नाट्य समारोह के तीसरे दिन उजबक राजा तीन डकैत का शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।साइंटिफिक एंपावरमेंट ऑफ डेवलपमेन्ट सोसाइटी के नाट्य समारोह के तीसरे दिन जबलपुर से आए कलाकारों द्वारा उजबक राजा तीन डकैत नाटक का मंचन किया गया।सर्वप्रथम संस्कार भारती के संस्थापक कलाऋषि पद्मश्री बाबा योगेन्द्र के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर उनको याद किया एवं आज के मुख्य वक्ता व मुख्य अतिथि युद्ध वीर सिंह द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। नाट्य मंचन के अवसर पर विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा दीपक शर्मा सुशीलराय प्रेमलता मिश्रा ज्योति मिश्रा सुदेश शर्मा तेजेन्द्र सिंह आदि विशिष्ट अतिथियो ने पुष्पार्पण किया।संचालन सुषमा शर्मा का रहा।नाटक का लेखन अलकनंदन का है और नाटक को संजय गर्ग ने निर्देशित किया।नाटक में यह भी दिखाया गया है कि आज देश दुनिया में ढेरों मल्टीनेशनल कंपनियां किस्म- किस्म की ठगी कर रही है टीवी सिनेमा और भ्रामक विज्ञापनो का सहारा लेकर सैकड़ो गैर जरूरी चीज बेच रही है।हमारे खान-पान रहन-सहन सभ्यता और संस्कृति के इर्द-गिर्द एक झूठा जादू तिलस्म रच चुका है उनके जादुई संसार में सब फंसे हुए है हम देशी खान-पान पहनावा अपनी भाषा बोली सब भूलते जा रहे है।बच्चे दाल-चावल रोटी-सब्जी खाना छोड़कर मैगी पिज्जा बर्गर और कोल्ड ड्रिंक से अपना पेट भर रहे हैं हास्य व्यंग्य विनोद गीत संगीत के माध्यम से इस सामाजिक दुर्दशा पर केंद्रित है नाटक उजबक राजा तीन डकैत।मंच पर राजा की भूमिका में दविन्दर सिंह ग्रोवर ने शानदार अभिनय कर दर्शको की खूब प्रशंसा बटोरी।ठगो की भूमिका में विनय शर्मा पराग तेलंग और आत्मानंद श्रीवास्तव ने अपनी भाव भंगिमाओ और अदायगी से न सिर्फ अपनी भूमिकाओ के साथ न्याय किया अपितु नाटक को निरंतर गतिमान बनाए रखा।अन्य पात्रो में मानसी सोनी देवेन्द्र झरिया वैष्णवी बरसैया अनिल पाली अरमान गुप्ता राजवर्धन पटेल भूमिका झरिया समीर सराठे और उन्नति तिवारी ने अपने अभिनय और अदाएगी से दर्शको का मन मोह लिया l

संडे बाजार लगवाने की मांग, नगर उद्योग व्यापार मंडल ने जिला अधिकारी को दिया ज्ञापन, 500 गरीब विकलांग लगाते हैं दुकान, बाजार न लगने से भुखमरी की क


फर्रुखाबाद। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को ज्ञापन सौंपा है जिसमें संडे बाजार लगवाने की मांग की है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि नेहरू रोड और चौक तक 500 गरीब और विकलांग बेरोजगार अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए फुटपाथ पर बाजार लगाते हैं और उसे बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि बाजार नहीं लगेगा तो इन गरीब और विकलांग परिवारों के बच्चे भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इसलिए संडे बाजार लगना बहुत ही जरूरी है । उन्होंने कहा कि इस बाजार में गरीब परिवारों के ज्यादा तार लोग ही बाजार में खरीदारी करने के लिए आते हैं और अगर बाजार बंद हो गया तो उनके सामने कपड़े पहनने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

इनसेट
नहीं लगने देंगे बाजार
संडे बाजार को लेकर नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल ने नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारी को से कहा कि संडे बाजार किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जाएगा क्योंकि इससे रोड पर जाम लगता है छोटे बड़े वाहनों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसलिए किसी भी दशा में बाजार नहीं लगने दिया जाएगा जबकि व्यापार मंडल के पदाधिकारी नगर मजिस्ट्रेट से मिन्नतें करते रहे मगर उन्होंने किसी भी व्यापारी की बात नहीं सुनी l
*वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीति

इंदौर, 04 जनवरी 2026: वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”


घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।


इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।

विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।

भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।

यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।

वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”
खेलो इंडिया बीच गेम्स ने भारतीय खेलों के क्षितिज को विस्तृत किया, प्रतिभा विकास के नए मार्ग खोले: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

• खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया

• प्रधानमंत्री मोदी ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुनने के लिए आयोजकों की सराहना की

• खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 की रंगारंग शुरुआत, 5 से 10 जनवरी तक 2100 से अधिक प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

*भोपाल, जनवरी 2026*: घोघला बीच पर सोमवार को खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण की रंगारंग शुरुआत हुई। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश पढ़कर सुनाया गया। देशभर से आए 2100 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी वाले ये खेल 5 से 10 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे हैं।

दीव शहर खेलो इंडिया बीच गेम्स के रंग में रंगा हुआ है। खेलों का शुभंकर ‘पर्ल’ (खुशमिजाज और ऊर्जावान डॉल्फ़िन) एथलीटों, सहयोगी स्टाफ, वॉलंटियर्स और केआईबीजी 2026 से जुड़े सभी हितधारकों का स्वागत कर रहा है।
केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव द्वारा आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल महासंघों के तकनीकी देखरेख में किया जा रहा है।

इन खेलों में 1100 से अधिक खिलाड़ी आठ खेलों—वॉलीबॉल, सॉकर, सेपक टकरॉ, कबड्डी, पेंकक सिलाट, ओपन वॉटर स्विमिंग, मल्लखंब और रस्साकशी—में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इनमें से पहले छह मैडल स्पोर्ट्स होंगे और कुल 32 स्वर्ण पदक दांव पर हैं।

खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए और केंद्र शासित प्रदेश को केआईबीजी 2026 की मेजबानी के लिए बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “खेलो इंडिया बीच गेम्स का भारत के खेल परिदृश्य में विशेष स्थान है। समुद्र तट और तटीय खेल शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और लगातार बदलती परिस्थितियों में परफॉर्म करने की क्षमता की मांग करते हैं। उभरते हुए खेलों को मंच प्रदान कर ये खेल भारतीय खेलों के क्षितिज का विस्तार करते हैं और प्रतिभाओं की खोज, पहचान और उनको निखारने के लिए नए रास्ते खोलते हैं।” प्रधानमंत्री ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुने जाने की सराहना करते हुए कहा, “ब्लू फ्लैग प्रमाणित घोघला बीच का चयन विशेष रूप से सराहनीय है। प्रकृति के साथ सामंजस्य में आयोजित खेल न केवल खेल उपलब्धियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। यह स्थल हमें याद दिलाता है कि उत्कृष्टता और सततता साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।” खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 का औपचारिक उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया। इससे पहले एथलीटों की परेड और बीच गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार खिलाड़ियों-डॉन रेमेडियोस (बीच फुटबॉल), पायल परमार (बीच वॉलीबॉल), अजीश पटेल और जलपा सोलंकी (दोनों रस्साकशी)-द्वारा पारंपरिक मशाल रिले आयोजित की गई। मशाल को श्री सिन्हा और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव एवं लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से स्थापित किया।

श्री सिन्हा ने खेलो इंडिया बीच गेम्स के माध्यम से जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इसी घोघला बीच पर आयोजित पहले खेलो इंडिया बीच गेम्स 2025 में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पेंकक सिलाट में हमारे खिलाड़ियों ने कुल नौ पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया।” उन्होंने आगे कहा, “2014 से अब तक केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने दीव में उल्लेखनीय विकास कार्य किए हैं। इनमें आईएनएस खुकरी स्मारक का पुनर्विकास, घोघला बीच को ब्लू फ्लैग प्रमाणन, और शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है। ये प्रयास सतत विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा, “आज भारत की खेल संस्कृति में गहरा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। संस्थागत पहुंच, जमीनी स्तर पर भागीदारी और सांस्कृतिक बदलाव पर नए सिरे से जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभाओं की पहचान और सहयोग का स्वरूप बदल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियां और पारदर्शी प्रतियोगी मंच अब पृष्ठभूमि या भौगोलिक सीमाओं से परे युवा खिलाड़ियों तक पहुंच रहे हैं।” उन्होंने कहा, “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, हमारे युवा इस यात्रा के अग्रदूत हैं। खेल हो या विज्ञान, शिक्षा हो या प्रशासन, अंतरिक्ष हो या स्टार्ट-अप-हर क्षेत्र में अवसर बढ़े हैं। इससे ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बन रहा है, जहां आकांक्षाओं के साथ संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित हो रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया, सांसद खेल महोत्सव और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) जैसी पहलें भारत के एथलीटों को वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं और दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।

इससे पहले सोमवार को बीच सॉकर और बीच कबड्डी की प्रतिस्पर्धाओं की शुरुआत हुई, जहां शीर्ष टीमों ने मजबूत प्रदर्शन किया। महिला बीच सॉकर में, गत चैंपियन ओडिशा ने ग्रुप ए में महाराष्ट्र को 11-3 से हराया, जबकि ग्रुप बी में पदार्पण कर रही हिमाचल प्रदेश ने तीसरे क्वार्टर में वापसी करते हुए मेजबान दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से मात दी।

बीच कबड्डी में महाराष्ट्र की पुरुष और महिला टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत दर्ज की। महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 64-22 से हराया, जबकि पुरुष वर्ग में महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से पराजित किया। आज के परिणाम :

बीच कबड्डी
(महिला):
पूल ए – हरियाणा ने पंजाब को 51-23 से हराया; महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 71-18 से हराया।
पूल बी – उत्तर प्रदेश ने हिमाचल प्रदेश को 43-35 से हराया; राजस्थान ने आंध्र प्रदेश को 64-22 से हराया।

(पुरुष):
पूल ए – हरियाणा ने आंध्र प्रदेश को 53-16 से हराया; उत्तर प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 55-33 से हराया।
पूल बी – राजस्थान ने उत्तराखंड को 44-36 से हराया; महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से हराया।

बीच सॉकर (महिला):
ग्रुप ए – ओडिशा ने महाराष्ट्र को 11-3 से हराया।
ग्रुप बी – हिमाचल प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से हराया।
महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
राहुल गाँधी मानहानि मामले में गवाही पूरी,19 जनवरी को विशेष कोर्ट करेगी अग्रिम कार्रवाई*
सुल्तानपुर,रायबरेली सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध सुल्तानपुर के MP/MLA कोर्ट में सुनवाई हुई। राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने गवाह राम चंद्र दुबे से जिराह पूरी किया। वहीं वादी के अधिवक्ता ने गवाही पूरी होने की बात कोर्ट पर कहा। कोर्ट ने अग्रिम कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। उधर वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि 313 के तहत कोर्ट अब राहुल गांधी को तलब करेगी। भाजपा नेता विजय मिश्रा,जो कोतवाली देहात थाना के हनुमानगंज निवासी हैं,अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2018 में कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में पिछले पांच वर्षों से अदालती कार्यवाही चल रही है। राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है, जबकि दूसरे गवाह से जिरह जारी है। अक्सर हड़ताल और गवाहों की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि हमारी तरफ से आज गवाह राम चंद्र दुबे को पेश किया गया। उनसे डिफेन्स काऊंसिल ने जिराह की कार्रवाई पूरी की गई। अब फाइल 313 में 19 जनवरी को कोर्ट ने नियत किया है। 19 तारीख को राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा उनका 313 का बयान रिकॉर्ड होगा। काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया आज साक्षय के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में मुकदमा लगा था। साक्षी राम चंद्र दुबे का क्रॉस एग्जामिनेशन पूरा हुआ है। परिवादी विजय मिश्रा की ओर से अवगत कराया गया कि अब उन्हें कोई साक्षय नहीं देना है। मामले में 19 जनवरी की तिथि अग्रिम कार्रवाई के लिए सुनिश्चित की गई है।
*अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू,दुकानदारों में हड़कंप,सहयोग न करने पर होगी विधिक कार्रवाई*
सुल्तानपुर शहर को जाम मुक्त बनाने और सड़कों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक विशेष 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 5 जनवरी से प्रारंभ हुआ और मंगलवार को भी जारी रहा। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा है। ठेला-गुमटी वालों और छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण पर प्राथमिकता से कार्रवाई की गई, जबकि फुटपाथ पर कब्जा करने वाले बड़े व्यापारियों को कार्रवाई से दूर रखा गया। इस स्थिति ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। अधिशासी अधिकारी (ईओ) लालचंद ने अभियान की प्रगति के बारे में बताया कि इसे आधिकारिक तौर पर 5 जनवरी से शुरू किया गया है। अभियान शुरू करने से पहले पिछले 10 दिनों से पूरे शहर में लगातार अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। इस मुहिम में जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), यातायात विभाग और नगर पालिका की पूरी टीम संयुक्त रूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 15,000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए हैं और कई दुकानदारों/अतिक्रमणकारियों का सामान भी जब्त किया गया है। ईओ लालचंद ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया, "हमने 5 जनवरी से यह सघन अभियान शुरू किया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ पूरे शहर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। जो लोग चेतावनी के बाद भी नहीं माने, उन पर जुर्माना लगाया गया और उनकी सामग्री जब्त की गई है।" उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यह अभियान अनवरत चलता रहेगा। यदि दुकानदार और नागरिक स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो भविष्य में और भी कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
देवघर-लगातार दूसरी जीत के साथ झारखंड वॉलीबॉल टीम पहुंचा क्वार्टर फाइनल में।
देवघर: वाराणसी में चल रहे 72वी नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जो कि 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगा उसमें झारखंड ने अपने दोनों मैच जीत कर लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।।राष्ट्रीय कोच अमरजीत खड़े के कोचिंग में टीम ने लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।पहला मैच राजस्थान से हुआ जिसमें झारखंड ने 3/1 से जबकि कर्नाटक को सीधे सेट में 3/0 से हराया।। दिल्सिन,रजत,एल्विन,एलेन, अविनाश,,विग्नेश नजीम,के शानदार खेल के दम पे क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।।इस मैच के दौरान झारखंड वॉलीबॉल संघ के भीष्म पितामह शेखर बोस सहित कार्यकारी अध्यक्ष सुनील सहाय,सीईओ निशिकांत पाठक,सचिव उत्तम राज सहित टीम के सहायक कोच आशीष आनंद , विकास वर्मा,धनरंजन शर्मा,नवीन शर्मा,उपेन्द्र सिंह,अंतराष्ट्रीय निर्णायक संजय गुप्ता टीम के साथ मौजूद थे।। शेखर बोस ने कहा कि टीम काफी अच्छा खेल रही है और इसी तरह खेलती रही तो टीम फाइनल भी जीतेगी।। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड को अगला नेशनल मिलने की संभावना है इसके लिए सारी प्रक्रिया शुरू हो गई है।।क्यों की सचिव उत्तम राज ने आम सभा भारतीय वॉलीबॉल संघ का था उसमें ये बात रखी थी जिसे सर्व सम्मति से लोगों ने सहमति जताई।।
नाट्य समारोह के तीसरे दिन उजबक राजा तीन डकैत का शानदार मंचन सम्पन्न।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।साइंटिफिक एंपावरमेंट ऑफ डेवलपमेन्ट सोसाइटी के नाट्य समारोह के तीसरे दिन जबलपुर से आए कलाकारों द्वारा उजबक राजा तीन डकैत नाटक का मंचन किया गया।सर्वप्रथम संस्कार भारती के संस्थापक कलाऋषि पद्मश्री बाबा योगेन्द्र के चित्र के समक्ष पुष्पार्चन कर उनको याद किया एवं आज के मुख्य वक्ता व मुख्य अतिथि युद्ध वीर सिंह द्वारा उनके जीवन पर प्रकाश डाला गया। नाट्य मंचन के अवसर पर विख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा दीपक शर्मा सुशीलराय प्रेमलता मिश्रा ज्योति मिश्रा सुदेश शर्मा तेजेन्द्र सिंह आदि विशिष्ट अतिथियो ने पुष्पार्पण किया।संचालन सुषमा शर्मा का रहा।नाटक का लेखन अलकनंदन का है और नाटक को संजय गर्ग ने निर्देशित किया।नाटक में यह भी दिखाया गया है कि आज देश दुनिया में ढेरों मल्टीनेशनल कंपनियां किस्म- किस्म की ठगी कर रही है टीवी सिनेमा और भ्रामक विज्ञापनो का सहारा लेकर सैकड़ो गैर जरूरी चीज बेच रही है।हमारे खान-पान रहन-सहन सभ्यता और संस्कृति के इर्द-गिर्द एक झूठा जादू तिलस्म रच चुका है उनके जादुई संसार में सब फंसे हुए है हम देशी खान-पान पहनावा अपनी भाषा बोली सब भूलते जा रहे है।बच्चे दाल-चावल रोटी-सब्जी खाना छोड़कर मैगी पिज्जा बर्गर और कोल्ड ड्रिंक से अपना पेट भर रहे हैं हास्य व्यंग्य विनोद गीत संगीत के माध्यम से इस सामाजिक दुर्दशा पर केंद्रित है नाटक उजबक राजा तीन डकैत।मंच पर राजा की भूमिका में दविन्दर सिंह ग्रोवर ने शानदार अभिनय कर दर्शको की खूब प्रशंसा बटोरी।ठगो की भूमिका में विनय शर्मा पराग तेलंग और आत्मानंद श्रीवास्तव ने अपनी भाव भंगिमाओ और अदायगी से न सिर्फ अपनी भूमिकाओ के साथ न्याय किया अपितु नाटक को निरंतर गतिमान बनाए रखा।अन्य पात्रो में मानसी सोनी देवेन्द्र झरिया वैष्णवी बरसैया अनिल पाली अरमान गुप्ता राजवर्धन पटेल भूमिका झरिया समीर सराठे और उन्नति तिवारी ने अपने अभिनय और अदाएगी से दर्शको का मन मोह लिया l

संडे बाजार लगवाने की मांग, नगर उद्योग व्यापार मंडल ने जिला अधिकारी को दिया ज्ञापन, 500 गरीब विकलांग लगाते हैं दुकान, बाजार न लगने से भुखमरी की क


फर्रुखाबाद। नगर उद्योग व्यापार मंडल ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को ज्ञापन सौंपा है जिसमें संडे बाजार लगवाने की मांग की है। नगर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष ने कहा कि नेहरू रोड और चौक तक 500 गरीब और विकलांग बेरोजगार अपने परिवार का पालन पोषण करने के लिए फुटपाथ पर बाजार लगाते हैं और उसे बेचकर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं।

उन्होंने कहा कि यदि बाजार नहीं लगेगा तो इन गरीब और विकलांग परिवारों के बच्चे भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे। इसलिए संडे बाजार लगना बहुत ही जरूरी है । उन्होंने कहा कि इस बाजार में गरीब परिवारों के ज्यादा तार लोग ही बाजार में खरीदारी करने के लिए आते हैं और अगर बाजार बंद हो गया तो उनके सामने कपड़े पहनने की समस्या उत्पन्न हो जाएगी।

इनसेट
नहीं लगने देंगे बाजार
संडे बाजार को लेकर नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल ने नगर व्यापार मंडल के पदाधिकारी को से कहा कि संडे बाजार किसी भी हालत में नहीं लगने दिया जाएगा क्योंकि इससे रोड पर जाम लगता है छोटे बड़े वाहनों को निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है इसलिए किसी भी दशा में बाजार नहीं लगने दिया जाएगा जबकि व्यापार मंडल के पदाधिकारी नगर मजिस्ट्रेट से मिन्नतें करते रहे मगर उन्होंने किसी भी व्यापारी की बात नहीं सुनी l
*वेनेज़ुएला पर अमेरिका के सैन्य हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ़्तारी सही या गलत : एक वैश्विक विवाद - डॉ. अतुल मलिकराम (राजनीतिक रणनीति

इंदौर, 04 जनवरी 2026: वैश्विक राजनीति में एक नया, बेहद विवादास्पद तथा इतिहास बनाने वाला अध्याय जुड़ गया है। 3 जनवरी 2026 की रात अमेरिका ने दक्षिण अमेरिकी देश वेनेज़ुएला की राजधानी कराकास पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमला किया और मात्र आधे घंटे के भीतर वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ़्तार कर लिया। इस ऑपरेशन ने दुनिया भर में तीखी, गहन तथा बहुआयामी बहस छेड़ दी है। एक तरफ इसे तानाशाही के खिलाफ न्याय की जीत, दमनकारी शासन के अंत तथा लोकतंत्र बहाली की दिशा में निर्णायक कदम बताया जा रहा है, तो दूसरी तरफ इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का स्पष्ट उल्लंघन, संप्रभुता पर हमला तथा साम्राज्यवादी हस्तक्षेप माना जा रहा है। प्रख्यात राजनीतिक रणनीतिकार डॉ. अतुल मलिकराम का कहना है कि “वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक जटिल, बहुआयामी, ऐतिहासिक तथा वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करने वाली घटना है। यह कार्रवाई न केवल वेनेज़ुएला के भविष्य को प्रभावित करेगी, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन, अंतरराष्ट्रीय कानून की विश्वसनीयता, क्षेत्रीय स्थिरता, विकासशील देशों की संप्रभुता तथा बड़े देशों की एकतरफा कार्रवाइयों पर भी गहरा, दीर्घकालिक तथा अप्रत्याशित असर डालेगी। भारत जैसे देशों को इस घटना से सतर्कता बरतने, कूटनीतिक सबक लेने तथा अपनी रक्षा, सुरक्षा तथा विदेश नीति की रणनीति को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा लेनी चाहिए।”


घटना का पूरा ब्यौरा बेहद चौंकाने वाला तथा फिल्मी पटकथा जैसा है। 3 जनवरी 2026 की रात कराकास में कई जोरदार धमाकों ने पूरे शहर को हिलाकर रख दिया। अमेरिकी लड़ाकू विमान तथा हेलीकॉप्टरों ने कराकास के सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए। ऑपरेशन इतना तेज तथा सुनियोजित था कि वेनेज़ुएला की रक्षा प्रणाली जवाब नहीं दे सकी। अमेरिकी विशेष बलों ने राष्ट्रपति भवन में घुसकर मादुरो तथा उनकी पत्नी को गिरफ़्तार किया। मादुरो दंपती को अमेरिका ले जाकर न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में रखा गया है, जहां उन पर नारको-टेररिज्म, मादक पदार्थ तस्करी तथा हथियारों की तस्करी जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ऑपरेशन को “सफल कार्रवाई” बताया और दावा किया कि मादुरो ड्रग तस्करी तथा नारको-टेररिज्म में शामिल थे।


इस कार्रवाई की पृष्ठभूमि कई वर्षों की है। मादुरो पर 2020 से ही अमेरिकी अदालत में आरोप थे और उनकी गिरफ़्तारी के लिए इनाम घोषित था। ट्रंप ने इसे अमेरिकी सुरक्षा के लिए जरूरी बताया। लेकिन इस कार्रवाई ने वैश्विक स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं उकसाईं।

अमेरिका का कहना है कि यह कार्रवाई नारको-टेररिज्म के खिलाफ थी। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि मादुरो तथा उनकी सरकार मादक पदार्थ तस्करी में शामिल थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका वेनेज़ुएला में स्थिरता के लिए भूमिका निभाएगा। इस दृष्टिकोण के समर्थकों का मानना है कि मादुरो का शासन दमनकारी था। वेनेज़ुएला में आर्थिक संकट, भुखमरी तथा मानवाधिकार उल्लंघनों की खबरें थीं। लाखों लोग देश छोड़कर भाग गए। समर्थकों का कहना है कि मादुरो की गिरफ़्तारी लोकतंत्र बहाली का कदम हो सकती है।

विरोधी पक्ष इस कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन मानता है। संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अनुसार, किसी संप्रभु देश पर हमला तभी वैध है जब वह आत्मरक्षा में हो या संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी हो। विरोधी कहते हैं कि यह हमला तेल संसाधनों पर कब्जे की साजिश थी। वेनेज़ुएला के पास दुनिया के बड़े तेल भंडार हैं। इतिहास में अमेरिका के हस्तक्षेप अस्थिरता लाए हैं।

भारत ने इस घटना पर गहरी चिंता जताई और संयम व संवाद की अपील की। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत संप्रभुता का सम्मान करता है।

यह कार्रवाई नैतिक रूप से जटिल है। मादुरो का शासन दमनकारी था, लेकिन अमेरिका का तरीका अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन लगता है। कानूनी मानदंड से देखें तो यह गलत प्रतीत होता है। लेकिन सुरक्षा के नजरिए से कुछ के लिए जरूरी था।

वेनेज़ुएला पर अमेरिका का हमला और मादुरो की गिरफ़्तारी एक ऐतिहासिक घटना है। यह वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित करेगी। डॉ. मलिकराम कहते हैं कि “यह घटना सतर्कता का संदेश है। भारत को अपनी रणनीति मजबूत करनी होगी।”
खेलो इंडिया बीच गेम्स ने भारतीय खेलों के क्षितिज को विस्तृत किया, प्रतिभा विकास के नए मार्ग खोले: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

• खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण का उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया

• प्रधानमंत्री मोदी ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुनने के लिए आयोजकों की सराहना की

• खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 की रंगारंग शुरुआत, 5 से 10 जनवरी तक 2100 से अधिक प्रतिभागी लेंगे हिस्सा

*भोपाल, जनवरी 2026*: घोघला बीच पर सोमवार को खेलो इंडिया बीच गेम्स के दूसरे संस्करण की रंगारंग शुरुआत हुई। इस अवसर पर माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का विशेष संदेश पढ़कर सुनाया गया। देशभर से आए 2100 से अधिक प्रतिभागियों की मौजूदगी वाले ये खेल 5 से 10 जनवरी तक आयोजित किए जा रहे हैं।

दीव शहर खेलो इंडिया बीच गेम्स के रंग में रंगा हुआ है। खेलों का शुभंकर ‘पर्ल’ (खुशमिजाज और ऊर्जावान डॉल्फ़िन) एथलीटों, सहयोगी स्टाफ, वॉलंटियर्स और केआईबीजी 2026 से जुड़े सभी हितधारकों का स्वागत कर रहा है।
केंद्र शासित प्रदेश दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव द्वारा आयोजित खेलो इंडिया बीच गेम्स का आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल महासंघों के तकनीकी देखरेख में किया जा रहा है।

इन खेलों में 1100 से अधिक खिलाड़ी आठ खेलों—वॉलीबॉल, सॉकर, सेपक टकरॉ, कबड्डी, पेंकक सिलाट, ओपन वॉटर स्विमिंग, मल्लखंब और रस्साकशी—में प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं। इनमें से पहले छह मैडल स्पोर्ट्स होंगे और कुल 32 स्वर्ण पदक दांव पर हैं।

खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए और केंद्र शासित प्रदेश को केआईबीजी 2026 की मेजबानी के लिए बधाई देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “खेलो इंडिया बीच गेम्स का भारत के खेल परिदृश्य में विशेष स्थान है। समुद्र तट और तटीय खेल शारीरिक सहनशक्ति, मानसिक दृढ़ता और लगातार बदलती परिस्थितियों में परफॉर्म करने की क्षमता की मांग करते हैं। उभरते हुए खेलों को मंच प्रदान कर ये खेल भारतीय खेलों के क्षितिज का विस्तार करते हैं और प्रतिभाओं की खोज, पहचान और उनको निखारने के लिए नए रास्ते खोलते हैं।” प्रधानमंत्री ने घोघला बीच को आयोजन स्थल के रूप में चुने जाने की सराहना करते हुए कहा, “ब्लू फ्लैग प्रमाणित घोघला बीच का चयन विशेष रूप से सराहनीय है। प्रकृति के साथ सामंजस्य में आयोजित खेल न केवल खेल उपलब्धियों को बढ़ावा देते हैं, बल्कि पर्यावरण के प्रति जागरूकता का भी सशक्त माध्यम बनते हैं। यह स्थल हमें याद दिलाता है कि उत्कृष्टता और सततता साथ-साथ आगे बढ़ती हैं।” खेलो इंडिया बीच गेम्स 2026 का औपचारिक उद्घाटन जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने किया। इससे पहले एथलीटों की परेड और बीच गेम्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चार खिलाड़ियों-डॉन रेमेडियोस (बीच फुटबॉल), पायल परमार (बीच वॉलीबॉल), अजीश पटेल और जलपा सोलंकी (दोनों रस्साकशी)-द्वारा पारंपरिक मशाल रिले आयोजित की गई। मशाल को श्री सिन्हा और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन और दीव एवं लक्षद्वीप के माननीय प्रशासक श्री प्रफुल्ल पटेल ने औपचारिक रूप से स्थापित किया।

श्री सिन्हा ने खेलो इंडिया बीच गेम्स के माध्यम से जम्मू-कश्मीर की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा,
“मुझे यह बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि इसी घोघला बीच पर आयोजित पहले खेलो इंडिया बीच गेम्स 2025 में जम्मू-कश्मीर के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। पेंकक सिलाट में हमारे खिलाड़ियों ने कुल नौ पदक जीतकर प्रदेश को गौरवान्वित किया।” उन्होंने आगे कहा, “2014 से अब तक केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन ने दीव में उल्लेखनीय विकास कार्य किए हैं। इनमें आईएनएस खुकरी स्मारक का पुनर्विकास, घोघला बीच को ब्लू फ्लैग प्रमाणन, और शहरी एवं ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करना शामिल है। ये प्रयास सतत विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रति प्रशासन की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।”

प्रधानमंत्री मोदी ने एक बार फिर खेलों की परिवर्तनकारी शक्ति को रेखांकित करते हुए कहा, “आज भारत की खेल संस्कृति में गहरा परिवर्तन देखने को मिल रहा है। संस्थागत पहुंच, जमीनी स्तर पर भागीदारी और सांस्कृतिक बदलाव पर नए सिरे से जोर दिया जा रहा है, जिससे प्रतिभाओं की पहचान और सहयोग का स्वरूप बदल रहा है। आधुनिक बुनियादी ढांचा, वैज्ञानिक प्रशिक्षण पद्धतियां और पारदर्शी प्रतियोगी मंच अब पृष्ठभूमि या भौगोलिक सीमाओं से परे युवा खिलाड़ियों तक पहुंच रहे हैं।” उन्होंने कहा, “विकसित भारत 2047 के लक्ष्य की ओर बढ़ते हुए, हमारे युवा इस यात्रा के अग्रदूत हैं। खेल हो या विज्ञान, शिक्षा हो या प्रशासन, अंतरिक्ष हो या स्टार्ट-अप-हर क्षेत्र में अवसर बढ़े हैं। इससे ऐसा पारिस्थितिकी तंत्र बन रहा है, जहां आकांक्षाओं के साथ संसाधनों तक समान पहुंच सुनिश्चित हो रही है।”

प्रधानमंत्री ने कहा कि खेलो इंडिया, सांसद खेल महोत्सव और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) जैसी पहलें भारत के एथलीटों को वैश्विक प्रतिस्पर्धाओं और दीर्घकालिक सफलता के लिए तैयार करने के तरीके को नए सिरे से परिभाषित कर रही हैं।

इससे पहले सोमवार को बीच सॉकर और बीच कबड्डी की प्रतिस्पर्धाओं की शुरुआत हुई, जहां शीर्ष टीमों ने मजबूत प्रदर्शन किया। महिला बीच सॉकर में, गत चैंपियन ओडिशा ने ग्रुप ए में महाराष्ट्र को 11-3 से हराया, जबकि ग्रुप बी में पदार्पण कर रही हिमाचल प्रदेश ने तीसरे क्वार्टर में वापसी करते हुए मेजबान दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से मात दी।

बीच कबड्डी में महाराष्ट्र की पुरुष और महिला टीमों ने अपने-अपने मुकाबलों में आसान जीत दर्ज की। महिला वर्ग में महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 64-22 से हराया, जबकि पुरुष वर्ग में महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से पराजित किया। आज के परिणाम :

बीच कबड्डी
(महिला):
पूल ए – हरियाणा ने पंजाब को 51-23 से हराया; महाराष्ट्र ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 71-18 से हराया।
पूल बी – उत्तर प्रदेश ने हिमाचल प्रदेश को 43-35 से हराया; राजस्थान ने आंध्र प्रदेश को 64-22 से हराया।

(पुरुष):
पूल ए – हरियाणा ने आंध्र प्रदेश को 53-16 से हराया; उत्तर प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 55-33 से हराया।
पूल बी – राजस्थान ने उत्तराखंड को 44-36 से हराया; महाराष्ट्र ने दिल्ली को 47-20 से हराया।

बीच सॉकर (महिला):
ग्रुप ए – ओडिशा ने महाराष्ट्र को 11-3 से हराया।
ग्रुप बी – हिमाचल प्रदेश ने दादरा और नगर हवेली तथा दमन और दीव को 7-5 से हराया।
महाराष्ट्र में गजब का सियासी खेल! भाजपा ने कांग्रेस ने मिला लिया हाथ

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कहा जाता है राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं है। महाराष्ट्र की सियासत में ऐसा ही कुछ देखा जा रहा है। कांग्रेस-मुक्त भारत का नारा लगाने वाली भाजपा ने ठाणे में अंबरनाथ नगर परिषद में सीधे कांग्रेस से हाथ मिला लिया है। कांग्रेस से गठबंधन कर भाजपा ने अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता हासिल कर ली।

भाजपा और कांग्रेस का दुर्लभ गठबंधन

हाल ही में हुए स्थानीय निकाय चुनावों के बाद अंबरनाथ नगर पालिका में भाजपा और कांग्रेस का एक दुर्लभ गठबंधन सामने आया है। इस गठबंधन ने राजनीतिक विश्लेषकों और पार्टी कार्यकर्ताओं को आश्चर्यचकित कर दिया है। भाजपा ने कांग्रेस और अजीत पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के पार्षदों के साथ मिलकर अंबरनाथ विकास अघाड़ी का गठन किया है और मुंबई क्षेत्र की एक नगर परिषद पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। इस गठबंधन से शिवसेना सत्ता से बाहर हो गई है।

शिवसेना सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का साथ

भाजपा-कांग्रेस के इस सियासी खेल ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ में हाशिए पर धकेल दिया है। चौंकाने वाली बात है कि भाजपा ने शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना को अंबरनाथ नगर परिषद में सत्ता से दूर रखने के लिए कांग्रेस का समर्थन लिया है।

किसे कितनी सीटें मिलीं

चुनाव पिछले महीने हुए थे, जिसमें शिवसेना और बीजेपी, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगी होने के बावजूद, अलग-अलग चुनाव लड़े थे। 60 सदस्यीय परिषद में, शिवसेना सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी और उसने 27 सीटें जीतीं। लेकिन बहुमत से थोडा दूर रह गई। भाजपा को 14 सीटें मिलीं, जबकि कांग्रेस ने 12 सीटें जीतीं। अजीत पवार के नेतृत्व वाली एनसीपी ने चार सीटें जीतीं और दो निर्दलीय उम्मीदवार भी निर्वाचित हुए।

"अंबरनाथ विकास अघाड़ी" का गठन

शिवसेना को नगर निगम अध्यक्ष पद के चुनाव में झटका लगा, जहां उसकी उम्मीदवार मनीषा वालेकर भाजपा उम्मीदवार तेजश्री करंजुले पाटिल से हार गईं। शिंदे सेना सोच रही थी की बीजेपी उनके साथ मिलकर नगर परिषद में सरकार बनाएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ। बीजेपी ने शिंदे सेना के बजाय कांग्रेस से हाथ मिला लिया और नगर परिषद में सत्ता स्थापित कर ली। स्थानीय स्तर पर कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता स्थापित करना का फैसला लिया गया। इस गठबंधन को "अंबरनाथ विकास अघाड़ी" नाम दिया गया है।

ये है गठबंधन का गणित

अंबरनाथ में घोषित गठबंधन में 14 भाजपा पार्षद, भाजपा समर्थित नगर अध्यक्ष, 12 कांग्रेस पार्षद, चार एनसीपी (अजीत पवार गुट) पार्षद और एक निर्दलीय पार्षद शामिल हैं। गठबंधन की कुल संख्या 32 हो गई है, जो 60 सदस्यीय परिषद में बहुमत का आंकड़ा पार कर जाती है।

शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में रोष

भाजपा की ओर से मिले इस झटके के बाद शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में काफी रोष नजर आ रहा है। इस मामले पर शिवसेना (शिंदे गुट) के सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि अंबरनाथ में भाजपा और कांग्रेस का गठबंधन हुआ है, तो इसका जवाब भी उनके ही नेताओं को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह फैसला शिवसेना का नहीं है और न ही इस पर शिवसेना को सफाई देने की जरूरत है।

यूपी SIR: 75 जिलों में मतदाता सूची से बड़े पैमाने पर नाम कटे, लखनऊ में सबसे अधिक 30.04% वोट डिलीट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत मतदाता सूची के पुनरीक्षण में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। प्रदेश के 75 जिलों में बड़ी संख्या में वोट कटे हैं। राजधानी लखनऊ में सबसे अधिक 30.04 प्रतिशत मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं।

एनसीआर और बड़े शहरी जिलों में कटौती का प्रतिशत अपेक्षाकृत अधिक रहा। गाजियाबाद में 28.83 प्रतिशत, कानपुर नगर में 25.50 प्रतिशत, बलरामपुर में 25.98 प्रतिशत, मेरठ में 24.65 प्रतिशत, प्रयागराज में 24.64 प्रतिशत, गौतमबुद्ध नगर में 23.98 प्रतिशत और आगरा में 23.25 प्रतिशत वोट कटे हैं।

पश्चिमी यूपी की बात करें तो सहारनपुर में 16.37 प्रतिशत, मुजफ्फरनगर में 16.29 प्रतिशत, बुलंदशहर में 15.14 प्रतिशत, बागपत में 18.15 प्रतिशत, हापुड़ में 22.30 प्रतिशत, शामली में 16.75 प्रतिशत और संभल में 20.29 प्रतिशत वोट काटे गए हैं।

बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम कटौती दर्ज की गई। ललितपुर में सबसे कम 9.95 प्रतिशत, हमीरपुर में 10.78 प्रतिशत, महोबा में 12.42 प्रतिशत, बांदा में 13 प्रतिशत और झांसी में 13.92 प्रतिशत वोट कटे।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में भी कई जिलों में 15 से 20 प्रतिशत तक नाम हटाए गए हैं। वाराणसी में 18.18 प्रतिशत, गोरखपुर में 17.61 प्रतिशत, बलिया में 18.16 प्रतिशत, आजमगढ़ में 15.25 प्रतिशत, जौनपुर में 16.51 प्रतिशत, बस्ती में 15.70 प्रतिशत, सिद्धार्थनगर में 20.33 प्रतिशत, संत कबीर नगर में 19.96 प्रतिशत, सीतापुर में 19.55 प्रतिशत, बहराइच में 20.44 प्रतिशत और गोंडा में 18.40 प्रतिशत वोट कटे हैं।

मतदाता सूची में इतनी बड़ी संख्या में नाम कटने को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। विपक्षी दल इस पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह प्रक्रिया फर्जी, मृत और स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के लिए की गई है।
कुल मिलाकर, यूपी SIR के आंकड़े आने वाले चुनावों से पहले राजनीतिक समीकरणों पर असर डाल सकते हैं।
केजीएमयू प्रकरण में नया मोड़, धर्मांतरण नेटवर्क से जुड़े तार, फरार डॉक्टर के अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की जांच तेज
लखनऊ। केजीएमयू की महिला रेजिडेंट डॉक्टर के यौन शोषण और धर्म परिवर्तन के दबाव से जुड़े मामले में जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आ रहे हैं। इस प्रकरण में आरोपी रेजिडेंट डॉक्टर डॉ. रमीज मलिक के परिवार की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की जांच अब एक संगठित धर्मांतरण नेटवर्क की ओर बढ़ती दिख रही है।

आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में

सोमवार को चौक पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के माता-पिता को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें कई अहम जानकारियां सामने आईं। पूछताछ में बताया गया कि रमीज, बलरामपुर निवासी छांगुर नामक व्यक्ति के संपर्क में था, जिसे पुलिस धर्मांतरण गिरोह का प्रमुख मान रही है। छांगुर की गिरफ्तारी के बाद से ही रमीज तनाव में था और लगातार सतर्क रहने लगा था।

सूत्रों के अनुसार, रमीज की मुलाकात छांगुर से एक मौलवी के जरिए कराई गई थी। यही मौलवी कथित तौर पर पीड़िता पर धर्म बदलने का दबाव भी बना रहा था। इस एंगल को गंभीरता से लेते हुए चौक पुलिस ने खुफिया एजेंसियों को भी पूरे मामले की जानकारी साझा की है।

रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही

जांच एजेंसियां बीते एक वर्ष में रमीज की गतिविधियों की परत-दर-परत पड़ताल कर रही हैं। कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) के विश्लेषण में सामने आया है कि आरोपी न केवल देश के भीतर, बल्कि विदेशों में भी कई संदिग्ध संपर्कों में था। पुलिस को आशंका है कि एफआईआर दर्ज होने के बाद रमीज देश छोड़कर फरार हो गया है। हालांकि, उसकी अंतिम लोकेशन लखनऊ की ही मिली थी, जिसके बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया।

पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था

पुलिस को यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी ने साजिश के तहत पहले भी एक महिला का धर्मांतरण कराया था। इसी सिलसिले में रमीज के पिता सलीमुद्दीन और मां खदीजा की गिरफ्तारी की गई है। अब पुलिस की नजर पीलीभीत निवासी काजी सैय्यद जाहिद हसन पर है, जिसने कथित तौर पर निकाह और धर्मांतरण की प्रक्रिया पूरी कराई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि काजी की गिरफ्तारी के बाद इस पूरे नेटवर्क की तस्वीर और साफ होगी।इसके साथ ही पुलिस धर्मांतरण के गवाह बताए जा रहे शारिक खान की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। यह भी जांच का विषय है कि काजी ने अब तक कितनी महिलाओं का धर्मांतरण कराया और इसके पीछे आर्थिक लेन-देन का क्या ढांचा था।

माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका

इस मामले में आरोपी के अब तक गिरफ्त में न आने से पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि एफआईआर दर्ज होने के बावजूद रमीज को समय रहते हिरासत में नहीं लिया गया, जबकि वह उस दौरान केजीएमयू परिसर में मौजूद था। इसी चूक का फायदा उठाकर आरोपी कथित तौर पर भूमिगत हो गया। डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने का मुकदमा दर्ज है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर माता-पिता को भी धर्मांतरण के आरोप में जेल भेजा जा चुका है। मामले का खुलासा तब हुआ, जब केजीएमयू की एक अन्य रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर गंभीर आरोप लगाए।

अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था

जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी डॉक्टर अन्य धर्म की करीब 15 रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। पुलिस को संदेह है कि इसके पीछे संगठित तरीके से धर्मांतरण कराने और उसके बदले मोटी रकम लेने की योजना थी।सूत्रों के मुताबिक, केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली की एक डॉक्टर के धर्मांतरण के बदले करीब 15 लाख रुपये दिए गए थे, जबकि गैर-चिकित्सकों के लिए यह राशि करीब पांच लाख रुपये बताई जा रही है। कॉल डिटेल्स में यह भी सामने आया है कि आरोपी सामान्य ड्यूटी समय के बाद भी रेजिडेंट डॉक्टरों से लंबी बातचीत करता था।फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां इस संवेदनशील मामले की गहराई से जांच कर रही हैं और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की संभावना जताई जा रही है।
राहुल गाँधी मानहानि मामले में गवाही पूरी,19 जनवरी को विशेष कोर्ट करेगी अग्रिम कार्रवाई*
सुल्तानपुर,रायबरेली सांसद व लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के विरुद्ध सुल्तानपुर के MP/MLA कोर्ट में सुनवाई हुई। राहुल के अधिवक्ता काशी प्रसाद शुक्ला ने गवाह राम चंद्र दुबे से जिराह पूरी किया। वहीं वादी के अधिवक्ता ने गवाही पूरी होने की बात कोर्ट पर कहा। कोर्ट ने अग्रिम कार्रवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि नियत की है। उधर वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने कहा कि 313 के तहत कोर्ट अब राहुल गांधी को तलब करेगी। भाजपा नेता विजय मिश्रा,जो कोतवाली देहात थाना के हनुमानगंज निवासी हैं,अक्टूबर 2018 में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर किया था। मिश्रा ने आरोप लगाया था कि अगस्त 2018 में कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी ने तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में पिछले पांच वर्षों से अदालती कार्यवाही चल रही है। राहुल गांधी के पेश न होने पर दिसंबर 2023 में तत्कालीन जज ने उनके खिलाफ वारंट जारी किया था। इसके बाद, 20 फरवरी 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में आत्मसमर्पण किया, जहां विशेष मजिस्ट्रेट ने उन्हें 25-25 हजार रुपये के दो मुचलकों पर जमानत दी थी। 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी ने कोर्ट में अपना बयान दर्ज कराते हुए खुद को निर्दोष बताया और इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। राहुल गांधी के बयान के बाद, कोर्ट ने वादी पक्ष को साक्ष्य प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। तब से लगातार गवाह पेश किए जा रहे हैं। अब तक केवल एक गवाह से जिरह पूरी हो पाई है, जबकि दूसरे गवाह से जिरह जारी है। अक्सर हड़ताल और गवाहों की अनुपस्थिति के कारण कार्यवाही में देरी हो रही है। वादी विजय मिश्रा के अधिवक्ता संतोष पांडेय ने बताया कि हमारी तरफ से आज गवाह राम चंद्र दुबे को पेश किया गया। उनसे डिफेन्स काऊंसिल ने जिराह की कार्रवाई पूरी की गई। अब फाइल 313 में 19 जनवरी को कोर्ट ने नियत किया है। 19 तारीख को राहुल गांधी को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना पड़ेगा उनका 313 का बयान रिकॉर्ड होगा। काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया आज साक्षय के लिए एमपी/एमएलए कोर्ट में मुकदमा लगा था। साक्षी राम चंद्र दुबे का क्रॉस एग्जामिनेशन पूरा हुआ है। परिवादी विजय मिश्रा की ओर से अवगत कराया गया कि अब उन्हें कोई साक्षय नहीं देना है। मामले में 19 जनवरी की तिथि अग्रिम कार्रवाई के लिए सुनिश्चित की गई है।
*अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू,दुकानदारों में हड़कंप,सहयोग न करने पर होगी विधिक कार्रवाई*
सुल्तानपुर शहर को जाम मुक्त बनाने और सड़कों को व्यवस्थित करने के उद्देश्य से स्थानीय प्रशासन और नगर पालिका ने एक विशेष 'अतिक्रमण हटाओ अभियान' शुरू किया है। यह अभियान 5 जनवरी से प्रारंभ हुआ और मंगलवार को भी जारी रहा। अभियान के दौरान नगर पालिका प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगा है। ठेला-गुमटी वालों और छोटे दुकानदारों के अतिक्रमण पर प्राथमिकता से कार्रवाई की गई, जबकि फुटपाथ पर कब्जा करने वाले बड़े व्यापारियों को कार्रवाई से दूर रखा गया। इस स्थिति ने प्रशासनिक कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल खड़े किए हैं। अधिशासी अधिकारी (ईओ) लालचंद ने अभियान की प्रगति के बारे में बताया कि इसे आधिकारिक तौर पर 5 जनवरी से शुरू किया गया है। अभियान शुरू करने से पहले पिछले 10 दिनों से पूरे शहर में लगातार अनाउंसमेंट के जरिए लोगों को अतिक्रमण हटाने की चेतावनी दी जा रही थी। इस मुहिम में जिलाधिकारी, क्षेत्राधिकारी (सीओ), यातायात विभाग और नगर पालिका की पूरी टीम संयुक्त रूप से शामिल है। उन्होंने बताया कि अब तक लगभग 15,000 रुपये जुर्माने के तौर पर वसूले गए हैं और कई दुकानदारों/अतिक्रमणकारियों का सामान भी जब्त किया गया है। ईओ लालचंद ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया, "हमने 5 जनवरी से यह सघन अभियान शुरू किया है। प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम के साथ पूरे शहर में व्यापक स्तर पर कार्रवाई की गई। जो लोग चेतावनी के बाद भी नहीं माने, उन पर जुर्माना लगाया गया और उनकी सामग्री जब्त की गई है।" उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए कहा कि यह अभियान अनवरत चलता रहेगा। यदि दुकानदार और नागरिक स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाते हैं, तो भविष्य में और भी कड़ी विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
देवघर-लगातार दूसरी जीत के साथ झारखंड वॉलीबॉल टीम पहुंचा क्वार्टर फाइनल में।
देवघर: वाराणसी में चल रहे 72वी नेशनल वॉलीबॉल चैंपियनशिप जो कि 4 जनवरी से 11 जनवरी तक चलेगा उसमें झारखंड ने अपने दोनों मैच जीत कर लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।।राष्ट्रीय कोच अमरजीत खड़े के कोचिंग में टीम ने लगातार दूसरी बार क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।पहला मैच राजस्थान से हुआ जिसमें झारखंड ने 3/1 से जबकि कर्नाटक को सीधे सेट में 3/0 से हराया।। दिल्सिन,रजत,एल्विन,एलेन, अविनाश,,विग्नेश नजीम,के शानदार खेल के दम पे क्वार्टर फाइनल में जगह बनाया।।इस मैच के दौरान झारखंड वॉलीबॉल संघ के भीष्म पितामह शेखर बोस सहित कार्यकारी अध्यक्ष सुनील सहाय,सीईओ निशिकांत पाठक,सचिव उत्तम राज सहित टीम के सहायक कोच आशीष आनंद , विकास वर्मा,धनरंजन शर्मा,नवीन शर्मा,उपेन्द्र सिंह,अंतराष्ट्रीय निर्णायक संजय गुप्ता टीम के साथ मौजूद थे।। शेखर बोस ने कहा कि टीम काफी अच्छा खेल रही है और इसी तरह खेलती रही तो टीम फाइनल भी जीतेगी।। इस दौरान उन्होंने कहा कि झारखंड को अगला नेशनल मिलने की संभावना है इसके लिए सारी प्रक्रिया शुरू हो गई है।।क्यों की सचिव उत्तम राज ने आम सभा भारतीय वॉलीबॉल संघ का था उसमें ये बात रखी थी जिसे सर्व सम्मति से लोगों ने सहमति जताई।।