जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य समापन, भदैया ने लगातार ग्यारहवीं बार जीता ओवर ऑल खिताब*
सुल्तानपुर,पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में परिषदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता और सांस्कृतिक समारोह का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि डीएफओ अमित सिंह और विशिष्ट अतिथि क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 14 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र के प्रतिभागियों ने दो दिवसीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 197 अंकों के साथ भदैया लगातार ग्यारहवीं बार ओवर ऑल चैंपियन बना, जबकि 137 अंकों के साथ धनपतगंज ने दूसरा और 116 अंकों के साथ जयसिंहपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 100 मीटर जूनियर में कूरेभार के अविनाश, चक्का फेंक जूनियर बालक में भदैया के वीरू, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में विभिन्न वर्गों में उत्साहजनक मुकाबले हुए। जूडो कुश्ती में भदैया और धनपतगंज का दबदबा देखा गया। व्यक्तिगत चैंपियनशिप में प्राथमिक बालक वर्ग में दूबेपुर के जोहिद और बालिका में आर्या यादव कूरेभार विजेता रहे। जूनियर बालक वर्ग में दूबेपुर के योगेश और बालिका वर्ग में कुड़वार की अनुश्री मिश्रा ने शीर्ष स्थान हासिल किया। ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों के बीच दौड़ प्रतियोगिता में लंभुआ के पंकज सिंह प्रथम रहे, जबकि खेल अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की दौड़ में भदैया के उमेश यादव ने पहला स्थान हासिल किया। संचालन अनिल यादव और बबिता सिंह ने किया। जिला व्यायाम शिक्षक राहुल तिवारी ने बताया कि विजेता खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कराई जाएंगी। समारोह में जिला स्काउट मास्टर धर्मेंद्र सिंह, जिला गाइड कैप्टन ज्योति सिंह,ब्लॉक व्यायाम शिक्षक और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान* :*प्राचार्य*/*उप शिक्षा निदेशक*
संजीव सिंह बलिया!निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
डॉ. अनामिका यादव द्वारा आयोजित ग्राम चौपाल में जनसमस्याओं की गूंज — सोतीपुरा में 63, रतनपुर में 78 शिकायतें
संभल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन की प्रेरणा के साथ जनपद संभल के विकासखण्ड बनियाखेड़ा के ग्राम सोतीपुरा एवं रतनपुर में भव्य ग्राम चौपाल एवं समस्या निराकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनीं।

डॉ. अनामिका यादव जी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं से वंचित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

ग्राम सोतीपुरा में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 63 जनसमस्याएँ दर्ज की गईं। इनमें प्रमुख रूप से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा व्यवस्था, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, नाली-खड़ंजा, जल निकासी, पशुपालन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं।

वहीं ग्राम रतनपुर में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 78 जनसमस्याएँ सामने आईं। ग्रामीणों ने पेंशन योजनाओं में देरी, किसान सम्मान निधि की किस्त न आने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आवास योजना, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समाधान की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत स्तर पर प्रस्तुत की जाए।

डॉ. अनामिका यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएँ — पेंशन, किसान सम्मान निधि, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ — हर पात्र नागरिक तक पहुँचना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर ऐसे ग्रामवासियों, जिनके अभी तक मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हैं, उनसे S.I.R. फॉर्म भरकर वोट बनवाने की अपील की गई, ताकि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें और लोकतंत्र को मजबूत बना सकें।

कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि स्थायी, प्रभावी और जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्राम चौपालों में सभी विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का निस्तारण हो सके।
बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने प्रेसवार्ता में चार साल के विकास कार्यो की जानकारी दी।

आपके सहयोग की है जरूरत. विकास की रफ्तार और तेज होगी-डॉ.वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र अंतर्गत बारा विधानसभा से विधायक डॉ.वाचस्पति ने बुधवार को अपने विधान सभा क्षेत्र के गौहनिया में आयोजित जन्मोत्सव सम्मान समारोह एवं प्रेसवार्ता के दौरान आगामी चुनावों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।इस अवसर पर उन्होंने न केवल आने वाले चुनाव को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट की बल्कि अपने अब तक के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की।

प्रेसवार्ता के दौरान विधायक डॉ.वाचस्पति ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में बारा विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि सड़क बिजली पेयजल स्वास्थ्य और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य कराए गए हैं, जिनका लाभ सीधे आम जनता को मिला है।डॉ. वाचस्पति ने बताया कि विधायक निधि के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में कुल दो सौ पचास मार्गों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कराया गया।इसके अतिरिक्त पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत बासठ मार्गों पर निर्माण कार्य संपन्न कराया गया।त्वरित योजना के माध्यम से सात मार्गों का निर्माण कराया गया, जबकि राज्यांश योजना के तहत चार मार्गो पर कार्य कराए गए।उन्होंने आगे बताया कि नगर पंचायत के परियोजना प्रबन्धक के माध्यम से नौ मार्गों का निर्माण कराया गया।वही वर्ष दो हजार बाईस से लेकर दो हजार छब्बीस तक चलाए गए विशेष मरम्मत एवं गड्ढा-मुक्त अभियान के अन्तर्गत तीन सौ पचानवे मार्गो की मरम्मत कर उन्हें गड्ढा-मुक्त किया गया। इसके अलावा मंडी समिति के माध्यम से भी दस मार्गो का निर्माण कराया गया है।

प्रेसवार्ता में विधायक ने बताया कि क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर एक सौ नौ सोलर लाइटें स्थापित की गईं।साथ ही प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरानवे हाई मास्ट लाइटें लगाई गई जिससे रात्रिकालीन आवागमन में लोगों को सुविधा मिली।जन सुविधाओ की चर्चा करते हुए उन्होने बताया कि आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में सत्तावन वाटर कूलर स्थापित कराए गए है जिससे राहगीरों, मरीजों और आम नागरिकों को राहत मिली है। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यो पर प्रकाश डालते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि गम्भीर बीमारी से पीड़ित एवं आर्थिक रूप से कमजोर तीन सौ उनहत्तर व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।इस मद में कुल सात करोड़ चौदह लाख निन्यानवे हजार पाँच सौ बासठ रुपये की धनराशि संबंधित जरूरतमन्दो को उपलब्ध कराई गई।प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की सेवा को अपना धर्म समझा है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले चुनाव में यदि जनता चाहेगी और पुनःएक बार सेवा करने का अवसर देगी तो वे पहले से भी अधिक ऊर्जा प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ बारा विधानसभा के विकास के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास जनता पर है और जनता ही उनका भविष्य तय करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कराए गए विकास कार्य स्वयं उनकी कार्यशैली का प्रमाण हैं और आगे भी विकास की यह श्रृंखला लगातार जारी रहेगी।उक्त बातें विधायक डॉ वाचस्पति ने समाजसेवी अर्पित जायसवाल के द्वारा आयोजित उनके भांजे के जन्मोत्सव एवं सम्मान समारोह में प्रेसवार्ता के माध्यम से कही मौके पर विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद श्यामू मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी नितेश निषाद भाई लाल जायसवाल अमन पांडेय सुनील जायसवाल, इंद्रजीत पासी स्थानीय लोग एवं मीडिया के दर्जनों प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नाबालिग के साथ रेप के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार,घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम


आरोपी को छुड़ाने गये 4 अभी भी फरार

गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाने की पुलिस ने दूसरे समुदाय की एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है,वहीं इस मामले में चार अन्य आरोपी क्रमशः अकबर अली,अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज की तलाश जारी है,जिन्होंने आरोपी को छुड़ाने के लिए पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मारपीट किया था।घटना कटरा बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 फरवरी की रात लगभग 11 बजे हुई थी।

पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी लड़की घर में अकेली थी,जबकि परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदारी में गये हुए थे।इसी दौरान मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन ने घर का दरवाजा खटखटाया और बेटी ने अपने पिता को समझकर दरवाजा खोल दिया कि तभी आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन घर में घुस गया और नाबालिग लड़की को जमीन पर पटक कर उसके कपड़े फाड़ दिए,उसने लड़की के साथ अश्लील हरकत किया और दुष्कर्म का प्रयास किया।लड़की के चिल्लाने पर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के सदस्य अकबर अली, अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज असलहा लेकर मौके पर पहुंचे।उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट भी किया और मोहम्मद गोलू को छुड़ाने का प्रयास किया।इस दौरान पूरे मुहल्ले के लोग इकट्ठा हो गये।कटरा बाजार पुलिस ने बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।

कटरा बाजार थाने के थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है।फरार चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी कटरा बाजार थाने की पुलिस जांच कर रही है।
उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
एचएसआरपी लगाए बिना दो ट्रक ओवरलोड खनन सामग्री ढोते हुए सीज, 2 ट्रक टैक्स बकाया में सीज


फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर बुधवार को एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ बघार क्षेत्र में खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों के विरूद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान बिना एचएसआरपी लगाये खनन सामग्री ढोते हुये 2 ओवरलोड ट्रक पकड़ेे गए,इन पर परिवहन विभाग द्वारा 74 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया तथा खनन विभाग द्वारा 48 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। जाँच के दौरान पाया गया कि खनन विभाग के पोर्टल पर इनका पंजीकरण नहीं था इसलिये इन वाहनों की वी.टी.एस. के माध्यम से ऑनलाइन निगरानी सम्भव नहीं थी। आज की कार्यवाही में परिवहन विभाग द्वारा 2 ट्रक टैक्स बकाया में सीज किये गये और एक बिना परमिट के ट्रक को सीज किया गया। बुधवार को परिवहन विभाग द्वारा  2.18 लाख रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 48 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया l यह अभियान जारी रहेगा।
50 दिन धरना प्रदर्शन के बाद भी, नहीं हो रही सुनवाई

फर्रुखाबाद l जनपद में अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। पिछले 50 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण जिले की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। एक बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय पर धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रमुख सेवाएं बाधित
आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य अभियानों पर पड़ा है। वर्तमान में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं:

* टीकाकरण: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण रुक गया है।

* स्वास्थ्य अभियान: रूबेला टीकाकरण जैसे विशेष अभियान बाधित हैं।

* सरकारी योजनाएं: आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में भारी रुकावट आई है।

* जांच: गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच का काम भी प्रभावित है।

मुख्य मांगें?
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह हड़ताल 15 दिसंबर से शुरू की गई थी। कार्यकर्ताओं की मुख्य शिकायतें और मांगें इस प्रकार हैं:
* 14 सूत्रीय मांग पत्र: प्रदेश स्तर पर लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए।

* बकाया भुगतान: स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं का लाखों रुपया मानदेय और प्रोत्साहन राशि के रूप में बकाया है।

* सुनवाई का अभाव: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 50 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन या शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

आंदोलन को मिला बाहरी समर्थन
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। विशेष बात यह है कि आशाओं के इस आंदोलन को अब किसान यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
रामगढ़ में 08 फरवरी को इतिहास रचेगा ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव 2026’, 101 जोड़ों का होगा भव्य विवाह

रामगढ़ की पावन धरती, जो कभी रामगढ़ राजघराने का केंद्र रही और जिसने 1857 के विद्रोह से लेकर ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन तक स्वतंत्रता संग्राम को नई धार दी, अब एक ऐतिहासिक सामाजिक कीर्तिमान की साक्षी बनने जा रही है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में आगामी 08 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव 2026’ 101 जोड़ों के जीवन में नई शुरुआत का उजाला लेकर आएगा और समाज के सामने सेवा व समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

इस अनूठी सेवा पहल की शुरुआत 14 दिसंबर 2023 को हुई थी, जब हजारीबाग सदर विधायक रहते हुए मनीष जायसवाल ने अपने जुड़वा भाइयों के विवाह की रजत जयंती पर 25 बेटियों के हाथ पीले कराए थे। उस आयोजन की सफलता ने इस अभियान को व्यापक रूप दिया और वर्ष 2025 में हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड में 101 जोड़ों का विराट सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जहाँ विदाई के समय बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी सहित गृहस्थी के कई उपयोगी उपहार दिए गए। इस वर्ष इस पुनीत कार्य का विस्तार करते हुए आयोजन को रामगढ़ की ऐतिहासिक भूमि पर करने का निर्णय लिया गया है।

08 फरवरी को सुबह 09:00 बजे फुटबॉल ग्राउंड, रामगढ़ छावनी परिषद से 101 गाड़ियों में सजे दूल्हों की भव्य महा-बारात निकलेगी। बारात की अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल और प्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी ‘मृदुल’ करेंगे। गाजे-बाजे, ढोल-ताशे और पारंपरिक नृत्य-संगीत के साथ यह बारात सुभाष चौक और झंडा चौक होते हुए सिद्धू-कान्हु मैदान पहुँचेगी, जहाँ हजारों लोगों की मौजूदगी में उत्सव का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा।

सिद्धू-कान्हु मैदान में 101 आकर्षक विवाह मंडप तैयार किए जा रहे हैं। सुबह 10:00 बजे से विवाह की रस्में शुरू होंगी, जिन्हें देश-दुनिया में विख्यात राघवेंद्र कुमार गौतम उर्फ़ राघव पंडित और उनकी टीम, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सैकड़ों पंडितों के साथ ‘म्यूजिकल फेरे’ एवं मंगलाचरण के बीच संपन्न कराएंगे। सांसद जायसवाल ने नवदंपत्तियों की गृहस्थी बसाने के लिए उपहार स्वरूप टोटो (ई-रिक्शा) सहित करीब 37 प्रकार के आवश्यक सामान देने का संकल्प लिया है। चयनित जोड़ों में 4 दिव्यांग और कई अनाथ जोड़े शामिल हैं, जिनके लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं है।

आयोजन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। रामगढ़ के ब्रह्मर्षि धर्मशाला और हजारीबाग के पैराडाइज रिसॉर्ट में भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में हल्दी, मेहंदी और संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र में निमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे हैं और लाखों लोगों के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने की उम्मीद है। दूल्हों के लिए कोर्ट-पैंट और दुल्हनों के लिए आकर्षक लहंगे तैयार करने में स्थानीय कलाकार युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।

सांसद मनीष जायसवाल ने भावुक होकर कहा कि बेटियां समाज पर बोझ नहीं, बल्कि सम्मान हैं। एक सक्षम समाज वही है जो जरूरतमंद पिताओं का सहारा बने और बेटियों के विवाह में सहयोग करे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस “महा-यज्ञ” में शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने की अपील की है।

आयोजन को सफल बनाने के लिए सांसद स्वयं निमंत्रण पत्र वितरण कर रहे हैं, जबकि उनके अनुज निशांत जायसवाल और सुपुत्र करण जायसवाल रामगढ़ में कैंप कर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। सांसद की धर्मपत्नी निशा जायसवाल दुल्हनों के परिधान और उपहार सामग्री जुटाने में सक्रिय हैं। सांसद प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और शुभचिंतक भी दिन-रात जुटे हुए हैं, जिससे यह आयोजन भव्य और ऐतिहासिक बन सके।

खुशियों की शहनाई और मांगलिक गीतों के बीच रस्मों का दौर शुरू हो चुका है। रामगढ़ और हजारीबाग में आयोजित हल्दी और मेहंदी समारोह में जब कन्याओं के हाथों में शगुन की मेहंदी सजी, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। यह आयोजन राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाओं का महापर्व बनकर रामगढ़ की मिट्टी में सेवा और समर्पण की नई सुगंध घोलने को तैयार है।

गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जनपदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता का भव्य समापन, भदैया ने लगातार ग्यारहवीं बार जीता ओवर ऑल खिताब*
सुल्तानपुर,पंत स्पोर्ट्स स्टेडियम में परिषदीय बाल क्रीड़ा प्रतियोगिता और सांस्कृतिक समारोह का भव्य समापन हुआ। मुख्य अतिथि डीएफओ अमित सिंह और विशिष्ट अतिथि क्रीड़ा अधिकारी राजेश कुमार सोनकर ने कार्यक्रम की समाप्ति की घोषणा की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी उपेन्द्र गुप्ता ने बताया कि 14 ब्लॉकों और नगर क्षेत्र के प्रतिभागियों ने दो दिवसीय प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया। 197 अंकों के साथ भदैया लगातार ग्यारहवीं बार ओवर ऑल चैंपियन बना, जबकि 137 अंकों के साथ धनपतगंज ने दूसरा और 116 अंकों के साथ जयसिंहपुर ने तीसरा स्थान हासिल किया। 100 मीटर जूनियर में कूरेभार के अविनाश, चक्का फेंक जूनियर बालक में भदैया के वीरू, टेबल टेनिस और बैडमिंटन में विभिन्न वर्गों में उत्साहजनक मुकाबले हुए। जूडो कुश्ती में भदैया और धनपतगंज का दबदबा देखा गया। व्यक्तिगत चैंपियनशिप में प्राथमिक बालक वर्ग में दूबेपुर के जोहिद और बालिका में आर्या यादव कूरेभार विजेता रहे। जूनियर बालक वर्ग में दूबेपुर के योगेश और बालिका वर्ग में कुड़वार की अनुश्री मिश्रा ने शीर्ष स्थान हासिल किया। ब्लॉक व्यायाम शिक्षकों के बीच दौड़ प्रतियोगिता में लंभुआ के पंकज सिंह प्रथम रहे, जबकि खेल अनुदेशकों और शिक्षा मित्रों की दौड़ में भदैया के उमेश यादव ने पहला स्थान हासिल किया। संचालन अनिल यादव और बबिता सिंह ने किया। जिला व्यायाम शिक्षक राहुल तिवारी ने बताया कि विजेता खिलाड़ी मंडलीय प्रतियोगिता में भाग लेंगे और सभी आवश्यक तैयारियां पूर्ण कराई जाएंगी। समारोह में जिला स्काउट मास्टर धर्मेंद्र सिंह, जिला गाइड कैप्टन ज्योति सिंह,ब्लॉक व्यायाम शिक्षक और अन्य विभागीय कर्मचारी मौजूद रहे।
जिम्मेदार नागरिक बनाने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण स्थान रखता है सामाजिक विज्ञान* :*प्राचार्य*/*उप शिक्षा निदेशक*
संजीव सिंह बलिया!निदेशक राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देश के क्रम में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर आयोजित सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का समापन हुआ ।विदित है कि कुल 600 शिक्षकों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण वर्तमान में संचालित है जिसमें प्रत्येक बैच में 50-50 की संख्या में विभिन्न शिक्षा क्षेत्र के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सामाजिक विषय का अध्यापन करने वाले शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। द्वितीय बैच के प्रशिक्षण में नवानगर, मनियर ,दुबहर, मुरली छपरा ,गडवार एवं चिलकहर के शिक्षकों द्वारा प्रतिभाग किया गया जिसमें शिक्षकों ने बढ़ चढ़कर अपनी प्रतिभागीता सुनिश्चित की। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पर शिक्षक प्रशिक्षण प्रभारी डॉ मृत्युंजय सिंह द्वारा इतिहास शिक्षण के ऐतिहासिक अवधारणाओं की समझ के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात पर चर्चा करते हुए बताया गया कि सभी शिक्षकों को बच्चों तक प्रशिक्षण में सीखी हुई बारीकियां को पहुंचाना होगा तभी इस प्रशिक्षण का महत्व सिद्ध हो सकेगा। सामाजिक विज्ञान शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी राम प्रकाश द्वारा भूगोल शिक्षण के अंतर्गत भौगोलिक समझ विकसित करने के लिए सक्रिय शिक्षण अधिगम परिवेश के सृजन की बात की गई जबकि डॉ जितेंद्र गुप्ता द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 तथा राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा स्कूली शिक्षा 2023 के परिप्रेक्ष्य में अपने विचार प्रस्तुत किए गए। प्रवक्ता जानू राम द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा एवं सामाजिक विषय पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला गया वहीं डॉक्टर अशफाक द्वारा सामाजिक विज्ञान की प्रयोगशाला के संबंध में प्रस्तुतीकरण किया गया। मनोविज्ञान विषय के प्रवक्ता देवेंद्र कुमार सिंह द्वारा उच्च प्राथमिक स्तर पर सामाजिक विषयों के माध्यम से व्यावसायिक कौशलों के विकास पर प्रस्तुतीकरण किया गया जबकि रवि रंजन खरे द्वारा सामाजिक विज्ञान में आकलन पद्धति के बारे में विस्तृत चर्चा की गई। समापन कार्यक्रम के अवसर पर प्रशिक्षण प्रभारी प्रवक्ता राम प्रकाश द्वारा सामाजिक विज्ञान शिक्षण के उद्देश्यों पर चर्चा करते हुए विद्यालय स्तर पर इसके उद्देश्य को पूरी तरह लागू किए जाने हेतु विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई और बताया गया कि जब बालक पहली बार स्कूल में प्रवेश करता है और यह प्रयास करता है कि उसका सामाजिक अनुकूलन हो सके जिसमें सामाजिक विषय का सर्वाधिक महत्व है। उपस्थित प्रतिभागियों द्वारा यह मंथन किया गया कि इस प्रकार का प्रशिक्षण चुनौतियों से निपटने तथा अपनी जड़ों को समझने और भविष्य के लिए सूचित निर्णय लेने के लिए आवश्यक उपकरण और दृष्टिकोण का काम करेगा जिसमें समाज को समझने के साथ-साथ जिम्मेदार नागरिक बनने एवं समस्या समाधान समाहित है। सामाजिक विज्ञान प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षकों के माध्यम से बच्चों के अंदर जागरूकता को उत्पन्न करने के साथ-साथ विभिन्न संस्कृतियों के बारे में जानकारी प्रदान करना तथा विश्व बंधुत्व एवं अंतर्राष्ट्रीय समझ को बढ़ावा दिया जाना भी है साथ ही साथ बालक के व्यक्तिगत विकास जिसमें सामाजिक चरित्र और नैतिक विकास भी शामिल है जिससे उनके आत्मविश्वास और समायोजन की क्षमता में वृद्धि होती है का भी विकास किया जाना अपेक्षित है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया के प्राचार्य उप शिक्षा निदेशक मनीष कुमार सिंह द्वारा संदेश दिया गया कि सामाजिक विषय के माध्यम से हमें अतीत की घटनाओं और उनके वर्तमान पर पड़ने वाले प्रभाव को समझने में मदद मिलती है जिससे हम अपनी संस्कृति और पहचान को बेहतर तरीके से जान पाते हैं। सामाजिक विज्ञान के अंतर्गत राजनीति,अर्थशास्त्र, स्वास्थ्य शिक्षा और कानून जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान देने में भी मदद मिलती है।
डॉ. अनामिका यादव द्वारा आयोजित ग्राम चौपाल में जनसमस्याओं की गूंज — सोतीपुरा में 63, रतनपुर में 78 शिकायतें
संभल । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास” के संकल्प एवं मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के सुशासन की प्रेरणा के साथ जनपद संभल के विकासखण्ड बनियाखेड़ा के ग्राम सोतीपुरा एवं रतनपुर में भव्य ग्राम चौपाल एवं समस्या निराकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए माननीय जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. अनामिका यादव जी ने ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया और एक-एक कर उनकी समस्याएँ सुनीं।

डॉ. अनामिका यादव जी ने मौके पर ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर शिकायत का निस्तारण समयबद्ध, पारदर्शी और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए तथा किसी भी पात्र लाभार्थी को योजनाओं से वंचित न रखा जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम चौपाल केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि जनता की आवाज़ को सीधे प्रशासन तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम है।

ग्राम सोतीपुरा में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 63 जनसमस्याएँ दर्ज की गईं। इनमें प्रमुख रूप से वृद्धावस्था पेंशन, विधवा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वास्थ्य सेवाएँ, शिक्षा व्यवस्था, सड़क निर्माण, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, शौचालय, नाली-खड़ंजा, जल निकासी, पशुपालन, कृषि विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस, समाज कल्याण विभाग एवं अन्य विभागों से संबंधित शिकायतें शामिल रहीं।

वहीं ग्राम रतनपुर में आयोजित चौपाल के दौरान कुल 78 जनसमस्याएँ सामने आईं। ग्रामीणों ने पेंशन योजनाओं में देरी, किसान सम्मान निधि की किस्त न आने, राशन कार्ड में नाम जुड़वाने, आवास योजना, बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य सेवाओं और कृषि से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। डॉ. अनामिका यादव जी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि हर शिकायत की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और समाधान की प्रगति रिपोर्ट जिला पंचायत स्तर पर प्रस्तुत की जाए।

डॉ. अनामिका यादव जी ने अपने संबोधन में कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार की सभी जनकल्याणकारी योजनाएँ — पेंशन, किसान सम्मान निधि, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक सुरक्षा योजनाएँ — हर पात्र नागरिक तक पहुँचना प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इस अवसर पर ऐसे ग्रामवासियों, जिनके अभी तक मतदाता सूची में नाम दर्ज नहीं हैं, उनसे S.I.R. फॉर्म भरकर वोट बनवाने की अपील की गई, ताकि वे अपने लोकतांत्रिक अधिकार का प्रयोग कर सकें और लोकतंत्र को मजबूत बना सकें।

कार्यक्रम के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष ने दोहराया कि उनका उद्देश्य केवल समस्याएँ सुनना नहीं, बल्कि स्थायी, प्रभावी और जमीनी स्तर पर समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि आगामी ग्राम चौपालों में सभी विभागों की अनिवार्य उपस्थिति सुनिश्चित की जाए, ताकि मौके पर ही अधिकतम समस्याओं का निस्तारण हो सके।
बारा विधायक डॉ.वाचस्पति ने प्रेसवार्ता में चार साल के विकास कार्यो की जानकारी दी।

आपके सहयोग की है जरूरत. विकास की रफ्तार और तेज होगी-डॉ.वाचस्पति।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र अंतर्गत बारा विधानसभा से विधायक डॉ.वाचस्पति ने बुधवार को अपने विधान सभा क्षेत्र के गौहनिया में आयोजित जन्मोत्सव सम्मान समारोह एवं प्रेसवार्ता के दौरान आगामी चुनावों को लेकर खुलकर अपनी बात रखी।इस अवसर पर उन्होंने न केवल आने वाले चुनाव को लेकर अपनी मंशा स्पष्ट की बल्कि अपने अब तक के कार्यकाल में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत जानकारी भी मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की।

प्रेसवार्ता के दौरान विधायक डॉ.वाचस्पति ने कहा कि उन्होंने अपने पूरे कार्यकाल में बारा विधानसभा क्षेत्र के समग्र विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि सड़क बिजली पेयजल स्वास्थ्य और जनसुविधाओं के क्षेत्र में लगातार कार्य कराए गए हैं, जिनका लाभ सीधे आम जनता को मिला है।डॉ. वाचस्पति ने बताया कि विधायक निधि के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र में कुल दो सौ पचास मार्गों का निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण कराया गया।इसके अतिरिक्त पूर्वांचल विकास निधि के अन्तर्गत बासठ मार्गों पर निर्माण कार्य संपन्न कराया गया।त्वरित योजना के माध्यम से सात मार्गों का निर्माण कराया गया, जबकि राज्यांश योजना के तहत चार मार्गो पर कार्य कराए गए।उन्होंने आगे बताया कि नगर पंचायत के परियोजना प्रबन्धक के माध्यम से नौ मार्गों का निर्माण कराया गया।वही वर्ष दो हजार बाईस से लेकर दो हजार छब्बीस तक चलाए गए विशेष मरम्मत एवं गड्ढा-मुक्त अभियान के अन्तर्गत तीन सौ पचानवे मार्गो की मरम्मत कर उन्हें गड्ढा-मुक्त किया गया। इसके अलावा मंडी समिति के माध्यम से भी दस मार्गो का निर्माण कराया गया है।

प्रेसवार्ता में विधायक ने बताया कि क्षेत्र में प्रकाश व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से विभिन्न स्थानों पर एक सौ नौ सोलर लाइटें स्थापित की गईं।साथ ही प्रमुख चौराहों एवं सार्वजनिक स्थलों पर तिरानवे हाई मास्ट लाइटें लगाई गई जिससे रात्रिकालीन आवागमन में लोगों को सुविधा मिली।जन सुविधाओ की चर्चा करते हुए उन्होने बताया कि आम जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से क्षेत्र में सत्तावन वाटर कूलर स्थापित कराए गए है जिससे राहगीरों, मरीजों और आम नागरिकों को राहत मिली है। स्वास्थ्य एवं सामाजिक सरोकार से जुड़े कार्यो पर प्रकाश डालते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने कहा कि गम्भीर बीमारी से पीड़ित एवं आर्थिक रूप से कमजोर तीन सौ उनहत्तर व्यक्तियों को आर्थिक सहायता प्रदान की गई।इस मद में कुल सात करोड़ चौदह लाख निन्यानवे हजार पाँच सौ बासठ रुपये की धनराशि संबंधित जरूरतमन्दो को उपलब्ध कराई गई।प्रेसवार्ता के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए विधायक डॉ. वाचस्पति ने यह भी कहा कि उन्होंने हमेशा जनता की सेवा को अपना धर्म समझा है।उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले चुनाव में यदि जनता चाहेगी और पुनःएक बार सेवा करने का अवसर देगी तो वे पहले से भी अधिक ऊर्जा प्रतिबद्धता और ईमानदारी के साथ बारा विधानसभा के विकास के लिए कार्य करेंगे। उन्होंने कहा कि उनका विश्वास जनता पर है और जनता ही उनका भविष्य तय करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अब तक कराए गए विकास कार्य स्वयं उनकी कार्यशैली का प्रमाण हैं और आगे भी विकास की यह श्रृंखला लगातार जारी रहेगी।उक्त बातें विधायक डॉ वाचस्पति ने समाजसेवी अर्पित जायसवाल के द्वारा आयोजित उनके भांजे के जन्मोत्सव एवं सम्मान समारोह में प्रेसवार्ता के माध्यम से कही मौके पर विधायक प्रतिनिधि विजय कुमार निषाद श्यामू मीडिया प्रभारी नीरज केसरवानी नितेश निषाद भाई लाल जायसवाल अमन पांडेय सुनील जायसवाल, इंद्रजीत पासी स्थानीय लोग एवं मीडिया के दर्जनों प्रतिनिधि मौजूद रहे।

नाबालिग के साथ रेप के प्रयास का आरोपी गिरफ्तार,घर में घुसकर वारदात को दिया था अंजाम


आरोपी को छुड़ाने गये 4 अभी भी फरार

गोंडा।जिले के कटरा बाजार थाने की पुलिस ने दूसरे समुदाय की एक नाबालिग किशोरी के साथ दुष्कर्म के प्रयास के आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।आरोपी के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत कार्रवाई की गई है,वहीं इस मामले में चार अन्य आरोपी क्रमशः अकबर अली,अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज की तलाश जारी है,जिन्होंने आरोपी को छुड़ाने के लिए पीड़ित परिवार के घर में घुसकर मारपीट किया था।घटना कटरा बाजार थाना क्षेत्र के एक गांव में 2 फरवरी की रात लगभग 11 बजे हुई थी।

पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी लड़की घर में अकेली थी,जबकि परिवार के अन्य सदस्य रिश्तेदारी में गये हुए थे।इसी दौरान मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन ने घर का दरवाजा खटखटाया और बेटी ने अपने पिता को समझकर दरवाजा खोल दिया कि तभी आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन घर में घुस गया और नाबालिग लड़की को जमीन पर पटक कर उसके कपड़े फाड़ दिए,उसने लड़की के साथ अश्लील हरकत किया और दुष्कर्म का प्रयास किया।लड़की के चिल्लाने पर पड़ोस के लोग मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़ लिया।आरोपी के पकड़े जाने के बाद उसके परिवार के सदस्य अकबर अली, अब्बास अली, शब्बीर अली व मेराज असलहा लेकर मौके पर पहुंचे।उन्होंने पीड़िता के साथ मारपीट भी किया और मोहम्मद गोलू को छुड़ाने का प्रयास किया।इस दौरान पूरे मुहल्ले के लोग इकट्ठा हो गये।कटरा बाजार पुलिस ने बालिका का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।

कटरा बाजार थाने के थानाध्यक्ष विवेक त्रिवेदी ने बताया कि मुख्य आरोपी मोहम्मद गोलू उर्फ़ सद्दाम हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।घटना में शामिल चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं और पुलिस गहनता से मामले की जांच कर रही है।फरार चार अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर भी कटरा बाजार थाने की पुलिस जांच कर रही है।
उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
एचएसआरपी लगाए बिना दो ट्रक ओवरलोड खनन सामग्री ढोते हुए सीज, 2 ट्रक टैक्स बकाया में सीज


फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर बुधवार को एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत एवं खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ बघार क्षेत्र में खनन सामग्री ढोने वाले वाहनों के विरूद्ध सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान बिना एचएसआरपी लगाये खनन सामग्री ढोते हुये 2 ओवरलोड ट्रक पकड़ेे गए,इन पर परिवहन विभाग द्वारा 74 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया तथा खनन विभाग द्वारा 48 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया। जाँच के दौरान पाया गया कि खनन विभाग के पोर्टल पर इनका पंजीकरण नहीं था इसलिये इन वाहनों की वी.टी.एस. के माध्यम से ऑनलाइन निगरानी सम्भव नहीं थी। आज की कार्यवाही में परिवहन विभाग द्वारा 2 ट्रक टैक्स बकाया में सीज किये गये और एक बिना परमिट के ट्रक को सीज किया गया। बुधवार को परिवहन विभाग द्वारा  2.18 लाख रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 48 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया l यह अभियान जारी रहेगा।
50 दिन धरना प्रदर्शन के बाद भी, नहीं हो रही सुनवाई

फर्रुखाबाद l जनपद में अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर आशा कार्यकर्ताओं का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। पिछले 50 दिनों से जारी इस हड़ताल के कारण जिले की बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से ठप पड़ गई हैं। एक बड़ी संख्या में आशा कार्यकर्ताओं ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी  कार्यालय पर धरना देकर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रमुख सेवाएं बाधित
आशा कार्यकर्ताओं के कार्य बहिष्कार का सीधा असर ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के स्वास्थ्य अभियानों पर पड़ा है। वर्तमान में निम्नलिखित महत्वपूर्ण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं:

* टीकाकरण: गर्भवती महिलाओं और बच्चों का नियमित टीकाकरण रुक गया है।

* स्वास्थ्य अभियान: रूबेला टीकाकरण जैसे विशेष अभियान बाधित हैं।

* सरकारी योजनाएं: आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में भारी रुकावट आई है।

* जांच: गर्भवती महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच का काम भी प्रभावित है।

मुख्य मांगें?
प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर यह हड़ताल 15 दिसंबर से शुरू की गई थी। कार्यकर्ताओं की मुख्य शिकायतें और मांगें इस प्रकार हैं:
* 14 सूत्रीय मांग पत्र: प्रदेश स्तर पर लंबित मांगों को जल्द पूरा किया जाए।

* बकाया भुगतान: स्थानीय स्तर पर आशा कार्यकर्ताओं का लाखों रुपया मानदेय और प्रोत्साहन राशि के रूप में बकाया है।

* सुनवाई का अभाव: प्रदर्शनकारियों का कहना है कि 50 दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन या शासन की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है।

आंदोलन को मिला बाहरी समर्थन
धरना प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं जिलाध्यक्ष मिथिलेश सोलंकी और सचिव सपना कटियार ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं और लंबित भुगतान नहीं किया जाता, तब तक यह हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। विशेष बात यह है कि आशाओं के इस आंदोलन को अब किसान यूनियन ने भी अपना पूर्ण समर्थन दे दिया है, जिससे प्रशासन पर दबाव बढ़ता दिख रहा है।
रामगढ़ में 08 फरवरी को इतिहास रचेगा ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव 2026’, 101 जोड़ों का होगा भव्य विवाह

रामगढ़ की पावन धरती, जो कभी रामगढ़ राजघराने का केंद्र रही और जिसने 1857 के विद्रोह से लेकर ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन तक स्वतंत्रता संग्राम को नई धार दी, अब एक ऐतिहासिक सामाजिक कीर्तिमान की साक्षी बनने जा रही है। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के नेतृत्व में आगामी 08 फरवरी 2026 को आयोजित होने वाला ‘सांसद सामूहिक विवाह उत्सव 2026’ 101 जोड़ों के जीवन में नई शुरुआत का उजाला लेकर आएगा और समाज के सामने सेवा व समर्पण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करेगा।

इस अनूठी सेवा पहल की शुरुआत 14 दिसंबर 2023 को हुई थी, जब हजारीबाग सदर विधायक रहते हुए मनीष जायसवाल ने अपने जुड़वा भाइयों के विवाह की रजत जयंती पर 25 बेटियों के हाथ पीले कराए थे। उस आयोजन की सफलता ने इस अभियान को व्यापक रूप दिया और वर्ष 2025 में हजारीबाग के कर्जन ग्राउंड में 101 जोड़ों का विराट सामूहिक विवाह संपन्न हुआ, जहाँ विदाई के समय बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी सहित गृहस्थी के कई उपयोगी उपहार दिए गए। इस वर्ष इस पुनीत कार्य का विस्तार करते हुए आयोजन को रामगढ़ की ऐतिहासिक भूमि पर करने का निर्णय लिया गया है।

08 फरवरी को सुबह 09:00 बजे फुटबॉल ग्राउंड, रामगढ़ छावनी परिषद से 101 गाड़ियों में सजे दूल्हों की भव्य महा-बारात निकलेगी। बारात की अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल और प्रसिद्ध गायक व सांसद मनोज तिवारी ‘मृदुल’ करेंगे। गाजे-बाजे, ढोल-ताशे और पारंपरिक नृत्य-संगीत के साथ यह बारात सुभाष चौक और झंडा चौक होते हुए सिद्धू-कान्हु मैदान पहुँचेगी, जहाँ हजारों लोगों की मौजूदगी में उत्सव का अलौकिक दृश्य देखने को मिलेगा।

सिद्धू-कान्हु मैदान में 101 आकर्षक विवाह मंडप तैयार किए जा रहे हैं। सुबह 10:00 बजे से विवाह की रस्में शुरू होंगी, जिन्हें देश-दुनिया में विख्यात राघवेंद्र कुमार गौतम उर्फ़ राघव पंडित और उनकी टीम, हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सैकड़ों पंडितों के साथ ‘म्यूजिकल फेरे’ एवं मंगलाचरण के बीच संपन्न कराएंगे। सांसद जायसवाल ने नवदंपत्तियों की गृहस्थी बसाने के लिए उपहार स्वरूप टोटो (ई-रिक्शा) सहित करीब 37 प्रकार के आवश्यक सामान देने का संकल्प लिया है। चयनित जोड़ों में 4 दिव्यांग और कई अनाथ जोड़े शामिल हैं, जिनके लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं है।

आयोजन की तैयारियां पूरे शबाब पर हैं। रामगढ़ के ब्रह्मर्षि धर्मशाला और हजारीबाग के पैराडाइज रिसॉर्ट में भाजपा महिला मोर्चा के नेतृत्व में हल्दी, मेहंदी और संगीत के कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। पूरे लोकसभा क्षेत्र में निमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे हैं और लाखों लोगों के इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनने की उम्मीद है। दूल्हों के लिए कोर्ट-पैंट और दुल्हनों के लिए आकर्षक लहंगे तैयार करने में स्थानीय कलाकार युद्धस्तर पर जुटे हुए हैं।

सांसद मनीष जायसवाल ने भावुक होकर कहा कि बेटियां समाज पर बोझ नहीं, बल्कि सम्मान हैं। एक सक्षम समाज वही है जो जरूरतमंद पिताओं का सहारा बने और बेटियों के विवाह में सहयोग करे। उन्होंने क्षेत्रवासियों से इस “महा-यज्ञ” में शामिल होकर नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देने की अपील की है।

आयोजन को सफल बनाने के लिए सांसद स्वयं निमंत्रण पत्र वितरण कर रहे हैं, जबकि उनके अनुज निशांत जायसवाल और सुपुत्र करण जायसवाल रामगढ़ में कैंप कर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। सांसद की धर्मपत्नी निशा जायसवाल दुल्हनों के परिधान और उपहार सामग्री जुटाने में सक्रिय हैं। सांसद प्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और शुभचिंतक भी दिन-रात जुटे हुए हैं, जिससे यह आयोजन भव्य और ऐतिहासिक बन सके।

खुशियों की शहनाई और मांगलिक गीतों के बीच रस्मों का दौर शुरू हो चुका है। रामगढ़ और हजारीबाग में आयोजित हल्दी और मेहंदी समारोह में जब कन्याओं के हाथों में शगुन की मेहंदी सजी, तो उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। यह आयोजन राजनीति से ऊपर उठकर मानवीय संवेदनाओं का महापर्व बनकर रामगढ़ की मिट्टी में सेवा और समर्पण की नई सुगंध घोलने को तैयार है।

गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग लत का खौफनाक अंत: 9वीं मंजिल से कूदकर तीन सगी बहनों ने दी जान, सुसाइड नोट में लिखा- “मम्मी-पापा सॉरी”
गाजियाबाद । गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग खेलने से मना करने पर किशोर द्वारा मां की हत्या की घटना अभी लोगों के जेहन से उतरी भी नहीं थी कि अब उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से एक और दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। यहां भारत सिटी सोसाइटी में रहने वाली तीन नाबालिग सगी बहनों ने एक साथ नौवीं मंजिल से छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली।

सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में मचा हड़कंप

मृतक बहनों की पहचान 16 वर्षीय निशिका, 14 वर्षीय प्राची और 12 वर्षीय आखी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। मौके पर सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शालीमार गार्डन अतुल कुमार सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे। पुलिस ने तीनों को तत्काल जिला अस्पताल भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

सुसाइड नोट बरामद, माता-पिता से मांगी माफी

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी मिला है। नोट में तीनों बहनों ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा कि वे जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे उन्हें बहुत प्यार था।सुसाइड नोट में लिखा मिला—“मम्मी, पापा, सॉरी… जिस गेम को छुड़वाना चाहते थे, उससे हम लोग बहुत प्यार करते थे।”पुलिस का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील है और हर पहलू पर गहन जांच की जा रही है।

परिवार का परिचय और घटना की टाइमिंग

जानकारी के मुताबिक, भारत सिटी सोसाइटी में चेतन राम अपने परिवार के साथ रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी और तीन बेटियां थीं। पुलिस जांच में सामने आया है कि तीनों बहनों को ऑनलाइन गेमिंग का शौक था और वे लगातार मोबाइल पर गेम खेलती रहती थीं।बताया जा रहा है कि जब पिता और मां ने बच्चियों को गेम खेलने से रोका, तो तीनों ने इसे दिल पर ले लिया और आत्महत्या जैसा खतरनाक कदम उठा लिया।
घटना बुधवार रात करीब 2 बजे की बताई जा रही है, जब तीनों ने बिल्डिंग की नौवीं मंजिल से छलांग लगा दी।

ऑनलाइन गेमिंग की लत बन रही जानलेवा

यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि यह देश में बढ़ती ऑनलाइन गेमिंग की लत और बच्चों की मानसिक स्थिति पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।विशेषज्ञ मानते हैं कि मोबाइल, इंटरनेट और एआई जैसी तकनीक ने जीवन को तेज जरूर बनाया है, लेकिन इसके साथ बच्चों और युवाओं में डिजिटल एडिक्शन तेजी से बढ़ रहा है। गेम्स को इस तरह डिजाइन किया जाता है कि लोग बार-बार खेलें—रिवॉर्ड सिस्टम, लेवल अप,वर्चुअल करेंसी, जीत-हार का दबाव, सोशल कनेक्शन इन सबका असर दिमाग के रिवार्ड सिस्टम पर पड़ता है और व्यक्ति धीरे-धीरे नियंत्रण खो देता है।

WHO ने भी माना “Gaming Disorder”

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने “Gaming Disorder” को मानसिक स्वास्थ्य समस्या के रूप में मान्यता दी है। इसमें व्यक्ति गेमिंग पर नियंत्रण खो देता है और पढ़ाई, रिश्ते, सेहत और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है।रिपोर्ट्स के अनुसार, NCRB 2023 के आंकड़ों में भारत में 85 से अधिक आत्महत्या के मामले सीधे तौर पर ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े बताए गए हैं। इससे यह साफ है कि यह लत अब गंभीर सामाजिक संकट बनती जा रही है।

पहले भी सामने आए ऐसे मामले

देश में इससे पहले भी गेमिंग की वजह से आत्महत्या के कई मामले सामने आ चुके हैं, जैसे—इंदौर (अगस्त 2025): 2800 रुपये हारने पर 7वीं के छात्र ने फांसी लगाई, राजस्थान (जून 2025): कर्ज में डूबे युवक ने पत्नी संग आत्महत्या, बिजनौर: कारोबारी ने ऑनलाइन गेम में बड़ी रकम हारने के बाद जान दी, कुशीनगर: 18 वर्षीय छात्र ने गेमिंग की लत में आत्महत्या की।

पुलिस जांच जारी

गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि तीनों बहनों की मौत के पीछे की असली वजह, गेम का नाम, मोबाइल रिकॉर्ड, चैट हिस्ट्री, इंटरनेट गतिविधि और परिवार के बयान—इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।