भवन निर्माता राजेश व सुरेश सिंह की मां की तेरहवीं में शामिल हुए 4000 से अधिक लोग
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मीरा भायंदर । माँ का महत्व नि:स्वार्थ प्रेम, सुरक्षा, और संस्कार की नींव के रूप में सर्वोच्च है। वह बच्चे की पहली शिक्षक, मार्गदर्शक और सबसे अच्छी दोस्त होती हैं, जो निस्वार्थ भाव से पालन-पोषण करती हैं। उनके बिना परिवार अधूरा है, और उनका आशीर्वाद जीवन भर सुरक्षा कवच की तरह काम करता है। मीरा भायंदर के प्रख्यात भवन निर्माता राज रीयल्टी ग्रुप के डायरेक्टर राजेश सिंह एवं सुरेश सिंह की मां धानफूल फुलराज सिंह का 25 अप्रैल को मुंबई में निधन होने के बाद उनके पैतृक गांव भरसथ, गोपालापुर, जौनपुर स्थित सिंह हाउस में 7 मई को तेरहवीं का विशाल कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें 4000 से अधिक लोग शामिल हुए । अत्यंत विनम्र, दयालु और धार्मिक प्रवृत्ति की धानफूल देवी को श्रद्धांजलि देने के लिए आसपास के दर्जनों गांवों के अलावा मीरा भायंदर, ठाणे , वसई, मुंबई, कल्याण से आये सैकड़ो लोगों ने उनकी तस्वीर पर श्रद्धा सुमन अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के करीबी राज्य मंत्री अमरीश सिंह भोला, विधायक आरके पटेल, पूर्व विधायक लीना तिवारी, पूर्व विधायक सुषमा पटेल, पूर्व विधायक श्रद्धा यादव, भाजपा जिलाध्यक्ष अजय कुमार सिंह, भाजपा नेता मनोज सिंह, अपना दल जिलाध्यक्ष लाल बहादुर पटेल, राहुल सिंह, अरविंद सिंह, सोनू सिंह सुमित दास वर्तमान ब्लाक प्रमुख , अनेक पूर्व ब्लाक प्रमुख, भाजपा जिला महामंत्री स्कंद पटेल, भवन निर्माता पंकज सिंह, भवन निर्माता दीपक जायसवाल, भवन निर्माता सुरेंद्र उपाध्याय, ठाणे के वरिष्ठ समाजसेवी पंकज मिश्रा, डॉ ज्ञान प्रकाश सिंह, डॉ परमिंदर सिंह डॉ आलोक सिंह, प्रधान संघ के अध्यक्ष विक्रांत सिंह, प्रधान चंदन सिंह, प्रधान राहुल पांडे, प्रधान प्रभात तिवारी, प्रधान चिंटू सिंह, प्रधान निरंजन उपाध्यक्ष, प्रधान अशोक सिंह समेत 45 ग्राम प्रधान, मीरा भायंदर के नगरसेवक मनोज रामनारायण दुबे, पूर्व नगरसेवक रामनारायण दुबे, समाजसेवी रत्नाकर मिश्रा, उद्योगपति ब्रह्मदेव सिंह, समाजसेवी ओम प्रकाश सिंह, भाजपा नेता अलगू सिंह, दीपक जायसवाल, दीपक सिंह, ठाकुर जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ पत्रकार राजदेव तिवारी, जिला महामंत्री कमलेश दुबे आदि का समावेश रहा। राजेश सिंह और सुरेश सिंह के अलावा परिवार के बबऊ सिंह, धर्मराज सिंह, प्रेमप्रकाश सिंह, संजीत, सुजीत, सतीश राज, प्रधान विपिन सिंह, डॉ सिद्धांत सिंह, सर्वेश सिंह, राज सिंह आदि ने आने वाले लोगों का सम्मान करते हुए उनके प्रति आभार व्यक्त किया।![]()



कोलकाता/रांची:-उद्योग मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के थिएटर रोड में झाक्राफ्ट के नए इंपोरियम का उद्घाटन किया । इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह एम्पोरियम केवल उत्पादों की बिक्री का केंद्र नहीं होगा, बल्कि यह झारखंड के हजारों कारीगरों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास का प्रतीक बनेगा। इससे ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा, महिला सशक्तिकरण को मजबूती मिलेगी। झारक्राफ्ट लगातार राज्य के कारीगरों, बुनकरों और ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने तथा उनके हुनर को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करने का कार्य कर रहा है।




आजमगढ़। जनपद के तहबरपुर विकास खण्ड में पड़ने वाले ग्राम सराय सागर में 18 मई से होने वाली श्री शत चंडी महायज्ञ की तैयारी जोरों चल रही है।यज्ञ को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने बताया कि अनादि काल से वैदिक ऋषि कालीन समय से यज्ञनारायण भगवान की महिमा का गायन वेदों में किया गया है । यज्ञ का उद्देश्य ऋचाओं के माध्यम से परमात्मा की उपासना करना है। आज हमारा समग्र मानव समाज अत्याधुनिक हथियारों के कारण से विनाश की कगार पर है । अगर महापुरुषों के उपदेशों को नहीं माना तो हमारा पूर्व समग्र मानव जाति का विनाश हो जाएगा । सनातन की पावन परंपरा समग्र जीव जंतु पेड़ - पौधे पर्यावरण जल जीवन जानवर विधि प्रपंच की रक्षा करने के लिए वेदों के माध्यम से प्रेरणा प्राप्त होती है । इसलिए मध्यकालीन संतों से लेकर 19 में 20 वीं शताब्दी में होने वाले महापुरुषों ने सदा सर्वदा उपनिषद वेद वेदांतों पर जोर दिया । वेदांत मानव गरिमा का उद्घोषक एवं परिप्रष्ट पोशाक है ।क्योंकि सनातन संस्कृति वेदिक संस्कृति यज्ञ की संस्कृति जीओ और जीने दो का उपदेश देता है ।और परस्पर की प्रेम की कल्याण की सद्भावना के लिए हमारे वैदिक वन में यज्ञ नारायण भगवान की महिमा का प्रतिपादन किया गया है। हथियारों से पर्यावरण प्रदूषण होता है । यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है।जब वातावरण शुद्ध होता है तो अच्छी वर्षा होती है। अच्छी वर्षा होती है तो अच्छी फसल होती है तो लोग खुशहाल होता है। श्री श्री योगी रामानंद जी महाराज ने अपील किया कि हमारा जीवन यज्ञ दान हो तब से परस्पर सहयोग की भावना से चलता है । इस अवसर पर विनोद उपाध्याय , दीनदयाल उपाध्याय , राकेश उपाध्याय , महेंद्र विश्वकर्मा , छोटू , आचार्य मधुसूदन , अजय राय , प्रेम प्रकाश राय , प्रेम शंकर राय, रविंद्र राय , निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य शिव मूरत यादव , प्रदीप राय , विवेक राय जर कृष्ण मोहन उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
आजमगढ़। जनपद के तहबरपुर विकास खण्ड में पड़ने वाले ग्राम सराय सागर में 18 मई से होने वाली श्री शत चंडी महायज्ञ की तैयारी जोरों चल रही है।यज्ञ को लेकर लोगों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। श्री श्री योगी रामानंद दास जी महाराज ने बताया कि अनादि काल से वैदिक ऋषि कालीन समय से यज्ञनारायण भगवान की महिमा का गायन वेदों में किया गया है । यज्ञ का उद्देश्य ऋचाओं के माध्यम से परमात्मा की उपासना करना है। आज हमारा समग्र मानव समाज अत्याधुनिक हथियारों के कारण से विनाश की कगार पर है । अगर महापुरुषों के उपदेशों को नहीं माना तो हमारा पूर्व समग्र मानव जाति का विनाश हो जाएगा । सनातन की पावन परंपरा समग्र जीव जंतु पेड़ - पौधे पर्यावरण जल जीवन जानवर विधि प्रपंच की रक्षा करने के लिए वेदों के माध्यम से प्रेरणा प्राप्त होती है । इसलिए मध्यकालीन संतों से लेकर 19 में 20 वीं शताब्दी में होने वाले महापुरुषों ने सदा सर्वदा उपनिषद वेद वेदांतों पर जोर दिया । वेदांत मानव गरिमा का उद्घोषक एवं परिप्रष्ट पोशाक है ।क्योंकि सनातन संस्कृति वेदिक संस्कृति यज्ञ की संस्कृति जीओ और जीने दो का उपदेश देता है ।और परस्पर की प्रेम की कल्याण की सद्भावना के लिए हमारे वैदिक वन में यज्ञ नारायण भगवान की महिमा का प्रतिपादन किया गया है। हथियारों से पर्यावरण प्रदूषण होता है । यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है।जब वातावरण शुद्ध होता है तो अच्छी वर्षा होती है। अच्छी वर्षा होती है तो अच्छी फसल होती है तो लोग खुशहाल होता है। श्री श्री योगी रामानंद जी महाराज ने अपील किया कि हमारा जीवन यज्ञ दान हो तब से परस्पर सहयोग की भावना से चलता है । इस अवसर पर विनोद उपाध्याय , दीनदयाल उपाध्याय , राकेश उपाध्याय , महेंद्र विश्वकर्मा , छोटू , आचार्य मधुसूदन , अजय राय , प्रेम प्रकाश राय , प्रेम शंकर राय, रविंद्र राय , निवर्तमान जिला पंचायत सदस्य शिव मूरत यादव , प्रदीप राय , विवेक राय जर कृष्ण मोहन उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। स्थानीय ब्लॉक संसाधन केंद्र पर उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ की ब्लॉक इकाई का चुनाव संपन्न ,लगातार सातवीं बार प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष बने ज्ञान प्रकाश सिंह। बुधवार को उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा सीतापुर की लहरपुर इकाई का निर्वाचन बी आर सी पर पर्यवेक्षक नवीन कुमार, चुनाव अधिकारी मदनलाल व अश्वनी सिंह द्वारा संपन्न कराया गया, जिसमें ज्ञान प्रकाश सिंह ने अध्यक्ष पद हेतु अपना नामांकन दाखिल किया, किसी भी अन्य प्रत्याशी के द्वारा नामांकन न दाखिल किए जाने होने के कारण पर्यवेक्षक व चुनाव अधिकारियों ने ज्ञान प्रकाश सिंह को ब्लॉक लहरपुर का निर्विरोध अध्यक्ष घोषित किया। ज्ञान प्रकाश सिंह के निर्वाचित घोषित होने पर शिक्षकों में हर्ष की लहर दौड़ गई।निर्वाचन को पारदर्शी व सकुशल संपन्न कराने में अर्पित त्रिवेदी,अजय राजवंशी,



सुल्तानपुर में मातृ दिवस के उपलक्ष में विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी मातृ शक्तियों का स्वागत विद्यालय की छात्राओं ने अक्षत और रोली के साथ टीका लगाकर एवं पुष्प गुच्छ देकर किया गया। इसके बाद कार्यक्रम की शुरुआत परंपरागत गुरु पूजा के साथ हुई। तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं के द्वारा मातृ दिवस पर बहुत ही सुंदर स्वागत गीत प्रस्तुत कर स्वागत किया गया।
विद्यालय के प्रधानाचार्य जे एन उपाध्याय ने मातृ दिवस की सभी को बधाई देते हुए कहा कि पूरी सृष्टि माताओं के द्वारा ही संचालित हो रही है और बच्चों के सर्वांगीण विकास में माताओं का विशेष योगदान होता है। मां सहयोग, समर्पण, त्याग व बलिदान की प्रतिमूर्ति है। माता बच्चों की प्रथम गुरू है,आज हम सब जो जहां हैं उन्हीं (मां) के बदौलत हैं। आज मां के योगदान को स्मरण करने एवं उनके प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का दिन है।
तत्पश्चात विद्यालय की छात्राओं के द्वारा समूह नृत्य , हिंदी व हिंदी और अंग्रेजी भाषा में उद्बोधन, समूह गीत प्रस्तुत किया गया। सभी कार्यक्रम बड़े ही मनमोहक रहे,सभी ने कार्यक्रमों की खूब प्रशंसा की। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बच्चों की माताओं ज्योति वर्मा, राधा यादव, पिंकी श्रीवास्तव आदि ने मातृ दिवस पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित एवं संस्कारित बनाने में महर्षि विद्या मंदिर की भूमिका सराहनीय है जिसकी सभी ने प्रशंसा की।
तत्पश्चात उपस्थित बच्चों की माताओं के द्वारा विभिन्न प्रकार के खेलों में सहभागिता बड़ी ही रोमांचक रही। अरेंजिंग द कप्स गेम में श्रीनिका UKG की माता प्रथम स्थान पर, वर्णित I A2 की मात्रा द्वितीय स्थान पर, अद्विका द्विवेदी नर्सरी की माता तृतीय स्थान पर रही। इसी क्रम में बैलून बैलेंसिंग गेम में अजान यूकेजी तथा अनादिता फर्स्ट A2 की माता प्रथम स्थान, विनायक फर्स्ट A2 तथा अद्विका सिंह यूकेजी की माता द्वितीय स्थान पर तथा शांभवी व संस्कृति यूकेजी की माता तृतीय स्थान पर रही।
स्थानीय टेनिस बॉल क्रिकेट के महाकुंभ स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी के दूसरे दिन मैदान पर रनों की बारिश और रोमांचक मुकाबलों का बोलबाला रहा। दिन का सबसे बड़ा आकर्षण अंकित पांडेय का तूफानी प्रदर्शन रहा, जिनकी बदौलत मुकेश फ्लावर ने एकतरफा जीत दर्ज की। मैचों का लेखा-जोखा अंकित की पावर-हिटिंग से दहली विपक्षी टीम आज के मुकाबलों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला।
मुख्य आकर्षणों का विवरण इस प्रकार है। मुकेश फ्लावर बनाम मिश्रा इलेवन इस मैच में अंकित पांडेय का बल्ला आग उगलता नजर आया। अंकित ने मात्र 37 गेंदों में 92 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 10 गगनचुंबी छक्के और 5 चौके शामिल थे। बल्लेबाजी के बाद उन्होंने गेंदबाजी में भी अपना जलवा बिखेरा और 3 विकेट चटकाए। उनके इस शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन की मदद से मुकेश फ्लावर ने मिश्रा इलेवन को 97 रनों के विशाल अंतर से हराया।
मां मनसा ऑरेंज लायंस बनाम राजा कैटरिंग एक बेहद करीबी मुकाबले में ऑरेंज लायंस ने राजा कैटरिंग को 3 विकेट से मात देकर अगले दौर में अपनी जगह पक्की की। वीरांश स्टाइलिश बनाम बादशाह इलेवन वीरांश स्टाइलिश की टीम ने सधे हुए खेल का प्रदर्शन करते हुए बादशाह इलेवन को 13 रनों से पराजित किया। त्रिकाल इलेवन बनाम जोई इलेवन सारवा त्रिकाल इलेवन ने मैच में दबदबा बनाए रखा। पहले बल्लेबाजी करते हुए त्रिकाल इलेवन ने 141 रन बनाए, जिसके जवाब में जोई इलेवन मात्र 37 रनों पर ढेर हो गई। त्रिकाल इलेवन की ओर से लोकनाथ और प्रवीण ने घातक गेंदबाजी करते हुए 4-4 विकेट लिए। जोई इलेवन की ओर से केवल कुणाल मिश्रा ही दहाई के आंकड़े तक पहुँच सके। खिलाड़ियों का सम्मान और आयोजन मैच के समापन पर आयोजन समिति के सचिव आशिष झा और कार्यकारी सचिव नीरज झा ने सभी 'मैन ऑफ द मैच' विजेताओं को मोमेंटो देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर दीपक दुबे, अजय खवाड़े सहित आयोजन समिति के सभी सदस्य उपस्थित थे, जिन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। टेनिस बॉल क्रिकेट: प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम टेनिस बॉल क्रिकेट मात्र एक खेल नहीं, बल्कि जमीनी स्तर के खिलाड़ियों के लिए अपनी प्रतिभा दिखाने का सबसे बड़ा मंच है। इस तरह के आयोजनों से न केवल स्थानीय खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलता है, बल्कि युवाओं में अनुशासन और टीम भावना का भी विकास होता है। स्व. वर्धन खवाड़े ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट यह साबित करते हैं कि यदि सही अवसर मिले, तो गलियों से निकले खिलाड़ी भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का कौशल दिखा सकते हैं। टेनिस बॉल क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए, ऐसे आयोजन खेल जगत के भविष्य के लिए एक मील का पत्थर साबित हो रहे हैं। यह खेल की सादगी और रोमांच ही है जो हजारों दर्शकों को मैदान की ओर खींच लाता है।
6 hours ago
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