आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

मानवीय एवं संवैधानिक मूल्य को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने का काम करें शिक्षक:बी एस ए मनीष कुमार सिंह
संजीव सिंह बलिया! राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य के संवर्धन हेतु शिक्षकों के लिए मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण *प्रज्ञा प्रवाह* के प्रथम बैच के समापन के अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य/बी एस ए मनीष कुमार सिंह द्वारा प्रेषित अपने संदेश में बताया गया कि यह प्रशिक्षण मानवीय मूल्यों के परिचय के साथ-साथ परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों के अंदर संवैधानिक मूल्य एवं मौलिक कर्तव्य की बात तो बताता ही है साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनता है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि मूल्य के विकास में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिसमें विद्यालयी संदर्भ में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने हेतु प्रमुख रणनीतियां बनाई जानी आवश्यक होती हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया गया की मूल्य के विकास में शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने हेतु संवेदीकृत करता है। मानवीय मूल्य के संबंध में अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मूल्य की अवधारणा विकसित करने हेतु मानवीय मूल्य के आदर्श , सिद्धांत और संस्कार जो कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसके आचरण को नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करने योग्य बनाते हैं को विकसित करने की आवश्यकता है। *प्रज्ञा प्रवाह* प्रशिक्षण के नोडल डायट प्रवक्ता रविरंजन खरे द्वारा सभी प्रशिक्षणर्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण में जिन बिंदुओं पर बृहद चर्चा की गई है इसका उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब ईमानदारी पूर्वक नैतिकता की बातें सहयोगियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी ले जाई जाएं। प्रवक्ता जानू राम द्वारा व्यक्तिगत मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि मूल्य व्यक्ति के स्वयं के आचरण और जीवन शैली से जुड़े होते हैं और उनके चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं ।यह व्यक्ति को उचित एवं अनुचित के बीच सही निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ।उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मूल्य कई प्रकार के होते हैं जैसे आत्म सम्मान, ईमानदारी, अनुशासन ,करुणा ,सहयोग ,भाईचारा , आत्मनिर्भरता आदि। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा सामाजिक मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव होते हैं। यह वे आदर्श और मान्यताएं हैं जो यह निर्धारित करता है कि समाज ने क्या स्वीकार है अथवा क्या नहीं ।यह लोगों के बीच आपसी सहयोग ,सद्भावना और संतुलन बनाए रखते हैं ।मूल्य व्यक्ति को समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं और सामूहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं ।सामाजिक मूल्य समाज में सद्भावऔर सहयोग को बढ़ाते हुए सामंजस्य और एकता स्थापित करते हैं। प्रवक्ता डॉक्टर अशफाक द्वारा सीपीआर के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे शिक्षकों द्वारा विभिन्न शिक्षण योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए नैतिक मूल्य तथा ईमानदारी के प्रति विस्तृत विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षक डॉ शशि भूषण मिश्र पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए बताया गया कि आध्यात्मिक मूल्य वे मूल्य हैं जो मनुष्य को आंतरिक शांति ,सत्य ,प्रेम, दया, करुणा ,आत्मज्ञान और सार्वभौमिक सत्ता से जोड़ते हैं। यह सभी मूल्य भौतिक सुख सुविधाओं से परे जाकर व्यक्ति को आत्मिक विकास ,संतोष और जीवन के गहरे उद्देश्य की ओर प्रेरित करते हैं। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
नवागत न्यायिक मजिस्ट्रेट अपराजिता आर्यन ने संभाला कार्यभार, तहसील मुख्यालय पर हुआ भव्य स्वागत
जानसठ । जनपद की जानसठ तहसील में नवागत न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में अपराजिता आर्यन ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुँचने पर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अपराजिता आर्यन के जानसठ कार्यालय पहुँचने पर उपजिलाधिकारी राजकुमार भारती और तहसीलदार श्रीमती श्रद्धा गुप्ता ने उन्हें पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट कर उनका स्वागत किया। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान अधिकारियों के बीच क्षेत्र की कार्यप्रणाली और न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर अनौपचारिक चर्चा भी हुई। तथा कर्मचारियों से परिचय किया । पदभार ग्रहण करने के उपरांत नवागत मजिस्ट्रेट ने उपस्थित अधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने अपने पूर्व के सेवाकाल और विभिन्न स्थानों पर रहे अपने कार्य अनुभवों को साझा किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट करते हुए कहा कि--- न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।" इस अवसर पर राजस्व और प्रशासनिक विभाग के कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से नायब तहसीलदार अजय कुमार सहित तहसील का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्थानीय पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने क्षेत्र की न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की बात कही। प्रशासनिक गलियारों में अपराजिता आर्यन के आगमन को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है, जिससे लंबित न्यायिक प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जगी है।
ओवरलोड माल ढोने में 4 ट्रक सीज,2.33 लाख रुपए जुर्माना,
खनन विभाग ने 28 हजार रुपए जीएसटी विभाग ने 80हजार रुपए जुर्माना लगाया,बकाया कर में 1 ट्रक सीज

फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर  एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 4 ट्रक सीज किये गये व उन पर 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 1 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 10 हजार रुपए का कर बकाया था।
चेकिंग के दौरान मोहम्मदाबाद की एक फर्म से सेन्ट्रल जेल फर्रूखाबाद के अलग-अलग नामों से 6 बिल लेकर एक हजार बोरी सीमेण्ट ले जाता हुआ ट्रक पकड़ा गया। ट्रक के सभी बिल रू0 50 हजार से कम धनराशि के थे। यह ई-वेबिल से बचने के लिये किया गया था। ट्रक को मसेनी से कादरीगेट की ओर जाते हुये दीप पैलेस के पास पकड़ा गया था। ट्रक में लदे माल से जीएसटी चोरी की आशंका के दृष्टिगत जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त अमित त्यागी को सूचना दी गई तथा ट्रक उनके हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस ट्रक पर 55 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया तथा जीएसटी विभाग द्वारा 80 हजार रुपए जुर्माना सम्भावित है।
खनन अधिकारी के साथ चेकिंग में मौरंग ले जाते हुये एक ट्रक को पकड़ा गया, जिस पर परिवहन विभाग द्वारा 57 हजार रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 28 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
कोयलसा का कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर बना मिसाल, सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की हो रही सराहना
जमगढ़। विकास खंड कोयलसा के काबिरुद्दीनपुर गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय अपनी बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में एक मिसाल बनता जा रहा है। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की ग्रामीणों द्वारा लगातार सराहना की जा रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जो भी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, उन्हें विद्यालय में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय में स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय, मिड-डे मील सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसके लिए शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने में जुटे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकार की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन का भव्य आयोजन संपन्न
देहरादून। हृदयांगन साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन के पावन अवसर पर महिला सम्मान समारोह गुरुवार 12 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि डा०गीता खन्ना (एम.डी. बाल रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी) उपस्थित रहीं।विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा० पूजा पोखरियाल (डायरेक्टर, सनराइज एकेडमी),श्रीमती मंजू श्रीवास्तव(सृजन अध्यक्ष), डॉ. रमा गोयल(हर्षल संस्थाध्यक्ष), डॉ. नीता कुकरेती वरिष्ठ साहित्यकार,श्रीमती मोनिका शर्मा (प्रबंधक,सनराइज एकेडमी),डॉ. इंद्राणी पाँधी (डायरेक्टर, हिमाचल टाइम्स), श्रीमती विजया बिष्ट (लायंस क्लब अध्यक्ष) तथा डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी (हृदयांगन अध्यक्ष) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में शिक्षा,उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना,नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ की मधुर वाणी वंदना से हुआ।संस्था की उत्तराखण्ड प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा मंच का अत्यंत कुशल एवं गरिमापूर्ण संचालन किया गया।कार्यक्रम में कवयित्री डॉ.विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती अर्चना झा, श्रीमती संगीता वर्मानी, डॉ. भारती मिश्रा,श्रीमती आ. निशा अतुल्य, आ. उषा रेणु, श्रीमती स्वाति मौल ‘श्री’, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति तथा श्रीमती निकी पुष्कर सहित अनेक साहित्यकार एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थिति रहे।साथ ही साहित्यानुरागियों में आ.महिन्दर कौर (मोना जी) वरिष्ठ नागरिक तथा आ. मीना सौंधी की उपस्थिति थी।हृदयांगन साहित्यिक संस्था समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव आ. विधु भूषण त्रिवेदी ने लाइव माध्यम से उपस्थित होकर आशीर्वचन देकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।मुख्य अतिथि डॉ. गीता खन्ना ने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा,विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।विशिष्ट अतिथियों डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नीता कुकरेती, श्रीमती मोनिका शर्मा, डॉ. इंद्राणी पाँधी, श्रीमती विजया बिष्ट एवं कमलेश्वरी मिश्रा ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।वरिष्ठ साहित्यकारों में श्रीकांत ‘श्री’, शिव मोहन सिंह,सतीश बंसल, जी. के. पिपिल, लक्ष्मीकांत बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’,महेंद्र प्रकाशी, रोहित कोचगवे,सतेंद्र शर्मा,संजय प्रधान,रविन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा,आरुण भट्ट एवं सुभाष वर्मा की सराहनीय सहभागिता रही।हृदयांगन संस्था एवं हृदयांगन वीथिका मुम्बई में संस्थापक की उदार नीति के कारण सम्पूर्ण भारत में साहित्यिक योगदान दे रही है। संस्था निरंतर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान,अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।अतिथि स्वागत सत्कार, स्वल्पाहार का दायित्व‌ श्रीमती निकिता चतुर्वेदी ने संभाला जो हृदयांगन संस्था की आजीवन सहयोगी सदस्य हैं।संस्था के संस्थापक एवं महासचिव विधु भूषण विद्यावाचस्पति ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों तथा आयोजकों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात कार्यक्रम समाप्त‌ हुआ।
पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

कृपाशंकर सिंह के प्रयासों से परमहंस योगाश्रम सहज धाम को मिली 2 करोड़ की स्वीकृति
जौनपुर। जनपद के विकास खंड महराजगंज अंतर्गत फत्तूपुर में स्थित परमहंस योगाश्रम सहज धाम के परिसर में बन रहे भगवान श्रीकृष्ण मंदिर (श्री नारायण दिव्य धाम मंदिर) के जीर्णोधार सुंदरीकरण नवीनीकरण एंव साधु संतों भक्तों के ठहरने के लिए भवन निर्माण एंव परिसर में छात्रों को संस्कृति शिक्षा और पठन पाठन हेतु पुस्तकालय (बहुउद्देशीय हॉल) बनाने और विभिन्न आवश्यक कार्य करवाने हेतु जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के प्रस्ताव एंव अथक प्रयास पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (पर्यटन विभाग) जयवीर सिंह द्वारा 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृती करने के लिए साधु संतों और भक्तों के साथ-साथ क्षेत्रवासियों ने भी हृदय पूर्वक आभार मानते हुए कृपाशंकर और मंत्री जयवीर सिंह को धन्यवाद दिया है। क्षेत्र के समाजसेवी राजाराम यादव,डॉ रामयश यादव, समाजसेवी रामउजागिर यादव,समाजसेवी भवन निर्माता विजय यादव, समाजसेवी प्रदीप यादव,  वेदप्रकाश यादव, युवा समाजसेवी दीपक यादव ,क्षेत्रीय नेता दिनेश सिंह, रोहित सिंह, अच्छेलाल यादव, अखिलेश यादव, पूर्व प्रधान डॉ रमाशंकर गौड़, जयप्रकाश पाल, दिनेश पांडे, राजेश मौर्या जैसे सैकड़ों लोगों ने कृपाशंकर सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।
बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*

आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का हुआ आयोजन

गया: मगध विश्वविद्यालय के अनुग्रह ममोरियल कॉलेज, गया और इंडियन सोशियोलॉजिकल सोसाइटी (आईकेएस ग्रुप) के संयुक्त तत्वावधान में आत्मनिर्भर भारत के लिए समावेशी और सतत विकास विषय पर दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन ए एम कॉलेज के स्वामी विवेकानंद सभागार में किया गया। दो दिनों तक चलने वाले इस राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में विभिन्न विश्वविद्यालयों के लगभग 100 प्रतिभागी शामिल होकर अपना शोध पत्र सात तकनीकी सत्रों में प्रस्तुत करेंगे।

कार्यक्रम की शुरुआत शिक्षा विभाग की छात्राओं ने मगध विश्वविद्यालय का कुलगीत और स्वागत गायन कर किया। इसके बाद पारंपरिक तरीके से दीप प्रज्ज्वलन कर आगत अतिथियों का शॉल, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ देकर आयोजकों ने सम्मानित किया। राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के संयोजक व समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ. राकेश राय ने अपने संबोधन में विषय प्रवेश कराते हुए इस शोध संगोष्ठी के विशेषताओं के बारे में विस्तार पूर्वक बताया। साथ ही उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों से आएं आमंत्रित वक्ताओं और रिसोर्स पर्सन का धन्यवाद प्रेषित किया। कुल 18 राज्यों से आएं 100 प्रतिभागियों के शोध पत्रों के प्रस्तुतिकरण के लिए संचालित सात तकनीकी सत्रों के बारे में भी विस्तार से बताया।

पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान ने अपने संबोधन में कहा कि बेहतर विश्व के निर्माण और उसमें अपनी सहभागिता को सुनिश्चित करने के लिए भारत ने आत्मनिर्भर भारत की पहल की और यह उसे विश्वगुरु के रूप में पहले भी स्थापित करता रहा है और वापस हमारा देश और नेतृत्व उसी मार्ग पर प्रशस्त है। उन्होंने विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास और क्रमिक सोच की ओर रेखांकित करते हुए कहा कि वैश्विक समस्याओं के समाधान के लिए बेहतर सोच विकसित करने की हमारी जवाबदेही निर्धारित है। इस रूपरेखा को आत्मसात करते हुए हमने विश्व के बेहतर भविष्य के लिए अपनी सहभागिता निभाने की ओर कदम उठा रहे हैं। हमारा देश जो उत्पादक हुआ करता था आज वो उपभोक्तावादी हो रहा है तो हमें यह निर्धारित करना होगा कि आखिर हम किस राह को चुन रहे हैं। उन्होंने अंतर्विषयक शोध और शिक्षा पर जोर देते हुए कहा कि सभी विषयों को एकसूत्र में पिरो कर हमें विश्व में जनता को शांति और परस्पर सहयोग के साथ विकास करने को प्रेरित करना है। शैक्षणिक कार्यक्रमों को आत्मसात करते हुए निर्भरता से आत्मनिर्भरता की ओर हमारे देश को अग्रसर करने के लिए युवाओं और अकादमिक जगत की जिम्मेदारी पर उन्होंने जोर देते हुए कहा कि हमारे देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार पूंजीवाद और समाजवाद से इत्तर तीसरी राह को ढूंढ रहें हैं जिससे विश्व को शांति और सुकून के राह पर अग्रसर कर सकें। स्व और आत्म की यात्रा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि इसके बीच अंतर का बोध समझना होगा कि हमें करुणा के आधार पर अनुभूति सामानुभूति और सहानुभूति को समझना होगा। शोध संगोष्ठी के आयोजक डॉ राकेश राय को उन्होंने ऐसे विषय पर संगोष्ठी कराने के लिए साधुवाद प्रेषित कर अपना वक्तव्य समाप्त किया।

वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह ने कहा कि वसुधैव कुटुम्बकम् के अवधारणा पर हमारा देश शुरू से संचालित है और 2047 तक हम अपने विकास के दूरदर्शी सोच के साथ आगे बढ़ने को प्रेरित हैं। इस प्रेरणा में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना काल में ही इस अवधारणा को समझते हुए भारतीय ज्ञान परम्परा पर बल देकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण को प्रतिबद्धता प्रदर्शित किए। हमारा देश सोने की चिड़िया रही है और आजादी के पूर्व भारत ने कालान्तर में पूरे विश्व में कुल व्यापार का 33% एकाधिकार किया था और देश हमेशा से समृद्ध रहा है। मौर्य काल से लेकर बौद्ध काल तक भारत ने विश्व को दिशा दिया है। हमारे यहां विकास की परिधि हमेशा वैश्विक रहा है। भारतीय ज्ञान परम्परा शुरू से ही समावेशी और सतत सोच पर आधारित रही है। हमारी संस्कृति ही आत्म दीपो भव से संचालित रही है जिसमें सबकी हिस्सेदारी रहती है।

मगध विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम ने अपने संबोधन में आयोजकों को धन्यवाद प्रेषित करते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब नारा दिया था कि सबका साथ, सबका विकास और सबका प्रयास तो यह आत्मनिर्भर भारत के समावेशी और सतत विकास की आत्मा रही। भारत के गौरवशाली इतिहास को आत्मसात करते हुए उसे आधार बनाकर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सबके प्रयास को बल दिया।

कार्यक्रम में उपस्थित अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर ने अपने संबोधन में सभी आगत अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम की व्यापकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि आत्म निर्भर भारत के निर्माण में केंद्र की सरकार ने सत्ता और समावेशी विकास को विशेष महत्व देकर भारतीयता को जीवंत रखा है। राष्ट्र के ढांचागत विकास में प्रकृति के प्रभाव को समावेशित करते हुए नए भारत के निर्माण में योगदान के लिए अकादमिक जगत प्रतिबद्ध है।

प्रो. डॉ. पार्थ सारथी के निर्देशन और संपादक डॉ. अमृतेंदु घोषाल के द्वारा मगध विश्वविद्यालय की पीयर रिव्यूड शोध जर्नल "प्रतिभा सृजन" का विमोचन आगत अतिथियों ने किया. हिंदी विभाग के शिक्षक डॉ. उमाशंकर सिंह के द्वारा संपादित डॉ. कृष्णदेव मिश्र की सत्रह कहानियों का संकलन पुस्तक "दरारों के बीच झांकता सच" का विमोचन भी आगत अतिथियों ने किया। मंच का संचालन दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ. श्वेता सिंह और अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. अमृतेन्दु घोषाल ने किया. धन्यवाद ज्ञापन डॉ. उमाशंकर सिंह ने किया।

आज कुल दो समानांतर तकनीकी सत्रों सहित ऑनलाइन प्रस्तुति का संचालन हुआ। कल भी विभिन्न सत्रों का संचालन समय सारिणी के अनुरूप होगा। पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रो. संजय पासवान, वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. योगेंद्र सिंह, मगध विश्वविद्यालय के

कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम, अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रो. मोहम्मद नजीर अख्तर, संगोष्ठी के संयोजक व अनुग्रह मेमोरियल कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग के अध्यक्ष डॉ राकेश राय के अलावे डॉ. सच्चिदानंद प्रेमी, डॉ. सत्येंद्र प्रजापति, डॉ अली हसन, डॉ. कामता प्रसाद, डॉ. सनत कुमार शर्मा, डॉ. गोपाल सिंह, प्रो परमांशी जयदेवा, डॉ शंकर लाल सहित दर्जनों विश्वविद्यालयों से आएं शोध प्रस्तोता, शोधार्थी और विद्यार्थियों के अलावे अन्य अकादमिक जगत के लोग मौजूद रहें।

मानवीय एवं संवैधानिक मूल्य को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने का काम करें शिक्षक:बी एस ए मनीष कुमार सिंह
संजीव सिंह बलिया! राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा विद्यार्थियों में मूल्य के संवर्धन हेतु शिक्षकों के लिए मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों पर आधारित शिक्षक प्रशिक्षण *प्रज्ञा प्रवाह* के प्रथम बैच के समापन के अवसर पर उप शिक्षा निदेशक/ प्राचार्य/बी एस ए मनीष कुमार सिंह द्वारा प्रेषित अपने संदेश में बताया गया कि यह प्रशिक्षण मानवीय मूल्यों के परिचय के साथ-साथ परिषदीय विद्यालय में अध्यनरत विद्यार्थियों के अंदर संवैधानिक मूल्य एवं मौलिक कर्तव्य की बात तो बताता ही है साथ ही राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एवं राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा के परिप्रेक्ष्य में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों के प्रति भी जागरूक बनता है। उन्होंने अपने संदेश में बताया कि मूल्य के विकास में प्रभावी संप्रेषण की भूमिका महत्वपूर्ण होती है जिसमें विद्यालयी संदर्भ में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विकसित करने हेतु प्रमुख रणनीतियां बनाई जानी आवश्यक होती हैं। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान पकवाइनार बलिया पर सेवारत शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल डॉक्टर मृत्युंजय कुमार सिंह द्वारा प्रशिक्षण के समापन अवसर पर अपने उद्बोधन में बताया गया की मूल्य के विकास में शिक्षकों को विद्यार्थियों में मानवीय एवं संवैधानिक मूल्यों को विद्यालय परिवेश एवं कक्षा शिक्षण में विकसित करने हेतु संवेदीकृत करता है। मानवीय मूल्य के संबंध में अपने विचार को प्रस्तुत करते हुए उन्होंने बताया कि मूल्य की अवधारणा विकसित करने हेतु मानवीय मूल्य के आदर्श , सिद्धांत और संस्कार जो कि मनुष्य के जीवन को सही दिशा प्रदान करते हैं और उसके आचरण को नैतिक और सामाजिक रूप से स्वीकार करने योग्य बनाते हैं को विकसित करने की आवश्यकता है। *प्रज्ञा प्रवाह* प्रशिक्षण के नोडल डायट प्रवक्ता रविरंजन खरे द्वारा सभी प्रशिक्षणर्थियों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया गया तथा उनका उत्साहवर्धन करते हुए बताया गया कि प्रशिक्षण में जिन बिंदुओं पर बृहद चर्चा की गई है इसका उद्देश्य तभी पूर्ण होगा जब ईमानदारी पूर्वक नैतिकता की बातें सहयोगियों के साथ-साथ बच्चों के बीच भी ले जाई जाएं। प्रवक्ता जानू राम द्वारा व्यक्तिगत मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि मूल्य व्यक्ति के स्वयं के आचरण और जीवन शैली से जुड़े होते हैं और उनके चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में सहायक होते हैं ।यह व्यक्ति को उचित एवं अनुचित के बीच सही निर्णय लेने में सहायता प्रदान करते हैं तथा जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं ।उन्होंने बताया कि व्यक्तिगत मूल्य कई प्रकार के होते हैं जैसे आत्म सम्मान, ईमानदारी, अनुशासन ,करुणा ,सहयोग ,भाईचारा , आत्मनिर्भरता आदि। डायट प्रवक्ता किरण सिंह द्वारा सामाजिक मूल्य की चर्चा करते हुए बताया गया कि सामाजिक मूल्य समाज की नींव होते हैं। यह वे आदर्श और मान्यताएं हैं जो यह निर्धारित करता है कि समाज ने क्या स्वीकार है अथवा क्या नहीं ।यह लोगों के बीच आपसी सहयोग ,सद्भावना और संतुलन बनाए रखते हैं ।मूल्य व्यक्ति को समाज के प्रति उसकी जिम्मेदारियों का बोध कराते हैं और सामूहिक जीवन को सार्थक बनाते हैं ।सामाजिक मूल्य समाज में सद्भावऔर सहयोग को बढ़ाते हुए सामंजस्य और एकता स्थापित करते हैं। प्रवक्ता डॉक्टर अशफाक द्वारा सीपीआर के प्रयोग के बारे में जानकारी प्रदान की गई तथा बरती जाने वाली सावधानियों के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। प्रशिक्षण में प्रतिभाग़ कर रहे शिक्षकों द्वारा विभिन्न शिक्षण योजनाओं का प्रस्तुतीकरण करते हुए नैतिक मूल्य तथा ईमानदारी के प्रति विस्तृत विचार विमर्श किया गया। प्रतिभागी शिक्षक डॉ शशि भूषण मिश्र पूर्व एकेडमिक रिसोर्स पर्सन द्वारा आध्यात्मिक मूल्यों की चर्चा करते हुए बताया गया कि आध्यात्मिक मूल्य वे मूल्य हैं जो मनुष्य को आंतरिक शांति ,सत्य ,प्रेम, दया, करुणा ,आत्मज्ञान और सार्वभौमिक सत्ता से जोड़ते हैं। यह सभी मूल्य भौतिक सुख सुविधाओं से परे जाकर व्यक्ति को आत्मिक विकास ,संतोष और जीवन के गहरे उद्देश्य की ओर प्रेरित करते हैं। सभी प्रशिक्षार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।प्रशिक्षण में तकनीकी सहयोग अमित कुमार चौहान तथा चंदन मिश्रा द्वारा प्रदान किया जा रहा है।
नवागत न्यायिक मजिस्ट्रेट अपराजिता आर्यन ने संभाला कार्यभार, तहसील मुख्यालय पर हुआ भव्य स्वागत
जानसठ । जनपद की जानसठ तहसील में नवागत न्यायिक मजिस्ट्रेट के रूप में अपराजिता आर्यन ने अपना कार्यभार संभाल लिया है। शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पहुँचने पर प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया। न्यायिक मजिस्ट्रेट अपराजिता आर्यन के जानसठ कार्यालय पहुँचने पर उपजिलाधिकारी राजकुमार भारती और तहसीलदार श्रीमती श्रद्धा गुप्ता ने उन्हें पुष्पगुच्छ (बुके) भेंट कर उनका स्वागत किया। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान अधिकारियों के बीच क्षेत्र की कार्यप्रणाली और न्यायिक प्रक्रियाओं को लेकर अनौपचारिक चर्चा भी हुई। तथा कर्मचारियों से परिचय किया । पदभार ग्रहण करने के उपरांत नवागत मजिस्ट्रेट ने उपस्थित अधिकारियों के साथ संवाद किया। उन्होंने अपने पूर्व के सेवाकाल और विभिन्न स्थानों पर रहे अपने कार्य अनुभवों को साझा किया। उन्होंने अपनी प्राथमिकताएँ स्पष्ट करते हुए कहा कि--- न्याय प्रक्रिया को पारदर्शी बनाना और पीड़ितों को समयबद्ध न्याय दिलाना उनकी मुख्य प्राथमिकता रहेगी।" इस अवसर पर राजस्व और प्रशासनिक विभाग के कई महत्वपूर्ण अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से नायब तहसीलदार अजय कुमार सहित तहसील का समस्त स्टाफ मौजूद रहा। स्थानीय पत्रकारों से रूबरू होते हुए उन्होंने क्षेत्र की न्यायिक व्यवस्था को और सुदृढ़ करने की बात कही। प्रशासनिक गलियारों में अपराजिता आर्यन के आगमन को सकारात्मक दृष्टि से देखा जा रहा है, जिससे लंबित न्यायिक प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण की उम्मीद जगी है।
ओवरलोड माल ढोने में 4 ट्रक सीज,2.33 लाख रुपए जुर्माना,
खनन विभाग ने 28 हजार रुपए जीएसटी विभाग ने 80हजार रुपए जुर्माना लगाया,बकाया कर में 1 ट्रक सीज

फर्रुखाबाद l जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी के निर्देश पर  एआरटीओ-प्रवर्तन सुभाष राजपूत द्वारा खनन अधिकारी संजय प्रताप के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। चेकिंग के दौरान ओवरलोड माल ढोते हुये 4 ट्रक सीज किये गये व उन पर 2.33 लाख रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसके अतिरिक्त बकाया कर के अभियोग में 1 ट्रक सीज किये गये, जिन पर 10 हजार रुपए का कर बकाया था।
चेकिंग के दौरान मोहम्मदाबाद की एक फर्म से सेन्ट्रल जेल फर्रूखाबाद के अलग-अलग नामों से 6 बिल लेकर एक हजार बोरी सीमेण्ट ले जाता हुआ ट्रक पकड़ा गया। ट्रक के सभी बिल रू0 50 हजार से कम धनराशि के थे। यह ई-वेबिल से बचने के लिये किया गया था। ट्रक को मसेनी से कादरीगेट की ओर जाते हुये दीप पैलेस के पास पकड़ा गया था। ट्रक में लदे माल से जीएसटी चोरी की आशंका के दृष्टिगत जीएसटी विभाग के सहायक आयुक्त अमित त्यागी को सूचना दी गई तथा ट्रक उनके हवाले कर दिया गया। परिवहन विभाग द्वारा इस ट्रक पर 55 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया तथा जीएसटी विभाग द्वारा 80 हजार रुपए जुर्माना सम्भावित है।
खनन अधिकारी के साथ चेकिंग में मौरंग ले जाते हुये एक ट्रक को पकड़ा गया, जिस पर परिवहन विभाग द्वारा 57 हजार रुपए तथा खनन विभाग द्वारा 28 हजार रुपए जुर्माना लगाया गया।
भविष्य में भी ओवरलोड वाहनों के विरूद्ध और अधिक कठोर कार्यवाही की जायेगी।
कोयलसा का कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर बना मिसाल, सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की हो रही सराहना
जमगढ़। विकास खंड कोयलसा के काबिरुद्दीनपुर गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय अपनी बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में एक मिसाल बनता जा रहा है। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की ग्रामीणों द्वारा लगातार सराहना की जा रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जो भी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, उन्हें विद्यालय में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय में स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय, मिड-डे मील सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसके लिए शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने में जुटे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकार की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन का भव्य आयोजन संपन्न
देहरादून। हृदयांगन साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन के पावन अवसर पर महिला सम्मान समारोह गुरुवार 12 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि डा०गीता खन्ना (एम.डी. बाल रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी) उपस्थित रहीं।विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा० पूजा पोखरियाल (डायरेक्टर, सनराइज एकेडमी),श्रीमती मंजू श्रीवास्तव(सृजन अध्यक्ष), डॉ. रमा गोयल(हर्षल संस्थाध्यक्ष), डॉ. नीता कुकरेती वरिष्ठ साहित्यकार,श्रीमती मोनिका शर्मा (प्रबंधक,सनराइज एकेडमी),डॉ. इंद्राणी पाँधी (डायरेक्टर, हिमाचल टाइम्स), श्रीमती विजया बिष्ट (लायंस क्लब अध्यक्ष) तथा डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी (हृदयांगन अध्यक्ष) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में शिक्षा,उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना,नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ की मधुर वाणी वंदना से हुआ।संस्था की उत्तराखण्ड प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा मंच का अत्यंत कुशल एवं गरिमापूर्ण संचालन किया गया।कार्यक्रम में कवयित्री डॉ.विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती अर्चना झा, श्रीमती संगीता वर्मानी, डॉ. भारती मिश्रा,श्रीमती आ. निशा अतुल्य, आ. उषा रेणु, श्रीमती स्वाति मौल ‘श्री’, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति तथा श्रीमती निकी पुष्कर सहित अनेक साहित्यकार एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थिति रहे।साथ ही साहित्यानुरागियों में आ.महिन्दर कौर (मोना जी) वरिष्ठ नागरिक तथा आ. मीना सौंधी की उपस्थिति थी।हृदयांगन साहित्यिक संस्था समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव आ. विधु भूषण त्रिवेदी ने लाइव माध्यम से उपस्थित होकर आशीर्वचन देकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।मुख्य अतिथि डॉ. गीता खन्ना ने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा,विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।विशिष्ट अतिथियों डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नीता कुकरेती, श्रीमती मोनिका शर्मा, डॉ. इंद्राणी पाँधी, श्रीमती विजया बिष्ट एवं कमलेश्वरी मिश्रा ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।वरिष्ठ साहित्यकारों में श्रीकांत ‘श्री’, शिव मोहन सिंह,सतीश बंसल, जी. के. पिपिल, लक्ष्मीकांत बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’,महेंद्र प्रकाशी, रोहित कोचगवे,सतेंद्र शर्मा,संजय प्रधान,रविन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा,आरुण भट्ट एवं सुभाष वर्मा की सराहनीय सहभागिता रही।हृदयांगन संस्था एवं हृदयांगन वीथिका मुम्बई में संस्थापक की उदार नीति के कारण सम्पूर्ण भारत में साहित्यिक योगदान दे रही है। संस्था निरंतर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान,अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।अतिथि स्वागत सत्कार, स्वल्पाहार का दायित्व‌ श्रीमती निकिता चतुर्वेदी ने संभाला जो हृदयांगन संस्था की आजीवन सहयोगी सदस्य हैं।संस्था के संस्थापक एवं महासचिव विधु भूषण विद्यावाचस्पति ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों तथा आयोजकों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात कार्यक्रम समाप्त‌ हुआ।
पीएम मोदी के मुरीद हुए पूर्व ऑस्ट्रेलियाई पीएम, बोले-एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में, फिर भी अहंकार नहीं

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वैश्विक लोकप्रियता लगातार शिखर पर है। पीएम मोदी दुनिया के सबसे लोकप्रिय लोकतांत्रिक नेता के रूप में उभरे हैं। मोदी जितने आम जनता के बीच पसंद किए उतने ही वैश्विक स्तर के नेताओं के बीच भी उन्होंने अपना स्थान बनाया है। अब ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने पीएम नरेंद्र मोदी की तारीफ की है। उन्होंने कहा कि 10 साल से ज्यादा समय तक सत्ता में रहने के बावजूद, पीएम मोदी ने खुद को ‘सत्ता के अहंकार’ (घमंड) से दूर रखा है।

मोदी के नेतृत्व की सराहना

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने दिल्ली में होने वाले 'रायसीना डायलॉग' और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना की है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह कार्यक्रम साल 2016 से हर मार्च में आयोजित हो रहा है। यह एक सोच का शानदार नतीजा है। एबॉट ने इसकी तुलना दुनिया के अन्य बड़े मंचों से की। उन्होंने इसे स्विट्जरलैंड के दावोस और चीन के बोआओ फोरम से बेहतर बताया।

'रायसीना डायलॉग' को बताया दावोस से बेहतर

एबॉट ने कहा, “2016 से हर मार्च में दिल्ली में रायसीना डायलॉग होता आ रहा है। यह नरेंद्र मोदी के लंबे समय तक विदेश मंत्री रहे सुब्रह्मण्यम जयशंकर का विचार है। दूसरे ग्लोबल जमावड़ों की तरह, यह राजनीतिक नेताओं, वरिष्ठ सैन्य कमांडर्स, जाने-माने बिजनेसमैन, जाने-माने पत्रकारों और थिंक टैंक प्रमुखों को जरूरी मुद्दों पर बात करने के लिए एक साथ लाता है; लेकिन यह दावोस से बेहतर है क्योंकि यह असल में मेजबानी करने वाली सरकार की सराहना करने का अभियान नहीं है।”

मोदी में दूसरों को सुनने का बड़ा गुण- एबॉट

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए एबॉट ने कहा, मोदी दुनिया के सबसे शक्तिशाली नेताओं में से एक हैं। इसके बावजूद उनमें दूसरों को सुनने का बड़ा गुण है। वे हर साल मुख्य अतिथि को सुनने के लिए कार्यक्रम में बैठते हैं, लेकिन खुद भाषण नहीं देते। पिछले साल उन्होंने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री और इस साल फिनलैंड के राष्ट्रपति को पूरे धैर्य के साथ सुना। एबॉट ने कहा कि शायद एक हिंदू संन्यासी के रूप में बिताए समय की वजह से मोदी में सत्ता का अहंकार नहीं आया है। वे एक दशक से ज्यादा समय से सत्ता में हैं, फिर भी बहुत विनम्र हैं।

भारत के कम लोकतांत्रिक होने के दावे को किया खारिज

ऑस्ट्रेलिया के पूर्व पीएम ने कुछ इंटरनेशनल ऑब्जर्वर की इस आलोचना को भी पूरी तरह से खारिज कर दिया कि भारतीय जनता पार्टी सरकार के तहत भारत कम लोकतांत्रिक हो गया है। उन्होंने कहा, “जहां तक इस सोच की बात है कि भाजपा के राज में भारत किसी तरह एक तानाशाही देश बन गया है, यह पूरी तरह से बकवास है। जिस देश में आजाद और निष्पक्ष चुनाव, पूरी तरह से आजाद मीडिया और मजबूती से आजाद न्यायपालिका हो, वहां तानाशाही का गंभीर खतरा नहीं है। और कोई भी तानाशाही ऐसी ग्लोबल कॉन्फ्रेंस नहीं करेगी जहां कुछ भी मना न हो और किसी को चुप न कराया जाए। आखिरकार, इस साल की बातचीत में इजरायली विदेश मंत्री (वर्चुअली) और ईरान के डिप्टी विदेश मंत्री दोनों ने हिस्सा लिया।”

कृपाशंकर सिंह के प्रयासों से परमहंस योगाश्रम सहज धाम को मिली 2 करोड़ की स्वीकृति
जौनपुर। जनपद के विकास खंड महराजगंज अंतर्गत फत्तूपुर में स्थित परमहंस योगाश्रम सहज धाम के परिसर में बन रहे भगवान श्रीकृष्ण मंदिर (श्री नारायण दिव्य धाम मंदिर) के जीर्णोधार सुंदरीकरण नवीनीकरण एंव साधु संतों भक्तों के ठहरने के लिए भवन निर्माण एंव परिसर में छात्रों को संस्कृति शिक्षा और पठन पाठन हेतु पुस्तकालय (बहुउद्देशीय हॉल) बनाने और विभिन्न आवश्यक कार्य करवाने हेतु जौनपुर लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह के प्रस्ताव एंव अथक प्रयास पर उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री (पर्यटन विभाग) जयवीर सिंह द्वारा 2 करोड़ की धनराशि स्वीकृती करने के लिए साधु संतों और भक्तों के साथ-साथ क्षेत्रवासियों ने भी हृदय पूर्वक आभार मानते हुए कृपाशंकर और मंत्री जयवीर सिंह को धन्यवाद दिया है। क्षेत्र के समाजसेवी राजाराम यादव,डॉ रामयश यादव, समाजसेवी रामउजागिर यादव,समाजसेवी भवन निर्माता विजय यादव, समाजसेवी प्रदीप यादव,  वेदप्रकाश यादव, युवा समाजसेवी दीपक यादव ,क्षेत्रीय नेता दिनेश सिंह, रोहित सिंह, अच्छेलाल यादव, अखिलेश यादव, पूर्व प्रधान डॉ रमाशंकर गौड़, जयप्रकाश पाल, दिनेश पांडे, राजेश मौर्या जैसे सैकड़ों लोगों ने कृपाशंकर सिंह के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया है।
बारा तहसील में अधिवक्ताओं का हंगामा, एसडीएम- तहसीलदार पर भूमाफियाओं को संरक्षण देने का आरोप

अनिश्चितकालीन धरना शुरू, न्यायिक बहिष्कार की चेतावनी — भ्रष्टाचार, अवैध कब्जे और लंबित मुकदमों पर फूटा गुस्सा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनानगर क्षेत्र के बारा तहसील परिसर में बुधवार को उस समय पूरी तरह गरमा गया जब बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं ने एसडीएम और तहसील प्रशासन के खिलाफ खुला मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को प्रदर्शन ने उग्र रूप ले लिया और अधिवक्ताओं ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू करते हुए तहसील प्रशासन पर गंभीर आरोपों की झड़ी लगा दी। पूरे परिसर में “एसडीएम गो बैक”, “भ्रष्टाचार बंद करो” और “भूमाफिया पर कार्रवाई करो” के नारे गूंजते रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता तहसील परिसर में एकत्र हुए और प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि तहसील में न्यायिक व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि मुकदमों के निस्तारण में जानबूझकर देरी की जा रही है, जिससे वादकारी महीनों नहीं बल्कि वर्षों तक चक्कर काटने को मजबूर हैं।

प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने तहसील प्रशासन पर सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि क्षेत्र में तालाब, खलिहान और ग्राम समाज की जमीनों पर अवैध कब्जों का खेल तेजी से चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं। अधिवक्ताओं का कहना था कि भूमाफिया खुलेआम प्लाटिंग कर रहे हैं और बिना प्रशासनिक संरक्षण के यह संभव नहीं है। अधिवक्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि एसडीएम और तहसीलदार की अदालतों में सैकड़ों मुकदमे लंबित पड़े हैं, जबकि कुछ मामलों को विशेष प्राथमिकता देकर निपटाया जाता है। इस भेदभावपूर्ण रवैये से वादकारियों में भारी असंतोष है और न्याय व्यवस्था की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी दौरान तहसील पहुंचे क्षेत्रीय विधायक डा. वाचस्पति के सामने भी अधिवक्ताओं ने खुलकर अपनी नाराजगी जताई। अधिवक्ताओं ने विधायक को बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद तहसील में शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और भ्रष्टाचार चरम पर है।

विधायक डा. वाचस्पति ने अधिवक्ताओं को भरोसा दिलाया कि वह पूरे प्रकरण को उच्च स्तर तक पहुंचाएंगे और मुख्यमंत्री से मिलकर समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि अधिवक्ताओं के लिए चैंबर और अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु लगभग 50 लाख रुपये की योजना स्वीकृत कराई जा चुकी है, जिसे जल्द शुरू कराया जाएगा। हालांकि आश्वासन के बाद भी अधिवक्ता अपने रुख पर कायम रहे। बार एसोसिएशन के मंत्री अनिल द्विवेदी ने साफ चेतावनी दी कि जब तक एसडीएम और तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई तथा स्थानांतरण नहीं होता, तब तक न्यायिक कार्यों का बहिष्कार और धरना जारी रहेगा। प्रदर्शन में अभिलाष त्रिपाठी, अजय तिवारी, चंदन साहू, संजीव सिंह, दल बहादुर सिंह, बृजेश द्विवेदी, बृजेंद्र सिंह, अमरीश शर्मा, जय शुक्ला, प्रदीप द्विवेदी, पुष्पराज सिंह, अभिषेक पांडे, ऋषभ मिश्रा सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।

हेमंत सरकार का बड़ा तोहफा: राज्य के 23 जिलों में बनेंगे 800 सीटों वाले 'State of Art' पुस्तकालय।

झारखण्ड राज्य में Institute of Driving Training and Research (IDTR Tier-I) की स्थापना हेतु DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) रूपये के विरूद्ध भारत सरकार द्वारा अनुदानित राशि रू० 17.00 (सत्रह) करोड़ के अतिरिक्त शेष देय राशि रू० 5,03,31,000/- (पाँच करोड तीन लाख इकतीस हजार) मात्र में से Tata Motors Ltd, Jamshedpur द्वारा दी गयी सहमति के अनुसार रु० 1,82,00,000/-(एक करोड़ बयासी लाख) मात्र शेष देयता की राशि के फलस्वरूप रू० 3,21,31,000/- (तीन करोड़ इक्कीस लाख इकतीस हजार) मात्र राज्य सरकार द्वारा वहन किए जाने एवं DPR की प्राक्कलित राशि रू० 22,03,31,000/- (बाईस करोड़ तीन लाख इकतीस हजार) मात्र के योजना की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

रांची के वीमेंस कॉलेज (साईंस ब्लॉक) में अनुसूचित जनजाति की छात्राओं के लिए प्रस्तावित 528 (पांच सौ अ‌ट्ठाईस) शय्या के छात्रावास निर्माण योजना के स्थल परिवर्तन एवं नए स्थल पर निर्माण हेतु स्वीकृति दी गई।

CT-MIS परियोजना के अधीन कार्यरत System Integrator M/s Tata Consultancy Services Limited को एक वर्ष यथा-01.10.2025 से 30.09.2026 तक की अवधि के लिए वित्त नियमावली के नियम-235 के प्रावधानों को नियम 245 के अधीन क्षांत करते हुए मनोनयन के आधार पर अवधि विस्तार हेतु मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के राष्ट्रीय कैडेट कोर (एन०सी०सी०) के कैडेटों के प्रशिक्षण के दौरान नास्ता भत्ता में वृद्धि की स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत महिला महाविद्यालय, सारठ, देवघर को सह-शिक्षा (Co-Education) महाविद्यालय में परिवर्तित कर इसका नाम डिग्री महाविद्यालय, सारठ, देवघर करने की स्वीकृति दी गई।

★ गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा निर्गत पत्र संख्या 9/35/2025-CD (Cen) दिनांक 24.12.2025 भारत की जनगणना 2027-परिपत्र संख्या 7, को अंगीकृत करते हुए झारखण्ड राज्य अंतर्गत राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय, नगर निगम एवं चार्ज स्तरीय तकनीकी कर्मियों एवं बहु-कार्य कर्मचारी (एमटीएस) की नुियक्ति आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के VIP/VVIPs के सरकारी उड़ान कार्यक्रम हेतु वित्त नियमावली के नियम-235 को शिथिल करते हुए नियम-245 के तहत मनोनयन के आधार पर M/s Redbird Airways Pvt. Ltd, New Delhi से ली जा रही 01 Turbo Prop Twin Engine B-250/B-200 GT विमान की सेवा को, समान दर एवं शर्तों के साथ, छः (06) माह तक विस्तारित किए जाने हेतु मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई।

★ श्री कौशिक मिश्रा, जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश, सम्प्रति निलंबित (मुख्यालय, राँची) की अनिवार्य सेवानिवृति की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य समूह 'घ' से समूह 'ग' (निम्नवर्गीय लिपिक / कनीय सचिवालय सहायक) के पद पर पदोन्नति हेतु सीमित ऑनलाइन प्रतियोगिता परीक्षा नियमावली, 2026" के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 1023/2013 विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.02.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case No. 818/2025 श्रीमती विमला देवी बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-03.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्रीमती विमला देवी, पति स्व० राम बिहारी तिवारी, सेवानिवृत लेखा, लिपिक लघु सिंचाई प्रमण्डल, लातेहार के नियमित रूप से की गई सेवा में दैनिक वेतन भोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशन प्रदायी सेवा में परिगणित करते हुए सेवानिवृत्ति की तिथि 31.05.2012 से पेंशनादि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 6309/2013 मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-08.02.2023 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 366/2024, मन्नेलाल कामत बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-16.01.2026 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री मन्नेलाल कामत, सेवानिवृत पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई प्रमण्डल, साहेबगंज के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3274/2018 हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-09.05.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 1077/2025, हरिशंकर शर्मा बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-17.11.2025 को पारित न्यायानिर्णय के आलोक में वादी श्री हरिशंकर शर्मा, सेवानिवृत जंजीरवाहक, लघु सिंचाई प्रमंडल, हुसैनाबाद के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के विभिन्न विभाग (कार्य विभाग सहित) /निदेशालय, बोर्ड / निगम, सोसायटी / निकाय इत्यादि द्वारा किये जाने वाले एकरारनामा / कार्यादेश /आपूर्ति आदेश / Standard Bidding Document/F2 Tender Document में e-Bank Guarantee के रूप में प्रतिभूति (Performance Security) प्राप्त करने तथा Dispute Resolution संबंधी प्रावधान अन्तर्वेशित करने तथा 'Jharkhand Procurement of Goods and Services Manual' को एतदर्थ संशोधित करने की स्वीकृति दी गई।

★ W.P. (S) No-3268/2020 मीना देवी एवं अन्य में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय रांची द्वारा दिनांक 17.11.2022 को पारित न्यायादेश तथा इससे उदभूत अवमाननावाद संख्या-375/2023 में पारित आदेश के अनुपालन में वादी के पेंशन एवं उपादान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के राजकीय विश्वविद्यालयों तथा इसके अन्तर्गत संचालित अंगीभूत महाविद्यालयों के पदाधिकारियों, शिक्षकों एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों के पदों पर नियुक्ति एवं प्रोन्नति हेतु आरक्षण रोस्टर नियमावली की स्वीकृति दी गई।

★ 'Jharkhand City Tourist Tax Rules, 2025' के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ माननीय सर्वोच्च न्यायालय में दायर वाद Suo Moto Writ Petition (Civil) No.(S) 5/2025 IN RE: "CITY HOUNDED BY STRAYS, KIDS PAY PRICE" के घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

★ केन्द्र प्रायोजित प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 को झारखण्ड राज्य के शहरी स्थानीय निकायों में कार्यान्वित किये जाने की स्वीकृति दी गई।

★ विदेश मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित प्रवासी गतिशीलता (सुविधा और कल्याण) विधेयक, 2025 हेतु विचार एवं सुझाव उपलब्ध कराने की स्वीकृति दी गई।

★ शिशु देखभाल अवकाश (Child Care Leave) के दौरान छुट्टी वेतन की स्वीकृति दी गई।

★ वित्तीय वर्ष 2025-26 में बी०आई०टी० सिन्दरी, धनबाद में 04 Centre of Excellences (CoEs) की स्थापना, BIT Sindri Innovation and Incubation Centre Foundation द्वारा CoEs के संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में रूपये 38,58,69,555/- (अड़तीस करोड़ अंठावन लाख उनहत्तर हजार पाँच सौ पचपन) के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के सरकारी विद्यालयों में कक्षा 1 से 8 में अध्ययनरत बच्चों को निःशुल्क विद्यालय कीट योजनान्तर्गत स्कूल बैग उपलब्ध कराने से संबंधित प्रावधान में संशोधन की स्वीकृति दी गई।

★ नेतरहाट आवासीय विद्यालय, नेतरहाट के शिक्षक एवं शिक्षकेत्तर कर्मियों को दिनांक-01.01.2016 से प्रभावी पुनरीक्षित वेतनमान के आलोक में 20 प्रतिशत विशेष वेतन के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड राज्य के पलामू जिलान्तर्गत रेलवे स्टेशन 'डालटनगंज' का नाम परिवर्तित कर "मेदिनीनगर" करने की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य सरकार के सभी सेवा/संवर्गो के पदाधिकारियों एवं कर्मचारियों की सेवा संबंधी शिकायतों एवं सेवांत लाभ के भुगतान से संबंधित मामलों के समयबद्ध, पारदर्शी एवं उत्तरदायी तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने हेतु "झारखण्ड सरकारी सेवक शिकायत निवारण नियमावली, 2026 के गठन की स्वीकृति दी गई।

★ झारखण्ड लोक सेवा आयोग के द्वारा आयोजित की जानेवाली आगामी संयुक्त असैनिक सेवा प्रतियोगिता परीक्षा, 2025 हेतु अधिकतम एवं न्यूनतम आयु सीमा की गणना हेतु कट-ऑफ तिथि के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री प्रभात कुमार, झा०प्र०से० (कोटि क्रमांक-154/03), तत्कालीन अधिसूचित भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, जामताड़ा के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-30028 (IIRMS), दिनांक 17.04.2025 द्वारा अधिरोपित दण्ड 'निन्दन' को यथावत् रखने की स्वीकृति दी गई।

★ राँची विश्वविद्यालय, राँची अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय एस० एस० मेमोरियल कॉलेज, रॉची के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 48,56,04,000/-(अड़तालीस करोड़ छप्पन लाख चार हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ कोल्हान विश्वविद्यालय, चाईबासा अंतर्गत अंगीभूत महाविद्यालय जे० एल० एन० कॉलेज, चक्रधरपुर के नये भवन के निर्माण कार्य हेतु रू0 88,92,50,000/-(अठ्ठासी करोड़ बेरानवे लाख पचास हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदो कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में नया महिला महाविद्यालय, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 69,57,68,400/- (उनहत्तर करोड़ संतावन लाख अड़सठ हजार चार सौ रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ सिदों कान्हु मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका अंतर्गत गोड्डा जिले में डिग्री महाविद्यालय, बोआरीजोर, गोड्डा के निर्माण कार्य हेतु रू0 40,19,18,000/- (चालीस करोड़ उन्नीस लाख अठ्ठारह हजार रूपये) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

★ श्री बीरा राम, सेवानिवृत्त अभियंता प्रमुख-II, जल संसाधन विभाग, झारखण्ड, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता, मुख्य अभियंता एवं अभियंता प्रमुख के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ श्री किशोरी रजक, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता, अग्रिम योजना, जल संसाधन विभाग, राँची को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ W.P.(S) No.- 3882/2020 संजय कुमार तिवारी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-13.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Civil Review No. 85/2025 के दिनांक-16.10.2025 को Dismiss होने के फलस्वरूप वादी श्री संजय कुमार तिवारी, सेवानिवृत्त, पत्राचार लिपिक, लघु सिंचाई अंचल, मेदिनीनगर एवं अन्य 10 कर्मियों द्वारा नियमित रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

★ मंत्रिमण्डल सचिवालय एवं निगरानी विभाग (नागर विमानन प्रभाग), झारखण्ड सरकार के अंतर्गत झारखण्ड फ्लाईंग इंस्टीट्यूट के माध्यम से दुमका हवाई अड्डा पर संचालित Commercial Pilot's License With Multi Engine Rating प्रशिक्षण अकादमी में नामांकन प्रक्रिया तथा प्रवेश/नामांकन में छात्रवृत्ति के लाभ के लिए अभ्यर्थिता के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

★ श्री जलधर मंडल, सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (चालू प्रभार), जल संसाधन विभाग, देवघर को स्वतंत्र चालू प्रभार के तहत् अधीक्षण अभियंता एवं मुख्य अभियंता के पद पर कार्यरत अवधि के वेतन का अन्तर राशि के भुगतान की स्वीकृति दी गई।

★ राज्य के 23 जिलों में 800 सीटों की क्षमतायुक्त State of Art District Library के निर्माण, उक्त प्रस्तावित 23 पुस्तकालयों में आवश्यक फर्नीचर/उपस्कर तथा पुस्तक क्रय हेतु प्रति पुस्तकालय 12,02,17,300/-(बारह करोड़ दो लाख सतरह हजार तीन सौ) रूपये मात्र के आधार पर कुल 276,49,97,900/- (दो सौ छिहत्तर करोड़ उनचास लाख सन्तानबे हजार नौ सौ) रूपये मात्र की लागत पर प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।*