बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

झारखंड की मेगालिथ विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की तैयारी

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन के अनुरूप झारखंड की प्राचीन और अमूल्य मेगालिथ (Megalith) और मोनोलिथ (Monolith) विरासत को विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व और संरक्षण विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) की ओर बढ़ते कदम

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड के प्राचीन पत्थरों और ऐतिहासिक संरचनाओं का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण (Documentation) और पुनर्स्थापन करना है। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कैसे इन संरचनाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

प्रमुख संस्थानों के साथ तकनीकी सहयोग

प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के विख्यात संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ संवाद किया, जिनमें प्रमुख हैं:

Museum of London Archaeology (MOLA)

University College London (UCL)

AECOM, Arup और Wessex Archaeology

इन विशेषज्ञों ने मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरक्षण रणनीतियों पर अपने सुझाव साझा किए।

आदिवासी पहचान और जीवंत संस्कृति का संरक्षण

इस अवसर पर मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा:

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार इन विरासतों को केवल पुरातात्विक अवशेष नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की जीवंत सांस्कृतिक पहचान मानती है। हमारा प्रयास है कि वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।"

भविष्य का रोडमैप

राज्य सरकार इन बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाकर झारखंड की मेगालिथिक विरासत का सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर विकास किया जाएगा।

क्या भारत पर लगेगा 500% टैरिफ? रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप के मंत्री का बड़ा बयान

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भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बयान दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन उन देशों पर 500 प्रतिशत तक का कड़ा दंडात्मक शुल्क लगाने पर विचार रहा है, जो अभी भी रूसी कच्चा तेल खरीद रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस बार टैरिफ की धमकी का मुख्य निशाना चीन है, न कि भारत। बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।

भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया?

स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू किया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी है और उसे बंद कर दिया है।'

धमकी का मुख्य निशाना चीन

स्कॉट बेसेंट ने चीन पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन चीन जैसे अन्य खरीदारों पर कहीं ज्यादा बड़ा दंड लगाने पर विचार कर रहा है। स्कॉट बेसेंट ने चीन को रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बताया और कहा कि अमेरिका लंबे समय से चीन पर 500% तक टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है क्योंकि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है।

रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ प्रस्ताव

रूस प्रतिबंध बिल पर बेसेंट ने कहा, रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेट (लिंडसे) ग्राहम ने सीनेट के सामने रखा है। हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को उस अथॉरिटी की जरूरत है। वह IEPA के तहत ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्हें अधिकार देना चाहती है।

रूस प्रतिबंध बिल पर ट्रंप की सहमति

अमेरिकी सीनेट में रखे गए बिल को ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है। इसमें रूसी तेल खरीदने वाले पर देशों से आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाने की बात कही गई है। रूस प्रतिबंध बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अपनी सहमति जता दी है।

सवर्णों का शोषण बंद करो
जातिगत राजनीति देश के लिए विष के समान

तुष्टिकरण की नीति अब नहीं चलेगी

यूजीसी का काला कानून वापस लो-- दिलीप सिंह गहरवार

मीरजापुर। मिर्जापुर जिला अधिकारी करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने यूजीसी के काले कानून को वापस लेने के लिए सरकार से मांग की है। तुष्टिकरण की राजनीति ,जातिगत राजनीति, ना तो भारत संविधान का स्वरूप रही है और ना ही भारत देश की संस्कृति रही है । वर्तमान समय में जातिगत राजनीति करके पार्टियां अपना उल्लू सीधा कर रही हैं । जनता भाड़ में जाए इसे कोई मतलब नहीं है । वर्तमान सरकार द्वारा यूजीसी का जो काला कानून लाया गया है उसे समूचा सवर्ण समाज पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। तुष्टिकरण की राजनीति के चलते सवर्णों पर पहले से ही काफी अत्याचार हो रहा है । सवर्ण समाज अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगा।  सरकार की दूषित मानसिकता राजनीति से उठकर अब स्कूल कॉलेज तक पहुंच गई है जो बहुत ही खराब है ,और छात्रों को भी राजनीति में शामिल किया जा रहा है और देश को बर्बाद करने की यह नीति है।  करणी सेना समूचा जिला इकाई व हम सभी स्वर्ण समाज इस यूजीसी के काले कानून का विरोध करते हैं और इसे वापस लेने की मांग करते हैं।  और यदि सरकार ने यूजीसी का काला कानून वापस नहीं लिया तो इसके लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने से स्वर्ण समाज पीछे नहीं रहेगा।

जरा सोचिए , सामान्य कैटेगरी के माता-पिता, एक बार गौर से सोचिए... कल जब आपका बेटा/बेटी रात भर जागकर पढ़ाई करेगा, नीट में 680+ लाएगा, जी में टॉप रैंक लाएगा, फिर भी उसका सपना टूट जाएगा... सिर्फ इसलिए क्योंकि उसका जन्म "जेनरल कैटेगरी" में हुआ है। आप चुप रहेंगे, क्योंकि "हम तो शांतिप्रिय हैं", "हम तो समाजसेवा करते हैं"... और आपके बच्चे की आँखों में वो आंसू होंगे जो आपने कभी नहीं देखे। ये लड़ाई सिर्फ नौकरी-सीट की नहीं है। ये लड़ाई आपके बच्चे के आत्मसम्मान, उसके सपनों, और उसके भविष्य की है। सरकार कहती है- "समानता" पर वो समानता सिर्फ कागज पर लिखी जाती है, असली जिंदगी में तो सिर्फ जन्म के आधार पर सजा मिल रही है। जो बच्चा मेहनत से आगे बढ़ना चाहता है, उसे पीछे धकेला जा रहा है... और हम सब चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। अगर आज आपकी चुप्पी बनी रही, तो कल आपके बच्चे पूछेंगे - "पापा/मम्मी, आपने मेरे लिए आवाज क्यों नहीं उठाई?" उस दिन आपके पास जवाब नहीं होगा। ये आपकी चुप्पी नहीं, ये आपके बच्चों का कल है।

करणी सेवा और समूचा श्रवण समाज परिवार इस यूजीसी के काले कानून और गंदी राजनीति विषैली राजनीति का भरपूर विरोध करता है और समूचे स्वर्ण समाज का आवाहन करता है कि वह एक पटेल पर आए और इस काले कानून का विरोध करें और अपने और अपने आने वाली वीडियो की भविष्य को काला कलंक लगने से बचें और तुष्टिकरण की राजनीति जातिगत राजनीति गंदी राजनीति भारत देश में बंद हो जो कभी भी इसका स्वरूप नहीं रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संजय उपाध्याय को दी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई। विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा, जमीन से जुड़कर काम करने वाले लोगों को बड़ी जिम्मेदारी देने से नहीं हिचकती और यही कारण है कि उसे लगातार सफलता मिल रही है। कुछ दिन पहले तक आम जनता जिस नितिन नवीन को नहीं जानती थी, भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और कल प्रधानमंत्री ने यह कहकर कि नितिन मेरे बॉस है और मैं कार्यकर्ता, उनकी ताकत का एहसास भी लोगों को करा दिया। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन ने महाराष्ट्र के 3 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी। वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद तावडे को जहां उन्होंने केरल का प्रभारी बनाया, वहीं विधायक एडवोकेट आशीष शेलार को तेलंगाना म्युनिसिपल चुनाव का प्रभारी तथा बोरीवली के लोकप्रिय युवा विधायक संजय उपाध्याय को ग्रेटर बैंगलोर कॉरपोरेशन  चुनाव का सह प्रभारी नियुक्त किया है। देखा जाए तो तीनों नियुक्तियां अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीनों स्थानों पर विपक्ष मजबूत स्थिति में है। संजय उपाध्याय पहली बार विधायक बने हैं परंतु विधायक बनने के पहले भी वे पार्टी संगठन में लगातार काम करते रहे हैं। काशी, पश्चिम बंगाल, सूरत (गुजरात), दिल्ली, बेंगलुरु के चुनाव में काम करने का उनका एक बड़ा अनुभव है। मुंबई में सबसे अधिक मतों से विजई होने वाले संजय उपाध्याय की ताकत पिछले दिनों महानगरपालिका चुनाव में भी दिखाई थी, जहां उनके मार्गदर्शन में बोरीवली विधानसभा के सभी सात वार्डों में पार्टी को रिकार्ड मतों से विजय प्राप्त हुई। बोरीवली विधानसभा को अवैध बांग्लादेशियों तथा सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले अवैध फेरीवालों से मुक्त करने से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वाले लोगों के खिलाफ सार्थक और प्रभावी अभियान चलाने वाले संजय उपाध्याय चुनौतियों के बीच काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
KGMU ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे निशुल्क इलाज की नई व्यवस्था, 26 जनवरी से पहले लागू करने की तैयारी

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब 24 घंटे तक शुरुआती इलाज निशुल्क मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटा है, जिसे 26 जनवरी से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज का परचा बनते ही उसका एक वर्चुअल खाता खोला जाएगा। पहले चरण में इस खाते में 10 हजार रुपये डाले जाएंगे। इसी राशि से मरीज की जांच और दवाओं की रसीदें जारी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर खाते में अतिरिक्त धनराशि भी डाली जाएगी, ताकि इलाज में किसी तरह की बाधा न आए।

इस योजना का लाभ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सभी मरीजों और घायलों को मिलेगा। हालांकि, इंप्लांट का खर्च इस निशुल्क इलाज व्यवस्था में शामिल नहीं होगा।

नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए परचा और रसीद से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से संस्थान पर हर माह करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, लेकिन इससे आपातकालीन मरीजों को तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

KGMU प्रशासन का मानना है कि इस पहल से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी और इलाज में होने वाली देरी भी कम होगी
गुरु गोरखनाथ मंदिर में आज विशाल भंडारे का आयोजन

जानसठ। मुजफ्फरनगर।राजपुर स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर पर आज श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से गुलजार नजर आया।

इस अवसर पर भारतीय गौ सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संरक्षक, प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने गुरु गोरखनाथ महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और भंडारे की व्यवस्था की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों एवं सेवाभावी लोगों का भी विशेष योगदान रहा।

भंडारे में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। दो तरह से आए साधु-संतों एवं महाराजों ने भी भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन को सराहा। भक्तों के लिए स्वच्छता एवं अनुशासन के साथ भोजन की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सेवा भावना और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। भंडारे के समापन पर गुरु गोरखनाथ महाराज से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, दो युवतियां घायल

लड़कियों को बचाने के प्रयास में बाइक पलटी

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में देर शाम सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई,यह घटना करनैलगंज हुजूरपुर मार्ग पर बैकुंठ नाथ महाविद्यालय के पास हुई।बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल सवार युवक सड़क पार कर रही लड़कियों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गये।मृतकों की पहचान फरमान (22) और आलम (24) के रूप में हुई है।स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पहुंचाया, जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।दोनों युवक करनैलगंज बाजार से अपने गांव बरबटपुर जा रहे थे।इस हादसे में सड़क पार कर रही मुस्कान(18) और हर्षवि (17) भी घायल हो गईं।उन्हे प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में भर्ती कराया गया है।सूचना मिलने पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे और सड़क पार कर रही दो लड़कियों को बचाने के चक्कर में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे उनकी मौत हो गई।घायल लड़कियों की हालत सामान्य बताई जा रही है और मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।
दावोस के मंच पर गूँजा झारखंड का 'महिला-केंद्रित विकास विजन': श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने पेश किया आदिवासी मॉडल

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान, झारखंड पवेलियन में एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (BRICS CCI) के सहयोग से आयोजित इस सत्र में झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास मॉडल' को वैश्विक लीडर्स के सामने रखा।

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आदिवासी मूल्यों और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण

सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल राज्य के आदिवासी और स्वदेशी मूल्यों पर टिका है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता दोहन का नहीं, बल्कि संरक्षण का है, और इस संरक्षण की सबसे बड़ी वाहक हमारी महिलाएं हैं।

'अदृश्य श्रम' को पहचान देने की वकालत

श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाते हुए कहा कि आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के 'अदृश्य श्रम' (देखभाल और सामुदायिक कार्य) को अर्थव्यवस्था की नींव के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की नीतियां गृहिणियों और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास और गरिमा को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।

JSLPS और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफलता

उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादन में नेतृत्व कर रही हैं। यह मॉडल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री का विजन: 'पीपल फर्स्ट'

श्रीमती सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार का शासन ढांचा संसाधनों से ऊपर 'लोगों' को प्राथमिकता देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी देश का सतत विकास संभव होगा।

बांग्लादेश से संबंधों में और तल्खी, भारत ने राजनयिकों के परिवार को वापस बुलाया

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भारत ने बांग्लादेश में खराब होती सुरक्षा स्थिति को देखते हुए बड़ा कदम उठाया है। भारत सरकार ने वहां तैनात भारतीय राजनयिकों के परिवारों को वापस बुलाने का फैसला किया है।कूटनीतिक तनातनी के बीच भारत ने सुरक्षा कारणों से बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में डाल कर वहां विभिन्न मिशनों में तैनात राजनयिकों के परिवार के सदस्यों को वापस बुला लिया है।

भारत ने अगले महीने बांग्लादेश में होने वाले आम चुनाव के दौरान संभावित हिंसा के मद्देनजर यह फैसला किया है।राजनयिकों के परिवार के सभी सदस्य 15 जनवरी तक भारत वापस लौट चुके हैं। माना जा रहा है कि आम चुनाव के नतीजे आने के बाद भारत बांग्लादेश की स्थिति की समीक्षा कर अपने फैसले पर पुनर्विचार करेगा। बांग्लादेश में 12 फरवरी को आम चुनाव होने हैं। इसी दिन जनमत संग्रह भी होना तय है।

इन देशों पर 'नॉन फैमिली' लागू

अब तक भारतीय विदेश मंत्रालय ने 'नॉन फैमिली' की यह श्रेणी सिर्फ़ कुछ ही देशों पर लागू की थी, जिनमें इराक, अफगानिस्तान, पाकिस्तान और दक्षिण सूडान शामिल हैं। इस ताजा फैसले के बाद अब बांग्लादेश को भी इस सूची में शामिल कर लिया गया है।

शेख हसीना के बाद बिगड़े संबंध

बांग्लादेश को नॉन फैमिली श्रेणी में अचानक या हड़बड़ी में शामिल नहीं किया गया है। दरअसल, शेख हसीना की सत्ता जाने के बाद से दोनों देशों में तल्खी बढ़ी है। भारत पहले ही बांग्लादेश के लिए वीजा सेवा बंद कर चुका है। हिंदुओं की लगातार हत्या के कारण भी तनातनी बढ़ी है।

राजनयिकों की सुरक्षा चिंता बढ़ी

बता दें हाल के वक्त में भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक असहजता भी देखने को मिली है। बीते दिनों छात्र नेता उस्मान हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के सामने विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिले । बांग्लादेश में भारतीय मिशन और राजनयिकों की सुरक्षा भारत के लिए एक बड़ी चुनौती बनी हुई थी। इस मसले पर भारत ने दिल्ली स्थित बांग्लादेश उच्चायुक्त रियाज हामिदुल्लाह को तलब भी किया था।

सुनीता विलियम्स ने स्पेस करियर को कहा अलविदा, सबसे ज्यादा स्पेसवॉक टाइम का है रिकॉर्ड

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भारतीय मूल की अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 60 साल की आयु पूरी होने पर अंतरिक्ष एजेंसी- नासा से रिटायर हो गईं। सुनीता विलियम्स ने 27 साल की लंबी सेवा के बाद नासा से रिटायरमेंट ले ली है।

नासा ने सुनीता विलियम्स के रिटायरमेंट की जानकारी दी। स्पेस एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि उनका रिटायरमेंट दिसंबर के आखिर में लागू हो गया था। उनकी सेवानिवृत्ति 27 दिसंबर 2025 से मानी जाएगी। नासा के नए एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड आइज़कमैन ने उन्हें मानव अंतरिक्ष उड़ान में एक राह दिखाने वाली कहा। उन्होंने रिटायरमेंट की बधाई दी।

हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं विलियम्स

नासा की स्टार एस्ट्रोनॉटस रहीं सुनीता विलियम्स हाल ही में अंतरिक्ष से वापस आई हैं, जो महीने तक इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन पर फंसी हुई थीं। दरअसल, बोइंग के नाकाम कैप्सूल टेस्ट फ्लाइट में सुनीता विलियम्स के क्रू मेंबर बुच विलमोर ने पिछले साल गर्मियों में NASA छोड़ दिया था। दोनों को 2024 में स्पेस स्टेशन भेजा गया था। ये बोइंग के नए स्टारलाइनर क्रू कैप्सूल में उड़ान भरने वाले पहले लोग थे। उनका मिशन सिर्फ एक हफ्ते का होना चाहिए था, लेकिन स्टारलाइनर की दिक्कतों की वजह से यह नौ महीने से ज़्यादा लंबा खिंच गया। आखिर में वे पिछले मार्च में SpaceX के साथ घर वापस आए।

अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए

अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर उन्होंने तीन मिशन पूरे किए और इस दौरान उनका करियर बेहद शानदार रहा। सुनीता विलियम्स ने अंतरिक्ष उड़ानों में कई बड़े रिकॉर्ड बनाए। उन्होंने अंतरिक्ष में कुल 608 दिन बिताए, जो किसी नासा अंतरिक्ष यात्री द्वारा बिताया गया दूसरा सबसे ज्यादा कुल समय है।

27 साल से भी ज्यादा समय नासा से जुड़ी रहीं

सुनीत विलियम्स का जन्म 19 सितंबर 1965 को अमेरिका के ओहायो के यूक्लिड में हुआ था। उनके पिता दीपक पांड्या एक न्यूरो साइंटिस्ट थे, उनका संबंध गुजरात के मेहसाणा से है। जबकि उनकी मां उर्सुलीन बोनी पांड्या स्लोवेनियाई-अमेरिकी मूल की हैं। उनके पति माइकल जे विलियम्स हैं। सुनीता ने अपने करियर की शुरुआत अमेरिकी सेना से की थी। उसके बाद उन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान का रुख किया था। सुनीता को जून 1998 में नासा ने अपने साथ जोड़ा था। यानी उन्होंने 27 साल से भी ज्यादा का समय इस संस्थान में बिताया।

सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर

दिलचस्प बात ये है कि सुनीता फिलहाल भारत दौरे पर हैं। उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान अपने ढाई दशक से अधिक लंबे करियर में मिले अंतरिक्ष से जुड़े अनुभवों को साझा किया। उन्होंने हरियाणा से ताल्लुक रखने वाली दिवंगत अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की मां और उनकी बहन से भी मुलाकात की।

झारखंड की मेगालिथ विरासत को मिलेगी वैश्विक पहचान: यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में शामिल कराने की तैयारी

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मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के विजन के अनुरूप झारखंड की प्राचीन और अमूल्य मेगालिथ (Megalith) और मोनोलिथ (Monolith) विरासत को विश्व पटल पर लाने की कवायद शुरू हो गई है। झारखंड सरकार के मंत्री श्री सुदिव्य कुमार के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने यूनाइटेड किंगडम के दौरे पर अंतरराष्ट्रीय पुरातत्व और संरक्षण विशेषज्ञों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

विश्व धरोहर (UNESCO World Heritage) की ओर बढ़ते कदम

बैठक का मुख्य उद्देश्य झारखंड के प्राचीन पत्थरों और ऐतिहासिक संरचनाओं का वैज्ञानिक दस्तावेजीकरण (Documentation) और पुनर्स्थापन करना है। चर्चा में इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि कैसे इन संरचनाओं को यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल करने के लिए एक ठोस प्रस्ताव तैयार किया जाए।

प्रमुख संस्थानों के साथ तकनीकी सहयोग

प्रतिनिधिमंडल ने लंदन के विख्यात संस्थानों और विशेषज्ञ समूहों के साथ संवाद किया, जिनमें प्रमुख हैं:

Museum of London Archaeology (MOLA)

University College London (UCL)

AECOM, Arup और Wessex Archaeology

इन विशेषज्ञों ने मेगालिथिक स्थलों के वैज्ञानिक प्रबंधन, सामुदायिक भागीदारी और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप संरक्षण रणनीतियों पर अपने सुझाव साझा किए।

आदिवासी पहचान और जीवंत संस्कृति का संरक्षण

इस अवसर पर मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा:

"मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार इन विरासतों को केवल पुरातात्विक अवशेष नहीं, बल्कि आदिवासी समुदाय की जीवंत सांस्कृतिक पहचान मानती है। हमारा प्रयास है कि वैज्ञानिक पद्धतियों के माध्यम से इन स्थलों को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखा जाए।"

भविष्य का रोडमैप

राज्य सरकार इन बैठकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर एक व्यावहारिक रोडमैप तैयार करेगी। इसमें अंतरराष्ट्रीय इंजीनियरिंग और परामर्श के अनुभवों का लाभ उठाकर झारखंड की मेगालिथिक विरासत का सांस्कृतिक और शैक्षणिक स्तर पर विकास किया जाएगा।

क्या भारत पर लगेगा 500% टैरिफ? रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर ट्रंप के मंत्री का बड़ा बयान

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भारत के रूस से तेल खरीदने को लेकर अमेरिका ने एक बार फिर बयान दिया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा कि वॉशिंगटन उन देशों पर 500 प्रतिशत तक का कड़ा दंडात्मक शुल्क लगाने पर विचार रहा है, जो अभी भी रूसी कच्चा तेल खरीद रहे हैं। हालांकि उन्होंने साफ किया कि इस बार टैरिफ की धमकी का मुख्य निशाना चीन है, न कि भारत। बेसेंट ने दावा किया कि ट्रंप प्रशासन द्वारा भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद बंद कर दी है।

भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया?

स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को दावा किया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना बंद कर दिया है। फॉक्स न्यूज को दिए एक साक्षात्कार में स्कॉट बेसेंट ने कहा, 'संघर्ष शुरू होने के बाद भारत ने रूसी तेल खरीदना शुरू किया। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से 25 प्रतिशत टैरिफ लगाए जाने के बाद भारत ने रूसी तेल की खरीद कम कर दी है और उसे बंद कर दिया है।'

धमकी का मुख्य निशाना चीन

स्कॉट बेसेंट ने चीन पर जोरदार निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन चीन जैसे अन्य खरीदारों पर कहीं ज्यादा बड़ा दंड लगाने पर विचार कर रहा है। स्कॉट बेसेंट ने चीन को रूस का सबसे बड़ा तेल खरीदार बताया और कहा कि अमेरिका लंबे समय से चीन पर 500% तक टैरिफ लगाने की योजना बना रहा है क्योंकि वह रूस से सस्ता तेल खरीदकर युद्ध को आर्थिक मदद दे रहा है।

रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ प्रस्ताव

रूस प्रतिबंध बिल पर बेसेंट ने कहा, रूसी तेल खरीदने वालों पर 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव सीनेट (लिंडसे) ग्राहम ने सीनेट के सामने रखा है। हमें नहीं लगता कि राष्ट्रपति ट्रंप को उस अथॉरिटी की जरूरत है। वह IEPA के तहत ऐसा कर सकते हैं, लेकिन सीनेट उन्हें अधिकार देना चाहती है।

रूस प्रतिबंध बिल पर ट्रंप की सहमति

अमेरिकी सीनेट में रखे गए बिल को ट्रंप के करीबी रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने तैयार किया है। इसमें रूसी तेल खरीदने वाले पर देशों से आने वाले सामान पर 500 प्रतिशत का भारी शुल्क लगाने की बात कही गई है। रूस प्रतिबंध बिल पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही अपनी सहमति जता दी है।

सवर्णों का शोषण बंद करो
जातिगत राजनीति देश के लिए विष के समान

तुष्टिकरण की नीति अब नहीं चलेगी

यूजीसी का काला कानून वापस लो-- दिलीप सिंह गहरवार

मीरजापुर। मिर्जापुर जिला अधिकारी करणी सेना के जिला अध्यक्ष दिलीप सिंह गहरवार ने यूजीसी के काले कानून को वापस लेने के लिए सरकार से मांग की है। तुष्टिकरण की राजनीति ,जातिगत राजनीति, ना तो भारत संविधान का स्वरूप रही है और ना ही भारत देश की संस्कृति रही है । वर्तमान समय में जातिगत राजनीति करके पार्टियां अपना उल्लू सीधा कर रही हैं । जनता भाड़ में जाए इसे कोई मतलब नहीं है । वर्तमान सरकार द्वारा यूजीसी का जो काला कानून लाया गया है उसे समूचा सवर्ण समाज पूरी तरह से नष्ट हो जाएगा। तुष्टिकरण की राजनीति के चलते सवर्णों पर पहले से ही काफी अत्याचार हो रहा है । सवर्ण समाज अब अत्याचार बर्दाश्त नहीं करेगा।  सरकार की दूषित मानसिकता राजनीति से उठकर अब स्कूल कॉलेज तक पहुंच गई है जो बहुत ही खराब है ,और छात्रों को भी राजनीति में शामिल किया जा रहा है और देश को बर्बाद करने की यह नीति है।  करणी सेना समूचा जिला इकाई व हम सभी स्वर्ण समाज इस यूजीसी के काले कानून का विरोध करते हैं और इसे वापस लेने की मांग करते हैं।  और यदि सरकार ने यूजीसी का काला कानून वापस नहीं लिया तो इसके लिए सड़क से संसद तक संघर्ष करने से स्वर्ण समाज पीछे नहीं रहेगा।

जरा सोचिए , सामान्य कैटेगरी के माता-पिता, एक बार गौर से सोचिए... कल जब आपका बेटा/बेटी रात भर जागकर पढ़ाई करेगा, नीट में 680+ लाएगा, जी में टॉप रैंक लाएगा, फिर भी उसका सपना टूट जाएगा... सिर्फ इसलिए क्योंकि उसका जन्म "जेनरल कैटेगरी" में हुआ है। आप चुप रहेंगे, क्योंकि "हम तो शांतिप्रिय हैं", "हम तो समाजसेवा करते हैं"... और आपके बच्चे की आँखों में वो आंसू होंगे जो आपने कभी नहीं देखे। ये लड़ाई सिर्फ नौकरी-सीट की नहीं है। ये लड़ाई आपके बच्चे के आत्मसम्मान, उसके सपनों, और उसके भविष्य की है। सरकार कहती है- "समानता" पर वो समानता सिर्फ कागज पर लिखी जाती है, असली जिंदगी में तो सिर्फ जन्म के आधार पर सजा मिल रही है। जो बच्चा मेहनत से आगे बढ़ना चाहता है, उसे पीछे धकेला जा रहा है... और हम सब चुपचाप तमाशा देख रहे हैं। अगर आज आपकी चुप्पी बनी रही, तो कल आपके बच्चे पूछेंगे - "पापा/मम्मी, आपने मेरे लिए आवाज क्यों नहीं उठाई?" उस दिन आपके पास जवाब नहीं होगा। ये आपकी चुप्पी नहीं, ये आपके बच्चों का कल है।

करणी सेवा और समूचा श्रवण समाज परिवार इस यूजीसी के काले कानून और गंदी राजनीति विषैली राजनीति का भरपूर विरोध करता है और समूचे स्वर्ण समाज का आवाहन करता है कि वह एक पटेल पर आए और इस काले कानून का विरोध करें और अपने और अपने आने वाली वीडियो की भविष्य को काला कलंक लगने से बचें और तुष्टिकरण की राजनीति जातिगत राजनीति गंदी राजनीति भारत देश में बंद हो जो कभी भी इसका स्वरूप नहीं रही है।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने संजय उपाध्याय को दी बड़ी जिम्मेदारी

मुंबई। विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक पार्टी भाजपा, जमीन से जुड़कर काम करने वाले लोगों को बड़ी जिम्मेदारी देने से नहीं हिचकती और यही कारण है कि उसे लगातार सफलता मिल रही है। कुछ दिन पहले तक आम जनता जिस नितिन नवीन को नहीं जानती थी, भाजपा ने उन्हें राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया और कल प्रधानमंत्री ने यह कहकर कि नितिन मेरे बॉस है और मैं कार्यकर्ता, उनकी ताकत का एहसास भी लोगों को करा दिया। पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते ही नितिन ने महाराष्ट्र के 3 नेताओं को बड़ी जिम्मेदारी दी। वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद तावडे को जहां उन्होंने केरल का प्रभारी बनाया, वहीं विधायक एडवोकेट आशीष शेलार को तेलंगाना म्युनिसिपल चुनाव का प्रभारी तथा बोरीवली के लोकप्रिय युवा विधायक संजय उपाध्याय को ग्रेटर बैंगलोर कॉरपोरेशन  चुनाव का सह प्रभारी नियुक्त किया है। देखा जाए तो तीनों नियुक्तियां अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि तीनों स्थानों पर विपक्ष मजबूत स्थिति में है। संजय उपाध्याय पहली बार विधायक बने हैं परंतु विधायक बनने के पहले भी वे पार्टी संगठन में लगातार काम करते रहे हैं। काशी, पश्चिम बंगाल, सूरत (गुजरात), दिल्ली, बेंगलुरु के चुनाव में काम करने का उनका एक बड़ा अनुभव है। मुंबई में सबसे अधिक मतों से विजई होने वाले संजय उपाध्याय की ताकत पिछले दिनों महानगरपालिका चुनाव में भी दिखाई थी, जहां उनके मार्गदर्शन में बोरीवली विधानसभा के सभी सात वार्डों में पार्टी को रिकार्ड मतों से विजय प्राप्त हुई। बोरीवली विधानसभा को अवैध बांग्लादेशियों तथा सड़कों पर अतिक्रमण करने वाले अवैध फेरीवालों से मुक्त करने से लेकर सार्वजनिक स्थानों पर नशा करने वाले लोगों के खिलाफ सार्थक और प्रभावी अभियान चलाने वाले संजय उपाध्याय चुनौतियों के बीच काम करना ज्यादा पसंद करते हैं।
KGMU ट्रॉमा सेंटर में 24 घंटे निशुल्क इलाज की नई व्यवस्था, 26 जनवरी से पहले लागू करने की तैयारी

लखनऊ। किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU) के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती मरीजों और सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को अब 24 घंटे तक शुरुआती इलाज निशुल्क मिलेगा। इसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुटा है, जिसे 26 जनवरी से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

नई योजना के तहत ट्रॉमा सेंटर में आने वाले मरीज का परचा बनते ही उसका एक वर्चुअल खाता खोला जाएगा। पहले चरण में इस खाते में 10 हजार रुपये डाले जाएंगे। इसी राशि से मरीज की जांच और दवाओं की रसीदें जारी की जाएंगी। जरूरत पड़ने पर खाते में अतिरिक्त धनराशि भी डाली जाएगी, ताकि इलाज में किसी तरह की बाधा न आए।

इस योजना का लाभ ट्रॉमा सेंटर में भर्ती सभी मरीजों और घायलों को मिलेगा। हालांकि, इंप्लांट का खर्च इस निशुल्क इलाज व्यवस्था में शामिल नहीं होगा।

नई प्रणाली को सुचारु रूप से लागू करने के लिए परचा और रसीद से जुड़े कर्मियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था से संस्थान पर हर माह करीब 2 से 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा, लेकिन इससे आपातकालीन मरीजों को तत्काल इलाज सुनिश्चित किया जा सकेगा।

KGMU प्रशासन का मानना है कि इस पहल से गंभीर रूप से घायल मरीजों की जान बचाने में मदद मिलेगी और इलाज में होने वाली देरी भी कम होगी
गुरु गोरखनाथ मंदिर में आज विशाल भंडारे का आयोजन

जानसठ। मुजफ्फरनगर।राजपुर स्थित गुरु गोरखनाथ मंदिर पर आज श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की और प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया। आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तों की भीड़ से गुलजार नजर आया।

इस अवसर पर भारतीय गौ सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय संरक्षक, प्रदेश अध्यक्ष सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने गुरु गोरखनाथ महाराज के चरणों में श्रद्धा अर्पित की और भंडारे की व्यवस्था की सराहना की। कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों एवं सेवाभावी लोगों का भी विशेष योगदान रहा।

भंडारे में दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। दो तरह से आए साधु-संतों एवं महाराजों ने भी भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन को सराहा। भक्तों के लिए स्वच्छता एवं अनुशासन के साथ भोजन की समुचित व्यवस्था की गई, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं हुई।

आयोजकों ने बताया कि इस प्रकार के धार्मिक आयोजन समाज में आपसी भाईचारे, सेवा भावना और सद्भाव को बढ़ावा देते हैं। भंडारे के समापन पर गुरु गोरखनाथ महाराज से क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सड़क हादसे में दो युवकों की मौत, दो युवतियां घायल

लड़कियों को बचाने के प्रयास में बाइक पलटी

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में देर शाम सड़क हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई,यह घटना करनैलगंज हुजूरपुर मार्ग पर बैकुंठ नाथ महाविद्यालय के पास हुई।बताया जा रहा है कि मोटरसाइकिल सवार युवक सड़क पार कर रही लड़कियों को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर पलट गये।मृतकों की पहचान फरमान (22) और आलम (24) के रूप में हुई है।स्थानीय लोगों ने तत्काल दोनों युवकों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पहुंचाया, जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।दोनों युवक करनैलगंज बाजार से अपने गांव बरबटपुर जा रहे थे।इस हादसे में सड़क पार कर रही मुस्कान(18) और हर्षवि (17) भी घायल हो गईं।उन्हे प्राथमिक उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज में भर्ती कराया गया है।सूचना मिलने पर करनैलगंज कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचायतनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।करनैलगंज कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र प्रताप राय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों युवक एक ही मोटरसाइकिल पर सवार थे और सड़क पार कर रही दो लड़कियों को बचाने के चक्कर में उनकी बाइक अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे उनकी मौत हो गई।घायल लड़कियों की हालत सामान्य बताई जा रही है और मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया है।उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा आगे की जांच की जा रही है।
दावोस के मंच पर गूँजा झारखंड का 'महिला-केंद्रित विकास विजन': श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने पेश किया आदिवासी मॉडल

स्विट्ज़रलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक के दौरान, झारखंड पवेलियन में एक उच्च स्तरीय पैनल चर्चा का आयोजन किया गया। झारखंड विधानसभा की सदस्य और महिला एवं बाल विकास समिति की अध्यक्ष श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने ब्रिक्स चैंबर ऑफ कॉमर्स (BRICS CCI) के सहयोग से आयोजित इस सत्र में झारखंड के 'महिला-केंद्रित विकास मॉडल' को वैश्विक लीडर्स के सामने रखा।

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आदिवासी मूल्यों और जल-जंगल-जमीन का संरक्षण

सत्र को संबोधित करते हुए श्रीमती सोरेन ने कहा कि झारखंड का विकास मॉडल राज्य के आदिवासी और स्वदेशी मूल्यों पर टिका है। उन्होंने जोर दिया कि प्रकृति के साथ हमारा रिश्ता दोहन का नहीं, बल्कि संरक्षण का है, और इस संरक्षण की सबसे बड़ी वाहक हमारी महिलाएं हैं।

'अदृश्य श्रम' को पहचान देने की वकालत

श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन ने एक बहुत ही संवेदनशील मुद्दे को वैश्विक मंच पर उठाते हुए कहा कि आदिवासी और ग्रामीण महिलाओं के 'अदृश्य श्रम' (देखभाल और सामुदायिक कार्य) को अर्थव्यवस्था की नींव के रूप में मान्यता मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि झारखंड की नीतियां गृहिणियों और अनौपचारिक क्षेत्र में काम करने वाली महिलाओं के आत्मविश्वास और गरिमा को बढ़ाने के लिए समर्पित हैं।

JSLPS और स्वयं सहायता समूहों (SHG) की सफलता

उन्होंने झारखंड स्टेट लाइवलीहुड प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) की सफलता का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे लाखों महिलाएं स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से खाद्य प्रसंस्करण और स्थानीय उत्पादन में नेतृत्व कर रही हैं। यह मॉडल न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहा है, बल्कि उन्हें सामाजिक रूप से भी सशक्त कर रहा है।

मुख्यमंत्री का विजन: 'पीपल फर्स्ट'

श्रीमती सोरेन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार का शासन ढांचा संसाधनों से ऊपर 'लोगों' को प्राथमिकता देता है। उन्होंने विश्वास जताया कि जब महिलाएं आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत होंगी, तभी देश का सतत विकास संभव होगा।