मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार का खरीफ मिशन: 302.55 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य तय
* मक्का, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, किसानों को समय से मिलेगा बीज-उर्वरक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में वर्ष 2026-27 के दौरान खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन को 256.22 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 302.55 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित इस गोष्ठी में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खरीफ सीजन से पहले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि निवेश समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में 110.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का आच्छादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान के अंतर्गत कृषि रक्षा रसायनों के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष चार्ट का विमोचन भी किया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
तकनीकी सत्र में कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मूंगफली, तिल, अरहर और मक्का की उन्नत प्रजातियों, रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने, संतुलित उर्वरक उपयोग, गौ आधारित कृषि, ढैचा खेती, धान की सीधी बुवाई और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
भदोही में लेखपाल भर्ती परीक्षा, 3120 में से 2542 उपस्थित:सात केंद्रों पर हुई परीक्षा, 578 अभ्यर्थियों ने छोड़ी; कड़ी सुरक्षा रही

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा बृहस्पतिवार को सात केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल 3120 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2542 उपस्थित रहे, जबकि 578 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिले भर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी सात परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और कक्ष निरीक्षकों व स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी।
सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक और आधार कार्ड सत्यापन शामिल था। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि भदोही में तीन और ज्ञानपुर में चार केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी और स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार का खरीफ मिशन: 302.55 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य तय
* मक्का, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, किसानों को समय से मिलेगा बीज-उर्वरक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में वर्ष 2026-27 के दौरान खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन को 256.22 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 302.55 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित इस गोष्ठी में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खरीफ सीजन से पहले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि निवेश समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में 110.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का आच्छादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान के अंतर्गत कृषि रक्षा रसायनों के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष चार्ट का विमोचन भी किया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
तकनीकी सत्र में कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मूंगफली, तिल, अरहर और मक्का की उन्नत प्रजातियों, रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने, संतुलित उर्वरक उपयोग, गौ आधारित कृषि, ढैचा खेती, धान की सीधी बुवाई और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
भदोही में लेखपाल भर्ती परीक्षा, 3120 में से 2542 उपस्थित:सात केंद्रों पर हुई परीक्षा, 578 अभ्यर्थियों ने छोड़ी; कड़ी सुरक्षा रही

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले में लेखपाल भर्ती परीक्षा बृहस्पतिवार को सात केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। कुल 3120 पंजीकृत परीक्षार्थियों में से 2542 उपस्थित रहे, जबकि 578 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी।
परीक्षा को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए जिले भर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था। सभी सात परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे और कक्ष निरीक्षकों व स्टैटिक मजिस्ट्रेटों की ड्यूटी लगाई गई थी।
सुबह 8 बजे से अभ्यर्थियों को केंद्रों में प्रवेश दिया गया। प्रवेश से पहले सभी परीक्षार्थियों की सघन जांच की गई, जिसमें बायोमेट्रिक और आधार कार्ड सत्यापन शामिल था। परीक्षा सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित की गई। जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने बताया कि भदोही में तीन और ज्ञानपुर में चार केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी और स्टैटिक मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहे।
‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

#superelnino2026startsinmayheatwaveweakmonsoondroughtor_floods

देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।