निपुण सम्मान समारोह: बलिया के 448 निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्य विकास अधिकारी ने किया सम्मानित
संजीव सिंह बलिया, 25 मार्च 2026: शैक्षिक सत्र 2025-26 के जनवरी-फरवरी माह में निपुण भारत मिशन के तहत डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा कराए गए आकलन में चयनित 448 निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को गंगा बहुद्देशीय सभागार, कलेक्ट्रेट में मुख्य विकास अधिकारी बलिया श्री ओजस्वी राज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह के हाथों प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। निपुण भारत मिशन पर चर्चा करते हुए जनपद के एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर, संतोष चंद तिवारी व चित्रलेखा सिंह ने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। आने वाले नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाकर प्रदेश में नई ऊंचाई हासिल करना हमारा लक्ष्य होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजय कुमार, डॉ. संजय कुमार यादव, डॉ. भवतोष पांडेय, अजयकांत, मुमताज अहमद, राम प्रकाश सिंह व बम बहादुर की विशेष भूमिका रही। संचालन डॉ. शशि भूषण मिश्रा ने किया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
पार्थ कपूर ने ओएनजीसी स्कूल में कक्षा व विद्यालय में हासिल किया प्रथम स्थान, स्कॉलर अवार्ड से सम्मानित

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र की अग्रणी शिक्षण संस्थान ओएनजीसी में नगर के नगर के मोहल्ला काजी टोला निवासी विशाल कपूर के पुत्र पार्थ कपूर ने अपने पूरे विद्यालय व कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट देकर सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि पार्थ कपूर ओएनजीसी के कक्षा तीन का छात्र है और उसने वार्षिक परीक्षा में अपने विद्यालय व कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दानिश खान के द्वारा स्कॉलर अवार्ड प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

