बीजेपी ने तमिलनाडु में अन्नामलाई को क्यों नहीं उतारा? खुद दिया जवाब

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ओर से जारी 27 उम्मीदवारों की लिस्ट में कद्दावर नेता के. अन्नामलाई का नाम नहीं है। के. अन्नामलाई राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी ने अन्नामलाई को साइडलाइन कर दिया है। इन चर्चाओं पर अन्नामलाई ने खुद विराम लगाया है।

अन्नामलाई बोले-उनका टिकट काटा नहीं गया

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, उनका टिकट काटा नहीं गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया कि उन्होंने उनके फैसले का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रचार अभियान में जुटेंगे।

पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर करेंगे फोकस

अन्नामलाई ने साफ तौर पर कहा है कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर फोकस करेंगे। अन्नामलाई ने कहा कि अगर वह चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का रास्ता चुना। अन्नामलाई ने कहा कि वह न तो उम्मीदवारों की सूची में थे और न ही चुनाव लड़ने की दौड़ में।

पुडुचेरी-केरल और तमिलनाडु में प्रचार की मिली जिम्मेदारी

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने उन्हें 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अन्नामलाई ने कहा- ‘एक कार्यकर्ता के तौर पर, मेरी भूमिका पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना है और मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा।’ अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष और पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल

भाजपा ने अन्नामलाई को आज राज्य कोर कमेटी की बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

24 घंटे में ईरान ने अमेरिकी खेमे में मचाई खलबली, दो लड़ाकू विमान-हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना

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ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में हर दिन हमले तेज हो रहे हैं। ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

ईरान ने खुजेस्तान में F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया

शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया। ईरान ने अपने खुजेस्तान प्रांत F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो चालक दल सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। चालक की तलाश के लिए ईरान ने इनाम की घोषणा की है।

कुवैत के ऊपर अमेरिकी A-10 को बनाया निशाना

एक दूसरी घटना में ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के दो A-10 वॉरथॉग विमानों पर हमला किया था जिनमें से एक विमान समंदर में जा गिरा। इस विमान के पायलट को भी बचा लिया गया है। दूसरा विमान एक इंजन के सहारे बेस पर लौटने में कामयाब रहा।

बचाव मिशन पर भी हमला

F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

नक्सलवाद के एक खूनी अध्याय का अंत: माओवादी थिंक टैंक प्रशांत बोस उर्फ 'किशन दा' की मौत।

रांची: भारत में नक्सलवाद के पांच दशक पुराने एक बड़े अध्याय का कल औपचारिक रूप से समापन हो गया। भाकपा माओवादी संगठन के आधार स्तंभ और 'सेकंड-इन-कमान' रहे प्रशांत बोस उर्फ किशन दा ने शुक्रवार, 03 अप्रैल 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

साल 2021 से रांची की जेल में बंद प्रशांत बोस की मौत को देश से नक्सलवाद के पूर्ण सफाए पर 'आखरी कील' के तौर पर देखा जा रहा है।

मजदूर यूनियन से शीर्ष कमांडर तक का सफर

प्रशांत बोस का सफर 60 के दशक में कोलकाता के मजदूर यूनियनों से शुरू हुआ था। एमसीसीआई (MCCI) के संस्थापक कन्हाई चटर्जी के साथ मिलकर उसने जमींदारी प्रथा के खिलाफ आंदोलन छेड़ा और बाद में रतिलाल मुर्मू के साथ मिलकर 'सनलाइट सेना' का गठन किया। 2004 में जब एमसीसीआई और पीडब्ल्यूजी (PWG) का विलय हुआ, तब प्रशांत बोस को ईआरबी (ERB) का प्रमुख और संगठन का मुख्य रणनीतिकार बनाया गया।

खौफनाक वारदातों का 'मास्टरमाइंड'

प्रशांत बोस केवल एक नेता नहीं, बल्कि माओवादियों का 'थिंक टैंक' था। देश की सुरक्षा को हिला देने वाली कई बड़ी घटनाओं के पीछे इसी का दिमाग था:

  • प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश: पुणे के भीमा कोरेगांव हिंसा और पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में एनआईए (NIA) की चार्जशीट में इसका नाम प्रमुखता से शामिल था।
  • झीरम घाटी कांड (2013): छत्तीसगढ़ के बस्तर में विद्याचरण शुक्ल और महेंद्र करमा समेत 30 कांग्रेस नेताओं की नृशंस हत्या की मंजूरी प्रशांत बोस ने ही दी थी।

  • सैकड़ों मामले: अकेले झारखंड में इसके खिलाफ 70 और इसकी पत्नी शीला मरांडी के खिलाफ 18 मामले दर्ज थे। बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी यह वांटेड था।

2021 की वह ऐतिहासिक गिरफ्तारी

प्रशांत बोस को पकड़ना सुरक्षा बलों के लिए दशकों की सबसे बड़ी कामयाबी थी। साल 2021 में झारखंड के तत्कालीन डीजीपी नीरज सिन्हा, आईजी अभियान अमोल वी. होमकर और आईबी की संयुक्त टीम ने उसे सरायकेला के कांड्रा से दबोचा था। उस समय डीजीपी ने बताया था कि प्रशांत बोस माओवादी संगठन के रहस्यों का 'महासागर' है, जिसकी गिरफ्तारी ने संगठन की कमर तोड़ दी थी।

नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने ही देश से नक्सलवाद के लगभग समाप्त होने की घोषणा की थी। केंद्र और राज्य सरकारों के साझा ऑपरेशनों, मजबूत इच्छाशक्ति और विकास कार्यों ने माओवाद को समाज की जड़ों से उखाड़ फेंका है। प्रशांत बोस की मौत के साथ ही अब वह विचारधारा भी इतिहास के पन्नों में सिमटने की कगार पर है जिसने दशकों तक देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी।

केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला

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केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट

यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार

थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।

लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता मुख्यालय से किए गए संबद्ध
*शिकायतकर्ता को गाली गलौज कर धमकाने का मामला

गोंडा।जिले के लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया है।उन्हें तत्काल प्रभाव से लोक निर्माण विभाग के लखनऊ स्थित मुख्यालय से सबद्ध किया गया है।यह कार्यवाही शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को धमकाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले उनके एक वायरल वीडियो के बाद हुई है।बताते चलें कि 27 फरवरी को सभी समाचार पत्रों व पोर्टल में प्रकाशित खबर के अनुसार 26 फरवरी को अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो वायरल हुआ था।इसमें वह शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को लाठी से मारने की धमकी देते और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे थे।शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी ने 26 फरवरी को शिकायत दर्ज कराया था कि उनके खेत की पास के सड़क को दो मीटर के स्थान पर चार मीटर तक बढ़ा दिया गया है,जबकि अन्य स्थानों पर मात्र दो मीटर ही बढ़ाया गया था।इसी शिकायत की जांच के लिए विनोद कुमार त्रिपाठी मौके पर गए थे।वीडियो सामने आने के बाद शासन ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को मामले की जांच का आदेश दिया था।जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी करनैलगंज नेहा मिश्रा की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर जांच कराई और रिपोर्ट शासन को भेज दिया।इसी रिपोर्ट के आधार पर विनोद कुमार त्रिपाठी को गोंडा से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।उन्हें अभी किसी खंड में तैनात नहीं किया गया है।गोंडा से हटाए जाने के पश्चात विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग सरकार के कर्मचारी हैं,सरकार हमलोगों का स्थानांतरण करती रहती है इसमें हमको कोई दिक्कत नहीं है।
कैलाशपति पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, ज्ञान प्रकाश सिंह ने किया सम्मान

जौनपुर। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के आवास 'कैलाशपति' पर अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचे जहां उनका ज्ञान प्रकाश सिंह ने गर्मजोशी के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष / संस्थापक, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ व स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार बिना भेदभाव के प्रदेश में विकास कार्य कर रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग को दिया जा रहा है।

विपक्ष के पास कोई मुद्दा न होने के कारण सिर्फ गलत बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कानून व्यवस्था चुस्त दुरूस्त है और बहन बेटियां सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने विकास कार्य करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बड़े-बड़े उद्योगपतियों से निवेश कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रहे हैं। अभी हाल में उन्होंने सिंगापुर, जापान की यात्रा इसी उद्देश्य से किए थे, आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पूरे देश में एक नजीर बनकर उभरेगा।

इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर हमारे कैलाशपति गोधना आवास पर आए इसके लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त कर रहा हूं और यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर भारी संख्या में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी उपस्थित रहे।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)

पैरामाउंट क्लासेस में मेधावी छात्रों का सम्मान, उज्ज्वल भविष्य के लिए मिला प्रेरणा संदेश

