उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
चौपारण के के.बी.एस.एस. +2 उच्च विद्यालय में 3 निःशुल्क स्मार्ट क्लास का शुभारंभ

शनिवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जयसवाल के नेतृत्व में हजारीबाग जिला अंतर्गत के.बी.एस.एस. प्लस 2 उच्च विद्यालय, चौपारण के परिसर में बैंक ऑफ इंडिया की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत तीन निःशुल्क स्मार्ट क्लास के अधिष्ठापन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य कालीचरण राम ने की, जबकि संचालन विद्यालय के शिक्षक वर्मा जी द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया एवं विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित होकर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। अपने संदेश में हज़ारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास से जुड़े अनेक जनकल्याणकारी कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि वे तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें और देश के उज्ज्वल भविष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। इस अवसर पर सह सांसद प्रतिनिधि रामस्वरूप पासवान एवं विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव ने भी सभा को संबोधित किया। स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने कहा कि एक पिछड़े एवं ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की आधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय कदम है। उन्होंने इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सांसद मनीष जयसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा स्मार्ट क्लासेज का विधिवत उद्घाटन किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर डागरा साहब, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कविराज, चौपारण मध्य के सांसद प्रतिनिधि रिशु वर्णवाल तथा चौपारण मध्य के मंडल अध्यक्ष रेवा शंकर साव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण एवं शिक्षा के प्रति नई उम्मीदों के साथ किया गया

मतदाता सूची से पूरे मुहल्ले के नाम सूची से साफ, सपा ने अपर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद l  समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित पत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा है जिसमे सपा नेताओं ने कहा है कि सदर विधानसभा के मनिहारी मोहल्ला बूथ संख्या 128 के 300 मतदाता विलोपन सूची में डाल दिए गए हैं, जबकि वह सभी मतदाता वैध हैं और सरकारी तंत्र की कमियों की वजह से उन लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है, सपा नेताओं ने मांग की है कि मामले में जांच करवाकर नोटिस की सुनवाई कर रहे अधिकारी को जिला प्रशासन आदेशित करे, कि मतदाताओं की विलोपन सूची की डिटेल मान्य कर ली जाए जिससे उनके नोटिस निरस्त किए जा सकें।

इस दौरान जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के साथ जिला महासचिव इलियास मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, सभासद/जिला सचिव रफी अंसारी, जिला सचिव अकिल खां, ब्लॉक अध्यक्ष बढ़पुर मुख्तार आलम, शिवम पटेल आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Sambhal नेजा मेला लगेगा या फिर लगेगी रोक? हाईकोर्ट पहुँची नेजा कमेटी, प्रशासन पर साजिश का आरोप
सम्भल में पारंपरिक नेजा मेले को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पिछले वर्ष प्रशासनिक रोक के चलते मेला आयोजित नहीं हो सका था, लेकिन इस बार धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने साफ संकेत दिए हैं कि वे मेले के आयोजन को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। मामला अब सीधे माननीय उच्च न्यायालय पहुँच चुका है।

धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने बताया कि नेजा मेला सय्यद सालार मसूद ग़ाज़ी रहमतुल्ला अलैह की याद में हजार वर्षों से अधिक समय से परंपरागत रूप से आयोजित होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रशासन ने जानबूझकर मेले को रोकने की साजिश रची। कमेटी द्वारा समय से उपजिलाधिकारी को लिखित सूचना देने के बावजूद, झंडा रोपण से एक दिन पहले उन्हें कोतवाली बुलाया गया और मेले को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी गई। शाहिद मसूदी का आरोप है कि उस दौरान अधिकारियों ने न केवल मेला रोकने की बात कही, बल्कि झंडा गाड़ने वालों को देशद्रोही तक करार दिया गया। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे कोर्ट भी नहीं जा सके और मेला आयोजित नहीं हो पाया। इस वर्ष कमेटी ने 10 दिसंबर को ही जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र सौंप दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च को नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाएगी और उसके बाद मेले का आयोजन होगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस बार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 20 तारीख को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है। नेजा मेला न लगने से पिछले साल स्थानीय व्यापारियों और गरीब तबके पर गहरा असर पड़ा था। दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों की आजीविका प्रभावित हुई। कमेटी ने इस पहलू को भी अपनी याचिका में प्रमुखता से उठाया है। शाहिद मसूदी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का संवैधानिक अधिकार है और यही देश की गंगा-जमुनी तहजीब और धर्मनिरपेक्ष पहचान है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि इस साल नेजा मेला लगेगा या फिर एक बार फिर उस पर रोक लगेगी।
शंकराचार्य जी केशव मौर्य का आग्रह स्वीकार कर,संगम में स्नान करें- जगदंबिका पाल


गोंडा।परमपूज्य शंकराचार्य  हम सबके हैं और उनका सम्मान है।यह बात एक दिवसीय दौरे पर गोंडा पहुंचे जेपीसी अध्यक्ष व डुमरियागंज से भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल कहा। पाल ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद यह बात कही।उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जो प्रयागराज से हैं ने सादर आग्रह किया है कि माघ मेले में वे  स्नान करें और मिलें।स्वाभाविक है कि उन्हें यह आग्रह स्वीकार करना चाहिए।

भाजपा सांसद  पाल यहां यहां भाजपा नेता पंकज कुमार श्रीवास्तव के घर आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के प्रति बदले रवैये पर भाजपा सांसद ने कहा कि हाल ही में दावोस के आर्थिक सम्मेलन में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा  की थी।उन्होंने कहा था ,नरेन्द्र मोदी एक बहुत ही उज्जवल और उभरते हुए नेता हैं,और वह मेरे बहुत अच्छे और करीबी दोस्त हैं।आने वाले समय में हमें एक बहुत अच्छी डील मिलेगी।यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति उनकी धारणा को दर्शाता है।जगदंबिका पाल ने आगे कहा कि आज नरेन्द्र मोदी केवल भारत के प्रधानमंत्री नहीं हैं,बल्कि दुनिया में हो रही घटनाओं में लोग उनकी तरफ देख रहे हैं,चाहे यूक्रेन रूस विवाद हो या हमास गाजा इजराइल संघर्ष।उन्होंने जोर दिया कि भारत नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक संप्रभु राष्ट्र बन चुका है।जेपीसी अध्यक्ष  पाल ने कहा कि आज हम अपनी शर्तों पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं।

अगर अमेरिका ले रहा है तो हम भी लेंगे।इसलिए स्वाभाविक है कि हम अपने हितों से आज नरेंद्र मोदी भारत के हितों से कोई समझौता नहीं कर रहे हैं।लेकिन आज दुनिया के आर्डर में आपने खुद देखा है कि अमेरिका खुद स्वीकार करता है कि भारत हमारे लिए महत्तपूर्ण है और प्रधानमंत्री मोदी उससे भी ज्यादा महत्तवपूर्ण हैं और चाहे पुतिन हों या चाहे दुनिया के और भी राष्ट्राध्यक्ष हों।जगदंबिका पाल ने यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज द्वारा किये जा रहे विरोध और नाराजगी पर कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है।आप देखिये कि जिस तरह से आज भारत की दुनिया में इकोनॉमी बढ़ रही है।

आखिर कोन है मतलब इंडिया इज बिकमिंग वन आफ द फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी ऐट द रेट आफ 8.2 प्रतिशत तो इट शोज दैट द अमाउंट आफ पेस आफ डेवलपमेंट इन आवर कंट्री अंडर द लीडरशिप आफ नरेंद्र मोदी सर्टेनली अच्छा है।
शंकराचार्य के अपमान पर पोस्टर वार कलेक्ट्रेट के बगल कांग्रेस नेता ने लगाई होर्डिंग,लिखा-शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान*
सुल्तानपुर में कलेक्ट्रेट के ठीक बगल एक होर्डिंग ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी द्वारा लगाए गए इस होर्डिंग पर लिखा है, "शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान"। सुब्रत सिंह ने मीडिया को दिए बयान में आरोप लगाया कि प्रयागराज मेले में जगतगुरु शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ सरकार तथा प्रशासन ने अभद्रता की। उन्होंने बताया कि शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, यहां तक कि उनकी चोटी पकड़कर घसीटा गया। पुलिस प्रशासन पर लाठियां बरसाने का भी आरोप है, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। श्री सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा खुद को हिंदुओं की सरकार बताती है। उन्होंने सवाल किया, "इस देश में शंकराचार्य से बड़ा हिंदू कौन है? जब भगवान शिव का अवतार कहे जाने वाले शंकराचार्य के साथ ऐसा हो रहा है, तो भाजपा सरकार में हिंदू कहां सुरक्षित हैं?" उन्होंने आगे कहा कि शंकराचार्य के शिष्यों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, उनके साथ अभद्रता हो रही है और उन्हें स्नान करने से रोका जा रहा है। कांग्रेस नेता ने भाजपा के 'सबके साथ' और 'सनातन की सरकार' के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इस मामले पर भाजपा नेताओं से पूछा जाता है, तो वे कोई जवाब नहीं देते और कन्नी काट लेते हैं।
फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

#kamalrashidkhankrkfiringcasearrest

Image 2Image 3

एक्टर कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मुंबई में दो राउंड फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें शुक्रवार देर रात ओशिवारा पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।

