आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बजट 2026-27 को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया ऐतिहासिक


* पर्यटन और संस्कृति को मिला बड़ा प्रोत्साहन, आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा रोजगार और निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों के साथ पर्यटन एवं संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नैमिषारण्य, अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे पर्यटक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और औसत प्रवास अवधि दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होने की संभावना है।

* पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2024 में 11.01 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से अधिक हो गए। अयोध्या में यह संख्या 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ से अधिक पहुंच गई। मथुरा में 9.01 करोड़ से बढ़कर 10.24 करोड़, मिर्जापुर में 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से बढ़कर 3.65 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

* विकास योजनाओं के लिए बड़े बजटीय प्रावधान
‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना’ के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से 100 करोड़ रुपये तथा विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्रज क्षेत्र में भी तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

* होमस्टे और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रदेश में 5000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बताते हुए मंत्री ने कहा कि महिला गाइड प्रशिक्षण हेतु लाइसेंस शुल्क माफ किया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

* सांस्कृतिक विरासत को संवारने की पहल
सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी के रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय तथा बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल का लोकार्पण किया जा चुका है। लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया गया है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह बजट प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दर्शाता है और आने वाले समय में पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा।
Sambhal वार्ड-11 में AIMIM संभावित प्रत्याशी अंसार खान का जनसंपर्क तेज, ग्रामीणों ने जताया भरोसा, “विकास और ईमानदारी ही मुद्दा”

जिला पंचायत सदस्य चुनाव को लेकर वार्ड नंबर-11 में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के संभावित प्रत्याशी अंसार खान इन दिनों गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। अंसार खान का दावा है कि वे लगभग वार्ड-11 के सभी गांवों में पहुंच चुके हैं और शेष गांवों में भी लगातार संपर्क कर रहे हैं।

अंसार खान ने बताया कि क्षेत्र में विकास का घोर अभाव है। कई गांवों में न तो नालियों की व्यवस्था है और न ही पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है। लिंक रोड तक नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्यों ने क्षेत्र के लिए कोई ठोस काम नहीं किया और जो भी विकास हुआ, वह ग्राम प्रधानों के माध्यम से हुआ। भ्रष्टाचार के सवाल पर अंसार खान ने साफ कहा कि वे किसी भी हाल में “वोट नहीं बेचेंगे” और पूरी ईमानदारी से क्षेत्र का विकास कराएंगे। उनका कहना है कि जिला पंचायत में विकास न होने का सबसे बड़ा कारण वोटों की सौदेबाजी है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। AIMIM से टिकट को लेकर अंसार खान ने कहा कि पार्टी नेतृत्व से उन्हें पूरा भरोसा और समर्थन मिला है और उनका टिकट लगभग तय है। उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को मुस्लिम समाज समेत दबे-कुचले तबकों की आवाज़ बताया। ग्रामीणों ने भी अंसार खान के समर्थन में खुलकर बयान दिए। मूसापुर-ईसापुर, हाजीपुर समेत कई गांवों के लोगों ने कहा कि पिछले पांच सालों में जिला पंचायत सदस्य गांव में नजर तक नहीं आए। ग्रामीणों की मुख्य मांग सड़क, नाली, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं का समाधान है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अंसार खान जमीन से जुड़े नेता हैं, जो बुजुर्गों और गांव के लोगों की बात सुनते हैं। इसी वजह से पूरे वार्ड में उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अगर अंसार खान जीतते हैं तो वार्ड-11 में ईमानदारी के साथ वास्तविक विकास होगा।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
सीयर में ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का शानदार आयोजन, निपुण बच्चों का हुआ सम्मान
संजीव सिंह बलिया1सीयर (बलिया), 10 फरवरी 2026। बीआरसी सीयर के प्रांगण में मंगलवार को ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री फैसल आलम और खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील चौबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन के साथ किया।खंड शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि श्री फैसल आलम, विशिष्ट अतिथि श्री रविभूषण सिंह (सहायक विकास अधिकारी) व श्रीमती ममता श्रीवास्तव (सुपरवाइजर, सीडीपीओ प्रतिनिधि) को बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कम्पोजिट विद्यालय सीयर के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सीयर ब्लॉक की 15 न्याय पंचायतों के कक्षा 1-2 के निपुण बच्चे, नोडल शिक्षक, संकुलाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं व उनके बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सहायक अध्यापक श्री राजी कमाल पासा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती किरण सिंह ने भी संबोधित किया।अपने उद्बोधन में श्री फैसल आलम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प व बेहतर संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेने व सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सभी निपुण बच्चों को बैग व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री सुनील चौबे ने शिक्षण को पवित्र कार्य बताते हुए समन्वय का आह्वान किया।कार्यक्रम में टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां खंड विकास अधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की, खासकर प्राथमिक विद्यालय बुद्धिपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता की टीएलएम को। देवेंद्र वर्मा, जयप्रकाश यादव, सोहराब अहमद, आशुतोष, तरुण पांडेय, विनोद कुमार मौर्य, अजीत सिंह, रमेश सिंह जितेंद्र वर्मा, राजा कमाल पाशा,सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संचालन श्री नंदलाल शर्मा ने किया!
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
आजमगढ़ : अहरौला में सुहेलदेव जयंती की तैयारी में जुटी सुभासपा, डॉ. अरविन्द राजभर ने आँधीपुर में लगायी चौपाल

आजमगढ़ : अहरौला में  22 फरवरी को महाराजा सुहेलदेव की जयंती समारोह की तैयारी को लेकर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) ने जनसंपर्क अभियान तेज कर दिया है। इसी क्रम में सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता डॉ. अरविन्द राजभर फूलपुर तहसील क्षेत्र के आँधीपुर गांव पहुंचे, जहां उन्होंने चौपाल लगाकर लोगों से संवाद किया।  चौपाल के दौरान डॉ. अरविन्द राजभर ने अधिक से अधिक संख्या में अहरौला स्थित जनता इंटर कॉलेज के बाग में पहुंचकर कार्यक्रम को सफल बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव का जीवन संघर्ष और सामाजिक समरसता का प्रतीक है, इसलिए जयंती समारोह में सभी समाज के लोगों की भागीदारी जरूरी है। पत्र प्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में, जिसमें 22 फरवरी को ही कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर द्वारा माहुल के टिकुरिया मैदान में आयोजित कार्यक्रम को लेकर सुभासपा और भाजपा के बीच मतभेद की बात कही गई तो डॉ. अरबिन्द राजभर ने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका अलग कार्यक्रम है, जबकि सुभासपा अहरौला में जयंती मनाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने पुनः लोगों से अधिकाधिक संख्या में कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता रामनाथ राजभर ने की तथा संचालन कृष्ण कुमार राजभर ने किया। इस मौके पर संदीप राजभर, गुड्डन राजभर, रमाशंकर राजभर, संतोष कुमार, श्याम राजभर, सुरेंद्र यादव, रवीन्द्र यादव, प्रभावती सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
बजट 2026-27 को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने बताया ऐतिहासिक


* पर्यटन और संस्कृति को मिला बड़ा प्रोत्साहन, आस्था स्थलों के विकास से बढ़ेगा रोजगार और निवेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट की सराहना करते हुए इसे ऐतिहासिक बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत यह बजट प्रदेश को आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने कहा कि बजट में बुनियादी ढांचे, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों के साथ पर्यटन एवं संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी गई है। नैमिषारण्य, अयोध्या, वाराणसी, विंध्याचल, मथुरा और प्रयागराज जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं, जिससे पर्यटक सुविधाओं में व्यापक सुधार होगा और औसत प्रवास अवधि दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होने की संभावना है।

* पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि
जयवीर सिंह ने बताया कि वाराणसी में वर्ष 2024 में 11.01 करोड़ पर्यटक आए थे, जो 2025 में बढ़कर 17.30 करोड़ से अधिक हो गए। अयोध्या में यह संख्या 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ से अधिक पहुंच गई। मथुरा में 9.01 करोड़ से बढ़कर 10.24 करोड़, मिर्जापुर में 1.41 करोड़ से बढ़कर 2.10 करोड़ और चित्रकूट में 1.18 करोड़ से बढ़कर 3.65 करोड़ से अधिक पर्यटक पहुंचे। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि वर्ष 2026 के माघ मेले में अब तक 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए, जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से अधिक विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

* विकास योजनाओं के लिए बड़े बजटीय प्रावधान
‘मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना’ के अंतर्गत 500 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है। अयोध्या तीर्थ विकास परिषद के लिए 150 करोड़ रुपये, नैमिषारण्य तीर्थ विकास परिषद के माध्यम से 100 करोड़ रुपये तथा विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। ब्रज क्षेत्र में भी तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए विकास कार्य प्रस्तावित हैं।

* होमस्टे और महिला सशक्तिकरण पर जोर
प्रदेश में 5000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। पर्यटन को रोजगार सृजन का प्रमुख माध्यम बताते हुए मंत्री ने कहा कि महिला गाइड प्रशिक्षण हेतु लाइसेंस शुल्क माफ किया जाएगा, जिससे पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ेगी।

* सांस्कृतिक विरासत को संवारने की पहल
सरकार ने सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण पर भी विशेष ध्यान दिया है। बलरामपुर के इमिलिया कोडर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी के रामनगर में पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय तथा बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल का लोकार्पण किया जा चुका है। लखनऊ में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य प्रगति पर है, जबकि प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किया गया है। मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि यह बजट प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक स्तर पर सशक्त करने की स्पष्ट प्रतिबद्धता दर्शाता है और आने वाले समय में पर्यटन प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मजबूत स्तंभ बनेगा।
Sambhal वार्ड-11 में AIMIM संभावित प्रत्याशी अंसार खान का जनसंपर्क तेज, ग्रामीणों ने जताया भरोसा, “विकास और ईमानदारी ही मुद्दा”

जिला पंचायत सदस्य चुनाव को लेकर वार्ड नंबर-11 में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के संभावित प्रत्याशी अंसार खान इन दिनों गांव-गांव जाकर जनसंपर्क कर रहे हैं। अंसार खान का दावा है कि वे लगभग वार्ड-11 के सभी गांवों में पहुंच चुके हैं और शेष गांवों में भी लगातार संपर्क कर रहे हैं।

अंसार खान ने बताया कि क्षेत्र में विकास का घोर अभाव है। कई गांवों में न तो नालियों की व्यवस्था है और न ही पक्की सड़कों का निर्माण हुआ है। लिंक रोड तक नहीं होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व जिला पंचायत सदस्यों ने क्षेत्र के लिए कोई ठोस काम नहीं किया और जो भी विकास हुआ, वह ग्राम प्रधानों के माध्यम से हुआ। भ्रष्टाचार के सवाल पर अंसार खान ने साफ कहा कि वे किसी भी हाल में “वोट नहीं बेचेंगे” और पूरी ईमानदारी से क्षेत्र का विकास कराएंगे। उनका कहना है कि जिला पंचायत में विकास न होने का सबसे बड़ा कारण वोटों की सौदेबाजी है, जिसे वे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेंगे। AIMIM से टिकट को लेकर अंसार खान ने कहा कि पार्टी नेतृत्व से उन्हें पूरा भरोसा और समर्थन मिला है और उनका टिकट लगभग तय है। उन्होंने AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी को मुस्लिम समाज समेत दबे-कुचले तबकों की आवाज़ बताया। ग्रामीणों ने भी अंसार खान के समर्थन में खुलकर बयान दिए। मूसापुर-ईसापुर, हाजीपुर समेत कई गांवों के लोगों ने कहा कि पिछले पांच सालों में जिला पंचायत सदस्य गांव में नजर तक नहीं आए। ग्रामीणों की मुख्य मांग सड़क, नाली, शिक्षा और रोजगार से जुड़ी समस्याओं का समाधान है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अंसार खान जमीन से जुड़े नेता हैं, जो बुजुर्गों और गांव के लोगों की बात सुनते हैं। इसी वजह से पूरे वार्ड में उन्हें भारी समर्थन मिल रहा है। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई कि अगर अंसार खान जीतते हैं तो वार्ड-11 में ईमानदारी के साथ वास्तविक विकास होगा।
मनपा सीबीएसई स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर साकार किया महाराष्ट्र की लोकसंस्कृति
मुंबई। बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन स्कूल, मुंबई पब्लिक स्कूल, M. G. क्रॉस रोड नंबर 1, CBSE, कांदिवली के वार्षिक समारोह का शानदार आयोजन 9 फरवरी, 2026 को प्रबोधनकर ठाकरे थिएटर में बड़े जोश के साथ हुआ। प्रोग्राम का कॉन्सेप्ट “महाराष्ट्र की लोककथा” है और स्टूडेंट्स ने महाराष्ट्र की समृद्ध लोक संस्कृति को असरदार तरीके से पेश किया।
यह प्रोग्राम स्टूडेंट्स और पेरेंट्स के लिए गर्व की बात थी क्योंकि म्युनिसिपल CBSE स्कूल के स्टूडेंट्स को पहली बार इतने बड़े और शानदार स्टेज पर अपनी कला दिखाने का मौका मिला। यह थिएटर शिक्षण विभाग की उपायुक्त डॉ. प्राची जांभेकर की इजाज़त से फ्री में उपलब्ध कराया गया था।
कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षणाधिकारी सुजाता खरे ने की। अपने प्रेसिडेंशियल भाषण में, उन्होंने म्युनिसिपैलिटी के स्कूलों में होने वाली अलग-अलग एजुकेशनल एक्टिविटीज़ के बारे में जानकारी दी। इस मौके पर ममता राव डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर स्कूल SRSC/CBSC सेल, दीपिका पाटिल डिप्टी एजुकेशनल ऑफिसर (वेस्ट सबअर्बन) और अशफाक अहमद शाह एडमिनिस्ट्रेटिव ऑफिसर (R/साउथ डिवीज़न) मौजूद थे। स्टूडेंट्स ने फोक डांस, लेज़िम, ड्रामा एक्सपेरिमेंट और अलग-अलग कल्चरल परफॉर्मेंस से दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रोग्राम को वहां मौजूद पेरेंट्स से तुरंत रिस्पॉन्स मिला। प्रधानाध्यापक संदीपन घुले के मार्गदर्शन और टीचर्स और स्टाफ की कड़ी मेहनत से प्रोग्राम सफल रहा। इस मौके पर, आइडियल टीचर अवॉर्ड सुशील कोडलिंगे को दिया गया, जबकि एक्सीलेंट स्टूडेंट अवॉर्ड छठी कक्षा के छात्र देवांश नितिन बेलोसे को दिया गया। कार्यक्रम के अंत में वरिष्ठ शिक्षक मयूर तंगड़ी ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
पुलिस थानों के सीसीटीवी बार-बार खराब होने पर हाईकोर्ट सख्त, मुख्य सचिव को व्यक्तिगत जांच के निर्देश
प्रयागराज/ लखनऊ। इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने उत्तर प्रदेश के पुलिस स्टेशनों में लगे सीसीटीवी कैमरों में लगातार सामने आ रही खराबियों को गंभीरता से लेते हुए राज्य के मुख्य सचिव को इसकी व्यक्तिगत रूप से जांच करने का निर्देश दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि इस तरह की लापरवाही को “बार-बार का संयोग” मानकर टाला नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति अब्दुल मोईन और न्यायमूर्ति बबीता रानी की खंडपीठ ने सीसीटीवी कैमरों की विफलता पर यूपी पुलिस की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में शीर्ष पुलिस अधिकारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए। अदालत ने टिप्पणी की कि अब समय आ गया है कि जवाबदेही भी “गुरुत्वाकर्षण के नियम” का पालन करे, अर्थात यह ऊपर से नीचे की ओर प्रवाहित हो, न कि इसके विपरीत, जहां केवल कांस्टेबल, हेड कांस्टेबल, सब-इंस्पेक्टर या इंस्पेक्टर को बलि का बकरा बनाया जाता है।
उच्च न्यायालय ने अपने आदेश में यह भी निर्देश दिया कि मुख्य सचिव द्वारा की जाने वाली जांच के दौरान जिले में तैनात उच्चतम पुलिस अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करने के लिए आवश्यक दिशानिर्देशों पर भी विचार किया जाए। अदालत ने संकेत दिया कि जवाबदेही तय किए बिना ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना संभव नहीं होगा।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
सीयर में ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का शानदार आयोजन, निपुण बच्चों का हुआ सम्मान
संजीव सिंह बलिया1सीयर (बलिया), 10 फरवरी 2026। बीआरसी सीयर के प्रांगण में मंगलवार को ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री फैसल आलम और खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील चौबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन के साथ किया।खंड शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि श्री फैसल आलम, विशिष्ट अतिथि श्री रविभूषण सिंह (सहायक विकास अधिकारी) व श्रीमती ममता श्रीवास्तव (सुपरवाइजर, सीडीपीओ प्रतिनिधि) को बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कम्पोजिट विद्यालय सीयर के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सीयर ब्लॉक की 15 न्याय पंचायतों के कक्षा 1-2 के निपुण बच्चे, नोडल शिक्षक, संकुलाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं व उनके बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सहायक अध्यापक श्री राजी कमाल पासा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती किरण सिंह ने भी संबोधित किया।अपने उद्बोधन में श्री फैसल आलम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प व बेहतर संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेने व सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सभी निपुण बच्चों को बैग व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री सुनील चौबे ने शिक्षण को पवित्र कार्य बताते हुए समन्वय का आह्वान किया।कार्यक्रम में टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां खंड विकास अधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की, खासकर प्राथमिक विद्यालय बुद्धिपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता की टीएलएम को। देवेंद्र वर्मा, जयप्रकाश यादव, सोहराब अहमद, आशुतोष, तरुण पांडेय, विनोद कुमार मौर्य, अजीत सिंह, रमेश सिंह जितेंद्र वर्मा, राजा कमाल पाशा,सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संचालन श्री नंदलाल शर्मा ने किया!
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।