दर्दनाक सड़क हादसा—पिकअप से टक्कर में युवक की मौके पर मौत

उतराव l प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के थाना फूलपुर क्षेत्र के बरई तारा चतुर्भुजपुर निवासी 22 वर्षीय राज दीप पटेल की शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राज दीप पटेल पुत्र स्वर्गीय लल्लू पटेल बल्लीपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह थाना उतराव क्षेत्र के महुवा कोठी बाजार के पास पहुंचे, सामने से आ रही दूध से भरी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि राज दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि मृतक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता शांति देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर व्याप्त है।

महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: अपर्णा यादव ने विधानभवन के सामने कांग्रेस-सपा का झंडा जलाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के झंडे जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा महिलाओं के हितों की केवल राजनीति करती हैं, जबकि महिला आरक्षण बिल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है।
अपर्णा यादव ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी और सम्मान दिलाने के लिए महिला आरक्षण बिल जरूरी है, लेकिन विपक्षी दल इस विषय पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है।
इस दौरान मौके पर समर्थकों की भीड़ जुटी रही और राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदर्शन को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
बलिया में BJP जिला महामंत्री के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
संविलियन विद्यालय  में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण सम्पन्न
बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी विकासखंड के मंसूरनगर स्थित संविलियन विद्यालय में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत एवं वंदेमातरम् गीत से हुई, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बन गया।
इस अवसर पर कक्षाओं में उत्कृष्ट उपस्थिति एवं शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक गंगा दयाल मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि एआरपी अनुराग त्रिपाठी व एआरपी सुधीर शुक्ला मौजूद रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन अतिथियों द्वारा किया गया, जबकि प्रधानाचार्या विजया अवस्थी ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान शिक्षक सचिन, अविक्षित, ज्ञानेंद्र सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
समारोह के सफल आयोजन से विद्यालय में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय, सफर महंगा—ट्रेन अब भी सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
लखनऊ। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल निर्धारित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का न्यूनतम टोल 275 रुपये रखा गया है, जिसे आम यात्रियों के लिए महंगा माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसके 15 मई के बाद उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से कानपुर तक का सफर करीब 35 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं जाता, बल्कि उन्नाव के शुक्लागंज तक ही सीमित है। इसके बाद यात्रियों को जाजमऊ होते हुए शहर में प्रवेश करना होगा, जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुल यात्रा समय बढ़कर डेढ़ से दो घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

दूसरी ओर, रेलवे सेवाएं यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प बनी हुई हैं। तेजस एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से लखनऊ से कानपुर का सफर लगभग 1 घंटे 10 मिनट से 1 घंटे 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इन ट्रेनों का किराया भी 489 से 500 रुपये के बीच है, जबकि अन्य ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी में इससे भी कम किराये पर यात्रा संभव है।

टोल दरों की बात करें तो कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 275 रुपये रखा गया है, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 445 रुपये, बस और ट्रक के लिए 935 रुपये तथा थ्री एक्सल वाहनों के लिए 1020 रुपये टोल निर्धारित किया गया है।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में किया गया है। पहला चरण स्कूटर इंडिया से बनी तक और दूसरा चरण बनी से उन्नाव के शुक्लागंज तक विकसित किया गया है। हालांकि, इसे लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि जब एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं पहुंचता, तो इसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कहना पूरी तरह उचित नहीं है।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर एक्सप्रेसवे तेज सफर का विकल्प देने का दावा करता है, वहीं अधिक टोल और शहर में प्रवेश की संभावित दिक्कतों के कारण यात्रियों के लिए ट्रेन फिलहाल अधिक बेहतर और किफायती विकल्प बनी हुई है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

शादी-तिलकोत्सव में गहराया गैस सिलेंडर संकट

*घंटों इंतजार के बाद ही उपभोक्ताओं को मिल रहा है गैस सिलेंडर,कोयला - लकड़ी के दामों में भी हुई बढ़ोतरी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शादी का सीजन शुरूआत होते ही गैस सिलेंडर का संकट गहराने लगा है। गैस सिलेंडर किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ता अब लकड़ी और कोयले की खरीद करने लगे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है या तिलकोत्सव है, उनके सामने ईंधन की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लकड़ी और कोलया से भोजन बनाने की बुकिंग में हलवाई श्रमिक खर्च बढ़ा दे रहे हैं। अमेरिका-इजराइल युद्ध में बिराम तो लगा लेकिन तनाव और ईंधन का किल्लत बना हुआ है। लगन में मर्यादा कैसे संभले यह चिंता हर वर्ग को सताए जा रही है। गैस सिलेंडर बुकिंग कराने के लिए उपभोक्ता शादी का कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।सिंहपुर नहरा के पास स्थित एक स्थान पर बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को बुलाया गया। वाहन आने तक उपभोक्ता तीखी धूप के बीच घंटों इंतजार करने को विवश हुए। गैस सिलेंडर को लेकर दौड़ रहे उपभोक्ता गर्मी और तीखी धूप से हतास हो जा रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर मिल जा रहा है। कामर्शियल गैस तो अब भी अभाव बना हुआ है। जिन घरों में शादी हुई है उनका प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग किया जा रहा है। तहसील स्तर कार्यालय पर भी आनलाइन बुकिंग की जा रही है। जबकि देखा जा रहा है कि हाथ में शादी का कार्ड और पैसा लिए उपभोक्ता दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं। प्रशासन स्तर से गैस सिलेंडर कालाबाजारी रोकने के लिए जांच सख्त कर दी है। लेकिन विभागीय स्तर से संज्ञान न लिया जाना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। विभागीय अधिकारी हैं कि प्राथमिकता से सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। गुरुवार को सिंहपुर नहरा के पास घंटों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए खड़े रहे। शादियों के सीजन की शुरुआत से पहले ही शहर में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हो गया लेकिन गैस सिलेंडर की कमी शादी वाले परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालात यह हैं कि परिजन शादी के कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय और गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को विवश हैं। गैस सिलेंडर का अभाव हर तबके की चिंता बढ़ा दी है। लकड़ी और कोयला पर भोजन बनाने को लेकर हलवाई मजदूरी बढ़ा दिए हैं। जो बुकिंग दस से बीस हजार में हो जाता था वह सीधे 35 से 40 हजार तक पहुंच गया है। लकड़ी के ईंधन पर भोजनहोटल-ढाबा संचालकों की फिर बढ़ी दिक्कतज्ञानपुर। लगन शुरू होते ही होटल-ढाबा संचालकों की दिक्कत फिर बढ़ गई है। अब जिन घरों में शादी या तिलकोत्सव है उन्हें कार्ड के आधार पर प्राथमिकता से गैस सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में होटल-ढाबा संचालकों के सामने फिर ईंधन की दिक्कत खड़ी हो गई। कोयला और लकड़ी पर इन दिनों नाय, नाश्ता और भोजन तैयार किया जा रहा है। व्यापारियों की माने तो बीच में सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर संकट गहराने लगा है। ऐसे में होटल और ढाबों पर व्यंजन की मात्रा घट गई है।बिन काम वापस लौट रहे हैं कारीगरज्ञानपुर। अमेरिका-इजराइल युद्ध ने हर वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। दुकानों और होटल-ढाबों पर व्यंजन कम होने से कारीगरों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन दुकान पर युद्ध से पूर्व चार से छह कारीगर काम करते थे वहां मात्रा एक या दो रह गए हैं। बिन में सिलेंडर मिलना शुरू हुआ था तो आधे कारीगर आ गए थे। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर दुकानों पर ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि यहीं कारीगर अब शादी औ तिलकोत्सव में काम कर अपने आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं।
कैंपस इंटरव्यू में 90 छात्रों ने बाजी मारी, प्रशिक्षण हेतु चयनित
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित कैंपस इंटरव्यू में विभिन्न महाविद्यालयों से आए अभ्यर्थियों में से कुल 90 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त करते हुए प्रशिक्षण के लिए क्वालीफाई किया।
यह चयन प्रक्रिया केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), लखनऊ द्वारा ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोडक्ट्स मेकिंग (RSC/Q8016) ट्रेड के अंतर्गत आयोजित की गई। तीन दिवसीय इस चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों की योग्यता एवं कौशल का परीक्षण किया गया।
चयन प्रक्रिया का संचालन सिपेट से आए सहायक प्रशिक्षक कौशल मि. चंदन गुप्ता एवं विशाल अवस्थी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन प्लेसमेंट सेल के कोऑर्डिनेटर डॉ. मनोज मिश्रा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. हरीश शुक्ला, डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव सहित प्लेसमेंट सेल के सभी सदस्य एवं महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने सिपेट से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्लेसमेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चयनित छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।
दर्दनाक सड़क हादसा—पिकअप से टक्कर में युवक की मौके पर मौत

उतराव l प्रयागराज

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज के थाना फूलपुर क्षेत्र के बरई तारा चतुर्भुजपुर निवासी 22 वर्षीय राज दीप पटेल की शुक्रवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसे में दर्दनाक मौत हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक राज दीप पटेल पुत्र स्वर्गीय लल्लू पटेल बल्लीपुर बाजार से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान जैसे ही वह थाना उतराव क्षेत्र के महुवा कोठी बाजार के पास पहुंचे, सामने से आ रही दूध से भरी तेज रफ्तार पिकअप ने जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी भीषण थी कि राज दीप की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दुर्घटना में पिकअप वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने पिकअप वाहन को जब्त कर चालक को हिरासत में ले लिया है तथा मामले की जांच शुरू कर दी है।

बताया जाता है कि मृतक अपने पांच भाइयों में सबसे छोटे थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का सहयोग करते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। माता शांति देवी सहित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

यह हादसा शुक्रवार दोपहर करीब 2 बजे का बताया जा रहा है। क्षेत्र में इस घटना के बाद शोक की लहर व्याप्त है।

महिला आरक्षण बिल पर सियासत तेज: अपर्णा यादव ने विधानभवन के सामने कांग्रेस-सपा का झंडा जलाया
लखनऊ। उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव ने राजधानी लखनऊ में विधानभवन के सामने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के झंडे जलाकर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और सपा महिलाओं के हितों की केवल राजनीति करती हैं, जबकि महिला आरक्षण बिल जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर उनका रुख स्पष्ट नहीं है।
अपर्णा यादव ने कहा कि महिलाओं को राजनीतिक भागीदारी और सम्मान दिलाने के लिए महिला आरक्षण बिल जरूरी है, लेकिन विपक्षी दल इस विषय पर गंभीर नहीं हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है, जबकि विपक्ष केवल दिखावे की राजनीति कर रहा है।
इस दौरान मौके पर समर्थकों की भीड़ जुटी रही और राजनीतिक माहौल गरमा गया। प्रदर्शन को लेकर प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है।
बलिया में BJP जिला महामंत्री के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
संविलियन विद्यालय  में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण सम्पन्न
बबलू प्रजापति
हरदोई पिहानी विकासखंड के मंसूरनगर स्थित संविलियन विद्यालय में वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह हर्षोल्लास के साथ आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्वागत गीत एवं वंदेमातरम् गीत से हुई, जिससे पूरे वातावरण में देशभक्ति और उत्साह का माहौल बन गया।
इस अवसर पर कक्षाओं में उत्कृष्ट उपस्थिति एवं शैक्षिक गतिविधियों में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने खूब सराहा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सेवानिवृत्त अध्यापक गंगा दयाल मिश्रा एवं विशिष्ट अतिथि एआरपी अनुराग त्रिपाठी व एआरपी सुधीर शुक्ला मौजूद रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला और उन्हें निरंतर मेहनत करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का संचालन अतिथियों द्वारा किया गया, जबकि प्रधानाचार्या विजया अवस्थी ने सभी आगंतुकों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। इस दौरान शिक्षक सचिन, अविक्षित, ज्ञानेंद्र सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य भी उपस्थित रहे।
समारोह के सफल आयोजन से विद्यालय में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला।
लोकसभा में ज्यादा वोट पाकर भी क्यों फेल हो गया महिला आरक्षण बिला, जानें अब आगे क्या?

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महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को लोकसभा में पारित नहीं हो सका। सदन में 'संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026', पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े। मतदान के समय सदन में कुल 528 सांसद मौजूद थे। ऐसे में विधेयक पारित कराने के लिए सत्ता पक्ष को 352 वोटों की जरूरत थी। विधेयक को पारित कराने के लिए सरकार को दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। जिसके कारण अधिक वोट मिलने के बाद भी बिल फेल हो गया।

पिछले 12 सालों में पहली बार गिरा कोई संशोधन विधेयक

पिछले 12 सालों में यह पहला मौका है जब मोदी सरकार का कोई संविधान संशोधन बिल सदन में गिरा है। देश की आधी आबादी को उनका राजनीतिक हक दिलाने के लिए शुक्रवार शाम लोकसभा में वोटिंग हुई। सरकार ने इस बिल को पारित कराने के लिए हर मुमकिन कोशिश की, लेकिन यह बिल पारित कराने के लिए जरूरी आंकड़ा, 352 से 54 वोट पीछे रह गई। कुल मौजूद सदस्य 352 में बिल के खिलाफ 230 वोट पड़े और कहानी यहीं पर समाप्त हो गई।

विपक्ष ने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया-रिजिजू

किरेन रिजिजू ने महिला आरक्षण विधेयक के सदन में गिरने को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि मौका गंवा दिया गया है। रिजिजू ने कहा कि यह महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने से जुड़ा ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण विधेयक था। इसी पर यह नतीजा आया है। विपक्ष ने इसमें साथ नहीं दिया। बहुत खेद की बात है। आपने एक ऐतिहासिक मौका गंवा दिया। महिलाओं को सम्मान और अधिकार देने का हमारा अभियान जारी रहेगा और हम उन्हें अधिकार दिलाकर ही रहेंगे।

बाकी दो विधेयकों पर क्यों नहीं हुई वोटिंग

सरकार ने इस विधेयक के साथ 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन उन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के पारित नहीं होने के बाद अब इससे संबंधित दोनों विधेयकों 'परिसीमन विधेयक, 2026' और 'संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026' को आगे नहीं बढ़ा सकते।

बिल में क्या था प्रस्ताव?

संविधान संशोधन विधेयक के तहत 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद लोकसभा सीटों को 543 से बढ़ाकर अधिकतम 850 तक करने का प्रस्ताव था। साथ ही 2029 के आम चुनावों से पहले महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की योजना शामिल थी। इसके अलावा, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में भी महिलाओं के लिए सीटें बढ़ाने का प्रावधान रखा गया था, ताकि आरक्षण को प्रभावी तरीके से लागू किया जा सके।

विपक्ष क्यों है नाराज?

इस पूरे मामले में एक और बड़ा मुद्दा परिसीमन यानी डिलीमिटेशन को लेकर भी सामने आया। सरकार चाहती थी कि लोकसभा की सीटों का पुनर्निर्धारण करके महिला आरक्षण को लागू किया जाए, जबकि विपक्ष ने इसका विरोध किया। विपक्ष का तर्क था कि परिसीमन के जरिए कुछ राज्यों को फायदा और कुछ को नुकसान हो सकता है, इसलिए इसे तुरंत लागू करना उचित नहीं होगा। इसी मुद्दे पर विपक्ष एकजुट हो गया और बिल को पर्याप्त समर्थन नहीं मिल सका।

लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल तय, सफर महंगा—ट्रेन अब भी सस्ता और सुविधाजनक विकल्प
लखनऊ। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा तैयार किए गए लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का टोल निर्धारित कर दिया गया है। इस एक्सप्रेसवे पर एक तरफ का न्यूनतम टोल 275 रुपये रखा गया है, जिसे आम यात्रियों के लिए महंगा माना जा रहा है। एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 3600 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है और इसके 15 मई के बाद उद्घाटन की संभावना जताई जा रही है।

अधिकारियों का दावा है कि इस एक्सप्रेसवे के जरिए लखनऊ से कानपुर तक का सफर करीब 35 से 40 मिनट में पूरा किया जा सकेगा। हालांकि, जानकारों का कहना है कि एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं जाता, बल्कि उन्नाव के शुक्लागंज तक ही सीमित है। इसके बाद यात्रियों को जाजमऊ होते हुए शहर में प्रवेश करना होगा, जहां ट्रैफिक जाम की स्थिति बन सकती है। ऐसे में कुल यात्रा समय बढ़कर डेढ़ से दो घंटे तक पहुंचने की आशंका है।

दूसरी ओर, रेलवे सेवाएं यात्रियों के लिए अधिक सुविधाजनक और किफायती विकल्प बनी हुई हैं। तेजस एक्सप्रेस, शताब्दी एक्सप्रेस और वंदे भारत एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों से लखनऊ से कानपुर का सफर लगभग 1 घंटे 10 मिनट से 1 घंटे 20 मिनट में पूरा किया जा सकता है। इन ट्रेनों का किराया भी 489 से 500 रुपये के बीच है, जबकि अन्य ट्रेनों में स्लीपर और एसी श्रेणी में इससे भी कम किराये पर यात्रा संभव है।

टोल दरों की बात करें तो कार, जीप और वैन के लिए एक तरफ का शुल्क 275 रुपये रखा गया है, जबकि हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 445 रुपये, बस और ट्रक के लिए 935 रुपये तथा थ्री एक्सल वाहनों के लिए 1020 रुपये टोल निर्धारित किया गया है।

इस एक्सप्रेसवे का निर्माण दो चरणों में किया गया है। पहला चरण स्कूटर इंडिया से बनी तक और दूसरा चरण बनी से उन्नाव के शुक्लागंज तक विकसित किया गया है। हालांकि, इसे लेकर कुछ विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि जब एक्सप्रेसवे सीधे कानपुर शहर तक नहीं पहुंचता, तो इसे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे कहना पूरी तरह उचित नहीं है।

कुल मिलाकर, जहां एक ओर एक्सप्रेसवे तेज सफर का विकल्प देने का दावा करता है, वहीं अधिक टोल और शहर में प्रवेश की संभावित दिक्कतों के कारण यात्रियों के लिए ट्रेन फिलहाल अधिक बेहतर और किफायती विकल्प बनी हुई है।
ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन रवीन्द्र भवन में संपन्न

भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा आज भोपाल स्थित रवीन्द्र भवन में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्षों का प्रदेश स्तरीय सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर पर और अधिक सशक्त बनाना तथा आमजन से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति को मजबूत करना रहा।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों के आगमन एवं स्थान ग्रहण के साथ हुई, जिसके पश्चात राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् प्रस्तुत किया गया। अतिथिगण द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ किया गया। तत्पश्चात अतिथियों का सूत की माला से स्वागत किया गया।

सम्मेलन में ब्लॉक अध्यक्षों की भूमिका, उनके कार्य एवं दायित्वों पर विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया। डॉ. संजय कामले द्वारा आगामी “जनसंवाद सम्मेलनों” की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए संगठनात्मक गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी द्वारा प्रदेश स्तरीय ब्लॉक “जनसंवाद सम्मेलन” कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि बूथ एवं ब्लॉक स्तर पर कम से कम 30 हजार परिवारों को जोड़कर संगठन को मजबूत करना होगा।

श्री पटवारी ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य किसी पद की प्राप्ति नहीं, बल्कि कांग्रेस की सत्ता में वापसी सुनिश्चित करना है। आज मध्य प्रदेश कर्ज, क्राइम और करप्शन के कैंसर से जूझ रहा है और इसे बचाने के लिए हमें अपनी आहुति देनी होगी।

 25 अप्रैल से लेकर 25 मई तक बनाए गए विधानसभा प्रभारी अपने विधानसभा क्षेत्र में जाएंगे और कार्यकारिणी का सत्यापन करेंगे और 25 मई के बाद पार्टी के हर ब्लॉक पर एक अधिवेशन होगा जिसे जन संवाद कार्यक्रम का नाम दिया जाएगा जिसमें पार्टी के सभी बड़े नेता प्रदेश प्रभारी एवं सह प्रभारी सहित एक-एक ब्लॉक में जाएंगे।

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष हमारी पार्टी की रीढ़ की हड्डी हैं। जिनकी जिम्मेदारी सभी के साथ समन्वय बनाकर संगठन को आगे बढ़ाना है।

- संगठन विस्तार एवं जनसंवाद को प्रभावी बनाने पर व्यापक चर्चा 

प्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी ने बताया कि पार्टी में एक प्रस्ताव विचाराधीन है, जिसके तहत प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में प्रत्येक परिवार से 100 रुपए का सहयोग लिया जाएगा। यह राशि जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ही संगठन निर्माण एवं प्रशिक्षण कार्यों में उपयोग की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस पहल से पार्टी किसी एक व्यक्ति पर निर्भर न रहकर कार्यकर्ताओं के सामूहिक योगदान से सशक्त बनेगी और आमजन के साथ सीधा जुड़ाव भी बढ़ेगा।

श्री चौधरी ने ब्लॉक अध्यक्षों को निर्देश दिए कि वे मंडल, ब्लॉक, ग्राम एवं वार्ड स्तर पर संगठन का सुदृढ़ गठन सुनिश्चित करें तथा गांव-गांव जाकर इकाइयों एवं बीएलए-2 का सत्यापन कर उनकी सक्रियता का आकलन करें। उन्होंने यह भी बताया कि जिला अध्यक्षों के कार्यों का मूल्यांकन जारी है और रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्णय लिया जाएगा, जबकि ब्लॉक अध्यक्षों के कार्यों का आकलन भी आगामी छह माह में किया जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में आभार प्रदर्शन किया गया तथा राष्ट्रगान जन गण मन के साथ सम्मेलन का समापन हुआ।

इस अवसर पर प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी, प्रदेश सह प्रभारी संजय दत्त एवं श्रीमती उषा नायडू, रणविजय लोचन, पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह एवं गोविंद सिंह, पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांतिलाल भूरिया, सीईसी सदस्य ओमकार मरकाम एवं cwc सदस्य कमलेश्वर पटेल , विधायक आरिफ मसूद, एवं आतिफ अकील पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा, पी.सी. शर्मा, महिला कांग्रेस की पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती शोभा ओझा, पूर्व मंत्री श्रीमती विजयलक्ष्मी साधौ, विधायक झूमा सोलंकी, फुंदेलाल मार्को, संगठन महामंत्री डॉ संजय कामले, संगठन उपाध्यक्ष सुखदेव पांसे, प्रशिक्षण प्रभारी महेंद्र जोशी सहित समस्त विधायकगण,जिला अध्यक्ष, जिला प्रभारी, मोर्चा संगठन, प्रकोष्ठ एवं विभागों के अध्यक्षगण तथा मध्यप्रदेश कांग्रेस के समस्त ब्लॉक अध्यक्षगण उपस्थित रहे।

शादी-तिलकोत्सव में गहराया गैस सिलेंडर संकट

*घंटों इंतजार के बाद ही उपभोक्ताओं को मिल रहा है गैस सिलेंडर,कोयला - लकड़ी के दामों में भी हुई बढ़ोतरी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। शादी का सीजन शुरूआत होते ही गैस सिलेंडर का संकट गहराने लगा है। गैस सिलेंडर किल्लत से जूझ रहे उपभोक्ता अब लकड़ी और कोयले की खरीद करने लगे हैं। जिन घरों में शादी पड़ी है या तिलकोत्सव है, उनके सामने ईंधन की विकट समस्या खड़ी हो गई है। लकड़ी और कोलया से भोजन बनाने की बुकिंग में हलवाई श्रमिक खर्च बढ़ा दे रहे हैं। अमेरिका-इजराइल युद्ध में बिराम तो लगा लेकिन तनाव और ईंधन का किल्लत बना हुआ है। लगन में मर्यादा कैसे संभले यह चिंता हर वर्ग को सताए जा रही है। गैस सिलेंडर बुकिंग कराने के लिए उपभोक्ता शादी का कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय का चक्कर लगा रहे हैं।सिंहपुर नहरा के पास स्थित एक स्थान पर बुकिंग कराने वाले उपभोक्ताओं को बुलाया गया। वाहन आने तक उपभोक्ता तीखी धूप के बीच घंटों इंतजार करने को विवश हुए। गैस सिलेंडर को लेकर दौड़ रहे उपभोक्ता गर्मी और तीखी धूप से हतास हो जा रहे हैं। जिलापूर्ति अधिकारी सुनील कुमार ने बताया कि गैस सिलेंडर बुकिंग के बाद उपभोक्ताओं को निर्धारित समय सीमा के अंदर मिल जा रहा है। कामर्शियल गैस तो अब भी अभाव बना हुआ है। जिन घरों में शादी हुई है उनका प्राथमिकता के आधार पर बुकिंग किया जा रहा है। तहसील स्तर कार्यालय पर भी आनलाइन बुकिंग की जा रही है। जबकि देखा जा रहा है कि हाथ में शादी का कार्ड और पैसा लिए उपभोक्ता दर-दर भटकने को विवश हो रहे हैं। प्रशासन स्तर से गैस सिलेंडर कालाबाजारी रोकने के लिए जांच सख्त कर दी है। लेकिन विभागीय स्तर से संज्ञान न लिया जाना गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। विभागीय अधिकारी हैं कि प्राथमिकता से सिलेंडर मुहैया कराने का दावा कर रहे हैं। गुरुवार को सिंहपुर नहरा के पास घंटों उपभोक्ता गैस सिलेंडर लेने के लिए खड़े रहे। शादियों के सीजन की शुरुआत से पहले ही शहर में रसोई गैस की किल्लत ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। 15 अप्रैल से मांगलिक कार्यों का दौर शुरू हो गया लेकिन गैस सिलेंडर की कमी शादी वाले परिवारों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। हालात यह हैं कि परिजन शादी के कार्ड लेकर पूर्ति कार्यालय और गैस एजेंसियों के चक्कर लगाने को विवश हैं। गैस सिलेंडर का अभाव हर तबके की चिंता बढ़ा दी है। लकड़ी और कोयला पर भोजन बनाने को लेकर हलवाई मजदूरी बढ़ा दिए हैं। जो बुकिंग दस से बीस हजार में हो जाता था वह सीधे 35 से 40 हजार तक पहुंच गया है। लकड़ी के ईंधन पर भोजनहोटल-ढाबा संचालकों की फिर बढ़ी दिक्कतज्ञानपुर। लगन शुरू होते ही होटल-ढाबा संचालकों की दिक्कत फिर बढ़ गई है। अब जिन घरों में शादी या तिलकोत्सव है उन्हें कार्ड के आधार पर प्राथमिकता से गैस सिलेंडर मुहैया कराया जा रहा है। ऐसे में होटल-ढाबा संचालकों के सामने फिर ईंधन की दिक्कत खड़ी हो गई। कोयला और लकड़ी पर इन दिनों नाय, नाश्ता और भोजन तैयार किया जा रहा है। व्यापारियों की माने तो बीच में सिलेंडर मिल जाता था। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर संकट गहराने लगा है। ऐसे में होटल और ढाबों पर व्यंजन की मात्रा घट गई है।बिन काम वापस लौट रहे हैं कारीगरज्ञानपुर। अमेरिका-इजराइल युद्ध ने हर वर्ग की चिंता बढ़ा दी है। दुकानों और होटल-ढाबों पर व्यंजन कम होने से कारीगरों को वापस लौटना पड़ रहा है। जिन दुकान पर युद्ध से पूर्व चार से छह कारीगर काम करते थे वहां मात्रा एक या दो रह गए हैं। बिन में सिलेंडर मिलना शुरू हुआ था तो आधे कारीगर आ गए थे। लेकिन लगन शुरू होते ही फिर दुकानों पर ईंधन की समस्या खड़ी हो गई है। हालांकि यहीं कारीगर अब शादी औ तिलकोत्सव में काम कर अपने आर्थिक स्थिति में सुधार कर रहे हैं।
कैंपस इंटरव्यू में 90 छात्रों ने बाजी मारी, प्रशिक्षण हेतु चयनित
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में 15 अप्रैल से 17 अप्रैल तक आयोजित कैंपस इंटरव्यू में विभिन्न महाविद्यालयों से आए अभ्यर्थियों में से कुल 90 छात्र-छात्राओं ने सफलता प्राप्त करते हुए प्रशिक्षण के लिए क्वालीफाई किया।
यह चयन प्रक्रिया केंद्रीय पेट्रोलियम रसायन अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (CIPET), लखनऊ द्वारा ऑपरेटर प्लास्टिक प्रोडक्ट्स मेकिंग (RSC/Q8016) ट्रेड के अंतर्गत आयोजित की गई। तीन दिवसीय इस चयन प्रक्रिया में प्रतिभागियों की योग्यता एवं कौशल का परीक्षण किया गया।
चयन प्रक्रिया का संचालन सिपेट से आए सहायक प्रशिक्षक कौशल मि. चंदन गुप्ता एवं विशाल अवस्थी की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन प्लेसमेंट सेल के कोऑर्डिनेटर डॉ. मनोज मिश्रा द्वारा किया गया।
इस अवसर पर डॉ. हरीश शुक्ला, डॉ. योगेंद्र श्रीवास्तव सहित प्लेसमेंट सेल के सभी सदस्य एवं महाविद्यालय परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने सिपेट से आए प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्लेसमेंट कार्यक्रम विद्यार्थियों के भविष्य निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने चयनित छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
सार्वजनिक स्थलों पर भगवान परशुराम की मूर्ति स्थापित करना धर्मसम्मत नहीं : बाबा दुबे

जौनपुर। भगवान परशुराम को विष्णु का छठा अवतार माना गया है और पृथ्वी के साथ चिरंजीवियों में एक माने जाते  हैं। माना जाता है कि आज भी वह महेंद्र गिरी पर्वत पर तपस्या कर रहे हैं। ऐसे में महापुरुषों की तरह सार्वजनिक स्थानों पर उनकी मूर्तियां स्थापित नहीं की जा सकती हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे ने सार्वजनिक स्थलों पर किसी महापुरुष की तरह लगाई जा रही उनकी मूर्ति को धर्मशास्त्र के विरुद्ध बताते हुए उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि किसी भी भगवान की मूर्ति की तरह भगवान परशुराम की मूर्ति को भी प्राण प्रतिष्ठा के बाद ही स्थापित की जानी चाहिए तथा नियमित उनकी पूजा अर्चना होनी चाहिए जबकि महापुरुषों की मूर्तियों के लिए प्राण प्रतिष्ठा और नियमित पूजा अर्चना लागू नहीं होता। बाबा दुबे ने कहा कि पिछले कुछ अरसे से भगवान परशुराम की मूर्तियों को लेकर राजनीति की जा रही है तथा राजनीतिक पिपासा की शांति के लिए ही उनकी मूर्तियां स्थापित की जा रही हैं। परंतु हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि भगवान परशुराम की मूर्ति को बिना प्राण प्रतिष्ठा किए सार्वजनिक स्थानों पर स्थापित करके कर्तव्यों की इति श्री नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि अच्छा होगा कि उनकी मूर्ति को मंदिर में स्थापित किया जाए तथा नियमित पूजा पाठ के लिए पुजारी रखे जाएं। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम को संसार के सात अमर लोगों में माना जाता है। ऐसा माना जाता है कि कलयुग की समाप्ति पर वे भगवान कल्कि के रूप में एक बार फिर दुष्टों का संहार करेंगे। श्री दुबे ने कहा कि भगवान परशुराम भले ब्राह्मण कुल में पैदा हुए थे परंतु उनका कार्य पूरी तरह से क्षत्रियोचित था। उन्होंने दुष्ट राजाओं का विनाश किया यही कारण है कि उन्हें ब्रह्म क्षत्रीय कहा जाता है। उन्होंने भीष्म पितामह, द्रोणाचार्य और कर्ण जैसे योद्धाओं को शिक्षा दी थी।