मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

रांची में AHPI झारखंड की नई कार्यकारिणी का गठन, डॉक्टर राजेश अध्यक्ष और डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह बने सचिव

रांची के रानी अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संघ (AHPI) झारखंड प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नई टीम का चयन करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

नवगठित कार्यकारिणी में डॉक्टर राजेश को अध्यक्ष तथा डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह को सचिव चुना गया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर सिद्धांत जैन के साथ हर्ष अजमेरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष के रूप में साहिल गंभीर तथा संयुक्त सचिव पद पर डॉक्टर दिनेश कुमार और डॉक्टर रामनेश कुमार को नियुक्त किया गया है।

बैठक में संगठन के पूर्व अध्यक्ष सईद अहमद अंसारी, संरक्षक योगेश गंभीर एवं डॉक्टर अजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के प्रति विश्वास जताते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उपाध्यक्ष बनाए जाने पर हर्ष अजमेरा ने कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई जा रही है कि यह टीम झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, हजारीबाग में हर्ष अजमेरा को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी की लहर देखी जा रही है, जहां विभिन्न निजी समूहों और संगठनों के माध्यम से उन्हें लगातार बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

कार अनियंत्रित होकर पलटी, महिला गंभीर रूप से घायल
रितेश मिश्रा
हरदोई। शाहाबाद कोतवाली के हाईवे पर हरियाली बाजार के पास तेज रफ्तार कार चालक की आंख लग जाने की वजह से अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे कार में सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अनिल कुमार निवासी मुंडा धामू लखीमपुर खीरी का रहने वाला है। जयपुर में काम करता है और परिवार के साथ रहता है। अपनी पत्नी आरती को लेकर जयपुर से कार द्वारा अपने घर जा रहा था। बुधवार की सुबह 6:00 बजे अचानक उसकी आंख लग गई और कार नियंत्रित होकर पलट गई जिससे उसकी पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को तत्काल सीएचसी शाहबाद लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
बिजनौर की 8 पर्यटन परियोजनाओं को ₹9.09 करोड़ मंजूर, बिदुर आश्रम का होगा कायाकल्प

* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद बिजनौर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की 8 परियोजनाओं के लिए ₹9.09 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिजनौर स्थित ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास हेतु ₹4 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर के लिए ₹44 लाख, सदर विधानसभा क्षेत्र के उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज के लिए ₹40 लाख तथा नूरपुर स्थित प्राचीन झंडेवाला बाबा मंदिर के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं।
इसी प्रकार नगीना स्थित श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास के लिए ₹1.11 करोड़, नहटौर में अड्डे वाले बाबा स्थल के लिए ₹87 लाख, धामपुर में केड़ीवाले बाबा स्थल के लिए ₹50 लाख तथा विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के विकास के लिए ₹1.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। अल्पज्ञात आस्था स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के धार में मजदूरों से भरा पिकअप वाहन पलटा, 16 लोगों की मौत

  • प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया हादसे पर दुख, मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता का ऐलान

भोपाल। मध्य प्रदेश के धार जिले में इंदौर अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिकलिया फाटा के पास बुधवार रात मजदूरों से भरा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में 6 बच्चों समेत 16 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई घायल है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है।

जानकारी के अनुसार, धार जिले के तिरला थाना क्षेत्र में चिकलिया फाटा पर जिओ पेट्रोल पंप के पास बुधवार रात करीब साढ़े 8 बजे तेज रफ्तार पिकअप वाहन अनियंत्रित हो गया और तीन-चार बार पलटी खाते हुए सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। पिकअप वाहन करीब 100 किलोमीटर की रफ्तार में था। प्रत्यक्षदर्शी शुभम सिसोदिया ने बताया कि हादसे के समय मैं घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर मौजूद था। स्कॉर्पियो मांगूद से धार की ओर जा रही थी, जबकि पिकअप वाहन धार से मांगूद की तरफ आ रहा था। इसी दौरान अचानक पिकअप का टायर फट गया। अनियंत्रित होकर पिकअप डिवाइडर को पार करते हुए रॉन्ग साइड में आ गया और सामने से आ रही स्कॉर्पियो से टकरा गया और फिर पलट गया।

हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई. राहगीरों और स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर तत्काल राहत कार्य शुरू किया और दबे हुए लोगों को बाहर निकाला। सड़क पर कई घायल मजदूर पड़े हुए थे, जिससे स्थिति बेहद गंभीर और संवेदनशील बन गई। एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को धार के जिला अस्पताल पहुंचाया गया।

धार जिला चिकित्सालय में एक साथ बड़ी संख्या में घायलों के आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यहां पहुंचे कई घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है। अस्पताल में डॉक्टरों की टीम लगातार उपचार में जुटी हुई है। जिला अस्पताल में मौजूद इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर छत्रपाल सिंह चौहान ने बताया कि मौके पर पहुंचे सभी घायलों का उपचार किया जा रहा है। पिकअप के दुर्घटना के बाद यहां घायल पहुंचे हुए हैं।

हादसे की जानकारी मिलने पर मौके पर पहुंचे प्रभारी कलेक्टर अभिषेक चौधरी ने बताया कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन से एक हादसा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची और सभी घायलों को तत्काल जिला अस्पताल लाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर रूप से घायल कुछ मरीजों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है, जबकि अन्य का उपचार यहीं जारी है। मौके पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की पूरी टीम मौजूद है और सभी घायलों को बेहतर से बेहतर इलाज मिले, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है। साथ ही 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी सक्रिय किया गया है। इंदौर जिला प्रशासन, वहां के सीएमएचओ और स्वास्थ्य टीम से समन्वय स्थापित कर लिया गया है। जरूरत पड़ने पर मरीजों को इंदौर के सरकारी और निजी अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

इंदौर कमिश्नर सुदाम खाड़े ने बताया कि पिकअप वाहन में करीब 46 लोग सवार थे। घायलों के इलाज को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। गंभीर रूप से घायल सात लोगों को बेहतर इलाज के लिए इंदौर रेफर किया गया है। वहीं करीब 15 घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में चल रहा है, जबकि छह अन्य का उपचार निजी अस्पतालों में जारी है। धार के पुलिस अधीक्षक मयंक अवस्थी ने बताया कि पिकअप वाहन तेज रफ्तार में था। चालक के नियंत्रण छूटने से वाहन तीन-चार बार पलटा। इसी दौरान सड़क के दूसरी तरफ जाकर स्कॉर्पियो से टकरा गया। हादसे में 16 लोगों की मौत हो गई।

एसपी अवस्थी के अनुसार, मृतकों में तनु (9 वर्ष) पुत्री उमेश निवासी नयापुरा धार, अंगूरी बाई (35) पत्नी भूरिया निवासी सेमलीपुरा धार, मैना बाई (45) पत्नी कृष्णा निवासी पटेलपुरा धार, सुमित (14) पुत्र नानूनाम निवासी नयापुरा धार, किरण (9) पुत्री दिनेश निवासी सेमलीपुरा धार, भूरी बाई (35) पत्नी सुंदर निवासी सेमलीपुरा धार, रंजना (25) पुत्री मनीष निवासी सेमलीपुरा धार, आयुष (14) पुत्र राजेन्द्र निवासी नयापुरा धार, गोकुल (15) पुत्र कैलाश निवासी नयापुरा धार, सुनीता (42) पत्नी नारायण निवासी नयापुरा धार, कांता (45) पत्नी उदयसिंह निवासी सेमलीपुरा, रिंकू (19) पुत्र कंवर लाल निवासी नयापुरा धार, रंजना (22) पुत्री रामसिंह निवासी नयापुरा धार, सावित्री बाई (30) फत्नी सुभाष निवासी धार, संगीता (35) पत्नी पप्पू निवासी नयापुरा धार और प्रिया पुत्री विष्णु निवासी रामपुरा धार शामिल हैं।

  • पीएम राहत कोष से मृतकों के परिजन को 2-2 लाख की सहायता

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने धार हादसे पर दुख जताया है। उन्होंने एक्स पर कहा कि मध्य प्रदेश के धार जिले में हुई दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदनाएं हैं। घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से मृतकों के परिजन को दो-दो लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।

  • मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजन को 4-4 लाख रुपये की सहायता का ऐलान किया

वहीं, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार हादसे के प्रभावितों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि धार जिले में इंदौर-अहमदाबाद राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित चिकलिया फाटा के पास हुआ सड़क हादसा हृदय विदारक है। मेरी संवेदनाएं प्रभावित परिजनों के साथ हैं। मृतकों के परिवारजनों को 4-4 लाख रुपये, गंभीर घायलों को 1-1 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। इंदौर संभागायुक्त और आईजी को उपचार व्यवस्था के लिए धार जाने के निर्देश दिए हैं। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क किया जाएगा। ईश्वर दिवंगतों को शांति व शोकाकुल परिजनों को दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की प्रार्थना है।

धार के जिला प्रभारी मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने घटना पर दुख जताया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने कहा कि इंदौर में भी अस्पतालों को अलर्ट कर दिया गया है। धार से आने वाले घायलों के बेहतर उपचार के निर्देश दिए हैं।

जल गंगा संवर्धन अभियान से शहडोल में पुराने जल स्त्रोतों को मिल रहा पुनर्जीवन

  • वर्षा जल के संचयन से जल स्तर में होगी वृद्धि

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दूरगामी सोच के साथ मध्यप्रदेश में जल संरक्षण एवं संवर्धन के लिए जल गंगा संवर्धन अभियान चलाया जा रहा है। यह अभियान जनभागीदारी से जनआंदोलन का रूप ले चुका है। जल संरक्षण, संवर्धन तथा जल के प्रति जनमानस में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शहडोल जिले में यह अभियान तेज गति से प्रगति पर है। अभियान के तहत जिले में पुराने जल स्रोतों को पुनर्जीवन मिल रहा है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत शिवम प्रजापति के निर्देशानुसार शहडोल जिले की समस्त ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत पुराने तालाबों की साफ-सफाई, जल स्रोतों के जीर्णोद्धार, सोक पिट निर्माण, वाटर हार्वेस्टिंग सहित अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

जिले में अभियान के तहत जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, समाजसेवियों, स्वयंसेवी संगठनों के सदस्यों एवं आमजन के सहयोग से विभिन्न कार्य संचालित किए जा रहे हैं। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा जिले में 5613 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 1006 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 2834 कार्य प्रगतिरत हैं।

अभियान के तहत जिले में 3217 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 722 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 1902 कार्य प्रगतिरत हैं। ब्यौहारी जनपद पंचायत में 347 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 81 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 266 कार्य प्रगतिरत हैं।

बुढार जनपद पंचायत में 766 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 88 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 494 कार्य प्रगतिरत हैं। गोहपारू जनपद पंचायत में 596 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 236 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 224 कार्य प्रगतिरत हैं। जयसिंहनगर जनपद पंचायत में 925 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 218 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 539 कार्य प्रगतिरत हैं। सोहागपुर जनपद पंचायत में 493 खेत तालाब स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 99 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 379 कार्य प्रगतिरत हैं।

जिले में डगवेल रिचार्जिंग के 620 कार्य हाथ में लिए गए हैं, जिनमें से 241 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। अमृत सरोवर के तहत जिले में 8 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जो प्रगतिरत हैं। जल संसाधन विभाग द्वारा 32 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 7 कार्य पूर्ण हो चुके हैं।

जल संरक्षण एवं वाटर रिचार्ज के तहत 1042 कार्य स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें से 105 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा शेष कार्य प्रगतिरत हैं। वाटरशेड से संबंधित 229 कार्यों में से 19 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं। जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार के तहत 105 कार्य संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें से 53 कार्य पूर्ण हो चुके हैं तथा 56 कार्य प्रगतिरत हैं।

नगरीय निकाय शहडोल द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत 25 जल ग्रहण संरचनाओं के कार्य, 8 नाले-नालियों की साफ-सफाई एवं सौंदर्यीकरण, 26 रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्य, 61 जल मंदिर (प्याऊ) की स्थापना तथा पौधरोपण हेतु 13 कार्य पूर्ण किए जा चुके हैं।

उद्यानिकी विभाग द्वारा 29 फलदार पौधरोपण कार्य, 226 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई विस्तार तथा पानी चौपालों का आयोजन किया गया। जन अभियान परिषद शहडोल द्वारा 64 जल स्रोतों की साफ-सफाई, 571 प्रभात फेरियां एवं जनजागरूकता कार्यक्रम, 31 कलश यात्राएं, 87 वृक्ष पूजन, 81 जल स्रोत पूजन, 42 मानस पाठ एवं भजन संध्या कार्यक्रम, 51 जल मंदिर स्थापना, 14 नदी तटों की साफ-सफाई एवं गहरीकरण, 53 कुएं-बावड़ी एवं तालाबों की साफ-सफाई तथा गहरीकरण, 8 मुख्य एवं सहायक नदियों पर सामूहिक श्रमदान, 12 नदी अनुभूति कार्यक्रम, 45 जल चौपाल एवं जल संवाद तथा 39 नारा लेखन कार्यक्रम आयोजित किए गए। स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा भी निर्धारित लक्ष्यों के साथ जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत विविध कार्य किए जा रहे हैं।

अपेक्स बैंक के प्रशासक महेंद्र सिंह यादव व वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन अध्यक्ष संजय नगायच ने संभाला पदभार

भोपाल। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल की उपस्थिति में भाजपा प्रदेश कार्यालय में अपेक्स बैंक के नव नियुक्त प्रशासक महेंद्र सिंह यादव तथा मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक कॉर्पोरेशन के नव नियुक्त अध्यक्ष संजय नगायच ने पदभार ग्रहण किया।

इससे पूर्व दोनों पदाधिकारियों ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर आशीर्वाद लिया। इसके बाद अपेक्स बैंक एवं वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन कार्यालय पहुंचकर मध्यप्रदेश शासन के मंत्रियों और पार्टी नेताओं की मौजूदगी में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर कार्यभार संभाला।

महेंद्र सिंह यादव ने कहा कि उन्होंने पं. दीनदयाल उपाध्याय और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों से प्रेरणा लेकर सेवा का संकल्प लिया है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपेक्स बैंक की कार्यप्रणाली को और मजबूत बनाकर सहकारिता क्षेत्र को सशक्त किया जाएगा तथा किसानों को अधिकतम लाभ दिलाने का प्रयास होगा।

वहीं, संजय नगायच ने कहा कि संगठन और सरकार ने जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे पूरी निष्ठा से निभाया जाएगा। वेयरहाउसिंग व्यवस्था से जुड़े किसानों के कार्यों का प्राथमिकता से समाधान किया जाएगा। साथ ही कृषि को रोजगार और उद्योग से जोड़ने वाली योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।

कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, प्रद्युम्न सिंह तोमर, कृष्णा गौर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

रांची के समग्र विकास पर CM हेमन्त सोरेन की उच्चस्तरीय बैठक, स्मार्ट सिटी व पर्यटन परियोजनाओं में तेजी लाने के निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में नगर विकास एवं आवास विभाग, पथ निर्माण विभाग तथा पर्यटन विभाग के अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में राज्य की राजधानी रांची के समग्र शहरी विकास, आधारभूत संरचना के सुदृढ़ीकरण, नागरिक सुविधाओं के विस्तार, स्मार्ट सिटी परियोजनाओं की प्रगति तथा पर्यटन विकास से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि विकास कार्यों के दौरान पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

उन्होंने आगे कहा कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि प्रकृति को किसी प्रकार की क्षति न पहुंचे। साथ ही, वृक्षारोपण (प्लांटेशन) को बढ़ावा देने और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए ठोस कदम उठाने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने रांची स्मार्ट सिटी परियोजना को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित तरीके से विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान ई-ऑक्शन एवं अन्य माध्यमों से राजस्व सृजन (Revenue Generation) के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि स्मार्ट सिटी के अंतर्गत सभी योजनाओं को व्यावहारिक एवं जनहितकारी बनाया जाए। बैठक में विभागीय मास्टर प्लान के अंतर्गत परिसंपत्तियों (Assets) के समुचित एवं योजनाबद्ध उपयोग पर भी विशेष जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए ताकि विकास कार्यों में गति लाई जा सके।

पर्यटन विभाग से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। इस दौरान 3D एनीमेशन एवं वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से विभिन्न परियोजनाओं का अवलोकन किया गया। मुख्यमंत्री ने पर्यटन स्थलों के समग्र विकास, उनकी आकर्षक प्रस्तुति तथा बेहतर सुविधाओं के विस्तार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, भवन निर्माण विभाग के सचिव श्री अरवा राजकमल, पथ निर्माण विभाग के सचिव श्री सुनील कुमार, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक, 24 जिलों में चलेगी मोबाइल साइंस बस

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अंतर्गत झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की सामान्य सभा की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य में विज्ञान, प्रौद्योगिकी, शोध एवं नवाचार को सुदृढ़ बनाने तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षण संस्थानों में नवाचार आधारित वातावरण विकसित करने को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। बैठक के दौरान राज्य के समग्र विकास में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी की भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाने पर विशेष बल दिया गया। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में प्रतिभा, संसाधन एवं संभावनाओं की कोई कमी नहीं है; आवश्यकता केवल इन क्षमताओं को सही दिशा, उपयुक्त मंच एवं संस्थागत सहयोग प्रदान करने की है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं तकनीकी संस्थानों को नवाचार से जोड़ते हुए भविष्य उन्मुख शैक्षणिक एवं वैज्ञानिक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में परिषद के माध्यम से राज्य में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के प्रसार, अनुसंधान को प्रोत्साहन, नवाचार संस्कृति के विस्तार तथा शैक्षणिक संस्थानों, शोध संस्थाओं एवं अन्य हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की गई। यह भी उल्लेख किया गया कि विज्ञान एवं तकनीक आधारित पहल राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करेंगी तथा झारखंड को ज्ञान-आधारित विकास की दिशा में अग्रसर करेंगी।

उक्त बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि परिषद की गतिविधियों को परिणामोन्मुख बनाया जाए तथा राज्य के उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में शोध, स्टार्टअप, इनोवेशन एवं प्रौद्योगिकी आधारित शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विज्ञान एवं नवाचार को समाज एवं शासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ना समय की मांग है। मुख्यमंत्री ने मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस के संचालन पर भी विचार-विमर्श करते हुए निर्देश दिया कि इसका परिचालन राज्य के सभी 24 जिलों में सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक लोग, विशेषकर विद्यार्थी, इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि विज्ञान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए इस प्रकार की पहल अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। झारखंड में विज्ञान जागरूकता के लिए मोबाइल विज्ञान प्रदर्शनी जैसी गतिविधियाँ पहले भी उपयोगी साबित हुई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक के साथ-साथ मैकेनिकल नवाचारों को बढ़ावा दिया जाए, ताकि कृषि कार्य अधिक सुलभ, आधुनिक और उत्पादक बन सकें। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि साइंस सिटी केवल बच्चों के आकर्षण का केंद्र न रहे, बल्कि हर आयु वर्ग के लोग वहां पहुंचें, उसे देखें और उससे प्रेरित हों।

मुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में निर्माणाधीन साइंस केंद्र एवं तारामंडलों की प्रगति की जानकारी ली तथा निर्देश दिया कि इन संस्थानों को गुणवत्तापूर्ण, आकर्षक और जनोपयोगी स्वरूप में विकसित किया जाए। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश के विभिन्न शहरों में स्थित साइंस सिटी एवं तारामंडलों का भ्रमण कराने के लिए विशेष पहल की जाए, ताकि उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण, जिज्ञासा और नवाचार के प्रति रुचि विकसित हो। उन्होंने कहा कि बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विज्ञान, प्रौद्योगिकी, नवाचार, शोध एवं तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।

उक्त बैठक में मंत्री श्री सुदिव्य कुमार सोनू, विधायक श्री विकास मुंडा, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, ऊर्जा विभाग के सचिव श्री के. श्रीनिवास, वित्त विभाग के सचिव श्री प्रशांत कुमार, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अपर सचिव श्री राज कुमार गुप्ता, उच्च शिक्षा निदेशक श्री सुधीर बारा, तकनीकी शिक्षा निदेशक श्री सुनील कुमार, निदेशक, एनएमएल जमशेदपुर डॉ. संदीप घोष चौधरी, हेड, स्टेट साइंस एंड टेक्नोलॉजी प्रोग्राम (भारत सरकार) डॉ. निशा मेंदिरत्ता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।_

रांची में AHPI झारखंड की नई कार्यकारिणी का गठन, डॉक्टर राजेश अध्यक्ष और डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह बने सचिव

रांची के रानी अस्पताल में आयोजित एक महत्वपूर्ण बैठक में स्वास्थ्य सेवा प्रदाता संघ (AHPI) झारखंड प्रकोष्ठ की नई कार्यकारिणी समिति का गठन किया गया। बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने सर्वसम्मति से नई टीम का चयन करते हुए संगठन को और अधिक मजबूत एवं प्रभावी बनाने का संकल्प लिया।

नवगठित कार्यकारिणी में डॉक्टर राजेश को अध्यक्ष तथा डॉक्टर शंभु प्रसाद सिंह को सचिव चुना गया है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर सिद्धांत जैन के साथ हर्ष अजमेरा को जिम्मेदारी सौंपी गई है। कोषाध्यक्ष के रूप में साहिल गंभीर तथा संयुक्त सचिव पद पर डॉक्टर दिनेश कुमार और डॉक्टर रामनेश कुमार को नियुक्त किया गया है।

बैठक में संगठन के पूर्व अध्यक्ष सईद अहमद अंसारी, संरक्षक योगेश गंभीर एवं डॉक्टर अजय कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। सभी सदस्यों ने नई कार्यकारिणी के प्रति विश्वास जताते हुए संगठन को और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाने पर जोर दिया।

उपाध्यक्ष बनाए जाने पर हर्ष अजमेरा ने कहा कि वे संगठन की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता के साथ उठाया जाएगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए निरंतर कार्य किया जाएगा।

नई कार्यकारिणी से उम्मीद जताई जा रही है कि यह टीम झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने के साथ आम लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, हजारीबाग में हर्ष अजमेरा को उपाध्यक्ष बनाए जाने पर खुशी की लहर देखी जा रही है, जहां विभिन्न निजी समूहों और संगठनों के माध्यम से उन्हें लगातार बधाई एवं शुभकामनाएं दी जा रही हैं।

कार अनियंत्रित होकर पलटी, महिला गंभीर रूप से घायल
रितेश मिश्रा
हरदोई। शाहाबाद कोतवाली के हाईवे पर हरियाली बाजार के पास तेज रफ्तार कार चालक की आंख लग जाने की वजह से अनियंत्रित होकर पलट गई जिससे कार में सवार महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। अनिल कुमार निवासी मुंडा धामू लखीमपुर खीरी का रहने वाला है। जयपुर में काम करता है और परिवार के साथ रहता है। अपनी पत्नी आरती को लेकर जयपुर से कार द्वारा अपने घर जा रहा था। बुधवार की सुबह 6:00 बजे अचानक उसकी आंख लग गई और कार नियंत्रित होकर पलट गई जिससे उसकी पत्नी आरती गंभीर रूप से घायल हो गई। घायल को तत्काल सीएचसी शाहबाद लाया गया। जहां से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया गया।
इश्क में धोखा, टावर पर चढ़ी विवाहिता

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले से इस वक्त की बड़ी खबर आ रही है। जहां अपने पति को छोड़कर प्रेमी के साथ भागी विवाहिता को जब धोखा मिला तो वह बुधवार की सुबह-सुबह अपने धोखेबाज प्रेमी के गांव में मौजूद एक टावर पर चढ़कर हाई प्रोफाइल ड्रामा करने लगी। देखते ही देखते मौके पर काफी भीड़ जमा हो गयी थी। विवाहिता अपने पहले पति के घर से 17 लाख के आभूषण व 1 लाख नगद लेकर भागी थी। पति को छोड़ विवाहिता ने प्रेमी से कोर्ट मैरिज भी किया है। प्रेमी से धोखा मिलने के बाद विवाहिता अब अपने पहले पति को पाने के लिए सुबह-सुबह टावर पर चढ़कर हंगामा करते हुए पति को बुलाने की जिद पर अड़ गयी। विवाहिता के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही औराई पुलिस के साथ फायर ब्रिगेड की टीम भी पहुंची थी। साथ ही तमाशबीनों की भीड़ भी जमा हो गयी थी। इंस्टाग्राम के जरिये एक युवक से विवाहिता प्यार कर बैठी। और एक दिन पहले पति को छोड़ 3 बजे भोर 17 लाख के जेवर व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी। विवाहिता के लापता होने पर ससुराल के लोगों ने थाने में मुकदमा भी दर्ज कराया था।
दरअसल यह पूरा मामला है औराई थाना इलाके के घमहापुर पियरोपुर गांव का है। जहां जगदीश प्रजापति के बेटे अजय कुमार प्रजापति की शादी 5 साल पहले हड़िया के जयतापुर निवासी जवाहरलाल की पुत्री सीमा देवी के साथ हुई थी। 25 वर्षीय सीमा देवी पति के घर घमहापुर पियरोपुर में रह रही थी। उसका पति अजय कुमार प्रजापति दिल्ली में रहकर आॅल इंडिया परमिट की ट्रक चलाता है। सीमा देवी व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम, फेसबुक पर सक्रिय रहती थी। इंस्टाग्राम के जरिये ही औराई के जेठूपुर निवासी कमलेश गौतम नामक एक युवक से प्यार कर बैठी। प्यार इस कदर परवान चढ़ा कि सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ 7 फरवरी की भोर लगभग 4 बजे फरार हो गयी। और जाते-जाते अपने ससुराल से 17 लाख के कीमती आभूषण व 1 लाख नगद लेकर फरार हो गयी थी। ससुराल व मायके वाले तलाश करते रहें। इसी बीच पता चला कि सीमा देवी की पूरी करतूत घमहापुर पियरोपुर गांव के एक मकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। जहां वह किसी लड़के के साथ जाते हुए नजर आयी थी। ससुर जगदीश प्रजापति की तहरीर पर औराई पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवाहिता की तलाश में जुट गई थी।
अपने पहले पति अजय कुमार प्रजापति को छोड़कर प्रेमी कमलेश गौतम के साथ जेवर व नगदी लेकर भागी सीमा देवी को पुलिस ने 22 दिन बाद यानि 28 फरवरी को राजकोट से बरामद किया, और पुलिस औराई लेकर चली आयी। इस दौरान सीमा देवी ने अपने बयान में कहा था कि वह अपने प्रेमी कमलेश गौतम के साथ कोर्ट मैरिज कर ली है। और उसी के साथ रहेगी। सीमा देवी अपने प्रेमी कमलेश गौतम के गांव जेठूपुर रहने लगी। लेकिन, 29 अप्रैल बुधवार की सुबह-सुबह सीमा देवी अपने प्रेमी के गांव में मौजूद एक टेलीफोन के टावर पर चढ़ गयी। और पहले पति अजय कुमार प्रजापति के साथ रहने की जिद पर अड़ गयी। सीमा देवी का आरोप है कि उसके प्रेमी कमलेश गौतम ने बहला-फुसलाकर उसकी हत्या करने की बात कहकर उसे लेकर भागा था। विवाहिता सीमा देवी लगातार अपने पति अजय कुमार प्रजापति व सास मुन्नी देवी को भी टावर के पास बुलाने की जिद पर अड़ी रही। हालांकि आनन-फानन में पुलिस पति अजय कुमार प्रजापति व उसकी सास मुन्नी देवी को वाहन में लादकर टावर के पास लेकर पहुंची थी। सास व पति को देखते ही सीमा देवी नीचे उतरी। जिसे पुलिस लेकर औराई थाने चली गई थी।
इंस्टाग्राम के जरिये पांच साल की दुल्हन सीमा देवी अपने ससुराल से लगभग 7 किलोमीटर जेठूपुर के रहने वाले कमलेश गौतम के साथ प्यार कर बैठी। और पूरी जिंदगी अपनी बर्बाद कर ली। अब उसके मायके वाले भी उससे किनारा कस रहे हैं। पति अजय कुमार प्रजापति भी सीमा देवी को कुबूल नहीं कर रहा है। औराई के घमहापुर पियरोपुर निवासी सीमा देवी के ससुर जगदीश प्रजापति ने बताया कि उसकी बहू ने घर को बर्बाद कर दिया। मुकदमा दर्ज होने के बाद सीमा देवी जो जेवर लेकर भागी थी पुलिस ने उसे बरामद करा दिया था। लेकिन नगद 1 लाख रूपया प्रेमी कमलेश गौतम व सीमा देवी ने मिलकर खर्च कर डाले। जेवर व पैसा जाने के बाद अब प्रेमी कमलेश गौतम सीमा देवी से पीछा छुड़ा रहा है। जबकि, दोनो ने आपस में कोर्ट मैरिज भी किया है। सीमा देवी का पहला पति अजय कुमार प्रजापति अपनी पत्नी को अब स्वीकार करने को तैयार नहीं है। उसे कोई भी बच्चा नहीं है। सीमा देवी के मायके वालों को भी टावर पर चढ़ने की सूचना दी गई। लेकिन बेटी की इस बेवफाई को देख मायके वाले भी हड़िया से औराई आने को तैयार नहीं है।
बिजनौर की 8 पर्यटन परियोजनाओं को ₹9.09 करोड़ मंजूर, बिदुर आश्रम का होगा कायाकल्प

* धार्मिक स्थलों के सौंदर्यीकरण और बुनियादी सुविधाओं के विकास पर सरकार का जोर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने जनपद बिजनौर की विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में पर्यटन विकास की 8 परियोजनाओं के लिए ₹9.09 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। यह स्वीकृति वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य योजना के अंतर्गत दी गई है। इन परियोजनाओं के तहत धार्मिक स्थलों का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विकास और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने बताया कि सभी कार्यों के लिए यूपीएसटीडीसी को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। साथ ही संबंधित एजेंसियों को गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि बिजनौर स्थित ऐतिहासिक बिदुर कुटी स्थल के समेकित विकास हेतु ₹4 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं। इसके अलावा बढ़ापुर विधानसभा क्षेत्र में प्राचीन संत शिरोमणि रविदास मंदिर के लिए ₹44 लाख, सदर विधानसभा क्षेत्र के उमा महेश आश्रम निजामतपुरा गंज के लिए ₹40 लाख तथा नूरपुर स्थित प्राचीन झंडेवाला बाबा मंदिर के लिए ₹30 लाख मंजूर किए गए हैं।
इसी प्रकार नगीना स्थित श्रीराम लीला बाग मंदिर के विकास के लिए ₹1.11 करोड़, नहटौर में अड्डे वाले बाबा स्थल के लिए ₹87 लाख, धामपुर में केड़ीवाले बाबा स्थल के लिए ₹50 लाख तथा विकासखंड अल्लेहपुर धाम स्थित स्थल के विकास के लिए ₹1.12 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं।
पर्यटन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की प्रेरणा से प्रदेश के धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों का सर्वांगीण विकास किया जा रहा है। अल्पज्ञात आस्था स्थलों को विकसित कर श्रद्धालुओं के लिए सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा।
विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक सम्पन्न, 30 अप्रैल के सदन कार्यक्रम पर मंथन
* ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर अनवरत चर्चा का प्रस्ताव पारित, सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की कार्य परामर्शदात्री समिति की बैठक बुधवार को विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेन्द्र सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का आयोजन विधान परिषद भवन के कक्ष संख्या-77 में किया गया।
बैठक में 30 अप्रैल को संचालित होने वाले सदन के कार्यक्रमों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। साथ ही ‘नारी सशक्तिकरण’ विषय पर उत्तर प्रदेश विधान परिषद की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली, 1956 के नियम 59(9) के अंतर्गत लोकहित के विषय पर अनवरत चर्चा हेतु प्रस्ताव रखा गया, जिसे समिति ने पारित कर दिया।
बैठक में उपमुख्यमंत्री एवं नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए। इसके अलावा वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव सहित कई सदस्यों ने भी अपने सुझाव रखे।
बैठक में एमएलसी सलिल विश्नोई, जासमीर अंसारी, अश्वनी त्यागी, ध्रुव कुमार त्रिपाठी, बिछ्छे लाल राम, जयपाल सिंह ‘व्यस्त’, आकाश अग्रवाल,  अक्षय प्रताप सिंह,  महेन्द्र सिंह तथा विधान परिषद के प्रमुख सचिव राजेश सिंह प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।