27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता में बलिया ने सिवान को 64 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई
संजीव सिंह बलिया! नगरा: ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज ग्राउंड पर खेला गया 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता का पहला सेमीफाइनल मैच बलिया और सिवान के बीच रोमांचक रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बलिया 17.5 ओवरों में 235 रनों पर आलआउट हो गई। बलिया की ओर से ऋतुराज ने 11 गेंदों पर 50 रन (6 छक्के, 3 चौके) की विस्फोटक पारी खेली, जबकि गुर्मान ने 24 गेंदों पर 50 रनों का योगदान दिया (4 छक्के, 5 चौके)। सिवान की ओर से जफर इमाम ने 4 विकेट लिए, वहीं फैजल और मितिश को क्रमशः 1-2 विकेट मिले।निर्धारित 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए सिवान 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 171 रन ही बना सकी। सिवान की ओर से आशीब ने 23 गेंदों पर 33 रन और फरान ने 19 गेंदों पर 27 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। बलिया की ओर से दीपक पांडेय ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जबकि मंदार ने 2 विकेट लिए।64 रनों से जीत दर्ज कर बलिया ने लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार सर्वसम्मति से दीपक पांडेय (25 रन + 5 विकेट) को दिया गया, जिसे इंटर कॉलेज प्रबंधक मनीष सिंह ने प्रदान किया। हिटिक चौके के लिए विशाल सिंह को 501 रुपये समेत अन्य पुरस्कार मिले।मैच के आज उम्पायर हीरालाल और राजीव सिंह रहे। कमेंटेटर राजेश सिंह, विपिन और चंद्रशेखर सिंह ने जिम्मेदारी निभाई, जबकि स्कोरिंग सुनील और सत्यम ने संभाली। पांडाल में मनोज सिंह, उमाशंकर राम (नगरा चेयरमैन प्रतिनिधि), सभासद लाल बहादुर सिंह( चचया )प्रदीप सिंह (मुकेश), मुकेश सिंह, आलोक सिंह, टीपू सिंह,नवतेज सिंह समेत कमेटी के सभी सदस्य व अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
झारखंड नगर निकाय चुनाव की घोषणा: 23 फरवरी को मतदान, 27 को मतगणना, आचारसंहिता लागू

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रांची। राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने आखिरकार नगर निगम (नगरपालिका) आम चुनाव 2026 की औपचारिक घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार नगर निगम चुनाव निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न होंगे। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने जा रही है।

जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 5 फरवरी को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तय की गई है। इसके बाद 7 फरवरी को उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रतीक आवंटित किए जाएंगे।

सबसे अहम चरण — मतदान — आयोग ने 23 फरवरी 2026 (सोमवार)को निर्धारित किया है। इस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

वहीं, मतगणना की तिथि भी तय कर दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि नगर निगम की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर तैयारी शुरू करने को कहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और समय पर पूरी हो सके।

बाइट,, अलका तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त

सोनभद्र: चोपन में सोन नदी किनारे मिला युवक का सड़ा-गला शव, जांच में जुटी पुलिस विकास कुमार

सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोन नदी में सोमवार देर शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नदी किनारे शव को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना चोपन पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, हालांकि शव की हालत काफी खराब होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, मृतक युवक की आयु लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। शव काफी समय से पानी में रहने के कारण अत्यधिक सड़-गल गया है, जिससे मौके पर शिनाख्त संभव नहीं हो सकी। पुलिस ने प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच और कार्रवाई पुलिस अब मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है।शिनाख्त के प्रयास आसपास के सभी थानों को गुमशुदगी की रिपोर्ट के मिलान हेतु सूचना भेज दी गई है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों (डूबने या हत्या) का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है ताकि मृतक के बारे में कोई सुराग मिल सके। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।
तटबंध बनाओ समिति का ऐलान 11 फरवरी को शुरू होगी पदयात्रा

फर्रुखाबाद l तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की बैठक ग्राम खुटिया में संपन्न हुई, बैठक में आए लोगों ने तटबंध बनवाने के लिए हर संभव प्रयास करने और संघर्ष करने की घोषणा की, बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 11 फरवरी से तटबंध बनाने के लिए कढ़हर से लेकर अटेना घाट तक पदयात्रा प्रारम्भ होगी बैठक को संबोधित करते हुए तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तुरंतकहा कि अब बहुत हो चुका है काफी समय से सरकार और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया जा रहा है कि तटबंध बनवाया जाए पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।

सरकार परेशान लोगों के दुख दर्द को नहीं समझ रही है पूरा क्षेत्र प्रभावित है और तटबंध के बिना इस समस्या कोई समाधान नहीं है 11 फ़रवरी को पूरा क्षेत्र तटबंध के समर्थन में पदयात्रा में शामिल होगा, बैठक में रमेश त्रिपाठी ने कहा कि यह समस्या हम सबकी समस्या है, गांव गांव हर व्यक्ति परेशान है, पदयात्रा में हजारों की संख्या में लोग चलेंगे और तटबंध बनवा कर रहेंगे, बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान अखिलेश तिवारी ने कहा कि खुटिया से पदयात्रा प्रारम्भ की घोषणा हो रही है,तो गांव का दायित्व है  सबसे बड़ी संख्या में यहां के लोग यात्रा में शामिल हो।

बैठक को संबोधित करते हुए राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने कहा कि तटबंध के लिए पूरा जीजान से लग जाना है और पदयात्रा ऐसी होनी चाहिए कि इतिहास बन जाए हर गांव से पच्चास पचास लोग यात्रा में शामिल होंगे यह लक्ष्य तय किया गया है बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान योगेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि तटबंध हम सबके लिए जीवन रेखा साबित होगी इसके लिए सभी को लगना पड़ेगा,शासन को तटबंध बनवाना ही पड़ेगा, बैठक में राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने कहा कि तटबंध पर सारी जनता साथ है यह उत्साह और उमंग हम सबको 11 तारीख को पूरा ज्वार बनके सड़कों पर लाना है युवा जोश और अनुभवी लोग हमारी ताकत होंगे यह यात्रा ऐतिहासिक यात्रा होगी l

प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में शिव शंकर मिश्रा बड़े भाई कमला शंकर तिवारी ज्ञान स्वरूप पाठक देवनारायण त्रिवेदी बाबू अवस्थी ओम नारायण त्रिवेदी संजीव अग्निहोत्री विपिन तिवारी बृजेश मिश्र बृजेश अग्निहोत्री राम बिहारी वाजपेई शरद अग्निहोत्री अरुण मिश्रा सोनू सिंह जयवीर गौतम राजाराम बाथम रामानंद सक्सेना राजीव वर्मा अनूप प्रधान भानु सिंह सहित बहुत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे l
आजमगढ़:-एसडीएम न्यायिक का स्थानांतरण तक अधिवक्ता जताएंगे विरोध किया विरोध प्रदर्शन तहसील परिसर चक्रमण कर विरोध में अधिवक्ताओं ने की नारेबाजी
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील बार संगठन मार्टीनगंज ने मंगलवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किया अधिवक्ताओं के प्रस्ताव के बावजूद भी एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता मनमानी तरीके से अवैध रूप से कोर्ट का संचालन किया जिसके खिलाफ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए व नारेबाजी करते हुए चक्रमण कर करते हुए विरोध जताया अध्यक्ष प्रेमचंद व संचालन मंत्री अमरनाथ यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने 23 जनवरी के शोक प्रस्ताव के बावजूद भी एसडीएम न्यायिक के द्वारा मनमानी तरीके से बिना अधिवक्ताओं की बात सुने हुए कई फाइलों का जिसमें पक्ष विपक्ष की बात नहीं सुनी गई जिसे लेकर अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश दिखा जिसे लेकर मंगलवार के प्रस्ताव में अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि जब तक एसडीएम न्यायिक का स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक न्याय कार्य से दूर रहेंगे वहीं पर चक्रमण करते हुए भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन जताते हुए अपना पक्ष रखा अधिवक्ताओं का कहना है कि मनमानी तरीके से बिना न्याय संगत फैसला दे दिया जा रहा है जिसकी पैरवी अधिवक्ता नहीं बल्कि न्यायिक एसडीए स्वयं अपने आप कर रहे है जबकि अन्य अदालत में कोई विधिक कार्रवाई प्रस्ताव के बाद नहीं हो रही है फिर भी एसडीएम न्यायिक ने अपने मनमानी रवैया अपनाए रखा जिससे आक्रोश व्याप्त हुआ वहीं पर अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता के स्थानांतरण तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा इस अवसर पर रामप्रताप यादव, चंद्रभान आजाद,उमेश सिंह ,राकेश सिंह, बद्रिका प्रसाद यादव, मो,नदीम ,गुलाबचंद भारती, मांता यादव, मो, राशिद ,राजेश सिंह, राजेश यादव, सहित दर्जनों की संख्या में अधिवक्ताओं ने अपनी सहभागिता निभाई।।
बीएससी छात्रों ने लगाया कापी छीनने का आरोप, कुलपति ने दिए जांच के आदेश
*अपने कॉलेज के छात्रों को अलग बैठाकर कराया नकल

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय में बीएससी  के छात्रों ने परीक्षा के दौरान जमकर विरोध प्रदर्शन किया।छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जल्दी छीन ली गई और परीक्षा में भेदभाव व नकल कराई जा रही थी।इस पूरे मामले में कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं।छात्रों के अनुसार उनका बीएससी जन्तुविज्ञान की परीक्षा प्रात: 8.30 बजे प्रारम्भ होनी थी परन्तु उन्हें 45 मिनट विलम्ब से 9.15 प्रश्नपत्र व उत्तरपुस्तिकाएं दी गईं।वहीं परीक्षा समाप्त होने का समय 10.30 बजे था परन्तु कॉलेज प्रशासन ने 10.15 बजे ही जबरन उत्तरपुस्तिकाएं छीन लिया परिणामस्वरूप उन्हें 15 मिनट कम समय मिला।छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन अपने छात्रों को अलग कमरे में बैठा कर नकल कराता है,जबकि अन्य केंद्रों से आए हुए छात्रों को एक ही कमरे में अलग अलग बैठाने के बजाय मिलाजुला कर बैठाया जाता है।इसके अलावा, कई छात्रों को परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल फोन और गाइड ले जाने की अनुमति दी गई।छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर तरबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।घंटों चले विरोध प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला एक वीडियो में यह कहते हुए दिखाई दिये कि आज तो हम कुछ नहीं करवा पाएंगे लेकिन अगला पेपर आप लोगों का ठीक होगा।छात्रों ने मांग किया है कि उनका परीक्षा केंद्र बदला जाए क्योंकि यहां बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।वहीं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला ने बताया कि छात्रों के आरोप पूरी तरह से गलत हैं।मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और वीडियो का संज्ञान लिया गया है।जांच में जो भी निकलकर आएगा उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी और छात्रों के साथ कोई भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

जमशेदपुर पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': बिहार बॉर्डर से सुरक्षित बरामद हुए कारोबारी कैरव गांधी, 14 दिनों का सस्पेंस खत्म"

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जमशेदपुर से अपहरण किए गए कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है. जमशेदपुर पुलिस ने कैरव गांधी को हजारीबाग बिहार बॉर्डर से बरामद किया है. इसके बाद पुलिस ने कैरव को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया. अपहरणकर्ता कैरव गांधी को ट्रांजिट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया है.

शिफ्टिंग कर रहे थे अपराधी

जमशेदपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह इस वारदात के पीछे शामिल है. जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि कारोबारी कैरव गांधी को किडनैपर्स हर दिन एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस को यह इनपुट मिला कि हजारीबाग के चौपारण के आसपास बिहार वाले इलाके से कारोबारी को एक बार फिर शिफ्ट किया जा रहा है. इसी सूचना पर पुलिस की कई टीमों ने एक साथ दबिश बनाई. इस दौरान अपराधी कैरव को कार में ही छोड़कर फरार हो गए. जिसके बाद कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया और जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया.

देवांग गांधी ने पुलिस का जताया आभार

मामले को लेकर कोल्हान का सबसे बड़ा व्यवसायिक संगठन सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि जमशेदपुर पुलिस द्वारा कैरव गांधी को बरामद कर लिया गया. पुलिस ने आज सुबह साढ़े चार बजे कैरव गांधी को उसके परिजनों को सौंप दिया. देवांग गांधी ने इस पूरे मामले में सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, स्थानीय पुलिस एवं झारखंड पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है

कैरव का कब हुआ था अपहरण

बता दें कि उधमी सह ASIA के उपाध्यक्ष देवांग गांधी का पुत्र कैरव गांधी 13 जनवरी 2026 के दोपहर को लापता हो गया था. कैरव का कार सरायकेला जिला के चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के पास लावारिस अवस्था में पाया गया था. जबकि कैरव के मोबाइल का अंतिम लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में मिला था. उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ पाया गया था. पुलिस ने छापेमारी करते हुए कैरव को सकुशल बरामद कर लिया.

*सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में मनाया गया लोकतंत्र का महान् पर्व*
सुल्तानपुर,सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर में लोकतंत्र का सबसे महान पर्व गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण से किया गया। तथा भारत माता की आरती की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के पूर्व अतिथि परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक, पूर्ण संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया।26 जनवरी को ही हमारा संविधान लागू हुआ। राष्ट्र रक्षा के लिए हमें सदैव सजग रहना है। आध्यात्मिक संगठन चिन्मय मिशन की सचिव एवं जनपद के प्रतिष्ठित स्वायत्त शासी महाविद्यालय के एन आई के राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्षा मुख्य अतिथि डॉ श्रीमती रंजना सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि 76 वर्ष किसी भी राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं। तब से अब तक हमने अनेक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है।इस बीच भैया -बहनों ने देशभक्ति के गीतों पर नृत्य ,गीत तथा अभिनय करके दर्शकों को राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। जूनियर के भैया बहनों ने आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए आत्मबलिदान को तत्पर भारतीय सैनिकों के त्याग और समर्पण का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया। जिससे सबकी आंखें नम हो गईं। कक्षा 12 की बहन अंशिका मिश्रा ने हिन्दी, नवम के छात्र भैया जयवर्धन ने अंग्रेजी तथा कक्षा 8 की बहन आराध्या मिश्रा ने संस्कृत भाषण में गणतंत्र की उपादेयता पर प्रकाश डाला। भैया कुशाग्र और अनमोल श्रीवास्तव के "चिट्ठी आई है" गीत सुनकर सब भावाभिभूत हो गये। कार्यक्रम को विद्यालय के प्रबंधक डाक्टर पवन सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा तथा वरिष्ठ आचार्य एवं कार्यक्रम के संयोजक राजबहादुर शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय नगर संघ चालक अमरपाल सिंह, नगर कार्यवाह अजय सिंह, डॉ पवनेश मिश्र, डाक्टर रमेश ओझा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वरिष्ठ आचार्या सरिता पाण्डेय ने उपस्थित सम्मानित अतिथियों , आचार्य बन्धु /भगिनी, कर्मचारियों एवं प्रतिभागी भैया बहनों का आभार व्यक्त किया।
27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता के चौथे क्वार्टर फाइनल में चन्दौली ने पटना को 16.2 ओवर में धूल चटाई
संजीव सिंह बलिया! नगरा : ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज मैदान पर 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता के चौथे क्वार्टर फाइनल में चन्दौली ने पटना को रोमांचक मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।पटना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 197 रन बनाए। पटना की ओर से कृष्णा ने 36 गेंदों पर 5 चौके और 8 छक्के लगाते हुए 81 रनों की चमकदार पारी खेली। वहीं, नंदकिशोर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 5 छक्के की मदद से 51 रन जोड़े। चन्दौली की ओर से कृष्ण मुरारी ने 2 विकेट लिए, जबकि अमन को 1 सफलता मिली।197 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी चन्दौली ने 16.2 ओवरों में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कृष्ण मुरारी ने 31 गेंदों पर 47 रन, शिवांश ने 20 गेंदों पर 50 रन और अमन ने मात्र 10 गेंदों पर 31 रनों की तूफानी पारी खेली। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार कृष्ण मुरारी को सीबीएस गैस एजेंसी, रसड़ा के प्रोपराइटर संजीव सिंह (सब्लू) ने प्रदान किया। हैट्रिक चौके-छक्के का 501 रुपये का पुरस्कार पटना के नंदकिशोर और कृष्णा तथा चन्दौली के शिवांश को मिला।मैच में अंपायर रघुधन प्रसाद और हिरालाल सिंह ने भूमिका निभाई। स्कोरिंग का कार्य राजीव सिंह जुगनू और सुनिल सिंह गोलू ने किया, जबकि कमेंट्री राजेश सिंह और चंद्रशेखर सिंह ने संभाली। आयोजक मंडल के प्रमुख प्रदीप सिंह मुकेश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पंडाल में संजीव सिंह (सब्लू), अरुण पांडेय (प्रा. शिक्षक संघ चिलकहर अध्यक्ष), राजशेखर सिंह, संजीव सिंह पत्रकार, अनुज सिंह, अनिल सिंह सेंगर, आलोक सिंह, राकेश सिंह, विवेक सिंह और सभी कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।
27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता में बलिया ने सिवान को 64 रनों से हराकर लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बनाई
संजीव सिंह बलिया! नगरा: ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज ग्राउंड पर खेला गया 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता का पहला सेमीफाइनल मैच बलिया और सिवान के बीच रोमांचक रहा। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए बलिया 17.5 ओवरों में 235 रनों पर आलआउट हो गई। बलिया की ओर से ऋतुराज ने 11 गेंदों पर 50 रन (6 छक्के, 3 चौके) की विस्फोटक पारी खेली, जबकि गुर्मान ने 24 गेंदों पर 50 रनों का योगदान दिया (4 छक्के, 5 चौके)। सिवान की ओर से जफर इमाम ने 4 विकेट लिए, वहीं फैजल और मितिश को क्रमशः 1-2 विकेट मिले।निर्धारित 236 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए सिवान 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 171 रन ही बना सकी। सिवान की ओर से आशीब ने 23 गेंदों पर 33 रन और फरान ने 19 गेंदों पर 27 रनों की उपयोगी पारियां खेलीं। बलिया की ओर से दीपक पांडेय ने धारदार गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट झटके, जबकि मंदार ने 2 विकेट लिए।64 रनों से जीत दर्ज कर बलिया ने लगातार दूसरी बार फाइनल में जगह बना ली। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार सर्वसम्मति से दीपक पांडेय (25 रन + 5 विकेट) को दिया गया, जिसे इंटर कॉलेज प्रबंधक मनीष सिंह ने प्रदान किया। हिटिक चौके के लिए विशाल सिंह को 501 रुपये समेत अन्य पुरस्कार मिले।मैच के आज उम्पायर हीरालाल और राजीव सिंह रहे। कमेंटेटर राजेश सिंह, विपिन और चंद्रशेखर सिंह ने जिम्मेदारी निभाई, जबकि स्कोरिंग सुनील और सत्यम ने संभाली। पांडाल में मनोज सिंह, उमाशंकर राम (नगरा चेयरमैन प्रतिनिधि), सभासद लाल बहादुर सिंह( चचया )प्रदीप सिंह (मुकेश), मुकेश सिंह, आलोक सिंह, टीपू सिंह,नवतेज सिंह समेत कमेटी के सभी सदस्य व अन्य सम्मानित लोग उपस्थित रहे।
झारखंड नगर निकाय चुनाव की घोषणा: 23 फरवरी को मतदान, 27 को मतगणना, आचारसंहिता लागू

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रांची। राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने आखिरकार नगर निगम (नगरपालिका) आम चुनाव 2026 की औपचारिक घोषणा कर दी है। आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस बार नगर निगम चुनाव निर्धारित समय-सीमा के भीतर संपन्न होंगे। चुनाव प्रक्रिया की शुरुआत 28 जनवरी 2026 से होने जा रही है।

जारी कार्यक्रम के अनुसार नामांकन 29 जनवरी से 4 फरवरी तक दाखिल किए जा सकेंगे। नामांकन पत्रों की संवीक्षा 5 फरवरी को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 6 फरवरी तय की गई है। इसके बाद 7 फरवरी को उम्मीदवारों को निर्वाचन प्रतीक आवंटित किए जाएंगे।

सबसे अहम चरण — मतदान — आयोग ने 23 फरवरी 2026 (सोमवार)को निर्धारित किया है। इस दिन सुबह 7 बजे से शाम 5 बजे तक वोटिंग होगी। मतदान शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

वहीं, मतगणना की तिथि भी तय कर दी गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को सुबह 8 बजे से मतगणना शुरू होगी। इसी दिन यह साफ हो जाएगा कि नगर निगम की बागडोर किसके हाथ में जाएगी।

राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर तैयारी शुरू करने को कहा है, ताकि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और समय पर पूरी हो सके।

बाइट,, अलका तिवारी राज्य निर्वाचन आयुक्त

सोनभद्र: चोपन में सोन नदी किनारे मिला युवक का सड़ा-गला शव, जांच में जुटी पुलिस विकास कुमार

सोनभद्र। चोपन थाना क्षेत्र के अंतर्गत सोन नदी में सोमवार देर शाम एक अज्ञात युवक का शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। नदी किनारे शव को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत इसकी सूचना चोपन पुलिस को दी। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया, हालांकि शव की हालत काफी खराब होने के कारण उसकी पहचान करना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। पुलिस के अनुसार, मृतक युवक की आयु लगभग 30 से 35 वर्ष के बीच प्रतीत हो रही है। शव काफी समय से पानी में रहने के कारण अत्यधिक सड़-गल गया है, जिससे मौके पर शिनाख्त संभव नहीं हो सकी। पुलिस ने प्रारंभिक कानूनी कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस जांच और कार्रवाई पुलिस अब मामले की गुत्थी सुलझाने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं पर काम कर रही है।शिनाख्त के प्रयास आसपास के सभी थानों को गुमशुदगी की रिपोर्ट के मिलान हेतु सूचना भेज दी गई है पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस का कहना है कि मौत के असली कारणों (डूबने या हत्या) का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो पाएगा। पुलिस स्थानीय ग्रामीणों से भी पूछताछ कर रही है ताकि मृतक के बारे में कोई सुराग मिल सके। इस घटना के बाद से स्थानीय निवासियों में सुरक्षा को लेकर चिंता व्याप्त है, जबकि पुलिस मामले की गहनता से जांच में जुटी है।
तटबंध बनाओ समिति का ऐलान 11 फरवरी को शुरू होगी पदयात्रा

फर्रुखाबाद l तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति की बैठक ग्राम खुटिया में संपन्न हुई, बैठक में आए लोगों ने तटबंध बनवाने के लिए हर संभव प्रयास करने और संघर्ष करने की घोषणा की, बैठक में सर्वसम्मति से तय किया गया कि 11 फरवरी से तटबंध बनाने के लिए कढ़हर से लेकर अटेना घाट तक पदयात्रा प्रारम्भ होगी बैठक को संबोधित करते हुए तटबंध बनाओ जन संघर्ष समिति के अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने तुरंतकहा कि अब बहुत हो चुका है काफी समय से सरकार और जनप्रतिनिधियों से अनुरोध किया जा रहा है कि तटबंध बनवाया जाए पर कोई भी कार्यवाही नहीं हुई है।

सरकार परेशान लोगों के दुख दर्द को नहीं समझ रही है पूरा क्षेत्र प्रभावित है और तटबंध के बिना इस समस्या कोई समाधान नहीं है 11 फ़रवरी को पूरा क्षेत्र तटबंध के समर्थन में पदयात्रा में शामिल होगा, बैठक में रमेश त्रिपाठी ने कहा कि यह समस्या हम सबकी समस्या है, गांव गांव हर व्यक्ति परेशान है, पदयात्रा में हजारों की संख्या में लोग चलेंगे और तटबंध बनवा कर रहेंगे, बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व प्रधान अखिलेश तिवारी ने कहा कि खुटिया से पदयात्रा प्रारम्भ की घोषणा हो रही है,तो गांव का दायित्व है  सबसे बड़ी संख्या में यहां के लोग यात्रा में शामिल हो।

बैठक को संबोधित करते हुए राजीव प्रताप सिंह उर्फ टिल्लू ने कहा कि तटबंध के लिए पूरा जीजान से लग जाना है और पदयात्रा ऐसी होनी चाहिए कि इतिहास बन जाए हर गांव से पच्चास पचास लोग यात्रा में शामिल होंगे यह लक्ष्य तय किया गया है बैठक को संबोधित करते हुए प्रधान योगेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि तटबंध हम सबके लिए जीवन रेखा साबित होगी इसके लिए सभी को लगना पड़ेगा,शासन को तटबंध बनवाना ही पड़ेगा, बैठक में राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे ने कहा कि तटबंध पर सारी जनता साथ है यह उत्साह और उमंग हम सबको 11 तारीख को पूरा ज्वार बनके सड़कों पर लाना है युवा जोश और अनुभवी लोग हमारी ताकत होंगे यह यात्रा ऐतिहासिक यात्रा होगी l

प्रमुख रूप से उपस्थित लोगों में शिव शंकर मिश्रा बड़े भाई कमला शंकर तिवारी ज्ञान स्वरूप पाठक देवनारायण त्रिवेदी बाबू अवस्थी ओम नारायण त्रिवेदी संजीव अग्निहोत्री विपिन तिवारी बृजेश मिश्र बृजेश अग्निहोत्री राम बिहारी वाजपेई शरद अग्निहोत्री अरुण मिश्रा सोनू सिंह जयवीर गौतम राजाराम बाथम रामानंद सक्सेना राजीव वर्मा अनूप प्रधान भानु सिंह सहित बहुत बड़ी संख्या में उपस्थित रहे l
आजमगढ़:-एसडीएम न्यायिक का स्थानांतरण तक अधिवक्ता जताएंगे विरोध किया विरोध प्रदर्शन तहसील परिसर चक्रमण कर विरोध में अधिवक्ताओं ने की नारेबाजी
वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। मार्टीनगंज तहसील बार संगठन मार्टीनगंज ने मंगलवार को भी न्यायिक कार्य नहीं किया अधिवक्ताओं के प्रस्ताव के बावजूद भी एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता मनमानी तरीके से अवैध रूप से कोर्ट का संचालन किया जिसके खिलाफ अधिवक्ताओं ने आरोप लगाते हुए व नारेबाजी करते हुए चक्रमण कर करते हुए विरोध जताया अध्यक्ष प्रेमचंद व संचालन मंत्री अमरनाथ यादव के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने 23 जनवरी के शोक प्रस्ताव के बावजूद भी एसडीएम न्यायिक के द्वारा मनमानी तरीके से बिना अधिवक्ताओं की बात सुने हुए कई फाइलों का जिसमें पक्ष विपक्ष की बात नहीं सुनी गई जिसे लेकर अधिवक्ताओं में काफी आक्रोश दिखा जिसे लेकर मंगलवार के प्रस्ताव में अधिवक्ताओं ने निर्णय लिया कि जब तक एसडीएम न्यायिक का स्थानांतरण नहीं हो जाता तब तक न्याय कार्य से दूर रहेंगे वहीं पर चक्रमण करते हुए भारी संख्या में अधिवक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन जताते हुए अपना पक्ष रखा अधिवक्ताओं का कहना है कि मनमानी तरीके से बिना न्याय संगत फैसला दे दिया जा रहा है जिसकी पैरवी अधिवक्ता नहीं बल्कि न्यायिक एसडीए स्वयं अपने आप कर रहे है जबकि अन्य अदालत में कोई विधिक कार्रवाई प्रस्ताव के बाद नहीं हो रही है फिर भी एसडीएम न्यायिक ने अपने मनमानी रवैया अपनाए रखा जिससे आक्रोश व्याप्त हुआ वहीं पर अधिवक्ताओं का कहना है कि एसडीएम न्यायिक सुनील कुमार धनवंता के स्थानांतरण तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा इस अवसर पर रामप्रताप यादव, चंद्रभान आजाद,उमेश सिंह ,राकेश सिंह, बद्रिका प्रसाद यादव, मो,नदीम ,गुलाबचंद भारती, मांता यादव, मो, राशिद ,राजेश सिंह, राजेश यादव, सहित दर्जनों की संख्या में अधिवक्ताओं ने अपनी सहभागिता निभाई।।
बीएससी छात्रों ने लगाया कापी छीनने का आरोप, कुलपति ने दिए जांच के आदेश
*अपने कॉलेज के छात्रों को अलग बैठाकर कराया नकल

गोंडा।जिले के तरबगंज थाना क्षेत्र स्थित पंडित जग नारायण शुक्ल ग्रामोद्योग महाविद्यालय में बीएससी  के छात्रों ने परीक्षा के दौरान जमकर विरोध प्रदर्शन किया।छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी उत्तरपुस्तिकाएं जल्दी छीन ली गई और परीक्षा में भेदभाव व नकल कराई जा रही थी।इस पूरे मामले में कुलपति ने जांच के आदेश दिए हैं।छात्रों के अनुसार उनका बीएससी जन्तुविज्ञान की परीक्षा प्रात: 8.30 बजे प्रारम्भ होनी थी परन्तु उन्हें 45 मिनट विलम्ब से 9.15 प्रश्नपत्र व उत्तरपुस्तिकाएं दी गईं।वहीं परीक्षा समाप्त होने का समय 10.30 बजे था परन्तु कॉलेज प्रशासन ने 10.15 बजे ही जबरन उत्तरपुस्तिकाएं छीन लिया परिणामस्वरूप उन्हें 15 मिनट कम समय मिला।छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि महाविद्यालय प्रशासन अपने छात्रों को अलग कमरे में बैठा कर नकल कराता है,जबकि अन्य केंद्रों से आए हुए छात्रों को एक ही कमरे में अलग अलग बैठाने के बजाय मिलाजुला कर बैठाया जाता है।इसके अलावा, कई छात्रों को परीक्षा कक्ष के अंदर मोबाइल फोन और गाइड ले जाने की अनुमति दी गई।छात्रों के विरोध प्रदर्शन की सूचना पर तरबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंची।घंटों चले विरोध प्रदर्शन के दौरान महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला एक वीडियो में यह कहते हुए दिखाई दिये कि आज तो हम कुछ नहीं करवा पाएंगे लेकिन अगला पेपर आप लोगों का ठीक होगा।छात्रों ने मांग किया है कि उनका परीक्षा केंद्र बदला जाए क्योंकि यहां बैठने की उचित व्यवस्था नहीं है और उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है।वहीं महाविद्यालय के प्रधानाचार्य राजीव शुक्ला ने बताया कि छात्रों के आरोप पूरी तरह से गलत हैं।मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के कुलपति प्रोफेसर रवि शंकर सिंह ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है और वीडियो का संज्ञान लिया गया है।जांच में जो भी निकलकर आएगा उसके अनुसार कार्यवाही की जाएगी और छात्रों के साथ कोई भेदभाव नहीं होने दिया जाएगा।
UGC के नए नियम पर क्यों मचा है बवाल, क्या है 'इक्विटी कमेटी' और बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी?

#ugcnewrules_controversy 

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यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं। Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। यूजीसी के जारी नए गाइडलाइन के खिलाफ देशभर के छात्रों और शिक्षाविदों के एक बड़े तबके में भारी रोष दिख रहा है।

UGC का नया 'इक्विटी' नियम

यूजीसी के नए नियमों के मुताबिक हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी बनानी होगी। ये कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और तय समय में उनका निपटारा करेगी। कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिलाओं का होना जरूरी है। कमेटी का काम कैंपस में बराबरी का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाएं लागू करना है।

सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई प्रावधान नहीं

इसके पहले ड्राफ्ट में जातिगत भेदभाव से सुरक्षा के दायरे में केवल एससी और एसटी को रखा गया था। लेकिन अब इसमें ओबीसी को भी शामिल कर लिया गया है। जिसका विरोध हो रहा है। विवाद इस बात को लेकर है कि इस कमेटी में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला और दिव्यांग वर्ग के प्रतिनिधियों का होना अनिवार्य है, लेकिन सामान्य वर्ग के प्रतिनिधित्व का कोई अनिवार्य प्रावधान नहीं है। 

नए नियम के दुरुपयोग की आशंका

विरोध करने वालों का कहना है कि यह परिभाषा एकतरफा है, इसमें सामान्य वर्ग के खिलाफ भेदभाव या झूठी शिकायतों का कोई जिक्र नहीं है।सामान्य वर्ग को आशंका है कि जिस तरह से एससी-एसटी एक्ट के गलत इस्तेमाल पर सुप्रीम कोर्ट तक टिप्पणी कर चुका है, वैसे ही UGC की गाइडलाइंस का भी दुरुपयोग हो सकता है। आलोचकों का मानना है कि समता समितियां है, शायद ही निष्पक्ष रह पाएं। उन्हें जो शक्तियां दी जा रही हैं, उनका सामान्य वर्ग के छात्रों के खिलाफ इस्तेमाल हो सकता है। गलत शिकायत पर सजा का प्रावधान भी नहीं है।

क्यों लाने पड़े ये नियम?

दरअसल, रोहित वेमुला केस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को खत्म करने के लिए नियम-कानून बनाने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC को 8 हफ्तों में नए सख्त नियम बनाने को कहा था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत उत्पीड़न के बाद सुसाइड कर लिया था। इन मामलों में उनकी माताओं ने PIL दाखिल की थी। कोर्ट ने UGC से कहा था कि 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करें और भेदभाव रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाएं।

क्या कहते हैं जाति आधारित भेदभाव के आंकड़े?

यूजीसी ने सुप्रीम कोर्ट में एक रिपोर्ट सौंपी थी जिसमें जातिगत भेदभाव के आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के मुताबिक उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति आधारित भेदभाव की शिकायतें 2017-18 में 173 थीं, जो 2023-24 में बढ़कर 378 हो गईं यानी 5 साल में इसमें 118.4% की बढ़ोतरी हुई. ये आंकड़े UGC के अपने डेटा से हैं, जो पार्लियामेंट कमिटी और सुप्रीम कोर्ट को दिए गए। शिकायतों में 90% से ज्यादा का निपटारा हुआ, लेकिन पेंडिंग केस भी बढ़े.2019-20 में 18 से 2023-24 में 108 केस सामने आए।

जमशेदपुर पुलिस का 'ऑपरेशन क्लीन': बिहार बॉर्डर से सुरक्षित बरामद हुए कारोबारी कैरव गांधी, 14 दिनों का सस्पेंस खत्म"

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जमशेदपुर से अपहरण किए गए कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया है. जमशेदपुर पुलिस ने कैरव गांधी को हजारीबाग बिहार बॉर्डर से बरामद किया है. इसके बाद पुलिस ने कैरव को सुरक्षित उसके परिवार को सौंप दिया. अपहरणकर्ता कैरव गांधी को ट्रांजिट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस ने उन्हें धर दबोचा और कारोबारी को सकुशल बरामद कर लिया है.

शिफ्टिंग कर रहे थे अपराधी

जमशेदपुर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार बिहार का एक बड़ा किडनैपिंग गिरोह इस वारदात के पीछे शामिल है. जमशेदपुर पुलिस का कहना है कि कारोबारी कैरव गांधी को किडनैपर्स हर दिन एक जगह से दूसरे जगह शिफ्ट कर रहे थे. इसी दौरान पुलिस को यह इनपुट मिला कि हजारीबाग के चौपारण के आसपास बिहार वाले इलाके से कारोबारी को एक बार फिर शिफ्ट किया जा रहा है. इसी सूचना पर पुलिस की कई टीमों ने एक साथ दबिश बनाई. इस दौरान अपराधी कैरव को कार में ही छोड़कर फरार हो गए. जिसके बाद कैरव गांधी को सकुशल बरामद कर लिया गया और जमशेदपुर पुलिस ने उन्हें सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया.

देवांग गांधी ने पुलिस का जताया आभार

मामले को लेकर कोल्हान का सबसे बड़ा व्यवसायिक संगठन सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष मानव केडिया ने बताया कि जमशेदपुर पुलिस द्वारा कैरव गांधी को बरामद कर लिया गया. पुलिस ने आज सुबह साढ़े चार बजे कैरव गांधी को उसके परिजनों को सौंप दिया. देवांग गांधी ने इस पूरे मामले में सिंहभूम चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, स्थानीय पुलिस एवं झारखंड पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त किया है

कैरव का कब हुआ था अपहरण

बता दें कि उधमी सह ASIA के उपाध्यक्ष देवांग गांधी का पुत्र कैरव गांधी 13 जनवरी 2026 के दोपहर को लापता हो गया था. कैरव का कार सरायकेला जिला के चांडिल थाना क्षेत्र में एक होटल के पास लावारिस अवस्था में पाया गया था. जबकि कैरव के मोबाइल का अंतिम लोकेशन जमशेदपुर के सोनारी क्षेत्र में मिला था. उसके बाद मोबाइल स्विच ऑफ पाया गया था. पुलिस ने छापेमारी करते हुए कैरव को सकुशल बरामद कर लिया.

*सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में मनाया गया लोकतंत्र का महान् पर्व*
सुल्तानपुर,सरस्वती विद्या मन्दिर वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय ज्ञान कुंज विवेकानंद नगर सुल्तानपुर में लोकतंत्र का सबसे महान पर्व गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि द्वारा ध्वजारोहण से किया गया। तथा भारत माता की आरती की गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम के पूर्व अतिथि परिचय कराते हुए प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने सभी को 77वें गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भारत को एक लोकतांत्रिक, पूर्ण संप्रभु और गणतंत्र देश घोषित किया गया।26 जनवरी को ही हमारा संविधान लागू हुआ। राष्ट्र रक्षा के लिए हमें सदैव सजग रहना है। आध्यात्मिक संगठन चिन्मय मिशन की सचिव एवं जनपद के प्रतिष्ठित स्वायत्त शासी महाविद्यालय के एन आई के राजनीति शास्त्र की विभागाध्यक्षा मुख्य अतिथि डॉ श्रीमती रंजना सिंह ने अपने उद्बोधन में कहा कि 76 वर्ष किसी भी राष्ट्र के लिए अत्यंत महत्त्वपूर्ण होते हैं। तब से अब तक हमने अनेक उपलब्धियां प्राप्त की हैं। हमारा राष्ट्र निरंतर प्रगति पथ पर आगे बढ़ रहा है।इस बीच भैया -बहनों ने देशभक्ति के गीतों पर नृत्य ,गीत तथा अभिनय करके दर्शकों को राष्ट्रभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया। जूनियर के भैया बहनों ने आतंकवादियों का मुकाबला करते हुए आत्मबलिदान को तत्पर भारतीय सैनिकों के त्याग और समर्पण का सजीव दृश्य प्रस्तुत किया। जिससे सबकी आंखें नम हो गईं। कक्षा 12 की बहन अंशिका मिश्रा ने हिन्दी, नवम के छात्र भैया जयवर्धन ने अंग्रेजी तथा कक्षा 8 की बहन आराध्या मिश्रा ने संस्कृत भाषण में गणतंत्र की उपादेयता पर प्रकाश डाला। भैया कुशाग्र और अनमोल श्रीवास्तव के "चिट्ठी आई है" गीत सुनकर सब भावाभिभूत हो गये। कार्यक्रम को विद्यालय के प्रबंधक डाक्टर पवन सिंह, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा तथा वरिष्ठ आचार्य एवं कार्यक्रम के संयोजक राजबहादुर शर्मा ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के माननीय नगर संघ चालक अमरपाल सिंह, नगर कार्यवाह अजय सिंह, डॉ पवनेश मिश्र, डाक्टर रमेश ओझा सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। वरिष्ठ आचार्या सरिता पाण्डेय ने उपस्थित सम्मानित अतिथियों , आचार्य बन्धु /भगिनी, कर्मचारियों एवं प्रतिभागी भैया बहनों का आभार व्यक्त किया।
27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता के चौथे क्वार्टर फाइनल में चन्दौली ने पटना को 16.2 ओवर में धूल चटाई
संजीव सिंह बलिया! नगरा : ताड़ीबड़ा गांव के श्री सुभाष इंटर कॉलेज मैदान पर 27वें शिवकुमार सिंह राज्य स्तरीय स्मृति क्रिकेट प्रतियोगिता के चौथे क्वार्टर फाइनल में चन्दौली ने पटना को रोमांचक मुकाबले में हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली।पटना ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवरों में 8 विकेट खोकर 197 रन बनाए। पटना की ओर से कृष्णा ने 36 गेंदों पर 5 चौके और 8 छक्के लगाते हुए 81 रनों की चमकदार पारी खेली। वहीं, नंदकिशोर ने 25 गेंदों पर 4 चौके और 5 छक्के की मदद से 51 रन जोड़े। चन्दौली की ओर से कृष्ण मुरारी ने 2 विकेट लिए, जबकि अमन को 1 सफलता मिली।197 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी चन्दौली ने 16.2 ओवरों में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। कृष्ण मुरारी ने 31 गेंदों पर 47 रन, शिवांश ने 20 गेंदों पर 50 रन और अमन ने मात्र 10 गेंदों पर 31 रनों की तूफानी पारी खेली। मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार कृष्ण मुरारी को सीबीएस गैस एजेंसी, रसड़ा के प्रोपराइटर संजीव सिंह (सब्लू) ने प्रदान किया। हैट्रिक चौके-छक्के का 501 रुपये का पुरस्कार पटना के नंदकिशोर और कृष्णा तथा चन्दौली के शिवांश को मिला।मैच में अंपायर रघुधन प्रसाद और हिरालाल सिंह ने भूमिका निभाई। स्कोरिंग का कार्य राजीव सिंह जुगनू और सुनिल सिंह गोलू ने किया, जबकि कमेंट्री राजेश सिंह और चंद्रशेखर सिंह ने संभाली। आयोजक मंडल के प्रमुख प्रदीप सिंह मुकेश ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। पंडाल में संजीव सिंह (सब्लू), अरुण पांडेय (प्रा. शिक्षक संघ चिलकहर अध्यक्ष), राजशेखर सिंह, संजीव सिंह पत्रकार, अनुज सिंह, अनिल सिंह सेंगर, आलोक सिंह, राकेश सिंह, विवेक सिंह और सभी कमेटी सदस्य उपस्थित रहे।