अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा*
सुलतानपुर,जनपद में व्यापारियों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत रहने वाला एकमात्र संगठन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय व क्षेत्रीय प्रभारी अवध क्षेत्र अमर बहादुर सिंह के दिशा निर्देशन एंव जिला प्रभारी प्रवींद्र भालोटिया की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी की बैठक में जिला अध्यक्ष के रूप में पुनः विजय प्रधान को जिले की कमान सौंपते हुए जिला महामंत्री तेजिंदर सिंह को मनोनीत किया गया। वहीं वरिष्ठ जिला महामंत्री का दायित्व पहले की तरह ही अम्बरीश मिश्रा ही उठाएंगें, एडवोकेट आशीष तिवारी जिला कोषाध्यक्ष का दायित्व लेंगे। इसी के साथ ही मुख्य संरक्षक के रूप में विजय मिश्रा, जिला संगठन महामंत्री का दायित्व अमरचंद साहू को दिया गया, विक्रांत दुबे धर्मेंद्र सिंह बबलू, संतोष सिंह राज, को संगठन मंत्री का दायित्व मिला, विनय सिंह, आशुतोष झा, रमेश कसौधन, परितोष कसौधन, अंकुर तिवारी को जिला उपाध्यक्ष का दायित्व मिला, सुनील सिंह, चंद्रदेव मिश्रा, दिनेश कसौधन, दिनेश गिरी, दीपक मोदनवाल, राकेश कौशल, जिला मंत्री का दायित्व निभाएंगे, नारायण राय, अवधेश अग्रहरि,सर्वेश सिंह, सुधा सिंह, को मीडिया प्रभारी बनाया गया विधिक सलाहकार के लिए राहुल श्रीवास्तव( इनकम टैक्स) कुलदीप श्रीवास्तव( सेल टैक्स) सुरेंद्रनाथ दुबे (सिविल ) सत्य प्रकाश पांडे (फौजदारी) उत्कर्ष शुक्ला (सिविल) का दायित्व निभाएंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
नरसिंह खेलावन दुबे की स्मृति में विशाल कुश्ती प्रतियोगिता संपन्न
देवरिया। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी ग्राम- जगनचक, थाना- बनकटा, तहसील- भाटपार रानी स्थित दुबे स्टेटमेंट में स्वर्गीय नरसिंह खेलावन दुबे की पुण्यस्मृति में काली माई सेवा संस्था द्वारा कुश्ती प्रतियोगिता एवं दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जिला अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी तथा अन्तर्राष्ट्रीय पहलवान केशव सिंह के कर कमलों द्वारा हुआ। कार्यक्रम में विशेष अतिथी सभाकुँवर कुशवाहा विधायक भाटपार रानी, सम्मानित अतिथि अश्वनी कुमार सिंह भाजपा नेता, सम्मानित अतिथि श्रीमती बिंदा कुशवाहा ब्लॉक प्रमुख बनकटा, सम्मानित अतिथि अमित सिंह (बब्लू) ब्लॉक प्रमुख लार और साथ ही अन्य गणमान्य व क्षेत्र के सम्मानित अतिथि और जनता ने उपस्थित रहकर दंगल का आनंद लिया। कार्यक्रम के मार्गदर्शक जयप्रकाश दुबे, डॉ ओमप्रकाश दुबे ने अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर और सम्मान चिन्ह भेट कर सम्मानित किया और संस्था के पदाधिकारियों द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया।  यह पूरा कार्यक्रम संयोजक अमित दुबे के देख रेख में संपन्न हुआ। इस विशाल दंगल कुश्ती आयोजन में वाराणसी से रामनारायण पहलवान, छोटेलाल पहलवान, अंकित पहलवान, पप्पू पहलवान व गाजीपुर के राष्ट्रीय पहलवान बाबा महंगू दास पहलवान, हिमांशू पहलवान, जे पी पहलवान, राजवीर पहलवान, उपेंद्र पहलवान और गोरखपुर के अंकित पहलवान, बहादुर यादव पहलवान, कृष्णा पहलवान, लाला पहलवान, हेमंत पहलवान एवं क्षेत्रीय पहलवान उपस्थित रहे।
महा मुकाबले में बाबा निर्दोष दास पहलवान अयोध्या हनुमान गढ़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर वसंत थापा पहलवान, नेपाल और तीसरे स्थान पर पारस थापा पहलवान, नेपाल ने अपना स्थान बनाया। उन्हें ट्रॉफी व नगद पुरूस्कार से सम्मानित किया गया।
भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के सम्मान समारोह में पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र अउर पंचांग प्रदान भइल
संजीव सिंह बलिया। भोजपुरी पुनर्जागरण मंच द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह के आयोजन भइल, जवन में जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही द्वारा पदाधिकारी लोगन के प्रमाण पत्र अउर भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के पंचांग (कैलेंडर) प्रदान कइल गइल।जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही ने कहल कि भोजपुरी भाषा हमनी के आत्मा से निकलल बिचार ह, जवन हमनी के माई के गोदी में से बोलेलागेनינה जा। ई बहुत समृद्ध भाषा ह, एकराके फूहड़पन से बचाईजा अउर अश्लील गीत-गाना के बहिष्कार करिजा।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के जिला मंत्री धर्मात्मा यादव ने अपील कइल कि आप सभ लोग जनगणना के समय मातृभाषा के कालम में भोजपुरी जरूर लिखवाई। जिला उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव कहनी कि भोजपुरी हमनी के आन-बॉन शान ह। इ आठवीं अनुसूची में जब तक शामिल न हो जाई, तब तक संघर्ष जारी रही।समारोह में विनोद सिंह, गोपाल जी खरवार, भानु प्रताप, पवनकुमार, बैजनाथ प्रसाद सोनी, भीष्म सिंह आदि लोगन आपन विचार रखलन। ए कार्यक्रम भोजपुरी भाषा के संरक्षण अउर उत्थान लेल महत्वपूर्ण साबित भइल।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के सम्मान समारोह में पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र अउर पंचांग प्रदान भइलबलिया। भोजपुरी पुनर्जागरण मंच द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह के आयोजन भइल, जवन में जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही द्वारा पदाधिकारी लोगन के प्रमाण पत्र अउर भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के पंचांग (कैलेंडर) प्रदान कइल गइल।जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही ने कहल कि भोजपुरी भाषा हमनी के आत्मा से निकलल बिचार ह, जवन हमनी के माई के गोदी में से बोलेलागेनינה जा। ई बहुत समृद्ध भाषा ह, एकराके फूहड़पन से बचाईजा अउर अश्लील गीत-गाना के बहिष्कार करिजा।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के जिला मंत्री धर्मात्मा यादव ने अपील कइल कि आप सभ लोग जनगणना के समय मातृभाषा के कालम में भोजपुरी जरूर लिखवाई। जिला उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव कहनी कि भोजपुरी हमनी के आन-बॉन शान ह। इ आठवीं अनुसूची में जब तक शामिल न हो जाई, तब तक संघर्ष जारी रही।समारोह में विनोद सिंह, गोपाल जी खरवार, भानु प्रताप, पवनकुमार, बैजनाथ प्रसाद सोनी, भीष्म सिंह आदि लोगन आपन विचार रखलन। ए कार्यक्रम भोजपुरी भाषा के संरक्षण अउर उत्थान लेल महत्वपूर्ण साबित भइल।
संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
बाबा करशूलनाथ धाम के विकास कार्यों का विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया लोकार्पण
जौनपुर। विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने आज बदलापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाबा करशूलनाथ धाम करछुली, कंधीकला का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास कार्य का लोकार्पण किया।करशूलनाथ धाम का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास कार्य कुल लागत 02 करोड़ 33 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों को किया गया है।

पर्यटन विकास के अंतर्गत पक्के घाट, सीढ़ी, शौचालय निर्माण, सोलर लाइट स्थापना, कुर्सी स्थापना का कार्य किया गया है।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष  लवकुश सिंह, जिला पंचायत सदस्य आशीष सिंह आशु, मृगेंद्र सिंह शिवबाबा, महंत रिंकू महराज, ग्राम प्रधान राहुल मिश्र, अवधेश उपाध्याय, अरुण सिंह, उमा प्रताप सिंह, अजय सरोज, पीयूष सिंह, फौजदार सिंह, अखिलेश सिंह, जगदीश सिंह, जय सिंह,  सुशील सिंह, राकेश नाविक, मौनी महराज,  राजेश उपाध्याय, आलोक मिश्र, अमरनाथ यादव, श्रीमती पुष्पा निषाद, बब्बू सिंह, पप्पू सिंह, शिव मौर्य, मनोज मौर्य, अरविंद गौतम आदि उपस्थित रहे।
नवाबगंज में दो पक्षों के बीच मो रंग और पैसे को लेकर विवाद, एक की लाठी लगने से मौत हो गई, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाई तीन टीम
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में मोरंग और पैसे के लेन-देन को लेकर एक ही परिवार के चाचा भतीजों के बीच जमकर लाठी डंडे चलने से भतीजे की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं पुलिस क्षेत्र अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया था और घायलों को जिला अस्पताल लोहिया के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया जहां एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई है उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का मुख्य कारण मोरंग और पैसे का लेनदेन था और आक्रोश में आकर घटना को अंजाम दिया है उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें बना दी गई है जो जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल होगी।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में 27-28 फरवरी को ‘मीन महोत्सव का आयोजन

* इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में जुटेंगे 1000 से अधिक मत्स्य पालक
* आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और आय वृद्धि पर रहेगा विशेष फोकस – डॉ. संजय निषाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग द्वारा ‘मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो)’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।
यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है।

* आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
महोत्सव में किसानों की जमीनी समस्याओं के समाधान, नवीन तकनीकी नवाचारों की व्यवहारिक जानकारी, मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने, व्यापार वृद्धि, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, स्टैण्डी, हैंडबिल्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट्स के माध्यम से किया जाएगा। एलसीडी प्रोजेक्टर द्वारा मत्स्य पालन तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण होंगे तथा वेबकास्टिंग/यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

* तकनीकी संगोष्ठी और विशेषज्ञों से सीधा संवाद
महोत्सव में मत्स्य पालकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श आयोजित होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक, पोषण प्रबंधन एवं आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेष सत्र में प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं अनुभवी उद्यमियों द्वारा मत्स्य किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव पोषण सुरक्षा, व्यापार, एक्वा पर्यटन एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

* फिश फूड कोर्ट और प्रत्यक्ष आपूर्ति पर चर्चा
एक्सपो में विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के साथ ‘फिश फूड कोर्ट’ एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट मालिकों, कैटरर्स और विभागीय अधिकारियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों एवं कैटरर्स को मछली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि प्रत्यक्ष आपूर्ति से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी।
महोत्सव प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। सरकार मत्स्य पालन को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।
अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल ने की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा*
सुलतानपुर,जनपद में व्यापारियों के हितों के लिए सदैव संघर्षरत रहने वाला एकमात्र संगठन अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश मंत्री हिमांशु मालवीय व क्षेत्रीय प्रभारी अवध क्षेत्र अमर बहादुर सिंह के दिशा निर्देशन एंव जिला प्रभारी प्रवींद्र भालोटिया की अध्यक्षता में जिला कोर कमेटी की बैठक में जिला अध्यक्ष के रूप में पुनः विजय प्रधान को जिले की कमान सौंपते हुए जिला महामंत्री तेजिंदर सिंह को मनोनीत किया गया। वहीं वरिष्ठ जिला महामंत्री का दायित्व पहले की तरह ही अम्बरीश मिश्रा ही उठाएंगें, एडवोकेट आशीष तिवारी जिला कोषाध्यक्ष का दायित्व लेंगे। इसी के साथ ही मुख्य संरक्षक के रूप में विजय मिश्रा, जिला संगठन महामंत्री का दायित्व अमरचंद साहू को दिया गया, विक्रांत दुबे धर्मेंद्र सिंह बबलू, संतोष सिंह राज, को संगठन मंत्री का दायित्व मिला, विनय सिंह, आशुतोष झा, रमेश कसौधन, परितोष कसौधन, अंकुर तिवारी को जिला उपाध्यक्ष का दायित्व मिला, सुनील सिंह, चंद्रदेव मिश्रा, दिनेश कसौधन, दिनेश गिरी, दीपक मोदनवाल, राकेश कौशल, जिला मंत्री का दायित्व निभाएंगे, नारायण राय, अवधेश अग्रहरि,सर्वेश सिंह, सुधा सिंह, को मीडिया प्रभारी बनाया गया विधिक सलाहकार के लिए राहुल श्रीवास्तव( इनकम टैक्स) कुलदीप श्रीवास्तव( सेल टैक्स) सुरेंद्रनाथ दुबे (सिविल ) सत्य प्रकाश पांडे (फौजदारी) उत्कर्ष शुक्ला (सिविल) का दायित्व निभाएंगे।
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में डॉ. उपाध्याय ने 'बीज वक्ता' के रूप में बढ़ाया बलिया का मान
संजीव सिंह बलिया!बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी और उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दो-दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी 'बुंदेलखंड के साहित्य, समाज और संस्कृति में श्रीराम' में जनपद के लब्धप्रतिष्ठित विद्वान और प्रखर विचारक डॉ. विद्यासागर उपाध्याय ने अंतरराष्ट्रीय फलक पर जिले का मान बढ़ाया। डॉ. उपाध्याय को इस वैचारिक महाकुंभ में विशिष्ट अतिथि एवं 'बीज वक्ता' के रूप में आमंत्रित किया गया, जहाँ उन्होंने सनातन संस्कृति और रामकथा के अंतर्संबंधों का अत्यंत गंभीर और तार्किक विश्लेषण प्रस्तुत किया। इस वैश्विक मंच पर डॉ. उपाध्याय ने रामायण के एक मार्मिक प्रसंग का उल्लेख करते हुए श्रीराम के 'आतंकवाद विरोधी' स्वरूप की एक नवीन व्याख्या प्रस्तुत की। उन्होंने कहा कि जब श्रीराम ने ऋषियों की हड्डियों का विशाल पहाड़ देखा और अपने गुरु से इसका कारण पूछा, तब उन्हें ज्ञात हुआ कि ये उन महान ऋषियों के अवशेष हैं जिन्हें राक्षसों ने क्रूरतापूर्वक मार डाला था। डॉ. उपाध्याय ने इसके गहरे दार्शनिक अर्थ स्पष्ट करते हुए कहा कि उस युग में ज्ञान 'श्रुति परंपरा' अर्थात सुनकर याद रखने पर आधारित था, क्योंकि तब कागज और कलम की खोज नहीं हुई थी। ऐसे में ज्ञान प्रदान करने वाले एक भी ऋषि की हत्या का अर्थ केवल एक व्यक्ति की मृत्यु नहीं, बल्कि हजारों वर्षों की उस संचित ज्ञान परंपरा की हत्या थी जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक हस्तांतरित होती थी। असंख्य ऋषियों की हत्या के माध्यम से ज्ञान के इस समूल विनाश को देखकर श्रीराम की करुणा 'महाक्रोध' में परिवर्तित हो गई और उन्होंने उसी क्षण यह दृढ़ प्रण लिया कि लंका विजय तो बाद की बात है, वह पहले अपने घर में बैठे इन आततायी राक्षसों और ज्ञान-विरोधी 'आतंकवादियों' का वध करेंगे। डॉ. उपाध्याय ने रेखांकित किया कि राम का यह संकल्प वास्तव में वैश्विक सभ्यता और ज्ञान-संस्कृति को बचाने का विश्व इतिहास का पहला बड़ा सुरक्षा अभियान था। मुख्य व्याख्यान को आगे बढ़ाते हुए डॉ. उपाध्याय ने प्रतिपादित किया कि बुंदेलखंड की माटी में राम केवल एक आराध्य देव भर नहीं हैं, बल्कि वे यहाँ की संपूर्ण जीवन पद्धति के आधार हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओरछा के 'रामराजा' सरकार से लेकर गाँवों की चौपालों पर गाई जाने वाली 'फाग' और 'आल्हा' तक, राम बुंदेली समाज के प्रत्येक संस्कार और सांसों में रचे-बसे हैं। बुंदेलखंड के समृद्ध साहित्य ने राम के मर्यादा पुरुषोत्तम स्वरूप को लोक-भाषा के माध्यम से जन-जन के हृदय तक पहुँचाने का महती कार्य किया है। उनके अनुसार राम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति का पावन संगम ही वह अटूट सूत्र है, जो इस अंचल के समाज को कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नैतिकता, मर्यादा और धैर्य की शक्ति प्रदान करता है। डॉ. उपाध्याय का यह उद्बोधन न केवल अकादमिक दृष्टि से उत्कृष्ट रहा, बल्कि इसने अंतरराष्ट्रीय विद्वानों के सम्मुख बुंदेलखंड की सांस्कृतिक राष्ट्रवाद की चेतना को भी मजबूती से रखा। इस अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी की भव्यता का अनुमान इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें भारत के विभिन्न राज्यों सहित विश्व के दस प्रमुख देशों के दिग्गज विद्वानों ने श्रीराम के आदर्शों और बुंदेली संस्कृति के अंतर्संबंधों पर गहन मंथन किया। परिचर्चा में नार्वे से डॉ. शरद आलोक, बुल्गारिया से डॉ. मौना कौशिक, ऑस्ट्रेलिया से डॉ. भावना कुँअर, कुवैत से संगीता चौबे 'पंखुड़ी', दुबई से डॉ. आरती लोकेश, नीदरलैंड से डॉ. ऋतु शर्मा नन्नन पाण्डेय, न्यूज़ीलैंड से डॉ. सुनीता शर्मा, नेपाल से डॉ. श्वेता दीप्ति और सूरीनाम से लालाराम लैलावती एवं श्री धीरज कंधई जैसे अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। इस वैचारिक समागम में विभिन्न सत्रों के दौरान लगभग 100 शोध पत्रों का वाचन किया गया, जिससे रामकथा के वैश्विक और स्थानीय आयामों पर नई रोशनी पड़ी। आयोजन की गरिमा को बढ़ाते हुए कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रामायण केंद्र भोपाल के निदेशक प्रो. राजेश श्रीवास्तव एवं उत्तर प्रदेश हिन्दी संस्थान की संपादक डॉ. अमिता दुबे विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने की। इस ऐतिहासिक आयोजन की सफलता के मुख्य सूत्रधार कला संकाय के अधिष्ठाता एवं संयोजक प्रो. (डॉ.) पुनीत बिसारिया, कुलसचिव ज्ञानेंद्र कुमार, वित्त अधिकारी प्रमोद कुमार सिंह एवं परीक्षा नियंत्रक राज बहादुर रहे, जिनके प्रयासों से यह अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न हुई। डॉ. विद्यासागर उपाध्याय को इस वैश्विक मंच पर मुख्य वक्ता के रूप में सम्मानित होते देख जनपद के साहित्यकारों, शिक्षाविदों और शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ गई है। डॉ. गणेश पाठक, डॉ. जनार्दन राय, डॉ. अशोक कुमार सिंह, डॉ. धनंजय पाण्डेय, डॉ. मदन राम, करुणानिधि तिवारी, राधेश्याम यादव, हरेंद्र नाथ मिश्र और लल्लन पाण्डेय आदि ने डॉ. उपाध्याय को बधाई देते हुए इस उपलब्धि को समूचे क्षेत्र के लिए एक गौरवशाली क्षण बताया है।
नरसिंह खेलावन दुबे की स्मृति में विशाल कुश्ती प्रतियोगिता संपन्न
देवरिया। विगत वर्षों की तरह इस वर्ष भी ग्राम- जगनचक, थाना- बनकटा, तहसील- भाटपार रानी स्थित दुबे स्टेटमेंट में स्वर्गीय नरसिंह खेलावन दुबे की पुण्यस्मृति में काली माई सेवा संस्था द्वारा कुश्ती प्रतियोगिता एवं दंगल का भव्य आयोजन किया गया। इसका उद्घाटन जिला अध्यक्ष गिरीश चंद्र तिवारी तथा अन्तर्राष्ट्रीय पहलवान केशव सिंह के कर कमलों द्वारा हुआ। कार्यक्रम में विशेष अतिथी सभाकुँवर कुशवाहा विधायक भाटपार रानी, सम्मानित अतिथि अश्वनी कुमार सिंह भाजपा नेता, सम्मानित अतिथि श्रीमती बिंदा कुशवाहा ब्लॉक प्रमुख बनकटा, सम्मानित अतिथि अमित सिंह (बब्लू) ब्लॉक प्रमुख लार और साथ ही अन्य गणमान्य व क्षेत्र के सम्मानित अतिथि और जनता ने उपस्थित रहकर दंगल का आनंद लिया। कार्यक्रम के मार्गदर्शक जयप्रकाश दुबे, डॉ ओमप्रकाश दुबे ने अतिथियों को अंगवस्त्र पहनाकर और सम्मान चिन्ह भेट कर सम्मानित किया और संस्था के पदाधिकारियों द्वारा सभी सम्मानित अतिथियों को माल्यार्पण कर उनका स्वागत किया गया।  यह पूरा कार्यक्रम संयोजक अमित दुबे के देख रेख में संपन्न हुआ। इस विशाल दंगल कुश्ती आयोजन में वाराणसी से रामनारायण पहलवान, छोटेलाल पहलवान, अंकित पहलवान, पप्पू पहलवान व गाजीपुर के राष्ट्रीय पहलवान बाबा महंगू दास पहलवान, हिमांशू पहलवान, जे पी पहलवान, राजवीर पहलवान, उपेंद्र पहलवान और गोरखपुर के अंकित पहलवान, बहादुर यादव पहलवान, कृष्णा पहलवान, लाला पहलवान, हेमंत पहलवान एवं क्षेत्रीय पहलवान उपस्थित रहे।
महा मुकाबले में बाबा निर्दोष दास पहलवान अयोध्या हनुमान गढ़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।दूसरे स्थान पर वसंत थापा पहलवान, नेपाल और तीसरे स्थान पर पारस थापा पहलवान, नेपाल ने अपना स्थान बनाया। उन्हें ट्रॉफी व नगद पुरूस्कार से सम्मानित किया गया।
भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के सम्मान समारोह में पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र अउर पंचांग प्रदान भइल
संजीव सिंह बलिया। भोजपुरी पुनर्जागरण मंच द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह के आयोजन भइल, जवन में जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही द्वारा पदाधिकारी लोगन के प्रमाण पत्र अउर भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के पंचांग (कैलेंडर) प्रदान कइल गइल।जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही ने कहल कि भोजपुरी भाषा हमनी के आत्मा से निकलल बिचार ह, जवन हमनी के माई के गोदी में से बोलेलागेनינה जा। ई बहुत समृद्ध भाषा ह, एकराके फूहड़पन से बचाईजा अउर अश्लील गीत-गाना के बहिष्कार करिजा।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के जिला मंत्री धर्मात्मा यादव ने अपील कइल कि आप सभ लोग जनगणना के समय मातृभाषा के कालम में भोजपुरी जरूर लिखवाई। जिला उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव कहनी कि भोजपुरी हमनी के आन-बॉन शान ह। इ आठवीं अनुसूची में जब तक शामिल न हो जाई, तब तक संघर्ष जारी रही।समारोह में विनोद सिंह, गोपाल जी खरवार, भानु प्रताप, पवनकुमार, बैजनाथ प्रसाद सोनी, भीष्म सिंह आदि लोगन आपन विचार रखलन। ए कार्यक्रम भोजपुरी भाषा के संरक्षण अउर उत्थान लेल महत्वपूर्ण साबित भइल।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के सम्मान समारोह में पदाधिकारियों को प्रमाण पत्र अउर पंचांग प्रदान भइलबलिया। भोजपुरी पुनर्जागरण मंच द्वारा एक भव्य सम्मान समारोह के आयोजन भइल, जवन में जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही द्वारा पदाधिकारी लोगन के प्रमाण पत्र अउर भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के पंचांग (कैलेंडर) प्रदान कइल गइल।जिला अध्यक्ष राघवेन्द्र प्रताप राही ने कहल कि भोजपुरी भाषा हमनी के आत्मा से निकलल बिचार ह, जवन हमनी के माई के गोदी में से बोलेलागेनינה जा। ई बहुत समृद्ध भाषा ह, एकराके फूहड़पन से बचाईजा अउर अश्लील गीत-गाना के बहिष्कार करिजा।भोजपुरी पुनर्जागरण मंच के जिला मंत्री धर्मात्मा यादव ने अपील कइल कि आप सभ लोग जनगणना के समय मातृभाषा के कालम में भोजपुरी जरूर लिखवाई। जिला उपाध्यक्ष अजय श्रीवास्तव कहनी कि भोजपुरी हमनी के आन-बॉन शान ह। इ आठवीं अनुसूची में जब तक शामिल न हो जाई, तब तक संघर्ष जारी रही।समारोह में विनोद सिंह, गोपाल जी खरवार, भानु प्रताप, पवनकुमार, बैजनाथ प्रसाद सोनी, भीष्म सिंह आदि लोगन आपन विचार रखलन। ए कार्यक्रम भोजपुरी भाषा के संरक्षण अउर उत्थान लेल महत्वपूर्ण साबित भइल।
संजय सेतु के विकल्प में डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा
* 72 लाख की कटौती के बाद 8.24 करोड़ का नया एस्टीमेट, जल्द बजट मिलने की उम्मीद

रामनगर, बाराबंकी। घाघरा नदी पर स्थित संजय सेतु की जर्जर हालत को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में प्रस्तावित डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव लोक निर्माण विभाग ने पुनः शासन को प्रेषित कर दिया है।
पूर्व में लगभग 8.96 करोड़ रुपये की लागत से तैयार प्रस्ताव पर आपत्ति के बाद विभाग ने 72 लाख रुपये की कटौती करते हुए नया प्रस्ताव करीब 8.24 करोड़ रुपये का भेजा है।
एनएचएआई के अवर अभियंता अनंत मौर्य के अनुसार, संशोधित एस्टीमेट में लागत घटाए जाने से स्वीकृति की संभावना बढ़ गई है। शासन से मंजूरी मिलते ही निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभागीय आकलन के मुताबिक पीपा पुल का निर्माण लगभग एक माह में पूरा किया जा सकता है।
गौरतलब है कि संजय सेतु लगभग 1200 मीटर लंबा और करीब 42 वर्ष पुराना है। सेतु के कई जोड़ों में क्षति होने के कारण मरम्मत कार्य आवश्यक हो गया है। मरम्मत के दौरान यातायात प्रभावित न हो, इसके लिए डबल लेन पीपा पुल बनाने की योजना तैयार की गई है। निर्माण के लिए आवश्यक पीपे प्रयागराज से मंगाए जाएंगे।
स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से शीघ्र स्वीकृति प्रदान कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि आवागमन सुचारु बना रहे और किसी भी आकस्मिक स्थिति से बचा जा सके।

मुख्य बिंदु -
* डबल लेन पीपा पुल का संशोधित प्रस्ताव शासन को भेजा गया
* कुल लागत 8.96 करोड़ से घटाकर लगभग 8.24 करोड़ रुपये की गई
* 72 लाख रुपये की लागत में कटौती
* निर्माण कार्य लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा कराया जाएगा
* स्वीकृति के बाद लगभग एक माह में निर्माण संभव
* संजय सेतु 1200 मीटर लंबा और 42 वर्ष पुराना
* मरम्मत के दौरान यातायात सुचारु रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था
* स्थानीय लोगों ने शीघ्र निर्णय की मांग की
बाबा करशूलनाथ धाम के विकास कार्यों का विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने किया लोकार्पण
जौनपुर। विधायक रमेश चंद्र मिश्र ने आज बदलापुर विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत बाबा करशूलनाथ धाम करछुली, कंधीकला का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास कार्य का लोकार्पण किया।करशूलनाथ धाम का जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण व पर्यटन विकास कार्य कुल लागत 02 करोड़ 33 लाख की लागत से विभिन्न विकास कार्यों को किया गया है।

पर्यटन विकास के अंतर्गत पक्के घाट, सीढ़ी, शौचालय निर्माण, सोलर लाइट स्थापना, कुर्सी स्थापना का कार्य किया गया है।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, पूर्व मंडल अध्यक्ष  लवकुश सिंह, जिला पंचायत सदस्य आशीष सिंह आशु, मृगेंद्र सिंह शिवबाबा, महंत रिंकू महराज, ग्राम प्रधान राहुल मिश्र, अवधेश उपाध्याय, अरुण सिंह, उमा प्रताप सिंह, अजय सरोज, पीयूष सिंह, फौजदार सिंह, अखिलेश सिंह, जगदीश सिंह, जय सिंह,  सुशील सिंह, राकेश नाविक, मौनी महराज,  राजेश उपाध्याय, आलोक मिश्र, अमरनाथ यादव, श्रीमती पुष्पा निषाद, बब्बू सिंह, पप्पू सिंह, शिव मौर्य, मनोज मौर्य, अरविंद गौतम आदि उपस्थित रहे।
नवाबगंज में दो पक्षों के बीच मो रंग और पैसे को लेकर विवाद, एक की लाठी लगने से मौत हो गई, आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस ने बनाई तीन टीम
फर्रुखाबाद। नवाबगंज थाना क्षेत्र में मोरंग और पैसे के लेन-देन को लेकर एक ही परिवार के चाचा भतीजों के बीच जमकर लाठी डंडे चलने से भतीजे की मौत हो गई जबकि कई लोग घायल हुए हैं पुलिस क्षेत्र अधिकारी अजय कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर पुलिस फोर्स मौके पर पहुंच गया था और घायलों को जिला अस्पताल लोहिया के लिए एंबुलेंस के जरिए भेजा गया जहां एक व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई है उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच हुए विवाद का मुख्य कारण मोरंग और पैसे का लेनदेन था और आक्रोश में आकर घटना को अंजाम दिया है उन्होंने कहा कि तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए तीन टीमें बना दी गई है जो जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफल होगी।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
केंद्र का बना टेक्निकल पोर्टल दे रहा धोखा, स्वास्थ्य कर्मियों को एक साल से नहीं मिला मानदेय
फर्रुखाबाद । राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के दर्जनों पदाधिकारियों ने बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय बंसल को दिया है जिसमें कहा है कि टेक्निकल पोर्टल बने होने से कर्मचारियों को 1 साल से अधिक हो गया है मानदेय का पैसा अभी तक उनके खाते में नहीं भेजा गया है जिसके चलते कर्मचारियों में रोष व्याप्त है आक्रोशित कर्मचारियों ने नगर मजिस्ट्रेट को दिए ज्ञापन में कहा कि यदि जल्द मानदेय का भुगतान नहीं किया गया तो कर्मचारी भुखमरी की खबर पर पहुंच जाएगा क्योंकि आय का साधन न होने से कर्ज लेकर परिवार का पालन पोषण किया जा रहा है।
उत्तर प्रदेश में 27-28 फरवरी को ‘मीन महोत्सव का आयोजन

* इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, लखनऊ में जुटेंगे 1000 से अधिक मत्स्य पालक
* आधुनिक तकनीक, उद्यमिता और आय वृद्धि पर रहेगा विशेष फोकस – डॉ. संजय निषाद
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मत्स्य विकास विभाग द्वारा ‘मीन महोत्सव (एक्वा एक्सपो)’ का आयोजन 27 एवं 28 फरवरी 2026 को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान, गोमतीनगर, लखनऊ में किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में देश एवं प्रदेश के प्रख्यात वैज्ञानिक, मत्स्य उद्यमी तथा प्रदेश के विभिन्न जनपदों से लगभग 1000 मत्स्य पालक भाग लेंगे।
यह जानकारी मत्स्य विकास विभाग के कैबिनेट मंत्री डॉ. संजय कुमार निषाद ने गोमतीनगर स्थित होटल ताज में आयोजित प्रेसवार्ता में दी। उन्होंने बताया कि एक्सपो का उद्देश्य मत्स्य क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों का प्रसार, उद्यमिता संवर्धन तथा मत्स्य पालकों की आय में वृद्धि के लिए एक समन्वित मंच उपलब्ध कराना है।

* आधुनिक तकनीक और नवाचार पर जोर
महोत्सव में किसानों की जमीनी समस्याओं के समाधान, नवीन तकनीकी नवाचारों की व्यवहारिक जानकारी, मत्स्य पालन को अधिक लाभकारी एवं टिकाऊ बनाने, व्यापार वृद्धि, एक्वा पर्यटन को बढ़ावा देने तथा पोषण सुरक्षा जैसे विषयों पर विशेष फोकस रहेगा।
कार्यक्रम के दौरान लगभग 50 प्रतिष्ठित कंपनियों द्वारा औद्योगिक प्रदर्शनी एवं स्टॉल लगाए जाएंगे। विभागीय योजनाओं का प्रचार-प्रसार बैनर, पोस्टर, स्टैण्डी, हैंडबिल्स, ब्रोशर एवं पम्पलेट्स के माध्यम से किया जाएगा। एलसीडी प्रोजेक्टर द्वारा मत्स्य पालन तकनीकों पर पावर प्वाइंट प्रस्तुतिकरण होंगे तथा वेबकास्टिंग/यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रदेश के सभी 75 जनपदों में सीधा प्रसारण किया जाएगा।

* तकनीकी संगोष्ठी और विशेषज्ञों से सीधा संवाद
महोत्सव में मत्स्य पालकों, उद्यमियों एवं वैज्ञानिकों के बीच तकनीकी संगोष्ठी एवं विचार-विमर्श आयोजित होगा। आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, रोग नियंत्रण, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज उत्पादन, वैल्यू एडिशन, विपणन, निर्यात संभावनाएं, बायोफ्लॉक, पोषण प्रबंधन एवं आरएएस प्रणाली जैसे विषयों पर विशेष तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे।
विशेष सत्र में प्रख्यात वैज्ञानिकों एवं अनुभवी उद्यमियों द्वारा मत्स्य किसानों से सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा, जिससे वे अपनी समस्याओं का समाधान प्राप्त कर सकेंगे। इस कार्यक्रम का व्यापक प्रभाव पोषण सुरक्षा, व्यापार, एक्वा पर्यटन एवं प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

* फिश फूड कोर्ट और प्रत्यक्ष आपूर्ति पर चर्चा
एक्सपो में विभिन्न प्रकार के मत्स्य व्यंजनों के साथ ‘फिश फूड कोर्ट’ एवं प्रोटीन जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
प्रेसवार्ता से पूर्व होटल एवं रेस्टोरेंट मालिकों, कैटरर्स और विभागीय अधिकारियों के साथ एक इंटरेक्टिव सेशन आयोजित हुआ, जिसमें मत्स्य पालकों से सीधे होटलों एवं कैटरर्स को मछली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा की गई। सुझाव दिया गया कि प्रत्यक्ष आपूर्ति से मत्स्य पालकों को बेहतर मूल्य मिलेगा तथा उपभोक्ताओं को ताजी मछली उपलब्ध हो सकेगी।
महोत्सव प्रदेश के मत्स्य किसानों एवं उद्यमियों के लिए एक सशक्त मंच सिद्ध होगा। सरकार मत्स्य पालन को आधुनिक, लाभकारी एवं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है, जिससे रोजगार सृजन, आय वृद्धि और सतत विकास सुनिश्चित हो सके।