हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

बंगाल के लिए पीएम मोदी की 6 गारंटी, बताया चुनाव जीते तो क्या-क्या करेंगे?

#westbengalelectionpmmodirallysix_guarantees 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में चुनावी हुंकार भरी। वह आज बंगाल में एक के बाद एक ताबड़तोड़ 3 रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने सबसे पहले पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में फिर दूसरी रैली आसनसोल की और अब तीसरी रैली बीरभूम में हुई।

6 बड़ी गारंटी का ऐलान

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज हो चुका है और सभी दल अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं। राज्य में सभी पार्टियों के बड़े नेताओं की जन सभाएं और रैलियां आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बंगाल के लिए छह प्रमुख गारंटियों की घोषणा की।

बंगाल में पीएम मोदी की 6 गारंटी

1- भय की जगह भरोसा: मोदी की पहली गारंटी टीएमसी ने भय फैलाया। सरकार और सरकारी सिस्टम को भय का माध्यम बनाया। आज बात बातबात पर लोगों को कोर्ट से न्याय मांगना पड़ता है। बीजेपी सरकार भय की जगह भरोसा कायम करेगी। कानून पर भरोसा लौटाएगी।

2- जवाबदेह प्रशासन: मोदी की दूसरी गारंटी बीजेपी सरकार में सरकारी सिस्टम जनता की सेवा के लिए जवाबदेह होगा अकाउंटेबल होगा।

3- पुरानी फाइलें खुलेंगी: मोदी की तीसरी गारंटी हर घोटाले हर करप्शन और बेटियों के साथ हुए हर अन्याय हर रैप केस की फाइलें खुलेगी।

4-भ्रष्टाचारी जाएंगे जेल: मोदी की चौथी गारंटी टीएमसी के राज में जिसने भी करप्शन किया है उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री कानून सबका हिसाब करेगा। टीएमसी का कोई गुंडा अब कानून से बचने वाला नहीं है। मोदी टीएमसी को जनता जनार्दन का पैसा नहीं खाने देगा। पैसा नहीं खाने देगा।

5- शरणार्थी को हक: मोदी की पांचवी गारंटी जो शरणार्थी हैं उन्हें संविधान के तहत हर हक मिलेगा लेकिन जो घुसपैठिए हैं उनको खदेड़ा जाएगा। उनको भारत में नहीं रहने दिया जाएगा।

6- 7वां वेतन आयोग: मोदी की छठी गारंटी बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों, सभी शिक्षकों और अन्य सेवाओं में जुटे साथियों के लिए आपको इतने वर्षों तक यह निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी आपके साथ खड़ा है। बीजेपी आपके साथ खड़ी है। आप कमल छाप पर बटन दबाइए। बीजेपी सरकार बनते ही यहां सेवंथ पे कमीशन लागू करवाएंगे। यह हमारी गारंटी है।

सरकार पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव विकसित बंगाल की मजबूत नींव रखने का चुनाव है और इसका पहला तथा सबसे अहम कदम इस निर्दयी सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने किया बदलाव का आह्वान

पीएम मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जहां देश के कई राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं टीएमसी की सरकार बंगाल को पीछे धकेल रही है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मतदाताओं से बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को विकास के रास्ते पर लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

सात दिन 1294 का चालान, फिर भी चल रहे बिना हेलमेट और तीन सवारी


*यातायात विभाग की सख्ती के बाद भी युवा तोड़ रहे नियम,क‌ई बार हो चुका है हादसे , फिर भी नहीं ले रहे हैं सबक*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दो पहिया वाहन चालकों की मनमानी नहीं रुक रही है। यातायात पुलिस ने सात दिन में 1294 वाहनों का चालान किया है फिर भी बाइक सवार बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर चल रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं। फिर भी दो पहिया वाहन चालक अपनी आदतों में बदलाव नहीं ला रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा हैं। जिनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है। जो नियमों को तोड़ते हैं।


इस महीने अब तक दो पहिया के कटे चालान
तारीख चालान दो पहिया चार पहिया
सात अप्रैल 182 164 18
छह अप्रैल 109 98 11
पांच अप्रैल 110 102 08
चार अप्रैल 157 150 07
तीन अप्रैल 256 240 16
दो अप्रैल 219 207 12
एक अप्रैल 261 247 14

यातायात नियमों के पालन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। सख्ती भी की जाती है। युवा जानबुझकर जान जोखिम में डालते हैं। लोगों को खुद ही नियमों के प्रति सचेत रहना होगा। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी, भदोही।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
लखनऊ समेत शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नई एसओपी लागू, अब शहर के बड़े स्कूलों में एक साथ नहीं होगी छुट्टी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इस व्यवस्था के तहत शहरों में यातायात को सुचारु बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय थानों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
पुलिस विभाग के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगने वाले जाम को कम करना और आम लोगों की यात्रा को आसान बनाना है। इसके लिए 20 शहरों के 172 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत व्यस्त चौराहों और तिराहों के आसपास 100 मीटर के दायरे को खाली रखने का निर्देश दिया गया है। इस क्षेत्र में वाहन खड़े करने या सवारियों को चढ़ाने-उतारने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पीक समय के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। नो एंट्री का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
साथ ही, सड़कों पर अतिक्रमण हटाने, आवश्यकतानुसार मार्गों को चौड़ा करने और कुछ मुख्य मार्गों को ई-रिक्शा मुक्त क्षेत्र घोषित करने जैसे कदम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव का सुझाव भी दिया गया है। इसके तहत अलग-अलग संस्थानों के खुलने और बंद होने के समय में 15-15 मिनट का अंतर रखने की सिफारिश की गई है।
इस योजना के तहत किए गए सर्वे में यह सामने आया कि कई प्रमुख मार्गों पर पीक समय में यात्रा का समय सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक मार्ग और अवध चौराहा से दुबग्गा मार्ग ऐसे ही प्रमुख उदाहरण हैं, जहां जाम की समस्या ज्यादा देखी जाती है।
पुलिस विभाग का कहना है कि इन उपायों को लागू करने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। फिलहाल संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस जांच में उनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जो उनकी ज्ञात आय के मुकाबले कई गुना ज्यादा बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से चंदौली जनपद के निवासी केशव लाल वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-34 में रह रहे हैं। वर्ष 2017 में जब उनकी तैनाती कानपुर में थी, उसी दौरान 19 अप्रैल को आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा था। इस छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए थे।
छापे के दौरान अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई नकदी मिली थी। गद्दों, पूजा कक्ष, अलमारियों के अलावा बाथरूम के बंद फ्लश और बेडरूम से भी नोटों की गड्डियां बरामद हुई थीं। पूछताछ के दौरान वह इस संपत्ति का संतोषजनक विवरण नहीं दे सके थे।
इस कार्रवाई के बाद मई 2017 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी और पूरे मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई थी। विस्तृत जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके पास आय से कई गुना अधिक संपत्ति है, जिसकी कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद अनुमति मिलने पर अब विजिलेंस के कानपुर सेक्टर में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि केशव लाल के पास लखनऊ में दो संपत्तियां हैं, जबकि कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में एक-एक संपत्ति मौजूद है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और विजिलेंस विभाग द्वारा संपत्तियों के स्रोत की गहन जांच की जा रही है।
पश्चिम यूपी में आतंकी मॉड्यूल का जाल, शामली के 6 युवक हिरासत में
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम यूपी के कई युवक इस मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं।
एटीएस की पूछताछ में शामली के छह युवकों के नाम सामने आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक सोशल मीडिया के माध्यम से मॉड्यूल और पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
दरअसल, एटीएस ने हाल ही में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर धमाका करने की साजिश रच रहे चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें मेरठ के साकिब और अरबाब, जबकि गौतमबुद्धनगर के लोकेश और विकास शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन आरोपियों से पूछताछ में पश्चिम यूपी के एक दर्जन से अधिक युवकों के इस मॉड्यूल से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद एटीएस ने शामली के छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है।
फिलहाल एटीएस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। यदि पूछताछ और साक्ष्यों की पुष्टि होती है, तो संबंधित युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में डीजीपी का सख्त एक्शन: 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर, 2 डिप्टी एसपी पर जांच के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कानून-व्यवस्था और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 5 थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए, जबकि 2 डिप्टी एसपी (सीओ ट्रैफिक) के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

* वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक
पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी जोन, आईजी/डीआईजी रेंज और जिलों के एसएसपी/एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

* दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी बनी कार्रवाई की वजह
जिन थाना क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में अधिक वृद्धि दर्ज की गई, वहां के थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की गई है।

इन थाना प्रभारियों पर गिरी गाज:

* वाराणसी कमिश्नरेट–चोलापुर थाना प्रभारी दीपक कुमार

* गोरखपुर–कैम्पियरगंज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह
कन्नौज–छिबरामऊ थाना प्रभारी विष्णुकांत तिवारी
* बाराबंकी–रामसनेहीघाट थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला
* जौनपुर–सिकरारा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह

इन अधिकारियों पर जांच के आदेश:
* बाराबंकी के सीओ ट्रैफिक आलोक कुमार पाठक
* जौनपुर के सीओ ट्रैफिक गिरेन्द्र कुमार सिंह
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
हजारीबाग यूथ विंग का 13 अप्रैल को भव्य रक्तदान शिविर, 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य

हजारीबाग यूथ विंग के तत्वावधान में 13 अप्रैल को लक्ष्मी सिनेमा हॉल के सभागार में सुबह 9 बजे से आयोजित होने वाले भव्य रक्तदान शिविर की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद मरीजों तथा थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों को जीवनदायिनी सहायता उपलब्ध कराना है।

