ठंड में सहारा बने विधायक डॉ.वॉचस्पति एम वी कॉन्वेन्ट स्कूल में 800 असहाय परिवारो को दिया गर्म कम्बल।

गौहनिया में जनसेवा का ऐतिहासिक आयोजन.पत्रकारो का सम्मान.उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम.एसीपी निकिता श्रीवास्तव बारा के मौजूदगी में उमड़ा जन सैलाब।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने अपने कार्यकाल के चार साल बेमिसाल की पुस्तक का विमोचन भी किया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत गुरुवार को जब कड़ाके की ठंड गरीब और बेसहारा लोगों की परीक्षा ले रही थी उसी वक्त बारा विधानसभा क्षेत्र में जनसेवा की एक ऐसी तस्वीर उभरी जिसने राजनीति को संवेदना से जोड़ दिया।बारा विधायक डॉ. वॉचस्पति ने गौहनिया स्थित एम.वी.कॉन्वेंट स्कूल परिसर में आयोजित विशाल कार्यक्रम के दौरान 800 से अधिक असहाय निर्धन और बुजुर्ग नागरिकों को कम्बल वितरित कर उन्हें ठंड से राहत प्रदान की।यह आयोजन केवल सहायता वितरण नही बल्कि मानवता करुणा और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया।कम्बल पाकर बुजुर्गो के चेहरो पर लौटी मुस्कान और गरीबों की आंखो में झलकी राहत ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।लोगों ने विधायक डॉ. वाचस्पति को दुआएं दी और कहा कि जब जनप्रतिनिधि ऐसा हो तो जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक डॉ.वाचस्पति ने कहा राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नही बल्कि समाज के कमजोर तबके की सेवा है। जब तक अंतिम व्यक्ति तक राहत नही पहुंचेगी तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा।उनके इन शब्दो ने कार्यक्रम को जनभावना से जोड़ दिया।इस अवसर पर पत्रकारो को सम्मानित कर विधायक ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होने कहा कि पत्रकार समाज की सच्ची तस्वीर सामने लाने का काम करते है और लोकतंत्र की रीढ़ है।पत्रकारो के सम्मान से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव रेड विभाग से एक्सियन एसपी मिश्रा एई मनोज श्रीवास्तव जेई हीरा लाल जेई के के मौर्या पी डब्ल्यू डी विभाग से एई कृपा शंकर श्रीवास्तव जेई अरविन्द जेई अमर पाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि समाजसेवी और क्षेत्र के सैकड़ो लोग मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियो ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक डॉ.वाचस्पति लगातार क्षेत्र में जनहित सेवा और विकास को प्राथमिकता दे रहे है।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बारा विधान सभा में राजनीति सिर्फ भाषणो तक सीमित नही बल्कि ज़मीन पर दिखाई दे रही है।यह कार्यक्रम न सिर्फ जरूरतमन्दो के लिए राहत बना बल्कि आने वाले समय के लिए यह संदेश भी दे गया कि जब नेतृत्व संवेदनशील हो तो समाज खुद मजबूत बनता है।

साइबर ठगी के खिलाफ यूपी पुलिस की बड़ी पहल,नाना पाटेकर अभिनीत जागरूकता लघु फिल्म तैयार
लखनऊ। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक विशेष जागरूकता लघु फिल्म का निर्माण किया है। इस फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साइबर अपराध रोकथाम संबंधी निर्देशों के क्रम में की गई है।
एक लाख लोगों को साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
पुलिस महानिदेशक यूपी राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध की रोकथाम और जन-जागरूकता को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उनके मार्गदर्शन में प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा को लेकर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। डीजीपी स्वयं 11 परिक्षेत्र स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशालाओं में ऑनलाइन शामिल होकर 25 से अधिक जनपदों के एक लाख से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दे चुके हैं।
फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा तैयार यह लघु फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित है, जहां एक सतर्क नागरिक ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही साइबर ठगी की कोशिश को अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया था।फिल्म में नाना पाटेकर ने जागरूक नागरिक की भूमिका निभाई है, जबकि उनकी पत्नी के किरदार में अभिनेत्री लीना शर्मा नजर आई हैं। साइबर ठग बने फर्जी इंस्पेक्टर की भूमिका अभिनेता किशोर सोनी ने निभाई है, वहीं असली पुलिस अधिकारी के रूप में अभिनेता आदिल ईरानी दिखाई देते हैं।
“डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती
इस फिल्म का निर्देशन मशहूर निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है, जो ड्रीम गर्ल और ड्रीम गर्ल-2 जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।लघु फिल्म के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती और किसी भी प्रकार की धमकी भरी कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन पैसों की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है।उत्तर प्रदेश पुलिस की यह पहल नागरिकों को सतर्क, जागरूक और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। यह साइबर जागरूकता लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेना हुआ बेहद आसान, स्मार्ट मीटर और शुल्क में बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब नया बिजली कनेक्शन लेना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि पहले की तुलना में काफी सस्ता भी पड़ेगा। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक-2025 जारी कर दी है, जिसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भारी कटौती की गई है और कनेक्शन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6016 रुपये से घटाकर मात्र 2800 रुपये कर दी गई है। वहीं, थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब 11342 रुपये की जगह सिर्फ 4100 रुपये में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही आयोग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नए बिजली कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।अब 300 मीटर तक की दूरी और 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) पर फिक्स शुल्क के आधार पर कनेक्शन मिलेगा। यानी खंभा, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर अलग-अलग रकम वसूलने की प्रक्रिया खत्म हो गई है।

नई दरों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता 2 किलोवाट का कनेक्शन 100 मीटर दूरी तक लेता है, तो उसे 5500 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं 300 मीटर दूरी के लिए यह शुल्क 7555 रुपये तय किया गया है। पहले इसी कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से 10 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। विद्युत नियामक आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने बताया कि बिजली कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर नई दरों को लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली न हो।

पहले से मीटर लगवा चुके उपभोक्ताओं को भी राहत

आयोग ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं ने 9 सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए पुरानी दरों पर भुगतान किया है, उन्हें धनवापसी या समायोजन का विकल्प दिया जा सकता है।

बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट

नई कॉस्ट डाटा बुक में गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं को खास राहत दी गई है। उनके लिए प्रोसेसिंग फीस और सुरक्षा जमा राशि पूरी तरह माफ कर दी गई है। 100 मीटर दूरी तक केवल 500 रुपये जमा कर कनेक्शन दिया जाएगा, जबकि शेष राशि 12 महीनों में 45 रुपये की मासिक किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूली जाएगी।

बीपीएल उपभोक्ताओं को सिंगल फेज मीटर की कीमत भी किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के समय 1000 रुपये देने के बाद कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा और बाकी रकम 24 मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।

नई कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों को भी राहत

नई व्यवस्था के तहत अविकसित और गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से अब केवल मीटरिंग शुल्क लिया जाएगा। बुनियादी ढांचे के नाम पर अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा। बहुमंजिला भवनों में मल्टी-पॉइंट कनेक्शन के लिए भी यही नियम लागू होगा।

इसके अलावा, 11 केवी वोल्टेज पर जारी होने वाले लोड की सीमा को 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 एमवीए कर दिया गया है। एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) से जुड़ी लागत भी नए उपभोक्ताओं से नहीं ली जाएगी, क्योंकि इसका खर्च आरडीएसएस योजना के तहत पहले से तय है।

दो साल तक लागू रहेगी नई कॉस्ट डाटा बुक

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी की गई कॉस्ट डाटा बुक-2025 अगले दो वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इसमें प्रोसेसिंग शुल्क, सुरक्षा जमा, सप्लाई चार्ज, सामग्री लागत और स्मार्ट मीटर की दरें तय की गई हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में कॉस्ट डाटा बुक में संशोधन किया गया था।
हमारा आंगन-हमारे बच्चे उत्सव का भव्य एवं दिव्य आयोजन सम्पन्न

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड मेजा के पौसिया स्थित विष्णु वाटिका गेस्ट हाउस में शिक्षा विभाग द्वारा हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए बच्चो की शिक्षा की नींव को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।मुख्य अतिथि सहायक पुलिस आयुक्त क्षेत्राधिकारी मेजा संत प्रकाश उपाध्याय ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के समर्पण और सेवाभाव की सराहना की।अपने सम्बोधन में क्षेत्राधिकारी मेजा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो की बदलती और चुनौतीपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में उनकी जिम्मेदारी पहले से कही अधिक बढ़ गई है। उन्होने कहा 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते है जिन्हें सही आकार देना समाज की सबसे बड़ी सेवा है।उन्होने यह भी कहा कि बच्चो को 6 वर्ष की आयु तक पढ़ने-लिखने योग्य बनाना केवल सरकारी दायित्व नही बल्कि एक पवित्र सेवा है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों को भविष्य की चुनौतियो के लिए तैयार करती है।कार्यक्रम में बच्चो द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जमकर सराहना की गई। आंगनबाड़ी केंद्र डेलॉहा की नित्या कोहडार की श्रेया सुकाठ की आंशिक और प्रतीक्षा के नृत्य प्रस्तुतियो ने उपस्थित जनसमूह से खूब तालियाँ बटोरी।एजुकेटर रुचि तिवारी मोनी कविता यादव प्रियंका विश्वकर्मा अंशु गुप्ता सृष्टि पाण्डेय और प्रियम्बदा विश्वकर्मा ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम कोऊ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।विशिष्ट अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव का उद्देश्य बच्चों के रचनात्मक और कलात्मक कौशल को विकसित करना है। जिससे वे सीखने की मुख्य धारा से जुड़े रहे और कक्षा एक में प्रवेश के समय उन्हे अक्षरो एवं संख्याओं का बुनियादी ज्ञान प्राप्त हो।कार्यक्रम का संचालन बी.के.मिश्र ने किया।स्वागत रोहित तिवारी द्वारा किया गया।जबकि आभार प्रदर्शन एआरपी प्रवीण दुबे एवं विकास यादव ने किया।इस अवसर पर सूर्यबली कमला शंकर यादव राजकुमार बृजेश सिंह मुकेश तिवारी रजनीश मिश्र कैलाश नाथ राजेश पाल मीरा सिंह शिवानी पाण्डेय मांडवी दुबे रीना देवी सुनील मौर्य विनय दुबे

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज, यूपी में ठंड-कुहासे से राहत के संकेत, तराई इलाकों में बारिश की संभावना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में तापमान में गिरावट का सिलसिला अब थमने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे शीत दिवस और भीषण ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।
तराई क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिलेगा
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी चार दिनों के दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं पहली जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी यूपी के करीब 17 जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
घने कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया
हालांकि राहत से पहले सावधानी जरूरी है। बुधवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 17 जिलों में दिन के तापमान में असामान्य गिरावट को देखते हुए शीत दिवस की चेतावनी भी दी गई है। बीते मंगलवार को कानपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही।घने कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद और सहारनपुर में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जबकि हमीरपुर में दृश्यता महज 20 मीटर और अमेठी, अलीगढ़, झांसी तथा फतेहपुर जैसे जिलों में 50 मीटर के आसपास दर्ज की गई।
अगले चार दिनों तक मौसम में सुधार के संकेत
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार के बाद कोहरे की तीव्रता में कमी आएगी और दिन चढ़ने के साथ हल्की धूप निकलने लगेगी। इससे शीत दिवस जैसी परिस्थितियों से धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। अगले चार दिनों तक मौसम में सुधार के संकेत हैं।राजधानी लखनऊ में भीषण ठंड के बीच अब राहत की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से दिन और रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। सुबह और शाम को कोहरा बना रहेगा, लेकिन दोपहर में धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम होगा।
दृश्यता घटकर करीब 150 मीटर तक सिमट गई थी
मंगलवार को लखनऊ में सुबह के समय दृश्यता घटकर करीब 150 मीटर तक सिमट गई थी। दिन के समय ठंडी पछुआ हवाएं चलती रहीं, हालांकि दोपहर में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। राजधानी में अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 7.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर वाहन चालकों को कोहरे के दौरान विशेष सावधानी रखने को कहा गया है।
अवैध शराब तस्करी की रोकथाम अभियान में 01नफर अभियुक्त को जी आर पी ने किया गिरफ्तार

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशान्त वर्मा के द्वारा रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया ट्रेनो में अपराध नियंत्रण एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व अवैध शराब की तस्करी की रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे प्रयागराज अरुण कुमार पाठक के पर्वेक्षण में थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव थाना जीआरपी मिर्जापुर के कुशल निर्देशन में थाना जीआरपी मिर्जापुर के उ0नि0 राकेश कुमार व आर पीएफ एसआई अखिलेश राय मय हमराह कर्मचारीगण के संयुक्त पुलिस टीम द्वारा दिनांक 30.12.2025 को रेलवे स्टेशन मिर्जापुर के पीएफ 02/03 प्रयागराज छोर रेलवे बोर्ड के पास वहद थाना जीआरपी मिर्जापुर से01 नफर शराब तस्कर को समय करीब 13.25 बजे नाजायज अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर उक्त गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 237/25 धारा 60 आबकारी अधिनियम पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्त–बंटी उर्फ मोटी कुमार पुत्र क्रांति कुमार निवासी पैठानी नत्थूपुर थाना बेऊर जनपद पटना बिहार उम्र 18 वर्ष है अभियुक्त के कब्जे से एक अदद भूरे रंग के पिट्ठू बैग से 07 अदद ओल्डमंक रम 750 MLअग्रेजी शराब शराब बरामद होना।कुल लगभग– 5.250 लीटर नाजायज अंग्रेजी शराब बयालीस सौ रूपये- (4200/-रु0)के साथ गिरफ्तार किया गया।

अपनी भारी-भरकम कद-काठी के लिए मशहूर हुए भारतीय राजनेता - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
लखनऊ । भारतीय राजनीति एक ऐसा जीवंत और विशाल रंगमंच है जहां नेता का व्यक्तित्व हर कोण से परखा जाता है। यहां कद-काठी का अर्थ केवल शारीरिक वजन या भारी-भरकम बनावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह विश्वसनीयता और जनता के साथ गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन जाता है। भारतीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपरा में ऐसे कई कद्द्वार नेता हुए जिनकी मजबूत शारीरिक संरचना उनके वैचारिक दृढ़ता, राजनीतिक दूरदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गई है। ये नेता केवल अपनी भारी कद-काठी के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों, विकास की नई राहें प्रशस्त करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत नींव रखने के लिए भी जाने जाते हैं। इस सूची में नितिन गडकरी, शरद पवार, प्रकाश सिंह बादल, एच.डी. देवे गौड़ा, ओम प्रकाश चौटाला, भूपिंदर सिंह हुड्डा, अटल बिहारी वाजपेयी, अमित शाह और एम. वेंकैया नायडू जैसे बड़े व प्रभावी नाम शामिल हैं।
इस कड़ी में महाराष्ट्र की राजनीति के निर्विवाद शिखर पुरुष शरद पवार अपनी भारी-भरकम कद-काठी और अप्रतिम राजनीतिक सूझबूझ के लिए सदैव चर्चित रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक पवार साहब ने सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर लाखों किसानों और ग्रामीणों की जिंदगी बदली। उनकी जोशीली शैली, मजबूत उपस्थिति और जनता से सीधा संवाद उन्हें राष्ट्रीय राजनीति का अटल स्तंभ बनाता है। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भारतीय राजनीति के उन दुर्लभ दिग्गजों में शुमार हैं जिनकी भारी-भरकम कद-काठी उनके अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को प्रदर्शित करती है। गडकरी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐसी अभूतपूर्व क्रांति ला दी है कि आज भारत विश्व के सबसे विस्तृत और आधुनिक हाईवे नेटवर्क वाले देशों की श्रेणी में आता है। उनकी गंभीर आवाज और मंच पर दमदार उपस्थिति एक अनुभवी, विश्वसनीय और कर्मठ नेता की छवि प्रस्तुत करती है। बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और वैकल्पिक ऊर्जा पर उनका जोर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।
पंजाब की राजनीति के पितामह प्रकाश सिंह बादल की भारी-भरकम कद-काठी और स्थिर व्यक्तित्व ने उन्हें राज्य का सबसे प्रिय नेता बनाया। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पंजाब के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे बादल साहब ने राज्य को आतंकवाद के अंधेरे दौर से निकालकर विकास की रोशनी दी। किसान अधिकार, पंजाबियत की रक्षा, ग्रामीण विकास और धार्मिक स्थलों का संरक्षण उनके कार्यकाल की अमिट निशानियां हैं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवे गौड़ा की भारी कद-काठी और शांत स्वभाव उन्हें भारतीय राजनीति का एक अनुपम राजनेता की छवि प्रदान करता है। उनकी मजबूत उपस्थिति ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय मंच पर बल प्रदान करती थी। सादगी और जनता से जुड़ाव उनकी राजनीति की पहचान है। 
हरियाणा की राजनीति में ओम प्रकाश चौटाला की भारी-भरकम कद-काठी और स्पष्टवादी अंदाज ने उन्हें एक मजबूत जननेता बनाया। इंडियन नेशनल लोक दल के नेता चौटाला ने कई बार मुख्यमंत्री रहते शिक्षा, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया। उनका जनता से सीधा संवाद और दृढ़ निर्णय क्षमता उनकी सबसे बड़ी पूंजी रही। परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य को नई दिशा दी। जबकि भूपिंदर सिंह हुड्डा हरियाणा के उन कद्दावर नेताओं में हैं जिनकी मजबूत बनावट और दूरदर्शी नेतृत्व ने राज्य को औद्योगिक एवं कृषि दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने गुड़गांव को साइबर हब बनाने और किसान कल्याण योजनाओं से हरियाणा को नई पहचान दी। 
भारतीय राजनीति के काव्यकार और युगद्रष्टा अटल बिहारी वाजपेयी की भारी कद-काठी और करिश्माई व्यक्तित्व आज भी करोड़ों दिलों में जीवित है। तीन बार प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी जी ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज, दूरसंचार क्रांति और विदेश नीति में ऐतिहासिक कदम उठाए। उनकी ओजस्वी वाणी और सहज उपस्थिति विपक्ष को भी सम्मोहित करती थी। वाजपेयी जी ने साबित किया कि मजबूत व्यक्तित्व विचारों की गहराई से और अमर होता है। वहीं वर्तमान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मजबूत बनावट और संगठनात्मक प्रतिभा उन्हें आधुनिक राजनीति का सबसे शक्तिशाली चेहरा बनाती है। भाजपा को राष्ट्रीय अजेय शक्ति बनाने वाले शाह ने अनुच्छेद 370, तीन तलाक उन्मूलन और सीएए जैसे साहसिक निर्णय लिए। उनकी दमदार उपस्थिति स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक है। इनके अतिरिक्त पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू दक्षिण भारत की राजनीति के मजबूत आधार हैं। संसदीय कार्य, शहरी एवं ग्रामीण विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
पेसा नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का हमला।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य सरकार द्वारा बनाई गई पेसा (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम की नियमावली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई यह नियमावली पेसा अधिनियम, 1996 के मूल प्रावधानों और भावना के बिल्कुल विपरीत है।

श्री दास ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार सरकार ने ग्राम सभा की परिभाषा में परंपरागत जनजातीय व्यवस्था और रूढ़िगत नेतृत्व को सीमित कर दिया है। जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की परिकल्पना परंपरागत रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना के अनुरूप की गई है। उन्होंने विभिन्न जनजातीय समुदायों की परंपरागत ग्राम नेतृत्व व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि संथाल समुदाय में मांझी-परगना, हो समुदाय में मुंडा-मानकी-दिउरी, खड़िया समुदाय में ढोकलो-सोहोर, मुंडा समुदाय में हातु मुंडा, पड़हा राजा, पाहन, उरांव समुदाय में महतो, पड़हावेल (राजा), पाहन तथा भूमिज समुदाय में मुंडा, सरदार, नापा और डाकुआ जैसे पारंपरिक पदों को सदियों से मान्यता प्राप्त है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 4(क), 4(ख), 4(ग) और 4(घ) में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि ग्राम सभा का गठन, संचालन और प्रतिनिधित्व जनजातीय समुदायों की परंपराओं, रूढ़ियों, सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं और संसाधनों के पारंपरिक प्रबंधन के अनुरूप होगा। लेकिन राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली में इन प्रावधानों को नजरअंदाज कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या नई नियमावली के तहत ग्राम सभा की अध्यक्षता ऐसे लोगों को दी जाएगी जो परंपरागत जनजातीय व्यवस्था से नहीं आते या जो संबंधित समुदाय और परंपरा से भिन्न पृष्ठभूमि रखते हैं। इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

श्री दास ने कहा कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को लघु खनिजों, बालू घाटों, वन उत्पादों और जल स्रोतों जैसे सामूहिक संसाधनों पर पूर्ण प्रबंधन और नियंत्रण का अधिकार दिया गया है। उन्होंने पूछा कि क्या वास्तव में इन संसाधनों पर ग्राम सभा को अधिकार मिलेगा या फिर सरकार का नियंत्रण पूर्व की भांति बना रहेगा।

प्रेस वार्ता के अंत में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कैबिनेट स्तर पर नियमावली बनाकर आदिवासी समाज को केवल “लॉलीपॉप” दिखाने और उनकी आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेसा कानून का उद्देश्य आदिवासी रूढ़िवादी व्यवस्था को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण देकर और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि आदिवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक न्याय प्रणाली और प्राकृतिक संसाधनों पर अपना अधिकार बनाए रख सकें।

उन्होंने राज्य की जनता के भावना के अनुरूप राज्य सरकार से जल्द पेसा की नियमावली को जारी करने की मांग किया।

इस प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, योगेन्द्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाईक एवं रवि मुंडा भी उपस्थित थे।

आजमगढ़:-श्रीराम अध्यक्ष , सुबास  मंत्री एवं कोषाध्यक्ष बने हृदय शंकर, एकतरफा जीते अध्यक्ष और मंत्री, कोषाध्यक्ष पद पर रहा कांटे का मुकाबला


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  फूलपुर तहसील बार एसोशिएसन के चुनाव में अध्यक्ष एवं पद के लिए मंगलवार को हुए मतदान के बाद हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर श्री राम यादव, मंत्री पद पर सुबास यादव एवं कोषाध्यक्ष पद पर ह्रदय शंकर मिश्रा ने बाजी मारी। श्रीराम यादव 5वीं बार बार के अध्यक्ष बने हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में श्री राम यादव को कुल 74 मत प्राप्त हुए। वहीं निकटतम प्रतिद्वंद्वी लाल चन्द यादव को 36 मत मिले। इस प्रकार श्रीराम यादव 38 मत से अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए। वहीं मंत्री पद पर सुबास यादव को 86 मत मिले जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी बृज लाल को 12 मत ही मिले। सुबास यादव 74 मत से विजयी हुए । कोषाध्यक्ष पद के लिए हृदय शंकर मिश्रा को 60 मत और निकटतम प्रतिद्वंदी सतीराम यादव 56 मत मिले । हृदय शंकर मिश्रा ने 4 मत से विजय हासिल किया। अध्यक्ष और मंत्री पद पर एकतरफा जीत हुई है। जबकि कोषाध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर रही। उधर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल पाण्डेय ,कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव और उपमंत्री जानिसार अब्बास , पुस्तकालय मंत्री रामानंद यादव निर्विरोध चुने गए । कार्यवाहक एल्डर कमेटी के चेयरमैन एवं चुनाव अधिकारी इंदुशेखर पाठक ,सदस्य इश्तियाक अहमद ,अब्दुल अहद ,जिलेदार सिंह यादव के देखरेख में चुनाव सम्पन्न हुआ । विजयी प्रत्याशियों की घोषणा एल्डर कमेटी के अध्यक्ष इंदुशेखर पाठक ने किया । नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री राम यादव और महामन्त्री सुबास यादव ने कहा कि अधिवक्ता का हित सर्वोपरि होगा ,अधिवक्ता साथियों के सम्मान किया जाएगा । बार और बेंच के गरिमा का सामंजस्य रहेगा । वादकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट आपसी सामंजस्य से चलाया जाएगा । इस अवसर पर कमलेश कुमार, इंद्रेश कुमार, महेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष रामनरायन यादव, बिनोद यादव ,संजय यादव ,ओम प्रकाश चौहान ,राजकुमार प्रजापति, जलालुद्दीन, अंगद यादव,बिजय सिंह, देवीशरण पांडेय,, इकबाल अहमद , शमीम काजिम ,बृजेश कुमार ,श्रीनाथ सिंह, फूलचंद यादव, नितिन सिंह, विजय सिंह,जगजीवन चौहान , प्रदीप सिंह ,मुमताज मंसूरी आदि रहे।
दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है योगी सरकार: नरेन्द्र कश्यप

* दिव्यांग विश्वविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने, शिक्षकों की नियुक्ति और निर्माण कार्य समय पर पूरे कराने के निर्देश



लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार की नीतियां संवेदनशील, ठोस और परिणामोन्मुखी हैं, जिनका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए कहा कि ये दोनों संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने मंडल स्तर पर कार्यशालाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार-प्रसार के माध्यम से विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और पाठ्यक्रमों की जानकारी दिव्यांगजनों तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।

मंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र पूरी करने तथा परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना के तहत 72,690 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है, जबकि छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 12,76,303 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 299 संस्थाओं को 25,588 ‘ओ’ लेवल और 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन तथा 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन दी जा रही है। निःशुल्क बस यात्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष में अब तक 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों ने राज्य परिवहन की बस सेवाओं का लाभ उठाया है। मंत्री ने राज्य निधि के संवेदनशील और जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा प्रयागराज और ललितपुर में राष्ट्रीय कार्यशालाएं तथा प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी और बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं के माध्यम से दिव्यांग प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के हर क्षेत्र में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

ठंड में सहारा बने विधायक डॉ.वॉचस्पति एम वी कॉन्वेन्ट स्कूल में 800 असहाय परिवारो को दिया गर्म कम्बल।

गौहनिया में जनसेवा का ऐतिहासिक आयोजन.पत्रकारो का सम्मान.उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम.एसीपी निकिता श्रीवास्तव बारा के मौजूदगी में उमड़ा जन सैलाब।

कार्यक्रम के दौरान विधायक ने अपने कार्यकाल के चार साल बेमिसाल की पुस्तक का विमोचन भी किया।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत गुरुवार को जब कड़ाके की ठंड गरीब और बेसहारा लोगों की परीक्षा ले रही थी उसी वक्त बारा विधानसभा क्षेत्र में जनसेवा की एक ऐसी तस्वीर उभरी जिसने राजनीति को संवेदना से जोड़ दिया।बारा विधायक डॉ. वॉचस्पति ने गौहनिया स्थित एम.वी.कॉन्वेंट स्कूल परिसर में आयोजित विशाल कार्यक्रम के दौरान 800 से अधिक असहाय निर्धन और बुजुर्ग नागरिकों को कम्बल वितरित कर उन्हें ठंड से राहत प्रदान की।यह आयोजन केवल सहायता वितरण नही बल्कि मानवता करुणा और जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी का जीवंत उदाहरण बन गया।कम्बल पाकर बुजुर्गो के चेहरो पर लौटी मुस्कान और गरीबों की आंखो में झलकी राहत ने पूरे माहौल को भावुक कर दिया।लोगों ने विधायक डॉ. वाचस्पति को दुआएं दी और कहा कि जब जनप्रतिनिधि ऐसा हो तो जनता खुद को सुरक्षित महसूस करती है। कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए विधायक डॉ.वाचस्पति ने कहा राजनीति का उद्देश्य केवल सत्ता नही बल्कि समाज के कमजोर तबके की सेवा है। जब तक अंतिम व्यक्ति तक राहत नही पहुंचेगी तब तक मेरा संघर्ष जारी रहेगा।उनके इन शब्दो ने कार्यक्रम को जनभावना से जोड़ दिया।इस अवसर पर पत्रकारो को सम्मानित कर विधायक ने लोकतंत्र के चौथे स्तम्भ के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। उन्होने कहा कि पत्रकार समाज की सच्ची तस्वीर सामने लाने का काम करते है और लोकतंत्र की रीढ़ है।पत्रकारो के सम्मान से कार्यक्रम की गरिमा और बढ़ गई।कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी बारा प्रेरणा गौतम एसीपी बारा निकिता श्रीवास्तव रेड विभाग से एक्सियन एसपी मिश्रा एई मनोज श्रीवास्तव जेई हीरा लाल जेई के के मौर्या पी डब्ल्यू डी विभाग से एई कृपा शंकर श्रीवास्तव जेई अरविन्द जेई अमर पाल सहित कई प्रशासनिक अधिकारी जनप्रतिनिधि समाजसेवी और क्षेत्र के सैकड़ो लोग मौजूद रहे। प्रशासनिक अधिकारियो ने भी इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।स्थानीय लोगों का कहना है कि विधायक डॉ.वाचस्पति लगातार क्षेत्र में जनहित सेवा और विकास को प्राथमिकता दे रहे है।यह आयोजन इस बात का प्रमाण है कि बारा विधान सभा में राजनीति सिर्फ भाषणो तक सीमित नही बल्कि ज़मीन पर दिखाई दे रही है।यह कार्यक्रम न सिर्फ जरूरतमन्दो के लिए राहत बना बल्कि आने वाले समय के लिए यह संदेश भी दे गया कि जब नेतृत्व संवेदनशील हो तो समाज खुद मजबूत बनता है।

साइबर ठगी के खिलाफ यूपी पुलिस की बड़ी पहल,नाना पाटेकर अभिनीत जागरूकता लघु फिल्म तैयार
लखनऊ। साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल ठगी से बचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश पुलिस ने एक विशेष जागरूकता लघु फिल्म का निर्माण किया है। इस फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेता नाना पाटेकर मुख्य भूमिका में नजर आ रहे हैं। यह पहल मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साइबर अपराध रोकथाम संबंधी निर्देशों के क्रम में की गई है।
एक लाख लोगों को साइबर अपराध के प्रति किया जागरूक
पुलिस महानिदेशक यूपी राजीव कृष्ण ने साइबर अपराध की रोकथाम और जन-जागरूकता को अपनी शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल किया है। उनके मार्गदर्शन में प्रदेशभर में साइबर सुरक्षा को लेकर निरंतर अभियान चलाए जा रहे हैं। डीजीपी स्वयं 11 परिक्षेत्र स्तरीय साइबर जागरूकता कार्यशालाओं में ऑनलाइन शामिल होकर 25 से अधिक जनपदों के एक लाख से ज्यादा लोगों को साइबर अपराध के नए तरीकों और उनसे बचाव के उपायों की जानकारी दे चुके हैं।
फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित
इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस द्वारा तैयार यह लघु फिल्म हाल ही में कानपुर में सामने आई एक सच्ची घटना पर आधारित है, जहां एक सतर्क नागरिक ने “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर की जा रही साइबर ठगी की कोशिश को अपनी सूझबूझ से नाकाम कर दिया था।फिल्म में नाना पाटेकर ने जागरूक नागरिक की भूमिका निभाई है, जबकि उनकी पत्नी के किरदार में अभिनेत्री लीना शर्मा नजर आई हैं। साइबर ठग बने फर्जी इंस्पेक्टर की भूमिका अभिनेता किशोर सोनी ने निभाई है, वहीं असली पुलिस अधिकारी के रूप में अभिनेता आदिल ईरानी दिखाई देते हैं।
“डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती
इस फिल्म का निर्देशन मशहूर निर्देशक राज शांडिल्य ने किया है, जो ड्रीम गर्ल और ड्रीम गर्ल-2 जैसी सफल फिल्मों के लिए जाने जाते हैं।लघु फिल्म के माध्यम से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि “डिजिटल अरेस्ट” नाम की कोई वैधानिक प्रक्रिया नहीं होती और किसी भी प्रकार की धमकी भरी कॉल, वीडियो कॉल या ऑनलाइन पैसों की मांग साइबर ठगी का संकेत हो सकती है।उत्तर प्रदेश पुलिस की यह पहल नागरिकों को सतर्क, जागरूक और डिजिटल रूप से सुरक्षित बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है। यह साइबर जागरूकता लघु फिल्म उत्तर प्रदेश पुलिस के सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रसारित की जा रही है।
उत्तर प्रदेश में बिजली कनेक्शन लेना हुआ बेहद आसान, स्मार्ट मीटर और शुल्क में बड़ी राहत

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत भरी खबर है। अब नया बिजली कनेक्शन लेना न सिर्फ आसान होगा, बल्कि पहले की तुलना में काफी सस्ता भी पड़ेगा। उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग ने नई कॉस्ट डाटा बुक-2025 जारी कर दी है, जिसके तहत स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमतों में भारी कटौती की गई है और कनेक्शन प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है।

नई व्यवस्था के तहत सिंगल फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कीमत 6016 रुपये से घटाकर मात्र 2800 रुपये कर दी गई है। वहीं, थ्री फेज स्मार्ट प्रीपेड मीटर अब 11342 रुपये की जगह सिर्फ 4100 रुपये में उपलब्ध होगा। इसके साथ ही आयोग ने उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए नए बिजली कनेक्शन के लिए एस्टीमेट बनाने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त कर दिया है।अब 300 मीटर तक की दूरी और 150 किलोवाट तक के लोड (निजी नलकूप को छोड़कर) पर फिक्स शुल्क के आधार पर कनेक्शन मिलेगा। यानी खंभा, तार और ट्रांसफार्मर के नाम पर अलग-अलग रकम वसूलने की प्रक्रिया खत्म हो गई है।

नई दरों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता 2 किलोवाट का कनेक्शन 100 मीटर दूरी तक लेता है, तो उसे 5500 रुपये एकमुश्त जमा करने होंगे। वहीं 300 मीटर दूरी के लिए यह शुल्क 7555 रुपये तय किया गया है। पहले इसी कनेक्शन के लिए उपभोक्ताओं से 10 से 20 हजार रुपये तक वसूले जाते थे। विद्युत नियामक आयोग के सचिव सुमित अग्रवाल ने बताया कि बिजली कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि 12 जनवरी 2026 तक सॉफ्टवेयर में आवश्यक बदलाव कर नई दरों को लागू किया जाए, ताकि उपभोक्ताओं से अतिरिक्त वसूली न हो।

पहले से मीटर लगवा चुके उपभोक्ताओं को भी राहत

आयोग ने यह भी संकेत दिए हैं कि जिन उपभोक्ताओं ने 9 सितंबर 2025 के बाद स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए पुरानी दरों पर भुगतान किया है, उन्हें धनवापसी या समायोजन का विकल्प दिया जा सकता है।

बीपीएल उपभोक्ताओं के लिए विशेष छूट

नई कॉस्ट डाटा बुक में गरीब और बीपीएल उपभोक्ताओं को खास राहत दी गई है। उनके लिए प्रोसेसिंग फीस और सुरक्षा जमा राशि पूरी तरह माफ कर दी गई है। 100 मीटर दूरी तक केवल 500 रुपये जमा कर कनेक्शन दिया जाएगा, जबकि शेष राशि 12 महीनों में 45 रुपये की मासिक किस्तों में बिजली बिल के साथ वसूली जाएगी।

बीपीएल उपभोक्ताओं को सिंगल फेज मीटर की कीमत भी किस्तों में जमा करने की सुविधा मिलेगी। आवेदन के समय 1000 रुपये देने के बाद कनेक्शन जारी कर दिया जाएगा और बाकी रकम 24 मासिक किस्तों में जमा की जा सकेगी।

नई कॉलोनियों और बहुमंजिला इमारतों को भी राहत

नई व्यवस्था के तहत अविकसित और गैर-विद्युतीकृत कॉलोनियों में रहने वाले लोगों से अब केवल मीटरिंग शुल्क लिया जाएगा। बुनियादी ढांचे के नाम पर अलग से कोई शुल्क नहीं देना होगा। बहुमंजिला भवनों में मल्टी-पॉइंट कनेक्शन के लिए भी यही नियम लागू होगा।

इसके अलावा, 11 केवी वोल्टेज पर जारी होने वाले लोड की सीमा को 3 एमवीए से बढ़ाकर 4 एमवीए कर दिया गया है। एडवांस्ड मीटरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (AMI) से जुड़ी लागत भी नए उपभोक्ताओं से नहीं ली जाएगी, क्योंकि इसका खर्च आरडीएसएस योजना के तहत पहले से तय है।

दो साल तक लागू रहेगी नई कॉस्ट डाटा बुक

उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग द्वारा जारी की गई कॉस्ट डाटा बुक-2025 अगले दो वर्षों तक प्रभावी रहेगी। इसमें प्रोसेसिंग शुल्क, सुरक्षा जमा, सप्लाई चार्ज, सामग्री लागत और स्मार्ट मीटर की दरें तय की गई हैं। इससे पहले वर्ष 2019 में कॉस्ट डाटा बुक में संशोधन किया गया था।
हमारा आंगन-हमारे बच्चे उत्सव का भव्य एवं दिव्य आयोजन सम्पन्न

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत विकास खण्ड मेजा के पौसिया स्थित विष्णु वाटिका गेस्ट हाउस में शिक्षा विभाग द्वारा हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव का भव्य आयोजन किया गया।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण के साथ हुई।कार्यक्रम में प्री-प्राइमरी शिक्षा के महत्व पर विस्तार से चर्चा करते हुए बच्चो की शिक्षा की नींव को मजबूत करने का संकल्प लिया गया।मुख्य अतिथि सहायक पुलिस आयुक्त क्षेत्राधिकारी मेजा संत प्रकाश उपाध्याय ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो के समर्पण और सेवाभाव की सराहना की।अपने सम्बोधन में क्षेत्राधिकारी मेजा ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियो की बदलती और चुनौतीपूर्ण भूमिका पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आज के दौर में उनकी जिम्मेदारी पहले से कही अधिक बढ़ गई है। उन्होने कहा 3 से 6 वर्ष तक की आयु के बच्चे कच्ची मिट्टी के समान होते है जिन्हें सही आकार देना समाज की सबसे बड़ी सेवा है।उन्होने यह भी कहा कि बच्चो को 6 वर्ष की आयु तक पढ़ने-लिखने योग्य बनाना केवल सरकारी दायित्व नही बल्कि एक पवित्र सेवा है। शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों को भविष्य की चुनौतियो के लिए तैयार करती है।कार्यक्रम में बच्चो द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की जमकर सराहना की गई। आंगनबाड़ी केंद्र डेलॉहा की नित्या कोहडार की श्रेया सुकाठ की आंशिक और प्रतीक्षा के नृत्य प्रस्तुतियो ने उपस्थित जनसमूह से खूब तालियाँ बटोरी।एजुकेटर रुचि तिवारी मोनी कविता यादव प्रियंका विश्वकर्मा अंशु गुप्ता सृष्टि पाण्डेय और प्रियम्बदा विश्वकर्मा ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम कोऊ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा प्रदान की।विशिष्ट अतिथि शिक्षक संघ के अध्यक्ष मनीष तिवारी ने कहा कि हमारा आंगन हमारे बच्चे उत्सव का उद्देश्य बच्चों के रचनात्मक और कलात्मक कौशल को विकसित करना है। जिससे वे सीखने की मुख्य धारा से जुड़े रहे और कक्षा एक में प्रवेश के समय उन्हे अक्षरो एवं संख्याओं का बुनियादी ज्ञान प्राप्त हो।कार्यक्रम का संचालन बी.के.मिश्र ने किया।स्वागत रोहित तिवारी द्वारा किया गया।जबकि आभार प्रदर्शन एआरपी प्रवीण दुबे एवं विकास यादव ने किया।इस अवसर पर सूर्यबली कमला शंकर यादव राजकुमार बृजेश सिंह मुकेश तिवारी रजनीश मिश्र कैलाश नाथ राजेश पाल मीरा सिंह शिवानी पाण्डेय मांडवी दुबे रीना देवी सुनील मौर्य विनय दुबे

पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम का मिजाज, यूपी में ठंड-कुहासे से राहत के संकेत, तराई इलाकों में बारिश की संभावना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जारी कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बीच मौसम में बदलाव के संकेत मिलने लगे हैं। पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से प्रदेश में तापमान में गिरावट का सिलसिला अब थमने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से दिन और रात के तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे शीत दिवस और भीषण ठंड से कुछ राहत मिल सकती है।
तराई क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिलेगा
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि आगामी चार दिनों के दौरान प्रदेश में दिन के तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस और रात के तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। वहीं पहली जनवरी को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के तराई क्षेत्रों में मौसम का असर देखने को मिलेगा। सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर सहित पश्चिमी यूपी के करीब 17 जिलों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है।
घने कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया
हालांकि राहत से पहले सावधानी जरूरी है। बुधवार के लिए प्रदेश के 37 जिलों में घने कोहरे को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके साथ ही 17 जिलों में दिन के तापमान में असामान्य गिरावट को देखते हुए शीत दिवस की चेतावनी भी दी गई है। बीते मंगलवार को कानपुर में न्यूनतम तापमान 4.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ठंडी रात रही।घने कोहरे का असर जनजीवन पर साफ दिखाई दिया। प्रयागराज, आगरा, गाजियाबाद और सहारनपुर में दृश्यता शून्य तक पहुंच गई, जबकि हमीरपुर में दृश्यता महज 20 मीटर और अमेठी, अलीगढ़, झांसी तथा फतेहपुर जैसे जिलों में 50 मीटर के आसपास दर्ज की गई।
अगले चार दिनों तक मौसम में सुधार के संकेत
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार, सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बुधवार के बाद कोहरे की तीव्रता में कमी आएगी और दिन चढ़ने के साथ हल्की धूप निकलने लगेगी। इससे शीत दिवस जैसी परिस्थितियों से धीरे-धीरे राहत मिलने की संभावना है। अगले चार दिनों तक मौसम में सुधार के संकेत हैं।राजधानी लखनऊ में भीषण ठंड के बीच अब राहत की उम्मीद जताई जा रही है। मौसम विभाग के अनुसार, बुधवार से दिन और रात के तापमान में आंशिक बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। सुबह और शाम को कोहरा बना रहेगा, लेकिन दोपहर में धूप निकलने से ठंड का असर कुछ कम होगा।
दृश्यता घटकर करीब 150 मीटर तक सिमट गई थी
मंगलवार को लखनऊ में सुबह के समय दृश्यता घटकर करीब 150 मीटर तक सिमट गई थी। दिन के समय ठंडी पछुआ हवाएं चलती रहीं, हालांकि दोपहर में धूप निकलने से लोगों को थोड़ी राहत मिली। राजधानी में अधिकतम तापमान 18.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.6 डिग्री कम रहा, जबकि न्यूनतम तापमान गिरकर 7.1 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया।मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में भी सुबह-शाम सतर्कता बरतने की सलाह दी है, खासकर वाहन चालकों को कोहरे के दौरान विशेष सावधानी रखने को कहा गया है।
अवैध शराब तस्करी की रोकथाम अभियान में 01नफर अभियुक्त को जी आर पी ने किया गिरफ्तार

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी पुलिस अधीक्षक रेलवे प्रशान्त वर्मा के द्वारा रेलवे स्टेशन सर्कुलेटिंग एरिया ट्रेनो में अपराध नियंत्रण एवं अपराधियो की गिरफ्तारी व अवैध शराब की तस्करी की रोकथाम व बरामदगी के दृष्टिगत चलाये जा रहे अभियान के क्रम में पुलिस उपाधीक्षक रेलवे प्रयागराज अरुण कुमार पाठक के पर्वेक्षण में थाना प्रभारी अखिलेश कुमार यादव थाना जीआरपी मिर्जापुर के कुशल निर्देशन में थाना जीआरपी मिर्जापुर के उ0नि0 राकेश कुमार व आर पीएफ एसआई अखिलेश राय मय हमराह कर्मचारीगण के संयुक्त पुलिस टीम द्वारा दिनांक 30.12.2025 को रेलवे स्टेशन मिर्जापुर के पीएफ 02/03 प्रयागराज छोर रेलवे बोर्ड के पास वहद थाना जीआरपी मिर्जापुर से01 नफर शराब तस्कर को समय करीब 13.25 बजे नाजायज अंग्रेजी शराब के साथ गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना स्थानीय पर उक्त गिरफ्तार अभियुक्त के विरुद्ध मु0अ0सं0 237/25 धारा 60 आबकारी अधिनियम पंजीकृत कर अग्रिम वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

अभियुक्त–बंटी उर्फ मोटी कुमार पुत्र क्रांति कुमार निवासी पैठानी नत्थूपुर थाना बेऊर जनपद पटना बिहार उम्र 18 वर्ष है अभियुक्त के कब्जे से एक अदद भूरे रंग के पिट्ठू बैग से 07 अदद ओल्डमंक रम 750 MLअग्रेजी शराब शराब बरामद होना।कुल लगभग– 5.250 लीटर नाजायज अंग्रेजी शराब बयालीस सौ रूपये- (4200/-रु0)के साथ गिरफ्तार किया गया।

अपनी भारी-भरकम कद-काठी के लिए मशहूर हुए भारतीय राजनेता - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)
लखनऊ । भारतीय राजनीति एक ऐसा जीवंत और विशाल रंगमंच है जहां नेता का व्यक्तित्व हर कोण से परखा जाता है। यहां कद-काठी का अर्थ केवल शारीरिक वजन या भारी-भरकम बनावट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह विश्वसनीयता और जनता के साथ गहरे जुड़ाव का प्रतीक बन जाता है। भारतीय लोकतंत्र की गौरवशाली परंपरा में ऐसे कई कद्द्वार नेता हुए जिनकी मजबूत शारीरिक संरचना उनके वैचारिक दृढ़ता, राजनीतिक दूरदर्शिता और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पण का जीवंत उदाहरण बन गई है। ये नेता केवल अपनी भारी कद-काठी के लिए नहीं, बल्कि जनकल्याणकारी नीतियों, विकास की नई राहें प्रशस्त करने और आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत नींव रखने के लिए भी जाने जाते हैं। इस सूची में नितिन गडकरी, शरद पवार, प्रकाश सिंह बादल, एच.डी. देवे गौड़ा, ओम प्रकाश चौटाला, भूपिंदर सिंह हुड्डा, अटल बिहारी वाजपेयी, अमित शाह और एम. वेंकैया नायडू जैसे बड़े व प्रभावी नाम शामिल हैं।
इस कड़ी में महाराष्ट्र की राजनीति के निर्विवाद शिखर पुरुष शरद पवार अपनी भारी-भरकम कद-काठी और अप्रतिम राजनीतिक सूझबूझ के लिए सदैव चर्चित रहे हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के संस्थापक पवार साहब ने सहकारिता आंदोलन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाकर लाखों किसानों और ग्रामीणों की जिंदगी बदली। उनकी जोशीली शैली, मजबूत उपस्थिति और जनता से सीधा संवाद उन्हें राष्ट्रीय राजनीति का अटल स्तंभ बनाता है। वहीं केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी भारतीय राजनीति के उन दुर्लभ दिग्गजों में शुमार हैं जिनकी भारी-भरकम कद-काठी उनके अटूट संकल्प और दूरदर्शी नेतृत्व को प्रदर्शित करती है। गडकरी ने इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में ऐसी अभूतपूर्व क्रांति ला दी है कि आज भारत विश्व के सबसे विस्तृत और आधुनिक हाईवे नेटवर्क वाले देशों की श्रेणी में आता है। उनकी गंभीर आवाज और मंच पर दमदार उपस्थिति एक अनुभवी, विश्वसनीय और कर्मठ नेता की छवि प्रस्तुत करती है। बायोफ्यूल, इलेक्ट्रिक व्हीकल और वैकल्पिक ऊर्जा पर उनका जोर भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर है।
पंजाब की राजनीति के पितामह प्रकाश सिंह बादल की भारी-भरकम कद-काठी और स्थिर व्यक्तित्व ने उन्हें राज्य का सबसे प्रिय नेता बनाया। शिरोमणि अकाली दल के संरक्षक और पंजाब के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे बादल साहब ने राज्य को आतंकवाद के अंधेरे दौर से निकालकर विकास की रोशनी दी। किसान अधिकार, पंजाबियत की रक्षा, ग्रामीण विकास और धार्मिक स्थलों का संरक्षण उनके कार्यकाल की अमिट निशानियां हैं। वहीं पूर्व प्रधानमंत्री एच.डी. देवे गौड़ा की भारी कद-काठी और शांत स्वभाव उन्हें भारतीय राजनीति का एक अनुपम राजनेता की छवि प्रदान करता है। उनकी मजबूत उपस्थिति ग्रामीण भारत की आवाज को राष्ट्रीय मंच पर बल प्रदान करती थी। सादगी और जनता से जुड़ाव उनकी राजनीति की पहचान है। 
हरियाणा की राजनीति में ओम प्रकाश चौटाला की भारी-भरकम कद-काठी और स्पष्टवादी अंदाज ने उन्हें एक मजबूत जननेता बनाया। इंडियन नेशनल लोक दल के नेता चौटाला ने कई बार मुख्यमंत्री रहते शिक्षा, किसान कल्याण और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर दिया। उनका जनता से सीधा संवाद और दृढ़ निर्णय क्षमता उनकी सबसे बड़ी पूंजी रही। परिवार की लंबी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाते हुए उन्होंने राज्य को नई दिशा दी। जबकि भूपिंदर सिंह हुड्डा हरियाणा के उन कद्दावर नेताओं में हैं जिनकी मजबूत बनावट और दूरदर्शी नेतृत्व ने राज्य को औद्योगिक एवं कृषि दोनों क्षेत्रों में आगे बढ़ाया। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा ने गुड़गांव को साइबर हब बनाने और किसान कल्याण योजनाओं से हरियाणा को नई पहचान दी। 
भारतीय राजनीति के काव्यकार और युगद्रष्टा अटल बिहारी वाजपेयी की भारी कद-काठी और करिश्माई व्यक्तित्व आज भी करोड़ों दिलों में जीवित है। तीन बार प्रधानमंत्री रहे वाजपेयी जी ने पोखरण परमाणु परीक्षण, स्वर्णिम चतुर्भुज, दूरसंचार क्रांति और विदेश नीति में ऐतिहासिक कदम उठाए। उनकी ओजस्वी वाणी और सहज उपस्थिति विपक्ष को भी सम्मोहित करती थी। वाजपेयी जी ने साबित किया कि मजबूत व्यक्तित्व विचारों की गहराई से और अमर होता है। वहीं वर्तमान केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की मजबूत बनावट और संगठनात्मक प्रतिभा उन्हें आधुनिक राजनीति का सबसे शक्तिशाली चेहरा बनाती है। भाजपा को राष्ट्रीय अजेय शक्ति बनाने वाले शाह ने अनुच्छेद 370, तीन तलाक उन्मूलन और सीएए जैसे साहसिक निर्णय लिए। उनकी दमदार उपस्थिति स्थिरता और दृढ़ता का प्रतीक है। इनके अतिरिक्त पूर्व उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू दक्षिण भारत की राजनीति के मजबूत आधार हैं। संसदीय कार्य, शहरी एवं ग्रामीण विकास में उनका योगदान अविस्मरणीय है।
पेसा नियमावली को लेकर राज्य सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास का हमला।

भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने राज्य सरकार द्वारा बनाई गई पेसा (पंचायत विस्तार अनुसूचित क्षेत्र) अधिनियम की नियमावली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से तैयार की गई यह नियमावली पेसा अधिनियम, 1996 के मूल प्रावधानों और भावना के बिल्कुल विपरीत है।

श्री दास ने कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित जानकारी के अनुसार सरकार ने ग्राम सभा की परिभाषा में परंपरागत जनजातीय व्यवस्था और रूढ़िगत नेतृत्व को सीमित कर दिया है। जबकि अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की परिकल्पना परंपरागत रीति-रिवाजों और सामाजिक संरचना के अनुरूप की गई है। उन्होंने विभिन्न जनजातीय समुदायों की परंपरागत ग्राम नेतृत्व व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि संथाल समुदाय में मांझी-परगना, हो समुदाय में मुंडा-मानकी-दिउरी, खड़िया समुदाय में ढोकलो-सोहोर, मुंडा समुदाय में हातु मुंडा, पड़हा राजा, पाहन, उरांव समुदाय में महतो, पड़हावेल (राजा), पाहन तथा भूमिज समुदाय में मुंडा, सरदार, नापा और डाकुआ जैसे पारंपरिक पदों को सदियों से मान्यता प्राप्त है।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पेसा अधिनियम 1996 की धारा 4(क), 4(ख), 4(ग) और 4(घ) में स्पष्ट रूप से यह प्रावधान है कि ग्राम सभा का गठन, संचालन और प्रतिनिधित्व जनजातीय समुदायों की परंपराओं, रूढ़ियों, सामाजिक-धार्मिक प्रथाओं और संसाधनों के पारंपरिक प्रबंधन के अनुरूप होगा। लेकिन राज्य सरकार द्वारा बनाई गई नियमावली में इन प्रावधानों को नजरअंदाज कर दिया गया है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या नई नियमावली के तहत ग्राम सभा की अध्यक्षता ऐसे लोगों को दी जाएगी जो परंपरागत जनजातीय व्यवस्था से नहीं आते या जो संबंधित समुदाय और परंपरा से भिन्न पृष्ठभूमि रखते हैं। इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है, जो गंभीर चिंता का विषय है।

श्री दास ने कहा कि पेसा कानून के तहत ग्राम सभा को लघु खनिजों, बालू घाटों, वन उत्पादों और जल स्रोतों जैसे सामूहिक संसाधनों पर पूर्ण प्रबंधन और नियंत्रण का अधिकार दिया गया है। उन्होंने पूछा कि क्या वास्तव में इन संसाधनों पर ग्राम सभा को अधिकार मिलेगा या फिर सरकार का नियंत्रण पूर्व की भांति बना रहेगा।