जहानाबाद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पैरामाउंट क्लासेस में वर्ष 2026 के 10वीं एवं 12वीं के सफल विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजद नेता राधे सोनू कुमार मौजूद रहे। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करने की सलाह दी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। संस्थान के संचालक एवं निदेशक बिलेंद्र कुमार ने बताया कि यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक प्रेरणादायक कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि संस्थान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर प्रदान किया जाता है। यहां संवाद आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाता है, जिससे उनकी जिज्ञासा, समझ और आत्मविश्वास में निरंतर वृद्धि होती है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। नीतीश कुमार ने 500 में 451 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। गोलू कुमार ने 427 अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि भगवान वीर कुमार 419 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहे। इसके अलावा बबलू कुमार (433 अंक), अरनम कुमार (426 अंक), रंजीत कुमार (408 अंक), अनुप्रिया (407 अंक), प्रिया कुमारी (405 अंक), नंदनी कुमारी (397 अंक), भोला कुमार (387 अंक), अमर कुमार (383 अंक), गीतांजलि कुमारी (378 अंक) और भारती कुमारी (371 अंक) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार, संस्थान और जिले का नाम रोशन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा का संचार हुआ। संस्थान की ओर से जानकारी दी गई कि 11वीं कक्षा का नया बैच 7 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है। साथ ही 8वीं, 9वीं, 10वीं (सभी विषय), 9वीं-10वीं स्पेशल मैथ, 11वीं-12वीं (मैथ एवं केमिस्ट्री) तथा जीडी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं और शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन के पिता की श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
जहानाबाद घोसी थाना क्षेत्र के ग्राम भारथु निवासी स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का 22 मार्च 2026, रविवार को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहांत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह अपने पीछे एक संस्कारित और समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार एवं अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन सहित पौत्र धीरज कुमार और अजय कुमार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों के अनुसार, वे अत्यंत धार्मिक और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे दिन-रात “सीताराम-सीताराम” का जाप करते रहते थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने गाय सेवा और खेती को ही अपना मुख्य कार्य माना और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत किया। बताया जाता है कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उदय नारायण सिंह के भाई थे, जिससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और देशभक्ति की पहचान जुड़ी रही। परिवार में डॉ. विजय कुमार सिन्हा (अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन), अरुण कुमार तथा मनोज कुमार रंजन जैसे प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित स्थान रखते हैं। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह की एक विशेष पहचान यह भी रही कि उन्होंने अपने सभी आठ भतीजों का पालन-पोषण अपने पुत्रों की तरह किया और उन्हें शिक्षित एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर अपसा के अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी ग्राम भारथु पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ब्रह्मभोज के अवसर पर ब्राह्मणों को वस्त्र एवं बर्तन दान किए गए, जो उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक रहा, जिसे क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद करते
पति पत्नी के विवाद में पति ने किया वार,पुत्र की गई जान,पिता हुआ गिरफ्तार*
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पति पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और कार्यवाही में जुट गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के मढ़हा गांव का। आज शाम इसी गांव के रहने वाले शंभू दयाल कोरी का अपनी पत्नी रंजू से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि शंभू ने अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी की पिटाई के बाद बौखलाए पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में उस मासूम ने तुरंत दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता शंभू दयाल को हिरासत में ले लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों से बातचीत के बाद पुलिस आरोपी पिता शंभू को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही है।
बीजेपी ने तमिलनाडु में अन्नामलाई को क्यों नहीं उतारा? खुद दिया जवाब

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तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी ओर से जारी 27 उम्मीदवारों की लिस्ट में कद्दावर नेता के. अन्नामलाई का नाम नहीं है। के. अन्नामलाई राज्य में बीजेपी के सबसे बड़े चेहरे हैं। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या बीजेपी ने अन्नामलाई को साइडलाइन कर दिया है। इन चर्चाओं पर अन्नामलाई ने खुद विराम लगाया है।

अन्नामलाई बोले-उनका टिकट काटा नहीं गया

अन्नामलाई ने कहा कि उन्होंने खुद ही चुनाव न लड़ने का फैसला किया था, उनका टिकट काटा नहीं गया। चेन्नई हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बात करते हुए अन्नामलाई ने भाजपा नेतृत्व का आभार जताया कि उन्होंने उनके फैसले का सम्मान किया। उन्होंने बताया कि उन्होंने पहले ही पार्टी आलाकमान को लिखित रूप में सूचित कर दिया था कि वे किसी भी निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव नहीं लड़ेंगे, बल्कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के लिए प्रचार अभियान में जुटेंगे।

पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर करेंगे फोकस

अन्नामलाई ने साफ तौर पर कहा है कि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे और पूरी तरह से पार्टी के प्रचार पर फोकस करेंगे। अन्नामलाई ने कहा कि अगर वह चाहते, तो तमिलनाडु की किसी भी सीट से चुनाव लड़ सकते थे, लेकिन उन्होंने संगठन को मजबूत करने और उम्मीदवारों के समर्थन में प्रचार करने का रास्ता चुना। अन्नामलाई ने कहा कि वह न तो उम्मीदवारों की सूची में थे और न ही चुनाव लड़ने की दौड़ में।

पुडुचेरी-केरल और तमिलनाडु में प्रचार की मिली जिम्मेदारी

तमिलनाडु भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि पार्टी ने उन्हें 7 अप्रैल तक पुडुचेरी और केरल में, और उसके बाद 23 अप्रैल तक तमिलनाडु में प्रचार की जिम्मेदारी दी है। अन्नामलाई ने कहा- ‘एक कार्यकर्ता के तौर पर, मेरी भूमिका पूरे राज्य में एनडीए प्रत्याशियों के लिए प्रचार करना है और मैं इसे पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाऊंगा।’ अन्नामलाई ने यह भी स्पष्ट किया कि उन्होंने अपने फैसले की जानकारी पहले ही केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, बीजेपी महासचिव बीएल संतोष और पार्टी नेतृत्व को दे दी थी।

कोर कमेटी की बैठक में शामिल

भाजपा ने अन्नामलाई को आज राज्य कोर कमेटी की बंद कमरे में होने वाली बैठक में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली बैठक में आगामी चुनावी रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

24 घंटे में ईरान ने अमेरिकी खेमे में मचाई खलबली, दो लड़ाकू विमान-हेलीकॉप्टर को बनाया निशाना

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ईरान और अमेरिका-इजरायल युद्ध में हर दिन हमले तेज हो रहे हैं। ईरान के साथ करीब पांच सप्ताह से चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिका को बड़ा झटका लगा है। एक ही दिन में ईरान द्वारा दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों के गिराए जाने की घटना ने पश्चिम एशिया में संकट को और गहरा दिया है।

अमेरिका ने पिछले 24 घंटे में अपन दो फाइटर जेट और दो हेलीकॉप्टर खो दिए हैं। जबकि उसके एफ-15 लड़ाकू विमान का पायलट अभी भी लापता है। ईरान के अंदर उसकी तलाश में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।

ईरान ने खुजेस्तान में F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया

शुक्रवार को ईरान ने एक अमेरिकी F-15E स्ट्राइक ईगल को निशाना बनाया। ईरान ने अपने खुजेस्तान प्रांत F-15E स्ट्राइक ईगल को मार गिराया। इस घटना में विमान के दो चालक दल सदस्यों में से एक को बचा लिया गया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है। चालक की तलाश के लिए ईरान ने इनाम की घोषणा की है।

कुवैत के ऊपर अमेरिकी A-10 को बनाया निशाना

एक दूसरी घटना में ईरान ने कुवैत के ऊपर उड़ान भर रहे अमेरिकी A-10 वारथॉग अटैक एयरक्राफ्ट को निशाना बनाया। ईरान ने अमेरिका के दो A-10 वॉरथॉग विमानों पर हमला किया था जिनमें से एक विमान समंदर में जा गिरा। इस विमान के पायलट को भी बचा लिया गया है। दूसरा विमान एक इंजन के सहारे बेस पर लौटने में कामयाब रहा।

बचाव मिशन पर भी हमला

F-15E लड़ाकू विमान के लापता पायलट का पता लगाने के प्रयास बेहद खतरनाक साबित हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खोज और बचाव मिशन के लिए ईरानी क्षेत्र में घुसे दो अमेरिकी ब्लैकहॉक हेलीकॉप्टरों पर भी गोलाबारी हुई। हालांकि वे ईरानी हवाई क्षेत्र से सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे। इस मिशन में एक पायलट को रेस्क्यू कर लिया गया था। आशंका जताई गई है कि ये दो हेलीकॉप्टर भी क्षतिग्रस्त हुए हैं।

नक्सलवाद के एक खूनी अध्याय का अंत: माओवादी थिंक टैंक प्रशांत बोस उर्फ 'किशन दा' की मौत।

रांची: भारत में नक्सलवाद के पांच दशक पुराने एक बड़े अध्याय का कल औपचारिक रूप से समापन हो गया। भाकपा माओवादी संगठन के आधार स्तंभ और 'सेकंड-इन-कमान' रहे प्रशांत बोस उर्फ किशन दा ने शुक्रवार, 03 अप्रैल 2026 को दुनिया को अलविदा कह दिया।

साल 2021 से रांची की जेल में बंद प्रशांत बोस की मौत को देश से नक्सलवाद के पूर्ण सफाए पर 'आखरी कील' के तौर पर देखा जा रहा है।

मजदूर यूनियन से शीर्ष कमांडर तक का सफर

प्रशांत बोस का सफर 60 के दशक में कोलकाता के मजदूर यूनियनों से शुरू हुआ था। एमसीसीआई (MCCI) के संस्थापक कन्हाई चटर्जी के साथ मिलकर उसने जमींदारी प्रथा के खिलाफ आंदोलन छेड़ा और बाद में रतिलाल मुर्मू के साथ मिलकर 'सनलाइट सेना' का गठन किया। 2004 में जब एमसीसीआई और पीडब्ल्यूजी (PWG) का विलय हुआ, तब प्रशांत बोस को ईआरबी (ERB) का प्रमुख और संगठन का मुख्य रणनीतिकार बनाया गया।

खौफनाक वारदातों का 'मास्टरमाइंड'

प्रशांत बोस केवल एक नेता नहीं, बल्कि माओवादियों का 'थिंक टैंक' था। देश की सुरक्षा को हिला देने वाली कई बड़ी घटनाओं के पीछे इसी का दिमाग था:

  • प्रधानमंत्री की हत्या की साजिश: पुणे के भीमा कोरेगांव हिंसा और पीएम नरेंद्र मोदी की हत्या की साजिश रचने में एनआईए (NIA) की चार्जशीट में इसका नाम प्रमुखता से शामिल था।
  • झीरम घाटी कांड (2013): छत्तीसगढ़ के बस्तर में विद्याचरण शुक्ल और महेंद्र करमा समेत 30 कांग्रेस नेताओं की नृशंस हत्या की मंजूरी प्रशांत बोस ने ही दी थी।

  • सैकड़ों मामले: अकेले झारखंड में इसके खिलाफ 70 और इसकी पत्नी शीला मरांडी के खिलाफ 18 मामले दर्ज थे। बिहार, ओडिशा, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में भी यह वांटेड था।

2021 की वह ऐतिहासिक गिरफ्तारी

प्रशांत बोस को पकड़ना सुरक्षा बलों के लिए दशकों की सबसे बड़ी कामयाबी थी। साल 2021 में झारखंड के तत्कालीन डीजीपी नीरज सिन्हा, आईजी अभियान अमोल वी. होमकर और आईबी की संयुक्त टीम ने उसे सरायकेला के कांड्रा से दबोचा था। उस समय डीजीपी ने बताया था कि प्रशांत बोस माओवादी संगठन के रहस्यों का 'महासागर' है, जिसकी गिरफ्तारी ने संगठन की कमर तोड़ दी थी।

नक्सलवाद के खात्मे की घोषणा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पिछले महीने ही देश से नक्सलवाद के लगभग समाप्त होने की घोषणा की थी। केंद्र और राज्य सरकारों के साझा ऑपरेशनों, मजबूत इच्छाशक्ति और विकास कार्यों ने माओवाद को समाज की जड़ों से उखाड़ फेंका है। प्रशांत बोस की मौत के साथ ही अब वह विचारधारा भी इतिहास के पन्नों में सिमटने की कगार पर है जिसने दशकों तक देश की आंतरिक सुरक्षा को चुनौती दी।

केरल के मलप्पुरम में चुनाव प्रचार के दौरान शशि थरूर के काफिले पर हमला, जानें पूरा मामला

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केरलम की विधानसभा चुनावी की सरगर्मी जोरों पर हैं। इस बीच चुनाव प्रचार के दौरान कांग्रेस सांसद शशि थरूर की कार पर हमला हुआ है। यह घटना मलप्पुरम जिले के वांडूर में हुई। कुछ लोगों ने शशि थरूर की कार रोक ली और उनके गनमैन के साथ मारपीट की। पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और दो लोगों को हिरासत में ले लिया है।

गनमैन के साथ गाली-गलौज और मारपीट

यह हमला शुक्रवार रात को हुआ। शशि थरूर मलप्पुरम के वंडूर में यूडीएफ उम्मीदवार एपी अनिल कुमार के लिए प्रचार करने आए थे। इस मामले में थरूर के गनमैन ने खुद शिकायत दर्ज कराई है। वांडूर पुलिस ने बताया कि सांसद के गनमैन रतीश केपी की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है।

हमलावर दो गाड़ियों में थे सवार

थरूर की टीम के अनुसार वे दो वाहनों में यात्रा कर रहे थे। थरूर पहली कार में सवार थे। दूसरी कार ओवरटेक करने की कोशिश के दौरान विवाद शुरू हुआ। अचानक दो कारों में सवार करीब आठ लोगों ने थरूर की गाड़ी रोक दी। उन्होंने आगे बढ़ने नहीं दिया और कार के शीशे पर जोर-जोर से हाथ-पैर मारे। जब थरूर का गनमैन सुरक्षा की वजह से गाड़ी से उतरा तो हमलावरों ने उस पर भी हमला बोल दिया। गनमैन धक्का-मुक्की और मारपीट का शिकार हो गया।

पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया

पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को भी हिरासत में लिया है। पुलिस ने इस मामले में दो कारों को भी जब्त किया है। पुलिस का कहना है कि शशि थरूर का काफिला रोकने वाला ग्रुप इन कारों में सफर कर रहा था। इस मामले में पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि यह घटना वंडूर के चेल्लीथोड में शाम करीब 7 बजे हुई। चुनाव में उतरने उम्मीदावार एपी अनिल कुमार के लिए शशि थरूर चुनाव प्रचार करने वंडूर आए थे।

लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता मुख्यालय से किए गए संबद्ध
*शिकायतकर्ता को गाली गलौज कर धमकाने का मामला

गोंडा।जिले के लोक निर्माण विभाग खंड 2 के अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया गया है।उन्हें तत्काल प्रभाव से लोक निर्माण विभाग के लखनऊ स्थित मुख्यालय से सबद्ध किया गया है।यह कार्यवाही शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को धमकाने और अभद्र भाषा का प्रयोग करने वाले उनके एक वायरल वीडियो के बाद हुई है।बताते चलें कि 27 फरवरी को सभी समाचार पत्रों व पोर्टल में प्रकाशित खबर के अनुसार 26 फरवरी को अधिशासी अभियंता विनोद कुमार त्रिपाठी का एक वीडियो वायरल हुआ था।इसमें वह शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी को लाठी से मारने की धमकी देते और अभद्र शब्दों का प्रयोग करते हुए दिखाई दे रहे थे।शिकायतकर्ता राहुल गोस्वामी ने 26 फरवरी को शिकायत दर्ज कराया था कि उनके खेत की पास के सड़क को दो मीटर के स्थान पर चार मीटर तक बढ़ा दिया गया है,जबकि अन्य स्थानों पर मात्र दो मीटर ही बढ़ाया गया था।इसी शिकायत की जांच के लिए विनोद कुमार त्रिपाठी मौके पर गए थे।वीडियो सामने आने के बाद शासन ने जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन को मामले की जांच का आदेश दिया था।जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी करनैलगंज नेहा मिश्रा की अध्यक्षता में एक समिति गठित कर जांच कराई और रिपोर्ट शासन को भेज दिया।इसी रिपोर्ट के आधार पर विनोद कुमार त्रिपाठी को गोंडा से हटाकर लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध किया गया है।उन्हें अभी किसी खंड में तैनात नहीं किया गया है।गोंडा से हटाए जाने के पश्चात विनोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि हम लोग सरकार के कर्मचारी हैं,सरकार हमलोगों का स्थानांतरण करती रहती है इसमें हमको कोई दिक्कत नहीं है।
कैलाशपति पर पहुंचे कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर, ज्ञान प्रकाश सिंह ने किया सम्मान

जौनपुर। कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर शुक्रवार को भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह के आवास 'कैलाशपति' पर अपने लाव लश्कर के साथ पहुंचे जहां उनका ज्ञान प्रकाश सिंह ने गर्मजोशी के साथ जोरदार स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष / संस्थापक, कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर को अंगवस्त्रम, पुष्पगुच्छ व स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि योगी सरकार बिना भेदभाव के प्रदेश में विकास कार्य कर रही है। सरकारी योजनाओं का लाभ हर वर्ग को दिया जा रहा है।

विपक्ष के पास कोई मुद्दा न होने के कारण सिर्फ गलत बयानबाजी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में कानून व्यवस्था चुस्त दुरूस्त है और बहन बेटियां सुरक्षित हैं। मुख्यमंत्री ने विकास कार्य करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर बड़े-बड़े उद्योगपतियों से निवेश कराने के लिए भी लगातार कार्य कर रहे हैं। अभी हाल में उन्होंने सिंगापुर, जापान की यात्रा इसी उद्देश्य से किए थे, आने वाले समय में उत्तर प्रदेश पूरे देश में एक नजीर बनकर उभरेगा।

इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने कहा कि कैबिनेट मंत्री ओमप्रकाश राजभर हमारे कैलाशपति गोधना आवास पर आए इसके लिए मैं उनके प्रति आभार व्यक्त कर रहा हूं और यह मुलाकात सिर्फ एक शिष्टाचार भेंट थी। इस मौके पर भारी संख्या में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के कार्यकर्ता, पदाधिकारी उपस्थित रहे।
छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: भाजपा नेता सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल संतोष गंगवार को सौंपा ज्ञापन।

राँची/गढ़वा: गढ़वा के विधायक और वरिष्ठ भाजपा नेता श्री सत्येंद्र नाथ तिवारी ने आज राजभवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गढ़वा, पलामू और लातेहार जिलों के साथ राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे कथित 'सौतेले व्यवहार' और मंडल डैम विस्थापितों के पुनर्वास में हो रही अनियमितताओं को लेकर एक ज्ञापन सौंपा और हस्तक्षेप की मांग की।

