लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
एलडीए की ओटीएस योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद, 110 आवंटियों ने किया आवेदन

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आवंटियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने योजना के तहत आवेदन किया। इसके साथ ही अब तक कुल 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एलडीए मुख्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में भी सहयोग प्रदान किया गया।

योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में विशेष शिविर भी आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में लगाए गए ओटीएस कैंप का संचालन सोमवार को किया गया, जो मंगलवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा।

उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज और ई-मेल भेजकर योजना की जानकारी दी जा रही है। यह योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

* दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगी राहत

यह योजना एलडीए की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों, सहकारी आवास समितियों तथा मानचित्र संबंधी मामलों पर लागू की गई है।

समय पर किश्तें जमा न करने के कारण जिन आवंटियों पर दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत दंड ब्याज में छूट मिलेगी, जिससे आवंटी बकाया धनराशि जमा कर अपनी संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।
लखनऊ में रोड शो को लेकर ट्रैफिक व्यवस्था बदली, सुबह 6 बजे से डायवर्जन लागू
लखनऊ। राजधानी के हजरतगंज क्षेत्र में आज प्रस्तावित रोड शो के चलते शहर की यातायात व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। लखनऊ ट्रैफिक पुलिस ने आम जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सुबह 6 बजे से आवश्यकतानुसार ट्रैफिक डायवर्जन लागू करने का निर्णय लिया है।
जारी निर्देशों के अनुसार, हजरतगंज, विधानसभा, जीपीओ और आसपास के प्रमुख मार्गों पर सामान्य यातायात प्रतिबंधित रहेगा। लालबत्ती चौराहा, डीएसओ चौराहा, सिकन्दरबाग, परिवर्तन चौक, पार्क रोड और गोमतीनगर की ओर से आने-जाने वाले वाहनों को इन मार्गों पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
ट्रैफिक पुलिस ने इन मार्गों के लिए वैकल्पिक रास्ते भी तय किए हैं। वाहन चालक कटाईपुल, शहीद पथ (जी-20 चौराहा), कमता तिराहा, कैण्ट, कुंवर जगदीश चौराहा, केकेसी तिराहा, बर्लिंगटन चौराहा और ग्रीन कॉरिडोर के रास्ते अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे। इसके अलावा डालीगंज, सीडीआरआई, पिपराघाट और दिलकुशा मार्गों का भी उपयोग किया जा सकता है।
रोडवेज और सिटी बसों के रूट में भी बदलाव किया गया है। चारबाग, कैसरबाग और चौक जाने वाली बसों को ग्रीन कॉरिडोर और डालीगंज के रास्ते भेजा जाएगा, जबकि गोमतीनगर की ओर जाने वाली बसें कैंट और कटाईपुल मार्ग से चलेंगी। हजरतगंज और विधानसभा की ओर बसों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा।
ट्रैफिक पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपातकालीन सेवाओं जैसे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और शव वाहन को आवश्यकता पड़ने पर प्रतिबंधित मार्गों से भी गुजरने की अनुमति दी जाएगी। इसके लिए ट्रैफिक कंट्रोल रूम का हेल्पलाइन नंबर 9454405155 जारी किया गया है, जिस पर संपर्क कर सहायता ली जा सकती है।प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे घर से निकलने से पहले रूट की जानकारी जरूर ले लें और डायवर्जन का पालन करें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
एलडीए की ओटीएस योजना को मिला अच्छा प्रतिसाद, 110 आवंटियों ने किया आवेदन

लखनऊ। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) की एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) को आवंटियों का अच्छा प्रतिसाद मिल रहा है। सोमवार को 85 आवंटियों ने योजना के तहत आवेदन किया। इसके साथ ही अब तक कुल 110 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं।

एलडीए मुख्यालय में स्थापित हेल्प डेस्क पर कर्मचारियों द्वारा आवंटियों को योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही ऑनलाइन आवेदन पत्र भरने में भी सहयोग प्रदान किया गया।

योजना का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए एलडीए अपनी विभिन्न योजनाओं में विशेष शिविर भी आयोजित कर रहा है। इसी क्रम में जानकीपुरम विस्तार सेक्टर-7 स्थित आश्रयहीन योजना, भवानी मार्केट में लगाए गए ओटीएस कैंप का संचालन सोमवार को किया गया, जो मंगलवार 21 अप्रैल को भी जारी रहेगा।

उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि कॉल सेंटर और आईटी सेल के माध्यम से बकायेदारों को फोन, मैसेज और ई-मेल भेजकर योजना की जानकारी दी जा रही है। यह योजना 18 अप्रैल से 17 जुलाई 2026 तक लागू रहेगी।

* दंड एवं चक्रवृद्धि ब्याज में मिलेगी राहत

यह योजना एलडीए की सभी प्रकार की आवासीय एवं व्यावसायिक संपत्तियों, सरकारी संस्थाओं को आवंटित संपत्तियों, स्कूल भूखंडों, चैरिटेबल संस्थाओं, नीलामी अथवा अन्य पद्धति से आवंटित संपत्तियों, सहकारी आवास समितियों तथा मानचित्र संबंधी मामलों पर लागू की गई है।

समय पर किश्तें जमा न करने के कारण जिन आवंटियों पर दंड ब्याज और चक्रवृद्धि ब्याज लगाया गया है, वे इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। योजना के तहत दंड ब्याज में छूट मिलेगी, जिससे आवंटी बकाया धनराशि जमा कर अपनी संपत्ति का स्वामित्व प्राप्त कर सकेंगे।

आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
*खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में इन दिनों हीटवेव के हालात बनने शुरू हो गए हैं। आगामी दिनों में राहत की उम्मीदें नहीं हैं। उधर, खान-पान एवं लू के कारण पेट मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बचाव से ही खुद को बीमार होने से बचाया जा सकता है। उधर, सरकारी अस्पतालों में इन दिनों डायरिया, पेट के रोगियों की संख्या 30 फीसदी तक पहुंच गई है। डाक्टरों को इलाज करने में पसीने छूट जा रहे हैं। बता दें कि इन दिनों सूबे के साथ ही कालीन नगरी में गर्मी का प्रकोप जारी है। पुरवाई के बाद भी पारा दिन का करीब 43 डिग्री के पार जबकि रात का 30 डिग्री के नीचे नहीं आ रहा है।
उधर, इन दिनों शादियों की धूम है। इसके कारण लोग देर रात भोजन कर रहे हैं। अब ऐसे में पेट दर्द, डायरिया के मरीजों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। जिला अस्पताल ज्ञानपुर एवं महाराजा बलवंत सिंह राजकीय अस्पताल भदोही में इन दिनों मौसमी बीमारियों के मरीजों की भरमार नजर आ रही है। तेज धूप की तपिश से हवा भी झुलसा रही है। ऐसे में हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ गया है। अचानक घर से बाहर पैदल एवं बाइक से निकलकर धूप में जाना खतरनाक साबित हो सकता है।डाक्टरों ने कहा कि हर घंटे पर एक गिलास पानी या फिर तरल पदार्थ का सेवन करते रहें। दोपहर में यदि निकलना बेहद जरूरी हो तो धूप से बचने के लिए छाता लगाकर निकलें या फिर गमछा आदि से सिर और चेहरे को पूरी तरह से ढककर गर्म हवा से सुरक्षित रखें।बीमारी से बचाव को यह करें-फल एवं गन्ने का जूस, नारियल पानी का प्रयोग करें कच्चे आम को भूनकर पना बनाकर पीएं धूप में निकलने से पहले सिर को अच्छी तरह से ढकें0 बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग धूप में निकलने से बचें दिन भर में कम से कम आठ से 10 गिलास पानी पीएं।शरीर में पानी की मात्रा बनाए रखें और दोपहर में घर से निकलने से बचें गर्मी में बहुत ज्यादा कड़ी मेहनत करने से बचें। धूप से बचने के लिए छाता, गमछा, दुपट्टा एवं हैट का इस्तेमाल करें
Sambhal जनगणना 2027 की तैयारी तेज- मकान सूचीकरण के लिए मैदान में उतरे प्रगणक, शुरू हुआ विशेष प्रशिक्षण
जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में पहले चरण, यानी मकान सूचीकरण और मकानों की गणना के लिए व्यापक स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। डिस्ट्रिक्ट फील्ड ट्रेनर रितेश कुमार ने बताया कि यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसी आधार पर आगे की जनगणना का ढांचा तैयार होगा।

उन्होंने जानकारी दी कि इस कार्य में लगे सुपरवाइजर और प्रगणकों को तीन-तीन दिन का विशेष प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण को प्रभावी बनाने के लिए अलग-अलग बैच बनाए गए हैं। फिलहाल पहले दिन चार बैचों में प्रशिक्षण चल रहा है, जबकि आने वाले दिनों में अन्य बैचों को भी इसी तरह प्रशिक्षित किया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया क्षेत्रवार विभाजन के आधार पर संचालित की जा रही है, ताकि हर क्षेत्र में सही और सटीक जानकारी जुटाई जा सके। रितेश कुमार ने बताया कि जनगणना के पहले चरण में मकानों की पहचान और वर्गीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसमें यह समझाया जा रहा है कि भवन और मकान में क्या अंतर होता है, परिवार की परिभाषा क्या है और लोगों की रहन-सहन की स्थिति को किस तरह दर्ज किया जाएगा। यह डेटा भविष्य की योजनाओं और नीतियों के निर्माण में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी में शुरू होगा, जिसमें व्यक्तियों की गणना की जाएगी। यानी पहले चरण में जहां मकानों और आवासीय ढांचे की जानकारी जुटाई जा रही है, वहीं दूसरे चरण में जनसंख्या से जुड़ी विस्तृत जानकारी एकत्र की जाएगी। कुल मिलाकर, जनगणना 2027 को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है और प्रशिक्षित टीम के जरिए इस महाअभियान को सफल बनाने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है।
स्कूल चलो अभियान की भयावह विफलता: नौनिहालों का भविष्य धूंध में, बाल मजदूरी का दलदल गहराता जा रहा
बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):सरकार ने ‘स्कूल चलो अभियान’ और जन जागरूकता योजनाओं को बड़ी उम्मीदों के साथ शुरू किया था, लेकिन पिहानी में आज यह अभियान पूरी तरह धराशायी हो चुका है। नौनिहाल जिनके हाथों में कलम होनी चाहिए, वे फावड़ा, ईंटें और चाय के जूठे गिलास उठाने पर मजबूर हैं। निर्माण स्थलों, ढाबों और होटल जैसे जगहों पर ये मासूम बच्चे काम कर रहे हैं, जबकि शिक्षा का अधिकार सिर्फ एक नाम बनकर रह गया है।
श्रम व शिक्षा विभाग की लापरवाही इस त्रासदी का मुख्य कारण है। अधिकारियों ने सिर्फ दिखावे के कार्यक्रम आयोजित किए, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। बाल मजदूरी की घटनाएं रोज सामने आ रही हैं, लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं हो रही। स्थानीय लोग आक्रोशित हैं और पूछ रहे हैं कि आखिर कब प्रशासन इस जघन्य अपराध पर लगाम लगाएगा। बच्चों का भविष्य दांव पर है, और अगर अभी जाग नहीं हुई, तो ये मासूम पीढ़ी कभी शिक्षा का उजाला नहीं देख पाएगी।बाल मजदूरी के दलदल में धकेले जा रहे हैं। सरकार के आदेशों के बावजूद, शिक्षा व श्रम विभाग केवल दिखावा कर रहे हैं, बच्चों का उज्ज्वल भविष्य अधर में लटका हुआ।क्षेत्र में सैकड़ों मासूम बच्चे आज भी बाल मजदूरी के दलदल में फंसे हुए हैं। ये बच्चे स्कूल की दहलीज तक नहीं पहुंच पा रहे, बल्कि होटल, ढाबों और निर्माण स्थलों पर काम करते नजर आ रहे हैं। सवाल यह उठता है कि जब सरकार शिक्षा को लेकर इतने बड़े अभियान चला रही है, तो आखिर ये बच्चे शिक्षा से वंचित क्यों हैं?
लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।
यूपी पुलिस में मेगा फेरबदल: 44 ASP के तबादले, प्रमोटेड अफसरों को नई जिम्मेदारी


लखनऊ । उत्तर प्रदेश सरकार ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाने के उद्देश्य से रविवार देर रात पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 44 अपर पुलिस अधीक्षक (ASP) स्तर के अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस सूची में बड़ी संख्या उन अधिकारियों की है, जिन्हें हाल ही में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) से प्रमोट कर ASP बनाया गया था और अब उन्हें नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

इस व्यापक बदलाव के तहत कई जिलों, कमिश्नरेट और विशेष इकाइयों में नई तैनातियां की गई हैं, जिससे पूरे पुलिस तंत्र में हलचल देखी जा रही है।तबादलों में मनोज कुमार गुप्ता को हमीरपुर से पीटीसी सीतापुर, अरविंद कुमार वर्मा को चित्रकूट से हमीरपुर और अखंड प्रताप सिंह को सुल्तानपुर से 33वीं वाहिनी पीएसी झांसी भेजा गया है।ब्रज नारायण सिंह को लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट से सुल्तानपुर, जबकि हरि राम यादव को देवरिया से प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में तैनाती दी गई है। वहीं चिरंजीव मुखर्जी का स्थानांतरण निरस्त कर उन्हें यथावत रखा गया है।

इसके अलावा अलका को सीआईडी मेरठ से आगरा कमिश्नरेट, आलोक दुबे को 6वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी मेरठ, श्रेष्ठा को बागपत से एटीएस लखनऊ और मुकेश प्रताप सिंह को सीआईडी मुख्यालय से 43वीं वाहिनी पीएसी एटा भेजा गया है।हितेंद्र कृष्ण को वूमेन पावर लाइन 1090 से सीआईडी मुख्यालय, मुकेश चंद्र उत्तम को श्रावस्ती से विधि प्रकोष्ठ प्रयागराज और चंद्रकेश सिंह को पीटीसी सीतापुर से श्रावस्ती स्थानांतरित किया गया है।

अन्य तबादलों में मनोज कुमार यादव को मथुरा (यातायात) से 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, राजेश कुमार तिवारी को मुरादाबाद से मथुरा (यातायात) और अभय कुमार मिश्र को सतर्कता अधिष्ठान लखनऊ से गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट भेजा गया है।एसएन वैभव पांडेय को सहारनपुर से सतर्कता अधिष्ठान, उमेश कुमार यादव को सीआईडी बरेली से सीआईडी प्रयागराज और रफीक अहमद को 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ से सीआईडी गोरखपुर भेजा गया है।

महिला अधिकारियों में सलोनी अग्रवाल को गाजियाबाद कमिश्नरेट से 44वीं वाहिनी पीएसी मेरठ, नवीना शुक्ला को एएनटीएफ (ऑपरेशन) लखनऊ, निष्ठा उपाध्याय को सीआईडी बरेली और मोनिका यादव को यूपीपीसीएल (मध्यांचल) लखनऊ में तैनाती दी गई है।वहीं स्वतंत्र कुमार सिंह को गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट में एडीसीपी बनाया गया है, जबकि संजय वर्मा को एसपी बलिया साउथ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा कई अधिकारियों को पीएसी, सीआईडी, एसटीएफ, ईओडब्ल्यू और अन्य महत्वपूर्ण इकाइयों में नई जिम्मेदारियां दी गई हैं। कुछ अधिकारियों को उनके वर्तमान पद पर यथावत भी रखा गया है, जिससे प्रशासनिक संतुलन बनाए रखने की कोशिश की गई है।सरकार के इस फैसले को कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़ करने, फील्ड और विशेष इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और हाल ही में प्रमोट हुए अधिकारियों को सक्रिय जिम्मेदारी देने के तौर पर देखा जा रहा है।