उत्कर्ष मिश्रा ने किया जौनपुर का नाम रोशन, क्षेत्र में खुशी की लहर
जौनपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में जौनपुर जनपद के बदलापुर विकास खंड अंतर्गत तुलापुर निवासी उत्कर्ष मिश्रा ने 337वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उत्कर्ष मिश्रा, चन्द्रेश मिश्रा के पुत्र हैं। उनके पिता बरेली में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर संचालित करते हैं, जबकि उनकी माता शशिकला मिश्रा गृहिणी हैं। उत्कर्ष ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की है। सिविल सेवा परीक्षा में उनका ऐच्छिक विषय भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग ही था। उनकी स्कूली शिक्षा बरेली जनपद से आईसीएसई बोर्ड से हुई है। यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले भी वे साक्षात्कार तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से बाहर हो गए थे। इस बार उन्होंने सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उत्कर्ष के छोटे भाई हर्ष मिश्रा भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके हैं। उत्कर्ष की इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।

इस अवसर पर उनके पारिवारिक उमेश मिश्रा ने कहा कि निश्चित रूप से यह हमारे परिवारिक कुनबे , हमारे गांव, क्षेत्र और पूरे जौनपुर जिले के लिए गौरव का क्षण है। उत्कर्ष मिश्रा ने कड़ी मेहनत और धैर्य के बल पर यह सफलता प्राप्त की है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्कर्ष मिश्रा को बधाई देने वालों में ओंकार नाथ मिश्र, दुर्गेश मिश्र, गिरीश मिश्र, रामनारायण मिश्र, राजेश मिश्र (अधिवक्ता), शेष नारायण उर्फ कुबेर सेठ, शैलेंद्र मिश्र सहित परिवार और क्षेत्र के अनेक लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 जनवरी से 6 मार्च तक 70.69 लाख नए आवेदन, सुनवाई 85.8% पूरी

* मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, मसौदा सूची में कुल मतदाता 12.55 करोड़

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के लिए चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च 2026) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने आवेदन किए हैं। शनिवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 6,88,43,159 पुरुष (54.83%), 5,67,08,747 महिलाएं (45.17%) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

* 1.26 करोड़ से अधिक मतदाताओं को नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता पाए गए जिन्होंने मिलान नहीं कराया, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं के विवरण में तार्किक विसंगतियां मिलीं। इन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

नोटिस जारी करने की पहली तिथि: 14 जनवरी 2026

सुनवाई की शुरुआत: 21 जनवरी 2026

कुल नोटिस वितरण: 93.8%

6 मार्च तक सुनवाई पूरी: 85.8%

सुनवाई के लिए प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 12,758 सहायक अधिकारी तथा 5,621 सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।

* दावा-आपत्ति अवधि में लाखों आवेदन
6 जनवरी से 6 मार्च 2026 के बीच नागरिकों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।

* फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण)

कुल आवेदन: 70,69,810

पुरुष: 34,96,911
महिलाएं: 35,72,603
तृतीय लिंग: 296
18–29 आयु वर्ग: 47,81,526

* फॉर्म-7 (नाम विलोपन)

कुल आवेदन: 2,68,682

* फॉर्म-8 (संशोधन/पता परिवर्तन)
कुल आवेदन: 16,33,578
पता परिवर्तन: 1,12,877
प्रविष्टियों में सुधार: 14,88,115
ईपिक प्रतिस्थापन: 31,602

* राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तर पर पांच बैठकें आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त प्रदेश भर में गणना चरण और दावा-आपत्ति अवधि में कुल 3,090 बैठकें हुईं। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल रहे।
* चार विशेष अभियान दिवस
अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रदेश में 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किए गए, जिनमें बूथ स्तर पर फॉर्म उपलब्ध कराए गए और अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।

* शिकायत निस्तारण में यूपी आगे
राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 (99.24%) का निस्तारण किया गया। फरवरी 2026 में शिकायत निस्तारण की रेटिंग के आधार पर उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ स्तर पर भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
आजमगढ़: बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर निवासी भाई बहन ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में लहराया परचम!
क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ी! बधाई देने वालों का लगा है ताता!!

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: जनपद के बिलरियागंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शांतिपुर के मूल निवासी भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर जनपद का नाम गौरवान्वित किया है । शांतिपुर निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय जो वर्तमान में लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं तथा उनकी पत्नी प्रतिभा उपाध्याय जो एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं । उनके पुत्र आदित्यहृदय उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में 154वीं रैंक प्राप्त की है जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में भी दोनों भाई-बहन का रिकॉर्ड बेहद उत्कृष्ट रहा है । आदित्यहृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं । वहीं आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। इस खबर से बिलरियागंज क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर थी और परिजनों को बधाई देने का ताता लगा था!!
मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

#lpggascylinderpriceincreased

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मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

मूत्र असंयम को नजरअंदाज न करें: समय पर इलाज और जागरूकता से मिल सकती है राहत
मुंबई के Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital के कंसल्टेंट रोबोटिक रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडे के अनुसार मूत्र असंयम (Urinary Incontinence) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिना इच्छा के मूत्र का रिसाव होने लगता है। यह समस्या खासतौर पर महिलाओं में अधिक देखी जाती है और कई बार लोग शर्म या झिझक के कारण इसका इलाज नहीं कराते।
डॉ. पांडे बताते हैं कि स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस (Stress Incontinence) तब होता है जब खाँसने, छींकने, हँसने, झुकने या भारी काम करने के दौरान मूत्र का अनियंत्रित रिसाव हो जाता है। भारत में किए गए अध्ययनों के अनुसार करीब 10 से 42 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है और हर तीन में से एक महिला को जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का कमजोर होना, नसों को नुकसान, प्रसव के बाद शरीर में बदलाव और रजोनिवृत्ति जैसी स्थितियाँ इसके प्रमुख कारण हो सकती हैं। इसके अलावा अर्ज इन्कॉन्टिनेंस (Urge Incontinence), मिक्स्ड इन्कॉन्टिनेंस (Mixed Incontinence) और नॉक्टर्नल एन्यूरिसिस (Nocturnal Enuresis) जैसे अन्य प्रकार भी होते हैं, जिनमें अचानक मूत्र त्याग की तीव्र इच्छा या नींद के दौरान मूत्र का रिसाव हो सकता है।
डॉ. पांडे का कहना है कि जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। फाइबर युक्त भोजन, वजन नियंत्रित रखना, धूम्रपान से दूरी, कैफीन व शराब का कम सेवन और केगल (Kegel) व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं।
अगर किसी व्यक्ति को हँसने, खाँसने या दौड़ने जैसी सामान्य गतिविधियों के दौरान मूत्र रिसाव हो, या इस समस्या के कारण उसे डायपर पहनना पड़े अथवा सामाजिक जीवन प्रभावित होने लगे, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। जांच के लिए मूत्र डायरी, यूरोफ्लोमेट्री, युरोडायनामिक स्टडी और अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सही इलाज से इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। उपचार में दवाइयाँ, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ और जरूरत पड़ने पर सर्जरी भी शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में स्लिंग सर्जरी, कोल्पोसस्पेंशन या अन्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का सहारा लिया जाता है।
डॉ. संजय पांडे का कहना है कि महिलाएँ अक्सर इस समस्या को चुपचाप सहती रहती हैं, जबकि समय पर उपचार से इससे राहत पाना संभव है। इसलिए डर या शर्म के कारण इसे छिपाने के बजाय जागरूक होकर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
यूपी: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी, हजारों पद खाली; भर्ती प्रक्रिया भी अटकी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार लेवल-2 और लेवल-3 श्रेणी के डॉक्टरों के पद सबसे अधिक खाली हैं, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और जिला अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक लेवल-2 के डॉक्टरों के कुल 7240 पदों में से 5497 पद खाली हैं, जबकि लेवल-3 में 5199 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 2007 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसके अलावा संयुक्त निदेशक स्तर के 2858 पदों में से 1330 पद रिक्त हैं। डेंटल सर्जन के 70 में से 58 पद और साधारण ग्रेड के डेंटल सर्जन के 970 पदों में से 157 पद भी खाली पड़े हैं।
स्वास्थ्य अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और हेल्थ कैंप में अहम भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 8853 पदों में से 6364 पद खाली हैं। वहीं स्टाफ नर्स के 8113 पदों में से 3257 पदों पर अब तक भर्ती नहीं हो सकी है।
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं हो पाईं। स्वास्थ्य विभाग ने 601 विशेषज्ञ और 1790 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती के लिए नवंबर 2025 में आवेदन मांगे थे। जनवरी 2026 में इंटरव्यू भी कराए गए, लेकिन 30 जनवरी को आने वाला परिणाम मेरिट और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच जारी नहीं हो सका।
इसके अलावा पिछले वर्ष दिसंबर में “वॉक-इन इंटरव्यू” के जरिए 2300 से अधिक पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए थे, लेकिन उनमें भी एक भी नियुक्ति नहीं हो सकी।
इस संबंध में प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य का कहना है कि “मेडिकल भर्ती बोर्ड” के गठन के बाद अब भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।
समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखने का लें संकल्प : बृजेश सिंह
वाराणसी। होली प्रेम, भाईचारा और एकता का त्यौहार है। यह त्यौहार नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आप सभी अपने जीवन में अच्छे काम करते हुए समाज को संगठित और सद्भावना पूर्ण बनाए रखने का संकल्प लें। वाराणसी के सिगरा स्थित अपने आवास रघुनंदन पर आयोजित होली मिलन समारोह में आए हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए पूर्व विधान परिषद सदस्य तथा पूर्वांचल के बाहुबली नेता बृजेश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि समाज की पीड़ा समझने वाला व्यक्ति ही असली इंसान होता है। आपके बगल में यदि कोई गरीब भूखा पेट सोता है, तो आपका जीवन निरर्थक है। उन्होंने कहा कि हर त्यौहार हमें आपसे प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। धर्म और जाति से ऊपर उठकर हमें एक दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर उनके समर्थकों ने विशाल माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। बृजेश सिंह ने सबको होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिहार-बंगाल समेत 9 राज्यों के गवर्नर बदले, दिल्ली के नए एलजी बने तरनजीत सिंह संधू

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सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े संवैधानिक बदलावों की घोषणा की है। देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और उपराज्यपाल बदले गए हैं। दिल्ली, लद्दाख, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में नए उपराज्यपाल (एलजी) और राज्यपालों की नियुक्ति की गई है।

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तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के नए उप-राज्यपाल

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. कुमार सक्सेना को दिल्ली से हटाकर लद्दाख का नया एलजी नियुक्त किया गया है। जबकि तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल बनाया गया है। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू एक मंझे हुए राजनयिक हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का लंबा अनुभव है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी और श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

जनरल सैयद अता हसनैन बिहार के नए राज्यपाल

इनके अलावा बिहार में गुरुवार को दो बड़े राजनीतिक उलटफेर हुए। जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार से हटाने के बाद आरिफ मोहम्मद खान को अभी कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर बने तमिलनाडु के गवर्नर

केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तमिलनाडु के गवर्नर का काम संभालेंगे। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। 

आर एन रवि पश्चिम बंगाल के गवर्नर नियुक्त

वहीं, तमिलनाडु के गवर्नर आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया। पूर्व आईपीएस अधिकारी रवि का करियर उग्रवाद विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर भारत में शांति वार्ताओं (विशेषकर नगा शांति वार्ता) के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक उठापटक के बीच उनकी नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नंद किशोर यादव, राज्यपाल, नागालैंड

बिहार भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यादव बिहार विधानसभा में कई बार विधायक रहे हैं और उन्होंने सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है।

आजमगढ़: होली की खुशी मातम में बदलीं, पोखरी में डूबने से दो छात्राओं की मौत, मचा कोहराम
आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद तहसील क्षेत्र के फत्तनपुर ग्रामसभा के मुस्तफाबाद में होली का त्योहार उस समय मातम में बदल गया जब पोखरे में डूबने से दो छात्राओं की मौत हो गई मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी शिवांगी यादव पुत्री राजेश यादव और अंशिका यादव पुत्री सुरेश यादव होली का रंग खेलने के बाद गांव के बगल स्थित पोखरे में नहाने गई थीं। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई और घटना के बाद परिवार और गांव में अफरा-तफरी मच गई परिजनों ने देर शाम दोनों के शवों का अंतिम संस्कार निजामाबाद क्षेत्र के दत्तात्रेय श्मशान घाट पर कर दिया घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी निजामाबाद हिरेंद्र प्रताप सिंह श्मशान घाट पहुंचे,लेकिन तब तक परिजन दाह संस्कार कर चुके थे इस दुखद घटना से पूरे गांव में होली की खुशियां मातम में बदल गईं और परिवार में कोहराम मच गया बताया जा रहा है कि मृतका शिवांगी यादव इंटरमीडिएट की छात्रा थी, जबकि अंशिका यादव इस समय हाईस्कूल की परीक्षा दे रही थी और आज गुरुवार के दिन सुबह करीब दस बजे चौकी प्रभारी फरिहा चित्रांशु मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम घर और श्मशान घाट दोनों जगह पहुंची थी, लेकिन परिजनों द्वारा पहले ही दाह संस्कार कर दिया गया था पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
लखनऊ में किसान पथ पर कार ने बाइक में मारी टक्कर, ससुर-दामाद की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी के निकट किसान पथ पर गुरुवार दोपहर एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार दामाद सुशील और ससुर मुन्नी लाल की जान चली गई, जबकि सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है।

यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार एसयूवी कार ने सुशील की मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में घायल महिला समेत दामाद और ससुर को गंभीर हालत में पीजीआई स्थित ट्रामा टू में भर्ती कराया। जहां दामाद सुशील व ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई जबकि महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने रोड जाम कर प्रदर्शन करने लगे। हंगामे और प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिलने पर एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव, इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसर परिजनों को समझाने में जुटे हैं और जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी सुशील कुमार (46), अपनी पत्नी और ससुर मुन्नी लाल (60) के साथ माेटरसाइकिल से रिश्तेदार के घर से रहे थे। तभी रास्ते में किसान पथ पर बेकाबू एसयूवी ने इनकी माेटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में माेटरसाइकिल सवार सुशील और उनके ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई और सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है। मामले की जांच की जा रही है।
उत्कर्ष मिश्रा ने किया जौनपुर का नाम रोशन, क्षेत्र में खुशी की लहर
जौनपुर। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा जारी सिविल सेवा परीक्षा 2025 के अंतिम परिणाम में जौनपुर जनपद के बदलापुर विकास खंड अंतर्गत तुलापुर निवासी उत्कर्ष मिश्रा ने 337वीं रैंक प्राप्त कर जिले का नाम रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से पूरे गांव और क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। उत्कर्ष मिश्रा, चन्द्रेश मिश्रा के पुत्र हैं। उनके पिता बरेली में इंजीनियरिंग और मेडिकल की तैयारी कराने के लिए कोचिंग सेंटर संचालित करते हैं, जबकि उनकी माता शशिकला मिश्रा गृहिणी हैं। उत्कर्ष ने आईआईटी कानपुर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बीटेक की पढ़ाई पूरी की है। सिविल सेवा परीक्षा में उनका ऐच्छिक विषय भी मैकेनिकल इंजीनियरिंग ही था। उनकी स्कूली शिक्षा बरेली जनपद से आईसीएसई बोर्ड से हुई है। यह उनका पांचवां प्रयास था। इससे पहले भी वे साक्षात्कार तक पहुंचे थे, लेकिन अंतिम चयन से बाहर हो गए थे। इस बार उन्होंने सफलता प्राप्त कर अपने परिवार और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है। उत्कर्ष के छोटे भाई हर्ष मिश्रा भी आईआईटी कानपुर से सिविल इंजीनियरिंग में बीटेक कर चुके हैं। उत्कर्ष की इस उपलब्धि से पूरे गांव में खुशी का माहौल है और लोग उन्हें बधाई दे रहे हैं।

इस अवसर पर उनके पारिवारिक उमेश मिश्रा ने कहा कि निश्चित रूप से यह हमारे परिवारिक कुनबे , हमारे गांव, क्षेत्र और पूरे जौनपुर जिले के लिए गौरव का क्षण है। उत्कर्ष मिश्रा ने कड़ी मेहनत और धैर्य के बल पर यह सफलता प्राप्त की है, जो युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। उत्कर्ष मिश्रा को बधाई देने वालों में ओंकार नाथ मिश्र, दुर्गेश मिश्र, गिरीश मिश्र, रामनारायण मिश्र, राजेश मिश्र (अधिवक्ता), शेष नारायण उर्फ कुबेर सेठ, शैलेंद्र मिश्र सहित परिवार और क्षेत्र के अनेक लोगों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
यूपी में मतदाता सूची पुनरीक्षण: 6 जनवरी से 6 मार्च तक 70.69 लाख नए आवेदन, सुनवाई 85.8% पूरी

* मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रेस वार्ता में दी जानकारी, मसौदा सूची में कुल मतदाता 12.55 करोड़

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा तथा लोकसभा चुनावों के लिए चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण-2026 के तहत दावा एवं आपत्ति अवधि (6 जनवरी से 6 मार्च 2026) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं ने आवेदन किए हैं। शनिवार को लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने इसकी जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि 6 जनवरी 2026 को प्रकाशित मसौदा मतदाता सूची में प्रदेश में कुल 12,55,56,025 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इनमें 6,88,43,159 पुरुष (54.83%), 5,67,08,747 महिलाएं (45.17%) और 4,119 तृतीय लिंग मतदाता शामिल हैं।

* 1.26 करोड़ से अधिक मतदाताओं को नोटिस
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार पुनरीक्षण के दौरान 1.04 करोड़ ऐसे मतदाता पाए गए जिन्होंने मिलान नहीं कराया, जबकि 2.22 करोड़ मतदाताओं के विवरण में तार्किक विसंगतियां मिलीं। इन्हें नोटिस जारी कर सुनवाई की प्रक्रिया शुरू की गई।

नोटिस जारी करने की पहली तिथि: 14 जनवरी 2026

सुनवाई की शुरुआत: 21 जनवरी 2026

कुल नोटिस वितरण: 93.8%

6 मार्च तक सुनवाई पूरी: 85.8%

सुनवाई के लिए प्रदेश में 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी, 12,758 सहायक अधिकारी तथा 5,621 सुनवाई केंद्र बनाए गए हैं।

* दावा-आपत्ति अवधि में लाखों आवेदन
6 जनवरी से 6 मार्च 2026 के बीच नागरिकों से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए।

* फॉर्म-6 (नए मतदाता पंजीकरण)

कुल आवेदन: 70,69,810

पुरुष: 34,96,911
महिलाएं: 35,72,603
तृतीय लिंग: 296
18–29 आयु वर्ग: 47,81,526

* फॉर्म-7 (नाम विलोपन)

कुल आवेदन: 2,68,682

* फॉर्म-8 (संशोधन/पता परिवर्तन)
कुल आवेदन: 16,33,578
पता परिवर्तन: 1,12,877
प्रविष्टियों में सुधार: 14,88,115
ईपिक प्रतिस्थापन: 31,602

* राजनीतिक दलों की सक्रिय भागीदारी
पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तर पर पांच बैठकें आयोजित की गईं। इसके अतिरिक्त प्रदेश भर में गणना चरण और दावा-आपत्ति अवधि में कुल 3,090 बैठकें हुईं। राजनीतिक दलों द्वारा नियुक्त 5,82,877 बूथ लेवल एजेंट भी पुनरीक्षण प्रक्रिया में शामिल रहे।
* चार विशेष अभियान दिवस
अधिक से अधिक पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए प्रदेश में 11 जनवरी, 18 जनवरी, 31 जनवरी और 22 फरवरी 2026 को विशेष अभियान दिवस आयोजित किए गए, जिनमें बूथ स्तर पर फॉर्म उपलब्ध कराए गए और अधिकारियों ने निरीक्षण भी किया।

* शिकायत निस्तारण में यूपी आगे
राष्ट्रीय शिकायत सेवा पोर्टल पर 27 अक्टूबर 2025 से 6 मार्च 2026 तक 92,497 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 91,790 (99.24%) का निस्तारण किया गया। फरवरी 2026 में शिकायत निस्तारण की रेटिंग के आधार पर उत्तर प्रदेश को देश में पहला स्थान मिला।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि बिना नोटिस और निर्धारित प्रक्रिया के किसी भी मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाएगा। साथ ही मतदाताओं की सुविधा के लिए बूथ स्तर पर भी सुनवाई की व्यवस्था की गई है।
आजमगढ़: बिलरियागंज क्षेत्र के शांतिपुर निवासी भाई बहन ने संघ लोक सेवा आयोग की परीक्षा में लहराया परचम!
क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर दौड़ी! बधाई देने वालों का लगा है ताता!!

उपेन्द्र कुमार पांडेय

आजमगढ़:: जनपद के बिलरियागंज ब्लॉक अंतर्गत ग्राम शांतिपुर के मूल निवासी भाई-बहन ने संघ लोक सेवा आयोग यूपीएससी परीक्षा में शानदार सफलता प्राप्त कर जनपद का नाम गौरवान्वित किया है । शांतिपुर निवासी अधिवक्ता सूर्यप्रकाश उपाध्याय जो वर्तमान में लखनऊ हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करते हैं तथा उनकी पत्नी प्रतिभा उपाध्याय जो एक इंटर कॉलेज में शिक्षिका के रूप में कार्यरत हैं । उनके पुत्र आदित्यहृदय उपाध्याय ने यूपीएससी परीक्षा में 154वीं रैंक प्राप्त की है जबकि उनकी छोटी बहन आयुषी उपाध्याय ने 361वीं रैंक हासिल कर परिवार और जनपद का नाम रोशन किया है। शैक्षणिक उपलब्धियों के मामले में भी दोनों भाई-बहन का रिकॉर्ड बेहद उत्कृष्ट रहा है । आदित्यहृदय उपाध्याय रुड़की से बीटेक में गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं । वहीं आयुषी उपाध्याय ने नेशनल लॉ कॉलेज से ग्रेजुएशन में गोल्ड मेडल प्राप्त किया है। इस खबर से बिलरियागंज क्षेत्र के लोगों में खुशी की लहर थी और परिजनों को बधाई देने का ताता लगा था!!
मिडिल ईस्ट जंग के बीच लगा महंगाई का झटका, घरेलू सिलेंडर के दाम 60 रुपये बढ़े

#lpggascylinderpriceincreased

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मिडिल-ईस्ट में जंग की आग फैलती जा रही है। ईरान-इजरायल जंग का असर भारत में भी दिखने लगा है। ईरान जंग के कारण देश में महंगाई का जोरदार झटका लगा है। ईरान-इजरायल जंग बीच घरेलू और कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ गए हैं।

घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी

घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कीमतों में शनिवार, 7 मार्च से वृद्धि कर दी गई है। देश भर में 14.2 किलोग्राम के घरेलू खाना पकाने वाले गैस सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसका मतलब है कि नए रेट में अब दिल्ली में 14.2 kg सिलेंडर की कीमत 913 रुपए होगी, जबकि पहले यह 853 रुपए थी। एक साल से भी कम समय में कीमतों में यह दूसरी बढ़ोतरी है।

कमर्शियल सिलेंडर की कीमत भी काटेगी जेब

वहीं, 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमत में भी 115 रुपये की बढ़ोतरी की गई है, जो आज 7 मार्च से प्रभावी हो गई है। दिल्ली में अब 19 किलो वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत 1883 रुपये हो गई है। सिलेंडर की कीमतों में यह नया बदलाव अप्रैल 2025 की कीमतों के बाद हुआ है। वहीं देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में कमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर 1835 रुपये मिलेगा। सिलेंडर की कीमतों में उछाल के बाद लोगों में हड़कंप मच गया है।

पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर

बता दें कि पश्चिम एशिया में जारी सैन्य तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते आयात होने वाली तरल प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति प्रभावित होने के बाद घरेलू सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हो गई है। होर्मुज के जरिये एलएनजी की आपूर्ति 28 फरवरी से ही रुक गई है। इससे लगभग 20 प्रतिशत वैश्विक एलएनजी आपूर्ति अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है और एशियाई आयात बाजारों में चिंता बढ़ गई है। भारत की एलएनजी आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा कतर और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही आता है।

सरकार ने कहा था-देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं

यह वृद्धि भारत की ऊर्जा आपूर्ति और ईंधन उपलब्धता को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच हुई है। केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने पहले आश्वासन दिया था कि देश में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं को आपूर्ति में व्यवधान की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। मंत्री ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि हमारी प्राथमिकता अपने नागरिकों के लिए किफायती और टिकाऊ ईंधन की उपलब्धता सुनिश्चित करना है और हम इसे बखूबी कर रहे हैं। भारत में ऊर्जा की कोई कमी नहीं है, और हमारे ऊर्जा उपभोक्ताओं के लिए चिंता का कोई कारण नहीं है।

मूत्र असंयम को नजरअंदाज न करें: समय पर इलाज और जागरूकता से मिल सकती है राहत
मुंबई के Kokilaben Dhirubhai Ambani Hospital के कंसल्टेंट रोबोटिक रिकंस्ट्रक्टिव यूरोलॉजिस्ट डॉ. संजय पांडे के अनुसार मूत्र असंयम (Urinary Incontinence) एक ऐसी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति को बिना इच्छा के मूत्र का रिसाव होने लगता है। यह समस्या खासतौर पर महिलाओं में अधिक देखी जाती है और कई बार लोग शर्म या झिझक के कारण इसका इलाज नहीं कराते।
डॉ. पांडे बताते हैं कि स्ट्रेस इन्कॉन्टिनेंस (Stress Incontinence) तब होता है जब खाँसने, छींकने, हँसने, झुकने या भारी काम करने के दौरान मूत्र का अनियंत्रित रिसाव हो जाता है। भारत में किए गए अध्ययनों के अनुसार करीब 10 से 42 प्रतिशत महिलाओं में यह समस्या पाई जाती है और हर तीन में से एक महिला को जीवन में कभी न कभी इसका सामना करना पड़ सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों का कमजोर होना, नसों को नुकसान, प्रसव के बाद शरीर में बदलाव और रजोनिवृत्ति जैसी स्थितियाँ इसके प्रमुख कारण हो सकती हैं। इसके अलावा अर्ज इन्कॉन्टिनेंस (Urge Incontinence), मिक्स्ड इन्कॉन्टिनेंस (Mixed Incontinence) और नॉक्टर्नल एन्यूरिसिस (Nocturnal Enuresis) जैसे अन्य प्रकार भी होते हैं, जिनमें अचानक मूत्र त्याग की तीव्र इच्छा या नींद के दौरान मूत्र का रिसाव हो सकता है।
डॉ. पांडे का कहना है कि जीवनशैली में कुछ बदलाव कर इस समस्या को काफी हद तक रोका जा सकता है। फाइबर युक्त भोजन, वजन नियंत्रित रखना, धूम्रपान से दूरी, कैफीन व शराब का कम सेवन और केगल (Kegel) व्यायाम पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मददगार होते हैं।
अगर किसी व्यक्ति को हँसने, खाँसने या दौड़ने जैसी सामान्य गतिविधियों के दौरान मूत्र रिसाव हो, या इस समस्या के कारण उसे डायपर पहनना पड़े अथवा सामाजिक जीवन प्रभावित होने लगे, तो तुरंत यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेना चाहिए। जांच के लिए मूत्र डायरी, यूरोफ्लोमेट्री, युरोडायनामिक स्टडी और अन्य परीक्षण किए जा सकते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार सही इलाज से इस समस्या को काफी हद तक ठीक किया जा सकता है। उपचार में दवाइयाँ, पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज़ और जरूरत पड़ने पर सर्जरी भी शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में स्लिंग सर्जरी, कोल्पोसस्पेंशन या अन्य आधुनिक सर्जिकल तकनीकों का सहारा लिया जाता है।
डॉ. संजय पांडे का कहना है कि महिलाएँ अक्सर इस समस्या को चुपचाप सहती रहती हैं, जबकि समय पर उपचार से इससे राहत पाना संभव है। इसलिए डर या शर्म के कारण इसे छिपाने के बजाय जागरूक होकर विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।
यूपी: सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की भारी कमी, हजारों पद खाली; भर्ती प्रक्रिया भी अटकी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों की भारी कमी स्वास्थ्य सेवाओं के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार लेवल-2 और लेवल-3 श्रेणी के डॉक्टरों के पद सबसे अधिक खाली हैं, जिससे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी), प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) और जिला अस्पतालों की सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक लेवल-2 के डॉक्टरों के कुल 7240 पदों में से 5497 पद खाली हैं, जबकि लेवल-3 में 5199 स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 2007 डॉक्टर ही कार्यरत हैं। इसके अलावा संयुक्त निदेशक स्तर के 2858 पदों में से 1330 पद रिक्त हैं। डेंटल सर्जन के 70 में से 58 पद और साधारण ग्रेड के डेंटल सर्जन के 970 पदों में से 157 पद भी खाली पड़े हैं।
स्वास्थ्य अभियानों, जागरूकता कार्यक्रमों और हेल्थ कैंप में अहम भूमिका निभाने वाले स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के 8853 पदों में से 6364 पद खाली हैं। वहीं स्टाफ नर्स के 8113 पदों में से 3257 पदों पर अब तक भर्ती नहीं हो सकी है।
भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बावजूद नियुक्तियां नहीं हो पाईं। स्वास्थ्य विभाग ने 601 विशेषज्ञ और 1790 एमबीबीएस डॉक्टरों की भर्ती के लिए नवंबर 2025 में आवेदन मांगे थे। जनवरी 2026 में इंटरव्यू भी कराए गए, लेकिन 30 जनवरी को आने वाला परिणाम मेरिट और पारदर्शिता को लेकर उठे सवालों के बीच जारी नहीं हो सका।
इसके अलावा पिछले वर्ष दिसंबर में “वॉक-इन इंटरव्यू” के जरिए 2300 से अधिक पदों के लिए साक्षात्कार आयोजित किए गए थे, लेकिन उनमें भी एक भी नियुक्ति नहीं हो सकी।
इस संबंध में प्रमुख सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य का कहना है कि “मेडिकल भर्ती बोर्ड” के गठन के बाद अब भर्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से जल्द नियुक्तियां की जाएंगी।
समाज में प्रेम, भाईचारा और एकता बनाए रखने का लें संकल्प : बृजेश सिंह
वाराणसी। होली प्रेम, भाईचारा और एकता का त्यौहार है। यह त्यौहार नई ऊर्जा और नए संकल्प के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। आप सभी अपने जीवन में अच्छे काम करते हुए समाज को संगठित और सद्भावना पूर्ण बनाए रखने का संकल्प लें। वाराणसी के सिगरा स्थित अपने आवास रघुनंदन पर आयोजित होली मिलन समारोह में आए हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए पूर्व विधान परिषद सदस्य तथा पूर्वांचल के बाहुबली नेता बृजेश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि समाज की पीड़ा समझने वाला व्यक्ति ही असली इंसान होता है। आपके बगल में यदि कोई गरीब भूखा पेट सोता है, तो आपका जीवन निरर्थक है। उन्होंने कहा कि हर त्यौहार हमें आपसे प्रेम और भाईचारे का संदेश देता है। धर्म और जाति से ऊपर उठकर हमें एक दूसरे की मदद के लिए आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर उनके समर्थकों ने विशाल माला पहनाकर उनका अभिनंदन किया। बृजेश सिंह ने सबको होली की शुभकामनाएं देते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
बिहार-बंगाल समेत 9 राज्यों के गवर्नर बदले, दिल्ली के नए एलजी बने तरनजीत सिंह संधू

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सरकार ने देश के कई राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में बड़े संवैधानिक बदलावों की घोषणा की है। देश के 9 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के राज्यपाल और उपराज्यपाल बदले गए हैं। दिल्ली, लद्दाख, बिहार, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना में नए उपराज्यपाल (एलजी) और राज्यपालों की नियुक्ति की गई है।

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तरनजीत सिंह संधू दिल्ली के नए उप-राज्यपाल

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर वी. कुमार सक्सेना को दिल्ली से हटाकर लद्दाख का नया एलजी नियुक्त किया गया है। जबकि तरनजीत सिंह संधू को दिल्ली का नया उप-राज्यपाल बनाया गया है। अमेरिका में भारत के पूर्व राजदूत रहे तरनजीत सिंह संधू एक मंझे हुए राजनयिक हैं, जिनके पास अंतरराष्ट्रीय कूटनीति का लंबा अनुभव है। उन्होंने वाशिंगटन डीसी और श्रीलंका जैसे महत्वपूर्ण मिशनों में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।

जनरल सैयद अता हसनैन बिहार के नए राज्यपाल

इनके अलावा बिहार में गुरुवार को दो बड़े राजनीतिक उलटफेर हुए। जिसमें बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बाद बिहार के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने भी इस्तीफा दे दिया। उनकी जगह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को बिहार का राज्यपाल नियुक्त किया गया। बिहार से हटाने के बाद आरिफ मोहम्मद खान को अभी कोई नई जिम्मेदारी नहीं सौंपी गई है।

राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर बने तमिलनाडु के गवर्नर

केरल के गवर्नर राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर तमिलनाडु के गवर्नर का काम संभालेंगे। लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर कविंदर गुप्ता को हिमाचल प्रदेश का नया राज्यपाल बनाया गया। हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला को तेलंगाना का राज्यपाल नियुक्त किया गया। तेलंगाना के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा को महाराष्ट्र का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। 

आर एन रवि पश्चिम बंगाल के गवर्नर नियुक्त

वहीं, तमिलनाडु के गवर्नर आर.एन. रवि को पश्चिम बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया। पूर्व आईपीएस अधिकारी रवि का करियर उग्रवाद विरोधी अभियानों और पूर्वोत्तर भारत में शांति वार्ताओं (विशेषकर नगा शांति वार्ता) के लिए जाना जाता है। पश्चिम बंगाल में कानून-व्यवस्था और राजनीतिक उठापटक के बीच उनकी नियुक्ति काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

नंद किशोर यादव, राज्यपाल, नागालैंड

बिहार भाजपा के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री नंद किशोर यादव को नागालैंड का राज्यपाल नियुक्त किया गया है। यादव बिहार विधानसभा में कई बार विधायक रहे हैं और उन्होंने सड़क निर्माण जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का कार्यभार संभाला है।

आजमगढ़: होली की खुशी मातम में बदलीं, पोखरी में डूबने से दो छात्राओं की मौत, मचा कोहराम
आजमगढ़ जनपद के निजामाबाद तहसील क्षेत्र के फत्तनपुर ग्रामसभा के मुस्तफाबाद में होली का त्योहार उस समय मातम में बदल गया जब पोखरे में डूबने से दो छात्राओं की मौत हो गई मिली जानकारी के अनुसार गांव निवासी शिवांगी यादव पुत्री राजेश यादव और अंशिका यादव पुत्री सुरेश यादव होली का रंग खेलने के बाद गांव के बगल स्थित पोखरे में नहाने गई थीं। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चली गईं और डूबने से उनकी मौत हो गई और घटना के बाद परिवार और गांव में अफरा-तफरी मच गई परिजनों ने देर शाम दोनों के शवों का अंतिम संस्कार निजामाबाद क्षेत्र के दत्तात्रेय श्मशान घाट पर कर दिया घटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी निजामाबाद हिरेंद्र प्रताप सिंह श्मशान घाट पहुंचे,लेकिन तब तक परिजन दाह संस्कार कर चुके थे इस दुखद घटना से पूरे गांव में होली की खुशियां मातम में बदल गईं और परिवार में कोहराम मच गया बताया जा रहा है कि मृतका शिवांगी यादव इंटरमीडिएट की छात्रा थी, जबकि अंशिका यादव इस समय हाईस्कूल की परीक्षा दे रही थी और आज गुरुवार के दिन सुबह करीब दस बजे चौकी प्रभारी फरिहा चित्रांशु मिश्र ने बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस टीम घर और श्मशान घाट दोनों जगह पहुंची थी, लेकिन परिजनों द्वारा पहले ही दाह संस्कार कर दिया गया था पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
लखनऊ में किसान पथ पर कार ने बाइक में मारी टक्कर, ससुर-दामाद की मौत
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी के निकट किसान पथ पर गुरुवार दोपहर एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार दामाद सुशील और ससुर मुन्नी लाल की जान चली गई, जबकि सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है।

यह हादसा उस समय हुआ जब एक तेज रफ्तार एसयूवी कार ने सुशील की मोटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में घायल महिला समेत दामाद और ससुर को गंभीर हालत में पीजीआई स्थित ट्रामा टू में भर्ती कराया। जहां दामाद सुशील व ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई जबकि महिला की हालत चिंताजनक बनी हुई है।

हादसे की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे परिजनों ने रोड जाम कर प्रदर्शन करने लगे। हंगामे और प्रदर्शन किए जाने की जानकारी मिलने पर एसीपी गोसाईगंज ऋषभ यादव, इंस्पेक्टर राजीव रंजन उपाध्याय कई थानों की फोर्स के साथ पहुंचे। पुलिस अफसर परिजनों को समझाने में जुटे हैं और जाम जैसी स्थिति बनी हुई है। स्थानीय पुलिस अधिकारी ने बताया कि मोहनलालगंज के गोपाल खेड़ा निवासी सुशील कुमार (46), अपनी पत्नी और ससुर मुन्नी लाल (60) के साथ माेटरसाइकिल से रिश्तेदार के घर से रहे थे। तभी रास्ते में किसान पथ पर बेकाबू एसयूवी ने इनकी माेटरसाइकिल में टक्कर मार दी। हादसे में माेटरसाइकिल सवार सुशील और उनके ससुर मुन्नी लाल की मौत हो गई और सुशील की पत्नी की हालत गंभीर है। मामले की जांच की जा रही है।