कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
झामुमो नगर कमेटी ने दही-चूड़ा कार्यक्रम के साथ चुनावी तैयारी का किया आगाज़

16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे

हजारीबाग: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नगर कमेटी की ओर से मंगलवार को पार्टी कार्यालय, हजारीबाग में पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन जिला सचिव निसार अहमद ने किया। मौके पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने कहा कि झामुमो नगर निगम चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने हेमंत सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की कई योजनाओं से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को “मइयां सम्मान योजना” का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जो कहती है, उसे करके भी दिखाती है।

विकास राणा ने कहा कि इस बार झामुमो हजारीबाग नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सभी नेता व कार्यकर्ता एकजुट होकर समर्थन देंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव मो. इजहार अंसारी, नगर उपाध्यक्ष राजदेव यादव, राजीव वर्मा, हसीब खान, राजा मोहम्मद, राजकिशोर प्रसाद, मो. अख्तर, सतीश दास, कौशर जमाल, मो. आजाद अंसारी, सुधीर पांडेय, धर्मेंद्र ठाकुर, मो. खलील सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र से कर रहा होमगार्ड में नौकरी, छोटा सेवानिवृत तो बड़ा भाई कर रहा नौकरी, जांच करने की मांग
फर्रुखाबाद। होमगार्ड विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर दो भाई नौकरी में लगे । छोटा भाई सेवानिवृत हो गया लेकिन बड़े भाई ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर अभी होमगार्ड विभाग में नौकरी कर रहा है। होमगार्ड में से सेवन व्रत सेवानिवृत हुए विश्राम सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे भाई जितेंद्र सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जाए । साथ ही सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है l होमगार्ड से  सेवानिवृत हुए विश्राम सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे भाई जितेंद्र सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जाए । साथ ही सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है।
होमगार्ड विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किये जाने के संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है जिसमें जांच कराए जाने की मांग की है।

होमगार्ड से सेवानिवृत विश्राम सिंह फतेहगढ़ में होमगाई के पद पर कार्यरत था। अब रिटायर हो चुका है। जबकि जितेन्द्र पुत्र बदन मिह फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर 11.07.1984 होमगार्ड विभाग में नहीं हुआ जिसका नम्बर-पीसी 2090010303 है। जबकि जितेन्द्र सिंह का छोटा भाई शैलेन्द्र सिंह एपी 2600010112 31.12.2025 को सेवानिवृत्त हो गये। जबकि जितेंद्र सिंह की जन्मतिथि-01.01.1971 है जो शैलेंद्र सिंह से बड़े हैं।

जबकि शैलेन्द्र सिंह की जन्मतिथि-01.01.1900 है। अभी तक होमगार्ड विभाग में फर्जी कागजात से नौकरी रहे है। जब कि शैलेंद्रसिंह होमगार्ड विभाग में बीजी के पद पर तैनात होमगार्ड जवानों से अवैध वसूली करता और देता है। यह बी.ओ. 2016 से जिले में अधिकारी से जाँच कराकर आवश्यक कारवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण की जाँच कार्यवाही कर जितेन्द्र सिंह द्वारा कर्जी कागजात पर होमगार्ड विभाग में नौकरी की जाँच कराने की मांग की है l
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

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आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

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भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

किसानों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष  कार्रवाई की मांग की


बहसुमा। मेरठ।भूमि संरक्षण विभाग मेरठ में किसानों की भूमि सुधार के नाम पर वर्ष 2024–25 में लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन की निकासी की गई, जबकि धरातल पर कार्य नहीं हुए।

इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों द्वारा अक्टूबर माह में एडीएम को शिकायत पत्र दिया गया था। इसके बाद 18 नवंबर को संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के पश्चात एडीएम द्वारा एसडीएम सदर एवं मवाना को जांच के लिए नामित किया गया, लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस जांच शुरू नहीं हो सकी है। किसानों का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों ने बताया कि इस प्रकरण में 28 नवंबर को एक किसान द्वारा आरटीआई भी दायर की गई थी, जिसका अब तक कोई उत्तर नहीं दिया गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसानों की मांग है कि वर्ष 2024–25 में आई एवं जसोड़ा विकास खंड, मुजफ्फरनगर सैनी विकास खंड, किरनपुर खुर्द विकास खंड किला परीक्षितगढ़, पसवाड़ा विकास खंड माछरा तथा हस्तिनापुर कोड़ान विकास खंड में कराए गए भूमि सुधार कार्यों की तकनीकी टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जिन कृषकों के यहां कार्य दर्शाए गए हैं, उन्हें जांच में शामिल कर उनके बयान दर्ज किए जाएं।

किसानों ने यह भी मांग की है कि सभी कार्यों की जियो टैगिंग व वीडियोग्राफी कराई जाए तथा कार्य से पूर्व और पश्चात की फोटोग्राफी की स्थल पर प्रमाणिकता की जांच की जाए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024–25 में गत वर्ष के कार्यों पर दिए गए फसलोत्पादन अनुदान की भी जांच कराए जाने की मांग की गई है।

किसानों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ, जानें भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ बढ़ाएगा। इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।'

भारत और चीन होंगे प्रभावित

ट्रंप के इस फैसले का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। नया टैरिफ भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसलिए इस टैरिफ का सीधा असर हमारे देश पर पड़ सकता है। पहले से ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी (बेसिक 25 फीसदी और रूसी तेल के लिए 25 फीसदी) है। अब अगर ट्रंप का यह 25 फीसदी ईरान वाला टैरिफ विशेष तौर पर भारत के साथ भी लगाया जाता है तो यह टैरिफ 75 फीसदी हो सकता है।

भारत-ईरान के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार

ईरान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि ईरान से 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) रहा।

किन सामानों का सबसे ज्यादा कारोबार

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ईरान को निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक केमिकल्स का रहा, जिसकी कीमत 512.92 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके और खरबूजे करीब 311.60 मिलियन डॉलर के रहे। वहीं मिनरल फ्यूल, तेल और डिस्टिलेशन से जुड़े उत्पादों का कारोबार 86.48 मिलियन डॉलर का रहा।

अन्नपूर्णा भवन केवल ईट- पत्थर नही ग्राम स्वराज और जनसेवा की आत्मा है-दिनेश तिवारी

संजय द्विवेदी प्रयागराज। यमुनानगर अन्तर्गत भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी और समाजसेवी दिनेश तिवारी ने ग्राम पंचायत भोड़ी में अन्नपूर्णा भवन का भूमि पूजन किया।दिनेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने तहसील बारा के ग्राम पंचायत को अन्नपूर्णा भवन देकर एक बड़ी सौगात दी है जिससे गरीब लोगो को सही समय पर खाद्यान्न मिल सके।उन्होने माता अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मांगा ताकि लोग अपने परिवार के साथ खुशहाली से जीवन जी सके।यह अन्नपूर्णा भवन केवल ईट-पत्थर नही ग्राम स्वराज और जनसेवा की आत्मा है। यहीं से जन-जन को समय पर खाद्यान्न मिलेगा घर परिवार खुशहाल होने पर गांव का विकास होगा।भाजपा नेता दिनेश तिवारी ने कहा सी.एस.सी.(कॉमन सर्विस सेंटर) एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को सरकारी सेवाएं गांव में ही प्रदान करना है।सी.एस.सी. के माध्यम से लोगो को विभिन्न सरकारी सेवाएं जैसे कि आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी राशन कार्ड बनवाना और अपडेट करना भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करना बिल भुगतान हेल्थ सर्विसेज (बीमा मेडिक्लेम आदि)डिजिटल सेवाएं (ई-फाइलिंग,ई-टेंडरिंग) आदि सुलभता रहे।योगी सरकार का आभार व धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ कि उत्तर प्रदेश की पहली सरकार है जिसने गांव के विकास और उन्नति पर विकास का फोकस किया है।ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह पटेल ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन का निर्माण लगभग 484 वर्ग फुट में किया जाएगा जिसमें दो कक्ष और एक बरामदा होगा।एक वृहद कक्ष में सरकारी राशन की दुकान संचालित होगी जबकि दूसरे कक्ष में सी.एस.सी.का संचालन होगा।सामने बरामदा 24x4 का होगा जो लाभार्थियो के लिए प्रतीक्षा हाल के रूप में काम करेगा।इस मौके पर सरोज तिवारी ध्रुव तिवारी राम गोपाल मिश्र अजय द्विवेदी जगनारायण पाल मोनू भारतीया संपत्ति भारतीया रामजतन पाल आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे।

Mirzapur: शासन से स्वीकृति मिली तो जनपद को मिल सकते है दो नए विकास खण्ड-भेजा गया प्रस्ताव
जनपद के प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक की गई आहूत

जनप्रतिनिधिगणों के द्वारा बताए गए समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण कराने का दिया गया निर्देश

बिजली विभाग के अधिकारियो द्वारा फोन न उठाए जाने की श्किायत पर मंत्री ने व्यक्त की नाराजगी-पुनरावृत्ति होने पर की जाएगी कड़ी कार्यवाही

अवैध मादक पदार्थो के बिक्री पर लगाए प्रभारी रोक  -नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’

जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी के बीच बेहतर तालमेल बनाकर जनपद व विकास के कार्यो में लाई जाए गति

संतोष देव गिरि
मीरजापुर। 12 जनवरी 2026- प्रदेश के मंत्री औद्योगिक विकास निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, जनपद के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ की अध्यक्षता में अष्टभुजा निरीक्षण गृह में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति, कोर कमेटी की बैठक आहूत की गई। बैठक में विधायक नगर रत्नाकर मिश्र, विधायक मझवां शुचिस्मिता मौर्या, विधायक छानबे रिंकी कोल, भारतीय जनता पार्टी के जनपद प्रभारी सरोज कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी बृज भूषण सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत राजू कनौजिया, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापुर श्याम सुन्दर केसरी, जिला अध्यक्ष युवा मंच अपना दल एस उदय सिंह पटेल, भाजपा नेता रवि पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी अपना दल एस शंकर सिंह चौहान के अलावा जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस उप महानिरीक्षक सोमेन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर तापस मिहिर, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए धर्मजीत सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत, सिंचाई, लघु डाल, जल निगम के अलावा अन्य सभी सम्बन्धित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने पिछले कोर कमेटी के बैठक में  जनप्रतिनिधिगण के द्वारा उठाए गए विभिन्न 34 समस्याओं, बिन्दुओं की अनुपालन आख्या के बारे में बिन्दुवार कैबिनेट मंत्री व जनप्रतिनिधिगण को अवगत कराया गया। गत बैठक में जनपद मीरजापुर में विकास खण्ड राजगढ़, जमालपुर एवं नरायनपुर से कुछ-कुछ हिस्सा लेकर अहरौरा को नए विकास खण्ड बनाए जाने, इसी प्रकार छानबे विकास खण्ड का क्षेत्र काफी बड़ा होने के कारण नरोईया को नया विकास खण्ड बनाए जाने के प्रस्ताव की अनुपालन आख्या के सम्बंध में बताया गया कि जिलाधिकारी की तरफ से अहरौरा एवं नरोईया को नया विकास खण्ड बनाए जाने हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया गया है, यदि शासन से स्वीकृति प्राप्त होती है तो जनपद को दो नए विकास खण्ड की सौगात मिल सकता है जिससे विकास कार्यो में गति प्रदान हो सकेगी। नगर पालिका परिषद मीरजापुर का सीमा बढ़ाए जाने पर भी चर्चा की गई। नटवा से इमामबाड़ा तक के सड़क के चैड़ीकरण के सम्बंध में विधायक नगर के द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी सदर को सीमांकन कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। विधायक नगर के द्वारा शास्त्री ब्रिज पर जाम से छुटकारा के दृष्टिगत ब्रिज के बगल से ढलान पर विन्ध्याचल से आने वाले यात्रियों के ब्रिज पर जाने हेतु मार्ग चैड़ीकरण के प्रस्ताव पर निर्देशित किया गया कि अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग  विधायक नगर से समय लेते हुए मौके पर सत्यापन कर आख्या प्रस्तुत करें। बैठक में नगर पालिका परिषद मीरजापुर को नगर निगम बनाए जाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व कार्मिको के द्वारा फोन न उठाए जाने की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने अधिशासी अभियंता विद्युत व अन्य अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जनप्रतिनिधिगण के द्वारा फोन किए जाने पर फोन न उठाए जाने की शिकायत की पुनरावृत्ति होती है तो निलम्बन की कार्यवाही कराई जाएगी। विद्युत विभाग में उपभोक्ताओ को बढ़े हुए बिल, अधिक बिल भेजे जाने की शिकायत पर सुधार लाने का निर्देश दिया गया। कतिपय स्थानो पर अवैध रूप से गांजा, चरस व अन्य नशीले मादक पदार्थो के बिक्री की शिकायत पर मंत्री औद्योगिक विकास ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि अवैध मादक पदार्थो के बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा सम्बन्धित दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा प्रभारी मंत्री को विगत माह की गई कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि अभियान चलाकर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में जिलाध्यक्ष भाजपा द्वारा लोवर खजुरी के पूर्व की तरफ एवं हरई नहर पर क्षतिग्रस्त स्थलो को ठीक कराने के सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियो से कहा। धान खरीद के सम्बंध में जिलाधिकारी द्वारा मंत्री को अवगत कराया गया कि जनपद में प्राप्त धान खरीद के लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया है किसानो को किसी प्रकार की असुविधान हो लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानो को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए, कोई केन्द्र बन्द न किया जाए बिचैलिया की सहभागिता न होने पाए।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं यशस्वी मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी नेतृत्व में यह डबल इंजन की सरकार सबका साथ सबका प्रयास सबका विकास सबका विश्वास की तर्ज पर कार्य कर रही है। श्रमिको के सम्मान के लिए वी0जी0 राम जी की योजना भी लाई गई है जिसका अधिकारी नियमानुसार अमल करे। प्रशासनिक अधिकारी, मा0 जनप्रतिनिधिगण के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जनपद के विकास की दिशा में कार्य करे। मा0 विधायक/अन्य जनप्रतिनिधिगण के द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्रो को जो जायज हो ससमय निस्तारण सुनिश्चित करे, जो निस्तारण के योग्य न हो उसको कारण सहित अवगत करा दे। उन्होंने कहा कि यदि किसी समस्या/प्रार्थना पत्र धनराशि अवमुक्त कराने अथवा शासन स्तर पर हो तो उसे भी मा0 जनप्रतिनिधिगण के द्वारा व जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर पत्राचार कर अवगत कराया दिया जाए। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य है कि प्रदेश व जनपद का विकास करना, गरीब मजदूर व दूर दराज से आने वाले व्यक्तियों के समस्याओ  का समाधान करना है, अधिकारी पूरी मनोयोग व पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें।
कन्नौज में पुनरीक्षण अभियान को लेकर हुई एक महत्वपूर्ण बैठक, डीएम ने दिए आवश्यक निर्देश
कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट गांधी सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के अंतर्गत प्राप्त हो रहे दावे एवं आपत्तियों के संबंध में समस्त मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक सम्पन्न हुई।
         
बैठक को संबोधित करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग पूरी तरह से दृढ़संकल्पित है कि पूर्ण पारदर्शिता एवं त्रुटिरहित प्रक्रिया के माध्यम से स्वच्छ, शुद्ध एवं अद्यतन निर्वाचक नामावली तैयार की जाए। उन्होंने बताया कि प्राप्त हो रही समस्त दावे-आपत्तियों की प्रतिलिपि राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जा रही है तथा इन्हें सूचना पट्ट पर भी चस्पा किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में फॉर्म-6 के साथ-साथ फॉर्म-7 एवं फॉर्म-8 पर भी नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। आगामी रविवार को विशेष अभियान चलाया जाएगा, जिसमें बूथ लेवल अधिकारी (BLO) उपस्थित रहेंगे। इस अभियान के दौरान बूथ लेवल एजेंट (BLA) भी सहभागिता करेंगे। एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 फॉर्म तथा सम्पूर्ण अभियान अवधि में अधिकतम 30 फॉर्म प्रस्तुत कर सकता है।

कन्नौज जिला निर्वाचन अधिकारी ने तिर्वा विधानसभा क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम जेंडर रेशियो को बढ़ाए जाने पर विशेष फोकस किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से महिला मतदाताओं की संख्या बढ़ाने हेतु सक्रिय सहयोग प्रदान करने की अपील की। साथ ही बताया कि BLO के पास उपलब्ध ऐप में फोटो कलेक्शन का विकल्प है, जिसके माध्यम से स्पष्ट एवं सही फोटो को अपडेट किया जाएगा, जबकि पूर्व में अपलोड की गई सही फोटो यथावत रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि फॉर्म-6 भरते समय नाम, फोटो, मोबाइल नंबर, हस्ताक्षर, पता एवं पिन कोड जैसी आवश्यक जानकारी विशेष सावधानीपूर्वक भरनी होगी। साथ ही फॉर्म 6 में जो अभिलेख दिए गए हैं उनमें से एक अभिलेख लगाना होगा तथा उसके साथ घोषणा पत्र संलग्नक 4 भी देना होगा। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेन्द्र सिंह, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सदर वैशाली, प्रशिक्षु आईएएस अर्पित कुमार, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी विनीत कटियार सहित संबंधित अधिकारीगण एवं मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के जिलाध्यक्ष साहित प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
झामुमो नगर कमेटी ने दही-चूड़ा कार्यक्रम के साथ चुनावी तैयारी का किया आगाज़

16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे

हजारीबाग: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) नगर कमेटी की ओर से मंगलवार को पार्टी कार्यालय, हजारीबाग में पारंपरिक दही-चूड़ा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने की, जबकि संचालन जिला सचिव निसार अहमद ने किया। मौके पर पार्टी के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने दही-चूड़ा और तिलकुट का आनंद लिया।

कार्यक्रम के दौरान आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से पार्टी कार्यकर्ता प्रत्येक वार्ड में जोर-शोर से जनसंपर्क अभियान चलाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अभियान के माध्यम से आम जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।

नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश ने कहा कि झामुमो नगर निगम चुनाव मजबूती के साथ लड़ेगी। उन्होंने हेमंत सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार की कई योजनाओं से आम जनता को सीधे लाभ मिल रहा है। विशेष रूप से महिलाओं को “मइयां सम्मान योजना” का लाभ दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह सरकार जो कहती है, उसे करके भी दिखाती है।

विकास राणा ने कहा कि इस बार झामुमो हजारीबाग नगर निगम चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरेगी और पार्टी समर्थित उम्मीदवारों को सभी नेता व कार्यकर्ता एकजुट होकर समर्थन देंगे।

कार्यक्रम में केंद्रीय सचिव मो. इजहार अंसारी, नगर उपाध्यक्ष राजदेव यादव, राजीव वर्मा, हसीब खान, राजा मोहम्मद, राजकिशोर प्रसाद, मो. अख्तर, सतीश दास, कौशर जमाल, मो. आजाद अंसारी, सुधीर पांडेय, धर्मेंद्र ठाकुर, मो. खलील सहित अन्य नेता व कार्यकर्ता उपस्थित थे।

फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र से कर रहा होमगार्ड में नौकरी, छोटा सेवानिवृत तो बड़ा भाई कर रहा नौकरी, जांच करने की मांग
फर्रुखाबाद। होमगार्ड विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर दो भाई नौकरी में लगे । छोटा भाई सेवानिवृत हो गया लेकिन बड़े भाई ने फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर अभी होमगार्ड विभाग में नौकरी कर रहा है। होमगार्ड में से सेवन व्रत सेवानिवृत हुए विश्राम सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे भाई जितेंद्र सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जाए । साथ ही सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है l होमगार्ड से  सेवानिवृत हुए विश्राम सिंह ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिला अधिकारी को दिए शिकायती पत्र में कहा है कि फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे भाई जितेंद्र सिंह के शैक्षिक प्रमाण पत्रों की जांच की जाए । साथ ही सेवानिवृत्त किए जाने की मांग की है।
होमगार्ड विभाग में फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किये जाने के संबंध में जिलाधिकारी को शिकायती पत्र दिया है जिसमें जांच कराए जाने की मांग की है।

होमगार्ड से सेवानिवृत विश्राम सिंह फतेहगढ़ में होमगाई के पद पर कार्यरत था। अब रिटायर हो चुका है। जबकि जितेन्द्र पुत्र बदन मिह फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र लगाकर 11.07.1984 होमगार्ड विभाग में नहीं हुआ जिसका नम्बर-पीसी 2090010303 है। जबकि जितेन्द्र सिंह का छोटा भाई शैलेन्द्र सिंह एपी 2600010112 31.12.2025 को सेवानिवृत्त हो गये। जबकि जितेंद्र सिंह की जन्मतिथि-01.01.1971 है जो शैलेंद्र सिंह से बड़े हैं।

जबकि शैलेन्द्र सिंह की जन्मतिथि-01.01.1900 है। अभी तक होमगार्ड विभाग में फर्जी कागजात से नौकरी रहे है। जब कि शैलेंद्रसिंह होमगार्ड विभाग में बीजी के पद पर तैनात होमगार्ड जवानों से अवैध वसूली करता और देता है। यह बी.ओ. 2016 से जिले में अधिकारी से जाँच कराकर आवश्यक कारवाई करने की मांग की है। इस प्रकरण की जाँच कार्यवाही कर जितेन्द्र सिंह द्वारा कर्जी कागजात पर होमगार्ड विभाग में नौकरी की जाँच कराने की मांग की है l
आवारा कुत्ता मामला: डॉग लवर्स पर बरसा सुप्रीम कोर्ट, पूछा- इंसानों पर हमले का जवाबदार कौन

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आवारा कुत्तों के मामले पर सुप्रीम कोर्ट में आज यानी मंगलवार को सुनवाई हुई। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान आवारा कुत्तों के हमलों से जुड़े एक मामले में तीखी टिप्पणी की है। कोर्ट ने सवाल किया कि जब सड़कों पर आवारा कुत्तों के हमले से बच्चे और बुजुर्ग नागरिक मारे जाते हैं या घायल होते हैं, तो इसके लिए किसे जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए?

सुप्रीम कोर्ट में रिहायशी इलाकों में आवारा कुत्तों के आतंक पर संकेत दिया कि वह आवारा कुत्तों के हमलों से होने वाली किसी भी चोट या मौत के लिए नागरिक अधिकारियों और कुत्ते पालने वालों दोनों को उत्तरदायी ठहरा सकता है।

आवारा कुत्तों को अपने घरों में ले जाएं

शीर्ष अदालत ने टिप्पणी की है कि जो लोग आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित हैं, उन्हें अपने घरों में ले जाना चाहिए, बजाय इसके कि उन्हें 'इधर-उधर घूमने, काटने और जनता को डराने' दिया जाए। कोर्ट ने अपनी टिप्पणी में पूछा कि क्या भावनाएं सिर्फ कुत्तों के लिए ही दिखती हैं, जबकि इंसानों पर हमलों की घटनाओं में अक्सर वैसी ही तेजी देखने को नहीं मिलती।

बाइट मामलों में मुआवजे की जिम्मेदारी तय की जा सकती है

कोर्ट ने कहा कि हम यह कहने जा रहे हैं कि कुत्ते के काटने से होने वाली मौतों और चोटों के मामलों में राज्य को भारी मुआवजा देना होगा। कुत्ते पालने वालों और उनका प्रतिनिधित्व करने वाले संगठनों पर भी जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाएगी।

भ्रष्टाचार विरोधी कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बंटा हुआ फैसला, जानें अब क्या होगा?

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भ्रष्टाचार रोधी कानून के 2018 के प्रावधान की वैधता पर सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को खंडित आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 17ए की संवैधानिक वैधता पर विभाजित फैसला सुनाया, जिसके तहत किसी लोक सेवक के खिलाफ जांच शुरू करने से पहले सरकार की पूर्व स्वीकृति अनिवार्य है।

जस्टिस बीवी नागरत्ना ने क्या कहा?

सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस केवी विश्वनाथ की बेंच ने अलग-अलग फैसला सुनाया। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए असंवैधानिक है, जिसे निरस्त करने की जरूरत है। जस्टिस नागरत्ना ने कहा कि पूर्वानुमति की आवश्यकता भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के विरुद्ध है; इससे जांच में रुकावट आती है और भ्रष्टाचारियों को बचने का मौका मिल जाता है।

जस्टिस विश्वनाथन का क्या फैसला?

जबकि न्यायमूर्ति के.वी. विश्वनाथन ने भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 17ए को संवैधानिक करार देते हुए ईमानदार अधिकारियों को बचाने की जरूरत रेखांकित की।जस्टिस विश्वनाथन ने इस प्रावधान को इस शर्त के साथ बरकरार रखा कि पूर्व स्वीकृति देने का निर्णय कार्यपालिका से स्वायत्त किसी संस्था द्वारा लिया जाना चाहिए, जैसे कि लोकपाल या लोकायुक्त (राज्य सरकार के कर्मचारी के मामले में) इस प्रावधान की सुरक्षा से ईमानदार अधिकारियों को मजबूती मिलेगी और साथ ही यह भी सुनिश्चित होगा कि भ्रष्ट अधिकारियों को दंडित किया जाए। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि प्रशासनिक तंत्र राष्ट्र की सेवा के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रतिभाओं को आकर्षित करे।

अब सीजेआई के समक्ष जाएगा यह मामला

अब यह मामला भारत के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत के समक्ष रखा जाएगा, ताकि इसे सुनवाई के लिए एक वृहद पीठ के सामने रखा जा सके और अंतिम निर्णय लिया जा सके। साल 2018 में पेश की गई भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 17ए के तहत सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के बिना किसी लोकसेवक पर मुकदमा नहीं चलाया जा सकता। उच्चतम न्यायालय ने एनजीओ ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ (सीपीआईएल) की जनहित याचिका (पीआईएल) पर यह निर्णय सुनाया है, जिसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संशोधित धारा 17ए की वैधता को चुनौती दी गई थी।

किसानों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष  कार्रवाई की मांग की


बहसुमा। मेरठ।भूमि संरक्षण विभाग मेरठ में किसानों की भूमि सुधार के नाम पर वर्ष 2024–25 में लगभग एक करोड़ रुपये की धनराशि के दुरुपयोग का गंभीर मामला सामने आया है। किसानों का आरोप है कि फर्जी बिल लगाकर सरकारी धन की निकासी की गई, जबकि धरातल पर कार्य नहीं हुए।

इस संबंध में भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में किसानों द्वारा अक्टूबर माह में एडीएम को शिकायत पत्र दिया गया था। इसके बाद 18 नवंबर को संयुक्त कृषि निदेशक कार्यालय पर किसानों ने धरना-प्रदर्शन किया। आंदोलन के पश्चात एडीएम द्वारा एसडीएम सदर एवं मवाना को जांच के लिए नामित किया गया, लेकिन दो माह से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस जांच शुरू नहीं हो सकी है। किसानों का आरोप है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

किसानों ने बताया कि इस प्रकरण में 28 नवंबर को एक किसान द्वारा आरटीआई भी दायर की गई थी, जिसका अब तक कोई उत्तर नहीं दिया गया है। इससे विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

किसानों की मांग है कि वर्ष 2024–25 में आई एवं जसोड़ा विकास खंड, मुजफ्फरनगर सैनी विकास खंड, किरनपुर खुर्द विकास खंड किला परीक्षितगढ़, पसवाड़ा विकास खंड माछरा तथा हस्तिनापुर कोड़ान विकास खंड में कराए गए भूमि सुधार कार्यों की तकनीकी टीम गठित कर निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जिन कृषकों के यहां कार्य दर्शाए गए हैं, उन्हें जांच में शामिल कर उनके बयान दर्ज किए जाएं।

किसानों ने यह भी मांग की है कि सभी कार्यों की जियो टैगिंग व वीडियोग्राफी कराई जाए तथा कार्य से पूर्व और पश्चात की फोटोग्राफी की स्थल पर प्रमाणिकता की जांच की जाए। इसके अतिरिक्त वर्ष 2024–25 में गत वर्ष के कार्यों पर दिए गए फसलोत्पादन अनुदान की भी जांच कराए जाने की मांग की गई है।

किसानों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
ट्रंप ने ईरान से व्यापार करने वाले देशों पर लगाया 25% टैरिफ, जानें भारत पर क्या होगा असर?

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि जो भी देश ईरान से कारोबार करेगा, उस पर अमेरिका टैरिफ बढ़ाएगा। इस कदम को ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट कर कहा, 'ईरान के साथ व्यापार करने वाले किसी भी देश को तत्काल प्रभाव से अमेरिका के साथ किए जाने वाले सभी प्रकार के व्यापार पर 25 प्रतिशत का टैरिफ देना होगा।'

भारत और चीन होंगे प्रभावित

ट्रंप के इस फैसले का असर दुनिया के कई देशों पर पड़ सकता है, जिनमें भारत और चीन भी शामिल हैं। भारत पर अमेरिका ने पहले ही 50 फीसदी टैरिफ लगाया है। नया टैरिफ भारत-अमेरिका के संबंधों में तनाव बढ़ा सकता है।

भारत पर क्या पड़ेगा असर?

भारत ईरान का बड़ा व्यापारिक साझेदार है। इसलिए इस टैरिफ का सीधा असर हमारे देश पर पड़ सकता है। पहले से ही भारत पर अमेरिकी टैरिफ 50 फीसदी (बेसिक 25 फीसदी और रूसी तेल के लिए 25 फीसदी) है। अब अगर ट्रंप का यह 25 फीसदी ईरान वाला टैरिफ विशेष तौर पर भारत के साथ भी लगाया जाता है तो यह टैरिफ 75 फीसदी हो सकता है।

भारत-ईरान के बीच 1.68 अरब डॉलर का व्यापार

ईरान में भारतीय दूतावास के मुताबिक, वित्त वर्ष 2024 25 में भारत ने ईरान को 1.24 अरब डॉलर का सामान निर्यात किया, जबकि ईरान से 0.44 अरब डॉलर का आयात किया। इस तरह दोनों देशों के बीच कुल व्यापार 1.68 अरब डॉलर (करीब 14,000 से 15,000 करोड़ रुपये) रहा।

किन सामानों का सबसे ज्यादा कारोबार

ट्रेडिंग इकोनॉमिक्स की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के ईरान को निर्यात में सबसे बड़ा हिस्सा ऑर्गेनिक केमिकल्स का रहा, जिसकी कीमत 512.92 मिलियन डॉलर थी। इसके बाद खाने योग्य फल, मेवे, खट्टे फलों के छिलके और खरबूजे करीब 311.60 मिलियन डॉलर के रहे। वहीं मिनरल फ्यूल, तेल और डिस्टिलेशन से जुड़े उत्पादों का कारोबार 86.48 मिलियन डॉलर का रहा।

अन्नपूर्णा भवन केवल ईट- पत्थर नही ग्राम स्वराज और जनसेवा की आत्मा है-दिनेश तिवारी

संजय द्विवेदी प्रयागराज। यमुनानगर अन्तर्गत भाजपा के पूर्व जिला मीडिया प्रभारी और समाजसेवी दिनेश तिवारी ने ग्राम पंचायत भोड़ी में अन्नपूर्णा भवन का भूमि पूजन किया।दिनेश तिवारी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी ने तहसील बारा के ग्राम पंचायत को अन्नपूर्णा भवन देकर एक बड़ी सौगात दी है जिससे गरीब लोगो को सही समय पर खाद्यान्न मिल सके।उन्होने माता अन्नपूर्णा का आशीर्वाद मांगा ताकि लोग अपने परिवार के साथ खुशहाली से जीवन जी सके।यह अन्नपूर्णा भवन केवल ईट-पत्थर नही ग्राम स्वराज और जनसेवा की आत्मा है। यहीं से जन-जन को समय पर खाद्यान्न मिलेगा घर परिवार खुशहाल होने पर गांव का विकास होगा।भाजपा नेता दिनेश तिवारी ने कहा सी.एस.सी.(कॉमन सर्विस सेंटर) एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में लोगों को सरकारी सेवाएं गांव में ही प्रदान करना है।सी.एस.सी. के माध्यम से लोगो को विभिन्न सरकारी सेवाएं जैसे कि आधार कार्ड पैन कार्ड वोटर आईडी राशन कार्ड बनवाना और अपडेट करना भूमि रिकॉर्ड प्राप्त करना बिल भुगतान हेल्थ सर्विसेज (बीमा मेडिक्लेम आदि)डिजिटल सेवाएं (ई-फाइलिंग,ई-टेंडरिंग) आदि सुलभता रहे।योगी सरकार का आभार व धन्यवाद ज्ञापित करता हूँ कि उत्तर प्रदेश की पहली सरकार है जिसने गांव के विकास और उन्नति पर विकास का फोकस किया है।ग्राम प्रधान प्रदीप सिंह पटेल ने बताया कि अन्नपूर्णा भवन का निर्माण लगभग 484 वर्ग फुट में किया जाएगा जिसमें दो कक्ष और एक बरामदा होगा।एक वृहद कक्ष में सरकारी राशन की दुकान संचालित होगी जबकि दूसरे कक्ष में सी.एस.सी.का संचालन होगा।सामने बरामदा 24x4 का होगा जो लाभार्थियो के लिए प्रतीक्षा हाल के रूप में काम करेगा।इस मौके पर सरोज तिवारी ध्रुव तिवारी राम गोपाल मिश्र अजय द्विवेदी जगनारायण पाल मोनू भारतीया संपत्ति भारतीया रामजतन पाल आदि ग्रामवासी उपस्थित रहे।

Mirzapur: शासन से स्वीकृति मिली तो जनपद को मिल सकते है दो नए विकास खण्ड-भेजा गया प्रस्ताव
जनपद के प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री की अध्यक्षता में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति की बैठक की गई आहूत

जनप्रतिनिधिगणों के द्वारा बताए गए समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण कराने का दिया गया निर्देश

बिजली विभाग के अधिकारियो द्वारा फोन न उठाए जाने की श्किायत पर मंत्री ने व्यक्त की नाराजगी-पुनरावृत्ति होने पर की जाएगी कड़ी कार्यवाही

अवैध मादक पदार्थो के बिक्री पर लगाए प्रभारी रोक  -नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’

जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी के बीच बेहतर तालमेल बनाकर जनपद व विकास के कार्यो में लाई जाए गति

संतोष देव गिरि
मीरजापुर। 12 जनवरी 2026- प्रदेश के मंत्री औद्योगिक विकास निर्यात प्रोत्साहन, एनआरआई एवं निवेश प्रोत्साहन विभाग, जनपद के प्रभारी मंत्री नन्द गोपाल गुप्ता ‘नन्दी’ की अध्यक्षता में अष्टभुजा निरीक्षण गृह में जिला प्रशासनिक समन्वय समिति, कोर कमेटी की बैठक आहूत की गई। बैठक में विधायक नगर रत्नाकर मिश्र, विधायक मझवां शुचिस्मिता मौर्या, विधायक छानबे रिंकी कोल, भारतीय जनता पार्टी के जनपद प्रभारी सरोज कुशवाहा, जिलाध्यक्ष भारतीय जनता पार्टी बृज भूषण सिंह, अध्यक्ष जिला पंचायत राजू कनौजिया, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मीरजापुर श्याम सुन्दर केसरी, जिला अध्यक्ष युवा मंच अपना दल एस उदय सिंह पटेल, भाजपा नेता रवि पाण्डेय, जिला मीडिया प्रभारी अपना दल एस शंकर सिंह चौहान के अलावा जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार, पुलिस उप महानिरीक्षक सोमेन वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी विशाल कुमार, प्रभागीय वनाधिकारी कैमूर तापस मिहिर, मुख्य राजस्व अधिकारी देवेन्द्र प्रताप सिंह, परियोजना निदेशक डीआरडीए धर्मजीत सिंह, अधिशासी अभियंता विद्युत, सिंचाई, लघु डाल, जल निगम के अलावा अन्य सभी सम्बन्धित जनपदीय अधिकारी उपस्थित रहें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने पिछले कोर कमेटी के बैठक में  जनप्रतिनिधिगण के द्वारा उठाए गए विभिन्न 34 समस्याओं, बिन्दुओं की अनुपालन आख्या के बारे में बिन्दुवार कैबिनेट मंत्री व जनप्रतिनिधिगण को अवगत कराया गया। गत बैठक में जनपद मीरजापुर में विकास खण्ड राजगढ़, जमालपुर एवं नरायनपुर से कुछ-कुछ हिस्सा लेकर अहरौरा को नए विकास खण्ड बनाए जाने, इसी प्रकार छानबे विकास खण्ड का क्षेत्र काफी बड़ा होने के कारण नरोईया को नया विकास खण्ड बनाए जाने के प्रस्ताव की अनुपालन आख्या के सम्बंध में बताया गया कि जिलाधिकारी की तरफ से अहरौरा एवं नरोईया को नया विकास खण्ड बनाए जाने हेतु प्रस्ताव शासन को प्रेषित कर दिया गया है, यदि शासन से स्वीकृति प्राप्त होती है तो जनपद को दो नए विकास खण्ड की सौगात मिल सकता है जिससे विकास कार्यो में गति प्रदान हो सकेगी। नगर पालिका परिषद मीरजापुर का सीमा बढ़ाए जाने पर भी चर्चा की गई। नटवा से इमामबाड़ा तक के सड़क के चैड़ीकरण के सम्बंध में विधायक नगर के द्वारा उठाए गए मुद्दे पर जिलाधिकारी द्वारा उप जिलाधिकारी सदर को सीमांकन कर प्रस्ताव भेजने का निर्देश दिया गया। विधायक नगर के द्वारा शास्त्री ब्रिज पर जाम से छुटकारा के दृष्टिगत ब्रिज के बगल से ढलान पर विन्ध्याचल से आने वाले यात्रियों के ब्रिज पर जाने हेतु मार्ग चैड़ीकरण के प्रस्ताव पर निर्देशित किया गया कि अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग  विधायक नगर से समय लेते हुए मौके पर सत्यापन कर आख्या प्रस्तुत करें। बैठक में नगर पालिका परिषद मीरजापुर को नगर निगम बनाए जाने पर भी चर्चा की गई। बैठक में बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता व कार्मिको के द्वारा फोन न उठाए जाने की शिकायत पर प्रभारी मंत्री ने अधिशासी अभियंता विद्युत व अन्य अधिकारियों पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए चेतावनी दी कि जनप्रतिनिधिगण के द्वारा फोन किए जाने पर फोन न उठाए जाने की शिकायत की पुनरावृत्ति होती है तो निलम्बन की कार्यवाही कराई जाएगी। विद्युत विभाग में उपभोक्ताओ को बढ़े हुए बिल, अधिक बिल भेजे जाने की शिकायत पर सुधार लाने का निर्देश दिया गया। कतिपय स्थानो पर अवैध रूप से गांजा, चरस व अन्य नशीले मादक पदार्थो के बिक्री की शिकायत पर मंत्री औद्योगिक विकास ने पुलिस अधीक्षक को निर्देशित करते हुए कहा कि अवैध मादक पदार्थो के बिक्री पर प्रभावी रोक लगाई जाए तथा सम्बन्धित दोषी व्यक्तियों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करते हुए जेल भेजने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। पुलिस उप महानिरीक्षक द्वारा प्रभारी मंत्री को विगत माह की गई कार्यवाही के बारे में विस्तृत जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि अभियान चलाकर कार्यवाही की जाएगी। बैठक में जिलाध्यक्ष भाजपा द्वारा लोवर खजुरी के पूर्व की तरफ एवं हरई नहर पर क्षतिग्रस्त स्थलो को ठीक कराने के सम्बंध में सम्बन्धित अधिकारियो से कहा। धान खरीद के सम्बंध में जिलाधिकारी द्वारा मंत्री को अवगत कराया गया कि जनपद में प्राप्त धान खरीद के लक्ष्य को पूर्ण कर लिया गया है किसानो को किसी प्रकार की असुविधान हो लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्राचार किया गया है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि किसानो को किसी प्रकार की परेशानी न होने पाए, कोई केन्द्र बन्द न किया जाए बिचैलिया की सहभागिता न होने पाए।
मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी एवं यशस्वी मा0 मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी नेतृत्व में यह डबल इंजन की सरकार सबका साथ सबका प्रयास सबका विकास सबका विश्वास की तर्ज पर कार्य कर रही है। श्रमिको के सम्मान के लिए वी0जी0 राम जी की योजना भी लाई गई है जिसका अधिकारी नियमानुसार अमल करे। प्रशासनिक अधिकारी, मा0 जनप्रतिनिधिगण के साथ समन्वय स्थापित करते हुए जनपद के विकास की दिशा में कार्य करे। मा0 विधायक/अन्य जनप्रतिनिधिगण के द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्रो को जो जायज हो ससमय निस्तारण सुनिश्चित करे, जो निस्तारण के योग्य न हो उसको कारण सहित अवगत करा दे। उन्होंने कहा कि यदि किसी समस्या/प्रार्थना पत्र धनराशि अवमुक्त कराने अथवा शासन स्तर पर हो तो उसे भी मा0 जनप्रतिनिधिगण के द्वारा व जिलाधिकारी के माध्यम से शासन स्तर पर पत्राचार कर अवगत कराया दिया जाए। उन्होंने कहा कि हम सभी का उद्देश्य है कि प्रदेश व जनपद का विकास करना, गरीब मजदूर व दूर दराज से आने वाले व्यक्तियों के समस्याओ  का समाधान करना है, अधिकारी पूरी मनोयोग व पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करते हुए अपने दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें।