बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
थाना समाधान दिवस में 22 पुलिस शिकायतें निस्तारित:कुल 132 आवेदन मिले, राजस्व मामलों पर दिए गए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के सभी थानों पर शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 132 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। यह आयोजन शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। भदोही के जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में समस्याओं को सुना गया। समाधान दिवस में प्रशासनिक और पुलिस टीमों ने मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। प्राप्त 132 प्रार्थना पत्रों में से 92 राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि 22 पुलिस विभाग से जुड़े थे। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जमीन से संबंधित सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमें संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। इसका उद्देश्य फरियादियों को अलग-अलग भटकने से बचाना और मामलों का त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। राजस्व के लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की तीन संयुक्त टीमें भी गठित की गई हैं।
योग से स्वस्थ बनेंगे परिषदीय स्कूल के बच्चे*


*स्कूल खुलने पर प्रार्थना सभा में नियमित होगा योगाभ्यास*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ बनाने के लिए अब प्रार्थना सभा के दौरान नियमित योगाभ्यास कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विद्यार्थियों में योग गतिविधियां पहले से संचालित है, जबकि शेष विद्यालयों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया है। जिले में 885 प्राथमिकी,पूव माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। जिनमें 1.30 लाख से अधिक छात्र - छात्राएं पंजीकृत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षण कार्य के साथ-साथ सह- शौक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है। पिछले वर्ष भी परिषद की ओर से विद्यालयों में योगाभ्यास कराने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन क‌ई स्कूलों में इसका नियमित पालन नहीं हो रहा था। इसे देखते हुए सचिव ने दोबारा पत्र जारी कर सभी विद्यालयों में योग गतिविधियां सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के अनुसार प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम का अभ्यास कराएंगे। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन,अनुलोम - विलोम और कपालभाति के साथ दौड़, स्ट्रेचिंग तथा सामान्य व्यायाम भी शामिल होंगे। इसके बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ उनकी एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम् पांडेय ने बताया कि सभी विद्यालयों को नियमित योगाभ्यास कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्कूल खुलने के बाद इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा,ताकि छात्र - छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
बकाया बिलों की वसूली करने गई विद्युत टीम पर हमला, 14 नामजद 10 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

फर्रुखाबाद l विकास खंड नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला छेद में बिजली बिल वसूली करने पहुंची विद्युत टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया l  घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने 14 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अवर अभियंता अब्दुल मजीद के नेतृत्व में टीजी-2 गोपाल मिश्रा और संविदाकर्मी अनुरोध कुमार, गौरव सिंह, राहुल कुमार और अंकित कुमार की टीम गांव में बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए पहुंची थी। टीम ने ग्रामीणों से बिजली बिल जमा करने की अपील कर रही थी, तभी कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।आरोप है कि गांव के करू, सौरभ, बबलू, कमलेश, भगत सिंह, विकेश, अजय, नेम सिंह, छोटेलाल, दुधराम, करण सिंह, रामसनेही, पंकज, अरविंद सहित अन्य लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज की। स्थिति बिगड़ती देख बिजली कर्मी वहां से निकलने लगे, लेकिन इस दौरान दो बाइकों पर आए कुछ लोगों ने सड़क पर बल्ली डालकर रास्ता रोक लिया। साथ ही आरोपियों ने लाइनमैन सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए और टीम के एक कर्मी का चश्मा तक तोड़ दिया। साथ ही सरकारी मोबाइल फोन और संविदाकर्मी अनुरोध कुमार का निजी मोबाइल भी लूट लिया है घटना के बाद विद्युत विभाग की ओर से नवाबगंज थाने में तहरीर दी गई है l पुलिस ने 14 नामजद और 10 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या बनी रहती है। किसानों ने आरोप लगाया है कि मक्का की सिंचाई प्रभावित हो रही है और लाइन मैंन ठीक करने के नाम पर पैसे मांगते हैं। इस के चलते ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराज़गी जताई है l
श्रमिक कल्याण पर योगी सरकार का बड़ा फोकस: 75 जिलों में लागू होगी बाल श्रमिक विद्या योजना
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें सम्मान, सुरक्षा तथा बेहतर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है।”

शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बाल श्रमिक विद्या योजना को नए स्वरूप में प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए। साथ ही निजी क्षेत्र के सहयोग से उनके कौशल विकास की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में शुरू की गई यह योजना फिलहाल 20 जनपदों में संचालित है, जिसके तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत वर्तमान में 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।

बैठक में औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों से जुड़े आंकड़े भी साझा किए गए। बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि वर्ष 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डे)
विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को सिर्फ श्रमिकों के जुटने का स्थान नहीं, बल्कि **सहायता, सुविधा और सुरक्षित आवास व्यवस्था** से युक्त केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।

रोजगार सृजन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को **स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर** पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। समीक्षा में बताया गया कि **उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन** के माध्यम से **27,555 युवाओं का चयन** किया गया है, जिनमें **2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार** के लिए हुआ है।

वहीं, वर्ष **2025-26** में आयोजित **3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों** के जरिए **3,74,776 युवाओं** को रोजगार के अवसर मिले, जबकि **4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों** में **6.80 लाख से अधिक युवाओं** ने भागीदारी की।

मुख्यमंत्री ने सेवायोजन विभाग को आधुनिक एवं डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए एआई आधारित जॉब मैचिंग, डिजिटल सेवाएं और ऑनलाइन काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य समेत विभिन्न देशों में रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।
मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित
* मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं दानिश आजाद अंसारी ने सफल विद्यार्थियों को दी बधाई

लखनऊ। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री ओम प्रकाश राजभर तथा राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा संचालित अरबी एवं फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) तथा आलिम (सीनियर सेकेंडरी) बोर्ड परीक्षा वर्ष-2026 का परीक्षाफल आज अपरान्ह 03ः00 बजे घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://madarsaboard-upsdc-gov-in  के माध्यम से देखा जा सकता है।
वर्ष 2026 में कुल 80,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें से 63,211 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए जबकि 17,722 अनुपस्थित रहे। परीक्षा को पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई, जिसकी निगरानी सीधे मदरसा बोर्ड मुख्यालय से की गई। इस प्रकार परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई।
सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी) परीक्षा में 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 47,036 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस स्तर पर दीनियात, फारसी (अरबी), उर्दू साहित्य, जनरल इंग्लिश एवं जनरल हिंदी अनिवार्य विषय रहे, जबकि गणित, गृह विज्ञान, लॉजिक एंड फिलॉसफी, सोशल स्टडीज, साइंस एवं तिब जैसे विषय वैकल्पिक रूप में उपलब्ध कराए गए।
इसी प्रकार सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा में 18,701 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 16,175 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। इस स्तर पर भी अनिवार्य एवं वैकल्पिक विषयों के माध्यम से पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों का समन्वय सुनिश्चित किया गया।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं दिनांक 09 फरवरी से 14 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेशभर के 277 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गईं। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया, जिसे राज्य स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है। साथ ही उन्होंने असफल विद्यार्थियों से निराश न होने तथा पुनः प्रयास कर सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा को आधुनिक एवं रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे छात्र-छात्राएं मुख्यधारा की शिक्षा और अवसरों से जुड़ सकें।
बकरीद पर्व 2026 को लेकर हजारीबाग पुलिस ने किया मॉक ड्रिल, शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील

हजारीबाग। आगामी बकरीद पर्व 2026 को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने को लेकर हजारीबाग पुलिस पूरी तरह सतर्क नजर आ रही है। पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देशानुसार बरही थाना क्षेत्र के रांची-पटना मार्ग स्थित बरही चौक पर मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया।

मॉक ड्रिल के दौरान अनुमंडल पदाधिकारी बरही एवं पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी बरही थाना मौजूद रहे। इस दौरान पुलिस बल ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण एवं आपात स्थिति से निपटने की तैयारियों का प्रदर्शन किया। पुलिस अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था को लेकर आवश्यक जानकारी भी दी।

हजारीबाग पुलिस ने आम जनता से अपील करते हुए कहा है कि बकरीद पर्व को भाईचारे, शांति एवं सौहार्द के साथ मनाएं। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक, इंस्टाग्राम एवं यूट्यूब पर किसी भी प्रकार के भ्रामक या अफवाह फैलाने वाले संदेशों पर ध्यान नहीं देने की अपील की गई है।

पुलिस प्रशासन ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति को सोशल मीडिया पर कोई संदिग्ध या भ्रामक सूचना प्राप्त होती है, तो उसकी जानकारी तुरंत अपने नजदीकी थाना को दें। सूचना का सत्यापन करते हुए पुलिस द्वारा अविलंब कार्रवाई की जाएगी।

भारतीय किसान यूनियन चौधरी का कुनबा बढ़ा,2 दर्जन से अधिका युवाओं ने संभाली संगठन की कमान

युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने ली सदस्यता, किसान हितों की लड़ाई को और मजबूत करने का लिया संकल्प

आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। भारतीय किसान यूनियन चौधरी का संगठन लगातार मजबूत होता जा रहा है। संगठन के युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार के नेतृत्व में दर्जनों युवाओं ने संगठन की सदस्यता ग्रहण कर किसान हितों की आवाज को बुलंद करने का संकल्प लिया। युवाओं के बढ़ते जुड़ाव से संगठन में नई ऊर्जा और उत्साह देखने को मिल रहा है।कार्यक्रम के दौरान संगठन में नई जिम्मेदारियों की भी घोषणा की गई। राजकुमार सक्सेना को भारतीय किसान यूनियन चौधरी का उत्तर प्रदेश मंत्री नियुक्त किया गया, जबकि सावन कुमार झा को पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। नई जिम्मेदारियों के ऐलान के बाद कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत कर शुभकामनाएं दीं।इस अवसर पर युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी गुलबहार ने कहा कि संगठन किसानों, मजदूरों और युवाओं की समस्याओं को लेकर लगातार संघर्ष कर रहा है। उन्होंने कहा कि आज बड़ी संख्या में युवाओं का संगठन से जुड़ना इस बात का प्रमाण है कि किसान हितों की लड़ाई को नई ताकत मिल रही है। संगठन गांव-गांव जाकर किसानों की समस्याओं को उठाने और उनके
अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करेगा।नवनियुक्त उत्तर प्रदेश मंत्री राजकुमार सक्सेना ने कहा कि संगठन ने जो जिम्मेदारी उन्हें सौंपी है, वह उसका पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निर्वहन करेंगे। वहीं सावन कुमार झा ने कहा कि युवाओं को जोड़कर संगठन को और मजबूत बनाया जाएगा तथा किसानों की आवाज को प्रशासन और सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।ग्यास खान राष्ट्रीय महामंत्री चिकित्सा प्रकोष्ठ,युवा जिला अध्यक्ष आरिफ चौधरी,सावन पुरकाजी युवा ब्लॉक अध्यक्ष,राजकुमार सक्सेना प्रदेश मंत्री उत्तर प्रदेश,अजय सिंह,पप्पी कुमार,सनी कुमार,मनजीत सिंह,रितिक कुमार,रोहित कुमार,अंशुल कुमार,बलराम सिंह,सचिन,निकित,प्रियांशु कुमार,जीतेन्द्र नाथीराम,मोनू सौरव, विक्की कुमार,रवी कुमार सहित अनेको कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे।
अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती शीघ्र किए जाने की मांग तेज

4जून 2026के बाद आन्दोलन की बनेगी रणनीति

प्रयागराज ।उत्तर प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में वर्ष 1982 से लेकर आज तक एक बार भी कम्प्यूटर शिक्षकों की नियमित भर्ती नहीं की गई है, जबकि दूसरी ओर राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में समय-समय पर कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती की जाती रही है। यह स्थिति अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों के विद्यार्थियों एवं बेरोजगार अभ्यर्थियों के साथ गंभीर अन्याय को दर्शाती है।
ज्ञात हो कि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों का पाठ्यक्रम (सिलेबस) समान है। दोनों प्रकार के विद्यालयों में विद्यार्थियों को समान विषय पढ़ाए जाते हैं, फिर भी कम्प्यूटर शिक्षा के क्षेत्र में अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों की लगातार उपेक्षा की जा रही है। वर्तमान समय में कम्प्यूटर शिक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण हो चुकी है और डिजिटल युग में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण कम्प्यूटर शिक्षा उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।
युवा मंच ने मांग की है कि प्रदेश सरकार एवं शिक्षा विभाग अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त कम्प्यूटर शिक्षक पदों का आंकलन कर शीघ्र भर्ती प्रक्रिया प्रारम्भ करे, ताकि वर्षों से भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे अभ्यर्थियों को अवसर मिल सके तथा विद्यार्थियों को भी बेहतर कम्प्यूटर शिक्षा प्राप्त हो सके।
युवा मंच का कहना है कि यदि राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती संभव है तो अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है। सरकार को समान शिक्षा व्यवस्था एवं समान अवसर की भावना के तहत शीघ्र निर्णय लेना चाहिए
4जून 2026 तक यदि कम्प्यूटर शिक्षकों की भर्ती का रास्ता साफ नहीं हुआ तो आन्दोलन के लिए लाखों नौजवानों को बाध्य होना पड़ेगा जो सरकार व शिक्षा विभाग की नाकामियों को उजागर करने के लिए अभियान भी चलाया जाएगा।
भीषण गर्मी में गांव से नगर तक निर्बाध बिजली दें, लापरवाही पर होगी कार्रवाई : सीएम योगी


ऊर्जा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सीएम के निर्देश — बढ़ती बिजली मांग के बीच उत्पादन क्षमता बढ़ाने, ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने और उपभोक्ता सेवाएं बेहतर बनाने पर जोर

लखनऊ। प्रदेश में भीषण गर्मी और लगातार बढ़ती बिजली मांग के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गांव से लेकर शहर तक निर्बाध, गुणवत्तापूर्ण और भरोसेमंद बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। रविवार को ऊर्जा विभाग, पावर कॉरपोरेशन और सभी डिस्कॉम अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि आमजन, किसानों, व्यापारियों और उद्योगों को बिजली संकट का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सतत मॉनिटरिंग, जवाबदेही और त्वरित शिकायत निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

ऊर्जा मंत्री अरविंद कुमार शर्मा और राज्य मंत्री कैलाश सिंह राजपूत की मौजूदगी में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली आपूर्ति केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि जनता के जीवन, खेती, व्यापार और औद्योगिक विकास से सीधे जुड़ा मुद्दा है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

30,339 मेगावाट पहुंची पीक बिजली मांग

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में इस वर्ष बिजली की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। 15 अप्रैल से 22 मई के बीच औसत दैनिक बिजली खपत 501 मिलियन यूनिट से बढ़कर 561 मिलियन यूनिट हो गई, जबकि पीक डिमांड 30,339 मेगावाट तक पहुंच गई। 20 से 22 मई के दौरान उत्तर प्रदेश देश में सबसे अधिक बिजली मांग पूरी करने वाले राज्यों में दूसरे स्थान पर रहा।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि बढ़ती मांग को देखते हुए सभी संभावित स्रोतों से बिजली खरीद और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

बिजली उत्पादन क्षमता में 86 प्रतिशत वृद्धि

अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उत्पादन निगम लिमिटेड की कुल उत्पादन क्षमता बढ़कर 13,388 मेगावाट हो चुकी है। इसमें तापीय परियोजनाओं की 9,120 मेगावाट, जल विद्युत परियोजनाओं की 526.4 मेगावाट तथा संयुक्त उपक्रमों के जरिए 3,742 मेगावाट क्षमता शामिल है। वर्ष 2022 की तुलना में वर्ष 2026 तक स्थापित क्षमता में 86 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से करीब 10 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है।

ट्रांसमिशन नेटवर्क मजबूत करने पर जोर

मुख्यमंत्री ने ट्रांसमिशन व्यवस्था को अधिक आधुनिक, मजबूत और भरोसेमंद बनाने के निर्देश दिए। अधिकारियों के अनुसार प्रदेश में 60,858 सर्किट किलोमीटर लंबी ट्रांसमिशन लाइनें संचालित हैं और 715 उपकेंद्रों के माध्यम से 2,05,632 एमवीए क्षमता उपलब्ध है। ट्रांसमिशन नेटवर्क की उपलब्धता 99.30 प्रतिशत और पारेषण हानि घटकर 3.2 प्रतिशत रह गई है।

आंधी-तूफान में भी त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम रहे सक्रिय

मुख्यमंत्री ने कहा कि आंधी, तूफान और भीषण गर्मी जैसी परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम सक्रिय रहना चाहिए। समीक्षा में बताया गया कि 4, 7 और 15 मई को आए तूफानों से 38 सब-स्टेशन और 326 फीडर प्रभावित हुए थे, लेकिन तेजी से मरम्मत और बहाली का कार्य किया गया।

स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को समय पर मिले सही बिल

मुख्यमंत्री ने स्मार्ट मीटर व्यवस्था को उपभोक्ता हितैषी बनाने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं और सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया गया है। जून 2026 से स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं को हर माह 1 से 10 तारीख के बीच पोस्टपेड आधार पर बिल जारी किए जाएंगे। बिल एसएमएस, व्हाट्सऐप और ई-मेल के माध्यम से भी उपलब्ध होंगे।

हेल्पलाइन व्यवस्था का होगा निरीक्षण

मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री और राज्य मंत्री को 1912 हेल्पलाइन कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही पर्याप्त नहीं, बल्कि उपभोक्ताओं को यह स्पष्ट जानकारी भी दी जाए कि समस्या का समाधान कब तक होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में बेहतर, भरोसेमंद और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और सभी डिस्कॉम को मिलकर इस लक्ष्य को पूरा करना होगा।

आजमगढ़: जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं - रामानंद
जमगढ़। मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक विलासिता का सुख प्राप्त करना नहीं है। मानव जीवन का उद्देश्य राग द्वेष बैर भाव ऊंच नीच छूआ छूत से ऊपर उठकर सबको गले लगाना है। श्री श्री 1008  योगी रामानंददास महाराज ने जिले के तहबरपुुुुर विकास खण्ड में पड़ने वाले सराय सागर गांव में चल रहे श्री शत चंडी महायज्ञ एवं सनातन धर्म सम्मेलन में कही । उन्होंने ने “पुरुषार्थ” और “निर्वाण” का आध्यात्मिक अर्थ समझाते हुए बताया कि मानव जीवन का उद्देश्य केवल भौतिक सुख प्राप्त करना नहीं, बल्कि आत्मिक उन्नति और मोक्ष की ओर बढ़ना है। जाति पाति ऊंच नीच बैर भाव लोभ मोह मद से ऊपर उठकर समाज के दबे-कुचले का उत्थान करना है।उन्होंने कहा कि पुरुषार्थ का अर्थ है — "मनुष्य द्वारा जीवन में किए जाने वाले श्रेष्ठ प्रयास"। सनातन धर्म में चार पुरुषार्थ बताए गए हैं: 'धर्म' – सत्य और कर्तव्य का पालन। 'अर्थ' – न्यायपूर्ण तरीके से धन अर्जन। 'काम' – मर्यादित इच्छाओं की पूर्ति। 'मोक्ष' – जन्म-मरण के बंधन से मुक्ति। इन चारों में मोक्ष को सर्वोच्च माना गया है। साथ ही उन्होंने बताया कि निर्वाण का अर्थ है अहंकार, मोह, क्रोध ,ल़ोभ और सांसारिक बंधनों से पूर्ण मुक्ति प्राप्त कर परम शांति की अवस्था में पहुँचना। योग और भक्ति के माध्यम से मनुष्य आत्मज्ञान प्राप्त कर निर्वाण की ओर अग्रसर हो सकता है। इस अवसर पर अनिल सिंह, संजय सिंह, प्रेम प्रकाश राय, दीनदयाल उपाध्याय, राकेश उपाध्याय,रजत सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन मौजूद रहे।
थाना समाधान दिवस में 22 पुलिस शिकायतें निस्तारित:कुल 132 आवेदन मिले, राजस्व मामलों पर दिए गए निर्देश

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जनपद के सभी थानों पर शनिवार को 'थाना समाधान दिवस' का आयोजन किया गया। इस दौरान कुल 132 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। यह आयोजन शासन की मंशा के अनुरूप फरियादियों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से किया गया था। भदोही के जिलाधिकारी शैलेष कुमार और पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में समस्याओं को सुना गया। समाधान दिवस में प्रशासनिक और पुलिस टीमों ने मिलकर जनता की समस्याओं को सुना। प्राप्त 132 प्रार्थना पत्रों में से 92 राजस्व विभाग से संबंधित थे, जबकि 22 पुलिस विभाग से जुड़े थे। पुलिस विभाग से संबंधित सभी 22 शिकायतों का तत्काल मौके पर निस्तारण किया गया। वहीं, राजस्व विभाग से संबंधित प्रार्थना पत्रों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए।
जन सुनवाई के दौरान अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए कि जमीन से संबंधित सभी मामलों में पुलिस और राजस्व की टीमें संयुक्त रूप से कार्यवाही करें। इसका उद्देश्य फरियादियों को अलग-अलग भटकने से बचाना और मामलों का त्वरित एवं न्यायपूर्ण समाधान सुनिश्चित करना है। राजस्व के लंबित प्रकरणों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के लिए पुलिस और राजस्व की तीन संयुक्त टीमें भी गठित की गई हैं।
योग से स्वस्थ बनेंगे परिषदीय स्कूल के बच्चे*


*स्कूल खुलने पर प्रार्थना सभा में नियमित होगा योगाभ्यास*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को शारीरिक और मानसिक रुप से स्वस्थ बनाने के लिए अब प्रार्थना सभा के दौरान नियमित योगाभ्यास कराया जाएगा। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी विद्यालयों को इसका अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। कुछ विद्यार्थियों में योग गतिविधियां पहले से संचालित है, जबकि शेष विद्यालयों में इसे प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा गया है। जिले में 885 प्राथमिकी,पूव माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। जिनमें 1.30 लाख से अधिक छात्र - छात्राएं पंजीकृत हैं। बेसिक शिक्षा विभाग शिक्षण कार्य के साथ-साथ सह- शौक्षिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहा है। पिछले वर्ष भी परिषद की ओर से विद्यालयों में योगाभ्यास कराने के निर्देश जारी किए गए थे। लेकिन क‌ई स्कूलों में इसका नियमित पालन नहीं हो रहा था। इसे देखते हुए सचिव ने दोबारा पत्र जारी कर सभी विद्यालयों में योग गतिविधियां सुनिश्चित करने को कहा है। निर्देश के अनुसार प्रशिक्षित शिक्षक और अनुदेशक बच्चों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और शारीरिक व्यायाम का अभ्यास कराएंगे। योग सत्र में ताड़ासन, वृक्षासन, भुजंगासन,अनुलोम - विलोम और कपालभाति के साथ दौड़, स्ट्रेचिंग तथा सामान्य व्यायाम भी शामिल होंगे। इसके बच्चों की शारीरिक क्षमता बढ़ने के साथ उनकी एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य में भी सुधार होगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम् पांडेय ने बताया कि सभी विद्यालयों को नियमित योगाभ्यास कराने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके हैं। स्कूल खुलने के बाद इसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित कराया जाएगा,ताकि छात्र - छात्राएं शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।
बकाया बिलों की वसूली करने गई विद्युत टीम पर हमला, 14 नामजद 10 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज

फर्रुखाबाद l विकास खंड नवाबगंज क्षेत्र की ग्राम पंचायत नगला छेद में बिजली बिल वसूली करने पहुंची विद्युत टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया l  घटना के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। कर्मचारियों ने 14 नामजद और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अवर अभियंता अब्दुल मजीद के नेतृत्व में टीजी-2 गोपाल मिश्रा और संविदाकर्मी अनुरोध कुमार, गौरव सिंह, राहुल कुमार और अंकित कुमार की टीम गांव में बकाया बिजली बिलों की वसूली के लिए पहुंची थी। टीम ने ग्रामीणों से बिजली बिल जमा करने की अपील कर रही थी, तभी कुछ लोगों ने विरोध शुरू कर दिया।आरोप है कि गांव के करू, सौरभ, बबलू, कमलेश, भगत सिंह, विकेश, अजय, नेम सिंह, छोटेलाल, दुधराम, करण सिंह, रामसनेही, पंकज, अरविंद सहित अन्य लोगों ने टीम के साथ गाली-गलौज की। स्थिति बिगड़ती देख बिजली कर्मी वहां से निकलने लगे, लेकिन इस दौरान दो बाइकों पर आए कुछ लोगों ने सड़क पर बल्ली डालकर रास्ता रोक लिया। साथ ही आरोपियों ने लाइनमैन सहित अन्य कर्मचारियों के साथ मारपीट शुरू कर दी। कर्मचारियों का आरोप है कि हमलावरों ने जान से मारने की नीयत से हमला किया, सरकारी दस्तावेज फाड़ दिए और टीम के एक कर्मी का चश्मा तक तोड़ दिया। साथ ही सरकारी मोबाइल फोन और संविदाकर्मी अनुरोध कुमार का निजी मोबाइल भी लूट लिया है घटना के बाद विद्युत विभाग की ओर से नवाबगंज थाने में तहरीर दी गई है l पुलिस ने 14 नामजद और 10 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार बिजली कटौती और फाल्ट की समस्या बनी रहती है। किसानों ने आरोप लगाया है कि मक्का की सिंचाई प्रभावित हो रही है और लाइन मैंन ठीक करने के नाम पर पैसे मांगते हैं। इस के चलते ग्रामीणों ने बिजली विभाग के खिलाफ नाराज़गी जताई है l
श्रमिक कल्याण पर योगी सरकार का बड़ा फोकस: 75 जिलों में लागू होगी बाल श्रमिक विद्या योजना
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को लेकर बड़ा विजन पेश करते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि “श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उन्हें सम्मान, सुरक्षा तथा बेहतर अवसर देना सरकार की प्राथमिकता है।”

शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने बाल श्रमिक विद्या योजना को नए स्वरूप में प्रदेश के सभी 75 जिलों में लागू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे और बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को स्कूलों से जोड़ा जाए। साथ ही निजी क्षेत्र के सहयोग से उनके कौशल विकास की कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में शुरू की गई यह योजना फिलहाल 20 जनपदों में संचालित है, जिसके तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को शिक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।

मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए इसे और अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग को बढ़ावा देने की बात कही। अधिकारियों के अनुसार, इस व्यवस्था के तहत वर्तमान में 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं।

बैठक में औद्योगिक विकास और श्रमिक हितों से जुड़े आंकड़े भी साझा किए गए। बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं, जबकि वर्ष 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है।

मुख्यमंत्री ने सभी औद्योगिक शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र (लेबर अड्डे)
विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को सिर्फ श्रमिकों के जुटने का स्थान नहीं, बल्कि **सहायता, सुविधा और सुरक्षित आवास व्यवस्था** से युक्त केंद्रों के रूप में विकसित किया जाए।

रोजगार सृजन पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं को **स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर** पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। समीक्षा में बताया गया कि **उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन** के माध्यम से **27,555 युवाओं का चयन** किया गया है, जिनमें **2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार** के लिए हुआ है।

वहीं, वर्ष **2025-26** में आयोजित **3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों** के जरिए **3,74,776 युवाओं** को रोजगार के अवसर मिले, जबकि **4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों** में **6.80 लाख से अधिक युवाओं** ने भागीदारी की।

मुख्यमंत्री ने सेवायोजन विभाग को आधुनिक एवं डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित करने के निर्देश देते हुए एआई आधारित जॉब मैचिंग, डिजिटल सेवाएं और ऑनलाइन काउंसलिंग सिस्टम को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। साथ ही जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य समेत विभिन्न देशों में रोजगार अवसरों को ध्यान में रखते हुए भाषा प्रशिक्षण कार्यक्रमों को भी आगे बढ़ाने की बात कही।
मदरसा बोर्ड परीक्षा 2026 का परिणाम घोषित
* मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं दानिश आजाद अंसारी ने सफल विद्यार्थियों को दी बधाई

लखनऊ। प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मंत्री ओम प्रकाश राजभर तथा राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि उ०प्र० मदरसा शिक्षा परिषद, लखनऊ द्वारा संचालित अरबी एवं फारसी की मुंशी/मौलवी (सेकेंडरी) तथा आलिम (सीनियर सेकेंडरी) बोर्ड परीक्षा वर्ष-2026 का परीक्षाफल आज अपरान्ह 03ः00 बजे घोषित कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि परीक्षाफल परिषद की आधिकारिक वेबसाइट https://madarsaboard-upsdc-gov-in  के माध्यम से देखा जा सकता है।
वर्ष 2026 में कुल 80,933 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे, जिनमें से 63,211 परीक्षार्थी परीक्षा में सम्मिलित हुए जबकि 17,722 अनुपस्थित रहे। परीक्षा को पारदर्शी एवं नकलविहीन बनाने के लिए सभी केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था की गई, जिसकी निगरानी सीधे मदरसा बोर्ड मुख्यालय से की गई। इस प्रकार परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हुई।
सेकेंडरी (मुंशी-मौलवी) परीक्षा में 62,232 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 47,036 छात्र-छात्राएं परीक्षा में सम्मिलित हुए। इस स्तर पर दीनियात, फारसी (अरबी), उर्दू साहित्य, जनरल इंग्लिश एवं जनरल हिंदी अनिवार्य विषय रहे, जबकि गणित, गृह विज्ञान, लॉजिक एंड फिलॉसफी, सोशल स्टडीज, साइंस एवं तिब जैसे विषय वैकल्पिक रूप में उपलब्ध कराए गए।
इसी प्रकार सीनियर सेकेंडरी (आलिम) परीक्षा में 18,701 परीक्षार्थी पंजीकृत थे, जिनमें से 16,175 छात्र-छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए। इस स्तर पर भी अनिवार्य एवं वैकल्पिक विषयों के माध्यम से पारंपरिक शिक्षा के साथ आधुनिक विषयों का समन्वय सुनिश्चित किया गया।
मदरसा बोर्ड की परीक्षाएं दिनांक 09 फरवरी से 14 फरवरी 2026 के मध्य प्रदेशभर के 277 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की गईं। परीक्षा केंद्रों का निर्धारण जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति द्वारा किया गया, जिसे राज्य स्तरीय समिति द्वारा अनुमोदित किया गया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर एवं राज्यमंत्री दानिश आजाद अंसारी ने सफल छात्र-छात्राओं को हार्दिक बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि यह परिणाम विद्यार्थियों की मेहनत और शिक्षकों के मार्गदर्शन का प्रतिफल है। साथ ही उन्होंने असफल विद्यार्थियों से निराश न होने तथा पुनः प्रयास कर सफलता प्राप्त करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार मदरसा शिक्षा को आधुनिक एवं रोजगारपरक बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है, जिससे छात्र-छात्राएं मुख्यधारा की शिक्षा और अवसरों से जुड़ सकें।