मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
अवैध शराब के अड्डों पर छापामार कार्रवाई की गई, 80 किलो लहन किया नष्ट, शराब की बरामद
फर्रुखाबाद lआबकारी आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री के विरुद्ध सघन छापामार अभियान जारी रहेगा l इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी जी० पी० गुप्ता के निर्देश पर छापामार अभियान के अंतर्गत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र कुमार गौरव सिंह द्वारा अपनी टीम के साथ संदिग्ध ग्राम लकूला में सघन दबिश एवं छापेमारी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध मदिरा निर्माण से जुड़े संदिग्ध स्थानों एवं अड्डों की गहन तलाशी ली गई। मौके पर लगभग 80 किलोग्राम लहन (अवैध शराब बनाने हेतु प्रयुक्त कच्चा माल) को नष्ट किया गया तथा 18 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में एक अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की गई । इसके अतिरिक्त क्षेत्र में स्थित कबाड़ी की दुकानों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया इस दौरान आबकारी दुकानों—बाग लकूला कम्पोजिट, बाग लकूला देशी, आवास विकास मॉडल शॉप एवं आवास विकास देशी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। साथ ही देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन व्यवस्था की भी गहन जांच की गई। जनपद में अवैध मदिरा के विरुद्ध यह छापामार अभियान आगे भी निरंतर एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
RSF की प्रेस स्वतंत्रता रिपोर्ट: वैश्विक पैमाना या भारत की अधूरी तस्वीर?

डॉ. पंकज सोनी

Reporters Without Borders (RSF) की सालाना रिपोर्ट पर भरोसा करने से पहले एक बुनियादी सवाल है—यह बनती कैसे है? किसके संसाधनों से, किन स्रोतों के आधार पर और किस दृष्टिकोण के साथ? 140 करोड़ की आबादी, दर्जनों भाषाओं और सैकड़ों संस्कृतियों वाले भारत की प्रेस स्वतंत्रता क्या पेरिस में बैठकर तैयार प्रश्नावलियों से मापी जा सकती है?

हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेरिस स्थित एक NGO Reporters Without Borders (RSF) अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करता है। इस रिपोर्ट में भारत का स्थान प्रायः 150 के बाद ही दिखाई देता है। 2026 की रिपोर्ट में भारत 157वें स्थान पर है, जबकि 2025 में भी यही रैंक और 2024 में 159वां स्थान था।

रिपोर्ट आते ही देश का एक वर्ग चिंतित स्वर में कहता है—“लोकतंत्र खतरे में है”, “पत्रकारिता समाप्त हो रही है”, “प्रेस पर दबाव बढ़ गया है।” लेकिन इन प्रतिक्रियाओं के बीच एक मूल प्रश्न अक्सर अनदेखा रह जाता है—यह सूचकांक तैयार कैसे होता है? भारत इसमें लगातार पीछे क्यों रहता है?

दरअसल, RSF एक फ्रांसीसी गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी फंडिंग के स्रोत पूरी तरह पारदर्शी नहीं माने जाते। यूरोपीय सरकारें और कुछ निजी फाउंडेशन इसे सहयोग देते हैं। इसका प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक मुख्यतः सर्वेक्षण, धारणाओं और सीमित केस स्टडी पर आधारित होता है। यह कोई पूर्णतः वैज्ञानिक या वस्तुनिष्ठ मापदंड नहीं, बल्कि चुनिंदा लोगों की राय का संकलन है, जिसमें पश्चिमी उदारवादी मूल्यों को पत्रकारिता का मानक मान लिया जाता है।

यहीं एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है—क्या इतने विशाल और विविध देश की मीडिया स्वतंत्रता का आकलन सीमित प्रश्नावलियों के आधार पर किया जा सकता है? भारत में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन यहाँ के संविधान, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों के संदर्भ में होना चाहिए, न कि केवल किसी बाहरी संस्था के आकलन से।

इस रिपोर्ट का एक बड़ा विरोधाभास यह भी है कि इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को कई बार भारत से बेहतर स्थान दिया गया है। पाकिस्तान में पत्रकारों के लापता होने, मीडिया पर सैन्य दबाव और वरिष्ठ पत्रकार Arshad Sharif की हत्या जैसी घटनाएं व्यापक रूप से सामने आ चुकी हैं। वहीं बांग्लादेश में डिजिटल सुरक्षा कानून के तहत पत्रकारों पर कार्रवाई के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में यह तुलना स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़े करती है।

वैश्विक स्तर पर भी मीडिया स्वतंत्रता की स्थिति जटिल है। अमेरिका में Julian Assange के खिलाफ लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई चली। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मीडिया को “एनिमी ऑफ द पीपल” तक कहा। रूस और चीन में मीडिया पर राज्य का प्रभाव जगजाहिर है। इसके बावजूद RSF रैंकिंग में इन देशों की स्थिति अपेक्षाकृत कम आलोचनात्मक दिखाई देती है, जिससे भू-राजनीतिक पूर्वाग्रह की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

International Federation of Journalists (IFJ) के अनुसार 2025 में दुनिया भर में 128 पत्रकारों की हत्या हुई, जिनमें अधिकांश मध्य-पूर्व और संघर्ष क्षेत्रों से थे। भारत में ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, और हर घटना पर न्यायिक व प्रशासनिक प्रक्रिया सक्रिय होती है।

भारत की जमीनी तस्वीर देखें तो यहाँ 900 से अधिक सैटेलाइट चैनल, 17,000 से ज्यादा पंजीकृत समाचारपत्र और लाखों डिजिटल प्लेटफॉर्म सक्रिय हैं। अनेक मीडिया संस्थान सरकार की खुलकर आलोचना करते हैं और निर्बाध रूप से कार्य कर रहे हैं। संसद, न्यायपालिका और सोशल मीडिया—तीनों स्तरों पर अभिव्यक्ति की विविधता स्पष्ट दिखाई देती है।

हालाँकि, भारतीय पत्रकारिता की एक चुनौती यह भी है कि बिना प्रशिक्षण या मान्यता के बड़ी संख्या में लोग मीडिया के नाम पर सक्रिय हो गए हैं। कुछ मामलों में यह स्थिति अव्यवस्था और अविश्वसनीयता को जन्म देती है, जो समग्र तस्वीर को प्रभावित करती है।

RSF की निष्पक्षता पर सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। The GuardianGlobal Times और अन्य संस्थानों द्वारा इसके वित्तीय स्रोतों व दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाए गए हैं। यहाँ तक कि Encyclopaedia Britannica में भी कुछ संदर्भों में इसके संभावित पक्षपात का उल्लेख मिलता है।

स्पष्ट है कि RSF का सूचकांक एक उपयोगी संकेतक हो सकता है, लेकिन इसे अंतिम सत्य मानना उचित नहीं। उतना ही गलत इसे पूरी तरह खारिज कर देना भी होगा।

भारत जैसे विशाल और विविध लोकतंत्र में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन बहुआयामी दृष्टिकोण से ही संभव है—जहाँ वैश्विक सूचकांक, स्थानीय वास्तविकता और संस्थागत अनुभव, तीनों को संतुलित रूप से समझा जाए।

(लेखक जनसंपर्क विभाग भोपाल में सहायक मीडिया सलाहकार हैं और यह इनके व्यक्तिगत विचार हैं।)

संपूर्ण समाधान दिवस में आयुक्त सख्त, 3 दिन में निस्तारण के निर्देश; दोषी मिलने पर एफआईआर की चेतावनी

*कर्नलगंज तहसील पहुंचकर आयुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश*


*8 मई को आयुक्त श्रावस्ती में करेंगी संध्या संवाद कार्यक्रम*


*गोण्डा 2 मई 2026*  -  कर्नलगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने जनसमस्याओं को सुना एवं उसके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कर्नलगंज निवासिनी रेखा रानी ने आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और विधवा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। साथ ही बताया कि लेखपाल द्वारा जानबूझकर योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस पर आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर जांच कर पीड़िता को लाभ दिलाया जाए एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

कटरा बाजार निवासी पंकज कुमार वर्मा ने घर के सामने लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के लंबे समय से खराब होने की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने बीडीओ कटरा बाजार को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर तत्काल हैंडपंप चालू कराया जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

वहीं हलधरमऊ निवासी राजेश कुमार ने अपनी चार बीघा जमीन के अंश निर्धारण में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सभी बैनामा दस्तावेज देने के बावजूद हल्का लेखपाल द्वारा अब तक सही अंश निर्धारण नहीं किया गया है। इस पर आयुक्त ने एसडीएम को निर्देश दिया कि मामले की तुरंत जांच कराकर सही अंश निर्धारण सुनिश्चित किया जाए।

आयुक्त ने संपूर्ण समाधान दिवस से संबंधित रजिस्टर में दर्ज विवरण अधूरा पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सम्बन्धित को निर्देशित किया कि सभी विवरण एक सप्ताह के भीतर रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। साथ ही एसडीएम से कहा कि जो लेखपाल, सचिव या अन्य कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी करें, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



*श्रावस्ती में 8 मई को ‘संध्या संवाद कार्यक्रम’, जनसुनवाई से लाभ वितरण तक आयोजन*

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में 8 मई को जनपद श्रावस्ती में ‘संध्या संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत दिनभर आमजन की समस्याओं के समाधान, विकास कार्यों के निरीक्षण और योजनाओं के लाभ वितरण की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई होगी, जबकि 12 से 1 बजे तक कर्मचारियों, पेंशनरों व वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। दोपहर 2 से 4 बजे तक निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच और स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। शाम 5 से 7 बजे तक चयनित ग्राम पंचायत में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। साथ ही शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से संतृप्त कर प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पारदर्शिता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

#sandeeppathakisintroubleafterjoining_bjp 

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में मनाया गया महाराष्ट्र दिवस

मुंबई। पश्चिमी उपनगर के प्रतिष्ठित श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी धूमधाम के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के संस्थापक चेयरमैन एल पी मिश्रा ने मराठी में भाषण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र दिवस, जो हर साल 1 मई को मनाया जाता है, 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है। यह दिवस मराठी भाषियों की अस्मिता, संस्कृति और 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसमें मुंबई को राज्य का हिस्सा बनाने के लिए 106 लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। हम सबको मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश द्विवेदी, प्रियंका पांडे, संतोष समेत अनेक शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : उत्कर्ष कोचिंग सेंटर अम्बारी का शानदार प्रदर्शन, मेधावियों का हुआ सम्मान, जिला टॉपर विवेक यादव बने लोगो के प्रेरणादायक
आजमगढ़ : यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले फूलपुर तहसील के अम्बारी स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हाईस्कूल के जिला टॉपर एवं प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले विवेक यादव को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में विवेक यादव ने 96.5 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप करते हुए प्रदेश में 8 वां स्थान प्राप्त किया है जबकि अंशिका यादव ने 93.3, सत्यम यादव ने 89.5, आस्था यादव ने 88.3 तथा मंगल यादव ने 87.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में अर्चिता यादव ने 87.4, शिवांगी यादव ने 85, गौरव प्रजापति ने 84.2 तथा अनुज ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर की प्रबंधक सुनीता यादव ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को माल्यार्पण कर तथा मिष्ठान्न खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। इस दौरान भारद्वाज सिंह यादव, अरबिंद यादव, बृजेश यादव, अबुजर, बीरेंद्र यादव, इम्तियाज अहमद, बृजेंद्र यादव, मुक्तेश्वर पाण्डेय, राजेश यादव, सुजीत यादव समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

देवघर -1मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पुराना सदर अस्पताल से प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
देवघर: मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन AIPWA एवम् ऑल इंडिया स्कीम वर्कर फेडरेशन AICCTU के राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता मंडल के नेतृत्व में पुराना सदर अस्पताल से प्रतिरोध मार्च निकला गया प्रतिरोध मार्च के माध्यम से केंद्र के मजदूर विरोधी एवं महिला विरोधी नारा के साथ जुलूस निकाला गया और कचहरी परिसर सूचना भवन के सामने सभा का आयोजन किया गया सभा का अध्यक्षता झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की जिला सचिव मीनू देवी ने की एवं संचालन निर्माण मजदूर के नेता कॉम अशोक महतो ने किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता मंडल ने कहा 1 अप्रैल 2026 मजदूर विरोधी एवं मालिक पक्षीय श्रम _संहिता को लागू कर दिया है। इसे निरस्त कर पुराना श्रम कानून को पुनर्बहाल करने की मांग किया गया ,केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण का झूठा प्रचार फैलाया हुआ है जबकि 2023 में ही महिला आरक्षण पारित किया गया है इसे तुरंत लागू करे और आदिवासी,दलित और पिछड़ा वर्ग के महिलाओं को भी आरक्षण मिले केंद्र सरकार को यदि महिलाओं के प्रति सहानुभूति है तो देश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं रसोइया,सहिया,सेविका,सहायिका,जलसहिया आदि अन्य अनुबंध महिला कर्मचारियों के जीविकोपार्जन के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने का बिल पारित करे या नहीं तो जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं तब तक सम्मानजनक मानदेय कम_से_कम 26 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय भुगतान करने की गारंटी करे तब मोदी सरकार का महिलावादी का असली चरित्र सामने आएगा। कार्यक्रम को भाकपा माले जिला सचिव कॉम रघुपति पंडित,जिला कमिटी सदस्य जयदेव सिंह,शंभू तुरी,रसोइया संघ की जिला उपाध्यक्ष चिंता देवी,अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जिला उपाध्यक्ष चमेली ने संबोधित किया इसके अलावा मुनि देवी,सुनीता किस्कु,सरस्वती देवी,पुतुल देवी,चंपा देवी,जगदंबा देवी,कविता देवी,लीला देवी,रिंकू देवी,sumiya देवी,मोना देवी,सुनीता देवी,रंजू देवी,सोनू भारती,लक्ष्मण मंडल,शंकर पंडित आदि दर्जनों लोगों ने भाग लिया।
मार्केट बंद होने में दो कानून नहीं चलेगा, पुलिस को सख्‍ती से अंकुश लगाना आवश्‍यक : आलोक शर्मा


सांसद ने कहा - भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

सांसद आलोक शर्मा ने पुलिस आयुक्त से की मुलाकात

भोपाल। सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल में मार्केट बंद होने के दो कानून प्रचलित है, जिस पर पुलिस को सख्ती से अंकुश लगाना चाहिए। उन्होंने कहा पुराने भोपाल शहर में रातभर दुकानें खुली रहती है, जहां पर आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है। उन्होंने कहा कि ईश्वर ने रात सोने के लिए बनाई है। घर पर अब्बू, अम्मी इंतजार करते हैं कि बेटा आएगा और हमें दवाई देगा लेकिन बेटा तो रातभर बिरयानी की दुकान और मार्केट में ही बिताता है। ये चिंता आज कई परिवारों की है। युवा गलत रास्ता अपना लेते हैं। शनिवार को सांसद आलोक शर्मा ने भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस आशय का एक पत्र सौंपा है जिसमें भोपाल के सभी मार्केट एक समय पर बंद करने का आग्रह किया है। ज्ञात रहे सांसद शर्मा पूर्व में भी कई बार ये मुद्दा उठाते रहे हैं लेकिन पुलिस की सख्ती न होने के कारण आज भी व्यवस्था वैसी ही है। सांसद शर्मा ने पुलिस आयुक्त से मुलाकात के दौरान बताया कि अभी भोपाल शहर में दो कानून प्रचलित हैं, न्यू मार्केट, एमपी नगर, संत हिरदाराम नगर, बीएचईएल बरखेड़ा, इंद्रपुरी सोनागिरि, 6 नंबर मार्केट, 10 नंबर मार्केट, लखेरापुरा, सराफा चौक आदि रात में 10 बजे तक बंद हो जाते हैं। जबकि पुराने भोपाल शहर के मार्केट्स काजीकैंप, लक्ष्मी टॉकीज, बसस्टैंड, रेलवे स्टेशन, रॉयल मार्केट जीपीओ, इमामी गेट, राजू टी-स्टाल, जिंसी-जहांगीराबाद, सब्बन चौराहा, इतवारा, बुधवारा में दुकानें रातभर खुली रहती हैं जिससे आपराधिक गतिविधियों को बल मिलता है और शहर की कानून व्यवस्था बिगड़ती है। सांसद शर्मा को पुलिस आयुक्त संजय कुमार ने शहर के सभी मार्केट्स एक समय पर बंद कराने की कार्यवाही सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया है।

* भोपाल वक्फ की जागीर नहीं

मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए सांसद आलोक शर्मा ने कहा कि भोपाल वक्फ की जागीर नहीं है। शहर में कहीं भी डेवलपमेंट के काम करने जाएं तो खड़े हो जाते हैं कि यह वक्फ की जमीन है। महापौर रहते जब हम पॉलिटेक्निक से भारत माता चौराहे तक स्मार्ट रोड बनाने गए तो रोड़ा अटकाया। बोले कि यह वक्फ की जमीन है जबकि आज वहां स्मार्ट रोड बन जाने के बाद मुसलमान भी उस रोड पर निकलता है, हिंदू भी उस पर रोड पर निकलता है, सभी वर्ग के लोग उस स्मार्ट रोड का उपयोग करते हैं। इसी प्रकार श्यामला हिल्स पर मानस भवन के पीछे की झुग्गियां का हटाने का मामला भी है। वहां पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को आवास का पैसा जमा किया गया है। किसी को बेघर नहीं किया जाएगा लेकिन शहर के अंदर सरकारी जमीन पर किसी को भी अतिक्रमण करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वक्फ के नाम पर किसी को भी अवैध कब्जा नहीं करने दिया जाएगा।

‘जनगणना 2027’ पूरी तरह डिजिटल: हर घर पहुंचेगी टीम, डेटा रहेगा पूरी तरह गोपनीय- शीतल वर्मा

* 7 से 21 मई तक स्व-गणना का विकल्प, 22 मई से शुरू होगा घर-घर सर्वे
* प्रदेश में 5.25 लाख से अधिक कर्मियों की तैनाती, टोल-फ्री 1855 जारी

लखनऊ, प्रतिनिधि।
जनगणना कार्य निदेशालय, उत्तर प्रदेश की निदेशक एवं मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी श्रीमती शीतल वर्मा ने शनिवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस वार्ता में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों और प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना में एकत्र की गई प्रत्येक व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रहेगी और इसका उपयोग किसी भी जांच या साक्ष्य के रूप में नहीं किया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण ‘मकान सूचीकरण एवं आवास गणना’ 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगा, जबकि दूसरा चरण ‘जनसंख्या गणना’ फरवरी 2027 में होगा। इससे पहले 7 मई से 21 मई तक स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प उपलब्ध रहेगा, जिसमें नागरिक स्वयं ऑनलाइन पोर्टल (se.census.gov.in) पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे।
श्रीमती वर्मा ने बताया कि यह पहली बार होगा जब जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। स्व-गणना के बाद प्राप्त SE ID को घर आने वाले प्रगणक को दिखाना होगा, जिसकी पुष्टि के बाद ही प्रक्रिया पूर्ण मानी जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना वैकल्पिक है, लेकिन प्रगणक हर घर तक पहुंचकर जानकारी अवश्य एकत्र करेंगे।
प्रदेश में इस विशाल कार्य के लिए 5.25 लाख से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें मंडल, जिला और नगर स्तर के अधिकारियों के साथ-साथ लगभग 5 लाख प्रगणक और पर्यवेक्षक शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि जनगणना का कार्य ‘जनगणना अधिनियम 1948’ और ‘जनगणना नियमावली 1990’ के तहत किया जाएगा, जिसमें डेटा की गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। यह जानकारी टैक्स, पुलिस या अन्य किसी भी जांच एजेंसी के साथ साझा नहीं की जा सकती।
राज्य में यह अभियान 75 जिलों, 783 नगरीय निकायों, 350 तहसीलों और 1.04 लाख ग्रामों में चलाया जाएगा। इसके लिए करीब 3.90 लाख मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, जहां प्रगणक घर-घर जाकर सर्वे करेंगे।
जनगणना से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री नंबर 1855 भी जारी किया गया है।
श्रीमती वर्मा ने मीडिया और आम जनता से अपील की कि वे जनगणना को जनभागीदारी का अभियान बनाएं और सही जानकारी देकर विकास योजनाओं के निर्माण में सहयोग करें।
अवैध शराब के अड्डों पर छापामार कार्रवाई की गई, 80 किलो लहन किया नष्ट, शराब की बरामद
फर्रुखाबाद lआबकारी आयुक्त के आदेश और जिलाधिकारी डॉ० अंकुर लाठर के निर्देश पर जनपद में अवैध मदिरा के निर्माण, बिक्री के विरुद्ध सघन छापामार अभियान जारी रहेगा l इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी जी० पी० गुप्ता के निर्देश पर छापामार अभियान के अंतर्गत आबकारी निरीक्षक क्षेत्र कुमार गौरव सिंह द्वारा अपनी टीम के साथ संदिग्ध ग्राम लकूला में सघन दबिश एवं छापेमारी की कार्रवाई की गई। कार्रवाई के दौरान अवैध मदिरा निर्माण से जुड़े संदिग्ध स्थानों एवं अड्डों की गहन तलाशी ली गई। मौके पर लगभग 80 किलोग्राम लहन (अवैध शराब बनाने हेतु प्रयुक्त कच्चा माल) को नष्ट किया गया तथा 18 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। इस संबंध में एक अभियोग पंजीकृत कर कार्रवाई की गई । इसके अतिरिक्त क्षेत्र में स्थित कबाड़ी की दुकानों पर भी सघन चेकिंग अभियान चलाया गया इस दौरान आबकारी दुकानों—बाग लकूला कम्पोजिट, बाग लकूला देशी, आवास विकास मॉडल शॉप एवं आवास विकास देशी का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान स्टॉक रजिस्टर, पीओएस मशीन के माध्यम से बिक्री, ऑनलाइन भुगतान प्रणाली तथा सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता का परीक्षण किया गया। साथ ही देशी मदिरा दुकानों की कैंटीन व्यवस्था की भी गहन जांच की गई। जनपद में अवैध मदिरा के विरुद्ध यह छापामार अभियान आगे भी निरंतर एवं प्रभावी रूप से जारी रहेगा तथा इसमें संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी।
RSF की प्रेस स्वतंत्रता रिपोर्ट: वैश्विक पैमाना या भारत की अधूरी तस्वीर?

डॉ. पंकज सोनी

Reporters Without Borders (RSF) की सालाना रिपोर्ट पर भरोसा करने से पहले एक बुनियादी सवाल है—यह बनती कैसे है? किसके संसाधनों से, किन स्रोतों के आधार पर और किस दृष्टिकोण के साथ? 140 करोड़ की आबादी, दर्जनों भाषाओं और सैकड़ों संस्कृतियों वाले भारत की प्रेस स्वतंत्रता क्या पेरिस में बैठकर तैयार प्रश्नावलियों से मापी जा सकती है?

हर साल 3 मई को विश्व प्रेस स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पेरिस स्थित एक NGO Reporters Without Borders (RSF) अपनी वार्षिक रिपोर्ट जारी करता है। इस रिपोर्ट में भारत का स्थान प्रायः 150 के बाद ही दिखाई देता है। 2026 की रिपोर्ट में भारत 157वें स्थान पर है, जबकि 2025 में भी यही रैंक और 2024 में 159वां स्थान था।

रिपोर्ट आते ही देश का एक वर्ग चिंतित स्वर में कहता है—“लोकतंत्र खतरे में है”, “पत्रकारिता समाप्त हो रही है”, “प्रेस पर दबाव बढ़ गया है।” लेकिन इन प्रतिक्रियाओं के बीच एक मूल प्रश्न अक्सर अनदेखा रह जाता है—यह सूचकांक तैयार कैसे होता है? भारत इसमें लगातार पीछे क्यों रहता है?

दरअसल, RSF एक फ्रांसीसी गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी फंडिंग के स्रोत पूरी तरह पारदर्शी नहीं माने जाते। यूरोपीय सरकारें और कुछ निजी फाउंडेशन इसे सहयोग देते हैं। इसका प्रेस स्वतंत्रता सूचकांक मुख्यतः सर्वेक्षण, धारणाओं और सीमित केस स्टडी पर आधारित होता है। यह कोई पूर्णतः वैज्ञानिक या वस्तुनिष्ठ मापदंड नहीं, बल्कि चुनिंदा लोगों की राय का संकलन है, जिसमें पश्चिमी उदारवादी मूल्यों को पत्रकारिता का मानक मान लिया जाता है।

यहीं एक महत्वपूर्ण प्रश्न खड़ा होता है—क्या इतने विशाल और विविध देश की मीडिया स्वतंत्रता का आकलन सीमित प्रश्नावलियों के आधार पर किया जा सकता है? भारत में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन यहाँ के संविधान, न्यायपालिका और नागरिक अधिकारों के संदर्भ में होना चाहिए, न कि केवल किसी बाहरी संस्था के आकलन से।

इस रिपोर्ट का एक बड़ा विरोधाभास यह भी है कि इसमें पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे देशों को कई बार भारत से बेहतर स्थान दिया गया है। पाकिस्तान में पत्रकारों के लापता होने, मीडिया पर सैन्य दबाव और वरिष्ठ पत्रकार Arshad Sharif की हत्या जैसी घटनाएं व्यापक रूप से सामने आ चुकी हैं। वहीं बांग्लादेश में डिजिटल सुरक्षा कानून के तहत पत्रकारों पर कार्रवाई के मामले भी सामने आए हैं। ऐसे में यह तुलना स्वाभाविक रूप से प्रश्न खड़े करती है।

वैश्विक स्तर पर भी मीडिया स्वतंत्रता की स्थिति जटिल है। अमेरिका में Julian Assange के खिलाफ लंबे समय तक कानूनी कार्रवाई चली। पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने मीडिया को “एनिमी ऑफ द पीपल” तक कहा। रूस और चीन में मीडिया पर राज्य का प्रभाव जगजाहिर है। इसके बावजूद RSF रैंकिंग में इन देशों की स्थिति अपेक्षाकृत कम आलोचनात्मक दिखाई देती है, जिससे भू-राजनीतिक पूर्वाग्रह की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

International Federation of Journalists (IFJ) के अनुसार 2025 में दुनिया भर में 128 पत्रकारों की हत्या हुई, जिनमें अधिकांश मध्य-पूर्व और संघर्ष क्षेत्रों से थे। भारत में ऐसे मामलों की संख्या अपेक्षाकृत कम रही, और हर घटना पर न्यायिक व प्रशासनिक प्रक्रिया सक्रिय होती है।

भारत की जमीनी तस्वीर देखें तो यहाँ 900 से अधिक सैटेलाइट चैनल, 17,000 से ज्यादा पंजीकृत समाचारपत्र और लाखों डिजिटल प्लेटफॉर्म सक्रिय हैं। अनेक मीडिया संस्थान सरकार की खुलकर आलोचना करते हैं और निर्बाध रूप से कार्य कर रहे हैं। संसद, न्यायपालिका और सोशल मीडिया—तीनों स्तरों पर अभिव्यक्ति की विविधता स्पष्ट दिखाई देती है।

हालाँकि, भारतीय पत्रकारिता की एक चुनौती यह भी है कि बिना प्रशिक्षण या मान्यता के बड़ी संख्या में लोग मीडिया के नाम पर सक्रिय हो गए हैं। कुछ मामलों में यह स्थिति अव्यवस्था और अविश्वसनीयता को जन्म देती है, जो समग्र तस्वीर को प्रभावित करती है।

RSF की निष्पक्षता पर सवाल केवल भारत तक सीमित नहीं हैं। The GuardianGlobal Times और अन्य संस्थानों द्वारा इसके वित्तीय स्रोतों व दृष्टिकोण पर प्रश्न उठाए गए हैं। यहाँ तक कि Encyclopaedia Britannica में भी कुछ संदर्भों में इसके संभावित पक्षपात का उल्लेख मिलता है।

स्पष्ट है कि RSF का सूचकांक एक उपयोगी संकेतक हो सकता है, लेकिन इसे अंतिम सत्य मानना उचित नहीं। उतना ही गलत इसे पूरी तरह खारिज कर देना भी होगा।

भारत जैसे विशाल और विविध लोकतंत्र में प्रेस स्वतंत्रता का मूल्यांकन बहुआयामी दृष्टिकोण से ही संभव है—जहाँ वैश्विक सूचकांक, स्थानीय वास्तविकता और संस्थागत अनुभव, तीनों को संतुलित रूप से समझा जाए।

(लेखक जनसंपर्क विभाग भोपाल में सहायक मीडिया सलाहकार हैं और यह इनके व्यक्तिगत विचार हैं।)

संपूर्ण समाधान दिवस में आयुक्त सख्त, 3 दिन में निस्तारण के निर्देश; दोषी मिलने पर एफआईआर की चेतावनी

*कर्नलगंज तहसील पहुंचकर आयुक्त ने सुनी आमजनों की समस्याएं, अधिकारियों को दिए निस्तारण के निर्देश*


*8 मई को आयुक्त श्रावस्ती में करेंगी संध्या संवाद कार्यक्रम*


*गोण्डा 2 मई 2026*  -  कर्नलगंज तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान आयुक्त देवीपाटन मंडल दुर्गा शक्ति नागपाल ने जनसमस्याओं को सुना एवं उसके त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर देते हुए अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों के समाधान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जिम्मेदार कर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सम्पूर्ण समाधान दिवस में कर्नलगंज निवासिनी रेखा रानी ने आयुक्त को प्रार्थना पत्र देकर बताया कि उनके पति की सर्पदंश से मृत्यु के बाद उन्होंने राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना और विधवा पेंशन के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, लेकिन अब तक लाभ नहीं मिला। साथ ही बताया कि लेखपाल द्वारा जानबूझकर योजना का लाभ नहीं दिया जा रहा है। इस पर आयुक्त ने तत्काल संज्ञान लेते हुए एसडीएम को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर जांच कर पीड़िता को लाभ दिलाया जाए एवं दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जरूरत पड़ने पर एफआईआर भी दर्ज कराई जाए।

कटरा बाजार निवासी पंकज कुमार वर्मा ने घर के सामने लगे इंडिया मार्का हैंडपंप के लंबे समय से खराब होने की शिकायत की। इस पर आयुक्त ने बीडीओ कटरा बाजार को निर्देशित किया कि मामले की जांच कर तत्काल हैंडपंप चालू कराया जाए और रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

वहीं हलधरमऊ निवासी राजेश कुमार ने अपनी चार बीघा जमीन के अंश निर्धारण में गड़बड़ी की शिकायत की। उन्होंने बताया कि सभी बैनामा दस्तावेज देने के बावजूद हल्का लेखपाल द्वारा अब तक सही अंश निर्धारण नहीं किया गया है। इस पर आयुक्त ने एसडीएम को निर्देश दिया कि मामले की तुरंत जांच कराकर सही अंश निर्धारण सुनिश्चित किया जाए।

आयुक्त ने संपूर्ण समाधान दिवस से संबंधित रजिस्टर में दर्ज विवरण अधूरा पाए जाने पर नाराजगी जताई। उन्होंने सम्बन्धित को निर्देशित किया कि सभी विवरण एक सप्ताह के भीतर रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज किया जाए। साथ ही एसडीएम से कहा कि जो लेखपाल, सचिव या अन्य कोई अधिकारी अथवा कर्मचारी शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी करें, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।



*श्रावस्ती में 8 मई को ‘संध्या संवाद कार्यक्रम’, जनसुनवाई से लाभ वितरण तक आयोजन*

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल द्वारा माननीय मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में 8 मई को जनपद श्रावस्ती में ‘संध्या संवाद कार्यक्रम’ आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम के तहत दिनभर आमजन की समस्याओं के समाधान, विकास कार्यों के निरीक्षण और योजनाओं के लाभ वितरण की व्यवस्था रहेगी। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 10 से 12 बजे तक जनसुनवाई होगी, जबकि 12 से 1 बजे तक कर्मचारियों, पेंशनरों व वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं का निस्तारण किया जाएगा। दोपहर 2 से 4 बजे तक निर्माणाधीन एवं पूर्ण परियोजनाओं की गुणवत्ता जांच और स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। शाम 5 से 7 बजे तक चयनित ग्राम पंचायत में ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा। साथ ही शिविर लगाकर पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से संतृप्त कर प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि पारदर्शिता के साथ समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
आप छोड़ बीजेपी में आते ही बढ़ी संदीप पाठक की मुसीबत, पंजाब में 2 FIR के बाद दिल्ली में दबिश

#sandeeppathakisintroubleafterjoining_bjp 

आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व सदस्य और राज्यसभा सांसद संदीप पाठक की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। बीजेपी में शामिल होने के बाद उन पर पंजाब में दो गंभीर मामलों में एफआईआर दर्ज हुई है। जानकारी के मुताबिक, दोनों ही मामले गैर जमानती धाराओं में दर्ज हैं, जिससे कानूनी स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन मामलों में कार्रवाई तेज की जा सकती है और जरूरत पड़ने पर गिरफ्तारी भी संभव है।

सुबह-सुबह घर से निकलते दिखे संदीप पाठक

संदीप पाठक के खिलाफ गैर-जमानती धाराओं के तहत दो प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। एफआईआर के बाद पंजाब पुलिस किसी भी समय कार्रवाई कर सकती है। वहीं गिरफ्तारी की संभावनाओं के बीच राज्यसभा सांसद संदीप पाठक को दिल्ली स्थित अपने घर से गाड़ी में बैठकर बाहर निकलते हुए देखा गया है।

एफआईआर में क्या लगे आरोप?

सूत्रों के अनुसार, डॉ संदीप पाठक के खिलाफ दो अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज होने की बात कही जा रही है। एक मामला कथित करप्शन से जुड़ा बताया जा रहा है, जबकि दूसरा महिला शोषण से संबंधित बताया गया है। हालांकि संबंधित पुलिस थानों या एजेंसियों की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

कौन हैं संदीप पाठक?

संदीप पाठक उन सात राज्यसभा सदस्यों में शामिल हैं, जिन्होंने आप छोड़कर बीजेपी का दामन थामा है। आप को 24 अप्रैल को उस समय बड़ा झटका लगा जब उसके 10 राज्यसभा सदस्यों में से सात- संदीप पाठक, राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, राजिन्दर गुप्ता, विक्रमजीत साहनी और स्वाति मालीवाल ने यह आरोप लगाते हुए पार्टी छोड़ दी थी कि अरविंद केजरीवाल की पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और बुनियादी आदर्शों से भटक गई है। इन सात सांसदों में से छह पंजाब से हैं।

बाराबंकी में 13वीं यूपी पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का भव्य समापन ,डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार की मौजूदगी में खिलाड़ियों का सम्मान
मेरठ जोन ने पुरुष और महिला दोनों वर्गों में जीती ट्रॉफी

11 जोनों की टीमों ने लिया प्रतियोगिता में हिस्सा

लखनऊ । बाराबंकी स्थित 10वीं वाहिनी पीएसी के आर्चरी ग्राउंड पर आयोजित 13वीं उत्तर प्रदेश पुलिस आर्चरी प्रतियोगिता का समापन 30 अप्रैल 2026 को उत्साहपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ रामकृष्ण स्वर्णकार (अपर पुलिस महानिदेशक, पीएसी) उपस्थित रहे।
समारोह की शुरुआत सहआयोजन सचिव एवं सेनानायक राकेश कुमार सिंह द्वारा मुख्य अतिथि के स्वागत से हुई। उन्हें पुष्पगुच्छ और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके बाद मुख्य अतिथि ने प्रतियोगिता में शामिल विभिन्न जोनों की टीमों के मैनेजरों से परिचय प्राप्त किया और खिलाड़ियों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश पुलिस के कुल 11 जोनों—गोरखपुर, वाराणसी, बरेली, प्रयागराज, मेरठ, लखनऊ, कानपुर, पीएसी पूर्वी, पीएसी पश्चिमी, पीएसी मध्य और आगरा—की टीमों ने हिस्सा लिया। सभी टीमों ने खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिता के परिणामों में मेरठ जोन का दबदबा देखने को मिला। पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चल वैजयंती ट्रॉफी अपने नाम की, जबकि पीएसी पूर्वी जोन उपविजेता रहा। महिला वर्ग में भी मेरठ जोन ने पहला स्थान हासिल किया और प्रयागराज जोन दूसरे स्थान पर रहा।
व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन किया। 70 मीटर रिकर्व राउंड (पुरुष) में वाराणसी जोन के श्रेय भारद्वाज ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि मेरठ के मोनू कुमार और कुंवरजीत सिंह क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे। महिला वर्ग में मेरठ की अनीता ने पहला स्थान प्राप्त किया, जबकि वाराणसी की जीनत आरा दूसरे और मेरठ की सुमन चौधरी तीसरे स्थान पर रहीं।
50 मीटर कंपाउंड राउंड (पुरुष) में मेरठ के गौरव, हर्ष बालियान और तरुण कुमार दीक्षित ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। महिला वर्ग में मेरठ की अंकिता शर्मा और वर्ण्या ने पहला और दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि वाराणसी की आंचल रॉय तीसरे स्थान पर रहीं।
ओवरऑल प्रदर्शन में पुरुष वर्ग में मेरठ जोन ने 2472 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। पीएसी पूर्वी जोन 2433 अंकों के साथ दूसरे और प्रयागराज जोन 2426 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। महिला वर्ग में मेरठ जोन 1800 अंकों के साथ पहले, प्रयागराज 1404 अंकों के साथ दूसरे और कानपुर जोन 942 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
समापन समारोह के दौरान मुख्य अतिथि ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने अपने संबोधन में सभी खिलाड़ियों को खेल भावना बनाए रखने, हार-जीत को स्वीकार करने और भविष्य में बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि द्वारा वाहिनी परिसर में नवनिर्मित बैडमिंटन कोर्ट का उद्घाटन किया गया और जिम्नेजियम हॉल का निरीक्षण भी किया गया। इस अवसर पर शिविरपाल अभिषेक श्रीवास्तव, सूबेदार सैन्य सहायक अमित कुमार सिंह, स्पोर्ट्स प्रभारी निखिल मिश्रा सहित कई अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में मनाया गया महाराष्ट्र दिवस

मुंबई। पश्चिमी उपनगर के प्रतिष्ठित श्री शांतिनिकेतन नाइट हाई स्कूल में विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी धूमधाम के साथ महाराष्ट्र दिवस मनाया गया। इस अवसर पर बोलते हुए स्कूल के संस्थापक चेयरमैन एल पी मिश्रा ने मराठी में भाषण देते हुए कहा कि महाराष्ट्र दिवस, जो हर साल 1 मई को मनाया जाता है, 1 मई 1960 को भाषाई आधार पर महाराष्ट्र राज्य के गठन की याद दिलाता है। यह दिवस मराठी भाषियों की अस्मिता, संस्कृति और 'संयुक्त महाराष्ट्र आंदोलन' के संघर्षों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, जिसमें मुंबई को राज्य का हिस्सा बनाने के लिए 106 लोग शहीद हुए थे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र दिवस आपसी प्रेम और सौहार्द का प्रतीक है। हम सबको मिलकर महाराष्ट्र के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। इस अवसर पर मुकेश द्विवेदी, प्रियंका पांडे, संतोष समेत अनेक शिक्षक और बच्चे उपस्थित रहे।
आजमगढ़ : उत्कर्ष कोचिंग सेंटर अम्बारी का शानदार प्रदर्शन, मेधावियों का हुआ सम्मान, जिला टॉपर विवेक यादव बने लोगो के प्रेरणादायक
आजमगढ़ : यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले फूलपुर तहसील के अम्बारी स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हाईस्कूल के जिला टॉपर एवं प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले विवेक यादव को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में विवेक यादव ने 96.5 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप करते हुए प्रदेश में 8 वां स्थान प्राप्त किया है जबकि अंशिका यादव ने 93.3, सत्यम यादव ने 89.5, आस्था यादव ने 88.3 तथा मंगल यादव ने 87.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में अर्चिता यादव ने 87.4, शिवांगी यादव ने 85, गौरव प्रजापति ने 84.2 तथा अनुज ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर की प्रबंधक सुनीता यादव ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को माल्यार्पण कर तथा मिष्ठान्न खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। इस दौरान भारद्वाज सिंह यादव, अरबिंद यादव, बृजेश यादव, अबुजर, बीरेंद्र यादव, इम्तियाज अहमद, बृजेंद्र यादव, मुक्तेश्वर पाण्डेय, राजेश यादव, सुजीत यादव समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

देवघर -1मई अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर पुराना सदर अस्पताल से प्रतिरोध मार्च निकाला गया।
देवघर: मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन AIPWA एवम् ऑल इंडिया स्कीम वर्कर फेडरेशन AICCTU के राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता मंडल के नेतृत्व में पुराना सदर अस्पताल से प्रतिरोध मार्च निकला गया प्रतिरोध मार्च के माध्यम से केंद्र के मजदूर विरोधी एवं महिला विरोधी नारा के साथ जुलूस निकाला गया और कचहरी परिसर सूचना भवन के सामने सभा का आयोजन किया गया सभा का अध्यक्षता झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की जिला सचिव मीनू देवी ने की एवं संचालन निर्माण मजदूर के नेता कॉम अशोक महतो ने किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता मंडल ने कहा 1 अप्रैल 2026 मजदूर विरोधी एवं मालिक पक्षीय श्रम _संहिता को लागू कर दिया है। इसे निरस्त कर पुराना श्रम कानून को पुनर्बहाल करने की मांग किया गया ,केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण का झूठा प्रचार फैलाया हुआ है जबकि 2023 में ही महिला आरक्षण पारित किया गया है इसे तुरंत लागू करे और आदिवासी,दलित और पिछड़ा वर्ग के महिलाओं को भी आरक्षण मिले केंद्र सरकार को यदि महिलाओं के प्रति सहानुभूति है तो देश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं रसोइया,सहिया,सेविका,सहायिका,जलसहिया आदि अन्य अनुबंध महिला कर्मचारियों के जीविकोपार्जन के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने का बिल पारित करे या नहीं तो जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं तब तक सम्मानजनक मानदेय कम_से_कम 26 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय भुगतान करने की गारंटी करे तब मोदी सरकार का महिलावादी का असली चरित्र सामने आएगा। कार्यक्रम को भाकपा माले जिला सचिव कॉम रघुपति पंडित,जिला कमिटी सदस्य जयदेव सिंह,शंभू तुरी,रसोइया संघ की जिला उपाध्यक्ष चिंता देवी,अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जिला उपाध्यक्ष चमेली ने संबोधित किया इसके अलावा मुनि देवी,सुनीता किस्कु,सरस्वती देवी,पुतुल देवी,चंपा देवी,जगदंबा देवी,कविता देवी,लीला देवी,रिंकू देवी,sumiya देवी,मोना देवी,सुनीता देवी,रंजू देवी,सोनू भारती,लक्ष्मण मंडल,शंकर पंडित आदि दर्जनों लोगों ने भाग लिया।