भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे विंध्याचल धाम, बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार होने का किया दावा

मीरजापुर। बुधवार को विंध्याचल देवी धाम पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की भारी जीत के साथ ही पूर्ण बहुमत की सरकार भी बनने का दावा किया है।
नगर विधायक रत्नाकर मिश्र के साथ मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधिपूर्वक मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन पूजन किया।
इस दौरान बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा बंगाल में पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनेगी। कहा दूसरे चरण के चुनाव में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा ले।
मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली तीर्थ यात्रा थी। उन्होंने मां विंध्यवासिनी देवी के चरणों में राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति, विकास, सनातन धर्म की रक्षा और भाजपा संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा "मां विंध्यवासिनी के दर्शन से ऊर्जा मिलती है। पश्चिम बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान है। जनता से अपील है, लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। भाजपा बंगाल में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रही है।"
दर्शन पूजन के पश्चात बीजेपी नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने होटल रत्नाकर में मां विंध्यवासिनी देवी की चुनरी व रक्षा सूत्र भेंट कर स्वागत उनका किया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से संवाद में कहा, "मां विंध्यवासिनी के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति की रक्षा और संगठन को अजेय बनाएंगे।"
इस दौरान मझवां विधायक सुचिश्मिता मौर्य, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज समेत कई पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई रवाना
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेरका से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक के मेगा रोड शो में उमड़े लोग, पुष्पवर्षा के साथ शाही स्वागत
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन आज सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में दर्शन-पूजन के लिए बरेका गेस्ट हाउस से निकले। प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही बरेका के मुख्यद्वार पर पहुंचा भाजपा कार्यकतार्आ ने प्रधानमंत्री मोदी का शाही अंदाज में विजेता नायक की तरह शंखध्वनि,पुष्पवर्षा के बीच भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री का काफिला श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बढ़ा तो राह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर गगनभेदी मोदी—मोदी, नारेबाजी के बीच गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने जय-जय श्रीराम, हर-हर महादेव का उद्घोष किया। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री का काफिला भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा।

प्रधानमंत्री ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचें। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचें।

लगभग 14 किलोमीटर की दूरी में भाजपा वाराणसी जिला एवं महानगर इकाई ने पांच स्वागत प्वाइंट बनाए। हर स्वागत प्वाइंट पर सड़क के दोनों छोर पर खड़े नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले में प्रधानमंत्री को देख मोदी-मोदी का गगनभेदी नारा भी लगाया। अपनी काशी के नागरिकों का दुलार और प्यार देख गदगद प्रधानमंत्री भी कभी हाथ जोड़कर तो कभी हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाए कार्यकर्ता अलसुबह से स्वागत प्वाइंट पर डटे रहे।

राह में प्रधानमंत्री को देखने और उन पर पुष्पवर्षा के लिए महिलाएं और बच्चे भी अपने मकानों के छतों, बालकनी में उत्साहित दिखे। सड़क के किनारे बने बैरिकेडिंग में दोनों तरफ खड़े युवाओं,महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बैरिकेडिंग में देर तक डटे रहे। इसके पहले प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए मैदागिन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक ट्रैफिक जीरो किया गया। पैदल चलने वालों को भी सड़क के किनारे किया गया। सुबह सात बजे अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने मैदागिन से काशी विश्वनाथ तक निरीक्षण किया। वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई । रोड शो के लिए रास्ता खाली कराया गया।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
हरदोई-शिक्षा के मंदिर में ‘अस्मत’ और ‘अपमान’ की जंग, शिक्षिकाओं के तीखे पलटवार से सनबीम स्कूल विवाद में आया नया भूचाल
रितेश मिश्रा
हरदोई। न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल से उठा विवाद अब महज एक प्रशासनिक खींचतान नहीं रह गया है, बल्कि यह आरोपों के उस दलदल में तब्दील हो चुका है जहाँ हर पक्ष दूसरे के चरित्र पर हमलावर है। कल तक जो मामला एक महिला अभिभावक के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के इर्द-गिर्द घूम रहा था, आज स्कूल की तीन शिक्षिकाओं के 'स्त्री सम्मान' वाले पलटवार ने पूरे घटनाक्रम की चूलें हिला दी हैं। शिक्षिकाओं ने एक छात्रा के पिता पर चरित्रहीनता और छेड़खानी के सनसनीखेज आरोप लगाकर मामले को आर-पार की लड़ाई में बदल दिया है।
शिक्षिकाओं ने बेहद तल्ख लहजे में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि संबंधित अभिभावक विद्यालय परिसर को अपनी 'अय्याशी' का अड्डा समझने की भूल कर रहा था। उनका सीधा आरोप है कि उक्त व्यक्ति केवल गंदी नीयत से उन्हें देखता ही नहीं था, बल्कि कई बार अनुचित तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार करने की सीमाएं भी लांघ चुका है। शिक्षिकाओं का कहना है कि वे अब इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को और बर्दाश्त नहीं करेंगी और इस मामले में पुलिस के पास जाकर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी।
इधर, स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा है कि वायरल वीडियो वाले दिन यानी 24 अप्रैल को विवाद की असली जड़ एक अभिभावक द्वारा किए गए अश्लील इशारे ही थे। प्रबंधन का दावा है कि जब इन हरकतों पर सख्ती दिखाई गई, तो मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौरान आवेश में आकर महिला अभिभावक के लिए कुछ अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ था, जिसके लिए प्रबंधन ने तत्काल माफी भी मांग ली थी, लेकिन उस बात को आधार बनाकर पूरे स्कूल की साख को दांव पर लगाना सरासर गलत है।
दूसरी ओर, कानूनी कार्रवाई का पहिया भी तेजी से घूम रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं, पीड़िता नीलम वर्मा ने दलित उत्पीड़न और अभद्रता की धाराओं में केस दर्ज कराकर स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब मुकाबला दो तरफा एफआईआर और संगीन आरोपों के बीच है।
सवाल यह उठता है कि क्या वाकई शिक्षा के इस आंगन में महिला कर्मचारियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी? या फिर स्कूल प्रशासन पर दर्ज हुए मुकदमों के जवाब में शिक्षिकाओं के इन आरोपों को एक 'सुरक्षा कवच' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है? हरदोई पुलिस की जांच अब इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे विवाद में 'पीड़ित' कौन है और 'साजिशकर्ता' कौन।
यूपी : किन्नरों का ‘बधाई’ लेना कानूनी अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

* इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ का बड़ा फैसला, बिना कानूनी आधार धन वसूली को बताया अवैध

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने किन्नरों द्वारा ‘बधाई’ के नाम पर धन वसूली को कानूनी अधिकार मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी वैधानिक प्रावधान के किसी से धन लेना या वसूली करना अवैध है।
यह टिप्पणी करते हुए अदालत ने गोंडा निवासी किन्नर रेखा देवी की याचिका खारिज कर दी। याचिका में ‘बधाई’ वसूली के लिए क्षेत्रीय अधिकार तय करने और सीमांकन कराने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने कहा कि केवल वर्षों पुरानी परंपरा या प्रथा का हवाला देकर किसी गतिविधि को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जा सकता। जब किसी कार्य के लिए विधिक अधिकार ही मौजूद नहीं है, तो उसके लिए क्षेत्रीय सीमांकन या अधिकार क्षेत्र निर्धारित करने का प्रश्न भी नहीं उठता।
अदालत ने साफ किया कि किसी भी प्रकार की वसूली केवल कानून के दायरे में ही संभव है। परंपरा के नाम पर धन लेने को वैध अधिकार नहीं माना जा सकता। इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने बधाई वसूली के लिए क्षेत्र बांटने की मांग भी सिरे से खारिज कर दी।
बाबा रामदेव ने भारतीय आयुर्वेद को दिलाई वैश्विक पहचान : ज्ञान प्रकाश सिंह

लखनऊ। बाबा रामदेव आधुनिक भारत में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद के सबसे प्रमुख प्रचारक हैं, जिन्होंने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के माध्यम से योग को घर-घर पहुँचाया और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर भारतीय आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई। लखनऊ में विश्व प्रसिद्ध योग एवं आयुर्वेद गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनके सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जौनपुर के प्रख्यात समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाबा रामदेव ने योग के महत्व को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि  भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। उन्हीं के प्रस्ताव पर 21 जून,2015 से विश्व योग दिवस की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

CM हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय विजेता छात्रों को दी बधाई

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई में आयोजित नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26 में झारखण्ड के स्टूडेंट्स (कक्षा 2 से 5) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा यह अत्यंत गर्व का विषय है कि झारखण्ड के नन्हें स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर मुंबई में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और वहां अपनी योग्यता साबित करना राज्य में शिक्षा की मजबूत नींव को दर्शाता है। मैं इस उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथ ही मैं उन समर्पित शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सफलता संभव हुई है। झारखण्ड सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और हमारे बच्चों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे और पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेंगे।

बच्चों ने अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया

झारखण्ड के बच्चों ने राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) चैंपियनशिप जीतने के बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया।

झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य के इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर LeapForWord के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर कक्षा 2 से 5 के बच्चों में बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों के बच्चों को भी अब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है, जो उनके समग्र विकास और आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन पहुंचे विंध्याचल धाम, बंगाल में पूर्ण बहुमत की सरकार होने का किया दावा

मीरजापुर। बुधवार को विंध्याचल देवी धाम पहुंचे बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की भारी जीत के साथ ही पूर्ण बहुमत की सरकार भी बनने का दावा किया है।
नगर विधायक रत्नाकर मिश्र के साथ मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन-पूजन करने के लिए पहुंचे बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने विधिपूर्वक मां विंध्यवासिनी देवी का दर्शन पूजन किया।
इस दौरान बंगाल चुनाव को लेकर उन्होंने बड़ा दावा करते हुए कहा बंगाल में पूर्ण बहुमत से बीजेपी की सरकार बनेगी। कहा दूसरे चरण के चुनाव में जनता ने बढ़-चढ़कर हिस्सा ले।
मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचें भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का जगह-जगह कार्यकर्ताओं ने भव्य स्वागत किया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनकी पहली तीर्थ यात्रा थी। उन्होंने मां विंध्यवासिनी देवी के चरणों में राष्ट्र की सुख-समृद्धि, शांति, विकास, सनातन धर्म की रक्षा और भाजपा संगठन को मजबूत करने का संकल्प लिया।
मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा "मां विंध्यवासिनी के दर्शन से ऊर्जा मिलती है। पश्चिम बंगाल में आज दूसरे चरण का मतदान है। जनता से अपील है, लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। भाजपा बंगाल में प्रचंड बहुमत से सरकार बनाने जा रही है।"
दर्शन पूजन के पश्चात बीजेपी नगर विधायक पं. रत्नाकर मिश्र ने होटल रत्नाकर में मां विंध्यवासिनी देवी की चुनरी व रक्षा सूत्र भेंट कर स्वागत उनका किया। बीजेपी राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से संवाद में कहा, "मां विंध्यवासिनी के आशीर्वाद से सनातन संस्कृति की रक्षा और संगठन को अजेय बनाएंगे।"
इस दौरान मझवां विधायक सुचिश्मिता मौर्य, मड़िहान विधायक रमाशंकर पटेल, जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज समेत कई पार्टी कार्यकर्ता, पदाधिकारी मौजूद रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने श्रीकाशी विश्वनाथ के दरबार में लगाई हाजिरी, बच्चों पर बरसाया प्यार, हरदोई रवाना
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन बुधवार सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में विधिवत हाजिरी लगाई। वैदिक मंत्रोंच्चार के बीच मंदिर के स्वर्णमंडित गर्भगृह में बाबा के पावन ज्योतिर्लिंग का षोडशोपचार पूजा,अभिषेक अर्चक ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने कराई। इस दौरान प्रधानमंत्री ने भी काशीपुराधिपति के प्रति अनुराग, श्रद्धाभाव दिखाते हुए मंत्रोंच्चार का उच्चारण किया और देश में सुख-समृद्धि की मंगल कामना की।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर परिसर में मौजूद शिवभक्तों का अभिवादन किया। काशी के 54वें दौरे पर आए प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर में 51 ब्राह्मणों की शंखध्वनि के बीच प्रवेश किया। इस दौरान हर-हर महादेव के जयकारे लगाए गए। धाम में डमरूओं के निनाद, बटुकों के शंखनाद के बीच मंदिर न्यास के अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत किया। काशी विश्वनाथ मंदिर में विधिवत दर्शन पूजन करने के बाद प्रधानमंत्री हरदोई जाने के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गए।

इसके पहले सुबह लगभग आठ बजे प्रधानमंत्री मोदी बरेका गेस्ट हाउस से श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए । प्रधानमंत्री बरेका गेस्ट हाउस से ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचे। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किलोमीटर की दूरी तय कर मंदिर पहुंचे। इस दौरान राह में भाजपा कार्यकर्ताओं और काशीवासियों ने ढोल, नगाड़ों, डमरू व शंखनाद के साथ ही गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर हर-हर महादेव एवं जय श्रीराम के उद्घोष के बीच अभूतपूर्व स्वागत किया। पूरे यात्रा मार्ग में लोगों ने फूल बरसाए। पूरे मार्ग में हर-हर महादेव और जय श्रीराम का उद्घोष होता रहा। गुलाब की पंखुड़ियों की वर्षा कर लोग प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत करते नजर आये। काशीवासियों का प्यार, दुलार और अपनत्व के भाव से अभिभूत पीएम मोदी खुद को रोक नहीं पाए और हाथ हिलाकर उनका अभिवादन स्वीकार करते आगे बढ़ते रहे।

दर्शन पूजन के बाद प्रधानमंत्री मोदी को भाजपा के स्थानीय नेताओं ने त्रिशूल और डमरू भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने त्रिशूल और डमरू दिखाकर शिवभक्तों के हर—हर महादेव के उद्घोष का अभिवादन किया। इस दौरान महापौर अशोक तिवारी,प्रदेश के कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर आदि भी मौजूद रहे।