पार्थ कपूर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों व माता-पिता को दिया। पार्थ कपूर की इस  सफलता पर क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई और विद्यालय के संचालक आशीष सिंघानिया, नगर के एमएलसी जासमीर अंसारी, हरीश रस्तोगी,सभासद उमेश महरोत्रा, वीरेंद्र पुरी, प्रधान विवेक शुक्ला, भगवान दीन त्रिवेदी, शिक्षक अनवर अली,विपिन अवस्थी, नीलू गुप्ता, पूर्व सभासद सौरभ पुरी, डॉ.आशुतोष शुक्ला, अखिलेंद्र यादव, निखिल मेहरोत्रा,अनुज महरोत्रा, सुरेश जयसवाल,अंकित अवस्थी, रवि शाक्य, ज्ञानेंद्र पांडे,निर्मल ने बच्चों को बधाई देकर उसका उत्साह वर्धन किया।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
सामाजिक क्रांति के नायक रामाश्चर्य यादव नेताजी का निधन, देश के बड़े नेताओं से रहा संबंध
जौनपुर। सामाजिक क्रांति के नायक रहे बदलापुर तहसील अंतर्गत देवरामपुर ग्राम निवासी रामाश्चर्य यादव नेताजी का 80 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुंशी गणेशाराम इंटर कॉलेज, बताऊवीर के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे नेताजी ने काफी वर्षों तक शिक्षण कार्य भी किया था। पूर्व राज्यपाल मोतीलाल बोरा से लेकर जॉर्ज फर्नांडीज के बेहद करीबी रहे नेताजी ने हमेशा सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। मृत्यु भोज के खिलाफ उन्होंने बड़ा आंदोलन किया, जिसके चलते अनेक लोगों ने मृत्यु भोज की जगह शोक सभा का आयोजन करना शुरू किया। वह अपने पीछे तीन पुत्र, पुत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके पुत्र चंद्रकांत यादव तथा डॉ कृष्णकांत यादव शिक्षक के रूप में कार्यरत है जबकि सूर्यकांत यादव उत्तराखंड में सर्विस करते हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे,पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव ललई, पूर्व सांसद श्यामसिंह, चन्द्रभूषण यादव, लाल रत्नाकर, डीके यादव, समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, पूर्व विद्यायक लाल बहादुर यादव , एड. बिजय शंकर यादव, एड. हीरालाल यादव, श्याम नारायण बिन्द,  क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू यादव  डॉ श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, रामसुख यादव, पूर्व प्रशासकीय अधिकारी रामहित यादव, सपा नेता अशोक दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, लक्ष्मी नारायण यादव, अवधेश यादव, प्रमोद यादव, पूर्व प्रधानाचार्य रामफेर यादव,  समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
शिक्षा जागरण का शंखनाद: सीयर की धरती पर गूंजा नव निर्माण का संकल्प
संजीव सिंह बलिया!आज दिनांक 24/03/2025 को हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नंबर 3 शिक्षा, संकल्प और समर्पण का एक विराट केंद्र बन गया, जब प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय निकाय के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अत्यंत दिव्य वातावरण में हुआ, जब प्रधानाध्यापिका मीरा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। उनके स्वर मानो ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का आह्वान कर रहे थे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम एवं विशिष्ट अतिथि सहायक विकास अधिकारी मनोज सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी सीयर श्री सुनील चौबे ने अतिथियों का स्वागत अत्यंत गरिमामय ढंग से किया। माल्यार्पण, बैज अलंकरण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मान की परंपरा ने पूरे कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। जब मंच से सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी का ओजस्वी स्वर गूंजा, तो वह केवल संबोधन नहीं, बल्कि शिक्षा के रण में डटे कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा का बिगुल था। उन्होंने विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए शिक्षकों को समाज का सच्चा पथप्रदर्शक कहा। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे द्वारा ग्राम प्रधानों एवं प्रधानाध्यापकों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे वातावरण उत्साह, सम्मान और ऊर्जा से भर उठा। कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प के 19 पैरामीटर की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि शिक्षा के समग्र उत्थान का एक सशक्त अभियान है। इन मानकों के माध्यम से विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, संसाधनयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब विद्यालय का वातावरण सुंदर, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक होगा, तब ही बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। यह भी कहा गया कि इन मानकों की पूर्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, ग्राम प्रधान, अभिभावक और शिक्षकों की साझा भागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को इन सभी मानकों से पूर्ण रूप से संतृप्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। वक्ताओं की प्रेरक वाणी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव, एआरपी राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रधानाध्यापक दयानंद सिंह, नियमत अली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने अपने संबोधन में आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा और विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक संजीव कुमार एवं जयप्रकाश यादव के प्रेरक गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र वर्मा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, रजिकमाल पाशा, दिलीप कुशवाहा, अजय त्रिपाठी, अवधेश कुमार, जय प्रकाश मौर्य, जयप्रकाश यादव सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन नन्द लाल शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो शिक्षा के दीप को और प्रखर करने की दिशा में उठाया गया है— “जब विद्यालय जागेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।”
झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
निपुण सम्मान समारोह: बलिया के 448 निपुण विद्यालयों के शिक्षकों को मुख्य विकास अधिकारी ने किया सम्मानित
संजीव सिंह बलिया, 25 मार्च 2026: शैक्षिक सत्र 2025-26 के जनवरी-फरवरी माह में निपुण भारत मिशन के तहत डीएलएड प्रशिक्षुओं द्वारा कराए गए आकलन में चयनित 448 निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों व प्रभारी प्रधानाध्यापकों को गंगा बहुद्देशीय सभागार, कलेक्ट्रेट में मुख्य विकास अधिकारी बलिया श्री ओजस्वी राज एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री मनीष कुमार सिंह के हाथों प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का उद्घाटन मां सरस्वती के तेल चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन से किया गया। निपुण भारत मिशन पर चर्चा करते हुए जनपद के एसआरजी आशुतोष कुमार सिंह तोमर, संतोष चंद तिवारी व चित्रलेखा सिंह ने विद्यालयों में किए जा रहे नवाचारों पर प्रकाश डाला।मुख्य अतिथि मुख्य विकास अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी बलिया ने सभी निपुण विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हमें निश्चिंत होकर नहीं बैठना है। आने वाले नवीन सत्र में नामांकन बढ़ाकर प्रदेश में नई ऊंचाई हासिल करना हमारा लक्ष्य होगा।कार्यक्रम में मुख्य रूप से विजय कुमार, डॉ. संजय कुमार यादव, डॉ. भवतोष पांडेय, अजयकांत, मुमताज अहमद, राम प्रकाश सिंह व बम बहादुर की विशेष भूमिका रही। संचालन डॉ. शशि भूषण मिश्रा ने किया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026 के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन*
सुलतानपुर,पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए। प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया। जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया। जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में यूथ पार्लियामेंट 2026  के अंतर्गत भाषण प्रतियोगिता का आयोजन
सुलतानपुर। पयागीपुर स्थित गनपत सहाय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में “ *माय भारत युवा फॉर विकसित भारत* ” अभियान के अंतर्गत एक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। महाविद्यालय के प्रबंधक डॉ ओम प्रकाश पाण्डेय 'बजरंगी' के मार्गदर्शन और प्राचार्य प्रो अंग्रेज सिंह राणा की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. डी. एस. मिश्र तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में जिला सांख्यिकीय अधिकारी विजय चतुर्वेदी उपस्थित रहे। “माय भारत” के यूथ ऑफिसर सुधीर पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को विशेष ऊंचाई प्रदान की।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन, सरस्वती वंदना एवं अतिथियों को अंगवस्त्र भेंट कर स्वागत के साथ किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय “ *आपातकाल के 50 साल : लोकतंत्र के लिए सबक* ” रहा, जिस पर छात्र-छात्राओं ने अपने विचार प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किए।  प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों के 50 से अधिक छात्र-छात्राओं ने प्रतिभाग किया, जिनमें प्रथम स्थान — हिमांशू पाण्डेय, द्वितीय स्थान — सौरभ यादव, तृतीय स्थान — महेश निषाद, चतुर्थ स्थान- उत्कर्ष दूबे
पांचवां स्थान- नीशू पाण्डेय और आदित्य दूबे ने प्राप्त किया प्रतियोगिता में निर्णायक मंडल की भूमिका में प्रो. मो. शाहिद, डॉ. महेंद्र प्रताप सिंह, प्रो अनुज कुमार पटेल एवं शशिकांत मिश्र उपस्थित रहे , जिन्होंने निष्पक्ष रूप से प्रतिभागियों का आकलन किया।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. विष्णु शंकर अग्रहरि ने कुशलतापूर्वक किया।इस अवसर पर सभी प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को “माय भारत” प्रिंटेड टी-शर्ट एवं लंच पैकेट वितरित किए गए। वक्ताओं ने अपने उद्बोधन में युवाओं को लोकतंत्र की मजबूती, जागरूक नागरिकता एवं राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला नोडल अधिकारी डॉ. शाहनवाज आलम ने किया, जबकि राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारियों डॉ. दीपा सिंह, डॉ. भोलानाथ एवं डॉ. देवेंद्र मिश्र के सहयोग से आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राध्यापक प्रो मनोज मिश्र, डॉ अश्विनी सिंह, सुभाष वर्मा, अर्चना त्रिपाठी, आलोक रावत एवं कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे, जिनकी सक्रिय सहभागिता ने आयोजन को अत्यंत सफल एवं प्रेरणादायी बना दिया।
साहित्य वाचस्पति उपाधि से विभूषित हुए प्रो.करुणाशंकर उपाध्याय
मुंबई। हिन्दी साहित्य सम्मेलन,प्रयाग ने प्रख्यात आलोचक व मुंबई विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. करुणाशंकर उपाध्याय को अपनी सर्वोच्च उपाधि साहित्य वाचस्पति (डी. लिट.) से 22 मार्च 2026 को श्री सोमनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय,गुजरात में सम्मानित किया।उक्त उपाधि से अब तक साहित्यकारों में पं.मदन मोहन मालवीय,महात्मा गाँधी,अयोध्यासिंह उपाध्याय 'हरिऔध', गौरीशंकर हीराचन्द ओझा, ग्रियर्सन, श्यामसुन्दर दास, महावीर प्रसाद द्विवेदी, मैथिलीशरण गुप्त,माखन लाल चतुर्वेदी,डॉ. सम्पूर्णानन्द,हजारी प्रसाद द्विवेदी,विजय दत्त श्रीधर जैसी विभूतियों का समावेश है।

प्रोफेसर उपाध्याय को यह उपाधि हिन्दी साहित्य सम्मेलन के सभापति और प्रख्यात विद्वान् डाॅ. सूर्य प्रसाद दीक्षित के कर-कमलों से प्राप्त हुआ।मुंबई विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर एवं आलोचक डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय इस समय हिन्दी साहित्य के सबसे चर्चित आलोचक हैं।आप भारतीय और पाश्चात्य काव्यशास्त्र के अधिकारी विद्वान् हैं। आप आलोचना की अद्यतन पद्धतियों से भी पूर्णत: विज्ञ हैं।आप भारतीय ज्ञान परंपरा के आलोक में नूतन प्रतिमानों का निर्माण करते हैं।आपकी  पुस्तक 'मध्यकालीन कविता का पुनर्पाठ' पर आयोजित परिचर्चा के अवसर पर साहित्यकार चित्रामुद्गल ने डाॅ. उपाध्याय को आज का सबसे बड़ा आलोचक कहा था।

तदुपरांत हिंदी साहित्य भारती द्वारा आयोजित अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में प्रोफेसर आनंद प्रकाश त्रिपाठी ने इन्हें वर्तमान शती का आचार्य रामचंद्र शुक्ल और डाॅ.अरविंद द्विवेदी ने अज्ञेय के बाद हिंदी का सबसे बड़ा अंत: अनुशासनिक आलोचक कहा।प्रोफेसर उपाध्याय के आलोचनात्मक लेखन पर ममता यादव ने जे.जे.टी.विश्वविद्यालय, झुंझनू,राजस्थान से पी-एच.डी. की उपाधि प्राप्त की है।शोध छात्र अश्वनी तिवारी ने मीडिया को बताया कि राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दो दर्जन से अधिक सम्मान से पुरस्कृत डाॅ.करुणाशंकर उपाध्याय का जन्म 15 अप्रैल 1968 को उ.प्र. के प्रतापगढ़ जिले के घोरका तालुकदारी नामक गाँव में हुआ।पिता राममनोरथ उपाध्याय विख्यात रामायणी थें और पितामह रामकिशुन उपाध्याय सुविख्यात वैद्य थें।

डाॅ.उपाध्याय की अभी तक कुल 20 मौलिक आलोचनात्मक पुस्तकें और 15 संपादित पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं। गत वर्ष इनका आलोचना ग्रंथ ' जयशंकर प्रसाद महानता के आयाम ' प्रकाशित हुआ है जो इस समय विद्वानों के मध्य मीमांसा का विषय बना हुआ है। महाकवि जयशंकर प्रसाद की प्रपौत्री डाॅ.कविता प्रसाद पुस्तक की प्रशंसा करती है। इस पर अब तक 25 संगोष्ठियां आयोजित हो चुकी हैं।आपके राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पत्रिकाओं में लगभग 400 आलेख - शोध पत्र प्रकाशित हैं।वही प्रो. उपाध्याय के कुशल निर्देशन में अब तक 37 शोधार्थी पी-एच. डी. की उपाधि एवं 55 छात्र एम.फिल. कर चुके हैं।
पार्थ कपूर ने ओएनजीसी स्कूल में कक्षा व विद्यालय में हासिल किया प्रथम स्थान, स्कॉलर अवार्ड से सम्मानित

कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र की अग्रणी शिक्षण संस्थान ओएनजीसी में नगर के नगर के मोहल्ला काजी टोला निवासी विशाल कपूर के पुत्र पार्थ कपूर ने अपने पूरे विद्यालय व कक्षा में सर्वोच्च स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय द्वारा सर्टिफिकेट ऑफ मेरिट देकर सम्मानित किया गया। ज्ञातव्य है कि पार्थ कपूर ओएनजीसी के कक्षा तीन का छात्र है और उसने वार्षिक परीक्षा में अपने विद्यालय व कक्षा में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर विद्यालय के प्रधानाचार्य दानिश खान के द्वारा स्कॉलर अवार्ड प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।

पार्थ कपूर ने अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरुजनों व माता-पिता को दिया। पार्थ कपूर की इस  सफलता पर क्षेत्र में हर्ष की लहर दौड़ गई और विद्यालय के संचालक आशीष सिंघानिया, नगर के एमएलसी जासमीर अंसारी, हरीश रस्तोगी,सभासद उमेश महरोत्रा, वीरेंद्र पुरी, प्रधान विवेक शुक्ला, भगवान दीन त्रिवेदी, शिक्षक अनवर अली,विपिन अवस्थी, नीलू गुप्ता, पूर्व सभासद सौरभ पुरी, डॉ.आशुतोष शुक्ला, अखिलेंद्र यादव, निखिल मेहरोत्रा,अनुज महरोत्रा, सुरेश जयसवाल,अंकित अवस्थी, रवि शाक्य, ज्ञानेंद्र पांडे,निर्मल ने बच्चों को बधाई देकर उसका उत्साह वर्धन किया।
पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा राजनाथ दुबे का आकस्मिक निधन
जौनपुर। दैनिक जागरण, महाराजगंज से पत्रकार संजय कुमार दुबे के चाचा का बीती रात असामयिक मौत हो जाने से शोक की लहर फैल गई है।चाचा राजनाथ दुबे लखनऊ में निवास करते थे और काफी दिनों से स्वास्थ ठीक नहीं था।पूर्व में राजकीय सेवा में ग्रामीण अभियंत्रण विभाग में कार्यरत थे ।उनको एक पुत्र अजय कुमार दुबे है जो वोल्टास कंपनी में रीजनल मैनेजर उत्तर प्रदेश और उत्तरा खंड प्रांत में तैनात है।इनका दाह संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। सांसद सीमा द्विवेदी, पूर्व विधायक बाबा दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, पत्रकार प्रमोद पांडे, प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अनिल यादव, ब्लॉक अध्यक्ष उमेश मिश्रा, पत्रकार अमित पांडे,राजीव दुबे ,श्रेयांस दुबे ,अथर्व दुबे,स्वतंत्र कुमार दुबे, अंकित दुबे समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
सामाजिक क्रांति के नायक रामाश्चर्य यादव नेताजी का निधन, देश के बड़े नेताओं से रहा संबंध
जौनपुर। सामाजिक क्रांति के नायक रहे बदलापुर तहसील अंतर्गत देवरामपुर ग्राम निवासी रामाश्चर्य यादव नेताजी का 80 वर्ष की उम्र में आकस्मिक निधन हो गया। उनके निधन की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। मुंशी गणेशाराम इंटर कॉलेज, बताऊवीर के संस्थापक सदस्यों में शामिल रहे नेताजी ने काफी वर्षों तक शिक्षण कार्य भी किया था। पूर्व राज्यपाल मोतीलाल बोरा से लेकर जॉर्ज फर्नांडीज के बेहद करीबी रहे नेताजी ने हमेशा सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार किया। मृत्यु भोज के खिलाफ उन्होंने बड़ा आंदोलन किया, जिसके चलते अनेक लोगों ने मृत्यु भोज की जगह शोक सभा का आयोजन करना शुरू किया। वह अपने पीछे तीन पुत्र, पुत्रियों से भरा पूरा परिवार छोड़ गए। उनके पुत्र चंद्रकांत यादव तथा डॉ कृष्णकांत यादव शिक्षक के रूप में कार्यरत है जबकि सूर्यकांत यादव उत्तराखंड में सर्विस करते हैं। पूर्व विधायक बाबा दुबे,पूर्व मंत्री शैलेन्द्र यादव ललई, पूर्व सांसद श्यामसिंह, चन्द्रभूषण यादव, लाल रत्नाकर, डीके यादव, समाजवादी पार्टी जिलाध्यक्ष राकेश मौर्य, पूर्व विद्यायक लाल बहादुर यादव , एड. बिजय शंकर यादव, एड. हीरालाल यादव, श्याम नारायण बिन्द,  क्षेत्र पंचायत सदस्य सोनू यादव  डॉ श्रीपाल पांडे, राम अनंद पांडे, रामसुख यादव, पूर्व प्रशासकीय अधिकारी रामहित यादव, सपा नेता अशोक दुबे, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, लक्ष्मी नारायण यादव, अवधेश यादव, प्रमोद यादव, पूर्व प्रधानाचार्य रामफेर यादव,  समेत अनेक लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख प्रकट करते हुए उनकी आत्मा की शांति हेतु ईश्वर से प्रार्थना की है।
शिक्षा जागरण का शंखनाद: सीयर की धरती पर गूंजा नव निर्माण का संकल्प
संजीव सिंह बलिया!आज दिनांक 24/03/2025 को हरिकेवल प्रसाद सभागार, प्राथमिक विद्यालय सीयर नंबर 3 शिक्षा, संकल्प और समर्पण का एक विराट केंद्र बन गया, जब प्रधानाध्यापक/प्रभारी प्रधानाध्यापक, ग्राम प्रधान एवं स्थानीय निकाय के सदस्यों का एक दिवसीय उन्मुखीकरण एवं कार्यशाला भव्यता के साथ संपन्न हुई। कार्यक्रम का शुभारम्भ अत्यंत दिव्य वातावरण में हुआ, जब प्रधानाध्यापिका मीरा शुक्ला द्वारा प्रस्तुत मधुर सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत ने पूरे सभागार को भक्ति और ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। उनके स्वर मानो ज्ञान, संस्कृति और नवचेतना का आह्वान कर रहे थे। इसके पश्चात मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम एवं विशिष्ट अतिथि सहायक विकास अधिकारी मनोज सिंह ने माँ सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विधिवत पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ किया। खंड शिक्षा अधिकारी सीयर श्री सुनील चौबे ने अतिथियों का स्वागत अत्यंत गरिमामय ढंग से किया। माल्यार्पण, बैज अलंकरण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह के माध्यम से सम्मान की परंपरा ने पूरे कार्यक्रम को गौरवपूर्ण बना दिया। जब मंच से सेवानिवृत्त शिक्षक रमेश चंद्र तिवारी का ओजस्वी स्वर गूंजा, तो वह केवल संबोधन नहीं, बल्कि शिक्षा के रण में डटे कर्मयोगियों के लिए प्रेरणा का बिगुल था। उन्होंने विद्यालयों को राष्ट्र निर्माण का केंद्र बताते हुए शिक्षकों को समाज का सच्चा पथप्रदर्शक कहा। कार्यक्रम के दौरान खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे द्वारा ग्राम प्रधानों एवं प्रधानाध्यापकों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन किया गया, जिससे वातावरण उत्साह, सम्मान और ऊर्जा से भर उठा। कार्यशाला के दौरान वक्ताओं ने विशेष रूप से विद्यालयों में चल रहे कायाकल्प के 19 पैरामीटर की चर्चा करते हुए कहा कि यह केवल सरकारी दिशा-निर्देश नहीं, बल्कि शिक्षा के समग्र उत्थान का एक सशक्त अभियान है। इन मानकों के माध्यम से विद्यालयों को स्वच्छ, सुरक्षित, संसाधनयुक्त, तकनीकी रूप से सक्षम और बच्चों के अनुकूल बनाने का लक्ष्य रखा गया है। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब विद्यालय का वातावरण सुंदर, सुव्यवस्थित और प्रेरणादायक होगा, तब ही बच्चों में सीखने की ललक बढ़ेगी और शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य पूर्ण होगा। यह भी कहा गया कि इन मानकों की पूर्ति केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज, ग्राम प्रधान, अभिभावक और शिक्षकों की साझा भागीदारी से ही संभव है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी शिक्षकों एवं ग्राम प्रधानों ने एक स्वर में यह संकल्प लिया कि वे अपने-अपने विद्यालयों को इन सभी मानकों से पूर्ण रूप से संतृप्त करने में कोई कमी नहीं छोड़ेंगे। वक्ताओं की प्रेरक वाणी कार्यक्रम में उच्च प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष रमेश चंद, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष अशोक यादव, एआरपी राकेश वर्मा, राजेश वर्मा, प्रधानाध्यापक दयानंद सिंह, नियमत अली सहित अन्य वक्ताओं ने अपने विचार व्यक्त किए और सभी ने शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर सुधार एवं विकास की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी फैसल आलम ने अपने संबोधन में आश्वस्त करते हुए कहा कि विद्यालयों में जो भी कार्य शेष हैं, उन्हें शीघ्र पूर्ण कराया जाएगा और विकास की प्रक्रिया निरंतर जारी रहेगी। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाध्यापक संजीव कुमार एवं जयप्रकाश यादव के प्रेरक गीतों ने पूरे वातावरण को ऊर्जा, उत्साह और उमंग से भर दिया। उपस्थित जनसमूह भाव-विभोर हो उठा। कार्यक्रम के अंत में खंड शिक्षा अधिकारी सुनील चौबे ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कार्यशाला शिक्षा के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान करेगी। उन्होंने अध्यक्ष के रूप में कार्यक्रम के सफल समापन की घोषणा की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में ग्राम प्रधान एवं प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में देवेंद्र वर्मा, आशुतोष तरुण पाण्डेय, रजिकमाल पाशा, दिलीप कुशवाहा, अजय त्रिपाठी, अवधेश कुमार, जय प्रकाश मौर्य, जयप्रकाश यादव सहित अनेक सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम का संचालन नन्द लाल शर्मा द्वारा अत्यंत प्रभावशाली एवं ओजपूर्ण ढंग से किया गया। यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि एक ऐसा संकल्प है, जो शिक्षा के दीप को और प्रखर करने की दिशा में उठाया गया है— “जब विद्यालय जागेंगे, तभी राष्ट्र आगे बढ़ेगा।”
झारखंड स्वास्थ्य सेवा में बड़ा कदम: स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

रांची | 24 मार्च 2026: विश्व यक्ष्मा (टीबी) दिवस के अवसर पर मंगलवार को नामकुम स्थित आईपीएच सभागार में एक भव्य नियुक्ति पत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संविदा पर चयनित 76 चिकित्सा पदाधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए।

1250 डॉक्टरों की जल्द होगी बहाली, स्वास्थ्य ढांचे में सुधार

समारोह को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य की चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने घोषणा की कि डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए जल्द ही JPSC के माध्यम से 1250 नियमित डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी। डॉ. अंसारी ने कहा, "चिकित्सकों का योगदान समाज में अमूल्य है। पिछले एक वर्ष में 8 नए मेडिकल कॉलेज और राज्य की पहली मेडिकल यूनिवर्सिटी की स्थापना इस दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।"

आधुनिक तकनीक और सुविधाओं पर जोर

मंत्री ने बताया कि राज्य के प्रमुख अस्पतालों को सीटी स्कैन, एमआरआई और एआई (AI) जैसी रोबोटिक तकनीकों से लैस किया जा रहा है ताकि मरीजों को दूसरे राज्यों में रेफर न करना पड़े। इसके अलावा:

ब्लड सप्लाई सिस्टम: जरूरतमंदों के लिए टोल फ्री नंबर आधारित नई व्यवस्था शुरू की जा रही है।

गंभीर बीमारियाँ: सिकल सेल एनीमिया और थैलेसीमिया की पहचान के लिए राज्यव्यापी जांच अभियान चलेगा।

मिशन 2030: टीबी मुक्त झारखंड का लक्ष्य

अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने जानकारी दी कि सरकार ने इस वर्ष 12 लाख लोगों की टीबी जांच का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष के 9.5 लाख के आंकड़े को पार करने के लिए संसाधनों में वृद्धि की गई है। अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा ने बताया कि आगामी 100 दिनों में पंचायत स्तर तक टीबी स्क्रीनिंग और जागरूकता अभियान को तेज किया जाएगा। साथ ही, टीबी मरीजों की प्रोत्साहन राशि का लंबित भुगतान भी जल्द निपटाया जाएगा।

जागरूकता वाहनों को दिखाई हरी झंडी

कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों में टीबी उन्मूलन का संदेश फैलाने वाले विशेष जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने नवनियुक्त डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे न केवल मरीजों का इलाज करें, बल्कि अस्पतालों की व्यवस्थागत कमियों की रिपोर्ट भी सरकार को दें ताकि जमीनी स्तर पर सुधार हो सके।

कार्यक्रम में मुख्य उपस्थिति

समारोह में अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह, अभियान निदेशक (NHM) शशि प्रकाश झा, निदेशक प्रमुख (स्वास्थ्य सेवाएं) डॉ. सिद्धार्थ सान्याल सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

हड़ताली राजस्व अधिकारियों पर सरकार सख्त, 25 मार्च तक काम पर लौटने का अल्टीमेटम





पटना
उपमुख्यमंत्री बोले, जनहित से समझौता नहीं, समयसीमा के बाद सेवा टूट समेत होगी कड़ी कार्रवाई पटना : राज्य में हड़ताली राजस्व अधिकारियों के खिलाफ सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सामूहिक अवकाश को अवैध करार दिया है। इस संबंध में विभाग के अपर सचिव श्री आजीव वत्सराज द्वारा जारी विभागीय पत्र के आधार पर माननीय उपमुख्यमंत्री सह मंत्री, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग श्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा 25 मार्च तक कार्य पर नहीं लौटने वाले पदाधिकारियों के विरुद्ध सख्त अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार राजस्व सेवा के कुछ पदाधिकारियों द्वारा 9 मार्च 2026 से घोषित सामूहिक अवकाश न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि इससे आम जनता के कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि राज्य सरकार जनहित और प्रशासनिक व्यवस्था से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करेगी। उन्होंने बताया कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की समृद्धि यात्रा तथा उनके नेतृत्व में आयोजित होने वाले भूमि सुधार जनकल्याण संवाद जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों के मद्देनज़र राजस्व पदाधिकारियों की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। ऐसे समय में कार्य से अनुपस्थित रहना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है। उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सभी संबंधित पदाधिकारियों को 25 मार्च 2026 की संध्या 5:00 बजे तक हर हाल में अपने पद पर योगदान देना होगा। निर्धारित समयसीमा के बाद अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सेवा टूट, वेतन कटौती और अन्य कठोर अनुशासनिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि जो पदाधिकारी निर्धारित अवधि के भीतर कार्य पर लौट आते हैं, उनके मामले में अवकाश अवधि के समायोजन पर नियमों के अनुसार सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा। उपमुख्यमंत्री ने अंत में सभी अधिकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे हड़ताल समाप्त कर शीघ्र अपने दायित्वों का निर्वहन करें, ताकि आम जनता को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।