गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

मेरठ में आग का कहर, जलती इमारत में जिंदा दफ्न हुआ परिवार, पांच मासूम समेत 6 की दर्दनाक मौत

मेरठ । यूपी के मेरठ में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं से भर गया और अंदर फंसे मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई।इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इलाके में मातम पसरा है और चीख-पुकार की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

नमाज पढ़ने गए थे घर के पुरुष, पीछे छूट गया जलता घर

मकान कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। घटना के समय इकबाल और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे अचानक घर के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

संकरी गलियां बनीं बाधा, लोग छतों से पहुंचे अंदर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसे हुए बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल में टूटी सांसें

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रुखसार (30 वर्ष), अकदस (3 वर्ष), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य में आई बाधाओं की भी समीक्षा होगी।यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है—क्या घर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या फैक्ट्री और रिहाइश एक साथ होने से खतरा बढ़ा?फिलहाल, मेरठ के इस इलाके में मातम का माहौल है। पांच मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का लोकार्पण
लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज स्थित महामना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों का विशेष योगदान है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण होकर देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार माता-पिता बालकों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार बालिकाओं की शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तभी राष्ट्र का संतुलित और समग्र विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा पर निरंतर ध्यान दें।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में 1 से 8 वर्ष तक की आयु को बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी अवस्था में संस्कारों का बीजारोपण होता है। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की।
विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले दानदाताओं को राज्यपाल ने शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती उत्तर प्रदेश) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), डॉ. मदन लाल ब्रह्हभट्ट (निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान) तथा संजय जी (सह प्रांत प्रचारक) उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रबंधक विनीत मिश्रा ने संस्थान की विकास यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्रा (कोषाध्यक्ष) ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से नरेंद्र राय, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, अखिलेश वर्मा, विनय, रुद्र, अवधेश, सुमन तिवारी, अमित मौर्य, अशोक सिंह, रमाकांत, रतनलाल, शशिकांत सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश शुक्ला (अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज) ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, 6 की मौत, 21 घायल
लखनऊ । राजधानी के गोसाईगंज इलाके में सोमवार शाम 4:30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। जौखंडी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लुधियाना (पंजाब) से दरभंगा (बिहार) जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

घटना में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। बस में कुल लगभग 40 यात्री सवार थे।

पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे यात्रियों को निकाला। क्रेन की मदद से बस को उठाने का प्रयास किया गया। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।यह हादसा यात्रियों की सुरक्षा और तेज़ रफ्तार पर नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।
हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

अधिवक्ता हत्याकांड, मारपीट में भतीजे ने चढाया था लोगों पर ट्रैक्टर
*9 बीघा जमीन का विवाद, पीट पीट कर की हत्या

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दत्त नगर गांव के सुदाई पुरवा में रविवार को हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड से जुड़ा एक लाइव वीडियो सामने आया है,यह वीडियो घटना से ठीक पहले का है जिसमें दिखाई दे रहा है कि खेत में जुताई के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है।इस दौरान अधिवक्ता के भतीजे ने ट्रैक्टर से सबको कुचलने का प्रयास किया जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि अधिवक्ता की मौत हो गई।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दिया है,वहीं गांव में माहौल बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।सारा विवाद 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था।चार मिनट के लाइव वीडियो में अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा को खेत की जुताई करते देखा जा सकता है।इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली गलौज शुरू हो जाती है।मारपीट के दौरान अधिवक्ता खुद भी लाठी लेकर बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।घटना के कुछ मिनट बाद पुलिस के भी पहुंचने का दावा किया जा रहा है,जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके से फरार हो जाते हैं।घटना में मृतक अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं तथा अवध बार एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं।उनके दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है तो वहीं छोटा बेटा अनुराग मिश्रा घर पर रहकर खेती बाड़ी संभालता है।परिजनों के अनुसार, यह विवाद गांव के पूर्व प्रधान हरिशरण मिश्रा से 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था और कोर्ट का फैसला सुभाष चंद्र मिश्रा के पक्ष में आया था,जिसकी प्रति लेकर वह घटना के एक दिन पहले करनैलगंज कोतवाली गए थे और पुलिस को सूचित किया था कि वह अगले दिन जमीन पर कब्जा लेने जाएंगे।मृतक अधिवक्ता के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई,जबकि शरीर पर कुल आठ चोट के निशान मिले हैं।सुभाष चंद्र मिश्रा का पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया।रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था,जिसके कारण नसों ने काम करना बंद कर दिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मामले में करनैलगंज कोतवाली पुलिस न भतीजे विश्वास मिश्रा की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है,इसके साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय के अनुसार दो वीडियो सामने आए हैं,जिसमें से एक में कोई विवाद स्पष्ट नहीं है जबकि दूसरे में विवाद और ट्रैक्टर चलाते एक व्यक्ति देखा जा सकता है।पुलिस वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की जांच कर रही है।इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में अत्यधिक आक्रोश है।उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया है।मामले की जानकारी होने पर कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह भी मौके पर पहुंचे,जिसमें वह अधिवक्ताओं से हाईकोर्ट में आंदोलन करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।हालांकि पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ शांत हुई।अनुराग के अनुसार रविवार को जैसे ही वे लोग खेत पर पहुंचे,आरोपियों ने हमला कर दिया।लाठी डंडों से पिटाई की गई और फायरिंग भी की गई।गोली उनके भाई के कान के पास से निकल गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में 20 से 30 लोग शामिल थे।उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग किया है।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा की शिकायत पर चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
गया में STF टीम पर हमला, तीन जवान घायल, हथियार छीने गए, हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी एसटीएफ

गया: गया जिले में कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव की है, जहां रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई। हमले में तीन से अधिक STF जवान घायल हो गए, जबकि कुछ समय के लिए उनके हथियार भी छीन लिए गए थे। बाद में पुलिस दबिश के बाद हथियार बरामद कर लिए गए।

पुलिस के अनुसार STF टीम हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। टीम आरोपी को पकड़ने ही वाली थी कि उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कह रही है।

कन्नौज में मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का हुआ भव्य आयोजन, डीएम और एसपी के साथ जिला न्यायाधीश रहे मौजूद


पंकज कुमार श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज। जिले में आज रविवार को मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का भव्य आयोजन पी.एस.एम.डिग्री कालेज, कन्नौज में किया गया, जिसका शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर  जनपद न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया। मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत व्यापक स्तर पर लाभ वितरण किया गया।

शिविर में उद्यान विभाग एवं वन विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थी, जबकि श्रम विभाग द्वारा 10 लाभार्थी,इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, उपायुक्त उद्योग, ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायतीराज विभाग, कृषि विभाग, परिवहन विभाग, बैंक एलडीएम, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, जल जीवन मिशन एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।

समाज कल्याण विभाग एवं खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 10-10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं योजनागत सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 6 लाभार्थियों को लैपटॉप स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने हेतु ₹7,45,50,000 की रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि का डेमो चेक 05 समूह प्रतिनिधियों को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 05 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड तथा क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई।
    
इस प्रकार शिविर में कुल 126 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए। इस अवसर पर एलईडी के माध्यम से विधिक सहायता एवं “न्याय सबके लिए” विषयक जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके। इस अवसर उपस्थित महानुभावों द्वारा विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की गई।
     
जनपद में आयोजित मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री नरेन्द्र कुमार झा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अनेक बार जानकारी के अभाव में लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं, इसलिए ऐसे कार्यक्रम समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जनपद न्यायाधीश ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाएं समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए बनाई जाती हैं। अतः आवश्यक है कि इन योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं तथा पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं से आच्छादित करें।
         
उन्होंने ग्राम प्रधानों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाना उनकी जिम्मेदारी है। यदि ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी तो योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकारों के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करते हैं।

इनका मूल उद्देश्य व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और न्याय की रक्षा करना है, ताकि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव न हो और उसे कानून के समक्ष समान संरक्षण प्राप्त हो।
           
जनपद में आयोजित भव्य जनकल्याणकारी कार्यक्रम के अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में 36 विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर आमजन को विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को योजनाओं, नियमों एवं कानूनों की समुचित जानकारी हो, ताकि पात्र व्यक्ति बिना किसी असुविधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जागरूकता होगी, उतनी ही सरलता से आमजन अपने अधिकारों और सुविधाओं तक पहुंच पाएंगे।
       
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र कृषकों को दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा इस योजना में बटाईदार किसानों को भी शामिल किया गया है, बशर्ते कि वे वास्तविक बटाईदार हों। पात्रता की विधिवत जांच के उपरांत ही लाभ स्वीकृत किया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद के 28 पात्र लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने भारत के संविधान के चार प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं स्वतंत्र मीडिया—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुदृढ़ नींव हैं।

विधायिका कानूनों का निर्माण करती है, कार्यपालिका उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है, न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय प्रदान करती है तथा मीडिया समाज को जागरूक रखने के साथ शासन-प्रशासन को उत्तरदायी बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जब ये चारों स्तंभ अपने-अपने दायित्वों का समन्वित एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है और आमजन को न्याय, समानता एवं अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा प्राप्त होती है।
         
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। इनमें लखपति दीदी योजना, आजीविका की गति को बढ़ावा देने संबंधी कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, जननी सुरक्षा योजना, आरोग्य मेला, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, ओडीओपी योजना, प्राकृतिक खेती, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना, पीएम कुसुम योजना, मिलेट्स प्रोत्साहन कार्यक्रम, सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा बाल सम्मान कोष योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रहीं।

अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की विधि के संबंध में भी विस्तार से जानकारी देते हुए आमजन को अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव स्नेहा ने भी आयोजित कार्यक्रम पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरेंद्रनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर  मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी,  अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।
गया में 28 फरवरी को विशेष रोजगार शिविर, 800+ पदों पर भर्ती का मौका

गया: बिहार सरकार के युवा, रोजगार और कौशल विकास विभाग द्वारा गया स्थित अवर प्रादेशिक नियोजनालय, केंदुई परिसर में 28 फरवरी 2026 को विशेष रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर गया जिले तथा आसपास के क्षेत्रों के युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में स्थानीय नियोजकों के साथ-साथ बिहार और देश के विभिन्न हिस्सों से आई कंपनियाँ भाग लेंगी।

इस रोजगार शिविर में लगभग 12 से 14 प्रतिष्ठित कंपनियाँ भाग लेकर करीब 800 से अधिक रिक्त पदों पर भर्ती करेंगी। उपलब्ध नौकरियाँ सुरक्षा सेवाएँ, बीमा, इलेक्ट्रॉनिक्स, डिलीवरी, सेल्स, ऑटोमोबाइल, शिक्षा और तकनीकी सेवाओं जैसे विविध क्षेत्रों से संबंधित होंगी। अलग-अलग योग्यता वाले अभ्यर्थियों के लिए अवसर उपलब्ध हैं — 8वीं, 10वीं, इंटर, आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास उम्मीदवार इसमें भाग ले सकते हैं।

चयनित अभ्यर्थियों को कंपनी और पद के अनुसार लगभग ₹10,000 से ₹25,000 प्रतिमाह वेतन मिलने की संभावना है। कई पद गया जिले में ही उपलब्ध होंगे, जबकि कुछ नियुक्तियाँ राज्य और देश के अन्य शहरों में भी की जाएँगी। शिविर में सरकारी योजनाओं की जानकारी देने के लिए विभागीय स्टॉल भी लगाए जाएँगे, जिससे युवाओं को रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएँ मिल सकें।

आयोजकों ने युवाओं से अपील की है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो के साथ समय पर पहुँचें। शिविर में भाग लेना पूरी तरह निःशुल्क है। रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं के लिए यह अपने करियर को नई दिशा देने का सुनहरा अवसर माना जा रहा है।

मेरठ में आग का कहर, जलती इमारत में जिंदा दफ्न हुआ परिवार, पांच मासूम समेत 6 की दर्दनाक मौत

मेरठ । यूपी के मेरठ में सोमवार रात एक दिल दहला देने वाला हादसा हो गया। यहां के लिसाड़ी गेट थानाक्षेत्र के किदवई नगर इस्लामाबाद की गली नंबर-3 में स्थित एक तीन मंजिला मकान अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में पूरा घर धुएं से भर गया और अंदर फंसे मासूम बच्चों व महिला की दर्दनाक मौत हो गई।इस भयावह हादसे में एक ही परिवार के पांच बच्चों और एक महिला सहित कुल छह लोगों की जान चली गई। इलाके में मातम पसरा है और चीख-पुकार की गूंज देर रात तक सुनाई देती रही।

नमाज पढ़ने गए थे घर के पुरुष, पीछे छूट गया जलता घर

मकान कपड़ा कारोबारी इकबाल अहमद का बताया जा रहा है। घटना के समय इकबाल और उनके दोनों बेटे आसिम व फारूक तरावीह की नमाज पढ़ने मस्जिद गए हुए थे। घर में महिलाएं और बच्चे मौजूद थे।
रात करीब 9:30 बजे अचानक घर के अंदर से धुआं उठने लगा। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया। बताया जा रहा है कि आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला।

