आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।
किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाने पर रिक्शा नौटंकी क्यों नहीं किया इरफान अंसारी ने.....आदित्य साहू


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के दो मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की की नौटंकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी नौटंकी मंत्री बन गए हैं। इनकी कार्यशैली में विभाग की चिंता नहीं है बल्कि अपनी विफलताओं की छुपाने केलिए ये अपने बयानों से ,अपने उल्टे हरकतों से जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।

कहा कि यदि रिक्शे की सवारी करनी ही थी तो उस दिन करते जिस दिन एक पिता को अपने बेटे की लाश झोले में भरकर ले जानी पड़ी। थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाकर मौत के मुंह में जाने को विवश कर दिया। गरीबों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो रहा। गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर गरीब हॉस्पिटल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में इन गरीबों को रिक्शा भी उपलब्ध करा देते तो मंत्री जी की बहादुरी मानी जाती ।लेकिन इरफान अंसारी को गरीबों की सेवा से कोई मतलब नहीं।ये तो केवल नौटंकी करने, सरकारी सुविधा पाने ,राज्य को लूटने केलिए मंत्री बने हैं।

श्री साहू ने कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हित की चिंता कब करेंगी कृषि मंत्री।4 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके।राज्य सरकार के आंकड़े बता रहे कि अभी तक झारखंड के किसानों से 50% धान की खरीद हुई है। खरीदे गए धान के पैसे जिसे तुरंत भुगतान करना था वो अभी तक बकाए हैं।

कहा कि 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने और 450 रुपए में सिलिंडर देने के वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार वादों को पूरी तरह भुला दिया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से गैस की किल्लत को प्रचारित कर रही ।दुष्प्रचार के कारण जनता में भय व्याप्त हो रहा। राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे।मंत्री प्रदर्शन कर रहे और अधिकारी बता रहे कि कोई किल्लत नहीं।

कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार बार बार अपने गैर जिम्मेदाराना हरकत से बाज आए।

उन्होंने झारखंड की जनता से ऐसे सरकार के नौटंकीबाज मंत्रियों की नौटंकी से दिग्भ्रमित नहीं होना चाहिए़।

कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता के हित की चिंता है। देश के हित में सभी आवश्यक निर्णय लिए जा रहे। देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

ओवरलोड माल ढोने में 4 ट्रक सीज,2.33 लाख रुपए जुर्माना,
खनन विभाग ने 28 हजार रुपए जीएसटी विभाग ने 80हजार रुपए जुर्माना लगाया,बकाया कर में 1 ट्रक सीज

फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर  एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 4 ट्रक सीज किये गये व उन पर 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 1 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 10 हजार रुपए का कर बकाया था।
चेकिंग के दौरान मोहम्मदाबाद की एक फर्म से सेन्ट्रल जेल फर्रूखाबाद के अलग-अलग नामों से 6 बिल लेकर एक हजार बोरी सीमेण्ट ले जाता हुआ ट्रक पकड़ा गया। ट्रक के सभी बिल रू0 50 हजार से कम धनराशि के थे। यह ई-वेबिल से बचने के लिये किया गया था। ट्रक को मसेनी से कादरीगेट की ओर जाते हुये दीप पैलेस के पास पकड़ा गया था। ट्रक में लदे माल से जीएसटी चोरी की आशंका के दृष्टिगत जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त अमित त्यागी को सूचना दी गई तथा ट्रक उनके हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस ट्रक पर 55 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया तथा जीएसटी विभाग द्वारा 80 हजार रुपए जुर्माना सम्भावित है।
खनन अधिकारी के साथ चेकिंग में मौरंग ले जाते हुये एक ट्रक को पकड़ा गया, जिस पर परिवहन विभाग द्वारा 57 हजार रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 28 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
बजरंग दल के जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत महामंत्री अंगद पांडे चुने गए
फर्रुखाबाद l अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल की संयुक्त बैठक शहर के रेलवे रोड स्थित एक होटल में हुई जिसमें जिले भर से सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने आकर दल के लिए कार्य करने की घोषणा की,इस बैठक में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात से आए राजू भारद्वाज जिनके पास उत्तर प्रदेश का प्रभार है और राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश महामंत्री अरविंद सेंगर विशिष्ट अतिथि के रूप में बैठक में सम्मिलित हुए l इस दौरान जिला कमेटी की घोषणा की गई जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत और जिले का प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे को नियुक्त किया गया बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजू भारद्वाज ने कहा की वर्तमान जो देश की परिस्थितियों चल रही हैं उन परिस्थितियों में सनातन धर्म को एकजुट करने की बहुत आवश्यकता है क्योंकि चारों तरफ से सनातन के ऊपर ही आक्रमण किया जा रहा है वर्तमान परिस्थितियों में हिंदू समाज को भी बांटने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र किया जा रहे हैं इन संयंत्र से हम सबको सतर्क रहने की आवश्यकता है और डटकर इसकी विरोध करने की आवश्यकता है तरह-तरह के संगठन बनाकर सनातन रंजीत को कमजोर करने का जो प्रयास चल रहा है उसे पर हम लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा लोगों को जागरूक करना पड़ेगा तब जाकर हम लोग हिंदुत्व को मजबूत कर पाएंगे विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश के महामंत्री अरविंद सेग़र ने कहा राष्ट्रीय बजरंग दल पूरे प्रदेश में हिंदुत्व के लिए कार्य कर रहा है गौ रक्षा के लिए कार्य कर रहा है प्रदेश में वर्तमान में राष्ट्रीय बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ हिंदुत्व और सनातन के लिए अपना घर परिवार सब छोड़कर जाने लगे हैं और उसका परिणाम यह है की पूर्व में जो गौ हत्याएं होती थी वह बंद हो गई है l गौ हत्यारे के अंदर इतना भय पैदा हो गया है राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा की जनपद में बहुत दिनों से संगठन को कमजोर करने के लिए कुछ लोगों के द्वारा जो प्रयास किया जा रहा था वह आज खत्म हो गया है नई कार्यकारिणी पूरी दमदारी के साथ में जनपद में कार्य करेगी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है या उत्साह कम नहीं होना चाहिए और हिंदुत्व सनातन के लिए संगठन सबसे आगे खड़ा दिखाई पड़ेगा जिस किसी भी भाई को जरूरत पड़ेगी संगठन का एक-एक कार्यकर्ता उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा प्रसिद्ध राम कथा के प्रवक्ता आचार्य अमरीश महाराज ने कहा कि आप सबका उत्साह देखकर महसूस होता है कि जनपद में राष्ट्रीय बजरंग दल एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद हिंदुत्व के लिए बहुत शानदार काम करेगी मेरी जहां कहीं भी आवश्यकता होगी मैं आप लोगों के साथ हर प्रकार से कार्य करने के लिए तैयार रहूंगा कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू भाई भारद्वाज ने की, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बजरंग दल प्रांतीय महामंत्री अरविंद सिंह सिंगर, विशेष अतिथि अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष उमेशा आनंद महाराज, कार्यक्रम के आयोजन राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे,अंगद मौजूद रहे।
प्रयागराज से दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन समय सारणी जारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज से दिल्ली के बीच करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज जकशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्यण लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 15 मार्च से 28 जून तक का सप्ताह में दो दिन सचालित होगी। प्रयागराज से यह प्रत्येक रविवार और बुधवार को रवाना होगी, जबकि वापसी में हजरत निजामुद्दीन से हर सोमवार और बृहस्पतिवार को चलेगी। गाड़ी सख्या 04123 दोपहर 3:, 25 बजे प्रयागराज जकशन से प्रस्थान करेगी।

यह रात 12:50 बजे झासी, सुबह 6:20 बजे आगरा और सुबह 11:35 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी मे यह ट्रेन दोपहर 3:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:10 बजे प्रयागराज वापस आएगी। यह ट्रेन विन्ध्य और बुदेलखड के रास्ते दिल्ली का सफर तय करेगी। इसके मुख्य ठहराव मे शकरगढ़, मानिकपुर, चित्रकूट, बादा, महोबा, झासी, गवालियर, आगरा कैंट और मथुरा जैसे स्टेशन शामिल हैं। सीपीआरओ शशिकांत तिपाठी ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होगें। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें स्लीपर के आठ और जनरल श्रेणी के नौ कोच लगाए गए हैं। साथ ही एसी थी् और एसी फस्ट कम टू का भी एक- एक कोच शामिल रहेगा।

पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

#australiaexpmtonyabbottpraisedpm_modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ । सीएम योगी आदित्यनााथ ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और आम जनता को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।

अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें तय समय के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।


स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति और वितरण की सही स्थिति जनता तक लगातार पहुंचाई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैस एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी अथवा कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर मिट्टी का तेल भी आवंटित किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर वितरित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और अन्य संस्थानों से संवाद कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय से गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ। भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।
किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी खून चढ़ाने पर रिक्शा नौटंकी क्यों नहीं किया इरफान अंसारी ने.....आदित्य साहू


भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवम सांसद आदित्य साहू ने आज विधानसभा सत्र के दौरान राज्य सरकार के दो मंत्री इरफान अंसारी और शिल्पी नेहा तिर्की की नौटंकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी।

श्री साहू ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी नौटंकी मंत्री बन गए हैं। इनकी कार्यशैली में विभाग की चिंता नहीं है बल्कि अपनी विफलताओं की छुपाने केलिए ये अपने बयानों से ,अपने उल्टे हरकतों से जनता को दिग्भ्रमित करते हैं।

कहा कि यदि रिक्शे की सवारी करनी ही थी तो उस दिन करते जिस दिन एक पिता को अपने बेटे की लाश झोले में भरकर ले जानी पड़ी। थैलीसीमिया पीड़ित बच्चों को एचआईवी संक्रमित खून चढ़ाकर मौत के मुंह में जाने को विवश कर दिया। गरीबों को एम्बुलेंस नसीब नहीं हो रहा। गर्भवती महिला को खटिया पर लादकर गरीब हॉस्पिटल लाने को मजबूर हैं। ऐसे में इन गरीबों को रिक्शा भी उपलब्ध करा देते तो मंत्री जी की बहादुरी मानी जाती ।लेकिन इरफान अंसारी को गरीबों की सेवा से कोई मतलब नहीं।ये तो केवल नौटंकी करने, सरकारी सुविधा पाने ,राज्य को लूटने केलिए मंत्री बने हैं।

श्री साहू ने कृषि मंत्री नेहा शिल्पी तिर्की पर भी निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हित की चिंता कब करेंगी कृषि मंत्री।4 महीने बीत जाने के बाद भी किसानों के धान नहीं खरीदे जा सके।राज्य सरकार के आंकड़े बता रहे कि अभी तक झारखंड के किसानों से 50% धान की खरीद हुई है। खरीदे गए धान के पैसे जिसे तुरंत भुगतान करना था वो अभी तक बकाए हैं।

कहा कि 3200 रुपए क्विंटल धान खरीदने और 450 रुपए में सिलिंडर देने के वादे करके सत्ता में आई हेमंत सरकार वादों को पूरी तरह भुला दिया।

श्री साहू ने कहा कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से गैस की किल्लत को प्रचारित कर रही ।दुष्प्रचार के कारण जनता में भय व्याप्त हो रहा। राज्य सरकार की ओर से विरोधाभासी बयान आ रहे।मंत्री प्रदर्शन कर रहे और अधिकारी बता रहे कि कोई किल्लत नहीं।

कहा कि इंडी गठबंधन की सरकार बार बार अपने गैर जिम्मेदाराना हरकत से बाज आए।

उन्होंने झारखंड की जनता से ऐसे सरकार के नौटंकीबाज मंत्रियों की नौटंकी से दिग्भ्रमित नहीं होना चाहिए़।

कहा कि भारत सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जनता के हित की चिंता है। देश के हित में सभी आवश्यक निर्णय लिए जा रहे। देश में गैस की कोई किल्लत नहीं है।

ओवरलोड माल ढोने में 4 ट्रक सीज,2.33 लाख रुपए जुर्माना,
खनन विभाग ने 28 हजार रुपए जीएसटी विभाग ने 80हजार रुपए जुर्माना लगाया,बकाया कर में 1 ट्रक सीज

फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर  एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 4 ट्रक सीज किये गये व उन पर 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 1 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 10 हजार रुपए का कर बकाया था।
चेकिंग के दौरान मोहम्मदाबाद की एक फर्म से सेन्ट्रल जेल फर्रूखाबाद के अलग-अलग नामों से 6 बिल लेकर एक हजार बोरी सीमेण्ट ले जाता हुआ ट्रक पकड़ा गया। ट्रक के सभी बिल रू0 50 हजार से कम धनराशि के थे। यह ई-वेबिल से बचने के लिये किया गया था। ट्रक को मसेनी से कादरीगेट की ओर जाते हुये दीप पैलेस के पास पकड़ा गया था। ट्रक में लदे माल से जीएसटी चोरी की आशंका के दृष्टिगत जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त अमित त्यागी को सूचना दी गई तथा ट्रक उनके हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस ट्रक पर 55 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया तथा जीएसटी विभाग द्वारा 80 हजार रुपए जुर्माना सम्भावित है।
खनन अधिकारी के साथ चेकिंग में मौरंग ले जाते हुये एक ट्रक को पकड़ा गया, जिस पर परिवहन विभाग द्वारा 57 हजार रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 28 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
बजरंग दल के जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत महामंत्री अंगद पांडे चुने गए
फर्रुखाबाद l अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल की संयुक्त बैठक शहर के रेलवे रोड स्थित एक होटल में हुई जिसमें जिले भर से सैकड़ो कार्यकर्ताओं ने आकर दल के लिए कार्य करने की घोषणा की,इस बैठक में प्रमुख रूप से मुख्य अतिथि के रूप में गुजरात से आए राजू भारद्वाज जिनके पास उत्तर प्रदेश का प्रभार है और राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश महामंत्री अरविंद सेंगर विशिष्ट अतिथि के रूप में बैठक में सम्मिलित हुए l इस दौरान जिला कमेटी की घोषणा की गई जिला अध्यक्ष दिनेश राजपूत और जिले का प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ कोमल पांडे को नियुक्त किया गया बैठक को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश के प्रभारी राजू भारद्वाज ने कहा की वर्तमान जो देश की परिस्थितियों चल रही हैं उन परिस्थितियों में सनातन धर्म को एकजुट करने की बहुत आवश्यकता है क्योंकि चारों तरफ से सनातन के ऊपर ही आक्रमण किया जा रहा है वर्तमान परिस्थितियों में हिंदू समाज को भी बांटने के लिए तरह-तरह के षडयंत्र किया जा रहे हैं इन संयंत्र से हम सबको सतर्क रहने की आवश्यकता है और डटकर इसकी विरोध करने की आवश्यकता है तरह-तरह के संगठन बनाकर सनातन रंजीत को कमजोर करने का जो प्रयास चल रहा है उसे पर हम लोगों को एकजुट होकर संघर्ष करना पड़ेगा लोगों को जागरूक करना पड़ेगा तब जाकर हम लोग हिंदुत्व को मजबूत कर पाएंगे विशिष्ट अतिथि के रूप में पधारे राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश के महामंत्री अरविंद सेग़र ने कहा राष्ट्रीय बजरंग दल पूरे प्रदेश में हिंदुत्व के लिए कार्य कर रहा है गौ रक्षा के लिए कार्य कर रहा है प्रदेश में वर्तमान में राष्ट्रीय बजरंग दल के हजारों कार्यकर्ता पूरी मजबूती के साथ हिंदुत्व और सनातन के लिए अपना घर परिवार सब छोड़कर जाने लगे हैं और उसका परिणाम यह है की पूर्व में जो गौ हत्याएं होती थी वह बंद हो गई है l गौ हत्यारे के अंदर इतना भय पैदा हो गया है राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे उर्फ अंगद ने कहा की जनपद में बहुत दिनों से संगठन को कमजोर करने के लिए कुछ लोगों के द्वारा जो प्रयास किया जा रहा था वह आज खत्म हो गया है नई कार्यकारिणी पूरी दमदारी के साथ में जनपद में कार्य करेगी कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह है या उत्साह कम नहीं होना चाहिए और हिंदुत्व सनातन के लिए संगठन सबसे आगे खड़ा दिखाई पड़ेगा जिस किसी भी भाई को जरूरत पड़ेगी संगठन का एक-एक कार्यकर्ता उसके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा होगा प्रसिद्ध राम कथा के प्रवक्ता आचार्य अमरीश महाराज ने कहा कि आप सबका उत्साह देखकर महसूस होता है कि जनपद में राष्ट्रीय बजरंग दल एवं अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद हिंदुत्व के लिए बहुत शानदार काम करेगी मेरी जहां कहीं भी आवश्यकता होगी मैं आप लोगों के साथ हर प्रकार से कार्य करने के लिए तैयार रहूंगा कार्यक्रम की अध्यक्षता राजू भाई भारद्वाज ने की, मुख्य अतिथि राष्ट्रीय बजरंग दल प्रांतीय महामंत्री अरविंद सिंह सिंगर, विशेष अतिथि अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के विभाग अध्यक्ष उमेशा आनंद महाराज, कार्यक्रम के आयोजन राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग अध्यक्ष कोमल पांडे,अंगद मौजूद रहे।
प्रयागराज से दिल्ली के लिए विशेष ट्रेन समय सारणी जारी

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज से दिल्ली के बीच करने वाले यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रयागराज जकशन से हजरत निजामुद्दीन के बीच विशेष ट्रेन चलाने का निर्यण लिया है। यह स्पेशल ट्रेन 15 मार्च से 28 जून तक का सप्ताह में दो दिन सचालित होगी। प्रयागराज से यह प्रत्येक रविवार और बुधवार को रवाना होगी, जबकि वापसी में हजरत निजामुद्दीन से हर सोमवार और बृहस्पतिवार को चलेगी। गाड़ी सख्या 04123 दोपहर 3:, 25 बजे प्रयागराज जकशन से प्रस्थान करेगी।

यह रात 12:50 बजे झासी, सुबह 6:20 बजे आगरा और सुबह 11:35 बजे हजरत निजामुद्दीन पहुंचेगी। वापसी मे यह ट्रेन दोपहर 3:45 बजे चलकर अगले दिन सुबह 9:10 बजे प्रयागराज वापस आएगी। यह ट्रेन विन्ध्य और बुदेलखड के रास्ते दिल्ली का सफर तय करेगी। इसके मुख्य ठहराव मे शकरगढ़, मानिकपुर, चित्रकूट, बादा, महोबा, झासी, गवालियर, आगरा कैंट और मथुरा जैसे स्टेशन शामिल हैं। सीपीआरओ शशिकांत तिपाठी ने बताया कि इस विशेष ट्रेन में कुल 21 कोच होगें। यात्रियों की सुविधा के लिए इसमें स्लीपर के आठ और जनरल श्रेणी के नौ कोच लगाए गए हैं। साथ ही एसी थी् और एसी फस्ट कम टू का भी एक- एक कोच शामिल रहेगा।

पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

#australiaexpmtonyabbottpraisedpm_modi

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

एलपीजी आपूर्ति को लेकर मुख्यमंत्री सख्त, कालाबाजारी और जमाखोरी पर होगी कड़ी कार्रवाई

लखनऊ । सीएम योगी आदित्यनााथ ने प्रदेश में रसोई गैस की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एलपीजी की उपलब्धता को लेकर किसी प्रकार की अफवाह या घबराहट की स्थिति नहीं बनने दी जानी चाहिए और आम जनता को समय-समय पर सही जानकारी दी जाए।

अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए

गुरुवार को मुख्यमंत्री ने वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और तेल कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रदेश में एलपीजी की मांग और आपूर्ति की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी स्तर पर गैस सिलेंडर की कृत्रिम कमी न होने दी जाए। जिन उपभोक्ताओं ने सिलेंडर बुक कराया है, उन्हें तय समय के भीतर गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए और अगली रिफिल की संभावित तिथि की जानकारी भी दी जाए।


स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश

मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ स्थानों पर अफवाहों के कारण स्थिति को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वास्तविकता में प्रदेश में आपूर्ति व्यवस्था सामान्य है। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिया कि प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर गैस आपूर्ति और वितरण की सही स्थिति जनता तक लगातार पहुंचाई जाए।मुख्यमंत्री ने यह भी चेतावनी दी कि यदि कोई गैस एजेंसी या व्यक्ति जमाखोरी अथवा कालाबाजारी में लिप्त पाया जाता है तो उसके खिलाफ तुरंत मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाएगी। आवश्यकता पड़ने पर गैस वितरण केंद्रों पर पुलिस बल की तैनाती भी की जाएगी, ताकि कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।

प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य

बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। मौजूदा परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए विकल्प के तौर पर प्रदेश को 80 लाख लीटर मिट्टी का तेल भी आवंटित किया गया है, जिसे जरूरत पड़ने पर वितरित किया जाएगा।मुख्यमंत्री ने छात्रावासों, अस्पतालों, धर्मशालाओं, होटलों और अन्य संस्थानों से संवाद कर उन्हें वैकल्पिक ईंधन के उपयोग के लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए। साथ ही खाद्य एवं रसद विभाग में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर हर जिले की स्थिति पर लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और जिला पूर्ति अधिकारी को आपसी समन्वय से गैस की सुचारु आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए कहा गया है।
झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।