यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, छह की मौत, कई घायल

लखनऊ /हाथरस ।सादाबाद क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर गढ़ी हरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने आगे चल रही इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको सवारों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में कार में सवार 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य करा दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से गोरखपुर की ओर जा रही थी, जबकि इको कार सवार दिल्ली से राजस्थान की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने बस और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे में मृतक

दिनेश पुत्र हुकम सिंह उम्र करीब 45 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान ।
सुनीता पत्नी दिनेश उम्र करीब 40 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान।
विजय बघेल पुत्र सुखराम उम्र 27 वर्ष निवासी चोरंगाबाद थाना बाह
पिंकी बघेल पत्नी विजय बघेल उम्र करीब 26 निवासी चोरंगाबाद थाना बाह

हादसे में घायल

मनोज पुत्र सुरेश चन्द्र निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान) उम्र 25 वर्ष
रानी पत्नी मनोज उम्र 32 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
जयदीप पुत्र मनोज उम्र 04 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
इको वैन चालक वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश
आर्यन पुत्र अजय उम्र 8 साल
अंशु पुत्र अजय उम्र 6 साल
लक्ष्य पुत्र विजय उम्र 1 साल
प्राची पुत्री विजय उम्र 3 साल
पूनम बघेल उम्र 15 साल
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
आजमगढ़:-सड़क हादसे में घायल दूसरे छात्र की भी इलाज के दौरान मौत, क्षेत्र में शोक की लहर

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास लखनऊ–बलिया राजमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल दूसरे छात्र की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार देर शाम आजमगढ़ के लाइफ लाइन अस्पताल में उपचार के दौरान आकिब ने दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके साथी समीर की घटना वाले दिन ही मौत हो गई थी। दोनों छात्रों की असमय मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूक्खीपुर, थाना अहरौला निवासी समीर (20 वर्ष) पुत्र नसीम और आकिब (19 वर्ष) पुत्र नसीर अहमद बाइक से हाईस्कूल की गणित परीक्षा देने जा रहे थे। दोनों कक्षा 10 के छात्र थे और उनका परीक्षा केंद्र जनता इंटर कॉलेज अम्बारी में निर्धारित था। वे रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज गनवारा माहुल के छात्र थे। शुक्रवार सुबह इब्राहिमपुर गांव के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची अम्बारी पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने समीर को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल आकिब को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। आकिब का इलाज आजमगढ़ के लाइफ लाइन अस्पताल में चल रहा था। चिकित्सकों के प्रयास और विद्यालय प्रबंधन की ओर से रक्तदान किए जाने के बावजूद रविवार देर शाम उसने भी दम तोड़ दिया। रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशफाक अहमद घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे और लगातार परिजनों के संपर्क में बने रहे। मृतक समीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी एक बहन है, जबकि उसके पिता नसीम सऊदी अरब में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब दूसरे छात्र आकिब की भी मौत हो जाने से सूक्खीपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। दो होनहार छात्रों की एक साथ मौत से विद्यालय परिवार और ग्रामीण स्तब्ध हैं। परीक्षा देने निकले इन युवकों की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
होली मिलन समारोह में संगठन विस्तार पर जोर, कई नियुक्तियां घोषित
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के ग्राम माखा नगर में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नवनीत चौहान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न किसान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। इसी क्रम में संगठन विस्तार के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की गई, जिससे क्षेत्रीय इकाई को नई मजबूती मिलने की बात कही गई।

कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री पवन ठाकुर, विपिन अहलावत, विजेंद्र सिंह तथा हस्तिनापुर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। अंत में सभी ने आपसी सौहार्द के साथ होली की शुभकामनाएं दीं और संगठन की एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया।
बलिया की सांस्कृतिक परंपरा पर जोर दिया।बलिया के सुल्तानीपुर में नव कुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ: आठवें दिन भरत-राम मिलाप कथा से श्रद्धालु भावविभोर,
संजीव सिंह बलिया : जिले के सुल्तानीपुर गांव में आयोजित भव्य नव दिवसीय नव कुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ स्थल पर नव कुंडों में आहुतियां चढ़ रही थीं, तो कथा स्थल पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची। हजारों भक्तों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की, जबकि आचार्यगणों के उद्घोषित वैदिक मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पंडित गौरी गौरंगी ने भरत-राम मिलाप प्रसंग को इतने मार्मिक ढंग से सुनाया कि श्रद्धालु भावविभोर हो रो पड़े।भरत-राम मिलाप: त्याग और भक्ति का अनुपम प्रसंगकथा में पंडित गौरी गौरंगी ने विस्तार से सुनाया कि भरत अपने मामा के घर से लौटे तो उन्हें भ्राता राम और भाभी सीता के 14 वर्ष के वनवास की दर्दनाक खबर पता चली। मूर्छित होकर गिर पड़े भरत ने होश आने पर माता कैकेयी को कठोर शब्दों में कोसा, "आज तक सुना था पुत्र कुपुत्र हो सकता है, माता कुमाता नहीं। लेकिन तुमने सिद्ध कर दिया कि माता भी कुमाता हो सकती है।" भरत ने कहा कि प्रजा उन्हें छल-कपट का दोषी ठहराएगी, फिर भी वे राम को लाने अयोध्या से चित्रकूट रवाना हो गए।निषादराज से मार्ग मार्गदर्शन प्राप्त कर चित्रकूट पहुंचे भरत राम के चरणों में गिरे और क्षमा मांगी। निस्वार्थ प्रेम, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक भरत ने राम से अयोध्या लौटने की विनती की, किंतु राम ने वचनबद्धता का हवाला देकर इंकार कर दिया। लंबे अनुरोध के बाद भरत सहमत हुए कि अयोध्या का राजा राम ही रहेंगे। उन्होंने राम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर 14 वर्ष तक निष्ठापूर्वक राज्य संभाला।कथा समापन पर गौरंगी गौरी जी ने कहा, "आज के युग में स्वार्थ के लिए भाई भाई से छल करता है। राम-भरत प्रसंग भाइयों के प्रेम को मजबूत करने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। यह हमें त्याग और भक्ति का संदेश देता है।"यज्ञ का भव्य स्वरूप और आयोजनयह महायज्ञ सुल्तानीपुर के प्रमुख धार्मिक आयोजन के रूप में जाना जाता है, जिसमें नव कुंडों में सहस्र चंडी पाठ हो रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु विभिन्न जिलों से आ रहे हैं। कथा के बाद प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें भक्तों ने उत्साह से भाग लिया। मुख्य यजमान गोविंद नारायण सिंह ने बताया, "यह यज्ञ मां दुर्गा की कृपा और राम भक्ति के लिए समर्पित है। नवें दिन महायज्ञ का समापन धूमधाम से होगा।"प्रमुख आयोजक और उपस्थित जनमुख्य आयोजक गोविंद नारायण सिंह के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शक्ति सिंह, ऋषिराज सिंह, कृष्णा राज सिंह, श्रीमती मीरा सिंह, आशुतोष पांडेय सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे गांव की सांस्कृतिक धरोहर बताया। 9वेदिन विशेष पूजन और हवन होगा।सुल्तानीपुर महायज्ञ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की पारा शाखा में करोड़ों का गबन उजागर, मुख्य आरोपी की पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी के पारा क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में करोड़ों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी बैंक मित्र शिवा राव की पत्नी, मां और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के दौरान अब तक 100 से अधिक पीड़ित खाताधारक सामने आ चुके हैं, जबकि खातों में 12 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गबन की रकम से खरीदे गए जेवरात आरोपियों के कब्जे से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 47 हजार रुपये नकद, एक कार, लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया गया है।
इस मामले में मुख्य आरोपी शिवा राव और उसका सहयोगी दीपक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब खाताधारकों और बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से खातों में हेरफेर कर रकम निकाली जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल जारी है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
राजस्थानी महिला मंडल के जागृति सम्मेलन में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद
मुंबई। राजस्थानी महिला मंडल की ओर से 28 फरवरी को ‘जागृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसका विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम महाजन, पूर्व सांसद मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुदेव कुटुंबकम की सभ्यता जो संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की  गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं, वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन  ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नवपीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी। घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे। एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्र देव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के  पर प्रकाश डाला । मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।
मंडल की वरिष्ठ ट्रस्टी श्रीमती राजश्री बिड़ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर "महिला प्रतिभा सम्मान" श्रीमती दमयंती पित्ती जी का  प्रदान किया गया।
रूढ़िवादी राजस्थानी परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और विश्व की विभिन्न संस्थाओं के उच्च पद पर आसीन रही ।यह एक मारवाड़ी महिला प्रख्यात डाक टिकट संग्राहक है जिस पर इन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड प्राप्त हुआ है । मंडल की अध्यक्षा श्रीमती लंता रूंगटा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध समाज सेविका, लेखिका , कवियत्री श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा किया गया । इस अवसर पर सेंड आर्टिस्ट राहुल आर्य द्वारा अद्भुत तरीके से विस्तृत रूप में सेंड से कलाकृति बनाकर इस विषय को उजागर किया। अंत में मंडल की अध्यक्ष लता रूंगटा ने समस्त लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बिजली के तार और खंभों के पास लगा दी होलिका
*एएसपी बोले,1205 जगहों पर जलेंगी होलिकाएं, पुराने विवाद के आधार पर 25 अति संवेदनशील स्थान चिन्हित*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले भर में होलिका दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं। होलिका का आकार हर रोज बढ़ रहा है। उत्साह में लोग सुरक्षा का भी नहीं ध्यान दे रहे हैं।कई जगह बिजली के तारों के ठीक नीचे तो कहीं खंभे के पास ही होलिका स्थापित कर दी गई है। होलिका दहन पर हादसे की आशंका बनी हुई है। जिम्मेदार बेखबर है। एएसपी के मुताबिक जिले मं 1205 स्थानों पर होलिका दहन होगी। इसमें पुराने विवाद के आधार 25 स्थान अति संवेदनशील है। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जाएगी। इन स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे से निगरानी होगी।
वसंत पंचमी के दिन ही शहर से लेकर गांव तक होलिका की स्थापना शुरू हो गई थी। ज्ञानपुर के बालीपुर रोड, पुरानी बाजार मार्ग, भदोही शहर के मेन रोड, चौरी रोड, ज्ञानपुर रोड, तहसील मार्ग, स्टेशन रोड के साथ ही ग्रामीण इलाकों में होलिका की स्थापना कर दी गई थी।
इसके बाद आस्थावान उसमें प्रतिदिन उपले, झाड़, झखांड़ डाल रहे हैं। अबकी बार होलाष्टक के कारण होलिका दहन दो मार्च को ही किया जाएगा।
चार मार्च को होली खेली जाएगी। जिले के ग्रामीण अंचलों में भी होलिका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बच्चों और युवाओं की टोली होलिकाओं को सबसे अच्छा बनाने में जान जुट गए हैं। होलिका स्थापना के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही की गई है। बिजली के गुजरे तार, खंभे या ट्रांसफार्मर के आसपास ही होलिका को लगाया गया है।
ज्ञानपुर के नथईपुर तिराहे पर तार के नीचे होलिका लगाई गई है। इसी तरह चौरी, सुरियावां, अभोली, ऊंज, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में कई स्थानों पर होलिका बिजली के तार के नीचे स्थापित की गई है।
तीन जोन और नौ सेक्टर में बंटा जिला :होलिका दहन और होली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। थानावार और जिला स्तर पर पीस कमेटी की बैठक हो चुकी है। जिले को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांटा गया है। एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक कुल 1205 होलिका सुरक्षा समिति गठित की गई हैं। इसमें बीट प्रभारी, प्रधान, चौकीदार और एक ग्रामीण को शामिल किया गया है। कुल 25 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील होलिकाएं चिह्नित की गई हैं।
यमुना एक्सप्रेसवे पर भीषण सड़क हादसा, छह की मौत, कई घायल

लखनऊ /हाथरस ।सादाबाद क्षेत्र में सोमवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यमुना एक्सप्रेसवे पर गढ़ी हरिया गांव के पास एक तेज रफ्तार डबल डेकर बस ने आगे चल रही इको कार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि इको सवारों में अफरा-तफरी मच गई।
इस हादसे में कार में सवार 13 लोग घायल हो गए, जिनमें से छह की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है।
घायलों को तत्काल आसपास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हादसे के कारण एक्सप्रेसवे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, जिसे बाद में सामान्य करा दिया गया।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बस दिल्ली से गोरखपुर की ओर जा रही थी, जबकि इको कार सवार दिल्ली से राजस्थान की तरफ जा रहे थे। पुलिस ने बस और क्षतिग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे में मृतक

दिनेश पुत्र हुकम सिंह उम्र करीब 45 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान ।
सुनीता पत्नी दिनेश उम्र करीब 40 वर्ष  निवासी गांगोली थाना राजाखेड़ा,जनपद धौलपुर राजस्थान।
विजय बघेल पुत्र सुखराम उम्र 27 वर्ष निवासी चोरंगाबाद थाना बाह
पिंकी बघेल पत्नी विजय बघेल उम्र करीब 26 निवासी चोरंगाबाद थाना बाह

हादसे में घायल

मनोज पुत्र सुरेश चन्द्र निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान) उम्र 25 वर्ष
रानी पत्नी मनोज उम्र 32 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
जयदीप पुत्र मनोज उम्र 04 वर्ष निवासी बाजना थाना राजाखेडा जनपद धोलपुर (राजस्थान)
इको वैन चालक वीरेंद्र पुत्र राम प्रकाश
आर्यन पुत्र अजय उम्र 8 साल
अंशु पुत्र अजय उम्र 6 साल
लक्ष्य पुत्र विजय उम्र 1 साल
प्राची पुत्री विजय उम्र 3 साल
पूनम बघेल उम्र 15 साल
किसान कल्याण वर्ष 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की पहली कृषि कैबिनेट

 कृषि विकास और सिंचाई योजनाओं के लिए 27 हजार 500 करोड़ रूपये स्वीकृत

 मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण के लिए दी 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं को स्वीकृति

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

 किसान कल्याण वर्ष में हर अंचल में होगी कृषि कैबिनेट

*भगोरिया पर्व पर जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का दिया सशक्त संदेश

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में बड़वानी जिले के भीलट बाबा देवस्थल नागलवाड़ी में सोमवार को हुई पहली कृषि कैबिनेट में कृषि, सिंचाई, पशुपालन, मत्स्य, उद्यानिकी और सहकारिता से संबंधित 27 हजार 500 करोड़ रूपये की विभिन्न योजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई। किसान कल्याण वर्ष में आयोजित पहली कृषि कैबिनेट में किसानों और विभिन्न उत्पादक गतिविधियों में लगे लोगों के लिए 25 हजार 678 करोड़ रूपये की योजनाओं से संबंधित महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। कृषि कैबिनेट में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2,068 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति भी प्रदान की गई है। इन योजनाओं में स्वीकृत की गई राशि अगले 5 वर्षों में व्यय की जायेगी। जनजातीय अंचल में मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों ने जनजातीय परंपरागत वस्त्रों को धारण कर मुख्यमंत्री डॉ. यादव के अभ्युदय मध्यप्रदेश में जनजातीय वर्ग के सम्मान और कल्याण का सशक्त संदेश दिया।

 मध्य प्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश एकीकृत मत्स्यद्योग नीति-2026 को स्वीकृति दी। इसमें अगले 3 वर्षों तक रुपये 3 हजार करोड़ का निवेश एवं लगभग 20 हजार रोजगार (10 हजार प्रत्यक्ष एवं 10 हजार अप्रत्यक्ष) सृजित होंगे। इस नीति में 18 करोड़ 50 लाख रूपये के बजट प्रावधान की स्वीकृति दी गई। इसमें केज कल्चर को आधुनिक स्वरुप में बढ़ावा देते हुए लगभग एक लाख केज स्थापित किये जायेंगे। इस नीति में मछली पालन संबंधी गतिविधि के साथ ईको-टूरिज्म एवं ग्रीन एनर्जी को शामिल करते हुये बहुउद्देशीय आजीविका मॉडल के रुप में कार्य होगा।

 पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल के लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु चिकित्सालय एवं अन्य भवनों के अधोसंरचनात्मक विकास के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में अगले 5 वर्षों तक पशुओं के स्वास्थ्य की देखभाल कें लिए 610 करोड़ 51 लाख रूपये की स्वीकृति प्रदान की। यह कार्य वर्ष 2026 से 2031 तक निरंतर जारी रहेंगे।

 मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा मुख्यमंत्री मछुआ समृद्धि योजना को आगामी 2 वर्ष, वर्ष 2026-27 और वर्ष 2027-28 की निरंतरता के लिए 200 करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई। योजना में मत्स्य बीज संवर्धन, मत्स्य पालकों का प्रशिक्षण, ब्याज अनुदान एवं रोजगार के अवसर प्रदान किये जाते हैं।

 राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों की निरंतरता के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय उ‌द्यानिकी मिशन को आगामी 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1150 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी। इस योजना में कृषि क्षेत्र में दक्षता की वृद्धि, विभिन्न कृषि घटकों के प्रभाव वृद्धि, दोहराव से बचाव संबंधी कार्य किये जायेंगे।

 सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना को आगामी 5 वर्षों (वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2020-31 तक) की निरंतरता के लिए 1,375 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में केन्द्र एवं राज्य सरकार की भागीदारी से, मौजूदा सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करणीय उ‌द्योगों के उन्नयन तथा नवीन खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना की जायेगी।

पौधशाला उ‌द्यान के लिए 1 हजार 739 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने उद्यानिकी के क्षेत्र में पौधशाला उ‌द्यान में रोपणियों में पौध तैयार करने और उच्च गुणवत्ता की पौध एवं बीज, रियायती दरों पर उपलब्ध कराए जाने के लिए अगले वर्ष 2031 (आगामी 5 वर्ष) तक के लिए 1739 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 20 परियोजनाओं के लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण एवं कृषि विकास की 500 करोड़ से कम वित्तीय आकार की 20 परियोजनाओं को आगामी 5 वर्षों तक अर्थात 31 मार्च, 2031 तक के लिए निरंतर जारी रखने जाने की स्वीकृति दी है। इसके लिए 3 हजार 502 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी प्रदान की गई है।

"सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद द्वारा सहकारिता विभाग की "सहकारी बैंकों के अंश पूंजी सहायता" योजना को अगले 5 वर्षों 31 मार्च, 2031 तक संचालित करने के लिए 1 हजार 975 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गई। लोकवित्त से वित्त पोषित कार्यक्रम को ऋण प्रदाय करना सहकारिता विभाग द्वारा जिला बैंकों के माध्यम से, कालातीत ऋणों की पूर्ति किये जाने के लिए कृषकों को फसल ऋण की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जाती है।

कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने कृषकों को अल्पकालीन ऋण पर ब्याज अनुदान योजना को 31 मार्च, 2031 तक की निरंतरता के लिए 3 हजार 909 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। सहकारिता विभाग द्वारा प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से कृषकों को अल्पकालीन फसल ऋण राशि रुपये 3 लाख तक शून्य प्रतिशत दर पर उपलब्ध कराया जाता है। किसानों को प्राप्त हो रही सुविधा एवं सहायता प्राप्त होती रहेगी।

 सहकारी संस्थाओं के कुशल संचालन के लिए 1, 073 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद ने सहकारिता विभाग के अधीन सहकारी संस्थाओं को आवश्यक सहयोग जैसे अंशपूंजी, ऋण तथा अनुदान आदि सुलभ कराने एवं विभागीय गतिविधियों को सुचारु रखने के लिए 12 प्रचलित योजनाओं को भी 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति प्रदान की है। इन 12 योजनाओं की निरंतरता के लिए 1073 करोड़ की स्वीकृति प्रदान की है।

 सहकारिता की विभिन्न योजनाओं के लिए 1,229 करोड़ रूपये की स्वीकृति 

मंत्रि-परिषद द्वारा कृषि क्षेत्र में सहकारिता विभाग के अधीन चल रहीं विभिन्न योजनाओं के अगले 5 वर्षों तक सुचारु संचालन एवं मानीटरिंग के लिए विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत एक हजार 229 करोड़ स्वीकृत किये गये।

पशुधन विकास के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन योजना अंतर्गत सोर्टेड सेक्स्ड सीमन उत्पादन परियोजना को 31 मार्च, 2031 तक निरंतर संचालित करने के लिए 656 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में चिन्हित नस्ल के मादा गौ-भैंस वंशीय पशुधन बढ़ाये जाने के उद्देश्य से पशु पालकों को आवश्यक तकनीकी सहयोग दिया जाता है। इस योजना से पशु पालकों को निरंतर लाभ प्राप्त होता रहेगा।

पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशु स्वास्थ्य रक्षा तथा पशु संवर्धन एवं संरक्षण के लिए संचालित की जा रही 14 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर रखने के लिए 1723 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। इस योजना में पशुधन एवं कुक्कुट उत्पाद में वृद्धि करना तथा कमजोर वर्ग के हितग्राहियों को पशुपालन के माध्यम से आर्थिक लाभ दिया जाता है।

पशुपालन एवं डेयरी क्षेत्र की 11 योजनाओं के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति

मंत्रि-परिषद ने पशुपालन एवं डेयरी के क्षेत्र में पशु प्रजनन, मुर्गी पालन, भेड़ बकरी प्रक्षेत्र, रोग उन्मूलन, पशुओं के टीकाकरण, गहन पशु विकास परियोजना आदि 11 योजनाओं को अगले 5 वर्षों तक निरंतर संचालन के लिए 6 हजार 518 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।

 बड़वानी जिले की 2 सिंचाई परियोजनाओं के निर्माण के लिए 2067.97 करोड़ रूपये की प्रशासकीय स्वीकृति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में नर्मदा नियत्रंण मण्डल की बैठक में बड़वानी जिले में अल्प वर्षा क्षेत्र तहसील वरला के 33 ग्रामों में तथा तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों में भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 2 सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2 हजार 68 करोड़ की प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।

वरला, उद्वहन माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में नर्मदा नदी से 51.42 एम.सी.एम. जल उद्वहन करते हुए वरला तहसील के 33 गाँवों की 15 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इस परियोजना की लागत 860.53 करोड़ रुपये है ।

पानसेमल माईक्रो सिंचाई उद्वहन परियोजना में तहसील पानसेमल के 53 ग्रामों की 22 हजार 500 हैक्टेयर भूमि पर सिंचाई की जा सकेगी। इसके तहत नर्मदा नदी से 74.65 एम.सी.एम. जल उद्वहन किया जायेगा। इस परियोजना की लागत एक हजार 207.44 करोड़ रूपये है।

किसान कल्याण वर्ष की यह पहली कैबिनेट है। भविष्य में प्रदेश के विभिन्न स्थानों में कृषि कैबिनेट का आयोजन कर किसान कल्याण की दिशा में अनेक निर्णय लिए जाएंगे।

रंग - गुलाल की सजी दुकानें बाजारों में बढ़ी रौनक
*कार्टून थीम और टैंक वाली पिचकारियां आकर्षण का केंद्र*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्साह व उमंग होली त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। रंगभरी एकादशी के बाद से ही दुकानों पर रंग-गुलाल और टोपी, मुखौटा की बिक्री बढ़ गई है। रंगों और उमंगों के इस त्योहार की आहट के साथ ही दुकानों पर रौनक बढ़ने लगी है। भदोही शहर, गोपीगंज, ज्ञानपुर, सुरियावां, घोसिया-खमरिया, ऊंज, औराई, महराजगंज, बाबूसराय, चौरी और मोढ़ समेत समस्त छोटे-बड़े बाजार स्थित दुकानों पर रात्रि दस बजे तक त्योहारी सामानों की खरीद हो रही है। दुकानों पर गुलाल, अबीर, पिचकारी, रंग-बिरंगे गुब्बारे और होली की सजावटी सामग्री की बिक्री काफी बढ़ गई है। बाजार में बच्चों के लिए कार्टून थीम वाली और टैंक वाली बड़ी पिचकारियां विशेष आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। वहीं, युवाओं के बीच हर्बल और ऑर्गेनिक रंगों की मांग में वृद्धि देखी जा रही है। दुकानदारों के अनुसार, लोग अब त्वचा और आंखों की सुरक्षा के प्रति अधिक जागरूक हो गए हैं, जिसके कारण केमिकल मुक्त रंगों की बिक्री बढ़ी है। मिठाई की दुकानों पर भी ग्राहकों की चहल-पहल बढ़ गई है। गुजिया, मठरी, नमकीन और विभिन्न प्रकार की मिठाइयों की अग्रिम बुकिंग शुरू हो चुकी है। कई दुकानदारों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए विशेष छूट और ऑफर भी घोषित किए हैं। कपड़ों की दुकानों पर महिलाएं और युवा खरीदारी करते नजर आ रहे हैं। सफेद कुर्ता-पायजामा और रंगीन दुपट्टों की बिक्री में तेजी आई है। होली को लेकर बाजारों में उत्साह और उमंग का माहौल है। व्यापारी बेहतर बिक्री की उम्मीद कर रहे हैं, जबकि आमजन त्योहार को धूमधाम से मनाने की तैयारियों में व्यस्त हैं। शहर में जगह-जगह होली का अस्थाई बाजार सजकर तैयार हैं, जहां पर हर्बल गुलाल के साथ पिचकारी, सफेदा,तरह-तरह की रंग बिरंगी टोपी, होली खेलने के लिए स्लोगन लिखी सफेद कार की टी-शर्ट और होली में उपयोग होने वाले बच्चों के आइटम्स की भरमार हैं। शहर के न्यू मार्केट और पुराने शहर के चौक बाजार इलाके में लगी दुकानों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंच कर खरीदारी कर रहे हैं। हालांकि पर्व के दौरान उत्पादों पर महंगाई की मार होने से लोगों में निराशा भी देखी जा रही है। अबीर-गुलाल के साथ ही पिस्टल, राकेट, गिटार के साथ ही संगीत की तान छोड़ने वाली पिचकारी बच्चों को खूब लुभा रही है। होली के रंग से बाल की सुरक्षा के लिए बाजार में बनावटी बाल भी उपलब्ध हैं। दुकानों मे विभिन्न प्रकार के मुखौटे भी बच्चों को आकर्षित कर रहे हैं। कपड़ों की दुकान के बाहर हैंगर पर होली की पोशाक भी लगनी शुरू हो गई है।
गांव के विकास को मिलेगी गति, 8.14 करोड़ जारी


नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले की ग्राम पंचायतों में रुके हुए विकास कार्यों को जल्द ही रफ्तार मिलेगी। पंचायत चुनाव से पहले सरकार की ओर से 15वें वित्त के रूप में अनटाइड मद यानि विशेष बजट के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी किया गया है। इससे पंचायतों में नाली, खड़ंजा, सड़क और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएंगे। जिले के छह ब्लॉकों में 546 पंचायतें हैं। इनमें राज्य वित्त और 15वें वित्त से विकास कार्यों के लिए बजट का आवंटन किया जाता है। आबादी के हिसाब से सरकार वित्तीय वर्ष में अनटाइड और टाइड के अलग-अलग खातों में दो बार में धनराशि मुहैया कराती है। टाइड की धनराशि सिर्फ स्वच्छता आदि पर खर्च होती है जबकि अनटाइड की धनराशि पक्के कार्य और वेतन आदि में खर्च किए जाते हैं। लंबे समय से पंचायतों में विकास के लिए बजट नहीं मिल सका था, जिससे विकास कार्य रुक गए थे। लेकिन, होली से पहले शासन ने गांवों में विकास के लिए बजट जारी कर दिया है। जल्द ही पंचायत चुनाव भी होने हैं। इससे पहले सरकार ने अनटाइड के रूप में पंचायतों को बजट जारी कर दिया है। बजट के अभाव में न तो विकास की कार्ययोजना ही बन पा रही थी और न ही कार्य हो पा रहे थे लेकिन अब बजट मिलने के बाद रुके हुए विकास कार्यों को गति दी जा सकेगी। एक प्रधान ने बताया कि अनटाइड फंड में दो लाख 20 हजार से लेकर पांच लाख तक आबादी के हिसाब से पैसा मिलता है। जिला स्तर पर पैसा आ गया है। होली बाद पंचायतों के खाते में आने की उम्मीद है।



15वें वित्त आयोग से पंचायतों को अनटाइड फंड के रूप में आठ करोड़ 14 लाख जारी हुआ है। इससे गांव में रुके विकास कार्यों में मदद मिलेगी। आबादी के हिसाब से पैसा जारी किया जाएगा।- ज्ञान प्रकाश, प्रभारी डीपीआरओ


इन कार्याे में होगा धनराशि का उपयोग
- गांव में नाली निर्माण एवं जल निकासी की व्यवस्था।
- संपर्क मार्गाें पर इंटरलाकिंग और खड़ंजा कार्य।
- पंचायत भवनों का रखरखाव एवं सुंदरीकरण।
- जिला पंचायत स्तर पर सड़कों का निर्माण।
आजमगढ़:-सड़क हादसे में घायल दूसरे छात्र की भी इलाज के दौरान मौत, क्षेत्र में शोक की लहर

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के इब्राहिमपुर गांव के पास लखनऊ–बलिया राजमार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे में घायल दूसरे छात्र की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। रविवार देर शाम आजमगढ़ के लाइफ लाइन अस्पताल में उपचार के दौरान आकिब ने दम तोड़ दिया। इससे पहले उसके साथी समीर की घटना वाले दिन ही मौत हो गई थी। दोनों छात्रों की असमय मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सूक्खीपुर, थाना अहरौला निवासी समीर (20 वर्ष) पुत्र नसीम और आकिब (19 वर्ष) पुत्र नसीर अहमद बाइक से हाईस्कूल की गणित परीक्षा देने जा रहे थे। दोनों कक्षा 10 के छात्र थे और उनका परीक्षा केंद्र जनता इंटर कॉलेज अम्बारी में निर्धारित था। वे रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज गनवारा माहुल के छात्र थे। शुक्रवार सुबह इब्राहिमपुर गांव के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों छात्र गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची अम्बारी पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फूलपुर ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने समीर को मृत घोषित कर दिया। वहीं गंभीर रूप से घायल आकिब को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया था। आकिब का इलाज आजमगढ़ के लाइफ लाइन अस्पताल में चल रहा था। चिकित्सकों के प्रयास और विद्यालय प्रबंधन की ओर से रक्तदान किए जाने के बावजूद रविवार देर शाम उसने भी दम तोड़ दिया। रिसेंट पब्लिक इंटर कॉलेज के प्रबंधक अशफाक अहमद घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंच गए थे और लगातार परिजनों के संपर्क में बने रहे। मृतक समीर अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। उसकी एक बहन है, जबकि उसके पिता नसीम सऊदी अरब में रहकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। इकलौते बेटे की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब दूसरे छात्र आकिब की भी मौत हो जाने से सूक्खीपुर गांव सहित पूरे क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। दो होनहार छात्रों की एक साथ मौत से विद्यालय परिवार और ग्रामीण स्तब्ध हैं। परीक्षा देने निकले इन युवकों की असमय मौत ने सभी को झकझोर कर रख दिया है।
होली मिलन समारोह में संगठन विस्तार पर जोर, कई नियुक्तियां घोषित
मेरठ। बहसूमा क्षेत्र के ग्राम माखा नगर में भारतीय किसान यूनियन संघर्ष मोर्चा द्वारा होली मिलन समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाध्यक्ष नवनीत चौहान ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय संगठन मंत्री सनी चौधरी उपस्थित रहे।

समारोह के दौरान क्षेत्र से जुड़े विभिन्न किसान मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर देते हुए कार्यकर्ताओं से गांव-गांव संपर्क बढ़ाने का आह्वान किया। इसी क्रम में संगठन विस्तार के तहत कई महत्वपूर्ण नियुक्तियों की भी घोषणा की गई, जिससे क्षेत्रीय इकाई को नई मजबूती मिलने की बात कही गई।

कार्यक्रम में जिला संगठन मंत्री पवन ठाकुर, विपिन अहलावत, विजेंद्र सिंह तथा हस्तिनापुर ब्लॉक अध्यक्ष धर्मेंद्र चौधरी सहित अनेक पदाधिकारी व किसान मौजूद रहे। अंत में सभी ने आपसी सौहार्द के साथ होली की शुभकामनाएं दीं और संगठन की एकजुटता बनाए रखने का संकल्प लिया।
बलिया की सांस्कृतिक परंपरा पर जोर दिया।बलिया के सुल्तानीपुर में नव कुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ: आठवें दिन भरत-राम मिलाप कथा से श्रद्धालु भावविभोर,
संजीव सिंह बलिया : जिले के सुल्तानीपुर गांव में आयोजित भव्य नव दिवसीय नव कुंडीय सहस्र चंडी महायज्ञ के आठवें दिन श्रद्धालुओं का अपार जनसैलाब उमड़ पड़ा। यज्ञ स्थल पर नव कुंडों में आहुतियां चढ़ रही थीं, तो कथा स्थल पर तिल रखने की भी जगह नहीं बची। हजारों भक्तों ने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की, जबकि आचार्यगणों के उद्घोषित वैदिक मंत्रों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथा वाचिका पंडित गौरी गौरंगी ने भरत-राम मिलाप प्रसंग को इतने मार्मिक ढंग से सुनाया कि श्रद्धालु भावविभोर हो रो पड़े।भरत-राम मिलाप: त्याग और भक्ति का अनुपम प्रसंगकथा में पंडित गौरी गौरंगी ने विस्तार से सुनाया कि भरत अपने मामा के घर से लौटे तो उन्हें भ्राता राम और भाभी सीता के 14 वर्ष के वनवास की दर्दनाक खबर पता चली। मूर्छित होकर गिर पड़े भरत ने होश आने पर माता कैकेयी को कठोर शब्दों में कोसा, "आज तक सुना था पुत्र कुपुत्र हो सकता है, माता कुमाता नहीं। लेकिन तुमने सिद्ध कर दिया कि माता भी कुमाता हो सकती है।" भरत ने कहा कि प्रजा उन्हें छल-कपट का दोषी ठहराएगी, फिर भी वे राम को लाने अयोध्या से चित्रकूट रवाना हो गए।निषादराज से मार्ग मार्गदर्शन प्राप्त कर चित्रकूट पहुंचे भरत राम के चरणों में गिरे और क्षमा मांगी। निस्वार्थ प्रेम, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक भरत ने राम से अयोध्या लौटने की विनती की, किंतु राम ने वचनबद्धता का हवाला देकर इंकार कर दिया। लंबे अनुरोध के बाद भरत सहमत हुए कि अयोध्या का राजा राम ही रहेंगे। उन्होंने राम की चरण पादुकाओं को सिंहासन पर स्थापित कर 14 वर्ष तक निष्ठापूर्वक राज्य संभाला।कथा समापन पर गौरंगी गौरी जी ने कहा, "आज के युग में स्वार्थ के लिए भाई भाई से छल करता है। राम-भरत प्रसंग भाइयों के प्रेम को मजबूत करने के लिए अत्यंत प्रासंगिक है। यह हमें त्याग और भक्ति का संदेश देता है।"यज्ञ का भव्य स्वरूप और आयोजनयह महायज्ञ सुल्तानीपुर के प्रमुख धार्मिक आयोजन के रूप में जाना जाता है, जिसमें नव कुंडों में सहस्र चंडी पाठ हो रहा है। प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु विभिन्न जिलों से आ रहे हैं। कथा के बाद प्रसाद वितरण हुआ, जिसमें भक्तों ने उत्साह से भाग लिया। मुख्य यजमान गोविंद नारायण सिंह ने बताया, "यह यज्ञ मां दुर्गा की कृपा और राम भक्ति के लिए समर्पित है। नवें दिन महायज्ञ का समापन धूमधाम से होगा।"प्रमुख आयोजक और उपस्थित जनमुख्य आयोजक गोविंद नारायण सिंह के अलावा दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष शक्ति सिंह, ऋषिराज सिंह, कृष्णा राज सिंह, श्रीमती मीरा सिंह, आशुतोष पांडेय सहित हजारों श्रद्धालु उपस्थित रहे। स्थानीय ग्रामीणों ने इसे गांव की सांस्कृतिक धरोहर बताया। 9वेदिन विशेष पूजन और हवन होगा।सुल्तानीपुर महायज्ञ न केवल धार्मिक आयोजन है, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक भी बन गया है।
बैंक ऑफ बड़ौदा की पारा शाखा में करोड़ों का गबन उजागर, मुख्य आरोपी की पत्नी समेत तीन गिरफ्तार
लखनऊ। राजधानी के पारा क्षेत्र स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा (BOB) में करोड़ों रुपये के गबन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी बैंक मित्र शिवा राव की पत्नी, मां और एक सहयोगी को गिरफ्तार कर लिया है।
जांच के दौरान अब तक 100 से अधिक पीड़ित खाताधारक सामने आ चुके हैं, जबकि खातों में 12 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध लेनदेन का खुलासा हुआ है। पुलिस के मुताबिक, गबन की रकम से खरीदे गए जेवरात आरोपियों के कब्जे से बरामद किए गए हैं। इसके अलावा 47 हजार रुपये नकद, एक कार, लैपटॉप और प्रिंटर भी जब्त किया गया है।
इस मामले में मुख्य आरोपी शिवा राव और उसका सहयोगी दीपक पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं। पुलिस अब खाताधारकों और बैंक कर्मचारियों की संभावित भूमिका की भी गहन जांच कर रही है।
प्राथमिक जांच में संकेत मिले हैं कि लंबे समय से योजनाबद्ध तरीके से खातों में हेरफेर कर रकम निकाली जा रही थी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की तह तक पहुंचने के लिए वित्तीय रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों की विस्तृत पड़ताल जारी है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और पीड़ितों को न्याय दिलाने के हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
राजस्थानी महिला मंडल के जागृति सम्मेलन में टूटे परिवार, बिखरते रिश्ते पर हुआ संवाद
मुंबई। राजस्थानी महिला मंडल की ओर से 28 फरवरी को ‘जागृति सम्मेलन’ का आयोजन किया गया। इसका विषय था “टूटते परिवार, बिखरते रिश्ते”। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्रीमती पूनम महाजन, पूर्व सांसद मौजूद थीं। उन्होंने देश व समाज को सशक्त बनाने के लिये परिवार के संगठन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। विषय की प्रस्तुति मंडल की ट्रस्टी श्रीमती उर्मिला रुंगटा द्वारा की गई। उन्होंने समझाया कि भारत में प्राचीन काल से चली आ रही वसुदेव कुटुंबकम की सभ्यता जो संपूर्ण जगत को परिवार के रूप में माना जाता थी, आज इसे पुनः जीवित करने की  गहन आवश्यकता है। संयुक्त परिवार को पुनः सुदृढ़ बनाने के लिये हम महिलाएं समाज के विभिन्न संगठनों के माध्यम से भरपूर प्रयास कर रही हैं, वहीं कार्यक्रम के मुख्य वक्ता शेखर सेन  ने पश्चिमी सभ्यता से प्रभावित नवपीढ़ी को अपनी संस्कृति और संस्कार अपने जीवन में उतारने की विशेष सलाह दी। घर में बड़े बुजुर्गों का अनुशासन, धैर्यवान चरित्र, छोटे बच्चों के प्रति ममता भाव, कर्तव्यनिष्ठा, सहनशीलता परिवार को संयुक्त रखने में सहायक होते हैं। हर सदस्य एक कड़ी होता है, इस श्रृंखला को पूर्ण आकार देने मे। एसएनडीटी यूनिवर्सिटी की कुलपति सुश्री उज्जवला चक्र देव ने परिवार व समाज में मातृत्व की प्रमुखता पर जोर देते हुए विभिन क्षेत्रों में नारीत्व की अहम भूमिका के  पर प्रकाश डाला । मनोवैज्ञानिक सुश्री अंबरीन प्रधान ने आज के वातावरण में व्याप्त उद्दंडता और आत्मकेन्द्रितता के परिवार व समाज पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में प्रकाश डाला।
मंडल की वरिष्ठ ट्रस्टी श्रीमती राजश्री बिड़ला ने सभी अतिथियों का स्वागत किया।
इस अवसर पर "महिला प्रतिभा सम्मान" श्रीमती दमयंती पित्ती जी का  प्रदान किया गया।
रूढ़िवादी राजस्थानी परिवार में जन्म लेने के बावजूद इन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनेक प्रतियोगिताओं में सहभागिता की और विश्व की विभिन्न संस्थाओं के उच्च पद पर आसीन रही ।यह एक मारवाड़ी महिला प्रख्यात डाक टिकट संग्राहक है जिस पर इन्हें सर्वोच्च राष्ट्रीय ग्रैंड प्रिक्स अवार्ड प्राप्त हुआ है । मंडल की अध्यक्षा श्रीमती लंता रूंगटा ने धन्यवाद प्रस्ताव दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध समाज सेविका, लेखिका , कवियत्री श्रीमती मंजू मंगल प्रभात लोढ़ा द्वारा किया गया । इस अवसर पर सेंड आर्टिस्ट राहुल आर्य द्वारा अद्भुत तरीके से विस्तृत रूप में सेंड से कलाकृति बनाकर इस विषय को उजागर किया। अंत में मंडल की अध्यक्ष लता रूंगटा ने समस्त लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित किया।
बिजली के तार और खंभों के पास लगा दी होलिका
*एएसपी बोले,1205 जगहों पर जलेंगी होलिकाएं, पुराने विवाद के आधार पर 25 अति संवेदनशील स्थान चिन्हित*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले भर में होलिका दहन की तैयारियां तेज हो गई हैं। होलिका का आकार हर रोज बढ़ रहा है। उत्साह में लोग सुरक्षा का भी नहीं ध्यान दे रहे हैं।कई जगह बिजली के तारों के ठीक नीचे तो कहीं खंभे के पास ही होलिका स्थापित कर दी गई है। होलिका दहन पर हादसे की आशंका बनी हुई है। जिम्मेदार बेखबर है। एएसपी के मुताबिक जिले मं 1205 स्थानों पर होलिका दहन होगी। इसमें पुराने विवाद के आधार 25 स्थान अति संवेदनशील है। ऐसे स्थानों पर विशेष निगरानी की जाएगी। इन स्थानों पर सीसी टीवी कैमरे से निगरानी होगी।
वसंत पंचमी के दिन ही शहर से लेकर गांव तक होलिका की स्थापना शुरू हो गई थी। ज्ञानपुर के बालीपुर रोड, पुरानी बाजार मार्ग, भदोही शहर के मेन रोड, चौरी रोड, ज्ञानपुर रोड, तहसील मार्ग, स्टेशन रोड के साथ ही ग्रामीण इलाकों में होलिका की स्थापना कर दी गई थी।
इसके बाद आस्थावान उसमें प्रतिदिन उपले, झाड़, झखांड़ डाल रहे हैं। अबकी बार होलाष्टक के कारण होलिका दहन दो मार्च को ही किया जाएगा।
चार मार्च को होली खेली जाएगी। जिले के ग्रामीण अंचलों में भी होलिका लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। बच्चों और युवाओं की टोली होलिकाओं को सबसे अच्छा बनाने में जान जुट गए हैं। होलिका स्थापना के दौरान कई स्थानों पर लापरवाही की गई है। बिजली के गुजरे तार, खंभे या ट्रांसफार्मर के आसपास ही होलिका को लगाया गया है।
ज्ञानपुर के नथईपुर तिराहे पर तार के नीचे होलिका लगाई गई है। इसी तरह चौरी, सुरियावां, अभोली, ऊंज, सीतामढ़ी आदि क्षेत्रों में कई स्थानों पर होलिका बिजली के तार के नीचे स्थापित की गई है।
तीन जोन और नौ सेक्टर में बंटा जिला :होलिका दहन और होली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में है। थानावार और जिला स्तर पर पीस कमेटी की बैठक हो चुकी है। जिले को तीन जोन और नौ सेक्टरों में बांटा गया है। एएसपी शुभम अग्रवाल ने बताया कि शहर से लेकर गांव तक कुल 1205 होलिका सुरक्षा समिति गठित की गई हैं। इसमें बीट प्रभारी, प्रधान, चौकीदार और एक ग्रामीण को शामिल किया गया है। कुल 25 संवेदनशील और अतिसंवेदनशील होलिकाएं चिह्नित की गई हैं।