मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में आक्सीजन पाइपलाइन व मरीजों के पास घूमते दिखे
*जिलाधिकारी की फटकार के बाद जांच के आदेश

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज का आर्थो वार्ड एक बार फिर सुर्खियों में है यहां मरीजों और आक्सीजन पाइपलाइन के पास एक नहीं बल्कि पांच से अधिक बड़े बड़े चूहों के घूमने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।वीडियो में कई चूहे खुलेआम घूमते नजर आ रहे हैं।आर्थो वार्ड में भर्ती मरीजों द्वारा बनाए गये इस वीडियो में पांच से अधिक चूहे आक्सीजन पाइपलाइन के पास और उस पर चढ़ते उतरते दिख रहे हैं।

वे मरीजों के बिस्तर और पास रखी मेज पर भी घूमते हुए नजर आ रहे हैं।वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मेडिकल कालेज के प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को फटकार लगाई है।उन्होंने इस पूरे मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।जिलाधिकारी के निर्देश के बाद प्रधानाचार्य प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने आर्थो वार्ड समेत सभी वार्डों में चूहों को भगाने के लिए दवा का छिड़काव करवाया है।उन्होंने पूरे मामले के जांच के भी आदेश दिये हैं।यह सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो दो दिन पुराना बताया जा रहा है।

प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि मरीजों के परिजन खाना लेकर आते हैं,जिससे चूहे आकर्षित होते हैं।उन्होंने आश्वस्त किया कि मरीजों की सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच जारी है।अलग अलग सभी वार्डों में इस घटना के बाद दवाओं का छिड़काव कराया गया है ताकि जितने भी जानवर हैं वह वार्ड में न आएं और जो बचे हुए हैं वह खत्म हो जाएं।दवाओं के छिड़काव के बाद अब वार्ड में जितने भी चूहे दिखाई दे रहे थे वह गायब हो गये हैं।लेकिन यह किसकी लापरवाही है इसकी जांच कराई जा रही है और मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।
कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया की 10वीं वर्षगांठ पर विशेष कार्यक्रम आयोजित

संजय द्विवेदी प्रयागराज।यमुनानगर अन्तर्गत कोरांव में ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया (TRI) की 10वीं वर्षगांठ के अवसर पर ग्रामीण विकास एवं सामुदायिक सशक्तिकरण को लेकर एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में एडीओ महोदय की गरिमामयी उपस्थिति रही।यह आयोजन सामूहिक चिंतन अनुभव साझा करने और भविष्य की दिशा तय करने का एक प्रभावी मंच बना।कार्यक्रम में यह रेखांकित किया गया कि ट्रांसफॉर्म रूरल इंडिया द्वारा कोरांव क्षेत्र में ग्रामीण विकास आजीविका संवर्धन और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए निरन्तर कार्य किए जा रहे है।संस्था के प्रयासो से क्षेत्र में आजीविका के विविध अवसर विकसित हुए है जिससे महिलाओं और युवाओ को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

टीआरआई द्वारा महिला सशक्तिकरण पंचायत सशक्तिकरण कौशल विकास स्वरोज़गार किसान उत्पादक समूहों के गठन तथा समाज– सरकार–बाज़ार के समन्वय के माध्यम से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिले है।विशेष रूप से महिलाओ की आय में वृद्धि सामूहिक नेतृत्व का विकास और संस्थागत मजबूती इस पहल की प्रमुख उपलब्धियाँ रही है।कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने इस बात पर ज़ोर दिया कि दीर्घकालिक एवं समावेशी विकास के लिए समुदाय की सक्रिय सहभागिता और संस्थागत साझेदारी अत्यन्त आवश्यक है।उपस्थित जनप्रतिनिधियो अधिकारियो एवं समुदाय के सदस्यो ने टीआरआई के प्रयासों की सराहना करते हुए भविष्य में और अधिक सशक्त पंचायतो एवं आत्मनिर्भर समुदायों के निर्माण का सामूहिक संकल्प लिया।

एस जयशंकर ने मार्को रुबियो से फोन पर की बात, क्या भारत-अमेरिका ट्रेड डील फाइनल?

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नेताओं के बीच ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी बात हुई है, जिसके बाद अनुमान लगाया जा रहा है कि ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच जल्द ही कोई सहमति बन सकती है। ट्रेड के अलावा दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय घटनाक्रमों और स्वतंत्र और सबके लिए खुले इंडो-पैसिफिक को लेकर भी बात की है।

विदेश मंत्री एस जयशंकर ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि दोनों नेताओं के बीच परमाणु सहयोग, रक्षा, ऊर्जा, व्यापार पर चर्चा हुई। उन्होंने बताया कि इसके अलावे भी कई मुद्दों पर संपर्क में रहने पर सहमति बनी। दोनों नेताओं की बातचीत ऐसे समय में हुई है जब भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।

यह फोन कॉल इसलिए भी अहम है क्योंकि बीते कुछ महीनों से ट्रेड डील को लेकर बातचीत अटकी हुई थी। हाई इंपोर्ट ड्यूटी, मार्केट एक्सेस और सप्लाई चेन जैसे मुद्दों पर मतभेद थे। लेकिन जयशंकर-रुबियो की इस बातचीत ने साफ कर दिया कि दोनों देश अब रुकने के मूड में नहीं हैं।

दोनों देशों ने पिछले साल फरवरी में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पदभार संभालने के कुछ ही दिनों बाद व्यापार वार्ता फिर से शुरू की थी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ट्रंप ने द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने का लक्ष्य रखा था, लेकिन जुलाई में अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर एकतरफा 25 फीसदी टैरिफ लगाने के बाद वार्ता रुक गई। इसके बाद रूसी तेल खरीदने को लेकर अगस्त 2025 अमेरिका ने भारत पर 25 फीसदी टैरिफ दंड के तौर पर लगाया। इसके साथ ही भारत पर कुल 50 फीसदी टैरिफ कर दी गई है, जो एशिया में सबसे अधिक है।

बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' में नारी शक्ति ने रचा इतिहास, टीकमगढ़ की सविता राज रहीं विजेता

- टीकमगढ़ कीं सविता राज ने पहला, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया

छतरपुर, जनवरी 2026: लोकप्रिय चैनल बुंदेलखंड 24x7 द्वारा आयोजित बुंदेलखंड के सबसे बड़े लोकगीत मंच 'बुंदेली बावरा' का ग्रैंड फिनाले रविवार को छतरपुर के अंबेडकर भवन में संपन्न हुआ। बुंदेली सुरों, भावनाओं और परंपरा की कसौटी का पर्याय कही जाने वाली इस निःशुल्क प्रतियोगिता में नारी शक्ति ने क्रमशः तीन स्थानों पर दबदबा बनाते हुए इतिहास रच दिया। पहले चरण में रिकॉर्ड 2735 एंट्रीज़, छह जिलों में ऑडिशन राउंड को पार करते हुए और तत्पश्चात उत्कृष्ट प्रदर्शन के बूते पाँच प्रतिभागी फाइनल में पहुँचे। सुरों की विभिन्न कसौटियों को पार कर टीकमगढ़ कीं सविता राज ने विजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं, पन्ना कीं सेजल सोनी ने दूसरा और बांदा कीं ज्योति पटेल ने तीसरा स्थान हासिल किया।
विजेता को 50 हजार मूल्य के पुरस्कार दिए गए, जिसमें नकद पुरस्कार समेत गिफ्ट हैंपर्स और ब्रांडिंग आदि शामिल है। साथ ही, उन्हें प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे के साथ गायन और विराज फोटोग्राफी के एल्बम में शामिल होने का मौका मिलेगा। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित होकर छतरपुर की माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने कार्यक्रम का मान बढ़ाया।
बुंदेली लोकगीतों के महान साधक बैजू बावरा जी की स्मृति में आयोजित इस निःशुल्क प्रतियोगिता का उद्देश्य आला-ऊदल और बुंदेली लोकगीतों की विरासत को नए स्वर देना रहा। बुंदेली लोकगीतों के सम्राट पं. देशराज पठैरिया जी के पुत्र की भी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज की गई। मंच का संचालन बुंदेलखंड 24x7 की शिवांगी तिवारी और राजेंद्र सिंह जी ने किया। ललितपुर के अंकित परिहार और सागर के दृष्टिबाधित गायक सुनील लोधी ने क्रमशः चौथे और पाँचवें स्थान पर रहे।
माननीय विधायक श्रीमती ललिता यादव ने फाइनलिस्ट्स का उत्साहवर्धन करते हुए कहा, "बुंदेलखंड का मान बढ़ाने वाले इस आयोजन में हर आवाज़ के पीछे एक कहानी थी और हर तान के साथ बुंदेलखंड की पहचान जुड़ी थी। इस लोकगीत प्रतियोगिता में अलग-अलग जिलों से कलाकारों का शामिल होना यह दर्शाता है कि बुंदेली लोकगीत आज भी लोगों के दिलों में जिंदा हैं। सभी ने अपने सुरों से यह बखूबी साबित किया।"
विजेता का खिताब हासिल होने पर भावुक स्वर में टीकमगढ़ कीं सविता राज ने कहा, "यह जीत सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि बुंदेलखंड की हर उस बेटी की है, जो लोकगीतों को अपनी साँसों में बसाए हुए है। इस मंच ने मुझे अपनी मिट्टी से जुड़े रहने की ताकत दी है। मैं इस सम्मान को अपने बुंदेलखंड को समर्पित करती हूँ।" वहीं, क्रमशः द्वितीय और तृतीय विजेता के रूप में सेजल सोनी और ज्योति पटेल ने भी बुंदेली सुरों को मान दिलाने के लिए प्रयासरत बुंदेलखंड 24x7 चैनल के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
बुंदेलखंड 24x7 के फाउंडर डॉ. अतुल मलिकराम ने कहा, "जीत और हार हर प्रतियोगिता का हिस्सा होती है, लेकिन मेरे लिए इस मंच पर पहुँचे सभी प्रतिभागी विजेता हैं। लोकसंस्कृति को सहेजने की कोशिश करने वाला प्रत्येक व्यक्ति वास्तव में विजेता है। बुंदेली बावरा का उद्देश्य ही यही है कि हर कलाकार को सम्मान और पहचान मिले। सभी को शुभकामनाएँ।" मुकाबला आसान नहीं था, हर प्रस्तुति में भाव भी था, साधना भी और अपनी मिट्टी से जुड़ाव भी। आखिरकार, जजेस द्वारा गहन मूल्यांकन के बाद पहले राउंड में 13, दूसरे राउंड में 8 और तीसरे राउंड में ऐसे 5 प्रतिभागी चुने गए, जिनके सुरों में परंपरा भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी और संस्कृति की बेशकीमती झलक भी। प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे, प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया और बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने निष्पक्ष मूल्यांकन कर उक्त प्रतियोगिता को सफल बनाया।
प्रसिद्ध यूट्यूबर अंकित पांडे ने कहा, "ग्रैंड फिनाले में जो आवाज़ें मंच पर गूँजी, वे सिर्फ सुर नहीं, बल्कि बुंदेली लोकजीवन की आत्मा थीं। इस मंच ने साबित कर दिया कि हमारी लोकगायकी आज भी उतनी ही जीवंत और सच्ची है। फाइनल तक पहुँचे सभी कलाकारों ने बुंदेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दी है।"
प्रख्यात लोकगायक पं. देशराज पठैरिया के भतीजे जयप्रकाश पठैरिया ने कहा, "मंच पर प्रस्तुत की गई प्रत्येक गायकी इस बात की मिसाल है कि बुंदेली लोकगीतों की विरासत आज भी कायम है और हमेशा कायम रहेगी। सभी बुंदेली कलाकारों के सुरों में परंपरा की पकड़ और भविष्य की उम्मीद, दोनों साफ नजर आईं।"
बुंदेली लोकगीतों के जानकार रोहित सिंह चंदेल ने कहा, "ग्रैंड फिनाले तक का सफर आसान नहीं था। हर कलाकार में अलग खासियत थी, लेकिन फाइनल में वही सुर सामने आए, जिन्होंने बुंदेली लोकगीतों को आगे ले जाने की क्षमता दिखाई। यह आयोजन लोकसंस्कृति को सहेजने की एक सशक्त कोशिश साबित हुआ। सभी को शुभकामनाएँ।"
बुंदेलखंड 24x7 के चैनल हेड आसिफ पटेल ने कहा, "बुंदेली लोकगीत की एक से बढ़कर एक प्रतिभा ने यह साबित कर दिया कि बुंदेली बावरा सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि बुंदेलखंड की आवाज़ को सम्मान देने का मंच है। फाइनल में गूँजे सुरों ने यह भरोसा और भी मजबूत किया कि हमारी लोकसंस्कृति अमर है।"
कार्यक्रम के इंस्ट्रूमेंट पार्टनर के रूप में आशीष बुंदेली म्यूजिकल ग्रुप ने शानदार प्रस्तुति दी, जिसमें आशीष विश्वकर्मा (अर्पण) ने बैंजो, रूपेश श्रीवास्तव ने कीबोर्ड, धीरज तूफानी ने ढोलक और मयंक विश्वकर्मा ने ऑक्टापैड पर संगत दी। साउंड और लाइट की जिम्मेदारी अमित नामदेव (अमित 09 साउंड सिस्टम एंड इवेंट, हमीरपुर) ने निभाई। वैन्यू पार्टनर के रूप में अंबेडकर भवन, स्टे पार्टनर के तौर पर द रुद्राक्ष होटल एवं राधिका कुंज पैलेस, नॉलेज पार्टनर के रूप में जे.के. कॉलेज ऑफ लॉ, पीआर पार्टनर के रूप में पीआर 24x7, सोशल पार्टनर 2030 का भारत, सपोर्टिंग पार्टनर रुद्राणी कलाग्राम और क्षेत्र के प्रतिष्ठित व्यक्तित्व मणिकांत चौरसिया ने मिलकर इस आयोजन को एक यादगार स्वरूप प्रदान किया।
चंदेरी स्थित लोकगीत के महानायक बैजू बावरा जी की समाधि पर श्रद्धांजलि के साथ शुरू हुई यह सांस्कृतिक यात्रा शहर में हुए पहले ऑडिशन से आगे बढ़ती हुई अपने ग्रैंड फिनाले के मुकाम तक पहुँची। झाँसी, हमीरपुर, छतरपुर, पन्ना, टीकमगढ़ और सागर जिलों में आयोजित ऑडिशन राउंड में बुंदेलखंड के विभिन्न अंचलों से आए कलाकारों ने भाग लिया। प्रतिभागियों के जोश, दर्शकों के उत्साह और बुंदेलखंड से मिली सकारात्मक प्रतिक्रियाओं ने यह तो स्पष्ट कर दिया कि यह मंच लोगों के दिलों से जुड़ चुका है। इसी उत्साह और प्रेम को देखते हुए इसका अगला संस्करण और भी अधिक जीवंत, व्यापक और यादगार होने की उम्मीद के साथ बुंदेली लोकसंस्कृति को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएगा।
*सेवा दिवस के रूप में मनाई गई समाजसेवी अच्छेलाल सिंह जी की चौथी पुण्यतिथि,परिजनों ने वृद्धा आश्रम व मेडिकल कॉलेज में किया फल वितरण।*
सुल्तानपुर-जयसिंहपुर क्षेत्र के दरपीपुर निवासी दिवंगत समाज सेवी अच्छे लाल सिंह की आज चौथी पुण्यतिथि पर उनके परिजनों ने सेवा दिवास के रूप में मनाया है।उनके परिजनों ने शहर के तुराबखानी स्थित वृद्धा आश्रम पर मौजूद निराश्रित लोगों को फल वितरण किया और उनका हाल जाना।इसके बाद जिला मेडिकल कॉलेज के जनरल वार्ड में भर्ती मरीजों व अस्पताल में सफाई करने वाले कर्मियों को भी फल वितरित किया है। स्व अच्छे लाल सिंह जी के पौत्र संदीप सिंह ने बताया की उनके बाबा हमेशा समाज के उन लोगों की मदद की है जिनकी कोई सुनने वाला नही होता था।उनके द्वारा समाज सेवा के क्षेत्र में जो बीड़ा उठाया गया था,उनके उस कार्य को आज उनकी ना मौजूदगी में उनके परिजन आगे बढ़ाने का काम कर रहे है।इसी कारण हर वर्ष की 13 जनवरी को होने वाली उनकी पुण्यतिथि पर लोगों की सेवा कर उसे सेवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस दौरान श्री सिंह के पौत्र संदीप सिंह सोनू ने बताया की आज के युवा अगर अपने पूर्वजों और परिवार के बड़े बूढ़े लोगों के दिखाए गए रास्तों पर चले या उनकी स्मृति को ध्यान में रखकर समाज के उन लोगों की सेवा करें जो जरूरतमंद है,अपने बड़े बुजुर्ग पूर्वजों को वही सच्ची श्रद्धांजलि है।हम पिछले कई सालों आए अपने बाबा जी के पद चिन्हों पर चलने की कोशिश करते हुए उनकी पुण्यतिथि को सेवा दिवस के रूप में मनाते है।इस दिन अस्पतालों में फल वितरण।जरूरतमंदों को कम्बल वितरण जैसे कार्य किये जाते है। बाइट - संदीप सिंह सोनू
जब तक सांस है, शिक्षक हितों के लिए लड़ता रहूंगा : डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा
सुलतानपुर, आज 13 जनवरी को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष एवं टीचर फेडरेशन ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा के जनपद सुलतानपुर आगमन पर संगठन के पदाधिकारियों द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष दिलीप पाण्डेय, विभिन्न ब्लॉकों के अध्यक्ष, मंत्री तथा संयुक्त कार्य समिति के सदस्य उपस्थित रहे। स्वागत समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि संगठन शिक्षक हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। शिक्षक हितों के लिए संघ संघर्ष की पराकाष्ठा तक जाने को तैयार है और जब तक सांस है, शिक्षक अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। इस दौरान शिक्षक समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रवक्ता निजाम खान ने बताया कि आगामी आंदोलन की रूपरेखा तैयार की गई तथा 2004 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) का लाभ दिलाने के लिए रणनीति पर विचार किया गया। सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों पर नेतृत्व ने सकारात्मक एवं स्पष्ट उत्तर दिए। प्रांतीय मंत्री संजय सिंह ने कहा कि शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए संघ योजनाबद्ध तरीके से गंभीर प्रयास कर रहा है। वहीं टेट-नॉन टेट प्रकरण में न्यायालय में संघ की पैरवी, सरकार के वर्तमान रुख, सहयोग एवं अब तक हुई प्रगति की जानकारी देकर शिक्षकों के संशय का निवारण किया गया। इस अवसर पर प्रांतीय संयुक्त मंत्री देवेन्द्र श्रीवास्तव भी मौजूद रहे। स्वागत समारोह में जनपदीय मंत्री डॉ हृषिकेश भानु सिंह , संयुक्त मंत्री प्रशांत पाण्डेय, जनपदीय उपाध्यक्ष रामबहादुर मिश्रा, ब्लॉक अध्यक्ष जयप्रकाश वर्मा, अंजनी शर्मा, अंजनी नंदन पाण्डेय, अखिलेश सिंह, राजबबख्श मौर्य, डॉ. रितेश सिंह, अब्दुल मजीद, नरेंद्र पाण्डेय, हेमंत यादव, धीरेन्द्र राव, विमलेश सरोज, राजकुमार चौधरी, सुमित यादव, भीमसेन सिंह, आशीष मिश्रा, उमेश सरोज, शिवम राने, रविन्द्र, अनिल यादव, राम मगन वर्मा सहित बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर 5 मे भीषण आग लगी.पुलिस मुस्तैद

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला क्षेत्र में सेक्टर नम्बर 5 में नारायण शुक्ला धाम शिविर में आग लग गई।शिविर में आग भड़कने के बाद हड़कंप मच गया।कल्पवास कर रहे लोग भागते दौड़ते दिखे।पुलिस और सन्तो ने आग पर काबू पाने के लिए बचाव कार्य शुरु किए।आग को बुझाने का प्रयास किया जा रहा है 5 दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचकर पानी की बौछार डाल रही है आग की लापटो पर काबू पा लिया गया है मगर रुक-रुक कर आग भड़क रही है।आग लगने के पीछे शार्ट सर्किट वजह बताया जा रहा है। नारायण धाम शिविर में आग फैल गई।यहां करीब 15 टेन्ट लगे हुए थे।इनमें 50 से ज्यादा कल्पवासी थे।आग भड़काने के बाद शिविर के अन्दर धुआं भरने लगा। इसके बाद अचानक हल्ला मचा और लोग बाहर की तरफ भागने लगे। यहां तैनात पुलिस वालो ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां तत्काल पहुंच गई।नारायण धाम का मुख्य शिविर पुरी तरफ से जलकर राख हो गया।

माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।