आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
लखनऊ में हेमवती नंदन बहुगुणा जयंती समारोह, सीएम योगी ने प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

  • योजना भवन में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, रीता बहुगुणा जोशी, महापौर सुषमा खरकवाल समेत कई नेता रहे मौजूद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर शनिवार को राजधानी लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, उनके पुत्र मयंक जोशी तथा लखनऊ महापौर सुषमा खरकवाल भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने कहा कि आज उनकी पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल में जन्मे बहुगुणा जी ने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेता के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए, वहीं केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्व. बहुगुणा का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

आयुक्त एवं आईजी लखनऊ ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा

हरदोई मल्लावां आगामी 29 अप्रैल को  प्रधानमंत्री  द्वारा प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण एवं जनसभा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने के दृष्टिगत आज आयुक्त, लखनऊ मंडल, लखनऊ विजय विश्वास पंत एवं आईजी, लखनऊ रेंज, लखनऊ किरण एस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मल्लावां में आयोजित इस बैठक में जनपद हरदोई सहित कन्नौज, उन्नाव, शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद के जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी हरदोई अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा द्वारा जनपद में की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा आगंतुक गणमान्य व्यक्तियों एवं आमजन के सुगम आवागमन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त, लखनऊ मंडल विजय विश्वास पंत द्वारा अधिकारियों के साथ आमजन की सुविधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशित किया गया कि जनसभा में आने वाले नागरिकों के लिए विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था एवं मोबाइल शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। आईजी, लखनऊ रेंज किरण एस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास सुगम यातायात संचालन हेतु प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए तथा पार्किंग स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाए कि आमजन को न्यूनतम दूरी पैदल तय करनी पड़े। साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी जनपदों के पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया
तुलसीपुर- नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन की स्थानीय इकाई द्वारा मधुरिमा इन के सभा कक्ष में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक यूनानी अधिकारी डा. दिग्विजय नाथ के अपर निदेशक(आयुष) गाजीपुर के पद पर प्रोन्नत पाकर तबादला होने पर विदाई व उनके स्थान पर आए डा. संजय कुमार का अभिनंदन समारोह आयोजित किया।
   कार्यक्रम की शुरुआत में नीमा अध्यक्ष डा. मो.शरीफ खान व मौजूद सभी आयुष चिकित्सकों द्वारा अधिकारीगण को माल्यार्पण व पुष्पगुच्छ तथा स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मान किया गया।
डा. मो.शरीफ खान ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि आज जिले का नीमा परिवार एक ऐसे मार्गदर्शक को विदाई देने जा रहा है जिन्होंने न केवल पद की गरिमा को बनाए रखा बल्कि हम सभी को परिवार का सदस्य समझा,जो अधिकारी नहीं हमारे संरक्षक रहे।आज विदाई के मौके पर दिल भारी है लेकिन आपके प्रोन्नत पर हम नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं देते हैं साथ ही विश्वास करते हैं कि वहां भी आप अपनी लगन,ईमानदारी और नेतृत्व क्षमता से आयुष चिकित्सा को नई ऊंचाइयो पर ले जाएंगे। महामन्त्री डा. रवि मिश्र ने कहा कि आपके सतत प्रयास से आयुष चिकित्सकों का पंजीयन अब 5 वर्षो के लिए व अपनी विधा के साथ शासन द्वारा अनुमन्य एलोपैथिक दवाओं के माध्यम से भी मरीजों के उपचार की सुविधा दी है।डा. दिग्विजय नाथ ने कहा कि विगत 8 वर्षों से नीमा संगठन पूरी तरह से हमारा सहयोग करता रहा है चाहे वो आपदा काल रहा हो या फिर सुदूर ग्रामीण अंचलों से स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से सेवा भाव रहा हो और समय समय पर शासन द्वारा स्वास्थ्य जागरूकता व टीकाकरण कार्यक्रमों में भी इनकी भागीदारी सराहनीय रही है।ज़िला प्रशासन से भी मैंने कई बार कहा कि मुझे बिना जानकारी दिए क्लीनिक पर छापेमारी की कार्यवाही न कि जाए आपसे से भी अनुरोध है कि नियमानुसार बिना भय के सभी चिकित्सीय कार्य करते हैं साथ ही क्लिनिक पर स्वस्च्छ्ता का भी ध्यान रखें।नवागंतुक डा. संजय कुमार ने भी अपने पूर्ववर्ती समकक्ष के अनुसार कार्य किए जाने को लेकर सभी को विश्वास दिलाया आप सभी निर्विध्न रूप से अपना   चिकित्सीय कार्य करें कहीं कोई भी परेशानी नहीं होगी।कार्यक्रम का संचालन डा. अभिषेक सिन्हा ने किया।
डा वलीउल्लाह खा,डा मुश्ताक खा,डा प्रदीप दुबे,डा संतोष सिंह,डा. आर एन यादव,डा जुबेर,डा मनोज कुमार,डा राहुल,डा वसीम,डा जमील,अवनीश सिंह सहित जिले भर के चिकित्सक मौजूद रहे।
स्मार्ट प्रीपेड मीटर और बिजली कटौती के विरोध में कांग्रेसियों ने किया विरोध प्रदर्शन
जौनपुर। स्मार्ट प्रीपेड मी योजना तथा विद्युत कटौती के विरोध में कांग्रेस ब्लॉक कमेटी, बदलापुर के अध्यक्ष महात्मा प्रसाद शुक्ल के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने आज विद्युत उपकेंद्र, बदलापुर कार्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया और राज्यपाल को संबोधित 6 सूत्रीय मांगों का एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर योजना को पूरी तरह से समाप्त किया जाए तथा पहले की तरह पारंपरिक मीटर लगाया जाए। सरकार द्वारा इस दिशा में गठित समिति में जनता की सहभागिता तय की जाए। विद्युत व्यवस्था को जनहित करी पारदर्शी और सस्ती बनाई जाए ताकि आम आदमी कठिनाई का सामना न करना पड़े। ज्ञापन में कहा गया है कि भीषण गर्मी के बीच विद्युत कटौती दुर्भाग्यपूर्ण है। पूरे समय तक बिजली दिया जाना चाहिए। इस अवसर पर महात्मा प्रसाद शुक्ल के अतिरिक्त पूर्व मंडल अध्यक्ष कमला प्रसाद तिवारी, प्रभारी जिला सचिव विनोद त्रिपाठी, गामा निषाद, मुंशी राजा, फूलचंद यादव, बाबूराम यादव, सोनू मौर्य,सांवले प्रजापति, विनोद कश्यप शेरे आलम, अरविंद पाल, रामकरन पाल, जमुना प्रसाद ,प्रवेश शुक्ला, गुड्डू खरवार, विजय अग्रवाल, मुन्ना शुक्ला समेत अनेक कांग्रेसी उपस्थित रहे।
फिर संकट में सीईसी ज्ञानेश कुमार, हटाने की मांग हुई तेज, राज्यसभा में दिया गया नया नोटिस

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मुख्‍य चुनाव आयुक्‍त की मुश्किले एक बार फिर बढ़ती दिख रही है। विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ राज्‍यसभा में नोटिस दिया है। ससे पहले भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसद के दोनों सदनों में नोटिस जारी किया गया था, जिसे स्‍पीकर और चेयरमैन ने खारिज कर दिया था। अब एक बार फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नोटिस दिया गया है।

73 सदस्यों का नोटिस पर हस्ताक्षर

कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सदस्य जयराम रमेश ने बताया कि संसद के उच्च सदन के 73 सदस्यों के हस्ताक्षर वाला यह नोटिस राज्यसभा के महासचिव पी सी मोदी को दिया गया है। उन्होंने कहा कि सीईसी के खिलाफ अब नौ विशिष्ट आरोप हैं जिन्हें काफी विस्तार से दस्तावेजीकृत किया गया है और इन्हें आसानी से नकारा या खारिज नहीं किया जा सकता।

18 मार्च के पीएम मोदी के संबोधन का भी जिक्र

नए प्रस्ताव में सांसदों ने ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने 'आचार संहिता लागू करने में लगातार पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है।' सांसदों ने 18 मार्च को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 29 मिनट के भाषण का हवाला दिया, जिसे दूरदर्शन, संसद टीवी और आकाशवाणी पर लाइव प्रसारित किया गया था। पत्र में आरोप लगाया गया है कि यह भाषण उसी दिन तमिलनाडु के कोयंबटूर में चुनाव प्रचार के दौरान दिए गए भाषण से 'लगभग समान' था।

बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के बाद विपक्ष की मुहिम

विपक्ष ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपनी ताजा मुहिम तब शुरू की है, जब पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड 92% मतदान और तमिलनाडु में भी रिकॉर्ड टूटने की वजह से भारत के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने भी सुप्रीम कोर्ट में बंगाल एसआआर पर सुनवाई के दौरान खुशी जताई है। सुप्रीम कोर्ट ने इसे मजबूत लोकतांत्रिक प्रक्रिया का संकेत बताया है। जबकि, टीएमसी ने शुरू से एसआईआर के लिए चुनाव आयोग और सीईसी ज्ञानेश कुमार का विरोध किया है।

पहले भी लाया जा चुका है प्रस्ताव

इससे पहले लोकसभा के 130 और राज्यसभा के 63 विपक्षी सदस्यों ने बीते 12 मार्च को दोनों सदनों में कुमार के खिलाफ नोटिस सौंपा था। विपक्षी सांसदों ने अपने पहले के नोटिस में मुख्य निर्वाचन आयुक्त कुमार पर कार्यपालिका के इशारे पर काम करने का आरोप लगाया था। इसके अलावा, उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के माध्यम से लोगों को बड़े पैमाने पर मताधिकार से वंचित करने का भी आरोप लगाया था। हालांकि राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन और लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने छह अप्रैल को इसे अस्वीकार कर लिया था।

लालगंज को टीबी मुक्त बनाने का लिया संकल्प, 35 मरीजों को भेंट की गई पोषक पोटली
मीरजापुर। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालगंज के सभागार में शनिवार को लालगंज स्वास्थ्य केंद्र के अधीक्षक डॉक्टर संजय सिंह द्वारा 35 क्षय रोगियों को पोषण पोटली अपने हाथों  भेंट किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि क्षय रोग नियंत्रण अभियान के तहत टीबी मुक्त भारत बनाने के क्रम में शासन स्तर से जांच और ईलाज की सुविधा निः शुल्क प्रदान करने की प्रक्रिया जारी है। इसी क्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी ने लालगंज ब्लॉक पर 35 टीबी मरीजों को पोषण पोटली भेंट कर सराहनीय कार्य किया है। डाक्टर कैलाश कुमार बिंद ने कहा कि आप सभी अपने अपने क्षेत्र में टीबी के प्रति लोगों को जागरूक करें साथ ही टीबी मरीजों को नियमित दवा सेवन करने के लाभ के विषय में जानकारी देते हुए लालगंज ब्लॉक को टीबी मुक्त ब्लॉक बनाने में अपना योगदान दें। रेड क्रॉस  सोसाइटी के कार्य की सराहना करते हुए कहा कि मरीज के हित में यह पहल एक सराहनीय और मददगार पहल है। वरिष्ठ उपचार पर्यवेक्षक शमीम अहमद ने कहा कि इस नेक कार्य में सम्मानित और सक्षम लोगों को निश्चय मित्र बनकर हिस्सा लेने की आवश्यकता है, जिससे लालगंज ब्लॉक टीबी मुक्त ब्लॉक बन सकें। इस दौरान  डॉक्टर कैलाश बिंद, डॉक्टर राजेश पटेल, डॉक्टर पंकज, शमीम अहमद, नीरज कुमार सिंह, एलटी मुकेश कुमार सिंह, राजेश श्रीवास्तव, अभिषेक, संदीप कुमार यादव, शेष नारायण सरोज, भोला, साहब अहमद, रामनारायण आदि लोग उपस्थित रहें।
लखनऊ में हेमवती नंदन बहुगुणा जयंती समारोह, सीएम योगी ने प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि

  • योजना भवन में आयोजित कार्यक्रम में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, रीता बहुगुणा जोशी, महापौर सुषमा खरकवाल समेत कई नेता रहे मौजूद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की जयंती पर शनिवार को राजधानी लखनऊ में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने योजना भवन स्थित उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, विधायक नीरज बोरा, पूर्व सांसद रीता बहुगुणा जोशी, उनके पुत्र मयंक जोशी तथा लखनऊ महापौर सुषमा खरकवाल भी मौजूद रहीं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि देश की राजनीति के महत्वपूर्ण स्तंभ थे। उन्होंने कहा कि आज उनकी पावन जयंती पर उनकी स्मृतियों को नमन करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की जा रही है।

सीएम योगी ने कहा कि पौड़ी गढ़वाल में जन्मे बहुगुणा जी ने भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भागीदारी निभाई थी। इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्र नेता के रूप में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री और मंत्री के रूप में उल्लेखनीय कार्य किए, वहीं केंद्र सरकार के कई मंत्रालयों में भी अपनी सेवाएं दीं। उन्होंने कहा कि स्व. बहुगुणा का व्यक्तित्व और कृतित्व वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक की सांसदी रद्द करने की मांग, पार्टी छोड़ने वालो के लिए आप का दांव

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आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने बगावत कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है। शुक्रवार 24 अप्रैल आप को तब बड़ा झटका लगा जब उसके 7 राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ने और बीजेपी में शामिल होने की घोषणा की। इस बगावत की अगुवाई राघव चड्ढा ने किया।

इन सांसदों ने दिया आप को झटका

राघव चड्ढा के साथ जिन सांसदों ने आप छोड़ी, उनमें संदीप पाठक, स्वाति मालीवाल, अशोक मित्तल, विक्रमजीत साहनी, राजेंद्र गुप्ता और पूर्व क्रिकेटर हरभजन सिंह शामिल हैं। इनमें से 6 सांसद पंजाब से और एक दिल्ली से है, जिससे पंजाब की राजनीति पर इसका सीधा असर पड़ना तय माना जा रहा है।

उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग

अब आम आदमी पार्टी ने राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण उनकी राज्यसभा सदस्यता अयोग्य घोषित करने की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि वह बीजेपी में शामिल होने के लिए राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को उच्च सदन से अयोग्य घोषित करने की मांग करेंगे।

संजय सिंह ने क्या कहा?

संजय सिंह ने एक्स पर लिखा, "मैं माननीय राज्यसभा सभापति को एक पत्र प्रस्तुत करूंगा, जिसमें राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक को भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के कारण राज्यसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित करने की मांग की जाएगी, क्योंकि यह संविधान की दसवीं अनुसूची के अंतर्गत स्वेच्छा से अपनी पार्टी की सदस्यता त्यागने के समान है।"

क्या है दल-बदल कानून?

भारतीय संविधान के 10वीं अनुसूची के तहत 'दल-बदल विरोधी कानून' को 1985 में लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राजनीति में पार्टी बदलने वाले चलन को रोकना और जनता के द्वारा चुनी गई सरकारों में स्थिरता लाना है। आसान शब्दों में कहें तो अगर कोई सांसद या विधायक अपनी मर्जी से उस पार्टी को छोड़ता है जिसके टिकट पर वह चुनाव जीता है या सदन में अपनी पार्टी के व्हिप के खिलाफ जाकर वोट करता है तो उसकी सदन की सदस्यता खत्म की जा सकती है। 10वीं अनुसूची का खंड 4 कहता है कि अगर किसी दल के दो-तिहाई (2/3) सदस्य एक साथ टूटकर किसी अन्य दल में मिलते हैं तो उन पर यह कानून लागू नहीं होता और उनकी सदस्यता बरकरार रहती है।

समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास

  • 8 दिन में सुधार नहीं, तो प्रदेशभर में चक्का जाम: जीतू पटवारी

भोपाल। किसानों की समस्याओं को लेकर कांग्रेस सेवादल का 24 घंटे का किसान सत्याग्रह एवं उपवास आज सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। दोपहर 12 बजे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सेवादल के प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया। इस अवसर पर संकल्प लिया गया कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, यह संघर्ष जारी रहेगा।

सत्याग्रह को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री जीतू पटवारी ने कहा कि सेवादल का यह अभियान तथाकथित "मोदी की गारंटी" को जमीन पर लागू करवाने के उद्देश्य से चलाया गया है। उन्होंने सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा: सरकार ने गेहूं की खरीदी ₹2700 प्रति क्विंटल करने का वादा किया था, लेकिन किसान अपनी उपज ₹1800 या उससे कम दाम पर बेचने को मजबूर हैं।

यदि किसान का गेहूं ₹2700 से कम दाम पर बिका है, तो बीच की राशि सरकार ने चोरी की है। इसके लिए सीधे तौर पर प्रधानमंत्री मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और वर्तमान मुख्यमंत्री मोहन यादव जिम्मेदार हैं। खरीदी केंद्रों पर तौल और अन्य अनियमितताएं व्याप्त हैं। यदि 8 दिनों के भीतर व्यवस्थाएं नहीं सुधरीं, तो बड़वानी से लेकर ग्वालियर-चंबल तक आगरा-मुंबई हाईवे जाम किया जाएगा

उपवास समाप्ति के बाद सेवादल प्रदेशाध्यक्ष अवनीश भार्गव ने कहा कि यह सत्याग्रह केवल एक शुरुआत है। उन्होंने प्रमुख मुद्दे उठाते हुए कहा:

1. फसल बीमा: प्रदेश में बीमा के नाम पर किसानों से सरेआम लूट हो रही है।

2. उत्पीड़न: प्रशासन 'नरवाई' के नाम पर किसानों पर फर्जी प्रकरण दर्ज कर उन्हें प्रताड़ित करना बंद करे।

3. ऋण वसूली: फसल खरीदी की अंतिम तिथि को ही ऋण वसूली की आखिरी तारीख तय की जाए, ताकि किसानों पर मानसिक दबाव न बने।

सत्याग्रह के समापन पर भोपाल और आसपास के क्षेत्रों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाई। इसके पश्चात, किसानों की मांगों को लेकर मध्यप्रदेश कांग्रेस सेवादल की ओर से महामहिम राज्यपाल महोदय के नाम एक ज्ञापन भी सौंपा गया।

  • कार्यक्रम में प्रमुख उपस्थिति

सत्याग्रह के समापन अवसर पर उपाध्यक्षद्वय सुखदेव पांसे, पूर्व मंत्री पी.सी. शर्मा, महेन्द्र जोशी, CWC सदस्य मीनाक्षी नटराजन, पूर्व विधायक शैलेंद्र पटेल, अ.भा. कांग्रेस सेवादल के सचिव एवं म.प्र. प्रभारी पी.एन.मिश्रा साथ ही सेवादल प्रदेश महिला अध्यक्ष श्रीमती संगीता कांकरिया, मीनाक्षी जायसवाल, यंग ब्रिगेड अध्यक्ष गजानंद गज्जू तिवारी, जिला कांग्रेस अध्यक्ष (भोपाल)प्रवीण सक्सेना, अनोखीमानसिंह पटेल, श्रीमती जयश्री हरिकरण, शैलेन्द्र पटेल, गोविंद गोयल, चन्द्रकांत दुबे, आसिफ जकी, प्रदीप मोनू सक्सेना, जितेन्द्र डागा, अरूण श्रीवास्तव, अभिषेक शर्मा, जिला सेवादल अध्यक्ष निहाल अहमद, लोकेश दांगी सहित सेवादल के वर्दीधारी पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।

आयुक्त एवं आईजी लखनऊ ने की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक
रितेश मिश्रा

हरदोई मल्लावां आगामी 29 अप्रैल को  प्रधानमंत्री  द्वारा प्रस्तावित गंगा एक्सप्रेस-वे के लोकार्पण एवं जनसभा कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं भव्य रूप से सम्पन्न कराने के दृष्टिगत आज आयुक्त, लखनऊ मंडल, लखनऊ विजय विश्वास पंत एवं आईजी, लखनऊ रेंज, लखनऊ किरण एस की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। मल्लावां में आयोजित इस बैठक में जनपद हरदोई सहित कन्नौज, उन्नाव, शाहजहांपुर एवं फर्रुखाबाद के जिला एवं पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा प्रतिभाग किया गया।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी हरदोई अनुनय झा एवं पुलिस अधीक्षक अशोक मीणा द्वारा जनपद में की जा रही तैयारियों के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण किया गया। उन्होंने कार्यक्रम स्थल की सुरक्षा व्यवस्था, जनसभा के लिए की गई व्यवस्थाओं तथा आगंतुक गणमान्य व्यक्तियों एवं आमजन के सुगम आवागमन हेतु तैयार की गई कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त, लखनऊ मंडल विजय विश्वास पंत द्वारा अधिकारियों के साथ आमजन की सुविधाओं के संबंध में विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देशित किया गया कि जनसभा में आने वाले नागरिकों के लिए विद्युत आपूर्ति, शुद्ध पेयजल, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था एवं मोबाइल शौचालयों की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध रूप से पूर्ण कर ली जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा उत्पन्न न हो। आईजी, लखनऊ रेंज किरण एस द्वारा सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। उन्होंने निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल के आसपास सुगम यातायात संचालन हेतु प्रभावी रूट डायवर्जन प्लान तैयार किया जाए तथा पार्किंग स्थलों का चयन इस प्रकार किया जाए कि आमजन को न्यूनतम दूरी पैदल तय करनी पड़े। साथ ही, सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करते हुए सभी जनपदों के पुलिस बल को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
बैठक उपरांत जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक द्वारा अधिकारियों के साथ कार्यक्रम स्थल का स्थलीय निरीक्षण भी किया गया तथा संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी तैयारियों को गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।
गढ़वा DC ने राजस्व अधिकारियों को दी सख्त हिदायत: 30 दिन में निपटाएं दाखिल-खारिज, लेटलतीफी पर होगी कार्रवाई

गढ़वा :- समाहरणालय गढ़वा स्थित सभागार में उपायुक्त अनन्य मित्तल की अध्यक्षता में राजस्व विभाग से संबंधित कार्यों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक सम्पन्न किया गया। बैठक में मुख्य रूप से दाखिल-खारिज, राजस्व संग्रहण, झारसेवा पोर्टल, पीएम किसान, भूमि सीमांकन, सर्टिफिकेट इश्यू, लैंड ट्रांसफर, नामांतरण, लैंड डिस्प्यूट के मामले, भू-अर्जन, अतिक्रमण समेत अन्य कार्यों की समीक्षा की गई। बैठक के प्रारंभ में उपायुक्त श्री मित्तल द्वारा विभिन्न अंचलों से प्राप्त अद्यतन प्रतिवेदन के आधार पर बिंदुवार समीक्षा किया गया। दाखिल-खारिज संबंधित मामलों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने जिले के विभिन्न अंचलों को 30 दिनों के अंदर दाखिल-खारिज के मामले का निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। किसी भी आवेदन को बिना किसी कारण 30 या 90 दिनों या इससे अधिक दिनों तक लंबित नही रखने का निर्देश दिया गया। अंचल कार्यालय से निर्गत होने वाले विभिन्न प्रमाण पत्रों को लेकर भी उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर प्रमाण पत्र निर्गत करने की बात कही। समीक्षा के दौरान प्रतिवेदन के अनुसार पोर्टल पर राजस्व संबंधी विभिन्न कार्यों से जुड़े मामलों की समीक्षा के क्रम में कई आवेदन लंबित पाए गए, जिसका निष्पादन अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया गया। भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदनों पर अमीन के द्वारा तय समय पर भूमि सीमांकन करने का निर्देश दिया गया। कुछ कार्यों में पेंडेंसी को लेकर उपायुक्त ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की एवं सभी अंचल अधिकारी एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों को सक्रिय होकर कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं उन्होंने कहा कि कोई भी कार्य जानबूझकर लंबित न रखें, मामलों का निष्पादन तय समयसीमा एवं प्राथमिकता के आधार पर करें। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत सभी पेंडिंग कार्यों यथा- म्यूटेशन, डीमार्केसन, सर्टिफिकेट इश्यू, डिस्प्यूट लैंड इत्यादि को ससमय निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। अपेक्षाकृत पुअर परफॉर्मेंस प्रदर्शित करने वाले अंचल अधिकारियों एवं संबंधित पदाधिकारियों पर नाराजगी व्यक्त की गई एवं कारणपृच्छा करने का निर्देश दिया गया।

वहीं भूमि विवाद से संबंधित मामलों के निबटारे हेतु सभी अंचल अधिकारियों एवं अनुमंडल पदाधिकारियों समेत संबंधित पदाधिकारी को आवश्यक दिशा निर्देश निर्गत किया गया एवं भूमि सीमांकन हेतु प्राप्त आवेदन/शिकायत पर त्वरीत संज्ञान लेते हुए अविलंब कार्रवाई करने की बात कही गई। साथ ही लगान अपडेशन/त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त आवेदन पर नियमानुसार अविलंब आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु निदेशित किया गया। समीक्षा के क्रम में राजस्व संबंधी उपरोक्त मामलों में कुछ अंचलों की दयनीय स्थिति प्रदर्शित हुई जिससे नाराज होते हुए अगले बैठक तक सभी मामले को निष्पादित करने का निर्देश दिया गया। उन्होंने इस प्रकार के किसी भी मामले का निष्पादन 30 दिनों के भीतर करने की बात कही। 90 दिनों, 120 दिनों या इससे अधिक दिनों तक पेंडिंग रहने वाले मामलों को रिव्यू का अंग नहीं बताया तथा ऐसा होने पर संबंधित पदाधिकारी पर निश्चित रूप से कार्रवाई करने की बात कही गई।

वहीं इस जिला स्तरीय राजस्व विभाग की समीक्षात्मक बैठक में अपर समाहर्ता राज महेश्वरम, अनुमंडल पदाधिकारी गढ़वा संजय कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी श्री बंशीधर नगर प्रभाकर मिर्धा, अनुमंडल पदाधिकारी रंका रुद्र प्रताप, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी संजय प्रसाद, भूमि सुधार उप समाहर्ता गढ़वा रविश राज सिंह, एवं सभी प्रखंड के अंचल अधिकारी समेत अन्य संबंधित पदाधिकारी भी उपस्थित थें।

Sambhal बिजली संकट पर भड़के किसान: फसलें सूख रहीं, स्मार्ट मीटर के खिलाफ बड़ा आंदोलन चेतावनी
सम्भल जनपद में बिजली संकट को लेकर किसानों का गुस्सा सड़कों पर फूट पड़ा। भारतीय किसान यूनियन (असली) के बैनर तले किसानों ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए बिजली विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश प्रवक्ता जयवीर सिंह यादव ने बताया कि सम्भल डिवीजन के हसनपुर मुंजबता क्षेत्र सहित कई गांवों में बिजली आपूर्ति बेहद खराब है, जिससे खेतों तक पानी नहीं पहुंच पा रहा और फसलें बर्बादी के कगार पर हैं।

किसानों का कहना है कि उन्हें तीन-तीन दिन बाद बिजली मिल रही है, जिससे मक्का की तैयार फसल झुलस रही है। पहले ही आलू की फसल में नुकसान झेल चुके किसान अब पूरी तरह टूटने की कगार पर हैं। उनका सवाल है कि अगर फसल ही नहीं बचेगी तो परिवार का पालन-पोषण कैसे होगा। वहीं, पल्था गांव में बिजली लाइन की समस्या को लेकर भी किसानों ने विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया। उनका कहना है कि लंबे समय से शिकायत के बावजूद लाइन ठीक नहीं कराई गई, जिससे गांव अंधेरे में डूबा हुआ है। इसके अलावा स्मार्ट मीटर को लेकर भी किसानों में भारी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि जबरन लगाए जा रहे स्मार्ट मीटरों से 15-15 दिन में 5 से 7 हजार रुपये तक के बिजली बिल आ रहे हैं, जिससे गरीब और मजदूर वर्ग की कमर टूट रही है। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने अधिशासी अभियंता के नाम ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि यदि 30 अप्रैल तक समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।