देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

बकरीद पर्व को लेकर हजारीबाग जिले में शांति समिति की बैठक आयोजित

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार 24 मई 2026 को हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में संबंधित पुलिस उपाधीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अंचलाधिकारी एवं थाना क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बकरीद पर्व को भाईचारे, आपसी सद्भाव और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

हजारीबाग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
थाना समाधान दिवस में 22 पुलिस शिकायतें निस्तारित:कुल 132 आवेदन मिले, राजस्व मामलों पर दिए गए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के सभी थानों पर शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 132 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। यह आयोजन शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। भदोही के जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में समस्याओं को सुना गया। समाधान दिवस में प्रशासनिक और पुलिस टीमों ने मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। प्राप्त 132 प्रार्थना पत्रों में से 92 राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि 22 पुलिस विभाग से जुड़े थे। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जमीन से संबंधित सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमें संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। इसका उद्देश्य फरियादियों को अलग-अलग भटकने से बचाना और मामलों का त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। राजस्व के लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की तीन संयुक्त टीमें भी गठित की गई हैं।
योग से स्वस्थ बनेंगे परिषदीय स्कूल के बच्चे*


*स्कूल खुलने पर प्रार्थना सभा में नियमित होगा योगाभ्यास*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ बनाने के लिए अब प्रार्थना सभा के दौरान नियमित योगाभ्यास कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विद्यार्थियों में योग गतिविधियां पहले से संचालित है, जबकि शेष विद्यालयों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया है। जिले में 885 प्राथमिकी,पूव माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। जिनमें 1.30 लाख से अधिक छात्र - छात्राएं पंजीकृत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षण कार्य के साथ-साथ सह- शौक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है। पिछले वर्ष भी परिषद की ओर से विद्यालयों में योगाभ्यास कराने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन क‌ई स्कूलों में इसका नियमित पालन नहीं हो रहा था। इसे देखते हुए सचिव ने दोबारा पत्र जारी कर सभी विद्यालयों में योग गतिविधियां सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के अनुसार प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम का अभ्यास कराएंगे। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन,अनुलोम - विलोम और कपालभाति के साथ दौड़, स्ट्रेचिंग तथा सामान्य व्यायाम भी शामिल होंगे। इसके बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ उनकी एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम् पांडेय ने बताया कि सभी विद्यालयों को नियमित योगाभ्यास कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्कूल खुलने के बाद इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा,ताकि छात्र - छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
समाज को बांटना और तोड़ना, कांग्रेस की फितरत, यह षड्यंत्र सफल नहीं होने देंगे : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कांग्रेस और झामुमो पर आदिवासी समाज को बांटने और तोड़ने की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए तीखा हमला किया है। आदिवासी समागम का विरोध करने को लेकर श्री मरांडी ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने इन दलों को चेताते हुए कहा कि समाज को बांटने और मूल आदिवासी अधिकारों को कमजोर करने की उनकी साजिश कतई सफल नहीं होगी। श्री मरांडी भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि सरना, सनातन और हिंदू में कोई अंतर नहीं है। बल्कि इनमें समानता है। ये प्रकृति की पूजा करते हैं और पेड़, पहाड़, पत्थर, जल, धरती माता की भी पूजा करते हैं। सरना, सनातन और हिंदू में ही जाति व्यवस्था है। यहां जातियों की अनेकों समूह हैं। यहां 36 कोटि देवी देवता हैं। आदिवासी समाज में देश के अंदर 700 से अधिक जातियां हैं, झारखंड में भी 32-33 जातियां हैं। अपने गांव घरों में इनकी अपनी अपनी देवी देवता हैं। यह जो विविधता में एकता है, इसका समावेश सनातन, हिंदू, सरना में है। जहां इतनी अधिक समानता है वहां पर कांग्रेस और jmm के लोग कहते हैं कि इन्हें हिंदू बनाया जा रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि हिंदू बनाने का कहीं कोई परंपरा ही नहीं है। बनाए तो क्रिश्चन और मुसलमान जाते हैं। सरना, सनातन और हिंदू तो पैदाइशी होते हैं।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का इतिहास सभी को पता है। कांग्रेस का गठन करने वाले अंग्रेज रहे हैं। 1857 के सिपाही विद्रोह के बाद ही अंग्रेजों को लगने लगा कि अब देश को संभालना होगा तो एक सेफ्टी वाल्ब के रूप में कांग्रेस पार्टी का गठन किया गया। अंग्रेज ने समाज को विभाजित और तोड़कर, लोगों को आपस में लड़ा कर इस देश पर राज किया। कांग्रेस पार्टी तो उन्हीं के एक मानस पुत्र रहे हैं। इसलिए जब देश स्वतंत्र हुआ तो महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस पार्टी को खत्म कर देनी चाहिए परंतु कांग्रेस ने गांधी जी की बातों को अनसुना कर दिया। अंग्रेजों की "फूट डालो और राज करो" की संस्कृति पर ही कांग्रेस देश में लंबे वर्षों तक कार्य करती रही। अब जब देश से कांग्रेस की विदाई हो रही है तो यह पार्टी समाज को तोड़ने का नया-नया हथकंडा अपना रही है। कांग्रेस पार्टी के नेताओं द्वारा भाजपा व आरएसएस पर आदिवासियों को हिंदू बनाने का लगाया गया आरोप उसी हथकंडा का एक हिस्सा है। समाज को तोड़ना और कुर्सी प्राप्त करना तो कांग्रेस की फितरत है।

श्री मरांडी ने कहा कि कांग्रेस और झामुमो वोट बैंक की राजनीति के लिए आदिवासी समाज में विभाजन पैदा करने का काम कर रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा पेसा कानून की नियमावली में आदिवासी परंपराओं और रूढ़िगत व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास किया गया है। जो लोग आदिवासी संस्कृति, आस्था और परंपराओं को बदलने का काम करते हैं, उन पर ये दल मौन रहते हैं। इसलिए कांग्रेस और झामुमो के मुँह से आदिवासी हित की बात शोभा नहीं देती।

श्री मरांडी ने कहा कि जहां 32वां या सुदृढ़ीकरण कर आदिवासियों को क्रिश्चियन बनाया जा रहा है, कलमा पढ़ाकर किसी को मुसलमान बनाया जाता है, लोगों की संस्कृति, परंपरा, विश्वास, आस्था को मिटाने का काम किया जा रहा है, उस मुद्दे पर कांग्रेस और झामुमो के लोग कुछ नहीं बोलते हैं। वोट बैंक की राजनीति के लिए यहां के आदिवासी, जनजाति जो मूल समाज है उनको कैसे समाज से अलग किया जाए, उनमें अलगाव पैदा किया जाए, इसके लिए षड्यंत्र किया जा रहा है, इसे किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने दिया जाएगा। सत्ता में बैठे कांग्रेस और jmm के लोग समाज को सिर्फ बांटने तोड़ने का काम कर रहे हैं। इस प्रकार की नीतियां बहुत दिनों तक नहीं चलेगी। बहुत दिनों तक इन दलों ने बरगलाकर समाज को गुमराह किया। अब समाज जागरूक हो चुका है। समाज की अपनी मूल पहचान है, इसे समाज पहचान चुका है।

श्री मरांडी ने कहा कि जितनी भी जनजातियों की पूजा स्थल है, उसको संरक्षित, सुरक्षित और विकसित करने की जरूरत है। जगह-जगह पर सरना मसना, पहनाई की जमीन जमीन बर्बाद हो रही है, माफियाओं के चंगुल में जा रहा है। इसको बचाने और संरक्षित करने की जरूरत है, तभी संस्कृति बचेगी। जब झारखंड बना और हमारी सरकार बनी तो हमने ही जाहेरथान की घेराबंदी शुरू करवाई, मांझी थान बनवाने का काम शुरू हुआ। रघुवर दास की सरकार ने इस काम को आगे बढ़ाया।

इस दौरान प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद और प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी उपस्थित रही।

बकरीद पर्व को लेकर हजारीबाग जिले में शांति समिति की बैठक आयोजित

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने को लेकर रविवार 24 मई 2026 को हजारीबाग पुलिस द्वारा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में शांति समिति की बैठक आयोजित की गई।

पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार आयोजित इस बैठक में संबंधित पुलिस उपाधीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में थाना प्रभारी, पुलिस निरीक्षक, अंचलाधिकारी एवं थाना क्षेत्र के गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान बकरीद पर्व को भाईचारे, आपसी सद्भाव और शांतिपूर्ण तरीके से मनाने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही उपस्थित लोगों को त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, अफवाहों से बचने तथा सामाजिक सौहार्द बनाए रखने संबंधी आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।

हजारीबाग पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि सभी लोग मिल-जुलकर शांतिपूर्ण वातावरण में पर्व मनाएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस को दें।

बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
थाना समाधान दिवस में 22 पुलिस शिकायतें निस्तारित:कुल 132 आवेदन मिले, राजस्व मामलों पर दिए गए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के सभी थानों पर शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 132 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। यह आयोजन शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। भदोही के जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में समस्याओं को सुना गया। समाधान दिवस में प्रशासनिक और पुलिस टीमों ने मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। प्राप्त 132 प्रार्थना पत्रों में से 92 राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि 22 पुलिस विभाग से जुड़े थे। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जमीन से संबंधित सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमें संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। इसका उद्देश्य फरियादियों को अलग-अलग भटकने से बचाना और मामलों का त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। राजस्व के लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की तीन संयुक्त टीमें भी गठित की गई हैं।
योग से स्वस्थ बनेंगे परिषदीय स्कूल के बच्चे*


*स्कूल खुलने पर प्रार्थना सभा में नियमित होगा योगाभ्यास*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ बनाने के लिए अब प्रार्थना सभा के दौरान नियमित योगाभ्यास कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विद्यार्थियों में योग गतिविधियां पहले से संचालित है, जबकि शेष विद्यालयों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया है। जिले में 885 प्राथमिकी,पूव माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। जिनमें 1.30 लाख से अधिक छात्र - छात्राएं पंजीकृत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षण कार्य के साथ-साथ सह- शौक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है। पिछले वर्ष भी परिषद की ओर से विद्यालयों में योगाभ्यास कराने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन क‌ई स्कूलों में इसका नियमित पालन नहीं हो रहा था। इसे देखते हुए सचिव ने दोबारा पत्र जारी कर सभी विद्यालयों में योग गतिविधियां सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के अनुसार प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम का अभ्यास कराएंगे। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन,अनुलोम - विलोम और कपालभाति के साथ दौड़, स्ट्रेचिंग तथा सामान्य व्यायाम भी शामिल होंगे। इसके बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ उनकी एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम् पांडेय ने बताया कि सभी विद्यालयों को नियमित योगाभ्यास कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्कूल खुलने के बाद इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा,ताकि छात्र - छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।