प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को किया गया सम्मानित
*संस्कार युक्त शिक्षा देना एकेडमी का मुख्य उद्देश्य- डॉ शिव कुमार पाण्डेय*

*प्रतियोगिता में बेहतर स्थान लाकर छात्रों ने एकेडमी का नाम किया रोशन- धीरेंद्र त्रिपाठी*

*शारदा साइंस एकेडमी मुडेरा में पुरस्कारों का लगा बौछार*

*क्लास के सभी टॉपर को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित*

रमेश दूबे
*सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुंडेरा में सुलेख प्रतियोगिता,कला प्रतियोगिता,निबंध प्रतियोगिता,मेहंदी प्रतियोगिता,रंगोली प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को अध्ययन मेज,द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को दीवाल घड़ी,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को बाटल व मेडल पहनाकर सभी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया गया। इस दौरान सभी क्लासों के टॉपरो को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौजूद सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पाकार काफी खुश दिखे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी,सुमन त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं का भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्साहवर्धन किया जाता है। डॉ श्री पाण्डेय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा देना ही शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शारदा साइंस एकेडमी के छात्राओं ने अपने संस्कारों का प्रदर्शन करते हुए जिस तरह से सभी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है शारदा साइंस एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपने आने वाले समय में पूरे देश व प्रदेश में नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर इस अवसर पर संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी,शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव,रमाशंकर पाण्डेय,रंगनाथ पाण्डेय,धनंजय यादव,रविंद्र यादव,प्रेमचंद मौजूद रहे।
हिमालय सिंह के नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने पर शिक्षकों ने किया सम्मान
जौनपुर। सच्चा प्रतिभाशाली व्यक्ति विपरीत हालात में भी धैर्य, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अपनी पहचान बनाता है। विषम परिस्थितियाँ अक्सर प्रतिभा को निखारने वाली कसौटी साबित होती हैं, जहाँ आत्म-विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित बेसहूपुर, घनश्यामपुर निवासी अजय सिंह के सुपुत्र हिमालय सिंह ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का सम्मान बढ़ा दिया। पिता अजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां साधारण गृहणी हैं। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बजरंग इंटर कॉलेज ,घनश्यामपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके हिमालय सिंह हमेशा से ही विनम्र ,अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थी रहे। प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर पहुंचने वाले हिमालय सिंह का लक्ष्य आईएएस बनना है। सेवानिवृत शिक्षक तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उनके घर पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी,प्रवक्ता हृदय प्रकाश तिवारी, पुष्यमित्र दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ के बदलापुर अध्यक्ष उमेश मिश्रा, जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव, शशिधर तिवारी तथा डॉ जेपी शर्मा उपस्थित रहे। अजय सिंह ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित दिया।
निर्यातकों को एजीएम तक देनी होगी बढ़ी सदस्यता शुल्क

*एजीएम में करेंगे सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार,तब तक बढ़ा शुल्क ही लगेगा: चेयरमैन*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की बढ़ी सदस्यता शुल्क फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं। बीते दिनों सीईपीसी बोर्ड की बैठक में शुल्क कम करने पर सहमति तो बन गई थी, लेकिन यह तभी संभव होगा, जब वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में यह पारित हो जाए। अभी एजीएम होने में काफी समय है। सीईपीसी ने जनवरी 2025 के एजीएम में सदस्यता शुल्क में करीब 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी थी। जिसे जून 2025 से लागू किया जा चुका है। पहले सदस्यता शुल्क के चार अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित थे।इसमें सलाना 50 लाख तक का कारोबार करने वाले निर्यातकों के लिए दो हजार, 50 लाख से एक करोड़ तक तीन हजार, एक करोड़ से 10 करोड़ तक के कारोबारियों को पांच हजार तथा 10 करोड़ से अधिक सलाना व्यवसाय करने वाले निर्यातकों को 10 हजार रुपये शुल्क देना होता था।बीते साल जून से दरों में लगभग 300 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए सभी निर्यातकों के एक स्लैब बनाकर शुल्क छह हजार रुपये कर दिया गया।
बीते दिनों आम निर्यातकों की ओर से शुल्क बढ़ोत्तरी पर सवाल उठाए जाने पर सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता ने बोर्ड की बैठक में दरों की समीक्षा किए जाने की मांग की थी।
इसमें दरों पर पुनर्विचार करने पर सहमती तो बन गई थी और कहा गया था कि इसे आगामी एजीएम में रखा जाएगा, लेकिन एजीएम में अभी महीनों का समय है और जब तक एजीएम की बैठक नहीं होती तब तक दरों पर पुनर्विचार संभव नहीं है।

छोटे उद्यमियों के हितों को ध्यान रखते हुए आगामी एजीएम में बढ़ी सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा, लेकिन जब तक एजीएम नहीं हो जाता,तब तक न‌ई शुल्क संरचना यथावत लागू रहेगी।

मुकेश कुमार गोम्बर, चेयरमैन सीईपीसी
चाय बागान मजदूरों को अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन का बड़ा वादा।

गोसाईंगांव/असम: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम प्रत्याशी श्री फैड्रिक्शन हांसदा के पक्ष में एक विशाल चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड की गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संबोधित किया।

इतिहास बदलने वाला चुनाव

जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि असम विधानसभा का यह चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के वंचितों और आदिवासियों के लिए इतिहास बनाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब वर्तमान व्यवस्था से ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।

चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों के हितों पर जोर

कल्पना सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जेएमएम इन मजदूरों को उनका उचित हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

असम के आदिवासियों के हितों की रक्षा अब केवल जेएमएम ही कर सकती है।

आपका एक-एक वोट बहुमूल्य है, जो असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय को राजनीतिक और सामाजिक मजबूती प्रदान करेगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर जेएमएम की वरिष्ठ नेता और सांसद श्रीमती जोबा माझी तथा विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनता को संबोधित किया। नेताओं ने प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा की साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव का जिक्र करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

बदलाव की बयार

सभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए कल्पना सोरेन ने दावा किया कि गोसाईंगांव सहित असम की कई सीटों पर जेएमएम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर तीर-धनुष (जेएमएम का चुनाव चिह्न) पर बटन दबाएं और शोषण मुक्त असम के निर्माण में भागीदार बनें।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ईएमटी कर्मियों को किया गया सम्मानित
फर्रुखाबाद lईएमटी दिवस के उपलक्ष्य पर जिलाधिकारी ने 108/102 के ईएमटी कर्मियों को किया सम्मानित
फर्रुखाबाद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात समर्पित रहने वाले ईएमटी  के सम्मान में आज ईएमटी दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ईएमटी कर्मियों का चयन कर उन्हें जिलाधिकारी  द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें अपर जिलाधिकारी उपजिलाधिकारी  सहित क्षेत्राधिकारी नगर  ऐश्वर्या उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण गर्व, सम्मान एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जहाँ प्रत्येक  ईएमटी के समर्पण एवं सेवा भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित स्टाफ में सोनिका, आकांक्षा, भानु प्रताप, प्रियंका, श्रद्धा, नितेश कुमारी, सोनू, सौरभ, आदेश, जितेंद्र, अमन, प्रमोद कुमार, प्रीति, रजनीश, मोहित कुमार एवं सुनील शामिल रहे, जिन्होंने अपने सक्रिय योगदान से कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी पी आर के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर 108 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी  सोनू द्वारा आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट ज्ञान के साथ सी पी आर की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित सभी अधिकारी प्रभावित हुए। जिलाधिकारी ने उनकी सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (108/102) विजय चौहान की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिनके कुशल समन्वय से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल ईएमटी कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत ये कर्मी समाज के सच्चे नायक हैं, जो हर परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बीमार, कमजोर पशुओं का समय-समय पर कैम्प लगाकर कराया जाए उनका स्वास्थ्य परीक्षण -मण्डलायुक्त
*मण्डलायुक्त ने मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश
मीरजापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। मण्डलायुक्त ने कहा कि गौशालाओं में संरक्षित किए जा रहे गौवंशो का जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओ को भी पकड़कर गौशाला में रखा जाए तथा उनका भी जियो टैगिंग कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशालाओ में पर्याप्त मात्रा में भूषा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूषा बैंक बनाते हुए भूषे संग्रहीत किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गौवंशो को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध किया जाए। बीमार, कमजोर पशुओ का तत्काल उनका नियमानुसार कराया जाए तथा समय-समय पर कैम्प लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि गोचर जमीनो पर गौवंशो हेतु लगाए गए हरे चारे की भी जिये टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो गए गौ आश्रय स्थलों की हैण्डओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़े गौ आश्रय स्थलों पर भरण पोषण हेतु कम से कम तीन माह का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए उसमें पशुपालन विभाग क मण्डलीय अधिकारी, तीनो जनपदो के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं तीनो जनपदो के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जोड़ा जाए तथा रोस्टर बनाते हुए उसके अनुसार अधिकारी गौ आश्रय स्थलो का नियमित निरीक्षण करे व निरीक्षण के दौरान यदि कोई पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीनों जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को ग्रुप में जोड़े व उनके द्वारा किए जा रहे की फोटोग्राफ ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करें। सम्बन्धित जनपद के पशु चिकित्साधिकारी पाई गई कमियों का नियमानुसार निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गौ संरक्षण के प्रति काफी संवेदनशील है अतएव सभी अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यो का निर्वहन करे इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही क्षम्य नही होंगी। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि विकेश पटेल एवं तीनो जनपदों मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रथम द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्रों को किया गया सम्मानित
*संस्कार युक्त शिक्षा देना एकेडमी का मुख्य उद्देश्य- डॉ शिव कुमार पाण्डेय*

*प्रतियोगिता में बेहतर स्थान लाकर छात्रों ने एकेडमी का नाम किया रोशन- धीरेंद्र त्रिपाठी*

*शारदा साइंस एकेडमी मुडेरा में पुरस्कारों का लगा बौछार*

*क्लास के सभी टॉपर को पुरस्कार देकर किया गया सम्मानित*

रमेश दूबे
*सन्तकबीरनगर।* धनघटा क्षेत्र के शारदा साइंस एकेडमी मुंडेरा में सुलेख प्रतियोगिता,कला प्रतियोगिता,निबंध प्रतियोगिता,मेहंदी प्रतियोगिता,रंगोली प्रतियोगिता, सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। जिसमें प्रथम स्थान,द्वितीय स्थान व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को विद्यालय परिवार ने पुरस्कार देकर सम्मानित किया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को अध्ययन मेज,द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को दीवाल घड़ी,तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र को बाटल व मेडल पहनाकर सभी छात्र-छात्राओं का हौसला बढ़ाया गया। इस दौरान सभी क्लासों के टॉपरो को भी पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। मौजूद सभी अभिभावकों ने अपने बच्चों का रिपोर्ट कार्ड पाकार काफी खुश दिखे। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय, प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी,सुमन त्रिपाठी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। प्रबंधक डॉ शिव कुमार पाण्डेय ने कहा कि समय-समय पर छात्र-छात्राओं का भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा उत्साहवर्धन किया जाता है। डॉ श्री पाण्डेय ने कहा कि संस्कार युक्त शिक्षा देना ही शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है। प्रधानाचार्य धीरेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि शारदा साइंस एकेडमी के छात्राओं ने अपने संस्कारों का प्रदर्शन करते हुए जिस तरह से सभी प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन किया है वह काबिले तारीफ है। उन्होंने कहा कि इस ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा का अलख जगाना शारदा साइंस एकेडमी का मुख्य उद्देश्य है शारदा साइंस एकेडमी के छात्र-छात्राओं ने अपने आने वाले समय में पूरे देश व प्रदेश में नाम रोशन करेंगे। इस अवसर पर इस अवसर पर संजू यादव,अंशिका पाण्डेय,माया यादव,रोशनी पाण्डेय,जया पाण्डेय,मेनिका यादव,प्रीति कुमारी,शालिनी प्रजापति,रागिनी दुबे,मेहंदी हसन,रूप लता यादव,रमाशंकर पाण्डेय,रंगनाथ पाण्डेय,धनंजय यादव,रविंद्र यादव,प्रेमचंद मौजूद रहे।
हिमालय सिंह के नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने पर शिक्षकों ने किया सम्मान
जौनपुर। सच्चा प्रतिभाशाली व्यक्ति विपरीत हालात में भी धैर्य, साहस और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर अपनी पहचान बनाता है। विषम परिस्थितियाँ अक्सर प्रतिभा को निखारने वाली कसौटी साबित होती हैं, जहाँ आत्म-विश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण से सफलता प्राप्त की जा सकती है। बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित बेसहूपुर, घनश्यामपुर निवासी अजय सिंह के सुपुत्र हिमालय सिंह ने पीसीएस परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर नायब तहसीलदार पद पर चयनित होने का गौरव प्राप्त किया। उनकी इस उपलब्धि ने उनके परिवार के साथ-साथ पूरे गांव का सम्मान बढ़ा दिया। पिता अजय कुमार सिंह प्राथमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के पद पर कार्यरत हैं जबकि मां साधारण गृहणी हैं। गांव के ही प्राथमिक विद्यालय से प्रारंभिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद श्री बजरंग इंटर कॉलेज ,घनश्यामपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई की और उसके बाद इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर चुके हिमालय सिंह हमेशा से ही विनम्र ,अनुशासित और कड़ी मेहनत करने वाले विद्यार्थी रहे। प्रथम प्रयास में ही नायब तहसीलदार के पद पर पहुंचने वाले हिमालय सिंह का लक्ष्य आईएएस बनना है। सेवानिवृत शिक्षक तथा वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे के नेतृत्व में शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा आज उनके घर पर उनका सम्मान किया गया। इस अवसर पर उपस्थित शिक्षकों में प्रवक्ता मयाशंकर तिवारी,प्रवक्ता हृदय प्रकाश तिवारी, पुष्यमित्र दुबे, प्राथमिक शिक्षक संघ के बदलापुर अध्यक्ष उमेश मिश्रा, जिला मंत्री प्रमोद कुमार यादव, शशिधर तिवारी तथा डॉ जेपी शर्मा उपस्थित रहे। अजय सिंह ने उपस्थित लोगों के प्रति आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद ज्ञापित दिया।
निर्यातकों को एजीएम तक देनी होगी बढ़ी सदस्यता शुल्क

*एजीएम में करेंगे सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार,तब तक बढ़ा शुल्क ही लगेगा: चेयरमैन*


रिपोर्टर - नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की बढ़ी सदस्यता शुल्क फिलहाल कम होने के आसार नहीं हैं। बीते दिनों सीईपीसी बोर्ड की बैठक में शुल्क कम करने पर सहमति तो बन गई थी, लेकिन यह तभी संभव होगा, जब वार्षिक साधारण सभा (एजीएम) में यह पारित हो जाए। अभी एजीएम होने में काफी समय है। सीईपीसी ने जनवरी 2025 के एजीएम में सदस्यता शुल्क में करीब 300 फीसदी की बढ़ोत्तरी कर दी थी। जिसे जून 2025 से लागू किया जा चुका है। पहले सदस्यता शुल्क के चार अलग-अलग कैटेगरी निर्धारित थे।इसमें सलाना 50 लाख तक का कारोबार करने वाले निर्यातकों के लिए दो हजार, 50 लाख से एक करोड़ तक तीन हजार, एक करोड़ से 10 करोड़ तक के कारोबारियों को पांच हजार तथा 10 करोड़ से अधिक सलाना व्यवसाय करने वाले निर्यातकों को 10 हजार रुपये शुल्क देना होता था।बीते साल जून से दरों में लगभग 300 प्रतिशत बढ़ोत्तरी करते हुए सभी निर्यातकों के एक स्लैब बनाकर शुल्क छह हजार रुपये कर दिया गया।
बीते दिनों आम निर्यातकों की ओर से शुल्क बढ़ोत्तरी पर सवाल उठाए जाने पर सीईपीसी प्रशासनिक सदस्य संजय गुप्ता ने बोर्ड की बैठक में दरों की समीक्षा किए जाने की मांग की थी।
इसमें दरों पर पुनर्विचार करने पर सहमती तो बन गई थी और कहा गया था कि इसे आगामी एजीएम में रखा जाएगा, लेकिन एजीएम में अभी महीनों का समय है और जब तक एजीएम की बैठक नहीं होती तब तक दरों पर पुनर्विचार संभव नहीं है।

छोटे उद्यमियों के हितों को ध्यान रखते हुए आगामी एजीएम में बढ़ी सदस्यता शुल्क पर पुनर्विचार किया जाएगा, लेकिन जब तक एजीएम नहीं हो जाता,तब तक न‌ई शुल्क संरचना यथावत लागू रहेगी।

मुकेश कुमार गोम्बर, चेयरमैन सीईपीसी
चाय बागान मजदूरों को अधिकार दिलाना हमारी प्राथमिकता: गोसाईंगांव में कल्पना सोरेन का बड़ा वादा।

गोसाईंगांव/असम: असम विधानसभा चुनाव 2026 के मद्देनजर झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। इसी क्रम में आज गोसाईंगांव विधानसभा क्षेत्र से जेएमएम प्रत्याशी श्री फैड्रिक्शन हांसदा के पक्ष में एक विशाल चुनावी जनसभा का आयोजन किया गया, जिसे मुख्य वक्ता के रूप में झारखंड की गांडेय विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने संबोधित किया।

इतिहास बदलने वाला चुनाव

जनसभा को संबोधित करते हुए कल्पना सोरेन ने कहा कि असम विधानसभा का यह चुनाव कोई सामान्य राजनीतिक मुकाबला नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के वंचितों और आदिवासियों के लिए इतिहास बनाने का चुनाव है। उन्होंने कहा कि असम की जनता अब वर्तमान व्यवस्था से ऊब चुकी है और बदलाव का मन बना चुकी है।

चाय बागान मजदूरों और आदिवासियों के हितों पर जोर

कल्पना सोरेन ने असम के चाय बागान मजदूरों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि जेएमएम इन मजदूरों को उनका उचित हक और अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा:

असम के आदिवासियों के हितों की रक्षा अब केवल जेएमएम ही कर सकती है।

आपका एक-एक वोट बहुमूल्य है, जो असम में रहने वाले आदिवासी समुदाय को राजनीतिक और सामाजिक मजबूती प्रदान करेगा।

दिग्गज नेताओं की उपस्थिति

इस अवसर पर जेएमएम की वरिष्ठ नेता और सांसद श्रीमती जोबा माझी तथा विधायक श्री सोमेश चंद्र सोरेन ने भी जनता को संबोधित किया। नेताओं ने प्रत्याशी फैड्रिक्शन हांसदा की साफ-सुथरी छवि और सेवा भाव का जिक्र करते हुए उन्हें भारी मतों से विजयी बनाने की अपील की।

बदलाव की बयार

सभा में उमड़ी भारी भीड़ और कार्यकर्ताओं के उत्साह को देखते हुए कल्पना सोरेन ने दावा किया कि गोसाईंगांव सहित असम की कई सीटों पर जेएमएम एक मजबूत विकल्प के रूप में उभरी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर तीर-धनुष (जेएमएम का चुनाव चिह्न) पर बटन दबाएं और शोषण मुक्त असम के निर्माण में भागीदार बनें।

सरूपथर में उमड़ा जनसैलाब: मुख्यमंत्री सोरेन बोले—साहिल मुंडा को चुनना मतलब अपने हक-अधिकार को चुनना।

सरूपथर/असम: असम विधानसभा चुनाव के सियासी रण में झारखण्ड के मुख्यमंत्री और झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमन्त सोरेन ने पूरी ताकत झोंक दी है। शुक्रवार को असम के सरूपथर विधानसभा क्षेत्र में जेएमएम प्रत्याशी साहिल मुंडा के समर्थन में आयोजित एक विशाल चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर जमकर प्रहार किया और क्षेत्र की जनता से 'मिट्टी और जज्बे' के नाम पर वोट मांगा।

साहिल मुंडा: सत्ता नहीं, सामाजिक परिवर्तन का चेहरा

जनसभा में उमड़ी भारी भीड़ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि साहिल मुंडा का राजनीति में आना महज एक चुनाव लड़ना नहीं है, बल्कि यह असम की माटी और झारखण्ड के जज्बे का एक ऐतिहासिक संगम है। उन्होंने जोर देकर कहा कि साहिल मुंडा केवल एक प्रत्याशी नहीं हैं, बल्कि वे उस वंचित समाज की आवाज हैं जिसे दशकों तक हाशिए पर रखा गया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "साहिल का लक्ष्य विधायक की कुर्सी पाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और विकास सुनिश्चित करना है। वे पद के लालच से ऊपर उठकर जनता के हक के लिए संघर्ष करने वाले नेता हैं।"

स्थानीय अधिकारों और अस्मिता की रक्षा

हेमन्त सोरेन ने अपने संबोधन में 'झारखण्डी अस्मिता' और स्थानीय अधिकारों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि सरूपथर के युवाओं और मजदूरों के अधिकारों की रक्षा के लिए साहिल मुंडा से बेहतर कोई विकल्प नहीं हो सकता। उन्होंने जनता को आगाह किया कि उन्हें अपने हक और अधिकार की रक्षा के लिए एक ऐसे नेतृत्व को चुनना होगा जो उनकी भाषा, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं को गहराई से समझता हो।

मुख्यमंत्री ने युवाओं का विशेष आह्वान करते हुए कहा कि साहिल मुंडा युवाओं को केवल 'वोट बैंक' नहीं समझते, बल्कि उन्हें नेतृत्वकर्ता के रूप में तैयार कर रहे हैं। जेएमएम के नेतृत्व में सरूपथर में शिक्षा, स्वास्थ्य और स्थानीय स्वायत्तता के मुद्दों पर ऐतिहासिक काम करने का रोडमैप तैयार किया गया है।

विरोधियों पर प्रहार और विकास का संकल्प

विपक्ष पर निशाना साधते हुए सोरेन ने कहा कि जो लोग केवल विभाजन की राजनीति करते हैं, उन्हें जनता इस बार करारा जवाब देगी। उन्होंने कहा कि झारखण्ड में जिस तरह उनकी सरकार जल-जंगल-जमीन और आदिवासियों-मूलवासियों के हितों के लिए काम कर रही है, वही मॉडल अब जेएमएम असम में भी लागू करना चाहती है।

"साहिल मुंडा के रूप में आपके पास एक नई उम्मीद है। इन्हें चुनना मतलब अपनी आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करना है।"

— मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन

जनसभा के दौरान जेएमएम कार्यकर्ताओं का उत्साह चरम पर था और "जय झारखण्ड, जय असम" के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। इस सभा के बाद सरूपथर का चुनावी समीकरण काफी दिलचस्प हो गया है, क्योंकि मुख्यमंत्री की इस रैली ने स्थानीय मतदाताओं के बीच एक मजबूत संदेश दिया है।

झारखंड में बिगड़ी कानून-व्यवस्था के खिलाफ कांग्रेस का शंखनाद: चुटिया में काला बिल्ला बांध सड़क पर उतरे कार्यकर्ता।

रांची: झारखंड में बदतर होती कानून-व्यवस्था और खनन माफियाओं के बढ़ते दुस्साहस के खिलाफ अब सत्ता पक्ष के भीतर से ही आवाजें बुलंद होने लगी हैं। इसी कड़ी में आज चुटिया प्रखंड कांग्रेस समिति द्वारा स्थानीय इंदिरा गांधी चौक पर झारखंड सरकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ एक जोरदार मौन विरोध प्रदर्शन किया गया।

प्रमुख मांगें और प्रदर्शन का स्वरूप

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

राज्य की कानून-व्यवस्था में अविलंब आमूलचूल सुधार लाया जाए।

खनन माफियाओं की गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए।

प्रशासनिक तंत्र को संवेदनशील बनाकर उसे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप कार्य करने हेतु बाध्य किया जाए।

यह जुलूस इंदिरा गांधी चौक से शुरू होकर विभिन्न मोहल्लों का भ्रमण करते हुए चुटिया थाना के समक्ष पहुंचकर संपन्न हुआ। गौरतलब है कि कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी के. राजू एवं प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के आह्वान पर आयोजित यह कार्यक्रम राज्य में अपनी तरह का पहला विरोध प्रदर्शन माना जा रहा है।

नेताओं की उपस्थिति

इस विरोध प्रदर्शन में संगठन के कई दिग्गज और स्थानीय कार्यकर्ता शामिल हुए। मुख्य रूप से:

अरुण चावला (रांची महानगर उपाध्यक्ष सह चुटिया प्रखंड प्रभारी)

प्रशांत गौरव (प्रखंड अध्यक्ष)

उनके साथ दीपेश पाठक, उर्मिला, राखी कौर, अंतरा कच्छप, गोपीचंद अग्रवाल, कृष्णा सहाय, संजीव महतो, प्रदीप, अजीत सिंह, महेश राय, बिरसा तिर्की, अजय महली, विवेक सिंह, सावन, अनुराग, शुभम, ऋषभ सिन्हा, भोला, पवन, और नीतीश तिर्की सहित भारी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।

ईएमटी कर्मियों को किया गया सम्मानित
फर्रुखाबाद lईएमटी दिवस के उपलक्ष्य पर जिलाधिकारी ने 108/102 के ईएमटी कर्मियों को किया सम्मानित
फर्रुखाबाद में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में दिन-रात समर्पित रहने वाले ईएमटी  के सम्मान में आज ईएमटी दिवस बड़े उत्साह एवं गरिमा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर 108 एवं 102 एम्बुलेंस सेवा के उत्कृष्ट कार्य करने वाले ईएमटी कर्मियों का चयन कर उन्हें जिलाधिकारी  द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
यह सम्मान समारोह जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित किया गया, जिसमें अपर जिलाधिकारी उपजिलाधिकारी  सहित क्षेत्राधिकारी नगर  ऐश्वर्या उपाध्याय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम का वातावरण गर्व, सम्मान एवं प्रेरणा से परिपूर्ण रहा, जहाँ प्रत्येक  ईएमटी के समर्पण एवं सेवा भावना की सराहना की गई।
कार्यक्रम में उपस्थित स्टाफ में सोनिका, आकांक्षा, भानु प्रताप, प्रियंका, श्रद्धा, नितेश कुमारी, सोनू, सौरभ, आदेश, जितेंद्र, अमन, प्रमोद कुमार, प्रीति, रजनीश, मोहित कुमार एवं सुनील शामिल रहे, जिन्होंने अपने सक्रिय योगदान से कार्यक्रम को सफल बनाया।
कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी द्वारा सी पी आर के संबंध में जानकारी ली गई, जिस पर 108 एम्बुलेंस सेवा के ईएमटी  सोनू द्वारा आत्मविश्वास एवं उत्कृष्ट ज्ञान के साथ सी पी आर की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। उनकी प्रभावशाली प्रस्तुति से उपस्थित सभी अधिकारी प्रभावित हुए। जिलाधिकारी ने उनकी सराहना करते हुए इसे एक अनुकरणीय उदाहरण बताया।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम प्रबंधक (108/102) विजय चौहान की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही, जिनके कुशल समन्वय से कार्यक्रम सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हुआ।
यह आयोजन न केवल ईएमटी कर्मियों के मनोबल को बढ़ाने वाला सिद्ध हुआ, बल्कि यह भी दर्शाता है कि आपातकालीन सेवाओं में कार्यरत ये कर्मी समाज के सच्चे नायक हैं, जो हर परिस्थिति में मानव जीवन की रक्षा हेतु सदैव तत्पर रहते हैं।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
सूचना विभाग में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का शुभारम्भ
* तकनीकी रूप से दक्ष हों कार्मिक : अपर निदेशक अरविंद मिश्र

लखनऊ। सूचना एवं जन सम्पर्क विभाग, उत्तर प्रदेश में ‘मिशन कर्मयोगी साधना सप्ताह’ का गुरुवार को शुभारम्भ हुआ। शासन के निर्देशानुसार 02 अप्रैल से 08 अप्रैल 2026 तक आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यात्मक क्षमता, कार्यक्षेत्र और व्यवहार में सकारात्मक सुधार लाते हुए उन्हें तकनीकी रूप से दक्ष बनाना है।
इस क्रम में विभागीय ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यशाला में अधिकारियों और कर्मचारियों ने भाग लिया तथा भारत सरकार द्वारा विकसित आईगोट (IGOT) पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों से संबंधित विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी जानकारी प्राप्त की। सभी कार्मिकों को निर्देशित किया गया है कि वे आईगोट कर्मयोगी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध पाठ्यक्रमों में से कम से कम 4 घंटे का प्रशिक्षण अनिवार्य रूप से प्राप्त करें, जिसमें ‘AI दक्ष’ कार्यक्रम के तीन मॉड्यूल भी शामिल होंगे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर निदेशक सूचना अरविन्द कुमार मिश्र ने कहा कि सरकार की मंशा है कि प्रत्येक कार्मिक तकनीकी रूप से सक्षम बने, ताकि भविष्य की चुनौतियों का सामना प्रभावी ढंग से किया जा सके। उन्होंने कहा कि आने वाला समय तकनीक आधारित होगा, इसलिए आवश्यक है कि सभी कर्मचारी तकनीकी ज्ञान में पारंगत होकर आत्मनिर्भर बनें।
उन्होंने यह भी कहा कि आईगोट पोर्टल पर उपलब्ध पाठ्यक्रम कार्मिकों के कौशल विकास और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक सिद्ध होंगे। यह एक स्वर्णिम अवसर है, जिसका लाभ उठाकर कर्मचारी स्वयं को एक सच्चा कर्मयोगी साबित कर सकते हैं।
कार्यशाला में सहायक निदेशक सतीश चन्द्र भारती, चन्द्र मोहन, डॉ. जितेन्द्र प्रताप सिंह, संजय कुमार, अमित कुमार यादव, फिल्म निर्माता अभय कुमार श्रीवास्तव, सहायक लेखाधिकारी अरविन्द कुमार सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
बीमार, कमजोर पशुओं का समय-समय पर कैम्प लगाकर कराया जाए उनका स्वास्थ्य परीक्षण -मण्डलायुक्त
*मण्डलायुक्त ने मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक कर दिया आवश्यक दिशा निर्देश
मीरजापुर। मण्डलायुक्त विन्ध्याचल मण्डल राजेश प्रकाश की अध्यक्षता में आयुक्त कार्यालय सभागार में मण्डल स्तरीय अनुश्रवण, मूल्याकंन एवं समीक्षा समिति की बैठक आहूत की गई। मण्डलायुक्त ने कहा कि गौशालाओं में संरक्षित किए जा रहे गौवंशो का जियो टैगिंग कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि छुट्टा पशुओ को भी पकड़कर गौशाला में रखा जाए तथा उनका भी जियो टैगिंग कराया जाना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक गौशालाओ में पर्याप्त मात्रा में भूषा, हरा चारा, चोकर आदि की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि भूषा बैंक बनाते हुए भूषे संग्रहीत किया जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी को देखते हुए पानी की पर्याप्त व्यवस्था हो, गौवंशो को लू न लगे इसका भी उचित प्रबंध किया जाए। बीमार, कमजोर पशुओ का तत्काल उनका नियमानुसार कराया जाए तथा समय-समय पर कैम्प लगाकर उनका स्वास्थ्य परीक्षण भी कराया जाए। सभी गौ आश्रय स्थलों पर पशु आहार, जियो टैगिंग, मूवमेंट रजिस्टर, पशु टीकाकरण आदि का रजिस्टर बनाकर रखा जाए। उन्होंने कहा कि गोचर जमीनो पर गौवंशो हेतु लगाए गए हरे चारे की भी जिये टैगिंग कराई जाए। उन्होंने कहा कि बनकर तैयार हो गए गौ आश्रय स्थलों की हैण्डओवर की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बड़े गौ आश्रय स्थलों पर भरण पोषण हेतु कम से कम तीन माह का अतिरिक्त भंडारण रखा जाए। उन्होंने कहा कि एक व्हाट्सएप ग्रुप बनाए उसमें पशुपालन विभाग क मण्डलीय अधिकारी, तीनो जनपदो के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी एवं तीनो जनपदो के सभी अपर मुख्य चिकित्साधिकारी जोड़ा जाए तथा रोस्टर बनाते हुए उसके अनुसार अधिकारी गौ आश्रय स्थलो का नियमित निरीक्षण करे व निरीक्षण के दौरान यदि कोई पाई जाती है तो उसे तत्काल ठीक कराएं। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीनों जनपदों के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी भी व्हाट्सएप ग्रुप बनाते हुए अपने अधीनस्थ अधिकारियों को ग्रुप में जोड़े व उनके द्वारा किए जा रहे की फोटोग्राफ ग्रुप पर भेजना सुनिश्चित करें। सम्बन्धित जनपद के पशु चिकित्साधिकारी पाई गई कमियों का नियमानुसार निस्तारण कराएं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री गौ संरक्षण के प्रति काफी संवेदनशील है अतएव सभी अधिकारी पूरी निष्ठा के साथ अपने कार्यो का निर्वहन करे इसमें किसी भी प्रकार लापरवाही क्षम्य नही होंगी। बैठक में संयुक्त विकास आयुक्त रमेश चन्द्र, संयुक्त निदेशक कृषि अशोक उपाध्याय, अपर निदेशक लघु पशु निदेशालय लखनऊ डाॅ संजय कुमार श्रीवास्तव, अपर निदेशक पशुपालन डाॅ हेमलता शर्मा, प्रभागीय वनाधिकारी राकेश कुमार, उप निदेशक कृषि विकेश पटेल एवं तीनो जनपदों मुख्य पशु चिकित्साधिकारी व अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।