सुवेंदु अधिकारी के पीए हत्या मामले में बड़ी सफलता: यूपी-बिहार से 3 गिरफ्तार, बलिया के राज सिंह समेत हिस्ट्रीशीटर पकड़े गए


  संजीव सिंह बलिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल पुलिस की एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बलिया का राज सिंह और बिहार के बक्सर का हिस्ट्रीशीटर विशाल श्रीवास्तव शामिल हैं। तीसरा आरोपी मयंक अयोध्या से पकड़ा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का पूरा खुलासा करेगी।बिहार के बक्सर से हिस्ट्रीशीटर विशाल श्रीवास्तव गिरफ्तारबिहार के बक्सर जिले के पांडे पट्टी गांव से विशाल श्रीवास्तव को बिहार पुलिस के सहयोग से हिरासत में लिया गया। उसके खिलाफ 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट और डकैती शामिल हैं। बंगाल एसटीएफ ने उसे कोलकाता ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है।बलिया के राज सिंह और मयंक अयोध्या से धर दबोचेराज सिंह (बलिया निवासी): बहादुरपुर का रहने वाला राज सिंह बक्सर में रहता था। वारदात के बाद वह अयोध्या में छिपा हुआ था। कोलकाता और अयोध्या पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, राज सिंह ने पहले बलिया में एक विकलांग अंडा विक्रेता की हत्या की थी और इस हत्याकांड की साजिश में शामिल था।मयंक: यूपी से गिरफ्तार तीसरा आरोपी, जो हत्या में संलिप्त था।हत्या का खुलासा: UPI पेमेंट और CCTV से मिले सुराग6 मई की रात 24 परगना जिले में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। जांच में हावड़ा टोल प्लाजा पर हमलावरों द्वारा किया गया UPI भुगतान अहम सुराग बना। इससे एक संदिग्ध का मोबाइल नंबर पकड़ा गया। टोल प्लाजा के सीसीटीवी में कार और सवारों की तस्वीरें कैद हुईं।हमलावरों ने रथ की एसयूवी को सिल्वर कार से रोका, फिर दोपहिया वाहनों से गोलियां चलाईं। भागते हुए उन्होंने कार छोड़ दी और लाल कार व मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के पास एक और बारासात में दूसरी मोटरसाइकिल बरामद की। हथियार के रूप में ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ, जो खुफिया एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।सीआईडी और एसटीएफ की संयुक्त एसआईटी मामले की जांच कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने खुद गोली चलाई या शूटर हायर किया।
आज़मगढ़ : अम्बारी में इंसानियत का जश्न: 50 रक्तवीरों, जिला टॉपर्स और पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी का हुआ भव्य सम्मान

