कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

मेडिकल कॉलेज में चूहों के वीडियो पर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
*48 घंटे में प्रधानाचार्य ने मांगी जांच रिपोर्ट

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डीएन सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।जांच कमेटी को 48 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाचार्य, जिलाधिकारी व शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।वीडियो वायरल होने के बाद देश के कई राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था,स्वास्थ्य मंत्री और गोंडा स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए थे।इस पर जिलाधिकारी और शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को फटकार लगाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी वार्डों में दवा का छिड़काव कराया गया है और चूहे अब गायब हो गये हैं।उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उनके स्तर से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी।रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।ठंड के मौसम में मरीजों के साथ तीमारदार अधिक खाने पीने की चीजें लेकर आते हैं और पुरानी बिल्डिंग होने के कारण चूहे अंदर प्रवेश कर जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग को एक महीने में दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा,जिससे पूरी समस्या खत्म हो जाएगी।
कीचड़ से परेशान ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बहसूमा/ मेरठ।क्षेत्र के एक गांव में मकान के सामने से गुजरने वाले रास्ते पर लगातार कीचड़ रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मनोज पुत्र विजयपाल ने बताया कि उनके मकान के सामने से जाने वाला रास्ता लंबे समय से कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे आवागमन करना दूभर हो गया है। बरसात या पानी गिरते ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मनोज ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित सचिव सचिन को अवगत कराया गया। उनसे बार-बार आग्रह किया गया कि रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा लगवा दिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। लेकिन हर बार सचिव द्वारा केवल “कल करवा देंगे” या “प्रस्ताव भेज दिया है” जैसे आश्वासन ही दिए जाते रहे। महीनों बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव आए दिन इसी तरह टालमटोल करते रहते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण  कपड़े खराब हो जाते हैं, दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा या पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। ग्राम सचिव सुरजीत सिंह ने बताया कि इसका एस्टीमेट हो गया है और एक-दो दिन से काम चालू हो जाएगा किसनो की परेशानी समाप्त की जाएगी
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सिविल डिफेस ने संगम नोज पर स्नान करते अचेत चार श्रृद्धालुओ की बचाई जान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी नियन्त्रक सिविल डिफेन्स के निर्देश पर संगम नोज श्रृद्धालुओ तीर्थ यात्रियो के सहयोग में सुबह 4 बजे से मुस्तैद।लगभग 5 बजे संगम घाट से स्नान कर कपड़े बदलती महिला जिसकी उर्म 30 वर्ष अचेत होकर गिर पड़ी वंही मौजूद चीफ वार्डन अनिल कुमार रेनू श्रीवास्तव संजीव बाजपेई डा शंशाक ओझा एल के अहेरवार ने तत्काल भीड़ को हटाटे हुए आर्म स्ट्रेचर(हाथो के सहारे)एम्बुलेस तक पहुंचाने में सहयोग किया डा शंशाक ने मरीज को कंबल में लपेट कर हाथं पैर के तलवो को मलने से होश में आई महिला जिन्हे एम्बुलेस से पास के चिकित्सा शिविर में भेजा गया । ऐसे ही तीन युवक क्रमश प्रातः 8 बजे 9 व 10.30 बजे अचेत युवको को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस द्वारा चिकित्सा शिविर भेजा गया।सिविल डिफेन्स के डा शंशाक ओझा ने बताया अचानक से ठंडा व गर्म होने के कारण होता है नहाने के तुरन्त बाद गर्म कपड़े पहन कर ही पूजा पाठ दिया बत्ती करे। घटना के दौरान रवि शंकर द्विवेदी मार्कन्डेय राय सुनील गुप्ता आशीष बाजपेई बलबीर सिंह ने सहयोग किया।

मकर संक्रांति पर्व पर प्रयागराज जंक्शन पर विशेष निगरानी एवं 19 विशेष गाड़ियो का संचालन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुरक्षा सुविधा एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक (सामान्य)प्रयागराज दीपक कुमार वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक (कोचिंग) हरिमोहन एवं वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित द्वारा प्रयागराज जंक्शन स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से स्टेशन एवं रेल परिचालन की सतत निगरानी की गई।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को 19.00 बजे तक प्रयागराज मण्डल द्वारा कुल 19 विशेष गाड़ियो का संचालन किया गया।इनमें रिंग रेल सेवा विस्तारित सेवा टाइम-टेबल स्पेशल गाड़ियां तथा यात्रियो की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चलाई गई अन्य विशेष गाड़ियां सम्मिलित रही।इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा प्रयागराज जंक्शन के विभिन्न प्लेटफार्मो का भी निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफार्म प्रवेश एवं निकास मार्ग कैटरिंग सुविधाएं तथा अन्य संवेदनशील स्थलो पर यात्रियों की आवाजाही एवं भीड़ प्रबन्धन की व्यवस्थाओ का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियो को निरन्तर सतर्कता बनाए रखने यात्रियो को समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।रेल प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियो की सुविधा हेतु विशेष भीड़ प्रबन्धन एवं सुरक्षा सम्बन्धी व्यापक व्यवस्थाएं की गई है तथा आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जिससे श्रद्धालुओ एवं यात्रियो को सुरक्षित सुगम एवं सुविधा जनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।

कूटनीति में आया क्रिकेट! जयशंकर ने जापानी विदेश मंत्री को क्यों गिफ्ट किया बैट?

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देश की राजधानी दिल्ली में भारत-जापान विदेश मंत्रियों की अहम मुलाकात हुई। भारत और जापान के बीच 18वीं भारत-जापान रणनीतिक बातचीत के दौरान कूटनीति के साथ क्रिकेट का “तड़का” लग गया। जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी भारत की यात्रा पर आए हुए हैं। जापानी विदेश मंत्री ने शुक्रवार को अपने भारतीय समकक्ष डॉ. एस जयशंकर से मुलाकात की। विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी ने साझा रणनीतिक मुद्दों पर चर्चा की, तो वहीं क्रिकेट के प्रति समान रुचि ने माहौल को और सहज बना दिया।

जयशंकर ने इस मुलाकात को लेकर जानकारी दी। जयशंकर ने इस मौके पर अपने जापानी समकक्ष को भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों का हस्ताक्षर किया हुआ बैट गिफ्ट किया। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने रिटर्न गिफ्ट के रूप में जयशंकर को जापान के नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी भेंट की।

क्रिकेट प्रेमी हैं जापानी विदेश मंत्री

जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर इस मुलाकात से जुड़ी तस्वीरें पोस्ट की। इसके साथ ही उन्होंने लिखा कि जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी का भारत में स्वागत करके बहुत खुशी हुई। उन्होंने आगे लिखा कि आज जब हम भारत और जापान रणनीतिक बातचीत कर रहे हैं, तो विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी में एक और क्रिकेट प्रेमी को पाकर और भी अधिक खुशी हुई।

दोनों विदेश मंत्रियों ने एक दूसरे को दिए खास गिफ्ट

जयशंकर ने लिखा कि खेल के प्रति हमारे साझा जुनून की भावना में, जापान की नेशनल क्रिकेट टीम की जर्सी पाकर सम्मानित महसूस कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि मैंने उन्हें भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से साइन किया गया एक बैट भी गिफ्ट किया।

अनिश्चित वैश्विक हालात में साझा रणनीतिक लक्ष्यों पर फोकस

इस मुलाकात में क्रिकेट सिर्फ मजाक नहीं था, बल्कि दोस्ताना रिश्तों का प्रतीक बनकर उभरा। इसके साथ ही बातचीत का एजेंडा बेहद गंभीर और रणनीतिक रहा। जयशंकर ने साफ कहा कि मौजूदा वैश्विक हालात में भारत और जापान के लिए मिलकर अपने सामरिक उद्देश्यों को पूरा करना और भी जरूरी हो गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत, जापान के साथ अपने रिश्तों को प्राथमिकता देता है। यह बयान ऐसे समय में आया है, जब दुनिया यूक्रेन-रूस युद्ध, चीन की बढ़ती आक्रामकता और वैश्विक सप्लाई चेन संकट जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

रणनीतिक मंचों पर सहयोग बढ़ा

जयशंकर ने कहा कि बीते दो दशकों में भारत-जापान संबंध केवल आर्थिक साझेदारी से आगे बढ़कर व्यापक और रणनीतिक रिश्ते में बदल चुके हैं। उन्होंने बताया कि दोनों देश क्वाड, संयुक्त राष्ट्र, जी-4 समूह और जी-20 जैसे मंचों पर लगातार सहयोग कर रहे हैं। यह साझेदारी सुरक्षा, कूटनीति और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में मजबूत होती जा रही है।

मेडिकल कॉलेज में चूहों के वीडियो पर चिकित्सा अधीक्षक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित
*48 घंटे में प्रधानाचार्य ने मांगी जांच रिपोर्ट

