आजमगढ़: तहबरपुर में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा
आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के अंतर्गत 1 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ब्लॉक सभागार में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं एवं शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राम उजागर शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया सभागार को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर राम उजागर शुक्ला ने कहा कि बदलते परिवेश में नई शैक्षिक चुनौतियां सामने आ रही हैं शिक्षकों ने हमेशा समाज को दिशा और गति प्रदान की है उन्होंने शिक्षक समुदाय से इन समस्याओं का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला महामंत्री रवि शंकर यादव ने आधुनिक शैक्षिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को तकनीक के प्रयोग को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार धीरे-धीरे शिक्षकों क परिलब्धियों को समाप्त कर रही है। रमोद यादव ने शिक्षकों से अपने उत्कृष्ट कार्यो के माध्यम से समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया और वर्तमान समय में संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला उपाध्यक्ष उदय प्रताप राय ने पिछले 1 वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक समिति द्वारा शिक्षक हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि समिति विद्यालयों के पेयरिंग/ मर्जर, चयन वेतनमान, टेट की अनिवार्यता के विरोध, जनगणना 2026 तथा परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई जैसे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता नर्वदेश्वर उपाध्याय ने की जबकि संचालन स्वामीनाथ यादव ने किया।
महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला : विनोद पांडेय

भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।

नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।

भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।

देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।

आजमगढ़ : शासनादेश के विरुद्ध स्टेट हाइवे पर चल रही माहुल में शराब की दुकानें , नगर पंचायत अध्यक्ष पहले ही कर चुके हैं हटाने की मांग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । फूलपुर तहसील के माहुल नगर पंचायत क्षेत्र में इंटर कॉलेज से महज 200 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानो को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर के इतने करीब शराब की दुकान होना छात्रों के भविष्य और सामाजिक माहौल दोनों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। जबकि शासनादेश का खुला उलंघन हो रहा है । नगर पंचायत अध्यक्ष लियाकत अली पहले भी एसडीएम से नगर पंचायत के आबादी वाले क्षेत्र में शराब की दुकान को हटवाने की मांग कर चुके हैं। यहां के अहरौला रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान से 50 मीटर पर महिला महाविद्यालय और 100 मीटर की दूरी पर इंटर कालेज है।यही हाल अंग्रेजी शराब और बियर की कंपोजिट दुकान है इसे भी विभाग द्वारा बाजार के मध्य और बुढ़नपुर औड़िहार स्टेट हाइवे पर खोला गया है।इन दुकानों पर आए दिन शराब के नशे में धुत होकर लोग उत्पात मचाते है जिससे आसपास के परिवार से लेकर छात्र छात्राएं सब परेशान है।कंपोजिट अंग्रेजी और बियर की दुकान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे प्रशासनिक नियमों और नैतिकता के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजस्व और सुविधा से जोड़कर देख रहे हैं। राजनाथ पाण्डेय, चंद्रशेखर, राजू गनेश, फारूक,अविनाश पांडेय,मनीष ,शौकत ,शाहिद आदि नागरिकों का कहना है कि स्कूल-कॉलेज के आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं का रोजाना इसी रास्ते से आना-जाना होता है, ऐसे में शराब की दुकान से गलत संदेश जा सकता है। वहीं युवाओं पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर नगर वासियों में आक्रोश व्याप्त है । लोगों ने मांग की है कि शासनादेश के अनुसार शराब की दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। आबकारी निरीक्षक फूलपुर सन्दीप कुमार त्रिपाठी का कहना है कि दुकान शासनादेश के अनुसार सही स्थानों पर है ।अगर कोई शिकायत आती है तो जांचकर कार्यवाही की जाएगी ।
सही वोट से विकास, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित: महराजगंज में बोले सीएम योगी

* मुख्यमंत्री ने ₹208 करोड़ की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया, कहा- डबल इंजन सरकार ने पूर्वांचल की बदली तस्वीर
महराजगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता का एक सही वोट विकास, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन सुनिश्चित करता है, जबकि गलत वोट जातिवाद, परिवारवाद, माफियावाद और अराजकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने इन दुष्प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाकर प्रदेश में विकास और सुशासन का नया वातावरण तैयार किया है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को महराजगंज में ₹208 करोड़ से अधिक लागत की 79 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और टूलकिट भी वितरित किए।

* पूर्वांचल को भय और माफियावाद से बाहर निकाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि महराजगंज सहित पूरे पूर्वांचल को माफिया, दंगा और भय के माहौल से बाहर निकालकर विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत सड़क नेटवर्क, सिंचाई, रोजगार और सुरक्षा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले इंसेफेलाइटिस, खराब सड़कें, चरमराई बिजली व्यवस्था और अराजकता इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर-सोनौली फोरलेन, नए बाईपास, पुलों और रोहिन नदी पर बने बनेलिया माई बैराज जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है।

* बीमारू टैग खत्म, यूपी बना विकास इंजन
सीएम योगी ने कहा कि महराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और अब उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बंद चीनी मिलों को भी नई कार्ययोजना के तहत पुनः शुरू करने की तैयारी चल रही है।

* प्रदेश में माफिया का आतंक समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों की जमीनों पर कब्जा नहीं हो सकता, बेटियां सुरक्षित हैं और प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर वहां सड़क, बिजली, आवास और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई, उन्नत बीज, ट्रैक्टर और सरकारी खरीद केंद्रों का लाभ मिल रहा है, जबकि महराजगंज के सैकड़ों युवाओं को उत्तर प्रदेश पुलिस में रोजगार मिला है।

* राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुत्थान संभव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इन कार्यों में बाधा डालते रहे।

* “नेशन फर्स्ट” की भावना से काम करने की अपील
पश्चिम एशिया संकट और ईंधन कीमतों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करना होगा। उन्होंने लोगों से बिजली और ईंधन की बचत करने तथा छोटे-छोटे प्रयासों से देश को मजबूत बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने किसानों से यूरिया का कम उपयोग कर जैविक और कंपोस्ट खाद को बढ़ावा देने का आग्रह किया। साथ ही सराफा कारोबारियों से पुराने आभूषणों की रिमॉडलिंग को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक बचत होगी।
इस अवसर पर डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय मंगल कनौजिया सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
यूपी में आयुष्मान योजना पर बड़ी कार्रवाई, 200 निजी अस्पतालों पर गिरी गाज
* *मानकों में लापरवाही पर 100 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, 100 का भुगतान रोका गया*

**लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा एक्शन लिया गया है। मानकों और नियमों का पालन न करने वाले 200 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद 100 निजी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि कई अस्पतालों में इलाज, बिलिंग और योजना के नियमों के पालन में गंभीर खामियां सामने आई थीं।
सरकार की इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जीवाड़ा या मरीजों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी अस्पतालों की जांच की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यूपी के अटल और विहान आवासीय विद्यालयों तक पहुंचेगी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस
* *तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल, छात्रों को मिलेगी आधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला की सुविधा*

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों के छात्रों को अब अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला ‘लैब ऑन व्हील्स’ का लाभ मिलेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेशभर के आवासीय विद्यालयों में इस सुविधा को पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में भी इस बस को भेजने का अनुरोध किया।
प्रमुख सचिव के अनुरोध पर 14 मई को ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ पहुंची, जहां छात्रों ने उत्साहपूर्वक आधुनिक प्रयोगशाला का अनुभव लिया। बच्चों ने वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं को करीब से देखा तथा कई सवाल भी पूछे।
छात्रों के उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने अब प्रदेश के सभी 17 अटल आवासीय विद्यालयों और 24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी इस मोबाइल लैब को भेजने का अनुरोध किया है।

* *श्रमिकों और कोविड प्रभावित बच्चों के लिए संचालित हैं अटल विद्यालय*
प्रमुख सचिव ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय निर्माण श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय के हिसाब से कुल 18 अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं।
इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है तथा प्रत्येक विद्यालय में 1000 विद्यार्थियों के आवास की सुविधा है। यहां नवोदय, केंद्रीय और सैनिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ चयनित परिषदीय शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के पहले बैच के 2178 विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 10 की सीबीएसई परीक्षा में 93.15 प्रतिशत सफलता हासिल की। प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि 15 विद्यालयों का पास प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

* *24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी पहुंचेगी सुविधा*
प्रमुख सचिव ने बताया कि विहान आवासीय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 24 विद्यालय संचालित हैं, जहां बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालय बनाए गए हैं।
राज्य पाठ्यक्रम से संबद्ध इन विद्यालयों में हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर संचालित इन संस्थानों में प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों की क्षमता निर्धारित है।
यूपी के अटल और विहान आवासीय विद्यालयों तक पहुंचेगी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस
* *तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल, छात्रों को मिलेगी आधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला की सुविधा*

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों के छात्रों को अब अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला ‘लैब ऑन व्हील्स’ का लाभ मिलेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेशभर के आवासीय विद्यालयों में इस सुविधा को पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में भी इस बस को भेजने का अनुरोध किया।
प्रमुख सचिव के अनुरोध पर 14 मई को ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ पहुंची, जहां छात्रों ने उत्साहपूर्वक आधुनिक प्रयोगशाला का अनुभव लिया। बच्चों ने वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं को करीब से देखा तथा कई सवाल भी पूछे।
छात्रों के उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने अब प्रदेश के सभी 17 अटल आवासीय विद्यालयों और 24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी इस मोबाइल लैब को भेजने का अनुरोध किया है।

* *श्रमिकों और कोविड प्रभावित बच्चों के लिए संचालित हैं अटल विद्यालय*
प्रमुख सचिव ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय निर्माण श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय के हिसाब से कुल 18 अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं।
इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है तथा प्रत्येक विद्यालय में 1000 विद्यार्थियों के आवास की सुविधा है। यहां नवोदय, केंद्रीय और सैनिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ चयनित परिषदीय शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के पहले बैच के 2178 विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 10 की सीबीएसई परीक्षा में 93.15 प्रतिशत सफलता हासिल की। प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि 15 विद्यालयों का पास प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

* *24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी पहुंचेगी सुविधा*
प्रमुख सचिव ने बताया कि विहान आवासीय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 24 विद्यालय संचालित हैं, जहां बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालय बनाए गए हैं।
राज्य पाठ्यक्रम से संबद्ध इन विद्यालयों में हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर संचालित इन संस्थानों में प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों की क्षमता निर्धारित है।
यूपी का एआई विजन बना राष्ट्रीय मॉडल, लखनऊ उभर रहा देश का नया टेक्नोलॉजी हब
* एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव में जुटे वरिष्ठ नौकरशाह, भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस पर हुआ मंथन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी और एआई इनोवेशन हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ में देशभर से 50 से अधिक आईएएस अधिकारियों और वरिष्ठ लोक प्रशासकों ने भाग लिया।
कॉन्क्लेव के दौरान ‘द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटरः कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस’ विषय पर उच्च स्तरीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। वर्कशॉप का संचालन डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने किया।
डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ, भारत में एआई इनोवेशन का सबसे संभावनाशील केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लखनऊ तहज़ीब के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह नवाचार, तकनीक और नई सोच का भी प्रतीक बन रहा है। उन्होंने बताया कि InMobi जैसी कंपनियों के डीपटेक ऑपरेशन्स शुरू होने से प्रदेश में रिसर्च, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट डेवलपमेंट और आंत्रप्रेन्योरशिप का मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एआई नीति और टेक्नोलॉजी विजन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हाल ही में लखनऊ की वृंदावन योजना में ₹368 करोड़ की लागत से देश की पहली एआई सिटी को मंजूरी दी गई है, जबकि यूपी एआई मिशन के लिए ₹225 करोड़ का विशेष बजट आवंटित किया गया है।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकारी कार्यप्रणालियों में एआई ट्रांसफॉर्मेशन का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी नई गति देगी।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि सरकार एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीपटेक जैसी उभरती तकनीकों के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हालिया बजट में यूपी एआई मिशन, एआई सिटी और नई तकनीकों के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
वर्कशॉप में एआई इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नागरिक सेवाओं में एआई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए नैतिक, जवाबदेह और मानव-केंद्रित एआई के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद एआई तकनीक के जरिए ही समावेशी विकास और भविष्य की प्रभावी डिजिटल गवर्नेंस सुनिश्चित की जा सकती है।
NIHIT प्लेटफॉर्म इंडिया-यूएस सीईओ फोरम के तहत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे Mastercard और Tata Sons का सहयोग प्राप्त है। यह मंच भारत और अमेरिका के बीच इनोवेशन, स्टार्टअप्स, साइबर सुरक्षा, एमएसएमई और ग्लोबल सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्राओं को किया गया सम्मानित








तहबरपुर ब्लाक के अंतर्गत किसान मजदूर इंटर कॉलेज ओरा, आजमगढ़ विद्यालय परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया l कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड की कक्षा 10 व 12 की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को सम्मानित किया गया l विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह मेधावियों की सफलता पर उत्साह का माहौल रहा l विद्यालय के इंटरमीडिएट के छात्र नवनीत गुप्ता और विपिन यादव दोनों छात्रों ने विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर 84.6% दोनों ही छात्र प्रथम स्थान पर रहे जबकि रागनी चौरसिया 77.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रही, और सलोनी यादव 76.6% अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही, इसी प्रकार हाई स्कूल की परीक्षा में विपुल पाठक सर्वाधिक की 91.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे और पीयूष यादव, अंशिका यादव दोनों ही छात्र-छात्रा 90.6% प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे और रिया विश्वकर्मा 86% अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही l इन सभी विद्यार्थियों को पूरे विद्यालय परिवार की तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहुत-बहुत बधाई l इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक आदरणीय लक्ष्मी शंकर यादव सर, सेवानिवृत शिक्षक राम प्यारे यादव सर, प्रधानाचार्य संजीव कुमार भारतीय, वरिष्ठ प्रवक्ता मुकेश कुमार सरोज , डॉ रमेश चंद्र राय, अशोक प्रजापति, अनिल कुमार यादव अन्य शिक्षक साथी उपस्थित रहे, अतिथियों अध्यापकों ने सभी बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि अनुशासन और कठिन परिश्रम के द्वारा ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है हम सभी लोग बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं l
नीट परीक्षा रद्द एवं पेपर लीक मामले को लेकर झामुमो ने फूंका केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला

हजारीबाग: नीट परीक्षा रद्द होने एवं पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा हजारीबाग के डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार एवं भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल नीट का पेपर लीक होना और बाद में परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पूरी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं भ्रष्टाचार, लापरवाही और पेपर माफियाओं की भेंट चढ़ रही हैं, जबकि सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है।

झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य को मजाक बनाकर रख दिया है। लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ भाषण और विज्ञापन में चल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। नीट परीक्षा रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार परीक्षा कराने तक में सक्षम नहीं रह गई है।

उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का हिस्सा बन चुका है और भाजपा सरकार पेपर माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय अपनी छवि बचाने में लगी हुई है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वर्षों की कठिन मेहनत और अभिभावकों की उम्मीदों के बाद छात्र परीक्षा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में हर बड़ी परीक्षा विवाद और घोटालों का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और अब उनकी परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी समाप्त कर रही है।

नीलकंठ महतो ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। एक तरफ छात्र मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता से जूझ रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन को और तेज करेगा।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सह सचिव अब्दुल्ला खां, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र मेहता, रवि सिंह, रामकुमार मेहता, बीरबल मेहता, सोहन मेहता, मुकेश रावत, बल कुमार महतो, राजेश मेहता, अख्तर अंसारी, बबलू चंद्रवंशी, रीना कुमारी, प्यारी देवी, उमेश प्रसाद गुप्ता, साजमा खातून, राजीव वर्मा, रिक्की लकड़ा, पिंटू कुमार, रंजीत कुमार, सतीश कुमार, विपुल कुमार, गोलू कुमार, अजय मेहता, ऋषि मेहता, दिलीप कुमार, श्वेता दुबे, शानू गोस्वामी, अभिजीत कुमार, रोहित कुमार, आयुष कुमार, आनंद कुमार, दीपक कुमार समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।

आजमगढ़: तहबरपुर में शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं और शिक्षकों की भूमिका पर चर्चा
आजमगढ़। तहबरपुर विकासखंड के अंतर्गत 1 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष में ब्लॉक सभागार में एक शैक्षिक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। वर्तमान परिवेश में शैक्षिक समस्याएं एवं शिक्षकों की भूमिका विषय पर केंद्रित इस संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि डॉ राम उजागर शुक्ला ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर बच्चों ने सरस्वती वंदना की मनोहारी प्रस्तुति दी। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विशिष्ट अतिथियों का सम्मान किया गया सभागार को संबोधित करते हुए जिला अध्यक्ष डॉक्टर राम उजागर शुक्ला ने कहा कि बदलते परिवेश में नई शैक्षिक चुनौतियां सामने आ रही हैं शिक्षकों ने हमेशा समाज को दिशा और गति प्रदान की है उन्होंने शिक्षक समुदाय से इन समस्याओं का सर्वमान्य समाधान खोजने के लिए आगे आने का आह्वान किया। जिला महामंत्री रवि शंकर यादव ने आधुनिक शैक्षिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों को तकनीक के प्रयोग को एक अवसर के रूप में देखना चाहिए उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि सरकार धीरे-धीरे शिक्षकों क परिलब्धियों को समाप्त कर रही है। रमोद यादव ने शिक्षकों से अपने उत्कृष्ट कार्यो के माध्यम से समाज में एक उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया और वर्तमान समय में संगठित होकर संघर्ष करने की आवश्यकता पर जोर दिया। जिला उपाध्यक्ष उदय प्रताप राय ने पिछले 1 वर्ष में उत्तर प्रदेश प्रारंभिक शिक्षक समिति द्वारा शिक्षक हित में किए गए कार्यों की जानकारी दी उन्होंने बताया कि समिति विद्यालयों के पेयरिंग/ मर्जर, चयन वेतनमान, टेट की अनिवार्यता के विरोध, जनगणना 2026 तथा परिषदीय विद्यालयों में साफ सफाई जैसे विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक एवं राष्ट्रीय हित के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभा रही हैं। इस संगोष्ठी की अध्यक्षता नर्वदेश्वर उपाध्याय ने की जबकि संचालन स्वामीनाथ यादव ने किया।
महंगाई, बेरोजगारी और कॉर्पोरेटपरस्ती ने देश को संकट में धकेला : विनोद पांडेय

भारतीय जनता पार्टी नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पिछले 11 वर्षों में देश की आम जनता को राहत देने के बजाय लगातार संकट, महंगाई और असुरक्षा की स्थिति में धकेलने का काम किया है। आज देश का मध्यम वर्ग, किसान, मजदूर, युवा और छोटे व्यापारी सभी आर्थिक दबाव और अस्थिरता से जूझ रहे हैं, जबकि सत्ता पक्ष केवल प्रचार, इवेंट प्रबंधन और बड़े उद्योगपतियों के हित साधने में व्यस्त दिखाई देता है।

नोटबंदी के दौरान आम लोगों को घंटों बैंक की कतारों में खड़ा रहना पड़ा। कोविड काल में अस्पताल, ऑक्सीजन और दवाइयों के लिए जनता त्राहिमाम करती रही। आज भी रसोई गैस, पेट्रोल-डीज़ल, खाद्य सामग्री और रोजमर्रा की जरूरतों की बढ़ती कीमतों ने आम परिवारों का बजट बिगाड़ दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आने के बावजूद जनता को राहत नहीं दी गई, जबकि तेल कंपनियां रिकॉर्ड मुनाफा कमा रही हैं। यह स्पष्ट करता है कि केंद्र सरकार की प्राथमिकता जनता नहीं, बल्कि कॉर्पोरेट हित हैं।

भाजपा सरकार लगातार जनता को त्याग, बचत और राष्ट्रहित का उपदेश देती है। पेट्रोल कम खर्च करो, विदेश मत जाओ, डॉलर बचाओ। लेकिन, दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों के विदेशी निवेश और विशेष आर्थिक सुविधाओं पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता। आम नागरिकों पर राष्ट्रभक्ति का बोझ डाला जाता है, जबकि सत्ता के करीब बैठे लोगों को हर प्रकार की छूट दी जाती है। यह दोहरी नीति देश के लोकतांत्रिक और सामाजिक संतुलन के लिए घातक है।

देश को एक ऐसी सरकार की आवश्यकता है जो जनता को राहत दे, रोजगार सृजित करे, महंगाई नियंत्रित करे और सामाजिक सौहार्द बनाए रखे। दुर्भाग्य से वर्तमान केंद्र सरकार ने बेरोज़गारी, आर्थिक असमानता, सामाजिक तनाव और विभाजनकारी राजनीति को बढ़ावा देने का कार्य किया है।

झारखंड मुक्ति मोर्चा स्पष्ट रूप से मानता है कि लोकतंत्र में सरकार जनता के प्रति जवाबदेह होती है, न कि चुनिंदा पूंजीपतियों के प्रति। जनता अब सवाल पूछ रही है और आने वाले समय में देश की जनता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के माध्यम से इसका जवाब भी देगी।

आजमगढ़ : शासनादेश के विरुद्ध स्टेट हाइवे पर चल रही माहुल में शराब की दुकानें , नगर पंचायत अध्यक्ष पहले ही कर चुके हैं हटाने की मांग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
  व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । फूलपुर तहसील के माहुल नगर पंचायत क्षेत्र में इंटर कॉलेज से महज 200 मीटर की दूरी पर संचालित हो रही देशी और अंग्रेजी शराब की दुकानो को लेकर एक बार फिर चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। स्थानीय लोगों और अभिभावकों में इसे लेकर नाराजगी देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि शिक्षा के मंदिर के इतने करीब शराब की दुकान होना छात्रों के भविष्य और सामाजिक माहौल दोनों पर नकारात्मक असर डाल सकता है। जबकि शासनादेश का खुला उलंघन हो रहा है । नगर पंचायत अध्यक्ष लियाकत अली पहले भी एसडीएम से नगर पंचायत के आबादी वाले क्षेत्र में शराब की दुकान को हटवाने की मांग कर चुके हैं। यहां के अहरौला रोड पर स्थित देशी शराब की दुकान से 50 मीटर पर महिला महाविद्यालय और 100 मीटर की दूरी पर इंटर कालेज है।यही हाल अंग्रेजी शराब और बियर की कंपोजिट दुकान है इसे भी विभाग द्वारा बाजार के मध्य और बुढ़नपुर औड़िहार स्टेट हाइवे पर खोला गया है।इन दुकानों पर आए दिन शराब के नशे में धुत होकर लोग उत्पात मचाते है जिससे आसपास के परिवार से लेकर छात्र छात्राएं सब परेशान है।कंपोजिट अंग्रेजी और बियर की दुकान को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। कई लोग इसे प्रशासनिक नियमों और नैतिकता के खिलाफ बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे राजस्व और सुविधा से जोड़कर देख रहे हैं। राजनाथ पाण्डेय, चंद्रशेखर, राजू गनेश, फारूक,अविनाश पांडेय,मनीष ,शौकत ,शाहिद आदि नागरिकों का कहना है कि स्कूल-कॉलेज के आसपास नशे से जुड़ी गतिविधियों पर रोक लगनी चाहिए। अभिभावकों ने चिंता जताते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं का रोजाना इसी रास्ते से आना-जाना होता है, ऐसे में शराब की दुकान से गलत संदेश जा सकता है। वहीं युवाओं पर भी इसका दुष्प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है। इस मुद्दे को लेकर नगर वासियों में आक्रोश व्याप्त है । लोगों ने मांग की है कि शासनादेश के अनुसार शराब की दुकान को किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि शैक्षणिक वातावरण प्रभावित न हो। आबकारी निरीक्षक फूलपुर सन्दीप कुमार त्रिपाठी का कहना है कि दुकान शासनादेश के अनुसार सही स्थानों पर है ।अगर कोई शिकायत आती है तो जांचकर कार्यवाही की जाएगी ।
सही वोट से विकास, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित: महराजगंज में बोले सीएम योगी

* मुख्यमंत्री ने ₹208 करोड़ की 79 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया, कहा- डबल इंजन सरकार ने पूर्वांचल की बदली तस्वीर
महराजगंज। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जनता का एक सही वोट विकास, सुरक्षा, रोजगार और सुशासन सुनिश्चित करता है, जबकि गलत वोट जातिवाद, परिवारवाद, माफियावाद और अराजकता को बढ़ावा देता है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार ने इन दुष्प्रवृत्तियों पर प्रभावी रोक लगाकर प्रदेश में विकास और सुशासन का नया वातावरण तैयार किया है।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को महराजगंज में ₹208 करोड़ से अधिक लागत की 79 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण एवं शिलान्यास के बाद जनसभा को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों की योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र और टूलकिट भी वितरित किए।

* पूर्वांचल को भय और माफियावाद से बाहर निकाला
मुख्यमंत्री ने कहा कि महराजगंज सहित पूरे पूर्वांचल को माफिया, दंगा और भय के माहौल से बाहर निकालकर विकास, बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, मजबूत सड़क नेटवर्क, सिंचाई, रोजगार और सुरक्षा से जोड़ा गया है। उन्होंने कहा कि पहले इंसेफेलाइटिस, खराब सड़कें, चरमराई बिजली व्यवस्था और अराजकता इस क्षेत्र की पहचान बन चुकी थी, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। उन्होंने कहा कि गोरखपुर-सोनौली फोरलेन, नए बाईपास, पुलों और रोहिन नदी पर बने बनेलिया माई बैराज जैसी परियोजनाओं ने क्षेत्र की कनेक्टिविटी और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत किया है।

* बीमारू टैग खत्म, यूपी बना विकास इंजन
सीएम योगी ने कहा कि महराजगंज, कुशीनगर और सिद्धार्थनगर जैसे जिलों से इंसेफेलाइटिस पर प्रभावी नियंत्रण हुआ है और अब उत्तर प्रदेश ‘बीमारू’ राज्य की छवि से बाहर निकलकर देश के विकास इंजन के रूप में उभर रहा है।
उन्होंने कहा कि जिले में मेडिकल कॉलेज, आईटीआई, पॉलीटेक्निक और अन्य शिक्षण संस्थानों की स्थापना से युवाओं को शिक्षा और रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। बंद चीनी मिलों को भी नई कार्ययोजना के तहत पुनः शुरू करने की तैयारी चल रही है।

* प्रदेश में माफिया का आतंक समाप्त
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब गरीबों की जमीनों पर कब्जा नहीं हो सकता, बेटियां सुरक्षित हैं और प्रदेश में कानून का राज स्थापित हुआ है। उन्होंने कहा कि वनटांगिया गांवों को राजस्व गांव का दर्जा देकर वहां सड़क, बिजली, आवास और सरकारी योजनाओं की सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
उन्होंने कहा कि किसानों को सिंचाई, उन्नत बीज, ट्रैक्टर और सरकारी खरीद केंद्रों का लाभ मिल रहा है, जबकि महराजगंज के सैकड़ों युवाओं को उत्तर प्रदेश पुलिस में रोजगार मिला है।

* राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का भी किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने अयोध्या में बने भव्य राममंदिर और काशी विश्वनाथ धाम का उल्लेख करते हुए कहा कि डबल इंजन सरकार में ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों का पुनरुत्थान संभव हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्षी दल इन कार्यों में बाधा डालते रहे।

* “नेशन फर्स्ट” की भावना से काम करने की अपील
पश्चिम एशिया संकट और ईंधन कीमतों के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को वैश्विक चुनौतियों का सामूहिक रूप से सामना करना होगा। उन्होंने लोगों से बिजली और ईंधन की बचत करने तथा छोटे-छोटे प्रयासों से देश को मजबूत बनाने की अपील की।
मुख्यमंत्री ने किसानों से यूरिया का कम उपयोग कर जैविक और कंपोस्ट खाद को बढ़ावा देने का आग्रह किया। साथ ही सराफा कारोबारियों से पुराने आभूषणों की रिमॉडलिंग को प्रोत्साहित करने की अपील करते हुए कहा कि इससे देश की आर्थिक बचत होगी।
इस अवसर पर डॉ. दयाशंकर मिश्र 'दयालु', ऋषि त्रिपाठी, ज्ञानेंद्र सिंह, जय मंगल कनौजिया सहित जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
यूपी में आयुष्मान योजना पर बड़ी कार्रवाई, 200 निजी अस्पतालों पर गिरी गाज
* *मानकों में लापरवाही पर 100 अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड, 100 का भुगतान रोका गया*

**लखनऊ।** मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के तहत बड़ा एक्शन लिया गया है। मानकों और नियमों का पालन न करने वाले 200 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई है।
स्वास्थ्य विभाग की जांच में अनियमितताएं मिलने के बाद 100 निजी अस्पतालों का रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिया गया, जबकि 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है। बताया जा रहा है कि कई अस्पतालों में इलाज, बिलिंग और योजना के नियमों के पालन में गंभीर खामियां सामने आई थीं।
सरकार की इस कार्रवाई के बाद प्रदेशभर के निजी अस्पतालों में हड़कंप मच गया है। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि आयुष्मान योजना में किसी भी प्रकार की लापरवाही, फर्जीवाड़ा या मरीजों के हितों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सूत्रों के मुताबिक, अस्पतालों की कार्यप्रणाली और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में और भी अस्पतालों की जांच की जा सकती है।
सरकार का कहना है कि आयुष्मान योजना का उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद मरीजों को बेहतर और पारदर्शी स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
यूपी के अटल और विहान आवासीय विद्यालयों तक पहुंचेगी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस
* *तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल, छात्रों को मिलेगी आधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला की सुविधा*

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों के छात्रों को अब अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला ‘लैब ऑन व्हील्स’ का लाभ मिलेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेशभर के आवासीय विद्यालयों में इस सुविधा को पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में भी इस बस को भेजने का अनुरोध किया।
प्रमुख सचिव के अनुरोध पर 14 मई को ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ पहुंची, जहां छात्रों ने उत्साहपूर्वक आधुनिक प्रयोगशाला का अनुभव लिया। बच्चों ने वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं को करीब से देखा तथा कई सवाल भी पूछे।
छात्रों के उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने अब प्रदेश के सभी 17 अटल आवासीय विद्यालयों और 24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी इस मोबाइल लैब को भेजने का अनुरोध किया है।

* *श्रमिकों और कोविड प्रभावित बच्चों के लिए संचालित हैं अटल विद्यालय*
प्रमुख सचिव ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय निर्माण श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय के हिसाब से कुल 18 अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं।
इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है तथा प्रत्येक विद्यालय में 1000 विद्यार्थियों के आवास की सुविधा है। यहां नवोदय, केंद्रीय और सैनिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ चयनित परिषदीय शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के पहले बैच के 2178 विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 10 की सीबीएसई परीक्षा में 93.15 प्रतिशत सफलता हासिल की। प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि 15 विद्यालयों का पास प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

* *24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी पहुंचेगी सुविधा*
प्रमुख सचिव ने बताया कि विहान आवासीय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 24 विद्यालय संचालित हैं, जहां बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालय बनाए गए हैं।
राज्य पाठ्यक्रम से संबद्ध इन विद्यालयों में हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर संचालित इन संस्थानों में प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों की क्षमता निर्धारित है।
यूपी के अटल और विहान आवासीय विद्यालयों तक पहुंचेगी ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस
* *तकनीकी शिक्षा विभाग की पहल, छात्रों को मिलेगी आधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला की सुविधा*

**लखनऊ।** उत्तर प्रदेश के सभी अटल और विहान आवासीय विद्यालयों के छात्रों को अब अत्याधुनिक मोबाइल प्रयोगशाला ‘लैब ऑन व्हील्स’ का लाभ मिलेगा। तकनीकी शिक्षा विभाग ने इस दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए ग्रीष्मकालीन अवकाश के बाद प्रदेशभर के आवासीय विद्यालयों में इस सुविधा को पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है।
प्रमुख सचिव (तकनीकी शिक्षा) डॉ. एम. के. शन्मुगा सुन्दरम् ने डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय में आयोजित कार्यकारी समिति की बैठक के दौरान ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस का निरीक्षण किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ए.के. पांडे से अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ में भी इस बस को भेजने का अनुरोध किया।
प्रमुख सचिव के अनुरोध पर 14 मई को ‘लैब ऑन व्हील्स’ बस अटल आवासीय विद्यालय, लखनऊ पहुंची, जहां छात्रों ने उत्साहपूर्वक आधुनिक प्रयोगशाला का अनुभव लिया। बच्चों ने वैज्ञानिक उपकरणों और तकनीकी सुविधाओं को करीब से देखा तथा कई सवाल भी पूछे।
छात्रों के उत्साह को देखते हुए प्रमुख सचिव ने अब प्रदेश के सभी 17 अटल आवासीय विद्यालयों और 24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी इस मोबाइल लैब को भेजने का अनुरोध किया है।

* *श्रमिकों और कोविड प्रभावित बच्चों के लिए संचालित हैं अटल विद्यालय*
प्रमुख सचिव ने बताया कि अटल आवासीय विद्यालय निर्माण श्रमिकों के बच्चों और कोविड काल में अपने माता-पिता को खो चुके बच्चों के लिए संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के प्रत्येक मंडल में एक विद्यालय के हिसाब से कुल 18 अटल आवासीय विद्यालय चल रहे हैं।
इन विद्यालयों में सीबीएसई पाठ्यक्रम के अनुसार शिक्षा दी जाती है तथा प्रत्येक विद्यालय में 1000 विद्यार्थियों के आवास की सुविधा है। यहां नवोदय, केंद्रीय और सैनिक विद्यालयों के सेवानिवृत्त शिक्षकों के साथ चयनित परिषदीय शिक्षक अध्यापन कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि अटल आवासीय विद्यालयों के पहले बैच के 2178 विद्यार्थियों ने इस वर्ष कक्षा 10 की सीबीएसई परीक्षा में 93.15 प्रतिशत सफलता हासिल की। प्रयागराज और वाराणसी के विद्यालयों का परीक्षा परिणाम 100 प्रतिशत रहा, जबकि 15 विद्यालयों का पास प्रतिशत 90 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया।

* *24 विहान आवासीय विद्यालयों में भी पहुंचेगी सुविधा*
प्रमुख सचिव ने बताया कि विहान आवासीय विद्यालय श्रम विभाग द्वारा संचालित किए जा रहे हैं। प्रदेश के 12 जिलों में कुल 24 विद्यालय संचालित हैं, जहां बालक और बालिकाओं के लिए अलग-अलग विद्यालय बनाए गए हैं।
राज्य पाठ्यक्रम से संबद्ध इन विद्यालयों में हिंदी माध्यम से कक्षा 6 से 8 तक शिक्षा दी जाती है। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय की तर्ज पर संचालित इन संस्थानों में प्रत्येक कक्षा में 100 विद्यार्थियों की क्षमता निर्धारित है।
यूपी का एआई विजन बना राष्ट्रीय मॉडल, लखनऊ उभर रहा देश का नया टेक्नोलॉजी हब
* एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव में जुटे वरिष्ठ नौकरशाह, भविष्य की डिजिटल गवर्नेंस पर हुआ मंथन
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश तेजी से देश के प्रमुख टेक्नोलॉजी और एआई इनोवेशन हब के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। इसी क्रम में शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में आयोजित ‘एआई ट्रांसफॉर्मेशन कॉन्क्लेव 2026’ में देशभर से 50 से अधिक आईएएस अधिकारियों और वरिष्ठ लोक प्रशासकों ने भाग लिया।
कॉन्क्लेव के दौरान ‘द एआई-पावर्ड पब्लिक एडमिनिस्ट्रेटरः कॉम्पिटेंसीज फॉर ए न्यू एरा ऑफ गवर्नेंस’ विषय पर उच्च स्तरीय कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित की गई। वर्कशॉप का संचालन डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने किया।
डॉ. सुबी चतुर्वेदी ने कहा कि उत्तर प्रदेश, विशेषकर लखनऊ, भारत में एआई इनोवेशन का सबसे संभावनाशील केंद्र बनकर उभर रहा है। उन्होंने कहा कि पहले लखनऊ तहज़ीब के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह नवाचार, तकनीक और नई सोच का भी प्रतीक बन रहा है। उन्होंने बताया कि InMobi जैसी कंपनियों के डीपटेक ऑपरेशन्स शुरू होने से प्रदेश में रिसर्च, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, टैलेंट डेवलपमेंट और आंत्रप्रेन्योरशिप का मजबूत इकोसिस्टम तैयार हो रहा है।
कॉन्क्लेव में उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी एआई नीति और टेक्नोलॉजी विजन पर भी विस्तार से चर्चा हुई। हाल ही में लखनऊ की वृंदावन योजना में ₹368 करोड़ की लागत से देश की पहली एआई सिटी को मंजूरी दी गई है, जबकि यूपी एआई मिशन के लिए ₹225 करोड़ का विशेष बजट आवंटित किया गया है।
स्टेट ट्रांसफॉर्मेशन कमीशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकारी कार्यप्रणालियों में एआई ट्रांसफॉर्मेशन का राष्ट्रीय मॉडल बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल राज्य की ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को भी नई गति देगी।
आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग के प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने कहा कि सरकार एआई, क्वांटम कंप्यूटिंग और डीपटेक जैसी उभरती तकनीकों के लिए मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हालिया बजट में यूपी एआई मिशन, एआई सिटी और नई तकनीकों के विकास के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं।
वर्कशॉप में एआई इकोसिस्टम, साइबर सुरक्षा, डिजिटल गवर्नेंस, एमएसएमई, स्टार्टअप्स और नागरिक सेवाओं में एआई की भूमिका पर विस्तार से चर्चा हुई। डॉ. चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रस्तुत ‘MANAV’ फ्रेमवर्क का उल्लेख करते हुए नैतिक, जवाबदेह और मानव-केंद्रित एआई के महत्व पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि सुरक्षित और भरोसेमंद एआई तकनीक के जरिए ही समावेशी विकास और भविष्य की प्रभावी डिजिटल गवर्नेंस सुनिश्चित की जा सकती है।
NIHIT प्लेटफॉर्म इंडिया-यूएस सीईओ फोरम के तहत संचालित एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसे Mastercard और Tata Sons का सहयोग प्राप्त है। यह मंच भारत और अमेरिका के बीच इनोवेशन, स्टार्टअप्स, साइबर सुरक्षा, एमएसएमई और ग्लोबल सप्लाई चेन सहयोग को मजबूत करने की दिशा में कार्य कर रहा है।
उत्कृष्ट अंक प्राप्त करने वाले छात्राओं को किया गया सम्मानित








तहबरपुर ब्लाक के अंतर्गत किसान मजदूर इंटर कॉलेज ओरा, आजमगढ़ विद्यालय परिसर में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया l कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद यूपी बोर्ड की कक्षा 10 व 12 की परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों को सम्मानित किया गया l विद्यालय परिसर में आयोजित समारोह मेधावियों की सफलता पर उत्साह का माहौल रहा l विद्यालय के इंटरमीडिएट के छात्र नवनीत गुप्ता और विपिन यादव दोनों छात्रों ने विद्यालय में सर्वाधिक अंक प्राप्त कर 84.6% दोनों ही छात्र प्रथम स्थान पर रहे जबकि रागनी चौरसिया 77.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर दूसरे स्थान पर रही, और सलोनी यादव 76.6% अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही, इसी प्रकार हाई स्कूल की परीक्षा में विपुल पाठक सर्वाधिक की 91.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान पर रहे और पीयूष यादव, अंशिका यादव दोनों ही छात्र-छात्रा 90.6% प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर रहे और रिया विश्वकर्मा 86% अंक प्राप्त कर तीसरे स्थान पर रही l इन सभी विद्यार्थियों को पूरे विद्यालय परिवार की तरफ से बहुत-बहुत शुभकामनाएं बहुत-बहुत बधाई l इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक आदरणीय लक्ष्मी शंकर यादव सर, सेवानिवृत शिक्षक राम प्यारे यादव सर, प्रधानाचार्य संजीव कुमार भारतीय, वरिष्ठ प्रवक्ता मुकेश कुमार सरोज , डॉ रमेश चंद्र राय, अशोक प्रजापति, अनिल कुमार यादव अन्य शिक्षक साथी उपस्थित रहे, अतिथियों अध्यापकों ने सभी बच्चों को शुभकामना देते हुए कहा कि अनुशासन और कठिन परिश्रम के द्वारा ही सफलता को प्राप्त किया जा सकता है हम सभी लोग बच्चों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हैं l
नीट परीक्षा रद्द एवं पेपर लीक मामले को लेकर झामुमो ने फूंका केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला

हजारीबाग: नीट परीक्षा रद्द होने एवं पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा हजारीबाग के डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार एवं भाजपा के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि देश की सबसे महत्वपूर्ण परीक्षाओं में शामिल नीट का पेपर लीक होना और बाद में परीक्षा रद्द होना केंद्र सरकार की शिक्षा व्यवस्था की पूरी विफलता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं भ्रष्टाचार, लापरवाही और पेपर माफियाओं की भेंट चढ़ रही हैं, जबकि सरकार केवल प्रचार-प्रसार में व्यस्त है।

झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि भाजपा सरकार ने देश के युवाओं के भविष्य को मजाक बनाकर रख दिया है। लाखों छात्र-छात्राएं दिन-रात मेहनत कर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार की लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। उन्होंने कहा कि सरकार सिर्फ भाषण और विज्ञापन में चल रही है, जबकि जमीनी स्तर पर शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। नीट परीक्षा रद्द होना इस बात का प्रमाण है कि केंद्र सरकार परीक्षा कराने तक में सक्षम नहीं रह गई है।

उन्होंने आगे कहा कि पेपर लीक कोई सामान्य घटना नहीं बल्कि संगठित भ्रष्टाचार का हिस्सा बन चुका है और भाजपा सरकार पेपर माफियाओं पर कार्रवाई करने के बजाय अपनी छवि बचाने में लगी हुई है। उन्होंने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी एवं पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।

वहीं झामुमो जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि आज देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। वर्षों की कठिन मेहनत और अभिभावकों की उम्मीदों के बाद छात्र परीक्षा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में हर बड़ी परीक्षा विवाद और घोटालों का शिकार हो रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार युवाओं को रोजगार देने में विफल रही है और अब उनकी परीक्षाओं की विश्वसनीयता भी समाप्त कर रही है।

नीलकंठ महतो ने कहा कि भाजपा सरकार शिक्षा और युवाओं के मुद्दों पर पूरी तरह असंवेदनशील हो चुकी है। एक तरफ छात्र मानसिक तनाव और भविष्य की चिंता से जूझ रहे हैं, वहीं केंद्र सरकार जवाबदेही से बचने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ तो झामुमो सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन को और तेज करेगा।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, जिला उपाध्यक्ष रंजीत मेहता, जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सह सचिव अब्दुल्ला खां, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, युवा मोर्चा जिला उपाध्यक्ष सत्येंद्र मेहता, रवि सिंह, रामकुमार मेहता, बीरबल मेहता, सोहन मेहता, मुकेश रावत, बल कुमार महतो, राजेश मेहता, अख्तर अंसारी, बबलू चंद्रवंशी, रीना कुमारी, प्यारी देवी, उमेश प्रसाद गुप्ता, साजमा खातून, राजीव वर्मा, रिक्की लकड़ा, पिंटू कुमार, रंजीत कुमार, सतीश कुमार, विपुल कुमार, गोलू कुमार, अजय मेहता, ऋषि मेहता, दिलीप कुमार, श्वेता दुबे, शानू गोस्वामी, अभिजीत कुमार, रोहित कुमार, आयुष कुमार, आनंद कुमार, दीपक कुमार समेत कई अन्य लोग उपस्थित थे।