अस्पतालों में इलाज के अभाव में मरीजों की हो रही मौतें राज्य सरकार की विफलता- अविनेश
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता अविनेश कुमार सिंह ने झारखंड की स्वास्थ्य व्यवस्था को पूरी तरह बदहाल बताते हुए राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड का स्वास्थ्य महकमा खुद अस्वस्थ और आईसीयू में जा चुका है। इस विभाग को पहले खुद इलाज की जरूरत है।
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श्री सिंह ने कहा कि झारखंड में ध्वस्त स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर हाल ही में केंद्रीय मंत्रालय द्वारा यहां के स्वास्थ्य विभाग को पत्र लिखकर विभाग की नाकामियों के संबंध में आईना दिखाया गया है। झारखंड के अस्पतालों में मरीजों को मिलने वाली जांच सुविधाएं तय मानक से काफी पीछे है।
श्री सिंह ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लगातार सामने आ रही अव्यवस्थाएं, दवा घोटाले, डॉक्टरों की कमी और इलाज के अभाव में हो रही मौतें सरकार की विफलता को उजागर करती हैं। सरायकेला-खरसावां के राजनगर में मोबाइल की रोशनी में प्रसव के दौरान मां और नवजात शिशु की मौत की घटना को अत्यंत दुखद और शर्मनाक बताया। यह घटना राज्य की चरमराई स्वास्थ्य व्यवस्था का स्पष्ट उदाहरण है। यहां ग्रामीण अस्पतालों में न पर्याप्त बिजली व्यवस्था है, न डॉक्टर और न ही आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं।
प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी के कार्यकाल में स्वास्थ्य विभाग लगातार विवादों और कथित अनियमितताओं को लेकर चर्चा में बना हुआ है। दवा खरीद, आउटसोर्सिंग और टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ियों के आरोपों के साथ-साथ आयुष्मान योजना में फर्जीवाड़े और निजी अस्पतालों की मिलीभगत की खबरों ने विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।
श्री सिंह ने कहा कि रांची के सदर अस्पताल से मिल रही खबरों के अनुसार दवा रहने के बावजूद भी रोगियों को दवा नहीं दी जा रही है। अगर डॉक्टर ने पांच दवा लिखी है तो रोगियों को सिर्फ दो दवा ही दी जा रही है। बाजार में दवाओं की कालाबाजारी किये जाने की भी शिकायत मिल रही है। इस मामले की सरकार जांच करवाये और दोषियों को सजा दे।
उन्होंने कहा कि राज्य की जनता इलाज के अभाव में परेशान है, जबकि सरकार केवल बयानबाजी में व्यस्त दिखाई दे रही है। राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था की स्थिति दिन-प्रतिदिन और खराब होती जा रही है, लेकिन सरकार संवेदनशीलता दिखाने के बजाय अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
उन्होंने कहा कि यदि स्वास्थ्य व्यवस्था में शीघ्र सुधार नहीं किया गया तो जनता के हित में पार्टी राज्यभर में व्यापक आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।





नितिन अग्रवाल जिंदाबाद के नारों से गुंजायमान हुआ चौराहा*
आजमगढ़। विकासखंड कोयलसा के केशवपुर गांव में सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमराने का मामला सामने आया है। गांव के ग्राम प्रधान धर्मेंद्र निषाद ने आरोप लगाया है कि गांव में तैनात सफाईकर्मी मधुप कुमार बीते 28 फरवरी से आज तक गांव में सफाई करने नहीं आए हैं, जिसके चलते पंचायत भवन समेत गांव की सफाई व्यवस्था भगवान भरोसे चल रही है। हालात ऐसे हैं कि ग्राम प्रधान को खुद झाड़ू उठाकर पंचायत भवन की सफाई करनी पड़ रही है। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र निषाद ने बताया कि सफाईकर्मी की लगातार अनुपस्थिति की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों और डीपीआरओ से की गई, लेकिन हर बार केवल “आजकल भेज दिया जाएगा” कहकर मामले को टाल दिया गया। उन्होंने कहा कि महीनों बीत जाने के बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम प्रधान ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में नियुक्त सफाईकर्मी मधुप Kumar कथित रूप से पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के यहां रसोइये का काम कर रहा है, जबकि गांव की सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब सफाईकर्मी गांव में मौजूद ही नहीं रहेगा तो पंचायत भवन और गांव की नियमित सफाई कैसे होगी। इस दौरान ग्राम प्रधान खुद पंचायत भवन में झाड़ू लगाते नजर आए, जिसका वीडियो और तस्वीरें भी चर्चा का विषय बनी हुई हैं। ग्रामीणों में भी सफाई व्यवस्था को लेकर नाराजगी देखी जा रही है। ग्राम प्रधान धर्मेंद्र निषाद ने जिला प्रशासन और संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराते हुए मामले की जांच कर अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हजारीबाग- पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह के निजी मीडिया प्रतिनिधि सह बेस पंचायत के पूर्व मुखिया प्रत्याशी विक्की कुमार धान ने शनिवार को बेस पंचायत के बेस गांव में युवाओं को खेल के प्रति प्रोत्साहित करने तथा उनकी प्रतिभा को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से वॉलीबॉल एवं नेट का वितरण किया। इस अवसर पर गांव के युवाओं एवं ग्रामीणों के साथ आत्मीय मुलाकात कर खेल, शिक्षा, सामाजिक विकास तथा क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान विक्की कुमार धान ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण की मजबूत नींव है। खेल से युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, संघर्ष करने की शक्ति एवं टीम भावना का विकास होता है। उन्होंने कहा कि जब गांव का युवा मैदान में मेहनत करता है, तो वह अपने जीवन को सकारात्मक दिशा देने के साथ-साथ समाज के लिए भी प्रेरणा बनने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि आज के समय में युवाओं को नशा, गलत संगत एवं नकारात्मक गतिविधियों से दूर रखने में खेल की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि युवाओं को सही मार्गदर्शन एवं आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, तो गांव की प्रतिभाएं भी राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। गांव के युवा मेहनती, ऊर्जावान एवं संघर्षशील हैं, लेकिन कई बार संसाधनों के अभाव में उनकी प्रतिभा दबकर रह जाती है। इसी सोच के साथ लगातार छोटे-छोटे प्रयासों के माध्यम से युवाओं को खेल एवं सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इस दौरान गांव के युवाओं में खेल के प्रति विशेष उत्साह देखने को मिला। ग्रामीणों ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे प्रयास गांव के युवाओं को नई दिशा देने के साथ समाज में सकारात्मक वातावरण तैयार करने का काम करेंगे।
हजारीबाग शहर स्थित खजांची तालाब में शुक्रवार की देर शाम हुए दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। तालाब में डूबे युवक का शव करीब 20 घंटे बाद शनिवार दोपहर गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला गया। घटना के बाद मृतक के परिजनों और स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन एवं नगर निगम की कार्यशैली को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। जानकारी के अनुसार शुक्रवार शाम करीब पांच बजे चार युवक खजांची तालाब घूमने पहुंचे थे। इसी दौरान दो युवक तालाब में तैरने के लिए उतर गए। कुछ देर बाद एक युवक सुरक्षित बाहर निकल आया, जबकि दूसरा युवक कमांडो वर्मा (22 वर्ष), पिता स्वर्गीय रामचन्द्र वर्मा, निवासी ओकनी, गहरे पानी में डूब गया। युवक के डूबने की सूचना मिलते ही आसपास अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग तालाब के आसपास जुट गए। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिजन भी मौके पर पहुंचे और युवक को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए जिला प्रशासन, नगर निगम तथा जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई। देर शाम तक स्थानीय स्तर पर युवक की तलाश की जाती रही, लेकिन पर्याप्त संसाधन और प्रशिक्षित गोताखोर उपलब्ध नहीं होने के कारण राहत कार्य सफल नहीं हो सका। इस दौरान परिजनों ने जिला प्रशासन को पूरी तरह विफल बताते हुए नाराजगी जाहिर की। घटना की सूचना मिलने पर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। देर शाम होने के कारण तत्काल प्रभावी रेस्क्यू अभियान चलाने में कठिनाई हुई। इसके बाद विधायक की पहल पर शनिवार सुबह चौपारण से गोताखोरों की टीम बुलाई गई। गोताखोरों ने कई घंटे की मशक्कत के बाद तालाब से कमांडो वर्मा का शव बाहर निकाला। करीब 20 घंटे बाद जैसे ही युवक का शव पानी से बाहर निकाला गया, मौके पर मौजूद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पूरे इलाके में मातम का माहौल व्याप्त हो गया। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। प्रचंड धूप के बीच लगातार मौके पर मौजूद रहकर राहत कार्य की निगरानी करते दिखे विधायक प्रदीप प्रसाद ने मीडिया से बातचीत में कहा कि उन्होंने पूर्व में भी विधानसभा में हजारीबाग जिले में एनडीआरएफ टीम की मांग गंभीरता से उठाई थी, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि यदि जिले में एनडीआरएफ की टीम उपलब्ध रहती तो राहत एवं बचाव कार्य में इतनी परेशानी नहीं होती। इस घटना के बाद एक बार फिर हजारीबाग जिले में आपदा प्रबंधन व्यवस्था, तालाबों की सुरक्षा और आपातकालीन बचाव संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।
मीरजापुर। लालगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत लालगंज-दीपनगर मार्ग पर शनिवार को एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना कोलकम गांव के सामने हुई, जब तीन युवक एक अपाचे बाइक पर सवार होकर पिउरी गांव से लालगंज लौट रहे थे। मृतक की पहचान हलिया थाना क्षेत्र के मवई कला गांव निवासी 19 वर्षीय रमाशंकर के रूप में हुई है।


7 hours ago
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