तमिलनाडु में 4023 उम्मीदवारों की किस्मत आज होगी लॉक, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील

#tamilnaduassemblyelection2026

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर नई सरकार चुनने के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

एक चरण में सभी सीटों पर मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव के नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

हर एक केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा तय

मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।

पीएम मोदी की खास अपील

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जैसे-जैसे तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को पूरे उत्साह के साथ निभाएं। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से आह्वान करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और मतदान के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करें।

तमिलनाडु चुनाव पर मल्लिकार्जुन की अपील

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'तमिलनाडु के प्यारे भाइयों और बहनों, आज की लड़ाई आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की है। यह लड़ाई संघवाद, तर्कसंगतता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यह समावेशी कल्याण सुनिश्चित करने और आपके आदर्शों द्वारा अपनाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए भी है। अब समय आ गया है कि आप अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और उन लोगों के खिलाफ़ खड़े हों जो आपके संघीय अधिकारों को छीनना चाहते हैं। मैं विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और तमिलनाडु के भविष्य के लिए मतदान करें। जय हिंद, जय तमिलनाडु।'

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

#westbengalassemblyelection2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

'अदृश्य' शौचालय: 8 साल से लगा है ताला, फिर भी कागजों पर हो रही मरम्मत
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:विकासखंड कछौना की ग्राम सभा कुकुही में लाल हरीराम इंटर कॉलेज के पास स्थित सामुदायिक शौचालय क्षेत्र पंचायत से वर्ष 2018 में बना था। परंतु विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह अधूरा पड़ा है। जिसका लाभ स्थानीय लोगों व पास में खेलकूद मैदान में आने वाले युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बना सामुदायिक शौचालय शो-पीस है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। स्वच्छता मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त अभियान के तहत लाखों रुपए की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिन्हें साफ स्वच्छ रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिला समूह को इनमें केयरटेकर के रूप में तैनाती की गई थी। जिससे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन हो, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सके। परंतु प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सामुदायिक शौचालय अपने उद्देश्यों से कोसों दूर है। ब्लॉक कर्मियों व प्रतिनिधियों के गठजोड़ के चलते ठेकेदार/कार्यदायीं संस्थाओं ने मानकों को दरकिनार कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया हैं। यह सामुदायिक शौचालय का निर्माण वर्ष 2018 में क्षेत्र पंचायत निधि से कराया गया था। ठेकेदार ने मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराया, गड्डो का निर्माण नहीं कराया, पानी की टंकी भी नहीं रखी गई, टोटियां टूटी लगाई गई है, कार्य अधूरा छोड़कर कर्तव्य की इति-श्री कर ली, लाखों रूपों की धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसका लाभ ग्रामीणों को कभी नहीं मिला। इस भवन में ताला लटका रहता है। यहां पर पास में दूरदराज के युवक खेलने आते हैं। सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा होने व ताला लगा होने के कारण लोग उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 8 वर्षों में एक दिन भी ताला नहीं खुला है, जबकि प्रतिवर्ष शौचालय की मरम्मत व रंगाई पुताई के लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च होती है। यह शौचालय अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। कमोवश यही स्थिति पुरे विकासखंड कछौना में सामुदायिक शौचालय की है, यहां तक ब्लॉक परिसर व कोतवाली कछौना में स्थित सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग नहीं हो पता है। जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों पुरुष महिलाओं का आवागमन रहता है। योजनाओं में कमीशन खोरी के चलते योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पता है। जिससे सरकार की भी छवि धूमिल होती है। पूरे मामले पर जिला पंचायत अधिकारी विपिन कुमार सिंह ने बताया खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह सामुदायिक शौचालय की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी। मरम्मत कार्य कराकर अधूरे कार्य को पूरा करके सही ढंग से संचालित कराया जायेगा, जिससे लोगों को लाभ मिल सके।
लखनऊ: यूपी में गर्मी का कहर जारी, 22 जिलों में आज भी लू का अलर्ट; 3 दिन बाद मिल सकती है राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुंदेलखंड समेत कई जिलों में तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। प्रदेश में बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जबकि देश में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी तथा लू प्रभावित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए भी प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। फिलहाल अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को बांदा में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं।

* इन जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो लाख किसान रह जाएंगे खाद-बीज से वंचित,खरीफ सीजन से पहले प्रशासन सख्त, योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य:

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उन्हें खाद, बीज सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।जिले में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 74 प्रतिशत यानी 4,02,978 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि अभी भी 1,48,720 किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में करीब डेढ़ लाख किसानों पर खरीफ सीजन में खाद-बीज न मिलने का संकट मंडरा रहा है।

शासन के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कैंप कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सन्दीप मिश्रा लेखपाल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना या खाद-बीज से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों को नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है, उनके लिए तहसील प्रशासन स्तर पर सुधार की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर तुरंत किसान पहचान पत्र बनवाएं, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है।

विश्व पृथ्वी दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन का पर्यावरण जागरूकता अभियान

प्रयागराज। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार 22 अप्रैल 2026को अथर्वन फाउंडेशन द्वारा प्रयागराज के तीन विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों को पृथ्वी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।कार्यक्रम के अंतर्गत दो विद्यालय विकर पब्लिक स्कूल एवं कैंट हाई स्कूल,न्यू कैंट प्रयागराज में गतिविधियाँ फाउंडेशन की सचिव डॉ. कंचन मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं। विकर पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य विष्णु शुक्ला, शिक्षकों एवं फाउंडेशन सदस्य समन्वयक ठाकुर स्नेहलता द्वारा किया गया।जबकि कैंट हाई स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य मोहम्मद अंसार द्वारा किया गया।पूरे कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया और समारोह समापन ज्ञापन में कहा कि पर्यावरण हमारी अमूल्य धरोहर है अगर आज हम इसे नहीं संजोएंगे तो कल बहुत देर हो जाएगी और इसका सबसे बाद दायित्व नन्हे हाथों में है।विकर पब्लिक स्कूल में डॉ. उपमा नारायण ने विद्यार्थियों को “जल संरक्षण” विषय पर जागरूक किया, वहीं कैंट हाई स्कूल में डॉ. अल्का दास ने “स्वस्थ भोजन, स्वस्थ धरती” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियाँ (स्किट) भी दी गईं।दोनों विद्यालयों में पर्यावरण विषय पर ईको-फ्रेंडली आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालय से 15 विद्यार्थियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप झोला, स्टेशनरी एवं अन्य सामग्री वितरित की गई।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अथर्वन फाउंडेशन का हार्दिक स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर दोनों विद्यालय परिसरों में दो-दो पौधों का रोपण किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की स्थिति का निरीक्षण किया गया जो अत्यंत संतोषजनक पाई गई।कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्य हेमंत कुमार, सुषमा सिंह, कल्पना जायसवाल एवं अर्चना गुप्ता सहित विद्यालयों के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

इसी क्रम में फाउंडेशन की तीसरी गतिविधि उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं डॉ. समीर भार्गव के विद्यालय, जवाहर लाल भार्गव विद्यालय, बमरौली में आयोजित की गई। यहां भी पौधारोपण, जागरूकता रैली, क्विज एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई, जिसने विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
नशा मुक्ति अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता आयोजित

गोंडा, 22 अप्रैल।
नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में आज 'नशा जीवन की दुर्दशा' विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशा-उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना जागृत करती हैं तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों के लिए विनाशकारी है, अतः इससे दूर रहना अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के कुल 13 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. शशिबाला (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र) एवं डॉ. ओम प्रकाश यादव (विभागाध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र) द्वारा किया गया।
परिणामों में बी.ए. छठे सेमेस्टर की छात्रा दीप्ति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से यशस्वी सिंह (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) एवं नुशरत फातिमा (बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर) को मिला, जबकि वैष्णवी कसौधन (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ममता शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग द्वारा किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
भारत निभा सकता है अमेरिका-ईरान युद्धविराम में अहम भूमिका…”राजनाथ सिंह का चौंकाने वाला बयान

