अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की बैठक तथा मिलन समारोह संपन्न
भायंदर। कायस्थ समाज जागरूक समाज हैं और हमेशा राष्ट्रहित में कार्य करती हैं और करती रहेंगी उक्त विचार संजय निरुपम जी पूर्व सांसद, राष्ट्रीय प्रवक्ता (शिवसेना शिंदे जी )ने राज पुरोहित सभागार हाल, भायंदर पूर्व में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 महाराष्ट्र प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं कायस्थ मिलन समारोह में उपस्थित सैकड़ों चित्रांश बंधुओं को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा है कायस्थ समाज ने देश को दिशा देने का काम किया है और कायस्थ समाज की महान विभूतियों ने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री , केंद्रीय मंत्री पद को सुशोभित करते हुए देश की निस्वार्थ भाव  से सेवा किया है और लोग बाला साहब ठाकरे के दिखाए मार्ग पर अनुसरण करते हुए आगे बढ़ रहे है। संजय निरूपम पूर्व सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र मुम्बई  में भी कायस्थ समाज का बड़ा योगदान है कायस्थ समाज के लोग लेखन, राजनीत, कला, उद्योग, गीत संगीत फिल्म, नौकरी में भी काफी लोग है । विशिष्ट अतिथि प्रताप सरनाईक परिवहन मंत्री महाराष्ट्र सरकार ने कहा है भगवान चित्रगुप्त सबका लेखा जोखा रखते हैं और पूज्य है भगवान चित्रगुप्त जी मंदिर निर्माण में जो भी सहयोग होगा किया जाएगा और कहा कि कोई भी संगठन चलाने से समाज जीवन्त रहता है।

अतिथि गण को स्मृति चिन्ह शाल अंगवस्त्र भेट कर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान चित्रगुप्त प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन कर आरती कर किया गया । समारोह को संबोधित करते हुए
कायस्थ महासभा महाराष्ट के प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट हाईकोर्ट मुंबई ने कहा कि कायस्थ महासभा 7235 महाराष्ट्र प्रदेश में लोगो को जोड़ने एवं कायस्थ सम्मान देने का कार्य कर रहा हैं और करता रहेगा और पूरे महाराष्ट्र प्रदेश के जिलों से लोगों ने आकर उत्साह बढ़ाया और मुख्य अतिथि संजय निरुपम पूर्व सांसद सहित मंत्री सांसद विधायक ने आज समय देकर कायस्थ का सम्मान बढ़ाया जिसका कायस्थ समाज आभारी रहेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कायस्थ महासभा महेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कायस्थ महासभा 7235 भारत का संगठन पूरे देश में कायस्थ समाज के हित में कार्य कर रहा है और महाराष्ट्र में भी मजबूती से कार्य कर रहा है
राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बनाकर कायस्थ समाज का सम्मान बढ़ाया हैं कायस्थ समाज भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  का आभारी रहेगा और कहा कि इस समय देश भर के हर प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं कायस्थ मिलन समारोह कर रहा है ।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव ने कहा है कायस्थ समाज के हित में सदैव कार्य करता रहूंगा और महाराष्ट्र में संगठन मजबूत करने में योगदान दूंगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट, प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने महाराष्ट्ट के मनोनीत पदाधिकारी को मनोनयन पत्र देकर सम्मानित किया। संस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों ने प्रस्तुत किया एवं चित्रांश कलाकारों गायक ने कार्यकम में समा बांध दिया ।

कार्यक्रम में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र राकेश श्रीवास्तव, महिला प्रदेश अध्यक्ष मीनू श्रीवास्तव, महिला प्रदेश महामंत्री सुनीता श्रीवास्तव युवा प्रदेश अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास्तव दिनेश श्रीवास्तव, सदन सिन्हा, विकाश श्रीवास्तव,रविकांत श्रीवास्तव, शशिकांत श्रीवास्तव, अशोक माथुर,तेज बहादुर श्रीवास्तव, शत्रुध्न श्रीवास्तव, अभिषेक सिन्हा, अनुराग सिन्हा, विपिन सिंहा, अभिषेक सिन्हा राजेश श्रीवास्तव, अलका श्रीवास्तव, बृजेंद्र श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, हेमन्त श्रीवास्तव प्रिंस श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव रश्मि अभय सिन्हा, अमृता श्रीवास्तव, मधु श्रीवास्तव,शालनी प्रियदर्शिनी आदि सैकड़ों चित्रांश बंधु मौजूद रहे।
प्रयागराज दौरे पर सीएम योगी: माघ मेला निरीक्षण संगम स्नान और संतों से संवाद,हिंदू एकता का दिया संदेश

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी 2026 को प्रयागराज दौरे के दौरान लगभग छह घंटे प्रवास करते हुए माघ मेला निरीक्षण संगम स्नान और संतो से संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमो में भाग लिया।उनके साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:25 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से वीआईपी घाट गए। स्टीमर के माध्यम से संगम नोज पहुंचकर उन्होंने त्रिवेणी संगम में तीन डुबकी लगाईं और विधिवत गंगा पूजन किया।लगभग 32 मिनट संगम क्षेत्र में रुकने के बाद वे पुनः वीआईपी घाट लौटे और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया।संगम स्नान के पश्चात मुख्यमंत्री खाकचौक स्थित सतुआ बाबा आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में भाग लिया और संत-महात्माओं से विचार-विमर्श किया।इस अवसर पर उन्होने सनातन परम्परा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना पर अपने विचार व्यक्त किए।इसके बाद दोपहर 2:05 बजे आईसीसीसी सभागार में प्रशासनिक अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मकर संक्रांति (14–15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (18 जनवरी)के प्रमुख स्नान पर्वो के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा यातायात स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं और मेला प्रबन्धन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओ को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे।इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू समाज को एकजुट रहने का स्पष्ट सन्देश भी दिया।संगम में स्नान के बाद दिए गए बयान में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओ पर हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि जाति मत या संप्रदाय के नाम पर हिन्दुओ का विभाजन समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेश जैसे गम्भीर मुद्दे पर तथाकथित सेक्युलर ताकते मौन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हिन्दू समाज संगठित और सजग रहेगा तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश, हिरासत में लिया गया शख्स
अयोध्या ।  अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शनिवार को सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण मामला सामने आया। दक्षिणी परकोटे के पास एक अधेड़ व्यक्ति नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहा था, जिसे मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत दबोच लिया।

पकडे गए व्यक्ति की पहचान कश्मीर निवासी अबू अहमद के रूप में हुई

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान कश्मीर को शोपिया निवासी अबू अहमद शेख (55) के रूप में हुई है। जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो वह कथित तौर पर संप्रदाय विशेष के नारे लगाने लगा। इसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया और थाना रामजन्मभूमि पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां युवक से लगातार पूछताछ कर रही
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां युवक से लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक कहां से और कैसे राम मंदिर परिसर में पहुंचा, इसकी जांच जारी है।एसपी सुरक्षा बल रामाचारी दुबे ने घटना की पुष्टि की है, जबकि एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि युवक से गहन पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया

फिलहाल जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और तेज़ प्रतिक्रिया के कारण किसी अप्रिय घटना को टाला जा सका।
मौके पर मौजूद लोग और भक्त घटना को लेकर सकते में हैं और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर बवाल, नया ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग

जल्दबाजी में बिल पारित हुआ तो देशव्यापी हड़ताल, 27 लाख बिजली कर्मियों के आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को लेकर पावर सेक्टर में विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नए ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के उद्देश्य से इस संशोधन बिल को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने की कोशिश की गई तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल को पत्र भेजकर मांग की है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर स्टेकहोल्डर्स से चर्चा से पहले संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी के माननीय सदस्यों की सूची सार्वजनिक करने और नए ड्राफ्ट पर कमेंट देने के लिए कम से कम 31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की है।
बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे केंद्रीय विद्युत मंत्री
फेडरेशन के अनुसार, संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने 9 अक्टूबर 2025 को विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर अपनी टिप्पणी देते हुए एक नया ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। इसी प्रस्तावित ड्राफ्ट के आधार पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर आगामी 22 और 23 जनवरी को देशभर के राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट के अनुरूप इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर आम सहमति बनाना है। साथ ही बिजली के निजीकरण, फ्रेंचाइजी मॉडल और निजीकरण के लिए सशर्त वित्तीय पैकेज जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बजट सत्र में इस बिल को संसद से पारित कराया जा सके।
किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं है। संगठन का कहना है कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक ओर विद्युत मंत्रालय स्टेकहोल्डर्स से पुराने मसौदे पर चर्चा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के बिजली मंत्रियों से स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट पर बातचीत की जा रही है, जबकि यह नया ड्राफ्ट सार्वजनिक ही नहीं किया गया है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया ड्राफ्ट ही सार्वजनिक नहीं किया गया है, तो उस पर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है। फेडरेशन ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन भी जारी
शैलेन्द्र दुबे ने यह भी कहा कि 12 जनवरी को केंद्रीय विद्युत सचिव के साथ होने वाली वार्ता के बाद नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में संघर्ष की आगे की रणनीति का ऐलान करेगी।उधर, उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर अवकाश के दिन भी बिजली कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मियों के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर निजीकरण के खिलाफ जन आंदोलन को और तेज करने का प्रयास किया।
आजमगढ़ : माहुल नगर में हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन ,भारतीय संस्कृति की रक्षा और सामाजिक समरसता से ही होगी हिंदुत्व की रक्षा : सुरजीत
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।जिले के फूलपुर तहसील के माहुल नगर पंचायत के रामलीला मैदान में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गोरखपुर क्षेत्र के सह प्रांत प्रचारक सुरजीत और विशिष्ट अतिथि डॉ राजेंद्र मुनि ने हिंदु सम्मेलन में भारतीय संस्कृति को मजबूत करने और हिंदुत्व की रक्षा के बारे में विस्तार से व्याख्यान दिया । हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस के प्रांत प्रचारक सुरजीत ने कहा कि जिस तरह से व्यक्ति की पहचान मुखमंडल से होती है उसी तरह भारत की पहचान हिंदुत्व से होती है।हिंदुत्व को खत्म करने के लिए समय काल खंड में अनेक आक्रांता लुटेरे आए पर भारतीय संस्कृति के आगे उन्हें घुटने टेकना पड़ा।भारत विश्व का इकलौता देश है , जो वसुधैव कुटुंबकम् और सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया के सिद्धांत का पालन करता है, और हिंदुत्व से ही स्वयं को श्रेष्ठ बनाने के साथ ही साथ विश्व को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग निकलता है।उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और आचरण की रक्षा करना सिखाया। सुरजीत ने सम्मेलन में आगे कहा कि आज हमें परिवार को बचाने की जरूरत है। परिवार प्रेम से चलता है।भारतीय संस्कृति में दीपक जलाने की परंपरा है पर लोग आज जन्मदिन में दीपक बुझाते है। हमें पाश्चात्य संस्कृति से बचने की जरूरत है। भारतीय संस्कृति पर्यावरण संरक्षण,स्व जागरण,नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता की भावना से अपने घर और समाज को परिपूर्ण करना होगा और परिवार और देश के प्रति अपने दायित्वों का पालन करना होगा, तभी हमारी हिंदुत्व की संस्कृति बचेगी और भारत सर्वश्रेष्ठ भारत विश्वगुरु बनेगा। इसे बचाने के लिए हमें संगठित होकर आगे बढ़ना होगा तभी हिन्दू समाज की आगे आने वाली पीढ़ी संरक्षित होगी और भारत माता विश्व गुरु के सिंहासन पर बैठेगी और भारत माता की जय होगी। डॉ राजेंद्र मुनि ने भी हिंदुत्व के रक्षा के विषय पर अपना व्याख्यान दिया । अंत मे भारत माता की आरती उतारी गयी । ।अध्यक्षता राम कृष्ण पाण्डेय एवं संचालन विक्रांत पाण्डेय ने किया इस मौके पर धरणीधर पांडेय,विक्रांत पांडेय,संजय मोदनवाल,संतोष पांडेय,सुजीत जायसवाल आंसू,हरिकेश गुप्ता,विजय सिंह,राम मनी यादव, अरुणाकर सिंह हैपी हरिशंकर सोनी,राजेश पांडेय,सुनील पाण्डेय ,डॉ अविनाश पाण्डेय आदि रहे।
पंचायत चुनाव से पहले कई गांवों की मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा,पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से आपत्ति
गंभीर गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले लगातार हो रहे उजागर

गोण्डा(करनैलगंज)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हलधरमऊ विकास खंड क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गंभीर गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में मृतकों, बाहरी लोगों और शादीशुदा बेटियों के नाम सूची में दर्ज किए जाने के साथ-साथ वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लगे हैं। सबसे गंभीर मामला पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मतदाता सूची में आपत्ति दाखिल करने का सामने आया है।बमडेरा ग्रामसभा के पूर्व प्रधान अजय कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में 21 वैध नाम छूट गए, जबकि 57 ऐसे नाम शामिल कर दिए गए जो या तो मृत हैं या गांव से बाहर रह रही शादीशुदा महिलाएं हैं। इन नामों को हटाने और 20 डबल नामों के संशोधन के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था,लेकिन वह पत्र रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। आरोप है कि इसके बाद उनके फर्जी हस्ताक्षर कर 45 नाम जोड़ने का दूसरा प्रार्थना पत्र विपक्षियों द्वारा दाखिल कर दिया गया। चकसेनिया गांव के संजय तिवारी ने बताया कि गांव में 40 मृत लोगों के नाम हटाने के लिए आपत्ति दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशि तिवारी का नाम तक बदल दिया गया है। कपूरपुर के पूर्व प्रधान रामनाथ दूबे ने बताया कि बटौराबख्तावर गांव के 50 लोगों को फर्जी तरीके से यहां की मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया है,जिनमें से करीब 30 लोग गांव के निवासी ही नहीं हैं। इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई है। भुलभुलिया गांव की ग्राम प्रधान रश्मि सिंह ने बताया कि बेवजह 12 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत कैथौला में आबादी 2100 होने के बावजूद मतदाता सूची में 2302 नाम दर्ज पाए गए हैं। ग्राम प्रधान सीमा साहू ने बताया कि उनके पति संतराम साहू समेत 83 लोगों के नाम सूची से गायब हैं। परसा गोड़री गांव के पूर्व प्रधान नंदकिशोर ओझा ने बताया कि उनकी ग्रामसभा में 400 डबल नाम, 100 बाहरी और 100 शादीशुदा बेटियों के नाम दर्ज हैं, जबकि उनकी चाची शिवकांति का नाम सूची से काट दिया गया है। रेरुवा गांव के पूर्व प्रधान विनय कुमार ओझा ने भी 20 डबल नाम और पांच शादीशुदा महिलाओं के नाम दर्ज होने की आपत्ति दी है। भैरमपुर गांव की प्रधान अरुणिमा मिश्रा ने बताया कि उनके ससुर राजेंद्र मिश्रा समेत 20 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। मामले में एडीओ पंचायत राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि ब्लॉक स्तर पर कोई त्रुटि हुई है तो उसके समाधान के लिए टीम गठित कर दी गई है। वहीं एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन गांवों से दावा-आपत्ति प्राप्त हुई है, वहां लेखपालों के माध्यम से जांच कराई जा रही है और जो नाम वास्तविक होंगे, वही अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेंगे। इधर कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी शिक्कुमार दुबे ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब मतदाता सूची की शुद्धता और पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गणतंत्र दिवस 2026: मोरहाबादी में दिखेगी झारखंड की कला और संस्कृति की झलक, 12 विभागों की झांकियां होंगी मुख्य आकर्षण।

राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह-2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समारोह की रूपरेखा तय की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

12 विभागों की झांकियां बिखेरेंगी छटा इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुल 12 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि ये झांकियां झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, नीतियों और राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित होंगी। प्रमुख रूप से वन विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि, सूचना एवं जनसंपर्क और पर्यटन विभाग की झांकियां लोगों को झारखंड की प्रगति और परंपरा से रूबरू कराएंगी।

परेड और सुरक्षा व्यवस्था समारोह में इस बार 15 प्लाटून और 03 बैंड हिस्सा लेंगे। परेड का पूर्वाभ्यास 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि 24 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल (अंतिम रिहर्सल) आयोजित की जाएगी। सुरक्षा को लेकर एसएसपी रांची को कड़े निर्देश दिए गए हैं, वहीं ट्रैफिक एसपी को मोरहाबादी की ओर आने वाले रास्तों पर सुगम पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को मैदान के दोनों ओर वाटरप्रूफ पंडाल, गैलरी और बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही निर्बाध बिजली के लिए साउंड प्रूफ जनरेटर, पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर और समारोह स्थल की साफ-सफाई के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की तैनाती के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है।

ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: जौनपुर में मंत्री ए.के. शर्मा की प्रेस वार्ता

* रोजगार की गारंटी 125 दिन, बेरोजगारी भत्ता बना कानूनी अधिकार, ग्राम सभा तय करेगी विकास कार्य

लखनऊ/जौनपुर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा जनपद जौनपुर के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार, जौनपुर में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम बताया।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण मेहनतकश वर्ग, किसानों और श्रमिक परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने तथा स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे ग्रामीण समाज के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बेरोजगारी भत्ता अब एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बन गया है। पूर्व में महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के तहत अनेक शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना कठिन था, जबकि नए अधिनियम में अनावश्यक प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए हैं। अब श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने पर समय से रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मजदूरी भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि मजदूरी भुगतान में किसी भी कारण से देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा श्रमिक को मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और श्रमिकों को उनके परिश्रम का पूरा लाभ समय पर मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब विकास कार्यों की योजना ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य होगी। कोई भी योजना ऊपर से थोपे जाने के बजाय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार बनाई जाएगी, जिससे गांवों का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य श्रीमती सीमा द्विवेदी, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
गांवों के विकास से ही राष्ट्र का विकास संभव,जी रामजी योजना से मिलेगा 125 दिनों का गारंटी रोजगार : राकेश सचान

बलरामपुर।“गांव विकसित होंगे तभी राष्ट्र विकसित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का जो विजन देश को दिया है,उसकी बुनियाद गांवों के समग्र विकास पर टिकी है।” यह बातें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने यूपीटी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही। कैबिनेट मंत्री श्री सचान ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाई गई जी रामजी योजना ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार की मजबूत गारंटी है। इस योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिनों का गारंटी रोजगार मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में जी रामजी योजना को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में जॉब कार्ड, भुगतान और कार्यों को लेकर लंबे समय से फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं। मनरेगा के तहत अधिकतर कच्चे कार्य कराए जाते थे, जिनमें फर्जी भुगतान के आधार पर बंदरबांट हो जाता था। भाजपा सरकार ने इन खामियों को दूर करते हुए कैबिनेट में जी रामजी योजना विधेयक पास कर ग्रामीणों को पारदर्शी और सुनिश्चित रोजगार देने का काम किया है। श्री सचान ने बताया कि जी रामजी योजना में कृषि कार्य के समय रोजगार नहीं दिया जाएगा,ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि एक सप्ताह में भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में 1.51 लाख करोड़ रुपये जी रामजी योजना के लिए प्रावधान किया है। इस योजना में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की होगी। वहीं नॉर्थ ईस्ट के पहाड़ी क्षेत्रों में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत गांवों में बारात घर सहित अन्य पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों की निगरानी ब्लॉक और जनपद स्तर पर की जाएगी,जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के राम राज्य की परिकल्पना को भाजपा सरकार साकार कर रही है। गांवों के आत्मनिर्भर बनने से पलायन रुकेगा और आम ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि मनरेगा अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था,जबकि जी रामजी योजना ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करेगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा,सदर विधायक पल्टूराम,तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल,उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा,गैसड़ी के पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू,जिला पंचायत अध्यक्षा आरती तिवारी,नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’,चेयरमैन गैस डी प्रिन्स वर्मा,निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष आंधी प्रसाद निषाद,सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बबलू,मीडिया प्रभारी डीपी सिंह एवं मीडिया संयोजक अवधेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच पर कांग्रेस-बीजेपी में रार जारी

देहरादून। उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग और लंबे समय से चल रहे जन-आंदोलनों के दबाव में लिया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रार थमने का नाम नहीं ले रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सीएम धामी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जन-भावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष जांच की और दोषियों को जेल भेजा। अब सीबीआई जांच से विपक्ष के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा। भट्ट ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अंकिता के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से राजनीति बंद करने की अपील की और नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक झूठ करार दिया।
भाजपा का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार की इच्छा का सम्मान है और सरकार ने पहले भी पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की थी।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति को जनता के संघर्ष की जीत बताया, लेकिन इसे अधूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गोदियाल ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला देकर अपनी पिछली जांच में बड़ी चूक स्वीकार कर ली है। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कथित वीआईपी का नाम नहीं खुलता, बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती। गोदियाल ने जांच को टाइम-बाउंड बनाने की भी मांग की ताकि न्याय में देरी न हो।

यह मामला 2022 का है, जब अंकिता भंडारी (19) एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। विशेष जांच दल (SIT) ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई थी। हाल ही में वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित वीआईपी एंगल के खुलासे से विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गए।
अब केंद्र सरकार को इस संस्तुति पर अंतिम फैसला लेना है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय की उम्मीद बंधी है।
अखिल भारतीय कायस्थ महासभा की बैठक तथा मिलन समारोह संपन्न
भायंदर। कायस्थ समाज जागरूक समाज हैं और हमेशा राष्ट्रहित में कार्य करती हैं और करती रहेंगी उक्त विचार संजय निरुपम जी पूर्व सांसद, राष्ट्रीय प्रवक्ता (शिवसेना शिंदे जी )ने राज पुरोहित सभागार हाल, भायंदर पूर्व में अखिल भारतीय कायस्थ महासभा 7235 महाराष्ट्र प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं कायस्थ मिलन समारोह में उपस्थित सैकड़ों चित्रांश बंधुओं को संबोधित करते हुए बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। उन्होंने कहा है कायस्थ समाज ने देश को दिशा देने का काम किया है और कायस्थ समाज की महान विभूतियों ने राष्ट्रपति प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री , केंद्रीय मंत्री पद को सुशोभित करते हुए देश की निस्वार्थ भाव  से सेवा किया है और लोग बाला साहब ठाकरे के दिखाए मार्ग पर अनुसरण करते हुए आगे बढ़ रहे है। संजय निरूपम पूर्व सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र मुम्बई  में भी कायस्थ समाज का बड़ा योगदान है कायस्थ समाज के लोग लेखन, राजनीत, कला, उद्योग, गीत संगीत फिल्म, नौकरी में भी काफी लोग है । विशिष्ट अतिथि प्रताप सरनाईक परिवहन मंत्री महाराष्ट्र सरकार ने कहा है भगवान चित्रगुप्त सबका लेखा जोखा रखते हैं और पूज्य है भगवान चित्रगुप्त जी मंदिर निर्माण में जो भी सहयोग होगा किया जाएगा और कहा कि कोई भी संगठन चलाने से समाज जीवन्त रहता है।

अतिथि गण को स्मृति चिन्ह शाल अंगवस्त्र भेट कर जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान चित्रगुप्त प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर दीप प्रज्वलन कर आरती कर किया गया । समारोह को संबोधित करते हुए
कायस्थ महासभा महाराष्ट के प्रदेश अध्यक्ष सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट हाईकोर्ट मुंबई ने कहा कि कायस्थ महासभा 7235 महाराष्ट्र प्रदेश में लोगो को जोड़ने एवं कायस्थ सम्मान देने का कार्य कर रहा हैं और करता रहेगा और पूरे महाराष्ट्र प्रदेश के जिलों से लोगों ने आकर उत्साह बढ़ाया और मुख्य अतिथि संजय निरुपम पूर्व सांसद सहित मंत्री सांसद विधायक ने आज समय देकर कायस्थ का सम्मान बढ़ाया जिसका कायस्थ समाज आभारी रहेगा।

राष्ट्रीय अध्यक्ष कायस्थ महासभा महेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा है कायस्थ महासभा 7235 भारत का संगठन पूरे देश में कायस्थ समाज के हित में कार्य कर रहा है और महाराष्ट्र में भी मजबूती से कार्य कर रहा है
राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट ने कहा कि विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को बनाकर कायस्थ समाज का सम्मान बढ़ाया हैं कायस्थ समाज भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  का आभारी रहेगा और कहा कि इस समय देश भर के हर प्रदेश में संगठन मजबूत करने के लिए प्रदेश कार्यसमिति बैठक एवं कायस्थ मिलन समारोह कर रहा है ।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव ने कहा है कायस्थ समाज के हित में सदैव कार्य करता रहूंगा और महाराष्ट्र में संगठन मजबूत करने में योगदान दूंगा। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गिरिजेश श्रीवास्तव, राष्ट्रीय महासचिव राजेश श्रीवास्तव बच्चा भईया एडवोकेट, प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र सत्य प्रकाश श्रीवास्तव एडवोकेट ने महाराष्ट्ट के मनोनीत पदाधिकारी को मनोनयन पत्र देकर सम्मानित किया। संस्कृतिक कार्यक्रम बच्चों ने प्रस्तुत किया एवं चित्रांश कलाकारों गायक ने कार्यकम में समा बांध दिया ।

कार्यक्रम में कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष महाराष्ट्र राकेश श्रीवास्तव, महिला प्रदेश अध्यक्ष मीनू श्रीवास्तव, महिला प्रदेश महामंत्री सुनीता श्रीवास्तव युवा प्रदेश अध्यक्ष अरविंद श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव, हेमंत श्रीवास्तव दिनेश श्रीवास्तव, सदन सिन्हा, विकाश श्रीवास्तव,रविकांत श्रीवास्तव, शशिकांत श्रीवास्तव, अशोक माथुर,तेज बहादुर श्रीवास्तव, शत्रुध्न श्रीवास्तव, अभिषेक सिन्हा, अनुराग सिन्हा, विपिन सिंहा, अभिषेक सिन्हा राजेश श्रीवास्तव, अलका श्रीवास्तव, बृजेंद्र श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, हेमन्त श्रीवास्तव प्रिंस श्रीवास्तव, राजेश श्रीवास्तव, मनोज श्रीवास्तव, नेहा श्रीवास्तव रश्मि अभय सिन्हा, अमृता श्रीवास्तव, मधु श्रीवास्तव,शालनी प्रियदर्शिनी आदि सैकड़ों चित्रांश बंधु मौजूद रहे।
प्रयागराज दौरे पर सीएम योगी: माघ मेला निरीक्षण संगम स्नान और संतों से संवाद,हिंदू एकता का दिया संदेश

संजय द्विवेदी प्रयागराज।उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 10 जनवरी 2026 को प्रयागराज दौरे के दौरान लगभग छह घंटे प्रवास करते हुए माघ मेला निरीक्षण संगम स्नान और संतो से संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमो में भाग लिया।उनके साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह भी मौजूद रहे।मुख्यमंत्री सुबह करीब 10:25 बजे बमरौली एयरपोर्ट पहुंचे और वहां से वीआईपी घाट गए। स्टीमर के माध्यम से संगम नोज पहुंचकर उन्होंने त्रिवेणी संगम में तीन डुबकी लगाईं और विधिवत गंगा पूजन किया।लगभग 32 मिनट संगम क्षेत्र में रुकने के बाद वे पुनः वीआईपी घाट लौटे और हनुमान मंदिर में दर्शन-पूजन किया।संगम स्नान के पश्चात मुख्यमंत्री खाकचौक स्थित सतुआ बाबा आश्रम पहुंचे जहां उन्होंने जगद्गुरु रामानंदाचार्य के 726वें जन्मोत्सव समारोह में भाग लिया और संत-महात्माओं से विचार-विमर्श किया।इस अवसर पर उन्होने सनातन परम्परा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक चेतना पर अपने विचार व्यक्त किए।इसके बाद दोपहर 2:05 बजे आईसीसीसी सभागार में प्रशासनिक अधिकारियो के साथ समीक्षा बैठक की, जिसमें मकर संक्रांति (14–15 जनवरी) और मौनी अमावस्या (18 जनवरी)के प्रमुख स्नान पर्वो के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा यातायात स्वच्छता स्वास्थ्य सेवाओं और मेला प्रबन्धन की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओ को किसी प्रकार की असुविधा न हो और मेला व्यवस्था पूरी तरह सुचारु रहे।इसी दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हिंदू समाज को एकजुट रहने का स्पष्ट सन्देश भी दिया।संगम में स्नान के बाद दिए गए बयान में उन्होंने बांग्लादेश में हिंदुओ पर हो रही हिंसा का उल्लेख करते हुए कहा कि जाति मत या संप्रदाय के नाम पर हिन्दुओ का विभाजन समाज के लिए घातक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि बांग्लादेश जैसे गम्भीर मुद्दे पर तथाकथित सेक्युलर ताकते मौन है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि हिन्दू समाज संगठित और सजग रहेगा तो ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

राम मंदिर परिसर में नमाज पढ़ने की कोशिश, हिरासत में लिया गया शख्स
अयोध्या ।  अयोध्या स्थित राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में शनिवार को सुरक्षा बलों के लिए चुनौतीपूर्ण मामला सामने आया। दक्षिणी परकोटे के पास एक अधेड़ व्यक्ति नमाज पढ़ने की कोशिश कर रहा था, जिसे मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत दबोच लिया।

पकडे गए व्यक्ति की पहचान कश्मीर निवासी अबू अहमद के रूप में हुई

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति की पहचान कश्मीर को शोपिया निवासी अबू अहमद शेख (55) के रूप में हुई है। जब सुरक्षा कर्मियों ने उसे रोकने का प्रयास किया, तो वह कथित तौर पर संप्रदाय विशेष के नारे लगाने लगा। इसके बाद उसे तुरंत हिरासत में ले लिया गया और थाना रामजन्मभूमि पुलिस के हवाले किया गया।
पुलिस और खुफिया एजेंसियां युवक से लगातार पूछताछ कर रही
स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियां युवक से लगातार पूछताछ कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि युवक कहां से और कैसे राम मंदिर परिसर में पहुंचा, इसकी जांच जारी है।एसपी सुरक्षा बल रामाचारी दुबे ने घटना की पुष्टि की है, जबकि एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने बताया कि युवक से गहन पूछताछ की जा रही है और पूरे मामले की तह तक जाने की कोशिश की जा रही है।

राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया

फिलहाल जिला प्रशासन और राम मंदिर ट्रस्ट ने इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। सुरक्षा बलों की सतर्कता और तेज़ प्रतिक्रिया के कारण किसी अप्रिय घटना को टाला जा सका।
मौके पर मौजूद लोग और भक्त घटना को लेकर सकते में हैं और पूरे परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को और कड़ा कर दिया गया है।
इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर बवाल, नया ड्राफ्ट सार्वजनिक करने की मांग

जल्दबाजी में बिल पारित हुआ तो देशव्यापी हड़ताल, 27 लाख बिजली कर्मियों के आंदोलन की चेतावनी

लखनऊ। इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 को लेकर पावर सेक्टर में विरोध तेज हो गया है। ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन ने संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा प्रस्तावित नए ड्राफ्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। फेडरेशन ने चेतावनी दी है कि यदि बिजली क्षेत्र के निजीकरण के उद्देश्य से इस संशोधन बिल को जल्दबाजी में संसद से पारित कराने की कोशिश की गई तो देशभर के 27 लाख बिजली कर्मचारी और इंजीनियर राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर जाने को मजबूर होंगे।

31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की

ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन के चेयरमैन शैलेन्द्र दुबे ने केंद्रीय विद्युत सचिव पंकज अग्रवाल को पत्र भेजकर मांग की है कि इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर स्टेकहोल्डर्स से चर्चा से पहले संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट की प्रति सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए। साथ ही उन्होंने स्टैंडिंग कमेटी के माननीय सदस्यों की सूची सार्वजनिक करने और नए ड्राफ्ट पर कमेंट देने के लिए कम से कम 31 मार्च 2026 तक का समय देने की भी मांग की है।
बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे केंद्रीय विद्युत मंत्री
फेडरेशन के अनुसार, संसद की ऊर्जा मामलों की स्टैंडिंग कमेटी ने 9 अक्टूबर 2025 को विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर अपनी टिप्पणी देते हुए एक नया ड्राफ्ट प्रस्तावित किया है। इसी प्रस्तावित ड्राफ्ट के आधार पर केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर आगामी 22 और 23 जनवरी को देशभर के राज्यों के बिजली मंत्रियों के साथ बैठक करने जा रहे हैं।शैलेन्द्र दुबे ने बताया कि इस बैठक का मुख्य एजेंडा स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए ड्राफ्ट के अनुरूप इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 पर आम सहमति बनाना है। साथ ही बिजली के निजीकरण, फ्रेंचाइजी मॉडल और निजीकरण के लिए सशर्त वित्तीय पैकेज जैसे मुद्दों पर भी सहमति बनाने की कोशिश की जा रही है, ताकि बजट सत्र में इस बिल को संसद से पारित कराया जा सके।
किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं
फेडरेशन ने स्पष्ट किया है कि बिजली इंजीनियरों और कर्मचारियों को किसी भी स्थिति में पावर सेक्टर का निजीकरण स्वीकार नहीं है। संगठन का कहना है कि यह बेहद चिंताजनक है कि एक ओर विद्युत मंत्रालय स्टेकहोल्डर्स से पुराने मसौदे पर चर्चा कर रहा है, वहीं दूसरी ओर राज्यों के बिजली मंत्रियों से स्टैंडिंग कमेटी द्वारा सुझाए गए नए ड्राफ्ट पर बातचीत की जा रही है, जबकि यह नया ड्राफ्ट सार्वजनिक ही नहीं किया गया है।उन्होंने सवाल उठाया कि जब नया ड्राफ्ट ही सार्वजनिक नहीं किया गया है, तो उस पर आम सहमति कैसे बनाई जा सकती है। फेडरेशन ने इसे पारदर्शिता के खिलाफ बताते हुए कड़ा विरोध जताया है।
निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन भी जारी
शैलेन्द्र दुबे ने यह भी कहा कि 12 जनवरी को केंद्रीय विद्युत सचिव के साथ होने वाली वार्ता के बाद नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स की कोर कमेटी निजीकरण और इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 के विरोध में संघर्ष की आगे की रणनीति का ऐलान करेगी।उधर, उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में चल रहा आंदोलन लगातार 410वें दिन में प्रवेश कर चुका है। इस अवसर पर अवकाश के दिन भी बिजली कर्मचारियों ने उपभोक्ताओं, किसानों और बिजली कर्मियों के बीच व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाकर निजीकरण के खिलाफ जन आंदोलन को और तेज करने का प्रयास किया।
आजमगढ़ : माहुल नगर में हिंदू सम्मेलन का हुआ आयोजन ,भारतीय संस्कृति की रक्षा और सामाजिक समरसता से ही होगी हिंदुत्व की रक्षा : सुरजीत
सिद्धेश्वर पाण्डेय
   व्यूरो चीफ
आजमगढ़ ।जिले के फूलपुर तहसील के माहुल नगर पंचायत के रामलीला मैदान में शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वाधान में विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के गोरखपुर क्षेत्र के सह प्रांत प्रचारक सुरजीत और विशिष्ट अतिथि डॉ राजेंद्र मुनि ने हिंदु सम्मेलन में भारतीय संस्कृति को मजबूत करने और हिंदुत्व की रक्षा के बारे में विस्तार से व्याख्यान दिया । हिंदू सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरएसएस के प्रांत प्रचारक सुरजीत ने कहा कि जिस तरह से व्यक्ति की पहचान मुखमंडल से होती है उसी तरह भारत की पहचान हिंदुत्व से होती है।हिंदुत्व को खत्म करने के लिए समय काल खंड में अनेक आक्रांता लुटेरे आए पर भारतीय संस्कृति के आगे उन्हें घुटने टेकना पड़ा।भारत विश्व का इकलौता देश है , जो वसुधैव कुटुंबकम् और सर्वे भवन्तु सुखिन सर्वे संतु निरामया के सिद्धांत का पालन करता है, और हिंदुत्व से ही स्वयं को श्रेष्ठ बनाने के साथ ही साथ विश्व को श्रेष्ठ बनाने का मार्ग निकलता है।उन्होंने भगवान राम और श्रीकृष्ण की चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने धर्म और आचरण की रक्षा करना सिखाया। सुरजीत ने सम्मेलन में आगे कहा कि आज हमें परिवार को बचाने की जरूरत है। परिवार प्रेम से चलता है।भारतीय संस्कृति में दीपक जलाने की परंपरा है पर लोग आज जन्मदिन में दीपक बुझाते है। हमें पाश्चात्य संस्कृति से बचने की जरूरत है। भारतीय संस्कृति पर्यावरण संरक्षण,स्व जागरण,नागरिक कर्तव्य, सामाजिक समरसता की भावना से अपने घर और समाज को परिपूर्ण करना होगा और परिवार और देश के प्रति अपने दायित्वों का पालन करना होगा, तभी हमारी हिंदुत्व की संस्कृति बचेगी और भारत सर्वश्रेष्ठ भारत विश्वगुरु बनेगा। इसे बचाने के लिए हमें संगठित होकर आगे बढ़ना होगा तभी हिन्दू समाज की आगे आने वाली पीढ़ी संरक्षित होगी और भारत माता विश्व गुरु के सिंहासन पर बैठेगी और भारत माता की जय होगी। डॉ राजेंद्र मुनि ने भी हिंदुत्व के रक्षा के विषय पर अपना व्याख्यान दिया । अंत मे भारत माता की आरती उतारी गयी । ।अध्यक्षता राम कृष्ण पाण्डेय एवं संचालन विक्रांत पाण्डेय ने किया इस मौके पर धरणीधर पांडेय,विक्रांत पांडेय,संजय मोदनवाल,संतोष पांडेय,सुजीत जायसवाल आंसू,हरिकेश गुप्ता,विजय सिंह,राम मनी यादव, अरुणाकर सिंह हैपी हरिशंकर सोनी,राजेश पांडेय,सुनील पाण्डेय ,डॉ अविनाश पाण्डेय आदि रहे।
पंचायत चुनाव से पहले कई गांवों की मतदाता सूची में बड़ा फर्जीवाड़ा,पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर से आपत्ति
गंभीर गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले लगातार हो रहे उजागर

