री पद से हटाया जाना चाहिए।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा रुख के बाद यह मामला और गंभीर होता दिख रहा है और आने वाले दिनों में मंत्री विजय शाह की कानूनी और राजनीतिक मुश्किलें बढ़ सकती हैं।

देवघर पुस्तक मेला में महिला संसद बनेगी आकर्षण का केंद्र।
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देवघर: में आयोजित होने वाला पुस्तक मेला 23 जनवरी से 2 फरवरी तक चलेगा। इस पुस्तक मेले का सबसे बड़ा आकर्षण महिला संसद होगी, जिसमें महिलाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को मंच पर प्रस्तुत करेंगी। महिला संसद में मंत्री, सांसद, प्रधानमंत्री, विपक्ष एवं सत्तापक्ष की भूमिका महिलाओं द्वारा निभाई जाएगी। महिला संसद में शिक्षा मंत्री की भूमिका योगमाया कुमारी, स्वास्थ्य मंत्री की भूमिका मंजुला कांत, रक्षा मंत्री की भूमिका इंदिरा मिश्रा, महिला सशक्तिकरण मंत्री की भूमिका राखी पांडेय, महिला एवं बाल विकास मंत्री की भूमिका डॉ. शिप्रा झा, वित्त मंत्री की भूमिका अर्चना भगत, विदेश मंत्री की भूमिका सोनाली भारती, ग्रामीण विकास मंत्री की भूमिका मधु कुमारी, तथा वन एवं पर्यावरण मंत्री की भूमिका सिमरन कुमारी निभाएंगी। वहीं महिला संसद में प्रधानमंत्री की भूमिका डॉ. इति, उप-प्रधानमंत्री की भूमिका बबली सिंह, अध्यक्ष की भूमिका डॉ. कल्पना कुमारी और उपाध्यक्ष की भूमिका डॉ. रूपा श्री और ममता किरण।। सत्तापक्ष सांसदों की भूमिका में भारती सिंह, संध्या कुमारी, इंदु तिवारी, गीता सिंह, सलोनी कुमारी, रंजनी रंजन, ममता गुप्ता, खुशबू कुमारी एवं विनीता कुमारी शामिल होंगी। वहीं विपक्ष की भूमिका में अर्चना सिंह, सुनीता कुमारी, डॉ. आशा रानी, सोनम झा, रंजीता कांत, राजेश्वरी सिंह, कुमारी निधि, डॉ. पूजा विश्वकर्मा, मनीषा सिंह, सोमा कुमारी, डॉ. नेहलता, आशु कुमारी, श्री ठाकुर, सुहानी प्रिया एवं खुशी कुमारी शामिल रहेंगी। आयोजकों के अनुसार महिला संसद का उद्देश्य महिलाओं में लोकतांत्रिक समझ विकसित करना और उन्हें नेतृत्व के लिए प्रेरित करना है। महिला संसद निश्चित रूप से पुस्तक मेले में आने वाले दर्शकों के लिए ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी अनुभव होगी।
वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया लोकप्रिय नगरसेवक मनोज दुबे का अभिनंदन

भायंदर। महानगर के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने मीरा भायंदर महानगरपालिका के प्रभाग क्रमांक 21/ क से भारी मतों से विजई भाजपा के नवनिर्वाचित नगरसेवक तथा उत्तर भारतीय समाज के युवा चेहरा मनोज रामनारायण दुबे का अभिनंदन किया। इस अवसर पर उनके पिता तथा पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे के अलावा भाजपा जिला सचिव रमेश चंद्र मिश्रा जिला प्रवक्ता राधेश्याम मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष एडवोकेट डीसी पांडे, वीएन त्रिपाठी, सूरज पांडे विनोद दुबे समेत अनेक लोग उपस्थित रहे। पिता की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ते हुए पहली बार 2017 में नगरसेवक निर्वाचित हुए। भाजपा में रहते हुए उन्होंने मंडल अध्यक्ष, जिला उपाध्यक्ष, सभापति समेत अनेक पदों पर विराजमान रहे। आज भी खुद को पार्टी का सिपाही मानने वाले मनोज दुबे अपने पिता रामनारायण दुबे और विधायक नरेंद्र मेहता को अपना राजनीतिक प्रेरणास्रोत मानते हैं। अत्यंत विनम्र, शालीन उदार और सहयोगी प्रवृत्ति के मनोज दुबे ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी अजय अर्जुन सिंह को 5641 मतों से पराजित किया ।
एक दर्जन से अधिक उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र बदले गये,आर्यनगर व तिवारी बाजार चौकी प्रभारी हटाए गए

गोंडा।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने देर रात कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 16 उपनिरीक्षकों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया है।इस फेरबदल में आर्यनगर और तिवारी बाजार चौकी प्रभारियों को लापरवाही के आरोप में हटा दिया गया है,जबकि कई नए प्रभारियों की नियुक्ति की गयी है।लापरवाही के आरोप में हटाए गए आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण द्विवेदी को थाना उमरीबेगमगंज भेजा गया है,इसी तरह तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ को भी थाना उमरीबेगमगंज स्थानांतरित किया गया है।

इस फेरबदल में अजय कुमार सिंह को बड़गांव चौकी प्रभारी तो गोलू तिवारी को दुबहा बाजार चौकी का प्रभारी बनाया गया है।राजीव कनौजिया को आर्यनगर व उदित कुमार वर्मा को तिवारी बाजार चौकी की बागडोर सौंपी गई है।शिवकुमार यादव को हथियागढ़ चौकी इंचार्ज बनाया गया है।अन्य तबादलों में रुद्रावती को महिला थाने से पुलिस लाइन भेजा गया है।तेज नारायण गुप्ता को देहात कोतवाली,अखिलेश सिंह को न्यायालय सम्मन सेल और इबरार अहमद को नवाबगंज थाना भेजा गया है।विनोद कुमार सिंह को पुलिस लाइन व विनय कुमार सिंह को थाना कोतवाली देहात,संजय कुमार पांडेय को थाना खरगूपुर,अरविंद कुमार सिंह को छपिया तथा राकेश कुमार गुप्ता को मोतीगंज थाने पर भेजा गया है।

पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल को तिवारी बाजार चौकी प्रभारी अमरनाथ के विरुद्ध शिकायतों को सुनने और उनके समाधान में लगातार लापरवाही बरतने की शिकायतें मिल रही थीं,जिसके बाद उन पर कार्रवाई की गई।आर्यनगर चौकी प्रभारी अरुण कुमार द्विवेदी के खिलाफ भी कार्य के प्रति लापरवाही की शिकायतें मिली थीं।पुलिस अधीक्षक ने सभी स्थानांतरित पुलिस कर्मियों को तत्काल अपने अपने थानों और चौकियों पर पहुंचकर कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिये हैं।उन्होंने फरियादियों की समस्याओं को सुनकर उनका तत्काल निस्तारण करने और किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने का निर्देश भी दिया है।उन्होंने यह भी निर्देश दिया है कि यदि कहीं भ्रष्टाचार की शिकायत मिली तो उस पर भी तत्काल कार्यवाही की जाएगी।