नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।

विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भारत हमको जान से प्यारा है...

डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।

साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

रेस्टोरेंट के अंदर तोड़फोड़ करना पड़ा भारी, 5 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर जांच शुरू

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्वास्तिक रेस्टोरेंट में रविवार की बीती रात तोड़फोड़ कर मारपीट करना पांच आरोपियों को भारी पड़ गया है।रेस्टोरेंट मालिक अखिलेश शुक्ला की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दिया है।इसके साथ ही पुलिस ने पांचों आरोपियों की तलाश तेज कर दिया है और उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।इसके साथ ही होटल मालिक और पुलिस सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं।ताकि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके।घटना 25 जनवरी बीती रात की है जब आरोपियों ने पहले रेस्टोरेंट में खाना खा रहे ग्राहकों के साथ अभद्रता व गाली गलौज की थी।ग्राहकों के हटने और होटल मालिक द्वारा उन्हें बाहर निकालने के बाद मामला शांत हुआ था।हालांकि इसी बात से नाराज होकर कुछ देर बाद पांचों आरोपी अपने पांच अन्य साथियों के साथ दोबारा रेस्टोरेंट में घुस आए और उन्होंने काउंटर पर बैठे होटल मालिक के साथ गाली गलौज और मारपीट किया,साथ ही रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ भी किया।इस दौरान रेस्टोरेंट में मौजूद ग्राहक भी डरकर मौके से भाग गये।तोड़फोड़ से रेस्टोरेंट का काफी नुकसान भी हुआ है।इस मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।सीसीटीवी और सोशल मीडिया की मदद ली जा रही है।जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है,जिसमें आरोपी तोड़फोड़ करते व मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

राँची: 77वें गणतंत्र दिवस पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय में किया ध्वजारोहण, जिले की समृद्धि का लिया संकल्प

राँची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर आज राँची जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में हर्षोल्लास के साथ झण्डोत्तोलन किया गया। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय, राँची परिसर में तिरंगा फहराया और राष्ट्र को नमन किया।

संविधान और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर

ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा:

"गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की मजबूती की याद दिलाता है। राँची जिला प्रशासन जिले को अधिक समृद्ध, सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

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वरीय अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन और सदर एसडीओ श्री कुमार रजत सहित प्रशासन के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। देशभक्ति के गीतों और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।

प्रमुख उपस्थिति:

अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह

जिला नजारत उप समाहर्ता, डॉ. सुदेश कुंअर कुमार

सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी: श्री राजेश कुमार मिश्र, श्री आशुतोष कुमार ओझा, श्रीमती अमृता खाखा एवं अन्य।

गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मंडी समिति में धूमधाम से मनाया गया, मंडी सचिव और आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से फहराया तिरंगा
फर्रुखाबाद l गणतंत्र दिवस पर आलू मंडी सातनपुर में झंडारोहण कार्यक्रम धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया l समारोह में मंडी स्टाफ के साथ मंडी सचिव अनूप दीक्षित और आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष अर्पित राजपूत ने संयुक्त रूप से झंडारोहण किया l इस दौरान उपस्थित सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रगान गाकर भारत माता की जय, वन्देमातरम् आदि गगनभेदी नारे लगाए l बाद में मंडी सचिव अनूप दीक्षित ने देश की अखंडता संप्रभुता और शांति हेतु शपथ दिलवाई गई l इस दौरान समारोह में मुख्य रूप से परसोत्तम वर्मा, बालकिशन शाक्य, प्रदीप गुप्ता,रामलड़ैते राजपूत, शीलेंद्र दीक्षित, अमित गुप्ता,चंद्रभान सिंह, विकास दुबे,राजेश राजपूत, शंकरलाल गुप्ता, राजीव चतुर्वेदी, प्रमोद शाक्य, सुधीर वर्मा रिंकू,सुभाष कटियार, फूलसिंह , अरविन्द राजपूत,देवकीनंदन, प्रवीन पाल,मलिखान सिंह,अजय वर्मा फौजी, उदयप्रकाश पाल, हरिश्चंद्र राजपूत, सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, बाद में सभी को बूंदी बांटी गई l
77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया

प्रयागराज । जय भारती पब्लिक स्कूल देवघाट रोड मोहनगंज, प्रतापगढ़ में 77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय में झंडारोहण विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती आशा सिंह ने किया। उसके बाद बच्चों ने राष्ट्रगान गाकर भारत माता की जय, बंदे मातरम्, तिरंगे झंडे की जय, देश के वीर सपूतों की जय का नारा बुलन्द किया। बाद में बच्चों राष्ट्रभक्ति गीतों से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

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भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।

नियमबद्धता का संदेश देता है हमारा गणतंत्र, साई कॉलेज में हर्षोल्लास से मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में हर्षोल्लास के साथ गणतंत्र दिवस मना। शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वाजारोहण कर सभी को 77वें गणतंत्र की शुभकामनायें दी। उन्होंने कहा कि गणतंत्र संदेश देता है कि नियमबद्ध, अनुशासित जिन्दगी का वरण करें।

कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए श्री शिरडी शिक्षण समिति के सचिव अजय कुमार इंगोले ने कहा कि हमारे पूर्वजों ने जो विरासत हमको सौंपी है, उसे और मजबूत कर नये कलेवर में भावी पीढ़ी को सौंपना है।प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि आप हमेशा अपने कर्तव्यों के लिए आगे बढ़िये, अधिकार स्वत: मिल जायेंगे। उन्होंने सभी को गणतंत्र की महत्ता से अवगत कराया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि अनीश ने कहा कि गणतंत्र में गण और तंत्र दोनों हमसे है। हमे अपने को व्यवस्थित रखना है, तंत्र स्वत: बेहतर हो जायेगा। उन्होंने सभी दोपहिया चालकों से अनुरोध किया कि वाहन चलाते समय हमेशा हेल्मेट को प्रयोग करें। कार्यक्रम के दौरान अंकुश गुप्ता और निशा निषाद ने गणतंत्र के प्रेरक प्रसंगों से अवगत कराया।

विद्यार्थियों ने तिरंगा रैली निकाल कर राष्ट्रीयता का बोध कराया।

इस अवसर पर महाविद्यालय के सभी प्राध्यापक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

भारत हमको जान से प्यारा है...

डॉ.जगमीत कौर के मार्गदर्शन में बी.एससी.बी.एड के विद्यार्थियों ने देशभक्ति से ओतप्रोत गीतों की समूहनृत्य के साथ प्रस्तुति दी। भारत हमको जान से प्यारा है...,वंदे मातरम्...,बैंठन रे चिरैया, गावो बस्तरिया गाना की शानदार प्रस्तुति हुई।

साई स्कूल में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया गणतंत्र दिवस

अम्बिकापुर- श्री साई बाबा स्कूल में ७७ वां गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। प्रबंध समिति के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने ध्वजारोहण कर सभी को गणतंत्र दिवस की शुभकामना दी। स्कूल की कप्तान उदिता सिंह और उपकप्तान नैतिक कुमार पटवा ने गणतंत्र दिवस की महत्ता से अवगत कराया। कक्षा नर्सरी से कक्षा के.जी.टू के विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत कर सभी को विभोर कर दिया। रूदांशी सिंह अंग्रेजी में दिया गया वक्त प्रेरक रहा। संगीत शिक्षक भानू शंकर झा की ताल पर कक्षा चौथी एवं छठवीं के विद्यार्थियों ने भारतीय विरासत की गीतों की शानदार प्रस्तुति दी। श्री शिरडी साई शिक्षण समिति की सचिव अजय कुमार इंगोले ने सभी गणतंत्र के भावना से अवगत कराया।

प्राचार्य प्राची गोयल ने गणतंत्र की विशेषता और उसके कर्तव्य, दायित्वों से अवगत कराया। उन्होंने सभी को गणतंत्र दिवस की बधाई दी। विद्यार्थियों को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में मिठाइयां वितरित की गई।

कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि में अनीश वोदी तेलवार, कोषाध्यक्ष रेखा इंगोले एवं सयुक्ंत सचिव अलका इंगोले, सह प्रबंधक यशा इंगोले चौधरी तथा सभी शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का संचालन रूहिल सिन्हा ने किया तथा आभार उपकप्तान पूर्वी पैकरा के द्वारा किया गया। कार्यक्रम के दौरान रूहिल सिन्हा, श्यामा कशिश एवं आर्या शंकर झा ने सहयोग किया।

रेस्टोरेंट के अंदर तोड़फोड़ करना पड़ा भारी, 5 के विरुद्ध मुकदमा दर्ज
*सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर जांच शुरू

गोंडा।जिले के नगर कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित स्वास्तिक रेस्टोरेंट में रविवार की बीती रात तोड़फोड़ कर मारपीट करना पांच आरोपियों को भारी पड़ गया है।रेस्टोरेंट मालिक अखिलेश शुक्ला की तहरीर पर नगर कोतवाली पुलिस ने 5 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सीसीटीवी कैमरे के फुटेज के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दिया है।इसके साथ ही पुलिस ने पांचों आरोपियों की तलाश तेज कर दिया है और उनकी पहचान के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।इसके साथ ही होटल मालिक और पुलिस सोशल मीडिया का भी सहारा ले रहे हैं।ताकि आरोपियों की जल्द से जल्द पहचान की जा सके।घटना 25 जनवरी बीती रात की है जब आरोपियों ने पहले रेस्टोरेंट में खाना खा रहे ग्राहकों के साथ अभद्रता व गाली गलौज की थी।ग्राहकों के हटने और होटल मालिक द्वारा उन्हें बाहर निकालने के बाद मामला शांत हुआ था।हालांकि इसी बात से नाराज होकर कुछ देर बाद पांचों आरोपी अपने पांच अन्य साथियों के साथ दोबारा रेस्टोरेंट में घुस आए और उन्होंने काउंटर पर बैठे होटल मालिक के साथ गाली गलौज और मारपीट किया,साथ ही रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ भी किया।इस दौरान रेस्टोरेंट में मौजूद ग्राहक भी डरकर मौके से भाग गये।तोड़फोड़ से रेस्टोरेंट का काफी नुकसान भी हुआ है।इस मामले में नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि पांच अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है और आरोपियों की पहचान के लिए जांच जारी है।सीसीटीवी और सोशल मीडिया की मदद ली जा रही है।जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जाएगा।उन्होंने यह भी बताया कि पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है,जिसमें आरोपी तोड़फोड़ करते व मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं।
कर्तव्य पथ पर छत्तीसगढ़ की झांकी ने बिखेरा जनजातीय शौर्य का गौरव, डिजिटल संग्रहालय की गाथा से मोहा देश

नई दिल्ली- 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कर्तव्य पथ पर प्रस्तुत छत्तीसगढ़ की झांकी ने देश-दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा। “स्वतंत्रता का मंत्र – वंदे मातरम्” थीम पर आधारित यह झांकी जनजातीय वीर नायकों को समर्पित देश के पहले डिजिटल संग्रहालय की गौरवगाथा को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करती नजर आई।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित केंद्रीय मंत्रियों और विशिष्ट अतिथियों ने झांकी को उत्सुकता के साथ देखा और तालियां बजाकर सराहना की। दर्शक दीर्घा में मौजूद लाखों लोगों ने भी तालियों की गड़गड़ाहट के साथ छत्तीसगढ़ की झांकी का स्वागत किया। झांकी के समक्ष छत्तीसगढ़ के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत पारंपरिक लोक नृत्य ने माहौल को और भी जीवंत बना दिया।

झांकी में नवा रायपुर अटल नगर में स्थापित देश के पहले जनजातीय डिजिटल संग्रहालय की झलक दिखाई गई, जहां छत्तीसगढ़ सहित देश के 14 प्रमुख जनजातीय स्वतंत्रता आंदोलनों को आधुनिक डिजिटल तकनीकों के माध्यम से संरक्षित किया गया है। इस ऐतिहासिक संग्रहालय का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ राज्य गठन की रजत जयंती के अवसर पर किया था।

झांकी के अग्र भाग में वर्ष 1910 के ऐतिहासिक भूमकाल विद्रोह के नायक वीर गुंडाधुर को दर्शाया गया। धुर्वा समाज के इस महान योद्धा ने अन्यायपूर्ण अंग्रेजी शासन के विरुद्ध जनजातीय समाज को संगठित किया। विद्रोह के प्रतीक के रूप में आम की टहनियां और सूखी मिर्च को विशेष रूप से प्रदर्शित किया गया। विद्रोह की तीव्रता का अनुमान इसी से लगाया जा सकता है कि अंग्रेजों को नागपुर से सेना बुलानी पड़ी, फिर भी वे वीर गुंडाधुर को पकड़ने में असफल रहे।

झांकी के पृष्ठ भाग में छत्तीसगढ़ के प्रथम शहीद वीर नारायण सिंह को घोड़े पर सवार, हाथ में तलवार लिए दर्शाया गया। उन्होंने अकाल के समय गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष किया और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई।

पूरी झांकी जनजातीय समाज के अदम्य साहस, बलिदान और देशभक्ति की भावना को सशक्त रूप में अभिव्यक्त करती रही और गणतंत्र दिवस परेड में छत्तीसगढ़ की गौरवपूर्ण पहचान को राष्ट्रीय मंच पर स्थापित किया।

 

राँची: 77वें गणतंत्र दिवस पर उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय में किया ध्वजारोहण, जिले की समृद्धि का लिया संकल्प

राँची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर आज राँची जिला प्रशासन द्वारा विभिन्न सरकारी कार्यालयों में हर्षोल्लास के साथ झण्डोत्तोलन किया गया। इसी क्रम में जिला दंडाधिकारी-सह-उपायुक्त राँची, श्री मंजूनाथ भजन्त्री ने भू-बंदोबस्त कार्यालय, राँची परिसर में तिरंगा फहराया और राष्ट्र को नमन किया।

संविधान और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर

ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने गणतंत्र दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा:

"गणतंत्र दिवस हमें हमारे संविधान की महत्ता और लोकतंत्र की मजबूती की याद दिलाता है। राँची जिला प्रशासन जिले को अधिक समृद्ध, सुरक्षित और समावेशी बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।"

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वरीय अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति

समारोह के दौरान वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री राकेश रंजन और सदर एसडीओ श्री कुमार रजत सहित प्रशासन के कई वरीय अधिकारी मौजूद रहे। देशभक्ति के गीतों और उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच सभी ने देश की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण रखने का संकल्प लिया।

प्रमुख उपस्थिति:

अपर समाहर्ता राँची, श्री रामनारायण सिंह

जिला नजारत उप समाहर्ता, डॉ. सुदेश कुंअर कुमार

सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी: श्री राजेश कुमार मिश्र, श्री आशुतोष कुमार ओझा, श्रीमती अमृता खाखा एवं अन्य।

गणतंत्र दिवस का कार्यक्रम मंडी समिति में धूमधाम से मनाया गया, मंडी सचिव और आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से फहराया तिरंगा
फर्रुखाबाद l गणतंत्र दिवस पर आलू मंडी सातनपुर में झंडारोहण कार्यक्रम धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया l समारोह में मंडी स्टाफ के साथ मंडी सचिव अनूप दीक्षित और आढ़ती एसोसिएशन अध्यक्ष अर्पित राजपूत ने संयुक्त रूप से झंडारोहण किया l इस दौरान उपस्थित सैकड़ों लोगों ने राष्ट्रगान गाकर भारत माता की जय, वन्देमातरम् आदि गगनभेदी नारे लगाए l बाद में मंडी सचिव अनूप दीक्षित ने देश की अखंडता संप्रभुता और शांति हेतु शपथ दिलवाई गई l इस दौरान समारोह में मुख्य रूप से परसोत्तम वर्मा, बालकिशन शाक्य, प्रदीप गुप्ता,रामलड़ैते राजपूत, शीलेंद्र दीक्षित, अमित गुप्ता,चंद्रभान सिंह, विकास दुबे,राजेश राजपूत, शंकरलाल गुप्ता, राजीव चतुर्वेदी, प्रमोद शाक्य, सुधीर वर्मा रिंकू,सुभाष कटियार, फूलसिंह , अरविन्द राजपूत,देवकीनंदन, प्रवीन पाल,मलिखान सिंह,अजय वर्मा फौजी, उदयप्रकाश पाल, हरिश्चंद्र राजपूत, सहित सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, बाद में सभी को बूंदी बांटी गई l
77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया

प्रयागराज । जय भारती पब्लिक स्कूल देवघाट रोड मोहनगंज, प्रतापगढ़ में 77वाँ गणतंत्र दिवस धूमधाम से मनाया गया। विद्यालय में झंडारोहण विद्यालय की प्रबंधक श्रीमती आशा सिंह ने किया। उसके बाद बच्चों ने राष्ट्रगान गाकर भारत माता की जय, बंदे मातरम्, तिरंगे झंडे की जय, देश के वीर सपूतों की जय का नारा बुलन्द किया। बाद में बच्चों राष्ट्रभक्ति गीतों से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयां प्रदान की।

राष्ट्रपति मुर्मू ने फहराया तिरंगा, कर्तव्‍य पथ पर ऑपरेशन सिंदूर की झलक

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भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। देश की राजधानी दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया। राष्ट्रपति मुर्मू ने तिरंगा फहराया। इस दौरान गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर और सैंटोस कोस्टा भी मौजूद रहे।

शुभांशु शुक्ला को मिला अशोक्र चक्र

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया है। शुभांशु भारत के सबसे सम्मानित शांति काल का वीरता पुरस्कार पाने वाले पहले अंतरिक्ष यात्री बन गए हैं।

सेना के हेलिकॉप्टरों ने बनाई शानदार फॉर्मेशन

दिल्ली में कर्तव्य पथ पर 129 हेलीकॉप्टर यूनिट के चार Mi-17 1V हेलीकॉप्टरों द्वारा ध्वज फॉर्मेशन में फूलों की पंखुड़ियां बरसाई गई। हेलीकॉप्टरों के इस फॉर्मेशन का नेतृत्व ग्रुप कैप्टन आलोक अहलावत किया।

सेना ने किया भीष्म टैंक का प्रदर्शन

गणतंत्र दिवस परेड में भारत ने टी-90 टैंक का प्रदर्शन किया। इसे भारतीय सेना ने 'भीष्म' नाम दिया है। रूस में निर्मित तीसरी पीढ़ी का मुख्य युद्धक टैंक है। यह टैंक 2001 से भारतीय सेना का हिस्सा है और इसे राजस्थान, पंजाब में पाकिस्तान सीमा और लेह में चीन सीमा पर तैनात किया गया है। 2005 में इनकी बड़ी खेप भारत आई। शुरुआत में यह पूरी तरह रूसी तकनीक से बना था, लेकिन अब इसके कई पुर्जे भारत में ही बनाए जाते हैं। तमिलनाडु के अवाडी में इन टैंकों को तैयार किया जाता है।

ब्रह्मोस मिसाइल टुकड़ी ने कर्तव्य पथ पर किया मार्च

दिव्यास्त्र और अग्निबाण टुकड़ी ने परेड की। साथ ही रॉकेट टुकड़ी सूर्यास्त्र और ब्रह्मोस मिसाइल की टुकड़ी ने भी कर्तव्य पथ पर परेड की और हर भारतीय के सीने को गर्व से भर दिया। आकाश मिसाइल और ड्रोन शक्ति ईगल प्रहार ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। कर्तव्य पथ पर भारतीय सेना के पशु दस्ते ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व कैप्टन हर्षिता यादव ने किया।

अरुणाचल स्काउट और राजपूत रेजीमेंट का मार्च

ऊंचे और पहाड़ी इलाकों पर युद्ध में विशेषज्ञा रखने वाले अरुणाचल स्काउट ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इसके बाद सेना की राजपूत रेजीमेंट ने मार्च किया। यह सेना की सबसे पुरानी रेजीमेंट में से एक है। इसके बाद असम रेजीमेंट के जवानों ने मार्च किया। सेना की जम्मू कश्मीर लाइट इंफेंट्री के दस्ते ने मार्च किया। साथ ही कंबाइंड मिलिट्री बैंड ने मार्च किया, जिसका नेतृत्व सूबेदार एए खान ने किया। सिख लाइट इंफेंट्री के मार्चिंग दस्ते ने कर्तव्य पथ पर मार्च किया। इंडियन नेवी बैंड ने सामंजस्य और भव्यता को दिखाते हुए जय भारती की धुन बजाई।

संविधान, लोकतंत्र और सुशासन के रास्ते विकसित छत्तीसगढ़ का निर्माण सरकार का संकल्प : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय

रायपुर- लोकतंत्र की मजबूती, संविधान की सर्वाेच्चता और विकसित छत्तीसगढ़ के संकल्प के साथ आज 77वां गणतंत्र दिवस पूरे प्रदेश में हर्षाेल्लास, देशभक्ति और गौरवपूर्ण वातावरण में मनाया गया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बिलासपुर के पुलिस परेड ग्राउंड में आयोजित गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में राष्ट्रीय ध्वज फहराया और संयुक्त परेड की सलामी ली। उन्होंने शहीद सैनिकों एवं पुलिस जवानों के परिजनों को सम्मानित किया तथा छत्तीसगढ़ पुलिस बल को राज्य स्थापना की 25वीं वर्षगांठ का पदक देने की घोषणा की।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस मौके पर प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भारत का संविधान हमारी लोकतांत्रिक आस्था, समानता और सामाजिक न्याय का मजबूत आधार है। छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा, विकास और समृद्धि के लिए राज्य सरकार पूर्ण निष्ठा के साथ कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने गणतंत्र दिवस संदेश में राज्य की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं, नक्सल उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति, किसानों-श्रमिकों-महिलाओं के सशक्तीकरण, शिक्षा-स्वास्थ्य-औद्योगिक विकास और सुशासन की विस्तार से जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गणतंत्र दिवस केवल उत्सव का दिन नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए बलिदान देने वाले महापुरुषों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को स्मरण करने का दिन भी है। उन्होंने संविधान निर्माताओं, विशेषकर बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर को नमन करते हुए कहा कि संविधान सामाजिक समरसता, समान अधिकार और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का प्रतीक है। उन्होंने बाबा गुरु घासीदास जी के “मनखे-मनखे एक समान” के संदेश को संविधान की आत्मा बताया और कहा कि भारतीय गणतंत्र ने ऐसा खुला समाज निर्मित किया है, जहां हर नागरिक राष्ट्र निर्माण में सहभागी बन सकता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने हाल ही में राज्य स्थापना की रजत जयंती मनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा गठित इस राज्य ने 25 वर्षों में विकास की सशक्त यात्रा तय की है। उन्होंने बताया कि संविधान के मंदिर- छत्तीसगढ़ विधानसभा के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करकमलों से संपन्न हुआ। धान की बालियों की डिजाइन और बस्तर-सरगुजा की लोककला से सुसज्जित यह भवन छत्तीसगढ़ी अस्मिता का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष राष्ट्रगीत वंदे मातरम् की 150वीं जयंती राज्यभर में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। सुकमा जिले के कोंटा से लेकर मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के सीतामढ़ी हरचौका तक लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। यह बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय को सच्ची श्रद्धांजलि है।

मुख्यमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि जनजातीय समाज ने स्वतंत्रता संग्राम में ऐतिहासिक योगदान दिया। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लोकार्पित शहीद वीर नारायण सिंह जनजातीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी डिजिटल संग्रहालय देश का पहला डिजिटल संग्रहालय है, जो आज की पीढ़ी को जनजातीय नायकों के बलिदान से परिचित कराता है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि माओवादी हिंसा लोकतंत्र के लिए गंभीर चुनौती रही है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में छत्तीसगढ़ ने निर्णायक रणनीति अपनाई है। उन्होंने बताया कि जवानों के अदम्य साहस और सतत अभियानों के परिणामस्वरूप माओवादी हिंसा अब अंतिम चरण में है और मार्च 2026 तक प्रदेश को नक्सलमुक्त करने का लक्ष्य पूर्ण होने जा रहा है। मुख्यमंत्री ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बस्तर कैफे जैसी पहलों और नियद नेल्ला नार योजना के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों की जानकारी दी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य बनने के बाद सबसे बड़ी चुनौती अन्नदाता की समृद्धि रही है। आज छत्तीसगढ़ के किसान को धान का देश में सर्वाधिक मूल्य मिल रहा है। उन्होंने बताया कि धान खरीदी 5 लाख मीट्रिक टन से बढ़कर 149 लाख मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है। बीते दो वर्षों में किसानों के खातों में डेढ़ लाख करोड़ रुपए अंतरित किए गए हैं। अटल सिंचाई योजना के तहत 115 लंबित सिंचाई परियोजनाओं को पूर्ण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत प्रदेश में 26 लाख से अधिक आवास स्वीकृत किए गए हैं और प्रतिदिन लगभग 2 हजार आवासों का निर्माण हो रहा है, जो देश में सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि राज्य विद्युत उत्पादन में देश में दूसरे स्थान पर है और शीघ्र ही प्रथम स्थान की ओर अग्रसर है। सौर ऊर्जा, गैस आधारित परियोजनाओं और शून्य कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य पर तेजी से काम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना के तहत 70 लाख महिलाओं को प्रतिमाह 1,000 रुपए की सम्मान राशि प्रदान किए जाने की जानकारी दी। अब तक 14,948 करोड़ रुपए की राशि वितरित की जा चुकी है। उन्होंने श्रमिकों के लिए ईएसआई, श्रम संहिताओं और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की बात कही।

मुख्यमंत्री ने बताया कि युक्तियुक्तकरण से शिक्षकों की कमी दूर की गई है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत स्थानीय भाषाओं में शिक्षा, 9 हजार स्मार्ट क्लास और 22 हजार कंप्यूटर की व्यवस्था की जा रही है। स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नए मेडिकल कालेजों की स्वीकृति से अब इनकी संख्या बढ़कर 15 हो गई है। बिलासपुर में मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल और हिंदी में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नई औद्योगिक नीति के तहत अब तक 7.83 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं। नवा रायपुर को आईटी, एआई, फार्मा और मेडिकल हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य एआई का है और छत्तीसगढ़ इसकी धुरी बनेगा।

मुख्यमंत्री ने रामलला दर्शन योजना, मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना, बस्तर पंडुम, चित्रकोट जलप्रपात, मैनपाट, सरगुजा और जशपुर पर्यटन के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने ई-ऑफिस, जेम पोर्टल, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और डिजिटल गवर्नेंस के माध्यम से सुशासन की मजबूती पर बल दिया।

समारोह में स्कूली बच्चों द्वारा राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा योजनाओं पर आधारित आकर्षक झांकियां निकाली गईं, जिन्होंने प्रदेश की विकास यात्रा को जीवंत रूप में प्रदर्शित किया।

विकसित छत्तीसगढ़ का आह्वान

मुख्यमंत्री ने स्व. लक्ष्मण मस्तूरिया की कविता की पंक्तियों के माध्यम से जनभागीदारी का आह्वान करते हुए कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में सभी की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने अंत में प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी।

राजधानी में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया 77 वां गणतंत्र दिवस, राज्यपाल रमेन डेका ने राष्ट्रीय ध्वज फहरा कर ली परेड की सलामी

रायपुर- गणतंत्र दिवस के अवसर पर राज्यपाल रमेन डेका द्वारा आज यहां राजधानी रायपुर में पुलिस परेड ग्राउंड में राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया और परेड की सलामी ली गई। परेड निरीक्षण के दौरान मुख्य सचिव विकास शील और पुलिस महानिदेशक अरूण देव गौतम भी उपस्थित थे।

राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि यह पवित्र अवसर हमें राष्ट्र की एकता और अखण्डता को सहेजते हुए देश के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता हैं। गणतंत्र दिवस भारतीय लोकतंत्र की महान परंपरा तथा हमारे संवैधानिक मूल्यों की समृद्ध विरासत का प्रतीक है।