गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
हजारीबाग में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 53 ठिकानों पर छापेमारी, हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हजारीबाग पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए जिलेभर में सख्त कार्रवाई की है। दिनांक 24/25-04-26 की रात सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 53 स्थानों पर कार्रवाई की गई।

इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना प्रभारियों की मौजूदगी में कुल 36 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में 166 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब के ठिकानों को निशाना बनाया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 8435 लीटर जावा महुआ को नष्ट किया, वहीं 80 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद जिले के विभिन्न थानों में 14 सन्हा दर्ज किए गए हैं, जबकि 01 मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके इलाके में कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या कारोबार हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

झारखंड में निवेश की बहार: दावोस और UK यात्रा के MoU को जमीन पर उतारने की तैयारी में मुख्यमंत्री सोरेन!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित MoU (समझौता ज्ञापनों) पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा , फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है

कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिए ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग श्री राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग श्री अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग श्री प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग श्री मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी श्री राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

तुलसीपुर CHC में 50 लाख का बड़ा घोटाला: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर्मचारियों का मानदेय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
प्रशासनिक सिंडिकेट के 'बंदरबांट' से केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

तुलसीपुर (बलरामपुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तुलसीपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के भीतर मची 'सरकारी लूट' का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 50 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चुनौती देते हुए विभाग के ही कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के हक का पैसा डकारने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पसीना बहाया कर्मियों ने, मलाई खा गए अधिकारी!
शिकायत के अनुसार, जन आरोग्य समिति, CHO एक्टिविटी, ANM TBI और आशा TBI जैसे महत्वपूर्ण मदों का भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मोबाइल रिचार्ज और MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के भुगतान में भी भारी हेराफेरी की बात सामने आई है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इन अधिकारियों पर उठी उंगली
भ्रष्टाचार के इस कथित सिंडिकेट में पूर्व अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. सौम्या नायक, BPM प्रियंका गुप्ता और ACMO डॉ. बी.पी. सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही बजट को ठिकाने लगाया गया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल टूटा है बल्कि सरकार के स्वास्थ्य मिशन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: जांच के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश रस्तोगी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी भेजी जा रही है।" वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता और कर्मियों की मांग
क्षेत्र की जनता और पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि:
आरोपी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच हो।
भुगतान में देरी के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
गरीब कर्मियों का बकाया मानदेय अविलंब जारी किया जाए।
Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
जौनपुर । श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज रामनगर, विधमौवां में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में शनिवार को समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की प्रबंधक डॉ. प्रीती उपाध्याय द्विवेदी एवं प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे के द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की सराहना की ।हाईस्कूल मे समीक्षा सिंह प्रथम, उजाला दूबे को द्वितीय व आयुषी यादव को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है,जबकि इंटरमीडिएट में साहिल यादव प्रथम, पायल तिवारी को द्वितीय व संदीप कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है । इन सभी मेधावी विद्यार्थियों ने विद्यालय के साथ जिले का भी नाम रोशन किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश दुबे ने किया अंत में प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे ने विद्यार्थियों एवं आयोजकों का सम्मान किया और सभी को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

#chiefelectioncommissionergyaneshkumarintrouble

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।
बरात से लौट रही गाड़ी बनी काल: वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर जायलो पलटी, 3 की मौत
तड़के 3:30 बजे हुआ हादसा, 5 घायल; एक की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर


सोनभद्र । सोनभद्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में बरात से लौट रही जायलो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।जानकारी के अनुसार, वाहन (UP 64 L 0055) में सवार लोग खलियारी बैनी रायपुर से बरात में शामिल होकर कन्होरा गांव (थाना चोपन) लौट रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे लोढ़ी में एआरटीओ कार्यालय के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया।

हादसे में दिलीप पासवान (22), नीतीश यादव (27) और जितेंद्र साहनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पलटते ही चीख-पुकार मच गई।घटना में मुकेश (17), इंद्रेश (14), पंकज (18), छोटेलाल साहनी (32) और सुग्रीव (27) घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया।रॉबर्ट्सगंज कोतवाल रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बरात की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।
गंगा नहाने गए युवक की  डूबने से मौत
फर्रुखाबाद l गंगा नदी में नहाने गए एक युवक की डूबने से मौत हो गई। थाना मऊ दरवाजा क्षेत्र का रहने वाला था l घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में सन्नाटा छाया हुआ है l परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना क्षेत्र के मोहल्ला कटरा बक्शी निवासी 23 वर्षीय बिलाल पुत्र चांदमिया अपने दोस्त फिरोज, इरफान, ताजमिया और ताजमहल के साथ थाना क्षेत्र के पंखियों की मढ़ैया, कटरी धर्मपुर स्थित गंगा घाट पर नहाने गया था। बताते है कि बिलाल अचानक बिना बताए गंगा में कूद गया और गहरे पानी में चले जाने के कारण वह डूब गया। काफी देर तक बिलाल नजर नहीं आया तो दोस्तों में हड़कंप मच गया । शोर-शराबा सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तलाश शुरू की। गांव के सलमान पुत्र मीर मोहम्मद और नौशाद पुत्र नींबू सहित अन्य लोगों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे पानी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही मऊदरवाजा पुलिस मौके पर पहुंच गई। गोताखोरों की मदद से शव को बाहर निकाला गया। थानाध्यक्ष अजब सिंह ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है  परिजनों के आने के बाद ही कार्यवाही की जाएगी।
हजारीबाग में अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 53 ठिकानों पर छापेमारी, हजारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हजारीबाग पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ एक बड़ा अभियान चलाते हुए जिलेभर में सख्त कार्रवाई की है। दिनांक 24/25-04-26 की रात सभी पुलिस उपाधीक्षक एवं पुलिस निरीक्षक के नेतृत्व में विशेष छापेमारी अभियान चलाया गया, जिसमें कुल 53 स्थानों पर कार्रवाई की गई।

इस अभियान के तहत जिले के सभी थाना प्रभारियों की मौजूदगी में कुल 36 टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में 166 पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे, जिन्होंने अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर अवैध शराब के ठिकानों को निशाना बनाया।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने कुल 8435 लीटर जावा महुआ को नष्ट किया, वहीं 80 लीटर देशी शराब बरामद की गई। इस कार्रवाई के बाद जिले के विभिन्न थानों में 14 सन्हा दर्ज किए गए हैं, जबकि 01 मामला दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की ओर से स्पष्ट किया गया है कि अवैध शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। साथ ही आम लोगों से अपील की गई है कि यदि उनके इलाके में कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या कारोबार हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत नजदीकी थाना को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

झारखंड में निवेश की बहार: दावोस और UK यात्रा के MoU को जमीन पर उतारने की तैयारी में मुख्यमंत्री सोरेन!

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में अधिकारियों के साथ राज्य में निवेश और औद्योगिक विकास को गति देने की दिशा में समीक्षा बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच एवं यूनाइटेड किंगडम की सफल यात्रा के बाद राज्य में निवेश एवं औद्योगिक क्षेत्र में हो रहे अद्यतन कार्य प्रगति की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने दी।

बैठक में मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को राज्य सरकार के दावोस में हस्ताक्षरित MoU (समझौता ज्ञापनों) पर फोकस, औद्योगिक विकास, टेक्सटाइल उद्योग, उच्च शिक्षा , फूड्स प्रोसेसिंग, आईटी , क्रिटिकल मिनरल एवं पर्यटन क्षेत्र में निवेश को प्राथमिकता देने की बात कही। मुख्यमंत्री ने दावोस और यूनाइटेड किंगडम यात्रा के दौरान निवेश को लेकर इन क्षेत्रों में हुए एमओयू इत्यादि कार्यों को जल्द से जल्द आगे बढ़ाते हुए अमलीजामा पहनाने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेश के लिए इच्छुक कंपनियों के प्रस्तावों और एमओयू को जल्द से जल्द जमीन पर उतारा जा सके इसके लिए प्रतिबद्धता के साथ बेहतर कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ें। मुख्यमंत्री एवं अधिकारियों के बीच राज्य में टेक्सटाइल्स पॉलिसी पर चर्चा हुई। बैठक में वैसे सभी औद्योगिक संस्थानों को लेकर चर्चा हुई जो राज्य में निवेश के लिए अधिकारियों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने राज्य में वस्त्र उद्योग के बढ़ावा को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह एक महत्वपूर्ण सेक्टर है इसमें महिलाओं को ज्यादा रोजगार मिलने की संभावनाएं रहती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर यह देखा जाता है

कि झारखंड से बड़ी संख्या में दूसरे राज्यों में यहां के लोग जाकर टेक्सटाइल सेक्टर में कार्य करते हैं। अतएव झारखंड में टेक्सटाइल इंडस्ट्री की एक बेहतर नीति बनने से रोजगार का सृजन अधिक से अधिक हो सकेगा।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच में राज्य सरकार का प्रतिनिधित्व समस्त झारखंडवासियों की आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि दावोस के वैश्विक मंच पर झारखंड ने पूरे विश्व को संदेश दिया कि यह अपार संभावनाओं वाला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रदेश निवेश के लिए अनुकूल है। विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की भागीदारी काफी मजबूत रही। राज्य सरकार पूरी तैयारी के साथ इस मंच में सक्रिय रही। काफी अच्छी रणनीति के साथ हमने निवेशकों को अपनी ओर आकर्षित किया है, कई अंतरराष्ट्रीय औद्योगिक संस्थानों और समूहों के साथ सकारात्मक वार्ता हुई है, जिससे आने वाले समय में झारखंड में निवेश के साथ-साथ रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावनाएं हैं।

मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार सृजित करना, किसानों की समृद्धि के लिए कार्य एवं वूमेन इंपावरमेंट की दिशा में विशेष प्रयास किए जाने की जरूरत पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेगालिथ और मोनोलिथ स्थलों के विकास एवं संरक्षण हेतु राज्य के सभी संबंधित क्षेत्रों से जियो टैगिंग कर इसकी विस्तृत जानकारी प्राप्त की जाए तथा इस क्षेत्र के विकास के लिए आगे की कार्य योजना बनाएं। बैठक में मुख्यमंत्री ने क्रिटिकल मिनरल्स के रिसर्च, उत्पादन, प्रसंस्करण को बढ़ावा देने पर बल दिया है और यूनाइटेड किंगडम के प्रमुख संस्थानों के साथ संयुक्त साझेदारी से सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस स्थापन करने की दिशा में निर्देश दिए ।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि पर्यटन, खाद्य प्रसंस्करण, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल और ईवी कंपोनेंट्स और वस्त्र उद्योग जैसे निवेश पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इन क्षेत्रों में अधिक से अधिक निवेश हो इसके लिए सरल, बेहतर एवं आकर्षक कार्य योजना बनाते हुए आगे बढ़ने की आवश्यकता है।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्रीमती वंदना दादेल, प्रधान सचिव उच्च शिक्षा एवं तकनीकी विभाग श्री राहुल पुरवार, सचिव उद्योग विभाग श्री अरवा राजकमल, सचिव वित्त विभाग श्री प्रशांत कुमार, सचिव सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, सचिव पर्यटन विभाग श्री मुकेश कुमार, विशेष सचिव आईपीआरडी श्री राजीव लोचन बक्शी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।

तुलसीपुर CHC में 50 लाख का बड़ा घोटाला: भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ा कर्मचारियों का मानदेय, अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप
प्रशासनिक सिंडिकेट के 'बंदरबांट' से केंद्र की महत्वपूर्ण योजनाएं प्रभावित, मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने दिए जांच के आदेश

तुलसीपुर (बलरामपुर)।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) तुलसीपुर एक बार फिर विवादों के घेरे में है। स्वास्थ्य विभाग के भीतर मची 'सरकारी लूट' का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ लगभग 50 लाख रुपये के सरकारी फंड के गबन का आरोप लगा है। मुख्यमंत्री की 'जीरो टॉलरेंस' नीति को चुनौती देते हुए विभाग के ही कुछ अधिकारियों पर कर्मचारियों के हक का पैसा डकारने के गंभीर आरोप लगे हैं।
पसीना बहाया कर्मियों ने, मलाई खा गए अधिकारी!
शिकायत के अनुसार, जन आरोग्य समिति, CHO एक्टिविटी, ANM TBI और आशा TBI जैसे महत्वपूर्ण मदों का भुगतान लंबे समय से लटका हुआ है। इतना ही नहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मोबाइल रिचार्ज और MDA (मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन) के भुगतान में भी भारी हेराफेरी की बात सामने आई है। जमीनी स्तर पर काम करने वाले स्वास्थ्य कर्मी आज अपने ही पैसे के लिए दर-दर भटक रहे हैं।
इन अधिकारियों पर उठी उंगली
भ्रष्टाचार के इस कथित सिंडिकेट में पूर्व अधीक्षक डॉ. विकल्प मिश्रा, डॉ. सौम्या नायक, BPM प्रियंका गुप्ता और ACMO डॉ. बी.पी. सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। आरोप है कि इन अधिकारियों की मिलीभगत से ही बजट को ठिकाने लगाया गया है, जिससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल टूटा है बल्कि सरकार के स्वास्थ्य मिशन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं।
प्रशासनिक रुख: जांच के घेरे में आरोपी
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) डॉ. मुकेश रस्तोगी ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने कहा, "मामले की गहन जांच कराई जा रही है। जो भी अधिकारी या कर्मचारी दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसकी विस्तृत रिपोर्ट स्वास्थ्य निदेशालय और शासन को भी भेजी जा रही है।" वहीं, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष श्रीवास्तव ने आश्वस्त किया कि जांच निष्पक्ष होगी और किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता पाए जाने पर दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
जनता और कर्मियों की मांग
क्षेत्र की जनता और पीड़ित स्वास्थ्य कर्मियों ने माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक से इस मामले में हस्तक्षेप की अपील की है। उनकी मांग है कि:
आरोपी अधिकारियों की आय से अधिक संपत्ति की जांच हो।
भुगतान में देरी के जिम्मेदार लोगों पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो।
गरीब कर्मियों का बकाया मानदेय अविलंब जारी किया जाए।
Sambhal नगर पालिका की बजट बैठक में हंगामा: 185 करोड़ का ‘ऐतिहासिक बजट’ पास, GIS सर्वे पर बवाल
सम्भल नगर पालिका परिषद की बजट बैठक इस बार काफी गरमाई रही। अधिशासी अधिकारी मणिभूषण तिवारी ने इसे “ऐतिहासिक बजट” बताते हुए बताया कि इस बार कुल प्रस्तावित बजट 185 करोड़ 52 लाख रुपये का रखा गया है, जबकि आय और व्यय करीब 167 करोड़ 88 लाख रुपये के आसपास है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह जनता केंद्रित है, जिसमें सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, तीर्थ पर्यटन और आउटसोर्स कर्मचारियों तक सभी को शामिल किया गया है।

GIS सर्वे से बढ़ेगी पालिका की आय

अधिशासी अधिकारी ने कहा कि GIS सर्वे के जरिए ऐसी संपत्तियां भी टैक्स के दायरे में आएंगी जो अब तक छूट गई थीं। इससे पालिका की आय बढ़ेगी और शहर के विकास कार्यों को गति मिलेगी।

लेकिन यहीं से शुरू हुआ विवाद

सभासद शौकीन ने साफ कहा कि GIS सर्वे का प्रस्ताव रद्द कर दिया गया है, जबकि अन्य प्रस्तावों पर चर्चा हुई लेकिन कई को रोक दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन द्वारा थोपे जा रहे टैक्स से गरीब जनता पर भारी बोझ पड़ेगा। उनका कहना है कि 300 रुपये का टैक्स 1800 और 500 का 5000 तक कर दिया गया है, जिसका लगातार विरोध किया जा रहा है।

सभासदों का विरोध और बहिष्कार

सभासद गगन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब उनकी बात सुनी ही नहीं जा रही तो बैठक में बैठने का कोई मतलब नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि कर विभाग लगातार नए टैक्स जोड़ रहा है, जिससे व्यापार और आम जनता दोनों परेशान हैं।

निष्कर्ष

एक तरफ प्रशासन इस बजट को विकास की दिशा में बड़ा कदम बता रहा है, वहीं दूसरी ओर जनप्रतिनिधि इसे जनता पर आर्थिक बोझ मानते हुए विरोध कर रहे हैं। GIS सर्वे और बढ़ते टैक्स को लेकर खींचतान के बीच साफ है कि आने वाले दिनों में सम्भल नगर पालिका की राजनीति और गरमाने वाली है।
श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान
जौनपुर । श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज रामनगर, विधमौवां में परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं के सम्मान में शनिवार को समारोह का आयोजन किया गया जिसमें विद्यालय की प्रबंधक डॉ. प्रीती उपाध्याय द्विवेदी एवं प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे के द्वारा मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं के अभिभावकों ने प्रबंधक एवं प्रधानाचार्य की सराहना की ।हाईस्कूल मे समीक्षा सिंह प्रथम, उजाला दूबे को द्वितीय व आयुषी यादव को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है,जबकि इंटरमीडिएट में साहिल यादव प्रथम, पायल तिवारी को द्वितीय व संदीप कुमार को तृतीय स्थान प्राप्त हुआ है । इन सभी मेधावी विद्यार्थियों ने विद्यालय के साथ जिले का भी नाम रोशन किया। कार्यक्रम का संचालन राजेश दुबे ने किया अंत में प्रधानाचार्य डॉ. संतोष कुमार दूबे ने विद्यार्थियों एवं आयोजकों का सम्मान किया और सभी को बधाई दी। विद्यालय परिवार ने सभी सफल छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

#chiefelectioncommissionergyaneshkumarintrouble

मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर बढ़ाया गौरव

जौनपुर। पूर्व प्रधानाध्यापक राम अनंद पांडे की नातिन सेजल दुबे ने दसवीं की परीक्षा में 95.2 प्रतिशत परीक्षाफल प्राप्त कर नाम रोशन किया है। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित मां भगवती इंटरनेशनल अकैडमी की छात्रा सेजल दुबे ने पूरे विद्यालय में प्रथम क्रमांक प्राप्त किया है। यही कारण है कि विद्यालय की तरफ से भी उन्हें लगातार बधाइयां मिल रही हैं। पट्टी नरेंद्रपुर के पास स्थित केकरचवर गांव की निवासी सेजल के पिता वीरेंद्र दुबे साधारण किसान है जबकि मां खुशबू दुबे गृहिणी हैं। सेजल की शानदार सफलता पर पूरा गांव गर्व महसूस कर रहा है। सेजल की नानी की खुशी का तो ठिकाना नहीं। एक साधारण परिवार की सेजल ने जो कर दिखाया, वह विरले ही कर पाते हैं। सेजल बचपन से ही पढ़ने में अव्वल रही। वह आगे आईटी सेक्टर में जाना चाहती है।
बरात से लौट रही गाड़ी बनी काल: वाराणसी-शक्तिनगर हाईवे पर जायलो पलटी, 3 की मौत
तड़के 3:30 बजे हुआ हादसा, 5 घायल; एक की हालत गंभीर, ट्रामा सेंटर रेफर


सोनभद्र । सोनभद्र के वाराणसी-शक्तिनगर राजमार्ग पर शनिवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के लोढ़ी में बरात से लौट रही जायलो अनियंत्रित होकर पलट गई, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए।जानकारी के अनुसार, वाहन (UP 64 L 0055) में सवार लोग खलियारी बैनी रायपुर से बरात में शामिल होकर कन्होरा गांव (थाना चोपन) लौट रहे थे। सुबह करीब 3:30 बजे लोढ़ी में एआरटीओ कार्यालय के पास वाहन अचानक नियंत्रण खो बैठा और पलट गया।

हादसे में दिलीप पासवान (22), नीतीश यादव (27) और जितेंद्र साहनी (18) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि वाहन पलटते ही चीख-पुकार मच गई।घटना में मुकेश (17), इंद्रेश (14), पंकज (18), छोटेलाल साहनी (32) और सुग्रीव (27) घायल हो गए। सभी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से घायल चालक छोटेलाल साहनी को ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। वाहन को सड़क किनारे हटाकर यातायात बहाल कराया गया।रॉबर्ट्सगंज कोतवाल रामस्वरूप वर्मा ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। बरात की खुशियां कुछ ही घंटों में मातम में बदल गईं।