गोण्डा(करनैलगंज)। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले हलधरमऊ विकास खंड क्षेत्र में मतदाता सूची को लेकर गंभीर गड़बड़ियों और फर्जीवाड़े के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। कई ग्राम पंचायतों में मृतकों, बाहरी लोगों और शादीशुदा बेटियों के नाम सूची में दर्ज किए जाने के साथ-साथ वास्तविक मतदाताओं के नाम काटे जाने के आरोप लगे हैं। सबसे गंभीर मामला पूर्व प्रधान के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर मतदाता सूची में आपत्ति दाखिल करने का सामने आया है।बमडेरा ग्रामसभा के पूर्व प्रधान अजय कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि मतदाता सूची में 21 वैध नाम छूट गए, जबकि 57 ऐसे नाम शामिल कर दिए गए जो या तो मृत हैं या गांव से बाहर रह रही शादीशुदा महिलाएं हैं। इन नामों को हटाने और 20 डबल नामों के संशोधन के लिए उन्होंने उपजिलाधिकारी कार्यालय में प्रार्थना पत्र दिया था,लेकिन वह पत्र रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। आरोप है कि इसके बाद उनके फर्जी हस्ताक्षर कर 45 नाम जोड़ने का दूसरा प्रार्थना पत्र विपक्षियों द्वारा दाखिल कर दिया गया। चकसेनिया गांव के संजय तिवारी ने बताया कि गांव में 40 मृत लोगों के नाम हटाने के लिए आपत्ति दी गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांव की आंगनबाड़ी कार्यकर्ता शशि तिवारी का नाम तक बदल दिया गया है। कपूरपुर के पूर्व प्रधान रामनाथ दूबे ने बताया कि बटौराबख्तावर गांव के 50 लोगों को फर्जी तरीके से यहां की मतदाता सूची में शामिल कर दिया गया है,जिनमें से करीब 30 लोग गांव के निवासी ही नहीं हैं। इस संबंध में आपत्ति दर्ज कराई गई है। भुलभुलिया गांव की ग्राम प्रधान रश्मि सिंह ने बताया कि बेवजह 12 मतदाताओं के नाम सूची से काट दिए गए हैं। वहीं ग्राम पंचायत कैथौला में आबादी 2100 होने के बावजूद मतदाता सूची में 2302 नाम दर्ज पाए गए हैं। ग्राम प्रधान सीमा साहू ने बताया कि उनके पति संतराम साहू समेत 83 लोगों के नाम सूची से गायब हैं। परसा गोड़री गांव के पूर्व प्रधान नंदकिशोर ओझा ने बताया कि उनकी ग्रामसभा में 400 डबल नाम, 100 बाहरी और 100 शादीशुदा बेटियों के नाम दर्ज हैं, जबकि उनकी चाची शिवकांति का नाम सूची से काट दिया गया है। रेरुवा गांव के पूर्व प्रधान विनय कुमार ओझा ने भी 20 डबल नाम और पांच शादीशुदा महिलाओं के नाम दर्ज होने की आपत्ति दी है। भैरमपुर गांव की प्रधान अरुणिमा मिश्रा ने बताया कि उनके ससुर राजेंद्र मिश्रा समेत 20 मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। मामले में एडीओ पंचायत राजेश कुमार वर्मा ने कहा कि यदि ब्लॉक स्तर पर कोई त्रुटि हुई है तो उसके समाधान के लिए टीम गठित कर दी गई है। वहीं एसडीएम कर्नलगंज नेहा मिश्रा ने स्पष्ट किया कि जिन गांवों से दावा-आपत्ति प्राप्त हुई है, वहां लेखपालों के माध्यम से जांच कराई जा रही है और जो नाम वास्तविक होंगे, वही अंतिम मतदाता सूची में शामिल रहेंगे। इधर कांग्रेस जिला मीडिया प्रभारी शिक्कुमार दुबे ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा है। लगातार सामने आ रही शिकायतों के बाद अब मतदाता सूची की शुद्धता और पंचायत चुनाव की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
गणतंत्र दिवस 2026: मोरहाबादी में दिखेगी झारखंड की कला और संस्कृति की झलक, 12 विभागों की झांकियां होंगी मुख्य आकर्षण।

राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में गणतंत्र दिवस समारोह-2026 को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए जिला प्रशासन सक्रिय हो गया है। शनिवार को समाहरणालय में आयोजित बैठक में उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ मिलकर समारोह की रूपरेखा तय की। बैठक में वरीय पुलिस अधीक्षक श्री राकेश रंजन सहित जिले के सभी प्रमुख विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

12 विभागों की झांकियां बिखेरेंगी छटा इस वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर कुल 12 विभागों की झांकियों का प्रदर्शन किया जाएगा। उपायुक्त ने बताया कि ये झांकियां झारखंड सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं, नीतियों और राज्य की समृद्ध कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक धरोहरों पर आधारित होंगी। प्रमुख रूप से वन विभाग, ग्रामीण विकास, कृषि, सूचना एवं जनसंपर्क और पर्यटन विभाग की झांकियां लोगों को झारखंड की प्रगति और परंपरा से रूबरू कराएंगी।

परेड और सुरक्षा व्यवस्था समारोह में इस बार 15 प्लाटून और 03 बैंड हिस्सा लेंगे। परेड का पूर्वाभ्यास 18 जनवरी से 23 जनवरी 2026 तक चलेगा, जबकि 24 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल (अंतिम रिहर्सल) आयोजित की जाएगी। सुरक्षा को लेकर एसएसपी रांची को कड़े निर्देश दिए गए हैं, वहीं ट्रैफिक एसपी को मोरहाबादी की ओर आने वाले रास्तों पर सुगम पार्किंग और यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।

बुनियादी सुविधाओं पर जोर उपायुक्त ने भवन प्रमंडल को मैदान के दोनों ओर वाटरप्रूफ पंडाल, गैलरी और बैरिकेडिंग करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही निर्बाध बिजली के लिए साउंड प्रूफ जनरेटर, पेयजल आपूर्ति के लिए टैंकर और समारोह स्थल की साफ-सफाई के लिए नगर निगम को जिम्मेदारी सौंपी गई है। चिकित्सा शिविर और एम्बुलेंस की तैनाती के लिए सिविल सर्जन को निर्देशित किया गया है।

ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम: जौनपुर में मंत्री ए.के. शर्मा की प्रेस वार्ता

* रोजगार की गारंटी 125 दिन, बेरोजगारी भत्ता बना कानूनी अधिकार, ग्राम सभा तय करेगी विकास कार्य

लखनऊ/जौनपुर। नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री तथा जनपद जौनपुर के प्रभारी मंत्री ए.के. शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार, जौनपुर में विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) — विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम के संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस अधिनियम को ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम बताया।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस नए अधिनियम के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार की गारंटी को 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दिया गया है। यह निर्णय ग्रामीण मेहनतकश वर्ग, किसानों और श्रमिक परिवारों की आय बढ़ाने, पलायन रोकने तथा स्थायी आजीविका सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने इसे ग्रामीण समाज के प्रति सरकार की संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया।

प्रेस वार्ता में उन्होंने बताया कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि बेरोजगारी भत्ता अब एक वास्तविक और प्रभावी कानूनी अधिकार बन गया है। पूर्व में महात्मा गांधी नरेगा अधिनियम के तहत अनेक शर्तों के कारण बेरोजगारी भत्ता मिल पाना कठिन था, जबकि नए अधिनियम में अनावश्यक प्रतिबंध समाप्त कर दिए गए हैं। अब श्रमिक द्वारा कार्य की मांग किए जाने पर समय से रोजगार न मिलने की स्थिति में बेरोजगारी भत्ता स्वतः देय होगा।

मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि मजदूरी भुगतान व्यवस्था को पूरी तरह पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। यदि मजदूरी भुगतान में किसी भी कारण से देरी होती है, तो प्रत्येक विलंबित दिन का मुआवजा श्रमिक को मजदूरी के साथ दिया जाएगा। इससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और श्रमिकों को उनके परिश्रम का पूरा लाभ समय पर मिल सकेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अब विकास कार्यों की योजना ग्राम स्तर पर ही तय की जाएगी। ग्राम सभा के माध्यम से ग्राम पंचायत विकसित ग्राम पंचायत योजना तैयार करेगी, जिसमें ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता अनिवार्य होगी। कोई भी योजना ऊपर से थोपे जाने के बजाय स्थानीय आवश्यकताओं के अनुसार बनाई जाएगी, जिससे गांवों का समग्र और संतुलित विकास सुनिश्चित हो सकेगा।

मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम ग्रामीण भारत को आत्मनिर्भर बनाने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और सामाजिक-आर्थिक मजबूती प्रदान करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर राज्यसभा सदस्य श्रीमती सीमा द्विवेदी, खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चंद्र यादव, विधायक शाहगंज रमेश सिंह, विधान परिषद सदस्य बृजेश सिंह प्रिंसू, जिलाध्यक्ष अजीत प्रजापति, मुख्य विकास अधिकारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारीगण उपस्थित रहे।
गांवों के विकास से ही राष्ट्र का विकास संभव,जी रामजी योजना से मिलेगा 125 दिनों का गारंटी रोजगार : राकेश सचान

बलरामपुर।“गांव विकसित होंगे तभी राष्ट्र विकसित होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक विकसित भारत का जो विजन देश को दिया है,उसकी बुनियाद गांवों के समग्र विकास पर टिकी है।” यह बातें उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने यूपीटी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कही। कैबिनेट मंत्री श्री सचान ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाई गई जी रामजी योजना ग्रामीण क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार की मजबूत गारंटी है। इस योजना के तहत ग्रामीणों को 125 दिनों का गारंटी रोजगार मिलेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में जी रामजी योजना को लेकर भ्रम फैलाने का काम कर रही है, जबकि यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना में जॉब कार्ड, भुगतान और कार्यों को लेकर लंबे समय से फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती रही हैं। मनरेगा के तहत अधिकतर कच्चे कार्य कराए जाते थे, जिनमें फर्जी भुगतान के आधार पर बंदरबांट हो जाता था। भाजपा सरकार ने इन खामियों को दूर करते हुए कैबिनेट में जी रामजी योजना विधेयक पास कर ग्रामीणों को पारदर्शी और सुनिश्चित रोजगार देने का काम किया है। श्री सचान ने बताया कि जी रामजी योजना में कृषि कार्य के समय रोजगार नहीं दिया जाएगा,ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। योजना के अंतर्गत मजदूरी का भुगतान एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाएगा। यदि एक सप्ताह में भुगतान नहीं होता है तो श्रमिकों को ब्याज सहित भुगतान किया जाएगा। उन्होंने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने अपने बजट में 1.51 लाख करोड़ रुपये जी रामजी योजना के लिए प्रावधान किया है। इस योजना में 60 प्रतिशत हिस्सेदारी केंद्र सरकार और 40 प्रतिशत राज्य सरकार की होगी। वहीं नॉर्थ ईस्ट के पहाड़ी क्षेत्रों में 90 प्रतिशत खर्च केंद्र सरकार और 10 प्रतिशत राज्य सरकार वहन करेगी। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि इस योजना के तहत गांवों में बारात घर सहित अन्य पक्के निर्माण कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों की निगरानी ब्लॉक और जनपद स्तर पर की जाएगी,जिससे पारदर्शिता बनी रहे। उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के राम राज्य की परिकल्पना को भाजपा सरकार साकार कर रही है। गांवों के आत्मनिर्भर बनने से पलायन रुकेगा और आम ग्रामीणों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने दोहराया कि मनरेगा अपने मूल उद्देश्य से भटक गया था,जबकि जी रामजी योजना ग्रामीण विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक सशक्त और पारदर्शी व्यवस्था प्रदान करेगी। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष रवि मिश्रा,सदर विधायक पल्टूराम,तुलसीपुर विधायक कैलाश नाथ शुक्ल,उतरौला विधायक राम प्रताप वर्मा,गैसड़ी के पूर्व विधायक शैलेश कुमार सिंह शैलू,जिला पंचायत अध्यक्षा आरती तिवारी,नगर पालिका अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’,चेयरमैन गैस डी प्रिन्स वर्मा,निषाद पार्टी जिलाध्यक्ष आंधी प्रसाद निषाद,सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी जिलाध्यक्ष सुरेन्द्र सिंह बबलू,मीडिया प्रभारी डीपी सिंह एवं मीडिया संयोजक अवधेश पाण्डेय सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंकिता भंडारी हत्याकांड: सीबीआई जांच पर कांग्रेस-बीजेपी में रार जारी

देहरादून। उत्तराखंड में चर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 9 जनवरी 2026 को मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति दे दी है। यह फैसला अंकिता के माता-पिता की मांग और लंबे समय से चल रहे जन-आंदोलनों के दबाव में लिया गया है। हालांकि, इस घोषणा के बावजूद कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक रार थमने का नाम नहीं ले रही है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने सीएम धामी के फैसले का स्वागत करते हुए इसे जन-भावनाओं के अनुरूप बताया। उन्होंने कहा कि सरकार ने शुरू से ही निष्पक्ष जांच की और दोषियों को जेल भेजा। अब सीबीआई जांच से विपक्ष के झूठ और दुष्प्रचार का पर्दाफाश होगा। भट्ट ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे अंकिता के नाम पर समाज को बांटने और माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने सभी पक्षों से राजनीति बंद करने की अपील की और नर्सिंग कॉलेज के नाम परिवर्तन पर कांग्रेस के आरोपों को राजनीतिक झूठ करार दिया।
भाजपा का कहना है कि यह फैसला पीड़ित परिवार की इच्छा का सम्मान है और सरकार ने पहले भी पूरी पारदर्शिता से कार्रवाई की थी।

उत्तराखंड कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने सीबीआई जांच की संस्तुति को जनता के संघर्ष की जीत बताया, लेकिन इसे अधूरी करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य दोनों में भाजपा की सरकार होने से सीबीआई की निष्पक्षता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। गोदियाल ने मांग की कि जांच हाईकोर्ट या सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में होनी चाहिए, तभी सच्चाई सामने आएगी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने यह फैसला देकर अपनी पिछली जांच में बड़ी चूक स्वीकार कर ली है। कांग्रेस का संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक कथित वीआईपी का नाम नहीं खुलता, बुलडोजर चलाने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होती और दोषियों को सजा नहीं मिलती। गोदियाल ने जांच को टाइम-बाउंड बनाने की भी मांग की ताकि न्याय में देरी न हो।

यह मामला 2022 का है, जब अंकिता भंडारी (19) एक रिसॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट थीं। विशेष जांच दल (SIT) ने तीन आरोपियों को उम्रकैद की सजा दिलाई थी। हाल ही में वायरल ऑडियो-वीडियो और कथित वीआईपी एंगल के खुलासे से विवाद फिर भड़क गया, जिसके बाद प्रदर्शन तेज हो गए।
अब केंद्र सरकार को इस संस्तुति पर अंतिम फैसला लेना है। दोनों दल एक-दूसरे पर राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार को पूर्ण न्याय की उम्मीद बंधी है।