नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, UCC, OBC आरक्षण और किसानों के मुद्दों पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरा और उसकी नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), OBC आरक्षण, किसानों की समस्याओं और बीना विधायक निर्मला सप्रे प्रकरण पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

  • UCC पर जनता की राय क्यों नहीं?

उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मध्यप्रदेश का भविष्य तय करेगी? क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती?

उन्होंने दलित और आदिवासी समाज को लेकर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि UCC में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं।

  • OBC को अधिकार देने में हिचकिचा रही सरकार

नेता प्रतिपक्ष ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार OBC का वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका हक देने को तैयार नहीं है।

सिंघार ने कहा कि OBC चेहरों को आगे रखकर राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को अदालत के पाले में डाल दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट में लंबित मामले में OBC वर्ग को न्याय मिलेगा।

  • निर्मला सप्रे मामला न्यायालय में

बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय जल्द फैसला देगा।

  • गेहूं खरीदी में किसान परेशान

किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश में सर्वर डाउन, स्लॉट गायब और अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है। उन्होंने कहा कि पहले ही खरीदी देर से शुरू हुई है और अब लगातार बाधाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य आखिर कब मिलेगा।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

इचाक प्रखण्ड में स्वरोजगार को बढ़ावा: कुक्कुट पालन हेतु 500 चूजे, दाना व दवाइयों का वितरण

हजारीबाग जिले के इचाक प्रखण्ड में झारखंड सरकार के तत्वावधान में पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। इस कार्यक्रम के तहत दर्जनों महिला एवं पुरुष लाभार्थियों के बीच कुक्कुट पालन के लिए 500 पीस चूजे, दाना, दवाइयां एवं आवश्यक कीट सामग्री का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में प्रखण्ड प्रमुख पार्वती देवी, बीस सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, डॉक्टर नकुल मोदी, युवा नेता गौतम कुमार एवं प्रियंका कुमारी के हाथों लाभार्थियों को सामग्री प्रदान की गई। मौके पर उपस्थित जनसमूह में उत्साह का माहौल देखा गया, जहां ग्रामीणों ने इस पहल को अपने भविष्य के लिए एक नई उम्मीद के रूप में देखा।

प्रखण्ड प्रमुख पार्वती देवी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए यह एक प्रभावी कदम है, जिससे ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। वहीं जेएमएम नेता मनोहर राम ने कहा कि पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए प्रयास तेज किए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से गाय पालन, सूअर पालन एवं बकरी पालन को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की मांग की।

युवा नेता गौतम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र में कृषि के अलावा आय के सीमित साधन हैं, ऐसे में कुक्कुट पालन, बकरी पालन एवं गाय पालन ग्रामीणों के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस तरह की योजनाओं का दायरा और बढ़ेगा।

इस योजना का लाभ लेने वाले प्रमुख लाभार्थियों में गायत्री देवी, सोनी कुमारी, खुशबू देवी, जमनी देवी एवं सुकनी देवी सहित कई अन्य ग्रामीण महिलाएं शामिल रहीं, जिन्होंने सरकार के इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त किया।

इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना: ग्रामीण युवाओं के लिए 10 लाख तक ऋण का सुनहरा मौका
*ग्रामोद्योग रोजगार योजना: युवाओं को 10 लाख तक ऋण, स्वरोजगार का अवसर*

*खादी बोर्ड की पहल: बेरोजगारों को मिलेगा आसान ऋण, बनें आत्मनिर्भर*

*गांव में ही रोजगार का मौका: 4% ब्याज पर ऋण, महिलाओं को ब्याजमुक्त सुविधा*

*ऑनलाइन आवेदन शुरू: मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना से जुड़ें, रोजगार पाएं*


*गोण्डा 29 अप्रैल 2026*  -  उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, गोंडा द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है। योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर रोजगार सृजन कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियां अपने गांव में उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि महिला एवं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना के ई-पोर्टल mmgrykhadi.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक व तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, जाति/निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और नमूना हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करनी होगी।

प्राप्त आवेदनों का चयन स्कोर कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा चयनित आवेदनों को बैंक के माध्यम से वित्तपोषण के लिए अग्रसारित किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय ने जनपद के बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। अधिक जानकारी के लिए कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 122 राजामोहल्ला, गोंडा या दूरभाष संख्या 9580503142 पर संपर्क किया जा सकता है।
धर्म व जाती के आधार पर भेद भाव घोषित हो गंभीर अपराध  : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । वोट के लिए तुष्टिकरण को निम्न स्तर तक सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियां गिरती जा रही है। भारतीय संविधान में जन्म के आधार पर धर्म अथवा जातिगत भेद भाव निषेध माना गया है किंतु सरकार जन्म के आधार पर या धर्म  अथवा जातिगत आरक्षण लगाकर समाज में विद्वेष पैदा कर रही है जबकि सरकार को धर्म जाति के आधार पर भेद भाव को गंभीर अपराध घोषित कर देना चाहिए ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कह रहे थे सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे जनपद सोनभद्र के सोम पैलेस में  लोगो से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता सर वि एन राऊ जी एवं संविधान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे संविधान सभा में सात समितियां बनाई गई थी ।

जिसमे प्प्रारूप समिति में डॉ वी आर अम्बेडकर की शामिल किया गया था किन्तु  कालांतर में कतिपय षड्यंत्र कारी राजनीतिज्ञों ने निहित स्वार्थ में वशीभूत होकर संविधान सभा के लेखन समिति में शामिल सदस्यों को नजर अंदाज कर शीर्फ और शिर्फ़ डॉ अंबेडकर को  संविधान निर्माता, रचयिता आदि आदि नामों से सम्बोधित कर के बाकी संविधान के रचयिता विद्वानों का उपहास उड़ाने में जुटे हैं । वर्तमान सरकार सवर्ण  की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने में जुटी हुई है जिसका ज्वलंत उदाहरण यूजीसी है हालांकि उक्त पर  उच्चतम न्यायालय ने रोक लगाकर थोड़ी राहत दी है किंतु सरकार को यूजीसी एक्ट को तत्काल निरस्त कर देना चाहिए चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से अपील किया कि सवर्ण समाज को अपने अस्तित्व को बचाने हेतु एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व मे सवर्ण के तीसरे विकल्प में जुड़ना चाहिए ,सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 मई को एडवोकेट अनिल मिश्रा जी राष्ट्रीय अधिकार मंच राम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री, जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगल किशोर तिवारी जी जनपद सोनभद्र में आ रहे हैं जिसके स्वागत अभिनंदन की तैयारी की जा रही है।
बड़ागांव थाना क्षेत्र में चोरों की बहार, बंद पड़े मकानों को बना रहे अपना शिकार

