गिरिडीह के आसमान में मंडराता हेलीकॉप्टर: सस्पेंस खत्म, लिथियम की खोज और सुरक्षा सर्वे का बड़ा खुलासा
गिरिडीह। पिछले दो दिनों से गिरिडीह जिले के आसमान में लगातार उड़ान भर रहे हेलीकॉप्टर ने आम जनता के बीच भारी कौतूहल और उहापोह की स्थिति पैदा कर दी थी। शनिवार से शुरू हुआ यह सिलसिला रविवार की सुबह भी जारी रहा, जिससे शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक लोग यह जानने को बेताब दिखे कि आखिर माजरा क्या है। अब प्रशासन और भू-वैज्ञानिकों की ओर से इस मामले पर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। यह उड़ान किसी सुरक्षा मिशन का हिस्सा नहीं, बल्कि जिले के विकास और खनिज संपदा की खोज से जुड़ा एक महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सर्वे है।
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GPS-GNSS और LiDAR तकनीक से चप्पे-चप्पे की मैपिंग
जानकारी के अनुसार, गिरिडीह के शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों के साथ-साथ विभिन्न प्रखंडों में हेलीकॉप्टर के माध्यम से GPS-GNSS (Global Positioning System - Global Navigation Satellite System) सर्वे किया जा रहा है। इस सर्वे का मुख्य उद्देश्य उन सभी स्थानों का सटीक डेटा जुटाना है, जहाँ पिछले पाँच वर्षों में आपातकालीन स्थितियों, वीआईपी आगमन या बड़े आयोजनों के लिए हेलीपैड का निर्माण किया गया है।
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हेलीकॉप्टर में लगे अत्याधुनिक LiDAR (Light Detection and Ranging) सेंसर और हाई-रेजोल्यूशन कैमरों की मदद से सेंटीमीटर स्तर की सटीकता वाला डेटा प्राप्त किया जा रहा है। इस डेटा को बाद में GIS (Geographic Information System) सॉफ्टवेयर के माध्यम से डिजिटल मैप्स में बदला जाएगा। इस तकनीक की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह उन दुर्गम क्षेत्रों का भी सटीक निरीक्षण कर लेती है जहाँ इंसानी पहुँच संभव नहीं है।
तिसरी-गावां में 'सफेद सोने' की तलाश
आसमान में उड़ते हेलीकॉप्टर के साथ-साथ जिले के तिसरी और गावां प्रखंडों के जमीन पर भी एक बड़ा अभियान चल रहा है। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के विशेषज्ञों की टीम तिसरी पहुँची है। यहाँ की प्रसिद्ध अभ्रक पट्टी (Mica Belt) में लिथियम (Lithium) के विशाल भंडार होने की संभावना जताई गई है।
लिथियम, जिसे आज की दुनिया में 'सफेद सोना' कहा जाता है, इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरी बनाने के लिए अनिवार्य खनिज है। जीएसआई की टीम इस क्षेत्र की मिट्टी और पत्थरों के नमूने लेकर जाँच कर रही है। यदि यहाँ लिथियम की पुष्टि होती है, तो गिरिडीह न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के औद्योगिक मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।
जनता में उहापोह और प्रशासन का स्पष्टीकरण
हेलीकॉप्टर के बार-बार चक्कर काटने से सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें भी तैर रही थीं। कुछ लोग इसे बोड़ो हवाई अड्डे के विस्तारीकरण से जोड़ रहे थे, तो कुछ सुरक्षा बलों का कोई बड़ा ऑपरेशन मान रहे थे। बढ़ते भ्रम को देखते हुए गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव ने स्थिति साफ की।
डीसी रामनिवास यादव ने कहा, "पिछले पांच सालों में जिले में जहाँ कहीं भी हेलीपैड बनाए गए हैं, उनका एरियल सर्वे (Air Survey) किया जा रहा है ताकि भविष्य के लिए सटीक डेटा तैयार रहे। इसके अलावा, तिसरी में लिथियम की उपलब्धता की जाँच के लिए भू-वैज्ञानिकों की एक अलग टीम अपना काम कर रही है। जनता को घबराने की आवश्यकता नहीं है।"
भविष्य की राह
यह दोहरी प्रक्रिया गिरिडीह के लिए दूरगामी परिणाम लेकर आएगी। एक तरफ जहाँ सटीक मैपिंग से आपातकालीन लैंडिंग और आपदा प्रबंधन में मदद मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ लिथियम की खोज सफल होने पर जिले में रोजगार और निवेश के नए द्वार खुलेंगे। फिलहाल, गिरिडीह की जनता इस हाई-टेक सर्वे को अपनी नज़रों से देखने के लिए छतों पर जुटी हुई है।








सिद्धेश्वर पाण्डेय

हजारीबाग - समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय हजारीबाग यूथ विंग द्वारा आगामी 13 अप्रैल दिन सोमवार को शहर के लक्ष्मी सिनेमा हॉल सभागार में एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाएगा। इस आयोजन को सफल बनाने और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उद्देश्य से संस्था के एक प्रतिनिधि मंडल ने संरक्षक चंद्रप्रकाश जैन एवं अध्यक्ष करण जायसवाल के निर्देश पर हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल से मुलाकात कर उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने हेतु औपचारिक आमंत्रण पत्र सौंपा। प्रतिनिधि मंडल में संस्था के उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सचिव रितेश खण्डेलवाल,मार्गदर्शक जयप्रकाश खण्डेलवाल एवं संजय कुमार उपस्थित रहे। इस दौरान सदस्यों ने रक्तदान शिविर की तैयारियों और इसके उद्देश्य की विस्तृत जानकारी दी। संस्था ने इस वर्ष 500 यूनिट रक्त संग्रह का लक्ष्य निर्धारित किया है,जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराया जा सके। शिविर में रक्तदान करने वाले प्रत्येक रक्तदाता को संस्था की ओर से सड़क सुरक्षा की दृष्टिकोण से हेलमेट भेंट देकर सम्मानित किया जाएगा, वही इस कार्यक्रम में हजारीबाग पुलिस विभाग का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है। इस अवसर पर सांसद मनीष जायसवाल ने संस्था की इस सराहनीय पहल की प्रशंसा करते हुए कहा कि रक्तदान महादान है, जिससे अनगिनत लोगों की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने युवाओं एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे इस सामाजिक कार्य में बढ़-चढ़कर भाग लें और जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आएं। उन्होंने यह भी कहा कि रक्तदान से किसी स्वस्थ व्यक्ति को कोई हानि नहीं होती, बल्कि यह शरीर के लिए लाभकारी होता है और समाज में सहयोग व एकजुटता की भावना को मजबूत करता है। संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने कहा कि रक्तदान एक महान सेवा है, जिससे किसी जरूरतमंद को नया जीवन मिल सकता है। हजारीबाग यूथ विंग हर वर्ष इस अभियान को और अधिक व्यापक बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। वहीं अध्यक्ष करण जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष संस्था ने बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है, जिसे पूरा करने के लिए युवाओं की भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे 13 अप्रैल को आयोजित इस शिविर में शामिल होकर रक्तदान करें और समाज सेवा में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें। संस्था को उम्मीद है कि समाज के सभी वर्गों का सहयोग इस आयोजन को सफल बनाएगा और यह अभियान मानवता की सेवा का एक प्रेरणादायक उदाहरण बनेगा।
फर्रुखाबाद l जिला गंगा समिति के तत्वाधान में आयोजित किया जा रहे गंगा स्वच्छता पखवाड़ा कार्यक्रम के अंतर्गत आज विश्व जल दिवस के अवसर पर गंगा ग्राम धीमपुरा में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया ।जिला परियोजना अधिकारी निहारिका पटेल के निर्देशन में कई युवाओं ने प्रतिभाग किया।उन्होंने कहा कि जल हमारे जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि जल ही जीवन है। प्रायः देखा गया है कि घर के कार्यों में हम प्रतिदिन जल का उपयोग करते हैं एवं अज्ञानता वश जल को व्यर्थ कर देते हैं। यदि प्रत्येक मनुष्य चाहे तो जल की उपयोगिता को कम करके जल का संरक्षण कर सकते है। हम सभी जानते हैं कि हमारे पर्यावरण में जल का स्तर प्रत्येक दिन गिरता ही जा रहा है जो चिंता का विषय है।लोग अनजाने में बिना उपयोग के ही कई लीटर पानी प्रतिदिन बर्बाद कर देते हैं जिसे हमारी धरती का जल कम होता जा रहा है एवं शुद्ध जल समाप्त हो रहा है। यह बहुत चिंता का विषय है।अतः हम सभी को मिलकर यह शपथ लेनी चाहिए कि हम सभी जल की उपयोगिता को समझे एवं एक-एक बूंद बचाने का प्रयास करें। हम स्वयं भी जल का जितना हो सके कम प्रयोग करें एवं अन्य लोगों को भी इसके लिए जागरूक करें। कई जगह पर देखा गया है कि घरों में नल लगे हैं परंतु उन नलों को बंद करने के लिए कोई संसाधन नहीं है उनमें से जल ऐसे ही बहता रहता हैं और शुद्ध जल बहकर नाली में जाता है। यदि समय रहते हम सभी ने जल को बचाने के लिए प्रयास नहीं किया तो हमारी आने वाली पीढ़ी को जल के लिए बहुत समस्याओं का सामना करना पड़ेगा। जैसे कि कई देशों और कई जिलों में करना पड़ रहा है। लोगों को जल लेने के लिए कई किलोमीटर दूर चलना पड़ता है।महिलाओं को पैदल चलकर पानी लाना पड़ता है। अतः सभी को इसके लिए समय रहते प्रयास करना चाहिए। इस अवसर पर जल कलश में सभी ने अपने-अपने माध्यम से बचाए हुए जल को एकत्रित किया एवं यह संदेश दिया कि यदि प्रत्येक मनुष्य प्रतिदिन थोड़ा-थोड़ा जल भी बचाएगा तो बहुत बड़ी मात्रा में जल का संरक्षण हो सकेगा। इसके आंतरिक स्वच्छता के लिए सभी को जागरूक किया गया।इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों को पर्यावरण से संबंधित पंपलेट पोस्टर भी वितरित किए गए। कार्यक्रम में प्रशिक्षक रोहित दीक्षित, गंगा योद्धा पल्लवी, अश्मित एवं अन्य लोग उपस्थित रहे।
6 hours ago
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