प्रेस वार्ता के अंत में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार कैबिनेट स्तर पर नियमावली बनाकर आदिवासी समाज को केवल “लॉलीपॉप” दिखाने और उनकी आंखों में धूल झोंकने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पेसा कानून का उद्देश्य आदिवासी रूढ़िवादी व्यवस्था को समाप्त करना नहीं, बल्कि उसे कानूनी संरक्षण देकर और अधिक सशक्त बनाना है, ताकि आदिवासी समुदाय अपनी सांस्कृतिक पहचान, पारंपरिक न्याय प्रणाली और प्राकृतिक संसाधनों पर अपना अधिकार बनाए रख सकें।

उन्होंने राज्य की जनता के भावना के अनुरूप राज्य सरकार से जल्द पेसा की नियमावली को जारी करने की मांग किया।

इस प्रेस वार्ता में पूर्व विधायक रामकुमार पाहन, योगेन्द्र प्रताप सिंह, अशोक बड़ाईक एवं रवि मुंडा भी उपस्थित थे।

आजमगढ़:-श्रीराम अध्यक्ष , सुबास  मंत्री एवं कोषाध्यक्ष बने हृदय शंकर, एकतरफा जीते अध्यक्ष और मंत्री, कोषाध्यक्ष पद पर रहा कांटे का मुकाबला


वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।  फूलपुर तहसील बार एसोशिएसन के चुनाव में अध्यक्ष एवं पद के लिए मंगलवार को हुए मतदान के बाद हुई मतगणना में अध्यक्ष पद पर श्री राम यादव, मंत्री पद पर सुबास यादव एवं कोषाध्यक्ष पद पर ह्रदय शंकर मिश्रा ने बाजी मारी। श्रीराम यादव 5वीं बार बार के अध्यक्ष बने हैं। अध्यक्ष पद के चुनाव में श्री राम यादव को कुल 74 मत प्राप्त हुए। वहीं निकटतम प्रतिद्वंद्वी लाल चन्द यादव को 36 मत मिले। इस प्रकार श्रीराम यादव 38 मत से अध्यक्ष पद का चुनाव जीत गए। वहीं मंत्री पद पर सुबास यादव को 86 मत मिले जबकि निकटतम प्रतिद्वंद्वी बृज लाल को 12 मत ही मिले। सुबास यादव 74 मत से विजयी हुए । कोषाध्यक्ष पद के लिए हृदय शंकर मिश्रा को 60 मत और निकटतम प्रतिद्वंदी सतीराम यादव 56 मत मिले । हृदय शंकर मिश्रा ने 4 मत से विजय हासिल किया। अध्यक्ष और मंत्री पद पर एकतरफा जीत हुई है। जबकि कोषाध्यक्ष पद पर कांटे की टक्कर रही। उधर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल पाण्डेय ,कनिष्ठ उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार यादव और उपमंत्री जानिसार अब्बास , पुस्तकालय मंत्री रामानंद यादव निर्विरोध चुने गए । कार्यवाहक एल्डर कमेटी के चेयरमैन एवं चुनाव अधिकारी इंदुशेखर पाठक ,सदस्य इश्तियाक अहमद ,अब्दुल अहद ,जिलेदार सिंह यादव के देखरेख में चुनाव सम्पन्न हुआ । विजयी प्रत्याशियों की घोषणा एल्डर कमेटी के अध्यक्ष इंदुशेखर पाठक ने किया । नव निर्वाचित अध्यक्ष श्री राम यादव और महामन्त्री सुबास यादव ने कहा कि अधिवक्ता का हित सर्वोपरि होगा ,अधिवक्ता साथियों के सम्मान किया जाएगा । बार और बेंच के गरिमा का सामंजस्य रहेगा । वादकारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट आपसी सामंजस्य से चलाया जाएगा । इस अवसर पर कमलेश कुमार, इंद्रेश कुमार, महेंद्र यादव, पूर्व अध्यक्ष रामनरायन यादव, बिनोद यादव ,संजय यादव ,ओम प्रकाश चौहान ,राजकुमार प्रजापति, जलालुद्दीन, अंगद यादव,बिजय सिंह, देवीशरण पांडेय,, इकबाल अहमद , शमीम काजिम ,बृजेश कुमार ,श्रीनाथ सिंह, फूलचंद यादव, नितिन सिंह, विजय सिंह,जगजीवन चौहान , प्रदीप सिंह ,मुमताज मंसूरी आदि रहे।
दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है योगी सरकार: नरेन्द्र कश्यप

* दिव्यांग विश्वविद्यालयों में छात्र संख्या बढ़ाने, शिक्षकों की नियुक्ति और निर्माण कार्य समय पर पूरे कराने के निर्देश



लखनऊ। प्रदेश के पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग के सर्वांगीण सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। सरकार की नीतियां संवेदनशील, ठोस और परिणामोन्मुखी हैं, जिनका उद्देश्य समाज के अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।

विभागीय समीक्षा बैठक में मंत्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पारदर्शी, समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचाया जाए। उन्होंने डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ तथा जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय, चित्रकूट की समीक्षा करते हुए कहा कि ये दोनों संस्थान दिव्यांगजनों के लिए उच्च शिक्षा के प्रमुख केंद्र हैं। उन्होंने मंडल स्तर पर कार्यशालाओं, जागरूकता कार्यक्रमों और प्रचार-प्रसार के माध्यम से विश्वविद्यालयों की शैक्षणिक सुविधाओं और पाठ्यक्रमों की जानकारी दिव्यांगजनों तक पहुंचाने के निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक छात्र-छात्राएं उच्च शिक्षा से जुड़ सकें।

मंत्री ने विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों पर शिक्षकों की नियुक्ति शीघ्र पूरी करने तथा परिसरों में चल रहे निर्माण कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराने के भी निर्देश दिए।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता तभी मानी जाएगी जब उसका सीधा लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। अधिकारियों ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में शादी अनुदान योजना के तहत 72,690 लाभार्थियों को लाभ दिया जा चुका है, जबकि छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत 12,76,303 विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना में 299 संस्थाओं को 25,588 ‘ओ’ लेवल और 9,304 ‘सीसीसी’ प्रशिक्षणार्थियों का लक्ष्य आवंटित किया गया है।

दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की समीक्षा में बताया गया कि वर्तमान में 11,88,425 दिव्यांगजनों को दिव्यांग पेंशन तथा 13,357 लाभार्थियों को कुष्ठावस्था पेंशन दी जा रही है। निःशुल्क बस यात्रा योजना के तहत वित्तीय वर्ष में अब तक 16,97,319 दिव्यांगजन एवं उनके सहयोगियों ने राज्य परिवहन की बस सेवाओं का लाभ उठाया है। मंत्री ने राज्य निधि के संवेदनशील और जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने बताया कि लखनऊ में 7 दिवसीय राज्य स्तरीय दिव्यांग खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इसके अलावा प्रयागराज और ललितपुर में राष्ट्रीय कार्यशालाएं तथा प्रयागराज, प्रतापगढ़, कानपुर नगर, गोरखपुर, वाराणसी और बागपत में चित्रकला व हस्तकला प्रदर्शनी एवं कार्यशालाओं के माध्यम से दिव्यांग प्रतिभाओं को मंच दिया जाएगा।

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने कहा कि योगी सरकार का लक्ष्य दिव्यांगजन और पिछड़ा वर्ग को केवल सहायता देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और सम्मानपूर्ण जीवन जीने के लिए सक्षम बनाना है। शिक्षा, कौशल विकास, रोजगार और सामाजिक सहभागिता के हर क्षेत्र में सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।