गुरुजी की जयंती पर शिक्षा का उजियारा: मुख्यमंत्री ने स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड के तहत बांटे 12 करोड़ के ऋण पत्र।
रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने रविवार को दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के मौके पर राज्य के नौजवानों के साथ सीधा संवाद किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बाबा (शिबू सोरेन) भले ही आज शारीरिक रूप से हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके संघर्ष और विचार झारखंड के हर गरीब, मजदूर और किसान के लिए मार्गदर्शक बने रहेंगे।
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शिक्षा ऋण में झारखंड अव्वल मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ बताया कि झारखंड देश का एकमात्र राज्य है जो गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से मात्र 4% के मामूली ब्याज पर 15 लाख रुपये तक का लोन दे रहा है। उन्होंने कहा कि अब आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में बाधा नहीं बनेगी।
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रोजगार नहीं, 'अव्वल' बनाने की तैयारी नौजवानों को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा, "हम आपको सिर्फ सरकारी नौकरियों के भरोसे नहीं छोड़ना चाहते। हम आपको इस काबिल बनाना चाहते हैं कि आप दुनिया की किसी भी प्रतिस्पर्धा में खड़े होकर खुद को अव्वल साबित कर सकें।"
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मुख्यमंत्री द्वारा दी गई प्रमुख सौगातें
योजना/सौगात मुख्य विवरण
गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड 55 लाभार्थियों को ₹12 करोड़ का ऋण स्वीकृति पत्र। अब तक 2430 छात्र लाभान्वित।
सीएम फैलोशिप योजना 23 रिसर्च स्कॉलर्स को ₹25-25 हजार की स्कॉलरशिप राशि प्रदान की गई।
ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्नातक/स्नातकोत्तर के विद्यार्थियों हेतु 17,000 इंटर्नशिप के अवसर और ₹10,000 स्टाइपेंड।
डिजिटल डैशबोर्ड और चैटबोट योजनाओं की जानकारी और सहभागिता बढ़ाने हेतु एआई (AI) आधारित तकनीक का शुभारंभ।
मास्टर सोबरेन मांझी पुस्तकालय बोकारो में अत्याधुनिक पुस्तकालय और गुरुजी रात्रि पाठशाला की शुरुआत।
नवाचार: विलेज नॉलेज रजिस्टर (Village Knowledge Register)
मुख्यमंत्री ने "द ग्रास रूट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम" की शुरुआत की। इसके तहत 4-4 विद्यार्थियों की टीम राज्य की 4345 पंचायतों में जाएगी। ये विद्यार्थी स्थानीय नवाचार (Innovation), पारंपरिक ज्ञान और हस्तकला की पहचान कर उसे डिजिटल 'विलेज नॉलेज रजिस्टर' में दर्ज करेंगे, ताकि झारखंड की धरोहर को सुरक्षित रखा जा सके।
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WORC (वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गनाइजेशन) के बैनर तले आयोजित 'जनसंख्या नियंत्रण अभियान' के तहत सहभागिता सुनिश्चित करने वाली महिलाओं/सहयोगियों को एक समारोह आयोजित कर सम्मानित किया गया। सम्मान समारोह के दौरान मंच पर पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख, NHRM के विशेष सचिव शशि प्रकाश, तक्षशिला विद्यापीठ के प्रबंध निदेशक अशोका नन्द झा, सुभाष राय,कृष्णधन खवाड़े, रमेश बाजला, डॉ राजेश प्रसाद, प्रो रामनन्दन सिंह, रीता चौरसिया, डॉ राजेश प्रसाद, जे सी राज, बिनोद सुल्तानिया दौरान संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारम्भ किया गया।
स्वागत उद्बोधन के दौरान डॉ एन डी मिश्रा ने सभी अतिथियों का स्वागत करने के पश्चात् कहा कि WORC(वर्ल्ड रिस्पांसिबल सिटीजन ऑर्गनाइजेशन) यानी विश्व दाइत्यवान संगठन के नाम से ही प्रतीत होता है कि इसका निर्माण राष्ट्र के निर्माण में सहयोग के लिए किया गया है। इसके साथ ही उन्होंने WORC के पिछले कार्यकालपों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि मगडीहा गांव को पूर्णतः जनसंख्या नियंत्रित करने के बाद भोड़ा जमुआ, महापुर, मगडीहाऔर बिंझा पंचायत के 10 गांव को शिक्षा, स्वास्थ्य और जनसंख्या नियंत्रण को लक्ष्य कर गोद लिया गया एवं
नए सत्र में उन गांव के 56 महिलाओं का बंध्याकरण कराया गया है, आज उन्ही महिलाओं और उनके प्रेरक को सम्मानित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सारे समस्याओं की जड़ अनियंत्रित जनसंख्या है। कृष्णधन खवाड़े ने कहा कि जनसंख्या देश की प्रगति में सबसे बड़ा बाधक है। पुराने समय में अशिक्षा और जागरूकता के आभाव के कारण जनसंख्या बढ़ोतरी एक विकारल रूप ले चूका है। लेकिन डॉ एन डी मिश्रा की मुहीम स्वागत योग्य है क्यूंकि इन्होंने पहले जागरूकता फिर बंध्याकरण का रास्ता अपनाया है। अशोकानंद झा ने कहा कि जनसंख्या का मुद्दा देश और दुनिया को प्रभावित करने वाला मुद्दा है।
ऐसे में डॉ एन डी मिश्रा का यह अभियान स्वागत योग्य है कि इन्होने समाज की चुनौतियों को स्वीकार करते हुए इसमें सुधार का बीड़ा उठाया है। शशि प्रकाश ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण का कार्यक्रम सरकारें भी अपने अपने स्तर से चलाती है लेकिन संस्थाएं अगर आगे आती है तो अभियान अपने मुकाम पर जरूर पहुंचेगा। उन्होंने आगे कहा कि अगर भारत में जनसंख्या नियंत्रित रहेगा तो रोजगार और अन्य दबाबों पर राहत रहेगी। उन्होंने इसके लिए समाज को भी आगे आने का आह्वान किया। पूर्व मंत्री बादल पत्रलेख ने कहा कि डॉ एन डी मिश्रा ने WORC के बैनर तले जो जनसंख्या नियंत्रण का जो बीड़ा उठाया गया है
सही मायने में यही राष्ट्र निर्माण है। इन्होने जिस गांव के निर्माण का जिम्मा उठाया है उससे बहुत दूर तक असर हो रहा है। उम्मीद है यह आग पुरे देश की परिदृश्य बदल देगा। इस दौरान उपरोक्त के अलावा डॉ नीलचंद्र सिद्धांत, गोपाल कृष्ण शर्मा, संजय मिश्र, सुबोध झा, एस डी मिश्रा, उमाकांत सिंह, रूपाश्री, डॉ पल्लवी, गुड्डु बंका, मणिकांत पाठक, जवाहर सिंह, डॉ नीतू, कुमार कौशिक, राजेंद्र गुप्ता, राजीव रंजन, सोनम चौधरी, रविशंकर साह, डॉ हर्ष, मो जमरुद्दीन इत्यादि उपस्थित थे। मंच संचालन रामसेवक सिंह गुंजन और राकेश राय ने किया।
विज्ञान प्रदर्शनी में बच्चों विभिन्न मॉडलों के माध्यम से मन मोह लिया

आजमगढ़ जिले के कप्तानगंज थाना क्षेत्र से एक बेहद गंभीर और प्रभावशाली मामला सामने आया है, जहाँ सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए राजस्व टीम के साथ बदसलुकी, मारपीट और धमकी दी गई। मामला कौड़िया गांव का है। गांव निवासी एक व्यक्ति की शिकायत पर एसडीएम के आदेशानुसार राजस्व टीम और पुलिस बल चकमार्ग गाटा संख्या 366 व 345 की पैमाइश करने मौके पर पहुँची थी। लेकिन पैमाइश के दौरान कुछ दबंगों ने सरकारी टीम पर जानबूझकर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राजाराम पुत्र स्व. रामपलट, शनि राजभर पुत्र चन्द्रभान राजभर, जय सिंह पुत्र राजाराम, राम सिंह पुत्र राजाराम सिंह और शेर सिंह राणा पुत्र राजाराम ने मिलकर राजस्व टीम के कार्य में बाधा डाली। आरोप है कि इन लोगों ने न केवल पैमाइश की जंजीर फेंक दी, बल्कि नक्शा भी फाड़ दिया और टीम के साथ धक्का-मुक्की करने लगे। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों को देख लेने की खुली धमकी दी और कहा कि “कौड़िया चौराहे पर देख लेंगे”, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम के निर्देश पर कप्तानगंज पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहन जांच में जुट गई है। इस पूरे मामले पर एसडीएम अभय राज पाण्डेय ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा कि “राजस्व टीम के साथ बदसलुकी और सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। कानून अपना काम करेगा।” इस घटना के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं आम जनता में भी रोष देखा जा रहा है। सवाल यह है कि जब सरकारी अमला ही सुरक्षित नहीं, तो कानून व्यवस्था का क्या हाल है? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी सख्ती दिखाता है और आरोपियों पर कब तक कार्रवाई होती है।

हजारीबाग जिले में लगातार हो रही जंगली हाथियों की घटनाओं को लेकर कांग्रेस पार्टी के पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान सदर प्रखंड अंतर्गत चुटियारो पंचायत के सरौनी गांव में जंगली हाथी के हमले में युवक आदित्य राणा की दर्दनाक मृत्यु हो गई थी। इस हृदयविदारक घटना की जानकारी मिलते ही मुन्ना सिंह पीड़ित परिवार के घर पहुंचे और शोकाकुल परिजनों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की क्षति है। इस घटना में आदित्य राणा की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हैं। मुन्ना सिंह ने घायल महिला से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और समुचित एवं बेहतर इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हर स्तर पर सहायता दिलाने के लिए वे प्रशासन से लगातार संपर्क में हैं। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि क्षेत्र में जंगली हाथियों का बढ़ता आतंक बेहद चिंताजनक है। वन्यजीव–मानव संघर्ष के कारण आम गरीब और मेहनतकश ग्रामीण अपनी जान गंवा रहे हैं, लेकिन अब तक प्रशासन द्वारा कोई ठोस और स्थायी समाधान नहीं किया गया है। उन्होंने मांग किया कि हाथियों की आवाजाही पर नियंत्रण, निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं।





41 min ago
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