संजय उपाध्याय ने संजय राऊत के खिलाफ बोला करारा हमला
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना मुगल शासक 'औरंगजेब' से की और उन्हें 'अघोरी' (क्रूर) तक कह दिया। बोरीवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने संजय राऊत पर करारा हमला बोलते हुए इस विकृति मानसिकता और हताशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि जैसा डर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर औरंगजेब के मन में रहता था, वैसा ही डर प्रधानमंत्री को लेकर संजय राऊत के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि यह डर अच्छा है और संजय राऊत जैसे विकृति और खोखली मानसिकता वाले व्यक्ति के अंदर यह डर बना रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि श्री राऊत को आत्म मंथन करना चाहिए कि हर सुबह उनके जुबान से इस तरह की घटिया सोच वाली बातें क्यों निकलती हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से हताश और निराश हो चुके संजय राऊत अपने आका को खुश करने के लिए इस तरह की ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण श्रमिक की मौत,मचा कोहराम

कार्रवाई एवं मुआवजा दिलाए जाने के लिए थाना ख़ुलदाबाद मे ठेकेदार के खिलाफ  F.I.R दर्ज

प्रयागराज|अजय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, निवासी भोपतपुर तारापुर करेहदा उपरहार, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज का निवासी है।
दिनांक 09.06.2026 को अजय का छोटा भाई विनय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, उम्र लगभग 35 वर्ष, जो शटरिंग मिस्त्री का कार्य करता था, प्रतिदिन की भांति अपने कार्य पर गया था। वह ठेकेदार असगर खान के साथ चकिया स्थित निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहा था, जो थाना खुल्दाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
दिनांक 09.06.2026 को लगभग शाम 4 बजे मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि कार्यस्थल पर दुर्घटना हो गई है तथा विनय कुमार विश्वकर्मा को उपचार हेतु कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही अजय एवं अन्य परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे,जहां ज्ञात हुआ कि विनय कुमार विश्वकर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
अजय  का आरोप है कि उक्त दुर्घटना कार्यस्थल पर ठेकेदार एवं संबंधित व्यक्तियों की घोर लापरवाही के कारण हुई है। निर्माण स्थल पर बिजली के तारों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह दुखद घटना घटित हुई। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो अजय के भाई की जान बच सकती थी।
मृतक विनय कुमार विश्वकर्मा
अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे उसकी पत्नी एवं लगभग 2 वर्ष की एक पुत्री हैं, एवं माता पिता भी साथ रहते है, जिनका भरण-पोषण अब अत्यंत कठिन हो गया है। परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है।परिवार ने प्रशासन से पत्र के ज़रिये  निवेदन किया है कि उक्त घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शासन एवं श्रम कानूनों के अंतर्गत देय उचित मुआवजा एवं अन्य आर्थिक सहायता दिलाने की कृपा की जाए।
कमलावती पाठक की पुण्यतिथि पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित खालिसपुर गांव निवासी वरिष्ठ समाजसेवी पंडित जयप्रकाश पाठक की धर्मपत्नी कमलावती देवी की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर आज रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चार पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया। पंडित जयप्रकाश पाठक के सुपुत्र तथा पंडित आर आर मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विभव प्रकाश पाठक, एडवोकेट उदधि प्रकाश पाठक तथा प्रधानाचार्य विरद प्रकाश पाठक ने अपनी अपनी धर्मपत्नी के साथ रुद्राभिषेक संपन्न किया। परिवार के बेद प्रकाश पाठक, शिवांजल, ज्ञान प्रकाश, सूर्य प्रकाश, सत्य प्रकाश, चंद्र प्रकाश तथा विदनेश ने आगंतुकों का स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्रबंधक विनोद तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, विग्नेश पाठक, घनश्याम पाठक, प्रदीप पाठक, आशीष पाठक समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए मुन्ना सिंह, क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

हजारीबाग जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने शनिवार को हजारीबाग शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर पूजा-अर्चना की तथा भगवान शिव एवं समस्त देवी-देवताओं से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

मुन्ना सिंह सबसे पहले कोऑपरेटिव कॉलोनी गोलम्बर, दीपुगढ़ा स्थित नव निर्मित श्री श्री महादेव मंदिर में आयोजित सप्त देव सप्त दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, आध्यात्मिकता और सनातन संस्कृति के प्रति नई चेतना का संचार करते हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण एवं महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए पूजा समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रयासों की सराहना की।

इसके पश्चात वे मटवारी कुम्हारटोली दुर्गा स्थान पहुंचे, जहां आयोजित शिव परिवार पंच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव, माता पार्वती एवं समस्त देव शक्तियों से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की कामना की। साथ ही आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालु भक्तों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिन के अंतिम चरण में मुन्ना सिंह ने बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 सर्व देव प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में भाग लेकर यज्ञ दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान समाज में भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उनकी गहरी आस्था को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त बनाने और जनकल्याण की भावना को प्रबल करने का भी कार्य करती हैं। उन्होंने आयोजन समितियों के सभी पदाधिकारियों, सहयोगकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुन्ना सिंह ने भगवान शिव एवं समस्त देवी-देवताओं से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और विकास का मार्ग निरंतर प्रशस्त होता रहे तथा सभी नागरिक स्वस्थ, खुशहाल और उन्नत जीवन व्यतीत करें।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

मुकेश सिंह, अभिमन्यु कुमार, सीताराम मेहता, पंकज मेहता, भरत मेहता, नीरज सिंह, दशरथ मेहता, संजय सिंह, वीरेन्द्र कुमार वीरू, सुनील सिंह, सहिता राम सिंह, फणीन्द्र गुप्ता, राहुल सिंह, राजू कुमार गुप्ता (पीओपी), विकास सिंह, संजीव सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, गोविन्द सिंह, राजू गुप्ता, किशोरी राणा, मनीष ठाकुर, नारायण साव, प्रबल प्रताप, राहुल ठाकुर, उमेश जायसवाल, रामजी, दिलीप रैथ, दीपक वर्णवाल एवं रंजीव रंजन।

डॉ कृपाशंकर मिश्र द्वारा लिखित साहित्य मंथन का लोकार्पण


मुंबई । प्रतीक्षा मेमोरियल एज्युकेशनल ट्रस्ट के 20 वें वार्षिक सम्मेलन 2026 ई के वैनर तले डाँ.कृपाशंकर मिश्र विरचित हिन्दी काव्य-संग्रह " साहित्य मंथन " का लोकार्पण और पुस्तक परिचर्चा बुधवार 10 जून 2026 केशव गोरे सभागार गोरेगांव पश्चिम मुम्बई में आयोजित किया गया।आयोजन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य के पितामह डाँ सुधाकर मिश्र ने किया।पुस्तक परिचर्चा में भाग लेने वाले मनीषियों में डाँ शीतला प्रसाद दूबे,मुम्बई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाँ करुणाशंकर उपाध्याय,प्रोफेसर डाँ.दयानंद तिवारी,महान विदुषी डाँ उषा मिश्रा,डाँ सागर त्रिपाठी, वाराणसी से डाँ कपिलदेव प्रसाद मिश्र,नागपुर से पधारे रामकृष्ण सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

