महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ
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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।
भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन
हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।
शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ
भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।
किसे कितनी सीटें मिलीं
चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।
"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन
शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।
ये है गठबंधन का गणित
अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।
शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष
भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।
3 hours ago
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