इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

#vineshphogatsbigrevelationiwasharassedbybrijbhushan

भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

अदालत ने दरोगा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का दिया निर्देश,नामजद अभियुक्त को आरोपपत्र से निकालना पड़ा भारी
रितेश मिश्रा
हरदोई।  प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद होने के बाद भी विवेचना के दौरान आरोपित को क्लीन चिट देकर आरोपपत्र से निकाल देने पर सीजेएम रिचा वर्मा ने इसे  दरोगा की लापरवाही और आरोपी को फायदा पहुंचाने का कृत्य मानते हुए उसके विरुद्ध  विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है। इसके साथ ही नामजद अभियुक्त को अदालत में तलब कर लिया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार वादी मुकदमा ने सांडी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसके भाई नरेंद्र यादव निवासी कस्बा सांडी अपने गांव लाहौरी पुरवा को जा रहा था। रास्ते में तालाब के सामने गांव के ही शिशुपाल, पंकज कुमार ,अंकित कुमार , विपिन कुमार ने उसे घेरा और जान से मारने की धमकी दी और उसके भाई पर भाला से प्रहार करके उसे गंभीर चोटे पहुंचाई। इस मामले में विवेचक राकेश कुमार यादव ने विवेचना की और विवेचना के बाद विपिन कुमार की घटना में संलिप्त न पाए जाने के आधार पर उसके विरुद्ध चार्ज शीट दाखिल नहीं की। जबकि शेष तीन आरोपियों के खिलाफ ‌ चार्ज शीट दाखिल की। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सीजेएम ने कहा तत्कालीन विवेचक राकेश कुमार ने गैरकानूनी ढंग से विवेचना करते हुए न्याय की आधारशिला को चोट पहुंचाई है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आदेशों की अवहेलना की है। सीजे एम रिचा शर्मा ने इस मामले में आरोपी शिशुपाल ,पंकज कुमार ,अंकित व विपिन कुमार  चारों को अदालत में तलब किया है। पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि इस मामले में तत्कालीन विवेचक और वर्तमान में लोनार थाना इंचार्ज राकेश कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें और की गई कार्रवाई से 7 दिन के अंदर अदालत को जानकारी दें ।इस मामले की आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक को भी भेजने का आदेश दिया है।
बागरोदा में शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता: परंपरा और संरक्षण का अनोखा संगम

60 किमी रफ्तार से दौड़े बैल, दर्शकों को किया रोमांचित

भोपाल (हुजूर विधानसभा)। ग्राम बागरोदा में आयोजित शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता ने ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक पेश की। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहां फाइनल राउंड में बैलों ने लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

प्रतियोगिता में ‘आमखो’ ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण खेल परंपराओं को जीवित रखने का संदेश दिया, बल्कि गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। बैल प्रेमियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पूर्वजों के संस्कार आज भी सजीव बने हुए हैं और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

कार्यक्रम के दौरान इब्राहिम भाई, आशिक भाई, कमलेश विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बारिश के बाद भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने प्रतियोगिता का आनंद लिया और आयोजन को सफल बनाया।

नन्हे कलाकारों ने मंच पर उतारी श्रमिकों की जिंदगी, भावुक हुआ पूरा सभागार

मेरठ। बहसूमा।
डी मोनफोर्ट अकादमी में आयोजित इंटर-क्लास प्रतियोगिता के तहत “A Day in Their Shoes” विषय पर एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अभिनय कौशल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन के अंतर को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने दर्शाया कि जहाँ एक ओर कुछ लोगों का जीवन सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है, वहीं श्रमिक वर्ग को रोज़ाना कठिन परिश्रम, अभाव और संघर्ष का सामना करना पड़ता है। बच्चों का यह संदेश दर्शकों के दिलों को छू गया।

नन्हे कलाकारों के सशक्त और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण नर्सरी के बच्चे भी रहे, जो नर्स, किसान, नेता, सैनिक, माली और डॉक्टर की वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। उनकी मासूम प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में सामाजिक जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक होते हैं। निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक समझ विकसित करना भी है।
निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराते हैं, जबकि उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और सामाजिक संदेश से ओत-प्रोत रहा।
इतने गंभीर विषय के लिए मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देना दुर्भाग्यपूर्ण : बाबूलाल मरांडी*

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम जैसे गंभीर विषय पर वार्तालाप के लिए पार्टी द्वारा हेमंत सोरेन से मिलने के लिए लगातार समय मांगे जाने के बावजूद मुख्यमंत्री द्वारा समय नहीं देने के मामले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलकर नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर विशेष सत्र बुलाने और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजने के लिए उनसे आग्रह करना चाहती थी, बावजूद समय नहीं दिया गया। श्री मरांडी प्रदेश कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में बोल रहे थे।

श्री मरांडी ने कहा कि पार्टी के महामंत्री अमर कुमार बाउरी द्वारा 30 अप्रैल से ही मुख्यमंत्री से मिलने का समय लेने का प्रयास किया जा रहा है। प्रयास था कि तीन मई का कोई समय मिल जाए परंतु बड़ा दुर्भाग्य है कि लगातार समय मांगने के बाद भी समय नहीं मिल पाया और ना ही उधर से कोई स्पष्ट उत्तर दिया गया। जबकि पार्टी ने विषय वस्तु पूछने पर भी स्पष्ट रूप से विषय वस्तु के संबंध में स्पष्ट रूप से बता दिया था। लेकिन मुख्यमंत्री ने समय देना मुनासिब नहीं समझा। इसलिए तय किया गया कि सीएम के पास अगर समय नहीं है उनको एक पत्र लिखकर ही उन्हें सारी बातों से अवगत करा दिया जाए। इसलिए इस विषय पर उन्हें पत्र लिखा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि 16, 17, 18 अप्रैल को भारत सरकार द्वारा नारी शक्ति वंदन अधिनियम को सदन में लाया गया था। इससे देश की आधी आबादी काफी प्रसन्न हुई कि लोकसभा और विधानसभा में 33% सीटें उनके लिए आरक्षित होगी। केवल 33% सीट ही रिजर्व नहीं होती बल्कि लोकसभा विधानसभा की सीटें भी उसी अनुपात में बढ़ती। झारखंड के संदर्भ में देखा जाए तो यहां 14 लोकसभा की सीटें बढ़कर 21 हो जाती। जिसमें 7 महिलाओं के लिए रिजर्व होती। इसी प्रकार विधानसभा की सीटें 81 से बढ़कर 121 हो जाती। जिसमें 41 सीटें महिलाओं के लिए रिजर्व होती। झारखंड की लगभग सभी सरकारों द्वारा भारत सरकार को संकल्प भेजा गया था कि झारखंड में विधानसभा की सीटें बढ़नी चाहिए। आज सीटें बढ़ती तो और लोगों को भी अवसर मिलता।

श्री मरांडी ने कहा कि उम्मीद थी कि हेमंत सोरेन इन चीजों को समझेंगे और इस बिल का वह समर्थन करेंगे लेकिन उन्होंने इसके विरोध में मतदान किया। इसलिए पार्टी ने तय किया था कि मुख्यमंत्री से मिलकर उनसे पार्टी आग्रह करेगी कि इस मुद्दे पर राज्यपाल की सहमति से एक विशेष सत्र बुलाएं और इस आशय का प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार को भेजें ताकि फिर से भारत सरकार इस बिल को ला सके। इससे महिलाओं को ही नहीं बल्कि और लोगों को भी उचित प्रतिनिधित्व मिलेगा। प्रेस वार्ता के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने मुख्यमंत्री को पार्टी द्वारा लिखे पत्र को भी साझा किया।

इस दौरान प्रेस वार्ता में प्रदेश मीडिया सह प्रभारी योगेंद्र प्रताप सिंह एवं प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज भी मौजूद रहे।

घर पहुंचे चार सगे भाई-बहन के शव तो रो पड़ा गांव, हत्या करके मां अब तक फरार, पिता सऊदी अरब में
जिलेभर में चर्चा का विषय बना मामला, नाना ने बेटी पर आरोपों को बताया बेबुनियाद


अंबेडकर नगर:अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में चार मासूम बच्चों की हत्या मामले में रविवार को महरुआ के कसड़ा गांव का माहौल बेहद भारी नजर आया। दोपहर करीब एक बजे जैसे ही पोस्टमार्टम के बाद चारों मासूम बच्चों के शव गांव पहुंचे, पूरे इलाके में चीख-पुकार गूंज उठी। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया और गांव का माहौल शोक में डूब गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। हर कोई बच्चों के अंतिम दर्शन के लिए घर के बाहर जमा हो गया।

लोगों की भीड़ देर तक बनी रही और पूरे गांव में सन्नाटा पसरा रहा। जोहर की नमाज के बाद चारों बच्चों का अंतिम संस्कार किया गया। एक साथ चार जनाजे उठने का दृश्य हर किसी को अंदर तक झकझोर गया। गांव के कब्रिस्तान में सऊद (12) और उमर (10) को एक साथ दफन किया गया, जबकि शफीक (14) और बयान (8) को पास में ही अलग-अलग सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष कृष्ण कुमार यादव व कई थानों की पुलिस उपस्थित रही। बता दें कि शनिवार को मीरानपुर मुरादाबाद में एक घर के अंदर चारों बच्चों के शव खून से लथपथ मिले थे।

शुरुआती जांच में ईंट और हथौड़े से हमला कर हत्या की बात सामने आई थी। घर अंदर से बंद मिला था और मां गासिया खातून के लापता होने से उस पर शक गहराया था। आशंका जताई गई थी कि बच्चों को पहले नशीला पदार्थ दिया गया और फिर वारदात को अंजाम दिया गया।घटना के 24 घंटे बाद भी पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी है। कई टीमें जांच में लगी हैं, लेकिन अब तक कोई स्पष्ट सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। साथ ही, घटनास्थल से मिले मोबाइल फोन को अनलॉक करने का प्रयास किया जा रहा है। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) भी खंगाले जा रहे हैं, लेकिन फिलहाल इससे भी कोई अहम जानकारी नहीं मिल सकी है। चार मासूमों की एक साथ हत्या की यह घटना पूरे जिले में चर्चा का विषय बनी हुई है। गांव के साथ-साथ आसपास के इलाकों से भी लोग कसड़ा पहुंचे। हर कोई इस घटना को लेकर स्तब्ध है और जल्द खुलासे की उम्मीद कर रहा है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।

मां की तलाश जारी है और उसी पर शक केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जांच के आधार पर जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।नाना ने बातचीत में कहा कि उनकी बेटी गासिया खातून इस तरह का कृत्य नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि बेटी के खिलाफ लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं और किसी रंजिश या दुश्मनी के चलते यह मामला बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि परिवार में दांपत्य जीवन को लेकर किसी तरह का विवाद नहीं था। नाना के अनुसार, घटना को किसी और दिशा में मोड़ने की कोशिश की जा रही है और असली दोषी किसी और हो सकता है। परिवार सामान्य जीवन जी रहा था और किसी बड़े विवाद की स्थिति नहीं थी। उन्होंने आशंका जताई कि किसी दुश्मनी के चलते पूरे मामले को गलत रूप दिया जा रहा है। मृत बच्चों के बड़े पापा सलीम ने कहा कि गासिया खातून अकेले इस घटना को अंजाम नहीं दे सकती। उन्होंने आशंका जताई कि इस पूरे घटनाक्रम में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं और मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

शुक्रवार को नियाज की पत्नी और बच्चों से फोन पर बातचीत भी हुई थी, जिसमें किसी तरह की अनहोनी के संकेत नहीं थे। ऐसे में अचानक इस तरह की घटना होना कई सवाल खड़े करता है। अकबरपुर के मीरानपुर मुरादाबाद में शनिवार को चार मासूम बच्चों की हत्या के बाद हर ओर हड़कंप मचा रहा। रविवार को पैतृक गांव महरुआ के कसड़ा गांव में चारों बच्चों के शव पहुंचने पर बच्चों के नाना भी जनाजे में शामिल होने के लिए पहुंचे। इस दौरान उन्होंने बातचीत के दौरान बताया कि उनकी बेटी गासिया खातून यह कृत्य नहीं कर सकती है। बेटी के खिलाफ एफआईआर में लगे आरोप बेबुनियाद है। किसी दुश्मन ने इस तरह की वारदात को अंजाम दिया है। नाना ने बताया कि उनके पुत्री व दामाद के बीच दांपत्य जीवन में किसी तरह का विवाद नहीं था।

एसपी प्राची सिंह ने बताया कि कमरे की दीवार से लेकर बिस्तर तक खून के छींटे फैले थे। बच्चों के उल्टी करने के भी निशान मिले हैं। शक है कि हत्या से पहले खाने में कुछ विषैला पदार्थ मिलाकर दिया गया। इसके बाद बेरहमी से हत्या की गई। बच्चों के सिर पर ईंट व हथौड़े से प्रहार किए जाने की आशंका है। हालांकि कमरे से ऐसा कुछ नहीं मिला है।नियाज उनकी सगी बहन का बेटा था। इसी से उन्होंने बेटी गासिया का निकाह किया था। इस घटना से मायके पक्ष के लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस से हुई बातचीत में नियाज ने अपनी पत्नी गासिया के सीधे-साधे होने की बात कही है।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
बरही बैंक लूट कांड का खुलासा: 3 आरोपी वाराणसी से गिरफ्तार, 20 लाख नकद और सोना बरामद

Hazaribagh Police ने 24 अप्रैल 2026 को बरही थाना क्षेत्र स्थित Bank of Maharashtra शाखा में हुई लूट कांड का सफल उद्भेदन कर लिया है। इस मामले में 3 मुख्य अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।

घटना 24 अप्रैल को दोपहर करीब 3:15 बजे हुई थी, जब 4 हथियारबंद अपराधियों ने बैंक में घुसकर कर्मियों को बंधक बना लिया और उन्हें स्ट्रॉन्ग रूम में बंद कर दिया। इसके बाद अपराधी 4,22,492 रुपये नकद और 3.987 किलोग्राम सोना, जो 78 पैकेट में रखा था, लूटकर दो मोटरसाइकिल से फरार हो गए थे।

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय के निर्देश पर एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया। जांच के दौरान CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर एक संदिग्ध काले रंग की स्कॉर्पियो (BR-01 HN-2024) की पहचान की गई, जिसका उपयोग अपराधियों द्वारा रेकी के लिए किया गया था।

पुलिस ने Uttar Pradesh Special Task Force के सहयोग से उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित सारनाथ थाना क्षेत्र में छापेमारी कर 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में पंकज सिंह उर्फ रौनक सिंह (गोरखपुर), मो० अफजल (नवादा, बिहार) और सौरभ कुमार यादव उर्फ सोनू (मऊ, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से 912.22 ग्राम सोना, 20 लाख रुपये नकद, एक स्कॉर्पियो वाहन, घटना में प्रयुक्त 2 पल्सर मोटरसाइकिल और 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अपराधियों ने बैंक ऑफ महाराष्ट्र को इसलिए निशाना बनाया क्योंकि उन्हें जानकारी थी कि यहां गोल्ड लोन दिया जाता है। घटना को अंजाम देने से पहले आरोपियों ने करीब 2 महीने तक बैंक की रेकी की थी।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास रहा है और वे पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड और बिहार के कई लूट कांडों में शामिल रहे हैं।

फिलहाल पुलिस अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

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देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

दूध टैंकर ने परिवार को रौंदा,पति पत्नी व बच्चे की मौत

*शादी में शामिल होने जा रहा था परिवार

गोंडा।जिले में एक भीषण सड़क हादसे में एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गई।यह हादसा नवाबगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत कनकपुर के पास हुआ है।मृतकों में पति पत्नी व बेटा शामिल है।बताते चलें कि बस्ती जनपद के गंगापुर कलवारी निवासी मानसिंह (35),उनकी पत्नी उर्मिला (29) और बेटा लवकुश (12) बहराइच जा रहे थे।वे बहराइच जिले के ग्यारहसौ रेती में अपने साले के बेटी की शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे,कनकपुर के पास गोंडा की तरफ से अयोध्या जा रहे एक दूध टैंकर ने उनकी बाइक को रौंद दिया।इस हादसे में तीनों बाइक सवार सड़क पर गिर गए,जिससे मौके पर ही उर्मिला व उनके बेटे लवकुश की मौत हो गई।जबकि मानसिंह को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नवाबगंज ले जाया गया,जहाँ उन्होंने दम तोड़ दिया।घटना की सूचना मिलते ही नवाबगंज थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई।पुलिस ने उर्मिला, लवकुश व मानसिंह के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।नवाबगंज थानाध्यक्ष अभय सिंह ने बताया कि टैंकर चालक फरार हो गया है।पुलिस ने दूध के टैंकर को जब्त कर नवाबगंज थाने पहुंचाया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।
बृजभूषण के शोषण की मैं भी विक्टिम”, विनेश फोगाट ने लगाया गंभीर आरोप, जारी किया भावुक वीडियो

#vineshphogatsbigrevelationiwasharassedbybrijbhushan

भारतीय कुश्ती में एख बार फिर बड़ा विवाद सामने आया है। ओलिंपियन विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर एक बार फिर गंभीर आरोप लगाए हैं। विनेश पोगाट ने चौंकाने वाला खुलासा करते हुए कहा है कि वह भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने वाली छह महिला पहलवानों में से एक हैं।

पिछले डेढ़ साल से मैट से दूर थी-विनेश

विनेश ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए कहा, 'जैसा की सभी को पता है कि पिछले डेढ़ साल से मैं रेस्लिंग मैट से काफी दूर थी। लेकिन अब कुछ महीनों से मैं रेस्लिंग की तैयारियां कर रह रही हूं। बड़ी मेहनत और ईमानदारी से मेहनत कर रही हूं। जैसे मैंने पहले देश के लिए मेडल जीते, परमात्मा के आशीर्वाद से, आप सबके सहयोग से फिर से रेस्लिंग मैट पर जाऊं और देश के लिए ढेर सारे मेडल जीतूं और देश के तिरंगे का मान बनाए रखूं।'

मैं भी बृजभूषण के शोषण पीड़ित-विनेश

विनेश ने आगे कहा कि, 'मुझे नहीं लगता कि मैं अपना 100% दे पाऊंगी। एक लड़की के लिए ये काफी मुश्किल होगा।' उन्होंने कहा, आज कुछ मजबूरियों के चलते मैं कहना चाहती हूं कि बृजभूषण शरण के खिलाफ कंप्लेंट करने वाले उन 6 विक्टिम में मैं भी शामिल हूं। मेरी गवाही भी कोर्ट में चल रही है।'

पहचान उजागर करने की वजह बताई

विनेश फोगाट ने कहा कि 'वह पहले इस मामले में अपनी पहचान सामने नहीं लाना चाहती थीं, क्योंकि मामला अभी अदालत में लंबित है।' उन्होंने कहा, 'सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन कहती है कि किसी भी पीड़िता की पहचान उजागर नहीं की जानी चाहिए, क्योंकि यह उसकी गरिमा और सम्मान से जुड़ा मामला है। लेकिन आज कुछ परिस्थितियों के कारण मैं आप सबको कुछ बताना चाहती हूं।' विनेश फोगाट ने खुलासा किया कि उनकी पहचान उजागर करने की सबसे बड़ी वजह WFI का गोंडा, उत्तर प्रदेश में रैंकिंग टूर्नामेंट और ट्रायल कराने का फैसला है। दरअसल, गोंडा में 'सीनियर ओपन रैंकिंग कुश्ती टूर्नामेंट' होने जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रतियोगिता बृजभूषण शरण सिंह के निजी कॉलेज में कराई जा रही है, जिससे निष्पक्ष मुकाबले की उम्मीद करना मुश्किल है।

सरकार और खेल मंत्रालय पर भी साधा निशाना

विनेश ने कहा, कौन रेफरी, किसके मैच में जाएगा। कौन रेफरी कितने पॉइंट देगा, कौन मैच चेयरमैन कहां पर बैठेगा, किसको जितवाना है, किसको हरवाना है। ये सब बृजभूषण और उसके लोगों द्वारा कंट्रोल किया जाएगा। सरकार और हमारा खेल मंत्रालय मूक दर्शक बनकर इस चीज को देख रहा है। कोई खिलाड़ियों की मदद के लिए आगे नहीं आ रहा, मानो बृजभूषण को फ्री हैंड दिया हुआ है कि तुम जो मर्जी करो। चाहे तुम महिला पहलवानों के साथ कुछ करो या तुम कुश्ती जगत के साथ कुछ भी करो। हम तुम्हारे साथ में खड़े हैं।

3 साल पहले बृजभूषण पर लगाया था यौन उत्पीड़न का आरोप

बता दें कि करीब 3 साल पहले विनेश ने बृजभूषण पर महिला खिलाड़ियों के यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। 18 जनवरी 2023 को रेसलर विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरना देकर बृजभूषण पर महिला रेसलर्स के साथ यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे। विनेश फोगाट ने रोते हुए कहा था- बृजभूषण शरण सिंह और कोच नेशनल कैंप में महिला रेसलर्स का यौन उत्पीड़न करते हैं। इसे लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर महिला पहलवानों ने बृजभूषण के खिलाफ धरना भी दिया था

अदालत ने दरोगा के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही का दिया निर्देश,नामजद अभियुक्त को आरोपपत्र से निकालना पड़ा भारी
रितेश मिश्रा
हरदोई।  प्रथम सूचना रिपोर्ट में नामजद होने के बाद भी विवेचना के दौरान आरोपित को क्लीन चिट देकर आरोपपत्र से निकाल देने पर सीजेएम रिचा वर्मा ने इसे  दरोगा की लापरवाही और आरोपी को फायदा पहुंचाने का कृत्य मानते हुए उसके विरुद्ध  विभागीय कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है। इसके साथ ही नामजद अभियुक्त को अदालत में तलब कर लिया है।
प्राप्त विवरण के अनुसार वादी मुकदमा ने सांडी थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसके भाई नरेंद्र यादव निवासी कस्बा सांडी अपने गांव लाहौरी पुरवा को जा रहा था। रास्ते में तालाब के सामने गांव के ही शिशुपाल, पंकज कुमार ,अंकित कुमार , विपिन कुमार ने उसे घेरा और जान से मारने की धमकी दी और उसके भाई पर भाला से प्रहार करके उसे गंभीर चोटे पहुंचाई। इस मामले में विवेचक राकेश कुमार यादव ने विवेचना की और विवेचना के बाद विपिन कुमार की घटना में संलिप्त न पाए जाने के आधार पर उसके विरुद्ध चार्ज शीट दाखिल नहीं की। जबकि शेष तीन आरोपियों के खिलाफ ‌ चार्ज शीट दाखिल की। इस मामले पर संज्ञान लेते हुए सीजेएम ने कहा तत्कालीन विवेचक राकेश कुमार ने गैरकानूनी ढंग से विवेचना करते हुए न्याय की आधारशिला को चोट पहुंचाई है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देशों के आदेशों की अवहेलना की है। सीजे एम रिचा शर्मा ने इस मामले में आरोपी शिशुपाल ,पंकज कुमार ,अंकित व विपिन कुमार  चारों को अदालत में तलब किया है। पुलिस अधीक्षक को निर्देशित किया है कि इस मामले में तत्कालीन विवेचक और वर्तमान में लोनार थाना इंचार्ज राकेश कुमार के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित करें और की गई कार्रवाई से 7 दिन के अंदर अदालत को जानकारी दें ।इस मामले की आदेश की प्रति पुलिस महानिदेशक को भी भेजने का आदेश दिया है।
बागरोदा में शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता: परंपरा और संरक्षण का अनोखा संगम

60 किमी रफ्तार से दौड़े बैल, दर्शकों को किया रोमांचित

भोपाल (हुजूर विधानसभा)। ग्राम बागरोदा में आयोजित शंकर पट बैलगाड़ी प्रतियोगिता ने ग्रामीण संस्कृति और परंपरा की जीवंत झलक पेश की। प्रतियोगिता में क्षेत्रभर से आए प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहां फाइनल राउंड में बैलों ने लगभग 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ लगाकर दर्शकों को रोमांचित कर दिया।

प्रतियोगिता में ‘आमखो’ ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि द्वितीय, तृतीय एवं चतुर्थ स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को भी पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व जिला पंचायत सदस्य विष्णु विश्वकर्मा ने विजेताओं को पुरस्कार वितरित कर उनका उत्साहवर्धन किया।

इस आयोजन ने न केवल ग्रामीण खेल परंपराओं को जीवित रखने का संदेश दिया, बल्कि गौवंश संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई। बैल प्रेमियों ने बताया कि ऐसे आयोजनों से पूर्वजों के संस्कार आज भी सजीव बने हुए हैं और पशुधन के प्रति सम्मान की भावना मजबूत होती है।

कार्यक्रम के दौरान इब्राहिम भाई, आशिक भाई, कमलेश विश्वकर्मा सहित अन्य ग्रामीणों ने बारिश के बाद भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया। बड़ी संख्या में उपस्थित दर्शकों ने प्रतियोगिता का आनंद लिया और आयोजन को सफल बनाया।

नन्हे कलाकारों ने मंच पर उतारी श्रमिकों की जिंदगी, भावुक हुआ पूरा सभागार

मेरठ। बहसूमा।
डी मोनफोर्ट अकादमी में आयोजित इंटर-क्लास प्रतियोगिता के तहत “A Day in Their Shoes” विषय पर एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कक्षा 6, 7 और 8 के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए अपने अभिनय कौशल से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नाटक के माध्यम से विद्यार्थियों ने समाज के विभिन्न वर्गों के जीवन के अंतर को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया। उन्होंने दर्शाया कि जहाँ एक ओर कुछ लोगों का जीवन सुख-सुविधाओं से परिपूर्ण होता है, वहीं श्रमिक वर्ग को रोज़ाना कठिन परिश्रम, अभाव और संघर्ष का सामना करना पड़ता है। बच्चों का यह संदेश दर्शकों के दिलों को छू गया।

नन्हे कलाकारों के सशक्त और भावपूर्ण अभिनय ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया। उनकी शानदार प्रस्तुति पर सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।

कार्यक्रम की विशेष आकर्षण नर्सरी के बच्चे भी रहे, जो नर्स, किसान, नेता, सैनिक, माली और डॉक्टर की वेशभूषा में सजे-धजे नजर आए। उनकी मासूम प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में चार चाँद लगा दिए।

विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. समीर वर्मा ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों में सामाजिक जागरूकता और संवेदनशीलता विकसित करने में सहायक होते हैं। निदेशिका डॉ. गरिमा वर्मा ने बच्चों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान देना नहीं, बल्कि संस्कार और सामाजिक समझ विकसित करना भी है।
निर्देशक डॉ. के.के. शर्मा ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों को समाज की वास्तविकताओं से रूबरू कराते हैं, जबकि उपप्रधानाचार्या श्रीमती रितु चिकारा ने बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए उन्हें आगे भी इसी तरह उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम अत्यंत सफल, प्रेरणादायक और सामाजिक संदेश से ओत-प्रोत रहा।