रेस्टोरेंट व होटल व्यापारियों नें ज़िलाधिकारी से भेंट कर सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार  के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी से मुलाकात की उनसे मिलकर मिठाई, कैटरिंग, रेस्टोरेंट, होटल व्यापारियों को व्यवसायिक गैस सिलेंडर मिलने में आ रही परेशानियों से अवगत कराया।

उसके बाद उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम से मिला तथा उनसे विषय की जानकारी प्राप्त की और उन्हें व्यापारियों की समस्याओं का ज्ञापन सौपा।

अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों से इस विषय पर सहयोग की अपील की।
उन्होंने व्यापारियों को जानकारी देते हुए बताया इंडियन ऑयल , हिंदुस्तान पेट्रोलियम एवं भारत पैट्रोलियम कंपनियों से बात करके शीघ्र  ही उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा घरेलू गैस सिलेंडर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। व्यावसायिक में थोड़ा सा सबको संयम बरतना होगा फूड सेक्टर को सप्लाई में प्राथमिकता देने का प्रयास है।

अपर जिला अधिकारी ने  आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियो के प्रतिनिधि मंडल को बताया भारत सरकार की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुसार व्यावसायिक से संबंधित कुछ गाइडलाइन है जिसके अंतर्गत प्रशासन कार्य कर रहा है।

वैश्विक  कारणो से उत्पन्न इस स्थिति के लिए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सभी व्यापारियों से सरकार एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की तथा अफवाहों से बचने की अपील की तथा साथ ही साथ जिला प्रशासन से फूड सेक्टर के व्यापारियों के लिए शीघ्र उचित समाधान निकालने की मांग की।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी ,मिठाई एवं रेस्टोरेंट व्यापारी  राजेश गुप्ता, फूड व्यवसाय से संबंधित मो.आदिल शामिल थे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।

जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क हादसों में गिरावट :डीजीपी
यूपी में अपराध नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जनशिकायतों और सड़क सुरक्षा में मिली महत्वपूर्ण सफलता

सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं

पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, सड़क सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तर के प्रदर्शन के साथ कार्य करें।

बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जून 2025 से सभी जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।विशेष रूप से जनपद सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 15 अन्य जनपदों में 40 प्रतिशत से अधिक और 48 जनपदों में 30 प्रतिशत से अधिक कमी प्राप्त हुई। पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रभावी उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग को थानों और चौकियों पर पोस्टिंग मानकों में शामिल किया जाए, ताकि विवाद और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।बैठक में प्रदेश की विवेचनाओं के गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। यह लक्ष्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप तय किया गया है। प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्टअभियान के तहत प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। उदाहरण के लिए, जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत और जालौन में 48 प्रतिशत कमी देखी गई।पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अधिकाधिक वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एएनटीएफ  द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई और तीन माह के विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्ति के जब्तीकरण के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 ई और 68 एपफ के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को कड़ाई से लागू किया जाए।यह बैठक उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़क सुरक्षा, डिजिटल पुलिसिंग और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
कानपुर में गंगा पर नए सेतु निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी
* ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनेंगे दो-दो लेन के दो पुल, परियोजना पर ₹753 करोड़ खर्च

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में जनपद कानपुर में गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह सेतु ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनाया जाएगा।
सरकार के अनुसार यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत संचालित की जाएगी। इसके तहत गंगा नदी पर चार लेन का उच्च स्तरीय सेतु तथा उससे जुड़े पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
प्रस्तावित स्थल पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) द्वारा ट्रांसगंगा सिटी विकसित की जा रही है। यहां कानपुर और आसपास की औद्योगिक इकाइयों को स्थानांतरित करने की योजना है। इसके विकसित होने के बाद गंगा नदी पार करने वाले भारी और हल्के वाहनों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार के मुताबिक वर्तमान में गंगा बैराज मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है और भविष्य में इसके और बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक चार लेन पुल के बजाय दो-दो लेन के दो अलग-अलग सेतु बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि यातायात का दबाव विभाजित हो सके और आवागमन सुचारु बना रहे।
परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 753.13 करोड़ रुपये है। इसमें से 460 करोड़ रुपये अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष राशि संबंधित प्राधिकरण अपने संसाधनों से वहन करेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से कानपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और शहर तथा ट्रांसगंगा सिटी के बीच यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, जल्द तय होगी उद्घाटन तिथि

* सीएम से मिले एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से जारी एयरोड्रम लाइसेंस प्रस्तुत किया। इसके साथ ही जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल में एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब नियामकीय स्वीकृतियों की अंतिम प्रक्रिया जारी है।
बताया गया कि एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम फिलहाल ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के पास समीक्षा के लिए लंबित है। सुरक्षा मंजूरी मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की तिथि तय करेगा।
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और यात्री टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। दूसरे चरण में यह क्षमता बढ़ाकर 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी, जबकि तीसरे और चौथे चरण के बाद कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल करीब 1.38 लाख वर्गमीटर है, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है। रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है। एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे चलकर 15 लाख टन तक बढ़ाने की योजना है।
एयरपोर्ट में डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। साथ ही इसे नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती, विशेष अभियान में 409 वाहनों की जांच
* ओवरलोडिंग पर 29.65 लाख रुपये की वसूली, सीमावर्ती जिलों में निगरानी और कड़ी करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर सघन कार्रवाई की गई। इस दौरान 409 वाहनों की जांच की गई और ओवरलोडिंग व अनियमितता पाए जाने पर लगभग 29.65 लाख रुपये का अधिरोपण कर धनराशि राजकोष में जमा कराई गई।
यह विशेष अभियान 6 से 8 मार्च 2026 तक गोपनीय और आकस्मिक रूप से संचालित किया गया। अभियान सचिव/निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव के निर्देश पर निदेशालय स्तर से चलाया गया।
जांच के दौरान उपखनिजों का परिवहन करने वाले 409 वाहनों की सघन जांच की गई। अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ पाए गए, जबकि जिन वाहनों में अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग पाई गई, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान की समीक्षा करते हुए माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन आईएसटीपी के साथ ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपदों के खनन क्षेत्रों में स्रोत बिंदु पर ही लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वहीं कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थापित आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से युक्त चेकगेट्स को 24×7 संचालित रखा जाए, ताकि वाहनों की लगातार निगरानी की जा सके।
सचिव/निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म ने सभी जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अवैध खनन और अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और शासन की मंशा के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बकाया मानदेय न मिलने से नाराज रोजगार सेवकों ने डिप्टी सीएम का पुतला फूंका
*विरोध प्रदर्शन भी किया

गोंडा।जिले में आज ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिले के अलग अलग ब्लॉकों में अलग अलग तरीके से प्रदर्शन करके अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।रुपईडीह ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी किया।यह प्रदर्शन लंबे समय से बकाया मानदेय न मिलने के कारण किया गया है।प्रदर्शनकारी ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनका मानदेय लंबे समय से लंबित है।उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है,जिससे उनमें रोष है।रोजगार सेवकों ने मांग किया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का मानदेय भी जल्द जारी करने की मांग की गई है।उन्होंने मानदेय से काटी गई ईपीएफ की धनराशि का एफटीओ बनाकर यूएन खातों में जमा कराने की मांग की है।इस संबंध में जब रुपईडीह के खंड विकास अधिकारी से बात किया गया तो उन्होंने घटना के संबंध में अनभिज्ञयता व्यक्त किया।प्रदर्शनकारी रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस दौरान शुकदेव, दुर्गेश, पप्पू भारती,अनिल कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार राय,तुलसीराम,चंद्रप्रकाश शुक्ला, रामानंद,सत्य प्रकाश शुक्ला,रेनू यादव,आलोक कुमार शुक्ला,अजय कुमार वर्मा, रामशंकर तिवारी और मनोज कुमार वर्मा सहित कई ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: गांव-गांव बस सेवा, संपत्ति रजिस्ट्रेशन सख्त और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 को मंजूरी मिल गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को फिलहाल विचार के लिए रोक दिया गया। सरकार के फैसलों का असर परिवहन, आवास, संपत्ति रजिस्ट्रेशन और सरकारी कर्मचारियों के नियमों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर लिया गया। अब किसी भी जमीन या मकान की बिक्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी से मिलान किया जाएगा। अगर नाम में अंतर पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा, जिससे फर्जी रजिस्ट्री और विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर लगाम लगेगी।

कैबिनेट ने सीएम ग्राम परिवहन योजना-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की करीब 59 हजार ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। जिन करीब 12,200 गांवों में अब तक बस नहीं पहुंची, वहां 28 सीटों वाली बसें चलाई जाएंगी। इस सेवा को टैक्स से छूट दी जाएगी और निजी ऑपरेटरों को भी बस संचालन की अनुमति दी जाएगी। बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है और संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा।

एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये

परिवहन क्षेत्र में एक और अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में संशोधन का फैसला किया है। अब Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म को प्रदेश में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों के लिए मेडिकल जांच, फिटनेस टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी किया जाएगा। एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है।आवास के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत आवास निर्माण की लागत सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब लाभार्थी 30 वर्गमीटर तक मकान बनवा सकेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी

सरकार ने कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत कराकर उन्हें जरूरतमंद दलित परिवारों को आवंटित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि छह महीने के मूल वेतन से अधिक के निवेश की जानकारी देनी होगी और हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।इसके अलावा Ayodhya में खेल परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण, Kanpur ट्रांस गंगा सिटी में चार लेन पुल निर्माण और बुंदेलखंड क्षेत्र के Banda व Jhansi में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला

शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना से प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षकों को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम तय किया गया है और सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों व कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।
रेस्टोरेंट व होटल व्यापारियों नें ज़िलाधिकारी से भेंट कर सौंपा ज्ञापन
लखनऊ। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार  के प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी लखनऊ विशाख जी से मुलाकात की उनसे मिलकर मिठाई, कैटरिंग, रेस्टोरेंट, होटल व्यापारियों को व्यवसायिक गैस सिलेंडर मिलने में आ रही परेशानियों से अवगत कराया।

उसके बाद उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल का प्रतिनिधि मंडल अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम से मिला तथा उनसे विषय की जानकारी प्राप्त की और उन्हें व्यापारियों की समस्याओं का ज्ञापन सौपा।

अपर जिलाधिकारी खाद्य एवं आपूर्ति ज्योति गौतम ने व्यापारियों से इस विषय पर सहयोग की अपील की।
उन्होंने व्यापारियों को जानकारी देते हुए बताया इंडियन ऑयल , हिंदुस्तान पेट्रोलियम एवं भारत पैट्रोलियम कंपनियों से बात करके शीघ्र  ही उचित समाधान निकाला जाएगा। उन्होंने कहा घरेलू गैस सिलेंडर में किसी भी प्रकार की कोई समस्या नहीं है। व्यावसायिक में थोड़ा सा सबको संयम बरतना होगा फूड सेक्टर को सप्लाई में प्राथमिकता देने का प्रयास है।

अपर जिला अधिकारी ने  आदर्श व्यापार मंडल के पदाधिकारियो के प्रतिनिधि मंडल को बताया भारत सरकार की पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के दिशा निर्देश के अनुसार व्यावसायिक से संबंधित कुछ गाइडलाइन है जिसके अंतर्गत प्रशासन कार्य कर रहा है।

वैश्विक  कारणो से उत्पन्न इस स्थिति के लिए उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के अध्यक्ष संजय गुप्ता ने सभी व्यापारियों से सरकार एवं प्रशासन का सहयोग करने की अपील की तथा अफवाहों से बचने की अपील की तथा साथ ही साथ जिला प्रशासन से फूड सेक्टर के व्यापारियों के लिए शीघ्र उचित समाधान निकालने की मांग की।

उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार के प्रतिनिधि मंडल में प्रदेश अध्यक्ष संजय गुप्ता के साथ प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष अविनाश त्रिपाठी ,मिठाई एवं रेस्टोरेंट व्यापारी  राजेश गुप्ता, फूड व्यवसाय से संबंधित मो.आदिल शामिल थे।
रिश्वत लेते वीडियो वायरल: नप गए बारुण थाने के दरोगा अभिजीत कुमार हुए निलंबित

,औरंगाबाद। जिले के बारुण थाना में पदस्थापित दरोगा अभिजीत कुमार को रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो के आधार पर की गई है, जिसमें दरोगा को वाहन छोड़ने के एवज में पैसे लेते हुए देखा जा रहा है।

मामले पर त्वरित संज्ञान लेते हुए औरंगाबाद के पुलिस अधीक्षक ने जांच कराई। जांच के दौरान यह सामने आया कि वायरल वीडियो उस समय का है जब सबइंस्पेक्टर अभिजीत कुमार हसपुरा थाना में 2023 पदस्थापित थे। वर्तमान में वे बारुण थाना में तैनात हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। निलंबन अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन-यापन भत्ता दिया जाएगा। पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार इस मामले की विस्तृत जांच के लिए पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय-1) को जांच प्रतिवेदन समर्पित करने का निर्देश दिया गया है। एसपी ने स्पष्ट कहा कि विभागीय अनुशासन के विरुद्ध किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

क्या है पूरा मामला

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दरोगा अभिजीत कुमार को थाने में एक व्यक्ति से पांच हजार रुपये लेते हुए देखा जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो हसपुरा थाना क्षेत्र का है, जहां दरोगा ने एक दुर्घटनाग्रस्त वाहन को छोड़ने के बदले पैसे मांगे थे। वीडियो में वह 20 हजार रुपये की मांग करते हुए भी सुनाई दे रहे हैं।

वीडियो में दरोगा यह कहते नजर आते हैं कि पास में खड़े एक ट्रैक्टर को छोड़ने के लिए 20 हजार रुपये लिए गए हैं।

इस पर वाहन मालिक कहता है कि वह बालू से जुड़ा मामला था, जबकि उसका मामला दुर्घटना का है। इसके जवाब में दरोगा कहते हैं कि सभी मामलों में एक ही “चार्ज” लगता है।बताया जा रहा है कि यह वीडियो वर्ष 2023 के अक्टूबर-नवंबर का है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद सामने आया है। फिलहाल पुलिस विभाग ने मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

राष्ट्रसेवा और नारी शक्ति का गौरवपूर्ण संगम:कर्नल ऋतु एस. रावत सम्मानित

रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस का प्रेरक आयोजन

संजय द्विवेदी प्रयागराज।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पावन अवसर पर रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ द्वारा एक भव्य प्रेरणादायक एवं गरिमामय समारोह का आयोजन किया गया।क्लब के अध्यक्ष उमंग अग्रवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इस अवसर पर क्लब की संपूर्ण संचालन व्यवस्था महिलाओ—“रोटरी एंजेल्स”—को सौंपते हुए नारी नेतृत्व और सशक्तिकरण का सशक्त संदेश दिया गया।कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी डिस्ट्रिक्ट गवर्नर (2026–27)पूनम गुलाटी रहीं, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुसंगठित एवं प्रभावी संचालन श्वेता अग्रवाल द्वारा किया गया।इस अवसर पर समाज शिक्षा चिकित्सा और राष्ट्रसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली कई विशिष्ट एवं प्रेरणास्पद महिलाओ को आमंत्रित कर सम्मानित किया गया।भारतीय सेना की अनुशासन साहस और समर्पण की गौरवशाली परम्परा का प्रतिनिधित्व करते हुए 15 यूपी बटालियन एनसीसी प्रयागराज की कमान अधिकारी कर्नल ऋतु श्रीवास्तव रावत को राष्ट्रसेवा नेतृत्व क्षमता एवं महिला सशक्तिकरण के प्रेरक उदाहरण के रूप में विशेष रूप से सम्मानित किया गया।इसके अतिरिक्त बैरियर (नर्सिंग ऑफिसर मिलिट्री हॉस्पिटल)

डॉ.रीना सचान (माइक्रोबायोलॉजिस्ट मेडिकल कॉलेज प्रयागराज)ऊर्जा रहेजा (इकोनॉमिक्स में अखिल भारतीय स्तर पर द्वितीय रैंक धारक),डॉ. कविता अग्रवाल (प्रोफेसर क्राइस्ट चर्च कॉलेज) तथा डॉ.ऋतु जैन(निदेशक मेहक हॉस्पिटल)को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया।कार्यक्रम के दौरान सभी सम्मानित अतिथियो ने अपने जीवन के संघर्ष अनुशासन परिश्रम और उपलब्धियो की प्रेरणादायक गाथाएँ साझा की जिसने उपस्थित सभी सदस्यो के मन में नव ऊर्जा और आत्मविश्वास का संचार किया।

इस अवसर पर क्लब द्वारा सभी अतिथियो को अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया गया।मुख्य अतिथि पूनम गुलाटी ने अपने संबोधन में कहा कि जब महिलाएँ नेतृत्व की अग्रिम पंक्ति में आती है तो समाज में सकारात्मक परिवर्तन की गति कई गुना बढ़ जाती है।उन्होंने इस गरिमामय आयोजन के लिए रोटरी क्लब इलाहाबाद नॉर्थ की सराहना की।अपने उद्बोधन में कर्नल ऋतु एस.रावत ने भारतीय सेना के अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की भावना को रेखांकित करते हुए कहा कि नारी शक्ति केवल परिवार की आधारशिला ही नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भी एक सशक्त धुरी है।उन्होंने कहा कि एक बेटी बहन पत्नी और माँ के रूप में महिलाएँ समाज की संरचना को सुदृढ़ बनाती हैं और अपने साहस परिश्रम तथा समर्पण से हर क्षेत्र में उत्कृष्टता का परचम लहरा रही हैं।उन्होंने अपने जीवन के संघर्षो और उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए युवाओ विशेषकर बेटियों को यह संदेश दिया कि अनुशासन परिश्रम और राष्ट्र के प्रति समर्पण ही सफलता का सबसे सशक्त मार्ग है।कार्यक्रम का वातावरण उत्साह, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा तथा यह आयोजन नारी शक्ति राष्ट्रसेवा और सामाजिक समर्पण के अद्वितीय संगम का सजीव उदाहरण बन गया।

जनशिकायतों में अभूतपूर्व कमी, सड़क हादसों में गिरावट :डीजीपी
यूपी में अपराध नियंत्रण पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक, जनशिकायतों और सड़क सुरक्षा में मिली महत्वपूर्ण सफलता

सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं

पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के समस्त जोनल अपर पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त, क्षेत्रीय पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस उपमहानिरीक्षक और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (प्रभारी जनपद) ऑनलाइन माध्यम से शामिल हुए।बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में अपराध नियंत्रण, जनशिकायतों का समयबद्ध निस्तारण, सड़क सुरक्षा और डिजिटल पुलिसिंग के विभिन्न पहलुओं की समीक्षा करना था। पुलिस महानिदेशक ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी पुलिसकर्मी पूरी निष्ठा, पेशेवर दक्षता और उच्च स्तर के प्रदर्शन के साथ कार्य करें।

बैठक में यह रिपोर्ट प्रस्तुत की गई कि लगातार निगरानी और नियमित समीक्षा के परिणामस्वरूप पूरे प्रदेश में जनशिकायतों के मामलों में अभूतपूर्व कमी दर्ज की गई है। पुलिस महानिदेशक ने बताया कि जून 2025 से सभी जनपदों को जनशिकायतों में 40 प्रतिशत कमी लाने का लक्ष्य दिया गया था।विशेष रूप से जनपद सम्भल, फिरोजाबाद और इटावा में लगभग 70 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई, जबकि 15 अन्य जनपदों में 40 प्रतिशत से अधिक और 48 जनपदों में 30 प्रतिशत से अधिक कमी प्राप्त हुई। पुलिस महानिदेशक ने इसे सुशासन का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहा कि इन प्रभावी उपायों को अन्य जनपदों में भी लागू किया जाएगा।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि एफआईआर से पूर्व की प्रभावी पुलिसिंग को थानों और चौकियों पर पोस्टिंग मानकों में शामिल किया जाए, ताकि विवाद और अपराधों को प्रारंभिक स्तर पर नियंत्रित किया जा सके।बैठक में प्रदेश की विवेचनाओं के गुणवत्ता और समयबद्ध निस्तारण पर भी चर्चा की गई। पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि सामान्य अपराधों के मामले 60 और गंभीर अपराधों के मामले 90 दिन के भीतर निस्तारित किए जाएं। यह लक्ष्य भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अनुरूप तय किया गया है। प्रदेश की वर्तमान रैंकिंग को सुधारने का लक्ष्य रखा गया है।

बैठक में सड़क सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। ज़ीरो फ़ैटलिटी डिस्ट्रिक्टअभियान के तहत प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के लिए व्यापक कार्रवाई की जा रही है। समीक्षा में पाया गया कि प्रदेश की 54 इकाइयों में निर्धारित कार्ययोजना के अनुरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी दर्ज की गई। उदाहरण के लिए, जनपद श्रावस्ती में लगभग 83 प्रतिशत, गाजियाबाद ग्रामीण जोन में 53 प्रतिशत और जालौन में 48 प्रतिशत कमी देखी गई।पुलिस महानिदेशक ने यक्ष ऐप के प्रभावी उपयोग पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इस ऐप के माध्यम से अपराध-मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में सुदृढ़ ब्लूप्रिंट तैयार किया जा सकता है। इसके साथ ही पुलिसकर्मियों को अधिकाधिक वैज्ञानिक और डिजिटल साक्ष्य संग्रह पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में एएनटीएफ  द्वारा मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार की जा रही कार्रवाई और तीन माह के विशेष अभियान “ऑपरेशन दहन” की जानकारी दी गई।

पुलिस महानिदेशक ने निर्देश दिए कि मादक पदार्थ तस्करी में लिप्त अपराधियों की संपत्ति के जब्तीकरण के लिए एनडीपीएस एक्ट की धारा 68 ई और 68 एपफ के तहत प्रभावी कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में पुलिस महानिदेशक ने सभी अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे उत्तर प्रदेश शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप सभी क्षेत्रों में उच्चस्तरीय प्रदर्शन सुनिश्चित करें। जिन जनपदों में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है, उन्हें सख्त निर्देश दिए गए कि निर्धारित कार्ययोजना को कड़ाई से लागू किया जाए।यह बैठक उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधार, सड़क सुरक्षा, डिजिटल पुलिसिंग और जनशिकायतों के प्रभावी निस्तारण के प्रयासों में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
कानपुर में गंगा पर नए सेतु निर्माण को कैबिनेट की मंजूरी
* ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनेंगे दो-दो लेन के दो पुल, परियोजना पर ₹753 करोड़ खर्च

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में जनपद कानपुर में गंगा नदी पर नए सेतु के निर्माण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है। यह सेतु ट्रांसगंगा सिटी को शहर से जोड़ने के लिए बनाया जाएगा।
सरकार के अनुसार यह परियोजना अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के अंतर्गत संचालित की जाएगी। इसके तहत गंगा नदी पर चार लेन का उच्च स्तरीय सेतु तथा उससे जुड़े पहुंच मार्ग का निर्माण किया जाएगा।
प्रस्तावित स्थल पर उत्तर प्रदेश स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीसीडा) द्वारा ट्रांसगंगा सिटी विकसित की जा रही है। यहां कानपुर और आसपास की औद्योगिक इकाइयों को स्थानांतरित करने की योजना है। इसके विकसित होने के बाद गंगा नदी पार करने वाले भारी और हल्के वाहनों की संख्या में काफी वृद्धि होने की संभावना है।
सरकार के मुताबिक वर्तमान में गंगा बैराज मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक है और भविष्य में इसके और बढ़ने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए एक चार लेन पुल के बजाय दो-दो लेन के दो अलग-अलग सेतु बनाने का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि यातायात का दबाव विभाजित हो सके और आवागमन सुचारु बना रहे।
परियोजना की कुल स्वीकृत लागत लगभग 753.13 करोड़ रुपये है। इसमें से 460 करोड़ रुपये अटल इंडस्ट्रियल इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन के तहत उपलब्ध कराए जाएंगे, जबकि शेष राशि संबंधित प्राधिकरण अपने संसाधनों से वहन करेगा। सरकार का मानना है कि इस परियोजना के पूरा होने से कानपुर क्षेत्र में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी और शहर तथा ट्रांसगंगा सिटी के बीच यातायात व्यवस्था में भी बड़ा सुधार होगा।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को मिला एयरोड्रम लाइसेंस, जल्द तय होगी उद्घाटन तिथि

* सीएम से मिले एयरपोर्ट के सीईओ क्रिस्टोफ श्नेलमैन, पहले चरण में 1.2 करोड़ यात्रियों की क्षमता

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मंगलवार को नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर भारत सरकार की ओर से जारी एयरोड्रम लाइसेंस प्रस्तुत किया। इसके साथ ही जेवर में बन रहे इस एयरपोर्ट के संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया है।
प्रतिनिधिमंडल में एयरपोर्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रिस्टोफ श्नेलमैन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। उन्होंने मुख्यमंत्री को परियोजना की प्रगति और आगामी चरणों की जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार एयरोड्रम लाइसेंस मिलने के बाद अब नियामकीय स्वीकृतियों की अंतिम प्रक्रिया जारी है।
बताया गया कि एयरपोर्ट का एयरोड्रम सिक्योरिटी प्रोग्राम फिलहाल ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी के पास समीक्षा के लिए लंबित है। सुरक्षा मंजूरी मिलते ही एयरपोर्ट प्रबंधन सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर उद्घाटन और वाणिज्यिक उड़ानों के संचालन की तिथि तय करेगा।
गौतमबुद्ध नगर के जेवर में विकसित हो रहा यह ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और पश्चिमी उत्तर प्रदेश को देश-दुनिया के प्रमुख शहरों से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण हवाई अड्डा होगा। एयरपोर्ट को चार चरणों में विकसित किया जा रहा है। पहले चरण में एक रनवे और यात्री टर्मिनल बनाया गया है, जिसकी वार्षिक क्षमता लगभग 1 करोड़ 20 लाख यात्रियों की होगी। दूसरे चरण में यह क्षमता बढ़ाकर 3 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाई जाएगी, जबकि तीसरे और चौथे चरण के बाद कुल क्षमता 7 करोड़ यात्रियों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
पहले चरण में टर्मिनल भवन का क्षेत्रफल करीब 1.38 लाख वर्गमीटर है, जिसमें 48 चेक-इन काउंटर, 9 सुरक्षा जांच लेन और 9 इमिग्रेशन काउंटर बनाए गए हैं। इसके अलावा 10 एयरोब्रिज और 28 विमान पार्किंग स्टैंड की व्यवस्था की गई है। रनवे पर प्रति घंटे लगभग 30 उड़ानों के संचालन की क्षमता विकसित की गई है। एयरपोर्ट परिसर में आधुनिक कार्गो और लॉजिस्टिक्स हब भी तैयार किया जा रहा है, जिसकी प्रारंभिक क्षमता लगभग 2.5 लाख टन कार्गो प्रतिवर्ष होगी, जिसे आगे चलकर 15 लाख टन तक बढ़ाने की योजना है।
एयरपोर्ट में डिजीयात्रा आधारित बायोमेट्रिक प्रणाली, सेल्फ बैगेज ड्रॉप और डिजिटल पैसेंजर प्रोसेसिंग सिस्टम जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी। साथ ही इसे नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्य के साथ विकसित किया जा रहा है, जिसमें सौर ऊर्जा, वर्षा जल संचयन और इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग जैसी व्यवस्थाएं शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर में हवाई यातायात का दबाव कम होगा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में निवेश, पर्यटन तथा रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
अवैध खनन और परिवहन पर सख्ती, विशेष अभियान में 409 वाहनों की जांच
* ओवरलोडिंग पर 29.65 लाख रुपये की वसूली, सीमावर्ती जिलों में निगरानी और कड़ी करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उपखनिजों के अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाकर सघन कार्रवाई की गई। इस दौरान 409 वाहनों की जांच की गई और ओवरलोडिंग व अनियमितता पाए जाने पर लगभग 29.65 लाख रुपये का अधिरोपण कर धनराशि राजकोष में जमा कराई गई।
यह विशेष अभियान 6 से 8 मार्च 2026 तक गोपनीय और आकस्मिक रूप से संचालित किया गया। अभियान सचिव/निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश माला श्रीवास्तव के निर्देश पर निदेशालय स्तर से चलाया गया।
जांच के दौरान उपखनिजों का परिवहन करने वाले 409 वाहनों की सघन जांच की गई। अधिकांश वाहन वैध परिवहन प्रपत्रों के साथ पाए गए, जबकि जिन वाहनों में अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग पाई गई, उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की गई।
अभियान की समीक्षा करते हुए माला श्रीवास्तव ने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन आईएसटीपी के साथ ही सुनिश्चित किया जाए और किसी भी स्थिति में ओवरलोडिंग न होने दी जाए। उन्होंने यह भी कहा कि जनपदों के खनन क्षेत्रों में स्रोत बिंदु पर ही लोडिंग मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाए और आवश्यकता पड़ने पर वहीं कार्रवाई की जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्थापित आईओटी आधारित पीटीजेड और एएनपीआर कैमरों से युक्त चेकगेट्स को 24×7 संचालित रखा जाए, ताकि वाहनों की लगातार निगरानी की जा सके।
सचिव/निदेशक भूतत्व एवं खनिकर्म ने सभी जनपदीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में अवैध खनन और अवैध परिवहन के विरुद्ध प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए और शासन की मंशा के अनुरूप सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बकाया मानदेय न मिलने से नाराज रोजगार सेवकों ने डिप्टी सीएम का पुतला फूंका
*विरोध प्रदर्शन भी किया

गोंडा।जिले में आज ग्राम रोजगार सेवकों ने अपनी कई मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते हुए जिले के अलग अलग ब्लॉकों में अलग अलग तरीके से प्रदर्शन करके अपनी कई मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा है।रुपईडीह ब्लॉक परिसर में उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री और ग्राम्य विकास मंत्री केशव प्रसाद मौर्य का पुतला दहन किया और उनके खिलाफ नारेबाजी किया।यह प्रदर्शन लंबे समय से बकाया मानदेय न मिलने के कारण किया गया है।प्रदर्शनकारी ग्राम रोजगार सेवकों का आरोप है कि उनका मानदेय लंबे समय से लंबित है।उनका कहना है कि कई बार ज्ञापन देने के बावजूद संबंधित अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कार्यवाही नहीं की गई है,जिससे उनमें रोष है।रोजगार सेवकों ने मांग किया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 और 2024-25 के बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए।इसके साथ ही वित्तीय वर्ष 2025-26 का मानदेय भी जल्द जारी करने की मांग की गई है।उन्होंने मानदेय से काटी गई ईपीएफ की धनराशि का एफटीओ बनाकर यूएन खातों में जमा कराने की मांग की है।इस संबंध में जब रुपईडीह के खंड विकास अधिकारी से बात किया गया तो उन्होंने घटना के संबंध में अनभिज्ञयता व्यक्त किया।प्रदर्शनकारी रोजगार सेवकों ने चेतावनी दिया है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस दौरान शुकदेव, दुर्गेश, पप्पू भारती,अनिल कुमार मिश्रा, जितेंद्र कुमार राय,तुलसीराम,चंद्रप्रकाश शुक्ला, रामानंद,सत्य प्रकाश शुक्ला,रेनू यादव,आलोक कुमार शुक्ला,अजय कुमार वर्मा, रामशंकर तिवारी और मनोज कुमार वर्मा सहित कई ग्राम रोजगार सेवक मौजूद रहे।
स्पीकर के खिलाफ मजबूरी में लाना पड़ा प्रस्ताव, लेकिन हमारा धर्म संसद की मर्यादा बचाना, अविश्वास प्रस्ताव पर बोले गौरव गोगोई

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विपक्ष ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पद से हटाने के लिए एक संकल्प मंगलवार को सदन में पेश किया। इस पर चर्चा के दौरान सदन में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने अपनी बात रखी। कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने अपने भाषण के दौरान सरकार पर बड़े आरोप लगाए। गौरव ने कहा कि स्पीकर को निष्पक्ष होना चाहिए। उसके लिए कोई पक्ष या विपक्ष नहीं हो। लेकिन स्पीकर निष्पक्ष नहीं है।

माइक भी अस्त्र बन गया है-गोगोई

कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने के लिए खड़े हुए। उन्होंने कहा कि सदन के अंदर पहले भी तीन बार अविश्वास प्रस्ताव आया है। जब यह हुआ तब डिप्टी स्पीकर चेयर पर थे। आज विपक्ष के 200 सांसद होने के बावजूद यहां डिप्टी स्पीकर नहीं है। देश को पता चलना चाहिए कि सदन कैसे चल रहा है। माइक भी अस्त्र बन गया है। यह सुविधा के अनुसार सत्ता पक्ष को दिया जाता है। जबकि विपक्ष के नेता को बोलने ही नहीं दिया जाता। संसद के नियमों का उल्लंघन हो रहा है।

स्पीकर पर यह निजी हमला नहीं-गोगोई

गोगोई ने कहा, यह रेजोलयूशन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। हमें खुशी नहीं है कि हम इसे लाए। क्योंकि ओम बिरला का हर किसी के साथ निजी तौर पर बहुत अच्छा है। लेकिन हम मजबूर हैं कि हमें यह प्रस्ताव लाना पड़ रहा है। लेकिन हमारा धर्म है संसद की मर्यादा को बचाना। क्योंकि हर सदस्य का कर्तव्य है कि संसद की गरिमा मर्यादा कानून को बचाए। यह निजी हमला नहीं है। देश के लोगों का विश्वास लोकतंत्र में कायम रहे इसलिए हम अविश्वास प्रस्ताव लाए हैं।

गोगोई ने कहा-आज देश का नेतृत्व कमजोर है

कांग्रेस नेता ने कहा, फरवरी में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जब नेता प्रतिपक्ष बोलने के लिए खड़े हुए तब 20 बार व्यवधान पैदा किया गया। यह सिर्फ इसलिए किया गया क्योंकि वह कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे उठाना चाहते थे। उन्होंने कहा, जब भारत की सीमा पर पड़ोसी देश के टैंक आ रहे थे तो सेना राजनीतिक नेतृत्व की तरफ देखा रही थी, लेकिन उस समय देश के मुखिया कहते हैं कि जो उचित लगे वो कर लो। उन्होंने आरोप लगाया कि आज देश का नेतृत्व कमजोर है।

योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: गांव-गांव बस सेवा, संपत्ति रजिस्ट्रेशन सख्त और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

लखनऊ । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कुल 31 प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनमें से 30 को मंजूरी मिल गई, जबकि कुछ प्रस्तावों को फिलहाल विचार के लिए रोक दिया गया। सरकार के फैसलों का असर परिवहन, आवास, संपत्ति रजिस्ट्रेशन और सरकारी कर्मचारियों के नियमों पर सीधे तौर पर पड़ेगा।

सबसे बड़ा फैसला प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने को लेकर लिया गया। अब किसी भी जमीन या मकान की बिक्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी से मिलान किया जाएगा। अगर नाम में अंतर पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा, जिससे फर्जी रजिस्ट्री और विवादित संपत्तियों की खरीद-फरोख्त पर लगाम लगेगी।

कैबिनेट ने सीएम ग्राम परिवहन योजना-2026 को भी मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत प्रदेश की करीब 59 हजार ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। जिन करीब 12,200 गांवों में अब तक बस नहीं पहुंची, वहां 28 सीटों वाली बसें चलाई जाएंगी। इस सेवा को टैक्स से छूट दी जाएगी और निजी ऑपरेटरों को भी बस संचालन की अनुमति दी जाएगी। बसों की औसत आयु 15 वर्ष तय की गई है और संचालन का अनुबंध 10 वर्ष का होगा।

एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये

परिवहन क्षेत्र में एक और अहम निर्णय लेते हुए सरकार ने मोटर व्हीकल नियमों में संशोधन का फैसला किया है। अब Ola और Uber जैसे एग्रीगेटर प्लेटफॉर्म को प्रदेश में पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। ड्राइवरों के लिए मेडिकल जांच, फिटनेस टेस्ट और पुलिस वेरिफिकेशन भी जरूरी किया जाएगा। एग्रीगेटर के लिए आवेदन शुल्क 25 हजार रुपये और लाइसेंस फीस 5 लाख रुपये तय की गई है।आवास के क्षेत्र में भी बड़ा फैसला लिया गया है। Pradhan Mantri Awas Yojana (शहरी) के तहत आवास निर्माण की लागत सीमा 6 लाख से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब लाभार्थी 30 वर्गमीटर तक मकान बनवा सकेंगे। इसमें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी

सरकार ने कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत कराकर उन्हें जरूरतमंद दलित परिवारों को आवंटित करने का भी निर्णय लिया है। वहीं सरकारी कर्मचारियों के सेवा नियमों में बदलाव करते हुए यह अनिवार्य किया गया है कि छह महीने के मूल वेतन से अधिक के निवेश की जानकारी देनी होगी और हर साल अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।इसके अलावा Ayodhya में खेल परिसर के लिए भूमि हस्तांतरण, Kanpur ट्रांस गंगा सिटी में चार लेन पुल निर्माण और बुंदेलखंड क्षेत्र के Banda व Jhansi में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे प्रस्तावों को भी मंजूरी मिली।

चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला

शिक्षकों को राहत देते हुए सरकार ने चिकित्सा प्रतिपूर्ति व्यवस्था में बदलाव का फैसला किया है। अब अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इस योजना से प्रदेश के करीब 1.28 लाख शिक्षकों को लाभ मिलने का अनुमान है। इसके लिए प्रति शिक्षक लगभग 2479 रुपये का प्रीमियम तय किया गया है और सरकार पर करीब 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।सरकार का कहना है कि इन फैसलों से ग्रामीण परिवहन व्यवस्था मजबूत होगी, संपत्ति लेनदेन में पारदर्शिता आएगी और शिक्षकों व कर्मचारियों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकेंगी।