प्रयागराज से दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन समय सारणी जारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज से दिल्ली के बीच करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज जकशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्यण लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 15 मार्च से 28 जून तक का सप्ताह में दो दिन सचालित होगी। प्रयागराज से यह प्रत्येक रविवार और बुधवार को रवाना होगी, जबकि वापसी में हजरत निजामुद्दीन से हर सोमवार और बृहस्पतिवार को चलेगी। गाड़ी सख्या 04123 दोपहर 3:, 25 बजे प्रयागराज जकशन से प्रस्थान करेगी।

यह रात 12:50 बजे झासी, सुबह 6:20 बजे आगरा और सुबह 11:35 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी मे यह ट्रेन दोपहर 3:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:10 बजे प्रयागराज वापस आएगी। यह ट्रेन विन्ध्य और बुदेलखड के रास्ते दिल्ली का सफर तय करेगी। इसके मुख्य ठहराव मे शकरगढ़, मानिकपुर, चित्रकूट, बादा, महोबा, झासी, गवालियर, आगरा कैंट और मथुरा जैसे स्टेशन शामिल हैं। सीपीआरओ शशिकांत तिपाठी ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होगें। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें स्लीपर के आठ और जनरल श्रेणी के नौ कोच लगाए गए हैं। साथ ही एसी थी् और एसी फस्ट कम टू का भी एक- एक कोच शामिल रहेगा।

पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

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मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ । सीएम योगी आदित्यनााथ ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और आम जनता को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।

अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें तय समय के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।


स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति और वितरण की सही स्थिति जनता तक लगातार पहुंचाई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैस एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी अथवा कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर मिट्टी का तेल भी आवंटित किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर वितरित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और अन्य संस्थानों से संवाद कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय से गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड में गुलाबी क्रांति की तैयारी: रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार के लिए ICAR-NMRI और सरकार के बीच MoU

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रांची: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में ICAR-NMRI हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, झारखंड के बीच रांची स्थित बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार हेतु सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेकन फैक्ट्री का होगा कायाकल्प

झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस समझौते से न केवल बेकन फैक्ट्री का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि राज्य के पशुधन क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्यवर्धन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

MoU के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:

आधुनिक तकनीक: हैदराबाद के वैज्ञानिक रांची की बेकन फैक्ट्री को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप प्रदान करने में तकनीकी सहयोग देंगे।

अंतरराष्ट्रीय मानक: झारखंड में तैयार होने वाले मांस उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रोजगार और प्रशिक्षण: स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

किसानों को लाभ: वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

ICAR-NMRI के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने इस सहयोग को झारखंड के मीट सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से स्थानीय विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन बनेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मांसपेशी-संरक्षण तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण मरीज अगले दिन से चलने लगा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में 60 वर्षीय मरीज के बाएं घुटने का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) किया गया। यह सर्जरी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आनंद कुमार की टीम ने आधुनिक सबवास्टस एप्रोच (Subvastus Approach) तकनीक से की।मरीज लंबे समय से घुटने के तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। जांच में घुटने के जोड़ में उन्नत स्तर का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसके बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया गया।डॉ.

आनंद कुमार ने बताया कि सबवास्टस एप्रोच एक मसल-स्पेरिंग तकनीक है, जिसमें जांघ की मुख्य मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र पुनर्वास का लाभ मिलता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलना शुरू कर देता है।सर्जरी टीम में डॉ. सैफ और डॉ. रंजीत शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नितिन और डॉ. अंकित ने सहयोग दिया।

ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.डॉ. वी.के. पांडेय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्वरूप रानी चिकित्सालय में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में मरीज सामान्य गतिविधियों में लौट सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक
पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और तैनाती पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एल. वेंकटेश्वरलू भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया और निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), परिवहन विभाग (आरटीओ) और निबंधन कार्यालय जैसे विभागों में पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि एफएसडीए में अब तक 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि परिवहन विभाग में भी निर्धारित पदों के सापेक्ष पूर्व सैनिकों को रोजगार दिया गया है और कुल 236 पूर्व सैनिक सेवा में तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विभाग के निबंधन कार्यालयों में 337 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी हैं।

प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि इन तीनों विभागों का सीधा संबंध आम जनता और उपभोक्ताओं से है। ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों की तैनाती से कार्यप्रणाली में अनुशासन और दक्षता देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की कार्यशैली से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं, जो निगम के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं है। साथ ही उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की ।
फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
प्रयागराज से दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन समय सारणी जारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज से दिल्ली के बीच करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज जकशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्यण लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 15 मार्च से 28 जून तक का सप्ताह में दो दिन सचालित होगी। प्रयागराज से यह प्रत्येक रविवार और बुधवार को रवाना होगी, जबकि वापसी में हजरत निजामुद्दीन से हर सोमवार और बृहस्पतिवार को चलेगी। गाड़ी सख्या 04123 दोपहर 3:, 25 बजे प्रयागराज जकशन से प्रस्थान करेगी।

यह रात 12:50 बजे झासी, सुबह 6:20 बजे आगरा और सुबह 11:35 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी मे यह ट्रेन दोपहर 3:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:10 बजे प्रयागराज वापस आएगी। यह ट्रेन विन्ध्य और बुदेलखड के रास्ते दिल्ली का सफर तय करेगी। इसके मुख्य ठहराव मे शकरगढ़, मानिकपुर, चित्रकूट, बादा, महोबा, झासी, गवालियर, आगरा कैंट और मथुरा जैसे स्टेशन शामिल हैं। सीपीआरओ शशिकांत तिपाठी ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होगें। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें स्लीपर के आठ और जनरल श्रेणी के नौ कोच लगाए गए हैं। साथ ही एसी थी् और एसी फस्ट कम टू का भी एक- एक कोच शामिल रहेगा।

पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

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मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ । सीएम योगी आदित्यनााथ ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और आम जनता को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।

अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें तय समय के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।


स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति और वितरण की सही स्थिति जनता तक लगातार पहुंचाई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैस एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी अथवा कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर मिट्टी का तेल भी आवंटित किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर वितरित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और अन्य संस्थानों से संवाद कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय से गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड में गुलाबी क्रांति की तैयारी: रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार के लिए ICAR-NMRI और सरकार के बीच MoU

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रांची: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में ICAR-NMRI हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, झारखंड के बीच रांची स्थित बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार हेतु सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेकन फैक्ट्री का होगा कायाकल्प

झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस समझौते से न केवल बेकन फैक्ट्री का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि राज्य के पशुधन क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्यवर्धन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

MoU के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:

आधुनिक तकनीक: हैदराबाद के वैज्ञानिक रांची की बेकन फैक्ट्री को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप प्रदान करने में तकनीकी सहयोग देंगे।

अंतरराष्ट्रीय मानक: झारखंड में तैयार होने वाले मांस उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रोजगार और प्रशिक्षण: स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

किसानों को लाभ: वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

ICAR-NMRI के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने इस सहयोग को झारखंड के मीट सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से स्थानीय विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन बनेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मांसपेशी-संरक्षण तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण मरीज अगले दिन से चलने लगा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में 60 वर्षीय मरीज के बाएं घुटने का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) किया गया। यह सर्जरी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आनंद कुमार की टीम ने आधुनिक सबवास्टस एप्रोच (Subvastus Approach) तकनीक से की।मरीज लंबे समय से घुटने के तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। जांच में घुटने के जोड़ में उन्नत स्तर का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसके बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया गया।डॉ.

आनंद कुमार ने बताया कि सबवास्टस एप्रोच एक मसल-स्पेरिंग तकनीक है, जिसमें जांघ की मुख्य मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र पुनर्वास का लाभ मिलता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलना शुरू कर देता है।सर्जरी टीम में डॉ. सैफ और डॉ. रंजीत शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नितिन और डॉ. अंकित ने सहयोग दिया।

ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.डॉ. वी.के. पांडेय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्वरूप रानी चिकित्सालय में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में मरीज सामान्य गतिविधियों में लौट सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक
पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और तैनाती पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एल. वेंकटेश्वरलू भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया और निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), परिवहन विभाग (आरटीओ) और निबंधन कार्यालय जैसे विभागों में पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि एफएसडीए में अब तक 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि परिवहन विभाग में भी निर्धारित पदों के सापेक्ष पूर्व सैनिकों को रोजगार दिया गया है और कुल 236 पूर्व सैनिक सेवा में तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विभाग के निबंधन कार्यालयों में 337 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी हैं।

प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि इन तीनों विभागों का सीधा संबंध आम जनता और उपभोक्ताओं से है। ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों की तैनाती से कार्यप्रणाली में अनुशासन और दक्षता देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की कार्यशैली से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं, जो निगम के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं है। साथ ही उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की ।
फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।