नीलकंठ महादेव मंदिर में नौ दिवसीय महायज्ञ का शंखनाद: श्रीराम कथा की अमृतवर्षा में डूबे श्रद्धालु।
गढ़वा: जिला मुख्यालय के ग्राम जोबरईया स्थित बंडा पहाड़ के नीलकंठ महादेव मंदिर परिसर में नौ दिवसीय विराट श्री रुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के प्रथम दिन हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी के साथ भव्य जलयात्रा निकाली गई। यह आयोजन यज्ञाधीश आचार्य श्री श्री आशीष वैद्य महाराज के सानिध्य और प्रधान संयोजक राकेश पाल की देखरेख में संपन्न हुआ।
कथा मंडपम का उद्घाटन:
संध्या काल में श्री अयोध्या धाम से पधारे कथा व्यास पंडित पंकज शांडिल्य जी महाराज की संगीतमय श्रीराम कथा का आगाज हुआ। कथा प्रारंभ होने से पूर्व मुख्य अतिथि, झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री श्री मिथिलेश कुमार ठाकुर और विशिष्ट अतिथि गढ़वा एसडीओ संजय कुमार पांडेय ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर कथा मंडपम का उद्घाटन किया।
अतिथियों के विचार:
इस अवसर पर पूर्व मंत्री मिथिलेश ठाकुर ने जागृति युवा क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि अध्यात्म हमें मानसिक शांति की ओर ले जाता है और कर्मठता ही सुखद जीवन का आधार है। वहीं, एसडीओ संजय कुमार पांडेय और वरिष्ठ पत्रकार विनोद पाठक ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
राम कथा का सार:
कथा व्यास आचार्य पंकज शांडिल्य ने प्रथम दिवस की कथा में कहा कि राम कथा मुक्ति का मार्ग है। उन्होंने भक्ति और माया के अंतर को समझाते हुए श्रद्धालुओं को भक्ति मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम प्रमुख ओमप्रकाश पाल ने किया, जिन्होंने सभी भक्तों से प्रतिदिन संध्या 6 बजे कथा में शामिल होने का आग्रह किया है।





फर्रुखाबाद l विश्व महिला दिवस के अवसर पर डॉ बी आर अंबेडकर जयंती समारोह समिति द्वारा एक गेस्ट हाउस में आम सभा आयोजित की गई जिसमें महिलाओं की संख्या लगभग एक सैकड़ा थी।

सुलतानपुर।भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने सोमवार को कादीपुर विधायक राजेश गौतम के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सरकारी आवास 5- कालीदास मार्ग लखनऊ में मुलाकात की। मीडिया प्रमुख विजय रघुवंशी ने जानकारी दी कि भाजपा जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी व विधायक राजेश गौतम ने मुलाकात के दौरान जनपद से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों, सहकारी चीनी मिल जीर्णोद्धार, सांगठनिक मुद्दों और स्थानीय समस्याओं के समाधान पर विस्तृत चर्चा की।मुख्यमंत्री ने समस्याओं के त्वरित निस्तारण का आश्वासन दिया है।यह मुलाकात स्थानीय जनहित के मुद्दों और संगठन को मजबूत करने के उद्देश्य से की गई थी।
जौनपुर। महराजगंज क्षेत्र के हनुमान जी माता दुर्गा मंदिर फक्तूपुर के प्रांगण में चल रही पांच दिवसीय श्री राम कथा के आज चतुर्थ दिन वाराणसी की धरती से पधारी मानस कोकिला पूज्य कथा व्यास डॉ. सुधा पांडे द्वारा बड़े ही मार्मिक ढंग से श्री राम कथा सुनाई जा रही है प्रह्लाद द्वारा विष्णु भक्ति करने पर हिरण्यकशिपु ने उन्हें मारने के कई प्रयास किए, जिसमें होलिका दहन का प्रयास भी शामिल था, जिसमें होलिका जल गई और प्रह्लाद बच गए।नरसिंह अवतार का वध: भगवान विष्णु ने नरसिंह रूप में अवतरित होकर, सांझ के समय, दहलीज पर, अपनी जांघों पर रखकर, नाखूनों से उसका वध किया।पौराणिक कथाओं के अनुसार, हिरण्यकशिपु और उसका भाई हिरण्याक्ष भगवान विष्णु के द्वारपाल 'जय' और 'विजय' थे, जो शाप के कारण राक्षस बने। वही शबरी और श्रीराम जी कथा का वर्णन करते हुए कहा कि नवधा भक्ति राम जी ने सुनाया लेकिन मैया शबरी रहती है कि है भगवान मैं बहुत बड़ी आत्मा हूं अधमा हूं वही सभी से निवेदन करते हुए यह कहा कि भगवान श्री रामचंद्र जी कहते हैं कि अगर कोई हमारी भक्ति करना नहीं जानता है भगवान ने कहा हमारे चरणों में गिर करके निश्चल भाव से स्तुति वंदना करना नहीं जानता तो शरणागत होकर केवल इतना कह दे की मैं आपकी स्तुति करना नहीं जानता हूं वही सबसे बड़ी स्तुति होगी तथा यह भी कहा भगवान के सामने अहंकार लेकर जाओगे तो कुछ नहीं मिलेगा जिसके जीवन में भक्ति नहीं उसके जीवन में कुछ नहीं हनुमान जी की कथा सुनाते हुए कहा कि लंका दहन करते समय उन्होंने अशोक वाटिका को नहीं जलाया था, क्योंकि वहां सीताजी रहती थीं। इसी तरह उन्होंने रावण के भाई विभीषण का भवन भी नहीं जलाया, क्योंकि विभीषण के भवन के द्वार पर तुलसी का पौधा लगा था। साथ ही भगवान विष्णु के चिन्ह शंख, चक्र और गदा भी बने हुए थे। सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि विभीषण के घर के ऊपर राम नाम अंकित था। उसी क्षण से विभीषण, हनुमान जी के प्रिय हो गए थे। यही कारण है कि जब विभीषण श्री राम की शरण में आये और सुग्रीव ने उनके प्रति आशंका प्रकट करते हुए दंड देने का सुझाव दिया, तो हनुमानजी ने उन्हें शिष्ट मान कर शरण में लेने का अनुरोध किया था और प्रभु राम ने उसे स्वीकार कर लिया था। वही वृंदावन की धरती से पधारे कथा व्यास माधव दास जी महाराज द्वारा भक्तों को सुंदर कथा सुनाई जा रही है जिसका सभी ने बखान किया कथा मंच का कुशल संचालन आशीष द्विवेदी द्वारा किया जा रहा है वहीं कथा प्रांगण में पहुंचे पत्रकार अमित पांडे का डा. सुधा पाण्डेय ने बखान कर आशीर्वाद दिया और कहा कि हर धार्मिक आयोजन में उपस्थित सराहनीय है। इस मौके पर कथा समिति के अध्यक्ष संदीप सिंह सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त किया इस मौके पर दिनेश सिंह, धर्मेंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह, सुनील सिंह, चंदन सिंह, राहुल सिंह, मंदिर पुजारी ओंकार नाथ मिश्रा, गिरीश चंद्र उपाध्याय, विनोद सेठ सच्चिदानंद त्रिपाठी, राजेश तिवारी सहित सैकड़ो की संख्या में कथा प्रेमी उपस्थित रहे।
* अधिक फीस वसूली पर होगी ऑडिट, विश्वविद्यालयों को वित्तीय अनुशासन बनाए रखने के निर्देश
मुंबई। भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) मुंबई के तेजतर्रार और सक्रिय महामंत्री दीपक आजाद सिंह को भाजयुमो मुंबई का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उनकी यह नियुक्ति भाजपा मुंबई अध्यक्ष एवं विधायक अमित साटम द्वारा की गई। संगठन के प्रति उनकी ऊर्जा, जमीनी स्तर पर किए गए अथक परिश्रम और समर्पण को सम्मान देते हुए उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। मुंबई के धारावी निवासी दीपक सिंह की जन्मभूमि और कर्मभूमि दोनों ही मुंबई रही है। उन्होंने एमबीए तक शिक्षा प्राप्त की है। उन्होंने अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत धारावी विधानसभा क्षेत्र में युवा मोर्चा के वॉर्ड महामंत्री के रूप में की थी। इसके बाद संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन करते हुए उन्होंने मुंबई युवा मोर्चा के महामंत्री के रूप में भी अहम भूमिका निभाई। अब उन्हें मुंबई अध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने सामाजिक सेवा, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, युवा सशक्तिकरण, खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने, पार्टी की विचारधारा के प्रचार-प्रसार और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को संगठित करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महाविकास अघाड़ी के शासनकाल में भी उन्होंने वरिष्ठ भाजपा नेताओं के मार्गदर्शन में जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरकर आवाज बुलंद की। वे केवल कार्यालयों में बैठकर राजनीति करने वाले नेता नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े ऐसे नेता हैं जो कार्यकर्ताओं के साथ कंधे से कंधा मिलाकर सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय रूप से संघर्ष करते रहे हैं। प्राकृतिक आपदा हो या कोई सामाजिक समस्या, दीपक सिंह हमेशा स्वयं आगे बढ़कर लोगों की सहायता के लिए पहुंचे हैं। यही कारण है कि कार्यकर्ताओं और आम जनता के बीच उनकी पहचान एक सरल, सहज और जमीन से जुड़े नेता के रूप में बनी है।





3 hours ago
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