लखनऊ में लूटकांड के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो गिरफ्तार, तमंचा और बाइक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मदेयगंज क्षेत्र में लूट की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हुई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना 25 मार्च की रात की है, जब दीनदयाल नगर स्थित तरन्नुम मार्केट गली में शराब दुकानों की बिक्री राशि का कलेक्शन कर रहे हर्ष जायसवाल से चार अज्ञात बदमाशों ने बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए थे।
मामले में थाना मदेयगंज पर मु0अ0सं0 38/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर के निर्देशन में गठित टीमों ने लगभग 140 से 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान की।
31 मार्च 2026 की रात चेकिंग के दौरान रघुवंशी ढाल बंधा रोड पर पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आलोक तिवारी उर्फ मुस्कान के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी सुजीत सिंह उर्फ मगन को मौके से पकड़ लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके से एक अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर मिटा हुआ), .315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

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पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही दिलाएंगे मिशन-2027 में जीत : धर्मपाल सिंह*
प्रशिक्षण महाअभियान को धार देने जुटा भाजपा संगठन, काशी क्षेत्र की बनी रणनीति*

प्रोटोकॉल पालन व रात्रि प्रवास पर जोर, बूथ तक रणनीति तैयार*

प्रशिक्षण महाअभियान पर काशी क्षेत्र के 16 जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारी संग मंथन*

सुलतानपुर,पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय सुलतानपुर में काशी क्षेत्र के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुखों की महत्वपूर्ण समीक्षा एवं रणनीति बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की,जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिशन-2027 की सफलता का आधार मजबूत,प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही होंगे।मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण वर्ग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और अनुशासन को आत्मसात करने का माध्यम है।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने विशेष रूप से रात्रि प्रवास को प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में समर्पण,अनुशासन और संगठनात्मक एकात्मता का विकास होता है,जो आगामी चुनावी चुनौतियों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।बैठक का संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने किया। इस दौरान प्रशिक्षण महाअभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना तय की गई। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी के अनुसार बैठक में काशी क्षेत्र के 16 जनपदों के जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुख उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से सुलतानपुर जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री मीना चौबे,अमेठी जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, सुलतानपुर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल, वाराणसी हंसराज विश्वकर्मा,कौशांबी धर्मराज मौर्य गाजीपुर ओम प्रकाश राय, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, राकेश त्रिवेदी,नागेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य जिल पदाधिकारी मौजूद रहे।
रामगढ़: राधा गोविंद विश्वविद्यालय में JEE Mains परीक्षा में बड़ी सेटिंग का खुलासा; 70 कंप्यूटरों के साथ 3 धराए।

रामगढ़: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली JEE Mains परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक गिरोह का रामगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में परीक्षा से पहले सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी फरार होने में सफल रहे।

ऐसे खुला गोरखधंधा

पुलिस के अनुसार, 2 से 8 अप्रैल तक होने वाली परीक्षा के लिए राधा गोविंद विश्वविद्यालय को केंद्र बनाया गया था। टीसीएस (TCS) के कुछ कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के टेक्नीशियन दिनेश महतो के साथ मिलकर चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कंप्यूटरों को बदलने और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की योजना बनाई थी। रविवार को आरोपी अवैध तरीके से लैब में घुसकर सिस्टम बदल रहे थे, तभी विश्वविद्यालय प्रबंधन को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

बड़ी मात्रा में उपकरण और लग्जरी गाड़ी जब्त

रामगढ़ एसपी अजय कुमार की सक्रियता से मौके से 70 कंप्यूटर, 3 राउटर, 1 सीपीयू, 4 मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (WB 39E 5455) जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कोठार निवासी दिनेश कुमार महतो, ओरमांझी का शकिर अंसारी और बिहार के सारण का सूरज कुमार सिंह शामिल हैं। मास्टरमाइंड राजेश ठाकुर और रविशंकर बाउंड्री फांदकर भागने में सफल रहे।

मोटी रकम का था लालच

पूछताछ में आरोपी दिनेश महतो ने खुलासा किया कि प्रत्येक मॉनिटर की सेटिंग के बदले 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। गिरोह का प्लान था कि लैब के सिस्टम को रिमोट एक्सेस या प्री-लोडेड सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल कर परीक्षार्थियों को गलत तरीके से पास कराया जाए।

प्रशासन सख्त, कमेटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ उपायुक्त (DC) फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने तत्काल एक जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल की शिकायत पर रामगढ़ थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब फरार आरोपियों और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं, इसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

अयोध्या की अनामिका मिश्रा ने रचा इतिहास, UPPCS में हासिल की चौथी रैंक
अयोध्या। अयोध्या की साकेतपुरी कॉलोनी निवासी अनामिका मिश्रा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथी रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

अनामिका मिश्रा के पिता महेन्द्रनाथ मिश्र गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता माधुरी मिश्रा गृहणी हैं। वर्ष 2023 में उनका विवाह आकाश पाण्डेय से हुआ, जिनका निवास अयोध्या में है और उनका ससुराल गोरखपुर के बासगांव में स्थित है।

शैक्षिक सफर की बात करें तो अनामिका ने वर्ष 2010 में हाईस्कूल, 2012 में इंटरमीडिएट, 2015 में बीएससी और 2017 में बीटीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटीसी में उन्होंने करीब 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्ष 2018 से वह बस्ती जिले के विकासखंड विक्रमजोत के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
अनामिका ने बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के जरिए यह सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं।उन्होंने आगे बताया कि उनका Bihar Public Service Commission साक्षात्कार 10 अप्रैल को प्रस्तावित है और उन्होंने 2025 पीसीएस मेंस परीक्षा भी दी है।
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारी

लखनऊ । योगी  सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रविवार को 9 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

जारी आदेश के अनुसार, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव को अब समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय को उनके मौजूदा पद के साथ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।इसके अलावा, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी (UPAM) के महानिदेशक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू को दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में रवि रंजन को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन और यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं, टीके शिबु को एपीसी शाखा के साथ-साथ यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।प्रतीक्षारत अधिकारियों में हिमांशु कौशिक को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि सौम्या गुरुरानी को शाहजहांपुर का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।वहीं, शाहजहांपुर के नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आजमगढ़ : शिक्षामित्र के बेटे ने रचा इतिहास, पीसीएस में सीटीओ बन बढ़ाया क्षेत्र का मान
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के दम पर फूलपुर तहसील के रसूलपुर निवासी अभिषेक कुमार यादव ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीसीएस 2024 में सीटीओ (कमर्शियल टैक्स ऑफिसर) पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। अभिषेक कुमार यादव पुत्र केशव प्रसाद यादव की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में कक्षा 5 तक हुई। इसके बाद उन्होंने सरस्वती राधा कृष्ण इंटर कॉलेज से कक्षा 8 तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने इकरा पब्लिक स्कूल, मुड़ियार से हाईस्कूल तथा श्री श्रीपति इंटर कॉलेज, खजनहापुर से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। उच्च शिक्षा के लिए वे प्रयागराज स्थित इविंग क्रिश्चियन कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद वर्ष 2018 से अभिषेक ने दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी माता अनिता रानी प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता केशव प्रसाद यादव फूलपुर तहसील में संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक के मामा प्रदीप यादव, जो जनता इंटर कॉलेज अंबारी में शिक्षक हैं तथा माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) तहसील इकाई फूलपुर के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि अभिषेक का चयन पीसीएस 2024 में सीटीओ पद पर हुआ है। अपनी सफलता का श्रेय अभिषेक ने अपने नाना सेवानिवृत्त शिक्षक राम विनय और नानी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका प्यारी देवी को दिया है, जिनका मार्गदर्शन उन्हें निरंतर मिलता रहा। अभिषेक की इस सफलता पर जनता इंटर कालेज के प्रबंधक अजय नरेश यादव, तहसील शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रदीप यादव, अटेवा जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव, सर्वेश्वर पांडेय, परशुराम यादव, वीरेंद्र यादव, कासिफ अहमद, रफीउद्दीन सहित आदि लोगों ने बधाई दी है। क्षेत्र में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
लखनऊ में लूटकांड के बाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई: मुठभेड़ में एक बदमाश घायल, दो गिरफ्तार, तमंचा और बाइक
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के मदेयगंज क्षेत्र में लूट की घटना के बाद पुलिस ने त्वरित और सख्त कार्रवाई करते हुए दो शातिर बदमाशों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान हुई जवाबी फायरिंग में एक बदमाश के पैर में गोली लग गई, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
घटना 25 मार्च की रात की है, जब दीनदयाल नगर स्थित तरन्नुम मार्केट गली में शराब दुकानों की बिक्री राशि का कलेक्शन कर रहे हर्ष जायसवाल से चार अज्ञात बदमाशों ने बैग लूट लिया था। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया और मौके से फरार हो गए थे।
मामले में थाना मदेयगंज पर मु0अ0सं0 38/2026 धारा 309(6) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर के निर्देशन में गठित टीमों ने लगभग 140 से 150 सीसीटीवी कैमरों की जांच और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए आरोपियों की पहचान की।
31 मार्च 2026 की रात चेकिंग के दौरान रघुवंशी ढाल बंधा रोड पर पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवार दो व्यक्तियों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने भागते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश आलोक तिवारी उर्फ मुस्कान के पैर में गोली लगी, जबकि उसके साथी सुजीत सिंह उर्फ मगन को मौके से पकड़ लिया गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल आरोपी को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। मौके से एक अपाचे मोटरसाइकिल (नंबर मिटा हुआ), .315 बोर का तमंचा, एक खोखा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और इनके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। फिलहाल आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।
आज से 195 रुपए महंगा हो गया कमर्शियल गैस सिलेंडर, घरेलू गैस की कीमत में नहीं हुआ कोई बदलाव

#commercial_lpg_cylinder_price_hike_195 

पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सरकारी कंपनियों ने बुधवार को कमर्शियल एलपीजी की कीमत में 195.50 रुपये की बढ़ोतरी की है। यह बढ़ोतरी 19 किलो सिलिंडर पर की गई है। हालांकि, घरेलू सिलिंडरों के दाम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरों में इस्तेमाल होने वाली एलपीजी गैस की दरें पहले के जैसी ही हैं।

घरेलू गैस के दामों में कोई बदलाव नहीं

हालांकि, घरेलू रसोई गैस (एलपीजी) की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। घरेलू एलपीजी के दामों में 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम सिलेंडर पर 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। इसके बाद से दाम स्थिर हैं और दिल्ली में 14.2 किलोग्राम घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये बनी हुई है।

बढ़ोतरी के बाद नई कीमतें

इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 2078.50 रुपये हो गई है, जो पहले 1884.50 रुपये थी। कोलकाता में 19 किलो वाला सिलेंडर अब 2208 रुपये का हो गया है। मुंबई में इसकी कीमत 2031 रुपये पहुंच गई है। चेन्नई में यह सिलेंडर अब 2246.50 रुपये में मिलेगा। पटना में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का रेट 2365 रुपये हो गया है, जबकि जयपुर में इसकी कीमत 2031 रुपये हो गई है।

7 मार्च को भी बढ़े थे दाम

इससे पहले 7 मार्च को भी घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ाए गए थे। उस समय घरेलू सिलेंडर 60 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 114.50 रुपये महंगा हुआ था। बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत 913 रुपये हो गई थी, जो पहले 853 रुपये थी। पिछले एक साल से भी कम समय में यह दूसरी बार कीमतों में बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले अप्रैल 2025 में भी 50 रुपये की बढ़ोतरी हुई थी।

प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही दिलाएंगे मिशन-2027 में जीत : धर्मपाल सिंह*
प्रशिक्षण महाअभियान को धार देने जुटा भाजपा संगठन, काशी क्षेत्र की बनी रणनीति*

प्रोटोकॉल पालन व रात्रि प्रवास पर जोर, बूथ तक रणनीति तैयार*

प्रशिक्षण महाअभियान पर काशी क्षेत्र के 16 जिलाध्यक्षों व जिला प्रभारी संग मंथन*

सुलतानपुर,पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026 के तहत मंगलवार को भाजपा जिला कार्यालय सुलतानपुर में काशी क्षेत्र के जिला अध्यक्षों, जिला प्रभारियों एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुखों की महत्वपूर्ण समीक्षा एवं रणनीति बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता काशी क्षेत्र अध्यक्ष दिलीप पटेल ने की,जबकि मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि मिशन-2027 की सफलता का आधार मजबूत,प्रशिक्षित और अनुशासित कार्यकर्ता ही होंगे।मुख्य अतिथि ने प्रशिक्षण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रशिक्षण वर्ग केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि संगठन की विचारधारा, कार्यपद्धति और अनुशासन को आत्मसात करने का माध्यम है।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण के सभी निर्धारित प्रोटोकॉल का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए।उन्होंने विशेष रूप से रात्रि प्रवास को प्रशिक्षण का अहम हिस्सा बताते हुए कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में समर्पण,अनुशासन और संगठनात्मक एकात्मता का विकास होता है,जो आगामी चुनावी चुनौतियों में निर्णायक भूमिका निभाएगा।बैठक का संचालन क्षेत्रीय उपाध्यक्ष अमरनाथ यादव ने किया। इस दौरान प्रशिक्षण महाअभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए आगामी कार्ययोजना तय की गई। भाजपा जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी के अनुसार बैठक में काशी क्षेत्र के 16 जनपदों के जिलाध्यक्ष,जिला प्रभारी एवं मंडल प्रशिक्षण प्रमुख उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से सुलतानपुर जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री मीना चौबे,अमेठी जिला प्रभारी व प्रदेश मंत्री शंकर गिरि, सुलतानपुर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी, अमेठी जिलाध्यक्ष सुधांशु शुक्ल, वाराणसी हंसराज विश्वकर्मा,कौशांबी धर्मराज मौर्य गाजीपुर ओम प्रकाश राय, प्रतापगढ़ जिलाध्यक्ष आशीष श्रीवास्तव, राकेश त्रिवेदी,नागेन्द्र रघुवंशी सहित अन्य जिल पदाधिकारी मौजूद रहे।
रामगढ़: राधा गोविंद विश्वविद्यालय में JEE Mains परीक्षा में बड़ी सेटिंग का खुलासा; 70 कंप्यूटरों के साथ 3 धराए।

रामगढ़: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित की जाने वाली JEE Mains परीक्षा में बड़े पैमाने पर धांधली करने वाले एक गिरोह का रामगढ़ पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। राधा गोविंद विश्वविद्यालय के कंप्यूटर लैब में परीक्षा से पहले सिस्टम के साथ छेड़छाड़ करते हुए तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि मास्टरमाइंड समेत कई आरोपी फरार होने में सफल रहे।

ऐसे खुला गोरखधंधा

पुलिस के अनुसार, 2 से 8 अप्रैल तक होने वाली परीक्षा के लिए राधा गोविंद विश्वविद्यालय को केंद्र बनाया गया था। टीसीएस (TCS) के कुछ कर्मचारियों ने विश्वविद्यालय के टेक्नीशियन दिनेश महतो के साथ मिलकर चुनिंदा अभ्यर्थियों को पास कराने के लिए कंप्यूटरों को बदलने और सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ की योजना बनाई थी। रविवार को आरोपी अवैध तरीके से लैब में घुसकर सिस्टम बदल रहे थे, तभी विश्वविद्यालय प्रबंधन को शक हुआ और पुलिस को सूचना दी गई।

बड़ी मात्रा में उपकरण और लग्जरी गाड़ी जब्त

रामगढ़ एसपी अजय कुमार की सक्रियता से मौके से 70 कंप्यूटर, 3 राउटर, 1 सीपीयू, 4 मोबाइल फोन और एक फॉर्च्यूनर गाड़ी (WB 39E 5455) जब्त की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में कोठार निवासी दिनेश कुमार महतो, ओरमांझी का शकिर अंसारी और बिहार के सारण का सूरज कुमार सिंह शामिल हैं। मास्टरमाइंड राजेश ठाकुर और रविशंकर बाउंड्री फांदकर भागने में सफल रहे।

मोटी रकम का था लालच

पूछताछ में आरोपी दिनेश महतो ने खुलासा किया कि प्रत्येक मॉनिटर की सेटिंग के बदले 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया था। गिरोह का प्लान था कि लैब के सिस्टम को रिमोट एक्सेस या प्री-लोडेड सॉफ्टवेयर के जरिए कंट्रोल कर परीक्षार्थियों को गलत तरीके से पास कराया जाए।

प्रशासन सख्त, कमेटी गठित

मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ उपायुक्त (DC) फ़ैज़ अक अहमद मुमताज ने तत्काल एक जांच कमेटी गठित कर रिपोर्ट मांगी है। विश्वविद्यालय के कुलसचिव निर्मल कुमार मंडल की शिकायत पर रामगढ़ थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब फरार आरोपियों और इस गिरोह के तार कहाँ-कहाँ जुड़े हैं, इसकी तलाश में छापेमारी कर रही है।

“पत्रकारों के लिए मुफ्त लेसिक सर्जरी शिविर, 13 से 18 अप्रैल तक एसबीएच आई हॉस्पिटल में होगा आयोजन”

रायपुर- एसबीएच आई हॉस्पिटल द्वारा पत्रकारों और उनके परिवारजनों के लिए 13 से 18 अप्रैल तक एक विशेष नेत्र शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में सीमित संख्या में पत्रकारों को मुफ्त लेसिक सर्जरी की सुविधा दी जाएगी, जबकि उनके परिवारजनों को उपचार में विशेष छूट प्रदान की जाएगी।

इस शिविर के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है। इच्छुक पत्रकार पंजीयन हेतु मोबाइल नंबर 9644402050 पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अलावा साई बाबा नेत्र चिकित्सालय, न्यू राजेंद्र नगर में भी पंजीयन की सुविधा उपलब्ध है।

इस पहल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सुधीर आज़ाद तम्बोली ने अस्पताल प्रबंधन का आभार जताया। उन्होंने कहा कि संगठन से परे सभी पत्रकारों के लिए इस तरह का विशेष शिविर आयोजित करना सराहनीय है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अधिक से अधिक पत्रकार साथी इस शिविर का लाभ उठाकर अपनी आंखों का उपचार कराएंगे।

आजमगढ़ : मकसुदिया गांव में विकास कार्यों में घोटाले का आरोप, जांच पर उठे सवाल; शिकायतकर्ता हाईकोर्ट जाने को मजबूर
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । पवई ब्लॉक के ग्राम मकसुदिया में वित्तीय वर्ष 2021-2025 के दौरान कराए गए विकास कार्यों में करोड़ों रुपये की अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्राम निवासी श्रीमती राधिका चौहान द्वारा इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद भी जांच प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं । जिससे मामला अब उच्च न्यायालय तक पहुंचने की स्थिति में आ गया है। श्रीमती राधिका चौहान ने 12 अगस्त 2025 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों की जांच की मांग की थी। इस पर जिलाधिकारी ने 25 अगस्त 2025 को जिला उद्यान अधिकारी को जांच अधिकारी नियुक्त किया। आरोप है कि 24 सितंबर 2025 को की गई जांच अधूरी रही और करीब 90 दिन बाद 18 नवंबर 2025 को रिपोर्ट डीपीआरओ को सौंपी गई। इसके बाद जिलाधिकारी ने 2 दिसंबर 2025 को उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम 1947 की धारा 95(1)(छ) के तहत ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी कर एक सप्ताह में स्पष्टीकरण मांगा। जवाब न मिलने पर 29 जनवरी 2026 को प्रधान के वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज करते हुए पीडी मनरेगा को अंतिम जांच अधिकारी नियुक्त किया गया। आरोप है कि पीडी मनरेगा द्वारा 15 बिंदुओं की विस्तृत जांच किए बिना ही 23 फरवरी 2026 को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी गई, जिसमें सभी आरोपों को निराधार बताते हुए मामला समाप्त कर दिया गया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच फर्जी और एकतरफा की गई है। श्रीमती चौहान ने 27 फरवरी 2026 को जिलाधिकारी एवं आयुक्त के समक्ष पुनः आपत्ति दर्ज कराते हुए बताया कि राव सिंह पोखरी का निर्माण जेसीबी से कराकर 1लाख 511 रुपये का फर्जी भुगतान किया गया, जबकि सुदामा देवी के सरसों के खेत को पोखरी दिखाकर 1लाख 65 हजार 140 का भुगतान किया गया है। शिकायत के बाद मुख्यमंत्री एवं आयुक्त स्तर से कई बार 15 बिंदुओं पर निष्पक्ष जांच के आदेश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को निर्देश दिया गया कि शिकायतकर्ता की उपस्थिति में पुलिस बल के साथ जांच कर 15 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। बावजूद इसके अब तक जांच पूरी नहीं हो सकी है। लगातार अनदेखी से नाराज शिकायतकर्ता राधिका चौहान ने अब उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की तैयारी कर ली है। मामले ने स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक कार्यप्रणाली और जांच प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
कैसे होगी इस बार की जनगणना? पूछे जाएंगे 33 सवाल, देनी होगी मकान-वाहन से शौचालय तक की जानकारी

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जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। देशभर में 1 अप्रैल से जनगणना शुरू होने जा रही है, जिसे लेकर तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह जनगणना पूरी तरह डिजिटल होगी और इसमें लोगों से जीवनशैली से जुड़े बेहद विस्तृत सवाल पूछे जाएंगे। 

आरटीआई से भी नहीं मिलेगा जवाब

रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जनगणना अधिनियम की धारा 15 का हवाला देते हुए कहा कि जनगणना के दौरान जुटाया गया व्यक्तिगत डेटा पूरी तरह गोपनीय रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी व्यक्ति की जानकारी न तो आरटीआई के तहत साझा की जा सकती है, न ही अदालतों में साक्ष्य के रूप में पेश की जा सकती है और न ही किसी अन्य संस्था के साथ साझा की जाएगी। 

जनगणना दो चरणों में पूरी होगी

इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी। पहले चरण में मकानों और उनकी सुविधाओं से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी, जबकि दूसरे चरण में घर में रहने वाले लोगों की सामाजिक, आर्थिक और अन्य जानकारी दर्ज की जाएगी। खास बात यह है कि पहली बार ‘सेल्फ एन्यूमरेशन’ यानी स्वगणना की सुविधा दी गई है, जिसके तहत लोग खुद भी 15 दिन की निर्धारित अवधि में ऑनलाइन अपनी जानकारी भर सकेंगे। मृत्युंजय कुमार ने बताया कि सेल्फ एन्यूमरेशन में लोगों को खुद ही जानकारी देनी होगी, लेकिन इसके बावजूद जो कर्मचारी-अधिकारी घर जाएंगे और जो आईडी होगी उसके आधार पर वह क्रॉस वेरीफाई करेंगे। इस वजह से इसमें गड़बड़ी की संभावना नहीं है।

सरकार ने इस बार कुल 33 सवाल तय किए

केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए हाउस लिस्टिंग ऑपरेशन के लिए 33 सवालों वाली नई प्रश्नावली जारी की है, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगी। इस प्रश्नावली को 2011 की पिछली जनगणना के बाद भारतीय समाज में आए बदलावों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसमें घर के प्रकार, स्थान और संरचना से जुड़े सवालों के साथ-साथ डिजिटल युग को देखते हुए इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता पर भी नया सवाल शामिल किया गया है। इसके अलावा एलपीजी, पीने के पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच को लेकर भी जानकारी ली जाएगी।

दूसरा चरण 1 फरवरी 2027 से शुरू होगा

जनगणना 2027 दूसरा चरण जनसंख्या गणना, जो 1 फरवरी 2027 से शुरू होगी। यह भारत की 16वीं और स्वतंत्रता के बाद आठवीं जनगणना होगी, जो देश में नीति निर्माण और विकास योजनाओं के लिए महत्वपूर्ण आंकड़े उपलब्ध कराएगी। करीब 11,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के बजट वाली इस विशाल प्रक्रिया में राज्यों की मशीनरी, जिला स्तर के अधिकारी और केंद्र सरकार मिलकर काम करेंगे। गृह मंत्रालय की निगरानी में यह पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।

अयोध्या की अनामिका मिश्रा ने रचा इतिहास, UPPCS में हासिल की चौथी रैंक
अयोध्या। अयोध्या की साकेतपुरी कॉलोनी निवासी अनामिका मिश्रा ने उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की प्रतिष्ठित परीक्षा में चौथी रैंक हासिल कर जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। उनकी इस शानदार सफलता से पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

अनामिका मिश्रा के पिता महेन्द्रनाथ मिश्र गोसाईगंज रेलवे स्टेशन पर स्टेशन अधीक्षक के पद पर कार्यरत हैं, जबकि उनकी माता माधुरी मिश्रा गृहणी हैं। वर्ष 2023 में उनका विवाह आकाश पाण्डेय से हुआ, जिनका निवास अयोध्या में है और उनका ससुराल गोरखपुर के बासगांव में स्थित है।

शैक्षिक सफर की बात करें तो अनामिका ने वर्ष 2010 में हाईस्कूल, 2012 में इंटरमीडिएट, 2015 में बीएससी और 2017 में बीटीसी की परीक्षा उत्तीर्ण की। बीटीसी में उन्होंने करीब 92 प्रतिशत अंक हासिल किए। वर्ष 2018 से वह बस्ती जिले के विकासखंड विक्रमजोत के प्राथमिक विद्यालय कवलपुर में सहायक अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं।
अनामिका ने बताया कि उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद बिना किसी कोचिंग के केवल सेल्फ स्टडी के जरिए यह सफलता प्राप्त की है। उनकी यह उपलब्धि उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य को हासिल करने का सपना देखते हैं।उन्होंने आगे बताया कि उनका Bihar Public Service Commission साक्षात्कार 10 अप्रैल को प्रस्तावित है और उन्होंने 2025 पीसीएस मेंस परीक्षा भी दी है।
यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले, कई को अतिरिक्त जिम्मेदारी

लखनऊ । योगी  सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से रविवार को 9 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। इस फेरबदल में कई वरिष्ठ अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां देने के साथ-साथ अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

जारी आदेश के अनुसार, प्रमुख सचिव आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स अनुराग यादव को अब समाज कल्याण और सैनिक कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, नियोजन एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार तृतीय को उनके मौजूदा पद के साथ आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।इसके अलावा, प्रमुख सचिव नियुक्ति एवं कार्मिक एम. देवराज को उत्तर प्रदेश प्रशासन एवं प्रबंध अकादमी (UPAM) के महानिदेशक का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। ग्राम्य विकास विभाग के प्रमुख सचिव सौरभ बाबू को दीनदयाल उपाध्याय राज्य ग्राम्य विकास संस्थान का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।
प्रशासनिक फेरबदल में रवि रंजन को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन और यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक पद से हटाकर चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है। वहीं, टीके शिबु को एपीसी शाखा के साथ-साथ यूपी एग्रो के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।प्रतीक्षारत अधिकारियों में हिमांशु कौशिक को यूपी इलेक्ट्रॉनिक्स कॉर्पोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि सौम्या गुरुरानी को शाहजहांपुर का नगर आयुक्त नियुक्त किया गया है।वहीं, शाहजहांपुर के नगर आयुक्त डॉ. बिपिन कुमार मिश्रा को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम में अपर प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी सौंपी गई है।सरकार के इस फैसले को प्रशासनिक कार्यकुशलता बढ़ाने और विभागीय कार्यों में तेजी लाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
आजमगढ़ : शिक्षामित्र के बेटे ने रचा इतिहास, पीसीएस में सीटीओ बन बढ़ाया क्षेत्र का मान
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और लगन के दम पर फूलपुर तहसील के रसूलपुर निवासी अभिषेक कुमार यादव ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए पीसीएस 2024 में सीटीओ (कमर्शियल टैक्स ऑफिसर) पद पर चयनित होकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार ही नहीं, पूरे इलाके में खुशी की लहर दौड़ गई है। अभिषेक कुमार यादव पुत्र केशव प्रसाद यादव की प्रारंभिक शिक्षा प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में कक्षा 5 तक हुई। इसके बाद उन्होंने सरस्वती राधा कृष्ण इंटर कॉलेज से कक्षा 8 तक की पढ़ाई पूरी की। आगे की शिक्षा के लिए उन्होंने इकरा पब्लिक स्कूल, मुड़ियार से हाईस्कूल तथा श्री श्रीपति इंटर कॉलेज, खजनहापुर से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण किया। उच्च शिक्षा के लिए वे प्रयागराज स्थित इविंग क्रिश्चियन कॉलेज से बीएससी की डिग्री हासिल की। स्नातक के बाद वर्ष 2018 से अभिषेक ने दिल्ली में रहकर सिविल सर्विसेज की तैयारी शुरू की और कठिन परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी माता अनिता रानी प्राथमिक विद्यालय जमालपुर में शिक्षामित्र के पद पर कार्यरत हैं, जबकि पिता केशव प्रसाद यादव फूलपुर तहसील में संग्रह अमीन के पद पर कार्यरत हैं। अभिषेक के मामा प्रदीप यादव, जो जनता इंटर कॉलेज अंबारी में शिक्षक हैं तथा माध्यमिक शिक्षक संघ (शर्मा गुट) तहसील इकाई फूलपुर के अध्यक्ष भी हैं, ने बताया कि अभिषेक का चयन पीसीएस 2024 में सीटीओ पद पर हुआ है। अपनी सफलता का श्रेय अभिषेक ने अपने नाना सेवानिवृत्त शिक्षक राम विनय और नानी सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापिका प्यारी देवी को दिया है, जिनका मार्गदर्शन उन्हें निरंतर मिलता रहा। अभिषेक की इस सफलता पर जनता इंटर कालेज के प्रबंधक अजय नरेश यादव, तहसील शिक्षक संघ अध्यक्ष प्रदीप यादव, अटेवा जिलाध्यक्ष सुभाष चंद यादव, सर्वेश्वर पांडेय, परशुराम यादव, वीरेंद्र यादव, कासिफ अहमद, रफीउद्दीन सहित आदि लोगों ने बधाई दी है। क्षेत्र में बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।