वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
आलू किसानों की बिजली बिल माफ करने की मांग, स्मार्ट मीटर समाधान के लिए शिविर लगाए जाएं
उपभोक्ताओं की समस्या सुने बगैर कनेक्शन ना काटे जाएं

फर्रुखाबाद l आलू किसानों की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए विल माफ करने तथा बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने व रोक लगाने , स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं की समस्याओ़ के समाधान हेतु शिविर लगाने की मांग मुख्यमंत्री से की गयी है।
आलू विकास विपणन सहकारी संघ के निदेशक अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि आलू किसान इस समय मंदी के कारण गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है लेकिन अभी भी जिन उपभोक्ताओं के यहां जबरिया स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं उनके विल अत्यधिक आ रहे हैं। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ रही है ।ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान हेतु शिविर आयोजित किया जाए। बकायेदार आलू किसानों के विल माफ किए जाए तथा भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाई जाए। बिजली बिल छूट योजना को जून तक बढ़ाया जाए।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: नृत्य को लेकर विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत, कई घायल
तुलसीपुर (बलरामपुर)
ग्राम पंचायत चमर बोझिया उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत चमर बोझिया में सोमवार की रात एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बृजवासी नृत्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए 'बृजवासी नृत्य' का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नृत्य के दौरान किसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरू में जो विवाद मामूली लग रहा था, उसने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।
जमकर हुई मारपीट, गांव में तनाव
विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस खूनी संघर्ष में कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत चमर बोझिया, सोमवार रात,कारण बृजवासी नृत्य के दौरान हुआ विवाद।हताहत: एक की मौत, कई घायल।
शिक्षा माफियाओं के खिलाफ विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा
रितेश मिश्रा
हरदोई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हरदोई इकाई के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए न्यू सनबीम स्कूल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा और प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि जब-जब छात्रों का शोषण किया जाएगा, विद्यार्थी परिषद ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगी। वहीं प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद हर परिस्थिति में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जिला संयोजक पुनीत सिंह भोला ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों के लिए लगातार संघर्षरत है। छात्रों के साथ हो रहे उत्पीड़न और शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यावसायीकरण को बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यापार बनाने वालों को परिषद पनपने नहीं देगी और ऐसे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
प्रदर्शन में प्रांत कार्यसमिति सदस्य प्रांशु बाजपेयी, विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति पाल, नम्रता, रिया, अभिषेक, विनोद, रामजी, प्रियांशू सिंह, दिव्यांश चौहान, नगर मंत्री वरुण मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

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दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।

पारा शिक्षक नेता सोनू सरदार हत्याकांड का खुलासा, हथियार के साथ पांच आरोपी अरेस्ट|

Ranchi | 17-12--2025: सरायकेला, प्रताप मिश्रा-सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के बड़डीह गांव में पारा शिक्षक नेता सह मुखिया पति सोनू सरदार की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने पिस्तौल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आशीष गोराई, विश्वजीत नायक, अनिल सरदार उर्फ गोंदो, आनंद दास और सूरज मार्डी को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि मास्टरमाइंड बीरबल सरदार और लखीचरण नायक फरार हैं. 



प्राची, अवनिका, दृष्टि, रिद्धिपता ने जीते गोल्ड !

Ranchi | 11-12-2025: रांची. खेलगांव के गणपत राय इंडोर स्टेडियम में संपन्न झारखंड राज्य सब जूनियर कराटे चैंपियनशिप में प्राची रंजन ने दो गोल्ड जीते. इसके अलावा अवनिका, दृष्टि थापा, रिद्धिपता रानी ने स्वर्ण, आयुष खत्री, तिमोथी जॉन टोपनो, आराध्या साहू ने रजत, जबकि अव्यांक जालान, अयान घोष, दिव्यांश कुमार, एंजेल शेरोन टोप्पो ने कांस्य पदक जीता.



खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू


भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।

वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
आलू किसानों की बिजली बिल माफ करने की मांग, स्मार्ट मीटर समाधान के लिए शिविर लगाए जाएं
उपभोक्ताओं की समस्या सुने बगैर कनेक्शन ना काटे जाएं

फर्रुखाबाद l आलू किसानों की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए विल माफ करने तथा बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने व रोक लगाने , स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं की समस्याओ़ के समाधान हेतु शिविर लगाने की मांग मुख्यमंत्री से की गयी है।
आलू विकास विपणन सहकारी संघ के निदेशक अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि आलू किसान इस समय मंदी के कारण गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है लेकिन अभी भी जिन उपभोक्ताओं के यहां जबरिया स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं उनके विल अत्यधिक आ रहे हैं। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ रही है ।ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान हेतु शिविर आयोजित किया जाए। बकायेदार आलू किसानों के विल माफ किए जाए तथा भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाई जाए। बिजली बिल छूट योजना को जून तक बढ़ाया जाए।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: नृत्य को लेकर विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत, कई घायल
तुलसीपुर (बलरामपुर)
ग्राम पंचायत चमर बोझिया उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत चमर बोझिया में सोमवार की रात एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बृजवासी नृत्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए 'बृजवासी नृत्य' का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नृत्य के दौरान किसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरू में जो विवाद मामूली लग रहा था, उसने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।
जमकर हुई मारपीट, गांव में तनाव
विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस खूनी संघर्ष में कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत चमर बोझिया, सोमवार रात,कारण बृजवासी नृत्य के दौरान हुआ विवाद।हताहत: एक की मौत, कई घायल।
शिक्षा माफियाओं के खिलाफ विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा
रितेश मिश्रा
हरदोई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हरदोई इकाई के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए न्यू सनबीम स्कूल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा और प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि जब-जब छात्रों का शोषण किया जाएगा, विद्यार्थी परिषद ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगी। वहीं प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद हर परिस्थिति में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जिला संयोजक पुनीत सिंह भोला ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों के लिए लगातार संघर्षरत है। छात्रों के साथ हो रहे उत्पीड़न और शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यावसायीकरण को बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यापार बनाने वालों को परिषद पनपने नहीं देगी और ऐसे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
प्रदर्शन में प्रांत कार्यसमिति सदस्य प्रांशु बाजपेयी, विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति पाल, नम्रता, रिया, अभिषेक, विनोद, रामजी, प्रियांशू सिंह, दिव्यांश चौहान, नगर मंत्री वरुण मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

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दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।

पारा शिक्षक नेता सोनू सरदार हत्याकांड का खुलासा, हथियार के साथ पांच आरोपी अरेस्ट|

Ranchi | 17-12--2025: सरायकेला, प्रताप मिश्रा-सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के बड़डीह गांव में पारा शिक्षक नेता सह मुखिया पति सोनू सरदार की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने पिस्तौल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आशीष गोराई, विश्वजीत नायक, अनिल सरदार उर्फ गोंदो, आनंद दास और सूरज मार्डी को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि मास्टरमाइंड बीरबल सरदार और लखीचरण नायक फरार हैं. 



प्राची, अवनिका, दृष्टि, रिद्धिपता ने जीते गोल्ड !

Ranchi | 11-12-2025: रांची. खेलगांव के गणपत राय इंडोर स्टेडियम में संपन्न झारखंड राज्य सब जूनियर कराटे चैंपियनशिप में प्राची रंजन ने दो गोल्ड जीते. इसके अलावा अवनिका, दृष्टि थापा, रिद्धिपता रानी ने स्वर्ण, आयुष खत्री, तिमोथी जॉन टोपनो, आराध्या साहू ने रजत, जबकि अव्यांक जालान, अयान घोष, दिव्यांश कुमार, एंजेल शेरोन टोप्पो ने कांस्य पदक जीता.



खाद्य प्रसंस्करण नीति-2023 से यूपी में निवेश और रोजगार को नई रफ्तार, किसानों की आय बढ़ाने पर जोर

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग के क्षेत्र में तेजी से उभरता औद्योगिक केंद्र बन रहा है। राज्य सरकार की उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण उद्योग नीति-2023 निवेश, रोजगार, निर्यात और किसानों की आय वृद्धि को नई दिशा दे रही है।

नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा हेतु सोमवार को कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय इम्पावर्ड समिति (SLEC) की बैठक कृषि उत्पादन आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित हुई। बैठक में 18 नए निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।

18 नए निवेश प्रस्तावों को स्वीकृति

बैठक में जिन प्रस्तावों को मंजूरी दी गई, उनमें प्रमुख रूप से—

  • स्टार्च निर्माण इकाइयाँ
  • डेयरी उत्पाद निर्माण
  • पास्ता एवं मुरमुरा उत्पादन
  • पोल्ट्री एवं कैटल फीड यूनिट
  • ऑर्गेनिक उत्पाद प्रसंस्करण
  • विभिन्न खाद्य उत्पाद विनिर्माण इकाइयाँ

शामिल हैं।

₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित

अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।

निवेशकों को सम्मानित किया गया

बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।

वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।

ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा

बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।

पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम

बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।

विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत

खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—

  • कृषि विभाग – 22%
  • उद्यान विभाग – 30%
  • मत्स्य विभाग – 20%
  • दुग्ध विकास – 22%
  • गन्ना विभाग – 3%
  • आयुष, आबकारी, पशुपालन – 1-1%

परियोजनाएँ शामिल हैं।

निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश

कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।

आजमगढ़ : माहुल के कोटेदार का बड़ा फर्जीवाड़ा हुआ उजागर, एसडीएम ने निरस्त किया लाइसेंस, जमानत भी किया जप्त

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील अंतर्गत नगर पंचायत माहुल में उचित दर विक्रेता के फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आने के बाद प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई करते हुए कोटेदार मोहम्मद राशिद पुत्र नसीम अहमद की दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया है। इस कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और इसे प्रशासन की पारदर्शिता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। मामले की शुरुआत भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा निवासी अतरौलिया और राजेश पाण्डेय ग्राम अतरडीहा, ब्लाक अहरौला की शिकायत से हुई, जिसमें कोटेदार पर नियुक्ति में अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोप लगाए गए थे। शिकायत के आधार पर प्रशासन के द्वारा बहुस्तरीय जांच कराई गयी । जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपित विक्रेता ने कूटरचित ढंग से नियुक्ति के समय कई महत्वपूर्ण जानकारियां छिपाईं। न तो सही निवास प्रमाण प्रस्तुत किया गया और न ही यह बताया गया कि उनके पिता पहले से ही एक अन्य ग्राम पंचायत में उचित दर विक्रेता थे, जबकि नियमों के अनुसार एक ही परिवार को दो दुकानों का आवंटन वर्जित है। इतना ही नहीं, जांच में यह भी सामने आया कि नियुक्ति के समय विक्रेता राशिद की उम्र निर्धारित न्यूनतम आयु 21 वर्ष से कम थी, जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। प्रस्तुत दस्तावेजों—जैसे परिवार रजिस्टर—में भी गंभीर विसंगतियां पाई गईं, जिससे पूरे मामले में फर्जीवाड़े की पुष्टि हो गई। खंड विकास अधिकारी अहरौला संजय यादव, अधिशासी अधिकारी माहुल अवधेश मिश्रा और नायब तहसीलदार राजाराम की रिपोर्ट में भी अनियमितताओं की पुष्टि होने के बाद उपजिलाधिकारी फूलपुर अशोक कुमार ने सख्त निर्णय लेते हुए दुकान का लाइसेंस निरस्त कर दिया। साथ ही, विक्रेता की जमा जमानत राशि को भी शासन के पक्ष में जप्त कर लिया गया है। प्रशासन ने उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए दुकान से संबंधित सभी उपकरण और ई-पॉस मशीन को माहुल नगर पंचायत के दूसरे उचित दर विक्रेता चंद्रभान को हस्तांतरित करने के निर्देश दिए हैं। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि जांच रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है और अब राशन वितरण का कार्य नए विक्रेता के माध्यम से कराया जाएगा। इस सख्ती से क्षेत्र में साफ संदेश गया है कि नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर भ्रम फैला रहा विपक्ष, महिलाओं के साथ किया विश्वासघात: पूर्णिमा साहू


भाजपा नेत्री एवं जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा कि 16-17 अप्रैल को संसद में देश की आधी आबादी को समान अधिकार और भागीदारी देने का एक ऐतिहासिक अवसर आया था। किंतु दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस और इंडी गठबंधन के दलों ने इसका विरोध कर महिलाओं के साथ विश्वासघात किया। श्रीमति साहू भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित कर रही थी।

श्रीमती साहू ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सदन में स्पष्ट कहा है कि महिलाओं को सम्मान, अधिकार और नीति-निर्माण में भागीदारी देना कोई उपकार नहीं, बल्कि उनका स्वाभाविक अधिकार है।

उन्होंने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि विपक्षी दलों ने वर्षों तक न विधानसभा में और न ही लोकसभा में महिलाओं को पर्याप्त अवसर दिया। लेकिन जब महिलाओं को अधिकार देने का समय आया, तब उनका महिला-विरोधी चरित्र उजागर हो गया।

श्रीमती साहू ने आगे कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी सदन में स्पष्ट किया है कि परिसीमन से किसी राज्य को नुकसान नहीं होगा, बल्कि इसका उद्देश्य जनसंख्या के आधार पर संतुलित और न्यायसंगत प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है। इसके बावजूद कांग्रेस और इंडी गठबंधन देशभर में भ्रम फैलाने का काम कर रहे हैं और महिलाओं को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि “नारी शक्ति वंदन अधिनियम” पहले से ही जनगणना और परिसीमन से जुड़ा हुआ है। वर्ष 2023 में जब यह अधिनियम सदन में प्रस्तुत किया गया था, तब किसी भी विपक्षी दल ने इसका विरोध नहीं किया। उस समय लोकसभा चुनाव नजदीक होने के कारण कांग्रेस ने जल्दबाजी में समर्थन दिया, लेकिन अब जब इसे लागू करने की बात आई है, तो वही दल आज विरोध कर रहे हैं।

श्रीमति साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पंचायत से लेकर संसद तक महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जबकि कांग्रेस का इतिहास महिलाओं के प्रति नकारात्मक रहा है। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर महिलाओं के प्रति अपमानजनक और असंवेदनशील बयान देने का आरोप भी लगाया।

उन्होंने कहा कि आज की महिलाएं मूकदर्शक नहीं, बल्कि सशक्त और जागरूक हैं। वे अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं और उन्हें पाने के लिए आवाज उठाने को पूरी तरह तैयार हैं।

प्रेस वार्ता में पूर्णिमा साहू ने जानकारी देते हुए कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम के समर्थन और इंडी गठबंधन के महिला विरोधी मानसिकता को लेकर 28 अप्रैल को संध्या 5 बजे हजारों महिलाओं द्वारा रांची में जयपाल सिंह स्टेडियम से अल्बर्ट एक्का चौक तक एक विशाल मशाल जुलूस निकाला जाएगा, जो नारी शक्ति, सम्मान और अधिकारों की मजबूत अभिव्यक्ति होगा।

इस अवसर पर आरती कुजूर, सीमा सिंह, रफिया नाज़ एवं बबीता झा भी उपस्थित थीं।