तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, बदल गया दशकों का इतिहास, विजय की आंधी में स्टालिन उड़े

#mkstalinscorchedbywaveofactor_vijay

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रूझानों में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) की आंधी दिख रही है। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 49 वर्षों से केवल दो ही द्रविड़ पार्टियों, द्रमुक और अन्नाद्रमुक का दबदबा रहा है। लेकिन दशकों बाद ऐसी आंधी दिख रही है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

टीवीके इतिहास रचने की ओर बढ़ रही

सिनेमाई पर्दे के हीरो से असल जिंदगी के राजनेता बने विजय ने 49 साल की मजबूत द्रविड़ सत्ता को हिला कर रख दिया है। ताजा रुझानों के विजय की पार्टी टीवीके सबसे आगे चल रही है और इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। अब तक मिले रुझानों में टीवीके करीब 109 सीटों पर आगे है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि अगर यही रुझान जारी रहे, तो विजय की पार्टी आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है।

अपने गढ़ में पिछड़े स्टालिन

एक्टर विजय की लहर है में एमके स्टालिन झुलस गए हैं। कोलाथुर विधानसभा सीट से एमके स्टालिन खुद पीछे चल रहे हैं। कोलाथुर सीट एमके स्टालिन का गढ़ रही है, जिसे वह 2011 से लगातार जीतते आए हैं। 2021 में उन्होंने यहाँ 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

50 सीटों पर सिमटती दिख रही डीएमके

अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा और विजय की पार्टी महज दो साल में इतिहास रच सकती है। ऐसे में डीएमके दफ्तर से लेकर डीएमके नेताओं तक के घर पर सन्नाटा पसरा है। 2021 में 133 सीटें जीतने वाली पार्टी 2026 में 50 सीटों पर सिमटती दिख रही है। ऐसे में हर तरफ सन्नाटा पसरा है।

बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है:-राजेश ठाकुर

रामगढ़:- भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बयान जारी कर बताया कि पश्चिम बंगाल असम पांडिचेरी बंपर जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई शुभकामनाएं दिए पश्चिम बंगाल में प्रचंड।

वहां के जमीनी कार्यकर्ताओं कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम भाजपा जीत हुई है हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ता बंगाल में शहीद हुए हैं और आज राष्ट्रवादी विचारधारा पार्टी की जीत को लेकर उन शहीदों को नमन करता हूं बंगाल में हिंदुत्व राष्ट्रवादी विचारधारा के मतदाताओं को भी आभार प्रकट करता हूं राष्ट्र हित में निर्णय लेने के लिए श्री ठाकुर ने

बताया कि अति का अंत होता है ममता बनर्जी की सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों वालों के लिए संरक्षक सरकार टीएमसी की आतंक का अंत होगा बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है

अब मोदी जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सोनार बंगला बनेगा पश्चिम बंगाल एक ऐतिहासिक राज्य है अब रामनवमी पूजा में धूमधाम से और जय श्री राम के नारों से बंगाल गूंज उठेगा

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

#westbengalassemblyelectionresultbjpmajority

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों में नए डीएम तैनात

* देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज समेत कई जिलों में बदले जिलाधिकारी

 • शासन और विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत 8 जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की तैनाती की गई है, जबकि कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

देवरिया के नए जिलाधिकारी के रूप में मधुसूदन हुलगी की नियुक्ति की गई है, जो पहले विशेष सचिव मुख्यमंत्री और अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं, सैमुअल पाल एन को जौनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। मऊ जिले की कमान अब आनंद वर्धन संभालेंगे, जबकि गौरव सिंह सुगरवाल को महाराजगंज का डीएम नियुक्त किया गया है।

संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज से फिरोजाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को संभल से मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि अंकित खंडेलवाल को आगरा नगर निगम से संभल का डीएम बनाया गया है। अभिषेक पांडे को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुज सिंह को मुरादाबाद के डीएम पद से हटाकर विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। अभिनव गोयल को गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय जैन को लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, गोरखपुर बनाया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसाइटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, निधि बंसल को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है।

डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर के डीएम पद से हटाकर लोक निर्माण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि प्रवीण मिश्रा को मऊ से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। दिव्या मित्तल को देवरिया से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा जैन को केस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि इंदुमती को महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों के विभागों में अदला-बदली करते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

यह व्यापक तबादला सूची प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

#assemblyelection2026_result

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लहरपुर में नवनिर्मित ब्लड बैंक का उद्घाटन, SDP सुविधा से मरीजों को मिलेगा लाभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम पारा संराय स्थित के.पी. सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल  में नवनिर्मित ब्लड बैंक का भव्य उद्घाटन सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान के द्वारा किया गया। रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन सिंह चौहान ने फीता काटकर ब्लड बैंक का किया शुभारंभ।इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह ब्लड बैंक क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद जासमीर अंसारी के साथ साथ महोली विधायक शशांक त्रिवेदी, लहरपुर सपा विधायक अनिल वर्मा , भाजपा जिलाध्यक्ष  राजेश शुक्ला पूर्व एमएलसी भरत त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र राजवंशी, मनोज त्रिवेदी, अखिलेंद्र यादव, मनजीत सिंह, संजय वर्मा, टी.पी. सिंह, आदित्य सिंह आशीष सिंह, अपना दल एस के दिनेश पटेल व ग्राम प्रधान, बीडीसी उपस्थित थे।इस मौके पर संस्था के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि  को बुके एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ब्लड बैंक में SDP (Single Donor Platelet) की अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत जीवनरक्षक साबित होगी वहीं यह सुविधा सीतापुर एवं आसपास के जनपदों में कहीं भी उपलब्ध नहीं है उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का यह पहला ऐसा ब्लड बैंक है जो SDP की सुविधा प्रदान कर रहा है और इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत रक्त सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंशुमान सिंह,  ऐश्वर्य प्रताप सिंह, डॉ. अनुप कुमार सरबैया,  शिवपूजन सिंह, समाजसेवी हसीन अंसारी ने सराहनीय सहयोग किया।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों एवं आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया गया और लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

#vidhansabhachunavresult2026

देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।

तमिलनाडु चुनाव में बड़ा उलटफेर, बदल गया दशकों का इतिहास, विजय की आंधी में स्टालिन उड़े

#mkstalinscorchedbywaveofactor_vijay

तमिलनाडु विधानसभा चुनावों के लिए वोटों की गिनती जारी है। तमिलनाडु की राजनीति में इस बार बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रूझानों में अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी टीवीके (तमिलगा वेत्री कड़गम) की आंधी दिख रही है। तमिलनाडु की राजनीति में पिछले 49 वर्षों से केवल दो ही द्रविड़ पार्टियों, द्रमुक और अन्नाद्रमुक का दबदबा रहा है। लेकिन दशकों बाद ऐसी आंधी दिख रही है, जिसने सबको हैरान कर दिया है।

टीवीके इतिहास रचने की ओर बढ़ रही

सिनेमाई पर्दे के हीरो से असल जिंदगी के राजनेता बने विजय ने 49 साल की मजबूत द्रविड़ सत्ता को हिला कर रख दिया है। ताजा रुझानों के विजय की पार्टी टीवीके सबसे आगे चल रही है और इतिहास रचने की ओर बढ़ रही है। अब तक मिले रुझानों में टीवीके करीब 109 सीटों पर आगे है। तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों का जादुई आंकड़ा चाहिए। ऐसे में संकेत मिल रहे हैं कि अगर यही रुझान जारी रहे, तो विजय की पार्टी आसानी से बहुमत हासिल कर सकती है।

अपने गढ़ में पिछड़े स्टालिन

एक्टर विजय की लहर है में एमके स्टालिन झुलस गए हैं। कोलाथुर विधानसभा सीट से एमके स्टालिन खुद पीछे चल रहे हैं। कोलाथुर सीट एमके स्टालिन का गढ़ रही है, जिसे वह 2011 से लगातार जीतते आए हैं। 2021 में उन्होंने यहाँ 70 हजार से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की थी, लेकिन इस बार तस्वीर बदलती नजर आ रही है।

50 सीटों पर सिमटती दिख रही डीएमके

अगर ये रुझान नतीजों में बदलते हैं, तो यह तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव साबित होगा और विजय की पार्टी महज दो साल में इतिहास रच सकती है। ऐसे में डीएमके दफ्तर से लेकर डीएमके नेताओं तक के घर पर सन्नाटा पसरा है। 2021 में 133 सीटें जीतने वाली पार्टी 2026 में 50 सीटों पर सिमटती दिख रही है। ऐसे में हर तरफ सन्नाटा पसरा है।

बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है:-राजेश ठाकुर

रामगढ़:- भारतीय जनता युवा मोर्चा के पूर्व जिला अध्यक्ष राजेश ठाकुर ने बयान जारी कर बताया कि पश्चिम बंगाल असम पांडिचेरी बंपर जीत पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बधाई शुभकामनाएं दिए पश्चिम बंगाल में प्रचंड।

वहां के जमीनी कार्यकर्ताओं कड़ी मेहनत और संघर्ष का परिणाम भाजपा जीत हुई है हजारों राष्ट्रवादी कार्यकर्ता बंगाल में शहीद हुए हैं और आज राष्ट्रवादी विचारधारा पार्टी की जीत को लेकर उन शहीदों को नमन करता हूं बंगाल में हिंदुत्व राष्ट्रवादी विचारधारा के मतदाताओं को भी आभार प्रकट करता हूं राष्ट्र हित में निर्णय लेने के लिए श्री ठाकुर ने

बताया कि अति का अंत होता है ममता बनर्जी की सरकार ने देश विरोधी गतिविधियों वालों के लिए संरक्षक सरकार टीएमसी की आतंक का अंत होगा बांग्लादेशी घुसपैठियों बाहर जाएंगे बंगाल एक सांस्कृतिक धार्मिक एवं आस्था का राज्य है

अब मोदी जी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल सोनार बंगला बनेगा पश्चिम बंगाल एक ऐतिहासिक राज्य है अब रामनवमी पूजा में धूमधाम से और जय श्री राम के नारों से बंगाल गूंज उठेगा

पश्चिम बंगाल में रुझानों में भाजपा को बहुमत, 157 सीटों पर आगे

#westbengalassemblyelectionresultbjpmajority

पश्चिम बंगाल विधानसभा में हुए चुनाव के नतीजों की तस्वीर साफ होने लगी है। शुरुआती रुझान में भारतीय जनता पार्टी को बहुमत मिल गया है। बीजेपी ने 147 का जादुई आंकड़े को छू लिया है। टीएमसी पिछड़ती नजर आ रही है।

सुबह 10 बजे तक के रुझान में भारतीय जनता पार्टी 147, तृणमूल कांग्रेस 107, कांग्रेस 3 सीट पर बढ़त बनाई हुई है। हालांकि चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक सुबह 10 बजकर 9 मिनट तक बीजेपी 38 सीटों पर आगे चल रही है। वहीं टीएमसी 18 सीटों पर आगे चल रही है। इसके अलावा भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्टा 1 सीट पर आगे चल रही है।

बंगाल में बीजेपी में जश्न शुरू

पश्चिम बंगाल में शुरूआती रूझानों के बाद बीजेपी में जश्न मनाया जा रहा है। सुबेंदु अधिकारी ने कहा कि पहले राउंड में वह दो हजार से पीछे थे लेकिन सेकंड राउंड तक हिंदू-मुस्लिम हो गया। मैं आपको पहले दिन से बता रहा हूं कि पश्चिम बंगाल में चुनाव कैसे होता है, सबको पता है। मोयना विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी उम्मीदवार अशोक डिंडा ने कहा कि बंगाल के लोग बेवकूफ नहीं हैं। यह चुनाव निष्पक्ष तरीके से संपन्न हुआ है और इसमें कोई गड़बड़ी नहीं है।

झारमुड़ी बांटे जा रहे

भबानीपुर में जयश्री राम के नारे गूंजने लगे हैं। झारमुड़ी बंटनी शुरू हो गई है। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने मिठाई बांटनी भी शुरू कर दी है। बीजेपी का बंगाल में अपनी जीत का भरोसा हो गया है। सुवेंदु अधिकारी के जयाकारे लग रहे हैं।

यूपी में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल: 38 IAS अधिकारियों का तबादला, 8 जिलों में नए डीएम तैनात

* देवरिया, जौनपुर, मऊ, महाराजगंज समेत कई जिलों में बदले जिलाधिकारी

 • शासन और विकास प्राधिकरणों में भी बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का पुनर्विन्यास

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर तबादले करते हुए 38 आईएएस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव किया है। इस फेरबदल के तहत 8 जिलों में नए जिलाधिकारियों (डीएम) की तैनाती की गई है, जबकि कई अधिकारियों को महत्वपूर्ण विभागों और विकास प्राधिकरणों में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

देवरिया के नए जिलाधिकारी के रूप में मधुसूदन हुलगी की नियुक्ति की गई है, जो पहले विशेष सचिव मुख्यमंत्री और अपर आवास आयुक्त के पद पर तैनात थे। वहीं, सैमुअल पाल एन को जौनपुर का जिलाधिकारी बनाया गया है। मऊ जिले की कमान अब आनंद वर्धन संभालेंगे, जबकि गौरव सिंह सुगरवाल को महाराजगंज का डीएम नियुक्त किया गया है।

संतोष कुमार शर्मा को महाराजगंज से फिरोजाबाद का जिलाधिकारी बनाया गया है। राजेंद्र पेंसिया को संभल से मुरादाबाद भेजा गया है, जबकि अंकित खंडेलवाल को आगरा नगर निगम से संभल का डीएम बनाया गया है। अभिषेक पांडे को प्रतापगढ़ का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक फेरबदल में कई अधिकारियों को शासन स्तर पर भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं। अनुज सिंह को मुरादाबाद के डीएम पद से हटाकर विशेष सचिव मुख्यमंत्री बनाया गया है। अभिनव गोयल को गाजियाबाद के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर गोरखपुर विकास प्राधिकरण का उपाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय जैन को लखनऊ के मुख्य विकास अधिकारी पद से हटाकर नगर आयुक्त, गोरखपुर बनाया गया है। डॉ. अल्का वर्मा को वित्त विभाग में विशेष सचिव के साथ रजिस्ट्रार चिट्स फंड एवं सोसाइटी की अतिरिक्त जिम्मेदारी दी गई है। वहीं, निधि बंसल को निदेशक प्रशासन चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं नियुक्त किया गया है।

डॉ. दिनेश चंद्र को जौनपुर के डीएम पद से हटाकर लोक निर्माण विभाग में विशेष सचिव बनाया गया है, जबकि प्रवीण मिश्रा को मऊ से हटाकर समाज कल्याण विभाग में भेजा गया है। दिव्या मित्तल को देवरिया से हटाकर राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई है।

नेहा जैन को केस्को का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि इंदुमती को महिला कल्याण विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा कई अधिकारियों के विभागों में अदला-बदली करते हुए प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

यह व्यापक तबादला सूची प्रदेश में प्रशासनिक कसावट और बेहतर शासन व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई है, जिससे विभिन्न जिलों और विभागों में कार्यकुशलता बढ़ाने की उम्मीद जताई जा रही है।

पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे आज, बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में मतगणना जारी

#assemblyelection2026_result

देश के चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे आज, सोमवार को घोषित होंगे। पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में किसकी सरकार बनेगी, अब इसका फैसला हो रहा है। कहां-किसकी सरकार बनेगी, आज यह साफ हो जाएगा। जिसके लिए पांचों राज्यों में डाले गे वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। इन परिणाम पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं। ये चुनाव नतीजे ममता बनर्जी, हिमंत बिस्व सरमा, स्टालिन और पी. विजयन जैसे कद्दावर मुख्यमंत्रियों की किस्मत का भी फैसला करेंगे।

बंगाल के रिजल्ट पर देशभर की नजर

आज पांच राज्यों पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुडुचेरी के नतीजे आ रहे हैं। मगर सबसे अधिक नजर देश और दुनिया की बंगाल पर है। राजनीति में दिलचस्पी रखने वाले हर व्यक्ति के जेहन में फिलहाल एक ही सवाल है कि क्या तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सत्ता बरकरार रख पाएगी या फिर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ऐतिहासिक जीत हासिल करके पहली बार राज्य में अपनी सरकार बनाएगी। बंगाल में एग्जिट पोल भाजपा के पक्ष में रहे हैं। अब ऐसे में दिखने वाली बात है कि ये एग्जिट पोल रिजल्ट की भविष्यवाणी सही साबित होती है या नहीं। अगर एग्जिट पोल सही साबित होते हैं तो ममता बनर्जी को झटका लग सकता है।

कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूडीएफ करेगी गेम?

केरल में पिछले दस साल से एलडीएफ की सरकार है। एग्जिट पोल की मानें तो कांग्रेस नीत यूडीएफ इस बार सत्ता में आ सकता है। पिनराई विजयन के नेतृत्व में वाम मोर्चा लगातार तीसरी बार जीतने की कोशिश कर रहा है, जो अब तक कभी नहीं हुआ। लेकिन यहां मुकाबला कड़ा है और कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूडीएफ करीब 72 सीटें जीत सकता है। अगर यूडीएफ अच्छा प्रदर्शन करता है, तो यह कांग्रेस के लिए राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी राहत होगी और यह दिखाएगा कि वह बड़े गठबंधन का नेतृत्व कर सकती है।

तमिलनाडु में क्या स्टालिन करेंगे वापसी?

तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी बस कुछ देर में नतीजे आने पर तस्वीर साफ हो जाएगी। राज्य में विधानसभा चुनाव के दौरान 85.1 फीसदी मतदान हुआ है, जो रिकॉर्ड है। यहां आमतौर पर डीएमके और एआईएडीएमके के बीच सीधा मुकाबला होता है, लेकिन इस बार अभिनेता विजय की पार्टी टीवीके भी मैदान में है। अनुमान बताते हैं कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के नेतृत्व वाला गठबंधन आगे है और उसे 120 से 145 सीटें मिल सकती हैं। वहीं विजय की पार्टी तीसरी ताकत बनकर उभरी है और चेन्नई व मदुरै जैसे शहरों में करीब 30 प्रतिशत वोट पा सकती है। इससे राज्य की पारंपरिक राजनीति बदल सकती है।

असम में क्या एनडीए करेगी कमाल?

वहीं, पूर्वोत्तर के असम में भाजपा के नेतृत्व वाला गठबंधन मजबूत स्थिति में दिख रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के नेतृत्व में एनडीए लगातार तीसरी बार जीत की ओर बढ़ता नजर आ रहा है। एग्जिट पोल के अनुसार एनडीए को 126 में से 85 से 100 सीटें मिल सकती हैं। हालांकि, कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने मिलकर मोर्चा बनाया है, लेकिन उनके सामने भाजपा की मजबूत संगठन क्षमता की चुनौती है।

जहानाबाद में लगा मगही चौपाल, अष्टम अनुसूची में शामिल करने की उठी मांग
जनगणना में “मगही” दर्ज कराने को लेकर लोगों से अपील

जहानाबाद के अरवल मोड़ पर मगही चौपाल का भव्य आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य मगही भाषा को संविधान की अष्टम अनुसूची में शामिल कराने और जनगणना के दौरान मातृभाषा के रूप में “मगही” दर्ज कराने के प्रति जागरूकता फैलाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, बुद्धिजीवी और भाषा प्रेमी शामिल हुए। चौपाल के दौरान वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मगही भाषा मगध की पहचान है और इसे उसका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में सुधाकर राजेंद्र ने कहा कि भाषा हमारी संस्कृति की आत्मा होती है, इसलिए मगही को उसका उचित सम्मान मिलना जरूरी है। वहीं विश्वजीत कुमार अलबेला ने अपनी रचनाओं के माध्यम से लोगों को मगही भाषा के प्रति जागरूक किया। इस अवसर पर सन्नी कुमार कश्यप ने मगध के इतिहास और मगही भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला। साथ ही संजय कुमार, अजय विश्वकर्मा और मगही के गोल्ड मेडलिस्ट कमलेश कुमार सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी वक्ताओं ने लोगों से अपील की कि वे जनगणना के दौरान अपनी मातृभाषा के रूप में मगही को ही दर्ज कराएं, ताकि इस भाषा को उसका उचित अधिकार मिल सके। कार्यक्रम का सफल आयोजन गौतम पाराशर के संयोजन में किया गया। आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में काफी उत्साह देखा गया। चौपाल के अंत में यह संकल्प लिया गया कि मगही भाषा को उसका संवैधानिक अधिकार दिलाने के लिए यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
लहरपुर में नवनिर्मित ब्लड बैंक का उद्घाटन, SDP सुविधा से मरीजों को मिलेगा लाभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के ग्राम पारा संराय स्थित के.पी. सिंह मेमोरियल हॉस्पिटल  में नवनिर्मित ब्लड बैंक का भव्य उद्घाटन सदस्य विधान परिषद पवन सिंह चौहान के द्वारा किया गया। रविवार को कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पवन सिंह चौहान ने फीता काटकर ब्लड बैंक का किया शुभारंभ।इस मौके पर उन्होंने कहा कि आधुनिक सुविधाओं से युक्त यह ब्लड बैंक क्षेत्र के मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगा तथा आपातकालीन परिस्थितियों में समय पर रक्त उपलब्ध कराकर लोगों के जीवन को बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि सदस्य विधान परिषद जासमीर अंसारी के साथ साथ महोली विधायक शशांक त्रिवेदी, लहरपुर सपा विधायक अनिल वर्मा , भाजपा जिलाध्यक्ष  राजेश शुक्ला पूर्व एमएलसी भरत त्रिपाठी, ब्लॉक प्रमुख राजेंद्र राजवंशी, मनोज त्रिवेदी, अखिलेंद्र यादव, मनजीत सिंह, संजय वर्मा, टी.पी. सिंह, आदित्य सिंह आशीष सिंह, अपना दल एस के दिनेश पटेल व ग्राम प्रधान, बीडीसी उपस्थित थे।इस मौके पर संस्था के चेयरमैन डॉ. सुरेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य अतिथि  को बुके एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया।

इस मौके पर उन्होंने कहा कि इस ब्लड बैंक में SDP (Single Donor Platelet) की अत्याधुनिक सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जो गंभीर मरीजों के लिए अत्यंत जीवनरक्षक साबित होगी वहीं यह सुविधा सीतापुर एवं आसपास के जनपदों में कहीं भी उपलब्ध नहीं है उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र का यह पहला ऐसा ब्लड बैंक है जो SDP की सुविधा प्रदान कर रहा है और इस सुविधा के शुरू होने से अब मरीजों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा और उन्हें स्थानीय स्तर पर ही उन्नत रक्त सेवाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
कार्यक्रम को सफल बनाने में अंशुमान सिंह,  ऐश्वर्य प्रताप सिंह, डॉ. अनुप कुमार सरबैया,  शिवपूजन सिंह, समाजसेवी हसीन अंसारी ने सराहनीय सहयोग किया।कार्यक्रम के अंत में उन्होंने सभी अतिथियों एवं सहयोगियों एवं आगुन्तकों का आभार व्यक्त किया गया और लोगों से रक्तदान के प्रति जागरूक होने की अपील की।
थाना छपिया पुलिस द्वारा अन्तर्जनपदीय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़, 05 अदद चोरी की मोटरसाइकिल बरामद, 03 अभियुक्त गिरफ्तार-
*कार्यवाहीः-*       गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा विनीत जायसवाल द्वारा अपराध एवं अपराधियों के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी  अजीत कुमार रजक के पर्यवेक्षण व क्षेत्राधिकारी मनकापुर उदित नारायण पालीवाल के नेतृत्व में थाना छपिया पुलिस टीम द्वारा 03 शातिर चोरों-01. नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, 02. मंगरू चौहान, 03. धनन्जय को नगरा खुर्द तिराहे के पास से चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर उनके कब्जे व निशानदेही से चोरी की 05 अदद मोटरसाईकिलों को बरामद किया गया।

*घटना का संक्षिप्त विवरण-*
आज दिनांक 03.05.2026 को थाना छपिया के उ0नि0 घनश्याम वर्मा मय पुलिस टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर नगरा खुर्द तिराहे के पास घेराबंदी कर 03 शतिर चोरो को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार अभियुक्तों के कब्जे से 03 चोरी की मोटरसाइकिल बरामद हुईं तथा उनकी निशानदेही पर बभनान रेलवे स्टेशन गोदाम के पास छिपाकर रखी गई 02 अन्य चोरी की मोटरसाइकिलों की बरामदगी की गयी।  गिरफ्तार अभियुक्तगणों के विरूद्ध थाना छपिया पुलिस द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर अग्रिम विधिक कार्यवाही करते हुए माननीय न्यायालय रवाना किया गया।

*पूछताँछ का विवरण-*
गिरफ्तार अभियुक्तगणों द्वारा पूछताछ में बताया गया कि वे संगठित गिरोह बनाकर विभिन्न स्थानों (बाजार, स्टेशन, सुनसान जगह) पर खड़ी मोटरसाइकिलों की रेकी कर मास्टर चाबी की मदद से चोरी करते थे। गिरोह में नरेन्द्र बहादुर सिंह उर्फ छोटू, मगरू चौहान, धनंजय, अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी शामिल हैं। बरामद मोटरसाइकिलें अलग-अलग स्थानों (दढ़ीवा मेहनिया, अयोध्या, बभनान क्षेत्र) से चोरी की गई थीं। चोरी के बाद वाहन विशाल चौधरी को लगभग ₹4000/- प्रति मोटरसाइकिल में बेचे जाते थे। अभियुक्त नरेन्द्र के पास से बरामद ₹2100/- पूर्व चोरी की घटना का हिस्सा है। घटना के दिन भी अभियुक्त 03 मोटरसाइकिल बेचने जा रहे थे। यह एक संगठित वाहन चोर गिरोह है, जिसके फरार सदस्य अवनीश गुप्ता व विशाल चौधरी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
अदब की महफिल, शब्दों के आईने में दिखा 'हमारा समाज' और ‘अर्थबोध'

भायंदर। मीरा रोड (पूर्व) स्थित विरंगुला केंद्र में आयोजित एक भव्य समारोह में कवयित्री एवं लेखिका रीता दास राम की दो नई कृतियों—काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' और लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' (वैभव प्रकाशन)—का लोकार्पण संपन्न हुआ। जनवादी लेखक संघ, 'अनभै' पत्रिका और स्वर संगम फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में साहित्य जगत की दिग्गज हस्तियों ने शिरकत की।कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ कवि, आलोचक एवं चिंतक विजय कुमार ने की। उन्होंने लेखिका की रचनात्मक यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि रीता दास की संवेदना का दायरा अत्यंत विस्तृत है। उन्होंने मोहन राकेश के नाटक का संदर्भ देते हुए मार्मिक टिप्पणी की कि एक पुरुष शायद ही कभी स्त्री के मन के उस 'तहखाने' और उसकी पीड़ा को पूरी तरह समझ पाए, जिसे रीता दास ने अपनी कविताओं में अभिव्यक्त किया है।कार्यक्रम का कुशल संचालन कवि रमन मिश्र ने किया, जिनकी प्रस्तुति और विद्वानों के विचारों को सूत्रबद्ध करने की शैली अंत तक श्रोताओं को बांधे रही।काव्य संग्रह 'अर्थबोध के सान्निध्य में' पर बोलते हुए वरिष्ठ कवि हूबनाथ पांडेय ने बताया कि रीता की कविताएं 'देह से उठकर समाज की ओर' बढ़ती हैं और वे एक स्त्री होकर 'मनुष्य की तरह' कविता लिखती हैं। प्रशांत जैन ने शीर्षक की सार्थकता और मुखपृष्ठ की विशिष्टता पर प्रकाश डाला, वहीं संध्या यादव ने कविताओं में मौजूद ज्वलंत सामाजिक चिंताओं को रेखांकित किया। लेख संग्रह 'हमारा समाज और हम' पर अनिल गौड़ की समीक्षा (जिसका पाठ राकेश शर्मा ने किया) के अनुसार, ये लेख समाज की जटिलताओं को परत-दर-परत खोलते हैं। अवधेश राय ने इन लेखों को वर्जनाओं और शोषण के खिलाफ एक 'दस्तावेज़' करार दिया।वरिष्ठ कवि विनोद दास और अनूप सेठी ने कविताओं के सौंदर्य बोध और उसमें छिपे द्वंद्वात्मक रिश्तों की सराहना की। हृदयेश मयंक ने लेखिका की बहुआयामी रचनात्मकता को सराहा, जबकि शैलेश सिंह ने उन्हें अन्याय के विरुद्ध सजगता से खड़ी होने वाली रचनाकार बताया। अभिलाष अवस्थी ने भी लेखिका के रचना-प्रयासों पर अपना दृष्टिकोण साझा किया। समारोह के अंत में राजीव रोहित ने सभी अतिथियों और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विनोद गुप्ता शलभ, मुख्तार खान, दिनेश शाकुल, अजय रोहिल्ला, आभा बोधिसत्व, इरफ़ान ख़ान, श्री भौमिक, अशोक विद्यार्थी, आमना आज़मी, सोनी सिंह, सर्वेश यादव, प्रमोद यादव, अल्ताफ़ खान, विनीता दास, रहमान अब्बास, पुष्पा चौधरी सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी और लेखिका के परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
यह आयोजन न केवल पुस्तकों के लोकार्पण का माध्यम बना, बल्कि स्त्री विमर्श और सामाजिक यथार्थ पर एक गंभीर संवाद का गवाह भी रहा।
5 राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजे कल, कहां किसकी बन रही सरकार?

#vidhansabhachunavresult2026

देश के चार राज्य और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे की तस्वीर 4 मई को साफ होगी। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में हुए विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को सामने आएंगे। ऐसे में पूरा देश ये जानने में उत्सुक है कि इन राज्यों में जनता का आशीर्वाद किस पार्टी को मिलेगा और किसे हार का सामना करना पड़ेगा।

किस राज्य में कितना मतदान

पश्चिम बंगाल में 92.47 फीसदी से ज्यादा मतदान हुआ। पहले चरण में 93.19 फीसदी मतदान हुआ जबकि दूसरे चरण में 91.66 फीसदी वोटिंग हुई।

असम में इस बार 85.89 फीसदी से ज्यादा मतदान

तमिलनाडु में 85 फीसदी से ज्यादा मतदान

केरल में 78.27 फीसदी से ज्यादा मतदान

पुडुचेरी में 89.87 फीसदी वोटिंग

कहां कितनी सीटें, बहुमत का आंकड़ा क्या?

बंगाल- 294, बहुमत का आंकड़ा- 148

असम- 126, बहुमत का आंकड़ा- 64

तमिलनाडु-234, बहुमत का आंकड़ा- 118

केरल- 140, बहुमत का आंकड़ा- 71

पुडुचेरी-30, बहुमत का आंकड़ा- 16

क्या कह रहे एग्जिट पोल के सर्वे

पांच राज्यों के चुनाव में अगर किसी राज्य के चुनावी नतीजों पर सबकी नजरें हैं तो वो है, पश्चिम बंगाल। यहां ममता बनर्जी और बीजेपी के बीच कांटे की टक्कर है। एग्जिट पोल के सर्वे के मुताबिक, बंगाल में भी पहली बार बीजेपी सरकार बनाती दिख रही है। असम में बीजेपी सत्ता की हैट्रिक लगाती नजर आ रही है।इसके अलावा केरल में लेफ्ट का पत्ता साफ होने वाला है। तमिलनाडु में TVK यानी विजय की पार्टी की जीत होती दिख रही है।