संजय सेतु मरम्मत से पहले बनेगा अस्थाई पीपे का पुल,प्रयागराज से मंगाए जा रहे पीपे के पुल
*एनएचएआई ने एक माह तो पीडब्ल्यूडी ने मांगा डेढ़ माह का समय

गोंडा।गोंडा से लखनऊ को जोड़ने वाले संजय सेतु के मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है,शासन ने संजय सेतु के मरम्मत से पहले यहाँ एक अस्थाई पीपा पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है।इस पीपा पुल का निर्माण 8.26 करोड़ के स्थान पर अब 6.28 करोड़ की लागत से किया जाएगा।अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से पीपा पुल लाने के सख्त निर्देश दिए गये हैं।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पीपा पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय मांगा है जबकि लोक निर्माण विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा है।संजय सेतु की मरम्मत पीपा पुल के निर्माण के बिना शुरू नहीं होगा।बीते दिनों बलरामपुर,गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती,बाराबंकी और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीपा पुल बनाने की मांग किया था।यह पुल काफी पुराना है और संजय गांधी के नाम पर संजय सेतु या घाघरा पुल के नाम से जाना जाता है।इसके जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद भारत सरकार ने इसकी मरम्मत को मंजूरी दिया है।पुल के मरम्मत का काम शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे ताकि लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद आखिरकार शासन द्वारा मंजूरी मिल गई है।उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग को इस पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय दिया है परन्तु उनके द्वारा डेढ़ महीने का समय मांगा जा रहा है।मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले यहाँ पर एक अस्थाई पीपा पुल बनाया जाएगा,जिसकी प्रक्रिया हमने शुरू कर दिया है और प्रयागराज से पीपा पुल मंगाए जा रहे हैं।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

बहसूमा में  हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया वीडियो से खुला राज
मेरठ। बहसूमा। थाना क्षेत्र में हुए सुरेंद्र उर्फ सुनील हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कत्ल के बाद खुलेआम चेतावनी देते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान पुख्ता की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस टीम और आरोपी के बीच जोरदार जद्दोजहद हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने अपराध को स्वीकार करते हुए वीडियो जारी किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

पुलिस का कहना है  घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले में विधिक कार्रवाई सख्ती से की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।
सीएम योगी का जापान दौरा: यूपी-यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
यामानाशी (जापान)/लखनऊ। जापान दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, जो प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
* ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में सहयोग
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्राप्त तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों के दौरान जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ। भारतीय दूतावास के सहयोग से निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
* रोबोटिक्स और भविष्य की तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
* उत्तर प्रदेश की विकास गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उर्वर भूमि, प्रचुर जल संसाधन और विशाल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
* ‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल बना आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
* प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के राज्यपाल Kotaro Nagasaki, उपराज्यपाल Junichi Ishidera, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक सहित दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी प्रशासन और जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
महोबा में भीषण हादसा: शादी से लौट रहीं चार महिलाओं को लोडर ने रौंदा, तीन की मौत
लखनऊ /महोबा। शादी समारोह से खाना बनाकर घर लौट रहीं चार महिलाओं को तेज रफ्तार लोडर ने कुचल दिया। हादसा गुरुवार तड़के करीब तीन बजे महोबा-छतरपुर रोड पर मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर के पास हुआ। दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के भटीपुरा मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय श्यामरानी, 65 वर्षीय तुलसा, 35 वर्षीय गीता और 50 वर्षीय भगवती बुधवार रात महोबा-छतरपुर रोड किनारे स्थित मीना पैलेस में शादी समारोह में खाना बनाने गई थीं। तड़के चारों महिलाएं पैदल अपने घर लौट रही थीं, तभी तेज रफ्तार लोडर ने उन्हें टक्कर मार दी।
राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल महोबा लाया गया, जहां सिर में गंभीर चोट के कारण श्यामरानी को मृत घोषित कर दिया गया। गीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में भगवती और तुलसा को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन झांसी ले जाते समय रास्ते में भगवती की भी मौत हो गई। तुलसा का उपचार जारी है।
हादसे के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
नैनीताल से लौट रहे परिवार की कार बनी आग का गोला, महिला सिपाही और 2 साल के बेटे की जिंदा जलकर मौत
नैनीताल/रामपुर। नैनीताल से घूमकर लौट रहा एक खुशहाल परिवार कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग गई, जिससे महिला सिपाही और उनके दो साल के मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो वर्षीय बेटे लड्डू और बरेली के जमालपुर निवासी चाचा रवि ठाकुर के साथ नैनीताल घूमने गए थे। लता सिंह कौशांबी जिला में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं और इन दिनों छुट्टी पर गांव आई हुई थीं।
बताया जा रहा है कि बुधवार रात परिवार स्विफ्ट कार से वापस लौट रहा था। काशीपुर गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में तुरंत आग लग गई और वह देखते ही देखते आग का गोला बन गई।
हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। कार सवार तीन लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो साल का मासूम कार के अंदर ही फंस गया। बेटे को बचाने के प्रयास में मां लता सिंह दोबारा जलती कार की ओर दौड़ीं और आग की चपेट में आ गईं। मां-बेटे की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
“जिस बेटे के लिए जिए… उसी ने ले ली जान”
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हत्याकांड में आरोपी उनका बेटा अक्षत प्रताप सिंह (21) है, जिसकी बेरुखी और वारदात के बाद का व्यवहार हर किसी को हैरान कर रहा है।

हत्या के बाद सामान्य बनने की कोशिश

पुलिस के अनुसार पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद भी अक्षत के चेहरे पर जरा भी पछतावा नहीं था। उसने घर का माहौल सामान्य बनाए रखने की कोशिश की। बाजार से पनीर और मिठाई खरीदकर लाया। चाची को पनीर दिया, खाना बनवाया और परिवार के साथ बैठकर सामान्य ढंग से भोजन किया। यहां तक कि मिठाई भी बांटी, ताकि किसी को शक न हो कि घर के भीतर इतनी खौफनाक वारदात हो चुकी है।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के समय कक्षा 11 की छात्रा कृति भी कमरे में मौजूद थी। पिता की हत्या के बाद अक्षत ने उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे भी मार देगा। डर के साये में जी रही कृति 20 फरवरी को परीक्षा देने स्कूल भी गई, लेकिन उसने किसी से कुछ साझा नहीं किया। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मानवेंद्र अपनी बेटी से बेहद प्रेम करते थे और बच्चों की खातिर उन्होंने दूसरी शादी नहीं की थी।

शव के टुकड़े कर फेंके अंग

मामले के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया। पहले कार से गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। फिर आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। इससे पहले कि वह धड़ को भी ठिकाने लगा पाता, पुलिस को सुराग मिल गया।

गुमशुदगी से खुला राज

21 फरवरी को आशियाना थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई। जांच के दौरान जब पुलिस ने अक्षत से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतिम संस्कार में नहीं मिला अधिकार

मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में किया गया। मुखाग्नि उनके भतीजे कृत सिंह ने दी। परिवार में कोहराम मचा रहा। मां बार-बार बेसुध हो रही थीं। पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

जेल में अजीब व्यवहार

जिला कारागार भेजे जाने के बाद अक्षत बार-बार कहता रहा, “पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया… मैं गिर जाऊंगा।” उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और काउंसिलिंग जारी है।

पुलिस का बयान

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता द्वारा पढ़ाई का दबाव बनाए जाने से आरोपी नाराज था।
आशियाना पुलिस ने बहन कृति से भी पूछताछ की, लेकिन उसकी किसी भी प्रकार की भूमिका सामने नहीं आई है।

यह हत्याकांड न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है—एक पिता, जिसने बच्चों की खातिर अपना जीवन समर्पित किया, उसी बेटे के हाथों मौत का शिकार हो गया।
लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के थाना आशियाना क्षेत्र में अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर छिपाने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नीट परीक्षा को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी थी।

मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई

23 फरवरी 2026 को अक्षत प्रताप सिंह (21) निवासी सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई। गुमशुदगी संख्या 06/2026 पंजीकृत की गई।जांच के दौरान पुलिस को अक्षत का बयान संदिग्ध लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

अपराध का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी .315 बोर रायफल से गोली मार दी।

चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे। कटे अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि शेष शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में घर के अंदर छिपा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0 51/2026 धारा 103(1)/238/217 बीएनएस एवं धारा 4/9/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना आशियाना, लखनऊ।पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:10 बजे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर निम्न बरामदगियां हुईं—