प्रधानमंत्री मोदी ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन के बाद मंदिर चौक में दर्शन के लिए आए बच्चों पर प्यार लुटाया और उनसे बातचीत कर स्नेह से उनका सिर सहलाया। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे खिलाखिलाते दिखे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेरका से श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर तक के मेगा रोड शो में उमड़े लोग, पुष्पवर्षा के साथ शाही स्वागत
वाराणसी । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपने दो दिवसीय वाराणसी दौरे के अन्तिम दिन आज सुबह काशीपुराधिपति बाबा विश्वनाथ के स्वर्णिम दरबार में दर्शन-पूजन के लिए बरेका गेस्ट हाउस से निकले। प्रधानमंत्री का काफिला जैसे ही बरेका के मुख्यद्वार पर पहुंचा भाजपा कार्यकतार्आ ने प्रधानमंत्री मोदी का शाही अंदाज में विजेता नायक की तरह शंखध्वनि,पुष्पवर्षा के बीच भव्य स्वागत किया।

प्रधानमंत्री का काफिला श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के लिए बढ़ा तो राह में भाजपा कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़े बजाकर गगनभेदी मोदी—मोदी, नारेबाजी के बीच गुलाब की पंखुड़ियों की बौछार की। कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने जय-जय श्रीराम, हर-हर महादेव का उद्घोष किया। महिला कार्यकर्ताओं और नागरिकों का उत्साह देखकर प्रधानमंत्री का काफिला भी धीरे-धीरे आगे बढ़ता रहा।

प्रधानमंत्री ककरमत्ता आरओबी होते मंडुवाडीह चौराहा, फिर फुलवरिया फ्लाईओवर के रास्ते सेंट्रल जेल रोड के हॉकी चौराहा रोड शो करते हुए पहुंचें। यहां से जेपी मेहता तिराहा होते आंबेडकर चौराहा,कचहरी गोलघर होते पुलिस लाइन तिराहा आए। पुलिस लाइन तिराहा से मकबूल आलम रोड होते हुए चौकाघाट, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन के रास्ते लगभग 14 किमी दूरी तय कर मंदिर पहुंचें।

लगभग 14 किलोमीटर की दूरी में भाजपा वाराणसी जिला एवं महानगर इकाई ने पांच स्वागत प्वाइंट बनाए। हर स्वागत प्वाइंट पर सड़क के दोनों छोर पर खड़े नागरिकों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने वाहनों के काफिले में प्रधानमंत्री को देख मोदी-मोदी का गगनभेदी नारा भी लगाया। अपनी काशी के नागरिकों का दुलार और प्यार देख गदगद प्रधानमंत्री भी कभी हाथ जोड़कर तो कभी हाथ हिलाकर नागरिकों का अभिवादन स्वीकार करते रहे। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए पलक पांवड़े बिछाए कार्यकर्ता अलसुबह से स्वागत प्वाइंट पर डटे रहे।

राह में प्रधानमंत्री को देखने और उन पर पुष्पवर्षा के लिए महिलाएं और बच्चे भी अपने मकानों के छतों, बालकनी में उत्साहित दिखे। सड़क के किनारे बने बैरिकेडिंग में दोनों तरफ खड़े युवाओं,महिलाओं को देख प्रधानमंत्री ने भी हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन स्वीकार किया। लोग प्रधानमंत्री की एक झलक पाने के लिए बैरिकेडिंग में देर तक डटे रहे। इसके पहले प्रधानमंत्री के रोड शो के लिए मैदागिन से श्रीकाशी विश्वनाथ धाम तक ट्रैफिक जीरो किया गया। पैदल चलने वालों को भी सड़क के किनारे किया गया। सुबह सात बजे अपर पुलिस आयुक्त शिवहरी मीणा ने मैदागिन से काशी विश्वनाथ तक निरीक्षण किया। वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई गई । रोड शो के लिए रास्ता खाली कराया गया।
छेड़खानी केस में सुलह से इनकार पर वृद्धा पर जानलेवा हमला, दबंग ने घर में घुसकर बरसाया कहर
बहू से छेड़खानी का मुकदमा वापस लेने का बना रहा था दबाव, विरोध पर लाठी से हमला; वृद्धा गंभीर, बहू घायल।

बबलू प्रजापति पिहानी

पिहानी (हरदोई):कोतवाली क्षेत्र के हल्का नंबर एक अहेमी के मजरा गाजीपुर में छेड़खानी के मुकदमे में सुलह न करने पर दबंग द्वारा घर में घुसकर वृद्धा और उसकी बहू पर जानलेवा हमला करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना मंगलवार शाम करीब 7 बजे की बताई जा रही है।
जानकारी के अनुसार, पीड़िता रामवती (पत्नी राम सहाय) की बहू रुचि पाल के साथ सिमोर ग्राम पंचायत के मजरा गदनापुर निवासी  युवक महमूद द्वारा छेड़खानी की घटना पूर्व में हुई थी, जिस पर पिहानी कोतवाली में मुकदमा दर्ज है। आरोप है कि मुकदमे के बाद से ही आरोपी लगातार पीड़ित परिवार पर सुलह का दबाव बना रहा था और इंकार करने पर पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहा था।
ग्रामीणों के मुताबिक, मंगलवार को आरोपी महमूद ने घर में घुसकर लाठी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। इस हमले में वृद्धा रामवती के सिर पर गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ हो गईं, जबकि बहू रुचि पाल को भी चोटें आई हैं। घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायलों को उपचार के लिए भिजवाया। इस संबंध में कोतवाल छोटेलाल व हल्का इंचार्ज आशीष त्यागी ने बताया कि आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और मामले की जांच जारी है।
हरदोई-शिक्षा के मंदिर में ‘अस्मत’ और ‘अपमान’ की जंग, शिक्षिकाओं के तीखे पलटवार से सनबीम स्कूल विवाद में आया नया भूचाल
रितेश मिश्रा
हरदोई। न्यू सनबीम पब्लिक स्कूल से उठा विवाद अब महज एक प्रशासनिक खींचतान नहीं रह गया है, बल्कि यह आरोपों के उस दलदल में तब्दील हो चुका है जहाँ हर पक्ष दूसरे के चरित्र पर हमलावर है। कल तक जो मामला एक महिला अभिभावक के साथ बदसलूकी और दलित उत्पीड़न के इर्द-गिर्द घूम रहा था, आज स्कूल की तीन शिक्षिकाओं के 'स्त्री सम्मान' वाले पलटवार ने पूरे घटनाक्रम की चूलें हिला दी हैं। शिक्षिकाओं ने एक छात्रा के पिता पर चरित्रहीनता और छेड़खानी के सनसनीखेज आरोप लगाकर मामले को आर-पार की लड़ाई में बदल दिया है।
शिक्षिकाओं ने बेहद तल्ख लहजे में अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि संबंधित अभिभावक विद्यालय परिसर को अपनी 'अय्याशी' का अड्डा समझने की भूल कर रहा था। उनका सीधा आरोप है कि उक्त व्यक्ति केवल गंदी नीयत से उन्हें देखता ही नहीं था, बल्कि कई बार अनुचित तरीके से छूने और अभद्र व्यवहार करने की सीमाएं भी लांघ चुका है। शिक्षिकाओं का कहना है कि वे अब इस मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना को और बर्दाश्त नहीं करेंगी और इस मामले में पुलिस के पास जाकर कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित कराएंगी।
इधर, स्कूल की प्रबंधक ममता मिश्रा ने भी तेवर कड़े करते हुए कहा है कि वायरल वीडियो वाले दिन यानी 24 अप्रैल को विवाद की असली जड़ एक अभिभावक द्वारा किए गए अश्लील इशारे ही थे। प्रबंधन का दावा है कि जब इन हरकतों पर सख्ती दिखाई गई, तो मामले को दूसरा रंग देने की कोशिश की गई। हालांकि, उन्होंने स्वीकार किया कि उस दौरान आवेश में आकर महिला अभिभावक के लिए कुछ अनुचित शब्दों का प्रयोग हुआ था, जिसके लिए प्रबंधन ने तत्काल माफी भी मांग ली थी, लेकिन उस बात को आधार बनाकर पूरे स्कूल की साख को दांव पर लगाना सरासर गलत है।
दूसरी ओर, कानूनी कार्रवाई का पहिया भी तेजी से घूम रहा है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश के बाद प्रबंधक और प्रधानाचार्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश जारी हो चुके हैं। वहीं, पीड़िता नीलम वर्मा ने दलित उत्पीड़न और अभद्रता की धाराओं में केस दर्ज कराकर स्कूल प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अब मुकाबला दो तरफा एफआईआर और संगीन आरोपों के बीच है।
सवाल यह उठता है कि क्या वाकई शिक्षा के इस आंगन में महिला कर्मचारियों की अस्मत सुरक्षित नहीं थी? या फिर स्कूल प्रशासन पर दर्ज हुए मुकदमों के जवाब में शिक्षिकाओं के इन आरोपों को एक 'सुरक्षा कवच' के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है? हरदोई पुलिस की जांच अब इसी गुत्थी को सुलझाने की कोशिश करेगी कि इस पूरे विवाद में 'पीड़ित' कौन है और 'साजिशकर्ता' कौन।
यूपी : किन्नरों का ‘बधाई’ लेना कानूनी अधिकार नहीं, हाईकोर्ट ने याचिका खारिज की

* इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ का बड़ा फैसला, बिना कानूनी आधार धन वसूली को बताया अवैध

लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने किन्नरों द्वारा ‘बधाई’ के नाम पर धन वसूली को कानूनी अधिकार मानने से स्पष्ट इनकार कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी वैधानिक प्रावधान के किसी से धन लेना या वसूली करना अवैध है।
यह टिप्पणी करते हुए अदालत ने गोंडा निवासी किन्नर रेखा देवी की याचिका खारिज कर दी। याचिका में ‘बधाई’ वसूली के लिए क्षेत्रीय अधिकार तय करने और सीमांकन कराने की मांग की गई थी।
कोर्ट ने कहा कि केवल वर्षों पुरानी परंपरा या प्रथा का हवाला देकर किसी गतिविधि को कानूनी संरक्षण नहीं दिया जा सकता। जब किसी कार्य के लिए विधिक अधिकार ही मौजूद नहीं है, तो उसके लिए क्षेत्रीय सीमांकन या अधिकार क्षेत्र निर्धारित करने का प्रश्न भी नहीं उठता।
अदालत ने साफ किया कि किसी भी प्रकार की वसूली केवल कानून के दायरे में ही संभव है। परंपरा के नाम पर धन लेने को वैध अधिकार नहीं माना जा सकता। इस फैसले के साथ हाईकोर्ट ने बधाई वसूली के लिए क्षेत्र बांटने की मांग भी सिरे से खारिज कर दी।
बाबा रामदेव ने भारतीय आयुर्वेद को दिलाई वैश्विक पहचान : ज्ञान प्रकाश सिंह

लखनऊ। बाबा रामदेव आधुनिक भारत में योग, प्राणायाम और आयुर्वेद के सबसे प्रमुख प्रचारक हैं, जिन्होंने आम जनता को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने पतंजलि योगपीठ के माध्यम से योग को घर-घर पहुँचाया और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देकर भारतीय आयुर्वेद को वैश्विक पहचान दिलाई। लखनऊ में विश्व प्रसिद्ध योग एवं आयुर्वेद गुरु बाबा रामदेव से मुलाकात कर उनके सानिध्य और आशीर्वाद प्राप्त करने के बाद पत्रकारों से बात करते हुए जौनपुर के प्रख्यात समाजसेवी तथा वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह ने उपरोक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि योग शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बाबा रामदेव ने योग के महत्व को घर-घर तक पहुंचाया। उन्होंने कहा कि  भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग दिवस का प्रस्ताव रखा था। उन्हीं के प्रस्ताव पर 21 जून,2015 से विश्व योग दिवस की शुरुआत हुई।
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक संपन्न, ₹820 करोड़ की सड़क परियोजनाओं सहित 15 प्रस्तावों पर मुहर

W.P.(S) No.-4299/2024 सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-05.08.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 192/2025, सुदर्शन महतो एवं अन्य बनाम झारखण्ड राज्य एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है के नियमित सेवा के रूप में की गयी सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "Construction of Elevated road/Flyover at Argora Chowk from Harmu (Near KAV's Restaurant) to Dibdih Bridge (Near Sailor's Knot Restaurant) with legs toward Kathal More (Chaputoli) and Towards Ashok Nagar (Near Road No. 3) including service road (कुल लंबाई-3.804 कि०मी०) (भू-अर्जन, युटिलिटी शिफ्टिंग एवं R&R सहित)" हेतु रू० 469,62,12,300/- (चार सौ उनहत्तर करोड़ बासठ लाख बारह हजार तीन सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य राजमार्ग प्राधिकार के माध्यम से "करमटोली से साईंस सिटी फ्लाईओवर (सर्विस पथ सहित) (कुल लम्बाई-3.216 कि०मी०) निर्माण कार्य (भू-अर्जन, R&R, युटिलिटी शिफ्टींग, वनरोपन एवं बागवानी सहित)" हेतु रू० 351,14,44,800 /- (तीन सौ इक्यावन करोड़ चौदह लाख चौवालीस हजार आठ सौ) मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई।

राज्य स्कूल मानक प्राधिकरण (State School Standard Authority) के गठन की स्वीकृति दी गई।

मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सेतु योजना के तहत पथ एवं पुल निर्माण की स्वीकृति दी गई।

दिनांक-13.07.2024 को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में W.P. (S) No.- 1298/2023 अनिल कुमार सिंह एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में पारित AWARD के आलोक में जिन वादियों की नियमित सेवा 10 वर्ष से कम है, के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

W.P.(S) No.- 4501/2024 प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-24.10.2024 को पारित न्यायादेश एवं Contempt Case (Civil) No. 347/2025, प्रभाकर सारंगी एवं अन्य बनाम झारखण्ड सरकार एवं अन्य में दिनांक-12.12.2025 को पारित न्यायनिर्णय के आलोक में वादी श्री प्रभाकर सारंगी, सेवानिवृत कोषरक्षक-सह-चौकीदार, लघु सिंचाई प्रमंडल, गुमला एवं 24 अन्य के नियमित सेवा के रूप में की गई सेवा में दैनिक वेतनभोगी के रूप में कार्यरत अवधि को जोड़कर पेंशनादि की स्वीकृति दी गई।

राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, पलामू के अंतर्गत GEC Palamu Innovation and Incubation Centre Foundation की स्थापना करने, उक्त Foundation अन्तर्गत 04 Centre of Excellences (CoEs) का संचालन करने तथा उक्त हेतु कुल पाँच (05) वर्षों में कुल रूपये 22,97,31,238/-(बाईस करोड़ सत्तानवे लाख इकतीस हजार दो सौ अड़तीस रुपये) मात्र के अनुमानित व्यय की स्वीकृति दी गई।

L.P.A. No.-346/2017 The State of Jharkhand Vs Ram Bali Das & Ors. एवं L.P.A. No.-509/2017 The State of Jharkhand Vs Maini Devi में माननीय झारखण्ड उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-12.01.2023 को पारित Common न्यायादेश के अनुपालन एवं विद्वान महाधिवक्ता से प्राप्त मंतव्य के आलोक में श्री रामबली दास, श्री उपेन्द्र शर्मा एवं श्रीमती मैनी देवी झारखण्ड सरकार के अधीनस्थ अनियमित रूप से नियुक्त एवं कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मियों की सेवा नियमितीकरण की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य एवं अन्य बनाम प्रदीप कुमार में माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 14.11.2025 को पारित न्यायादेश के अनुपालन में श्री प्रदीप कुमार, सेवानिवृत भा०व०से० पदाधिकारी (झा०-82) को प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) के वेतनमान (पे मैट्रिक्स लेवल-17) में पेंशन एवं परिणामी लाभों के निर्धारण की स्वीकृति दी गई।

झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा नियमावली-2026 की घटनोत्तर स्वीकृति दी गई।

झारखंड राज्य के गढ़वा जिला अंतर्गत "श्री बंशीधर नगर" अनुमंडल के नाम में आंशिक संशोधन करते हुए "श्री बंशीधर नगर उंटारी" के रूप में प्रतिस्थापित किए जाने की स्वीकृति दी गई।

राज्य में AI Innovation एवं Adoption को गति प्रदान करने के लिए Google LLC के साथ MoU करने की स्वीकृति दी गई।

विभागीय अधिसूचना सं०-3842/रा०, दिनांक-24.11.2023 में प्रथम संशोधन की स्वीकृति दी गई।

झारखण्ड राज्य के अनुसूचित जनजाति के अधिकतम 20, अनुसूचित जाति के अधिकतम 10, पिछड़ा वर्ग के अधिकतम 14 एवं अल्पसंख्यक के अधिकतम 06 कुल अधिकतम 50 (पचास) प्रतिभावान छात्र/छात्राओं को चयनित कर प्रत्येक वर्ष विदेश में स्थित चयनित अग्रणी विश्वविद्यालयों/संस्थानों के चयनित कोर्स (Course) में उच्च स्तरीय शिक्षा यथा 01 (एक) वर्षीय मास्टर्स (Masters) हेतु छात्रवृति सहायता प्रदान करने की स्वीकृति दी गई।*

हेमन्त कैबिनेट का बड़ा फैसला: आपदा में अनुग्रह राशि बढ़ी, प्रक्रिया होगी सरल

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की अध्यक्षता में आज झारखंड मंत्रालय में झारखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकार की समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में कई मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में लिए गए महत्वपूर्ण निर्णय किस प्रकार हैं : -

अदर डिजास्टर मैनेजमेंट प्रोग्राम (ODMP) योजना अंतर्गत जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकार के अधीन कार्यरत क्षमता संवर्धन पदाधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन पदाधिकारी की सेवा अवधि विस्तार को संपुष्टि प्रदान की गई एवं वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु सेवा अवधि का विस्तार किए जाने की स्वीकृति दी गई।

विभिन्न प्रकार के चिन्हित विशिष्ट स्थानीय आपदा में मृत व्यक्तियों के आश्रितों को प्रदान किए जाने वाले अनुग्रह अनुदान की प्रक्रिया को सरल बनाने हेतु सहमति दी गई, इस निमित्त मृतक के आश्रितों को उनके गृह जिला के उपायुक्त द्वारा घटना का सत्यापन प्राप्त कर अनुग्रह राशि प्रदान की जाएगी।

