राज्यसभा सांसद चुने जाने पर बैद्यनाथ राम को सीएम हेमन्त सोरेन ने दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड से नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री बैद्यनाथ राम ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्री बैद्यनाथ राम को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पूर्ण विश्वास जताया कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में झारखंड की जन भावनाओं, जन अपेक्षाओं तथा जनहित एवं विकास से जुड़े मुद्दों को सशक्त रूप से रखने में श्री बैद्यनाथ राम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री बैद्यनाथ राम ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

मौके पर मंत्री श्री हफीजुल हसन, मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्री मथुरा प्रसाद महतो एवं विधायक श्री उमाकांत रजक उपस्थित रहे।

परिमल नाथवानी की जीत पर झारखंड भाजपा उत्साहित, नेताओं ने दी शुभकामना

झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी की प्रचंड जीत पर झारखंड भाजपा काफी उत्साहित है। भाजपा नेताओं ने पहले ही परिमल नाथवानी की जीत का दावा किया था जो आज सच साबित हुई। कांग्रेस की सारी रणनीति बेकार साबित हुई और एनडीए समर्थित प्रत्याशी ने जीत का परचम लहरा दिया। परिमल नाथवानी की शानदार जीत पर झारखंड विधानसभा में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित तमाम भाजपा नेताओं ने उन्हें जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। वहीं परिमल नाथवानी का भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी भव्य स्वागत किया गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर परिमल नाथवानी ने संबोधित भी किया। 

यह तो जीत की शुरुआत, जीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा : आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह विजय एनडीए की एकजुटता, सशक्त संगठन और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। साथ ही यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास और जनकल्याण आधारित नीतियों पर मुहर भी है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की जनता तो पहले ही नकार चुकी है, झारखंड ने भी आज कांग्रेस को पूरी तरह खारिज कर दिया। कांग्रेस को अब लोग तनिक भी पसंद नहीं करते हैं। एनडीए के सारे विधायकों ने एकजुट होकर मतदान किया जो कांग्रेस के उस दावे पर करारा तमाचा है जिसमें एनडीए विधायकों को लेकर ये लोग तरह तरह का अफवाह फैला रहे थे। जिस कांग्रेस को अपना स्थानीय पोलिंग एजेंट तक नहीं मिला, उस पार्टी के बारे में बात करना ही बेकार है। 

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के कल्याण और भलाई को लेकर विधायकों ने मतदान किया है। उन्होंने कहा कि यह तो जीत की शुरुआत है। जीत का यह सिलसिला झारखंड में आगे भी जारी रहेगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि परिमल नाथवानी दो बार पहले भी यहां से सांसद रह चुके हैं। उनका अनुभव एवं नेतृत्व झारखंड और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

परिणाम अप्रत्याशित नहीं, परिमल नाथवानी की जीत थी तय : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यसभा में परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी से ही एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत तय हो गई थी। वे 12 वर्षों तक झारखंड से कुशल नेतृत्व किए हैं, इस दौरान इन्होंने अपने कार्यों से अपनी एक अलग साख और विश्वास को बनाया है, इसलिए ये राज्य की राजनीति के लिए कोई अपरिचित चेहरा नहीं थे। निर्दलीय प्रत्याशी होने के कारण इनके लिए झारखंड के सभी 81 विधायक इनके लिए वोटर थे। विधायकों ने राज्यहित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को सर्वोपरि रखते हुए पूरे विवेक से अपने मत का सदुपयोग किया है। ये पहले भी अच्छे सांसद साबित हुए हैं और आगे भी अच्छे सांसद साबित होंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि यह परिणाम कोई अप्रत्याशित नहीं है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार तो पहले से ही तय थी। जिस कांग्रेस को अपने विधायकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं/नेताओं पर भरोसा नहीं हो, वह चुनाव जीतने का सोच भी कैसे सकती है। 

श्री मरांडी ने एनडीए गठबंधन एवं राज्य के विकास के प्रति संकल्पित सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन सभी ने परिमल नथवानी के पक्ष में मतदान कर विकासोन्मुख राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य किया है।

साथ ही उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि परिमल नथवानी अपने अनुभव, दूरदृष्टि एवं कार्यक्षमता से राज्य के विकास, निवेश संवर्धन तथा जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह जीत एनडीए की एकजुटता और मजबूत संगठन का परिणाम : कर्मवीर सिंह

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि यह जीत एनडीए की एकजुटता और मजबूत संगठन का परिणाम है। एकता और संगठन की शक्ति जब संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। एकजुट प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी पहचान है। 

उन्होंने कहा कि विश्वास है कि परिमल नाथवानी अपने अनुभव और जनसेवा के संकल्प के साथ झारखंड एवं देशहित में निरंतर कार्य करेंगे। 

झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए अपनी 'कर्मभूमि' लौटा : परिमल नाथवानी

भाजपा प्रदेश कार्यालय में संबोधित करते हुए परिमल नाथवानी ने कहा कि 2008 और 2020 के बीच झारखंड से एक स्वतंत्र (निर्दलीय) सांसद के रूप में दो अत्यधिक प्रभावशाली और लगातार कार्यकाल उन्होंने पूरा किया है। झारखंड से उनका पुनः चुना जाना उस राज्य में एक ऐतिहासिक वापसी का प्रतीक है जिसे वे लंबे समय से संजोते रहे हैं। झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए वे अपनी 'कर्मभूमि' वापस लौटे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखण्ड विधानसभा में भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी, झारखण्ड विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल के साथ-साथ भाजपा और एनडीए (NDA) के सभी प्रमुख नेताओं के साथ सभी विधायकों के प्रति अपनी जीत सुनिश्चित करने में उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

श्री नथवाणी ने कहा कि यहाँ एक दशक से अधिक का समय बिताने के कारण, झारखंड मेरे लिए नया नहीं है। यह मेरी कर्मभूमि है। यहाँ के लोगों की एक बार फिर सेवा करने का अवसर मिलने के लिए दिल की गहराई से आभारी हूं। 

उन्होंने कहा कि मेरा प्राथमिक ध्यान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। जहाँ हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर ही स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए मजबूत कौशल विकास कार्यक्रम चलाने और कुटीर उद्योग को पुनर्जीवित करना है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास करना, स्वास्थ्य सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा मेरे फोकस क्षेत्र (प्रमुख ध्यान देने योग्य क्षेत्र) होंगे।

इन नेताओं ने भी दी बधाई

वहीं एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक चंपाई सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संजय सेठ, जदयू विधायक सरयू राय, लोजपा प्रदेश अध्यक्ष बीरेंद्र प्रधान, भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, नागेंद्र महतो, शशि भूषण मेहता, मनोज यादव, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, राज सिन्हा, 

अमित यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, प्रकाश राम, रोशन लाल चौधरी, प्रदीप प्रसाद, शत्रुघ्न महतो, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, मंजू कुमारी एवं कुमार उज्जवल, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान, आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह,

प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, दीपक बंका, हेमंत दास, सूरज गुप्ता चौरसिया, योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रतुल शाहदेव, अजय साह,

प्रदीप सिन्हा, सतीश सिन्हा, अशोक बड़ाइक, तारिक अनवर, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राहुल अवस्थी, रमाकांत महतो, शशांक राज, आरती सिंह, पवन साहू, किशुन दास, अनवर हयात सहित अन्य नेताओं ने भी जीत की बधाई दी है।

प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से 55 लाख कर्मचारियों की नाराजगी का दावा, संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप

आठवें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर उठे सवाल

2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य सरकार की नौकरशाही पर कर्मचारियों की समस्याओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दावा किया है कि प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के रवैये से लगभग 55 लाख कर्मचारी, पेंशनर, शिक्षक, पुलिसकर्मी और आउटसोर्स कर्मचारी प्रभावित हैं, जिससे उनके परिवारों सहित करोड़ों मतदाताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

संयुक्त परिषद ने विशेष रूप से 22 और 23 जून को लखनऊ में प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग की बैठक का मुद्दा उठाया है। परिषद का कहना है कि आयोग राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और कर्मचारियों का पक्ष जानने के लिए आ रहा है, लेकिन कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

- 22-23 जून को लखनऊ में आठवें वेतन आयोग की बैठक।

- कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर नाराजगी।

- 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग।

- पुरानी पेंशन बहाली समेत कई लंबित मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी।

- मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर समाधान कराने की अपील।

जे.एन. तिवारी ने आरोप लगाया कि वित्त एवं कार्मिक विभाग कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष न रखे जाने से उसका वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग

संयुक्त परिषद ने वर्ष 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया है। तिवारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में दो बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्मिक विभाग स्तर पर मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया। परिषद ने मांग की है कि "नियमितीकरण नियमावली-2026" शीघ्र जारी कर संविदा कर्मियों को राहत दी जाए।

महिला कर्मचारियों के मुद्दे भी उठाने की तैयारी

परिषद का कहना है कि आठवें वेतन आयोग के समक्ष महिला कर्मचारियों की सुविधाओं, सेवा शर्तों और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।

संयुक्त आंदोलन की तैयारी

संयुक्त परिषद ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों की साझा मांगों—पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाने और वेतन विसंगतियों के समाधान—को लेकर जल्द ही लखनऊ में प्रदेश के बड़े कर्मचारी संगठनों की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें आगामी रणनीति और संभावित आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा होगी।

हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग व्यक्ति को मौके पर ही दिलाई ट्राईसाइकिल
*गोण्डा 18 जून,2026*।
जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान संवेदनशील एवं सराहनीय पहल देखने को मिली। जनसुनवाई के क्रम में दिव्यांग शिकायतकर्ता अनमोल पुत्र अयोध्या प्रसाद, निवासी ग्राम रुदौलिया करनैलगंज, गोण्डा ने अपनी समस्या को लेकर उपस्थित हुए। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने कार्यालय कक्ष से बाहर आकर उनकी बातों को गंभीरता एवं भावपूर्ण ढंग से सुना।
अनमोल ने अपनी दैनिक जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए आवागमन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और आवश्यक निर्देश दिए। उनकी तत्परता और सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में ही दिव्यांगजन को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। साथ ही उपरोक्त व्यक्ति को दिव्यांग पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ शीघ्रातिशीघ्र दिलाने के निर्देश दिये हैं ।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही की सराहना की। यह पहल न केवल प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मौके पर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार, वसीम अहमद दिव्यांग विभाग उपस्थित रहे।
मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 18 जून, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया।
बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षकगण, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने एवं शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु आवश्यक दिश

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ आगामी मोहर्रम पर्व एवं  मुख्यमंत्री  के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों एवं विभिन्न तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा निर्देशित किया कि आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर दंगा निरोधक उपकरणों से सुसज्जित अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, सर्राफा बाजारों, कस्बों, प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही इन स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम हेतु पोस्टर पार्टी को प्रतिदिन ब्रीफ कर समय से रवाना किया जाए तथा क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सक्रिय रखते हुए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर विद्वेषपूर्ण, आपत्तिजनक, समाज विरोधी, अराजक, धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली अथवा हिंसा, धरना-प्रदर्शन एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने हेतु उकसाने वाली पोस्ट प्रसारित की जाती है तो तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक बीट एवं मजरे में सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय एवं जनसहभागिता के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही बैंकों एवं एटीएम की सघन चेकिंग, रात्रि गश्त एवं पिकेट ड्यूटी बढ़ाकर सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के दौरान मा० मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक  द्वारा कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, ड्यूटी प्रबंधन, सुरक्षा घेराबंदी एवं अन्य आवश्यक तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

*इस अवसर पर जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, पी0आर0ओ0 पुलिस अधीक्षक, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष व पुलिस के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए

गोंडा । वामपंथी एवं लोकतांत्रिक मोर्चा के तत्वावधान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी,व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा अमरीकी सरकार के आगे समर्पण करने के खिलाफ तथा भारतीय पोत पर तैनात नौजवानों की अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा हत्या करना , तथा जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की व्यवस्था करें। भारत विदेशी शक्तियों के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता करना बंद करें। तथा स्वतंत्र नीति अपनाऐ।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए।
कार्यक्रम में कामरेड कौशलेंद्र पान्डेय सीपीआई एम, कामरेड ईशवर शरण सीपीआई व कामरेड जमाल ख़ान प्रभारी सचिव सीपीआई एमएल राम गोविंद मिश्र कामरेड रविशंकर प्रसाद, राजीव सिंह कामरेड अमित शुक्ला कामरेड लाल बहादुर, संतोष मौर्य, सीताराम, रमेशचन्द्र चोबे प्रहलाद सिंह सहित दर्जनों साथियों ने हिस्सा लिया।
राज्यसभा सांसद चुने जाने पर बैद्यनाथ राम को सीएम हेमन्त सोरेन ने दी बधाई

