गढ़वा जिला प्रशासन अवैध खनन पर सख्त, टास्क फोर्स बैठक में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।

गढ़वा :- गढ़वा जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की।

वहीं बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।

वहीं इस दौरान अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्णय लिया गया कि पहली बार पकड़े जाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि पुनः संलिप्त पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक/चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में अवैध खनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।

साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने, नियमित क्षेत्र भ्रमण करने एवं कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। अनुमंडल स्तर पर निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगाने हेतु सतत, कठोर एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई जारी रहेगी।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य उपस्थित रहे, जबकि शेष अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

Mirzapur: महीनों से नहीं मिला टीबी मरीजों को पोषक राशि, महकमा कर रहा बखान दर बखान, टीबी मरीज हो रहे हलकान व परेशान

मीरजापुर। जिले के टीबी मरीजों के खाते में पिछले दस महीने से पोषक राशि का फूटी कौड़ी भी ना आने से टीबी मरीजों को हलकान व परेशान देखा जा रहा है। आलम यह है कि रोज-रोज मुख्यालय आकर पोषक राशि न आने को लेकर मरीज़ विभागीय कर्मचारियों को ही खरी-खोटी सुनाकर जा रहें हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो पिछले

09/10 महीने से पोषक राशि और डीबीटी है बाधित, जबकि टीबी नियंत्रण जागरूक अभियान में बार-बार बखान किया जाता है कि टीबी प्रभावित मरीजों को सरकार द्वारा 1000 रुपए पोषक राशि प्रदान किया जाता है जो सीधे उनके खाते में भेजा जाता है।

बताते चलें कि दावा किया जा रहा था कि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है, लेकिन इस अभियान की हवा निकल चुकी है। 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के अभियान की हवा निकलने के बाद अब पिछले तकरीबन दस माह से टीबी मरीजों के खाते में पोषक राशि का भुगतान न आने से वह बैंक से लेकर मुख्यालय स्थित टीबी अस्पताल का चक्कर काटने को विवश हैं।

टीबी मरीजों के मुताबिक इस संदर्भ में उन्हें कोई ठोस जानकारी भी नहीं दी जा रही है कि कब तक पोषक राशि का भुगतान किया जाएगा। वहीं क्षय रोग विभाग के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही पोषक राशि का रुका हुआ भुगतान टीबी मरीजों के खाते में भेजा जाएगा‌। कुछ परिवर्तन के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जो जल्द ही दुरुस्त कर ली जाएगी। उसपर तेजी से काम भी हो रहा है।

छत्तीसगढ़ का 14 सदस्यीय मीडिया दल मध्य प्रदेश के मीडिया टूर पर रवाना

रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित विशेष प्रेस टूर के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधियों का दल सोमवार को मध्य प्रदेश के छह दिवसीय प्रवास के लिए रवाना हुआ। इस दल का नेतृत्व पीआईबी दिल्ली के अधिकारी समीर वर्मा कर रहे हैं, जबकि पीआईबी रायपुर के पुरुषोत्तम झा सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

दल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के पत्रकार शामिल हैं, जिनमें अमृतेश्वर सिंह (APN न्यूज), प्रमोद मिश्रा (सुदर्शन न्यूज), जयदास मानिकपुरी (VIP न्यूज), शरद पंसारी (शौर्य पथ), हरिओम चौहान (नवप्रदेश), मोहम्मद नदीम (साधना टीवी), पंकज सिंह (न्यूजबडी), अक्षय लहरे (अपना छत्तीसगढ़), स्नेहिल सराफ (PTI), गिरीश चंद्र जोशी (रुद्रपथ), मनप्रीत सिंह बुधराजा (छत्तीसगढ़ विशेष) और सुधीर आज़ाद तंबोली (खबर भूमि) की सहभागिता रहेगी।

यह दल आज रायपुर से इंदौर पहुँचेगा, जहाँ वे स्थानीय विकास परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे । अपने इस छह दिवसीय विस्तृत दौरे के दौरान, मीडिया दल 24 मार्च को महेश्वर के पारंपरिक साड़ी उद्योग और इंदौर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र का भ्रमण करेगा । इसके पश्चात, 25 मार्च को उज्जैन के दर्शन करने के बाद यह दल भोपाल के लिए प्रस्थान करेगा । प्रवास के अगले चरण में, 26 मार्च को मीडिया प्रतिनिधि विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका और जनजातीय संग्रहालय का दौरा करेंगे.

भ्रमण के पांचवें दिन, यानी 27 मार्च को, दल विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप जाएगा और साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के खेल परिसर तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित स्वच्छता प्लांट का भी अवलोकन करेगा। अंततः, यह प्रतिनिधिमंडल 28 मार्च को भोपाल से प्रस्थान कर वापस रायपुर पहुँचेगा.

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मीडिया के माध्यम से केंद्रीय सरकार के विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन, मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि अनुसंधान और आधुनिक विकास कार्यों को साझा करना है।

 

फाफामऊ थाना क्षेत्र अतर्गत चादपुर गाँव में भरभराकर कोल्ड स्टोर ढहा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज में अमोनिया गैस रिसाव से सपा के पूर्व MLA का कोल्ड स्टोरेज ढहा, कई मजदूर दबे

प्रयागराज के चंदापुर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद भवन धराशायी हो गया, जिससे कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया है।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं, जबकि फाफामऊ समेत आसपास के थानों की फोर्स भी तैनात है। अब तक कई मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

प्रयागराज में भीषण हादसा: अमोनिया टैंक फटने से कोल्ड स्टोरेज ढहा, आठ मजदूरों की मौत

प्रयागराज । फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस टैंक फटने से पूरी इमारत धराशायी हो गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान कई मजदूरों को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में लगभग 8 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 6 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी मजदूर सहरसा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

तेजी से चला राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभालते हुए मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

अमोनिया गैस के रिसाव के कारण बचाव कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

हाईवे पर यातायात बाधित

हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।

प्रशासन मौके पर, जांच शुरू

जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। यह कोल्ड स्टोरेज सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके परिवार के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इलाके में दहशत का माहौल

तेज धमाके और गैस रिसाव के कारण आसपास के लोग सहम गए। पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

प्रतापगढ़ में सनसनी: पूर्व प्रधान की बोरी में मिली लाश, प्रेम प्रसंग में महिला समेत 3 पर हत्या का आरोप
लखनऊ । प्रतापगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चार दिन से लापता पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना (50) का शव बोरी में बंद हालत में नहर से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका निवासी गुलहसन 18 मार्च को बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीसरे दिन उनकी बाइक, चाबी और हेलमेट मऊआइमा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिले, जिसके बाद पुलिस की जांच तेज कर दी गई।
जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने सुमन देवी नामक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया और हत्या की बात कबूल कर ली।
महिला ने बताया कि उसका गुलहसन के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। आरोप है कि गुलहसन उस पर मिलने का दबाव बना रहा था और ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से परेशान होकर उसने अपने भाई अतुल गौतम और उसके दोस्त अरुण गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
18 मार्च की रात गुलहसन जब उससे मिलने बगियापुर पहुंचा, तो तीनों ने मिलकर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उर्वरक की बोरी में भरकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
रविवार सुबह सुमेरपुर के पास नहर में बोरी में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी किस्मतुल निशा ने शव की पहचान की। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक गुलहसन ने दो शादियां की थीं और वह 18 बच्चों के पिता थे। गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

मौसम का यू-टर्न! 15 राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

#weathertakesaturnindelhincrraininseveralareas

मार्च का महीना आमतौर पर हल्के और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आ रही है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी का अहसास हुआ, वहीं अब अचानक मौसम ने करवट ले ली है। देश के कई हिस्सों में काले बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 से 5 दिनों को बेहद अहम बताते हुए 15 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव किसी सामान्य बारिश का नतीजा नहीं है। इसके पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर है। इसी कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक एक साथ मौसम बिगड़ा हुआ है। वातावरण में नमी बढ़ने से बादल तेजी से बन रहे हैं और अचानक मौसम बदल रहा है। कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जगहों पर यह रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा

दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर बादलों से घिर गया। नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर कई इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह सुबह मौसम सुहावना हो गया है। दिल्ली एनसीआर में आज भी बारिश होने का पूर्वानुमान भारत मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मार्च को बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार है। सोमवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदल जाएगा। ऐसे में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है। यही नहीं, दिन आसमान बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। बदलते मौसम के चलते लोगों को दिन में गर्मी और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।

बिहार में चेतावनी

बिहार में 24 मार्च से 28 मार्च के बीच बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में अलर्ट है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, गोपालगंज, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा शामिल है। राजधानी पटना में आज (सोमवार) को अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 20°C रहने वाला है।

उत्तर प्रदेश में अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा व्यापक है। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वांचल और तराई इलाकों जैसे गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया और बस्ती में बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा।

पहाड़ी राज्यों में खतरा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा गंभीर बना हुआ है। तेज बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा है। शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और चमोली जैसे क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है। इसके असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर झमाधम बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। यहां तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।

गढ़वा जिला प्रशासन अवैध खनन पर सख्त, टास्क फोर्स बैठक में प्रभावी कार्रवाई के निर्देश।

गढ़वा :- गढ़वा जिले में अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित कार्यालय वेश्म में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने की।

वहीं बैठक में अवैध खनन के विरुद्ध अब तक की गई कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आगे की रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई। उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों से उनके क्षेत्रों में अवैध खनन की स्थिति एवं नियंत्रण के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी प्राप्त की।

वहीं इस दौरान अवैध खनन एवं परिवहन में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। निर्णय लिया गया कि पहली बार पकड़े जाने पर ₹50,000 का जुर्माना लगाया जाएगा, जबकि पुनः संलिप्त पाए जाने पर संबंधित वाहन मालिक/चालक के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि जिले में अवैध खनन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ संयुक्त छापेमारी अभियान चलाने, शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कदम उठाने के निर्देश दिए।

साथ ही अधिकारियों को प्रत्येक माह की प्रगति रिपोर्ट के साथ बैठक में अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित करने, नियमित क्षेत्र भ्रमण करने एवं कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करने पर विशेष बल दिया गया। अनुमंडल स्तर पर निगरानी को और सुदृढ़ बनाने के भी निर्देश दिए गए। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन पर पूर्णतः रोक लगाने हेतु सतत, कठोर एवं परिणामोन्मुख कार्रवाई जारी रहेगी।

बैठक में पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, पुलिस उपाधीक्षक यशोधरा, जिला खनन पदाधिकारी राजेंद्र उरांव सहित अन्य उपस्थित रहे, जबकि शेष अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में भाग लिया।

Mirzapur: महीनों से नहीं मिला टीबी मरीजों को पोषक राशि, महकमा कर रहा बखान दर बखान, टीबी मरीज हो रहे हलकान व परेशान

मीरजापुर। जिले के टीबी मरीजों के खाते में पिछले दस महीने से पोषक राशि का फूटी कौड़ी भी ना आने से टीबी मरीजों को हलकान व परेशान देखा जा रहा है। आलम यह है कि रोज-रोज मुख्यालय आकर पोषक राशि न आने को लेकर मरीज़ विभागीय कर्मचारियों को ही खरी-खोटी सुनाकर जा रहें हैं। विभागीय सूत्रों की मानें तो पिछले

09/10 महीने से पोषक राशि और डीबीटी है बाधित, जबकि टीबी नियंत्रण जागरूक अभियान में बार-बार बखान किया जाता है कि टीबी प्रभावित मरीजों को सरकार द्वारा 1000 रुपए पोषक राशि प्रदान किया जाता है जो सीधे उनके खाते में भेजा जाता है।

बताते चलें कि दावा किया जा रहा था कि 2025 तक भारत को टीबी मुक्त बनाना है, लेकिन इस अभियान की हवा निकल चुकी है। 2025 तक टीबी मुक्त भारत बनाने के अभियान की हवा निकलने के बाद अब पिछले तकरीबन दस माह से टीबी मरीजों के खाते में पोषक राशि का भुगतान न आने से वह बैंक से लेकर मुख्यालय स्थित टीबी अस्पताल का चक्कर काटने को विवश हैं।

टीबी मरीजों के मुताबिक इस संदर्भ में उन्हें कोई ठोस जानकारी भी नहीं दी जा रही है कि कब तक पोषक राशि का भुगतान किया जाएगा। वहीं क्षय रोग विभाग के अधिकारियों की मानें तो जल्द ही पोषक राशि का रुका हुआ भुगतान टीबी मरीजों के खाते में भेजा जाएगा‌। कुछ परिवर्तन के कारण ऐसी स्थिति उत्पन्न हुई है जो जल्द ही दुरुस्त कर ली जाएगी। उसपर तेजी से काम भी हो रहा है।

छत्तीसगढ़ का 14 सदस्यीय मीडिया दल मध्य प्रदेश के मीडिया टूर पर रवाना

रायपुर- पत्र सूचना कार्यालय (PIB) रायपुर द्वारा आयोजित विशेष प्रेस टूर के तहत छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधियों का दल सोमवार को मध्य प्रदेश के छह दिवसीय प्रवास के लिए रवाना हुआ। इस दल का नेतृत्व पीआईबी दिल्ली के अधिकारी समीर वर्मा कर रहे हैं, जबकि पीआईबी रायपुर के पुरुषोत्तम झा सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

दल में छत्तीसगढ़ के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों के पत्रकार शामिल हैं, जिनमें अमृतेश्वर सिंह (APN न्यूज), प्रमोद मिश्रा (सुदर्शन न्यूज), जयदास मानिकपुरी (VIP न्यूज), शरद पंसारी (शौर्य पथ), हरिओम चौहान (नवप्रदेश), मोहम्मद नदीम (साधना टीवी), पंकज सिंह (न्यूजबडी), अक्षय लहरे (अपना छत्तीसगढ़), स्नेहिल सराफ (PTI), गिरीश चंद्र जोशी (रुद्रपथ), मनप्रीत सिंह बुधराजा (छत्तीसगढ़ विशेष) और सुधीर आज़ाद तंबोली (खबर भूमि) की सहभागिता रहेगी।

यह दल आज रायपुर से इंदौर पहुँचेगा, जहाँ वे स्थानीय विकास परियोजनाओं का अवलोकन करेंगे । अपने इस छह दिवसीय विस्तृत दौरे के दौरान, मीडिया दल 24 मार्च को महेश्वर के पारंपरिक साड़ी उद्योग और इंदौर स्थित कृषि अनुसंधान केंद्र का भ्रमण करेगा । इसके पश्चात, 25 मार्च को उज्जैन के दर्शन करने के बाद यह दल भोपाल के लिए प्रस्थान करेगा । प्रवास के अगले चरण में, 26 मार्च को मीडिया प्रतिनिधि विश्व धरोहर स्थल भीमबेटका और जनजातीय संग्रहालय का दौरा करेंगे.

भ्रमण के पांचवें दिन, यानी 27 मार्च को, दल विश्व प्रसिद्ध सांची स्तूप जाएगा और साथ ही भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के खेल परिसर तथा स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत संचालित स्वच्छता प्लांट का भी अवलोकन करेगा। अंततः, यह प्रतिनिधिमंडल 28 मार्च को भोपाल से प्रस्थान कर वापस रायपुर पहुँचेगा.

इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य मीडिया के माध्यम से केंद्रीय सरकार के विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन, मध्य प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, कृषि अनुसंधान और आधुनिक विकास कार्यों को साझा करना है।

 

फाफामऊ थाना क्षेत्र अतर्गत चादपुर गाँव में भरभराकर कोल्ड स्टोर ढहा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज में अमोनिया गैस रिसाव से सपा के पूर्व MLA का कोल्ड स्टोरेज ढहा, कई मजदूर दबे

प्रयागराज के चंदापुर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस रिसाव के बाद भवन धराशायी हो गया, जिससे कई मजदूरों के मलबे में दबे होने की आशंका है। सूचना पर पहुंची पुलिस व फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया है। हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर आवागमन रोक दिया गया है।

मौके पर कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंच गए हैं, जबकि फाफामऊ समेत आसपास के थानों की फोर्स भी तैनात है। अब तक कई मजदूरों को बाहर निकालकर अस्पताल भेजा गया है, जिनमें चार की हालत गंभीर बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज पूर्व विधायक अंसार अहमद का है। घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है।

प्रयागराज में भीषण हादसा: अमोनिया टैंक फटने से कोल्ड स्टोरेज ढहा, आठ मजदूरों की मौत

प्रयागराज । फाफामऊ क्षेत्र के चंदापुर में सोमवार को एक बड़ा हादसा हो गया, जब प्रयागराज-लखनऊ हाईवे पर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस टैंक फटने से पूरी इमारत धराशायी हो गई। धमाका इतना तेज था कि आसपास के इलाके में दहशत फैल गई।

हादसे के समय कोल्ड स्टोरेज में डेढ़ दर्जन से अधिक मजदूर काम कर रहे थे, जो मलबे में दब गए। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान कई मजदूरों को बाहर निकाला गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, इस हादसे में लगभग 8 मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि 6 से अधिक की हालत गंभीर बताई जा रही है। सभी मजदूर सहरसा जिले के निवासी बताए जा रहे हैं।

तेजी से चला राहत कार्य

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, दमकल और एंबुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) की टीमों ने मोर्चा संभालते हुए मलबे में दबे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। दर्जन भर से अधिक जेसीबी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है।

अमोनिया गैस के रिसाव के कारण बचाव कार्य में भी दिक्कतें आ रही हैं। घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।

हाईवे पर यातायात बाधित

हादसे के बाद मलाक हरहर इलाके में हाईवे पर वाहनों का आवागमन रोक दिया गया है। मौके पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई।

प्रशासन मौके पर, जांच शुरू

जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नर समेत कई वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचकर राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। यह कोल्ड स्टोरेज सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद से जुड़ा बताया जा रहा है। पुलिस ने उनके परिवार के कुछ लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।

इलाके में दहशत का माहौल

तेज धमाके और गैस रिसाव के कारण आसपास के लोग सहम गए। पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है।

प्रतापगढ़ में सनसनी: पूर्व प्रधान की बोरी में मिली लाश, प्रेम प्रसंग में महिला समेत 3 पर हत्या का आरोप
लखनऊ । प्रतापगढ़ जिले से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां चार दिन से लापता पूर्व प्रधान गुलहसन उर्फ मुन्ना (50) का शव बोरी में बंद हालत में नहर से बरामद हुआ। इस सनसनीखेज हत्या के पीछे प्रेम प्रसंग का मामला सामने आया है।
पुलिस के अनुसार, मानधाता थाना क्षेत्र के मिश्रपुर मुस्तरका निवासी गुलहसन 18 मार्च को बाइक से घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। तीसरे दिन उनकी बाइक, चाबी और हेलमेट मऊआइमा क्षेत्र में लावारिस हालत में मिले, जिसके बाद पुलिस की जांच तेज कर दी गई।
जांच के दौरान मोबाइल कॉल डिटेल और परिजनों के शक के आधार पर पुलिस ने सुमन देवी नामक महिला को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चौंकाने वाला खुलासा किया और हत्या की बात कबूल कर ली।
महिला ने बताया कि उसका गुलहसन के साथ प्रेम संबंध था, लेकिन वह उससे पीछा छुड़ाना चाहती थी। आरोप है कि गुलहसन उस पर मिलने का दबाव बना रहा था और ब्लैकमेल भी कर रहा था। इसी से परेशान होकर उसने अपने भाई अतुल गौतम और उसके दोस्त अरुण गौतम के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
18 मार्च की रात गुलहसन जब उससे मिलने बगियापुर पहुंचा, तो तीनों ने मिलकर उस पर लोहे की रॉड से हमला कर हत्या कर दी। इसके बाद शव को उर्वरक की बोरी में भरकर शारदा सहायक नहर में फेंक दिया।
रविवार सुबह सुमेरपुर के पास नहर में बोरी में शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची मृतक की पत्नी किस्मतुल निशा ने शव की पहचान की। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक गुलहसन ने दो शादियां की थीं और वह 18 बच्चों के पिता थे। गांव में इस घटना के बाद शोक और सन्नाटा पसरा हुआ है। देर शाम शव को गांव के कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
पुलिस के मुताबिक, महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ जारी है, जबकि अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
काला हिरण सरक्षित क्षेत्र :योजना ही बनाता रह गया प्रयागराज वन विभाग, बीत गई सर्दी पर नहीं हुई मृगों की गणना

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।कृष्ण मृग (ब्लैकबग) संरक्षित क्षेत्र में काले हिरणों के झुंड साल दर साल वृहद आकार ले रहे हैं। विलुप्ति के संकट से घिरे हिरणों का कुनबा बढ़ना सुखद समाचार है। इनकी संख्या में कितनी बढ़ी, इसकी सटीक जानकारी इन्हें संरक्षित करने वाले विभाग के पास भी नहीं है। हालांकि समय-समय पर विभाग इनकी गणना कराता रहा है। करीब तीन वर्ष बाद इस बार सर्दी के मौसम में इसकी योजना बनी थी, लेकिन वन विभाग सिर्फ तैयारी ही करता रह गया।

वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित यमुनापार में मेजा के चांद खमरिया में लगभग 126 हेक्टेयर में यह कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र स्थित है। काले हिरण पहाड़ी इलाकों, पथरीले मैदानों व जंगलों के मिश्रित क्षेत्र में रहना पसंद करते हैं। चांद खमरिया व उसके आसपास का इलाका भी ऐसा ही है, इस नाते सरकार ने इस क्षेत्र को वर्ष 2017 में कृष्ण मृग संरक्षित क्षेत्र घोषित किया था। कुलाचे भरते काले हिरणों की एक झलक देखने के लिए प्रयागराज के दूरस्थ इलाकों से ही नहीं रायबरेली, बांदा, प्रतापगढ़, कौशांबी, चित्रकूट के अलावा मध्य प्रदेश से भी बड़े पैमाने पर पर्यटक आते हैं।

तीन वर्ष पूर्व गणना में हिरणों की संख्या करीब 500 थी

करीब तीन वर्ष पूर्व इनकी गणना हुई थी। तक हिरणों की संख्या लगभग 500 के आसपास थी। अनुमान के आधार पर विभाग हिरणों की संख्या 600 से अधिक बता रहा है। इस साल जनवरी में अयोध्या स्थित आचार्य नरेंद्र देव विश्वविद्यालय की टीम से हिरणों की गणना कराने की तैयारी थी। हालांकि विभाग सिर्फ योजना ही बनाता रह गया। डीएफओ अरविंद कुमार का कहना है कि गणना को लेकर विश्वविद्यालय की टीम से फिर संपर्क किया जाएगा।

आसान नहीं गर्मी में सटीक गणना

जानकारों का कहना है कि सर्दी में संरक्षित क्षेत्र में न पानी की कमी होती है और न चारे की। धूप सेकने के चक्कर में यह ज्यादातर खुले मैदानों में रहते हैं। जबकि, गर्मी के दिनों में हिरण चारे-पानी व छांव की तलाश में कई-कई किमी दूर तक भटकते रहते हैं। एक जगह पर उनका मिलना मुश्किल होता है। ऐसे में अगर, गर्मी में गणना कराई भी गई तो वह ज्यादा सटीक नहीं होगी।

जल की एक-एक बूंद अमृत के समान, प्रयागराज के सीएमपी डिग्री कॉलेज में जल संकट की समस्या पर जताई चिंता

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में सीएमपी डिग्री काॅलेज एवं राष्ट्रीय विज्ञान अकादमी ने नासी सभागार में कार्यशाला की। 'पानी एवं हमारा भविष्य' विषय पर बोलते हुए मुख्य अतिथि अध्येता अरुण तिवारी ने कहा कि जल की चुनौतियों से पूरी दुनिया जूझ रही है। भारत का समाज शुरु से प्रकृति का पूजक रहा है। समाज ने ही तालाब बनाया कुंएं बनाए और नदियां अविरल, निर्मल एवं सदानीरा थीं। व्यक्ति, संस्था एवं समुदाय के स्तर पर हमको अपनी जिम्मेदारी तय करनी होगी। जल चक्र ठीक करने की आवश्यकता है।

जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन पर जोर

World Water Day 2026 जल साक्षरता सर्टिफिकेट कोर्स के संयोजक डाॅ. प्रमोद शर्मा ने कहा कि पानी की एक एक बूंद अमृत के समान हैं। जल प्रबंधन एवं वर्षा जल संचयन एवं पौधारोपण से हम बहुत सी समस्याओं को कम कर सकते हैं। शुद्ध पेय जल सबको उपलब्ध होना चाहिए। नासी के सचिव डाॅ. संतोष शुक्ला ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने नासी के उद्देश्य एवं अपने विचारों को साझा किया। छात्र-छात्राओं ने गंगा गैलरी का अवलोकन भी किया।

पुरस्कृत हुए छात्र-छात्राएं

World Water Day 2026 निबंंध लेखन में प्रथम पुरस्कार अनुष्का आरख, द्वितीय पुरस्कार ज्योति त्रिपाठी एवं निष्ठा नाथ को तृतीय पुरस्कार शांति सिंह एवं अनन्या सिंह को दिया गया। पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता में शिल्पी सिंह को प्रथम पुरस्कार, अनन्या सिंह और वंदना तिवारी को द्वितीय पुरस्कार, मैत्रीय कपूर एवं भूमिखा आरख को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। आर्यशेखर, प्रो. एसएम प्रसाद, डा. डीके साहू, डा. सर्वेश सिंह, डा. पूजा गौर, डा. श्रद्धा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

आठ माह में तैयार हुई बड़ी पेयजल योजना, बभनकुइया में घर-घर नल से शुद्ध पानी पहुंचा — जल जीवन मिशन का ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

विश्व जल दिवस पर भव्य जल अर्पण दिवस समारोह, सांसद प्रवीण पटेल और विधायक दीपक पटेल की मौजूदगी में गांव को समर्पित हुई योजना, जल संरक्षण का दिलाया गया संकल्प

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।विश्व जल दिवस के अवसर पर विकास खंड सहसों के ग्राम बभनकुइया में जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई पेयजल योजना को विधिवत जनता को समर्पित किया गया। जल अर्पण दिवस के रूप में आयोजित इस भव्य समारोह में क्षेत्रीय सांसद प्रवीण पटेल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम का संचालन जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव द्वारा किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत जल संरक्षण की शपथ दिलाकर की गई। उपस्थित लोगों को जल बचाने, स्वच्छ पानी का उपयोग करने तथा जल स्रोतों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। इस अवसर पर विधायक दीपक सिंह पटेल तथा अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे संजीव कुमार शाक्य भी समारोह में मौजूद रहे। समारोह के दौरान जल जीवन मिशन के अंतर्गत तैयार की गई नल पेयजल योजना को जल अर्पण कर ग्राम प्रधान अशोक कुमार को सौंपा गया।

योजना के चालू होते ही ग्राम बभनकुइया के सैकड़ों परिवारों को घर-घर शुद्ध पेयजल मिलने की व्यवस्था शुरू हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि पहले उन्हें पानी के लिए दूर स्थित हैंडपंप, कुएं और तालाबों पर निर्भर रहना पड़ता था, जिससे काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब नियमित जलापूर्ति से बड़ी राहत मिली है। अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी ने बताया कि इस योजना को लगभग आठ माह की अवधि में पूरा किया गया। कार्यदायी संस्था लार्सन एंड टूब्रो निर्माण दल द्वारा पाइप लाइन बिछाने, पानी की टंकी बनाने तथा घर-घर कनेक्शन देने का कार्य तेजी से किया गया, जिससे समय से पहले योजना पूरी हो सकी। योजना के पूर्ण होने से पूरे गांव को स्थायी पेयजल व्यवस्था से जोड़ दिया गया है।

समारोह के दौरान अतिथियों ने वृक्षारोपण कर जल संरक्षण का संदेश दिया और लोगों से जल बर्बादी रोकने की अपील की। वक्ताओं ने कहा कि जल जीवन मिशन का उद्देश्य प्रत्येक घर तक नल से स्वच्छ पानी पहुंचाना है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बीमारी कम होगी, स्वच्छता बढ़ेगी और जीवन स्तर में सुधार होगा। इस अवसर पर जल जीवन मिशन के अधिशासी अभियंता प्रवीण कुट्टी, सहायक अभियंता, अवर अभियंता, जिला समन्वयक अश्विनी श्रीवास्तव, कार्यदायी संस्था के परियोजना निदेशक शुभंकर सिल, गोविन्दराजन, साहिदुल इस्लाम, प्रशांत मिश्रा, आकाश यादव सहित पूरी तकनीकी टीम मौजूद रही। कार्यक्रम में ग्राम प्रधान अशोक कुमार, पंचायत प्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

मौसम का यू-टर्न! 15 राज्यों में आंधी-तूफान की चेतावनी, IMD ने जारी किया अलर्ट

#weathertakesaturnindelhincrraininseveralareas

मार्च का महीना आमतौर पर हल्के और सुहाने मौसम के लिए जाना जाता है, लेकिन इस बार तस्वीर पूरी तरह बदली नजर आ रही है। महीने की शुरुआत में तेज गर्मी का अहसास हुआ, वहीं अब अचानक मौसम ने करवट ले ली है। देश के कई हिस्सों में काले बादल, तेज हवाएं, बारिश और ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए हैं। भारत मौसम विज्ञान विभाग ने आने वाले दिनों के लिए कई राज्यों में बारिश, आंधी, बिजली और तेज हवाओं को लेकर अलर्ट जारी किया है।

पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का असर

मौसम विभाग (IMD) ने अगले 4 से 5 दिनों को बेहद अहम बताते हुए 15 राज्यों में आंधी-तूफान और बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव किसी सामान्य बारिश का नतीजा नहीं है। इसके पीछे एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ और साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर है। इसी कारण उत्तर भारत से लेकर पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत तक एक साथ मौसम बिगड़ा हुआ है। वातावरण में नमी बढ़ने से बादल तेजी से बन रहे हैं और अचानक मौसम बदल रहा है। कई इलाकों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है, जबकि कुछ जगहों पर यह रफ्तार 70 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

दिल्ली-एनसीआर में बादलों का डेरा

दिल्ली-एनसीआर एक बार फिर बादलों से घिर गया। नोएडा समेत दिल्ली-एनसीआर कई इलाकों में बूंदाबांदी हो रही है। जिससे सड़कों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। सुबह सुबह मौसम सुहावना हो गया है। दिल्ली एनसीआर में आज भी बारिश होने का पूर्वानुमान भारत मौसम विभाग की ओर से जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, 23 मार्च को बादल छाए रहेंगे और दोपहर बाद गरज-चमक के साथ हल्की बारिश के आसार है। सोमवार को दिल्ली के विभिन्न हिस्सों में मौसम बदल जाएगा। ऐसे में उत्तर-पश्चिमी हवाएं चलेंगी, जिनकी गति 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास रह सकती है। यही नहीं, दिन आसमान बादलों से घिरा रहेगा। सुबह से दोपहर के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। बदलते मौसम के चलते लोगों को दिन में गर्मी और शाम के समय हल्की ठंडक का एहसास हो सकता है।

बिहार में चेतावनी

बिहार में 24 मार्च से 28 मार्च के बीच बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी जारी की गई है। जिन जिलों में अलर्ट है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सिवान, गोपालगंज, सारण, भोजपुर, बक्सर, रोहतास, औरंगाबाद, गया और नवादा शामिल है। राजधानी पटना में आज (सोमवार) को अधिकतम तापमान 29°C और न्यूनतम तापमान 20°C रहने वाला है।

उत्तर प्रदेश में अलर्ट

उत्तर प्रदेश में मौसम का असर सबसे ज्यादा व्यापक है। कई जिलों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई है। 60 किमी प्रति घंटे तक की तेज हवाएं चल सकती हैं। पूर्वांचल और तराई इलाकों जैसे गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, मऊ, बलिया और बस्ती में बिजली गिरने और भारी बारिश का खतरा है। लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ जैसे शहरों में भी मौसम अस्थिर बना रहेगा।

पहाड़ी राज्यों में खतरा

उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में मौसम ज्यादा गंभीर बना हुआ है। तेज बारिश और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और भूस्खलन और हिमस्खलन का खतरा है। शिमला, कुल्लू, कांगड़ा और चमोली जैसे क्षेत्रों में हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।

पूर्वोत्तर भारत में कैसा रहेगा मौसम

भारत के पूर्वोत्तर राज्यों की बात करें तो मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश के साथ तेज हवाओं के चलने की संभावना है। इसके असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में कुछ जगहों पर झमाधम बारिश हो सकती है। पूर्वी भारत के पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी मौसम ज्यादा सक्रिय रहने वाला है। यहां तेज बारिश के साथ 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। कुछ इलाकों में ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।