जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा-अभिलाष
सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा।
संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है।
आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।

सुलतानपुर,स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर सुल्तानपुर इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिकल साइंसेज में एक विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में स्वामी विवेकानंद के जीवन दर्शन, उनके आदर्शों तथा राष्ट्र निर्माण में उनकी प्रेरक भूमिका से परिचित कराना रहा।
संगोष्ठी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद काशी प्रान्त के प्रान्त संगठन मंत्री अभिलाष ने“विवेकानंद : विद्यार्थी जीवन और राष्ट्र निर्माण में भूमिका” विषय पर सारगर्भित वक्तव्य प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन युवाशक्ति को जागृत करने का संदेश देता है। उनका आत्मविश्वास, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा का विचार आज भी विद्यार्थियों के लिए मार्गदर्शक है। स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आत्मविश्वास, अनुशासन और राष्ट्रभक्ति का मार्ग दिखाया। उनका स्पष्ट संदेश था – “पहले स्वयं को पहचानो, तभी राष्ट्र को पहचान सकोगे।” उन्होंने कहा कि विवेकानंद का संपूर्ण जीवन चरित्र निर्माण, सेवा और संकल्प की प्रेरणा देता है।
आज आवश्यकता है कि विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त करने तक सीमित न रहें, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्व को समझें। जब युवा जागृत होंगे, तभी भारत सशक्त और समृद्ध बनेगा। विद्यार्थियों को अपने दिनचर्या में परिवर्तन करने की महती आवश्यकता है। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के निदेशक डॉ. अभिषेक ने की। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने शिक्षा को केवल ज्ञानार्जन नहीं बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का माध्यम बताया। यदि युवा उनके विचारों को आत्मसात करें तो एक सशक्त और संस्कारित राष्ट्र का निर्माण निश्चित है। कार्यक्रम के अंत में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रान्त उपाध्यक्ष डॉ. संतोष अंश ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि विवेकानंद का संदेश “उत्तिष्ठत, जाग्रत, प्राप्य वरान्निबोधत” आज भी राष्ट्र के नव निर्माण का उद्घोष है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे आत्मबल, सेवा और राष्ट्रभक्ति के मार्ग पर चलकर भारत को विश्वगुरु बनाने में सहभागी बनें। इस अवसर पर जिला संयोजक तेजस्व पाण्डेय, डॉ. विवेक सिंह, राज मिश्रा, अर्चिता सिंह, महक श्रीवास्तव, ऋषिका, शिखर पाठक, हर्ष सहित सैकड़ों विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ हुआ।















झौसागड़ी स्थित डी. एस.एम संदीपनी पब्लिक स्कूल में राष्ट्रीय युवा दिवस एवं स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना सभा में स्वामी विवेकानंद एवं भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पण के साथ हुई। इस अवसर पर शिक्षकों द्वारा विद्यार्थियों को स्वामी विवेकानंद के जीवन, विचारों एवं आदर्शों से अवगत कराया गया।
विद्यार्थियों ने उनकी जीवनी पर संक्षिप्त संभाषण प्रस्तुत किया एवं उनके प्रसिद्ध कथनों का वाचन किया। विद्यालय की प्राचार्या कंचन मूर्ति ने सरल शब्दों में उन विचारों का अर्थ समझाते हुए विद्यार्थियों को उन्हें अपने जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी। प्रार्थना सभा के पश्चात अपर प्राइमरी कक्षा के विद्यार्थियों द्वारा एक चेतना रैली निकाली गई, जो आसपास के मोहल्लों का भ्रमण करते हुए पुनः विद्यालय परिसर में आकर संपन्न हुई। रैली के दौरान विद्यार्थियों ने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक नारों का उत्साहपूर्वक उच्चारण किया, जिसकी पुनरावृत्ति पूरे मार्ग में की जाती रही। रैली में शिक्षकों धवल किशोर ठाकुर, संजय कुमार झा एवं सुमन कुमार गुप्ता ने विशेष रूप से मार्गदर्शन एवं नेतृत्व किया। वहीं सुमन कुमार, संजय कुमार,अजय कुमार, दीपक झा, दीनदयाल, सौरभ कुमार,नवल किशोर तथा शिक्षिका ज्योति झा, कोमल रावत, ममता कुमारी, पूजा झा माधवी झा एवं मीणा हांसदा ने विद्यार्थियों की सुरक्षा एवं अनुशासन बनाए रखने में सराहनीय भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सुव्यवस्थित संचालन विद्यालय परिवार द्वारा किया गया। विद्यालय लौटने पर सभी विद्यार्थियों के बीच चॉकलेट का वितरण किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, राष्ट्रप्रेम एवं सकारात्मक सोच का विकास करना रहा।
2 min ago
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