मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीक शिक्षा स्वच्छता और विकास का मॉडल-महापौर।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी-महापौर।

स्थान:डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लोकल बॉडीज सेक्टर-7 गोमती नगर एक्सटेशन लखनऊ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विकसित UP for विकसित भारत के अन्तर्गत एक राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।सुबह 9:30 बजे पंजीकरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियो नगर निकायो के जनप्रतिनिधियो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानो के विशेषज्ञो तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तो ने प्रतिभाग किया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने किया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य:-उत्तर प्रदेश की शहरी व्यवस्था को विकसित भारत 2047 के अनुरूप ढालना था—स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

ई-गवर्नेंस शहरी गतिशीलता एवं ट्रांजिट सिस्टम शहरी सततता इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग इन बिन्दुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सतत समावेशी और तकनीक आधारित नगर विकास का रोडमैप तैयार किया गया।

विशेष सत्र:महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी प्रयागराज का सम्बोधन।

महापौर ने विशेष अतिथि वक्ता के रुप में उपस्थित रहे अपने सम्बोधन में कहा—प्रयागराज आज परम्परा तकनीक शिक्षा स्वच्छता और नवाचार का ऐसा आदर्श संगम बन चुका है जो विकसित भारत 2047 की मजबूत नीव रखता है।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी

महापौर ने शहर में हुए तीव्र बदलावो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और योजना के साथ कोई भी शहर राष्ट्रीय आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया—

शिक्षा में क्रांति:ऑपरेशन कायाकल्प

महापौर ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रयागराज के प्राथमिक विद्यालयों का अभूतपूर्व कायाकल्प किया गया है—

प्राथमिक विद्यालयो में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए।

आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू किया गया।

बच्चो के लिए स्वच्छ शौचालय RO पेयजल फर्नीचर खेल सामग्री व पूर्णत:विकसित परिसर तैयार किए गए।

सभी विद्यालयों को सुरक्षित आकर्षक और तकनीकी रूप से सक्षम मॉडल स्कूल के रूप में बदला गया।

उन्होने कहा कि प्रयागराज का हर विद्यालय अब आधुनिक भारत के बच्चो के सपनो को पंख देने वाला ज्ञान मंदिर बन चुका है।

महा माघ मेला 2026 : विश्व स्तरीय आयोजन की तैयारी

उन्होंने कहा कि प्रयागराज आगामी महा माघमेला 2026 हेतु—

अत्याधुनिक यातायात व्यवस्था

नवाचार आधारित सुविधाएं

पर्यावरण-मित्र तकनीक

को अपनाते हुए वैश्विक स्तर की तैयारियाँ कर रहा है।

स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में प्रयागराज ने देश में 12वाँ स्थान प्राप्त किया।

वॉटर गंगा टाउन सहित कई राष्ट्रीय अवार्ड।मियावाकी तकनीक से सिर्फ 1 वर्ष में संपूर्ण शहर में घने वन।

SBM कंट्रोल रूम से 24×7 स्वच्छता निगरानी।पुराने कूड़े के पहाड़ो का वैज्ञानिक निस्तारण।धरोहर व सौन्दर्य संवर्धन.हेरिटेज मोहल्ला. साहित्य तीर्थ पार्क.रामसेतु एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था.विश्व की सबसे बड़ी रंगोली के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश

तकनीक आधारित नगर प्रबन्धन.IIT की सोच पर आधारित नवाचार.स्मार्ट सिटी के अंतर्गत डिजिटल शासन.ई-गवर्नेंस से त्वरित नागरिक सेवाएं.कार्यशाला के तकनीकी सत्र.कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रो का आयोजन हुआ—1-स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेस 2-अर्बन मोबिलिटी एवं ट्रांज़िट सिस्टम 3-अर्बन सस्टेनेबिलिटी4-इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग.इन सत्रों में NIUA. UNEP.WRI India.NITI Aayog.Smart City Mission.नगर विकास विभाग विभिन्न नगर निगमो के आयुक्त व विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दी।

महापौर का समापन सन्देश-

अपने सम्बोधन का समापन करते हुए महापौर ने कहा- विकसित भारत 2047 का सपना केवल योजनाओ से नही बल्कि हर शहर में वास्तविक परिवर्तन से पूरा होगा।प्रयागराज साबित कर रहा है कि यदि नीयत नीति और तकनीक साथ चले तो विकास अपने आप रास्ता बना लेता है।

आजमगढ़: शताब्दी वर्ष पूरा होने पर भाकपा ने दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन निकाला जुलूस किया जन सभा
आजमगढ़।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आजमगढ़ ने पार्टी के शताब्दी वर्ष पर अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन विशाल रैली और सभा की।जिसकी अध्यक्षता हरिगेन राम और संचालन जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने किया। भाकपा के कार्यकर्ता जिले के कोने कोने से जजी मैदान में एकजुट होकर लाल झंडो और बैनरों के साथ पूरे उत्साह के साथ जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट का चक्रमण किया।उसके बाद रैली सभा में बदल गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव अरविंद राज स्वरूप ने कहा कि भाकपा की स्थापना कानपुर में हुई थी।कानपुर के साथ आजमगढ़ का नाम लिया जाता है।स्वतंत्रता सेनानी जयबहादुर सिंह,झारखंडे राय,डॉ जेड ए अहमद,दशरथ राय शास्त्री,बच्चे लाल शास्त्री,मुंशी नर्वदेश्वर लाल जैसे लोगों की कुर्बानियां की गाथा आज भी सुनाई देती है।स्वरूप ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार को अब शहीद याद आते हैं।जबकि बीजेपी का शहीदों से कोई लेना देना नहीं है। एस आई आर कराकर सरकार गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित करना चाहती है। एस आई आर का समय बहुत सीमित है,जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। स्वरूप ने आगे कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी विचारों की पार्टी है।हम। सौ साल से पूंजीपतियों के खिलाफ गरीबों के हक,हुकूक के लिए संघर्ष किया है और करती रहेगी। भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारें भगत सिंह से डरती हैं।क्योंकि भगत सिंह जाति,धर्म,संप्रदाय और पूंजीवादी विचारधारा के कट्टर विरोधी थे।आज सरकारों को कार्पोरेट चला रहा है।देश की सकल पूंजी पर चंद पूंजीपतियों का कब्जा है।भगत सिंह मजदूरों,किसानों,महिलाओं, विद्यार्थियों,नवजवानों के हक अधिकार के बारे में खुलकर बोला था।जगमोहन सिंह ने कहा कि आजमगढ़ में हमारा आगमन पहली बार हुआ है।बृहस्पतिवार से हम कैफ़ी आज़मी जन्म स्थान मिज़वा,शहीद द्वार, शिब्ली मंजिल,राहुल सांकृत्यायन जन्म स्थान पन्दहा,निजामाबाद ऐतिहासिक गुरुद्वारा और शेख मसूद इंटर कॉलेज फरिहा में मेरा जितना आदर और सत्कार किया गया।उसके लिए मै साथी हरिमंदिर पाण्डेय का आभार करता हूं।जिनकी वजह से आजमगढ़ में हमारा आगमन हुआ। इस सभा के माध्यम से जिले के विकास से जुड़ी बीस सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी आजमगढ़ को दिया गया। इस सभा को पार्टी प्रदेश सचिव मंडल सदस्य हामिद अली,उप्र किसान सभा अध्यक्ष इम्तेयाज बेग,खेत मजदूर नेता खरपत्तू राजभर,रामाज्ञा यादव,गंगादीन, मो शेख औबेदुल्ला,मुजम्मिल जाहिद अली,राम अवध यादव,तेज़बहादुर मौर्य,मंगलदेव यादव, जियालाल आदि लोगों ने सभा को संबोधित किया।
जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद...', मौलाना महमूद मदनी का भड़काऊ बयान

#maulanamahmoodmadanijustifyingjihad_minority

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जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी अपने बयान की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मौलाना महमूद असद मदनी के बयान ने विवाद बढ़ा दिया है। उन्होंने भोपाल में जिहाद और कोर्ट के फैसलों को लेकर बयान दिया और सरकार पर भी निशाना साधा।

जिहाद’ शब्द को बदनाम करने का आरोप

भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र अवधारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। 'लव जिहाद', 'भूमि जिहाद', 'शिक्षा जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई गई है। इससे धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते है।

एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा-मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। दुःख की बात है कि एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य समुदायों को कानूनी रूप से शक्तिहीन, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के विरुद्ध नकारात्मक अभियान जैसे व्यवस्थित और संगठित प्रयास उनके धर्म, पहचान और अस्तित्व को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाया सवाल

मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया। मौलाना मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें, सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। महमूद मदनी ने कहा, किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है। दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक आईन की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर सुप्रीम कहलाने का हकदार नहीं है।

समय से नहीं हुआ बकाया भुगतान तो इलाज पक्का- दारा सिंह चौहान

*जल्द होगा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, मंत्री ने दिया आश्वासन

गोंडा।जिले में बजाज हिन्दुस्तान शुगर कुंदुरखी चीनी मिल पर किसानों का 109 करोंड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है।इस मुद्दे को जब किसानों ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के सामने उठाया जिसके बाद मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।कैबिनेट मंत्री ने किसानों को बताया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान सुनिश्चित करवाएंगे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चीनी मिल भुगतान नहीं करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस पूरे मामले पर कड़ा रुख है।कैबिनेट में यह भी बात सामने आई है कि बकायादार निजी चीनी मिलें यदि जल्द भुगतान नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।जब मंत्री से पूछा गया कि चीनी मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई,तो उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली स्थिति की जानकारी नहीं है।उन्होंने दोहराया कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो इलाज होगा सख्त कार्रवाई होगी।पत्रकारों के सवाल पर कि क्या वे किसी को निर्देशित करेंगे,मंत्री ने कहा कि वे निश्चित रूप से जिलाधिकारी को इस संबंध में निर्देश देंगे।उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सभी गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को जल्द से जल्द करवाने का आग्रह करेंगे और हम चाहेंगे कि जल्द से जल्द गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो जाए ताकि उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़े।

212 एकड़ सहारा जमीन पर उठे सवाल – बिक्री, भुगतान और RERA-SEBI अनुपालन की मांग तेज

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर में सहारा समूह की 212.51 एकड़ जमीन को लेकर बड़ा विवाद पैदा हो गया है। एक स्थानीय नागरिक ने आरोप लगाया है कि प्लॉट बिक्री, भुगतान और रजिस्ट्री में सुप्रीम कोर्ट और SEBI के आदेशों की सीधी अनदेखी की गई। जिले के डीएम से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के 2013, 2014 और 2016 के आदेशों में यह स्पष्ट था कि सहारा समूह बिना शर्त पूरी किए कोई भी अचल संपत्ति ट्रांसफर नहीं कर सकता। इसके बावजूद 212.51 एकड़ जमीन की कथित बिक्री की गई, और भुगतान SEBI-Sahara Refund Account में जमा हुआ या नहीं—इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।

में यह भी दावा किया गया कि प्लॉट बुकिंग वर्ष 2024 में ही कर ली गई जबकि नक्शा अनुमोदन 2025 का बताया जा रहा है। इसके साथ-साथ बिना Completion Certificate के रजिस्ट्री कराने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है, जो RERA Act 2016 की धारा 3(1) का खुला उल्लंघन माना जाता है।

विकास बालियान

ने यह भी कहा कि जब इन तथ्यों पर सवाल उठाए गए तो भूमि विक्रेता पक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें “ब्लैकमेलर” तक कह दिया, जो जांच मांगने वालों को डराने का प्रयास प्रतीत होता है।

पत्र में विकास बालियान

ने जिलाधिकारी से निम्न प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल जांच की मांग की है—

क्या जमीन बिक्री SEBI–सुप्रीम कोर्ट शर्तों के तहत हुई?

क्या वसूला गया पैसा SEBI के रिफंड खाते में जमा हुआ?

क्या 2024 में RERA अनुमति से पहले प्लॉट बेचे गए?

क्या नक्शा पास होने से पहले करोड़ों का भुगतान वसूला गया?

इसके साथ ही उन्होंने SFIO + RERA + SEBI + तहसील व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग की है। और जब तक जांच पूर्ण न हो—जमीन से संबंधित बिक्री/रजिस्ट्री प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाने का अनुरोध भी किया है।

दस्तावेजों में RTI जवाब, नक्शा स्वीकृति रिकॉर्ड, SC आदेश, SEBI पत्राचार, भुगतान रिपोर्ट, प्लॉट allotment विवरण सहित कई प्रमाण संलग्न किए गए हैं।

“मैंने सभी तथ्य दस्तावेजों के साथ दिए हैं। यह मामला निवेशकों के हित और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़ा है। जल्द जांच होनी चाहिए।”

निलम्बित बीएसए अतुल तिवारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने सरकार से तलब किया ब्योरा

*निलम्बन निरस्त कर बहाली की न्यायालय से मांग,सुनवाई मंगलवार को

गोंडा।जिले के निलम्बित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर लखनऊ उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने सुनवाई की है।कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले का ब्योरा तलब किया है।न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गयी है।कोर्ट ने मंगलवार तक पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में दुबारा सुनवाई होगी।फिलहाल, उन्हें हाईकोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है।तिवारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने निलम्बन आदेश को रद्द करने और उन्हें पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग की है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके द्वारा किसी से कोई रिश्वत नहीं ली गयी है।बीएसए के अनुसार,उन पर गलत तरीके से आरोप लगाकर एंटी करप्शन कोर्ट से आदेश करवाकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से निलम्बित किया गया है,जबकि इस पूरे मामले में उनका कोई दोष नहीं है।हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में निलम्बित बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से कई अधिकारियों और विभागों को पार्टी बनाया है।इसमें अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश,संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा विभाग,महानिदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,आयुक्त देवीपाटन मंडल,जिलाधिकारी गोंडा,निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा शामिल हैं।बताते चलें कि शिकायतकर्ता मनोज कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के टेंडर प्रक्रिया में अतुल कुमार तिवारी ने उनसे 22 लाख रुपए की रिश्वत ली थी।मनोज कुमार पाण्डेय का आरोप है कि रिश्वत लेने के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया गया और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और इसके बाद गलत तरीके से आरोप लगाकर नगर कोतवाली में अतुल कुमार तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया था।इसमें अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।इसी मामले में सरकार द्वारा 11 नवंबर को इनको निलम्बित कर दिया गया था

यूरिडा टीम द्वारा सभी सड़को का निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।डिप्टी सी०ई०ओ० नगर निगम प्रयागराज अरविन्द कुमार श्रीवास्तव यूरिडा लखनऊ एवं उनकी टीम अमित कुमार व मुख्य अभियन्ता दिनेश चन्द्र सचान अधिशासी अभियन्ता अजीत कुमार सहायक अभियन्ता डम्बर सिंह अवर अभियन्ता अमित सोनार विनोद पटेल एवं डिजाइन इंजीनियर सचिन कुमार सिंह की उपस्थिति में नगर निगम प्रयागराज द्वारा सी०एम०ग्रिड योजनान्तर्गत फेज-1 एवं फेज-2 के अन्तर्गत निर्माणाधीन कुल 06 सड़को का गहन निरीक्षण किया गया। जिसमें ट्रान्सपोर्ट नगर धर्मवीर मूर्ति से पोर्ट स्टेशन तक एवं प्रीतमनगर में धूमनगंज थाने से दुर्गापूजा मैदान होते हुए अबूबकरपुर मोड़ तक एवं केन्द्रांचल गेट से विवेकानन्द चौराहा होते हुए ए०आर०के० टावर प्रीतमनगर तक एवं टैगोर टाउन में के०पी० इन्टर कालेज के सामने से जवाहर लाल नेहरू रोड तक एवं कृति स्कैनिंग से सी०एम०पी०डिग्री कालेज के पीछे एवं लिडिल रोड सम्मिलित रही।उक्त मागो की कुल लम्बाई लगभग 5.50 किलोमीटर है।सी०एम०ग्रिड योजना में सम्मिलित सभी मार्गो पर फुटपाथ ड्रेनेज और भूमिगत विद्युत केबल डालने का कार्य किया जा रहा है और एक रिजर्व लाइन भी होगी।अगर कुछ गड़बड़ी आ जाये तो रिजर्व लाइन से बिजली आपूर्ति बहाल किया जा सके।भूमिगत मल्टीडक्ट पाईप डाले गये है जिससे टेलीफोन इंटरनेट के तारों को ले जाया जायेगा।सड़क पर वाहन न खड़े हो सके इसके लिए थोड़ी-थोड़ी दूर पर पार्किंग का प्राविधान किया गया है।साथ ही उक्त मार्गो पर मॉडुलर स्ट्रीट लाईट वृक्षारोपण एवं सौन्दर्याकरण का भी कार्य किया जायेगा।दृष्टिहीन राहगीरो हेतु फुटपाथ पर टेक्टाइल टाइल्स का कार्य भी प्रस्तावित है। के०पी० इण्टर कालेज के सामने से जवाहर लाल नेहरू रोड तक मार्ग पर साईकिल ट्रैक का भी प्राविधान किया गया है।यूरिडा टीम द्वारा सभी सड़को पर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु नामित थर्ड पार्टी राइट्स लि० को नियमित जाँच हेतु आदेशित किया गया है।

एएनटीएफ ने बिहार तस्करों का नेटवर्क किया ध्वस्त, 80 लाख की हेरोइन बरामद
लखनऊ । एएनटीएफ थाना गाजीपुर ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले 4 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 412 ग्राम अवैध हेरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये है सहित एक मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 2025 रुपये नकद बरामद किए।यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी क्राइम तथा पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ लखनऊ के दिशा-निर्देश पर की गई।एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि चार युवक बिहार से गाजीपुर क्षेत्र में हेरोइन की खरीद कर उसे बक्सर लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने रेलवे स्टेशन दिलदारनगर गेट के बाहर, पोस्ट ऑफिस के पास सरकारी हैंडपंप के समीप घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम धर्मेंद्र कुमार, 26 वर्ष, निवासी मठिया मोड़ नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, विपिन पासवान, 29 वर्ष, निवासी दुल्लहपुर थाना सेमरी, जनपद बक्सर, बिहार, दिव्यांशू प्रसाद, 19 वर्ष, निवासी कस्बा नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, साहिल खान, 19 वर्ष, निवासी चित्रकोनी, थाना दिलदारनगर, जनपद गाजीपुर है। तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे गाजीपुर के एक व्यक्ति से कम कीमत पर हेरोइन खरीदते थे और बिहार में उसे महंगे दामों पर बेच देते थे। इससे मिलने वाले मुनाफे को वे आपस में बांटते थे। गिरफ्तारी से पहले भी वे हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहे थे। अभियुक्तों के कब्जे से  412 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 80 लाख रुपये), 04 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 मोटरसाइकिल , 2025 रुपये नकद बरामद हुआ है।
दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट: आतंकी डॉ. शाहीन की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अलमारी, जहां से मिले 18 लाख कैश

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दिल्ली में हुए ब्लास्ट केस की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक के बाद एक बड़े खुलासे हाथ लग रहे हैं। एनआईए ने अब दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी और जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला कमांडर डॉ. शाहीन के ठिकाने से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि बकामद की गई इतनी बड़ी रकम आतंकी फंडिंग का हिस्सा हो सकता है।

देश की राजधानी दिल्‍ली के ऐतिहासिक लाल किला के पास हुए कार ब्‍लास्‍ट के जांच की जिम्मेदारी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। एनआईए की टीम कार ब्‍लास्‍ट की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद को लेकर मौका मुआयना करने के लिए फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले गई थी। शाहीन यूनिवर्सिटी के हॉस्‍टल के जिस रूम नंबर-22 में रहती थी, उसकी छानबीन गई। इस दौरान आलमारी से 18 लाख रुपये नकद मिले।

शाहीन के पास कहां से आई इतनी बड़ी रकम?

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी राशि शाहीन के पास कहां से आई? सूत्रों के मुताबिक यह पैसा आतंकी फंडिंग का हिस्सा हो सकता है। अलमारी में मिले इन भारी भरकम अंदेशा है कि इन पैसों का इस्‍तेमाल टेरर मॉड्यूल की गतिविधियों को फंड करने में किया जाना था। यह पैसा विश्वविद्यालय के भीतर से संचालित हो रहे ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ को वित्तपोषित करने के लिए रखा गया होगा।

डॉक्टर मुजम्मिल अहमद ने खोले राज

यह कार्रवाई आतंक मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई को फरीदाबाद लाकर पूछताछ के एक दिन बाद हुई। डॉक्टर मुजम्मिल ने पूछताछ में उन दो दुकानों की पहचान की जहां से उसने अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। जांच में पता चला है कि मुजम्मिल ने यूनिवर्सिटी से कुछ किलोमीटर दूर दो अलग-अलग कमरों में करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जमा कर रखा था। इसके अलावा उसने इस विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा हिस्सा पास के गांव के खेतों में छुपाया था, जिसे बाद में वह फतेहपुर टैगा में किराये पर लिए एक मौलवी के घर में ले गया। एनआईए को आशंका है कि अभी और भी विस्फोटक सामग्री छुपाई गई हो सकती है, जिसके लिए तलाशी अभियान जारी है।

शाहीन ने जांच एजेंसियों के सामने किया बड़ा खुलासा

इधर, आतंकी डॉक्टर शाहीन ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह आतंकी मॉड्यूल में डॉक्टर मुजम्मिल के कहने पर शामिल हुई थी और वही करती थी जो मुजम्मिल उसे निर्देश देता था। इसके अलावा, एजेंसियों को डॉक्टर अबू उकाशाह नाम के हैंडलर का टेलीग्राम अकाउंट भी मिला है। इसी अकाउंट के माध्यम से डॉक्टर मुजफ्फर, डॉक्टर उमर और डॉक्टर आदिल साल 2022 में तुर्किए गए थे।

मजदूरी न मिलने की शिकायत पर पहुॅचे श्रम प्रवर्तन अधिकारी

मजदूरी नही मिली तो वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी की होगी वसुली: मंगल

मीरजापुर। मजदूरों की समस्या और बकाया मजदूरी को लेकर श्रम विभाग अलर्ट है, यह सतर्कता शनिवार को देखने को मिला जब निर्माण श्रमिक की बकाया मजदूरी न मिलने की शिकायत पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, विभागीय कर्मचारी गौतम कुशवाहा ने रामबाग स्थित रैदानी मैदान के निषेधित क्षेत्र में जांच करने पहुॅचे। हालाकि समस्या का समाधान नही हुआ और श्रमिक की समस्या ज्यों की त्यों अभी बनी हुई है। बताते चले कि श्रमिक हरिमोहन पुत्र लाल बहादूर ने जहां अपने साथी मजदूरों को लेकर काम किया है वह क्षेत्र नये भवन निर्माण के लिए एनजीटी के निर्देश पर प्रतिबंधित है चूकिं यह वह क्षेत्र है जो गंगा तट से 200 मीटर दायरे के अंदर है लेकिन स्थानीय पुलिस और प्राधिकरण की मिली भगत से इस क्षेत्र में लगातार भवन निर्माण कार्य कराये जा रहे हैं।

ज्ञात हो कि इस प्रकार के अवैध निर्माण कि शिकायत के चलते जिले के प्रभारी मंत्री नन्द कुमार नन्दी के निर्देश पर शहर कोतवाल को अन्यत्र स्थानंतरण होना पड़ा। यहां यह भी बतायना आवश्यक है कि कुछ दिन पूर्व बीते 28 अक्टॅूबर को प्राधिकरण व पुलिस टीम ने अस्पताल चौकी पर दो भवन स्वामियों सहित लगभग आधा दर्जन से अधीक निर्माण श्रमिकों पर बिठाया लेकिन कार्यवाही के नाम पर मामला शुन्य रहा जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि मिर्जापुर विकास प्राधिकरण की क्या स्थिति है। हालाकि आज का मामला मजदूरी से है और भवन निर्माण मामले में श्रम विभाग का भी महत्वपूर्ण भूमिका है लेकिन श्रम विभाग भी अपने निजी स्वार्थ को लेकर चर्चे में है और पूर्व की मजदूर द्वारा की गयी शिकायत पर जांच के नाम पर खानापूर्ति की गयी जिसका उदाहरण अमरजीत प्रकरण है जहां एक वर्ष से अधीक बीत जाने पर मजदूर को उसकी मजदूरी नही मिली।

कया कहतें हैं लेबर अफसर

हरिमोहन की तरफ से रू0. 19 हजार बकाया मजदूरी कि शिकायत मिली है जिसकी जांच करने आये हैं मौके पर भवन स्वामी दिनेश कसेरा के न मिलने पर टेलिफोनिक वार्ता हुई और शिकायत से पूर्व की भांति अवगत कराया गया लेकिन भवन स्वामी द्वारा आनाकानी की जा रही है जिसपर दो दिन बाद कार्यालय बुलाया गया है मजदूरी न मिलने पर श्रमिक द्वारा पेमेन्ट ऑफ वेजेज का मुकदमा लगाया जा सकता है।

यूनियन महामंत्री बोले

मजदूरी बकाया को लेकर श्रम प्रर्वतन अधिकारी आज यहां रैदानी मैदान जांच करने पहुॅचे है लेकिन भवन स्वामी की अनुपस्थिति के चलते दो दिन बाद कार्यालय में बुलवाया गया है यदि श्रमिक को मजदूरी नही मिली तो श्रम न्यायालय में वाद दाखिल कर बकाया मजदूरी वसुल की जायेगी।: मंगल तिवारी महामंत्री, मिजा्रपुर असंगठित कामगार यूनियन

विकसित भारत @2047 राज्य-स्तरीय कार्यशाला में आधुनिक तकनीक शिक्षा स्वच्छता और विकास का मॉडल-महापौर।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी-महापौर।

स्थान:डायरेक्टरेट ऑफ अर्बन लोकल बॉडीज सेक्टर-7 गोमती नगर एक्सटेशन लखनऊ

संजय द्विवेदी प्रयागराज।विकसित UP for विकसित भारत के अन्तर्गत एक राज्य-स्तरीय परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया।सुबह 9:30 बजे पंजीकरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ प्रारम्भ हुए इस कार्यक्रम में वरिष्ठ अधिकारियो नगर निकायो के जनप्रतिनिधियो राष्ट्रीय एवं अन्तर्राष्ट्रीय संस्थानो के विशेषज्ञो तथा विभिन्न नगर निगमों के आयुक्तो ने प्रतिभाग किया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला की अध्यक्षता नगर विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री ए.के. शर्मा ने किया।कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य:-उत्तर प्रदेश की शहरी व्यवस्था को विकसित भारत 2047 के अनुरूप ढालना था—स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर

ई-गवर्नेंस शहरी गतिशीलता एवं ट्रांजिट सिस्टम शहरी सततता इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग इन बिन्दुओ पर विस्तृत चर्चा करते हुए सतत समावेशी और तकनीक आधारित नगर विकास का रोडमैप तैयार किया गया।

विशेष सत्र:महापौर उमेश चन्द्र गणेश केसरवानी प्रयागराज का सम्बोधन।

महापौर ने विशेष अतिथि वक्ता के रुप में उपस्थित रहे अपने सम्बोधन में कहा—प्रयागराज आज परम्परा तकनीक शिक्षा स्वच्छता और नवाचार का ऐसा आदर्श संगम बन चुका है जो विकसित भारत 2047 की मजबूत नीव रखता है।

प्रयागराज—विकास और परिवर्तन की दिशा में अग्रणी

महापौर ने शहर में हुए तीव्र बदलावो का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रयागराज ने सभी क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर यह सिद्ध किया है कि संकल्प और योजना के साथ कोई भी शहर राष्ट्रीय आदर्श बन सकता है। उन्होंने विशेष रूप से उल्लेख किया—

शिक्षा में क्रांति:ऑपरेशन कायाकल्प

महापौर ने बताया कि ऑपरेशन कायाकल्प योजना के माध्यम से प्रयागराज के प्राथमिक विद्यालयों का अभूतपूर्व कायाकल्प किया गया है—

प्राथमिक विद्यालयो में स्मार्ट क्लासरूम स्थापित किए गए।

आधुनिक तकनीक आधारित डिजिटल लर्निंग सिस्टम शुरू किया गया।

बच्चो के लिए स्वच्छ शौचालय RO पेयजल फर्नीचर खेल सामग्री व पूर्णत:विकसित परिसर तैयार किए गए।

सभी विद्यालयों को सुरक्षित आकर्षक और तकनीकी रूप से सक्षम मॉडल स्कूल के रूप में बदला गया।

उन्होने कहा कि प्रयागराज का हर विद्यालय अब आधुनिक भारत के बच्चो के सपनो को पंख देने वाला ज्ञान मंदिर बन चुका है।

महा माघ मेला 2026 : विश्व स्तरीय आयोजन की तैयारी

उन्होंने कहा कि प्रयागराज आगामी महा माघमेला 2026 हेतु—

अत्याधुनिक यातायात व्यवस्था

नवाचार आधारित सुविधाएं

पर्यावरण-मित्र तकनीक

को अपनाते हुए वैश्विक स्तर की तैयारियाँ कर रहा है।

स्वच्छता एवं पर्यावरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ

स्वच्छ सर्वेक्षण 2024 में प्रयागराज ने देश में 12वाँ स्थान प्राप्त किया।

वॉटर गंगा टाउन सहित कई राष्ट्रीय अवार्ड।मियावाकी तकनीक से सिर्फ 1 वर्ष में संपूर्ण शहर में घने वन।

SBM कंट्रोल रूम से 24×7 स्वच्छता निगरानी।पुराने कूड़े के पहाड़ो का वैज्ञानिक निस्तारण।धरोहर व सौन्दर्य संवर्धन.हेरिटेज मोहल्ला. साहित्य तीर्थ पार्क.रामसेतु एवं आधुनिक प्रकाश व्यवस्था.विश्व की सबसे बड़ी रंगोली के माध्यम से वसुधैव कुटुम्बकम् का सन्देश

तकनीक आधारित नगर प्रबन्धन.IIT की सोच पर आधारित नवाचार.स्मार्ट सिटी के अंतर्गत डिजिटल शासन.ई-गवर्नेंस से त्वरित नागरिक सेवाएं.कार्यशाला के तकनीकी सत्र.कार्यक्रम में विभिन्न तकनीकी और विषयगत सत्रो का आयोजन हुआ—1-स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर एवं ई-गवर्नेस 2-अर्बन मोबिलिटी एवं ट्रांज़िट सिस्टम 3-अर्बन सस्टेनेबिलिटी4-इंटीग्रेटेड अर्बन प्लानिंग.इन सत्रों में NIUA. UNEP.WRI India.NITI Aayog.Smart City Mission.नगर विकास विभाग विभिन्न नगर निगमो के आयुक्त व विशेषज्ञों ने प्रस्तुतियां दी।

महापौर का समापन सन्देश-

अपने सम्बोधन का समापन करते हुए महापौर ने कहा- विकसित भारत 2047 का सपना केवल योजनाओ से नही बल्कि हर शहर में वास्तविक परिवर्तन से पूरा होगा।प्रयागराज साबित कर रहा है कि यदि नीयत नीति और तकनीक साथ चले तो विकास अपने आप रास्ता बना लेता है।

आजमगढ़: शताब्दी वर्ष पूरा होने पर भाकपा ने दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन निकाला जुलूस किया जन सभा
आजमगढ़।भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी आजमगढ़ ने पार्टी के शताब्दी वर्ष पर अपने दो दिवसीय कार्यक्रम के पहले दिन विशाल रैली और सभा की।जिसकी अध्यक्षता हरिगेन राम और संचालन जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने किया। भाकपा के कार्यकर्ता जिले के कोने कोने से जजी मैदान में एकजुट होकर लाल झंडो और बैनरों के साथ पूरे उत्साह के साथ जुलूस निकालकर कलेक्ट्रेट का चक्रमण किया।उसके बाद रैली सभा में बदल गई। सभा को संबोधित करते हुए भाकपा राज्य सचिव अरविंद राज स्वरूप ने कहा कि भाकपा की स्थापना कानपुर में हुई थी।कानपुर के साथ आजमगढ़ का नाम लिया जाता है।स्वतंत्रता सेनानी जयबहादुर सिंह,झारखंडे राय,डॉ जेड ए अहमद,दशरथ राय शास्त्री,बच्चे लाल शास्त्री,मुंशी नर्वदेश्वर लाल जैसे लोगों की कुर्बानियां की गाथा आज भी सुनाई देती है।स्वरूप ने कहा कि केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार को अब शहीद याद आते हैं।जबकि बीजेपी का शहीदों से कोई लेना देना नहीं है। एस आई आर कराकर सरकार गरीबों को वोट के अधिकार से वंचित करना चाहती है। एस आई आर का समय बहुत सीमित है,जिसे बढ़ाया जाना चाहिए। स्वरूप ने आगे कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी विचारों की पार्टी है।हम। सौ साल से पूंजीपतियों के खिलाफ गरीबों के हक,हुकूक के लिए संघर्ष किया है और करती रहेगी। भगत सिंह के भांजे प्रोफेसर जगमोहन सिंह ने बतौर मुख्य अतिथि सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकारें भगत सिंह से डरती हैं।क्योंकि भगत सिंह जाति,धर्म,संप्रदाय और पूंजीवादी विचारधारा के कट्टर विरोधी थे।आज सरकारों को कार्पोरेट चला रहा है।देश की सकल पूंजी पर चंद पूंजीपतियों का कब्जा है।भगत सिंह मजदूरों,किसानों,महिलाओं, विद्यार्थियों,नवजवानों के हक अधिकार के बारे में खुलकर बोला था।जगमोहन सिंह ने कहा कि आजमगढ़ में हमारा आगमन पहली बार हुआ है।बृहस्पतिवार से हम कैफ़ी आज़मी जन्म स्थान मिज़वा,शहीद द्वार, शिब्ली मंजिल,राहुल सांकृत्यायन जन्म स्थान पन्दहा,निजामाबाद ऐतिहासिक गुरुद्वारा और शेख मसूद इंटर कॉलेज फरिहा में मेरा जितना आदर और सत्कार किया गया।उसके लिए मै साथी हरिमंदिर पाण्डेय का आभार करता हूं।जिनकी वजह से आजमगढ़ में हमारा आगमन हुआ। इस सभा के माध्यम से जिले के विकास से जुड़ी बीस सूत्रीय मांगपत्र जिलाधिकारी आजमगढ़ को दिया गया। इस सभा को पार्टी प्रदेश सचिव मंडल सदस्य हामिद अली,उप्र किसान सभा अध्यक्ष इम्तेयाज बेग,खेत मजदूर नेता खरपत्तू राजभर,रामाज्ञा यादव,गंगादीन, मो शेख औबेदुल्ला,मुजम्मिल जाहिद अली,राम अवध यादव,तेज़बहादुर मौर्य,मंगलदेव यादव, जियालाल आदि लोगों ने सभा को संबोधित किया।
जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद...', मौलाना महमूद मदनी का भड़काऊ बयान

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जमीयत उलेमा ए हिन्द के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी अपने बयान की वजह से एक बार फिर चर्चा में हैं। जमीयत उलेमा-ए-हिंद की गवर्निंग बॉडी की मीटिंग में मौलाना महमूद असद मदनी के बयान ने विवाद बढ़ा दिया है। उन्होंने भोपाल में जिहाद और कोर्ट के फैसलों को लेकर बयान दिया और सरकार पर भी निशाना साधा।

जिहाद’ शब्द को बदनाम करने का आरोप

भोपाल में जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि इस्लाम और मुसलमानों के दुश्मनों ने जिहाद जैसी इस्लाम की पवित्र अवधारणा को दुर्व्यवहार, अव्यवस्था और हिंसा से जुड़े शब्दों में बदल दिया है। 'लव जिहाद', 'भूमि जिहाद', 'शिक्षा जिहाद' जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को गहरी ठेस पहुंचाई गई है। इससे धर्म का अपमान होता है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सरकार और मीडिया में जिम्मेदार पदों पर बैठे लोग भी ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करने में कोई शर्म महसूस नहीं करते है।

एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा-मदनी

मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति अत्यंत संवेदनशील और चिंताजनक है। दुःख की बात है कि एक विशेष समुदाय को जबरन निशाना बनाया जा रहा है, जबकि अन्य समुदायों को कानूनी रूप से शक्तिहीन, सामाजिक रूप से अलग-थलग और आर्थिक रूप से अपमानित किया जा रहा है। भीड़ द्वारा हत्या, बुलडोजर कार्रवाई, वक्फ संपत्तियों पर कब्जा और धार्मिक मदरसों व सुधारों के विरुद्ध नकारात्मक अभियान जैसे व्यवस्थित और संगठित प्रयास उनके धर्म, पहचान और अस्तित्व को कमजोर करने के लिए किए जा रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट पर भी उठाया सवाल

मौलाना महमूद मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर भी सवाल उठाया। मौलाना मदनी ने सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठाते हुए कहा कि अदालतें, सरकार के दबाव में काम कर रही हैं। महमूद मदनी ने कहा, किसी देश में लॉ एंड ऑर्डर और क्राइम-फ्री समाज बनाना इंसाफ के बिना नामुमकिन है। दुख की बात है कि पिछले कुछ सालों में खासकर बाबरी मस्जिद और ट्रिपल तलाक जैसे मामलों में फैसलों के बाद यह आम सोच बन गई है कि कोर्ट सरकारी दबाव में काम कर रहे हैं। अल्पसंख्यकों से जुड़े संवैधानिक नियमों और बुनियादी सिद्धांतों की कई व्याख्याओं ने न्यायपालिका की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, सुप्रीम कोर्ट उस समय तक ही सुप्रीम कहलाने का हकदार है, जब तक आईन की पाबंदी करे और कानून के कर्तव्य का ख्याल रखे। अगर ऐसा न करे तो वह नैतिक तौर पर सुप्रीम कहलाने का हकदार नहीं है।

समय से नहीं हुआ बकाया भुगतान तो इलाज पक्का- दारा सिंह चौहान

*जल्द होगा गन्ना किसानों का बकाया भुगतान, मंत्री ने दिया आश्वासन

गोंडा।जिले में बजाज हिन्दुस्तान शुगर कुंदुरखी चीनी मिल पर किसानों का 109 करोंड़ रुपये गन्ना भुगतान बकाया है।इस मुद्दे को जब किसानों ने प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री दारा सिंह चौहान के सामने उठाया जिसके बाद मंत्री ने उन्हें आश्वासन दिया है।कैबिनेट मंत्री ने किसानों को बताया कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात करके जल्द से जल्द बकाया गन्ना भुगतान सुनिश्चित करवाएंगे।उन्होंने चेतावनी दी कि यदि चीनी मिल भुगतान नहीं करती है तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।इस दौरान मीडिया से बात करते हुए मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस पूरे मामले पर कड़ा रुख है।कैबिनेट में यह भी बात सामने आई है कि बकायादार निजी चीनी मिलें यदि जल्द भुगतान नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।जब मंत्री से पूछा गया कि चीनी मिल के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई,तो उन्होंने कहा कि उन्हें पिछली स्थिति की जानकारी नहीं है।उन्होंने दोहराया कि यदि समय पर भुगतान नहीं हुआ तो इलाज होगा सख्त कार्रवाई होगी।पत्रकारों के सवाल पर कि क्या वे किसी को निर्देशित करेंगे,मंत्री ने कहा कि वे निश्चित रूप से जिलाधिकारी को इस संबंध में निर्देश देंगे।उन्होंने कहा कि वे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिलकर सभी गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को जल्द से जल्द करवाने का आग्रह करेंगे और हम चाहेंगे कि जल्द से जल्द गन्ना किसानों का बकाया भुगतान हो जाए ताकि उन्हें दिक्कत का सामना न करना पड़े।

212 एकड़ सहारा जमीन पर उठे सवाल – बिक्री, भुगतान और RERA-SEBI अनुपालन की मांग तेज

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर में सहारा समूह की 212.51 एकड़ जमीन को लेकर बड़ा विवाद पैदा हो गया है। एक स्थानीय नागरिक ने आरोप लगाया है कि प्लॉट बिक्री, भुगतान और रजिस्ट्री में सुप्रीम कोर्ट और SEBI के आदेशों की सीधी अनदेखी की गई। जिले के डीएम से इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी ने आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट के 2013, 2014 और 2016 के आदेशों में यह स्पष्ट था कि सहारा समूह बिना शर्त पूरी किए कोई भी अचल संपत्ति ट्रांसफर नहीं कर सकता। इसके बावजूद 212.51 एकड़ जमीन की कथित बिक्री की गई, और भुगतान SEBI-Sahara Refund Account में जमा हुआ या नहीं—इसका कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया।

में यह भी दावा किया गया कि प्लॉट बुकिंग वर्ष 2024 में ही कर ली गई जबकि नक्शा अनुमोदन 2025 का बताया जा रहा है। इसके साथ-साथ बिना Completion Certificate के रजिस्ट्री कराने का भी गंभीर आरोप लगाया गया है, जो RERA Act 2016 की धारा 3(1) का खुला उल्लंघन माना जाता है।

विकास बालियान

ने यह भी कहा कि जब इन तथ्यों पर सवाल उठाए गए तो भूमि विक्रेता पक्ष ने प्रेस कांफ्रेंस में उन्हें “ब्लैकमेलर” तक कह दिया, जो जांच मांगने वालों को डराने का प्रयास प्रतीत होता है।

पत्र में विकास बालियान

ने जिलाधिकारी से निम्न प्रमुख बिंदुओं पर तत्काल जांच की मांग की है—

क्या जमीन बिक्री SEBI–सुप्रीम कोर्ट शर्तों के तहत हुई?

क्या वसूला गया पैसा SEBI के रिफंड खाते में जमा हुआ?

क्या 2024 में RERA अनुमति से पहले प्लॉट बेचे गए?

क्या नक्शा पास होने से पहले करोड़ों का भुगतान वसूला गया?

इसके साथ ही उन्होंने SFIO + RERA + SEBI + तहसील व राजस्व विभाग की संयुक्त जांच समिति गठित करने की मांग की है। और जब तक जांच पूर्ण न हो—जमीन से संबंधित बिक्री/रजिस्ट्री प्रक्रिया पर अस्थायी रोक लगाने का अनुरोध भी किया है।

दस्तावेजों में RTI जवाब, नक्शा स्वीकृति रिकॉर्ड, SC आदेश, SEBI पत्राचार, भुगतान रिपोर्ट, प्लॉट allotment विवरण सहित कई प्रमाण संलग्न किए गए हैं।

“मैंने सभी तथ्य दस्तावेजों के साथ दिए हैं। यह मामला निवेशकों के हित और सर्वोच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़ा है। जल्द जांच होनी चाहिए।”

निलम्बित बीएसए अतुल तिवारी प्रकरण में हाईकोर्ट ने सरकार से तलब किया ब्योरा

*निलम्बन निरस्त कर बहाली की न्यायालय से मांग,सुनवाई मंगलवार को

गोंडा।जिले के निलम्बित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर लखनऊ उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने सुनवाई की है।कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूरे मामले का ब्योरा तलब किया है।न्यायालय ने सरकार से पूछा है कि इस मामले में अब तक क्या कार्रवाई की गयी है।कोर्ट ने मंगलवार तक पूरी जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।अतुल कुमार तिवारी की याचिका पर मंगलवार को हाईकोर्ट में दुबारा सुनवाई होगी।फिलहाल, उन्हें हाईकोर्ट से तत्काल कोई राहत नहीं मिली है।तिवारी ने कोर्ट में याचिका दाखिल कर अपने निलम्बन आदेश को रद्द करने और उन्हें पुनः जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के पद पर बहाल करने की मांग की है।उन्होंने कोर्ट को बताया कि उनके द्वारा किसी से कोई रिश्वत नहीं ली गयी है।बीएसए के अनुसार,उन पर गलत तरीके से आरोप लगाकर एंटी करप्शन कोर्ट से आदेश करवाकर मुकदमा दर्ज करवाया गया है।उनका कहना है कि उन्हें गलत तरीके से निलम्बित किया गया है,जबकि इस पूरे मामले में उनका कोई दोष नहीं है।हाईकोर्ट में दाखिल याचिका में निलम्बित बीएसए अतुल कुमार तिवारी ने उत्तर प्रदेश सरकार के माध्यम से कई अधिकारियों और विभागों को पार्टी बनाया है।इसमें अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश,संयुक्त सचिव बेसिक शिक्षा विभाग,महानिदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,आयुक्त देवीपाटन मंडल,जिलाधिकारी गोंडा,निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग,मंडलीय सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा शामिल हैं।बताते चलें कि शिकायतकर्ता मनोज कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि स्कूलों में फर्नीचर सप्लाई के टेंडर प्रक्रिया में अतुल कुमार तिवारी ने उनसे 22 लाख रुपए की रिश्वत ली थी।मनोज कुमार पाण्डेय का आरोप है कि रिश्वत लेने के बाद भी उन्हें काम नहीं दिया गया और उनकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया और इसके बाद गलत तरीके से आरोप लगाकर नगर कोतवाली में अतुल कुमार तिवारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया गया था।इसमें अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों पर नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज है।इसी मामले में सरकार द्वारा 11 नवंबर को इनको निलम्बित कर दिया गया था

यूरिडा टीम द्वारा सभी सड़को का निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के दिए निर्देश।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।डिप्टी सी०ई०ओ० नगर निगम प्रयागराज अरविन्द कुमार श्रीवास्तव यूरिडा लखनऊ एवं उनकी टीम अमित कुमार व मुख्य अभियन्ता दिनेश चन्द्र सचान अधिशासी अभियन्ता अजीत कुमार सहायक अभियन्ता डम्बर सिंह अवर अभियन्ता अमित सोनार विनोद पटेल एवं डिजाइन इंजीनियर सचिन कुमार सिंह की उपस्थिति में नगर निगम प्रयागराज द्वारा सी०एम०ग्रिड योजनान्तर्गत फेज-1 एवं फेज-2 के अन्तर्गत निर्माणाधीन कुल 06 सड़को का गहन निरीक्षण किया गया। जिसमें ट्रान्सपोर्ट नगर धर्मवीर मूर्ति से पोर्ट स्टेशन तक एवं प्रीतमनगर में धूमनगंज थाने से दुर्गापूजा मैदान होते हुए अबूबकरपुर मोड़ तक एवं केन्द्रांचल गेट से विवेकानन्द चौराहा होते हुए ए०आर०के० टावर प्रीतमनगर तक एवं टैगोर टाउन में के०पी० इन्टर कालेज के सामने से जवाहर लाल नेहरू रोड तक एवं कृति स्कैनिंग से सी०एम०पी०डिग्री कालेज के पीछे एवं लिडिल रोड सम्मिलित रही।उक्त मागो की कुल लम्बाई लगभग 5.50 किलोमीटर है।सी०एम०ग्रिड योजना में सम्मिलित सभी मार्गो पर फुटपाथ ड्रेनेज और भूमिगत विद्युत केबल डालने का कार्य किया जा रहा है और एक रिजर्व लाइन भी होगी।अगर कुछ गड़बड़ी आ जाये तो रिजर्व लाइन से बिजली आपूर्ति बहाल किया जा सके।भूमिगत मल्टीडक्ट पाईप डाले गये है जिससे टेलीफोन इंटरनेट के तारों को ले जाया जायेगा।सड़क पर वाहन न खड़े हो सके इसके लिए थोड़ी-थोड़ी दूर पर पार्किंग का प्राविधान किया गया है।साथ ही उक्त मार्गो पर मॉडुलर स्ट्रीट लाईट वृक्षारोपण एवं सौन्दर्याकरण का भी कार्य किया जायेगा।दृष्टिहीन राहगीरो हेतु फुटपाथ पर टेक्टाइल टाइल्स का कार्य भी प्रस्तावित है। के०पी० इण्टर कालेज के सामने से जवाहर लाल नेहरू रोड तक मार्ग पर साईकिल ट्रैक का भी प्राविधान किया गया है।यूरिडा टीम द्वारा सभी सड़को पर निर्धारित समयावधि में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए है एवं गुणवत्ता सुनिश्चित करने हेतु नामित थर्ड पार्टी राइट्स लि० को नियमित जाँच हेतु आदेशित किया गया है।

एएनटीएफ ने बिहार तस्करों का नेटवर्क किया ध्वस्त, 80 लाख की हेरोइन बरामद
लखनऊ । एएनटीएफ थाना गाजीपुर ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए बिहार से अवैध मादक पदार्थों की तस्करी करने वाले 4 सक्रिय तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से 412 ग्राम अवैध हेरोइन जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 80 लाख रुपये है सहित एक मोटरसाइकिल, चार एंड्रॉइड मोबाइल फोन और 2025 रुपये नकद बरामद किए।यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, एडीजी क्राइम तथा पुलिस महानिरीक्षक, एएनटीएफ लखनऊ के दिशा-निर्देश पर की गई।एएनटीएफ टीम को सूचना मिली थी कि चार युवक बिहार से गाजीपुर क्षेत्र में हेरोइन की खरीद कर उसे बक्सर लेकर जा रहे हैं। इस सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीम ने रेलवे स्टेशन दिलदारनगर गेट के बाहर, पोस्ट ऑफिस के पास सरकारी हैंडपंप के समीप घेराबंदी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्तों का नाम धर्मेंद्र कुमार, 26 वर्ष, निवासी मठिया मोड़ नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, विपिन पासवान, 29 वर्ष, निवासी दुल्लहपुर थाना सेमरी, जनपद बक्सर, बिहार, दिव्यांशू प्रसाद, 19 वर्ष, निवासी कस्बा नई बाज़ार, थाना बक्सर, बिहार, साहिल खान, 19 वर्ष, निवासी चित्रकोनी, थाना दिलदारनगर, जनपद गाजीपुर है। तस्करों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।पूछताछ में अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे गाजीपुर के एक व्यक्ति से कम कीमत पर हेरोइन खरीदते थे और बिहार में उसे महंगे दामों पर बेच देते थे। इससे मिलने वाले मुनाफे को वे आपस में बांटते थे। गिरफ्तारी से पहले भी वे हेरोइन लेकर बिहार की ओर जा रहे थे। अभियुक्तों के कब्जे से  412 ग्राम हेरोइन (कीमत लगभग 80 लाख रुपये), 04 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 01 मोटरसाइकिल , 2025 रुपये नकद बरामद हुआ है।
दिल्‍ली ब्‍लास्‍ट: आतंकी डॉ. शाहीन की अल-फलाह यूनिवर्सिटी में अलमारी, जहां से मिले 18 लाख कैश

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दिल्ली में हुए ब्लास्ट केस की जांच में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को एक के बाद एक बड़े खुलासे हाथ लग रहे हैं। एनआईए ने अब दिल्ली में लाल किला के पास हुए कार ब्लास्ट मामले में मुख्य आरोपी और जैश-ए-मोहम्मद की कथित महिला कमांडर डॉ. शाहीन के ठिकाने से 18 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। माना जा रहा है कि बकामद की गई इतनी बड़ी रकम आतंकी फंडिंग का हिस्सा हो सकता है।

देश की राजधानी दिल्‍ली के ऐतिहासिक लाल किला के पास हुए कार ब्‍लास्‍ट के जांच की जिम्मेदारी नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) को सौंपी गई है। एनआईए की टीम कार ब्‍लास्‍ट की आरोपी डॉ. शाहीन शाहिद को लेकर मौका मुआयना करने के लिए फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी ले गई थी। शाहीन यूनिवर्सिटी के हॉस्‍टल के जिस रूम नंबर-22 में रहती थी, उसकी छानबीन गई। इस दौरान आलमारी से 18 लाख रुपये नकद मिले।

शाहीन के पास कहां से आई इतनी बड़ी रकम?

जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर इतनी बड़ी राशि शाहीन के पास कहां से आई? सूत्रों के मुताबिक यह पैसा आतंकी फंडिंग का हिस्सा हो सकता है। अलमारी में मिले इन भारी भरकम अंदेशा है कि इन पैसों का इस्‍तेमाल टेरर मॉड्यूल की गतिविधियों को फंड करने में किया जाना था। यह पैसा विश्वविद्यालय के भीतर से संचालित हो रहे ‘सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल’ को वित्तपोषित करने के लिए रखा गया होगा।

डॉक्टर मुजम्मिल अहमद ने खोले राज

यह कार्रवाई आतंक मॉड्यूल से जुड़े डॉक्टर मुजम्मिल अहमद गनई को फरीदाबाद लाकर पूछताछ के एक दिन बाद हुई। डॉक्टर मुजम्मिल ने पूछताछ में उन दो दुकानों की पहचान की जहां से उसने अमोनियम नाइट्रेट खरीदा था। जांच में पता चला है कि मुजम्मिल ने यूनिवर्सिटी से कुछ किलोमीटर दूर दो अलग-अलग कमरों में करीब 2,900 किलो अमोनियम नाइट्रेट जमा कर रखा था। इसके अलावा उसने इस विस्फोटक सामग्री का एक बड़ा हिस्सा पास के गांव के खेतों में छुपाया था, जिसे बाद में वह फतेहपुर टैगा में किराये पर लिए एक मौलवी के घर में ले गया। एनआईए को आशंका है कि अभी और भी विस्फोटक सामग्री छुपाई गई हो सकती है, जिसके लिए तलाशी अभियान जारी है।

शाहीन ने जांच एजेंसियों के सामने किया बड़ा खुलासा

इधर, आतंकी डॉक्टर शाहीन ने जांच एजेंसियों को बताया कि वह आतंकी मॉड्यूल में डॉक्टर मुजम्मिल के कहने पर शामिल हुई थी और वही करती थी जो मुजम्मिल उसे निर्देश देता था। इसके अलावा, एजेंसियों को डॉक्टर अबू उकाशाह नाम के हैंडलर का टेलीग्राम अकाउंट भी मिला है। इसी अकाउंट के माध्यम से डॉक्टर मुजफ्फर, डॉक्टर उमर और डॉक्टर आदिल साल 2022 में तुर्किए गए थे।