अखिल विश्व गायत्री परिवार का महा श्रमदान पहुंचे सभी बिजेथुआ धाम*
सुल्तानपुर,विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी रविवार 8 फ़रवरी को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में सुल्तानपुर जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बिजेथुआ धाम में महा स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया। गोमती मित्र मंडल समिति का विशेष सहयोग रहा व जनपद के विशिष्ट जन भी शामिल हुए,इस वर्ष यह कार्यक्रम अखंड दीपक व वंदनीय माताजी के जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत होने वाले सेवा कार्यक्रमों को समर्पित किया गया है,कार्यक्रम संयोजक डा.सुधाकर सिंह ने बताया कि हर वर्ष इस तरीके के महा श्रमदान के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को जनपद के पौराणिक धामों से जोड़ना,स्वच्छता के प्रति जागरूक करना व अपनी संस्कृति को मजबूत करना है। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने उपस्थित सभी लोगों से निवेदन किया की सभी अपने प्रयास से जनपद के पौराणिक धामों पर स्वच्छता श्रमदान का आयोजन करें व हर रविवार सीताकुण्ड धाम पर होने वाले साप्ताहिक श्रमदान में भी जरूर शामिल हों,स्वच्छता कार्यक्रम प्रातः 8:00 बजे से शुरू होकर अपराह्न 12:00 बजे समाप्त किया गया, कार्यक्रम में डा.सुधाकर सिंह,रुद्र प्रताप सिंह मदन,सरदार बलदेव सिंह,डा.सुभाष,डा. पवन सिंह, डा. एस. के.गोयल,अरविंद सिंह राजा (अधि.),मुन्ना सिंह,राजेंद्र शर्मा,अजीत शर्मा,अंजनी जायसवाल,राकेश सिंह,हनुमान सिंह आदि उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में जागरण व भंडारा , शामिल हुए हजारों भक्त
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात समाजसेवी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में बनवाए गए दिव्य और भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर में आज श्री राम मानस प्रचार समिति  द्वारा मां भगवती का विशाल जागरण व भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। लल्लन तिवारी ने अपने हाथों से भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। उनके साथ मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडे, भोर भ्रमण परिवार के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, समाजसेवी अभयराज चौबे ने भी महाप्रसाद का वितरण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीराम मानस प्रचार समिति के संस्थापक श्रीराम दुबे, अध्यक्ष वीरेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष बबलू पांडे, सुशील त्रिपाठी, दिनेश दुबे, जमीदार मिश्रा, रामप्रवेश तिवारी , संजय श्रीवास्तव , नीरज तिवारी, विनोद पांडे, अशोक मिश्रा, संजय दुबे,डीएम मिश्रा ,अनिल गुप्ता, हौसिला शुक्ला, दाढ़ी तिवारी, संतोष मिश्रा, पप्पू तिवारी की सक्रिय भूमिका रही । समाजसेवी पीजी सिंह तथा समाजसेवी अमित उपाध्याय का विशेष योगदान रहा।
महिलाओं ने एक दूसरे को पटक पटक कर पीटा,मुकदमा दर्ज
*बाल खींचे और जमीन पर गिराकर पीटा

