‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का ज़बरदस्ती दबाव, नहीं करेंगे नहीं करेंगे, आशा वर्कर्स यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन,

डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

फर्रुखाबाद l आशा वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जबरदस्ती आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि पूर्व में किए गए कार्य का अभी तक भुगतान नहीं मिला है l यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होगा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य नहीं करेंगे नहीं करेंगे, जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया l यूनियन नेताओं का कहना था कई बार जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक तौर पर आश्वासन मिला लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका है l उन्होंने कहा कि अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी l यूनियन अध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील
खरगूपुर (गोंडा)। बकरीद त्योहार को निर्विवाद रूप से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस ने पीस कमेटी की बैठक की। बैठक में प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने कहा कि आगामी 28 मई को बकरीद का त्योहार है, जिसमें परंपरागत पशु की ही कुर्बानी होनी चाहिए। इससे हटकर प्रतिबंधित पशुओं के कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही। शासन के निर्देशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बैठक में आए सभी लोगों से उक्त पर्व को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने में सभी से सहयोग की मांगा। बैठक में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, अफसर अली, राजेश सोनी, भूपेंद्र सिंह, नईम हाशमी, विनोद सोनी, लियाकत अली, संतोष श्रीवास्तव सहित कई मुस्लिम धर्म गुरु शामिल रहै।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
‘मौत का बक्सा’ बन गई ट्रेन: पिता ने बेटी की हत्या कर शव के किए टुकड़े, गोमतीनगर एक्सप्रेस में छोड़ा शव

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मिले युवती के कटे शव की गुत्थी सुलझाते हुए जीआरपी ने सनसनीखेज खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि यह कोई साधारण हत्या नहीं, बल्कि रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली खौफनाक साजिश थी, जिसमें एक पिता ने ही अपनी 16 वर्षीय बेटी को मौत के घाट उतार दिया।

बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था

पुलिस सूत्रों के मुताबिक कुशीनगर के सेवरही निवासी आरोपी अपनी बेटी के एक युवक से बातचीत करने से नाराज था। परिवार में इसे लेकर लंबे समय से तनाव चल रहा था। आरोपी को डर था कि उसकी बेटी भी अपनी बहनों की तरह प्रेम विवाह न कर ले। इसी आशंका और कथित सामाजिक बदनामी के डर ने उसे इतना बेरहम बना दिया कि उसने बेटी की हत्या की साजिश रच डाली।

आरोपी बहन व बहनोई के साथ मिलकर घटना को दिया अंजाम

बताया जा रहा है कि वारदात से पहले आरोपी ने घर से पत्नी और बेटों को रिश्तेदारी में भेज दिया था। घर में केवल किशोरी और बुजुर्ग दादी मौजूद थीं। इसके बाद आरोपी ने अपनी बहन और बहनोई को बुलाया। देर शाम घर के अंदर ही किशोरी की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को धारदार हथियार से कई हिस्सों में काटा गया। पहचान छिपाने के लिए सिर को अलग कर तालाब में फेंक दिया गया, जबकि हाथ-पैर और धड़ को प्लास्टिक व पुराने कपड़ों में लपेटकर बक्से में भर दिया गया।

शव का सिर गायब था, जिससे नहीं हो पा रही थी पहचान

इसके बाद आरोपी अपने रिश्तेदारों के साथ ई-रिक्शा से तमकुही रोड रेलवे स्टेशन पहुंचा और छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस के एस-1 कोच में वह बक्सा छोड़कर फरार हो गया। लेकिन आरोपी यह नहीं जानता था कि स्टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरे उसकी हर हरकत रिकॉर्ड कर रहे हैं।रविवार सुबह जब ट्रेन गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पहुंची तो कोच में पड़े संदिग्ध बक्से को देखकर हड़कंप मच गया। पुलिस ने जब बक्सा खोला तो अंदर युवती के शव के टुकड़े देखकर सभी दंग रह गए। शव का सिर गायब था, जिससे पहचान करना बेहद मुश्किल हो गया था।

पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली

जीआरपी और आरपीएफ ने सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल सर्विलांस और स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सख्त पूछताछ में आरोपी टूट गया और पूरी साजिश कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तालाब से कटा हुआ सिर और हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया।इस खौफनाक हत्याकांड ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। पुलिस अब मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
दुनिया में इस बार सुपर एल-नीनो बढ़ाएगा मुश्किल, 150 साल का टूटेगा रिकॉर्ड, भारत पर कितना होगा असर?

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देश के अधिकांश हिस्सों में पारा 45 से 48 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया। दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर भारत इस समय भीषण गर्मी और लू की चपेट में है। आने वाले दिनों में इस भीषण गर्मी और लू से राहत मिलने के आसार नहीं दिख रहे हैं। मौसम का ये असर भारत ही नहीं पूरी दुनिया के लिए 2 बेहद चिंता बढ़ाने वाला है।

शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा

इस साल कहीं रिकॉर्ड गर्मी तो कहीं कमजोर मानसून, कहीं सूखा तो कहीं बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिल सकती हैं। दरअसल, वैज्ञानिकों की मानें तो भूमध्यरेखीय प्रशांत महासागर में एक शक्तिशाली 'सुपर एल-नीनो' आकार ले रहा है, जो 1877 के बाद की सबसे विनाशकारी मौसम संबंधी घटना साबित हो सकता है। अक्टूबर 2026 से फरवरी 2027 तक 'सुपर' अलनीनो की सबसे अधिक संभावना है।

हो सकता है अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो

अलनीनो प्राकृतिक अलनीनो-दक्षिणी दोलन (ENSO) जलवायु चक्र का गर्म चरण है, जो उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर के जल में एक से ज्यादा बार होने वाला मौसमी बदलाव है, जो पूरी दुनिया के तापमान को बेहद बढ़ा देता है, जिससे विश्व भर में मौसम के पैटर्न और फसलों पर प्रभाव पड़ता है। यदि सुपर अलनीनो आता है, तो यह अब तक के सबसे शक्तिशाली अलनीनो के बराबर हो सकता है। 1877 का वह विनाशकारी अलनीनो जिसने 1876 से 1878 तक वैश्विक अकाल को जन्म दिया था। इस अकाल में 5 करोड़ से अधिक लोग मारे गए थे, जो उस समय विश्व की जनसंख्या का 3% था।

क्या होता है अल नीनो?

'अल नीनो' स्पेनिश भाषा का शब्द है, जिसका मतलब होता है 'छोटा बच्चा' या 'बालक'। यह नाम मौसम में होने वाले एक बड़े बदलाव को दिया गया है, जो हर कुछ साल में प्रशांत महासागर में दिखाई देता है। अल नीनो का असर दक्षिण अमेरिका के पास प्रशांत महासागर में शुरू होता है, लेकिन इसका प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर भारत तक महसूस किया जाता है. सामान्य परिस्थितियों में दक्षिण अमेरिका के पास समुद्र का पानी ठंडा रहता है, जबकि इंडोनेशिया और फिलीपींस की ओर पानी ज्यादा गर्म होता है. इस दौरान पूर्व से पश्चिम की ओर चलने वाली हवाएं, जिन्हें ट्रेड विंड्स कहा जाता है, गर्म पानी को एशिया की तरफ धकेलती रहती हैं। इससे दक्षिण अमेरिका की ओर ठंडा पानी ऊपर आता रहता है और एशिया की तरफ गर्म पानी जमा रहता है। हर 2 से 7 साल में कभी-कभी ये ट्रेड विंड्स कमजोर पड़ जाती हैं। तब प्रशांत महासागर का गर्म पानी वापस दक्षिण अमेरिका की ओर बहने लगता है। इस दौरान महासागर का तापमान सामान्य से 0.5 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा बढ़ जाता है। इसी स्थिति को अल नीनो कहा जाता है। समुद्र का पानी गर्म होने से वहां बादल ज्यादा बनते हैं और भारी बारिश दक्षिण अमेरिका की तरफ होने लगती है, जबकि एशिया की ओर बादल कम पहुंचते हैं।

भट्टी बन जाएगी धरती

विशेषज्ञों के अनुसार इस साल अल नीनो और ज्यादा खतरनाक रूप ले सकता है. इसे 'सुपर अल नीनो' कहा जाता है। दरअसल, धरती के पानी के नीचे बहुत ज्यादा गर्म पानी का बड़ा भंडार बन गया है। ये ऊपर आ रहा है और हवा के साथ मिलकर हवा को और गर्म कर रहा हैष पूरी पृथ्वी पहले से ही ग्लोबल वॉर्मिंग से गर्म हो रही है। इसलिए जब एल नीन्यो आता है, तो उसका असर और तेज हो जाता है। कुछ विशेषज्ञ कह रहे हैं कि इस साल वाला 150 साल में सबसे मजबूत एल नीन्यो हो सकता है। अगर इस साल का एल नीन्यो, सुपर एल नीन्यो बन गया तो मॉनसून और भी कमजोर हो सकता है यानी बहुत कम बारिश हो सकती है, सूखा पड़ सकता है। गर्मी और हीटवेव की लहरें और लंबी और तेज चलेंगी। और उत्तर भारत पर, मध्य भारत पर और पश्चिम भारत पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा ऐसा हुआ तो। सुपर एल नीन्यो अगर हो गया तो भट्टी बन जाएगी धरती।

आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का ज़बरदस्ती दबाव, नहीं करेंगे नहीं करेंगे, आशा वर्कर्स यूनियन ने कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन,

डिप्टी सीएम व स्वास्थ्य मंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा

फर्रुखाबाद l आशा वर्कर्स यूनियन ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जबरदस्ती आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का दबाव बनाया जा रहा है जबकि पूर्व में किए गए कार्य का अभी तक भुगतान नहीं मिला है l यूनियन नेताओं ने कहा कि जब तक भुगतान नहीं होगा आयुष्मान कार्ड बनाने का कार्य नहीं करेंगे नहीं करेंगे, जैसे नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया l यूनियन नेताओं का कहना था कई बार जिला एवं प्रदेश स्तर पर प्रशासनिक तौर पर आश्वासन मिला लेकिन अभी तक न्याय नहीं मिल सका है l उन्होंने कहा कि अब यूनियन आरपार की लड़ाई लड़ेगी l यूनियन अध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार के नेतृत्व में आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक के दौरान महिला अनुदेशक की मौत,अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में मॉर्निंग वॉक कर रही एक महिला अनुदेशक की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह घटना आज गुरुवार की सुबह कोतवाली नगर अमहट क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय रानीगंज के पास हुई। अज्ञात बोलेरो की टक्कर से दो अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं,जिन्हें मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। मृतक महिला की पहचान दीपिका गुप्ता के रूप में हुई है, जो अमहट, सुल्तानपुर की निवासी थीं। वह अनुदेशक के पद पर कार्यरत थीं और अजय आनंद गुप्ता (मास्टर) की पत्नी थीं। उनके दो छोटे बच्चे हैं,9 वर्षीय ओजस और 5 वर्षीय सिवांजय हैं। पुलिस के अनुसार, दीपिका गुप्ता अपनी दो सहेलियों स्नेहलता पाण्डेय और पूनम तिवारी के साथ कर्मयोगी नगर मोहल्ले से मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं। मौहरिया के पास पीछे से आ रही एक अज्ञात बोलेरो ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीपिका गुप्ता की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बोलेरो चालक वाहन सहित फरार हो गया। घायल महिलाओं में स्नेहलता पाण्डेय,जो दुर्गेश पांडेय (प्रधानाचार्य) की पत्नी हैं,और पूनम तिवारी, जो शिव शरण तिवारी की पत्नी हैं,दोनों महिलाएं कर्मयोगी नगर, महुअरिया,अमहट सुल्तानपुर की निवासी हैं। उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया,जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटना नगर कोतवाली के अमहट चौकी क्षेत्र में केंद्रीय विद्यालय के ठीक सामने हुई। पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार बोलेरो चालक की तलाश जारी है।
सुल्तानपुर में युवक का शव पेड़ से लटका मिला, परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया,पुलिस जांच में जुटी*
सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के देवरा पूरे बसुई गांव में 22 वर्षीय युवक मंजीत कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में एक जंगल में एक पेड़ से लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आरोप लगाया है कि युवक की बेरहमी से पिटाई कर हत्या की गई और फिर शव को पेड़ से लटका दिया गया। मृतक के भाई ने इस संबंध में स्थानीय थाने में तहरीर देकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई राजकुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके भाई मंजीत कुमार (22 वर्ष) 17 मई,दिन रविवार की शाम करीब 6 बजे आटा चक्की से आटा लाने की बात कहकर घर से निकला था। घर से निकलने से ठीक पहले उनके मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया था। रात करीब 8 बजे मंजीत ने फोन पर बताया कि वह "अभी आ रहा है।" इसके बाद रात करीब 10:30 बजे दोबारा बात होने पर उन्होंने परिजनों से खाना खाकर सो जाने को कहा और सुबह आने की बात कही। अगली सुबह,18 मई को उनका फोन पहले व्यस्त आया और फिर स्विच ऑफ हो गया। परिजनों को लगा कि फोन बंद होने के कारण मंजीत देर-सवेर घर लौट आएगा। हालांकि, सोमवार दोपहर उन्हें सूचना मिली कि मंजीत का शव जंगल में लटका हुआ है। मौके पर पहुंचे परिजनों ने देखा कि मंजीत का शव प्लास्टिक की रबड़ के सहारे पेड़ से लटका था और उनके पैर जमीन को छू रहे थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंजीत के शरीर पर मिले निशान हत्या की ओर इशारा करते हैं। उनके गुप्तांग पर चोट के गहरे निशान थे और खून बह रहा था। बाएं हाथ में ब्लेड से चीरा लगाने जैसा घाव था,जबकि दाहिने घुटने पर चोट के निशान के साथ खून बह रहा था। कमर से लेकर दाहिने पैर की गांठ तक मारपीट के कारण शरीर काला पड़ गया था और उनके सारे कपड़े गीले थे। मृतक के भाई राजकुमार ने बल्दीराय थानाध्यक्ष को तहरीर सौंपकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा पंजीकृत करने और मामले की निष्पक्ष कानूनी जांच कर उचित कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील
खरगूपुर (गोंडा)। बकरीद त्योहार को निर्विवाद रूप से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस ने पीस कमेटी की बैठक की। बैठक में प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने कहा कि आगामी 28 मई को बकरीद का त्योहार है, जिसमें परंपरागत पशु की ही कुर्बानी होनी चाहिए। इससे हटकर प्रतिबंधित पशुओं के कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही। शासन के निर्देशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बैठक में आए सभी लोगों से उक्त पर्व को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने में सभी से सहयोग की मांगा। बैठक में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, अफसर अली, राजेश सोनी, भूपेंद्र सिंह, नईम हाशमी, विनोद सोनी, लियाकत अली, संतोष श्रीवास्तव सहित कई मुस्लिम धर्म गुरु शामिल रहै।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही