हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग व्यक्ति को मौके पर ही दिलाई ट्राईसाइकिल
*गोण्डा 18 जून,2026*।
जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान संवेदनशील एवं सराहनीय पहल देखने को मिली। जनसुनवाई के क्रम में दिव्यांग शिकायतकर्ता अनमोल पुत्र अयोध्या प्रसाद, निवासी ग्राम रुदौलिया करनैलगंज, गोण्डा ने अपनी समस्या को लेकर उपस्थित हुए। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने कार्यालय कक्ष से बाहर आकर उनकी बातों को गंभीरता एवं भावपूर्ण ढंग से सुना।
अनमोल ने अपनी दैनिक जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए आवागमन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और आवश्यक निर्देश दिए। उनकी तत्परता और सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में ही दिव्यांगजन को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। साथ ही उपरोक्त व्यक्ति को दिव्यांग पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ शीघ्रातिशीघ्र दिलाने के निर्देश दिये हैं ।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही की सराहना की। यह पहल न केवल प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मौके पर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार, वसीम अहमद दिव्यांग विभाग उपस्थित रहे।
मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 18 जून, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया।
बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षकगण, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने एवं शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु आवश्यक दिश

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ आगामी मोहर्रम पर्व एवं  मुख्यमंत्री  के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों एवं विभिन्न तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा निर्देशित किया कि आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर दंगा निरोधक उपकरणों से सुसज्जित अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, सर्राफा बाजारों, कस्बों, प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही इन स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम हेतु पोस्टर पार्टी को प्रतिदिन ब्रीफ कर समय से रवाना किया जाए तथा क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सक्रिय रखते हुए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर विद्वेषपूर्ण, आपत्तिजनक, समाज विरोधी, अराजक, धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली अथवा हिंसा, धरना-प्रदर्शन एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने हेतु उकसाने वाली पोस्ट प्रसारित की जाती है तो तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक बीट एवं मजरे में सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय एवं जनसहभागिता के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही बैंकों एवं एटीएम की सघन चेकिंग, रात्रि गश्त एवं पिकेट ड्यूटी बढ़ाकर सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के दौरान मा० मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक  द्वारा कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, ड्यूटी प्रबंधन, सुरक्षा घेराबंदी एवं अन्य आवश्यक तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

*इस अवसर पर जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, पी0आर0ओ0 पुलिस अधीक्षक, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष व पुलिस के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए

गोंडा । वामपंथी एवं लोकतांत्रिक मोर्चा के तत्वावधान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी,व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा अमरीकी सरकार के आगे समर्पण करने के खिलाफ तथा भारतीय पोत पर तैनात नौजवानों की अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा हत्या करना , तथा जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की व्यवस्था करें। भारत विदेशी शक्तियों के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता करना बंद करें। तथा स्वतंत्र नीति अपनाऐ।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए।
कार्यक्रम में कामरेड कौशलेंद्र पान्डेय सीपीआई एम, कामरेड ईशवर शरण सीपीआई व कामरेड जमाल ख़ान प्रभारी सचिव सीपीआई एमएल राम गोविंद मिश्र कामरेड रविशंकर प्रसाद, राजीव सिंह कामरेड अमित शुक्ला कामरेड लाल बहादुर, संतोष मौर्य, सीताराम, रमेशचन्द्र चोबे प्रहलाद सिंह सहित दर्जनों साथियों ने हिस्सा लिया।
ससुराल आए व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,फंदे से लटका मिला शव
*तीन दिन से अपनी ससुराल में था युवक,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव में ननके (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।ननके का शव ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला।ननके अपनी पत्नी उज्जवला को लेने के लिए तीन दिन पहले अहमदाबाद से यहाँ आया था।घटना की सूचना पाकर जब ननके के परिजन ससुराल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ननके का शव फंदे से उतार कर जमीन पर रखा गया था।मृतक ननके तीन दिनों से अपनी पत्नी उज्जवला को घर ले जाने का प्रयास कर रहा था,परन्तु वह तैयार नहीं थी।बुधवार देर शाम ननके ने अपने परिवार को फोन पर बताया था कि उज्जवला साथ चलने के तैयार है और वो जल्दी ही आ रहे हैं।हालांकि वह घर नहीं पहुंचा।आज बृहस्पतिवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिजनों पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों का से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव निवासिनी उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों में अनबन चल रही थी और विगत ढाई साल से उनके मध्य विवाद चल रहा था।मृतक के दो बेटे और एक बेटी है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेने के लिए अहमदाबाद से आया हुआ था और विगत तीन दिन से अपने ससुराल में अपने घर से आकर रुका हुआ था और कल शाम को बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर घर आ रहा है,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा।आज सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने अपने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिवार पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी सात साल पहले गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव की रहने वाली उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी तथा विगत ढाई साल से उनके बीच विवाद गहरा गया था।मृतक ननके के दो बेटे और एक बेटी हैं।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अहमदाबाद से अपनी पत्नी को लेने के लिए आया हुआ था और तीन दिन से ससुराल में ही अपने घर से आकर रुका हुआ था।उसने कल शाम को बताया कि हम घर पर अपनी पत्नी को लेकर आ रहे हैं,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा और बाद में मालूम हुआ कि उसने फांसी लगा लिया है।परन्तु मेरे बेटे ने फांसी नहीं लगाया है बल्कि उसके ससुराल वालों ने उसको मार डाला है।वहीं नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।मृतक के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं और प्रथम दृष्ट्या मृतक द्वारा फांसी लगाने का मामला सामने आ रहा है।
Sambhal माहे मुहर्रम हज़रत इमाम हुसैन ( रदियल्लाहो अन्ह ) की कुर्बानी,उम्मत के लिए रहनुमाई :  मौलाना फैजान अशरफ हामिदी


संभल ।माहे मुहर्रम इस्लामी साल का पहला और बहुत बरकत वाला महीना है। इस महीने की सबसे बड़ी याद कर्बला का वह ऐतिहासिक वाक़िआ है, जिसने हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ व ज़ुल्म) के बीच फर्क को हमेशा के लिए साफ़ कर दिया।
यौमे आशूरा हमें हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके वफ़ादार साथियों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने ज़ुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकने के बजाय हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा।
कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत, सच्चाई और नेक किरदार का सबक है।
इस मुबारक मौके पर हमें अपनी ज़िंदगी में इन बातों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए:
सच्चाई और इंसाफ़ का साथ दें
कर्बला हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हमेशा सच और इंसाफ़ के साथ खड़ा रहना चाहिए। किसी भी तरह के ज़ुल्म, झूठ और नाइंसाफी का समर्थन नहीं करना चाहिए।
सब्र और हिम्मत से काम लें
हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों ने भूख, प्यास और कठिन परीक्षाओं के बावजूद सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। हमें भी अपनी परेशानियों में अल्लाह पर भरोसा रखते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
भाईचारा और एकता को मज़बूत करें
आज के समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी मोहब्बत, भाईचारा और एकता है। हमें नफ़रत और भेदभाव से बचकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में अमन और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
नेक अख़लाक़ और इबादत को अपनाएँ
मुहर्रम का महीना हमें अपने किरदार और आमाल को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, ईमानदारी, अच्छे व्यवहार और ज़रूरतमंदों की मदद करना एक सच्चे इंसान की पहचान है।
आइए, इस माहे मुहर्रम में हम केवल ग़म का इज़हार ही न करें, बल्कि हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु के बताए हुए रास्ते—सच्चाई, सब्र, इंसाफ़, तक़वा और इंसानियत—को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। यही शुहदाए कर्बला के लिए हमारी सच्ची ख़िराजे अकीदत होगी।
लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी होंगी मुख्य अतिथि
मुक्त विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह 17 जुलाई को

प्रयागराज, 18 जून।उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का 21वाँ दीक्षान्त समारोह 17 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह की मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री  श्रीमती मालिनी अवस्थी होंगी।  उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
समारोह में सत्र दिसंबर 2025 एवं जून 2026  की परीक्षा के सापेक्ष दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएच.डी  पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। उत्कृष्ट छात्रों को कुलाधिपति एवं विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। 
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि समारोह के पूर्व दीक्षोत्सव का आयोजन भी गोद लिए गांवों में बड़े पैमाने पर किया जाएगा, जिसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने दीक्षान्त समारोह के सकुशल आयोजन के लिए 17 कमेटियों का गठन कर दिया है। ये कमेटियाँ  ऑडिटोरियम साज सज्जा, सुरक्षा, पंजीकरण, मेडल निर्धारण, उपाधि वितरण, अतिथि सत्कार, मंच व्यवस्था, मीडिया, अनुशासन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीक्षोत्सव की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी।
दीक्षान्त समारोह से पूर्व  गोद लिए गांवों में आयोजित होने वाले दीक्षोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठी, प्रदर्शनी और छात्रों की प्रतिभा को मंच देने वाले कार्यक्रम शामिल होंगे। उद्देश्य यह है कि छात्र और अतिथि समारोह से पहले ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक माहौल से जुड़ सकें।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने बताया कि  समारोह  को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ समय से पूरी कर ली जाएँगी। अभी उनका पूरा ध्यान परीक्षाफल समय से घोषित करने पर केंद्रित है। इसके उपरांत जून के अंतिम सप्ताह से दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शिक्षार्थियों के लिए पंजीकरण  की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
समारोह  का सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध रहेगा।

डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी
हार से घबराएं नहीं खिलाड़ी : सुनील- इंडोर स्टेडियम में योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप-जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष ने प्रतिभागियों को किया पुरस्कृत
देवघर: योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन देवघर की ओर से इंडोर स्टेडियम में आयोजित जिला स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप का समापन गुरुवार को हो गया। इस अवसर पर योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मुख्य संरक्षक सह जिला ओलंपिक संघ अध्यक्ष डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार उपस्थित रहे। खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए डॉ. सुनील खवाड़े ने कहा कि हार से घबराएं नहीं, इससे खेल में जीत की ललक मजबूत होती है। हार एक सबक, भविष्य के आयोजन में खिलाड़ी व बेहतर प्रदर्शन करते हैं। विजेताओं को भी डॉ. सुनील खवाड़े ने नसीहत देते हुए कहा कि आगे और बेहतर प्रदर्शन कर देवघर और झारखंड का नाम रौशन करें। वहीं जिला खेल पदाधिकारी संतोष कुमार ने ने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए योग को जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया।विजयी प्रतिभागियों को डॉ. सुनील खवाड़े और डीएसओ संतोष कुमार ने मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया। मौके पर रूपा श्री, संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह, सचिव ऋषि राज सिंह, संजय मालवीय, कोषाध्यक्ष राजश्री मालवीय, धर्मेंद्र देव समेत कई लोग मौजूद थे। राज्य स्तरीय चैंपियनशिप के लिए चयन :- जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विद्यालयों से लगभग 70 प्रतिभागियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों ने अलग-अलग योगासन इवेंट में प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाओं ने हिस्सा लेकर योग कला का प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले का चयन राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप के लिए किया गया। चयनित खिलाड़ियों में सुधांशु कुमार, आदित्य कुमार, संजीवनी, सुरभि गुप्ता, सुमन खरीदार, सानिया ठाकुर, तृप्ति कृष्णा, उत्सव आनंद, गुलशन कुमार, पवन कुमार, अर्जुन कुमार, आकृति कुमारी, वर्षा कुमारी, अंश एवं उदित कुमार यादव सहित अन्य खिलाड़ी शामिल हैं। सभी चयनित खिलाड़ी नेतरहाट में 24, 25 व 26 जून को होने वाली राज्य स्तरीय योगासन स्पोर्ट्स चैंपियनशिप में देवघर जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इन खिलाड़ियों ने की शिरकत :- 10 से 14 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सुरभि गुप्ता ने प्रथम स्थान, प्रगति कुमारी ने द्वितीय स्थान एवं सुमन खरीदार ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 10 से 14 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में सुधांशु कुमार प्रथम, उदित यादव द्वितीय एवं अभय कुमार तृतीय स्थान पर रहे। 14 से 18 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में सानिया ठाकुर ने प्रथम स्थान, तृप्ति कृष्णा ने द्वितीय एवं मुस्कान कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में उत्सव आनंद प्रथम एवं गुलशन कुमार द्वितीय स्थान पर रहे। 18 से 28 आयु वर्ग (बालिका वर्ग) में शांति कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं 18 से 28 आयु वर्ग (बालक वर्ग) में पवन कुमार प्रथम एवं अर्जुन कुमार माता द्वितीय स्थान पर रहे। इसके अलावा आर्टिस्टिक सिंगल इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में संजीवनी कुमारी प्रथम, आकृति कुमारी द्वितीय एवं वर्षा कुमारी तृतीय स्थान पर रहीं। 14 से 18 आयु वर्ग बालक वर्ग में उत्सव आनंद ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 14 से 18 आयु वर्ग बालिका वर्ग में तृप्ति कृष्णा प्रथम एवं सानिया ठाकुर द्वितीय स्थान पर रहीं। आर्टिस्टिक पेयर इवेंट में 10 से 14 आयु वर्ग बालिका वर्ग में आकृति एवं संजीवनी की जोड़ी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि वर्षा एवं सृष्टि की जोड़ी द्वितीय स्थान पर रही। 10 से 14 आयु वर्ग बालक वर्ग में अंश एवं उदित ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। नेशनल डेवलपमेंट कैटेगरी में बालक वर्ग में रक्षित चंद्र झा प्रथम, ओम कुमार द्वितीय एवं राजकुमार तृतीय स्थान पर रहे। वहीं बालिका वर्ग में आद्याचा प्रथम, खुशी कुमारी द्वितीय एवं अभिशा सिंह तृतीय स्थान पर रहीं।
वन विभाग एवं पुलिस की सह पर टड़ियावां क्षेत्र में फल फूल रहा प्रतिबंधित हरे भरे पेड़ों का अवैध कटान

विनोद गुप्ता 

टड़ियावां हरदोई । वन विभाग के संरक्षण व स्थानीय पुलिस की सह पर क्षेत्र में पनप रहे हरियाली के दुश्मन, थाना टड़ियावां क्षेत्र के गाँव बरौली माइनर की पूरब उत्तर पटरी के किनारे बरौली निवासी दो किसान के खेत मे खड़े हरे भरे पेड़ों को बुधवार की प्रातः काल लकड़ी कटान माफिया ने काट दिए प्रतिबंधित हरे भरे एक गूलर व दो आम के हरे भरे पेड़ बिना परमिट के लकड़ी ठेकेदारों ने आरा चला दिया है। इसके अलावा कुछ दिन पूर्व गाँव भैंसरी में नीम व जामुन के पेड़ों को लकड़कट्टों ने काटा था इसके अलावा थाना टड़ियावां क्षेत्र के विभिन्न गाँव में काटे गए प्रतिबंधित आम व गूलर, पेड़ अब सोचनीय विषय यह है कि प्रशासन की सख्ती होने के बाद भी आख़िर किसके संरक्षण में आये दिन काटे जा रहे हरे भरे प्रतिबंधित पेंड। 

*बोले जिम्मेदार -वन दरोगा अभय पटेल ने बताया कि प्रतिबंधित पेड़ों को काटने की उन्हें जानकारी नही है । मौके की जाँच कर दोषियों पर कार्यवाही की जाएगी।

संभव 6.0 लांच, पाँच विभाग मिलकर करेंगे काम

- महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने किया शुभारंभ

- इस बार जीवन के पहले 1,000 दिनों पर रहेगा विशेष फोकस

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने बच्चों और महिलाओं में कुपोषण के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हुए गुरुवार को ‘संभव अभियान 6.0’ की शुरुआत की। महिला एवं बाल विकास मंत्री बेबी रानी मौर्य ने स्थानीय होटल में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में इस अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक इच्छाशक्ति व अंतरविभागीय समन्वय के कारण ही प्रदेश ने बीते आठ साल में तकरीबन 15 प्रतिशत कुपोषित बच्चों का उपचार कर उनको सेहतमंद बना दिया है। इस अवसर पर बीते साल ‘संभव अभियान 5.0’ सबसे अच्छा काम करने वाले पांच जिलों कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, श्रावस्ती, चंदौली व वाराणसी के जिला कार्यक्रम अधिकारी और मुख्य चिकत्साधिकारी के साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले एक सीडीपीओ, एक आंगनवाड़ी कार्यकत्री और एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। 

इस अवसर पर मंत्री ने सम्भव पैकेज और सोशल मीडिया पैकेज का विमोचन किया, जिसमें सम्भव अभियान के जिला-स्तरीय क्रियान्वयन से संबंधित योजना उपकरण तथा नवजात शिशुओं, बच्चों और गर्भवती महिलाओं में कुपोषण से संबंधित तकनीकी हैंडआउट/सोशल मीडिया सामग्री शामिल हैं। मंत्री ने गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं, शिशुओं और बच्चों को नए टेक होम राशन (ज्भ्त्) पैकेट भी वितरित किए तथा इस अवसर पर नवीन पोषाहार से बनाये गए विभिन्न रेसिपी के स्टाल का अवलोकन भी किया गया। उन्होंने रणवीर ब्रार जैसे प्रसिद्ध शेफ को प्रदर्शित करने वाली वीडियो श्रृंखला का भी विमोचन किया।

आईसीडीएस निदेशक सुश्री हर्षिता माथुर ने “प्रयास से प्रभाव तक” विषय पर एक सत्र प्रस्तुत किया, जिसमें वर्ष 2021 से 2025 तक संभव अभियान की यात्रा तथा संभव 6.0 के प्रमुख स्तंभों पर प्रकाश डाला गया। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में संभव अभियान के अंतर्गत प्रतिमाह औसतन 1.7 करोड़ बच्चों की स्क्रीनिंग की गई, 14 लाख से अधिक बच्चों का उपचार किया गया तथा गंभीर तीव्र कुपोषण से ग्रस्त 81 प्रतिशत बच्चे स्वस्थ होने में सफल रहे। इस वर्ष यह अभियान जुलाई से सितंबर तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किया जाएगा। 

कैबिनेट मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने आईसीडीएस और स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इन प्रयासों से गर्भवती महिलाओं, शिशुओं और छोटे बच्चों में कुपोषण की रोकथाम की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। संभव अभियान अब अपने छठे वर्ष में प्रवेश कर चुका है। इस वर्ष की थीम “गर्भावस्था से बाल्यावस्था तक पोषण सुरक्षा” रखी गई है, जो जीवन के पहले 1,000 दिनों-गर्भावस्था के 270 दिन और जन्म के बाद 730 दिन पर विशेष ध्यान केंद्रित करती है। यही वह महत्वपूर्ण अवधि है, जिसमें बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 80 प्रतिशत विकास होता है और इस समय कुपोषण से होने वाला नुकसान आगे चलकर पूरी तरह सुधारा नहीं जा सकता।

यूनिसेफ के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जिलों से जिला कार्यक्रम अधिकारी, विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी और पोषण क्षेत्र में कार्यरत विकास साझेदारों ने भाग लिया। अपर मुख्य सचिव (महिला एवं बाल विकास) लीना जौहरी ने कहा कि अब चुनौती केवल सेवाओं की उपलब्धता नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता और लोगों की पोषण संबंधी आदतों में सुधार की है। बड़ी संख्या में महिलाएं गर्भावस्था के समय कुपोषित या कम वजन की होती हैं, जिसके कारण बच्चों का जन्म कम वजन के साथ होता है और उनमें कुपोषण का खतरा बढ़ जाता है। संभव 6.0 इसी अंतर को दूर करने का अहम प्रयास है।

उन्होंने कहा कि सम्भव 6.0 के अंतर्गत इस वर्ष गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं की पोषण देखभाल, कम वजन के नवजात शिशुओं की विशेष देखभाल, ‘छह माह, सात बार’ रणनीति के तहत शिशुओं के लिए नियमित गृह भ्रमण, तथा गंभीर कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उपचार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही, समुदाय आधारित प्रबंधन प्रणाली को और सुदृढ़ किया जाएगा, ताकि कुपोषित बच्चों को समय रहते उपचार और उचित देखभाल उपलब्ध हो सके।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक डॉ पिंकी जोवेल ने एनएफएचएस के ताजा आंकड़ों की ओर ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि मातृ मत्यु दर बढ़ना इस ओर इंगित करता है कि इसको कम करने के लिए आईसीडीएस व स्वास्थ्य विभाग का समन्वय जरूरी है। दोनों विभाग बेहतर समन्वय स्थापित करेंगे तो तीन साल बाद अगले एनएफएचएस सर्वे में मातृ मृत्यु दर के आंकड़े भी कम दिखेंगे।

आईसीडीएस की निदेशक हर्षिता माथुर ने बताया कि इस वर्ष अभियान में पंचायती राज, योजना विभाग और सूचना विभाग को भी औपचारिक रूप से जोड़ा गया है, जिससे समन्वित प्रयासों को और गति मिलेगी। उन्होंने बताया कि जहाँ पंचायती राज विभाग गांव स्तर पर जनभागीदारी को मजबूत करेगा, वहीं योजना विभाग कार्यक्रम की समीक्षा और आंकड़ों के सत्यापन की जिम्मेदारी निभाएगा और सूचना विभाग व्यापक जनजागरूकता तथा व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देगा।

पंचायती राज विभाग के निदेशक अमित सिंह ने अपनी प्रस्तुतिकरण में पंचायत सखी को संभव अभियान से जोड़ कर इस कार्यक्रम को सफल बनाने पर ज़ोर दिया। कार्यक्रम में महिला व बाल विकास विभाग की सचिव मनीषा त्रिघाटिया, महानिदेशक परिवार कल्याण डॉ एचडी अग्रवाल, एचएचएम के महाप्रबंधक डॉ मिलिंद वर्धन ने भी अपने प्रजेंटेशन दिए।  

यूनिसेफ की ओर से पोषण विशेषज्ञ रबी नारायण ने राज्य सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पोषण केवल भोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अवसर, समानता, मानव संसाधन के विकास और बच्चों के अधिकारों से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि हर बच्चे को स्वस्थ और पोषित जीवन प्रदान करना उत्तर प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला है। कार्यक्रम का संचालन संयुक्त निदेशक (आईसीडीएस) श्रीमती अनुपमा शांडिल्य द्वारा किया गया तथा संभव अभियान की सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती पारुल शुक्ला, संयुक्त परियोजना समन्वयक, पोषण अभियान द्वारा कार्यक्रम के संचालन में सहयोग किया गया। संभव अभियान के राज्य नोडल अधिकारी आईसीडीएस विभाग के उप निदेशक सेराज अहमद द्वारा कार्यक्रम के समापन पर सभी विशिष्ट अतिथियों, गणमान्य व्यक्तियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।

जिलाधिकारी ने दिव्यांग व्यक्ति को मौके पर ही दिलाई ट्राईसाइकिल
*गोण्डा 18 जून,2026*।
जनपद के कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित जनता दर्शन जनसुनवाई कार्यक्रम के दौरान संवेदनशील एवं सराहनीय पहल देखने को मिली। जनसुनवाई के क्रम में दिव्यांग शिकायतकर्ता अनमोल पुत्र अयोध्या प्रसाद, निवासी ग्राम रुदौलिया करनैलगंज, गोण्डा ने अपनी समस्या को लेकर उपस्थित हुए। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अपने कार्यालय कक्ष से बाहर आकर उनकी बातों को गंभीरता एवं भावपूर्ण ढंग से सुना।
अनमोल ने अपनी दैनिक जीवन की कठिनाइयों को साझा करते हुए आवागमन में आ रही समस्याओं से अवगत कराया। जिलाधिकारी ने तत्काल मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित विभाग के अधिकारियों से मौके पर ही वार्ता की और आवश्यक निर्देश दिए। उनकी तत्परता और सकारात्मक पहल के परिणामस्वरूप कलेक्ट्रेट परिसर में ही दिव्यांगजन को ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई गई। साथ ही उपरोक्त व्यक्ति को दिव्यांग पेंशन व अन्य योजनाओं का लाभ शीघ्रातिशीघ्र दिलाने के निर्देश दिये हैं ।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने जिलाधिकारी की इस संवेदनशीलता एवं त्वरित कार्यवाही की सराहना की। यह पहल न केवल प्रशासन की जवाबदेही को दर्शाती है, बल्कि समाज के कमजोर वर्गों के प्रति सहानुभूति और सहयोग की भावना को भी मजबूत करती है।

जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता है कि हर जरूरतमंद व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचे। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि दिव्यांगजन एवं अन्य पात्र लाभार्थियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।

मौके पर अपर उपजिलाधिकारी विशाल कुमार, वसीम अहमद दिव्यांग विभाग उपस्थित रहे।
मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर डीएम व एसपी ने की सेंट्रल पीस कमेटी की बैठक

*त्यौहार के दृष्टिगत जनपद में सोशल मीडिया एवं फर्जी अफवाह फैलाने वालों पर पुलिस व प्रशासन की रहेगी नजर*

*गोण्डा 18 जून, 2026* ।
आगामी आयोजित होने वाले मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी है। जहां लोग त्योहार को लेकर उत्साहित हैं। वहीं पुलिस और प्रशासन ने भी कमर कस ली है। इसी के तहत त्योहार पर शांति व्यवस्था व आपसी सौहार्द बनाए रखने के उद्देश्य बृहस्पतिवार को जिला पंचायत सभागार में सेंट्रल पीस कमेटी की मीटिंग की गई। बैठक जिलाधिकारी श्रीमती प्रियंका निरंजन की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल, अपर जिलाधिकारी, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एवं पूर्वी तथा समस्त उपजिलाधिकारीगण एवं पुलिस क्षेत्राधिकारीगण व सभी थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरू और सम्भ्रांत नागरिकगण मौजूद रहे।

जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद सभी धर्मगुरुओं और संभ्रांत नागरिकों के साथ संवाद करते हुए उन्हें आगामी मोहर्रम एवं अन्य त्यौहारों को शांति पूर्वक मनाने और किसी भी व्यक्ति की धार्मिक भावनाओं को ठेस न पहुंचाने के बारे में समझाया गया।
बैठक में पुलिस अधिकारियों द्वारा बताया गया कि यदि कोई भी व्यक्ति धार्मिक भावनाएं भड़काने या दुष्प्रचार करने का प्रयास करेगा तो उसके विरुद्ध कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जायेगी। सभी लोगों से अपील करते हुए उन्हें समझाया गया कि वह किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। साथ ही किसी भी प्रकार की समस्या होने पर तुरंत पुलिस एवं प्रशासन को सूचना दें। जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे और सभी लोग त्योहार को शांति पूर्व ढंग से मना सके।
इसके अलावा उन्होंने कहा कि युवा या अन्य कोई भी व्यक्ति सोशल मीडिया पर इस प्रकार की पोस्ट ना करें जिससे कि आपसी माहौल बिगड़े।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दयानंद प्रसाद, अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, अपर पुलिस अधीक्षकगण, समस्त उप जिलाधिकारीगण, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारीगण, समस्त थानाध्यक्षगण, सभी धर्मों के धर्मगुरु सहित सभी संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित रहे।
संवेदनशील स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ करने, सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने एवं शांति एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने हेतु आवश्यक दिश

गोण्डा। पुलिस अधीक्षक गोण्डा द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन सभागार में जनपद के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ आगामी मोहर्रम पर्व एवं  मुख्यमंत्री  के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत समीक्षा गोष्ठी आयोजित की गई। गोष्ठी के दौरान जनपद की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा प्रबंधों एवं विभिन्न तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
महोदय द्वारा निर्देशित किया कि आगामी मोहर्रम पर्व को सकुशल, शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न कराने हेतु संवेदनशील एवं अति संवेदनशील स्थलों पर दंगा निरोधक उपकरणों से सुसज्जित अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए। सार्वजनिक प्रतिष्ठानों, सर्राफा बाजारों, कस्बों, प्रमुख चौराहों, बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों एवं अन्य महत्वपूर्ण स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतते हुए प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए। साथ ही इन स्थानों पर स्थापित सीसीटीवी कैमरों की क्रियाशीलता की जांच कर उन्हें तत्काल ठीक कराने के निर्देश दिए गए। त्योहारों के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की रोकथाम हेतु पोस्टर पार्टी को प्रतिदिन ब्रीफ कर समय से रवाना किया जाए तथा क्षेत्र में सतत भ्रमणशील रहकर संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जाए। सोशल मीडिया सेल को विशेष रूप से सक्रिय रखते हुए विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्मों की निरंतर निगरानी करने के निर्देश दिए गए। यदि किसी व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर विद्वेषपूर्ण, आपत्तिजनक, समाज विरोधी, अराजक, धार्मिक भावनाएं भड़काने वाली अथवा हिंसा, धरना-प्रदर्शन एवं कानून-व्यवस्था प्रभावित करने हेतु उकसाने वाली पोस्ट प्रसारित की जाती है तो तत्काल उच्चाधिकारियों को अवगत कराते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक बीट एवं मजरे में सुरक्षा समिति की नियमित बैठकें आयोजित कर आपसी समन्वय एवं जनसहभागिता के माध्यम से शांति व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही बैंकों एवं एटीएम की सघन चेकिंग, रात्रि गश्त एवं पिकेट ड्यूटी बढ़ाकर सतर्कता के साथ ड्यूटी करने, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने तथा किसी भी सूचना पर त्वरित एवं प्रभावी पुलिस प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने के निर्देश प्रदान किए गए।
बैठक के दौरान मा० मुख्यमंत्री जी के प्रस्तावित आगमन के दृष्टिगत सुरक्षा, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। पुलिस अधीक्षक  द्वारा कार्यक्रम स्थल, वीआईपी रूट, पार्किंग व्यवस्था, बैरिकेडिंग, यातायात डायवर्जन, ड्यूटी प्रबंधन, सुरक्षा घेराबंदी एवं अन्य आवश्यक तैयारियों के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही सभी व्यवस्थाओं को समयबद्ध, त्रुटिरहित एवं उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण करने, आपसी समन्वय बनाए रखते हुए सौंपे गए दायित्वों का प्रभावी निर्वहन सुनिश्चित करने तथा सुरक्षा व्यवस्था में किसी प्रकार की शिथिलता न बरतने तथा अनुशासन एवं समन्वय के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जनपद में शांति, सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए।

*इस अवसर पर जनपद के अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी श्री अजीत कुमार रजक, अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी श्री राधेश्याम राय, समस्त क्षेत्राधिकारीगण, पी0आर0ओ0 पुलिस अधीक्षक, समस्त प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष व पुलिस के अन्य अधिकारी/कर्मचारीगण मौजूद रहे।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए

गोंडा । वामपंथी एवं लोकतांत्रिक मोर्चा के तत्वावधान में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी,भारत की कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी,व भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी द्वारा केन्द्र की मोदी सरकार द्वारा अमरीकी सरकार के आगे समर्पण करने के खिलाफ तथा भारतीय पोत पर तैनात नौजवानों की अमेरिकी नौसैनिकों द्वारा हत्या करना , तथा जिम्मेदार के खिलाफ कार्रवाई करने तथा न्याय दिलाने की व्यवस्था करें। भारत विदेशी शक्तियों के दबाव में राष्ट्रीय हितों से समझौता करना बंद करें। तथा स्वतंत्र नीति अपनाऐ।
देश की संप्रभुता, शांति और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए।
कार्यक्रम में कामरेड कौशलेंद्र पान्डेय सीपीआई एम, कामरेड ईशवर शरण सीपीआई व कामरेड जमाल ख़ान प्रभारी सचिव सीपीआई एमएल राम गोविंद मिश्र कामरेड रविशंकर प्रसाद, राजीव सिंह कामरेड अमित शुक्ला कामरेड लाल बहादुर, संतोष मौर्य, सीताराम, रमेशचन्द्र चोबे प्रहलाद सिंह सहित दर्जनों साथियों ने हिस्सा लिया।
ससुराल आए व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत,फंदे से लटका मिला शव
*तीन दिन से अपनी ससुराल में था युवक,परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत महादेवा गांव में ननके (27) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।ननके का शव ससुराल में फांसी के फंदे से लटका मिला।ननके अपनी पत्नी उज्जवला को लेने के लिए तीन दिन पहले अहमदाबाद से यहाँ आया था।घटना की सूचना पाकर जब ननके के परिजन ससुराल पहुंचे तो उन्होंने देखा कि ननके का शव फंदे से उतार कर जमीन पर रखा गया था।मृतक ननके तीन दिनों से अपनी पत्नी उज्जवला को घर ले जाने का प्रयास कर रहा था,परन्तु वह तैयार नहीं थी।बुधवार देर शाम ननके ने अपने परिवार को फोन पर बताया था कि उज्जवला साथ चलने के तैयार है और वो जल्दी ही आ रहे हैं।हालांकि वह घर नहीं पहुंचा।आज बृहस्पतिवार सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिजनों पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उसके परिवार के सदस्यों का से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव निवासिनी उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों में अनबन चल रही थी और विगत ढाई साल से उनके मध्य विवाद चल रहा था।मृतक के दो बेटे और एक बेटी है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अपनी पत्नी को लेने के लिए अहमदाबाद से आया हुआ था और विगत तीन दिन से अपने ससुराल में अपने घर से आकर रुका हुआ था और कल शाम को बताया कि वह अपनी पत्नी को लेकर घर आ रहा है,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा।आज सुबह परिजनों को सूचना मिली कि ननके ने अपने ससुराल में ही फांसी लगा लिया है।मृतक ननके के पिता रामबचन ने नगर कोतवाली पहुंचकर अपनी बहू उज्जवला और उसके परिवार पर बेटे की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का गंभीर आरोप लगाया है।नगर कोतवाली पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा करने के पश्चात शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।परिजनों के आरोपों के आधार पर पुलिस ननके की पत्नी और उनके परिजनों से पूछताछ कर रही है।बताते चलें कि ननके की शादी सात साल पहले गुदुर ग्राम पंचायत के छिटिहवां गांव की रहने वाली उज्जवला से हुई थी और शादी के पांच साल बाद से ही दोनों के बीच अनबन चल रही थी तथा विगत ढाई साल से उनके बीच विवाद गहरा गया था।मृतक ननके के दो बेटे और एक बेटी हैं।मृतक ननके के पिता रामबचन ने बताया कि मेरा बेटा अहमदाबाद से अपनी पत्नी को लेने के लिए आया हुआ था और तीन दिन से ससुराल में ही अपने घर से आकर रुका हुआ था।उसने कल शाम को बताया कि हम घर पर अपनी पत्नी को लेकर आ रहे हैं,परन्तु वह घर नहीं पहुंचा और बाद में मालूम हुआ कि उसने फांसी लगा लिया है।परन्तु मेरे बेटे ने फांसी नहीं लगाया है बल्कि उसके ससुराल वालों ने उसको मार डाला है।वहीं नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।मृतक के शरीर पर कहीं चोट के निशान नहीं हैं और प्रथम दृष्ट्या मृतक द्वारा फांसी लगाने का मामला सामने आ रहा है।
Sambhal माहे मुहर्रम हज़रत इमाम हुसैन ( रदियल्लाहो अन्ह ) की कुर्बानी,उम्मत के लिए रहनुमाई :  मौलाना फैजान अशरफ हामिदी


संभल ।माहे मुहर्रम इस्लामी साल का पहला और बहुत बरकत वाला महीना है। इस महीने की सबसे बड़ी याद कर्बला का वह ऐतिहासिक वाक़िआ है, जिसने हक़ (सच्चाई) और बातिल (झूठ व ज़ुल्म) के बीच फर्क को हमेशा के लिए साफ़ कर दिया।
यौमे आशूरा हमें हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके वफ़ादार साथियों की महान कुर्बानी की याद दिलाता है। उन्होंने ज़ुल्म और नाइंसाफी के सामने झुकने के बजाय हक़ और इंसाफ़ के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी, लेकिन सच्चाई का रास्ता नहीं छोड़ा।
कर्बला का पैग़ाम केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि पूरी इंसानियत के लिए सब्र, हिम्मत, सच्चाई और नेक किरदार का सबक है।
इस मुबारक मौके पर हमें अपनी ज़िंदगी में इन बातों को अपनाने का संकल्प लेना चाहिए:
सच्चाई और इंसाफ़ का साथ दें
कर्बला हमें सिखाती है कि हालात चाहे कितने भी मुश्किल क्यों न हों, हमेशा सच और इंसाफ़ के साथ खड़ा रहना चाहिए। किसी भी तरह के ज़ुल्म, झूठ और नाइंसाफी का समर्थन नहीं करना चाहिए।
सब्र और हिम्मत से काम लें
हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु और उनके साथियों ने भूख, प्यास और कठिन परीक्षाओं के बावजूद सब्र और हिम्मत का दामन नहीं छोड़ा। हमें भी अपनी परेशानियों में अल्लाह पर भरोसा रखते हुए धैर्य और साहस से काम लेना चाहिए।
भाईचारा और एकता को मज़बूत करें
आज के समय में हमारी सबसे बड़ी ताकत आपसी मोहब्बत, भाईचारा और एकता है। हमें नफ़रत और भेदभाव से बचकर एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए तथा समाज में अमन और सद्भाव को बढ़ावा देना चाहिए।
नेक अख़लाक़ और इबादत को अपनाएँ
मुहर्रम का महीना हमें अपने किरदार और आमाल को बेहतर बनाने की याद दिलाता है। नमाज़ की पाबंदी, सच्चाई, ईमानदारी, अच्छे व्यवहार और ज़रूरतमंदों की मदद करना एक सच्चे इंसान की पहचान है।
आइए, इस माहे मुहर्रम में हम केवल ग़म का इज़हार ही न करें, बल्कि हज़रत इमाम हुसैन रदियल्लाहु अन्हु के बताए हुए रास्ते—सच्चाई, सब्र, इंसाफ़, तक़वा और इंसानियत—को अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी का हिस्सा बनाएं। यही शुहदाए कर्बला के लिए हमारी सच्ची ख़िराजे अकीदत होगी।
लोक गायिका पद्मश्री मालिनी अवस्थी होंगी मुख्य अतिथि
मुक्त विश्वविद्यालय का 21वां दीक्षांत समारोह 17 जुलाई को

प्रयागराज, 18 जून।उत्तर प्रदेश राजर्षि टण्डन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का 21वाँ दीक्षान्त समारोह 17 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय के अटल प्रेक्षागृह में आयोजित किया जाएगा। समारोह की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश की महामहिम राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय की कुलाधिपति श्रीमती आनंदीबेन पटेल करेंगी। समारोह की मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध लोक गायिका पद्मश्री  श्रीमती मालिनी अवस्थी होंगी।  उत्तर प्रदेश सरकार में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपध्याय एवं उच्च शिक्षा राज्यमंत्री श्रीमती रजनी तिवारी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
समारोह में सत्र दिसंबर 2025 एवं जून 2026  की परीक्षा के सापेक्ष दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएच.डी  पाठ्यक्रम पूर्ण करने वाले हजारों छात्र-छात्राओं को उपाधियाँ प्रदान की जाएंगी। उत्कृष्ट छात्रों को कुलाधिपति एवं विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाएगा। 
जनसंपर्क अधिकारी डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र ने बताया कि समारोह के पूर्व दीक्षोत्सव का आयोजन भी गोद लिए गांवों में बड़े पैमाने पर किया जाएगा, जिसकी कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। कुलपति प्रोफेसर सत्यकाम ने दीक्षान्त समारोह के सकुशल आयोजन के लिए 17 कमेटियों का गठन कर दिया है। ये कमेटियाँ  ऑडिटोरियम साज सज्जा, सुरक्षा, पंजीकरण, मेडल निर्धारण, उपाधि वितरण, अतिथि सत्कार, मंच व्यवस्था, मीडिया, अनुशासन, सांस्कृतिक कार्यक्रम और दीक्षोत्सव की व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालेंगी।
दीक्षान्त समारोह से पूर्व  गोद लिए गांवों में आयोजित होने वाले दीक्षोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रम, संगोष्ठी, प्रदर्शनी और छात्रों की प्रतिभा को मंच देने वाले कार्यक्रम शामिल होंगे। उद्देश्य यह है कि छात्र और अतिथि समारोह से पहले ही विश्वविद्यालय के शैक्षणिक और सांस्कृतिक माहौल से जुड़ सकें।
कुलपति प्रो. सत्यकाम ने बताया कि  समारोह  को भव्य और गरिमापूर्ण बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएँ समय से पूरी कर ली जाएँगी। अभी उनका पूरा ध्यान परीक्षाफल समय से घोषित करने पर केंद्रित है। इसके उपरांत जून के अंतिम सप्ताह से दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले शिक्षार्थियों के लिए पंजीकरण  की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।
समारोह  का सीधा प्रसारण विश्वविद्यालय के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध रहेगा।

डॉ प्रभात चन्द्र मिश्र
जनसंपर्क अधिकारी