पिता ने वर्दी छोड़ी, मां ने नौकरी अब हर्ष की फिरकी पर नाचेंगे अफगानी


*जिले के यशस्वी, शिवम् दूबे के बाद आलराउंडर हर्ष दूबे का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन से परिजनों खुशी, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे हर्ष*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विदर्भ और इंडिया-ए टीम से खेल चुके जिले के क्रिकेटर हर्ष दुबे का टीम इंडिया की मुख्य टीम में चयन हुआ है। वह अगले महीने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में टीम इंडिया की ओर से खेलेंगे। इससे उनके परिजनों और रिश्तेदारों में हर्ष है। यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे के बाद वे जिले के तीसरे खिलाड़ी हैं, जो टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। बड़े पिता राजेंद्र दुबे ने बताया कि

मूल रूप से डीघ ब्लॉक के तिलंगा गांव निवासी हर्ष दुबे की कहानी भी संघर्षों से भरी रही है। बेटे के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके माता-पिता नागपुर में ही शिफ्ट हो गए। उनके पिता सुरेंद्र दुबे ने साल 2015 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी। वहीं उनकी मां ज्योति दुबे ने एक साल पहले ही बेटे की खातिर शिक्षिका की नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान बेटे के कॅरिअर पर दिया। हर्ष विदर्भ की तरफ से अंडर-13, 16, 19 और रणजी खेल चुके हैं। रणजी खेलते हुए उन्होंने एक ही सीजन में 69 विकेट लेकर रिकाॅर्ड बनाया था। इसके बाद उनका चयन इंडिया-ए टीम में हो गया। वह आईपीएल में सनराइज हैदराबाद की ओर से खेलते हैं।  टीम इंडिया की घोषित 16 सदस्यीय टीम में हर्ष को भी शामिल किया गया है। उनके चयन की सूचना पर रिश्तेदार रामकृष्ण द्विवेदी ने खुशी जताई।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
जिले में पुराने जेल परिसर में नए मेडिकल कॉलेज के लिए तैैयारियाँ तेज, जून में शिलान्यास संभव
संजीव सिंह बलिया!जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को जिले के पुराने जेल परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में स्थित इस परिसर में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने निर्माण सम्बन्धी नक्शों का अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि जून माह में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारी समय से पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही व ढिलाई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए। प्रारम्भिक चरण में इस कॉलेज में 100 छात्रों का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) क्षमता, अस्पताल सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार संबंधी विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा व सेवाएं सुनिश्चित हो सकें। इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में उसी परिसर में संचालित सीएमओ कार्यालय के स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक एनओसी शीघ्र प्राप्त की जाए, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि परियोजना समयबद्ध तथा पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और स्थानीय जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ जल्द उपलब्ध हों।
नि:शुल्क शुद्ध पेयजल प्याऊ का उद्घाटन — गर्मी में राहगीरों के लिए दो महीने तक सेवा जारी रखने का संकल्प
संजीव सिंह बलिया। नगर पंचायत के हनुमान चौक पर स्थित पृथ्वीराज चौक के लक्ष्मी चबूतरे पर भाजपा नेता व समाजसेवीों द्वारा मंगलवार को नि:शुल्क शुद्ध ठंडा पेयजल प्याऊ का उद्घाटन किया गया। आयोजन व्यापार मण्डल के तत्वावधान में पारंपरिक रूप से किया जाता है और इस बार भी सुव्यवस्थित तरीके से शुद्ध पेयजल का संचालन सुनिश्चित किया गया। पूर्व मण्डल अध्यक्ष और समाजसेवी देवनारायण प्रजापति (देवा भाई) ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच राहगीरों व जरूरतमंदों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना एक नेक व श्रेष्ठ समाजसेवा है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को अनवरत रूप से दो महीने तक गर्मी के पूरे काल में जारी रखा जाएगा। उद्घाटन के मौके पर राहगीरों व उपस्थित अतिथियों को मिष्ठान भी वितरित किया गया और सभी को पेयजल पिलाया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में वशिष्ट सोनी, बब्लू कसेरा, राजेन्द्र उर्फ गुड्डू प्रजापति, शिवकुमार चौरसिया सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सेवाकार्य में सहयोग दिया।
भगवतीगंज दक्षिणी में 'वंदन योजना' के तहत ₹120.50 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास।   
              
                                         
*बलरामपुर।*आदर्श नगर पालिका परिषद के अंतर्गत वार्ड भगवतीगंज दक्षिणी में 'वंदन योजना' के तहत स्वीकृत ₹120.50 लाख की भारी-भरकम धनराशि के विकास कार्यों का भव्य भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस ऐतिहासिक कार्य का शिलान्यास सदर विधायक पल्टूराम एवं नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का होगा कायाकल्प
इस अवसर पर अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी.सिंह बैस ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की 'वंदन योजना' का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में स्थित सांस्कृतिक,धार्मिक,पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं और अवस्थापना (Infrastructure) का विकास करना है।
> "वर्ष 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत इस ₹120.50 लाख की राशि से जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे,जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।"
> — **डी.पी. सिंह बैस,अध्यक्ष प्रतिनिधि**
>
ये प्रमुख कार्य किए जाएंगे संपन्न:
वार्ड भगवतीगंज दक्षिणी में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर परिसर में निम्नलिखित सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य कराए जाने की स्वीकृति मिली है:
* **विश्रामालय का निर्माण:** मंदिर परिसर (प्रांगण) में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक विश्रामालय बनाया जाएगा।
* **हवन कुंड व सीसी रोड:** परिसर में एक व्यवस्थित हवन कुंड का निर्माण होगा और खाली पड़े प्रांगण में सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड/फर्श का कार्य कराया जाएगा।
* **घाट का सौंदर्यीकरण:** मंदिर से सटे घाट का पूरी तरह से जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
* **जन-सुविधाएं:** परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच और स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर कियोस्क (पानी की मशीन) लगाए जाएंगे।
* **प्रकाश व्यवस्था:** पूरे क्षेत्र को आधुनिक लाइट व्यवस्था से रोशन किया।                 अवसर पर अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,चन्द्र प्रकाश अग्रवाल,विजय अग्रवाल,पवन बाबा, अनूप,सुनील गुप्ता,नगेन्द्र शर्मा,संजय शर्मा,प्रमोद चौधरी,महेश बाबा,सुभाष अग्रवाल,सुरेश कुमार अग्रवाल जी,मूल चन्द्र अग्रवाल,गंगा शर्मा, सोनू चौधरी (सभासद),जयंत सिंह (सभासद), विनोद गिरी (सभासद प्रतिनिधि),राघवेन्द्र कांतसिह मंटू (सभासद),मयंक मणि,रमेश चन्द्र,ऋषभ अग्रवाल,मुरली डिडवानिया,तारा चन्द्र अग्रवाल,नन्द लाल तिवारी (सभासद),पवन यादव,केशव शर्मा,संजय गुप्ता,दिलीप गुप्ता,राजेश कश्यप जी (सभासद),संदीप मिश्रा (सभासद),बंटी साहू (सभासद),संजय शुक्ला,मनोज चौरसिया (सभासद),गौरव मिश्र,शिवम मिश्र,अनुराग मिश्रा,सिविल जे.ई.अवनीश यादव,जल जे.ई. धर्मेंद्र कुमार गौड़,अजीत ओझा सहित माननीय सभासदगण,विभागीय अधिकारी, व्यापारी बंधु,सम्मानित नगरवासी एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
604 किलो गांजा बरामद, 4 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने 3 करोड़ रुपये से अधिक का गांजा पकड़ा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 604.20 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में कोईरौना थाना पुलिस टीम ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। आरोपियों को रैयापुर, भावापुर नहर पुलिया के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से एक क्रेटा कार और एक ट्रक कंटेनर से कुल 604.20 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 88/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट और 207 मोटर अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे यह गांजा ओडिशा प्रांत से लेकर आए थे। उनका मकसद इसे भदोही और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचना था। उन्होंने बताया कि उनके गिरोह का सरगना त्रिशूल जायसवाल है, जिसके कहने पर वे ओडिशा से गांजा ला रहे थे। गांजे की बिक्री से होने वाले मुनाफे को वे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान त्रिशूल जायसवाल (64 वर्ष, निवासी टिकरी, थाना मांडा, प्रयागराज), बाबू राम मौर्या (60 वर्ष, निवासी मुतकल्ली, थाना पवई, आजमगढ़), सुरेन धरई (24 वर्ष, निवासी कादो पाड़ा, थाना रियामल, देवगढ़, ओडिशा) और मोंटू साहू (18 वर्ष, निवासी कादो पाड़ा, थाना रियामल, देवगढ़, ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य वांछित सदस्यों की तलाश कर रही है।



*गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम-*
*टीम -1* टीम - 1
प्रभारी निरीक्षक रामनगीना यादव, उ0नि0 संतोष कुमार सिंह चौकी प्रभारी कोईरौना, उ0नि0 अनिल कुमार सिंह चौकी सीतामढी व उ0नि0 प्रमोद कुमार राय, हे0का0 शैलेन्द्र सिंह यादव (चालक), का0 प्रवेश कुमार, का0 रामानन्द, का0 नीरज कुमार थाना कोईरौना जनपद भदोही।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
जेल से रिहाई के बाद काफिला निकालना पड़ा भारी,पुलिस ने सपा नेता के हत्यारे को भेजा जेल
*उच्च न्यायालय से जमानत की शर्तों के उल्लंघन का मामला

गोंडा।जिले के वरिष्ठ सपा नेता ओम प्रकाश सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी व भारतीय जनता पार्टी के सभासद उदयभान सिंह को पुलिस ने एक बार पुनः गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।उदयभान सिंह पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन का आरोप लगाया है।जेल से छूटने के बाद उदयभान सिंह ने गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला था,जिसका वीडियो सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गयी।उदयभान सिंह को 15 अप्रैल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा सशर्त जमानत दी गई थी।जमानत मिलने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय कारागार से अपने घर परसपुर राजा टोला तक लग्जरी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का काफिला निकाला था।स्ट्रीट बुज द्वारा 18 अप्रैल को इस पूरे काफिले को लेकर प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया गया था।यह काफिला मृतक सपा नेता ओम प्रकाश सिंह के घर के सामने से भी गुजरा,जिसके कारण उनके परिवार के लोगों में दहशत फैल गयी।काफिले के दौरान नारेबाजी करते हुए लापरवाही से वाहन चलाने का भी आरोप है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए परसपुर थाने की पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे।जांच के बाद उदयभान सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जो भी आरोपी इस तरह से करेंगे उनके खिलाफ भी इसी तरीके से कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जो भी आरोपी जेल से छूटते हैं,उन्हें शर्तों के आधार पर जमानत दी जाती है।उदयभान सिंह ने उच्च न्यायालय से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया,जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।परसपुर थाने की पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं प्रदान की गई है।जिन शर्तों पर जमानत मिली है उसका पालन करना अनिवार्य है।
गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कल्पना सोरेन

गांडेय की विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट साझा करते हुए “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ के उदाहरण का उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग का जीवंत प्रतीक बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि महिला एवं बाल विकास समिति, झारखण्ड विधानसभा के महाराष्ट्र एक्सपोज़र विजिट के दौरान बीते दिन मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर जाने का अवसर मिला। लगभग 135 वर्षों से अपनी मेहनत, अनुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुके मुंबई के डब्बावालों की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझने का अवसर बेहद प्रेरणादायक रहा।

विदित हो कि गांडेय से विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति (Chairperson) हैं. झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो द्वारा राज्य की संसदीय समितियों के पुनर्गठन के दौरान उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लिज्जत पापड़ केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त आंदोलन है, जिसने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहकारी मॉडल समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

विधायक ने “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” यानी विकेन्द्रित उत्पादन प्रणाली को विशेष रूप से सराहा। उनके अनुसार, यह मॉडल महिलाओं को अपने घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने की सुविधा देता है, जिससे वे पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन पाती हैं। साथ ही, यह स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है।

कल्पना सोरेन ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडलों को अन्य क्षेत्रों—जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग—में भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि वे इस दिशा में समन्वित प्रयास करें, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध हो सके।

विधायक का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।
पिता ने वर्दी छोड़ी, मां ने नौकरी अब हर्ष की फिरकी पर नाचेंगे अफगानी


*जिले के यशस्वी, शिवम् दूबे के बाद आलराउंडर हर्ष दूबे का भारतीय क्रिकेट टीम में चयन से परिजनों खुशी, अफगानिस्तान के खिलाफ वनडे सीरीज में खेलते नजर आएंगे हर्ष*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। विदर्भ और इंडिया-ए टीम से खेल चुके जिले के क्रिकेटर हर्ष दुबे का टीम इंडिया की मुख्य टीम में चयन हुआ है। वह अगले महीने वाली अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली वनडे सीरीज में टीम इंडिया की ओर से खेलेंगे। इससे उनके परिजनों और रिश्तेदारों में हर्ष है। यशस्वी जायसवाल और शिवम दुबे के बाद वे जिले के तीसरे खिलाड़ी हैं, जो टीम इंडिया के लिए खेलेंगे। बड़े पिता राजेंद्र दुबे ने बताया कि

मूल रूप से डीघ ब्लॉक के तिलंगा गांव निवासी हर्ष दुबे की कहानी भी संघर्षों से भरी रही है। बेटे के क्रिकेट के प्रति जुनून को देखते हुए उनके माता-पिता नागपुर में ही शिफ्ट हो गए। उनके पिता सुरेंद्र दुबे ने साल 2015 में आर्मी की नौकरी छोड़ दी। वहीं उनकी मां ज्योति दुबे ने एक साल पहले ही बेटे की खातिर शिक्षिका की नौकरी छोड़कर पूरा ध्यान बेटे के कॅरिअर पर दिया। हर्ष विदर्भ की तरफ से अंडर-13, 16, 19 और रणजी खेल चुके हैं। रणजी खेलते हुए उन्होंने एक ही सीजन में 69 विकेट लेकर रिकाॅर्ड बनाया था। इसके बाद उनका चयन इंडिया-ए टीम में हो गया। वह आईपीएल में सनराइज हैदराबाद की ओर से खेलते हैं।  टीम इंडिया की घोषित 16 सदस्यीय टीम में हर्ष को भी शामिल किया गया है। उनके चयन की सूचना पर रिश्तेदार रामकृष्ण द्विवेदी ने खुशी जताई।
ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई तक, बनी असमंजस की स्थिति*

*अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है*

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। जिले में 546 ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा। इसमें मात्र एक सप्ताह का समय बचा है। अभी तक शासन स्तर से प्रशासक की तैनाती का कोई आदेश भी जारी नहीं हुआ है। इसको लेकर असमंजश की स्थिति बनी हुई है।
ऐसे में ग्राम पंचायतों में होने वाले लाखों के विकास कार्य को समय से पूर्ण करा पाना विभाग के लिए बड़ी चुनौती होगी। जिले में कुल 546 ग्राम पंचायतें हैं। जिसमें हर साल 15वें वित्त, राज्य वित्त, टाइड, अनटाइड फंड संग स्वच्छ भारत मिशन से बजट शासन से जारी होता है। राज्य वित्त और 15वें वित्त के बजट से खड़ंजा, इंटरलाॅकिंग,जैसी सुविधाएं दी जाती है जबकि टाइड फंड सशर्त अनुदान है, जो प्रधान को केवल विशिष्ट कार्यों के लिए दिया जाता है।
इसका 50 फीसदी हिस्सा पेयजल आपूर्ति, जल संचयन और पुनर्चक्रण के लिए, जबकि शेष 50 फीसदी स्वच्छता और ओडीएफ स्थिति के रखरखाव के लिए अनिवार्य रूप से खर्च करना होता है। 2021 में निर्वाचित ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।



26 म‌ई को प्रधानों का कार्यकाल समाप्त हो रहा है। अभी तक उनका कार्यकाल बढ़ाने का आदेश शासन की तरफ से नहीं मिला है। ग्राम पंचायतों के संचालन के लिए प्रशासक नियुक्त होने की संभावना है। दो से तीन में शासन से इससे संबंधित पत्र मिल सकता है। जिसके बाद आगे का निर्णय लिया जाएगा।

ज्ञान प्रकाश,प्रभारी डीपीआरओ भदोही
कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने सड़क दुर्घटना में दिखाई संवेदनशीलता
* योगी सरकार के मंत्री ने काफिला रोक बच्चों को तत्काल पहुंचाया अस्पताल

कानपुर देहात/लखनऊ। झांसी की ओर जाते समय प्रदेश के कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान ने मानवता एवं संवेदनशीलता का परिचय देते हुए कानपुर देहात क्षेत्र में सड़क दुर्घटना का शिकार हुए स्कूली बच्चों की तत्काल सहायता की।
जनपद कानपुर देहात में सिंगूर नदी के पास मावर शरीफ गांव में एक स्कूली बस की आमने-सामने से एक ट्रक से टक्कर हो गई। उसी दौरान मंत्री दारा सिंह चौहान का काफिला वहां से गुजर रहा था। दुर्घटना को देखकर उन्होंने तुरंत अपना काफिला रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर बच्चों का हाल-चाल जाना।
कारागार मंत्री ने अधिकारियों एवं स्थानीय प्रशासन को निर्देश देते हुए घायल बच्चों को तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था कराई। उनकी तत्परता एवं संवेदनशीलता के चलते बच्चों को समय पर चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई जा सकी।सौभाग्यवश दुर्घटना में किसी भी बच्चे को गंभीर चोट नहीं आई।
जिले में पुराने जेल परिसर में नए मेडिकल कॉलेज के लिए तैैयारियाँ तेज, जून में शिलान्यास संभव
संजीव सिंह बलिया!जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को जिले के पुराने जेल परिसर का निरीक्षण कर प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज निर्माण की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बताया कि लगभग 15 एकड़ क्षेत्र में स्थित इस परिसर में नया मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने निर्माण सम्बन्धी नक्शों का अवलोकन किया और कार्यदायी संस्था से विस्तृत जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि जून माह में मेडिकल कॉलेज का शिलान्यास प्रस्तावित है, इसलिए सभी तैयारी समय से पूरी कर ली जाएँ। उन्होंने निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही व ढिलाई बर्दाश्त नहीं करने के निर्देश दिए। प्रारम्भिक चरण में इस कॉलेज में 100 छात्रों का नामांकन (रजिस्ट्रेशन) किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) क्षमता, अस्पताल सुविधा तथा स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार संबंधी विस्तृत जानकारी भी ली। उन्होंने कार्यदायी संस्था से कहा कि निवेश व इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए ताकि भविष्य में बेहतर चिकित्सकीय शिक्षा व सेवाएं सुनिश्चित हो सकें। इसके अलावा जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि वर्तमान में उसी परिसर में संचालित सीएमओ कार्यालय के स्थानांतरण के लिए स्वास्थ्य विभाग से आवश्यक एनओसी शीघ्र प्राप्त की जाए, ताकि निर्माण कार्य में कोई बाधा न आए। उन्होंने कहा कि परियोजना समयबद्ध तथा पारदर्शी तरीके से आगे बढ़े और स्थानीय जनता को गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएँ जल्द उपलब्ध हों।
नि:शुल्क शुद्ध पेयजल प्याऊ का उद्घाटन — गर्मी में राहगीरों के लिए दो महीने तक सेवा जारी रखने का संकल्प
संजीव सिंह बलिया। नगर पंचायत के हनुमान चौक पर स्थित पृथ्वीराज चौक के लक्ष्मी चबूतरे पर भाजपा नेता व समाजसेवीों द्वारा मंगलवार को नि:शुल्क शुद्ध ठंडा पेयजल प्याऊ का उद्घाटन किया गया। आयोजन व्यापार मण्डल के तत्वावधान में पारंपरिक रूप से किया जाता है और इस बार भी सुव्यवस्थित तरीके से शुद्ध पेयजल का संचालन सुनिश्चित किया गया। पूर्व मण्डल अध्यक्ष और समाजसेवी देवनारायण प्रजापति (देवा भाई) ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच राहगीरों व जरूरतमंदों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना एक नेक व श्रेष्ठ समाजसेवा है। उन्होंने बताया कि इस व्यवस्था को अनवरत रूप से दो महीने तक गर्मी के पूरे काल में जारी रखा जाएगा। उद्घाटन के मौके पर राहगीरों व उपस्थित अतिथियों को मिष्ठान भी वितरित किया गया और सभी को पेयजल पिलाया गया। उद्घाटन कार्यक्रम में वशिष्ट सोनी, बब्लू कसेरा, राजेन्द्र उर्फ गुड्डू प्रजापति, शिवकुमार चौरसिया सहित अन्य स्थानीय लोग उपस्थित रहे और सेवाकार्य में सहयोग दिया।
भगवतीगंज दक्षिणी में 'वंदन योजना' के तहत ₹120.50 लाख के विकास कार्यों का भूमि पूजन और शिलान्यास।   
              
                                         
*बलरामपुर।*आदर्श नगर पालिका परिषद के अंतर्गत वार्ड भगवतीगंज दक्षिणी में 'वंदन योजना' के तहत स्वीकृत ₹120.50 लाख की भारी-भरकम धनराशि के विकास कार्यों का भव्य भूमि पूजन एवं शिलान्यास किया गया। इस ऐतिहासिक कार्य का शिलान्यास सदर विधायक पल्टूराम एवं नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह 'धीरू' द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों का होगा कायाकल्प
इस अवसर पर अध्यक्ष प्रतिनिधि डी.पी.सिंह बैस ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार की 'वंदन योजना' का मुख्य उद्देश्य नगरीय क्षेत्रों में स्थित सांस्कृतिक,धार्मिक,पौराणिक एवं ऐतिहासिक महत्व के स्थलों पर बुनियादी सुविधाओं और अवस्थापना (Infrastructure) का विकास करना है।
> "वर्ष 2025-26 के अंतर्गत स्वीकृत इस ₹120.50 लाख की राशि से जनहित में कई महत्वपूर्ण निर्माण कार्य कराए जाएंगे,जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।"
> — **डी.पी. सिंह बैस,अध्यक्ष प्रतिनिधि**
>
ये प्रमुख कार्य किए जाएंगे संपन्न:
वार्ड भगवतीगंज दक्षिणी में स्थित प्रसिद्ध शिव मंदिर परिसर में निम्नलिखित सौंदर्यीकरण और निर्माण कार्य कराए जाने की स्वीकृति मिली है:
* **विश्रामालय का निर्माण:** मंदिर परिसर (प्रांगण) में आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए आधुनिक विश्रामालय बनाया जाएगा।
* **हवन कुंड व सीसी रोड:** परिसर में एक व्यवस्थित हवन कुंड का निर्माण होगा और खाली पड़े प्रांगण में सीसी (सीमेंट कंक्रीट) रोड/फर्श का कार्य कराया जाएगा।
* **घाट का सौंदर्यीकरण:** मंदिर से सटे घाट का पूरी तरह से जीर्णोद्धार और सौंदर्यीकरण किया जाएगा।
* **जन-सुविधाएं:** परिसर में श्रद्धालुओं के बैठने के लिए बेंच और स्वच्छ पेयजल के लिए वॉटर कियोस्क (पानी की मशीन) लगाए जाएंगे।
* **प्रकाश व्यवस्था:** पूरे क्षेत्र को आधुनिक लाइट व्यवस्था से रोशन किया।                 अवसर पर अधिशासी अधिकारी लाल चंद्र मौर्य,चन्द्र प्रकाश अग्रवाल,विजय अग्रवाल,पवन बाबा, अनूप,सुनील गुप्ता,नगेन्द्र शर्मा,संजय शर्मा,प्रमोद चौधरी,महेश बाबा,सुभाष अग्रवाल,सुरेश कुमार अग्रवाल जी,मूल चन्द्र अग्रवाल,गंगा शर्मा, सोनू चौधरी (सभासद),जयंत सिंह (सभासद), विनोद गिरी (सभासद प्रतिनिधि),राघवेन्द्र कांतसिह मंटू (सभासद),मयंक मणि,रमेश चन्द्र,ऋषभ अग्रवाल,मुरली डिडवानिया,तारा चन्द्र अग्रवाल,नन्द लाल तिवारी (सभासद),पवन यादव,केशव शर्मा,संजय गुप्ता,दिलीप गुप्ता,राजेश कश्यप जी (सभासद),संदीप मिश्रा (सभासद),बंटी साहू (सभासद),संजय शुक्ला,मनोज चौरसिया (सभासद),गौरव मिश्र,शिवम मिश्र,अनुराग मिश्रा,सिविल जे.ई.अवनीश यादव,जल जे.ई. धर्मेंद्र कुमार गौड़,अजीत ओझा सहित माननीय सभासदगण,विभागीय अधिकारी, व्यापारी बंधु,सम्मानित नगरवासी एवं गणमान्य जन उपस्थित रहे।
604 किलो गांजा बरामद, 4 अंतरराज्यीय तस्कर गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने 3 करोड़ रुपये से अधिक का गांजा पकड़ा

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 604.20 किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया है। इसकी अनुमानित कीमत 3 करोड़ 2 लाख 50 हजार रुपये बताई जा रही है। इस मामले में चार अंतरराज्यीय तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में कोईरौना थाना पुलिस टीम ने बुधवार को मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई की। आरोपियों को रैयापुर, भावापुर नहर पुलिया के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार तस्करों के कब्जे से एक क्रेटा कार और एक ट्रक कंटेनर से कुल 604.20 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मु0अ0सं0 88/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट और 207 मोटर अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया। पूछताछ में तस्करों ने बताया कि वे यह गांजा ओडिशा प्रांत से लेकर आए थे। उनका मकसद इसे भदोही और आसपास के जिलों में ऊंचे दामों पर बेचना था। उन्होंने बताया कि उनके गिरोह का सरगना त्रिशूल जायसवाल है, जिसके कहने पर वे ओडिशा से गांजा ला रहे थे। गांजे की बिक्री से होने वाले मुनाफे को वे आपस में बांट लेते थे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान त्रिशूल जायसवाल (64 वर्ष, निवासी टिकरी, थाना मांडा, प्रयागराज), बाबू राम मौर्या (60 वर्ष, निवासी मुतकल्ली, थाना पवई, आजमगढ़), सुरेन धरई (24 वर्ष, निवासी कादो पाड़ा, थाना रियामल, देवगढ़, ओडिशा) और मोंटू साहू (18 वर्ष, निवासी कादो पाड़ा, थाना रियामल, देवगढ़, ओडिशा) के रूप में हुई है। पुलिस गिरोह के अन्य वांछित सदस्यों की तलाश कर रही है।



*गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम-*
*टीम -1* टीम - 1
प्रभारी निरीक्षक रामनगीना यादव, उ0नि0 संतोष कुमार सिंह चौकी प्रभारी कोईरौना, उ0नि0 अनिल कुमार सिंह चौकी सीतामढी व उ0नि0 प्रमोद कुमार राय, हे0का0 शैलेन्द्र सिंह यादव (चालक), का0 प्रवेश कुमार, का0 रामानन्द, का0 नीरज कुमार थाना कोईरौना जनपद भदोही।
*टीम - 2* उ0नि0 राजकुमार पाण्डेय प्रभारी स्वाट/सर्विलांस सेल, हे0कां0 राधेश्याम कुशवाहा, हे0कां0 धीरेन्द्र श्रीवास्तव, हे0कां0 बृजेश सूर्यवंशी,हे0कां0 नागेन्द्र यादव, कां0 गोपाल खरवार, कां0 नीरज यादव, कां0 राघवेन्द्र कुशवाहा,कां0 मन्नू सिंह, कां0 सुनील पाल, कां0 सुनील कन्नौजिया,कां0 हिमांशु सिंह, कां0 दीपक यादव, कां0 प्रत्युष पाठक समस्त सर्विलांस/स्वाट टीम।
जेल से रिहाई के बाद काफिला निकालना पड़ा भारी,पुलिस ने सपा नेता के हत्यारे को भेजा जेल
*उच्च न्यायालय से जमानत की शर्तों के उल्लंघन का मामला

गोंडा।जिले के वरिष्ठ सपा नेता ओम प्रकाश सिंह हत्याकांड के मुख्य आरोपी व भारतीय जनता पार्टी के सभासद उदयभान सिंह को पुलिस ने एक बार पुनः गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।उदयभान सिंह पर इलाहाबाद उच्च न्यायालय से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन का आरोप लगाया है।जेल से छूटने के बाद उदयभान सिंह ने गाड़ियों का लंबा काफिला निकाला था,जिसका वीडियो सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गयी।उदयभान सिंह को 15 अप्रैल को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ द्वारा सशर्त जमानत दी गई थी।जमानत मिलने के बाद उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित मंडलीय कारागार से अपने घर परसपुर राजा टोला तक लग्जरी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों का काफिला निकाला था।स्ट्रीट बुज द्वारा 18 अप्रैल को इस पूरे काफिले को लेकर प्रमुखता से खबर का प्रकाशन किया गया था।यह काफिला मृतक सपा नेता ओम प्रकाश सिंह के घर के सामने से भी गुजरा,जिसके कारण उनके परिवार के लोगों में दहशत फैल गयी।काफिले के दौरान नारेबाजी करते हुए लापरवाही से वाहन चलाने का भी आरोप है।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि किसी भी व्यक्ति द्वारा नियमों का खुलेआम उल्लंघन करने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक ने इस पूरे मामले का संज्ञान लेते हुए परसपुर थाने की पुलिस को जांच के निर्देश दिए थे।जांच के बाद उदयभान सिंह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया है।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जो भी आरोपी इस तरह से करेंगे उनके खिलाफ भी इसी तरीके से कठोर कार्रवाई की जाएगी।पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जो भी आरोपी जेल से छूटते हैं,उन्हें शर्तों के आधार पर जमानत दी जाती है।उदयभान सिंह ने उच्च न्यायालय से मिली जमानत की शर्तों का उल्लंघन किया,जिसके कारण यह कार्रवाई की गई है।परसपुर थाने की पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है।किसी को भी नियमों का उल्लंघन करने की छूट नहीं प्रदान की गई है।जिन शर्तों पर जमानत मिली है उसका पालन करना अनिवार्य है।
गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देकर ही मजबूत होगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था: कल्पना सोरेन

गांडेय की विधायक श्रीमती कल्पना सोरेन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक विचारोत्तेजक पोस्ट साझा करते हुए “संघे शक्ति कलियुगे” की अवधारणा को रेखांकित किया। उन्होंने अपने संदेश में श्री महिला गृह उद्योग लिज्जत पापड़ के उदाहरण का उल्लेख करते हुए इसे महिलाओं की सामूहिक शक्ति, आत्मविश्वास और सहयोग का जीवंत प्रतीक बताया।

उन्होंने सोशल मीडिया X पर लिखा है कि महिला एवं बाल विकास समिति, झारखण्ड विधानसभा के महाराष्ट्र एक्सपोज़र विजिट के दौरान बीते दिन मुंबई स्थित डब्बावाला इंटरनेशनल एक्सपीरियंस सेंटर जाने का अवसर मिला। लगभग 135 वर्षों से अपनी मेहनत, अनुशासन और समयबद्ध सेवा के लिए विश्वभर में पहचान बना चुके मुंबई के डब्बावालों की कार्यप्रणाली को नज़दीक से समझने का अवसर बेहद प्रेरणादायक रहा।

विदित हो कि गांडेय से विधायक श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन झारखंड विधानसभा की महिला एवं बाल विकास समिति की सभापति (Chairperson) हैं. झारखंड विधानसभा के अध्यक्ष रबीन्द्रनाथ महतो द्वारा राज्य की संसदीय समितियों के पुनर्गठन के दौरान उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा कि लिज्जत पापड़ केवल एक उद्योग नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण का सशक्त आंदोलन है, जिसने लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भरता और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इस प्रकार के सहकारी मॉडल समाज में आर्थिक और सामाजिक बदलाव लाने की क्षमता रखते हैं।

विधायक ने “डिस्ट्रिब्यूटेड प्रोडक्शन” यानी विकेन्द्रित उत्पादन प्रणाली को विशेष रूप से सराहा। उनके अनुसार, यह मॉडल महिलाओं को अपने घर या स्थानीय स्तर पर रहकर काम करने की सुविधा देता है, जिससे वे पारिवारिक जिम्मेदारियों के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी सशक्त बन पाती हैं। साथ ही, यह स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक कौशल को बढ़ावा देने का भी प्रभावी माध्यम है।

कल्पना सोरेन ने अपने संदेश में यह भी कहा कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए गृह एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सुझाव दिया कि लिज्जत पापड़ जैसे सफल मॉडलों को अन्य क्षेत्रों—जैसे हस्तशिल्प, खाद्य प्रसंस्करण और लघु उद्योग—में भी लागू किया जाना चाहिए, ताकि अधिक से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जा सके।

उन्होंने सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं और निजी क्षेत्र से आह्वान किया कि वे इस दिशा में समन्वित प्रयास करें, जिससे ग्रामीण परिवारों को स्थायी और सम्मानजनक आजीविका उपलब्ध हो सके।

विधायक का यह संदेश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और महिला सशक्तिकरण के मुद्दे पर एक नई बहस को जन्म दे रहा है।

समाज के माथे पर कलंक –“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो”
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज सुबह जैसे ही हाथ में नवभारत टाइम्स का अखबार लिया, एक मार्मिक शीर्षक ने मन को भीतर तक झकझोर दिया —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”

यह केवल एक पंक्ति नहीं थी, यह उन असंख्य बेटियों की मौन चीख थी, जो दहेज जैसी कुप्रथा की भेंट चढ़ जाती हैं।
33 वर्षीय टि्वशा  शर्मा और 25 वर्षीय दीपिका…
दो नाम नहीं, दो अधूरे सपने थे।
दो जिंदगियाँ थीं, जिन्हें जीने का पूरा अधिकार था।
लेकिन दहेज की प्रताड़ना ने उन्हें इस हद तक तोड़ दिया कि उनकी जिंदगी खत्म हो गई।

यह हत्या थी या आत्महत्या — यह तो जांच का विषय है,
लेकिन इतना तय है कि जिन लोगों ने एक लड़की को अपने जीवन से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया, वे किसी भी रूप में दोषी हैं।
ऐसे दरिंदों को कठोर से कठोर सजा मिलनी ही चाहिए।
क्योंकि किसी इंसान को मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित कर देना कि वह जीने की इच्छा ही खो दे, यह भी किसी हत्या से कम नहीं।

यह समाचार पढ़कर मन में एक ही प्रश्न उठता है —
क्या सचमुच हम 21वीं सदी में जी रहे हैं?

आज महिलाएँ युद्ध क्षेत्र में देश की रक्षा कर रही हैं, अंतरिक्ष में भारत का परचम फहरा रही हैं, विज्ञान, राजनीति, साहित्य, खेल और व्यापार हर क्षेत्र में अपनी पहचान बना रही हैं।
फिर भी, उसी समाज में एक बेटी को विवाह के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित किया जाता है, जलाया जाता है, अपमानित किया जाता है।
यह केवल अपराध नहीं, मानवता की हार है।

सबसे दुखद बात यह है कि दहेज मांगने वाले घरों में भी बहनें और बेटियाँ होती हैं।
फिर क्यों किसी और की बेटी को केवल पैसों और सामान के लिए यातना दी जाती है?
क्या रिश्तों की कीमत अब रुपयों से तय होगी?
क्या बहू अब इंसान नहीं, बल्कि मायके से सामान और धन लाने वाली एक “बैंक” बनकर रह गई है?

दहेज कभी किसी का जीवन नहीं चला सकता।
जीवन चलता है संस्कारों से, प्रेम से, सम्मान से और परिश्रम से।
भगवान ने सबको हाथ-पैर दिए हैं, शिक्षा दी है, क्षमता दी है —
तो फिर किसी बेटी के पिता की मेहनत की कमाई पर अपना अधिकार क्यों?

आज आवश्यकता केवल कानून बनाने की नहीं, सोच बदलने की है।
माता-पिता को भी चाहिए कि वे केवल “अच्छा घर” या ऊँचा दिखावा देखकर जल्दबाजी में बेटी का विवाह न करें।
रिश्तों की चमक-दमक से ज्यादा जरूरी है उस परिवार की मानसिकता को समझना।
दहेज के लालचियों की पहचान अक्सर शादी से पहले ही हो जाती है ।
कभी महंगे उपहारों की अपेक्षा में,
कभी बार-बार की मांगों में,
तो कभी तानों और व्यवहार में।

ऐसे समय में डरना नहीं चाहिए।
जरूरत पड़े तो सगाई तोड़ देनी चाहिए।
और यदि विवाह मंडप तक बात पहुँच जाए, तब भी हिम्मत करके बारात लौटा देनी चाहिए।
क्योंकि एक टूटा रिश्ता फिर भी जीवन बचा सकता है,
लेकिन गलत घर में की गई शादी पूरी जिंदगी बर्बाद कर देती है।

समाज को यह समझना होगा कि बेटी कोई बोझ नहीं, वह घर की सबसे सुंदर रचना है।
जिस घर में बेटियों का सम्मान नहीं, वह घर कभी सुखी नहीं हो सकता।

आइए संकल्प लें —
न दहेज देंगे,
न दहेज लेंगे,
और न ही दहेज मांगने वालों का समर्थन करेंगे।

ताकि फिर कभी किसी अखबार की हेडिंग यह न कहे —
“अगले जनम मोहे बिटिया न कीजो…”।