बड़ागांव थाना क्षेत्र में चोरों की बहार, बंद पड़े मकानों को बना रहे अपना शिकार

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र-अंतर्गत ग्राम चंगवार , तेलारी, विराव, सिसवां, मधुमखिया मे पिछले कुछ दिनों से बंद मकानों के ताले व दरवाज़ों को तोड़ कर,एवं छतों के रास्ते चोरी का सिलसिला लगातार जारी है। फलस्वरूप क्षेत्र मे चोरों के आतंक से जनता खौफ जदा है, जबकि बड़ागाँव थाने के  अधिकारी-कर्मचारी पीड़ितों की शिकायत भारी मसक्कत के बाद दर्ज करते तो है ,पर मौका मुयायना कर शिकायतकर्ता को ही सीसी टीवी कैमरा न लगाने, मकान बंद रखने और तरह तरह के प्रश्न करके हैरान- परेशान करते है , कार्यवाही के नाम पर मामला शिफर ही रहता है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से जनता में भारी रोष व्याप्त है। दर्जनभर चोरी की वारदातों के पीड़ित लोग पुलिस के आला अफसरों से मिलने और आंदोलन की तैयारी में जुटे है।
ज्ञातव्य है कि तेलारी गांव के निवासी पुलिसः विभाग में कार्यरत  विशाल सरोज के मकान का ताला तोड़कर चोर लाखो की संपत्ति उड़ा ले गएथे। सरोज की तहरीर केबाद कुछ नामचीन चोरो,बदमाशो को  बड़ागाँव थाने द्वारा पीड़ितों की मदद से पकड़ा गया था, पर कहा जाता है कि भारी रिश्वत खोरी और राजनीतिक दबाव के चलते उन कथित चोरों  को छोड़ दिया गया।
बताते है कि चंगवार गांव के निवासी,रिटायर शिक्षक शोभनाथ महानंद पांडे के के मकान का ताला तोड़कर दो- दो बार सोने चाँदी के आभूषण,कैश, कपड़ा,अनाज सहित लाखो का सामान चोर ले गए।मकान में लगे सी सी टी वी कैमरे मे कई चोरो की तस्वीर और आवाज भी कैद है। जिसका फुटेज पुलिस को सौंपा गया है । एक ही घर मे दो माह में दो बार चोरी मेभी प्राथमिक तहरीर लिखित तो ली गयी पर कार्यवाई के नाम पर पीड़ित को ठेगा ही दिखाया गया। इसी दौरान चंगवार में ज्वाला पांडेय के मकान का ताला तोड़कर लाखो की संपत्ति चोरी हुई । इसी दौरान चंगवार में सुशील गुलाब पाण्डेय के मकान में  चोर छत पर चढ़कर सीढ़ी के दरवाजे का कुंडी तोड़ कर घुसे और 9 कमरो के ताले कुंडी तोड़कर घर मे रखे  कपाटो, तिजोरी, लाकर, पेटियों को तोड़कर सोने,चांदी के आभूषण ,फूल और पीतल ,चाँदी के वर्तन, कपड़े अनाज सहित लाखों की चोरी किया।इस मामले में सुशील पाण्डेय द्वारा 112 व ऑनलाइन शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारी अविनाश गुप्ता साधौगंज चौकी से मौके पे आये जाँच पड़ताल किये फ़ोटो वीडियो लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह को स्थिति अवगत कराएं फिर यह कह कर चले गए कि हमारे साहब भी इन चोरो से परेशान हो गए है । हम कुछ करते है। क्या यही है योगीजी की जांबाज पुलिस? सूत्र बताते है कि मात्र दो माह में चंगवार , तेलारी , सिसवा, विराव, मधुमखिया, में दर्जन भर बंद मकानों में चोरी की बारदातो को अंजाम देकर चोरो ने करोड़ो का माल उड़ाया है । पुलिस कई मामलों में तो एफ आई आर भी दर्ज नहीं किया ।और दूसरी घटनाओ में मर्ज कर जांच करने की बात पीड़ितों से कह कर उन्हें टाल दिया जाता है।जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

#westbengalassemblyelection2026phase2

पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
आलू किसानों की बिजली बिल माफ करने की मांग, स्मार्ट मीटर समाधान के लिए शिविर लगाए जाएं
उपभोक्ताओं की समस्या सुने बगैर कनेक्शन ना काटे जाएं

फर्रुखाबाद l आलू किसानों की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए विल माफ करने तथा बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने व रोक लगाने , स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं की समस्याओ़ के समाधान हेतु शिविर लगाने की मांग मुख्यमंत्री से की गयी है।
आलू विकास विपणन सहकारी संघ के निदेशक अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि आलू किसान इस समय मंदी के कारण गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है लेकिन अभी भी जिन उपभोक्ताओं के यहां जबरिया स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं उनके विल अत्यधिक आ रहे हैं। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ रही है ।ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान हेतु शिविर आयोजित किया जाए। बकायेदार आलू किसानों के विल माफ किए जाए तथा भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाई जाए। बिजली बिल छूट योजना को जून तक बढ़ाया जाए।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: नृत्य को लेकर विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत, कई घायल
तुलसीपुर (बलरामपुर)
ग्राम पंचायत चमर बोझिया उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत चमर बोझिया में सोमवार की रात एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बृजवासी नृत्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए 'बृजवासी नृत्य' का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नृत्य के दौरान किसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरू में जो विवाद मामूली लग रहा था, उसने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।
जमकर हुई मारपीट, गांव में तनाव
विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस खूनी संघर्ष में कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत चमर बोझिया, सोमवार रात,कारण बृजवासी नृत्य के दौरान हुआ विवाद।हताहत: एक की मौत, कई घायल।
शिक्षा माफियाओं के खिलाफ विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा
रितेश मिश्रा
हरदोई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हरदोई इकाई के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए न्यू सनबीम स्कूल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा और प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि जब-जब छात्रों का शोषण किया जाएगा, विद्यार्थी परिषद ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगी। वहीं प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद हर परिस्थिति में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जिला संयोजक पुनीत सिंह भोला ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों के लिए लगातार संघर्षरत है। छात्रों के साथ हो रहे उत्पीड़न और शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यावसायीकरण को बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यापार बनाने वालों को परिषद पनपने नहीं देगी और ऐसे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
प्रदर्शन में प्रांत कार्यसमिति सदस्य प्रांशु बाजपेयी, विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति पाल, नम्रता, रिया, अभिषेक, विनोद, रामजी, प्रियांशू सिंह, दिव्यांश चौहान, नगर मंत्री वरुण मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

#aapleadermanishsisodiawrotealettertojusticeswarnakanta_sharma

दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।

पारा शिक्षक नेता सोनू सरदार हत्याकांड का खुलासा, हथियार के साथ पांच आरोपी अरेस्ट|

Ranchi | 17-12--2025: सरायकेला, प्रताप मिश्रा-सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के बड़डीह गांव में पारा शिक्षक नेता सह मुखिया पति सोनू सरदार की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने पिस्तौल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आशीष गोराई, विश्वजीत नायक, अनिल सरदार उर्फ गोंदो, आनंद दास और सूरज मार्डी को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि मास्टरमाइंड बीरबल सरदार और लखीचरण नायक फरार हैं. 



बड़ागांव थाना क्षेत्र में चोरों की बहार, बंद पड़े मकानों को बना रहे अपना शिकार

वाराणसी। जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र-अंतर्गत ग्राम चंगवार , तेलारी, विराव, सिसवां, मधुमखिया मे पिछले कुछ दिनों से बंद मकानों के ताले व दरवाज़ों को तोड़ कर,एवं छतों के रास्ते चोरी का सिलसिला लगातार जारी है। फलस्वरूप क्षेत्र मे चोरों के आतंक से जनता खौफ जदा है, जबकि बड़ागाँव थाने के  अधिकारी-कर्मचारी पीड़ितों की शिकायत भारी मसक्कत के बाद दर्ज करते तो है ,पर मौका मुयायना कर शिकायतकर्ता को ही सीसी टीवी कैमरा न लगाने, मकान बंद रखने और तरह तरह के प्रश्न करके हैरान- परेशान करते है , कार्यवाही के नाम पर मामला शिफर ही रहता है। पुलिस की उदासीनता और निष्क्रियता से जनता में भारी रोष व्याप्त है। दर्जनभर चोरी की वारदातों के पीड़ित लोग पुलिस के आला अफसरों से मिलने और आंदोलन की तैयारी में जुटे है।
ज्ञातव्य है कि तेलारी गांव के निवासी पुलिसः विभाग में कार्यरत  विशाल सरोज के मकान का ताला तोड़कर चोर लाखो की संपत्ति उड़ा ले गएथे। सरोज की तहरीर केबाद कुछ नामचीन चोरो,बदमाशो को  बड़ागाँव थाने द्वारा पीड़ितों की मदद से पकड़ा गया था, पर कहा जाता है कि भारी रिश्वत खोरी और राजनीतिक दबाव के चलते उन कथित चोरों  को छोड़ दिया गया।
बताते है कि चंगवार गांव के निवासी,रिटायर शिक्षक शोभनाथ महानंद पांडे के के मकान का ताला तोड़कर दो- दो बार सोने चाँदी के आभूषण,कैश, कपड़ा,अनाज सहित लाखो का सामान चोर ले गए।मकान में लगे सी सी टी वी कैमरे मे कई चोरो की तस्वीर और आवाज भी कैद है। जिसका फुटेज पुलिस को सौंपा गया है । एक ही घर मे दो माह में दो बार चोरी मेभी प्राथमिक तहरीर लिखित तो ली गयी पर कार्यवाई के नाम पर पीड़ित को ठेगा ही दिखाया गया। इसी दौरान चंगवार में ज्वाला पांडेय के मकान का ताला तोड़कर लाखो की संपत्ति चोरी हुई । इसी दौरान चंगवार में सुशील गुलाब पाण्डेय के मकान में  चोर छत पर चढ़कर सीढ़ी के दरवाजे का कुंडी तोड़ कर घुसे और 9 कमरो के ताले कुंडी तोड़कर घर मे रखे  कपाटो, तिजोरी, लाकर, पेटियों को तोड़कर सोने,चांदी के आभूषण ,फूल और पीतल ,चाँदी के वर्तन, कपड़े अनाज सहित लाखों की चोरी किया।इस मामले में सुशील पाण्डेय द्वारा 112 व ऑनलाइन शिकायत देने के बाद पुलिस अधिकारी अविनाश गुप्ता साधौगंज चौकी से मौके पे आये जाँच पड़ताल किये फ़ोटो वीडियो लिए और अपने वरिष्ठ अधिकारी प्रवीण सिंह को स्थिति अवगत कराएं फिर यह कह कर चले गए कि हमारे साहब भी इन चोरो से परेशान हो गए है । हम कुछ करते है। क्या यही है योगीजी की जांबाज पुलिस? सूत्र बताते है कि मात्र दो माह में चंगवार , तेलारी , सिसवा, विराव, मधुमखिया, में दर्जन भर बंद मकानों में चोरी की बारदातो को अंजाम देकर चोरो ने करोड़ो का माल उड़ाया है । पुलिस कई मामलों में तो एफ आई आर भी दर्ज नहीं किया ।और दूसरी घटनाओ में मर्ज कर जांच करने की बात पीड़ितों से कह कर उन्हें टाल दिया जाता है।जिससे पुलिस की भूमिका संदेह के घेरे में है।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
पश्चिम बंगाल में अंतिम चरण में डाले जा रहे वोट, 142 सीटों पर मतदान जारी

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पश्चिम बंगाल में आज विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए मतदान हो रहा है। इस चरण में राज्य की 294 में से 142 सीटों पर वोटिंग जारी है। राज्य में पिछली बार की तरह इस बार भी सीधा मुकाबला सत्तासीन तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच है।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण की वोटिंग में सुबह से ही पोलिंग बूथ पर वोटरों की लंबी कतारें दिख रही हैं। इस बीच आम लोगों के साथ कई बड़े चेहरे भी पोलिंग बूथ तक पहुंच रहे हैं। इस बीच टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा भी सुबह-सुबह वोट डालने पहुंचीं। वहीं, अभिनेता और बीजेपी नेता मिथुन चक्रवर्ती बेलगाछिया के सुवोखान कम्युनिटी हॉल में कतार में खड़े होकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

बंगाल चुनाव को लेकर पीएम मोदी ने की अपील

आज पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का दूसरा चरण है। आज मतदान करने वाले सभी लोगों से मेरा आग्रह है कि वे रिकॉर्ड संख्या में मतदान करें और हमारे लोकतंत्र को और अधिक जीवंत तथा सहभागी बनाएं। यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल की महिलाएं और युवा बड़ी संख्या में बाहर निकलें और अपने मताधिकार का प्रयोग करें।

किस जिले की कितनी सीटों पर वोटिंग

• उत्तर 24 परगना: 33 सीटें

• दक्षिण 24 परगना : 31

• हुगली : 18

• नदिया: 17

• हावड़ा : 16

• पूर्व बर्धमान: 16

• कोलकाता: 11

दूसरे चरण इन वीआईपी उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी, स्वपन दासगुप्ता, रासबिहारी, चंद्रिमा भट्टाचार्य, दीप्शिता धर, मीनाक्षी मुखर्जी, अधीर रंजन चौधरी, फिरहाद हकीम, अर्जुन सिंह, तापस रॉय, अरूप विश्वास, शूभंकर सरकार, कलतान दासगुप्ता समेत कई और चर्चित चेहरों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद होगा।

पहले चरण में 152 सीटों पर 93.19 फीसदी वोटिंग

बंगाल चुनाव के पहले चरण में रिकॉर्ड 93.19 प्रतिशत वोटिंग दर्ज किया गया, जो राज्य के इतिहास में अब तक का सबसे ऊंचा वोट प्रतिशत है. निर्वाचन आयोग के अनुसार, 23 अप्रैल को 16 जिलों की 152 सीटों पर हुए मतदान में 3.61 करोड़ मतदाताओं में से करीब 3.36 करोड़ लोगों ने वोट डाले। इनमें लगभग 1.65 करोड़ महिलाएं और 1.71 करोड़ पुरुष शामिल रहे। जिलों की बात करें तो कूच बिहार में सबसे अधिक 96.2 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि दक्षिण दिनाजपुर (95.44%) और मालदा (94.79%) भी शीर्ष पर रहे। इसके अलावा जलपाईगुड़ी, बीरभूम और उत्तर दिनाजपुर समेत कई जिलों में 90 प्रतिशत से अधिक वोटिंग दर्ज की गई। वहीं, सबसे कम मतदान कलिम्पोंग में 83.04 प्रतिशत और दार्जिलिंग में 88.98 प्रतिशत रहा। इससे पहले राज्य में सबसे ज्यादा 84.72 प्रतिशत मतदान 2011 के विधानसभा चुनाव में दर्ज किया गया था।

एलपीजी का गोरखधंधा कब बेनकाब होगा,एजेंसी से ब्लैक,2000 तक बिक रहा सिलेंडर,आखिर प्रशासन मौन क्यों*
सुलतानपुर-जिले में एलपीजी सिलेंडर की कालाबाजारी का सिंडिकेट बेलगाम हो चुका है। गैस सर्विस के गोदामों पर उपभोक्ता तड़पते धूप में लाइन लगाने को मजबूर हैं, जबकि बाजार में वही सिलेंडर 1500 से 2000 रुपये में धड़ल्ले से ब्लैक किया जा रहा है। ग्राहकों का आरोप है कि एजेंसी के भीतर से ही यह पूरा गोरखधंधा संचालित हो रहा है।
सूत्र बताते हैं कि रात के अंधेरे में गोदाम से सिलेंडर निकालकर ऊंचे दामों पर खपाए जा रहे हैं। भीषण गर्मी में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भूखे प्यासे घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन उन्हें तय रेट पर सिलेंडर नसीब नहीं हो रहा। सरकार की "पर्याप्त आपूर्ति" के दावे के बीच यह हालात गंभीर सवाल खड़े करते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एजेंसी प्रबंधन की शह के बिना यह कालाबाजारी संभव नहीं। जिला पूर्ति विभाग की चुप्पी भी कई संदेह पैदा कर रही है। जनता ने डीएम से इस संगठित सिंडिकेट पर छापेमारी, स्टॉक और वितरण रजिस्टर की फोरेंसिक जांच और एजेंसी का लाइसेंस निलंबित करने की मांग की है।
सवाल यह है कि आखिर गरीब की रसोई तक सिलेंडर क्यों नहीं पहुंच रहा, जबकि ब्लैक में हर जगह उपलब्ध है?
फिलहाल गैस सर्विस और जिला पूर्ति अधिकारी ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। उनका पक्ष मिलते ही प्रकाशित किया जाएगा।
वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
आलू किसानों की बिजली बिल माफ करने की मांग, स्मार्ट मीटर समाधान के लिए शिविर लगाए जाएं
उपभोक्ताओं की समस्या सुने बगैर कनेक्शन ना काटे जाएं

फर्रुखाबाद l आलू किसानों की खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए विल माफ करने तथा बकायेदारों के बिजली कनेक्शन काटने व रोक लगाने , स्मार्ट मीटर के उपभोक्ताओं की समस्याओ़ के समाधान हेतु शिविर लगाने की मांग मुख्यमंत्री से की गयी है।
आलू विकास विपणन सहकारी संघ के निदेशक अशोक कटियार ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि आलू किसान इस समय मंदी के कारण गहरे आर्थिक संकट के दौर से गुज़र रहे हैं। उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक लगा दी गई है लेकिन अभी भी जिन उपभोक्ताओं के यहां जबरिया स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं उनके विल अत्यधिक आ रहे हैं। जिससे आम जनता में नाराजगी बढ रही है ।ऐसे उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान हेतु शिविर आयोजित किया जाए। बकायेदार आलू किसानों के विल माफ किए जाए तथा भीषण गर्मी में उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटने पर रोक लगाई जाए। बिजली बिल छूट योजना को जून तक बढ़ाया जाए।
शादी की खुशियाँ मातम में बदलीं: नृत्य को लेकर विवाद में खूनी संघर्ष, एक की मौत, कई घायल
तुलसीपुर (बलरामपुर)
ग्राम पंचायत चमर बोझिया उत्तर प्रदेश के ग्राम पंचायत चमर बोझिया में सोमवार की रात एक शादी समारोह के दौरान उस समय चीख-पुकार मच गई, जब बृजवासी नृत्य को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद इतना बढ़ गया कि जमकर मारपीट शुरू हो गई। इस हिंसक झड़प में एक व्यक्ति की जान चली गई है, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।
क्या है पूरा मामला?
मिली जानकारी के अनुसार, सोमवार रात गांव में एक विवाह कार्यक्रम चल रहा था, जहाँ सांस्कृतिक मनोरंजन के लिए 'बृजवासी नृत्य' का आयोजन किया गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, नृत्य के दौरान किसी बात को लेकर कुछ लोगों के बीच कहासुनी शुरू हुई। शुरू में जो विवाद मामूली लग रहा था, उसने अचानक उग्र रूप धारण कर लिया।
जमकर हुई मारपीट, गांव में तनाव
विवाद बढ़ने पर दोनों तरफ से लाठी-डंडे और धारदार हथियार निकल आए। इस खूनी संघर्ष में कई लोग लहूलुहान हो गए। घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने एक व्यक्ति को मृत घोषित कर दिया। अन्य घायलों का इलाज जारी है, जिनमें से कुछ की हालत नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुँचा और स्थिति को नियंत्रित किया। गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
मुख्य बिंदु:
ग्राम पंचायत चमर बोझिया, सोमवार रात,कारण बृजवासी नृत्य के दौरान हुआ विवाद।हताहत: एक की मौत, कई घायल।
शिक्षा माफियाओं के खिलाफ विद्यार्थी परिषद ने खोला मोर्चा
रितेश मिश्रा
हरदोई। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) हरदोई इकाई के कार्यकर्ताओं ने हाल ही में वायरल हुए एक वीडियो का संज्ञान लेते हुए न्यू सनबीम स्कूल के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन में अभाविप अवध प्रांत के प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा और प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा मुख्य रूप से मौजूद रहे।
प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा ने कहा कि जब-जब छात्रों का शोषण किया जाएगा, विद्यार्थी परिषद ऐसे लोगों को सबक सिखाने का काम करेगी। वहीं प्रांत सहमंत्री शिवम मिश्रा ने कहा कि छात्रों और उनके परिवारों के साथ दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परिषद हर परिस्थिति में छात्रों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रहेगी।
जिला संयोजक पुनीत सिंह भोला ने कहा कि विद्यार्थी परिषद छात्रों के हितों के लिए लगातार संघर्षरत है। छात्रों के साथ हो रहे उत्पीड़न और शिक्षा के नाम पर हो रहे व्यावसायीकरण को बंद कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा को व्यापार बनाने वालों को परिषद पनपने नहीं देगी और ऐसे शिक्षा माफियाओं के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी।
प्रदर्शन में प्रांत कार्यसमिति सदस्य प्रांशु बाजपेयी, विभाग छात्रा प्रमुख कीर्ति पाल, नम्रता, रिया, अभिषेक, विनोद, रामजी, प्रियांशू सिंह, दिव्यांश चौहान, नगर मंत्री वरुण मिश्रा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जस्टिस स्वर्णकांता का अब मनीष सिसोदिया ने किया बहिष्कार, केजरीवाल की तरह लिखी चिठ्ठी

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दिल्ली के पूर्व सीएम और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल के बाद मनीष सिसोदिया ने भी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की तरह ‘सत्याग्रह’ का रास्ता चुना है। अरविंद केजरीवाल के बाद अब आप के नेता मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा को पत्र लिखा है। मनीष सिसोदिया ने जस्टिस स्वर्णा कांता शर्मा की अदालत में खुद या वकील के पेश नहीं होने का एलान कर दिया है।

अदालत में पेश नहीं होंगे सिसोदिया

आबकारी नीति घोटाला मामले में दिल्ली हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई से अरविंद केजरीवाल के बाद अब मनीष सिसोदिया ने भी खुद को अलग कर लिया है।मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को जस्टिस स्वर्णकांता को चिट्ठी लिखकर कहा है कि अब वह उनकी अदालत में पेश नहीं होंगे।

सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं-सिसोदिया

सिसोदिया ने अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि मुझे न्याय की कोई उम्मीद नहीं है और मेरी तरफ से कोई भी वकील आपके सामने पेश नहीं होगा। सत्याग्रह के अलावा अब कोई रास्ता नहीं बचा है। केजरीवाल के बाद अब सिसोदिया के इस बयान ने सियासी और कानूनी हलकों में हलचल तेज कर दी है।

केजरीवाल ने भी लिखा था पत्र

इससे पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने भी जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा को पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे जस्टिस स्वर्णकांता शर्मा के सामने न तो खुद पेश होंगे और न ही किसी वकील के जरिए। केजरीवाल ने लेटर में लिखा था कि जस्टिस स्वर्णकांता से न्याय मिलने की मेरी उम्मीद टूट गई है। इसलिए, मैंने गांधीजी के सत्याग्रह के रास्ते पर चलने का फैसला किया है। मैंने यह फैसला अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया है। मैं जस्टिस स्वर्ण कांता के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करने का अपना अधिकार सुरक्षित रखता हूं।

क्या है मामला?

दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है, जिसमें आबकारी घोटाले में केजरीवाल समेत सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया गया था। इस अपील याचिका पर न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा सुनवाई कर रही हैं। केजरीवाल ने 13 अप्रैल को व्यक्तिगत रूप से पेश होकर न्यायमूर्ति शर्मा से खुद को मामले से अलग करने की मांग की थी। 20 अप्रैल को अदालत ने उनकी इस अर्जी को खारिज कर दिया और टिप्पणी की कि किसी राजनेता को न्यायपालिका पर अविश्वास फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती। इस फैसले के बाद केजरीवाल ने पत्र लिखकर कहा कि अब उन्हें विश्वास नहीं रहा कि न्यायमूर्ति शर्मा निष्पक्ष तरीके से सुनवाई कर पाएंगी।

पारा शिक्षक नेता सोनू सरदार हत्याकांड का खुलासा, हथियार के साथ पांच आरोपी अरेस्ट|

Ranchi | 17-12--2025: सरायकेला, प्रताप मिश्रा-सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाना क्षेत्र के बड़डीह गांव में पारा शिक्षक नेता सह मुखिया पति सोनू सरदार की हत्या मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने पिस्तौल के साथ पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है. आशीष गोराई, विश्वजीत नायक, अनिल सरदार उर्फ गोंदो, आनंद दास और सूरज मार्डी को पुलिस ने दबोच लिया है, जबकि मास्टरमाइंड बीरबल सरदार और लखीचरण नायक फरार हैं.