मंच का संचालन करते हुए डाँ उमेशचंद्र शुक्ल ने साहित्य मंथन पर अपने विस्तृत और व्यापक विचार प्रस्तुत किये। सरस्वती वंदना संस्कृत विद्वान राम व्यास उपाध्याय ने किया।गणेश स्तुति पर कथक नृत्य कनिष्का अंकित मिश्रा ने किया तथा स्वागत व भूमिका में संपूर्ण नियोजन की जानकारी संस्था के अध्यक्ष डाँ.कृपाशंकर मिश्र ने दिया।उपस्थित कलमकारो में गजानन महतपुरकर, बोधिसत्व, आभा बोधिसत्व,डाँ देवमणि पाण्डेय,डाँ नीलिमा पाण्डेय,सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, राजकुमार मिश्र, डाँ दिनेश वर्मा,डाँ रोशनी किरन,डाँ किरन मिश्रा, पल्लवी रानी, किरन तिवारी,ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी, दिनेश वर्मा,मनोज नायक, लालबहादुर कमल,नन्दन मिश्र त्यागी,सुरेश मिश्र, मिथिलेश मिश्र,प्रमोद उपाध्याय, नीतू पाण्डेय क्रान्ति, राजेन्द्र मिश्र,डाँ मृदुल तिवारी महक,वाचस्पति तिवारी,श्रीधर आत्मिक मिश्र, प्रमोद पाण्डेय, विनोद पाण्डेय,रामजीत गुप्त,नन्दलाल क्षितिज,ए पी द्विवेदी रोमा झा, कुसुम तिवारी और बेटी इन्दिराअमिता गुजराल,  जागृति सिन्हा,राजनाथ शर्मा,हरिशंकर मिश्र भाइन्दर, संतोष मिश्र,सुरेश दूबे, कृष्णकान्त मिश्र, रामसिंह, अमरनाथ तिवारी, गौरीशंकर तिवारी, हरिश्चंद्र पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय केवल,  मीनाक्षी शर्मा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अरुण दूबे,डाँ प्रमोद पाण्डेय (मानस परिवार), सूर्यकुमार तिवारी एवं समस्त मानस ट्रस्ट परिवार,संजय द्विवेदी,अनिल कुमार राही, राकेशमणि तिवारी, आर के सर, कवि चुलबुल, अवधेश विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपस्थिति सभी साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वसीम सहित अन्य सभागार में सहयोगी और समर्पित भाव से आयोजन बनाने वालो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का अंत राष्ट्रगान से हुआ तथा संस्था अध्यक्ष डॉ कृपाशंकर मिश्र ने सभी से क्षमा याचना की और अपना आभार व्यक्त किया।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।
भीषण सड़क हादसे में कैसे बचा शर्मा परिवार,साहस, संघर्ष और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई। मुंबई निवासी अंकुर शर्मा और उनके परिवार की यह सच्ची कहानी केवल एक सड़क दुर्घटना की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, पारिवारिक प्रेम, धैर्य और ईश्वर की कृपा की मिसाल है। यह घटना सिद्ध करती है कि जब इंसान का हौसला अडिग हो और परिवार एकजुट हो, तो जीवन की सबसे कठिन परीक्षाएं भी पार की जा सकती हैं।
24 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे राजस्थान के एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंकुर शर्मा अपनी पत्नी पूनम शर्मा, 12 वर्षीय पुत्री वंशिका शर्मा, 4 वर्षीय पुत्र देवांश शर्मा और चालक संजय के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक सामने चल रहे ट्रक ने तेज ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई और देखते ही देखते एक भयावह दुर्घटना घट गई।हादसे में पूनम शर्मा, वंशिका शर्मा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वयं अंकुर शर्मा को भी अंदरूनी चोटें आईं। सौभाग्यवश छोटे देवांश को गंभीर चोट नहीं लगी। दुर्घटना के दौरान मात्र 12 वर्ष की वंशिका ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह किसी बड़े व्यक्ति से कम नहीं था। उसने अपने छोटे भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल होने के बावजूद अंकुर शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बचाने का संकल्प लिया। इसी बीच अश्विन नामक एक सज्जन व्यक्ति देवदूत बनकर सामने आए। उनकी मदद से सभी घायलों को तत्काल निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। संकट की उस घड़ी में अश्विनी का सहयोग शर्मा परिवार कभी नहीं भूल सकता। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंकुर शर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था की और लगभग 70 किलोमीटर दूर जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में परिवार को भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति पूनम शर्मा की थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। पूरा परिवार अनिश्चितता और चिंता के दौर से गुजर रहा था।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद अंकुर शर्मा ने अपनी पत्नी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कठिन निर्णय लिया। 29 दिसंबर 2025 को विशेष व्यवस्था के तहत पूनम शर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया और उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल गोयल के मार्गदर्शन में उनका उपचार प्रारंभ हुआ।
अंकुर शर्मा बताते हैं कि उनके जीवन का यह सबसे कठिन समय था। एक ओर पत्नी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, दूसरी ओर चार वर्षीय पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी थी। अस्पताल और घर के बीच उनका जीवन सीमित हो गया था। प्रतिदिन लगभग 17 घंटे अस्पताल में बिताना उनकी दिनचर्या बन गई थी। जब वे घर जाते, तब उनके पिता अस्पताल में रहकर परिवार का संबल बनते। इस कठिन दौर में अंकुर शर्मा के माता-पिता और पुत्री वंशिका ने असाधारण धैर्य और साहस का परिचय दिया। अंकुर शर्मा स्वीकार करते हैं कि यदि परिवार का साथ न होता तो इस संघर्ष को पार कर पाना संभव नहीं था। पहले 108 दिनों तक उन्हें पर्याप्त नींद और आराम भी नसीब नहीं हुआ।
लगभग 35 दिनों बाद जब पूनम शर्मा को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, तब परिवार को पहली बार राहत की किरण दिखाई दी। इसके बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया।आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को 108 दिनों तक चले लंबे उपचार, चिकित्सकों के अथक प्रयास और परिवार की अटूट सेवा के बाद पूनम शर्मा को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई। आज वे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
यह कहानी केवल एक दुर्घटना से बच निकलने की नहीं है। यह कहानी है एक पति के समर्पण की, एक पिता के उत्तरदायित्व की, एक बेटी के साहस की, माता-पिता के त्याग की और उस विश्वास की, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को टूटने नहीं देता।
अंकुर शर्मा ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ निभाया, वह आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सच्चा पारिवारिक प्रेम केवल सुख के दिनों में नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देता है।
सच ही कहा गया है—
"जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।"
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
महदा में आयोजित श्री राम कथा के पांचवें दिन राम– सीता  विवाह के जश्न में डूबा उपाध्याय परिवार
जौनपुर। राम कथा (रामायण) केवल एक धार्मिक कहानी नहीं, बल्कि मानव जीवन जीने की कला और आदर्शों का एक संपूर्ण मार्गदर्शक है। इसका मूल संदेश मर्यादा (कर्तव्य का पालन), प्रेम, त्याग, और धर्म की विजय है, जो हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और सदाचार का मार्ग कैसे अपनाना चाहिए। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर गांव में पंडित रामजी उपाध्याय के यहां आयोजित संगीतमय श्री रामकथा के पांचवें दिन प्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि आदर्श पुत्र भाई, पति, राजा के रूप में भगवान राम का चरित्र समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। कथा के दौरान मंच पर राम  विवाह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें उपाध्याय परिवार के साथ-साथ उपस्थित सभी लोगों ने नाच गाकर जश्न मनाया। कार्यक्रम के आयोजक पंडित रामजी उपाध्याय , उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी, दोनों पुत्र  मुंबई के युवा उद्योगपति हरिवंश उपाध्याय और जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रघुवंश उपाध्याय के अलावा पौत्र आशुतोष उपाध्याय, बेटी हिमलेश उपाध्याय समेत पूरे परिवार ने राम विवाह के बाद जमकर दान दक्षिणा भी की। खुशी का आलम यह था कि हरिवंश उपाध्याय मंच पर नोटों की गड्डी उड़ाते दिखाई दिए। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में सीओ बदलापुर सुनील चंद तिवारी, सिंगरामऊ थाना प्रभारी अखिलेश मौर्या, पूर्व प्रधानाचार्य बद्रीनारायण मिश्र, भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य सुचिता तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, रामचंद्र पांडे सुभाष तिवारी, लाल बहादुर यादव, सुरेश चंद्र मिश्र, राकेश पाठक, रमेश चंद्र मिश्र, मुन्ना मिश्रा, संजय पांडे, ओंकार नाथ उपाध्याय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
आज गोरखपुर और आजमगढ़ को विकास की बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी

1,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

गोरखपुर में 319 और आजमगढ़ में 39 विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

* सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ सुरक्षा पर रहेगा फोकस

लखनऊ/गोरखपुर/आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पूर्वांचल के दो प्रमुख जनपदों गोरखपुर और आजमगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 1,250 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 358 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेश के विकास अभियान को नई गति देंगे।

गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 परियोजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में शाहपुर-बेलघाट मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही राप्ती और सरयू नदी तट विकास तथा कटान रोधी कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री बड़हलगंज में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में नए बुनियादी ढांचे के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे।

सड़क, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 955 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।

तमसा नदी तट विकास, शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। दौरे के दौरान वह विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।

संजय उपाध्याय ने संजय राऊत के खिलाफ बोला करारा हमला
मुंबई। शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखी और विवादित टिप्पणी की है। उन्होंने पीएम मोदी की तुलना मुगल शासक 'औरंगजेब' से की और उन्हें 'अघोरी' (क्रूर) तक कह दिया। बोरीवली के भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने संजय राऊत पर करारा हमला बोलते हुए इस विकृति मानसिकता और हताशा में दिया गया बयान बताया। उन्होंने कहा कि जैसा डर छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर औरंगजेब के मन में रहता था, वैसा ही डर प्रधानमंत्री को लेकर संजय राऊत के मन में रहता है। उन्होंने कहा कि यह डर अच्छा है और संजय राऊत जैसे विकृति और खोखली मानसिकता वाले व्यक्ति के अंदर यह डर बना रहना चाहिए । उन्होंने कहा कि श्री राऊत को आत्म मंथन करना चाहिए कि हर सुबह उनके जुबान से इस तरह की घटिया सोच वाली बातें क्यों निकलती हैं। उन्होंने कहा कि पूरी तरह से हताश और निराश हो चुके संजय राऊत अपने आका को खुश करने के लिए इस तरह की ओछी बयान बाजी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस तरह की बयान बाजी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
ठेकेदार की लापरवाही के कारण श्रमिक की मौत,मचा कोहराम

कार्रवाई एवं मुआवजा दिलाए जाने के लिए थाना ख़ुलदाबाद मे ठेकेदार के खिलाफ  F.I.R दर्ज

प्रयागराज|अजय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, निवासी भोपतपुर तारापुर करेहदा उपरहार, थाना एयरपोर्ट, जनपद प्रयागराज का निवासी है।
दिनांक 09.06.2026 को अजय का छोटा भाई विनय कुमार विश्वकर्मा पुत्र राम दयाल विश्वकर्मा, उम्र लगभग 35 वर्ष, जो शटरिंग मिस्त्री का कार्य करता था, प्रतिदिन की भांति अपने कार्य पर गया था। वह ठेकेदार असगर खान के साथ चकिया स्थित निर्माणाधीन साइट पर कार्य कर रहा था, जो थाना खुल्दाबाद क्षेत्र के अंतर्गत आती है।
दिनांक 09.06.2026 को लगभग शाम 4 बजे मृतक के साथ कार्य कर रहे अन्य श्रमिकों द्वारा परिवार को सूचना दी गई कि कार्यस्थल पर दुर्घटना हो गई है तथा विनय कुमार विश्वकर्मा को उपचार हेतु कॉल्विन अस्पताल ले जाया गया है। सूचना प्राप्त होते ही अजय एवं अन्य परिजन तत्काल अस्पताल पहुंचे,जहां ज्ञात हुआ कि विनय कुमार विश्वकर्मा की मृत्यु हो चुकी है।
अजय  का आरोप है कि उक्त दुर्घटना कार्यस्थल पर ठेकेदार एवं संबंधित व्यक्तियों की घोर लापरवाही के कारण हुई है। निर्माण स्थल पर बिजली के तारों एवं अन्य सुरक्षा व्यवस्थाओं में गंभीर लापरवाही बरती गई थी, जिसके कारण यह दुखद घटना घटित हुई। यदि आवश्यक सुरक्षा उपाय किए गए होते तो अजय के भाई की जान बच सकती थी।
मृतक विनय कुमार विश्वकर्मा
अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके पीछे उसकी पत्नी एवं लगभग 2 वर्ष की एक पुत्री हैं, एवं माता पिता भी साथ रहते है, जिनका भरण-पोषण अब अत्यंत कठिन हो गया है। परिवार आर्थिक रूप से अत्यंत कमजोर है।परिवार ने प्रशासन से पत्र के ज़रिये  निवेदन किया है कि उक्त घटना की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराकर दोषी ठेकेदार एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए तथा पीड़ित परिवार को शासन एवं श्रम कानूनों के अंतर्गत देय उचित मुआवजा एवं अन्य आर्थिक सहायता दिलाने की कृपा की जाए।
कमलावती पाठक की पुण्यतिथि पर धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन
जौनपुर। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित खालिसपुर गांव निवासी वरिष्ठ समाजसेवी पंडित जयप्रकाश पाठक की धर्मपत्नी कमलावती देवी की द्वितीय पुण्यतिथि के अवसर पर आज रुद्राभिषेक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। चार पंडितों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच धार्मिक विधि विधान से कार्यक्रम संपन्न कराया। पंडित जयप्रकाश पाठक के सुपुत्र तथा पंडित आर आर मेमोरियल पब्लिक स्कूल के प्रबंधक विभव प्रकाश पाठक, एडवोकेट उदधि प्रकाश पाठक तथा प्रधानाचार्य विरद प्रकाश पाठक ने अपनी अपनी धर्मपत्नी के साथ रुद्राभिषेक संपन्न किया। परिवार के बेद प्रकाश पाठक, शिवांजल, ज्ञान प्रकाश, सूर्य प्रकाश, सत्य प्रकाश, चंद्र प्रकाश तथा विदनेश ने आगंतुकों का स्वागत सम्मान किया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, प्रबंधक विनोद तिवारी, धीरेंद्र मिश्रा, राजेंद्र प्रसाद उपाध्याय, विग्नेश पाठक, घनश्याम पाठक, प्रदीप पाठक, आशीष पाठक समेत अनेक प्रतिष्ठित लोग उपस्थित रहे।
विभिन्न धार्मिक आयोजनों में शामिल हुए मुन्ना सिंह, क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि की कामना की

