आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

महंगाई पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि के आरोप पर कांग्रेस द्वारा बार बार भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर पलटवार किया है।

श्री साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व वैश्विक संकट से जूझ रहा है। यह सर्वविदित है कि भारत में ना पेट्रोल का कुंआ है और ना डीजल का। लगभग 115 देशों में मूल्य वृद्धि हुई है। कांग्रेस को पहले भारत के अगल-बगल के देश में हुई वृद्धि का आकलन करना चाहिए, फिर भारत सरकार पर दोषारोपण करनी चाहिए। कांग्रेस का महंगाई पर रोना धोना केवल राजनीतिक ड्रामा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ही कांग्रेस पार्टी को अपने और अपनी सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों पर भी नज़र डालनी चाहिए। तेलंगाना में 118.30 रुपये, केरल 114.90 रुपए, कर्नाटक में 110.30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि यहां किसका शासन है। बावजूद कांग्रेस द्वारा महंगाई पर बयानबाजी समझ से परे है। जहां तक झारखंड की बात है झारखंड सरकार द्वारा भी 22% अधिक वैट वसूला जाता है और साथ ही ₹1 प्रति लीटर सेस भी लिया जाता है। कांग्रेस शासित राज्य या झारखंड सरकार अपने राज्यों में वैट कम क्यों नहीं करती ?

श्री साहू ने कहा कि आज जो भी स्थिति है यह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के सरकार के समय से पहले केंद्र सरकार क्राइसिस को कंट्रोल करती थी। उदारीकरण के दौर में कांग्रेस ने यह हक ऑयल कंपनियों को दे दिया। अभी भी भारत में लगभग 7% की ही वृद्धि हुई है। जबकि दूसरे देशों हुई वृद्धि पर एक नजर इन्हें डाल लेनी चाहिए। बाजार में काफी उतार चढ़ाव के बाद भी 4 वर्षों से पेट्रोल डीजल की कीमत भारत में यथावत थी। कई देशों में तो राशनिंग शुरू हो गई, दूसरे देशों में स्कूल तक बंद कर दिया गया। जबकि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण महंगाई पर बहुत हद तक नियंत्रण है। कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित है। यह राजनीतिक नौटंकी की पराकाष्ठा के सिवाय कुछ नहीं है।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके,इन के खिलाफ चलाया जा रहा जन आंदोलन, दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l सोमवार को लैंड जिहाद के खिलाफ दर्जनों नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है जनपद भर में लैंड जिहादी का अभी भी कब्जा चला आ रहा है जबकि जिला प्रशासन और शासन लैंड जिहाद के खिलाफ बराबर करवाई कर रहा है, फ़िर भी हजारों बीघा भूमि पर जिहादियों का कब्जा चला आ रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक इनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होगी तब तक जिहादियों का अंत नहीं होगा क्योंकि लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके हैं जिनको खत्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आए दिन कुछ ना कुछ करते ही रहते हैं।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
आजमगढ़: खानपुर गांव में सामाजिक न्याय के प्रणेता चंद्रजीत यादव की मनाई गई पुण्य तिथि
जमगढ़।सरायमीर स्थित खानपुर गांव में सामाजिक न्याय के प्रणेता चंद्रजीत यादव की 19 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके लोगों ने नमन किया और सामाजिक न्याय पर एक गोष्ठी भी हुई।गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कॉमरेड रामसूरत यादव ने और संचालन कार्यक्रम के आयोजक राम प्रसाद यादव ने किया। इस अवसर पर पूर्व जिला जज शिवबचन यादव ने कहा कि चंद्रजीत यादव भारत सरकार में इस्पात और खान मंत्री के रूप में बहुत सराहनीय कार्य किए। गुटनिरपेक्षता,शांति और एकजुटता के लिए उनके प्रयासों को देश,विदेश में सराहना मिली।एक राजनेता के रूप में उनकी छवि बहुत ही साफ सुथरी थी। सीपीआई जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि चंद्रजीत यादव 26 साल की उम्र में मोहम्मदाबाद गोहना विधान सभा क्षेत्र से सीपीआई के टिकट पर जीतकर पहली बार उप्र की विधानसभा में पहुंचे।इस उम्र में विधायक बनने का पूरे देश में पहला रिकॉर्ड भी चंद्रजीत यादव ने बनाया।वे समाजवादी सिद्धांतों पर हमेशा अडिग थे।यही कारण था कि उन्होंने सामाजिक न्याय का नारा दिया और उसपर मजबूती से आजीवन कार्य किए।इन्हीं सारी खूबियों के चलते चंद्रजीत यादव को लोग बड़े आदर से याद करते हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता राजनेत यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय का नारा तब फलीभूत होगा जब हम अपने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझकर उसपर अमल करेंगे।अन्य वक्ताओं ने भी जोर देकर कहा कि सामाजिक न्याय के लिए जाति,धर्म से ऊपर उठकर समाज के सभी वंचित तबकों के लिए कार्य करना ही चंद्रजीत यादव को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर जिला पंचायत सदस्य आराधना गौतम,सूबेदार रामजनम,जामवंत,अमरनाथ यादव,झूरी,आशीष,डॉ बृजमोहन आदि लोग उपस्थित रहे।
महोबा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म, आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया


फर्रुखाबाद। सोमवार को काग्रेस  जिलाअध्यक्ष शकुन्तला देवी के नेतृत्व में महोबा जनपद में दलित छात्रा जो नीट की तैयारी कर रही थी ,कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया व सिगरेट से जलाकर अमाननीय यातनाएं दी गई यहीं नहीं जबरन शादी करने की अत्यन्त शर्मनाक व मानवता को झकझोर देने बाली घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की प्रदेश सचिव अर्चना राठौर ने कहा कि छात्रा को न्याय दिलाने के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम कांग्रेसियों की घटना में लिप्त सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के साथ ही पीडिता व उसके परिवार को सुरक्षा एवं समुचित आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं जबकि महिलाओं के साथ सबसे अधिक अत्याचार और घिनौने कृत हो रहे हैं जो सरकार के ऊपर ही नहीं बल्कि महिला अपराध पर अंकुश भी ना लगा पाने में सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस अनियंत्रित होकर पलटी, छह की मौत, 24  घायल
लखनऊ /उन्नाव। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। दिल्ली से गोरखपुर जा रही यात्रियों से भरी डबल डेकर स्लीपर बस औरास थाना क्षेत्र में अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकराई और कई बार पलटती चली गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई। इस भीषण हादसे में छह यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि 24 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसा एक्सप्रेसवे के किलोमीटर 262 पर नींभाखेड़ा गांव के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस बेहद तेज रफ्तार में थी। आशंका है कि चालक को अचानक नींद की झपकी आ गई, जिसके चलते बस सीधे डिवाइडर से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस पलट गई, शीशे चकनाचूर हो गए और कई यात्री बस से बाहर सड़क पर जा गिरे।
हादसे के बाद चारों तरफ चीखें गूंजने लगीं। कई यात्री बस के अंदर फंस गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और यूपीडा की टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने भी राहत कार्य में मदद की। किसी तरह बस में फंसे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को एंबुलेंस से अस्पताल भेजा गया।
घायलों में कई की हालत गंभीर बनी हुई है, जिन्हें लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। हादसे के बाद कुछ देर तक एक्सप्रेसवे पर यातायात बाधित रहा।
प्रारंभिक जांच में चालक की लापरवाही और नींद की झपकी को हादसे की वजह माना जा रहा है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
बाराबंकी में भीषण सड़क हादसा , 4 युवकों की दर्दनाक मौत
बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में मंगलवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे ने चार परिवारों की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं। कैंची धाम में दर्शन करने निकले युवक शायद ही जानते थे कि यह सफर उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। भोर के अंधेरे में लखनऊ-सुल्तानपुर हाईवे पर दौड़ रही इनोवा अचानक खड़े ट्रक से जा टकराई और कुछ ही सेकंड में चीख-पुकार मच गई। हादसे में चार युवकों की मौत हो गई, जबकि तीन लोग जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहे हैं।

यह भीषण हादसा हैदरगढ़ क्षेत्र के भिखरा गांव के पास तड़के करीब तीन बजे हुआ। बताया जा रहा है कि वाराणसी और आसपास के जिलों के युवक इनोवा से कैंची धाम दर्शन करने जा रहे थे। रास्ते में अचानक तेज रफ्तार इनोवा सड़क किनारे खड़े ट्रक में पीछे से घुस गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वाहन के परखच्चे उड़ गए और उसमें बैठे लोग बुरी तरह फंस गए।हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दौड़कर कार में फंसे युवकों को बाहर निकाला। सूचना मिलते ही पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंच गई। सभी घायलों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल तीन युवकों को ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर किया गया है।

मृतकों में गाजीपुर के गैबीपुर निवासी राहुल सिंह (35), चंदौली के मुगलसराय निवासी राहुल कुमार (36), बलिया के रामपुर रसड़ा निवासी सत्यम (38) और ट्रक खलासी गाजीपुर निवासी सूरज यादव (30) शामिल हैं। वहीं मिर्जापुर के चुनार निवासी चंदन सिंह (35), पंकज सिंह (34) और बलिया के बेला निवासी प्रशांत गंभीर रूप से घायल हैं।

घटना की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अस्पताल पहुंचते ही परिवार के लोग रो-रोकर बेसुध हो गए। गांवों में मातम का माहौल है। लोग यही कहते नजर आए कि जो युवक सुबह मंदिर में माथा टेकने वाले थे, अब उनके घरों में अंतिम यात्रा की तैयारी हो रही है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
3 करोड़ रूपया लेकर वोट को बेचने वालों को हर जगह भ्रष्टाचार दिखता है-प्रतुल शाह देव


भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने झारखंड मुक्ति मोर्चा द्वारा चुनाव आयोग को लिखे गए पत्र पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि झामुमो के सांसदों ने नरसिम्हा राव सरकार को बचाने के लिए 3 करोड़ की रिश्वत ली थी।इसलिए उनको हर कदम पर भ्रष्टाचार ही दिखता है।

प्रतुल ने कहा कि वह संसदीय इतिहास का सबसे काला अध्याय था जब 75-75 लाख रुपयों लेकर झामुमो सांसदों ने अपने वोट को बेच दिया था और पैसे को बैंक में जमा भी कर दिया था।

अब झामुमो अपने ही विधायकों की निष्ठा पर प्रश्नचिन्ह लगा दिया है।वैसे भी झारखंड मुक्ति मोर्चा का इतिहास रहा है कि उसने थैलीशाहों को झारखंड के रास्ते राज्यसभा भेजा है।

जिस गठबंधन के नेता स्वयं दावा करते हैं कि उनके पास पूर्ण बहुमत है, वही अब राज्यसभा चुनाव से पहले भय, खरीद-फरोख्त और अस्थिरता की आशंका जता रहा है। यह साफ संकेत है कि गठबंधन के भीतर भारी अंतर्विरोध और अविश्वास व्याप्त है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रिया में विश्वास रखने वाली पार्टी है। राज्यसभा चुनाव में उम्मीदवार उतारना हर राजनीतिक दल का संवैधानिक और लोकतांत्रिक अधिकार है। यदि भाजपा उम्मीदवार उतारने की घोषणा करती है तो झामुमो को इसमें “लोकतंत्र पर खतरा” क्यों दिखाई देने लगता है? क्या झामुमो यह मान चुका है कि उसके विधायक स्वेच्छा से भी उसके खिलाफ मतदान कर सकते हैं?उन्होंने कहा कि झामुमो का पूरा पत्र डर, भ्रम और राजनीतिक हताशा से भरा हुआ है। सत्ता में बैठे लोग आज केंद्रीय एजेंसियों और चुनाव आयोग को पत्र लिखकर माहौल बनाने की कोशिश कर रहे हैं, जबकि सच यह है कि उनकी सरकार भ्रष्टाचार, कमीशनखोरी और अंदरूनी कलह से घिरी हुई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा आज उन्हीं संस्थाओं से हस्तक्षेप करने का गुहार लगा रही है जिनको वह रोज पानी पी कर गाली देने से परहेज नहीं करती रही है।

प्रतुल शाह देव ने कहा कि यदि गठबंधन इतना ही मजबूत है तो उन्हें भाजपा के उम्मीदवार उतारने से डर क्यों लग रहा है? लोकतंत्र में चुनाव प्रतिस्पर्धा का विषय होता है, भय और बहानों का नहीं। झामुमो को पहले अपने घर को संभालना चाहिए, क्योंकि खतरा भाजपा से नहीं बल्कि उनके अपने असंतुष्ट विधायकों से है।

महंगाई पर कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित : आदित्य साहू

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने पेट्रोल डीजल की कीमतों में वृद्धि के आरोप पर कांग्रेस द्वारा बार बार भारत सरकार के खिलाफ बयानबाजी पर पलटवार किया है।

श्री साहू ने कहा कि आज पूरा विश्व वैश्विक संकट से जूझ रहा है। यह सर्वविदित है कि भारत में ना पेट्रोल का कुंआ है और ना डीजल का। लगभग 115 देशों में मूल्य वृद्धि हुई है। कांग्रेस को पहले भारत के अगल-बगल के देश में हुई वृद्धि का आकलन करना चाहिए, फिर भारत सरकार पर दोषारोपण करनी चाहिए। कांग्रेस का महंगाई पर रोना धोना केवल राजनीतिक ड्रामा है।

साथ ही उन्होंने कहा कि भारत के अंदर ही कांग्रेस पार्टी को अपने और अपनी सहयोगी दलों के शासन वाले राज्यों पर भी नज़र डालनी चाहिए। तेलंगाना में 118.30 रुपये, केरल 114.90 रुपए, कर्नाटक में 110.30 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल है। यह बतलाने की जरूरत नहीं कि यहां किसका शासन है। बावजूद कांग्रेस द्वारा महंगाई पर बयानबाजी समझ से परे है। जहां तक झारखंड की बात है झारखंड सरकार द्वारा भी 22% अधिक वैट वसूला जाता है और साथ ही ₹1 प्रति लीटर सेस भी लिया जाता है। कांग्रेस शासित राज्य या झारखंड सरकार अपने राज्यों में वैट कम क्यों नहीं करती ?

श्री साहू ने कहा कि आज जो भी स्थिति है यह कांग्रेस की देन है। कांग्रेस के सरकार के समय से पहले केंद्र सरकार क्राइसिस को कंट्रोल करती थी। उदारीकरण के दौर में कांग्रेस ने यह हक ऑयल कंपनियों को दे दिया। अभी भी भारत में लगभग 7% की ही वृद्धि हुई है। जबकि दूसरे देशों हुई वृद्धि पर एक नजर इन्हें डाल लेनी चाहिए। बाजार में काफी उतार चढ़ाव के बाद भी 4 वर्षों से पेट्रोल डीजल की कीमत भारत में यथावत थी। कई देशों में तो राशनिंग शुरू हो गई, दूसरे देशों में स्कूल तक बंद कर दिया गया। जबकि भारत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों के कारण महंगाई पर बहुत हद तक नियंत्रण है। कांग्रेस की बयानबाजी केवल राजनीति से प्रेरित है। यह राजनीतिक नौटंकी की पराकाष्ठा के सिवाय कुछ नहीं है।

गरीबों के निवाले पर डाका: प्रशासन और चावल माफिया की मिलीभगत से सच हारा, इंसानियत हुई शर्मसार
रांची/धुर्वा: राजधानी और इसके आस-पास के इलाकों में गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। सरकारी तंत्र और रसूखदार चावल माफियाओं के गठजोड़ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि चंद रुपयों के लालच में प्रशासनिक ईमानदारी को कैसे ताक पर रख दिया जाता है। क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 22 मई को सिलसिलवार से ट्रको में सरकारी सील पैक बोरी चावल लोड होकर धुर्वा गोलचक्कर बस स्टैंड के पास जा रहे P.D.S. (जन वितरण प्रणाली) के सरकारी चावल को पकड़ा गया था। इस कार्रवाई को धुर्वा थाना और विधानसभा थाना ने संयुक्त रूप से मिलकर अंजाम दिया और छापेमारी की। इस रेड के दौरान लगभग 600 बोरा सरकारी चावल जब्त किया गया, जो सीधे तौर पर गरीबों का अनाज था और जिसे कालाबाजारी के उद्देश्य से बेचने के लिए ले जाया जा रहा था।
लेकिन कहानी में मोड़ तब आया जब इस जब्त अनाज को विधानसभा थाना में न ले जाकर, भी इसके बाद  25 मई तक अनाज को वहां रखने के बाद बिना किसी पुख्ता कानूनी कार्रवाई के छोड़ दिया गया। मामले को दबाने के लिए न तो कोई F.I.R. दर्ज की गई, न ही किसी की गिरफ्तारी हुई। इसके बजाय कागजी खानापूर्ति करते हुए जब्ती सूची बनाकर चावल को कड़क I गोदाम में स्टॉक दिखा दिया गया। इस पूरे खेल के पीछे कौन हैं मुख्य किरदार?सूत्रों और स्थानीय दावों के अनुसार, इस पूरे काले कारोबार को एक सुनियोजित सिंडिकेट चला रहा है। इस पूरे प्रकरण में
सहायक गोदाम प्रबंधक:- मनोज कुमार
ठेकेदार:- अजीत कुमार, परमानंद प्रसाद, विकाश राय
दलाल (Brokers):- मुकेश यादव, रंजीत यादव, यशवंत यादव के नाम सामने आ रहे है
दावा है कि इन्हीं लोगों की मिलीभगत से लगभग 3000 से 5000 क्विंटल सरकारी अनाज का गबन कर उसे कालाबाजार में बेचा जाता है।
जानकारी मुताबिक राशन डीलर विकास गुप्ता हटिया में पीडीएस दुकान चलाते है जबकि सरकारी अनाज की कालाबाजारी की नीयत से धुर्वा इलाके में निजी गोदाम रखे हुए है ।
इस पूरी घटना का मुख्य सूत्रधार मुकेश यादव, रंजीत यादव और यशवंत यादव नाम के तीन दलालों को बताया जा रहा है, जो सारा राशन इन्हीं माध्यमों से बेचते हैं। इसी बीच दिनांक 22.05.2026 को कडरू II से 600 बोरियां चावल कालाबाजारी के लिए निकाला गया था।अधिकारियों पर 'मोटे रकम' लेकर केस रफा-दफा करने का आरोपअनाज पकड़े जाने और रेड होने के बावजूद इस मामले में कोई कानूनी केस दर्ज नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है। स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप है कि इस मामले को दबाने के लिए थाने से लेकर ऊपर तक पैसे मैनेज किए गए हैं।आरोप है कि M.O., SOR, DSO, SDO, DC, SP और DySP समेत कई बड़े अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर इस पूरे केस को रफा-दफा कर दिया। नतीजतन, इतने बड़े 'चावल माफिया' की जीत हो गई, सच्चाई हार गई और इंसानियत एक बार फिर शर्मसार हो गई। समाजसेवियों ने दागे तीखे सवाल, प्रशासन मौनइस पूरे घटनाक्रम से आक्रोशित कुछ समाजसेवियों ने प्रशासन और संबंधित विभाग के सामने कुछ बुनियादी सवाल उठाए हैं, जिनका जवाब देने से फिलहाल हर कोई बच रहा है:
1. चावल आखिर किस तरह और किसकी अनुमति से धुर्वा गया?
2. इस चावल को कौन लेकर गया था?
3. यह चावल किस गोदाम का था और इस चावल का असली मालिक कौन है?सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर यह चावल गलत नहीं था, तो इसे पहले जब्त क्यों किया गया? और अगर गलत था, तो इसकी उचित जब्ती सूची और F.I.R. क्यों नहीं बनी?
फिलहाल इन सवालों का जवाब न तो संबंधित विभाग के पास है और न ही स्थानीय प्रशासन के पास। कड़ी कार्रवाई की मांगसमाजिक कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि इस पूरे मामले पर प्रशासन और विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय जांच करानी चाहिए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। जब तक ऐसे अधिकारियों और कालाबाजारियों के मनोबल को नहीं तोड़ा जाएगा, तब तक गरीबों के हक का अनाज उनके थाली तक नहीं पहुंच पाएगा। हालांकि  इस बाबत रांची जिला आपूर्ति पर अधिकारी रामगोपाल पांडेय ने कहा कि मामला बहुत ही संगीन है गरीबों के सरकारी अनाज पर इस तरह ढाका नहीं डाला जा सकता है दोषियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके,इन के खिलाफ चलाया जा रहा जन आंदोलन, दर्जनों लोगों ने कलेक्ट्रेट में किया प्रदर्शन दिया ज्ञापन
फर्रुखाबाद l सोमवार को लैंड जिहाद के खिलाफ दर्जनों नागरिकों ने कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया है जिसमें कहा है जनपद भर में लैंड जिहादी का अभी भी कब्जा चला आ रहा है जबकि जिला प्रशासन और शासन लैंड जिहाद के खिलाफ बराबर करवाई कर रहा है, फ़िर भी हजारों बीघा भूमि पर जिहादियों का कब्जा चला आ रहा है प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि जब तक इनके खिलाफ एक तरफा कार्रवाई नहीं होगी तब तक जिहादियों का अंत नहीं होगा क्योंकि लैंड जिहादी प्रदेश में नासूर बन चुके हैं जिनको खत्म करना बहुत जरूरी है क्योंकि यह आए दिन कुछ ना कुछ करते ही रहते हैं।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
हरदोई में 80 किमी की रफ्तार से आ सकता है तूफान, मौसम विभाग की चेतावनी हुई जारी

रितेश मिश्रा
हरदोई में मौसम विभाग ने तेज आंधी, बारिश, आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि को लेकर चेतावनी जारी की है।  पूर्वानुमान के अनुसार 28 मई को 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से तेज झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है, जबकि 29 और 30 मई को हवाओं की गति बढ़कर 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा और झोंकों में 80 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसलिए आंधी और बारिश के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों, मोबाइल टावरों, बड़े होर्डिंग और कच्चे मकानों के आसपास जाने से बचें।  जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने लोगों से मोबाइल और अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज रखने तथा आपात स्थिति के लिए जरूरी संसाधन तैयार रखने की सलाह दी है। साथ ही “दामिनी ऐप” डाउनलोड करने की भी अपील की गई है, जिससे आकाशीय बिजली संबंधी संभावित चेतावनी पहले प्राप्त हो सके। प्रशासन का कहना है कि मौसम को हल्के में लेने की बजाय समय रहते सतर्कता बरतना ही सबसे प्रभावी सुरक्षा उपाय है।
आजमगढ़: खानपुर गांव में सामाजिक न्याय के प्रणेता चंद्रजीत यादव की मनाई गई पुण्य तिथि
जमगढ़।सरायमीर स्थित खानपुर गांव में सामाजिक न्याय के प्रणेता चंद्रजीत यादव की 19 वीं पुण्यतिथि पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके लोगों ने नमन किया और सामाजिक न्याय पर एक गोष्ठी भी हुई।गोष्ठी की अध्यक्षता वरिष्ठ कॉमरेड रामसूरत यादव ने और संचालन कार्यक्रम के आयोजक राम प्रसाद यादव ने किया। इस अवसर पर पूर्व जिला जज शिवबचन यादव ने कहा कि चंद्रजीत यादव भारत सरकार में इस्पात और खान मंत्री के रूप में बहुत सराहनीय कार्य किए। गुटनिरपेक्षता,शांति और एकजुटता के लिए उनके प्रयासों को देश,विदेश में सराहना मिली।एक राजनेता के रूप में उनकी छवि बहुत ही साफ सुथरी थी। सीपीआई जिला सचिव जितेंद्र हरि पाण्डेय ने कहा कि चंद्रजीत यादव 26 साल की उम्र में मोहम्मदाबाद गोहना विधान सभा क्षेत्र से सीपीआई के टिकट पर जीतकर पहली बार उप्र की विधानसभा में पहुंचे।इस उम्र में विधायक बनने का पूरे देश में पहला रिकॉर्ड भी चंद्रजीत यादव ने बनाया।वे समाजवादी सिद्धांतों पर हमेशा अडिग थे।यही कारण था कि उन्होंने सामाजिक न्याय का नारा दिया और उसपर मजबूती से आजीवन कार्य किए।इन्हीं सारी खूबियों के चलते चंद्रजीत यादव को लोग बड़े आदर से याद करते हैं। पूर्व जिला पंचायत सदस्य और किसान नेता राजनेत यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय का नारा तब फलीभूत होगा जब हम अपने संवैधानिक अधिकारों और कर्तव्यों को समझकर उसपर अमल करेंगे।अन्य वक्ताओं ने भी जोर देकर कहा कि सामाजिक न्याय के लिए जाति,धर्म से ऊपर उठकर समाज के सभी वंचित तबकों के लिए कार्य करना ही चंद्रजीत यादव को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर जिला पंचायत सदस्य आराधना गौतम,सूबेदार रामजनम,जामवंत,अमरनाथ यादव,झूरी,आशीष,डॉ बृजमोहन आदि लोग उपस्थित रहे।
महोबा में नीट की तैयारी कर रही छात्रा को बंधक बनाकर दुष्कर्म, आरोपियों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट को दिया


फर्रुखाबाद। सोमवार को काग्रेस  जिलाअध्यक्ष शकुन्तला देवी के नेतृत्व में महोबा जनपद में दलित छात्रा जो नीट की तैयारी कर रही थी ,कोचिंग से लौटते समय अपहरण कर उसे 16 दिनों तक प्रयागराज में बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया व सिगरेट से जलाकर अमाननीय यातनाएं दी गई यहीं नहीं जबरन शादी करने की अत्यन्त शर्मनाक व मानवता को झकझोर देने बाली घटना ने प्रदेश की कानून व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिन्ह खड़ा कर दिया है। कांग्रेस पार्टी की प्रदेश सचिव अर्चना राठौर ने कहा कि छात्रा को न्याय दिलाने के लिए हमारी पार्टी पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम कांग्रेसियों की घटना में लिप्त सभी दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी कर उनके विरुद्ध कठोर कार्यवाही किये जाने के साथ ही पीडिता व उसके परिवार को सुरक्षा एवं समुचित आर्थिक सहायता प्रदान किये जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार ढिंढोरा पीट रही है कि महिलाएं सुरक्षित हैं जबकि महिलाओं के साथ सबसे अधिक अत्याचार और घिनौने कृत हो रहे हैं जो सरकार के ऊपर ही नहीं बल्कि महिला अपराध पर अंकुश भी ना लगा पाने में सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है।