राज्यसभा की दहलीज पर पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई हलचल तब तेज हो गई जब राज्य के पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर ने उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के लिए औपचारिक आग्रह किया।
यह पत्र केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक अभिलाषा नहीं, बल्कि शिवसेना की आंतरिक संरचना और भविष्य की रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।
शिवसेना की स्थापना से सक्रिय भूमिका
गजानन कीर्तिकर शिवसेना की स्थापना काल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने संगठन निर्माण से लेकर जन-आंदोलनों तक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पिछले चार वर्षों से वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना धड़े में विशेष रूप से सक्रिय हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
लोकसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई है। चाहे वह मराठी अस्मिता का प्रश्न हो, स्थानीय विकास का विषय हो या केंद्र-राज्य संबंधों का मामला — कीर्तिकर ने संसद में अपनी आवाज बुलंद की है।
राज्यसभा की राजनीति: रणनीति या संतुलन?
राज्यसभा चुनाव को लेकर यह पत्र ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति गठबंधन और संतुलन के दौर से गुजर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवसेना (शिंदे गुट) अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहती है।
राज्यसभा में एक सशक्त वक्ता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
संगठन के प्रति दीर्घकालिक निष्ठा को पुरस्कृत करने का यह अवसर हो सकता है।
यदि गजानन कीर्तिकर को राज्यसभा भेजा जाता है, तो यह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी की रणनीतिक मजबूती का संकेत होगा।
राजनीतिक संदेश क्या है?
यह पत्र कई स्तरों पर संदेश देता है:
संगठन के प्रति निष्ठा का सम्मान।
अनुभवी नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच पर स्थान।
शिवसेना के भीतर समन्वय और संतुलन की राजनीति।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव केवल एक पद नहीं, बल्कि आगामी लोकसभा और विधानसभा समीकरणों की भूमिका भी तय करेगा।
निष्कर्ष: गजानन कीर्तिकर का यह आग्रह महाराष्ट्र की राजनीति में नई संभावनाओं को जन्म देता है। अब सबकी निगाहें एकनाथ शिंदे के निर्णय पर टिकी हैं। यदि उन्हें राज्यसभा की उम्मीदवारी मिलती है, तो यह उनके लंबे राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और भी रोचक मोड़ ले सकता है।
(कौशल विनोद पाठक द्वारा विशेष रिपोर्ट)
डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के दूसरे दिन विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन ने प्रस्तुतियां दी, अध्यक्ष हुए शामिल

गया: डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के माध्यम से समाज में रचनात्मकता, ज्ञानवर्धन एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित द्वि-दिवसीय भव्य फिलेटली प्रदर्शनी “बोधिपेक्स – 2026” का शुभारंभ दिनांक 20.02.2026 को एम.यू. अब्दाली, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार परिमंडल, पटना द्वारा हरिहर सेमिनरी स्कूल के प्रेक्षागृह मे किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन गया मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक अंशुमान के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.

इस कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा घोषी क्षेत्र के विधायक ऋतुराज कुमार, आई.आई.आई.एम, बोधगया के निदेशक श्रीमति विनीता सहाय, ओटी.ए के ब्रिगेडियर राजीव शर्मा एवं कर्नल दीपक कुमार भी उपस्थित रहे.

आईआईएम, बोधगया के ऊपर एक विशेष आवरण भी जारी किया गया ।सभी गणमान्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डाक टिकट संग्रहण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक गतिविधि बताया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि डाक टिकट केवल डाक संप्रेषण का साधन भर नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं के जीवंत दर्पण हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फिलेटली को अपनाकर ज्ञानार्जन, सृजनात्मक सोच एवं राष्ट्र की विरासत से जुड़ने का माध्यम बनाएं।

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय कला एवं संस्कृति, वन्यजीवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आध्यात्मिक धरोहर जैसे विविध विषयों पर आधारित दुर्लभ, आकर्षक एवं थीमैटिक डाक टिकट संग्रहों तथा विशेष आवरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

इस अवसर पर आईआईएम बोधगया पर आधारित एक विशेष आवरण का लोकार्पण भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुमधुर संगीत, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों एवं अन्य सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की जीवंत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से ऊर्जावान एवं यादगार बना दिया। इसके अतिरिक्त “सिट एंड ड्रॉ” प्रतियोगिता में भी बाल प्रतिभाओं ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान फिलेटली पर आधारित कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं एवं नए डाक टिकट खातों के पंजीकरण की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे युवाओं में इस विधा के प्रति उत्साह एवं जागरूकता का संचार हुआ। समापनतः यह आयोजन गया तथा आस-पास के क्षेत्रों में फिलेटली के प्रति नई चेतना, उत्साह एवं रचनात्मक ऊर्जा का संचार करने में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। इस भव्य प्रदर्शनी ने न केवल युवाओं एवं विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रहण की ओर प्रेरित किया, बल्कि समाज में ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ किया। कार्यक्रम की सफल एवं गरिमामय अभिव्यक्ति में डाक विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उत्साही प्रतिभागियों, शिक्षण संस्थानों तथा सहयोगी संगठनों का बहुमूल्य एवं सराहनीय योगदान रहा।

गया में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का तीसरा स्थापना दिवस पर केक काटकर जश्न मनाया, संगठन विस्तार को लेकर सदस्यता अभियान की शुरुआत की

गया: गया शहर के कुजापी में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का तीसरा स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने केक काटकर जश्न मनाया और संगठन विस्तार को लेकर सदस्यता अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के जिला संयोजक राजीव प्रकाश उर्फ बंटी कुशवाहा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की नीतियों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन के विस्तार से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व और सशक्त होगा। इस क्रम में उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व को पार्टी की मजबूती का आधार बताया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और क्षेत्र में सक्रिय रूप से जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही। मौके पर जितेंद्र पासवान, शक्ति कुमार, आकाश दयाल, केके निराला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने पार्टी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

स्थापना दिवस समारोह के साथ चलाए गए सदस्यता अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और संगठनात्मक मजबूती के संकल्प के साथ किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया जिसमें एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दिया.

परसपुर, मुजेहना व बेलसर ब्लॉक से पुरूषों ने किया आंगनवाड़ी पदों के लिए आवेदन
*सभी ब्लॉकों से जांच के आदेश

गोंडा।जिले में आंगनवाड़ी सहायिका और कार्यकत्री पदों पर भर्ती के लिए पुरुषों द्वारा आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है,जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इन पदों पर महिलाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।जिसके लिए जिले में 5000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं,जिनमें से कुछ आवेदन पुरुषों के भी हैं।पुरुषों के आवेदन सामने आने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा है।मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर अब तक तीन पुरुष आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिये गए हैं।निरस्त आवेदन परसपुर, मुजेहना और बेलसर ब्लॉक से प्राप्त हुए थे।आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यह पद मात्र महिलाओं के लिए हैं,परन्तु नियमों का उल्लंघन कर पुरुषों द्वारा आवेदन किया गया था।निरस्त किए गए आवेदकों को भविष्य में इस तरह के आवेदन न करने की सख्त हिदायत दी गई है तथा अब जिले के 16 विकासखंडों में प्राप्त आवेदनों की दोबारा जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कितने पुरुषों ने इन महिला आरक्षित पदों के लिए आवेदन किया है।जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका दोनों पदों के लिए लगभग 5000 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे और प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के लिए पांच शीर्ष आवेदकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विज्ञापन में और सामान्य जानकारी के अनुसार,आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के पद महिलाओं के लिए ही होते हैं।यहाँ तक कि हमारे विभाग में मुख्य सेविका,जिसे सुपरवाइजर बोला जाता है वो भी महिला अभ्यर्थी होती है।लेकिन परसपुर से और एक दो जगह से पुरुष आवेदकों के भी आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं जो आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के पद पर चयन के लिए पात्र नहीं हैं।शासनादेश इसमें 18 से 35 वर्ष के मध्य की महिलाओं की बात कर रहा है,इसमें पुरुष नहीं हैं।उन्होंने कहा कि हम यह नहीं स्पष्ट कर सकते कि पुरुषों ने गलती से आवेदन किया है अथवा जानबूझ कर किया है,लेकिन चुंकि यह पद महिलाओं के लिए रिक्त है इसलिए पुरुषों के आवेदन पत्र पर विचार किया जाना संभव नहीं है।
बीएसए भ्रष्टाचार की जांच 109 दिन बाद भी अधूरी
*22 लाख एडवांस लेकर दो करोड़ रिश्वत मांगने का लगा था आरोप

गोंडा।जिले में पूर्व निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर नमन स्टिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनोज कुमार पाण्डेय ने बीते 4 नवंबर को नगर कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज कराया था।इस मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय द्वारा पिछले 109 दिनों से की जा रही है,हालांकि जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल नहीं किया गया है।नियमानुसार, 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना होता है जिससे अब पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ गया है।पीड़ित मनोज कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म को जिले के 564 परिषदीय स्कूलों में डेस्क बेंच सप्लाई का काम मिला था।टेंडर पास होने के बाद वर्क आर्डर जारी करने के लिए उनसे 2.25 करोड़ रुपए के कमीशन की मांग की गई।उन्होंने निलंबित बीएसए और उनके दो अधीनस्थ कर्मियों को 26 लाख रुपए एडवांस भी दिये थे।इसके बावजूद उनका टेंडर रद्द कर दिया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।इस फर मनोज पांडेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर में शिकायत किया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बीएसए और दोनों जिला समन्वयकों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते दिसंबर माह में पूर्व बीएसए अतुल कुमार तिवारी शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था।उन्हें अभी तक शासन अथवा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।क्षेत्राधिकारी आनंद राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है और कई कागजात मिले हैं जिनकी पड़ताल की जा रही है।उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और पुलिस द्वारा इस मामले कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में जांच बड़ी गंभीरता से करनी पड़ती है और साक्ष्य एकत्रित करने में समय लगता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की जीवन प्रवास पर आधारित पुस्तक ‘ध्येयधुंद’ का लोकार्पण

मुंबई :  “मैं हमेशा सोचता था कि मेरे जैसे एक सामान्य व्यक्ति से इतने कार्य कैसे हो जाते हैं? तब एहसास होता है कि कहीं न कहीं एक दैवी शक्ति होती है, जो हमसे अच्छे कार्य करवाती है। इसलिए आइए, हम सब मिलकर समाजाभिमुख कार्य करें; उस समय वह दैवी शक्ति निश्चित रूप से हमारे साथ खड़ी रहेगी,” ऐसा आह्वान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने किया। नकुल पार्सेकर द्वारा लिखित और सुरेश प्रभु के जीवनप्रवास पर आधारित ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह शिवाजी पार्क स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक सभागार में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रभु ने अपने अब तक के सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। समारोह में सारस्वत बैंक के अध्यक्ष गौतम ठाकुर, एबीपी माझा के संपादक राजीव खांडेकर, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रफुल्ल छाजेड, कालानिर्णय के कार्यकारी निदेशक जयराज सालगांवकर, नाबाॅर्ड के निदेशक सतीश मराठे, शैलेश हरिभक्ति, जिजाऊ संस्था के संस्थापक निलेश साम्ब्रे, स्वामीराज प्रकाशन के रजनीश राणे, जय अल्पसंख्यक ट्रस्ट की अल्पा शाह तथा वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शाह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने की, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं दीं। गौतम ठाकुर ने अपने भाषण में सुरेश प्रभु की निर्णय क्षमता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में लिए गए निर्णयों से सारस्वत बैंक ने बड़ी प्रगति की। रविंद्र चव्हाण ने प्रभु को “परिस” की उपमा देते हुए कहा कि उनके कार्यों से अनेक क्षेत्रों को नई दिशा मिली है। सभी मान्यवरों ने एकमत से कहा कि सुरेश प्रभु ने कभी स्वयं या अपने कार्यों का प्रचार-प्रसार नहीं किया और वे वास्तव में वैश्विक दृष्टि वाले नेता हैं। पुस्तक के लेखक नकुल पार्सेकर ने भी कहा कि प्रभु की एक कार्यकर्ता के रूप में पहचान उनकी ऑक्सफोर्ड डिग्री से भी बड़ी है। ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक के सह-प्रकाशक के रूप में बोलते हुए वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शाह ने कहा कि श्री वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के लिए आज अत्यंत गर्व और आनंद का दिन है, क्योंकि देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के एक महान व्यक्तित्व के जीवनप्रवास को पुस्तक रूप में दुनिया के सामने लाने का अवसर मिला है। इसके लिए उन्होंने लेखक नकुलजी पार्सेकर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरेश जी ने जैन समाज के लिए बहुत कार्य किया है, लेकिन उन्होंने कभी उसका श्रेय नहीं लिया। इसलिए आज इस पुस्तक के माध्यम से हम एक बार फिर सुरेश जी से जुड़ पाए हैं - यह हमारे लिए अत्यंत आनंद की बात है। उन्होंने आगे कहा कि जब राजनीति में आदर्शवाद कम होता जा रहा है, तब सुरेश प्रभु आदर्श राजनीति और विकासोन्मुख समाजकारण के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। स्वामीराज प्रकाशन प्रकाशन क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था है और मराठी भाषा के लिए उनका चल रहा अभियान स्वागतयोग्य है। भाषा कोई भी हो, वह जीवित रहनी चाहिए, यह हमारा भी आग्रह है, ऐसा शाह ने स्पष्ट किया। इस अवसर पर संजय शाह ने विशेष घोषणा करते हुए बताया कि ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक का संस्कृत संस्करण शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा। प्रभु और लेखक की औपचारिक अनुमति के पश्चात आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। मराठी संस्करण के बाद पुस्तक के हिंदी और अंग्रेज़ी संस्करण भी जल्द प्रकाशित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन अशोक परब ने किया, जबकि मोहन होडावडेकर ने स्वागत समिति की ओर से आभार प्रदर्शन किया। गानचंद्रिका पद्मजा फेणाणी, डॉ. संजय देशमुख सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सेवा योजना के बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश
जौनपुर। श्री बजरंग पीजी कॉलेज घनश्यामपुर, में आज राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर के तत्वाधान में कॉलेज के प्राचार्य वीरेंद्र बहादुर सिंह ने झंडा दिखाकर स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं को शिविर स्थल की ओर रवाना किया जहां पर बच्चों ने प्राइमरी पाठशाला, घनश्यामपुर की साफ सफाई की एवं गीत संगीत और नारों के माध्यम से समाज को स्वच्छता कासंदेश दिया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार तिवारी, किरण मिश्रा,  रीना उपाध्याय, अरुण यादव सहायक अध्यापिका अनुराधा यादव, प्रदीप तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जैनेंद्र कुमार तिवारी ने किया
बलरामपुर में देर रात्रि डीजे शोर पर रोक की अपील
                       
                                  
भारतीय जनता पार्टी जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने नियमों के सख्ती से पालन पर दिया बल।         
                                 
बलरामपुर। जनपद में इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं का दौर जारी है। हजारों विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में देर रात्रि तक तेज ध्वनि में डीजे बजाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देर रात तक अत्यधिक शोर-शराबा न केवल छात्रों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है,बल्कि आम जनजीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समय सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सुबह कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त नींद अत्यंत आवश्यक है,ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से कर सकें। वहीं अस्पतालों और घरों में रह रहे मरीज—विशेषकर हृदय रोगी एवं बुजुर्ग—तेज ध्वनि से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। चिकित्सकीय दृष्टि से भी अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है।

डीपी सिंह बैस ने स्पष्ट किया कि विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोह निस्संदेह हर्ष और उल्लास के अवसर होते हैं। प्रत्येक नागरिक को अपनी खुशियां मनाने का अधिकार है,किंतु यह अधिकार दूसरों की शांति,सुविधा और स्वास्थ्य को प्रभावित किए बिना होना चाहिए। देर रात्रि तक ऊँची आवाज में डीजे बजाना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता के विपरीत है।

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से विनम्र अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अपने कार्यक्रमों का समापन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें,जिससे विद्यार्थियों,मरीजों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।

राज्यसभा की दहलीज पर पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर
मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई हलचल तब तेज हो गई जब राज्य के पूर्व गृह राज्य मंत्री गजानन कीर्तिकर ने उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना नेता एकनाथ शिंदे को पत्र लिखकर राज्यसभा चुनाव में अपनी उम्मीदवारी के लिए औपचारिक आग्रह किया।
यह पत्र केवल एक व्यक्तिगत राजनीतिक अभिलाषा नहीं, बल्कि शिवसेना की आंतरिक संरचना और भविष्य की रणनीति का संकेत भी माना जा रहा है।
शिवसेना की स्थापना से सक्रिय भूमिका
गजानन कीर्तिकर शिवसेना की स्थापना काल से सक्रिय रूप से जुड़े रहे हैं। उन्होंने संगठन निर्माण से लेकर जन-आंदोलनों तक में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। पिछले चार वर्षों से वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना धड़े में विशेष रूप से सक्रिय हैं और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने में योगदान दे रहे हैं।
लोकसभा सदस्य के रूप में भी उन्होंने कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मुखर भूमिका निभाई है। चाहे वह मराठी अस्मिता का प्रश्न हो, स्थानीय विकास का विषय हो या केंद्र-राज्य संबंधों का मामला — कीर्तिकर ने संसद में अपनी आवाज बुलंद की है।
राज्यसभा की राजनीति: रणनीति या संतुलन?
राज्यसभा चुनाव को लेकर यह पत्र ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति गठबंधन और संतुलन के दौर से गुजर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शिवसेना (शिंदे गुट) अपने वरिष्ठ और अनुभवी नेताओं को राष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना चाहती है।
राज्यसभा में एक सशक्त वक्ता की आवश्यकता महसूस की जा रही है।
संगठन के प्रति दीर्घकालिक निष्ठा को पुरस्कृत करने का यह अवसर हो सकता है।
यदि गजानन कीर्तिकर को राज्यसभा भेजा जाता है, तो यह एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में पार्टी की रणनीतिक मजबूती का संकेत होगा।
राजनीतिक संदेश क्या है?
यह पत्र कई स्तरों पर संदेश देता है:
संगठन के प्रति निष्ठा का सम्मान।
अनुभवी नेतृत्व को राष्ट्रीय मंच पर स्थान।
शिवसेना के भीतर समन्वय और संतुलन की राजनीति।
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव केवल एक पद नहीं, बल्कि आगामी लोकसभा और विधानसभा समीकरणों की भूमिका भी तय करेगा।
निष्कर्ष: गजानन कीर्तिकर का यह आग्रह महाराष्ट्र की राजनीति में नई संभावनाओं को जन्म देता है। अब सबकी निगाहें एकनाथ शिंदे के निर्णय पर टिकी हैं। यदि उन्हें राज्यसभा की उम्मीदवारी मिलती है, तो यह उनके लंबे राजनीतिक सफर का एक नया अध्याय होगा।
महाराष्ट्र की राजनीति में यह घटनाक्रम आने वाले दिनों में और भी रोचक मोड़ ले सकता है।
(कौशल विनोद पाठक द्वारा विशेष रिपोर्ट)
डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के दूसरे दिन विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन ने प्रस्तुतियां दी, अध्यक्ष हुए शामिल

गया: डाक टिकट संग्रहण फिलेटली के माध्यम से समाज में रचनात्मकता, ज्ञानवर्धन एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से आयोजित द्वि-दिवसीय भव्य फिलेटली प्रदर्शनी “बोधिपेक्स – 2026” का शुभारंभ दिनांक 20.02.2026 को एम.यू. अब्दाली, मुख्य डाक महाध्यक्ष, बिहार परिमंडल, पटना द्वारा हरिहर सेमिनरी स्कूल के प्रेक्षागृह मे किया गया। इस आयोजन का सफल संचालन गया मंडल के वरिष्ठ डाक अधीक्षक अंशुमान के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ.

इस कार्यक्रम के दूसरे दिन भी विद्यार्थियों, युवा संग्रहकर्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा आमजन की उल्लेखनीय सहभागिता रही। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार तथा घोषी क्षेत्र के विधायक ऋतुराज कुमार, आई.आई.आई.एम, बोधगया के निदेशक श्रीमति विनीता सहाय, ओटी.ए के ब्रिगेडियर राजीव शर्मा एवं कर्नल दीपक कुमार भी उपस्थित रहे.

आईआईएम, बोधगया के ऊपर एक विशेष आवरण भी जारी किया गया ।सभी गणमान्य अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर डाक टिकट संग्रहण को ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक गतिविधि बताया। अपने उद्बोधन में मुख्य अतिथि ने कहा कि डाक टिकट केवल डाक संप्रेषण का साधन भर नहीं, बल्कि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, गौरवशाली इतिहास, महान विभूतियों तथा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय घटनाओं के जीवंत दर्पण हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे फिलेटली को अपनाकर ज्ञानार्जन, सृजनात्मक सोच एवं राष्ट्र की विरासत से जुड़ने का माध्यम बनाएं।

प्रदर्शनी में स्वतंत्रता संग्राम, भारतीय कला एवं संस्कृति, वन्यजीवन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी तथा आध्यात्मिक धरोहर जैसे विविध विषयों पर आधारित दुर्लभ, आकर्षक एवं थीमैटिक डाक टिकट संग्रहों तथा विशेष आवरणों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया, जिसने दर्शकों को विशेष रूप से आकर्षित किया।

इस अवसर पर आईआईएम बोधगया पर आधारित एक विशेष आवरण का लोकार्पण भी किया गया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के अंतर्गत विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सुमधुर संगीत, आकर्षक नृत्य प्रस्तुतियों एवं अन्य सांस्कृतिक अभिव्यक्तियों के माध्यम से उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। बच्चों की जीवंत एवं प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को विशेष रूप से ऊर्जावान एवं यादगार बना दिया। इसके अतिरिक्त “सिट एंड ड्रॉ” प्रतियोगिता में भी बाल प्रतिभाओं ने अपनी सृजनात्मक क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम के दौरान फिलेटली पर आधारित कार्यशालाएं, प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं एवं नए डाक टिकट खातों के पंजीकरण की विशेष व्यवस्था की गई, जिससे युवाओं में इस विधा के प्रति उत्साह एवं जागरूकता का संचार हुआ। समापनतः यह आयोजन गया तथा आस-पास के क्षेत्रों में फिलेटली के प्रति नई चेतना, उत्साह एवं रचनात्मक ऊर्जा का संचार करने में अत्यंत सफल सिद्ध हुआ। इस भव्य प्रदर्शनी ने न केवल युवाओं एवं विद्यार्थियों को डाक टिकट संग्रहण की ओर प्रेरित किया, बल्कि समाज में ज्ञान, संस्कृति एवं विरासत के प्रति सम्मान की भावना को भी सुदृढ़ किया। कार्यक्रम की सफल एवं गरिमामय अभिव्यक्ति में डाक विभाग के समर्पित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, उत्साही प्रतिभागियों, शिक्षण संस्थानों तथा सहयोगी संगठनों का बहुमूल्य एवं सराहनीय योगदान रहा।

गया में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का तीसरा स्थापना दिवस पर केक काटकर जश्न मनाया, संगठन विस्तार को लेकर सदस्यता अभियान की शुरुआत की

गया: गया शहर के कुजापी में राष्ट्रीय लोक मोर्चा का तीसरा स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने केक काटकर जश्न मनाया और संगठन विस्तार को लेकर सदस्यता अभियान की शुरुआत की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल बना रहा।

कार्यक्रम का नेतृत्व पार्टी के जिला संयोजक राजीव प्रकाश उर्फ बंटी कुशवाहा ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि सदस्यता अभियान के माध्यम से संगठन को जमीनी स्तर पर और मजबूत बनाया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को पार्टी की नीतियों से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास जताया कि संगठन के विस्तार से पार्टी को नई ऊर्जा मिलेगी और राष्ट्रीय स्तर पर नेतृत्व और सशक्त होगा। इस क्रम में उन्होंने उपेंद्र कुशवाहा के नेतृत्व को पार्टी की मजबूती का आधार बताया।

कार्यक्रम के दौरान उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया और क्षेत्र में सक्रिय रूप से जनसंपर्क अभियान चलाने की बात कही। मौके पर जितेंद्र पासवान, शक्ति कुमार, आकाश दयाल, केके निराला समेत कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने पार्टी के विचारों को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

स्थापना दिवस समारोह के साथ चलाए गए सदस्यता अभियान को लेकर कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखा गया। कार्यक्रम का समापन आपसी सौहार्द और संगठनात्मक मजबूती के संकल्प के साथ किया गया। स्थापना दिवस के अवसर पर होली मिलन समारोह का आयोजन भी किया गया जिसमें एक दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर होली की बधाई दिया.

परसपुर, मुजेहना व बेलसर ब्लॉक से पुरूषों ने किया आंगनवाड़ी पदों के लिए आवेदन
*सभी ब्लॉकों से जांच के आदेश

गोंडा।जिले में आंगनवाड़ी सहायिका और कार्यकत्री पदों पर भर्ती के लिए पुरुषों द्वारा आवेदन किए जाने का मामला सामने आया है,जबकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इन पदों पर महिलाओं की भर्ती के लिए विज्ञापन जारी किया था।जिसके लिए जिले में 5000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं,जिनमें से कुछ आवेदन पुरुषों के भी हैं।पुरुषों के आवेदन सामने आने के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने मुख्य विकास अधिकारी को पत्र लिखकर दिशा निर्देश मांगा है।मुख्य विकास अधिकारी के आदेश पर अब तक तीन पुरुष आवेदकों के आवेदन निरस्त कर दिये गए हैं।निरस्त आवेदन परसपुर, मुजेहना और बेलसर ब्लॉक से प्राप्त हुए थे।आवेदन पत्र में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यह पद मात्र महिलाओं के लिए हैं,परन्तु नियमों का उल्लंघन कर पुरुषों द्वारा आवेदन किया गया था।निरस्त किए गए आवेदकों को भविष्य में इस तरह के आवेदन न करने की सख्त हिदायत दी गई है तथा अब जिले के 16 विकासखंडों में प्राप्त आवेदनों की दोबारा जांच की जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कितने पुरुषों ने इन महिला आरक्षित पदों के लिए आवेदन किया है।जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार ने बताया कि आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका दोनों पदों के लिए लगभग 5000 आवेदन पत्र प्राप्त हुए थे और प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र के लिए पांच शीर्ष आवेदकों को काउंसलिंग के लिए बुलाया गया था।उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विज्ञापन में और सामान्य जानकारी के अनुसार,आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के पद महिलाओं के लिए ही होते हैं।यहाँ तक कि हमारे विभाग में मुख्य सेविका,जिसे सुपरवाइजर बोला जाता है वो भी महिला अभ्यर्थी होती है।लेकिन परसपुर से और एक दो जगह से पुरुष आवेदकों के भी आवेदन पत्र प्राप्त हुए हैं जो आंगनवाड़ी कार्यकत्री और सहायिका के पद पर चयन के लिए पात्र नहीं हैं।शासनादेश इसमें 18 से 35 वर्ष के मध्य की महिलाओं की बात कर रहा है,इसमें पुरुष नहीं हैं।उन्होंने कहा कि हम यह नहीं स्पष्ट कर सकते कि पुरुषों ने गलती से आवेदन किया है अथवा जानबूझ कर किया है,लेकिन चुंकि यह पद महिलाओं के लिए रिक्त है इसलिए पुरुषों के आवेदन पत्र पर विचार किया जाना संभव नहीं है।
बीएसए भ्रष्टाचार की जांच 109 दिन बाद भी अधूरी
*22 लाख एडवांस लेकर दो करोड़ रिश्वत मांगने का लगा था आरोप

गोंडा।जिले में पूर्व निलंबित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अतुल कुमार तिवारी सहित तीन लोगों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया था।एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर के आदेश पर नमन स्टिंग सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड के मालिक मनोज कुमार पाण्डेय ने बीते 4 नवंबर को नगर कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज कराया था।इस मामले की जांच क्षेत्राधिकारी नगर आनंद राय द्वारा पिछले 109 दिनों से की जा रही है,हालांकि जांच अभी तक पूरी नहीं हो पाई है और न्यायालय में आरोप पत्र भी दाखिल नहीं किया गया है।नियमानुसार, 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र दाखिल करना होता है जिससे अब पुलिस की जांच प्रक्रिया पर सवाल उठ गया है।पीड़ित मनोज कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया था कि उनकी फर्म को जिले के 564 परिषदीय स्कूलों में डेस्क बेंच सप्लाई का काम मिला था।टेंडर पास होने के बाद वर्क आर्डर जारी करने के लिए उनसे 2.25 करोड़ रुपए के कमीशन की मांग की गई।उन्होंने निलंबित बीएसए और उनके दो अधीनस्थ कर्मियों को 26 लाख रुपए एडवांस भी दिये थे।इसके बावजूद उनका टेंडर रद्द कर दिया गया और उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया।इस फर मनोज पांडेय ने एंटी करप्शन कोर्ट गोरखपुर में शिकायत किया, जिसके बाद कोर्ट के आदेश पर बीएसए और दोनों जिला समन्वयकों के खिलाफ नगर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।उत्तर प्रदेश सरकार ने बीते दिसंबर माह में पूर्व बीएसए अतुल कुमार तिवारी शासन द्वारा निलंबित कर दिया गया था।उन्हें अभी तक शासन अथवा हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है।क्षेत्राधिकारी आनंद राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है और कई कागजात मिले हैं जिनकी पड़ताल की जा रही है।उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया जाएगा और पुलिस द्वारा इस मामले कड़ी कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि ऐसे मामलों में जांच बड़ी गंभीरता से करनी पड़ती है और साक्ष्य एकत्रित करने में समय लगता है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु की जीवन प्रवास पर आधारित पुस्तक ‘ध्येयधुंद’ का लोकार्पण

मुंबई :  “मैं हमेशा सोचता था कि मेरे जैसे एक सामान्य व्यक्ति से इतने कार्य कैसे हो जाते हैं? तब एहसास होता है कि कहीं न कहीं एक दैवी शक्ति होती है, जो हमसे अच्छे कार्य करवाती है। इसलिए आइए, हम सब मिलकर समाजाभिमुख कार्य करें; उस समय वह दैवी शक्ति निश्चित रूप से हमारे साथ खड़ी रहेगी,” ऐसा आह्वान पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश प्रभु ने किया। नकुल पार्सेकर द्वारा लिखित और सुरेश प्रभु के जीवनप्रवास पर आधारित ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक का भव्य लोकार्पण समारोह शिवाजी पार्क स्थित स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक सभागार में उत्साहपूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर पर प्रभु ने अपने अब तक के सफर में साथ देने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। समारोह में सारस्वत बैंक के अध्यक्ष गौतम ठाकुर, एबीपी माझा के संपादक राजीव खांडेकर, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रफुल्ल छाजेड, कालानिर्णय के कार्यकारी निदेशक जयराज सालगांवकर, नाबाॅर्ड के निदेशक सतीश मराठे, शैलेश हरिभक्ति, जिजाऊ संस्था के संस्थापक निलेश साम्ब्रे, स्वामीराज प्रकाशन के रजनीश राणे, जय अल्पसंख्यक ट्रस्ट की अल्पा शाह तथा वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शाह सहित अनेक गणमान्य उपस्थित थे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने की, जबकि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने वीडियो संदेश के माध्यम से शुभकामनाएं दीं। गौतम ठाकुर ने अपने भाषण में सुरेश प्रभु की निर्णय क्षमता के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनके अध्यक्षीय कार्यकाल में लिए गए निर्णयों से सारस्वत बैंक ने बड़ी प्रगति की। रविंद्र चव्हाण ने प्रभु को “परिस” की उपमा देते हुए कहा कि उनके कार्यों से अनेक क्षेत्रों को नई दिशा मिली है। सभी मान्यवरों ने एकमत से कहा कि सुरेश प्रभु ने कभी स्वयं या अपने कार्यों का प्रचार-प्रसार नहीं किया और वे वास्तव में वैश्विक दृष्टि वाले नेता हैं। पुस्तक के लेखक नकुल पार्सेकर ने भी कहा कि प्रभु की एक कार्यकर्ता के रूप में पहचान उनकी ऑक्सफोर्ड डिग्री से भी बड़ी है। ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक के सह-प्रकाशक के रूप में बोलते हुए वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शाह ने कहा कि श्री वर्धमान श्रुतगंगा ट्रस्ट के लिए आज अत्यंत गर्व और आनंद का दिन है, क्योंकि देश के राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र के एक महान व्यक्तित्व के जीवनप्रवास को पुस्तक रूप में दुनिया के सामने लाने का अवसर मिला है। इसके लिए उन्होंने लेखक नकुलजी पार्सेकर का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सुरेश जी ने जैन समाज के लिए बहुत कार्य किया है, लेकिन उन्होंने कभी उसका श्रेय नहीं लिया। इसलिए आज इस पुस्तक के माध्यम से हम एक बार फिर सुरेश जी से जुड़ पाए हैं - यह हमारे लिए अत्यंत आनंद की बात है। उन्होंने आगे कहा कि जब राजनीति में आदर्शवाद कम होता जा रहा है, तब सुरेश प्रभु आदर्श राजनीति और विकासोन्मुख समाजकारण के मार्ग पर दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। स्वामीराज प्रकाशन प्रकाशन क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण संस्था है और मराठी भाषा के लिए उनका चल रहा अभियान स्वागतयोग्य है। भाषा कोई भी हो, वह जीवित रहनी चाहिए, यह हमारा भी आग्रह है, ऐसा शाह ने स्पष्ट किया। इस अवसर पर संजय शाह ने विशेष घोषणा करते हुए बताया कि ‘ध्येयधुंद’ पुस्तक का संस्कृत संस्करण शीघ्र ही प्रकाशित किया जाएगा। प्रभु और लेखक की औपचारिक अनुमति के पश्चात आगे की प्रक्रिया पूर्ण की जाएगी। मराठी संस्करण के बाद पुस्तक के हिंदी और अंग्रेज़ी संस्करण भी जल्द प्रकाशित किए जाएंगे।
कार्यक्रम का संचालन अशोक परब ने किया, जबकि मोहन होडावडेकर ने स्वागत समिति की ओर से आभार प्रदर्शन किया। गानचंद्रिका पद्मजा फेणाणी, डॉ. संजय देशमुख सहित विभिन्न क्षेत्रों के अनेक गणमान्य बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
राष्ट्रीय सेवा योजना के बच्चों ने दिया स्वच्छता का संदेश
जौनपुर। श्री बजरंग पीजी कॉलेज घनश्यामपुर, में आज राष्ट्रीय सेवा योजना विशेष शिविर के तत्वाधान में कॉलेज के प्राचार्य वीरेंद्र बहादुर सिंह ने झंडा दिखाकर स्वयंसेवक एवं स्वयंसेविकाओं को शिविर स्थल की ओर रवाना किया जहां पर बच्चों ने प्राइमरी पाठशाला, घनश्यामपुर की साफ सफाई की एवं गीत संगीत और नारों के माध्यम से समाज को स्वच्छता कासंदेश दिया। इस अवसर पर प्रधानाध्यापक रविंद्र कुमार तिवारी, किरण मिश्रा,  रीना उपाध्याय, अरुण यादव सहायक अध्यापिका अनुराधा यादव, प्रदीप तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. जैनेंद्र कुमार तिवारी ने किया
बलरामपुर में देर रात्रि डीजे शोर पर रोक की अपील
                       
                                  
भारतीय जनता पार्टी जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने नियमों के सख्ती से पालन पर दिया बल।         
                                 
बलरामपुर। जनपद में इन दिनों बोर्ड परीक्षाओं का दौर जारी है। हजारों विद्यार्थी अपने उज्ज्वल भविष्य के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। ऐसे महत्वपूर्ण समय में देर रात्रि तक तेज ध्वनि में डीजे बजाए जाने से विद्यार्थियों की पढ़ाई पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

भाजपा जिला मीडिया प्रभारी डीपी सिंह बैस ने इस विषय पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देर रात तक अत्यधिक शोर-शराबा न केवल छात्रों की पढ़ाई में बाधा उत्पन्न करता है,बल्कि आम जनजीवन को भी प्रभावित करता है। उन्होंने प्रशासन से निर्धारित ध्वनि सीमा एवं समय सीमा का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की।

उन्होंने कहा कि सुबह कार्यालय जाने वाले कर्मचारियों के लिए पर्याप्त नींद अत्यंत आवश्यक है,ताकि वे अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से कर सकें। वहीं अस्पतालों और घरों में रह रहे मरीज—विशेषकर हृदय रोगी एवं बुजुर्ग—तेज ध्वनि से गंभीर रूप से प्रभावित होते हैं। चिकित्सकीय दृष्टि से भी अत्यधिक ध्वनि प्रदूषण स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना गया है।

डीपी सिंह बैस ने स्पष्ट किया कि विवाह एवं अन्य सामाजिक समारोह निस्संदेह हर्ष और उल्लास के अवसर होते हैं। प्रत्येक नागरिक को अपनी खुशियां मनाने का अधिकार है,किंतु यह अधिकार दूसरों की शांति,सुविधा और स्वास्थ्य को प्रभावित किए बिना होना चाहिए। देर रात्रि तक ऊँची आवाज में डीजे बजाना सामाजिक जिम्मेदारी और मानवीय संवेदनशीलता के विपरीत है।

अंत में उन्होंने सभी नागरिकों से विनम्र अपील की कि वे निर्धारित समय सीमा के भीतर ही अपने कार्यक्रमों का समापन करें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें,जिससे विद्यार्थियों,मरीजों और आम नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
दिल्ली को दहलाने की साजिश, लश्कर ए तैयबा के निशाने पर लाल किला और चांदनी चौक का मंदिर

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देश की राजधानी दिल्ली में एक बार आतंकियों के साए में है। राजधानी में संभावित आतंकी हमले को लेकर सुरक्षा एजेंसियों ने अलर्ट जारी किया है। खुफिया सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, लाल किले के आसपास के इलाकों और चांदनी चौक क्षेत्र में आतंकी हमले का खतरा मंडरा रहा है। पाकिस्तान के आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा द्वारा इस क्षेत्र को निशाना बनाए जाने की आशंका जताई जा रही है।

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चांदनी चौक का इलाका निशाने पर

खुफिया विभाग के सूत्रों ने एक हाई अलर्ट जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि लश्कर-ए-तैयबा के आंतकी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के सामने आईईडी हमले की साजिश रच रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान स्थित इस आतंकी संगठन ने चांदनी चौक इलाके में स्थित प्रमुख मंदिरों को भी टारगेट करने की योजना बनाई है।

बिलाल मस्जिद हमले का बदला लेने की साजिश

खुफिया एजेंसियों से जुड़े सूत्रों सूत्रों का कहना है कि लश्कर पाकिस्तान के इस्लामाबाद में 6 फरवरी को हुए एक मस्जिद विस्फोट के बाद भारत में बड़ा आतंकी हमला करने की फिराक में है। खुफिया सूत्रों ने कहा, आतंकवादी चांदनी चौक में एक मंदिर को निशाना बना सकते हैं। लश्कर-ए-तैयबा आईईडी हमले की साजिश रच रहा है। 6 फरवरी को पाकिस्तान के इस्लामाबाद स्थित एक मस्जिद में हुए विस्फोट के बाद यह संगठन भारत में बड़ी आतंकी वारदात को अंजाम देने की फिराक में है।

10 नवंबर 2025 को हुआ था धमाका

यह अलर्ट ऐसे समय आया है जब नवंबर 2025 में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट की जांच अभी चल रही है, जिसमें 13 लोगों की मौत हुई थी। 10 नवंबर 2025 को शाम के समय दिल्ली के लाल किले के पास एक बड़ा धमाका हुआ था। इस धमाके में कई गाड़ियां जलकर खाक हो गई थीं। इस घटना में कई लोगों की मौत भी हुई थी और कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। जांच में सामने आया था कि धमाका एक कार में हुआ था। यह कार धमाके से पहले करीब तीन घंटे तक लाल किला इलाके की पार्किंग में खड़ी रही थी।

पीएम मोदी जा रहे इजराइल, कितना अहम होगा ये दौरा?*

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के दौरे पर जाने वाले हैं। पीएम मोदी 25-26 फरवरी को दो दिन के इजरायल दौरे पर जा रहे हैं। यह दौरा सुरक्षा, काउंटर-टेररिज़्म और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई टेक्नोलॉजी में आपसी रिश्तों को मजबूत करने की कोशिशों के बीच हो रहा है। यह इसीलिए भी खास है क्योंकि पीएम मोदी 2017 के बाद, यानी 9 सालों में पहली बार इजरायल जा रहे हैं।

संसद को संबोधित करेंगे मोदी

प्रधानमंत्री मोदी 25 फरवरी को दो दिवसीय दौरे पर इजराइल पहुंचेंगे। इस दौरान वह नेसेट (संसद) को संबोधित कर सकते हैं। पीएम मोदी नेतन्याहू और राष्ट्रपति इसाक हर्जोग से मुलाकात करेंगे।

पीएम मोदी के दौरे को लेकर क्या बोले नेतन्याहू

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित दौरे से उत्साहित उनके इजराइली समकक्ष बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा अगले सप्ताह एक बेहद शक्तिशाली देश के प्रधानमंत्री इजराइल का दौरा करेंगे। नेतन्याहू ने कहा, वर्षों से इजराइल और भारत के बीच एक मजबूत गठबंधन है। हम हर तरह के सहयोग पर चर्चा करने जा रहे हैं। आप जानते हैं, भारत कोई छोटा देश नहीं है। इसकी आबादी 1.4 अरब है। भारत बेहद शक्तिशाली और बेहद लोकप्रिय है।

नई रक्षा तकनीक साझा करने को सहमत

हिन्दुस्तान टाइम्स की खबर के मुताबिक, इजराइल भारत को नई रक्षा तकनीक देने के लिए तैयार है। इसमें लेजर आधारित डिफेंस सिस्टम, लंबी दूरी की मिसाइलें और ड्रोन शामिल हैं। बताया जा रहा है कि इजरायल इस बार ऐसी तकनीक भी साझा कर सकता है, जो उसने पहले नहीं दी थी। भारत और इजरायल मिलकर एंटी-बैलिस्टिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम पर काम कर सकते हैं। यह भारत के मिशन सुदर्शन का अहम हिस्सा है, जिसका उद्देश्य देश को दुश्मन की लंबी दूरी की मिसाइलों से बचाना है। इजराइल के पास एरो, डेविड स्लिंग और आयरन डोम जैसे मजबूत रक्षा सिस्टम हैं।

लंबी दूरी की मिसाइलें खरीदने पर विचार

भारत लंबी दूरी की मिसाइलें और ऐसे ड्रोन खरीदने पर भी विचार कर रहा है, जो दुश्मन की सीमा के अंदर तक मार कर सकें। भारत पहले भी रैंपेज मिसाइल और अन्य हथियारों का उपयोग कर चुका है। नौसेना भी अपने जहाजों की सुरक्षा के लिए बराक मिसाइल सिस्टम के नए वर्जन को खरीदने पर विचार कर रही है।

2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा

भारतीय प्रधानमंत्री की यह वर्ष 2017 के बाद पहली इजरायल यात्रा होगी। पीएम बेंजामिन नेतान्याहू जनवरी, 2018 में नई दिल्ली आये थे। उसके बाद कम से कम दो बार उनकी भारत यात्रा की तैयारियां की गई हैं लेकिन अंतिम समय में किसी न किसी वजह से उन्हें रद करना पड़ा। हालांकि इसका द्विपक्षीय संबंधों पर कोई असर नहीं पड़ा है।