जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
कृष्णकांत दुबे बने सवर्ण आर्मी के जिला मीडिया प्रभारी
मिर्जापुर सवर्ण आर्मी जिला संयोजक सुशील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में  संगठन का विस्तार करते हुए मिर्जापुर जिला अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय ने मिर्जापुर जनपद से तेज तर्रार युवा नेता सवर्ण विचारों से परिपूर्ण व हमेशा सवर्ण की लड़ाई लड़ने में तत्पर पहाड़ी ब्लाक के चपगहना निवासी कृष्णकांत दुबे को जिला अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय  ने नियुक्ति पत्र देते हुए सवर्ण आर्मी मिर्जापुर का जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किये  नियुक्ति पत्र देते हुए मुकेश पाण्डेय ने विश्वास जताया  कि दुबे जी को जुड़ने से संगठन में मजबूती आएगी वही  दुबे ने कहा कि जिस उद्देश्य व विश्वास के साथ हमें यह जिम्मेदारी मिली है हम पूरे निष्ठा के साथ इसका पालन करेंगे और समय आने पर सवर्ण के लिए अपने खून का एक-एक बुद निछावर करने के लिए तैयार रहूंगा
गाजियाबाद में महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ: हजारों की भागीदारी, सामाजिक समरसता का संदेश

* घंटाघर मैदान में भव्य आयोजन, उपमुख्यमंत्रियों ने महापुरुषों के सम्मान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

गाजियाबाद / लखनऊ। गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान में महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर भव्य महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों की सहभागिता से पूरा परिसर जनसैलाब में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के आमंत्रण पर किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कश्यप निषाद समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार महापुरुषों के सम्मान और उनके विचारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम बनते हैं।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तकनीकी माध्यम से जनसभा को संबोधित करते हुए महर्षि कश्यप के आदर्शों को युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बताया और आयोजन की भव्यता के लिए मंत्री नरेंद्र कश्यप की सराहना की।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह आयोजन पहले छोटे स्तर से शुरू हुआ था, जो आज महाकुंभ का रूप ले चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि महर्षि कश्यप के नाम पर प्रदेश और केंद्र स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे समाज के व्यापक हित सुनिश्चित किए जा सकें।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, सहायक उपकरण और अन्य योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। साथ ही दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रदर्शनी में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
महाकुंभ में शामिल जनसमूह ने महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता व एकता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, क्षेत्रीय पदाधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
शरिफपुर में प्राइवेट स्कूलों की अवैध वसूली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग


संभल । आज जिला संघर्ष समिति के पदाधिकारियो द्वारा तहसील क्षेत्र के गांव शरिफपुर में चौ रविराज चाहल के नेतृत्व मे प्रदर्शन कर प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोर्स व फीस के नाम पर की जा रही अवैध  वसूली के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ शक्त से शक्त कार्रवाई किये जाने की मांग की।
इस दौरान बोलते हुए समाजसेवी व अधिवक्ता चौ रविराज चाहल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। कोर्स व फीस के नाम पर  अवैध वसूली की जा रही है।

कमीशन खोरी के चक्कर में प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से काफी धन वसूला जा सके। शासन को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आगे बोलते हुए कैलाश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे काफी अधिक संख्या में प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से धन वसूली की जा सके।
आगे बोलते हुए योगेश सिंह ने कहा प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों पर अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता है कोर्स व एडमिशन के नाम पर अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों से धन वसूली की जा रही है। अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में बोलते हुए मास्टर भूप सिंह ने कहा शिक्षा के नाम पर व्यापार उचित नहीं है। प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों द्वारा शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है इस पर सरकार को पूर्ण रूप से अंकुश लगाना चाहिए।
इस दौरान चौ रविराज चाहल, कैलाश सिंह, योगेश कुमार, नेत्रपाल सिंह,धर्म सिंह, भूप सिंह,नन्नू सिंह,गजेंद्र सिंह,मदन पाल सिंह,देवराज सिंह, समरपाल सिंह, चरण सिंह,केहर सिंह, मनोज कुमार, सतीश शर्मा आदि रहे।
आनंद महिंद्रा हुए झारखंड की सुंदरता के कायल: बोले— "भारत का अनकहा रहस्य है यह राज्य, बादलों की पहाड़ियों में बसा है स्वर्ग।"

रांची: प्रसिद्ध उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए इसे भारत का एक “अनकहा रहस्य” (Unspoken Secret) बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए उनके एक पोस्ट ने देश के पर्यटन मानचित्र पर झारखंड को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। महिंद्रा ने पारंपरिक पर्यटन स्थलों जैसे गोवा, राजस्थान और हिमाचल की तुलना में झारखंड की "अनटच्ड ब्यूटी" को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।

मेघहातुबुरु: बादलों की गोद में बसा स्वर्ग

आनंद महिंद्रा ने विशेष रूप से पश्चिमी सिंहभूम स्थित मेघहातुबुरु की मनमोहक तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने इसे “बादलों की पहाड़ी” (Hill of Clouds) संबोधित करते हुए बताया कि 700 पहाड़ियों वाले 'सारंडा जंगल' के बीच समुद्र तल से 4,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। उन्होंने यहां के सूर्यास्त (Sunset Point) को प्रकृति प्रेमियों के लिए वास्तविक स्वर्ग करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेतरहाट की पहाड़ियों, बेतला नेशनल पार्क, बैद्यनाथ धाम की दिव्यता और हुंडरू फॉल्स के रोमांच का भी उल्लेख किया।

झारखंड सरकार ने जताया आभार

महिंद्रा के इस पोस्ट पर झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच के तहत हम झारखंड को एक 'यूनिक और सोलफुल' टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रहे हैं।"

सरकार फिलहाल राज्य के प्रमुख स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक गेस्टहाउस, लग्जरी रिसॉर्ट्स और विशेष रूप से ‘इको-टूरिज्म’ को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण पर्यटन को भी सशक्त बनाना है ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और सैलानी झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति से रूबरू हो सकें।

पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीदें

आनंद महिंद्रा जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व द्वारा की गई इस प्रशंसा से राज्य के पर्यटन विभाग में भारी उत्साह है। जानकारों का मानना है कि इस वैश्विक प्रचार से आने वाले समय में झारखंड में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। अपनी शुद्ध आबोहवा और घने जंगलों के कारण झारखंड अब प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बनने की राह पर है।

डोंबिवली में 9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
ठाणे । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ डोंबिवली में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव था। उक्त समारोह में मुख्य रूप से श्रीमती डिंपल सिंह,सोनू सिंह,कुमारी आराध्या सिंह,चिरंजीव अर्चित सिंह,श्रीमती शांताबाई झोपे, श्रीमती स्मिता दळवी (कोकण ), श्रीमती शैलजा महाजन (खारघर),कवि अनिल कुमार गुप्ता 'राही' एवं संपूर्ण गायत्री परिवार सभासद डोंबिवली उपस्थित रहे तथा गायत्री स्वरूप श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर एवं विद्वान पंडित श्री स्वरूप एवं अनेक हृदयस्पर्शी आत्माओं का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
आर्य समाजद्वारा डॉ.भारती श्रीवास्तव को वैदिक साहित्य श्री सम्मान
मुंबई। आर्य समाज, बोरीवली की ओर से डॉ. भारती  संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री"  सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति लालचंद तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध हास्य कवि महेश दुबे उपस्थित थे।कवयित्री श्रीमती गायत्री पाण्डेय बतौर सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी सुदीर्घ साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। भारती का हिंदी भाषा के प्रति अटूट प्रेम रहा है। उनकी लेखनी में भाषा का संयम,भावों की गहराई और काव्य का संतुलन झलकता है। उनकी भाषा शैली मर्यादित, परिष्कृत और प्रभावशाली है। उनके पहले ही काव्य संग्रह ‘उसका सूरज’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जाना उनके साहित्यिक कौशल और संवेदनशील दृष्टि का प्रमाण है। हाल ही में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ‘निराला साहित्य में अभिव्यक्त जीवन दर्शन ‘ विषय पर पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की है। इस अवसर पर उन्होंने ने अपने शोध-यात्रा एवं रचना प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। हास्य कवि महेश दुबे ने अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को जमकर हँसाया। उन्होंने कहा, "हंसने और हंसाने वाला कभी स्वर्ग नरक में नहीं जाता क्योंकि वह जहां जाता है वही स्वर्ग बन जाता है ।" श्रीमती गायत्री पाण्डेय ने नारी सम्मान में अपनी कविता पढ़ी। इस अवसर पर शालिनी जोशी,अनीता गोठवाल, मुन्ना यादव 'मयंक', संजीव श्रीवास्तव आदि गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कवि एवं आलोचक डॉ. जितेंद्र पाण्डेय ने किया। डॉ.पाण्डेय ने अध्यात्म और साहित्य की अभिन्नता पर अपनी बात रखी।संस्था के संस्थापक आचार्य प्रभारंजन पाठक ने उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
जहानाबाद के कनौदी में ईस्टर पर्व पर उमड़ी आस्था, प्रार्थना सभा में दिखी सामाजिक एकता
जहानाबाद के कनौदी स्थित गुड न्यूज़ प्रार्थना सभा में Easter का पर्व श्रद्धा, उल्लास और गहरी आस्था के साथ मनाया गया। इस अवसर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु एकत्रित हुए और Jesus Christ को याद करते हुए विशेष प्रार्थना की। प्रार्थना सभा के दौरान पूरे परिसर में भक्ति, शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने परंपरानुसार अंगूर का जूस और ब्रेड ग्रहण कर प्रभु यीशु के बलिदान और उनके पुनर्जीवन (रिज़रेक्शन) को स्मरण किया। आयोजकों ने बताया कि यह परंपरा सदियों पुरानी है, जिसे आज भी पूरी श्रद्धा और विश्वास के साथ निभाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यीशु मसीह को मानवता के कल्याण और प्रेम का संदेश देने के कारण क्रूस पर चढ़ाया गया था। लेकिन उनकी मृत्यु के तीसरे दिन वे पुनर्जीवित हुए, जिसे ईस्टर के रूप में मनाया जाता है। यह दिन बुराई पर अच्छाई, निराशा पर आशा और मृत्यु पर जीवन की जीत का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि पुनर्जीवन के बाद यीशु 40 दिनों तक अपने अनुयायियों के बीच रहे और उन्हें प्रेम, क्षमा और सेवा का संदेश देकर स्वर्ग चले गए। इस अवसर पर पास्टर कमलेश कुमार ने कहा कि यह प्रार्थना स्थल सभी धर्मों और वर्गों के लोगों के लिए खुला है। उन्होंने कहा, “यहां कोई भेदभाव नहीं है, हर व्यक्ति अपनी आस्था के अनुसार ईश्वर से प्रार्थना कर सकता है। हमारा उद्देश्य समाज में शांति, प्रेम और भाईचारा स्थापित करना है।” उन्होंने आगे कहा कि प्रार्थना के दौरान कई लोग भावुक हो जाते हैं और उनकी आंखों से आंसू निकल आते हैं। यह आंसू मन की शुद्धता, आत्मिक शांति और ईश्वर के प्रति गहरे विश्वास का प्रतीक होते हैं। कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं ने बताया कि ईस्टर का पर्व उन्हें जीवन में सकारात्मकता, क्षमा और एक-दूसरे के प्रति प्रेम का संदेश देता है। कुल मिलाकर, यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि सामाजिक एकता, सद्भाव और मानवीय मूल्यों की एक सशक्त मिसाल भी प्रस्तुत करता नजर आया।
“सहारा  चैरिटेबल ट्रस्ट” ने नवसदस्यों का भव्य सम्मान समारोह

