दुमका के अंकित ने बढ़ाया मान: संघर्षों को मात देकर बने झारखंड इंटर आर्ट्स के 'स्टेट सेकेंड टॉपर'

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 12वीं कला संकाय परीक्षा में दुमका के अंकित कुमार ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. 474 अंक के साथ स्टेट सेकेंड टॉपर बने अंकित की सफलता से पूरे इलाके में खुशी की लहर है.

गांव से शहर तक का संघर्ष, तब मिली कामयाबी

अंकित मसलिया प्रखंड के गोलबंधा गांव का निवासी है और पीएम श्री प्लस टू नेशनल उच्च विद्यालय दुमका का छात्र है. विद्यालय दूर होने के कारण वह पिछले पांच वर्षों से शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था. उसकी मां संध्या दे सहायक शिक्षिका हैं, जबकि पिता सुशील कुमार दे स्टेशनरी दुकान चलाते हैं. सीमित संसाधनों के बीच अंकित ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया.

10-12 घंटे पढ़ाई, टेक्नोलॉजी का भी लिया सहारा

अंकित ने बताया कि उसने रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की. स्व-अध्ययन के साथ यूट्यूब और चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म की मदद ली. उसका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाकर देश की सेवा करना है. इसी को ध्यान में रखते हुए उसने आर्ट्स संकाय चुना, ताकि आगे यूपीएससी की तैयारी में मदद मिल सके.

जापान तक पहुंचा हुनर, पहले भी रह चुका है टॉपर

अंकित वर्ष 2024 में 10वीं परीक्षा में जिले का टॉपर रह चुका है. इसी उपलब्धि के आधार पर उसे भारत सरकार की ओर से ‘सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम 2024’ के तहत जापान जाने का अवसर मिला. वहां उसने विज्ञान-तकनीक के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को करीब से समझा. यह अनुभव उसकी सोच और लक्ष्य को और मजबूत करने वाला साबित हुआ.

स्कूल को गर्व, छात्रों के लिए बना प्रेरणा

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ बसंत कुमार ने कहा कि अंकित शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है. उसकी इस उपलब्धि से पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अंकित की सफलता से अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे.

बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

हजारीबाग में “टेक सखी 2026” कार्यशाला आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी

हजारीबाग: शहर के टाउन हॉल, हजारीबाग में छात्राओं एवं युवतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर आधारित “टेक सखी 2026” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तरंग समूह की पहल पर “डिजिटल बेटी शक्ति महाअभियान” के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अनमास्क्ड साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमला, सोशल इंजीनियरिंग और डाटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों को सरल तरीके से समझाया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों के उदाहरणों के माध्यम से इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञ सौरव विश्वकर्मा ने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि चयनित प्रतिभागियों को उपहार हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने इस पहल को समाज में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारत-रूस सहयोग से यूपी के युवाओं को मिलेगा रोजगार, उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
* रूस में 5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर, सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक फोरम में यूपी प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के कुशल युवाओं को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस में रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Sergey Cheremin के बीच विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
मॉस्को सरकार की ओर से बताया गया कि केवल मॉस्को में ही 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि रूस के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। खासकर निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मांग अधिक है।
बैठक के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में प्रदेश सरकार भविष्य की कार्ययोजना और सहयोग के नए आयामों पर चर्चा करेगी।
मंत्री अनिल राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं में रूस जाकर सेना में शामिल किए जाने को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। इस पर रूसी पक्ष ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और स्वैच्छिक होगी, तथा किसी प्रकार का जोखिम या दबाव युवाओं पर नहीं डाला जाएगा।
रूसी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए भाषा ज्ञान आवश्यक होगा। इस पर प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से जल्द ही रूसी भाषा प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पहले से दिया जा रहा है।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शणमुगा सुंदरम, निदेशक नेहा प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने में मददगार होगी, बल्कि भारत-रूस के बीच आर्थिक और श्रम सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
दिल्ली में हीटवेव की आहट, पारा 39°C तक पहुंचने के आसार; IMD ने जारी किया अलर्ट

* नमी के कारण बढ़ा “ह्यूमिड हीट” का असर, 7 मई से तेज होगी गर्मी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में हालात और भी कठिन हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 6 मई 2026 को अधिकतम तापमान करीब 35°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है। दिन में आंशिक बादल और हल्की गरज-चमक के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
हालांकि फिलहाल हीटवेव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हवा में 50 से 70 प्रतिशत तक नमी के कारण “ह्यूमिड हीट” का असर लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा रहा है। इससे शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ रहा है और असहजता महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 मई से तापमान में लगातार वृद्धि शुरू होगी। 8 मई तक आसमान साफ रहने के साथ पारा 36°C तक पहुंच सकता है, जबकि 9 और 10 मई को तापमान 38 से 39°C तक जाने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत कम मिलेगी। 11 मई तक तापमान 39°C के आसपास बना रहने की संभावना है, जिससे प्री-हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के व ढीले कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ती गर्मी और नमी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।
दुमका के अंकित ने बढ़ाया मान: संघर्षों को मात देकर बने झारखंड इंटर आर्ट्स के 'स्टेट सेकेंड टॉपर'

झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) की 12वीं कला संकाय परीक्षा में दुमका के अंकित कुमार ने पूरे राज्य में दूसरा स्थान हासिल कर जिले का मान बढ़ाया है. 474 अंक के साथ स्टेट सेकेंड टॉपर बने अंकित की सफलता से पूरे इलाके में खुशी की लहर है.

गांव से शहर तक का संघर्ष, तब मिली कामयाबी

अंकित मसलिया प्रखंड के गोलबंधा गांव का निवासी है और पीएम श्री प्लस टू नेशनल उच्च विद्यालय दुमका का छात्र है. विद्यालय दूर होने के कारण वह पिछले पांच वर्षों से शहर में रहकर पढ़ाई कर रहा था. उसकी मां संध्या दे सहायक शिक्षिका हैं, जबकि पिता सुशील कुमार दे स्टेशनरी दुकान चलाते हैं. सीमित संसाधनों के बीच अंकित ने अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया.

10-12 घंटे पढ़ाई, टेक्नोलॉजी का भी लिया सहारा

अंकित ने बताया कि उसने रोजाना 10 से 12 घंटे पढ़ाई की. स्व-अध्ययन के साथ यूट्यूब और चैटजीपीटी जैसे प्लेटफॉर्म की मदद ली. उसका लक्ष्य भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) में जाकर देश की सेवा करना है. इसी को ध्यान में रखते हुए उसने आर्ट्स संकाय चुना, ताकि आगे यूपीएससी की तैयारी में मदद मिल सके.

जापान तक पहुंचा हुनर, पहले भी रह चुका है टॉपर

अंकित वर्ष 2024 में 10वीं परीक्षा में जिले का टॉपर रह चुका है. इसी उपलब्धि के आधार पर उसे भारत सरकार की ओर से ‘सकुरा साइंस एक्सचेंज प्रोग्राम 2024’ के तहत जापान जाने का अवसर मिला. वहां उसने विज्ञान-तकनीक के साथ सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को करीब से समझा. यह अनुभव उसकी सोच और लक्ष्य को और मजबूत करने वाला साबित हुआ.

स्कूल को गर्व, छात्रों के लिए बना प्रेरणा

विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक डॉ बसंत कुमार ने कहा कि अंकित शुरू से ही मेधावी छात्र रहा है. उसकी इस उपलब्धि से पूरा विद्यालय परिवार गौरवान्वित है. उन्होंने उम्मीद जताई कि अंकित की सफलता से अन्य छात्र भी प्रेरित होंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे.

बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

हजारीबाग में “टेक सखी 2026” कार्यशाला आयोजित, छात्राओं को साइबर सुरक्षा और AI के सुरक्षित उपयोग की दी गई जानकारी

हजारीबाग: शहर के टाउन हॉल, हजारीबाग में छात्राओं एवं युवतियों के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता और साइबर सुरक्षा पर आधारित “टेक सखी 2026” कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम तरंग समूह की पहल पर “डिजिटल बेटी शक्ति महाअभियान” के अंतर्गत संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में अनमास्क्ड साइबर सिक्योरिटी प्राइवेट लिमिटेड के विशेषज्ञों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए छात्राओं को साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्षरता तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता के सुरक्षित उपयोग से जुड़ी विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग हमला, सोशल इंजीनियरिंग और डाटा चोरी जैसे साइबर अपराधों से बचने के व्यावहारिक उपायों को सरल तरीके से समझाया गया।

कार्यशाला में प्रतिभागियों को वास्तविक साइबर हमलों के उदाहरणों के माध्यम से इंटरनेट और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग के बारे में जागरूक किया गया। विशेषज्ञ सौरव विश्वकर्मा ने बताया कि आज के समय में साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि हर व्यक्ति के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुकी है।

उन्होंने कहा कि महिलाओं और लड़कियों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना बेहद जरूरी है, क्योंकि जागरूकता ही साइबर अपराधों के खिलाफ सबसे मजबूत सुरक्षा कवच है।

कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता से जुड़े कई सत्र आयोजित किए गए। सभी प्रतिभागियों को डिजिटल प्रमाणपत्र प्रदान किया गया, जबकि चयनित प्रतिभागियों को उपहार हैम्पर देकर सम्मानित किया गया।

आयोजकों ने इस पहल को समाज में डिजिटल सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

भारत-रूस सहयोग से यूपी के युवाओं को मिलेगा रोजगार, उच्चस्तरीय बैठक में बनी रणनीति
* रूस में 5 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर, सेंट पीटर्सबर्ग आर्थिक फोरम में यूपी प्रतिनिधिमंडल होगा शामिल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए भारत-रूस सहयोग के अंतर्गत एक उच्चस्तरीय बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के कुशल युवाओं को वैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत रूस में रोजगार उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
बैठक में श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर और मॉस्को सरकार के डिपार्टमेंट फॉर एक्सटर्नल इकोनॉमिक एंड इंटरनेशनल रिलेशंस के मंत्री Sergey Cheremin के बीच विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने भारत और रूस के पारंपरिक मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के साथ रोजगार सृजन के नए अवसरों पर विचार-विमर्श किया।
मॉस्को सरकार की ओर से बताया गया कि केवल मॉस्को में ही 5 लाख से अधिक रोजगार के अवसर उपलब्ध हैं, जबकि रूस के अन्य क्षेत्रों में भी बड़ी संख्या में कुशल कामगारों की आवश्यकता है। खासकर निर्माण कार्य, इलेक्ट्रीशियन, प्लम्बर और कारपेंटर जैसे तकनीकी क्षेत्रों में मांग अधिक है।
बैठक के दौरान सेंट पीटर्सबर्ग में आयोजित होने वाले आगामी आर्थिक फोरम में उत्तर प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल को आमंत्रित किया गया, जिसे मंत्री अनिल राजभर ने स्वीकार कर लिया। इस फोरम में प्रदेश सरकार भविष्य की कार्ययोजना और सहयोग के नए आयामों पर चर्चा करेगी।
मंत्री अनिल राजभर ने यह भी स्पष्ट किया कि युवाओं में रूस जाकर सेना में शामिल किए जाने को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करना आवश्यक है। इस पर रूसी पक्ष ने आश्वासन दिया कि पूरी प्रक्रिया सुरक्षित, पारदर्शी और स्वैच्छिक होगी, तथा किसी प्रकार का जोखिम या दबाव युवाओं पर नहीं डाला जाएगा।
रूसी भाषा के महत्व पर जोर देते हुए बताया गया कि रोजगार के इच्छुक युवाओं के लिए भाषा ज्ञान आवश्यक होगा। इस पर प्रदेश सरकार ने आश्वस्त किया कि सेवायोजन विभाग के माध्यम से जल्द ही रूसी भाषा प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा। वर्तमान में जापानी और जर्मन भाषा का प्रशिक्षण पहले से दिया जा रहा है।
बैठक में उत्तर प्रदेश शासन के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए, जिनमें प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. शणमुगा सुंदरम, निदेशक नेहा प्रकाश सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
यह पहल न केवल उत्तर प्रदेश के युवाओं को वैश्विक रोजगार से जोड़ने में मददगार होगी, बल्कि भारत-रूस के बीच आर्थिक और श्रम सहयोग को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।
दिल्ली में हीटवेव की आहट, पारा 39°C तक पहुंचने के आसार; IMD ने जारी किया अलर्ट

* नमी के कारण बढ़ा “ह्यूमिड हीट” का असर, 7 मई से तेज होगी गर्मी

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में गर्मी ने अब रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है और आने वाले दिनों में हालात और भी कठिन हो सकते हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार 6 मई 2026 को अधिकतम तापमान करीब 35°C और न्यूनतम 21°C रहने का अनुमान है। दिन में आंशिक बादल और हल्की गरज-चमक के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।
हालांकि फिलहाल हीटवेव की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन हवा में 50 से 70 प्रतिशत तक नमी के कारण “ह्यूमिड हीट” का असर लोगों को ज्यादा गर्मी महसूस करा रहा है। इससे शरीर पर गर्मी का दबाव बढ़ रहा है और असहजता महसूस हो रही है।
मौसम विभाग के अनुसार, 7 मई से तापमान में लगातार वृद्धि शुरू होगी। 8 मई तक आसमान साफ रहने के साथ पारा 36°C तक पहुंच सकता है, जबकि 9 और 10 मई को तापमान 38 से 39°C तक जाने की संभावना है। ऐसे में दिल्ली में हीटवेव जैसी स्थिति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि साफ आसमान और तेज धूप के कारण दिन के साथ-साथ रात में भी तापमान अधिक बना रहेगा, जिससे लोगों को राहत कम मिलेगी। 11 मई तक तापमान 39°C के आसपास बना रहने की संभावना है, जिससे प्री-हीटवेव जैसी स्थिति बन सकती है।
IMD ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर दोपहर 12 बजे से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के व ढीले कपड़े पहनने की हिदायत दी गई है। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि बढ़ती गर्मी और नमी के कारण डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
हरिद्वार में फर्जीवाड़े पर सख्त कार्रवाई: 4 अल्ट्रासाउंड सेंटर के लाइसेंस निरस्त

* पीसीपीएनडीटी एक्ट उल्लंघन में एक सेंटर से मशीन गायब, फर्जी डॉक्टर का भी खुलासा

हरिद्वार। हरिद्वार में अवैध रूप से संचालित अल्ट्रासाउंड सेंटरों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार सेंटरों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं। यह कार्रवाई PCPNDT Act के उल्लंघन के मामलों में की गई है।
रोशनाबाद स्थित कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की अध्यक्षता में आयोजित पीसीपीएनडीटी अधिनियम सलाहकार समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि जिन सेंटरों के लाइसेंस निरस्त किए गए, उन्होंने पंजीकरण तो कराया था, लेकिन संचालन शुरू नहीं किया और न ही योग्य चिकित्सकों की नियुक्ति की।
कार्रवाई के दौरान एक चौंकाने वाला मामला भी सामने आया, जिसमें सील किए गए एक अल्ट्रासाउंड सेंटर से मशीन ही गायब कर दी गई। इस पर संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं कलियर क्षेत्र में एक सेंटर पर तैनात डॉक्टर की डिग्री फर्जी पाई गई, जिसके बाद सेंटर को सील कर लाइसेंस निरस्त कर दिया गया है। जल्द ही आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल वर्मा ने जानकारी दी कि नए अल्ट्रासाउंड सेंटरों के लिए प्राप्त पांच आवेदनों में से केवल एक को स्वीकृति दी गई है, जबकि चार के पंजीकरण निलंबित कर दिए गए क्योंकि वहां चिकित्सक तैनात नहीं थे। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि पीसीपीएनडीटी एक्ट के तहत बिना अनुमति अल्ट्रासाउंड मशीनों की खरीद-बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित है और नए सेंटर को अनुमति देने से पहले डॉक्टर और मशीन का भौतिक सत्यापन अनिवार्य होता है।
इसके अलावा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहादराबाद और नारसन में अल्ट्रासाउंड सुविधा शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। पशु चिकित्सा केंद्रों के नवीनीकरण के 12 प्रस्तावों में से 11 को स्वीकृति मिली, जबकि एक प्रस्ताव फिलहाल रोक दिया गया है। प्रशासन ने साफ किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
देहरादून में बड़ा सफाई अभियान: 2 महीने में 8 हजार मीट्रिक टन कचरा हटाया

* नालों की सफाई से जलभराव पर रोक का प्रयास, “100 दिन, एक मिशन” अभियान तेजी से जारी

देहरादून। देहरादून नगर निगम द्वारा शहर की जल निकासी व्यवस्था को सुदृढ़ करने और नदियों के पुनर्जीवन के उद्देश्य से चलाया जा रहा विशेष सफाई अभियान तेजी से आगे बढ़ रहा है। “100 दिन, एक मिशन–हमारी नदियों को पुनर्जीवित करना” अभियान के तहत दो महीनों में बड़ी सफलता हासिल की गई है।
नगर निगम के अनुसार, 8 मार्च से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक 7,922.94 मीट्रिक टन कचरा नालों और नालियों से निकाला जा चुका है। इस कचरे में प्लास्टिक, ठोस अपशिष्ट और अन्य अवरोधक सामग्री शामिल हैं, जो जल निकासी में बाधा बन रही थीं।
अभियान के तहत शहर के मुख्य नालों, सहायक नालों और आंतरिक नालियों की चरणबद्ध सफाई की जा रही है। अब तक 9 प्रमुख नालों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर कार्य जारी है। कचरा हटाने के लिए 6 जेसीबी मशीनें, 7 डंपर और 9 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का उपयोग किया जा रहा है, साथ ही उसका वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण भी सुनिश्चित किया जा रहा है।
नगर निगम विशेष रूप से उन क्षेत्रों पर फोकस कर रहा है, जहां पूर्व में जलभराव की समस्या अधिक रही है, ताकि आगामी बारिश के मौसम में नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
नगर आयुक्त नमामि बंसल ने बताया कि अभियान की नियमित निगरानी की जा रही है और अधिकारियों को गुणवत्ता सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि नालों में कचरा, प्लास्टिक या निर्माण सामग्री न डालें, ताकि सफाई व्यवस्था बनी रहे।

उन्होंने कहा कि स्वच्छ और जलभराव मुक्त शहर के निर्माण में जनता की भागीदारी बेहद जरूरी है। नगर निगम का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और देहरादून को स्वच्छ, व्यवस्थित और बेहतर शहर बनाने की दिशा में काम जारी रहेगा।
देहरादून में युवक का पुलिस पर मारपीट का आरोप, पुलिस ने बताया बेबुनियाद
* मोबाइल छीनने और लॉकअप में रखने का दावा; पुलिस बोली—अभद्रता पर की गई कार्रवाई

देहरादून, उत्तराखंड। देहरादून में एक युवक ने पुलिस पर मारपीट और टॉर्चर के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर हलचल भी देखी गई।
मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित युवक सागर का कहना है कि शुक्रवार रात करीब 10-11 बजे वह अपने दोस्त के साथ स्कूटी से दवाई लेकर लौट रहा था। इसी दौरान पुलिस ने उसे रोककर जांच शुरू की। युवक का दावा है कि उसने दवाई और पर्चा दिखाया, लेकिन इसके बावजूद पुलिस स्कूटी को अपने साथ ले जाने लगी।
सागर के मुताबिक, जब उसने इस कार्रवाई का वीडियो बनाना शुरू किया, तो पुलिस ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और उसे चौकी ले गई। युवक का आरोप है कि चौकी में मौजूद पुलिसकर्मियों और प्रभारी ने उसके साथ मारपीट की, चालान किया और पूरी रात लॉकअप में बंद रखा।
युवक ने बताया कि उस पर धारा 151 के तहत शांति भंग करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की गई। उसने यह भी कहा कि खराब तबीयत का हवाला देने के बावजूद पुलिस ने उसे नहीं छोड़ा, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती होना पड़ा।
अगले दिन जब वह चौकी पहुंचा और मारपीट का कारण पूछा, तो कथित तौर पर उसे धमकी दी गई। युवक का कहना है कि पूरा विवाद उसके मोबाइल फोन को लेकर हुआ, जिसे अब तक वापस नहीं किया गया है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली और कई लोग युवक के समर्थन में चौकी पहुंचे, जहां पुलिस और लोगों के बीच कहासुनी भी हुई। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
वहीं, कोतवाली प्रभारी हरिओम चौहान ने युवक के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि कार्रवाई “ऑपरेशन प्रहार” के तहत की गई थी। उनके अनुसार, युवक रात में बिना कागजात के वाहन चला रहा था, जिस कारण स्कूटी सीज की गई। पुलिस का यह भी कहना है कि युवक ने कार्रवाई के दौरान अभद्र व्यवहार किया, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया।
फिलहाल, युवक ने मामले में न्याय की मांग की है, जबकि पुलिस अपनी कार्रवाई को सही ठहरा रही है।