#rajnathsinghingermanyindiaroleinwestasia_peace

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसको लेकर भारत में काफी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा संतुलित और समझदारी भरी विदेश नीति अपनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, जिसमें पश्चिम एशिया का संकट भी शामिल है।

हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते-राजनाथ सिंह

पहली बार जर्मनी के दौरे पर गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा गया कि पश्चिम एशिया संकट में शांति कायम करने में भारत की कोई भूमिका है या नहीं? इसपर उन्होंने कहा, "भारत ने अपनी तरफ से कोशिश की, लेकिन हर चीज का सही समय होता है। हो सकता है कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफल हो। हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है और कूटनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण संतुलित है।"

भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं-राजनाथ सिंह

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी कई देशों के नेताओं से सीधे बातचीत की है। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, तब भी शांति और समाधान पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्री ने वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं है। यही कारण है कि न तो अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है और न ही ईरान।

भारत सरकार की कूटनीति को सराहा

उन्होंने भारत की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इसी संतुलित नीति की वजह से भारत के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पाए, जबकि उस समय कई देशों के जहाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता से उठ रहे सवाल

राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच समझौता कराने के लिए दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने जा रहा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवाल उठा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अच्छे रिश्ते बताते हैं, लेकिन मध्यस्थता का मौका पाकिस्तान को मिल रहा है। यह मुद्दा तब और गरमा गया, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को मध्यस्थता वाला 'दलाल' कहा था।

तमिलनाडु में 4023 उम्मीदवारों की किस्मत आज होगी लॉक, पीएम मोदी ने की रिकॉर्ड मतदान की अपील

#tamilnaduassemblyelection2026

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर नई सरकार चुनने के लिए आज सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया है। इस बार चुनाव में जहां द्रमुक के नेतृत्व वाला गठबंधन एआईएडीएमके के नेतृत्व वाले एनडीए से मुकाबला करेगा। वहीं, पहली बार चुनाव में उतरे तमिल सुपरस्टार विजय की पार्टी तमिलगा वेत्री कझगम चुनाव को त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में है।

एक चरण में सभी सीटों पर मतदान

तमिलनाडु की सभी 234 विधानसभा सीटों पर एक ही चरण में मतदान कराया जा रहा है। चुनाव के नतीजे 4 मई को मतगणना के बाद घोषित किए जाएंगे।इस बार राज्य में कुल 75,032 मतदान केंद्र बनाए गए हैं।

हर एक केंद्र पर अधिकतम मतदाताओं की सीमा तय

मतदान के दिन भीड़ कम करने के लिए हर एक केंद्र पर अधिकतम 1200 मतदाताओं की सीमा तय की गई है। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी और पारदर्शिता के लिए 100% मतदान केंद्रों के अंदर और बाहर वेबकास्टिंग की जाएगी। इसे लगातार जारी रखने के इंतजाम भी किए गए हैं।

पीएम मोदी की खास अपील

पीएम मोदी ने एक्स पर लिखा, "जैसे-जैसे तमिलनाडु के लोग विधानसभा चुनावों में मतदान करने की तैयारी कर रहे हैं, मैं सभी मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे इस पवित्र लोकतांत्रिक कर्तव्य को पूरे उत्साह के साथ निभाएं। विशेष रूप से, मैं तमिलनाडु के युवाओं और महिलाओं से आह्वान करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और मतदान के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंचने का मार्ग प्रशस्त करें।

तमिलनाडु चुनाव पर मल्लिकार्जुन की अपील

मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, 'तमिलनाडु के प्यारे भाइयों और बहनों, आज की लड़ाई आपके अधिकारों को सुरक्षित करने की है। यह लड़ाई संघवाद, तर्कसंगतता, समानता, न्याय और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए है। यह समावेशी कल्याण सुनिश्चित करने और आपके आदर्शों द्वारा अपनाए गए सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए भी है। अब समय आ गया है कि आप अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करें और उन लोगों के खिलाफ़ खड़े हों जो आपके संघीय अधिकारों को छीनना चाहते हैं। मैं विशेष रूप से पहली बार वोट देने वाले युवा मतदाताओं से आग्रह करता हूं कि वे बड़ी संख्या में बाहर निकलें और तमिलनाडु के भविष्य के लिए मतदान करें। जय हिंद, जय तमिलनाडु।'

पश्चिम बंगाल में पहले चरण के लिए 152 सीटों पर वोटिंग जारी, बूथों पर लंबी कतार

#westbengalassemblyelection2026

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की वोटिंग हो रही है। पहले चरण में 16 जिलों की 152 विधानसभा में वोटिंग हो रही है। इस बार बंगाल में मुख्य मुकाबला ममता बनर्जी की टीएमसी और बीजेपी के बीच है। इस बार चुनाव सिर्फ दो चरणों में कराए जा रहे हैं, जबकि 2021 में आठ और 2016 में छह चरणों में मतदान हुआ था।

शाम पांच बजे तक मतदान

मतदान सुबह सात बजे शुरू हुई और शाम पांच बजे तक चलेगी। सुबह 7 बजे से ही दार्जिलिंग और जलपाईगुड़ी जैसे उत्तर के जिलों से लेकर मुर्शिदाबाद, नदिया, बीरभूम और हुगली तक मतदान केंद्रों के बाहर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।

कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में

पहले चरण में बंगाल के कुल 3,60,77,171 वोटर्स वोट करेंगे। पंजीकृत सभी 3,60,77,171 मतदाताओं को फोटो पहचान पत्र जारी किए गए हैं। 100 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 4,025 है, जबकि 85 वर्ष या उससे अधिक आयु के मतदाताओं की संख्या 2,04,618 है। कुल 43 अनिवासी भारतीय मतदाता हैं, और 69,468 सेवारत मतदाता हैं। पहले चरण में होने वाले इन 152 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 1,478 उम्मीदवार मैदान में हैं। पुरुष उम्मीदवारों की संख्या 1,311 है, जबकि महिला उम्मीदवारों की संख्या 167 है।

पीएम मोदी की खास अपील

इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मतदाताओं से लोकतंत्र के इस महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की है। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि सभी नागरिक पूरे उत्साह और ताकत के साथ मतदान करें, ताकि लोकतंत्र मजबूत हो सके। उन्होंने खास तौर पर राज्य के युवाओं और महिलाओं से बड़ी संख्या में वोट डालने की अपील की। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी भागीदारी न सिर्फ चुनाव को मजबूत बनाएगी, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव भी लाएगी। 

सुरक्षा को लेकर निर्वाचन आयोग सख्त

निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव लड़ रहे उम्मीदवारों को निर्देश दिया है कि वे 23 अप्रैल को सुबह छह बजे से मतदान समाप्त होने तक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से बाहर नहीं जाएं। अधिकारी ने बताया कि एक दिशानिर्देश के अनुसार, उम्मीदवारों को मतदान के समय अपने निर्वाचन क्षेत्रों में ही रहना चाहिए और किसी भी ऐसी गतिविधि में शामिल होने से बचना चाहिए जिससे चुनावी प्रक्रिया बाधित हो सकती है।

'अदृश्य' शौचालय: 8 साल से लगा है ताला, फिर भी कागजों पर हो रही मरम्मत
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:विकासखंड कछौना की ग्राम सभा कुकुही में लाल हरीराम इंटर कॉलेज के पास स्थित सामुदायिक शौचालय क्षेत्र पंचायत से वर्ष 2018 में बना था। परंतु विभागीय अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के चलते यह अधूरा पड़ा है। जिसका लाभ स्थानीय लोगों व पास में खेलकूद मैदान में आने वाले युवाओं को नहीं मिल पा रहा है। लाखों रुपए की लागत से बना सामुदायिक शौचालय शो-पीस है। पूरे मामले की शिकायत उच्च अधिकारियों से की है। स्वच्छता मिशन के तहत खुले में शौच से मुक्त अभियान के तहत लाखों रुपए की लागत से ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक स्थलों पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया गया था। जिन्हें साफ स्वच्छ रखने के लिए ग्रामीण क्षेत्र की महिला समूह को इनमें केयरटेकर के रूप में तैनाती की गई थी। जिससे लोगों के व्यवहार में परिवर्तन हो, ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं व समूह की महिलाओं को रोजगार मिल सके। परंतु प्रशासन की अनदेखी के चलते यह सामुदायिक शौचालय अपने उद्देश्यों से कोसों दूर है। ब्लॉक कर्मियों व प्रतिनिधियों के गठजोड़ के चलते ठेकेदार/कार्यदायीं संस्थाओं ने मानकों को दरकिनार कर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया हैं। यह सामुदायिक शौचालय का निर्माण वर्ष 2018 में क्षेत्र पंचायत निधि से कराया गया था। ठेकेदार ने मानकों को ताक पर रखकर कार्य कराया, गड्डो का निर्माण नहीं कराया, पानी की टंकी भी नहीं रखी गई, टोटियां टूटी लगाई गई है, कार्य अधूरा छोड़कर कर्तव्य की इति-श्री कर ली, लाखों रूपों की धनराशि भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई। जिसका लाभ ग्रामीणों को कभी नहीं मिला। इस भवन में ताला लटका रहता है। यहां पर पास में दूरदराज के युवक खेलने आते हैं। सामुदायिक शौचालय अधूरा पड़ा होने व ताला लगा होने के कारण लोग उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि 8 वर्षों में एक दिन भी ताला नहीं खुला है, जबकि प्रतिवर्ष शौचालय की मरम्मत व रंगाई पुताई के लिए लाखों रुपए की धनराशि खर्च होती है। यह शौचालय अपने उद्देश्यों की पूर्ति नहीं कर पा रहा है। कमोवश यही स्थिति पुरे विकासखंड कछौना में सामुदायिक शौचालय की है, यहां तक ब्लॉक परिसर व कोतवाली कछौना में स्थित सामुदायिक शौचालयों का प्रयोग नहीं हो पता है। जहां पर प्रतिदिन सैकड़ों पुरुष महिलाओं का आवागमन रहता है। योजनाओं में कमीशन खोरी के चलते योजनाओं का जमीनी स्तर पर सही ढंग से क्रियान्वयन नहीं हो पता है। जिससे सरकार की भी छवि धूमिल होती है। पूरे मामले पर जिला पंचायत अधिकारी विपिन कुमार सिंह ने बताया खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि वह सामुदायिक शौचालय की स्थलीय जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। दोषी कर्मचारियों पर कार्यवाही की जाएगी। मरम्मत कार्य कराकर अधूरे कार्य को पूरा करके सही ढंग से संचालित कराया जायेगा, जिससे लोगों को लाभ मिल सके।
लखनऊ: यूपी में गर्मी का कहर जारी, 22 जिलों में आज भी लू का अलर्ट; 3 दिन बाद मिल सकती है राहत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में भीषण गर्मी और लू का प्रकोप लगातार बढ़ता जा रहा है। बुधवार को बुंदेलखंड समेत कई जिलों में तेज गर्म हवाओं ने लोगों को बेहाल कर दिया। प्रदेश में बांदा सबसे गर्म जिला रहा, जबकि देश में तीसरे सबसे गर्म शहर के रूप में दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार 25 अप्रैल तक तापमान में और बढ़ोतरी होगी तथा लू प्रभावित क्षेत्रों का दायरा और बढ़ सकता है।
मौसम विभाग ने आज गुरुवार के लिए भी प्रदेश के 22 जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की है। फिलहाल अगले दो दिनों तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना नहीं है। बुधवार को बांदा में अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज 43.7 डिग्री सेल्सियस के साथ दूसरे स्थान पर रहा।
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 26 अप्रैल से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे प्रदेश में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। पश्चिमी यूपी और तराई क्षेत्रों में बूंदाबांदी के साथ तापमान में गिरावट आने के संकेत हैं।

