हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के स्तंभ है शिक्षा मित्र*: *परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह*
संजीव सिंह बलिया | शिक्षामित्र के मानदेय बढ़ोतरी के उपलक्ष में आज जनपद के मुख्यालय स्थित गंगा बहुद्देशीय सभागार में भव्य सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री बलिया नगर विधायक दयाशंकर सिंह रहे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी जनपद इकाई बलिया के अध्यक्ष संजय मिश्रा रहे। विदित है कि यह कार्यक्रम महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत समस्त 143000 शिक्षामित्रों की मानदेय बढ़ोतरी जो ₹10000 से बढ़कर 18000 रुपए हजार रुपए कर दी गई है के उपलक्ष में योगीराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षा गृह एवं सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह द्वारा शिक्षा मित्रों को सम्मानित कर किया गया। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जनपदों में करते हुए सजीव रूप से देखा जाना था जिसका गवाह आज गंगा बहुउद्देशीय सभागार में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों शिक्षक तथा शिक्षा मित्रों द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिभाग करते हुए देखा गया। तत्पश्चात इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर सभी अतिथियों द्वारा किया गया। प्राथमिक विद्यालय जीरा बस्ती हनुमानगंज बलिया की छात्रा द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति के उपरांत सभी अतिथियों का सम्मान स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र तथा पुष्प गुच्छ प्रदान करते हुए किया गया। प्रत्येक शिक्षा क्षेत्र के एक एक शिक्षामित्र को सांकेतिक चेक तथा प्रमाण का वितरण उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ,मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ,भारतीय जनता पार्टी के जनपद इकाई बलिया के अध्यक्ष संजय मिश्रा तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित करते हुए प्रदान किया गया जिनमें प्राथमिक विद्यालय कटारिया शाहपुर बेरुआरबारी के काशीनाथ यादव, प्राथमिक विद्यालय चिलकहर की अनुराधा गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय पाल चंद्रहा,नगरा के बृजेश कुमार यादव, प्राथमिक विद्यालय दादा के छपरा ,दुबहर के रंजीत कुमार सिंह ,जीपीएस भरहा,नवानगर के अश्विनी कुमार राय, पी एस बघाव नंबर एक की सुमन चतुर्वेदी, प्राथमिक विद्यालय गराया,बेलहरी के कुंवर सुरेश सिंह, प्राथमिक विद्यालय कमालपुर रेवती के प्रिया शंकर सिंह, प्राथमिक विद्यालय पटखौली हनुमानगंज की नीतू सिंह ,पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय पकवा इनार की पूनम तिवारी ,कंपोजिट विद्यालय गड़वार दक्षिण गड़वार की पंचरत्न राम, कंपोजिट इब्राहिमाबाद नौबरार मुरली छपरा के अजय कुमार यादव ,कंपोजिट विद्यालय भूदाडीह ,पंदह के संजय कुमार, प्राथमिक विद्यालय नन्हागंज मनियर के अरविंद कुमार सिंह ,प्राथमिक विद्यालय उदई छपरा बैरिया के स्वामीनाथ तिवारी ,प्राथमिक विद्यालय मझौवां, सियर के अभय सिंह ,प्राथमिक विद्यालय बनकटा पश्चिम सोहांव के शशिकांत उपाध्याय को सांकेतिक रूप से बढ़े हुए चेक की धनराशि प्रदान की गई जबकि प्राथमिक विद्यालय मठिया भोजपुर बेरुआरबारी के सुनील कुमार सिंह ,प्राथमिक विद्यालय सिंहपुर चिलकहर के धीरेंद्र प्रताप सिंह ,प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर नगरा के संजीव कुमार सिंह ,कंपोजिट विद्यालय डुमरी दुबहर की निशा सिंह ,जीपीएस इसर नवानगर के हरिओम मोर्य , प्राथमिक विद्यालय हालपुर नंबर दो बांसडीह के राजेश कुमार साहनी, प्राथमिक विद्यालय सुजानीपुर बेलहरी के मनीष कुमार ,प्राथमिक विद्यालय रेवती नंबर 1 रेवती की ममता वर्मा ,प्राथमिक विद्यालय धर्मपुरा हनुमानगंज के अजय भारद्वाज ,कंपोजिट विद्यालय बैजलपुर रसड़ा की धनलक्ष्मी , प्राथमिक विद्यालय भालूही नंबर दो गड़वार के विनय कुमार सिंह , प्राथमिक विद्यालय गड़रिया मुरार पट्टी,मुरलीछपरा की जगनारायण पाठक, प्राथमिक विद्यालय