प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
वाराणसी में भूटान बनाएगा बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस, 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी में रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। इसके लिए वाराणसी के मौजा पिण्डरा, अजईपुर कोलसला में भूमि चिन्हित की गई है और लीज डीड की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर पर लीज डीड की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डीड पर हस्ताक्षर के लिए विशेष सचिव पर्यटन विभाग मृदुल चौधरी को अधिकृत किया गया है। भूमि हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही एमओयू (समझौता ज्ञापन) का निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लीज डीड पर रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों तथा पर्यटन विभाग की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। भूटान सरकार की तरफ से रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान दूतावास, सांगचु सांगचु प्रमुख बौद्ध मंदिर बोधगया और छोटेन दोरजी लेयतशो दुगचेन को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काशी और सारनाथ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं बौद्ध आस्था केंद्र हैं, जहां पूरे वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाराणसी में बौद्ध मंदिर बनने से भारतीय और विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बौद्ध पर्यटक पहले से ही बड़ी संख्या में सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे स्थलों पर पहुंचते हैं। वाराणसी में बनने वाला यह नया बौद्ध मंदिर बौद्ध सर्किट को और मजबूत करेगा। साथ ही, बौद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले स्थलों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य भी सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है।
मीरजापुर : पुलिस मुठभेड़ में किशोरी हत्या कांड का आरोपी गिरफ्तार प्रेम-प्रसंग की थी हत्या*

मीरजापुर। ज़िले के पड़री थाना क्षेत्र में रविवार को हत्या कर फेंकी गई लाश का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में घायल करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसके कब्जे से एक कट्टा .315 बोर मय जिंदा व खोखा कारतूस तथा हत्या की घटना में प्रयुक्त गमछा भी बरामद कर लिया गया है। किशोरी की लाश मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक ने हत्यारोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए थे जिनके निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर-नितेश सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर-मुनेन्द्र पाल सिंह नेतृत्व में थाना पड़री पुलिस टीम रविवार से हत्यारोपी के हरसंभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी कि देर रात थाना पड़री पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हत्यारोपी बिना नंबर की बाइक से ग्राम गौराराज की तरफ जा रहे है। उक्त सूचना पर थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा बौड़री पहाड़ी के पास पीछा करते हुए घेराबन्दी किया तो पुलिस से स्वयं को घिरता देखकर गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे, परन्तु थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी सीमित फायरिंग की गयी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो। उसका नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम अजय बिंद पुत्र राम कुमार उम्र करीब-20 वर्ष निवासी सुखनई थाना मड़िहान बताया जिसकी जमा-तलाशी ली गयी तो उसको कब्जे सें मुठभेड़ की घटना में प्रयुक्त 1 कट्टा मय 1 जिन्दा व 1 खोखा कारतूस .315 बोर तथा एक गमछा बरामद हुआ जिसे उसके द्वारा हत्या की घटना में प्रयुक्त किया जाना बताया गया। पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि उसके दोस्त राजन उर्फ साजन का मृतका से पूर्व से सम्बन्ध था। राजन ने मुझसे कहां कि चलो मैं अपने प्रेमिका से तुम्हे मिलाता हूं। हम दोनों लोग उससे मिलने के लिए गये, जहां राजन उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाने लगा, मैं भी शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहां तो मृतका ने उसका विरोध किया और शोर मचाना चाही, तो मैं उसके सीने पर पत्थर से मारा तथा मैं और राजन उसका मुंह व गला गमछे से दबा कर हत्या कर दिये तथा शव को खेत में फेंक कर भाग गयें। जब सुबह उनके घर वाले मुकदमा लिखवा दिये तब आज मैं पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहा था, किन्तु अपने को पुलिस से घिरता देख मैने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया, मुझे भी गोली लगी है जिस कारण मैं भाग नही पाया और आप लोगों द्वारा पकड़ लिया गया। किशोरी हत्या कांड का त्वरित खुलासा करते हुए पुलिस टीम ने साजन बिन्द पुत्र पप्पू बिन्द व अजय बिंद पुत्र राम कुमार निवासीगण सुखनई थाना मड़िहान को गिरफ्तार किया है, इसमें अजय बिन्द को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है जिसके कब्जे से बालिका का गला घोट कर हत्या कारित करने वाला गमछा बरामद किया गया।
महोबा दलित छात्रा प्रकरण को लेकर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन*
सरकार बयानबाजी तक ही सीमित, बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम-अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,महोबा में नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में किया। कड़ी धूप व प्रचंड लू में कांग्रेस कार्यालय से भारी संख्या में कांग्रेसियों ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दलित बिटिया को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आये सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि महोबा जनपद की एक दलित छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया उसके गुप्तांगो पर जलती सिगरेट से दागा गया साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता एवं उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा तथा उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेसियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की भी मांग उठाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बेटियां घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अगर सरकार दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलित, महिलाएं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करेगी। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि महिलाओं और दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल सिंह, रणजीत सिंह सलूजा, अतहर नवाब, विजय पाल, सुरेशचंद्र मिश्र,दिनेश मिश्र, मनोज तिवारी, सुब्रत सिंह सनी, आवेश अहमद, ममनून आलम, संतोष वर्मा, अरुण तिवारी, राम सरन गौतम,गुड्डु पांडेय, जयप्रकाश तिवारी,विनोद पांडेय, विवेक रफ्तार, राम किशोर गौतम, ओम प्रकाश दुबे, नंदलाल मौर्य, जमीदार यादव, मो अतीक, एकराम, चंद्रभान सिंह, देवेन्द तिवारी, इमरान अहमद,नफीस पठान,मनोज शुक्ल, हामिद राईन, मोहसीन सलीम, सलाहुद्दीन हाशमी आदि लोग मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
भारतीय जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न

ठाणे । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में शनिवार 23 मई 2026 को मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको ठाणे में मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोचन सिंह अरोरा ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संगीत साहित्य मंच के संस्थापक रामजीत गुप्ता उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन नरसिंह हैरान जौनपुरी ने किया।गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके वंदना से हुआ।साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार एवं मार्गदर्शक तिलकराज खुराना,विनय सिंह विनम्र,नंदलाल क्षितिज,अनिल कुमार राही,डॉ वफ़ा वारसी, अजय कुमार सिंह,ओमप्रकाश सिंह एवं युवा कवि प्रथमेश प्रवीण नाईक मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं लेखकों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोता साहित्यकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में संस्था अध्यक्ष विनय सिंह विनम्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान के साथ समापन किया।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।
प्रशिक्षित कार्यकर्ता ही संगठन की ताकत : गोविन्द नारायन शुक्ला*l
*प्रशिक्षण वर्ग के पहले दिन 8 सत्रों में कार्यकर्ताओं को मिला वैचारिक प्रशिक्षण*

सुलतानपुर।भारतीय जनता पार्टी के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान के तहत सोमवार को श्री विश्वनाथ पीजी कॉलेज, कलान में दो दिवसीय जिला प्रशिक्षण वर्ग एवं प्रदर्शनी का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री एवं एमएलसी गोविन्द नारायन शुक्ला ने जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक सुरेश पासी की मौजूदगी में किया।मुख्य वक्ता गोविन्द नारायन शुक्ला ने “हमारी कार्य पद्धति” विषय पर कहा कि भाजपा की सबसे बड़ी ताकत उसके प्रशिक्षित, अनुशासित और सक्रिय कार्यकर्ता हैं।उन्होंने संगठन में प्रशिक्षण,संवाद और नियमित बैठकों को कार्यकर्ता निर्माण का आधार बताया। इसके पहले श्री विश्वनाथ पीजी कालेज के अध्यक्ष डॉ वेद प्रकाश सिंह ने अतिथियों व पदाधिकारियों का पुष्प गुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर स्वागत व सम्मानित किया। जिला मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने बताया कि प्रथम दिन आयोजित 8 सत्रों में विचार परिवार, वैचारिक अधिष्ठान, भाजपा का इतिहास एवं विकास समेत विभिन्न विषयों पर प्रशिक्षण दिया गया। क्षेत्रीय महामंत्री संतोष पटेल,पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश त्रिवेदी, पूर्व प्रदेश मंत्री कौशलेंद्र पटेल, सुनील सिंह,प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर,जोन सह संयोजक प्रशिक्षण महाभियान राजेन्द्र भण्डारी, समेत कई वक्ताओं ने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।पूर्व जिला महामंत्री घनश्याम चौहान के संचालन में आयोजित कार्यक्रम में नियंत्रक आनन्द द्विवेदी,आशीष सिंह रानू व अयोध्या प्रसाद वर्मा ने सक्रिय योगदान दिया।इस दौरान सहकारिता प्रकोष्ठ के प्रदेश सह- संयोजक रामचन्द्र मिश्रा, पूर्व जिलाध्यक्ष डॉ आरए वर्मा, डॉ सीताशरण त्रिपाठी, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, विधायक विनोद सिंह, सीताराम वर्मा,राज प्रसाद उपाध्याय, राजेश गौतम,प्रवीन कुमार अग्रवाल,कृपाशंकर मिश्रा,सुमन सिंह,विजय प्रताप, संदीप सिंह, योगेंद्र प्रताप सिंह, विजय मिश्र, गांधी सिंह,विजय रघुवंशी,एलके दूबे,सुभाष चन्द्र,भावना सिंह,डॉ प्रीति प्रकाश,धर्मेन्द्र कुमार, बबिता तिवारी,रेखा निषाद, रचना अग्रवाल, उपमा शर्मा, अनीता पाण्डे,लक्ष्मी सिंह, अशोक कुमार सिंह,अजय सिंह अधियार,राजेश चतुर्वेदी,समेत लगभग 200 पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सजी अदब और साहित्य की महफिल, मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में देर रात तक गूंजे शेरो-शायरी के रंग*
रितेश मिश्रा
हरदोई !! बिलग्राम कस्बे के गांधी मैरिज हॉल में हरदोई पत्रकार एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित मुशायरा एवं कवि सम्मेलन साहित्यिक सौहार्द और सांस्कृतिक चेतना का शानदार उदाहरण बन गया। देर रात तक चले इस भव्य आयोजन में क्षेत्र सहित आसपास के जनपदों से पहुंचे शायरों और कवियों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में अदब, शायरी और कविता का ऐसा समागम देखने को मिला, जिसने उपस्थित साहित्य प्रेमियों को देर रात तक बांधे रखा।
मुशायरे में हुजूर बिलग्रामी, शादाब गुहर, एजाज रियाज़ बरहक, ऐजाज रहबर, नईम शाद, शाहनवाज अकरम, फखरुद्दीन नश्तर मल्लावांवी, असगर बिलग्रामी, कमर बिलग्रामी, इमरान बिलग्रामी, दिव निशेष बिलग्रामी, अंचल द्विवेदी, जय नारायण अवस्थी तथा हाफिज मज़हर बिलग्रामी समेत अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से समाज, देशभक्ति, इंसानियत, भाईचारे और वर्तमान सामाजिक परिस्थितियों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए। कवियों और शायरों की रचनाओं पर श्रोताओं ने तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साहवर्धन किया।
कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कवि राम नारायण शुक्ला ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि, “लड़खड़ाती हुई राजनीति को संभालना साहित्यकारों का मुख्य कार्य है। साहित्य समाज को दिशा देने का माध्यम है और कवि अपनी लेखनी से जनमानस को जागरूक करने का कार्य करते हैं।” उनके इस विचारपूर्ण वक्तव्य का उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से स्वागत किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. कपिल देव त्रिपाठी ने की जबकि सफल संचालन असगर बिलग्रामी ने किया। आयोजन में बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। प्रमुख रूप से एडवोकेट सुरेश चन्द्र तिवारी, डॉ. रसूल बिलग्रामी, गणेश नारायण कपूर, वरिष्ठ पत्रकार प्रदीप यादव, सय्यद अनवर, एडवोकेट मन्नान, धर्मेंद्र यादव, अजयराज त्रिवेदी, सैफ अली जाफरी, नफीस अहमद फारूक़ क़ुरैशी, अतुल द्विवेदी, सुधीर अवस्थी, सहित एसोसिएशन के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डाक्टर कपिल देव त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि हरदोई पत्रकार एसोसिएशन संस्था का उद्देश्य साहित्य, संस्कृति और सामाजिक समरसता को बढ़ावा देना है। उन्होंने एसोसिएशन के पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में सकारात्मक संवाद और रचनात्मक सोच को मजबूत करते हैं तथा नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने का कार्य करते हैं। उन्होंने बिलग्राम की धरती को साहित्य से जुड़ी धरती बताया और कहा कि इस धरती पर रसलीन, मधनायक जैसे महान कवियों ने जन्म लिया है।
देर रात तक चले इस कार्यक्रम में श्रोताओं ने कवियों और शायरों की प्रस्तुतियों का भरपूर आनंद लिया। आयोजन ने क्षेत्र के साहित्यिक और सांस्कृतिक वातावरण को नई ऊर्जा प्रदान की तथा अदबी माहौल को और अधिक मजबूती दी।
वाराणसी में भूटान बनाएगा बौद्ध मंदिर और गेस्ट हाउस, 2 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी यूपी सरकार

लखनऊ/वाराणसी। उत्तर प्रदेश सरकार वाराणसी में रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान को बौद्ध मंदिर एवं गेस्ट हाउस निर्माण के लिए 02 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएगी। इसके लिए वाराणसी के मौजा पिण्डरा, अजईपुर कोलसला में भूमि चिन्हित की गई है और लीज डीड की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जा रही है।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने यह जानकारी देते हुए बताया कि शासन स्तर पर लीज डीड की सभी औपचारिकताएं लगभग पूरी कर ली गई हैं। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से डीड पर हस्ताक्षर के लिए विशेष सचिव पर्यटन विभाग मृदुल चौधरी को अधिकृत किया गया है। भूमि हस्तांतरण के लिए दोनों पक्षों के बीच जल्द ही एमओयू (समझौता ज्ञापन) का निष्पादन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि लीज डीड पर रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान के प्रतिनिधियों तथा पर्यटन विभाग की ओर से हस्ताक्षर किए जाएंगे। भूटान सरकार की तरफ से रायल गवर्नमेंट ऑफ भूटान दूतावास, सांगचु सांगचु प्रमुख बौद्ध मंदिर बोधगया और छोटेन दोरजी लेयतशो दुगचेन को प्रतिनिधि के रूप में नामित किया गया है। यह पूरी प्रक्रिया प्रधानमंत्री की घोषणा के अनुरूप आगे बढ़ाई जा रही है।
पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि काशी और सारनाथ विश्व प्रसिद्ध धार्मिक एवं बौद्ध आस्था केंद्र हैं, जहां पूरे वर्ष देश-विदेश से श्रद्धालु पहुंचते हैं। वाराणसी में बौद्ध मंदिर बनने से भारतीय और विदेशी बौद्ध श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि होगी, जिससे पर्यटन गतिविधियों को नया विस्तार मिलेगा।
उन्होंने कहा कि बौद्ध पर्यटक पहले से ही बड़ी संख्या में सारनाथ, संकिसा और कुशीनगर जैसे स्थलों पर पहुंचते हैं। वाराणसी में बनने वाला यह नया बौद्ध मंदिर बौद्ध सर्किट को और मजबूत करेगा। साथ ही, बौद्ध सर्किट के अंतर्गत आने वाले स्थलों को आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से सुसज्जित करने का कार्य भी सरकार द्वारा लगातार किया जा रहा है।
मीरजापुर : पुलिस मुठभेड़ में किशोरी हत्या कांड का आरोपी गिरफ्तार प्रेम-प्रसंग की थी हत्या*

मीरजापुर। ज़िले के पड़री थाना क्षेत्र में रविवार को हत्या कर फेंकी गई लाश का खुलासा करते हुए पुलिस ने आरोपी को मुठभेड़ में घायल करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया है। जिसके कब्जे से एक कट्टा .315 बोर मय जिंदा व खोखा कारतूस तथा हत्या की घटना में प्रयुक्त गमछा भी बरामद कर लिया गया है। किशोरी की लाश मिलने के बाद पुलिस अधीक्षक मीरजापुर अपर्णा रजत कौशिक ने हत्यारोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तारी के आदेश दिए थे जिनके निर्देश के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक नगर-नितेश सिंह व क्षेत्राधिकारी सदर-मुनेन्द्र पाल सिंह नेतृत्व में थाना पड़री पुलिस टीम रविवार से हत्यारोपी के हरसंभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी कि देर रात थाना पड़री पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि हत्यारोपी बिना नंबर की बाइक से ग्राम गौराराज की तरफ जा रहे है। उक्त सूचना पर थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा बौड़री पहाड़ी के पास पीछा करते हुए घेराबन्दी किया तो पुलिस से स्वयं को घिरता देखकर गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिस पार्टी पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग करने लगे, परन्तु थाना पड़री पुलिस टीम द्वारा आत्मरक्षार्थ जवाबी सीमित फायरिंग की गयी, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी और वह घायल हो। उसका नाम पता पूछा गया तो उसने अपना नाम अजय बिंद पुत्र राम कुमार उम्र करीब-20 वर्ष निवासी सुखनई थाना मड़िहान बताया जिसकी जमा-तलाशी ली गयी तो उसको कब्जे सें मुठभेड़ की घटना में प्रयुक्त 1 कट्टा मय 1 जिन्दा व 1 खोखा कारतूस .315 बोर तथा एक गमछा बरामद हुआ जिसे उसके द्वारा हत्या की घटना में प्रयुक्त किया जाना बताया गया। पुलिस टीम द्वारा पूछताछ करने पर बताया गया कि उसके दोस्त राजन उर्फ साजन का मृतका से पूर्व से सम्बन्ध था। राजन ने मुझसे कहां कि चलो मैं अपने प्रेमिका से तुम्हे मिलाता हूं। हम दोनों लोग उससे मिलने के लिए गये, जहां राजन उससे शारीरिक सम्बन्ध बनाने लगा, मैं भी शारीरिक सम्बन्ध बनाना चाहां तो मृतका ने उसका विरोध किया और शोर मचाना चाही, तो मैं उसके सीने पर पत्थर से मारा तथा मैं और राजन उसका मुंह व गला गमछे से दबा कर हत्या कर दिये तथा शव को खेत में फेंक कर भाग गयें। जब सुबह उनके घर वाले मुकदमा लिखवा दिये तब आज मैं पुलिस की गिरफ्तारी से बचने के लिए भाग रहा था, किन्तु अपने को पुलिस से घिरता देख मैने पुलिस पार्टी पर फायर कर दिया, मुझे भी गोली लगी है जिस कारण मैं भाग नही पाया और आप लोगों द्वारा पकड़ लिया गया। किशोरी हत्या कांड का त्वरित खुलासा करते हुए पुलिस टीम ने साजन बिन्द पुत्र पप्पू बिन्द व अजय बिंद पुत्र राम कुमार निवासीगण सुखनई थाना मड़िहान को गिरफ्तार किया है, इसमें अजय बिन्द को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया है जिसके कब्जे से बालिका का गला घोट कर हत्या कारित करने वाला गमछा बरामद किया गया।
महोबा दलित छात्रा प्रकरण को लेकर कांग्रेसियों का जोरदार प्रदर्शन,सौंपा ज्ञापन*
सरकार बयानबाजी तक ही सीमित, बेटियों को सुरक्षा देने में नाकाम-अभिषेक सिंह राणा*

सुल्तानपुर,महोबा में नीट की तैयारी कर रही दलित छात्रा के साथ हुई अमानवीय घटना को लेकर सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन का नेतृत्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने शहर अध्यक्ष शकील अंसारी की मौजूदगी में किया। कड़ी धूप व प्रचंड लू में कांग्रेस कार्यालय से भारी संख्या में कांग्रेसियों ने जुलूस की शक्ल में नारेबाजी करते हुए लाल डिग्गी चौराहा, सुपर मार्केट और डाकखाना चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दलित बिटिया को न्याय दिलाने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। बाद में जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में आये सिटी मजिस्ट्रेट को महामहिम राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में कहा गया कि महोबा जनपद की एक दलित छात्रा, जो नीट परीक्षा की तैयारी कर रही थी, का कोचिंग से लौटते समय कथित रूप से अपहरण कर लिया गया। आरोप है कि उसे 16 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया उसके गुप्तांगो पर जलती सिगरेट से दागा गया साथ ही मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जबरन शादी कराने का प्रयास भी किया गया। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेसियों ने मांग की कि घटना में शामिल सभी आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही पीड़िता एवं उसके परिवार को जानमाल की सुरक्षा तथा उचित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। कांग्रेसियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर फास्ट ट्रैक कोर्ट के माध्यम से दोषियों को शीघ्र सजा दिलाने की भी मांग उठाई। कांग्रेस जिलाध्यक्ष अभिषेक सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा चुकी है। बेटियां घर से बाहर निकलने में खुद को असुरक्षित महसूस कर रही हैं और सरकार अपराध रोकने में पूरी तरह विफल साबित हो रही है। उन्होंने कहा कि महोबा की दलित छात्रा के साथ हुई दरिंदगी ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया है। अगर सरकार दोषियों पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं करती है तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार में दलित, महिलाएं और कमजोर वर्ग सबसे ज्यादा उत्पीड़न का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार केवल बयानबाजी तक सीमित है। कांग्रेस पार्टी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए अंतिम समय तक संघर्ष करेगी। शहर अध्यक्ष शकील अंसारी ने कहा कि महिलाओं और दलित समाज के खिलाफ बढ़ते अपराध बेहद चिंताजनक हैं। सरकार को दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए पीड़ित परिवार को न्याय दिलाना चाहिए। इस अवसर पर वरिष्ठ नेता अनिल सिंह, रणजीत सिंह सलूजा, अतहर नवाब, विजय पाल, सुरेशचंद्र मिश्र,दिनेश मिश्र, मनोज तिवारी, सुब्रत सिंह सनी, आवेश अहमद, ममनून आलम, संतोष वर्मा, अरुण तिवारी, राम सरन गौतम,गुड्डु पांडेय, जयप्रकाश तिवारी,विनोद पांडेय, विवेक रफ्तार, राम किशोर गौतम, ओम प्रकाश दुबे, नंदलाल मौर्य, जमीदार यादव, मो अतीक, एकराम, चंद्रभान सिंह, देवेन्द तिवारी, इमरान अहमद,नफीस पठान,मनोज शुक्ल, हामिद राईन, मोहसीन सलीम, सलाहुद्दीन हाशमी आदि लोग मौजूद रहे। भवदीय अभिषेक सिंह राणा अध्यक्ष जिला कांग्रेस कमेटी सुल्तानपुर
भारतीय जनभाषा प्रचार समिति की मासिक काव्यगोष्ठी संपन्न

ठाणे । साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था भारतीय जनभाषा प्रचार समिति ठाणे के तत्वावधान में शनिवार 23 मई 2026 को मुन्ना विष्ट कार्यालय सिडको ठाणे में मासिक काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार त्रिलोचन सिंह अरोरा ने किया तथा मुख्य अतिथि के रूप में संगीत साहित्य मंच के संस्थापक रामजीत गुप्ता उपस्थित थे।मंच का खूबसूरत संचालन नरसिंह हैरान जौनपुरी ने किया।गोष्ठी का शुभारंभ मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके वंदना से हुआ।साहित्यकारों में वरिष्ठ साहित्यकार एवं मार्गदर्शक तिलकराज खुराना,विनय सिंह विनम्र,नंदलाल क्षितिज,अनिल कुमार राही,डॉ वफ़ा वारसी, अजय कुमार सिंह,ओमप्रकाश सिंह एवं युवा कवि प्रथमेश प्रवीण नाईक मुख्य रूप से उपस्थित थे।उपस्थित सभी साहित्यकारों एवं लेखकों ने अपनी रचनाओं से उपस्थित श्रोता साहित्यकारों को मंत्रमुग्ध कर दिया।अंत में संस्था अध्यक्ष विनय सिंह विनम्र ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए राष्ट्रगान के साथ समापन किया।
एक जीवित विश्वविद्यालय का स्वरूप है स्त्री
—  डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार


माना कि महिलाएँ आज भी
रसायन विज्ञान, भौतिक शास्त्र, अर्थशास्त्र,
प्रबंधन, बैंकिंग और अनेक क्षेत्रों में
संख्या के आधार पर पुरुषों से कम दिखाई देती हैं…

लेकिन फिर भी
इन सभी क्षेत्रों के बड़े-बड़े वैज्ञानिकों,
अर्थशास्त्रियों, प्रबंधकों और विद्वानों की
पहली गुरु, पहली पाठशाला
और पहली प्रयोगशाला
एक स्त्री ही होती है —
माँ।

वह प्रयोगशाला
जहाँ इंसान गढ़े जाते हैं…
जहाँ संस्कारों की नींव रखी जाती है,
जहाँ प्रेम, त्याग, अनुशासन
और मानवता का निर्माण होता है।

स्त्रियाँ जन्मजात विदुषी होती हैं।
वह लक्ष्मी भी हैं,
अन्नपूर्णा भी हैं,
सरस्वती भी हैं…
और समय आने पर
दुर्गा भी बन जाती हैं।

जिसे दुनिया अक्सर
केवल “घर संभालना” कहकर
छोटा समझ लेती है,
असल में वही
सबसे बड़ा प्रबंधन है।

एक पुरुष शायद घर चला सकता है,
पर एक स्त्री
पूरे घर में जीवन भर देती है।
वह दीवारों को घर
और घर को परिवार बनाती है।

इतिहास गवाह है
कि संसार के बड़े-बड़े वीर,
महापुरुष और युग निर्माता भी
किसी स्त्री की गोद में ही
संस्कार पाकर महान बने।

वह माँ राजमाता जिजाबाई ही थीं
जिन्होंने बालक शिवा को
केवल पुत्र नहीं,
एक वीर, धर्मरक्षक और राष्ट्रनायक
छत्रपति शिवाजी महाराज बनाया।

वह माँ जयवंता बाई ही थीं
जिन्होंने अपने पुत्र में
स्वाभिमान, साहस और राष्ट्रप्रेम के
ऐसे संस्कार डाले
कि वही बालक आगे चलकर
महाराणा प्रताप बना।

क्योंकि संसार की हर महान प्रतिभा की
पहली पाठशाला
एक माँ होती है।

एक स्त्री कितनी विदुषी होती है,
आइए उसके जीवन को ही
एक जीवित विश्वविद्यालय मानकर
उसकी अद्भुत विद्वता को समझने का प्रयास करें।

क्या कभी किसी ने
सच में समझा है
उस स्त्री की बुद्धिमत्ता को
जो दिन-रात
सिर्फ घर नहीं संभालती,
बल्कि जीवन सँवारती है?

हम डिग्रियों में ज्ञान ढूँढते हैं,
पद और पहचान में सम्मान ढूँढते हैं…
पर हर घर में
एक चलता-फिरता विश्वविद्यालय बसता है।

जहाँ बिना किसी किताब के
हर दिन जीवन का विज्ञान जन्म लेता है…
जहाँ अनुभव ही शिक्षा है,
और प्रेम ही सबसे बड़ी डिग्री।

जिसे दुनिया केवल घर समझती है,
वहीं से पीढ़ियाँ संस्कार सीखती हैं।
वहाँ केवल दिनचर्या नहीं चलती,
वहाँ रिश्ते, संवेदनाएँ
और सभ्यताएँ जन्म लेती हैं।

गणित वहाँ हर रोज़ मुस्कुराता है—

कितने लोगों की कितनी ज़रूरतें,
कहाँ कितना समय देना है,
कैसे सीमित साधनों में
सबकी इच्छाओं को संतुलित करना है।

बिना कॉपी-कलम के
हर हिसाब सही हो जाता है,
क्योंकि माँ के अनुभव में
ईश्वर का ज्ञान समा जाता है।

भौतिक विज्ञान भी वहीं बसता है—

कब धैर्य रखना है,
कब दृढ़ होना है,
कब मौन रहकर समझाना है,
और कब आवाज़ उठानी है।

जीवन की परिस्थितियों का
इतना सटीक संतुलन,
शायद किताबें भी
इतने प्रेम से न सिखा पाएँ।

रसायन विज्ञान का अद्भुत संसार—

वह टूटे मनों को जोड़ देती है,
क्रोध को प्रेम में बदल देती है,
उदासी में आशा घोल देती है,
और संघर्षों में साहस मिला देती है।

उसके स्पर्श में ऐसा जादू होता है
कि बिखरे हुए रिश्ते भी
फिर मुस्कुराने लगते हैं।

प्रबंधन कला की वह जीवित मिसाल है—

एक साथ चार काम करना,
सबको समय पर संभालना,
कम समय में सब व्यवस्थित करना।

यह किसी बड़ी कंपनी का
मैनेजमेंट नहीं तो और क्या है?

कॉरपोरेट की बड़ी-बड़ी बैठकों में
जिस “मैनेजमेंट स्किल” की बातें होती हैं,
उसका सबसे जीवंत रूप तो
सदियों से एक स्त्री के जीवन में दिखाई देता है।

मल्टीटास्किंग उसकी पहचान है—

एक तरफ चाय उबल रही है,
पूजा की थाली भी सज रही है,
पति और बच्चों का टिफिन भी भर रहा है,
बच्चों को उठाकर तैयार भी किया जा रहा है।

फोन भी उठा रही है,
दरवाज़ा भी खोल रही है,
और बारिश आ जाए तो
छत से कपड़े भी दौड़कर ला रही है।

खुद भी ऑफिस के लिए
तैयार हो रही है,
फिर भी चेहरे पर मुस्कान रहती है,
और घर व्यवस्थित चलता रहता है।

उसकी निरीक्षण शक्ति अद्भुत होती है—

दाल पकी या नहीं,
बच्चे का मन उदास है या नहीं,
पति की थकान चेहरे पर दिख रही है या नहीं,
घर में कौन चुपचाप किसी चिंता में है—

उसकी नज़र सब समझ जाती है।
वह शब्दों से पहले
चेहरों की भाषा पढ़ लेती है।

अर्थशास्त्र भी वही संभालती है—

सीमित बजट में घर चलाना,
भोजन तैयार करना,
बचे हुए संसाधनों का सदुपयोग करना,
मौसम के अनुसार आवश्यकताओं को चुनना।

तीज-त्योहार की तैयारी,
अतिथियों की आवभगत,
नेग और रिश्तों का निर्वाह—
घर की आर्थिक नीति
अक्सर उसी की समझ से चलती है।

मनोविज्ञान भी उसे भलीभाँति आता है—

किसका मन उदास है,
किसे प्रोत्साहन चाहिए,
कौन बिना कहे दर्द छिपा रहा है—

वह सब जानती है।

कभी वह
मदर टेरेसा सी ममता बन जाती है,
तो कभी अपने दुःख छिपाकर
सबके जीवन में उजाला भर देती है।

वह केवल परिवार नहीं संभालती,
पूरा संसार सँभालने की क्षमता रखती है।

वह स्त्री चाहे पढ़ी-लिखी हो या नहीं,
अंग्रेज़ी जानती हो या नहीं,
पर उसके अनुभव, धैर्य और प्रेम के आगे
बड़ी-बड़ी डिग्रियाँ भी छोटी लगती हैं।

वह केवल अन्नपूर्णा नहीं,
समय आने पर दुर्गा भी बन जाती है।
प्रेम दे तो गंगा सी निर्मल,
और अन्याय हो तो
चंडी सी प्रखर हो जाती है।

स्त्री को कम मत आँकिए,
क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े वैज्ञानिक,
डॉक्टर, लेखक, सैनिक और उद्योगपति भी
सबसे पहले
एक माँ की गोद में ही गढ़े जाते हैं।

दुनिया की हर महान प्रतिभा की
पहली प्रयोगशाला,
एक स्त्री की ममता ही होती है।

क्योंकि
स्त्री केवल घर नहीं संभालती,
वह पीढ़ियाँ गढ़ती है,
संस्कार बोती है,
और प्रेम से संसार रचती है।

इसलिए अगली बार
जब वह चुपचाप
सबकी चिंता करती दिखाई दे,
तो उसे सामान्य मत समझिए…

एक पल रुककर
उस माँ, पत्नी, बहन या बेटी को
दिल से धन्यवाद ज़रूर कहिए,
जो अपने हिस्से की थकान छिपाकर भी
आपके जीवन को सहज बनाती है।

और केवल धन्यवाद ही नहीं…
कभी उसके लिए भी
थोड़ा समय निकालिए,
उसकी मुस्कान का कारण बनिए।

आइए नमन करें
उस महामानवी को,
जो अपने हाथों से
केवल कार्य नहीं करती,
बल्कि पूरे घर में
प्रेम, अपनापन और जीवन भर देती है।

जो हर परेशानी को
मुस्कान से हल्का कर देती है,
और अपने त्याग से
घर को सचमुच स्वर्ग बना देती है।
देवघर-हॉकी द्वारा “संडे ऑन साइकिल” के तहत साइकल रैली का आयोजन।
देवघर: 24 मई खेल प्राधिकरण भारत के प्राप्त पत्र तथा Hockey India एवं Hockey Jharkhand से मिले निर्देश के आलोक में फिट इंडिया मूवमेंट के तहत कॉमनवेल्थ डे के उपलक्ष्य पर विशेष कॉमनवेल्थ गेम्स थीम आधारित “संडे ऑन साइकिल” कार्यक्रम का आयोजन रविवार, 24 मई को हॉकी देवघर द्वारा किया गया। इस अवसर पर शहर में भव्य साइकल रैली निकाली गई, जिसमें खिलाड़ियों, खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का उद्देश्य लोगों के बीच फिटनेस, सक्रिय जीवन शैली, खेल भावना तथा सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना रहा। प्रतिभागियों ने फिट इंडिया के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया। हॉकी देवघर के अध्यक्ष विजय प्रताप सनातन ने कहा कि फिट इंडिया मूवमेंट आज देश के युवाओं को स्वस्थ एवं अनुशासित जीवन शैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रहा है। “संडे ऑन साइकिल” जैसे कार्यक्रम समाज में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ खेल संस्कृति को भी मजबूत करने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हॉकी देवघर भविष्य में भी ऐसे जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित करता रहेगा। हॉकी देवघर के सचिव प्रमोद प्रसाद यादव ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी अभियान देशभर में फिटनेस और खेलों के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। उन्होंने कहा कि साइकल रैली में खिलाड़ियों एवं युवाओं की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और खेल के प्रति जागरूक हो रही है। कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने फिट इंडिया एवं खेलो इंडिया के नारों के साथ लोगों को नियमित व्यायाम, साइकिल चलाने तथा खेल गतिविधियों से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। अंत में सभी प्रतिभागियों को स्वस्थ जीवन शैली अपनाने का संदेश दिया गया।
देवघर भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 : विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन ।
देवघर: भविष्य में और भव्य होगा टूर्नामेंट: डॉ. सुनील खवाड़े - स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट सीजन 2 विरांश स्टाइलिश -11 बना चैंपियन - फाइनल में बादशाह - 11 को 5 विकेट से रौंदा - आकर्षक आतिशबाजी के बीच केकेएन स्टेडियम में समापन देवघर स्थानीय केकेएन स्टेडियम में खेले गए 'स्व. बर्धन खवाड़े ट्रॉफी सीजन- 2 के रोमांचक फाइनल मुकाबले में विरांश स्टाइलिश- 11 ने बादशाह-11 को 5 विकेट से हराकर चमचमाती ट्रॉफी पर कब्जा जमा लिया। खेल प्रेमियों की भारी भीड़ के बीच खेला गया खिताबी मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। इस अवसर पर अपने संबोधन के क्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े ने टूर्नामेंट के सफल आयोजन पर बधाई देते हुए कहा कि जिस तरह से यह क्रिकेट टूर्नामेंट देवघर सहित झारखंड में प्रसिद्ध हो रहा है आने वाले दिनों में इसे और भव्य रूप दिया जाएगा। खिलाड़ियों के जोश को देखते हुए घोषणा की कि खिलाड़ियों को और बेहतर अवसर प्रदान करने के लिए अगले साल स्व. बर्धन खवाड़े टूर्नामेंट को और आकर्षक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नकद पुरस्कार राशि भी बढ़ाई जाएगी। कहा कि क्रिकेट सहित अन्य खेलों को भी भी बढ़ावा देने के लिए हमेशा पहल होगी। कोशिश के प्रयासों ने दिलायी जीत :- टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी बादशाह - 11 की शुरुआत ठीक-ठाक रही, लेकिन विरांश स्टाइलिश 11 की कसी हुई गेंदबाजी के सामने निर्धारित 12 ओवरों में 9 विकेट खोकर 119 रन ही बना सकी। बादशाह 11 की ओर से सीनियर वर्मा ने सर्वाधिक 39 रन (24 गेंद) और अभिषेक ने 22 रनों का योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 की तरफ से तुपलाला ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 ओवर में केवल 16 रन देकर 2 विकेट चटकाए। 120 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी विरांश स्टाइलिश 11 की शुरुआत बेहद खराब रही और शीर्ष 4 बल्लेबाज मात्र 14 रन के कुल स्कोर पर पवेलियन लौट गए। उसके बाद कोशिश कुमार ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी करते हुए मैच का पासा ही पलट दिया। कोशिश ने मात्र 31 गेंदों में 4 चौकों और 6 गगनचुंबी छक्कों की मदद से नाबाद 70 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। वहीं, मोनू सिंह ने 29 रनों का बहुमूल्य योगदान दिया। विरांश स्टाइलिश 11 ने 11.1 ओवर में 5 विकेट खोकर 123 रन बनाकर खिताबी जीत दर्ज की। विजेता और उपविजेता पर हुई पैसों की बारिश :- टूर्नामेंट के समापन के बाद मुख्य अतिथि सह टूर्नामेंट के चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े सहित विशिष्ट अतिथि एसबीआई के आरएम प्रशांत मिश्रा ने संयुक्त रूप से विजेता टीम विरांश स्टाइलिश 11 के कैप्टन को चमचमाती ट्रॉफी और 1 लाख 10 हजार रुपए का नकद पुरस्कार सौंपा। वहीं, उपविजेता टीम बादशाह 11 के कैप्टन व फ्रेंचाइजी को प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. निशांत चौरसिया और टोयोटा धनबाद के मैनेजर राजीव रंजन द्वारा उप- विजेता ट्रॉफी और 55 हजार रुपए की नगद राशि प्रदान की गई। टूर्नामेंट के दौरान दर्शकों का उत्साह भी चरम पर था। कैच पकड़ने वाले दर्शक को 5100 :- चेयरमैन डॉ. सुनील खवाड़े द्वारा स्टैंड्स में एक शानदार कैच पकड़ने वाले दर्शक राज को 5100 रुपए का नकद पुरस्कार भी दिया गया। टूर्नामेंट के व्यक्तिगत पुरस्कार :- - मैन ऑफ द सीरीज :- लोकनाथ (पीवीआर पैंथर) - बेस्ट बैट्समैन :- संजू यादव (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट बॉलर :- विशाल (विरांश स्टाइलिश 11) - बेस्ट फील्डर :- अभिषेक (बादशाह 11) इनकी रही भूमिका :- मैच में निर्णायक (अंपायर) की भूमिका लाली और खुशहाल शेख ने निभाई, जबकि राकेश राय, अशोक कुमार, शैलेश कुमार और गौरव ने उद्घोषक के रूप में समां बांधा। कौन-कौन रहे उपस्थित :- मंच पर उपस्थित अतिथियों और कमेटी सदस्यों में आयोजन के अध्यक्ष डॉ. वीरेंद्र सिंह, रितेश केसरी, धर्मेंद्र देव और ऋषि राज सिंह ने भी खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस दौरान मंच पर मुख्य रूप से नवीन शर्मा मुखिया सुशील महथा, दीपक दुबे, अजय खवाड़े, रोहित कुमार, नीरज झा, धीरज और पंकज वाजपेई आदि उपस्थित रहे। डॉल्फ़िन डांस के कलाकारों ने मोहा मन :- डॉल्फिन डांस एकेडमी के बच्चों द्वारा प्रशिक्षक पल्लवी झा के नेतृत्व में गणेश वंदना सहित अन्य गीत पर आकर्षक नृत्य प्रस्तुत किया गया।
अयोध्या में बनेगा भव्य लव-कुश पार्क, 17.72 करोड़ की लागत से 'कचरे से कला' थीम पर होगा विकास
-रामायण की कहानियों को स्क्रैप मूर्तियों के माध्यम से मिलेगा नया स्वरूप

-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को मिलेगा नया आयाम

अयोध्या। रामनगरी अयोध्या में पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत को नई ऊंचाई देने के लिए एक अनूठी पहल शुरू होने जा रही है। राज्य स्मार्ट सिटी मिशन के तहत रायबरेली राजमार्ग पर स्थित मऊशिवाला एमआरएफ सेंटर के समीप 17.72 करोड़ रुपये की लागत से लव-कुश पार्क का निर्माण किया जाएगा। यह पार्क 'कचरे से कला' थीम पर आधारित होगा, जिसमें रामायण की पौराणिक कथाओं को स्क्रैप धातु की मूर्तियों, कलात्मक चित्रों और इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के माध्यम से जीवंत किया जाएगा।

नगर निगम द्वारा विकसित किए जा रहे इस पार्क का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण, सतत विकास और सांस्कृतिक संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की स्मार्ट सिटी सोच को इस परियोजना से नया आयाम मिलेगा। नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार ने बताया कि पार्क विशेष रूप से भगवान राम के पुत्र लव और कुश की कहानियों पर केंद्रित होगा। रामायण काल की इन लोकप्रिय कथाओं को आधुनिक कला के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आने वाली पीढ़ी पौराणिक इतिहास से जुड़ सके। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अयोध्या को स्मार्ट सिटी बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है। पहले से ही अयोध्या में इंफ्रास्ट्रक्चर, स्वच्छता और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास हो रहा है। लव-कुश पार्क इस विकास की कड़ी को और मजबूत करेगा।

कचरे को कलाकृति में बदलने का अनूठा मॉडल

'कचरे से कला' थीम इस परियोजना की जान है। शहर के कचरे और स्क्रैप मटेरियल को इकट्ठा कर उससे भव्य मूर्तियां, मॉडल और इंस्टालेशन्स तैयार किए जाएंगे। राम-सीता, लव-कुश, अश्वमेध यज्ञ, वनवास की घटनाएं और अन्य महत्वपूर्ण प्रसंग स्क्रैप धातु की मूर्तियों के रूप में दर्शाए जाएंगे। इंटरैक्टिव इंस्टालेशन्स के जरिए पर्यटक स्वयं इन कथाओं का हिस्सा बन सकेंगे। उदाहरण के लिए, लव-कुश द्वारा घोड़े पकड़ने की घटना को 3D मॉडल और साउंड-लाइट शो के माध्यम से दिखाया जाएगा।

छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन

यह पार्क न केवल दर्शनीय होगा बल्कि शैक्षिक भी होगा। स्कूल और कॉलेज के छात्रों के लिए विशेष टूर और वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा, जिसमें पर्यावरण संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन पर जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, यह साबित करेगा कि कचरा बोझ नहीं, बल्कि संसाधन हो सकता है।

पार्क में होंगी आधुनिक सुविधाएं

अयोध्या में राम मंदिर, हनुमान गढ़ी, कनक भवन जैसे धार्मिक स्थलों के बाद लव-कुश पार्क पर्यटकों के लिए नया आकर्षण केंद्र बनेगा। रामायण की कथाओं से जुड़े श्रद्धालु यहां आकर न केवल आध्यात्मिक अनुभव करेंगे बल्कि पर्यावरण अनुकूल विकास का भी साक्षात्कार करेंगे। पार्क में वॉकवे, गार्डन, बैठने की व्यवस्था, रोशनी और सिक्योरिटी की आधुनिक सुविधाएं होंगी।

राम भक्तों व पर्यटकों के लिए यह नया केंद्र बनेगा

यह परियोजना सार्वजनिक कला, संस्कृति और सतत विकास का अनूठा संगम साबित होगी। आज के समय में जब प्लास्टिक और कचरे की समस्या बढ़ रही है, अयोध्या जैसे पवित्र शहर से 'कचरे से कला' का संदेश पूरे देश को प्रेरित करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के पार्क न केवल पर्यटन को बढ़ाते हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती देते हैं। नगर निगम के मुताबिक निर्माण कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। पूरा पार्क पर्यावरण अनुकूल सामग्री से बनाया जाएगा। डिजाइन में रामायण की पारंपरिक शैली को आधुनिक टेक्नोलॉजी के साथ जोड़ा गया है। लव-कुश पार्क अयोध्या को न केवल धार्मिक नगरी के रूप में बल्कि सांस्कृतिक और पर्यावरणीय उत्कृष्टता का प्रतीक भी बनाएगा। राम भक्तों, पर्यटकों, कलाकारों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए यह नया केंद्र बनेगा, जो 'कचरे से कला' का जादू दिखाते हुए भगवान राम की नगरी की गरिमा को और बढ़ाएगा।