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कॉलेज के आर्थो वार्ड में चूहों के आतंक का वीडियो वायरल होने के बाद अब कॉलेज प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है।मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर डीएन सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी का गठन किया है।जांच कमेटी को 48 घंटे के अंदर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर प्रधानाचार्य, जिलाधिकारी व शासन को भेजने का निर्देश दिया गया है।वीडियो वायरल होने के बाद देश के कई राजनीतिक पार्टियों और नेताओं ने सोशल मीडिया पर उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था,स्वास्थ्य मंत्री और गोंडा स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाए थे।इस पर जिलाधिकारी और शासन द्वारा मेडिकल कॉलेज को फटकार लगाने के बाद अब जांच के आदेश दिए गए हैं।वहीं इस मामले में प्रधानाचार्य डाक्टर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने ने बताया कि सभी वार्डों में दवा का छिड़काव कराया गया है और चूहे अब गायब हो गये हैं।उन्होंने कहा कि जांच कमेटी की रिपोर्ट आने के बाद उनके स्तर से विस्तृत रिपोर्ट बनाकर जिलाधिकारी व शासन को भेजी जाएगी।रिपोर्ट में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।प्रधानाचार्य ने कहा कि मरीजों की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी है।ठंड के मौसम में मरीजों के साथ तीमारदार अधिक खाने पीने की चीजें लेकर आते हैं और पुरानी बिल्डिंग होने के कारण चूहे अंदर प्रवेश कर जाते हैं।उन्होंने बताया कि इस समस्या को दूर करने के लिए बिल्डिंग को एक महीने में दूसरे भवन में शिफ्ट किया जाएगा,जिससे पूरी समस्या खत्म हो जाएगी।
कीचड़ से परेशान ग्रामीण, शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ समाधान
बहसूमा/ मेरठ।क्षेत्र के एक गांव में मकान के सामने से गुजरने वाले रास्ते पर लगातार कीचड़ रहने से ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस संबंध में मनोज पुत्र विजयपाल ने बताया कि उनके मकान के सामने से जाने वाला रास्ता लंबे समय से कीचड़ से भरा हुआ है, जिससे आवागमन करना दूभर हो गया है। बरसात या पानी गिरते ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है और बच्चों, बुजुर्गों व महिलाओं को खासा दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

मनोज ने आरोप लगाया कि इस समस्या को लेकर कई बार संबंधित सचिव सचिन को अवगत कराया गया। उनसे बार-बार आग्रह किया गया कि रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा लगवा दिया जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। लेकिन हर बार सचिव द्वारा केवल “कल करवा देंगे” या “प्रस्ताव भेज दिया है” जैसे आश्वासन ही दिए जाते रहे। महीनों बीत जाने के बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है।

ग्रामीणों का कहना है कि सचिव आए दिन इसी तरह टालमटोल करते रहते हैं, जिससे समस्या जस की तस बनी हुई है। रास्ते में कीचड़ होने के कारण  कपड़े खराब हो जाते हैं, दोपहिया वाहन फिसलने का खतरा बना रहता है और पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।

इस मामले को लेकर ग्रामीणों में भारी रोष व्याप्त है। लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द रास्ते पर ईंटों का खड़ंजा या पक्का निर्माण कराया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही इस समस्या से निजात मिल सके। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे उच्च अधिकारियों से शिकायत करने को मजबूर होंगे। ग्राम सचिव सुरजीत सिंह ने बताया कि इसका एस्टीमेट हो गया है और एक-दो दिन से काम चालू हो जाएगा किसनो की परेशानी समाप्त की जाएगी
खिचड़ी महापर्व पर गोरखनाथ मंदिर में आस्था का महासंगम
* गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रह्म मुहूर्त में चढ़ाई पवित्र खिचड़ी



गोरखपुर। मकर संक्रांति के पावन अवसर पर गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में महायोगी गुरु गोरखनाथ को नाथपंथ की परंपरा के अनुसार पवित्र खिचड़ी अर्पित कर लोकमंगल और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की। सीएम योगी के खिचड़ी अर्पण के साथ ही गोरखनाथ मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए, जिसके बाद मंदिर परिसर में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा।

