आजमगढ़:-सुहेलदेव की जयंती मनाने के लिए अनिल राजभर ने की बैठक, 22 फरवरी को टिकुरिया मैदान में विशाल कार्यक्रम की किया घोषणा
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।बउत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया गांव के मैदान में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाने की घोषणा किया।उन्होंने शनिवार को टिकुरिया पहुंचकर मैदान का निरीक्षण करने के बाद माहुल के रामलीला मैदान में बैठक कर रूपरेखा तैयार किया।बैठक में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 बैठक को संबोधित करते हुए अनिल राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव, 11वीं सदी के श्रावस्ती के राजा थे। उन्होंने  1034 ईस्वी में बहराइच की लड़ाई में महमूद गजनवी के भांजे गाजी सैयद सालार मसूद को ऐतिहासिक रूप से पराजित कर मार डाला था। इसके बाद किसी मुगल की 175 साल तक आंख उठाने की हिम्मत नहीं हुई। ऐसे ही प्रतापी राजा की जयंती के कार्यक्रम छोटे छोटे कार्यक्रमों के तहत होता रहा। हम लोगों ने निर्णय लिया है कि आगामी 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया मैदान पर महाराजा सुहेदेव की जयंती पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
 बैठक में अनिल राजभर ने शंकराचार्य मामले पर बोलते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा ऐसा नहीं होना चाहिए हमारा निवेदन है कि शंकराचार्य सम्मान प्रयागराज में स्नान करे।शंकराचार्य के गाय माता को 40 दिन के अंदर राष्ट्रमाता घोषित करने की शंकराचार्य द्वारा की गई मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय कैबिनेट की बैठक में होता है हम मुख्यमंत्री जी से स्वयं आग्रह भी करेंगे कि इस पर गंभीरता से विचार करें।अनिल राजभर ने 22 फरवरी को अहरौला के जनता इंटर कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  संभावित कार्यक्रम के सवाल पर बोलते हुए कहा कि हम उनसे  पहले तो आग्रह करेंगे कि वे महाराजा सुहेलदेव की इस जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित हों यदि ऐसा नहीं होता है तो हम अपना कार्यक्रम स्थगित कर  देंगें।हमारा जयंती का कार्यक्रम एक माह तक अनवरत चलेगा।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा लालगंज के उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह और संचालन भाजपा लालगंज के जिलामंत्री दिलीप सिंह ने किया,भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रानू राजभर ने सबका आभार प्रगट किया।
  विमलेश पांडेय,मुन्ना राजभर, शिवपूजन, सारिका सिंह,भारत भीम जनार्दन,रत्नेश बिंद,विद्यानंद कंचन भारती,सूरज अग्रहरि,विजय सिंह आदि रहे।
जहानाबाद: मननपुर में गूँजी बच्चों की हँसी, मेहनत को मिला सम्मान — शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर संगम
मखदुमपुर (जहानाबाद)।प्राथमिक विद्यालय मननपुर में  बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के आलोक में वार्षिक बाल मेला सह स्पोर्ट्स मीट, शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन को सम्मानित करते हुए शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधान शिक्षक शंभू कुमार द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन वर्तमान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने किया।
विद्यालय परिसर में दिनांक 29 जनवरी 2026 को आंगनवाड़ी तथा कक्षा 1, 2 एवं 3 के बच्चों के बीच आयोजित स्पोर्ट्स मीट का पुरस्कार वितरण आज शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के अवसर पर किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं आंगनवाड़ी के सभी बच्चों को स्कूल बैग प्रदान किए गए तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के दौरान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने “हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास”
विषय पर अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं नैतिक विकास से जुड़ी विद्यालय की भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों से निरंतर सहभागिता और सहयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक अजीत कुमार, सुरेश कुमार निराला, ममता कुमारी, ऋषभ कुमार श्रीवास्तव, आंगनवाड़ी सेविका मनोरमा देवी एवं सहायिका शवाना खातून का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना, प्रेरणादायी संदेशों तथा अल्पाहार वितरण के साथ किया गया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और अभिभावकों की संतुष्टि ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में गूँजती प्रेरणादायी पंक्तियाँ—
नन्हे कदम जब आगे बढ़े,
सपनों ने भी पंख लगाए।
मेहनत की राह पर चलकर,
तुमने अपने रंग दिखाए।
हार में भी हिम्मत रखना,
जीत को बनाना पहचान।
हम सब मिलकर गढ़ेंगे मिलकर,
तुम्हारा सुनहरा अरमान।
गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया

लालगंज(मीरजापुर): क्षेत्र के सोनबरसा ग्राम प्रधान की अपने गांव के ही गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शनिवार को डिप्टी सीवीओ की टीम  ने गौशाला का निरीक्षण किया, इस दौरान गौशाला में कई अव्यवस्थाएं, वित्तीय अनियमितता और लापरवाही सामने आई।
सोनबरसा गौशाला के निरीक्षण में भूंसा कम मात्रा में मिला कई गोवंश को इअर टैग किया गया। गोशाला में छांव के नाम पर वैसे तो टीनशैड लगे हैं लेकिन पशुओं के संख्या के सापेक्ष कम पड़ रहा है। अधिकांश गोवंश खुले आसमान के नीचे ही सिकुड़ी बटुरी रहती है। दिलचस्प बात यह है की समतलीकरण के नाम पर छः लाख से ज्यादा खर्च दिखाया गया है लेकिन मौके तस्वीर उमड़ खाभर और पथरीली पहाड़ी है। चौंकाने वाली बात यह रही की वृक्षारोपण के नाम पर वर्ष 2024-2025 में एक लाख रुपए से अधिक व्यय किया गया है। लेकिन मौके पर स्थिति उलट ही दिखाई दी। पशुओं की गिनती कराई गई और उनको इअर टैग लगाए गए। जहां कागज में छः सौ से अधिक गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। लेकिन मौके पर काफी कम मिलने की बात कही गई।‌
लालगंज तहसील क्षेत्र में कुल 10 गौ आश्रय स्थल है। जिनमें सबसे ज्यादा महुलार गौ आश्रय स्थल में 782 गोवंश संरक्षित है।‌ महुलार गौ आश्रय स्थल भी संदिग्ध गतिविधियों के कारण कई बार चर्चा में रह चुका है। उसरी खमरिया गौ आश्रय स्थल में 298 गोवंश। बामी में गौ आश्रय स्थल में 357 गोवंश। जबकि क्षमता से काफी अधिक है जिसके कारण गोवंश ज्यादा मृत होते हैं प्रतिदिन। हलिया गौ आश्रय स्थल में 403, गलरा गौ आश्रय स्थल में 351, महोगढ़ी गौ आश्रय स्थल में मात्र 40 गोवंश, गुर्गी आश्रय स्थल में 347, गौरवा आश्रय स्थल में 430 और उमरिया गौ आश्रय स्थल में 705 गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी गौशालाओं पर संरक्षित गोवंश की गिनती कराई गई है। लेकिन रजिस्टर में दर्ज आंकड़े से कहीं मेल नहीं खाते मिले।इस संबंध ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह ने कहा की जिलाधिकारी के निर्देश पर गिनती कराई गई है जिसका मिलान कराने के बाद गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
औरंगाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में बदमाशों का तांडव

,औरंगाबाद जिले में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नवाडीह मोड़ के पास रात करीब 11 बजे की है। मृतक की पहचान नवाडीह निवासी मो. खलील अहमद के 40 वर्षीय बेटे मो. जुनैद के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि जुनैद दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे पास की दुकान पर पान खाने रुके थे, तभी बाइक पर सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां जुनैद को लगीं—एक सीने में और दूसरी पीठ में। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इलाज के दौरान रास्ते में मौत

स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल जुनैद को सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन डिहरी ऑन सोन पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यह विवाद करीब एक साल पुराना है। मृतक के भाई शकील अहमद ने बताया कि पड़ोसी दानिश और वसन के साथ सड़क पर पाइप हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके घर पर 50-60 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और केस कोर्ट में चल रहा है।

परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में हत्या की गई है। शकील अहमद के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी, यहां तक कि डीएसपी कार्यालय में भी धमकी दी गई थी।

पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला

मृतक के मौसेरे भाई मिनहाज ने बताया कि चार महीने पहले उन्हीं अपराधियों ने उन्हें भी गोली मारी थी, लेकिन वे बच गए थे। उस मामले में दो आरोपी जेल में हैं, जबकि एक को बेल मिल चुकी है। परिजनों का आरोप है कि बेल पर छूटने के बाद ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले की घटनाओं में नामजद शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और वे दोबारा हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान और नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से 9 एमएम की दो गोलियां बरामद की गई हैं।

एसपी अम्बरीष राहुल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में आक्रोश

जुनैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे पत्नी, 9 और 5 साल के दो बेटे और 4 महीने की एक बेटी को छोड़ गए हैं। दवा विक्रेता संघ और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय

दवा व्यवसाई हत्याकांड में एक गिरफ्तार, आपसी रंजिश में साजिशन हत्या का खुलासा

औरंगाबाद: नगर थाना क्षेत्र के नावाडीह मोहल्ला निवासी दवा व्यवसाई जुनैद अहमद की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नवाडीह चौक निवासी मो. नौसाद के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार यह वारदात आपसी रंजिश और पूर्व से चले आ रहे विवाद का नतीजा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे जुनैद अहमद अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान महावीर मंदिर के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। गोली लगते ही जुनैद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि अपराधी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल जुनैद को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार रेफर कर दिया, जहां जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद शव को सदर अस्पताल लाया गया, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और अभियुक्तों के बीच पूर्व से आपसी विवाद को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के तहत साजिश रचकर हत्या कराई गई है।

मृतक के भाई जुबैर अहमद ने इस मामले में सात नामजद अभियुक्तों के खिलाफ साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आसूचना के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी संलिप्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

श्रम विभाग से फर्जी लाभ लेने का मुकदमा दर्ज

चुनार, मिर्जापुर। शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार ज्ञानेंद्र सिंह ने मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना में गलत तरीके से 31000 रुपए का लाभ लिए जाने के आरोप में संजीव कुमार कुशवाहा पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके पूर्व  धन वापसी को लेकर श्रम विभाग मिर्जापुर द्वारा नोटिस जारी कर डीडी के माध्यम से हित लाभ के पैसे को जमा करने का निर्देश दिया गया था, जो अब तक नही कराया गया।
सूत्रों की माने तो तत्कालिन सहायक श्रमायुक्त  मिर्जापुर सुविज्ञ सिंह ने रेंडम आधार पर दिनांक 8.4.25 को संजीव कुशवाहा के हितलाभ की स्थलीय जांच की थी जिसमें पाया गया कि लाभार्थी निर्माण श्रमिक नहीं है और वह पिछले 5 वर्ष से वर्मा फोटो स्टेट पर काम करता है जिसकी लिखित बयान दर्ज करते हुए नोटिस जारी के साथ साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार  को प्राथमिकी हेतु दो बार 09.04.2025 व 05.05.2025 को  पत्र जारी किया गया था। तीसरी बार  वर्तमान सहायक श्रम आयुक्त मिर्जापुर  सतीश सिंह द्वारा  17 जनवरी को पत्र जारी कर हितलाभ की वापसी डीडी के माध्यम से बोर्ड के खाते में जमा कराने के साथ साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था जिसके  क्रम में  चुनार थाने में  प्राथमिकी दर्ज कराई गई । जिसकी जानकारी होते ही सिंडिकेट सक्रीय है और प्राथमिक की पर कार्रवाई न हो इसके लिए बकायदा जोर दिया जाएगा। प्रकरण में एक नया मोड़ आएगा जिसको लेकर सवाल तो उठेंगे ही। इसे कई प्रकार से देखा जा सकता है चर्चा है कि तत्कालीन एएलसी सुविज्ञ सिंह ने यह प्राथमिकी चुनार के लेबर अफसर को कुछ सीखने-सिखाने के उद्देश्य से  दर्ज करने पर जोर दिया था जिसके भविष्य में अनेक मतलब निकलेंगे। वही इस बात की भी चर्चा है कि जिस संजीव पर आज प्राथमिकी  दर्ज होने की बात की जा रही है वह पूर्व में भी एक लाभ ले चुका है, शायद उसकी भी वसूली हो सकती है या फिर यह किसी द्वेष को लेकर किया गया है। वही सबसे बड़ी बात यह है कि जिस सुविज्ञ सिंह ने अपने रेंडम जांच में एक गड़बड़ी पर कम से कम दो बार धन वापसी के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने पर जोर दिया वह तो कुछ भी नही जबकि इसके पूर्व की जांच में विंध्याचल के गोपालपुर प्रकरण में डीएलसी की जांच में 12 के बारह मामले फर्जी पाए गए थे, जिसमें 11 लोगों से लगभग 5 लाख 14 हजार रुपए के आस पास की वसूली हुई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि पिछले 6 माह से चर्चित 105 में 90 फर्जी मामले में वर्तमान एएलसी सतीश कुमार सिंह इतने भोले बनते है कि जैसे वे कुछ जानते ही नहीं और मीडिया और जिला प्रशासन को गुमराह करते हुए बताते हैं कि गलत हितलाभ लेने वालों से  वसूली का प्रावधान है ना की प्राथमिकी दर्ज कराने का, इसके लिए प्रमुख सचिव का आदेश होना चाहिए। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार कैसे पनपता है और इसे कौन  लोग प्रश्रय देते हैं।
रोशनी की मौत से पहले प्रेमी ने की थी शिकायत,परिजनों पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप
*प्रेमिका ने भी दो बार जताई थी आशंका

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोशनी पांडेय (19) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है।रोशनी की मौत से ठीक पहले उसके प्रेमी ने परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।प्रेमिका ने भी अपने प्रेमी को दो अलग अलग बार पत्र लिखकर जान के खतरे की आशंका जताई थी।प्रेमी ने तहरीर के साथ साथ इस पत्र को भी पुलिस को दिया था लेकिन समय रहते पुलिस अगर कार्यवाही करती तो शायद रोशनी की जान बच सकती थी।हालांकि देहात कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रेमी द्वारा कोई भी ऐसी तहरीर देकर के हम लोगों को जानकारी नहीं दी गई थी।बताते चलें कि देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा निवासिनी रोशनी के प्रेमी परमेश्वर पाठक ने पुलिस को तहरीर दिया था।बक्सरा अज्ञाराम निवासी पाठक ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी शादी रोशनी से हुई थी,लेकिन अब लड़की के घरवाले शादी से इंकार कर रहे हैं।परमेश्वर पाठक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जब लड़की के परिजनों को उनके शादी करने की इच्छा का पता चला, तो वे रोशनी को प्रताड़ित करने लगे।उसने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।परमेश्वर के तहरीर देने के 24 घंटे के भीतर ही रोशनी पांडेय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।उसका शव घर के अंदर मिला था।देहात कोतवाली पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को दरवाजे से बाहर रख दिया था,जिसे पुलिस ने वहीं से कब्जे में ले लिया।यह भी सामने आया है कि रोशनी पांडेय ने अपनी मौत से पहले प्रेमी परमेश्वर पाठक को दो पत्र लिखे थे।इनमें से एक पत्र में उसने अपनी शादी और परिवार के रवैये को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की थी।पहले पत्र में रोशनी ने लिखा था कि वह अपनी शादी अपनी मर्जी से करना चाहती है,परन्तु उसके परिवार वाले सहमत नहीं हैं।उसने बताया कि पहले कुछ बात हुई थी,जिस पर वे मान गए थे।बाद में उसकी चाची विमला और पिता के बीच कुछ बातचीत हुई,जिसके बाद उन्होंने पिता को समझाया।रोशनी ने आगे लिखा था कि इसके बाद परिवार के लोग मिलकर साजिश करने लगे।उन्होंने उसे यह कहकर बहकाने की कोशिश की कि वे उसकी शादी दिवाली के बाद करेंगे।हालांकि, रोशनी को इन बातों पर विश्वास नहीं था।उसे शक हो गया था कि यह लोग झूठ बोल रहे हैं और शादी न करके उसे मारने की योजना बना रहे हैं।पत्र में रोशनी ने अपने लिए खतरा बताया था।उसने यह भी स्पष्ट किया था कि इन सब मामलों में उसकी मां का कोई मतलब नहीं है।अगर हमें आज से मेरी शादी तक कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरे परिवार की होगी।जिससे मैं शादी करना चाहती हूँ यदि उनको भी कुछ हुआ तो मेरे घर वालों का हाथ रहेगा।इसके बाद रोशनी पांडेय ने अंग्रेजी में अपना हस्ताक्षर भी किया है।यह पत्र रोशनी पांडेय ने कब लिखा है यह भी कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी अपने कब्जे में ले लिया है।दूसरे पत्र में रोशनी ने सबसे ऊपर लिखा है कि अच्छे से पढ़ना और समझना,नीचे उसने पत्र में लिखा है कि आज जो भी हुआ वह आपको नहीं पता है सुबह 5.00 हम शुभम के पास लेटे थे तो यह लोग हमें मारने की कोशिश किये थे पर मार नहीं पाए,उसके बाद यह लोग हमसे बात किये और जो इन लोगों ने बोला हम मान गये नहीं तो आज रात 27 की रात में मार देते इसलिए हम फोन पर आपसे और भाइयों से ऐसा बात किये और जब जब फोन पर हम बात कर रही थी तब सब लोग थे और उन्हीं के कहने पर ही हम बात कर रही थी।पर हम ऐसा कुछ नहीं चाहती हूँ तो आप यह बात बोल दो कि जब मेरे सामने बात होगी तब मैं मानूंगा,पर यह सब बात किसी को पता न चले नहीं हम नहीं रह जाएंगे और आपको नहीं मिलेंगे।इसीलिए यह बात तब बोलना जब आपके पास आ जाऊं।कृपया करके बात खुले न हम दोनों के अलावा नहीं तो मार डालेंगे।सबसे जरूरी बात तुमसे यही कहना है कि मेरे सामने बात होगी मेरे घर तक यही आना चाहिए और नहीं और तुम कोतवाली में जाकर बात करना।घर नहीं हम लोग वहीं आएंगे और हमको फोन और सिम लाकर दे दो।जहाँ पर हम रखते थे वहीं पर तुम रख जाना,हम ले लेंगे।जब समय मिलेगा तब बात होगी।यहाँ तक न पता चले जो हम लिखे हैं।बस अपना जानो और अपने दिमाग से काम करो तथा अगर कोई बात खुली तो मेरे जान को खतरा है।आप कुछ न कहना किसी से कि हमने आपको लैटर दिया है।पढ़कर अच्छे से समझ लेना आप टाइम ले सकते हो सब करने के लिए।जिस दिन बात होगी उसी दिन हम आपके साथ चलेंगे।हम यहां नहीं आएंगे हमको आप बचा लो कोई बात न खुले।अब यह पत्र किस तारीख में लिखा गया यह कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।वहीं प्रेमी परमेश्वर पाठक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मैं एक लड़की से बात करता था,रोशनी पांडेय नाम है उसका शादी के लिए मैं उसके घर पर दो साल से बात कर रहा था।28 मई को मैने उसके घर पर शादी के लिए बात किया तो वे लोग नहीं माने।काफी रिक्वेस्ट करने के बाद वे लोग मान गये,नवंबर में शादी होनी थी लेकिन मेरे पिता जी की डेथ हो गई।इसलिए शादी नहीं हुई फरवरी में फिर टाइम दिया था,फरवरी आ गया तो मैंने फोन किया कि शादी की डेट बता दीजिए।इसके बाद वे लोग शादी के लिए नहीं मान रहे थे।रोशनी को इसके लिए प्रताड़ित और परेशान कर रहे थे,उसका भाई राहुल, शुभम और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय,इन लोगों ने 27 तारीख की सुबह रोशनी को मारने का प्रयास किया।एक बार करंट लगाया और तकिया से मुंह दबाना चाहा लेकिन वह बच गई।मेरे पास सब कुछ रिकॉर्डिंग है,रोशनी ने मुझे छोटे फोन से 9 मिनट बात की जिसमें उसने बताया कि एक बार इन लोगों ने मुझे मारने का प्रयास किया था और किसी तरह मैं बच गई।मैं रोई,गिड़गिड़ाई और हाथ पैर जोड़े,यह 27 तारीख सुबह की बात है।राहुल पांडेय, शुभम(जिसका नाम रोहित भी है) और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने मारने की कोशिश की थी।अंत में आज सुबह ही इन लोगों ने करंट से उसे मार दिया और अब वे दिखा रहे हैं कि वह कपड़े प्रेस कर रही थी और प्रेस से चिपक कर मर गई।मैं सरकार से विनती करता हूँ कि मुझे न्याय दिलाए।मैंने तहरीर दी थी देहात कोतवाली में,रोशनी ने व्हाट्सएप के माध्यम से मुझे एक लैटर भेजा था,जिसमें लिखा था कि मुझे बचा लो,मुझे कोतवाली बुला लो नहीं तो यह लोग मुझे मार देंगे।मैने वह लैटर कोतवाल साहब को दिया था लेकिन फिर भी लह लोग नहीं माने और शनिवार का समय लिया गया था।मेरे भैया भी बाहर से आ रहे थे लेकिन इन लोगों ने कल सुबह ही उसे मार दिया।उसने कहा कि पहले राजी थे फिर पता नहीं क्या हुआ कि 5 साल से हमारा प्रेम प्रसंग चल रहा था,पूरा परिवार जानता था,उसका छोटा भाई भी बात करवाता था,उसके पापा ने मुझे 2025 में धमकी भी दिया था कि हट जाओ नहीं तो मार देंगे,लेकिन बाद में वे मान गये थे,परन्तु रोशनी की आंटी विमला जो सूरत में रहती हैं उनके आने के बाद से ही मारने की प्लानिंग हुई।मेरे पास रोशनी के भेजे हुए वीडियो, वाइस कॉल और लैटर सब मौजूद है।
आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर विवाद, बांदा जेल का कारपाल निलंबित
लखनऊ। कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। मामले में बांदा जिला जेल के कारपाल विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि नोएडा कोर्ट से जारी वारंट के बावजूद रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, बांदा जेल प्रशासन का दावा है कि रवि काना की रिहाई शाम 6 बजकर 39 मिनट पर हो चुकी थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ। जेल प्रशासन का कहना है कि वारंट आने से पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहाई की जा चुकी थी।

रवि काना नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा कबाड़ी और स्क्रैप माफिया बताया जाता है। कुख्यात अपराधी सुन्दर भाटी के जेल जाने के बाद उसका गैंग पूरी तरह सक्रिय हुआ था। उल्लेखनीय है कि फिलहाल सुन्दर भाटी भी जेल से बाहर है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।
आजमगढ़:-सुहेलदेव की जयंती मनाने के लिए अनिल राजभर ने की बैठक, 22 फरवरी को टिकुरिया मैदान में विशाल कार्यक्रम की किया घोषणा
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़।बउत्तरप्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर ने 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया गांव के मैदान में महाराजा सुहेलदेव राजभर की जयंती मनाने की घोषणा किया।उन्होंने शनिवार को टिकुरिया पहुंचकर मैदान का निरीक्षण करने के बाद माहुल के रामलीला मैदान में बैठक कर रूपरेखा तैयार किया।बैठक में पूर्वांचल के विभिन्न जिलों के पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
 बैठक को संबोधित करते हुए अनिल राजभर ने कहा कि महाराजा सुहेलदेव, 11वीं सदी के श्रावस्ती के राजा थे। उन्होंने  1034 ईस्वी में बहराइच की लड़ाई में महमूद गजनवी के भांजे गाजी सैयद सालार मसूद को ऐतिहासिक रूप से पराजित कर मार डाला था। इसके बाद किसी मुगल की 175 साल तक आंख उठाने की हिम्मत नहीं हुई। ऐसे ही प्रतापी राजा की जयंती के कार्यक्रम छोटे छोटे कार्यक्रमों के तहत होता रहा। हम लोगों ने निर्णय लिया है कि आगामी 22 फरवरी को फूलपुर तहसील के टिकुरिया मैदान पर महाराजा सुहेदेव की जयंती पर विशाल कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
 बैठक में अनिल राजभर ने शंकराचार्य मामले पर बोलते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण रहा ऐसा नहीं होना चाहिए हमारा निवेदन है कि शंकराचार्य सम्मान प्रयागराज में स्नान करे।शंकराचार्य के गाय माता को 40 दिन के अंदर राष्ट्रमाता घोषित करने की शंकराचार्य द्वारा की गई मांग के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसा निर्णय कैबिनेट की बैठक में होता है हम मुख्यमंत्री जी से स्वयं आग्रह भी करेंगे कि इस पर गंभीरता से विचार करें।अनिल राजभर ने 22 फरवरी को अहरौला के जनता इंटर कालेज में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के  संभावित कार्यक्रम के सवाल पर बोलते हुए कहा कि हम उनसे  पहले तो आग्रह करेंगे कि वे महाराजा सुहेलदेव की इस जयंती के कार्यक्रम में सम्मिलित हों यदि ऐसा नहीं होता है तो हम अपना कार्यक्रम स्थगित कर  देंगें।हमारा जयंती का कार्यक्रम एक माह तक अनवरत चलेगा।
बैठक की अध्यक्षता भाजपा लालगंज के उपाध्यक्ष हनुमंत सिंह और संचालन भाजपा लालगंज के जिलामंत्री दिलीप सिंह ने किया,भाजपा गोरखपुर क्षेत्र के युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष रानू राजभर ने सबका आभार प्रगट किया।
  विमलेश पांडेय,मुन्ना राजभर, शिवपूजन, सारिका सिंह,भारत भीम जनार्दन,रत्नेश बिंद,विद्यानंद कंचन भारती,सूरज अग्रहरि,विजय सिंह आदि रहे।
जहानाबाद: मननपुर में गूँजी बच्चों की हँसी, मेहनत को मिला सम्मान — शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर संगम
मखदुमपुर (जहानाबाद)।प्राथमिक विद्यालय मननपुर में  बिहार शिक्षा परियोजना, जहानाबाद के आलोक में वार्षिक बाल मेला सह स्पोर्ट्स मीट, शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी एवं पुरस्कार वितरण समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रतिभा, मेहनत और अनुशासन को सम्मानित करते हुए शिक्षा, खेल और संस्कार का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के पूर्व प्रभारी प्रधान शिक्षक शंभू कुमार द्वारा किया गया, जबकि कार्यक्रम का सफल संचालन वर्तमान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने किया।
विद्यालय परिसर में दिनांक 29 जनवरी 2026 को आंगनवाड़ी तथा कक्षा 1, 2 एवं 3 के बच्चों के बीच आयोजित स्पोर्ट्स मीट का पुरस्कार वितरण आज शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के अवसर पर किया गया। प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को आकर्षक पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। वहीं आंगनवाड़ी के सभी बच्चों को स्कूल बैग प्रदान किए गए तथा अन्य सभी प्रतिभागियों को उपहार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी के दौरान प्रधान शिक्षक विवेक कुमार ने “हम और आप मिलकर करेंगे बच्चों का समग्र विकास”
विषय पर अभिभावकों से संवाद करते हुए बच्चों के शैक्षणिक, मानसिक एवं नैतिक विकास से जुड़ी विद्यालय की भावी योजनाओं की जानकारी साझा की। उन्होंने बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए अभिभावकों से निरंतर सहभागिता और सहयोग का आह्वान किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में वरीय शिक्षक अजीत कुमार, सुरेश कुमार निराला, ममता कुमारी, ऋषभ कुमार श्रीवास्तव, आंगनवाड़ी सेविका मनोरमा देवी एवं सहायिका शवाना खातून का सराहनीय योगदान रहा।
कार्यक्रम का समापन बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना, प्रेरणादायी संदेशों तथा अल्पाहार वितरण के साथ किया गया। बच्चों के चेहरे पर मुस्कान और अभिभावकों की संतुष्टि ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में गूँजती प्रेरणादायी पंक्तियाँ—
नन्हे कदम जब आगे बढ़े,
सपनों ने भी पंख लगाए।
मेहनत की राह पर चलकर,
तुमने अपने रंग दिखाए।
हार में भी हिम्मत रखना,
जीत को बनाना पहचान।
हम सब मिलकर गढ़ेंगे मिलकर,
तुम्हारा सुनहरा अरमान।
गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया

लालगंज(मीरजापुर): क्षेत्र के सोनबरसा ग्राम प्रधान की अपने गांव के ही गौशाला से गो-तस्करी कराने के मामले में हुई गिरफ्तारी के बाद जिला प्रशासन सतर्क हो गया है। शनिवार को डिप्टी सीवीओ की टीम  ने गौशाला का निरीक्षण किया, इस दौरान गौशाला में कई अव्यवस्थाएं, वित्तीय अनियमितता और लापरवाही सामने आई।
सोनबरसा गौशाला के निरीक्षण में भूंसा कम मात्रा में मिला कई गोवंश को इअर टैग किया गया। गोशाला में छांव के नाम पर वैसे तो टीनशैड लगे हैं लेकिन पशुओं के संख्या के सापेक्ष कम पड़ रहा है। अधिकांश गोवंश खुले आसमान के नीचे ही सिकुड़ी बटुरी रहती है। दिलचस्प बात यह है की समतलीकरण के नाम पर छः लाख से ज्यादा खर्च दिखाया गया है लेकिन मौके तस्वीर उमड़ खाभर और पथरीली पहाड़ी है। चौंकाने वाली बात यह रही की वृक्षारोपण के नाम पर वर्ष 2024-2025 में एक लाख रुपए से अधिक व्यय किया गया है। लेकिन मौके पर स्थिति उलट ही दिखाई दी। पशुओं की गिनती कराई गई और उनको इअर टैग लगाए गए। जहां कागज में छः सौ से अधिक गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। लेकिन मौके पर काफी कम मिलने की बात कही गई।‌
लालगंज तहसील क्षेत्र में कुल 10 गौ आश्रय स्थल है। जिनमें सबसे ज्यादा महुलार गौ आश्रय स्थल में 782 गोवंश संरक्षित है।‌ महुलार गौ आश्रय स्थल भी संदिग्ध गतिविधियों के कारण कई बार चर्चा में रह चुका है। उसरी खमरिया गौ आश्रय स्थल में 298 गोवंश। बामी में गौ आश्रय स्थल में 357 गोवंश। जबकि क्षमता से काफी अधिक है जिसके कारण गोवंश ज्यादा मृत होते हैं प्रतिदिन। हलिया गौ आश्रय स्थल में 403, गलरा गौ आश्रय स्थल में 351, महोगढ़ी गौ आश्रय स्थल में मात्र 40 गोवंश, गुर्गी आश्रय स्थल में 347, गौरवा आश्रय स्थल में 430 और उमरिया गौ आश्रय स्थल में 705 गोवंश रजिस्टर में दर्ज हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर सभी गौशालाओं पर संरक्षित गोवंश की गिनती कराई गई है। लेकिन रजिस्टर में दर्ज आंकड़े से कहीं मेल नहीं खाते मिले।इस संबंध ज्वाइंट मजिस्ट्रेट महेंद्र सिंह ने कहा की जिलाधिकारी के निर्देश पर गिनती कराई गई है जिसका मिलान कराने के बाद गड़बड़ी मिलने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
औरंगाबाद में मेडिकल स्टोर संचालक की गोली मारकर हत्या, जमीन विवाद में बदमाशों का तांडव

,औरंगाबाद जिले में शुक्रवार देर रात बेखौफ अपराधियों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी। घटना नवाडीह मोड़ के पास रात करीब 11 बजे की है। मृतक की पहचान नवाडीह निवासी मो. खलील अहमद के 40 वर्षीय बेटे मो. जुनैद के रूप में हुई है।

बताया जा रहा है कि जुनैद दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान वे पास की दुकान पर पान खाने रुके थे, तभी बाइक पर सवार दो अपराधी वहां पहुंचे और ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। अपराधियों ने चार से पांच राउंड गोलियां चलाईं, जिनमें दो गोलियां जुनैद को लगीं—एक सीने में और दूसरी पीठ में। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

इलाज के दौरान रास्ते में मौत

स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से गंभीर रूप से घायल जुनैद को सदर अस्पताल लाया गया। प्राथमिक इलाज के बाद डॉक्टरों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर किया। परिजन उन्हें जमुहार मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन डिहरी ऑन सोन पहुंचने से पहले ही रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद शव को वापस सदर अस्पताल लाया गया, जहां शनिवार सुबह करीब 3 बजे पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

जमीन विवाद में हत्या की आशंका

पुलिस के अनुसार हत्या का कारण पुराना जमीन विवाद बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि यह विवाद करीब एक साल पुराना है। मृतक के भाई शकील अहमद ने बताया कि पड़ोसी दानिश और वसन के साथ सड़क पर पाइप हटाने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद उनके घर पर 50-60 लोगों ने हमला किया था। इस मामले में एफआईआर दर्ज हुई थी और केस कोर्ट में चल रहा है।

परिजनों का आरोप है कि इसी रंजिश में हत्या की गई है। शकील अहमद के अनुसार, आरोपियों ने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी, यहां तक कि डीएसपी कार्यालय में भी धमकी दी गई थी।

पहले भी हो चुका है जानलेवा हमला

मृतक के मौसेरे भाई मिनहाज ने बताया कि चार महीने पहले उन्हीं अपराधियों ने उन्हें भी गोली मारी थी, लेकिन वे बच गए थे। उस मामले में दो आरोपी जेल में हैं, जबकि एक को बेल मिल चुकी है। परिजनों का आरोप है कि बेल पर छूटने के बाद ही दूसरी वारदात को अंजाम दिया गया।

पुलिस की निष्क्रियता पर सवाल

परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि पहले की घटनाओं में नामजद शिकायत देने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे अपराधियों का मनोबल बढ़ा और वे दोबारा हत्या जैसी वारदात को अंजाम देने में सफल रहे।

सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही सदर एसडीपीओ-1 संजय कुमार पांडेय, सर्किल इंस्पेक्टर फहीम आजाद खान और नगर थाना प्रभारी प्रशांत कुमार सदर अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने चार लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के दौरान मृतक के शरीर से 9 एमएम की दो गोलियां बरामद की गई हैं।

एसपी अम्बरीष राहुल ने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए हैं। पुलिस का कहना है कि आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही अपराधियों की गिरफ्तारी की जाएगी।

परिवार में मातम, इलाके में आक्रोश

जुनैद की मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। वे अपने पीछे पत्नी, 9 और 5 साल के दो बेटे और 4 महीने की एक बेटी को छोड़ गए हैं। दवा विक्रेता संघ और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर भारी आक्रोश है। लोगों ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग की है।

औरंगाबाद से धीरेन्द्र पाण्डेय

दवा व्यवसाई हत्याकांड में एक गिरफ्तार, आपसी रंजिश में साजिशन हत्या का खुलासा

औरंगाबाद: नगर थाना क्षेत्र के नावाडीह मोहल्ला निवासी दवा व्यवसाई जुनैद अहमद की गोली मारकर की गई हत्या के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान नवाडीह चौक निवासी मो. नौसाद के रूप में की गई है। पुलिस के अनुसार यह वारदात आपसी रंजिश और पूर्व से चले आ रहे विवाद का नतीजा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार की रात करीब 10:30 बजे जुनैद अहमद अपनी मेडिकल दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान महावीर मंदिर के समीप पहले से घात लगाए बाइक सवार अपराधियों ने उन पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। गोली लगते ही जुनैद गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े, जबकि अपराधी मौके से फरार हो गए।

घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल जुनैद को सदर अस्पताल पहुंचाया गया। वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल, जमुहार रेफर कर दिया, जहां जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद शव को सदर अस्पताल लाया गया, आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया गया।

सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक और अभियुक्तों के बीच पूर्व से आपसी विवाद को लेकर न्यायालय में मुकदमा चल रहा था। इसी रंजिश के तहत साजिश रचकर हत्या कराई गई है।

मृतक के भाई जुबैर अहमद ने इस मामले में सात नामजद अभियुक्तों के खिलाफ साजिशन हत्या का आरोप लगाया है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अम्बरीष राहुल के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और आसूचना के आधार पर एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी संलिप्त अभियुक्तों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

श्रम विभाग से फर्जी लाभ लेने का मुकदमा दर्ज

चुनार, मिर्जापुर। शनिवार को श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार ज्ञानेंद्र सिंह ने मातृत्व शिशु एवं बालिका मदद योजना में गलत तरीके से 31000 रुपए का लाभ लिए जाने के आरोप में संजीव कुमार कुशवाहा पर प्राथमिकी दर्ज कराई है। इसके पूर्व  धन वापसी को लेकर श्रम विभाग मिर्जापुर द्वारा नोटिस जारी कर डीडी के माध्यम से हित लाभ के पैसे को जमा करने का निर्देश दिया गया था, जो अब तक नही कराया गया।
सूत्रों की माने तो तत्कालिन सहायक श्रमायुक्त  मिर्जापुर सुविज्ञ सिंह ने रेंडम आधार पर दिनांक 8.4.25 को संजीव कुशवाहा के हितलाभ की स्थलीय जांच की थी जिसमें पाया गया कि लाभार्थी निर्माण श्रमिक नहीं है और वह पिछले 5 वर्ष से वर्मा फोटो स्टेट पर काम करता है जिसकी लिखित बयान दर्ज करते हुए नोटिस जारी के साथ साथ श्रम प्रवर्तन अधिकारी चुनार  को प्राथमिकी हेतु दो बार 09.04.2025 व 05.05.2025 को  पत्र जारी किया गया था। तीसरी बार  वर्तमान सहायक श्रम आयुक्त मिर्जापुर  सतीश सिंह द्वारा  17 जनवरी को पत्र जारी कर हितलाभ की वापसी डीडी के माध्यम से बोर्ड के खाते में जमा कराने के साथ साथ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था जिसके  क्रम में  चुनार थाने में  प्राथमिकी दर्ज कराई गई । जिसकी जानकारी होते ही सिंडिकेट सक्रीय है और प्राथमिक की पर कार्रवाई न हो इसके लिए बकायदा जोर दिया जाएगा। प्रकरण में एक नया मोड़ आएगा जिसको लेकर सवाल तो उठेंगे ही। इसे कई प्रकार से देखा जा सकता है चर्चा है कि तत्कालीन एएलसी सुविज्ञ सिंह ने यह प्राथमिकी चुनार के लेबर अफसर को कुछ सीखने-सिखाने के उद्देश्य से  दर्ज करने पर जोर दिया था जिसके भविष्य में अनेक मतलब निकलेंगे। वही इस बात की भी चर्चा है कि जिस संजीव पर आज प्राथमिकी  दर्ज होने की बात की जा रही है वह पूर्व में भी एक लाभ ले चुका है, शायद उसकी भी वसूली हो सकती है या फिर यह किसी द्वेष को लेकर किया गया है। वही सबसे बड़ी बात यह है कि जिस सुविज्ञ सिंह ने अपने रेंडम जांच में एक गड़बड़ी पर कम से कम दो बार धन वापसी के साथ प्राथमिकी दर्ज कराने पर जोर दिया वह तो कुछ भी नही जबकि इसके पूर्व की जांच में विंध्याचल के गोपालपुर प्रकरण में डीएलसी की जांच में 12 के बारह मामले फर्जी पाए गए थे, जिसमें 11 लोगों से लगभग 5 लाख 14 हजार रुपए के आस पास की वसूली हुई है। सबसे आश्चर्य की बात यह है कि पिछले 6 माह से चर्चित 105 में 90 फर्जी मामले में वर्तमान एएलसी सतीश कुमार सिंह इतने भोले बनते है कि जैसे वे कुछ जानते ही नहीं और मीडिया और जिला प्रशासन को गुमराह करते हुए बताते हैं कि गलत हितलाभ लेने वालों से  वसूली का प्रावधान है ना की प्राथमिकी दर्ज कराने का, इसके लिए प्रमुख सचिव का आदेश होना चाहिए। इससे अनुमान लगाया जा सकता है कि भ्रष्टाचार कैसे पनपता है और इसे कौन  लोग प्रश्रय देते हैं।
रोशनी की मौत से पहले प्रेमी ने की थी शिकायत,परिजनों पर लगाया था प्रताड़ना का आरोप
*प्रेमिका ने भी दो बार जताई थी आशंका

