नौरादेही टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत पर कर्मचारियों पर फटकार, कार्रवाई के आदेश

सागर, मध्यप्रदेश। कान्हा टाइगर रिजर्व से जनवरी में नौरादेही शिफ्ट किए गए बाघ की मौत मामले में कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख ने नौरादेही डीएफओ रजनीश कुमार सिंह को सख्त लहजे में निर्देश दिए हैं कि दोषी कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए।
प्रतिवेदन के अनुसार, बाघ को कान्हा से लाने के बाद 24 घंटे मॉनिटरिंग की जा रही थी। 13 फरवरी को बाघ की लोकेशन लगातार एक ही स्थान पर मिलने के बावजूद मॉनिटरिंग टीम मौके पर नहीं पहुंची। जब टीम 48 घंटे बाद पहुंची, तो बाघ मृत पाया गया। पोस्टमार्टम में बाघ की खोपड़ी पर अन्य बाघ के केनाइन दांत के निशान और हड्डियों में टूटने के लक्षण मिले, जिससे पता चलता है कि बाघ टेरिटोरियल फाइट के दौरान मारा गया।
वन मुख्यालय ने कहा कि स्थानीय कर्मचारियों ने बाघ की लड़ाई और घायल होने की स्थिति को अनसुना किया, जबकि निर्देश थे कि इस दौरान घायल बाघ की तुरंत मॉनिटरिंग और आवश्यक उपचार किया जाए।
वाइल्डलाइफ एक्टिविस्ट अजय दुबे ने कहा कि बाघ के लिए महंगा सैटेलाइट रेडियो कॉलर लगाया गया था और पूरी टीम निगरानी में लगी हुई थी। दुर्भाग्य से बाघ दो दिन तक मृत पड़ा रहा, लेकिन क्विक रिस्पांस टीम इसे समय पर नहीं देख पाई। उन्होंने प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख से दोषियों पर सख्त कार्रवाई का अनुरोध किया।
प्रधान मुख्य वन संरक्षक और वन बल प्रमुख ने डीएफओ को आदेश दिया है कि लापरवाह कर्मचारियों पर तुरंत कार्रवाई की जाए और भविष्य में रेडियो कॉलरधारी बाघ और अन्य बाघों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। वन विभाग का लक्ष्य है कि ऐसी लापरवाही दोबारा न हो और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहे।
4 hours ago
- Whatsapp
- Facebook
- Linkedin
- Google Plus
1