समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
डीएम व एसपी की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहारों को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराने हेतु पीस कमेटी की बैठक हुई आयोजित
*गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने पीस कमेटी की बैठक में दिये गये कडे़ निर्देश*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहार- गंगा दशहरा मेला व ईदुज्जुहा (बकरीद) को सकुशल, शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशा0), सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष व पीस कमेटी के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) द्वारा आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत थानावार, तहसीलवार पीस कमेटी की बैठक की अद्यतन स्थिति तथा समस्त आधारभूत सुविधाओं जैसे- साफ सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था, मेडिकल सहायता एवं लॉ एण्ड आर्डर आदि के दृष्टिगत विस्तृत चर्चा की गयी।
         
उक्त बैठक में प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। समस्त थानाध्यक्षों द्वारा अवगत कराया गया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होंने समस्त स्थलों का चिन्हांकन कर साफ-सफाई व पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आश्वस्त किया गया।
         
पुलिस अधीक्षक महोदया ने पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी महोदय सहित सभी सम्मानित सदस्यों व सम्बन्धित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीस कमेटी की बैठक में सम्मानित सदस्यों द्वारा जिन बिंदुओं को चिन्हित किया गया है उन पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारियों द्वारा मेला स्थल, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का संयुक्त निरीक्षण अवश्य कर लिया जाय तथा निरोधात्मक कार्यवाही को समय रहते सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों से अपील की कि भ्रामक व अफवाह फैलाने वाली खबरों से बचें, कहीं कोई भी समस्या हो, तो सबसे पहले प्रशासन को अवगत कराएं, जिससे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
       
बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय द्वारा पीस कमेटी के सभी सम्मानित सदस्यों व उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बैठक में आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सभी आधारभूत सुविधाओं से सम्बन्धित बिन्दुओं को चिन्हित किया गया है। उन्होंने पीस कमेटी के सदस्यों को आश्वस्त किया कि चिन्हित किये गये बिन्दुओं पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत नगरक्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सकीय सहायता व पेयजल की आपूर्ति हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
       
उन्होंने मेला स्थल, सभी सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का सम्बन्धित एसडीएम व सीओ द्वारा संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आयोजित होने वाले गंगा दशहरा मेला, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने के निर्देश सम्बन्धित को दिये। इसी प्रकार उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा के दृष्टिगत आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से अपील की कि सभी धर्म समुदाय के लोग आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

सड़क हादसे ने छीना मां-बाप का साया, 3 मासूमों की देखभाल के लिए उतरे CM हेमंत


झारखंड के बोकारो से एक दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बच्चे आज दर-दर भटकने को विवश हैं। इनके आंसू देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है। सड़क हादसे में पिता की मौत हो गई। वहीं हादस में गंभीर रूप से घायल मां सोमवार की रात रांची रिम्स में जिंदगी की 'जंग' लड़ते-लड़ते हार गईं। तीनों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीनों बच्चों की आंखों में अब केवल आंसू हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा? इस बीच बच्चों की आंखों में आंसू देख राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आ गए।

बच्चों के आंसू देख सीएम हेमंत ने दिया बोकारो डीसी को आदेश

सीएम हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त (डीसी) जयनाथ झा को इस मामले में अविलम्ब संज्ञान लेकर बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी देने का फरमान सुनाया।

बच्चों से मिलने जा रहे बीडीओ और सीओ: बोकारो डीसी

सीएम के आदेश पर बोकारो डीसी ने तुरंत कार्रवाई की। डीसी ने सीएम हेमंत सोरेन को बताया कि 'बच्चों की मां का भी देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया है। उनके घर आज मंगलवार को बीडीओ और सीओ जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, संपूर्ण शिक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सभी कल्याणकारी योजनाओं का इन्हें लाभ दिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।'

बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है मामला

मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज रिम्स में चल रहा था। उनके परिवार में दो बेटे बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी हैं। पिता और मां की मौत की खबर से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।

चार हफ्ते में मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आपराधिक अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अवमानना मामले में सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

आप नेताओं पर अवमानना करने के आरोप

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'मानहानिकारक और अपमानजनक' टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने जोर देकर कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपायों को अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनामी का एक "सोचा-समझा अभियान" चलाया, और यह साफ किया कि सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब कोई दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने उन लोगों के कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिन पर अवमानना का आरोप है। इन पोस्ट में उन पर "राजनीतिक निष्ठा" और "जुड़ाव" रखने का आरोप लगाया गया था और कथित तौर पर वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण का एक गुमराह करने वाला "एडिट किया हुआ" वीडियो पोस्ट करके उन्हें निशाना बनाया गया था।

भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।
समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
डीएम व एसपी की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहारों को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराने हेतु पीस कमेटी की बैठक हुई आयोजित
*गंगा दशहरा और बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने पीस कमेटी की बैठक में दिये गये कडे़ निर्देश*

सुलतानपुर,जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह, पुलिस अधीक्षक चारू निगम की संयुक्त अध्यक्षता में आगामी त्यौहार- गंगा दशहरा मेला व ईदुज्जुहा (बकरीद) को सकुशल, शांतिपूर्ण तथा सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराये जाने हेतु नवीन कलेक्ट्रेट सभागार में पीस कमेटी की बैठक आयोजित की गयी। उक्त बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी (प्रशा0), सम्बन्धित उपजिलाधिकारी, पुलिस क्षेत्राधिकारी, थानाध्यक्ष व पीस कमेटी के सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे। अपर जिलाधिकारी(प्रशासन) द्वारा आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत थानावार, तहसीलवार पीस कमेटी की बैठक की अद्यतन स्थिति तथा समस्त आधारभूत सुविधाओं जैसे- साफ सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, परिवहन व्यवस्था, मेडिकल सहायता एवं लॉ एण्ड आर्डर आदि के दृष्टिगत विस्तृत चर्चा की गयी।
         
उक्त बैठक में प्रमुख बिन्दुओं पर चर्चा की गयी। समस्त थानाध्यक्षों द्वारा अवगत कराया गया कि गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न कराया जायेगा। उन्होंने समस्त स्थलों का चिन्हांकन कर साफ-सफाई व पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने हेतु आश्वस्त किया गया।
         
पुलिस अधीक्षक महोदया ने पीस कमेटी की बैठक में जिलाधिकारी महोदय सहित सभी सम्मानित सदस्यों व सम्बन्धित अधिकारियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पीस कमेटी की बैठक में सम्मानित सदस्यों द्वारा जिन बिंदुओं को चिन्हित किया गया है उन पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने कहा कि सभी संबंधित एसडीएम व पुलिस क्षेत्राधिकारियों द्वारा मेला स्थल, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का संयुक्त निरीक्षण अवश्य कर लिया जाय तथा निरोधात्मक कार्यवाही को समय रहते सुनिश्चित किया जाय। उन्होंने सभी सम्मानित सदस्यों से अपील की कि भ्रामक व अफवाह फैलाने वाली खबरों से बचें, कहीं कोई भी समस्या हो, तो सबसे पहले प्रशासन को अवगत कराएं, जिससे त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।
       
बैठक के अन्त में जिलाधिकारी महोदय द्वारा पीस कमेटी के सभी सम्मानित सदस्यों व उपस्थित अधिकारियों को सम्बोधित करते हुए कहा कि बैठक में आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत सभी आधारभूत सुविधाओं से सम्बन्धित बिन्दुओं को चिन्हित किया गया है। उन्होंने पीस कमेटी के सदस्यों को आश्वस्त किया कि चिन्हित किये गये बिन्दुओं पर ससमय कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। उन्होंने आगामी त्योहारों के दृष्टिगत नगरक्षेत्र व ग्रामीण क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सकीय सहायता व पेयजल की आपूर्ति हेतु सम्बन्धित को निर्देशित किया।
       
उन्होंने मेला स्थल, सभी सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग आदि का सम्बन्धित एसडीएम व सीओ द्वारा संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिये। उन्होंने आगामी त्यौहारों के दृष्टिगत आयोजित होने वाले गंगा दशहरा मेला, सार्वजनिक कुर्बानी स्थल, जुलूस मार्ग तथा प्रमुख मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों का निरीक्षण करने के निर्देश सम्बन्धित को दिये। इसी प्रकार उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को चिकित्सा के दृष्टिगत आधारभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी धर्मगुरुओं से अपील की कि सभी धर्म समुदाय के लोग आपसी भाईचारे व सौहार्दपूर्ण वातावरण में गत वर्ष की भांति इस वर्ष भी आगामी त्यौहार को सकुशल सम्पन्न करायें। इस अवसर पर समस्त सम्बन्धित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
टीवी 9 भारतवर्ष के डायरेक्टर हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी को बताया व्यवस्था से टकराने वाला शायर

परसपुर (गोण्डा)। टीवी9 भारतवर्ष के डायरेक्टर एवं वरिष्ठ पत्रकार हेमंत शर्मा ने जनकवि अदम गोंडवी पर विस्तृत लेख लिखते हुए उन्हें व्यवस्था और समाज के बीच संघर्ष की सबसे सशक्त आवाज बताया है। उन्होंने लिखा कि समाज हमेशा बदलाव चाहता है जबकि सत्ता यथास्थिति बनाए रखना चाहती है। ऐसे में जो व्यक्ति व्यवस्था को चुनौती देता है, वह सत्ता के लिए विद्रोही और समाज के लिए नायक बन जाता है। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी की कविता में कबीर का विद्रोह, धूमिल की जनपक्षधरता, दुष्यंत का अंदाजे बयां और मुक्तिबोध की अभिव्यक्ति दिखाई देती है। उनकी गजलें प्रेम और सौंदर्य नहीं बल्कि भूख, गरीबी, मुफलिसी और आमजन की पीड़ा को आवाज देती हैं। उन्होंने कहा कि अदम गोंडवी की भाषा खुरदुरी लेकिन सीधी चोट करने वाली थी, जिसमें शोषित और पीड़ित वर्ग की वेदना साफ दिखाई देती है। हेमंत शर्मा ने कहा कि हिंदी साहित्य और अकादमिक संस्थानों ने अदम गोंडवी के साथ न्याय नहीं किया और उन्हें वह स्थान नहीं मिला जिसके वे हकदार थे। उन्होंने कवि एवं आलोचक डॉ. जय नारायण बुधवार की पुस्तक ‘जनकवि अदम गोंडवी’ की सराहना करते हुए कहा कि यह पुस्तक अदम गोंडवी को उनके समय और समाज के साथ समझने का गंभीर प्रयास है। लेख में हेमंत शर्मा ने अदम गोंडवी की कई प्रसिद्ध पंक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनकी कविता व्यवस्था के खिलाफ जनता की सबसे सच्ची गवाही है। उन्होंने अदम गोंडवी को कबीर परंपरा का आखिरी बड़ा रचनाकार बताते हुए कहा कि उन्होंने लोकतांत्रिक ढोंग, सामाजिक विषमता, जातिवाद और राजनीतिक पाखंड पर खुलकर चोट की। हेमंत शर्मा ने कहा कि अदम गोंडवी केवल कवि नहीं बल्कि जनता की आवाज थे, जिन्हें संस्थानों ने भुलाने की कोशिश की लेकिन जनता आज भी उन्हें याद करती है। लेख के अंत में उन्होंने डॉ. जय नारायण बुधवार के प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि सच्चा साहित्य अंततः अपना रास्ता बना ही लेता है और अदम गोंडवी की गजलें आने वाले समय में भी प्रतिरोध और जनचेतना की आवाज बनी रहेंगी।
सीसीएल की मनमानी के खिलाफ फूटा जनआक्रोश, सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में हजारों लोगों ने किया महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव

गिद्दी/अरगडा: सीसीएल अरगडा क्षेत्र में व्याप्त बिजली-पानी की घोर किल्लत, गिद्दी-ए अस्पताल की लचर व्यवस्था, सीसीएल कॉलोनियों की बदहाली और सीसीएल अधिकारियों की लालफीताशाही एवं मनमानी सहित अन्य जनसमस्याओं के खिलाफ मंगलवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में एक ऐतिहासिक धरना-प्रदर्शन सह महाप्रबंधक कार्यालय का घेराव किया गया। सांसद मनीष जायसवाल के आह्वान पर आयोजित इस आंदोलन में अरगडा, सिरका, गिद्दी-ए, गिद्दी-सी, रेलीगढ़ा और गिद्दी वाश री क्षेत्र के कुल 14 पंचायतों से हजारों की संख्या में महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सड़कों पर उतर आए। धरना-प्रदर्शन में उमड़े जनसैलाब में जनता के आक्रोश को देखते हुए सीसीएल प्रबंधन के हाथ-पांव फूल गए। विदित हो कि इस क्षेत्र की लगभग एक लाख से अधिक की आबादी बुनियादी सुविधाओं के लिए सीसीएल पर निर्भर है और पिछले करीब 25 दिनों से क्षेत्र में बिजली और पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप्प होने से जनता त्राहिमाम कर रही थी। स्थानीय लोगों के इस दर्द को समझते हुए क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने दो दिन पूर्व इस महाआंदोलन का बिगुल फूंका था, जो आज एक ऐतिहासिक प्रदर्शन में तब्दील हो गया।

प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने 'सीसीएल महाप्रबंधक हाय-हाय', 'बिजली-पानी देना होगा' और 'सांसद मनीष जायसवाल जिंदाबाद' के गगनभेदी नारे खूब लगाए और प्रबंधन की लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस धरने की अध्यक्षता स्थानीय डाडी भाजपा मंडल अध्यक्ष राजदीप प्रसाद ने की, जबकि संचालन रंजीत पांडेय व पुरुषोत्तम पाण्डेय ने किया। धरनास्थल पर उपस्थित विशाल भीड़ को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने सीसीएल प्रबंधन पर तीखे बाण चलाए और चेतावनी भरे लहजे में कहा कि बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन पिछले 25 दिनों से आपूर्ति बंद करके आम जनता को दूषित पानी पीने पर मजबूर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीसीएल प्रबंधन के कुछ निरंकुश अधिकारी अपने दमनकारी नीति के तहत अपनी मनमानी से जनता को प्रताड़ित कर यहाँ की खनिज संपदा को लूटने में लगे हैं, जो बेहद शर्मनाक है।

सांसद मनीष जायसवाल ने प्रबंधन के दोहरे चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि अपने अधिकारियों के लिए अलग और आम जनता के लिए अलग नीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कई बहाने बनाकर आम लोगों को बिजली और पानी देने से मना किया जा रहा है। उन्होंने क्षेत्र की बदहाली का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए कहा कि गिद्दी-ए सीसीएल अस्पताल में 5 डॉक्टर पदस्थापित हैं, लेकिन पूरी डिस्पेंसरी में मात्र एक बीपी मशीन है, जिससे यहाँ स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह लचर हो चुकी है। इसके अलावा हमलोग के बड़ी मशक्कत के बाद पास हुआ गिद्दी पुल का निर्माण कार्य भी अब तक शुरू नहीं हो सका है। सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की हालत इतनी दयनीय है कि निचले तबके के कर्मचारी नरकीय जीवन जीने को मजबूर हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन सालों से सीएसआर की राशि खर्च कर रहा है, लेकिन धरातल पर विकास शून्य है और जनजीवन बेहाल है। सांसद मनीष जायसवाल ने इस धरने को अंतिम चेतावनी बताते हुए कहा कि प्रबंधन समय रहते सुधर जाए, अन्यथा अगली बार जनता इनका बोरिया-बिस्तर बंधवा देगी।

सांसद मनीष जायसवाल के इस कड़े रुख और जनता के भारी आक्रोश के आगे आखिरकार सीसीएल प्रबंधन को घुटने टेकने पड़े। अरगडा क्षेत्र के महाप्रबंधक सत्यजीत कुमार अन्य आला अधिकारियों के साथ खुद धरना स्थल पर पहुंचे और सांसद मनीष जायसवाल की मांगों को जायज ठहराते हुए उन्हें जल्द सुधार करते हुए जनहित में कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक ने कहा कि क्षेत्र में बिजली और पानी की स्थिति को आज से ही सुधार लिया जा रहा है और आने वाले 10 महीनों के भीतर एक आधुनिक फिल्टरेशन प्लांट का निर्माण कराकर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने सीसीएल क्वार्टर और कॉलोनियों की दयनीय स्थिति में भी जल्द सुधार करने की बात कही। महाप्रबंधक द्वारा मांगों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का भरोसा दिए जाने के बाद सांसद मनीष जायसवाल ने एक ज्ञापन सौंपने के साथ इस ऐतिहासिक धरने को समाप्त करने की घोषणा की लेकिन उन्हें चेताते हुए कहा कि जनता को अपना मालिक समझें और जन-जरूरतों को पूरा करने में अपनी सकारात्मक ऊर्जा खपाएं अन्यथा जनता उग्र हुई तो कुर्सी में बैठने लायक नहीं रहिएगा ।

मौके पर विशेषरूप से हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष उमेश प्रसाद मेहता, हजारीबाग भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बबला, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, सीसीएल कोयलांचल के सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रामगढ़ जिला सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, हजारीबाग भाजपा जिला महामंत्री जयनारायण प्रसाद, रामगढ़ जिला महामंत्री राजू चतुर्वेदी, पुरुषोत्तम पाण्डेय, करुण सिंह,जुगनू सिंह, सुशांत पाण्डेय, उमेश दांगी, विजय जायसवाल, राजू रंजन पांडेय, प्रो.संजय सिंह, अनमोल सिंह, शिबू मेहता, विजय यादव, भागीरथ ठाकुर, रीमा कुमार, योगेश कुशवाहा, महेंद्र सिंह, जवाहर प्रसाद, प्रमोद कुमार दास, भीम प्रजापति, मनोज गिरी, शंकर करमाली, सुरेंद्र करमाली, रूपा कुमारी, धनंजय कुमार पुटूस, दिलीप सिंह, अजय पासवान, विशाल वाल्मीकि, अजय पांडेय, पवन गुप्ता, विक्रमादित्य, शिव कुमार महतो, राजदीप प्रसाद, रंजन फौजी, बसंत प्रजापति, सिंकी पासवान, सेतराज पासवान, रामप्रसाद मल्लिक, लक्ष्मी देवी, भागीरथ ठाकुर, अशोक सोनी, विवेक गुप्ता, रेखा देवी, राजीव कुशवाहा, सतीश मोहन मिश्रा, गुंजन साव, दिनेश यादव, फलेंद्र राम, गुलशन साव, चंदन सिंह, गिरिजा सिंह, वृजकिशोर पाठक, रामसहाय वेदिया, ललन साव, विनोद सिंह, मिंटू सोनी, संतोष शर्मा, मीनू भगत, उत्तम सिन्हा, बिहारी प्रजापति, ऋषि कुमार, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहें ।

सड़क हादसे ने छीना मां-बाप का साया, 3 मासूमों की देखभाल के लिए उतरे CM हेमंत


झारखंड के बोकारो से एक दिल झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। तीन बच्चे आज दर-दर भटकने को विवश हैं। इनके आंसू देखकर हर किसी का कलेजा फटा जा रहा है। सड़क हादसे में पिता की मौत हो गई। वहीं हादस में गंभीर रूप से घायल मां सोमवार की रात रांची रिम्स में जिंदगी की 'जंग' लड़ते-लड़ते हार गईं। तीनों बच्चों के सिर से मां-बाप का साया उठ गया। तीनों बच्चों की आंखों में अब केवल आंसू हैं। उनके सामने सबसे बड़ा सवाल है कि अब उनका सहारा कौन बनेगा? इस बीच बच्चों की आंखों में आंसू देख राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एक्शन में आ गए।

बच्चों के आंसू देख सीएम हेमंत ने दिया बोकारो डीसी को आदेश

सीएम हेमंत सोरेन ने बोकारो के उपायुक्त (डीसी) जयनाथ झा को इस मामले में अविलम्ब संज्ञान लेकर बच्चों की उचित देखभाल सुनिश्चित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही इस मामले में क्या कार्रवाई हुई, इस बारे में भी उन्हें जानकारी देने का फरमान सुनाया।

बच्चों से मिलने जा रहे बीडीओ और सीओ: बोकारो डीसी

सीएम के आदेश पर बोकारो डीसी ने तुरंत कार्रवाई की। डीसी ने सीएम हेमंत सोरेन को बताया कि 'बच्चों की मां का भी देर रात इलाज के दौरान निधन हो गया है। उनके घर आज मंगलवार को बीडीओ और सीओ जा रहे हैं। बच्चों के पालन-पोषण, संपूर्ण शिक्षा को लेकर हर संभव प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, सभी कल्याणकारी योजनाओं का इन्हें लाभ दिया जाएगा। इसकी मॉनिटरिंग मैं स्वयं कर रहा हूं।'

बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है मामला

मामला बोकारो जिला के चंदनकियारी के बरमसिया ओपी क्षेत्र का है। बीते दिनों दुबेकांटा के पास एक सड़क दुर्घटना में सपन मांझी की दर्दनाक मौत हो गई थी। जबकि उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। उनका इलाज रिम्स में चल रहा था। उनके परिवार में दो बेटे बेटे विमल मांझी, विधुत मांझी और एक बेटी पल्लवी हैं। पिता और मां की मौत की खबर से बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि जिस गाड़ी से हादसा हुआ, उसने 50 हजार रुपये मुआवजा देने का वादा किया था, लेकिन अब वो भी मुकर गया।

पूर्व नगरसेवक सुरेश ठाकुर के निधन से वाकोला में शोक की लहर
मुंबई। मुंबई महानगरपालिका में 2 बार नगरसेवक रहे सूर्यवंश ( सुरेश) ठाकुर का आज सुबह 75 वर्ष की उम्र में माहिम के रहेजा अस्पताल में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही सांताक्रूज़ पूर्व के वाकोला परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। सुरेश ठाकुर अपने पीछे अपने दो बेटों सुनील ठाकुर, अनिल ठाकुर और  पौत्र पौत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके निधन पर दुख व्यक्त करते हुए महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह ने कहा कि मैंने अपना एक पुराना साथी खो दिया। सुरेश ठाकुर अत्यंत विनम्र, शालीन और उदार होने के साथ-साथ सबके दुख सुख में खड़े रहने वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि ईश्वर से प्रार्थना है कि उनकी आत्मा को शांति और उनके परिवार को यह सदमा बर्दाश्त करने की ताकत दें। सुरेश ठाकुर के निधन पर पूर्व सांसद विनायक राऊत, नगरसेवक सदा परब, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, कृपाशंकर पाण्डेय, पूर्व नगरसेवक ब्रायन मिरांडा, शेखर सालियन, जीतू यादव, राम यादव जयप्रकाश विश्वकर्मा, रमाशंकर सिंह, जेपी सिंह, अजय सिंह, जगदीश सिंह, विनय शुक्ला, सुशील राय, विजई सिंह, डॉ मुकेश शुक्ला समेत अनेक लोगों ने गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
केजरीवाल-सिसोदिया को हाईकोर्ट का नोटिस, जस्टिस स्वर्ण कांता के खिलाफ अभियान चलाने का आरोप

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दिल्ली हाई कोर्ट ने शराब नीति मामले की सुनवाई के दौरान जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को निशाना बनाने के लिए कथित तौर पर चलाए गए एक सुनियोजित सोशल मीडिया अभियान के संबंध में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को नोटिस जारी किया है।

चार हफ्ते में मांगा जवाब

दिल्ली हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं को आपराधिक अवमानना के मामले में कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अदालत ने अवमानना मामले में सभी नेताओं को अपना जवाब दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त को होगी।

आप नेताओं पर अवमानना करने के आरोप

आम आदमी पार्टी के नेताओं पर जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा के खिलाफ कथित तौर पर 'मानहानिकारक और अपमानजनक' टिप्पणियां करने का आरोप है। सुनवाई जस्टिस नवीन चावला और जस्टिस रविंदर डुडेजा की बेंच के पास है। जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के अन्य नेताओं के खिलाफ आपराधिक अवमानना की कार्यवाही शुरू करने के आदेश दिए थे। न्यायमूर्ति स्वर्णकांता शर्मा ने कहा था कि वे आबकारी नीति मामले के कुछ बरी किए गए आरोपियों द्वारा सोशल मीडिया पर उनके और अदालत के खिलाफ की गई अत्यंत अपमानजनक, मानहानिकारक और घृणित टिप्पणियों पर चुप नहीं रह सकती हैं।

कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति

जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने जोर देकर कहा था कि दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री ने कानूनी उपायों को अपनाने के बजाय सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ बदनामी का एक "सोचा-समझा अभियान" चलाया, और यह साफ किया कि सभी आरोपियों को बरी करने के खिलाफ सीबीआई की याचिका पर अब कोई दूसरी बेंच सुनवाई करेगी। जस्टिस स्वर्ण कांत शर्मा ने उन लोगों के कई सोशल मीडिया पोस्ट पर आपत्ति जताई, जिन पर अवमानना का आरोप है। इन पोस्ट में उन पर "राजनीतिक निष्ठा" और "जुड़ाव" रखने का आरोप लगाया गया था और कथित तौर पर वाराणसी के एक शिक्षण संस्थान में दिए गए उनके भाषण का एक गुमराह करने वाला "एडिट किया हुआ" वीडियो पोस्ट करके उन्हें निशाना बनाया गया था।

भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी से बचाए ₹10,000: पीड़ित सचिन सिंह के खाते में वापस कराई गई राशि

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के एक मामले में पीड़ित सचिन सिंह को उनके ₹10,000 वापस दिलाए हैं। सचिन सिंह के साथ 4 मई 2026 को बैंक अधिकारी बनकर धोखाधड़ी की गई थी, जिसमें उनसे मोटरसाइकिल की बकाया ईएमआई जमा करने के बहाने पैसे ठगे गए थे।
पुलिस अधीक्षक भदोही, अभिनव त्यागी ने साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए साइबर क्राइम थाना/हेल्प डेस्क को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसी क्रम में, ज्ञानपुर थाना क्षेत्र के महरभा निवासी सचिन सिंह पुत्र हंसराज ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी।
ज्ञानपुर स्थित साइबर हेल्प डेस्क ने सचिन सिंह के प्रार्थना पत्र और एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन किया। पुलिस के सहयोग और आपसी समन्वय से धोखाधड़ी की गई ₹10,000 की धनराशि पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दी गई।
अपनी धनराशि वापस पाकर पीड़ित सचिन सिंह ने भदोही पुलिस और साइबर हेल्प डेस्क थाना ज्ञानपुर के प्रति आभार व्यक्त किया और पुलिस की प्रशंसा की। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक रामधनी यादव, कांस्टेबल अमित कुमार यादव, कांस्टेबल कौशल कुमार यादव, कांस्टेबल मारुति नंदन दूबे और कांस्टेबल रोहित यादव शामिल थे।
अज्ञात कारणों से विधवा महिला की झोपड़ी में लगी आग,
बकरे, बकरियों समेत घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर हुआ खाक*

रितेश मिश्रा
कछौना(हरदोई):* विकासखंड कछौना की ग्रामसभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी के घर में अज्ञात कारणों से आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर मर गए। कई बकरियां गंभीर रूप से घायल हो गई। घर में रखी सामग्री, कपड़े, राशन जलकर खाक हो गया। इस घटना से परिवार के सामने भरण पोषण का संकट खड़ा हो गया।
विकास खंड कछौना की ग्राम सभा महमूदपुर धतिंगड़ा में विधवा महिला राजकुमारी झोपड़ी में रहती है, बकरी पालन कर परिवार का भरण पोषण करती है। रविवार को अज्ञात कारणों से उसकी झोपड़ी में आग लग गई जिससे 2 बकरी, 4 बकरे जलकर खत्म हो गए। कई बकरियां जलने से गंभीर रूप से घायल हो गई। घर की सामग्री, कपड़े, राशन भी जलकर राख हो गया। ग्रामीणों ने अथक प्रयास से आग पर काबू पाया। इस घटना से विधवा महिला पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। घटना की सूचना पर राजस्व कर्मी, ग्राम प्रधान, समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने पहुंचकर परिवार को संबल दिया। पीड़ित परिवार को समाजसेवी नृपेंद्र वर्मा ने राशन, सामग्री व कपड़े देकर सहायता की। इस अवसर पर अरुण शुक्ला, अश्वनी कुमार, अजय वर्मा, अरविंद, सत्य प्रकाश आदि मौजूद रहे।
छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस में ‘मौत का बक्सा’! युवती के शव के 5 टुकड़े मिलने से दहशत, सिर अब भी गायब

लखनऊ । राजधानी के गोमतीनगर रेलवे स्टेशन पर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब छपरा-गोमतीनगर एक्सप्रेस की स्लीपर बोगी से एक युवती के शव के पांच टुकड़े बरामद हुए। बक्से और बैग में पॉलीथीन में पैक किए गए शव के हिस्सों को देखकर यात्रियों और रेलवे कर्मचारियों के होश उड़ गए। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अब तक युवती का सिर बरामद नहीं हो सका है।
जांच में जुटी जीआरपी को अब इस हत्याकांड में बड़ा सुराग मिला है। शुरुआती पड़ताल में सामने आया है कि हत्यारों ने शव से भरा बक्सा बिहार से नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के किसी रेलवे स्टेशन से ट्रेन में रखा था। इसके बाद पुलिस ने तमकुही रोड से गोमतीनगर तक के रेलवे स्टेशनों के सीसीटीवी फुटेज खंगालने शुरू कर दिए हैं।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई। पहचान मिटाने के लिए शव के टुकड़े किए गए और सिर अलग कर दिया गया। जांच एजेंसियों को शक है कि हत्या के पीछे अवैध संबंध, बदला या इज्जत छिपाने जैसी वजह हो सकती है। यह भी आशंका जताई जा रही है कि इस खौफनाक वारदात में एक से ज्यादा लोग शामिल थे।
यात्रियों के अनुसार, शनिवार देर रात ट्रेन की एस-1 बोगी के टॉयलेट के पास एक लावारिस बक्सा रखा देखा गया था, लेकिन किसी ने उसे गंभीरता से नहीं लिया। रविवार सुबह गोमतीनगर स्टेशन पहुंचने पर जब बक्सा खोला गया तो अंदर युवती का धड़ मिला, जबकि पास रखे बैग से हाथ और पैर बरामद हुए। यह नजारा देखकर मौके पर मौजूद लोग सन्न रह गए।
जीआरपी ने शव की पहचान के लिए बायोमेट्रिक मिलान की कोशिश की, लेकिन शव के टुकड़े होने के कारण सफलता नहीं मिल सकी। रेलवे एसपी रोहित मिश्र ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए तीन विशेष टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही हत्यारों तक पहुंचने का दावा किया है।