जबरदस्ती लगाए गए स्मार्ट मीटर, अब एडवांस जमा करने की नीति गलत, उपभोक्ता परेशान, नहीं सुन रहे जनप्रतिनिधि
फर्रुखाबाद l जनपद में विद्युत विभाग के द्वारा जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं l इन मीटर के द्वारा लगातार आम जनता के ऊपर पढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर एक बैठक शहर के पटेल पार्क में की गई,बैठक में स्मार्ट मीटर से पीड़ित लोगों ने आकर अपने साथ हो रही लूट के बारे में बताया स्मार्ट मीटर लगने के बाद किस प्रकार से हम लोगों के द्वारा मीटर में डाले गए पैसे काटे जा रहे हैं रात में लाइट बंद कर दी जाती है और हर व्यक्ति समय बहुत परेशान है l बैठक को संबोधित करते हुए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि कब तक जनता अपना शोषण कराती रहेगी तब तक उसका शोषण होता रहेगा शहर में हजारों विद्युत उपभोक्ता है और उन सबने बिना विरोध किए हुए स्मार्ट मीटर अपने-अपने घरों में लगवा लिए जबकि स्मार्ट मीटर तभी लगने के आदेश थे जब गृह स्वामी अपनी सहमति दे पर किसी ने चू नहीं की आज लोग परेशान है सांसद विधायक एवं अन्य राजनीतिक दल किसी भी प्रकार से जनता की आवाज उठाने के लिए तैयार नहीं है उन्होंने जनता का आवाहन करते हुए कहा कि आपकी लड़ाई तभी सफल होगी जब आप लोग ईमानदारी से अपनी हक की लड़ाई लड़ेंगे क्योंकि वर्तमान में कोई भी जनप्रतिनिधि का नेता आपके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है मैं आप लोगों के साथ हूं और स्तर से हूं आपके साथ यह लड़ाई जरूर जीती जाएगी बैठक में उन्होंने घोषणा की बहुत जल्द वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर स्मार्ट मीटर से हो रही परेशानियों के बारे में जनता से संवाद किया जाएगा और उसके बाद इस समस्या को हल करने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी जनता को किसी भी हालत में परेशानी में नहीं डाला जाएगा और हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा । बैठक में प्रमुख रूप से जितेंद्र मिश्रा अंगद पांडे प्रिंस शुक्ला निशु दुबे अतुल गुप्ता सनी बाथम अनिल कश्यप बाबू अग्निहोत्री श्यामेंद्र दुबे नीरज संजीव भरथरिया प्रकाश सक्सेना सुरेश कश्यप शाहरुख खान प्रदीप तिवारी आलोक मिश्रा अमन जैन कुलदीप दीक्षित अजय मिश्रा रितेश पांडे दिनेश राजपूत आचार्य अमरेश तिवारी सतीश दीक्षित मुकेश बाथम राजेश दिवाकर राजू खान लवी सक्सेना शाहिद बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे बैठक का संचालन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिले के प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ  कोमल ने किया
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।

किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
प्रयागराज में वारदात, घर के बरामदे में सो रही वृद्धा की गला दबाकर हत्या; शरीर से आभूषण लूट ले गए बदमाश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जिले के यमुनापार इलाके में बड़ी वारदात हुई। मांडा थाना क्षेत्र के दिघिया चौकी अंतर्गत बरहा कला के बबुरा निवासिनी 65 वर्षीय कस्तूरा देवी पत्नी स्वर्गीय उमा शंकर बिंद की शनिवार देर रात गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब वह घर के बाहर सो रही थीं। उनके शरीर से आभूषण भी गायब हैं। घरवालों ने आभूषण की लूट के लिए वृद्धा की हत्या की आशंका जताई है। मांडा पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की।

16 वर्षीय नातिन संग रहती थीं 75 वर्षीय कस्तूरा देवी

बबुरा गांव निवासी उमा शंकर बिंद रेलवे कर्मी थे। उनकी दो पुत्रियां ऊषा व रेनू हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। करीब पांच वर्ष पूर्व उमा शंकर सेवानिवृत्त हुए। 10 माह पहले उनकी मौत हो गई थी। घर पर अकेले उनकी पत्नी कस्तूरा रहती थीं। अकेले होने की वजह से उन्होंने अपनी 16 वर्षीया नातिन राधा को अपने पास बुला लिया था।

सुबह नानी को उठाने गई तो शरीर में हरकत नहीं दिखी

शनिवार रात खाना खाने के बाद राधा कमरे में सोने चली गई, जबकि कस्तूरा घर के बाहर बरामदे में जाकर सो गईं। रविवार सुबह राधा सोकर उठी तो देखा कि नानी अभी सो रही हैं। उसने नानी को जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। वह चीखने-चिल्लाने लगी। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने देखा तो कस्तूरी की मौत हो चुकी थी। गले पर निशान था।

कस्तूरा के पहने गए आभूषण गायब थे

राधा ने बताया कि नानी ने जो आभूषण पहने थे, वह गायब हैं। कुछ ही देर में मांडा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। एसीपी मेजा संत प्रकाश उपाध्याय और फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। मांडा पुलिस का कहना है कि घरवालों ने हत्या की बात कही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि मामला हत्या का है या नहीं। हालांकि, जांच पड़ताल की जा रही है।

माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं
*आयुक्त ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए*

*एक सप्ताह में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश, लापरवाही पर चेतावनी*

*आयुक्त ने 14 महिलाओं की सुनी समस्याएं,दिये समाधान के निर्देश*


*गोण्डा, 13 अप्रैल 2026* - देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने 14 महिलाओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुना। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*विद्युत चोरी के आरोप में महिला ने लगाया मनमानी कार्रवाई का आरोप*


जनसुनवाई के दौरान गोण्डा शहर के मेवातियान मोहल्ले की निवासी रुकसाना ने विद्युत विभाग पर गलत तरीके से भारी जुर्माना लगाने की शिकायत की। प्रार्थिनी के अनुसार पिछले साल 6 अक्टूबर को जब वह अपनी मां के निधन के कारण मायके गई हुई थीं, उसी दौरान विद्युत विभाग की टीम ने उनके घर पर जांच की। उस समय घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था। टीम ने बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए और बिना किसी की मौजूदगी में जांच कर 1,31,544 रुपये का जुर्माना लगा दिया। रुकसाना का कहना है कि उनके घर में कोई अधिक विद्युत लोड वाले उपकरण भी नहीं हैं और वह नियमित रूप से बिल का भुगतान करती हैं। उन्होंने जांच में अनियमितता, वीडियोग्राफी व हस्ताक्षर की प्रक्रिया न अपनाने की बात कही है। पीड़िता ने आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।

*तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग तेज*

देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित महिला जनसुनवाई में ग्राम भवाजिदपुर की निवासी किशना देवी ने तहसीलदार न्यायिक मनकापुर के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में 26 दिसंबर 2023 को पारित आदेश में भूमि पर से अतिक्रमण हटाने और क्षतिपूर्ति व निष्पादन व्यय वसूलने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ दायर अपील को भी मुख्य राजस्व अधिकारी ने 2 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया, जिससे आदेश प्रभावी हो गया। बावजूद इसके, राजस्व विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने बताया कई बार थाना दिवस व संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित है। उन्होंने आयुक्त से शीघ्र कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

*राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर महिला की गुहार*

देवीपाटन मंडल में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान ग्राम सेहरिया, वजीरगंज की निवासी मुन्नी देवी ने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) तरबगंज के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में जून 2025 को न्यायालय ने भूमि की पैमाइश कर सीमांकन व पत्थर स्थापित कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अब तक राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग जबरन खेत पर कब्जा करने और रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। मुन्नी देवी ने आयुक्त से हस्तक्षेप कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और संबंधित विपक्षियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि विवाद का स्थायी समाधान हो सके।

*जन्म प्रमाण पत्र के लिए महिला ने जनसुनवाई में लगाई गुहार*

गोण्डा में “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिला जनसुनवाई में बहराइच जनपद की प्रिया ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गुहार लगाई। प्रिया ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को ब्लॉक फखरपुर में एफिडेविट के आधार पर आवेदन किया था, लेकिन अब तक अनुमोदन नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा माता-पिता का आधार व राशन कार्ड तथा शैक्षिक प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। प्रिया ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनका घर से संपर्क नहीं है, जिससे आवश्यक दस्तावेज जुटाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया कि ग्राम पंचायत व तहसील स्तर पर जांच कराकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया जाए। उनका कहना है कि प्रमाण पत्र के अभाव में वह शिक्षा व रोजगार के अवसरों से वंचित हैं।


*महिला ने जमीन कब्जे व धमकी के खिलाफ जनसुनवाई में लगाई गुहार*

“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में आयोजित महिला जनसुनवाई में शांति देवी ने जमीन कब्जे और जानमाल की धमकी का गंभीर आरोप लगाया। ग्राम चन्द्रसुहा, तरबगंज की निवासी पीड़िता ने बताया कि ग्रामीण सड़क निर्माण के बाद उनकी शेष जमीन व बंजर भूमि पर विपक्षीगण कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि पूर्व प्रधान व लेखपाल की मिलीभगत से जमीन का रिकॉर्ड बदलकर पट्टा अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया और बाद में बैनामा भी करा लिया गया। पीड़िता का कहना है कि विपक्षीगण असलहा दिखाकर धमकाते हैं और घर में जबरन ताला लगाने जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। उन्होंने आयुक्त से भूमि की पैमाइश कराकर कब्जा रोकने, निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करायें।
बिजली कर्मियों पर कार्यवाही से मचा बवाल,आंदोलन की दी चेतावनी
*रंजीत तिवारी की मौत के बाद 5 कर्मियों पर कार्यवाही से नाराजगी

गोंडा।चार दिन पहले पत्रकार व अधिवक्ता रंजीत तिवारी के मौत के मामले में मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ द्वारा पांच बिजली कर्मियों पर कार्यवाही को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है आंदोलन की तैयारी की जा रही है।राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया है।उनका कहना है कि लाइन मैन के पास लाइन सिफ्टिंग का अधिकार नहीं होता है,ऐसे में उनपर कार्यवाही गलत है।कार्रवाई के तहत लाइन मैन दिनेश यादव और टेक्नीशियन अभिषेक रंजन को निलंबित किया गया है,जबकि संविदा कर्मचारी का तबादला किया गया है।वहीं अवर अभियंता कुलदीप यादव और उपखंड अधिकारी भरत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,वर्ष 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय पथवलिया के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग को बजट उपलब्ध कराया था इसके बावजूद लाइन शिफ्ट नहीं की गई और चार दिन पहले तार टूटकर गिरने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई।मृतक रंजीत तिवारी की पत्नी पूजा तिवारी ने भी आरोप लगाया है कि विभाग के बड़े अधिकारियों की लापरवाही के परिणामस्वरूप यह हादसा हुआ।उन्होंने प्रदेश सरकार से जिम्मेदार उच्चाधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।इधर,कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद संगठनों ने इसे एकतरफा बताते हुए विरोध तेज करने और आंदोलन की चेतावनी दिया है।उनका आरोप है कि जिम्मेदारी तय किये बिना छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
डॉ रेशू सिंह (सुभद्रा) के उपन्यास This is on Record का विमोचन
मुंबई। एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, जुहू परिसर के मिनी हॉल में 'This is on record' नामक उपन्यास पुस्तक का विमोचन सुप्रसिद्ध अधिवक्ता एड आभा सिंह, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार राजदूत संगठन के इंटरनेशनल वर्किंग प्रेसीडेंट संजय जीवनलाल शाह, महिला विंग की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अल्पाबेन संजय शाह, वरिष्ठ नगरसेविका सुधा सिंह समेत तमाम गणमान्यों की उपस्थिति में किया गया। यह पुस्तक अंग्रेजी विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रेशू सिंह (सुमद्रा) द्बारा लिखी गई है। इस उपन्यास में रूपाली जिस संस्था में काम करती है, वहीं शोषण की शिकार होती है। उस संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के बदले मानसिक प्रताड़ना मिलती है। किंतु रूपाली हार नहीं मानती वह अपने न्याय के लिए संघर्ष करती है। यह कहानी न्याय पाने के सफर में सामाज से, संस्था से आंतरिक परिवेश से मिल रहे संघर्ष व दर्द को दर्शाती है। यही पुस्तक का सारांश है। इस पुस्तक के माध्यम से यह संदेश जाता है कि कार्य क्षेत्र में महिलाओ को अपने अधिकारो का सक्षम प्रयोग करते हुए हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज सशक्त करनी चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रसिद्ध तबला वादिका अनुराधा पाल, प्रसिद्ध लेखिका डॉ कल्पना दवे तथा एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, जुहू परिसर भारतीय ज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ जितेंद्र तिवारी ने नारी के शक्ति, धर्म  कर्तव्य एवं गरिमा पर अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस पुस्तक विमोचन की अध्यक्षता प्रसिद्ध वकील आभा सिंह ने की। आभा सिंह ने अध्यक्षता करती हुई कही कि हर नारी को समानता एवं अस्मिता के साथ जीने का अधिकार है। इस अवसर पर श्री एम डी शाह महिला कॉलेज मालाड की असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास विभाग़) डॉ मेरुप्रभा मिश्रा को सेवाप्रीत फाउंडेशन द्वारा नेशनल ग्लोरी ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पुस्तक विमोचन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों में नेक्सेज कैपिटल के सह संस्थापक राम सिंह, डॉ संगीता राधाकृष्णन, मुंबई प्रदेश सचिव अशोक राय, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्रनाथ द्विवेदी, राजेश उपाध्याय, संतोष साहू, अरूण कुमार गुप्ता, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर की पूर्व हिंदी सहायक आचार्या डॉ गीता दुबे, कथाकार जितेंद्र दवे, राष्ट्रीय कवि डॉ रजनी कांत मिश्र, प्रसिद्ध गायिका निवेदिता मिश्रा, सुलेखा वाजपेयी, डॉ अलका अग्रवाल सिगतिया तथा नाबार्ड की डॉ नीलिमा नागेश तथा अंग्रेजी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नागेश मिश्र आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर वैदिक मंत्र के ध्वनि ज्योतिष आचार्य केशव शर्मा के द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना संस्कृत की छात्रा भाग्यश्री ने की। भारत की लोकप्रिय प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन परउनकी आत्मा की शांति के लिए सभा में दो मिनट का मौन रखा गया तथा समापन राष्ट्रगान से किया गया। स्वागत भाषण नाबार्ड के अभय कुमार ने, धन्यवाद भाषण डॉ रेशू सिंह (सुमद्रा)ने की, जबकि मंच संचालन प्रिंस ग्रोवर ने किया। पुस्तक विमोचन अवसर पर तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।
मेरठ की रहस्यमयी मौत: 4 महीने तक शव के साथ घर में रहा पिता, हरिद्वार-आवागमन और मोबाइल कॉल्स ने खोला नया राज

मेरठ। मेरठ के तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका विश्वास की मौत का मामला अब और अधिक रहस्यमय और सनसनीखेज होता जा रहा है। चार महीने से अधिक पुराने इस केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतका के पिता उदयभानु विश्वास अपनी बेटी के शव के साथ लंबे समय तक घर में ही मौजूद रहे और बीच-बीच में हरिद्वार जाकर लौटते रहे। हैरानी की बात यह है कि वह घर में अंधेरा होने के बाद ही अंदर जाते थे और सुबह होने से पहले निकल जाते थे, ताकि किसी को भनक न लगे।

सूत्रों के अनुसार, उदयभानु हरिद्वार के एक गेस्ट हाउस में भी ठहरे हुए थे और वहां से भी दो बार मेरठ आकर वापस लौटे। इस दौरान उन्होंने घर को बंद रखकर किसी से कोई संपर्क नहीं रखा। स्थानीय लोगों को केवल कभी-कभार उन्हें बाजार में देखा गया, जिससे मामला और संदिग्ध बन गया।

पुलिस को जांच के दौरान प्रियंका का मोबाइल फोन भी मिल गया है, जिसे हरिद्वार से बरामद किया गया है। फोन में अंतिम कॉल 19 नवंबर की दर्ज है, जबकि 14 नवंबर को भी एक कॉल डिटेल मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स का इस्तेमाल किसने किया।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि प्रियंका के पास मोबाइल था, लेकिन परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं मौत के बाद मोबाइल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा नहीं हो सका है क्योंकि शव चार-पांच महीने पुराना होने के कारण पूरी तरह डीकंपोज हो चुका था। अब मौत के कारण का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, उदयभानु ने पूछताछ में दावा किया है कि प्रियंका को पीलिया था और उसने कई बार झाड़-फूंक भी करवाई थी, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बाद में उसकी मौत हो गई और वह शव को घर में ही छोड़कर हरिद्वार चला गया।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर प्रियंका की मौत कब और कैसे हुई, और पिता ने इतने महीनों तक यह राज क्यों छिपाए रखा। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: बरात लौट रही बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 13 घायल

लखनऊ /हापुड़। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बरात से लौट रही बस और सामने से आ रहे ट्रक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के डासना निवासी इकराम कुरैशी के पुत्र की बरात गुलावठी से वापस लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही बस धौलाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस ट्रक के नीचे जा फंसी और बाद में दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक पांडे और एसपी ज्ञानंजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईड्रा मशीन की मदद से बस को ट्रक के नीचे से निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में सोनू, यूसुफ, अख्तर, यूनुस, मुन्ना और बस चालक अशोक की मौत हो गई। सभी मृतक गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं 13 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
जहानाबाद टच रग्बी में बिहार का शानदार प्रदर्शन, जूनियर टीम बनी चैंपियन, सीनियर को तीसरा स्थान
जहानाबाद  जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय टच रग्बी प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर वर्ग में खिताब अपने नाम किया, जबकि सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के सचिव विकास कुमार ने बताया कि जहानाबाद जिले के दो होनहार खिलाड़ी रूपेश कुमार और अमन कुमार ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर बिहार टीम में जगह बनाई और टीम को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग के फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने मेजबान जम्मू-कश्मीर को 5-0 से हराकर खिताब जीत लिया। वहीं सीनियर वर्ग में बिहार की टीम ने राजस्थान को 5-0 से पराजित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस सफलता पर जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप प्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर समाजसेवी गौरव कुमार, रग्बी कोच प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार, आकाश कुमार, रोहित कुमार, गौतम कुमार सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की और टीम की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
बिहार की इस सफलता से जिले में खेल के प्रति उत्साह का माहौल बना हुआ है।
मिट्टी की बरदौल गिरने से परिवार बेघर, पशु दबे — ग्रामीणों की मदद से बची जान
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बिहार पुर गांव में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब समारू राजभर पुत्र सन्नू राजभर की मिट्टी से बनी बरदौल अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में एक कीमती भैंस मलबे में दब गई, जिसे स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में कुछ बकरियां और उनके बच्चे भी मलबे में दब गए थे, जिन्हें भी ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित समारू राजभर ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बरदौल गिरने से अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। घटना की सूचना अभी तक प्रशासन को नहीं दी गई है और न ही मौके पर कोई राजस्व अधिकारी पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान मकरंद यादव मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।
जबरदस्ती लगाए गए स्मार्ट मीटर, अब एडवांस जमा करने की नीति गलत, उपभोक्ता परेशान, नहीं सुन रहे जनप्रतिनिधि
फर्रुखाबाद l जनपद में विद्युत विभाग के द्वारा जबरदस्ती स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं l इन मीटर के द्वारा लगातार आम जनता के ऊपर पढ़ रहे आर्थिक बोझ को लेकर एक बैठक शहर के पटेल पार्क में की गई,बैठक में स्मार्ट मीटर से पीड़ित लोगों ने आकर अपने साथ हो रही लूट के बारे में बताया स्मार्ट मीटर लगने के बाद किस प्रकार से हम लोगों के द्वारा मीटर में डाले गए पैसे काटे जा रहे हैं रात में लाइट बंद कर दी जाती है और हर व्यक्ति समय बहुत परेशान है l बैठक को संबोधित करते हुए फर्रुखाबाद विकास मंच के जिला अध्यक्ष भईयन मिश्रा ने कहा कि कब तक जनता अपना शोषण कराती रहेगी तब तक उसका शोषण होता रहेगा शहर में हजारों विद्युत उपभोक्ता है और उन सबने बिना विरोध किए हुए स्मार्ट मीटर अपने-अपने घरों में लगवा लिए जबकि स्मार्ट मीटर तभी लगने के आदेश थे जब गृह स्वामी अपनी सहमति दे पर किसी ने चू नहीं की आज लोग परेशान है सांसद विधायक एवं अन्य राजनीतिक दल किसी भी प्रकार से जनता की आवाज उठाने के लिए तैयार नहीं है उन्होंने जनता का आवाहन करते हुए कहा कि आपकी लड़ाई तभी सफल होगी जब आप लोग ईमानदारी से अपनी हक की लड़ाई लड़ेंगे क्योंकि वर्तमान में कोई भी जनप्रतिनिधि का नेता आपके साथ खड़ा होने को तैयार नहीं है मैं आप लोगों के साथ हूं और स्तर से हूं आपके साथ यह लड़ाई जरूर जीती जाएगी बैठक में उन्होंने घोषणा की बहुत जल्द वार्ड स्तर पर कैंप लगाकर स्मार्ट मीटर से हो रही परेशानियों के बारे में जनता से संवाद किया जाएगा और उसके बाद इस समस्या को हल करने के लिए अधिकारियों से वार्ता की जाएगी जनता को किसी भी हालत में परेशानी में नहीं डाला जाएगा और हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा । बैठक में प्रमुख रूप से जितेंद्र मिश्रा अंगद पांडे प्रिंस शुक्ला निशु दुबे अतुल गुप्ता सनी बाथम अनिल कश्यप बाबू अग्निहोत्री श्यामेंद्र दुबे नीरज संजीव भरथरिया प्रकाश सक्सेना सुरेश कश्यप शाहरुख खान प्रदीप तिवारी आलोक मिश्रा अमन जैन कुलदीप दीक्षित अजय मिश्रा रितेश पांडे दिनेश राजपूत आचार्य अमरेश तिवारी सतीश दीक्षित मुकेश बाथम राजेश दिवाकर राजू खान लवी सक्सेना शाहिद बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे बैठक का संचालन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद के जिले के प्रमुख महामंत्री अंगद पांडे उर्फ  कोमल ने किया
सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक का घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन करेगा सवर्ण : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ । भाजपा सवर्णों के आंदोलन के आयोजन से भयभीत नहीं है, उसे भय इस बात का है कि एक बार आंदोलन के चलते यूजीसी का मुद्दा छा गया, घर-घर तक ये बात पहुँच गई कि नरेंद्र मोदी ने गत 11 वर्षों में कैसा तुष्टिकरण किया है, तो उनका बनाया हुआ अवतारी पुरुष हिन्दू हृदय सम्राट का तिलस्म तो खत्म होगा ही, साथ में अमित शाह का किला भी भरभरा कर गिर सकता है। वो इस खबर को, विषय को यहीं रोकना चाहते हैं क्योंकि संघ से लेकर भाजपा के अंदरूनी सर्कल में अब समझ सबको आ गया है कि ये विषय उतना छोटा नहीं था। क्योंकि जब UGC अधिनियम आया और लोगों ने विरोध करना शुरू किया तब भाजपा और संघ के नेताओं का अंदरुनी कहना था कि इस विरोध से कुछ होने जाने को नहीं है। चार लोग सड़क पर नहीं आएगा।

किन्तु जब लोगों ने सड़कों पर उतरना शुरू किया तब हाउस अरेस्ट किया गया और राजधानी आने वाले लोगों को प्रदर्शन स्थल पर प्रदर्शन न करने की पूरी ताकत झोंक दी गई। प्रदर्शन करियो को चारों तरफ से घेर कर गिरफ्तार करने लगे इससे सवर्ण का हौसला बढ़ता गया बसे कम हो गई ये सवर्ण विरोधी बीजेपी सरकार को उखाड़ कर फेंकना है का संकल्प लेना होगा सनातन धर्म आदि गुरु शंकराचार्य अतिमुक्तेश्वरा सरस्वती जी का अपमान करने वाले भाजपाई को सवर्ण किन्हीं भी परिस्थित में माफ़ नहीं करेगी आप सभी का आवाहन करता हु कि सवर्ण नेता मंत्री सांसद विधायक जहां भी मिले घेराव करो उनसे सवाल पूछो कि यूजीसी बिल पर क्यों नहीं बोल रहे हैं उनको बहिष्कृत करो सवर्ण के पास राजनीतिक विकल्प भी आ गया है एडवोकेट अनिल मिश्रा जी पूर्व आई पी एस जुगल किशोर तिवारी जी अलंकार अग्निहोत्री जी एक राजनीतिक दल का गठन कर रहे हैं उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरज प्रसाद चौबे आज सोनभद्र के बघुआरी में सवर्ण की बैठक में कही बैठक में जिला अध्यक्ष पंकज कुमार शुक्ला,जिला संरक्षक अखिलेश पाण्डेय , सुरेंद्र सिंह,अमित कुमार,शशांक ,अवधेश कुमार , जितेन्द्र कुमार पाठक आदि रहे सभी ने एक सुर में कहा कि यूजीसी बिल वापस नहीं हुआ तो भाजपा को सरकार अब नहीं रहेगी।
प्रयागराज में वारदात, घर के बरामदे में सो रही वृद्धा की गला दबाकर हत्या; शरीर से आभूषण लूट ले गए बदमाश

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, जिले के यमुनापार इलाके में बड़ी वारदात हुई। मांडा थाना क्षेत्र के दिघिया चौकी अंतर्गत बरहा कला के बबुरा निवासिनी 65 वर्षीय कस्तूरा देवी पत्नी स्वर्गीय उमा शंकर बिंद की शनिवार देर रात गला दबाकर हत्या कर दी गई। वारदात उस समय हुई जब वह घर के बाहर सो रही थीं। उनके शरीर से आभूषण भी गायब हैं। घरवालों ने आभूषण की लूट के लिए वृद्धा की हत्या की आशंका जताई है। मांडा पुलिस के साथ ही फोरेंसिक टीम ने जांच-पड़ताल की।

16 वर्षीय नातिन संग रहती थीं 75 वर्षीय कस्तूरा देवी

बबुरा गांव निवासी उमा शंकर बिंद रेलवे कर्मी थे। उनकी दो पुत्रियां ऊषा व रेनू हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। करीब पांच वर्ष पूर्व उमा शंकर सेवानिवृत्त हुए। 10 माह पहले उनकी मौत हो गई थी। घर पर अकेले उनकी पत्नी कस्तूरा रहती थीं। अकेले होने की वजह से उन्होंने अपनी 16 वर्षीया नातिन राधा को अपने पास बुला लिया था।

सुबह नानी को उठाने गई तो शरीर में हरकत नहीं दिखी

शनिवार रात खाना खाने के बाद राधा कमरे में सोने चली गई, जबकि कस्तूरा घर के बाहर बरामदे में जाकर सो गईं। रविवार सुबह राधा सोकर उठी तो देखा कि नानी अभी सो रही हैं। उसने नानी को जगाने की कोशिश की, लेकिन कोई हरकत नहीं हुई। वह चीखने-चिल्लाने लगी। आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। ग्रामीणों ने देखा तो कस्तूरी की मौत हो चुकी थी। गले पर निशान था।

कस्तूरा के पहने गए आभूषण गायब थे

राधा ने बताया कि नानी ने जो आभूषण पहने थे, वह गायब हैं। कुछ ही देर में मांडा पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। एसीपी मेजा संत प्रकाश उपाध्याय और फोरेंसिक टीम ने भी जांच पड़ताल की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया गया। मांडा पुलिस का कहना है कि घरवालों ने हत्या की बात कही है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह साफ होगा कि मामला हत्या का है या नहीं। हालांकि, जांच पड़ताल की जा रही है।

माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद में 14 महिलाओं की समस्याएं सुनी गईं
*आयुक्त ने अधिकारियों को त्वरित समाधान के सख्त निर्देश दिए*

*एक सप्ताह में कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश, लापरवाही पर चेतावनी*

*आयुक्त ने 14 महिलाओं की सुनी समस्याएं,दिये समाधान के निर्देश*


*गोण्डा, 13 अप्रैल 2026* - देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित ‘माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ महिला जनसुनवाई में आयुक्त शशि भूषण लाल सुशील ने 14 महिलाओं की समस्याओं को गम्भीरता से सुना। जनसुनवाई के दौरान महिलाओं ने भूमि विवाद, पारिवारिक उत्पीड़न, वरासत, पुलिस कार्रवाई में लापरवाही समेत विभिन्न समस्याएं रखीं। आयुक्त ने प्रत्येक प्रकरण को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। कुछ मामलों में तत्काल निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों में संबंधित विभागों को जांच कर एक सप्ताह के भीतर उचित कार्रवाई के निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि महिलाओं की समस्याओं के समाधान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


*विद्युत चोरी के आरोप में महिला ने लगाया मनमानी कार्रवाई का आरोप*


जनसुनवाई के दौरान गोण्डा शहर के मेवातियान मोहल्ले की निवासी रुकसाना ने विद्युत विभाग पर गलत तरीके से भारी जुर्माना लगाने की शिकायत की। प्रार्थिनी के अनुसार पिछले साल 6 अक्टूबर को जब वह अपनी मां के निधन के कारण मायके गई हुई थीं, उसी दौरान विद्युत विभाग की टीम ने उनके घर पर जांच की। उस समय घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था। टीम ने बिना विधिवत प्रक्रिया अपनाए और बिना किसी की मौजूदगी में जांच कर 1,31,544 रुपये का जुर्माना लगा दिया। रुकसाना का कहना है कि उनके घर में कोई अधिक विद्युत लोड वाले उपकरण भी नहीं हैं और वह नियमित रूप से बिल का भुगतान करती हैं। उन्होंने जांच में अनियमितता, वीडियोग्राफी व हस्ताक्षर की प्रक्रिया न अपनाने की बात कही है। पीड़िता ने आयुक्त से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग की।

*तहसीलदार न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग तेज*

देवीपाटन मंडल मुख्यालय पर आयोजित महिला जनसुनवाई में ग्राम भवाजिदपुर की निवासी किशना देवी ने तहसीलदार न्यायिक मनकापुर के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में 26 दिसंबर 2023 को पारित आदेश में भूमि पर से अतिक्रमण हटाने और क्षतिपूर्ति व निष्पादन व्यय वसूलने के निर्देश दिए गए थे। इसके खिलाफ दायर अपील को भी मुख्य राजस्व अधिकारी ने 2 जनवरी 2026 को खारिज कर दिया, जिससे आदेश प्रभावी हो गया। बावजूद इसके, राजस्व विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने बताया कई बार थाना दिवस व संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देने के बावजूद अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बाधित है। उन्होंने आयुक्त से शीघ्र कार्रवाई कर न्याय दिलाने की मांग की है।

*राजस्व न्यायालय के आदेश के अनुपालन को लेकर महिला की गुहार*

देवीपाटन मंडल में आयोजित महिला जनसुनवाई के दौरान ग्राम सेहरिया, वजीरगंज की निवासी मुन्नी देवी ने उपजिलाधिकारी (न्यायिक) तरबगंज के आदेश के अनुपालन की मांग उठाई। उन्होंने बताया कि एक वाद में जून 2025 को न्यायालय ने भूमि की पैमाइश कर सीमांकन व पत्थर स्थापित कराने के निर्देश दिए थे। बावजूद इसके अब तक राजस्व अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोग जबरन खेत पर कब्जा करने और रास्ता निकालने का प्रयास कर रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। मुन्नी देवी ने आयुक्त से हस्तक्षेप कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने और संबंधित विपक्षियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है, ताकि विवाद का स्थायी समाधान हो सके।

*जन्म प्रमाण पत्र के लिए महिला ने जनसुनवाई में लगाई गुहार*

गोण्डा में “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिला जनसुनवाई में बहराइच जनपद की प्रिया ने जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए गुहार लगाई। प्रिया ने बताया कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को ब्लॉक फखरपुर में एफिडेविट के आधार पर आवेदन किया था, लेकिन अब तक अनुमोदन नहीं हुआ है। अधिकारियों द्वारा माता-पिता का आधार व राशन कार्ड तथा शैक्षिक प्रमाण मांगे जा रहे हैं, जो उनके पास उपलब्ध नहीं हैं। प्रिया ने बताया कि पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उनका घर से संपर्क नहीं है, जिससे आवश्यक दस्तावेज जुटाना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने आयुक्त से अनुरोध किया कि ग्राम पंचायत व तहसील स्तर पर जांच कराकर जन्म प्रमाण पत्र जारी कराया जाए। उनका कहना है कि प्रमाण पत्र के अभाव में वह शिक्षा व रोजगार के अवसरों से वंचित हैं।


*महिला ने जमीन कब्जे व धमकी के खिलाफ जनसुनवाई में लगाई गुहार*

“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में आयोजित महिला जनसुनवाई में शांति देवी ने जमीन कब्जे और जानमाल की धमकी का गंभीर आरोप लगाया। ग्राम चन्द्रसुहा, तरबगंज की निवासी पीड़िता ने बताया कि ग्रामीण सड़क निर्माण के बाद उनकी शेष जमीन व बंजर भूमि पर विपक्षीगण कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं। आरोप है कि पूर्व प्रधान व लेखपाल की मिलीभगत से जमीन का रिकॉर्ड बदलकर पट्टा अन्य व्यक्ति के नाम कर दिया गया और बाद में बैनामा भी करा लिया गया। पीड़िता का कहना है कि विपक्षीगण असलहा दिखाकर धमकाते हैं और घर में जबरन ताला लगाने जैसी घटनाएं भी हो चुकी हैं। उन्होंने आयुक्त से भूमि की पैमाइश कराकर कब्जा रोकने, निर्माण कार्य पर रोक लगाने तथा आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

आयुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह महिलाओं की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए एक सप्ताह के अंदर समस्या का समाधान करायें।
बिजली कर्मियों पर कार्यवाही से मचा बवाल,आंदोलन की दी चेतावनी
*रंजीत तिवारी की मौत के बाद 5 कर्मियों पर कार्यवाही से नाराजगी

गोंडा।चार दिन पहले पत्रकार व अधिवक्ता रंजीत तिवारी के मौत के मामले में मुख्य अभियंता यदुनाथ यथार्थ द्वारा पांच बिजली कर्मियों पर कार्यवाही को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।इस फैसले के बाद बिजली कर्मचारी संगठनों में नाराजगी है आंदोलन की तैयारी की जा रही है।राज्य विद्युत परिषद प्राविधिक कर्मचारी संघ के क्षेत्रीय अध्यक्ष व भारतीय मजदूर संघ के जिला उपाध्यक्ष राकेश यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से सवाल उठाया है।उनका कहना है कि लाइन मैन के पास लाइन सिफ्टिंग का अधिकार नहीं होता है,ऐसे में उनपर कार्यवाही गलत है।कार्रवाई के तहत लाइन मैन दिनेश यादव और टेक्नीशियन अभिषेक रंजन को निलंबित किया गया है,जबकि संविदा कर्मचारी का तबादला किया गया है।वहीं अवर अभियंता कुलदीप यादव और उपखंड अधिकारी भरत सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।प्राप्त जानकारी के अनुसार,वर्ष 2025 में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्राथमिक विद्यालय पथवलिया के ऊपर से गुजर रही 11 केवीए हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए बिजली विभाग को बजट उपलब्ध कराया था इसके बावजूद लाइन शिफ्ट नहीं की गई और चार दिन पहले तार टूटकर गिरने से रंजीत तिवारी की मौत हो गई।मृतक रंजीत तिवारी की पत्नी पूजा तिवारी ने भी आरोप लगाया है कि विभाग के बड़े अधिकारियों की लापरवाही के परिणामस्वरूप यह हादसा हुआ।उन्होंने प्रदेश सरकार से जिम्मेदार उच्चाधिकारियों के विरुद्ध कार्यवाही की मांग की है।इधर,कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद संगठनों ने इसे एकतरफा बताते हुए विरोध तेज करने और आंदोलन की चेतावनी दिया है।उनका आरोप है कि जिम्मेदारी तय किये बिना छोटे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है।
डॉ रेशू सिंह (सुभद्रा) के उपन्यास This is on Record का विमोचन
मुंबई। एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, जुहू परिसर के मिनी हॉल में 'This is on record' नामक उपन्यास पुस्तक का विमोचन सुप्रसिद्ध अधिवक्ता एड आभा सिंह, अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार राजदूत संगठन के इंटरनेशनल वर्किंग प्रेसीडेंट संजय जीवनलाल शाह, महिला विंग की राष्ट्रीय कार्याध्यक्ष अल्पाबेन संजय शाह, वरिष्ठ नगरसेविका सुधा सिंह समेत तमाम गणमान्यों की उपस्थिति में किया गया। यह पुस्तक अंग्रेजी विषय की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ रेशू सिंह (सुमद्रा) द्बारा लिखी गई है। इस उपन्यास में रूपाली जिस संस्था में काम करती है, वहीं शोषण की शिकार होती है। उस संस्था के वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलने के बदले मानसिक प्रताड़ना मिलती है। किंतु रूपाली हार नहीं मानती वह अपने न्याय के लिए संघर्ष करती है। यह कहानी न्याय पाने के सफर में सामाज से, संस्था से आंतरिक परिवेश से मिल रहे संघर्ष व दर्द को दर्शाती है। यही पुस्तक का सारांश है। इस पुस्तक के माध्यम से यह संदेश जाता है कि कार्य क्षेत्र में महिलाओ को अपने अधिकारो का सक्षम प्रयोग करते हुए हो रहे उत्पीड़न के खिलाफ आवाज सशक्त करनी चाहिए। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि के रुप में प्रसिद्ध तबला वादिका अनुराधा पाल, प्रसिद्ध लेखिका डॉ कल्पना दवे तथा एसएनडीटी महिला विश्वविद्यालय, जुहू परिसर भारतीय ज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ जितेंद्र तिवारी ने नारी के शक्ति, धर्म  कर्तव्य एवं गरिमा पर अपने अपने विचार व्यक्त किए। इस पुस्तक विमोचन की अध्यक्षता प्रसिद्ध वकील आभा सिंह ने की। आभा सिंह ने अध्यक्षता करती हुई कही कि हर नारी को समानता एवं अस्मिता के साथ जीने का अधिकार है। इस अवसर पर श्री एम डी शाह महिला कॉलेज मालाड की असिस्टेंट प्रोफेसर (इतिहास विभाग़) डॉ मेरुप्रभा मिश्रा को सेवाप्रीत फाउंडेशन द्वारा नेशनल ग्लोरी ऑफ इंडिया अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। पुस्तक विमोचन अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य लोगों में नेक्सेज कैपिटल के सह संस्थापक राम सिंह, डॉ संगीता राधाकृष्णन, मुंबई प्रदेश सचिव अशोक राय, वरिष्ठ पत्रकार राघवेंद्रनाथ द्विवेदी, राजेश उपाध्याय, संतोष साहू, अरूण कुमार गुप्ता, केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय नासिक परिसर की पूर्व हिंदी सहायक आचार्या डॉ गीता दुबे, कथाकार जितेंद्र दवे, राष्ट्रीय कवि डॉ रजनी कांत मिश्र, प्रसिद्ध गायिका निवेदिता मिश्रा, सुलेखा वाजपेयी, डॉ अलका अग्रवाल सिगतिया तथा नाबार्ड की डॉ नीलिमा नागेश तथा अंग्रेजी विषय के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ नागेश मिश्र आदि उपस्थित थे। इस अवसर पर वैदिक मंत्र के ध्वनि ज्योतिष आचार्य केशव शर्मा के द्वारा किया गया। सरस्वती वंदना संस्कृत की छात्रा भाग्यश्री ने की। भारत की लोकप्रिय प्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन परउनकी आत्मा की शांति के लिए सभा में दो मिनट का मौन रखा गया तथा समापन राष्ट्रगान से किया गया। स्वागत भाषण नाबार्ड के अभय कुमार ने, धन्यवाद भाषण डॉ रेशू सिंह (सुमद्रा)ने की, जबकि मंच संचालन प्रिंस ग्रोवर ने किया। पुस्तक विमोचन अवसर पर तमाम गणमान्य उपस्थित रहे।
मेरठ की रहस्यमयी मौत: 4 महीने तक शव के साथ घर में रहा पिता, हरिद्वार-आवागमन और मोबाइल कॉल्स ने खोला नया राज

मेरठ। मेरठ के तेली मोहल्ला निवासी प्रियंका विश्वास की मौत का मामला अब और अधिक रहस्यमय और सनसनीखेज होता जा रहा है। चार महीने से अधिक पुराने इस केस में हर दिन नए खुलासे सामने आ रहे हैं, जिसने पूरे इलाके को हिला कर रख दिया है।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि मृतका के पिता उदयभानु विश्वास अपनी बेटी के शव के साथ लंबे समय तक घर में ही मौजूद रहे और बीच-बीच में हरिद्वार जाकर लौटते रहे। हैरानी की बात यह है कि वह घर में अंधेरा होने के बाद ही अंदर जाते थे और सुबह होने से पहले निकल जाते थे, ताकि किसी को भनक न लगे।

सूत्रों के अनुसार, उदयभानु हरिद्वार के एक गेस्ट हाउस में भी ठहरे हुए थे और वहां से भी दो बार मेरठ आकर वापस लौटे। इस दौरान उन्होंने घर को बंद रखकर किसी से कोई संपर्क नहीं रखा। स्थानीय लोगों को केवल कभी-कभार उन्हें बाजार में देखा गया, जिससे मामला और संदिग्ध बन गया।

पुलिस को जांच के दौरान प्रियंका का मोबाइल फोन भी मिल गया है, जिसे हरिद्वार से बरामद किया गया है। फोन में अंतिम कॉल 19 नवंबर की दर्ज है, जबकि 14 नवंबर को भी एक कॉल डिटेल मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इन कॉल्स का इस्तेमाल किसने किया।

चौंकाने वाली बात यह भी सामने आई है कि प्रियंका के पास मोबाइल था, लेकिन परिवार के लोगों को इसकी जानकारी नहीं थी। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि कहीं मौत के बाद मोबाइल का इस्तेमाल तो नहीं किया गया।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी बड़ा खुलासा नहीं हो सका है क्योंकि शव चार-पांच महीने पुराना होने के कारण पूरी तरह डीकंपोज हो चुका था। अब मौत के कारण का पता लगाने के लिए डीएनए जांच कराई जा रही है।

पुलिस के अनुसार, उदयभानु ने पूछताछ में दावा किया है कि प्रियंका को पीलिया था और उसने कई बार झाड़-फूंक भी करवाई थी, लेकिन उसकी हालत बिगड़ती चली गई। बाद में उसकी मौत हो गई और वह शव को घर में ही छोड़कर हरिद्वार चला गया।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह बना हुआ है कि आखिर प्रियंका की मौत कब और कैसे हुई, और पिता ने इतने महीनों तक यह राज क्यों छिपाए रखा। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही इस सनसनीखेज मामले का खुलासा होने की उम्मीद है।
हापुड़ में भीषण सड़क हादसा: बरात लौट रही बस-ट्रक की टक्कर में 6 की मौत, 13 घायल

लखनऊ /हापुड़। हापुड़ के धौलाना क्षेत्र में रविवार देर रात एक भीषण सड़क हादसे में छह लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा उस समय हुआ जब बरात से लौट रही बस और सामने से आ रहे ट्रक की जोरदार आमने-सामने टक्कर हो गई।
जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के डासना निवासी इकराम कुरैशी के पुत्र की बरात गुलावठी से वापस लौट रही थी। रात करीब डेढ़ बजे जैसे ही बस धौलाना क्षेत्र में पहुंची, तभी सामने से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक से उसकी सीधी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस ट्रक के नीचे जा फंसी और बाद में दोनों वाहन सड़क किनारे खाई में पलट गए।
हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलते ही डीएम अभिषेक पांडे और एसपी ज्ञानंजय सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कराया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद हाईड्रा मशीन की मदद से बस को ट्रक के नीचे से निकाला गया और फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया।
इस हादसे में सोनू, यूसुफ, अख्तर, यूनुस, मुन्ना और बस चालक अशोक की मौत हो गई। सभी मृतक गाजियाबाद के डासना क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। वहीं 13 घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जिनमें से चार को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई है, जबकि बाकी का इलाज जारी है।
पुलिस ने मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
जहानाबाद टच रग्बी में बिहार का शानदार प्रदर्शन, जूनियर टीम बनी चैंपियन, सीनियर को तीसरा स्थान
जहानाबाद  जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर में आयोजित राष्ट्रीय टच रग्बी प्रतियोगिता में बिहार की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जूनियर वर्ग में खिताब अपने नाम किया, जबकि सीनियर वर्ग में तीसरा स्थान हासिल किया।
इस उपलब्धि की जानकारी देते हुए जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के सचिव विकास कुमार ने बताया कि जहानाबाद जिले के दो होनहार खिलाड़ी रूपेश कुमार और अमन कुमार ने अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर बिहार टीम में जगह बनाई और टीम को पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने बताया कि जूनियर वर्ग के फाइनल मुकाबले में बिहार की टीम ने मेजबान जम्मू-कश्मीर को 5-0 से हराकर खिताब जीत लिया। वहीं सीनियर वर्ग में बिहार की टीम ने राजस्थान को 5-0 से पराजित कर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इस सफलता पर जहानाबाद टच रग्बी एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप प्रकाश ने दोनों खिलाड़ियों की सराहना करते हुए कहा कि यह उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का परिणाम है। उन्होंने दोनों खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इस मौके पर समाजसेवी गौरव कुमार, रग्बी कोच प्रकाश कुमार, विक्रम कुमार, आकाश कुमार, रोहित कुमार, गौतम कुमार सहित कई खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों ने खुशी जाहिर की और टीम की इस उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया।
बिहार की इस सफलता से जिले में खेल के प्रति उत्साह का माहौल बना हुआ है।
मिट्टी की बरदौल गिरने से परिवार बेघर, पशु दबे — ग्रामीणों की मदद से बची जान
आजमगढ़ जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बिहार पुर गांव में बीती रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब समारू राजभर पुत्र सन्नू राजभर की मिट्टी से बनी बरदौल अचानक भरभराकर गिर गई। इस हादसे में एक कीमती भैंस मलबे में दब गई, जिसे स्थानीय ग्रामीणों की तत्परता से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। घटना में कुछ बकरियां और उनके बच्चे भी मलबे में दब गए थे, जिन्हें भी ग्रामीणों की मदद से बाहर निकाला गया। हालांकि, इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन पीड़ित परिवार को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। पीड़ित समारू राजभर ने बताया कि वह मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। बरदौल गिरने से अब उनका परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गया है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। घटना की सूचना अभी तक प्रशासन को नहीं दी गई है और न ही मौके पर कोई राजस्व अधिकारी पहुंचा है। सूचना मिलने पर ग्राम प्रधान मकरंद यादव मौके पर पहुंचे और पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को जल्द से जल्द आर्थिक सहायता और रहने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।