*पल्सर सवार युवक की मौत,सुल्तानपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में पल्सर बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे कूरेभार थाना क्षेत्र के गुप्तारगंज बाजार में हुई। पुलिस के अनुसार, एक अज्ञात वाहन ने पल्सर बाइक पर सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में शिव पल्टन का पुरवा सेउर चमुरखा निवासी सुमित यादव (25 वर्ष) पुत्र जोखू की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक पर सवार अन्य दो युवक, सेउर चमुरखा निवासी जिगर (22 वर्ष) पुत्र जुबेर और कैफ (25 वर्ष) पुत्र आफात, गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस द्वारा कूरेभार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. प्रयेश दीक्षित ने सुमित यादव को मृत घोषित कर दिया। जिगर और कैफ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।
जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर वसूली, विभागीय कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की
*बैठक में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर जिला आबकारी अधिकारी को चेतावनी जारी करने के निर्देश-डीएम*

*गोण्डा, 20 जनवरी, 2026*।
जिलाधिकारी गोंडा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में कर-करेत्तर वसूली, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज आंकड़ों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व वसूली से संबंधित विभाग अपने लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने तहसीलवार बकाया वसूली की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि लंबित वसूली को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि वे पोर्टल पर अद्यतन डेटा अपलोड करें और योजनाओं के भौतिक व वित्तीय लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, अतः इसमें दर्ज आंकड़ों की प्रमाणिकता एवं समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि, सिंचाई, और विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान कर एवं निबंधन विभाग, आबकारी, नगर निकायों, जल निगम तथा अन्य राजस्व से संबंधित विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें और उच्चाधिकारियों को नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में गति लाना और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समर्पण और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें, ताकि जनहितकारी योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सकें।
समीक्षा के दौरान आबकारी विभाग की प्रगति असंतोषजनक मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला आबकारी अधिकारी को लक्ष्य पूरा करने हेतु चेतावनी निर्गत करने के लिए निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी सदर गोंडा, कर्नलगंज, तरबगंज तथा मनकापुर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार,  अपर उपजिलाधिकारी जितेंद्र गौतम, सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान जारी,25 पदों के लिए 333 प्रत्याशी मैदान में
जिले के दो अधिवक्ता भी चुनावी समर में आजमा रहे हैं किस्मत

गोंडा।जिले में मंगलवार सुबह से ही बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान जारी है।जहाँ 2796 अधिवक्ता कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।प्रदेश भर में इन 25 पदों के लिए कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं।जिले में अधिवक्ता मतदाता सूची में अपना नाम देखकर और वोट की पर्ची लेकर मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश कर रहे हैं।विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा बनाए गये काउंटरों पर भी भीड़ देखी जा रही है।मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इन 333 प्रत्याशियों में जिले के दो अधिवक्ता क्रमशः अजय शंकर श्रीवास्तव बंटी व सुरेश चंद्र तिवारी शामिल हैं।जिले में दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है,जबकि बाहरी प्रत्याशियों को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिलता दिख रहा है।ज्ञातव्य हो कि पिछली बार हुए चुनाव में भी यह दोनों प्रत्याशी मैदान में थे।सदस्य पद के प्रत्याशी सुरेश चंद्र तिवारी ने अधिवक्ताओं से अपील किया कि अधिवक्ता अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी का चुनाव करें।उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।वहीं सिविल बार के वरिष्ठ अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पाण्डेय ने भी सभी अधिवक्ताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।सुरक्षा व्यवस्था की अगर बात करें तो भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार नजर रखी जा रही है।इसके साथ ही साथ अधिवक्ताओं के परिचय पत्र को देखकर ही मतदान केंद्र के अंदर मतदान करने की अनुमति दी जा रही है।आज और कल दो दिन तक जिले में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के लिए चुनाव होगा।किसी भी अधिवक्ता को दिक्कत न हो इसको लेकर के अलग अलग डेस्क भी बनाया गया है।
बीजेपी अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, जानें कैसा होगा सुरक्षा घेरा?

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भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन की सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दी गई है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं।

जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा

45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा दिया गया है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

आईबी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को Z कैटेगरी की सुरक्षा कुछ दिन पहले ही दे दी गई थी। यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में उनके लिए संभावित खतरों का आकलन किया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भेजी गई। गृह मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा को मंजूरी दे दी।

सीआरपीएफ पर 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नवीन के पूर्ववर्ती जेपी नड्डा को भी सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा दी गई थी, जिसकी व्यवस्था सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा शाखा करती थी। सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार और कई अन्य नेताओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ लगभग 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

क्या होती है Z कैटेगरी की सुरक्षा?

Z कैटेगरी की सुरक्षा भारत में दी जाने वाली प्रमुख वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसे देश की तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा में आमतौर पर करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं। इनमें 4 से 6 बेहद प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं, जबकि बाकी जवान सीआरपीएफ या राज्य पुलिस से होते हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

आरटीई : दो फरवरी से शुरू होगा प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन


*3 चरणों में होंगे प्रवेश,18 दिनों में पूरी होगी प्रकिया,दो साल तक चार चरणों में हुआ था प्रवेश*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। करीब डेढ़ महीने इंतजार के बाद अंतत: आरटीई के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन लेने की तिथि निदेशालय ने तय कर दी है। दो फरवरी से पहले चरण के प्रवेश के लिए आवेदन की शुरूआत होगी। अबकी बार दो महीने के अंदर तीन चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साल 2024 और 2025 में चार चरणों में चार महीने में आवेदन से लेकर सत्यापन, प्रवेश की गतिविधियां पूरी की गई थीं।
आरटीई के तहत कॉन्वेंट विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। उनके कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। पिछले दो साल से एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इस बार 15 जनवरी के बाद तिथि तय की गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण में दो से 16 फरवरी तक आवेदन लेने के साथ सत्यापन किया जाएगा। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी और 20 को विद्यालय आवंटित होगा। दूसरे चरण में 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन, सत्यापन और डॉटा लाॅक किया जाएगा। नौ मार्च को लॉटरी और 11 मार्च को विद्यालय आवंटित होगा। तीसरे चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन, 27 मार्च को लॉटरी और 29 को स्कूल आवंटित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि तीन चरणों में आवेदन की तिथि तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद सभी प्रक्रिया तिथिवार पूरी की जाएगी। बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा
महोबा में दबंगों का खौफनाक हमला: पिता की तेरहवीं पर बेटे की चाकुओं से हत्या, 5 घायल
लखनऊ /महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लेवा गांव में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पिता की तेरहवीं के दिन 25 वर्षीय विकास यादव को दबंगों ने चाकुओं से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव के प्रयास में आए 5 अन्य परिजन भी घायल हो गए।

घटना के अनुसार, राम कृपाल की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दबंग अजय यादव और उसके साथियों ने धारदार हथियार से लैस होकर विकास पर हमला कर दिया। युवक की पिटाई होती देख परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन वे भी हत्यारे के कोप का शिकार हुए। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद जान-माल की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

परिजन घायल लोगों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनिल (22) को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं मृतक के भाई आकाश (23), सुर्जन सिंह (45) और बाबू (22) का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पिता की तेरहवीं पर पुत्र की हत्या से पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुलपहाड़ क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
सहारनपुर में खून से सनी सुबह: किराए के मकान में अमीन ने पूरे परिवार को गोलियों से भून डाला? मां-पत्नी और दो मासूम बेटों की लाशें मिलीं
लखनऊ /सहारनपुर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में मंगलवार की सुबह ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक किराए के मकान के अंदर संग्रह अमीन समेत उसके पूरे परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव मिलने से हड़कंप मच गया। एक ही घर में मां, पत्नी और दो नाबालिग बेटों की लाशें देख पड़ोसियों की रूह कांप उठी।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए

मृतकों की पहचान नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। घर का नजारा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

कमरे के अंदर बिखरा खून, अलग-अलग जगह मिले शव

पुलिस के अनुसार, अमीन अशोक और उनकी पत्नी अंजिता का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि वृद्ध मां और दोनों नाबालिग बेटे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी या सीने पर गोली लगी, जबकि मां, पत्नी और दोनों बच्चों के माथे पर गोली मारी गई है। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

तीन तमंचे बरामद, मोबाइल जब्त

घटनास्थल से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं, जो शवों के पास ही पड़े मिले। फॉरेंसिक टीम ने पूरे घर को सील कर दिया है और सभी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर एंगल से सबूत जुटा रहे हैं।

आत्महत्या या सामूहिक हत्या? उलझी गुत्थी

पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या—दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि क्या अशोक ने पहले अपने परिवार को गोली मारी और फिर खुद को मौत के घाट उतार लिया, या फिर इसके पीछे कोई और खौफनाक साजिश है? अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

शांत था परिवार, कोई विवाद नहीं

पड़ोसियों के मुताबिक, अशोक का परिवार बेहद शांत स्वभाव का था। किसी से कोई झगड़ा या विवाद सामने नहीं आया था। दोनों बेटे पढ़ाई में अच्छे थे—देव कस्बे के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था, जबकि कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ता था। अचानक हुई इस सामूहिक मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।

इलाके में मातम और दहशत

घटना के बाद सरसावा कस्बे में शोक और दहशत का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पूरा परिवार गोलियों का शिकार हो गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर परत को खोला जाएगा और सच सामने लाया जाएगा, चाहे वह कितना भी भयावह क्यों न हो।
नोएडा हादसे पर सख्त कदम: सीईओ हटाए गए, आज SIT करेगी गहन जांच
लखनऊ /नोएडा । नोएडा में मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर जाने से एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मामले को लेकर बढ़ते जनआक्रोश और लापरवाही के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसे पांच दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लेते हुए सोमवार को तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद देर शाम सीईओ को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। फिलहाल उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश एम नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

इस हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एक जूनियर इंजीनियर को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि मॉल के बेसमेंट के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और बारिश के पानी की निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर करेंगे। टीम में मेरठ के मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं। जांच दल मंगलवार को नोएडा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगा और जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डरों की भूमिका की पड़ताल करेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवराज मेहता की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक ठंडे पानी में फंसे रहने से उसके फेफड़ों में लगभग साढ़े तीन लीटर पानी भर गया था, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण हार्ट फेलियर की स्थिति भी बनी।

इस घटना ने नोएडा में निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आमस प्रखंड परिसर में सभी विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा लगाया गया जनता दरबार,लोगों को सुनी गई समस्या
आमस:- गया जिले में सरकार ने आम लोगों तक महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए ' सबका सामान जीवन आसान ' कार्यक्रम शुरू किया है।इसके तहत प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को सभी विभागों में जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।इसी क्रम में आमस प्रखंड कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया गया। आमस प्रखंड कार्यालय में बीडीओ नीरज कुमार राय ने जनता दरबार लगाया।यहां वृद्धा पेंशन से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे।बीडीओ ने उन्हें उचित परामर्श दिया। अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी अरशद मदनी ने जमाबंदी,परिमार्जन सहित अन्य भूमि से जुड़ी मामलों की सुनवाई की।उन्होंने ने जन सुनवाई में आए लोगों को सही जानकारी दी और उसकी समस्याओं का समाधान किया।वहीं अंचल में शिकायत लेकर पहुंच रैयत उपेंद्र यादव ने कहां शिविर लगाकर सिर्फ पेपर जमा किया जाता है।उसका निष्पादन नहीं किया जाता है। आमस में चिकित्सा प्रभारी की ओर से कोई शिविर का आयोजन नहीं किया गया था। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि कुछ किसान सरकार योजनाओं व फॉर्मर ID से संबंधित जानकारी लेने आए थे जिन्हें जानकारी दी गई है। लोगों ने बताया कि प्रचार प्रसार के अभाव में कई लोग अपनी समस्याएं होने के बाबजूद जनता दरबार तक नहीं पहुंच सकें। वहीं बीडीओ नीरज कुमार राय ने बताया कि सोमवार की शिविर में ग्रामीण विकाश विभाग में चार व अंचल में 43 आवेदन प्राप्त हुए हैं।जिसे निष्पादन को लेकर जरूरी कागजात लिया गया है।


रिपोर्टर:- धनंजय कुमार यादव
*पल्सर सवार युवक की मौत,सुल्तानपुर में अज्ञात वाहन की टक्कर से दो गंभीर घायल*
सुल्तानपुर में अयोध्या-प्रयागराज राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक सड़क हादसे में पल्सर बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह घटना मंगलवार शाम करीब छह बजे कूरेभार थाना क्षेत्र के गुप्तारगंज बाजार में हुई। पुलिस के अनुसार, एक अज्ञात वाहन ने पल्सर बाइक पर सवार तीन युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में शिव पल्टन का पुरवा सेउर चमुरखा निवासी सुमित यादव (25 वर्ष) पुत्र जोखू की मौके पर ही मृत्यु हो गई। बाइक पर सवार अन्य दो युवक, सेउर चमुरखा निवासी जिगर (22 वर्ष) पुत्र जुबेर और कैफ (25 वर्ष) पुत्र आफात, गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस द्वारा कूरेभार सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक डॉ. प्रयेश दीक्षित ने सुमित यादव को मृत घोषित कर दिया। जिगर और कैफ की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए सुलतानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही कूरेभार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अज्ञात वाहन की तलाश जारी है।
जिलाधिकारी ने कर-करेत्तर वसूली, विभागीय कार्यों एवं सीएम डैशबोर्ड की समीक्षा बैठक की
*बैठक में संतोषजनक प्रगति न मिलने पर जिला आबकारी अधिकारी को चेतावनी जारी करने के निर्देश-डीएम*

*गोण्डा, 20 जनवरी, 2026*।
जिलाधिकारी गोंडा श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में मंगलवार को जिला पंचायत सभागार में कर-करेत्तर वसूली, विभागीय कार्यों की प्रगति तथा मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर दर्ज आंकड़ों की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि राजस्व वसूली से संबंधित विभाग अपने लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करें। उन्होंने तहसीलवार बकाया वसूली की प्रगति की समीक्षा की और निर्देश दिए कि लंबित वसूली को प्राथमिकता पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि राजस्व वसूली में लापरवाही या शिथिलता कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्यमंत्री डैशबोर्ड पर प्रदर्शित योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों को निर्देशित किया कि वे पोर्टल पर अद्यतन डेटा अपलोड करें और योजनाओं के भौतिक व वित्तीय लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा कि सीएम डैशबोर्ड राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है, अतः इसमें दर्ज आंकड़ों की प्रमाणिकता एवं समयबद्धता अत्यंत आवश्यक है।

जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला कल्याण, ग्राम्य विकास, कृषि, सिंचाई, और विद्युत विभाग सहित अन्य विभागों की योजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता एवं उत्तरदायित्व सुनिश्चित करें।

बैठक के दौरान कर एवं निबंधन विभाग, आबकारी, नगर निकायों, जल निगम तथा अन्य राजस्व से संबंधित विभागों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे लक्ष्य के अनुरूप वसूली सुनिश्चित करें और उच्चाधिकारियों को नियमित रिपोर्ट उपलब्ध कराएं।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप कार्यों में गति लाना और जनता को योजनाओं का लाभ समय पर दिलाना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे समर्पण और उत्तरदायित्व के साथ कार्य करें, ताकि जनहितकारी योजनाएं धरातल पर प्रभावी रूप से लागू हो सकें।
समीक्षा के दौरान आबकारी विभाग की प्रगति असंतोषजनक मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला आबकारी अधिकारी को लक्ष्य पूरा करने हेतु चेतावनी निर्गत करने के लिए निर्देश दिए हैं।

बैठक के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्रीमती अंकिता जैन, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, उपजिलाधिकारी सदर गोंडा, कर्नलगंज, तरबगंज तथा मनकापुर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार,  अपर उपजिलाधिकारी जितेंद्र गौतम, सहित सभी संबंधित विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान जारी,25 पदों के लिए 333 प्रत्याशी मैदान में
जिले के दो अधिवक्ता भी चुनावी समर में आजमा रहे हैं किस्मत

गोंडा।जिले में मंगलवार सुबह से ही बार काउंसिल चुनाव के लिए मतदान जारी है।जहाँ 2796 अधिवक्ता कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं।प्रदेश भर में इन 25 पदों के लिए कुल 333 प्रत्याशी मैदान में हैं।जिले में अधिवक्ता मतदाता सूची में अपना नाम देखकर और वोट की पर्ची लेकर मतदान केंद्र के अंदर प्रवेश कर रहे हैं।विभिन्न प्रत्याशियों द्वारा बनाए गये काउंटरों पर भी भीड़ देखी जा रही है।मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न कराने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।

इन 333 प्रत्याशियों में जिले के दो अधिवक्ता क्रमशः अजय शंकर श्रीवास्तव बंटी व सुरेश चंद्र तिवारी शामिल हैं।जिले में दोनों प्रत्याशियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिल रही है,जबकि बाहरी प्रत्याशियों को अपेक्षाकृत कम समर्थन मिलता दिख रहा है।ज्ञातव्य हो कि पिछली बार हुए चुनाव में भी यह दोनों प्रत्याशी मैदान में थे।सदस्य पद के प्रत्याशी सुरेश चंद्र तिवारी ने अधिवक्ताओं से अपील किया कि अधिवक्ता अधिक से अधिक संख्या में मतदान करें और स्वच्छ छवि वाले प्रत्याशी का चुनाव करें।उन्होंने कहा कि अधिवक्ता समाज की समस्याओं को प्रभावी ढंग से उठाया जा सकेगा।वहीं सिविल बार के वरिष्ठ अधिवक्ता जगदंबा प्रसाद पाण्डेय ने भी सभी अधिवक्ताओं से अपने मताधिकार का प्रयोग करने की अपील की है।सुरक्षा व्यवस्था की अगर बात करें तो भारी संख्या में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है।

ड्रोन कैमरे और सीसीटीवी कैमरों से भी लगातार नजर रखी जा रही है।इसके साथ ही साथ अधिवक्ताओं के परिचय पत्र को देखकर ही मतदान केंद्र के अंदर मतदान करने की अनुमति दी जा रही है।आज और कल दो दिन तक जिले में बार काउंसिल आफ उत्तर प्रदेश के सदस्य पद के लिए चुनाव होगा।किसी भी अधिवक्ता को दिक्कत न हो इसको लेकर के अलग अलग डेस्क भी बनाया गया है।
बीजेपी अध्यक्ष बनते ही नितिन नवीन को मिली Z कैटेगरी की सुरक्षा, जानें कैसा होगा सुरक्षा घेरा?

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भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन की सुरक्षा अब पहले से कहीं ज्यादा मजबूत कर दी गई है। भाजपा के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन को केंद्र सरकार की ओर से ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की गई है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवान उनकी सुरक्षा में तैनात किए गए हैं। ‘जेड’ श्रेणी की सुरक्षा देश की उच्चतम सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है, जिसमें कमांडो स्तर के सुरक्षाकर्मी शामिल रहते हैं।

जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा

45 साल की उम्र में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने जा रहे नितिन नवीन इस पद को संभालने वाले सबसे युवा नेताओं में शामिल हैं, और इसी के साथ उनकी जिम्मेदारियों के साथ सुरक्षा का स्तर भी बढ़ा दिया गया है। अब बीजेपी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष सीआरपीएफ की सुरक्षा घेरे में रहेंगे।

आईबी की रिपोर्ट के आधार पर फैसला

सूत्रों के मुताबिक, नितिन नवीन को Z कैटेगरी की सुरक्षा कुछ दिन पहले ही दे दी गई थी। यह निर्णय इंटेलिजेंस ब्यूरो की ओर से तैयार की गई थ्रेट परसेप्शन रिपोर्ट के आधार पर लिया गया है। रिपोर्ट में उनके लिए संभावित खतरों का आकलन किया गया था, जिसके बाद गृह मंत्रालय को सुरक्षा बढ़ाने की सिफारिश भेजी गई। गृह मंत्रालय ने इस पर मुहर लगाते हुए Z श्रेणी की सुरक्षा को मंजूरी दे दी।

सीआरपीएफ पर 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी

नवीन के पूर्ववर्ती जेपी नड्डा को भी सरकार की ओर से इसी तरह की सुरक्षा दी गई थी, जिसकी व्यवस्था सीआरपीएफ के वीआईपी सुरक्षा शाखा करती थी। सीआरपीएफ केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह, गांधी परिवार और कई अन्य नेताओं तथा विशिष्ट व्यक्तियों को सुरक्षा प्रदान करता है। वर्तमान में सीआरपीएफ लगभग 200 वीआईपी की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाल रहा है।

क्या होती है Z कैटेगरी की सुरक्षा?

Z कैटेगरी की सुरक्षा भारत में दी जाने वाली प्रमुख वीआईपी सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। इसे देश की तीसरी सबसे ऊंची सुरक्षा श्रेणी माना जाता है। इस सुरक्षा में आमतौर पर करीब 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं, जो 24 घंटे व्यक्ति की सुरक्षा में लगे रहते हैं। इनमें 4 से 6 बेहद प्रशिक्षित कमांडो शामिल होते हैं, जबकि बाकी जवान सीआरपीएफ या राज्य पुलिस से होते हैं।

तमिलनाडु विधानसभा में राष्‍ट्रगान का अपमान? गवर्नर का बिना स्पीच सदन से वॉकआउट

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तमिलनाडु में राज्यपाल और सरकार के बीच टकराव एक बार फिर खुलकर सामने आया है। राज्‍यपाल आरएन रवि ने सदन में राष्‍ट्रगान का अपमान होने का आरोप लगाते हुए अभिभाषण दिए बगैर ही चलते बने। इससे पहले भी तमिलनाडु की स्‍टालिन सरकार और गवर्नर रवि के बीच टकराव के मामले सामने आ चुके हैं।

तमिलनाडु विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन मंगलवार 20 जनवरी 2026 को राज्यपाल आरएन रवि ने परंपरागत अभिभाषण देने से इनकार करते हुए सदन से वॉकआउट कर लिया। राज्यपाल ने आरोप लगाया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया और उनका माइक बार-बार बंद किया गया। विवाद की जड़ राजकीय गान के साथ राष्ट्रीय गान बजाने के मुद्दे को लेकर बताई गई है, जिसे लेकर राज्यपाल ने पहले भी आपत्ति जताई थी।

लोक भवन बोला- राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ

लोक भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया कि राष्ट्रीय गान का फिर से ‘अपमान’ हुआ है और संविधान द्वारा निर्धारित मौलिक कर्तव्य की अनदेखी की गई है। बयान में आरोप लगाया गया कि सदन में प्रस्तुत सरकारी भाषण में कई तथ्यात्मक गलतियां और भ्रामक दावे शामिल हैं तथा आम लोगों से जुड़े कई अहम मुद्दों की पूरी तरह अनदेखी की गई है।

राज्य सरकार के निवेश दावों पर उठाया सवाल

राज्यपाल ने राज्य सरकार के निवेश दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि तमिलनाडु में 12 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश आकर्षित करने के दावे जमीनी हकीकत से दूर हैं। बयान में कहा गया कि कई समझौता ज्ञापन केवल कागजों तक सीमित हैं और वास्तविक निवेश इसका बहुत छोटा हिस्सा है। आंकड़ों का हवाला देते हुए राजभवन ने कहा कि कुछ साल पहले तक विदेशी प्रत्यक्ष निवेश प्राप्त करने वाले राज्यों में तमिलनाडु चौथे स्थान पर था, लेकिन अब वह छठे स्थान पर बने रहने के लिए संघर्ष कर रहा है।

मुख्यमंत्री ने की आलोचना

राज्यपाल के जाने के बाद मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने उनकी कड़ी आलोचना की। स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल ने नियमों और परंपराओं को तोड़ा है। यह उस ऊंचे पद की गरिमा के खिलाफ है जिस पर वह बैठे हैं। उन्होंने इसे सदन और जनता का अपमान बताया। उन्होंने कहा कि मैं सीएन अन्नादुराई की बात याद दिलाना चाहूंगा जिन्होंने पहले कहा था, "बकरे को दाढ़ी की क्या जरूरत है, और राज्य को गवर्नर की क्या जरूरत है।

राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं-स्टालिन

स्टालिन ने कहा कि राज्यपाल का हर साल ऐसा करना ठीक नहीं है। रवि ने 2021 के बाद चौथी बार ऐसा किया है। सीएम ने कहा कि जब राज्यपाल बार-बार परंपरा तोड़ते हैं, तो इस नियम की जरूरत ही क्या है? इसलिए डीएमके संसद में दूसरी पार्टियों की मदद से इस नियम को हटाने की कोशिश करेगी। स्टालिन ने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि राज्यपाल के भाषण को गैर-जरूरी बनाने के लिए संविधान में बदलाव होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक अंग्रेजी अखबार ने राज्यपाल को अड़ियल कहा था और आज उनके बर्ताव ने इसे सही साबित कर दिया।

आरटीई : दो फरवरी से शुरू होगा प्रवेश के लिए आवेदन ऑनलाइन आवेदन


*3 चरणों में होंगे प्रवेश,18 दिनों में पूरी होगी प्रकिया,दो साल तक चार चरणों में हुआ था प्रवेश*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। करीब डेढ़ महीने इंतजार के बाद अंतत: आरटीई के तहत गरीब बच्चों के निजी स्कूलों में दाखिले के लिए आवेदन लेने की तिथि निदेशालय ने तय कर दी है। दो फरवरी से पहले चरण के प्रवेश के लिए आवेदन की शुरूआत होगी। अबकी बार दो महीने के अंदर तीन चरणों में प्रवेश प्रक्रिया पूरी की जाएगी। साल 2024 और 2025 में चार चरणों में चार महीने में आवेदन से लेकर सत्यापन, प्रवेश की गतिविधियां पूरी की गई थीं।
आरटीई के तहत कॉन्वेंट विद्यालयों में 25 फीसदी सीटों पर गरीब बच्चों को प्रवेश दिलाया जाता है। उनके कॉपी-किताब तक का खर्च शासन स्तर से वहन किया जाता है। पिछले दो साल से एक दिसंबर से ही प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई थी, लेकिन इस बार 15 जनवरी के बाद तिथि तय की गई है। शिक्षा सत्र 2026-27 के लिए पहले चरण में दो से 16 फरवरी तक आवेदन लेने के साथ सत्यापन किया जाएगा। 18 फरवरी को लॉटरी निकाली जाएगी और 20 को विद्यालय आवंटित होगा। दूसरे चरण में 21 फरवरी से सात मार्च तक आवेदन, सत्यापन और डॉटा लाॅक किया जाएगा। नौ मार्च को लॉटरी और 11 मार्च को विद्यालय आवंटित होगा। तीसरे चरण में 12 से 25 मार्च तक आवेदन, 27 मार्च को लॉटरी और 29 को स्कूल आवंटित किया जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने बताया कि तीन चरणों में आवेदन की तिथि तय की गई है। ऑनलाइन आवेदन लेने के बाद सभी प्रक्रिया तिथिवार पूरी की जाएगी। बताया कि अधिक से अधिक बच्चों को प्रवेश दिलाने का प्रयास किया जाएगा
महोबा में दबंगों का खौफनाक हमला: पिता की तेरहवीं पर बेटे की चाकुओं से हत्या, 5 घायल
लखनऊ /महोबा। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले के लेवा गांव में सोमवार की देर शाम एक सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके को दहशत में डाल दिया। पिता की तेरहवीं के दिन 25 वर्षीय विकास यादव को दबंगों ने चाकुओं से हमला कर मौत के घाट उतार दिया। बीच-बचाव के प्रयास में आए 5 अन्य परिजन भी घायल हो गए।

घटना के अनुसार, राम कृपाल की तेरहवीं का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान बाइक सवार दबंग अजय यादव और उसके साथियों ने धारदार हथियार से लैस होकर विकास पर हमला कर दिया। युवक की पिटाई होती देख परिवार के अन्य सदस्य बीच-बचाव के लिए आए, लेकिन वे भी हत्यारे के कोप का शिकार हुए। आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद जान-माल की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।

परिजन घायल लोगों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने विकास को मृत घोषित कर दिया, जबकि अनिल (22) को नाजुक हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं मृतक के भाई आकाश (23), सुर्जन सिंह (45) और बाबू (22) का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है।
पिता की तेरहवीं पर पुत्र की हत्या से पूरे गांव में कोहराम मच गया। कुलपहाड़ क्षेत्राधिकारी रविकांत गौड़ ने बताया कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
सहारनपुर में खून से सनी सुबह: किराए के मकान में अमीन ने पूरे परिवार को गोलियों से भून डाला? मां-पत्नी और दो मासूम बेटों की लाशें मिलीं
लखनऊ /सहारनपुर।उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा कस्बे में मंगलवार की सुबह ऐसी खौफनाक तस्वीर सामने आई, जिसने पूरे इलाके को दहला दिया। एक किराए के मकान के अंदर संग्रह अमीन समेत उसके पूरे परिवार के पांच सदस्यों के गोली लगे शव मिलने से हड़कंप मच गया। एक ही घर में मां, पत्नी और दो नाबालिग बेटों की लाशें देख पड़ोसियों की रूह कांप उठी।

मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए

मृतकों की पहचान नकुड़ तहसील में तैनात संग्रह अमीन अशोक (40), उनकी पत्नी अंजिता (37), मां विद्यावती (70) और दो बेटे कार्तिक (16) व देव (13) के रूप में हुई है। घर का नजारा इतना भयावह था कि मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी भी कुछ पल के लिए सन्न रह गए।

कमरे के अंदर बिखरा खून, अलग-अलग जगह मिले शव

पुलिस के अनुसार, अमीन अशोक और उनकी पत्नी अंजिता का शव कमरे के फर्श पर पड़ा मिला, जबकि वृद्ध मां और दोनों नाबालिग बेटे बेड पर मृत अवस्था में पाए गए। शुरुआती जांच में सामने आया है कि अशोक को कनपटी या सीने पर गोली लगी, जबकि मां, पत्नी और दोनों बच्चों के माथे पर गोली मारी गई है। इससे पूरे घटनाक्रम को लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं।

तीन तमंचे बरामद, मोबाइल जब्त

घटनास्थल से पुलिस ने तीन तमंचे बरामद किए हैं, जो शवों के पास ही पड़े मिले। फॉरेंसिक टीम ने पूरे घर को सील कर दिया है और सभी मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है। डॉग स्क्वॉड और फॉरेंसिक विशेषज्ञ हर एंगल से सबूत जुटा रहे हैं।

आत्महत्या या सामूहिक हत्या? उलझी गुत्थी

पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या—दोनों पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। सवाल यह है कि क्या अशोक ने पहले अपने परिवार को गोली मारी और फिर खुद को मौत के घाट उतार लिया, या फिर इसके पीछे कोई और खौफनाक साजिश है? अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही मौत के सही कारणों से पर्दा उठ सकेगा।

शांत था परिवार, कोई विवाद नहीं

पड़ोसियों के मुताबिक, अशोक का परिवार बेहद शांत स्वभाव का था। किसी से कोई झगड़ा या विवाद सामने नहीं आया था। दोनों बेटे पढ़ाई में अच्छे थे—देव कस्बे के एमटीएस पब्लिक स्कूल में कक्षा 9 का छात्र था, जबकि कार्तिक नकुड़ के एक इंटर कॉलेज में कक्षा 10 में पढ़ता था। अचानक हुई इस सामूहिक मौत ने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया है।

इलाके में मातम और दहशत

घटना के बाद सरसावा कस्बे में शोक और दहशत का माहौल है। हर कोई यही सवाल पूछ रहा है कि आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक पूरा परिवार गोलियों का शिकार हो गया। पुलिस का कहना है कि मामले की हर परत को खोला जाएगा और सच सामने लाया जाएगा, चाहे वह कितना भी भयावह क्यों न हो।
नोएडा हादसे पर सख्त कदम: सीईओ हटाए गए, आज SIT करेगी गहन जांच
लखनऊ /नोएडा । नोएडा में मॉल के बेसमेंट के लिए खोदे गए गहरे गड्ढे में पानी भर जाने से एक युवा सॉफ्टवेयर इंजीनियर की दर्दनाक मौत के बाद सरकार ने बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है। मामले को लेकर बढ़ते जनआक्रोश और लापरवाही के आरोपों के बीच राज्य सरकार ने नोएडा प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया है। साथ ही पूरे घटनाक्रम की जांच के लिए तीन सदस्यीय विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है, जिसे पांच दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 27 वर्षीय सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज मेहता की मौत का संज्ञान लेते हुए सोमवार को तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद देर शाम सीईओ को हटाने का आदेश जारी कर दिया गया। फिलहाल उन्हें प्रतीक्षारत रखा गया है। 2005 बैच के आईएएस अधिकारी लोकेश एम नोएडा प्राधिकरण के साथ-साथ नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक की जिम्मेदारी भी संभाल रहे थे।

इस हादसे के बाद नोएडा प्राधिकरण और बिल्डरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रशासन की ओर से पहले ही कुछ अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है। एक जूनियर इंजीनियर को सेवा से बर्खास्त किया गया है, जबकि दो बिल्डरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। आरोप है कि मॉल के बेसमेंट के निर्माण के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई और बारिश के पानी की निकासी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए।

पूरे मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी का नेतृत्व मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर करेंगे। टीम में मेरठ के मंडलायुक्त हृषिकेश भास्कर और लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता अजय वर्मा भी शामिल हैं। जांच दल मंगलवार को नोएडा पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण करेगा और जिम्मेदार अधिकारियों व बिल्डरों की भूमिका की पड़ताल करेगा।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में युवराज मेहता की मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, लंबे समय तक ठंडे पानी में फंसे रहने से उसके फेफड़ों में लगभग साढ़े तीन लीटर पानी भर गया था, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई। शरीर पर अत्यधिक दबाव पड़ने के कारण हार्ट फेलियर की स्थिति भी बनी।

इस घटना ने नोएडा में निर्माण कार्यों की निगरानी और सुरक्षा इंतजामों पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
आमस प्रखंड परिसर में सभी विभाग के पदाधिकारियों के द्वारा लगाया गया जनता दरबार,लोगों को सुनी गई समस्या
आमस:- गया जिले में सरकार ने आम लोगों तक महत्वकांक्षी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में आ रही दिक्कतों को दूर करने के लिए ' सबका सामान जीवन आसान ' कार्यक्रम शुरू किया है।इसके तहत प्रत्येक सोमवार व शुक्रवार को सभी विभागों में जनता दरबार आयोजित करने का निर्देश दिया गया है।इसी क्रम में आमस प्रखंड कार्यालय में जनता दरबार आयोजित किया गया। आमस प्रखंड कार्यालय में बीडीओ नीरज कुमार राय ने जनता दरबार लगाया।यहां वृद्धा पेंशन से संबंधित शिकायत लेकर पहुंचे।बीडीओ ने उन्हें उचित परामर्श दिया। अंचल कार्यालय में अंचलाधिकारी अरशद मदनी ने जमाबंदी,परिमार्जन सहित अन्य भूमि से जुड़ी मामलों की सुनवाई की।उन्होंने ने जन सुनवाई में आए लोगों को सही जानकारी दी और उसकी समस्याओं का समाधान किया।वहीं अंचल में शिकायत लेकर पहुंच रैयत उपेंद्र यादव ने कहां शिविर लगाकर सिर्फ पेपर जमा किया जाता है।उसका निष्पादन नहीं किया जाता है। आमस में चिकित्सा प्रभारी की ओर से कोई शिविर का आयोजन नहीं किया गया था। प्रखंड कृषि पदाधिकारी सौरव कुमार ने बताया कि कुछ किसान सरकार योजनाओं व फॉर्मर ID से संबंधित जानकारी लेने आए थे जिन्हें जानकारी दी गई है। लोगों ने बताया कि प्रचार प्रसार के अभाव में कई लोग अपनी समस्याएं होने के बाबजूद जनता दरबार तक नहीं पहुंच सकें। वहीं बीडीओ नीरज कुमार राय ने बताया कि सोमवार की शिविर में ग्रामीण विकाश विभाग में चार व अंचल में 43 आवेदन प्राप्त हुए हैं।जिसे निष्पादन को लेकर जरूरी कागजात लिया गया है।


रिपोर्टर:- धनंजय कुमार यादव