भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
संगम नगरी में अगले पांच दिनों तक लू का अलर्ट, 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है पारा


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, इन दिनों संगम नगरी भीषण गर्मी, उमस और सूर्य की तल्ख किरणों से तप रही है। रविवार की सुबह से ही गर्मी तेज थी, दोपहर में तो सूर्य की आग उगलती किरणों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। आलम यह था कि लोग घरों में ही दुबके रहे। जो बाहर निकले भी वे शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंके रहे। बाजार और सड़कों पर आवाजाही नाममात्र की रही।

लू व भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं
शनिवार को भी दिनभर उमस रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को आर्द्रता घटकर 29 प्रतिशत रह गई। वहीं आज 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सिसय के आसपास है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का वर्चस्व रहेगा। पारा लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया है।

18 मई से तापमान और बढ़ने की संभावना
रविवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सोमवार यानी 18 मई से पारा और बढ़ने की संभावना है। यह 47 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर भी जा सकता है। 22 मई तक लगातार गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। रात में भी पारा 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलें
Prayagraj Heatwave Alert चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी?
Prayagraj Heatwave Alert इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. शैलेंद्र राय का कहना है कि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी गर्म हवा के प्रभाव के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज व आसपास का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के नए पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट बोर्ड का चुनाव

मुंबई । श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन सकल नारायण शर्मा सभागृह, शारदा ज्ञान पीठ इंटरनेशनल स्कूल, दत्त मंदिर रोड, मालाड पूर्व, मुंबई में संपन्न हुआ। सभा में सर्वसम्मति से नए ट्रस्ट बोर्ड एवं व्यवस्थापक समिति का चुनाव किया गया। सभा में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा को ट्रस्ट बोर्ड का चेयरमैन तथा सुभाष चन्द्र उपाध्याय को प्रबंध ट्रस्टी चुना गया। इसके साथ ही डॉ. आर.आर. उपाध्याय, प्रो. मंगला प्रसाद दुबे, अजय शर्मा, मुकेश सभापति पाण्डेय एवं विवेक उपाध्याय को ट्रस्टी के रूप में चयनित किया गया।
व्यवस्थापक समिति में राम सेवक पाण्डेय को अध्यक्ष चुना गया, जबकि कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे एवं छोटेलाल उपाध्याय को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संयुक्त मंत्री पद पर सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र एवं राधेश्याम दूबे का चयन हुआ। समिति सदस्यों के रूप में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, शिवराम चौरसिया, धर्मचन्द्र  उपाध्याय, विंध्यवासिनी उपाध्याय, ओमप्रकाश पाण्डेय, राकेश उपाध्याय (प्रबंधक), अमरनाथ त्रिपाठी, डॉ. अखिलेशचन्द्र चौबे, डॉ. नीरज चंद्रशेखर दुबे, योगेश गुलाब तिवारी, डॉ. संदीप मिश्रा, ओंकारनाथ उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र तिवारी एवं अखिलेश अक्षयधन तिवारी को चुना गया।
मानद सदस्यों में माया शंकर मिश्र, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुनील रामसेवक पाण्डेय, अनिरुद्ध पाण्डेय एवं डॉ. मिथिलेश दुबे का चयन किया गया। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में सुधाकर उपाध्याय एवं अच्छेलाल पाण्डेय को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शहीदों की स्मृति में बनेगे स्मारक और द्वार, यूपी सरकार की नई परियोजना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आजादी के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक एवं द्वार निर्माण की नई कार्ययोजना प्रस्तावित की है। संस्कृति विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत कई जनपदों में स्मारकों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि कुछ स्थानों के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आगरा में वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए बहादुर सिंह की स्मृति में शहीद स्मारक बनाया जाएगा। वहीं, मथुरा में कारगिल युद्ध 1999 के शहीद श्याम सुंदर बेनीवाल की स्मृति में स्मारक निर्माण प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या जनपद के ग्राम भदौली खुर्द, विकास खंड पूरा बाजार में अमर शहीद जगदम्बा पाण्डेय द्वार एवं स्मारक निर्माण के लिए 19.13 लाख रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसी प्रकार बुलन्दशहर के ग्राम मांमऊ, विकासखंड शिकारपुर में 1965 भारत-पाक युद्ध के शहीद प्रहलाद सिंह की स्मृति में 17.32 लाख रुपये की लागत से स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इन स्मारकों का उद्देश्य देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि देना है। इससे युवा पीढ़ी को शहीदों के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि गाजीपुर के जखनिया विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्रामसभा धामपुर में वीर अब्दुल हमीद की स्मृति में स्मारक निर्माण एवं सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए वर्ष 2026-27 में 1 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है।
इसके अतिरिक्त जालौन जनपद में शहीद श्याम सिंह सेंगर के स्मारक स्थल के निर्माण हेतु भी 1 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है और कार्यदायी संस्था द्वारा निविदा प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
सुल्तानपुर में NHM संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन दो माह का वेतन न मिलने पर 21 मई से 'नो पे-नो वर्क' की चेतावनी*
सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। पिछले दो महीनों (मार्च और अप्रैल 2026) से मानदेय न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक उनका बकाया मानदेय नहीं चुकाया गया, तो 21 मई से 'नो पे-नो वर्क' की नीति अपनाते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रशासन को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो जिले के सभी कर्मचारी 21 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, जिससे बच्चों की स्कूल फीस, किताबों और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। इस स्थिति ने उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार, 18, 19 और 20 मई को प्रदेश भर के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 20 मई तक दो महीने का मानदेय नहीं मिला, तो 21 मई से पूरी तरह से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित रहेंगी। डॉ. आकर्ष शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिले के एनएचएम कर्मचारियों का वेतन लंबित है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण सभी कर्मचारी और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें घर का किराया, बिजली का बिल और बच्चों की स्कूल फीस भरने में दिक्कत हो रही है।
गोमतीनगर स्टेशन पर सिर कटी लाश से सनसनी, 6 रेलवे स्टेशन बने जांच की अहम कड़ी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर छपरा से आई एक्सप्रेस ट्रेन के S1 कोच में टीन के बक्से से एक युवती की सिर कटी लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई। शव के हाथ-पैर अलग-अलग पॉलीथिन में पैक मिले, जबकि युवती का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कोच को खाली कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या कहीं और की गई और पहचान छिपाने के मकसद से शव को ट्रेन में रख दिया गया।
पुलिस जांच अब उन छह रेलवे स्टेशनों पर केंद्रित हो गई है, जहां ट्रेन रात के दौरान रुकी थी।  थावे जंक्शन, कप्तानगंज, गोरखपुर और गोंडा जंक्शन समेत कई स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध बक्सा ट्रेन में कब और किसने रखा।
जांच एजेंसियां प्रेम प्रसंग, ऑनर किलिंग, पारिवारिक विवाद और आपराधिक रंजिश समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी शव की पहचान मिटाकर जांच को भटकाना चाहते थे।
फिलहाल युवती की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रेलवे पुलिस आसपास के जिलों से गुमशुदगी की जानकारी भी जुटा रही है।
भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
संगम नगरी में अगले पांच दिनों तक लू का अलर्ट, 47 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है पारा


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, इन दिनों संगम नगरी भीषण गर्मी, उमस और सूर्य की तल्ख किरणों से तप रही है। रविवार की सुबह से ही गर्मी तेज थी, दोपहर में तो सूर्य की आग उगलती किरणों ने शहरवासियों को बेहाल कर दिया। आलम यह था कि लोग घरों में ही दुबके रहे। जो बाहर निकले भी वे शरीर को पूरी तरह से कपड़ों से ढंके रहे। बाजार और सड़कों पर आवाजाही नाममात्र की रही।

लू व भीषण गर्मी से अभी राहत नहीं
शनिवार को भी दिनभर उमस रही। अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को आर्द्रता घटकर 29 प्रतिशत रह गई। वहीं आज 17 मई को न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस व अधिकतम तापमान 44-45 डिग्री सेल्सिसय के आसपास है। मौसम विभाग के अनुसार अगले पांच दिनों तक भीषण गर्मी और लू का वर्चस्व रहेगा। पारा लगातार 45 से 47 डिग्री सेल्सियस के बीच पहुंचने की आशंका है। मौसम विभाग ने लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने का सुझाव दिया है।

18 मई से तापमान और बढ़ने की संभावना
रविवार को अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सोमवार यानी 18 मई से पारा और बढ़ने की संभावना है। यह 47 डिग्री सेल्सियस या इससे ऊपर भी जा सकता है। 22 मई तक लगातार गर्म हवा चलने की चेतावनी जारी की गई है। रात में भी पारा 29 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।

दोपहर 12 से शाम चार बजे तक बाहर न निकलें
Prayagraj Heatwave Alert चिकित्सकों ने लोगों को अधिक से अधिक पानी पीने, ओआरएस और तरल पदार्थ लेने की सलाह दी है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिना जरूरत घर से बाहर न जाएं। हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।

क्या कहते हैं मौसम विज्ञानी?
Prayagraj Heatwave Alert इलाहाबाद विश्वविद्यालय के वायुमंडलीय एवं समुद्र अध्ययन केंद्र के प्रमुख प्रो. शैलेंद्र राय का कहना है कि पश्चिमी और उत्तर पश्चिमी गर्म हवा के प्रभाव के कारण पूरे उत्तर प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ रहा है। प्रयागराज व आसपास का क्षेत्र भी इससे अछूता नहीं है।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के नए पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट बोर्ड का चुनाव

मुंबई । श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन सकल नारायण शर्मा सभागृह, शारदा ज्ञान पीठ इंटरनेशनल स्कूल, दत्त मंदिर रोड, मालाड पूर्व, मुंबई में संपन्न हुआ। सभा में सर्वसम्मति से नए ट्रस्ट बोर्ड एवं व्यवस्थापक समिति का चुनाव किया गया। सभा में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा को ट्रस्ट बोर्ड का चेयरमैन तथा सुभाष चन्द्र उपाध्याय को प्रबंध ट्रस्टी चुना गया। इसके साथ ही डॉ. आर.आर. उपाध्याय, प्रो. मंगला प्रसाद दुबे, अजय शर्मा, मुकेश सभापति पाण्डेय एवं विवेक उपाध्याय को ट्रस्टी के रूप में चयनित किया गया।
व्यवस्थापक समिति में राम सेवक पाण्डेय को अध्यक्ष चुना गया, जबकि कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे एवं छोटेलाल उपाध्याय को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संयुक्त मंत्री पद पर सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र एवं राधेश्याम दूबे का चयन हुआ। समिति सदस्यों के रूप में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, शिवराम चौरसिया, धर्मचन्द्र  उपाध्याय, विंध्यवासिनी उपाध्याय, ओमप्रकाश पाण्डेय, राकेश उपाध्याय (प्रबंधक), अमरनाथ त्रिपाठी, डॉ. अखिलेशचन्द्र चौबे, डॉ. नीरज चंद्रशेखर दुबे, योगेश गुलाब तिवारी, डॉ. संदीप मिश्रा, ओंकारनाथ उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र तिवारी एवं अखिलेश अक्षयधन तिवारी को चुना गया।
मानद सदस्यों में माया शंकर मिश्र, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुनील रामसेवक पाण्डेय, अनिरुद्ध पाण्डेय एवं डॉ. मिथिलेश दुबे का चयन किया गया। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में सुधाकर उपाध्याय एवं अच्छेलाल पाण्डेय को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
शहीदों की स्मृति में बनेगे स्मारक और द्वार, यूपी सरकार की नई परियोजना
लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आजादी के बाद विभिन्न युद्धों में शहीद हुए सैनिकों की स्मृति को चिरस्थायी बनाने के लिए शहीद स्मारक एवं द्वार निर्माण की नई कार्ययोजना प्रस्तावित की है। संस्कृति विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना के तहत कई जनपदों में स्मारकों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जबकि कुछ स्थानों के लिए धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आगरा में वर्ष 1965 के भारत-पाक युद्ध में शहीद हुए बहादुर सिंह की स्मृति में शहीद स्मारक बनाया जाएगा। वहीं, मथुरा में कारगिल युद्ध 1999 के शहीद श्याम सुंदर बेनीवाल की स्मृति में स्मारक निर्माण प्रस्तावित है।
उन्होंने बताया कि अयोध्या जनपद के ग्राम भदौली खुर्द, विकास खंड पूरा बाजार में अमर शहीद जगदम्बा पाण्डेय द्वार एवं स्मारक निर्माण के लिए 19.13 लाख रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है। इसी प्रकार बुलन्दशहर के ग्राम मांमऊ, विकासखंड शिकारपुर में 1965 भारत-पाक युद्ध के शहीद प्रहलाद सिंह की स्मृति में 17.32 लाख रुपये की लागत से स्मारक का निर्माण कराया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इन स्मारकों का उद्देश्य देश की रक्षा में अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को सच्ची श्रद्धांजलि देना है। इससे युवा पीढ़ी को शहीदों के शौर्य, पराक्रम और राष्ट्रभक्ति से प्रेरणा मिलेगी।
उन्होंने यह भी बताया कि गाजीपुर के जखनिया विधानसभा क्षेत्र स्थित ग्रामसभा धामपुर में वीर अब्दुल हमीद की स्मृति में स्मारक निर्माण एवं सौंदर्यीकरण परियोजना के लिए वर्ष 2026-27 में 1 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया प्रगति पर है।
इसके अतिरिक्त जालौन जनपद में शहीद श्याम सिंह सेंगर के स्मारक स्थल के निर्माण हेतु भी 1 करोड़ रुपये की धनराशि प्रस्तावित की गई है और कार्यदायी संस्था द्वारा निविदा प्रक्रिया संचालित की जा रही है।
सुल्तानपुर में NHM संविदा कर्मचारियों का प्रदर्शन दो माह का वेतन न मिलने पर 21 मई से 'नो पे-नो वर्क' की चेतावनी*
सुल्तानपुर सहित पूरे उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के संविदा कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर आंदोलनरत हैं। पिछले दो महीनों (मार्च और अप्रैल 2026) से मानदेय न मिलने से नाराज कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि 20 मई तक उनका बकाया मानदेय नहीं चुकाया गया, तो 21 मई से 'नो पे-नो वर्क' की नीति अपनाते हुए पूर्ण कार्य बहिष्कार करेंगे। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सुल्तानपुर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया और प्रशासन को एक पत्र सौंपा। इस पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि यदि 20 मई तक लंबित मानदेय का भुगतान नहीं किया गया, तो जिले के सभी कर्मचारी 21 मई से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे। कर्मचारियों का कहना है कि नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, जिससे बच्चों की स्कूल फीस, किताबों और दैनिक आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए उनके पास पैसे नहीं हैं। इस स्थिति ने उनके परिवारों के सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। प्रांतीय संगठन के निर्देशानुसार, 18, 19 और 20 मई को प्रदेश भर के सभी एनएचएम संविदा कर्मचारी अपने-अपने कार्यस्थल पर काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन दर्ज करा रहे हैं। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि 20 मई तक दो महीने का मानदेय नहीं मिला, तो 21 मई से पूरी तरह से कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, जनहित को ध्यान में रखते हुए आपातकालीन सेवाएं सुचारू रूप से संचालित रहेंगी। डॉ. आकर्ष शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में बताया कि जिले के एनएचएम कर्मचारियों का वेतन लंबित है। समय पर मानदेय न मिलने के कारण सभी कर्मचारी और उनके परिवार गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पूरी ईमानदारी से ड्यूटी कर रहे हैं, लेकिन उन्हें उनका हक नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें घर का किराया, बिजली का बिल और बच्चों की स्कूल फीस भरने में दिक्कत हो रही है।
गोमतीनगर स्टेशन पर सिर कटी लाश से सनसनी, 6 रेलवे स्टेशन बने जांच की अहम कड़ी
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन पर छपरा से आई एक्सप्रेस ट्रेन के S1 कोच में टीन के बक्से से एक युवती की सिर कटी लाश मिलने के बाद सनसनी फैल गई। शव के हाथ-पैर अलग-अलग पॉलीथिन में पैक मिले, जबकि युवती का सिर अब तक बरामद नहीं हो सका है।
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और कोच को खाली कर जांच शुरू की। शुरुआती जांच में आशंका जताई जा रही है कि युवती की हत्या कहीं और की गई और पहचान छिपाने के मकसद से शव को ट्रेन में रख दिया गया।
पुलिस जांच अब उन छह रेलवे स्टेशनों पर केंद्रित हो गई है, जहां ट्रेन रात के दौरान रुकी थी।  थावे जंक्शन, कप्तानगंज, गोरखपुर और गोंडा जंक्शन समेत कई स्टेशनों के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि संदिग्ध बक्सा ट्रेन में कब और किसने रखा।
जांच एजेंसियां प्रेम प्रसंग, ऑनर किलिंग, पारिवारिक विवाद और आपराधिक रंजिश समेत कई पहलुओं पर जांच कर रही हैं। पुलिस को शक है कि आरोपी शव की पहचान मिटाकर जांच को भटकाना चाहते थे।
फिलहाल युवती की पहचान पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रेलवे पुलिस आसपास के जिलों से गुमशुदगी की जानकारी भी जुटा रही है।