“स्वच्छ जल — स्वस्थ कल” अभियान के तहत विद्यालयों में RO मिनरल वाटर प्लांट का शुभारंभ
तुलसीपुर। बलरामपुर ,वे टू लिव फाउंडेशन द्वारा NSKFDC के सहयोग से बच्चों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपोजिट विद्यालय तुलसीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय लोहटी गैसड़ी एवं प्राथमिक विद्यालय जुगुनभरिया गैसड़ी में RO मिनरल वाटर प्लांट स्थापित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला महामंत्री दिलीप गुप्ता  एवं इंजीनियर अय्यूब खान  द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। समाजहित में किया गया यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी एवं सराहनीय है।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से हरीश गुप्ता, पदमा वर्मा, नागेश्वर नाथ मिश्रा एवं मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्था की ओर से संजय कुमार जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वे टू लिव फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। “स्वच्छ जल — स्वस्थ कल” अभियान के अंतर्गत यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है
समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के शादी की 25वीं सालगिरह समारोह में शामिल हुई जानी-मानी हस्तियां
भायंदर। शादी की सालगिरह का महत्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और प्रतिबद्धता (commitment) को याद करने और उसे फिर से जीवंत करने में है। यह पिछले वर्षों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए खास लम्हों, उतार-चढ़ाव और पर्सनल ग्रोथ का जश्न मनाने का दिन है। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक तथा समर्पित भावना के साथ सनातन का पूरे देश में प्रचार प्रसार कर रहे अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय की शादी की 25वीं सालगिरह (रजत जयंती समारोह) को मीरा रोड के इस्कॉन मंदिर में स्थित भव्य सभागार कक्ष में धूमधाम के साथ मनाया, जिसमें मीरा भायंदर के अलावा मुंबई ,ठाणे, वसई, विरार, कल्याण, पनवेल से आए अनेक प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और भजन गायक राकेश उपाध्याय चंचल के अलावा जौनपुर के प्रख्यात लोक गायक राम अनुज पाठक के मधुर गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले श्री उपाध्याय और उनकी धर्मपत्नी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा उपस्थित रहे। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र अरविंद उपाध्याय शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। पिछले 10 वर्षों से हर मंगलवार को अखंड सुंदरकांड का पाठ कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष 5000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित करने के साथ-साथ माता-पिता की पुण्यतिथि को वृद्ध आश्रम में मनाते हैं, जहां पूरे दिन भर उनकी सेवा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सनातन की यात्रा में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी उपाध्याय का पूरा साथ और सहयोग रहता है। रजत जयंती समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ राधेश्याम तिवारी ,डॉ हृदय नारायण मिश्र, कल्याण के प्रख्यात समाजसेवी विजय पंडित, शनि मंदिर के महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, शिवसेना विभाग संगठन हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, समाजसेविका रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, समाजसेवी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय आदि का समावेश रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी, अमन जायसवाल आदि का विशेष योगदान रहा। श्री उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी अपने माता-पिता के सम्मान समारोह में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ शामिल रहे । अंत में अरविंद उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा से पहले रामराज में पुलिस अलर्ट, फ्लैग मार्च निकालकर दिया सुरक्षा का संदेश
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के कस्बा रामराज में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। आगामी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस ने कस्बे के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।

थाना प्रभारी रविंद्र पंवार के नेतृत्व में निकाले गए इस फ्लैग मार्च में चौकी इंचार्ज आशीष कुमार, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक अभिषेक तथा कांस्टेबल सुधीर कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस टीम ने बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त करते हुए लोगों से शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रविंद्र पंवार ने कहा कि शोभायात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा का माहौल देखने को मिला। लोगों ने भी पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने आमजन को सुरक्षा का संदेश देते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
हरदोई जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे से 29 लाख की धोखाधड़ी! जमीन सौदे के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री

रितेश मिश्रा
हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती के पुत्र डॉ. नीरज वर्मा के साथ 29 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। डॉ. नीरज वर्मा ने शहर कोतवाली में एक महिला और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि जमीन खरीदने के लिए लाखों रुपये देने के बावजूद आज तक जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं की गई।
डॉ. नीरज वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने कमलेश प्रसाद और उनके पुत्र से परगना गोपामऊ के ग्राम लोधी स्थित 0.1792 हेक्टेयर भूमि खरीदने का सौदा किया था। इस भूमि पर वर्तमान में एक पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है। जमीन का कुल सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ था। कमलेश प्रसाद मूल रूप से लखनऊ के निवासी बताए गए हैं, जबकि उनका अस्थाई पता बरेली में है।
डॉ. नीरज के मुताबिक, 24 नवंबर 2020 से 12 मार्च 2021 के बीच RTGS और NEFT के माध्यम से आरोपियों के खाते में 29 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस दौरान भरोसा दिलाया गया कि शेष 16 लाख रुपये देने के बाद भूमि का विक्रय विलेख निष्पादित कर दिया जाएगा।
आरोप है कि भुगतान के बाद भी आरोपियों ने लगातार टालमटोल शुरू कर दी। जमीन का स्वामित्व डॉ. नीरज वर्मा के नाम नहीं किया गया, हालांकि पेट्रोल पंप का लाइसेंस उनके नाम कर दिया गया, जो अभी भी संचालित हो रहा है।
डॉ. नीरज वर्मा का कहना है कि उन्होंने कई बार आरोपियों से संपर्क कर भूमि का विक्रय अभिलेख कराने की मांग की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक विधिक नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कमलेश प्रसाद और उनके पुत्र ने उनके साथ 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। मामले में शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
“स्वच्छ जल — स्वस्थ कल” अभियान के तहत विद्यालयों में RO मिनरल वाटर प्लांट का शुभारंभ
तुलसीपुर। बलरामपुर ,वे टू लिव फाउंडेशन द्वारा NSKFDC के सहयोग से बच्चों को शुद्ध एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कंपोजिट विद्यालय तुलसीपुर, उच्च प्राथमिक विद्यालय लोहटी गैसड़ी एवं प्राथमिक विद्यालय जुगुनभरिया गैसड़ी में RO मिनरल वाटर प्लांट स्थापित किए गए।

कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला महामंत्री दिलीप गुप्ता  एवं इंजीनियर अय्यूब खान  द्वारा फीता काटकर किया गया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। समाजहित में किया गया यह प्रयास अत्यंत प्रेरणादायी एवं सराहनीय है।

कार्यक्रम में विद्यालय परिवार से हरीश गुप्ता, पदमा वर्मा, नागेश्वर नाथ मिश्रा एवं मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संस्था की ओर से संजय कुमार जी ने सभी अतिथियों एवं उपस्थित जनों के प्रति आभार व्यक्त किया।

वे टू लिव फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में निरंतर कार्यरत है। “स्वच्छ जल — स्वस्थ कल” अभियान के अंतर्गत यह पहल बच्चों के स्वास्थ्य संरक्षण, स्वच्छता जागरूकता एवं सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है
समाजसेवी अरविंद उपाध्याय के शादी की 25वीं सालगिरह समारोह में शामिल हुई जानी-मानी हस्तियां
भायंदर। शादी की सालगिरह का महत्व पति-पत्नी के रिश्ते में प्यार, विश्वास और प्रतिबद्धता (commitment) को याद करने और उसे फिर से जीवंत करने में है। यह पिछले वर्षों में एक-दूसरे के साथ बिताए गए खास लम्हों, उतार-चढ़ाव और पर्सनल ग्रोथ का जश्न मनाने का दिन है। राष्ट्रीय परशुराम सेना के राष्ट्रीय संरक्षक तथा समर्पित भावना के साथ सनातन का पूरे देश में प्रचार प्रसार कर रहे अरविंद उपाध्याय ने अपनी धर्मपत्नी संतोषी उपाध्याय की शादी की 25वीं सालगिरह (रजत जयंती समारोह) को मीरा रोड के इस्कॉन मंदिर में स्थित भव्य सभागार कक्ष में धूमधाम के साथ मनाया, जिसमें मीरा भायंदर के अलावा मुंबई ,ठाणे, वसई, विरार, कल्याण, पनवेल से आए अनेक प्रतिष्ठित लोग शामिल हुए। इस अवसर पर सुंदरकांड पाठ और भजन संध्या का भी आयोजन किया गया। सुर संग्राम विजेता मोहन राठौर और भजन गायक राकेश उपाध्याय चंचल के अलावा जौनपुर के प्रख्यात लोक गायक राम अनुज पाठक के मधुर गीतों ने उपस्थित लोगों को मंत्र मुग्ध कर दिया। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन पंडित लल्लन तिवारी ने सबसे पहले श्री उपाध्याय और उनकी धर्मपत्नी को आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर महानगरपालिका परिवहन समिति के सभापति एडवोकेट राजकुमार मिश्रा उपस्थित रहे। राम मंदिर के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास महाराज के मानस पुत्र अरविंद उपाध्याय शिक्षा दान अभियान फेडरेशन के राष्ट्रीय संगठन मंत्री तथा घर-घर रामायण अभियान के राष्ट्रीय महासचिव भी हैं। पिछले 10 वर्षों से हर मंगलवार को अखंड सुंदरकांड का पाठ कराने वाले अरविंद उपाध्याय हर वर्ष 5000 जरूरतमंद लोगों को कंबल वितरित करने के साथ-साथ माता-पिता की पुण्यतिथि को वृद्ध आश्रम में मनाते हैं, जहां पूरे दिन भर उनकी सेवा करके उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। सनातन की यात्रा में उनकी धर्मपत्नी श्रीमती संतोषी उपाध्याय का पूरा साथ और सहयोग रहता है। रजत जयंती समारोह में शामिल होने वाले प्रमुख लोगों में महाराष्ट्र की पूर्व मंत्री विधायक श्रीमती विद्या ठाकुर, वरिष्ठ भाजपा नेता जयप्रकाश ठाकुर, विधायक नरेंद्र मेहता, वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे, समाजसेवी डॉ किशोर सिंह, भाजपा प्रवक्ता उदयप्रताप सिंह, आरटीआई एक्टिविस्ट अनिल गलगली, श्री सिद्धिविनायक मंदिर के कोषाध्यक्ष आचार्य पवन त्रिपाठी, शिवसेना प्रवक्ता आनंद दुबे, उत्तर भारतीय मोर्चा के मुंबई अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा, उद्योगपति दिनेश त्रिपाठी, समाजसेवी डॉ राधेश्याम तिवारी ,डॉ हृदय नारायण मिश्र, कल्याण के प्रख्यात समाजसेवी विजय पंडित, शनि मंदिर के महंत सुरेश गुरु ओझा, प्रोफेसर सुधाकर मिश्रा, नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, भाजपा प्रवक्ता शैलेश पांडे, शिवसेना विभाग संगठन हेमंत पांडे, उद्योगपति ओमप्रकाश सिंह, हिंदू युवा वाहिनी महाराष्ट्र संयोजक साहब तिवारी, गणेश अग्रवाल, जैकी तिवारी, पूर्व नगरसेवक विजय राय, मनोज चतुर्वेदी, रमेश चंद्र मिश्रा, राधेश्याम मिश्रा, अमर फाउंडेशन के अध्यक्ष अमरनाथ तिवारी, समाजसेविका सुंदरी ठाकुर, समाजसेविका रूपा शर्मा, शिवपूजन तिवारी, समाजसेवी धर्मेंद्र चतुर्वेदी, जगदंबा तिवारी, छोटे चेतन, रतन तिवारी, पत्रकार विनोद मिश्र, कृपाशंकर पांडे, वीरेंद्र प्रसाद द्विवेदी, उद्योगपति नवीन सिंह, पत्रकार राजेश उपाध्याय संतोष उमाशंकर तिवारी, विनोद उपाध्याय आदि का समावेश रहा। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में मनीष पांडे, रवि यादव, राकेश उपाध्याय, पंकज मिश्रा, विभांशु त्रिपाठी, अमन जायसवाल आदि का विशेष योगदान रहा। श्री उपाध्याय के तीनों बच्चे ऋषि, श्रुति और पार्थ भी अपने माता-पिता के सम्मान समारोह में पूरे हर्ष और उल्लास के साथ शामिल रहे । अंत में अरविंद उपाध्याय ने समस्त लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया।
थलपति विजय बने तमिलनाडु के नए सीएम, छह दशक बाद गैर-द्रविड़ दल का सीएम

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तमिलनाडु की राजनीति में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। तमिलगा वेत्री कन्नगम (टीवीके) प्रमुख विजय ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर ने चेन्नई के नेहरू स्टेडियम में आयोजित रंगारंग समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इसके साथ ही विजय तमिलनाडु के 18वें मुख्यमंत्री बन गए हैं। विजय के साथ 9 अन्य नेता भी मंत्रीपद की शपथ ली।

राहुल गांधी भी शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल

इस शपथ ग्रहण समारोह में देश के कई बड़े नेता भी शामिल हुए हैं। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी, तेलंगाना की पूर्व राज्यपाल और बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन, बीजेपी नेता के अन्नामलाई और तमिलनाडु बीजेपी अध्यक्ष नैनार नागेंद्रन भी कार्यक्रम में पहुंचे हैं। इसके अलावा फिल्म और राजनीति जगत की कई हस्तियां भी समारोह का हिस्सा बनी हैं।

पीएम मोदी ने विजय को बधाई दी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विजय को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राज्य सरकार के साथ मिलकर लोगों के जीवन में सुधार के लिए काम करती रहेगी।

विजय के पिता समारोह में भावुक दिखे

विजय का पूरा परिवार शपथ ग्रहण समारोह में नजर आया। इसे मौके पर उनके पिता और मां काफी भावुक दिखे। साथ ही टीवीके पार्टी के सदस्य भी रोते हुए नजर आए। अपने नेता को मुख्यमंत्री बनते हुए देखकर वे लोग भी इमोशनल हो गए।

विजय के शपथ ग्रहण समारोह में भावुक दिखीं तृषा

तृषा कृष्णनन और विजय थलापति करीबी दोस्त हैं। काफी फिल्में साथ कर चुके हैं। ऐसे में उनका विजय के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होना लाजमी था। इस मौके पर उनकी आंखों में नमी दिखीं। साथ ही चेहरे पर विजय के मुख्यमंत्री बनने की खुशी भी साफ झलक रही थी।

पहले ही चुनाव मे जीतीं 108 सीटें

पहली बार चुनावी मैदान में उतरे विजय ने सिर्फ 2 साल पहले राजनीतिक पार्टी टीवीके बनाई थी। इस चुनाव में उन्हें जनता का भरपूर प्यार मिला। विजय की पार्टी ने विधानसभा चुनाव में 108 सीटें जीतकर सभी को चौंका दिया था। हालांकि पार्टी बहुमत के आंकड़े से पीछे रह गई थी, लेकिन कांग्रेस, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य सहयोगी दलों के समर्थन से विजय ने सरकार बना ली।

द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म

विजय के शपथ ग्रहण के साथ ही पिछले 49 साल से राज्य सियासत में चल रहा द्रविड़ राजनीति का दबदबा खत्म हो गया। तमिलनाडु में 1967 से ही सी. अन्नादुरई के नेतृत्व में द्रविड़ विचारधारा वाली पार्टी- द्रविड़ मुनेत्र कझगम (द्रमुक) सत्ता में आई। बाद में द्रमुक से अलग हुई अन्नाद्रमुक ने उसे चुनौती दी। दोनों द्रविड़ दल ही पिछले 49 साल से यहां की सत्ता में काबिज हैं। दो राष्ट्रीय दल- कांग्रेस और भाजपा हमेशा ही इन दोनों दलों की गठबंधन की साथी के तौर पर जुड़ी रहीं, लेकिन अपने दम पर सत्ता हासिल करने में नाकाम रहीं। अब विजय जोसेफ और उनकी टीवीके ने द्रविड़ पार्टियों के इस वर्चस्व को तोड़ने का काम किया है और तमिल राजनीति में अलग पहचान बनाई है।

महाराणा प्रताप जयंती शोभायात्रा से पहले रामराज में पुलिस अलर्ट, फ्लैग मार्च निकालकर दिया सुरक्षा का संदेश
मेरठ। बहसूमा थाना क्षेत्र के कस्बा रामराज में महाराणा प्रताप जयंती के उपलक्ष्य में 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली भव्य शोभायात्रा को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। आगामी कार्यक्रम को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को पुलिस ने कस्बे के मुख्य मार्गों और संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च निकाला।

थाना प्रभारी रविंद्र पंवार के नेतृत्व में निकाले गए इस फ्लैग मार्च में चौकी इंचार्ज आशीष कुमार, उप निरीक्षक धर्मवीर सिंह, उप निरीक्षक सोनू कुमार, उप निरीक्षक अभिषेक तथा कांस्टेबल सुधीर कुमार सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस टीम ने बाजारों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में पैदल गश्त करते हुए लोगों से शांति एवं भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की।

फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने शोभायात्रा मार्ग का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया और संबंधित पुलिसकर्मियों को सतर्क निगरानी रखने के निर्देश दिए। थाना प्रभारी रविंद्र पंवार ने कहा कि शोभायात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और माहौल बिगाड़ने या अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

पुलिस की मौजूदगी से कस्बे में सुरक्षा का माहौल देखने को मिला। लोगों ने भी पुलिस प्रशासन के प्रयासों की सराहना करते हुए सहयोग का भरोसा दिलाया। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिसकर्मियों ने आमजन को सुरक्षा का संदेश देते हुए कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
हरदोई जिला पंचायत अध्यक्ष के बेटे से 29 लाख की धोखाधड़ी! जमीन सौदे के बाद भी नहीं हुई रजिस्ट्री

रितेश मिश्रा
हरदोई में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रेमावती के पुत्र डॉ. नीरज वर्मा के साथ 29 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। डॉ. नीरज वर्मा ने शहर कोतवाली में एक महिला और उसके बेटे के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। आरोप है कि जमीन खरीदने के लिए लाखों रुपये देने के बावजूद आज तक जमीन की रजिस्ट्री उनके नाम नहीं की गई।
डॉ. नीरज वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उन्होंने कमलेश प्रसाद और उनके पुत्र से परगना गोपामऊ के ग्राम लोधी स्थित 0.1792 हेक्टेयर भूमि खरीदने का सौदा किया था। इस भूमि पर वर्तमान में एक पेट्रोल पंप संचालित हो रहा है। जमीन का कुल सौदा 45 लाख रुपये में तय हुआ था। कमलेश प्रसाद मूल रूप से लखनऊ के निवासी बताए गए हैं, जबकि उनका अस्थाई पता बरेली में है।
डॉ. नीरज के मुताबिक, 24 नवंबर 2020 से 12 मार्च 2021 के बीच RTGS और NEFT के माध्यम से आरोपियों के खाते में 29 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इस दौरान भरोसा दिलाया गया कि शेष 16 लाख रुपये देने के बाद भूमि का विक्रय विलेख निष्पादित कर दिया जाएगा।
आरोप है कि भुगतान के बाद भी आरोपियों ने लगातार टालमटोल शुरू कर दी। जमीन का स्वामित्व डॉ. नीरज वर्मा के नाम नहीं किया गया, हालांकि पेट्रोल पंप का लाइसेंस उनके नाम कर दिया गया, जो अभी भी संचालित हो रहा है।
डॉ. नीरज वर्मा का कहना है कि उन्होंने कई बार आरोपियों से संपर्क कर भूमि का विक्रय अभिलेख कराने की मांग की, लेकिन उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 22 जुलाई 2025 को रजिस्टर्ड डाक के माध्यम से एक विधिक नोटिस भी भेजा गया, लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं दिया गया।
पीड़ित ने आरोप लगाया है कि कमलेश प्रसाद और उनके पुत्र ने उनके साथ 29 लाख रुपये की धोखाधड़ी की है। मामले में शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है.
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।