रमेश दूबे

संत कबीर नगर/खलीलाबाद। मानव सेवा और समाज उत्थान के संकल्प के साथ कार्यरत सहारा चैरिटेबल ट्रस्ट “बेसहारों का सहारा” द्वारा खलीलाबाद स्थित कस्तूरी बेकर्स में एक गरिमामयी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्था से जुड़े नए सदस्यों का उपहार देकर सम्मानित किया गया, जिससे माहौल उत्साह और प्रेरणा से भर उठा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद के मार्गदर्शन में हुई, जबकि संचालन प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने प्रभावशाली ढंग से किया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित यादव, मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे, अनूप राय, भजुराम गुप्ता सहित कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे।
इस अवसर पर माया गौड़, संध्या श्रीवास्तव, लक्ष्मी यादव, रूपल विश्वकर्मा, ताबूसन अफजल, सुनबूल खातून, मीरा गौड़, सुनैना, ज्ञानमती दूबे, शांति देवी विश्वकर्मा, जयंती देवी, चांदमती देवी, संगीता देवी, मंजू देवी, हरिश्चंद्र, आशुतोष दूबे, प्रकाश सहित अनेक लोगों ने संस्था की सदस्यता ग्रहण की और समाज सेवा के इस अभियान से जुड़े।
संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अखलाक अहमद ने अपने संबोधन में संस्था के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ट्रस्ट का मुख्य लक्ष्य बेसहारा, जरूरतमंद और वंचित वर्ग को सहारा देना है, ताकि समाज में समानता और सहयोग की भावना को मजबूत किया जा सके।
वहीं मीडिया प्रभारी रमेश चंद्र दूबे ने जानकारी दी कि संस्था का रजिस्ट्रेशन 16 जुलाई 2020 को हुआ था, जिसके बाद से संस्था ने निरंतर समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य किए हैं।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष विजय सैनी ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और ग्रामीण विकास जैसे अहम मुद्दों पर समर्पित भाव से कार्य कर रही है और आने वाले समय में और व्यापक स्तर पर जनसेवा के कार्य किए जाएंगे।
कार्यक्रम के अंत में प्रदेश अध्यक्ष अर्चना श्रीवास्तव ने सभी आगंतुकों और नवसदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें समाज सेवा के इस मिशन में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया।
यह आयोजन न केवल नए सदस्यों के स्वागत का मंच बना, बल्कि समाज सेवा के प्रति समर्पण और एकजुटता का जीवंत उदाहरण भी प्रस्तुत कर गया।
मंत्री ए.के. शर्मा के प्रयासों से मऊ जिला अस्पताल को बड़ी सौगात, 62 लाख से विकसित होंगी आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं
* एनटीपीसी के सहयोग से अत्याधुनिक उपकरणों की स्थापना, स्थानीय स्तर पर मिलेगा बेहतर इलाज

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा के प्रयासों से जनपद मऊ में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अहम कदम उठाया गया है। उनके विशेष प्रयासों के फलस्वरूप NTPC Limited के सहयोग से जिला अस्पताल मऊ में 62.10 लाख रुपये की लागत से अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इस योजना के तहत अस्पताल में इको मशीन, सी-आर्म मशीन, लेप्रोस्कोपी उपकरण और वेंटिलेटर सहित कई आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जाएंगे। इन सुविधाओं के उपलब्ध होने से मरीजों को अब जटिल ऑपरेशन और गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही गुणवत्तापूर्ण उपचार मिलने से समय और धन दोनों की बचत होगी, साथ ही मरीजों को त्वरित राहत भी मिल सकेगी।
मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता हर नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि मऊ में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की यह पहल मील का पत्थर साबित होगी और आमजन को सीधा लाभ पहुंचाएगी।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर समन्वय को इस उपलब्धि का प्रमुख कारण बताते हुए कहा कि इसी के चलते जनकल्याणकारी योजनाएं धरातल पर उतर रही हैं। एनटीपीसी द्वारा दिया गया सहयोग सामाजिक दायित्व का उत्कृष्ट उदाहरण है, जो क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगा।
मंत्री श्री शर्मा ने इस कार्य के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा एनटीपीसी प्रबंधन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन और सहयोग से ही इस प्रकार के विकास कार्य संभव हो पा रहे हैं, जो आम जनता के जीवन स्तर को बेहतर बनाने में सहायक हैं।
कृष्णकांत दुबे बने सवर्ण आर्मी के जिला मीडिया प्रभारी
मिर्जापुर सवर्ण आर्मी जिला संयोजक सुशील कुमार पाण्डेय के नेतृत्व में  संगठन का विस्तार करते हुए मिर्जापुर जिला अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय ने मिर्जापुर जनपद से तेज तर्रार युवा नेता सवर्ण विचारों से परिपूर्ण व हमेशा सवर्ण की लड़ाई लड़ने में तत्पर पहाड़ी ब्लाक के चपगहना निवासी कृष्णकांत दुबे को जिला अध्यक्ष मुकेश पाण्डेय  ने नियुक्ति पत्र देते हुए सवर्ण आर्मी मिर्जापुर का जिला मीडिया प्रभारी नियुक्त किये  नियुक्ति पत्र देते हुए मुकेश पाण्डेय ने विश्वास जताया  कि दुबे जी को जुड़ने से संगठन में मजबूती आएगी वही  दुबे ने कहा कि जिस उद्देश्य व विश्वास के साथ हमें यह जिम्मेदारी मिली है हम पूरे निष्ठा के साथ इसका पालन करेंगे और समय आने पर सवर्ण के लिए अपने खून का एक-एक बुद निछावर करने के लिए तैयार रहूंगा
गाजियाबाद में महर्षि कश्यप जयंती महाकुंभ: हजारों की भागीदारी, सामाजिक समरसता का संदेश

* घंटाघर मैदान में भव्य आयोजन, उपमुख्यमंत्रियों ने महापुरुषों के सम्मान को बताया सर्वोच्च प्राथमिकता

गाजियाबाद / लखनऊ। गाजियाबाद के घंटाघर रामलीला मैदान में महर्षि कश्यप जयंती के अवसर पर भव्य महाकुंभ का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों लोगों की सहभागिता से पूरा परिसर जनसैलाब में तब्दील हो गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य मंत्री नरेंद्र कश्यप के आमंत्रण पर किया गया, जिसमें उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
दिल्ली-एनसीआर, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पूर्वांचल और बुंदेलखंड सहित विभिन्न क्षेत्रों से आए कश्यप निषाद समाज के लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि वर्तमान सरकार महापुरुषों के सम्मान और उनके विचारों के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने का माध्यम बनते हैं।
वहीं, उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने तकनीकी माध्यम से जनसभा को संबोधित करते हुए महर्षि कश्यप के आदर्शों को युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बताया और आयोजन की भव्यता के लिए मंत्री नरेंद्र कश्यप की सराहना की।
मंत्री नरेंद्र कश्यप ने कहा कि यह आयोजन पहले छोटे स्तर से शुरू हुआ था, जो आज महाकुंभ का रूप ले चुका है। उन्होंने जानकारी दी कि महर्षि कश्यप के नाम पर प्रदेश और केंद्र स्तर पर विभिन्न योजनाएं संचालित करने का प्रस्ताव रखा जाएगा, जिससे समाज के व्यापक हित सुनिश्चित किए जा सकें।
कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को ट्राईसाइकिल, सहायक उपकरण और अन्य योजनाओं का लाभ वितरित किया गया। साथ ही दिव्यांगजन एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की प्रदर्शनी में सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई, जिसने लोगों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
महाकुंभ में शामिल जनसमूह ने महर्षि कश्यप के आदर्शों पर चलने और सामाजिक समरसता व एकता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में सांसद, विधायक, क्षेत्रीय पदाधिकारी और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे आयोजन की गरिमा और भी बढ़ गई।
शरिफपुर में प्राइवेट स्कूलों की अवैध वसूली के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन, सख्त कार्रवाई की मांग


संभल । आज जिला संघर्ष समिति के पदाधिकारियो द्वारा तहसील क्षेत्र के गांव शरिफपुर में चौ रविराज चाहल के नेतृत्व मे प्रदर्शन कर प्राइवेट स्कूलों द्वारा कोर्स व फीस के नाम पर की जा रही अवैध  वसूली के खिलाफ जबरदस्त प्रदर्शन कर ऐसे स्कूलों के खिलाफ शक्त से शक्त कार्रवाई किये जाने की मांग की।
इस दौरान बोलते हुए समाजसेवी व अधिवक्ता चौ रविराज चाहल ने कहा कि प्राइवेट स्कूलों द्वारा अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। कोर्स व फीस के नाम पर  अवैध वसूली की जा रही है।

कमीशन खोरी के चक्कर में प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से काफी धन वसूला जा सके। शासन को ऐसे विद्यालयों के खिलाफ सख्त सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है।
आगे बोलते हुए कैलाश सिंह उर्फ मुन्नू सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे काफी अधिक संख्या में प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष कोर्स बदल दिया जाता है ताकि अभिभावकों से धन वसूली की जा सके।
आगे बोलते हुए योगेश सिंह ने कहा प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों पर अंकुश लगाए जाने की आवश्यकता है कोर्स व एडमिशन के नाम पर अभिभावकों का घोर शोषण किया जा रहा है। अभिभावकों से धन वसूली की जा रही है। अभिभावकों का शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
अंत में बोलते हुए मास्टर भूप सिंह ने कहा शिक्षा के नाम पर व्यापार उचित नहीं है। प्राइवेट कॉन्वेंट स्कूलों द्वारा शिक्षा का व्यापार किया जा रहा है इस पर सरकार को पूर्ण रूप से अंकुश लगाना चाहिए।
इस दौरान चौ रविराज चाहल, कैलाश सिंह, योगेश कुमार, नेत्रपाल सिंह,धर्म सिंह, भूप सिंह,नन्नू सिंह,गजेंद्र सिंह,मदन पाल सिंह,देवराज सिंह, समरपाल सिंह, चरण सिंह,केहर सिंह, मनोज कुमार, सतीश शर्मा आदि रहे।
आनंद महिंद्रा हुए झारखंड की सुंदरता के कायल: बोले— "भारत का अनकहा रहस्य है यह राज्य, बादलों की पहाड़ियों में बसा है स्वर्ग।"

रांची: प्रसिद्ध उद्योगपति और महिंद्रा ग्रुप के चेयरमैन आनंद महिंद्रा ने झारखंड की प्राकृतिक सुंदरता की सराहना करते हुए इसे भारत का एक “अनकहा रहस्य” (Unspoken Secret) बताया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर किए गए उनके एक पोस्ट ने देश के पर्यटन मानचित्र पर झारखंड को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। महिंद्रा ने पारंपरिक पर्यटन स्थलों जैसे गोवा, राजस्थान और हिमाचल की तुलना में झारखंड की "अनटच्ड ब्यूटी" को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बताया।

मेघहातुबुरु: बादलों की गोद में बसा स्वर्ग

आनंद महिंद्रा ने विशेष रूप से पश्चिमी सिंहभूम स्थित मेघहातुबुरु की मनमोहक तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने इसे “बादलों की पहाड़ी” (Hill of Clouds) संबोधित करते हुए बताया कि 700 पहाड़ियों वाले 'सारंडा जंगल' के बीच समुद्र तल से 4,300 फीट की ऊंचाई पर स्थित यह स्थान किसी जादुई दुनिया से कम नहीं है। उन्होंने यहां के सूर्यास्त (Sunset Point) को प्रकृति प्रेमियों के लिए वास्तविक स्वर्ग करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने नेतरहाट की पहाड़ियों, बेतला नेशनल पार्क, बैद्यनाथ धाम की दिव्यता और हुंडरू फॉल्स के रोमांच का भी उल्लेख किया।

झारखंड सरकार ने जताया आभार

महिंद्रा के इस पोस्ट पर झारखंड के पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने त्वरित प्रतिक्रिया देते हुए राज्य सरकार की ओर से उनका आभार व्यक्त किया। मंत्री ने कहा, "मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की दूरदर्शी सोच के तहत हम झारखंड को एक 'यूनिक और सोलफुल' टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित कर रहे हैं।"

सरकार फिलहाल राज्य के प्रमुख स्थलों तक बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक गेस्टहाउस, लग्जरी रिसॉर्ट्स और विशेष रूप से ‘इको-टूरिज्म’ को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। सरकार की प्राथमिकता ग्रामीण पर्यटन को भी सशक्त बनाना है ताकि स्थानीय युवाओं को रोजगार मिले और सैलानी झारखंड की समृद्ध आदिवासी संस्कृति से रूबरू हो सकें।

पर्यटन क्षेत्र में नई उम्मीदें

आनंद महिंद्रा जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व द्वारा की गई इस प्रशंसा से राज्य के पर्यटन विभाग में भारी उत्साह है। जानकारों का मानना है कि इस वैश्विक प्रचार से आने वाले समय में झारखंड में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा होगा। अपनी शुद्ध आबोहवा और घने जंगलों के कारण झारखंड अब प्रकृति प्रेमियों की पहली पसंद बनने की राह पर है।

डोंबिवली में 9 कुंडिय गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा संपन्न
ठाणे । अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार शाखा डोंबिवली के तत्वाधान में नव कुंडी गायत्री महायज्ञ और प्राण प्रतिष्ठा का आयोजन मुरबाड़ डोंबिवली में किया गया।जिसका आयोजन जन गण मन स्कूल, वंदे मातरम कॉलेज डोंबिवली, जे एम एफ फाउंडेशन, प्रेसिडेंट डॉक्टर राजकुमार कोल्हे, प्रेसिडेंट डॉक्टर प्रेरणा राजकुमार कोल्हे तथा श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर ने किया।दिव्य समारोह में श्री गायत्री माता,शिवलिंग,श्री गणेश एवं श्री दत्तगुरु की प्राण प्रतिष्ठा की गई जहां माहौल जयकारे से भक्तिमय हो गया।मंत्रोच्चार,यज्ञ की पवित्र अग्नि और उत्सव की तेज रोशनी में सभी ने अपने दिलों में शांति और संतुष्टि की अद्भुत भावना महसूस की।दिलचस्प बात यह है कि उस पल उपस्थित कई लोगों की आँखों से आँसू बहने लगे - दुःख के आँसू नहीं, बल्कि परम आनंद,भक्ति और दिव्य स्पर्श के आँसू।हर देवता के चेहरे पर अलग-अलग भाव देखकर ऐसा लग रहा था कि भगवान हमारे बीच अवतरित हो गए हैं।यह समारोह केवल एक अनुष्ठान नहीं था बल्कि एक अविस्मरणीय अनुभव था। उक्त समारोह में मुख्य रूप से श्रीमती डिंपल सिंह,सोनू सिंह,कुमारी आराध्या सिंह,चिरंजीव अर्चित सिंह,श्रीमती शांताबाई झोपे, श्रीमती स्मिता दळवी (कोकण ), श्रीमती शैलजा महाजन (खारघर),कवि अनिल कुमार गुप्ता 'राही' एवं संपूर्ण गायत्री परिवार सभासद डोंबिवली उपस्थित रहे तथा गायत्री स्वरूप श्रीमती संध्या पाटिल डोंबिवलीकर एवं विद्वान पंडित श्री स्वरूप एवं अनेक हृदयस्पर्शी आत्माओं का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।
आर्य समाजद्वारा डॉ.भारती श्रीवास्तव को वैदिक साहित्य श्री सम्मान
मुंबई। आर्य समाज, बोरीवली की ओर से डॉ. भारती  संजीव श्रीवास्तव को "वैदिक साहित्य श्री"  सम्मान प्रदान किया गया। सम्मान समारोह की अध्यक्षता उद्योगपति लालचंद तिवारी ने किया तथा कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में ख्यातिलब्ध हास्य कवि महेश दुबे उपस्थित थे।कवयित्री श्रीमती गायत्री पाण्डेय बतौर सम्माननीय अतिथि के रूप में मौजूद रहीं। डॉ.भारती संजीव श्रीवास्तव को यह सम्मान उनकी सुदीर्घ साहित्य सेवा के लिए प्रदान किया गया। भारती का हिंदी भाषा के प्रति अटूट प्रेम रहा है। उनकी लेखनी में भाषा का संयम,भावों की गहराई और काव्य का संतुलन झलकता है। उनकी भाषा शैली मर्यादित, परिष्कृत और प्रभावशाली है। उनके पहले ही काव्य संग्रह ‘उसका सूरज’ को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा पुरस्कृत किया जाना उनके साहित्यिक कौशल और संवेदनशील दृष्टि का प्रमाण है। हाल ही में उन्होंने मुंबई यूनिवर्सिटी से ‘निराला साहित्य में अभिव्यक्त जीवन दर्शन ‘ विषय पर पीएच.डी की उपाधि प्राप्त की है। इस अवसर पर उन्होंने ने अपने शोध-यात्रा एवं रचना प्रक्रिया पर अपनी बात रखी। हास्य कवि महेश दुबे ने अपनी कविता के माध्यम से उपस्थित श्रोताओं को जमकर हँसाया। उन्होंने कहा, "हंसने और हंसाने वाला कभी स्वर्ग नरक में नहीं जाता क्योंकि वह जहां जाता है वही स्वर्ग बन जाता है ।" श्रीमती गायत्री पाण्डेय ने नारी सम्मान में अपनी कविता पढ़ी। इस अवसर पर शालिनी जोशी,अनीता गोठवाल, मुन्ना यादव 'मयंक', संजीव श्रीवास्तव आदि गणमान्य उपस्थित थे। कार्यक्रम का संयोजन और संचालन कवि एवं आलोचक डॉ. जितेंद्र पाण्डेय ने किया। डॉ.पाण्डेय ने अध्यात्म और साहित्य की अभिन्नता पर अपनी बात रखी।संस्था के संस्थापक आचार्य प्रभारंजन पाठक ने उपस्थित श्रोताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।