सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज की टीम ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में किया जागरूक

लालगंज, मीरजापुर । स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के खजुरी गांव में शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज की टीम ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया। शिविर में लगाकर इस अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों को पहचान कर निःशुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार टी बी की पहचान और समय से उपचार सुनिश्चित करने के लिए १०० दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आज विकास खण्ड लालगंज के खजुरी गांव में स्वास्थ्य विभाग लालगंज ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक करते हुए  शिविर लगाकर इस  अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों को पहचान कर निः शुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है।  सभी लोगों को लक्षण और उपचार और सरकारी  लाभ के बारे में जानकारी दी गई। आशा रीता  देवी और ग्राम प्रधान रहीश अहमद के सहयोग से गांव के लोगों को प्रेरित कर कुल 85 मरीजों का एक्स रे किया गया । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि टी बी एक संक्रामक बीमारी है लेकिन नियमित दवा और समय पर उपचार से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। शिविर में शमीम अहमद वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक, सुजीत कुमार मिश्रा एक्स रे टेक्निशन, अजीत कुमार सिंह, आशा रीता देवी, बृजेश बिंद, बाबूलाल  आदि लोग मौजूद रहे।
ब्रेकर से उछलकर डिवाइडर से भिड़ी बाइक पर सवार दो युवक घायल
मिर्जापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के रीवा मिर्ज़ापुर हाईवे पर स्थित दुर्जनीपुर ओवर ब्रिज के नीचे सर्विस रोड पर बृहस्पतिवार की रात दस बजे ब्रेकर पर बाइक उछलने के बाद डिवाइडर से टकराकर बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची सरकारी एंबुलेस से दोनों घायल युवकों को सीएचसी लालगंज ले जाया गया। लालगंज थाना क्षेत्र के तुलसी गांव निवासी रितेश पटेल (25) लहंगपुर निवासी आयुष मौर्य (23) के साथ बाइक से कहीं निमंत्रण में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उसी दौरान रात दस बजे दुर्जनीपुर के पास ब्रेकर पर उछलकर बाइक डिवाइडर से टकरा गई। जिससे दोनों युवक घायल हो गए। एंबुलेंस के ईएमटी दीपक कुमार यादव ने बताया कि रितेश पटेल गंभीर रूप से घायल थे, आयुष को सामान्य चोट लगी थी। रितेश के चाचा विजय पटेल ने बताया कि गंभीर चोट के चलते चिकित्सक द्वारा  उनके भतीजे को मंडलीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया।
मलिहाबाद ज्ञापन देने जा रहे प्रदर्शनकारियों को हरदोई पुलिस ने रोका; अतरौली सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात--सुनील अर्कवंशी राष्ट्रीय प्रवक्ता

रितेश मिश्रा
हरदोई/अतरौली: मलिहाबाद में ज्ञापन देने की घोषणा के बाद आज हरदोई और लखनऊ की सीमाओं पर भारी गहमागहमी का माहौल रहा। लखनऊ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर हरदोई पुलिस ने कड़ा पहरा बिठा दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

अतरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है।
भारी पुलिस बल: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जो किसी भी वाहन या समूह को आगे बढ़ने से रोक रहा है।
जबरदस्ती का आरोप: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बल प्रयोग कर उन्हें वापस भेज रही है। मलिहाबाद जाने की कोशिश कर रहे लोगों को अतरौली पुलिस द्वारा रोक दिया गया है।
अधिकारियों की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
सबसे ज्यादा असमंजस की स्थिति तब पैदा हुई जब मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने इस 'अघोषित पाबंदी' का कारण बताने से इनकार कर दिया। किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कार्रवाई किस धारा या आदेश के तहत की जा रही है।
"हमें आगे जाने से रोका जा रहा है, लेकिन कोई यह नहीं बता रहा कि क्यों? हम शांतिपूर्ण ढंग से अपना ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें अतरौली में ही बंधक जैसी स्थिति में डाल दिया है।" — एक प्रदर्शनकारी
यातायात प्रभावित
इस घेराबंदी के कारण न केवल ज्ञापन देने जा रहे लोग, बल्कि आम राहगीर भी घंटों जाम और चेकिंग में फंसे रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी को देखते हुए इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतज़ार है ताकि इस प्रतिबंध की सही वजह सामने आ सके।
इस मौके पर हमारे साथ श्री रामसुचित्र अर्कवंशी, पंकज अर्कवंशी,संजय अर्कवंशी, अशोक अर्कवंशी, संदीप अर्कवंशी, शोभित अर्कवंशी,भारी संख्या में लोग मौजूद है
व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है - राजन जी महराज
*जिस मनुष्य को मौन होने का ढंग आ गया, उसके शत्रु स्वत: समाप्त हो जाएंगे

गोंडा।जिले के कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी संगीतमय वर्णन किया।कथा के दौरान उन्होंने राजा जी खजनवा दे दा,रानी जी गहनवा दे दा...जैसे सोहर प्रस्तुत किए जिससे श्रद्धालु झूम उठे।राजन जी महराज ने लोगों से आत्मचिंतन का आहवान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि उसके जाने के बाद किसी घर अथवा समाज का वातावरण कैसा होता है।महराज जी ने कहा कि बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन संपत्ति हो,बल्कि बड़ा वह है जिसके आने से घर में दीपावली जैसा आनंद छा जाये।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है‌।व्यक्ति नश्वर है परन्तु उसका व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का वातावरण बन गया था और पूरी नगरी आनंद और पवित्रता से भर उठी थी।नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाते हुए महराज जी ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को आनंदस्वरुप, भरत को प्रेम की मूर्ति, लक्ष्मण को सेवा का प्रतीक और शत्रुध्न को मौन का स्वरूप बताया था।उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद वह है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,उसे केवल अनुभव किया जा सकता है।राजन जी महराज ने कहा कि भगवान का भजन करना कठिन नहीं है।यदि मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले,मन की चंचलता पर नियंत्रण कर ले और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए,वही सच्चा भक्त है।उन्होंने कहा कि जब यन,कर्म और वचन से चतुराई समाप्त हो जाती है तो जीवन सरल हो जाता है और भगवान की प्राप्ती का मार्ग प्रशस्त होता है।महराज जी ने विद्यालयों में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार और विवेक की भी शिक्षा देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और सत्संग का अवसर भी उसी को मिलता है,जिस पर भगवान की विशेष कृपा होती है।कथा के दौरान महराज जी ने ऋषि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन,राजा दशरथ द्वारा उनके आतिथ्य सत्कार,श्रीराम के चूड़ाकर्म,नामकरण और यज्ञोपवीत संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया,जिसे सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रावस्ती दद्दन मिश्रा,अकबाल बहादुर तिवारी,भवानी भीख शुक्ला,राकेश पांडेय, राजेश तिवारी,मसूद आलम खां,रामभजन चौबे,महेश नारायण तिवारी, अंकित शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।आयोजन समिति के अनुसार कथा में प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
सेवा और करूणा का पर्याय है रेडक्रॉस, साई कॉलेज में मना विश्व रेडक्रॉस दिवस

अम्बिकापुर- सेवा का प्रतिफल हमेशा कल्याणकारी होता है। रेडक्रॉस सेवा और करूणा का पर्याय है। यह बातें श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में रेडक्रॉस दिवस के उपलक्ष्य पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कही। उन्होंंने सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में सहयोग और समर्पण के महत्व को अवगत कराते हुए कहा कि पेनसिलीन का आविष्कार की कहानी से अवगत कराया। सर अलेक्जेंडर फ्लेमिंग ने १९२८ में लंदन के सेंट मैरी अस्पताल में अथक परिश्रम से किया था। यह दुनिया की पहली एंटीबायोटिक दवा है, जिसकी खोज एक फंगस (पेनिसिलियम नोटेटम) से अचानक हुई जब उन्होंने देखा कि फंगस ने बैक्टीरिया के विकास को रोक दिया। डॉ. श्रीवास्तव ने यूथ रेडक्रॉस के विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि इंटरनेशनल रेड क्रॉस सोसाइटी की स्थापना १७ फरवरी १८६३ को स्विट्जरलैंड के जेनेवा में हेनरी ड्यूनेंट द्वारा की गई थी। ८ मई को विश्व रेडक्रॉस दिवस मनाया जाता है।

इस अवसर यूथ रेडक्रॉस प्रभारी डॉ. एलपी गुप्ता ने सभी कार्यकर्ताओं को कर्तव्य एवं दायित्व के प्रति प्रेरित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम प्रभारी देवेन्द्र दास सोनवानी ने किया। इस अवसर पर स्वीप नोडल अधिकारी डॉ. अजय कुमार तिवारी, सहायक प्राध्यापक सोनाली गोस्वामी तथा चांदनी व्यापारी उपस्थित रहीं।

महाराणा प्रताप जयंती को लेकर बैठक सम्पन्न

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज । यमुनापार के मझियारी गाँव में आयोजक अजित प्रताप सिंह ने बताया कि हुई बैठक सम्पन्न। बैठक में आगामी 9 मई को वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर आयोजित होने वाली समाजिक कार्ययोजना पर विचार विमर्श किया गया। बैठक में यह निणय लिया गया कि महाराणा प्रताप कि जयंती मझियारी गाँव में मनाया जाएगा ।बैठक में क्षत्रिय एकता के सलाहकार आशीष चौहान, हषित सिंह युवा मोर्चा, मोहित सिंह परिहार, विनय सिंह आदि मौजूद रहे।
विश्व रेड क्रॉस दिवस पर सुल्तानपुर में निःशुल्क चिकित्सा शिविर का भव्य आयोजन

सुलतानपुर। विश्व रेड क्रॉस दिवस के पावन अवसर पर पर्यावरण पार्क, सुलतानपुर में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी द्वारा निःशुल्क चिकित्सा एवं स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भव्य एवं सफल आयोजन किया गया। मानव सेवा, स्वास्थ्य जागरूकता एवं समाज कल्याण की भावना से प्रेरित इस शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया।

कार्यक्रम के संयोजक एवं रेड क्रॉस सोसाइटी के उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव ने शिविर में आए मरीजों को चिकित्सीय परामर्श प्रदान करते हुए स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि रेड क्रॉस सदैव मानवता की सेवा के लिए समर्पित संस्था रही है तथा समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना इसका मुख्य उद्देश्य है।

इस अवसर पर इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी जनपद सुल्तानपुर के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा ने डॉ. राजीव श्रीवास्तव को रेड क्रॉस प्रतीक चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी में निरंतर महत्वपूर्ण योगदान दिया जाता रहा है, जो संस्था के लिए प्रेरणादायक है।

कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी, सुलतानपुर के सचिव श्री जय प्रकाश शुक्ल, वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. संजय खत्री, डॉ. चन्द्र भान सिंह, महिला विंग सचिव दीपिका सिंह सहित अनेक गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता निभाई। प्रमुख रूप से नवीन शुक्ला, त्रिभुवन नाथ तिवारी, शिवकुमार, सूर्यांश श्रीवास्तव, मोहित शर्मा, विजेंद्र त्रिपाठी, मनोज कुमार एवं अवधेश मिश्रा उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के चेयरमैन डॉ. डी. एस. मिश्रा एवं उपाध्यक्ष डॉ. राजीव श्रीवास्तव द्वारा सक्रिय रूप से कार्य करने वाले स्वयंसेवकों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

शिविर में लगभग 200 लोगों का ब्लड प्रेशर एवं ब्लड शुगर परीक्षण किया गया। साथ ही चिकित्सकों द्वारा आवश्यक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श, रोगों से बचाव के उपाय एवं नियमित स्वास्थ्य परीक्षण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने रेड क्रॉस सोसाइटी के इस मानवीय प्रयास की सराहना करते हुए इसे समाजहित में अत्यंत उपयोगी पहल बताया। सेवा, समर्पण एवं मानवता के संदेश से ओतप्रोत यह आयोजन रेड क्रॉस के मूल सिद्धांतों को साकार करने वाला सिद्ध हुआ।
भाजपा कार्यकर्ताओं के 'लहू' से सींचा गया है बंगाल का कमल : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष सह पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी की जीत को चुनाव आयोग की मेहरबानी बतलाने वाले दलों को अपनी तथ्यपरक उदाहरणों के साथ आईना दिखाने का काम किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के एक्स पर लिखा है कि चुनाव आयोग की मेहरबानी से नहीं, बल्कि हमारे कार्यकर्ताओं के 'लहू' से बंगाल का कमल सींचा गया है।

श्री मरांडी ने कहा कि कुछ लोग आज भी इस मुगालते में जी रहे हैं कि बंगाल में भाजपा की सत्ता चुनाव आयोग का 'गिफ्ट' है। जिन्हें लगता है कि EVM की मशीनें, केंद्रीय बल या दिल्ली का दखल भाजपा को सत्ता की दहलीज तक लाया है, वे शायद बंगाल की तासीर से वाकिफ नहीं हैं। सुन लीजिये! बंगाल में कमल बैलेट बॉक्स से पहले कार्यकर्ताओं के खून से खिला है।

श्री मरांडी ने अपने पोस्ट में कुल चार पार्ट में "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने, चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी, 15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर एवं यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है!" पर क्रमवार शीर्षक देकर पार्टी के उतार चढ़ाव वाले सियासी सफरनामे, भाजपा कार्यकर्ताओं की शहादत, सत्तारूढ़ दल वामपंथियों और तृणमूल कांग्रेस के जुल्म को विस्तार से व्याख्या की है।

श्री मरांडी ने "लाशों का अंबार और जलते हुए आशियाने" वाले पहले शीर्षक में लिखा है कि 2011 से 2025 तक का सफर कोई राजनीतिक यात्रा नहीं, बल्कि एक महायज्ञ था जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं ने अपने प्राणों की आहुति दी है। यहाँ लोकतंत्र की बात करने वालों को पेड़ों से लटकाया गया। किसी को बम से उड़ाया गया, तो किसी का शव क्षत-विक्षत हालत में तालाबों में मिला। नंदीग्राम से बीरभूम और कूचबिहार से बशीरहाट तक—सिर्फ भाजपा को वोट देने के अपराध में पूरे-पूरे गाँव खाक कर दिए गए। उन्होंने अतीत के पन्नों को पलटने की सलाह देते हुए कहा कि वह मंजर याद कीजिए, जब महिलाओं की अस्मत को राजनीतिक हथियार बनाया गया ताकि दहशत पैदा की जा सके। यह सत्ता किसी थाली में परोसकर नहीं मिली, इसके पीछे हाई कोर्ट की फटकार और CBI जांचों के वो पन्ने हैं जो TMC के 'खूनी खेल' की गवाही देते हैं।

श्री मरांडी ने अपने दूसरे शीर्षक "चट्टान जैसा मनोबल: मौत भी जिसे डरा न सकी" में लिखा है कि सोचिए! जिस बूथ अध्यक्ष की लाश सुबह पेड़ पर लटकी मिलती है, दोपहर को उसका बेटा कलेजे पर पत्थर रखकर उसी बूथ पर पोलिंग एजेंट बनकर खड़ा हो जाता है— यह हिम्मत EVM से नहीं, स्वाभिमान से आती है। जिस माँ का घर जला दिया गया, वह अगले दिन फिर हाथ में भगवा झंडा थामे गलियों में ललकारती है— यह हौसला चुनाव आयोग नहीं देता। वामपंथियों के 34 साल के दमन, तानाशाही और दीदी के 15 साल के खौफनाक, रक्तरंजित दहशतगर्दों की राजनीति को भाजपा के कार्यकर्ताओं ने अपनी छाती पर झेला है। फर्जी मुकदमे, जेल की सलाखें और सामाजिक बहिष्कार भी उनके कदम को नहीं डगमगा सके।

श्री मरांडी ने तीसरे शीर्षक "15 साल की तपस्या: शून्य से शिखर तक का रक्तरंजित सफर" में लिखा है कि यह ग्राफ किसी आंकड़ों का खेल नहीं, यह उन माँओं के आँसुओं का हिसाब है। 2011 में सिर्फ 1 विधायक जीतने पर मजाक उड़ाया गया। 2016 में 3 विधायक जीते, यह संघर्ष की शुरुआत थी। 2019 में 18 सांसद जीते, ममता के गढ़ में सेंध लग चुकी थी। 2021 में 77 विधायक जीतकर पार्टी मुख्य विपक्ष की ताकत बनी।

2024 में 12 सीटें मिली, भयंकर दमन के बावजूद टिके रहे। आज 2026 में पूर्ण बहुमत की प्रचंड विजय। यह जीत उन बेटों के नाम है जिनकी 'तेरहवीं' पर उनकी माताओं ने विलाप नहीं किया, बल्कि कसम खाई थी कि जब तक सत्ता परिवर्तन नहीं होगा, लड़ाई जारी रहेगी। यह उन रिलीफ कैंपों में सड़ रहे परिवारों के सब्र की जीत है।

अपने चौथे शीर्षक यह 'गिफ्ट' नहीं, शहीदों का बलिदान है! में श्री मरांडी ने लिखा है कि जो लोग आज इसे "चुनाव आयोग की सेटिंग" कहते हैं, वे एक बार उन गुमनाम कब्रों और श्मशानों में जाकर देखें जहाँ भाजपा का झंडा ओढ़े हमारे भाई सो रहे हैं। उन जले हुए घरों की राख को हाथ लगाकर देखें, जहाँ आज भी चीखें सुनाई देती हैं। बंगाल में सत्ता किसी मशीन ने नहीं दी है। यहाँ हर एक वोट के पीछे एक शहादत छिपी है। 15 साल तक खून-पसीना बहाने के बाद, अपनों की लाशें ढोने के बाद और हर जुल्म सहने के बाद आज बंगाल की गलियों से यह हुंकार निकली है। इसे 'मेहरबानी' कहना उन शहीदों का अपमान है जिन्होंने लोकतंत्र को ज़िंदा रखने के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। यह बंगाल के आत्मसम्मान की जीत है, यह कार्यकर्ताओं के 'बलिदान' की जीत है!

तमिलनाडु में विजय बनाएंगे सरकार, आज शाम फिर राज्यपाल से करेंगे मुलाकात, मिल गया बहुमत का आंकड़ा

#vijaywilformgovernmentintamilnadu

तमिलनाडु की राजनीति में आज का दिन बेहद निर्णायक साबित होने वाला है। खबर है कि तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) प्रमुख विजय आज शाम राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ आर्लेकर से मुलाकात करेंगे। यह मुलाकात सरकार के गठन को लेकर जारी गतिरोध को सुलझाने और बहुमत साबित करने के लिए होगी।

सीपीआई, सीपीएम और वीसीके का मिला समर्थन

अभिनेता से नेता बने थलपति विजय की पार्टी टीवीके को सरकार गठन के लिए अहम समर्थन मिल गया है। कांग्रेस के समर्थक के बाद अब CPI, CPM और VCK जैसे दलों ने भी उन्हें समर्थन देने का फैसला किया है। इसमें कांग्रेस की पांच और वीसीके, सीपीएम और सीपीआई की दो-दो सीटें शामिल हैं। इन दलों के समर्थन से विजय ने बहुमत के लिए 118 सीटों के जादुई आंकड़े को छू लिया है। इससे राज्य में नई सरकार बनने का रास्ता लगभग साफ माना जा रहा है।

सरकार गठन का दावा करेंगे पेश

234 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े के करीब पहुंच चुके टीवीके गठबंधन ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। विपक्षी दलों के समर्थन के बाद विजय पहली बार सत्ता के बेहद करीब पहुंच गए हैं और जल्द सरकार गठन का दावा पेश कर सकते हैं।

राज्यपाल आर्लेकर ने दो बार लौटाया

राज्यपाल आरवी आर्लेकर के साथ विजय की ये तीसरी मुलाकात होगी। इससे पहले दोनों की मुलाकात बुधवार और गुरुवार को भी हुई थी। दोनों बार आर्लेकर ने विजय के सरकार बनाने के दावे को खारिज करते हुए तर्क दिया कि टीवीके नेता को सदन में बहुमत के लिए जरूरी समर्थन प्राप्त नहीं है। राज्यपाल ने उन्हें 10 मई तक का समय दिया था। बहुतम मिलने के बाद अब जल्द ही वो राज्यपाल से मुलाकात करेंगे।

मजबूत बूथ ही दिलाएगा मिशन- 2027 में प्रचंड जीत : विजय रघुवंशी
*धम्मौर समेत 26 मण्डलों में बूथ लेवल तक संगठन मजबूती व की-वोटर्स संपर्क पर जोर*

*संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन*

सुलतानपुर।भाजपा ने मिशन-2027 की तैयारियों को तेज करते हुए 26 मण्डलों में बैठक कर बूथ स्तर तक संगठन को धार देने का अभियान शुरू कर दिया है। इसी क्रम में इसौली विधानसभा के धम्मौर मण्डल की मासिक एवं कामकाजी बैठक ग्राम पिकौरा स्थित एक निजी विद्यालय परिसर में मण्डल अध्यक्ष राम जतन यादव की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई।बैठक में मुख्य अतिथि भाजपा जिला मीडिया प्रमुख एवं मण्डल प्रभारी विजय रघुवंशी ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा की ताकत उसका बूथ स्तर तक सक्रिय संगठन और समर्पित कार्यकर्ता हैं।उन्होंने कहा कि मिशन- 2027 में प्रचंड विजय का रास्ता बूथ से होकर गुजरता है।इसलिए प्रत्येक कार्यकर्ता को बूथों पर जनसंपर्क,संवाद और संगठन विस्तार के अभियान में पूरी ताकत से जुटना होगा।उन्होंने कार्यकर्ताओं से केन्द्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं,विकास कार्यों को घर-घर तक पहुंचाने का आह्वान किया।बैठक में प्रत्येक बूथ पर की-वोटर्स एवं प्रभावशाली लोगों की सूची तैयार करने, व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सतत संपर्क बनाए रखने,नियमित बैठकें आयोजित करने तथा सरल एप पर कार्यवाही अपलोड करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही संगठन को आत्मनिर्भर,मजबूत और सक्रिय बनाने की रणनीति पर मंथन किया गया।बैठक का संचालन मण्डल महामंत्री गणेश शंकर पाण्डेय ने किया।इस अवसर पर पूर्व जिला मंत्री महेश सिंह, पूर्व मण्डल अध्यक्ष नन्दलाल पाल, राम प्रकाश वर्मा, हेमंत तिवारी, राहुल सिंह, कृष्ण कुमार उपाध्याय, राम कुमार मौर्य, संजीव तिवारी, मण्डल मीडिया प्रभारी जेपी मिश्रा सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।इसी क्रम में लोहरामऊ मण्डल में जिला महामंत्री विजय त्रिपाठी, मोतिगरपुर मनोज मौर्य, कुड़वार में जिला कोषाध्यक्ष पूजा कसौधन, अयोध्या प्रसाद वर्मा नगर मण्डल, रामेन्द्र प्रताप सिंह करौंदीकला,राजेश सिंह गोसैसिंहपुर, आशीष सिंह रानू पीपरगांव, मनोज श्रीवास्तव लंभुआ  मण्डल बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज की टीम ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में किया जागरूक

लालगंज, मीरजापुर । स्थानीय विकासखंड क्षेत्र के खजुरी गांव में शुक्रवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज की टीम ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक किया। शिविर में लगाकर इस अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों को पहचान कर निःशुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार टी बी की पहचान और समय से उपचार सुनिश्चित करने के लिए १०० दिवसीय सघन टीबी रोगी खोजी अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत आज विकास खण्ड लालगंज के खजुरी गांव में स्वास्थ्य विभाग लालगंज ने चौपाल लगाकर लोगों को क्षय रोग के बारे में जागरूक करते हुए  शिविर लगाकर इस  अभियान में हाई रिस्क गांवों में हैंड हेल्ड एक्स रे मशीन से स्क्रीनिंग कर मरीजों को पहचान कर निः शुल्क इलाज से जोड़ा जा रहा है।  सभी लोगों को लक्षण और उपचार और सरकारी  लाभ के बारे में जानकारी दी गई। आशा रीता  देवी और ग्राम प्रधान रहीश अहमद के सहयोग से गांव के लोगों को प्रेरित कर कुल 85 मरीजों का एक्स रे किया गया । सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह ने कहा कि टी बी एक संक्रामक बीमारी है लेकिन नियमित दवा और समय पर उपचार से पूरी तरह ठीक किया जा सकता है। शिविर में शमीम अहमद वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक, सुजीत कुमार मिश्रा एक्स रे टेक्निशन, अजीत कुमार सिंह, आशा रीता देवी, बृजेश बिंद, बाबूलाल  आदि लोग मौजूद रहे।
ब्रेकर से उछलकर डिवाइडर से भिड़ी बाइक पर सवार दो युवक घायल
मिर्जापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के रीवा मिर्ज़ापुर हाईवे पर स्थित दुर्जनीपुर ओवर ब्रिज के नीचे सर्विस रोड पर बृहस्पतिवार की रात दस बजे ब्रेकर पर बाइक उछलने के बाद डिवाइडर से टकराकर बाइक पर सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची सरकारी एंबुलेस से दोनों घायल युवकों को सीएचसी लालगंज ले जाया गया। लालगंज थाना क्षेत्र के तुलसी गांव निवासी रितेश पटेल (25) लहंगपुर निवासी आयुष मौर्य (23) के साथ बाइक से कहीं निमंत्रण में शामिल होने के लिए जा रहे थे। उसी दौरान रात दस बजे दुर्जनीपुर के पास ब्रेकर पर उछलकर बाइक डिवाइडर से टकरा गई। जिससे दोनों युवक घायल हो गए। एंबुलेंस के ईएमटी दीपक कुमार यादव ने बताया कि रितेश पटेल गंभीर रूप से घायल थे, आयुष को सामान्य चोट लगी थी। रितेश के चाचा विजय पटेल ने बताया कि गंभीर चोट के चलते चिकित्सक द्वारा  उनके भतीजे को मंडलीय चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया गया।
मलिहाबाद ज्ञापन देने जा रहे प्रदर्शनकारियों को हरदोई पुलिस ने रोका; अतरौली सीमा पर भारी पुलिस बल तैनात--सुनील अर्कवंशी राष्ट्रीय प्रवक्ता

रितेश मिश्रा
हरदोई/अतरौली: मलिहाबाद में ज्ञापन देने की घोषणा के बाद आज हरदोई और लखनऊ की सीमाओं पर भारी गहमागहमी का माहौल रहा। लखनऊ जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर हरदोई पुलिस ने कड़ा पहरा बिठा दिया है, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

अतरौली थाना क्षेत्र के अंतर्गत लखनऊ की ओर जाने वाले सभी रास्तों को पुलिस ने पूरी तरह से सील कर दिया है।
भारी पुलिस बल: स्थानीय सूत्रों के अनुसार, सीमावर्ती इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, जो किसी भी वाहन या समूह को आगे बढ़ने से रोक रहा है।
जबरदस्ती का आरोप: प्रदर्शनकारियों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस बल प्रयोग कर उन्हें वापस भेज रही है। मलिहाबाद जाने की कोशिश कर रहे लोगों को अतरौली पुलिस द्वारा रोक दिया गया है।
अधिकारियों की चुप्पी बनी चर्चा का विषय
सबसे ज्यादा असमंजस की स्थिति तब पैदा हुई जब मौके पर मौजूद पुलिस कर्मियों और अधिकारियों ने इस 'अघोषित पाबंदी' का कारण बताने से इनकार कर दिया। किसी भी वरिष्ठ अधिकारी ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि यह कार्रवाई किस धारा या आदेश के तहत की जा रही है।
"हमें आगे जाने से रोका जा रहा है, लेकिन कोई यह नहीं बता रहा कि क्यों? हम शांतिपूर्ण ढंग से अपना ज्ञापन देने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने हमें अतरौली में ही बंधक जैसी स्थिति में डाल दिया है।" — एक प्रदर्शनकारी
यातायात प्रभावित
इस घेराबंदी के कारण न केवल ज्ञापन देने जा रहे लोग, बल्कि आम राहगीर भी घंटों जाम और चेकिंग में फंसे रहे। पुलिस की इस मुस्तैदी को देखते हुए इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान का इंतज़ार है ताकि इस प्रतिबंध की सही वजह सामने आ सके।
इस मौके पर हमारे साथ श्री रामसुचित्र अर्कवंशी, पंकज अर्कवंशी,संजय अर्कवंशी, अशोक अर्कवंशी, संदीप अर्कवंशी, शोभित अर्कवंशी,भारी संख्या में लोग मौजूद है
व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है - राजन जी महराज
*जिस मनुष्य को मौन होने का ढंग आ गया, उसके शत्रु स्वत: समाप्त हो जाएंगे

गोंडा।जिले के कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता मंदिर पैड़ीबरा में आयोजित श्रीराम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी संगीतमय वर्णन किया।कथा के दौरान उन्होंने राजा जी खजनवा दे दा,रानी जी गहनवा दे दा...जैसे सोहर प्रस्तुत किए जिससे श्रद्धालु झूम उठे।राजन जी महराज ने लोगों से आत्मचिंतन का आहवान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि उसके जाने के बाद किसी घर अथवा समाज का वातावरण कैसा होता है।महराज जी ने कहा कि बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन संपत्ति हो,बल्कि बड़ा वह है जिसके आने से घर में दीपावली जैसा आनंद छा जाये।कथा के दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है‌।व्यक्ति नश्वर है परन्तु उसका व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है।उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का वातावरण बन गया था और पूरी नगरी आनंद और पवित्रता से भर उठी थी।नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाते हुए महराज जी ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को आनंदस्वरुप, भरत को प्रेम की मूर्ति, लक्ष्मण को सेवा का प्रतीक और शत्रुध्न को मौन का स्वरूप बताया था।उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद वह है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता,उसे केवल अनुभव किया जा सकता है।राजन जी महराज ने कहा कि भगवान का भजन करना कठिन नहीं है।यदि मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले,मन की चंचलता पर नियंत्रण कर ले और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए,वही सच्चा भक्त है।उन्होंने कहा कि जब यन,कर्म और वचन से चतुराई समाप्त हो जाती है तो जीवन सरल हो जाता है और भगवान की प्राप्ती का मार्ग प्रशस्त होता है।महराज जी ने विद्यालयों में केवल शिक्षा ही नहीं बल्कि संस्कार और विवेक की भी शिक्षा देने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और सत्संग का अवसर भी उसी को मिलता है,जिस पर भगवान की विशेष कृपा होती है।कथा के दौरान महराज जी ने ऋषि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन,राजा दशरथ द्वारा उनके आतिथ्य सत्कार,श्रीराम के चूड़ाकर्म,नामकरण और यज्ञोपवीत संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया,जिसे सुनकर भक्त भाव विभोर हो गये।इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रावस्ती दद्दन मिश्रा,अकबाल बहादुर तिवारी,भवानी भीख शुक्ला,राकेश पांडेय, राजेश तिवारी,मसूद आलम खां,रामभजन चौबे,महेश नारायण तिवारी, अंकित शुक्ला सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे।आयोजन समिति के अनुसार कथा में प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।