भाषा विवाद: छात्रों के भविष्य पर संकट

विधायक सत्येंद्र नाथ तिवारी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि पलामू प्रमंडल (गढ़वा, पलामू, लातेहार) की सांस्कृतिक और सामाजिक पहचान भोजपुरी, मगही और हिंदी से जुड़ी है। उन्होंने आरोप लगाया कि हेमंत सोरेन सरकार आगामी झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) में इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा के रूप में शामिल न करके स्थानीय युवाओं के साथ विश्वासघात कर रही है।

उन्होंने कहा, "जिस भाषा में यहां के विद्यार्थी वर्षों से शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं, उसे परीक्षा से बाहर रखना मेधावी छात्रों के रोजगार के अवसरों को छीनने जैसा है। क्षेत्रीय भाषा में क्वालीफाई करने की बाध्यता के कारण हमारे क्षेत्र के युवा पिछड़ जाएंगे।"

मंडल डैम विस्थापन: रंका में तनावपूर्ण स्थिति

श्री तिवारी ने रंका प्रखंड के विश्रामपुर और बलीगढ़ के जंगलों में मंडल डैम के 780 विस्थापित परिवारों को जबरन बसाने के जिला प्रशासन के निर्णय पर कड़ा विरोध दर्ज कराया। उन्होंने राज्यपाल के समक्ष प्रमुख बिंदु रखे:

रोजगार का संकट: जिस 1000 एकड़ जंगल पर विस्थापितों को बसाया जा रहा है, वह करीब 20 गांवों के स्थानीय आदिवासियों के भरण-पोषण (महुआ, बीड़ी पत्ता, जड़ी-बूटी) का एकमात्र साधन है।

पुलिसिया बर्बरता: विधायक ने आरोप लगाया कि 8 दिसंबर को पुलिस ने बिना ग्राम सभा की अनुमति के महिलाओं पर लाठियां बरसाईं और ग्रामीणों की आवाज दबाने का प्रयास किया।

संवैधानिक पेसा (PESA) एक्ट का उल्लंघन: विस्थापित परिवार 5वीं अनुसूची और पेसा एक्ट के तहत आते हैं, जबकि उन्हें सामान्य पंचायत में बसाया जा रहा है, जिससे उन्हें मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण का लाभ नहीं मिल पाएगा।

राज्यपाल से मांग

विधायक ने महामहिम से मांग की है कि शिक्षक पात्रता परीक्षा में भोजपुरी, मगही और हिंदी को तुरंत शामिल कराया जाए। साथ ही, मंडल डैम के विस्थापितों को स्थानीय ग्रामीणों की सहमति के बिना उनके रोजगार वाले जंगलों में न बसाकर कहीं अन्यत्र सुरक्षित स्थान पर पुनर्वासित किया जाए।

"हेमंत सरकार पलामू प्रमंडल की अस्मिता और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रशासन की तानाशाही और छात्रों के साथ हो रहा अन्याय भाजपा बर्दाश्त नहीं करेगी।"

— सत्येंद्र नाथ तिवारी, विधायक (गढ़वा)

पैरामाउंट क्लासेस में मेधावी छात्रों का सम्मान, उज्ज्वल भविष्य के लिए मिला प्रेरणा संदेश

जहानाबाद के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान पैरामाउंट क्लासेस में वर्ष 2026 के 10वीं एवं 12वीं के सफल विद्यार्थियों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं अभिभावक उपस्थित रहे, जिससे पूरे परिसर में उत्साह और खुशी का माहौल बना रहा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में राजद नेता राधे सोनू कुमार मौजूद रहे। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया और कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, इसके लिए निरंतर मेहनत और समर्पण आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को लक्ष्य निर्धारित कर पूरी लगन से पढ़ाई करने की सलाह दी। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों की सहायता के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। संस्थान के संचालक एवं निदेशक बिलेंद्र कुमार ने बताया कि यह सम्मान समारोह हर वर्ष आयोजित किया जाता है, जिसका उद्देश्य छात्रों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और प्रतिस्पर्धा की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल उपलब्धि का प्रतीक नहीं, बल्कि छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की ओर एक प्रेरणादायक कदम है।
उन्होंने आगे कहा कि संस्थान में शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों को समान अवसर प्रदान किया जाता है। यहां संवाद आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों को पढ़ाया जाता है, जिससे उनकी जिज्ञासा, समझ और आत्मविश्वास में निरंतर वृद्धि होती है। कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया। नीतीश कुमार ने 500 में 451 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। गोलू कुमार ने 427 अंक के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त किया, जबकि भगवान वीर कुमार 419 अंकों के साथ तृतीय स्थान पर रहे। इसके अलावा बबलू कुमार (433 अंक), अरनम कुमार (426 अंक), रंजीत कुमार (408 अंक), अनुप्रिया (407 अंक), प्रिया कुमारी (405 अंक), नंदनी कुमारी (397 अंक), भोला कुमार (387 अंक), अमर कुमार (383 अंक), गीतांजलि कुमारी (378 अंक) और भारती कुमारी (371 अंक) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर अपने परिवार, संस्थान और जिले का नाम रोशन किया। कार्यक्रम के दौरान सभी सफल विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया, जिससे उनमें आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा का संचार हुआ। संस्थान की ओर से जानकारी दी गई कि 11वीं कक्षा का नया बैच 7 अप्रैल से प्रारंभ हो रहा है। साथ ही 8वीं, 9वीं, 10वीं (सभी विषय), 9वीं-10वीं स्पेशल मैथ, 11वीं-12वीं (मैथ एवं केमिस्ट्री) तथा जीडी एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जाती है। समारोह के अंत में सभी विद्यार्थियों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी गईं और शिक्षा के प्रति निरंतर समर्पण बनाए रखने का संदेश दिया गया।
अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन के पिता की श्रद्धांजलि सभा सम्पन्न, नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
जहानाबाद घोसी थाना क्षेत्र के ग्राम भारथु निवासी स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का 22 मार्च 2026, रविवार को लगभग 100 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके देहांत से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह अपने पीछे एक संस्कारित और समृद्ध परिवार छोड़ गए हैं। उनके पुत्र अनिरुद्ध कुमार सिन्हा, मुकेश कुमार एवं अपसा सचिव राकेश कुमार रंजन सहित पौत्र धीरज कुमार और अजय कुमार ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ग्रामीणों के अनुसार, वे अत्यंत धार्मिक और सरल स्वभाव के व्यक्ति थे। वे दिन-रात “सीताराम-सीताराम” का जाप करते रहते थे। अपने जीवनकाल में उन्होंने गाय सेवा और खेती को ही अपना मुख्य कार्य माना और सादगीपूर्ण जीवन व्यतीत किया। बताया जाता है कि वे महान स्वतंत्रता सेनानी स्वर्गीय उदय नारायण सिंह के भाई थे, जिससे उनके परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और देशभक्ति की पहचान जुड़ी रही। परिवार में डॉ. विजय कुमार सिन्हा (अवकाश प्राप्त सिविल सर्जन), अरुण कुमार तथा मनोज कुमार रंजन जैसे प्रतिष्ठित सदस्य शामिल हैं, जो अपने-अपने क्षेत्र में सम्मानित स्थान रखते हैं। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह की एक विशेष पहचान यह भी रही कि उन्होंने अपने सभी आठ भतीजों का पालन-पोषण अपने पुत्रों की तरह किया और उन्हें शिक्षित एवं संस्कारित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
श्रद्धांजलि सभा के अवसर पर अपसा के अध्यक्ष सहित सभी पदाधिकारी ग्राम भारथु पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। ब्रह्मभोज के अवसर पर ब्राह्मणों को वस्त्र एवं बर्तन दान किए गए, जो उनकी धार्मिक आस्था और परंपराओं के प्रति समर्पण को दर्शाता है। स्वर्गीय सूर्यदेव नारायण सिंह का जीवन सादगी, सेवा और संस्कारों का प्रतीक रहा, जिसे क्षेत्र के लोग लंबे समय तक याद करते
पति पत्नी के विवाद में पति ने किया वार,पुत्र की गई जान,पिता हुआ गिरफ्तार*
सुल्तानपुर में आज उस समय हड़कंप मच गया जब पति पत्नी के बीच विवाद के बाद पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं आरोपी पिता मानसिक रूप से विक्षिप्त बताया जा रहा है। फिलहाल सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया है और कार्यवाही में जुट गई है। दरअसल ये मामला है कुड़वार थानाक्षेत्र के मढ़हा गांव का। आज शाम इसी गांव के रहने वाले शंभू दयाल कोरी का अपनी पत्नी रंजू से विवाद हो गया। मामला इस कदर बिगड़ा कि शंभू ने अपनी पत्नी को पीटना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं पत्नी की पिटाई के बाद बौखलाए पति ने अपने 9 माह के बच्चे पर कुल्हाड़ी से वार कर दिया। इस घटना में उस मासूम ने तुरंत दम तोड़ दिया। मासूम की मौत के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया। ग्राम प्रधान सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी पिता शंभू दयाल को हिरासत में ले लिया है और मामले की पड़ताल कर रही है। ग्रामीणों से बातचीत के बाद पुलिस आरोपी पिता शंभू को मानसिक रूप से विक्षिप्त बता रही है।