ट्रैक्टर बेचने वाले अन्तर्राज्जीय गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार,ट्रैक्टर बरामद
*जिले की नवाबगंज पुलिस ने किसानों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से पांच ट्रैक्टर बरामद किया है।इस गिरोह के सदस्य किसानों को झांसा देकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे और बाद में उन्हें रेलवे में लगाने का लालच देकर ट्रैक्टर लेकर बेंच देते थे।वहीं गिरफ्तार आरोपियों में कुलदीप सिंह (प्रतापगढ़),सुभाष चंद्र यादव (मैनपुरी),राम जी शर्मा (मथुरा) और संदीप यादव (बाराबंकी) शामिल हैं।पुलिस के अनुसार आरोपी किसानों को डाउन पेमेंट देकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे।इसके बाद वे किसानों को बताते थे कि इन ट्रैक्टरों को रेलवे के काम के लिए लगाया जाएगा,जिससे हर महीने 25 हजार रूपए किराया मिलेगा।किसानों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी उन्हें तीन महीने का किराया अग्रिम भुगतान करते थे।झांसे में आकर किसान अपने ट्रैक्टर इन लोगों को सौंप देते थे।इसके बाद आरोपी ट्रैक्टरों क़ो रेलवे में लगाने के बजाय दूसरे जिलों में ले जाकर अधिक कीमत पर बेंच देते थे और पैसे आपस में बांट लेते थे।इस मामले में नवाबगंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव निवासी हृदय राम,प्रभावती और अनीस कुमार ने अलग अलग शिकायतें दर्ज कराई थी।अनीस कुमार ने बताया कि आरोपियों ने उनके ट्रैक्टर को रेलवे में लगाने के बहाने लिया था और तीन महीने का किराया भी दिया था परन्तु बाद में ट्रैक्टर दूसरे जिले में बेंच दिया और वापस नहीं किया।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुभाष चंद्र यादव के खिलाफ तीन और कुलदीप सिंह के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं।इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि नवाबगंज थाने में ट्रैक्टर गायब होने के कुल 8 मामले सामने आए थे।इनमें से 7 ट्रैक्टर अभी तक बरामद कर लिए गये हैं,जबकि एक ट्रैक्टर की तलाश अभी जारी है।पुलिस फरार ट्रैक्टर की बरामदगी में जुटी हुई है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म, महागठबंधन के चार MLA ने नहीं किया मतदान

#4mlaofmahagathbandhanabstainrajyasabha_elections

बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुका है। शाम 4 बजे तक वोटिंग का समय था, लेकिन विपक्ष के चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें तीन कांग्रेस के विधायक और एक आरजेडी का विधायक शामिल है। वहीं, एनडीए के सभी 202 विधायक ने अपना मतदान पूरा कर लिया। इससे महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने डाला वोट

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना मतदान पूरा कर लिया है, जबकि महागठबंधन की ओर से अब तक सिर्फ 37 विधायकों ने ही वोट डाला है। महागठबंधन के चार विधायक अभी तक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें आरजेडी के फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज बिश्वास शामिल हैं। इनकी अनुपस्थिति को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या महागठबंधन में कोई अंदरूनी खींचतान चल रही है।

चार वोट नहीं मिलने से महागठबंधन को हो गया नुकसान

बिहार राज्यसभा में 5 सीटों के लिए मतदान हुआ। पेंच पांचवीं सीट को लेकर ही फंसा हुआ है। इस सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और आरजेडी के अमरेंद्र सिंह धारी के बीच मुकाबला था। महागठबंधन के 4 विधायकों के वोट नहीं डालने के कारण पूरा समीकरण ही बदल गया है। क्रॉस वोटिंग तो नहीं हुई लेकिन मतदान से दूर रहने का सीधा फायदा एनडीए को होगा। एनडीए के खाते में बिहार की पांचों सीटें आ जाएंगी।

एनडीए का तेजस्वी यादव पर हमला

राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए राज्यसभा की सभी पांच सीट पर जीत हासिल करेगा।

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पत्रकारों से कहा, एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार जीतेंगे। विपक्षी दल क्या दावा कर रहे हैं, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।

जब मास्क लगाकर मरीजों की कतार में खड़े हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
* चिनहट सीएचसी में गंदगी पर भड़के डिप्टी सीएम
* नोटिस व एक हफ्ते का भुगतान काटने के दिए निर्देश
* वार्ड में बिना चादर के बेड और शौचालय की बदहाली पर जताई नाराजगी

लखनऊ। चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भड़क उठे। निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं मिली और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी सीएम ने जिम्मेदारों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को अचानक चिनहट सीएचसी पहुंच गए। मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है? जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा दिखाई दी। इस पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
डिप्टी सीएम जब जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गए। वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं बिछी थी। साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई।
* मोबाइल दुरुस्त करने के दिए निर्देश
केंद्र के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आशाओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं। जिससे काम में दिक्कत हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी तत्काल कराने को कहा। सीएमओ को तत्काल सीएचसी पहुंचकर समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
* पीने के पानी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होने तक वे अस्पताल परिसर से नहीं जाएं। दवाओं के काउंटर पर कतार लंबी लगी थी। सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश कहा। उन्होंने कहा कि पांच मिनट के भीतर मरीजों को दवा मिल जानी चाहिए।
चिलकहर बाजार में किराना दुकान में भीषण आग: मां-बेटे जिंदा जले, पति घायल
संजीव सिंह बलिया! गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर बाजार में रविवार देर रात एक किराना दुकान में लगी आग से मां-बेटे जिंदा जल गए, जबकि पति जान बचाने की कोशिश में घायल हो गया। अगलगी से बाजार में भगदड़ मच गई।नीरज चौरसिया की होलसेल किराना दुकान के ऊपर उनका परिवार रहता था। रविवार रात करीब दो बजे अज्ञात कारणों से दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी दुकान घेर ली। दुकान से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता न होने से नीरज की पत्नी रिंकी चौरसिया (25) और पांच वर्षीय बेटा धीरज आग में फंस गए। दोनों जिंदा जलकर मारे गए।नीरज छत से कूदकर बाहर निकले, लेकिन पैर टूट गया। उन्हें बलिया ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। ग्रामीणों की मदद से मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आग के कारणों की जांच जारी है।
गॉड लाइक केयर स्कूल में 27वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न
सुगौली, पू.च: नगर के सुगौली बाजार स्थित गॉड लाइक केयर स्कूल में 27वां एनुअल फंक्शन 2026 के अवसर पर भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधानाध्यापक पंडित दीनदयाल विद्यालय के मोहम्मद समिमूल हक,

चेम्बर्स अध्यक्ष अध्अयक्ष शोक कुमार गुप्ता,पूर्व उप मुख्य पार्षद  वर्तमान पार्षद श्याम शर्मा एवं एसपीएन कॉलेज के प्रोफेसर सुबोध कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके साथ ही पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका खुशी कुमारी ने की,जबकि विद्यालय के डायरेक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं पत्रकारों का अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित करते हुए उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों अभीभावको का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में गरबा नृत्य, सोलो डांस, “आपन है बिहार,आयो रे शुभ दिन”, “आहा टमाटर, सोशल मीडिया पर आधारित नाटक,गलती से मिस्टेक,वक्त बदल देंगे, ईद परफॉर्मेंस,कजरिया और नन्ही परी जैसे कई आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी और अपने अंदर छिपी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य सरीता कुमारी श्रीवास्तव ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं शिक्षिकाएं अनुपमा,नंदनी,गुड़िया,आकांक्षा, स्वेता,समीमा,शीतल,नितू, 
हाजरुन,जेबा और पूजा ने बच्चों को तैयार करने में विशेष योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर अनन्या, भूमि,प्रियांशु,दीपा,जोया और प्रज्ञा सहित अन्य प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया और पूरे कार्यक्रम को और भी रंगीन बना दिया। विद्यालय के डायरेक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी छिपी प्रतिभा को मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने यूपी पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष का पुतला फूंका
*पंचायत ने किया माफी और कार्रवाई की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी है।इसी क्रम में जिले में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष आईपीएस एस बी शिरोडकर का पुतला फूंका।यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय स्थित लाल बहादुर शास्त्री चौराहे पर किया गया।

कार्यकर्ताओं ने विवादित प्रश्न पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भर्ती आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रश्न देश के गौरवशाली इतिहास के जड़ों पर करारा प्रहार है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पाण्डेय ने इस घटना को महज एक प्रश्न नहीं बल्कि देश के एक गौरवशाली समाज की जड़ों पर प्रहार बताया।श्री पाण्डेय ने चयन बोर्ड से सवाल किया कि क्या उनकी कलम इतनी कुंठित हो गई है कि उन्हें परीक्षा के सवालों में ब्राम्हणवाद दिखने लगा है,जबकि ब्राह्मण समाज ने देश को मंगल पाण्डेय और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी दिए हैं।

छात्र नेता सूरज शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग किया है कि उक्त अपमानजनक प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्न पत्र सेट करने वाली एजेंसी को आजीवन ब्लैक लिस्ट किया जाए तथा भर्ती बोर्ड सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला, रंजीत पांडेय,नीरज, शहजाद, आलोक पाण्डेय,उमंग मिश्रा, हिमांशु तिवारी,सोनू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवघर-क्रिकेट महाकुम्भ - देवघर प्रीमियर लीग -13 का मेगा ऑक्शन संपन्न।
देवघर: जिला क्रिकेट संघ के तत्वाधान में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले क्रिकेट के महाकुंभ देवघर प्रीमियर लीग- 13 का मेगा ऑक्शन किया गया। आज के इस ऑक्शन में मुख्य अतिथि के रूप में देवघर के नव चयनित मेयर रवि राऊत और  ध्रुव सिंह उपस्थित थे। ऑक्शन में बल्लेबाज,गेंदबाज, विकेटकीपर और ऑलराउंडर के रूप में लगभग 200 खिलाड़ियों के ऊपर पांचो टीमों पिंक पैंथर, ऑरेंज लायंस, ब्लैक रॉयल्स, ब्लू रॉकर्स और ब्राउन बियर ने अपने-अपने टीम रणनीति के अनुसार खिलाड़ियों को अपने टीम में शामिल करने के लिए बोली लगाई। देवघर प्रीमियर लीग- 13 के इस मेगा औक्शन के अवसर पर मुख्य अतिथि देवघर महापौर रवि रऊत, ध्रुव सिंह, जिला क्रिकेट संघ के सचिव विजय झा, कार्यकारी अध्यक्ष  क ठाकुर तथा अन्य सदस्यगणों में राजेश कुमार, अतिकुर रहमान, आलोक राजहंस, राकेश पाण्डेय, मान्ना,अभय गुप्ता,अनिल झा, नीरज सिंहा, लाली, अभिषेक कुमार,सोनू गुप्ता आदि उपस्थित थे। इस बार देवघर प्रीमियर लीग में पांच टीमें शामिल है। जिसमें ब्राउन बियर के फ्रेंचाइजी मोहित मिश्रा और आइकॉन राजा, पिंक पैंथर के फ्रेंचाइजी राहुल मिश्रा और आइकॉन गौरव झा, ब्लैक रॉयल्स के फ्रेंचाइजी किशन फलारी और आइकॉन परवेज शेख, ऑरेंज लायंस के फ्रेंचाइजी बम बम झा और आइकॉन जुनैद जबकि ब्लू रॉकर्स के फ्रेंचाइजी शिवम सिंह और उनके आइकॉन स्वागत अपने ऑक्शन टीम के अन्य सदस्यों के साथ उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देवघर महापौर रवि राउत ने इस आयोजन की काफी प्रशंसा की और प्रीमियर लीग को बड़ी ऊंचाई तक पहुंचने की बात कहते हुए जिला क्रिकेट संघ के सचिव एवं अन्य सदस्यों को इस महाकुंभ के आयोजन तथा इसकी तैयारी को लेकर बधाई दिया। विदित हो कि देवघर प्रीमियर लीग के सभी मुकाबला स्थानीय कमलकांत नरौने स्टेडियम में खेले जाएंगे।
बजरी भरे डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मार कर कुचल दिया जिससे तीनों की घटना स्थल पर मौत हो गई
फर्रुखाबाद l कस्बा नवाबगंज के मुख्य चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि डंपर बाइक को घसीटते हुए एक पुराने पाकड़ के पेड़ को उखाड़ कर दुकान के टीन शेड में खड़ी कार से जा टकराया। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जनपद एटा के थाना नया गांव के ग्राम कूड़ा नावर निवासी पुष्पेंद्र (20) पुत्र स्व. कमलेश सिंह, अर्पित यादव (18) पुत्र मान सिंह और निशु (15) पुत्र कैलाश एक ही बाइक पर सवार होकर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहे थे। जैसे ही वह नवाबगंज चौराहे पर पहुंचे थे तभी मोहम्मदाबाद मार्ग की ओर से आ रहे तेज रफ्तार राजस्थान नंबर के बजरी लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक और बाइक करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे, जबकि दो युवकों को डंपर रौंदता हुआ 'मिश्रा बीज भंडार' के पास लगे पाकड़ के पेड़ को उखाड़कर दुकान में जा घुसा। दुकान के बाहर टीन शेड में खड़ी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई l
सूचना मिलते पर थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को अवशेषों को इकट्ठा करना पड़ा। शुरुआत में पहचान मुश्किल थी, लेकिन बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। रविवार सुबह परिजन थाने पहुंचे, तब जाकर शिनाख्त हो सकी। मृतक आपस में चचेरे भाई थे।
स्थानीय नागरिकों ने इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे पर ब्रेकर न होने और पूर्व की तरह हाई मास्क लाइट न होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। लोगों ने मांग की है कि मुख्य चौराहे पर दोबारा हाई मास्क लाइट लगाई जाए। चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बड़े ब्रेकर बनाए जाएं।
पुलिस उपनिरीक्षक जगराम ने
चाचा सुनील की तहरीर पर शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और डंपर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी: चंद्रपाल सिंह यादव

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर आज ठंडी सड़क स्थित नव भारत सभा भवन परिसर में समाजवादी पार्टी फर्रुखाबाद द्वारा बहुजन आंदोलन के महानायक मान्यवर कांशीराम जी 92वीं जयंती को *पीडीए दिवस* के रूप में जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
    कार्यक्रम की शुरुआत भंते अनुरुद्ध एवं सपा नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर एवं मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। संचालन प्रदेश सचिव सर्वेश अम्बेडकर ने किया किया तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने संपन्न कराया।
     जिले भर से आए हुए समाजवादी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मन में एक पीढ़ा थी कि शोषित वंचित समाज अपने हक और हुकूक की लड़ाई को लड़े और उसे प्राप्त करे, अगर वो समाज की चिंता न करते तो उनकी एक अच्छी-खासी जिंदगी थी, क्लास वन अफसर थे, अच्छी तरह जीवन जी सकते थे, लेकिन पूरे वंचित समाज का जीवन कैसे अच्छा हो इस काम के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन कुर्बान कर दिया, अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके बलिदान को पहचाने और उनके मिशन *जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी* को सफल बनाएं यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    पार्टी के संस्थापक सदस्य पूर्व राज्यमंत्री/जिलाध्यक्ष रामसेवक सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब के अधूरे मिशन को आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी पूरा करने का काम कर रहे हैं, हमें गर्व है माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने पीडीए फार्मूला के तहत सभी जातियों को टिकट से लेकर पार्टी संगठन तक में हिस्सेदारी देने का काम किया है
   लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी/प्रदेश सचिव डॉ0 नवल किशोर शाक्य ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी कैडर की राजनीति के जनक थे, उन्होंने अपने संघर्ष के रास्ते समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े समाज को सत्ता में पहुंचाकर ये सिद्ध कर दिया कि जो समाज जागरूक होकर हिस्सेदारी लेने की लड़ाई लड़ेगा वही शोषित से शासक तक की यात्रा तय करेगा।
    पूर्व विधायक श्रीमती उर्मिला राजपूत ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना था महिला घूंघट मुक्त हो, राजनैतिक हिस्सेदारी को समझे और अपनी आवाज को देश के सामने रखे।
     इस दौरान डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि साहब का बताया रास्ता ही हमें जनसंख्या अनुपात में हिस्सेदारी दिला सकता है। और उसी रास्ते पर आज समाजवादी पार्टी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी चल रहे हैं।
     इस दौरान पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा कि आज भी पीडीए समाज अगर नहीं जागा तो वो दिन दूर नहीं जब पुनः गुलामी की जंजीरों में जकड़े जाओगे।
     इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन हरीश यादव, जिला प्रवक्ता/सचिव राधेश्याम सविता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामविलास माथुर, मुन्ना यादव एड0, पूर्व जिला महासचिव मंदीप यादव, रामशरण कठेरिया, डॉ0 रामकृष्ण राजपूत, भोजपुर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष युवजन सभा शिवम यादव, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा साजिद अली, जिला उपाध्यक्ष डॉ0 नवरंग सिंह यादव, अमन सूर्यवंशी, अनुराग यादव, इजहार खान, राजेंद्र सिंह पाल आदि वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
    इस दौरान अविनाश सिंह (विक्की), जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला सचिव विजेंद्र सिंह यादव प्रधान, अशोक अम्बेडकर, जितेंद्र यादव सिरौली, शीटू यादव, अरविंद कश्यप, जुल्फिकार अब्बास जैदी, मुख्तार आलम, आदि पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।
फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।
ट्रैक्टर बेचने वाले अन्तर्राज्जीय गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार,ट्रैक्टर बरामद
*जिले की नवाबगंज पुलिस ने किसानों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के चार आरोपियों को गिरफ्तार कर इनके कब्जे से पांच ट्रैक्टर बरामद किया है।इस गिरोह के सदस्य किसानों को झांसा देकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे और बाद में उन्हें रेलवे में लगाने का लालच देकर ट्रैक्टर लेकर बेंच देते थे।वहीं गिरफ्तार आरोपियों में कुलदीप सिंह (प्रतापगढ़),सुभाष चंद्र यादव (मैनपुरी),राम जी शर्मा (मथुरा) और संदीप यादव (बाराबंकी) शामिल हैं।पुलिस के अनुसार आरोपी किसानों को डाउन पेमेंट देकर उनके नाम पर ट्रैक्टर फाइनेंस कराते थे।इसके बाद वे किसानों को बताते थे कि इन ट्रैक्टरों को रेलवे के काम के लिए लगाया जाएगा,जिससे हर महीने 25 हजार रूपए किराया मिलेगा।किसानों का भरोसा जीतने के लिए आरोपी उन्हें तीन महीने का किराया अग्रिम भुगतान करते थे।झांसे में आकर किसान अपने ट्रैक्टर इन लोगों को सौंप देते थे।इसके बाद आरोपी ट्रैक्टरों क़ो रेलवे में लगाने के बजाय दूसरे जिलों में ले जाकर अधिक कीमत पर बेंच देते थे और पैसे आपस में बांट लेते थे।इस मामले में नवाबगंज थाना क्षेत्र के तुलसीपुर माझा गांव निवासी हृदय राम,प्रभावती और अनीस कुमार ने अलग अलग शिकायतें दर्ज कराई थी।अनीस कुमार ने बताया कि आरोपियों ने उनके ट्रैक्टर को रेलवे में लगाने के बहाने लिया था और तीन महीने का किराया भी दिया था परन्तु बाद में ट्रैक्टर दूसरे जिले में बेंच दिया और वापस नहीं किया।पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी सुभाष चंद्र यादव के खिलाफ तीन और कुलदीप सिंह के खिलाफ प्रदेश के विभिन्न थानों में पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं।इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि नवाबगंज थाने में ट्रैक्टर गायब होने के कुल 8 मामले सामने आए थे।इनमें से 7 ट्रैक्टर अभी तक बरामद कर लिए गये हैं,जबकि एक ट्रैक्टर की तलाश अभी जारी है।पुलिस फरार ट्रैक्टर की बरामदगी में जुटी हुई है।
बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म, महागठबंधन के चार MLA ने नहीं किया मतदान

#4mlaofmahagathbandhanabstainrajyasabha_elections

बिहार में राज्यसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुका है। शाम 4 बजे तक वोटिंग का समय था, लेकिन विपक्ष के चार विधायक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें तीन कांग्रेस के विधायक और एक आरजेडी का विधायक शामिल है। वहीं, एनडीए के सभी 202 विधायक ने अपना मतदान पूरा कर लिया। इससे महागठबंधन की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने डाला वोट

एनडीए के सभी 202 विधायकों ने अपना मतदान पूरा कर लिया है, जबकि महागठबंधन की ओर से अब तक सिर्फ 37 विधायकों ने ही वोट डाला है। महागठबंधन के चार विधायक अभी तक मतदान करने नहीं पहुंचे। इनमें आरजेडी के फैसल रहमान के अलावा कांग्रेस के तीन विधायक मनोहर प्रसाद, सुरेंद्र कुशवाहा और मनोज बिश्वास शामिल हैं। इनकी अनुपस्थिति को लेकर सियासी हलकों में चर्चा तेज हो गई है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या महागठबंधन में कोई अंदरूनी खींचतान चल रही है।

चार वोट नहीं मिलने से महागठबंधन को हो गया नुकसान

बिहार राज्यसभा में 5 सीटों के लिए मतदान हुआ। पेंच पांचवीं सीट को लेकर ही फंसा हुआ है। इस सीट पर एनडीए के उपेंद्र कुशवाहा और आरजेडी के अमरेंद्र सिंह धारी के बीच मुकाबला था। महागठबंधन के 4 विधायकों के वोट नहीं डालने के कारण पूरा समीकरण ही बदल गया है। क्रॉस वोटिंग तो नहीं हुई लेकिन मतदान से दूर रहने का सीधा फायदा एनडीए को होगा। एनडीए के खाते में बिहार की पांचों सीटें आ जाएंगी।

एनडीए का तेजस्वी यादव पर हमला

राज्यसभा चुनाव को लेकर बिहार मंत्री अशोक चौधरी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह केवल सीटों की लड़ाई नहीं, बल्कि विचारधाराओं की लड़ाई है। तेजस्वी यादव पर भी तंज कसा और कहा कि उन्हें दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय अपनी पार्टी और अपनी राजनीति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि एनडीए राज्यसभा की सभी पांच सीट पर जीत हासिल करेगा।

वहीं, जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पत्रकारों से कहा, एनडीए के सभी पांच उम्मीदवार जीतेंगे। विपक्षी दल क्या दावा कर रहे हैं, इससे हमें कोई फर्क नहीं पड़ता।

जब मास्क लगाकर मरीजों की कतार में खड़े हुए डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
* चिनहट सीएचसी में गंदगी पर भड़के डिप्टी सीएम
* नोटिस व एक हफ्ते का भुगतान काटने के दिए निर्देश
* वार्ड में बिना चादर के बेड और शौचालय की बदहाली पर जताई नाराजगी

लखनऊ। चिनहट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में सोमवार को सफाई व्यवस्था, वार्डों की बदहाली और लापरवाही पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भड़क उठे। निरीक्षण के दौरान जनरल वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं मिली और अस्पताल परिसर में गंदगी देख उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। डिप्टी सीएम ने जिम्मेदारों को नोटिस देने और सफाई एजेंसी का एक सप्ताह का भुगतान काटने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक अस्पताल में साफ-सफाई की व्यवस्था दुरुस्त नहीं होगी, तब तक संबंधित अधिकारी घर नहीं जाएंगे।
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक सोमवार को अचानक चिनहट सीएचसी पहुंच गए। मुंह पर मास्क लगाकर सबसे पहले पर्चा काउंटर पर मरीजों के बीच जाकर कतार में खड़े हो गए। इस दौरान उन्होंने मरीजों से अस्पताल की व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। इसके बाद वह पैथोलॉजी विभाग पहुंचे। यहां मरीजों की लंबी कतार लगी थी। उन्होंने टेक्नीशियन से पूछा कि एक मरीज का रक्त नमूना लेने में कितना समय लगता है? जवाब मिलने के बाद उन्होंने जांच प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। ताकि मरीजों को ज्यादा देर तक इंतजार न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान एक्स-रे कक्ष के आसपास धूल-गर्दा दिखाई दी। इस पर उन्होंने तुरंत सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वहां रखी अलमारी खोलकर स्टॉक भी जांचा। इसके बाद वह ओपीडी कक्ष नंबर 5 में पहुंचे और डॉक्टर से अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की संख्या के बारे में जानकारी ली।
डिप्टी सीएम जब जनरल वार्ड नंबर 28 पहुंचे तो वहां की स्थिति देखकर नाराज हो गए। वार्ड में कई बेड पर चादर नहीं बिछी थी। साफ-सफाई भी संतोषजनक नहीं थी। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि मरीजों की देखभाल में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने शौचालयों की स्थिति भी देखी, जो संतोषजनक नहीं मिली। इस पर उन्होंने अधिकारियों को तत्काल सुधार के निर्देश दिए। हालांकि फायर एस्टिंग्यूसर सिलेंडर की एक्सपायरी डेट जांचने पर वह सही पाई गई।
* मोबाइल दुरुस्त करने के दिए निर्देश
केंद्र के सभागार में उस समय आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा था। आशाओं ने डिप्टी सीएम को बताया कि उनके मोबाइल फोन खराब हैं। जिससे काम में दिक्कत हो रही है। इस पर डिप्टी सीएम ने तुरंत सीएमओ डॉ. एनबी सिंह को फोन लगाकर मोबाइल ठीक कराने या बदलने के निर्देश दिए। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं का बकाया भुगतान भी तत्काल कराने को कहा। सीएमओ को तत्काल सीएचसी पहुंचकर समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए।
* पीने के पानी पर जताई नाराजगी
निरीक्षण के दौरान पीने के पानी की व्यवस्था भी संतोषजनक नहीं मिली। पानी की पाइप को जाली से बांधकर रखा गया था और आसपास गंदगी थी। इस पर डिप्टी सीएम ने सख्त नाराजगी जताते हुए कहा कि अस्पताल में साफ-सफाई और मूलभूत सुविधाओं से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त होने तक वे अस्पताल परिसर से नहीं जाएं। दवाओं के काउंटर पर कतार लंबी लगी थी। सीएचसी अधीक्षक को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश कहा। उन्होंने कहा कि पांच मिनट के भीतर मरीजों को दवा मिल जानी चाहिए।
चिलकहर बाजार में किराना दुकान में भीषण आग: मां-बेटे जिंदा जले, पति घायल
संजीव सिंह बलिया! गड़वार थाना क्षेत्र के चिलकहर बाजार में रविवार देर रात एक किराना दुकान में लगी आग से मां-बेटे जिंदा जल गए, जबकि पति जान बचाने की कोशिश में घायल हो गया। अगलगी से बाजार में भगदड़ मच गई।नीरज चौरसिया की होलसेल किराना दुकान के ऊपर उनका परिवार रहता था। रविवार रात करीब दो बजे अज्ञात कारणों से दुकान में आग लग गई। देखते ही देखते आग की लपटों ने पूरी दुकान घेर ली। दुकान से बाहर निकलने का कोई दूसरा रास्ता न होने से नीरज की पत्नी रिंकी चौरसिया (25) और पांच वर्षीय बेटा धीरज आग में फंस गए। दोनों जिंदा जलकर मारे गए।नीरज छत से कूदकर बाहर निकले, लेकिन पैर टूट गया। उन्हें बलिया ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया गया है। सूचना पर पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम पहुंची। ग्रामीणों की मदद से मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह ने घटनास्थल का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। आग के कारणों की जांच जारी है।
गॉड लाइक केयर स्कूल में 27वां वार्षिकोत्सव धूमधाम से संपन्न
सुगौली, पू.च: नगर के सुगौली बाजार स्थित गॉड लाइक केयर स्कूल में 27वां एनुअल फंक्शन 2026 के अवसर पर भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि प्रधानाध्यापक पंडित दीनदयाल विद्यालय के मोहम्मद समिमूल हक,

चेम्बर्स अध्यक्ष अध्अयक्ष शोक कुमार गुप्ता,पूर्व उप मुख्य पार्षद  वर्तमान पार्षद श्याम शर्मा एवं एसपीएन कॉलेज के प्रोफेसर सुबोध कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके साथ ही पूरे विद्यालय परिसर में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला।
कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका खुशी कुमारी ने की,जबकि विद्यालय के डायरेक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों एवं पत्रकारों का अंगवस्त्र और मोमेंटो देकर सम्मानित करते हुए उनका स्वागत किया।

इस अवसर पर बच्चों द्वारा प्रस्तुत किए गए विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित दर्शकों अभीभावको का मन मोह लिया।
कार्यक्रम में गरबा नृत्य, सोलो डांस, “आपन है बिहार,आयो रे शुभ दिन”, “आहा टमाटर, सोशल मीडिया पर आधारित नाटक,गलती से मिस्टेक,वक्त बदल देंगे, ईद परफॉर्मेंस,कजरिया और नन्ही परी जैसे कई आकर्षक प्रस्तुतियां दी गईं। बच्चों ने अपने शानदार प्रदर्शन से दर्शकों की खूब तालियां बटोरी और अपने अंदर छिपी प्रतिभा का शानदार परिचय दिया।
विद्यालय की प्रधानाचार्य सरीता कुमारी श्रीवास्तव ने इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं शिक्षिकाएं अनुपमा,नंदनी,गुड़िया,आकांक्षा, स्वेता,समीमा,शीतल,नितू, 
हाजरुन,जेबा और पूजा ने बच्चों को तैयार करने में विशेष योगदान दिया।
कार्यक्रम के दौरान मंच पर अनन्या, भूमि,प्रियांशु,दीपा,जोया और प्रज्ञा सहित अन्य प्रतिभागियों ने अपनी प्रस्तुति से समां बांध दिया और पूरे कार्यक्रम को और भी रंगीन बना दिया। विद्यालय के डायरेक्टर अशोक कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों के अंदर आत्मविश्वास बढ़ता है और उनकी छिपी प्रतिभा को मंच मिलता है। उन्होंने कहा कि विद्यालय शिक्षा के साथ-साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए लगातार प्रयासरत है।
राष्ट्रीय छात्र पंचायत ने यूपी पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष का पुतला फूंका
*पंचायत ने किया माफी और कार्रवाई की मांग

