बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील
खरगूपुर (गोंडा)। बकरीद त्योहार को निर्विवाद रूप से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस ने पीस कमेटी की बैठक की। बैठक में प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने कहा कि आगामी 28 मई को बकरीद का त्योहार है, जिसमें परंपरागत पशु की ही कुर्बानी होनी चाहिए। इससे हटकर प्रतिबंधित पशुओं के कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही। शासन के निर्देशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बैठक में आए सभी लोगों से उक्त पर्व को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने में सभी से सहयोग की मांगा। बैठक में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, अफसर अली, राजेश सोनी, भूपेंद्र सिंह, नईम हाशमी, विनोद सोनी, लियाकत अली, संतोष श्रीवास्तव सहित कई मुस्लिम धर्म गुरु शामिल रहै।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
डीएम व एसपी की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहारों को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराने हेतु पीस कमेटी की बैठक हुई आयोजित
*गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने पीस कमेटी की बैठक में दिये गये कडे़ निर्देश*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहार- गंगा दशहरा मेला व ईदुज्जुहा (बकरीद) को सकुशल, शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशा0), सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष व पीस कमेटी के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) द्वारा आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत थानावार, तहसीलवार पीस कमेटी की बैठक की अद्यतन स्थिति तथा समस्त आधारभूत सुविधाओं जैसे- साफ सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था, मेडिकल सहायता एवं लॉ एण्ड आर्डर आदि के दृष्टिगत विस्तृत चर्चा की गयी।
         
उक्त बैठक में प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। समस्त थानाध्यक्षों द्वारा अवगत कराया गया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होंने समस्त स्थलों का चिन्हांकन कर साफ-सफाई व पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आश्वस्त किया गया।
         
पुलिस अधीक्षक महोदया ने पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी महोदय सहित सभी सम्मानित सदस्यों व सम्बन्धित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीस कमेटी की बैठक में सम्मानित सदस्यों द्वारा जिन बिंदुओं को चिन्हित किया गया है उन पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारियों द्वारा मेला स्थल, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का संयुक्त निरीक्षण अवश्य कर लिया जाय तथा निरोधात्मक कार्यवाही को समय रहते सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों से अपील की कि भ्रामक व अफवाह फैलाने वाली खबरों से बचें, कहीं कोई भी समस्या हो, तो सबसे पहले प्रशासन को अवगत कराएं, जिससे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
       
बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय द्वारा पीस कमेटी के सभी सम्मानित सदस्यों व उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बैठक में आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सभी आधारभूत सुविधाओं से सम्बन्धित बिन्दुओं को चिन्हित किया गया है। उन्होंने पीस कमेटी के सदस्यों को आश्वस्त किया कि चिन्हित किये गये बिन्दुओं पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत नगरक्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सकीय सहायता व पेयजल की आपूर्ति हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
       
उन्होंने मेला स्थल, सभी सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का सम्बन्धित एसडीएम व सीओ द्वारा संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आयोजित होने वाले गंगा दशहरा मेला, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने के निर्देश सम्बन्धित को दिये। इसी प्रकार उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा के दृष्टिगत आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से अपील की कि सभी धर्म समुदाय के लोग आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

सड़क हादसे ने छीना मां-बाप का साया, 3 मासूमों की देखभाल के लिए उतरे CM हेमंत


झारखंड के बोकारो से एक दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बच्चे आज दर-दर भटकने को विवश हैं। इनके आंसू देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है। सड़क हादसे में पिता की मौत हो गई। वहीं हादस में गंभीर रूप से घायल मां सोमवार की रात रांची रिम्स में जिंदगी की 'जंग' लड़ते-लड़ते हार गईं। तीनों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीनों बच्चों की आंखों में अब केवल आंसू हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा? इस बीच बच्चों की आंखों में आंसू देख राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आ गए।

बच्चों के आंसू देख सीएम हेमंत ने दिया बोकारो डीसी को आदेश

सीएम हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त (डीसी) जयनाथ झा को इस मामले में अविलम्ब संज्ञान लेकर बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी देने का फरमान सुनाया।

बच्चों से मिलने जा रहे बीडीओ और सीओ: बोकारो डीसी

सीएम के आदेश पर बोकारो डीसी ने तुरंत कार्रवाई की। डीसी ने सीएम हेमंत सोरेन को बताया कि 'बच्चों की मां का भी देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया है। उनके घर आज मंगलवार को बीडीओ और सीओ जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, संपूर्ण शिक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सभी कल्याणकारी योजनाओं का इन्हें लाभ दिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।'

बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है मामला

मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज रिम्स में चल रहा था। उनके परिवार में दो बेटे बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी हैं। पिता और मां की मौत की खबर से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया।

बकरीद शांतिपूर्ण माहौल में मनाने की अपील
खरगूपुर (गोंडा)। बकरीद त्योहार को निर्विवाद रूप से सम्पन्न कराने के लिए पुलिस ने पीस कमेटी की बैठक की। बैठक में प्रभारी निरीक्षक गोविंद कुमार ने कहा कि आगामी 28 मई को बकरीद का त्योहार है, जिसमें परंपरागत पशु की ही कुर्बानी होनी चाहिए। इससे हटकर प्रतिबंधित पशुओं के कुर्बानी पर पूरी तरह से रोक लगाने की बात कही। शासन के निर्देशों की अवहेलना करने पर कार्रवाई की चेतावनी दी। उन्होंने बैठक में आए सभी लोगों से उक्त पर्व को शांतिपूर्ण एवं आपसी भाईचारे के साथ सम्पन्न कराने में सभी से सहयोग की मांगा। बैठक में पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष राजीव रस्तोगी, अफसर अली, राजेश सोनी, भूपेंद्र सिंह, नईम हाशमी, विनोद सोनी, लियाकत अली, संतोष श्रीवास्तव सहित कई मुस्लिम धर्म गुरु शामिल रहै।
पीएम मोदी को नॉर्वे के अखबार ने बताया 'संपेरा', जानें कैसे एक पत्रकार के एक सवाल से बढ़ा विवाद

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अपने पांच देशों की यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंच चुके हैं। हालांकि, नॉर्वे दौरा लगातार चर्चा में बना हुआ है। ये चर्चा उस वक्त शुरू हुई, जब नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने एक महिला पत्रकार, हेले लिंग स्वेंडसन, ने अचानक प्रोटोकॉल तोड़कर चिल्लाते हुए एक तीखा सवाल पूछा। वहीं, वहीं अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नॉर्वे दौरा उस वक्त विवादों में आ गया, जब वे नॉर्वे के प्रधानमंत्री योनास गार स्टोरे से मीटिंग के बाद जा रहे थे तब वहां की पत्रकार हेला लेंग ने उनसे सवाल पूछा था लेकिन पीएम बिना जवाब दिए आगे बढ़ गए। सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए वीडियो में पत्रकार हेला लिंग को यह कहते हुए सुना जा सकता है, "प्रधानमंत्री मोदी, आप दुनिया की सबसे स्वतंत्र प्रेस के सवालों को क्यों नहीं लेते?"

हेला लिंग ने वीडियो शेयर करते हुए लिखा, "भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मेरे सवाल का जवाब नहीं दिया। मुझे इसकी उम्मीद भी नहीं थी। वर्ल्ड प्रेस फ़्रीडम इंडेक्स में नॉर्वे पहले स्थान पर है और भारत 157वें स्थान पर है।"

हेला लेंग के इस सोशल मीडिया पोस्ट के बाद नॉर्वे में बारतीय दूतावास ने बयान जारी किया और भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में आकर सवाल पूछने को कहा।प्रेस कॉन्फ़्रेंस में उनकी और भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस हो गई।

नॉर्वे की पत्रकार के तीखे सवाल

ओस्लो में भारतीय विदेश मंत्रालय की प्रेस कॉन्फ़्रेंस में हेला लेंग ने सवाल पूछा, "भारत और नॉर्वे एक दूसरे के साथ मज़बूत साझेदारी कर रहे हैं। लेकिन हम आप पर भरोसा क्यों करें? क्या आप वादा करते हैं कि अपने देश में हो रहे मानवाधिकार उल्लंघन को रोकेंगे। आपके प्रधानमंत्री मुश्किल सवालों का जवाब देना कब शुरू करेंगे।" जब विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि उन्होंने सवाल सुन लिया है और इसका जवाब देंगे, तो नॉर्वे की उस पत्रकार ने कहा कि उन्हें इसका जवाब फ़ौरन चाहिए।

भारतीय विदेश मंत्रालय में सचिव ने दिया जवाब

उसी प्रेस कॉन्फ़्रेंस में भारत के विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिम) सीबी जॉर्ज ने इस सवाल के जवाब में कहा, "भारत बेहद प्राचीन सभ्यता है। करीब पाँच हजार साल पुरानी सभ्यता। हमने जीरो का आविष्कार किया। हमने योग का आविष्कार किया।"

भारत ने बताया कैसे दुनिया ने किया विश्वास

जब सीबी जॉर्ज ये कह रहे थे, तब पत्रकार ने उन्हें फिर टोककर कहा कि आप सीधे मेरे सवाल का जवाब दीजिए। इस पर सीबी जॉर्ज ने कहा, "ये मेरी प्रेस कॉन्फ़्रेंस है। आपने सवाल किया है। अब आपको मेरा जवाब सुनने का धैर्य होना चाहिए।" पत्रकार ने फिर कहा कि आप योग वगैरह की बात ना करके सीधे सवाल का जवाब दें। सीबी जॉर्ज ने तब फिर कहा, "मैं भरोसे की ही बात कर रहा हूँ। जब पूरी दुनिया कोविड महामारी से जूझ रही थी। तब हमने दुनिया के 150 से ज़्यादा देशों को वैक्सीन और दवा दी। पूरी दुनिया को हमने संकट से उबारने में मदद की। दुनिया ने हम पर विश्वास जताया। ये होता है भरोसा।"

भारतीय अधिकारी ने बताया भारत पर भरोसे का मतलब

इस दौरान पत्रकार बार-बार टोकती रहीं कि मानवाधिकार उल्लंघन के बारे में पूछे उनके सवाल का सीधा जवाब दिया जाए। सीबी जॉर्ज ने इसके जवाब में भारत में आयोजित जी20 समिट का ज़िक्र करते हुए कहा कि रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे मुश्किल हालात में भारत की मेज़बानी में सभी देश एक ही प्लेटफ़ॉर्म पर आए। उन्होंने कहा, "भारत ने सबको एक किया और पहली बार अफ़्रीकन यूनियन को हम जी20 का स्थाई सदस्य बनाने में सफल रहे। अफ़्रीकी देशों की चिंताओं को भारत ने मंच दिया। ये होता है भरोसा।" सीबी जॉर्ज के जवाब देने के दौरान ही वो पत्रकार प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर चली गईं।

अब नॉर्वे के अखबार में पीएम मोदी पर कार्टून छपा

इस विवाद के बीच अब नॉर्वे के एक अख़बार में पीएम मोदी पर छपा कार्टून सुर्ख़ियां बटोर रहा है। नॉर्वे के सबसे बड़े और प्रभावशाली अख़बारों में से एक 'आफ़्टेनपोस्टेन' ने एक कार्टून प्रकाशित किया है। जिसमें उन्हें ‘संपेरे’ के रूप में दिखाया गया है और पेट्रोल पंप के पाइप को सांप की तरह दर्शाया गयाहै। यह कार्टून एक ओपिनियन लेख के साथ प्रकाशित हुआ था, जिसमें पीएम मोदी के लिए हेडलाइन दी गई है, ‘एक चालाक और थोड़ा खीज दिलाने वाला आदमी’।

भारत-नॉर्वे के रिश्ते पर पड़ेगा असर?

पीएम के दौरे और उससे पैदा हुए विवाद के बाद सवाल उठ रहें हैं कि क्या भारतच और नॉर्वे रे रिश्तों पर इसका असर पड़ेगा। एक्सपर्ट्स का मानना है कि नॉर्वे के अखबार में छपे कार्टून के कारण दोनों देशों के कूटनीतिक रिश्तों पर कोई निगेटिव प्रभाव नहीं पड़ने वाला है। हालांकि, इतना जरूर है कि इस कार्टून विवाद के कारण भारत की आम जनता के बीच इस मुद्दे ने तूल जरूर पकड़ लिया है। एक बड़ी आबादी इसे देश के अपमान से जोड़कर देख रही हैं।

हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन ने प्रेस वार्ता कर रखी अपनी बात, संगठन की उपलब्धियों और विवादों पर दिया जवाब

हजारीबाग के संजय सिंह क्रिकेट मैदान में हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन (एचडीसीए) द्वारा एक विशेष प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस प्रेस वार्ता में चेयरमैन मनीष जायसवाल, कार्यकारी अध्यक्ष, सचिव बंटी तिवारी सहित संगठन के कई पदाधिकारी एवं सदस्य मुख्य रूप से उपस्थित रहे। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने अपने गठन, क्रिकेट गतिविधियों, मैदान के विकास, वित्तीय पारदर्शिता, खिलाड़ियों की उपलब्धियों तथा हाल के विवादों को लेकर विस्तारपूर्वक अपनी बात पत्रकारों के समक्ष रखी। प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए चेयरमैन मनीष जायसवाल ने बताया कि एचडीसीए का गठन एचएए से अलग होकर वर्ष 1986 में हुआ था। इसके बाद संगठन में कई अनुभवी लोगों ने अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। इनमें रणधीर वर्मा, ब्रज किशोर जायसवाल, प्रोफेसर आर एस सिन्हा, आरके मलिक, प्रवीण कुमार सिंह, मनोज कौशिक, अखिलेश झा, भीमसेन टूटी और मनीष जायसवाल शामिल रहे। वर्तमान समय में राजीव सिंह अध्यक्ष के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि समय के साथ मैदान का लगातार विकास होता गया और इसमें सभी जनप्रतिनिधियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। यशवंत सिन्हा ने 18 लाख रुपये की सहायता से बाउंड्री निर्माण में सहयोग किया। सौरभ नारायण सिंह ने 4 लाख रुपये की मदद से गेट का निर्माण कराया, जिसे आज ओल्ड गेट के नाम से जाना जाता है। मनीष जायसवाल ने विधायक कार्यकाल के दौरान 25 लाख रुपये से ग्राउंड निर्माण, 8 लाख रुपये से फेंसिंग और 4 लाख रुपये से बाउंड्री निर्माण कराया। जयंत सिन्हा ने 15 लाख रुपये की लागत से मुख्य द्वार का निर्माण कराया। वर्तमान विधायक प्रदीप प्रसाद ने 15 लाख रुपये की सहायता से फेवर ब्लॉक लगवाया। पवेलियन का निर्माण जिला परिषद की मदद से कराया गया जबकि फ्लड लाइट राज्य सरकार की सहायता से लगाई गई। मनीष जायसवाल ने कहा कि संगठन प्रत्येक वर्ष जुलाई से अगस्त के बीच वार्षिक आमसभा आयोजित करता है, जिसमें संगठन अपने आय-व्यय और क्रिकेट गतिविधियों का पूरा ब्यौरा सभी सदस्यों के समक्ष प्रस्तुत करता है। उन्होंने बताया कि पहले प्रत्येक दो वर्ष में कमेटी का गठन किया जाता था, लेकिन सत्र 2024-25 की एजीएम में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि अब जेएससीए की तर्ज पर प्रत्येक तीन वर्ष में नई कमेटी का गठन होगा। उन्होंने कहा कि आय-व्यय का पूरा ब्यौरा वार्षिक आमसभा में रखने से पहले चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा ऑडिट कराया जाता है और उसके बाद ही इसे पारित किया जाता है। प्रेस वार्ता में सचिव बंटी तिवारी ने राज्य टीम का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों के नाम भी साझा करते हुए कहा कि इनमें अमित कुमार यादव, सचिन कुमार यादव, जीवन पटेल, पंकज कुमार, शिवांश, राहुल रजक, मणिकांत, वर्षा कुमारी, रितिका कुमारी, अर्चना कुमारी और श्रेया साहा शामिल हैं। मनीष जायसवाल ने भावुक होते हुए कहा कि हजारीबाग क्रिकेट के लिए संजय सिंह का नाम सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि संजय सिंह अब हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उन्हें हमेशा सबसे पहले याद और सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि हजारीबाग क्रिकेट में संजय सिंह का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। मैदान दिलाने से लेकर ग्राउंड तैयार कराने और क्रिकेट इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने तक उनका योगदान अविस्मरणीय है। उनके योगदान को सम्मान देने के लिए वार्षिक बैठक में सर्वसम्मति से वेल्स क्रिकेट स्टेडियम का नाम बदलकर संजय सिंह स्टेडियम करने का निर्णय लिया गया, जिसके बाद से यह मैदान संजय सिंह स्टेडियम के नाम से जाना जाता है। प्रेस वार्ता के दौरान एचडीसीए ने झारखंड राज्य क्रिकेट संघ टूर्नामेंट में अपनी सहभागिता की जानकारी भी दी। संगठन ने बताया कि सत्र 2022-23 में झारखंड राज्य क्रिकेट संघ अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग और अंडर-16 बालक वर्ग में सहभागिता रही। सत्र 2023-24 में रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-19 प्लेट ग्रुप पुरुष, अंडर-19 महिला वर्ग तथा सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग में सहभागिता रही। वहीं सत्र 2024-25 में अंडर-14 बालक वर्ग, रंधीर वर्मा ट्रॉफी सीनियर डिस्ट्रिक्ट, अंडर-16 बालक वर्ग, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग और अंडर-23 महिला स्टेट कैंप में खिलाड़ियों ने भाग लिया। सत्र 2025-26 में अंडर-14 बालक वर्ग, अंडर-16 बालक वर्ग, अंडर-23 महिला वर्ग, अंडर-15 गर्ल्स, अंडर-16 जोनल बालक वर्ग, अंडर-23 महिला स्टेट कैंप, अंडर-19 पुरुष स्टेट कैंप, सीमा देसाई टी-20 टूर्नामेंट महिला वर्ग तथा बीसीसीआई अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी झारखंड बनाम केरल मुकाबले तक संगठन की सहभागिता रही। संगठन ने अपने आगामी लक्ष्यों की भी जानकारी दी। श्री जयसवाल ने कहा कि जल्द ही जेपीएल महिला टूर्नामेंट आयोजित किया जाएगा और अंतिम लक्ष्य रणजी ट्रॉफी तक पहुंचना है। यह भी बताया गया कि एचडीसीए सोसाइटी एक्ट में रजिस्टर्ड एवं जीएसीए से एफिलिएटेड बॉडी है। संगठन के सचिव बंटी तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि बदलते दौर के साथ अब सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए व्हाट्सएप माध्यम का उपयोग किया जा रहा है। किसी भी कार्यक्रम की जानकारी संगठन द्वारा बनाए गए व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से सदस्यों तक पहुंचाई जाती है और व्यक्तिगत रूप से फोन कॉल कर सूचना देने की परंपरा नहीं है। उन्होंने कहा कि जब वे स्वयं चेयरमैन के रूप में वहां मौजूद थे और अध्यक्ष भी मौजूद थे, तब विधायक प्रदीप प्रसाद ने केवल सचिव बंटी तिवारी से ही बातचीत करने की कोशिश की। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि उनकी नाराजगी संगठन से थी तो वे चेयरमैन और अध्यक्ष से भी बात कर सकते थे। संभवतः ऐसा होता तो मामला इतना आगे नहीं बढ़ता।उन्होंने स्पष्ट कहा कि किसी भी सदस्य को व्यक्तिगत रूप से बुलाने की परंपरा नहीं है। यदि उनकी शिकायत व्यक्तिगत निमंत्रण को लेकर है तो जिला क्रिकेट एसोसिएशन आगे इसका ख्याल रखेगा और भविष्य में उन्हें व्यक्तिगत रूप से आमंत्रित भी किया जाएगा। मनीष जायसवाल ने कहा कि एक सदस्य के तौर पर अपनी शिकायत रखने के कई तरीके होते हैं, लेकिन जिस प्रकार कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचकर नाराजगी जाहिर की गई, वह सदस्यता धर्म के अनुरूप नहीं है। पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवालों के जवाब में मनीष जायसवाल ने कहा कि उनका व्यक्तिगत मानना है कि यदि कोई व्यक्ति सुबह का भूला हो और शाम को वापस आ जाए तो उसे माफ किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा होता है तो वे उन्हें गले से लगा लेंगे। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत विचार है, जबकि इस मामले में संगठन क्या कार्रवाई करेगा, यह हजारीबाग जिला क्रिकेट एसोसिएशन तय करेगा। उन्होंने आगे कहा कि यदि छोटा भाई उदंड हो जाए और यह अपेक्षा रखे कि बड़ा भाई जाकर उससे बात करे, तो मनीष जायसवाल ऐसा बड़ा भाई नहीं है।

दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। ऑनलाइन दवा बिक्री पर प्रतिबंध की मांग को लेकर बुधवार को दवाओं की दुकानों के बंद होने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ़ केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आवाहन पर नगर के औषधि विक्रेता संघ ने विरोध स्वरूप अपने-अपने  प्रतिष्ठान बंद रखें, उसके उपरांत प्रधानमंत्री भारत सरकार को संबोधित एक ज्ञापन नायब तहसीलदार अशोक यादव को दिया, ज्ञापन में अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री के विरुद्ध करवाई, बिना वैध एवं सत्यापित ई प्रिसक्रिप्शन के दवाओं की बिक्री एवं होम डिलीवरी प्रतिबंधित करने, जीएसआर 817 ई एवं जीएसआर 220 ई को तत्काल वापस लिए जाने व ऑनलाइन प्लेटफॉर्म द्वारा अपनी जा रही अत्यधिक छूट व प्रीडेटरी प्राइसिंग

पर रोक लगाने की मांग की गई। ज्ञापन देने वालों में प्रमुख रूप से औषधि विक्रेता संघ के अध्यक्ष मोहम्मद कलीम चौधरी, महामंत्री संजय टंडन, उपाध्यक्ष रेहान अहमद, कोषाध्यक्ष मोहम्मद शमी, प्रवीण मेहरोत्रा, विजेंद्र शुक्ला, रामकुमार यादव, सुशील कुमार, वकील अहमद जमील अहमद आदि प्रमुख थे। औषधि विक्रेता संघ के महामंत्री संजय टंडन ने बताया कि हडताल के आवाहन पर  क्षेत्र की सभी दवा दुकानें पूर्ण रूप से बंद है, जनहित को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि दोपहर बाद फुटकर दवा विक्रेता अपनी अपनी दुकान खोलेंगे जबकि थोक विक्रेता पूर्णतया हड़ताल पर रहेंगे।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
डीएम व एसपी की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहारों को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराने हेतु पीस कमेटी की बैठक हुई आयोजित
*गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने पीस कमेटी की बैठक में दिये गये कडे़ निर्देश*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहार- गंगा दशहरा मेला व ईदुज्जुहा (बकरीद) को सकुशल, शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशा0), सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष व पीस कमेटी के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) द्वारा आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत थानावार, तहसीलवार पीस कमेटी की बैठक की अद्यतन स्थिति तथा समस्त आधारभूत सुविधाओं जैसे- साफ सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था, मेडिकल सहायता एवं लॉ एण्ड आर्डर आदि के दृष्टिगत विस्तृत चर्चा की गयी।
         
उक्त बैठक में प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। समस्त थानाध्यक्षों द्वारा अवगत कराया गया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होंने समस्त स्थलों का चिन्हांकन कर साफ-सफाई व पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आश्वस्त किया गया।
         
पुलिस अधीक्षक महोदया ने पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी महोदय सहित सभी सम्मानित सदस्यों व सम्बन्धित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीस कमेटी की बैठक में सम्मानित सदस्यों द्वारा जिन बिंदुओं को चिन्हित किया गया है उन पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारियों द्वारा मेला स्थल, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का संयुक्त निरीक्षण अवश्य कर लिया जाय तथा निरोधात्मक कार्यवाही को समय रहते सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों से अपील की कि भ्रामक व अफवाह फैलाने वाली खबरों से बचें, कहीं कोई भी समस्या हो, तो सबसे पहले प्रशासन को अवगत कराएं, जिससे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
       
बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय द्वारा पीस कमेटी के सभी सम्मानित सदस्यों व उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बैठक में आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सभी आधारभूत सुविधाओं से सम्बन्धित बिन्दुओं को चिन्हित किया गया है। उन्होंने पीस कमेटी के सदस्यों को आश्वस्त किया कि चिन्हित किये गये बिन्दुओं पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत नगरक्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सकीय सहायता व पेयजल की आपूर्ति हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
       
उन्होंने मेला स्थल, सभी सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का सम्बन्धित एसडीएम व सीओ द्वारा संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आयोजित होने वाले गंगा दशहरा मेला, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने के निर्देश सम्बन्धित को दिये। इसी प्रकार उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा के दृष्टिगत आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से अपील की कि सभी धर्म समुदाय के लोग आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

सड़क हादसे ने छीना मां-बाप का साया, 3 मासूमों की देखभाल के लिए उतरे CM हेमंत


झारखंड के बोकारो से एक दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बच्चे आज दर-दर भटकने को विवश हैं। इनके आंसू देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है। सड़क हादसे में पिता की मौत हो गई। वहीं हादस में गंभीर रूप से घायल मां सोमवार की रात रांची रिम्स में जिंदगी की 'जंग' लड़ते-लड़ते हार गईं। तीनों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीनों बच्चों की आंखों में अब केवल आंसू हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा? इस बीच बच्चों की आंखों में आंसू देख राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आ गए।

बच्चों के आंसू देख सीएम हेमंत ने दिया बोकारो डीसी को आदेश

सीएम हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त (डीसी) जयनाथ झा को इस मामले में अविलम्ब संज्ञान लेकर बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी देने का फरमान सुनाया।

बच्चों से मिलने जा रहे बीडीओ और सीओ: बोकारो डीसी

सीएम के आदेश पर बोकारो डीसी ने तुरंत कार्रवाई की। डीसी ने सीएम हेमंत सोरेन को बताया कि 'बच्चों की मां का भी देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया है। उनके घर आज मंगलवार को बीडीओ और सीओ जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, संपूर्ण शिक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सभी कल्याणकारी योजनाओं का इन्हें लाभ दिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।'

बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है मामला

मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज रिम्स में चल रहा था। उनके परिवार में दो बेटे बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी हैं। पिता और मां की मौत की खबर से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया।