मंडी में आलू का भाव उछला, किसान को मिली राहत
फर्रुखाबाद l शनिवार को सातनपुर आलू मंडी में आमद दोगुनी होने पर भी भाव में लगभग 100 रुपए का उछाल रहा, फर्रुखाबाद की एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में पिछले लगभग एक महीने से एक जैसा ही भाव देखने को मिला, जो सफेद आलू 201 रुपए से 401 रुपए प्रति कुंतल में बिक्री होती रही थी लेकिन बरसात होने से भीषण गर्मी से राहत मिलने व बाहिरी मंडियों से मांग के चलते 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की उछाल रही आज 301 से 501 रुपए प्रति क्विंटल में सफेद हाईब्रिड आलू व लाल हालैंड आलू पिछले दिनों 501 से 601 रुपए बिकने वाला आलू आज 601 से 751 रुपए प्रति क्विंटल में बिका है जबकि पिछले दिनों आमद 30 से 40 मोटर रही थी और आज दोगुनी लगभग 80 मोटर आमद होते हुए भी 100 रुपए का उछाल रहा , बिकवाली अच्छी होने से एक घंटे में सभी आलू की बिक्री हो गई ।
संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव पुलिस ने भरा पंचनामा
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव चाचूपुर मोड़ स्थित विद्यालय के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।मृतक की पहचान ब्रजेश राजपूत 22 पुत्र बालक राम राजपूत निवासी ग्राम चाचूपुर जटपुरा थाना राजेपुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।परिजनों के अनुसार ब्रजेश अपने परिवार में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई का नाम संजू तथा छोटे भाई का नाम कल्याण बताया गया है, जबकि उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। युवक की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां सावित्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।राजेपुर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
भदोही में थाना समाधान दिवस, 64 शिकायतें दर्ज:पुलिस व राजस्व विभाग की 12 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद के सभी थानों पर शनिवार को "थाना समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह आयोजन जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इसकी निगरानी की।

इस दौरान, संबंधित थानों पर पुलिस टीम ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जन सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। पुलिस विभाग से संबंधित सभी प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जमीन से जुड़े सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को भटकना न पड़े और मामलों का त्वरित व न्यायपूर्ण निस्तारण हो सके।

आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 64 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 55 राजस्व विभाग से संबंधित थे और 9 पुलिस विभाग से। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 9 शिकायतों और राजस्व से संबंधित 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की 3 संयुक्त टीमों का गठन किया गया है।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
भयहीन व्यक्ति को रावण बनने में समय नहीं लगता-राजन जी महराज
*बृजभूषण सिंह ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह उर्फ़ मंजू सिंह भी शामिल हुए और इस दौरान दोनों ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना कर आरती उतारी।इसके साथ ही बृजभूषण शरण सिंह ने पूज्य राजन जी महराज का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।श्रीराम कथा के छठें दिन पूज्य राजन जी महाराज ने केवट प्रेम कथा की शुरुआत की।उन्होंने भगवान राम और केवट के बारे में विस्तार से बताया।कथा वाचन करते हुए राजन जी महराज ने समझाया कि हम आत्मा हैं और भगवान परमात्मा है।आत्मा और परमात्मा के बीच माया एक बाधा है,जो हमें भगवान से दूर रखती है।राजन जी महराज ने आगे कहा कि जब कोई महात्मा इस माया की जगह ले लेता है,तो वह आत्मा और परमात्मा के मध्य संबंध स्थापित कर देता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य के जीवन में किसी न किसी का भय होना आवश्यक है और जिस व्यक्ति को किसी का भय नहीं होता,उसे रावण बनने में समय नहीं लगता तथा वह निशंक हो जाता है।राजन जी महराज ने स्पष्ट किया कि जीवन में ऐसा कोई होना चाहिए जो हमें डांट सके।उन्होंने कहा कि सेवा में जब तक भय नहीं आता,तब तक सेवा श्रेष्ठ नहीं हो सकती।भय के प्रवेश से मनुष्य सतर्कता के साथ सेवा करता है,जबकि भय समाप्त होने पर गुरु के प्रति भी अनादर का भाव आ सकता है।पूज्य महराज जी ने कहा कि कभी भी अपने श्रेष्ठ से हाल चाल नहीं पूछा जाता है वरन अपने से श्रेष्ठ से अपना हाल चाल बताया जाता है।राजन जी महराज ने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम जैसा और केवट जैसा प्रेम होना चाहिए।आज लोगों के अंदर भगवान राम और केवट जैसा प्रेम नहीं दिख रहा है,एक दूसरे को लोग हीन भावना से देख रहे हैं।एक दूसरे से लोग ईर्ष्या रखते हैं।यह सब सारी चीजें आज खत्म होनी चाहिए तथा भगवान राम की तरह और केवट की तरह लोगों को एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए।राजन जी महराज ने कहा कि आज हमारे सनातन समाज में सनातन संस्कृति बहुत पुरानी है और उसी सनातन संस्कृति के तहत लोगों को चलना होगा।जैसे भगवान राम और केवट का प्रेम दिखा।लोगों को जो आज अजर अमर हो गया इस तरीके से यहां पर लोगों को भी एक दूसरे से अपने प्रेम बनाने चाहिए।कथा के दौरान कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह के प्रतिनिधि सुनील सिंह,कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला,नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमित भूषण सिंह,कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा सहित हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।
कन्नौज में हुआ भीषण सडक  हादसा, एक युवक की मौत, 5 घायल

पंकज श्रीवास्तव/ विवेक कुमार

कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के इकलौते पुत्र की मौत हो गई, जबकि कार में सवार पांच अन्य लोग घायल हो गए। सभी लोग पारिवारिक कार्यक्रम में तिलक चढ़ाकर वापस लौट रहे थे।

जानकारी के अनुसार चौकी जसोदा क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर जसोदा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोपाल त्रिपाठी के 38 वर्षीय पुत्र प्रशांत त्रिपाठी अपने साथियों शुभम तिवारी (30 वर्ष), बादल तिवारी (35 वर्ष), रमन तिवारी (36 वर्ष), निशांत अग्निहोत्री (22 वर्ष), विकास पांडे (36 वर्ष) और ग्राम पांडेपुरवा निवासी 32 वर्षीय विकास पांडे के साथ गुरुवार रात सीतापुर जिले के सिधौली में शुभम तिवारी की बहन निशा का तिलक चढ़ाने गए थे।
वापसी के दौरान तेज रफ्तार थार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।

हादसे में प्रशांत त्रिपाठी की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।
मंडी में आलू का भाव उछला, किसान को मिली राहत
फर्रुखाबाद l शनिवार को सातनपुर आलू मंडी में आमद दोगुनी होने पर भी भाव में लगभग 100 रुपए का उछाल रहा, फर्रुखाबाद की एशिया प्रसिद्ध आलू मंडी सातनपुर में पिछले लगभग एक महीने से एक जैसा ही भाव देखने को मिला, जो सफेद आलू 201 रुपए से 401 रुपए प्रति कुंतल में बिक्री होती रही थी लेकिन बरसात होने से भीषण गर्मी से राहत मिलने व बाहिरी मंडियों से मांग के चलते 100 रुपए प्रति क्विंटल तक की उछाल रही आज 301 से 501 रुपए प्रति क्विंटल में सफेद हाईब्रिड आलू व लाल हालैंड आलू पिछले दिनों 501 से 601 रुपए बिकने वाला आलू आज 601 से 751 रुपए प्रति क्विंटल में बिका है जबकि पिछले दिनों आमद 30 से 40 मोटर रही थी और आज दोगुनी लगभग 80 मोटर आमद होते हुए भी 100 रुपए का उछाल रहा , बिकवाली अच्छी होने से एक घंटे में सभी आलू की बिक्री हो गई ।
संदिग्ध मौत पर ग्रामीणों का पथराव थाना अध्यक्ष राजेपुर समेत कई पुलिसकर्मी घायल
पथराव करने वालों पर कार्यवाही तय उच्च अधिकारियों ने दिए संकेत

अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई।थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बृजेश पुत्र बालकराम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर हंगामा कर दिया। आक्रोशित महिलाओं ने शव को कंपोजिट शराब ठेके के पास रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और आरोप लगाते हुए ठेके पर मौजूद सेल्समैनों के साथ मारपीट कर उन्हें दुकान के अंदर बंद कर ताला डाल दिया।
स्थिति बिगड़ने की सूचना मिलते ही थाना अध्यक्ष राजेपुर सुदेश कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस द्वारा शव को कब्जे में लेने का प्रयास किया गया तो भीड़ उग्र हो गई और देखते ही देखते पथराव शुरू हो गया। पथराव इतना जबरदस्त था कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार, क्षेत्राधिकारी ऐश्वर्या उपाध्याय समेत आधा दर्जन से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। आबकारी विभाग में तैनात रीता वर्मा को भी पत्थर लगने से चोटें आईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उग्र भीड़ ने पुलिस को करीब आधा किलोमीटर तक खदेड़ दिया। इस दौरान महिलाओं और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। बताया जा रहा है कि थाना अध्यक्ष सुदेश कुमार को महिलाओं ने काट लिया, जिससे वह घायल हो गए। सिपाही विष्णु, सौरव सहित कई अन्य पुलिसकर्मी भी चोटिल हुए हैं।घटना के दौरान गांव की कई महिलाएं भी घायल हो गईं। पुलिस ने रविता पत्नी छोटेलाल निवासी अंबरपुर, श्रीदेवी पत्नी मंसाराम निवासी चाचूपुर, कामेश पुत्र गंगाराम समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है।उग्र भीड़ ने कादरी गेट थाना की सरकारी गाड़ी को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं मौके पर मौजूद लेखपाल आशीष यादव की कार में भी तोड़फोड़ की गई। लेखपाल आशीष यादव को भी चोटें आने की जानकारी सामने आई है।घटना की सूचना मिलते ही अपर पुलिस अधीक्षक मौके पर पहुंचे और हालात को काबू करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया। पूरे इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है तथा बवाल और पथराव करने वालों की पहचान कर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
संदिग्ध परिस्थितियों में मिला शव पुलिस ने भरा पंचनामा
अमृतपुर फर्रुखाबाद 9 मई। थाना राजेपुर क्षेत्र में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई जब एक युवक का शव चाचूपुर मोड़ स्थित विद्यालय के निकट संदिग्ध परिस्थितियों में पड़ा मिला। शव मिलने की सूचना से क्षेत्र में भारी भीड़ जमा हो गई। राजेपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और जांच पड़ताल शुरू कर दी। घटना को लेकर परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।मृतक की पहचान ब्रजेश राजपूत 22 पुत्र बालक राम राजपूत निवासी ग्राम चाचूपुर जटपुरा थाना राजेपुर के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों द्वारा शव पड़े होने की सूचना पुलिस को दी गई थी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया। फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाकर जांच शुरू कर दी है।परिजनों के अनुसार ब्रजेश अपने परिवार में सबसे छोटा था। मृतक के बड़े भाई का नाम संजू तथा छोटे भाई का नाम कल्याण बताया गया है, जबकि उसकी तीन बहनों की शादी हो चुकी है। युवक की अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। मां सावित्री देवी का रो-रोकर बुरा हाल बना हुआ है।घटना के बाद पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के बीच युवक की मौत को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि अभी तक मौत के कारणों का स्पष्ट खुलासा नहीं हो सका है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।राजेपुर पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह सामने आ सकेगी।
भदोही में थाना समाधान दिवस, 64 शिकायतें दर्ज:पुलिस व राजस्व विभाग की 12 शिकायतों का मौके पर हुआ निस्तारण


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद के सभी थानों पर शनिवार को "थाना समाधान दिवस" का आयोजन किया गया। शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से यह आयोजन जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में हुआ। अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने इसकी निगरानी की।

इस दौरान, संबंधित थानों पर पुलिस टीम ने प्रशासनिक टीम के साथ मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। राजस्व कर्मियों की उपस्थिति में कई समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण किया गया।

जन सुनवाई के दौरान प्राप्त शिकायतों को गंभीरता से सुना गया। पुलिस विभाग से संबंधित सभी प्रार्थना पत्रों का मौके पर निस्तारण किया गया, जबकि राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए। जमीन से जुड़े सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमों को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए, ताकि फरियादियों को भटकना न पड़े और मामलों का त्वरित व न्यायपूर्ण निस्तारण हो सके।

आयोजित थाना समाधान दिवस में कुल 64 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 55 राजस्व विभाग से संबंधित थे और 9 पुलिस विभाग से। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 9 शिकायतों और राजस्व से संबंधित 3 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। शेष प्रकरणों के त्वरित व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की 3 संयुक्त टीमों का गठन किया गया है।
यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करने की मांग पर सड़क पर उतरीं पल्लवी पटेल
* रेलवे ट्रैक किया जाम, वंदे भारत ट्रेन एक घंटे प्रभावित
* अपना दल कमेरावादी और छात्र-युवा संगठनों का लखनऊ में प्रदर्शन, भारी संख्या में कार्यकर्ता हिरासत में
लखनऊ। यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 को तत्काल लागू करने की मांग को लेकर शनिवार को राजधानी लखनऊ में बड़ा प्रदर्शन देखने को मिला। अपना दल कमेरावादी तथा विभिन्न सामाजिक, छात्र और युवा संगठनों के बैनर तले हजारों कार्यकर्ताओं ने चारबाग रेलवे स्टेशन से विशाल मार्च निकाला।
प्रदर्शन के दौरान हालात उस समय तनावपूर्ण हो गए, जब पुलिस द्वारा आरक्षण केंद्र के पास बैरिकेडिंग लगाकर जुलूस को रोकने का प्रयास किया गया। इससे आक्रोशित कार्यकर्ता रेलवे ट्रैक पर उतर गए और चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों के ट्रैक पर कब्जा करने के चलते दिल्ली से अयोध्या जा रही वंदे भारत ट्रेन को आउटर पर रोकना पड़ा, जिससे ट्रेन लगभग एक घंटे तक प्रभावित रही।
प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। रेलवे एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने काफी मशक्कत के बाद स्थिति को नियंत्रित किया। बताया गया कि सिराथू विधायक डॉ पल्लवी पटेल ट्रेन के इंजन पर चढ़ गई थीं, जिन्हें अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद नीचे उतारा गया। बाद में डॉ. पटेल समेत बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया।
प्रदर्शनकारियों ने “यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लागू करो”, “सबको शिक्षा, सबको सम्मान” और “शिक्षण संस्थानों में वंचितों का उत्पीड़न बंद करो” जैसे नारे लगाए। हाथों में तख्तियां लेकर कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया।
इस मौके पर डॉ. पल्लवी पटेल ने कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों में जाति, लिंग, धर्म और सामाजिक आधार पर होने वाले भेदभाव एवं उत्पीड़न की घटनाओं को रोकने के लिए यूजीसी इक्विटी रेगुलेशन-2026 लाया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस विनियम को जानबूझकर न्यायिक प्रक्रिया में उलझाकर लागू होने से रोका जा रहा है।उन्होंने कहा कि रोहित वेमुला, दर्शन सोलंकी, पायल तड़वी और अनिल कुमार जैसे मामलों ने देश की शिक्षा व्यवस्था में मौजूद असमानता को उजागर किया है। यूजीसी रेगुलेशन-2026 किसी विशेष वर्ग के खिलाफ नहीं, बल्कि हर प्रकार के शोषण और भेदभाव के विरुद्ध है।
डॉ. पटेल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों के अधिकारों के सवाल पर सरकार की नीयत साफ नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि रेगुलेशन लागू नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।उन्होंने कहा, “सामाजिक न्याय और शिक्षा में समान अवसर के लिए हमारी लड़ाई अंतिम दम तक जारी रहेगी।”
भयहीन व्यक्ति को रावण बनने में समय नहीं लगता-राजन जी महराज
*बृजभूषण सिंह ने पैर छूकर लिया आशीर्वाद

गोंडा।जिले के कटरा बाजार विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में चल रही श्रीराम कथा के छठवें दिन पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह व विधान परिषद सदस्य अवधेश कुमार सिंह उर्फ़ मंजू सिंह भी शामिल हुए और इस दौरान दोनों ने व्यास पीठ की पूजा अर्चना कर आरती उतारी।इसके साथ ही बृजभूषण शरण सिंह ने पूज्य राजन जी महराज का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं।श्रीराम कथा के छठें दिन पूज्य राजन जी महाराज ने केवट प्रेम कथा की शुरुआत की।उन्होंने भगवान राम और केवट के बारे में विस्तार से बताया।कथा वाचन करते हुए राजन जी महराज ने समझाया कि हम आत्मा हैं और भगवान परमात्मा है।आत्मा और परमात्मा के बीच माया एक बाधा है,जो हमें भगवान से दूर रखती है।राजन जी महराज ने आगे कहा कि जब कोई महात्मा इस माया की जगह ले लेता है,तो वह आत्मा और परमात्मा के मध्य संबंध स्थापित कर देता है।उन्होंने जोर देकर कहा कि मनुष्य के जीवन में किसी न किसी का भय होना आवश्यक है और जिस व्यक्ति को किसी का भय नहीं होता,उसे रावण बनने में समय नहीं लगता तथा वह निशंक हो जाता है।राजन जी महराज ने स्पष्ट किया कि जीवन में ऐसा कोई होना चाहिए जो हमें डांट सके।उन्होंने कहा कि सेवा में जब तक भय नहीं आता,तब तक सेवा श्रेष्ठ नहीं हो सकती।भय के प्रवेश से मनुष्य सतर्कता के साथ सेवा करता है,जबकि भय समाप्त होने पर गुरु के प्रति भी अनादर का भाव आ सकता है।पूज्य महराज जी ने कहा कि कभी भी अपने श्रेष्ठ से हाल चाल नहीं पूछा जाता है वरन अपने से श्रेष्ठ से अपना हाल चाल बताया जाता है।राजन जी महराज ने आगे लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान राम जैसा और केवट जैसा प्रेम होना चाहिए।आज लोगों के अंदर भगवान राम और केवट जैसा प्रेम नहीं दिख रहा है,एक दूसरे को लोग हीन भावना से देख रहे हैं।एक दूसरे से लोग ईर्ष्या रखते हैं।यह सब सारी चीजें आज खत्म होनी चाहिए तथा भगवान राम की तरह और केवट की तरह लोगों को एक दूसरे से प्रेम करना चाहिए।राजन जी महराज ने कहा कि आज हमारे सनातन समाज में सनातन संस्कृति बहुत पुरानी है और उसी सनातन संस्कृति के तहत लोगों को चलना होगा।जैसे भगवान राम और केवट का प्रेम दिखा।लोगों को जो आज अजर अमर हो गया इस तरीके से यहां पर लोगों को भी एक दूसरे से अपने प्रेम बनाने चाहिए।कथा के दौरान कैसरगंज से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह के प्रतिनिधि सुनील सिंह,कटरा बाजार ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि भवानी भीख शुक्ला,नवाबगंज ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि सुमित भूषण सिंह,कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह व जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा सहित हजारों की संख्या में भक्त उपस्थित रहे।
कन्नौज में हुआ भीषण सडक  हादसा, एक युवक की मौत, 5 घायल

पंकज श्रीवास्तव/ विवेक कुमार

कन्नौज जिले के गुरसहायगंज कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में पूर्व जिला पंचायत सदस्य के इकलौते पुत्र की मौत हो गई, जबकि कार में सवार पांच अन्य लोग घायल हो गए। सभी लोग पारिवारिक कार्यक्रम में तिलक चढ़ाकर वापस लौट रहे थे।

जानकारी के अनुसार चौकी जसोदा क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर जसोदा निवासी पूर्व जिला पंचायत सदस्य गोपाल त्रिपाठी के 38 वर्षीय पुत्र प्रशांत त्रिपाठी अपने साथियों शुभम तिवारी (30 वर्ष), बादल तिवारी (35 वर्ष), रमन तिवारी (36 वर्ष), निशांत अग्निहोत्री (22 वर्ष), विकास पांडे (36 वर्ष) और ग्राम पांडेपुरवा निवासी 32 वर्षीय विकास पांडे के साथ गुरुवार रात सीतापुर जिले के सिधौली में शुभम तिवारी की बहन निशा का तिलक चढ़ाने गए थे।
वापसी के दौरान तेज रफ्तार थार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे करीब 20 फीट गहरी खाई में जा गिरी। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों और पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद घायलों को बाहर निकाला।

हादसे में प्रशांत त्रिपाठी की मौत हो गई, जबकि अन्य घायल लोगों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को बेहतर इलाज के लिए रेफर किया गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
लखनऊ में सेफ्टी टैंक हादसा: जहरीली गैस से दो सफाईकर्मियों की मौत
* मुख्यमंत्री ने जताया शोक, जांच और मुआवजे के दिए निर्देश
लखनऊ। लखनऊ के माल थाना क्षेत्र स्थित नबी पनाह गांव में सेफ्टी टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक की सफाई करने उतरे दो मजदूरों की दम घुटने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।
मृतकों की पहचान रिंकू और राजेश के रूप में हुई है। दोनों की उम्र करीब 35 वर्ष बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार दोनों युवक सेफ्टी टैंक की सफाई के लिए अंदर उतरे थे, तभी जहरीली गैस की चपेट में आने से उनका दम घुट गया और मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि अस्पताल के बाहर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जुट गई।
घटना का संज्ञान लेते हुए योगी आदित्यनाथ ने मृतक सफाईमित्रों के परिजनों के प्रति गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने, उचित मुआवजा उपलब्ध कराने तथा पूरे हादसे की विस्तृत जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
योगी सरकार में कानून व्यवस्था मजबूत, दंगों और फिरौती पर लगी लगाम
* एनसीआरबी रिपोर्ट का दावा— 2023 और 2024 में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य

लखनऊ। उत्तर प्रदेश, जिसे वर्ष 2017 से पहले ‘दंगा प्रदेश’ कहा जाता था, आज सख्त कानून व्यवस्था और जीरो टॉलरेंस नीति के चलते अपराध नियंत्रण के नए मॉडल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है। राज्य सरकार के अनुसार योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में कोई बड़ा दंगा नहीं हुआ, जबकि वर्ष 2012 से 2017 के बीच प्रदेश में 25 हजार से अधिक दंगे दर्ज किए गए थे।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, समाजवादी पार्टी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में प्रतिदिन औसतन 19 दंगे और 33 अपहरण की घटनाएं सामने आती थीं। वहीं वर्तमान सरकार का दावा है कि कठोर कानून व्यवस्था और अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई के कारण दंगाइयों एवं माफियाओं के मंसूबे विफल हुए हैं।
एनसीआरबी की वर्ष 2024 रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश में फिरौती के लिए अपहरण की अपराध दर शून्य दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक नगालैंड में यह दर 0.7, मणिपुर में 0.6, अरुणाचल प्रदेश में 0.3 और मेघालय में 0.2 रही, जबकि उत्तर प्रदेश में यह आंकड़ा शून्य रहा। वर्ष 2023 में भी प्रदेश में इस श्रेणी में अपराध दर शून्य दर्ज की गई थी।
सरकार का कहना है कि अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, सक्रिय पुलिसिंग, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई और माफियाओं की संपत्तियों की जब्ती जैसे कदमों का असर अब धरातल पर दिखाई दे रहा है। संगठित अपराधों पर आर्थिक कार्रवाई ने अपराधियों की कमर तोड़ने का काम किया है।
प्रदेश सरकार के अनुसार पिछले नौ वर्षों में कुछ अराजक तत्वों द्वारा दंगा भड़काने की कोशिश जरूर की गई, लेकिन समय रहते पुलिस और प्रशासन ने सख्त कार्रवाई कर हालात को नियंत्रित कर लिया। एनसीआरबी की 2024 रिपोर्ट में उत्तर प्रदेश में बलवा की अपराध दर 1.1 दर्ज की गई है, जबकि राष्ट्रीय औसत 2.2 रहा। रिपोर्ट के अनुसार मणिपुर में यह दर 8.4, महाराष्ट्र में 6.4, कर्नाटक में 5.4, हरियाणा में 5.3 और हिमाचल प्रदेश में 4.7 दर्ज की गई।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सार्वजनिक मंचों से अक्सर कहते हैं— “नो कर्फ्यू, नो दंगा, यूपी में सब चंगा।” सरकार का दावा है कि यही सख्त नीति प्रदेश में कानून व्यवस्था सुधारने का आधार बनी है।
“हमारी जनगणना-हमारा विकास” : केशव प्रसाद मौर्य ने भरा डिजिटल स्वगणना फार्म

* उप मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से की जनगणना-2027 में बढ़-चढ़कर सहभागिता की अपील

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने शुक्रवार को जनगणना-2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत अपने कैंप कार्यालय 7-कालिदास मार्ग पर डिजिटल माध्यम से स्वगणना फार्म भरकर प्रदेशवासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की।
उप मुख्यमंत्री ने “हमारी जनगणना-हमारा विकास” के संकल्प के साथ प्रदेश में 7 मई से प्रारंभ हुए मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य के तहत स्वयं डिजिटल फार्म भरते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक सही एवं प्रमाणिक जानकारी देकर इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में योगदान दे।
केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार जनगणना के साथ जातीय जनगणना भी कराई जाएगी। प्रथम चरण में भवनों एवं मकानों की गणना की जाएगी, जबकि द्वितीय चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उन्होंने बताया कि आमजन को 21 मई 2026 तक स्वगणना का विकल्प उपलब्ध कराया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक स्वयं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद जनगणना कार्मिक घर-घर जाकर सूचीकरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि सही जनगणना सर्वांगीण एवं सुनियोजित विकास का मजबूत आधार है। जनगणना से प्राप्त सटीक आंकड़ों के आधार पर विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सकेगा तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास की किरणें पहुंचाने में सहायता मिलेगी।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास” के संकल्प को धरातल पर उतारने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में देश में पहली बार डिजिटल जनगणना कराई जा रही है, जिससे पूरी प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, प्रभावी और त्वरित बनी है।
इस अवसर पर जनगणना कार्य, उत्तर प्रदेश की निदेशक शीतल वर्मा ने उप मुख्यमंत्री को “भारत की जनगणना” विषयक स्मृति चिन्ह भेंट किया तथा जनगणना के प्रति लोगों को जागरूक और प्रेरित करने हेतु उनका आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जनगणना के दोनों चरणों के सफल संचालन के लिए कार्मिकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है।