देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
सात फेरे के बाद दुल्हन फरार, परिजन भी गायब, राजस्थान की युवक ने बेलागंज थाने में दर्ज कराई ठगी की शिकायत

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन और उनके परिजन गायब हो गए. पीड़ित दूल्हे ने इस ठगी बताते हुए बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. राजस्थान के टोंक जिले के निवासी संजय पटवा अपने परिवार के साथ दरियापुर गांव शादी करने पहुंचे थे. आरोप है की शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन पांच के बीच पैसे का लेनदेन हुआ था. दूल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और अन्य शादी का सामान दिए.

इसके अतिरिक्त दुल्हन पक्ष के एक मोबाइल नंबर पर 110000 पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. रात में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस में पूरी की गई. दोनों बच्चों की सहमति से दुल्हन की विदाई ताई हुई थी. शादी के बाद दूल्हा और उसके परिजनों को गांव में एक तय स्थान पर ठहराया गया था. जब विदाई की तैयारी शुरू हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के घर पर ताला लगा हुआ है. मौके पर पहुंचने पर दूल्हे और उसके परिजनों ने देखा कि घर के सभी सदस्य गायब थे. इसके बाद उन्होंने डायलॉग 112 पर सूचना दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
साइबर धोखाधड़ी के 72,400 रुपये पीड़ितों को वापस मिले:भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों ने आभार व्यक्त किया*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के पांच पीड़ितों को उनके 72,400 रुपये सफलतापूर्वक वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई की।
पीड़ितों ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल भदोही ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर इन मामलों का त्वरित संज्ञान लिया और धोखाधड़ी की गई धनराशि वापस कराई।
अपनी धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की सराहना की।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए भदोही पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें साइबर फ्रॉड होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना शामिल है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करने, वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग से पहले पूरी जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगे जाने पर जांच करने और गलती से हुए ट्रांजेक्शन को स्वयं न लौटाकर बैंक या साइबर सेल के माध्यम से ही वापस कराने को कहा है। अज्ञात व्यक्ति या नंबर द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई है। इस कार्रवाई में साइबर सेल टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता और कांस्टेबल कन्हैया कुमार शामिल थे।
प्राचीन झारखंडी सरोवर पर सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन  
    
                                   
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के नेतृत्व में छठवें बड़े मंगल के पावन अवसर पर प्राचीन झारखंडी सरोवर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड पाठ के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ,जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

कार्यक्रम में उदासी संगत गेल्हापुर के महंत ब्रजानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथियों के रूप में पूर्व सांसद एवं श्रावस्ती जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र,सदर विधायक पल्टूराम,प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह,विभाग प्रचारक प्रवीण जी,जिला प्रचारक जितेंद्र जी,ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह,हेमंत जायसवाल,पूर्व चेयरमैन कुसुम चौहान,संजय शर्मा,आद्या सिंह ‘पिंकी’,डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’,मंजू तिवारी,राधेश्याम वर्मा,ललिता तिवारी,विजय अग्रवाल,ताराचंद अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ का श्रवण कर भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा।
बड़े मंगल पर आस्था का महासंगम: बालाजी के भक्तों ने जगह-जगह कराए भंडारे।

पिहानी में पूड़ी-सब्जी भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जय बजरंगबली के जयकारे

बबलू प्रजापति
पिहानी। जेठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर जय बाबा बर्फानी मंडल, कटरा बाजार पिहानी के तत्वावधान में रौजा सदर जहां गेट के सामने  पूड़ी-सब्जी भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र में "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर हनुमान जी का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव पटवा, जीतू यज्ञ सैनी, धर्मेंद्र यज्ञ सैनी, लालू हलवाई, रितेश गुप्ता, राहुल गुप्ता (दूध वाले), ललित गुप्ता, पवन गुप्ता, अमन गुप्ता, शिवा गुप्ता सहित अनेक भक्तों ने सक्रिय सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित इस भव्य भंडारे ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने आयोजकों के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वह दूसरी और बाबा मैरिज लॉन के मैनेजर वेद प्रकाश पाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ हजारों भक्तों को शरबत पिलाया।
देवघर-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने के बाद डीएवी भंडारकोला के छात्र आयुष संतोषी का विद्यालय में किया गया सम्मान।
देवघर: के गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल भंडारकोला, देवघर के पूर्ववर्ती छात्र एवं वर्तमान में डीएवी यूनिवर्सिटी, जालंधर के छात्र आयुष संतोषी ने श्रीलंका में आयोजित साउथ एशियन चैंपियनशिप में गोल शॉट बॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गोल्ड मेडल जीतकर भारत का तिरंगा विश्व मंच पर लहरा दिया। इस प्रतियोगिता में भारत सहित बांग्लादेश, माल्दिव्स, नेपाल, भूटान, पाकिस्तान, श्रीलंका जैसे कुल सात देशों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ।यह जीत सिर्फ एक खिलाड़ी की नहीं, बल्कि पूरे देश के सम्मान की जीत रही। झारखंड के देवघर की मिट्टी से निकले और डीएवी के इस होनहार खिलाड़ी ने अपनी मेहनत, जुनून और जीत के जज़्बे से सन 2025 में पावरलिफ्टिंग (बेंच प्रेस) में धमाकेदार प्रदर्शन करते हुए 7 स्टेट गोल्ड मेडल अपने नाम किया था और 3 बार “बेस्ट लिफ्टर” का खिताब जीतकर अपनी बादशाहत कायम की थी। गौर करने वाली बात यह भी है कि झारखंड से यूथ टीम में केवल दो खिलाड़ियों का चयन हुआ था, जिनमें एक नाम आयुष संतोषी का भी शामिल था। इस चयन ने ही यह संकेत दे दिया था कि आयुष कुछ बड़ा करने वाला है और उसने उस भरोसे को सच साबित कर दिखाया। विद्यालय के प्राचार्य मोहम्मद मुस्तफा मजीद ने स्वर्ण पदक विजेता पूर्व छात्र को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि डीएवी सदैव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध रहा है और शिक्षा के साथ-साथ खेल एवं अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने हेतु विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करता है। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र की यह सफलता उसकी कठोर मेहनत, अनुशासन, समर्पण तथा खेल के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उसकी यह उपलब्धि विद्यालय के वर्तमान विद्यार्थियों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगी और उन्हें अपने लक्ष्य की प्राप्ति हेतु निरंतर प्रयास करने के लिए प्रोत्साहित करेगी। विद्यालय के सभी शिक्षकों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों ने इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर पूर्ववर्ती छात्र तथा उसके अभिभावकों को हार्दिक शुभकामनाएँ एवं बधाई प्रेषित की है। विद्यालय परिवार को विश्वास है कि वह भविष्य में भी इसी प्रकार नई ऊँचाइयों को प्राप्त कर देश का मान बढ़ाता रहेगा। इस ऐतिहासिक सफलता के पीछे उनकी माँ कुमारी अलका सोनी और पिता अजय संतोषी का त्याग, संघर्ष और अटूट विश्वास सबसे बड़ी ताकत बना। आयुष के कोच राजेश रंजन, जो कि इस चैंपियनशिप के टीम इंडिया के भी कोच रहे,संजय सिंह और विद्यालय के खेल प्रशिक्षक सत्यवीर यादव और आशुतोष कुमार का मार्गदर्शन उनकी सफलता की मजबूत नींव रहा है। डीएवी जालंधर विश्वविद्यालय के एचओडी यशबीर सिंह ने उनकी उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आयुष जैसे प्रतिभाशाली छात्र पूरे देश के लिए प्रेरणा हैं। इसकी जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सूर्य ने दी।
पालघर संत हत्याकांड के दोषियों को कब मिलेगी सजा ? पीड़ित परिवारों ने मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन
मुंबई । पालघर संत हत्याकांड में मारे गए संतों एवं चालक के परिजनों ने आज महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस से मुलाकात कर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री से पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने, हत्याकांड के दोषियों को शीघ्र एवं कठोर सजा दिलाने तथा पालघर में दिवंगत संतों का स्मारक बनाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मांगों को गंभीरता से सुनते हुए सकारात्मक आश्वासन दिया। समाजसेवी अरुण शुक्ल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में चालक तेलगंडे की माता निर्मला तेलंगडे एवं उनके दो अबोध बच्चे, संत सुशील गिरि की बहन सपना मिश्रा तथा सहयोगी बृजेश पांडे शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष घटना से प्रभावित परिवारों की वर्तमान स्थिति और उनकी समस्याओं को विस्तार से रखा।
अरुण शुक्ल ने बताया कि परिजनों ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि पीड़ित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए, मामले के सभी दोषियों को कानून के अनुसार कड़ी सजा दिलाई जाए तथा पालघर में दिवंगत संतों की स्मृति में एक भव्य स्मारक का निर्माण कराया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने इन सभी मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार ब्रजमोहन पांडे एवं विधायक संजय उपाध्याय के सहयोग के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। उल्लेखनीय है कि पालघर में संतों और उनके चालक की भीड़ द्वारा की गई हत्या ने पूरे देश को झकझोर दिया था। घटना के वर्षों बाद भी परिजन न्याय, सम्मान और पुनर्वास की मांग को लेकर प्रयासरत हैं तथा मुख्यमंत्री से हुई यह मुलाकात उसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।
सात फेरे के बाद दुल्हन फरार, परिजन भी गायब, राजस्थान की युवक ने बेलागंज थाने में दर्ज कराई ठगी की शिकायत

गया: गया जिले के बेलागंज थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में शादी के कुछ घंटे बाद ही दुल्हन और उनके परिजन गायब हो गए. पीड़ित दूल्हे ने इस ठगी बताते हुए बेलागंज थाने में शिकायत दर्ज कराई है. राजस्थान के टोंक जिले के निवासी संजय पटवा अपने परिवार के साथ दरियापुर गांव शादी करने पहुंचे थे. आरोप है की शादी से पहले दूल्हा और दुल्हन पांच के बीच पैसे का लेनदेन हुआ था. दूल्हे ने दुल्हन को मंगलसूत्र, अंगूठी, पायल और अन्य शादी का सामान दिए.

इसके अतिरिक्त दुल्हन पक्ष के एक मोबाइल नंबर पर 110000 पर ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए. रात में हिंदू रीति रिवाज के अनुसार विवाह की सभी रस में पूरी की गई. दोनों बच्चों की सहमति से दुल्हन की विदाई ताई हुई थी. शादी के बाद दूल्हा और उसके परिजनों को गांव में एक तय स्थान पर ठहराया गया था. जब विदाई की तैयारी शुरू हुई तो ग्रामीणों ने बताया कि दुल्हन के घर पर ताला लगा हुआ है. मौके पर पहुंचने पर दूल्हे और उसके परिजनों ने देखा कि घर के सभी सदस्य गायब थे. इसके बाद उन्होंने डायलॉग 112 पर सूचना दी और बेलागंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई.

प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल पर श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा हुआ भव्य प्रसाद वितरण
प्रसाद लेने वाले श्रद्धालुओं की लगी रही भारी भीड़
                                  
तुलसीपुर जनपद बलरामपुर । श्री कृष्ण जन्मोत्सव समारोह समिति के द्वारा ज्येष्ठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर भव्य प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया इस अवसर पर श्रीराम सीता सहित पवन पुत्र हनुमान जी के आरती एवं जय कारो के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी समिति संरक्षक अमित कसौधन ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि भाजपा नेत्री शेरावाली शुक्ला का सानिध्य प्राप्त हुआ एवं साथ में अतिथियों के रूप में  वरिष्ठ पत्रकार सुखदेव चौरसिया, अमित श्रीवास्तव,अमर सिंह गोलू , आलोक सिंह,बादल सिंह,प्रमोद गुप्ता सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे समिति व्यवस्थापक रवि आर्य ने बताया कि कार्यक्रम में श्रद्धालुओं नें भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया समिति अध्यक्ष शुभम कसौधन ने बताया कि पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा भण्डारे में गणेश कसौधन,आदर्श कसौधन, दिनेश कसौधन पिन्टु, राकेश पटवा, दिनेश गुप्ता, सुमित कौशल, रोहित जायसवाल, विक्रम गुप्ता,रिंकु गुप्ता,नारायण जायसवाल, विकास गुप्ता, जितेन्द्र सोनी, पुनीत कसौधन,पंकज कसौधन,विशम्भर मौर्या, विशाल कसौधन,मिन्टु कश्यप की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बाबा बालखंडी नाथ मंदिर में भव्य शुरुआत; लाखों श्रद्धालुओं के बीच सात दिवसीय श्री अधिक मास शिव महापुराण कथा का उद्घाटन
संजीव सिंह बलिया, 9 जून 2026 — बाबा बालखंडी नाथ मंदिर परिसर में मंगलवार से शुरू हुई सात दिवसीय श्री अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) शिव महापुराण कथा का भव्य और भक्तिमय आयोजन पहले ही दिन श्रद्धालुओं की भारी उपस्थिति के साथ संपन्न हुआ। अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा ने कथा के प्रथम दिन अधिक मास की महिमा तथा भगवान शिव की आराधना के महत्व का विस्तृत वर्णन किया।
कथा का शुभारंभ परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, राज्यसभा सांसद नीरज शेखर तथा भाजपा जिलाध्यक्ष संजय मिश्रा द्वारा व्यासपीठ पूजन के साथ हुआ। इस मौके पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बलिया की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इस पवित्र भूमि पर कथा आयोजन कराना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
पंडित प्रदीप मिश्रा ने महर्षि भृगु की तपोभूमि और वीरों की धरती बलिया का नमन करते हुए कहा कि अधिक मास भगवान की विशेष कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने बताया कि इस पवित्र मास में शिव की उपासना और जलाभिषेक से अनेक गुना पुण्य फल मिलता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि “श्री शिवाय नमस्तुभ्यं” का जाप और एक लोटा जल अर्पित करने से जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। कथावचन के दौरान उन्होंने लिंग पुराण और स्कंद पुराण में बाबा बालेश्वर नाथ के वर्णन का संदर्भ भी दिया और श्रद्धालुओं से इन ग्रंथों का अध्ययन करने का आह्वान किया।
कथा के पहले दिन ही देश-प्रदेश से आए लाखों श्रद्धालुओं ने पूरा परिसर हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान कर दिया। आयोजकों ने लगभग एक लाख लोगों की क्षमता वाला वॉटरप्रूफ पंडाल, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग, सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सहित व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सुरक्षा के कड़े प्रबंधों के तहत कई थानों की पुलिस फोर्स, यातायात पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी सतत मुस्तैद रहे। गर्मी को ध्यान में रखते हुए पानी व अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा गया।
आस्था, श्रद्धा और भक्ति के सम्मिलन से परिपूर्ण इस कथाक्रम का पहला दिन श्रद्धालुओं के लिए अविस्मरणीय रहा। कथा अगले छह दिनों तक चलने वाली है और आयोजन समिति ने आगे भी इसी प्रकार सुचारु व सुरक्षित व्यवस्था बनाए रखने का आश्वासन दिया है।
देवघर-नीट सीबीएसई परीक्षा से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने की मांग।
देवघर: झारखंड प्रदेश इंटक के प्रदेश सचिव अजय कुमार, देवघर जिला इंटक के जिला अध्यक्ष अनंत मिश्रा, देवघर जिला कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष नित्यानंद सेवक एवं देवघर जिला इंटक की महासचिव पूजा देवी ने नीट- सीबीएसई परीक्षाओं से संबंधित पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफा लेने या उन्हें अविलंब मंत्री पद से बर्खास्त करने की मांग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की है। इंटक के नेताओं ने कहा कि लाखों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित करने वाले पेपर लीक हो जाने के कारण सभी छात्रों एवं छात्राओं के भविष्य के सामने प्रश्न चिन्ह सा आ खड़ा हुआ है। यह एक कटु सत्य है कि शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में नीट और सीबीएसई जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं मे शामिल होने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ न सिर्फ खिलवाड़ हुआ है बल्कि परीक्षाओं में हुई धांधली ने देश के लाखों मेहनती और मेधावी छात्रों के भविष्य के साथ एक क्रूर मजाक किया है तथा छात्रों एवं छात्राओं के सपनों को कुचलना का काम किया है। इंटक के नेताओं ने कहा कि अगर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अंदर जरा सी भी नैतिकता बची है तो वे छात्र एवं छात्राओं के भविष्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का या तो इस्तीफा लें या उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त करें। अजय कुमार प्रदेश सचिव झारखंड प्रदेश इंटक
साइबर धोखाधड़ी के 72,400 रुपये पीड़ितों को वापस मिले:भदोही पुलिस की त्वरित कार्रवाई से पीड़ितों ने आभार व्यक्त किया*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस ने साइबर धोखाधड़ी के पांच पीड़ितों को उनके 72,400 रुपये सफलतापूर्वक वापस दिलाए हैं। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर साइबर सेल/साइबर हेल्प डेस्क ने त्वरित कार्रवाई की।
पीड़ितों ने ऑनलाइन साइबर शिकायत दर्ज कराई थी। साइबर सेल भदोही ने एनसीआरपी पोर्टल का अवलोकन कर इन मामलों का त्वरित संज्ञान लिया और धोखाधड़ी की गई धनराशि वापस कराई।
अपनी धनराशि वापस मिलने पर पीड़ितों ने भदोही पुलिस अधीक्षक और साइबर सेल की सराहना की।
साइबर धोखाधड़ी से बचने के लिए भदोही पुलिस ने कुछ सावधानियां बरतने की सलाह दी है। इनमें साइबर फ्रॉड होते ही तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराना शामिल है।
पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के कहने पर कोई ऐप डाउनलोड न करने, वर्क फ्रॉम होम या शेयर ट्रेडिंग से पहले पूरी जानकारी लेने की अपील की है। साथ ही, किसी अनजान व्यक्ति द्वारा पैसे मांगे जाने पर जांच करने और गलती से हुए ट्रांजेक्शन को स्वयं न लौटाकर बैंक या साइबर सेल के माध्यम से ही वापस कराने को कहा है। अज्ञात व्यक्ति या नंबर द्वारा भेजी गई किसी भी लिंक पर क्लिक न करने की भी सलाह दी गई है। इस कार्रवाई में साइबर सेल टीम के प्रभारी निरीक्षक विजय कुमार गुप्ता और कांस्टेबल कन्हैया कुमार शामिल थे।
प्राचीन झारखंडी सरोवर पर सुंदरकांड पाठ एवं विशाल भंडारे का आयोजन  
    
                                   
बलरामपुर। आदर्श नगर पालिका परिषद अध्यक्ष डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह ‘धीरू’ के नेतृत्व में छठवें बड़े मंगल के पावन अवसर पर प्राचीन झारखंडी सरोवर पर भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर श्रीरामचरितमानस के सुंदरकांड पाठ के साथ विशाल भंडारे का आयोजन हुआ,जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी।

कार्यक्रम में उदासी संगत गेल्हापुर के महंत ब्रजानंद जी महाराज का सानिध्य प्राप्त हुआ। मुख्य अतिथियों के रूप में पूर्व सांसद एवं श्रावस्ती जिला पंचायत अध्यक्ष दद्दन मिश्र,सदर विधायक पल्टूराम,प्रांत संपर्क प्रमुख गंगा सिंह,विभाग प्रचारक प्रवीण जी,जिला प्रचारक जितेंद्र जी,ब्लॉक प्रमुख पंकज सिंह,हेमंत जायसवाल,पूर्व चेयरमैन कुसुम चौहान,संजय शर्मा,आद्या सिंह ‘पिंकी’,डॉ.अजय सिंह ‘पिंकू’,मंजू तिवारी,राधेश्याम वर्मा,ललिता तिवारी,विजय अग्रवाल,ताराचंद अग्रवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने सुंदरकांड पाठ का श्रवण कर भक्ति भाव से सराबोर होकर प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे में हजारों लोगों ने प्रसाद पाकर पुण्य लाभ अर्जित किया।
पूरा आयोजन भक्ति,सेवा और समरसता के भाव के साथ संपन्न हुआ,जिससे वातावरण राममय हो उठा।
बड़े मंगल पर आस्था का महासंगम: बालाजी के भक्तों ने जगह-जगह कराए भंडारे।

पिहानी में पूड़ी-सब्जी भंडारे में उमड़ा जनसैलाब, गूंजे जय बजरंगबली के जयकारे

बबलू प्रजापति
पिहानी। जेठ माह के छठे बड़े मंगल के पावन अवसर पर जय बाबा बर्फानी मंडल, कटरा बाजार पिहानी के तत्वावधान में रौजा सदर जहां गेट के सामने  पूड़ी-सब्जी भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में महिला, पुरुष एवं बच्चों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
भीषण गर्मी के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। पूरे क्षेत्र में "जय श्रीराम" और "जय बजरंगबली" के जयकारों से भक्तिमय वातावरण बना रहा। भंडारे में सामाजिक सौहार्द और गंगा-जमुनी तहजीब की अनूठी मिसाल देखने को मिली, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने एक साथ बैठकर हनुमान जी का प्रसाद ग्रहण किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में राजीव पटवा, जीतू यज्ञ सैनी, धर्मेंद्र यज्ञ सैनी, लालू हलवाई, रितेश गुप्ता, राहुल गुप्ता (दूध वाले), ललित गुप्ता, पवन गुप्ता, अमन गुप्ता, शिवा गुप्ता सहित अनेक भक्तों ने सक्रिय सहयोग करते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।
बड़े मंगल के अवसर पर आयोजित इस भव्य भंडारे ने न केवल धार्मिक आस्था को मजबूत किया, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे का भी संदेश दिया। श्रद्धालुओं ने आयोजकों के इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए इसे सेवा और समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। वह दूसरी और बाबा मैरिज लॉन के मैनेजर वेद प्रकाश पाल ने अपने कार्यकर्ताओं के साथ हजारों भक्तों को शरबत पिलाया।