पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व भगवान श्री राम जैसा : संजय सिंह बोले*
सुल्तानपुर में जयंती कार्यक्रम में की शिरकत, शहर में निकली शोभा यात्रा आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। सांसद ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्री राम से की, जिन्होंने शबरी के बेर खाए और निषादराज व वानर सेना को एकजुट किया। सांसद ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।" महाराणा प्रताप की जन्मजयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी,अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी,संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा,उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला,आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।
श्री डाल सिंह मेमोरियल स्कूल में मनाई गई वीर योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती
रितेश मिश्रा
हरदोई। मंगली पुरवा फाटक स्थित श्री डाल सिंह मेमोरियल स्कूल में महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन किया गया।
ना झुका, ना रुका और ना कभी डरा, धरती पर जन्में उन सपूतों में एक थे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप! आज हम उस महान योद्धा की जयंती मना रहे हैं, जिसने अपने मातृभूमि की जी - जान से रक्षा की। दुश्मनों के आगे कभी नहीं झुके ।
विद्यालय के प्रबंधक मुकेश सिंह, प्रधानाचार्या भूमिका सिंह ,शिक्षकों तथा छात्रों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित किए। जिसमें छात्रों ने उनके जीवन और उनकी वीरता के बारे में जाना। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को महाराणा प्रताप के जीवन, उनके संघर्ष, अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण से अवगत कराना था ।महाराणा प्रताप सिंह ने मुगलों के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया , घास की रोटी खाना स्वीकार किया।
विद्यालय प्रबंधक मुकेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान शासक और वीर थे, जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने छात्रों को महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या भूमिका सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें सीखना चाहिए कि कैसे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए संघर्ष करना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए।
छात्रों ने महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा,"हम भी उनके जैसा बनना चाहते हैं और अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।"
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या लक्ष्मी देवी शिक्षिकाएं कोमल यादव, कविता गुप्ता,मंशा वाजपेई ,आरती वर्मा, विनीता त्रिवेदी, सोनम शुक्ला , प्रज्ञा द्विवेदी, सोनी शुक्ला, मीनाक्षी सिंह , ऐश्वर्या सिंह, नीलम, शिवांगी गुप्ता, दिव्यांशी गुप्ता, लवी मिश्रा, पूजा चौहान, मंजूषा यादव, तन्वी, पूजा मिश्रा , राखी गुप्ता, दीपमाला, मानसी मिश्रा शिक्षक रामप्रकाश पाण्डेय, अशोक कुमार गुप्ता, आयुष यादव, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप जन्मोत्सव पर महराजगंज में निकली भव्य शोभायात्रा
जौनपुर । अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह दुर्गावंश के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार सुबह भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर महराजगंज तिराहे तक पहुंची, जहां पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
यात्रा में आकर्षक डीजे रथ, भगवा ध्वज एवं महाराणा प्रताप के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में राजपूत समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह दुर्गा वंश ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने महाराणा प्रताप अमर रहें के जयघोष लगाए तथा समाज की एकता और गौरव का संदेश दिया। शोभायात्रा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह दुर्गावंश सहित संगठन के गणमान्य जिनमें जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह जिला संरक्षक सत्यनारायण सिंह लालमणि पांडे विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष सजल सिंह अखिलेश कुमार सिंह यादवेंद्र प्रताप सिंह लव कुश सिद्धार्थ सिंह मंडल अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह सरनाम सिंह अजय सिंह डीपी सिंह रिशु सिंह विकास सिंह प्रवीण मंगेश बहादुर सिंह सत्य सत्यदेव सिंह सुनील सिंह सत्यम सिंह निर्भय सिंह संतोष सिंह गुड्डू बबलू सिंह महेंद्र सिंह प्रदीप सिंह राजकुमार सिंह पंकज सिंह बबलू सिंह विनोद सिंह अंबुज सिंह संजय सिंह शैलेंद्र सिंह योगेश सिंह शिवांश सिंह सुजीत सिंह बच्ची आनंद उपाध्याय श्याम मिश्र अमरपाल तिवारी भोले मिश्र संजय तिवारी लालन मिश्र अतुल तिवारी व सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय जन उपस्थित रहे।
पर्यटन मंत्री ने महाराणा प्रताप की मूर्ति का किया अनावरण
फर्रूखाबाद l वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर जनपद  में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मंत्री पर्यटन एवं संस्कृति विभाग के प्रभारी मंत्री  जयवीर सिंह द्वारा रोडवेज बस स्टेशन परिसर में पर्यटन एवं संस्कृति विभाग द्वारा स्थापित वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की प्रतिमा का विधिवत अनावरण किया गया तथा उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया गया।
अपने संबोधन में मंत्री ने महाराणा प्रताप के अदम्य साहस, राष्ट्रभक्ति एवं स्वाभिमान को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा कि उनका जीवन समाज को देशभक्ति एवं संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सांस्कृतिक विरासत एवं ऐतिहासिक महापुरुषों के सम्मान एवं संरक्षण के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
इस दौरान मंत्री की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक प्रारंभ होने से पूर्व विभिन्न विभागों द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को सहायता सामग्री एवं स्वीकृति पत्र वितरित किए गए।
कार्यक्रम में कृषि विभाग के सौजन्य से एक कृषक को ट्रैक्टर तथा एक कृषक को रोटावेटर प्रदान किया गया। पर्यटन विभाग की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण किया गया। उद्योग विभाग द्वारा 10 लाभार्थियों को टूल किट वितरित की गई। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) के स्वयं सहायता समूहों को रिवॉल्विंग फंड के रूप में कुल 51.90 लाख रुपये की धनराशि के चेक वितरित किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत दो लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। दिव्यांग कल्याण विभाग द्वारा दो लाभार्थियों को हियरिंग मशीन वितरित की गई। प्रोबेशन विभाग द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सहायता योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। श्रम विभाग की मातृत्व एवं शिशु हितलाभ योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी 31 हजार रुपये के चेक वितरित किए गए।
मत्स्य विभाग की मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत एक लाभार्थी को 1,47,680 रुपये का चेक प्रदान किया गया। राजस्व विभाग की मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना बीमा योजना के अंतर्गत पांच लाभार्थियों को प्रति लाभार्थी पांच लाख रुपये की सहायता राशि के चेक वितरित किए गए तथा पांच लाभार्थियों को घरौनी प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
समीक्षा बैठक में मंत्री द्वारा विगत बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की बिंदुवार समीक्षा की गई। उन्होंने मुख्यमंत्री डैशबोर्ड में खराब प्रदर्शन करने वाले विभागों की समीक्षा करते हुए निर्देशित किया कि जिन विभागों की रैंकिंग खराब है, उनके संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जाए तथा कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाया जाए।
मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा एवं औचक निरीक्षण कर गुणवत्ता परीक्षण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नलकूप विभाग द्वारा स्थापित किए जा रहे नलकूपों की बोरिंग की गहराई की जांच कराने के भी निर्देश दिए।
बैठक में मंत्री ने एनएचएआई द्वारा निर्मित की जा रही बेवर–फर्रूखाबाद सड़क परियोजना के अधूरे कार्यों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए परियोजना निदेशक एनएचएआई को निर्देशित किया कि जिलाधिकारी के साथ बैठक कर सभी लंबित एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
इसके अतिरिक्त मंत्री द्वारा मडैयन घाट पुल के पहुंच मार्ग हेतु बाईपास के सर्वेक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा समस्त अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विधानसभा वार विकास कार्यों की सूची तैयार कर संबंधित जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराई जाए, जिससे विकास कार्यों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो सके।
इस मौके पर सांसद , विधायक अमृतपुर, विधायक भोजपुर, विधायक कायमगंज, भाजपा जिलाध्यक्ष, जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, मुख्य विकास अधिकारी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें

- संजय सिंह
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
-
सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।
वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
महाराणा प्रताप राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है- प्रशांत सिंह अटल
- महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने किया वीर वधू सम्मान
- भव्य शोभायात्रा निकाली गई
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सुलतानपुर। महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व हमें यही सिखाता है कि जीवन में परिस्थितियां चाहे जैसी हों झुकें नहीं संघर्ष करें । महाराणा प्रताप केवल एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व नहीं, बल्कि भारतीय आत्मसम्मान की जीवंत चेतना हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी कभी अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं किया। आज आवश्यकता इस बात की है कि युवा पीढ़ी उनके संघर्ष, त्याग और राष्ट्रनिष्ठा से प्रेरणा ले। जीवन में कठिनाइयाँ आएँगी, संसाधनों का अभाव भी होगा, लेकिन जो व्यक्ति अपने लक्ष्य और सिद्धांतों पर अडिग रहता है, वही इतिहास रचता है।  यह बातें राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहीं।  वह महाराणा प्रताप जयंती पर क्षत्रिय भवन सभागार में क्षत्रिय शिक्षा समिति द्वारा आयोजित समारोह को बतौर मुख्य अतिथि सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता से ही भारत की पहचान है हमें समन्वयवादी दृष्टिकोण अपनाना ही होगा।
मुख्य वक्ता यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष प्रशांत सिंह अटल ने कहा कि राणा प्रताप कभी पराजित नहीं हुये।इतिहासकारों ने उनके बारे में चाहे जो आकलन किया हो देश की जनता ने हमेशा उन्हें वीरता स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक स्वीकार किया।
इससे पूर्व अतिथियों ने जनपद निवासी शहीद सैनिकों की माताओं , विधवाओं व परिवार जनों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व धनराशि देकर सम्मानित किया। अतिथियों ने राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर महाविद्यालय की वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा का लोकार्पण किया। साथ ही जिला स्तरीय प्रताप पेंटिंग प्रतियोगिता में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र स्मृति चिन्ह व मेडल देकर सम्मानित किया गया ।
दिन भर चलने वाले समारोह की शुरुआत सुबह आठ बजे क्षत्रिय भवन परिसर स्थित महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण से हुई। इसके बाद एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स व एन एस एस सहित अन्य विद्यार्थियों व समाज के अनेक सम्मानित व्यक्तियों ने घोड़ा , बैंडबाजा के साथ शोभायात्रा निकाली जो विभिन्न मार्गों से होती हुई क्षत्रिय भवन पहुंची। जनपद निवासियों द्वारा स्थान स्थान पर शोभायात्रा का स्वागत किया गया।
तीन सत्रों में चले विभिन्न कार्यक्रमों में संगोष्ठी का संचालन प्रोफेसर निशा सिंह, कवि सम्मेलन स्वागत सत्र का संचालन ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व शोभायात्रा का संचालन एनसीसी टीम ने किया।
स्वागत प्राचार्य प्रोफेसर दिनेश कुमार त्रिपाठी व आभार ज्ञापन समिति अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह ने किया। सभी अतिथियों को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह व पुष्पगुच्छ देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर समिति के सचिव रमेश सिंह टिन्नू, महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, उपाध्यक्ष शुभ नारायण सिंह समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
विनेश फोगाट पर कुश्ती में शामिल होने पर रोक,गोंडा में कंपटीशन खेलना मुश्किल विनेश
*डब्ल्यू एफ आई ने नोटिस जारी कर मांगा जवाब

गोंडा।जिले में कल से शुरू हो रही नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती से 24 घंटे पहले महिला पहलवान विनेश फोगाट को बड़ा झटका लगा है।भारतीय कुश्ती संघ ने उन्हें इस प्रतियोगिता में शामिल होने से रोक दिया है।प्रतियोगिता शुरू होने से 24 घंटे पहले शनिवार अपरान्ह लगभग 3 बजे डब्ल्यू एफ आई ने विनेश फोगाट को कई बिंदुओं पर कारण बताओ नोटिस जारी किया।जिसमें उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है,जिसके मिलने के बाद ही उनके प्रतियोगिता शामिल होने पर निर्णय लिया जाएगा।विनेश फोगाट को 14 दिन के अंदर नोटिस का जवाब देना होगा।यह नोटिस उनके पंजीकृत पते,ईमेल आईडी और स्पीड पोस्ट के माध्यम से भेजा गया है,ताकि बाद में नोटिस ना मिलने का आरोप ना लगाया जा सके।महिला पहलवान विनेश फोगाट पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं,जिनमें सेवानिवृत्ति,प्रतियोगिता में वापसी,अनुशासनहीनता और भारतीय कुश्ती के हितों को नुकसान पहुंचाने वाला शामिल है।विनेश फोगाट पर पेरिस 2024 ओलंपियाड खेलों में निर्धारित वजन सीमा तक ना पहुंच पाने का भी आरोप है।जिसके परिणामस्वरूप अयोग्यता और शर्मिंदगी हुई।इसके अतिरिक्त उन पर भारतीय कुश्ती संघ के संविधान और नियमों का बार बार उल्लंघन करने का आरोप है।तीसरा आरोप डोपिंग विरोधी नियमों के उल्लंघन से संबंधित है,जिसमें 18 दिसंबर 2025 को दर्ज की गई एक छूटी हुई परीक्षा भी शामिल है।इसे अंतर्राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 4 मई 2026 के पत्र के माध्यम से वाडा के अंतर्राष्ट्रीय मानक के अनुच्छेद 4,8,8,3 और वाडा के परिणाम प्रबंधन के मानक के अनुच्छेद बी 24 के अनुसार अनुसूचित किया गया था।चौथा आरोप है कि उन्होंने भारतीय कुश्ती संघ के प्रतियोगिता नियमों का उल्लंघन करते हुए 11 मार्च 2024 को एन आई एस पटियाला में आयोजित चयन परीक्षा में दो बार (50 किलो और 53 किलो) श्रेणियों में भाग लिया।भारतीय कुश्ती संघ ने इन आरोपों को लेकर के जवाब मांगा है और कहा है कि आपसे कारण बताने का अनुरोध किया जाता है कि आपके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही क्यों शुरू की जानी चाहिए।तह भी आरोप है कि इनके द्वारा सन्यास लेने को लेकर के घोषणा की गई और सन्यास लेने की घोषणा करने के बाद कुछ ही समय में विनेश फोगाट द्वारा अपना सन्यास वापस ले लिया गया था।उन्होंने गोंडा में कल से शुरू हो रहे तीन दिवसीय नेशनल ओपन रैंकिंग कुश्ती प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए 27 अप्रैल को अपना पंजीकरण भी कराया था।इस प्रतियोगिता में पंजीकरण को लेकर के पहले विनेश फोगाट ने भारतीय कुश्ती संघ पर आरोप लगाया था।जब भारतीय कुश्ती संघ ने इस बात की जानकारी दी कि आरोप लगाने से पहले ही विनेश फोगाट का पंजीकरण हो गया है तो उसके बाद विनेश फोगाट ने एक वीडियो जारी किया और कहा कि बृजभूषण के इलाके में कुश्ती हो रही है,यहां पर मैं अपने आप को असुरक्षित महसूस करूंगी और यदि मेरे साथ कुछ होता है तो सरकार जिम्मेदार होगी।यहाँ पर भारतीय कुश्ती संघ द्वारा कुश्ती कराया जा रहा है, जो कि गलत है।विनेश फोगाट के इन आरोपों के बाद भारतीय कुश्ती संघ ने इन सभी आरोपों को नकार दिया था और अब एक बार फिर से भारतीय कुश्ती संघ द्वाराश शोकाज नोटिस जारी किए जाने के बाद विनेश फोगाट को एक बड़ा झटका लगा है।इसकी पुष्टि भारतीय कुश्ती संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय सिंह ने किया।
वीरता, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति के अमर प्रतीक महाराणा प्रताप को शत-शत नमन
– दिनेश चंद्र, पूर्व जिलाधिकारी जौनपुर


आज 9 मई भारत के इतिहास का एक गौरवशाली दिवस है। यह दिन वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जन्म जयंती के रूप में पूरे देश में श्रद्धा, सम्मान और गर्व के साथ मनाया जाता है। भारत वीरों की भूमि है और इस पवित्र धरती ने समय-समय पर ऐसे महापुरुषों को जन्म दिया है जिन्होंने अपने त्याग, बलिदान और शौर्य से राष्ट्र की रक्षा की तथा भारतीय संस्कृति और स्वाभिमान को जीवित रखा। महाराणा प्रताप का जन्म 9 मई 1540 को मेवाड़ के सिसोदिया राजवंश में हुआ था। उन्होंने जीवनभर मुगलों की अधीनता स्वीकार नहीं की और मातृभूमि की रक्षा के लिए संघर्षरत रहे। उनका जीवन साहस, आत्मसम्मान, त्याग और राष्ट्रभक्ति का अनुपम उदाहरण है। 19 जनवरी 1597 को उनका देहावसान हुआ, लेकिन उनका यश आज भी अमर है।
हल्दीघाटी का युद्ध भारतीय इतिहास का ऐसा अध्याय है जो सदैव वीरता और संघर्ष की प्रेरणा देता रहेगा। विपरीत परिस्थितियों में भी महाराणा प्रताप ने हार नहीं मानी। जंगलों में रहकर कठिन जीवन व्यतीत किया लेकिन राष्ट्र और स्वाभिमान से कभी समझौता नहीं किया। उनके प्रिय अश्व चेतक की वीरता भी इतिहास में अमर है।
“गिरा जहां खून, वहां का पत्थर-पत्थर जिंदा है,
जिस धरती पर राणा जन्मे, उसका अक्षर-अक्षर जिंदा है।
सूर्य अगर कभी सो जाए, तो महाराणा प्रताप को पढ़ लेना।”
महाराणा प्रताप ने केवल एक जाति को साथ लेकर संघर्ष नहीं किया, बल्कि भीलों सहित समाज के सभी वर्गों को साथ लेकर राष्ट्र रक्षा का संकल्प निभाया। उन्होंने यह संदेश दिया कि राष्ट्र सर्वोपरि है और उसकी रक्षा के लिए समाज की एकता आवश्यक है।
उन्होंने सिंहासन को सत्ता का नहीं, बल्कि सम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक माना। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी अपने आत्मसम्मान और राष्ट्रहित के लिए डटे रहना चाहिए।
“यह एकलिंग का आसन है, इस पर किसी का शासन नहीं। यह सिंहासन सम्मान का है, कुर्बानियों से अर्जित है।” हल्दीघाटी का युद्ध आज भी हमें संघर्ष, साहस और आत्मबल की प्रेरणा देता है—
“रण बीच चौकड़ी भर-भर कर चेतक बन गया निराला था,
राणा प्रताप के घोड़े से पड़ गया हवा का पाला था।” आज आवश्यकता है कि युवा पीढ़ी महाराणा प्रताप को केवल एक जातीय प्रतीक के रूप में नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, त्याग, साहस और स्वाभिमान के महान आदर्श के रूप में याद करे। उन्होंने अपने लिए नहीं, बल्कि अपनी प्रजा, अपने राष्ट्र और अपने स्वाभिमान के लिए संघर्ष किया।
आज उनकी जयंती पर हम सभी संकल्प लें कि उनके जीवन दर्शन, राष्ट्रप्रेम और वीरता को अपने जीवन में आत्मसात करेंगे और समाज में एकता, समरसता तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करेंगे। भारत माता के ऐसे महान सपूत महाराणा प्रताप जी को शत-शत नमन।
सुल्तानपुर में बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा का किया अनावरण*
सत्कर्मों और हिंदू समाज को जोड़ने पर दिया जोर।

सुल्तानपुर के कादीपुर में शनिवार को पूर्व भाजपा सांसद बृज भूषण शरण सिंह ने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम, एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र सिंह, पूर्व मंत्री ओपी सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और नगर पंचायत अध्यक्ष आनंद जायसवाल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। इस अवसर पर बृज भूषण शरण सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सभी को अपने सत्कर्मों पर ध्यान देना चाहिए और हिंदू समाज से जुड़े सभी वर्गों को जोड़ने का काम करना चाहिए। उन्होंने आरक्षण पर भी अपनी बात रखते हुए कहा कि वे आरक्षण का विरोध नहीं करते, लेकिन सवाल यह है कि गांव के आखिरी पायदान पर आरक्षण का पूर्ण असर कब दिखेगा। उन्होंने अपने समाज से ब्राह्मणों के कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेने और उन्हें अग्रिम पंक्ति में स्थान देने का भी आग्रह किया। कार्यक्रम में कुछ भाजपा जनप्रतिनिधियों की अनुपस्थिति चर्चा का विषय रही। एमएलसी देवेंद्र सिंह और पूर्व ब्लॉक प्रमुख के पहुंचने की खबर के बावजूद भाजपा के एक विधायक कार्यक्रम में नहीं पहुंचे। वहीं, पूर्व में प्रशासन का उपयोग कर प्रतिमा हटवाने के लिए जिन भाजपा जनप्रतिनिधि का नाम चर्चा में था, उन्होंने भी कार्यक्रम से दूरी बनाए रखी। उल्लेखनीय है कि महाराणा प्रताप की यह प्रतिमा शुक्रवार शाम को कादीपुर स्थित मालापुर जगदीशपुर में शासन द्वारा आवंटित भूमि पर स्थापित की गई थी। इससे पहले 4 मई की रात को राजनीतिक दबाव के चलते प्रशासन ने इस प्रतिमा को हटवा दिया था। इसके बाद क्षेत्रीय विधायक राजेश गौतम ने जिलाधिकारी से मिलकर चिह्नित भूमि के आवंटन के लिए शासन को पत्र लिखा था। गुरुवार को शासन ने इस प्रस्ताव को स्वीकार कर संस्तुति प्रदान की, जिसके बाद प्रतिमा को पुनः स्थापित किया जा सका।
महाराणा प्रताप की राष्ट्रभक्ति आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत : प्रदीप सिंह बब्बू
* लखनऊ में धूमधाम से मनाई गई वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के हुसैनगंज स्थित महाराणा प्रताप चौक पर वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की 486वीं जयंती श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर क्षत्रिय संगठनों सहित समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने महाराणा प्रताप की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर उनके शौर्य, त्याग और बलिदान को नमन किया।
कार्यक्रम का आयोजन उत्तर प्रदेश क्षत्रिय समन्वय समिति के प्रदेश संयोजक प्रदीप सिंह बब्बू द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह बब्बू ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और संघर्ष का प्रतीक है। उनका त्याग और वीरता आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणास्रोत बना रहेगा।
कार्यक्रम में प्रदेश के परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, उत्तर प्रदेश महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा सिंह बिष्ट, नोएडा विधायक पंकज सिंह, विधान परिषद सदस्य संतोष सिंह, गौरीगंज विधायक राकेश सिंह, गोसाईगंज विधायक अभय सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, पूर्व विधायक शैलेश सिंह शैलू, महिला आयोग सदस्य एकता सिंह, वरिष्ठ पत्रकार शिवशरण सिंह गहरवार तथा पूर्व डीजीपी यशपाल सिंह सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
समारोह में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, शौर्य फाउंडेशन, करणी सेना, भारतीय क्षत्रिय समाज, राजपूताना महासभा, राष्ट्रीय क्षत्रिय महासभा सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप का व्यक्तित्व भगवान श्री राम जैसा : संजय सिंह बोले*
सुल्तानपुर में जयंती कार्यक्रम में की शिरकत, शहर में निकली शोभा यात्रा आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह शनिवार को सुल्तानपुर पहुंचे। उन्होंने महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में भाग लिया। संजय सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें संघर्ष और समन्वय की सीख मिलती है। उन्होंने बताया कि कैसे महाराणा प्रताप ने भीलों, लोहारों और समाज के हर वर्ग को साथ लेकर मुगलों की विशाल सेना का मुकाबला किया था। सांसद ने महाराणा प्रताप के व्यक्तित्व की तुलना भगवान श्री राम से की, जिन्होंने शबरी के बेर खाए और निषादराज व वानर सेना को एकजुट किया। सांसद ने भारत की असली पहचान 'विविधता में एकता' को बताया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी जब हम इस देश और समाज को एकजुट रखने के लिए कार्य करेंगे। संजय सिंह ने महाराणा प्रताप की वीरता पर प्रसिद्ध पंक्तियां भी दोहराईं: "रणबीच चौकड़ी भर-भर कर, चेतक बन गया निराला था, राणा प्रताप के कोड़े से, पड़ गया हवा का पाला था।" महाराणा प्रताप की जन्मजयंती के अवसर पर शहर में एक शोभा यात्रा भी निकाली गई। इसमें हजारों की संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। परशुराम चौक चौराहे पर पदाधिकारियों ने मंत्रोच्चार के साथ शोभा यात्रा का स्वागत किया। क्षत्रिय कल्याण समिति के अध्यक्ष संजय सिंह ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। देव पुरोहित महासभा के संरक्षक अनिल द्विवेदी और अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी सहित दर्जनों पदाधिकारियों ने भी शोभा यात्रा का स्वागत किया। शोभायात्रा में शामिल पदाधिकारी छात्र-छात्राओं के बीच जलपान का वितरण करते दिखे। देव पुरोहित महासभा के आचार्यों ने शोभायात्रा पर पुष्प वर्षा की।

इस अवसर पर महासभा के संस्थापक अनिल द्विवेदी,अध्यक्ष आचार्य प्रवीण तिवारी, कोषाध्यक्ष अमरनाथ तिवारी,संगठन मंत्री आचार्य अरुण तिवारी, महामंत्री सर्वेश मिश्रा,उपाध्यक्ष आचार्य अजय मिश्रा पवन, अभिषेक शुक्ला,आचार्य जितेंद्र मिश्रा और रितिक सिंह सहित कई सदस्य मौजूद रहे। शोभा यात्रा के दौरान भगवान जय श्री परशुराम और महाराणा प्रताप के जयकारे लगाए गए।
श्री डाल सिंह मेमोरियल स्कूल में मनाई गई वीर योद्धा महाराणा प्रताप की जयंती
रितेश मिश्रा
हरदोई। मंगली पुरवा फाटक स्थित श्री डाल सिंह मेमोरियल स्कूल में महाराणा प्रताप जयंती का आयोजन किया गया।
ना झुका, ना रुका और ना कभी डरा, धरती पर जन्में उन सपूतों में एक थे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप! आज हम उस महान योद्धा की जयंती मना रहे हैं, जिसने अपने मातृभूमि की जी - जान से रक्षा की। दुश्मनों के आगे कभी नहीं झुके ।
विद्यालय के प्रबंधक मुकेश सिंह, प्रधानाचार्या भूमिका सिंह ,शिक्षकों तथा छात्रों ने महाराणा प्रताप के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्प अर्पित किए। जिसमें छात्रों ने उनके जीवन और उनकी वीरता के बारे में जाना। इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों को महाराणा प्रताप के जीवन, उनके संघर्ष, अदम्य साहस और मातृभूमि के प्रति उनके समर्पण से अवगत कराना था ।महाराणा प्रताप सिंह ने मुगलों के सामने झुकना स्वीकार नहीं किया , घास की रोटी खाना स्वीकार किया।
विद्यालय प्रबंधक मुकेश सिंह ने कहा कि महाराणा प्रताप एक महान शासक और वीर थे, जिन्होंने मुगल बादशाह अकबर के खिलाफ संघर्ष किया था। उन्होंने छात्रों को महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेने और उनके आदर्शों को अपनाने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय की प्रधानाचार्या भूमिका सिंह ने बताया कि महाराणा प्रताप के जीवन से हमें सीखना चाहिए कि कैसे अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए संघर्ष करना चाहिए और कभी हार नहीं माननी चाहिए।
छात्रों ने महाराणा प्रताप के जीवन से प्रेरणा लेते हुए कहा,"हम भी उनके जैसा बनना चाहते हैं और अपने देश के लिए कुछ करना चाहते हैं।"
इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या लक्ष्मी देवी शिक्षिकाएं कोमल यादव, कविता गुप्ता,मंशा वाजपेई ,आरती वर्मा, विनीता त्रिवेदी, सोनम शुक्ला , प्रज्ञा द्विवेदी, सोनी शुक्ला, मीनाक्षी सिंह , ऐश्वर्या सिंह, नीलम, शिवांगी गुप्ता, दिव्यांशी गुप्ता, लवी मिश्रा, पूजा चौहान, मंजूषा यादव, तन्वी, पूजा मिश्रा , राखी गुप्ता, दीपमाला, मानसी मिश्रा शिक्षक रामप्रकाश पाण्डेय, अशोक कुमार गुप्ता, आयुष यादव, संजय कुमार आदि मौजूद रहे।
महाराणा प्रताप जन्मोत्सव पर महराजगंज में निकली भव्य शोभायात्रा
जौनपुर । अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह दुर्गावंश के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार सुबह भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर महराजगंज तिराहे तक पहुंची, जहां पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
यात्रा में आकर्षक डीजे रथ, भगवा ध्वज एवं महाराणा प्रताप के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में राजपूत समाज सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने भाग लिया। शोभायात्रा के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह दुर्गा वंश ने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन त्याग, स्वाभिमान और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से महाराणा प्रताप के आदर्शों पर चलने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही। शोभायात्रा में शामिल लोगों ने महाराणा प्रताप अमर रहें के जयघोष लगाए तथा समाज की एकता और गौरव का संदेश दिया। शोभायात्रा के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष आर पी सिंह दुर्गावंश सहित संगठन के गणमान्य जिनमें जिला अध्यक्ष अरुण कुमार सिंह मंडल अध्यक्ष अशोक कुमार सिंह जिला संरक्षक सत्यनारायण सिंह लालमणि पांडे विश्व हिंदू परिषद जिला अध्यक्ष सजल सिंह अखिलेश कुमार सिंह यादवेंद्र प्रताप सिंह लव कुश सिद्धार्थ सिंह मंडल अध्यक्ष शिव प्रताप सिंह सरनाम सिंह अजय सिंह डीपी सिंह रिशु सिंह विकास सिंह प्रवीण मंगेश बहादुर सिंह सत्य सत्यदेव सिंह सुनील सिंह सत्यम सिंह निर्भय सिंह संतोष सिंह गुड्डू बबलू सिंह महेंद्र सिंह प्रदीप सिंह राजकुमार सिंह पंकज सिंह बबलू सिंह विनोद सिंह अंबुज सिंह संजय सिंह शैलेंद्र सिंह योगेश सिंह शिवांश सिंह सुजीत सिंह बच्ची आनंद उपाध्याय श्याम मिश्र अमरपाल तिवारी भोले मिश्र संजय तिवारी लालन मिश्र अतुल तिवारी व सैकड़ो की संख्या में क्षेत्रीय जन उपस्थित रहे।