* इन जिलों में लू का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, वाराणसी, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, आगरा, फिरोजाबाद और मैनपुरी समेत आसपास के क्षेत्रों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है।
फार्मर आईडी नहीं बनवाई तो लाख किसान रह जाएंगे खाद-बीज से वंचित,खरीफ सीजन से पहले प्रशासन सख्त, योजनाओं का लाभ लेने के लिए पहचान पत्र अनिवार्य:

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जनपद में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए किसानों के लिए फार्मर आईडी (किसान पहचान पत्र) बनवाना अनिवार्य कर दिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जो किसान समय रहते अपनी फार्मर आईडी नहीं बनवाएंगे, उन्हें खाद, बीज सहित विभिन्न कृषि योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा।जिले में कुल 5,71,518 किसानों के सापेक्ष अब तक 74 प्रतिशत यानी 4,02,978 किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है, जबकि अभी भी 1,48,720 किसान इस प्रक्रिया से वंचित हैं। ऐसे में करीब डेढ़ लाख किसानों पर खरीफ सीजन में खाद-बीज न मिलने का संकट मंडरा रहा है।

शासन के 30 अप्रैल के आदेश के अनुसार उर्वरक, बीज, कृषि यंत्र, गेहूं क्रय केंद्रों पर विक्रय तथा प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि समेत विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य कर दी गई है।

जिला प्रशासन द्वारा 22 अप्रैल से विशेष अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत 2600 से अधिक अधिकारी-कर्मचारी गांवों में कैंप कर रहे हैं। मुख्य विकास अधिकारी के नेतृत्व में 50 से अधिक जिला स्तरीय अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी इस कार्य में जुटे हैं। अब तक इस अभियान के तहत 35,000 से अधिक नई फार्मर आईडी बनाई जा चुकी हैं।कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। सन्दीप मिश्रा लेखपाल ने किसानों से अपील की है कि वे जल्द से जल्द अपनी फार्मर आईडी बनवा लें, ताकि उन्हें किसी भी योजना या खाद-बीज से वंचित न होना पड़े। जिन किसानों को नाम, आधार या खतौनी में त्रुटि के कारण परेशानी हो रही है, उनके लिए तहसील प्रशासन स्तर पर सुधार की व्यवस्था की गई है।

उन्होंने कहा कि किसान अपने ग्राम के लेखपाल से संपर्क कर तुरंत किसान पहचान पत्र बनवाएं, क्योंकि यह वर्तमान समय की सबसे जरूरी प्रक्रिया बन चुकी है।

विश्व पृथ्वी दिवस पर अथर्वन फाउंडेशन का पर्यावरण जागरूकता अभियान

प्रयागराज। विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर बुधवार 22 अप्रैल 2026को अथर्वन फाउंडेशन द्वारा प्रयागराज के तीन विद्यालयों में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता को बढ़ावा देने हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों को पृथ्वी के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से विभिन्न रचनात्मक गतिविधियाँ आयोजित की गईं।कार्यक्रम के अंतर्गत दो विद्यालय विकर पब्लिक स्कूल एवं कैंट हाई स्कूल,न्यू कैंट प्रयागराज में गतिविधियाँ फाउंडेशन की सचिव डॉ. कंचन मिश्रा के मार्गदर्शन में संपन्न हुईं। विकर पब्लिक स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य विष्णु शुक्ला, शिक्षकों एवं फाउंडेशन सदस्य समन्वयक ठाकुर स्नेहलता द्वारा किया गया।जबकि कैंट हाई स्कूल में कार्यक्रम का समन्वय प्रधानाचार्य मोहम्मद अंसार द्वारा किया गया।पूरे कार्यक्रम का संचालन उपाध्यक्ष शैलेन्द्र सिंह द्वारा किया गया और समारोह समापन ज्ञापन में कहा कि पर्यावरण हमारी अमूल्य धरोहर है अगर आज हम इसे नहीं संजोएंगे तो कल बहुत देर हो जाएगी और इसका सबसे बाद दायित्व नन्हे हाथों में है।विकर पब्लिक स्कूल में डॉ. उपमा नारायण ने विद्यार्थियों को “जल संरक्षण” विषय पर जागरूक किया, वहीं कैंट हाई स्कूल में डॉ. अल्का दास ने “स्वस्थ भोजन, स्वस्थ धरती” विषय पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। विद्यार्थियों द्वारा प्रकृति संरक्षण पर आधारित आकर्षक नाट्य प्रस्तुतियाँ (स्किट) भी दी गईं।दोनों विद्यालयों में पर्यावरण विषय पर ईको-फ्रेंडली आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें प्रत्येक विद्यालय से 15 विद्यार्थियों का चयन किया गया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अन्य प्रतिभागियों को प्रोत्साहन स्वरूप झोला, स्टेशनरी एवं अन्य सामग्री वितरित की गई।विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने अथर्वन फाउंडेशन का हार्दिक स्वागत करते हुए इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आश्वासन दिया।इस अवसर पर दोनों विद्यालय परिसरों में दो-दो पौधों का रोपण किया गया तथा पूर्व में लगाए गए पौधों की स्थिति का निरीक्षण किया गया जो अत्यंत संतोषजनक पाई गई।कार्यक्रम में फाउंडेशन के सदस्य हेमंत कुमार, सुषमा सिंह, कल्पना जायसवाल एवं अर्चना गुप्ता सहित विद्यालयों के शिक्षकगण एवं स्टाफ उपस्थित रहे।

इसी क्रम में फाउंडेशन की तीसरी गतिविधि उपाध्यक्ष डॉ. रश्मि भार्गव एवं डॉ. समीर भार्गव के विद्यालय, जवाहर लाल भार्गव विद्यालय, बमरौली में आयोजित की गई। यहां भी पौधारोपण, जागरूकता रैली, क्विज एवं आर्ट प्रतियोगिता का आयोजन कर विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया गया।विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर अथर्वन फाउंडेशन की यह पहल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई, जिसने विद्यार्थियों एवं समाज में प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी का संदेश दिया।

मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
मनरेगा श्रमिकों के लिए यूपी को ₹1789 करोड़ की पहली किस्त, जल्द होगा भुगतान
* केंद्र सरकार से मिली राशि, लंबित बकाये का भी होगा निस्तारण

लखनऊ। मनरेगा श्रमिकों के लिए उत्तर प्रदेश को बड़ी राहत मिली है। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की पहली किस्त जारी कर दी है। इसके तहत उत्तर प्रदेश को **₹1789.79 करोड़** की धनराशि मिली है।
इस राशि में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की करीब ₹1129.55 करोड़ लंबित देनदारी भी शामिल है, जिससे पुराने बकाये का भुगतान किया जाएगा।

* श्रेणीवार जारी की गई धनराशि
मनरेगा की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए राशि को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया गया है।

* **अनुसूचित जाति (SC)** के लिए ₹536.65 करोड़
* **अनुसूचित जनजाति (ST)** के लिए ₹45.53 करोड़
* **अन्य श्रेणियों** के लिए ₹1207.60 करोड़

* समय पर भुगतान के निर्देश
उपमुख्यमंत्री **केशव प्रसाद मौर्य** ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी भुगतान निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार समय से किए जाएं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी श्रमिक को दोहरा भुगतान न हो।
उन्होंने कहा कि खर्च का प्रत्येक विवरण अनिवार्य रूप से **नरेगा सॉफ्ट पोर्टल** पर दर्ज किया जाए।

* सीधे बैंक खातों में पहुंचेगी राशि
उपमुख्यमंत्री ने निर्देश दिए हैं कि पूरी धनराशि **नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड मैनेजमेंट सिस्टम (NEFMS)** के जरिए सीधे श्रमिकों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। भुगतान केवल फंड ट्रांसफर ऑर्डर और वास्तविक खर्च के आधार पर ही किया जाएगा।

* पूरी प्रक्रिया होगी डिजिटल
आयुक्त ग्राम्य विकास विभाग **जी.एस. प्रियदर्शी** ने स्पष्ट किया कि भुगतान की पूरी प्रक्रिया डिजिटल होगी, जिससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके।
नशा मुक्ति अभियान के तहत निबंध प्रतियोगिता आयोजित

गोंडा, 22 अप्रैल।
नशा मुक्ति अभियान के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में आज 'नशा जीवन की दुर्दशा' विषय पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में नशा-उन्मूलन के प्रति जागरूकता फैलाना और युवाओं को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना था।
प्रतियोगिता के शुभारंभ के अवसर पर प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियाँ विद्यार्थियों में सामाजिक चेतना जागृत करती हैं तथा उन्हें सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति, परिवार और समाज—तीनों के लिए विनाशकारी है, अतः इससे दूर रहना अत्यंत आवश्यक है।
इस प्रतियोगिता में महाविद्यालय की विभिन्न कक्षाओं के कुल 13 छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। प्रतियोगिता का मूल्यांकन प्रो. शशिबाला (विभागाध्यक्ष, समाजशास्त्र) एवं डॉ. ओम प्रकाश यादव (विभागाध्यक्ष, शिक्षा शास्त्र) द्वारा किया गया।
परिणामों में बी.ए. छठे सेमेस्टर की छात्रा दीप्ति ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान संयुक्त रूप से यशस्वी सिंह (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) एवं नुशरत फातिमा (बी.ए. चतुर्थ सेमेस्टर) को मिला, जबकि वैष्णवी कसौधन (बी.ए. द्वितीय सेमेस्टर) ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कार्यक्रम का संयोजन डॉ. ममता शुक्ला, असिस्टेंट प्रोफेसर, मनोविज्ञान विभाग द्वारा किया गया। अंत में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।
भारत निभा सकता है अमेरिका-ईरान युद्धविराम में अहम भूमिका…”राजनाथ सिंह का चौंकाने वाला बयान

#rajnathsinghingermanyindiaroleinwestasia_peace

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को रुकवाने में पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है, जिसको लेकर भारत में काफी सवाल उठ रहे हैं। इस बीच भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा संतुलित और समझदारी भरी विदेश नीति अपनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, जिसमें पश्चिम एशिया का संकट भी शामिल है।

हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते-राजनाथ सिंह

पहली बार जर्मनी के दौरे पर गए भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से पूछा गया कि पश्चिम एशिया संकट में शांति कायम करने में भारत की कोई भूमिका है या नहीं? इसपर उन्होंने कहा, "भारत ने अपनी तरफ से कोशिश की, लेकिन हर चीज का सही समय होता है। हो सकता है कल ऐसा समय आए जब भारत इसमें अपनी भूमिका निभाए और सफल हो। हम संभावना से इनकार नहीं कर सकते। प्रधानमंत्री ने दोनों पक्षों से शांति की अपील की है और कूटनीतिक मामलों में प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण संतुलित है।"

भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं-राजनाथ सिंह

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा प्रधानमंत्री मोदी ने रूस-यूक्रेन संघर्ष और अन्य अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी कई देशों के नेताओं से सीधे बातचीत की है। उन्होंने बताया कि जब प्रधानमंत्री ने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, यूक्रेन के राष्ट्रपति और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात की, तब भी शांति और समाधान पर चर्चा की गई। रक्षा मंत्री ने वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं है। यही कारण है कि न तो अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है और न ही ईरान।

भारत सरकार की कूटनीति को सराहा

उन्होंने भारत की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इसी संतुलित नीति की वजह से भारत के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पाए, जबकि उस समय कई देशों के जहाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

पाकिस्तान की मध्यस्थता से उठ रहे सवाल

राजनाथ सिंह का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब पाकिस्तान अमेरिका-ईरान के बीच समझौता कराने के लिए दूसरे दौर की वार्ता आयोजित करने जा रहा है। प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस सवाल उठा रही है कि प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप और इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अच्छे रिश्ते बताते हैं, लेकिन मध्यस्थता का मौका पाकिस्तान को मिल रहा है। यह मुद्दा तब और गरमा गया, जब विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पाकिस्तान को मध्यस्थता वाला 'दलाल' कहा था।