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ़
आजमगढ़। फूलपुर तहसील के अम्बारी क्षेत्र में आयोजित भव्य कार्यक्रम “एक शाम रक्तवीर नौजवानों के नाम” इंसानियत, भाईचारे और सम्मान का ऐसा खूबसूरत संगम बन गया, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया। समाज सेवा, रक्तदान, शिक्षा और युवाओं के उत्साहवर्धन को समर्पित यह कार्यक्रम देर रात तक तालियों, उत्साह और मोहब्बत से गुलजार रहा। समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि ज़ाकिर हुसैन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “रक्तदान और समाज सेवा इंसानियत की सबसे बड़ी इबादत है। युवाओं को ऐसे नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम में समाज के लिए प्रेरणा बन चुके 50 रक्तवीर नौजवानों को सम्मानित किया गया। साथ ही जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं साक्षी यादव और विवेक यादव को जिला टॉपर बनने पर सम्मानित किया गया। वहीं नेशनल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीलेश यादव को भी विशेष सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। सम्मान पाकर युवाओं और छात्रों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मानित प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में विवेक विश्वकर्मा, सौरभ सिंह, अबु शहमा, आज़म कुरैशी, मो. जावेद, तौहीद इल्तेज़ा, मो. खालिद, नोमान संजरी, ज़िया ख़ालिद, अखिलेश मौर्य, हाफ़िज़ जालीस, शुभम जायसवाल, महफूज़ अहमद, मो. अनवर, अंबिका यादव, अबु जैद, जीशान ,डॉ आरडी यादव, आदि रक्तवीर दानियों को सम्मानित किया गया । लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई सोच, सेवा भावना और युवाओं के भीतर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। अंत में आयोजक महफूज़ आज़मी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ सम्मान समारोह नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे को सलाम करने वाली यादगार शाम थी, जिसे अम्बारी लंबे समय तक याद रखेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन माहुल बदरे आलम ने की, जबकि संचालन युवा समाजसेवी महफूज़ आज़मी ने अपने शानदार अंदाज़ में किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मानित प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर पूर्व विधायक अरुणकांत यादव, महाप्रधान मकसूदियां प्रमोद यादव, पूर्व महाप्रधान कैलाश कुमार, शिक्षक राजेश यादव, पूर्व प्रधान अम्बारी कृष्ण कुमार, पूर्व महाप्रधान जनमेजय यादव, सिद्धेश्वर पाण्डेय,रबीन्द्र यादव रवि ,बृजेन्द्र यादव , विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर, एडवोकेट अब्दुल वाहिद ,मो आज़म कुरैशी , तथा सीआरपीएफ जवान धर्मेंद्र मौर्य समेत क्षेत्र की कई सम्मानित हस्तियां मौजूद रहीं।
सीएचसी औराई-गोपीगंज में शीघ्र लगेगा हेल्थ एटीएम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास निरंतर चल रहा है। अब मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई, गोपीगंज में जांच के लिए घंटों कतार में लगने की जरूरत नहीं होगी। यहां हेल्थ एटीएम लगाई जाएगी। हेल्थ एटीएम से करीब 34 प्रकार की जांचें होंगी। गिर्दबडगांव, लालानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक हेल्थ एटीएम है, लेकिन इसकी उपयोगिता कम है। इसके कारण मशीन को सीएचसी पर स्थापित करने का निर्णय सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक द्वारा ली गई है। गिर्दबडगांव की मशीन औराई, लालानगर की हेल्थ एमटीम को गोपीगंज सीएचसी शिफ्ट किया जाएगा। दोनों सीएचसी में मिलाकर रोजाना 500 से अधिक ओपीडी होती है।जांच कराने के लिए मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। जांच कराने के अगले दिन रिपोर्ट डॉक्टर को दिखानी पड़ती है। क्योंकि डॉक्टर दो बजे के बाद अपने चेंबर से उठ जाते हैं। मशीन से कुल 34 प्रकार की जांचें होती हैं। रिपोर्ट के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। हेल्थ एटीएम में खून की जांच सहित बीपी, पल्स रेट, वजन, लंबाई आदि की स्क्रीनिंग की जाएगी, जबकि डेंगू, मलेरिया के लिए ब्लड लिया जाएगा। शुगर जांच की तरह रैपिड किट से ब्लड लेकर चिप को मशीन में लगाया जाएगा। उसके बाद पांच से 10 मिनट में जांच रिपोर्ट मरीज के हाथ में होगी। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि लालानगर, गिर्दबडगांव की हेल्थ एटीएम औराई, गोपीगंज सीएचसी पर लगाने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्दी ही मशीन वहां शिफ्ट कर दी जाएगी।
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
बोलेरो की टक्कर से 2 सगे भाइयों की मौत,छोटे भाई की 7 जून को जानी थी बारात*
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। यह हादसा अलाउद्दीनपुर गांव के पास वाहन से बैंड का सामान उतारते समय हुआ। मृतकों के शवों का सोमवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम किया गया। मृतकों की पहचान अखंडनगर के सरैया मुबारकपुर गांव निवासी अतिबल के पुत्र प्रदीप कुमार (30) और अनिल कुमार (25) के रूप में हुई है। वे रविवार दोपहर करीब 2 बजे घर से ऑटो से निकले थे। दौड़ीपुर, सुल्तानपुर से एक बारात खुटहन, जौनपुर के मैरिज हॉल में गई थी, जहां उन्होंने बैंड बजाया था। रात करीब 2 बजे वे अखण्डनगर-बेलवाई मार्ग पर अलाउद्दीनपुर गांव में ऑटो से बैंड का सामान उतार रहे थे। तभी अखंडनगर की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बोलेरो ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक भाई ऑटो में दब गया, जबकि दूसरा बोलेरो में फंसकर कुछ दूर तक घसीटा गया। उनके साथ मौजूद दुर्गेश ने एंबुलेंस और परिजनों को सूचना दी। दोनों भाइयों को तत्काल अखंडनगर सीएचसी ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. विष्णु स्वरूप यादव ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया। मृतक अनिल की 7 जून को बारात जानी थी। उसकी बरीक्षा हो चुकी थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। कादीपुर के क्षेत्राधिकारी विनय गौतम ने बताया कि एक अज्ञात बोलेरो द्वारा टक्कर मारे जाने से दोनों भाइयों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लोक अदालत में सुलह समझौते की आधार पर निपटाए गई वाद


फर्रुखाबाद l  जनपद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण संतोष कुमार तिवारी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, वादकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंक, विद्युत विभाग एवं प्रशासनिक विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। बैंक वसूली से जुड़े 409 मामलों का निस्तारण करते हुए बैंकों ने 6 करोड़ 4 लाख 71 हजार 500 रुपये की धनराशि वसूल की, जबकि विद्युत बिल से संबंधित 18,793 मामलों का भी सफल निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली द्वारा 41 पारिवारिक एवं वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 5 दंपत्तियों को आपसी सुलह के बाद पुनः साथ रहने के लिए विदा किया गया। वहीं मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने 17 मामलों का निस्तारण किया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नरेश कुमार द्वारा भी 3 मामलों का समाधान कराया गया।
लोक अदालत के दौरान जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा कुल 82,604 मामलों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 78,736 मामलों का सफल निस्तारण हुआ। इस दौरान कुल 7 करोड़ 59 लाख 24 हजार 765 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जजों, न्यायिक मजिस्ट्रेटों, ग्राम न्यायालय अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों एवं परा विधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
14 नामदर्ज व 30 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज*

ग्राम जटपुरा में बवाल को लेकर पुलिस की सख्त कार्यवाही

अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में 9 मई को हुए हिंसक बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है, जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं।पहला मुकदमा जनपद लखीमपुर खीरी के थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम गुलरिया निवासी ठेका प्रबंधक कुलदीप की तहरीर पर दर्ज किया गया है। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि चाचूपुर जटपुरा गांव में उन्नाव निवासी मुजीब उल्ला के नाम से संचालित देशी शराब की दुकान की देखरेख वह करता है। आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे गांव के कामेश, सुधीर, शिवरतन, ब्रजेश उर्फ भोला समेत अन्य लोग आए।आरोप है कि उपद्रवियों ने दुकान के गोलक में रखे करीब 10 हजार रुपये और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर लूट ली। साथ ही सेल्समैन को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और दुकान में आग लगाने का भी प्रयास किया गया।वहीं दूसरा मुकदमा थाना राजेपुर के उपनिरीक्षक महेश कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में कामेश, सुधीर, शिवरतन, कश्मीर, ब्रजेश उर्फ भोला, राजा, रजनीश, देशराज, विकास, ननकू, सत्यपाल, शिवम, गुड्डी देवी और सरोजनी समेत 14 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया है।पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में बलवा, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।
सुवेंदु अधिकारी के पीए हत्या मामले में बड़ी सफलता: यूपी-बिहार से 3 गिरफ्तार, बलिया के राज सिंह समेत हिस्ट्रीशीटर पकड़े गए


  संजीव सिंह बलिया। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक (पीए) चंद्रनाथ रथ की हत्या के मामले में बंगाल पुलिस की एसटीएफ को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने उत्तर प्रदेश और बिहार से तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बलिया का राज सिंह और बिहार के बक्सर का हिस्ट्रीशीटर विशाल श्रीवास्तव शामिल हैं। तीसरा आरोपी मयंक अयोध्या से पकड़ा गया। पश्चिम बंगाल पुलिस जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस में मामले का पूरा खुलासा करेगी।बिहार के बक्सर से हिस्ट्रीशीटर विशाल श्रीवास्तव गिरफ्तारबिहार के बक्सर जिले के पांडे पट्टी गांव से विशाल श्रीवास्तव को बिहार पुलिस के सहयोग से हिरासत में लिया गया। उसके खिलाफ 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जिनमें हत्या, लूट और डकैती शामिल हैं। बंगाल एसटीएफ ने उसे कोलकाता ले जाकर पूछताछ शुरू कर दी है।बलिया के राज सिंह और मयंक अयोध्या से धर दबोचेराज सिंह (बलिया निवासी): बहादुरपुर का रहने वाला राज सिंह बक्सर में रहता था। वारदात के बाद वह अयोध्या में छिपा हुआ था। कोलकाता और अयोध्या पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, राज सिंह ने पहले बलिया में एक विकलांग अंडा विक्रेता की हत्या की थी और इस हत्याकांड की साजिश में शामिल था।मयंक: यूपी से गिरफ्तार तीसरा आरोपी, जो हत्या में संलिप्त था।हत्या का खुलासा: UPI पेमेंट और CCTV से मिले सुराग6 मई की रात 24 परगना जिले में चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। जांच में हावड़ा टोल प्लाजा पर हमलावरों द्वारा किया गया UPI भुगतान अहम सुराग बना। इससे एक संदिग्ध का मोबाइल नंबर पकड़ा गया। टोल प्लाजा के सीसीटीवी में कार और सवारों की तस्वीरें कैद हुईं।हमलावरों ने रथ की एसयूवी को सिल्वर कार से रोका, फिर दोपहिया वाहनों से गोलियां चलाईं। भागते हुए उन्होंने कार छोड़ दी और लाल कार व मोटरसाइकिल पर फरार हो गए। पुलिस ने घटनास्थल के पास एक और बारासात में दूसरी मोटरसाइकिल बरामद की। हथियार के रूप में ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक 47 एक्स पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ, जो खुफिया एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है।सीआईडी और एसटीएफ की संयुक्त एसआईटी मामले की जांच कर रही है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह स्पष्ट होगा कि आरोपियों ने खुद गोली चलाई या शूटर हायर किया।
आज़मगढ़ : अम्बारी में इंसानियत का जश्न: 50 रक्तवीरों, जिला टॉपर्स और पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी का हुआ भव्य सम्मान

सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ़
आजमगढ़। फूलपुर तहसील के अम्बारी क्षेत्र में आयोजित भव्य कार्यक्रम “एक शाम रक्तवीर नौजवानों के नाम” इंसानियत, भाईचारे और सम्मान का ऐसा खूबसूरत संगम बन गया, जिसने हर किसी के दिल को छू लिया। समाज सेवा, रक्तदान, शिक्षा और युवाओं के उत्साहवर्धन को समर्पित यह कार्यक्रम देर रात तक तालियों, उत्साह और मोहब्बत से गुलजार रहा। समारोह में मुख्य अतिथि ने कहा कि ज़ाकिर हुसैन ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि “रक्तदान और समाज सेवा इंसानियत की सबसे बड़ी इबादत है। युवाओं को ऐसे नेक कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। कार्यक्रम में समाज के लिए प्रेरणा बन चुके 50 रक्तवीर नौजवानों को सम्मानित किया गया। साथ ही जिले के मेधावी छात्र-छात्राओं साक्षी यादव और विवेक यादव को जिला टॉपर बनने पर सम्मानित किया गया। वहीं नेशनल पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी नीलेश यादव को भी विशेष सम्मान देकर उनका उत्साह बढ़ाया गया। सम्मान पाकर युवाओं और छात्रों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मानित प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया। कार्यक्रम में विवेक विश्वकर्मा, सौरभ सिंह, अबु शहमा, आज़म कुरैशी, मो. जावेद, तौहीद इल्तेज़ा, मो. खालिद, नोमान संजरी, ज़िया ख़ालिद, अखिलेश मौर्य, हाफ़िज़ जालीस, शुभम जायसवाल, महफूज़ अहमद, मो. अनवर, अंबिका यादव, अबु जैद, जीशान ,डॉ आरडी यादव, आदि रक्तवीर दानियों को सम्मानित किया गया । लोगों ने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में नई सोच, सेवा भावना और युवाओं के भीतर सकारात्मक ऊर्जा पैदा करते हैं। अंत में आयोजक महफूज़ आज़मी ने सभी अतिथियों, सहयोगियों और क्षेत्रवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सिर्फ सम्मान समारोह नहीं, बल्कि इंसानियत और भाईचारे को सलाम करने वाली यादगार शाम थी, जिसे अम्बारी लंबे समय तक याद रखेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व चेयरमैन माहुल बदरे आलम ने की, जबकि संचालन युवा समाजसेवी महफूज़ आज़मी ने अपने शानदार अंदाज़ में किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट से सम्मानित प्रतिभाओं का हौसला बढ़ाया। इस मौके पर पूर्व विधायक अरुणकांत यादव, महाप्रधान मकसूदियां प्रमोद यादव, पूर्व महाप्रधान कैलाश कुमार, शिक्षक राजेश यादव, पूर्व प्रधान अम्बारी कृष्ण कुमार, पूर्व महाप्रधान जनमेजय यादव, सिद्धेश्वर पाण्डेय,रबीन्द्र यादव रवि ,बृजेन्द्र यादव , विधायक प्रतिनिधि विजय बहादुर, एडवोकेट अब्दुल वाहिद ,मो आज़म कुरैशी , तथा सीआरपीएफ जवान धर्मेंद्र मौर्य समेत क्षेत्र की कई सम्मानित हस्तियां मौजूद रहीं।
सीएचसी औराई-गोपीगंज में शीघ्र लगेगा हेल्थ एटीएम

स्वास्थ्य विभाग द्वारा मरीजों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का प्रयास निरंतर चल रहा है। अब मरीजों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र औराई, गोपीगंज में जांच के लिए घंटों कतार में लगने की जरूरत नहीं होगी। यहां हेल्थ एटीएम लगाई जाएगी। हेल्थ एटीएम से करीब 34 प्रकार की जांचें होंगी। गिर्दबडगांव, लालानगर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर एक-एक हेल्थ एटीएम है, लेकिन इसकी उपयोगिता कम है। इसके कारण मशीन को सीएचसी पर स्थापित करने का निर्णय सीएमओ डॉ. संतोष कुमार चक द्वारा ली गई है। गिर्दबडगांव की मशीन औराई, लालानगर की हेल्थ एमटीम को गोपीगंज सीएचसी शिफ्ट किया जाएगा। दोनों सीएचसी में मिलाकर रोजाना 500 से अधिक ओपीडी होती है।जांच कराने के लिए मरीजों को घंटों कतार में खड़ा रहना पड़ता है। जांच कराने के अगले दिन रिपोर्ट डॉक्टर को दिखानी पड़ती है। क्योंकि डॉक्टर दो बजे के बाद अपने चेंबर से उठ जाते हैं। मशीन से कुल 34 प्रकार की जांचें होती हैं। रिपोर्ट के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी दी जाएगी। हेल्थ एटीएम में खून की जांच सहित बीपी, पल्स रेट, वजन, लंबाई आदि की स्क्रीनिंग की जाएगी, जबकि डेंगू, मलेरिया के लिए ब्लड लिया जाएगा। शुगर जांच की तरह रैपिड किट से ब्लड लेकर चिप को मशीन में लगाया जाएगा। उसके बाद पांच से 10 मिनट में जांच रिपोर्ट मरीज के हाथ में होगी। सीएमओ डॉ. एसके चक ने बताया कि लालानगर, गिर्दबडगांव की हेल्थ एटीएम औराई, गोपीगंज सीएचसी पर लगाने के लिए निर्देशित किया गया है। जल्दी ही मशीन वहां शिफ्ट कर दी जाएगी।
दो दर्जन कोचिंग सेंटरों को जारी की गई चेतावनी

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिन पंजीयन कोचिंग संचालन करने वालों के प्रति शिक्षा विभाग की सख्ती बढ़ती जा रही है। कोचिंग सेंटरों की जांच के लिए ब्लॉकवार छह टीम का गठन जिला विद्यालय निरीक्षक अशुंमान द्वारा किया गया है। नामित अधिकारी ब्लॉक क्षेत्रों में चल रहे कोचिंग की जांच कर रिपोर्ट प्रेषित करेंगे। रिपोर्ट आने के एक सप्ताह में कोचिंग सेंटरों का पंजीन विभाग में नहीं हुआ तो विभागीय स्तर से सख्त कार्रवाई होना तय है। जबकि पूर्व में भी जांच रिपोर्ट पे्रषित की गई थी। ऐसे में करीब डेढ़ दर्जन कोचिंग संचालकों को सुधार एक्ट की नोटिस जारी कर दी गई है।डीआईओएस ने बताया कि कोचिंग संचालकों को यह भी निर्देशित किया गया है कि संचालन का जो मानक है वह भी शत-प्रतिशत पूर्ण होना चाहिए। जिले में करीब एक दर्जन कोचिंग सेंटर पंजीकृत होकर संचालित हो रही हैं। पूर्व में डेढ़ दर्जन कोचिंग सेंटर संचालकों को पंजीयन के लिए नोटिस जारी हुआ था। लेकिन इन संचालकों द्वारा पंजीयन को आवेदन नहीं किया गया है। ऐसे में मामले को गंभीरता से लेते हुए बंद कराने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जुर्माना लगाने के साथ ही कोचिंग सेंटर सीज भी हो सकता है। बिना पंजीयन कराए कोचिंग का संचालन कदापि नहीं होने दिया जाएगा। बिन पंजीयन कोचिंग की शिकायत मिलने पर स्थलीय जांच कर उचित कार्रवाई की जा रही है। दो पालिका परिषद, पांच नगर पंचायत समेत औराई, ज्ञानपुर, भदोही, सुरियावां, सर्रोई, उगापुर, असनाव, अभोली, कोइरौना, गोपीगंज, जंगीगंज, ऊंज समेत जिले भर में विभिन्न स्थलों पर कोचिंग का संचालित किए जा रहे हैं।
बोलेरो की टक्कर से 2 सगे भाइयों की मौत,छोटे भाई की 7 जून को जानी थी बारात*
सुल्तानपुर के अखंडनगर थाना क्षेत्र में एक तेज रफ्तार बोलेरो की टक्कर से दो सगे भाइयों की मौत हो गई। यह हादसा अलाउद्दीनपुर गांव के पास वाहन से बैंड का सामान उतारते समय हुआ। मृतकों के शवों का सोमवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम किया गया। मृतकों की पहचान अखंडनगर के सरैया मुबारकपुर गांव निवासी अतिबल के पुत्र प्रदीप कुमार (30) और अनिल कुमार (25) के रूप में हुई है। वे रविवार दोपहर करीब 2 बजे घर से ऑटो से निकले थे। दौड़ीपुर, सुल्तानपुर से एक बारात खुटहन, जौनपुर के मैरिज हॉल में गई थी, जहां उन्होंने बैंड बजाया था। रात करीब 2 बजे वे अखण्डनगर-बेलवाई मार्ग पर अलाउद्दीनपुर गांव में ऑटो से बैंड का सामान उतार रहे थे। तभी अखंडनगर की ओर से आ रही एक अनियंत्रित बोलेरो ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि एक भाई ऑटो में दब गया, जबकि दूसरा बोलेरो में फंसकर कुछ दूर तक घसीटा गया। उनके साथ मौजूद दुर्गेश ने एंबुलेंस और परिजनों को सूचना दी। दोनों भाइयों को तत्काल अखंडनगर सीएचसी ले जाया गया, जहां ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डॉ. विष्णु स्वरूप यादव ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

पुलिस ने सोमवार को शवों का पोस्टमार्टम कराया। मृतक अनिल की 7 जून को बारात जानी थी। उसकी बरीक्षा हो चुकी थी और घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। इस घटना से परिवार में शोक का माहौल है। कादीपुर के क्षेत्राधिकारी विनय गौतम ने बताया कि एक अज्ञात बोलेरो द्वारा टक्कर मारे जाने से दोनों भाइयों की मृत्यु हुई है। उन्होंने कहा कि शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और विधिक कार्रवाई की जा रही है।
लोक अदालत में सुलह समझौते की आधार पर निपटाए गई वाद


फर्रुखाबाद l  जनपद में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारम्भ जनपद न्यायाधीश नीरज कुमार द्वारा माँ सरस्वती की प्रतिमा पर दीप प्रज्वलित एवं माल्यार्पण कर किया गया। इस दौरान प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली पीठासीन अधिकारी मोटर वाहन दुर्घटना अधिकरण संतोष कुमार तिवारी सहित अनेक न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, वादकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंक, विद्युत विभाग एवं प्रशासनिक विभागों द्वारा स्टॉल लगाकर आपसी सहमति के आधार पर मामलों का निस्तारण कराया गया। बैंक वसूली से जुड़े 409 मामलों का निस्तारण करते हुए बैंकों ने 6 करोड़ 4 लाख 71 हजार 500 रुपये की धनराशि वसूल की, जबकि विद्युत बिल से संबंधित 18,793 मामलों का भी सफल निस्तारण किया गया।
प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय जमशेद अली द्वारा 41 पारिवारिक एवं वैवाहिक वादों का निस्तारण किया गया। इनमें से 5 दंपत्तियों को आपसी सुलह के बाद पुनः साथ रहने के लिए विदा किया गया। वहीं मोटर वाहन दुर्घटना प्रतिकर अधिकरण के पीठासीन अधिकारी संतोष कुमार तिवारी ने 17 मामलों का निस्तारण किया। जिला उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष नरेश कुमार द्वारा भी 3 मामलों का समाधान कराया गया।
लोक अदालत के दौरान जनपद के विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा कुल 82,604 मामलों को चिन्हित किया गया, जिनमें से 78,736 मामलों का सफल निस्तारण हुआ। इस दौरान कुल 7 करोड़ 59 लाख 24 हजार 765 रुपये की धनराशि जमा कराई गई। अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि निर्धारित लक्ष्य से अधिक रही।
कार्यक्रम में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीशों, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिविल जजों, न्यायिक मजिस्ट्रेटों, ग्राम न्यायालय अधिकारियों, बैंक अधिकारियों, विभागीय कर्मचारियों एवं परा विधिक स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
14 नामदर्ज व 30 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज*

ग्राम जटपुरा में बवाल को लेकर पुलिस की सख्त कार्यवाही

अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम चाचूपुर जटपुरा में 9 मई को हुए हिंसक बवाल के मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। घटना के बाद गांव में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है, जबकि नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें दबिश दे रही हैं।पहला मुकदमा जनपद लखीमपुर खीरी के थाना धौरहरा क्षेत्र के ग्राम गुलरिया निवासी ठेका प्रबंधक कुलदीप की तहरीर पर दर्ज किया गया है। कुलदीप ने पुलिस को बताया कि चाचूपुर जटपुरा गांव में उन्नाव निवासी मुजीब उल्ला के नाम से संचालित देशी शराब की दुकान की देखरेख वह करता है। आरोप है कि शनिवार सुबह करीब 10:40 बजे गांव के कामेश, सुधीर, शिवरतन, ब्रजेश उर्फ भोला समेत अन्य लोग आए।आरोप है कि उपद्रवियों ने दुकान के गोलक में रखे करीब 10 हजार रुपये और सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर लूट ली। साथ ही सेल्समैन को जान से मारने की नीयत से हमला किया गया और दुकान में आग लगाने का भी प्रयास किया गया।वहीं दूसरा मुकदमा थाना राजेपुर के उपनिरीक्षक महेश कुमार की ओर से दर्ज कराया गया है। इस मुकदमे में कामेश, सुधीर, शिवरतन, कश्मीर, ब्रजेश उर्फ भोला, राजा, रजनीश, देशराज, विकास, ननकू, सत्यपाल, शिवम, गुड्डी देवी और सरोजनी समेत 14 नामजद तथा 25 से 30 अज्ञात महिला-पुरुषों को आरोपी बनाया गया है।पुलिस द्वारा दर्ज मुकदमे में बलवा, पुलिस टीम पर जानलेवा हमला, सरकारी कार्य में बाधा, राजकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और सेवन क्रिमिनल लॉ एक्ट सहित कई गंभीर धाराएं लगाई गई हैं।
यूपी में उच्च शिक्षा को नई पहचान: अब डिग्री कॉलेजों को भी मिलेगी राष्ट्रीय रैंकिंग
* योगी सरकार का बड़ा कदम, विश्वविद्यालयों के बाद अब डिग्री कॉलेजों को उत्कृष्टता की दौड़ में शामिल करने की तैयारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में योगी सरकार लगातार नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है। कभी नैक (NAAC) रैंकिंग में बी और बी-प्लस ग्रेड तक सीमित रहने वाले प्रदेश के विश्वविद्यालय आज ए++, ए+ और ए ग्रेड हासिल कर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना चुके हैं। अब सरकार ने प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की रैंकिंग दिलाने की दिशा में बड़ा अभियान शुरू किया है।
उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने विधानसभा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सरकार का फोकस अब केवल विश्वविद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। अगले चरण में प्रदेश के डिग्री कॉलेजों को भी नैक और अन्य राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान दिलाने के लिए विशेष रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत कॉलेजों के प्राचार्यों और शिक्षकों के लिए कार्यशालाओं का आयोजन किया जा रहा है, ताकि संस्थानों में गुणवत्ता सुधार, रिसर्च कल्चर, डिजिटल एजुकेशन, इंफ्रास्ट्रक्चर और छात्र सुविधाओं को बेहतर बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम विकसित करने, रोजगारपरक शिक्षा को बढ़ावा देने और कॉलेजों में छात्र संख्या बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तर प्रदेश को केवल सबसे अधिक विश्वविद्यालयों वाला राज्य बनाना नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा का राष्ट्रीय केंद्र बनाना है।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक परिवर्तन हुए हैं। योगी सरकार से पहले प्रदेश के अधिकांश विश्वविद्यालय नैक रैंकिंग में बी या बी-प्लस ग्रेड तक सीमित थे और कोई भी विश्वविद्यालय ए श्रेणी में नहीं था। राज्यपाल एवं विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल के मार्गदर्शन में विश्वविद्यालयों के लिए विशेष कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनका सकारात्मक परिणाम आज देखने को मिल रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश के सात विश्वविद्यालय नैक की ए++ रैंकिंग प्राप्त कर चुके हैं, जबकि चार विश्वविद्यालय ए+ और दो विश्वविद्यालय ए ग्रेड हासिल कर चुके हैं। इतना ही नहीं, प्रदेश के दो विश्वविद्यालय क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में शामिल हुए हैं और छह विश्वविद्यालय क्यूएस एशिया रैंकिंग में स्थान बना चुके हैं। इसके अलावा तीन विश्वविद्यालय यूजीसी ग्रेड-1 श्रेणी में भी पहुंच चुके हैं।
सरकार का मानना है कि विश्वविद्यालयों की तरह यदि डिग्री कॉलेजों में भी गुणवत्ता, शोध और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था को बढ़ावा दिया जाए, तो उत्तर प्रदेश देश में उच्च शिक्षा के सबसे मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
यूपी की ऐतिहासिक धरोहरों को मिलेगा नया जीवन: 40 स्मारक और पुरास्थल होंगे संरक्षित

* योगी सरकार का बड़ा फैसला, खंडहर बन रहे प्राचीन स्मारकों का होगा संरक्षण और पर्यटन विकास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 40 ऐतिहासिक स्मारकों और पुरास्थलों को संरक्षित घोषित करने का निर्णय लिया है। इनमें कई स्मारक ढाई हजार से तीन हजार वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं, जबकि कुछ स्थल कुषाण काल से संबंधित माने जा रहे हैं। इसके साथ ही तीन स्थलों को असंरक्षित घोषित किया गया है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने सोमवार को यह जानकारी देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की प्राचीन धरोहरें स्थापत्य कला, संस्कृति और इतिहास की अमूल्य विरासत हैं। समय के साथ कई स्मारक जीर्ण-शीर्ण होकर खंडहर में बदलते जा रहे हैं, इसलिए राज्य सरकार ने इन्हें संरक्षित कर नया स्वरूप देने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि इन स्मारकों के आसपास बुनियादी सुविधाएं विकसित कर पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि पर्यटक और श्रद्धालु बड़ी संख्या में इन स्थलों तक पहुंच सकें। साथ ही बाउंड्रीवाल और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं के जरिए अतिक्रमण रोकने की भी योजना बनाई गई है।

