द वॉयस ऑफ़ अवध प्रतियोगिता का दूसरा आडिशन सम्पन्न-सत्यधाम आश्रम द्वारा क्षत्रिय भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम*
सुलतानपुर,द वॉयस ऑफ अवध इस क्षेत्र में लोक गायन की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। अवधी और भोजपुरी गीतों पर केंद्रित इस आयोजन में हम गांव की मिट्टी की महक महसूस कर सकते हैं। यह बातें राणा प्रताप पीजी कालेज के प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह ने कही। वह सत्यधाम आश्रम और राणा प्रताप पीजी कॉलेज के तत्वावधान में क्षत्रिय भवन में आयोजित अवधी और भोजपुरी लोकगीतों की प्रतियोगिता द वायस आफ अवध को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजक सत्यधाम आश्रम के गद्दीधीश आचार्य सत्यसमदर्शी देवेंद्र कविराज देव ने बताया कि प्रतियोगिता में अवध क्षेत्र के 18 जनपदों के कुल 73 बच्चों ने भाग लिया । जिसमें से 30 प्रतिभागी चयनित हुए। दोनों राउंड मिलाकर कुल साठ प्रतिभाओं का चयन किया गया है। जिसकी सूची जल्द ही सार्वजनिक की जायेगी । अंतिम रूप से टॉप 12 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित होंगे जिसमें से तीन प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर “ द वायस आफ अवध ” के खिताब से नवाजा जाएगा। समारोह के विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि लोकगीत पीढ़ियों से चली आ रही एक मौखिक विरासत है जिसे गांव से जुड़ी महिलाएं सहेजती रही हैं। आज जब लोक परम्परायें संकट में हैं इन्हें सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है । महाविद्यालय आई क्यू ए सी निदेशक प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने कहा कि अच्छी गायकी के लिए अच्छा स्वर, सधा सुर , संगीत की समझ, सातत्य, समर्पण, साधना और संवेदनशीलता का सामंजस्य जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व संचालन कवि लोकेश श्रीवास्तव ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक भोजपुरी के चर्चित गायक नंदन ,चंदन और अमित यादव दीपू ने अपने गीतों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर निर्देशक विनय पाण्डेय,अन्नू यादव,कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग,प्रबंधक सुधा देव, पंकज चौरसिया,बृजकुमार भारती,जादूगर संजय घायल,कवि धर्मराज,अंतिमा तिवारी, पार्वती पाण्डेय,राजन विश्वकर्मा,चंद्रमणि मौर्य,बाबुल यादव,मनीष तिवारी व पूनम पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन, उनके जीवन दर्शन से विद्यार्थियों को कराया गया परिचय

अम्बिकापुर- बालक नरेन्द्रनाथ से विवेकानन्द बनने के बाद भारतीय ज्ञान के दूत, दैवीय वक्ता, ज्ञान के आनन्द, राष्ट्रप्रेमी संत, योद्धा संन्यासी जैसे विभूषण भी स्वामी जी के लिए छोटे पड़ जाते हैं। यह बातें सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकान्द जयंती के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने स्वामी जी की 163वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानन्द जब शिकागो धर्म सम्मेलन को सम्बोधित करने के बाद भारत लौटे और देश का भ्रमण किया तो वह विद्वान से विद्यावान बन चुके थे। उन्होंने जब बहनो और भाइयो का सम्बोधन किया तो पूरी दुनिया एक परिवार का रूप चुकी थी। वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश पहुंच चुका था। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानन्द ने भागवत गीता के तथ्यों को आध्यात्मिक कलेवर में सिखाया जो जीवन दर्शन है।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बैच लगा कर स्वागत किया तथा प्रेरणागीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन बहुत ही छोटा 39 वर्षों का था जिसमें उन्होंने मानवता की सेवा किया। उनका छोटा जीवन बड़ा संदेश देता है। उनके जीवन में खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने स्वामी जी के शिकागो यात्रा के लिये धन दिया और विवेकानन्द नाम भी दिया। महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें एक पगड़ी भेंट किया जो अविस्मरणीय है। अल्लसिंगा पेरूमल और रामनाद के राजा भास्कर सेतुपति स्वामी जी का सहयोग करते रहे। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिष्य गुरू के नाम से और गुरू-शिष्य के नाम से जाना जाये, यह दुर्लभ है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानन्द इसी के पर्याय हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एनईपी के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा और आध्यामिकता को स्वामी जी ने वैश्विक मंच पर लाया। उन्होंने भारतीय विरासत, ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से दुनिया को अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने रोम्या रोलां के संस्मरण से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस की स्वयं सेवक शानू रानी तिर्की, सृंखला गोरे और गौरी यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने नशा से मुक्ति के लिए सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों को शपथ दिलायी। उन्होंने हरी झंडी दिखा कर भारत संकल्प दौड़ को रवाना किया। स्वयं सेवक और विद्यार्थियों ने दौड़ में सहभागिता कर देश की एकता को मजबूत किया।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्का सिंह परिहार और अदिति भारतीय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, सहायक प्राध्यापक सुमन मिंज तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को मारी टक्कर, छात्रा की मौत,दो अन्य की हालत गंभीर
प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार 18 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गयी,जबकि बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने  घायलों को स्थानीय अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है तथा साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली को भी कब्जे में ले लिया है।

यह हादसा सूबह लगभग 8.30 बजे हुआ जब ग्राम सभा नरहरपुर के मौजा सुमहिया निवासी नंदनी(18) पुत्री राम जीवन,रोशनी व सनी के साथ अल्लीपुर से गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़ प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रही थी।जैसे ही उनकी बाइक गिन्नी नगर चौराहे पर पहुंची कि तभी गौराचौकी की तरफ से आ रही केबीएफ ईंट भट्टै की ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों लोग बाइक से गिर पड़े और इस दौरान नंदनी ट्रैक्टर के नीचे दब गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में घायल रोशनी व सनी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज रिफर कर दिया।मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेते हुए मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतका की मां कमला ने बताया कि नंदनी अल्लीपुर भीखि के विद्यालय में पढ़ रही थी और गर्ग इंटर कालेज हथियागढ़ में प्रि बोर्ड की परीक्षा देने जा रही थी।वह अपनी सहेलि व उसके मामा के साथ निकली थी।कमला ने कहा कि मैं अपनी बेटी को घर से अल्लीपुर तक छोड़कर वह घर लौट गई थी।वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ईंट भट्ठा मालिक मौके पर नहीं पहुंचेंगे तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों ने कहा कि गिन्नी नगर चौराहे पर अवैध अतिक्रमण के कारण अल्लीपुर रोड पर आने वाले लोगों को गौराचौकी बभनान मार्ग पर साफ दिखाई नहीं देता जिसके कारण आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
43 दिन बाद भी नहीं हुई अधजली लाश की पहचान
*300 सीसीटीवी व 500 गांव खंगालने के बाद भी नतीजा शून्य

गोंडा।जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के रेतवागाड़ा गांव के पास 30 नवंबर को एक 35 वर्षीय महिला की अधजली लाश मिली थी।लाश मिलने के 43 दिन बाद भी पुलिस अभी तक महिला की पहचान नहीं कर पाई है।इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं परन्तु उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।पिछले 43 दिनों में धानेपुर थाने की पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की है पर उनसे कोई सुराग नहीं मिला है।इसके अतिरिक्त गोंडा से लेकर बलरामपुर तक 500 से अधिक गांवों और मजरों में जाकर लोगों से पूछताछ की गई है उसके बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी है।मृतक महिला के आधे हाथ और आधे पैर की तस्वीरें गोंडा समेत उत्तर प्रदेश के सभी थानों में पहचान के लिए भेजी गयी थी लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।महिला की अधजली लाश के पास से मात्र उसका आधा हाथ और आधा पैर ही बरामद हुआ था जबकि बाकी अंग जलकर राख हो गए थे,जिससे पहचान और खुलासे में बहुत दिक्कतें आ रही हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने अधिकारियों को जल्द से जल्द मामले की जांच कर महिला की पहचान करने और हत्याकांड का खुलासा करने का निर्देश दिया है।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गयी हैं।महिला की पहचान न हो पाने के कारण अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।उन्होंने रह भी बताया कि अलग अलग थानों की मदद ली जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
आगामी स्नान पर्व पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सभी प्रवेश द्वारो पर सघन चेकिंग,बम निरोधक दस्ता व विशेष टीमे मेला क्षेत्र में सक्रिय

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के आगामी स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए है। श्रद्धालुओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संगम नोज से लेकर मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारो पर मेला पुलिस पीएसी एवं आरएएफ के जवानों की सघन तैनाती की गई है।प्रवेश द्वारो पर संदिग्ध व्यक्तियो की गहन तलाशी एवं सत्यापन के उपरान्त ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है।मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आठ-स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है।बाहरी सुरक्षा घेरो में पुलिस बल द्वारा मोर्चा संभाला गया है जबकि आन्तरिक घेरो में पीएसी आरएएफ एवं एटीएस के जवान मुस्तैदी से तैनात है। संगम नोज पर घुड़सवार पुलिस की भी तैनाती की गई है।सभी पांटून पुलों के दोनो सिरो पर पीएसी बल मौजूद है जिससे आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।बम निरोधक दस्ता मेला क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील स्थलो पर लगातार सघन जांच एवं तलाशी अभियान चला रहा है।संगम नोज सहित प्रमुख स्थलो पर पुलिस पीएसी तथा एटीएस के कमांडो संदिग्ध गतिविधियो पर कड़ी नजर बनाए हुए है।सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरो एवं कन्ट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जा रही है।संगम सहित सभी स्नान घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ बाढ़ राहत दल एवं जल पुलिस के जवानो की तैनाती की गई है।जवानो द्वारा लगातार अनाउण्समेन्ट कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी की ओर जाने से रोका जा रहा है जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज एवं पुलिस अधीक्षक माघ मेला सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मेला क्षेत्र का भ्रमण एवं निरीक्षण कर व्यवस्थाओ की समीक्षा कर रहे है।

माघ मेले की भीड़ ने बढ़ाई रौनक मेला पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के दौरान श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होकर तीर्थराज प्रयाग की ओर निरंतर आ रहे है।माघ मास के स्नान को पुण्यदायी मानते हुए देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है।आज दिनांक-11.01.20 26 रविवार को माघ मेला क्षेत्र में संगम स्नान हेतु श्रद्धालुओ स्नानार्थियो की अत्यधिक भीड़ देखने को मिली।रविवार होने के कारण मेला क्षेत्र में ऐसा दृश्य परिलक्षित हुआ मानो कोई प्रमुख स्नान पर्व हो जहां भारी संख्या में श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए उमड़ पड़े हो।पूरे मेला क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत उत्साह दिखाई दिया तथा श्रद्धालुओ की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।श्रद्धालुओ के सुगम आवागमन एवं सुरक्षित स्नान को सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारो चौराहो पार्किग स्थलो एवं स्नान घाटो पर व्यापक पुलिस प्रबन्ध किए गए है।इसके अन्तर्गत मेला क्षेत्र में पुलिस की विभिन्न इकाइयो की प्रभावी तैनाती की गई है। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड सेन्टर से सीसीटीवी कैमरो के माध्यम से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।मेला क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओ से निरन्तर अनुरोध किया जा रहा है कि वे सुरक्षित रूप से स्नान कर निर्धारित मार्गों का उपयोग करते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करे।इस दौरान पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय द्वारा स्वयं मेला क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुलिस बल की कुशलता ली जा रही है तथा ड्यूटी में लगे अधिकारियो कर्मचारियो को सतर्कता अनुशासन एवं सेवा भाव के साथ कर्तव्य निर्वहन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे है।

हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर ? भड़की भाजपी का कांग्रेस पर हमला

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हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान हिंदुत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘उन्माद की स्थिति में पहुंचा हुआ हिंदू धर्म’ करार दिया। इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा- अय्यर

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर बहस हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में सामने आया है।

हिंदू धर्म को संरक्षण की आवश्यकता नहीं

अय्यर ने दावा किया कि हिंदुत्व 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।

हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं को डराता है-अय्यर

इस दौरान अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं के भीतर डर का माहौल पैदा करता है। कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी। अय्यर ने यह भी कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है।

रांची पुलिस का बड़ा ऐलान: लापता अंश-अंशिका का सुराग देने वाले को मिलेगा 2-2 लाख का इनाम।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी 2026 को लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश कुमार और अंशिका कुमारी का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची की ओर से आम जनता से मदद की अपील की गई है. साथ ही, बच्चों के संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 2-2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

आमजन से पुलिस की अपील

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रांची ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इन दोनों बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है या वे कहीं दिखाई देते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे 2,00,000 रुपये (दो लाख रुपये) का पुरस्कार दिया जाएगा.

पुलिस द्वारा जारी विवरण में बताया गया है कि अंश कुमार की पहचान पीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग के हाफ पैंट से की जा सकती है. जबकि अंशिका कुमारी ने नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी है. बच्चों के पिता का नाम सुनील कुमार बताया गया है.

सूचना देने के लिए पुलिस का संपर्क नंबर जारी

पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और धुर्वा थाना के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे सूचना दे सके. रांची पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जनता के सहयोग से जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है.

बता दें कि अंश कुमार (उम्र 5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (उम्र 4 वर्ष) 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपने घर से किराना दुकान के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से वे वापस नहीं लौटे. इस संबंध में धुर्वा थाना कांड संख्या 01/2026, दिनांक 03 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश की जा रही है.

हजारीबाग में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 इसके साथ ही मुन्ना सिंह ने कटकमदाग प्रखंड के नवादा पंचायत जाकर जंगली हाथी के हमले में मृत गणेश गोप के परिजनों से भी मुलाकात किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।मौके पर समाजसेवी रोहित कुमार रजक,ईश्वर महतो, टिंकू यादव,मालती देवी, अजय यादव,विकास यादव , रौशन राणा अर्यण सिंह, सुबोध राणा, यूसुफ़ अंसारी रोहित कुमार मो सोएब, इत्यादि स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर झामुमो ने लिया संकल्प

हजारीबाग : अटल चौक स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। मौके पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने भावुक शब्दों में कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु का जन्मदिवस हम सब उनके बिना मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नम आंखों के साथ हम सब आज उन्हें याद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी ले रहे हैं कि उनके सपनों का झारखंड बनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। बेदिया ने स्पष्ट किया कि भले ही नगर निगम चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने समर्थित उम्मीदवार महापौर पद सहित हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में उतारेगी।

इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता हैं। “अलग झारखंड राज्य का सपना उन्होंने देखा था, जो आज हम सबको मिला है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस राज्य को सजाने-संवारने और सामाजिक न्याय, आदिवासी-अस्मिता तथा जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करें।

कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की विचारधारा आज भी झारखंड की राजनीति को दिशा देने का काम कर रही है।

वहीं जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता के प्रतीक थे। “उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। झामुमो उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए दिशोम गुरु ने जीवन भर संघर्ष किया।

कार्यक्रम के दौरान झामुमो का जनाधार और मजबूत हुआ। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता बबलू चंद्रवंशी, कुमार अमरीश, अजय यादव, रोहित रजक, सुरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें संगठन की नीतियों व विचारधारा से अवगत कराया गया।

