आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

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आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

सुपरओवर में फिर टूटा लखनऊ का दिल: रिंकू सिंह के तूफान से कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत, लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार 8वीं हार

लखनऊ । यूपी की राजधानी इकाना स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने सुपरओवर में जीत दर्ज कर ली। मुकाबला आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला रहा, लेकिन अंत में लखनऊ के बल्लेबाज फिर दबाव में बिखर गए।

मो. शमी ने कार्तिक त्यागी की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच को सुपरओवर में पहुंचा दिया। इससे इकाना में मौजूद हजारों दर्शकों को उम्मीद जगी कि लखनऊ घर में पहली जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।सुपरओवर में सुनील नारायण ने घातक गेंदबाजी करते हुए पहली गेंद पर निकोलस पूरन और तीसरी गेंद पर एडन मार्करम को शून्य पर आउट कर दिया। महज 2 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रिंकू सिंह ने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया।

रिंकू सिंह की तूफानी पारी ने पलटा मैच

इस मैच के हीरो रिंकू सिंह रहे, जिन्होंने 51 गेंदों पर 83 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी ने कोलकाता को 155 रन तक पहुंचाया और बाद में यही स्कोर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह उनका आईपीएल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा।लखनऊ के लिए मोहसिन खान ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। वह इस सीजन में पांच विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने। उन्होंने शुरुआती ओवरों में केकेआर की कमर तोड़ दी थी, लेकिन रिंकू की पारी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

लखनऊ की बल्लेबाजी फिर फेल

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की शुरुआत खराब रही। मिचेल मार्श जल्दी आउट हो गए। इसके बाद ऋषभ पंत (42 रन) और मार्करम (31 रन) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। निकोलस पूरन एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।इस हार के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने घरेलू मैदान पर लगातार आठवीं हार का सामना करना पड़ा। टीम अब अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है और प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं।

फैंस का जोश, लेकिन अंत में मायूसी

इकाना क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद हजारों फैंस टीम का समर्थन करने पहुंचे। मैच के दौरान “एलएसजी-एलएसजी” के नारे गूंजते रहे, लेकिन हार के बाद वही दर्शक मायूस होकर लौटे।

मुकाबले की खास बातें

रिंकू सिंह का आईपीएल में सर्वोच्च स्कोर (83 रन)
मोहसिन खान का करियर बेस्ट प्रदर्शन (5 विकेट)
इस सीजन का पहला सुपरओवर
अंगकृष रघुवंशी का फील्ड में बाधा डालने पर आउट होना
कुल मिलाकर, मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन एक बार फिर लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी टीम पर भारी पड़ गई, जबकि रिंकू सिंह की पारी ने केकेआर को यादगार जीत दिला दी।
अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

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आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है

डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी परिसर में 'राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस' पर विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने "जनसंपर्क: लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ" विषय पर अपने विचार साझा किए।

लोकतंत्र का सजग प्रहरी है जनसंपर्क

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान में मुख्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती में जनसंपर्क की प्रभावी भूमिका और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि "आज के दौर में जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। पुराने दौर की अपेक्षा आज डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है। समाचार पत्र और टेलीविजन के बाद अब सोशल मीडिया के आने से जनसंपर्क की पहुंच अब दुनिया के किसी भी कोने तक संभव हो गई है। व्याख्यान के विषय के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनसंपर्क वह माध्यम है जो सबको आपस में जोड़कर लोकतंत्र को स्थायित्व प्रदान करता है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने रेखांकित किया कि "संवाद की शुचिता ही लोकतंत्र की जान है। जनसंपर्क पेशेवर जब मानवीय संवेदनाओं के साथ तथ्यों को समाज तक पहुँचाते हैं, तभी एक स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण होता है। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी भोपाल के कुलगुरु (वाइस चांसलर) डॉ. नरेन्द्र कुमार थापक ने शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में जनसंपर्क के महत्व को बताते हुए कहा कि "बदलते तकनीक के दौर में जनसंपर्क की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह एक ऐसा माध्यम है जो भ्रांतियों को दूर कर समाज को सही दिशा दिखाता है।"

विशिष्ट विभूतियों का हुआ सम्मान

समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा, सहायक संचालक सुश्री निहारिका मीना और सुश्री हिमांशी बजाज को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'लोक संपर्क सम्मान' से नवाजा गया। साथ ही, वरिष्ठ आंचलिक पत्रकार श्री मुन्ना लाल मिश्रा और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की रिसर्च एसोसिएट डॉ. बीनम यादव को लोक संपर्क से प्रदान किया गया।

07 महिला पत्रकारों को मिला 'अचला-उदिता' अवार्ड

महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करते हुए जनसंपर्क, पत्रकारिता एवं मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 07 महिलाओं में श्रीमती योजना लाड़, सुश्री निधि परमार, सुश्री ऋषिता तोमर, सुश्री कोपल बरखाने, सुश्री साक्षी त्रिपाठी, सुश्री राशि श्रीवास्तव एवं सुश्री दीप्ति तोमर को 'अचला' एवं 'उदिता' अवार्ड से सम्मानित किया गया।