संकरी गलियां बनीं बाधा, लोग छतों से पहुंचे अंदर

घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर जमा हो गए। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई, लेकिन घनी आबादी और संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियां सीधे मौके तक नहीं पहुंच सकीं।
ऐसे में स्थानीय लोगों ने जान जोखिम में डालकर छतों के रास्ते घर में प्रवेश किया और झुलसे हुए बच्चों व महिलाओं को बाहर निकाला। तब तक बहुत देर हो चुकी थी।

अस्पताल में टूटी सांसें

घायलों को तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने रुखसार (30 वर्ष), अकदस (3 वर्ष), नबिया (6 माह), इनायत (6 माह), महविश (12 वर्ष), हम्माद (4 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया। जबकि दो लोग गंभीर रूप से झुलसे हैं, जिनका इलाज जारी है।

शॉर्ट सर्किट की आशंका

प्रशासन के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. वीके सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और राहत कार्य में आई बाधाओं की भी समीक्षा होगी।यह हादसा कई सवाल खड़े कर गया है—क्या घर में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम थे? क्या फैक्ट्री और रिहाइश एक साथ होने से खतरा बढ़ा?फिलहाल, मेरठ के इस इलाके में मातम का माहौल है। पांच मासूमों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का लोकार्पण
लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज स्थित महामना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों का विशेष योगदान है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण होकर देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार माता-पिता बालकों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार बालिकाओं की शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तभी राष्ट्र का संतुलित और समग्र विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा पर निरंतर ध्यान दें।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में 1 से 8 वर्ष तक की आयु को बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी अवस्था में संस्कारों का बीजारोपण होता है। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की।
विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले दानदाताओं को राज्यपाल ने शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती उत्तर प्रदेश) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), डॉ. मदन लाल ब्रह्हभट्ट (निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान) तथा संजय जी (सह प्रांत प्रचारक) उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रबंधक विनीत मिश्रा ने संस्थान की विकास यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्रा (कोषाध्यक्ष) ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से नरेंद्र राय, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, अखिलेश वर्मा, विनय, रुद्र, अवधेश, सुमन तिवारी, अमित मौर्य, अशोक सिंह, रमाकांत, रतनलाल, शशिकांत सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश शुक्ला (अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज) ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
लखनऊ में डबल डेकर बस पलटी, 6 की मौत, 21 घायल
लखनऊ । राजधानी के गोसाईगंज इलाके में सोमवार शाम 4:30 बजे एक बड़ा हादसा हुआ। जौखंडी गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर लुधियाना (पंजाब) से दरभंगा (बिहार) जा रही डबल डेकर बस अनियंत्रित होकर पलट गई।

घटना में प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 6 लोगों की मौत हो गई जबकि 21 यात्री गंभीर रूप से घायल हैं। बस में कुल लगभग 40 यात्री सवार थे।

पुलिस और बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर बस में फंसे यात्रियों को निकाला। क्रेन की मदद से बस को उठाने का प्रयास किया गया। घायल यात्रियों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे का कारण चालक को झपकी आना बताया जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे में जान गंवाने वालों के परिजनों को सूचित किया जा रहा है।यह हादसा यात्रियों की सुरक्षा और तेज़ रफ्तार पर नियंत्रण की आवश्यकता को एक बार फिर उजागर करता है।
हजारीबाग में सांसद मनीष जायसवाल ने किया मतदान, वोटर लिस्ट में गड़बड़ी पर जताई चिंता

हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के बीजेपी सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के दौरान लोकतंत्र के महापर्व में अपनी भागीदारी सुनिश्चित की और सुबह सवा नौ बजे अपने बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग नगर निगम के वार्ड संख्या 27 स्थित मुनका बगीचा धर्मशाला ( दक्षिणी भाग) में बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली अवस्थित अपने बूथ संख्या 04 पर पहुंचे जहां मतदान से पूर्व की सारी प्रक्रिया पूरी कर लोकतंत्र के महापर्व में अपने मत का उपयोग किया। सांसद मनीष जायसवाल स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में बूथ पर पहुंचे। यहां उन्होंने मतदान करने पहुंचे कई लोगों से मिलकर उनका आभार जताया।

मौके पर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने झारखंड के सभी जिलों के मतदाताओं से अपील किया अपने-अपने घरों से निकलकर लोकतंत्र के अधिकार का उपयोग करें, वोट जरूर दें और अपने पसंद का नगर की सरकार चुनकर अपने नगर निकायों में सुशासन और विकास युक्त शासन स्थापित करें। यहां मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि नगर की सरकार का गठन होने जा रहा है। यह हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है। हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर, रात की स्ट्रीट लाइट और घर की नल में आने वाले पेयजल तक सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। इसलिए नगर के सर्वांगीण विकास और सुशासन के लिए आपका घर से निकलकर बूथ तक पहुँचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने यह भी कहा कि 

आज मतदान के दौरान मैंने एक व्यक्तिगत विडंबना का अनुभव किया। चुनाव आयोग के वोटर लिस्ट प्रबंधन की त्रुटि के कारण आज मेरे ही परिवार का विभाजन हो गया। मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?

अमूनन मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है जहाँ पूरा परिवार एक साथ वोट देने निकलता है। लेकिन आज जब मैं अकेला वोट देने निकला, तो मन में यह मलाल था कि ऐसा प्रशासनिक बंटवारा उचित नहीं है। यदि एक जन-प्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनमानस को अपने बूथ ढूंढने में कितनी कठिनाई हो रही होगी, इसका अंदाज़ा सहज ही लगाया जा सकता है।

मेरा जिम्मेवार अधिकारियों से यह विनम्र आग्रह है कि भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को और अधिक संजीदगी और सूक्ष्मता से किया जाए, ताकि किसी भी मतदाता को अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग करने में असुविधा न हो।

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मोहम्मद यूनुस पर लगाया गंभीर आरोप, तारिक राज में बड़ा खुलासा

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बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मोहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि यूनुस ने अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियों को ठीक से नहीं निभाया। राष्ट्रपति को न सिर्फ अहम चर्चाओं से दूर रखा बल्कि उन्हें हटाने तक की साजिश रच देश को अस्थिर करने का प्रयास किया।

यूनुस पर संविधान पालन नहीं करने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने देश में सरकार बदलते ही एक ऐसा खुलासा किया है। कालेर कंठो के साथ इंटरव्यू में बांग्लादेश के राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने कहा है कि मोहम्मद यूनुस ने 18 महीने की अपनी अंतरिम सरकार में संविधान का पालन नहीं किया। यूनुस ने अपना पद संभालते हुए न तो संस्थागत समन्वय बनाए रखा और न ही उन्हें महत्वपूर्ण सरकारी फैसलों की जानकारी दी।

यूनुस ने विदेश यात्राओं की नहीं दी जानकारी

राष्ट्रपति शहाबुद्दीन ने आरोप लगाया कि संविधान कहता है कि विदेश यात्रा की जानकारी राष्ट्रपति को देनी चाहिए और दौरे के बाद भी राष्ट्रपति को बताया जाना चाहिए। यूनुस के 14-15 विदेशी दौरों के बारे में मुझे कभी नहीं बताया गया। इसमें अमेरिका से हुआ व्यापार समझौता भी शामिल है। बांग्लादेशी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि उनकी विदेश यात्राओं को बिना पूछे रद्द कर दिया गया। कोसोवो और कतर से मिले निमंत्रणों को उनके नाम से यह कहकर ठुकरा दिया गया कि राष्ट्रपति राज्य कार्यों में बहुत व्यस्त हैं।

सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश का आरोप

शहाबुद्दीन ने तंज करते हुए कहा कि क्या हमारे संविधान में राष्ट्रपति इतने व्यस्त रहते हैं कि उनसे पूछा भी न जाए? राष्ट्रपति का आरोप है कि देश और विदेश में उनकी सार्वजनिक पहचान कम करने की कोशिश की गई। उन्हें विश्वविद्यालयों के दीक्षांत समारोह और अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों में शामिल होने से रोका गया, जबकि परंपरा के अनुसार इन कार्यक्रमों की अध्यक्षता राष्ट्रपति करते हैं।

पद से हटाने की साजिश रचने का आरोप

बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने कहा कि यूनुस का पूरा ध्यान उनको पद से हटाने पर रहा, वो अपने कार्यकाल में सिर्फ मेरे खिलाफ साजिशें रचते रहें। यूनुस ने ना सिर्फ मेरे खिलाफ राजनीतिक स्तर पर साजिशें रचीं बल्कि मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि अंतरिम सरकार ने एक पूर्व मुख्य न्यायाधीश को लाकर मुझे असंवैधानिक तरीके से हटाने की साजिश भी रची।

अधिवक्ता हत्याकांड, मारपीट में भतीजे ने चढाया था लोगों पर ट्रैक्टर
*9 बीघा जमीन का विवाद, पीट पीट कर की हत्या

गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत दत्त नगर गांव के सुदाई पुरवा में रविवार को हुए उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा हत्याकांड से जुड़ा एक लाइव वीडियो सामने आया है,यह वीडियो घटना से ठीक पहले का है जिसमें दिखाई दे रहा है कि खेत में जुताई के दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो जाती है।इस दौरान अधिवक्ता के भतीजे ने ट्रैक्टर से सबको कुचलने का प्रयास किया जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए जबकि अधिवक्ता की मौत हो गई।वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दिया है,वहीं गांव में माहौल बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।सारा विवाद 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था।चार मिनट के लाइव वीडियो में अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा को खेत की जुताई करते देखा जा सकता है।इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और गाली गलौज शुरू हो जाती है।मारपीट के दौरान अधिवक्ता खुद भी लाठी लेकर बचाव करते दिखाई दे रहे हैं।घटना के कुछ मिनट बाद पुलिस के भी पहुंचने का दावा किया जा रहा है,जिसके बाद दोनों पक्षों के लोग मौके से फरार हो जाते हैं।घटना में मृतक अधिवक्ता सुभाष चंद्र मिश्रा इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ में प्रशासनिक अधिवक्ता रहे हैं तथा अवध बार एसोसिएशन के मंत्री भी रह चुके हैं।उनके दो बेटे हैं जिनमें बड़ा बेटा अभिषेक मिश्रा उच्च न्यायालय में अधिवक्ता है तो वहीं छोटा बेटा अनुराग मिश्रा घर पर रहकर खेती बाड़ी संभालता है।परिजनों के अनुसार, यह विवाद गांव के पूर्व प्रधान हरिशरण मिश्रा से 9 बीघा जमीन को लेकर चल रहा था और कोर्ट का फैसला सुभाष चंद्र मिश्रा के पक्ष में आया था,जिसकी प्रति लेकर वह घटना के एक दिन पहले करनैलगंज कोतवाली गए थे और पुलिस को सूचित किया था कि वह अगले दिन जमीन पर कब्जा लेने जाएंगे।मृतक अधिवक्ता के पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह स्पष्ट हुआ है कि सुभाष चंद्र मिश्रा की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई,जबकि शरीर पर कुल आठ चोट के निशान मिले हैं।सुभाष चंद्र मिश्रा का पोस्टमार्टम दो डाक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ किया गया।रिपोर्ट में बताया गया कि सिर में चोट से खून जम गया था,जिसके कारण नसों ने काम करना बंद कर दिया और इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।मामले में करनैलगंज कोतवाली पुलिस न भतीजे विश्वास मिश्रा की तहरीर पर चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है,इसके साथ ही अन्य की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें दबिश दे रही हैं।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात है।करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय के अनुसार दो वीडियो सामने आए हैं,जिसमें से एक में कोई विवाद स्पष्ट नहीं है जबकि दूसरे में विवाद और ट्रैक्टर चलाते एक व्यक्ति देखा जा सकता है।पुलिस वीडियो की सत्यता और घटनाक्रम की जांच कर रही है।इस घटना के बाद अधिवक्ताओं में अत्यधिक आक्रोश है।उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग किया है।मामले की जानकारी होने पर कटरा बाजार के भाजपा विधायक बावन सिंह भी मौके पर पहुंचे,जिसमें वह अधिवक्ताओं से हाईकोर्ट में आंदोलन करने की बात कहते दिखाई दे रहे हैं।हालांकि पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के आश्वासन के बाद स्थिति कुछ शांत हुई।अनुराग के अनुसार रविवार को जैसे ही वे लोग खेत पर पहुंचे,आरोपियों ने हमला कर दिया।लाठी डंडों से पिटाई की गई और फायरिंग भी की गई।गोली उनके भाई के कान के पास से निकल गई।परिजनों ने आरोप लगाया कि घटना में 20 से 30 लोग शामिल थे।उन्होंने सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और सख्त सजा की मांग किया है।अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय ने बताया कि अधिवक्ता के भतीजे विश्वास मिश्रा की शिकायत पर चार आरोपियों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया गया है और दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।गांव में एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
गया में STF टीम पर हमला, तीन जवान घायल, हथियार छीने गए, हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी एसटीएफ

गया: गया जिले में कुख्यात अपराधी की गिरफ्तारी के लिए गई स्पेशल टास्क फोर्स (STF) टीम पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला कर दिया। घटना मुफस्सिल थाना क्षेत्र के खिरियामा गांव की है, जहां रविवार देर रात पुलिस कार्रवाई के दौरान स्थिति अचानक हिंसक हो गई। हमले में तीन से अधिक STF जवान घायल हो गए, जबकि कुछ समय के लिए उनके हथियार भी छीन लिए गए थे। बाद में पुलिस दबिश के बाद हथियार बरामद कर लिए गए।

पुलिस के अनुसार STF टीम हत्या के एक मामले में वांछित कुख्यात आरोपी संजय मांझी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। टीम आरोपी को पकड़ने ही वाली थी कि उसने शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थरबाजी की और लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई जवान घायल हो गए। घायल जवानों को तुरंत इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज सह अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। 

घटना के बाद पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और हालात पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में सात लोगों को हिरासत में लिया गया है और अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। प्रशासन ने कहा है कि सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिस पर हमला करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है, हालांकि पुलिस स्थिति को नियंत्रण में होने की बात कह रही है।

कन्नौज में मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का हुआ भव्य आयोजन, डीएम और एसपी के साथ जिला न्यायाधीश रहे मौजूद


पंकज कुमार श्रीवास्तव/विवेक कुमार

कन्नौज। जिले में आज रविवार को मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर कैम्प का भव्य आयोजन पी.एस.एम.डिग्री कालेज, कन्नौज में किया गया, जिसका शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर  जनपद न्यायाधीश नरेंद्र कुमार झा, जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री, पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार ने दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया गया। मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अंतर्गत विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत व्यापक स्तर पर लाभ वितरण किया गया।

शिविर में उद्यान विभाग एवं वन विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थी, जबकि श्रम विभाग द्वारा 10 लाभार्थी,इसी क्रम में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, उपायुक्त उद्योग, ग्राम्य विकास अभिकरण, पंचायतीराज विभाग, कृषि विभाग, परिवहन विभाग, बैंक एलडीएम, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, जल जीवन मिशन एवं महिला कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को संबंधित योजनाओं के अंतर्गत लाभान्वित किया गया।

समाज कल्याण विभाग एवं खाद्य एवं रसद विभाग द्वारा 10-10 लाभार्थियों को प्रमाण पत्र एवं योजनागत सुविधाएं प्रदान की गईं। मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के अंतर्गत 6 लाभार्थियों को लैपटॉप स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। उत्तर प्रदेश राज्य आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाने हेतु ₹7,45,50,000 की रिवॉल्विंग फंड एवं सामुदायिक निवेश निधि का डेमो चेक 05 समूह प्रतिनिधियों को प्रदान किया गया। इसके अतिरिक्त मत्स्य विभाग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा 05-05 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया। चिकित्सा स्वास्थ्य विभाग द्वारा 05 लाभार्थियों को आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड तथा क्षय नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत 05 लाभार्थियों को पोषण पोटली वितरित की गई।
    
इस प्रकार शिविर में कुल 126 लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, डेमो चेक एवं अन्य लाभ प्रदान किए गए। इस अवसर पर एलईडी के माध्यम से विधिक सहायता एवं “न्याय सबके लिए” विषयक जागरूकता वीडियो का प्रदर्शन भी किया गया, जिससे उपस्थित जनसमूह को अपने अधिकारों एवं उपलब्ध सुविधाओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त हो सके। इस अवसर उपस्थित महानुभावों द्वारा विभिन्न विभागीय स्टॉलों का अवलोकन कर उनकी सराहना की गई।
     
जनपद में आयोजित मेगा बृहद विधिक सहायता एवं सेवा शिविर के अवसर पर जनपद न्यायाधीश श्री नरेन्द्र कुमार झा ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि इस प्रकार के शिविरों का मुख्य उद्देश्य आमजन को विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समुचित जानकारी उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति शासन की योजनाओं से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि अनेक बार जानकारी के अभाव में लोग योजनाओं का लाभ नहीं ले पाते हैं, इसलिए ऐसे कार्यक्रम समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं की पहुँच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

जनपद न्यायाधीश ने कहा कि शासन द्वारा संचालित योजनाएं समाज के कमजोर, वंचित एवं जरूरतमंद वर्ग के उत्थान के लिए बनाई जाती हैं। अतः आवश्यक है कि इन योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए। उन्होंने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने विभागों से संबंधित योजनाओं की जानकारी आमजन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं तथा पात्र लाभार्थियों का चिन्हांकन कर उन्हें योजनाओं से आच्छादित करें।
         
उन्होंने ग्राम प्रधानों की भूमिका को भी अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि ग्राम स्तर पर योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराना और पात्र व्यक्तियों को लाभ दिलाना उनकी जिम्मेदारी है। यदि ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता बढ़ेगी तो योजनाओं का क्रियान्वयन और अधिक प्रभावी होगा। उन्होंने भारत के संविधान में निहित मौलिक अधिकारों के उद्देश्यों पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि मौलिक अधिकार प्रत्येक नागरिक को गरिमा के साथ जीवन जीने का अधिकार प्रदान करते हैं।

इनका मूल उद्देश्य व्यक्ति की स्वतंत्रता, समानता और न्याय की रक्षा करना है, ताकि किसी भी नागरिक के साथ भेदभाव न हो और उसे कानून के समक्ष समान संरक्षण प्राप्त हो।
           
जनपद में आयोजित भव्य जनकल्याणकारी कार्यक्रम के अवसर पर जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने कहा कि इस कार्यक्रम में 36 विभागों द्वारा स्टॉल स्थापित कर आमजन को विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि शासन की मंशा है कि प्रत्येक नागरिक को योजनाओं, नियमों एवं कानूनों की समुचित जानकारी हो, ताकि पात्र व्यक्ति बिना किसी असुविधा के योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके। उन्होंने कहा कि जितनी अधिक जागरूकता होगी, उतनी ही सरलता से आमजन अपने अधिकारों और सुविधाओं तक पहुंच पाएंगे।
       
जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना का उल्लेख करते हुए बताया कि इस योजना के अंतर्गत पात्र कृषकों को दुर्घटना की स्थिति में 5 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा इस योजना में बटाईदार किसानों को भी शामिल किया गया है, बशर्ते कि वे वास्तविक बटाईदार हों। पात्रता की विधिवत जांच के उपरांत ही लाभ स्वीकृत किया जाता है, जिससे पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने जानकारी दी कि जनपद के 28 पात्र लाभार्थियों को कुल 1 करोड़ 36 लाख रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से उनके खातों में हस्तांतरित की गई है। उन्होंने भारत के संविधान के चार प्रमुख स्तंभ—विधायिका, कार्यपालिका, न्यायपालिका एवं स्वतंत्र मीडिया—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये लोकतांत्रिक व्यवस्था की सुदृढ़ नींव हैं।

विधायिका कानूनों का निर्माण करती है, कार्यपालिका उनका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करती है, न्यायपालिका नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करते हुए न्याय प्रदान करती है तथा मीडिया समाज को जागरूक रखने के साथ शासन-प्रशासन को उत्तरदायी बनाने का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि जब ये चारों स्तंभ अपने-अपने दायित्वों का समन्वित एवं निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हैं, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है और आमजन को न्याय, समानता एवं अधिकारों की वास्तविक सुरक्षा प्राप्त होती है।
         
इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारियों ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत एवं उपयोगी जानकारी प्रदान की गई। इनमें लखपति दीदी योजना, आजीविका की गति को बढ़ावा देने संबंधी कार्यक्रम, प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना, जननी सुरक्षा योजना, आरोग्य मेला, आयुष्मान भारत योजना, टीबी मुक्त भारत अभियान, ओडीओपी योजना, प्राकृतिक खेती, फार्मर रजिस्ट्री, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना, पीएम कुसुम योजना, मिलेट्स प्रोत्साहन कार्यक्रम, सामूहिक विवाह योजना, वृद्धावस्था पेंशन योजना तथा बाल सम्मान कोष योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण योजनाएं शामिल रहीं।

अधिकारियों ने योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया एवं लाभ प्राप्त करने की विधि के संबंध में भी विस्तार से जानकारी देते हुए आमजन को अधिकाधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव स्नेहा ने भी आयोजित कार्यक्रम पर विस्तृत प्रकाश डाला गया।कार्यक्रम के समापन अवसर पर अपर जिला जज विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट हरेंद्रनाथ ने धन्यवाद ज्ञापन किया गया। इस अवसर पर  मुख्य विकास अधिकारी रामकृपाल चौधरी,  अपर जिलाधिकारी न्यायिक विजय कुमार मिश्र सहित संबंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।