आज कोर्ट में होगी पेशी

कमाल आर खान उर्फ केआरके को बीते 18 जनवरी को मुंबई के ओशिवारा के अंधेरी स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग पर चार राउंड फायरिंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आज शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कमाल आर खान की बिल्डिंग से चलीं गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 18 जनवरी को हुई थी, इस दौरान अंधेरी के ओशिवारा में एक बिल्डिंग पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं। नालंदा सोसाइटी से दो गोलियां बरामद की गईं। एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। एक फ्लैट राइटर-डायरेक्टर का है और दूसरा मॉडल का। संजय चव्हाण के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन के 18 पुलिसकर्मियों की एक टीम, कई क्राइम ब्रांच टीमों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही थी।

दो राउंड फायरिंग की बात कबूली

पुलिस के अनुसार, अपने बयान में केआरके ने लाइसेंसी बंदूक से दो राउंड फायर करने की बात कबूल की है। यह घटना 18 जनवरी को ओशिवारा स्थित नालंदा सोसाइटी में हुई थी। जांच के दौरान सोसाइटी परिसर से दो गोलियां बरामद हुईं, जिनमें एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से मिली। पुलिस ने बताया कि एक फ्लैट एक लेखक-निर्देशक का है, जबकि दूसरा एक मॉडल का है।

माल ढुलाई और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी

कोच्चि, केरल, 23 जनवरी, 2026: अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) की तीसरी बैठक भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के विस्तार, प्रमुख अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देने और देश की नदियों की पूरी आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस पूर्ण दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री; बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार; नागालैंड सरकार के विद्युत और संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये; अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग; और पंजाब सरकार के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल; उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उपस्थित थे। यह बैठक सतत और कुशल लॉजिस्टिक के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। आईडब्ल्यूडीसी 3.0 ने हरित परिवहन को गति देने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और नदी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की पहचान की। केरल, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में नदी क्रूज जेटियों सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जो देश भर में क्रूज पर्यटन सर्किट के विस्तार में सहायक होंगी। परिषद ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी (रा.ज.-4) पर स्थित मुक्त्याला और हरिश्चंद्रपुरम में रो-रो और कार्गो टर्मिनलों के विकास की घोषणा की जिससे 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कम दूरी के कार्गो परिवहन को मजबूती मिलेगी। जम्मू और कश्मीर में झेलम नदी (रा.ज.49) पर तटवर्ती सुविधाओं को भी यात्री परिवहन और पर्यटन अवसंरचना को समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई। नौगम्यता, सुरक्षा और साल भर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए ₹465 करोड़सेअधिककीपरिसंपत्तिखरीदकोमंजूरीदीगई।इनमेंकेरलमेंसर्वेक्षणजलयान; बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रो-पैक्स बर्थिंग जेट्टी; उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में फ्लोटिंग पोंटून और क्विक पोटून ओपनिंग सिस्टम; हाइब्रिड सर्वेक्षण जलयान; उभयचर और कटर सक्शन ड्रेजर; और टग-बार्ज इकाइयां शामिल हैं। परिषद ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिनमें कोच्चि में स्लिपवे सुविधा का विकास, ओडिशा (25) और पूर्वोत्तर (85) में 110 जेट्टी का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक जलयानों की तैनाती और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नदी यातायात और नौवहन प्रणाली (एनआरटीएनएस) का कार्यान्वयन शामिल है। असम के लिए, आईडब्ल्यूडीसी ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल के विकास और बोगीबील तक 144 करोड़ रुपये की एप्रोच रोड संपर्क परियोजना  ब्रह्मपुत्र नदी (रा.ज.-2) पर डिब्रूगढ़ में नदी बंदरगाह का निर्माण असम के अंतर्देशीय जलमार्ग अवरंचना ढांचे और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा। परिषद को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्देशीय जलमार्ग भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक परिवर्तन के एक कार्यनीतिक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतर्देशीय जलमार्गों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे सड़कों पर भीड़ कम हुई है, लॉजिस्टिक लागत में कमी आई है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है। इस दूरदृष्टि से प्रेरित होकर, नदियों को अब केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और संपर्क को गति देने वाली आर्थिक जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है। बैठक में पिछले दशक में इस क्षेत्र के तीव्र विस्तार की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल ढुलाई 2013-14 में 18 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 145.84 मिलियन टन हो गई है, जबकि परिचालन में मौजूद राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है, यानी दस गुना वृद्धि हुई है। लक्जरी नदी क्रूज जलयानों की संख्या पांच से बढ़कर 25 हो गई है, जो उद्योग, निवेशकों और राज्य सरकारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। केरल के विशाल बैकवाटर और नहर नेटवर्क को अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक प्रमुख अवसर के रूप में उजागर किया गया। परिषद ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर, डिब्रूगढ़ सहित 18 शहरों मेंशहरी जल परिवहन के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में इस बात पर फिर से जोर दिया गया कि अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का सबसे अधिक ईंधन-कुशल, लागत-प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल साधन बने हुए हैं, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने, सड़कों और रेलवे पर भीड़भाड़ कम करने और समग्र लॉजिस्टिक लागत को घटाने में सहायक हैं। नदी क्रूज पर्यटन को समुद्री अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना गया, जिसके लिए सरकार आधुनिक क्रूज टर्मिनल, उन्नत नौवहन प्रणाली और समर्पित क्रूज सर्किट विकसित कर रही है। "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग हरित विकास, डिजिटल परिवर्तन और पर्यटन आधारित विकास के शक्तिशाली कारक के रूप में उभर रहे हैं। माल ढुलाई, यात्री सेवाओं और क्रूज पर्यटन में तीव्र विस्तार के साथ, हमारी नदियाँ सतत गतिशीलता और आर्थिक अवसरों का इंजन बन रही हैं। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले जलयानों, स्मार्ट नेविगेशन प्रणालियों और विश्व स्तरीय यात्री अवसंरचना को एकीकृत करके, हम लॉजिस्टिक लागत को कम करने, उत्सर्जन में कटौती करने और नई आजीविका सृजित करने के लिए जलमार्गों की पूरी क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। कोच्चि वाटर मेट्रो जैसी पहलों की सफलता दर्शाती है कि नदियाँ शहरी गतिशीलता को कैसे बदल सकती हैं, और हम गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर और डिब्रूगढ़ सहित अन्य शहरों में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के जलमार्ग विकसित भारत के पथ पर समावेशी विकास को गति प्रदान करें," सोनोवाल ने कहा। पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया, जहां जलमार्ग परियोजनाओं से संपर्क, व्यापार, पर्यटन और नदी किनारे बसे समुदायों की आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार ने पूर्वोत्तर में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 घाटों का विकास करने की योजना बनाई है, जिससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक एकीकरण को मजबूती मिलेगी।  “भारतकीअंतर्देशीयजलमार्गयोजनामेंपूर्वोत्तरकाकेंद्रीयस्थानहै।अपनेविशालनदीनेटवर्ककेसाथ, यह क्षेत्र सतत परिवहन, व्यापार और पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 जेटियों का विकास संपर्क को काफी मजबूत करेगा, क्षेत्रीय लॉजिस्टिक को एकीकृत करेगा और नदी किनारे बसे समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा। अंतर्देशीय जलमार्ग न केवल पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय बाजारों के करीब लाएगा बल्कि विकास, समृद्धि और क्षेत्रीय एकीकरण के प्रवेश द्वार के रूप में इसकी भूमिका को भी उजागर करेगा,” सर्वानंदा सोनोवाल। असम के लिए, परिषद ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल और डिब्रूगढ़ के बोगीबील नदी बंदरगाह तक 144 करोड़ रुपये की पहुंच मार्ग संपर्क परियोजना को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं राज्य के अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगी, नदी क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देंगी और अंतिम-मील संपर्क (कनेक्टिविटी) में सुधार करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर को विकास के अष्ट लक्ष्मी इंजन के रूप में देखने के दृष्टिकोण से प्रेरित ये पहल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे व्यापार, रोजगार और सतत विकास के नए अवसर पैदा करेंगी। (असम के लिए) परिषद ने सरकार की दूरदर्शी प्राथमिकताओं की पुष्टि की, जिनमें हरित और संकर जहाजों की तैनाती, डिजिटल नेविगेशन और यातायात प्रबंधन प्रणालियों का विस्तार, आधुनिक अंतर्देशीय टर्मिनलों का विकास, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत सुविधाओं को सुदृढ़ करना और समुद्री कौशल विकास को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में सरल शहरी जल परिवहन प्रणालियों के निर्माण, माल परिवहन दक्षता में सुधार, यात्री आवागमन के लिए हरित और संकर जहाजों को बढ़ावा देने, नदी क्रूज पर्यटन का विस्तार करने और डिजिटल और टिकाऊ प्रथाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श भी हुआ। राज्यों द्वारा चल रही और प्रस्तावित अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजनाओं के संबंध में उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की गई, जिसमें समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। आइडब्ल्यूडीसी3.0, 2024 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी1.0 और 2025 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी2.0 के दौरान रखी गई नींव पर आधारित है, जिसमें स्थिरता, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आइडब्ल्यूडीसी) 1.0 और 2.0 के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की गई। दिन भर चली इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई, प्रमुख निवेशों और परियोजनाओं की घोषणा की गई और देश भर में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया गया। अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) का समापन केंद्र और राज्यों द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, स्वच्छ परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने और नदियों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्गों को माल और यात्रियों दोनों के लिए परिवहन के एक रुचिकर, भविष्य के लिए तैयार साधन के रूप में पुनः स्थापित किया गया, जो स्वच्छ परिवहन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और एक मजबूत भारत में योगदान देगा। भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन उपलब्ध कराकर सड़क और रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 111 राष्ट्रीय जलमार्गों के साथ, अंतर्देशीय जलमार्ग रो-रो वाहन तथा, क्रूज पर्यटन जैसी पहलों को तेजी से समर्थन दे रहे हैं।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आइडब्ल्यूएआइ, राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास, रखरखाव और विनियमन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी बनी हुई है।
*कैसे करोड़ों भारतीयों के सुरक्षा कवच बन गए मोदी!*

- डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

भारतीय राजनीति के वर्तमान युग को यदि किसी एक शब्द में समझा जाए, तो वह शब्द है – मोदी मैजिक। यह शब्द केवल किसी नेता की लोकप्रियता को नहीं दर्शाता, बल्कि उस गहरे भावनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन को भी बयान करता है जो पिछले एक दशक में भारत के मतदाता के भीतर घटित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह राजनीति, नेतृत्व और जनता के रिश्ते को पुनर्परिभाषित किया है, उसने भारत के लोकतांत्रिक व्यवहार को एक नई दिशा दी है।

मोदी की लोकप्रियता किसी एक चुनाव या किसी एक योजना का परिणाम नहीं है। यह वर्षों की सुनियोजित छवि- निर्माण, निरंतर संवाद, मजबूत संगठनात्मक शक्ति और सबसे बढ़कर जनता की भावनाओं को समझने की कला का संयुक्त परिणाम है। मोदी आज सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं हैं, वे करोड़ों भारतीयों के लिए एक उम्मीद, एक पहचान और एक सुरक्षा कवच बन चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि भारतीय राजनीति केवल नीतियों से नहीं चलती, वह भावनाओं से चलती है। भारत का मतदाता जब वोट डालता है, तो वह केवल सरकार नहीं चुनता, वह अपने भविष्य, अपनी पहचान और अपने सम्मान पर निर्णय करता है। मोदी इस मनोविज्ञान को गहराई से समझते हैं।

नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा साधारण नहीं है। एक चाय बेचने वाले से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर एक ऐसी कहानी है जिसमें संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता का संदेश छिपा है। यह कहानी करोड़ों गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के दिल को छूती है। उन्हें लगता है कि मोदी उनमें से एक हैं। यही भावनात्मक रिश्ता मोदी को बाकी नेताओं से अलग बनाता है। मोदी ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया है जो सत्ता से नहीं, बल्कि सेवा से जुड़ा है। उनका सादा जीवन या लगातार काम करना, यह सब मिलकर उन्हें एक त्यागी और समर्पित नेता के रूप में दर्शाता है। यह छवि उस आम नागरिक के लिए बहुत आकर्षक है जो लंबे समय से नेताओं को सुविधा और भ्रष्टाचार में डूबा देखता आया है।

इस भावनात्मक जुड़ाव को मोदी ने निरंतर संवाद के माध्यम से और मजबूत किया। *"मन की बात"* जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद को एक दूर की कुर्सी से निकालकर घर की बैठक तक पहुंचा दिया। लोग रेडियो पर उनकी आवाज सुनते हैं, अपने जैसे लोगों की कहानियां सुनते हैं और महसूस करते हैं कि देश का नेता उनकी दुनिया को समझता है। सोशल मीडिया ने इस जुड़ाव को और गहरा किया है। मोदी आज भारत के सबसे बड़े डिजिटल रूप से सक्रीय राजनेता हैं। वे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अपने मोबाइल ऐप के जरिए हर दिन करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। इस निरंतर उपस्थिति ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो हमेशा जनता के साथ और उनसे घिरा हुआ नजर आता है।

यह केवल प्रचार नहीं है, यह एक मनोवैज्ञानिक जुड़ाव है। जब कोई व्यक्ति रोज आपके सामने आता है, आप उसकी बातें सुनते हैं, तो वह आपके जीवन का हिस्सा बन जाता है। मोदी इस मनोविज्ञान को बहुत अच्छे से समझते हैं। मोदी मैजिक के एक और बड़े आधार के रूप में तकनीक व डेटा के उपयोग को समझा जा सकता है। 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में एक नई शैली आई है जिसे डिजिटल राजनीति कहा जा सकता है। भाजपा ने लोगों की पसंद, उनकी जरूरतों और उनकी सोच को समझने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग संदेश तैयार किए गए। किसी युवा से नौकरी और स्टार्टअप की बात की गई, तो किसी किसान से सम्मान निधि और फसल बीमा की। महिलाओं के लिए उज्ज्वला और शौचालय जैसी योजनाओं को सामने रखा गया। इससे हर वर्ग को लगा कि सरकार सीधे उससे बात कर रही है।

व्हाट्सएप जैसे माध्यमों ने इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया। पारंपरिक मीडिया पर निर्भर रहने के बजाय भाजपा ने अपने समर्थकों के नेटवर्क को ही एक बड़ा संचार तंत्र बना दिया। इससे मोदी का संदेश बिना रुके, बिना बदले, सीधे लोगों तक पहुंचा। मोदी मैजिक का एक बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय गर्व और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। मोदी ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास को गर्व का विषय बनाया। राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक न्याय के रूप में प्रस्तुत किया गया। सेना के साहसिक कदमों और सीमा पर की गई कार्रवाइयों को *"मजबूत भारत"*  की पहचान के रूप में दिखाया गया। इससे लोगों को लगा कि अब देश कमजोर नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ है। मोदी ने भारत को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया है जो दुनिया में सम्मान चाहता है और सम्मान पाता भी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रियता ने इस छवि को और मजबूत किया है।

हालाँकि इन सबके पीछे एक मजबूत संगठन भी काम करता है। भाजपा और उससे जुड़े संगठन गांव से लेकर महानगर तक फैले हुए हैं। हर कार्यकर्ता मोदी के संदेश को आगे बढ़ाने का काम करता है। पार्टी में अनुशासन और नेतृत्व की स्पष्टता है, जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती है। मोदी की राजनीति ने विपक्ष को भी एक तरह से परिभाषित कर दिया है।
उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो देश को खतरों से बचा सकता है। ऐसे में जो भी उनकी आलोचना करता है, वह कई बार जनता की नजर में देश के खिलाफ खड़ा दिखने लगता है। सही मायने में देखें तो इस पूरी प्रक्रिया में मोदी एक ऐसे केंद्र बन गए हैं जिसके चारों ओर राजनीति घूमती है। चुनाव अब केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि मोदी बनाम बाकी सब के रूप में देखे जाने लगे हैं। मोदी ने राजनीति को एक भावनात्मक अनुभव में बदल दिया है, जहां नेता केवल सरकार नहीं चलाता, बल्कि लोगों की उम्मीदों और सपनों का प्रतिनिधि बन जाता है। जब तक मोदी इस भावनात्मक जुड़ाव, राष्ट्रीय गर्व और निरंतर संवाद को बनाए रखेंगे, तब तक मोदी मैजिक भारतीय राजनीति की सबसे शक्तिशाली ताकत बना रहेगा।
*केविनकेयर का चिक क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में प्रवेश; पटना में  लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम हेयर कलर*
* गुणवत्ता  के प्रति जागरूक और किफायती विकल्प चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया यह उत्पाद सिर्फ 10 मिनट में आसान और बेहतर हेयर कलरिंग अनुभव देता है, वह भी मात्र 10 रुपए में।
* यह तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध है। यह सिंगल-यूज़ सैशे में आता है और राज्य भर के जनरल ट्रेड दुकान पर आसानी से मिलेगा।
* टीवी की मशहूर हस्ती श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर लेकर, चिक ने एक व्यापक 360° मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
*पटना, जनवरी 2026:* केविनकेयर का चिक ब्रांड, पटना के बाजार में हेयर कलर कैटेगरी में एक क्राँतिकारी उत्पाद- चिक क्विक क्रेम हेयर कलर लेकर आया है। इस घोषणा के साथ चिक ने क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में अपनी एंट्री दर्ज की है। यह उत्पाद एक अनोखे 10-मिनट के फास्ट एक्शन फॉर्मूले से लैस है, जो क्रेम हेयर कलरिंग को और आसान और समय-बचाने वाला बनाता है। इसमें आंवला और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्वों की अच्छाई शामिल है, जिससे यह गहरे, नैचुरल दिखने वाले रंग का अनुभव देता है। यह लॉन्च चिक के उस मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर घर तक इनोवेटिव और आसान हेयर कलरिंग सॉल्यूशंस पहुँचाना शामिल है। ब्रांड ने लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है और राज्य में एक व्यापक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं।
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर एक सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जो अन्य क्रेम हेयर कलर्स से अलग एक सुविधाजनक पैक है। यह उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याओं- लंबे समय तक लगने वाली एप्लीकेशन, रूखापन और पाउडर फॉर्मेट में होने वाली गंदगी को दूर करता है। यह प्रोडक्ट कम तैयारी के साथ एक स्मूद कलरिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। तीन आकर्षक शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध यह रेंज उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मात्र 10 रुपए की कीमत में यह क्रेम फॉर्मेट पटना के किफायती उपभोक्ताओं के लिए हेयर कलरिंग को और सुलभ और समावेशी बनाता है। 10 मिनट की फास्ट एक्शन टेक्नोलॉजी के साथ, चिक क्विक क्रेम हेयर कलर गहरे रंग और चमकदार फिनिश के साथ हेयर कलरिंग अनुभव को नया रूप देता है, बिना इंतजार, बिना झंझट।
लॉन्च पर बोलते हुए, केविनकेयर के बिजनेस हेड- पर्सनल केयर, श्री रजत नंदा ने कहा, “पटना में हेयर कलर बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब ऐसे समाधान चाहते हैं, जो गुणवत्ता, सुविधा और किफायत को एक साथ लाएं। अब तक कई उपभोक्ता पारंपरिक हेयर कलर फॉर्मेट पर निर्भर रहे हैं, जिनमें उपयोग की आसानी और अनुभव की कमी रहती है। चिक क्विक क्रेम हेयर कलर के साथ, हम गर्व से कह सकते हैं कि हम इस अंतर को दूर कर रहे हैं। यह सच में एक ऐसा क्रेम फॉर्मेट है, जो केवल 10 मिनट में गहरे और शानदार परिणाम देता है। पटना के सबसे भरोसेमंद हेयर केयर ब्रांड्स में से एक होने के नाते, चिक हमेशा ब्यूटी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए खड़ा रहा है, और यह लॉन्च हमारे इनोवेशन और वैल्यू-ड्रिवन समाधानों की दिशा में एक और कदम है।”
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर पटना के सभी रिटेल आउटलेट्स और किराना स्टोर्स पर सिंगल-यूज़ सैशे पैक में उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में से चुन सकते हैं। इस लॉन्च के साथ केविनकेयर पर्सनल केयर श्रेणी में चिक की उपस्थिति को और मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि गुणवत्तापूर्ण हेयर कलरिंग अब हर घर तक पहुँचे।

चिक के विषय में: चिक शैम्पू केविनकेयर की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस ब्रांड ने एफएमसीजी उद्योग में सैशे रिवॉल्यूशन लाया और आज यह केविनकेयर का प्रमुख ब्रांड है। इनोवेटिव सैशे पैकेजिंग, रणनीतिक मूल्य निर्धारण, व्यापक वितरण नेटवर्क और तेजी से बदलती उपभोक्ता जरूरतों को समझने की क्षमता ने चिक को आज देश के सफलतम ब्रांड्स में शामिल किया है।
उत्तर प्रदेश दिवस पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन

“विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर विद्यार्थियों ने दिखाई रचनात्मकता

लखनऊ। अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) द्वारा उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर “उत्तर प्रदेश दिवस: विकास की ओर बढ़ता कदम” विषय पर निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन सरस्वती शिशु मंदिर, तकरोही, इंदिरा नगर, लखनऊ में किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्पांजलि एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। इस अवसर पर संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह, संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध, विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश, अरुणेश मिश्र, डॉ. धीरेन्द्र सिंह, वेन डॉ. जुलाम्पिटिये पुन्न्यासार सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में संस्थान के निदेशक डॉ. राकेश सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी सांस्कृतिक विरासत और ऐतिहासिक चेतना का उत्सव है। यह प्रदेश संत-परंपरा, शौर्य और सृजनशीलता की भूमि रहा है तथा आज आत्मनिर्भर भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से अग्रसर है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस हमारी पहचान, आत्मसम्मान और एकता का प्रतीक है। वहीं संस्थान के सदस्य तरुणेश बौद्ध ने प्रदेश को प्रगति, परंपरा और संभावनाओं का सशक्त संगम बताया।

अरुणेश मिश्र ने कहा कि उत्तर प्रदेश दिवस आत्मसम्मान और सामूहिक चेतना का दिन है, जबकि डॉ. धीरेन्द्र सिंह ने प्रदेश को ऋषि-मुनियों, संतों और वीरों की पावन भूमि बताते हुए शिक्षा, संस्कृति और विकास के क्षेत्र में निरंतर प्रगति की बात कही।

प्रतियोगिता के परिणामों की घोषणा करते हुए बताया गया कि चित्रकला प्रतियोगिता में पीहू ने प्रथम, अंजली ने द्वितीय तथा रचना मौर्या ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त राजवीर वर्मा, युक्ति वर्मा, जान्हवी, आयुष कुमार एवं प्राची शर्मा को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए गए।

निबंध प्रतियोगिता में आकर्षक वर्मा प्रथम, प्रिय वर्मा द्वितीय एवं आस्था रावत तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार आशुतोष शर्मा, स्तुति राजपूत, काव्या मौर्या, संस्कृति द्विवेदी एवं शेखर पटेल को प्रदान किए गए। सभी प्रतिभागियों को स्मृति-चिन्ह एवं सहभागिता प्रमाण पत्र भी दिए गए।

कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य अवधेश ने उपस्थित अतिथियों, वक्ताओं, मीडिया कर्मियों, शिक्षक-शिक्षिकाओं एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
चौपारण के के.बी.एस.एस. +2 उच्च विद्यालय में 3 निःशुल्क स्मार्ट क्लास का शुभारंभ

शनिवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जयसवाल के नेतृत्व में हजारीबाग जिला अंतर्गत के.बी.एस.एस. प्लस 2 उच्च विद्यालय, चौपारण के परिसर में बैंक ऑफ इंडिया की कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत तीन निःशुल्क स्मार्ट क्लास के अधिष्ठापन कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय के प्राचार्य कालीचरण राम ने की, जबकि संचालन विद्यालय के शिक्षक वर्मा जी द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया एवं विकसित भारत के संकल्प से प्रेरित होकर आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण एवं पिछड़े क्षेत्रों के विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है। अपने संदेश में हज़ारीबाग सांसद मनीष जयसवाल ने कहा कि विद्यालय में विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण उपस्थिति एवं सक्रिय सहभागिता इस कार्यक्रम को और अधिक प्रभावशाली बनाती है। उन्होंने आश्वस्त किया कि आने वाले समय में भी शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक विकास से जुड़े अनेक जनकल्याणकारी कार्य व्यापक स्तर पर किए जाएंगे, ताकि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुँच सके। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव ने अपने संबोधन में कहा कि इस पहल का प्राथमिक लक्ष्य विद्यार्थियों को शिक्षा ग्रहण करने में आधुनिक सुविधाएँ प्रदान करना है, ताकि वे तकनीकी रूप से सशक्त बन सकें और देश के उज्ज्वल भविष्य में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकें। उन्होंने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार ही विकसित भारत के निर्माण की आधारशिला है। इस अवसर पर सह सांसद प्रतिनिधि रामस्वरूप पासवान एवं विधायक प्रतिनिधि राजदेव यादव ने भी सभा को संबोधित किया। स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने कहा कि एक पिछड़े एवं ग्रामीण क्षेत्र में इस प्रकार की आधुनिक शिक्षा सुविधा उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय कदम है। उन्होंने इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं सांसद मनीष जयसवाल के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि द्वारा स्मार्ट क्लासेज का विधिवत उद्घाटन किया गया। विशिष्ट अतिथि के रूप में बैंक ऑफ इंडिया के जोनल मैनेजर डागरा साहब, मार्केटिंग मैनेजर मनोज कविराज, चौपारण मध्य के सांसद प्रतिनिधि रिशु वर्णवाल तथा चौपारण मध्य के मंडल अध्यक्ष रेवा शंकर साव उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त विद्यालय परिवार के सभी शिक्षक, कर्मचारी एवं क्षेत्र के अन्य गणमान्य नागरिकों की गरिमामयी उपस्थिति रही।अंत में राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन सकारात्मक वातावरण एवं शिक्षा के प्रति नई उम्मीदों के साथ किया गया

मतदाता सूची से पूरे मुहल्ले के नाम सूची से साफ, सपा ने अपर जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन
फर्रुखाबाद l  समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के नेतृत्व में सपा नेताओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित पत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा है जिसमे सपा नेताओं ने कहा है कि सदर विधानसभा के मनिहारी मोहल्ला बूथ संख्या 128 के 300 मतदाता विलोपन सूची में डाल दिए गए हैं, जबकि वह सभी मतदाता वैध हैं और सरकारी तंत्र की कमियों की वजह से उन लोगों का मताधिकार छीना जा रहा है, सपा नेताओं ने मांग की है कि मामले में जांच करवाकर नोटिस की सुनवाई कर रहे अधिकारी को जिला प्रशासन आदेशित करे, कि मतदाताओं की विलोपन सूची की डिटेल मान्य कर ली जाए जिससे उनके नोटिस निरस्त किए जा सकें।

इस दौरान जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव के साथ जिला महासचिव इलियास मंसूरी, जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, सभासद/जिला सचिव रफी अंसारी, जिला सचिव अकिल खां, ब्लॉक अध्यक्ष बढ़पुर मुख्तार आलम, शिवम पटेल आदि पदाधिकारी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Sambhal नेजा मेला लगेगा या फिर लगेगी रोक? हाईकोर्ट पहुँची नेजा कमेटी, प्रशासन पर साजिश का आरोप
सम्भल में पारंपरिक नेजा मेले को लेकर एक बार फिर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। पिछले वर्ष प्रशासनिक रोक के चलते मेला आयोजित नहीं हो सका था, लेकिन इस बार धार्मिक नगर नेजा कमेटी ने साफ संकेत दिए हैं कि वे मेले के आयोजन को लेकर पीछे हटने वाले नहीं हैं। मामला अब सीधे माननीय उच्च न्यायालय पहुँच चुका है।

धार्मिक नगर नेजा कमेटी के अध्यक्ष शाहिद मसूदी ने बताया कि नेजा मेला सय्यद सालार मसूद ग़ाज़ी रहमतुल्ला अलैह की याद में हजार वर्षों से अधिक समय से परंपरागत रूप से आयोजित होता चला आ रहा है। उन्होंने कहा कि 2025 में प्रशासन ने जानबूझकर मेले को रोकने की साजिश रची। कमेटी द्वारा समय से उपजिलाधिकारी को लिखित सूचना देने के बावजूद, झंडा रोपण से एक दिन पहले उन्हें कोतवाली बुलाया गया और मेले को गैरकानूनी बताते हुए रोक लगा दी गई। शाहिद मसूदी का आरोप है कि उस दौरान अधिकारियों ने न केवल मेला रोकने की बात कही, बल्कि झंडा गाड़ने वालों को देशद्रोही तक करार दिया गया। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के लिए नजरबंद कर दिया गया, जिससे वे कोर्ट भी नहीं जा सके और मेला आयोजित नहीं हो पाया। इस वर्ष कमेटी ने 10 दिसंबर को ही जिलाधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट को प्रार्थना पत्र सौंप दिया है। प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार 10 मार्च को नेजा मेले की ढाल गाड़ी जाएगी और उसके बाद मेले का आयोजन होगा। अध्यक्ष ने बताया कि इस बार किसी भी स्थिति से निपटने के लिए 20 तारीख को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर दी गई है। नेजा मेला न लगने से पिछले साल स्थानीय व्यापारियों और गरीब तबके पर गहरा असर पड़ा था। दूर-दराज से आने वाले दुकानदारों, खासकर दलित और पिछड़े वर्ग के लोगों की आजीविका प्रभावित हुई। कमेटी ने इस पहलू को भी अपनी याचिका में प्रमुखता से उठाया है। शाहिद मसूदी ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है। उनका कहना है कि हर धर्म को अपने त्योहार मनाने का संवैधानिक अधिकार है और यही देश की गंगा-जमुनी तहजीब और धर्मनिरपेक्ष पहचान है। अब सबकी नजरें हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं, जो तय करेगा कि इस साल नेजा मेला लगेगा या फिर एक बार फिर उस पर रोक लगेगी।
शंकराचार्य जी केशव मौर्य का आग्रह स्वीकार कर,संगम में स्नान करें- जगदंबिका पाल


गोंडा।परमपूज्य शंकराचार्य  हम सबके हैं और उनका सम्मान है।यह बात एक दिवसीय दौरे पर गोंडा पहुंचे जेपीसी अध्यक्ष व डुमरियागंज से भाजपा सांसद जगदम्बिका पाल कहा। पाल ने शंकराचार्य से जुड़े विवाद यह बात कही।उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य जो प्रयागराज से हैं ने सादर आग्रह किया है कि माघ मेले में वे  स्नान करें और मिलें।स्वाभाविक है कि उन्हें यह आग्रह स्वीकार करना चाहिए।

भाजपा सांसद  पाल यहां यहां भाजपा नेता पंकज कुमार श्रीवास्तव के घर आयोजित एक मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत के प्रति बदले रवैये पर भाजपा सांसद ने कहा कि हाल ही में दावोस के आर्थिक सम्मेलन में ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा  की थी।उन्होंने कहा था ,नरेन्द्र मोदी एक बहुत ही उज्जवल और उभरते हुए नेता हैं,और वह मेरे बहुत अच्छे और करीबी दोस्त हैं।आने वाले समय में हमें एक बहुत अच्छी डील मिलेगी।यह बयान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रति उनकी धारणा को दर्शाता है।जगदंबिका पाल ने आगे कहा कि आज नरेन्द्र मोदी केवल भारत के प्रधानमंत्री नहीं हैं,बल्कि दुनिया में हो रही घटनाओं में लोग उनकी तरफ देख रहे हैं,चाहे यूक्रेन रूस विवाद हो या हमास गाजा इजराइल संघर्ष।उन्होंने जोर दिया कि भारत नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में एक संप्रभु राष्ट्र बन चुका है।जेपीसी अध्यक्ष  पाल ने कहा कि आज हम अपनी शर्तों पर रूस से कच्चा तेल खरीद रहे हैं।

अगर अमेरिका ले रहा है तो हम भी लेंगे।इसलिए स्वाभाविक है कि हम अपने हितों से आज नरेंद्र मोदी भारत के हितों से कोई समझौता नहीं कर रहे हैं।लेकिन आज दुनिया के आर्डर में आपने खुद देखा है कि अमेरिका खुद स्वीकार करता है कि भारत हमारे लिए महत्तपूर्ण है और प्रधानमंत्री मोदी उससे भी ज्यादा महत्तवपूर्ण हैं और चाहे पुतिन हों या चाहे दुनिया के और भी राष्ट्राध्यक्ष हों।जगदंबिका पाल ने यूजीसी को लेकर सवर्ण समाज द्वारा किये जा रहे विरोध और नाराजगी पर कहा कि नहीं ऐसा कुछ नहीं है।आप देखिये कि जिस तरह से आज भारत की दुनिया में इकोनॉमी बढ़ रही है।

आखिर कोन है मतलब इंडिया इज बिकमिंग वन आफ द फास्टेस्ट ग्रोइंग इकोनॉमी ऐट द रेट आफ 8.2 प्रतिशत तो इट शोज दैट द अमाउंट आफ पेस आफ डेवलपमेंट इन आवर कंट्री अंडर द लीडरशिप आफ नरेंद्र मोदी सर्टेनली अच्छा है।
शंकराचार्य के अपमान पर पोस्टर वार कलेक्ट्रेट के बगल कांग्रेस नेता ने लगाई होर्डिंग,लिखा-शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान*
सुल्तानपुर में कलेक्ट्रेट के ठीक बगल एक होर्डिंग ने जिले की राजनीति में हलचल मचा दी है। युवा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष सुब्रत सिंह सनी द्वारा लगाए गए इस होर्डिंग पर लिखा है, "शंकराचार्य का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान"। सुब्रत सिंह ने मीडिया को दिए बयान में आरोप लगाया कि प्रयागराज मेले में जगतगुरु शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ सरकार तथा प्रशासन ने अभद्रता की। उन्होंने बताया कि शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई, यहां तक कि उनकी चोटी पकड़कर घसीटा गया। पुलिस प्रशासन पर लाठियां बरसाने का भी आरोप है, जिसके कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। श्री सिंह ने भारतीय जनता पार्टी की सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा खुद को हिंदुओं की सरकार बताती है। उन्होंने सवाल किया, "इस देश में शंकराचार्य से बड़ा हिंदू कौन है? जब भगवान शिव का अवतार कहे जाने वाले शंकराचार्य के साथ ऐसा हो रहा है, तो भाजपा सरकार में हिंदू कहां सुरक्षित हैं?" उन्होंने आगे कहा कि शंकराचार्य के शिष्यों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है, उनके साथ अभद्रता हो रही है और उन्हें स्नान करने से रोका जा रहा है। कांग्रेस नेता ने भाजपा के 'सबके साथ' और 'सनातन की सरकार' के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब इस मामले पर भाजपा नेताओं से पूछा जाता है, तो वे कोई जवाब नहीं देते और कन्नी काट लेते हैं।
फायरिंग केस में एक्टर कमाल राशिद खान गिरफ्तार, जानें क्या है पूरा मामला

#kamalrashidkhankrkfiringcasearrest

Image 2Image 3

एक्टर कमाल राशिद खान, जिन्हें केआरके के नाम से भी जाना जाता है, उन्हें मुंबई में दो राउंड फायरिंग के मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्हें शुक्रवार देर रात ओशिवारा पुलिस ने हिरासत में लिया था। वह इस मामले में मुख्य संदिग्ध हैं।

आज कोर्ट में होगी पेशी

कमाल आर खान उर्फ केआरके को बीते 18 जनवरी को मुंबई के ओशिवारा के अंधेरी स्थित एक रिहायशी बिल्डिंग पर चार राउंड फायरिंग करने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। पुलिस की पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है और आज शनिवार को उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा।

कमाल आर खान की बिल्डिंग से चलीं गोलियां

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना 18 जनवरी को हुई थी, इस दौरान अंधेरी के ओशिवारा में एक बिल्डिंग पर दो राउंड गोलियां चलाई गईं। नालंदा सोसाइटी से दो गोलियां बरामद की गईं। एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से। एक फ्लैट राइटर-डायरेक्टर का है और दूसरा मॉडल का। संजय चव्हाण के साथ ओशिवारा पुलिस स्टेशन के 18 पुलिसकर्मियों की एक टीम, कई क्राइम ब्रांच टीमों के साथ मिलकर मामले की जांच कर रही थी।

