कार अनियंत्रित होकर पलटी दो लोग गंभीर रूप से घायल
फर्रुखाबाद l राजेपुर थाना क्षेत्र के  डबरी तिराहा के पास शनिवार की देर रात एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार  कार से  राज वर्मा पुत्र अजय कुमार वर्मा निवासी ग्राम रूपपुर, थाना गुरसहायगंज, जिला कन्नौज तथा उनका मित्र मोहित पुत्र रामबक्स निवासी ग्राम गड़ा खेड़ा, थाना जहानगंज से शाहजहांपुर की ओर जा रहे थे,जैसे ही वाहन डबरी तिराहा पार कर आगे बढ़ा, लगभग रात्रि 8:30 बजे कार चालक मोहित वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते कार सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।सूचना पर स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को निजी वाहन द्वारा लोहिया चिकित्सालय, फर्रुखाबाद भेजा गया। सूचना पर थाना राजेपुर प्रभारी  सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव

हजारीबाग: केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने इस बजट को जनविरोधी, राज्य विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक करार देते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है।

कुणाल यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। राज्य को उसका बकाया, रॉयल्टी और विशेष सहायता पैकेज देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। यह केंद्र सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

झामुमो प्रवक्ता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे एक बार फिर जुमले साबित हुए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, खाद-बीज और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट निराशाजनक है। कुणाल यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न होना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति और कॉरपोरेट घराने हैं। कुणाल यादव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बजट का पुरजोर विरोध करता है और केंद्र सरकार से मांग करता है कि वह राज्य के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे, महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम उठाए और किसानों व युवाओं के हित में वास्तविक और प्रभावी योजनाएं लाए।

गया में कुम्हार प्रजापति समाज की बैठक संपन्न, राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए संगठित संघर्ष का आह्वान

गया। गया जी शहर के बाईपास रोड स्थित दंडी बाग में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, दक्षिणी क्षेत्र माड़नपुर की एक आवश्यक बैठक का आयोजन की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश प्रसाद ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव डॉ. सूरज देव चंद्रपाल उर्फ सूरज प्रजापति ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, संगठनात्मक मजबूती और आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा करना रहा। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव डॉ. सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि कुम्हार प्रजापति समाज की संख्या और सामाजिक योगदान के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व नगण्य है, जिसे प्राप्त करने के लिए संगठित और सतत संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर आवाज़ नहीं उठाएगा, तब तक अधिकार नहीं मिलेंगे।

डॉ. सूरज देव चंद्रपाल ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने, गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करना समय की मांग है।

अध्यक्षीय संबोधन में कैलाश प्रसाद ने समाज के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकार हासिल किए जा सकते हैं।

बैठक में गणेश प्रसाद, मनोज प्रजापति, मोहन प्रसाद, संजय कुमार, तुलसी प्रजापति, सुभाष कुमार, अजय कुमार, विनोद प्रजापति, शानू प्रजापति, प्रकाश कुमार, सुरेन्द्र प्रजापति सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में समाज हित में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया गया।

शीर्षक: केंद्रीय आम बजट-2026 को बताया लोकहितकारी, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला: रंजन चौधरी

हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को केंद्रीय आम बजट- 2026 पेश किया गया। आम बजट-2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि यह लोकहितकारी बजट विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट आंकड़ों के साथ देश के युवा, किसान, महिला और मध्यम वर्ग के भविष्य को संवारने का एक ठोस रोडमैप है। शिक्षा, कौशल विकास और स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान देकर सरकार ने युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का मार्ग और प्रशस्त हुआ है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि भारत अब वैश्विक पटल पर एक नई ऊँचाई छूने के लिए तैयार है।सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु उठाए गए कदम 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को चरितार्थ करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को राहत और छोटे उद्योगों (एमएसएमई ) को प्रोत्साहन देने वाली ये नीतियां रोजगार सृजन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। यह दूरदर्शी बजट निश्चित रूप से भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस जनहितकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कोटि-कोटि धन्यवाद।

कांग्रेस ने लगाई मनरेगा बचाओ चौपाल, गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ भरी हुंकार,मनरेगा कांग्रेस की देन भाजपा इसे कर रही खत्म : अभिषेक सिंह राणा*
सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर ब्लॉक अंतर्गत कैथवारा न्याय पंचायत के नानेमऊ (डिहवा) गांव में कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा बचाओ चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की उपस्थिति रही। चौपाल का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने किया, जबकि विधानसभा प्रभारी अतहर नवाब भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे गांव के गरीब मजदूरों का रोजगार छीना जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी, काम बंद होना और बजट में कटौती भाजपा की गरीब-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की देन है। भाजपा सरकार इसे खत्म करने पर आमादा है, लेकिन कांग्रेस गांव-गांव जाकर मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ेगी। ब्लॉक अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने कहा कि मजदूरों को काम और मजदूरी दोनों से वंचित किया जा रहा है। यह सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है, जिसका जवाब कांग्रेस देगी। विधानसभा प्रभारी अतहर नवाब ने कहा कि मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीणों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर जयप्रकाश पाठक पवन मिश्र उमेश पांडे श्याम नारायण पांडे मोती पाल अंकुर पांडे सतीश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।

भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
माघी पूर्णिमा पर 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा:माघ मेले का समापन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। माघी पूर्णिमा के अवसर पर जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके साथ ही माघ महीने के स्नान पर्व का समापन हो गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रत्येक गंगा घाट पर पुलिस बल और गोताखोरों को तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
माघ महीने का यह अंतिम स्नान इससे पहले 14 जनवरी को माघ महीने का पहला स्नान हुआ था। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही गंगा घाटों पर पहुंचकर स्नान किया और दान - पुण्य भी किया। जिले के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा सेमराधनाथ गंगा घाट पर आयोजित माघ मेले में एक महीने से निवास कर रहे श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान के साथ मेले का समापन किया। यह मेला पिछले 31 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
आजमगढ़:-सुहेलदेव की जयंती मनाने के लिए अनिल राजभर ने की बैठक, 22 फरवरी को टिकुरिया मैदान में विशाल कार्यक्रम की किया घोषणा
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।बउत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया गांव के मैदान में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाने की घोषणा किया।उन्होंने शनिवार को टिकुरिया पहुंचकर मैदान का निरीक्षण करने के बाद माहुल के रामलीला मैदान में बैठक कर रूपरेखा तैयार किया।बैठक में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 बैठक को संबोधित करते हुए अनिल राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव, 11वीं सदी के श्रावस्ती के राजा थे। उन्होंने  1034 ईस्वी में बहराइच की लड़ाई में महमूद गजनवी के भांजे गाजी सैयद सालार मसूद को ऐतिहासिक रूप से पराजित कर मार डाला था। इसके बाद किसी मुगल की 175 साल तक आंख उठाने की हिम्मत नहीं हुई। ऐसे ही प्रतापी राजा की जयंती के कार्यक्रम छोटे छोटे कार्यक्रमों के तहत होता रहा। हम लोगों ने निर्णय लिया है कि आगामी 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया मैदान पर महाराजा सुहेदेव की जयंती पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
 बैठक में अनिल राजभर ने शंकराचार्य मामले पर बोलते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा ऐसा नहीं होना चाहिए हमारा निवेदन है कि शंकराचार्य सम्मान प्रयागराज में स्नान करे।शंकराचार्य के गाय माता को 40 दिन के अंदर राष्ट्रमाता घोषित करने की शंकराचार्य द्वारा की गई मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय कैबिनेट की बैठक में होता है हम मुख्यमंत्री जी से स्वयं आग्रह भी करेंगे कि इस पर गंभीरता से विचार करें।अनिल राजभर ने 22 फरवरी को अहरौला के जनता इंटर कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  संभावित कार्यक्रम के सवाल पर बोलते हुए कहा कि हम उनसे  पहले तो आग्रह करेंगे कि वे महाराजा सुहेलदेव की इस जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित हों यदि ऐसा नहीं होता है तो हम अपना कार्यक्रम स्थगित कर  देंगें।हमारा जयंती का कार्यक्रम एक माह तक अनवरत चलेगा।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा लालगंज के उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह और संचालन भाजपा लालगंज के जिलामंत्री दिलीप सिंह ने किया,भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रानू राजभर ने सबका आभार प्रगट किया।
  विमलेश पांडेय,मुन्ना राजभर, शिवपूजन, सारिका सिंह,भारत भीम जनार्दन,रत्नेश बिंद,विद्यानंद कंचन भारती,सूरज अग्रहरि,विजय सिंह आदि रहे।
कार अनियंत्रित होकर पलटी दो लोग गंभीर रूप से घायल
फर्रुखाबाद l राजेपुर थाना क्षेत्र के  डबरी तिराहा के पास शनिवार की देर रात एक कार अनियंत्रित होकर खाई में जा गिरी, जिससे उसमें सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार  कार से  राज वर्मा पुत्र अजय कुमार वर्मा निवासी ग्राम रूपपुर, थाना गुरसहायगंज, जिला कन्नौज तथा उनका मित्र मोहित पुत्र रामबक्स निवासी ग्राम गड़ा खेड़ा, थाना जहानगंज से शाहजहांपुर की ओर जा रहे थे,जैसे ही वाहन डबरी तिराहा पार कर आगे बढ़ा, लगभग रात्रि 8:30 बजे कार चालक मोहित वाहन से नियंत्रण खो बैठा, जिसके चलते कार सड़क किनारे गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।सूचना पर स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को निजी वाहन द्वारा लोहिया चिकित्सालय, फर्रुखाबाद भेजा गया। सूचना पर थाना राजेपुर प्रभारी  सुदेश कुमार विश्वकर्मा ने घटना स्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।
केंद्र का बजट जनविरोधी, झारखंड की उपेक्षा का दस्तावेज : कुणाल यादव

हजारीबाग: केंद्र सरकार द्वारा आज पेश किए गए आम बजट को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने इस बजट को जनविरोधी, राज्य विरोधी और कॉरपोरेट समर्थक करार देते हुए कहा कि यह बजट आम जनता की उम्मीदों पर पूरी तरह से खरा नहीं उतरता है।

कुणाल यादव ने कहा कि यह बजट गरीब, किसान, युवा, आदिवासी, दलित और मध्यम वर्ग के साथ खुला अन्याय है। महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता से जूझ रही जनता को इस बजट से किसी भी प्रकार की राहत नहीं मिली है।

उन्होंने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपन्न राज्य के साथ एक बार फिर सौतेला व्यवहार किया गया है। राज्य को उसका बकाया, रॉयल्टी और विशेष सहायता पैकेज देने को लेकर बजट पूरी तरह मौन है। यह केंद्र सरकार की झारखंड विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

झामुमो प्रवक्ता ने किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने के वादे एक बार फिर जुमले साबित हुए हैं। एमएसपी की कानूनी गारंटी, खाद-बीज और डीज़ल की बढ़ती कीमतों पर कोई ठोस घोषणा नहीं की गई। इससे साफ है कि सरकार किसानों की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं है। युवाओं के रोजगार को लेकर भी बजट निराशाजनक है। कुणाल यादव ने कहा कि देश में बेरोजगारी चरम पर है, लेकिन बजट में स्थायी रोजगार सृजन के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। सिर्फ आंकड़ों और घोषणाओं से युवाओं का भविष्य सुरक्षित नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे बुनियादी क्षेत्रों में अपेक्षित निवेश न होना यह साबित करता है कि सरकार की प्राथमिकता आम जनता नहीं बल्कि बड़े उद्योगपति और कॉरपोरेट घराने हैं। कुणाल यादव ने कहा कि झारखंड मुक्ति मोर्चा इस बजट का पुरजोर विरोध करता है और केंद्र सरकार से मांग करता है कि वह राज्य के संवैधानिक अधिकारों का सम्मान करे, महंगाई पर नियंत्रण के ठोस कदम उठाए और किसानों व युवाओं के हित में वास्तविक और प्रभावी योजनाएं लाए।

गया में कुम्हार प्रजापति समाज की बैठक संपन्न, राजनीतिक हिस्सेदारी के लिए संगठित संघर्ष का आह्वान

गया। गया जी शहर के बाईपास रोड स्थित दंडी बाग में बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति, दक्षिणी क्षेत्र माड़नपुर की एक आवश्यक बैठक का आयोजन की गई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ समाजसेवी कैलाश प्रसाद ने की, जबकि संचालन समिति के सचिव डॉ. सूरज देव चंद्रपाल उर्फ सूरज प्रजापति ने किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य समाज की राजनीतिक हिस्सेदारी, संगठनात्मक मजबूती और आने वाले समय की रणनीति पर चर्चा करना रहा। बैठक को संबोधित करते हुए सचिव डॉ. सूरज देव चंद्रपाल ने कहा कि कुम्हार प्रजापति समाज की संख्या और सामाजिक योगदान के बावजूद राजनीतिक प्रतिनिधित्व नगण्य है, जिसे प्राप्त करने के लिए संगठित और सतत संघर्ष आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर आवाज़ नहीं उठाएगा, तब तक अधिकार नहीं मिलेंगे।

डॉ. सूरज देव चंद्रपाल ने संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए व्यापक सदस्यता अभियान चलाने का प्रस्ताव रखा। साथ ही प्रचार-प्रसार के लिए कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपने, गांव-गांव संपर्क अभियान चलाने और युवाओं को संगठन से जोड़ने पर विशेष बल दिया। उन्होंने कहा कि समाज की नई पीढ़ी को नेतृत्व के लिए तैयार करना समय की मांग है।

अध्यक्षीय संबोधन में कैलाश प्रसाद ने समाज के लोगों से आपसी मतभेद भुलाकर एक मंच पर आने की अपील की। उन्होंने कहा कि एकजुटता ही समाज की सबसे बड़ी ताकत है और इसी के बल पर राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक अधिकार हासिल किए जा सकते हैं।

बैठक में गणेश प्रसाद, मनोज प्रजापति, मोहन प्रसाद, संजय कुमार, तुलसी प्रजापति, सुभाष कुमार, अजय कुमार, विनोद प्रजापति, शानू प्रजापति, प्रकाश कुमार, सुरेन्द्र प्रजापति सहित कई गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के अंत में समाज हित में निरंतर सक्रिय रहने का संकल्प लिया गया।

शीर्षक: केंद्रीय आम बजट-2026 को बताया लोकहितकारी, विकसित भारत के संकल्प को साकार करने वाला: रंजन चौधरी

हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा रविवार को केंद्रीय आम बजट- 2026 पेश किया गया। आम बजट-2026 पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि यह लोकहितकारी बजट विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध करने वाला एक सशक्त दस्तावेज है। उन्होंने कहा कि यह बजट आंकड़ों के साथ देश के युवा, किसान, महिला और मध्यम वर्ग के भविष्य को संवारने का एक ठोस रोडमैप है। शिक्षा, कौशल विकास और स्टार्टअप्स पर विशेष ध्यान देकर सरकार ने युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है, जिससे आत्मनिर्भर भारत का मार्ग और प्रशस्त हुआ है। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के प्रावधान स्पष्ट करते हैं कि भारत अब वैश्विक पटल पर एक नई ऊँचाई छूने के लिए तैयार है।सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु उठाए गए कदम 'सबका साथ, सबका विकास' के मंत्र को चरितार्थ करते हैं। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग को राहत और छोटे उद्योगों (एमएसएमई ) को प्रोत्साहन देने वाली ये नीतियां रोजगार सृजन की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम हैं। यह दूरदर्शी बजट निश्चित रूप से भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा। इस जनहितकारी बजट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का कोटि-कोटि धन्यवाद।

कांग्रेस ने लगाई मनरेगा बचाओ चौपाल, गरीब विरोधी नीतियों के खिलाफ भरी हुंकार,मनरेगा कांग्रेस की देन भाजपा इसे कर रही खत्म : अभिषेक सिंह राणा*
सुल्तानपुर जिले के मोतिगरपुर ब्लॉक अंतर्गत कैथवारा न्याय पंचायत के नानेमऊ (डिहवा) गांव में कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा बचाओ चौपाल का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा की उपस्थिति रही। चौपाल का नेतृत्व ब्लॉक अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने किया, जबकि विधानसभा प्रभारी अतहर नवाब भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार सुनियोजित तरीके से मनरेगा को कमजोर कर रही है, जिससे गांव के गरीब मजदूरों का रोजगार छीना जा रहा है। वक्ताओं ने कहा कि मजदूरी भुगतान में देरी, काम बंद होना और बजट में कटौती भाजपा की गरीब-विरोधी मानसिकता को उजागर करता है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि मनरेगा कांग्रेस की देन है। भाजपा सरकार इसे खत्म करने पर आमादा है, लेकिन कांग्रेस गांव-गांव जाकर मजदूरों के हक की लड़ाई लड़ेगी। ब्लॉक अध्यक्ष राहुल मिश्रा ने कहा कि मजदूरों को काम और मजदूरी दोनों से वंचित किया जा रहा है। यह सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है, जिसका जवाब कांग्रेस देगी। विधानसभा प्रभारी अतहर नवाब ने कहा कि मनरेगा को कमजोर कर ग्रामीणों को पलायन के लिए मजबूर किया जा रहा है।कांग्रेस इसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मौके पर जयप्रकाश पाठक पवन मिश्र उमेश पांडे श्याम नारायण पांडे मोती पाल अंकुर पांडे सतीश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण, मजदूर और कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताया।

भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
भरोसे,भागीदारी और बराबरी का केंद्रीय बजट 2026-प्रो.अंग्रेज*
सुल्तानपुर,केंद्रीय बजट 2026 भारत के समग्र एवं समावेशी विकास की एक स्पष्ट और दूरदर्शी रूपरेखा प्रस्तुत करता है,जो रफ्तार,क्षमता और सबका साथ के तीन मूल विज़नों पर आधारित है।इस बजट में उत्पादकता में वृद्धि के माध्यम से आर्थिक विकास को गति देने,युवाओं को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप सक्षम बनाने तथा समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष बल दिया गया है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, दृश्य प्रभाव, एनीमेशन, गेमिंग एवं रचनात्मक क्षेत्र को प्रोत्साहन देने हेतु भारत-विस्तार कार्यक्रम,करियर पाथवे योजनाएँ तथा विद्यालयों और महाविद्यालयों में कंटेंट क्रिएटर प्रयोगशालाओं की स्थापना युवाओं के लिए नए एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार अवसर सृजित करेगी। स्वास्थ्य क्षेत्र में जिला अस्पतालों का उन्नयन,आघात उपचार केंद्रों का विस्तार,एक लाख विशेषज्ञ तथा डेढ़ लाख देखभाल कर्मियों का प्रशिक्षण,आवश्यक दवाओं की कीमतों में कमी तथा एम्स स्तर के तीन नए आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना जनकल्याण को सुदृढ़ बनाती है। वहीं ग्रामीण एवं महिला सशक्तिकरण की दिशा में शी- मार्ट्स,महात्मा गांधी ग्राम स्वराज पहल,हथकरघा उद्योग तथा एक जिला-एक उत्पाद को प्रोत्साहन आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूती प्रदान करता है। अवसंरचना विकास के अंतर्गत नए जलमार्गों और तीव्रगामी रेल गलियारों की घोषणा देश की आर्थिक एकीकरण प्रक्रिया को गति देगी। कुल मिलाकर,केंद्रीय बजट 2026 आर्थिक प्रगति और सामाजिक न्याय के संतुलन के साथ भारत को सतत एवं समावेशी विकास की दिशा में अग्रसर करने वाला बजट है; यद्यपि कर्मचारियों को कर-स्लैब में छूट की अपेक्षा थी, जिससे उनकी वास्तविक आय और क्रय-शक्ति को और अधिक मजबूती मिल सकती थी। प्रो.अंग्रेज सिंह,प्राचार्य अर्थशास्त्री गनपत सहाय पी.जी.कालेज सुलतानपुर
माघी पूर्णिमा पर 1 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा:माघ मेले का समापन, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। माघी पूर्णिमा के अवसर पर जिले के विभिन्न गंगा घाटों पर एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने गंगा में आस्था की डुबकी लगाई। इसके साथ ही माघ महीने के स्नान पर्व का समापन हो गया। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर प्रत्येक गंगा घाट पर पुलिस बल और गोताखोरों को तैनात किया गया था। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
माघ महीने का यह अंतिम स्नान इससे पहले 14 जनवरी को माघ महीने का पहला स्नान हुआ था। श्रद्धालुओं ने सुबह से ही गंगा घाटों पर पहुंचकर स्नान किया और दान - पुण्य भी किया। जिले के प्रसिद्ध सिद्ध पीठ बाबा सेमराधनाथ गंगा घाट पर आयोजित माघ मेले में एक महीने से निवास कर रहे श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान के साथ मेले का समापन किया। यह मेला पिछले 31 वर्षों से लगातार आयोजित किया जा रहा है।
माघी पूर्णिमा पर लाखों श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी, रामनगरिया मेला के आज आखिरी दिन उमड़ी रही भीड़
फर्रुखाबाद lमाघी पूर्णिमा पर पांचाल घाट सहित सभी गंगा तटों पर आस्था का संगम उमड़ पड़ा। चारों तरफ श्रद्धालु हर-हर गंगे के जयकारों के साथ आस्था की डुबकी लगा रहे थे। स्नान करने के बाद श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से गंगा मैया का पूजन कर दान-दक्षिणा दी, माघी पूर्णिमा को देखते हुए देर रात से ही श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया कोई पैदल तो कोई टेंपो व अन्य वाहनों से पांचाल घाट जाता दिखाई दिया भोर से ही गंगा तटों पर श्रद्धालुओं का मेला उमड़ पड़ा घाटों पर पैर रखने तक की जगह नहीं दिखाई दे रही थी श्रद्धालुओं ने आस्था के साथ गंगा में डुबकी लगाई भक्तों ने गंगा मैया को साड़ी की पहनावा भी चढ़ाई। श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पांचाल घाट पुल पर जाम ना लगे उसके लिए प्रशासन की ओर से रूट का डायवर्सन भी किया गया था जिस किसी भी तरीके की व्यवस्था न हो, यातायात प्रभारी ने बताया बेरीकेटिंग कराकर भारी वाहनों को मेला में जाने से रोक दिया गया जिससे आने वाले श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग की व्यवस्था की गईl दूर दराज से आए श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की कोई असुविधा न हो जिससे किसी की तबीयत खराब होने पर तुरंत इलाज मिल सके।

पड़ोसी जिले से आए श्रद्धालुओं ने भी गंगा स्नान किया,
देर रात से ही पड़ोसी जनपद हरदोई, शाहजहांपुर, मैनपुरी, इटावा,कासगंज, बदायूं और एटा आदि जनपदों से श्रद्धालुओं का पांचाल घाट पर पहुंचना शुरू हो गया। श्रद्धालुओं ने परिवार समेत गंगा स्नान कर दान-पुण्य किया। स्नान करने के बाद कुष्ठ रोगियों को अनाज, फल व मिष्ठान आदि भी वितरित किया गया।
Budget 2026 का असर: बायबैक टैक्स के ऐलान से शेयर बाजार डगमगाया, जानिए सेंसेक्स-निफ्टी क्यों गिरे

केंद्रीय बजट 2026-27 पेश होते ही शेयर बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बजट भाषण के दौरान जैसे ही वित्त मंत्री ने शेयर बायबैक टैक्स में बदलाव का ऐलान किया, निवेशकों में बेचैनी बढ़ गई। इसका सीधा असर बाजार पर पड़ा और सेंसेक्स कुछ ही समय में 2300 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया, जबकि निफ्टी भी फिसलकर 24,592.15 के स्तर तक पहुंच गया।

बायबैक टैक्स बना गिरावट की बड़ी वजह

सरकार ने बजट में शेयर बायबैक से जुड़े टैक्स नियमों में अहम बदलावों की घोषणा की। नए प्रस्ताव के अनुसार अब बायबैक से मिलने वाले लाभ को पूंजीगत लाभ के तौर पर टैक्स के दायरे में लाया जाएगा। कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 22 प्रतिशत और गैर-कॉरपोरेट प्रवर्तकों पर 30 प्रतिशत टैक्स लगाने का प्रावधान किया गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम टैक्स दुरुपयोग को रोकने और छोटे निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए उठाया गया है।

हालांकि बाजार ने इस घोषणा को तुरंत नकारात्मक रूप में लिया। निवेशकों को आशंका है कि बढ़ा हुआ टैक्स कंपनियों की कैश डिस्ट्रीब्यूशन रणनीति को प्रभावित करेगा।

क्यों घबराए निवेशक?

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अब तक कई कंपनियां डिविडेंड की जगह बायबैक को प्राथमिकता देती थीं क्योंकि यह टैक्स के लिहाज से ज्यादा फायदेमंद माना जाता था। लेकिन नए टैक्स स्ट्रक्चर के बाद बायबैक का आकर्षण कम हो सकता है। इसी डर के चलते बजट के दौरान निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी, जिससे बाजार पर दबाव बढ़ गया।

डेरिवेटिव ट्रेडर्स को भी झटका

बजट में वायदा सौदों (Futures) पर सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को बढ़ाकर 0.05 प्रतिशत करने का एलान भी बाजार की गिरावट की एक अहम वजह बना। इससे डेरिवेटिव ट्रेडिंग की लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर शॉर्ट-टर्म ट्रेडिंग वॉल्यूम पर पड़ सकता है।

गिरावट के बाद दिखी रिकवरी

हालांकि शुरुआती झटके के बाद बाजार में कुछ हद तक संभलाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान सेंसेक्स 82,525.74 अंक तक रिकवर हुआ, जबकि निफ्टी भी 25,377.25 के स्तर पर लौट आया। इससे संकेत मिलता है कि दीर्घकालिक निवेशक फिलहाल बाजार को लेकर पूरी तरह निराश नहीं हैं और चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी है।

रविवार को खुला बाजार बना चर्चा का विषय

इस बजट की एक खास बात यह भी रही कि रविवार के दिन एनएसई और बीएसई खुले रहे। बजट की अहमियत को देखते हुए विशेष लाइव ट्रेडिंग सत्र का आयोजन किया गया, ताकि नीतिगत घोषणाओं पर बाजार की तत्काल प्रतिक्रिया सामने आ सके। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बाजार बंद रहता, तो सोमवार को और ज्यादा अस्थिरता देखने को मिल सकती थी।

आगे क्या?

विशेषज्ञों के अनुसार, अल्पकाल में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन बजट के विकासोन्मुखी प्रावधान लंबी अवधि में सकारात्मक असर डाल सकते हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और सेक्टर-आधारित रणनीति के साथ निवेश करें।
आजमगढ़:-सुहेलदेव की जयंती मनाने के लिए अनिल राजभर ने की बैठक, 22 फरवरी को टिकुरिया मैदान में विशाल कार्यक्रम की किया घोषणा
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।बउत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया गांव के मैदान में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाने की घोषणा किया।उन्होंने शनिवार को टिकुरिया पहुंचकर मैदान का निरीक्षण करने के बाद माहुल के रामलीला मैदान में बैठक कर रूपरेखा तैयार किया।बैठक में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 बैठक को संबोधित करते हुए अनिल राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव, 11वीं सदी के श्रावस्ती के राजा थे। उन्होंने  1034 ईस्वी में बहराइच की लड़ाई में महमूद गजनवी के भांजे गाजी सैयद सालार मसूद को ऐतिहासिक रूप से पराजित कर मार डाला था। इसके बाद किसी मुगल की 175 साल तक आंख उठाने की हिम्मत नहीं हुई। ऐसे ही प्रतापी राजा की जयंती के कार्यक्रम छोटे छोटे कार्यक्रमों के तहत होता रहा। हम लोगों ने निर्णय लिया है कि आगामी 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया मैदान पर महाराजा सुहेदेव की जयंती पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
 बैठक में अनिल राजभर ने शंकराचार्य मामले पर बोलते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा ऐसा नहीं होना चाहिए हमारा निवेदन है कि शंकराचार्य सम्मान प्रयागराज में स्नान करे।शंकराचार्य के गाय माता को 40 दिन के अंदर राष्ट्रमाता घोषित करने की शंकराचार्य द्वारा की गई मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय कैबिनेट की बैठक में होता है हम मुख्यमंत्री जी से स्वयं आग्रह भी करेंगे कि इस पर गंभीरता से विचार करें।अनिल राजभर ने 22 फरवरी को अहरौला के जनता इंटर कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  संभावित कार्यक्रम के सवाल पर बोलते हुए कहा कि हम उनसे  पहले तो आग्रह करेंगे कि वे महाराजा सुहेलदेव की इस जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित हों यदि ऐसा नहीं होता है तो हम अपना कार्यक्रम स्थगित कर  देंगें।हमारा जयंती का कार्यक्रम एक माह तक अनवरत चलेगा।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा लालगंज के उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह और संचालन भाजपा लालगंज के जिलामंत्री दिलीप सिंह ने किया,भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रानू राजभर ने सबका आभार प्रगट किया।
  विमलेश पांडेय,मुन्ना राजभर, शिवपूजन, सारिका सिंह,भारत भीम जनार्दन,रत्नेश बिंद,विद्यानंद कंचन भारती,सूरज अग्रहरि,विजय सिंह आदि रहे।