चाइनीज मांझा सहित एक गिरफ्तार, प्रतिबंधित होने के बाद भी बिक रहा धड़ल्ले से


फर्रुखाबाद। सदर कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंध लगा होने के बावजूद चाइनीज मांझा सहित एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी की टीम ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ और उन्हें पकड़ने के लिए खुफिया जाल बिछाया था l

सदर पुलिस ने मोहल्ला सलावत का निवासी टिंकू पुत्र दिवारी लाल को दो प्लास्टिक के बोरो मे 45 चरखी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचते हुए गंगादरवाजा अंगूरीबाग मोबाइल टांवर के निकट बीती रात गिरफ्तार किया । टिंकू के विरूद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की गयी।

कोतवाली प्रभारी ने मीडिया को बताया कि चाइनीज नायलान, कांच के मांझे से राहगीरों के साथ आये दिन हादसे हो रहे हैं। चाइनीज नायलान, कांच मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है। चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बाद भी अभियुक्त द्वारा चाइनीज नायलान, कांच मांझे का अत्यधिक मात्रा में भण्डार कर बिक्री की जा रही थी। अभियुक्त ने कहा कि उसके पास कमाई का कोई साधन नही है। बाजार में इन दिनों चाइनीज मांझे की बिक्री खूब हो रही है , इसको बेचने पर काफी फायदा हो रहा था l इसलिए चाइनीज मांझा बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था । गिरफ्तारी के दौरान नखास चौकी इंचार्ज इमरान फरीद और घुमना चौकी इंचार्ज अमित कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
रांची में भीषण शीतलहर का अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जारी की एडवायजरी, अभिभावकों और छात्रों के लिए विशेष अपील।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के आधार पर जिले के नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियाँ और अपील जारी की है।

न्यूनतम तापमान और येलो अलर्ट: जिले का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और मौसम विभाग ने इसे 'येलो जोन' (शीतलहर) में रखा है। उपायुक्त ने सर्दी-खांसी, निमोनिया और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन की मुख्य अपील एवं सावधानियाँ:

आम जनता के लिए: गर्म कपड़ों (मफलर, दस्ताने, टोपी) का अनिवार्य उपयोग करें। सुबह-शाम कोहरे के समय बाहर निकलने से बचें।

अभिभावकों के लिए विशेष निर्देश: बच्चों को स्कूल भेजते समय मोटे गर्म कपड़ों की परत पहनाएं। यदि बच्चा अस्वस्थ लगे, तो उसे स्कूल भेजने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

छात्र-छात्राओं के लिए: स्कूल जाते समय अपने नाक और मुंह को स्कार्फ या मफलर से ढंक कर रखें और समय-समय पर गुनगुने पानी का सेवन करें।

निरंतर निगरानी: उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए भविष्य में स्कूलों के समय या छुट्टी के संबंध में आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

एक माँ ही इस खुशी को महसूस कर सकती है"– बच्चों की बरामदगी पर मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया संदेश वायरल।

रांची: धुर्वा से लापता मासूम अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी खुशी व्यक्त की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल पुलिस की पीठ थपथपाई, बल्कि इस पूरी घटना के पीछे छिपे बड़े आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प भी दोहराया।

"परेशान करने वाले थे पिछले कुछ दिन": मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बच्चों के लापता रहने के दौरान वे व्यक्तिगत रूप से काफी व्यथित थे। उन्होंने कहा, "आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, जो चिंताजनक था। लेकिन रांची पुलिस ने जिस तरह दूसरे राज्यों में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर अपराधियों तक पहुँच बनाई, वह वाकई प्रशंसनीय है।"

बड़े नेटवर्क पर प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बच्चों की बरामदगी पर खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर सक्रिय ऐसे गिरोहों की गहन पड़ताल कर उनकी कमर तोड़ी जाएगी। वहीं, सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने पुष्टि की है कि मामले को अभी गोपनीय रखा जा रहा है ताकि इस बड़े नेटवर्क की पहचान कर उसे पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सरकारी योजनाओं से जुड़ेगा परिवार: मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए रांची जिलाधिकारी (DC) को निर्देशित किया है कि वे स्वयं अंश और अंशिका के परिवार से मिलें और उन्हें सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ट्वीट में लिखा– "एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है।"

अतरौलिया मे खिचड़ी भोज के साथ पत्रकार सम्मान समारोह का हुआ आयोजन









बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र अतरौलिया में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं समाजसेवी दयानंद शुक्ल के आवास पर मकरसंक्रांति के शुभ खिचड़ी भोज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक दर्जन से अधिक पत्रकारो को एवं न्यूज़ एजेंसी धारक समाचारपत्र वितरक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार संजय पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता के चुनौती भरा कार्य है बिना संसाधन के है ए पत्रकार आदर्श पत्रकारिता का निर्वहन कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा ने सर्व प्रथम मैं कार्य क्रम के आयोजक का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने लोक तंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान किया।यह जैसे पत्रकारो के लिए गौरव की बात है। आशीष पाण्डेय ने कहा कि ऐसे सम्मान से पत्रकार को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के आयोजन दयानंद शुक्ल ने सभी पत्रकारो का एवं सम्भ्रांत लोगों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर आशुतोष प्रकाश शुक्ला राजीव नित्या नन्द शुक्ल डॉ सत्य प्रकाश संतोष मिश्रा संतोष सिंह अरविन्द सिंह देवानंद गिरी देवेन्द्र सिंह सुमित उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंश-अंशिका की वापसी से बहाल हुआ पुलिस का इकबाल, 'संघर्ष समिति' ने मुख्यमंत्री और डीजीपी का जताया आभार।

रांची: अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने दोनों मासूमों की सकुशल बरामदगी पर अपार हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे शासन-प्रशासन की साख और विश्वसनीयता की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है।

प्रशासन की कर्मठता को साधुवाद: कैलाश यादव ने कहा कि भारी दबाव और विपक्ष की राजनीति के बावजूद प्रशासन ने दिन-रात मेहनत कर इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा, रांची एसएसपी राकेश रंजन और उनकी पूरी टीम (सिटी, ग्रामीण, ट्रैफिक एसपी एवं डीएसपी) सहित धुर्वा और जगन्नाथपुर थाना प्रभारियों को इस सफलता के लिए साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा: यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को बच्चों और उनके परिवार को समुचित सुविधा देने का निर्देश देना सच्ची मानवता का परिचय है। उन्होंने कहा, "मकर संक्रांति के दिन भगवान जगन्नाथ स्वामी ने न्याय किया है।"

अपराधी गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की मांग: समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है कि केवल बच्चों की बरामदगी ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे अपहरणकर्ता गिरोह का खुलासा होना चाहिए। अपराधियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई हो जो समाज में एक बड़ी नजीर बने।

मुहिम के साथियों का आभार: इस अवसर पर संघर्ष समिति के रंजन यादव, नंदन यादव, बबन यादव, अनीता यादव और पूर्व पार्षद उर्मिला देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की।

अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी: रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी, डीजीपी ने दी पूरी टीम को बधाई।

रांची: झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कुशलता और टीम वर्क का परिचय दिया है. रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया.

मानव तस्कर गिरोह का नेटवर्क

झारखंड पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि यह एक बहुत बड़ा गिरोह है. फिलहाल मामले को पूरी तरह से गुप्त इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि इसमें एक बड़े नेटवर्क को पकड़ना है. वहीं, बच्चों के सकुशल वापसी के बाद सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने बताया कि फिलहाल अभी इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की टीम काम कर रही है. बच्चों को किस तरह से ले जाया गया था और उन्हें कहां-कहां रखा गया था इसकी जानकारी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी.

बच्चों की सुरक्षित वापसी पर डीजीपी ने रांची पुलिस की सराहना की और एसएसपी राकेश रंजन सहित पूरी टीम को बधाई दी. पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत स्पेशल टीम ने बच्चों को बरामद किया. उन्होंने एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरी टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ मामले को संभाला. डीजीपी ने अभियान में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह सफलता पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता का परिणाम है.

बच्चों के परिजनों ने दी धन्यवाद

बच्चों के माता-पिता ने रांची पुलिस को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "रांची पुलिस को बहुत-बहुत बधाई. हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है. पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई कि हमारे बच्चे सुरक्षित लौट आए". परिजनों ने बताया कि 2 जनवरी को बच्चे घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत धुर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपी ट्रेस किए.

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.

ढाई घाट मेला का डीएम एसपी ने किया निरीक्षण
फर्रुखाबाद l थाना शमसाबाद क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व को दृष्टिगत रख कर ढाईघाट मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा निरीक्षण किया मेला स्थल पर पैदल गस्त कर साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात, पिकेट ड्यूटी एवं घाट क्षेत्र की सुरक्षा का  जायज़ा लिया गया । साथ ही सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
महापालिका चुनाव में उत्तर भारतीयों का सबसे बड़ा चेहरा नजर आये कृपाशंकर सिंह

–शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं में 15 दिसंबर को मतदान होने जा रहा है। परिणाम की हवा का रूख महायुति की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। इस बार के चुनाव में पहली बार देखने को मिल रहा है, जब पूरे महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों का भाजपा की तरफ स्पष्ट झुकाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि उत्तर भारतीय मतदाता इतने संगठित क्यों हैं? कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों को टिकट देने के बावजूद आखिर उत्तर भारतीय मतदाता अपना पाला बदलने के लिए तैयार क्यों नहीं दिख रहे।

पिछले चुनाव में चलने वाला जाति कार्ड भी इस बार के चुनाव में फ्लॉप होता नजर आ रहा है। देखा जाए तो इसका सबसे बड़ा कारण मनसे और यूबीटी का एक साथ आना और महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह का उत्तर भारतीयों की तरफ खुलकर बोलना है। मीरा भाईंदर महानगरपालिका चुनाव में उत्तर भारतीय महापौर की मांग करके उन्होंने महाराष्ट्र में रहने वाले सभी उत्तर भारतीय मतदाताओं का दिल जीत लिया। लोगों ने खुलकर कहना शुरू किया कि कम से कम एक उत्तर भारतीय नेता तो है जो उनके लिए महापौर तक की मांग करता है।

यद्यपि कृपाशंकर सिंह ने महापौर की मांग सिर्फ मीरा भाईंदर महानगरपालिका के लिए किया था।
इसमें कोई संदेह नहीं कि कृपाशंकर सिंह ने इस बार कड़ी मेहनत की। उत्तर भारतीय बाहुल्य इलाकों में ताबड़तोड़ सभाएं, पदयात्राएं और घर घर जाकर महायुति के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कृपाशंकर ने एक बड़ा काम यह भी किया कि उन्होंने भाजपा के बागियों को मनाकर बैठाया, जिसके चलते अनेक वार्डों में कमजोर दिख रही भाजपा ताकतवर हो गई। पहली बार कृपाशंकर सिंह ने सोशल मीडिया की ताकत दिखाई। वह लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे और उत्तर भारतीयों को भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते रहे। इसमें कोई दो राय नहीं कि उत्तर भारतीय मतदाता सबसे ज्यादा कृपाशंकर सिंह पर ही भरोसा और विश्वास करता है और राजनीति की मंजिल तय करता है।
अतरौलिया मे खिचड़ी भोज का हुआ आयोजन







बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र अतरौलिया में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं समाजसेवी दयानंद शुक्ल के आवास पर मकरसंक्रांति के शुभ खिचड़ी भोज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक दर्जन से अधिक पत्रकारो को एवं न्यूज़ एजेंसी धारक समाचारपत्र वितरक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार संजय पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता के चुनौती भरा कार्य है बिना संसाधन के है ए पत्रकार आदर्श पत्रकारिता का निर्वहन कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा ने सर्व प्रथम मैं कार्य क्रम के आयोजक का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने लोक तंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान किया।यह जैसे पत्रकारो के लिए गौरव की बात है। आशीष पाण्डेय ने कहा कि ऐसे सम्मान से पत्रकार को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के आयोजन दयानंद शुक्ल ने सभी पत्रकारो का एवं सम्भ्रांत लोगों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर आशुतोष प्रकाश शुक्ला राजीव नित्या नन्द शुक्ल डॉ सत्य प्रकाश संतोष मिश्रा संतोष सिंह अरविन्द सिंह देवानंद गिरी देवेन्द्र सिंह सुमित उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अतरौलिया मे संदिग्ध जानवर दिखने से लोगों मे दहशत








अतरौलिया बाजार और आसपास के इलाकों में एक संदिग्ध जंगली जानवर दिखने से इन दिनों स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों द्वारा तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर सघन जांच अभियान चलाया। हालांकि, प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी से साफ इनकार किया है। तेंदुए की खबर फैलते ही वन विभाग के रेंजर वीर बहादुर सिंह और वन दरोगा दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। टीम ने उन खेतों और रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया जहाँ जानवर के देखे जाने की चर्चा थी। रेंजर ने मेड़ों और गीली मिट्टी के किनारे 'पैरों के निशान खोजने की कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी तेंदुए के पंजों के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। सच्चाई जानने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज का विश्लेषण करने के बाद रेंजर वीर बहादुर सिंह ने बताया कि दिखाई दे रहा जानवर कद में छोटा है। इसकी पूंछ सामान्य से अधिक लंबी है।शारीरिक संरचना तेंदुए से मेल नहीं खाती। रेंजर के अनुसार, यह जानवर 'बिग कैट' ( बड़ी बिल्ली) प्रजाति का एक मांसाहारी जीव है, लेकिन यह निश्चित रूप से तेंदुआ नहीं है। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील किया कि सतर्क रहें, डरे नहीं। जहाँ एक ओर बाजार के लोग अब भी तेंदुए की आशंका से डरे हुए हैं, वहीं वन विभाग ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा घबराने की जरूरत नहीं है। सीसीटीवी में दिखा जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि बिग कैट प्रजाति का अन्य जीव है। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से सभी लोग सतर्क रहें और यदि दोबारा ऐसा कोई जानवर दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।" हमारे विभाग के कर्मचारी लगातार क्षेत्र में रात्रि में भ्रमण करेंगे
चाइनीज मांझा सहित एक गिरफ्तार, प्रतिबंधित होने के बाद भी बिक रहा धड़ल्ले से


फर्रुखाबाद। सदर कोतवाली पुलिस ने प्रतिबंध लगा होने के बावजूद चाइनीज मांझा सहित एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। कोतवाली प्रभारी दर्शन सिंह सोलंकी की टीम ने प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ और उन्हें पकड़ने के लिए खुफिया जाल बिछाया था l

सदर पुलिस ने मोहल्ला सलावत का निवासी टिंकू पुत्र दिवारी लाल को दो प्लास्टिक के बोरो मे 45 चरखी प्रतिबंधित चाइनीज मांझा बेचते हुए गंगादरवाजा अंगूरीबाग मोबाइल टांवर के निकट बीती रात गिरफ्तार किया । टिंकू के विरूद्ध पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज कर कार्यवाही की गयी।

कोतवाली प्रभारी ने मीडिया को बताया कि चाइनीज नायलान, कांच के मांझे से राहगीरों के साथ आये दिन हादसे हो रहे हैं। चाइनीज नायलान, कांच मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध है। चाइनीज मांझे की बिक्री पर प्रतिबंध होने के बाद भी अभियुक्त द्वारा चाइनीज नायलान, कांच मांझे का अत्यधिक मात्रा में भण्डार कर बिक्री की जा रही थी। अभियुक्त ने कहा कि उसके पास कमाई का कोई साधन नही है। बाजार में इन दिनों चाइनीज मांझे की बिक्री खूब हो रही है , इसको बेचने पर काफी फायदा हो रहा था l इसलिए चाइनीज मांझा बेचकर परिवार का भरण पोषण करता था । गिरफ्तारी के दौरान नखास चौकी इंचार्ज इमरान फरीद और घुमना चौकी इंचार्ज अमित कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
रांची में भीषण शीतलहर का अलर्ट: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने जारी की एडवायजरी, अभिभावकों और छात्रों के लिए विशेष अपील।

रांची: झारखंड की राजधानी रांची में कड़ाके की ठंड और भीषण शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के बुलेटिन के आधार पर जिले के नागरिकों, विशेषकर अभिभावकों और छात्र-छात्राओं के लिए आवश्यक स्वास्थ्य सावधानियाँ और अपील जारी की है।

न्यूनतम तापमान और येलो अलर्ट: जिले का तापमान 8 से 10 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है और मौसम विभाग ने इसे 'येलो जोन' (शीतलहर) में रखा है। उपायुक्त ने सर्दी-खांसी, निमोनिया और हाइपोथर्मिया जैसी बीमारियों से बचाव हेतु लोगों को घरों के अंदर रहने की सलाह दी है।

प्रशासन की मुख्य अपील एवं सावधानियाँ:

आम जनता के लिए: गर्म कपड़ों (मफलर, दस्ताने, टोपी) का अनिवार्य उपयोग करें। सुबह-शाम कोहरे के समय बाहर निकलने से बचें।

अभिभावकों के लिए विशेष निर्देश: बच्चों को स्कूल भेजते समय मोटे गर्म कपड़ों की परत पहनाएं। यदि बच्चा अस्वस्थ लगे, तो उसे स्कूल भेजने के बजाय तुरंत डॉक्टर से परामर्श लें।

छात्र-छात्राओं के लिए: स्कूल जाते समय अपने नाक और मुंह को स्कार्फ या मफलर से ढंक कर रखें और समय-समय पर गुनगुने पानी का सेवन करें।

निरंतर निगरानी: उपायुक्त ने स्पष्ट किया है कि जिला प्रशासन स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है। ठंड के प्रकोप को देखते हुए भविष्य में स्कूलों के समय या छुट्टी के संबंध में आगे के निर्देश जारी किए जा सकते हैं।

एक माँ ही इस खुशी को महसूस कर सकती है"– बच्चों की बरामदगी पर मुख्यमंत्री का सोशल मीडिया संदेश वायरल।

रांची: धुर्वा से लापता मासूम अंश और अंशिका की सकुशल बरामदगी पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी खुशी व्यक्त की है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ (X) पर अपनी भावनाएं साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने न केवल पुलिस की पीठ थपथपाई, बल्कि इस पूरी घटना के पीछे छिपे बड़े आपराधिक नेटवर्क को जड़ से खत्म करने का संकल्प भी दोहराया।

"परेशान करने वाले थे पिछले कुछ दिन": मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि बच्चों के लापता रहने के दौरान वे व्यक्तिगत रूप से काफी व्यथित थे। उन्होंने कहा, "आखिर कोई इतना कैसे गिर सकता है? शुरुआत में सफलता नहीं मिल रही थी, जो चिंताजनक था। लेकिन रांची पुलिस ने जिस तरह दूसरे राज्यों में हुई समान घटनाओं के तार जोड़कर अपराधियों तक पहुँच बनाई, वह वाकई प्रशंसनीय है।"

बड़े नेटवर्क पर प्रहार की तैयारी: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान बच्चों की बरामदगी पर खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर सक्रिय ऐसे गिरोहों की गहन पड़ताल कर उनकी कमर तोड़ी जाएगी। वहीं, सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने पुष्टि की है कि मामले को अभी गोपनीय रखा जा रहा है ताकि इस बड़े नेटवर्क की पहचान कर उसे पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सरकारी योजनाओं से जुड़ेगा परिवार: मुख्यमंत्री ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए रांची जिलाधिकारी (DC) को निर्देशित किया है कि वे स्वयं अंश और अंशिका के परिवार से मिलें और उन्हें सभी जरूरी सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सुनिश्चित करें। उन्होंने ट्वीट में लिखा– "एक मां और परिवार ही इस पल की असीमित खुशी महसूस कर सकता है।"

अतरौलिया मे खिचड़ी भोज के साथ पत्रकार सम्मान समारोह का हुआ आयोजन









बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र अतरौलिया में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं समाजसेवी दयानंद शुक्ल के आवास पर मकरसंक्रांति के शुभ खिचड़ी भोज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक दर्जन से अधिक पत्रकारो को एवं न्यूज़ एजेंसी धारक समाचारपत्र वितरक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार संजय पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता के चुनौती भरा कार्य है बिना संसाधन के है ए पत्रकार आदर्श पत्रकारिता का निर्वहन कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा ने सर्व प्रथम मैं कार्य क्रम के आयोजक का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने लोक तंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान किया।यह जैसे पत्रकारो के लिए गौरव की बात है। आशीष पाण्डेय ने कहा कि ऐसे सम्मान से पत्रकार को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के आयोजन दयानंद शुक्ल ने सभी पत्रकारो का एवं सम्भ्रांत लोगों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर आशुतोष प्रकाश शुक्ला राजीव नित्या नन्द शुक्ल डॉ सत्य प्रकाश संतोष मिश्रा संतोष सिंह अरविन्द सिंह देवानंद गिरी देवेन्द्र सिंह सुमित उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अंश-अंशिका की वापसी से बहाल हुआ पुलिस का इकबाल, 'संघर्ष समिति' ने मुख्यमंत्री और डीजीपी का जताया आभार।

रांची: अंश-अंशिका बचाओ संघर्ष समिति के संयोजक सह राजद नेता कैलाश यादव ने दोनों मासूमों की सकुशल बरामदगी पर अपार हर्ष व्यक्त किया है। उन्होंने इसे शासन-प्रशासन की साख और विश्वसनीयता की जीत बताते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और झारखंड पुलिस की पूरी टीम को बधाई दी है।

प्रशासन की कर्मठता को साधुवाद: कैलाश यादव ने कहा कि भारी दबाव और विपक्ष की राजनीति के बावजूद प्रशासन ने दिन-रात मेहनत कर इस चुनौती को स्वीकार किया। उन्होंने विशेष रूप से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, डीजीपी तदाशा मिश्रा, रांची एसएसपी राकेश रंजन और उनकी पूरी टीम (सिटी, ग्रामीण, ट्रैफिक एसपी एवं डीएसपी) सहित धुर्वा और जगन्नाथपुर थाना प्रभारियों को इस सफलता के लिए साधुवाद दिया।

मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा: यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा रांची उपायुक्त मंजूनाथ भजंत्री को बच्चों और उनके परिवार को समुचित सुविधा देने का निर्देश देना सच्ची मानवता का परिचय है। उन्होंने कहा, "मकर संक्रांति के दिन भगवान जगन्नाथ स्वामी ने न्याय किया है।"

अपराधी गिरोह पर कड़ी कार्रवाई की मांग: समिति ने प्रशासन से आग्रह किया है कि केवल बच्चों की बरामदगी ही काफी नहीं है, बल्कि इस पूरे अपहरणकर्ता गिरोह का खुलासा होना चाहिए। अपराधियों पर ऐसी कठोर कार्रवाई हो जो समाज में एक बड़ी नजीर बने।

मुहिम के साथियों का आभार: इस अवसर पर संघर्ष समिति के रंजन यादव, नंदन यादव, बबन यादव, अनीता यादव और पूर्व पार्षद उर्मिला देवी सहित दर्जनों कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को बधाई दी और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली की सराहना की।

अंश-अंशिका की सुरक्षित वापसी: रांची पुलिस की बड़ी कामयाबी, डीजीपी ने दी पूरी टीम को बधाई।

रांची: झारखंड पुलिस ने एक बार फिर अपनी कुशलता और टीम वर्क का परिचय दिया है. रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका को पुलिस ने रामगढ़ जिले के चितरपुर इलाके से सकुशल बरामद कर लिया.

मानव तस्कर गिरोह का नेटवर्क

झारखंड पुलिस मुख्यालय में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान डीजीपी तदाशा मिश्रा ने बताया कि यह एक बहुत बड़ा गिरोह है. फिलहाल मामले को पूरी तरह से गुप्त इसलिए रखा जा रहा है क्योंकि इसमें एक बड़े नेटवर्क को पकड़ना है. वहीं, बच्चों के सकुशल वापसी के बाद सीआईडी एडीजी मनोज कौशिक ने बताया कि फिलहाल अभी इस नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस की टीम काम कर रही है. बच्चों को किस तरह से ले जाया गया था और उन्हें कहां-कहां रखा गया था इसकी जानकारी बाद में उपलब्ध कराई जाएगी.

बच्चों की सुरक्षित वापसी पर डीजीपी ने रांची पुलिस की सराहना की और एसएसपी राकेश रंजन सहित पूरी टीम को बधाई दी. पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीजीपी तदाशा मिश्र ने कहा कि रांची पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष अभियान चलाया, जिसके तहत स्पेशल टीम ने बच्चों को बरामद किया. उन्होंने एसएसपी राकेश रंजन के नेतृत्व की प्रशंसा करते हुए कहा कि पूरी टीम ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ मामले को संभाला. डीजीपी ने अभियान में शामिल सभी पुलिसकर्मियों को हार्दिक बधाई दी और कहा कि यह सफलता पुलिस की लगातार निगरानी और तकनीकी सहायता का परिणाम है.

बच्चों के परिजनों ने दी धन्यवाद

बच्चों के माता-पिता ने रांची पुलिस को धन्यवाद दिया. उन्होंने कहा, "रांची पुलिस को बहुत-बहुत बधाई. हमारी खुशी का ठिकाना नहीं है. पुलिस ने इतनी तत्परता दिखाई कि हमारे बच्चे सुरक्षित लौट आए". परिजनों ने बताया कि 2 जनवरी को बच्चे घर से लापता हो गए थे, जिसके बाद उन्होंने तुरंत धुर्वा थाने में शिकायत दर्ज कराई. पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी निगरानी और मुखबिरों की मदद से आरोपी ट्रेस किए.

दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.दो आरोपी गिरफ्तार, जांच जारी

विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है. प्रारंभिक पूछताछ में पता चला कि आरोपी बच्चों को चितरपुर ले गए थे. फिलहाल, रांची पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है. डीजीपी ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. दोनों बच्चे अब अपने परिजनों के सुपुर्द कर दिए गए हैं. यह घटना झारखंड पुलिस की अपराध नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है. ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई से पुलिस की छवि और मजबूत हुई है.

ढाई घाट मेला का डीएम एसपी ने किया निरीक्षण
फर्रुखाबाद l थाना शमसाबाद क्षेत्र में मकर संक्रांति पर्व को दृष्टिगत रख कर ढाईघाट मेले की तैयारियों का जिलाधिकारी आशुतोष कुमार द्विवेदी और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह द्वारा निरीक्षण किया मेला स्थल पर पैदल गस्त कर साफ-सफाई, विद्युत, पेयजल, सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर भीड़ प्रबंधन, यातायात, पिकेट ड्यूटी एवं घाट क्षेत्र की सुरक्षा का  जायज़ा लिया गया । साथ ही सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए ।
महापालिका चुनाव में उत्तर भारतीयों का सबसे बड़ा चेहरा नजर आये कृपाशंकर सिंह

–शिवपूजन पांडे, वरिष्ठ पत्रकार

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका समेत महाराष्ट्र की अन्य महानगरपालिकाओं में 15 दिसंबर को मतदान होने जा रहा है। परिणाम की हवा का रूख महायुति की तरफ जाता दिखाई दे रहा है। इस बार के चुनाव में पहली बार देखने को मिल रहा है, जब पूरे महाराष्ट्र में रहने वाले उत्तर भारतीयों का भाजपा की तरफ स्पष्ट झुकाव है। ऐसे में सवाल उठता है कि उत्तर भारतीय मतदाता इतने संगठित क्यों हैं? कांग्रेस तथा अन्य विपक्षी पार्टियों द्वारा बड़ी संख्या में उत्तर भारतीयों को टिकट देने के बावजूद आखिर उत्तर भारतीय मतदाता अपना पाला बदलने के लिए तैयार क्यों नहीं दिख रहे।

पिछले चुनाव में चलने वाला जाति कार्ड भी इस बार के चुनाव में फ्लॉप होता नजर आ रहा है। देखा जाए तो इसका सबसे बड़ा कारण मनसे और यूबीटी का एक साथ आना और महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपाशंकर सिंह का उत्तर भारतीयों की तरफ खुलकर बोलना है। मीरा भाईंदर महानगरपालिका चुनाव में उत्तर भारतीय महापौर की मांग करके उन्होंने महाराष्ट्र में रहने वाले सभी उत्तर भारतीय मतदाताओं का दिल जीत लिया। लोगों ने खुलकर कहना शुरू किया कि कम से कम एक उत्तर भारतीय नेता तो है जो उनके लिए महापौर तक की मांग करता है।

यद्यपि कृपाशंकर सिंह ने महापौर की मांग सिर्फ मीरा भाईंदर महानगरपालिका के लिए किया था।
इसमें कोई संदेह नहीं कि कृपाशंकर सिंह ने इस बार कड़ी मेहनत की। उत्तर भारतीय बाहुल्य इलाकों में ताबड़तोड़ सभाएं, पदयात्राएं और घर घर जाकर महायुति के पक्ष में मतदान करने की अपील की। कृपाशंकर ने एक बड़ा काम यह भी किया कि उन्होंने भाजपा के बागियों को मनाकर बैठाया, जिसके चलते अनेक वार्डों में कमजोर दिख रही भाजपा ताकतवर हो गई। पहली बार कृपाशंकर सिंह ने सोशल मीडिया की ताकत दिखाई। वह लगातार सोशल मीडिया पर एक्टिव रहे और उत्तर भारतीयों को भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों के पक्ष में मतदान करने की अपील करते रहे। इसमें कोई दो राय नहीं कि उत्तर भारतीय मतदाता सबसे ज्यादा कृपाशंकर सिंह पर ही भरोसा और विश्वास करता है और राजनीति की मंजिल तय करता है।
अतरौलिया मे खिचड़ी भोज का हुआ आयोजन







बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र अतरौलिया में पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एवं समाजसेवी दयानंद शुक्ल के आवास पर मकरसंक्रांति के शुभ खिचड़ी भोज एवं पत्रकारिता के क्षेत्र उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एक दर्जन से अधिक पत्रकारो को एवं न्यूज़ एजेंसी धारक समाचारपत्र वितरक को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वरिष्ठ पत्रकार एवं साहित्यकार संजय पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण पत्रकारिता के चुनौती भरा कार्य है बिना संसाधन के है ए पत्रकार आदर्श पत्रकारिता का निर्वहन कर रहे हैं। वरिष्ठ पत्रकार संतोष मिश्रा ने सर्व प्रथम मैं कार्य क्रम के आयोजक का धन्यवाद करता हूं जिन्होंने लोक तंत्र के चौथे स्तंभ का सम्मान किया।यह जैसे पत्रकारो के लिए गौरव की बात है। आशीष पाण्डेय ने कहा कि ऐसे सम्मान से पत्रकार को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से काम करने की प्रेरणा मिलती है। कार्यक्रम के आयोजन दयानंद शुक्ल ने सभी पत्रकारो का एवं सम्भ्रांत लोगों का आभार व्यक्त किया।इस मौके पर आशुतोष प्रकाश शुक्ला राजीव नित्या नन्द शुक्ल डॉ सत्य प्रकाश संतोष मिश्रा संतोष सिंह अरविन्द सिंह देवानंद गिरी देवेन्द्र सिंह सुमित उपाध्याय सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
अतरौलिया मे संदिग्ध जानवर दिखने से लोगों मे दहशत








अतरौलिया बाजार और आसपास के इलाकों में एक संदिग्ध जंगली जानवर दिखने से इन दिनों स्थानीय लोगों में भारी दहशत का माहौल है। ग्रामीणों द्वारा तेंदुए की मौजूदगी की आशंका जताए जाने के बाद वन विभाग की टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए मौके पर पहुंचकर सघन जांच अभियान चलाया। हालांकि, प्राथमिक जांच के बाद वन विभाग ने तेंदुए की मौजूदगी से साफ इनकार किया है। तेंदुए की खबर फैलते ही वन विभाग के रेंजर वीर बहादुर सिंह और वन दरोगा दलबल के साथ मौके पर पहुँचे। टीम ने उन खेतों और रास्तों का बारीकी से निरीक्षण किया जहाँ जानवर के देखे जाने की चर्चा थी। रेंजर ने मेड़ों और गीली मिट्टी के किनारे 'पैरों के निशान खोजने की कोशिश की, लेकिन काफी मशक्कत के बाद भी तेंदुए के पंजों के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले। सच्चाई जानने के लिए वन विभाग ने क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज का विश्लेषण करने के बाद रेंजर वीर बहादुर सिंह ने बताया कि दिखाई दे रहा जानवर कद में छोटा है। इसकी पूंछ सामान्य से अधिक लंबी है।शारीरिक संरचना तेंदुए से मेल नहीं खाती। रेंजर के अनुसार, यह जानवर 'बिग कैट' ( बड़ी बिल्ली) प्रजाति का एक मांसाहारी जीव है, लेकिन यह निश्चित रूप से तेंदुआ नहीं है। उन्होंने क्षेत्र वासियों से अपील किया कि सतर्क रहें, डरे नहीं। जहाँ एक ओर बाजार के लोग अब भी तेंदुए की आशंका से डरे हुए हैं, वहीं वन विभाग ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया है। विभाग ने स्थानीय निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है।उन्होंने कहा घबराने की जरूरत नहीं है। सीसीटीवी में दिखा जानवर तेंदुआ नहीं बल्कि बिग कैट प्रजाति का अन्य जीव है। फिर भी सुरक्षा की दृष्टि से सभी लोग सतर्क रहें और यदि दोबारा ऐसा कोई जानवर दिखाई दे, तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें।" हमारे विभाग के कर्मचारी लगातार क्षेत्र में रात्रि में भ्रमण करेंगे