* कई जिलों के ऐतिहासिक स्थल सूची में शामिल
संरक्षित घोषित किए गए स्मारकों में सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी, कानपुर नगर, रायबरेली, लखनऊ, प्रतापगढ़, फतेहपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज, देवरिया, जालौन, ललितपुर, झांसी, महोबा, गाजीपुर, वाराणसी, आगरा, मैनपुरी, सहारनपुर और रामपुर के ऐतिहासिक स्थल शामिल हैं।
इनमें प्राचीन शिव मंदिर, किले, बावलियां, समाधियां, टीले, मंदिर परिसर और ऐतिहासिक भवन प्रमुख रूप से शामिल हैं। लखनऊ स्थित ऐतिहासिक मूसाबाग भवन और कालाकांकर भवन को भी संरक्षण सूची में शामिल किया गया है।

* नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने की पहल
पर्यटन मंत्री ने कहा कि यह पहल केवल स्मारकों के संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि नई पीढ़ी को प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने का प्रयास भी है। उन्होंने कहा कि ये स्मारक भारतीय स्थापत्य कला और प्राचीन सभ्यता के दुर्लभ उदाहरण हैं, जिन्हें संरक्षित कर आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
उन्होंने बताया कि सरकार इन स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में भी कार्य करेगी, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
भूसा संग्रहण अभियान में तेजी लाने के निर्देश, लापरवाही पर होगी कड़ी कार्रवाई : धर्मपाल सिंह

लखनऊ। धर्मपाल सिंह ने प्रदेश में संचालित “भूसा संग्रहण अभियान” की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि गौआश्रय स्थलों में किसी भी गौवंश को भूखा-प्यासा नहीं रहने दिया जाए। उन्होंने कहा कि भूसा संग्रहण, पशु आहार प्रबंधन और गौआश्रय स्थलों के संचालन को मिशन मोड में संचालित किया जाए तथा लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विधान भवन स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने भूसा संग्रहण में न्यूनतम प्रदर्शन करने वाले जनपद हमीरपुर, वाराणसी, प्रतापगढ़, औरैया और अयोध्या को चेतावनी देते हुए अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गौ संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में भूसा संग्रहण का कुल लक्ष्य 1.37 करोड़ कुंतल निर्धारित किया गया है, जिसमें से अब तक 1.11 करोड़ कुंतल भूसा संग्रहित किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि गेहूं कटाई के मौजूदा मौसम का लाभ उठाकर अधिक से अधिक भूसा संग्रहित किया जाए। साथ ही भूसा एवं साइलेज टेंडर प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने तथा गोचर भूमि को कब्जामुक्त कर हरा चारा बोने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में गौआश्रय स्थलों पर गोवंशों के लिए भूसा, हरा चारा, स्वच्छ पेयजल, छायादार व्यवस्था, चिकित्सा और अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया। मंत्री ने पशुओं की सुरक्षा के लिए समयबद्ध टीकाकरण अभियान चलाने तथा दवाइयों और वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश भी दिए।
धर्मपाल सिंह ने गौशालाओं में गोबर गैस प्लांट स्थापित करने पर भी बल देते हुए कहा कि इससे गोबर का समुचित प्रबंधन होगा और गौआश्रय स्थल आत्मनिर्भर बन सकेंगे। उन्होंने कहा कि गोबर गैस और जैविक खाद ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने में भी सहायक होगी।
बैठक में मुकेश कुमार मेश्राम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि एनजीओ द्वारा संचालित गौआश्रय स्थलों का सत्यापन कर उनकी रिपोर्ट उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि गौशालाओं का संचालन व्यवस्थित और पारदर्शी ढंग से सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि प्रदेश में वर्तमान में 7386 गौआश्रय स्थलों में 12,37,694 गोवंश संरक्षित हैं, जबकि मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत 1,14,481 लाभार्थियों को 1,84,227 गोवंश सुपुर्द किए गए हैं। अभियान के तहत 1905 अस्थायी एवं 7285 स्थायी भूसा बैंक स्थापित किए जा चुके हैं। भूसा संग्रहण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले जनपदों में जालौन, मुजफ्फरनगर, नोएडा, मिर्जापुर और महोबा शामिल हैं।