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड रांची स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में झारखंड से नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री बैद्यनाथ राम ने सौजन्य मुलाकात की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्री बैद्यनाथ राम को राज्यसभा सदस्य निर्वाचित होने पर अपनी ओर से हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

मौके पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने पूर्ण विश्वास जताया कि संसद के उच्च सदन राज्यसभा में झारखंड की जन भावनाओं, जन अपेक्षाओं तथा जनहित एवं विकास से जुड़े मुद्दों को सशक्त रूप से रखने में श्री बैद्यनाथ राम अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

इस अवसर पर नव निर्वाचित राज्यसभा सांसद श्री बैद्यनाथ राम ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया।

मौके पर मंत्री श्री हफीजुल हसन, मंत्री श्री सुदिव्य कुमार, विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन, विधायक श्री मथुरा प्रसाद महतो एवं विधायक श्री उमाकांत रजक उपस्थित रहे।

परिमल नाथवानी की जीत पर झारखंड भाजपा उत्साहित, नेताओं ने दी शुभकामना

झारखंड राज्यसभा चुनाव में एनडीए समर्थित प्रत्याशी परिमल नाथवानी की प्रचंड जीत पर झारखंड भाजपा काफी उत्साहित है। भाजपा नेताओं ने पहले ही परिमल नाथवानी की जीत का दावा किया था जो आज सच साबित हुई। कांग्रेस की सारी रणनीति बेकार साबित हुई और एनडीए समर्थित प्रत्याशी ने जीत का परचम लहरा दिया। परिमल नाथवानी की शानदार जीत पर झारखंड विधानसभा में प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू, नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, प्रदेश संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह सहित तमाम भाजपा नेताओं ने उन्हें जीत की बधाई एवं शुभकामनाएं दी। वहीं परिमल नाथवानी का भाजपा प्रदेश कार्यालय में भी भव्य स्वागत किया गया। भाजपा प्रदेश कार्यालय में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर परिमल नाथवानी ने संबोधित भी किया। 

यह तो जीत की शुरुआत, जीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा : आदित्य साहू

प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि यह विजय एनडीए की एकजुटता, सशक्त संगठन और जनसेवा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रतीक है। साथ ही यह जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विकास और जनकल्याण आधारित नीतियों पर मुहर भी है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस को देश की जनता तो पहले ही नकार चुकी है, झारखंड ने भी आज कांग्रेस को पूरी तरह खारिज कर दिया। कांग्रेस को अब लोग तनिक भी पसंद नहीं करते हैं। एनडीए के सारे विधायकों ने एकजुट होकर मतदान किया जो कांग्रेस के उस दावे पर करारा तमाचा है जिसमें एनडीए विधायकों को लेकर ये लोग तरह तरह का अफवाह फैला रहे थे। जिस कांग्रेस को अपना स्थानीय पोलिंग एजेंट तक नहीं मिला, उस पार्टी के बारे में बात करना ही बेकार है। 

श्री साहू ने कहा कि झारखंड के कल्याण और भलाई को लेकर विधायकों ने मतदान किया है। उन्होंने कहा कि यह तो जीत की शुरुआत है। जीत का यह सिलसिला झारखंड में आगे भी जारी रहेगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि परिमल नाथवानी दो बार पहले भी यहां से सांसद रह चुके हैं। उनका अनुभव एवं नेतृत्व झारखंड और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।

परिणाम अप्रत्याशित नहीं, परिमल नाथवानी की जीत थी तय : बाबूलाल मरांडी

नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्यसभा में परिमल नाथवानी की उम्मीदवारी से ही एनडीए समर्थित उम्मीदवार की जीत तय हो गई थी। वे 12 वर्षों तक झारखंड से कुशल नेतृत्व किए हैं, इस दौरान इन्होंने अपने कार्यों से अपनी एक अलग साख और विश्वास को बनाया है, इसलिए ये राज्य की राजनीति के लिए कोई अपरिचित चेहरा नहीं थे। निर्दलीय प्रत्याशी होने के कारण इनके लिए झारखंड के सभी 81 विधायक इनके लिए वोटर थे। विधायकों ने राज्यहित और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों को सर्वोपरि रखते हुए पूरे विवेक से अपने मत का सदुपयोग किया है। ये पहले भी अच्छे सांसद साबित हुए हैं और आगे भी अच्छे सांसद साबित होंगे।

श्री मरांडी ने कहा कि यह परिणाम कोई अप्रत्याशित नहीं है। राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार की हार तो पहले से ही तय थी। जिस कांग्रेस को अपने विधायकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं/नेताओं पर भरोसा नहीं हो, वह चुनाव जीतने का सोच भी कैसे सकती है। 

श्री मरांडी ने एनडीए गठबंधन एवं राज्य के विकास के प्रति संकल्पित सभी विधायकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन सभी ने परिमल नथवानी के पक्ष में मतदान कर विकासोन्मुख राजनीति और लोकतांत्रिक मूल्यों को सशक्त करने का कार्य किया है।

साथ ही उन्होंने कहा कि हमें विश्वास है कि परिमल नथवानी अपने अनुभव, दूरदृष्टि एवं कार्यक्षमता से राज्य के विकास, निवेश संवर्धन तथा जनहित के मुद्दों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

यह जीत एनडीए की एकजुटता और मजबूत संगठन का परिणाम : कर्मवीर सिंह

संगठन महामंत्री कर्मवीर सिंह ने कहा कि यह जीत एनडीए की एकजुटता और मजबूत संगठन का परिणाम है। एकता और संगठन की शक्ति जब संकल्प के साथ आगे बढ़ती है, तो हर लक्ष्य आसान हो जाता है। एकजुट प्रयास ही सफलता की सबसे बड़ी पहचान है। 

उन्होंने कहा कि विश्वास है कि परिमल नाथवानी अपने अनुभव और जनसेवा के संकल्प के साथ झारखंड एवं देशहित में निरंतर कार्य करेंगे। 

झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए अपनी 'कर्मभूमि' लौटा : परिमल नाथवानी

भाजपा प्रदेश कार्यालय में संबोधित करते हुए परिमल नाथवानी ने कहा कि 2008 और 2020 के बीच झारखंड से एक स्वतंत्र (निर्दलीय) सांसद के रूप में दो अत्यधिक प्रभावशाली और लगातार कार्यकाल उन्होंने पूरा किया है। झारखंड से उनका पुनः चुना जाना उस राज्य में एक ऐतिहासिक वापसी का प्रतीक है जिसे वे लंबे समय से संजोते रहे हैं। झारखंड के विकास में योगदान देने के लिए वे अपनी 'कर्मभूमि' वापस लौटे हैं।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, राष्ट्रीय भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, झारखंड भाजपा अध्यक्ष आदित्य साहू, झारखण्ड विधानसभा में भाजपा के नेता बाबूलाल मरांडी, झारखण्ड विधानसभा में विरोधी दल के मुख्य सचेतक नवीन जयसवाल के साथ-साथ भाजपा और एनडीए (NDA) के सभी प्रमुख नेताओं के साथ सभी विधायकों के प्रति अपनी जीत सुनिश्चित करने में उनके समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

श्री नथवाणी ने कहा कि यहाँ एक दशक से अधिक का समय बिताने के कारण, झारखंड मेरे लिए नया नहीं है। यह मेरी कर्मभूमि है। यहाँ के लोगों की एक बार फिर सेवा करने का अवसर मिलने के लिए दिल की गहराई से आभारी हूं। 

उन्होंने कहा कि मेरा प्राथमिक ध्यान मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों पर केंद्रित होगा। जहाँ हमारा लक्ष्य जमीनी स्तर पर ही स्थायी आजीविका के अवसर पैदा करने के लिए मजबूत कौशल विकास कार्यक्रम चलाने और कुटीर उद्योग को पुनर्जीवित करना है। ग्रामीण बुनियादी ढांचे (इन्फ्रास्ट्रक्चर) का विकास करना, स्वास्थ्य सुविधाएं और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा मेरे फोकस क्षेत्र (प्रमुख ध्यान देने योग्य क्षेत्र) होंगे।

इन नेताओं ने भी दी बधाई

वहीं एनडीए समर्थित उम्मीदवार परिमल नाथवानी को पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास, पूर्व मुख्यमंत्री सह विधायक चंपाई सोरेन, पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा, आजसू अध्यक्ष सुदेश महतो, केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी, संजय सेठ, जदयू विधायक सरयू राय, लोजपा प्रदेश अध्यक्ष बीरेंद्र प्रधान, भाजपा विधायक सीपी सिंह, नवीन जयसवाल, नागेंद्र महतो, शशि भूषण मेहता, मनोज यादव, सत्येंद्र नाथ तिवारी, नीरा यादव, राज सिन्हा, 

अमित यादव, आलोक चौरसिया, देवेंद्र कुंवर, प्रकाश राम, रोशन लाल चौधरी, प्रदीप प्रसाद, शत्रुघ्न महतो, पूर्णिमा साहू, रागिनी सिंह, मंजू कुमारी एवं कुमार उज्जवल, लोजपा विधायक जनार्दन पासवान, आजसू विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो, प्रदेश उपाध्यक्ष राकेश प्रसाद, नीलकंठ सिंह मुंडा, बालमुकुंद सहाय, भानू प्रताप शाही, सुनील सोरेन, मुनेश्वर साहू एवं गीता कोड़ा, प्रदेश महामंत्री गणेश मिश्रा, अमर कुमार बाउरी एवं मनोज सिंह,

प्रदेश मंत्री सरोज सिंह, दिलीप वर्मा, शैलेन्द्र सिंह, सुनिता सिंह, अमरदीप यादव, कृष्णा महतो, अमित सिंह, मनीर उरांव एवं शालिनी बैसखियार, दीपक बंका, हेमंत दास, सूरज गुप्ता चौरसिया, योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रतुल शाहदेव, अजय साह,

प्रदीप सिन्हा, सतीश सिन्हा, अशोक बड़ाइक, तारिक अनवर, नीरज सिंह, सूरज शाहदेव, राहुल अवस्थी, रमाकांत महतो, शशांक राज, आरती सिंह, पवन साहू, किशुन दास, अनवर हयात सहित अन्य नेताओं ने भी जीत की बधाई दी है।

प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी से 55 लाख कर्मचारियों की नाराजगी का दावा, संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री से मांगा हस्तक्षेप

आठवें वेतन आयोग के समक्ष कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर उठे सवाल

2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण और पुरानी पेंशन बहाली की मांग तेज

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कर्मचारियों से जुड़े प्रमुख संगठन राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने राज्य सरकार की नौकरशाही पर कर्मचारियों की समस्याओं की उपेक्षा का आरोप लगाया है। परिषद के अध्यक्ष जे.एन. तिवारी ने मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में दावा किया है कि प्रदेश की ब्यूरोक्रेसी के रवैये से लगभग 55 लाख कर्मचारी, पेंशनर, शिक्षक, पुलिसकर्मी और आउटसोर्स कर्मचारी प्रभावित हैं, जिससे उनके परिवारों सहित करोड़ों मतदाताओं में असंतोष बढ़ रहा है।

संयुक्त परिषद ने विशेष रूप से 22 और 23 जून को लखनऊ में प्रस्तावित आठवें वेतन आयोग की बैठक का मुद्दा उठाया है। परिषद का कहना है कि आयोग राज्य की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और कर्मचारियों का पक्ष जानने के लिए आ रहा है, लेकिन कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों को आयोग के समक्ष अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया जा रहा है।

- 22-23 जून को लखनऊ में आठवें वेतन आयोग की बैठक।

- कर्मचारी संगठनों को प्रतिनिधित्व न मिलने पर नाराजगी।

- 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग।

- पुरानी पेंशन बहाली समेत कई लंबित मुद्दों पर आंदोलन की तैयारी।

- मुख्यमंत्री से हस्तक्षेप कर समाधान कराने की अपील।

जे.एन. तिवारी ने आरोप लगाया कि वित्त एवं कार्मिक विभाग कर्मचारियों के हितों की अनदेखी कर रहे हैं। उनका कहना है कि आयोग के समक्ष कर्मचारियों का पक्ष न रखे जाने से उसका वास्तविक उद्देश्य अधूरा रह जाएगा और पूरी प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह जाएगी।

संविदा कर्मियों के नियमितीकरण की मांग

संयुक्त परिषद ने वर्ष 2001 के बाद नियुक्त संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया है। तिवारी के अनुसार मुख्यमंत्री कार्यालय से इस संबंध में दो बार निर्देश जारी किए जा चुके हैं, लेकिन कार्मिक विभाग स्तर पर मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया। परिषद ने मांग की है कि "नियमितीकरण नियमावली-2026" शीघ्र जारी कर संविदा कर्मियों को राहत दी जाए।

महिला कर्मचारियों के मुद्दे भी उठाने की तैयारी

परिषद का कहना है कि आठवें वेतन आयोग के समक्ष महिला कर्मचारियों की सुविधाओं, सेवा शर्तों और अन्य कर्मचारी हितों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों को रखा जाना आवश्यक है। इसके लिए कर्मचारी संगठनों को आयोग के समक्ष अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाना चाहिए।

संयुक्त आंदोलन की तैयारी

संयुक्त परिषद ने संकेत दिया है कि कर्मचारियों की साझा मांगों—पुरानी पेंशन बहाली, संविदा कर्मियों का नियमितीकरण, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की भर्ती पर लगी रोक हटाने और वेतन विसंगतियों के समाधान—को लेकर जल्द ही लखनऊ में प्रदेश के बड़े कर्मचारी संगठनों की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी। इसमें आगामी रणनीति और संभावित आंदोलन की रूपरेखा पर चर्चा होगी।

हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग व्यक्ति को मौके पर ही दिलाई ट्राईसाइकिल
*गोण्डा 18 जून,2026*।
जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान संवेदनशील एवं सराहनीय पहल देखने को मिली। जनसुनवाई के क्रम में दिव्यांग शिकायतकर्ता अनमोल पुत्र अयोध्या प्रसाद, निवासी ग्राम रुदौलिया करनैलगंज, गोण्डा ने अपनी समस्या को लेकर उपस्थित हुए। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने कार्यालय कक्ष से बाहर आकर उनकी बातों को गंभीरता एवं भावपूर्ण ढंग से सुना।
अनमोल ने अपनी दैनिक जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए आवागमन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और आवश्यक निर्देश दिए। उनकी तत्परता और सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में ही दिव्यांगजन को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। साथ ही उपरोक्त व्यक्ति को दिव्यांग पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ शीघ्रातिशीघ्र दिलाने के निर्देश दिये हैं ।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही की सराहना की। यह पहल न केवल प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मौके पर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार, वसीम अहमद दिव्यांग विभाग उपस्थित रहे।
मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 18 जून, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया।
बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षकगण, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने एवं शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु आवश्यक दिश

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ आगामी मोहर्रम पर्व एवं  मुख्यमंत्री  के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों एवं विभिन्न तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा निर्देशित किया कि आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर दंगा निरोधक उपकरणों से सुसज्जित अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, सर्राफा बाजारों, कस्बों, प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही इन स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम हेतु पोस्टर पार्टी को प्रतिदिन ब्रीफ कर समय से रवाना किया जाए तथा क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सक्रिय रखते हुए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर विद्वेषपूर्ण, आपत्तिजनक, समाज विरोधी, अराजक, धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली अथवा हिंसा, धरना-प्रदर्शन एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने हेतु उकसाने वाली पोस्ट प्रसारित की जाती है तो तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक बीट एवं मजरे में सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय एवं जनसहभागिता के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही बैंकों एवं एटीएम की सघन चेकिंग, रात्रि गश्त एवं पिकेट ड्यूटी बढ़ाकर सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के दौरान मा० मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक  द्वारा कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, ड्यूटी प्रबंधन, सुरक्षा घेराबंदी एवं अन्य आवश्यक तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

*इस अवसर पर जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, पी0आर0ओ0 पुलिस अधीक्षक, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष व पुलिस के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए

गोंडा । वामपंथी एवं लोकतांत्रिक मोर्चा के तत्वावधान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी,व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा अमरीकी सरकार के आगे समर्पण करने के खिलाफ तथा भारतीय पोत पर तैनात नौजवानों की अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा हत्या करना , तथा जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की व्यवस्था करें। भारत विदेशी शक्तियों के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता करना बंद करें। तथा स्वतंत्र नीति अपनाऐ।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए।
कार्यक्रम में कामरेड कौशलेंद्र पान्डेय सीपीआई एम, कामरेड ईशवर शरण सीपीआई व कामरेड जमाल ख़ान प्रभारी सचिव सीपीआई एमएल राम गोविंद मिश्र कामरेड रविशंकर प्रसाद, राजीव सिंह कामरेड अमित शुक्ला कामरेड लाल बहादुर, संतोष मौर्य, सीताराम, रमेशचन्द्र चोबे प्रहलाद सिंह सहित दर्जनों साथियों ने हिस्सा लिया।