घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

Sambhal शाही जामा मस्जिद विवाद: काशिफ खान ने लगाए ज़फर अली पर गंभीर आरोप, कहा “जांच से नहीं डरते, सबके खाते खुलेंगे”
सम्भल की शाही जामा मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। ज़फर अली एडवोकेट द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच काशिफ खान खुलकर सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। काशिफ खान ने साफ कहा कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और अगर वक्फ बोर्ड या किसी सरकारी एजेंसी की जांच होती है तो वे हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।

काशिफ खान ने बताया कि शाही जामा मस्जिद की इंतज़ामिया कमेटी कभी भी रजिस्टर्ड नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वे 2022 से ही अपने स्वर्गीय चाचा लड्डन खां को कमेटी को पंजीकृत कराने की सलाह देते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। 24 नवंबर 2024 के दंगों के बाद खुद कमेटी के लोगों ने उन्हें बुलाकर वक्फ बोर्ड में पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा, जिसके बाद दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया गया और उसमें उन्हें सचिव के रूप में नामित किया गया। मस्जिद के दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोपों को काशिफ खान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी कागजात, आईडी और शपथ पत्र उन्हें कमेटी द्वारा ही सचिव की हैसियत से सौंपे गए थे। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े सबसे अधिक दस्तावेज वही लेकर आए और वक्फ बोर्ड व भारतीय पुरातत्व विभाग से लगातार पत्राचार भी वही करते रहे हैं। 30 मार्च 2024 को बनाए गए “शाही जामा मस्जिद ट्रस्ट” पर सफाई देते हुए काशिफ खान ने कहा कि यह ट्रस्ट उनकी व्यक्तिगत पहल थी, ताकि भविष्य में किसी कानूनी अड़चन की स्थिति में मस्जिद और उससे जुड़ी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है और उसमें किसी भी कमेटी सदस्य के हस्ताक्षर या दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया गया। चंदा वसूली के आरोपों पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि ट्रस्ट का केनरा बैंक में खाता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा सकता है। उनका दावा है कि खाता शुरू से ही माइनस बैलेंस में है। वहीं, उन्होंने ज़फर अली एडवोकेट पर आरोप लगाया कि मस्जिद की वक्फ संपत्तियों से जुड़ी 52 दुकानों के किराए को लेकर भारी अनियमितताएं हैं और कई दुकानदार महीनों से किराया नहीं दे रहे, जिनमें ज़फर अली के करीबी लोग शामिल हैं। कानूनी भूमिका पर काशिफ खान ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में मुख्य पक्षकार हैं और उनके पास हर दावे से जुड़े सबूत, ईमेल, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि “जो लोग खुद जवाब नहीं दे पा रहे, वही हमें फर्जी और बाहरी बता रहे हैं।” अंत में काशिफ खान ने कहा कि समय आने पर सच्चाई सबके सामने होगी और जांच में यह साफ हो जाएगा कि मस्जिद के नाम पर कौन काम कर रहा है और कौन निजी फायदे उठा रहा है।
अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
मिर्जापुर : भ्रष्ट सचिव को नेताओं के दबाव में बचा रहा AR,नहीं कर रहा कोई कार्रवाई,नियम के विरुद्ध गांव के समिति में है नियुक्त है सचिव

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति में नियुक्त सचिव के खिलाफ समिति के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि सचिव की नियुक्ति अवैध और विधि विरुद्ध किया गया है.गांव में नियुक्ति होने से किसानों को सरकारी दाम से अधिक दाम में खाद बेचना बिचौलियों से रात में धान उतरवाने का विडियो वायरल होने पर एसडीएम लालगंज ने स्थानांतरण करने का आदेश दिया था इसके बावजूद भी इस भ्रष्ट सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सचिव गांव में नियुक्त होने से राजनीति अलग से कर रहा है. स्थानांतरण न होने से किसानों में आक्रोश है.



मिर्जापुर जनपद का बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज इस वक्त सुर्खियों में है.गांव की समिति में सचिव की नियुक्ति होने पर किसानों में आक्रोश है. किसानों ने समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल शिकायत की है. ओम प्रकाश पटेल ने किसानों की बात को लेकर जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार को प्रार्थना पत्र देखकर आरोप लगाया है कि अवैध और नियम के विरुद्ध सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने नियुक्ति की है. गांव में नियुक्ति होने के कारण बिना अधिकारियों के डरे किसानों को सरकारी दाम से अधिक दाम पर खाद बेचा जा रहा हैं सचिव.किसानों से 10 रुपये प्रति बोरी अधिक सचिव ले रहा है.किसानों के विरोध करने पर सचिव अपने कार्यकाल से बाहर निकलने का धमकी दे रहा है.वीडियो बनता देख सचिव कुर्सी छोड़कर खिसक गया.सचिव और किसानों के बीच हो रहे वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.किसानों का आरोप हैं कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी और इनके कार्यालय के कर्मचारियों के मिली भगत से सचिव ले रहा है.खाद के साथ ही धान में भी सचिव रणजीत सिंह कालाबाजारी करता है.क्रय केंद्र  बंद होने पर किसानों के जगह रात में व्यापारियों से धान उतरवाता हैं जिसका वीडियो किसानों ने बना कर वायरल किया था.वीडियो वायरल होने के बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी सचिव को बचाने में जुटे हैं.जबकि वीडियो वायरल होने पर एसडीएम लालगंज ने विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया था साथ ही स्थानांतरण करने को कहा था इसके बावजूद भी नहीं किया गया.


मिर्जापुर में गजब का सरकारी ऑफिस हैं एडवांस में पत्र लिखा रहता है.मिर्जापुर के सहकारिता विभाग के ऑफिस में शिकायत के पहले ही पत्र तैयार रहता है.एक आदेश पत्र है जो शिकायत करने के 27 दिन पहले जारी हो गया है.एक नोटिस का पत्र है जो शिकायत करने के एक दिन पहले जारी किया गया है.दोनों पत्रों में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी अमित कुमार पांडेय का हस्ताक्षर है.पत्र में विभाग खुद बता रहा शिकायतकर्ताओं का तारीख़.इसके बावजूद आँख बंद कर AR साहब हस्ताक्षर कर दे रहे है.दोनों पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
श्रोताओं का दिल जीतने के लिए रॉकस्टार संगीत मासूम फिर तैयार
मुंबई। हिंदी संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उभरते हुए कलाकार और रॉक-स्टार संगीत मासूम एक बार फिर श्रोताओं के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं।
“दिल का खुदा”, “ब्रेकअप पार्टी” और “साजन के शहर” जैसी सुपरहिट प्रस्तुतियों की अपार सफलता के बाद अब उनका नवीनतम हिंदी संगीत एल्बम “बेदर्दी” संगीत प्रेमियों के बीच दस्तक देने जा रहा है।
“बेदर्दी” केवल एक संगीत एल्बम नहीं, बल्कि टूटे हुए दिलों की सच्ची आवाज़ है—ऐसी दास्तान, जो प्रेम, पीड़ा, बिछोह और भावनाओं की गहराई को सुरों के माध्यम से बयां करती है। इस गीत के प्रत्येक शब्द में दर्द की सच्चाई, प्रेम की कसक और आत्मा को छू लेने वाली संवेदनाएँ समाहित हैं, जो श्रोताओं को भीतर तक झकझोर देती हैं।
एल्बम की आत्मा को अपनी सशक्त और भावनात्मक गायकी से सजाया है प्रसिद्ध गायक अगम कुमार निगम ने, जिनकी आवाज़ इस एल्बम को और भी प्रभावशाली बनाती है। गीत के बोल मुकेश कुमार मासूम द्वारा रचे गए हैं, जो शब्दों के माध्यम से टूटे रिश्तों और अधूरी मोहब्बत की सच्चाई को बेहद खूबसूरती से उकेरते हैं। मुकेश कुमार मासूम समकालीन हिंदी साहित्य, सिनेमा और वैचारिक लेखन के एक संवेदनशील, प्रखर और बहुआयामी रचनाकार हैं। उनकी लेखनी की पहचान है—सरल भाषा में गहन भाव, तथ्यात्मक स्पष्टता के साथ साहित्यिक प्रवाह, और समकालीन समाज को दिशा देने वाला विचार। मुकेश कुमार मासूम स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन (SWA) तथा इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के सदस्य हैं, जो उनके सशक्त जुड़ाव को साहित्य और फिल्म उद्योग—दोनों से प्रमाणित करता है। वे बॉलीवुड में एक स्थापित गीतकार के रूप में भी जाने जाते हैं और “ दिल तोड़ने वाला , दिल का खुद निकला “ ( उदित नारायण ) , दारू सिगरेट छोड़ दे ( ममता शर्मा ) , जीवन एक अमृत है ( उदित नारायण ) , मेरे मन को ( उदित नारायण ) , भगवान जरूरी है ( अल्तमश फरीदी ) , खाटू श्याम जाना है ( अनूप जलोटा )  , जय भीम बोलो रे (मोहम्मद अज़ीज़ )  ब्रेकअप पार्टी ( हरमन नाज़िम ) , मेनू हँसके विदा कर दे ( शबाब साबरी )  , बौद्ध धर्म के अनुयाई (अनूप जलोटा ) उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा ( अगम कुमार निगम )  जैसे अनेक सुपरहिट एवं लोकप्रिय गीतों की रचना कर चुके हैं। उन्होंने अगम कुमार निगम, समीर खान, ममता शर्मा, अल्तमश फ़रीदी, शबाब साबरी, स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़, पद्मश्री कुमार शानू, पद्मश्री अनूप जलोटा, तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण जैसे महान एवं प्रतिष्ठित गायकों के लिए गीत लिखे हैं। उनके गीतों में भावनात्मक गहराई, लोकसंवेदना और आत्मीयता स्पष्ट रूप से झलकती है।
  फिलहाल वे सिनेविस्टा लिमिटेड जैसी सुप्रसिद्ध फिल्म / सीरियल मेकिंग फिल्म कंपनी सहित बॉलीवुड की लगभग सभी बड़ी हस्तियों के लिए लेखन कार्य कर रहे हैं ।एल्बम में संगीत मासूम के साथ खुशबू पोद्दार मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी, जिनकी सशक्त प्रस्तुति गीतों की भावनात्मक गहराई को दृश्य रूप प्रदान करती है। उजाला मेहता ने भी शानदार अभिनय किया है। संगीत निर्देशन की कमान संभाली है रफ़ीक़ राजा ने, जिनकी धुनें दिल को छू लेने वाली हैं और लंबे समय तक स्मृति में बनी रहती हैं।एल्बम का निर्देशन अनिल मेहता ने किया है, जबकि नृत्य संयोजन संजय चौधरी द्वारा किया गया है, जो गीतों को दृश्यात्मक रूप से और भी प्रभावशाली बनाता है।“बेदर्दी” उन सभी दिलों की कहानी है, जिन्होंने कभी सच्चा प्रेम किया और टूटने का दर्द सहा। यह एल्बम भावनाओं की उस गहराई को छूता है, जहाँ शब्द कम और एहसास अधिक बोलते हैं। संगीत मासूम का यह नया प्रयास न केवल संगीत प्रेमियों को एक यादगार अनुभव देगा, बल्कि हिंदी संगीत जगत में एक गहरी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मासूम फिल्म कंपनी का यह गीत बहुत ही कर्णप्रिय बन पडा़ है। यह हर उम्र के लोगों को पसंद आएगा। बता दें कि संगीत मासूम एक होनहार कलाकार है। उन्होंने सरोज खान से डांस सीखा है और रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय का चार महीने का डिप्लोमा किया है।
भंडारे से लौट रहीं 7 बेटियों को कार ने रौंदा, गंगा एक्सप्रेसवे पर 4 की मौत
रायबरेली। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में चार युवतियों की मौत हो गई, जबकि तीन किशोरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। जगतपुर थाना क्षेत्र के चूली गांव के पास तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहीं सात युवतियों व किशोरियों को रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
पुलिस के अनुसार जगतपुर क्षेत्र के कोडर गांव निवासी शालिनी (20), उसकी बहन साधना (15), भदोखर क्षेत्र के अलीगंज निवासी हिमांशी (22), रश्मि (15), आसमां (18) सहित सात युवतियां और किशोरियां रविवार को चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई थीं। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभी निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते पैदल ही अपने गांव लौट रही थीं।
शाम करीब सात बजे एक्सप्रेसवे से गुजर रही एक कार ने सभी को कुचल दिया। सूचना मिलने पर आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शालिनी और हिमांशी को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अन्य युवतियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान आसमां और रश्मि ने भी दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने तुरंत चिकित्सकों की टीम को अलर्ट किया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार और कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह भी अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कुछ देर बाद जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों और मृतकों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया। इमरजेंसी वार्ड में भारी भीड़ के कारण अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

इस हादसे ने कई परिवारों को तोड़कर रख दिया। कोडर गांव निवासी जंग बहादुर की एक बेटी हिमांशी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी साधना जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पिता जंग बहादुर अस्पताल में बदहवास होकर अपनी बेटी की जान बचाने की गुहार लगाते नजर आए। वहीं रमणेश की दोनों बेटियां रिया पटेल और प्रिया पटेल भी हादसे में घायल हुई हैं, जिनका इलाज जारी है।

आज किया जाएगा अंतिम संस्कार

जिलाधिकारी के निर्देश पर रात में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। कोडर गांव निवासी आसमां, हिमांशी, शालिनी और रश्मि के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। सोमवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कार को कब्जे में ले लिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर पैदल चलना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद युवतियां वहां कैसे पहुंचीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
आजमगढ़ के कप्तानगंज स्थित बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आजमगढ़ विवेक रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. नवल किशोर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य चंडेश्वर पीजी कॉलेज वेद प्रकाश उपाध्याय ने की।मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।विशिष्ट अतिथि डॉ. नवल किशोर ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि यही मंच बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधीर तिवारी एवं ऋषिकेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश मिश्र (प्रवक्ता, हिंदी) ने कुशलतापूर्वक किया।कार्यक्रम के व्यवस्थापक विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र नाथ चौबे एवं रविंद्र नाथ चौबे रहे, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर जयराम उपाध्याय, हरीश पाठक, वीर भद्र प्रताप सिंह, महाप्रधान विशाल सेठ, चंचल यादव, सपा प्रवक्ता श्रीकांत चौबे, यशवंत सिंह, साकेत चतुर्वेदी, संजय राय (प्रबंधक इनोवेटिव), डॉ. निधि पाण्डेय, डॉ. शुभम पाण्डेय, आजाद सिंह, नागेंद्र यादव, दिनेश तिवारी, दुर्गा प्रसाद पाठक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वार्षिकोत्सव समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति को भी समान महत्व देता है।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।
घर में बिजली कट हुआ तो इस नंबर पर करें शिकायत, तुरंत आ जाएगी बिजली

गया: सात निश्चय-3 के सातवें निश्चय ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (इज ऑफ लीविंग) के अंतर्गत बिजली उपभोक्ताओं के लिए बिजली विभाग ने बड़ा काम किया है. अगर आपके घर की बिजली चली जाए तो चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है. आप अपने मोबाइल फोन से बिजली विभाग द्वारा बिजली बिल पर दिए गए हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर सकते हैं. इसके लिए बिजली विभाग ने आपके बिजली बिल पर आपके क्षेत्र फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर अंकित किया गया है.

अगर आपके घर में बिजली गुल हो जाती है, तो आप घर बैठे ही इसकी सूचना दे सकते हैं. आपको किसी सरकारी दफ्तर जाने की जरूरत नहीं है. शिकायत दर्ज करने के लिए आपको कोई ऐप डाउनलोड करने या किसी आधिकारिक वेबसाइट पर जाने की भी जरूरत नहीं है. हेल्पलाइन नंबर आपके बिजली बिल में दिया गया है, आप सीधे उस पर शिकायत कर सकते हैं बिजली आपूर्ति संबंधित समस्या का निराकरण कर सकते है.

साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के गया सर्कल के विद्युत अधीक्षण अभियंता ई. संदीप प्रकाश ने बताया कि राज्य सरकार और बिहार विद्युत विभाग उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध हैं. विद्युत विभाग ने अब उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर जारी किया है. जो कि सभी तरह के बिजली बिल पर अंकित रहेगा. बिजली बिल में सबसे नीचे में विद्युत आपूर्ति संबंधित शिकायत हेतु नंबर अंकित है. उपभोक्ता के क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर बिजली बिल पर अंकित होगा. आप अपने घर, पड़ोसियों और गांव में बिजली कटौती की सूचना देने के लिए बिजली बिल में अंकित नंबर पर फोन कर सकते हैं. इन समस्याओं की सूचना मिलते ही तुरंत समस्याओं का समाधान कर आपके घर में बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी.

बता दे कि गया जिले में उपभोक्ताओं के लिए नौ फ्यूज कॉल सेंटर हैं. बिजली आपूर्ति से संबंधित शिकायतें इन्हीं फ्यूज कॉल सेंटरों में दर्ज की जाती हैं. अब चूंकि बिजली बिल में उनके क्षेत्र के फ्यूज कॉल सेंटर का नंबर दिया होगा, इसलिए उपभोक्ताओं के लिए इसकी सेवाओं का लाभ उठाना आसान हो जाएगा और उनका दैनिक जीवन आसान होगा. बिहार को सर्वाधिक विकसित राज्यों की श्रेणी में शामिल करने के लिए सात निश्चय-3 के कार्यक्रमों को लागू किया गया है। "सबका सम्मान-जीवन आसान' (इज आफ लीविंग) का मुख्य मकसद नागरिकों के दैनिक जीवन में आने वाली कठिनाइयों को कम कर उनके जीवन को और भी आसान बनाना है.

Sambhal शाही जामा मस्जिद विवाद: काशिफ खान ने लगाए ज़फर अली पर गंभीर आरोप, कहा “जांच से नहीं डरते, सबके खाते खुलेंगे”
सम्भल की शाही जामा मस्जिद को लेकर चल रहे विवाद में नया मोड़ आ गया है। ज़फर अली एडवोकेट द्वारा लगाए जा रहे आरोपों के बीच काशिफ खान खुलकर सामने आए और उन्होंने पूरे मामले पर अपना पक्ष रखते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। काशिफ खान ने साफ कहा कि वे किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं और अगर वक्फ बोर्ड या किसी सरकारी एजेंसी की जांच होती है तो वे हर तरह से सहयोग करने को तैयार हैं।

काशिफ खान ने बताया कि शाही जामा मस्जिद की इंतज़ामिया कमेटी कभी भी रजिस्टर्ड नहीं रही है। उन्होंने कहा कि वे 2022 से ही अपने स्वर्गीय चाचा लड्डन खां को कमेटी को पंजीकृत कराने की सलाह देते रहे, लेकिन उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया। 24 नवंबर 2024 के दंगों के बाद खुद कमेटी के लोगों ने उन्हें बुलाकर वक्फ बोर्ड में पंजीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ाने को कहा, जिसके बाद दस्तावेजों के आधार पर ऑनलाइन आवेदन किया गया और उसमें उन्हें सचिव के रूप में नामित किया गया। मस्जिद के दस्तावेजों के दुरुपयोग के आरोपों को काशिफ खान ने सिरे से खारिज करते हुए कहा कि सभी कागजात, आईडी और शपथ पत्र उन्हें कमेटी द्वारा ही सचिव की हैसियत से सौंपे गए थे। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद से जुड़े सबसे अधिक दस्तावेज वही लेकर आए और वक्फ बोर्ड व भारतीय पुरातत्व विभाग से लगातार पत्राचार भी वही करते रहे हैं। 30 मार्च 2024 को बनाए गए “शाही जामा मस्जिद ट्रस्ट” पर सफाई देते हुए काशिफ खान ने कहा कि यह ट्रस्ट उनकी व्यक्तिगत पहल थी, ताकि भविष्य में किसी कानूनी अड़चन की स्थिति में मस्जिद और उससे जुड़ी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का कमेटी से कोई लेना-देना नहीं है और उसमें किसी भी कमेटी सदस्य के हस्ताक्षर या दस्तावेजों का इस्तेमाल नहीं किया गया। चंदा वसूली के आरोपों पर पलटवार करते हुए काशिफ खान ने कहा कि ट्रस्ट का केनरा बैंक में खाता है, जिसका पूरा रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जा सकता है। उनका दावा है कि खाता शुरू से ही माइनस बैलेंस में है। वहीं, उन्होंने ज़फर अली एडवोकेट पर आरोप लगाया कि मस्जिद की वक्फ संपत्तियों से जुड़ी 52 दुकानों के किराए को लेकर भारी अनियमितताएं हैं और कई दुकानदार महीनों से किराया नहीं दे रहे, जिनमें ज़फर अली के करीबी लोग शामिल हैं। कानूनी भूमिका पर काशिफ खान ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट में जामा मस्जिद से जुड़े मामलों में मुख्य पक्षकार हैं और उनके पास हर दावे से जुड़े सबूत, ईमेल, व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड मौजूद हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि “जो लोग खुद जवाब नहीं दे पा रहे, वही हमें फर्जी और बाहरी बता रहे हैं।” अंत में काशिफ खान ने कहा कि समय आने पर सच्चाई सबके सामने होगी और जांच में यह साफ हो जाएगा कि मस्जिद के नाम पर कौन काम कर रहा है और कौन निजी फायदे उठा रहा है।
अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों का इसरो, श्रीहरिकोटा भ्रमण- सपनों को मिली नई उड़ान
* श्रमिक परिवारों के बच्चों ने देखी अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया, आत्मविश्वास और वैज्ञानिक सोच को मिला नया आयाम

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित अटल आवासीय विद्यालयों के विद्यार्थियों को वैज्ञानिक सोच, नवाचार और राष्ट्रीय उपलब्धियों से जोड़ने के उद्देश्य से भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा (SHAR) का शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। यह भ्रमण श्रमिक परिवारों से आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा, आत्मविश्वास और भविष्य के सपनों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
इस शैक्षणिक भ्रमण में प्रदेश के सभी 18 अटल आवासीय विद्यालयों से चयनित कुल 36 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रत्येक विद्यालय से एक बालक एवं एक बालिका शामिल रहे। अधिकांश विद्यार्थियों के लिए यह पहली हवाई यात्रा थी, जिसने उनके अनुभव को और भी अविस्मरणीय बना दिया।
प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए इन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का चयन उनकी शैक्षणिक योग्यता, अनुशासन एवं विज्ञान में अभिरुचि के आधार पर किया गया था। विमान यात्रा के माध्यम से श्रीहरिकोटा पहुँचने पर विद्यार्थियों में उत्साह, आत्मगौरव और आत्मविश्वास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। यह यात्रा केवल शैक्षणिक ही नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के लिए सपनों को नई दिशा देने वाली रही।
पूरे दिन चले इस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने इसरो के प्रमुख तकनीकी एवं संचालन केंद्रों का अवलोकन किया, जिनमें लॉन्च पैड-1, लॉन्च पैड-2, मिशन कंट्रोल सेंटर तथा सैटेलाइट एवं रॉकेट असेंबली क्षेत्र शामिल रहे। इसरो के वैज्ञानिकों एवं विशेषज्ञों ने रॉकेट प्रक्षेपण, उपग्रह नियंत्रण, डेटा विश्लेषण और मिशन संचालन की प्रक्रिया को सरल भाषा में समझाया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक प्रश्न पूछे और वैज्ञानिकों से संवाद किया, जिससे उनकी जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण को नया आयाम मिला।
भ्रमण के उपरांत इसरो (SHAR) के निदेशक पद्मकुमार द्वारा विद्यार्थियों के साथ विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। इस अवसर पर प्रमुख सचिव डॉ. एम. के. शनमूगा सुंदरम एवं सचिव श्रीमती पूजा यादव (उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड) उपस्थित रहीं। निदेशक महोदय ने विद्यार्थियों को इसरो की कार्यप्रणाली, वर्तमान एवं भावी अंतरिक्ष परियोजनाओं, गगनयान मिशन तथा भारत की अंतरिक्ष उपलब्धियों की जानकारी दी और उन्हें नियमित अध्ययन, विज्ञान एवं गणित में रुचि तथा अनुशासन के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर अटल आवासीय विद्यालय का मॉडल इसरो निदेशक को भेंट किया गया, जबकि इसरो की ओर से गगनयान मिशन का लघु मॉडल स्मृति चिन्ह के रूप में प्रदान किया गया।
उल्लेखनीय है कि अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक दूरदर्शी पहल है, जिसका उद्देश्य निर्माण श्रमिक एवं निराश्रित परिवारों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आवास, मार्गदर्शन एवं राष्ट्रीय स्तर के अवसर उपलब्ध कराना है। यह भ्रमण इस बात का सशक्त उदाहरण है कि सरकार श्रमिक परिवारों के बच्चों को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने के अवसर प्रदान कर रही है।
भ्रमण से लौटने के बाद विद्यार्थियों ने उत्साह व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार रॉकेट, वैज्ञानिकों और अंतरिक्ष विज्ञान को इतनी निकटता से देखा है और अब वे भी वैज्ञानिक बनकर देश की सेवा करना चाहते हैं। यह शैक्षणिक भ्रमण केवल एक यात्रा नहीं, बल्कि श्रमिक परिवारों के बच्चों के जीवन में नई शुरुआत और उज्ज्वल भविष्य की ओर एक महत्वपूर्ण कदम है।
मड़िहान जंगल में महिला का शव मिलने से इलाके में हड़कंप, हत्या की आशंका
मड़िहान/मीरजापुर। मड़िहान थाना क्षेत्र के देवरी कला विंध्य विश्वविद्यालय के पास आज सुबह 45 वर्षीय महिला का शव मिलने से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान सोनभद्र जिले के घोरावल थाना क्षेत्र की तेतरी पत्नी रामपति के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, तेतरी विंध्य विश्वविद्यालय  में ठेकेदार के साथ मजदूरी करती थीं और रोजाना शाम 05 बजे काम खत्म कर घर लौटती थीं। इस दिन भी वह अपने सहकर्मी बलिराम मिस्त्री के साथ काम कर रही थीं। परिवार ने बताया कि पिछले 15 दिनों में तेतरी केवल एक-दो बार ही घर गई थीं। परिवार ने घटना के समय की जानकारी देते हुए बताया कि तेतरी के तीन बेटे और दो बेटियाँ हैं। बेटे सूरत में काम करते हैं, जबकि बेटी अपने ससुराल में रहती है। पति गलीचा बनाने का काम करते हैं। घटना से कुछ समय पहले महिला ने अपने पति से मोबाइल फोन पर बातचीत की थी, लेकिन अब उनका फोन बंद बताया जा रहा है।
संदिग्ध परिस्थितियों में घटना स्थल पर शव मिलने की स्थिति ने इलाके में सवाल खड़े कर दिए हैं। शव जंगल में पड़ा पाया गया और इसके पीछे के कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हैं। स्थानीय लोग और परिजन इसे संदिग्ध और हत्या की आशंका वाला मामला मान रहे हैं। पुलिस और फोरेंसिक टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुँची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मृतका के अंतिम दिनों की गतिविधियों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच तेजी से चल रही है और जल्द ही मौत के असली कारण का खुलासा किया जाएगा।
मिर्जापुर : भ्रष्ट सचिव को नेताओं के दबाव में बचा रहा AR,नहीं कर रहा कोई कार्रवाई,नियम के विरुद्ध गांव के समिति में है नियुक्त है सचिव

मिर्जापुर जनपद के बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति में नियुक्त सचिव के खिलाफ समिति के अध्यक्ष ने जिलाधिकारी को ज्ञापन देकर आरोप लगाया है कि सचिव की नियुक्ति अवैध और विधि विरुद्ध किया गया है.गांव में नियुक्ति होने से किसानों को सरकारी दाम से अधिक दाम में खाद बेचना बिचौलियों से रात में धान उतरवाने का विडियो वायरल होने पर एसडीएम लालगंज ने स्थानांतरण करने का आदेश दिया था इसके बावजूद भी इस भ्रष्ट सचिव पर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. सचिव गांव में नियुक्त होने से राजनीति अलग से कर रहा है. स्थानांतरण न होने से किसानों में आक्रोश है.



मिर्जापुर जनपद का बी. पैक्स रामपुर खोमर मैना समिति लालगंज इस वक्त सुर्खियों में है.गांव की समिति में सचिव की नियुक्ति होने पर किसानों में आक्रोश है. किसानों ने समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश पटेल शिकायत की है. ओम प्रकाश पटेल ने किसानों की बात को लेकर जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार को प्रार्थना पत्र देखकर आरोप लगाया है कि अवैध और नियम के विरुद्ध सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी ने नियुक्ति की है. गांव में नियुक्ति होने के कारण बिना अधिकारियों के डरे किसानों को सरकारी दाम से अधिक दाम पर खाद बेचा जा रहा हैं सचिव.किसानों से 10 रुपये प्रति बोरी अधिक सचिव ले रहा है.किसानों के विरोध करने पर सचिव अपने कार्यकाल से बाहर निकलने का धमकी दे रहा है.वीडियो बनता देख सचिव कुर्सी छोड़कर खिसक गया.सचिव और किसानों के बीच हो रहे वार्ता का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.किसानों का आरोप हैं कि सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी और इनके कार्यालय के कर्मचारियों के मिली भगत से सचिव ले रहा है.खाद के साथ ही धान में भी सचिव रणजीत सिंह कालाबाजारी करता है.क्रय केंद्र  बंद होने पर किसानों के जगह रात में व्यापारियों से धान उतरवाता हैं जिसका वीडियो किसानों ने बना कर वायरल किया था.वीडियो वायरल होने के बाद भी सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी सचिव को बचाने में जुटे हैं.जबकि वीडियो वायरल होने पर एसडीएम लालगंज ने विभागीय अधिकारियों को कार्रवाई का निर्देश दिया था साथ ही स्थानांतरण करने को कहा था इसके बावजूद भी नहीं किया गया.


मिर्जापुर में गजब का सरकारी ऑफिस हैं एडवांस में पत्र लिखा रहता है.मिर्जापुर के सहकारिता विभाग के ऑफिस में शिकायत के पहले ही पत्र तैयार रहता है.एक आदेश पत्र है जो शिकायत करने के 27 दिन पहले जारी हो गया है.एक नोटिस का पत्र है जो शिकायत करने के एक दिन पहले जारी किया गया है.दोनों पत्रों में सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक सहकारिता अधिकारी अमित कुमार पांडेय का हस्ताक्षर है.पत्र में विभाग खुद बता रहा शिकायतकर्ताओं का तारीख़.इसके बावजूद आँख बंद कर AR साहब हस्ताक्षर कर दे रहे है.दोनों पत्र सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
श्रोताओं का दिल जीतने के लिए रॉकस्टार संगीत मासूम फिर तैयार
मुंबई। हिंदी संगीत जगत में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुके उभरते हुए कलाकार और रॉक-स्टार संगीत मासूम एक बार फिर श्रोताओं के दिलों को छूने के लिए तैयार हैं।
“दिल का खुदा”, “ब्रेकअप पार्टी” और “साजन के शहर” जैसी सुपरहिट प्रस्तुतियों की अपार सफलता के बाद अब उनका नवीनतम हिंदी संगीत एल्बम “बेदर्दी” संगीत प्रेमियों के बीच दस्तक देने जा रहा है।
“बेदर्दी” केवल एक संगीत एल्बम नहीं, बल्कि टूटे हुए दिलों की सच्ची आवाज़ है—ऐसी दास्तान, जो प्रेम, पीड़ा, बिछोह और भावनाओं की गहराई को सुरों के माध्यम से बयां करती है। इस गीत के प्रत्येक शब्द में दर्द की सच्चाई, प्रेम की कसक और आत्मा को छू लेने वाली संवेदनाएँ समाहित हैं, जो श्रोताओं को भीतर तक झकझोर देती हैं।
एल्बम की आत्मा को अपनी सशक्त और भावनात्मक गायकी से सजाया है प्रसिद्ध गायक अगम कुमार निगम ने, जिनकी आवाज़ इस एल्बम को और भी प्रभावशाली बनाती है। गीत के बोल मुकेश कुमार मासूम द्वारा रचे गए हैं, जो शब्दों के माध्यम से टूटे रिश्तों और अधूरी मोहब्बत की सच्चाई को बेहद खूबसूरती से उकेरते हैं। मुकेश कुमार मासूम समकालीन हिंदी साहित्य, सिनेमा और वैचारिक लेखन के एक संवेदनशील, प्रखर और बहुआयामी रचनाकार हैं। उनकी लेखनी की पहचान है—सरल भाषा में गहन भाव, तथ्यात्मक स्पष्टता के साथ साहित्यिक प्रवाह, और समकालीन समाज को दिशा देने वाला विचार। मुकेश कुमार मासूम स्क्रीन राइटर्स एसोसिएशन (SWA) तथा इंडियन मोशन पिक्चर्स प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन (IMPPA) के सदस्य हैं, जो उनके सशक्त जुड़ाव को साहित्य और फिल्म उद्योग—दोनों से प्रमाणित करता है। वे बॉलीवुड में एक स्थापित गीतकार के रूप में भी जाने जाते हैं और “ दिल तोड़ने वाला , दिल का खुद निकला “ ( उदित नारायण ) , दारू सिगरेट छोड़ दे ( ममता शर्मा ) , जीवन एक अमृत है ( उदित नारायण ) , मेरे मन को ( उदित नारायण ) , भगवान जरूरी है ( अल्तमश फरीदी ) , खाटू श्याम जाना है ( अनूप जलोटा )  , जय भीम बोलो रे (मोहम्मद अज़ीज़ )  ब्रेकअप पार्टी ( हरमन नाज़िम ) , मेनू हँसके विदा कर दे ( शबाब साबरी )  , बौद्ध धर्म के अनुयाई (अनूप जलोटा ) उस बेदर्दी ने दिल तोड़ा ( अगम कुमार निगम )  जैसे अनेक सुपरहिट एवं लोकप्रिय गीतों की रचना कर चुके हैं। उन्होंने अगम कुमार निगम, समीर खान, ममता शर्मा, अल्तमश फ़रीदी, शबाब साबरी, स्वर्गीय मोहम्मद अज़ीज़, पद्मश्री कुमार शानू, पद्मश्री अनूप जलोटा, तथा पद्मश्री एवं पद्म भूषण उदित नारायण जैसे महान एवं प्रतिष्ठित गायकों के लिए गीत लिखे हैं। उनके गीतों में भावनात्मक गहराई, लोकसंवेदना और आत्मीयता स्पष्ट रूप से झलकती है।
  फिलहाल वे सिनेविस्टा लिमिटेड जैसी सुप्रसिद्ध फिल्म / सीरियल मेकिंग फिल्म कंपनी सहित बॉलीवुड की लगभग सभी बड़ी हस्तियों के लिए लेखन कार्य कर रहे हैं ।एल्बम में संगीत मासूम के साथ खुशबू पोद्दार मुख्य भूमिका में नज़र आएंगी, जिनकी सशक्त प्रस्तुति गीतों की भावनात्मक गहराई को दृश्य रूप प्रदान करती है। उजाला मेहता ने भी शानदार अभिनय किया है। संगीत निर्देशन की कमान संभाली है रफ़ीक़ राजा ने, जिनकी धुनें दिल को छू लेने वाली हैं और लंबे समय तक स्मृति में बनी रहती हैं।एल्बम का निर्देशन अनिल मेहता ने किया है, जबकि नृत्य संयोजन संजय चौधरी द्वारा किया गया है, जो गीतों को दृश्यात्मक रूप से और भी प्रभावशाली बनाता है।“बेदर्दी” उन सभी दिलों की कहानी है, जिन्होंने कभी सच्चा प्रेम किया और टूटने का दर्द सहा। यह एल्बम भावनाओं की उस गहराई को छूता है, जहाँ शब्द कम और एहसास अधिक बोलते हैं। संगीत मासूम का यह नया प्रयास न केवल संगीत प्रेमियों को एक यादगार अनुभव देगा, बल्कि हिंदी संगीत जगत में एक गहरी छाप छोड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। मासूम फिल्म कंपनी का यह गीत बहुत ही कर्णप्रिय बन पडा़ है। यह हर उम्र के लोगों को पसंद आएगा। बता दें कि संगीत मासूम एक होनहार कलाकार है। उन्होंने सरोज खान से डांस सीखा है और रोशन तनेजा एक्टिंग एकेडमी से अभिनय का चार महीने का डिप्लोमा किया है।
भंडारे से लौट रहीं 7 बेटियों को कार ने रौंदा, गंगा एक्सप्रेसवे पर 4 की मौत
रायबरेली। निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे पर रविवार देर शाम एक दर्दनाक हादसे में चार युवतियों की मौत हो गई, जबकि तीन किशोरियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। जगतपुर थाना क्षेत्र के चूली गांव के पास तेज रफ्तार कार ने पैदल जा रहीं सात युवतियों व किशोरियों को रौंद दिया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
पुलिस के अनुसार जगतपुर क्षेत्र के कोडर गांव निवासी शालिनी (20), उसकी बहन साधना (15), भदोखर क्षेत्र के अलीगंज निवासी हिमांशी (22), रश्मि (15), आसमां (18) सहित सात युवतियां और किशोरियां रविवार को चूली गांव में आयोजित भंडारे में शामिल होने गई थीं। भंडारे में प्रसाद ग्रहण करने के बाद सभी निर्माणाधीन गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते पैदल ही अपने गांव लौट रही थीं।
शाम करीब सात बजे एक्सप्रेसवे से गुजर रही एक कार ने सभी को कुचल दिया। सूचना मिलने पर आसपास के लोगों की मदद से पुलिस ने घायलों को सीएचसी जगतपुर पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने शालिनी और हिमांशी को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल अन्य युवतियों को जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान आसमां और रश्मि ने भी दम तोड़ दिया।

हादसे की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. पुष्पेंद्र कुमार ने तुरंत चिकित्सकों की टीम को अलर्ट किया। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) सिद्धार्थ, सीओ सदर अरुण कुमार नौहवार और कोतवाली प्रभारी शिवशंकर सिंह भी अस्पताल पहुंचे और इलाज की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

कुछ देर बाद जिलाधिकारी हर्षिता माथुर और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने घायलों और मृतकों के परिजनों से बातचीत कर उन्हें हर संभव मदद का आश्वासन दिया। परिजनों की चीख-पुकार से अस्पताल का माहौल गमगीन हो गया। इमरजेंसी वार्ड में भारी भीड़ के कारण अफरातफरी की स्थिति बनी रही।

इस हादसे ने कई परिवारों को तोड़कर रख दिया। कोडर गांव निवासी जंग बहादुर की एक बेटी हिमांशी की मौत हो गई, जबकि दूसरी बेटी साधना जिंदगी और मौत से जूझ रही है। पिता जंग बहादुर अस्पताल में बदहवास होकर अपनी बेटी की जान बचाने की गुहार लगाते नजर आए। वहीं रमणेश की दोनों बेटियां रिया पटेल और प्रिया पटेल भी हादसे में घायल हुई हैं, जिनका इलाज जारी है।

आज किया जाएगा अंतिम संस्कार

जिलाधिकारी के निर्देश पर रात में ही सभी मृतकों का पोस्टमार्टम कराया गया। कोडर गांव निवासी आसमां, हिमांशी, शालिनी और रश्मि के शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए गए। सोमवार को गांव में अंतिम संस्कार किया जाएगा।सीओ डलमऊ गिरजाशंकर त्रिपाठी ने बताया कि कार को कब्जे में ले लिया गया है और हादसे की जांच की जा रही है। एक्सप्रेसवे पर पैदल चलना प्रतिबंधित है, इसके बावजूद युवतियां वहां कैसे पहुंचीं, इसकी भी जांच की जा रही है।
बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मना वार्षिकोत्सव, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने मोहा मन
आजमगढ़ के कप्तानगंज स्थित बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी वार्षिकोत्सव समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह का शुभारंभ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ हुआ, जिसने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मंडलायुक्त आजमगढ़ विवेक रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. नवल किशोर एवं अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह मौजूद रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व प्राचार्य चंडेश्वर पीजी कॉलेज वेद प्रकाश उपाध्याय ने की।मुख्य अतिथि मंडलायुक्त विवेक ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और रचनात्मकता का विकास होता है। उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की।विशिष्ट अतिथि डॉ. नवल किशोर ने शिक्षा के साथ-साथ सांस्कृतिक गतिविधियों को भी आवश्यक बताते हुए कहा कि यही मंच बच्चों की छिपी प्रतिभाओं को निखारता है। विद्यालय के प्रधानाचार्य सुधीर तिवारी एवं ऋषिकेश मिश्रा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए विद्यालय की शैक्षिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।कार्यक्रम का संचालन ओम प्रकाश मिश्र (प्रवक्ता, हिंदी) ने कुशलतापूर्वक किया।कार्यक्रम के व्यवस्थापक विद्यालय के प्रबंधक डॉ. सुरेंद्र नाथ चौबे एवं रविंद्र नाथ चौबे रहे, जिनके निर्देशन में कार्यक्रम अत्यंत सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न हुआ।इस अवसर पर जयराम उपाध्याय, हरीश पाठक, वीर भद्र प्रताप सिंह, महाप्रधान विशाल सेठ, चंचल यादव, सपा प्रवक्ता श्रीकांत चौबे, यशवंत सिंह, साकेत चतुर्वेदी, संजय राय (प्रबंधक इनोवेटिव), डॉ. निधि पाण्डेय, डॉ. शुभम पाण्डेय, आजाद सिंह, नागेंद्र यादव, दिनेश तिवारी, दुर्गा प्रसाद पाठक सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग, अभिभावक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। अंत में विद्यालय परिवार की ओर से सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।वार्षिकोत्सव समारोह ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि बाबा गोपीदास मेमोरियल चिल्ड्रेन पब्लिक स्कूल शिक्षा के साथ-साथ संस्कार और संस्कृति को भी समान महत्व देता है।
हाथरस में मासूम की मौत से उबाल, थाने पर हमला—6 पुलिसकर्मी घायल
लखनऊ /हाथरस। उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के मुरसान कस्बे में शनिवार दोपहर ढाई साल के मासूम की सड़क हादसे में मौत के बाद हालात बेकाबू हो गए। घर के बाहर खेल रहे बालक यश को तेज रफ्तार कार ने कुचल दिया, जिससे उसकी मौके पर ही हालत गंभीर हो गई। परिजन बच्चे को जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत से गुस्साए परिजन और ग्रामीण शव लेकर थाने पहुंच गए और मुरसान-राया मार्ग पर जाम लगा दिया।

घटना के बाद थाने के सामने देखते ही देखते भारी भीड़ जमा हो गई। प्रदर्शनकारियों ने कार सवारों पर कड़ी कार्रवाई और पकड़े गए आरोपियों को उनके हवाले करने की मांग शुरू कर दी। स्थिति तनावपूर्ण देख पुलिस ने भीड़ को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात बिगड़ गई। बल प्रयोग की आशंका पर ग्रामीण भड़क उठे और अचानक पुलिस व थाने पर पथराव शुरू कर दिया।करीब दस मिनट तक मुरसान थाने के सामने अराजकता का माहौल रहा। पथराव में थाना प्रभारी बीपी गिरी सहित छह पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने का साइन बोर्ड तोड़ दिया गया और थाना परिसर में खड़ी पुलिस की चार गाड़ियों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। ग्रामीणों को रोकने का प्रयास कर रहे नगर पंचायत अध्यक्ष देशराज सिंह भी पथराव में घायल हो गए।

बवाल की सूचना पर आसपास के कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने लाठियां फटकार कर भीड़ को खदेड़ा और हालात पर काबू पाया। पूरे मुरसान कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया। देर शाम तक पुलिस बल तैनात रहा।पुलिस के अनुसार मोहल्ला मढ़ैया खाई निवासी रूप सिंह का बेटा यश शनिवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान एक तेज रफ्तार कार ने उसे कुचल दिया। हादसे के बाद भाग रहे कार सवार तीन लोगों में से दो को पुलिस ने मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि कार को कब्जे में ले लिया गया।

पुलिस जांच में सामने आया है कि कार से शराब की बोतलें और खाने-पीने का सामान मिला है। आशंका है कि कार सवार शराब के नशे में थे। चालक भी नशे की हालत में बताया जा रहा है, जिससे लोगों का आक्रोश और भड़क गया।एसपी चिरंजीवनाथ सिन्हा ने बताया कि हादसे के संबंध में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है।
पर्यावरण संरक्षण ही मानव जीवन का आधार — डॉ. अमर प्रकाश गर्ग
— अध्यक्ष भारत विकास परिषद् मेन शाखा संजय मिश्रा

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारत विकास परिषद हस्तिनापुर प्रांत द्वारा आयोजित पर्यावरण संगोष्ठी “पृथ्वी, प्राण और पुरुषार्थ” में देश के प्रसिद्ध पर्यावरणविद् एवं वैज्ञानिक डॉ. अमर प्रकाश गर्ग ने कहा कि प्लास्टिक, पॉलीथिन और ई-वेस्ट आज पर्यावरण के लिए सबसे गंभीर चुनौतियाँ बन चुकी हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि दूषित पर्यावरण का सीधा प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ रहा है, जिसके कारण मनुष्य की औसत आयु लगभग 70 वर्ष तक सीमित हो गई है। यदि शुद्ध पर्यावरण और प्रकृति-अनुकूल जीवनशैली अपनाई जाए तो मनुष्य 150 वर्ष तक भी स्वस्थ जीवन जी सकता है।

डॉ. गर्ग ने बताया कि पर्यावरण असंतुलन के कारण वर्षा के दिनों की संख्या पहले की तुलना में घटकर लगभग 28–30 रह गई है, जिससे कई क्षेत्रों में बाढ़ और सूखे जैसी विकट परिस्थितियाँ उत्पन्न हो रही हैं। उन्होंने कहा कि विश्व को लगभग 80 प्रतिशत ऑक्सीजन समुद्र से प्राप्त होती है, किंतु विडंबना यह है कि वही समुद्र पॉलीथिन प्रदूषण से गंभीर रूप से प्रभावित हो रहा है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि पॉलीथिन की प्रभावी रीसाइक्लिंग ही इस समस्या का प्रमुख समाधान है, जबकि वर्तमान में इसकी रीसाइक्लिंग दर केवल लगभग 30 प्रतिशत तक सीमित है। संगोष्ठी में उपस्थित जनों से पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने तथा प्लास्टिक के उपयोग को न्यूनतम करने का आह्वान किया गया।