लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम पत्रकारिता पुरस्कार
 
मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था तरुण कला संगम की तरफ से नवभारत टाइम्स के राजनीतिक संपादक व मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह को पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया। चर्चगेट के सम्राट होटल में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, संस्था के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह और महासचिव दीपक सिंह के हाथों राजकुमार सिंह को बतौर सम्मान एक लाख रुपए, स्मृति चिन्ह और शाल श्रीफल प्रदान किया गया।
         इस मौके पर मंत्री लोढ़ा ने कहा कि 47 साल से सफलतापूर्वक एक संस्था चलाना और पत्रकारिता से जुड़े लोगों को हर साल सम्मानित करना महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल मंत्र तारीफ के साथ आलोचना करना भी है। जब मैं राजनीति में आया तो पहले पत्रकारों से बहुत डरता था पर धीरे धीरे पत्रकारों के करीब आया। तकनीक की दुनिया में भी प्रिंट जिंदा है। खबरों की खबर आज भी अखबारों में ही मिलती है।
        मंत्री लोढ़ा ने कहा कि हिंदी को लेकर विवाद एक पार्टी का राजनीतिक एजेंडा है। मराठी सबको सीखनी चाहिए पर किसी को अपनी मातृ भाषा में बात करने से रोकना भी गलत है। इस शहर में सब मिलजुल कर रहते हैं। हम सब मिलकर मुंबई को विकसित करेंगे।
            महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव बी राधा ने कहा मैं दक्षिण भारतीय हूं, पर दिल्ली में पढ़ाई करने की वजह से हिंदी से मेरा भी नाता रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को मै लंबे समय से  जानती हूं । उनकी खबरों में गहराई होती है और हम अधिकारियों को भी यह बात पसंद आती है। हम अधिकारियों को पत्रकारों से पता चलता है कि हमारे काम का लोगो के जीवन पर क्या असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
                    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्रीकांत भारतीय ने कहा कि मै भी नागपुर में पत्रकार रहा हूं। उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान का अपना एक संस्मरण सुनते हुए कहा कि वहां मेरी मुलाकात एक वरिष्ठ पत्रकार से हुई तो उन्होंने कहा कि अब थ्री पी (पत्रकार, पुलिस और पॉलिटिशियन) की भूमिका में बदलाव आ चुका है। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह बात मै महसूस कर रहा हूं कि संवेदनशीलता कम हो रही है। संस्था के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह ने कहा कि 47 सालों से मैं इस तरह का कार्यक्रम कर रहा हूं और इस कार्य में हिंदी पत्रकारिता जगत का हमेशा साथ मिला। समारोह को विधायक संजय उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक, मंत्रालय पत्रकार संघ के कोषाध्यक्ष विनोद यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, पूर्व नगरसेवक रामबचन मुराई, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश चौहान, उद्योगपति राजीव सिंघल, अजय सिंघानिया, निलेश गुप्ता, नवीन पांडे, सुनील मेहरोत्रा, डीपी सिंह, ललित जैन, हरि मृदुल, यूके सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, मनोज दुबे, हरि सिंह राजपुरोहित, अशोक शुक्ला, विजय पांडे, विजय सिंह,ओम प्रकाश पांडे, सूरज पांडे आदि का समावेश रहा। संस्था के संयोजक राधेश्याम मिश्र, अभिषेक सिंह तथा वेदांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया। अंत में संस्था के महासचिव दीपक सिंह ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
3 प्रतिशत की जगह 7 प्रतिशत ब्याज वसूली का आरोप, किसान ने सहकारी समिति पर लगाए गंभीर आरोप
मेरठ/बहसूमा। क्षेत्र के मोड खुर्द स्थित जिला सहकारी बैंक एवं सहकारी समिति पर किसानों से निर्धारित दर से अधिक ब्याज वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं। ग्राम मोहम्मदपुर साकिस्त निवासी किसान नेपाल सिंह पुत्र लक्खी ने आरोप लगाया कि उनसे जबरदस्ती 7 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा किसानों के लिए 3 प्रतिशत ब्याज निर्धारित बताया जा रहा है।

किसान नेपाल सिंह का कहना है कि वह कई बार मोड खुर्द जिला सहकारी समिति पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों एवं अधिकारियों से ब्याज दर कम करने की मांग की, लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं हुआ। किसान के अनुसार जब उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर किसानों से 3 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, तब समिति कर्मियों ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “जहां 3 प्रतिशत लग रहा है, वहीं से काम करा लो, यहां तो 7 प्रतिशत ही देना पड़ेगा।”

नेपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हित में योजनाएं चला रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी मनमानी कर किसानों को परेशान कर रहे हैं और सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा कम ब्याज दर निर्धारित की गई है तो उसी के अनुसार वसूली होनी चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर राहत दिलाने की मांग की है।

इस संबंध में एआर दीपक तरेजा ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और किसी भी किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। वहीं सहकारी समिति मोड खुर्द के एमडी गंगा माल शर्मा ने कहा कि “एक-दो दिन में किसानों की समस्य�
थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।

महाकाल से तिरुपति तक दर्शन का अवसर, हरदोई होकर गुजरेंगी आईआरसीटीसी की विशेष ट्रेनें
रितेश मिश्रा
हरदोई गर्मियों की छुट्टियों में धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आईआरसीटीसी ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से दो विशेष धार्मिक यात्राओं की घोषणा की है, जिनका लाभ हरदोई रेलवे स्टेशन से भी लिया जा सकेगा। स्कूलों में अवकाश शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में परिवार तीर्थ यात्रा की तैयारी करते हैं। ऐसे में हरदोई समेत आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है।पहली यात्रा 12 जून 2026 से 23 जून 2026 तक संचालित होगी। यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा होगी, जिसमें श्रद्धालु देश के सात प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से किया जाएगा और रास्ते में हरदोई रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।यात्रा के दौरान उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक का त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और संभाजी नगर स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा पंचवटी, कालाराम मंदिर और अन्य स्थानीय धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल रहेगा।

*ईएमआई की भी सुविधा उपलब्ध*
दूसरी धार्मिक यात्रा 29 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी तथा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। यह ट्रेन भी हरदोई रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधे अपने जिले से यात्रा शुरू करने का अवसर मिलेगा।आईआरसीटीसी की ओर से यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पैकेज तय किए गए हैं। स्लीपर क्लास, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। पैकेज में ट्रेन यात्रा के साथ शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा और ठहरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।गर्मी की छुट्टियों में अक्सर परिवार धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बनाते हैं, लेकिन लंबी दूरी की टिकट और ठहरने की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में एक ही पैकेज में यात्रा, भोजन और दर्शन की सुविधा मिलने से हरदोई के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर भी इस योजना को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।वायु नंदन शुक्ला जॉइंट जनरल मैनेजर टूरिज्म आईआरसीटीसी के अनुसार यात्रा की बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी। इच्छुक यात्री लखनऊ स्थित पर्यटन भवन कार्यालय के अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग करा सकते हैं। साथ ही एलटीसी और ईएमआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्वच्छ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई है हर कोच में सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी ऑन बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सफाई कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी साथ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत की यात्रा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के एक कोच में मंदिर भी बनाया है जहां सुबह-शाम आरती होती है और लोग भजन कीर्तन करते हुए अपने तीर्थ यात्रा पूरी करते हैं। वायु नंदन शुक्ला ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के वेबसाइट और टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर अपनी यात्रा को बुक कर सकते हैं।
रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य डॉ गौरव अग्रवाल ने सभी मुख्य आगुंतकों को पुष्प गुच्छ और भक्त प्रहलाद स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर आईआरसीटीसी से नवनीत गोयल सीएमआई अंबुज मिश्रा स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा सीएमआई मुरलीधर समाज स्टेशन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
आजमगढ़:-दर्दनाक सड़क हादसा: पिकअप से आमने-सामने भिड़ी बाइक, 6 माह के मासूम के पिता की मौके पर मौत

वी कुमार यदुवंशी


आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मकसूदिया गांव के पास बलिया-लखनऊ राजमार्ग पर गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार निजामाबाद थाना क्षेत्र के खतीर पुर गांव निवासी 28 वर्षीय सनी विश्वकर्मा पुत्र हरिहर विश्वकर्मा अपनी ससुराल भादी, शाहगंज (जौनपुर) से सुबह बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। इसी दौरान मकसूदिया गांव के पास मोड़ पर आजमगढ़ की तरफ से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से उनकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिकअप भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही फूलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना की खबर मिलते ही मृतक की पत्नी पूजा विश्वकर्मा बेसुध हो गईं। बताया जा रहा है कि सनी छह माह के एक मासूम बेटे के पिता थे। वहीं उनके पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में गुजरात में रहते हैं। युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।पुलिस फरार पिकअप चालक की तलाश में जुटी हुई है।फूलपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सड़क दुर्घटना में हुई युवक की मौत हुई है , युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । पिकअप को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है ।
आजमगढ़:-एसडीएम का बड़ा एक्शन: सोनोग्राफी सेंटर पर छापा, डॉक्टर मिले नदारद, मचा हड़कंप

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र में गुरुवार को प्रशासनिक टीम की अचानक हुई छापेमारी से निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों में हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अखिलेश कुमार ने फूलपुर पेट्रोल पंप के सामने स्थित जनता सोनोग्राफी सेंटर पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सेंटर पर डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे प्रशासन ने गंभीर नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि प्रशासन को उक्त सोनोग्राफी सेंटर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीएम एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। छापेमारी की भनक लगते ही नगर के कई निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी और जांच केंद्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई संचालक अपने प्रतिष्ठानों के दस्तावेज व्यवस्थित करते नजर आए, जबकि कुछ जगहों पर कर्मचारियों में बेचैनी साफ दिखाई दी।

जांच के दौरान टीम ने सेंटर के संचालन से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय अनुमति पत्र तथा सोनोग्राफी संबंधी आवश्यक अभिलेखों की मांग की। हालांकि मौके पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण टीम को संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संचालकों को आवश्यक कागजात के साथ तलब किया है।
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। छापेमारी के दौरान डॉक्टर मौके पर नहीं मिले, जिससे प्रथम दृष्टया अनियमितता प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि सेंटर संचालकों को सोनोग्राफी संचालन से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में कागजात अधूरे पाए गए या नियमों का उल्लंघन सामने आया तो संबंधित केंद्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित जांच केंद्रों और निजी अस्पतालों में खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग अब अन्य केंद्रों की भी जांच की तैयारी में जुट गया है।
खरीद केदो पर नहीं खरीदा जा रहा किसानों का आलू, मानकों के विपरीत कहकर किया जा रहा वापस

, किसान परेशान प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग ,मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


फर्रुखाबाद l किसान नेता ने प्रधानमंत्री से बाजार हस्तक्षेप योजना(mis) के तहत आलू खरीदने के नियमों को शिथिल किये जाने व आलू की खरीद कराने की मांग की है l प्रदेश मे आलू की अत्याधिक खराब स्थिति को देखते हुये भारत सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 2200 मैट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय 650.9 रुपया कुंटल की दर से खरीदने का निर्णय किया है इस संबंध में  क्रषि विभाग भारत सरकार के डिप्टी कमिश्नर (mps) विनोद गिरी 011-23070823 द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान बी एल मीना को दिये गए है।

इस योजना के तहत आलू मंडी सातनपुर मे उद्यान निदेशक वी पी राम ने 28 अप्रैल 2026 को फीता काटकर राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) का क्रय केंद्र भी खोल दिया लेकिन अभी तक किसानों का कोई भी आलू नहीं खरीदा जा सका क्योंकी आलू का साइज़ 45 से 85 एम एम व्यास का होने व आलू बिना मिट्टी लगा रोग मुक्त सहित कई कठोर शर्ते लागू होने के कारण किसान आलू नहीं बेंच पा रहे है और मंडी मे औने पौने दामों मे बेचने को मजबूर है आलू खरीदने की कठोर शर्ते अव्यवहारिक व हास्यदापद है ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार की आलू खरीद नीति बनाने वाले अधिकारियों को आलू के संबंध मे व्यावहारिक जानकारी भी नहीं है ,आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखते हुये आलू मंडी सातनपुर से किसान नेता अशोक कटिहार के नेतृत्व मे आलू किसान बचाओ यात्रा निकालकर 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया और किसानों की समस्या से भी अवगत कराया गया था l

राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद भारत सरकार द्वारा आलू क्रय केंद्र खोल तो दिये गए लेकिन कठोर शर्तों व अभी तक बजट आवंटित न किये जाने के कारण अभी तक आलू की खरीद शुरू नही हो सकी है
यह कि आलू खरीद के नियमों को शिथिल किया जाये केवल 45x85 mm के आलू खरीदने की शर्त को समाप्त किया जाये।

आलू खरीदने के लिये बजट अभी तक आवंटित नही किया गया है शीघ्र बजट आवंटित किया जाये।
आलू का केवल एक प्रतिशत निर्यात किया जाता है जबकि विश्व के 65 देशों मे खाद्यान्न संकट है आलू निर्यात की नीति बनाई जाये ।
आलू खाद्य प्रशंसकरण मे  केवल एक प्रतिशत कुल उत्पादन का उपयोग होता है जबकि आलू से आटा, स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, दवाइया, वोदका(शराब) बनाई जा सकती है रूस, पोलेंड, चीन से तकनीकी मंगाकर आलू आधारित उद्योग लगवाकर खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाये। आलू किसानों की समस्याओ पर विचार हेतु संसद व विधान सभा का विशेष सत्र आहूत किया जाये।

उन्होंने कहाकि आलू किसानों के हित मे शीघ्र संसोधित आदेश जारी कराने की मांग की है l साथ ही
कृषि मंत्री भारत सरकार से अशोक कटियार और
मुख्यमंत्री से सुधीर शुक्ला (आलू निर्यातक,मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को  रिंकू वर्मा (आलू आड़ती संघ,     अंशुल कटियार(अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी)
   अरविन्द राजपूत,रामलड़ाइते राजपूत,
परशुराम वर्मा,प्रभात कटियार,पवन कटियार,
सुरजीत सिंह,राजीव यादव(लालू)
आकाश कटियार,राजवीर कठेरिया द्वारा मांग की गई है l
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को तरुण कला संगम पत्रकारिता पुरस्कार
 
मुंबई। महानगर की प्रतिष्ठित सामाजिक संस्था तरुण कला संगम की तरफ से नवभारत टाइम्स के राजनीतिक संपादक व मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के उपाध्यक्ष राजकुमार सिंह को पत्रकारिता पुरस्कार प्रदान किया गया। चर्चगेट के सम्राट होटल में आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि महाराष्ट्र के कौशल विकास मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, संस्था के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह और महासचिव दीपक सिंह के हाथों राजकुमार सिंह को बतौर सम्मान एक लाख रुपए, स्मृति चिन्ह और शाल श्रीफल प्रदान किया गया।
         इस मौके पर मंत्री लोढ़ा ने कहा कि 47 साल से सफलतापूर्वक एक संस्था चलाना और पत्रकारिता से जुड़े लोगों को हर साल सम्मानित करना महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता का मूल मंत्र तारीफ के साथ आलोचना करना भी है। जब मैं राजनीति में आया तो पहले पत्रकारों से बहुत डरता था पर धीरे धीरे पत्रकारों के करीब आया। तकनीक की दुनिया में भी प्रिंट जिंदा है। खबरों की खबर आज भी अखबारों में ही मिलती है।
        मंत्री लोढ़ा ने कहा कि हिंदी को लेकर विवाद एक पार्टी का राजनीतिक एजेंडा है। मराठी सबको सीखनी चाहिए पर किसी को अपनी मातृ भाषा में बात करने से रोकना भी गलत है। इस शहर में सब मिलजुल कर रहते हैं। हम सब मिलकर मुंबई को विकसित करेंगे।
            महाराष्ट्र सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग अतिरिक्त मुख्य सचिव बी राधा ने कहा मैं दक्षिण भारतीय हूं, पर दिल्ली में पढ़ाई करने की वजह से हिंदी से मेरा भी नाता रहा है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पत्रकार राजकुमार सिंह को मै लंबे समय से  जानती हूं । उनकी खबरों में गहराई होती है और हम अधिकारियों को भी यह बात पसंद आती है। हम अधिकारियों को पत्रकारों से पता चलता है कि हमारे काम का लोगो के जीवन पर क्या असर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रम होते रहने चाहिए।
                    कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे विधायक श्रीकांत भारतीय ने कहा कि मै भी नागपुर में पत्रकार रहा हूं। उन्होंने केरल विधानसभा चुनाव के दौरान का अपना एक संस्मरण सुनते हुए कहा कि वहां मेरी मुलाकात एक वरिष्ठ पत्रकार से हुई तो उन्होंने कहा कि अब थ्री पी (पत्रकार, पुलिस और पॉलिटिशियन) की भूमिका में बदलाव आ चुका है। उन्होंने कहा कि राजनीति में यह बात मै महसूस कर रहा हूं कि संवेदनशीलता कम हो रही है। संस्था के अध्यक्ष चित्रसेन सिंह ने कहा कि 47 सालों से मैं इस तरह का कार्यक्रम कर रहा हूं और इस कार्य में हिंदी पत्रकारिता जगत का हमेशा साथ मिला। समारोह को विधायक संजय उपाध्याय, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्र द्विवेदी, मुंबई हिंदी पत्रकार संघ के अध्यक्ष आदित्य दुबे, महासचिव विजय सिंह कौशिक, मंत्रालय पत्रकार संघ के कोषाध्यक्ष विनोद यादव ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडेय ने किया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों में भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, पूर्व नगरसेवक रामबचन मुराई, भाजपा प्रवक्ता ओमप्रकाश चौहान, उद्योगपति राजीव सिंघल, अजय सिंघानिया, निलेश गुप्ता, नवीन पांडे, सुनील मेहरोत्रा, डीपी सिंह, ललित जैन, हरि मृदुल, यूके सिंह, सुरेंद्र मिश्रा, मनोज दुबे, हरि सिंह राजपुरोहित, अशोक शुक्ला, विजय पांडे, विजय सिंह,ओम प्रकाश पांडे, सूरज पांडे आदि का समावेश रहा। संस्था के संयोजक राधेश्याम मिश्र, अभिषेक सिंह तथा वेदांत सिंह ने अतिथियों का स्वागत और सम्मान किया। अंत में संस्था के महासचिव दीपक सिंह ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
3 प्रतिशत की जगह 7 प्रतिशत ब्याज वसूली का आरोप, किसान ने सहकारी समिति पर लगाए गंभीर आरोप
मेरठ/बहसूमा। क्षेत्र के मोड खुर्द स्थित जिला सहकारी बैंक एवं सहकारी समिति पर किसानों से निर्धारित दर से अधिक ब्याज वसूले जाने के आरोप सामने आए हैं। ग्राम मोहम्मदपुर साकिस्त निवासी किसान नेपाल सिंह पुत्र लक्खी ने आरोप लगाया कि उनसे जबरदस्ती 7 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, जबकि सरकार द्वारा किसानों के लिए 3 प्रतिशत ब्याज निर्धारित बताया जा रहा है।

किसान नेपाल सिंह का कहना है कि वह कई बार मोड खुर्द जिला सहकारी समिति पहुंचे और वहां मौजूद कर्मचारियों एवं अधिकारियों से ब्याज दर कम करने की मांग की, लेकिन उनकी बात सुनने को कोई तैयार नहीं हुआ। किसान के अनुसार जब उन्होंने कहा कि अन्य स्थानों पर किसानों से 3 प्रतिशत ब्याज लिया जा रहा है, तब समिति कर्मियों ने कथित रूप से अभद्र व्यवहार करते हुए कहा कि “जहां 3 प्रतिशत लग रहा है, वहीं से काम करा लो, यहां तो 7 प्रतिशत ही देना पड़ेगा।”

नेपाल सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों के हित में योजनाएं चला रही है, लेकिन स्थानीय स्तर पर कुछ अधिकारी एवं कर्मचारी मनमानी कर किसानों को परेशान कर रहे हैं और सरकार की छवि खराब करने में लगे हैं। उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

इस मामले को लेकर क्षेत्र के किसानों में भी नाराजगी देखने को मिल रही है। किसानों का कहना है कि यदि सरकार द्वारा कम ब्याज दर निर्धारित की गई है तो उसी के अनुसार वसूली होनी चाहिए। किसानों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर राहत दिलाने की मांग की है।

इस संबंध में एआर दीपक तरेजा ने बताया कि मामले की जानकारी ली जा रही है और किसी भी किसान को परेशान नहीं होने दिया जाएगा। वहीं सहकारी समिति मोड खुर्द के एमडी गंगा माल शर्मा ने कहा कि “एक-दो दिन में किसानों की समस्य�
थलापति विजय की टीवीके की चेतावनी, DMK-AIADMK सरकार बनी तो सभी 107 विधायक देंगे इस्तीफा

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तमिलनाडु में सरकार पर सस्पेंस बरकरार है। थलापति विजय की पार्टी टीवीके को अब तक सरकार बनाने का न्योता नहीं मिला है। थलापति विजय दो बार गवर्नर से मिल चुके हैं। दोनों बार निराशा ही हाथ लगी है। इस बीच एआईएडीएमके और डीएमके के बीच गठबंधन की सुगबुगाहट तेज है। ऐसे में एक्टर विजय ने बड़ा दांव चल दिया है। इससे तमिलनाडु की सियासत में नया ट्विस्ट आ गया है।

टीवीके की बड़ी चेतावनी

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच सबसे अधिक सीट जीतने वाली नई पार्टी तलिमगा वेत्री कड़गम (टीवीके) ने बड़ी चेतावनी दी है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि अगर द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) और अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की सरकार बनाने की कवायद होगी तो थलापति विजय की पार्टी के सभी 107 विधायक एक साथ सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। हालांकि, विजय ने आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा है।

डीएमके-एआईएडीएमके के बीच गठबंधन की चर्चा

टीवीके की ओर से सामूहिक इस्तीफे की चेतावनी तब सामने आई, जब राज्य में कट्टर विरोधी द्रविड़ पार्टियां डीएमके-एआईएडीएमके के बीच सरकार बनाने को लेकर गठबंधन की चर्चा फैली है। एआईएडीएमके के कई विधायक पुडुचेरी के एक रिसॉर्ट में हैं। उन्होंने अपने महासचिव एडाप्पाडी पलानीस्वामी को समर्थन पत्र सौंप दिया है। पलानीस्वामी ने शुक्रवार को राज्यपाल से मिलने की अनुमति मांगी है।

थलापति की नाराजगी की वजह

सूत्रों के अनुसार, टीवीके नेतृत्व इस बात से विशेष रूप से नाराज है कि डीएमके-एआईएडीएमके के बीच एक 'अघोषित गठबंधन' हो गया है, जिसका मकसद विजय को सत्ता में आने से रोकना है - भले ही उनकी पार्टी विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हो। पार्टी नेताओं का मानना है कि दोनों प्रमुख द्रविड़ पार्टियों की ओर से मिल रहे हालिया राजनीतिक संकेत टीवीके को सत्ता से बाहर रखने की एक कोशिश है, जबकि सच्चाई यह है कि दोनों में से किसी भी पार्टी के पास अकेले दम पर सरकार बनाने के लिए जरूरी संख्याबल नहीं है।

महाकाल से तिरुपति तक दर्शन का अवसर, हरदोई होकर गुजरेंगी आईआरसीटीसी की विशेष ट्रेनें
रितेश मिश्रा
हरदोई गर्मियों की छुट्टियों में धार्मिक यात्रा की योजना बना रहे यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। आईआरसीटीसी ने भारत गौरव पर्यटक ट्रेन के माध्यम से दो विशेष धार्मिक यात्राओं की घोषणा की है, जिनका लाभ हरदोई रेलवे स्टेशन से भी लिया जा सकेगा। स्कूलों में अवकाश शुरू होने के साथ ही बड़ी संख्या में परिवार तीर्थ यात्रा की तैयारी करते हैं। ऐसे में हरदोई समेत आसपास के जिलों के यात्रियों के लिए यह सुविधा काफी राहत देने वाली मानी जा रही है।पहली यात्रा 12 जून 2026 से 23 जून 2026 तक संचालित होगी। यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा होगी, जिसमें श्रद्धालु देश के सात प्रमुख ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इस विशेष ट्रेन का संचालन योग नगरी ऋषिकेश रेलवे स्टेशन से किया जाएगा और रास्ते में हरदोई रेलवे स्टेशन पर भी यात्रियों के चढ़ने और उतरने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।यात्रा के दौरान उज्जैन स्थित महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, ओंकारेश्वर, गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, सोमनाथ ज्योतिर्लिंग, नासिक का त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और संभाजी नगर स्थित घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। इसके अलावा पंचवटी, कालाराम मंदिर और अन्य स्थानीय धार्मिक स्थलों का भ्रमण भी शामिल रहेगा।

*ईएमआई की भी सुविधा उपलब्ध*
दूसरी धार्मिक यात्रा 29 जून 2026 से 10 जुलाई 2026 तक प्रस्तावित है। इस यात्रा में श्रद्धालुओं को दक्षिण भारत के प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। इसमें तिरुपति बालाजी मंदिर, रामेश्वरम स्थित रामनाथ स्वामी मंदिर, मदुरै का मीनाक्षी मंदिर, कन्याकुमारी तथा मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग शामिल हैं। यह ट्रेन भी हरदोई रेलवे स्टेशन से होकर गुजरेगी, जिससे स्थानीय यात्रियों को सीधे अपने जिले से यात्रा शुरू करने का अवसर मिलेगा।आईआरसीटीसी की ओर से यात्रियों के लिए अलग-अलग श्रेणियों में पैकेज तय किए गए हैं। स्लीपर क्लास, थर्ड एसी और सेकेंड एसी में यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। पैकेज में ट्रेन यात्रा के साथ शाकाहारी भोजन, स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा और ठहरने की व्यवस्था भी शामिल की गई है।गर्मी की छुट्टियों में अक्सर परिवार धार्मिक स्थलों की यात्रा की योजना बनाते हैं, लेकिन लंबी दूरी की टिकट और ठहरने की व्यवस्था बड़ी चुनौती बन जाती है। ऐसे में एक ही पैकेज में यात्रा, भोजन और दर्शन की सुविधा मिलने से हरदोई के यात्रियों में उत्साह देखा जा रहा है। रेलवे स्टेशन पर भी इस योजना को लेकर यात्रियों के बीच चर्चा शुरू हो गई है।वायु नंदन शुक्ला जॉइंट जनरल मैनेजर टूरिज्म आईआरसीटीसी के अनुसार यात्रा की बुकिंग “पहले आओ, पहले पाओ” के आधार पर की जाएगी। इच्छुक यात्री लखनऊ स्थित पर्यटन भवन कार्यालय के अलावा ऑनलाइन माध्यम से भी बुकिंग करा सकते हैं। साथ ही एलटीसी और ईएमआई जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस धार्मिक यात्रा का लाभ उठा सकें। भारत गौरव पर्यटक ट्रेन में स्वच्छ शाकाहारी भोजन की व्यवस्था के साथ सुरक्षा के व्यापक व्यवस्था की गई है हर कोच में सुरक्षा की व्यवस्था रहेगी ऑन बोर्ड कैटरिंग स्टाफ सफाई कर्मचारी की उपस्थिति रहेगी साथ ज्योतिर्लिंग और दक्षिण भारत की यात्रा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के एक कोच में मंदिर भी बनाया है जहां सुबह-शाम आरती होती है और लोग भजन कीर्तन करते हुए अपने तीर्थ यात्रा पूरी करते हैं। वायु नंदन शुक्ला ने कहा कि अधिक जानकारी के लिए आईआरसीटीसी के वेबसाइट और टोल फ्री नंबर पर संपर्क कर अपनी यात्रा को बुक कर सकते हैं।
रेलवे सलाहकार समिति के पूर्व सदस्य डॉ गौरव अग्रवाल ने सभी मुख्य आगुंतकों को पुष्प गुच्छ और भक्त प्रहलाद स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।इस अवसर पर आईआरसीटीसी से नवनीत गोयल सीएमआई अंबुज मिश्रा स्टेशन अधीक्षक नरसी लाल मीणा सीएमआई मुरलीधर समाज स्टेशन के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
आजमगढ़:-दर्दनाक सड़क हादसा: पिकअप से आमने-सामने भिड़ी बाइक, 6 माह के मासूम के पिता की मौके पर मौत

वी कुमार यदुवंशी


आजमगढ़। फूलपुर कोतवाली क्षेत्र के मकसूदिया गांव के पास बलिया-लखनऊ राजमार्ग पर गुरुवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया।जानकारी के अनुसार निजामाबाद थाना क्षेत्र के खतीर पुर गांव निवासी 28 वर्षीय सनी विश्वकर्मा पुत्र हरिहर विश्वकर्मा अपनी ससुराल भादी, शाहगंज (जौनपुर) से सुबह बाइक द्वारा घर लौट रहे थे। इसी दौरान मकसूदिया गांव के पास मोड़ पर आजमगढ़ की तरफ से आ रही तेज रफ्तार पिकअप से उनकी आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि सनी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिकअप भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हादसे के बाद पिकअप चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही फूलपुर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

घटना की खबर मिलते ही मृतक की पत्नी पूजा विश्वकर्मा बेसुध हो गईं। बताया जा रहा है कि सनी छह माह के एक मासूम बेटे के पिता थे। वहीं उनके पिता रोजी-रोटी के सिलसिले में गुजरात में रहते हैं। युवक की असमय मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है।पुलिस फरार पिकअप चालक की तलाश में जुटी हुई है।फूलपुर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है ।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक देवेंद्र प्रताप सिंह का कहना है कि सड़क दुर्घटना में हुई युवक की मौत हुई है , युवक के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है । पिकअप को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है ।
आजमगढ़:-एसडीएम का बड़ा एक्शन: सोनोग्राफी सेंटर पर छापा, डॉक्टर मिले नदारद, मचा हड़कंप

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र में गुरुवार को प्रशासनिक टीम की अचानक हुई छापेमारी से निजी अस्पतालों और जांच केंद्रों में हड़कंप मच गया। उपजिलाधिकारी अशोक कुमार एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक अखिलेश कुमार ने फूलपुर पेट्रोल पंप के सामने स्थित जनता सोनोग्राफी सेंटर पर अचानक छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान सेंटर पर डॉक्टर मौजूद नहीं मिले, जिससे प्रशासन ने गंभीर नाराजगी जताई।

बताया जा रहा है कि प्रशासन को उक्त सोनोग्राफी सेंटर को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के आधार पर एसडीएम एवं स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। छापेमारी की भनक लगते ही नगर के कई निजी अस्पतालों, पैथोलॉजी और जांच केंद्रों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। कई संचालक अपने प्रतिष्ठानों के दस्तावेज व्यवस्थित करते नजर आए, जबकि कुछ जगहों पर कर्मचारियों में बेचैनी साफ दिखाई दी।

जांच के दौरान टीम ने सेंटर के संचालन से जुड़े दस्तावेज, चिकित्सकीय अनुमति पत्र तथा सोनोग्राफी संबंधी आवश्यक अभिलेखों की मांग की। हालांकि मौके पर डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण टीम को संतोषजनक जवाब नहीं मिल सका। इसके बाद प्रशासन ने संबंधित संचालकों को आवश्यक कागजात के साथ तलब किया है।
उपजिलाधिकारी अशोक कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर कार्रवाई की गई है। छापेमारी के दौरान डॉक्टर मौके पर नहीं मिले, जिससे प्रथम दृष्टया अनियमितता प्रतीत हो रही है। उन्होंने कहा कि सेंटर संचालकों को सोनोग्राफी संचालन से संबंधित सभी दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि जांच में कागजात अधूरे पाए गए या नियमों का उल्लंघन सामने आया तो संबंधित केंद्र के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित जांच केंद्रों और निजी अस्पतालों में खलबली मची हुई है। स्वास्थ्य विभाग अब अन्य केंद्रों की भी जांच की तैयारी में जुट गया है।
खरीद केदो पर नहीं खरीदा जा रहा किसानों का आलू, मानकों के विपरीत कहकर किया जा रहा वापस

, किसान परेशान प्रधानमंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग ,मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रमुख सचिव को भेजा पत्र


फर्रुखाबाद l किसान नेता ने प्रधानमंत्री से बाजार हस्तक्षेप योजना(mis) के तहत आलू खरीदने के नियमों को शिथिल किये जाने व आलू की खरीद कराने की मांग की है l प्रदेश मे आलू की अत्याधिक खराब स्थिति को देखते हुये भारत सरकार ने बाजार हस्तक्षेप योजना के तहत 2200 मैट्रिक टन आलू खरीदने का निर्णय 650.9 रुपया कुंटल की दर से खरीदने का निर्णय किया है इस संबंध में  क्रषि विभाग भारत सरकार के डिप्टी कमिश्नर (mps) विनोद गिरी 011-23070823 द्वारा उत्तर प्रदेश के प्रमुख सचिव उद्यान बी एल मीना को दिये गए है।

इस योजना के तहत आलू मंडी सातनपुर मे उद्यान निदेशक वी पी राम ने 28 अप्रैल 2026 को फीता काटकर राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ (हाफेड) का क्रय केंद्र भी खोल दिया लेकिन अभी तक किसानों का कोई भी आलू नहीं खरीदा जा सका क्योंकी आलू का साइज़ 45 से 85 एम एम व्यास का होने व आलू बिना मिट्टी लगा रोग मुक्त सहित कई कठोर शर्ते लागू होने के कारण किसान आलू नहीं बेंच पा रहे है और मंडी मे औने पौने दामों मे बेचने को मजबूर है आलू खरीदने की कठोर शर्ते अव्यवहारिक व हास्यदापद है ऐसा प्रतीत होता है कि भारत सरकार की आलू खरीद नीति बनाने वाले अधिकारियों को आलू के संबंध मे व्यावहारिक जानकारी भी नहीं है ,आलू की अत्यधिक खराब स्थिति को देखते हुये आलू मंडी सातनपुर से किसान नेता अशोक कटिहार के नेतृत्व मे आलू किसान बचाओ यात्रा निकालकर 8 अप्रैल को राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया और किसानों की समस्या से भी अवगत कराया गया था l

राज्यपाल के हस्तक्षेप के बाद भारत सरकार द्वारा आलू क्रय केंद्र खोल तो दिये गए लेकिन कठोर शर्तों व अभी तक बजट आवंटित न किये जाने के कारण अभी तक आलू की खरीद शुरू नही हो सकी है
यह कि आलू खरीद के नियमों को शिथिल किया जाये केवल 45x85 mm के आलू खरीदने की शर्त को समाप्त किया जाये।

आलू खरीदने के लिये बजट अभी तक आवंटित नही किया गया है शीघ्र बजट आवंटित किया जाये।
आलू का केवल एक प्रतिशत निर्यात किया जाता है जबकि विश्व के 65 देशों मे खाद्यान्न संकट है आलू निर्यात की नीति बनाई जाये ।
आलू खाद्य प्रशंसकरण मे  केवल एक प्रतिशत कुल उत्पादन का उपयोग होता है जबकि आलू से आटा, स्टार्च, कार्बोहाइड्रेट, दवाइया, वोदका(शराब) बनाई जा सकती है रूस, पोलेंड, चीन से तकनीकी मंगाकर आलू आधारित उद्योग लगवाकर खपत 15 से 20 प्रतिशत बढ़ाई जाये। आलू किसानों की समस्याओ पर विचार हेतु संसद व विधान सभा का विशेष सत्र आहूत किया जाये।

उन्होंने कहाकि आलू किसानों के हित मे शीघ्र संसोधित आदेश जारी कराने की मांग की है l साथ ही
कृषि मंत्री भारत सरकार से अशोक कटियार और
मुख्यमंत्री से सुधीर शुक्ला (आलू निर्यातक,मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश शासन को  रिंकू वर्मा (आलू आड़ती संघ,     अंशुल कटियार(अध्यक्ष सरदार पटेल युवा वाहिनी)
   अरविन्द राजपूत,रामलड़ाइते राजपूत,
परशुराम वर्मा,प्रभात कटियार,पवन कटियार,
सुरजीत सिंह,राजीव यादव(लालू)
आकाश कटियार,राजवीर कठेरिया द्वारा मांग की गई है l