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र अंतर्गत केशव नगर ग्रंट
गांव में दो महिला गुटों के बीच आपसी कहासुनी को लेकर गाली गलौज के बाद जमकर मारपीट हुई है।वीडियो में महिलाएं एक दूसरे को जमीन पर पटकती और गाली गलौज करती दिखाई दे रही हैं।मारपीट में लाठी डंडों का भी प्रयोग किया गया है,जिसमें एक लड़की भी शामिल नजर आ रही है।विवाद खत्म करने के बजाय पास में खड़ी एक महिला इस मारपीट का वीडियो भी बनाती नजर आ रही है।घटना का वीडियो सामने आने के बाद खोंड़ारे पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि दोनों महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।दोनों पक्षों की महिलाओं की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों गुटों के लोगों को निर्देश दिया गया है कि आगामी भविष्य में इस तरीके से मारपीट की घटना को अंजाम नहीं देंगे अन्यथा की दृष्टि में इन लोगों के विरुद्ध अन्य कठोर कार्यवाही की जाएगी।वहीं खोंड़ारे थानाध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर कार्यवाही की गयी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।उन्होंने बताया कि इश दोनों महिलाओं का आपस में विवाद चल रहा है और यह दोनों आपस में रिश्तेदार हैं जिसके कारण यह मारपीट की घटना हुई है।तत्काल दोनों गुटों की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस सक्रिय है।
कोमल सिंह ने बढ़ाया जिले का मान
गोण्डा। विकास खण्ड बेलसर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलहा निवासी सूर्यकान्त सिंह की  पुत्री कोमल सिंह ने जेआरएफ (असिस्टेंट प्रोफेसर) की परीक्षा उत्तीर्ण कर जनपद के नाम रोशन किया है। इस संदर्भ में विकास सिंह विक्कू ने बताया कि कोमल सिंह ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालय अवध शरण तथा इंटरमीडिएट लखनऊ पब्लिक स्कूल से किया। तदुपरांत बीए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तथा एमए की शिक्षा जेएनयू दिल्ली से अर्जित कर पहली ही बार मे जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि कोमल के पिता सूर्यकान्त सिंह ग्राम प्रधान तथा माता संगीता सिंह गृहिणी है। इस अवसर पर सोनू सिंह, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, पंकज सिंह, पंचम सिंह अवनीश शुक्ला सहित तमाम क्षेत्रीयजनों ने शुभकामनाएं प्रेषित किया।
गोंडा: बीएलओ पर दबाव और फॉर्म-07 भरवाने का आरोप, डीएम से की गई लिखित शिकायत
गोंडा। जनपद में पंचायत निर्वाचन से जुड़े कार्यों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता बैजनाथ दुबे ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायक बावन सिंह द्वारा जबरन बीएलओ पर दबाव बनाकर फॉर्म-07 भरवाया जा रहा है। बैजनाथ दुबे के अनुसार, कई बूथों पर बीएलओ स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी गोंडा को लिखित शिकायत भी दी गई है। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि यदि कहीं भी गलत तरीके से फॉर्म भरवाया गया तो उसकी जानकारी सामने आने पर वह कानूनी और राजनीतिक स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों के कुछ बूथों पर बीएलओ पर दबाव डालकर मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म भरवाने का प्रयास किया गया, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से ग्रामीण मतदाता भय और भ्रम की स्थिति में हैं। बैजनाथ दुबे ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित बीएलओ को दबावमुक्त वातावरण में कार्य करने दिया जाए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन या संबंधित जनप्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
सुधार और रिकॉर्ड सप्लाई के दावों के बीच बिजली निजीकरण पर घमासान
लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था में हो रहे गुणात्मक सुधार और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावों के बाद निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने कहा है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है और रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, तो ऐसे समय में निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन के मनमाने और अव्यावहारिक निर्णयों से सुचारु रूप से चल रही विद्युत व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी वक्तव्यों में यह स्पष्ट किया गया है कि विगत वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर विद्युत आपूर्ति की गई और पीक आवर के दौरान भी मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई गई।सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1,64,786 लाख यूनिट विद्युत आपूर्ति कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही आरडीएसएस योजना के तहत किए गए अरबों रुपये के निवेश के बाद सरकारी वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संघर्ष समिति का कहना है कि जब भारी निवेश के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा चुका है, तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया जारी रखना प्रदेश के हित में नहीं है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि निजीकरण की तैयारी के नाम पर पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्यस्थलों का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित कई शहरों में वर्टिकल पुनर्गठन के नाम पर नियमित और संविदा पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास है। यदि निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाता है, तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि पावर सेक्टर में मनमाने प्रयोगों से बचा जाए और निजीकरण का फैसला वापस लेकर कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सुधार कार्यक्रम चलाए जाएं। जब तक निजीकरण निरस्त नहीं किया जाता और कर्मचारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राँची: आम नागरिकों के लिए अब 15 फरवरी तक खुला रहेगा 'लोक भवन' उद्यान; राज्यपाल ने बढ़ाई समय-सीमा

