शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता का आयोजन
लहरपुर सीतापुर क्षेत्र के ग्राम चंदेसुआ में आयोजित किया गया शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता। रविवार को पंडित हरिद्वार लाल स्मृति महिला महाविद्यालय, चन्देसुआ, के तत्वावधान में ज्ञान खोज प्रतियोगिता–2026 का सफल आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा स्नातक एवं परास्नातक स्तर तक के 1500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार पांडे सरल ने बताया कि ज्ञान खोज प्रतियोगिता का परिणाम निर्णायक मंडल द्वारा आगामी 15 मार्च को किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा उन्होंने बताया कि क्षेत्र के मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज लहरपुर, आदर्श कैलाश नाथ इंटर कॉलेज लहरपुर,बीएलएसडी पब्लिक स्कूल खनियापुर, बांकेलाल छैल बिहारी इंटर कॉलेज उमरिया, राजकुमार इंटर कॉलेज सेखनापुर, ओएनजीसी कम्युनिटी स्कूल पैतला, श्याम श्याम पब्लिक स्कूल ककराही, इंद्रेश वर्मा बाल विद्या मंदिर महादेव, अटरा, पब्लिक इंटर कॉलेज महादेव सहित क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया, उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, बौद्धिक क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना तथा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
भा,कि,यू टिकैत हस्ताक्षर अभियान चलाएगी
फोटो 9 भारतीय किसानयूनियन

फर्रुखाबाद l जनपद में बन रहे लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जा रही है किसान और भारतीय किसान यूनियन टिकैत अब सर्किल रेट न बढ़ाए जाने पर विरोध कर रहा है इसके लिए 14 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा इसी परिवेक्ष में किसान यूनियन टिकैत लिंक एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांव गांव बैठके कर के किसानों से बड़ी संख्या में मुख्यालय आने का आवाहन किया जा रहा है l ब्लॉक मोहम्मदाबाद के ग्राम मानपुर, लुखरियाई, बराकेशव, नीमकरोरी एवं नवाबगंज में की जिनमें किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी 43 गांवों में लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही जमीनों के सर्किल रेट अगर भी बड़े तो विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसमें बोलते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि जनपद में एक तरफ बाढ का प्रकोप दूसरी तरफ लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जिला के अधिकारी जबरदस्ती अधिग्रहण करना चाहते हैं जबकि सूबे के मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके है कि किसानों का जमीनों के साथ भावनात्मक रिश्ता होता है इनके साथ जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए जनपद के प्रतिनिधि भी किसानों के लिये सोचे सिर्फ़ वोट लेकर घर बैठना ही राजनीति करना भी होता किसान यूनियन द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय खुद लेना जनप्रतिनिधियों की आदत हो गई है अबकी बार ऐसा नहीं होगा हम अबकी बार जनपद के सांसद और विधायक सर्किल रेट बढ़वाए अगर वह इसे बढ़वाने में विफल होते है तब किसान यूनियन सर्किल रेट बढ़वाना जानती है 14 फरवरी को जिला मुख्यालय पर 72 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा यदि इस पर भी बात नहीं बनी तो फिर लिंक एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देगा |
इस अवसर जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य,जिला महासचिव अभय यादव,जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार,युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत,जिला प्रचार मंत्री राजेश यादव,जिला सचिव पुजारी कटियार,जिला सहसचिव दिनेश सिंह,सदर तहसील महासचिव रजत गंगवार,ब्लॉक मोहम्मदाबाद अध्यक्ष बड़े यादव,प्रेम चंद्र यादव,अर्पित गंगवार,संजीव मिश्रा,पप्पू यादव,नवीन यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे |
आजमगढ़:-अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में जागरण व भंडारा , शामिल हुए हजारों भक्त
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात समाजसेवी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में बनवाए गए दिव्य और भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर में आज श्री राम मानस प्रचार समिति  द्वारा मां भगवती का विशाल जागरण व भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। लल्लन तिवारी ने अपने हाथों से भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। उनके साथ मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडे, भोर भ्रमण परिवार के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, समाजसेवी अभयराज चौबे ने भी महाप्रसाद का वितरण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीराम मानस प्रचार समिति के संस्थापक श्रीराम दुबे, अध्यक्ष वीरेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष बबलू पांडे, सुशील त्रिपाठी, दिनेश दुबे, जमीदार मिश्रा, रामप्रवेश तिवारी , संजय श्रीवास्तव , नीरज तिवारी, विनोद पांडे, अशोक मिश्रा, संजय दुबे,डीएम मिश्रा ,अनिल गुप्ता, हौसिला शुक्ला, दाढ़ी तिवारी, संतोष मिश्रा, पप्पू तिवारी की सक्रिय भूमिका रही । समाजसेवी पीजी सिंह तथा समाजसेवी अमित उपाध्याय का विशेष योगदान रहा।
अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
दो विद्यार्थियों ने जेआरएफ एवं दो नेट हेतु क्वालीफाई*
सुल्तानपुर/अमेठी,रणवीर रणंजय पी जी कॉलेज, एम. कॉम के चार विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया। कॉमर्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रणविजय सिंह के निर्देशन और निरंतर मार्गदर्शन में रिचिता पाण्डेय और सुरभि सिंह ने JRF औऱ प्रियाम्बिका सिंह, दिग्विजय सिंह ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण किया। विद्यार्थियों ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के उचित मार्गदर्शन को दिया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर कॉलेज प्राचार्य और महाविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
आजमगढ़ : अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर को उपलब्ध कराना है। जिस क्षेत्र का शिक्षास्तर सर्वोत्तम होता हैं ,वह क्षेत्र अपने आप विकसित हो जाता है । क्योंकि शिक्षा से ही सभ्य समाज की संरचना की जा सकती है । प्रधानाचार्य संकेत माथुर ने बताया कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के छात्र और छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है । जिससे बच्चो में आत्म निर्भरता आ सके । वही मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा के माध्यम से क्षेत्र के शामिल होने वाले बच्चो में उत्साह भरना है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अनवार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ सोहराब सिद्दीकी क्षेत्र के बच्चो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा का सराहनीय कार्य शुरू किया है ।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता का आयोजन
लहरपुर सीतापुर क्षेत्र के ग्राम चंदेसुआ में आयोजित किया गया शैक्षणिक प्रतिभा का महाकुंभ ज्ञान खोज प्रतियोगिता। रविवार को पंडित हरिद्वार लाल स्मृति महिला महाविद्यालय, चन्देसुआ, के तत्वावधान में ज्ञान खोज प्रतियोगिता–2026 का सफल आयोजन किया गया जिसमें क्षेत्र के समस्त विद्यालयों एवं महाविद्यालयों के कक्षा 6 से 8, कक्षा 9 से 12 तथा स्नातक एवं परास्नातक स्तर तक के 1500 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यालय प्रबंधक अजय कुमार पांडे सरल ने बताया कि ज्ञान खोज प्रतियोगिता का परिणाम निर्णायक मंडल द्वारा आगामी 15 मार्च को किया जाएगा और प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाएगा उन्होंने बताया कि क्षेत्र के मॉडर्न पब्लिक इंटर कॉलेज लहरपुर, आदर्श कैलाश नाथ इंटर कॉलेज लहरपुर,बीएलएसडी पब्लिक स्कूल खनियापुर, बांकेलाल छैल बिहारी इंटर कॉलेज उमरिया, राजकुमार इंटर कॉलेज सेखनापुर, ओएनजीसी कम्युनिटी स्कूल पैतला, श्याम श्याम पब्लिक स्कूल ककराही, इंद्रेश वर्मा बाल विद्या मंदिर महादेव, अटरा, पब्लिक इंटर कॉलेज महादेव सहित क्षेत्र के विद्यालयों के बच्चों ने प्रतिभाग किया, उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता के आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में ज्ञान, बौद्धिक क्षमता एवं प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास करना तथा ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
भा,कि,यू टिकैत हस्ताक्षर अभियान चलाएगी
फोटो 9 भारतीय किसानयूनियन

फर्रुखाबाद l जनपद में बन रहे लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जा रही है किसान और भारतीय किसान यूनियन टिकैत अब सर्किल रेट न बढ़ाए जाने पर विरोध कर रहा है इसके लिए 14 फरवरी को एक बड़ा आंदोलन किया जाएगा इसी परिवेक्ष में किसान यूनियन टिकैत लिंक एक्सप्रेसवे से प्रभावित गांव गांव बैठके कर के किसानों से बड़ी संख्या में मुख्यालय आने का आवाहन किया जा रहा है l ब्लॉक मोहम्मदाबाद के ग्राम मानपुर, लुखरियाई, बराकेशव, नीमकरोरी एवं नवाबगंज में की जिनमें किसानों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया कि सभी 43 गांवों में लिंक एक्सप्रेसवे में जा रही जमीनों के सर्किल रेट अगर भी बड़े तो विरोध में हस्ताक्षर अभियान चलाया जाएगा जिसमें बोलते हुए जिला अध्यक्ष अजय कटियार ने कहा कि जनपद में एक तरफ बाढ का प्रकोप दूसरी तरफ लिंक एक्सप्रेसवे में किसानों की बेस कीमती जमीनें जिला के अधिकारी जबरदस्ती अधिग्रहण करना चाहते हैं जबकि सूबे के मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके है कि किसानों का जमीनों के साथ भावनात्मक रिश्ता होता है इनके साथ जबरदस्ती नहीं की जानी चाहिए जनपद के प्रतिनिधि भी किसानों के लिये सोचे सिर्फ़ वोट लेकर घर बैठना ही राजनीति करना भी होता किसान यूनियन द्वारा कराए गए कार्यों का श्रेय खुद लेना जनप्रतिनिधियों की आदत हो गई है अबकी बार ऐसा नहीं होगा हम अबकी बार जनपद के सांसद और विधायक सर्किल रेट बढ़वाए अगर वह इसे बढ़वाने में विफल होते है तब किसान यूनियन सर्किल रेट बढ़वाना जानती है 14 फरवरी को जिला मुख्यालय पर 72 घंटे का धरना प्रदर्शन किया जाएगा यदि इस पर भी बात नहीं बनी तो फिर लिंक एक्सप्रेसवे नहीं बनने दिया जाएगा किसान किसी भी कीमत पर अपनी जमीन नहीं देगा |
इस अवसर जिला संरक्षक छविनाथ शाक्य,जिला महासचिव अभय यादव,जिला संगठन मंत्री अरविंद गंगवार,युवा जिलाध्यक्ष अनुज राजपूत,जिला प्रचार मंत्री राजेश यादव,जिला सचिव पुजारी कटियार,जिला सहसचिव दिनेश सिंह,सदर तहसील महासचिव रजत गंगवार,ब्लॉक मोहम्मदाबाद अध्यक्ष बड़े यादव,प्रेम चंद्र यादव,अर्पित गंगवार,संजीव मिश्रा,पप्पू यादव,नवीन यादव सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे |
आजमगढ़:-अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग

वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की। टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला। विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर उपलब्ध कराना है। इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
भायंदर के काशी विश्वनाथ मंदिर में जागरण व भंडारा , शामिल हुए हजारों भक्त
भायंदर। मीरा भायंदर के प्रख्यात समाजसेवी तथा देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन के चेयरमैन लल्लन तिवारी द्वारा अपने माता-पिता की स्मृति में भायंदर पूर्व के आरएनपी पार्क में बनवाए गए दिव्य और भव्य काशी विश्वनाथ मंदिर में आज श्री राम मानस प्रचार समिति  द्वारा मां भगवती का विशाल जागरण व भंडारा का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें हजारों भक्तों ने शामिल होकर महाप्रसाद ग्रहण किया। लल्लन तिवारी ने अपने हाथों से भक्तों को महाप्रसाद वितरित किया। उनके साथ मंदिर के ट्रस्टी पुरुषोत्तम पांडे, भोर भ्रमण परिवार के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी, समाजसेवी अभयराज चौबे ने भी महाप्रसाद का वितरण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्रीराम मानस प्रचार समिति के संस्थापक श्रीराम दुबे, अध्यक्ष वीरेंद्र पाठक, कोषाध्यक्ष बबलू पांडे, सुशील त्रिपाठी, दिनेश दुबे, जमीदार मिश्रा, रामप्रवेश तिवारी , संजय श्रीवास्तव , नीरज तिवारी, विनोद पांडे, अशोक मिश्रा, संजय दुबे,डीएम मिश्रा ,अनिल गुप्ता, हौसिला शुक्ला, दाढ़ी तिवारी, संतोष मिश्रा, पप्पू तिवारी की सक्रिय भूमिका रही । समाजसेवी पीजी सिंह तथा समाजसेवी अमित उपाध्याय का विशेष योगदान रहा।
अलीगढ़ से हांगकांग तक फैला ठगी का नेटवर्क, 600 व्हाट्सएप ग्रुप… 5,000 करोड़ की साइबर लूट
ठगी करते वक्त धराए 12,600 व्हाट्सएप ग्रुप, डेढ़ लाख लोग जाल में
सेवानिवृत्त डीजीएम बने पुलिस के ‘मोस्ट सीक्रेट हथियार’
छह राज्यों में छापे, लगातार भाग रहे थे ठग

लखनऊ । अलीगढ़ में साइबर अपराध की दुनिया में भूचाल मचाने वाला खुलासा हुआ है। यूपी पुलिस की साइबर टीम ने ऐसा अंतरराष्ट्रीय ठगी रैकेट पकड़ा है, जिसकी पटकथा किसी थ्रिलर फिल्म से कम नहीं है। हांगकांग से ऑपरेट हो रहे इस गिरोह ने देशभर में शेयर बाजार में निवेश और 200 गुना मुनाफे का सपना दिखाकर 5,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की ठगी कर डाली।सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि ठग जब अगली बड़ी ठगी की तैयारी में थे, उसी वक्त पुलिस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया।

जांच में सामने आया कि ठगों ने देशभर में 600 व्हाट्सएप ग्रुप बना रखे थे, जिनमें करीब डेढ़ लाख लोग जुड़े थे। 6 फरवरी को ही 1,200 करोड़ रुपये की ठगी की पूरी स्क्रिप्ट तैयार थी। गृह मंत्रालय और दूरसंचार मंत्रालय की मदद से पुलिस ने एक झटके में सभी 600 ग्रुप बंद करवा दिए और ठगी के लिए बनाई गई दो फर्जी निवेश एप को देशभर में बैन करा दिया।इस पूरे खुलासे की शुरुआत स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश शर्मा से हुई, जो बैंक से डीजीएम पद से रिटायर हैं। ठगों ने उनसे 45 दिनों में ही 1.10 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे और अब 6 फरवरी को दो करोड़ रुपये और मांग रहे थे।दिनेश शर्मा सीधे साइबर पुलिस के पास पहुंचे।

पुलिस की रणनीति पर वे ठगों के संपर्क में बने रहे और जैसे ही ठग रकम निकालने की तैयारी में थे, साइबर टीम ने जाल कस दिया। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम सात बड़े बैंक खातों में ट्रांसफर कराई जा रही थी, जो यूपी समेत छह राज्यों में ऑपरेट हो रहे थे। इसके बाद सात स्पेशल टीमें बनाई गईं। ओडिशा, उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और यूपी में एक साथ दबिश दी गई।ठग लगातार शहर बदल रहे थे, लेकिन साइबर सर्विलांस ने हर कदम पर उन्हें ट्रैक किया और आखिरकार 12 आरोपियों को धर दबोचा।पूरी साजिश हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ऑपरेट हो रही थी। ठगों ने शेयर बाजार जैसे दिखने वाले फर्जी प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। ‘फायर एलाइट प्रो’ नाम की एप सिर्फ 52 दिन पहले बनाई गई थी। व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए युवाओं को ट्रेनिंग दी जाती थी और फिर उनसे देशभर में शिकार तलाशने का काम कराया जाता था।ठगी की रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में घुमाकर यूएसडीटी (डिजिटल करेंसी) में बदल दिया जाता था, जिससे पैसा विदेश पहुंच जाता था।

यह गिरोह पिग बुचरिंग नाम की खतरनाक तकनीक से काम कर रहा था। पहले बड़े अधिकारी, कारोबारी और मोटे खातों वाले लोगों की सोशल मीडिया और वित्तीय गतिविधियों पर नजर रखी जाती थी। फिर उन्हें 200 गुना मुनाफे के लालच में फंसाकर धीरे-धीरे पूरी पूंजी साफ कर दी जाती थी।पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 30 पासबुक-चेकबुक, 28 एटीएम/डेबिट कार्ड, 2 क्रेडिट कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, 9 फर्जी फर्मों की मुहर, 2 जियो राउटर, 1 लैपटॉप, 1 कैमरा और ठगी की रकम से जुड़े 5.64 लाख रुपये बरामद किए हैं।एसपी देहात अमृत जैन के मुताबिक अभी करीब दो दर्जन आरोपी और फरार हैं। पूरा नेटवर्क हांगकांग से संचालित होने के चलते इंटरपोल के जरिए अंतरराष्ट्रीय कार्रवाई की तैयारी है। सीबीआई को भी पत्राचार कर आगे की जांच की सिफारिश की गई है।एसएसपी नीरज जादौन ने इस सनसनीखेज खुलासे पर पूरी साइबर टीम को 25 हजार रुपये का इनाम देने की घोषणा की है।
दो विद्यार्थियों ने जेआरएफ एवं दो नेट हेतु क्वालीफाई*
सुल्तानपुर/अमेठी,रणवीर रणंजय पी जी कॉलेज, एम. कॉम के चार विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण किया। कॉमर्स विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रणविजय सिंह के निर्देशन और निरंतर मार्गदर्शन में रिचिता पाण्डेय और सुरभि सिंह ने JRF औऱ प्रियाम्बिका सिंह, दिग्विजय सिंह ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण किया। विद्यार्थियों ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता-पिता के आशीर्वाद और गुरुजनों के उचित मार्गदर्शन को दिया है। विद्यार्थियों की इस सफलता पर कॉलेज प्राचार्य और महाविद्यालय के शिक्षकों ने बधाई और शुभकामनाएं दी।
आजमगढ़ : अनवार पब्लिक स्कूल की टैलेंट सर्च परीक्षा में एक हजार विद्यार्थियों ने लिया भाग
  सिद्धेश्वर पाण्डेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़ । जिले के फूलपुर तहसील के गोधना स्थित अनवार पब्लिक स्कूल परिसर में रविवार को अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का आयोजन किया गया। परीक्षा को पूरी पारदर्शिता एवं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराया गया। इस प्रतियोगी परीक्षा में क्षेत्र के विभिन्न विद्यालयों के कुल एक हजार विद्यार्थियों ने सहभागिता की।
टैलेंट सर्च परीक्षा में अनवार पब्लिक स्कूल के 400 तथा अन्य विद्यालयों के 600 छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। परीक्षा को लेकर बच्चों में खासा उत्साह देखने को मिला।
विद्यालय के डायरेक्टर डॉ. सोहराब सिद्दीकी ने बताया कि टैलेंट सर्च परीक्षा में टॉप करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार के साथ-साथ उनकी पूरी पढ़ाई का खर्च अनवार पब्लिक स्कूल द्वारा वहन किया जाएगा। वहीं टॉप टेन में शामिल अन्य विद्यार्थियों को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस परीक्षा का उद्देश्य प्रतिभावान बच्चों को प्रोत्साहित कर बेहतर शिक्षा के अवसर को उपलब्ध कराना है। जिस क्षेत्र का शिक्षास्तर सर्वोत्तम होता हैं ,वह क्षेत्र अपने आप विकसित हो जाता है । क्योंकि शिक्षा से ही सभ्य समाज की संरचना की जा सकती है । प्रधानाचार्य संकेत माथुर ने बताया कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र के छात्र और छात्राओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयार करना है । जिससे बच्चो में आत्म निर्भरता आ सके । वही मनोज कुमार सिंह ने कहा कि अनवार पब्लिक स्कूल टैलेंट सर्च परीक्षा के माध्यम से क्षेत्र के शामिल होने वाले बच्चो में उत्साह भरना है । इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए अनवार पब्लिक स्कूल के डायरेक्टर डॉ सोहराब सिद्दीकी क्षेत्र के बच्चो को आत्मनिर्भर बनाने के लिए टैलेंट सर्च परीक्षा का सराहनीय कार्य शुरू किया है ।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य संकेत माथुर सहित दिव्यांशु, मो. सलमान, मनोज सिंह, अरविंद मौर्य, सकीरा, वंदना सिंह, पवन कुमार अग्रहरि, शिवानी, रजनी, कमरान, विजय सिंह, इरतजा निशात, कृष्णा यादव सहित विद्यालय का समस्त स्टाफ मौजूद रहा।
आयोजित 2026 अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता चंडीगढ़ पंजाब में डॉ.अब्दुल हमीद प्रतिभाग करेंगे*
सुल्तानपुर सिविल लाइन निवासी जिला ओलंपिक संघ के प्रवक्ता अब्दुल हमीद का चयन खेल निदेशक उत्तर प्रदेश द्वारा उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम में किया गया है। उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज कबड्डी टीम टीम मैनेजर सुनील कुमार और टीम कोच रवि राठी के नेतृत्व में चंडीगढ़ पहुंच चुकी है। यह प्रतियोगिता कबड्डी स्पोर्ट कंपलेक्स सेक्टर 42 चंडीगढ़ पंजाब में दिनांक 9 फरवरी 2026 से 14 फरवरी 26 तक आयोजित है। इस प्रतियोगिता में पूरे भारत के सभी प्रदेश प्रतिभाग कर रहे हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद इसके पूर्व चंद्रशेखर नायर स्टेडियम त्रिवेंद्रम केरल मे 2013 में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज कबड्डी प्रतियोगिता प्रतियोगिता, 2014 में सवाई मानसिंह अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम जयपुर राजस्थान अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता, 2017 में तात्या टोपे स्टेडियम भोपाल मध्य प्रदेश में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता और 2024 में त्यागराज स्टेडियम नई दिल्ली में आयोजित अखिल भारतीय सिविल सर्विसेज प्रतियोगिता में भी प्रतिभाग कर चुके हैं। डॉक्टर अब्दुल हमीद वर्तमान समय में राजकीय इंटर कॉलेज टीकर माफीअमेठी में प्रवक्ता तर्कशास्त्र के पद पर कार्यरत हैं। कबड्डी और वॉलीबॉल के खिलाड़ी होने के साथ-साथ एक अच्छे शिक्षक और सामाजिक सद्भावना के प्रतीक माने जाते हैं। राष्ट्रीय उद्घोषक के रूप में सामाजिक खेलकूद एवं शासकीय मंचों के कार्यक्रम का सफल संचालन भी करते हैं। गोमती मित्र मंडल और जिला सुरक्षा संगठन के सदस्य के रूप में सामाजिक सद्भावना के कार्य में भी आपका सराहनीय योगदान रहा है। डॉक्टर अब्दुल हमीद के उत्तर प्रदेश सिविल सर्विसेज टीम में चयन पर पूर्व खेल मंत्री और ओलंपिक संघ के अध्यक्ष ओ पी सिंह पूर्व राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी एवं सचिव ओलंपिक संघ पंकज दुबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख प्रदीप सिंह, वरिष्ठ अधिवक्ता राकेश सिंह, जिला कीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, खेल शिक्षक राजेश कन्नौजिया, राष्ट्रीय वॉलीबॉल खिलाड़ी सरिता सिंह विभिन्न खेल संघ के सचिव मोहम्मद सईद,राम लखन यादव एम एस बेग, रामकुमार मिश्र सर्वेश सिंह, नवनीत वीर कुमार, हैंडबॉल कोच प्रवीण मिश्रा, वॉलीबॉल प्रशिक्षक प्रदीप यादव आदि ने प्रसन्नता व्यक्त किया है।
उप्र पर्यटन विभाग के प्रयास से कोनेश्वर महादेव मंदिर को मिलेगा नया वैभव

* रामायण काल से जुड़ा कोनेश्वर मंदिर का एक करोड़ की धनराशि से होगा विकास

* कोनेश्वर मंदिर के विकास से लखनऊ की धार्मिक विरासत को मिलेगी विशिष्ट पहचान- जयवीर सिंह

लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चौक में स्थित प्राचीन कोनेश्वर महादेव मंदिर अब अपने वैभव के नए शिखर की ओर अग्रसर है। मंदिर के कोने में विराजमान शिवलिंग की विशिष्ट पहचान और सदियों पुरानी मान्यताओं को केंद्र में रखते हुए उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग इस पौराणिक धरोहर के पर्यटन विकास को गति दे रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल मंदिर के सौंदर्यीकरण एवं विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपए की धनराशि व्यय की जाएगी।

उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'रामायण काल और भगवान राम के भाई लक्ष्मण से जुड़ी मान्यताएं मंदिर को विशेष बनाती है। गोमती नदी के तट पर स्थित यह कौण्डिन्य ऋषि का आश्रम था, जिनका उल्लेख प्राचीन धार्मिक ग्रंथों में मिलता है। यहां बड़ी संख्या में प्रदेश ही नहीं, बल्कि दूर-दराज क्षेत्रों से शिव भक्तों का आगमन होता है। मंदिर परिसर में आगंतुकों की सुविधा हेतु आधुनिक प्रकाश व्यवस्था, स्वच्छ शौचालय, पेयजल सुविधा तथा श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल निर्माण कार्य होंगे।'

धर्मग्रंथों के अनुसार, माता सीता को वन में छोड़ने आए शोक संतप्त लक्ष्मण गोमती तट पर स्थित कौण्डिन्य ऋषि के इसी आश्रम में ठहरे थे। उन्होंने लक्ष्मण को आश्रम में स्थापित शिवलिंग का अभिषेक करने को कहा था। इस कथा का वर्णन वाल्मीकिद्वारा रचित रामायण में भी है। मंदिर में शिवलिंग कोने में स्थित है। कौण्डिन्य ऋषि आश्रम में स्थापित शिवलिंग को कौण्डिन्येश्वर महादेव के नाम से जाना गया, जो कालांतर में कोनेश्वर महादेव के नाम से प्रसिद्ध हुआ। सावन के महीने में मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है।

* कैसे पहुंचें कोनेश्वर मंदिर

कोनेश्वर महादेव मंदिर पहुंचना आसान है। शहर के प्रमुख परिवहन केंद्र चारबाग रेलवे स्टेशन से यह मंदिर ऑटो, कैब अथवा सिटी बस के माध्यम से सहजता से पहुंचा जा सकता है। देश-प्रदेश से आने वाले शिवभक्तों को बिना किसी कठिनाई के दर्शन का अवसर प्राप्त होता है।

*वर्षभर में पहुंचे लगभग 1.5 करोड़ पर्यटक

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि 'धार्मिक आस्था, ऐतिहासिक विरासत और अवधी व्यंजनों की त्रिवेणी से सजा लखनऊ आज वैश्विक पहचान बना चुका है। पर्यटन विभाग के सतत प्रयासों का ही प्रतिफल है कि यूनेस्को ने हाल ही में लखनऊ को प्रतिष्ठित 'क्रिएटिव सिटी ऑफ़ गैस्ट्रोनॉमी' का दर्जा प्रदान किया। सरकार द्वारा विकसित आधुनिक पर्यटक सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और सुव्यवस्थित प्रबंधन के चलते वर्ष 2025 में लखनऊ में लगभग 1.5 करोड़ पर्यटकों का आगमन दर्ज किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक शामिल रहे। यह शहर की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय लोकप्रियता और सांस्कृतिक आकर्षण को सशक्त रूप से रेखांकित करता है।'
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।