झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड में गुलाबी क्रांति की तैयारी: रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार के लिए ICAR-NMRI और सरकार के बीच MoU

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रांची: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में ICAR-NMRI हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, झारखंड के बीच रांची स्थित बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार हेतु सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेकन फैक्ट्री का होगा कायाकल्प

झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस समझौते से न केवल बेकन फैक्ट्री का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि राज्य के पशुधन क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्यवर्धन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

MoU के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:

आधुनिक तकनीक: हैदराबाद के वैज्ञानिक रांची की बेकन फैक्ट्री को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप प्रदान करने में तकनीकी सहयोग देंगे।

अंतरराष्ट्रीय मानक: झारखंड में तैयार होने वाले मांस उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रोजगार और प्रशिक्षण: स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

किसानों को लाभ: वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

ICAR-NMRI के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने इस सहयोग को झारखंड के मीट सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से स्थानीय विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन बनेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मांसपेशी-संरक्षण तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण मरीज अगले दिन से चलने लगा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में 60 वर्षीय मरीज के बाएं घुटने का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) किया गया। यह सर्जरी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आनंद कुमार की टीम ने आधुनिक सबवास्टस एप्रोच (Subvastus Approach) तकनीक से की।मरीज लंबे समय से घुटने के तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। जांच में घुटने के जोड़ में उन्नत स्तर का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसके बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया गया।डॉ.

आनंद कुमार ने बताया कि सबवास्टस एप्रोच एक मसल-स्पेरिंग तकनीक है, जिसमें जांघ की मुख्य मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र पुनर्वास का लाभ मिलता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलना शुरू कर देता है।सर्जरी टीम में डॉ. सैफ और डॉ. रंजीत शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नितिन और डॉ. अंकित ने सहयोग दिया।

ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.डॉ. वी.के. पांडेय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्वरूप रानी चिकित्सालय में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में मरीज सामान्य गतिविधियों में लौट सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक
पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और तैनाती पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एल. वेंकटेश्वरलू भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया और निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), परिवहन विभाग (आरटीओ) और निबंधन कार्यालय जैसे विभागों में पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि एफएसडीए में अब तक 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि परिवहन विभाग में भी निर्धारित पदों के सापेक्ष पूर्व सैनिकों को रोजगार दिया गया है और कुल 236 पूर्व सैनिक सेवा में तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विभाग के निबंधन कार्यालयों में 337 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी हैं।

प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि इन तीनों विभागों का सीधा संबंध आम जनता और उपभोक्ताओं से है। ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों की तैनाती से कार्यप्रणाली में अनुशासन और दक्षता देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की कार्यशैली से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं, जो निगम के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं है। साथ ही उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की ।
फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कल्पा पंचायत के बाजार टाली गांव में निशुल्क नेत्र जांच शिविर, 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिला मुफ्त चश्मा
जहानाबाद। जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत कल्पा पंचायत के बाजार टाली गांव में ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड प्रोजेक्ट के तहत निशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुनीता कुमारी, संघ की अध्यक्ष नीतू कुमारी तथा समिति के प्रबंधक संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 350 महिलाओं ने भाग लेकर अपनी आंखों की जांच करवाई। इस मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की आंखों की जांच कर उन्हें मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराना है। जांच के बाद जिन महिलाओं को देखने में समस्या पाई गई, उन्हें मौके पर ही निशुल्क चश्मा दिया गया, जिससे महिलाओं के बीच खुशी का माहौल देखा गया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं घरेलू कामकाज में व्यस्त रहने के कारण अपनी सेहत, खासकर आंखों की समस्या को नजरअंदाज कर देती हैं। अक्सर महिलाएं धुंधला दिखाई देने या आंखों की कमजोरी को सामान्य थकान समझकर अनदेखा कर देती हैं और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पातीं। संस्था द्वारा ऐसे ही महिलाओं की मदद के लिए गांव-गांव में शिविर लगाकर उनकी आंखों की जांच की जाती है और जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी महिला की आंखों में गंभीर समस्या पाई जाती है, तो उसे आगे की जांच के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। संस्था का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही यह संगठन महिलाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण जैसे छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ने का भी काम कर रहा है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस शिविर में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी, बसंती देवी, चिंता देवी सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है और अब वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से कट रहे हरे पेड़, भीषण गर्मी के बीच वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया थाना क्षेत्र में इन दिनों हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई तेजी से हो रही है। एक तरफ जहां मार्च महीने की शुरुआत में ही भीषण गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों और सड़कों के किनारे लगे हरे पेड़ों को रात के अंधेरे में या दिनदहाड़े काटा जा रहा है। लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पेड़ों को गिरा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी कुम्भकर्ण की नींद सो रहे हैं, जिससे अवैध कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेड़ पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। पेड़ों की लगातार कटाई से न सिर्फ तापमान बढ़ रहा है बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी तेजी से कम होती जा रही है। मार्च में ही जिस तरह से तेज गर्मी पड़ रही है, उससे लोग चिंतित हैं कि आने वाले मई-जून में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने की भी मांग उठाई जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कटान पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
झारखंड में 'बागवानी क्रांति' का आगाज़: मुख्यमंत्री की मौजूदगी में IIHR बेंगलुरु और झारखंड सरकार के बीच ऐतिहासिक समझौता

रांची: झारखंड की कृषि और बागवानी को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में उद्यान निदेशालय, झारखण्ड और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरू के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि इस एमओयू से राज्य में उद्यानिकी क्षेत्र के विकास और विस्तार को नई गति मिलेगी। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीक के समावेश से किसानों की फसलों की गुणवत्ता बढ़ेगी, जिसका सीधा लाभ उनकी आय में बढ़ोतरी के रूप में दिखेगा।

MoU के मुख्य लाभ:

उच्च गुणवत्ता वाली फसलें: राज्य में फल, सब्जी, सजावटी पौधों, औषधीय फसलों और मशरूम की उत्पादकता व गुणवत्ता में सुधार होगा।

आधुनिक तकनीक: बेंगलुरु के वैज्ञानिक झारखंड के किसानों को बागवानी की नवीनतम तकनीक और अनुसंधान से अवगत कराएंगे।

प्रशिक्षण और सेवा: बागवानी क्षेत्र में किसानों और अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित अन्य वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

झारखंड में गुलाबी क्रांति की तैयारी: रांची की बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार के लिए ICAR-NMRI और सरकार के बीच MoU

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रांची: झारखंड की ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पशुपालन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आज एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में ICAR-NMRI हैदराबाद और पशुपालन निदेशालय, झारखंड के बीच रांची स्थित बेकन फैक्ट्री के पुनरुद्धार हेतु सहमति पत्र (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

बेकन फैक्ट्री का होगा कायाकल्प

झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इस समझौते से न केवल बेकन फैक्ट्री का आधुनिकीकरण होगा, बल्कि राज्य के पशुधन क्षेत्र में 'वैल्यू एडिशन' (मूल्यवर्धन) को भी बढ़ावा मिलेगा।

MoU के मुख्य आकर्षण और लक्ष्य:

आधुनिक तकनीक: हैदराबाद के वैज्ञानिक रांची की बेकन फैक्ट्री को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप प्रदान करने में तकनीकी सहयोग देंगे।

अंतरराष्ट्रीय मानक: झारखंड में तैयार होने वाले मांस उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों के अनुरूप तैयार किया जाएगा।

रोजगार और प्रशिक्षण: स्थानीय उद्यमियों और श्रमिकों के लिए मांस प्रसंस्करण के क्षेत्र में विशिष्ट तकनीकी कोर्स और प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे।

किसानों को लाभ: वैज्ञानिक पशुपालन प्रथाओं को बढ़ावा मिलने से राज्य के पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण

ICAR-NMRI के प्रधान वैज्ञानिक डॉ. एम. मुथुकुमार ने इस सहयोग को झारखंड के मीट सेक्टर के लिए 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों से स्थानीय विकास और तकनीकी उत्कृष्टता के बीच एक आदर्श संतुलन बनेगा।

इस अवसर पर कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार और कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

मांसपेशी-संरक्षण तकनीक से सफल घुटना प्रत्यारोपण मरीज अगले दिन से चलने लगा।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय में 60 वर्षीय मरीज के बाएं घुटने का सफल टोटल नी रिप्लेसमेंट (TKR) किया गया। यह सर्जरी ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. आनंद कुमार की टीम ने आधुनिक सबवास्टस एप्रोच (Subvastus Approach) तकनीक से की।मरीज लंबे समय से घुटने के तीव्र दर्द और चलने-फिरने में कठिनाई से परेशान थे। जांच में घुटने के जोड़ में उन्नत स्तर का ऑस्टियोआर्थराइटिस पाया गया, जिसके बाद टोटल नी रिप्लेसमेंट का निर्णय लिया गया।डॉ.

आनंद कुमार ने बताया कि सबवास्टस एप्रोच एक मसल-स्पेरिंग तकनीक है, जिसमें जांघ की मुख्य मांसपेशियों को काटे बिना ऑपरेशन किया जाता है। इससे मरीज को कम दर्द, कम रक्तस्राव और शीघ्र पुनर्वास का लाभ मिलता है। इस तकनीक की खासियत यह है कि मरीज ऑपरेशन के अगले ही दिन सहारे से चलना शुरू कर देता है।सर्जरी टीम में डॉ. सैफ और डॉ. रंजीत शामिल रहे, जबकि एनेस्थीसिया विभाग से डॉ. नितिन और डॉ. अंकित ने सहयोग दिया।

ऑपरेशन थिएटर स्टाफ का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो.डॉ. वी.के. पांडेय ने टीम को बधाई देते हुए कहा कि स्वरूप रानी चिकित्सालय में आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मरीजों को बेहतर और सुरक्षित उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है।ऑपरेशन सफल रहा और मरीज की स्थिति स्थिर है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ ही दिनों में मरीज सामान्य गतिविधियों में लौट सकेगा।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी से मिले पूर्व सैनिक कल्याण निगम के प्रबंध निदेशक
पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने और तैनाती पर हुई चर्चा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान समाज कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव श्री एल. वेंकटेश्वरलू भी मौजूद रहे।

मुलाकात के दौरान प्रबंध निदेशक ने मुख्यमंत्री जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया और निगम द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों तथा जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी। साथ ही पूर्व सैनिकों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर भी चर्चा की गई।

प्रबंध निदेशक ने अवगत कराया कि प्रदेश सरकार के प्रयासों से पूर्व सैनिकों को विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील विभागों में रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। उत्तर प्रदेश पूर्व सैनिक कल्याण निगम लिमिटेड द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए), परिवहन विभाग (आरटीओ) और निबंधन कार्यालय जैसे विभागों में पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा रही है।

प्रबंध निदेशक ने यह भी अवगत कराया कि एफएसडीए में अब तक 60 पूर्व सैनिकों की तैनाती की जा चुकी है, जबकि परिवहन विभाग में भी निर्धारित पदों के सापेक्ष पूर्व सैनिकों को रोजगार दिया गया है और कुल 236 पूर्व सैनिक सेवा में तैनात किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त रजिस्ट्री विभाग के निबंधन कार्यालयों में 337 पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जा चुकी है, जबकि अन्य नियुक्तियां चरणबद्ध तरीके से जारी हैं।

प्रबंध निदेशक मेजर जनरल शरद बिक्रम सिंह (सेवानिवृत्त) ने बताया कि इन तीनों विभागों का सीधा संबंध आम जनता और उपभोक्ताओं से है। ऐसे में यहां पूर्व सैनिकों की तैनाती से कार्यप्रणाली में अनुशासन और दक्षता देखने को मिल रही है।
उन्होंने बताया कि पूर्व सैनिकों की कार्यशैली से न केवल आम नागरिकों को सुविधा मिल रही है, बल्कि संबंधित विभागों के अधिकारी भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना कर रहे हैं, जो निगम के लिए किसी पारितोषिक से कम नहीं है। साथ ही उन्होंने इस पहल के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासन के सहयोग की भी सराहना की ।
फतेहपुर में बंद कमरे में मां-बेटे और देवर की रहस्यमयी मौत, सुसाइड नोट मिलने से कर्ज का एंगल आया सामने
फतेहपुर। फतेहपुर जिले के Lucknow Bypass Road स्थित एक मकान में मां-बेटे और देवर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना Sadar Kotwali क्षेत्र की है, जहां सुशील श्रीवास्तव के मकान में रहने वाले परिवार के तीन सदस्यों के शव बंद कमरे में मिले। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के मुताबिक कमरे में मां और बेटे के शव खून से लथपथ हालत में मिले, जबकि कुछ दूरी पर महिला का देवर गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़ा था। उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी भी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जुट गई।

व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख का कर्ज हो गया था

बताया जा रहा है कि परिवार मूल रूप से मुराइनटोला का रहने वाला था और कुछ साल पहले ही लखनऊ बाईपास क्षेत्र में मकान बनाकर रहने लगा था। परिवार का इकलौता बेटा अमर श्रीवास्तव सरल स्वभाव का था और कई अखबारों की एजेंसी का काम कर चुका था। हालांकि व्यापार में घाटे के कारण उस पर करीब 50 लाख रुपये का कर्ज हो गया था। कर्ज के दबाव में उसका घर भी बिक गया था और लंबे समय तक परिवार कर्जदारों से बचने के लिए छिपकर रह रहा था।

पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला

परिजनों के अनुसार अमर हाल के दिनों में लोगों से रुपये उधार मांग रहा था। उसने घटना से एक दिन पहले अपने एक दोस्त से 10 हजार रुपये उधार लिए थे और होली के आसपास अपने बहनोई से भी 10 हजार रुपये लिए थे। अमर के बहनोई ने तीनों की मौत को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए हत्या की आशंका जताई है।पुलिस को घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें तीन लोगों के नाम का जिक्र करते हुए आर्थिक तंगी और कर्ज से परेशान होने की बात लिखी गई है। सुसाइड नोट के आधार पर पुलिस उन लोगों की तलाश में जुट गई है। एसओजी और इंटेलिजेंस विंग की टीम भी मामले की जांच कर रही है।मौके से चाय के झूठे गिलास और ब्लेड का पैकेट भी बरामद हुआ है।

तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया

आशंका जताई जा रही है कि तीनों ने पहले चाय में सल्फास मिलाकर पीया और बाद में तड़पने पर ब्लेड से खुद पर वार किया। हालांकि यह भी संभावना जताई जा रही है कि तीनों के बीच आपसी विवाद के बाद हमला हुआ हो, जिसमें देवर ने मां-बेटे की हत्या कर खुद की जान ले ली हो।फिलहाल पुलिस दो पहलुओं—हत्या और सामूहिक आत्महत्या—दोनों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि मौत जहर से हुई या ब्लेड से हुए हमले से। सुसाइड नोट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई करेगी।
फर्जी स्कीम का लालच देकर किया ठगी,आधा दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से किया शिकायत
*पुलिस ने दिए जांच के आदेश

गोंडा।जिले में निवेश के नाम पर करोड़ों रुपए की ठगी का मामला सामने आया है।कैनविज इंफ्रा कारपोरेशन इंडिया और कैनविज इंडस्ट्रीज नामक कंपनियों पर फर्जी स्कीम चलाकर सैकड़ो लोगों को ठगने का आरोप है।बुधवार को छ: पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने और अपनी जमा पूंजी वापस दिलाने की गुहार लगाई है।शिकायतकर्ताओं में सुरेंद्र कुमार, रेनू सिंह और सुरेंद्र प्रताप सिंह शामिल हैं ने बताया कि कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी और उनके सहयोगियों ने एक संगठित गिरोह बनाकर ग्रामीणों को लुभावनी योजनाओं का झांसा दिया।कंपनी ने कथित तौर पर दावा किया था कि 16000 रुपये जमा करने पर तीन साल बाद 32000 रुपये मिलेंगे।वहीं 24000 रुपये जमा करने पर 30 महीने तक हर महीने 2000 रुपये देने का लालच दिया गया।प्रार्थना पत्र के अनुसार सुरेंद्र कुमार ने 36 लाख रुपये का निवेश किया था,जिसमें से उन्हें मात्र 20 लाख रुपए वापस मिले हैं,जबकि 16 लाख रुपया अभी तक बकाया है।रेनू सिंह ने एक लाख इक्यावन हजार रुपए,सुरेंद्र प्रताप सिंह ने पांच लाख रुपये और जय प्रकाश ने 36 लाख रुपए का निवेश किया।अन्य पीड़ितों में कौशलेंद्र सिंह ने एक लाख रुपए,शिव शंकर गुप्ता ने तीन लाख रुपये,शिव कुमार गुप्ता ने दो लाख रुपये,अविनाश सोनकर ने एक लाख रुपये,विपिन और अमरेश ने तीन लाख रुपये,राकेश कुमार ने दो लाख पचास हजार रुपये,प्रमोद वर्मा ने तीन लाख नब्बे हजार रुपये,राम किशन यादव ने छत्तीस लाख रुपये,राधेश्याम वर्मा ने छ: लाख रुपये और संजय वर्मा ने 1200000 लाख रुपये लगाए।इसके अतिरिक्त जंगली प्रसाद, राम निहोर वर्मा,बजरंगी, गुड़िया देवी,गौरी प्रसाद साहू,रीना देवी, जमुना प्रसाद,सुधीर कुमार, अशोक कुमार,कृपाशंकर, राम जनक,राम श्रृंगार चतुर्वेदी,बीना मिश्रा, जय श्री पांडेय,रामजियावन,रामदेव,सुनील कुमार, गिरजा प्रसाद मिश्रा,मनीष कुमार मिश्रा, मंजू देवी,राम सुंदर, राम सिद्ध,मिठाई लाल,कुन्नू लाल सहित कई अन्य लोगों ने भी कंपनी में 16-16 हजार रुपए का निवेश किया था।बैंक जाने पर पता चला कि संबंधित खातों में पैसे ही नहीं हैं और चेक पूरी तरह फर्जी है।पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे के लिए दबाव बनाया तो आरोपियों ने फोन बंद कर लिए।व्हाट्सअप काल के जरिये संपर्क करने पर आरोपियों ने निवेशकों को भद्दी भद्दी गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।पीड़ितों का दावा है कि यह गिरोह केवल गोंडा ही नहीं बल्कि प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी करोड़ों की ठगी कर चुका है।शिकायतकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मांग किया है कि आरोपियों कन्हैया गुलाटी,राधिका गुलाटी,गोपाल गुलाटी,आशीष गुलाटी आदि के खिलाफ समुचित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए और पीड़ितों की राशि वापस दिलाई जाए।फिलहाल इन सभी शिकायती पत्रों का संज्ञान लेते हुए पुलिस द्वारा पूरे मामले की जांच शुरू कर दिया गया है और इन सभी लोगों से साक्ष्य मांगा है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने इस पूरे मामले में पुलिस को जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
कल्पा पंचायत के बाजार टाली गांव में निशुल्क नेत्र जांच शिविर, 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को मिला मुफ्त चश्मा
जहानाबाद। जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत कल्पा पंचायत के बाजार टाली गांव में ग्लासेस फॉर लाइवलीहुड प्रोजेक्ट के तहत निशुल्क नेत्र जांच एवं चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर डीबीएस और पीसीआई के सहयोग से प्रयत्न नारी शक्ति महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति लिमिटेड द्वारा आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ पुनीता कुमारी, संघ की अध्यक्ष नीतू कुमारी तथा समिति के प्रबंधक संदीप कुमार ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। शिविर में करीब 350 महिलाओं ने भाग लेकर अपनी आंखों की जांच करवाई। इस मौके पर समिति के एफडीई संतोष कुमार ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य 35 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं की आंखों की जांच कर उन्हें मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराना है। जांच के बाद जिन महिलाओं को देखने में समस्या पाई गई, उन्हें मौके पर ही निशुल्क चश्मा दिया गया, जिससे महिलाओं के बीच खुशी का माहौल देखा गया।
उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई महिलाएं घरेलू कामकाज में व्यस्त रहने के कारण अपनी सेहत, खासकर आंखों की समस्या को नजरअंदाज कर देती हैं। अक्सर महिलाएं धुंधला दिखाई देने या आंखों की कमजोरी को सामान्य थकान समझकर अनदेखा कर देती हैं और समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पातीं। संस्था द्वारा ऐसे ही महिलाओं की मदद के लिए गांव-गांव में शिविर लगाकर उनकी आंखों की जांच की जाती है और जरूरतमंद महिलाओं को मुफ्त चश्मा उपलब्ध कराया जाता है। यदि किसी महिला की आंखों में गंभीर समस्या पाई जाती है, तो उसे आगे की जांच के लिए जहानाबाद सदर अस्पताल जाने की सलाह दी जाती है। संस्था का उद्देश्य महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। इसके साथ ही यह संगठन महिलाओं को बकरी पालन, मुर्गी पालन, सिलाई-कढ़ाई और ब्यूटीशियन प्रशिक्षण जैसे छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ने का भी काम कर रहा है, ताकि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बन सकें। इस शिविर में समिति की लेखपाल रुक्मिणी देवी, चंद्रकांत, दीपक कुमार, गायत्री देवी, नीलू देवी, बसंती देवी, चिंता देवी सहित कई लोग मौजूद रहे और कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। ग्रामीण महिलाओं ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह के शिविर से उन्हें काफी लाभ मिल रहा है और अब वे अपने स्वास्थ्य के प्रति अधिक जागरूक हो रही हैं।
अतरौलिया थाना क्षेत्र में धड़ल्ले से कट रहे हरे पेड़, भीषण गर्मी के बीच वन विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
अतरौलिया (आजमगढ़)। अतरौलिया थाना क्षेत्र में इन दिनों हरे पेड़ों की अंधाधुंध कटाई तेजी से हो रही है। एक तरफ जहां मार्च महीने की शुरुआत में ही भीषण गर्मी से लोग परेशान हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र में लगातार हो रही पेड़ों की कटाई पर्यावरण के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी विकराल रूप ले सकती है।ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों और सड़कों के किनारे लगे हरे पेड़ों को रात के अंधेरे में या दिनदहाड़े काटा जा रहा है। लकड़ी माफिया बेखौफ होकर पेड़ों को गिरा रहे हैं, जबकि संबंधित विभाग के अधिकारी इस पूरे मामले से अनजान बने हुए हैं। लोगों का आरोप है कि वन विभाग के अधिकारी कुम्भकर्ण की नींद सो रहे हैं, जिससे अवैध कटान करने वालों के हौसले बुलंद हैं।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि पेड़ पर्यावरण के संतुलन के लिए बेहद जरूरी हैं। पेड़ों की लगातार कटाई से न सिर्फ तापमान बढ़ रहा है बल्कि क्षेत्र में हरियाली भी तेजी से कम होती जा रही है। मार्च में ही जिस तरह से तेज गर्मी पड़ रही है, उससे लोग चिंतित हैं कि आने वाले मई-जून में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि क्षेत्र में हो रही अवैध कटाई पर तत्काल रोक लगाई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही पर्यावरण संरक्षण के लिए बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कराने की भी मांग उठाई जा रही है।अब देखने वाली बात यह होगी कि संबंधित विभाग इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेता है और अवैध कटान पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।
यूपीनेडा की बैंकर्स के साथ बैठक, पीएम सूर्य घर व पीएम कुसुम योजना के विस्तार पर जोर
लखनऊ। उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपीनेडा) के निदेशक इंद्रजीत सिंह की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स और विभिन्न वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य प्रदेश में प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना तथा प्रधानमंत्री कुसुम योजना के आच्छादन को व्यापक स्तर पर बढ़ाना था।
बैठक में निदेशक इंद्रजीत सिंह ने बैंकर्स से आह्वान करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी बनाने में बैंकिंग क्षेत्र का अभूतपूर्व योगदान रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बैंकर्स के सहयोग से प्रदेश में घर-घर सौर ऊर्जा का विस्तार संभव होगा, जिससे आम नागरिकों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही पीएम कुसुम योजना के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने और प्रदेश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि घरेलू सोलर रूफटॉप स्थापना के मामले में उत्तर प्रदेश वर्तमान में देश में तीसरे स्थान पर है, जबकि पिछले आठ महीनों से प्रदेश लगातार राष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष दो राज्यों में अपनी जगह बनाए हुए है।
बैठक में राज्य स्तरीय बैंक समिति से श्रीमती निधि, संजीव द्विवेदी सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। इसके अलावा Rural Electrification Corporation से अनिल यादव, Bank of India से संजीव कुमार तथा अन्य बैंकिंग संस्थानों के अधिकारी भी शामिल हुए।
बैठक के दौरान योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, ऋण स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाने और अधिक से अधिक उपभोक्ताओं व किसानों को योजनाओं का लाभ दिलाने पर विस्तार से चर्चा की गई। अधिकारियों ने कहा कि बैंकिंग सहयोग से प्रदेश में नवीकरणीय ऊर्जा को तेजी से बढ़ावा दिया जा सकेगा।