चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 6 वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पूरी व्यवस्था

* 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष जोर

देहरादून। उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी. मुरुगेशन, जबकि बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन करेंगे। हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा को दी गई है। वहीं केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे, यमुनोत्री धाम मार्ग पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले और ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती क्षेत्र की निगरानी आईजी सुनील कुमार करेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के लिहाज से यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में मौजूद रहेंगी।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। हालांकि प्रशासन के सामने 52 बॉटलनेक, 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट बड़ी चुनौती बने हुए हैं।सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारी की गई है।
थारू समाज को बड़ी राहत: मुकदमे वापस होंगे, हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
* लखीमपुर खीरी में ₹817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सीएम योगी की माफियाओं को कड़ी चेतावनी

लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी कीमत पर थारू समाज पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में ₹817 करोड़ लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों को आज जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जो “अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान” की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले संवेदनशीलता का अभाव था, जबकि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि माफिया बनने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें “मिट्टी में मिलने” के लिए तैयार रहना होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और आपदा राहत के तहत मदद दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम हो रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
भाजपा जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने कार्यकर्ताओं संग किया व्यापक संपर्क
रितेश मिश्रा

हरदोई।  सण्डीला  भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्राम/बस्ती चलो अभियान के अन्तर्गत वार्ड 2 व 6 में संपर्क अभियान चलाया गया जिसमें मुख्य अतिथि अभियान प्रवासी जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा मौजूद रहे।
कार्यक्रम के संयोजक मण्डल अध्यक्ष नितीश जायसवाल रमन व मनीष गुप्ता उपाध्यक्ष रहे।
जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने कहा कि भारत के यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ द्वारा घर घर संपर्क किया जा रहा है, सर्वप्रथम वार्ड में स्थित श्री शिव भोले मंदिर पर स्वच्छता अभियान चलाया। श्री सिंह ने सभी से अपील की कि आने वाले 2027 के विधानसभा के  चुनाव में फिर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएं, महाराज योगी आदित्यनाथ जी को पुनः मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठने का काम हम सबको करना है नवनिर्माण के 9 साल पूरे होने पर अब तक वितरण किए। इस अवसर पर पूर्व जिला महामंत्री विष्णु दयाल शुक्ला, मंडल  उपाध्यक्ष डाक्टर वेद प्रकाश मिश्रा, नरेश अर्कवंशी, सौरभ गुप्ता,  मंत्री अनुज सिंह, मोहन गुप्ता, पियूष गुप्ता अमन बाबू, शक्ति केंद्र संयोजक शरद चौरसिया, राघवेन्द्र मोर्या, अनिल गुप्ता, अमन पाण्डेय, मोर्चा अध्यक्ष व संयोजक, रानू अंसारी, रितेश गुप्ता, स्पर्श गुप्ता, गोपाल अर्कवंशी, पंकज अर्कवंशी, सुमित चौधरी, संजय सिंह, सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: हमीरपुर नंबर-1, बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर

* मार्च रिपोर्ट में टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई भी शामिल, 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की होती है निगरानी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होती नजर आ रही है। सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट में हमीरपुर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा है।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश में जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व कार्यों और कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाती है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
* हर माह होती है व्यापक समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड के जरिए हर महीने प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इन कार्यक्रमों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। मार्च की रिपोर्ट में हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि बरेली ने 9.54 और रामपुर ने 9.51 अंक के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया।
* टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई
रिपोर्ट के अनुसार मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी जगह बनाई है।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तय की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम रैंकिंग में देखने को मिल रहा है।
सीएम डैशबोर्ड की सख्त निगरानी से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आई है और “उत्तम प्रदेश” के लक्ष्य की ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
मुजफ्फरनगर: घिस्सुखेड़ा में नहर टूटी, किसानों की फसलें बर्बाद, विधायक पंकज मलिक पहुंचे मौके पर

आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घिस्सुखेड़ा में नहर टूटने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सूचना मिलते ही सपा विधायक पंकज मलिक तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने बताया कि गेहूं, गन्ना समेत कई फसलें पानी में डूबकर खराब हो गई हैं। विधायक ने इस घटना को सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही बताया और अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

विधायक पंकज मलिक ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को नुकसान का जल्द आकलन कराने और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और हर प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़े हैं।
IPL मैच को लेकर लखनऊ में ट्रैफिक अलर्ट : इकाना स्टेडियम के आसपास बड़ा डायवर्जन, इन रास्तों पर रहें सतर्क
लखनऊ। राजधानी में 12 अप्रैल को Indian Premier League के तहत होने वाले मैच को देखते हुए इकाना स्टेडियम के आसपास व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था दोपहर 12 बजे से मैच समाप्ति तक प्रभावी रहेगी, जबकि कुछ प्रमुख मार्गों पर सुबह 9 बजे से ही दबाव बढ़ने की संभावना जताई गई है। यातायात पुलिस के अनुसार, शहर में कानून-व्यवस्था और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए शहीद पथ, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड, कानपुर रोड और अयोध्या रोड से जुड़े प्रमुख चौराहों व मार्गों पर बड़े वाहन, बसों और सामान्य यातायात पर प्रतिबंध/डायवर्जन लागू किया गया है।

कहां-कहां रहेगा डायवर्जन

कमता तिराहा (अयोध्या रोड) से शहीद पथ की ओर जाने वाला यातायात डायवर्ट रहेगा। वाहन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, 1090 चौराहा, तेलीबाग, किसान पथ होते हुए आगे बढ़ेंगे।
शहीद पथ (कानपुर रोड तिराहा) से सुल्तानपुर, रायबरेली और अयोध्या रोड की ओर जाने वाले वाहन बाराबिरवा, बंगला बाजार, 1090 चौराहा या किसान पथ से जाएंगे।
गोसाईगंज व सुल्तानपुर रोड से आने वाले भारी वाहन अहिमामऊ की ओर नहीं जा सकेंगे, इन्हें वृंदावन योजना या किसान पथ की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
उतरेठिया अंडरपास (रायबरेली रोड) से शहीद पथ की ओर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
हुसड़िया अंडरपास व लालबत्ती चौराहा से अहिमामऊ और सुल्तानपुर रोड की ओर यातायात सीमित रहेगा।
अहिमामऊ चौराहा से प्लासियो मॉल की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा।

शहीद पथ पर विशेष सतर्कता

सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक शहीद पथ पर भारी ट्रैफिक दबाव रहने की संभावना है। ऐसे में कानपुर, एक्सप्रेस-वे, अमौसी या बाराबिरवा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इस मार्ग से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

स्टेडियम जाने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था

इकाना स्टेडियम की पार्किंग में जाने वाले बड़े वाहन/बसों को अहिमामऊ चौराहा होकर प्रवेश दिया जाएगा।
दर्शक ट्रैफिक से बचने के लिए अर्जुनगंज और कैंट मार्ग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपातकालीन सेवाओं को छूट

एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन को विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंधित मार्गों से भी जाने की अनुमति रहेगी।

जरूरी हेल्पलाइन

किसी भी ट्रैफिक समस्या या आपात स्थिति में नागरिक ट्रैफिक कंट्रोल नंबर: 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचें और पुलिस का सहयोग करें, ताकि सभी के लिए सुरक्षित और सुचारु यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
रेढ़हा स्थित लक्ष्मी सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव
आजमगढ़ जिले के अहरौला क्षेत्र स्थित रेढ़हा के लक्ष्मी सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक तरुण कुमार अग्रवाल ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह (गब्बर) ने की तथा संचालन कमलेश पांडे द्वारा किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर कक्षा एक से आठ तक के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।इसके साथ ही हिंदुस्तान ओलंपियाड परीक्षा में जनपद स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली इशिका सिंह एवं नवां स्थान प्राप्त करने वाली आदित्री यादव को भी सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि संतोष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यहां के बच्चों को देखकर स्पष्ट होता है कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केसाथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं, जिसके कारण यहां के छात्र जनपद में अपना नाम रोशन कर रहे हैं।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मैनेजर संतोष सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नीरज श्रीवास्तव, प्रभुदीन यादव,हनुमत सिंह रज्जू, निखिल सिंह, राजेश सिंह, धर्मेंद्र कुमार, शिव कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यूपी में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े

* विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 सफल, युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले 166 दिनों के इस व्यापक अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए। इस प्रकार कुल 84.28 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़, महिला मतदाता 6.09 करोड़ और तृतीय लिंग के मतदाता 4206 हैं।
विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 पहुंच गया, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जिलों में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ तथा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर 27 मार्च 2026 तक सभी का निस्तारण किया गया। स्पष्ट किया गया कि मसौदा सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 तथा जिला स्तर पर 3090 बैठकें आयोजित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल किया जा सके।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1.08 लाख से अधिक शिकायतों में 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया, जबकि हेल्पलाइन पर प्राप्त हजारों कॉल्स का भी समाधान किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपील प्रक्रिया के तहत असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और 30 दिनों के भीतर उनके निर्णय के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।
गोण्डा में बकरी चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार


गोण्डा । उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में थाना वजीरगंज पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बकरी चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में रफीक, शकील, शमसुद्दीन और रहीश शामिल हैं। इनके कब्जे से 6 चोरी की बकरियां, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 स्कॉर्पियो गाड़ियां और 23,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अंजाम दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में टीमों ने सघन चेकिंग और खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों को दुर्जनपुर घाट-कोडर मार्ग से गिरफ्तार किया।

ऐसे करते थे चोरी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में रात के समय घरों के बाहर बंधी बकरियों की रेकी कर चोरी करते थे। इसके बाद चोरी की बकरियों को बाराबंकी और बहराइच की पशु मंडियों में बेच देते थे या काटकर मांस के रूप में बेचकर पैसा कमाते थे।

आरोपियों ने हाल की कई वारदातों को भी स्वीकार किया है। उन्होंने 8 अप्रैल को करनैलगंज क्षेत्र से 10 बकरियां चोरी कर करीब 50 हजार रुपये में बेचने और 7 अप्रैल को तरबगंज क्षेत्र से 9 बकरियां चोरी कर उनका मांस बेचने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया गया है।
चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 6 वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पूरी व्यवस्था

* 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष जोर

देहरादून। उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी. मुरुगेशन, जबकि बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन करेंगे। हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा को दी गई है। वहीं केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे, यमुनोत्री धाम मार्ग पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले और ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती क्षेत्र की निगरानी आईजी सुनील कुमार करेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के लिहाज से यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में मौजूद रहेंगी।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। हालांकि प्रशासन के सामने 52 बॉटलनेक, 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट बड़ी चुनौती बने हुए हैं।सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारी की गई है।
थारू समाज को बड़ी राहत: मुकदमे वापस होंगे, हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
* लखीमपुर खीरी में ₹817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सीएम योगी की माफियाओं को कड़ी चेतावनी

लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी कीमत पर थारू समाज पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में ₹817 करोड़ लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों को आज जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जो “अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान” की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले संवेदनशीलता का अभाव था, जबकि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि माफिया बनने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें “मिट्टी में मिलने” के लिए तैयार रहना होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और आपदा राहत के तहत मदद दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम हो रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
भाजपा जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने कार्यकर्ताओं संग किया व्यापक संपर्क
रितेश मिश्रा

हरदोई।  सण्डीला  भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस के अवसर पर ग्राम/बस्ती चलो अभियान के अन्तर्गत वार्ड 2 व 6 में संपर्क अभियान चलाया गया जिसमें मुख्य अतिथि अभियान प्रवासी जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा मौजूद रहे।
कार्यक्रम के संयोजक मण्डल अध्यक्ष नितीश जायसवाल रमन व मनीष गुप्ता उपाध्यक्ष रहे।
जिला सह कार्यालय मंत्री मुकुल सिंह आशा ने कहा कि भारत के यशस्वी माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी व उत्तर प्रदेश सरकार के यशस्वी माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को जन जन तक पहुंचाने के लिए भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ताओ द्वारा घर घर संपर्क किया जा रहा है, सर्वप्रथम वार्ड में स्थित श्री शिव भोले मंदिर पर स्वच्छता अभियान चलाया। श्री सिंह ने सभी से अपील की कि आने वाले 2027 के विधानसभा के  चुनाव में फिर उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार बनाएं, महाराज योगी आदित्यनाथ जी को पुनः मुख्यमंत्री की गद्दी पर बैठने का काम हम सबको करना है नवनिर्माण के 9 साल पूरे होने पर अब तक वितरण किए। इस अवसर पर पूर्व जिला महामंत्री विष्णु दयाल शुक्ला, मंडल  उपाध्यक्ष डाक्टर वेद प्रकाश मिश्रा, नरेश अर्कवंशी, सौरभ गुप्ता,  मंत्री अनुज सिंह, मोहन गुप्ता, पियूष गुप्ता अमन बाबू, शक्ति केंद्र संयोजक शरद चौरसिया, राघवेन्द्र मोर्या, अनिल गुप्ता, अमन पाण्डेय, मोर्चा अध्यक्ष व संयोजक, रानू अंसारी, रितेश गुप्ता, स्पर्श गुप्ता, गोपाल अर्कवंशी, पंकज अर्कवंशी, सुमित चौधरी, संजय सिंह, सहित अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
एक ही विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,करंट के मौत पर रिपोर्टों में विरोधाभास
*दोनों ने कहा अचानक तार टूटकर गिरने से हुई मौत

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत पथवलिया गांव निवासी अधिवक्ता व पत्रकार रंजीत तिवारी (37) की करंट लगने से हुई मौत अब सवालों के घेरे में है।जिसका कारण बिजली विभाग की दो अलग अलग जांच रिपोर्ट,जिसमें घटना का कारण अलग अलग बताया गया है।एक ही विभाग की दो रिपोर्टों ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को उलझन में डाल दिया है कि आखिर सच क्या है?मुख्य अभियंता की जांच रिपोर्ट के मुताबिक घटना के समय रंजीत तिवारी अपने घर के पास विद्युत लाइन में हो रहे स्पार्किंग की वीडियो बना रहे थे कि तभी तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और उनकी मौके पर ही मौत हो गई तो वहीं दूसरी तरफ तीन अधिकारियों की जांच रिपोर्ट में पूरी कहानी कुछ अलग है।इस रिपोर्ट के अनुसार रंजीत तिवारी घटना के समय अपने घर से दायित्वों के निर्वहन हेतु निकल रहे थे कि तभी तेज हवा के कारण बिजली का तार टूटकर उनके ऊपर गिर गया और विद्युत स्पर्शाघात से उनकी जान चली गई।अर्थात विभाग की एक रिपोर्ट रंजीत तिवारी को मौके पर खड़ा बता रही है तो दूसरी रिपोर्ट में उन्हें रास्ते पर चलते हुए बताया गया है।मुख्य अभियंता की रिपोर्ट में घटना की तकनीकी वजह भी विस्तार से बताई गई है।जिसमें बताया गया है कि रंजीत तिवारी के घर के सामने से लगभग 30 साल पुरानी 11 हजार केवि एचटी लाइन गुजरती है और घर के पास एक जंगल जलेबी का पेड़ है जिसकी दूरी तार से बेहद कम है,तेज हवा के कारण तार पेड़ के तने से टकराया और स्पार्किंग होने लगी।इसी दौरान तार टूटकर नीचे गिर गया तथा रंजीत तिवारी उसकी चपेट में आ गए।हालांकि विभाग ने यह भी दावा किया कि लाइन की उंचाई और सिस्टम मानकों के अनुसार सही था और हाल ही में पेड़ों की छंटाई भी कराई गई थी।यहाँ गौरतलब है कि दोनों रिपोर्ट में एक बात समान है कि किसी भी बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मचारी को दोषी नहीं ठहराया गया है।वहीं इसके उलट रंजीत तिवारी के पड़ोसी को जिम्मेदार ठहराया गया है।रिपोर्ट में कहा गया है कि जिस जंगल जलेबी के पेड़ से तार टकराया वह पड़ोसी की जमीन पर था और उसने पेड़ कटवाने का विरोध किया था।विभाग का दावा है कि कई बार कोशिश करने के बावजूद पेड़ की कटाई नहीं हो सकी,जबकि वही पेड़ हादसे की मुख्य वजह बना।अब सवाल उठ रहा है कि यदि खतरा इतना बड़ा था तो विभाग द्वारा वैकल्पिक उपाय क्यों नहीं किया गया।तीन अधिकारियों की संयुक्त रिपोर्ट में मृतक की पत्नी पूजा तिवारी को विभागीय नियमों के तहत मुआवजा देने की सिफारिश की गई है।परन्तु इस पूरे मामले में बड़ा सवाल अभी भी बरकरार है कि क्या यह सिर्फ एक हादसा था या विभागीय लापरवाही?मामले की दो अलग अलग रिपोर्टों ने घटना को और उलझा दिया है।एक ही विभाग के अंदर सच्चाई के दो संस्करण सामने आने से लोगों का भरोसा भी डगमगाया है।स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते पेड़ अथवा लाइन को लेकर ठोस कदम उठाए जाते तो संभवतः एक जान बचाई जा सकती थी।वहीं अब सबकी नजर इस पर है कि प्रशासन इस विरोधाभास को सुलझाकर असली जिम्मेदार तय करता है अथवा रह मामला फाइलों में दबकर रह जाएगा।
सीएम डैशबोर्ड रैंकिंग: हमीरपुर नंबर-1, बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर

* मार्च रिपोर्ट में टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई भी शामिल, 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की होती है निगरानी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में विकास कार्यों की रफ्तार तेज होती नजर आ रही है। सीएम डैशबोर्ड की मार्च माह की रिपोर्ट में हमीरपुर ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि बरेली दूसरे और रामपुर तीसरे स्थान पर रहा है।
सीएम डैशबोर्ड के माध्यम से प्रदेश में जनसुनवाई, जनकल्याणकारी योजनाओं, राजस्व कार्यों और कानून-व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाती है। इससे जिलों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ी है और प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता और गति आई है।
* हर माह होती है व्यापक समीक्षा
सीएम डैशबोर्ड के जरिए हर महीने प्रदेश के 49 विभागों के 110 कार्यक्रमों की समीक्षा की जाती है। इन कार्यक्रमों का मूल्यांकन विभिन्न मानकों के आधार पर किया जाता है, जिसके बाद जिलों की रैंकिंग जारी की जाती है। मार्च की रिपोर्ट में हमीरपुर ने 10 में से 9.55 अंक प्राप्त कर पहला स्थान हासिल किया, जबकि बरेली ने 9.54 और रामपुर ने 9.51 अंक के साथ क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान पाया।
* टॉप-5 में मैनपुरी और हरदोई
रिपोर्ट के अनुसार मैनपुरी चौथे और हरदोई पांचवें स्थान पर रहे। इसके अलावा टॉप-10 जिलों में शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, जालौन, सोनभद्र और कौशांबी ने भी जगह बनाई है।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी के मुताबिक यह रैंकिंग प्रशासनिक दक्षता, विकास कार्यों की गुणवत्ता और राजस्व प्रबंधन के आधार पर तय की जाती है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है, जिसका सकारात्मक परिणाम रैंकिंग में देखने को मिल रहा है।
सीएम डैशबोर्ड की सख्त निगरानी से प्रदेश में विकास कार्यों में तेजी आई है और “उत्तम प्रदेश” के लक्ष्य की ओर उत्तर प्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है।
मुजफ्फरनगर: घिस्सुखेड़ा में नहर टूटी, किसानों की फसलें बर्बाद, विधायक पंकज मलिक पहुंचे मौके पर

आशीष कुमार
मुजफ्फरनगर के चरथावल विधानसभा क्षेत्र के ग्राम घिस्सुखेड़ा में नहर टूटने से किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। सूचना मिलते ही सपा विधायक पंकज मलिक तुरंत मौके पर पहुंचे और प्रभावित किसानों से मुलाकात की।

इस दौरान उन्होंने बताया कि गेहूं, गन्ना समेत कई फसलें पानी में डूबकर खराब हो गई हैं। विधायक ने इस घटना को सिंचाई विभाग की बड़ी लापरवाही बताया और अधिकारियों पर नाराजगी जताई।

विधायक पंकज मलिक ने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को नुकसान का जल्द आकलन कराने और किसानों को उचित मुआवजा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा और हर प्रभावित किसान के साथ मजबूती से खड़े हैं।
IPL मैच को लेकर लखनऊ में ट्रैफिक अलर्ट : इकाना स्टेडियम के आसपास बड़ा डायवर्जन, इन रास्तों पर रहें सतर्क
लखनऊ। राजधानी में 12 अप्रैल को Indian Premier League के तहत होने वाले मैच को देखते हुए इकाना स्टेडियम के आसपास व्यापक ट्रैफिक डायवर्जन लागू किया गया है। यह व्यवस्था दोपहर 12 बजे से मैच समाप्ति तक प्रभावी रहेगी, जबकि कुछ प्रमुख मार्गों पर सुबह 9 बजे से ही दबाव बढ़ने की संभावना जताई गई है। यातायात पुलिस के अनुसार, शहर में कानून-व्यवस्था और सुगम यातायात बनाए रखने के लिए शहीद पथ, सुल्तानपुर रोड, रायबरेली रोड, कानपुर रोड और अयोध्या रोड से जुड़े प्रमुख चौराहों व मार्गों पर बड़े वाहन, बसों और सामान्य यातायात पर प्रतिबंध/डायवर्जन लागू किया गया है।

कहां-कहां रहेगा डायवर्जन

कमता तिराहा (अयोध्या रोड) से शहीद पथ की ओर जाने वाला यातायात डायवर्ट रहेगा। वाहन इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, 1090 चौराहा, तेलीबाग, किसान पथ होते हुए आगे बढ़ेंगे।
शहीद पथ (कानपुर रोड तिराहा) से सुल्तानपुर, रायबरेली और अयोध्या रोड की ओर जाने वाले वाहन बाराबिरवा, बंगला बाजार, 1090 चौराहा या किसान पथ से जाएंगे।
गोसाईगंज व सुल्तानपुर रोड से आने वाले भारी वाहन अहिमामऊ की ओर नहीं जा सकेंगे, इन्हें वृंदावन योजना या किसान पथ की ओर डायवर्ट किया जाएगा।
उतरेठिया अंडरपास (रायबरेली रोड) से शहीद पथ की ओर बड़े वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।
हुसड़िया अंडरपास व लालबत्ती चौराहा से अहिमामऊ और सुल्तानपुर रोड की ओर यातायात सीमित रहेगा।
अहिमामऊ चौराहा से प्लासियो मॉल की ओर जाने वाला मार्ग पूरी तरह बंद रहेगा।

शहीद पथ पर विशेष सतर्कता

सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक शहीद पथ पर भारी ट्रैफिक दबाव रहने की संभावना है। ऐसे में कानपुर, एक्सप्रेस-वे, अमौसी या बाराबिरवा की ओर जाने वाले वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे इस मार्ग से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।

स्टेडियम जाने वाले दर्शकों के लिए व्यवस्था

इकाना स्टेडियम की पार्किंग में जाने वाले बड़े वाहन/बसों को अहिमामऊ चौराहा होकर प्रवेश दिया जाएगा।
दर्शक ट्रैफिक से बचने के लिए अर्जुनगंज और कैंट मार्ग का भी इस्तेमाल कर सकते हैं।

आपातकालीन सेवाओं को छूट

एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, स्कूल वाहन और शव वाहन को विशेष परिस्थितियों में प्रतिबंधित मार्गों से भी जाने की अनुमति रहेगी।

जरूरी हेल्पलाइन

किसी भी ट्रैफिक समस्या या आपात स्थिति में नागरिक ट्रैफिक कंट्रोल नंबर: 9454405155 पर संपर्क कर सकते हैं।लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन का पालन करें, अनावश्यक रूप से भीड़भाड़ वाले मार्गों से बचें और पुलिस का सहयोग करें, ताकि सभी के लिए सुरक्षित और सुचारु यातायात सुनिश्चित किया जा सके।
रेढ़हा स्थित लक्ष्मी सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनाया गया वार्षिकोत्सव
आजमगढ़ जिले के अहरौला क्षेत्र स्थित रेढ़हा के लक्ष्मी सिंह मेमोरियल पब्लिक स्कूल में वार्षिकोत्सव कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खंड शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार सिंह उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में यूनियन बैंक के शाखा प्रबंधक तरुण कुमार अग्रवाल ने शिरकत की। कार्यक्रम की अध्यक्षता ब्लॉक प्रमुख प्रत्याशी प्रदीप कुमार सिंह (गब्बर) ने की तथा संचालन कमलेश पांडे द्वारा किया गया।कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के छोटे-छोटे बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। इस अवसर पर कक्षा एक से आठ तक के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।इसके साथ ही हिंदुस्तान ओलंपियाड परीक्षा में जनपद स्तर पर तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली इशिका सिंह एवं नवां स्थान प्राप्त करने वाली आदित्री यादव को भी सम्मानित किया गया।मुख्य अतिथि संतोष कुमार सिंह ने अपने संबोधन में विद्यालय की सराहना करते हुए कहा कि यहां के बच्चों को देखकर स्पष्ट होता है कि विद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केसाथ-साथ संस्कार भी दिए जाते हैं, जिसके कारण यहां के छात्र जनपद में अपना नाम रोशन कर रहे हैं।कार्यक्रम के अंत में विद्यालय के मैनेजर संतोष सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर नीरज श्रीवास्तव, प्रभुदीन यादव,हनुमत सिंह रज्जू, निखिल सिंह, राजेश सिंह, धर्मेंद्र कुमार, शिव कुमार सहित क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे।
यूपी में मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 84 लाख से अधिक नए मतदाता जुड़े

* विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 सफल, युवाओं और महिला मतदाताओं की भागीदारी बढ़ी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के अंतर्गत विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची के प्रकाशन को लेकर प्रेस वार्ता की। उन्होंने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 से 10 अप्रैल 2026 तक चले 166 दिनों के इस व्यापक अभियान में 75 जिलों के अधिकारियों और 5.82 लाख से अधिक बूथ लेवल एजेंटों ने सक्रिय भागीदारी निभाई।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में कुल 12.55 करोड़ मतदाता थे, जो अंतिम प्रकाशन (10 अप्रैल 2026) में बढ़कर 13.39 करोड़ हो गए। इस प्रकार कुल 84.28 लाख मतदाताओं की वृद्धि दर्ज की गई। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 7.30 करोड़, महिला मतदाता 6.09 करोड़ और तृतीय लिंग के मतदाता 4206 हैं।
विशेष रूप से 18-19 आयु वर्ग के मतदाताओं में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो 3.33 लाख से बढ़कर 17.63 लाख हो गई। जेंडर रेशियो भी 824 से बढ़कर 834 पहुंच गया, जो महिला मतदाताओं की बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।
जिलों में सर्वाधिक मतदाता वृद्धि प्रयागराज, लखनऊ, बरेली, गाजियाबाद और जौनपुर में दर्ज की गई। वहीं विधानसभा क्षेत्रों में साहिबाबाद, जौनपुर, लखनऊ पश्चिम, लोनी और फिरोजाबाद शीर्ष पर रहे।
उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ मतदाताओं का मिलान नहीं हुआ तथा 2.22 करोड़ मामलों में तार्किक विसंगतियां पाई गईं, जिन पर शत-प्रतिशत नोटिस जारी कर 27 मार्च 2026 तक सभी का निस्तारण किया गया। स्पष्ट किया गया कि मसौदा सूची से बिना नोटिस और उचित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम नहीं हटाया गया।
राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए राज्य स्तर पर 5 तथा जिला स्तर पर 3090 बैठकें आयोजित की गईं। दावा एवं आपत्ति अवधि के दौरान चार विशेष अभियान दिवस भी चलाए गए, जिससे अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को सूची में शामिल किया जा सके।
शिकायत निस्तारण में उत्तर प्रदेश ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल (NGSP) और ‘बुक ए कॉल विद बीएलओ’ सुविधा में देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। 1.08 लाख से अधिक शिकायतों में 99.8% का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण किया गया, जबकि हेल्पलाइन पर प्राप्त हजारों कॉल्स का भी समाधान किया गया।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अपील प्रक्रिया के तहत असंतुष्ट व्यक्ति 15 दिनों के भीतर जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और 30 दिनों के भीतर उनके निर्णय के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष द्वितीय अपील कर सकता है।
गोण्डा में बकरी चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश, 4 आरोपी गिरफ्तार


गोण्डा । उत्तर प्रदेश के गोण्डा जिले में थाना वजीरगंज पुलिस और एसओजी/सर्विलांस टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बकरी चोरी करने वाले एक अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में 4 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार आरोपियों में रफीक, शकील, शमसुद्दीन और रहीश शामिल हैं। इनके कब्जे से 6 चोरी की बकरियां, वारदात में इस्तेमाल की गई 2 स्कॉर्पियो गाड़ियां और 23,800 रुपये नकद बरामद किए गए हैं।

इस कार्रवाई को पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अंजाम दिया गया। अपर पुलिस अधीक्षक राधेश्याम राय के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी उमेश्वर प्रभात सिंह के नेतृत्व में टीमों ने सघन चेकिंग और खुफिया सूचना के आधार पर आरोपियों को दुर्जनपुर घाट-कोडर मार्ग से गिरफ्तार किया।

ऐसे करते थे चोरी

पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे संगठित गिरोह के रूप में रात के समय घरों के बाहर बंधी बकरियों की रेकी कर चोरी करते थे। इसके बाद चोरी की बकरियों को बाराबंकी और बहराइच की पशु मंडियों में बेच देते थे या काटकर मांस के रूप में बेचकर पैसा कमाते थे।

आरोपियों ने हाल की कई वारदातों को भी स्वीकार किया है। उन्होंने 8 अप्रैल को करनैलगंज क्षेत्र से 10 बकरियां चोरी कर करीब 50 हजार रुपये में बेचने और 7 अप्रैल को तरबगंज क्षेत्र से 9 बकरियां चोरी कर उनका मांस बेचने की बात कबूल की है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में पूछताछ कर रही है और उनके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय भेज दिया गया है।