जगन्नाथपुर मंदिर हत्याकांड: भाजपा नेताओं ने परिजनों से मिलकर दिया सांत्वना , सरकार की कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल।

भारतीय जनता पार्टी द्वारा आज प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद आदित्य साहू के नेतृत्व में धुर्वा स्थित जगन्नाथपुर मंदिर के गर्भगृह की रखवाली करने वाले दिवंगत गार्ड बिरसा मुंडा के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी गई।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि स्वयं को आदिवासी हितैषी बताने वाली हेमंत सरकार में आदिवासी समाज सुरक्षित नहीं है। उन्होंने कहा कि राँची राजधानी में विधानसभा से कुछ ही दूरी पर स्थित मंदिर के गर्भगृह में तैनात एक आदिवासी गार्ड की हत्या होना राज्य की लचर कानून-व्यवस्था को उजागर करता है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन असम और बंगाल घूम रहे है और झारखंड में अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है, लगातार आपराधिक घटनाक्रम को अंजाम दिया जा रहा है। अपराधियों द्वारा राज्य में समानांतर सरकार चलाया जा रहा है। मुख्यमंत्री आदिवासियों की सरकार होने का दंभ भरते हैं लेकिन राजधानी में सरकार के नाक के नीचे खुलेआम हत्याएं हो रही है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार के किसी प्रतिनिधि का मृतक के परिजनों से मिलने नहीं आना, राज्य सरकार के आदिवासी विरोधी चेहरा और संवेदनहीनता को दर्शाता है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के आसपास पुलिस-प्रशासन की मिलीभगत से अवैध नशे का कारोबार फल-फूल रहा है, जिससे यह क्षेत्र नशेड़ियों का अड्डा बनता जा रहा है और आपराधिक घटनाओं को बढ़ावा मिल रहा है।
श्री साहू ने कहा कि यहां ट्रांसफर पोस्टिंग में पैसे का खेल चल रहा है। इस कारण पुलिस का लॉ एंड ऑर्डर दुरुस्त रखने पर फोकस नहीं रहता बल्कि उन्हें अपनी लागत पूंजी की सूद सहित वापसी की चिंता ज्यादा सताती रहती है। यही कारण अपराध लगातार बढ़ रहा है।
मंदिर प्रबंधन को लेकर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि वर्षों से स्थानीय लोग मंदिर की सेवा-सत्कार में योगदान देते आए हैं, लेकिन मंदिर समिति में एक भी स्थानीय व्यक्ति को स्थान नहीं दिया गया है और पूरी समिति का कांग्रेसीकरण कर दिया गया है।
प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार से मांग किया कि मृतक के परिजनों को अविलंब 50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा तत्काल जीविकोपार्जन हेतु आर्थिक सहायता प्रदान की जाए।
श्री साहू ने मृतक के परिजनों को पार्टी की ओर से 50 हजार रुपये की सहयोग राशि प्रदान की और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।
इस दौरान केंद्रीय मंत्री संजय सेठ, पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी, मेयर रोशनी खलखो, वरुण साहू, नीरज कुमार, अशोक बड़ाईक, नीलम चौधरी, उमेश यादव, उमेश तिवारी, नीरज सिंह, देवराज सिंह, पंकज सिन्हा, ललित ओझा, जितेंद्र वर्मा, संकेत तिवारी सहित कई प्रमुख नेता एवं कार्यकर्ता शामिल थे।
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शामिल हैं।
₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित
अपर मुख्य सचिव उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण बी.एल. मीणा ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में पूंजी निवेश के मामले में उत्तर प्रदेश अग्रणी राज्यों में शामिल है। अब तक स्वीकृत परियोजनाओं को ₹350 करोड़ की अनुदान राशि वितरित की जा चुकी है।
निवेशकों को सम्मानित किया गया
बैठक में जनपद बागपत स्थित Ambrosia Products India Pvt. Ltd. के निवेशक जयदेव सिंह को समयबद्ध इकाई स्थापना और निवेश के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया।
वहीं अमेठी की एफिकनो फिनटेक कंसल्टेंट्स प्रा. लि. द्वारा स्टार्च उत्पादन परियोजना को भी मंजूरी दी गई। यह स्टार्च बिस्कुट, टॉफी और अन्य खाद्य उत्पादों में उपयोग होगा।
ऑर्गेनिक उद्योग को भी बढ़ावा
बुलंदशहर की शाकुंभरी ऑर्गेनिक एक्जिम LLP द्वारा तिल, मूंगफली, गेहूं और दालों के प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग परियोजना हेतु सब्सिडी आवेदन प्रस्तुत किया गया। इसे भी सकारात्मक रूप से लिया गया।
पीएमएफएमई योजना में यूपी देश में प्रथम
बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME) के तहत 26,000 परियोजनाओं की स्वीकृति के साथ उत्तर प्रदेश देश में प्रथम स्थान पर है। प्रदेश में प्रयागराज जिला प्रथम स्थान पर है।
विभागवार परियोजनाओं का प्रतिशत
खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत जारी लेटर ऑफ कम्फर्ट में—
परियोजनाएँ शामिल हैं।
निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के निर्देश
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने सभी संबंधित विभागों और प्राधिकरणों को निर्देश दिए कि निवेशकों की समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित किया जाए। बैठक में खाद्य प्रसंस्करण विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी एवं उद्यमी मौजूद रहे।
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