दो राउंड फायरिंग की बात कबूली

पुलिस के अनुसार, अपने बयान में केआरके ने लाइसेंसी बंदूक से दो राउंड फायर करने की बात कबूल की है। यह घटना 18 जनवरी को ओशिवारा स्थित नालंदा सोसाइटी में हुई थी। जांच के दौरान सोसाइटी परिसर से दो गोलियां बरामद हुईं, जिनमें एक दूसरी मंजिल से और दूसरी चौथी मंजिल से मिली। पुलिस ने बताया कि एक फ्लैट एक लेखक-निर्देशक का है, जबकि दूसरा एक मॉडल का है।

माल ढुलाई और नदी पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी

कोच्चि, केरल, 23 जनवरी, 2026: अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) की तीसरी बैठक भारत के अंतर्देशीय जल परिवहन नेटवर्क के विस्तार, प्रमुख अवसंरचना निवेशों को मंजूरी देने और देश की नदियों की पूरी आर्थिक क्षमता को उजागर करने के लिए केंद्र-राज्य समन्वय को मजबूत करने के लिए एक व्यापक रोडमैप के साथ संपन्न हुई। केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सरबानंदा सोनोवाल की अध्यक्षता में हुई इस पूर्ण दिवसीय बैठक में हिमाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री; बिहार सरकार के परिवहन मंत्री श्रवण कुमार; नागालैंड सरकार के विद्युत और संसदीय कार्य मंत्री के. जी. केन्ये; अरुणाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री ओजिंग तासिंग; और पंजाब सरकार के जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल; उत्तर प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी उपस्थित थे। यह बैठक सतत और कुशल लॉजिस्टिक के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अंतर्देशीय जल परिवहन को मजबूत करने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुई। आईडब्ल्यूडीसी 3.0 ने हरित परिवहन को गति देने, बहुआयामी लॉजिस्टिक्स को मजबूत करने और नदी आधारित आर्थिक विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की पहचान की। केरल, गुजरात, कर्नाटक, ओडिशा और तेलंगाना में नदी क्रूज जेटियों सहित 150 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं की आधारशिला रखी गई, जो देश भर में क्रूज पर्यटन सर्किट के विस्तार में सहायक होंगी। परिषद ने आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी (रा.ज.-4) पर स्थित मुक्त्याला और हरिश्चंद्रपुरम में रो-रो और कार्गो टर्मिनलों के विकास की घोषणा की जिससे 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ कम दूरी के कार्गो परिवहन को मजबूती मिलेगी। जम्मू और कश्मीर में झेलम नदी (रा.ज.49) पर तटवर्ती सुविधाओं को भी यात्री परिवहन और पर्यटन अवसंरचना को समर्थन देने के लिए मंजूरी दी गई। नौगम्यता, सुरक्षा और साल भर परिचालन को बेहतर बनाने के लिए ₹465 करोड़सेअधिककीपरिसंपत्तिखरीदकोमंजूरीदीगई।इनमेंकेरलमेंसर्वेक्षणजलयान; बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में रो-पैक्स बर्थिंग जेट्टी; उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में फ्लोटिंग पोंटून और क्विक पोटून ओपनिंग सिस्टम; हाइब्रिड सर्वेक्षण जलयान; उभयचर और कटर सक्शन ड्रेजर; और टग-बार्ज इकाइयां शामिल हैं। परिषद ने 900 करोड़ रुपये से अधिक की कई बड़ी नई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी, जिनमें कोच्चि में स्लिपवे सुविधा का विकास, ओडिशा (25) और पूर्वोत्तर (85) में 110 जेट्टी का निर्माण, जम्मू-कश्मीर में 10 हाइब्रिड इलेक्ट्रिक जलयानों की तैनाती और महाराष्ट्र में राष्ट्रीय नदी यातायात और नौवहन प्रणाली (एनआरटीएनएस) का कार्यान्वयन शामिल है। असम के लिए, आईडब्ल्यूडीसी ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल के विकास और बोगीबील तक 144 करोड़ रुपये की एप्रोच रोड संपर्क परियोजना  ब्रह्मपुत्र नदी (रा.ज.-2) पर डिब्रूगढ़ में नदी बंदरगाह का निर्माण असम के अंतर्देशीय जलमार्ग अवरंचना ढांचे और पर्यटन क्षमता को और मजबूत करेगा। परिषद को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री सर्वानंद सोनोवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अंतर्देशीय जलमार्ग भारत के परिवहन और लॉजिस्टिक परिवर्तन के एक कार्यनीतिक स्तंभ के रूप में उभरे हैं। हमारे ऊर्जावान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अंतर्देशीय जलमार्गों को विशेष प्रोत्साहन दिया है, जिससे सड़कों पर भीड़ कम हुई है, लॉजिस्टिक लागत में कमी आई है और व्यापार करने में सुगमता बढ़ी है। इस दूरदृष्टि से प्रेरित होकर, नदियों को अब केवल प्राकृतिक संसाधन के रूप में नहीं बल्कि विकास, स्थिरता और संपर्क को गति देने वाली आर्थिक जीवनरेखा के रूप में देखा जाता है। बैठक में पिछले दशक में इस क्षेत्र के तीव्र विस्तार की समीक्षा की गई। राष्ट्रीय जलमार्गों पर माल ढुलाई 2013-14 में 18 मिलियन टन से बढ़कर 2024-25 में 145.84 मिलियन टन हो गई है, जबकि परिचालन में मौजूद राष्ट्रीय जलमार्गों की संख्या तीन से बढ़कर 32 हो गई है, यानी दस गुना वृद्धि हुई है। लक्जरी नदी क्रूज जलयानों की संख्या पांच से बढ़कर 25 हो गई है, जो उद्योग, निवेशकों और राज्य सरकारों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। केरल के विशाल बैकवाटर और नहर नेटवर्क को अंतर्देशीय जलमार्गों के लिए एक प्रमुख अवसर के रूप में उजागर किया गया। परिषद ने भारतीय अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण द्वारा गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर, डिब्रूगढ़ सहित 18 शहरों मेंशहरी जल परिवहन के विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की भी सराहना की। बैठक में इस बात पर फिर से जोर दिया गया कि अंतर्देशीय जलमार्ग परिवहन का सबसे अधिक ईंधन-कुशल, लागत-प्रभावी और पर्यावरण के अनुकूल साधन बने हुए हैं, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करने, सड़कों और रेलवे पर भीड़भाड़ कम करने और समग्र लॉजिस्टिक लागत को घटाने में सहायक हैं। नदी क्रूज पर्यटन को समुद्री अर्थव्यवस्था के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्रों में से एक के रूप में पहचाना गया, जिसके लिए सरकार आधुनिक क्रूज टर्मिनल, उन्नत नौवहन प्रणाली और समर्पित क्रूज सर्किट विकसित कर रही है। "हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के गतिशील नेतृत्व में, भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग हरित विकास, डिजिटल परिवर्तन और पर्यटन आधारित विकास के शक्तिशाली कारक के रूप में उभर रहे हैं। माल ढुलाई, यात्री सेवाओं और क्रूज पर्यटन में तीव्र विस्तार के साथ, हमारी नदियाँ सतत गतिशीलता और आर्थिक अवसरों का इंजन बन रही हैं। स्वच्छ ऊर्जा से चलने वाले जलयानों, स्मार्ट नेविगेशन प्रणालियों और विश्व स्तरीय यात्री अवसंरचना को एकीकृत करके, हम लॉजिस्टिक लागत को कम करने, उत्सर्जन में कटौती करने और नई आजीविका सृजित करने के लिए जलमार्गों की पूरी क्षमता का उपयोग कर रहे हैं। कोच्चि वाटर मेट्रो जैसी पहलों की सफलता दर्शाती है कि नदियाँ शहरी गतिशीलता को कैसे बदल सकती हैं, और हम गुवाहाटी, वाराणसी, पटना, तेजपुर और डिब्रूगढ़ सहित अन्य शहरों में इस मॉडल को दोहराने के लिए प्रतिबद्ध हैं, यह सुनिश्चित करते हुए कि भारत के जलमार्ग विकसित भारत के पथ पर समावेशी विकास को गति प्रदान करें," सोनोवाल ने कहा। पूर्वोत्तर क्षेत्र पर विशेष जोर दिया गया, जहां जलमार्ग परियोजनाओं से संपर्क, व्यापार, पर्यटन और नदी किनारे बसे समुदायों की आजीविका में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। सरकार ने पूर्वोत्तर में 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 घाटों का विकास करने की योजना बनाई है, जिससे क्षेत्रीय लॉजिस्टिक एकीकरण को मजबूती मिलेगी।  “भारतकीअंतर्देशीयजलमार्गयोजनामेंपूर्वोत्तरकाकेंद्रीयस्थानहै।अपनेविशालनदीनेटवर्ककेसाथ, यह क्षेत्र सतत परिवहन, व्यापार और पर्यटन के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरने की क्षमता रखता है। 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से 85 जेटियों का विकास संपर्क को काफी मजबूत करेगा, क्षेत्रीय लॉजिस्टिक को एकीकृत करेगा और नदी किनारे बसे समुदायों के लिए आजीविका के नए अवसर पैदा करेगा। अंतर्देशीय जलमार्ग न केवल पूर्वोत्तर को राष्ट्रीय बाजारों के करीब लाएगा बल्कि विकास, समृद्धि और क्षेत्रीय एकीकरण के प्रवेश द्वार के रूप में इसकी भूमिका को भी उजागर करेगा,” सर्वानंदा सोनोवाल। असम के लिए, परिषद ने गुवाहाटी के उजान बाजार घाट पर 70 करोड़ रुपये के क्रूज टर्मिनल और डिब्रूगढ़ के बोगीबील नदी बंदरगाह तक 144 करोड़ रुपये की पहुंच मार्ग संपर्क परियोजना को मंजूरी दी है। ये परियोजनाएं राज्य के अंतर्देशीय जलमार्ग अवसंरचना को महत्वपूर्ण रूप से मजबूत करेंगी, नदी क्रूज पर्यटन को बढ़ावा देंगी और अंतिम-मील संपर्क (कनेक्टिविटी) में सुधार करेंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पूर्वोत्तर को विकास के अष्ट लक्ष्मी इंजन के रूप में देखने के दृष्टिकोण से प्रेरित ये पहल ब्रह्मपुत्र नदी के किनारे व्यापार, रोजगार और सतत विकास के नए अवसर पैदा करेंगी। (असम के लिए) परिषद ने सरकार की दूरदर्शी प्राथमिकताओं की पुष्टि की, जिनमें हरित और संकर जहाजों की तैनाती, डिजिटल नेविगेशन और यातायात प्रबंधन प्रणालियों का विस्तार, आधुनिक अंतर्देशीय टर्मिनलों का विकास, जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत सुविधाओं को सुदृढ़ करना और समुद्री कौशल विकास को बढ़ावा देना शामिल है। बैठक में सरल शहरी जल परिवहन प्रणालियों के निर्माण, माल परिवहन दक्षता में सुधार, यात्री आवागमन के लिए हरित और संकर जहाजों को बढ़ावा देने, नदी क्रूज पर्यटन का विस्तार करने और डिजिटल और टिकाऊ प्रथाओं को सुदृढ़ करने पर विस्तृत विचार-विमर्श भी हुआ। राज्यों द्वारा चल रही और प्रस्तावित अंतर्देशीय जल परिवहन परियोजनाओं के संबंध में उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की गई, जिसमें समन्वित प्रयासों के माध्यम से कार्यान्वयन में तेजी लाने पर जोर दिया गया। आइडब्ल्यूडीसी3.0, 2024 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी1.0 और 2025 में आयोजित आइडब्ल्यूडीसी2.0 के दौरान रखी गई नींव पर आधारित है, जिसमें स्थिरता, प्रौद्योगिकी-आधारित समाधान और परियोजनाओं के त्वरित कार्यान्वयन पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस बैठक में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव विजय कुमार, अंतर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण (आइडब्ल्यूएआइ) के अध्यक्ष सुनील पालीवाल, उपाध्यक्ष सुनील कुमार सिंह सहित केंद्र और राज्य सरकारों के अन्य वरिष्ठ अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि और विशेषज्ञ उपस्थित थे। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्ग विकास परिषद (आइडब्ल्यूडीसी) 1.0 और 2.0 के बाद हुई प्रगति की समीक्षा की गई और अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के अगले चरण की रूपरेखा तैयार की गई। दिन भर चली इस बैठक में विभिन्न क्षेत्रों की उपलब्धियों की समीक्षा की गई, प्रमुख निवेशों और परियोजनाओं की घोषणा की गई और देश भर में अंतर्देशीय जलमार्गों के विकास के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप प्रस्तुत किया गया। अंतर्राष्ट्रीय जल परिवहन परिषद (आईडब्ल्यूडीसी 3.0) का समापन केंद्र और राज्यों द्वारा अंतर्देशीय जल परिवहन को बढ़ावा देने, क्षेत्रीय संपर्क को मजबूत करने, स्वच्छ परिवहन समाधानों को प्रोत्साहित करने और नदियों को आर्थिक विकास के इंजन के रूप में स्थापित करने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ। बैठक में अंतर्देशीय जलमार्गों को माल और यात्रियों दोनों के लिए परिवहन के एक रुचिकर, भविष्य के लिए तैयार साधन के रूप में पुनः स्थापित किया गया, जो स्वच्छ परिवहन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और एक मजबूत भारत में योगदान देगा। भारत के अंतर्देशीय जलमार्ग ईंधन-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन उपलब्ध कराकर सड़क और रेल नेटवर्क पर भीड़ कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। 23 राज्यों और चार केंद्र शासित प्रदेशों में फैले 111 राष्ट्रीय जलमार्गों के साथ, अंतर्देशीय जलमार्ग रो-रो वाहन तथा, क्रूज पर्यटन जैसी पहलों को तेजी से समर्थन दे रहे हैं।पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के अधीन आइडब्ल्यूएआइ, राष्ट्रीय जलमार्गों के विकास, रखरखाव और विनियमन के लिए जिम्मेदार नोडल एजेंसी बनी हुई है।
*कैसे करोड़ों भारतीयों के सुरक्षा कवच बन गए मोदी!*

- डॉ अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीतिकार)

भारतीय राजनीति के वर्तमान युग को यदि किसी एक शब्द में समझा जाए, तो वह शब्द है – मोदी मैजिक। यह शब्द केवल किसी नेता की लोकप्रियता को नहीं दर्शाता, बल्कि उस गहरे भावनात्मक, सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन को भी बयान करता है जो पिछले एक दशक में भारत के मतदाता के भीतर घटित हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह राजनीति, नेतृत्व और जनता के रिश्ते को पुनर्परिभाषित किया है, उसने भारत के लोकतांत्रिक व्यवहार को एक नई दिशा दी है।

मोदी की लोकप्रियता किसी एक चुनाव या किसी एक योजना का परिणाम नहीं है। यह वर्षों की सुनियोजित छवि- निर्माण, निरंतर संवाद, मजबूत संगठनात्मक शक्ति और सबसे बढ़कर जनता की भावनाओं को समझने की कला का संयुक्त परिणाम है। मोदी आज सिर्फ प्रधानमंत्री नहीं हैं, वे करोड़ों भारतीयों के लिए एक उम्मीद, एक पहचान और एक सुरक्षा कवच बन चुके हैं। इस पूरे घटनाक्रम को समझने के लिए हमें पहले यह समझना होगा कि भारतीय राजनीति केवल नीतियों से नहीं चलती, वह भावनाओं से चलती है। भारत का मतदाता जब वोट डालता है, तो वह केवल सरकार नहीं चुनता, वह अपने भविष्य, अपनी पहचान और अपने सम्मान पर निर्णय करता है। मोदी इस मनोविज्ञान को गहराई से समझते हैं।

नरेंद्र मोदी की राजनीतिक यात्रा साधारण नहीं है। एक चाय बेचने वाले से लेकर देश के प्रधानमंत्री बनने तक का उनका सफर एक ऐसी कहानी है जिसमें संघर्ष, मेहनत और आत्मनिर्भरता का संदेश छिपा है। यह कहानी करोड़ों गरीब, निम्न मध्यमवर्गीय और ग्रामीण परिवारों के दिल को छूती है। उन्हें लगता है कि मोदी उनमें से एक हैं। यही भावनात्मक रिश्ता मोदी को बाकी नेताओं से अलग बनाता है। मोदी ने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में प्रस्तुत किया है जो सत्ता से नहीं, बल्कि सेवा से जुड़ा है। उनका सादा जीवन या लगातार काम करना, यह सब मिलकर उन्हें एक त्यागी और समर्पित नेता के रूप में दर्शाता है। यह छवि उस आम नागरिक के लिए बहुत आकर्षक है जो लंबे समय से नेताओं को सुविधा और भ्रष्टाचार में डूबा देखता आया है।

इस भावनात्मक जुड़ाव को मोदी ने निरंतर संवाद के माध्यम से और मजबूत किया। *"मन की बात"* जैसे कार्यक्रमों के जरिए उन्होंने प्रधानमंत्री पद को एक दूर की कुर्सी से निकालकर घर की बैठक तक पहुंचा दिया। लोग रेडियो पर उनकी आवाज सुनते हैं, अपने जैसे लोगों की कहानियां सुनते हैं और महसूस करते हैं कि देश का नेता उनकी दुनिया को समझता है। सोशल मीडिया ने इस जुड़ाव को और गहरा किया है। मोदी आज भारत के सबसे बड़े डिजिटल रूप से सक्रीय राजनेता हैं। वे ट्विटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम और अपने मोबाइल ऐप के जरिए हर दिन करोड़ों लोगों तक पहुंचते हैं। इस निरंतर उपस्थिति ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में स्थापित किया है जो हमेशा जनता के साथ और उनसे घिरा हुआ नजर आता है।

यह केवल प्रचार नहीं है, यह एक मनोवैज्ञानिक जुड़ाव है। जब कोई व्यक्ति रोज आपके सामने आता है, आप उसकी बातें सुनते हैं, तो वह आपके जीवन का हिस्सा बन जाता है। मोदी इस मनोविज्ञान को बहुत अच्छे से समझते हैं। मोदी मैजिक के एक और बड़े आधार के रूप में तकनीक व डेटा के उपयोग को समझा जा सकता है। 2014 के बाद से भारतीय राजनीति में एक नई शैली आई है जिसे डिजिटल राजनीति कहा जा सकता है। भाजपा ने लोगों की पसंद, उनकी जरूरतों और उनकी सोच को समझने के लिए बड़े पैमाने पर डेटा का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर अलग-अलग वर्गों के लिए अलग-अलग संदेश तैयार किए गए। किसी युवा से नौकरी और स्टार्टअप की बात की गई, तो किसी किसान से सम्मान निधि और फसल बीमा की। महिलाओं के लिए उज्ज्वला और शौचालय जैसी योजनाओं को सामने रखा गया। इससे हर वर्ग को लगा कि सरकार सीधे उससे बात कर रही है।

व्हाट्सएप जैसे माध्यमों ने इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाया। पारंपरिक मीडिया पर निर्भर रहने के बजाय भाजपा ने अपने समर्थकों के नेटवर्क को ही एक बड़ा संचार तंत्र बना दिया। इससे मोदी का संदेश बिना रुके, बिना बदले, सीधे लोगों तक पहुंचा। मोदी मैजिक का एक बहुत बड़ा हिस्सा राष्ट्रीय गर्व और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा है। मोदी ने भारत की प्राचीन संस्कृति, परंपरा और इतिहास को गर्व का विषय बनाया। राम मंदिर का निर्माण केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं रहा, बल्कि इसे राष्ट्रीय सम्मान और ऐतिहासिक न्याय के रूप में प्रस्तुत किया गया। सेना के साहसिक कदमों और सीमा पर की गई कार्रवाइयों को *"मजबूत भारत"*  की पहचान के रूप में दिखाया गया। इससे लोगों को लगा कि अब देश कमजोर नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास से भरा हुआ है। मोदी ने भारत को एक ऐसे देश के रूप में प्रस्तुत किया है जो दुनिया में सम्मान चाहता है और सम्मान पाता भी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उनकी सक्रियता ने इस छवि को और मजबूत किया है।

हालाँकि इन सबके पीछे एक मजबूत संगठन भी काम करता है। भाजपा और उससे जुड़े संगठन गांव से लेकर महानगर तक फैले हुए हैं। हर कार्यकर्ता मोदी के संदेश को आगे बढ़ाने का काम करता है। पार्टी में अनुशासन और नेतृत्व की स्पष्टता है, जिससे भ्रम की स्थिति नहीं बनती है। मोदी की राजनीति ने विपक्ष को भी एक तरह से परिभाषित कर दिया है।
उन्होंने खुद को एक ऐसे नेता के रूप में पेश किया है जो देश को खतरों से बचा सकता है। ऐसे में जो भी उनकी आलोचना करता है, वह कई बार जनता की नजर में देश के खिलाफ खड़ा दिखने लगता है। सही मायने में देखें तो इस पूरी प्रक्रिया में मोदी एक ऐसे केंद्र बन गए हैं जिसके चारों ओर राजनीति घूमती है। चुनाव अब केवल पार्टियों के बीच नहीं, बल्कि मोदी बनाम बाकी सब के रूप में देखे जाने लगे हैं। मोदी ने राजनीति को एक भावनात्मक अनुभव में बदल दिया है, जहां नेता केवल सरकार नहीं चलाता, बल्कि लोगों की उम्मीदों और सपनों का प्रतिनिधि बन जाता है। जब तक मोदी इस भावनात्मक जुड़ाव, राष्ट्रीय गर्व और निरंतर संवाद को बनाए रखेंगे, तब तक मोदी मैजिक भारतीय राजनीति की सबसे शक्तिशाली ताकत बना रहेगा।
*केविनकेयर का चिक क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में प्रवेश; पटना में  लॉन्च किया चिक क्विक क्रेम हेयर कलर*
* गुणवत्ता  के प्रति जागरूक और किफायती विकल्प चाहने वाले उपभोक्ताओं के लिए तैयार किया गया यह उत्पाद सिर्फ 10 मिनट में आसान और बेहतर हेयर कलरिंग अनुभव देता है, वह भी मात्र 10 रुपए में।
* यह तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध है। यह सिंगल-यूज़ सैशे में आता है और राज्य भर के जनरल ट्रेड दुकान पर आसानी से मिलेगा।
* टीवी की मशहूर हस्ती श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर लेकर, चिक ने एक व्यापक 360° मार्केटिंग कैंपेन भी शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, डिजिटल और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म शामिल हैं।
*पटना, जनवरी 2026:* केविनकेयर का चिक ब्रांड, पटना के बाजार में हेयर कलर कैटेगरी में एक क्राँतिकारी उत्पाद- चिक क्विक क्रेम हेयर कलर लेकर आया है। इस घोषणा के साथ चिक ने क्रेम हेयर कलर कैटेगरी में अपनी एंट्री दर्ज की है। यह उत्पाद एक अनोखे 10-मिनट के फास्ट एक्शन फॉर्मूले से लैस है, जो क्रेम हेयर कलरिंग को और आसान और समय-बचाने वाला बनाता है। इसमें आंवला और भृंगराज जैसे प्राकृतिक तत्वों की अच्छाई शामिल है, जिससे यह गहरे, नैचुरल दिखने वाले रंग का अनुभव देता है। यह लॉन्च चिक के उस मिशन में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसमें हर घर तक इनोवेटिव और आसान हेयर कलरिंग सॉल्यूशंस पहुँचाना शामिल है। ब्रांड ने लोकप्रिय टीवी अभिनेत्री श्वेता तिवारी को ब्रांड एंबेसडर बनाया है और राज्य में एक व्यापक मार्केटिंग कैंपेन शुरू किया है, जिसमें प्रिंट, ऑनलाइन और डिजिटल माध्यम शामिल हैं।
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर एक सिंगल-यूज़ सैशे में उपलब्ध है, जो अन्य क्रेम हेयर कलर्स से अलग एक सुविधाजनक पैक है। यह उपभोक्ताओं की मुख्य समस्याओं- लंबे समय तक लगने वाली एप्लीकेशन, रूखापन और पाउडर फॉर्मेट में होने वाली गंदगी को दूर करता है। यह प्रोडक्ट कम तैयारी के साथ एक स्मूद कलरिंग अनुभव सुनिश्चित करता है। तीन आकर्षक शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में उपलब्ध यह रेंज उपभोक्ताओं की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। मात्र 10 रुपए की कीमत में यह क्रेम फॉर्मेट पटना के किफायती उपभोक्ताओं के लिए हेयर कलरिंग को और सुलभ और समावेशी बनाता है। 10 मिनट की फास्ट एक्शन टेक्नोलॉजी के साथ, चिक क्विक क्रेम हेयर कलर गहरे रंग और चमकदार फिनिश के साथ हेयर कलरिंग अनुभव को नया रूप देता है, बिना इंतजार, बिना झंझट।
लॉन्च पर बोलते हुए, केविनकेयर के बिजनेस हेड- पर्सनल केयर, श्री रजत नंदा ने कहा, “पटना में हेयर कलर बाजार तेजी से बदल रहा है। उपभोक्ता अब ऐसे समाधान चाहते हैं, जो गुणवत्ता, सुविधा और किफायत को एक साथ लाएं। अब तक कई उपभोक्ता पारंपरिक हेयर कलर फॉर्मेट पर निर्भर रहे हैं, जिनमें उपयोग की आसानी और अनुभव की कमी रहती है। चिक क्विक क्रेम हेयर कलर के साथ, हम गर्व से कह सकते हैं कि हम इस अंतर को दूर कर रहे हैं। यह सच में एक ऐसा क्रेम फॉर्मेट है, जो केवल 10 मिनट में गहरे और शानदार परिणाम देता है। पटना के सबसे भरोसेमंद हेयर केयर ब्रांड्स में से एक होने के नाते, चिक हमेशा ब्यूटी को सबके लिए सुलभ बनाने के लिए खड़ा रहा है, और यह लॉन्च हमारे इनोवेशन और वैल्यू-ड्रिवन समाधानों की दिशा में एक और कदम है।”
चिक क्विक क्रेम हेयर कलर पटना के सभी रिटेल आउटलेट्स और किराना स्टोर्स पर सिंगल-यूज़ सैशे पैक में उपलब्ध होगा। उपभोक्ता अपनी पसंद के अनुसार तीन लोकप्रिय शेड्स- नेचुरल ब्लैक, नेचुरल ब्राउन और बरगंडी में से चुन सकते हैं। इस लॉन्च के साथ केविनकेयर पर्सनल केयर श्रेणी में चिक की उपस्थिति को और मजबूत करता है, यह सुनिश्चित करते हुए कि गुणवत्तापूर्ण हेयर कलरिंग अब हर घर तक पहुँचे।

चिक के विषय में: चिक शैम्पू केविनकेयर की यात्रा की शुरुआत का प्रतीक है। इस ब्रांड ने एफएमसीजी उद्योग में सैशे रिवॉल्यूशन लाया और आज यह केविनकेयर का प्रमुख ब्रांड है। इनोवेटिव सैशे पैकेजिंग, रणनीतिक मूल्य निर्धारण, व्यापक वितरण नेटवर्क और तेजी से बदलती उपभोक्ता जरूरतों को समझने की क्षमता ने चिक को आज देश के सफलतम ब्रांड्स में शामिल किया है।