युवाओं और समाजसेवियों की सक्रिय भागीदारी से इस अभियान को जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन और अध्यक्ष करण जायसवाल के नेतृत्व में उपाध्यक्ष विकास तिवारी और सचिव रितेश खंडेलवाल ने डीआईजी अंजनी झा को औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा।

डीआईजी अंजनी झा ने इस पहल की सराहना करते हुए जिलेवासियों से अधिक से अधिक संख्या में रक्तदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के मामलों में अस्पतालों में रक्त की जरूरत अक्सर होती है, वहीं थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए नियमित रक्त की आवश्यकता बनी रहती है। ऐसे में प्रत्येक नागरिक का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है।

इस शिविर में 500 से अधिक यूनिट रक्त संग्रह करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। रक्तदाताओं के लिए प्राथमिक चिकित्सा, अल्पाहार और प्रमाणपत्र की व्यवस्था की गई है। साथ ही, सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से प्रत्येक रक्तदाता को हेलमेट भेंट किया जाएगा।

रक्त संग्रह का कार्य रेड क्रॉस सोसाइटी और सदर अस्पताल की संयुक्त टीम द्वारा किया जाएगा, जबकि हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग मिलेगा। हजारीबाग यूथ विंग द्वारा लगातार रक्तदान के प्रति जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है, ताकि रक्त की कमी से होने वाली समस्याओं को कम किया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जो जरूरतमंदों को नया जीवन देती है और समाज में मानवता को मजबूत करती है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने युवाओं से आगे आकर इस अभियान को सफल बनाने की अपील की।

बंगाल के लिए पीएम मोदी की 6 गारंटी, बताया चुनाव जीते तो क्या-क्या करेंगे?

#westbengalelectionpmmodirallysix_guarantees 

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पश्चिम बंगाल में चुनावी हुंकार भरी। वह आज बंगाल में एक के बाद एक ताबड़तोड़ 3 रैलियों को संबोधित कर रहे हैं। पीएम मोदी ने सबसे पहले पूर्वी मेदिनीपुर के हल्दिया में फिर दूसरी रैली आसनसोल की और अब तीसरी रैली बीरभूम में हुई।

6 बड़ी गारंटी का ऐलान

पश्चिम बंगाल में चुनावी माहौल तेज हो चुका है और सभी दल अपनी रणनीति मजबूत कर रहे हैं। राज्य में सभी पार्टियों के बड़े नेताओं की जन सभाएं और रैलियां आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी गुरुवार को राज्य के विभिन्न हिस्सों में जनसभाएं को संबोधित किया। अपने संबोधन में उन्होंने बंगाल के लिए छह प्रमुख गारंटियों की घोषणा की।

बंगाल में पीएम मोदी की 6 गारंटी

1- भय की जगह भरोसा: मोदी की पहली गारंटी टीएमसी ने भय फैलाया। सरकार और सरकारी सिस्टम को भय का माध्यम बनाया। आज बात बातबात पर लोगों को कोर्ट से न्याय मांगना पड़ता है। बीजेपी सरकार भय की जगह भरोसा कायम करेगी। कानून पर भरोसा लौटाएगी।

2- जवाबदेह प्रशासन: मोदी की दूसरी गारंटी बीजेपी सरकार में सरकारी सिस्टम जनता की सेवा के लिए जवाबदेह होगा अकाउंटेबल होगा।

3- पुरानी फाइलें खुलेंगी: मोदी की तीसरी गारंटी हर घोटाले हर करप्शन और बेटियों के साथ हुए हर अन्याय हर रैप केस की फाइलें खुलेगी।

4-भ्रष्टाचारी जाएंगे जेल: मोदी की चौथी गारंटी टीएमसी के राज में जिसने भी करप्शन किया है उसकी जगह जेल में होगी। मंत्री हो या संत्री कानून सबका हिसाब करेगा। टीएमसी का कोई गुंडा अब कानून से बचने वाला नहीं है। मोदी टीएमसी को जनता जनार्दन का पैसा नहीं खाने देगा। पैसा नहीं खाने देगा।

5- शरणार्थी को हक: मोदी की पांचवी गारंटी जो शरणार्थी हैं उन्हें संविधान के तहत हर हक मिलेगा लेकिन जो घुसपैठिए हैं उनको खदेड़ा जाएगा। उनको भारत में नहीं रहने दिया जाएगा।

6- 7वां वेतन आयोग: मोदी की छठी गारंटी बंगाल के सभी सरकारी कर्मचारियों, सभी शिक्षकों और अन्य सेवाओं में जुटे साथियों के लिए आपको इतने वर्षों तक यह निर्मम सरकार ने भयभीत करके रखा है। मोदी आपके साथ खड़ा है। बीजेपी आपके साथ खड़ी है। आप कमल छाप पर बटन दबाइए। बीजेपी सरकार बनते ही यहां सेवंथ पे कमीशन लागू करवाएंगे। यह हमारी गारंटी है।

सरकार पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप

प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि यह चुनाव विकसित बंगाल की मजबूत नींव रखने का चुनाव है और इसका पहला तथा सबसे अहम कदम इस निर्दयी सरकार को सत्ता से बाहर करना होगा। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार पर राज्य के विकास में बाधा डालने का आरोप लगाया।

पीएम मोदी ने किया बदलाव का आह्वान

पीएम मोदी ने देश की आर्थिक प्रगति का जिक्र करते हुए कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है। उन्होंने कहा कि जहां देश के कई राज्य विकास की राह पर आगे बढ़ रहे हैं, वहीं टीएमसी की सरकार बंगाल को पीछे धकेल रही है। प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में मतदाताओं से बदलाव का आह्वान करते हुए कहा कि राज्य को विकास के रास्ते पर लाने के लिए निर्णायक कदम उठाने की जरूरत है।

सात दिन 1294 का चालान, फिर भी चल रहे बिना हेलमेट और तीन सवारी


*यातायात विभाग की सख्ती के बाद भी युवा तोड़ रहे नियम,क‌ई बार हो चुका है हादसे , फिर भी नहीं ले रहे हैं सबक*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दो पहिया वाहन चालकों की मनमानी नहीं रुक रही है। यातायात पुलिस ने सात दिन में 1294 वाहनों का चालान किया है फिर भी बाइक सवार बिना हेलमेट और तीन सवारी बैठाकर चल रहे हैं। यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर कई बार दुर्घटनाएं भी हुई हैं। फिर भी दो पहिया वाहन चालक अपनी आदतों में बदलाव नहीं ला रहे हैं। इसमें ज्यादातर युवा हैं। जिनकी उम्र 20 से 35 साल के बीच है। जो नियमों को तोड़ते हैं।


इस महीने अब तक दो पहिया के कटे चालान
तारीख चालान दो पहिया चार पहिया
सात अप्रैल 182 164 18
छह अप्रैल 109 98 11
पांच अप्रैल 110 102 08
चार अप्रैल 157 150 07
तीन अप्रैल 256 240 16
दो अप्रैल 219 207 12
एक अप्रैल 261 247 14

यातायात नियमों के पालन के लिए समय-समय पर जागरूक किया जाता है। सख्ती भी की जाती है। युवा जानबुझकर जान जोखिम में डालते हैं। लोगों को खुद ही नियमों के प्रति सचेत रहना होगा। - राकेश सिंह, यातायात प्रभारी, भदोही।
अजब डाक्टर की गज़ब कहानी, चक्कर आने पर दे दी पागलों वाली दवा, जानकर बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टरों के उड़े होश
*झोलाछाप डॉक्टर पर बेटी को गलत दवा देने का पिता ने लगाया आरोप, कार्रवाई की लगाई गुहार

मीरजापुर। यूपी के मीरजापुर जिले से झोलाछाप डॉक्टर से जुड़ी हुई एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जिसे जानकर ख़ुद बीएचयू वाराणसी के भी डाक्टर सकते में हैं, कि आख़िरकार इतनी बड़ी लापरवाही भला कैसे? मामला, सिर्फ झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही ही नहीं बल्कि शिकायत करने के बाद भी अभी तक कोई कार्रवाई का ना होना भी पूरे स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार मुलाजिमों को कटघरे में खड़े करने के लिए काफी है।

पूरा मामला मीरजापुर जिले के ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के बबुरा कलां गांव से जुड़ा हुआ है जहां के निवासी दिनेश सिंह ने क्षेत्र के रतेह चौराहा स्थित एक झोलाछाप पर बेटी को गलत दवा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने पिछले दिनों सीएम पोर्टल पर प्रार्थना पत्र देकर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार भी लगाई है। दिए गए प्रार्थना पत्र में दिनेश सिंह आरोप लगाया कि कि गत 20 फरवरी 2026 को अपनी 18 वर्षीया पुत्री स्वचाली सिंह को चक्कर आने पर क्षेत्र के देवरी उत्तर गांव स्थित रतेह चौराहा पर 'चिरंजीवी क्लीनिक' में दिखाया तो झोलाछाप डॉक्टर ने पुत्री को एक सप्ताह की दवा खाने के लिए दी। झोलाछाप द्वारा दी गई दवा को बेटी ने खाया तो चार दिन बाद बेटी घर पर गश खाकर गिर पड़ी और उसे चलने में दिक्कत होने लगी। बेटी की दिमागी हालत विक्षिप्त जैसी हो गई। हालत गंभीर देखकर बेटी को उन्होंने मीरजापुर मंडलीय चिकित्सालय ले जाकर दिखाया। जहां चिकित्सक ने बेटी की हालत गंभीर देखते हुए 27 फरवरी को वाराणसी स्थित बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रेफर कर दिया। जहां पुत्री का 19 दिनों तक इलाज चला। *बेटी का इलाज कर रहे बीएचयू ट्रामा सेंटर के न्यूरो विभाग के चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने की वजह से बेटी की ऐसी हालत हुई है।*
बताया कि*यह दवा पागलों के इलाज में दी जाती है।* बेटी को चलने फिरने में दिक्कत हो रही है और उसकी याददाश्त में सुधार नही हो पा रहा है। आरोप लगाया कि उक्त झोलाछाप बिना किसी चिकित्सा डिग्री व बगैर लाइसेंस के क्लीनिक खोलकर चला रहा है। भोली भाली जनता का गलत दवा इलाज कर उनकी सेहत और जिंदगी से खिलवाड़ कर रहा है। दिनेश सिंह ने बेटी की हालत के लिए झोलाछाप को जिम्मेदार ठहराते हुए कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में प्रभारी चिकित्साधिकारी हलिया डाक्टर अवधेश कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जाएगी। झोलाछाप और अवैध रूप से क्लीनिक संचालित करने वालों के विरुद्ध अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


*झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएम, डीएम से लगाई गुहार*


पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने बेटी का गलत दवा इलाज करने वाले झोलाछाप डॉक्टर के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है। दिनेश सिंह ने गत 27 मार्च को सीएम पोर्टल पर झोलाछाप की शिकायत कर कार्रवाई की गुहार लगाई थी। इस मामले में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ बबुरा कलां निवासी शिकायकर्ता दिनेश सिंह के घर पहुंचकर नोटिस दिया और आठ अप्रैल को झोलाछाप द्वारा दवा इलाज किए जाने का साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा। नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने रतेह चौराहा स्थित चिरंजीव मेडिकल पर पहुंचकर मामले की जांच करते हुए झोलाछाप को नोटिस जारी की और सीएमओ कार्यालय में चिकित्सा संबंधी कागजातों के साथ प्रस्तुत होने के लिए कहा। वहीं दूसरी ओर झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़िता के पिता दिनेश सिंह ने मुख्यमंत्री व जिलाधिकारी से झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई की गुहार लगाई है।

*नोडल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध, कार्रवाई के नाम पर होती है खानापूर्ति*

दिनेश सिंह ने नोडल अधिकारी द्वारा झोलाछाप के विरुद्ध कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि नोडल अधिकारी अवधेश सिंह दो मिनट के लिए दोपहर बाद हमारे घर पर आए और नोटिस देते हुए घर की और मेरी फोटो खींचवा कर ले गए। आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी ने मेरी बात सुनने के लिए समय नहीं दिया जबकि बेटी का किसी तरह से कर्ज लेकर दवा इलाज करा रहे हैं। युवती के पिता ने सीएम पोर्टल पर की गई शिकायत में झोलाछाप पर गलत दवा इलाज करने का आरोप लगाया था। शिकायत में आरोप लगाया था कि झोलाछाप के इलाज से बेटी की हालत गंभीर हो गई और 19 दिनों तक बीएचयू के न्यूरो विभाग में वेंटिलेटर पर पड़ी बेटी का चिकित्सकों ने दवा इलाज किया। इलाज कर रहे चिकित्सकों ने बताया कि गलत दवा खाने से पुत्री की हालत गंभीर हुई है। इस संबंध में डिप्टी सीएमओ नोडल अधिकारी अवधेश सिंह ने बताया कि शिकायत पर मामले की जांच की गई है आरोपित मेडिकल स्टोर संचालक को नोटिस दी गई है। शिकायकर्ता को भी नोटिस देकर दवा इलाज किए जाने साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है। मामले की जांच की जा रही है।


*पीड़ित पिता ने लगाया दुर्व्यवहार का आरोप*


जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के उपर कैसे व किस प्रकार से शिकायत होने पर कार्रवाई की जाती है, इसकी बानगी इसी घटना से देखा जा सकता है। बताया गया है कि पीड़ित पिता दिनेश जब बुधवार, 8 अप्रैल को निर्धारित तिथि को सीएमओ कार्यालय मीरजापुर अपना पक्ष रखने पहुंचे थे तो उनकी पीड़ा को सुनने के बजाए नोडल अधिकारी से लगाय सीएमओ द्वारा उन्हें ही डांट डपेट कर वहां से उन्हें चलता कर दिया गया। व्यथथित होकर दिनेश कुमार सिंह सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर देर शाम तक जिलाधिकारी कार्यालय पर अपनी पत्नी के साथ डटे रहे हैं। उनका आरोप रहा है कि एनआईसी में मीटिंग के बाद जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार ने सीएमओ मीरजापुर को दिनेश सिंह की समस्या को सुनकर झोलाछाप डॉक्टर पर कार्रवाई के निर्देश दिए दिए, लेकिन सीएमओ साहब कार्रवाई को कौन कहें पीड़ित दम्पति को ही फटकार लगाने लगे कि सरकारी डाक्टर को हम देखते हैं, इसमें हम क्या कर सकते हैं।

आश्चर्य कि बात है पीड़ित पिता ने सम्पूर्ण मामले की शिकायत मुख्यमंत्री पोर्टल पर करने के साथ ही जिलाधिकारी से भी की है जिसपर जांच कर कार्रवाई के लिए सीएमओ को निर्देशित किया जा चुका है बावजूद इसके तकरीबन डेढ़ माह बीतने को है इस मामले में अभी तक कोई कार्रवाई सुनिश्चित नहीं हो पाई है।
मेरठ के सेंट्रल मार्केट में बड़ा प्रशासनिक एक्शन: 40 साल पुराना कारोबार ढहा, 44 भवन सील

मेरठ। मेरठ के शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट में बुधवार का दिन इतिहास में एक काले अध्याय के रूप में दर्ज हो गया, जब प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में बड़ी कार्रवाई करते हुए 44 व्यावसायिक भवनों को सील कर दिया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अफरा-तफरी और तनाव का माहौल बन गया।सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुआ सीलिंग अभियान शाम 6 बजे तक चला। सात अलग-अलग टीमों ने एक साथ कार्रवाई की, जबकि पूरे इलाके को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेड कर दिया गया था।

40 साल पुराना बाजार एक झटके में सील

सेंट्रल मार्केट में दशकों से चल रहे अस्पताल, स्कूल, कोचिंग सेंटर, रेस्टोरेंट और दर्जनों दुकानें इस कार्रवाई की जद में आ गईं। शुरुआती कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर सील लगाई गई, जिससे व्यापारियों में हड़कंप मच गया।एमपीजीएस गर्ल्स कॉलेज से शुरू हुई कार्रवाई धीरे-धीरे पूरे मार्केट में फैल गई। कुछ ही घंटों में अस्पतालों, क्लीनिकों, रेस्टोरेंट और कॉम्प्लेक्स पर ताले लग गए।

व्यापारियों और कर्मचारियों में कोहराम

सीलिंग की कार्रवाई के दौरान कई जगहों पर व्यापारी और कर्मचारी रोते-बिलखते नजर आए। लोग अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाते रहे, लेकिन कार्रवाई जारी रही।कई व्यापारियों ने कहा कि वे 20 से 30 साल से यहां कारोबार कर रहे थे और अब अचानक सबकुछ खत्म हो गया। इससे करीब 40 हजार लोगों की आजीविका प्रभावित होने का अनुमान है।

कोर्ट आदेश के तहत कार्रवाई

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में की जा रही है। अवैध निर्माण और नियमों के उल्लंघन को लेकर यह कदम उठाया गया है।सीलिंग के दौरान कई कॉम्प्लेक्सों में व्यापारियों और अधिकारियों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक भी देखने को मिली। कुछ स्थानों पर तनाव इतना बढ़ गया कि पुलिस को हस्तक्षेप करना पड़ा।कुछ व्यापारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई में भेदभाव किया जा रहा है, हालांकि प्रशासन ने सभी आरोपों को खारिज किया।

स्कूल, अस्पताल और दुकानें भी बंद

इस अभियान में कई अस्पताल, स्कूल, बैंक्वेट हॉल और कॉम्प्लेक्स भी सील कर दिए गए। इससे न सिर्फ व्यापार प्रभावित हुआ बल्कि बड़ी संख्या में कर्मचारी बेरोजगारी की स्थिति में आ गए।कार्रवाई के बाद कई दुकानदारों और निवासियों ने इसे अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी त्रासदी बताया। उनका कहना था कि वे वर्षों से यहां रह और काम कर रहे थे, लेकिन अब सबकुछ एक झटके में खत्म हो गया।सेंट्रल मार्केट में हुई यह कार्रवाई मेरठ के व्यापारिक इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक मानी जा रही है, जिसने हजारों परिवारों की आजीविका पर गहरा असर डाला है।
लखनऊ समेत शहरों में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए नई एसओपी लागू, अब शहर के बड़े स्कूलों में एक साथ नहीं होगी छुट्टी
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में बढ़ती ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए पुलिस मुख्यालय ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी की है। इस व्यवस्था के तहत शहरों में यातायात को सुचारु बनाने के लिए ट्रैफिक पुलिस, स्थानीय थानों और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं।
पुलिस विभाग के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य प्रमुख मार्गों और चौराहों पर लगने वाले जाम को कम करना और आम लोगों की यात्रा को आसान बनाना है। इसके लिए 20 शहरों के 172 मार्गों को चिन्हित किया गया है, जहां विशेष रूप से ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत व्यस्त चौराहों और तिराहों के आसपास 100 मीटर के दायरे को खाली रखने का निर्देश दिया गया है। इस क्षेत्र में वाहन खड़े करने या सवारियों को चढ़ाने-उतारने पर रोक रहेगी। इसके अलावा, अधिक भीड़ वाले स्थानों पर पीक समय के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। नो एंट्री का उल्लंघन करने पर 20 हजार रुपये तक जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि गलत दिशा में वाहन चलाने और अवैध पार्किंग पर भी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
साथ ही, सड़कों पर अतिक्रमण हटाने, आवश्यकतानुसार मार्गों को चौड़ा करने और कुछ मुख्य मार्गों को ई-रिक्शा मुक्त क्षेत्र घोषित करने जैसे कदम भी प्रस्तावित किए गए हैं।
ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए स्कूलों और दफ्तरों के समय में बदलाव का सुझाव भी दिया गया है। इसके तहत अलग-अलग संस्थानों के खुलने और बंद होने के समय में 15-15 मिनट का अंतर रखने की सिफारिश की गई है।
इस योजना के तहत किए गए सर्वे में यह सामने आया कि कई प्रमुख मार्गों पर पीक समय में यात्रा का समय सामान्य से कई गुना बढ़ जाता है। बख्शी का तालाब से पॉलिटेक्निक मार्ग और अवध चौराहा से दुबग्गा मार्ग ऐसे ही प्रमुख उदाहरण हैं, जहां जाम की समस्या ज्यादा देखी जाती है।
पुलिस विभाग का कहना है कि इन उपायों को लागू करने के बाद ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है। फिलहाल संबंधित विभागों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है।
100 करोड़ की संपत्ति का खुलासा, सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में वाणिज्य कर विभाग के सेवानिवृत्त एडिशनल कमिश्नर केशव लाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने का मामला दर्ज किया गया है। विजिलेंस जांच में उनके पास 100 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति होने का खुलासा हुआ है, जो उनकी ज्ञात आय के मुकाबले कई गुना ज्यादा बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, मूल रूप से चंदौली जनपद के निवासी केशव लाल वर्तमान में नोएडा के सेक्टर-34 में रह रहे हैं। वर्ष 2017 में जब उनकी तैनाती कानपुर में थी, उसी दौरान 19 अप्रैल को आयकर विभाग ने उनके आवास पर छापा मारा था। इस छापेमारी में करीब 10 करोड़ रुपये नकद और लगभग 3 करोड़ रुपये के आभूषण बरामद किए गए थे।
छापे के दौरान अधिकारियों को घर के अलग-अलग हिस्सों में छिपाकर रखी गई नकदी मिली थी। गद्दों, पूजा कक्ष, अलमारियों के अलावा बाथरूम के बंद फ्लश और बेडरूम से भी नोटों की गड्डियां बरामद हुई थीं। पूछताछ के दौरान वह इस संपत्ति का संतोषजनक विवरण नहीं दे सके थे।
इस कार्रवाई के बाद मई 2017 में उन्हें अनिवार्य सेवानिवृत्ति दे दी गई थी और पूरे मामले की जांच विजिलेंस विभाग को सौंप दी गई थी। विस्तृत जांच के दौरान यह सामने आया कि उनके पास आय से कई गुना अधिक संपत्ति है, जिसकी कुल कीमत 100 करोड़ रुपये से अधिक आंकी गई है।
जांच रिपोर्ट शासन को भेजे जाने के बाद अनुमति मिलने पर अब विजिलेंस के कानपुर सेक्टर में उनके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना एक राजपत्रित अधिकारी को सौंपी गई है।
जांच में यह भी सामने आया है कि केशव लाल के पास लखनऊ में दो संपत्तियां हैं, जबकि कानपुर, प्रयागराज, गाजियाबाद और नोएडा में एक-एक संपत्ति मौजूद है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये में बताई जा रही है।
फिलहाल मामले में आगे की जांच जारी है और विजिलेंस विभाग द्वारा संपत्तियों के स्रोत की गहन जांच की जा रही है।
पश्चिम यूपी में आतंकी मॉड्यूल का जाल, शामली के 6 युवक हिरासत में
लखनऊ । उत्तर प्रदेश में संदिग्ध आतंकी मॉड्यूल से जुड़े नेटवर्क को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया है कि पश्चिम यूपी के कई युवक इस मॉड्यूल से जुड़े हो सकते हैं।
एटीएस की पूछताछ में शामली के छह युवकों के नाम सामने आने के बाद सभी को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ये युवक सोशल मीडिया के माध्यम से मॉड्यूल और पाकिस्तानी हैंडलर्स के संपर्क में थे।
दरअसल, एटीएस ने हाल ही में लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर धमाका करने की साजिश रच रहे चार संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इनमें मेरठ के साकिब और अरबाब, जबकि गौतमबुद्धनगर के लोकेश और विकास शामिल हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इन आरोपियों से पूछताछ में पश्चिम यूपी के एक दर्जन से अधिक युवकों के इस मॉड्यूल से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। इसके बाद एटीएस ने शामली के छह संदिग्धों को हिरासत में लेकर जांच तेज कर दी है।
फिलहाल एटीएस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। यदि पूछताछ और साक्ष्यों की पुष्टि होती है, तो संबंधित युवकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यूपी में डीजीपी का सख्त एक्शन: 5 थाना प्रभारी लाइन हाजिर, 2 डिप्टी एसपी पर जांच के आदेश
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्णा ने कानून-व्यवस्था और बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं को लेकर बड़ा एक्शन लिया है। समीक्षा बैठक के दौरान डीजीपी ने प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात 5 थाना प्रभारियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर करने के निर्देश दिए, जबकि 2 डिप्टी एसपी (सीओ ट्रैफिक) के खिलाफ प्रारंभिक जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

* वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक
पुलिस मुख्यालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में सभी वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं प्रदेश के सभी पुलिस कमिश्नर, एडीजी जोन, आईजी/डीआईजी रेंज और जिलों के एसएसपी/एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

* दुर्घटनाओं में बढ़ोतरी बनी कार्रवाई की वजह
जिन थाना क्षेत्रों में सड़क दुर्घटनाओं में अधिक वृद्धि दर्ज की गई, वहां के थाना प्रभारियों पर कार्रवाई की गई है।

इन थाना प्रभारियों पर गिरी गाज:

* वाराणसी कमिश्नरेट–चोलापुर थाना प्रभारी दीपक कुमार

* गोरखपुर–कैम्पियरगंज थाना प्रभारी जितेंद्र सिंह
कन्नौज–छिबरामऊ थाना प्रभारी विष्णुकांत तिवारी
* बाराबंकी–रामसनेहीघाट थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद शुक्ला
* जौनपुर–सिकरारा थाना प्रभारी उदय प्रताप सिंह

इन अधिकारियों पर जांच के आदेश:
* बाराबंकी के सीओ ट्रैफिक आलोक कुमार पाठक
* जौनपुर के सीओ ट्रैफिक गिरेन्द्र कुमार सिंह
डीजीपी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि कानून-व्यवस्था और ट्रैफिक प्रबंधन में लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी और भविष्य में भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना ही सरकार का लक्ष्य: ए.के. शर्मा

लखनऊ/ मऊ। उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने मऊ जनपद के मर्यादपुर में आयोजित निषाद राज जयंती कार्यक्रम में प्रतिभाग कर निषाद समाज के गौरवशाली इतिहास और सांस्कृतिक विरासत को नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए समाज के समग्र विकास और सामाजिक समरसता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया।
अपने संबोधन में मंत्री श्री शर्मा ने निषाद समाज की भूमिका और योगदान का उल्लेख करते हुए रामचरितमानस के प्रसिद्ध केवट प्रसंग को बड़े ही भावपूर्ण तरीके से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि भगवान राम और निषादराज गुह्य की मित्रता भारतीय संस्कृति में सच्ची निष्ठा, भक्ति और आत्मीयता का अद्वितीय उदाहरण है। वनवास के कठिन समय में निषादराज द्वारा भगवान राम की सहायता, विशेष रूप से गंगा नदी पार कराने की घटना, यह दर्शाती है कि सच्चे संबंध जाति और वर्ग से ऊपर होते हैं। यह प्रसंग समाज को आपसी विश्वास, सहयोग और समानता का संदेश देता है।
मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि आज के समय में इस प्रकार के प्रेरक प्रसंगों से सीख लेकर समाज में आपसी सौहार्द और एकजुटता को और मजबूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग, विशेषकर वंचित और पिछड़े वर्गों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है, ताकि सभी को समान अवसर और सम्मान मिल सके।उन्होंने आगे कहा कि प्रदेश सरकार “सबका साथ, सबका विकास” की भावना के साथ कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने निषाद समाज के युवाओं से आह्वान किया कि वे शिक्षा और कौशल विकास के माध्यम से अपने भविष्य को सशक्त बनाएं और देश के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएं।
इस अवसर पर रुद्रपुर, देवरिया के विधायक जयप्रकाश निषाद भी उपस्थित रहे। उन्होंने अपने संबोधन में निषाद समाज की एकता, संघर्ष और प्रगति पर प्रकाश डालते हुए समाज को आगे बढ़ाने के लिए संगठित प्रयासों पर बल दिया।
कार्यक्रम के दौरान जनप्रतिनिधिगण, स्थानीय नागरिक एवं समाज के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।