जहानाबाद टच रग्बी में बिहार का शानदार प्रदर्शन, जूनियर टीम बनी चैंपियन, सीनियर को तीसरा स्थान
जहानाबाद  जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय टच रग्बी प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर वर्ग में खिताब अपने नाम किया, जबकि सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के सचिव विकास कुमार ने बताया कि जहानाबाद जिले के दो होनहार खिलाड़ी रूपेश कुमार और अमन कुमार ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर बिहार टीम में जगह बनाई और टीम को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग के फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने मेजबान जम्मू-कश्मीर को 5-0 से हराकर खिताब जीत लिया। वहीं सीनियर वर्ग में बिहार की टीम ने राजस्थान को 5-0 से पराजित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस सफलता पर जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप प्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर समाजसेवी गौरव कुमार, रग्बी कोच प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार, आकाश कुमार, रोहित कुमार, गौतम कुमार सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की और टीम की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
बिहार की इस सफलता से जिले में खेल के प्रति उत्साह का माहौल बना हुआ है।
मिट्टी की बरदौल गिरने से परिवार बेघर, पशु दबे — ग्रामीणों की मदद से बची जान
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बिहार पुर गांव में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब समारू राजभर पुत्र सन्नू राजभर की मिट्टी से बनी बरदौल अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में एक कीमती भैंस मलबे में दब गई, जिसे स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में कुछ बकरियां और उनके बच्चे भी मलबे में दब गए थे, जिन्हें भी ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित समारू राजभर ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बरदौल गिरने से अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। घटना की सूचना अभी तक प्रशासन को नहीं दी गई है और न ही मौके पर कोई राजस्व अधिकारी पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान मकरंद यादव मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
अंतर्राज्यीय पशु चोर गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने 32 भेड़, 15 बकरी और 25000 किए बरामद
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है इस कार्रवाई में 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
मामला गोपीगंज और कोईरौना थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने तीन मुकदमों का सफल अनावरण करते हुए चेकिंग के दौरान गिरोह के सदस्यों को धर दबोचा है,पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों में सलमान, मोहम्मद एहसान खां, कमाल खां, बिट्टी जान, रजनी और रागिनी शामिल हैं,आरोपियों के कब्जे से 32 भेड़, 15 बकरियां, 25 हजार रुपये नगद, एक अपाचे बाइक और कई पहचान पत्र बरामद हुए हैं पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिन में इलाके में घूमकर रेकी करते थे और रात में भेड़-बकरियां चोरी कर पिकअप के जरिए मंडियों में बेच देते थे ,फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
एक बुजुर्ग महिला ने लगा ली फासी का फन्दा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

 प्रयागराज ,मऊआइमा थाना क्षेत्र में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बोड़ीपुर धरौता गांव की है, जहां महिला का शव चार दिन बाद घर से दुर्गंध आने पर बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मृतका की पहचान लल्ली देवी पाल (65 वर्ष) पत्नी नंद लाल पाल के रूप में हुई है। पड़ोसियों ने रविवार को उनके घर से तेज दुर्गंध आने पर अंदर झांका तो लल्ली देवी का शव छत में लगे बांस के सहारे फांसी पर लटका मिला। उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे, जिससे पता चला कि मौत कुछ दिन पहले हुई थी।

मृतका की पहचान लल्ली देवी पाल (65 वर्ष) पत्नी नंद लाल पाल के रूप में हुई है। पड़ोसियों ने रविवार को उनके घर से तेज दुर्गंध आने पर अंदर झांका तो लल्ली देवी का शव छत में लगे बांस के सहारे फांसी पर लटका मिला। उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे, जिससे पता चला कि मौत कुछ दिन पहले हुई थी।

ग्रामीणों और पूर्व प्रधान भगेलू पासी के अनुसार, लल्ली देवी बेहद गरीब थीं। उनके पति नंदलाल पाल 20 साल पहले मानसिक रूप से परेशान होकर लापता हो गए थे, जिनका आज तक कोई पता नहीं चला। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।

लल्ली देवी का बड़ा बेटा समर बहादुर पाल (42 वर्ष) दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि छोटा बेटा राज बहादुर पाल मानसिक रूप से बीमार है। परिवार ने स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेकर मकान बनाना शुरू किया था, लेकिन पैसे खत्म होने के बाद मकान अधूरा रह गया।

पड़ोसी राम जी पाल ने बताया कि लल्ली देवी पांच दिन पहले अपने घर के बाहर देखी गई थीं। घटना की सूचना तत्काल मऊआइमा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

किस्त वसूली के नाम पर दिव्यांग से स्कूटी छीनी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, झूंसी थाना क्षेत्र स्थित न्याय नगर गेट के पास किस्त वसूली के नाम पर दबंगई का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक लोगों ने एक दिव्यांग व्यक्ति को घेर लिया और जबरन उसकी स्कूटी छीनकर फरार हो गए। घटना के दौरान पीड़ित के साथ कथित तौर पर अभद्रता भी की गई, जिससे वह दहशत में आ गया।

पीड़ित कौशलेंद्र पाण्डेय, निवासी कोटवा, ने बताया कि वह अपनी स्कूटी से कहीं जा रहे थे, तभी कुछ लोग खुद को फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताकर पहुंचे और बकाया किस्त का हवाला देने लगे। इसके बाद उन्होंने जबरन स्कूटी अपने कब्जे में ले ली और मौके से चले गए।

घटना के बाद पीड़ित ने झूंसी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी है और न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने ऐसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की है।

एसपी ऑफिस घोटाला: वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सीआईडी करेगी आपराधिक साजिश की जांच; रांची कोषागार में भी दस्तावेज खंगाले गए


बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस में करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। जांच कमेटी की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एजी ऑफिस के कोई वरीय अधिकारी को कमेटी में शामिल किया जाएगा।

वहीं, घोटाले में आपराधिक षड्यंत्रों व कर्मियों/अधिकारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जांच के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, जिसमें मामले की समग्र जांच कराने का प्रस्ताव दिया है।

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव में क्या लिखा

मुख्यमंत्री को दिए प्रस्ताव में वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के साथ-साथ ऐसे अन्य संभावित मामलों की जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया जा सकता है। इस अवैध निकासी में शामिल तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफिस) में पदस्थापित एक अनुभवी अधिकारी को दल का सदस्य नामित करने के लिए प्रधान महालेखाकार (पीएजी) से अनुरोध किया जा सकता है

सीआईडी को दी जा सकती है जांच

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोन ने यह भी कहा कि बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस कार्यालय से अवैध निकासी और अन्य संभावित मामलों में आपराधिक षड्यंत्र एवं संलिप्तता को देखते हुए अबतक जो भी प्राथमिकी जिलों में दर्ज की गई है, सभी प्राथमिकी को सीआईडी को स्थानांतरित किए जाने के लिए उच्चस्तरीय निर्णय लिया जा सकता है।

रांची कोषागार में पुलिसकर्मियों के वेतन से जुड़े 3 साल के दस्तावेज खंगाले गए

रांची। हजारीबाग और बोकारो में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से कोषागार से करोड़ों की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद अब रांची कोषागार की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में पुलिसकर्मियों के पिछले तीन वर्षों के वेतन से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। इसके बाद अन्य विभागों के भुगतान और निकासी की जांच होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच किसी भी संभावित गड़बड़ी के शक में चल रही है। शुरुआती जांच में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।

देखिए, ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर एक्शन सिनेमा पर 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे

*मुंबई, अप्रैल 2026:* हँसी, हंगामा और खूब मस्ती के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर शुक्रवार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे एक्शन सिनेमा पर होने जा रहा है। भुवन नुल्लन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का एक अलग ही मेल लेकर आती है। फिल्म में योगी बाबू और यशिका आनंद लीड रोल में नजर आते हैं।


एक अचानक हुए अजीब से ज़ॉम्बी हमले के बीच सेट यह कहानी अपने अलग-अलग किरदारों और उनके रिएक्शन के साथ आगे बढ़ती है। योगी बाबू अपनी खास कॉमिक टाइमिंग के साथ एक ऐसे इंसान का किरदार निभाते हैं, जो अजीब हालात में फंस जाता है, वहीं यशिका आनंद का ऐश्वर्या का किरदार इस ग्रुप में एक नई ऊर्जा जोड़ती है। फिल्म में बिजली रमेश, टीएम कार्तिक श्रीनिवासन और गोपी जैसे कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आते हैं। हर किरदार अपनी अलग पहचान  है, कोई खुद को बहुत होशियार समझता है, तो कोई हर चीज से घबरा जाता है और इसी वजह से इन सबका यह सफर और भी मजेदार बन जाता है। फिल्म डर के पलों को भी हँसी में बदल देती है, जिससे इसकी रफ्तार लगातार बनी रहती है और दर्शक जुड़े रहते हैं।


कहानी कुछ दोस्तों के ग्रुप की है, जो अपनी रोजमर्रा की एक जैसी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए एक ट्रिप प्लान करते हैं , जहाँ उनकी मुलाकात ऐश्वर्या से होती है। लेकिन, उनकी यह सपनों की छुट्टी उस समय अचानक बदल जाती है, जब वे ज़ॉम्बी के प्रकोप का सामना करते हैं। इस अजीब और डरावनी स्थिति को समझने और उससे बच निकलने की जद्दोजहद में, जो कहानी सामने आती है, वह एक बेहद मज़ेदार और रोमांचक सफर बन जाती है, जिसमें भ्रम, डर और ज़ोरदार हँसी के पल शामिल हैं।

*देखना न भूलें ‘ज़ॉम्बी’, टीवी पर पहली बार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, सिर्फ एक्शन सिनेमा पर।*
ग्राम पंचायत में फर्जी विकास कार्यों का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
प्रधान व सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, शिकायतकर्ता ने सौंपी शपथ पत्र सहित शिकायत

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई ) तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड भरखनी की ग्राम पंचायत नई बस्ती  में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। ग्राम निवासी सोनू पुत्र प्रवेश ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शपथ पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव की मिलीभगत से कई विकास योजनाओं में फर्जी तरीके से कार्य दर्शाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। आरोप है कि चकरोड, तालाब, इंटरलॉकिंग सड़क,  एवं “हर घर जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं में बिना कार्य कराए ही कागजों पर काम पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज कर एवं फर्जी फोटो सत्यापन के माध्यम से धनराशि निकाली गई। जबकि जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई अस्तित्व नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत के इन सभी कार्यों में सचिव और खंड विकास अधिकारी की भी संलिप्तता होने की आशंका है।
आरोप है कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार जनसुनवाई एवं जिला अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं की गई। केवल औपचारिकता निभाते हुए फर्जी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती है, जिससे शासन गुमराह हो रहा है और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकारी धन की रिकवरी कर उसे वास्तविक विकास कार्यों में उपयोग करने की भी अपील की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले का संकेत हो सकता है। इस सम्बन्ध मे खण्ड बिकास अधिकारी भरखनी ने कहा कि शिकायत देखकर बताएगे आप सेमवार मिल लेना।
चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 6 वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पूरी व्यवस्था

* 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष जोर

देहरादून। उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी. मुरुगेशन, जबकि बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन करेंगे। हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा को दी गई है। वहीं केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे, यमुनोत्री धाम मार्ग पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले और ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती क्षेत्र की निगरानी आईजी सुनील कुमार करेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के लिहाज से यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में मौजूद रहेंगी।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। हालांकि प्रशासन के सामने 52 बॉटलनेक, 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट बड़ी चुनौती बने हुए हैं।सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारी की गई है।
थारू समाज को बड़ी राहत: मुकदमे वापस होंगे, हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
* लखीमपुर खीरी में ₹817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सीएम योगी की माफियाओं को कड़ी चेतावनी

लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी कीमत पर थारू समाज पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में ₹817 करोड़ लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों को आज जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जो “अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान” की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले संवेदनशीलता का अभाव था, जबकि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि माफिया बनने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें “मिट्टी में मिलने” के लिए तैयार रहना होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और आपदा राहत के तहत मदद दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम हो रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
जहानाबाद टच रग्बी में बिहार का शानदार प्रदर्शन, जूनियर टीम बनी चैंपियन, सीनियर को तीसरा स्थान
जहानाबाद  जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय टच रग्बी प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर वर्ग में खिताब अपने नाम किया, जबकि सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के सचिव विकास कुमार ने बताया कि जहानाबाद जिले के दो होनहार खिलाड़ी रूपेश कुमार और अमन कुमार ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर बिहार टीम में जगह बनाई और टीम को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग के फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने मेजबान जम्मू-कश्मीर को 5-0 से हराकर खिताब जीत लिया। वहीं सीनियर वर्ग में बिहार की टीम ने राजस्थान को 5-0 से पराजित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस सफलता पर जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप प्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर समाजसेवी गौरव कुमार, रग्बी कोच प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार, आकाश कुमार, रोहित कुमार, गौतम कुमार सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की और टीम की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
बिहार की इस सफलता से जिले में खेल के प्रति उत्साह का माहौल बना हुआ है।
मिट्टी की बरदौल गिरने से परिवार बेघर, पशु दबे — ग्रामीणों की मदद से बची जान
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बिहार पुर गांव में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब समारू राजभर पुत्र सन्नू राजभर की मिट्टी से बनी बरदौल अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में एक कीमती भैंस मलबे में दब गई, जिसे स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में कुछ बकरियां और उनके बच्चे भी मलबे में दब गए थे, जिन्हें भी ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित समारू राजभर ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बरदौल गिरने से अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। घटना की सूचना अभी तक प्रशासन को नहीं दी गई है और न ही मौके पर कोई राजस्व अधिकारी पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान मकरंद यादव मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
अंतर्राज्यीय पशु चोर गिरोह के 6 सदस्य गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने 32 भेड़, 15 बकरी और 25000 किए बरामद
रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय पशु चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है इस कार्रवाई में 6 शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 3 महिलाएं और 3 पुरुष शामिल हैं।
मामला गोपीगंज और कोईरौना थाना क्षेत्र से जुड़ा है, जहां पुलिस ने तीन मुकदमों का सफल अनावरण करते हुए चेकिंग के दौरान गिरोह के सदस्यों को धर दबोचा है,पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार अभियुक्तों में सलमान, मोहम्मद एहसान खां, कमाल खां, बिट्टी जान, रजनी और रागिनी शामिल हैं,आरोपियों के कब्जे से 32 भेड़, 15 बकरियां, 25 हजार रुपये नगद, एक अपाचे बाइक और कई पहचान पत्र बरामद हुए हैं पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के सदस्य दिन में इलाके में घूमकर रेकी करते थे और रात में भेड़-बकरियां चोरी कर पिकअप के जरिए मंडियों में बेच देते थे ,फिलहाल सभी आरोपियों को जेल भेज दिया गया है और गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
एक बुजुर्ग महिला ने लगा ली फासी का फन्दा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

 प्रयागराज ,मऊआइमा थाना क्षेत्र में एक 65 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना बोड़ीपुर धरौता गांव की है, जहां महिला का शव चार दिन बाद घर से दुर्गंध आने पर बरामद हुआ। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मृतका की पहचान लल्ली देवी पाल (65 वर्ष) पत्नी नंद लाल पाल के रूप में हुई है। पड़ोसियों ने रविवार को उनके घर से तेज दुर्गंध आने पर अंदर झांका तो लल्ली देवी का शव छत में लगे बांस के सहारे फांसी पर लटका मिला। उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे, जिससे पता चला कि मौत कुछ दिन पहले हुई थी।

मृतका की पहचान लल्ली देवी पाल (65 वर्ष) पत्नी नंद लाल पाल के रूप में हुई है। पड़ोसियों ने रविवार को उनके घर से तेज दुर्गंध आने पर अंदर झांका तो लल्ली देवी का शव छत में लगे बांस के सहारे फांसी पर लटका मिला। उनके शरीर में कीड़े पड़ चुके थे, जिससे पता चला कि मौत कुछ दिन पहले हुई थी।

ग्रामीणों और पूर्व प्रधान भगेलू पासी के अनुसार, लल्ली देवी बेहद गरीब थीं। उनके पति नंदलाल पाल 20 साल पहले मानसिक रूप से परेशान होकर लापता हो गए थे, जिनका आज तक कोई पता नहीं चला। उनके दो बेटे और दो बेटियां हैं।

लल्ली देवी का बड़ा बेटा समर बहादुर पाल (42 वर्ष) दिल्ली में एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि छोटा बेटा राज बहादुर पाल मानसिक रूप से बीमार है। परिवार ने स्वयं सहायता समूह से कर्ज लेकर मकान बनाना शुरू किया था, लेकिन पैसे खत्म होने के बाद मकान अधूरा रह गया।

पड़ोसी राम जी पाल ने बताया कि लल्ली देवी पांच दिन पहले अपने घर के बाहर देखी गई थीं। घटना की सूचना तत्काल मऊआइमा पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

किस्त वसूली के नाम पर दिव्यांग से स्कूटी छीनी, पीड़ित ने पुलिस से लगाई गुहार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, झूंसी थाना क्षेत्र स्थित न्याय नगर गेट के पास किस्त वसूली के नाम पर दबंगई का मामला प्रकाश में आया है। जानकारी के अनुसार, आधा दर्जन से अधिक लोगों ने एक दिव्यांग व्यक्ति को घेर लिया और जबरन उसकी स्कूटी छीनकर फरार हो गए। घटना के दौरान पीड़ित के साथ कथित तौर पर अभद्रता भी की गई, जिससे वह दहशत में आ गया।

पीड़ित कौशलेंद्र पाण्डेय, निवासी कोटवा, ने बताया कि वह अपनी स्कूटी से कहीं जा रहे थे, तभी कुछ लोग खुद को फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताकर पहुंचे और बकाया किस्त का हवाला देने लगे। इसके बाद उन्होंने जबरन स्कूटी अपने कब्जे में ले ली और मौके से चले गए।

घटना के बाद पीड़ित ने झूंसी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी है और न्याय की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की बात कही जा रही है। स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने ऐसे मामलों पर रोक लगाने की मांग की है।

एसपी ऑफिस घोटाला: वित्त मंत्री ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र, सीआईडी करेगी आपराधिक साजिश की जांच; रांची कोषागार में भी दस्तावेज खंगाले गए


बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस में करोड़ों की अवैध निकासी मामले की जांच वित्त विभाग की उच्चस्तरीय कमेटी करेगी। जांच कमेटी की अध्यक्षता आईएएस अधिकारी करेंगे, जबकि तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए एजी ऑफिस के कोई वरीय अधिकारी को कमेटी में शामिल किया जाएगा।

वहीं, घोटाले में आपराधिक षड्यंत्रों व कर्मियों/अधिकारियों की संलिप्तता की जांच सीआईडी करेगी। मामले की गंभीरता को देखते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने जांच के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है, जिसमें मामले की समग्र जांच कराने का प्रस्ताव दिया है।

वित्त मंत्री ने प्रस्ताव में क्या लिखा

मुख्यमंत्री को दिए प्रस्ताव में वित्त मंत्री ने स्पष्ट कहा है कि बोकारो और हजारीबाग के साथ-साथ ऐसे अन्य संभावित मामलों की जांच के लिए भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी की अध्यक्षता में जांच दल का गठन किया जा सकता है। इस अवैध निकासी में शामिल तकनीकी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए महालेखाकार कार्यालय (एजी ऑफिस) में पदस्थापित एक अनुभवी अधिकारी को दल का सदस्य नामित करने के लिए प्रधान महालेखाकार (पीएजी) से अनुरोध किया जा सकता है

सीआईडी को दी जा सकती है जांच

वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोन ने यह भी कहा कि बोकारो और हजारीबाग एसपी ऑफिस कार्यालय से अवैध निकासी और अन्य संभावित मामलों में आपराधिक षड्यंत्र एवं संलिप्तता को देखते हुए अबतक जो भी प्राथमिकी जिलों में दर्ज की गई है, सभी प्राथमिकी को सीआईडी को स्थानांतरित किए जाने के लिए उच्चस्तरीय निर्णय लिया जा सकता है।

रांची कोषागार में पुलिसकर्मियों के वेतन से जुड़े 3 साल के दस्तावेज खंगाले गए

रांची। हजारीबाग और बोकारो में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता से कोषागार से करोड़ों की अवैध निकासी का मामला सामने आने के बाद अब रांची कोषागार की भी जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार पहले चरण में पुलिसकर्मियों के पिछले तीन वर्षों के वेतन से संबंधित अभिलेखों की जांच शुरू की गई है। इसके बाद अन्य विभागों के भुगतान और निकासी की जांच होगी। अधिकारियों का कहना है कि यह जांच किसी भी संभावित गड़बड़ी के शक में चल रही है। शुरुआती जांच में कोई अनियमितता सामने नहीं आई है।

देखिए, ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर एक्शन सिनेमा पर 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे

*मुंबई, अप्रैल 2026:* हँसी, हंगामा और खूब मस्ती के लिए तैयार हो जाइए, क्योंकि ‘ज़ॉम्बी’ का वर्ल्ड टेलीविज़न प्रीमियर शुक्रवार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे एक्शन सिनेमा पर होने जा रहा है। भुवन नुल्लन के निर्देशन में बनी यह फिल्म हॉरर और कॉमेडी का एक अलग ही मेल लेकर आती है। फिल्म में योगी बाबू और यशिका आनंद लीड रोल में नजर आते हैं।


एक अचानक हुए अजीब से ज़ॉम्बी हमले के बीच सेट यह कहानी अपने अलग-अलग किरदारों और उनके रिएक्शन के साथ आगे बढ़ती है। योगी बाबू अपनी खास कॉमिक टाइमिंग के साथ एक ऐसे इंसान का किरदार निभाते हैं, जो अजीब हालात में फंस जाता है, वहीं यशिका आनंद का ऐश्वर्या का किरदार इस ग्रुप में एक नई ऊर्जा जोड़ती है। फिल्म में बिजली रमेश, टीएम कार्तिक श्रीनिवासन और गोपी जैसे कलाकार भी अहम् भूमिकाओं में नज़र आते हैं। हर किरदार अपनी अलग पहचान  है, कोई खुद को बहुत होशियार समझता है, तो कोई हर चीज से घबरा जाता है और इसी वजह से इन सबका यह सफर और भी मजेदार बन जाता है। फिल्म डर के पलों को भी हँसी में बदल देती है, जिससे इसकी रफ्तार लगातार बनी रहती है और दर्शक जुड़े रहते हैं।


कहानी कुछ दोस्तों के ग्रुप की है, जो अपनी रोजमर्रा की एक जैसी जिंदगी से ब्रेक लेने के लिए एक ट्रिप प्लान करते हैं , जहाँ उनकी मुलाकात ऐश्वर्या से होती है। लेकिन, उनकी यह सपनों की छुट्टी उस समय अचानक बदल जाती है, जब वे ज़ॉम्बी के प्रकोप का सामना करते हैं। इस अजीब और डरावनी स्थिति को समझने और उससे बच निकलने की जद्दोजहद में, जो कहानी सामने आती है, वह एक बेहद मज़ेदार और रोमांचक सफर बन जाती है, जिसमें भ्रम, डर और ज़ोरदार हँसी के पल शामिल हैं।

*देखना न भूलें ‘ज़ॉम्बी’, टीवी पर पहली बार, 10 अप्रैल को शाम 7:30 बजे, सिर्फ एक्शन सिनेमा पर।*
ग्राम पंचायत में फर्जी विकास कार्यों का आरोप, मुख्यमंत्री से जांच की मांग
प्रधान व सचिव पर मिलीभगत कर सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप, शिकायतकर्ता ने सौंपी शपथ पत्र सहित शिकायत

रितेश मिश्रा
शाहाबाद (हरदोई ) तहसील क्षेत्र के विकास खण्ड भरखनी की ग्राम पंचायत नई बस्ती  में विकास कार्यों के नाम पर कथित भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। ग्राम निवासी सोनू पुत्र प्रवेश ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक शपथ पत्र के माध्यम से ग्राम पंचायत में हुए कथित घोटाले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, ग्राम पंचायत में ग्राम प्रधान एवं ग्राम सचिव की मिलीभगत से कई विकास योजनाओं में फर्जी तरीके से कार्य दर्शाकर सरकारी धन का गबन किया गया है। आरोप है कि चकरोड, तालाब, इंटरलॉकिंग सड़क,  एवं “हर घर जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं में बिना कार्य कराए ही कागजों पर काम पूरा दिखाकर भुगतान निकाल लिया गया।
प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि फर्जी लाभार्थियों के नाम दर्ज कर एवं फर्जी फोटो सत्यापन के माध्यम से धनराशि निकाली गई। जबकि जमीनी स्तर पर इन कार्यों का कोई अस्तित्व नहीं है। शिकायतकर्ता का कहना है कि ग्राम पंचायत के इन सभी कार्यों में सचिव और खंड विकास अधिकारी की भी संलिप्तता होने की आशंका है।
आरोप है कि पूर्व में भी इस संबंध में कई बार जनसुनवाई एवं जिला अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन कोई ठोस जांच नहीं की गई। केवल औपचारिकता निभाते हुए फर्जी रिपोर्ट शासन को भेज दी जाती है, जिससे शासन गुमराह हो रहा है और सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है।
शिकायतकर्ता ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, सरकारी धन की रिकवरी कर उसे वास्तविक विकास कार्यों में उपयोग करने की भी अपील की गई है।
इस मामले के सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह पंचायत स्तर पर बड़े घोटाले का संकेत हो सकता है। इस सम्बन्ध मे खण्ड बिकास अधिकारी भरखनी ने कहा कि शिकायत देखकर बताएगे आप सेमवार मिल लेना।
चारधाम यात्रा 2026: सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 6 वरिष्ठ अफसरों की निगरानी में पूरी व्यवस्था

* 19 अप्रैल से शुरू होने वाली यात्रा के लिए 7 हजार पुलिसकर्मी तैनात, आपदा प्रबंधन और ट्रैफिक नियंत्रण पर विशेष जोर

देहरादून। उत्तराखंड में 19 अप्रैल से शुरू हो रही चारधाम यात्रा को सुरक्षित और सुचारू बनाने के लिए राज्य सरकार ने व्यापक इंतजाम किए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 2 एडीजी और 4 आईजी रैंक के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। गंगोत्री धाम मार्ग का निरीक्षण एडीजी वी. मुरुगेशन, जबकि बद्रीनाथ धाम मार्ग की मॉनिटरिंग एडीजी एपी अंशुमन करेंगे। हरिद्वार पड़ाव की जिम्मेदारी आईजी विमी सचदेवा को दी गई है। वहीं केदारनाथ धाम मार्ग पर आईजी नीलेश आनंद भरणे, यमुनोत्री धाम मार्ग पर आईजी अनंत शंकर ताकवाले और ऋषिकेश-लक्ष्मणझूला-मुनिकीरेती क्षेत्र की निगरानी आईजी सुनील कुमार करेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक द्वारा इन वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो।
सुरक्षा के लिहाज से यात्रा क्षेत्र को 16 सुपर जोन, 43 जोन और 149 सेक्टर में विभाजित किया गया है। करीब 7 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुरक्षा ग्रिड को मजबूत करने के लिए एटीएस की टीमें भी प्रमुख धामों में मौजूद रहेंगी।
आपदा प्रबंधन को ध्यान में रखते हुए 80 स्थानों पर आपदा राहत टीमें तैनात की गई हैं। इसके अलावा 37 जगहों पर एसईआरएफ और 8 स्थानों पर एनडीआरएफ की टीमें भी मुस्तैद रहेंगी।
यात्रा के दौरान ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए 118 पार्किंग स्थलों को चिन्हित किया गया है। हालांकि प्रशासन के सामने 52 बॉटलनेक, 109 भूस्खलन संभावित क्षेत्र, 274 दुर्घटना संभावित जोन और 61 ब्लैक स्पॉट बड़ी चुनौती बने हुए हैं।सरकार का दावा है कि इस बार यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के लिए सुविधाजनक बनाने के लिए हर स्तर पर ठोस तैयारी की गई है।
थारू समाज को बड़ी राहत: मुकदमे वापस होंगे, हजारों परिवारों को मिला जमीन का अधिकार
* लखीमपुर खीरी में ₹817 करोड़ की 314 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास, सीएम योगी की माफियाओं को कड़ी चेतावनी

लखीमपुर खीरी/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थारू समाज के लोगों को बड़ी राहत देते हुए उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों को वापस लेने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि अब किसी भी कीमत पर थारू समाज पर अत्याचार नहीं होने दिया जाएगा और सरकार उनके सम्मान व अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नदियों के कटाव से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों और थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों में ₹817 करोड़ लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया गया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से अपने अधिकारों से वंचित इन परिवारों को आज जमीन का मालिकाना हक मिल रहा है, जो “अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान” की दिशा में बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर और 2350 अन्य परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का अधिकार दिया गया है। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले संवेदनशीलता का अभाव था, जबकि वर्तमान सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के मंत्र पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि माफिया बनने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें “मिट्टी में मिलने” के लिए तैयार रहना होगा।
सीएम ने यह भी कहा कि सरकार थारू समाज को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि उद्यमी बनाने की दिशा में काम कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी के जरिए उनके उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की योजना है। किसानों के मुद्दे पर उन्होंने भरोसा दिलाया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों को फसल बीमा और आपदा राहत के तहत मदद दी जाएगी। जनहानि और पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि अब जिले की पहचान दुधवा नेशनल पार्क, गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और प्रस्तावित औद्योगिक परियोजनाओं से बन रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में अब “वन डिस्ट्रिक्ट वन माफिया” नहीं, बल्कि “वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज” की दिशा में काम हो रहा है। कार्यक्रम में कई मंत्री, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।