गोंडा।जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोशनी पांडेय (19) की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में नया मोड़ आया है।रोशनी की मौत से ठीक पहले उसके प्रेमी ने परिजनों पर प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी।प्रेमिका ने भी अपने प्रेमी को दो अलग अलग बार पत्र लिखकर जान के खतरे की आशंका जताई थी।प्रेमी ने तहरीर के साथ साथ इस पत्र को भी पुलिस को दिया था लेकिन समय रहते पुलिस अगर कार्यवाही करती तो शायद रोशनी की जान बच सकती थी।हालांकि देहात कोतवाली पुलिस का कहना है कि प्रेमी द्वारा कोई भी ऐसी तहरीर देकर के हम लोगों को जानकारी नहीं दी गई थी।बताते चलें कि देहात कोतवाली क्षेत्र के पूरे ललक गांव के मजरे बाबा पुरवा निवासिनी रोशनी के प्रेमी परमेश्वर पाठक ने पुलिस को तहरीर दिया था।बक्सरा अज्ञाराम निवासी पाठक ने बताया कि डेढ़ साल पहले उसकी शादी रोशनी से हुई थी,लेकिन अब लड़की के घरवाले शादी से इंकार कर रहे हैं।परमेश्वर पाठक ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि जब लड़की के परिजनों को उनके शादी करने की इच्छा का पता चला, तो वे रोशनी को प्रताड़ित करने लगे।उसने पुलिस से इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी।परमेश्वर के तहरीर देने के 24 घंटे के भीतर ही रोशनी पांडेय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।उसका शव घर के अंदर मिला था।देहात कोतवाली पुलिस के पहुंचने से पहले ही परिजनों ने शव को दरवाजे से बाहर रख दिया था,जिसे पुलिस ने वहीं से कब्जे में ले लिया।यह भी सामने आया है कि रोशनी पांडेय ने अपनी मौत से पहले प्रेमी परमेश्वर पाठक को दो पत्र लिखे थे।इनमें से एक पत्र में उसने अपनी शादी और परिवार के रवैये को लेकर गंभीर आशंकाएं व्यक्त की थी।पहले पत्र में रोशनी ने लिखा था कि वह अपनी शादी अपनी मर्जी से करना चाहती है,परन्तु उसके परिवार वाले सहमत नहीं हैं।उसने बताया कि पहले कुछ बात हुई थी,जिस पर वे मान गए थे।बाद में उसकी चाची विमला और पिता के बीच कुछ बातचीत हुई,जिसके बाद उन्होंने पिता को समझाया।रोशनी ने आगे लिखा था कि इसके बाद परिवार के लोग मिलकर साजिश करने लगे।उन्होंने उसे यह कहकर बहकाने की कोशिश की कि वे उसकी शादी दिवाली के बाद करेंगे।हालांकि, रोशनी को इन बातों पर विश्वास नहीं था।उसे शक हो गया था कि यह लोग झूठ बोल रहे हैं और शादी न करके उसे मारने की योजना बना रहे हैं।पत्र में रोशनी ने अपने लिए खतरा बताया था।उसने यह भी स्पष्ट किया था कि इन सब मामलों में उसकी मां का कोई मतलब नहीं है।अगर हमें आज से मेरी शादी तक कुछ भी होता है तो इसकी जिम्मेदारी मेरे परिवार की होगी।जिससे मैं शादी करना चाहती हूँ यदि उनको भी कुछ हुआ तो मेरे घर वालों का हाथ रहेगा।इसके बाद रोशनी पांडेय ने अंग्रेजी में अपना हस्ताक्षर भी किया है।यह पत्र रोशनी पांडेय ने कब लिखा है यह भी कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी अपने कब्जे में ले लिया है।दूसरे पत्र में रोशनी ने सबसे ऊपर लिखा है कि अच्छे से पढ़ना और समझना,नीचे उसने पत्र में लिखा है कि आज जो भी हुआ वह आपको नहीं पता है सुबह 5.00 हम शुभम के पास लेटे थे तो यह लोग हमें मारने की कोशिश किये थे पर मार नहीं पाए,उसके बाद यह लोग हमसे बात किये और जो इन लोगों ने बोला हम मान गये नहीं तो आज रात 27 की रात में मार देते इसलिए हम फोन पर आपसे और भाइयों से ऐसा बात किये और जब जब फोन पर हम बात कर रही थी तब सब लोग थे और उन्हीं के कहने पर ही हम बात कर रही थी।पर हम ऐसा कुछ नहीं चाहती हूँ तो आप यह बात बोल दो कि जब मेरे सामने बात होगी तब मैं मानूंगा,पर यह सब बात किसी को पता न चले नहीं हम नहीं रह जाएंगे और आपको नहीं मिलेंगे।इसीलिए यह बात तब बोलना जब आपके पास आ जाऊं।कृपया करके बात खुले न हम दोनों के अलावा नहीं तो मार डालेंगे।सबसे जरूरी बात तुमसे यही कहना है कि मेरे सामने बात होगी मेरे घर तक यही आना चाहिए और नहीं और तुम कोतवाली में जाकर बात करना।घर नहीं हम लोग वहीं आएंगे और हमको फोन और सिम लाकर दे दो।जहाँ पर हम रखते थे वहीं पर तुम रख जाना,हम ले लेंगे।जब समय मिलेगा तब बात होगी।यहाँ तक न पता चले जो हम लिखे हैं।बस अपना जानो और अपने दिमाग से काम करो तथा अगर कोई बात खुली तो मेरे जान को खतरा है।आप कुछ न कहना किसी से कि हमने आपको लैटर दिया है।पढ़कर अच्छे से समझ लेना आप टाइम ले सकते हो सब करने के लिए।जिस दिन बात होगी उसी दिन हम आपके साथ चलेंगे।हम यहां नहीं आएंगे हमको आप बचा लो कोई बात न खुले।अब यह पत्र किस तारीख में लिखा गया यह कंफर्म नहीं हो पा रहा है।पुलिस ने इसे भी कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दिया है।वहीं प्रेमी परमेश्वर पाठक ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि मैं एक लड़की से बात करता था,रोशनी पांडेय नाम है उसका शादी के लिए मैं उसके घर पर दो साल से बात कर रहा था।28 मई को मैने उसके घर पर शादी के लिए बात किया तो वे लोग नहीं माने।काफी रिक्वेस्ट करने के बाद वे लोग मान गये,नवंबर में शादी होनी थी लेकिन मेरे पिता जी की डेथ हो गई।इसलिए शादी नहीं हुई फरवरी में फिर टाइम दिया था,फरवरी आ गया तो मैंने फोन किया कि शादी की डेट बता दीजिए।इसके बाद वे लोग शादी के लिए नहीं मान रहे थे।रोशनी को इसके लिए प्रताड़ित और परेशान कर रहे थे,उसका भाई राहुल, शुभम और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय,इन लोगों ने 27 तारीख की सुबह रोशनी को मारने का प्रयास किया।एक बार करंट लगाया और तकिया से मुंह दबाना चाहा लेकिन वह बच गई।मेरे पास सब कुछ रिकॉर्डिंग है,रोशनी ने मुझे छोटे फोन से 9 मिनट बात की जिसमें उसने बताया कि एक बार इन लोगों ने मुझे मारने का प्रयास किया था और किसी तरह मैं बच गई।मैं रोई,गिड़गिड़ाई और हाथ पैर जोड़े,यह 27 तारीख सुबह की बात है।राहुल पांडेय, शुभम(जिसका नाम रोहित भी है) और उसके पापा चंद्रप्रकाश पाण्डेय ने मारने की कोशिश की थी।अंत में आज सुबह ही इन लोगों ने करंट से उसे मार दिया और अब वे दिखा रहे हैं कि वह कपड़े प्रेस कर रही थी और प्रेस से चिपक कर मर गई।मैं सरकार से विनती करता हूँ कि मुझे न्याय दिलाए।मैंने तहरीर दी थी देहात कोतवाली में,रोशनी ने व्हाट्सएप के माध्यम से मुझे एक लैटर भेजा था,जिसमें लिखा था कि मुझे बचा लो,मुझे कोतवाली बुला लो नहीं तो यह लोग मुझे मार देंगे।मैने वह लैटर कोतवाल साहब को दिया था लेकिन फिर भी लह लोग नहीं माने और शनिवार का समय लिया गया था।मेरे भैया भी बाहर से आ रहे थे लेकिन इन लोगों ने कल सुबह ही उसे मार दिया।उसने कहा कि पहले राजी थे फिर पता नहीं क्या हुआ कि 5 साल से हमारा प्रेम प्रसंग चल रहा था,पूरा परिवार जानता था,उसका छोटा भाई भी बात करवाता था,उसके पापा ने मुझे 2025 में धमकी भी दिया था कि हट जाओ नहीं तो मार देंगे,लेकिन बाद में वे मान गये थे,परन्तु रोशनी की आंटी विमला जो सूरत में रहती हैं उनके आने के बाद से ही मारने की प्लानिंग हुई।मेरे पास रोशनी के भेजे हुए वीडियो, वाइस कॉल और लैटर सब मौजूद है।
आगरा में दर्दनाक हादसा: तेज रफ्तार कंटेनर ने दो ऑटो को रौंदा, जगन्नाथ यात्रा से लौट रहे 5 श्रद्धालुओं की मौत, 3 की हालत नाजुक

लखनऊ । आगरा के थाना खंदौली क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार कंटेनर ने सड़क पर आगे चल रहे दो ऑटो को कुचल दिया, जिससे पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।यह सभी लोग जगन्नाथ पुरी यात्रा से लौट रहे थे और ट्रेन से आगरा कैंट स्टेशन उतरने के बाद ऑटो से अपने गांव जा रहे थे। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार, अफरा-तफरी और मातम का माहौल बन गया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोनों ऑटो एक ही दिशा में चल रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए तेज रफ्तार कंटेनर ने पहले एक ऑटो में जोरदार टक्कर मारी और फिर दूसरे ऑटो को भी अपनी चपेट में ले लिया।टक्कर इतनी भीषण थी कि—दोनों ऑटो बुरी तरह पिचक गए,यात्रियों को बाहर निकालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी,कुछ लोग ऑटो के भीतर ही फंस गए।

जानकारी के मुताबिक, थाना सहपऊ क्षेत्र के गांव भादउ के रहने वाले 7 लोग 20 जनवरी को जगन्नाथ पुरी दर्शन के लिए निकले थे। दर्शन के बाद शनिवार को ये लोग जबलपुर से आगरा कैंट रेलवे स्टेशन पहुंचे। स्टेशन से गांव लौटने के लिए इन्होंने ऑटो बुक कराया और दो ऑटो में सवार होकर निकल पड़े, लेकिन रास्ते में यह भयावह हादसा हो गया।हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान इस प्रकार बताई गई—बीजो, लख्मीचंद, रणवीर सिंह (रिटायर्ड दारोगा), बिल्ला मिस्त्री, शाहिद (ऑटो चालक, शाहिद खान)के रूप में हुई। पांचों के शव एसएन मेडिकल कॉलेज लाए गए हैं, जहां पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है।हादसे में गंभीर रूप से घायल—धनप्रसाद को इमरजेंसी में भर्ती कराया गया है।

विजय सिंह और उदय सिंह को यमुना पार स्थित अम्बे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।चिकित्सकों के अनुसार घायलों की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने कंटेनर चालक को मौके पर ही दबोच लिया। गुस्साए लोगों ने उसके साथ मारपीट भी की। बाद में पुलिस ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और चालक को अपने कब्जे में ले लिया।सूचना मिलते ही थाना खंदौली पुलिस मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू कराया। पुलिस का कहना है कि हादसे के संबंध में कानूनी कार्रवाई की जा रही है, कंटेनर को कब्जे में लिया गया है और चालक से पूछताछ जारी है।
कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई पर विवाद, बांदा जेल का कारपाल निलंबित
लखनऊ। कुख्यात स्क्रैप माफिया रवि काना की रिहाई को लेकर बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। मामले में बांदा जिला जेल के कारपाल विक्रम सिंह यादव को निलंबित कर दिया गया है। आरोप है कि नोएडा कोर्ट से जारी वारंट के बावजूद रवि काना को जेल से रिहा कर दिया गया।

हालांकि, बांदा जेल प्रशासन का दावा है कि रवि काना की रिहाई शाम 6 बजकर 39 मिनट पर हो चुकी थी, जबकि नोएडा कोर्ट का वारंट रात पौने 8 बजे प्राप्त हुआ। जेल प्रशासन का कहना है कि वारंट आने से पहले ही कानूनी प्रक्रिया के तहत रिहाई की जा चुकी थी।

रवि काना नोएडा क्षेत्र का सबसे बड़ा कबाड़ी और स्क्रैप माफिया बताया जाता है। कुख्यात अपराधी सुन्दर भाटी के जेल जाने के बाद उसका गैंग पूरी तरह सक्रिय हुआ था। उल्लेखनीय है कि फिलहाल सुन्दर भाटी भी जेल से बाहर है, जिससे कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए शासन स्तर पर जांच के आदेश दिए गए हैं और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
एमपी-एमएलए कोर्ट ने विदेश राज्यमंत्री का निगरानी वाद किया खारिज,लगातार अनुपस्थित रहने के कारण खारिज हुआ वाद
*11 अगस्त को दिया था मुकदमे का आदेश

गोंडा।अपर सत्र न्यायाधीश एमपी-एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय की अदालत ने विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के निगरानी वाद और स्थगन प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।यह फैसला निगरानीकर्ता की लगातार अनुपस्थिति के कारण लिया गया है।न्यायालय द्वारा बार बार उपस्थित होने के कहा जा रहा था परन्तु वह उपस्थित नहीं हो रहे थे।

अदालत ने अपने आदेश में कहा कि निगरानीकर्ता लगातार अनुपस्थित चल रहे थे जबकि विपक्षी अजय सिंह लगातार कोर्ट में उपस्थित हो रहे थे।बार बार पुकारने के बावजूद निगरानीकर्ता की तरफ से कोई उपस्थित नहीं हुआ।विपक्षी के अधिवक्ता ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा कि निगरानीकर्ता विभिन्न तारीखों से बार बार स्थगन प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर रहे हैं और सुनवाई नहीं चाहते।

दरअसल बीते 12 अगस्त को एमपी एमएलए कोर्ट ने मनकापुर भिटौरा निवासी अजय सिंह के प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए मनकापुर कोतवाली को निर्देश दिया था कि विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया,उनके निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाए।इस आदेश को चुनौती देते हुए विदेश राज्यमंत्री ने ऊपरी अदालत में यह निगरानी वाद दायर किया था।

अजय सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेश राज्यमंत्री ने अपने निजी सचिव राजेश सिंह, पिंकू,सहदेव यादव और क्रांति के साथ मिलकर एक महिला की जमीन को धोखाधड़ी से किसी और को बेंच दिया।अजय सिंह के अनुसार जब उनकी पत्नी मनीषा ने इस जालसाजी की शिकायत किया तो आरोपियों ने उन्हें सुलह करने की धमकी दिया और जब वे नहीं माने तो आरोपियों ने अपने निजी सचिव के माध्यम से उनके ऊपर झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया है।वहीं कोर्ट द्वारा निगरानी वाद खारिज किए जाने पर विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया के विपक्षी अजय सिंह ने कहा कि 2012 में हमने मनकापुर गांव में जमीन लिखवाया था और उसी जमीन को हड़पने के लिए विदेश राज्यमंत्री कीर्तिवर्धन सिंह उर्फ़ राजा भैया, उनके प्रतिनिधि राजेश सिंह,सहदेव, पिंकू और क्रांति ने योजनाबद्ध तरीके से मेरी जमीन को हड़प लेना चाहते हैं।इसी पर हमने शिकायत किया था तो एमपी एमएलए कोर्ट ने 11 अगस्त को इन सभी लोगों के ऊपर भारतीय न्याय संहिता की धारा 173(4) के तहत मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया था और इस मुकदमे को रोकने के लिए इन लोगों ने जनपद न्यायाधीश के यहां निगरानी वाद दायर किया था,जिसे जिला जज के यहां से एमपी एमएलए कोर्ट राजेश कुमार तृतीय के यहां भेज दिया गया तथा इसी अदालत पर लगातार सुनवाई चल रही थी परन्तु यह लोग निरंतर मौका दरख्वास्त देकर भाग रहे थे।आज इस निगरानी वाद को एमपी एमएलए कोर्ट के न्यायाधीश राजेश कुमार तृतीय ने खारिज कर दिया है।हम चाहते हैं कि न्यायालय ने जो आदेश दिया था वह मुकदमा दर्ज किया जाए और पुलिस इस पूरे मामले की निष्पक्षता से जांच करे।