बंगाल में वोटिंग के बीच शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरा, चोर-चोर के लगाए नारे*

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है, जहां हर बूथ अब राजनीतिक अखाड़ा बनता दिख रहा है। इस बीच कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट के कालीघाट इलाके में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला।

भवानीपुर में वोटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी समर्थकों ने घेर और जय बंगाल के नारे लगाने शुरू कर दिए। जवाब में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

शुभेंदु अधिकारी बोले- वहां मौजूद लोग असली मतदाता नहीं

इस घटना के बाद भड़के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये लोग वोटर नहीं, बाहरी हैं। इन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने फोन पर किसी से बात करते हुए कहा कि यहां तुरंत सीआरपीएफ भेजी जाए। जब तक फोर्स नहीं आएगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हालात को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।

टीएमसी ने किया पटलवार

वहीं, टीएमसी नेता काजोरी बनर्जी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम लोग शांतिपूर्वक वोट देने आए थे, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने यहां आकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। उन पर किसी ने हमला नहीं किया, वे केवल वोटिंग को प्रभावित करने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं।'

142 सीटों पर हो रहा मतदान

बता दें कि दूसरे चरण में 294 में से 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसे टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल और कोलकाता में उसकी राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बुधवार को दोपहर 1 बजे तक 61.11 परसेंट वोटिंग हुई है। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, हुगली 64.57 परसेंट वोटिंग के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद हावड़ा 60.68 परसेंट वोटिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

भारतीय जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न
ठाणे । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में रविवार 26 अप्रैल 2026 को मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको ठाणे में मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता गज़लकार ताज़ मोहम्मद सिद्दीकी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में आनंद पाण्डेय केवल एवं ओमप्रकाश सिंह उपस्थित थे।गोष्ठी का आयोजन एवं खूबसूरत संचालन चेयरमैन रामप्यारे सिंह रघुवंशी ने किया तथा संयोजन संस्थाध्यक्ष विनय सिंह विनम्र ने किया।सरस्वती वंदना के उपरांत गोष्ठी का शुभारंभ हुआ।संस्था मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप ने बताया कि उपस्थित साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार तिलकराज खुराना, नंदलाल क्षितिज,नरसिंह हैरान जौनपुरी,त्रिलोचन सिंह अरोरा, शिक्षाविद् अवनीश कुमार दीक्षित 'दिव्य' , रामस्वरूप साहू,राकेशमणि त्रिपाठी, डॉ वफा वारसी, हीरालाल यादव, कल्पेश यादव, संजय द्विवेदी, ताबिश रामपुरी,अजय कुमार सिंह,एडवोकेट अनिल शर्मा, शिवशंकर मिश्र एवं सुशिल कुमार सिंह मुख्य रूप से रहे। गोष्ठी में संस्था द्वारा दिवंगत साहित्यकार सुभाष चतुर्वेदी एवं देश की मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोंसले की आत्मा के शांति हेतु दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।अंत में संस्था उप चेयरमैन नंदलाल क्षितिज ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई रवाना
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेरका से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक के मेगा रोड शो में उमड़े लोग, पुष्पवर्षा के साथ शाही स्वागत
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन आज सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में दर्शन-पूजन के लिए बरेका गेस्ट हाउस से निकले। प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही बरेका के मुख्यद्वार पर पहुंचा भाजपा कार्यकतार्आ ने प्रधानमंत्री मोदी का शाही अंदाज में विजेता नायक की तरह शंखध्वनि,पुष्पवर्षा के बीच भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री का काफिला श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बढ़ा तो राह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर गगनभेदी मोदी—मोदी, नारेबाजी के बीच गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने जय-जय श्रीराम, हर-हर महादेव का उद्घोष किया। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री का काफिला भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा।

प्रधानमंत्री ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचें। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचें।

लगभग 14 किलोमीटर की दूरी में भाजपा वाराणसी जिला एवं महानगर इकाई ने पांच स्वागत प्वाइंट बनाए। हर स्वागत प्वाइंट पर सड़क के दोनों छोर पर खड़े नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले में प्रधानमंत्री को देख मोदी-मोदी का गगनभेदी नारा भी लगाया। अपनी काशी के नागरिकों का दुलार और प्यार देख गदगद प्रधानमंत्री भी कभी हाथ जोड़कर तो कभी हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाए कार्यकर्ता अलसुबह से स्वागत प्वाइंट पर डटे रहे।

राह में प्रधानमंत्री को देखने और उन पर पुष्पवर्षा के लिए महिलाएं और बच्चे भी अपने मकानों के छतों, बालकनी में उत्साहित दिखे। सड़क के किनारे बने बैरिकेडिंग में दोनों तरफ खड़े युवाओं,महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बैरिकेडिंग में देर तक डटे रहे। इसके पहले प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए मैदागिन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक ट्रैफिक जीरो किया गया। पैदल चलने वालों को भी सड़क के किनारे किया गया। सुबह सात बजे अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने मैदागिन से काशी विश्वनाथ तक निरीक्षण किया। वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई । रोड शो के लिए रास्ता खाली कराया गया।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एयर एम्बुलेंस हादसे के मृतकों के परिजनों से की मुलाकात, सरकारी मदद का दिया भरोसा

हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में एयर एम्बुलेंस क्रैश में मृत व्यक्तियों के आश्रितों ने मुलाकात की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री को आश्रित परिजनों ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिए जाने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों की बातों को

आत्मतीयता के साथ सुना तथा परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई। माननीय मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से यथोचित मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मौके पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण एवं एयर एंबुलेंस हादसा में मृत स्व० संजय कुमार के बड़े भाई श्री विजय कुमार, मृतक स्व० ध्रुव कुमार के पिता श्री दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत 23 फरवरी 2026 को बर्न इंजरी के मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में चतरा पहुंचते ही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था,

इस हादसे में मरीज संजय कुमार उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा-ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत और को- पायलट स्वराजदीप सिंह का निधन हो गया था।

झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर आज नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

लोक अदालत को लेकर बैठक संपन्न, वाद निस्तारण के लिए चिन्हित

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनितम उपाध्याय की अध्यक्षता में एवं उनके विश्राम कक्ष में बैठक सम्पन्न की गयी। इस बैठक का संचालन युगल शम्भू सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण होने योग्य राजस्व/वकबन्दी/लघु फौजदारी/विद्युत विभाग आदि राजस्व मामलों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित किये जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके। राजस्व वाद 222 मामले, फौजदारी वाद 857 मामले एवं प्रकीर्ण वाद 68305 मामले कुल 69384 मामले प्रशासन की ओर से चिन्हित किये गये हैं।
मंगलवार को तैयारी बैठक में  संजय कुमार षष्ठम अपर जिला जज/नोडल अधिकारी, यदुवंश कुमार वर्मा उपजिलाधिकारी (राजस्व), उमाशंकर सीीओ, डी. के. राजपूत एसडीओ, अभय कुमार वर्मा सीओ सिटी, राधा रमन वरिष्ठ सहायक आदि प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित हुये।
बंगाल में वोटिंग के बीच शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी कार्यकर्ताओं ने घेरा, चोर-चोर के लगाए नारे*

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण में सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है, जहां हर बूथ अब राजनीतिक अखाड़ा बनता दिख रहा है। इस बीच कोलकाता की हाई-प्रोफाइल भवानीपुर सीट के कालीघाट इलाके में जबरदस्त हंगामा देखने को मिला।

भवानीपुर में वोटिंग के दौरान भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार शुभेंदु अधिकारी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। मतदान केंद्र पर निरीक्षण करने पहुंचे शुभेंदु अधिकारी के साथ टीएमसी कार्यकर्ता भिड़ गए। इस दौरान शुभेंदु अधिकारी को टीएमसी समर्थकों ने घेर और जय बंगाल के नारे लगाने शुरू कर दिए। जवाब में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने 'जय श्री राम' के नारे लगाए।

शुभेंदु अधिकारी बोले- वहां मौजूद लोग असली मतदाता नहीं

इस घटना के बाद भड़के भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि ये लोग वोटर नहीं, बाहरी हैं। इन्होंने मुझ पर हमला करने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने फोन पर किसी से बात करते हुए कहा कि यहां तुरंत सीआरपीएफ भेजी जाए। जब तक फोर्स नहीं आएगी, मैं यहां से नहीं जाऊंगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ये लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के समर्थक हैं। इस घटना के बाद इलाके में तनाव बढ़ गया है। पुलिस और सुरक्षा बल मौके पर मौजूद हैं और हालात को काबू में रखने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि मतदान शांतिपूर्ण तरीके से जारी रह सके।

टीएमसी ने किया पटलवार

वहीं, टीएमसी नेता काजोरी बनर्जी ने बीजेपी के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'हम लोग शांतिपूर्वक वोट देने आए थे, लेकिन शुभेंदु अधिकारी ने यहां आकर माहौल खराब करने की कोशिश की है। उन पर किसी ने हमला नहीं किया, वे केवल वोटिंग को प्रभावित करने के लिए गलत आरोप लगा रहे हैं।'

142 सीटों पर हो रहा मतदान

बता दें कि दूसरे चरण में 294 में से 142 सीटों पर मतदान हो रहा है, जिसे टीएमसी के गढ़ दक्षिण बंगाल और कोलकाता में उसकी राजनीतिक परीक्षा के तौर पर देखा जा रहा है। पश्चिम बंगाल में बुधवार को दोपहर 1 बजे तक 61.11 परसेंट वोटिंग हुई है। इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया के मुताबिक, हुगली 64.57 परसेंट वोटिंग के साथ सबसे ऊपर रहा, उसके बाद हावड़ा 60.68 परसेंट वोटिंग के साथ दूसरे नंबर पर रहा।

भारतीय जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न
ठाणे । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में रविवार 26 अप्रैल 2026 को मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको ठाणे में मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया।जिसकी अध्यक्षता गज़लकार ताज़ मोहम्मद सिद्दीकी ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में आनंद पाण्डेय केवल एवं ओमप्रकाश सिंह उपस्थित थे।गोष्ठी का आयोजन एवं खूबसूरत संचालन चेयरमैन रामप्यारे सिंह रघुवंशी ने किया तथा संयोजन संस्थाध्यक्ष विनय सिंह विनम्र ने किया।सरस्वती वंदना के उपरांत गोष्ठी का शुभारंभ हुआ।संस्था मिडिया सचिव विनय शर्मा दीप ने बताया कि उपस्थित साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार तिलकराज खुराना, नंदलाल क्षितिज,नरसिंह हैरान जौनपुरी,त्रिलोचन सिंह अरोरा, शिक्षाविद् अवनीश कुमार दीक्षित 'दिव्य' , रामस्वरूप साहू,राकेशमणि त्रिपाठी, डॉ वफा वारसी, हीरालाल यादव, कल्पेश यादव, संजय द्विवेदी, ताबिश रामपुरी,अजय कुमार सिंह,एडवोकेट अनिल शर्मा, शिवशंकर मिश्र एवं सुशिल कुमार सिंह मुख्य रूप से रहे। गोष्ठी में संस्था द्वारा दिवंगत साहित्यकार सुभाष चतुर्वेदी एवं देश की मशहूर पार्श्व गायिका आशा भोंसले की आत्मा के शांति हेतु दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित किया गया।अंत में संस्था उप चेयरमैन नंदलाल क्षितिज ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान के साथ गोष्ठी का समापन किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई रवाना
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेरका से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक के मेगा रोड शो में उमड़े लोग, पुष्पवर्षा के साथ शाही स्वागत
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन आज सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में दर्शन-पूजन के लिए बरेका गेस्ट हाउस से निकले। प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही बरेका के मुख्यद्वार पर पहुंचा भाजपा कार्यकतार्आ ने प्रधानमंत्री मोदी का शाही अंदाज में विजेता नायक की तरह शंखध्वनि,पुष्पवर्षा के बीच भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री का काफिला श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बढ़ा तो राह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर गगनभेदी मोदी—मोदी, नारेबाजी के बीच गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने जय-जय श्रीराम, हर-हर महादेव का उद्घोष किया। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री का काफिला भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा।

प्रधानमंत्री ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचें। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचें।

लगभग 14 किलोमीटर की दूरी में भाजपा वाराणसी जिला एवं महानगर इकाई ने पांच स्वागत प्वाइंट बनाए। हर स्वागत प्वाइंट पर सड़क के दोनों छोर पर खड़े नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले में प्रधानमंत्री को देख मोदी-मोदी का गगनभेदी नारा भी लगाया। अपनी काशी के नागरिकों का दुलार और प्यार देख गदगद प्रधानमंत्री भी कभी हाथ जोड़कर तो कभी हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाए कार्यकर्ता अलसुबह से स्वागत प्वाइंट पर डटे रहे।

राह में प्रधानमंत्री को देखने और उन पर पुष्पवर्षा के लिए महिलाएं और बच्चे भी अपने मकानों के छतों, बालकनी में उत्साहित दिखे। सड़क के किनारे बने बैरिकेडिंग में दोनों तरफ खड़े युवाओं,महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बैरिकेडिंग में देर तक डटे रहे। इसके पहले प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए मैदागिन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक ट्रैफिक जीरो किया गया। पैदल चलने वालों को भी सड़क के किनारे किया गया। सुबह सात बजे अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने मैदागिन से काशी विश्वनाथ तक निरीक्षण किया। वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई । रोड शो के लिए रास्ता खाली कराया गया।
हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने एयर एम्बुलेंस हादसे के मृतकों के परिजनों से की मुलाकात, सरकारी मदद का दिया भरोसा

हेमन्त सोरेन से आज झारखंड मंत्रालय में एयर एम्बुलेंस क्रैश में मृत व्यक्तियों के आश्रितों ने मुलाकात की। इस अवसर पर माननीय मुख्यमंत्री को आश्रित परिजनों ने राज्य सरकार की ओर से सरकारी नौकरी एवं मुआवजा दिए जाने से संबंधित एक ज्ञापन सौंपा। मौके पर माननीय मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों की बातों को

आत्मतीयता के साथ सुना तथा परिजनों के प्रति सहानुभूति जताई। माननीय मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से यथोचित मदद दिए जाने का भरोसा दिया। मौके पर राज्य सरकार के माननीय मंत्रीगण एवं एयर एंबुलेंस हादसा में मृत स्व० संजय कुमार के बड़े भाई श्री विजय कुमार, मृतक स्व० ध्रुव कुमार के पिता श्री दिनेश प्रसाद सहित अन्य परिजन उपस्थित थे।

उल्लेखनीय है कि विगत 23 फरवरी 2026 को बर्न इंजरी के मरीज संजय कुमार को बेहतर इलाज के लिए एयर एंबुलेंस के जरिए रांची से दिल्ली ले जाया जा रहा था, इसी क्रम में चतरा पहुंचते ही एयर एंबुलेंस क्रैश हो गया था,

इस हादसे में मरीज संजय कुमार उनकी पत्नी अर्चना देवी, भांजा-ध्रुव कुमार, डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता, पैरामेडिक सचिन कुमार मिश्रा, पायलट विवेक विकास भगत और को- पायलट स्वराजदीप सिंह का निधन हो गया था।

झुमरी तिलैया नगर क्षेत्र में जलजमाव की समस्या पर उपाध्यक्ष ने किया निरीक्षण, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

नगर क्षेत्र में वर्षों से चली आ रही जलजमाव की समस्या को लेकर आज नगर परिषद के उपाध्यक्ष ने प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। हर वर्ष बरसात के मौसम में उत्पन्न होने वाली इस समस्या से आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता रहा है। निरीक्षण के दौरान वार्ड संख्या 24 की पार्षद ज्योति शुक्ला, वार्ड प्रतिनिधि विजय शुक्ला, वार्ड 22 के पार्षद प्रतिनिधि बबलू पांडेये सहित नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी अंकित गुप्ता, सिटी मैनेजर रणधीर कुमार, लिमांसु कुमार एवं अन्य अधिकारी मौजूद रहे। उपाध्यक्ष ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जल निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आगामी बरसात में लोगों को इस समस्या से राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नगर परिषद की ओर से जल्द ही इस दिशा में ठोस कार्रवाई किए जाने का आश्वासन भी दिया गया है, जिससे क्षेत्रवासियों को लंबे समय से चली आ रही इस समस्या से निजात मिलने की उम्मीद जगी है।
वाग्धारा’ की राष्ट्रीय संगोष्ठी में गूंजा विश्व शांति और मानवता का पैगाम
मुंबई। वैश्विक परिदृश्य में युद्ध की आशंकाओं से घिरे समय में मुंबई के बुद्धिजीवियों ने एक स्वर में शांति, संवाद और सह-अस्तित्व का संदेश दिया। ‘वाग्धारा’ द्वारा आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी “युद्ध नहीं, बुद्ध” में वैचारिक चर्चा के साथ मानवता के पक्ष में सशक्त आवाज भी उठी।
फिल्मकार-साहित्यकार डाॅ वागीश सारस्वत के संयोजन में हुई इस सामयिक संगोष्ठी में वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि युद्ध केवल सीमाओं पर नहीं, बल्कि मन और विचारों में भी लड़ा जाता है और उसी स्तर पर शांति की शुरुआत भी संभव है। भारत की संतुलित और दूरदर्शी कूटनीति, विशेषकर ईरान और इज़रायल जैसे संवेदनशील मुद्दों पर, विशेष चर्चा में रही। वर्तमान भारतीय कूटनीति को वैश्विक अस्थिरता के बीच विवेकपूर्ण और जिम्मेदार रुख बताया गया।
मुख्य अतिथि फिल्मकार रूमी जाफरी ने जीवन को एक सतत संघर्ष बताते हुए कहा कि “सबसे बड़ा युद्ध इंसान का अपने भीतर होता है।” संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे आध्यात्मिक प्रवक्ता वीरेंद्र याग्निक ने कहा कि जीवन का प्रत्येक क्षण आत्मसंघर्ष और आत्मविजय की प्रक्रिया है। जीवन का हर दिन युद्ध है। नौसेना के सेवानिवृत्त कमांडर भूषण दीवान ने अपने सैन्य अनुभव साझा करते हुए कहा कि स्पष्टता और दृढ़ता किसी भी संघर्ष में विजय के मूल तत्व हैं। मुंबई विश्वविद्यालय के हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. करुणा शंकर उपाध्याय ने रक्षा तंत्र और सैन्य संरचना पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए भारत की सुरक्षा नीति की गहराई को रेखांकित किया। प्रस्तावना रखते हुए डॉ. वागीश सारस्वत ने भारत की नीति को दो टूक शब्दों में व्यक्त किया—“हम किसी को छेड़ते नहीं, पर यदि कोई छेड़े, तो उसे छोड़ते भी नहीं।” समाजसेवी शिवजी सिंह, मनीषा जोशी, एडवोकेट भार्गव तिवारी, रंगकर्मी सगीर ख़ान, वरिष्ठ पत्रकार शैलेन्द्र श्रीवास्तव, टीवी जर्नलिस्ट सुनील सिंह और लेखक विवेक अग्रवाल ने भी अपने विचारों से संगोष्ठी को समृद्ध किया। मंच संचालन अभिनेता रवि यादव ने  प्रभावशाली ढंग से किया। संगोष्ठी में साहित्य और कला का प्रभावी समावेश देखने को मिला। पत्रकार व कवि ओमप्रकाश तिवारी के गीतों को अभिनेत्री विनीता टंडन यादव ने स्वर दिए, वहीं महान कवि गोपाल दास नीरज की प्रसिद्ध कविता “अगर तीसरा युद्ध हुआ तो…” का मार्मिक पाठ अमर त्रिपाठी ने किया। इन प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावनात्मक रूप से झकझोरते हुए शांति के महत्व को और गहराई से स्थापित किया।
कार्यक्रम में नंदिता माजी शर्मा, शिखा गोस्वामी, मीनू मदान और विशु सहित अनेक रचनाकारों ने युद्ध और शांति पर अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। इस अवसर पर प्रियंका सिंह, गोपी कृष्ण बुबना, एडवोकेट अनीस, एडवोकेट प्रभात, निर्देशक कमर हाजीपुरी और पत्रकार अनवर जैदी की सक्रिय उपस्थिति ने आयोजन को व्यापक आयाम प्रदान किया। इस संगोष्ठी का निष्कर्ष एक स्पष्ट संदेश के रूप में सामने आया “युद्ध मानवता का अंत है, जबकि बुद्ध का मार्ग ही शांति, करुणा और सह-अस्तित्व की ओर ले जाता है।”
मुंबई से उठी यह आवाज केवल एक शहर तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व समुदाय के लिए एक विचारशील संदेश है कि शांति हथियारों से नहीं, विचारों से ही स्थायी शांति संभव है।
हजारीबाग यूथ विंग ने उपायुक्त हेमंत सती से की शिष्टाचार भेंट, सामाजिक कार्यों की दी जानकारी

हजारीबाग: मंगलवार को हजारीबाग यूथ विंग के एक प्रतिनिधिमंडल ने नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती से उनके कार्यालय (एनआईसी) में शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्था के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने पुष्पगुच्छ और शॉल भेंट कर उपायुक्त का गर्मजोशी से स्वागत किया और हजारीबाग आगमन पर शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

भेंट के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने पिछले 5 वर्षों में किए गए सामाजिक एवं जनहित कार्यों की विस्तृत जानकारी साझा की। संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में लगातार सक्रिय भूमिका निभा रही है। जरूरतमंदों की सहायता, गरीब बच्चों के बीच शैक्षणिक सामग्री का वितरण और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन जैसे कार्यों के माध्यम से संस्था ने समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है।

विशेष रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर का उल्लेख करते हुए बताया गया कि यह हजारीबाग का अब तक का सबसे बड़ा रक्तदान शिविर रहा, जिसमें कुल 326 यूनिट रक्त संग्रह किया गया। इस पहल से कई जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध हो सका और कई जिंदगियों को बचाने में मदद मिली। इसे जिले में एक प्रेरणादायक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

उपायुक्त हेमंत सती ने संस्था के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि यदि सदस्यों में सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा का जज्बा हो, तो वे निश्चित रूप से जिले के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और अन्य लोगों को भी सेवा कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उपायुक्त ने यह भी आश्वस्त किया कि प्रशासन की ओर से संस्था को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा, ताकि जनहितकारी कार्यों का दायरा और बढ़ाया जा सके।

संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि हजारीबाग यूथ विंग का उद्देश्य केवल कार्यक्रम आयोजित करना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुँचाना है। उन्होंने बताया कि संस्था बिना किसी भेदभाव के जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

वहीं, संस्था के अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि सेवा ही संगठन की प्राथमिकता है और सभी सदस्य इसी भावना के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि अब तक किए गए कार्य एक शुरुआत हैं और आने वाले समय में संस्था बड़े स्तर पर सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन करेगी।

इस अवसर पर उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल, सह सचिव अभिषेक पांडे, मार्गदर्शक संजय कुमार, डॉक्टर बी. वेंकटेश, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, प्रमोद खण्डेलवाल, प्रज्ञा कुमारी, कैलाश कुमार एवं उदित तिवारी सहित संस्था के कई सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने एकजुट होकर सामाजिक कार्यों को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।

लोक अदालत को लेकर बैठक संपन्न, वाद निस्तारण के लिए चिन्हित

फर्रुखाबाद l राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर प्रभारी जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अभिनितम उपाध्याय की अध्यक्षता में एवं उनके विश्राम कक्ष में बैठक सम्पन्न की गयी। इस बैठक का संचालन युगल शम्भू सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा किया गया।अध्यक्ष द्वारा राष्ट्रीय लोक अदालत में निस्तारण होने योग्य राजस्व/वकबन्दी/लघु फौजदारी/विद्युत विभाग आदि राजस्व मामलों को अधिक से अधिक संख्या में चिन्हित किये जाने हेतु अधिकारियों को निर्देशित किया गया है, ताकि राष्ट्रीय लोक अदालत को सफल बनाया जा सके। राजस्व वाद 222 मामले, फौजदारी वाद 857 मामले एवं प्रकीर्ण वाद 68305 मामले कुल 69384 मामले प्रशासन की ओर से चिन्हित किये गये हैं।
मंगलवार को तैयारी बैठक में  संजय कुमार षष्ठम अपर जिला जज/नोडल अधिकारी, यदुवंश कुमार वर्मा उपजिलाधिकारी (राजस्व), उमाशंकर सीीओ, डी. के. राजपूत एसडीओ, अभय कुमार वर्मा सीओ सिटी, राधा रमन वरिष्ठ सहायक आदि प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित हुये।