बहुजन समाज को हुक्मरान बनाने में जुटी आसपा
जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। शनिवार को यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा थाना घूरपुर स्थित ग्रामसभा कांटी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिला इकाई प्रयागराज के जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में सेक्टर बूथ गठन हेतु बैठक आयोजित की गई।
           बतौर मुख्य अतिथि आसपा जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता। बहुजनों पर अन्याय अत्याचार न हो इसलिए बुनजनो को अपनी सत्ता बनानी होगी। आसपा बहुजनों को देश का हुक्मरान बनाने में जुटी हुई है। बहुजन समाज की सत्ता प्राप्ति हेतु आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्मानित लोकप्रिय सांसद नगीना एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद बहुजन समाज को पुनः ध्रुवीकरण में लगे हुए हैं। आसपा का हरएक पदाधिकारी कार्यकर्ताओं का सम्मान करे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा है कि जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता वो समाज अपना इतिहास नहीं बना सकता। इतिहास जानने के लिए आसपा सेक्टर बूथ गठन के साथ साथ कैडर देने का कार्य भी कार्य किया जा रहा है। जिससे प्रतीत होने लगा है कि आने वाला कल आजाद पार्टी का ही है। आईपी रामबृज में विधानसभा कमटी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करें। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों व हिन्दू-मुस्लिम राजनीति से तंग आ चुकी है, अब जनता प्रदेश में परिवर्तन चाहती है। भाजपा सरकार दलित, मुसलमानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी का परचम लहराएगा।
        बैठक में राजू राव, करन कुमार, गौरी शंकर, नचऊ पासी, अमरीश, राजेन्द्र प्रसाद, मुकेश, गुड्डी, शर्मिला, गीता, प्रीती, अंगूरा, रामकली, गुलाबकली, राजकली, सुषमा, शीला, सरिता, शिवपत्ती, रेखा, के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन

साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर बढ़ना—समय की अनिवार्य मांग


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज । नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को “साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर” विषय पर एक विधिक जागरूकता उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों एवं संकाय सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे विषय की प्रासंगिकता एवं सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के साइबर अपराध थाना से पधारे मुख्य वक्ता विनोद कुमार, लोकेश पटेल एवं शिवम दिवाकर ने डिजिटल युग में तीव्र गति से उभरते साइबर अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, फिशिंग एवं डेटा चोरी जैसे अपराध न केवल व्यक्ति की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, अपितु उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा एवं निजता के अधिकार का भी हनन कर रहे हैं। उन्होंने विधिक परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं प्रासंगिक दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है, तथापि सतर्कता एवं जागरूकता ही सर्वाधिक प्रभावी प्रतिरक्षा है।
विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुदृढ़ पासवर्ड के निर्माण, ओटीपी एवं गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण, संदिग्ध लिंक एवं अनुप्रमाणित स्रोतों से दूरी बनाए रखने तथा सोशल मीडिया के उत्तरदायी एवं सुरक्षित उपयोग के उपायों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। साथ ही उपस्थित स्वयंसेवकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विधिक अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिखा खरे ने अपने संबोधन में कहा कि “साइबर खतरों से संरक्षण हेतु जागरूकता, सतर्कता एवं विधिक समझ अनिवार्य है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियों का पालन करे, क्योंकि सावधानी ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पारंपरिक अपराधों की अपेक्षा साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो विधि-व्यवस्था के समक्ष नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रही है। अतः समाज के प्रत्येक वर्ग को विधिक साक्षरता के माध्यम से सशक्त करना समय की आवश्यकता है, जिससे एक सुरक्षित एवं उत्तरदायी डिजिटल समाज का निर्माण संभव हो सके।
इस अवसर पर सौरभ तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. पुष्पांजलि, रितेश सिंह सहित अनेक प्राध्यापक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रवण कुमार मिश्र द्वारा विधिवत किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष (विधि) डॉ. सुनील कुमार मौर्य ने प्रस्तुत किया।
PNG सेवाओं के विस्तार पर केंद्र-राज्य समन्वय बैठक, यूपी में प्रगति की निगरानी खुद करेंगे ए.के. शर्मा
लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार और PNG सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विज्ञान भवन में उच्च स्तरीय केंद्र-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में PNG सेवाओं के विस्तार की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज प्रमुख हैं। इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए वे स्वयं निगरानी करेंगे।
यह बैठक समूह मंत्रियों (GoM) के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मनोहर लाल खट्टर तथा प्रह्लाद जोशी सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने, PNG कनेक्शन वितरण में तेजी लाने तथा CGD नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल व समयबद्ध बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शहरी विकास को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली ने भी सक्रिय भागीदारी की, जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की उठी मांग, सुल्तानपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन*
सुल्तानपुर,सऊदी अरब स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान के विध्वंस को लेकर दुनिया भर के साथ-साथ अब सुल्तानपुर में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार को अमहट में शिया समुदाय के लोगों ने मौलाना मोहम्मद जाफर खान के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पैगंबर मोहम्मद साहब के परिवार के सदस्यों के उन मजारों का फिर से निर्माण कराया जाए जिन्हें वर्षों पहले ध्वस्त कर दिया गया था। यहां राष्ट्रपति को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को सौंपा गया। मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने प्रदर्शन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा यह कोई नया विरोध नहीं है, बल्कि पैगंबर (SAW) और उनके परिवार के प्रति अटूट प्रेम रखने वाले लोग वर्षों से इस दर्द को साझा करने के लिए जुलूस निकालते आए हैं। मौलाना ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के मुसलमान हैं। एक वो, जिन्हें अहले-बैत (पैगंबर के परिवार) से सच्ची मोहब्बत है और वे उनके सम्मान के लिए आवाज उठा रहे हैं। दूसरे वो, जो खुद को केवल नाम का मुसलमान कहते हैं और इस जुल्म पर खामोश हैं। उन्होंने गांधी जी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी 'जिंदा कौम' अपनी कुर्बानियों को याद रखने के लिए उनकी यादगारें और मूर्तियां बनाती है। इसी तरह, अहले-बैत के रोजे (मकबरे) भी इंसानियत और कुर्बानी का प्रतीक हैं। मौलाना ने चेतावनी दी कि यदि इन यादगारों को खत्म कर दिया गया, तो समाज में "जंगल राज" फैल जाएगा और इंसानियत, मानवता व प्रेम के जज्बात खत्म हो जाएंगे। उनकी एकमात्र मांग है कि जन्नतुल बकी में अहले-बैत के मजारों का पुनः निर्माण हो ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महानता को सलाम कर सकें और उनके बताए रास्ते पर चल सकें। यहां पर नगर कोतवाल संदीप राय अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में मौलाना आसिफ नकवी, मौलाना जीशान खान, मौलाना तौसीफ़, हैदर अब्बास, एमएच खान एडवोकेट, अजादार हुसैन आदि मौजूद रहे।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने थाना कोतवाली देहात में जनसमस्याओं की सुनवाई कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश
समाधान दिवस में अनुपस्थित लेखपालों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 28 मार्च,2026*।
आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से थाना कोतवाली देहात में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा उपस्थित फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से आए नागरिकों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, रास्ता अवरोध, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि, पारिवारिक विवाद तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनके निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करे तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता एवं विपक्षी पक्ष—दोनों को बुलाकर पारदर्शी तरीके से प्रकरण का समाधान कराया जाए, जिससे भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति न हो।
समाधान दिवस के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए संबंधित विभागों को निश्चित समयसीमा निर्धारित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समाधान दिवस जैसी पहल जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक शिकायत का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो लेखपाल बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं उनको तत्काल शोकाज नोटिस जारी किया जाए।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी कोतवाली देहात तथा राजस्व एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रजिस्टर में सुरक्षा,टोटी गायब, शौचालय से 100 मीटर दूर से ही आती है दुर्गंध
*रेलवे प्रशासन एयरपोर्ट की तर्ज पर यात्रियों को सुविधाएं देने का करता है दावा*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। कालीन नगरी के तीनों प्रमुख रेलवे स्टेशन भदोही, ज्ञानपुर रोड और सुरियावां में रेल प्रशासन की ओर से यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। तीनों स्टेशनों से हर दिन लगभग 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। किसी भी रेलवे स्टेशन पर न बैठने की, न पेयजल की, न शौचालय की व्यवस्था है। पेयजल के लिए लगाई गई टोटियां चोरी हो गई हैं। जबकि आरपीएफ और जीआरपी हमेशा पेट्रोलिंग करने का दावा करती है। शौचालय में सफाई की दशा यह है कि 100 मीटर दूर से ही दुर्गंध आ रही है। जबकि सफाई के लिए हर स्टेशन पर रेलवे बोर्ड ने कार्यदायी संस्था कोे जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए हर स्टेशन पर कार्यदायी संस्था के एक-एक सुपरवाइजर तैनात हैं। जो तीन शिफ्ट में सफाई कर्मियों से सफाई कराते हैं।


सीन एक : ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर वेटिंग रूम में ताला बंद
जनपद का सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशन ज्ञानपुर रोड है। यहां से नईदिल्ली और गुजरात रूट की ट्रेने जाती हैं। हर दिन लगभग 12 से 15 हजार लोग यात्रा करते हैं। पेयजल के लिए लगाई गई टोटियां गायब हो गई हैं। वेटिंग रूम में ताला लटका रहता है। अवैध वेंडर सक्रिय हैं। कई बार सामान बेचने के चक्कर में अवैध वेंडरों का आमना-सामना हो चुका है। इसमें कई यात्री चोटिल भी हुए थे।



सीन दो : भदोही रेलवे स्टेशन पर कोच इंडिकेटर नहीं, छूट जाती है ट्रेन
जनपद का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन भदोही है। यहां से मुंबई रूट की ट्रेने जाती हैं। हर दिन 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बीते दो सालों से स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। किसी भी प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेटर नहीं है। इस कारण कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। सिर्फ एक आरक्षण काउंटर होने से यात्रियों को भीड़ का सामना करना पड़ता है।


सीन तीन : सुरियावां स्टेशन पर शेड नहीं होने से धूप में खड़े रहते हैं यात्री
जंघई-वाराणसी रेलखंड का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से हर दिन लगभग 8 से 10 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। किसी भी प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। तेज धूप में खड़े होकर यात्री ट्रेनों के आने का इंतजार करते हैं। इस स्टेशन पर आरक्षण केंद्र की भी सुविधा नहीं है। दोनों प्लेटफार्मों पर लगे हैंडपंप सूख गए हैं। दो हैंडपंपों से बालू वाला पानी आ रहा है।

सुने यात्रियों की समस्या भी
ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर वेटिंग हॉल और शौचालय प्रमुख समस्या है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। ऐसे में यात्रियों के लिए वेटिंग रूम खोलना जरूरी है।
- सुनील कुमार, खमरिया।

ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो तक जाने के लिए अंडरपास बनाया जाना चाहिए। इससे वृद्धजनों और महिलाओं को सुविधा होगी।
- संजय यादव, कसिदहा

व्यापारिक दृष्टिकोण से यह स्टेशन महत्वपूर्ण है। यहां पेयजल की व्यवस्था नहीं है। दूर से आने वाले यात्री कहां बैठकर ट्रेन का इंतजार करेंगे। यह तो रेलवे को भी पता नहीं है।
- जतन गुप्ता, सुरियावां

हमें मुंबई जाना है। यहीं से ट्रेन पकड़ूंगा। ट्रेन आने में अभी एक घंटे का समय है। जब से स्टेशन पर आया हूं। खड़ा ही हूं। हाथ धूलने के लिए बोतल बंद पानी खरीदना पड़ा है।
- चंद्रदीप शुक्ला, निदिउरा, अभिया


स्टेशन अधीक्षकों ने कहा

स्टेशन पर कुछ विकास कार्य कराए गए हैं। अभी बहुत काम बचा है। इसकी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को भेज दी गई है। - अमित कुमार, सुरियावां स्टेशन अधीक्षक
नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी कमियां हैं दूर कराने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। - अरविंद श्रीवास्तव, ज्ञानपुर स्टेशन अधीक्षक
अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर विकास कार्य चल रहा है। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास जारी हैं। जो भी कमी है जल्द उसमें सुधार किया जाएगा। - कोमल सिंह, भदोही स्टेशन अधीक्षक

ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन की प्रमुख ट्रेनें
- शिवगंगा एक्सप्रेस

- विभूति एक्सप्रेस

- पटना सिकंराबाद एक्सप्रेस
- नई-दिल्ली मंडुआडीह एक्सप्रेस

- उधना-दानापुर एक्सप्रेस
- कामाख्या स्पेशल ट्रेन


भदोही रेलवे स्टेशन की प्रमुख ट्रेनें
- पंजाब मेल
- बुदेंलखंड एक्सप्रेस
- रत्नागिरी एक्सप्रेस

- दादर एक्सप्रेस
- जनता एक्सप्रेस

- काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस
- अर्चना एक्सप्रेस
शादी टूटने से परेशान युवती ने फांसी लगाकर दी जान,8 महीने पहले तय हुआ था रिश्ता

शारीरिक संबंध बनाने व दूसरी जगह शादी तय करने का लगा आरोप

गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र में दहेज की मांग और शादी टूटने से परेशान साक्षी सोनी (22) ने आत्महत्या कर लिया।बैकुंठपुर (भरथीपुर) गांव में युवती ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दिया।घटना की सूचना पाकर छपिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और साक्षी सोनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतका के पिता भगवान दीन सोनी ने थाने में तहरीर दिया है।तहरीर के अनुसार, उनकी बेटी साक्षी की शादी 8 महीने पहले चांदनी चौक निवासी शिवम सोनी से तय हुई थी।शादी तय होने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और युवक का युवती के घर आना जाना भी होने लगा।परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान युवक ने युवती के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी बनाया।

परिजनों का आरोप है कि बाद में युवक और उसके परिवार ने पांच लाख रूपए दहेज की मांग  शुरू कर दिया जबकि पहले एक लाख रुपए तय हुआ था और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार मांग पूरी नहीं कर सका।इसके बाद शिवम सोनी ने कहीं और शादी तय कर लिया।हालांकि, दूसरी शादी तय होने के बावजूद युवक युवती से लगातार संपर्क में बना रहा,जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी।पिता भगवान दीन सोनी ने बताया कि इसी मानसिक तनाव के चलते दोपहर में युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।घटना के बाद भी आरोपी युवक द्वारा युवती के मोबाइल पर फोन किए जाने की बात सामने आई है।मामले में छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है और प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।परिजनों के अनुसार दहेज की बड़ी मांग  और शादी टूटने की स्थिति ने युवती को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया था,जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
आस्था और पर्यावरण का संगम: बागपत का पुरा महादेव बना जीरो वेस्ट तीर्थ पर्यटन का मॉडल

* बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024 से सम्मानित पुरा महादेव में ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल से सतत विकास की नई मिसाल

लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव ने ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का गौरव हासिल करने के बाद अब सतत और जिम्मेदार तीर्थ पर्यटन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जीरो वेस्ट व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई।
इस पहल के तहत मंदिर में चढ़ने वाली भेंट और उत्सव के दौरान उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किया गया, वह भी धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए। फूलों, दूध, जैविक अवशेष, प्लास्टिक बोतलों, पूजा धागों और यहां तक कि छोड़ी गई चप्पलों को भी एकत्र कर प्रोसेस कर पुनः उपयोग में लाया गया।

* कचरा नहीं, संसाधन: सफलता की मिसाल
इस अनूठी पहल के परिणाम प्रभावशाली रहे। 450 किलोग्राम से अधिक फूलों को प्रोसेस किया गया, लगभग एक टन जैविक सामग्री से खाद तैयार हुई और करीब 700 किलोग्राम प्लास्टिक को फाइबर फिल में बदला गया। 3,000 से अधिक पूजा धागों का पुनः उपयोग हुआ, 2,500 चप्पलों को मैट व इंस्टॉलेशन में बदला गया, जबकि 4,563 लीटर दूध पशु देखभाल के लिए उपयोग में लाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यह मॉडल दो प्रमुख स्तंभों—भेंट सामग्री की रिकवरी एवं पुनर्वितरण तथा समुदाय आधारित सर्कुलर पुनः उपयोग—पर आधारित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिला है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, विशेषकर महिलाओं ने छंटाई और प्रोसेसिंग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह सिद्ध हुआ कि धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
मंदिर परिसर में स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने स्वच्छ वातावरण और भेंट सामग्री के सम्मानजनक पुनः उपयोग की सराहना की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश की टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी मॉडल में बदला जा सकता है। बागपत प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सततता और स्वच्छता को और बढ़ावा मिल सके।
फोन की रिकार्डिंग सुन पत्नी के प्रेमी की हत्या,फोन कर मिलने के बहाने बुलाया
*लाठी डंडों से पीटा फिर दबाया गला

गोंडा।जिले में हाईस्कूल छात्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस ने मृतक छात्र की प्रेमिका के पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 24 मार्च की रात साहिल को फोन कर बुलाया।उसको लाठी डंडों से पीटा उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया।जांच में सामने आया है कि 20 साल का साहिल और 22 साल की मानसी चौहान के बीच पिछले तीन साल से अफेयर था,दोनों साथ में पढ़ाई करते थे।मानसी की शादी के बाद भी दोनों का रिश्ता चलता रहा।मानसी के पति ने दोनों की बातचीत की रिकार्डिंग फोन में सुन लिया था,उसके बाद मर्डर का प्लान बनाया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।मामला तरबगंज थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा गांव का है।गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत पिपरी रोहुआ के तालाब के किनारे बुधवार सुबह एक युवक का शव मिला था।खेतों में सरसों की कटाई कर रहे किसानों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दिया था।शव की पहचान बिशुनपुर बनियन गांव निवासी साहिल के रूप में हूई थी।शव से 200 मीटर की दूरी पर साहिल की मोटरसाइकिल मिली थी परन्तु उसका मोबाइल गायब था और हाथ पैर व शरीर पर चोट के नीशान थे।इसके बाद परिजनों ने साहिल के हत्या की आशंका व्यक्त किया था,इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या के संभावनाओं पर जांच शुरू कर दिया।भरोसेमंद सूत्रों की माने तो तरबगंज तहसील अंतर्गत गत 13 मार्च को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोनियन पुरवा गांव निवासनी मानसी चौहान की शादी उसके परिजनों ने रामशंकर चौहान के साथ कर दिया था परन्तु शादी के बाद भी मानसी और साहिल की बातचीत जारी रही,जिससे पति रामशंकर को शक हो गया तदोपरांत रामशंकर ने पत्नी मानसी की मोबाइल में काल रिकार्डिंग लगा दिया और जब 24 मार्च को उसने फोन चेक किया तो उसे साहिल की काल रिकार्डिंग मिली।काल रिकार्डिंग मिलने के बाद उसने हत्या की साजिश रची और अपने तीन साथियों नानबाबू चौहान, दिनेश चौहान और रमन उर्फ अंगद चौहान को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।24 मार्च की रात को आरोपियों ने साहिल को सीधे अपने फोन से नहीं बल्कि  मानसी के फोन से काल कर बुलाया ताकि उसे कोई संदेह न हो।फ़ोन आने के बाद साहिल को लगा कि वह मानसी से मिलने जा रहा है,परन्तु यह एक साजिश थी।फोन आने के बाद घर से निकलते समय साहिल ने अपनी माँ से कहा कि वह गांव में एक जन्मदिन कार्यक्रम में जा रहा है,जबकि उसे कोई निमंत्रण नहीं मिला था।साहिल चार भाइयों में सबसे छोटा था और हाल में ही उसने हाईस्कूल की परीक्षा दिया था परन्तु परिणाम आने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दिया है
बहुजन समाज को हुक्मरान बनाने में जुटी आसपा
जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। शनिवार को यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा थाना घूरपुर स्थित ग्रामसभा कांटी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिला इकाई प्रयागराज के जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में सेक्टर बूथ गठन हेतु बैठक आयोजित की गई।
           बतौर मुख्य अतिथि आसपा जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता। बहुजनों पर अन्याय अत्याचार न हो इसलिए बुनजनो को अपनी सत्ता बनानी होगी। आसपा बहुजनों को देश का हुक्मरान बनाने में जुटी हुई है। बहुजन समाज की सत्ता प्राप्ति हेतु आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्मानित लोकप्रिय सांसद नगीना एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद बहुजन समाज को पुनः ध्रुवीकरण में लगे हुए हैं। आसपा का हरएक पदाधिकारी कार्यकर्ताओं का सम्मान करे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा है कि जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता वो समाज अपना इतिहास नहीं बना सकता। इतिहास जानने के लिए आसपा सेक्टर बूथ गठन के साथ साथ कैडर देने का कार्य भी कार्य किया जा रहा है। जिससे प्रतीत होने लगा है कि आने वाला कल आजाद पार्टी का ही है। आईपी रामबृज में विधानसभा कमटी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करें। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों व हिन्दू-मुस्लिम राजनीति से तंग आ चुकी है, अब जनता प्रदेश में परिवर्तन चाहती है। भाजपा सरकार दलित, मुसलमानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी का परचम लहराएगा।
        बैठक में राजू राव, करन कुमार, गौरी शंकर, नचऊ पासी, अमरीश, राजेन्द्र प्रसाद, मुकेश, गुड्डी, शर्मिला, गीता, प्रीती, अंगूरा, रामकली, गुलाबकली, राजकली, सुषमा, शीला, सरिता, शिवपत्ती, रेखा, के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का आयोजन

साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर बढ़ना—समय की अनिवार्य मांग


विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज । नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, हनुमानगंज परिसर में संचालित राष्ट्रीय सेवा योजना के सात दिवसीय विशेष शिविर के अंतर्गत शुक्रवार को “साइबर सुरक्षा से विकसित भारत की ओर” विषय पर एक विधिक जागरूकता उन्मुख कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में स्वयंसेवकों एवं संकाय सदस्यों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही, जिससे विषय की प्रासंगिकता एवं सामाजिक सरोकार स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुआ।
कार्यक्रम में पुलिस कमिश्नरेट प्रयागराज के साइबर अपराध थाना से पधारे मुख्य वक्ता विनोद कुमार, लोकेश पटेल एवं शिवम दिवाकर ने डिजिटल युग में तीव्र गति से उभरते साइबर अपराधों पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि ऑनलाइन ठगी, हैकिंग, फिशिंग एवं डेटा चोरी जैसे अपराध न केवल व्यक्ति की आर्थिक सुरक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, अपितु उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा एवं निजता के अधिकार का भी हनन कर रहे हैं। उन्होंने विधिक परिप्रेक्ष्य में स्पष्ट किया कि सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम एवं प्रासंगिक दंडात्मक प्रावधानों के अंतर्गत ऐसे अपराधों के विरुद्ध कठोर दंड का प्रावधान है, तथापि सतर्कता एवं जागरूकता ही सर्वाधिक प्रभावी प्रतिरक्षा है।
विशेषज्ञों ने सुरक्षित एवं सुदृढ़ पासवर्ड के निर्माण, ओटीपी एवं गोपनीय सूचनाओं के संरक्षण, संदिग्ध लिंक एवं अनुप्रमाणित स्रोतों से दूरी बनाए रखने तथा सोशल मीडिया के उत्तरदायी एवं सुरक्षित उपयोग के उपायों पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डाला। साथ ही उपस्थित स्वयंसेवकों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए उन्हें विधिक अधिकारों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहने हेतु प्रेरित किया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि, परीक्षा नियंत्रक डॉ. शिखा खरे ने अपने संबोधन में कहा कि “साइबर खतरों से संरक्षण हेतु जागरूकता, सतर्कता एवं विधिक समझ अनिवार्य है। प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य है कि वह डिजिटल माध्यमों का उपयोग करते समय आवश्यक सावधानियों का पालन करे, क्योंकि सावधानी ही सर्वोत्तम सुरक्षा कवच है।”
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विधि संकाय के अधिष्ठाता डॉ. स्वप्निल त्रिपाठी ने अपने उद्बोधन में कहा कि वर्तमान परिदृश्य में पारंपरिक अपराधों की अपेक्षा साइबर अपराधों में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है, जो विधि-व्यवस्था के समक्ष नई चुनौतियाँ प्रस्तुत कर रही है। अतः समाज के प्रत्येक वर्ग को विधिक साक्षरता के माध्यम से सशक्त करना समय की आवश्यकता है, जिससे एक सुरक्षित एवं उत्तरदायी डिजिटल समाज का निर्माण संभव हो सके।
इस अवसर पर सौरभ तिवारी, डॉ. मोनिका, डॉ. पुष्पांजलि, रितेश सिंह सहित अनेक प्राध्यापक एवं स्वयंसेवक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. श्रवण कुमार मिश्र द्वारा विधिवत किया गया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन विभागाध्यक्ष (विधि) डॉ. सुनील कुमार मौर्य ने प्रस्तुत किया।
PNG सेवाओं के विस्तार पर केंद्र-राज्य समन्वय बैठक, यूपी में प्रगति की निगरानी खुद करेंगे ए.के. शर्मा
लखनऊ। सूचना एवं जनसंपर्क विभाग उत्तर प्रदेश द्वारा जारी सूचना के अनुसार, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क के विस्तार और PNG सेवाओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विज्ञान भवन में उच्च स्तरीय केंद्र-राज्य समन्वय बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री ए.के. शर्मा ने सहभागिता करते हुए प्रदेश में PNG सेवाओं के विस्तार की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई नगरीय निकायों में NOC (अनापत्ति प्रमाण पत्र) से जुड़े कुछ प्रकरण लंबित हैं, जिनमें बहराइच, वाराणसी, श्रावस्ती, लखीमपुर खीरी, सिद्धार्थनगर और महाराजगंज प्रमुख हैं। इन मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए वे स्वयं निगरानी करेंगे।
यह बैठक समूह मंत्रियों (GoM) के 25 मार्च 2026 के निर्णय के क्रम में आयोजित की गई, जिसमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी, मनोहर लाल खट्टर तथा प्रह्लाद जोशी सहित विभिन्न राज्यों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में शहरी क्षेत्रों में स्वच्छ और सुरक्षित ऊर्जा उपलब्ध कराने, PNG कनेक्शन वितरण में तेजी लाने तथा CGD नेटवर्क के विस्तार पर विस्तृत चर्चा की गई। मंत्री ए.के. शर्मा ने भरोसा दिलाया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में पूरी तरह प्रतिबद्ध है और सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को सरल व समयबद्ध बनाया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश देने की बात कही कि NOC जारी करने की प्रक्रिया को तेज किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो और परियोजनाएं समय पर पूरी हो सकें।
बैठक में केंद्र और राज्य सरकारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर शहरी विकास को गति देने पर भी विशेष जोर दिया गया। उत्तर प्रदेश के साथ हरियाणा, झारखंड, कर्नाटक, महाराष्ट्र, ओडिशा, राजस्थान, तेलंगाना और दिल्ली ने भी सक्रिय भागीदारी की, जबकि अन्य राज्यों ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की।
जन्नतुल बकी के पुनर्निर्माण की उठी मांग, सुल्तानपुर में शिया समुदाय का जोरदार प्रदर्शन*
सुल्तानपुर,सऊदी अरब स्थित जन्नतुल बकी कब्रिस्तान के विध्वंस को लेकर दुनिया भर के साथ-साथ अब सुल्तानपुर में भी आक्रोश देखने को मिल रहा है। शनिवार को अमहट में शिया समुदाय के लोगों ने मौलाना मोहम्मद जाफर खान के नेतृत्व में एक विशाल विरोध प्रदर्शन और जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि पैगंबर मोहम्मद साहब के परिवार के सदस्यों के उन मजारों का फिर से निर्माण कराया जाए जिन्हें वर्षों पहले ध्वस्त कर दिया गया था। यहां राष्ट्रपति को सम्बोधित एक मांग पत्र एसडीएम सदर बिपिन द्विवेदी को सौंपा गया। मौलाना मोहम्मद जाफर खान ने प्रदर्शन के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा यह कोई नया विरोध नहीं है, बल्कि पैगंबर (SAW) और उनके परिवार के प्रति अटूट प्रेम रखने वाले लोग वर्षों से इस दर्द को साझा करने के लिए जुलूस निकालते आए हैं। मौलाना ने कहा कि आज दुनिया में दो तरह के मुसलमान हैं। एक वो, जिन्हें अहले-बैत (पैगंबर के परिवार) से सच्ची मोहब्बत है और वे उनके सम्मान के लिए आवाज उठा रहे हैं। दूसरे वो, जो खुद को केवल नाम का मुसलमान कहते हैं और इस जुल्म पर खामोश हैं। उन्होंने गांधी जी और सुभाष चंद्र बोस जैसे महान व्यक्तित्वों का उदाहरण देते हुए कहा कि कोई भी 'जिंदा कौम' अपनी कुर्बानियों को याद रखने के लिए उनकी यादगारें और मूर्तियां बनाती है। इसी तरह, अहले-बैत के रोजे (मकबरे) भी इंसानियत और कुर्बानी का प्रतीक हैं। मौलाना ने चेतावनी दी कि यदि इन यादगारों को खत्म कर दिया गया, तो समाज में "जंगल राज" फैल जाएगा और इंसानियत, मानवता व प्रेम के जज्बात खत्म हो जाएंगे। उनकी एकमात्र मांग है कि जन्नतुल बकी में अहले-बैत के मजारों का पुनः निर्माण हो ताकि आने वाली पीढ़ियां उनकी महानता को सलाम कर सकें और उनके बताए रास्ते पर चल सकें। यहां पर नगर कोतवाल संदीप राय अपनी टीम के साथ मौके पर मौजूद रहे। प्रदर्शन में मौलाना आसिफ नकवी, मौलाना जीशान खान, मौलाना तौसीफ़, हैदर अब्बास, एमएच खान एडवोकेट, अजादार हुसैन आदि मौजूद रहे।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
जिलाधिकारी ने थाना कोतवाली देहात में जनसमस्याओं की सुनवाई कर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हेतु अधिकारियों को दिये निर्देश
समाधान दिवस में अनुपस्थित लेखपालों को शोकाज नोटिस जारी करने के निर्देश-जिलाधिकारी*

*गोण्डा 28 मार्च,2026*।
आमजन की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान के उद्देश्य से थाना कोतवाली देहात में थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन द्वारा उपस्थित फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना गया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
थाना परिसर में आयोजित समाधान दिवस में बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्र से आए नागरिकों ने भूमि विवाद, अवैध कब्जा, रास्ता अवरोध, राजस्व अभिलेखों में त्रुटि, पारिवारिक विवाद तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से संबंधित प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किए। जिलाधिकारी ने प्रत्येक शिकायत को ध्यानपूर्वक सुनते हुए संबंधित अधिकारियों से प्रकरण की वस्तुस्थिति की जानकारी प्राप्त की।
जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राप्त सभी शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और उनके निस्तारण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

उन्होंने कहा कि राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करे तथा समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करे। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता एवं विपक्षी पक्ष—दोनों को बुलाकर पारदर्शी तरीके से प्रकरण का समाधान कराया जाए, जिससे भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति न हो।
समाधान दिवस के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि शेष प्रकरणों के लिए संबंधित विभागों को निश्चित समयसीमा निर्धारित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि आमजन को न्याय पाने के लिए अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। समाधान दिवस जैसी पहल जनता और प्रशासन के बीच विश्वास को मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे संवेदनशीलता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करें तथा प्रत्येक शिकायत का संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। जनसुनवाई में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि जो लेखपाल बिना किसी सूचना के अनुपस्थित हैं उनको तत्काल शोकाज नोटिस जारी किया जाए।

कार्यक्रम में थाना प्रभारी कोतवाली देहात तथा राजस्व एवं पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
रजिस्टर में सुरक्षा,टोटी गायब, शौचालय से 100 मीटर दूर से ही आती है दुर्गंध
*रेलवे प्रशासन एयरपोर्ट की तर्ज पर यात्रियों को सुविधाएं देने का करता है दावा*

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। कालीन नगरी के तीनों प्रमुख रेलवे स्टेशन भदोही, ज्ञानपुर रोड और सुरियावां में रेल प्रशासन की ओर से यात्रियों की मूलभूत सुविधाओं का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। तीनों स्टेशनों से हर दिन लगभग 50 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। किसी भी रेलवे स्टेशन पर न बैठने की, न पेयजल की, न शौचालय की व्यवस्था है। पेयजल के लिए लगाई गई टोटियां चोरी हो गई हैं। जबकि आरपीएफ और जीआरपी हमेशा पेट्रोलिंग करने का दावा करती है। शौचालय में सफाई की दशा यह है कि 100 मीटर दूर से ही दुर्गंध आ रही है। जबकि सफाई के लिए हर स्टेशन पर रेलवे बोर्ड ने कार्यदायी संस्था कोे जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए हर स्टेशन पर कार्यदायी संस्था के एक-एक सुपरवाइजर तैनात हैं। जो तीन शिफ्ट में सफाई कर्मियों से सफाई कराते हैं।


सीन एक : ज्ञानपुर रोड स्टेशन पर वेटिंग रूम में ताला बंद
जनपद का सबसे प्रमुख रेलवे स्टेशन ज्ञानपुर रोड है। यहां से नईदिल्ली और गुजरात रूट की ट्रेने जाती हैं। हर दिन लगभग 12 से 15 हजार लोग यात्रा करते हैं। पेयजल के लिए लगाई गई टोटियां गायब हो गई हैं। वेटिंग रूम में ताला लटका रहता है। अवैध वेंडर सक्रिय हैं। कई बार सामान बेचने के चक्कर में अवैध वेंडरों का आमना-सामना हो चुका है। इसमें कई यात्री चोटिल भी हुए थे।



सीन दो : भदोही रेलवे स्टेशन पर कोच इंडिकेटर नहीं, छूट जाती है ट्रेन
जनपद का दूसरा प्रमुख रेलवे स्टेशन भदोही है। यहां से मुंबई रूट की ट्रेने जाती हैं। हर दिन 20 से 25 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। बीते दो सालों से स्टेशन पर अमृत भारत योजना के तहत यात्री सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। किसी भी प्लेटफॉर्म पर कोच इंडिकेटर नहीं है। इस कारण कई बार यात्रियों की ट्रेन छूट जाती है। सिर्फ एक आरक्षण काउंटर होने से यात्रियों को भीड़ का सामना करना पड़ता है।


सीन तीन : सुरियावां स्टेशन पर शेड नहीं होने से धूप में खड़े रहते हैं यात्री
जंघई-वाराणसी रेलखंड का सबसे महत्वपूर्ण स्टेशन है। यहां से हर दिन लगभग 8 से 10 हजार यात्रियों का आवागमन होता है। किसी भी प्लेटफॉर्म पर यात्रियों के बैठने की व्यवस्था नहीं है। तेज धूप में खड़े होकर यात्री ट्रेनों के आने का इंतजार करते हैं। इस स्टेशन पर आरक्षण केंद्र की भी सुविधा नहीं है। दोनों प्लेटफार्मों पर लगे हैंडपंप सूख गए हैं। दो हैंडपंपों से बालू वाला पानी आ रहा है।

सुने यात्रियों की समस्या भी
ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन पर वेटिंग हॉल और शौचालय प्रमुख समस्या है। आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ेगी। ऐसे में यात्रियों के लिए वेटिंग रूम खोलना जरूरी है।
- सुनील कुमार, खमरिया।

ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक से दो तक जाने के लिए अंडरपास बनाया जाना चाहिए। इससे वृद्धजनों और महिलाओं को सुविधा होगी।
- संजय यादव, कसिदहा

व्यापारिक दृष्टिकोण से यह स्टेशन महत्वपूर्ण है। यहां पेयजल की व्यवस्था नहीं है। दूर से आने वाले यात्री कहां बैठकर ट्रेन का इंतजार करेंगे। यह तो रेलवे को भी पता नहीं है।
- जतन गुप्ता, सुरियावां

हमें मुंबई जाना है। यहीं से ट्रेन पकड़ूंगा। ट्रेन आने में अभी एक घंटे का समय है। जब से स्टेशन पर आया हूं। खड़ा ही हूं। हाथ धूलने के लिए बोतल बंद पानी खरीदना पड़ा है।
- चंद्रदीप शुक्ला, निदिउरा, अभिया


स्टेशन अधीक्षकों ने कहा

स्टेशन पर कुछ विकास कार्य कराए गए हैं। अभी बहुत काम बचा है। इसकी रिपोर्ट रेलवे प्रशासन को भेज दी गई है। - अमित कुमार, सुरियावां स्टेशन अधीक्षक
नियमित सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। जो भी कमियां हैं दूर कराने के लिए उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। - अरविंद श्रीवास्तव, ज्ञानपुर स्टेशन अधीक्षक
अमृत भारत योजना के तहत स्टेशन पर विकास कार्य चल रहा है। यात्री सुविधाओं को बढ़ाने का प्रयास जारी हैं। जो भी कमी है जल्द उसमें सुधार किया जाएगा। - कोमल सिंह, भदोही स्टेशन अधीक्षक

ज्ञानपुर रोड रेलवे स्टेशन की प्रमुख ट्रेनें
- शिवगंगा एक्सप्रेस

- विभूति एक्सप्रेस

- पटना सिकंराबाद एक्सप्रेस
- नई-दिल्ली मंडुआडीह एक्सप्रेस

- उधना-दानापुर एक्सप्रेस
- कामाख्या स्पेशल ट्रेन


भदोही रेलवे स्टेशन की प्रमुख ट्रेनें
- पंजाब मेल
- बुदेंलखंड एक्सप्रेस
- रत्नागिरी एक्सप्रेस

- दादर एक्सप्रेस
- जनता एक्सप्रेस

- काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस
- अर्चना एक्सप्रेस
शादी टूटने से परेशान युवती ने फांसी लगाकर दी जान,8 महीने पहले तय हुआ था रिश्ता

शारीरिक संबंध बनाने व दूसरी जगह शादी तय करने का लगा आरोप

गोंडा।जिले के छपिया थाना क्षेत्र में दहेज की मांग और शादी टूटने से परेशान साक्षी सोनी (22) ने आत्महत्या कर लिया।बैकुंठपुर (भरथीपुर) गांव में युवती ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर जान दे दिया।घटना की सूचना पाकर छपिया थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और साक्षी सोनी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।मृतका के पिता भगवान दीन सोनी ने थाने में तहरीर दिया है।तहरीर के अनुसार, उनकी बेटी साक्षी की शादी 8 महीने पहले चांदनी चौक निवासी शिवम सोनी से तय हुई थी।शादी तय होने के बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और युवक का युवती के घर आना जाना भी होने लगा।परिजनों ने आरोप लगाया है कि इसी दौरान युवक ने युवती के साथ शारीरिक सम्बन्ध भी बनाया।

परिजनों का आरोप है कि बाद में युवक और उसके परिवार ने पांच लाख रूपए दहेज की मांग  शुरू कर दिया जबकि पहले एक लाख रुपए तय हुआ था और आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण परिवार मांग पूरी नहीं कर सका।इसके बाद शिवम सोनी ने कहीं और शादी तय कर लिया।हालांकि, दूसरी शादी तय होने के बावजूद युवक युवती से लगातार संपर्क में बना रहा,जिससे वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगी।पिता भगवान दीन सोनी ने बताया कि इसी मानसिक तनाव के चलते दोपहर में युवती ने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया।घटना के बाद भी आरोपी युवक द्वारा युवती के मोबाइल पर फोन किए जाने की बात सामने आई है।मामले में छपिया थानाध्यक्ष प्रबोध कुमार ने बताया कि उन्हें तहरीर मिल गई है और प्रकरण की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।परिजनों के अनुसार दहेज की बड़ी मांग  और शादी टूटने की स्थिति ने युवती को गहरे मानसिक तनाव में डाल दिया था,जिसके कारण उसने यह कदम उठाया।
आस्था और पर्यावरण का संगम: बागपत का पुरा महादेव बना जीरो वेस्ट तीर्थ पर्यटन का मॉडल

* बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024 से सम्मानित पुरा महादेव में ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल से सतत विकास की नई मिसाल

लखनऊ/बागपत। उत्तर प्रदेश के पुरा महादेव ने ‘बेस्ट हेरिटेज टूरिस्ट विलेज 2024’ का गौरव हासिल करने के बाद अब सतत और जिम्मेदार तीर्थ पर्यटन का एक नया मॉडल प्रस्तुत किया है। ‘टेंपल इकोनॉमी’ पहल के तहत परशुरामेश्वर महादेव मंदिर में महाशिवरात्रि के अवसर पर जीरो वेस्ट व्यवस्था सफलतापूर्वक लागू की गई।
इस पहल के तहत मंदिर में चढ़ने वाली भेंट और उत्सव के दौरान उत्पन्न कचरे का वैज्ञानिक और व्यवस्थित प्रबंधन किया गया, वह भी धार्मिक परंपराओं की पवित्रता को बनाए रखते हुए। फूलों, दूध, जैविक अवशेष, प्लास्टिक बोतलों, पूजा धागों और यहां तक कि छोड़ी गई चप्पलों को भी एकत्र कर प्रोसेस कर पुनः उपयोग में लाया गया।

* कचरा नहीं, संसाधन: सफलता की मिसाल
इस अनूठी पहल के परिणाम प्रभावशाली रहे। 450 किलोग्राम से अधिक फूलों को प्रोसेस किया गया, लगभग एक टन जैविक सामग्री से खाद तैयार हुई और करीब 700 किलोग्राम प्लास्टिक को फाइबर फिल में बदला गया। 3,000 से अधिक पूजा धागों का पुनः उपयोग हुआ, 2,500 चप्पलों को मैट व इंस्टॉलेशन में बदला गया, जबकि 4,563 लीटर दूध पशु देखभाल के लिए उपयोग में लाया गया।
जिला प्रशासन के अनुसार यह मॉडल दो प्रमुख स्तंभों—भेंट सामग्री की रिकवरी एवं पुनर्वितरण तथा समुदाय आधारित सर्कुलर पुनः उपयोग—पर आधारित है। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ स्थानीय आजीविका को भी बढ़ावा मिला है।
इस पहल में स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी रही, विशेषकर महिलाओं ने छंटाई और प्रोसेसिंग कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इससे यह सिद्ध हुआ कि धार्मिक स्थल न केवल आस्था के केंद्र हैं, बल्कि आर्थिक और सामाजिक गतिविधियों के भी प्रमुख केंद्र बन सकते हैं।
मंदिर परिसर में स्वच्छता, भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं के अनुभव में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने स्वच्छ वातावरण और भेंट सामग्री के सम्मानजनक पुनः उपयोग की सराहना की। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह मॉडल प्रदेश की टेंपल इकोनॉमी को मजबूत करने और सतत विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी अस्मिता लाल ने कहा कि यह पहल दर्शाती है कि सामुदायिक सहभागिता और सुव्यवस्थित प्रणाली के माध्यम से धार्मिक स्थलों को जिम्मेदार पर्यटन के प्रभावी मॉडल में बदला जा सकता है। बागपत प्रशासन अब इस मॉडल को अन्य मंदिरों में लागू करने की योजना बना रहा है, जिससे उत्तर प्रदेश के धार्मिक स्थलों पर सततता और स्वच्छता को और बढ़ावा मिल सके।
फोन की रिकार्डिंग सुन पत्नी के प्रेमी की हत्या,फोन कर मिलने के बहाने बुलाया
*लाठी डंडों से पीटा फिर दबाया गला

गोंडा।जिले में हाईस्कूल छात्र हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है।पुलिस ने मृतक छात्र की प्रेमिका के पति समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है।पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने 24 मार्च की रात साहिल को फोन कर बुलाया।उसको लाठी डंडों से पीटा उसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दिया।जांच में सामने आया है कि 20 साल का साहिल और 22 साल की मानसी चौहान के बीच पिछले तीन साल से अफेयर था,दोनों साथ में पढ़ाई करते थे।मानसी की शादी के बाद भी दोनों का रिश्ता चलता रहा।मानसी के पति ने दोनों की बातचीत की रिकार्डिंग फोन में सुन लिया था,उसके बाद मर्डर का प्लान बनाया।आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।मामला तरबगंज थाना क्षेत्र के लोनियन पुरवा गांव का है।गौरतलब हो कि ग्राम पंचायत पिपरी रोहुआ के तालाब के किनारे बुधवार सुबह एक युवक का शव मिला था।खेतों में सरसों की कटाई कर रहे किसानों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दिया था।शव की पहचान बिशुनपुर बनियन गांव निवासी साहिल के रूप में हूई थी।शव से 200 मीटर की दूरी पर साहिल की मोटरसाइकिल मिली थी परन्तु उसका मोबाइल गायब था और हाथ पैर व शरीर पर चोट के नीशान थे।इसके बाद परिजनों ने साहिल के हत्या की आशंका व्यक्त किया था,इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर हत्या के संभावनाओं पर जांच शुरू कर दिया।भरोसेमंद सूत्रों की माने तो तरबगंज तहसील अंतर्गत गत 13 मार्च को हुए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम में लोनियन पुरवा गांव निवासनी मानसी चौहान की शादी उसके परिजनों ने रामशंकर चौहान के साथ कर दिया था परन्तु शादी के बाद भी मानसी और साहिल की बातचीत जारी रही,जिससे पति रामशंकर को शक हो गया तदोपरांत रामशंकर ने पत्नी मानसी की मोबाइल में काल रिकार्डिंग लगा दिया और जब 24 मार्च को उसने फोन चेक किया तो उसे साहिल की काल रिकार्डिंग मिली।काल रिकार्डिंग मिलने के बाद उसने हत्या की साजिश रची और अपने तीन साथियों नानबाबू चौहान, दिनेश चौहान और रमन उर्फ अंगद चौहान को साथ लेकर वारदात को अंजाम दिया।24 मार्च की रात को आरोपियों ने साहिल को सीधे अपने फोन से नहीं बल्कि  मानसी के फोन से काल कर बुलाया ताकि उसे कोई संदेह न हो।फ़ोन आने के बाद साहिल को लगा कि वह मानसी से मिलने जा रहा है,परन्तु यह एक साजिश थी।फोन आने के बाद घर से निकलते समय साहिल ने अपनी माँ से कहा कि वह गांव में एक जन्मदिन कार्यक्रम में जा रहा है,जबकि उसे कोई निमंत्रण नहीं मिला था।साहिल चार भाइयों में सबसे छोटा था और हाल में ही उसने हाईस्कूल की परीक्षा दिया था परन्तु परिणाम आने से पहले ही उसकी हत्या कर दी गई।पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दिया है