राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
नैमिष नगर योजना को रफ्तार: 2500 किसानों की सहमति, 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे की प्रक्रिया तेज

* आईआईएम रोड पर बसने जा रहा आधुनिक उपनगर, 2 लाख लोगों को मिलेगा आवास

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के उत्तरी क्षेत्र में आईआईएम रोड पर प्रस्तावित एलडीए की नैमिष नगर योजना तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में हो चुका है, जबकि 2500 से अधिक किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, योजना के दो सेक्टरों में भूखंडों के लिए पंजीकरण सितंबर 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास कार्य भी प्रारंभ हो चुके हैं।
योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना में शामिल की जानी है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर जैसे गांव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण और रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ लगातार सहमति पत्र मिल रहे हैं। साथ ही, योजना में शामिल गांवों का भी समग्र विकास किया जाएगा। इसके तहत संपर्क मार्ग, जल निकासी, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र, तालाब, स्कूल, पार्क और श्मशान जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
करीब 2 लाख लोगों को आवासीय सुविधा देने वाली यह योजना एक आधुनिक उपनगर के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नैमिष नगर योजना से लखनऊ में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज संगम से 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराएगा IRCTC, 27 अप्रैल से चलेगी भारत गौरव ट्रेन
विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ,धर्मनगरी प्रयागराज के श्रद्धालुओं के लिए आईआरसीटीसी एक विशेष सौगात लेकर आया है। 27 अप्रैल से 'भारत गौरव पर्यटक ट्रेन' के माध्यम से सात ज्योतिर्लिंगों की यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

गोरखपुर से शुरू होने वाली यह 12 दिवसीय यात्रा प्रयागराज संगम स्टेशन से भी होकर गुजरेगी। 12 दिन और 11 रातों के इस सफर में यात्रियों को उज्जैन के महाकालेश्वर व ओंकारेश्वर, गुजरात के सोमनाथ व नागेश्वर, नासिक के त्रियंबकेश्वर, पुणे के भीमाशंकर और संभाजी नगर के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। साथ ही द्वारकाधीश मंदिर और पंचवटी जैसे धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी इस पैकेज का हिस्सा होगा।

आईआरसीटीसी ने इस यात्रा के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं, जिसमें इकोनामी, स्टैंडर्ड और कंफर्ट श्रेणी है। भोजन, भ्रमण, ठहरने के साथ ईएमआई की सुविधा भी उपलब्ध है। आइआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से अपनी सीट बुक कर सकते हैं। यह यात्रा आठ मई को संपन्न होगी।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
भाजपा नेता विजय बहादुर पाठक के पिता राधेश्याम पाठक का निधन, पार्टी नेताओं ने जताया शोक

* जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे राधेश्याम पाठक, संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक के पिता एवं जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम पाठक के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राधेश्याम पाठक जनसंघ के समय से सक्रिय कार्यकर्ता रहे और आजमगढ़ से जनसंघ के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे। उन्होंने संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
इस अवसर पर पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं—पंकज सिंह, कांता कर्दम, संतोष सिंह, सलिल विश्नोई, सत्यपाल सिंह सैनी, नीलम सोनकर, कमलावती सिंह, बृजबहादुर, सुनीता दयाल, दिनेश कुमार शर्मा, मानवेन्द्र सिंह, पद्म सेन चौधरी, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, देवेश कोरी, त्रयंबक त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, अमर पाल मौर्य, अनूप गुप्ता, प्रियंका सिंह रावत, संजय राय, सुभाष यदुवंश, राम प्रताप सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

गैस संकट से जूझा बहसूमा, घंटों लाइन के बाद भी खाली हाथ लौटे लोग

बहसूमा। कस्बे में स्थित इंडियन गैस एजेंसी पर गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब सैकड़ों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए सुबह से ही लंबी कतारों में खड़े नजर आए। भीषण गर्मी और घंटों इंतजार के बावजूद अधिकांश लोगों को गैस नहीं मिल सकी, जिससे लोगों में आक्रोश और मायूसी साफ दिखाई दी।

सुबह से ही महिलाओं, बुजुर्गों और पुरुषों की भारी भीड़ एजेंसी पर जुट गई। कई महिलाएं छोटे बच्चों के साथ 3–4 घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन जब उनकी बारी आई तो कर्मचारियों ने “बुकिंग न होने” का हवाला देकर उन्हें वापस लौटा दिया। इससे उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

कपिल ने बताया कि वह करीब चार घंटे तक लाइन में खड़ी रहीं, लेकिन अंत में गैस नहीं मिल सकी। उन्होंने आरोप लगाया कि एजेंसी पर कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि आम उपभोक्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।

लाइन में लगे विनोद कुमार अरुण तोमर सहित अन्य उपभोक्ताओं ने बताया कि एक बार बुकिंग कराने के बाद दूसरा सिलेंडर करीब 45 दिन बाद ही मिल रहा है। इस नई व्यवस्था से परिवारों की दिनचर्या प्रभावित हो रही है, क्योंकि एक सिलेंडर इतने लंबे समय तक चल पाना मुश्किल है।

चूल्हे पर लौटने को मजबूर महिलाएं
ग्रामीण क्षेत्र में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। गांव मोहम्मदपुर सकिस्त निवासी सनम पत्नी कपिल ने बताया कि गैस न मिलने के कारण उन्हें मजबूरी में जंगल से लकड़ी लाकर चूल्हे पर खाना बनाना पड़ रहा है। उन्होंने बताया कि इससे समय और श्रम दोनों अधिक लग रहे हैं।



एजेंसी संचालक ने दी सफाई
इस संबंध में गैस एजेंसी संचालक अनिल सागर ने बताया कि नई गाइडलाइंस के अनुसार एक बुकिंग पर दूसरा सिलेंडर 45 दिन बाद ही दिया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अधिकांश लोगों को इस नियम की जानकारी नहीं है, जिसके कारण वे बिना बुकिंग के एजेंसी पहुंच जाते हैं। गैस केवल उन्हीं उपभोक्ताओं को दी जाती है, जिनकी बुकिंग पहले से दर्ज होती है।

निष्कर्ष
लगातार बढ़ती परेशानी और नियमों की जानकारी के अभाव में उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और संबंधित विभाग से लोगों ने व्यवस्था सुधारने और आमजन को राहत देने की मांग की है।
नैमिष नगर योजना को रफ्तार: 2500 किसानों की सहमति, 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे की प्रक्रिया तेज

* आईआईएम रोड पर बसने जा रहा आधुनिक उपनगर, 2 लाख लोगों को मिलेगा आवास

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के उत्तरी क्षेत्र में आईआईएम रोड पर प्रस्तावित एलडीए की नैमिष नगर योजना तेजी से आकार ले रही है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत अब तक 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा प्राधिकरण के पक्ष में हो चुका है, जबकि 2500 से अधिक किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए सहमति पत्र जमा कर दिए हैं।
एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, योजना के दो सेक्टरों में भूखंडों के लिए पंजीकरण सितंबर 2026 से शुरू कर दिया जाएगा। योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास कार्य भी प्रारंभ हो चुके हैं।
योजना की प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि इस परियोजना में शामिल की जानी है। इनमें भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फर्रुखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर जैसे गांव शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि प्रभावित किसानों को मुआवजा वितरण और रजिस्ट्री प्रक्रिया के साथ लगातार सहमति पत्र मिल रहे हैं। साथ ही, योजना में शामिल गांवों का भी समग्र विकास किया जाएगा। इसके तहत संपर्क मार्ग, जल निकासी, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र, तालाब, स्कूल, पार्क और श्मशान जैसी मूलभूत सुविधाओं को सुदृढ़ किया जाएगा।
करीब 2 लाख लोगों को आवासीय सुविधा देने वाली यह योजना एक आधुनिक उपनगर के रूप में विकसित की जाएगी। इसमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
नैमिष नगर योजना से लखनऊ में उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक्स क्षेत्रों को भी नई गति मिलेगी। इसके साथ ही बड़े पैमाने पर निवेश और रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है।
विष्णुगढ़ कांड ने खोला भाजपा का राज: झामुमो का आरोप—साजिश और नफरत की राजनीति कर रही भाजपा।

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने गुरुवार को प्रेस बयान जारी कर कहा है कि झारखंड की आत्मा को झकझोर देने वाली हजारीबाग के विष्णुगढ़ की मासूम 13 वर्षीय बच्ची की नरबलि की घटना ने पूरे राज्य को स्तब्ध कर दिया है। यह घटना न केवल अमानवीय और रोंगटे खड़े कर देने वाली है, बल्कि समाज में व्याप्त अंधविश्वास की भयावह सच्चाई को भी उजागर करती है। झारखंड मुक्ति मोर्चा इस दर्दनाक घटना पर गहरा शोक व्यक्त करता है और पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट करता है।

परंतु इस संवेदनशील और दुखद घटना को लेकर जिस प्रकार भारतीय जनता पार्टी ने राजनीति करने की कोशिश की, वह निंदनीय ही नहीं बल्कि अत्यंत खतरनाक भी है। भाजपा ने इस मामले को जानबूझकर साम्प्रदायिक रंग देने की साजिश रची, ताकि राज्य में अशांति फैलाकर राजनीतिक लाभ लिया जा सके। अब जब जांच में सच्चाई सामने आ चुकी है, भाजपा का असली चेहरा बेनकाब हो गया है।

सबसे चौंकाने वाला तथ्य यह है कि इस जघन्य अपराध का मुख्य आरोपी कोई और नहीं, बल्कि भाजपा से जुड़ा हुआ व्यक्ति भीम राम है, जो पार्टी का बूथ अध्यक्ष और एससी-एसटी प्रकोष्ठ से भी जुड़ा बताया जा रहा है। यह वही लोग हैं जो जनता को गुमराह कर राज्य में मशाल जुलूस और बंद का आह्वान कर रहे थे। आज जब सच्चाई सामने आ गई है, भाजपा नेताओं को जवाब देना चाहिए कि वे झारखंड की जनता से माफी कब मांगेंगे।

झामुमो यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता है कि भाजपा का चाल, चरित्र और चेहरा एक बार फिर उजागर हो गया है। यह पार्टी हर बार समाज में हिन्दू-मुस्लिम का जहर घोलकर लोगों को आपस में लड़ाने की कोशिश करती है। इनके पास न विकास का विजन है, न समाज को जोड़ने की सोच। इनका एकमात्र एजेंडा है – नफरत फैलाओ और सत्ता पाओ।

महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड की जागरूक जनता भाजपा की इन साजिशों को भलीभांति समझ चुकी है। आदिवासी, मूलवासी, दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक, मजदूर, किसान, महिलाएं और युवा – हर वर्ग भाजपा की विभाजनकारी राजनीति से वाकिफ है। राज्य की जनता जानती है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में सरकार सबको साथ लेकर चलने और समावेशी विकास के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि विष्णुगढ़ की यह घटना अत्यंत दुखद है, लेकिन उससे भी अधिक खतरनाक है उसका राजनीतिक दुरुपयोग। भाजपा ने इस संवेदनशील मुद्दे पर झूठ फैलाने, भ्रम पैदा करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का काम किया है। यह उनकी निम्न मानसिकता और गैर-जिम्मेदाराना राजनीति का प्रमाण है। राज्य सरकार ने इस मामले में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपियों, जिनमें बच्ची की मां और कथित तांत्रिक शामिल हैं, को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

झामुमो भाजपा से पूछता है – क्या अब वे अपने द्वारा घोषित झारखंड बंद को वापस लेंगे? क्या वे अपनी गलती स्वीकार करेंगे? या फिर हमेशा की तरह सच्चाई सामने आने के बाद भी चुप्पी साध लेंगे?

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा को चाहिए कि वह इस मुद्दे पर राजनीति बंद करे और आत्ममंथन करे। हर बार अपराधियों के साथ खड़े होकर और बाद में उसे संयोग बताकर पल्ला झाड़ लेना उनकी पुरानी आदत बन चुकी है। लेकिन जनता सब देख रही है, ये देख रही है कि मुख्य आरोपी भीम राम की तस्वीर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के साथ वायरल है। भीम राम ने अपराध के साथ पुलिस की जांच को भटकाने का भी काम किया है। वह भाजपा के बड़े नेताओं के संपर्क में था तो क्या इस बात से इनकार किया जा सकता है कि उसने अपने आकाओं के इशारे पर यह काम नहीं किया ?

झारखंड मुक्ति मोर्चा एक बार फिर दोहराता है कि वह इस घटना के पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और राज्य में शांति, सौहार्द और विकास की राह पर मजबूती से आगे बढ़ता रहेगा।

7 अप्रैल को आलू किसान बचाओ यात्रा राजभवन तक निकाली जाएगी
फर्रुखाबाद l आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखेते हुये आज सातनपुर मंडी मे पूर्व अध्यक्ष सुधीर वर्मा रिंकू के प्रतिस्ठान पर आड़ती ऐसोसियेशन के अध्यक्ष अर्पित राजपूत के अध्यक्षता मे बैठक आयोजित हुई जिसमे निर्णय किया गया कि मंडी परिषद से सात अप्रैल को आलू किसान बचाव यात्रा राजभवन लखनऊ तक निकाली जाएगी यह यात्रा कमालगंज, कन्नौज, बिलहौर,कानपुर, उन्नाव होते हुये राजभवन लखनऊ पहुंचेगी तथा राज्यपाल को आठ अप्रैल को ज्ञापन देकर आलू किसानों की समस्याओ पर तत्काल हस्तक्षेप कर समाधान की मांग की जायेगी।
किसान नेता अशोक कटियार ने कहा कि सरकार संसद मे किसानों की आमदनी  आठ गुना बढ़ने की जानकारी दे रही है जबकि आलू किसानों की लागत भी निकलना मुश्किल है किसान गहरे कर्ज मे डूब गये है अब तक आधा दर्जन से अधिक आलू किसान आत्महत्या तक कर चुके है सरकार को कई बार समस्याओ से अवगत कराया गया लेकिन सरकार आलू किसानों की समस्याओ को गंभीर नही है किसानों की हालत बदतर होती जा रही है उन्होंने कहा कि केवल उत्तर प्रदेश मे आलू पर मंडी टैक्स लगता है जिसे भी समाप्त होना चाहिए सरकार गेंहू बाजरा तक राशन दुकानों से वितरित कर रही है प्रति कार्ड 25 कि० आलू भी राशन दुकानों से वितरित होना चाहिये मिड डे मील मे भी आलू को शामिल किया जाये इसके साथ ही गौशाला मे भूसा 16 रुपया किलो का खरीद कर लाया जा रहा है 2 रुपया किलो आलू भी खरीद कर खिलाया जाये भंडारण शुल्क मे छूट तथा न्यूनतम समर्थन मूल्य पर आलू खरीद कर किसानों को राहत देना अति आवश्यक है उन्होंने कहा आलू किसानों की समस्या पर न तो सरकार ध्यान दे रही न ही विपक्ष कुछ कह रहा है आलू किसानों की समस्या पर संसद व विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की जरूरत है इस मौके पर सरदार पटेल युवा वाहिनी के अध्यक्ष अंशुल कटियार ने कहा कि वह किसानों के इस संघर्ष मे हर तरह का सहयोग देंगे।
इस दौरान आलू किसान बचाव यात्रा के सफल संचालन हेतु जिम्मेदारिया दी गई इस अवसर पर आलू निर्यातक सुधीर शुक्ला पूर्व अध्यक्ष सुधीर कुमार वर्मा(रिंकू) प्रमोद गुप्ता मोनी, अन्नू गुप्ता,राजेश गुप्ता, लक्ष्मण गुप्ता,अंकित गुप्ता,मुन्ना राजपूत,राजू गुप्ता,चंद्रभान सिंह, हरीश चंद्र राजपूत,रतिराम शाक्य,हनी कटियार,प्रदीप राजपूत,अवनीश राजपूत,राजेश सिंह चौहान आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे
ग्राम प्रधान से पीड़ित परिवार की नहीं हो रही सुनवाई


गोंडा(करनैलगंज)। मामला थाना करनैलगंज अन्तर्गत पुलिस चौकी भंभुआ अंतर्गत ग्राम बुढ़वलिया के मजरा महिपत गंज से जुड़ा है। जहाँ के निवासी छन्नू पुत्र नसीम ने मुख्यमंत्री पोर्टल सहित प्रभारी निरीक्षक करनैलगंज को एक शिकायती पत्र दिया है जिसमें आरोप लगाया है कि ग्राम प्रधान बुढ़वलिया मैनुद्दीन ने अपने चार पहिया वाहन को लापरवाही पूर्वक चलाते हुए मेरे घर के सामने बँधी बकरी और उसके बच्चे को कुचल दिया जिससे उसकी मौत हो गयी। जबकि इससे पहले भी इस तरह की घटना प्रधान द्वारा की जा चुकी है। जिससे पीड़ित का आर्थिक नुकसान हो रहा है। इस संबंध में पीड़ित ने कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायती पत्र दिया प्रन्तु विपक्षी प्रधान ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए मामले को दबवा दिया। अब प्रधान द्वारा आये दिन गाली गलौज व धमकी दी जा रही है जिससे पीड़ित को अनहोनी की आशंका सता रही है। कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय ने बताया कि दोनों पक्षों को बुलाया गया है जाँच कर कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज संगम से 7 ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कराएगा IRCTC, 27 अप्रैल से चलेगी भारत गौरव ट्रेन
विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज ,धर्मनगरी प्रयागराज के श्रद्धालुओं के लिए आईआरसीटीसी एक विशेष सौगात लेकर आया है। 27 अप्रैल से 'भारत गौरव पर्यटक ट्रेन' के माध्यम से सात ज्योतिर्लिंगों की यात्रा का आयोजन किया जा रहा है।

गोरखपुर से शुरू होने वाली यह 12 दिवसीय यात्रा प्रयागराज संगम स्टेशन से भी होकर गुजरेगी। 12 दिन और 11 रातों के इस सफर में यात्रियों को उज्जैन के महाकालेश्वर व ओंकारेश्वर, गुजरात के सोमनाथ व नागेश्वर, नासिक के त्रियंबकेश्वर, पुणे के भीमाशंकर और संभाजी नगर के घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। साथ ही द्वारकाधीश मंदिर और पंचवटी जैसे धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी इस पैकेज का हिस्सा होगा।

आईआरसीटीसी ने इस यात्रा के लिए तीन श्रेणियां निर्धारित की हैं, जिसमें इकोनामी, स्टैंडर्ड और कंफर्ट श्रेणी है। भोजन, भ्रमण, ठहरने के साथ ईएमआई की सुविधा भी उपलब्ध है। आइआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट से अपनी सीट बुक कर सकते हैं। यह यात्रा आठ मई को संपन्न होगी।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
ऐशबाग में आंबेडकर स्मारक 15 जुलाई तक होगा पूरा, जनता को किया जाएगा समर्पित
* देरी पर तय होगी जिम्मेदारी, गुणवत्ता में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के ऐशबाग में निर्माणाधीन संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र को आगामी 15 जुलाई 2026 तक पूर्ण कर आम जनता को समर्पित कर दिया जाएगा। यह जानकारी प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने निरीक्षण के दौरान दी।
उन्होंने बताया कि यह स्मारक 1.34 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है और इसे एक भव्य प्रेरणा स्थल के रूप में तैयार किया जा रहा है। यह परियोजना मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का ड्रीम प्रोजेक्ट है।
मंत्री जयवीर सिंह ने सदस्य विधान परिषद लाल जी प्रसाद निर्मल और मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी के साथ निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी कार्य गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप तय समय सीमा में पूरे किए जाएं।
निरीक्षण के दौरान बताया गया कि स्मारक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है, जबकि द्वितीय चरण में 500 लोगों की क्षमता वाला प्रेक्षागृह भी तैयार कर लिया गया है। परिसर में डॉ. आंबेडकर के जीवन और संघर्षों पर आधारित संग्रहालय बनाया जा रहा है, जिससे देशभर के लोग प्रेरणा ले सकेंगे। साथ ही एक पुस्तकालय भी स्थापित किया जाएगा, जहां युवा पीढ़ी उनके व्यक्तित्व और कृतित्व से परिचित हो सकेगी।
मंत्री ने निर्देश दिए कि 31 मई 2026 तक आंतरिक और बाहरी साज-सज्जा का कार्य पूरा कर लिया जाए और शेष निर्माण कार्य 15 जुलाई तक हर हाल में समाप्त हो। उन्होंने साप्ताहिक समीक्षा सुनिश्चित करने और किसी भी बाधा का तत्काल समाधान करने के निर्देश भी दिए।
मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने स्पष्ट कहा कि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा न होने या किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि यहां एक शोध केंद्र स्थापित करने के लिए त्रिपक्षीय समझौता किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि यह स्मारक राजधानी के प्रमुख आकर्षणों में शामिल होगा, जहां देश-विदेश से आने वाले पर्यटक और श्रद्धालु डॉ. आंबेडकर के जीवन, संघर्ष और योगदान को जान सकेंगे।
भाजपा नेता विजय बहादुर पाठक के पिता राधेश्याम पाठक का निधन, पार्टी नेताओं ने जताया शोक

* जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता रहे राधेश्याम पाठक, संगठन को मजबूत करने में निभाई अहम भूमिका

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक के पिता एवं जनसंघ काल के वरिष्ठ कार्यकर्ता राधेश्याम पाठक के निधन पर भाजपा नेताओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष एवं केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी तथा प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने दिवंगत आत्मा के प्रति श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।
राधेश्याम पाठक जनसंघ के समय से सक्रिय कार्यकर्ता रहे और आजमगढ़ से जनसंघ के टिकट पर विधानसभा चुनाव भी लड़ चुके थे। उन्होंने संगठन में विभिन्न दायित्वों का निर्वहन करते हुए पार्टी को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस दुःख की घड़ी में संबल प्रदान करें।
इस अवसर पर पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारियों एवं नेताओं—पंकज सिंह, कांता कर्दम, संतोष सिंह, सलिल विश्नोई, सत्यपाल सिंह सैनी, नीलम सोनकर, कमलावती सिंह, बृजबहादुर, सुनीता दयाल, दिनेश कुमार शर्मा, मानवेन्द्र सिंह, पद्म सेन चौधरी, मोहित बेनीवाल, धर्मेंद्र सिंह, देवेश कोरी, त्रयंबक त्रिपाठी, गोविंद नारायण शुक्ल, अमर पाल मौर्य, अनूप गुप्ता, प्रियंका सिंह रावत, संजय राय, सुभाष यदुवंश, राम प्रताप सिंह चौहान सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी शोक व्यक्त कर श्रद्धांजलि अर्पित की।