गोंडा।उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न को लेकर पूरे प्रदेश में विरोध प्रदर्शन जारी है।इसी क्रम में जिले में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती आयोग के अध्यक्ष आईपीएस एस बी शिरोडकर का पुतला फूंका।यह प्रदर्शन जिला मुख्यालय स्थित लाल बहादुर शास्त्री चौराहे पर किया गया।

कार्यकर्ताओं ने विवादित प्रश्न पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए भर्ती आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया।उन्होंने आरोप लगाया कि यह प्रश्न देश के गौरवशाली इतिहास के जड़ों पर करारा प्रहार है।राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पाण्डेय ने इस घटना को महज एक प्रश्न नहीं बल्कि देश के एक गौरवशाली समाज की जड़ों पर प्रहार बताया।श्री पाण्डेय ने चयन बोर्ड से सवाल किया कि क्या उनकी कलम इतनी कुंठित हो गई है कि उन्हें परीक्षा के सवालों में ब्राम्हणवाद दिखने लगा है,जबकि ब्राह्मण समाज ने देश को मंगल पाण्डेय और चंद्रशेखर आजाद जैसे क्रांतिकारी दिए हैं।

छात्र नेता सूरज शुक्ला ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग किया है कि उक्त अपमानजनक प्रश्न को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि प्रश्न पत्र सेट करने वाली एजेंसी को आजीवन ब्लैक लिस्ट किया जाए तथा भर्ती बोर्ड सार्वजनिक रूप से माफी मांगे।इस विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे।इस अवसर पर जिला अध्यक्ष धर्मेंद्र शुक्ला, रंजीत पांडेय,नीरज, शहजाद, आलोक पाण्डेय,उमंग मिश्रा, हिमांशु तिवारी,सोनू सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवघर-क्रिकेट महाकुम्भ - देवघर प्रीमियर लीग -13 का मेगा ऑक्शन संपन्न।
देवघर: जिला क्रिकेट संघ के तत्वाधान में प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले क्रिकेट के महाकुंभ देवघर प्रीमियर लीग- 13 का मेगा ऑक्शन किया गया। आज के इस ऑक्शन में मुख्य अतिथि के रूप में देवघर के नव चयनित मेयर रवि राऊत और  ध्रुव सिंह उपस्थित थे। ऑक्शन में बल्लेबाज,गेंदबाज, विकेटकीपर और ऑलराउंडर के रूप में लगभग 200 खिलाड़ियों के ऊपर पांचो टीमों पिंक पैंथर, ऑरेंज लायंस, ब्लैक रॉयल्स, ब्लू रॉकर्स और ब्राउन बियर ने अपने-अपने टीम रणनीति के अनुसार खिलाड़ियों को अपने टीम में शामिल करने के लिए बोली लगाई। देवघर प्रीमियर लीग- 13 के इस मेगा औक्शन के अवसर पर मुख्य अतिथि देवघर महापौर रवि रऊत, ध्रुव सिंह, जिला क्रिकेट संघ के सचिव विजय झा, कार्यकारी अध्यक्ष  क ठाकुर तथा अन्य सदस्यगणों में राजेश कुमार, अतिकुर रहमान, आलोक राजहंस, राकेश पाण्डेय, मान्ना,अभय गुप्ता,अनिल झा, नीरज सिंहा, लाली, अभिषेक कुमार,सोनू गुप्ता आदि उपस्थित थे। इस बार देवघर प्रीमियर लीग में पांच टीमें शामिल है। जिसमें ब्राउन बियर के फ्रेंचाइजी मोहित मिश्रा और आइकॉन राजा, पिंक पैंथर के फ्रेंचाइजी राहुल मिश्रा और आइकॉन गौरव झा, ब्लैक रॉयल्स के फ्रेंचाइजी किशन फलारी और आइकॉन परवेज शेख, ऑरेंज लायंस के फ्रेंचाइजी बम बम झा और आइकॉन जुनैद जबकि ब्लू रॉकर्स के फ्रेंचाइजी शिवम सिंह और उनके आइकॉन स्वागत अपने ऑक्शन टीम के अन्य सदस्यों के साथ उपस्थित थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित देवघर महापौर रवि राउत ने इस आयोजन की काफी प्रशंसा की और प्रीमियर लीग को बड़ी ऊंचाई तक पहुंचने की बात कहते हुए जिला क्रिकेट संघ के सचिव एवं अन्य सदस्यों को इस महाकुंभ के आयोजन तथा इसकी तैयारी को लेकर बधाई दिया। विदित हो कि देवघर प्रीमियर लीग के सभी मुकाबला स्थानीय कमलकांत नरौने स्टेडियम में खेले जाएंगे।
बजरी भरे डंपर ने बाइक सवार को टक्कर मार कर कुचल दिया जिससे तीनों की घटना स्थल पर मौत हो गई
फर्रुखाबाद l कस्बा नवाबगंज के मुख्य चौराहे पर एक अनियंत्रित डंपर ने बाइक सवार तीन युवकों को रौंद दिया। हादसा इतना भयावह था कि डंपर बाइक को घसीटते हुए एक पुराने पाकड़ के पेड़ को उखाड़ कर दुकान के टीन शेड में खड़ी कार से जा टकराया। हादसे में बाइक सवार तीनों युवकों के शरीर के चीथड़े उड़ गए और उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
जनपद एटा के थाना नया गांव के ग्राम कूड़ा नावर निवासी पुष्पेंद्र (20) पुत्र स्व. कमलेश सिंह, अर्पित यादव (18) पुत्र मान सिंह और निशु (15) पुत्र कैलाश एक ही बाइक पर सवार होकर फर्रुखाबाद की ओर से आ रहे थे। जैसे ही वह नवाबगंज चौराहे पर पहुंचे थे तभी मोहम्मदाबाद मार्ग की ओर से आ रहे तेज रफ्तार राजस्थान नंबर के बजरी लदे डंपर ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि एक युवक और बाइक करीब 100 मीटर दूर जाकर गिरे, जबकि दो युवकों को डंपर रौंदता हुआ 'मिश्रा बीज भंडार' के पास लगे पाकड़ के पेड़ को उखाड़कर दुकान में जा घुसा। दुकान के बाहर टीन शेड में खड़ी कार भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई l
सूचना मिलते पर थाना प्रभारी राजीव कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। शवों की स्थिति इतनी खराब थी कि पुलिस को अवशेषों को इकट्ठा करना पड़ा। शुरुआत में पहचान मुश्किल थी, लेकिन बाइक नंबर के आधार पर पुलिस ने सोशल मीडिया का सहारा लिया। रविवार सुबह परिजन थाने पहुंचे, तब जाकर शिनाख्त हो सकी। मृतक आपस में चचेरे भाई थे।
स्थानीय नागरिकों ने इस हादसे को लेकर भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का कहना है कि चौराहे पर ब्रेकर न होने और पूर्व की तरह हाई मास्क लाइट न होने के कारण आए दिन हादसे होते हैं। लोगों ने मांग की है कि मुख्य चौराहे पर दोबारा हाई मास्क लाइट लगाई जाए। चौराहे से 100 मीटर की दूरी पर बड़े ब्रेकर बनाए जाएं।
पुलिस उपनिरीक्षक जगराम ने
चाचा सुनील की तहरीर पर शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त बाइक और डंपर को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी है।
जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी: चंद्रपाल सिंह यादव

फर्रुखाबाद l समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव जी के निर्देश पर आज ठंडी सड़क स्थित नव भारत सभा भवन परिसर में समाजवादी पार्टी फर्रुखाबाद द्वारा बहुजन आंदोलन के महानायक मान्यवर कांशीराम जी 92वीं जयंती को *पीडीए दिवस* के रूप में जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव की अध्यक्षता में मनाया गया।
    कार्यक्रम की शुरुआत भंते अनुरुद्ध एवं सपा नेताओं ने दीप प्रज्वलित कर एवं मान्यवर कांशीराम जी के चित्र पर माल्यार्पण कर की गई। संचालन प्रदेश सचिव सर्वेश अम्बेडकर ने किया किया तथा कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से जिला महासचिव इलियास मंसूरी ने संपन्न कराया।
     जिले भर से आए हुए समाजवादी कार्यकर्ता एवं पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी के मन में एक पीढ़ा थी कि शोषित वंचित समाज अपने हक और हुकूक की लड़ाई को लड़े और उसे प्राप्त करे, अगर वो समाज की चिंता न करते तो उनकी एक अच्छी-खासी जिंदगी थी, क्लास वन अफसर थे, अच्छी तरह जीवन जी सकते थे, लेकिन पूरे वंचित समाज का जीवन कैसे अच्छा हो इस काम के लिए उन्होंने अपना पूरा जीवन कुर्बान कर दिया, अब हम सबकी जिम्मेदारी है कि उनके बलिदान को पहचाने और उनके मिशन *जिसकी जितनी संख्या भारी उसकी उतनी हिस्सेदारी* को सफल बनाएं यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
    पार्टी के संस्थापक सदस्य पूर्व राज्यमंत्री/जिलाध्यक्ष रामसेवक सिंह यादव ने कहा कि मान्यवर कांशीराम साहब के अधूरे मिशन को आज माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री अखिलेश यादव जी पूरा करने का काम कर रहे हैं, हमें गर्व है माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी ने पीडीए फार्मूला के तहत सभी जातियों को टिकट से लेकर पार्टी संगठन तक में हिस्सेदारी देने का काम किया है
   लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी/प्रदेश सचिव डॉ0 नवल किशोर शाक्य ने कहा कि मान्यवर कांशीराम जी कैडर की राजनीति के जनक थे, उन्होंने अपने संघर्ष के रास्ते समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े समाज को सत्ता में पहुंचाकर ये सिद्ध कर दिया कि जो समाज जागरूक होकर हिस्सेदारी लेने की लड़ाई लड़ेगा वही शोषित से शासक तक की यात्रा तय करेगा।
    पूर्व विधायक श्रीमती उर्मिला राजपूत ने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर और मान्यवर कांशीराम साहब का सपना था महिला घूंघट मुक्त हो, राजनैतिक हिस्सेदारी को समझे और अपनी आवाज को देश के सामने रखे।
     इस दौरान डॉ0 जितेंद्र सिंह यादव ने कहा कि साहब का बताया रास्ता ही हमें जनसंख्या अनुपात में हिस्सेदारी दिला सकता है। और उसी रास्ते पर आज समाजवादी पार्टी और माननीय राष्ट्रीय अध्यक्ष जी चल रहे हैं।
     इस दौरान पूर्व विधायक अजीत कठेरिया ने कहा कि आज भी पीडीए समाज अगर नहीं जागा तो वो दिन दूर नहीं जब पुनः गुलामी की जंजीरों में जकड़े जाओगे।
     इस दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम अहमद फारुकी, जिला पंचायत सदस्य मनोज मिश्रा, पूर्व चेयरमैन हरीश यादव, जिला प्रवक्ता/सचिव राधेश्याम सविता, पूर्व जिला पंचायत सदस्य रामविलास माथुर, मुन्ना यादव एड0, पूर्व जिला महासचिव मंदीप यादव, रामशरण कठेरिया, डॉ0 रामकृष्ण राजपूत, भोजपुर विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह यादव, जिलाध्यक्ष युवजन सभा शिवम यादव, जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक सभा साजिद अली, जिला उपाध्यक्ष डॉ0 नवरंग सिंह यादव, अमन सूर्यवंशी, अनुराग यादव, इजहार खान, राजेंद्र सिंह पाल आदि वक्ताओं ने भी विचार व्यक्त किए।
    इस दौरान अविनाश सिंह (विक्की), जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला सचिव विजेंद्र सिंह यादव प्रधान, अशोक अम्बेडकर, जितेंद्र यादव सिरौली, शीटू यादव, अरविंद कश्यप, जुल्फिकार अब्बास जैदी, मुख्तार आलम, आदि पदाधिकारी साथी मौजूद रहे।
फितरा किसे नहीं दिया जा सकता : मौलाना फैज़ान अशरफ


सम्भल , सदक़ा फ़ितर हर उस आज़ाद मुसलमान पर ज़रूरी है जो साहिहे निसाब  हो,मतलब उसके पास अपने कर्ज़ और बुनियादी ज़रूरतों (घर, कपड़े, रोज़मर्रा की ज़रूरतें, गाड़ियाँ, वगैरह) के अलावा इतना पैसा या सामान हो कि उसकी कीमत साढ़े बावन तोला चाँदी (लगभग ज़कात का निसाब) या उससे ज़्यादा हो। इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता कि यह पैसा कमर्शियल है या नॉन-कमर्शियल, और इस पर एक साल बीत चुका है या नहीं।

यह समझदार बालिग होने की शर्त नहीं है - यहाँ तक कि नाबालिग, पागल लोग, या बच्चे जो साहिबे निसाब हैं, उन पर भी यह ज़रूरी है (उनके वालिदैन को उनके पैसे से पेमेंट करना चाहिए)।

मर्द, औरत, जवान, बूढ़े, आज़ाद, और गुलाम (इब्न उमर की हदीस में साफ़-साफ़ कहा गया है)।

घर का मुखिया (मर्द) आम तौर पर अपनी तरफ़ से, अपनी बीवी की तरफ़ से, और नाबालिग बच्चों की तरफ़ से अदा करता है। अगर बड़े बच्चे अमीर हैं, तो उनका फितरा उन पर या उनकी इजाज़त से दिया जा सकता है।
एक अमीर औरत के लिए अपनी ज़कात अल-फितर देना ज़रूरी है। यह उसके शोहर या वालिद के लिए ज़रूरी नहीं है, लेकिन अगर वह इसे दे तो यह जायज़ है।
अगर किसी के पास निसाब नहीं है, तो उस पर फितरा ज़रूरी नहीं है।
फितरा कब देना चाहिए?
फितरा का समय: ईद-उल-फितर के दिन सुबह होते ही (सुबह होने का समय) यह ज़रूरी हो जाता है।
ईद की नमाज़ से पहले इसे देना सुन्नत और मुस्तहब है। अगर इसे ईद की नमाज़ से पहले अदा किया जाए तो यह कुबूल ज़कात है और अगर इसे बाद में अदा किया जाए तो इसे आम ज़कात माना जाता है ( हज़रत इब्न अब्बास  की हदीस)।
अगर इसे रमज़ान में ईद से पहले अदा किया जाए तो यह जाइज़ और बेहतर है (गरीबों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए)। कुछ उलामा के मुताबिक यह रमज़ान से पहले भी जाइज़ है, लेकिन इसे रमज़ान के दौरान अदा करना बेहतर है।
अगर इसे अदा नहीं किया जाता है, तो यह जिन्दगी भर अनिवार्य रहेगा, इसे माफ़ नहीं किया जाएगा (यह कज़ा नहीं, बल्कि अदा है)।
फ़ित्रा किसे देना चाहिए?
सदक़ा-फ़ित्र का मकसद ज़कात जैसा ही है, यानी कुरान पाक की आयत का मकसद (सूरह अत-तौबा: 60):
इसे गरीब और ज़रूरतमंद मुसलमानों को देना बेहतर और सही है।

जिनके पास ज़कात की रकम (ज़रूरत से ज़्यादा) नहीं है ज़िंदगी की ज़रूरतों के लिए) और बनू हाशिम (सैय्यद, अब्बासिद, वगैरह) से नहीं हैं।

कुछ जानकारों के मुताबिक यह गरीब गैर-मुस्लिमों के लिए भी जायज़ है (क्योंकि यह खाने के रूप में होता है)।

इसे नहीं दिया जा सकता:
मस्जिदों, मदरसों, अस्पतालों, सड़कों, या दूसरे कंस्ट्रक्शन के कामों में।

अपने वालिदैन, बच्चों, या उन लोगों को जिनका गुज़ारा करना आप पर ज़रूरी है (जैसे आपकी बीवी, नाबालिग बच्चे)।

इसका मकसद रोज़ा रखने वाले को बेकार और गंदी बातों से दूर करना और गरीबों के साथ ईद की खुशी बांटना है।
आज की कीमत के हिसाब से सदका फित्र 65/₹ फी आदमी है
मात्रा: यह चार चीज़ों से तय होती है — गेहूं/आटा: आधा सा’ (लगभग 1.9 से 2 किलोग्राम), जौ/खजूर/किशमिश: एक सा’ (लगभग 3.8 किलोग्राम)। आजकल, ज़्यादातर लोग इन चीज़ों की कीमत (लोकल मार्केट प्राइस के हिसाब से) के बराबर कैश देते हैं।
कि कीमत को दूसरी चीज़ों (जैसे चावल) में भी देखा जाना चाहिए।
ये कानून हैं हनफ़ी फ़तवों के आधार पर। क्योंकि निसाब की कीमत अलग-अलग होती है।
अल्लाह हम सबको ज़कात व सदका फ़ित्र सही तरीके से देने और उसे कबूल करने की ताकत दे। आमीन।