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र-अंतर्गत ग्राम चंगवार , तेलारी, विराव, सिसवां, मधुमखिया मे पिछले कुछ दिनों से बंद मकानों के ताले व दरवाज़ों को तोड़ कर,एवं छतों के रास्ते चोरी का सिलसिला लगातार जारी है। फलस्वरूप क्षेत्र मे चोरों के आतंक से जनता खौफ जदा है, जबकि बड़ागाँव थाने के  अधिकारी-कर्मचारी पीड़ितों की शिकायत भारी मसक्कत के बाद दर्ज करते तो है ,पर मौका मुयायना कर शिकायतकर्ता को ही सीसी टीवी कैमरा न लगाने, मकान बंद रखने और तरह तरह के प्रश्न करके हैरान- परेशान करते है , कार्यवाही के नाम पर मामला शिफर ही रहता है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से जनता में भारी रोष व्याप्त है। दर्जनभर चोरी की वारदातों के पीड़ित लोग पुलिस के आला अफसरों से मिलने और आंदोलन की तैयारी में जुटे है।
ज्ञातव्य है कि तेलारी गांव के निवासी पुलिसः विभाग में कार्यरत  विशाल सरोज के मकान का ताला तोड़कर चोर लाखो की संपत्ति उड़ा ले गएथे। सरोज की तहरीर केबाद कुछ नामचीन चोरो,बदमाशो को  बड़ागाँव थाने द्वारा पीड़ितों की मदद से पकड़ा गया था, पर कहा जाता है कि भारी रिश्वत खोरी और राजनीतिक दबाव के चलते उन कथित चोरों  को छोड़ दिया गया।
बताते है कि चंगवार गांव के निवासी,रिटायर शिक्षक शोभनाथ महानंद पांडे के के मकान का ताला तोड़कर दो- दो बार सोने चाँदी के आभूषण,कैश, कपड़ा,अनाज सहित लाखो का सामान चोर ले गए।मकान में लगे सी सी टी वी कैमरे मे कई चोरो की तस्वीर और आवाज भी कैद है। जिसका फुटेज पुलिस को सौंपा गया है । एक ही घर मे दो माह में दो बार चोरी मेभी प्राथमिक तहरीर लिखित तो ली गयी पर कार्यवाई के नाम पर पीड़ित को ठेगा ही दिखाया गया। इसी दौरान चंगवार में ज्वाला पांडेय के मकान का ताला तोड़कर लाखो की संपत्ति चोरी हुई । इसी दौरान चंगवार में सुशील गुलाब पाण्डेय के मकान में  चोर छत पर चढ़कर सीढ़ी के दरवाजे का कुंडी तोड़ कर घुसे और 9 कमरो के ताले कुंडी तोड़कर घर मे रखे  कपाटो, तिजोरी, लाकर, पेटियों को तोड़कर सोने,चांदी के आभूषण ,फूल और पीतल ,चाँदी के वर्तन, कपड़े अनाज सहित लाखों की चोरी किया।इस मामले में सुशील पाण्डेय द्वारा 112 व ऑनलाइन शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारी अविनाश गुप्ता साधौगंज चौकी से मौके पे आये जाँच पड़ताल किये फ़ोटो वीडियो लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह को स्थिति अवगत कराएं फिर यह कह कर चले गए कि हमारे साहब भी इन चोरो से परेशान हो गए है । हम कुछ करते है। क्या यही है योगीजी की जांबाज पुलिस? सूत्र बताते है कि मात्र दो माह में चंगवार , तेलारी , सिसवा, विराव, मधुमखिया, में दर्जन भर बंद मकानों में चोरी की बारदातो को अंजाम देकर चोरो ने करोड़ो का माल उड़ाया है । पुलिस कई मामलों में तो एफ आई आर भी दर्ज नहीं किया ।और दूसरी घटनाओ में मर्ज कर जांच करने की बात पीड़ितों से कह कर उन्हें टाल दिया जाता है।जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने सरकार को घेरा, UCC, OBC आरक्षण और किसानों के मुद्दों पर उठाए सवाल

भोपाल। मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बुधवार को मीडिया से चर्चा करते हुए प्रदेश सरकार को कई अहम मुद्दों पर घेरा और उसकी नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC), OBC आरक्षण, किसानों की समस्याओं और बीना विधायक निर्मला सप्रे प्रकरण पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया।

  • UCC पर जनता की राय क्यों नहीं?

उमंग सिंघार ने महिला आरक्षण और समान नागरिक संहिता को लेकर कहा कि एक ओर सरकार 2029 के सपने दिखा रही है, वहीं दूसरी ओर बंद कमरों में फैसले लिए जा रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या केवल 6-7 लोगों की कमेटी मध्यप्रदेश का भविष्य तय करेगी? क्या भाजपा सरकार के लिए जनता की राय कोई मायने नहीं रखती?

उन्होंने दलित और आदिवासी समाज को लेकर भी सरकार की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए पूछा कि अब तक यह स्पष्ट क्यों नहीं किया गया कि UCC में उन्हें शामिल किया जाएगा या नहीं।

  • OBC को अधिकार देने में हिचकिचा रही सरकार

नेता प्रतिपक्ष ने OBC आरक्षण के मुद्दे पर कहा कि प्रदेश में 50 प्रतिशत से अधिक आबादी होने के बावजूद सरकार उन्हें अधिकार देने में हिचकिचा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार OBC का वोट तो चाहती है, लेकिन उन्हें उनका हक देने को तैयार नहीं है।

सिंघार ने कहा कि OBC चेहरों को आगे रखकर राजनीति की जा रही है, जबकि उनके अधिकारों को अदालत के पाले में डाल दिया गया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि हाईकोर्ट में लंबित मामले में OBC वर्ग को न्याय मिलेगा।

  • निर्मला सप्रे मामला न्यायालय में

बीना से विधायक निर्मला सप्रे के मामले पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह प्रकरण हाईकोर्ट में विचाराधीन है और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय जल्द फैसला देगा।