नाथ योगियों, साधु-संतों और देश-विदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने श्रद्धा की अंजुरी में खिचड़ी लेकर बाबा गोरखनाथ के चरणों में शीश नवाया। लोकमान्यता के अनुसार त्रेतायुग से चली आ रही बाबा का खप्पर भरने की परंपरा का इस अवसर पर विधिवत पालन किया गया। नेपाल राजपरिवार की ओर से भेजी गई खिचड़ी भी श्रद्धापूर्वक अर्पित की गई।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गर्भगृह में जमीन पर बैठकर, सीटी बजाकर गुरु गोरखनाथ से आदेश लिया और विधिविधान से श्रीनाथ जी को खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में स्थित अन्य देवी-देवताओं, योगिराज बाबा गंभीरनाथ, दादागुरु महंत दिग्विजयनाथ, गुरुदेव महंत अवेद्यनाथ एवं अन्य नाथ योगियों की प्रतिमाओं के समक्ष भी खिचड़ी भोग अर्पित किया।

खिचड़ी चढ़ाने का सिलसिला पूरे दिन अनवरत चलता रहा। तड़के तीन बजे से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें मंदिर परिसर से बाहर तक लग गई थीं। अलग-अलग गेटों और बैरिकेडिंग के माध्यम से भीड़ को नियंत्रित किया गया। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली सहित अन्य राज्यों और पड़ोसी देश नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर बाबा को खिचड़ी चढ़ाई।

मकर संक्रांति के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर परिसर में खिचड़ी सहभोज का भी आयोजन किया गया, जिसमें अमीर-गरीब, जाति-वर्ग का भेदभाव भुलाकर सभी ने प्रसाद ग्रहण किया। सहभोज में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों, उद्यमियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी सहभागिता रही।

पूरे आयोजन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ स्वयं व्यवस्थाओं पर नजर बनाए रहे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए मंदिर प्रशासन व जिला प्रशासन की ओर से व्यापक प्रबंध किए गए। दिनभर मंदिर परिसर ‘गुरु गोरखनाथ की जय’ के उद्घोष से गूंजता रहा।

नाथपंथ के अध्येता डॉ. प्रदीप कुमार राव के अनुसार, महायोगी गुरु गोरखनाथ नेपाल के राजगुरु माने जाते हैं और मकर संक्रांति पर नेपाल राजपरिवार की ओर से खिचड़ी अर्पित करने की परंपरा आज भी निभाई जाती है। मान्यता है कि गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा त्रेतायुग से चली आ रही है, जो आज भी श्रद्धा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बनी हुई है।
प्रोजेक्ट भवन में हुआ अबुआ दिशोम बजट 2026-27 के लिए बजट पूर्व गोष्ठी 2026-27 का आयोजन

रांची। वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि अबुआ दिशोम बजट 2026-27 राज्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होगा, क्योंकि यह झारखंड के रजत जयंती वित्तीय वर्ष में प्रस्तुत किया जाएगा। राज्य ने अपने गठन के 25 वर्ष पूरे कर लिए हैं और इस अवसर पर सरकार एक मजबूत, संतुलित एवं जनहितकारी बजट देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

उन्होंने कहा कि बजट को अधिक प्रभावी और व्यावहारिक बनाने के उद्देश्य से विशेषज्ञों, विभिन्न विभागों तथा हितधारकों से सुझाव लिए जा रहे हैं। इसी क्रम में गुरुवार को प्रोजेक्ट भवन में आयोजित दो दिवसीय अबुआ दिशोम बजट 2026-27 बजट पूर्व गोष्ठी में उन्होंने यह बातें कहीं।

इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस

वित्त मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की सोच के अनुरूप राज्य में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ करने के साथ-साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है। स्वास्थ्य क्षेत्र को भी आगामी बजट में विशेष महत्व दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि किसी भी बजट की सफलता कंसल्टेशन, सजेशन और इम्प्लीमेंटेशन—इन तीन स्तंभों पर निर्भर करती है, तभी बजट का समुचित उपयोग संभव है।

सिंचाई, जल संरक्षण और वनवासी सुविधाओं पर विशेष ध्यान

वित्त मंत्री ने कहा कि बजट संतुलित होना चाहिए और आवश्यकता के अनुरूप ही प्रावधान किए जाने चाहिए। गोष्ठी में चेक डैम निर्माण, वर्षा जल संचयन, नदियों के जल संरक्षण तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की बुनियादी सुविधाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण सुझाव प्राप्त हुए हैं, जिन्हें बजट में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।

पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर

नगर विकास एवं पर्यटन मंत्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि इस वर्ष के बजट में पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा ताकि राज्य में पर्यटकों की संख्या में वृद्धि हो सके और रोजगार को भी बढ़ावा मिले । शहरों के इंफ्रास्ट्रक्चर को सुदृढ़ किया जाएगा ।

नए और नवाचारी विचारों को मिलेगा स्थान : कृषि मंत्री

कृषि मंत्री श्रीमती शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि आगामी बजट में नए और नवाचारी विचारों को शामिल करने पर जोर दिया जाएगा। अन्य राज्यों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को अपनाने पर भी सरकार विचार कर रही है।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने मिलेट्स मिशन को “मड़ुवा क्रांति” नाम दिया है, जिसका सकारात्मक प्रभाव किसानों में दिख रहा है। इसके तहत किसानों को 3,000 रुपये प्रति एकड़ प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। साथ ही सिंचाई के लिए 5 एचपी सोलर आधारित वाटर पंप सेट देने की योजना है।उन्होंने केसीसी लोन में बैंकों एवं एनजीओ की सक्रिय भागीदारी, ग्रामीण विकास, सिंचाई तथा अबुआ आवास योजना में पर्याप्त बजटीय प्रावधान पर जोर दिया।

सिंचाई झारखंड की बड़ी जरूरत : हफीजुल हसन

जल संसाधन मंत्री श्री हफीजुल हसन ने कहा कि सिंचाई झारखंड के लिए एक प्रमुख चुनौती है और इसके सभी विकल्पों पर गंभीरता से काम करने की आवश्यकता है। उन्होंने वर्षा जल संचयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि इससे सालभर सिंचाई के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।

उन्होंने सुझाव दिया कि बजट में 2.5 एकड़ में बने तालाबों के पुनरुद्धार, माइनर इरीगेशन और अन्य लघु परियोजनाओं पर विशेष प्रावधान किया जाए।

बुनियादी सुविधाओं को किया जनाना है बेहतर

श्री सुनील कुमार प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग ने कहा कि राज्य में कई सड़क परियोजनाओं पर काम चल रहा है। कई फ्लाइओवर बन कर तैयार हो गए हैं और कई पर काम चल रहा है । आगामी वित्तीय वर्ष में कई नई परियोजनाओं को बजट में शामिल किया जाएगा ।

मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर बल

वित्त सह जल संसाधन सचिव श्री प्रशांत कुमार ने कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स के बजाय मध्यम और व्यवहारिक परियोजनाओं पर ध्यान देना अधिक उपयोगी होगा। उन्होंने लिफ्ट इरीगेशन आधारित खेती और छोटे तालाबों के जीर्णोद्धार को बजट में शामिल करने का सुझाव दिया।

सभी प्रखंडों में ‘पलाश मार्ट’ की स्थापना का प्रस्ताव

ग्रामीण विकास विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवासन ने अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना, जेएसएलपीएस एवं मनरेगा के वित्तीय प्रबंधन पर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीण उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राज्य के सभी प्रखंडों में “पलाश मार्ट” की स्थापना का सुझाव दिया।

हरित और आजीविका आधारित विकास पर मंथन

गोष्ठी में कृषि सचिव श्री अबू बकर सिद्दीकी, पर्यटन सचिव श्री मनोज कुमार और श्रम विभाग के सचिव श्री जितेंद्र सिंह सहित राज्य और राज्य के बाहर से आए विशेषज्ञों ने भी अपने विचार रखे।कृषि, सिंचाई, भंडारण क्षमता विस्तार, पशुधन विकास, डेयरी, हॉर्टिकल्चर और इंटीग्रेटेड फार्मिंग सिस्टम (IFS) पर विशेष चर्चा की गई।वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग से जुड़े विषयों पर विमर्श के दौरान बताया गया कि राज्य का 30 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र वन क्षेत्र है, जिसे ग्रीन इकोलॉजिकल सिस्टम के रूप में विकसित कर ग्रीन इन्वेस्टमेंट को बढ़ावा दिया जा सकता है।

गोष्ठी में वित्त विशेषज्ञ श्री हरिश्वर दयाल सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे।

बजट पूर्व गोष्ठी के माध्यम से अबुआ दिशोम बजट 2026-27 को अधिक जनोन्मुखी, आजीविका संवर्धन और पर्यावरण संतुलन आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सुझाव सामने आए।

औरंगाबाद: सोननद महोत्सव बड़ेम में करीना पांडे व आर्यन बाबू की प्रस्तुति पर झूमे दर्शक
औरंगाबाद। कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार तथा जिला प्रशासन, औरंगाबाद के संयुक्त तत्वावधान में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर बुधवार को नबीनगर प्रखंड के ग्राम बड़ेम स्थित ऐतिहासिक सूर्य राघव मंदिर परिसर में सोननद महोत्सव–2026 का भव्य आयोजन किया गया। सोन नदी के तट पर आयोजित इस महोत्सव ने लोकसंस्कृति, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सौहार्द का अनुपम संदेश दिया। महोत्सव का उद्घाटन कुटुंबा विधायक श्री ललन राम, रफीगंज विधायक श्री प्रमोद कुमार सिंह तथा सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम की शुरुआत बिहार गीत के सामूहिक गायन से हुई, जिसके बाद दीप प्रज्वलन कर विधिवत शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर अपर समाहर्ता–सह–जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी श्री जयप्रकाश नारायण, सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह सहित कई वरीय अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। अपर समाहर्ता द्वारा अतिथियों को पौधा, शाल एवं सोननद का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने स्वागत गान प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। वहीं विधायकगण द्वारा गरीब एवं असहाय लोगों के बीच कंबल, तिलकुट और चुड़ा का वितरण कर सामाजिक सरोकार का परिचय दिया गया। महोत्सव के दौरान प्रसिद्ध कलाकार सुश्री करीना पांडे, सविता पांडे एवं आर्यन बाबू की मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। लोकगीत, नृत्य और पारंपरिक प्रस्तुतियों पर बड़ी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों व स्थानीय नागरिकों ने भरपूर आनंद लिया। अपने संबोधन में सदर अनुमंडल पदाधिकारी श्री संतन कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव का उद्देश्य सोन नदी के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय महत्व को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने सोन नदी को औरंगाबाद जिले की जीवनरेखा बताते हुए इसके संरक्षण पर बल दिया। नबीनगर प्रखंड प्रमुख लव कुमार सिंह ने कहा कि सोननद महोत्सव क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा, “ऐसे आयोजनों से गांव, समाज और युवा पीढ़ी अपनी परंपराओं से जुड़ती है। सोन नदी हमारी आस्था और आजीविका दोनों का आधार है, इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है।” विधायक  प्रमोद कुमार सिंह ने महोत्सव को जिले के लिए गौरव का विषय बताया, वहीं विधायक ललन राम ने सोन नदी को पूजनीय बताते हुए पर्यावरण संरक्षण और वृक्षारोपण का आह्वान किया। सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष श्री संजीव कुमार सिंह ने सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, कलाकारों और ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। वहीँ सूर्य राघव मंदिर के अध्यक्ष एवं महोत्सव रत्न श्री संजीव कुमार सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा, “सोननद महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सोन नदी के प्रति हमारी आस्था, जिम्मेदारी और संरक्षण का संकल्प है। हमारा प्रयास है कि आने वाली पीढ़ी नदी, प्रकृति और संस्कृति के महत्व को समझे और उसे संजोकर रखे।” उन्होंने सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एवं जिला प्रशासन, कलाकारों एवं ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती रत्ना प्रदर्शनी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी श्री कुमार पप्पू राज सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
गंगा पूजन के साथ शंकराचार्य ने किया“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा”का शुभारम्भ पहले दिन पहुँचे 130 शिविर।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।गंगा तट पर चल रहे माघ मेला में गंगा पूजन गौ व गणेश आराधना के साथ ज्योतिषपीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती ने आज“गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा का विधिवत शुभारम्भ किया।गंगा पूजन के पश्चात यात्रा का प्रारम्भ प्रातः 10:00 बजे सेक्टर 4 महावीर मार्ग पीपा पुल संख्या 1 के समीप स्थित निम्बार्क सनातन सेवा शिविर से हुआ।तत्पश्चात माघ मेले के विभिन्न अखाड़ो एवं संत- शिविरो का भ्रमण किया।पहले ही दिन कुल 130 शिविरो में पहुँचकर शंकराचार्य ने संत-महात्माओ एवं शिविर प्रतिनिधियो को गौ रक्षा के लिए संकल्पित कराया तथा उन्हे“गौ माता राष्ट्र माता आन्दोलन से जुड़ने हेतु प्रेरित किया।सभी शिविरो में सन्तो ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया एवं आन्दोलन में सक्रिय भागीदारी एवं सम्पूर्ण सहयोग देने का संकल्प व्यक्त किया।शंकराचार्य ने यात्रा के दौरान कहा कि:गौ-माता केवल एक पशु नही बल्कि भारतीय संस्कृति कृषि अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य और अध्यात्म का मूल आधार है। आज आवश्यकता है कि संत समाज आगे आए और राष्ट्र को पुनःगौ-संरक्षण के पथ पर प्रेरित करे।इस प्रेरणादायी यात्रा में दंडी संन्यासी स्वामी प्रत्यक्चैतन्य मुकुन्दानन्द गिरी स्वामी अप्रमेय शिवशाक्षत कृतानन्द गिरी ब्रह्मचारी सहजानंद ब्रह्मचारी तीर्थानंद ब्रह्मचारी श्रवणानन्द अखिलेश ब्रह्मचारी देवेन्द्र पाण्डेय गोप कमलेश कुकरेती

सक्षम सिंह योगी जलयोद्धा आर्य शेखर आचार्य मानव

संत भारत दास राम त्रिपाठी विमल कृष्ण अंगद पाण्डेय आदेश सोनी पियूष तिवारी सहित सैकड़ो भक्त उपस्थित रहे।यात्रा के माध्यम से शंकराचार्य ने संत समाज को यह संदेश दिया कि गौ-संरक्षण केवल आन्दोलन नही बल्कि राष्ट्रीय चेतना का विषय है और इसे जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता है।यात्रा का समापन 2:00 बजे सिंडोला बाला जी धाम खालसा रामानन्द मार्ग पर हुआ।यात्रा के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी देते हुए जगतगुरु शंकराचार्य के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेन्द्र योगिराज ने बताया कि —गो प्रतिष्ठा प्रेरणा यात्रा माघ मेला अवधि में अगले दस दिन तक निरन्तर चलेगी और शंकराचार्य स्वयं माघ मेला क्षेत्र में लगे समस्त शिविरो में जाएँगे।उद्देश्य यह है कि संत समाज के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर पर गौ-संरक्षण का एक सांस्कृतिक एवं वैदिक अभियान स्थापित किया जाए।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर श्रद्धा का सैलाब शाम 4 बजे तक 91 लाख श्रद्धालुओ ने लगाई आस्था की डुबकी।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।तीर्थराज प्रयाग में मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला।बुधवार को ब्रह्म मुहूर्त से ही संगम और विभिन्न घाटो पर श्रद्धालुओ की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।कड़ाके की ठंड और घने कोहरे के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था पर मौसम का कोई असर नही दिखा।प्रशासन से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार आज शाम 4 बजे तक लगभग 91 लाख श्रद्धालुओ ने संगम सहित विभिन्न स्नान घाटो पर आस्था की डुबकी लगाई।मकर संक्रांति को सनातन परम्परा में विशेष महत्व प्राप्त है।इस दिन सूर्य के मकर राशि में प्रवेश करने के साथ ही पुण्यकाल आरम्भ माना जाता है।इसी मान्यता के चलते देश के कोने-कोने से श्रद्धालु तीर्थराज प्रयाग पहुंचे।संगम पर हर-हर गंगे और जय गंगा मैया के जयघोष के बीच श्रद्धालुओ ने पवित्र स्नान कर दान-पुण्य किया।श्रद्धालुओ ने तिल गुड़ वस्त्र और अन्न का दान कर पुण्य लाभ अर्जित किया।सुबह के समय कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम रही।कई स्थानो पर 15 से 20 मीटर तक ही दिखाई दे रहा था जिससे श्रद्धालुओं को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।बावजूद इसके श्रद्धालुओ का उत्साह कम नही हुआ। बुजुर्ग महिलाएं और बच्चे भी पूरी श्रद्धा के साथ घाटों तक पहुंचे और स्नान किया।श्रद्धालुओ की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।पुलिस पीएसी और होमगार्ड के जवानों को घाटों, मार्गों और मेला क्षेत्र में तैनात किया गया।ड्रोन कैमरो और सीसीटीवी के माध्यम से भीड़ पर नजर रखी गई।यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए गए थे जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

स्वास्थ्य विभाग द्वारा घाटों के पास अस्थायी चिकित्सा शिविर लगाए गए जहां ठंड से प्रभावित श्रद्धालुओ का प्राथमिक उपचार किया गया। साथ ही स्वच्छता कर्मियो की टीम दिनभर घाटो और मेला क्षेत्र में सफाई व्यवस्था बनाए रखने में जुटी रही।मकर संक्रांति के इस महास्नान ने माघ मेले की रौनक को और बढ़ा दिया है।प्रशासन का अनुमान है कि देर शाम और रात तक स्नान करने वालों की संख्या में और वृद्धि हो सकती है।आस्था परम्परा और अनुशासन के संगम ने एक बार फिर तीर्थराज प्रयाग को विश्व के सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में अग्रणी बना दिया।

सिविल डिफेस ने संगम नोज पर स्नान करते अचेत चार श्रृद्धालुओ की बचाई जान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।जिलाधिकारी नियन्त्रक सिविल डिफेन्स के निर्देश पर संगम नोज श्रृद्धालुओ तीर्थ यात्रियो के सहयोग में सुबह 4 बजे से मुस्तैद।लगभग 5 बजे संगम घाट से स्नान कर कपड़े बदलती महिला जिसकी उर्म 30 वर्ष अचेत होकर गिर पड़ी वंही मौजूद चीफ वार्डन अनिल कुमार रेनू श्रीवास्तव संजीव बाजपेई डा शंशाक ओझा एल के अहेरवार ने तत्काल भीड़ को हटाटे हुए आर्म स्ट्रेचर(हाथो के सहारे)एम्बुलेस तक पहुंचाने में सहयोग किया डा शंशाक ने मरीज को कंबल में लपेट कर हाथं पैर के तलवो को मलने से होश में आई महिला जिन्हे एम्बुलेस से पास के चिकित्सा शिविर में भेजा गया । ऐसे ही तीन युवक क्रमश प्रातः 8 बजे 9 व 10.30 बजे अचेत युवको को रेस्क्यू कर एम्बुलेंस द्वारा चिकित्सा शिविर भेजा गया।सिविल डिफेन्स के डा शंशाक ओझा ने बताया अचानक से ठंडा व गर्म होने के कारण होता है नहाने के तुरन्त बाद गर्म कपड़े पहन कर ही पूजा पाठ दिया बत्ती करे। घटना के दौरान रवि शंकर द्विवेदी मार्कन्डेय राय सुनील गुप्ता आशीष बाजपेई बलबीर सिंह ने सहयोग किया।

मकर संक्रांति पर्व पर प्रयागराज जंक्शन पर विशेष निगरानी एवं 19 विशेष गाड़ियो का संचालन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियों की सुरक्षा सुविधा एवं सुचारु रेल संचालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से आज मण्डल रेल प्रबन्धक प्रयागराज रजनीश अग्रवाल अपर मण्डल रेल प्रबन्धक (सामान्य)प्रयागराज दीपक कुमार वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक (कोचिंग) हरिमोहन एवं वरिष्ठ मण्डल सुरक्षा आयुक्त विजय प्रकाश पंडित द्वारा प्रयागराज जंक्शन स्थित सीसीटीवी कंट्रोल रूम से स्टेशन एवं रेल परिचालन की सतत निगरानी की गई।मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर आज दिनांक 15 जनवरी 2026 को 19.00 बजे तक प्रयागराज मण्डल द्वारा कुल 19 विशेष गाड़ियो का संचालन किया गया।इनमें रिंग रेल सेवा विस्तारित सेवा टाइम-टेबल स्पेशल गाड़ियां तथा यात्रियो की अतिरिक्त आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चलाई गई अन्य विशेष गाड़ियां सम्मिलित रही।इसी क्रम में वरिष्ठ अधिकारियो द्वारा प्रयागराज जंक्शन के विभिन्न प्लेटफार्मो का भी निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर प्लेटफार्म प्रवेश एवं निकास मार्ग कैटरिंग सुविधाएं तथा अन्य संवेदनशील स्थलो पर यात्रियों की आवाजाही एवं भीड़ प्रबन्धन की व्यवस्थाओ का गहन अवलोकन किया गया। अधिकारियों ने ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियो को निरन्तर सतर्कता बनाए रखने यात्रियो को समुचित मार्गदर्शन प्रदान करने तथा किसी भी आकस्मिक स्थिति से त्वरित एवं प्रभावी ढंग से निपटने के निर्देश दिए।रेल प्रशासन द्वारा मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर यात्रियो की सुविधा हेतु विशेष भीड़ प्रबन्धन एवं सुरक्षा सम्बन्धी व्यापक व्यवस्थाएं की गई है तथा आवश्यक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराई गई है जिससे श्रद्धालुओ एवं यात्रियो को सुरक्षित सुगम एवं सुविधा जनक यात्रा का अनुभव प्राप्त हो सके।