बलिया  शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया श्रद्धालुओं को जीवन सुखी बनाने का संदेश
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि सफलता पाने के लिए 'मैं' की भावना का त्याग कर 'आप' और 'हम' शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि सच्चे शिवभक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेते, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानते हैं और सामूहिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में यह भावना स्थिर हो जाए कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, तो उसके जीवन एवं परिवार से स्वतः अशांति दूर हो जाती है।
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है। उन्होंने एक क्षण की महत्ता समझाने के लिए संत और लोहार की कथा सुनाई। कथा में बताया गया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहता था; एक बार तेज वर्षा और जलभराव के कारण उस गांव में संकट उत्पन्न हुआ तो लोहार ने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से मदद मांगी, जिससे वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना जरूरी नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।
कार्यक्रम में मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का आशीर्वाद लिया। शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी और श्रद्धालु भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
धुर्वा के 3 बच्चे 12 दिन से लापता, पुलिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का बड़ा सवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा एवं जगरनाथपुर क्षेत्र से लापता तीन बच्चे करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और मामले की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा बताई गई बातें और थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के विवरण में गंभीर विरोधाभास दिखाई देता है। बच्चों की माता का बयान कुछ और है, जबकि एफआईआर में अलग बातें दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पढ़ा-लिखा नहीं है और पुलिस ने अपने बचाव में मनमाने ढंग से प्राथमिकी दर्ज करने का काम किया है। इससे पुलिस की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से तीनों बच्चों की अविलंब बरामदगी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने धुर्वा मंडल एवं भाजपा राँची महानगर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से आह्वान किया कि बच्चों की बरामदगी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में कल शाम 6 बजे मशाल जुलूस निकाला जाएगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बाद भी बच्चों की बरामदगी नहीं होती है तो पार्टी आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेगी।

श्री साहू ने कहा कि रांची के कोकर स्थित खोरहा टोली रोड नं-02 से लापता 18 माह की मासूम बच्ची अदिति का आज तक कोई पता पुलिस प्रशासन नहीं लगा सकी है। स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं दिखती है। इस दिशा में भी पुलिस ठोस कदम उठावें।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में बच्चों के अपहरण और लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। भाजपा ऐसे प्रत्येक मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां पार्टी कार्यकर्ता जनहित में आवाज उठाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी इस देश में समान अधिकार प्राप्त हैं। धुर्वा इलाके के बच्चों के लापता होने के लगभग 12 दिन बाद भी पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार के अनुसार पुलिस केवल औपचारिकताएं पूरी कर रही है और अब तक प्रभावी खोजबीन नहीं की गई है।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सरोज सिंह, अशोक बड़ाईक, रामकुमार पाहन, रमेश सिंह, उमेश यादव, शुचिता रानी राय, जितेंद्र वर्मा, वीणा मिश्रा, दीपक लोहरा, पंकज सिन्हा, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राजेंद्र मुंडा सहित कई लोग थे।

पैतृक भूमि को लेकर एक परिवार आमरण अनशन व भूख हड़ताल पर बैठा
अमृतपुर - फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया में पैतृक भूमि विवाद को लेकर एक परिवार शुक्रवार को आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अपनी पत्नी गायत्री देवी, पुत्री सुमन, पुत्र देवेश तथा बहू गंगा देवी के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। गिरीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि लगभग 7 डिसमिल भूमि पर पिछले 40 वर्षों से उनका कब्जा चला आ रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उक्त भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया है।उन्होंने बताया कि वह इस भूमि पर अपने पूर्वज बाबू कल्याण सिंह की स्मृति में एक पार्क का निर्माण कराना चाहते हैं। न्याय की मांग को लेकर उन्होंने परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू कर दी है।वहीं दूसरे पक्ष के रमाकांत का कहना है कि अंबरपुर मोड़ के निकट गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए उन्होंने लगभग 14 डिसमिल भूमि दी थी, जिसके बदले में उन्हें यह भूमि आवंटित हुई है। इसलिए वह भूमि पर अपना वैध अधिकार बताते हैं।उल्लेखनीय है कि रमाकांत ने इससे पूर्व 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में अधिग्रहित हो रही अपनी भूमि एवं मकान के मुआवजे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम सभा अंबरपुर की गाटा संख्या 202 एवं 203 में स्थित उनके मकान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है, जबकि मकान के निर्माण में लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं।रमाकांत ने जिलाधिकारी से मांग की थी कि उनके मकान का पुनः निरीक्षण उनकी उपस्थिति में कराया जाए तथा निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद ही उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। उनका कहना था कि जब तक दोबारा सर्वे और निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक वह अपनी भूमि और मकान परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं।भूमि विवाद और अनशन की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस तथा थाना राजेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक जगदीश वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से जानकारी ली। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मौके पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि जमीनी विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है तथा मामले की जानकारी राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीण क्षेत्र में इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

सामाजिक सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
देर रात हुए सड़क हादसे में पांच की मौत
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायलों की मदद करने पहुंचे लोगों को तेज रफ्तार एसयूवी ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घटना से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पहले दो बाइकों की आपस में भिड़ंत हो गई थी। दुर्घटना के बाद आसपास के लोग घायलों को बचाने और सहायता पहुंचाने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही एक एसयूवी अनियंत्रित होकर लोगों के समूह में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पहुंचाया। चिकित्सकों ने गुलशन (25) निवासी नारायनपुर मांझा, संजय कुमार तिवारी निवासी तरहटा, हसन मोहम्मद (40) निवासी नारायनपुर मांझा तथा इम्तियाज (27) निवासी नारायनपुर मांझा को मृत घोषित कर दिया तो वहीं अंशुमान सिंह (10) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे में अलताफ (32), तबरेज आलम (20), विनय सिंह (26), अंशुमान (10) और परवेज (17) घायल हुए हैं, जिनका उपचार सीएचसी में चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना रात्रि करीब 10 बजे की है
दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन,एक किलोमीटर निजी केवल डालकर जला रहे बिजली, नहीं है गांव में ट्रांसफार्मर, कई बार दे चुके अधिका
फर्रुखाबाद। द्वारिका धाम कॉलोनी के दर्जनों नागरिकों ने श्याम बाबू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया बाद में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि गांव में कई साल से ना तो कोई ट्रांसफार्मर लगा है और ना ही बिजली है 1 किलोमीटर दूर से निजी केवल डालकर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं जबकि कई बार इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में सड़क और बिजली न होने से कॉलोनी में बीमारी फैल रही है सफाई का भी बुरा हाल है। कच्ची सड़कों पर पानी भर जाने से आने-जाने में दिक्कतें हो रही है।
*31 हजार वोटर बढ़े, 11.86 लाख करेंगे मतदान*


*प्रशासन ने अंतिम मतदाता सूची जारी की, गांव और ब्लॉक पर चस्पा होगी*
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची की साफ हो गई। डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन करने के बाद जिला प्रशासन ने अंतिम सूची जारी कर दिया। कुल 11 लाख 86 हजार मतदाता आगामी चुनाव में मतदान करेंगे। 2021 के चुनाव से इस बार करीब 31 हजार मतदाता बढ़े हैं। सभी ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों पर सूची का चस्पा की जाएगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें, 26 जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र, 835 क्षेत्र पंचायत के साथ करीब नौ हजार ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं। करीब एक साल से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य चल रहा है। दिसंबर 2025 में मतदाता सूची की अनंतिम सूची जारी की गई थी। जिसमें तीन लाख 94 हजार डुप्लीकेट वोटर मिले। जिसके बाद प्रशासन ने 1272 बीएलओ लगाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया। इसमें जिन लोगों के नाम दो से तीन स्थानों पर थे, उन्हें हटाया गया। सत्यापन पूरा होने पर अंतिम सूची जारी कर दी गई। इसमें कुल एक लाख 61 हजार 939 नए नाम जोड़े गए, जबकि एक लाख 21 हजार 35 मतदाताओं का नाम अपात्र, मृतक होने के कारण हटाए गए। डुप्लीकेट सत्यापन में 4025 मतदाताओं के नाम हटाए हैं। जिनका नाम दो से लेकर पांच स्थानों पर रहा। अब 11 लाख 86 हजार 237 वोटर चुनाव में मतदान करेंगे। निर्वाचन विभाग के मुताबिक जिले की 546 ग्राम पंचायतों में कुल 11 लाख 86 हजार 237 मतदाता वोट डालेंगे। 2021 में 11 लाख 55 हजार 924 वोटर थे। इससे 31 हजार मतदाता बढ़ गए हैं। जिले में ब्लॉकवार मतदाता सूची ब्लॉक - मतदाता ज्ञानपुर - 200958 औराई - 270505 डीघ - 233188 सुरियावां - 135178 भदोही - 224160 अभोली - 118248 कुल - 11,86237 पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। कुल 11 लाख 86 हजार 237 मतदाता हैं। सभी ब्लॉक एवं ग्राम पंचायतों में सूची चस्पा की जाएगी। किसी को आपत्ति होगी तो वह दे सकेगा। - शुभांगी शुक्ला, एडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी
बलिया  शिवमहापुराण कथा में पंडित प्रदीप मिश्रा ने दिया श्रद्धालुओं को जीवन सुखी बनाने का संदेश
संजीव सिंह बलिया!बाबा बालखंडी नाथ दिउली के सानिध्य में चल रही शिव महापुराण कथा के चौथे दिन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने श्रद्धालुओं से कहा कि शिवत्व के माध्यम से जीवन को सुखमय बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि नियमित भजन-नाम स्मरण और भगवान की भक्ति से न केवल मनचाही भौतिक संपदाएँ प्राप्त होती हैं, बल्कि शिव की विशेष कृपा भी मिलती है, जबकि व्यसनों में लिप्तता व्यक्ति के जीवन को बर्बाद कर देती है।
पंडित मिश्रा ने कहा कि सफलता पाने के लिए 'मैं' की भावना का त्याग कर 'आप' और 'हम' शब्दों का प्रयोग करना चाहिए। उनका कहना था कि सच्चे शिवभक्त किसी कार्य का श्रेय स्वयं नहीं लेते, बल्कि उसे भोलेनाथ की कृपा मानते हैं और सामूहिकता को महत्व देते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी व्यक्ति के मन में यह भावना स्थिर हो जाए कि उसका घर नहीं बल्कि शिव का घर है, तो उसके जीवन एवं परिवार से स्वतः अशांति दूर हो जाती है।
कथा के दौरान पंडित मिश्रा ने बलियावासियों को सौभाग्यशाली बताते हुए कहा कि अधिक मास, प्रदोष, शिवरात्रि और सोमवती अमावस्या जैसे विशेष संयोगों के बीच शिव महापुराण कथा का श्रवण अत्यंत पुण्यदायी है। उन्होंने एक क्षण की महत्ता समझाने के लिए संत और लोहार की कथा सुनाई। कथा में बताया गया कि एक गरीब लोहार प्रतिदिन कुछ समय के लिए शिवालय जाकर नंदी के कान में अपनी बात कहता था; एक बार तेज वर्षा और जलभराव के कारण उस गांव में संकट उत्पन्न हुआ तो लोहार ने नंदी के माध्यम से भोलेनाथ से मदद मांगी, जिससे वर्षा रुक गई और पूरा गांव संकट से बच गया। पंडित मिश्रा ने कहा कि शिव से संबंध जोड़ने के लिए घंटों की साधना जरूरी नहीं, बल्कि सच्चे मन से किया गया एक क्षण का स्मरण भी पर्याप्त है।
कार्यक्रम में मंत्री के अनुज धर्मेंद्र सिंह और उनके परिजनों के साथ अनुज सरावगी, अनिल पांडेय, राजाराम सिंह, राजेश गुप्ता आदि ने व्यासपीठ की पूजा-अर्चना की और कथा का आशीर्वाद लिया। शिव महापुराण कथा आगामी दिनों में भी जारी रहेगी और श्रद्धालु भारी संख्या में भाग ले रहे हैं।
धुर्वा के 3 बच्चे 12 दिन से लापता, पुलिस पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का बड़ा सवाल

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू ने धुर्वा एवं जगरनाथपुर क्षेत्र से लापता तीन बच्चे करण, अर्जुन और शिवा के परिजनों से मुलाकात की। परिजनों से उन्होंने पूरे घटनाक्रम की जानकारी लेने के बाद मामले को गंभीर बताते हुए पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि प्रारंभिक सूचना के आधार पर भाजपा प्रतिनिधिमंडल मौके पर पहुंचा और मामले की वस्तुस्थिति जानने का प्रयास किया।

उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार द्वारा बताई गई बातें और थाने में दर्ज प्राथमिकी (FIR) के विवरण में गंभीर विरोधाभास दिखाई देता है। बच्चों की माता का बयान कुछ और है, जबकि एफआईआर में अलग बातें दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीड़ित परिवार पढ़ा-लिखा नहीं है और पुलिस ने अपने बचाव में मनमाने ढंग से प्राथमिकी दर्ज करने का काम किया है। इससे पुलिस की भूमिका पर संदेह उत्पन्न होता है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से तीनों बच्चों की अविलंब बरामदगी सुनिश्चित करने तथा मामले की निष्पक्ष और गंभीर जांच की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो भारतीय जनता पार्टी जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

उन्होंने धुर्वा मंडल एवं भाजपा राँची महानगर के कार्यकर्ताओं और आम जनता से आह्वान किया कि बच्चों की बरामदगी और पुलिस प्रशासन की निष्क्रियता के विरोध में कल शाम 6 बजे मशाल जुलूस निकाला जाएगा। साथ ही कहा कि यदि इसके बाद भी बच्चों की बरामदगी नहीं होती है तो पार्टी आगे की आंदोलनात्मक रणनीति तय करेगी।

श्री साहू ने कहा कि रांची के कोकर स्थित खोरहा टोली रोड नं-02 से लापता 18 माह की मासूम बच्ची अदिति का आज तक कोई पता पुलिस प्रशासन नहीं लगा सकी है। स्पष्ट है कि पुलिस प्रशासन अपने दायित्वों को लेकर गंभीर नहीं दिखती है। इस दिशा में भी पुलिस ठोस कदम उठावें।

श्री साहू ने कहा कि राजधानी रांची सहित पूरे राज्य में बच्चों के अपहरण और लापता होने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं, जो अत्यंत चिंताजनक है। भाजपा ऐसे प्रत्येक मामले में पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है और जहां भी ऐसी घटनाएं होती हैं, वहां पार्टी कार्यकर्ता जनहित में आवाज उठाने का कार्य करते हैं।

उन्होंने कहा कि गरीब परिवारों के बच्चों को भी इस देश में समान अधिकार प्राप्त हैं। धुर्वा इलाके के बच्चों के लापता होने के लगभग 12 दिन बाद भी पुलिस कोई ठोस सफलता हासिल नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार के अनुसार पुलिस केवल औपचारिकताएं पूरी कर रही है और अब तक प्रभावी खोजबीन नहीं की गई है।

इस अवसर पर पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश, सरोज सिंह, अशोक बड़ाईक, रामकुमार पाहन, रमेश सिंह, उमेश यादव, शुचिता रानी राय, जितेंद्र वर्मा, वीणा मिश्रा, दीपक लोहरा, पंकज सिन्हा, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राजेंद्र मुंडा सहित कई लोग थे।

पैतृक भूमि को लेकर एक परिवार आमरण अनशन व भूख हड़ताल पर बैठा
अमृतपुर - फर्रुखाबाद l थाना राजेपुर क्षेत्र के ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया में पैतृक भूमि विवाद को लेकर एक परिवार शुक्रवार को आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल पर बैठ गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।ग्राम अंबरपुर की मढ़ैया निवासी गिरीश चंद्र मिश्रा शुक्रवार सुबह लगभग 10 बजे अपनी पत्नी गायत्री देवी, पुत्री सुमन, पुत्र देवेश तथा बहू गंगा देवी के साथ आमरण अनशन पर बैठ गए। गिरीश चंद्र मिश्रा का आरोप है कि लगभग 7 डिसमिल भूमि पर पिछले 40 वर्षों से उनका कब्जा चला आ रहा है, लेकिन दूसरे पक्ष के लोगों ने उक्त भूमि पर मिट्टी डलवाकर कब्जा करने का प्रयास किया है।उन्होंने बताया कि वह इस भूमि पर अपने पूर्वज बाबू कल्याण सिंह की स्मृति में एक पार्क का निर्माण कराना चाहते हैं। न्याय की मांग को लेकर उन्होंने परिवार सहित भूख हड़ताल शुरू कर दी है।वहीं दूसरे पक्ष के रमाकांत का कहना है कि अंबरपुर मोड़ के निकट गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए उन्होंने लगभग 14 डिसमिल भूमि दी थी, जिसके बदले में उन्हें यह भूमि आवंटित हुई है। इसलिए वह भूमि पर अपना वैध अधिकार बताते हैं।उल्लेखनीय है कि रमाकांत ने इससे पूर्व 17 मार्च 2026 को जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर गंगा एक्सप्रेसवे परियोजना में अधिग्रहित हो रही अपनी भूमि एवं मकान के मुआवजे को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि ग्राम सभा अंबरपुर की गाटा संख्या 202 एवं 203 में स्थित उनके मकान का सही मूल्यांकन नहीं किया गया है, जबकि मकान के निर्माण में लगभग 25 लाख रुपये खर्च हुए हैं।रमाकांत ने जिलाधिकारी से मांग की थी कि उनके मकान का पुनः निरीक्षण उनकी उपस्थिति में कराया जाए तथा निष्पक्ष मूल्यांकन के बाद ही उचित मुआवजा निर्धारित किया जाए। उनका कहना था कि जब तक दोबारा सर्वे और निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक वह अपनी भूमि और मकान परियोजना के लिए देने को तैयार नहीं हैं।भूमि विवाद और अनशन की सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस तथा थाना राजेपुर पुलिस मौके पर पहुंची। उपनिरीक्षक जगदीश वर्मा ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दोनों पक्षों से जानकारी ली। किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए मौके पर दो पुलिसकर्मियों की तैनाती कर दी गई है।थानाध्यक्ष राजेपुर नागेंद्र सिंह ने बताया कि जमीनी विवाद की सूचना मिलने पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया था। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया है तथा मामले की जानकारी राजस्व विभाग को भी दे दी गई है। राजस्व विभाग द्वारा जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।ग्रामीण क्षेत्र में इस विवाद को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है, जबकि प्रशासन मामले पर नजर बनाए हुए है।
ओमवीर हत्याकांड में फरार आरोपी ने किया आत्मसमर्पण
मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार पर हुई कार्यवाही


अमृतपुर फर्रुखाबाद 11 जून। थाना अमृतपुर क्षेत्र के चर्चित ओमवीर हत्याकांड में एक और महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। मामले में वांछित चल रहे आरोपी श्यामवीर पुत्र कन्हैयालाल ने फतेहगढ़ न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया है। आत्मसमर्पण के बाद उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।थाना प्रभारी अमृतपुर इंद्रजीत सिंह ने बताया कि ओमवीर हत्याकांड में वांछित आरोपी श्यामवीर ने न्यायालय में हाजिर होकर आत्मसमर्पण किया है, जिसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। क्षेत्राधिकारी अमृतपुर ऐश्वर्या उपाध्याय ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें गठित की गई थीं। पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी बीच आरोपी ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया।
उधर, ग्राम गुजरपुर पमारान निवासी मृतक ओमवीर की पत्नी धर्मशीला ने हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जनता दर्शन कार्यक्रम में प्रार्थना पत्र देकर मामले में न्याय की मांग की थी। उन्होंने फरार आरोपियों की गिरफ्तारी, सभी आरोपियों के विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, परिवार की सुरक्षा, आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दिए जाने की मांग उठाई है।धर्मशीला के अनुसार उनके पति ओमवीर 20 जुलाई 2025 को लापता हो गए थे। बाद में उच्चाधिकारियों के हस्तक्षेप पर मुकदमा दर्ज हुआ और जांच के दौरान ओमवीर का कंकाल कई महीनों बाद खेत में दबा बरामद किया गया। पुलिस ने मामले में रामू यादव, सुरजीत यादव और देवेंद्र यादव को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। अब श्यामवीर के आत्मसमर्पण के बाद इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़ गई है, जबकि अन्य नामजद आरोपियों की तलाश अभी भी जारी है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में विधिक कार्रवाई जारी है तथा शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। ओमवीर हत्याकांड क्षेत्र में लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है और पीड़ित परिवार अब भी मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग कर रहा है।
मल्हीपुर घाट पर 24 करोड़  की लागत से बन रहे पुल के अप्रोच का रास्ता कब होगा साफ,आखिर 3 जिलों के लोगों को कब मिलेगा निजात*
सुलतानपुर,गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर बन रहे सेतु के अप्रोच का कार्य जल्द शुरू होने की उम्मीद जगी है। करीब पांच साल से किसानों को उनकी जमीन का मुआवजा न मिल पाने के कारण अप्रोच नहीं बन पा रहा था। शासन से बजट की स्वीकृति मिलने के बाद अब कार्य शुरू किया जाएगा।

107 किसानों से 0.247 हेक्टेयर भूमि ली गई है। लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा दिया जा रहा है। अब करौंदीकला की तरफ भी किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। यह सेतु लखनऊ-वाराणसी राजमार्ग पर कोइरीपुर तो दूसरी तरफ करौंदीकला ब्लाक को जोड़ेगा।

हो सकती है चांदा के मल्हीपुर-कोइरीपुर- छतौना-करौंदीकला मार्ग पर गोमती नदी के मल्हीपुर घाट पर अक्टूबर,2018 में पुल निर्माण की स्वीकृति प्राप्त हुई थी। लेकिन राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा इसे वित्त पोषित किया गया था। उस समय इसकी स्वीकृति लागत 20 करोड़ रुपये लगभग थी,जिसकी लागत अब बढ़कर लगभग 24 करोड़ से अधिक तक पहुंच चुकी है। इस वजह से पूरा नहीं हो सका था निर्माण 184.88 मीटर लंबे सेतु पर दोनों तरफ मिलकर 400 मीटर पहुंच (अप्रोच) मार्ग का निर्माण भी प्रस्तावित था।

किसानों को मुआवजा न मिल पाने के कारण इसे अब तक पूरा नहीं किया जा सका। जबकि लंभुआ की तरफ किसानों को मुआवजा देने का कार्य प्रगति पर रही, वहीं करौंदीकला की तरफ मुआवजा देने का कार्य शुरू कर दिया गया है। इससे अब पुल निर्माण जल्द पूरा होने की उम्मीद जगी है।

मल्हीपुर सेतु निर्माण से दोनों तरफ के करीब 50 गावाें का रास्ता सीधा हो जाएगा। इससे करीब दो लाख आबादी लाभांवित होगी। अभी तक लोगों को इब्राहिमपुर डेवाढ़ घाट पुल से रास्ता तय करना पड़ रहा है। पुल निर्माण से सुलतानपुर,जौनपुर और प्रतापगढ़ तीनों जिलों के लोगों को काफी सुविधा मिलेगी। पुल पर आवागमन शुरू होने के बाद पौराणिक धाम बिजेथुआ समेत अखंडनगर, दोस्तपुर,शाहगंज आदि स्थानों पर आने-जाने में सुगमता मिलेगी। 

ग्रामीणों ने कहा कि पुल बन जाने से तीन जिले के लोगों को आवागमन में काफी सुविधा होगी और विद्यार्थी भी उस पार स्थित अच्छे विद्यालयों में पढ़ाई कर सकेंगे। इसके अलावा एक दूसरे के सुख-दुःख, निमंत्रण एवं अन्य कार्यक्रमों में सम्मिलित होने के लिए अभी नाव का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। अप्रोच मार्ग के लिए अधिग्रहीत की गई जमीन के बदले किसानों को उचित मुआवजा दिया जा रहा है। इससे अब पुल व अप्रोच मार्ग के निर्माण में तेजी लाई जाएगी। मार्च तक पुल आवागमन के लिए खोल देने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन आज तक 8 साल बीतने को है यह कार्यक्रम पूरा नहीं हो सका है।
नीति आयोग बैठक: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने रखा झारखंड को मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने का रोडमैप

नई दिल्ली : नीति आयोग की 11वीं बैठक में मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के समग्र विकास पर बल दिया। उसकी विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की और केंद्र से सहयोग की अपेक्षा की। समग्र विकास की विचारधारा को रखते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा तभी सार्थक होगी, जब उसे मानव पूंजी से जोड़ा जाए।

उन्होंने झारखण्ड को केवल खनिज निकालने वाले राज्य के रूप में देखने की परंपरा से अलग विकास की यात्रा में साझेदार बनाने पर बल दिया। अपनी बातों को विस्तार से रखते हुए कहा कि राज्य के संसाधनों का राज्य में ही वैल्यू एडिशन हो, उससे जुड़ा मैनुफैक्चरिंग हो और राज्य की मानव पूंजी का उसमें उपयोग हो। उन्होंने केंद्र सरकार से क्रिटिकल मिनरल्स आधारित उद्योग विकसित करने के साथ साथ नॉलेज, रिसर्च और इनोवेशन के केंद्र विकसित करने में अपेक्षित सहयोग मांगा।

टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, ग्रीन-एनर्जी,लॉजिस्टिक्स और एग्रो- फ़ूड प्रोसेसिंग के बड़े निवेश को झारखंड में बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने कहा कि माइनिंग और मिनरल्स क्षेत्र में एआई -बेस्ड मिनरल एक्सप्लोरेशन और सस्टेनेबल माइनिंग प्रैक्टिसेज को बढ़ावा देने और झारखंड को उद्योग एवं रोजगार का नया केंद्र बनाने की दिशा में प्रयास जारी है। केंद्र सरकार के सहयोग और मार्गदर्शन के हम आकांक्षी हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल को विकास का मूल आधार बताया।‘विकसित भारत के लक्ष्य के साथ राज्य को नई दिशा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि राज्य में 38 हजार आंगनबाड़ी केंद्रों में से 15 हजार के पास भवन नहीं है। इसके बावजूद पोषण अभियान और SAAMAR से कुपोषण में सुधार हुआ है। बच्चों को प्रतिदिन अंडा उपलब्ध कराया जा रहा है। 5000 नए आंगनबाड़ी भवन राज्य सरकार अपने संसाधनों से बना रही है।

शिक्षा क्षेत्र में पहल

माननीय मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस से अब IIT और मेडिकल में बच्चों का चयन होने लगा है । राज्य सरकार 5000 उत्कृष्ट विद्यालय बनाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने पीएम श्री और केंद्रीय विद्यालयों की संख्या बढ़ाने की मांग रखी। झारखंड में NCERT का क्षेत्रीय केंद्र स्थापित करने का आग्रह भी किया गया।

कौशल विकास और रोजगार

मुख्यमंत्री श्री हेमंत सोरेन ने राज्य की विकास योजनाओं का खाका रखते हुए कहा कि राज्य हर साल 1 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार से जोड़ रहा है। सारथी योजना के तहत 6.76 लाख युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया है। AI, EV, ड्रोन और सोलर जैसे क्षेत्रों में युवाओं को तैयार किया जा रहा है। 53 हजार महिलाओं को आधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाएं

उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं को पंचायत स्तर तक पहुंचाने पर जोर दिया। श्री हेमंत सोरेन ने बताया कि राज्य में 1276 दवा दुकानें ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित हो रही हैं। मेडिकल कॉलेजों में UG और PG सीट बढ़ाने का प्रस्ताव लंबित है। AI आधारित डिजिटल हेल्थ प्रोफाइल बनाने की योजना पर भी काम चल रहा है।

खेल क्षेत्र में उपलब्धि

श्री सोरेन ने कहा कि झारखंड के खिलाड़ी हॉकी, फुटबॉल और एथलेटिक्स में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। राज्य राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने झारखंड में स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की मांग की। खेल संघों में सुधार और पारदर्शिता की जरूरत पर भी उन्होंने जोर दिया।

कृषि एवं पोषण

नीति आयोग की शासी परिषद की 11 वीं बैठक में श्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य में 10 लाख से अधिक पोषण वाटिकाएं विकसित की गई हैं।

1.5 लाख एकड़ में फलदार पौधरोपण किया गया है।

झारखंड का आम अब अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंच रहा है। उन्होंने कृषि को कुपोषण से लड़ने के प्रभावी साधन के रूप में प्रस्तुत किया।

डिजिटल गवर्नेंस और डेटा

राज्य AI आधारित CM डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर भी काम जारी है। डेटा शेयरिंग को समयबद्ध बनाने का आग्रह केंद्र से किया गया। DBT में पारदर्शिता और डिजिटल धोखाधड़ी रोकने पर जोर दिया गया।

केंद्र से प्रमुख मांगें

जल जीवन मिशन की शेष 6000 करोड़ राशि जल्द जारी करने की मांग की गई।

कोयला कंपनियों पर 1.36 लाख करोड़ के बकाया भुगतान की बात उठाई गई।

DMFT के मानकों में संशोधन की आवश्यकता जताई गई।

भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को सरल बनाने का आग्रह किया गया।

स्कूली शिक्षा से संबंधित विभिन्न निधियों और योजनाओं को एकीकृत किया करने पर बल दिया गया

PPP मोड में 6 नए मेडिकल कॉलेजों में से 4 को स्वीकृति मिल चुकी है — शेष 2 की स्वीकृति भी शीघ्र प्रदान की जाए

झारखण्ड को राष्ट्रीय, एशियाई और अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं तथा खेल महाकुंभों की मेजबानी का अवसर दिया जाए

झारखण्ड के 7 जिले DVC Command Area के अंतर्गत हैं और 12-13 जिले CCL, ECL एवं अन्य केंद्रीय उपक्रमों के उच्च Command Area में आते हैं। इन क्षेत्रों में सामाजिक आधारभूत संरचना निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण और भूमि स्वामित्व संबंधी अनुमति प्रक्रियाओं में राज्य सरकार को आवश्यक छूट और सरलीकरण प्रदान किया जाए

सामाजिक सुरक्षा एवं बाल श्रम उन्मूलन के प्रति जागरूकता बढ़ाने को कार्यशाला आयोजित

लखनऊ। केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर संचालित "12 साल विश्वास के, विकास के, जन-कल्याण के" अभियान के अंतर्गत 05 जून से 21 जून 2026 तक प्रदेश में समेकित जन-कल्याण एवं जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को कार्यालय अपर श्रमायुक्त, 23 ए.पी. सेन रोड, लखनऊ के सभागार में अपर श्रमायुक्त, लखनऊ कल्पना श्रीवास्तव की अध्यक्षता में सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 तथा बाल श्रम उन्मूलन विषयक जन-जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया।
कार्यशाला में सहायक श्रमायुक्त शिप्रा चतुर्वेदी सहित श्रम विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस अवसर पर श्रम प्रवर्तन अधिकारी शरद, संतोष कुमार, राकेश कुमार पाल, अंकित सिंह, अरुण कुमार पाण्डेय, राम कुमार, इम्तेयाज अहमद अंसारी, पंकज कुमार शुक्ला तथा हिन्द मजदूर सभा के प्रदेश महामंत्री उमा शंकर एवं टीयूसीसी के महामंत्री प्रमोद पटेल सहित विभिन्न श्रमिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
अभियान के तहत लेबर अड्डा इंजीनियरिंग कॉलेज क्षेत्र में श्रम विभाग द्वारा विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रम प्रवर्तन अधिकारियों अंकित सिंह एवं शरद ने वहां एकत्रित श्रमिकों को उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड द्वारा संचालित विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान की। इस दौरान 15 श्रमिकों का मौके पर ही पंजीकरण किया गया तथा अन्य पात्र श्रमिकों को भी श्रमिक पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया।
इसी प्रकार बोर्ड की कौशल विकास, तकनीकी उन्नयन एवं प्रमाणन योजना (आरपीएल) के अंतर्गत आरपीएल टीम द्वारा विकास खंड मलिहाबाद एवं मोहनलालगंज में विशेष शिविर आयोजित कर श्रमिकों का पंजीकरण किया गया। वहीं विकास खंड बक्शी का तालाब में भी उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की योजनाओं के प्रचार-प्रसार, श्रमिक पंजीकरण तथा पात्र लाभार्थियों को विभिन्न योजनाओं में आवेदन के लिए प्रोत्साहित करने हेतु विशेष स्टॉल एवं शिविर लगाए गए।
अपर श्रमायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र श्रमिकों तक पहुंचाना विभाग की प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि श्रमिकों के बीच लगातार जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य सुनिश्चित किया जाए।
देर रात हुए सड़क हादसे में पांच की मौत
गोंडा।जिले के करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र में हुए एक भीषण सड़क हादसे में घायलों की मदद करने पहुंचे लोगों को तेज रफ्तार एसयूवी ने पीछे से टक्कर मार दी, जिससे चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य घायल हो गए। घटना से क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।
जानकारी के अनुसार पहले दो बाइकों की आपस में भिड़ंत हो गई थी। दुर्घटना के बाद आसपास के लोग घायलों को बचाने और सहायता पहुंचाने के लिए मौके पर पहुंचे। इसी दौरान पीछे से तेज गति से आ रही एक एसयूवी अनियंत्रित होकर लोगों के समूह में जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए और सभी घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र करनैलगंज पहुंचाया। चिकित्सकों ने गुलशन (25) निवासी नारायनपुर मांझा, संजय कुमार तिवारी निवासी तरहटा, हसन मोहम्मद (40) निवासी नारायनपुर मांझा तथा इम्तियाज (27) निवासी नारायनपुर मांझा को मृत घोषित कर दिया तो वहीं अंशुमान सिंह (10) की इलाज के दौरान मौत हो गई।
हादसे में अलताफ (32), तबरेज आलम (20), विनय सिंह (26), अंशुमान (10) और परवेज (17) घायल हुए हैं, जिनका उपचार सीएचसी में चल रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना रात्रि करीब 10 बजे की है
दर्जनों ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन,एक किलोमीटर निजी केवल डालकर जला रहे बिजली, नहीं है गांव में ट्रांसफार्मर, कई बार दे चुके अधिका
फर्रुखाबाद। द्वारिका धाम कॉलोनी के दर्जनों नागरिकों ने श्याम बाबू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर मूलभूत समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया बाद में जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है कि गांव में कई साल से ना तो कोई ट्रांसफार्मर लगा है और ना ही बिजली है 1 किलोमीटर दूर से निजी केवल डालकर बिजली का प्रयोग कर रहे हैं जबकि कई बार इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को अवगत करा चुके हैं कोई सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि इस भीषण गर्मी में सड़क और बिजली न होने से कॉलोनी में बीमारी फैल रही है सफाई का भी बुरा हाल है। कच्ची सड़कों पर पानी भर जाने से आने-जाने में दिक्कतें हो रही है।
*31 हजार वोटर बढ़े, 11.86 लाख करेंगे मतदान*


*प्रशासन ने अंतिम मतदाता सूची जारी की, गांव और ब्लॉक पर चस्पा होगी*
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतदाता सूची की साफ हो गई। डुप्लीकेट मतदाताओं का सत्यापन करने के बाद जिला प्रशासन ने अंतिम सूची जारी कर दिया। कुल 11 लाख 86 हजार मतदाता आगामी चुनाव में मतदान करेंगे। 2021 के चुनाव से इस बार करीब 31 हजार मतदाता बढ़े हैं। सभी ग्राम पंचायतों और ब्लॉकों पर सूची का चस्पा की जाएगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें, 26 जिला पंचायत सदस्य क्षेत्र, 835 क्षेत्र पंचायत के साथ करीब नौ हजार ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव होने हैं। करीब एक साल से मतदाता सूची का पुनरीक्षण कार्य चल रहा है। दिसंबर 2025 में मतदाता सूची की अनंतिम सूची जारी की गई थी। जिसमें तीन लाख 94 हजार डुप्लीकेट वोटर मिले। जिसके बाद प्रशासन ने 1272 बीएलओ लगाकर मतदाता सूची का सत्यापन किया। इसमें जिन लोगों के नाम दो से तीन स्थानों पर थे, उन्हें हटाया गया। सत्यापन पूरा होने पर अंतिम सूची जारी कर दी गई। इसमें कुल एक लाख 61 हजार 939 नए नाम जोड़े गए, जबकि एक लाख 21 हजार 35 मतदाताओं का नाम अपात्र, मृतक होने के कारण हटाए गए। डुप्लीकेट सत्यापन में 4025 मतदाताओं के नाम हटाए हैं। जिनका नाम दो से लेकर पांच स्थानों पर रहा। अब 11 लाख 86 हजार 237 वोटर चुनाव में मतदान करेंगे। निर्वाचन विभाग के मुताबिक जिले की 546 ग्राम पंचायतों में कुल 11 लाख 86 हजार 237 मतदाता वोट डालेंगे। 2021 में 11 लाख 55 हजार 924 वोटर थे। इससे 31 हजार मतदाता बढ़ गए हैं। जिले में ब्लॉकवार मतदाता सूची ब्लॉक - मतदाता ज्ञानपुर - 200958 औराई - 270505 डीघ - 233188 सुरियावां - 135178 भदोही - 224160 अभोली - 118248 कुल - 11,86237 पंचायत चुनाव की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन कर दिया गया है। कुल 11 लाख 86 हजार 237 मतदाता हैं। सभी ब्लॉक एवं ग्राम पंचायतों में सूची चस्पा की जाएगी। किसी को आपत्ति होगी तो वह दे सकेगा। - शुभांगी शुक्ला, एडीएम एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी