गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
जनता की समस्याओं का समाधान और नगर का विकास ही प्राथमिकता- बब्बू
वाटर फ्रीजर, सड़क और सफाई का चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू प्रतिदिन वार्डों का पैदल भ्रमण कर जनमानस की समस्यायों से रूबरू हो रहे हैँ उनके द्वारा वार्डों की सफाई व्यवस्था, मार्गो की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
      शनिवार को नगर के मोहल्ला मौलागंज, मौखेल और सरदारगंज मोहल्लो में पैदल निरीक्षण के दौरान उन्होंने क़स्बा वासियों से मुलाक़ात कर उनका हाल जाना इस मौके पर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।मोहल्लों में विभिन्न स्थानों पर लगे वाटर फ्रीजर से लोगों को सहूलियत के विषय में जानकारी ली और साफ सफाई व्यवस्था देखी।इस मौके पर श्री खां ने कहा जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।नगर के मोहल्लों में जल जीवन मिशन के तहत पाइप डाली जा रही हैँ जिससे मोहल्ले की सड़के खराब हुई हैँ संबंधित ठेकेदार को उन्होंने खराब सभी सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैँ। पाइप लाइन पड़ने के बाद शीघ्र ही पालिका द्वारा नगर की सभी सड़कों को ठीक करबाया जायेगा।भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा वाटर फ्रीजर लगवाए गए हैँ जिससे लोगों शुद्ध व शीतल जल के लिए भटकना न पड़े।स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर श्री खां ने कहा उनके द्वारा सभी वार्डो की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है और सफाई नायको को जिम्मेदारी से कर्तव्य पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि नगर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें निर्धारित स्थान पर कूड़ा डाला जाए।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
दूषित खाने से लोग हो रहे संक्रमित

नितेश श्रीवास्तव
भदोही। दूषित स्थानों पर बिक रहा नाश्ता और भोजन लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लगातार बाहर का भोजन और नाश्ता करने वाले लोग पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगर पंचायत ज्ञानपुर समेत जिले के कई स्थानों पर खुले नालों के किनारे नाश्ता, भोजन, मीट और सब्जियों की बिक्री हो रही है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों की सुबह पेट दर्द से शुरू हो रही है, जबकि रात गैस, जलन और अपच जैसी समस्याओं के साथ बीत रही है। संक्रामक बीमारियों का खतरा अब सामान्य होता जा रहा है।
अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, एसिडिटी, अल्सर, कब्ज, कोलाइटिस और पेट संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब सामान्य पेट संक्रमण भी कई मामलों में दवाओं से आसानी से नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नालों और सीवर के पानी में ऐसे बैक्टीरिया मिल रहे हैं, जिन पर सामान्य दवाओं का असर भी कम हो रहा है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के अनुसार दूषित पानी लगातार पीने से पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। भारी तत्वों वाला पानी आंतों की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इरिटेशन, कब्ज की समस्याएं बनी रहती हैं।
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा

कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर शनिवार को बरझाला गेट के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है  वाहन को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 30 वर्षीय सौरभ शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा शनिवार को बाइक से कंपिल लकवा की दवा लेने गया था। दवा लेकर वापस घर लौटते समय कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर बरझाला गेट के पास सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन से उसकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सौरभ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।घटना में मृतक की बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई ।टक्कर लगने के बाद युवक बाइक सहित करीब 25 फीट दूर उछाल कर जाकर गिरा । मास के लोथड़ेलगभग 40 फीट के क्षेत्रफल में इधर-उधर बिखर गए ।घटना को अंजाम देने वाले छोटा हाथी में बताया गया किशराब की पेटियां लदी हुई थी ।बताया गया की घटना को अंजाम देने वाला छोटा हाथी फर्रुखाबाद की तरफ से कायमगंज की ओर जा रहा था ।जबकि मृतक युवक बाइक से कायमगंज सेफर्रुखाबाद की ओर अपने गांव जा रहा था ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद छोटा हाथी चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आसपास मौजूद राहगीरों ने पीछा कर वाहन व चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक का शव देखकर मां स्नेहलता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया गया है कि मृतक सौरभ चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी बहन रागिनी की शादी हो चुकी है।
क्राइम इन्स्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन व चालक को हिरासत में ले लिया गया है, और मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में जमीन खरीदना होगा महंगा, 332 गांवों में सर्किल रेट 200% तक बढ़ाने का प्रस्ताव
* 4 जून से लागू होंगी नई दरें, 2 जून तक दर्ज कराई जा सकेंगी आपत्तियां


लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदना अब पहले से ज्यादा महंगा होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने 332 गांवों में कृषि योग्य भूमि के डीएम सर्किल रेट 100 से 200 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नई दरें 4 जून से लागू की जाएंगी, जबकि 2 जून तक आम लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
नई दरें लागू होने के बाद कई गांवों में कृषि भूमि की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। जिन क्षेत्रों में फिलहाल कृषि भूमि का सर्किल रेट 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, वहां यह बढ़कर 35 से 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकता है। प्रस्तावित संशोधन के दायरे में मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद और सदर तहसील के कई गांव शामिल हैं।
जिलाधिकारी विशाख जी के अनुसार, एलडीए के विस्तारित क्षेत्र और नगर निगम सीमा में शामिल गांवों को छोड़कर अन्य ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट संशोधित किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि बाजार मूल्य और मौजूदा सर्किल रेट में भारी अंतर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत कृषि भूमि को चार श्रेणियों — जनपदीय मार्ग से सटी भूमि, संपर्क मार्ग की भूमि, आबादी से लगी जमीन और सामान्य कृषि भूमि — में विभाजित कर नई दरें निर्धारित की गई हैं।सर्किल रेट बढ़ने के बाद ग्रामीण इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप शुल्क और खरीद-बिक्री की लागत में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यूपी में आपदा के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर विवाद, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट
* 117 मौतों के बीच विदेश यात्रा पर उठे सवाल, मुख्य सचिव से जवाब तलब; प्रदेशभर में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आए भीषण आंधी-तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही मुख्य सचिव से भी जवाब मांगा गया है।
इस बीच, नौतपा के दौरान प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के लिए चर्चित बांदा में 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो घटकर करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार 2 जून तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।
गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। खराब मौसम के चलते कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं, टिनशेड उड़ गए और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चित्रकूट में लगभग 500 तोतों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों में प्रदेश में 31 लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में हुईं।
हमीरपुर में 6, बांदा में 3, महोबा, उरई और जालौन में 2-2 मौतें दर्ज की गईं। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2, जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम जनित घटनाओं से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 7,339 वाहनों पर शिकंजा

33.71 करोड़ रुपये का अधिरोपण, 28.31 करोड़ की वसूली; प्रदेशभर में प्रवर्तन अभियान जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 7,339 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के निर्देश पर अप्रैल 2026 से जनपद और निदेशालय स्तर पर प्रदेशभर में लगातार सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।

विभागीय जांच में बड़ी संख्या में वाहन वैध प्रपत्रों के साथ खनिज परिवहन करते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में लिप्त वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार अधिरोपित राशि में से अब तक 28 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा के दौरान श्रीमती माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (Inter-State Transit Pass) के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रीमती माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार अवैध खनन और अवैध परिवहन के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए यह प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
गुरारू की मलना पंचायत में योजनाओं में गड़बड़ी का आरोप, मुख्यमंत्री से लेकर डीएम तक भेजी शिकायत

गया। गया जिले के गुरारू प्रखंड अंतर्गत मलना पंचायत में संचालित सरकारी योजनाओं में अनियमितता और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए एक ग्रामीण बालेश्वर कुमार ने उच्च अधिकारियों को लिखित शिकायत भेजकर जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने आरोप लगाया है कि पंचायत में कई योजनाओं का कार्य धरातल पर सही तरीके से नहीं कराया गया, जबकि कागजों पर कार्य पूर्ण दिखाकर सरकारी राशि का उपयोग कर लिया गया। मलना पंचायत निवासी बालेश्वर कुमार द्वारा दिए गए आवेदन में पंचायत रोजगार सेवक पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत के अनुसार पंचायत क्षेत्र में विभिन्न विकास योजनाओं के नाम पर कार्य दिखाया गया है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ और है। आवेदन में कहा गया है कि कई जगहों पर कार्य नहीं होने के बावजूद योजनाओं की फोटो अपलोड कर और कागजी प्रक्रिया पूरी कर राशि निकासी की गई है।

शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार ने यह भी आरोप लगाया है कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता का अभाव है तथा संबंधित कार्यों की निष्पक्ष जांच होने पर बड़े स्तर की अनियमितता उजागर हो सकती है। उन्होंने अधिकारियों से मांग की है कि संबंधित योजनाओं की स्थल जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाएं तो दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में शिकायत की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, बिहार सरकार, जिलाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी गया तथा उप विकास आयुक्त को भी भेजी गई है। शिकायतकर्ता बालेश्वर कुमार का कहना है कि सरकारी धन जनता के विकास के लिए होता है और यदि उसमें गड़बड़ी की जा रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और आरोपों की जांच के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और ग्रामीण भी जांच की मांग कर रहे हैं।

सर्वाधिक वृक्षारोपण कराने वाले बीडीओ होंगे सम्मानित, यूपी में 11.25 करोड़ पौधे लगाने का लक्ष्य
* डिप्टी सीएम केशव मौर्य बोले— वृक्षारोपण अभियान को बनाएं जनआंदोलन, पौधों की सुरक्षा और जीवितता पर दें विशेष ध्यान


लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृहद वृक्षारोपण अभियान को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इसे जनआंदोलन का स्वरूप देने की तैयारी तेज कर दी है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने ग्राम्य विकास विभाग को इस वर्ष 11.25 करोड़ पौधरोपण के लक्ष्य को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनकी सुरक्षा, देखभाल और जीवितता सुनिश्चित करना भी उतना ही आवश्यक है। अभियान में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन सर्वश्रेष्ठ जनपदों को सम्मानित किया जाएगा, जबकि सर्वाधिक क्षेत्रफल में वृक्षारोपण कराने वाले खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को विशेष सम्मान दिया जाएगा। डिप्टी सीएम ने निर्देश दिए कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में वृक्षारोपण के लिए माइक्रोप्लान तैयार किया जाए और ग्रामीणों के बीच पर्यावरण संरक्षण एवं हरित विकास के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक स्तर पर जनसंवाद, गोष्ठियां और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएं।
उन्होंने “वृक्षमाला नदीतट संरक्षण अभियान” के तहत नदी किनारों पर बांस रोपण को प्राथमिकता देने को कहा। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना एवं अन्य आवासीय योजनाओं के लाभार्थियों से दो-दो सहजन (मोरिंगा) के पौधे अनिवार्य रूप से लगवाने के निर्देश दिए। श्री मौर्य ने स्पष्ट किया कि वृक्षारोपण स्थलों का चयन, गड्ढों की खुदाई और पौधों की उपलब्धता की तैयारियां समय से पूरी की जाएं ताकि पौधों की उत्तरजीविता दर बेहतर बनी रहे। उन्होंने पौधों की खरीद निजी नर्सरियों से न करने तथा वन विभाग के माध्यम से ही पौधों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि कुल पौधरोपण में कम से कम 20 प्रतिशत फलदार पौधों को शामिल किया जाए तथा पर्याप्त संख्या में सहजन के पौधे लगाए जाएं, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ पोषण सुरक्षा, ग्रामीण आय और आजीविका को भी मजबूती मिल सके। उप मुख्यमंत्री ने मनरेगा के तहत कराए जाने वाले वृक्षारोपण कार्यों में निर्धारित मानकों के अनुरूप रखरखाव सुनिश्चित करने तथा विगत वर्षों में लगाए गए पौधों की समीक्षा कर सूखे एवं नष्ट पौधों का तत्काल प्रतिस्थापन कराने के निर्देश भी दिए।
आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस. प्रियदर्शी ने सभी मुख्य विकास अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वृक्षारोपण अभियान-2026-27 को मिशन मोड में संचालित करते हुए इसे प्रदेशव्यापी जनभागीदारी का सफल अभियान बनाया जाए।
जनता की समस्याओं का समाधान और नगर का विकास ही प्राथमिकता- बब्बू
वाटर फ्रीजर, सड़क और सफाई का चेयरमैन प्रतिनिधि ने किया निरीक्षण

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।नगर पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि पूर्व विधायक आसिफ खां बब्बू प्रतिदिन वार्डों का पैदल भ्रमण कर जनमानस की समस्यायों से रूबरू हो रहे हैँ उनके द्वारा वार्डों की सफाई व्यवस्था, मार्गो की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है।
      शनिवार को नगर के मोहल्ला मौलागंज, मौखेल और सरदारगंज मोहल्लो में पैदल निरीक्षण के दौरान उन्होंने क़स्बा वासियों से मुलाक़ात कर उनका हाल जाना इस मौके पर लोगों की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देकर शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा।मोहल्लों में विभिन्न स्थानों पर लगे वाटर फ्रीजर से लोगों को सहूलियत के विषय में जानकारी ली और साफ सफाई व्यवस्था देखी।इस मौके पर श्री खां ने कहा जनता की समस्याओं का समाधान और क्षेत्र का विकास उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।नगर के मोहल्लों में जल जीवन मिशन के तहत पाइप डाली जा रही हैँ जिससे मोहल्ले की सड़के खराब हुई हैँ संबंधित ठेकेदार को उन्होंने खराब सभी सड़कों को ठीक करने के निर्देश दिए हैँ। पाइप लाइन पड़ने के बाद शीघ्र ही पालिका द्वारा नगर की सभी सड़कों को ठीक करबाया जायेगा।भीषण गर्मी को देखते हुए नगर पालिका द्वारा वाटर फ्रीजर लगवाए गए हैँ जिससे लोगों शुद्ध व शीतल जल के लिए भटकना न पड़े।स्वच्छ भारत मिशन के तहत चल रही नगर की सफाई व्यवस्था को लेकर श्री खां ने कहा उनके द्वारा सभी वार्डो की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया जा रहा है और सफाई नायको को जिम्मेदारी से कर्तव्य पालन करने के लिए निर्देशित किया गया है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि नगर को स्वच्छ रखने में सहयोग करें निर्धारित स्थान पर कूड़ा डाला जाए।
महिला परिचालकों का फूटा गुस्सा, .
रितेश मिश्रा
हरदोई। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की महिला परिचालकों ने हरदोई डिपो की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। परिवहन अधिकारी को भेजी गई एक गुमनाम शिकायत में महिला परिचालकों ने आरोप लगाया है कि ड्यूटी आवंटन में पारदर्शिता नहीं है और उन्हें लगातार उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है। महिला परिचालकों का कहना है कि ड्यूटी पाने के लिए उन्हें कई दिनों तक चक्कर लगाने पड़ते हैं, लेकिन इसके बावजूद उनकी सुनवाई नहीं होती। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ड्यूटी लगाने के नाम पर हर महीने नगद वसूली की जाती है और यूनियन नेताओं के करीबी लोगों को लगातार प्राथमिकता दी जाती है।
महिला कर्मियों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ यूनियन नेता वर्षों से एक ही स्थान पर जमे हुए हैं और उनके प्रभाव में ही ड्यूटी का आवंटन किया जाता है। शिकायत पत्र में जातिगत भेदभाव और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए गए हैं। आरोप है कि कई बार किसी परिचालक के नाम अलॉट की गई गाड़ी पर पैसे लेकर दूसरे व्यक्ति को भेज दिया जाता है। वहीं ड्यूटी मांगने पर महिला परिचालकों को कई दिनों तक टालमटोल का सामना करना पड़ता है। शिकायत में यह भी कहा गया है कि टाइमकीपर अपने चहेते कर्मचारियों को प्रतिदिन ड्यूटी देते हैं, जबकि अन्य कर्मचारियों को नजरअंदाज किया जाता है।
महिला परिचालकों ने परिवहन अधिकारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, ड्यूटी आवंटन प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने तथा सभी कर्मचारियों को समान अवसर प्रदान करने की मांग की है। साथ ही लखनऊ और दिल्ली रूट पर तैनात कुछ चालक-परिचालकों की ड्यूटी व्यवस्था की भी समीक्षा किए जाने की मांग उठाई गई है।फिलहाल शिकायत के बाद रोडवेज विभाग में चर्चाओं का माहौल है।
श्रीमद्भागवत कथा के सप्तम दिवस में धर्म, शिक्षा एवं सच्ची मित्रता का संदेश
रितेश मिश्रा
हरदोई, बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल, नघेटा रोड, हरदोई स्थित श्री सिद्धबली हनुमान मंदिर प्रांगण में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सप्तम दिवस श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।

कथा के सप्तम दिवस की मुख्य यजमान के रूप में डॉ. कीर्ति सिंह, अध्यक्ष — जीवनदीप सत्संग मंडल, हरदोई उपस्थित रहीं। मुख्य सहयजमान के रूप में श्री त्रिलोकी सिंह गौर (वरिष्ठ अधिवक्ता), श्री के.पी. दीक्षित (आत्मबोधाय आश्रम, हरदोई) एवं श्री ओम पाण्डेय सपरिवार उपस्थित रहे। सभी ने व्यासपीठ एवं कथा व्यास का विधिवत पूजन-अर्चन कर कथा का शुभारम्भ कराया।

कथा के मंगलाचरण अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के उन्नाव विभाग के विभाग संघचालक माननीय शिवस्वरूप जी तथा सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’ ने उपस्थित होकर परम पूज्य कथा व्यास गुरुदेव का स्वागत एवं सम्मान किया।

इस अवसर पर नैमिषारण्य से पधारे अनन्त श्री विभूषित परम पूज्य स्वामी महामण्डलेश्वर स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज, अध्यक्ष नारदानन्द आश्रम, सीतापुर का पावन सान्निध्य एवं आशीर्वचन प्राप्त हुआ। आयोजन समिति द्वारा उनका माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया।

स्वागत करने वालों में डॉ. कीर्ति सिंह, शिव शंकर पाण्डेय, शिव प्रकाश त्रिवेदी, नवल किशोर द्विवेदी, त्रिलोकी सिंह गौर, सुशील अवस्थी ‘छोटे महाराज’, अश्वनी दीक्षित, के.पी. दीक्षित, इन्द्रेश्वर नाथ गुप्ता, अरविन्द द्विवेदी, अरुण मिश्रा, राकेश त्रिपाठी, कौशलेन्द्र प्रताप सिंह (प्रधानाचार्य, आर.आर. इंटर कॉलेज, हरदोई), ओम पाण्डेय, संदीप अवस्थी एवं वीनस अवस्थी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे।

अपने आशीर्वचन में स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने कहा कि धर्म केवल पूजा-पाठ अथवा धार्मिक अनुष्ठानों तक सीमित नहीं है, बल्कि सत्य, करुणा, सेवा, सदाचार एवं कर्तव्यपालन का नाम ही धर्म है। मनुष्य को अपने जीवन में सदैव सत्य एवं न्याय का साथ देते हुए धर्म के मार्ग पर अग्रसर रहना चाहिए। धर्म हमें मानवता, प्रेम और परस्पर सम्मान का संदेश प्रदान करता है।

उन्होंने श्रीमद्भागवत में वर्णित भगवान श्रीकृष्ण एवं सुदामा जी की मित्रता का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदामा जी अत्यंत निर्धन नहीं थे, बल्कि वे ज्ञान और विद्या रूपी अमूल्य धन से समृद्ध थे। भगवान श्रीकृष्ण और सुदामा की मित्रता यह शिक्षा देती है कि सच्ची मित्रता धन, पद एवं प्रतिष्ठा पर नहीं, बल्कि प्रेम, विश्वास, त्याग और आत्मीयता पर आधारित होती है।

स्वामी जी ने कहा कि आज समाज को ऐसे व्यक्तित्वों की आवश्यकता है जो अपने जीवन को केवल व्यक्तिगत उन्नति तक सीमित न रखकर अध्यात्म, शिक्षा और समाज सेवा के माध्यम से जनकल्याण हेतु समर्पित करें। डॉ. कीर्ति सिंह जी ऐसे ही प्रेरणादायी व्यक्तित्व हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए विद्यार्थियों में ज्ञान के साथ-साथ संस्कार, नैतिकता एवं राष्ट्रप्रेम का भी विकास किया है। धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजनों में उनकी सक्रिय सहभागिता समाज को सनातन मूल्यों एवं आध्यात्मिक परम्पराओं से जोड़ने का कार्य कर रही है।

स्वामी विद्या चैतन्य जी महाराज ने ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि डॉ. कीर्ति सिंह जी को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं निरन्तर समाज सेवा की शक्ति प्राप्त हो, जिससे वे इसी प्रकार राष्ट्र निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देती रहें।

कथा व्यास पूज्य स्वामी सत्यानन्द गिरि जी महाराज ने श्रीकृष्ण की दिव्य लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन करते हुए भगवान के 16,108 विवाहों का आध्यात्मिक रहस्य समझाया। उन्होंने कहा कि भगवान की आठ प्रमुख पटरानियाँ प्रकृति के आठ स्वरूपों का प्रतिनिधित्व करती हैं। ईश्वर और जीव में यही मूलभूत अंतर है कि प्रकृति ईश्वर के अधीन है, जबकि जीव प्रकृति के अधीन रहता है।

उन्होंने “एको ब्रह्म द्वितीयो नास्ति” का उल्लेख करते हुए कहा कि ब्रह्म एकमात्र शाश्वत सत्य है, जबकि प्रकृति परिवर्तनशील एवं नश्वर है। ऋतुओं, परिस्थितियों और संसार के सभी परिवर्तन प्रकृति के ही स्वरूप हैं, परन्तु ब्रह्म सदैव अविनाशी है।

सुदामा चरित्र का वर्णन करते हुए स्वामी जी ने कहा कि विद्या ही मनुष्य का वास्तविक धन है। शास्त्रों में कहा गया है — “विद्या नाम नरस्य रूपमधिकम्” अर्थात विद्या मनुष्य का श्रेष्ठ आभूषण है। जिस व्यक्ति के पास ज्ञान और शिक्षा का धन है, वह कभी दरिद्र नहीं हो सकता।

उन्होंने अभिभावकों से आग्रह किया कि यदि वे अपने बच्चों को भौतिक सम्पत्ति न भी दे सकें तो कोई बात नहीं, किन्तु उन्हें शिक्षित अवश्य बनाएं। विद्या मनुष्य में विनय, नम्रता, सदाचार, शालीनता एवं समृद्धि का विकास करती है। साथ ही उन्होंने कहा कि विद्या का वास्तविक महत्व तभी है जब वह धर्म और संस्कारों से जुड़ी हो। जिस प्रकार स्वादिष्ट भोजन में घी का विशेष महत्व होता है, उसी प्रकार शिक्षा में धर्म का विशेष महत्व है।

स्वामी जी ने बाल विद्या भवन पब्लिक स्कूल एवं आर.आर. इंटर कॉलेज की प्रबन्धक डॉ. कीर्ति सिंह तथा समस्त शिक्षकों को हरदोई के बालक-बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण हेतु उत्कृष्ट योगदान के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ प्रदान कीं।

सुदामा चरित्र की भावपूर्ण कथा के उपरान्त सम्पूर्ण परिसर “राधे-राधे” एवं “जय श्रीकृष्ण” के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। कथा के समापन पर श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव से भगवान का स्मरण किया।

आयोजन समिति ने बताया कि दिनांक 31 मई 2026 को पूर्णाहुति हवन एवं विशाल भण्डारा प्रसाद का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं से सादर सहभागिता का अनुरोध किया गया है।
दूषित खाने से लोग हो रहे संक्रमित

नितेश श्रीवास्तव
भदोही। दूषित स्थानों पर बिक रहा नाश्ता और भोजन लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। लगातार बाहर का भोजन और नाश्ता करने वाले लोग पेट संबंधी बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। नगर पंचायत ज्ञानपुर समेत जिले के कई स्थानों पर खुले नालों के किनारे नाश्ता, भोजन, मीट और सब्जियों की बिक्री हो रही है, जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ता जा रहा है। दूषित खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों की सुबह पेट दर्द से शुरू हो रही है, जबकि रात गैस, जलन और अपच जैसी समस्याओं के साथ बीत रही है। संक्रामक बीमारियों का खतरा अब सामान्य होता जा रहा है।
अस्पतालों की ओपीडी में डायरिया, एसिडिटी, अल्सर, कब्ज, कोलाइटिस और पेट संक्रमण के मरीज लगातार बढ़ रहे हैं। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि अब सामान्य पेट संक्रमण भी कई मामलों में दवाओं से आसानी से नियंत्रित नहीं हो पा रहा है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि नालों और सीवर के पानी में ऐसे बैक्टीरिया मिल रहे हैं, जिन पर सामान्य दवाओं का असर भी कम हो रहा है। सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक के अनुसार दूषित पानी लगातार पीने से पाचन तंत्र पर सीधा असर पड़ता है। भारी तत्वों वाला पानी आंतों की अंदरूनी परत को प्रभावित करता है, जिससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल इरिटेशन, कब्ज की समस्याएं बनी रहती हैं।
सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत, पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम भेजा

कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर शनिवार को बरझाला गेट के पास हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है  वाहन को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार शमसाबाद थाना क्षेत्र के गांव सुल्तानपुर निवासी 30 वर्षीय सौरभ शर्मा पुत्र स्वर्गीय राजेश शर्मा शनिवार को बाइक से कंपिल लकवा की दवा लेने गया था। दवा लेकर वापस घर लौटते समय कायमगंज-फर्रुखाबाद मार्ग पर बरझाला गेट के पास सामने से आ रहे छोटा हाथी वाहन से उसकी बाइक की आमने-सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सौरभ ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।घटना में मृतक की बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई ।टक्कर लगने के बाद युवक बाइक सहित करीब 25 फीट दूर उछाल कर जाकर गिरा । मास के लोथड़ेलगभग 40 फीट के क्षेत्रफल में इधर-उधर बिखर गए ।घटना को अंजाम देने वाले छोटा हाथी में बताया गया किशराब की पेटियां लदी हुई थी ।बताया गया की घटना को अंजाम देने वाला छोटा हाथी फर्रुखाबाद की तरफ से कायमगंज की ओर जा रहा था ।जबकि मृतक युवक बाइक से कायमगंज सेफर्रुखाबाद की ओर अपने गांव जा रहा था ।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसे के बाद छोटा हाथी चालक वाहन लेकर भागने की कोशिश करने लगा, लेकिन आसपास मौजूद राहगीरों ने पीछा कर वाहन व चालक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।
घटना की जानकारी मिलते ही मृतक के परिजन मौके पर पहुंच गए। युवक का शव देखकर मां स्नेहलता समेत परिवार के अन्य सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया गया है कि मृतक सौरभ चार भाइयों में दूसरे नंबर का था। उसकी बहन रागिनी की शादी हो चुकी है।
क्राइम इन्स्पेक्टर महेंद्र सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल वाहन व चालक को हिरासत में ले लिया गया है, और मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
लखनऊ में जमीन खरीदना होगा महंगा, 332 गांवों में सर्किल रेट 200% तक बढ़ाने का प्रस्ताव
* 4 जून से लागू होंगी नई दरें, 2 जून तक दर्ज कराई जा सकेंगी आपत्तियां


लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ग्रामीण क्षेत्रों में जमीन खरीदना अब पहले से ज्यादा महंगा होने जा रहा है। जिला प्रशासन ने 332 गांवों में कृषि योग्य भूमि के डीएम सर्किल रेट 100 से 200 प्रतिशत तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नई दरें 4 जून से लागू की जाएंगी, जबकि 2 जून तक आम लोग अपनी आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे।
नई दरें लागू होने के बाद कई गांवों में कृषि भूमि की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिलेगा। जिन क्षेत्रों में फिलहाल कृषि भूमि का सर्किल रेट 20 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर है, वहां यह बढ़कर 35 से 40 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर तक पहुंच सकता है। प्रस्तावित संशोधन के दायरे में मोहनलालगंज, सरोजनीनगर, बख्शी का तालाब, मलिहाबाद और सदर तहसील के कई गांव शामिल हैं।
जिलाधिकारी विशाख जी के अनुसार, एलडीए के विस्तारित क्षेत्र और नगर निगम सीमा में शामिल गांवों को छोड़कर अन्य ग्रामीण इलाकों में सर्किल रेट संशोधित किए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि बाजार मूल्य और मौजूदा सर्किल रेट में भारी अंतर को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
नई व्यवस्था के तहत कृषि भूमि को चार श्रेणियों — जनपदीय मार्ग से सटी भूमि, संपर्क मार्ग की भूमि, आबादी से लगी जमीन और सामान्य कृषि भूमि — में विभाजित कर नई दरें निर्धारित की गई हैं।सर्किल रेट बढ़ने के बाद ग्रामीण इलाकों में जमीन की रजिस्ट्री, स्टांप शुल्क और खरीद-बिक्री की लागत में भी बढ़ोतरी होने की संभावना है।
यूपी में आपदा के बीच राहत आयुक्त के विदेश दौरे पर विवाद, सीएम योगी ने मांगी रिपोर्ट
* 117 मौतों के बीच विदेश यात्रा पर उठे सवाल, मुख्य सचिव से जवाब तलब; प्रदेशभर में बारिश-आंधी का अलर्ट जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले दिनों आए भीषण आंधी-तूफान और अन्य प्राकृतिक आपदाओं में 117 लोगों की मौत के बीच राहत आयुक्त डॉ. ऋषिकेश भास्कर यशोद के विदेश दौरे पर जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मामले की जानकारी सामने आने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नाराजगी जताते हुए पूरे प्रकरण की रिपोर्ट तलब कर ली है। साथ ही मुख्य सचिव से भी जवाब मांगा गया है।
इस बीच, नौतपा के दौरान प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पिछले दो दिनों से आंधी, बारिश और तेज हवाओं के चलते लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है। शनिवार सुबह से प्रदेश के अधिकांश जिलों में बादल छाए रहे और कई स्थानों पर तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई।
भीषण गर्मी के लिए चर्चित बांदा में 28 मई को अधिकतम तापमान 47.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो घटकर करीब 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।
मौसम विभाग ने शनिवार को प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इनमें 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। विभाग के अनुसार 2 जून तक मौसम का यही रुख बने रहने की संभावना है।
गुरुवार देर रात और शुक्रवार को लखनऊ समेत पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश, आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हुई। खराब मौसम के चलते कच्चे मकानों की दीवारें गिर गईं, टिनशेड उड़ गए और सैकड़ों पेड़ धराशायी हो गए। चित्रकूट में लगभग 500 तोतों की मौत की सूचना भी सामने आई है।
आंधी-तूफान, बिजली गिरने और अन्य मौसम संबंधी हादसों में प्रदेश में 31 लोगों की मौत दर्ज की गई। इनमें सबसे अधिक 15 मौतें बुंदेलखंड क्षेत्र में हुईं।
हमीरपुर में 6, बांदा में 3, महोबा, उरई और जालौन में 2-2 मौतें दर्ज की गईं। इसके अलावा कौशांबी में 4, सहारनपुर और देवरिया में 2-2, जबकि प्रतापगढ़, अंबेडकरनगर, बलिया, महाराजगंज, मथुरा, उन्नाव, फतेहपुर और रामपुर में एक-एक व्यक्ति की जान गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम जनित घटनाओं से हुए नुकसान का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को फील्ड में उतरकर राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही प्रभावित लोगों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं।
अवैध खनन और ओवरलोडिंग पर यूपी सरकार की बड़ी कार्रवाई, 7,339 वाहनों पर शिकंजा

33.71 करोड़ रुपये का अधिरोपण, 28.31 करोड़ की वसूली; प्रदेशभर में प्रवर्तन अभियान जारी


लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग के खिलाफ सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग द्वारा पूरे प्रदेश में व्यापक प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत अब तक 7,339 वाहनों पर कार्रवाई करते हुए 33 करोड़ 71 लाख रुपये का अधिरोपण किया गया है।

भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग की सचिव एवं निदेशक श्रीमती माला श्रीवास्तव के निर्देश पर अप्रैल 2026 से जनपद और निदेशालय स्तर पर प्रदेशभर में लगातार सघन जांच अभियान संचालित किया जा रहा है।

विभागीय जांच में बड़ी संख्या में वाहन वैध प्रपत्रों के साथ खनिज परिवहन करते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग में लिप्त वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार अधिरोपित राशि में से अब तक 28 करोड़ 31 लाख रुपये की वसूली भी की जा चुकी है।
अभियान की समीक्षा के दौरान श्रीमती माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल वैध आईएसटीपी (Inter-State Transit Pass) के माध्यम से ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी परिस्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए।
उन्होंने कहा कि खनन क्षेत्रों के सोर्स प्वाइंट पर निर्धारित लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए। यदि किसी भी स्तर पर नियमों के उल्लंघन या अनियमितता की शिकायत मिलती है, तो संबंधित के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

श्रीमती माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि प्रदेश सरकार अवैध खनन और अवैध परिवहन के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति पर काम कर रही है। प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण और राजस्व हितों की सुरक्षा के लिए यह प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।