भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों को भेजी गयी बकाया 5.47 करोड़ की धनराशि

बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का किया सम्पूर्ण भुगतान

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड, कुंदरखी चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शुक्रवार 23 जनवरी को शेष रुपये 5.47 करोड़ की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रेषित की गई, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।

यह जानकारी देते हुए चीनी मिल के इकाई प्रमुख पी. एन. सिंह ने बताया कि बजाज मिल किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसानों का एक-एक गन्ना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करना मिल प्रबंधन की प्राथमिकता रही है, ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पेराई सत्र 2025-26 का भी गन्ना मूल्य भुगतान भी शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा।

इकाई प्रमुख ने क्षेत्रीय गन्ना किसानों से अपील की कि वे अपना गन्ना बजाज चीनी मिल को ही आपूर्ति करें। इससे किसानों को न केवल उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि भुगतान भी सुरक्षित और समय पर प्राप्त होगा।आगामी बसंत कालीन गन्ना बुआई को लेकर मिल प्रबंधन ने किसानों को उन्नतिशील प्रजातियों की बुआई करने का सुझाव दिया है। साथ ही किसानों से बुआई हेतु बीज अभी से सुरक्षित करने को कहा गया है।

इकाई प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को गन्ना बीज की आवश्यकता होगी, उन्हें चीनी मिल की ओर से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। समय से सम्पूर्ण भुगतान किए जाने पर क्षेत्रीय गन्ना किसानों ने बजाज मिल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी किसानों के हित में इसी तरह सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
भारत रत्न जननायक कर्पूरी के नाम का दुरुपयोग करने वालों से सावधान रहने की अपील
मुंबई। सामाजिक संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति (रजि) के बैनर तले आगामी सोमवार 26 जनवरी 2026 को कल्याण शहर में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती मनाई जा रही है।जबकि असंवैधानिक पदाधिकारियों की निगरानी में जयंती उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति के नाम का उपयोग करते हुए किया जा रहा है जहां श्रद्धेय कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर व्यक्तिगत वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से आयोजन करने का प्राविधान है।महानगर के कवि एवं समाजसेवी विनय शर्मा दीप ने सभी शुभचिंतकों से निवेदन किया किया है कि श्रद्धेय भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती हर्षोल्लास के साथ शहर से लेकर देश के सभी प्रदेशों के प्रत्येक जिलों में मनाई जानी चाहिए जिससे समाज का गौरव तो बढ़ेगा साथ साथ जननायक जी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।आप जयंती संवैधानिक संस्था के आधीन या सार्वजनिक रुप से उनकी प्रतिमा रखकर मनाएं।दीप ने बताया कि कल्याण शहर में जयंती एक विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति रजि. जो धर्मादाय आयुक्त मुंबई (चैरिटी कमिश्नर) के अधीन विचाराधीन है।जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति संस्था के नाम का उपयोग कोई नहीं कर सकता किन्तु माननीय न्यायालय धर्मादाय आयुक्त मुंबई की अवहेलना करते हुए उक्त नाम के बैनर तले जयंती मनाई जा रही है जो न्याय विरुद्ध है।आप सभी से निवेदन है कि उचित निर्णय लेकर ही आप सभी समारोह में जाने का फैसला लीजिए।आप सभी को भविष्य में कुछ भी सामाजिक आवश्यकता पड़ती है तो यह संस्था और सलंग्न असंवैधानिक पदाधिकारी सिर्फ धन उगाही के नाम पर आपका शोषण करेंगे किन्तु जब आपकी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान,न्याय लिगल रूप से आप सभी को नही दिला पाएंगे।ऐसे व्यक्तियों व संस्था के कार्यक्रम से सावधान रहें।
भाजपा का बयान हताशा और झूठ का पुलिंदा, दावोस में झारखंड की वैश्विक पहचान से बौखलाई है विपक्ष: विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावोस ‘व्हाइट बैज’ को लेकर भाजपा द्वारा दिए गए बयान पर कड़ा और तथ्यपूर्ण पलटवार किया है। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का पूरा बयान न तो तथ्यों पर आधारित है और न ही उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की कार्यप्रणाली की बुनियादी समझ है। यह बयान केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और झारखंड की वैश्विक पहचान से उपजी राजनीतिक हताशा का परिणाम है।

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विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ‘व्हाइट बैज’ किसी साधारण पहचान पत्र की तरह नहीं, बल्कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक मान्यता और उच्च-स्तरीय बैठकों तक सीधी पहुंच का प्रतीक होता है। यह बैज केवल उन प्रतिनिधियों को दिया जाता है, जिनकी भूमिका नीतिगत संवाद, निवेश वार्ता और वैश्विक निर्णय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे महज “रंगीन कार्ड” बताकर भाजपा न सिर्फ जनता को गुमराह कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों की गरिमा का भी अपमान कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि यह इतना ही “सामान्य” होता, तो भाजपा यह बताए कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल, खनिज-संपन्न और विकासशील राज्य के मुख्यमंत्री को वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ एक मंच पर संवाद का अवसर क्यों मिला? सच यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्पष्ट नीतियों, स्थिर शासन और स्थानीय हितों को केंद्र में रखकर किए जा रहे विकास कार्यों के कारण ही आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर उभर रहा है।

विनोद पांडेय ने कहा कि आज जब झारखंड के लिए निवेश प्रस्ताव, औद्योगिक साझेदारियां और रोजगार के अवसर आकार ले रहे हैं, तब भाजपा इस सकारात्मक छवि को धूमिल करने के लिए जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

झामुमो महासचिव ने दो टूक कहा कि भाजपा की राजनीति हमेशा नकारात्मकता, अविश्वास और दुष्प्रचार पर टिकी रही है, जबकि हेमंत सोरेन की सरकार काम, परिणाम और सम्मान पर विश्वास करती है। जनता सब देख रही है और समय आने पर ऐसे भ्रामक बयानों का राजनीतिक जवाब भी देगी।

लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवायें

फर्रुखाबाद l सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार द्वारा ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों तथा पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में 23 ग्राम प्रधानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। शासन के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह के तहत  परिवहन आयुक्त द्वारा पंचायती राज विभाग की ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक आहूत किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधानों को ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के अन्तर्गत उस ग्राम का सड़क सुरक्षा अग्रदूत घोषित किया जाये। इस दौरान ब्लॉक बढ़पुर में बैठक आयोजित की गई।
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के द्वारा अवगत कराया गया कि यातायात पुलिस से प्राप्त सूचना के अनुसार माह दिसम्बर 2025 तक जनपद फर्रूखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं जिनमें 284 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जबकि दिसम्बर 2024 तक जनपद में 390 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई थीं, जिनमें 213 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या में 25.64 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2025 में माह दिसम्बर तक हिट एण्ड रन की 109 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हैं तथा 81 व्यक्ति घायल हुये हैं। वर्ष 2024 में हिट एण्ड रन की 66 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 43 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी तथा 28 व्यक्ति घायल हुये थे। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 42481 चालान किये गये हैं तथा 187 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 18.92 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 4155 चालान किये गये हैं l 1018 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 219.33 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देश पर जनपद में वर्ष 2025 में 265 ड्राइविंग लाइसेन्स निलम्बित किये गये हैं।

जनपद में 19 दिसंबर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक ‘‘ नो हेल्मेट नो पेट्रोल ’’ का अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वह अपने ग्राम में सड़क सुरक्षा की बैठक आहूत करें तथा सभी ग्रामीणों प्रेरित करें  कि  किसी भी स्थिति में यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग ना करें , वाहन के प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, अपनी गति को नियंत्रण में रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें।  सभी चालक गाड़ी पर यदि अपने सामने अपने परिवार की फोटो लगाकर रखेंगे तो उन्हें याद रहेगा कि उन्हें  सकुशल घर पहुंचना है तब वह जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएंगे । सभी सुरक्षित रहें यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने जनपद को दुर्घटना रहित जनपद बनाएं।
सभी ग्राम प्रधानों से यह भी अनुरोध किया गया कि ट्रैक्टर-ट्राली में रिफ्लेक्टर अवश्य लगवायें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुये बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 से राह-वीर योजना प्रारम्भ की गयी है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के अन्तर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के उपरान्त एक घण्टे (गोल्डन ऑवर)  के अन्दर अस्पताल पहंुचाने से घायल के जीवित रहने पर 25000/- रुपए के पुरस्कार का प्राविधान है। घातक दुर्घटना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में रहना, मस्तिष्क की चोट रीढ़ की हड्डी की चोट एवं इलाज के दौरान घायल की मौत सम्मिलित है। राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि हिट एण्ड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों के लिये मुआवजा योजना-2022 केे अन्तर्गत अज्ञात वाहन से घटित सड़क दुर्घटना में मृत्यु की दशा में 2.00 लाख रुपए तथा गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में 50 हजार रुपए के मुआवजा का प्राविधान है। मुआवजा प्राप्ति हेतु प्रारूप-1 में आवेदन पत्र दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मृतक के वारिस अथवा गम्भीर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, आवेदन पत्र के साथ दावाकर्ता की आधार कार्ड की प्रति, बैक खाता पासबुक की प्रति, एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति/इलाज के साक्ष्य तथा प्रारूप-4 में वचनबन्ध संलग्न किया जायेगा। आवेदन में उस अस्पताल/चिकित्साधिकारी का नाम लिखा जायेगा, जिसने क्षतिग्रस्त/मृत व्यक्ति की देखभाल की। इसके साथ ही दावाकर्ता का नाम व पता आदि आवेदन पत्र में भरा जायेगा।
कार्यक्रम समापन पर सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलायी गई।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर विद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
तुलसीपुर स्थित आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती के अवसर पर दिनांक 22 जनवरी 2026 को निबंध प्रतियोगिता एवं भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायक संबोधन दिया।

प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन, संघर्ष, अदम्य साहस, देशभक्ति एवं नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी के आदर्शों—अनुशासन, त्याग, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण—को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर प्रधानाचार्य महोदय एवं सभी शिक्षकों द्वारा माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों के लिए भाषण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने अपनी लेखन क्षमता और विचारों की स्पष्टता से सभी को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम सहयोगी के रूप में श्री सुजीत शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि कार्यक्रम समन्वयक के रूप में  आनंद वर्धन सिंह ने कार्यक्रम का सुचारु संचालन किया।

अंत में प्रधानाचार्य  ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और नेतृत्व गुणों के विकास में सहायक होते हैं।
कांग्रेस और सपा की राजनीति झूठ, भ्रम और तुष्टिकरण की उपज है” — अरुण सिंह
आशीष कुमार

मुज़फ्फरनगर जनपद के ग्राम कूकड़ा में विकसित भारत – “जी राम जी” जनजागरण अभियान के अंतर्गत आयोजित कृषक-श्रमिक ग्राम चौपाल में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा और आक्रामक हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस और सपा का पूरा राजनीतिक इतिहास जनता को गुमराह करने, झूठ फैलाने और केवल सत्ता के लिए समाज को बांटने का रहा है। इन दलों ने जब-जब शासन किया, तब-तब गांव, किसान और मजदूर को केवल वोट बैंक समझा गया, जबकि भाजपा ने उन्हें विकास का भागीदार बनाया है।


कार्यक्रम से पूर्व नगर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा भाजपा जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अरुण सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठाकर पूरे गांव में भ्रमण कराया गया, जो इस बात का प्रतीक था कि भाजपा की राजनीति अब सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की गलियों से निकलकर देश का भविष्य गढ़ रही है।
सभा को संबोधित करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि सपा और कांग्रेस आज विकास पर सवाल इसलिए उठा रही हैं क्योंकि उनके पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक सत्ता में रहकर गांवों को बदहाली, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के हवाले किया, वे आज भाजपा के कामों से घबराकर झूठ का सहारा ले रहे हैं। विकसित भारत – “जी राम जी” योजना उन सभी दलों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो यह दावा करते हैं कि भाजपा गरीब और मजदूर के लिए काम नहीं करती।
उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के कायाकल्प की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक विकास दिखाई देगा। अब गांवों में केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर दुकानें, सार्वजनिक भवन, बारात घर, नालियां, स्ट्रीट लाइट और आधारभूत संरचना खड़ी होगी। मजदूरों को पहले से अधिक दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा और किसानों को कृषि से जुड़े कार्यों का सीधा लाभ प्राप्त होगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार, बिचौलियों और फर्जीवाड़े का पूरी तरह अंत होगा और यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है तो मजदूर को ब्याज सहित भुगतान मिलेगा, जो भाजपा सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अरुण सिंह ने कहा कि यह योजना किसी पर एहसान नहीं, बल्कि मेहनतकश गरीब, किसान और श्रमिक का अधिकार है। भाजपा की सोच यह है कि देश का विकास तभी संभव है जब गांव मजबूत होंगे और गांव तभी मजबूत होंगे जब वहां का किसान और मजदूर सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनेगा। यही कारण है कि भाजपा काम की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस और सपा केवल झूठ, भ्रम और तुष्टिकरण के सहारे जनता को गुमराह करने का प्रयास करती हैं।
इसके पश्चात मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने का सबसे मजबूत माध्यम “जी राम जी” योजना है और यह योजना आने वाले समय में ग्रामीण भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल देगी। कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी ने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और वह दोबारा उन ताकतों को मौका नहीं देगी जिन्होंने दशकों तक केवल भाषण दिए और देश को पीछे धकेलने का काम किया।
कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के संकल्प और “जी राम जी” योजना को हर गांव तक पहुंचाने के दृढ़ निश्चय के साथ किया गया।


इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, जिला उपाध्यक्ष संजय गर्ग, पूर्व विधायक अशोक कंसल, उमेश मालिक, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, जितेन्द्र कुछल, मण्डल अध्यक्ष अमित शास्त्री, हरेंद्र पाल, पंकज महेश्वरी, सुधीर आर्य, अशोक मलिक, सभासद प्रशांत गौतम, नवनीत गुप्ता, अनुज वाल्मिकी, ललित कुमार, ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी, चेयरमैन शंकर सिंह भोला, सुनील दर्शन, पूर्व चेयरमैन ओम सिंह, विशाल खोकर, पूर्व प्रधान अशोक सहावली, प्रधान देवेन्द्र चौधरी, मोंटी राठी आदि मौजूद रहें।
अतिक्रमण नोटिस से नाराज विधायक अरविंद पांडे, दिग्गज भाजपा नेताओं की मुलाकात से नए सियासी समीकरणों की अटकलें तेज
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता, गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों भूमि अतिक्रमण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बाजपुर क्षेत्र के विचपुरी गांव की 68 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रशासन की ओर से उनके आवास स्थित कथित कैंप कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई से अरविंद पांडे खासे नाराज बताए जा रहे हैं, जबकि उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश है।

महिला ने उपजिलाधिकारी को दी शिकायत में अरविंद पांडे पर लीज से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं अरविंद पांडे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसी बीच उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा होने से मामला और तूल पकड़ गया है।

राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल—की अरविंद पांडे से मुलाकात की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद तय हुई है और लगभग एक घंटे तक चल सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा अपने कार्यक्रम को सार्वजनिक किए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। एक धड़ा इसे पार्टी के भीतर नाराज चल रहे विधायक को साधने की कोशिश मान रहा है, तो वहीं कुछ इसे धामी सरकार पर दबाव और संभावित गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। बीते महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या और अन्य मामलों को लेकर अरविंद पांडे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए हैं और कई मुद्दों पर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने भूमि अतिक्रमण के मामले में अरविंद पांडे को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

अरविंद पांडे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 1997 में वह सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। त्रिवेंद्र रावत सरकार में वह शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं की यह प्रस्तावित मुलाकात केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी या उत्तराखंड की राजनीति में किसी नए सियासी समीकरण की नींव रखेगी—इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।
भदोही पुलिस लाइन में मॉक ड्रिल, DM-SP ने किया निरीक्षण: नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आपातकालीन बचाव का अभ्यास

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस लाइन में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती 'पराक्रम दिवस' के अवसर पर एक नागरिक सुरक्षा/सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसका उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों से बचाव और जन-जागरूकता बढ़ाना था। जिलाधिकारी शैलेष कुमार एवं पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक ने मॉक ड्रिल का निरीक्षण किया, जिसमें पुलिस अधीक्षक अभिमन्यु मांगलिक और अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। मॉक ड्रिल के तहत शाम 6 बजे पुलिस लाइन में दो मिनट तक चेतावनी सायरन बजाकर आपात स्थिति का अलर्ट जारी किया गया।

इसके तुरंत बाद, विद्युत विभाग ने चिह्नित क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति अस्थायी रूप से बंद कर दी। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक क्षति का आकलन कर नियंत्रण कक्ष को सूचना दी। इस दौरान, नागरिकों ने सुरक्षित स्थानों पर शरण ली, जबकि अग्निशमन विभाग के कर्मियों ने काल्पनिक आग पर त्वरित नियंत्रण पाया। नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों ने काल्पनिक घायलों को प्राथमिक चिकित्सा प्रदान कर अस्पताल पहुँचाया। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने घटनास्थल पर पहुँचकर राहत एवं बचाव कार्यों का सफलतापूर्वक अभ्यास किया।


इस संयुक्त अभ्यास में नागरिक सुरक्षा, विद्युत विभाग, स्वास्थ्य विभाग, अग्निशमन विभाग, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, नगर निकाय और पुलिस विभाग का समन्वित प्रयास सराहनीय रहा।

जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर हवाई हमलों से बचाव के लिए पुलिस लाइन क्षेत्र में 10 मिनट का ब्लैक आउट भी किया गया। इस दौरान स्वयंसेवकों ने आपात स्थिति और आपदाओं से बचाव के लिए विभिन्न मॉक ड्रिल गतिविधियाँ संचालित कीं।
“ओवरलोड ट्रकों से सड़क हुई बर्बाद, लालगंज में ग्रामीणों ने जताया विरोध”

लालगंज(मीरजापुर):क्षमता से कई गुना अधिक भार लेकर दौड़ रहे मालवाहक ट्रकों ने एव डंम्फर लालगंज–हाटा अंतर्जनपदीय मार्ग की हालत बिगाड़ दी है। बरडिहा गांव के सामने शुक्रवार को इसी नाराजगी ने उग्र रूप ले लिया। जब सड़क टूटने और लगातार हो रही परेशानी से तंग ग्रामीणों ने ओवरलोड ट्रकों को रोककर विरोध जताया। कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरातफरी और तनाव की स्थिति बन गई।
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित इस सड़क की भार क्षमता दस टन निर्धारित है, जबकि प्रयागराज की ओर से कोरांव–हाटा मार्ग होते हुए साठ से सत्तर टन तक लदे ट्रक बेरोकटोक गुजर रहे हैं। भारी वाहनों की आवाजाही से सड़क जगह-जगह उखड़ चुकी है और गहरे गड्ढे बन गए हैं। इससे ग्रामीणों के साथ ही राहगीरों को भी आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।लंबे समय से समस्या बने रहने और बार-बार शिकायत के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई न होने से ग्रामीणों का धैर्य टूट गया। दिनेेश मिश्र,सुभाष मिश्रा, नारायण मिश्रा, अंबुज, इंद्रमणि पांडेय, शारदा यादव, लालजी कोल सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण सड़क पर उतर आए और ओवरलोड वाहनों को रोक दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा कि सड़क की क्षमता के अनुरूप ही वाहनों का संचालन कराया जाए, अन्यथा दुर्घटना की आशंका बनी रहेगी।सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की बात सुनी।
पुलिस ने भरोसा दिलाया कि अंतर्जनपदीय मार्ग पर ओवरलोड वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। मार्ग की नियमित निगरानी की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की अधिशासी अभियंता पूजा रानी ने बताया कि यह सड़क ग्रामीण आवागमन को ध्यान में रखकर बनाई गई है और भारी वाहनों के संचालन के लिए उपयुक्त नहीं है। ओवरलोड ट्रकों को लेकर पुलिस विभाग को पत्र भेजा जा रहा है। जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
किसानों को भेजी गयी बकाया 5.47 करोड़ की धनराशि

बजाज चीनी मिल ने पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का किया सम्पूर्ण भुगतान

गोंडा। बजाज हिन्दुस्थान शुगर लिमिटेड, कुंदरखी चीनी मिल द्वारा पेराई सत्र 2024–25 के बकाया गन्ना मूल्य का सम्पूर्ण भुगतान कर दिया गया है। शुक्रवार 23 जनवरी को शेष रुपये 5.47 करोड़ की धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में प्रेषित की गई, जिससे किसानों में खुशी की लहर है।

यह जानकारी देते हुए चीनी मिल के इकाई प्रमुख पी. एन. सिंह ने बताया कि बजाज मिल किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और किसानों का एक-एक गन्ना खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि समय पर भुगतान करना मिल प्रबंधन की प्राथमिकता रही है, ताकि किसानों को आर्थिक संकट का सामना न करना पड़े। उन्होंने यह भी कहा कि पेराई सत्र 2025-26 का भी गन्ना मूल्य भुगतान भी शीघ्र शुरू कर दिया जायेगा।

इकाई प्रमुख ने क्षेत्रीय गन्ना किसानों से अपील की कि वे अपना गन्ना बजाज चीनी मिल को ही आपूर्ति करें। इससे किसानों को न केवल उचित मूल्य मिलेगा, बल्कि भुगतान भी सुरक्षित और समय पर प्राप्त होगा।आगामी बसंत कालीन गन्ना बुआई को लेकर मिल प्रबंधन ने किसानों को उन्नतिशील प्रजातियों की बुआई करने का सुझाव दिया है। साथ ही किसानों से बुआई हेतु बीज अभी से सुरक्षित करने को कहा गया है।

इकाई प्रमुख ने यह भी स्पष्ट किया कि जिन किसानों को गन्ना बीज की आवश्यकता होगी, उन्हें चीनी मिल की ओर से बीज उपलब्ध कराया जाएगा। समय से सम्पूर्ण भुगतान किए जाने पर क्षेत्रीय गन्ना किसानों ने बजाज मिल प्रबंधन का आभार व्यक्त किया है और उम्मीद जताई है कि आगे भी किसानों के हित में इसी तरह सकारात्मक कदम उठाए जाते रहेंगे।
भारत रत्न जननायक कर्पूरी के नाम का दुरुपयोग करने वालों से सावधान रहने की अपील
मुंबई। सामाजिक संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति (रजि) के बैनर तले आगामी सोमवार 26 जनवरी 2026 को कल्याण शहर में भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर जी की जयंती मनाई जा रही है।जबकि असंवैधानिक पदाधिकारियों की निगरानी में जयंती उनके नाम का दुरुपयोग करते हुए विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति के नाम का उपयोग करते हुए किया जा रहा है जहां श्रद्धेय कर्पूरी ठाकुर जी के नाम पर व्यक्तिगत वर्चस्व कायम करने के उद्देश्य से आयोजन करने का प्राविधान है।महानगर के कवि एवं समाजसेवी विनय शर्मा दीप ने सभी शुभचिंतकों से निवेदन किया किया है कि श्रद्धेय भारत रत्न जननायक कर्पूरी ठाकुर की जयंती हर्षोल्लास के साथ शहर से लेकर देश के सभी प्रदेशों के प्रत्येक जिलों में मनाई जानी चाहिए जिससे समाज का गौरव तो बढ़ेगा साथ साथ जननायक जी की प्रतिष्ठा बढ़ेगी।आप जयंती संवैधानिक संस्था के आधीन या सार्वजनिक रुप से उनकी प्रतिमा रखकर मनाएं।दीप ने बताया कि कल्याण शहर में जयंती एक विवादित संस्था जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति रजि. जो धर्मादाय आयुक्त मुंबई (चैरिटी कमिश्नर) के अधीन विचाराधीन है।जननायक कर्पूरी ठाकुर सेवा समिति संस्था के नाम का उपयोग कोई नहीं कर सकता किन्तु माननीय न्यायालय धर्मादाय आयुक्त मुंबई की अवहेलना करते हुए उक्त नाम के बैनर तले जयंती मनाई जा रही है जो न्याय विरुद्ध है।आप सभी से निवेदन है कि उचित निर्णय लेकर ही आप सभी समारोह में जाने का फैसला लीजिए।आप सभी को भविष्य में कुछ भी सामाजिक आवश्यकता पड़ती है तो यह संस्था और सलंग्न असंवैधानिक पदाधिकारी सिर्फ धन उगाही के नाम पर आपका शोषण करेंगे किन्तु जब आपकी कोई समस्या होगी तो उसका समाधान,न्याय लिगल रूप से आप सभी को नही दिला पाएंगे।ऐसे व्यक्तियों व संस्था के कार्यक्रम से सावधान रहें।
भाजपा का बयान हताशा और झूठ का पुलिंदा, दावोस में झारखंड की वैश्विक पहचान से बौखलाई है विपक्ष: विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने दावोस ‘व्हाइट बैज’ को लेकर भाजपा द्वारा दिए गए बयान पर कड़ा और तथ्यपूर्ण पलटवार किया है। झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा का पूरा बयान न तो तथ्यों पर आधारित है और न ही उसे अंतरराष्ट्रीय मंचों की कार्यप्रणाली की बुनियादी समझ है। यह बयान केवल मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय स्वीकार्यता और झारखंड की वैश्विक पहचान से उपजी राजनीतिक हताशा का परिणाम है।

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विनोद पांडेय ने स्पष्ट किया कि दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान ‘व्हाइट बैज’ किसी साधारण पहचान पत्र की तरह नहीं, बल्कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री के रूप में आधिकारिक मान्यता और उच्च-स्तरीय बैठकों तक सीधी पहुंच का प्रतीक होता है। यह बैज केवल उन प्रतिनिधियों को दिया जाता है, जिनकी भूमिका नीतिगत संवाद, निवेश वार्ता और वैश्विक निर्णय प्रक्रियाओं में महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसे महज “रंगीन कार्ड” बताकर भाजपा न सिर्फ जनता को गुमराह कर रही है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंचों की गरिमा का भी अपमान कर रही है।

उन्होंने कहा कि यदि यह इतना ही “सामान्य” होता, तो भाजपा यह बताए कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल, खनिज-संपन्न और विकासशील राज्य के मुख्यमंत्री को वैश्विक निवेशकों, उद्योगपतियों और नीति निर्माताओं के साथ एक मंच पर संवाद का अवसर क्यों मिला? सच यह है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की स्पष्ट नीतियों, स्थिर शासन और स्थानीय हितों को केंद्र में रखकर किए जा रहे विकास कार्यों के कारण ही आज झारखंड वैश्विक निवेश मानचित्र पर उभर रहा है।

विनोद पांडेय ने कहा कि आज जब झारखंड के लिए निवेश प्रस्ताव, औद्योगिक साझेदारियां और रोजगार के अवसर आकार ले रहे हैं, तब भाजपा इस सकारात्मक छवि को धूमिल करने के लिए जानबूझकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है।

झामुमो महासचिव ने दो टूक कहा कि भाजपा की राजनीति हमेशा नकारात्मकता, अविश्वास और दुष्प्रचार पर टिकी रही है, जबकि हेमंत सोरेन की सरकार काम, परिणाम और सम्मान पर विश्वास करती है। जनता सब देख रही है और समय आने पर ऐसे भ्रामक बयानों का राजनीतिक जवाब भी देगी।

लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

सदर ब्लॉक के ग्राम प्रधानों व पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया

ट्रैक्टर-ट्रालियों में रिफ्लेक्टिव टेप लगवायें

फर्रुखाबाद l सड़क सुरक्षा माह के अन्तर्गत जिलाधिकारी के निर्देश पर एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं यातायात प्रभारी सत्येन्द्र कुमार द्वारा ब्लॉक बढ़पुर में ग्राम प्रधानों तथा पंचायत सचिव को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। बैठक में 23 ग्राम प्रधानों द्वारा प्रतिभाग किया गया। शासन के निर्देश पर सड़क सुरक्षा माह के तहत  परिवहन आयुक्त द्वारा पंचायती राज विभाग की ब्लॉक स्तर पर ग्राम प्रधानों की बैठक आहूत किये जाने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त ग्राम प्रधानों को ग्राम सड़क सुरक्षा समिति के अन्तर्गत उस ग्राम का सड़क सुरक्षा अग्रदूत घोषित किया जाये। इस दौरान ब्लॉक बढ़पुर में बैठक आयोजित की गई।
एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत के द्वारा अवगत कराया गया कि यातायात पुलिस से प्राप्त सूचना के अनुसार माह दिसम्बर 2025 तक जनपद फर्रूखाबाद में 490 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई हैं जिनमें 284 व्यक्तियों की मृत्यु हुई है जबकि दिसम्बर 2024 तक जनपद में 390 सड़क दुर्घटनायें घटित हुई थीं, जिनमें 213 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी। इस प्रकार वर्ष 2025 में दुर्घटनाओं की संख्या में 25.64 प्रतिशत तथा मृतकों की संख्या में 33.33 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यातायात कार्यालय से प्राप्त सूचना के अनुसार वर्ष 2025 में माह दिसम्बर तक हिट एण्ड रन की 109 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 89 व्यक्तियों की मृत्यु हुई हैं तथा 81 व्यक्ति घायल हुये हैं। वर्ष 2024 में हिट एण्ड रन की 66 दुर्घटनायें घटित हुई हैं, जिनमें 43 व्यक्तियों की मृत्यु हुई थी तथा 28 व्यक्ति घायल हुये थे। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि पुलिस विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 42481 चालान किये गये हैं तथा 187 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 18.92 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। परिवहन विभाग द्वारा वर्ष 2025 में 4155 चालान किये गये हैं l 1018 वाहन बन्द किये गये हैं, जिनसें 219.33 लाख रुपए प्रशमन शुल्क वसूला गया। सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी के निर्देश पर जनपद में वर्ष 2025 में 265 ड्राइविंग लाइसेन्स निलम्बित किये गये हैं।

जनपद में 19 दिसंबर 2025 से 17 जनवरी 2026 तक ‘‘ नो हेल्मेट नो पेट्रोल ’’ का अभियान चलाया जा रहा है। बैठक में उपस्थित सभी ग्राम प्रधानों से अनुरोध किया गया कि वह अपने ग्राम में सड़क सुरक्षा की बैठक आहूत करें तथा सभी ग्रामीणों प्रेरित करें  कि  किसी भी स्थिति में यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग ना करें , वाहन के प्रपत्र पूर्ण रखें, नशे की स्थिति में वाहन न चलाएं, वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें, अपनी गति को नियंत्रण में रखें तथा यातायात नियमों का पालन करें।  सभी चालक गाड़ी पर यदि अपने सामने अपने परिवार की फोटो लगाकर रखेंगे तो उन्हें याद रहेगा कि उन्हें  सकुशल घर पहुंचना है तब वह जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएंगे । सभी सुरक्षित रहें यातायात नियमों का पालन करें एवं अपने जनपद को दुर्घटना रहित जनपद बनाएं।
सभी ग्राम प्रधानों से यह भी अनुरोध किया गया कि ट्रैक्टर-ट्राली में रिफ्लेक्टर अवश्य लगवायें, ताकि दुर्घटनाओं से बचा जा सके। एआरटीओ द्वारा राह-वीर योजना की जानकारी देते हुये बताया गया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय द्वारा 21 अप्रैल 2025 से राह-वीर योजना प्रारम्भ की गयी है, जो 31 मार्च 2026 तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के अन्तर्गत घातक दुर्घटना में घायल व्यक्ति को दुर्घटना के उपरान्त एक घण्टे (गोल्डन ऑवर)  के अन्दर अस्पताल पहंुचाने से घायल के जीवित रहने पर 25000/- रुपए के पुरस्कार का प्राविधान है। घातक दुर्घटना में बड़ी सर्जरी, न्यूनतम तीन दिन अस्पताल में रहना, मस्तिष्क की चोट रीढ़ की हड्डी की चोट एवं इलाज के दौरान घायल की मौत सम्मिलित है। राहवीर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से मृतकों की संख्या में प्रभावी कमी लाई जा सकती है। एआरटीओ द्वारा बताया गया कि हिट एण्ड रन मोटर दुर्घटना के पीड़ितों के लिये मुआवजा योजना-2022 केे अन्तर्गत अज्ञात वाहन से घटित सड़क दुर्घटना में मृत्यु की दशा में 2.00 लाख रुपए तथा गम्भीर रूप से घायल होने की दशा में 50 हजार रुपए के मुआवजा का प्राविधान है। मुआवजा प्राप्ति हेतु प्रारूप-1 में आवेदन पत्र दुर्घटना स्थल के उप जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष मृतक के वारिस अथवा गम्भीर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति द्वारा किया जा सकता है, आवेदन पत्र के साथ दावाकर्ता की आधार कार्ड की प्रति, बैक खाता पासबुक की प्रति, एफआईआर की प्रति, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रति/इलाज के साक्ष्य तथा प्रारूप-4 में वचनबन्ध संलग्न किया जायेगा। आवेदन में उस अस्पताल/चिकित्साधिकारी का नाम लिखा जायेगा, जिसने क्षतिग्रस्त/मृत व्यक्ति की देखभाल की। इसके साथ ही दावाकर्ता का नाम व पता आदि आवेदन पत्र में भरा जायेगा।
कार्यक्रम समापन पर सभी को सड़क सुरक्षा की शपथ दिलायी गई।
नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती पर विद्यालय में प्रतियोगिताओं का आयोजन
तुलसीपुर स्थित आदि शक्ति माँ पाटेश्वरी पब्लिक स्कूल में नेताजी सुभाषचंद्र बोस जयंती के अवसर पर दिनांक 22 जनवरी 2026 को निबंध प्रतियोगिता एवं भाषण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय के माननीय प्रधानाचार्य महोदय ने विद्यार्थियों को एक प्रेरणादायक संबोधन दिया।

प्रधानाचार्य महोदय ने अपने उद्बोधन में नेताजी सुभाषचंद्र बोस के जीवन, संघर्ष, अदम्य साहस, देशभक्ति एवं नेतृत्व क्षमता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों को नेताजी के आदर्शों—अनुशासन, त्याग, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण—को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत नेताजी सुभाषचंद्र बोस के चित्र पर प्रधानाचार्य महोदय एवं सभी शिक्षकों द्वारा माल्यार्पण के साथ की गई। इसके पश्चात विभिन्न वर्गों के विद्यार्थियों ने निबंध प्रतियोगिता में भाग लिया। कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों के लिए भाषण कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई।

कार्यक्रम में कक्षा 3 से 5, कक्षा 6 से 8 तथा कक्षा 9 एवं 11 के विद्यार्थियों ने अपनी लेखन क्षमता और विचारों की स्पष्टता से सभी को प्रभावित किया। पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में कार्यक्रम सहयोगी के रूप में श्री सुजीत शुक्ला का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जबकि कार्यक्रम समन्वयक के रूप में  आनंद वर्धन सिंह ने कार्यक्रम का सुचारु संचालन किया।

अंत में प्रधानाचार्य  ने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और नेतृत्व गुणों के विकास में सहायक होते हैं।
कांग्रेस और सपा की राजनीति झूठ, भ्रम और तुष्टिकरण की उपज है” — अरुण सिंह
आशीष कुमार

मुज़फ्फरनगर जनपद के ग्राम कूकड़ा में विकसित भारत – “जी राम जी” जनजागरण अभियान के अंतर्गत आयोजित कृषक-श्रमिक ग्राम चौपाल में भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री अरुण सिंह ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर तीखा और आक्रामक हमला बोला। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस और सपा का पूरा राजनीतिक इतिहास जनता को गुमराह करने, झूठ फैलाने और केवल सत्ता के लिए समाज को बांटने का रहा है। इन दलों ने जब-जब शासन किया, तब-तब गांव, किसान और मजदूर को केवल वोट बैंक समझा गया, जबकि भाजपा ने उन्हें विकास का भागीदार बनाया है।


कार्यक्रम से पूर्व नगर विधायक एवं उत्तर प्रदेश सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्री कपिल देव अग्रवाल तथा भाजपा जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने अरुण सिंह का भव्य स्वागत किया। उन्हें ट्रैक्टर-ट्रॉली पर बैठाकर पूरे गांव में भ्रमण कराया गया, जो इस बात का प्रतीक था कि भाजपा की राजनीति अब सत्ता के गलियारों तक सीमित नहीं है, बल्कि गांव की गलियों से निकलकर देश का भविष्य गढ़ रही है।
सभा को संबोधित करते हुए अरुण सिंह ने कहा कि सपा और कांग्रेस आज विकास पर सवाल इसलिए उठा रही हैं क्योंकि उनके पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने वर्षों तक सत्ता में रहकर गांवों को बदहाली, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार के हवाले किया, वे आज भाजपा के कामों से घबराकर झूठ का सहारा ले रहे हैं। विकसित भारत – “जी राम जी” योजना उन सभी दलों के मुंह पर करारा तमाचा है, जो यह दावा करते हैं कि भाजपा गरीब और मजदूर के लिए काम नहीं करती।
उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों के कायाकल्प की दिशा में ऐतिहासिक पहल है, जिसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में वास्तविक विकास दिखाई देगा। अब गांवों में केवल कागज़ों पर नहीं, बल्कि ज़मीन पर दुकानें, सार्वजनिक भवन, बारात घर, नालियां, स्ट्रीट लाइट और आधारभूत संरचना खड़ी होगी। मजदूरों को पहले से अधिक दिनों का सुनिश्चित रोजगार मिलेगा और किसानों को कृषि से जुड़े कार्यों का सीधा लाभ प्राप्त होगा। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होने से भ्रष्टाचार, बिचौलियों और फर्जीवाड़े का पूरी तरह अंत होगा और यदि किसी कारणवश भुगतान में देरी होती है तो मजदूर को ब्याज सहित भुगतान मिलेगा, जो भाजपा सरकार की जवाबदेही और संवेदनशीलता को दर्शाता है।
अरुण सिंह ने कहा कि यह योजना किसी पर एहसान नहीं, बल्कि मेहनतकश गरीब, किसान और श्रमिक का अधिकार है। भाजपा की सोच यह है कि देश का विकास तभी संभव है जब गांव मजबूत होंगे और गांव तभी मजबूत होंगे जब वहां का किसान और मजदूर सम्मान के साथ आत्मनिर्भर बनेगा। यही कारण है कि भाजपा काम की राजनीति करती है, जबकि कांग्रेस और सपा केवल झूठ, भ्रम और तुष्टिकरण के सहारे जनता को गुमराह करने का प्रयास करती हैं।
इसके पश्चात मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को धरातल पर उतारने का सबसे मजबूत माध्यम “जी राम जी” योजना है और यह योजना आने वाले समय में ग्रामीण भारत की तस्वीर पूरी तरह बदल देगी। कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी ने कहा कि जनता अब सब समझ चुकी है और वह दोबारा उन ताकतों को मौका नहीं देगी जिन्होंने दशकों तक केवल भाषण दिए और देश को पीछे धकेलने का काम किया।
कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के संकल्प और “जी राम जी” योजना को हर गांव तक पहुंचाने के दृढ़ निश्चय के साथ किया गया।


इस अवसर पर जिला अध्यक्ष सुधीर सैनी, पूर्व सांसद सोहनवीर सिंह, नगर पालिका चेयरपर्सन मीनाक्षी स्वरूप, जिला उपाध्यक्ष संजय गर्ग, पूर्व विधायक अशोक कंसल, उमेश मालिक, भाजपा नेता गौरव स्वरूप, जितेन्द्र कुछल, मण्डल अध्यक्ष अमित शास्त्री, हरेंद्र पाल, पंकज महेश्वरी, सुधीर आर्य, अशोक मलिक, सभासद प्रशांत गौतम, नवनीत गुप्ता, अनुज वाल्मिकी, ललित कुमार, ब्लाक प्रमुख अमित चौधरी, चेयरमैन शंकर सिंह भोला, सुनील दर्शन, पूर्व चेयरमैन ओम सिंह, विशाल खोकर, पूर्व प्रधान अशोक सहावली, प्रधान देवेन्द्र चौधरी, मोंटी राठी आदि मौजूद रहें।
अतिक्रमण नोटिस से नाराज विधायक अरविंद पांडे, दिग्गज भाजपा नेताओं की मुलाकात से नए सियासी समीकरणों की अटकलें तेज
देहरादून। उत्तराखंड भाजपा के कद्दावर नेता, गदरपुर विधायक और पूर्व कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडे इन दिनों भूमि अतिक्रमण विवाद को लेकर सुर्खियों में हैं। बाजपुर क्षेत्र के विचपुरी गांव की 68 वर्षीय महिला द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्रशासन की ओर से उनके आवास स्थित कथित कैंप कार्यालय पर अतिक्रमण हटाने के नोटिस के बाद प्रदेश की सियासत गरमा गई है। इस कार्रवाई से अरविंद पांडे खासे नाराज बताए जा रहे हैं, जबकि उनके समर्थकों में भी भारी आक्रोश है।

महिला ने उपजिलाधिकारी को दी शिकायत में अरविंद पांडे पर लीज से अधिक भूमि पर अवैध कब्जा करने और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। वहीं अरविंद पांडे ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इसी बीच उनके आवास पर अतिक्रमण हटाने का नोटिस चस्पा होने से मामला और तूल पकड़ गया है।

राजनीतिक हलचल उस समय और तेज हो गई जब भाजपा के चार वरिष्ठ नेताओं—पूर्व मुख्यमंत्री व हरिद्वार सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी, हरिद्वार विधायक मदन कौशिक और डीडीहाट विधायक बिशन सिंह चुफाल—की अरविंद पांडे से मुलाकात की खबर सामने आई। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे के बाद तय हुई है और लगभग एक घंटे तक चल सकती है। त्रिवेंद्र सिंह रावत द्वारा अपने कार्यक्रम को सार्वजनिक किए जाने के बाद सियासी गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह मुलाकात सामान्य नहीं है। एक धड़ा इसे पार्टी के भीतर नाराज चल रहे विधायक को साधने की कोशिश मान रहा है, तो वहीं कुछ इसे धामी सरकार पर दबाव और संभावित गुटबाजी के संकेत के रूप में देख रहे हैं। बीते महीनों में अंकिता भंडारी हत्याकांड, किसान सुखवंत सिंह आत्महत्या और अन्य मामलों को लेकर अरविंद पांडे सरकार के खिलाफ खुलकर बोलते नजर आए हैं और कई मुद्दों पर सीबीआई जांच की मांग कर चुके हैं।

गौरतलब है कि दो दिन पहले ही राजस्व विभाग ने भूमि अतिक्रमण के मामले में अरविंद पांडे को नोटिस जारी कर 15 दिनों के भीतर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद से यह मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। समर्थकों का आरोप है कि यह कार्रवाई राजनीतिक दबाव में की गई है, जबकि प्रशासन इसे नियमित प्रक्रिया बता रहा है।

अरविंद पांडे उत्तराखंड भाजपा के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में शुमार हैं। वर्ष 1997 में वह सबसे कम उम्र के नगर पालिका अध्यक्ष बने थे और अब तक पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं। त्रिवेंद्र रावत सरकार में वह शिक्षा, खेल, युवा कल्याण और पंचायती राज जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कैबिनेट मंत्री रह चुके हैं। वर्ष 2022 में लगातार पांचवीं बार विधायक बनने के बावजूद उन्हें धामी मंत्रिमंडल में स्थान नहीं मिला, जिसके बाद से उनकी नाराजगी की चर्चाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं।

अब सवाल यह है कि भाजपा के दिग्गज नेताओं की यह प्रस्तावित मुलाकात केवल संगठनात्मक संवाद तक सीमित रहेगी या उत्तराखंड की राजनीति में किसी नए सियासी समीकरण की नींव रखेगी—इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।