गौरमदननपुरा ,पंदह के विद्यासागर , प्राथमिक विद्यालय दातपुर मनियर के लखपति देवी ,प्राथमिक विद्यालय मखदुमपुर बैरिया के सनोज कुमार, प्राथमिक विद्यालय चौरा सोहांव के प्रमोद सिंह को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात इस सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा आह्वान किया गया कि वर्तमान योगी जी और मोदी जी की सरकार शिक्षकों की परम हितैषी है तथा शिक्षामित्र विकसित भारत की नींव का काम करने वाले हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री नगर विधायक दयाशंकर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार शिक्षामित्र के साथ हमेशा से खड़ी रही है तथा उनके समायोजन के निरस्त होने पर जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में हुआ था शिक्षामित्र का ध्यान रखते हुए₹3500 से बढ़कर के₹10000 करने का काम किया था तथा वर्तमान में 18000 रुपए कर चुकी है जिसमें आगे भी वृद्धि किए जाने की लिए कृतसंकल्प है। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आदर्श शिक्षा मित्र संघ संगठन के अध्यक्ष अखिलेश सिंह प्रवक्ता आदर्श शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र राय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह राजेश आंचल निर्भय नारायण राय श्याम नंदन मिश्रा तथा अन्य साथियों द्वारा अतिथियों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। जनपद के सभी शिक्षा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने शिक्षा क्षेत्र के शिक्षा मित्रों के उत्साह वर्धन के लिए कार्यक्रम में पूरे समय उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख रूप से राजीव गंगवार,आरपी सिंह,पवन सिंह ,डीपी सिंह, माधवेंद्र पांडे, पंकज सिंह, राकेश सिंह, अनूप त्रिपाठी, अनूप गुप्ता,हिमांशु सिंह द्वारा अपना योगदान प्रस्तुत किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में राज्य संदर्भ दाता समूह के सदस्य संतोष चंद तिवारी तथा चित्रलेखा सिंह द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया। राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रतिमा उपाध्याय तथा शिक्षक रामनारायण सिंह यादव द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद में संचालित विभिन्न योजनाओं के दृष्टिगत प्रदर्शनी लगाई गई जिसका तिथियां द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के संयोजन में पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर भवतोष कुमार पांडे ,विजय कुमार, अजयकांत ,मुमताज अहमद ,प्रवीण पांडे, वकील अहमद, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन ब्रजेश बिहारी सिंह , संत राज सिंह शिक्षक रंजीत कुमार सिंह,राजीव कुमार उपाध्याय, राजेश कुमार सिंह ,जीवेश कुमार सिंह , उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ बलिया से प्रदेश संयुक्त मंत्री अखिलेश कुमार पांडेय जिला अध्यक्ष पंकज सिंह,,मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह , महामंत्री अमृत सिंह, मंडल से श्यामनंदन मिश्र मंटू, दिलीप प्रसाद, जिला पदाधिकारी टीम से राकेश कुमार पांडेय,निर्भय राय,अजय श्रीवास्तव,राजीव मिश्रा, परवेज अहमद, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर से जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह प्रवक्ता, शशिकांत मिश्रा, जितेंद्र राय , चन्द्र शेखर सिंह, जिला ब्लाक अध्यक्ष टीम से शिवकुमार सिंह, मंजूर हुसैन, रणवीर सिंह,आनंद पांडेय,मनीष सिंह, तेज नारायण सिंह, फैसल अजीज ,जय प्रकाश तिवारी, लालजी वर्मा, अभय सिंह, इंद्रकेश चौहान,गीता तिवारी, समेत जिला के सभी शिक्षामित्र, प्रवीण कुमार सिंह ,शशिकांत चतुर्वेदी, जिला समन्वयक ओमप्रकाश सिंह,अमित कुमार सुमन, अभिषेक सिंह, प्रभाकर राय आदि द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सह समन्वयक तथा पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन डॉ शशि भूषण मिश्रा द्वारा किया गया।
आज़मगढ़ में होगा राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक का लोकार्पण

मुंबई। ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक "जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन" का लोकार्पण मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में रविवार 10 मई को अपरान्ह 2 बजे से होने वाला है। यह आयोजन तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। बता दें कि राजेश विक्रांत की अब तक कुल 22 मौलिक, संपादित व अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित हैं। उन्होंने मुंबई महानगर पर केंद्रित 7 महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिनमें 'मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया', 'आमची मुंबई', 'आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान', 'स्वातंत्र्य लढ्यातील मुंबईचे योगदान', 'मुंबई और हिंदी', 'आदिज्ञान मुंबई का मूल निवासी कोली समुदाय विशेषांक' तथा 'आमची मुंबई-2' का समावेश है। इन दिनों वे एक महत्त्वपूर्ण परियोजना "साहित्य और मुंबई" पर कार्य कर रहे हैं जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, अंग्रेजी तथा उर्दू में लिखी मुंबई पर पुस्तकों, उपन्यासों, कहानियों व कविताओं पर फोकस किया गया है। राजेश विक्रांत यशस्वी संपादक एवं स्तंभकार भी हैं। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचना कर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेख इस पुस्तक में संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामवृक्ष मौर्य करेंगे जबकि अमरनाथ राय बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा में सुभाषचंद्र तिवारी 'कुंदन' विशिष्ट अतिथि होंगे और हेमलता त्रिपाठी सम्माननीय अतिथि के रूप आमंत्रित हैं। समारोह के मुख्य वक्ता बरुण कुमार पाण्डेय एवं संतोष कुमार सिंह और सौम्या पाण्डेय वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु करेंगे। लोकार्पण, परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के संबंध में उक्त जानकारी कवि  लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' और कवि राकेश पाण्डेय 'सागर' ने उपलब्ध कराई है।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

#amitshahappointedobserverforwestbengal

पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रु. हुआ, प्रदेशभर में सम्मान समारोह

* सीएम ने 10 शिक्षामित्रों को दिए प्रतीकात्मक चेक, ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन; बेसिक शिक्षा में सुधारों की झलक

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा को लागू किया। इस अवसर पर गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में भव्य “शिक्षामित्र सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जबकि प्रदेश के सभी जनपदों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 चयनित शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर बढ़े हुए मानदेय की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित गतिविधियों पर केंद्रित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के उपलब्धि-आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह आयोजन शिक्षामित्रों के त्याग और समर्पण के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया मानदेय अब 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इसके लिए लगभग 230.11 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का शैक्षिक अंतर कम करने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 में आईसीटी लैब और 1,129 में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है। साथ ही छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपये की डीबीटी सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है।
“स्कूल चलो अभियान” के तहत 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच 20 लाख से अधिक नए छात्रों का नामांकन किया गया। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि “उत्तम प्रदेश” के निर्माण में शिक्षामित्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वे भविष्य निर्माण के प्रमुख आधार हैं।उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।
हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
2 बाइकों की टक्कर में दो की मौत,महिला और बच्चा समेत तीन गंभीर रूप से घायल,किसी ने भी हेलमेट पहना नहीं था
सुल्तानपुर के बल्दीराय थानाक्षेत्र में मंगलवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक महिला, एक बच्चा और एक अन्य बाइक चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा पूरे चंद्रिका मिश्रा नहर पटरी पर हुआ।

हादसे में एक बाइक चालक और दूसरी बाइक पर पीछे बैठे एक बुजुर्ग व्यक्ति की जान चली गई। घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बल्दीराय ले जाया गया, जहां से एक घायल को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक सवार सड़क पर दूर जा गिरे और घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत एंबुलेंस और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल भिजवाया और शवों को कब्जे में लिया।

पुलिस के अनुसार, हादसे की मुख्य वजह लापरवाही मानी जा रही है। बताया गया है कि दोनों बाइक चालकों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं और दो लोगों की मौत हो गई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

मृतकों की पहचान अयोध्या निवासी सुरेशचंद्र मिश्रा (45) और अमेठी निवासी राम पटेसर (65) के रूप में हुई है। घायलों में अमेठी निवासी तिलकराज (43) और हिमांशी पाठक (16) शामिल हैं। तिलकराज को सुल्तानपुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
मझिला थाना क्षेत्र के गांव में धधक रही कच्ची शराब की भट्टियां
कुटीर उद्योग की तरह पुलिस से मिलकर चल रहा गोरखधंधा

रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। मंझिला पुलिस की मिली भगत कहे या लापरवाही फिलहाल थाना क्षेत्र में कच्ची शराब का गोरख धंधा बड़े पैमाने पर हो रहा है। आबकारी विभाग और पुलिस इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अनजान है। प्रभारी निरीक्षक इस गोरख धंधे से पूरी तरह से अंजान बने हुए बैठे हैं। मंझिला थाना क्षेत्र के ग्राम टुमुरकी, कुसुमा, दौलतपुर, जमुरा, धियरा, अंडौआ, चेना एवं आलमनगर सहित आधा दर्जन से अधिक ग्रामों में महिलाएं और पुरुष कच्ची शराब का गोरख धंधा कर रहे हैं। यह गोरख धंधेबाज यूरिया, ईस्ट जैसे घातक केमिकल का प्रयोग करके कच्ची शराब का निर्माण कर रहे हैं। जिसका सेवन करके बड़ी संख्या में लोग बीमार हो रहे हैं और मौत का शिकार हो रहे हैं। मंझिला पुलिस ने शराब कारोबारियों के खिलाफ कभी भी अभियान चलाना मुनासिब नहीं समझा। नतीजा यह है कच्ची शराब का कारोबार दिन दूना रात चौगुना बढ़ता जा रहा है। प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र कुमार पूरी तरह से इस गोरख धंधे के प्रति लापरवाह बने हुए हैं।
बेसिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के स्तंभ है शिक्षा मित्र*: *परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह*
संजीव सिंह बलिया | शिक्षामित्र के मानदेय बढ़ोतरी के उपलक्ष में आज जनपद के मुख्यालय स्थित गंगा बहुद्देशीय सभागार में भव्य सम्मान समारोह कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री बलिया नगर विधायक दयाशंकर सिंह रहे जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी जनपद इकाई बलिया के अध्यक्ष संजय मिश्रा रहे। विदित है कि यह कार्यक्रम महायोगी गुरु गोरखनाथ की पावन नगरी में बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत समस्त 143000 शिक्षामित्रों की मानदेय बढ़ोतरी जो ₹10000 से बढ़कर 18000 रुपए हजार रुपए कर दी गई है के उपलक्ष में योगीराज बाबा गंभीर नाथ प्रेक्षा गृह एवं सांस्कृतिक केंद्र गोरखपुर में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह द्वारा शिक्षा मित्रों को सम्मानित कर किया गया। बेसिक शिक्षा परिषद द्वारा प्राप्त निर्देश के क्रम में इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी जनपदों में करते हुए सजीव रूप से देखा जाना था जिसका गवाह आज गंगा बहुउद्देशीय सभागार में जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, बेसिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारियों शिक्षक तथा शिक्षा मित्रों द्वारा संयुक्त रूप से प्रतिभाग करते हुए देखा गया। तत्पश्चात इस कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर सभी अतिथियों द्वारा किया गया। प्राथमिक विद्यालय जीरा बस्ती हनुमानगंज बलिया की छात्रा द्वारा सरस्वती वंदना की प्रस्तुति के उपरांत सभी अतिथियों का सम्मान स्मृति चिन्ह, अंग वस्त्र तथा पुष्प गुच्छ प्रदान करते हुए किया गया। प्रत्येक शिक्षा क्षेत्र के एक एक शिक्षामित्र को सांकेतिक चेक तथा प्रमाण का वितरण उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ,मुख्य विकास अधिकारी ओजस्वी राज ,भारतीय जनता पार्टी के जनपद इकाई बलिया के अध्यक्ष संजय मिश्रा तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा सम्मानित करते हुए प्रदान किया गया जिनमें प्राथमिक विद्यालय कटारिया शाहपुर बेरुआरबारी के काशीनाथ यादव, प्राथमिक विद्यालय चिलकहर की अनुराधा गुप्ता, प्राथमिक विद्यालय पाल चंद्रहा,नगरा के बृजेश कुमार यादव, प्राथमिक विद्यालय दादा के छपरा ,दुबहर के रंजीत कुमार सिंह ,जीपीएस भरहा,नवानगर के अश्विनी कुमार राय, पी एस बघाव नंबर एक की सुमन चतुर्वेदी, प्राथमिक विद्यालय गराया,बेलहरी के कुंवर सुरेश सिंह, प्राथमिक विद्यालय कमालपुर रेवती के प्रिया शंकर सिंह, प्राथमिक विद्यालय पटखौली हनुमानगंज की नीतू सिंह ,पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय पकवा इनार की पूनम तिवारी ,कंपोजिट विद्यालय गड़वार दक्षिण गड़वार की पंचरत्न राम, कंपोजिट इब्राहिमाबाद नौबरार मुरली छपरा के अजय कुमार यादव ,कंपोजिट विद्यालय भूदाडीह ,पंदह के संजय कुमार, प्राथमिक विद्यालय नन्हागंज मनियर के अरविंद कुमार सिंह ,प्राथमिक विद्यालय उदई छपरा बैरिया के स्वामीनाथ तिवारी ,प्राथमिक विद्यालय मझौवां, सियर के अभय सिंह ,प्राथमिक विद्यालय बनकटा पश्चिम सोहांव के शशिकांत उपाध्याय को सांकेतिक रूप से बढ़े हुए चेक की धनराशि प्रदान की गई जबकि प्राथमिक विद्यालय मठिया भोजपुर बेरुआरबारी के सुनील कुमार सिंह ,प्राथमिक विद्यालय सिंहपुर चिलकहर के धीरेंद्र प्रताप सिंह ,प्राथमिक विद्यालय रघुनाथपुर नगरा के संजीव कुमार सिंह ,कंपोजिट विद्यालय डुमरी दुबहर की निशा सिंह ,जीपीएस इसर नवानगर के हरिओम मोर्य , प्राथमिक विद्यालय हालपुर नंबर दो बांसडीह के राजेश कुमार साहनी, प्राथमिक विद्यालय सुजानीपुर बेलहरी के मनीष कुमार ,प्राथमिक विद्यालय रेवती नंबर 1 रेवती की ममता वर्मा ,प्राथमिक विद्यालय धर्मपुरा हनुमानगंज के अजय भारद्वाज ,कंपोजिट विद्यालय बैजलपुर रसड़ा की धनलक्ष्मी , प्राथमिक विद्यालय भालूही नंबर दो गड़वार के विनय कुमार सिंह , प्राथमिक विद्यालय गड़रिया मुरार पट्टी,मुरलीछपरा की जगनारायण पाठक, प्राथमिक विद्यालय गौरमदननपुरा ,पंदह के विद्यासागर , प्राथमिक विद्यालय दातपुर मनियर के लखपति देवी ,प्राथमिक विद्यालय मखदुमपुर बैरिया के सनोज कुमार, प्राथमिक विद्यालय चौरा सोहांव के प्रमोद सिंह को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इसके पश्चात इस सम्मान समारोह कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा आह्वान किया गया कि वर्तमान योगी जी और मोदी जी की सरकार शिक्षकों की परम हितैषी है तथा शिक्षामित्र विकसित भारत की नींव का काम करने वाले हैं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री नगर विधायक दयाशंकर सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि वर्तमान सरकार शिक्षामित्र के साथ हमेशा से खड़ी रही है तथा उनके समायोजन के निरस्त होने पर जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में हुआ था शिक्षामित्र का ध्यान रखते हुए₹3500 से बढ़कर के₹10000 करने का काम किया था तथा वर्तमान में 18000 रुपए कर चुकी है जिसमें आगे भी वृद्धि किए जाने की लिए कृतसंकल्प है। सम्मान समारोह कार्यक्रम में आदर्श शिक्षा मित्र संघ संगठन के अध्यक्ष अखिलेश सिंह प्रवक्ता आदर्श शिक्षक शिक्षा मित्र वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र राय प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष पंकज सिंह राजेश आंचल निर्भय नारायण राय श्याम नंदन मिश्रा तथा अन्य साथियों द्वारा अतिथियों को अंग वस्त्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मनीष कुमार सिंह द्वारा सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया। जनपद के सभी शिक्षा क्षेत्र के खंड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने शिक्षा क्षेत्र के शिक्षा मित्रों के उत्साह वर्धन के लिए कार्यक्रम में पूरे समय उपस्थित रहे जिनमें प्रमुख रूप से राजीव गंगवार,आरपी सिंह,पवन सिंह ,डीपी सिंह, माधवेंद्र पांडे, पंकज सिंह, राकेश सिंह, अनूप त्रिपाठी, अनूप गुप्ता,हिमांशु सिंह द्वारा अपना योगदान प्रस्तुत किया गया। सम्मान समारोह कार्यक्रम में राज्य संदर्भ दाता समूह के सदस्य संतोष चंद तिवारी तथा चित्रलेखा सिंह द्वारा भी सहयोग प्रदान किया गया। राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित शिक्षिका प्रतिमा उपाध्याय तथा शिक्षक रामनारायण सिंह यादव द्वारा बेसिक शिक्षा परिषद में संचालित विभिन्न योजनाओं के दृष्टिगत प्रदर्शनी लगाई गई जिसका तिथियां द्वारा अवलोकन किया गया। कार्यक्रम के संयोजन में पूर्व एकेडमिक पर्सन डॉक्टर भवतोष कुमार पांडे ,विजय कुमार, अजयकांत ,मुमताज अहमद ,प्रवीण पांडे, वकील अहमद, एकेडमिक रिसोर्स पर्सन ब्रजेश बिहारी सिंह , संत राज सिंह शिक्षक रंजीत कुमार सिंह,राजीव कुमार उपाध्याय, राजेश कुमार सिंह ,जीवेश कुमार सिंह , उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ बलिया से प्रदेश संयुक्त मंत्री अखिलेश कुमार पांडेय जिला अध्यक्ष पंकज सिंह,,मंडल वरिष्ठ उपाध्यक्ष संजीव कुमार सिंह , महामंत्री अमृत सिंह, मंडल से श्यामनंदन मिश्र मंटू, दिलीप प्रसाद, जिला पदाधिकारी टीम से राकेश कुमार पांडेय,निर्भय राय,अजय श्रीवास्तव,राजीव मिश्रा, परवेज अहमद, आदर्श शिक्षामित्र वेलफेयर से जिला अध्यक्ष अखिलेश सिंह प्रवक्ता, शशिकांत मिश्रा, जितेंद्र राय , चन्द्र शेखर सिंह, जिला ब्लाक अध्यक्ष टीम से शिवकुमार सिंह, मंजूर हुसैन, रणवीर सिंह,आनंद पांडेय,मनीष सिंह, तेज नारायण सिंह, फैसल अजीज ,जय प्रकाश तिवारी, लालजी वर्मा, अभय सिंह, इंद्रकेश चौहान,गीता तिवारी, समेत जिला के सभी शिक्षामित्र, प्रवीण कुमार सिंह ,शशिकांत चतुर्वेदी, जिला समन्वयक ओमप्रकाश सिंह,अमित कुमार सुमन, अभिषेक सिंह, प्रभाकर राय आदि द्वारा सहयोग प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन पूर्व सह समन्वयक तथा पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन डॉ शशि भूषण मिश्रा द्वारा किया गया।
आज़मगढ़ में होगा राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक का लोकार्पण

मुंबई। ख्यातिलब्ध व्यंग्यकार एवं लेखक राजेश विक्रांत द्वारा संपादित पुस्तक "जितेन्द्र पाण्डेय: व्यक्तित्व और सृजन" का लोकार्पण मारवाड़ी धर्मशाला, आज़मगढ़ में रविवार 10 मई को अपरान्ह 2 बजे से होने वाला है। यह आयोजन तमसा काव्य मंच और हिंदी शोध एवं संवर्धन अकादमी, आज़मगढ़ ईकाई के संयुक्त तत्वावधान में हो रहा है। बता दें कि राजेश विक्रांत की अब तक कुल 22 मौलिक, संपादित व अनुवादित पुस्तकें प्रकाशित हैं। उन्होंने मुंबई महानगर पर केंद्रित 7 महत्वपूर्ण कार्य किए हैं जिनमें 'मुंबई माफिया: एक एनसाइक्लोपीडिया', 'आमची मुंबई', 'आजादी की लड़ाई में मुंबई का योगदान', 'स्वातंत्र्य लढ्यातील मुंबईचे योगदान', 'मुंबई और हिंदी', 'आदिज्ञान मुंबई का मूल निवासी कोली समुदाय विशेषांक' तथा 'आमची मुंबई-2' का समावेश है। इन दिनों वे एक महत्त्वपूर्ण परियोजना "साहित्य और मुंबई" पर कार्य कर रहे हैं जिसमें हिंदी, मराठी, गुजराती, अंग्रेजी तथा उर्दू में लिखी मुंबई पर पुस्तकों, उपन्यासों, कहानियों व कविताओं पर फोकस किया गया है। राजेश विक्रांत यशस्वी संपादक एवं स्तंभकार भी हैं। डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय के जीवन और रचना कर्म पर देश के प्रतिष्ठित रचनाकारों एवं संपादकों के लेख इस पुस्तक में संकलित हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. श्यामवृक्ष मौर्य करेंगे जबकि अमरनाथ राय बतौर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। पुस्तक लोकार्पण एवं परिचर्चा में सुभाषचंद्र तिवारी 'कुंदन' विशिष्ट अतिथि होंगे और हेमलता त्रिपाठी सम्माननीय अतिथि के रूप आमंत्रित हैं। समारोह के मुख्य वक्ता बरुण कुमार पाण्डेय एवं संतोष कुमार सिंह और सौम्या पाण्डेय वक्ता के रूप में पुस्तक पर अपने विचार रखेंगे।
कार्यक्रम का संचालन सुप्रसिद्ध कवि तारकेश्वर मिश्र जिज्ञासु करेंगे। लोकार्पण, परिचर्चा एवं कवि गोष्ठी के संबंध में उक्त जानकारी कवि  लाल बहादुर चौरसिया 'लाल' और कवि राकेश पाण्डेय 'सागर' ने उपलब्ध कराई है।
अमित शाह चुनेंगे पश्चिम बंगाल का मुख्यमंत्री, बनाए गए पर्यवेक्षक, जेपी नड्‌डा को असम की जिम्मेदारी

#amitshahappointedobserverforwestbengal

पश्चिम बंगाल और असम में नई सरकार के गठन के लिए भारतीय जनता पार्टी ने कवायद शुरू कर दी है। पश्चिम बंगाल और असम में विधायक दल का नेता चुनने के लिए भाजपा ने अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। पश्चिम बंगाल की जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी को दी गई है। वहीं, असम में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पर्यवेक्षक बनाया गया है।

जल्द कोलकाता जाएंगे शाह

पश्चिम बंगाल में बीजेपी ने बड़ी जीत हासिल की है। पार्टी को 206 सीटें हासिल हुई है, जबकि टीएमसी को 82 सीटें मिली हैं। अब बीजेपी सरकार बनाने की तैयारी में जुट गई है। इसी क्रम में पर्यवेक्षक नियुक्त कर दिए गए हैं। पश्चिम बंगाल जैसे राजनीतिक रूप से संवेदनशील और महत्वपूर्ण राज्य में यह बड़ी जिम्मेदारी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को दी गई है। अमित शाह अगले 2-3 तीनों में कोलकाता जाएंगे और विधायकों से बातचीत करेंगे। पश्चिम बंगाल में नई सरकार का शपथ ग्रहण 9 मई को होगा।

नवनिर्वाचित विधायकों के साथ बैठक कर चुनेंगे नेता

वहीं, पूर्वोत्तर के सबसे अहम राज्य असम के लिए केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है। उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को केंद्रीय सह-पर्यवेक्षक बनाया गया है। यह दोनों वरिष्ठ नेता असम जाकर सभी नवनिर्वाचित विधायकों के साथ सीधी बैठक करेंगे और उनकी राय जानने के बाद ही विधायक दल के नेता के नाम पर अंतिम मुहर लगाएंगे। इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया से पार्टी के भीतर किसी भी तरह की गुटबाजी को रोकने में मदद मिलेगी।

शिक्षामित्रों का मानदेय 18,000 रु. हुआ, प्रदेशभर में सम्मान समारोह

* सीएम ने 10 शिक्षामित्रों को दिए प्रतीकात्मक चेक, ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन; बेसिक शिक्षा में सुधारों की झलक

गोरखपुर/लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बेसिक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय 10,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये प्रतिमाह करने की घोषणा को लागू किया। इस अवसर पर गोरखपुर स्थित योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में भव्य “शिक्षामित्र सम्मान समारोह” का आयोजन किया गया, जबकि प्रदेश के सभी जनपदों में भी समानांतर कार्यक्रम आयोजित हुए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने 10 चयनित शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक वितरित कर बढ़े हुए मानदेय की औपचारिक शुरुआत की। साथ ही विद्यार्थी नेतृत्व आधारित गतिविधियों पर केंद्रित ‘अरुणोदय’ कैलेंडर का विमोचन किया और बेसिक शिक्षा विभाग के उपलब्धि-आधारित स्टॉलों का अवलोकन भी किया।
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि यह आयोजन शिक्षामित्रों के त्याग और समर्पण के सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में 3,500 रुपये से बढ़ाकर 10,000 रुपये किया गया मानदेय अब 18,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी है। इसके लिए लगभग 230.11 करोड़ रुपये की धनराशि जारी की गई है, ताकि समय पर भुगतान सुनिश्चित हो सके।
मंत्री ने बताया कि “ऑपरेशन कायाकल्प” के तहत विद्यालयों में 19 मानकों पर मूलभूत सुविधाएं जैसे पेयजल, शौचालय, फर्नीचर और ब्लैकबोर्ड उपलब्ध कराए गए हैं। वहीं, एनसीईआरटी पाठ्यक्रम लागू कर सरकारी और निजी स्कूलों के बीच का शैक्षिक अंतर कम करने का प्रयास किया गया है।
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देते हुए प्रदेश के 31,878 विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, 14,988 में आईसीटी लैब और 1,129 में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की गई हैं। इसके अलावा शिक्षकों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए हैं।
बालिका शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों को कक्षा 6 से 12 तक विस्तारित किया गया है। साथ ही छात्रों को यूनिफॉर्म, जूते, बैग और स्टेशनरी के लिए 1,200 रुपये की डीबीटी सहायता सीधे अभिभावकों के खातों में भेजी जा रही है।
“स्कूल चलो अभियान” के तहत 1 से 15 अप्रैल 2026 के बीच 20 लाख से अधिक नए छात्रों का नामांकन किया गया। मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि “उत्तम प्रदेश” के निर्माण में शिक्षामित्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और वे भविष्य निर्माण के प्रमुख आधार हैं।उन्होंने शिक्षामित्रों से अपील की कि वे अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ करते रहें, जिससे प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हो सके।