कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया पद्म भूषण पंकज उधास चौक और भित्तिचित्र स्मारक का उद्घाटन

मुंबई। ग़ज़ल गायक पद्मभूषण पंकज उधास की 75वीं जयंती के अवसर पर रविवार को पेडर रोड स्थित स्टर्लिंग अपार्टमेंट के सामने वाले चौक का आधिकारिक रूप से “पद्मभूषण पंकज उधास चौक” नामकरण किया गया। साथ ही कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के हाथो  इस चौक पर स्थापित पंकज उधास के भित्तिचित्र स्मारक (म्युरल) का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर उधास परिवार, वरिष्ठ गायक-संगीतकार तथा बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक हरिहरन,सोनू निगम, पापोन  तथा संगीतकार-गायक सलीम मर्चंट  के साथ समाजसेविका श्रीमती मंजू जी  लोढ़ा भी उपस्थित थीं।बइस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, “पेडर रोड क्षेत्र में पंकज उधास का लंबे समय तक निवास रहा। उनके परिवार की इच्छा थी कि इस परिसर में उनकी स्मृति में कोई स्थायी स्मारक बनाया जाए। इसके लिए मैंने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रयास शुरू किए थे। आदरणीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी दी। उनके मार्गदर्शन और मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से यह भित्तिचित्र स्मारक तैयार किया गया है। यह चौक अब संगीत और ग़ज़ल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। स्मारक में पंकज उधास के अमर गीतों के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक उनकी ग़ज़लों का आनंद ले सकेंगे।”
कार्यक्रम में पढ़कर सुनाए गए संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “पंकज उधास की मधुर और संवेदनशील आवाज़ ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और ग़ज़ल गायकी को वैश्विक पहचान दिलाई। ‘चिट्ठी आई है’ जैसे उनके गीत आज भी पीढ़ियों के दिलों में जीवित हैं।”
गायक हरिहरन ने भी पंकज उधास को याद करते हुए कहा, “पंकजजी ने ग़ज़ल को आम लोगों तक पहुँचाया। उनकी कई ग़ज़लें आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।”
गायक पापोन ने पंकज उधास के सरल स्वभाव को याद करते हुए कहा, “मैं उनसे उम्र में बहुत छोटा था, फिर भी वे मुझे हमेशा आदरपूर्वक ‘आप’ कहकर संबोधित करते थे।” संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के पुत्र आदिनाथ मंगेशकर ने उधास और मंगेशकर परिवार के दशकों पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा, “मेरा पहला फोटो लता मंगेशकर जी  की गोद में है और उसमें पंकजजी भी मौजूद हैं। हमारे घर का गणेशोत्सव उनकी उपस्थिति के बिना अधूरा माना जाता था।”
गायक सोनू निगम ने भी अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, “मेरी माँ हमेशा पंकज उधास के गीत सुना करती थीं। बाल कलाकार रहते हुए मैंने उनकी ग़ज़लों के शब्द और धुन दोनों याद कर लिए थे।”
चार दशकों से अधिक लंबे करियर में पंकज उधास ने 50 से अधिक एल्बम और 1,000 से ज्यादा गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संगीत क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2006 में पद्मश्री और वर्ष 2025 में पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।
पंकज उधास की यादों से पेडर रोड क्षेत्र भावुक माहौल में डूबा हुआ था। उन्होंने भारतीय ग़ज़ल को सात समंदर पार तक पहुँचाया और उनके प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं। समाजसेविका मंजू लोढ़ा ने कहा कि इस क्षेत्र में ऐसे महान गायक का स्मारक और चौक होना गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज़ की कोमलता और विरह की भावना आने वाली कई पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजती रहेगी।
मंडी में भीषण आग से आधा दर्जन दुकानों का सामान जलकर राख, लाखों का नुकसान

फर्रुखाबाद l  नवीन मंडी समिति में रविवार को देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से बारदाना व अन्य सामान सहित करीब आधा दर्जन दुकानें जलकर खाक हो गईं। आग से व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी विकराल थी कि दुकानों में लगी सीमेंट की टीन तक गर्म होकर पिघलने लगी। दुकानों में रखा बारदाना, प्लास्टिक की क्रेट और लकड़ी की पेटियां आग के तेजी से फैलने से जलकर राख हो गई l घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
प्रशासन ने करीब ढाई घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ देर रात तक मौजूद रहे। आग की गंभीरता को देखते हुए मंडी परिसर में पहले से मौजूद फायर ब्रिगेड वाहन सहित अलीगंज आसपास क्षेत्रों से भी चार से पांच दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
घटना के दौरान मंडी परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी और सैकड़ों व्यापारी मौके पर पहुंच गए ,प्रांतीय मंत्री, जिलाध्यक्ष अग्निहोत्री, जिला मंत्री नीरज राठौर, संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, रामू पंडित, ओम कालेश्वर पाठक, शफीक भाई, मोहम्मद रफी और पप्पू भाई समेत अनेक लोग मौजूद रहे। आग से प्रभावित दुकानों में भाई मियां, सानू खां, इफ्तिखार खां, इकदार मियां सहित दो अन्य व्यापारियों की दुकानें शामिल हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन करा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को कब देखेंगे...किसी को पता नहीं, प्रयागराज में मंडल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल का यह हाल
मंडल का सबसे बड़ा सरकारी एसआरएन अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ भी खूब हैं। अस्पताल प्रशासन के तो कुछ कहने ही नहीं। इस हफ्ते में अलग-अलग दिनों में चार एडीएम इस अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। रोज ही कमियां और गड़बड़ियां मिलीं मगर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते
शनिवार को भी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा ने एसीएम के साथ निरीक्षण किया। वहां पर ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं था। वार्डों एवं ओपीडी में डाॅक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट दीवारों पर लगाया गया है, लेकिन समय दर्शित नहीं किया गया है। चिकित्सक किस समय मरीजों को देखेंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं। स्पष्ट है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते।

एडीएम आपूर्ति ने अस्पताल का निरीक्षण किया
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम आपूर्ति शनिवार की सुबह 9.50 बजे अस्पताल के नए भवन में पहुंचे। वार्डाे, पीएमएसएसआइ ओपीडी, ट्रामा सेंटर, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी, सेंटर पैथोलाजी, ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर को देखा। इसेक बाद पुरानी बिल्डिंग स्थित अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ कक्ष पर कार्यरत डाॅक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति तथा ड्यूटी डिस्प्ले का निरीक्षण किया गया।

दवा की उपलब्धता को लेकर जताई नाराजगी
उन्होंने कार्डियोलाजी, सेंट्रल पैथोलाजी ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों से पूछताछ की। भर्ती मरीजों से भी वार्ता की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की एडीएम ने जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में इमरजेंसी की स्थिति में कुछ दवाएं स्टाक में अनुपलब्ध होने के कारण बाहर से मंगाई जाती हैं। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि आवश्यक दवाएं स्टाक में होनी ही चाहिए।

डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग को जोन, तीमारदार परेशान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में वाहन इधर-उधर खड़े थे। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग के लिए तीन जोन बने हैं। तीमारदारों एवं बाहरी वाहनों के पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चिकित्सालय में उपलब्ध सुरक्षाबल, चिकित्सालय प्रशासन एवं चौकी की पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ट्रक व मैजिक की टक्कर में दाे महिलाओं सहित दस मजदूरों की मौत

लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच रहे थे


प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद का किया ऐलान

मुख्यमंत्री याेगी ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के दिए निर्देश



लखनऊ । यूपी के लखीमपुर-नानपारा मार्ग पर सोमवार की सुबह एक सवारी मैजिक वाहन और ट्रक के बीच आमने-सामने की भिड़ंत में दस लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी और राज्य के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच जनपद के नानपारा लौट रहे थे।

सुबह करीब 7:00 बजे ईसानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अदलीसपुर के मजरा भरेहटा के पास बहराइच की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक और मजदूराें के मैजिक वाहन की आमने सामने की टक्कर हाे गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई। राहगीराें ने पुलिस काे हादसे की सूचना दी। भीषण हादसे की खबर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी को सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी खमरिया भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने आठ लोगों को तुरंत मृत घोषित कर दिया और अन्य दो की इलाज के दाैरान माैत हाे गई।

पुलिस के अनुसार मैजिक वाहन पर सवार सभी दस मजदूराें की माैत हाे गई, जिनमें आठ पुरुष और 2 महिलाएं हैं। घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पाेस्टमार्टम हाउस पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि लखीमपुर से बहराइच की ओर जा रही सवारी मैजिक वाहन और सामने से आ रहे ट्रक की भिड़ंत हो गई। सभी मृतकों की शिनाख्त कर ली है और उनके शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकाें की पहचान जयवीर सिंह (25) पुत्र पेशकार सिंह, निवासी मनगौढिया, मोतीपुर, बहराइच,पवन कुमार पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, सोहन (21) पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, अदनान (19) पुत्र वकील, निवासी सिसैया, धौरहरा, खीरी, राजेश गोयल (45) पुत्र मनीलाल गोयल, निवासी मिहीपुरवा, बहराइच, सहजराम (35) पुत्र छोटे निषाद, निवासी ककरहा, मूर्तिहा, बहराइच, पप्पू (18) पुत्र दूलन गौतम, निवासी देवदत्तपुर, खैरीघाट, बहराइच, गायत्री वैश्य (44) पत्नी रमेशचन्द्र गुप्ता, निवासी विजय लक्ष्मीनगर, सीतापुर (पेशा- शिक्षिका, प्रा. वि. रायबोझना, बहराइच), जुलेखा (55) पत्नी स्व. हबीब, निवासी पलटूपुरवा, धौरहरा, खीरी और कलैश (40) पुत्र झब्बू लाल वर्मा, निवासी ग्राम अमेठी, धौरहरा, खीरी के रूप में हुई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, पीएम काेष से इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्य किया। उन्हाेंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ।

जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं ने रखीं समस्याएं

*भूमि विवाद, रास्ता अवरोध, मारपीट एवं उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं की समस्याओं पर आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल सख्त, त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं को मिला न्याय का भरोसा, आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 18 मई 2026* -   आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में मण्डलायुक्त कार्यालय में आयोजित “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिला विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, रास्ता अवरुद्ध किए जाने, मारपीट, उत्पीड़न एवं पुलिस द्वारा समय से कार्यवाही न किए जाने से संबंधित 27 प्रकरण प्रमुख रूप से सामने आए। सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में ग्राम चौरी, थाना कोतवाली करनैलगंज निवासी अन्नपूर्णा पत्नी हनुमन्त लाल गुप्ता ने नाली विवाद को लेकर मारपीट किए जाने तथा पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई न किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। प्रार्थिनी ने बताया कि विपक्षियों द्वारा नाली बंद कर दी गई, विरोध करने पर लाठी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम को जांच कर वैधानिक कार्रवाई करते हुए पांच दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में थाना खोड़ारे क्षेत्र की जुगुना पत्नी स्व. रामलाल ने फर्जी बैनामा एवं भूमि कब्जेदारी की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जमीन का फर्जी बैनामा कर कब्जा कर लिया तथा विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी। मामले में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गोण्डा को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम ठाकुर पुरवा, मौजा पिपरा पदुम निवासी रीचा सिंह पत्नी अजय सिंह ने लगभग 50 वर्षों पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की। प्रार्थिनी ने बताया कि विपक्षियों द्वारा रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी गई तथा विरोध करने पर गाली-गलौज एवं धमकी दी जा रही है। मामले में उपजिलाधिकारी सदर को जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं ग्राम पपरहवा, मौजा लोहराडांड़, तहसील तरबगंज निवासी लक्ष्मी पत्नी राम बहादुर ने भी वर्षों पुराने आवागमन मार्ग को जोतकर बंद किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। प्रार्थिनी ने बताया कि उनका एकमात्र रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे आवागमन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। मामले में संबंधित एसडीएम तरबगंज एवं बीडीओ वजीरगंज को जांच कर रास्ता खुलवाने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

नगर पंचायत कटरा बाजार निवासी नीलम जायसवाल पत्नी संतोष कुमार ने परिवार की संपत्ति पर अवैध कब्जे के प्रयास, उत्पीड़न एवं जानमाल की धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिनी ने बताया कि उनके बीमार पति के उपचार में भी बाधा उत्पन्न की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक गोण्डा को जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में पांच दिवस के भीतर आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के नए पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट बोर्ड का चुनाव

मुंबई । श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन सकल नारायण शर्मा सभागृह, शारदा ज्ञान पीठ इंटरनेशनल स्कूल, दत्त मंदिर रोड, मालाड पूर्व, मुंबई में संपन्न हुआ। सभा में सर्वसम्मति से नए ट्रस्ट बोर्ड एवं व्यवस्थापक समिति का चुनाव किया गया। सभा में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा को ट्रस्ट बोर्ड का चेयरमैन तथा सुभाष चन्द्र उपाध्याय को प्रबंध ट्रस्टी चुना गया। इसके साथ ही डॉ. आर.आर. उपाध्याय, प्रो. मंगला प्रसाद दुबे, अजय शर्मा, मुकेश सभापति पाण्डेय एवं विवेक उपाध्याय को ट्रस्टी के रूप में चयनित किया गया।
व्यवस्थापक समिति में राम सेवक पाण्डेय को अध्यक्ष चुना गया, जबकि कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे एवं छोटेलाल उपाध्याय को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संयुक्त मंत्री पद पर सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र एवं राधेश्याम दूबे का चयन हुआ। समिति सदस्यों के रूप में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, शिवराम चौरसिया, धर्मचन्द्र  उपाध्याय, विंध्यवासिनी उपाध्याय, ओमप्रकाश पाण्डेय, राकेश उपाध्याय (प्रबंधक), अमरनाथ त्रिपाठी, डॉ. अखिलेशचन्द्र चौबे, डॉ. नीरज चंद्रशेखर दुबे, योगेश गुलाब तिवारी, डॉ. संदीप मिश्रा, ओंकारनाथ उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र तिवारी एवं अखिलेश अक्षयधन तिवारी को चुना गया।
मानद सदस्यों में माया शंकर मिश्र, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुनील रामसेवक पाण्डेय, अनिरुद्ध पाण्डेय एवं डॉ. मिथिलेश दुबे का चयन किया गया। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में सुधाकर उपाध्याय एवं अच्छेलाल पाण्डेय को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने किया पद्म भूषण पंकज उधास चौक और भित्तिचित्र स्मारक का उद्घाटन

मुंबई। ग़ज़ल गायक पद्मभूषण पंकज उधास की 75वीं जयंती के अवसर पर रविवार को पेडर रोड स्थित स्टर्लिंग अपार्टमेंट के सामने वाले चौक का आधिकारिक रूप से “पद्मभूषण पंकज उधास चौक” नामकरण किया गया। साथ ही कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा के हाथो  इस चौक पर स्थापित पंकज उधास के भित्तिचित्र स्मारक (म्युरल) का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर उधास परिवार, वरिष्ठ गायक-संगीतकार तथा बड़ी संख्या में उनके प्रशंसक उपस्थित थे।
इस कार्यक्रम में प्रसिद्ध गायक हरिहरन,सोनू निगम, पापोन  तथा संगीतकार-गायक सलीम मर्चंट  के साथ समाजसेविका श्रीमती मंजू जी  लोढ़ा भी उपस्थित थीं।बइस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मंगलप्रभात लोढ़ा ने कहा, “पेडर रोड क्षेत्र में पंकज उधास का लंबे समय तक निवास रहा। उनके परिवार की इच्छा थी कि इस परिसर में उनकी स्मृति में कोई स्थायी स्मारक बनाया जाए। इसके लिए मैंने और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने प्रयास शुरू किए थे। आदरणीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस प्रस्ताव को तत्काल मंजूरी दी। उनके मार्गदर्शन और मुंबई महानगरपालिका के सहयोग से यह भित्तिचित्र स्मारक तैयार किया गया है। यह चौक अब संगीत और ग़ज़ल प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा। स्मारक में पंकज उधास के अमर गीतों के लिए क्यूआर कोड भी दिया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक उनकी ग़ज़लों का आनंद ले सकेंगे।”
कार्यक्रम में पढ़कर सुनाए गए संदेश में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, “पंकज उधास की मधुर और संवेदनशील आवाज़ ने भारतीय संगीत को समृद्ध किया और ग़ज़ल गायकी को वैश्विक पहचान दिलाई। ‘चिट्ठी आई है’ जैसे उनके गीत आज भी पीढ़ियों के दिलों में जीवित हैं।”
गायक हरिहरन ने भी पंकज उधास को याद करते हुए कहा, “पंकजजी ने ग़ज़ल को आम लोगों तक पहुँचाया। उनकी कई ग़ज़लें आज भी लोगों की ज़ुबान पर हैं।”
गायक पापोन ने पंकज उधास के सरल स्वभाव को याद करते हुए कहा, “मैं उनसे उम्र में बहुत छोटा था, फिर भी वे मुझे हमेशा आदरपूर्वक ‘आप’ कहकर संबोधित करते थे।” संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर के पुत्र आदिनाथ मंगेशकर ने उधास और मंगेशकर परिवार के दशकों पुराने संबंधों को याद किया। उन्होंने कहा, “मेरा पहला फोटो लता मंगेशकर जी  की गोद में है और उसमें पंकजजी भी मौजूद हैं। हमारे घर का गणेशोत्सव उनकी उपस्थिति के बिना अधूरा माना जाता था।”
गायक सोनू निगम ने भी अपने बचपन की यादें साझा करते हुए कहा, “मेरी माँ हमेशा पंकज उधास के गीत सुना करती थीं। बाल कलाकार रहते हुए मैंने उनकी ग़ज़लों के शब्द और धुन दोनों याद कर लिए थे।”
चार दशकों से अधिक लंबे करियर में पंकज उधास ने 50 से अधिक एल्बम और 1,000 से ज्यादा गीत प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। संगीत क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2006 में पद्मश्री और वर्ष 2025 में पद्मभूषण सम्मान से सम्मानित किया गया था।
पंकज उधास की यादों से पेडर रोड क्षेत्र भावुक माहौल में डूबा हुआ था। उन्होंने भारतीय ग़ज़ल को सात समंदर पार तक पहुँचाया और उनके प्रशंसक केवल भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बड़ी संख्या में हैं। समाजसेविका मंजू लोढ़ा ने कहा कि इस क्षेत्र में ऐसे महान गायक का स्मारक और चौक होना गर्व की बात है। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी आवाज़ की कोमलता और विरह की भावना आने वाली कई पीढ़ियों तक संगीत प्रेमियों के दिलों में गूंजती रहेगी।
मंडी में भीषण आग से आधा दर्जन दुकानों का सामान जलकर राख, लाखों का नुकसान

फर्रुखाबाद l  नवीन मंडी समिति में रविवार को देर रात भीषण आग लगने से अफरा-तफरी मच गई। आग की चपेट में आने से बारदाना व अन्य सामान सहित करीब आधा दर्जन दुकानें जलकर खाक हो गईं। आग से व्यापारियों को लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी विकराल थी कि दुकानों में लगी सीमेंट की टीन तक गर्म होकर पिघलने लगी। दुकानों में रखा बारदाना, प्लास्टिक की क्रेट और लकड़ी की पेटियां आग के तेजी से फैलने से जलकर राख हो गई l घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंच गईं।
प्रशासन ने करीब ढाई घंटे मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका। मौके पर एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर पुलिस बल के साथ देर रात तक मौजूद रहे। आग की गंभीरता को देखते हुए मंडी परिसर में पहले से मौजूद फायर ब्रिगेड वाहन सहित अलीगंज आसपास क्षेत्रों से भी चार से पांच दमकल गाड़ियां बुलानी पड़ीं।
घटना के दौरान मंडी परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई। व्यापार मंडल के कई पदाधिकारी और सैकड़ों व्यापारी मौके पर पहुंच गए ,प्रांतीय मंत्री, जिलाध्यक्ष अग्निहोत्री, जिला मंत्री नीरज राठौर, संजय गुप्ता, नगर अध्यक्ष अमित सेठ, रामू पंडित, ओम कालेश्वर पाठक, शफीक भाई, मोहम्मद रफी और पप्पू भाई समेत अनेक लोग मौजूद रहे। आग से प्रभावित दुकानों में भाई मियां, सानू खां, इफ्तिखार खां, इकदार मियां सहित दो अन्य व्यापारियों की दुकानें शामिल हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन करा रहा है।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने 333 शिक्षकों व पर्यवेक्षिकाओं को सौंपे नियुक्ति पत्र, कहा- अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं योजनाएं


यह अवसर न केवल नव नियुक्त अभ्यर्थियों के लिए गौरव का क्षण है, बल्कि राज्य के समग्र और समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर है। राज्य सरकार समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक विकास योजनाओं का लाभ पहुँचाने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। राज्य का एक बड़ा हिस्सा आदिवासी, दलित और पिछड़ा वर्ग बाहुल्य है, जो कई कारणों से विकास की गति में पीछे छूट गया था। नवनियुक्त कर्मी गाँव-गाँव और घर-घर जाकर सरकार के प्रतिनिधि के रूप में कार्य करें। यह सिर्फ एक नौकरी नहीं है, बल्कि आपके माध्यम से सरकार गाँव-गाँव, घर-घर और हर व्यक्ति तक पहुँचना चाहती है।

खासकर महिलाओं और बच्चों तक, जिन्हें हमें आने वाले भविष्य के लिए तैयार करना है। सीमित दायरे में जीवन जीने वाले इन लोगों को बदलते परिवेश के अनुरूप आगे बढ़ाना, उनका सशक्तिकरण करना, यह बड़ी चुनौती आपके कंधों पर होगी। उक्त बातें मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने कही। वे आज झारखंड मंत्रालय में आयोजित नव नियुक्त इंटर एवं स्नातक प्रशिक्षित सहायक आचार्यों का नियुक्ति-पत्र वितरण समारोह को संबोधित कर रहे थे।

नियुक्ति पत्र वितरण समारोह सभागार उत्साह, उमंग एवं गौरवपूर्ण माहौल से सराबोर रहा। मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले सभी अभ्यर्थियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज और राज्य के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि शिक्षक राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं, वहीं महिला पर्यवेक्षकाएं समाज में महिलाओं एवं बच्चों के कल्याण से जुड़ी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से रोजगार उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने, विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने तथा महिला एवं बाल विकास योजना को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से लगातार नियुक्तियां की जा रही है।

पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया एवं शिक्षा व्यवस्था का हो रहा सुदृढ़ीकरण

मुख्यमंत्री ने कहा कि जहां देश के विभिन्न हिस्सों में पेपर लीक जैसी घटनाओं से नियुक्तियाँ बाधित हो रही हैं, वहीं झारखंड सरकार ने पिछले चार महीनों में शिक्षा विभाग में 9,000 से अधिक और विगत दो वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार प्रदान किया है, जबकि पूर्व के कार्यकाल में सरकारी, अनुबंध एवं निजी संस्थानों में करीब दो लाख से अधिक नियुक्तियां की गईं है। वर्ष 2024 में वर्तमान सरकार के गठन के बाद से मानव संसाधन को सशक्त करने के लिए विभिन्न विभागों में लगातार नियुक्तियाँ की गई हैं, और यह प्रक्रिया आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कभी- कभी ऐसा भी होता है कि कुछ शिक्षक सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में जाने से कतराते हैं। ऐसी सोच के साथ समग्र विकास संभव नहीं है। यदि हम अपनी जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से कंधों पर लें, तभी बदलाव आएगा। मुख्यमंत्री उत्कृष्ट विद्यालय जैसी पहल इसीलिए की गई है, ताकि वर्षों से हमारी शिक्षा व्यवस्था पर लगे कलंक को मिटाया जा सके और बच्चों को बेहतर भविष्य दिया जा सके।

मंईयाँ सम्मान योजना का मिल रहा लाभ, बेटियां बन रही कलेक्टर

मुख्यमंत्री ने कहा कि आधी आबादी को मुख्यधारा में शामिल किए बिना राज्य का सर्वांगीण विकास संभव नहीं है। वर्तमान में राज्य की लगभग 60 लाख महिलाओं को झारखण्ड मुख्यमंत्री मंईयाँ सम्मान योजना के अंतर्गत प्रति माह वित्तीय सहायता प्रदान कर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसा हो सकता है कि इस योजना का पाँच से दस प्रतिशत लोग गलत तरीक़े से लाभ ले रहें हों, लेकिन ऐसे लोगों को रोकने के लिए 90 प्रतिशत लोगों को प्रभावित नहीं किया जा सकता। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें यह देखकर प्रसन्नता होती है कि इस योजना का लाभ लेने वाली बेटियाँ आज कलेक्टर जैसे पदों तक पहुँच रही हैं। महिलाओं को मुख्यधारा में लाने का कार्य भी निरंतर हो रहा है। अब वह समय बीत चुका है जब महिलाओं को चारदीवारी के भीतर सीमित रखा जाता था। आज उन्हें आगे आना है और समाज को भी उन्हें आगे बढ़ाने का संकल्प लेना है।

दुर्गम क्षेत्रों के बच्चों को तराशना महत्वपूर्ण जिम्मेदारी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से कहा कि आपको दुर्गम क्षेत्रों में जाना होगा और ऐसे बच्चों के साथ काम करना होगा, जिनकी परिस्थितियाँ चुनौतीपूर्ण होंगी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि बच्चे आपके हाथों में कच्ची मिट्टी की तरह होंगे। उन्हें तराशने, आकार देने और उनके भविष्य को संवारने की पूरी जिम्मेदारी आपके पास होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के भीतर कुपोषण जैसी समस्या और उसके निराकरण संबंधी चुनौतियां हैं। इन समस्याओं से राज्य को मुक्त कराना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी हैं। आप सभी युवा हैं, ऊर्जा से भरपूर हैं, और आपके पास समय तथा अवसर भी हैं।

पूरी निष्ठा, समर्पण और संकल्प के साथ यदि अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे, तो न केवल आपका भविष्य उज्ज्वल होगा, बल्कि आपका परिवार, समाज और पूरा झारखंड मजबूत होगा। जिस प्रकार की खुशी आपको और आपके परिवार को इस नियुक्ति से मिली है, वैसी ही खुशी पूरे झारखंड को मिले—यही मेरी कामना है। आप सभी को उज्ज्वल भविष्य के लिए हार्दिक शुभकामनाएँ।

इस अवसर पर राज्य के वित्त मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर, श्रम नियोजन एवं प्रशिक्षण विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमा शंकर सिंह, निदेशक प्राथमिक शिक्षा श्री मनोज कुमार रंजन सहित अन्य वरीय पदाधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में नवनियुक्त अभ्यर्थी एवं उनके परिजन उपस्थित थे।

जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
जैन देरासर में उमड़ा श्रद्धा और वैराग्य का सैलाब, मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह का भावपूर्ण बहुमान

मुंबई। श्री चंद्रप्रभ स्वामी जैन देरासर में आयोजित एक भव्य आध्यात्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम श्रद्धा, भक्ति और वैराग्य के अनुपम वातावरण के बीच संपन्न हुआ। यह पावन आयोजन पूज्य आचार्य श्री लब्धीचंद्र सूरीश्वरजी महाराज के मंगलमय आशीर्वाद तथा मुनिराज श्री सर्वेशचंद्र सागरजी महाराज एवं मुनिराज श्री मंत्रेश सागरजी महाराज की पावन निश्रा में आयोजित किया गया। कार्यक्रम का सबसे भावुक और प्रेरणादायी क्षण तब उपस्थित हुआ, जब 81 वर्ष की आयु में दीक्षा अंगीकार करने जा रहे भावी दीक्षार्थी महेंद्रभाई मोहनलाल शाह का श्री जैन धार्मिक शिक्षण संघ के उपाध्यक्ष-ट्रस्टी संजय जीवनलाल शाह एवं संघ के सदस्यों द्वारा भावपूर्ण बहुमान किया गया। इस अवसर पर पूरे सभागार में श्रद्धा, सम्मान और वैराग्य की भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर उनके त्यागमय एवं धर्मनिष्ठ जीवन को नमन किया। अपने संबोधन में संजय जीवनलाल शाह ने कहा कि महेंद्रभाई शाह का त्याग, धर्म के प्रति अटूट आस्था और संयममय जीवन समाज के लिए प्रेरणा का उज्ज्वल उदाहरण है। उन्होंने कहा कि आज के भौतिकवादी युग में 81 वर्ष की आयु में सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण के मार्ग पर अग्रसर होना अत्यंत दुर्लभ, अनुकरणीय और प्रेरणादायी है। मुंबई में अपनी दीक्षा की पवित्र तैयारी कर रहे मुमुक्षु महेंद्रभाई शाह अपनी सरलता, विनम्रता और गहन धार्मिक निष्ठा से सभी के हृदय को स्पर्श कर रहे हैं। उनका जीवन यह संदेश देता है कि सच्ची साधना, वैराग्य और आत्मजागृति के लिए आयु कभी बाधा नहीं बनती। इस अवसर पर संस्था के संस्थापक अध्यक्ष जवाहर मोतीलाल शाह, उपाध्यक्ष संजयभाई जीवनलाल शाह, ट्रस्टी अशोक नरसिंह चरला, महिला विभाग की उपाध्यक्ष अल्पाबेन संजयभाई शाह सहित जयेशभाई, लब्धीशिल्पाबेन, विलास शाह एवं अनेक गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। गुरु भगवंतों के आशीर्वचन, धर्ममय वातावरण और भावी दीक्षार्थी के बहुमान ने पूरे आयोजन को अत्यंत भावुक, प्रेरणादायी और अविस्मरणीय बना दिया।
देवघर-कैलाश फाइटर और बादशाह XI ने दर्ज की धमाकेदार जीत, उज्ज्वल और हेमंत यादव बने जीत के हीरो।
देवघर: 18 मई स्थानीय के.के.एन. स्टेडियम में खेली जा रही स्वर्गीय बर्धन खवाड़े ट्रॉफी के सातवें दिन दो बेहद रोमांचक मुकाबले खेले गए। आज के मैचों में बल्लेबाजों का पूरी तरह से दबदबा रहा। पहले मुकाबले में कैलाश फाइटर ने राजा कैटरिंग XI को 5 विकेट से मात दी, जबकि दूसरे मुकाबले में बादशाह XI ने पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) को 8 विकेट से करारी शिकस्त दी। मैच 1 उज्ज्वल कुमार की कप्तानी पारी से जीती कैलाश फाइटर दिन के पहले मुकाबले में राजा कैटरिंग XI ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। निर्धारित 10 ओवरों में राजा कैटरिंग XI ने 8 विकेट खोकर 123 रनों का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया। टीम की ओर से अभिषेक ने सर्वाधिक 44 रनों (19 गेंद, 2 चौके, 4 छक्के) की आतिशी पारी खेली। उनके अलावा सिंह सागर ने 33 और मनीष रंजन ने 22 रनों का योगदान दिया। कैलाश फाइटर की तरफ से धारदार गेंदबाजी करते हुए बिट्टू दुबे और रवि यादव ने 2-2 विकेट चटकाए। 124 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी कैलाश फाइटर की शुरुआत खराब रही और टीम ने जल्द ही अपने शुरुआती विकेट गंवा दिए। लेकिन कप्तान उज्जल कुमार ने एक छोर संभाले रखा और महज 29 गेंदों में 9 चौकों और 3 गगनचुंबी छक्कों की मदद से 64 रनों की मैच जिताऊ पारी खेली। सुमित कुमार (27 रन) और यश कुमार मिश्रा (20 रन) के उपयोगी योगदान की बदौलत कैलाश फाइटर ने 10वें ओवर में 5 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया और 5 विकेट से जीत दर्ज की। मैच 2 हेमंत यादव के तूफान में उड़े पीवीआर पैंथर्स, बादशाह XI की आसान जीत दूसरे मुकाबले में पीवीआर पैंथर्स (PVR Panthers) ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 10 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 114 रन बनाए। पीवीआर पैंथर्स की ओर से प्रभात ने अकेले मोर्चा संभालते हुए मात्र 21 गेंदों में 7 छक्कों और 1 चौके की मदद से 55 रनों की नाबाद और विस्फोटक पारी खेली। प्रभाकर पांडेय ने भी 22 रनों का योगदान दिया। बादशाह XI की तरफ से संजय कुमार और प्रभात ने किफायती गेंदबाजी करते हुए सफलताएं हासिल कीं। 115 रनों के छोटे लक्ष्य के सामने बादशाह XI के बल्लेबाजों ने मैदान पर कोहराम मचा दिया। सलामी बल्लेबाज प्रतीक ने 30 रनों की सधी हुई पारी खेली, जिसके बाद हेमंत यादव का तूफान देखने को मिला। हेमंत ने मैदान के चारों ओर शॉट्स खेलते हुए मात्र 23 गेंदों पर 300 के स्ट्राइक रेट से 69 रनों की नाबाद पारी खेली, जिसमें 3 चौके और 8 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। अंत में सीनियर वर्मा ने भी मात्र 4 गेंदों में 17 रन कूट दिए। बादशाह XI ने केवल 8.2 ओवरों में ही 2 विकेट खोकर 117 रन बना लिए और मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अंतिम मैच में जॉय सारवां ने मां मनसा को हराया । मैच के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को आयोजन समिति के सचिव आशीष झा और उपाध्यक्ष नवीन शर्मा ने सम्मानित किया।।इस दौरान आयोजन समिति के कार्यकारी सचिव नीरज झा,धीरज कुमार मौजूद थे ।  टूर्नामेंट का मुख्य आकर्षण: आज के दोनों ही मैचों में हाई-स्कोरिंग चेज़ देखने को मिले, जिसने स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। टूर्नामेंट के अगले दौर के मुकाबले कल इसी मैदान पर खेले जाएंगे।
एसआरएन अस्पताल में डॉक्टर मरीजों को कब देखेंगे...किसी को पता नहीं, प्रयागराज में मंडल का सबसे बड़ा हॉस्पिटल का यह हाल
मंडल का सबसे बड़ा सरकारी एसआरएन अस्पताल के चिकित्सक और स्टाफ भी खूब हैं। अस्पताल प्रशासन के तो कुछ कहने ही नहीं। इस हफ्ते में अलग-अलग दिनों में चार एडीएम इस अस्पताल का निरीक्षण कर चुके हैं। रोज ही कमियां और गड़बड़ियां मिलीं मगर अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी।



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते
शनिवार को भी एडीएम आपूर्ति विजय शर्मा ने एसीएम के साथ निरीक्षण किया। वहां पर ड्यूटी डिस्प्ले चार्ट क्रियाशील नहीं था। वार्डों एवं ओपीडी में डाॅक्टरों के रोस्टर अनुसार बैठने का चार्ट दीवारों पर लगाया गया है, लेकिन समय दर्शित नहीं किया गया है। चिकित्सक किस समय मरीजों को देखेंगे, इसकी जानकारी किसी को नहीं। स्पष्ट है कि चिकित्सक समय से अस्पताल नहीं पहुंचते।

एडीएम आपूर्ति ने अस्पताल का निरीक्षण किया
डीएम मनीष कुमार वर्मा के निर्देश पर एडीएम आपूर्ति शनिवार की सुबह 9.50 बजे अस्पताल के नए भवन में पहुंचे। वार्डाे, पीएमएसएसआइ ओपीडी, ट्रामा सेंटर, गैस्ट्रोलाजी, कार्डियोलाजी, सेंटर पैथोलाजी, ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर को देखा। इसेक बाद पुरानी बिल्डिंग स्थित अल्ट्रासाउंड, एमआरआइ कक्ष पर कार्यरत डाॅक्टरों व स्टाफ की उपस्थिति तथा ड्यूटी डिस्प्ले का निरीक्षण किया गया।

दवा की उपलब्धता को लेकर जताई नाराजगी
उन्होंने कार्डियोलाजी, सेंट्रल पैथोलाजी ब्लडबैंक, कैश काउंटर, औषधि वितरण, रजिस्ट्रेशन काउंटर पर मरीजों व तीमारदारों से पूछताछ की। भर्ती मरीजों से भी वार्ता की और स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। शीतल पेयजल की बेहतर व्यवस्था कराने की एडीएम ने जोर दिया। यह भी अवगत कराया गया कि चिकित्सालय में इमरजेंसी की स्थिति में कुछ दवाएं स्टाक में अनुपलब्ध होने के कारण बाहर से मंगाई जाती हैं। इस पर एडीएम ने नाराजगी जताई। निर्देश दिए कि आवश्यक दवाएं स्टाक में होनी ही चाहिए।

डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग को जोन, तीमारदार परेशान
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि अस्पताल में वाहन इधर-उधर खड़े थे। कर्मचारियों ने बताया कि अस्पताल के डाॅक्टर-स्टाफ की पार्किंग के लिए तीन जोन बने हैं। तीमारदारों एवं बाहरी वाहनों के पार्किंग की समस्या बनी रहती है। चिकित्सालय में उपलब्ध सुरक्षाबल, चिकित्सालय प्रशासन एवं चौकी की पुलिस को इस पर ध्यान देना चाहिए।
ट्रक व मैजिक की टक्कर में दाे महिलाओं सहित दस मजदूरों की मौत

लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच रहे थे


प्रधानमंत्री ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख की आर्थिक मदद का किया ऐलान

मुख्यमंत्री याेगी ने मृतकों के परिजनों को हरसंभव सहायता पहुंचाने के दिए निर्देश



लखनऊ । यूपी के लखीमपुर-नानपारा मार्ग पर सोमवार की सुबह एक सवारी मैजिक वाहन और ट्रक के बीच आमने-सामने की भिड़ंत में दस लोगों की मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए। इस घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र माेदी और राज्य के मुख्यमंत्री याेगी आदित्यनाथ ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। जानकारी के अनुसार लखीमपुर में मजदूरी करने के बाद सभी मजदूर मैजिक वाहन से घर बहराइच जनपद के नानपारा लौट रहे थे।

सुबह करीब 7:00 बजे ईसानगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम अदलीसपुर के मजरा भरेहटा के पास बहराइच की दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक और मजदूराें के मैजिक वाहन की आमने सामने की टक्कर हाे गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि मैजिक के परखच्चे उड़ गए और चीख-पुकार मच गई। राहगीराें ने पुलिस काे हादसे की सूचना दी। भीषण हादसे की खबर पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने सभी को सरकारी एंबुलेंस से सीएचसी खमरिया भिजवाया, लेकिन डॉक्टरों ने आठ लोगों को तुरंत मृत घोषित कर दिया और अन्य दो की इलाज के दाैरान माैत हाे गई।

पुलिस के अनुसार मैजिक वाहन पर सवार सभी दस मजदूराें की माैत हाे गई, जिनमें आठ पुरुष और 2 महिलाएं हैं। घटना के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पाेस्टमार्टम हाउस पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस अधीक्षक ख्याति गर्ग ने बताया कि लखीमपुर से बहराइच की ओर जा रही सवारी मैजिक वाहन और सामने से आ रहे ट्रक की भिड़ंत हो गई। सभी मृतकों की शिनाख्त कर ली है और उनके शवों का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतकाें की पहचान जयवीर सिंह (25) पुत्र पेशकार सिंह, निवासी मनगौढिया, मोतीपुर, बहराइच,पवन कुमार पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, सोहन (21) पुत्र संतोष, निवासी रामवचनपुरवा, बहराइच, अदनान (19) पुत्र वकील, निवासी सिसैया, धौरहरा, खीरी, राजेश गोयल (45) पुत्र मनीलाल गोयल, निवासी मिहीपुरवा, बहराइच, सहजराम (35) पुत्र छोटे निषाद, निवासी ककरहा, मूर्तिहा, बहराइच, पप्पू (18) पुत्र दूलन गौतम, निवासी देवदत्तपुर, खैरीघाट, बहराइच, गायत्री वैश्य (44) पत्नी रमेशचन्द्र गुप्ता, निवासी विजय लक्ष्मीनगर, सीतापुर (पेशा- शिक्षिका, प्रा. वि. रायबोझना, बहराइच), जुलेखा (55) पत्नी स्व. हबीब, निवासी पलटूपुरवा, धौरहरा, खीरी और कलैश (40) पुत्र झब्बू लाल वर्मा, निवासी ग्राम अमेठी, धौरहरा, खीरी के रूप में हुई है। प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री ने जताया शोक, पीएम काेष से इस भीषण हादसे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्य किया। उन्हाेंने कहा कि लखीमपुर खीरी में हुई दुर्घटना के बारे में सुनकर गहरा दुख हुआ।

जिन लोगों ने अपने प्रियजनों को खोया है, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के परिजनों को दाे लाख रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी इस हादसे पर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की है। मुख्यमंत्री ने लखीमपुर खीरी के उच्च अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर राहत कार्य में तेजी लाने और मृतकों के परिजनों को हरसंभव प्रशासनिक व आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।
आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में आयोजित “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं ने रखीं समस्याएं

*भूमि विवाद, रास्ता अवरोध, मारपीट एवं उत्पीड़न से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं की समस्याओं पर आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल सख्त, त्वरित कार्रवाई के निर्देश*

*“माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” में महिलाओं को मिला न्याय का भरोसा, आयुक्त ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश*


*देवीपाटन मण्डल गोण्डा 18 मई 2026* -   आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की अध्यक्षता में मण्डलायुक्त कार्यालय में आयोजित “माँ पाटेश्वरी शक्ति संवाद” महिला विशेष जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं ने अपनी विभिन्न समस्याएं एवं शिकायतें अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम के दौरान भूमि विवाद, अवैध कब्जा, रास्ता अवरुद्ध किए जाने, मारपीट, उत्पीड़न एवं पुलिस द्वारा समय से कार्यवाही न किए जाने से संबंधित 27 प्रकरण प्रमुख रूप से सामने आए। सभी मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार जांच कर त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई में ग्राम चौरी, थाना कोतवाली करनैलगंज निवासी अन्नपूर्णा पत्नी हनुमन्त लाल गुप्ता ने नाली विवाद को लेकर मारपीट किए जाने तथा पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई न किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। प्रार्थिनी ने बताया कि विपक्षियों द्वारा नाली बंद कर दी गई, विरोध करने पर लाठी से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया, जिससे उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया। मामले में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिम को जांच कर वैधानिक कार्रवाई करते हुए पांच दिवस में आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

इसी क्रम में थाना खोड़ारे क्षेत्र की जुगुना पत्नी स्व. रामलाल ने फर्जी बैनामा एवं भूमि कब्जेदारी की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिनी ने आरोप लगाया कि विपक्षियों ने कूटरचित दस्तावेजों के माध्यम से जमीन का फर्जी बैनामा कर कब्जा कर लिया तथा विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए धमकी दी। मामले में अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) गोण्डा को जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

ग्राम ठाकुर पुरवा, मौजा पिपरा पदुम निवासी रीचा सिंह पत्नी अजय सिंह ने लगभग 50 वर्षों पुराने रास्ते को बंद किए जाने की शिकायत की। प्रार्थिनी ने बताया कि विपक्षियों द्वारा रास्ते पर दीवार खड़ी कर दी गई तथा विरोध करने पर गाली-गलौज एवं धमकी दी जा रही है। मामले में उपजिलाधिकारी सदर को जांच कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

वहीं ग्राम पपरहवा, मौजा लोहराडांड़, तहसील तरबगंज निवासी लक्ष्मी पत्नी राम बहादुर ने भी वर्षों पुराने आवागमन मार्ग को जोतकर बंद किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की। प्रार्थिनी ने बताया कि उनका एकमात्र रास्ता अवरुद्ध हो गया है, जिससे आवागमन में गंभीर समस्या उत्पन्न हो रही है। मामले में संबंधित एसडीएम तरबगंज एवं बीडीओ वजीरगंज को जांच कर रास्ता खुलवाने तथा आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

नगर पंचायत कटरा बाजार निवासी नीलम जायसवाल पत्नी संतोष कुमार ने परिवार की संपत्ति पर अवैध कब्जे के प्रयास, उत्पीड़न एवं जानमाल की धमकी दिए जाने की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थिनी ने बताया कि उनके बीमार पति के उपचार में भी बाधा उत्पन्न की जा रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक गोण्डा को जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए तथा प्रत्येक प्रकरण में पांच दिवस के भीतर आख्या अनिवार्य रूप से प्रस्तुत की जाए।
श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल के नए पदाधिकारियों एवं ट्रस्ट बोर्ड का चुनाव

मुंबई । श्री गौरीशंकर ग्राम सेवा मंडल, मुंबई की वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) का आयोजन सकल नारायण शर्मा सभागृह, शारदा ज्ञान पीठ इंटरनेशनल स्कूल, दत्त मंदिर रोड, मालाड पूर्व, मुंबई में संपन्न हुआ। सभा में सर्वसम्मति से नए ट्रस्ट बोर्ड एवं व्यवस्थापक समिति का चुनाव किया गया। सभा में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा को ट्रस्ट बोर्ड का चेयरमैन तथा सुभाष चन्द्र उपाध्याय को प्रबंध ट्रस्टी चुना गया। इसके साथ ही डॉ. आर.आर. उपाध्याय, प्रो. मंगला प्रसाद दुबे, अजय शर्मा, मुकेश सभापति पाण्डेय एवं विवेक उपाध्याय को ट्रस्टी के रूप में चयनित किया गया।
व्यवस्थापक समिति में राम सेवक पाण्डेय को अध्यक्ष चुना गया, जबकि कौशल कुमार तिवारी, मानकेश्वर चौबे एवं छोटेलाल उपाध्याय को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई। संयुक्त मंत्री पद पर सुभाष चन्द्र उपाध्याय, विनोद कुमार मिश्र एवं राधेश्याम दूबे का चयन हुआ। समिति सदस्यों के रूप में डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा, शिवराम चौरसिया, धर्मचन्द्र  उपाध्याय, विंध्यवासिनी उपाध्याय, ओमप्रकाश पाण्डेय, राकेश उपाध्याय (प्रबंधक), अमरनाथ त्रिपाठी, डॉ. अखिलेशचन्द्र चौबे, डॉ. नीरज चंद्रशेखर दुबे, योगेश गुलाब तिवारी, डॉ. संदीप मिश्रा, ओंकारनाथ उपाध्याय, डॉ. देवेंद्र तिवारी एवं अखिलेश अक्षयधन तिवारी को चुना गया।
मानद सदस्यों में माया शंकर मिश्र, माता प्रसाद चतुर्वेदी, सुनील रामसेवक पाण्डेय, अनिरुद्ध पाण्डेय एवं डॉ. मिथिलेश दुबे का चयन किया गया। वहीं विशेष आमंत्रित सदस्यों के रूप में सुधाकर उपाध्याय एवं अच्छेलाल पाण्डेय को सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया।
डॉ. शारदा प्रसाद शर्मा ने नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए मंडल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।