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राँची, 08 फरवरी 2026: राजधानीवासियों के भारी उत्साह और उद्यान देखने की बढ़ती मांग को देखते हुए माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लोक भवन (राजभवन), राँची के उद्यान को आम जनता के भ्रमण के लिए अब 15 फरवरी 2026 तक खुला रखने का निदेश दिया गया है।

भारी उत्साह के कारण बढ़ी तिथि

पूर्व में यह उद्यान 2 फरवरी से 8 फरवरी तक ही खुला रहना था। लेकिन फूलों की विभिन्न प्रजातियों और उद्यान की सुंदरता को देखने के लिए उमड़ रही भीड़ और नागरिकों की सहभागिता को देखते हुए राज्यपाल ने इसे एक सप्ताह के लिए और विस्तार देने का आदेश दिया है।

भ्रमण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी:

विस्तारित तिथि: अब 15 फरवरी 2026 तक।

भ्रमण का समय: प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक।

प्रवेश की अंतिम सीमा: इच्छुक नागरिक अपराह्न 1:00 बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे।

प्रवेश द्वार: लोक भवन का गेट संख्या 2।

प्रक्रिया: सुरक्षा जांच के उपरांत ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण

लोक भवन का उद्यान अपनी औषधीय वाटिका, विभिन्न प्रकार के गुलाबों और दुर्लभ फूलों के लिए जाना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में छात्र, प्रकृति प्रेमी और आम नागरिक इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने पहुँचते हैं।

अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
परिवार परामर्श केन्द्र में 02 जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछुडे़ जोड़ो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 02 जोड़ों को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित सदस्यगण-
महिला थाना प्रभारी अनीता यादव, श्री शशि कुमार भारती,  राजमंगल मौर्य, गंगाधर शुक्ल,अनीता, डॉ0 उमा,
म0आ0 नेहा सिंह एवं म0आ0 अनुप्रिया सिंह आदि उपस्थित रही।
अखिल विश्व गायत्री परिवार का महा श्रमदान पहुंचे सभी बिजेथुआ धाम*
सुल्तानपुर,विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी रविवार 8 फ़रवरी को अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में सुल्तानपुर जनपद के प्रसिद्ध तीर्थ स्थल बिजेथुआ धाम में महा स्वच्छता श्रमदान का आयोजन किया गया। गोमती मित्र मंडल समिति का विशेष सहयोग रहा व जनपद के विशिष्ट जन भी शामिल हुए,इस वर्ष यह कार्यक्रम अखंड दीपक व वंदनीय माताजी के जन्मशताब्दी वर्ष के अंतर्गत होने वाले सेवा कार्यक्रमों को समर्पित किया गया है,कार्यक्रम संयोजक डा.सुधाकर सिंह ने बताया कि हर वर्ष इस तरीके के महा श्रमदान के आयोजन का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को जनपद के पौराणिक धामों से जोड़ना,स्वच्छता के प्रति जागरूक करना व अपनी संस्कृति को मजबूत करना है। गोमती मित्र मंडल के प्रदेश अध्यक्ष रुद्र प्रताप सिंह मदन ने उपस्थित सभी लोगों से निवेदन किया की सभी अपने प्रयास से जनपद के पौराणिक धामों पर स्वच्छता श्रमदान का आयोजन करें व हर रविवार सीताकुण्ड धाम पर होने वाले साप्ताहिक श्रमदान में भी जरूर शामिल हों,स्वच्छता कार्यक्रम प्रातः 8:00 बजे से शुरू होकर अपराह्न 12:00 बजे समाप्त किया गया, कार्यक्रम में डा.सुधाकर सिंह,रुद्र प्रताप सिंह मदन,सरदार बलदेव सिंह,डा.सुभाष,डा. पवन सिंह, डा. एस. के.गोयल,अरविंद सिंह राजा (अधि.),मुन्ना सिंह,राजेंद्र शर्मा,अजीत शर्मा,अंजनी जायसवाल,राकेश सिंह,हनुमान सिंह आदि उपस्थित रहे।
आजमगढ़:-अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में जागरण व भंडारा , शामिल हुए हजारों भक्त
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात समाजसेवी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में बनवाए गए दिव्य और भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर में आज श्री राम मानस प्रचार समिति  द्वारा मां भगवती का विशाल जागरण व भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। लल्लन तिवारी ने अपने हाथों से भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। उनके साथ मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडे, भोर भ्रमण परिवार के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, समाजसेवी अभयराज चौबे ने भी महाप्रसाद का वितरण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीराम मानस प्रचार समिति के संस्थापक श्रीराम दुबे, अध्यक्ष वीरेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष बबलू पांडे, सुशील त्रिपाठी, दिनेश दुबे, जमीदार मिश्रा, रामप्रवेश तिवारी , संजय श्रीवास्तव , नीरज तिवारी, विनोद पांडे, अशोक मिश्रा, संजय दुबे,डीएम मिश्रा ,अनिल गुप्ता, हौसिला शुक्ला, दाढ़ी तिवारी, संतोष मिश्रा, पप्पू तिवारी की सक्रिय भूमिका रही । समाजसेवी पीजी सिंह तथा समाजसेवी अमित उपाध्याय का विशेष योगदान रहा।
महिलाओं ने एक दूसरे को पटक पटक कर पीटा,मुकदमा दर्ज
*बाल खींचे और जमीन पर गिराकर पीटा

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र अंतर्गत केशव नगर ग्रंट
गांव में दो महिला गुटों के बीच आपसी कहासुनी को लेकर गाली गलौज के बाद जमकर मारपीट हुई है।वीडियो में महिलाएं एक दूसरे को जमीन पर पटकती और गाली गलौज करती दिखाई दे रही हैं।मारपीट में लाठी डंडों का भी प्रयोग किया गया है,जिसमें एक लड़की भी शामिल नजर आ रही है।विवाद खत्म करने के बजाय पास में खड़ी एक महिला इस मारपीट का वीडियो भी बनाती नजर आ रही है।घटना का वीडियो सामने आने के बाद खोंड़ारे पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया है।गौरतलब है कि दोनों महिलाएं आपस में रिश्तेदार हैं और दोनों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है।दोनों पक्षों की महिलाओं की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और दोनों गुटों के लोगों को निर्देश दिया गया है कि आगामी भविष्य में इस तरीके से मारपीट की घटना को अंजाम नहीं देंगे अन्यथा की दृष्टि में इन लोगों के विरुद्ध अन्य कठोर कार्यवाही की जाएगी।वहीं खोंड़ारे थानाध्यक्ष यशवंत सिंह ने बताया कि वीडियो के आधार पर कार्यवाही की गयी है तथा मामले की विस्तृत जांच जारी है।उन्होंने बताया कि इश दोनों महिलाओं का आपस में विवाद चल रहा है और यह दोनों आपस में रिश्तेदार हैं जिसके कारण यह मारपीट की घटना हुई है।तत्काल दोनों गुटों की महिलाओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और पूरे मामले में कार्रवाई को लेकर पुलिस सक्रिय है।
कोमल सिंह ने बढ़ाया जिले का मान
गोण्डा। विकास खण्ड बेलसर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलहा निवासी सूर्यकान्त सिंह की  पुत्री कोमल सिंह ने जेआरएफ (असिस्टेंट प्रोफेसर) की परीक्षा उत्तीर्ण कर जनपद के नाम रोशन किया है। इस संदर्भ में विकास सिंह विक्कू ने बताया कि कोमल सिंह ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालय अवध शरण तथा इंटरमीडिएट लखनऊ पब्लिक स्कूल से किया। तदुपरांत बीए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तथा एमए की शिक्षा जेएनयू दिल्ली से अर्जित कर पहली ही बार मे जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि कोमल के पिता सूर्यकान्त सिंह ग्राम प्रधान तथा माता संगीता सिंह गृहिणी है। इस अवसर पर सोनू सिंह, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, पंकज सिंह, पंचम सिंह अवनीश शुक्ला सहित तमाम क्षेत्रीयजनों ने शुभकामनाएं प्रेषित किया।
गोंडा: बीएलओ पर दबाव और फॉर्म-07 भरवाने का आरोप, डीएम से की गई लिखित शिकायत
गोंडा। जनपद में पंचायत निर्वाचन से जुड़े कार्यों को लेकर एक बार फिर प्रशासनिक निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं। समाजवादी पार्टी से जुड़े नेता बैजनाथ दुबे ने आरोप लगाया है कि भाजपा विधायक बावन सिंह द्वारा जबरन बीएलओ पर दबाव बनाकर फॉर्म-07 भरवाया जा रहा है। बैजनाथ दुबे के अनुसार, कई बूथों पर बीएलओ स्वतंत्र और निष्पक्ष रूप से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। इस संबंध में जिलाधिकारी गोंडा को लिखित शिकायत भी दी गई है। सोशल मीडिया पर साझा पोस्ट में उन्होंने दावा किया कि यदि कहीं भी गलत तरीके से फॉर्म भरवाया गया तो उसकी जानकारी सामने आने पर वह कानूनी और राजनीतिक स्तर पर लड़ाई लड़ेंगे। शिकायत पत्र में उल्लेख किया गया है कि ग्राम पंचायत क्षेत्रों के कुछ बूथों पर बीएलओ पर दबाव डालकर मतदाता सूची से जुड़े फॉर्म भरवाने का प्रयास किया गया, जिससे निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा है कि इस तरह की कार्यप्रणाली से ग्रामीण मतदाता भय और भ्रम की स्थिति में हैं। बैजनाथ दुबे ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित बीएलओ को दबावमुक्त वातावरण में कार्य करने दिया जाए और यदि कहीं नियमों का उल्लंघन हुआ है तो उसकी निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। फिलहाल इस पूरे मामले में प्रशासन या संबंधित जनप्रतिनिधि की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जिलाधिकारी कार्यालय द्वारा शिकायत पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
सुधार और रिकॉर्ड सप्लाई के दावों के बीच बिजली निजीकरण पर घमासान
लखनऊ।विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश ने प्रदेश की बिजली व्यवस्था में हो रहे गुणात्मक सुधार और रिकॉर्ड विद्युत आपूर्ति के सरकारी दावों के बाद निजीकरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए हैं। समिति ने कहा है कि जब सरकार स्वयं यह स्वीकार कर चुकी है कि उत्तर प्रदेश की विद्युत व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है और रिकॉर्ड स्तर पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की गई है, तो ऐसे समय में निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाना चाहिए।
संघर्ष समिति ने चेतावनी दी कि पावर कारपोरेशन प्रबंधन के मनमाने और अव्यावहारिक निर्णयों से सुचारु रूप से चल रही विद्युत व्यवस्था पटरी से उतर सकती है। समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि सरकारी वक्तव्यों में यह स्पष्ट किया गया है कि विगत वर्ष प्रदेश में रिकॉर्ड स्तर पर विद्युत आपूर्ति की गई और पीक आवर के दौरान भी मांग के अनुरूप बिजली उपलब्ध कराई गई।सरकारी आंकड़ों का हवाला देते हुए समिति ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 1,64,786 लाख यूनिट विद्युत आपूर्ति कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया है। इसके साथ ही आरडीएसएस योजना के तहत किए गए अरबों रुपये के निवेश के बाद सरकारी वितरण कंपनियों की कार्यप्रणाली में भी उल्लेखनीय सुधार हुआ है।
संघर्ष समिति का कहना है कि जब भारी निवेश के बाद बिजली व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा चुका है, तब पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया जारी रखना प्रदेश के हित में नहीं है।संघर्ष समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने आरोप लगाया कि निजीकरण की तैयारी के नाम पर पावर कारपोरेशन प्रबंधन द्वारा कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है, जिससे कार्यस्थलों का वातावरण प्रभावित हो रहा है। उन्होंने कहा कि लखनऊ सहित कई शहरों में वर्टिकल पुनर्गठन के नाम पर नियमित और संविदा पदों को समाप्त किया जा रहा है, जिसका सीधा असर विद्युत व्यवस्था पर पड़ रहा है।
समिति ने स्पष्ट किया कि बिजली कर्मियों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व पर पूर्ण विश्वास है। यदि निजीकरण का निर्णय वापस लिया जाता है, तो प्रदेश के बिजली कर्मचारी और इंजीनियर नई उपलब्धियां हासिल करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेंगे।संघर्ष समिति ने प्रबंधन को चेतावनी दी कि पावर सेक्टर में मनमाने प्रयोगों से बचा जाए और निजीकरण का फैसला वापस लेकर कर्मचारियों को विश्वास में लेकर सुधार कार्यक्रम चलाए जाएं। जब तक निजीकरण निरस्त नहीं किया जाता और कर्मचारियों पर की जा रही दमनात्मक कार्रवाइयां वापस नहीं ली जातीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
राँची: आम नागरिकों के लिए अब 15 फरवरी तक खुला रहेगा 'लोक भवन' उद्यान; राज्यपाल ने बढ़ाई समय-सीमा

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राँची, 08 फरवरी 2026: राजधानीवासियों के भारी उत्साह और उद्यान देखने की बढ़ती मांग को देखते हुए माननीय राज्यपाल श्री संतोष कुमार गंगवार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। लोक भवन (राजभवन), राँची के उद्यान को आम जनता के भ्रमण के लिए अब 15 फरवरी 2026 तक खुला रखने का निदेश दिया गया है।

भारी उत्साह के कारण बढ़ी तिथि

पूर्व में यह उद्यान 2 फरवरी से 8 फरवरी तक ही खुला रहना था। लेकिन फूलों की विभिन्न प्रजातियों और उद्यान की सुंदरता को देखने के लिए उमड़ रही भीड़ और नागरिकों की सहभागिता को देखते हुए राज्यपाल ने इसे एक सप्ताह के लिए और विस्तार देने का आदेश दिया है।

भ्रमण के लिए महत्वपूर्ण जानकारी:

विस्तारित तिथि: अब 15 फरवरी 2026 तक।

भ्रमण का समय: प्रतिदिन पूर्वाह्न 10:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक।

प्रवेश की अंतिम सीमा: इच्छुक नागरिक अपराह्न 1:00 बजे तक ही प्रवेश कर सकेंगे।

प्रवेश द्वार: लोक भवन का गेट संख्या 2।

प्रक्रिया: सुरक्षा जांच के उपरांत ही प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

प्रकृति प्रेमियों के लिए खास आकर्षण

लोक भवन का उद्यान अपनी औषधीय वाटिका, विभिन्न प्रकार के गुलाबों और दुर्लभ फूलों के लिए जाना जाता है। हर साल हजारों की संख्या में छात्र, प्रकृति प्रेमी और आम नागरिक इस मनोरम दृश्य का आनंद लेने पहुँचते हैं।

अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
परिवार परामर्श केन्द्र में 02 जोड़े एक साथ रहने को हुए राजी
गोण्डा। रविवार जनपद गोण्डा के रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित परिवार परामर्श केन्द्र में पुलिस अधीक्षक गोण्डा  विनीत जायसवाल के निर्देशन में परामर्शदाताओं द्वारा बिछुडे़ जोड़ो की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण किया गया तथा 02 जोड़ों को समझा बुझाकर सुखी जीवन जीने हेतु राजी कर लिया गया।

परिवार परामर्श केन्द्र में उपस्थित सदस्यगण-
महिला थाना प्रभारी अनीता यादव, श्री शशि कुमार भारती,  राजमंगल मौर्य, गंगाधर शुक्ल,अनीता, डॉ0 उमा,
म0आ0 नेहा सिंह एवं म0आ0 अनुप्रिया सिंह आदि उपस्थित रही।