*पीआरएसआई ने दी बधाई

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने पीआरएसआई की ओर से सभी सम्मानित अधिकारियों, पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि "आप सभी का समर्पण जनसंपर्क के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। पीआरएसआई भोपाल भविष्य में भी इसी तरह प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहेगा।"। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, कार्पोरेट और मीडिया जगत के प्रतिनिधि, जनसंचार और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीआरएसआई की ओर से सचिव डॉ. पंकज मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

निर्माणाधीन विद्युत केंद्र का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, समय से पूर्ण करने के निर्देश
फर्रूखाबाद l  मोहम्मदाबाद क्षेत्र के उखरा स्थित निर्माणाधीन 400/220/132 केवी विद्युत पारेषण केंद्र का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया गया। लगभग 926.77 रुपए करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का जिलाधिकारी ने गहनता से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता (पारेषण) ने अवगत कराया कि पारेषण केंद्र में 400 केवी की दो विद्युत लाइनें बदायूँ से तथा दो लाइनें उरई (जनपद जालौन) से जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2024 में प्रारंभ हुआ था, जिसमें 400 केवी का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 220 केवी एवं 132 केवी स्तर के कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
अधिकारियों द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद फर्रूखाबाद एवं कन्नौज को विद्युत आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा l साथ ही क्षेत्र में निर्बाध एवं सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लापरवाह पालिका के सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि वेतन रोकने के आदेश, केयरटेकर गौशाला में रखें रजिस्टर
फर्रूखाबाद l जनपद में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर द्वारा रविवार को कान्हा गौशाला, सकबाई का औचक निरीक्षण किया l  निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला की समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में कुल 461 गौवंश पशुगणना रजिस्टर में दर्ज हैं। गौशाला में 15 केयर टेकर तैनात हैं, जिनमें से 11 मौके पर उपस्थित पाए गए, जबकि 04 केयर टेकर अवकाश पर थे। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, टैगिंग रजिस्टर, चिकित्सा रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर एवं वैक्सीनेशन रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। साथ ही गौशाला में स्थापित सी0सी0टी0वी0 कैमरे भी सही प्रकार से कार्यरत नहीं मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के समय अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अग्रिम आदेश तक वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
गौशाला में गौवंश के लिए पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 02 समर (पानी की व्यवस्था हेतु उपकरण) उपलब्ध पाए गए, जबकि 02 पानी की टंकियां निर्माणाधीन स्थिति में मिलीं। मौके पर उपस्थित केयर टेकर द्वारा अवगत कराया गया कि गौवंश को प्रतिदिन दो समय भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है तथा लगभग 40 कुंतल हरा चारा प्रतिदिन दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के सहायक अभियंता विशाल सिंह भी उपस्थित रहे, किंतु वे अपेक्षित सूचनाएं उपलब्ध कराने में असमर्थ पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए—
केयर टेकरों की ड्यूटी दिन एवं रात्रि शिफ्ट में व्यवस्थित रूप से लगाई जाए।
भूसा एवं दाने का पर्याप्त एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
गौवंश को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराया जाए।
सभी आवश्यक रजिस्टर अद्यतन रखते हुए निरीक्षण के समय उपलब्ध कराए जाएं।
गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशुओं को छाया भी उपलब्ध हो सके।
सी0सी0टी0वी0 कैमरों को तत्काल ठीक कराकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करते हुए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
कॉपी विवाद से भड़का बवाल,निजी स्कूल की प्रिंसिपल ने अभिभावक को गालियां दीं और बच्चे का नाम काटने की धमकी दी...
रितेश मिश्रा
हरदोई सन बीम विद्यालय में कॉपी-किताब खरीद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों में बदल गया है। यूकेजी की छात्रा की मां नीलम वर्मा ने स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर न सिर्फ मनमानी का, बल्कि खुलेआम बेइज्जती और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, स्कूल ने पहले बाहरी दुकान से कोर्स सामग्री खरीदने को कहा था, लेकिन बाद में आदेश बदलते हुए नई कॉपियां केवल स्कूल से खरीदने की अनिवार्यता थोप दी, जिसकी कीमत करीब 1200 रुपये बताई गई।
नीलम वर्मा का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कुछ समय मांगा, लेकिन जब वह प्रिंसिपल से मिलने पहुंचीं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उन्हें “गंवार”, “ब्लडी” और “फूल” जैसे अपमानजनक शब्द कहे, साथ ही बच्चों का नाम स्कूल से काटने और “यहां से भाग जाने” तक की धमकी दी। इस दौरान मौजूद अन्य अभिभावकों के सामने हुई इस घटना से माहौल गरमा गया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद शहर में निजी स्कूलों की मनमानी,जबरन कॉपी-किताब खरीदवाने और अभिभावकों के साथ व्यवहार को लेकर बहस तेज हो गई है।नीलम वर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत कर स्कूल प्रबंधन और संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
कोंकण रेलवे के सहयोग से सफल हुआ “धरोहर” का पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम
मुंबई । यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत साहित्य डॉ अमरीश सिन्हा की नवीनतम पुस्तक “बक्से का कोट” (काव्य संग्रह) के विमोचन का यह कार्यक्रम मुंबई एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पधारे बुद्धिजीवियों, लेखकों, आध्यात्मिक मनीषियों, निष्णात बैंक एवं बीमा कर्मियों की मौजूदगी से उल्लेखनीय तथा अविस्मरणीय बन गया। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जो एक लोकप्रिय साहित्यकार भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा भी कि यदि खचाखच भरे सभागार में 70-80 प्रतिशत लेखक,कवि, साहित्यकार की उपस्थिति रहती है, तो कार्यक्रम नि:संदेह अनुकरणीय और ऐतिहासिक हो जाता है। उन्होंने डॉ अमरीश सिन्हा की इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक “बक्से का कोट” से तीन कविताएँ अपनी प्रखर शैली में सुनाई। उपस्थित सभागार ने एक स्वर में कोंकण रेलवे के सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवदानों की सराहना की। कई  श्रोताओं ने कोंकण रेलवे से अपनी यात्रा के रोचक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोंकण रेलवे के राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने अपना अप्रतिम सहयोग दिया। इनमें सहायक उप महाप्रबंधक सदानंद चितले, प्रिया पोकले, सतीश धुरी, श्रेया, सीताराम दुबे सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं।
“धरोहर” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट दीनानाथ तिवारी ने संतोष कुमार झा का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का अपने विलक्षण अंदाज़ में संचालन जाने-माने एंकर व लेखक प्रिंस ग्रोवर ने किया।
डीएम शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने किया होमगार्ड भर्ती परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, नकलविहीन परीक्षा पर जोर

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को नकलविहीन, निर्विघ्न, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इंद्र बहादुर नेशनल इंटर कॉलेज, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज तथा एम.ए. समद इंटर कॉलेज, भदोही पहुंचकर परीक्षा संचालन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की।
          रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी से सम्पन्न कराने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल न बरती जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में तत्काल पुलिस बल का सहयोग लिया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में कुल 2496 अभ्यर्थियों में 1898 उपस्थित रहे, जबकि 598 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में कुल 2496 अभ्यर्थियों में 1836 उपस्थित हुए और 660 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दोनों पालियों में कुल 1258 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।  निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्रों पर मुस्तैदी और गंभीरता का माहौल देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराई गई।
ब्राह्मण संगठन के पदाधिकारीयों ने मृतक के घर पहुंचकर प्रगट की शोक संवेदना
जौनपुर । अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा. के तत्वाधान में दिनांक 21/ 22 अप्रैल की रात्रि में थाना बक्सा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बभनौटी में दो परिवारों के मध्य मारपीट हुई थी जिसमें घायल व्यक्ति अशोक कुमार मिश्रा को उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया वहीं जब यह सूचना संगठन को हुई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के निर्देश पर संगठन के सभी पदाधिकारी मृतक परिवार को शोक संवेदना प्रकट कर वही परिवार जनों से वार्ता के दौरान पता चला कि दोनों पक्ष और विपक्ष सगे भाइयों की परिवार के लोग थे पुरानी रंजिश को लेकर एक बड़ी घटना हो गई जो अत्यंत दुखद है वहीं बक्सा थानाध्यक्ष से संगठन के लोगों ने मुलाकात कर दोषियों को बक्सा ना जाए और जो निर्दोष हैं उन्हें बरी किया जाए इसकी मांग की इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे, वाराणसी मंडल अध्यक्ष जयेन्द्र कुमार शुक्ला, जिला संरक्षक अजय त्रिपाठी, परशुराम सेना अध्यक्ष रविंद्र मिश्रा, दीपक पाण्डेय, संजीव पाठक, रमेश चौबे सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।
आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को मंजूरी, राज्यसभा चेयरमैन ने दी अनुमति, बीजेपी हुई मजबूत

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आम आदमी पार्टी में हुई बगावत के बाद राज्यसभा में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। आप से अलग हुए सभी 7 सांसदों को अब औपचारिक तौर पर भारतीय जनता पार्टी का हिस्सा मान लिया गया है। राज्यसभा के सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को आधिकारिक मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद उच्च सदन में आप को बड़ा झटका लगा है।

राज्यसभा सचिवालय ने दी विलय को मंजूरी

शुक्रवार को राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 राज्यसभा सांसदों का बीजेपी में विलय करने का ऐलान किया था। राघव चड्ढा ने इसे 'आप' के दो-तिहाई से ज्यादा सांसदों का भाजपा में विलय बताया। साथ ही राज्यसभा को लेटर लिख विलय की अनुमति मांगी थी। ऐसे में सोमवार को राज्यसभा सचिवालय ने अधिसूचना जारी कर इस विलय को मंजूरी दे दी है।

राज्यसभा में BJP की ताकत बढ़कर 113 पहुंची

वहीं, इस बदलाव से बीजेपी को सीधा फायदा हुआ है और उसकी संख्या राज्यसभा में बढ़कर 113 पहुंच गई है। इसके साथ ही एनडीए का आंकड़ा 148 पहुंच गया। वहीं, इस फैसले के बाद आप की ताकत राज्यसभा में सिमटकर बेहद कम हो गई है। अब आप पार्टी के पास महज तीन सांसद ही बचे हैं। इनमें एक सांसद बलबीर सिंह सीचेवाल पंजाब से हैं, जबकि दो सदस्य संजय सिंह और नारायण दास गुप्ता दिल्ली से आते हैं।

इन सांसदों का बीजेपी में विलय

जिन सात सांसदों का बीजेपी में विलय हुआ है, उनमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता शामिल हैं। अब राज्यसभा की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इन सभी को बीजेपी सांसदों की सूची में दिखाया जा रहा है।

आप ने की थी सदस्यता खत्म करने की मांग

दरअसल, पार्टी से बागी हुए तीन सांसदों के खिलाफ राज्य सभा के चेयरमैन को अर्जी भी दी थी। पार्टी ने इन सांसदों की सदस्यता खत्म करने की भी मांग की। पार्टी ने दलील दी थी जब इन तीन सांसदों ने AAP छोड़ने का ऐलान किया था, उस समय 4 अन्य सांसद मौजूद नहीं थे। ऐसे में ये अल्पमत में है और इनका पार्टी छोड़ना दल-बदल कानून के तहत आता है।

आप के बागी सांसदों पर दल-बदल कानून नहीं होगा लागू

बता दें कि दसवीं अनुसूची (दल-बदल विरोधी कानून) के बावजूद आप के सांसदों पर दल-बदल कानून लागू नहीं होगा, क्योंकि इसमें यह प्रावधान है कि यदि किसी विधायक दल के कम से कम दो-तिहाई सदस्य अलग या किसी अन्य पार्टी में विलय कर लेते हैं, तो उन्हें अयोग्य नहीं ठहराया जाएगा।

सुपरओवर में फिर टूटा लखनऊ का दिल: रिंकू सिंह के तूफान से कोलकाता नाइट राइडर्स की जीत, लखनऊ सुपर जायंट्स की लगातार 8वीं हार

लखनऊ । यूपी की राजधानी इकाना स्टेडियम में खेले गए रोमांचक मुकाबले में लखनऊ सुपर जायंट्स को एक बार फिर हार का सामना करना पड़ा, जबकि कोलकाता नाइट राइडर्स ने सुपरओवर में जीत दर्ज कर ली। मुकाबला आखिरी गेंद तक सांसें थाम देने वाला रहा, लेकिन अंत में लखनऊ के बल्लेबाज फिर दबाव में बिखर गए।

मो. शमी ने कार्तिक त्यागी की आखिरी गेंद पर छक्का जड़कर मैच को सुपरओवर में पहुंचा दिया। इससे इकाना में मौजूद हजारों दर्शकों को उम्मीद जगी कि लखनऊ घर में पहली जीत दर्ज कर सकता है, लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया।सुपरओवर में सुनील नारायण ने घातक गेंदबाजी करते हुए पहली गेंद पर निकोलस पूरन और तीसरी गेंद पर एडन मार्करम को शून्य पर आउट कर दिया। महज 2 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए रिंकू सिंह ने पहली ही गेंद पर चौका जड़कर मैच खत्म कर दिया।

रिंकू सिंह की तूफानी पारी ने पलटा मैच

इस मैच के हीरो रिंकू सिंह रहे, जिन्होंने 51 गेंदों पर 83 रन की विस्फोटक पारी खेली। उनकी इस पारी ने कोलकाता को 155 रन तक पहुंचाया और बाद में यही स्कोर मैच का टर्निंग पॉइंट साबित हुआ। खास बात यह रही कि यह उनका आईपीएल का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर भी रहा।लखनऊ के लिए मोहसिन खान ने करियर की सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके। वह इस सीजन में पांच विकेट लेने वाले पहले गेंदबाज भी बने। उन्होंने शुरुआती ओवरों में केकेआर की कमर तोड़ दी थी, लेकिन रिंकू की पारी ने सारी मेहनत पर पानी फेर दिया।

लखनऊ की बल्लेबाजी फिर फेल

156 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी लखनऊ की शुरुआत खराब रही। मिचेल मार्श जल्दी आउट हो गए। इसके बाद ऋषभ पंत (42 रन) और मार्करम (31 रन) ने संघर्ष जरूर किया, लेकिन टीम को जीत नहीं दिला सके। निकोलस पूरन एक बार फिर उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे।इस हार के साथ लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने घरेलू मैदान पर लगातार आठवीं हार का सामना करना पड़ा। टीम अब अंकतालिका में सबसे निचले पायदान पर पहुंच गई है और प्लेऑफ की उम्मीदें लगभग खत्म होती नजर आ रही हैं।

फैंस का जोश, लेकिन अंत में मायूसी

इकाना क्रिकेट स्टेडियम में दर्शकों का जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। तेज धूप के बावजूद हजारों फैंस टीम का समर्थन करने पहुंचे। मैच के दौरान “एलएसजी-एलएसजी” के नारे गूंजते रहे, लेकिन हार के बाद वही दर्शक मायूस होकर लौटे।

मुकाबले की खास बातें

रिंकू सिंह का आईपीएल में सर्वोच्च स्कोर (83 रन)
मोहसिन खान का करियर बेस्ट प्रदर्शन (5 विकेट)
इस सीजन का पहला सुपरओवर
अंगकृष रघुवंशी का फील्ड में बाधा डालने पर आउट होना
कुल मिलाकर, मुकाबला रोमांच से भरपूर रहा, लेकिन एक बार फिर लखनऊ की कमजोर बल्लेबाजी टीम पर भारी पड़ गई, जबकि रिंकू सिंह की पारी ने केकेआर को यादगार जीत दिला दी।
अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता का किया बहिष्कार, चिठ्ठी लिखकर बोले- न्याय मिलने की उम्मीद टूटी

#arvind_kejriwal_wrote_a_letter_to_justice_swarna_kanta

आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता को एक पत्र लिखा है। जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को लिखे पत्र में केजरीवाल ने कहा है कि वे उनके सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है।

गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला

अरविंद केजरीवाल ने अपने पत्र में लिखा, 'मेरी जस्टिस स्वर्णकांता जी से न्याय मिलने की उम्मीद टूट गई है। इसलिए मैंने गांधी जी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला लिया है। मैंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनते हुए फैसला किया है। जस्टिस स्वर्णकांता के फैसले की अपील में सुप्रीम कोर्ट जाने का अधिकार रखूंगा।'

केजरीवाल हाईकोर्ट में अब नहीं होंगे पेश

इससे पहले 20 अप्रैल को, दिल्ली हाई कोर्ट ने आबकारी नीति मामले में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को केस से हटाने की अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य लोगों की याचिका को खारिज कर दिया था। जिसके बाद कोर्ट में पेशी से पहले अरविंद केजरीवाल ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को ये लेटर लिखा है। अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली उच्च न्यायालय की न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखकर कहा कि वह आबकारी मामले में व्यक्तिगत रूप से या वकील के माध्यम से उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

क्या है मामला?

यह पूरा मामला दिल्ली शराब नीति मामले से जुड़ा है। केजरीवाल और अन्य आरोपियों ने जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा से मामले की सुनवाई से खुद को अलग करने की मांग की थी। उन्होंने जज पर पक्षपात का आशंका जताते हुए कई आधार दिए थे, जिनमें जज के बच्चों का सरकारी वकीलों के साथ जुड़ाव भी शामिल था। हालांकि, जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा ने हाल ही में इस याचिका को साफ शब्दों में खारिज कर दिया था। उन्होंने कहा था कि उनका शपथ संविधान से है, दबाव में नहीं झुकेंगी। जज ने केजरीवाल की याचिका को ‘बिना सबूतों के आरोप’ करार दिया और कहा कि ऐसे आवेदन न्यायिक प्रक्रिया पर हमला हैं।

जनसंपर्क सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है

डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है

भोपाल। पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा एलएनसीटी यूनिवर्सिटी परिसर में 'राष्ट्रीय जनसंपर्क दिवस' पर विशेष व्याख्यान एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जनसंपर्क और पत्रकारिता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने "जनसंपर्क: लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ" विषय पर अपने विचार साझा किए।

लोकतंत्र का सजग प्रहरी है जनसंपर्क

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर द्वारा आयोजित कार्यक्रम में व्याख्यान में मुख्य वक्ताओं ने लोकतंत्र की मजबूती में जनसंपर्क की प्रभावी भूमिका और विशेषताओं पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ पत्रकार एवं राजनीतिक विश्लेषक गिरिजा शंकर ने कहा कि "आज के दौर में जनसंपर्क केवल सूचनाओं का आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सरकार और जनता के बीच विश्वास का सेतु है। पुराने दौर की अपेक्षा आज डिजिटल युग के नए दौर में जनसंपर्क की भूमिका और अधिक प्रभावी हो गई है। समाचार पत्र और टेलीविजन के बाद अब सोशल मीडिया के आने से जनसंपर्क की पहुंच अब दुनिया के किसी भी कोने तक संभव हो गई है। व्याख्यान के विषय के संदर्भ में उन्होंने कहा कि जनसंपर्क वह माध्यम है जो सबको आपस में जोड़कर लोकतंत्र को स्थायित्व प्रदान करता है। प्रख्यात साहित्यकार डॉ. उर्मिला शिरीष ने रेखांकित किया कि "संवाद की शुचिता ही लोकतंत्र की जान है। जनसंपर्क पेशेवर जब मानवीय संवेदनाओं के साथ तथ्यों को समाज तक पहुँचाते हैं, तभी एक स्वस्थ लोकतंत्र का निर्माण होता है। एलएनसीटी यूनिवर्सिटी भोपाल के कुलगुरु (वाइस चांसलर) डॉ. नरेन्द्र कुमार थापक ने शिक्षा और जागरूकता के क्षेत्र में जनसंपर्क के महत्व को बताते हुए कहा कि "बदलते तकनीक के दौर में जनसंपर्क की जिम्मेदारी और बढ़ गई है। यह एक ऐसा माध्यम है जो भ्रांतियों को दूर कर समाज को सही दिशा दिखाता है।"

विशिष्ट विभूतियों का हुआ सम्मान

समारोह में जनसंपर्क विभाग के उप संचालक सुनील वर्मा, सहायक संचालक सुश्री निहारिका मीना और सुश्री हिमांशी बजाज को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं के लिए 'लोक संपर्क सम्मान' से नवाजा गया। साथ ही, वरिष्ठ आंचलिक पत्रकार श्री मुन्ना लाल मिश्रा और चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी मेरठ की रिसर्च एसोसिएट डॉ. बीनम यादव को लोक संपर्क से प्रदान किया गया।

07 महिला पत्रकारों को मिला 'अचला-उदिता' अवार्ड

महिला सशक्तीकरण की मिसाल पेश करते हुए जनसंपर्क, पत्रकारिता एवं मीडिया के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय 07 महिलाओं में श्रीमती योजना लाड़, सुश्री निधि परमार, सुश्री ऋषिता तोमर, सुश्री कोपल बरखाने, सुश्री साक्षी त्रिपाठी, सुश्री राशि श्रीवास्तव एवं सुश्री दीप्ति तोमर को 'अचला' एवं 'उदिता' अवार्ड से सम्मानित किया गया।

*पीआरएसआई ने दी बधाई

पब्लिक रिलेशंस सोसायटी ऑफ इंडिया (PRSI), भोपाल चैप्टर के अध्यक्ष मनोज द्विवेदी ने कार्यक्रम के सफल आयोजन पर हर्ष व्यक्त किया। उन्होंने पीआरएसआई की ओर से सभी सम्मानित अधिकारियों, पत्रकारों और मीडियाकर्मियों को बधाई देते हुए कहा कि "आप सभी का समर्पण जनसंपर्क के क्षेत्र में नए मानक स्थापित कर रहा है। पीआरएसआई भोपाल भविष्य में भी इसी तरह प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करता रहेगा।"। कार्यक्रम में गणमान्य नागरिक, कार्पोरेट और मीडिया जगत के प्रतिनिधि, जनसंचार और पत्रकारिता क्षेत्र से जुड़े विद्यार्थी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में पीआरएसआई की ओर से सचिव डॉ. पंकज मिश्रा ने सभी का आभार व्यक्त किया।

निर्माणाधीन विद्युत केंद्र का जिलाधिकारी ने किया औचक निरीक्षण, समय से पूर्ण करने के निर्देश
फर्रूखाबाद l  मोहम्मदाबाद क्षेत्र के उखरा स्थित निर्माणाधीन 400/220/132 केवी विद्युत पारेषण केंद्र का जिलाधिकारी डॉक्टर अंकुर लाठर ने स्थलीय निरीक्षण किया गया। लगभग 926.77 रुपए करोड़ की लागत से निर्मित हो रहे इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति का जिलाधिकारी ने गहनता से अवलोकन किया।
निरीक्षण के दौरान अधिशासी अभियंता (पारेषण) ने अवगत कराया कि पारेषण केंद्र में 400 केवी की दो विद्युत लाइनें बदायूँ से तथा दो लाइनें उरई (जनपद जालौन) से जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य मार्च 2024 में प्रारंभ हुआ था, जिसमें 400 केवी का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि 220 केवी एवं 132 केवी स्तर के कार्य लगभग 90 प्रतिशत तक पूर्ण हो चुके हैं। शेष कार्य 31 मई 2026 तक पूर्ण कर लिए जाने का लक्ष्य निर्धारित है।
अधिकारियों द्वारा यह भी जानकारी दी गई कि परियोजना के पूर्ण होने के बाद जनपद फर्रूखाबाद एवं कन्नौज को विद्युत आपूर्ति में उल्लेखनीय सुधार होगा l साथ ही क्षेत्र में निर्बाध एवं सुदृढ़ विद्युत व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकेगी।
जिलाधिकारी ने कार्यदायी संस्था को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए। उन्होंने सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से कार्य की प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागीय अधिकारी एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
लापरवाह पालिका के सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि वेतन रोकने के आदेश, केयरटेकर गौशाला में रखें रजिस्टर
फर्रूखाबाद l जनपद में गौशालाओं की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ एवं सुव्यवस्थित बनाए रखने के उद्देश्य से जिलाधिकारी डॉ0 अंकुर लाठर द्वारा रविवार को कान्हा गौशाला, सकबाई का औचक निरीक्षण किया l  निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने गौशाला की समस्त व्यवस्थाओं का गहनता से परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण में पाया गया कि गौशाला में कुल 461 गौवंश पशुगणना रजिस्टर में दर्ज हैं। गौशाला में 15 केयर टेकर तैनात हैं, जिनमें से 11 मौके पर उपस्थित पाए गए, जबकि 04 केयर टेकर अवकाश पर थे। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, टैगिंग रजिस्टर, चिकित्सा रजिस्टर, निरीक्षण रजिस्टर एवं वैक्सीनेशन रजिस्टर मौके पर उपलब्ध नहीं पाए गए। साथ ही गौशाला में स्थापित सी0सी0टी0वी0 कैमरे भी सही प्रकार से कार्यरत नहीं मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने गहरी नाराजगी व्यक्त की।
निरीक्षण के समय अधिशासी अधिकारी, नगरपालिका अनुपस्थित पाए गए। इस गंभीर लापरवाही पर जिलाधिकारी ने कड़ी आपत्ति दर्ज करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अग्रिम आदेश तक वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश दिए।
गौशाला में गौवंश के लिए पेयजल व्यवस्था के अंतर्गत 02 समर (पानी की व्यवस्था हेतु उपकरण) उपलब्ध पाए गए, जबकि 02 पानी की टंकियां निर्माणाधीन स्थिति में मिलीं। मौके पर उपस्थित केयर टेकर द्वारा अवगत कराया गया कि गौवंश को प्रतिदिन दो समय भूसा उपलब्ध कराया जा रहा है तथा लगभग 40 कुंतल हरा चारा प्रतिदिन दिया जा रहा है।
निरीक्षण के दौरान नगर पालिका के सहायक अभियंता विशाल सिंह भी उपस्थित रहे, किंतु वे अपेक्षित सूचनाएं उपलब्ध कराने में असमर्थ पाए गए। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि देने एवं वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार हेतु संबंधित अधिकारियों को निम्न निर्देश दिए—
केयर टेकरों की ड्यूटी दिन एवं रात्रि शिफ्ट में व्यवस्थित रूप से लगाई जाए।
भूसा एवं दाने का पर्याप्त एवं सुरक्षित भंडारण सुनिश्चित किया जाए।
गौवंश को प्रतिदिन पर्याप्त मात्रा में हरा चारा उपलब्ध कराया जाए।
सभी आवश्यक रजिस्टर अद्यतन रखते हुए निरीक्षण के समय उपलब्ध कराए जाएं।
गौशाला परिसर में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण कराया जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पशुओं को छाया भी उपलब्ध हो सके।
सी0सी0टी0वी0 कैमरों को तत्काल ठीक कराकर उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि गौशालाओं के संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि व्यवस्थाओं को समयबद्ध रूप से दुरुस्त करते हुए नियमित निरीक्षण एवं निगरानी सुनिश्चित की जाए, जिससे गौवंश के संरक्षण एवं संवर्धन में किसी प्रकार की कमी न रहे।
कॉपी विवाद से भड़का बवाल,निजी स्कूल की प्रिंसिपल ने अभिभावक को गालियां दीं और बच्चे का नाम काटने की धमकी दी...
रितेश मिश्रा
हरदोई सन बीम विद्यालय में कॉपी-किताब खरीद को लेकर शुरू हुआ विवाद अब गंभीर आरोपों में बदल गया है। यूकेजी की छात्रा की मां नीलम वर्मा ने स्कूल प्रबंधन और प्रिंसिपल पर न सिर्फ मनमानी का, बल्कि खुलेआम बेइज्जती और धमकी देने का आरोप लगाया है। पीड़िता के मुताबिक, स्कूल ने पहले बाहरी दुकान से कोर्स सामग्री खरीदने को कहा था, लेकिन बाद में आदेश बदलते हुए नई कॉपियां केवल स्कूल से खरीदने की अनिवार्यता थोप दी, जिसकी कीमत करीब 1200 रुपये बताई गई।
नीलम वर्मा का कहना है कि आर्थिक तंगी के कारण उन्होंने कुछ समय मांगा, लेकिन जब वह प्रिंसिपल से मिलने पहुंचीं तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि प्रिंसिपल ने उन्हें “गंवार”, “ब्लडी” और “फूल” जैसे अपमानजनक शब्द कहे, साथ ही बच्चों का नाम स्कूल से काटने और “यहां से भाग जाने” तक की धमकी दी। इस दौरान मौजूद अन्य अभिभावकों के सामने हुई इस घटना से माहौल गरमा गया और पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
मामले के तूल पकड़ने के बाद शहर में निजी स्कूलों की मनमानी,जबरन कॉपी-किताब खरीदवाने और अभिभावकों के साथ व्यवहार को लेकर बहस तेज हो गई है।नीलम वर्मा ने जिलाधिकारी से शिकायत कर स्कूल प्रबंधन और संबंधित प्रिंसिपल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।अब इस हाई-प्रोफाइल मामले में प्रशासन की कार्रवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं।
कोंकण रेलवे के सहयोग से सफल हुआ “धरोहर” का पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम
मुंबई । यात्रियों को नैसर्गिक सौंदर्य का आनंद कराते हुए रमणीय कोंकण रेल-मार्ग पर यात्रियों को अपने “सादर सेवा” का अनुभव प्रदान करने के लिए मशहूर कोंकण रेलवे कॉर्पोरेशन ने सामाजिक, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए निरंतरता के साथ सक्रिय रूप से संलग्न संस्था “धरोहर” के गत शनिवार को मुंबई के मरीन लाइंस स्थित वेस्ट एंड होटल में आयोजित पुस्तक लोकार्पण कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महाराष्ट्र सरकार के कौशल, रोजगार एवं उद्यमिता मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा ने पुस्तक का लोकार्पण किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक संतोष कर झा से कोंकण रेलवे की विकास यात्रा एवं विभिन्न परियोजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की।
राष्ट्रपति द्वारा पुरस्कृत साहित्य डॉ अमरीश सिन्हा की नवीनतम पुस्तक “बक्से का कोट” (काव्य संग्रह) के विमोचन का यह कार्यक्रम मुंबई एवं महाराष्ट्र सहित विभिन्न राज्यों से पधारे बुद्धिजीवियों, लेखकों, आध्यात्मिक मनीषियों, निष्णात बैंक एवं बीमा कर्मियों की मौजूदगी से उल्लेखनीय तथा अविस्मरणीय बन गया। कोंकण रेलवे के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, जो एक लोकप्रिय साहित्यकार भी हैं, ने अपने संबोधन में कहा भी कि यदि खचाखच भरे सभागार में 70-80 प्रतिशत लेखक,कवि, साहित्यकार की उपस्थिति रहती है, तो कार्यक्रम नि:संदेह अनुकरणीय और ऐतिहासिक हो जाता है। उन्होंने डॉ अमरीश सिन्हा की इस अवसर पर प्रकाशित पुस्तक “बक्से का कोट” से तीन कविताएँ अपनी प्रखर शैली में सुनाई। उपस्थित सभागार ने एक स्वर में कोंकण रेलवे के सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों में अवदानों की सराहना की। कई  श्रोताओं ने कोंकण रेलवे से अपनी यात्रा के रोचक अनुभव भी साझा किए। कार्यक्रम को सफल बनाने में कोंकण रेलवे के राजभाषा विभाग से जुड़े कार्मिकों ने अपना अप्रतिम सहयोग दिया। इनमें सहायक उप महाप्रबंधक सदानंद चितले, प्रिया पोकले, सतीश धुरी, श्रेया, सीताराम दुबे सहित अन्य कार्मिक शामिल हैं।
“धरोहर” के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ एडवोकेट दीनानाथ तिवारी ने संतोष कुमार झा का शॉल, पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न देकर सम्मान किया। उन्होंने कोंकण रेलवे के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को शुभकामनाएँ दीं। कार्यक्रम का अपने विलक्षण अंदाज़ में संचालन जाने-माने एंकर व लेखक प्रिंस ग्रोवर ने किया।
डीएम शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने किया होमगार्ड भर्ती परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण, नकलविहीन परीक्षा पर जोर

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही । उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा को नकलविहीन, निर्विघ्न, सकुशल एवं शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के उद्देश्य से जिलाधिकारी शैलेष कुमार व पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने जनपद के विभिन्न परीक्षा केंद्रों का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने इंद्र बहादुर नेशनल इंटर कॉलेज, ज्ञान भारती इंटर कॉलेज तथा एम.ए. समद इंटर कॉलेज, भदोही पहुंचकर परीक्षा संचालन की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों की गहन समीक्षा की।
          रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन प्रथम पाली के दौरान जिलाधिकारी ने केंद्रों पर लगाए गए सीसीटीवी कैमरों, कंट्रोल रूम, स्ट्रांग रूम, पेयजल व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट एवं केंद्र व्यवस्थापकों को परीक्षा पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और ईमानदारी से सम्पन्न कराने के सख्त निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि आयोग द्वारा जारी गाइडलाइन का हर हाल में पालन सुनिश्चित किया जाए तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल न बरती जाए। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी प्रतिकूल परिस्थिति में तत्काल पुलिस बल का सहयोग लिया जाए, ताकि परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित न हो।
होमगार्ड भर्ती परीक्षा की प्रथम पाली में कुल 2496 अभ्यर्थियों में 1898 उपस्थित रहे, जबकि 598 अनुपस्थित रहे। वहीं द्वितीय पाली में कुल 2496 अभ्यर्थियों में 1836 उपस्थित हुए और 660 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। इस प्रकार दोनों पालियों में कुल 1258 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।  निरीक्षण के दौरान संबंधित प्रशासनिक अधिकारी, केंद्र व्यवस्थापक, पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों के संयुक्त निरीक्षण से परीक्षा केंद्रों पर मुस्तैदी और गंभीरता का माहौल देखने को मिला। जनपद प्रशासन द्वारा की गई सुदृढ़ व्यवस्थाओं के बीच परीक्षा शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराई गई।
ब्राह्मण संगठन के पदाधिकारीयों ने मृतक के घर पहुंचकर प्रगट की शोक संवेदना
जौनपुर । अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा रा. के तत्वाधान में दिनांक 21/ 22 अप्रैल की रात्रि में थाना बक्सा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बभनौटी में दो परिवारों के मध्य मारपीट हुई थी जिसमें घायल व्यक्ति अशोक कुमार मिश्रा को उपचार हेतु अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत्यु घोषित कर दिया वहीं जब यह सूचना संगठन को हुई तो राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी के निर्देश पर संगठन के सभी पदाधिकारी मृतक परिवार को शोक संवेदना प्रकट कर वही परिवार जनों से वार्ता के दौरान पता चला कि दोनों पक्ष और विपक्ष सगे भाइयों की परिवार के लोग थे पुरानी रंजिश को लेकर एक बड़ी घटना हो गई जो अत्यंत दुखद है वहीं बक्सा थानाध्यक्ष से संगठन के लोगों ने मुलाकात कर दोषियों को बक्सा ना जाए और जो निर्दोष हैं उन्हें बरी किया जाए इसकी मांग की इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पं. श्रीपति उपाध्याय, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. ज्ञान प्रकाश मिश्र, जिलाध्यक्ष रत्नाकर चौबे, वाराणसी मंडल अध्यक्ष जयेन्द्र कुमार शुक्ला, जिला संरक्षक अजय त्रिपाठी, परशुराम सेना अध्यक्ष रविंद्र मिश्रा, दीपक पाण्डेय, संजीव पाठक, रमेश चौबे सहित दर्जनों लोग मौजूद रहे।