नीले ड्रम से शेष शव

नादरगंज नहर किनारे से कटे हाथ-पैर

ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से 2 चाकू व 2 आरी

अनौरा जंगल, सरोजनीनगर से जली चादर व राख

हत्या में प्रयुक्त .315 बोर लाइसेंसी रायफल, कारतूस व अन्य साक्ष्य

अपराध का तरीका

पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या, फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराना।

गिरफ्तार अभियुक्त

अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष)
निवासी सेक्टर-एल, मकान नं. 91, एलडीए कॉलोनी, थाना आशियाना, लखनऊ

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह सहित थाना आशियाना की पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद से उपजे एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकीपुरम विस्तार में आवासीय भू-उपयोग पर तीन मंजिला व्यावसायिक निर्माण का आरोप, जोन–5 के अधिकारियों पर मिलीभगत के दावे
लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर–6 में कथित रूप से आवासीय भू-उपयोग की भूमि पर तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य ज़ोन–5 के अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 60 फीट रोड पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप से पहले, बाला जी स्वीट्स के सामने वाली गली में यह निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माणकर्ता विशाल सिंह द्वारा नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक भवन खड़ा किया जा रहा है, जबकि संबंधित भूखंड का भू-उपयोग आवासीय श्रेणी में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रति फ्लोर के हिसाब से कथित रूप से ‘सेटिंग’ तय की गई है। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में ज़ोन–5 के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध है तथा कथित तौर पर हिस्सा ऊपर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ज़ोनल प्रभारी के स्तर तक मामले में जानकारी और हिस्सेदारी पहुंचने के भी दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को इसी तरह संरक्षण मिलता रहा तो क्षेत्र की मूल संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराई जाती है या नहीं।
संजय सेतु मरम्मत से पहले बनेगा अस्थाई पीपे का पुल,प्रयागराज से मंगाए जा रहे पीपे के पुल
*एनएचएआई ने एक माह तो पीडब्ल्यूडी ने मांगा डेढ़ माह का समय

गोंडा।गोंडा से लखनऊ को जोड़ने वाले संजय सेतु के मरम्मत का रास्ता साफ हो गया है,शासन ने संजय सेतु के मरम्मत से पहले यहाँ एक अस्थाई पीपा पुल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दिया है।इस पीपा पुल का निर्माण 8.26 करोड़ के स्थान पर अब 6.28 करोड़ की लागत से किया जाएगा।अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रयागराज से पीपा पुल लाने के सख्त निर्देश दिए गये हैं।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने पीपा पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय मांगा है जबकि लोक निर्माण विभाग ने कार्य पूरा करने के लिए डेढ़ महीने का समय मांगा है।संजय सेतु की मरम्मत पीपा पुल के निर्माण के बिना शुरू नहीं होगा।बीते दिनों बलरामपुर,गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती,बाराबंकी और अयोध्या के जनप्रतिनिधियों ने  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर पीपा पुल बनाने की मांग किया था।यह पुल काफी पुराना है और संजय गांधी के नाम पर संजय सेतु या घाघरा पुल के नाम से जाना जाता है।इसके जर्जर होने से लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था, जिसके बाद भारत सरकार ने इसकी मरम्मत को मंजूरी दिया है।पुल के मरम्मत का काम शुरू होने से पहले वैकल्पिक मार्ग बनाए जाएंगे ताकि लोगों को आवागमन में कोई दिक्कत न हो।भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के परियोजना निदेशक नकुल प्रकाश ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद आखिरकार शासन द्वारा मंजूरी मिल गई है।उन्होंने कहा कि हमने लोक निर्माण विभाग को इस पुल के निर्माण के लिए एक महीने का समय दिया है परन्तु उनके द्वारा डेढ़ महीने का समय मांगा जा रहा है।मरम्मत कार्य शुरू होने से पहले यहाँ पर एक अस्थाई पीपा पुल बनाया जाएगा,जिसकी प्रक्रिया हमने शुरू कर दिया है और प्रयागराज से पीपा पुल मंगाए जा रहे हैं।
दिल्ली शराब घोटाला केस में केजरीवाल-सिसोदिया समेत 23 बरी, फैसला आते ही भावुक हुए आप संयोजक

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दिल्‍ली शराब घोटाला मामले में बड़ी खबर है। शराब घोटाला मामले में आरोपी आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को कोर्ट ने बरी कर दिया है। राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े।

अदालत ने कहा- आरोप पत्र में कई कमियां

दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत ने कथित आबकारी नीति घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सीबीआई की ओर से दाखिल आरोपपत्र का संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि आरोप पत्र में कई ऐसी कमियां हैं जिनका सबूतों से समर्थन नहीं मिलता। उसमें लगाए गए आरोप किसी गवाह या बयान से समर्थित नहीं हैं।

कोर्ट की सीबीआई जांच पर कड़ी टिप्पणी

अदालत ने सीबीआई की जांच पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि केजरीवाल और सिसोदिया को बिना ठोस सामग्री के मामले में आरोपित किया गया। इसके साथ ही उन्होंने मामले में आम आदमी पार्टी के दोनों नेताओं के अलावा 21 अन्य आरोपियों को भी बरी कर दिया। साथ ही और किसी के खिलाफ आरोप तय करने से इनकार कर दिया।

केजरीवाल ने कहा-मैं भ्रष्ट नहीं हूं

राउज एवेन्‍यू कोर्ट का आदेश आते ही अरविंद केजरीवाल बाहर नि‍कले और पब्‍लि‍क के सामने ही फफक-फफक कर रो पड़े। इस दौरान साथ उनके खड़े मनीष सिसोदिया उन्हें गले लगाकर ढांढस बंधाते रहे। काफी देर बाद अरविंद केजरीवाल ने रुंधे गले से कहा, ‘मैं भ्रष्ट नहीं हूं। कोर्ट ने भी कहा कि केजरीवाल और मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। कोर्ट ने इस मामले में सभी आरोपियों को बरी कर दिया है। हमने हमेशा कहा कि सत्य ही जीतता है। हमें भारतीय कानून पर पूरा भरोसा है’।

सिसोदिया ने कहा- सत्य की जीत

वहीं, बरी होने पर मनीष सिसोदिया ने भी इसे सत्य की जीत बताया। सिसोदिया ने कहा, ‘सत्यमेव जयते, एक बार फिर मुझे बाबा साहब अंबेडकर की दूरदर्शी सोच और उनके बनाए संविधान पर गर्व हो रहा है। मोदी जी, उनकी पूरी पार्टी और उनकी एजेंसियों के द्वारा हमें बेईमान साबित करने के लिए पूरा जोर लगाने के बावजूद आज यह साबित हो गया कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार हैं।’

क्या था पूरा मामला

पूरा मामला नवंबर 2021 का है, जब दिल्‍ली की नई आबकारी नीति लागू हुई, तब दावा हुआ कि राजस्व बढ़ेगा। हालांकि, उस मामले को लेकर दिल्‍ली सरकार की मुसीबतें जरूर बढ़ गईं। सालभर भी नहीं हुआ और आबकारी नीति भ्रष्टाचार के आरोपों से घिर गई। बीजेपी ने आरोप लगाए थे कि शराब लाइसेंस बांटने में धांधली हुई। चुनिंदा डीलर्स को फायदा पहुंचाया गया। जुलाई 2022 आते-आते आंच इतनी तेज हो गई कि उपराज्‍यपाल ने मुख्य सचिव से रिपोर्ट मांग ली। रिपोर्ट के आधार पर केंद्रीय एजेंसियों ने जांच तेज की, जिसमें कई गिरफ्तारी भी हुई। केजरीवाल और सिसोदिया की गिरफ्तारी के साथ यह बवाल चरम पर पहुंच गया था।

बहसूमा में  हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया वीडियो से खुला राज
मेरठ। बहसूमा। थाना क्षेत्र में हुए सुरेंद्र उर्फ सुनील हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कत्ल के बाद खुलेआम चेतावनी देते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान पुख्ता की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस टीम और आरोपी के बीच जोरदार जद्दोजहद हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने अपराध को स्वीकार करते हुए वीडियो जारी किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

पुलिस का कहना है  घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले में विधिक कार्रवाई सख्ती से की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।
सीएम योगी का जापान दौरा: यूपी-यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
यामानाशी (जापान)/लखनऊ। जापान दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, जो प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
* ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में सहयोग
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्राप्त तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों के दौरान जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ। भारतीय दूतावास के सहयोग से निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
* रोबोटिक्स और भविष्य की तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
* उत्तर प्रदेश की विकास गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उर्वर भूमि, प्रचुर जल संसाधन और विशाल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
* ‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल बना आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
* प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के राज्यपाल Kotaro Nagasaki, उपराज्यपाल Junichi Ishidera, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक सहित दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी प्रशासन और जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
महोबा में भीषण हादसा: शादी से लौट रहीं चार महिलाओं को लोडर ने रौंदा, तीन की मौत
लखनऊ /महोबा। शादी समारोह से खाना बनाकर घर लौट रहीं चार महिलाओं को तेज रफ्तार लोडर ने कुचल दिया। हादसा गुरुवार तड़के करीब तीन बजे महोबा-छतरपुर रोड पर मां बड़ी चंद्रिका देवी मंदिर के पास हुआ। दुर्घटना में तीन महिलाओं की मौत हो गई, जबकि एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के मुताबिक, सदर कोतवाली क्षेत्र के भटीपुरा मोहल्ला निवासी 45 वर्षीय श्यामरानी, 65 वर्षीय तुलसा, 35 वर्षीय गीता और 50 वर्षीय भगवती बुधवार रात महोबा-छतरपुर रोड किनारे स्थित मीना पैलेस में शादी समारोह में खाना बनाने गई थीं। तड़के चारों महिलाएं पैदल अपने घर लौट रही थीं, तभी तेज रफ्तार लोडर ने उन्हें टक्कर मार दी।
राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को जिला अस्पताल महोबा लाया गया, जहां सिर में गंभीर चोट के कारण श्यामरानी को मृत घोषित कर दिया गया। गीता ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। गंभीर हालत में भगवती और तुलसा को झांसी मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, लेकिन झांसी ले जाते समय रास्ते में भगवती की भी मौत हो गई। तुलसा का उपचार जारी है।
हादसे के बाद चालक वाहन समेत फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी चालक की तलाश शुरू कर दी है। घटना के बाद मृतकों के परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
नैनीताल से लौट रहे परिवार की कार बनी आग का गोला, महिला सिपाही और 2 साल के बेटे की जिंदा जलकर मौत
नैनीताल/रामपुर। नैनीताल से घूमकर लौट रहा एक खुशहाल परिवार कुछ ही पलों में मातम में बदल गया। तेज रफ्तार डंपर की टक्कर के बाद कार में भीषण आग लग गई, जिससे महिला सिपाही और उनके दो साल के मासूम बेटे की दर्दनाक मौत हो गई।
मिली जानकारी के अनुसार, मिलक क्षेत्र के बेहटरा गांव निवासी दान सिंह अपनी पत्नी लता सिंह, दो वर्षीय बेटे लड्डू और बरेली के जमालपुर निवासी चाचा रवि ठाकुर के साथ नैनीताल घूमने गए थे। लता सिंह कौशांबी जिला में महिला सिपाही के पद पर तैनात थीं और इन दिनों छुट्टी पर गांव आई हुई थीं।
बताया जा रहा है कि बुधवार रात परिवार स्विफ्ट कार से वापस लौट रहा था। काशीपुर गांव के पास सामने से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने कार को साइड से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कार में तुरंत आग लग गई और वह देखते ही देखते आग का गोला बन गई।
हादसे के बाद अफरा-तफरी मच गई। कार सवार तीन लोग किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे, लेकिन दो साल का मासूम कार के अंदर ही फंस गया। बेटे को बचाने के प्रयास में मां लता सिंह दोबारा जलती कार की ओर दौड़ीं और आग की चपेट में आ गईं। मां-बेटे की मौके पर ही जिंदा जलकर मौत हो गई, जबकि एक अन्य सदस्य गंभीर रूप से झुलस गया, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग मौके पर पहुंचा और आग पर काबू पाया। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। पुलिस ने डंपर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
“जिस बेटे के लिए जिए… उसी ने ले ली जान”
लखनऊ । उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना इलाके में शराब कारोबारी और पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस हत्याकांड में आरोपी उनका बेटा अक्षत प्रताप सिंह (21) है, जिसकी बेरुखी और वारदात के बाद का व्यवहार हर किसी को हैरान कर रहा है।

हत्या के बाद सामान्य बनने की कोशिश

पुलिस के अनुसार पिता की गोली मारकर हत्या करने के बाद भी अक्षत के चेहरे पर जरा भी पछतावा नहीं था। उसने घर का माहौल सामान्य बनाए रखने की कोशिश की। बाजार से पनीर और मिठाई खरीदकर लाया। चाची को पनीर दिया, खाना बनवाया और परिवार के साथ बैठकर सामान्य ढंग से भोजन किया। यहां तक कि मिठाई भी बांटी, ताकि किसी को शक न हो कि घर के भीतर इतनी खौफनाक वारदात हो चुकी है।

बहन को दी जान से मारने की धमकी

घटना के समय कक्षा 11 की छात्रा कृति भी कमरे में मौजूद थी। पिता की हत्या के बाद अक्षत ने उसे धमकाया कि अगर उसने किसी को बताया तो उसे भी मार देगा। डर के साये में जी रही कृति 20 फरवरी को परीक्षा देने स्कूल भी गई, लेकिन उसने किसी से कुछ साझा नहीं किया। कॉलोनी के लोगों का कहना है कि मानवेंद्र अपनी बेटी से बेहद प्रेम करते थे और बच्चों की खातिर उन्होंने दूसरी शादी नहीं की थी।

शव के टुकड़े कर फेंके अंग

मामले के मुताबिक, 20 फरवरी की सुबह करीब 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हुआ। गुस्से में आकर अक्षत ने लाइसेंसी राइफल से पिता को गोली मार दी। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
इसके बाद आरोपी ने शव को तीसरी मंजिल से घसीटकर नीचे लाया। पहले कार से गोमती नदी में फेंकने की योजना बनाई, लेकिन वजन अधिक होने से असफल रहा। फिर आरी खरीदकर शव के टुकड़े किए। दोनों हाथ और पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए, जबकि सिर सहित धड़ को नीले ड्रम में छिपा दिया। इससे पहले कि वह धड़ को भी ठिकाने लगा पाता, पुलिस को सुराग मिल गया।

गुमशुदगी से खुला राज

21 फरवरी को आशियाना थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज हुई। जांच के दौरान जब पुलिस ने अक्षत से सख्ती से पूछताछ की तो पूरा मामला सामने आ गया। आरोपी के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

अंतिम संस्कार में नहीं मिला अधिकार

मानवेंद्र सिंह का अंतिम संस्कार वीआईपी रोड स्थित बैकुंठ धाम में किया गया। मुखाग्नि उनके भतीजे कृत सिंह ने दी। परिवार में कोहराम मचा रहा। मां बार-बार बेसुध हो रही थीं। पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई।

जेल में अजीब व्यवहार

जिला कारागार भेजे जाने के बाद अक्षत बार-बार कहता रहा, “पापा ने मुझे मारा तो मैंने उन्हें मार दिया… मैं गिर जाऊंगा।” उसकी मानसिक स्थिति को देखते हुए जेल प्रशासन ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया है। डॉक्टरों की निगरानी में इलाज और काउंसिलिंग जारी है।

पुलिस का बयान

डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिता द्वारा पढ़ाई का दबाव बनाए जाने से आरोपी नाराज था।
आशियाना पुलिस ने बहन कृति से भी पूछताछ की, लेकिन उसकी किसी भी प्रकार की भूमिका सामने नहीं आई है।

यह हत्याकांड न सिर्फ लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है—एक पिता, जिसने बच्चों की खातिर अपना जीवन समर्पित किया, उसी बेटे के हाथों मौत का शिकार हो गया।
लखनऊ में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाला बेटा गिरफ्तार
लखनऊ । राजधानी लखनऊ के थाना आशियाना क्षेत्र में अपने ही पिता की हत्या कर शव के टुकड़े कर छिपाने वाले अभियुक्त को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने नीट परीक्षा को लेकर हुए पारिवारिक विवाद के बाद अपने पिता को उनकी ही लाइसेंसी रायफल से गोली मार दी थी।

मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई

23 फरवरी 2026 को अक्षत प्रताप सिंह (21) निवासी सेक्टर-एल, एलडीए कॉलोनी, आशियाना ने अपने पिता मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की रिपोर्ट थाना आशियाना में दर्ज कराई। गुमशुदगी संख्या 06/2026 पंजीकृत की गई।जांच के दौरान पुलिस को अक्षत का बयान संदिग्ध लगा। कड़ाई से पूछताछ करने पर वह टूट गया और पिता की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली।

अपराध का खुलासा

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि 20 फरवरी 2026 की सुबह लगभग 4:30 बजे नीट परीक्षा की तैयारी को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हुआ। गुस्से में आकर उसने अपने पिता को उनकी लाइसेंसी .315 बोर रायफल से गोली मार दी।

चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे

हत्या के बाद आरोपी ने साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से चाकू और आरी से शव के हाथ-पैर काटे। कटे अंगों को पॉलिथीन में लपेटकर नादरगंज क्षेत्र में नहर किनारे झाड़ियों में फेंक दिया, जबकि शेष शव को नीले प्लास्टिक ड्रम में घर के अंदर छिपा दिया। पुलिस को गुमराह करने के लिए खुद ही गुमशुदगी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई।

पंजीकृत अभियोग

मु0अ0सं0 51/2026 धारा 103(1)/238/217 बीएनएस एवं धारा 4/9/25/27 आर्म्स एक्ट, थाना आशियाना, लखनऊ।पुलिस उपायुक्त मध्य के निर्देश पर गठित टीम ने आरोपी को 24 फरवरी 2026 को शाम 6:10 बजे गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर निम्न बरामदगियां हुईं—

नीले ड्रम से शेष शव

नादरगंज नहर किनारे से कटे हाथ-पैर

ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे ट्रैक के पास से 2 चाकू व 2 आरी

अनौरा जंगल, सरोजनीनगर से जली चादर व राख

हत्या में प्रयुक्त .315 बोर लाइसेंसी रायफल, कारतूस व अन्य साक्ष्य

अपराध का तरीका

पारिवारिक विवाद के चलते लाइसेंसी रायफल से गोली मारकर हत्या, फिर साक्ष्य छिपाने के लिए शव के टुकड़े कर अलग-अलग स्थानों पर फेंकना और पुलिस को भ्रमित करने के लिए स्वयं गुमशुदगी दर्ज कराना।

गिरफ्तार अभियुक्त

अक्षत प्रताप सिंह (21 वर्ष)
निवासी सेक्टर-एल, मकान नं. 91, एलडीए कॉलोनी, थाना आशियाना, लखनऊ

गिरफ्तारी करने वाली टीम

प्रभारी निरीक्षक छत्रपाल सिंह सहित थाना आशियाना की पुलिस टीम ने संयुक्त कार्रवाई कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
यह मामला राजधानी लखनऊ में पारिवारिक विवाद से उपजे एक जघन्य अपराध के रूप में सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है।
जानकीपुरम विस्तार में आवासीय भू-उपयोग पर तीन मंजिला व्यावसायिक निर्माण का आरोप, जोन–5 के अधिकारियों पर मिलीभगत के दावे
लखनऊ। राजधानी के जानकीपुरम विस्तार स्थित सेक्टर–6 में कथित रूप से आवासीय भू-उपयोग की भूमि पर तीन मंजिला व्यावसायिक भवन का निर्माण किए जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि यह निर्माण कार्य ज़ोन–5 के अधिकारियों की मिलीभगत से खुलेआम किया जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 60 फीट रोड पर भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप से पहले, बाला जी स्वीट्स के सामने वाली गली में यह निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माणकर्ता विशाल सिंह द्वारा नियमों को दरकिनार कर व्यावसायिक भवन खड़ा किया जा रहा है, जबकि संबंधित भूखंड का भू-उपयोग आवासीय श्रेणी में दर्ज है।
स्थानीय सूत्रों का यह भी दावा है कि प्रति फ्लोर के हिसाब से कथित रूप से ‘सेटिंग’ तय की गई है। आरोपों में यह भी कहा जा रहा है कि इस मामले में ज़ोन–5 के अवर अभियंता की भूमिका संदिग्ध है तथा कथित तौर पर हिस्सा ऊपर तक पहुंचने की बात कही जा रही है। ज़ोनल प्रभारी के स्तर तक मामले में जानकारी और हिस्सेदारी पहुंचने के भी दावे किए जा रहे हैं।
हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। संबंधित विभागीय अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन समाचार लिखे जाने तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया प्राप्त नहीं हो सकी थी।
स्थानीय निवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए कहा है कि यदि आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक निर्माण को इसी तरह संरक्षण मिलता रहा तो क्षेत्र की मूल संरचना और नागरिक सुविधाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराई जाती है या नहीं।