झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित

रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।

स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य

श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।

जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू

श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।

डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और

कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।

डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।

विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।

वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान

इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।

झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।

राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)

इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे

पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
आजमगढ़: खेल शिक्षक के पुत्र ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर किया नाम रोशन , बधाई

आजमगढ़ । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में वेदान्त श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नाम रोशन किया है । जिससे परिजनों में खुशी का माहौल है। लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया है। वेदान्त श्रीवास्तव जिले के, के आर डी इण्टर कालेज पाकड़पुर गनवारा का छात्र है। वह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में 600 में 542 अंक 90,33% अंक लाकर नाम रोशन किया है। परिजनों एवं शुभचिंतकों ने माला पहनाकर मिठाई खिलाकर बधाई दी। वेदान्त अहरौला ब्लाक के ग्राम मोलनापुर पोस्ट माहुल का निवासी है। माता पूजा श्रीवास्तव गृहणी और पिता शतीश श्रीवास्तव शिक्षा क्षेत्र तहबरपुुुुर के कंपोजिट विद्यालय गोबिन्दपुर में खेल शिक्षक है। होनहार बेटे के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दादा प्रेम चंद्र श्रीवास्तव दादी श्रीमती मालती चाचा अरुण श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, चाची छाया,मधुलिका श्रीवास्तव, भाई संस्कार, गौशिक, गौरान, वारिध बहन जान्हवी के खुशी का ठिकाना न रहा।
तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

*गोपीगंज पुलिस ने 7 लाख के गहने, मोबाइल बरामद किए: ऑटो में छूटे कीमती सामान को तकनीकी सर्विलांस से खोजा*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से एक महिला के ऑटो में छूटे लगभग 7 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह सामान दीपा पत्नी संजय का था, जो भगवानपुर चौथार, गोपीगंज की निवासी हैं। दीपा ने अपने कीमती सामान खो जाने की सूचना थाने में दी थी। घटना का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने सामान की खोजबीन के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया। अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, गोपीगंज थाना पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। टीम ने तकनीकी सर्विलांस का उपयोग कर मोबाइल फोन का लोकेशन ट्रेस किया। लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने सभी गहने और मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद कर लिए।

बरामद किए गए सामान की पुष्टि के बाद, उसे दीपा को सौंप दिया गया। अपने खोए हुए कीमती गहने और मोबाइल फोन वापस पाकर, दीपा और उनके परिजनों ने भदोही पुलिस की कार्यप्रणाली और ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

झारखंड में मलेरिया के खिलाफ जंग तेज: 10 मुखिया और JSLPS बहनें सम्मानित

रांची:- शनिवार 25 अप्रैल को विश्व मलेरिया दिवस के अवसर पर आईपीएच सभागार में वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले कर्मियों को श्री शशि प्रकाश झा, अभियान निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, झारखंड ने सम्मानित किया । उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ,झारखंड के लोगों के स्वास्थ्य के प्रति गंभीर है । लोग, किसी भी रोग से ग्रसित ना रहें, ये स्वास्थ विभाग का दृढ़संकल्प हैं । एनएचएम झारखंड वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के लिए प्रयासरत हैं । हमने पोलियो से निजात पाई । लोगों में जागरूकता और स्वास्थ्य विभाग और अन्य विभाग के साझा प्रयास से निजात पाने में सफल रहे हैं । इसी तरह हम मलेरिया से भी निजात पा सकेंगे । उन्होंने कहा कि लगातार छिड़काव और मच्छरदानी के प्रयोग से मच्छर के प्रकोप से बच सकते हैं । नालियों को साफ़ रखें ।

स्वास्थ्य विभाग लगातार वेक्टर जनित रोगों के उन्मूलन के क्षेत्र में कर रहा है कार्य

श्री शशि प्रकाश झा ने कहा कि पिछले कई वर्षों से स्वास्थ्य विभाग में लगातार कोई ना कोई दिवस का आयोजन होता है जो स्वास्थ्य से संबंधित होता है। सालभर हमलोग स्वास्थ्य से संबंधित कुल 46 एक्टिविटी करते हैं । इसमें बीमारी से बचाव ,रोकथाम और उन्मूलन पर परिचर्चा करते हैं ।

जागरूकता एवं साझा प्रयास से ही रोगों पर पाया जा सकता है काबू

श्री झा ने कहा कि कम्यूनिकेबल डिजीस और नॉन कम्यूनिकेबल डिजीस के प्रति लोगों को जागरूक होने की जरूरत है । बीमारियों को कम करना है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर को और अधिक प्रभावी बनाना होगा। अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग करनी होगी । लोगों में प्रशिक्षण और जागरूकता से बीमारी से बचाव और बीमारी हो जाने पर बीमारी से कैसे लड़ा जाए इस पर अधिक प्रभावी तरीके से काम कर सकते है। जागरूकता के लिए बीमारी से संबंधित वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को संदेश दे सकते हैं ।

उन्होंने कहा कि समय-समय पर पंचायत स्तर पर भी मुखिया के माध्यम से मलेरिया से बचाव हेतु जागरूकता कार्यक्रम चलाया जाए । टीकाकरण और संस्थागत प्रसव भी शत प्रतिशत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के माध्यम से हो रहा है। राज्य एवं केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से निशुल्क दवाएं और अन्य सुविधाएं उपलब्ध हैं ।

डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा प्रयास है , मलेरिया को कम करना और

कालाजार से राज्य को मुक्त करना। हम सब मिलकर इस पर काम कर रहे हैं।

डॉ दिनेश कुमार, निदेशक स्वास्थ्य ने कहा कि मलेरिया को खत्म करने के लिए प्रचार प्रसार की जरूरत है और लोगो को इसके बारे में जागरुक करना होगा।

विकाश सिंहा,कोर टीम मेंबर, पीरामल ने पीपीटी के माध्यम से मलेरिया के बारे में प्रतिभागियों को जानकारी दी।

वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मान

इस अवसर पर वेक्टर जनित रोग के उन्मूलन के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले को सम्मानित किया गया । जिसमें विभिन्न जिलों के मुखिया , साहेबगंज से किरण सोरेन, काकुली मुखर्जी, धनबाद, अनुज कुमार सिंह ,गढ़वा , शिशिर टोप्पो , सिमडेगा ,बुलबुल कुमारी , रामगढ़ , रवि कुमार दास , हजारीबाग ,सुनीता देवी , लातेहार, जीने लकड़ा ,गुमला ,नैका सोरेन, पाकुड़ ,कृष्णा पाहन,रांची एवं मधु देवी , गिरिडीह को सम्मानित किया गया । साथ ही जेएसएलपीएस की बहनों को भी सम्मानित किया गया जिसमें ब्यूटी भट्टाचार्य , धनबाद ,शकीला खातून , सिमडेगा ,शिखा कुमारी , गुमला , मलोरी देवी ,पाकुड़ एवं संजय कुमार यादव ,लातेहार शामिल हैं।

झारखंड राज्य में वर्ष 2025 में कुल 42,236 मलेरिया के केस मिले। मलेरिया कीट(RDT) से कुल 14,69,564 जांच किया गया। स्लाइड से कुल 55,08,928 मलेरिया जांच किया गया।

राज्य में आठ जिले ऐसे हैं जा है 100 से कम मलेरिया के केस मिले वर्ष 2025 में( बोकारो, चतरा, देवघर, धनबाद, कोडरमा, पलामू, रामगढ़, जामताड़ा)

इस अवसर पर डॉ वीरेंद्र कुमार सिंह,राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी वेक्टर जनित रोग,डॉ लाल माँझी एनसीडी के नोडल पदाधिकारी डॉ विजय रजक , डॉ मुकेश कुमार सहित कई पदाधिकारी उपस्थित थे

पवन खेड़ा के समर्थन में उतरी कांग्रेस, जयराम रमेश बोले- न्याय की जीत होगी
नई दिल्ली। गुवाहाटी हाईकोर्ट द्वारा कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद कांग्रेस महासचिव (संचार) जयराम रमेश उनके समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि पूरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पवन खेड़ा के साथ मजबूती से खड़ी है और हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की प्रक्रिया जारी है।
जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि कांग्रेस को विश्वास है कि धमकी, डराने-धमकाने और उत्पीड़न की राजनीति पर न्याय की जीत होगी।
दरअसल, गुवाहाटी हाईकोर्ट ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। यह मामला असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा द्वारा दर्ज कराए गए आपराधिक प्रकरण से जुड़ा है।
बताया गया कि पवन खेड़ा ने 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में रिंकी भुइयां सरमा पर कई पासपोर्ट रखने और विदेश में संपत्तियां होने का आरोप लगाया था। इसके बाद उनके खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया गया।
इसके बाद 7 अप्रैल को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। 10 अप्रैल को तेलंगाना हाईकोर्ट ने उन्हें एक सप्ताह की अग्रिम जमानत दी थी, लेकिन 15 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने उस फैसले पर रोक लगा दी। बाद में 21 अप्रैल को गुवाहाटी हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रखा था और 24 अप्रैल को उनकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
आजमगढ़: खेल शिक्षक के पुत्र ने हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर किया नाम रोशन , बधाई

आजमगढ़ । उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा में वेदान्त श्रीवास्तव ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर नाम रोशन किया है । जिससे परिजनों में खुशी का माहौल है। लोगों ने मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया है। वेदान्त श्रीवास्तव जिले के, के आर डी इण्टर कालेज पाकड़पुर गनवारा का छात्र है। वह उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित हाईस्कूल बोर्ड परीक्षा 2026 में 600 में 542 अंक 90,33% अंक लाकर नाम रोशन किया है। परिजनों एवं शुभचिंतकों ने माला पहनाकर मिठाई खिलाकर बधाई दी। वेदान्त अहरौला ब्लाक के ग्राम मोलनापुर पोस्ट माहुल का निवासी है। माता पूजा श्रीवास्तव गृहणी और पिता शतीश श्रीवास्तव शिक्षा क्षेत्र तहबरपुुुुर के कंपोजिट विद्यालय गोबिन्दपुर में खेल शिक्षक है। होनहार बेटे के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर दादा प्रेम चंद्र श्रीवास्तव दादी श्रीमती मालती चाचा अरुण श्रीवास्तव, संजय श्रीवास्तव, चाची छाया,मधुलिका श्रीवास्तव, भाई संस्कार, गौशिक, गौरान, वारिध बहन जान्हवी के खुशी का ठिकाना न रहा।
तहसील सदर में भ्रष्टाचार को लेकर अधिवक्ताओं में उबाल, भ्रष्टाचार न रुका तो कड़ा रुख अपनाएंगे,भविष्य की रणनीति पर हुआ विचार विमर्श
फर्रुखाबाद। तहसील सदर में
व्याप्त भ्रष्टाचार के विरुद्ध अधिवक्ताओं में आक्रोश की चिंगारी सुलग रही है। शनिवार को वरिष्ठ अधिवक्ता दया शंकर तिवारी के चैम्बर में वकीलों की अनौपचारिक बैठक में तहसील प्रशासन को कड़ी चेतावनी दी गयी यदि भ्रष्टाचार पर लगाम न लगी तो वकील बेलगाम हो जाएंगे।
बैठक में वादों की सुनवाई न होना, सुनवाई के बाद महीनों आदेश पारित न होना, बाहरी व अनाधिकृत कर्मचारियों की न्यायालयों, कार्यालयों व पटलों पर अनियमिततापूर्वक कार्य करने पर रोष व्यक्त किया गया। अनुराग तिवारी एडवोकेट ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों की मनमानी के चलते वादकारियों को सालों चक्कर लगाने पड़ते हैं। तारीख पर तारीख की परम्परा से वादीकारी व अधिवक्ता हलकान हैं, अब इन अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करना ही होगा। पंकज राजपूत एडवोकेट ने कहा कि नियम विरुद्ध व मनमानी ढंग से आदेश पारित कर दिया जाता है फिर उसमें वर्षों संशोधन नहीं होता, जिससे अधिवक्ता व वादकारी दोनों परेशान होते हैं। उन्होंने कहा काला कोट न्याय की लड़ाई के लिए पहना, लेकिन हम खुद अन्याय और भ्रष्टाचार सह रहे हैं। उन्होंने कहा कि तहसील बार एसोसिएशन निष्क्रिय है, जिसके कारण अधिकारी बेलगाम हैं और भ्रष्टाचार से तहसील कार्यालय की पहचान है, जो बेहद चिन्ता का विषय है।  वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने कहा कि कायमगंज अधिवक्ता संघ द्वारा समर्थन मांगा गया है, उनकी मांगों का जल्द निर्णय लेंगे। इस मौके पर अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी, अनुराग तिवारी, प्रवीन सक्सेना, अजय प्रताप सिंह, भानु प्रताप सिंह, पंकज राजपूत, महेन्द्र प्रताप सिंह, रमेश यादव, रवनेश यादव, मंजेश कटियार, जनार्दन राजपूत, राजीव चौहान, प्रदीप सक्सेना, प्रघुम्न कुमार गुप्ता, प्रकाश द्विवेदी, जितेन्द्र सक्सेना, मुन्ना यादव, गोविन्द अवस्थी, सन्तोष सक्सेना, दिलीप सक्सेना, योगेश दीक्षित (सभी एडवोकेट) सहित अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

इनसेट में
दो अधिवक्ताओं के मिटे मतभेद व मनभेद
फर्रुखाबाद। लम्बे समय से दो पालों में नजर आने वाले अधिवक्ता रवनेश चन्द्र यादव व जनार्दन राजपूत के मतभेद और मनभेद वरिष्ठ अधिवक्ता दयाशंकर तिवारी ने दूर कर दिये। दर्जनों अधिवक्ताओं के बीच दोनों को मिठाई खिलाई गई और दोनों अधिवक्ता गले मिले। इस ‘राम-भरत’ मिलाप कर वकीलों ने तालियां बजाकर स्वागत किया।
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश आरके अग्रवाल ने किया विधि पुस्तकालय का लोकार्पण
जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी विधि संस्थान में शनिवार को ‘एस. पी. गुप्ता स्मृति विधि पुस्तकालय’ का उद्घाटन गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि भारत के सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस आर. के. अग्रवाल ने विधिवत फीता काटकर पुस्तकालय का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आर्यभट्ट सभागार में आयोजित कार्यक्रम में अपने संबोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि विधि शिक्षा के सुदृढ़ीकरण में आधुनिक पुस्तकालयों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।विद्यार्थियों को पुस्तकों के माध्यम से निरंतर अध्ययन करते हुए अपने ज्ञान का पुनरावलोकन और सुधार (रीड एंड रिपेयर) करते रहना चाहिए।उन्होंने कहां की यह केवल पुस्तकालय नहीं है बल्कि विद्यार्थियों के लिए एक मार्गदर्शक की भूमिका निभाएगी।इसके साथ ही उन्होंने स्वर्गीय एसपी गुप्ता के स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि वह एक समर्पित अधिवक्ता रहे।कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. वंदना सिंह ने कहा कि यह पुस्तकालय नहीं बल्कि संस्था के तरफ से विश्वविद्यालय को बहुत बड़ा आशीर्वाद दिया गया है इस ट्रस्ट द्वारा दी गई सामग्रियों को विश्वविद्यालय निरंतर सजो कर रखेगा।
उन्होंने कहा की विधि के विद्यार्थी इन पुस्तकों से अपने ज्ञान का विस्तार करेंगे ऐसी उन्हें पूरी उम्मीद है। उन्होंने न्यास के प्रति आभार व्यक्त करते हुए इसे एक सराहनीय पहल बताया।
इस अवसर पर न्यासी डॉ. अरुणिमा परोलिया ने कहा कि उन्होंने अपने पिता स्व एस पी गुप्ता की विरासत को विश्वविद्यालय को समर्पित किया है जिससे आने वाली पीढ़ी अपने ज्ञान का विस्तार कर पाएंगे। उन्होंने कहा कि पिताजी कहा करते थे कि कानून केवल पेशा नहीं बल्कि यह सम्मान की चीज है।वरिष्ठ अधिवक्ता राहुल अग्रवाल मंचासीन रहे। मुख्य अतिथि को विश्वविद्यालय के तरफ से कुलपति ने अभिनंदन पत्र सौंपा।
कार्यक्रम के अंत में आर्यभट्ट सभागार में स्वागत भाषण संस्थान के निदेशक प्रो विनोद कुमार एवं संचालन डॉ अनुराग मिश्र ने किया। कार्यक्रम में वित्त अधिकारी आत्मधर प्रकाश द्विवेदी, कुलसचिव केशलाल, परीक्षा नियंत्रक डॉ विनोद कुमार सिंह,  प्रो अविनाश, श्याम बहादुर सिंह,कृष्णा पारोलिया, आदित्य पारोलिया, प्रो. अजय प्रताप सिंह, प्रो प्रदीप कुमार, प्रो रजनीश भास्कर, प्रो प्रमोद यादव, प्रो मनोज मिश्र, प्रोफेसर देवराज सिंह, प्रो राज कुमार सोनी, डॉ वनिता सिंह, डॉ प्रियंका सिंह, डॉ राहुल राय, डॉ राजित सोनकर, डॉ दिनेश कुमार, डॉ मंगला प्रसाद यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह, डॉ अंकित कुमार, डॉ प्रमोद कुमार , डॉ शुभम सिंह, डॉ आश्रया दुबे, डॉ विपिन कुमार सिंह, श्री योगेश, रविकेश कुमार मौर्य, श्री प्रकाश यादव, डॉ इंद्रजीत सिंह समेत विश्वविद्यालय के शिक्षक, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। विश्वविद्यालय के दत्तोपंत ठेंगड़ी लॉ इंस्टीट्यूट, जौनपुर स्थित एस.पी. गुप्ता मेमोरियल लॉ लाइब्रेरी को डॉ. अरुणिमा द्वारा विभिन्न शैक्षणिक एवं तकनीकी सामग्री का महत्वपूर्ण दान प्रदान किया गया है। इस दान से पुस्तकालय की सुविधाओं और संसाधनों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे छात्रों और शोधार्थियों को बेहतर अध्ययन वातावरण मिल सकेगा।
दान में लगभग 6000 विधि पुस्तकों के साथ स्टील, लकड़ी और कांच की अलमारियां शामिल हैं। इसके अलावा बाउंड लीगल नोट्स, एक स्मृति कांच डिस्प्ले कैबिनेट भी दिया गया है, जिसमें स्वर्गीय एस.पी. गुप्ता के व्यक्तिगत उपयोग की वस्तुएं—जैसे घड़ी, चश्मा, पेन, पोर्ट्रेट, कोर्ट ड्रेस और एमिटी विश्वविद्यालय से प्राप्त पीएचडी डिग्री—सुरक्षित रखी गई हैं।तकनीकी सुविधाओं के अंतर्गत पुस्तकालय को 10 कंप्यूटर सेट  प्रदान किए गए हैं। साथ ही 10 कंप्यूटर टेबल और 10 कुर्सियां  एवं अन्य उपकरण भी दिए गए हैं।
संस्थान के शिक्षकों एवं विद्यार्थियों में इस उदार योगदान के लिए डॉ. अरुणिमा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के सहयोग से न केवल पुस्तकालय की गुणवत्ता में सुधार होता है, बल्कि विद्यार्थियों को आधुनिक संसाधनों से जुड़ने का अवसर भी मिलता है।
रांची में ‘नारी शक्ति वंदन’ पर गरजीं महिलाएं : इंडी गठबंधन के विरोध में हजारों का आक्रोश मार्च

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ के समर्थन और कांग्रेस, jmm सहित पूरे इंडी गठबंधन के नेताओं के नकारात्मक रवैये के विरोध में आज राजधानी रांची में हजारों महिलाओं द्वारा ‘महिला आक्रोश मार्च के तहत पदयात्रा’ निकाली गई। अन्याय, असुरक्षा और अपमान के खिलाफ यह सिर्फ एक मार्च नहीं, बल्कि बदलाव की हुंकार थी।

मोरहाबादी मैदान से अलबर्ट एक्का चौक तक निकलने वाले “महिला आक्रोश मार्च” में हजारों की संख्या में शामिल होकर महिलाओं ने अपनी एकजुटता का परिचय दिया और अधिकारों की इस मुहिम को मजबूती दी। चिलचिलाती गर्मी भी महिलाओं के उत्साह और आक्रोश को कम नहीं कर पाया। पहले मोराबादी मैदान में राज्य भर से हजारों की संख्या में आई महिलाएं एकत्रित हुईं। मोराबादी में एक विशाल सभा का आयोजन किया गया।

इस आक्रोश मार्च का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने किया। सभा के तत्पश्चात मोराबादी मैदान से अल्बर्ट एक्का चौक तक महिलाओं द्वारा पदयात्रा की गई। मोराबादी मैदान से लेकर मेन रोड तक राजधानी रांची की सड़कें नारी शक्ति के नारों से गूंज उठा। सड़कों पर उमड़ा मातृशक्ति का भारी जनसैलाब साफ बता रहा है कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के लिए सजग, संगठित और मुखर हो चुकी हैं। इस आंच में विपक्षियों का भस्म होना निश्चित है।

इस आंदोलन में शामिल हर महिला की आंखों में आक्रोश साफ झलक रहा था। हाथों में इंडी गठबंधन के खिलाफ लिखी तख्तियां और दिल में दृढ़ संकल्प लिए इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया कि वे अब किसी कीमत पर चुप रहने वाली नहीं हैं। आक्रोश मार्च के माध्यम से अपनी दमदार उपस्थिति दिखाकर महिलाओं ने साफ कर दिया है कि रांची की इस धरती से उठी यह आवाज दूर तलक जाएगी और हर उस सोच को चुनौती देगी जो महिलाओं को अबला समझती हैं।

इस दौरान मोराबादी में सभा को भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं ने संबोधित किया।

देश की राजनीति से साफ हो जाएंगे इंडी गठबंधन वाले : अन्नपूर्णा देवी

महिला अपमान का इंडी गठबंधन को आने वाले चुनाव में मिलेगा करारा जवाब : केंद्रीय मंत्री

केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने मौके पर कहा कि 2014 से ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को लगातार आर्थिक और सामाजिक रूप से समृद्ध करते आ रहे हैं। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ के माध्यम से उन्होंने जागरूकता फैला कर बेटियों को सशक्त किया है। अब बारी महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त करने की थी, इसी के तहत 16, 17, 18 अप्रैल को को संसद में महिला आरक्षण बिल पर विशेष सत्र आहूत था। लेकिन कांग्रेस ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम को पारित होने नहीं दिया।

इस दौरान चर्चा के दौरान विपक्ष की सारी शंकाओं को गृह मंत्री और प्रधानमंत्री ने दूर करने का काम किया। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की मानसिकता महिला विरोधी रही है। विपक्ष ने विधेयक के खिलाफ न केवल मतदान किया बल्कि मेज थपथपाकर जश्न मनाया गया। इस प्रकार नारियों का अपमान करने का काम इंडी गठबंधन के द्वारा किया गया। इनकी मानसिकता लटकाने भटकाने की रही है । यह लोग कभी नहीं चाहते कि किसी साधारण परिवार की महिलाएं लोकसभा विधानसभा का प्रतिनिधित्व करे, ये नहीं चाहते कि महिलाओं को उनका हक मिले, यह कभी नहीं चाहते कि नीति निर्धारण में महिलाएं अपनी भूमिका निभाए।

देश की महिलाओं के साथ इन्होंने धोखा किया है। आने वाले चुनाव में इसका करारा जवाब मिलेगा। महिलाएं अब केवल वोट बैंक नहीं रही, महिलाएं निर्णायक भूमिका निभाना भी बख़ूबी जानती हैं। पीएम ने लखपति दीदी बनाकर महिलाओं को आर्थिक रूप से समृद्ध किया है। हर क्षेत्र में महिलाएं आज परचम लहरा रही हैं। देश स्तर पर इंडी गठबंधन का महिलाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस की हमेशा महिला विरोधी नीति रही है।

फिर एक बार महिलाओं का अपमान महिला आरक्षण बिल को गिराकर किया गया है। इसका खामियाजा इंडी गठबंधन को भुगतना होगा। आने वाले समय में देश की राजनीति से इंडी गठबंधन के लोग साफ हो जाएंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के साथ हमेशा खड़े रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ने महिला आक्रोश यात्रा में भागीदारी निभाने के लिए सभी महिलाओं का आभार जतलाया।

कांग्रेस, jmm सहित पूरा इंडी गठबंधन बहुरुपिया, इनसे सावधान रहने की जरूरत : आदित्य साहू

नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने किया घोर पाप : प्रदेश अध्यक्ष

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि प्रधानमंत्री गरीब परिवार से आते हैं, इसलिए महिलाओं का दर्द उन्हें पता है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम को रोककर कांग्रेस सहित विपक्षियों ने घोर पाप करने का काम किया है। इंडी गठबंधन के नेताओं के घर की महिलाओं के मन में भी इनके इस महिला विरोधी रवैये से गुस्सा है लेकिन उनकी मजबूरी है कि वह कुछ बोल नहीं सकती। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चाहते हैं कि हमारी दीदियाँ भी सांसद बनें, विधायक बनें, लेकिन ये कांग्रेसी इसका विरोध करने का काम करते हैं। कांग्रेस पार्टी केवल सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी की तो झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सिर्फ कल्पना सोरेन की चिंता करते हैं, हमारी बेटियों-बहनों की चिंता ये नहीं करते हैं। पिछले कई दिनों से झारखंड की धरती पर बेटियों-बहनों के साथ अन्याय और अत्याचार हो रहा है। तीन वर्ष की बच्ची को भी लोगों ने दुष्कर्म करने से नहीं छोड़ा है। पुलिस-प्रशासन सिर्फ कोरम पूरा करके मामलों को दबाने का काम करती है। मईया योजना के नाम पर राज्य सरकार ढकोसला कर रही है। उन्होंने महिलाओं से कहा कि कांग्रेसी जब गांव जाकर गुमराह करने का प्रयास करें तो उन्हें खदेड़ने की जरूरत है। 33% आरक्षण मामले में राज्य में कांग्रेसी आज भी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। 33 की जगह 50% आरक्षण पर भी केंद्र सरकार तैयार हो जाती है परंतु इंडी गठबंधन वालों का मकसद होता है कि कभी भी महिलाओं का विकास नहीं हो। यह सिर्फ महिला आरक्षण के नाम पर दिखावा करते हैं। ऐसे ठग़बाजों से सावधान होने की जरूरत है। जब भी चेहरा बदलकर आपके बीच ये बहुरूपिया जाएं तो इन्हें खदेड़ने की जरूरत है। महिला आरक्षण पर कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन का राग केवल दिखावा है, इनका मन कभी साफ नहीं रहा है। केवल ये लोग वोट लेने का काम करते हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने महिलाओं से आह्वान करते हुए कहा कि इन बहुरूपियों को सबक सिखाना जरूरी है। जब भी आपको गुमराह करने जाएं उन्हें भगाने का काम कीजिए। अब इनकी नाटकबाजी पर पूर्ण विराम लगनी चाहिए। कांग्रेस ने महिलाओं के साथ घोर अन्याय किया है। Jmm जो कांग्रेस के समर्थन से यहां सरकार चला रही है उसने भी महिलाओं का विरोध करने का काम किया है। इसलिए झामुमो को भी सबक सिखाने की जरूरत है। यह लोग बहुरूपिया हैं, ठग हैं, जुमलेबाज हैं। भविष्य में जो भी चुनाव हो चाहे वह पंचायत चुनाव या कोई भी चुनाव हो, इन्हें सबक सिखाने की जरूरत है। प्रदेश अध्यक्ष ने सभी से पीएम द्वारा झारखंड के पंचायतों को भेजे गए पैसे से किए जा रहे विकास कार्यों की निगरानी करने का भी आग्रह किया।

इंडी गठबंधन के लोग आधी आबादी के गुस्से में जलकर हो जाएंगे स्वाहा : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने महिलाओं को नीति निर्धारण में उनकी 33 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से तीन दिनों का विशेष सत्र बुलाया था। परंतु अफसोस कि कांग्रेस और झामुमो सहित इंडी गठबंधन ने इस विधेयक पर साथ नहीं दिया और इसके विरोध में वोट कर दिया। पीएम मोदी महिलाओं को जो हक देने वाले थे, महिलाएं उससे वंचित रह गई। देश की भांति झारखंड में भी महिलाओं में विपक्ष के प्रति इसको लेकर भारी आक्रोश है। आज इसी के तहत राजधानी रांची के सड़कों पर महिलाओं दर्द और गुस्सा देखने को मिल रहा है। महिलाओं के इस गुस्से और दर्द को अभी भी इंडी गठबंधन वालों ने नहीं पहचाना और सचेत नहीं हुए तो इंडी गठबंधन के लोग आने वाले समय में आधी आबादी के इसी गुस्से में जलकर स्वाहा हो जाएंगे, वह कहां गायब हो जाएंगे ढूंढने से भी उनका पता नहीं चलेगा। श्री मरांडी ने कहा कि यह लोग घर के महिलाओं को ही सिर्फ महिला समझते हैं। बाकी देश की महिलाओं को समान भागीदारी मिले, इससे इन्हें काफी दर्द होता है। गृह मंत्री ने 50% सीट बढ़ाने की बात कही थी। इससे झारखंड में भी सीटें बढ़ती, स्वाभाविक है कि महिलाओं के लिए भी अधिक आरक्षण मिल पाता। दलित, आदिवासियों, नौजवानों को भी प्रतिनिधित्व मिलता। झारखंड विधानसभा से भी इसके लिए कई बार प्रस्ताव पारित हुआ है। पूर्व सीएम रघुवर दास, अर्जुन मुंडा के कार्यकाल में प्रस्ताव पारित किया गया। Jmm भी कई मौकों पर सीट बढ़ाने की वकालत करती रही है। लेकिन जब सीटों को बढ़ाने का मौका आया तो jmm में भी इसका विरोध किया। आज लोकसभा की सीट भी बढ़ती। इंडी गठबंधन वालों का चेहरा पूरी तरह उजागर हो चुका है। श्री मरांडी ने आधी आबादी की चिंता करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार भी प्रकट किया।

मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने किया है महापाप : संजय सेठ

केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि मातृशक्ति के साथ कांग्रेस सहित इंडी गठबंधन ने महापाप किया है। रांची की सड़कों पर महिलाओं की आज की भीड़ देखकर सभी विपक्षी दलों की चूलें हिलनी तय है। 16 17 अप्रैल की तिथि देश के इतिहास में ऐतिहासिक हो जाती, अगर 33% आरक्षण वाला बिल पास हो गया होता और महिलाओं को उनका अधिकार मिल गया होता। बाबा साहब अंबेडकर ने भी कहा है कि जब तक आधी आबादी को सत्ता में, सरकार में उनकी भागीदारी नहीं मिल जाती तब तक देश का विकास अधूरा ही माना जाएगा। इसी प्रेरणा के कारण प्रधानमंत्री मोदी ने यह विधेयक लाया। परंतु परिवारवादी पार्टियों ने सोचा कि जब देश की असंख्य महिलाओं को आरक्षण मिल जाएगा तो उनके परिवार की महिलाओं का क्या होगा ? इंडी गठबंधन ने मातृशक्ति के साथ धोखेबाजी की है। जब बिल संसद में गिरा तो यह लोग जश्न मना रहे थे। देश की महिलाएं इस अपमान को भूली नहीं हैं, इसका बदला आधी आबादी लेकर ही रहेगी।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित छुटनी महतो ने कहा पिछले 30 वर्षों में कांग्रेस जो काम नहीं कर पाई, हमारे प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसे मात्र दो दिनों में करके दिखाया। हम स्वयं 15, 16 और 17 अप्रैल को संसद भवन गए थे, जहाँ महिला आरक्षण कानून लागू होना था। लेकिन कांग्रेस ने इसे पारित नहीं होने दिया, जिससे मैं अत्यंत दुखी हूँ। हम सभी महिलाएँ अब कभी भी कांग्रेस के पास नहीं जाएँगी।

हम भाजपा के साथ रहेंगे। चाहे हम लोग भूखे क्यों न मर जाएँ, लेकिन हम कांग्रेस का समर्थन नहीं करेंगे। मैं 17 अप्रैल को देखी, भाजपा जो भी सकारात्मक कार्य कर रही है, उसका राहुल गांधी द्वारा विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस चाहे कुछ भी करे, हमारा समर्थन भाजपा के साथ ही रहेगा।

पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित जमुना टुडू ने कहा कि 70 साल से कांग्रेस ने देश पर राज किया लेकिन आज तक महिलाओं के अधिकार के लिए कुछ नहीं किया। पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रयास किया तो कांग्रेस ने इसका विरोध किया। हम महिलाएं राहुल गांधी को बताना चाहते हैं कि आप कुछ भी करिए, हम लोग अधिकार व सम्मान लेकर रहेंगे। हमें अधिकार छिनना आता है।

कोडरमा की विधायक नीरा यादव ने कहा कि नारी शक्ति भीख मांगकर नहीं बल्कि छीनकर हक लेना जानती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मातृशक्ति के लिए जो उल्लेखनीय कार्य किया है, वह सराहनीय है। झामुमो नीम है तो कांग्रेस करेला, इनके बहकावे में नहीं आना है। नारी शक्ति के बिना देश आगे नहीं बढ़ सकता है। नारी शक्ति के साथ विपक्ष ने जो राजनीतिक सुलूक किया है, नारी शक्ति समय पर अपने अपमान का बदला लेना जानती है।

रांची की महापौर रोशनी खलखो ने कहा कि आज विपक्ष के कारण आधी आबादी रोड पर उतरने को मजबूर है। विपक्ष के लोग सिर्फ छलना और ठगना जानते हैं। जब महिलाओं को राजनीतिक सम्मान मिलने की बारी आई तो विपक्ष ने महिलाओं के साथ ठगने और छल करने का काम किया है। नारी अबला नहीं, सबला है। नारियों को इंडी गठबंधन वालों ने केवल वोट बैंक समझा है। इंडी गठबंधन वाले नारियों को कमजोर समझने की भूल कर बैठे हैं। अब गुहार नहीं, उलगुलान होगा।

इस दौरान कार्यक्रम का संचालन पूर्व सांसद गीता कोड़ा और सीमा सिंह ने किया। जबकि कार्यक्रम में संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, अर्जुन मुंडा, चंपई सोरेन, मधु कोड़ा, विधायक पूर्णिमा साहू, मंजू देवी, राज्यसभा सांसद दीपक प्रकाश, पलामू की महापौर अरुणा शंकर, सुनीता सिंह, सीमा शर्मा, मीरा मुंडा, मीरा प्रवीण सिंह, आरती सिंह, आरती कुजूर, रश्मि सिंह, शोभा यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, आभा महतो, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, डॉ. प्रदीप वर्मा, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा एवं अमर कुमार बाउरी, प्रदेश मंत्री दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, लवली गुप्ता, मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल, रांची विधायक सीपी सिंह, दीपक बंका, हेमंत दास, संजीव विजयवर्गीय, योगेंद्र प्रताप सिंह, सूरज गुप्ता (चौरसिया), अशोक बड़ाइक, वरुण साहू, संदीप वर्मा, रमेश सिंह, संजय जायसवाल, ललित ओझा, सत्यनारायण सिंह, राकेश भास्कर, राजेंद्र मुंडा, इंद्रजीत यादव आदि सहित हजारों की संख्या में महिलाएं उपस्थित थी।

*गोपीगंज पुलिस ने 7 लाख के गहने, मोबाइल बरामद किए: ऑटो में छूटे कीमती सामान को तकनीकी सर्विलांस से खोजा*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही के गोपीगंज थाना पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से एक महिला के ऑटो में छूटे लगभग 7 लाख रुपये के सोने-चांदी के गहने और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह सामान दीपा पत्नी संजय का था, जो भगवानपुर चौथार, गोपीगंज की निवासी हैं। दीपा ने अपने कीमती सामान खो जाने की सूचना थाने में दी थी। घटना का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी ने सामान की खोजबीन के लिए एक टीम गठित करने का निर्देश दिया। अपर पुलिस अधीक्षक भदोही शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, गोपीगंज थाना पुलिस टीम ने तुरंत कार्रवाई की। टीम ने तकनीकी सर्विलांस का उपयोग कर मोबाइल फोन का लोकेशन ट्रेस किया। लोकेशन के आधार पर घेराबंदी कर पुलिस ने सभी गहने और मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद कर लिए।

बरामद किए गए सामान की पुष्टि के बाद, उसे दीपा को सौंप दिया गया। अपने खोए हुए कीमती गहने और मोबाइल फोन वापस पाकर, दीपा और उनके परिजनों ने भदोही पुलिस की कार्यप्रणाली और ईमानदारी की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया।

आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।