होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
सीयर में ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का शानदार आयोजन, निपुण बच्चों का हुआ सम्मान
संजीव सिंह बलिया1सीयर (बलिया), 10 फरवरी 2026। बीआरसी सीयर के प्रांगण में मंगलवार को ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री फैसल आलम और खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील चौबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन के साथ किया।खंड शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि श्री फैसल आलम, विशिष्ट अतिथि श्री रविभूषण सिंह (सहायक विकास अधिकारी) व श्रीमती ममता श्रीवास्तव (सुपरवाइजर, सीडीपीओ प्रतिनिधि) को बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कम्पोजिट विद्यालय सीयर के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सीयर ब्लॉक की 15 न्याय पंचायतों के कक्षा 1-2 के निपुण बच्चे, नोडल शिक्षक, संकुलाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं व उनके बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सहायक अध्यापक श्री राजी कमाल पासा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती किरण सिंह ने भी संबोधित किया।अपने उद्बोधन में श्री फैसल आलम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प व बेहतर संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेने व सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सभी निपुण बच्चों को बैग व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री सुनील चौबे ने शिक्षण को पवित्र कार्य बताते हुए समन्वय का आह्वान किया।कार्यक्रम में टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां खंड विकास अधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की, खासकर प्राथमिक विद्यालय बुद्धिपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता की टीएलएम को। देवेंद्र वर्मा, जयप्रकाश यादव, सोहराब अहमद, आशुतोष, तरुण पांडेय, विनोद कुमार मौर्य, अजीत सिंह, रमेश सिंह जितेंद्र वर्मा, राजा कमाल पाशा,सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संचालन श्री नंदलाल शर्मा ने किया!
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
आल्हा-उदल की धरती महोबा बनेगा नया टूरिज्म हब
* स्वदेश दर्शन 2.0 से बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर, 24.98 करोड़ की परियोजना से पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

लखनऊ/महोबा। चंदेलकालीन विरासत और आल्हा-उदल की वीरगाथाओं से जुड़ा महोबा अब उत्तर प्रदेश के प्रमुख कल्चरल और एजुकेशनल टूरिज्म हब के रूप में उभरने जा रहा है। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत महोबा में 24.98 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में महोबा में करीब 28 लाख पर्यटक पहुंचे, जो जिले की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत चल रही यह परियोजना पर्यटकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाएगी।

इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण सन इंटरप्रिटेशन सेंटर होगा, जिसे 4,210 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र भारतीय परंपरा में सूर्य के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करेगा। केंद्र की छत को दिन के आठ प्रहरों के प्रतीक रूप में डिज़ाइन किया गया है, जबकि परिसर में विशेष सनडायल (सूर्यघड़ी) भी स्थापित की जाएगी।

सेंटर में इंटरैक्टिव गैलरियों के माध्यम से हेलिओस से लेकर कोणार्क और मार्तंड सूर्य मंदिर तक की यात्रा को चित्रों, मूर्तियों, आर्किटेक्चरल मॉडल, 3D प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के जरिए जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। साथ ही सोलर पैनल, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं के माध्यम से ग्रीन और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत शिवतांडव रोड पर एक भव्य त्रिकोणीय गार्डन भी विकसित किया जा रहा है, जहां सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्य देव की विशाल प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही महोबा में तीन भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जो जिले की नई हेरिटेज पहचान बनेंगे।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने कहा कि यह परियोजना केवल पर्यटन विकास नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के लिए इतिहास, विज्ञान और संस्कृति को जोड़ने वाला एक एजुकेशनल टूरिज्म मॉडल है। स्वदेश दर्शन 2.0 के माध्यम से महोबा को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर हुई कलेक्ट्रेट में एक कार्यशाला
फर्रूखाबाद l मंगलवार को “सुरक्षित इन्टरनेट दिवस ” मनाये जाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया।    

इस दौरान कार्यशाला में जिला सूचना  विज्ञान अधिकारी कु0 ज्योति चौधरी ने मोबाइल एवं कंप्यूटर पर सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग कैसे करें इस बारे में सबको बताया । कार्यशाला में एन0आई0सी0 के  दीपक कुमार व पुलिस विभाग के साइबर थाना फतेहगढ़ के एक्सपर्ट के द्वारा , ओ.टी.पी.  फ्रॉड , फेक वेबसाइट  फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम  , फेक डेटिंग एप फ्रॉड, मनी लोन एप स्कैम ,   एस.एम.एस. फ्रॉड , सोशल वेबसाइट स्कैम, क्रेडिट कार्ड स्कैम  इत्यादि के बारे में बताया गया ।

इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी,जिला सूचना विज्ञान केंद्र के सभी कार्मिक अन्य विभागों के कर्मचारी व विभिन्न विद्यालयों के छात्र उपस्थित रहे।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।
होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया ने मध्‍य प्रदेश के ग्‍वालियर में सुरक्षित भविष्‍य के लिए रोड सेफ्टी कन्‍वेंशन का आयोजन किया
100 से अधिक स्‍कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने इस कन्‍वेंशन में हिस्‍सा लिया

ग्वालियर : होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (एचएमएसआई) ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में एक रोड सेफ्टी कन्वेंशन आयोजित किया, जिसमें 100 से अधिक स्कूलों के प्रधानाचार्यों और शिक्षकों ने हिस्‍सा लिया। यह पहल एचएमएसआई के चल रहे प्रोजेक्ट - हमारी भावी पीढ़ी के लिए माइंडसेट डेवलपमेंट का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य बच्चों में कम उम्र से ही सुरक्षित सड़क आदतें विकसित करना है।
श्री पुष्पा डोदी, डीईओ इंचार्ज, ग्वालियर; डॉ. के. पी. एस. तोमर, ट्रैफिक इंस्पेक्टर, ग्वालियर; और श्री शिशिर चतुर्वेदी, जनरल मैनेजर – सेफ्टी राइडिंग, होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति से इस कन्वेंशन की शोभा बढ़ाई।
सत्रों में शिक्षकों को किड्स माइंडसेट चेंज अवेयरनेस मॉड्यूल्स से परिचित कराया गया। ये मॉड्यूल इस तरह बनाए गए हैं कि बच्चे छोटी उम्र से ही सड़क पर सुरक्षित रहने की आदतें सीख सकें। कन्वेंशन का मुख्य मकसद यह है कि स्कूल इन मॉड्यूल को अपनी पढ़ाई में शामिल करें और सड़क सुरक्षा की शिक्षा को जोर-शोर से बढ़ावा दें। एक खास पोर्टल के जरिए स्कूलों को ये मॉड्यूल हमेशा मिलते रहेंगे। इस पोर्टल पर समय-समय पर नए अपडेट भी आते रहेंगे, ताकि बच्चों को सड़क सुरक्षा की ताजा और सही जानकारी मिलती रहे। स्कूल चाहें तो इन सत्रों को लाइव देख सकते हैं या डाउनलोड करके बाद में इस्तेमाल कर सकते हैं। यह सुविधा इसलिए है कि हर स्कूल को आसानी हो। साथ ही, ये मॉड्यूल कई भाषाओं में उपलब्ध हैं, ताकि अलग-अलग इलाकों के बच्चे आसानी से समझ सकें।
अब तक, एचएमएसआई ने भारत भर में सफलतापूर्वक 21 रोड सेफ्टी कन्वेंशन्स आयोजित किए हैं, जिनमें 2600+ स्कूलों तक पहुंच बनाई गई है और 11 लाख से अधिक छात्रों को संवेदनशील बनाया गया है। एचएमएसआई ने इस व्‍यापक पहुंच को देखते हुए इस वर्ष कार्यक्रम को और विस्तार देने का लक्ष्य तय किया है ताकि देश भर में और अधिक स्कूलों तथा समुदायों तक पहुंचा जा सके। प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को सीधे शामिल करके, कंपनी सुनिश्चित करती है कि सुरक्षा का संदेश कक्षाओं के माध्यम से बढ़ता रहे, जिससे आखिरकार परिवारों और पूरे समाज पर प्रभाव पड़े।
एचएमएसआई के ‘सेफ्टी फॉर एव्‍रीवन’ के वैश्विक संदेश के तहत, एक जिम्मेदार रोड यूजर्स की पीढ़ी विकसित करने पर केंद्रित है। इस कन्वेंशन का मुख्य लक्ष्य है कि सड़क सुरक्षा की सीख को और बढ़ाया जाए। ताकि बच्चे छोटी उम्र से ही सुरक्षित तरीके से व्यवहार करना सीखें और यह उनकी आदत बन जाए। शिक्षकों, स्कूल के प्रबंधकों और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम करके, कंपनी लगातार कोशिश करती है कि भारत की आने वाली पीढ़ियों के लिए सड़क सुरक्षा को सबकी जिम्मेदारी और जिंदगी जीने का एक तरीका बनाया जाए।

सड़क पर सुरक्षा के लिये होंडा मोटरसाइकल एण्‍ड स्‍कूटर इंडिया की सीएसआर को लेकर प्रतिबद्धता:
2021 में होंडा ने साल 2050 के लिये अपना ‘ग्‍लोबल विज़न स्‍टेटमेंट’ घोषित किया था कि वह होंडा मोटरसाइकल्‍स और ऑटोमो‍बाइल्‍स से यातायात दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को शून्‍य पर लाने का प्रयास करेगी। भारत में एचएमएसआई 2030 तक ऐसी मौतों की संख्‍या को आधा करने की अपनी सोच और भारत सरकार के निर्देश के अनुसार काम कर रही है। 

इस लक्ष्‍य को हासिल करने का एक महत्‍वपूर्ण पहलू यह भी है कि कंपनी साल 2030 तक बच्‍चों में सड़क पर सुरक्षा के लिये एक सकारात्‍मक सोच विकसित करने के बाद भी उन्‍हें लगातार शिक्षित करना चाहती है। स्‍कूलों और कॉलेजों में सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा केवल जागरूकता पैदा करने के लिये नहीं है, बल्कि बच्‍चों को सुरक्षा की संस्‍कृति से अवगत कराने और उन्‍हें ‘रोड सेफ्टी एम्‍बेसेडर्स’ बनाने के लिये भी है। इससे भविष्‍य की पीढि़याँ जिम्‍मेदार बनने और अधिक सुरक्षित समाज में बड़ा योगदान देने के लिये सशक्‍त होती हैं।

एचएमएसआई ऐसी कंपनी बनना चाहती है, जिसे समाज पसंद करे और वह समाज के सभी वर्गों के बीच सड़क पर सुरक्षा का प्रचार करने पर मजबूती से ध्‍यान दे रही है। स्‍कूली बच्‍चों से लेकर कॉर्पोरेट्स और बड़े पैमाने पर समाज तक, हर वर्ग के लिये उसके पास अनूठे आइडिया हैं।

एचएमएसआई के कुशल सुरक्षा प्रशिक्षक भारत में हमारे द्वारा गोद लिये गये 10 ट्रैफिक ट्रेनिंग पार्क्‍स (टीटीपी) और 6 सेफ्टी ड्राइविंग एज्‍युकेशन सेंटर्स (एसडीईसी) में रोजाना कार्यक्रम चलाते हैं। यह काम सड़क पर सुरक्षा की शिक्षा को समाज के हर हिस्‍से तक पहुँचाने के लिये होता है और इस पहल ने 10 मिलियन से ज्‍यादा भारतीयों तक पहुँच बनाई है। एचएमएसआई के राष्‍ट्रीय सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम ने निम्‍नलिखित माध्‍यमों से शिक्षा को मजेदार एवं वैज्ञानिक बनाया है:

सीखने का वैज्ञानिक तरीका: होंडा के कुशल प्रशिक्षकों ने सड़क के संकेतों और चिन्‍हों, सड़क पर ड्राइवरों के कर्तव्‍यों, राइडिंग के गियर तथा मुद्रा समझाने और सुरक्षित राइडिंग के आचरण पर सैद्धांतिक सत्रों की बुनियाद तैयार की है।
सीयर में ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का शानदार आयोजन, निपुण बच्चों का हुआ सम्मान
संजीव सिंह बलिया1सीयर (बलिया), 10 फरवरी 2026। बीआरसी सीयर के प्रांगण में मंगलवार को ‘हमारा आँगन–हमारे बच्चे’ उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी श्री फैसल आलम और खंड शिक्षा अधिकारी श्री सुनील चौबे ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण व पूजन के साथ किया।खंड शिक्षा अधिकारी ने मुख्य अतिथि श्री फैसल आलम, विशिष्ट अतिथि श्री रविभूषण सिंह (सहायक विकास अधिकारी) व श्रीमती ममता श्रीवास्तव (सुपरवाइजर, सीडीपीओ प्रतिनिधि) को बैज, माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। कम्पोजिट विद्यालय सीयर के बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत व रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।कार्यक्रम में सीयर ब्लॉक की 15 न्याय पंचायतों के कक्षा 1-2 के निपुण बच्चे, नोडल शिक्षक, संकुलाध्यक्ष, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता-सहायिकाएं व उनके बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। सहायक अध्यापक श्री राजी कमाल पासा व आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती किरण सिंह ने भी संबोधित किया।अपने उद्बोधन में श्री फैसल आलम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के कायाकल्प व बेहतर संचालन पर जोर दिया। उन्होंने अच्छे कार्यों से प्रेरणा लेने व सभी सुविधाएं शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। सभी निपुण बच्चों को बैग व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। श्री सुनील चौबे ने शिक्षण को पवित्र कार्य बताते हुए समन्वय का आह्वान किया।कार्यक्रम में टीएलएम प्रदर्शनी भी लगाई गई, जहां खंड विकास अधिकारी ने शिक्षकों की सराहना की, खासकर प्राथमिक विद्यालय बुद्धिपुर की प्रधानाध्यापिका श्रीमती सुनीता की टीएलएम को। देवेंद्र वर्मा, जयप्रकाश यादव, सोहराब अहमद, आशुतोष, तरुण पांडेय, विनोद कुमार मौर्य, अजीत सिंह, रमेश सिंह जितेंद्र वर्मा, राजा कमाल पाशा,सहित कई गणमान्यजन उपस्थित रहे। संचालन श्री नंदलाल शर्मा ने किया!
गौराचौकी मार्ग को जोड़ने वाले बाईपास मार्ग मरम्मत निर्माण कार्य मे भारी अनियमिता,सांसद से शिकायत
 

*मानक विहीन मसकनवां- गौराचौकी बाईपास सड़क निर्माण कार्य की व्यापारियों ने की शिकायत 

*निर्माण कार्य की होगी जांच और अनियमितता मिलने पर सम्बन्धित पर होगी कार्रवाई : प्रिंस मल्ल 

गोण्डा। मसकनवां -मनकापुर रोड से संगम मैरेज हाल होते हुए गौराचौकी मार्ग को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क मार्ग के मरम्मत निमार्ण कार्य मे भारी अनियमितता मामूली गिट्टी डालकर किये जा रहे लेपन को लेकर कस्बे के व्यापारियो ने विरोध करते हुए क्षेत्रीय सांसद के प्रतिनिधि से शिकायत कर मानक अनुरूप कार्य कराये जाने की मांग की है।बताते चलें कि मसकनवां कस्बे के मनकापुर रोड से गौराचौकी रोड को जोडने वाला एक मात्र बाईपास सड़क काफी जर्जर था। जिसको लेकर कस्बे के व्यापारियों ने कई बार क्षेत्रीय सांसद से उक्त बाईपास सड़क मार्ग को ठीक कराने की मांग कर चुके थे। उसके उपरांत लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा द्वारा मनकापुर रोड से संगम मैरिज हाल-पशुपालन हास्पिटल होते गौराचौकी मार्ग के जोड़ने वाले बाईपास पर 750 मीटर सड़क का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। विभाग की मानें तो उक्त कार्य मरम्मत कार्य है। मात्र एक ट्रक गिट्टी गिरा जैसे तैसे किसी तरह गड्ढे को भरकर लेपन कार्य शुरू किया गया है। लेपन कार्य इस तरह हो रहा है की मामूली दबाव मे गिट्टी उखड़ जा रही है। जबकि उक्त बाईपास पर सैकड़ों की संख्या मे छोटे बडे़ वाहन गुजरते हैं जिससे सड़क पर काफी दबाव रहता है। इस संबंध मे कस्बे के व्यापारी विनय कुमार गुप्ता, श्याम सुंदर गुप्ता, सन्तोष गुप्ता,रवि गुप्ता, राम कुमार गुप्ता, व्यापार मण्डल अध्यक्ष विनोद कुमार मोदनवाल सहित कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों ने गोण्डा सांसद केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री के प्रतिनिधि कमलेश पांडेय से लिखित शिकायत कर मानक विहीन किये जा रहे सड़क निर्माण को तत्काल प्रभाव से कार्य रोकते हुए कार्रवाई कराये जाने की मांग की है। प्रिंस मल्ल असिस्टेंट इन्जीनियर लोक निर्माण विभाग प्रान्तीय खण्ड गोण्डा से मानक विहीन बाईपास मार्ग निर्माण कार्य के सम्बन्ध मे जानकारी करने पर उनके द्वारा बताया गया कि उक्त निर्माण कार्य मरम्मत कार्य है। 750 मीटर सड़क निर्माण के लिए साढे़ आठ लाख रूपए की स्वीकृत है। मात्र दो सेंटीमीटर लेपन कार्य किया जाना एवं सड़क पर बने गड्ढे को भरा जाना है। शिकायत मिली है, निर्माण कार्य का निरीक्षण किया जायेगा,अगर मानक के अनुरूप कार्य नही हो रहा है सम्बन्धित के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही की जायेगी। 
Mirzapur:13 फरवरी तक सड़क मरम्मत एवं सफाई न हुई तो लागू होगा 'सनातन कर्फ्यू'
बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि की पत्रकार वार्ता में एलान
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मिर्जापुर। नगर के बूढ़ेनाथ मंदिर से शिवरात्रि 15 फरवरी तक सड़क, सफाई एवं बिजली की सुचारु व्यवस्था नहीं हुई तो उसके पहले 13 फरवरी को नगर में 'सनातन कर्फ्यू' लागू किया जाएगा।एक पत्रकार वार्ता में 'सनातन कर्फ्यू' को परिभाषित करते हुए बूढ़ेनाथ मंदिर के महंत डॉ योगानन्द गिरि ने कहा कि माँ विंध्यवासिनी एवं बाबा बूढ़ेनाथ की सनातन नगरी में चक्का जाम सनातन प्रेमी लोग करेंगे। जिसकी जिम्मेदारी संबन्धित विभागों की होगी।

     डॉ योगानन्द गिरि ने अफसोस जताया कि भारतीय सनातन संस्कृति के देवता बाबा विश्वनाथ के  विवाहोत्सव पर आयोजित होने वाले शिवरात्रि कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए जिला प्रशासन एवं नगरपालिका परिषद को सक्रिय होना चाहिए लेकिन दुःख की बात है कि अभी तक इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया जबकि 19 जनवरी को ही जिला प्रशासन को पत्रक दे दिया गया था। यदि तब से काम होता तो अब तक सड़कें दुरुस्त हो गई होती।


     डॉ गिरि ने कहा कि जिस प्रकार वीआईपी के आगमन पर 24 घण्टे में सारी व्यवस्था ठीक की जाती है, उसी प्रकार लाखों भक्तों की भी भावनाओं को देखते हुए 13 फरवरी के पहले सारे गड्ढों को पाट कर समतल करना चाहिए।
डॉ गिरि ने कहा वर्ष में एक दिन बाबा बूढ़ेनाथ शहर की जनता को दर्शन देने निकलते हैं और माँ गौरी की पालकी निकलती है, इसलिए नगर की सनातन प्रेमी जनता की ख्वाहिश है कि वह नङ्गे पांव यात्रा में निकल सके।

    पत्रकार-वार्ता के दौरान पालकी यात्रा के उद्देश्यों पर भी डॉ योगानन्द गिरि ने विस्तार से प्रकाश डाला तथा सनातन एकता रहेगी तभी समाज खुशहाल रह सकता है। डॉ गिरि ने कहा सनातन संस्कृति की रक्षा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मनसा-वाचा- कर्मणा लगे हैं। ऐसी स्थिति में उनकी मशीनरी को भी चाहिए कि वह माँ विंध्यवासिनी की नगरी से सार्थक संदेश प्रदान करें।
   एक सवाल के जवाब में डॉ गिरि ने कहा कि सनातन संस्कृति जाति-पाति, ऊंच-नीच का भेदभाव नहीं करती। भगवान शंकर की भक्ति के चलते ही उनकी बारात में भूत-प्रेत, नर-पिशाच सब थे। उन्होंने नगर की एक एक जनता से कहा कि वे पालकी यात्रा में अवश्य शामिल हों।

   पत्रकार वार्ता के बाद सड़क आदि की समस्या के लिए नगरपालिका अध्यक्ष श्याम सुंदर केसरी एवं नगर मजिस्ट्रेट से टेलीफोन पर वार्ता की गई जिस पर दोनों अध्यक्ष एवं नगर मजिस्ट्रेट ने 11 फरवरी को 11 बजे मंदिर आकर समस्या सुलझाने का भरोसा दिया।
प्राथमिक स्कूल में लापरवाही का ताला! बिना अनुमति विदेश यात्राएं, स्कूल में पढ़ाई ठप
रूपईडीह के नव्वागांव प्राथमिक विद्यालय पर उठे गंभीर सवाल

गोंडा। जिले के शिक्षा क्षेत्र रूपईडीह अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय नव्वागांव इन दिनों शिक्षा के लिए नहीं, बल्कि अव्यवस्था और घोर लापरवाही के कारण चर्चा में है। विद्यालय में तैनात एक सहायक अध्यापक पर आरोप है कि वे बिना किसी अवकाश स्वीकृति और विभागीय अनुमति के बार-बार विदेश (नेपाल) भ्रमण कर रहे हैं, जबकि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों की पढ़ाई पूरी तरह भगवान भरोसे छोड़ दी गई है।

सरकार की मंशा के अनुरूप सर्व शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक विद्यालयों को भवन, फर्नीचर, पाठ्य पुस्तकें, मिड-डे मील और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। लेकिन नव्वागांव विद्यालय की स्थिति इन दावों को आईना दिखा रही है, जहां कुछ गैर-जिम्मेदार शिक्षकों की मनमानी से शिक्षा व्यवस्था पटरी से उतरती नजर आ रही है। बताया जा रहा है कि विद्यालय में प्रधानाध्यापक का पद लंबे समय से रिक्त है। इसी का फायदा उठाकर सहायक अध्यापकों की मनमानी बढ़ गई है।

अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षक समय से विद्यालय नहीं आते, नियमित पढ़ाई नहीं होती और बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर धकेला जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, विद्यालय में तैनात सहायक अध्यापक धर्मेन्द्र तिवारी को अस्थायी रूप से प्रधानाध्यापक का प्रभार सौंपा गया है। लेकिन वे विद्यालय में उपस्थित रहकर बच्चों को पढ़ाने के बजाय बीआरसी (ब्लॉक रिसोर्स सेंटर) में अधिक समय बिताते हैं, जिससे शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इतना ही नहीं, सूत्र यह भी बताते हैं कि श्री तिवारी अक्सर नेपाल की यात्राओं पर निकल जाते हैं, जिनसे जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या विभागीय अनुमति के बिना मुख्यालय छोड़ना नियमों की खुली अवहेलना नहीं है? विभागीय नियम स्पष्ट हैं कि कोई भी शिक्षक बिना सक्षम अधिकारी की अनुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ सकता, इसके बावजूद बार-बार विदेश भ्रमण होना न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाता है, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है।

इस पूरे मामले में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी अमित कुमार सिंह से फोन पर संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, “मुझे इस प्रकरण की फिलहाल जानकारी नहीं है। यदि बिना अनुमति विदेश यात्रा की गई है, तो जांच कराकर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।” अब सवाल यह है कि क्या बच्चों की शिक्षा से ज्यादा जरूरी विदेश भ्रमण हो गया है? क्या विभागीय निगरानी सिर्फ कागजों तक सीमित है? और कब तक मासूम बच्चों का भविष्य इस तरह लापरवाही की भेंट चढ़ता रहेगा? यह मामला केवल एक शिक्षक का नहीं, बल्कि पूरे शिक्षा तंत्र की जवाबदेही का है। यदि समय रहते ठोस और निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो इसका सीधा खामियाजा उन नौनिहालों को भुगतना पड़ेगा, जिनके हाथों में आज किताब की जगह अनिश्चित भविष्य थमा दिया गया है।
“गोरखपुर में अंतरिक्ष कार्यशाला: नासा साइन्टिस्ट डॉ. हाशिमा हसन के साथ विद्यार्थियों को मिली प्रेरणा”
गोरखपुर । राजकीय बौद्ध संग्रहालय, गोरखपुर, संस्कृति विभाग, उ0प्र0 एवं सुष्मिता सिंह बक्की, स्पेस आर्टिस्ट, उ0प्र0 के संयुक्त तत्वावधान में दिनांक 10 फरवरी, 2026 को अन्तरिक्ष में मानव विषयक एक दिवसीय कार्यशाला सह प्रतियोगिता सम्पन्न हुई। उक्त कार्यक्रम में  मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट (भारतीय मूल) रहीं। विशिष्ट अतिथि खगोलविद् अमर पाल सिंह, नक्षत्रशाला (तारामण्डल), गोरखपुर भी उपस्थित रहें। उक्त कार्यक्रम में तीन विद्यालयों-सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल, गौतम बुद्धा एकेडमी तथा एन0पी0ए0 एकेडमी, गोरखपुर के कुल 80 छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिसमें से सफल प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि के हाथों प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय सहित दो सान्त्वना पुरस्कार/प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण-पत्र प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त प्रतियोगिता में अच्छा प्रयास करने वाले 38 छात्र-छात्राओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया। प्रथम पुरस्कार अनुष्का यादव, द्वितीय पुरस्कार रितिका मार्य, एन0पी0ए0 एकेडमी तथा तृतीय एवं सान्त्वना पुरस्कार सरमाउण्ट इण्टरनेशनल स्कूल के अश्विन पाण्डेय व आदित्य त्रिपाठी को प्राप्त हुआ। दूसरा सान्त्वना पुरस्कार गौतम बुद्ध एकेडमी दिव्यनगर, खोराबार के कुमार चैतन्य को प्राप्त हुआ।

कार्यक्रम संयोजक एवं स्पेस आर्टिस्ट  सुष्मिता सिंह बक्की ने कहा कि मुख्य अतिथि नासा साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा के स्पेस सेन्टर से चलकर दिनांक 09 फरवरी, 2026 को सीधे गोरखपुर पहुॅंची और आज बौद्ध संग्रहालय द्वारा आयोजित उक्त कार्यक्रम सम्मिलित हुईं। जोकि हम सबके लिए बड़े ही सौभाग्य की बात है। सुश्री बक्की ने कार्यक्रम एवं मुख्य अतिथि का सक्षिप्त परिचय एवं रूप-रेखा भी प्रस्तुत किया।

उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि डाॅ0 हाशिमा हसन, नासा साइन्टिस्ट ने जीवन संघर्षों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि मैनें जिस दौर में पढ़ाई की, जिसमें लड़कियों को घर से बाहर निकलना मुश्किल था। फिर भी मैंने अपने सपनों को साकार करने के लिए निरन्तर प्रयासरत रही एवं अपने सपनों को हमेशा अपने अन्दर जीवन्त रखा। आज जो कुछ भी है, मेरे हिम्मत और लगन तथा आत्मविश्वास का ही परिणाम है। इसलिए आज की विद्यार्थियों एवं युवा पीढ़ी को यह संदेश है कि अपने सपनों को पूरा करने के लिए कभी हौसले को कम न होने दें। आपको अपनी मंजिल अवश्य मिलेगी। हमेशा सकारात्मक प्रयास करें। असफलताओं से घबराये नहीं।

कार्यक्रम संयोजक सुष्मिता सिंह बक्की की योग्यता एक कंप्युटर साइंस इंजीनियर हैं। जबकि इनका मुख्य रूचि स्पेस आर्ट में होने के कारण एक स्पेस आर्टिस्ट हैं। जो भारत के उत्तर प्रदेश के खलीलाबाद, संतकबीर नगर से हैं। इनके द्वारा बनाई गई स्पेस आर्ट ‘‘इसरो‘‘ में भी प्रदर्शित है सुष्मिता पिछले सात सालों से एक स्पेस आर्टिस्ट के तौर पर सक्रिय हैं। इस बार सुष्मिता एक ऐसी रोचक सीरीज पर काम कर रही हैं जो  अंतरिक्ष में भारत के योगदान को दुनिया के सामने रखता है।

सुष्मिता सिंह बक्की द्वारा उक्त अवसर पर संग्रहालय में स्पेस आर्ट से सम्बन्धित चित्रों का भी प्रदर्शन किया गया। उक्त आयोजन के इस सीरीज में बनाई गई पहली पेंटिंग दस महाविद्या और ब्रम्ह्माण्ड की ऊर्जा को बताती है। ये पेंटिंग हाल ही मे कुछ कला प्रदर्शनियों का हिस्सा रही है। वहीं इस श्रृंखला की दूसरी पेंटिंग डॉ0 क्षितिज के ब्रम्हाण्ड का हिस्सा बनने जा रही है, जो आधुनिक बिग बैंग थ्योरी और पौराणिक हिरण्यगर्भ जैसे विषय पर बन रही है।

इसी दौरान नक्षत्रशाला के खगोलविद् अमर पाल सिंह ने कहा कि ब्रहमाण्ड सभी के लिए है और डाॅ0 हाशिमा हसन जैसे व्यक्तित्व की लगन, समर्पण और रिसर्च से प्रेरणा लेकर के विद्यार्थियों को भावी भविष्य के वैज्ञानिक बनने के लिए एक मार्गदर्शक के तौर पर उनका व्यक्तित्व एवं कृतित्व अपने आप में बहुत कुछ सीखने, जानने एवं समझने योग्य है। जैसे कि उन्होंने हबल स्पेस टेलीस्कोप एवं जेम्स बेव स्पेस टेलीस्कोप जैसे प्रोजेक्ट में बतौर सीनियर साइन्टिस्ट कार्य करते हुए जे.डब्ल्यू. एस.टी. से प्राप्त अन्तरिक्ष की तस्वीरों आदि को अन्वेषित करके दुनिया को वह दिखाया है जो शायद हम कभी नहीं देख पाते।

कार्यक्रम के अन्त में संग्रहालय के उप निदेशक डाॅ0 यशवन्त सिंह राठौर ने कहा कि संग्रहालय विद्यार्थियों के लिए समय-समय पर विविध शैक्षिक कार्यक्रमों का आयोजन करता रहता है। इसी कड़ी में सुष्मिता सिंह बक्की के प्रयासों से आज नासा की साइन्टिस्ट डाॅ0 हाशिमा हसन से समन्वय स्थापित कर बौद्ध संग्रहालय में अन्तरिक्ष में मानव से सम्बन्धित विषय पर इस तरह ही कार्यशाला का आयोजन में मुख्य अतिथि के तौर पर बुलवाना अपने आप में एक अद्वितीय एवं सराहनीय प्रयास रहा है। जो निश्चय ही खासकर छात्राओं के लिए एक प्रेरणात्मक पहल है। डाॅ0 राठौर ने कहा कि डाॅ0 हाशिमा हसन जैसी प्रतिभाओं का नासा से गोरखपुर बौद्ध संग्रहालय में आना और छात्र-छात्राओं के मध्य  सीधा संवाद करना तथा अन्तरिक्ष सम्बन्धी प्रश्नों से सम्बन्धित जिज्ञासाओं को शांत करना निश्चित तौर पर हम सब अन्तरिक्ष पे्रमियों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम का संचालन श्री शिवनाथ एवं श्री प्रभाकर शुक्ला द्वारा किया गया। उक्त अवसर पर विभिन्न विद्यालयों के अध्यापकों सहयोग उल्लेखनीय रहा।
आल्हा-उदल की धरती महोबा बनेगा नया टूरिज्म हब
* स्वदेश दर्शन 2.0 से बुंदेलखंड की बदलेगी तस्वीर, 24.98 करोड़ की परियोजना से पर्यटन को मिलेगी नई पहचान

लखनऊ/महोबा। चंदेलकालीन विरासत और आल्हा-उदल की वीरगाथाओं से जुड़ा महोबा अब उत्तर प्रदेश के प्रमुख कल्चरल और एजुकेशनल टूरिज्म हब के रूप में उभरने जा रहा है। भारत सरकार की स्वदेश दर्शन योजना 2.0 के तहत महोबा में 24.98 करोड़ रुपये की लागत से इंटीग्रेटेड टूरिज्म डेवलपमेंट प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को नई मजबूती मिलेगी।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में बुंदेलखंड के ऐतिहासिक स्थलों को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 में महोबा में करीब 28 लाख पर्यटक पहुंचे, जो जिले की बढ़ती लोकप्रियता का प्रमाण है। स्वदेश दर्शन 2.0 के अंतर्गत चल रही यह परियोजना पर्यटकों की सुविधाओं को और बेहतर बनाएगी।

इस परियोजना का प्रमुख आकर्षण सन इंटरप्रिटेशन सेंटर होगा, जिसे 4,210 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। यह केंद्र भारतीय परंपरा में सूर्य के वैज्ञानिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत करेगा। केंद्र की छत को दिन के आठ प्रहरों के प्रतीक रूप में डिज़ाइन किया गया है, जबकि परिसर में विशेष सनडायल (सूर्यघड़ी) भी स्थापित की जाएगी।

सेंटर में इंटरैक्टिव गैलरियों के माध्यम से हेलिओस से लेकर कोणार्क और मार्तंड सूर्य मंदिर तक की यात्रा को चित्रों, मूर्तियों, आर्किटेक्चरल मॉडल, 3D प्रोजेक्शन और साउंड इफेक्ट्स के जरिए जीवंत रूप में दिखाया जाएगा। साथ ही सोलर पैनल, रेन वॉटर हार्वेस्टिंग और वेस्ट मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं के माध्यम से ग्रीन और सस्टेनेबल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा।

परियोजना के अंतर्गत शिवतांडव रोड पर एक भव्य त्रिकोणीय गार्डन भी विकसित किया जा रहा है, जहां सात घोड़ों के रथ पर सवार सूर्य देव की विशाल प्रतिमा स्थापित होगी। इसके साथ ही महोबा में तीन भव्य प्रवेश द्वार बनाए जा रहे हैं, जो जिले की नई हेरिटेज पहचान बनेंगे।

अपर मुख्य सचिव पर्यटन अमृत अभिजात ने कहा कि यह परियोजना केवल पर्यटन विकास नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं के लिए इतिहास, विज्ञान और संस्कृति को जोड़ने वाला एक एजुकेशनल टूरिज्म मॉडल है। स्वदेश दर्शन 2.0 के माध्यम से महोबा को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने की दिशा में यह एक ऐतिहासिक पहल है।
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर हुई कलेक्ट्रेट में एक कार्यशाला
फर्रूखाबाद l मंगलवार को “सुरक्षित इन्टरनेट दिवस ” मनाये जाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन  कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी की अध्यक्षता में आयोजन किया गया।    

इस दौरान कार्यशाला में जिला सूचना  विज्ञान अधिकारी कु0 ज्योति चौधरी ने मोबाइल एवं कंप्यूटर पर सुरक्षित इंटरनेट का प्रयोग कैसे करें इस बारे में सबको बताया । कार्यशाला में एन0आई0सी0 के  दीपक कुमार व पुलिस विभाग के साइबर थाना फतेहगढ़ के एक्सपर्ट के द्वारा , ओ.टी.पी.  फ्रॉड , फेक वेबसाइट  फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट स्कैम  , फेक डेटिंग एप फ्रॉड, मनी लोन एप स्कैम ,   एस.एम.एस. फ्रॉड , सोशल वेबसाइट स्कैम, क्रेडिट कार्ड स्कैम  इत्यादि के बारे में बताया गया ।

इस मौके पर जिला विकास अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी,जिला सूचना विज्ञान केंद्र के सभी कार्मिक अन्य विभागों के कर्मचारी व विभिन्न विद्यालयों के छात्र उपस्थित रहे।
10 महीने में 141 नाबालिगों, 219 महिलाओं ने छोड़ा घर
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में बीते 10 महीने में सोशल मीडिया के जरिए संपर्क में आकर 141 किशोरियां और 219 युवतियां लापता हो गई हैं। पुलिस जांच में सामने आया कि वह अंजना युवकों से फोन और फेसबुक के माध्यम से बातचीत करके घर छोड़ दी थीं। पुलिस टीम ने इसमें 51 को छोड़कर शेष को खोज निकाला है। ज्यादातर लड़कियों की उम्र 15 से 18 वर्ष के बीच है। सोशल मीडिया के माध्यम और फोन से अंजान युवकों के संपर्क में आने से वह घर का मोह त्याग दे रही हैं। बीते 10 महीने में अलग-अलग थानाक्षेत्र से कुल 141 किशोरियां लापता हो गईं। यही नहीं 219 युवतियां भी घर छोड़कर चली गईं। जिले के हर थाने की दो टीमें रोज लापता लड़कियों को खोजने में जुटी रहती हैं। परिजनों ने लड़कियों को पढ़ने के लिए मोबाइल दिए। इसके गलत इस्तेमाल से वह अंजान लोगों से जुड़ गईं। हाल ही में गोपीगंज के एक गांव से दो चचेरी बहनें एक साथ ही गायब हो गईं। पुलिस ने एक को अमेठी से प्रेमी के साथ पकड़ा। हालांकि, दूसरे की तलाश अब भी हो रही है। बीते एक सप्ताह में सुरियावां, औराई, भदोही, गोपीगंज से ही करीब सात किशोरियां घर छोड़कर चली गई। पुलिस विभाग के आंकड़ों पर गौर करें तो एक अप्रैल 2025 से 31 जनवरी 2026 तक 141 किशोरियां लापता हुईं। इसमें 128 को बरामद किया गया। जबकि 13 को पुलिस नहीं ढूढ़ सकी। 219 युवतियां भी घर से गायब हो गईं। इसमें 38 की तलाश अभी की जा रही है। साल 2024 में यह संख्या 110 और 180 ही था। ऐसे में साल 2025 में यह डेढ़ गुना अधिक हो गया है।




सोशल मीडिया और मोबाइल के अधिक प्रयोग से दिक्कतें बढ़ रही है। लापता होने वाली किशोरियों और युवतियों को पुलिस टीमें लगाकर खोजा जा रहा है। अधिकांश बरामद की जा चुकी हैं, जो लापता हैं उनकी तलाश में टीमें लगी हैं। - अभिमन्यु मांगलिक, एसपी
पूर्व विधायक परिवार का विवाद पहुंचा ग्राम न्यायालय, बहन ने याचिका दायर किया कार्रवाई की मांग
*परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज कराने को लेकर झगड़ा

गोंडा।जिले के करनैलगंज विधानसभा के पूर्व विधायक कुंवर अजय प्रताप सिंह उर्फ़ लल्ला भैया के परिवार का विवाद अब परिवार तक सीमित नहीं रहा।विवाद अब सोशल मीडिया से हटकर ग्राम न्यायालय तक पहुंच गया है।पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह ने करनैलगंज ग्राम न्यायालय में याचिका दायर कर पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की है।ग्राम न्यायालय में इस मामले में सुनवाई 17 फरवरी को होगी।याचिका में आरोप लगाया गया है कि कूरी ग्राम पंचायत में कुंवर कमलेश मोहन सिंह और कुंवर अजयेन मोहन सिंह के शिकायत पत्र पर उनके नाम परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने को लेकर खुली बैठक हुई थी।हालांकि,दोनों पक्ष खुली बैठक में नहीं पहुंचे।बैठक के बाद इसे स्थगित कर कटरा शाहबाजपुर ग्राम पंचायत में नियम विरुद्ध बैठक आयोजित की गई।याचिका में दावा किया गया है कि बैठक में स्थानीय नेताओं और एसडीएम की मौजूदगी के बावजूद परिवार रजिस्टर में नाम दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई और जनता के सामने कोई फैसला नहीं लिया गया।कुंवर कमलेंद्र मोहन सिंह व अजयेन मोहन सिंह पर यह भी आरोप है कि उन्होंने कूरी ग्राम सभा की मतदाता सूची में अपने नाम दर्ज कर पूर्व विधायक के बेटे होने का दावा किया,जबकि मकान संख्या पर 35 अन्य बाहरी लोगों के नाम दर्ज हैं।याचिका में इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की गयी है।पूर्व विधायक की पहली पत्नी के बेटे कुंवर शारदेन मोहन व कुंवर वेंकटेश मोहन प्रताप सिंह तथा पूर्व विधायक की बहन कुंवरि शैल सिंह चाहते हैँ कि नाम परिवार रजिस्टर में न दर्ज हो तो वहीं, दूसरी पत्नी के दोनों बेटे नाम दर्ज कराने के पक्ष में हैं।बीते 5 फरवरी को कटरा शाहबाजपुर के कंपोजिट विद्यालय में दोनों परिवारों के बीच खुली बैठक हुई थी और इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच आरोप प्रत्यारोप भी हुए थे।