  • गेहूं खरीदी में किसान परेशान

किसानों की समस्याओं को उठाते हुए उमंग सिंघार ने कहा कि गेहूं खरीदी को लेकर प्रदेश में सर्वर डाउन, स्लॉट गायब और अव्यवस्थाओं के कारण किसान परेशान हैं। पहले मंडियों में पर्ची कटते ही तुलाई हो जाती थी, लेकिन अब इंटरनेट व्यवस्था के कारण किसानों का हक अटक गया है। उन्होंने कहा कि पहले ही खरीदी देर से शुरू हुई है और अब लगातार बाधाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में बड़ा सवाल है कि अन्नदाताओं को उनकी मेहनत का उचित मूल्य आखिर कब मिलेगा।

एमएसपी फर्जीवाड़ा और किसान उत्पीड़न से घिरी मोहन सरकार जवाब दे : जीतू पटवारी

भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जितेंद्र( जीतू) पटवारी ने कहा है कि प्रदेश में गेहूं खरीदी व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। मोहन सरकार पहले खरीदी की तारीख बढ़ाती रही और अब स्लॉट बुकिंग की तारीख बढ़ाकर किसानों को भ्रमित करने का प्रयास कर रही है। वास्तविकता यह है कि सरकार का पूरा खरीदी तंत्र विफल हो चुका है और किसान भारी परेशानी झेल रहे हैं।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने पहले ही चेताया था कि जिस धीमी गति से खरीदी चल रही है, उस हिसाब से सरकार को अपने ही घोषित 100 लाख मीट्रिक टन खरीदी लक्ष्य को पूरा करने में लगभग 140 दिन लगेंगे। प्रदेश में अनुमानित 245 लाख मीट्रिक टन उत्पादन के बावजूद सरकार ने 50 प्रतिशत से भी कम खरीदी का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के साथ अन्याय है।

श्री पटवारी ने कहा कि किसान लगातार स्लॉट बुकिंग में दिक्कत झेल रहे हैं, पुनः सत्यापन के संदेश आ रहे हैं, सर्वर धीमा पड़ रहा है, वेबसाइट बंद हो रही है और छोटे किसानों की भी समय पर तुलाई नहीं हो पा रही है। सरकार की लापरवाही का खामियाजा अन्नदाता भुगत रहा है। उन्होंने कहा कि इसी बीच समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा भी सामने आया है। भिंड, मुरैना और राजगढ़ जिलों में ऐसे लोगों के नाम पर पंजीयन कर दिया गया, जिनके पास स्वयं जमीन तक नहीं है, जबकि असली किसानों की जमीन का उपयोग कर फर्जी किसान बनाए गए। यह किसानों के हक पर सीधा डाका है।

उन्होंने कहा कि सरकार किसानों से 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीद रही है, जबकि बाजार भाव 2000 से 2200 रुपये प्रति क्विंटल है। इसी अंतर का लाभ उठाकर करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। यह बिना प्रशासनिक संरक्षण और मिलीभगत के संभव नहीं हो सकता। जबकि खरीदी में देरी के चलते किसानों के साथ हो रही अवस्थाओं के चलते बाजार भाव लगातार नीचे है मंडी में किसानों के साथ खुली लुटाई हो रही है सरकार जानबूझकर किसानों का शोषण कर रही है जितनी देर से खरीदी होगी उतना ही किसानों को नुकसान होगा ,सरकार भले ही स्लॉट बुकिंग की तिथि बढ़ा ले लेकिन यह तथ्य किसी से नहीं छुपा है कि किसान ज्यादा दिनों तक अपने खलियान में अनाज रख नहीं सकता क्योंकि उसके पास भंडारण की व्यवस्था नहीं है जिसके चलते मजबूरी है उसे मंडी में ही अपना माल बेचना पड़ रहा है जहां उसे केवल 1800 से 2000 का दाम मिल रहा है 

उन्होंने कहा कि सरकार ने अभी तक मूंग खरीदी को लेकर भी कोई स्पष्ट नीति घोषित नहीं की है। तीसरी फसल के रूप में मूंग किसानों की अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण साधन है, लेकिन सरकार लगातार मूंग उत्पादक किसानों की उपेक्षा कर रही है।

 श्री पटवारी ने कहा कि दूसरी ओर विदिशा जिले में किसान गोविंद गुर्जर का शव रेलवे पटरियों पर मिलना अत्यंत दुखद और चिंताजनक है। मृतक किसान द्वारा बनाए गए वीडियो में पूर्व विधायक एवं बीजेपी नेता पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। यह दर्शाता है कि भाजपा शासन में सत्ता से जुड़े लोगों में कानून का भय समाप्त हो चुका है।

उन्होंने मांग की कि गेहूं खरीदी व्यवस्था तत्काल सुचारु की जाए, स्लॉट बुकिंग प्रणाली दुरुस्त की जाए, छोटे किसानों को प्राथमिकता दी जाए, मूंग खरीदी पर तत्काल निर्णय लिया जाए, एमएसपी फर्जीवाड़े की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर आपराधिक कार्रवाई हो तथा किसान गोविंद गुर्जर प्रकरण की न्यायिक जांच कर पीड़ित परिवार को न्याय, सुरक्षा और आर्थिक सहायता दी जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी किसानों के सम्मान, अधिकार और न्याय की लड़ाई लगातार लड़ती रहेगी और किसानों के साथ अन्याय किसी भी कीमत पर सहन नहीं किया जाएगा।

इचाक प्रखण्ड में स्वरोजगार को बढ़ावा: कुक्कुट पालन हेतु 500 चूजे, दाना व दवाइयों का वितरण

हजारीबाग जिले के इचाक प्रखण्ड में झारखंड सरकार के तत्वावधान में पशुपालन विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। इस कार्यक्रम के तहत दर्जनों महिला एवं पुरुष लाभार्थियों के बीच कुक्कुट पालन के लिए 500 पीस चूजे, दाना, दवाइयां एवं आवश्यक कीट सामग्री का वितरण किया गया।

कार्यक्रम में प्रखण्ड प्रमुख पार्वती देवी, बीस सूत्री अध्यक्ष मनोहर राम, डॉक्टर नकुल मोदी, युवा नेता गौतम कुमार एवं प्रियंका कुमारी के हाथों लाभार्थियों को सामग्री प्रदान की गई। मौके पर उपस्थित जनसमूह में उत्साह का माहौल देखा गया, जहां ग्रामीणों ने इस पहल को अपने भविष्य के लिए एक नई उम्मीद के रूप में देखा।

प्रखण्ड प्रमुख पार्वती देवी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए यह एक प्रभावी कदम है, जिससे ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। वहीं जेएमएम नेता मनोहर राम ने कहा कि पशुपालन विभाग की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचे, इसके लिए प्रयास तेज किए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से गाय पालन, सूअर पालन एवं बकरी पालन को भी व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने की मांग की।

युवा नेता गौतम कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि क्षेत्र में कृषि के अलावा आय के सीमित साधन हैं, ऐसे में कुक्कुट पालन, बकरी पालन एवं गाय पालन ग्रामीणों के लिए रोजगार का मजबूत माध्यम बन सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में इस तरह की योजनाओं का दायरा और बढ़ेगा।

इस योजना का लाभ लेने वाले प्रमुख लाभार्थियों में गायत्री देवी, सोनी कुमारी, खुशबू देवी, जमनी देवी एवं सुकनी देवी सहित कई अन्य ग्रामीण महिलाएं शामिल रहीं, जिन्होंने सरकार के इस प्रयास के प्रति आभार व्यक्त किया।

इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना: ग्रामीण युवाओं के लिए 10 लाख तक ऋण का सुनहरा मौका
*ग्रामोद्योग रोजगार योजना: युवाओं को 10 लाख तक ऋण, स्वरोजगार का अवसर*

*खादी बोर्ड की पहल: बेरोजगारों को मिलेगा आसान ऋण, बनें आत्मनिर्भर*

*गांव में ही रोजगार का मौका: 4% ब्याज पर ऋण, महिलाओं को ब्याजमुक्त सुविधा*

*ऑनलाइन आवेदन शुरू: मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग योजना से जुड़ें, रोजगार पाएं*


*गोण्डा 29 अप्रैल 2026*  -  उ०प्र० खादी तथा ग्रामोद्योग बोर्ड, गोंडा द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्र के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल की जा रही है। योजना का उद्देश्य गांव स्तर पर रोजगार सृजन कर युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना है।

इस योजना के अंतर्गत 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के इच्छुक युवक-युवतियां अपने गांव में उद्योग स्थापित करने के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये तक का ऋण प्राप्त कर सकते हैं। सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को परियोजना लागत पर मात्र 4 प्रतिशत ब्याज देना होगा, जबकि महिला एवं आरक्षित वर्ग के लाभार्थियों को ब्याजमुक्त ऋण की सुविधा प्रदान की जाएगी।

इच्छुक अभ्यर्थी योजना के ई-पोर्टल mmgrykhadi.upsdc.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के साथ पासपोर्ट साइज फोटो, आधार कार्ड, पैन कार्ड, शैक्षिक व तकनीकी योग्यता प्रमाण पत्र, जाति/निवास प्रमाण पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट और नमूना हस्ताक्षर अपलोड करना अनिवार्य है। ऑनलाइन आवेदन के बाद उसकी हार्ड कॉपी जिला ग्रामोद्योग कार्यालय में जमा करनी होगी।

प्राप्त आवेदनों का चयन स्कोर कार्ड के आधार पर किया जाएगा तथा चयनित आवेदनों को बैंक के माध्यम से वित्तपोषण के लिए अग्रसारित किया जाएगा। जिला ग्रामोद्योग कार्यालय ने जनपद के बेरोजगार युवाओं से अपील की है कि वे इस योजना का लाभ उठाकर स्वरोजगार अपनाएं और प्रदेश के विकास में सहभागी बनें। अधिक जानकारी के लिए कार्य दिवस में जिला ग्रामोद्योग कार्यालय, 122 राजामोहल्ला, गोंडा या दूरभाष संख्या 9580503142 पर संपर्क किया जा सकता है।
धर्म व जाती के आधार पर भेद भाव घोषित हो गंभीर अपराध  : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ । वोट के लिए तुष्टिकरण को निम्न स्तर तक सत्ताधारी राजनीतिक पार्टियां गिरती जा रही है। भारतीय संविधान में जन्म के आधार पर धर्म अथवा जातिगत भेद भाव निषेध माना गया है किंतु सरकार जन्म के आधार पर या धर्म  अथवा जातिगत आरक्षण लगाकर समाज में विद्वेष पैदा कर रही है जबकि सरकार को धर्म जाति के आधार पर भेद भाव को गंभीर अपराध घोषित कर देना चाहिए ये बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज के लोगों को सम्बोधित करते हुए कह रहे थे सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे जनपद सोनभद्र के सोम पैलेस में  लोगो से संवाद स्थापित करते हुए कहा कि भारतीय संविधान के निर्माता सर वि एन राऊ जी एवं संविधान सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष  देश के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेन्द्र प्रसाद थे संविधान सभा में सात समितियां बनाई गई थी ।

जिसमे प्प्रारूप समिति में डॉ वी आर अम्बेडकर की शामिल किया गया था किन्तु  कालांतर में कतिपय षड्यंत्र कारी राजनीतिज्ञों ने निहित स्वार्थ में वशीभूत होकर संविधान सभा के लेखन समिति में शामिल सदस्यों को नजर अंदाज कर शीर्फ और शिर्फ़ डॉ अंबेडकर को  संविधान निर्माता, रचयिता आदि आदि नामों से सम्बोधित कर के बाकी संविधान के रचयिता विद्वानों का उपहास उड़ाने में जुटे हैं । वर्तमान सरकार सवर्ण  की भावनाओं के साथ खिलवाड़ करने में जुटी हुई है जिसका ज्वलंत उदाहरण यूजीसी है हालांकि उक्त पर  उच्चतम न्यायालय ने रोक लगाकर थोड़ी राहत दी है किंतु सरकार को यूजीसी एक्ट को तत्काल निरस्त कर देना चाहिए चौबे ने सवर्ण समाज के लोगों से अपील किया कि सवर्ण समाज को अपने अस्तित्व को बचाने हेतु एडवोकेट अनिल मिश्रा जी के नेतृत्व मे सवर्ण के तीसरे विकल्प में जुड़ना चाहिए ,सवर्ण आर्मी भारत के जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला ने बताया कि 12 मई को एडवोकेट अनिल मिश्रा जी राष्ट्रीय अधिकार मंच राम के राष्ट्रीय अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री, जनसामान्य मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष जुगल किशोर तिवारी जी जनपद सोनभद्र में आ रहे हैं जिसके स्वागत अभिनंदन की तैयारी की जा रही है।
बड़ागांव थाना क्षेत्र में चोरों की बहार, बंद पड़े मकानों को बना रहे अपना शिकार

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र-अंतर्गत ग्राम चंगवार , तेलारी, विराव, सिसवां, मधुमखिया मे पिछले कुछ दिनों से बंद मकानों के ताले व दरवाज़ों को तोड़ कर,एवं छतों के रास्ते चोरी का सिलसिला लगातार जारी है। फलस्वरूप क्षेत्र मे चोरों के आतंक से जनता खौफ जदा है, जबकि बड़ागाँव थाने के  अधिकारी-कर्मचारी पीड़ितों की शिकायत भारी मसक्कत के बाद दर्ज करते तो है ,पर मौका मुयायना कर शिकायतकर्ता को ही सीसी टीवी कैमरा न लगाने, मकान बंद रखने और तरह तरह के प्रश्न करके हैरान- परेशान करते है , कार्यवाही के नाम पर मामला शिफर ही रहता है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से जनता में भारी रोष व्याप्त है। दर्जनभर चोरी की वारदातों के पीड़ित लोग पुलिस के आला अफसरों से मिलने और आंदोलन की तैयारी में जुटे है।
ज्ञातव्य है कि तेलारी गांव के निवासी पुलिसः विभाग में कार्यरत  विशाल सरोज के मकान का ताला तोड़कर चोर लाखो की संपत्ति उड़ा ले गएथे। सरोज की तहरीर केबाद कुछ नामचीन चोरो,बदमाशो को  बड़ागाँव थाने द्वारा पीड़ितों की मदद से पकड़ा गया था, पर कहा जाता है कि भारी रिश्वत खोरी और राजनीतिक दबाव के चलते उन कथित चोरों  को छोड़ दिया गया।
बताते है कि चंगवार गांव के निवासी,रिटायर शिक्षक शोभनाथ महानंद पांडे के के मकान का ताला तोड़कर दो- दो बार सोने चाँदी के आभूषण,कैश, कपड़ा,अनाज सहित लाखो का सामान चोर ले गए।मकान में लगे सी सी टी वी कैमरे मे कई चोरो की तस्वीर और आवाज भी कैद है। जिसका फुटेज पुलिस को सौंपा गया है । एक ही घर मे दो माह में दो बार चोरी मेभी प्राथमिक तहरीर लिखित तो ली गयी पर कार्यवाई के नाम पर पीड़ित को ठेगा ही दिखाया गया। इसी दौरान चंगवार में ज्वाला पांडेय के मकान का ताला तोड़कर लाखो की संपत्ति चोरी हुई । इसी दौरान चंगवार में सुशील गुलाब पाण्डेय के मकान में  चोर छत पर चढ़कर सीढ़ी के दरवाजे का कुंडी तोड़ कर घुसे और 9 कमरो के ताले कुंडी तोड़कर घर मे रखे  कपाटो, तिजोरी, लाकर, पेटियों को तोड़कर सोने,चांदी के आभूषण ,फूल और पीतल ,चाँदी के वर्तन, कपड़े अनाज सहित लाखों की चोरी किया।इस मामले में सुशील पाण्डेय द्वारा 112 व ऑनलाइन शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारी अविनाश गुप्ता साधौगंज चौकी से मौके पे आये जाँच पड़ताल किये फ़ोटो वीडियो लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह को स्थिति अवगत कराएं फिर यह कह कर चले गए कि हमारे साहब भी इन चोरो से परेशान हो गए है । हम कुछ करते है। क्या यही है योगीजी की जांबाज पुलिस? सूत्र बताते है कि मात्र दो माह में चंगवार , तेलारी , सिसवा, विराव, मधुमखिया, में दर्जन भर बंद मकानों में चोरी की बारदातो को अंजाम देकर चोरो ने करोड़ो का माल उड़ाया है । पुलिस कई मामलों में तो एफ आई आर भी दर्ज नहीं किया ।और दूसरी घटनाओ में मर्ज कर जांच करने की बात पीड़ितों से कह कर उन्हें टाल दिया जाता है।जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।