हजारीबाग जिले के सदर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने शनिवार को हजारीबाग शहर एवं आसपास के क्षेत्रों में आयोजित विभिन्न धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रमों में शामिल होकर पूजा-अर्चना की तथा भगवान शिव एवं समस्त देवी-देवताओं से क्षेत्रवासियों के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाली की कामना की।

मुन्ना सिंह सबसे पहले कोऑपरेटिव कॉलोनी गोलम्बर, दीपुगढ़ा स्थित नव निर्मित श्री श्री महादेव मंदिर में आयोजित सप्त देव सप्त दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान महादेव की विधिवत पूजा-अर्चना कर क्षेत्र के विकास एवं जनकल्याण के लिए प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, आध्यात्मिकता और सनातन संस्कृति के प्रति नई चेतना का संचार करते हैं। उन्होंने मंदिर निर्माण एवं महायज्ञ के सफल आयोजन के लिए पूजा समिति के सभी पदाधिकारियों और सदस्यों के प्रयासों की सराहना की।

इसके पश्चात वे मटवारी कुम्हारटोली दुर्गा स्थान पहुंचे, जहां आयोजित शिव परिवार पंच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव में भाग लेकर पूजा-अर्चना की। उन्होंने भगवान शिव, माता पार्वती एवं समस्त देव शक्तियों से क्षेत्र में सुख-समृद्धि, सामाजिक सद्भाव और जनकल्याण की कामना की। साथ ही आयोजन समिति के पदाधिकारियों एवं श्रद्धालु भक्तों को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दीं।

दिन के अंतिम चरण में मुन्ना सिंह ने बुढ़वा महादेव मंदिर परिसर में आयोजित श्री श्री 1008 सर्व देव प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ में भाग लेकर यज्ञ दर्शन एवं पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक अनुष्ठान समाज में भाईचारे, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का कार्य करते हैं। यज्ञ स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति और उनकी गहरी आस्था को देखकर उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की।

उन्होंने कहा कि हमारी सनातन परंपराएं केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं हैं, बल्कि समाज को जोड़ने, संस्कारों को सशक्त बनाने और जनकल्याण की भावना को प्रबल करने का भी कार्य करती हैं। उन्होंने आयोजन समितियों के सभी पदाधिकारियों, सहयोगकर्ताओं एवं क्षेत्रवासियों को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुन्ना सिंह ने भगवान शिव एवं समस्त देवी-देवताओं से प्रार्थना की कि उनकी कृपा से क्षेत्र में सुख, शांति, समृद्धि और विकास का मार्ग निरंतर प्रशस्त होता रहे तथा सभी नागरिक स्वस्थ, खुशहाल और उन्नत जीवन व्यतीत करें।

इस अवसर पर मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

मुकेश सिंह, अभिमन्यु कुमार, सीताराम मेहता, पंकज मेहता, भरत मेहता, नीरज सिंह, दशरथ मेहता, संजय सिंह, वीरेन्द्र कुमार वीरू, सुनील सिंह, सहिता राम सिंह, फणीन्द्र गुप्ता, राहुल सिंह, राजू कुमार गुप्ता (पीओपी), विकास सिंह, संजीव सिंह, विपिन बिहारी सिन्हा, गोविन्द सिंह, राजू गुप्ता, किशोरी राणा, मनीष ठाकुर, नारायण साव, प्रबल प्रताप, राहुल ठाकुर, उमेश जायसवाल, रामजी, दिलीप रैथ, दीपक वर्णवाल एवं रंजीव रंजन।

डॉ कृपाशंकर मिश्र द्वारा लिखित साहित्य मंथन का लोकार्पण


मुंबई । प्रतीक्षा मेमोरियल एज्युकेशनल ट्रस्ट के 20 वें वार्षिक सम्मेलन 2026 ई के वैनर तले डाँ.कृपाशंकर मिश्र विरचित हिन्दी काव्य-संग्रह " साहित्य मंथन " का लोकार्पण और पुस्तक परिचर्चा बुधवार 10 जून 2026 केशव गोरे सभागार गोरेगांव पश्चिम मुम्बई में आयोजित किया गया।आयोजन की अध्यक्षता हिन्दी साहित्य के पितामह डाँ सुधाकर मिश्र ने किया।पुस्तक परिचर्चा में भाग लेने वाले मनीषियों में डाँ शीतला प्रसाद दूबे,मुम्बई विश्वविद्यालय के प्रोफेसर डाँ करुणाशंकर उपाध्याय,प्रोफेसर डाँ.दयानंद तिवारी,महान विदुषी डाँ उषा मिश्रा,डाँ सागर त्रिपाठी, वाराणसी से डाँ कपिलदेव प्रसाद मिश्र,नागपुर से पधारे रामकृष्ण सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

मंच का संचालन करते हुए डाँ उमेशचंद्र शुक्ल ने साहित्य मंथन पर अपने विस्तृत और व्यापक विचार प्रस्तुत किये। सरस्वती वंदना संस्कृत विद्वान राम व्यास उपाध्याय ने किया।गणेश स्तुति पर कथक नृत्य कनिष्का अंकित मिश्रा ने किया तथा स्वागत व भूमिका में संपूर्ण नियोजन की जानकारी संस्था के अध्यक्ष डाँ.कृपाशंकर मिश्र ने दिया।उपस्थित कलमकारो में गजानन महतपुरकर, बोधिसत्व, आभा बोधिसत्व,डाँ देवमणि पाण्डेय,डाँ नीलिमा पाण्डेय,सत्यभामा सिंह, शिवकुमार सिंह, राजकुमार मिश्र, डाँ दिनेश वर्मा,डाँ रोशनी किरन,डाँ किरन मिश्रा, पल्लवी रानी, किरन तिवारी,ओमप्रकाश तिवारी, शिवप्रकाश जमदग्निपुरी, दिनेश वर्मा,मनोज नायक, लालबहादुर कमल,नन्दन मिश्र त्यागी,सुरेश मिश्र, मिथिलेश मिश्र,प्रमोद उपाध्याय, नीतू पाण्डेय क्रान्ति, राजेन्द्र मिश्र,डाँ मृदुल तिवारी महक,वाचस्पति तिवारी,श्रीधर आत्मिक मिश्र, प्रमोद पाण्डेय, विनोद पाण्डेय,रामजीत गुप्त,नन्दलाल क्षितिज,ए पी द्विवेदी रोमा झा, कुसुम तिवारी और बेटी इन्दिराअमिता गुजराल,  जागृति सिन्हा,राजनाथ शर्मा,हरिशंकर मिश्र भाइन्दर, संतोष मिश्र,सुरेश दूबे, कृष्णकान्त मिश्र, रामसिंह, अमरनाथ तिवारी, गौरीशंकर तिवारी, हरिश्चंद्र पाण्डेय, आनन्द पाण्डेय केवल,  मीनाक्षी शर्मा, कवि एवं पत्रकार विनय शर्मा दीप,अरुण दूबे,डाँ प्रमोद पाण्डेय (मानस परिवार), सूर्यकुमार तिवारी एवं समस्त मानस ट्रस्ट परिवार,संजय द्विवेदी,अनिल कुमार राही, राकेशमणि तिवारी, आर के सर, कवि चुलबुल, अवधेश विश्वकर्मा उपस्थित रहे।

उपस्थिति सभी साहित्यकारों को साहित्य गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया। वसीम सहित अन्य सभागार में सहयोगी और समर्पित भाव से आयोजन बनाने वालो की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन का अंत राष्ट्रगान से हुआ तथा संस्था अध्यक्ष डॉ कृपाशंकर मिश्र ने सभी से क्षमा याचना की और अपना आभार व्यक्त किया।
जेष्ठ मास के शनिवार के दिन भक्तों द्वारा बाला जी का विशाल भंडारे का आयोजन किया गया

बबलू प्रजापति


पिहानी क्षेत्र के सहादत नगर में शनिवार के दिन बालाजी के जयकारों के साथ विशाल भंडारे का आयोजन किया गया प्रथम कन्याओं का पूजन करके प्रसाद वितरण किया गया।भक्तों द्वारा दिन भर भंडारे का आयोजन चलाया गया सभी भक्त ने सभी भक्तों को राहगीरों को प्रसाद वितरण किया गया।

भक्तों द्वारा दिनभर बालाजी के जयकारे लगते रहे।पवित्र ज्येष्ठ मास में भक्तों को प्रसाद बांटने, तथा प्रसाद पाने वाले भक्तों के कष्ट दूर होते हैं बालाजी महाराज सभी भक्तों की रक्षा करते हैं। मुख्य आयोजन कर्ता दीपू सक्सेना, शनि सक्सेना, के द्वारा आयोजन संपन्न हुआ तथा अन्य भक्त हरिओम भोजवाल, राजेश सिंह, नितिन मिश्रा, अवधेश सिंह, बबलू प्रजापति आदि मौजूद रहे।
भीषण सड़क हादसे में कैसे बचा शर्मा परिवार,साहस, संघर्ष और पारिवारिक समर्पण की प्रेरणादायक कहानी
मुंबई। मुंबई निवासी अंकुर शर्मा और उनके परिवार की यह सच्ची कहानी केवल एक सड़क दुर्घटना की नहीं, बल्कि अदम्य साहस, पारिवारिक प्रेम, धैर्य और ईश्वर की कृपा की मिसाल है। यह घटना सिद्ध करती है कि जब इंसान का हौसला अडिग हो और परिवार एकजुट हो, तो जीवन की सबसे कठिन परीक्षाएं भी पार की जा सकती हैं।
24 दिसंबर 2025 की सुबह लगभग 6:30 बजे राजस्थान के एक राष्ट्रीय राजमार्ग पर अंकुर शर्मा अपनी पत्नी पूनम शर्मा, 12 वर्षीय पुत्री वंशिका शर्मा, 4 वर्षीय पुत्र देवांश शर्मा और चालक संजय के साथ यात्रा कर रहे थे। यात्रा सामान्य रूप से चल रही थी कि अचानक सामने चल रहे ट्रक ने तेज ब्रेक लगा दिए। इससे उनकी कार ट्रक के पीछे जा टकराई और देखते ही देखते एक भयावह दुर्घटना घट गई।हादसे में पूनम शर्मा, वंशिका शर्मा और चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्वयं अंकुर शर्मा को भी अंदरूनी चोटें आईं। सौभाग्यवश छोटे देवांश को गंभीर चोट नहीं लगी। दुर्घटना के दौरान मात्र 12 वर्ष की वंशिका ने जिस साहस और सूझबूझ का परिचय दिया, वह किसी बड़े व्यक्ति से कम नहीं था। उसने अपने छोटे भाई की सुरक्षा सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। घायल होने के बावजूद अंकुर शर्मा ने हिम्मत नहीं हारी। उन्होंने सबसे पहले अपने परिवार को बचाने का संकल्प लिया। इसी बीच अश्विन नामक एक सज्जन व्यक्ति देवदूत बनकर सामने आए। उनकी मदद से सभी घायलों को तत्काल निकटवर्ती अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। संकट की उस घड़ी में अश्विनी का सहयोग शर्मा परिवार कभी नहीं भूल सकता। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए अंकुर शर्मा ने तुरंत एम्बुलेंस की व्यवस्था की और लगभग 70 किलोमीटर दूर जोधपुर स्थित मथुरादास माथुर अस्पताल में परिवार को भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने गहन चिकित्सा शुरू की, लेकिन सबसे चिंताजनक स्थिति पूनम शर्मा की थी। उनके सिर में गंभीर चोट लगी थी और उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। पूरा परिवार अनिश्चितता और चिंता के दौर से गुजर रहा था।
कई दिनों तक चले इलाज के बाद अंकुर शर्मा ने अपनी पत्नी को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने का कठिन निर्णय लिया। 29 दिसंबर 2025 को विशेष व्यवस्था के तहत पूनम शर्मा को एयरलिफ्ट कर मुंबई लाया गया और उन्हें लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां प्रसिद्ध न्यूरोसर्जन डॉ. अतुल गोयल के मार्गदर्शन में उनका उपचार प्रारंभ हुआ।
अंकुर शर्मा बताते हैं कि उनके जीवन का यह सबसे कठिन समय था। एक ओर पत्नी जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष कर रही थीं, दूसरी ओर चार वर्षीय पुत्र की देखभाल की जिम्मेदारी थी। अस्पताल और घर के बीच उनका जीवन सीमित हो गया था। प्रतिदिन लगभग 17 घंटे अस्पताल में बिताना उनकी दिनचर्या बन गई थी। जब वे घर जाते, तब उनके पिता अस्पताल में रहकर परिवार का संबल बनते। इस कठिन दौर में अंकुर शर्मा के माता-पिता और पुत्री वंशिका ने असाधारण धैर्य और साहस का परिचय दिया। अंकुर शर्मा स्वीकार करते हैं कि यदि परिवार का साथ न होता तो इस संघर्ष को पार कर पाना संभव नहीं था। पहले 108 दिनों तक उन्हें पर्याप्त नींद और आराम भी नसीब नहीं हुआ।
लगभग 35 दिनों बाद जब पूनम शर्मा को आईसीयू से सामान्य वार्ड में स्थानांतरित किया गया, तब परिवार को पहली बार राहत की किरण दिखाई दी। इसके बाद धीरे-धीरे स्वास्थ्य में सुधार होता गया।आखिरकार 10 अप्रैल 2026 को 108 दिनों तक चले लंबे उपचार, चिकित्सकों के अथक प्रयास और परिवार की अटूट सेवा के बाद पूनम शर्मा को लीलावती अस्पताल से छुट्टी मिल गई। आज वे पूर्णतः स्वस्थ होकर अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन व्यतीत कर रही हैं।
यह कहानी केवल एक दुर्घटना से बच निकलने की नहीं है। यह कहानी है एक पति के समर्पण की, एक पिता के उत्तरदायित्व की, एक बेटी के साहस की, माता-पिता के त्याग की और उस विश्वास की, जो कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी मनुष्य को टूटने नहीं देता।
अंकुर शर्मा ने जिस प्रकार विपरीत परिस्थितियों में अपने परिवार का साथ निभाया, वह आज के समाज के लिए एक प्रेरणा है। उनका संघर्ष हमें सिखाता है कि सच्चा पारिवारिक प्रेम केवल सुख के दिनों में नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई देता है।
सच ही कहा गया है—
"जाको राखे साईंया, मार सके ना कोय।"
धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार के अध्यक्ष बने विनोद कनौजिया
विरार। धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन,विरार के चुनाव समिति की बैठक में चुनाव समिति के अध्यक्ष शेष बहादुर अक्षैवर कनौजिया ने सर्व सम्मति से विनोद लालमणि कनौजिया को धोबी समाज विकास वेलफेयर एसोसिएशन विरार का नया अध्यक्ष घोषित किया। इसके उपरांत मौजूद सभी लोगों ने पुष्पगुच्छ तथा भारतीय संविधान की किताब देकर उनका अभिनन्दन किया। इसके बाद उपस्थित सभी सदस्यों ने अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष बनाने का प्रस्ताव रखा जिसे चुनाव समिति के अध्यक्ष महोदय ने सर्वसम्मति से अशोक कनौजिया को महासचिव तथा शशीकांत कनौजिया को कोषाध्यक्ष घोषित किया। सभी लोगों ने उनके नेतृत्व में एकजुट होकर समाज के विकास में कंधे से कंधा मिलाकर साथ चलने का आश्वासन दिया, सभी को उम्मीद है कि पूर्व अध्यक्ष की तरह उनके नेतृत्व में भी समाज मजबूत होगा। इस अवसर पर पूर्व अध्यक्ष दिनेश कुमार (दीनूकाका),छविनाथ रजक,शेष बहादुर कनौजिया, गामा प्रसाद रजक, जिया लाल कनौजिया, अरविंद कनौजिया (एल आई सी एजेंट), प्रेम शंकर कनौजिया, अरविंद (shonu)कनौजिया पूर्व कप्तान क्रिकेट टीम,राम आसरे, सतीश, सियाराम, मेवालाल, राजेश, फूलचंद, रवि, ओमप्रकाश, छोटे लाल, जयप्रकाश (पप्पू) समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
महदा में आयोजित श्री राम कथा के पांचवें दिन राम– सीता  विवाह के जश्न में डूबा उपाध्याय परिवार
जौनपुर। राम कथा (रामायण) केवल एक धार्मिक कहानी नहीं, बल्कि मानव जीवन जीने की कला और आदर्शों का एक संपूर्ण मार्गदर्शक है। इसका मूल संदेश मर्यादा (कर्तव्य का पालन), प्रेम, त्याग, और धर्म की विजय है, जो हमें सिखाता है कि हर परिस्थिति में सत्य और सदाचार का मार्ग कैसे अपनाना चाहिए। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित महदा, बहरीपुर गांव में पंडित रामजी उपाध्याय के यहां आयोजित संगीतमय श्री रामकथा के पांचवें दिन प्यास पीठ से बोलते हुए प्रख्यात कथावाचक पंडित धर्मराज तिवारी महाराज ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि आदर्श पुत्र भाई, पति, राजा के रूप में भगवान राम का चरित्र समाज के लिए प्रेरणादायक और अनुकरणीय है। कथा के दौरान मंच पर राम  विवाह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें उपाध्याय परिवार के साथ-साथ उपस्थित सभी लोगों ने नाच गाकर जश्न मनाया। कार्यक्रम के आयोजक पंडित रामजी उपाध्याय , उनकी धर्मपत्नी ललिता देवी, दोनों पुत्र  मुंबई के युवा उद्योगपति हरिवंश उपाध्याय और जन प्रकृति सेवा ट्रस्ट के संस्थापक रघुवंश उपाध्याय के अलावा पौत्र आशुतोष उपाध्याय, बेटी हिमलेश उपाध्याय समेत पूरे परिवार ने राम विवाह के बाद जमकर दान दक्षिणा भी की। खुशी का आलम यह था कि हरिवंश उपाध्याय मंच पर नोटों की गड्डी उड़ाते दिखाई दिए। इस अवसर पर उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों में सीओ बदलापुर सुनील चंद तिवारी, सिंगरामऊ थाना प्रभारी अखिलेश मौर्या, पूर्व प्रधानाचार्य बद्रीनारायण मिश्र, भाजपा जिला कार्य समिति सदस्य सुचिता तिवारी, वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, रामचंद्र पांडे सुभाष तिवारी, लाल बहादुर यादव, सुरेश चंद्र मिश्र, राकेश पाठक, रमेश चंद्र मिश्र, मुन्ना मिश्रा, संजय पांडे, ओंकार नाथ उपाध्याय समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।
आज गोरखपुर और आजमगढ़ को विकास की बड़ी सौगात देंगे मुख्यमंत्री योगी

1,250 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास

गोरखपुर में 319 और आजमगढ़ में 39 विकास परियोजनाओं का करेंगे शुभारंभ

* सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और बाढ़ सुरक्षा पर रहेगा फोकस

लखनऊ/गोरखपुर/आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को पूर्वांचल के दो प्रमुख जनपदों गोरखपुर और आजमगढ़ के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 1,250 करोड़ रुपये से अधिक लागत की कुल 358 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास कर प्रदेश के विकास अभियान को नई गति देंगे।

गोरखपुर में 295 करोड़ रुपये की 319 परियोजनाओं का शुभारंभ

मुख्यमंत्री गोरखपुर के बड़हलगंज स्थित गांधी इंटर कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर 295 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 319 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र भी वितरित किए जाएंगे।

कार्यक्रम में शाहपुर-बेलघाट मार्ग के चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण परियोजना का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही राप्ती और सरयू नदी तट विकास तथा कटान रोधी कार्यों को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री बड़हलगंज में राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) समेत कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे, जबकि राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज में नए बुनियादी ढांचे के निर्माण का शिलान्यास भी करेंगे।

सड़क, शिक्षा, पर्यटन, कौशल विकास और बाढ़ सुरक्षा से जुड़ी परियोजनाएं कार्यक्रम के प्रमुख आकर्षण रहेंगी। कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कमलेश पासवान, मत्स्य मंत्री डॉ. संजय निषाद, सांसद रवि किशन सहित कई जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

आजमगढ़ को 955 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आजमगढ़ में महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 955 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 39 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करेंगे। इन परियोजनाओं में सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल हैं। विश्वविद्यालय परिसर की विभिन्न परियोजनाओं के लोकार्पण के साथ ही राजकीय मेडिकल कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों से संबंधित विकास योजनाओं को भी गति मिलेगी।

तमसा नदी तट विकास, शहरी आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण तथा क्षेत्रीय एवं जिला ग्राम्य विकास संस्थान की स्थापना जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं का शिलान्यास भी मुख्यमंत्री करेंगे। दौरे के दौरान वह विभिन्न विभागों की विकास प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे तथा वृक्षारोपण कार्यक्रम में भी भाग लेंगे। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री अनिल राजभर, दारा सिंह चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहेंगे।