थानाध्यक्ष शंकरगढ़ द्वारा पुलिस बल के साथ शाम को  पैदल गश्त किया गया ।


विश्वनाथ प्रताप सिंह


  प्रयागराज,पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार एवम अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा  के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव एवम अपर पुलिस उपायुक्त यमुनागर विजय आनंद के निर्देश के क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्र के निर्देश के अंतर्गत शंकरगढ़ थानाक्षेत्र में  कानून व्यवस्था को चुस्त एवम दुरुस्त रखने के दृष्टिगत को  थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे द्वारा पुलिस बल के साथ शिवराजपुर चौराहा,एवम बाजार एवम शंकरगढ़ बाजार एवम थाना क्षेत्र के भीड़ भाड़ स्थानों पर  सांय कालीन पैदल गस्त शिवराजपुर चौराहा कस्बा व थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध लोगों एवम संदिग्ध वाहन को चेकिंग कर आम जनमानस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
तुंगनाथ की डोली कैलाश के लिए रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ, मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। डोली 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचेगी, जहां शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य आरती की गई। डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की परिक्रमा के बाद अपनी यात्रा प्रारंभ की।
श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ डोली का स्वागत किया और पुष्प, अक्षत एवं वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। यात्रा के दौरान डोली पुढखी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
मुजफ्फरनगर में पुलिस की कार्यशैली पर मुहर, एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट ने किया सम्मान
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। जनपद में पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र में अपराध और गुंडागर्दी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल के समय में पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और आमजन में सुरक्षा का माहौल बना है।

इसी सराहनीय कार्य को देखते हुए एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने SSP संजय कुमार वर्मा और नए SP ग्रामीण अक्षय माहदिक व (SP City) अमृत जैन को पटका पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।

एंटी करप्शन जिला अध्यक्ष विक्की चावला ने कहा कि पुलिस की तत्परता और ईमानदार कार्यशैली से जनता को राहत मिली है और अपराधियों में भय का माहौल बना है।
पुलिस अधिकारियों ने इस सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करते रहेंगे, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था कायम रहे। जिसमें मंडल अध्यक्ष विपिन सिंगल,जिला अध्यक्ष विक्की चावला, जिला उपाध्यक्ष संजय गोस्वामी, जिला महामंत्री मौo नदीम अंसारी,जिला सचिव रविकांत गोयला आदि मौजूद रहे।

आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर चश्मा वितरण शिविर का आयोजन
मुंबई ।  भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर विंध्य सामाजिक संस्था द्वारा कुर्ला पश्चिम स्थित सुंदरबाग क्षेत्र में चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली एवं एडवोकेट कैलास आगवने के हाथों किया गया। इस अवसर पर बाबू बत्तेली, शैलेश सिंह, सिद्धार्थ लोमटे, अनिल लोंढे, अहमद शेख, संजय एल्लाड और शिवा पाणिग्रही उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन पंकज शर्मा, अखिलेश गौड़, ईश्वर चंद, अख्तर खान, अमजद शेख, लियाकत खान, प्रतीक प्रजापति और अमित बिंद द्वारा किया गया। शिविर के दौरान नागरिकों की रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जांच भी की गई।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।
थानाध्यक्ष शंकरगढ़ द्वारा पुलिस बल के साथ शाम को  पैदल गश्त किया गया ।


विश्वनाथ प्रताप सिंह


  प्रयागराज,पुलिस आयुक्त प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार एवम अपर पुलिस आयुक्त प्रयागराज कानून व्यवस्था डॉक्टर अजय पाल शर्मा  के निर्देशन में पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव एवम अपर पुलिस उपायुक्त यमुनागर विजय आनंद के निर्देश के क्रम में सहायक पुलिस आयुक्त बारा वेद व्यास मिश्र के निर्देश के अंतर्गत शंकरगढ़ थानाक्षेत्र में  कानून व्यवस्था को चुस्त एवम दुरुस्त रखने के दृष्टिगत को  थानाध्यक्ष शंकरगढ़ सुशील कुमार दुबे द्वारा पुलिस बल के साथ शिवराजपुर चौराहा,एवम बाजार एवम शंकरगढ़ बाजार एवम थाना क्षेत्र के भीड़ भाड़ स्थानों पर  सांय कालीन पैदल गस्त शिवराजपुर चौराहा कस्बा व थाना शंकरगढ़ क्षेत्र में संदिग्ध लोगों एवम संदिग्ध वाहन को चेकिंग कर आम जनमानस को आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए।
नैनीताल के गेठिया जंगलों में भीषण आग, 24 घंटे में कई हेक्टेयर वन संपदा राख
नैनीताल। उत्तराखंड के नैनीताल जिले के गेठिया क्षेत्र के जंगलों में भीषण आग ने विकराल रूप धारण कर लिया है। पिछले 24 घंटों से धधक रही इस आग ने कई हेक्टेयर वन क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया है, जिससे भारी वन संपदा नष्ट हो गई है।
गर्मी की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में वनाग्नि की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। गेठिया और आसपास के जंगलों में लगी इस आग से न केवल पेड़-पौधों को नुकसान पहुंचा है, बल्कि वन्यजीवों के सामने भी बड़ा संकट खड़ा हो गया है। कई पशु-पक्षियों के प्राकृतिक आवास जलकर नष्ट हो रहे हैं और उनकी जान पर खतरा मंडरा रहा है। वहीं, आग से उठ रहे धुएं और लपटों के कारण आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल है।
आग पर काबू पाने के लिए वन विभाग, दमकल विभाग, सेना के जवान और कैंटोनमेंट बोर्ड के वॉलंटियर्स लगातार जुटे हुए हैं। सभी टीमें दिन-रात आग बुझाने का प्रयास कर रही हैं, लेकिन तेज हवाएं आग को और भड़काने का काम कर रही हैं, जिससे हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।
वन विभाग के क्षेत्राधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन तेज हवा के कारण आग तेजी से फैल रही है और इसे काबू में लाने में कठिनाई हो रही है।
प्रशासन ने आम लोगों से अपील की है कि वे जंगलों में आग लगाने जैसी लापरवाही से बचें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना दें, ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
स्थानीय निवासी अजय कुमार के अनुसार, किसी व्यक्ति ने गेठिया गांव के पास सड़क किनारे जंगल में आग लगाई थी, जो तेजी से फैलकर पूरे इलाके में फैल गई।
गौरतलब है कि उत्तराखंड में फॉरेस्ट फायर सीजन 15 फरवरी से 15 जून तक चलता है। इस दौरान पर्वतीय क्षेत्रों में आग की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिनमें अक्सर मानव लापरवाही भी एक बड़ा कारण होती है।
तुंगनाथ की डोली कैलाश के लिए रवाना, 22 अप्रैल को खुलेंगे कपाट
रुद्रप्रयाग। पंच केदारों में तृतीय केदार के रूप में प्रसिद्ध भगवान तुंगनाथ की चल विग्रह उत्सव डोली सोमवार को अपने शीतकालीन गद्दी स्थल मर्कटेश्वर तीर्थ, मक्कूमठ से विधि-विधान के साथ कैलाश यात्रा के लिए रवाना हो गई। इस दौरान पूरे क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। डोली 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचेगी, जहां शुभ मुहूर्त में वेद मंत्रोच्चार के साथ भगवान तुंगनाथ के कपाट ग्रीष्मकालीन दर्शन के लिए खोल दिए जाएंगे।
ब्रह्म बेला में विद्वान आचार्यों द्वारा पंचांग पूजन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए। इसके बाद भगवान तुंगनाथ सहित 33 कोटि देवी-देवताओं का आह्वान कर भव्य आरती की गई। डोली ने मर्कटेश्वर तीर्थ की परिक्रमा के बाद अपनी यात्रा प्रारंभ की।
श्रद्धालुओं ने “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ डोली का स्वागत किया और पुष्प, अक्षत एवं वस्त्र अर्पित कर आशीर्वाद मांगा। यात्रा के दौरान डोली पुढखी गांव पहुंची, जहां ग्रामीणों ने नए अन्न का भोग लगाकर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और विश्व शांति की कामना की। इसके बाद डोली रात्रि विश्राम के लिए भूतनाथ मंदिर पहुंची।
डोली प्रभारी प्रकाश पुरोहित के अनुसार, 21 अप्रैल को डोली भूतनाथ मंदिर से प्रस्थान कर पाव, चिलियाखोड़, पंगेर और बनियाकुंड होते हुए चोपता पहुंचेगी, जहां अंतिम रात्रि प्रवास होगा। इसके बाद 22 अप्रैल को तुंगनाथ धाम पहुंचकर कपाट खोले जाएंगे।
इस अवसर पर केदारनाथ विधायक आशा नौटियाल सहित कई जनप्रतिनिधि, मंदिर समिति के पदाधिकारी, हक-हकूकधारी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। तुंगनाथ डोली यात्रा उत्तराखंड की समृद्ध धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का महत्वपूर्ण प्रतीक मानी जाती है।
मुजफ्फरनगर में पुलिस की कार्यशैली पर मुहर, एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट ने किया सम्मान
आशीष कुमार

मुजफ्फरनगर। जनपद में पुलिस प्रशासन द्वारा क्षेत्र में अपराध और गुंडागर्दी पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल के समय में पुलिस की सक्रियता से क्षेत्र में कानून व्यवस्था मजबूत हुई है और आमजन में सुरक्षा का माहौल बना है।

इसी सराहनीय कार्य को देखते हुए एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने SSP संजय कुमार वर्मा और नए SP ग्रामीण अक्षय माहदिक व (SP City) अमृत जैन को पटका पहनाकर और गुलदस्ता भेंट कर सम्मानित किया।

एंटी करप्शन जिला अध्यक्ष विक्की चावला ने कहा कि पुलिस की तत्परता और ईमानदार कार्यशैली से जनता को राहत मिली है और अपराधियों में भय का माहौल बना है।
पुलिस अधिकारियों ने इस सम्मान के लिए आभार जताते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह निष्पक्ष और सख्त कार्रवाई करते रहेंगे, ताकि क्षेत्र में शांति और कानून व्यवस्था कायम रहे। जिसमें मंडल अध्यक्ष विपिन सिंगल,जिला अध्यक्ष विक्की चावला, जिला उपाध्यक्ष संजय गोस्वामी, जिला महामंत्री मौo नदीम अंसारी,जिला सचिव रविकांत गोयला आदि मौजूद रहे।

आजमगढ़:-भव्य आयोजन में मनी भगवान परशुराम जयंती, ब्राह्मण समाज ने किया व्यक्तित्व-कृतित्व का गुणगान

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर तहसील क्षेत्र के अम्बारी पाण्डेय का पूरा में सोमवार को भगवान परशुराम की जयंती बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। यह आयोजन एक शादी समारोह के दौरान ब्राह्मण समाज कल्याण परिषद, तहसील फूलपुर इकाई के तत्वावधान में संपन्न हुआ, जिसमें समाज के गणमान्य लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित वक्ताओं ने भगवान परशुराम के जीवन, उनके आदर्शों और उनके द्वारा स्थापित सामाजिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि भगवान परशुराम केवल एक महान योद्धा ही नहीं, बल्कि धर्म, न्याय और सत्य के प्रतीक भी थे। उनके जीवन से समाज को अन्याय के खिलाफ खड़े होने और सदैव धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा मिलती है। इस अवसर पर पंडित देव नाथ पाण्डेय, केश भान पाण्डेय, सौरभ पाण्डेय, लोकेश पाण्डेय, पद्मेश पाण्डेय, त्रयम्बकेश्वर पाण्डेय, अंकित मिश्रा और मनीष तिवारी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में भगवान परशुराम के आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया और समाज में एकता एवं नैतिकता को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सिद्धेश्वर पाण्डेय ने की, जबकि संचालन पंडित देबनाथ पाण्डेय द्वारा किया गया। आयोजन के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया और एक-दूसरे को जयंती की शुभकामनाएं दीं।
सीबीआई करेगी अस्मिता मिश्रा हत्याकांड की जांच, हाई कोर्ट ने दिया आदेश
मुंबई। मुंबई के प्रसिद्ध समाजसेवी अमर मिश्रा की बेटी अस्मिता मिश्रा की ‘हत्या’ के मामले की जांच अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) करेगी। बॉम्बे हाई कोर्ट के न्यायाधीश द्वय सारंग कोतवाल और संदेश पाटिल की खंडपीठ ने 16 अप्रैल को इस आशय का आदेश सीबीआई को दिया। अमर मिश्रा मुंबई के उपनगर मालाड में रहते हैं। उनकी पुत्री अस्मिता मिश्रा (26) की शादी ठाणे जिले के मीरा रोड में रहने वाले मनीष मिश्रा के बेटे अभय मिश्रा के साथ 20 नवंबर 2021 को हुई थी। 12 मई 2022 को गौना हुआ था। गौने के बाद से ही मनीष मिश्रा अमर मिश्रा से उनके मीरा रोड के फ्लैट को अभय मिश्रा के नाम पर कर देने की ज़िद करने लगा। बहाने से 35 लाख रुपए कीमत का डायमंड भी मांगने लगा। इसको लेकर पूरा परिवार अस्मिता को प्रताड़ित करने लगा। अस्मिता का गर्भपात भी करवा दिया।
22 फरवरी 2023 को अस्मिता ने फ़ोन कर अमर मिश्रा को बताया कि ससुराल वालों ने उसकी पिटाई कर दी है। वे तलाक माँग रहे हैं। अमर मिश्रा ने पत्नी सहित अस्मिता से उसके ससुराल जाकर मुलाक़ात की तब माफी मांग कर शांत कर दिया। इस बीच 24 फरवरी 2023 को अभय मिश्रा ने अमर मिश्रा को सूचित किया कि अस्मिता ने फाँसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। अस्मिता को वॉकहार्ट हॉस्पिट मीरा रोड लाया है,   पंडित भीमसेन जोशी जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम हुआ।अमर मिश्रा रिश्तेदारों के साथ अस्पताल पहुंचे तो अस्मिता के शरीर पर चोट के निशान दिखे। शव की फोटो लेने लगे तो पति अभय मिश्रा ने धमकाया कि इसका परिणाम बुरा होगा। इधर काशीमीरा पुलिस स्टेशन का सीनियर इंस्पेक्टर संदीप कदम ADR लिखकर शांत बैठ गया था। वह अमर मिश्रा का कोई तर्क सुन ही नहीं रहा था। सोशल मीडिया पर अपील कर अमर मिश्रा ने 27 फरवरी 2023 को काशीमीरा पुलिस स्टेशन पर मोर्चा निकाल दिया। तब संदीप कदम ने आईपीसी की धारा 304(बी), 306, 420, 406, 313, 323, 498(ए), 504, r/w 34, 3 और 4 के तहत एफआईआर (संख्या-147/2023) दर्ज कर ससुर मनीष मिश्रा, सास प्रेमलता मिश्रा, ननद पायल मिश्रा, ननद पूर्णिमा मिश्रा और देवर जयराज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। पति अभय मिश्रा को बॉम्बे हाई कोर्ट से गिरफ्तारी पूर्व जमानत मिल गई।
अमर मिश्रा चाहते थे कि आरोपियों के ख़िलाफ़ हत्या का मामला दर्ज हो। परिस्थितियाँ बताती थीं कि यह स्पष्ट रूप से हत्या है। जैसे कि परिवार ने बताया था कि वे दरवाज़ा तोड़कर कमरे में गए। परंतु दरवाज़ा टूटने का कोई प्रमाण नहीं मिला। अस्मिता ने जिस ओढ़नी से फाँसी लगाई थी वह पंखे पर लटकी मिली जबकि पंचनामा में पुलिस ने लिखा कि वह बेड पर थी। अस्मिता के शव का पोस्टमार्टम करने वाली डॉक्टर तेजश्री सोनवणे ने लिखा था कि उसने सुबह 9.30 बजे से 10.30 बजे के बीच पोस्टमॉर्टम किया, जबकि बायोमीट्रिक अटेंडेंस सुबह 9.51.04 बजे आई थी।
पूरे मामले में ऐसी बहुत सी विसंगतियां मिलीं। अमर मिश्रा ने एडवोकेट घनश्याम उपाध्याय (लॉ ज्यूरिस) के मार्फ़त मामले की सीबीआई जाँच करवाने की मांग को लेकर बॉम्बे हाई में पिटीशन दाख़िल कर दी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने शुरुआत में ऑर्डर पास किया कि मामले की जाँच जे.जे. अस्पताल के सीनियर डॉक्टर से करायें। जे. जे. अस्पताल ने सीनियर डॉक्टर के बजाय जूनियर डॉक्टर से जांच करवा दी। उधर डॉक्टर तेजश्री सोनवणे कहती रही कि वह पोस्टमार्टम करना नहीं जानती। जूनियर डॉक्टर ने जांच रिपोर्ट में बताया कि यह आत्महत्या का मामला है। वकील घनश्याम उपाध्याय के युक्तिवाद से प्रेरित बॉम्बे हाई कोर्ट ने मामले को सीबीआई के सुपुर्द कर दिया।
डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जयंती पर चश्मा वितरण शिविर का आयोजन
मुंबई ।  भारतरत्न डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर की जयंती के अवसर पर विंध्य सामाजिक संस्था द्वारा कुर्ला पश्चिम स्थित सुंदरबाग क्षेत्र में चश्मा वितरण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्घाटन आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली एवं एडवोकेट कैलास आगवने के हाथों किया गया। इस अवसर पर बाबू बत्तेली, शैलेश सिंह, सिद्धार्थ लोमटे, अनिल लोंढे, अहमद शेख, संजय एल्लाड और शिवा पाणिग्रही उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का आयोजन पंकज शर्मा, अखिलेश गौड़, ईश्वर चंद, अख्तर खान, अमजद शेख, लियाकत खान, प्रतीक प्रजापति और अमित बिंद द्वारा किया गया। शिविर के दौरान नागरिकों की रक्तचाप (ब्लड प्रेशर) जांच भी की गई।
विद्यालय जमीन घोटाला: हाईकोर्ट सख्त, सरकार से दो हफ्ते में मांगा जवाब*

वैदिक विद्या मंदिर विद्यालय की जमीन बिक्री और व्यावसायिक उपयोग के आरोप*

हाईकोर्ट सख्त, जमीन बिक्री और दुरुपयोग पर सरकार से जवाब तलब*

रितेश मिश्रा
हरदोई । वैदिक विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से जुड़े गंभीर आरोपों पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय, लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। विद्यालय की भूमि के कथित अवैध विक्रय, संपत्ति के दुरुपयोग और परिसर में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सरकार को दो सप्ताह के भीतर स्पष्ट स्थिति बताने का निर्देश दिया है।

यह आदेश जनहित याचिका संख्या 325/2026 पर सुनवाई के दौरान पारित किया गया, जिसे याची विजय कुमार पाण्डेय द्वारा दायर किया गया है। अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे प्राथमिकता से सुनते हुए अगली सुनवाई की तिथि 28 अप्रैल निर्धारित की है।

आरोपों की प्रकृति: शिक्षा से व्यापार की ओर झुकाव
याचिका में आरोप लगाया गया है कि विद्यालय की गाटा संख्या 66, 67 और 68 की भूमि का अवैध रूप से विक्रय किया गया है। इसके साथ ही विद्यालय की संपत्ति का शैक्षिक उद्देश्यों के बजाय व्यावसायिक उपयोग किया जा रहा है। आरोप है कि विद्यालय परिसर में दुकानों का संचालन, निजी संस्थानों की गतिविधियां और अन्य व्यापारिक कार्य हो रहे हैं, जिससे शिक्षा का वातावरण प्रभावित हो रहा है।

याचिकाकर्ता ने यह भी कहा है कि इन गतिविधियों के चलते विद्यालय की मूल भावना और उद्देश्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। विद्यार्थियों के लिए बनाए गए शैक्षणिक माहौल में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है, जो न केवल शिक्षा के अधिकार का उल्लंघन है बल्कि संस्थान के अस्तित्व पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

*न्यायालय की सख्त टिप्पणी*

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की खंडपीठ द्वारा की गई। अदालत ने प्रथम दृष्टया आरोपों को गंभीर मानते हुए राज्य सरकार से विस्तृत जवाब मांगा है। राज्य सरकार की ओर से उपस्थित स्थायी अधिवक्ता ने अदालत से अनुरोध किया कि उन्हें इस मामले में संबंधित विभागों से आवश्यक निर्देश प्राप्त करने के लिए समय दिया जाए। इस पर न्यायालय ने दो सप्ताह का समय देते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई में सरकार को तथ्यों सहित अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।

*प्रबंधन पर मनमानी के आरोप*


याचिका में विद्यालय के प्रबंधन तंत्र पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। कहा गया है कि प्रबंधन द्वारा मनमाने तरीके से निर्णय लिए जा रहे हैं, जिससे संस्था की संपत्ति और संसाधनों का दुरुपयोग हो रहा है। यह भी आरोप है कि प्रबंधन ने नियमों की अनदेखी करते हुए विद्यालय की जमीन और परिसंपत्तियों का निजी लाभ के लिए उपयोग किया है। स्थानीय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर लंबे समय से असंतोष बताया जा रहा है। अभिभावकों और क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती जा रही है और शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।

*सरकारी तंत्र की भूमिका पर सवाल*

इस पूरे प्रकरण में सरकारी तंत्र की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए गए हैं। याचिका में कहा गया है कि संबंधित अधिकारियों को इन गतिविधियों की जानकारी होने के बावजूद उन्होंने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इससे यह संकेत मिलता है कि या तो लापरवाही बरती गई या फिर जानबूझकर मामले को नजरअंदाज किया गया। सूत्रों  का मानना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई, तो यह मामला अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी गलत उदाहरण बन सकता है। शिक्षा संस्थानों की संपत्ति का इस तरह से उपयोग शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता को प्रभावित करता है।

*शिक्षा पर पड़ता असर*

विद्यालय परिसर में व्यावसायिक गतिविधियों के संचालन से छात्रों के अध्ययन वातावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की बात भी सामने आई है। कक्षाओं के आसपास दुकानों और अन्य गतिविधियों के चलते शोर-शराबा और अव्यवस्था की स्थिति बनती है, जिससे विद्यार्थियों का ध्यान भंग होता है। इसके अलावा, संस्थान के संसाधनों का सही उपयोग न होने से शैक्षिक सुविधाओं में भी कमी आ सकती है। ऐसे में छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक असर पड़ना स्वाभाविक है।

*न्यायिक प्रक्रिया में अगला कदम*


अदालत ने स्पष्ट किया है कि यह मामला गंभीर प्रकृति का है और इससे शिक्षा व्यवस्था जुड़ी हुई है। इसलिए इसे हल्के में नहीं लिया जा सकता। दो सप्ताह के भीतर राज्य सरकार को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अगली सुनवाई 28 अप्रैल को निर्धारित की गई है, जिसमें यह देखा जाएगा कि सरकार ने क्या कदम उठाए हैं और क्या आरोपों में कोई सच्चाई पाई गई है।

*स्थानीय स्तर पर बढ़ी चिंता*

इस पूरे घटनाक्रम के बाद हरदोई क्षेत्र में चिंता का माहौल है। अभिभावक और स्थानीय नागरिक विद्यालय के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। उनका कहना है कि यदि जल्द ही सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो यह संस्थान पूरी तरह से खत्म होने की कगार पर पहुंच सकता है।
मुंबई भाजपा उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने किया नई टीम का ऐलान
मुंबई। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) मुंबई इकाई के अंतर्गत उत्तर भारतीय मोर्चा में संगठन को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम की संस्तुति पर उत्तर भारतीय मोर्चा के अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा ने अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर रविवार को नई टीम का ऐलान किया। प्रमोद मिश्रा ने बताया कि कार्यकारिणी का गठन समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि संगठन को अधिक सक्रिय और मजबूत बनाया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि नई टीम के गठन से मुंबई में भाजपा का जनाधार और विस्तृत होगा, खासकर उत्तर भारतीय समाज में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष प्रमोद मिश्रा सहित कुल 55 पदाधिकारियों और सदस्यों को शामिल किया गया है। इसमें 9 उपाध्यक्ष, 4 महामंत्री, 9 सचिव और 1 कोषाध्यक्ष सहित विभिन्न पदों पर नियुक्तियां की गई हैं।
उपाध्यक्ष पद पर मनोज सिंह, अजय शुक्ला, बबलू विश्वकर्मा, विजय यादव, बृजेश दुबे, विजय सिंह, राजेश यादव, चंदन तिवारी और प्रभाकर चतुर्वेदी को जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं दया शंकर यादव, अजित सिंह, एडवोकेट मनोज जायसवाल और विनय दुबे को महामंत्री बनाया गया है। सचिव पद पर राहुल यादव, डॉ. नूतन सिंह, शिव मिश्रा, कैलाश यादव, रविंद्र पांडेय, महेंद्र चौरसिया, सूर्यकांत शर्मा, राजेंद्र मिश्रा और जगत नारायण गुप्ता को नियुक्त किया गया है। इसके अलावा राजकुमार सिंह को कोषाध्यक्ष, आशीष मिश्रा को सोशल मीडिया प्रमुख, सचिन प्रजापति को सह-प्रमुख बनाया गया है। अन्य प्रमुख नियुक्तियों में मयंक शेखर को युवा प्रमुख, संध्या पाठक को महिला प्रमुख, ओम प्रकाश पांडे को कार्यालय प्रमुख, पारुल चौधरी को मीडिया प्रमुख और एडवोकेट नीलेश पंडित को विधि प्रमुख की जिम्मेदारी दी गई है। इसके साथ ही 23 कार्यकारिणी सदस्यों को भी संगठनात्मक दायित्व सौंपे गए हैं। प्रमोद मिश्रा ने कहा कि यह नई कार्यकारिणी संगठन में नई ऊर्जा का संचार करेगी और भाजपा के विचारों को घर-घर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, मुंबई भाजपा अध्यक्ष अमीत साटम और पार्टी के महामंत्री आचार्य पवन त्रिपाठी का आभार व्यक्त करते हुए सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और समर्पण भाव से कार्य करने का आह्वान किया।
लूटपाट के दौरान हुई मारपीट में एक घायल, पुलिस व घायल ने लिखाया मुकदमा

गोंडा।जिले के खरगूपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत स्थित खनवापुर में शनिवार देर रात हुई लूटपाट के  प्रयास के दौरान हुई मारपीट में एक व्यक्ति की मौत हो गई,जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया।घायल का लखनऊ मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है।इस मामले में पुलिस ने दो अलग अलग मुकदमा दर्ज किया है।यह घटना तब हुई जब थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद अपने खेत में भूसा बना रहे थ्रेसर को देखने पहुंचे थे।इसी दौरान एक कार्यक्रम से लौट रहे तीन युवक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत त्रिपाठी ने एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर हनुमान प्रसाद का मोबाइल छीनने का प्रयास किया और लूटपाट करने लगे।हनुमान प्रसाद किसी तरह वहाँ से भाग निकले और उन्होंने देवी प्रसाद तथा अपने ट्रैक्टर ड्राइवर कौशल को फोन कर घटना की सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंचे देवी प्रसाद और कौशल ने संजय चौबे को पकड़ा तो संजय चौबे ने अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट शुरू कर दिया।मारपीट के दौरान संजय चौबे ने अपने पास रखे चाकू से देवी प्रसाद के गले पर वार कर दिया,जिससे देवी प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गये।उन्हे इलाज के लिए लखनऊ भर्ती कराया गया है।इसी मारपीट में संजय चौबे (23) गंभीर रूप से घायल हो गये थे।स्थानीय लोगों द्वारा उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।खरगूपुर थाने की पुलिस ने मृतक संजय चौबे का पोस्टमार्टम कराया है।पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण स्पष्ट न होने के कारण बिसरा सुरक्षित कर जांच के लिए भेजा गया है।घायल देवी प्रसाद ने इस पूरी घटना को लेकर मृतक संजय चौबे, दीपक यादव और प्रशांत तिवारी के खिलाफ चाकू से हमला करने और थ्रेसर मालिक हनुमान प्रसाद के साथ लूटपाट करने का मुकदमा दर्ज कराया है।वहीं मृतक संजय चौबे के परिजनों द्वारा कोई तहरीर न दिये जाने पर खरगूपुर थाने की पुलिस ने स्वयं वादि बनकर देवी प्रसाद और अन्य अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है।मृतक की मां राजपति ने बताया कि बड़े बेटे अजय का 27 अप्रैल को तिलक व 5 मई को शादी तय थी।छोटे बेटे संजय की मौत से घर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया।वहीं क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय ने बताया कि मृतक की पहचान चौखड़िया गांव के संजय चौबे (23) के रुप में हुई है।उनके साथियों की पहचान परसरामपुर अहिरनपुरवा गांव के दीपक यादव व खनवापुर के प्रशांत तिवारी के रूप में हुई है।