दिल्ली में आज से ब्रिक्स देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक, मध्य एशिया संकट के बीच महमंथन
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भारत की अध्यक्षता में 'ब्रिक्स' देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक आज से नई दिल्ली में शुरू होने जा रही है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ रहा है। इस उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता विदेश मंत्री एस जयशंकर करेंगे।
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पश्चिम एशिया संकट पर होगी चर्चा
ब्रिक्स विदेश मंत्रियों की बैठक में पश्चिम एशिया संकट और होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सप्लाई पर पड़ रहे असर को लेकर मुख्य रूप से चर्चा हो सकती है। ईरान ने ब्रिक्स के मौजूदा अध्यक्ष भारत से आग्रह किया था कि वह संघर्ष रोकने में अपनी स्वतंत्र भूमिका का उपयोग करे। इस बैठक के लिए ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची दिल्ली पहुंच चुके हैं। अमेरिका-इजराइल से युद्ध छिड़ने के बाद उनकी यह पहली भारत यात्रा है।
इन प्रमुख मुद्दों पर भी होगा फोकस
विदेश मंत्रालय के अनुसार, चर्चाओं का मुख्य केंद्र प्रमुख क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रम, सदस्य देशों के बीच बहुपक्षीय सहयोग को मजबूत करना, और बदलती भू-राजनीतिक वास्तविकताओं को देखते हुए अंतर्राष्ट्रीय शासन संरचनाओं में सुधार को आगे बढ़ाना होगा। मंत्रालय ने कहा कि भाग लेने वाले देश अपने-अपने प्रतिनिधित्व का स्तर स्वयं तय करेंगे।
शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय करेगी बैठक
भारत इस साल ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है। सितंबर में इसका वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित होना है। उससे पहले विदेश मंत्रियों का ये सम्मेलन हो रहा है। माना जा रहा है कि यह बैठक इस साल अंत में होने वाले ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन के एजेंडे को तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। नई दिल्ली में आयोजित साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय (एमईए) ने पुष्टि की कि भाग लेने वाले देशों के वरिष्ठ राजनयिक इस बैठक में शामिल होंगे। मंत्रालय ने दो दिवसीय बैठक के दौरान होने वाली चर्चाओं की व्यापक रूपरेखा भी बताई।
भारत ने हाल में ही जारी किया था ब्रिक्स 2026 का लोगो
भारत ने हाल ही में अपनी 'ब्रिक्स 2026' अध्यक्षता के लिए आधिकारिक लोगो और वेबसाइट का अनावरण किया। अधिकारियों ने बताया कि इस बार 'ब्रिक्स' समिट की थीम भारत के 'मानवता सबसे पहले' और जन-केंद्रित दृष्टिकोण को दर्शाती है, जिस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में रियो डी जेनेरियो में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान विशेष जोर दिया था। यह चौथा अवसर होगा जब भारत ब्रिक्स के शिखर स्तर के किसी आयोजन की मेजबानी करेगा, जो इस ग्रुप के भीतर और वैश्विक दक्षिण के देशों के बीच नई दिल्ली की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।




*2027 की तैयारी में भाजपा, बूथों को अभेद्य बनाने पर मंथन*
13 मई : आज आर्ट ऑफ लिविंग के संस्थापक गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव के अवसर पर देवघर में विभिन्न सेवा एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग, देवघर द्वारा भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर शाखा के ब्लड डोनेशन ऑन व्हील्स कार्यक्रम के तहत देवघर सदर ब्लड बैंक (टावर चौक) में एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें गुरु भक्तों एवं युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
आर्ट ऑफ लिविंग परिवार द्वारा कुल 11 यूनिट रक्तदान कर मानव सेवा एवं परोपकार का संदेश दिया गया। रक्तदाताओं के रूप में निशांत कुमार, नीलम कुमार, कन्हैया, रचना झा, गीता सिंह, देबाशीष रॉय, राम शंकर , गुरु प्रसाद, देवरत्न सिन्हा, अभय कुमार सिंह, किरणजीत मन्ना सहित अनेक गुरु भक्तों ने रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया।
रक्तदान शिविर में भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल, वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल, कोषाध्यक्ष राजकुमार बरनवाल, कार्यकारिणी सदस्य विजय प्रताप सनातन एवं अर्चना भगत विशेष रूप से उपस्थित रहे और सभी रक्तदाताओं का उत्साहवर्धन किया। इसके उपरांत टावर चौक पर आमजन के बीच फल, जूस, मिल्कशेक एवं चॉकलेट का वितरण किया गया।
संध्या में शहर के मध्य स्थित मंगलम इन रिसॉर्ट में सत्संग, भजन, संगीत एवं ध्यान कार्यक्रम के साथ गुरुदेव का जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में बैंगलोर से आए गायक एवं संगीतज्ञों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सैकड़ों की संख्या में गुरु भक्तों ने कार्यक्रम में भाग लेकर गुरुदेव के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
आर्ट ऑफ लिविंग विश्व की एक प्रतिष्ठित आध्यात्मिक एवं सेवा संस्था है, जिसकी स्थापना गुरुदेव श्री श्री रविशंकर ने की है। संस्था ध्यान, योग, सुदर्शन क्रिया एवं मानव सेवा के माध्यम से विश्वभर में शांति, प्रेम एवं तनावमुक्त जीवन का संदेश दे रही है। आज यह संस्था 183 देशों में सक्रिय है और करोड़ों लोगों तक आध्यात्मिकता एवं सेवा का संदेश पहुँचा चुकी है। आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा समय-समय पर रक्तदान शिविर, वृक्षारोपण, नशामुक्ति अभियान, ग्रामीण विकास, महिला सशक्तिकरण एवं युवाओं के व्यक्तित्व विकास जैसे अनेक सामाजिक एवं सेवा कार्य संचालित किए जाते हैं। संस्था का मुख्य उद्देश्य तनावमुक्त एवं हिंसामुक्त समाज का निर्माण करना है। गुरुदेव श्री श्री रविशंकर के मार्गदर्शन में लाखों स्वयंसेवक सेवा, साधना और मानव कल्याण के कार्यों में निरंतर योगदान दे रहे हैं। आर्ट ऑफ लिविंग के प्रतिनिधि निशांत कुमार ने बताया कि गुरुदेव के 70वें जन्मोत्सव को विश्वभर में सेवा, साधना एवं सत्संग के रूप में बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव ने करोड़ों लोगों को ध्यान, मौन एवं सुदर्शन क्रिया के माध्यम से जीवन जीने की नई दिशा दी है। आज विश्वभर में करोड़ों लोग उनके साथ ध्यान कर जन्मोत्सव को सेवा दिवस के रूप में मना रहे हैं। भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी, देवघर के चेयरमैन जितेश राजपाल ने कहा कि रक्तदान मानवता की सबसे बड़ी सेवा है और आर्ट ऑफ लिविंग द्वारा गुरुजी के जन्मोत्सव पर इस प्रकार का सेवा कार्य अत्यंत प्रेरणादायक है। वाइस चेयरमैन पीयूष जायसवाल ने कहा कि समाज में सेवा, सद्भाव एवं मानवता की भावना को मजबूत करने में इस प्रकार के आयोजन अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रक्तदान जैसे पुनीत कार्य से अनेक लोगों का जीवन बचाया जा सकता है। कार्यक्रम की तैयारी एवं सफलता में निशांत कुमार, नीलम, राम शंकर, गुरु प्रसाद, गौतम, कन्हैया, रणधीर, गीता, रीना, रचना सहित अनेक गुरु भक्तों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्थानीय टेनिस बॉल क्रिकेट के महाकुंभ स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी के दूसरे दिन मैदान पर रनों की बारिश और रोमांचक मुकाबलों का बोलबाला रहा। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अंकित पांडेय का तूफानी प्रदर्शन रहा, जिनकी बदौलत मुकेश फ्लावर ने एकतरफा जीत दर्ज की। मैचों का लेखा-जोखा अंकित की पावर-हिटिंग से दहली विपक्षी टीम आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
मुख्य आकर्षणों का विवरण इस प्रकार है। मुकेश फ्लावर बनाम मिश्रा इलेवन इस मैच में अंकित पांडेय का बल्ला आग उगलता नजर आया। अंकित ने मात्र 37 गेंदों में 92 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 10 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल थे। बल्लेबाजी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा और 3 विकेट चटकाए। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से मुकेश फ्लावर ने मिश्रा इलेवन को 97 रनों के विशाल अंतर से हराया।
मां मनसा ऑरेंज लायंस बनाम राजा कैटरिंग एक बेहद करीबी मुकाबले में ऑरेंज लायंस ने राजा कैटरिंग को 3 विकेट से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। वीरांश स्टाइलिश बनाम बादशाह इलेवन वीरांश स्टाइलिश की टीम ने सधे हुए खेल का प्रदर्शन करते हुए बादशाह इलेवन को 13 रनों से पराजित किया। त्रिकाल इलेवन बनाम जोई इलेवन सारवा त्रिकाल इलेवन ने मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए त्रिकाल इलेवन ने 141 रन बनाए, जिसके जवाब में जोई इलेवन मात्र 37 रनों पर ढेर हो गई। त्रिकाल इलेवन की ओर से लोकनाथ और प्रवीण ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट लिए। जोई इलेवन की ओर से केवल कुणाल मिश्रा ही दहाई के आंकड़े तक पहुँच सके। खिलाड़ियों का सम्मान और आयोजन मैच के समापन पर आयोजन समिति के सचिव आशिष झा और कार्यकारी सचिव नीरज झा ने सभी 'मैन ऑफ द मैच' विजेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दीपक दुबे, अजय खवाड़े सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। टेनिस बॉल क्रिकेट: प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम टेनिस बॉल क्रिकेट मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी विकास होता है। स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट यह साबित करते हैं कि यदि सही अवसर मिले, तो गलियों से निकले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल दिखा सकते हैं। टेनिस बॉल क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसे आयोजन खेल जगत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह खेल की सादगी और रोमांच ही है जो हजारों दर्शकों को मैदान की ओर खींच लाता है।

कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।


आजमगढ़। जनपद के तहबरपुर विकास खण्ड में पड़ने वाले ग्राम सराय सागर में 18 मई से होने वाली श्री शत चंडी महायज्ञ की तैयारी जोरों चल रही है।यज्ञ को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने बताया कि अनादि काल से वैदिक ऋषि कालीन समय से यज्ञनारायण भगवान की महिमा का गायन वेदों में किया गया है । यज्ञ का उद्देश्य ऋचाओं के माध्यम से परमात्मा की उपासना करना है। आज हमारा समग्र मानव समाज अत्याधुनिक हथियारों के कारण से विनाश की कगार पर है । अगर महापुरुषों के उपदेशों को नहीं माना तो हमारा पूर्व समग्र मानव जाति का विनाश हो जाएगा । सनातन की पावन परंपरा समग्र जीव जंतु पेड़ - पौधे पर्यावरण जल जीवन जानवर विधि प्रपंच की रक्षा करने के लिए वेदों के माध्यम से प्रेरणा प्राप्त होती है । इसलिए मध्यकालीन संतों से लेकर 19 में 20 वीं शताब्दी में होने वाले महापुरुषों ने सदा सर्वदा उपनिषद वेद वेदांतों पर जोर दिया । वेदांत मानव गरिमा का उद्घोषक एवं परिप्रष्ट पोशाक है ।क्योंकि सनातन संस्कृति वेदिक संस्कृति यज्ञ की संस्कृति जीओ और जीने दो का उपदेश देता है ।और परस्पर की प्रेम की कल्याण की सद्भावना के लिए हमारे वैदिक वन में यज्ञ नारायण भगवान की महिमा का प्रतिपादन किया गया है। हथियारों से पर्यावरण प्रदूषण होता है । यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है।जब वातावरण शुद्ध होता है तो अच्छी वर्षा होती है। अच्छी वर्षा होती है तो अच्छी फसल होती है तो लोग खुशहाल होता है। श्री श्री योगी रामानंद जी महाराज ने अपील किया कि हमारा जीवन यज्ञ दान हो तब से परस्पर सहयोग की भावना से चलता है । इस अवसर पर विनोद उपाध्याय , दीनदयाल उपाध्याय , राकेश उपाध्याय , महेंद्र विश्वकर्मा , छोटू , आचार्य मधुसूदन , अजय राय , प्रेम प्रकाश राय , प्रेम शंकर राय, रविंद्र राय , निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य शिव मूरत यादव , प्रदीप राय , विवेक राय जर कृष्ण मोहन उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
जौनपुर। जनपद के खुटहन थाना अंतर्गत स्थित महमदपुर गुलरा गांव में प्राचीन शिवालय एवं हनुमान मंदिर के समीप नव निर्मित मंदिर में सोमवार को मां दुर्गा की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा वैदिक मंत्रोच्चार और विधि-विधान के साथ संपन्न हुई। मंदिर का निर्माण स्वर्गीय उमाशंकर पाण्डेय एवं उनकी धर्मपत्नी स्वर्गीय प्रभावती देवी की पावन स्मृति में ग्रामीणों के सहयोग से कराया गया है। प्राण प्रतिष्ठा से पूर्व श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा की प्रतिमा को फूल-मालाओं से सजे रथ पर रखकर गाजे-बाजे के साथ पूरे गांव का भ्रमण किया। भक्तों ने जयकारों के बीच पूजा-अर्चना कर सुख-समृद्धि की कामना की। पंडित अवधेश महाराज, नन्हे महराज, गगन, गुरु प्रसाद, सोनू, रोहित और बच्ची महराज ने संयुक्त रूप से वैदिक मंत्रोच्चार के साथ प्राण प्रतिष्ठा संपन्न कराई। उन्होंने कहा कि मंदिर समाज में आस्था, संस्कार और एकता का संदेश देते हैं।
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