जयमाल के दौरान भरभराकर गिरा छज्जा, दो की मौत, 25 घायल

औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मंझियावां गांव में रविवार को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल कार्यक्रम के दौरान अचानक मकान का छज्जा (पोर्टिको) भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों का इलाज दाउदनगर और ओबरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह और अखिलेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अखिलेश्वर यादव झारखंड के धनबाद में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, जबकि सत्यनारायण सिंह खेती-किसानी करते थे। दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंझियावां गांव निवासी रामव्यास सिंह की बेटी की शादी थी। बारात गोह थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के पास बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जा गिरने से नीचे बैठे कई लोग मलबे में दब गए।

घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शादी समारोह में शामिल कुणाल प्रताप सिंह और अभिमन्यु यादव ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारिक जानकारी के अनुसार अखिलेश्वर यादव अपने भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटे की शादी अभी बाकी थी। वहीं सत्यनारायण सिंह की दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।

वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत
सड़क पार करते समय कार ने मारी टक्कर

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत बकठोरवा गांव के पास देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई।सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से सुरेश कुमार (35) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।घायल सुरेश कुमार को तत्काल एंबुलेंस से जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सुरेश कुमार देहात कोतवाली क्षेत्र के तेलियानी गांव के निवासी थे।बताया जाता है कि सुरेश कुमार बकठोरवा गांव में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए घर से गये थे और उन्होंने गांव के सामने खाली पड़ी जगह पर अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करने के पश्चात सड़क पार कर कार्यक्रम स्थल पर जा रहे थे कि तभी इटियाथोक की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दिया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुरेश कुमार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए।स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज पहुंचाया गया,परन्तु उनकी जान नहीं बच सकी।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कार चालक को पकड़ने का प्रयास किया परन्तु वह तेज गति से फरार हो गया।घटना की सूचना मिलने पर पहुंचि इटियाथोक थाने की पुलिस ने मृतक सुरेश कुमार के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।इटियाथोक पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि कार चालक की पहचान की जा सके।परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया है।मामले में इटियाथोक थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि सुरेश कुमार देर रात सड़क पार कर शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे कि तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दिया था।जिसकी सूचना तत्काल परिजनों को दे दिया गया था।
अवैध खनन करने पर बालू पट्टा निरस्त, दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट, 1.63 करोड़ रुपए बसूली का आदेश जारी

फर्रुखाबाद l जनपद के अमृतपुर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और नियमों का उल्लंघन करने पर 1.63.35.888 करोड़ की बकाएदर से बसूली करने के लिए तहसील अमृतपुर के ग्राम आसम्पुर में संचालित बालू खनन प‌ट्टा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया  है। जिलाधिकारी ने फर्म को दो वर्ष के लिए काली सूची में डालते हुए उस पर अर्थदंड भी लगया है।
पट्टा निरस्त करने के आदेश खनन अधिकारी के औचक
पोकलैंड से खनन व विना ई-फार्म परिवहन पर भी जुर्माना
निरीक्षण में आबंटित क्षेत्र से करीब 420 मीटर दूर एक पोकलैंड मशीन अवैध खनन करते हुए बरामद की है । जांच में स्वोकृत सीमा
से अधिक मिट्टी और साधारण बालू का खनन कर उसे बेच दिया गया।
निरीक्षण के दौरान बाद पट्टेदार पर 50 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 30
लाख रुपये का जुर्माना किया गया। जांच में 248 वाहनों के माध्यम से सरकार को  लाखो रुपए राजस्व का नुकसान किया है। क्षेत्र में लगे कैमरा कमांड सेंटर से अलग होने पर लाखों रुपए जुर्माना लगाया गया l प्रशासन ने कई बार नेटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा नही दिया,
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने वर्ष 2021 से 2006 तक के लिए स्वीकृत इस पटुटे को निरस्त करते हुए खनन क्षेत्र को रिक्त घोषित कर दिया।
डीएम आदेश पर पट्टेदार अनंतराम शाक्य पर रायल्टी वर्ष  की ब्याज सहित धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी की गई है जिलाधिकारी ने थाना अमृतपुर और तहसील प्रशासन को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर खनन क्षेत्र से सभी मशीनें और सामग्री जप्त करने के निर्देश दिए हैं l
आवास योजना में बड़ा घोटाला! असली गरीब बाहर, अपात्रों को मकान — प्रधान- सचिव पर गंभीर आरोप, जांच शुरू

करछना में सरकारी योजना की लूट? जिनके पास घर नहीं उन्हें कुछ नहीं, और जिनका नाम तक नहीं उन्हें कॉलोनी — शिकायत पर प्रशासन हरकत में

विश्वनाथ प्रताप सिंह, प्रयागराज। करछना विकास खंड में मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि जिन गरीबों के नाम सूची में थे उन्हें आज तक कॉलोनी नहीं मिली, जबकि ऐसे लोगों को आवास दे दिया गया जिनका नाम पात्रता सूची में तक नहीं था। पूरे मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में अधिवक्ता प्रिन्स कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत पिपरांव और आसपास के गांवों में योजना के नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। पात्र लोगों को किनारे कर दिया गया और अपात्र लोगों को फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर कोल वर्ग का दिखाकर आवास स्वीकृत करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, वे आज भी इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे लोगों को कॉलोनी दे दी गई जिनका नाम मूल सूची में नहीं था। इससे पूरे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों में आरती पूनम, निवासी पिपरांव, शशि देवी, राधा, निवासी भिटरिया के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों को गलत जाति प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ दिलाया गया।

मामले की शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्रता सूची, जाति प्रमाण पत्र, सत्यापन रिपोर्ट और आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इस तरह अपात्र लोगों को लाभ मिलना संभव नहीं है। अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर सच में दोषियों पर कार्रवाई होती है। गांव के लोगों की नजर प्रशासन की जांच पर टिकी हुई है।

मुंबई में ‘उत्तर प्रदेश इंडस्ट्री कनेक्ट–2026’ का आयोजन, कौशल विकास और रोजगार पर जोर
* सरकार–उद्योग साझेदारी से एक लाख युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग की ओर से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योगों के साथ प्रभावी साझेदारी विकसित करने के उद्देश्य से मुंबई के होटल ग्रैंड हयात में “उत्तर प्रदेश इंडस्ट्री कनेक्ट–मुंबई 2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्योग–सरकार सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर सेवायोजन निदेशक नेहा प्रकाश ने स्वागत संबोधन दिया, जबकि प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने ‘इंडस्ट्री कनेक्ट’ पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उद्योग जगत की ओर से फिक्की स्किल्स कमेटी के चेयर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट (स्ट्रैटेजिक एचआर) बिजय साहू ने मुख्य उद्योग वक्तव्य दिया। कार्यक्रम के दौरान “युवाओं के कौशल उन्नयन के माध्यम से बेहतर रोजगार अवसरों के लिए सहयोगात्मक साझेदारी” विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें एनएक्सटी डिजिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विन्सले फर्नांडीस, सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पी.के. पुंडीर, टाटा स्ट्राइव लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी अमेय वंजारी, बलरामपुर चीनी मिल्स के होल टाइम डायरेक्टर प्रवीण गुप्ता तथा एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं रजिस्ट्रार डॉ. पराग अमीन ने अपने विचार साझा किए। चर्चा का संचालन विश्व आर्थिक मंच के सेंटर फॉर द फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के प्रमुख पुरुषोत्तम कौशिक ने किया।
इस अवसर पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने और राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियाँ युवाओं को प्रासंगिक कौशल प्रदान कर उन्हें उभरते अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम और कंपनी की ओर से हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस के होल टाइम डायरेक्टर तथा वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ विन्सले फर्नांडीस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत प्रदेश के लगभग एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत युवाओं को डिजिटल सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण और स्वचालन जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि यह सहयोग कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में सहायक होगा। वहीं विन्सले फर्नांडीस ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार के साथ कौशलों का अद्यतन होना आवश्यक है और यह साझेदारी युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें नए रोजगार अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में कौशल विकास, निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहलें प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप रोजगार से जोड़ने में सहायक होंगी तथा राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देंगी।
बारुण–नवीनगर पथ पर भारी वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग परिवर्तन


औरंगाबाद, समाहरणालय और जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बारुण–नवीनगर पथ के केशव विगहा मोड़ (NH-2) से एनीकट तक पथ निर्माण विभाग द्वारा मरम्मति कार्य कराए जाने के कारण मार्ग पर यातायात में अस्थायी बदलाव किया गया है। पथ मरम्मति कार्य के दौरान दिनांक 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक बारुण–नवीनगर पथ पर हाइवा, बस और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बारुण से नवीनगर की ओर जाने वाले वाहन अब औरंगाबाद–अम्बा मार्ग से होकर नवीनगर पहुँचेंगे, जबकि नवीनगर से बारुण की ओर आने वाले भारी वाहन अम्बा या नवीनगर–चतरा मार्ग से होकर बारुण पहुँचेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का पालन करें और मरम्मति कार्य के दौरान सहयोग दें।

साथ ही, पथ निर्माण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कार्य क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें और मार्ग परिवर्तन के कारण होने वाली असुविधा को धैर्यपूर्वक सहन करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मरम्मति कार्य के बाद मार्ग पूरी तरह चालू हो जाएगा और यातायात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मरम्मति कार्य समय पर पूरा हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

गर्मी बढ़ी तो बढ़ा मच्छरों का आतंक निकायों में अभी तक फाॅगिंग नहीं
*117 वार्डों में एक बार फाॅगिंग करने पर 620 लीटर डीजल होता है खर्च*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में गर्मी का पारा चढ़ने लगा है। तापमान 35.5 डिग्री पार कर चुका है। गर्मी और गदंगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। निकायों में गंदगी की भरमार है, इससे तेजी से मच्छर पनप रहे हैं। निकायों में अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं हो सकी है। जबकि होली के बाद से शुरू हो जानी चाहिए थी। गंदगी के कारण लोगों को डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रमित बीमारी का डर सताने लगा है।निकाय से मिली जानकारी के मुताबिक सात निकाय के 117 वार्ड में एक बार फागिंग कराने पर करीब 620 लीटर डीजल खर्च होते हैं। यानि सातों निकायों में एक बार फागिंंग कराने पर करीब 54560 रुपये खर्च होता है। जलभराव, गंदगी या जहां डेंगू मलेरिया के मरीज मिले हैं। वहां सप्ताह एक बार फॉगिंग होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। महीने में एक बार फॉगिंग कराई जाती है। किसी महीने में चार, तो किसी में पांच सप्ताह पड़ते हैं। हर सप्ताह फॉगिंग कराई जाए, तो ढाई लाख रुपये हर महीने खर्च होगा। मार्च से सितंबर तक फागिंग करानी होती है। इस पर करीब 17 से 18 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा अधिकारियों के बंगला, मुख्यालय पर अलग से फॉगिंग होती है। इसके लिए निकाय के पास अलग से बजट नहीं है। नगर से जो राजस्व प्राप्त होता है। उसी से फॉगिंग कराई जाती है। जिले में सात निकाय है, इसमें भदोही गोपीगंज, नगर पालिका है। वहीं, ज्ञानपुर, खमरिया, घोसिया, सुरियावां, नई बाजार नगर पंचायत है। निकाय के 117 वार्ड में करीब साढ़े तीन लाख की आबादी निवास करती है। यह आबादी मच्छरों के प्रकोप से परेशान हैं। यहां फॉगिंग के नाम पर हर साल 17 से 18 लाख रुपये खर्च होते हैं, लेकिन शायद एक या दो बार फागिंग कराकर निकाय अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।

लोगों की जेब हो रही ढीली
मच्छरों से बचाव के लिए लोगों की जेब ढीली होने लगी है। बाजार से मच्छररोधी अगरबत्ती, क्वाइल, गुड नाइट लिक्विड खरीदने के लिए लोग विवश हैं। इन मच्छररोधी दवाओं से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। एक ओर फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर नगर निकाय क्षेत्रों में मार्गों पर जलभराव, बजबजाती नालियां और खुले में डंप कचरों से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
कहां कितने वार्ड
निकाय - वार्ड - डीजल की खतप
भदोही - 29 - 150
गोपीगंज - 25 - 135
ज्ञानपुर - 11 - 60
खमरियां - 15 - 75
नई बाजार - 11 - 60
सुरियावां - 13 - 70
घोसिया - 13 - 70
नोट- ये आंकड़े निकाय से मिले हैं।
डेंगू के मरीज
साल - मरीज
2021 - 39
2022 - 101
2023 - 208
2024 - 40
2025 - 60
2026 - अब तक नहीं

निकायों में नियमित फॉगिंग कराने का आदेश है। कुछ निकायों में फॉगिंग कराई जा रही है। जहां नहीं हो रहा है। वहां संबंधित ईओ से बात करके फागिंग कार्य कराया जाएगा।
- धर्मराज सिंह, निकाय नोडल।
सर्वर डाउन होने से इंडियन गैस वितरण ठप, एजेंसी पर लगी लंबी लाइनें
मेरठ/बहसूमा। कस्बा बहसूमा में इंडियन गैस की सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो से तीन दिनों से गैस वितरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते एजेंसी पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं का नंबर नहीं आ पा रहा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

गैस नहीं मिलने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है, जिससे परिवारों को भोजन बनाने में कठिनाई हो रही है। कुछ परिवारों को मजबूरन वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि कई लोग भूखे पेट ही दिन गुजारने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण गैस वितरण नहीं हो पाता।

एजेंसी पर भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है। लोग जल्द से जल्द गैस मिलने की उम्मीद में एजेंसी के बाहर घंटों इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

इस संबंध में इंडियन गैस एजेंसी के मालिक अनिल कुमार ने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से गैस वितरण में दिक्कत आ रही है। तकनीकी समस्या को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वर ठीक होते ही गैस वितरण सामान्य कर दिया जाएगा और सभी उपभोक्ताओं को जल्द गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 1483 स्थानों पर छापे; 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार
लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया है।
* कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
प्रदेश में शुक्रवार को प्रवर्तन टीमों ने 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गईं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के यहां घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
* व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 20% आवंटन
भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
* 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल रूम तथा प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार काम कर रहे हैं।
* मैदान में उतरा प्रशासन
एलपीजी की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

जयमाल के दौरान भरभराकर गिरा छज्जा, दो की मौत, 25 घायल

औरंगाबाद। जिले के दाउदनगर थाना क्षेत्र के मंझियावां गांव में रविवार को एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब जयमाल कार्यक्रम के दौरान अचानक मकान का छज्जा (पोर्टिको) भरभराकर गिर पड़ा। इस दर्दनाक हादसे में मलबे के नीचे दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 25 लोग घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। मौजूद ग्रामीणों ने तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर विभिन्न अस्पतालों में पहुंचाया। घायलों का इलाज दाउदनगर और ओबरा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। मृतकों की पहचान सत्यनारायण सिंह और अखिलेश्वर यादव के रूप में हुई है। बताया जाता है कि अखिलेश्वर यादव झारखंड के धनबाद में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे, जबकि सत्यनारायण सिंह खेती-किसानी करते थे। दोनों मृतक रिश्ते में दुल्हन के भाई बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार मंझियावां गांव निवासी रामव्यास सिंह की बेटी की शादी थी। बारात गोह थाना क्षेत्र के पकड़ी गांव से आई थी। द्वारपूजा के बाद जयमाल का कार्यक्रम चल रहा था, जिसमें बड़ी संख्या में गांव के लोग मौजूद थे। इसी दौरान कार्यक्रम स्थल के पास बना छज्जा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। छज्जा गिरने से नीचे बैठे कई लोग मलबे में दब गए।

घटना होते ही वहां मौजूद लोगों में भगदड़ मच गई। ग्रामीणों ने साहस दिखाते हुए तुरंत मलबा हटाना शुरू किया और घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। शादी समारोह में शामिल कुणाल प्रताप सिंह और अभिमन्यु यादव ने घायलों को अस्पताल पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस हादसे के बाद शादी की खुशियां पलभर में मातम में बदल गईं।

मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिवारिक जानकारी के अनुसार अखिलेश्वर यादव अपने भाइयों में दूसरे स्थान पर थे। उनकी एक बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटे की शादी अभी बाकी थी। वहीं सत्यनारायण सिंह की दो बेटियों की शादी हो चुकी है।

घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से स्तब्ध हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की जांच और पीड़ित परिवारों को सहायता देने की मांग की है।

वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए घर से निकले व्यक्ति की सड़क हादसे में मौत
सड़क पार करते समय कार ने मारी टक्कर

गोंडा।जिले के इटियाथोक थाना क्षेत्र अंतर्गत बकठोरवा गांव के पास देर रात हुए एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की जान चली गई।सड़क पार करते समय तेज रफ्तार कार की टक्कर से सुरेश कुमार (35) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।घायल सुरेश कुमार को तत्काल एंबुलेंस से जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज ले जाया गया,जहाँ डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।सुरेश कुमार देहात कोतवाली क्षेत्र के तेलियानी गांव के निवासी थे।बताया जाता है कि सुरेश कुमार बकठोरवा गांव में आयोजित एक वैवाहिक समारोह में शामिल होने के लिए घर से गये थे और उन्होंने गांव के सामने खाली पड़ी जगह पर अपनी मोटरसाइकिल खड़ी करने के पश्चात सड़क पार कर कार्यक्रम स्थल पर जा रहे थे कि तभी इटियाथोक की तरफ से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दिया।

टक्कर इतनी जोरदार थी कि सुरेश कुमार गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गए।स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज पहुंचाया गया,परन्तु उनकी जान नहीं बच सकी।घटना के बाद स्थानीय लोगों ने कार चालक को पकड़ने का प्रयास किया परन्तु वह तेज गति से फरार हो गया।घटना की सूचना मिलने पर पहुंचि इटियाथोक थाने की पुलिस ने मृतक सुरेश कुमार के शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।इटियाथोक पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है ताकि कार चालक की पहचान की जा सके।परिजनों द्वारा दी गई तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात कार चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया गया है।मामले में इटियाथोक थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि सुरेश कुमार देर रात सड़क पार कर शादी समारोह में शामिल होने के लिए जा रहे थे कि तभी तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दिया था।जिसकी सूचना तत्काल परिजनों को दे दिया गया था।
अवैध खनन करने पर बालू पट्टा निरस्त, दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट, 1.63 करोड़ रुपए बसूली का आदेश जारी

फर्रुखाबाद l जनपद के अमृतपुर तहसील क्षेत्र में अवैध खनन और नियमों का उल्लंघन करने पर 1.63.35.888 करोड़ की बकाएदर से बसूली करने के लिए तहसील अमृतपुर के ग्राम आसम्पुर में संचालित बालू खनन प‌ट्टा तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। फर्म को दो वर्ष के लिए ब्लैकलिस्ट कर दिया  है। जिलाधिकारी ने फर्म को दो वर्ष के लिए काली सूची में डालते हुए उस पर अर्थदंड भी लगया है।
पट्टा निरस्त करने के आदेश खनन अधिकारी के औचक
पोकलैंड से खनन व विना ई-फार्म परिवहन पर भी जुर्माना
निरीक्षण में आबंटित क्षेत्र से करीब 420 मीटर दूर एक पोकलैंड मशीन अवैध खनन करते हुए बरामद की है । जांच में स्वोकृत सीमा
से अधिक मिट्टी और साधारण बालू का खनन कर उसे बेच दिया गया।
निरीक्षण के दौरान बाद पट्टेदार पर 50 हजार रुपये प्रतिदिन की दर से कुल 30
लाख रुपये का जुर्माना किया गया। जांच में 248 वाहनों के माध्यम से सरकार को  लाखो रुपए राजस्व का नुकसान किया है। क्षेत्र में लगे कैमरा कमांड सेंटर से अलग होने पर लाखों रुपए जुर्माना लगाया गया l प्रशासन ने कई बार नेटिस देकर स्पष्टीकरण मांगा नही दिया,
जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी ने वर्ष 2021 से 2006 तक के लिए स्वीकृत इस पटुटे को निरस्त करते हुए खनन क्षेत्र को रिक्त घोषित कर दिया।
डीएम आदेश पर पट्टेदार अनंतराम शाक्य पर रायल्टी वर्ष  की ब्याज सहित धनराशि वसूली के लिए आरसी जारी की गई है जिलाधिकारी ने थाना अमृतपुर और तहसील प्रशासन को निर्देश दिया है कि तीन दिन के भीतर खनन क्षेत्र से सभी मशीनें और सामग्री जप्त करने के निर्देश दिए हैं l
आवास योजना में बड़ा घोटाला! असली गरीब बाहर, अपात्रों को मकान — प्रधान- सचिव पर गंभीर आरोप, जांच शुरू

करछना में सरकारी योजना की लूट? जिनके पास घर नहीं उन्हें कुछ नहीं, और जिनका नाम तक नहीं उन्हें कॉलोनी — शिकायत पर प्रशासन हरकत में

विश्वनाथ प्रताप सिंह, प्रयागराज। करछना विकास खंड में मुख्यमंत्री आवास योजना को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि जिन गरीबों के नाम सूची में थे उन्हें आज तक कॉलोनी नहीं मिली, जबकि ऐसे लोगों को आवास दे दिया गया जिनका नाम पात्रता सूची में तक नहीं था। पूरे मामले में ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। जिलाधिकारी को दी गई शिकायत में अधिवक्ता प्रिन्स कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि ग्राम पंचायत पिपरांव और आसपास के गांवों में योजना के नियमों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया। पात्र लोगों को किनारे कर दिया गया और अपात्र लोगों को फर्जी जाति प्रमाण पत्र लगाकर कोल वर्ग का दिखाकर आवास स्वीकृत करा दिया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि जिन परिवारों के पास रहने के लिए पक्का मकान नहीं है, वे आज भी इंतजार कर रहे हैं, जबकि कुछ ऐसे लोगों को कॉलोनी दे दी गई जिनका नाम मूल सूची में नहीं था। इससे पूरे चयन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं। फर्जी तरीके से लाभ लेने वालों में आरती पूनम, निवासी पिपरांव, शशि देवी, राधा, निवासी भिटरिया के नाम सामने आए हैं। आरोप है कि इन लोगों को गलत जाति प्रमाण पत्र लगाकर योजना का लाभ दिलाया गया।

मामले की शिकायत मिलने के बाद मुख्य विकास अधिकारी ने जांच के आदेश दे दिए हैं और संबंधित अधिकारियों से पूरी रिपोर्ट मांगी है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि पात्रता सूची, जाति प्रमाण पत्र, सत्यापन रिपोर्ट और आवास स्वीकृति की पूरी प्रक्रिया की जांच की जाए। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर निष्पक्ष जांच हो जाए तो आवास योजना में बड़ा घोटाला सामने आ सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि बिना मिलीभगत के इस तरह अपात्र लोगों को लाभ मिलना संभव नहीं है। अब देखना यह है कि जांच सिर्फ कागजों तक सीमित रहती है या फिर सच में दोषियों पर कार्रवाई होती है। गांव के लोगों की नजर प्रशासन की जांच पर टिकी हुई है।

मुंबई में ‘उत्तर प्रदेश इंडस्ट्री कनेक्ट–2026’ का आयोजन, कौशल विकास और रोजगार पर जोर
* सरकार–उद्योग साझेदारी से एक लाख युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, डिजिटल क्षेत्रों में बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार के श्रम एवं सेवायोजन विभाग की ओर से युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाने और उद्योगों के साथ प्रभावी साझेदारी विकसित करने के उद्देश्य से मुंबई के होटल ग्रैंड हयात में “उत्तर प्रदेश इंडस्ट्री कनेक्ट–मुंबई 2026” कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उद्योग जगत के वरिष्ठ प्रतिनिधियों, शिक्षाविदों और विभिन्न संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्योग–सरकार सहयोग के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की।
कार्यक्रम में श्रम एवं सेवायोजन तथा समन्वय मंत्री अनिल राजभर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस अवसर पर सेवायोजन निदेशक नेहा प्रकाश ने स्वागत संबोधन दिया, जबकि प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने ‘इंडस्ट्री कनेक्ट’ पहल की पृष्ठभूमि और उद्देश्यों पर प्रकाश डाला।
उद्योग जगत की ओर से फिक्की स्किल्स कमेटी के चेयर और रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट (स्ट्रैटेजिक एचआर) बिजय साहू ने मुख्य उद्योग वक्तव्य दिया। कार्यक्रम के दौरान “युवाओं के कौशल उन्नयन के माध्यम से बेहतर रोजगार अवसरों के लिए सहयोगात्मक साझेदारी” विषय पर पैनल चर्चा भी आयोजित की गई। इसमें एनएक्सटी डिजिटल के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी विन्सले फर्नांडीस, सेवायोजन विभाग के अपर निदेशक पी.के. पुंडीर, टाटा स्ट्राइव लिमिटेड के मुख्य परिचालन अधिकारी अमेय वंजारी, बलरामपुर चीनी मिल्स के होल टाइम डायरेक्टर प्रवीण गुप्ता तथा एटलस स्किलटेक यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर एवं रजिस्ट्रार डॉ. पराग अमीन ने अपने विचार साझा किए। चर्चा का संचालन विश्व आर्थिक मंच के सेंटर फॉर द फोर्थ इंडस्ट्रियल रिवोल्यूशन के प्रमुख पुरुषोत्तम कौशिक ने किया।
इस अवसर पर मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश सरकार युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित करने और राज्य की डिजिटल अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की साझेदारियाँ युवाओं को प्रासंगिक कौशल प्रदान कर उन्हें उभरते अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कार्यक्रम के दौरान श्रम एवं सेवायोजन विभाग और वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के बीच एक गैर-वित्तीय समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम और कंपनी की ओर से हिंदुजा ग्लोबल सॉल्यूशंस के होल टाइम डायरेक्टर तथा वनओटीटी इंटरटेनमेंट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ विन्सले फर्नांडीस ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस समझौते के तहत प्रदेश के लगभग एक लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण प्रदान करते हुए उन्हें रोजगार के अवसरों से जोड़ने की दिशा में कार्य किया जाएगा। इसके अंतर्गत युवाओं को डिजिटल सेवाओं से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जाएगा, जिसमें साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विश्लेषण और स्वचालन जैसे उभरते क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
प्रमुख सचिव डॉ. एम.के. शन्मुगा सुंदरम ने कहा कि यह सहयोग कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने में सहायक होगा। वहीं विन्सले फर्नांडीस ने कहा कि डिजिटल अर्थव्यवस्था के तेजी से विस्तार के साथ कौशलों का अद्यतन होना आवश्यक है और यह साझेदारी युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें नए रोजगार अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
कार्यक्रम में उद्योग, सरकार और शैक्षणिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में कौशल विकास, निवेश और रोजगार सृजन की संभावनाओं पर भी विचार साझा किए। प्रतिभागियों ने विश्वास व्यक्त किया कि इस प्रकार की पहलें प्रदेश के युवाओं को आधुनिक कौशल से सुसज्जित कर उन्हें भविष्य की अर्थव्यवस्था के अनुरूप रोजगार से जोड़ने में सहायक होंगी तथा राज्य के आर्थिक विकास को नई गति देंगी।
बारुण–नवीनगर पथ पर भारी वाहनों के लिए अस्थायी मार्ग परिवर्तन


औरंगाबाद, समाहरणालय और जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बारुण–नवीनगर पथ के केशव विगहा मोड़ (NH-2) से एनीकट तक पथ निर्माण विभाग द्वारा मरम्मति कार्य कराए जाने के कारण मार्ग पर यातायात में अस्थायी बदलाव किया गया है। पथ मरम्मति कार्य के दौरान दिनांक 15 मार्च से 18 मार्च 2026 तक बारुण–नवीनगर पथ पर हाइवा, बस और अन्य भारी वाहनों के परिचालन पर अस्थायी प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए हैं। बारुण से नवीनगर की ओर जाने वाले वाहन अब औरंगाबाद–अम्बा मार्ग से होकर नवीनगर पहुँचेंगे, जबकि नवीनगर से बारुण की ओर आने वाले भारी वाहन अम्बा या नवीनगर–चतरा मार्ग से होकर बारुण पहुँचेंगे। जिला प्रशासन ने बताया कि संबंधित मार्गों पर यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए आवश्यकतानुसार पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति की गई है। प्रशासन ने आमजन और वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित वैकल्पिक मार्ग का पालन करें और मरम्मति कार्य के दौरान सहयोग दें।

साथ ही, पथ निर्माण विभाग ने जनता से अपील की है कि वे कार्य क्षेत्र में सुरक्षा नियमों का पालन करें और मार्ग परिवर्तन के कारण होने वाली असुविधा को धैर्यपूर्वक सहन करें। प्रशासन ने यह भी कहा कि मरम्मति कार्य के बाद मार्ग पूरी तरह चालू हो जाएगा और यातायात सामान्य स्थिति में लौट आएगा। जिला प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि मरम्मति कार्य समय पर पूरा हो और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

गर्मी बढ़ी तो बढ़ा मच्छरों का आतंक निकायों में अभी तक फाॅगिंग नहीं
*117 वार्डों में एक बार फाॅगिंग करने पर 620 लीटर डीजल होता है खर्च*



रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में गर्मी का पारा चढ़ने लगा है। तापमान 35.5 डिग्री पार कर चुका है। गर्मी और गदंगी के कारण मच्छरों का आतंक बढ़ गया है। निकायों में गंदगी की भरमार है, इससे तेजी से मच्छर पनप रहे हैं। निकायों में अभी तक फॉगिंग शुरू नहीं हो सकी है। जबकि होली के बाद से शुरू हो जानी चाहिए थी। गंदगी के कारण लोगों को डेंगू, मलेरिया जैसी संक्रमित बीमारी का डर सताने लगा है।निकाय से मिली जानकारी के मुताबिक सात निकाय के 117 वार्ड में एक बार फागिंग कराने पर करीब 620 लीटर डीजल खर्च होते हैं। यानि सातों निकायों में एक बार फागिंंग कराने पर करीब 54560 रुपये खर्च होता है। जलभराव, गंदगी या जहां डेंगू मलेरिया के मरीज मिले हैं। वहां सप्ताह एक बार फॉगिंग होनी चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं होता है। महीने में एक बार फॉगिंग कराई जाती है। किसी महीने में चार, तो किसी में पांच सप्ताह पड़ते हैं। हर सप्ताह फॉगिंग कराई जाए, तो ढाई लाख रुपये हर महीने खर्च होगा। मार्च से सितंबर तक फागिंग करानी होती है। इस पर करीब 17 से 18 लाख रुपये खर्च होते हैं। इसके अलावा अधिकारियों के बंगला, मुख्यालय पर अलग से फॉगिंग होती है। इसके लिए निकाय के पास अलग से बजट नहीं है। नगर से जो राजस्व प्राप्त होता है। उसी से फॉगिंग कराई जाती है। जिले में सात निकाय है, इसमें भदोही गोपीगंज, नगर पालिका है। वहीं, ज्ञानपुर, खमरिया, घोसिया, सुरियावां, नई बाजार नगर पंचायत है। निकाय के 117 वार्ड में करीब साढ़े तीन लाख की आबादी निवास करती है। यह आबादी मच्छरों के प्रकोप से परेशान हैं। यहां फॉगिंग के नाम पर हर साल 17 से 18 लाख रुपये खर्च होते हैं, लेकिन शायद एक या दो बार फागिंग कराकर निकाय अपनी जिम्मेदारी पूरी कर लेता है।

लोगों की जेब हो रही ढीली
मच्छरों से बचाव के लिए लोगों की जेब ढीली होने लगी है। बाजार से मच्छररोधी अगरबत्ती, क्वाइल, गुड नाइट लिक्विड खरीदने के लिए लोग विवश हैं। इन मच्छररोधी दवाओं से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है। एक ओर फॉगिंग नहीं कराई जा रही है। वहीं, दूसरी ओर नगर निकाय क्षेत्रों में मार्गों पर जलभराव, बजबजाती नालियां और खुले में डंप कचरों से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है।
कहां कितने वार्ड
निकाय - वार्ड - डीजल की खतप
भदोही - 29 - 150
गोपीगंज - 25 - 135
ज्ञानपुर - 11 - 60
खमरियां - 15 - 75
नई बाजार - 11 - 60
सुरियावां - 13 - 70
घोसिया - 13 - 70
नोट- ये आंकड़े निकाय से मिले हैं।
डेंगू के मरीज
साल - मरीज
2021 - 39
2022 - 101
2023 - 208
2024 - 40
2025 - 60
2026 - अब तक नहीं

निकायों में नियमित फॉगिंग कराने का आदेश है। कुछ निकायों में फॉगिंग कराई जा रही है। जहां नहीं हो रहा है। वहां संबंधित ईओ से बात करके फागिंग कार्य कराया जाएगा।
- धर्मराज सिंह, निकाय नोडल।
सर्वर डाउन होने से इंडियन गैस वितरण ठप, एजेंसी पर लगी लंबी लाइनें
मेरठ/बहसूमा। कस्बा बहसूमा में इंडियन गैस की सप्लाई बाधित होने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पिछले दो से तीन दिनों से गैस वितरण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है, जिसके चलते एजेंसी पर सुबह से ही लोगों की लंबी लाइनें लग रही हैं। घंटों इंतजार करने के बाद भी कई उपभोक्ताओं का नंबर नहीं आ पा रहा, जिससे लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।

गैस नहीं मिलने की वजह से सबसे ज्यादा परेशानी महिलाओं को उठानी पड़ रही है। कई घरों में चूल्हा तक नहीं जल पा रहा है, जिससे परिवारों को भोजन बनाने में कठिनाई हो रही है। कुछ परिवारों को मजबूरन वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ रही है, जबकि कई लोग भूखे पेट ही दिन गुजारने को मजबूर हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि वे सुबह से लाइन में खड़े रहते हैं, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण गैस वितरण नहीं हो पाता।

एजेंसी पर भीड़ बढ़ने से अव्यवस्था की स्थिति भी बन रही है। लोग जल्द से जल्द गैस मिलने की उम्मीद में एजेंसी के बाहर घंटों इंतजार कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने संबंधित अधिकारियों से इस समस्या का शीघ्र समाधान कराने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं को राहत मिल सके।

इस संबंध में इंडियन गैस एजेंसी के मालिक अनिल कुमार ने बताया कि सर्वर डाउन होने की वजह से गैस वितरण में दिक्कत आ रही है। तकनीकी समस्या को ठीक करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सर्वर ठीक होते ही गैस वितरण सामान्य कर दिया जाएगा और सभी उपभोक्ताओं को जल्द गैस उपलब्ध कराई जाएगी।
एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी पर योगी सरकार का बड़ा एक्शन, 1483 स्थानों पर छापे; 24 एफआईआर, 6 गिरफ्तार
लखनऊ। प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर खाद्य एवं रसद विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा प्रदेशभर में आपूर्ति व्यवस्था की लगातार निगरानी की जा रही है। कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के लिए बड़े पैमाने पर निरीक्षण और छापेमारी अभियान चलाया गया है।
* कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई
प्रदेश में शुक्रवार को प्रवर्तन टीमों ने 1,483 स्थानों पर निरीक्षण और छापेमारी की कार्रवाई की। इस दौरान एलपीजी वितरकों के खिलाफ 4 एफआईआर दर्ज की गईं, जबकि गैस की कालाबाजारी में संलिप्त अन्य लोगों के विरुद्ध 20 एफआईआर दर्ज कराई गईं। मौके से 6 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 19 व्यक्तियों के खिलाफ अभियोजन की कार्रवाई की गई।
प्रदेश में कार्यरत 4,108 एलपीजी वितरकों के माध्यम से उपभोक्ताओं को उनकी बुकिंग के अनुरूप रिफिल की डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है। वितरकों के यहां घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और आवश्यकता के अनुसार उपभोक्ताओं को गैस उपलब्ध कराई जा रही है।
* व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए 20% आवंटन
भारत सरकार द्वारा वाणिज्यिक सिलेंडरों की कुल खपत के 20 प्रतिशत तक आवंटन की अनुमति दी गई है। इससे होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में गैस आपूर्ति प्रभावित नहीं होगी।
* 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम
आपूर्ति व्यवस्था की निगरानी और समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए खाद्यायुक्त कार्यालय में 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। यहां खाद्य एवं रसद विभाग के अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा होम कंट्रोल रूम तथा प्रदेश के सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम स्थापित कर दिए गए हैं, जो लगातार काम कर रहे हैं।
* मैदान में उतरा प्रशासन
एलपीजी की सुचारु उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला पूर्ति अधिकारी और स्थानीय प्रशासन के अधिकारी लगातार फील्ड में भ्रमण कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के किसी भी हिस्से में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की आपूर्ति बाधित न हो और आम नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।