इस मौके पर इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, राजा खान, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, टेकोचंद महतो,जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश दास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सरफराज अहमद, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, निसार अहमद, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, बीरबल कुमार, गणेश मेहता, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल सलाम, देवानंद, राम जय मेहता, राजेंद्र कुशवाहा, रामकुमार मेहता, राजेश मेहता, रंजीत मेहता, कुदुस अंसारी, श्वेता दुबे, कमाल कुरैशी, दयानंद मेहता, मो कुर्बान, कपिलदेव चौधरी, संजय प्रजापति, प्रदीप मेहता समेत कई अन्य लोग शामिल थें।

द वॉयस ऑफ़ अवध प्रतियोगिता का दूसरा आडिशन सम्पन्न-सत्यधाम आश्रम द्वारा क्षत्रिय भवन में आयोजित हुआ कार्यक्रम*
सुलतानपुर,द वॉयस ऑफ अवध इस क्षेत्र में लोक गायन की छिपी प्रतिभाओं को पहचानने का महत्वपूर्ण अवसर है। अवधी और भोजपुरी गीतों पर केंद्रित इस आयोजन में हम गांव की मिट्टी की महक महसूस कर सकते हैं। यह बातें राणा प्रताप पीजी कालेज के प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह ने कही। वह सत्यधाम आश्रम और राणा प्रताप पीजी कॉलेज के तत्वावधान में क्षत्रिय भवन में आयोजित अवधी और भोजपुरी लोकगीतों की प्रतियोगिता द वायस आफ अवध को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के आयोजक सत्यधाम आश्रम के गद्दीधीश आचार्य सत्यसमदर्शी देवेंद्र कविराज देव ने बताया कि प्रतियोगिता में अवध क्षेत्र के 18 जनपदों के कुल 73 बच्चों ने भाग लिया । जिसमें से 30 प्रतिभागी चयनित हुए। दोनों राउंड मिलाकर कुल साठ प्रतिभाओं का चयन किया गया है। जिसकी सूची जल्द ही सार्वजनिक की जायेगी । अंतिम रूप से टॉप 12 प्रतिभागी ग्रैंड फिनाले के लिए चयनित होंगे जिसमें से तीन प्रतिभागियों को आकर्षक पुरस्कार देकर “ द वायस आफ अवध ” के खिताब से नवाजा जाएगा। समारोह के विशिष्ट अतिथि असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि ने कहा कि लोकगीत पीढ़ियों से चली आ रही एक मौखिक विरासत है जिसे गांव से जुड़ी महिलाएं सहेजती रही हैं। आज जब लोक परम्परायें संकट में हैं इन्हें सुरक्षित और संरक्षित रखने की जिम्मेदारी हम सबकी है । महाविद्यालय आई क्यू ए सी निदेशक प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने कहा कि अच्छी गायकी के लिए अच्छा स्वर, सधा सुर , संगीत की समझ, सातत्य, समर्पण, साधना और संवेदनशीलता का सामंजस्य जरूरी है। कार्यक्रम की अध्यक्षता राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व संचालन कवि लोकेश श्रीवास्तव ने किया। प्रतियोगिता के निर्णायक भोजपुरी के चर्चित गायक नंदन ,चंदन और अमित यादव दीपू ने अपने गीतों से प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन किया। इससे पूर्व अतिथियों ने सरस्वती चित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर निर्देशक विनय पाण्डेय,अन्नू यादव,कवि अभिमन्यु शुक्ल तरंग,प्रबंधक सुधा देव, पंकज चौरसिया,बृजकुमार भारती,जादूगर संजय घायल,कवि धर्मराज,अंतिमा तिवारी, पार्वती पाण्डेय,राजन विश्वकर्मा,चंद्रमणि मौर्य,बाबुल यादव,मनीष तिवारी व पूनम पाण्डेय आदि उपस्थित रहे।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर स्वामी विवेकानंद जयंती का आयोजन, उनके जीवन दर्शन से विद्यार्थियों को कराया गया परिचय

अम्बिकापुर- बालक नरेन्द्रनाथ से विवेकानन्द बनने के बाद भारतीय ज्ञान के दूत, दैवीय वक्ता, ज्ञान के आनन्द, राष्ट्रप्रेमी संत, योद्धा संन्यासी जैसे विभूषण भी स्वामी जी के लिए छोटे पड़ जाते हैं। यह बातें सोमवार को राष्ट्रीय युवा दिवस के उपलक्ष्य पर स्वामी विवेकान्द जयंती के अवसर पर श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना एवं स्वीप के तहत आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंने स्वामी जी की 163वीं जयंती के अवसर पर कहा कि स्वामी विवेकानन्द जब शिकागो धर्म सम्मेलन को सम्बोधित करने के बाद भारत लौटे और देश का भ्रमण किया तो वह विद्वान से विद्यावान बन चुके थे। उन्होंने जब बहनो और भाइयो का सम्बोधन किया तो पूरी दुनिया एक परिवार का रूप चुकी थी। वसुधैव कुटुम्बकम् का संदेश पहुंच चुका था। डॉ. श्रीवास्तव ने कहा कि विवेकानन्द ने भागवत गीता के तथ्यों को आध्यात्मिक कलेवर में सिखाया जो जीवन दर्शन है।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती, स्वामी विवेकानन्द और श्री साईनाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण तथा दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने बैच लगा कर स्वागत किया तथा प्रेरणागीत प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी ने कहा कि स्वामी जी का जीवन बहुत ही छोटा 39 वर्षों का था जिसमें उन्होंने मानवता की सेवा किया। उनका छोटा जीवन बड़ा संदेश देता है। उनके जीवन में खेतड़ी के महाराजा अजीत सिंह का बड़ा सहयोग रहा। उन्होंने स्वामी जी के शिकागो यात्रा के लिये धन दिया और विवेकानन्द नाम भी दिया। महाराजा अजीत सिंह ने उन्हें एक पगड़ी भेंट किया जो अविस्मरणीय है। अल्लसिंगा पेरूमल और रामनाद के राजा भास्कर सेतुपति स्वामी जी का सहयोग करते रहे। डॉ. तिवारी ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा में शिष्य गुरू के नाम से और गुरू-शिष्य के नाम से जाना जाये, यह दुर्लभ है। स्वामी रामकृष्ण परमहंस और स्वामी विवेकानन्द इसी के पर्याय हैं।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए एनईपी के नोडल अधिकारी डॉ. आर.एन. शर्मा ने कहा कि भारतीय ज्ञान परम्परा और आध्यामिकता को स्वामी जी ने वैश्विक मंच पर लाया। उन्होंने भारतीय विरासत, ज्ञान और आध्यात्मिक जीवन से दुनिया को अवगत कराया। डॉ. शर्मा ने रोम्या रोलां के संस्मरण से अवगत कराया। कार्यक्रम के दौरान एनएसएस की स्वयं सेवक शानू रानी तिर्की, सृंखला गोरे और गौरी यादव ने स्वामी विवेकानन्द के जीवन दर्शन से अवगत कराया।

इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने नशा से मुक्ति के लिए सभी प्राध्यापक और विद्यार्थियों को शपथ दिलायी। उन्होंने हरी झंडी दिखा कर भारत संकल्प दौड़ को रवाना किया। स्वयं सेवक और विद्यार्थियों ने दौड़ में सहभागिता कर देश की एकता को मजबूत किया।

कार्यक्रम का संचालन अनुष्का सिंह परिहार और अदिति भारतीय ने किया तथा सहायक प्राध्यापक कृष्णाराम चौहान ने सभी का आभार प्रकट किया।

कार्यक्रम के दौरान आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. शैलेष देवांगन, कम्प्यूटर एंड आईटी के विभागाध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य, सहायक प्राध्यापक सुमन मिंज तथा सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को मारी टक्कर, छात्रा की मौत,दो अन्य की हालत गंभीर
प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रहे थे गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़

गोंडा।जिले के खोंड़ारे थाना क्षेत्र ईंट लदी ट्रैक्टर ट्रॉली की चपेट में आने से बाइक सवार 18 वर्षीय युवती की मौके पर ही मौत हो गयी,जबकि बाइक पर सवार दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया।घटना की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने  घायलों को स्थानीय अस्पताल भिजवाया और मृतका के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई प्रारम्भ कर दी है तथा साथ ही ट्रैक्टर ट्रॉली को भी कब्जे में ले लिया है।

यह हादसा सूबह लगभग 8.30 बजे हुआ जब ग्राम सभा नरहरपुर के मौजा सुमहिया निवासी नंदनी(18) पुत्री राम जीवन,रोशनी व सनी के साथ अल्लीपुर से गर्ग इंटर कॉलेज हथियागढ़ प्री बोर्ड परीक्षा देने जा रही थी।जैसे ही उनकी बाइक गिन्नी नगर चौराहे पर पहुंची कि तभी गौराचौकी की तरफ से आ रही केबीएफ ईंट भट्टै की ट्रैक्टर ट्रॉली ने बाइक को टक्कर मार दिया।टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार तीनों लोग बाइक से गिर पड़े और इस दौरान नंदनी ट्रैक्टर के नीचे दब गई जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे में घायल रोशनी व सनी को एंबुलेंस की मदद से नजदीकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया,जहाँ चिकित्सकों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज रिफर कर दिया।मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर ट्रॉली को कब्जे में लेते हुए मृतका के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मृतका की मां कमला ने बताया कि नंदनी अल्लीपुर भीखि के विद्यालय में पढ़ रही थी और गर्ग इंटर कालेज हथियागढ़ में प्रि बोर्ड की परीक्षा देने जा रही थी।वह अपनी सहेलि व उसके मामा के साथ निकली थी।कमला ने कहा कि मैं अपनी बेटी को घर से अल्लीपुर तक छोड़कर वह घर लौट गई थी।वहीं मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने कहा कि जब तक ईंट भट्ठा मालिक मौके पर नहीं पहुंचेंगे तब तक शव को पोस्टमार्टम के लिए नहीं भेजा जाएगा।स्थानीय लोगों ने कहा कि गिन्नी नगर चौराहे पर अवैध अतिक्रमण के कारण अल्लीपुर रोड पर आने वाले लोगों को गौराचौकी बभनान मार्ग पर साफ दिखाई नहीं देता जिसके कारण आए दिन यहां दुर्घटनाएं होती रहती हैं।
43 दिन बाद भी नहीं हुई अधजली लाश की पहचान
*300 सीसीटीवी व 500 गांव खंगालने के बाद भी नतीजा शून्य

गोंडा।जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र के रेतवागाड़ा गांव के पास 30 नवंबर को एक 35 वर्षीय महिला की अधजली लाश मिली थी।लाश मिलने के 43 दिन बाद भी पुलिस अभी तक महिला की पहचान नहीं कर पाई है।इस हत्याकांड के खुलासे के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार काम कर रही हैं परन्तु उन्हें अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।पिछले 43 दिनों में धानेपुर थाने की पुलिस ने 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की जांच की है पर उनसे कोई सुराग नहीं मिला है।इसके अतिरिक्त गोंडा से लेकर बलरामपुर तक 500 से अधिक गांवों और मजरों में जाकर लोगों से पूछताछ की गई है उसके बाद भी पुलिस के हाथ कोई ठोस जानकारी नहीं लगी है।मृतक महिला के आधे हाथ और आधे पैर की तस्वीरें गोंडा समेत उत्तर प्रदेश के सभी थानों में पहचान के लिए भेजी गयी थी लेकिन अभी तक कोई सफलता नहीं मिली है।महिला की अधजली लाश के पास से मात्र उसका आधा हाथ और आधा पैर ही बरामद हुआ था जबकि बाकी अंग जलकर राख हो गए थे,जिससे पहचान और खुलासे में बहुत दिक्कतें आ रही हैं।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने अधिकारियों को जल्द से जल्द मामले की जांच कर महिला की पहचान करने और हत्याकांड का खुलासा करने का निर्देश दिया है।अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी मनोज कुमार रावत ने बताया कि घटना के खुलासे के लिए कई टीमें लगाई गयी हैं।महिला की पहचान न हो पाने के कारण अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है।उन्होंने रह भी बताया कि अलग अलग थानों की मदद ली जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
आगामी स्नान पर्व पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम

सभी प्रवेश द्वारो पर सघन चेकिंग,बम निरोधक दस्ता व विशेष टीमे मेला क्षेत्र में सक्रिय

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के आगामी स्नान पर्व को दृष्टिगत रखते हुए मेला क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक एवं पुख्ता इंतजाम किए गए है। श्रद्धालुओ की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संगम नोज से लेकर मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारो पर मेला पुलिस पीएसी एवं आरएएफ के जवानों की सघन तैनाती की गई है।प्रवेश द्वारो पर संदिग्ध व्यक्तियो की गहन तलाशी एवं सत्यापन के उपरान्त ही मेला क्षेत्र में प्रवेश दिया जा रहा है।मेला क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आठ-स्तरीय सुरक्षा घेरा स्थापित किया गया है।बाहरी सुरक्षा घेरो में पुलिस बल द्वारा मोर्चा संभाला गया है जबकि आन्तरिक घेरो में पीएसी आरएएफ एवं एटीएस के जवान मुस्तैदी से तैनात है। संगम नोज पर घुड़सवार पुलिस की भी तैनाती की गई है।सभी पांटून पुलों के दोनो सिरो पर पीएसी बल मौजूद है जिससे आवागमन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।बम निरोधक दस्ता मेला क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील स्थलो पर लगातार सघन जांच एवं तलाशी अभियान चला रहा है।संगम नोज सहित प्रमुख स्थलो पर पुलिस पीएसी तथा एटीएस के कमांडो संदिग्ध गतिविधियो पर कड़ी नजर बनाए हुए है।सम्पूर्ण मेला क्षेत्र की निगरानी सीसीटीवी कैमरो एवं कन्ट्रोल रूम के माध्यम से लगातार की जा रही है।संगम सहित सभी स्नान घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए एनडीआरएफ बाढ़ राहत दल एवं जल पुलिस के जवानो की तैनाती की गई है।जवानो द्वारा लगातार अनाउण्समेन्ट कर श्रद्धालुओं को गहरे पानी की ओर जाने से रोका जा रहा है जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज एवं पुलिस अधीक्षक माघ मेला सहित वरिष्ठ अधिकारी प्रतिदिन मेला क्षेत्र का भ्रमण एवं निरीक्षण कर व्यवस्थाओ की समीक्षा कर रहे है।

माघ मेले की भीड़ ने बढ़ाई रौनक मेला पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला–2026 के दौरान श्रद्धालु आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण होकर तीर्थराज प्रयाग की ओर निरंतर आ रहे है।माघ मास के स्नान को पुण्यदायी मानते हुए देश के कोने-कोने से भारी संख्या में श्रद्धालु संगम में आस्था की डुबकी लगाने पहुंच रहे है।आज दिनांक-11.01.20 26 रविवार को माघ मेला क्षेत्र में संगम स्नान हेतु श्रद्धालुओ स्नानार्थियो की अत्यधिक भीड़ देखने को मिली।रविवार होने के कारण मेला क्षेत्र में ऐसा दृश्य परिलक्षित हुआ मानो कोई प्रमुख स्नान पर्व हो जहां भारी संख्या में श्रद्धालु संगम में स्नान के लिए उमड़ पड़े हो।पूरे मेला क्षेत्र में आस्था और श्रद्धा का अद्भुत उत्साह दिखाई दिया तथा श्रद्धालुओ की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई।श्रद्धालुओ के सुगम आवागमन एवं सुरक्षित स्नान को सुनिश्चित करने के लिए मेला क्षेत्र के सभी प्रवेश द्वारो चौराहो पार्किग स्थलो एवं स्नान घाटो पर व्यापक पुलिस प्रबन्ध किए गए है।इसके अन्तर्गत मेला क्षेत्र में पुलिस की विभिन्न इकाइयो की प्रभावी तैनाती की गई है। इन्टीग्रेटेड कमाण्ड सेन्टर से सीसीटीवी कैमरो के माध्यम से संपूर्ण मेला क्षेत्र की सतत निगरानी की जा रही है जिससे हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।मेला क्षेत्र में पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओ से निरन्तर अनुरोध किया जा रहा है कि वे सुरक्षित रूप से स्नान कर निर्धारित मार्गों का उपयोग करते हुए अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करे।इस दौरान पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय द्वारा स्वयं मेला क्षेत्र का भ्रमण करते हुए पुलिस बल की कुशलता ली जा रही है तथा ड्यूटी में लगे अधिकारियो कर्मचारियो को सतर्कता अनुशासन एवं सेवा भाव के साथ कर्तव्य निर्वहन हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जा रहे है।

हिंदू धर्म और हिंदुत्व पर ऐसा क्या बोले मणिशंकर अय्यर ? भड़की भाजपी का कांग्रेस पर हमला

#congressleadermanishankaraiyarcontroversial_statement

हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर सियासी विवाद खड़ा हो गया है। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मणिशंकर अय्यर ने रविवार को एक सार्वजनिक चर्चा के दौरान हिंदुत्व पर तीखी टिप्पणी करते हुए इसे ‘उन्माद की स्थिति में पहुंचा हुआ हिंदू धर्म’ करार दिया। इस बयान पर सत्ताधारी बीजेपी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा- अय्यर

कोलकाता डिबेटिंग सर्कल में 'हिंदुत्व से हिंदू धर्म को बचाना चाहिए' विषय पर बहस हुई। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अय्यर ने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच स्पष्ट अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म एक आध्यात्मिक और दार्शनिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा के रूप में सामने आया है।

हिंदू धर्म को संरक्षण की आवश्यकता नहीं

अय्यर ने दावा किया कि हिंदुत्व 1023 में अस्तित्व में आया। जबकि हिंदुत्व से पहले हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने तमान संघर्षों और कठिनाइयों का सामना किया। फिर भी यह फलता-फूलता रहा। उसे हिंदुत्व के संरक्षण की आवश्यकता नहीं थी।

हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं को डराता है-अय्यर

इस दौरान अय्यर ने कहा कि हिंदुत्व बहुसंख्यक हिंदुओं के भीतर डर का माहौल पैदा करता है। कि बीजेपी का कोई नेता एक अंधे, भूखे आदिवासी लड़की को इसलिए थप्पड़ मारे क्योंकि वह चर्च में क्रिसमस लंच में शामिल हुई थी। अय्यर ने यह भी कहा कि हिंदुत्व 80% हिंदुओं को 14% मुसलमानों से डरने को कहता है।

रांची पुलिस का बड़ा ऐलान: लापता अंश-अंशिका का सुराग देने वाले को मिलेगा 2-2 लाख का इनाम।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र से 2 जनवरी 2026 को लापता हुए मासूम भाई-बहन अंश कुमार और अंशिका कुमारी का अब तक कोई पता नहीं चल पाया है. मामले को गंभीरता से लेते हुए वरीय पुलिस अधीक्षक, रांची की ओर से आम जनता से मदद की अपील की गई है. साथ ही, बच्चों के संबंध में पुख्ता सूचना देने वाले व्यक्ति को 2-2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है.

आमजन से पुलिस की अपील

वरीय पुलिस अधीक्षक कार्यालय, रांची ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी को इन दोनों बच्चों के बारे में कोई भी जानकारी मिलती है या वे कहीं दिखाई देते हैं, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें. सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान गोपनीय रखी जाएगी और उसे 2,00,000 रुपये (दो लाख रुपये) का पुरस्कार दिया जाएगा.

पुलिस द्वारा जारी विवरण में बताया गया है कि अंश कुमार की पहचान पीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग के हाफ पैंट से की जा सकती है. जबकि अंशिका कुमारी ने नीले रंग की टी-शर्ट और नीले रंग की जींस पहन रखी है. बच्चों के पिता का नाम सुनील कुमार बताया गया है.

सूचना देने के लिए पुलिस का संपर्क नंबर जारी

पुलिस ने संबंधित अधिकारियों और धुर्वा थाना के संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, ताकि कोई भी व्यक्ति सीधे सूचना दे सके. रांची पुलिस का कहना है कि बच्चों की सुरक्षित बरामदगी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं और जनता के सहयोग से जल्द सफलता मिलने की उम्मीद है.

बता दें कि अंश कुमार (उम्र 5 वर्ष) और अंशिका कुमारी (उम्र 4 वर्ष) 2 जनवरी को धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत अपने घर से किराना दुकान के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से वे वापस नहीं लौटे. इस संबंध में धुर्वा थाना कांड संख्या 01/2026, दिनांक 03 जनवरी 2026 को भारतीय दंड संहिता की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज कर बच्चों की तलाश की जा रही है.

हजारीबाग में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक, पीड़ित परिवारों से मिले पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।

 इसके साथ ही मुन्ना सिंह ने कटकमदाग प्रखंड के नवादा पंचायत जाकर जंगली हाथी के हमले में मृत गणेश गोप के परिजनों से भी मुलाकात किया। उन्होंने इस दुखद घटना पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा दिलाया।मौके पर समाजसेवी रोहित कुमार रजक,ईश्वर महतो, टिंकू यादव,मालती देवी, अजय यादव,विकास यादव , रौशन राणा अर्यण सिंह, सुबोध राणा, यूसुफ़ अंसारी रोहित कुमार मो सोएब, इत्यादि स्थानीय ग्रामीण एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती पर झामुमो ने लिया संकल्प

हजारीबाग : अटल चौक स्थित झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला कार्यालय में मंगलवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती श्रद्धा, सम्मान और संकल्प के साथ मनाई गई। मौके पर दिशोम गुरु शिबू सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्मरण किया गया.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने भावुक शब्दों में कहा कि यह पहला अवसर है जब दिशोम गुरु का जन्मदिवस हम सब उनके बिना मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि “नम आंखों के साथ हम सब आज उन्हें याद कर रहे हैं, लेकिन साथ ही यह संकल्प भी ले रहे हैं कि उनके सपनों का झारखंड बनाकर ही सच्ची श्रद्धांजलि देंगे।”

उन्होंने कार्यकर्ताओं से आगामी नगर निकाय चुनाव को लेकर पूरी ताकत से जुट जाने का आह्वान किया। बेदिया ने स्पष्ट किया कि भले ही नगर निगम चुनाव दलगत आधार पर न हों, लेकिन झारखंड मुक्ति मोर्चा अपने समर्थित उम्मीदवार महापौर पद सहित हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के सभी वार्डों में उतारेगी।

इस मौके पर पार्टी के जिला सचिव नीलकंठ महतो ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन झारखंड के निर्माता हैं। “अलग झारखंड राज्य का सपना उन्होंने देखा था, जो आज हम सबको मिला है। अब हमारी जिम्मेदारी है कि उस राज्य को सजाने-संवारने और सामाजिक न्याय, आदिवासी-अस्मिता तथा जनहित की नीतियों को आगे बढ़ाने का काम करें।

कार्यक्रम में झामुमो के केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा ने कहा कि शिबू सोरेन का संपूर्ण जीवन संघर्ष, त्याग और आदिवासी समाज के अधिकारों के लिए समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि दिशोम गुरु की विचारधारा आज भी झारखंड की राजनीति को दिशा देने का काम कर रही है।

वहीं जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिबू सोरेन केवल एक नेता नहीं, बल्कि झारखंडी अस्मिता के प्रतीक थे। “उनका जीवन हमें सिखाता है कि सत्ता का उद्देश्य केवल शासन करना नहीं, बल्कि अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना है। झामुमो उनके सपनों के झारखंड को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है।” उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार उसी विचारधारा को आगे बढ़ा रही है, जिसके लिए दिशोम गुरु ने जीवन भर संघर्ष किया।

कार्यक्रम के दौरान झामुमो का जनाधार और मजबूत हुआ। जिला प्रवक्ता कुणाल यादव के नेतृत्व में सामाजिक कार्यकर्ता बबलू चंद्रवंशी, कुमार अमरीश, अजय यादव, रोहित रजक, सुरेंद्र कुमार समेत सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रति आस्था व्यक्त करते हुए झामुमो की सदस्यता ग्रहण की। नए सदस्यों का पार्टी नेताओं द्वारा स्वागत किया गया और उन्हें संगठन की नीतियों व विचारधारा से अवगत कराया गया।

इस मौके पर इस मौके पर जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया, जिला सचिव नीलकंठ महतो, केंद्रीय सदस्य सुनील शर्मा, राजा खान, जिला उपाध्यक्ष नईम राही, टेकोचंद महतो,जिला प्रवक्ता कुणाल यादव, सतीश दास, अल्पसंख्यक मोर्चा जिला अध्यक्ष सरफराज अहमद, नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, निसार अहमद, राजीव वर्मा, राजदेव यादव, बीरबल कुमार, गणेश मेहता, सत्येंद्र मेहता, अब्दुल सलाम, देवानंद, राम जय मेहता, राजेंद्र कुशवाहा, रामकुमार मेहता, राजेश मेहता, रंजीत मेहता, कुदुस अंसारी, श्वेता दुबे, कमाल कुरैशी, दयानंद मेहता, मो कुर्बान, कपिलदेव चौधरी, संजय प्रजापति, प्रदीप मेहता समेत कई अन्य लोग शामिल थें।