अनुग्रह अनुदान की राशि के दोहरे भुगतान को नियंत्रित करने के उद्देश्य से सत्यापन कार्य अनिवार्य किए जाने पर सहमति दी गई, साथ ही यह निर्णय लिया गया कि राज्य सरकार अथवा भारत सरकार की योजनाओं के अंतर्गत बीमित व्यक्ति या तो आपदा प्रबंधन अंतर्गत अनुग्रह अनुदान की राशि अथवा भारत सरकार/राज्य सरकार द्वारा आच्छादित बीमा की राशि में से एक प्राप्त कर सकेंगे।

सड़क दुर्घटना के अनुग्रह राशि बढ़ाने के संबंध में निर्णय : - विशिष्ट स्थानीय आपदा अंतर्गत चिन्हित अन्य आपदा अंतर्गत मृत व्यक्ति के आश्रितों के समरूप सड़क दुर्घटना में मृतक व्यक्ति के आश्रित को भी 4 लाख रुपए दिए जाने का निर्णय लिया गया। उल्लेखनीय है कि पूर्व में यह राशि मात्र एक लाख रुपए थी।

युवा आपदा मित्र स्कीम जो दुमका गोड्डा, पाकुड़ एवं साहिबगंज जिले में कार्यान्वित किया जा रहा है। इस स्कीम से जुड़े स्वयंसेवकों का डेटाबेस तैयार करने और उसे इमरजेंसी रिस्पांस सपोर्ट सिस्टम (ERSS) से सम्बध करने का निर्णय लिया गया जिससे की आवश्यकता के समय आसानी से युवा आपदा मित्रों की सेवा ली जा सकेगी। इस संदर्भ में मुख्यमंत्री ने SOP बनाने एवं कार्य लेने के दौरान उन्हें कुछ भत्ता प्रदान करने का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया।

राज्य में पानी में डूबने से होने वाली मृत्यु की संख्या को ध्यान में रखकर संप्रति-48, गोताखोरों को चिन्हित कर प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव पर घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। बैठक में मुख्यमंत्री ने गोताखोरों की संख्या को बढ़ाने पर बल देते हुए पुलिस जवान/गृहरक्षकों को सम्मिलित किए जाने के साथ-साथ महिलाओं को भी शामिल किए जाने को लेकर कार्य योजना बनाने का निर्देश दिया।

बैठक में राज्य के आपदा प्रबंधन मंत्री डॉ० इरफान अंसारी, मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, अपर मुख्य सचिव श्री अजय कुमार सिंह, सचिव श्री प्रशांत कुमार, सचिव श्रीमती विप्रा भाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।*

CM हेमन्त सोरेन ने राष्ट्रीय विजेता छात्रों को दी बधाई

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने मुंबई में आयोजित नेशनल वर्ड पावर चैंपियनशिप 2025-26 में झारखण्ड के स्टूडेंट्स (कक्षा 2 से 5) के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने कहा यह अत्यंत गर्व का विषय है कि झारखण्ड के नन्हें स्टूडेंट्स ने राष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर राज्य को गौरवान्वित किया है। राज्य स्तरीय प्रतियोगिता से निकलकर मुंबई में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना और वहां अपनी योग्यता साबित करना राज्य में शिक्षा की मजबूत नींव को दर्शाता है। मैं इस उपलब्धि के लिए सभी सफल छात्र-छात्राओं को अपनी शुभकामनाएं देता हूं।

साथ ही मैं उन समर्पित शिक्षकों और अभिभावकों की भी सराहना करता हूं, जिनके मार्गदर्शन और सहयोग से यह सफलता संभव हुई है। झारखण्ड सरकार बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने और हमारे बच्चों को वैश्विक स्तर के अवसर प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मुझे विश्वास है कि ये बच्चे भविष्य में और भी ऊंचाइयों को छुएंगे और पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बनेंगे।

बच्चों ने अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया

झारखण्ड के बच्चों ने राज्य स्तरीय फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी (FLN) चैंपियनशिप जीतने के बाद 22 अप्रैल 2026 को मुंबई में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लिया और अपनी अंग्रेजी दक्षता का लोहा मनवाया।

झारखण्ड शिक्षा परियोजना परिषद और राज्य के इंग्लिश लिटरेसी पार्टनर LeapForWord के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य प्राथमिक स्तर कक्षा 2 से 5 के बच्चों में बुनियादी शिक्षा को सुदृढ़ करना है।

सरकारी स्कूलों की बदलती तस्वीर

राज्य के सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय रैंकिंग हासिल कर यह सिद्ध कर दिया है कि यदि उन्हें सही मार्गदर्शन और संसाधन मिलें, तो वे किसी भी वैश्विक चुनौती का सामना कर सकते हैं। सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के दूरस्थ जिलों के बच्चों को भी अब राष्ट्रीय स्तर का मंच मिल रहा है, जो उनके समग्र विकास और आत्मविश्वास के लिए मील का पत्थर साबित होगा।