सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
‘जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T)- ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’: स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने परफॉर्मेंस डीएनए को दी नई गति

अपने नवीनतम ब्रांड अभियान के माध्यम से स्कोडा ने प्रतिष्ठित जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T / ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) को ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ के रूप में नई पहचान देते हुए अपनी परफॉर्मेंस-केंद्रित क्षमताओं को और मजबूती दी है

एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
ब्रांड की मोटरस्पोर्ट विरासत और उत्पाद पोर्टफोलियो की डायनेमिक क्षमताओं को और मजबूती देने वाला अभियान
उदयपुर, 20 मई, 2026: तेज़ उत्पाद पहलों और निरंतर नेटवर्क विस्तार के बीच, स्कोडा ऑटो इंडिया ने स्कोडा की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देने वाला अपना नवीनतम अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान की शुरुआत एक रिकॉर्ड के साथ की गई है, जो उन कई पहलों में से एक है, जो यह साबित करती हैं कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।

130 वर्षों की वैश्विक विरासत और मोटरस्पोर्ट में 125 वर्षों के समृद्ध इतिहास के साथ, स्कोडा ऑटो इस नए मानक स्थापित करने वाले ब्रांड अभियान के माध्यम से अपनी रेसिंग विरासत को और आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, ब्रांड अपनी कारों में प्रतिष्ठित आरएस (रैली स्पोर्ट) बैज के आधी सदी से अधिक लंबे सफर का भी जश्न मना रहा है। ‘डिफरेंशिएशन’ की अपनी प्रमुख रणनीतिक सोच को और मजबूत करते हुए, यह नया अभियान स्कोडा ऑटो इंडिया की वाहन श्रृंखला की डायनेमिक क्षमताओं और सुरक्षा विशेषताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।

इस अभियान के बारे में बात करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “हर स्कोडा को परफॉर्मेंस के उच्चतम स्तर पर सटीकता, नियंत्रण और बेहतरीन डायनेमिक्स प्रदान करने के लिए इंजीनियर किया गया है। हमारे लिए मोटरस्पोर्ट डीएनए केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारी हर कार का स्वाभाविक हिस्सा है और हमारी पूरी वाहन श्रृंखला में मानक रूप से मौजूद है। यही विश्वास हमारे इस नए अभियान की नींव है, जिसमें हम ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ को एक नया अर्थ दे रहे हैं और इसका सीधा अर्थ है, ‘ट्रैक पर स्कोडा’।“

उन्होंने कहा, “यह अभियान परफॉर्मेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने की हमारी रणनीति का स्वाभाविक विस्तार है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि हर सेगमेंट में हर स्कोडा बेहतरीन डायनेमिक क्षमता, सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करती है, जिन्हें वास्तविक ड्राइविंग अनुभव में सहज रूप से महसूस किया जा सकता है।“

उन्होंने आगे कहा, “अपने मूल में, जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) उन विशिष्ट गुणों को दर्शाता है जो वास्तव में स्कोडा के ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं, जैसे स्टीयरिंग की सटीकता, चेसिस का संतुलन, ब्रेकिंग में भरोसा और चालक तथा मशीन के बीच गहरा जुड़ाव। ये ऐसी विशेषताएँ हैं, जिन्हें किसी स्पेसिफिकेशन शीट में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन जैसे ही आप स्टीयरिंग संभालते हैं, उनका अनुभव तुरंत महसूस किया जा सकता है।”

जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) अभियान की दमदार शुरुआत करने वाला रिकॉर्ड

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की देखरेख में, ब्रांड ने ‘एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले’ का रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड कोयंबटूर ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स एंड टेक्निकल ट्रेनिंग (कोएएसटीटी) ट्रैक पर बनाया गया, जहाँ स्कोडा ऑटो इंडिया की पाँच कारों के बेड़े ने 12:30.97 का समय दर्ज किया। पिट-लेन बदलावों सहित कुल समय के आधार पर, इस उपलब्धि ने स्कोडा ऑटो इंडिया को देश का सबसे तेज़ वाहन बेड़ा बना दिया है।

स्कोडा ऑटो इंडिया के इस बेड़े में काइलैक 1.0 एटी, कुशाक 1.5 डीएसजी, स्लाविया 1.5 डीएसजी, ऑक्टाविया आरएस और कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके शामिल थे। पाँच ड्राइवर्स ने इन कारों को बिना किसी रुकावट के लगातार रिले प्रारूप में चलाया, जिसमें पिट-लेन बदलाव भी शामिल थे, और कुल 12:30.97 का समय दर्ज किया गया। इस रिले प्रारूप वाले रिकॉर्ड में यह बेहद महत्वपूर्ण था कि बेड़े की हर स्कोडा कार अपनी सर्वोच्च क्षमता पर प्रदर्शन करे, ताकि पूरी टीम तेज़ समय हासिल कर सके।

4 मीटर से कम लंबाई वाली काइलैक ने 2:31.6 का समय दर्ज किया, जबकि कुशाक एसयूवी और स्लाविया सेडान ने क्रमशः 2:29.7 और 2:27.63 का समय हासिल किया। अपनी शानदार लक्ज़री, सात सीटों और 4x4 क्षमताओं के साथ कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके ने कोएएसटीटी सर्किट पर 2:26.34 का समय दर्ज किया। वहीं, स्कोडा ऑटो की प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स सेडान ऑक्टाविया आरएस ने 3.8 किमी लंबे सर्किट पर 2:10.85 का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

इस वाहन बेड़े ने ट्रैक पर अपनी शानदार डायनेमिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। साथ ही इसकी फुर्ती, नियंत्रण क्षमता, बेहतरीन ब्रेकिंग और अन्य परफॉर्मेंस विशेषताओं ने यह साबित किया कि स्कोडा ऑटो इंडिया के ग्राहकों को सड़क पर बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा का अनुभव मिलता है। भारत और वैश्विक स्तर पर विभिन्न परीक्षणों में पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को मिले फाइव-स्टार सुरक्षा रेटिंग्स के साथ, यह रिकॉर्ड स्कोडा ऑटो इंडिया को देश के सबसे तेज़ और सबसे सुरक्षित वाहन बेड़े के रूप में स्थापित करता है। 

स्कोडा ऑटो का मोटरस्पोर्ट डीएनए

सन् 1901 से मोटरस्पोर्ट स्कोडा ऑटो के डीएनए का अभिन्न हिस्सा रहा है। सन् वर्ष 1975 में स्कोडा 130 आरएस के साथ पहली बार आरएस बैज की शुरुआत ने इस विरासत को और मजबूत किया। इस कार ने 20वीं सदी के शुरुआती दौर की स्कोडा की रैली स्पोर्ट विरासत को दर्शाया। यही समृद्ध मोटरस्पोर्ट विरासत ब्रांड के भारतीय पोर्टफोलियो में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ टर्बो-चार्ज्ड इंजन, वास्तविक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, बेहतरीन हैंडलिंग और आकर्षक डायनेमिक्स ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं। सब-4 मीटर काइलैक एसयूवी से लेकर स्लाविया सेडान, कुशाक मिड-साइज एसयूवी, कोडियाक लक्ज़री 4x4 और सीमित संख्या में उपलब्ध ऑक्टाविया आरएस तक, स्कोडा ऑटो इंडिया विभिन्न सेगमेंट्स में परफॉर्मेंस-केंद्रित इंजीनियरिंग प्रदान करता है।

अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो में मौजूद यही परफॉर्मेंस-केंद्रित डीएनए स्कोडा ऑटो इंडिया को अपनी डायनेमिक क्षमताओं वाली कारों के बेड़े के साथ यह रिकॉर्ड स्थापित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यही इस नए ब्रांड अभियान का मूल आधार भी है, जो यह साबित करता है कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार का खरीफ मिशन: 302.55 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य तय
* मक्का, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, किसानों को समय से मिलेगा बीज-उर्वरक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में वर्ष 2026-27 के दौरान खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन को 256.22 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 302.55 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित इस गोष्ठी में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खरीफ सीजन से पहले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि निवेश समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में 110.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का आच्छादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान के अंतर्गत कृषि रक्षा रसायनों के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष चार्ट का विमोचन भी किया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
तकनीकी सत्र में कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मूंगफली, तिल, अरहर और मक्का की उन्नत प्रजातियों, रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने, संतुलित उर्वरक उपयोग, गौ आधारित कृषि, ढैचा खेती, धान की सीधी बुवाई और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
सड़क को लेकर ग्रामीणों ने काटा हंगामा,फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क का प्रस्ताव पास कराने का आरोप
सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई दो मीटर दर्ज, चार मीटर हो रहा निर्माण

अमृतपुर । फर्रुखाबाद ।  विधानसभा क्षेत्र के गांव जटपुरा में जटपुरा–करनपुर दत्त संपर्क मार्ग के शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई, और मुजहा गांव के ग्रामीणों ने सड़क निर्माण को लेकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। कार्यक्रम में अमृतपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक सुशील शाक्य भी पहुंच गए थे। इस दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं और सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं के आरोप भी लगाए हैं।
ग्रामीणों का कहना था कि सरकारी अभिलेखों में सड़क की चौड़ाई केवल 2 मीटर दर्ज है, जबकि मौके पर प्रस्तावित सड़क को 4 मीटर चौड़ा बनाया जा रहा है। इससे किसानों की उपजाऊ जमीन और खेतों में खड़ी फसल प्रभावित होगी। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की कि या तो किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए या फिर सड़क का निर्माण उसी चौड़ाई में कराया जाए, जो सरकारी कागजों में निर्धारित है।
विरोध के दौरान ग्रामीणों और कार्यक्रम में मौजूद समर्थकों के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। जटपुरा और मुजहा गांव के लोगों के बीच बहस का माहौल बना रहा। कुछ ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण में पक्षपात किया जा रहा है और केवल एक विशेष बिरादरी के लोगों की बात सुनी जा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि फर्जी हस्ताक्षर कराकर सड़क प्रस्ताव को पास कराया गया है।
हंगामे के बावजूद विधायक सुशील शाक्य ने सड़क का शिलान्यास कार्यक्रम शुरू किया। उन्होंने कहा कि सड़क गांव की सुविधा और विकास के लिए बनाई जा रही है। भूमि संबंधी विवाद अधिकांश सड़क निर्माण कार्यों में सामने आते हैं, लेकिन अंततः सड़क निर्माण नियमों के अनुरूप ही होगा। उन्होंने कहा कि जनता और मानकों के अनुसार विवाद का समाधान कराया जाएगा तथा सड़क निर्माण कार्य पारदर्शिता के साथ कराया जाएगा।
‘जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T)- ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’: स्कोडा ऑटो इंडिया ने अपने परफॉर्मेंस डीएनए को दी नई गति

अपने नवीनतम ब्रांड अभियान के माध्यम से स्कोडा ने प्रतिष्ठित जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T / ग्रेटेस्ट ऑफ ऑल टाइम) को ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ के रूप में नई पहचान देते हुए अपनी परफॉर्मेंस-केंद्रित क्षमताओं को और मजबूती दी है

एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले के लिए इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में दर्ज कराया नाम
ब्रांड की मोटरस्पोर्ट विरासत और उत्पाद पोर्टफोलियो की डायनेमिक क्षमताओं को और मजबूती देने वाला अभियान
उदयपुर, 20 मई, 2026: तेज़ उत्पाद पहलों और निरंतर नेटवर्क विस्तार के बीच, स्कोडा ऑटो इंडिया ने स्कोडा की परफॉर्मेंस कहानी को मजबूती देने वाला अपना नवीनतम अभियान लॉन्च किया है। इस अभियान की शुरुआत एक रिकॉर्ड के साथ की गई है, जो उन कई पहलों में से एक है, जो यह साबित करती हैं कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।

130 वर्षों की वैश्विक विरासत और मोटरस्पोर्ट में 125 वर्षों के समृद्ध इतिहास के साथ, स्कोडा ऑटो इस नए मानक स्थापित करने वाले ब्रांड अभियान के माध्यम से अपनी रेसिंग विरासत को और आगे बढ़ा रहा है। साथ ही, ब्रांड अपनी कारों में प्रतिष्ठित आरएस (रैली स्पोर्ट) बैज के आधी सदी से अधिक लंबे सफर का भी जश्न मना रहा है। ‘डिफरेंशिएशन’ की अपनी प्रमुख रणनीतिक सोच को और मजबूत करते हुए, यह नया अभियान स्कोडा ऑटो इंडिया की वाहन श्रृंखला की डायनेमिक क्षमताओं और सुरक्षा विशेषताओं को प्रमुखता से प्रस्तुत करता है।

इस अभियान के बारे में बात करते हुए, स्कोडा ऑटो इंडिया के ब्रांड डायरेक्टर आशीष गुप्ता ने कहा, “हर स्कोडा को परफॉर्मेंस के उच्चतम स्तर पर सटीकता, नियंत्रण और बेहतरीन डायनेमिक्स प्रदान करने के लिए इंजीनियर किया गया है। हमारे लिए मोटरस्पोर्ट डीएनए केवल एक पहचान नहीं है, बल्कि यह हमारी हर कार का स्वाभाविक हिस्सा है और हमारी पूरी वाहन श्रृंखला में मानक रूप से मौजूद है। यही विश्वास हमारे इस नए अभियान की नींव है, जिसमें हम ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ को एक नया अर्थ दे रहे हैं और इसका सीधा अर्थ है, ‘ट्रैक पर स्कोडा’।“

उन्होंने कहा, “यह अभियान परफॉर्मेंस को सभी के लिए सुलभ बनाने की हमारी रणनीति का स्वाभाविक विस्तार है। साथ ही, यह सुनिश्चित करता है कि हर सेगमेंट में हर स्कोडा बेहतरीन डायनेमिक क्षमता, सुरक्षा और आत्मविश्वास प्रदान करती है, जिन्हें वास्तविक ड्राइविंग अनुभव में सहज रूप से महसूस किया जा सकता है।“

उन्होंने आगे कहा, “अपने मूल में, जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) उन विशिष्ट गुणों को दर्शाता है जो वास्तव में स्कोडा के ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं, जैसे स्टीयरिंग की सटीकता, चेसिस का संतुलन, ब्रेकिंग में भरोसा और चालक तथा मशीन के बीच गहरा जुड़ाव। ये ऐसी विशेषताएँ हैं, जिन्हें किसी स्पेसिफिकेशन शीट में पूरी तरह व्यक्त नहीं किया जा सकता, लेकिन जैसे ही आप स्टीयरिंग संभालते हैं, उनका अनुभव तुरंत महसूस किया जा सकता है।”

जी.ओ.ए.टी (G.O.A.T) अभियान की दमदार शुरुआत करने वाला रिकॉर्ड

इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स की देखरेख में, ब्रांड ने ‘एक सर्किट पर एक ही निर्माता की कारों द्वारा सबसे तेज मल्टी-कार रिले’ का रिकॉर्ड स्थापित किया। यह रिकॉर्ड कोयंबटूर ऑटोमोटिव स्पोर्ट्स एंड टेक्निकल ट्रेनिंग (कोएएसटीटी) ट्रैक पर बनाया गया, जहाँ स्कोडा ऑटो इंडिया की पाँच कारों के बेड़े ने 12:30.97 का समय दर्ज किया। पिट-लेन बदलावों सहित कुल समय के आधार पर, इस उपलब्धि ने स्कोडा ऑटो इंडिया को देश का सबसे तेज़ वाहन बेड़ा बना दिया है।

स्कोडा ऑटो इंडिया के इस बेड़े में काइलैक 1.0 एटी, कुशाक 1.5 डीएसजी, स्लाविया 1.5 डीएसजी, ऑक्टाविया आरएस और कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके शामिल थे। पाँच ड्राइवर्स ने इन कारों को बिना किसी रुकावट के लगातार रिले प्रारूप में चलाया, जिसमें पिट-लेन बदलाव भी शामिल थे, और कुल 12:30.97 का समय दर्ज किया गया। इस रिले प्रारूप वाले रिकॉर्ड में यह बेहद महत्वपूर्ण था कि बेड़े की हर स्कोडा कार अपनी सर्वोच्च क्षमता पर प्रदर्शन करे, ताकि पूरी टीम तेज़ समय हासिल कर सके।

4 मीटर से कम लंबाई वाली काइलैक ने 2:31.6 का समय दर्ज किया, जबकि कुशाक एसयूवी और स्लाविया सेडान ने क्रमशः 2:29.7 और 2:27.63 का समय हासिल किया। अपनी शानदार लक्ज़री, सात सीटों और 4x4 क्षमताओं के साथ कोडियाक सिलेक्शन एलएंडके ने कोएएसटीटी सर्किट पर 2:26.34 का समय दर्ज किया। वहीं, स्कोडा ऑटो की प्रतिष्ठित स्पोर्ट्स सेडान ऑक्टाविया आरएस ने 3.8 किमी लंबे सर्किट पर 2:10.85 का सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया।

इस वाहन बेड़े ने ट्रैक पर अपनी शानदार डायनेमिक क्षमताओं का प्रदर्शन किया। साथ ही इसकी फुर्ती, नियंत्रण क्षमता, बेहतरीन ब्रेकिंग और अन्य परफॉर्मेंस विशेषताओं ने यह साबित किया कि स्कोडा ऑटो इंडिया के ग्राहकों को सड़क पर बेहतर नियंत्रण और सुरक्षा का अनुभव मिलता है। भारत और वैश्विक स्तर पर विभिन्न परीक्षणों में पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो को मिले फाइव-स्टार सुरक्षा रेटिंग्स के साथ, यह रिकॉर्ड स्कोडा ऑटो इंडिया को देश के सबसे तेज़ और सबसे सुरक्षित वाहन बेड़े के रूप में स्थापित करता है। 

स्कोडा ऑटो का मोटरस्पोर्ट डीएनए

सन् 1901 से मोटरस्पोर्ट स्कोडा ऑटो के डीएनए का अभिन्न हिस्सा रहा है। सन् वर्ष 1975 में स्कोडा 130 आरएस के साथ पहली बार आरएस बैज की शुरुआत ने इस विरासत को और मजबूत किया। इस कार ने 20वीं सदी के शुरुआती दौर की स्कोडा की रैली स्पोर्ट विरासत को दर्शाया। यही समृद्ध मोटरस्पोर्ट विरासत ब्रांड के भारतीय पोर्टफोलियो में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देती है, जहाँ टर्बो-चार्ज्ड इंजन, वास्तविक ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन, बेहतरीन हैंडलिंग और आकर्षक डायनेमिक्स ड्राइविंग अनुभव को परिभाषित करते हैं। सब-4 मीटर काइलैक एसयूवी से लेकर स्लाविया सेडान, कुशाक मिड-साइज एसयूवी, कोडियाक लक्ज़री 4x4 और सीमित संख्या में उपलब्ध ऑक्टाविया आरएस तक, स्कोडा ऑटो इंडिया विभिन्न सेगमेंट्स में परफॉर्मेंस-केंद्रित इंजीनियरिंग प्रदान करता है।

अपने पूरे उत्पाद पोर्टफोलियो में मौजूद यही परफॉर्मेंस-केंद्रित डीएनए स्कोडा ऑटो इंडिया को अपनी डायनेमिक क्षमताओं वाली कारों के बेड़े के साथ यह रिकॉर्ड स्थापित करने में सक्षम बनाता है। साथ ही, यही इस नए ब्रांड अभियान का मूल आधार भी है, जो यह साबित करता है कि ‘ग्रेटेस्ट ऑन अ ट्रैक’ वास्तव में ‘ट्रैक पर स्कोडा’ है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
*
लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण बनी गरीबों के लिए सहारा, लाखों परिवारों को मिली पक्की छत
* योगी सरकार की योजना से जरूरतमंदों को मिला सम्मानजनक जीवन, 4.47 लाख आवास निर्माण पूर्ण
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लखनऊ। योगी आदित्यनाथ सरकार की मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण प्रदेश के गरीब, आवासहीन और जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व एवं निर्देशन में संचालित यह योजना समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों को पक्की छत उपलब्ध कराकर उन्हें सम्मानजनक जीवन और सुरक्षा प्रदान कर रही है।
फरवरी 2018 से संचालित मुख्यमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पूर्णतः राज्य सहायतित योजना है। इसका उद्देश्य प्राकृतिक आपदा, कालाजार, जेई/एईएस और कुष्ठ रोग से प्रभावित परिवारों सहित वनटांगिया, मुसहर, नट, चेरो, सहरिया, कोल, थारू, पछइया लोहार, गढ़इया लोहार और बैगा जैसी जनजातियों के पात्र परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण की पात्रता सूची से वंचित गरीब परिवारों को भी इस योजना का लाभ दिया जा रहा है।
उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की पहल पर योजना की प्राथमिकता सूची में दिव्यांगजन, 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग की निराश्रित विधवा महिलाएं तथा प्रदेश की सभी अनुसूचित जनजातियों को शामिल किया गया है। इससे समाज के कमजोर वर्गों को बड़ी राहत मिली है।
योजना के तहत प्रत्येक पात्र परिवार को आवास निर्माण के लिए 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा शौचालय निर्माण हेतु स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत 12 हजार रुपये की अतिरिक्त सहायता भी प्रदान की जाती है। लाभार्थियों को मनरेगा के तहत 90 मानव दिवस का रोजगार देने का प्रावधान भी किया गया है।
ग्राम्य विकास विभाग के आयुक्त जी.एस. प्रियदर्शी के अनुसार वर्ष 2018-19 से अब तक योजना के तहत 4.72 लाख आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके सापेक्ष 4.47 लाख आवासों का निर्माण पूर्ण कराया जा चुका है, जबकि शेष आवास निर्माणाधीन हैं।
उन्होंने बताया कि योजना के अंतर्गत अब तक लगभग 1.30 लाख दिव्यांगजन, 72 हजार निराश्रित विधवा महिलाएं तथा 93 हजार दैवीय आपदाओं से प्रभावित परिवारों को आवास उपलब्ध कराया जा चुका है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश में निवास करने वाली सभी जनजातियों को योजना की प्राथमिकता सूची में शामिल कर आवास आवंटन की प्रक्रिया तेज की गई है।
प्रदेश सरकार का मानना है कि यह योजना गरीब, वंचित और जरूरतमंद परिवारों के जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व का नया अध्याय लिख रही है।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 21 मई, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी ईद-उल-जुहा (बकरीद) त्यौहार को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया। पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
योगी सरकार का खरीफ मिशन: 302.55 लाख मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य तय
* मक्का, दलहन और तिलहन उत्पादन बढ़ाने पर जोर, किसानों को समय से मिलेगा बीज-उर्वरक
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने का बड़ा रोडमैप तैयार किया है। राज्य स्तरीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में वर्ष 2026-27 के दौरान खरीफ खाद्यान्न एवं तिलहन उत्पादन को 256.22 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 302.55 लाख मीट्रिक टन तक पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया।
इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के मार्स ऑडिटोरियम में आयोजित इस गोष्ठी में कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि अध्यक्षता कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने की। कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों और बड़ी संख्या में किसानों ने सहभागिता की।
राज्य मंत्री बलदेव सिंह औलख ने कहा कि योगी सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश आज कृषि उत्पादन के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो चुका है। उन्होंने मक्का, दलहन और तिलहन की खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों से आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने की अपील की।
वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसानों तक उन्नत बीज, आधुनिक कृषि यंत्र और वैज्ञानिक खेती की जानकारी पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया।
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की समस्याओं का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही खरीफ सीजन से पहले बीज, उर्वरक और अन्य कृषि निवेश समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि निदेशक डॉ. पंकज त्रिपाठी ने बताया कि प्रदेश में 110.45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में खरीफ फसलों का आच्छादन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए विभागीय समन्वय, तकनीकी मार्गदर्शन और संसाधनों की समयबद्ध उपलब्धता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
कार्यक्रम के दौरान ‘ग्रो सेफ फूड’ अभियान के अंतर्गत कृषि रक्षा रसायनों के सीमित उपयोग को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष चार्ट का विमोचन भी किया गया। इसका उद्देश्य सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न उत्पादन को प्रोत्साहित करना है।
तकनीकी सत्र में कृषि विश्वविद्यालयों और शोध संस्थानों के वैज्ञानिकों ने मूंगफली, तिल, अरहर और मक्का की उन्नत प्रजातियों, रोग नियंत्रण, आधुनिक कृषि यंत्रों, प्रसंस्करण और मूल्य संवर्धन पर किसानों को विस्तृत जानकारी दी। साथ ही जलवायु परिवर्तन से निपटने, संतुलित उर्वरक उपयोग, गौ आधारित कृषि, ढैचा खेती, धान की सीधी बुवाई और दलहन-तिलहन उत्पादन बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।
योगी सरकार के कौशल विकास अभियान को मिली नई रफ्तार
* आईटीओटी लखनऊ में नए वर्कशॉप ब्लॉक का उद्घाटन

* 20 व्यवसायों में मिलेगा प्रशिक्षण, युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के कौशल विकास अभियान को और मजबूत करते हुए प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने गुरुवार को ITOT Aliganj में न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी बिल्डिंग का उद्घाटन किया। नई बिल्डिंग में 10 नए व्यवसायों का संचालन शुरू होने से संस्थान की प्रशिक्षण क्षमता और रोजगारपरक अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि यह संस्थान केवल प्रशिक्षण केंद्र नहीं बल्कि युवाओं के सपनों को साकार करने का माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षकों से कहा कि छात्रों में आत्मविश्वास पैदा करना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है, ताकि वे अपने हुनर के बल पर आत्मनिर्भर बन सकें। उन्होंने ड्रॉपआउट रोकने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि प्रत्येक छात्र की नियमित उपस्थिति और प्रगति सुनिश्चित करना संस्थानों की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि कमजोर और मध्यम वर्ग से आने वाले विद्यार्थियों के लिए कौशल प्रशिक्षण जीवन बदलने का अवसर है। प्रशिक्षकों से उन्होंने अभिभावकों के साथ संवाद बढ़ाने की भी अपील की, ताकि प्रशिक्षण के प्रति विश्वास मजबूत हो सके। इस दौरान उन्होंने कहा, “जो तपता है वही कुंदन बनता है”, इसलिए कठिन परिस्थितियों में मेहनत करने वाले विद्यार्थी ही भविष्य में सफल होते हैं।
कार्यक्रम में प्रमुख सचिव व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास डॉ. हरिओम ने कहा कि योगी सरकार के नेतृत्व में विभाग आधुनिक और उद्योग आधारित कोर्सेज, गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण और बेहतर प्लेसमेंट पर लगातार कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि संस्थानों का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि वहां से प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले कितने युवाओं को रोजगार या स्वरोजगार मिला।
निदेशक प्राविधिक डी.के. सिंह ने बताया कि नई बिल्डिंग बनने से पहले संस्थान में 10 व्यवसाय संचालित हो रहे थे, जो अब बढ़कर 20 हो गए हैं। संस्थान में लगभग 1300 छात्र प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि सीआईपीएस (CIPS) प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत अब तक 1338 प्रशिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा चुका है, जबकि हाल ही में चयनित 1781 नए अनुदेशकों का प्रशिक्षण भी जारी है।
न्यू वर्कशॉप ब्लॉक-सी में शुरू किए गए नए व्यवसायों में ड्रेस मेकिंग, ड्राफ्ट्समैन मैकेनिक, इंस्ट्रूमेंट मैकेनिक, मैकेनिक डीजल, मैकेनिक ट्रैक्टर, ऑफिस मैनेजमेंट, पेंटिंग टेक्नोलॉजी, सेक्रेटेरियल प्रैक्टिस (हिंदी), इलेक्ट्रीशियन पावर डिस्ट्रीब्यूशन और टर्नर शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने छात्र-छात्राओं से संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। साथ ही परिसर में नीम का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।