माघी पूर्णिमा पर अरैल सेक्टर-7 में ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति का सेवा भाव से भंडारा

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को अरैल सेक्टर-7 में ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति द्वारा भंडारे का आयोजन श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया।भण्डारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।भण्डारे के उपरांत पधारे संत-महात्माओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन प्रकाश अरोड़ा के नेतृत्व में किया गया जिसमें सामाजिक सहभागिता एवं धार्मिक समरसता का संदेश देखने को मिला।

आयोजन के दौरान ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति के अध्यक्ष नागेन्द्र पाण्डेय दिलीप मालवीय पीके त्रिपाठी सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु रही और लोगो ने समिति के इस सेवा कार्य की सराहना की।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
भारत और नेपाल सदैव से रही है साहित्यिक और सांस्कृतिक समानता–महापौर

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।शहर के हिन्दुस्तानी एकेडमी में रविवार को भारत की साहित्यिक संस्था राष्ट्रीय कवि संगम और नेपाल की संस्था गुगुड्डी वाङ्मय के संयुक्त तत्वावधान में अन्तरराष्ट्रीय काव्य महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ अनिल सिंह भदोरिया की उपस्थिति रही। दीप प्रज्वलन के बाद प्रारंभ हुए कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन डॉक्टर शंभू नाथ त्रिपाठी अंशुल ने किया। बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में महापौर ने कहा कि भारत और नेपाल की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा लगभग एक ही है इस तरह के आयोजनो से विश्व बंधुत्व की स्थापना होती है।

प्रयागराज में साहित्य तीर्थ की स्थापना हो रही है यह हमारे लिए लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक अमित शर्मा आनन्द को बधाई भी दी।अतिथियों और रचनाकारों का स्वागत राष्ट्रीय कवि संगम प्रयागराज के जिला अध्यक्ष डॉ संतोष शुक्ला समर्थ ने किया आभार ज्ञापन प्रांतीय संरक्षक प्रतिमा मिश्रा ने किया कार्यक्रम का संचालन युवा कवि राष्ट्रीय कवि संगम के जिला मंत्री सुधांशु शुक्ला ने किया।कार्यक्रम में नेपाल से आए रचनाकारों खिमानन्द बडू केशव भट्ट सृजन वीरवहादुर चन्द विस्राम के अलावा उत्तर प्रदेश और देश भर से आए लगभग पच्चास रचनाकारों ने काव्य पाठ किया और उन्हें सम्मानित किया।समारोह में डॉ इंदु जौनपुरी मनीष पाण्डेय सौरभश्री दिव्यांशु उपाध्याय जगदीश कौर बालकृष्ण पाण्डेय निखिलेश मालवीय उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी

राष्ट्रीय सफलता से अन्तरराष्ट्रीय मंच तक—पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप मलेशिया के लिए चयन

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।दिव्यांगजन सशक्तिकरण खेल प्रतिभा और मानवीय संकल्प के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रयागराज स्थित नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर के विशेष शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी ने पैरा डार्ट्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप 2026 जो 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को कानपुर (उत्तर प्रदेश) में सम्पन्न हुई ,में डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 120 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया जहाँ डॉ.त्रिपाठी ने अपने कौशल एकाग्रता और अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।उनके इसी शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन स्कॉटलैंड द्वारा आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप(मलेशिया) के लिए उनका चयन किया गया है। इस प्रकार डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगे जो न केवल प्रयागराज और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन के महासचिव महेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ.त्रिपाठी का चयन उनकी निरंतर साधना अनुकरणीय अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का प्रतिफल है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेगे।डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी केवल एक सफल खिलाड़ी ही नही बल्कि दिव्यांगजनो के मार्गदर्शक प्रेरक और सशक्तिकरण के संवाहक भी है।वे सदैव इस संकल्प के साथ कार्यरत हैं कि सभी दिव्यांगजन शैक्षिक एवं खेल दोनों ही क्षेत्रो में समान अवसर प्राप्त कर विश्व मंच पर आगे बढ़ें।उनका प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न होकर दिव्यांगजनो को आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निरन्तर समर्पित है।

शैक्षणिक जगत में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका और खेल के मैदान में यह उपलब्धि डॉ.त्रिपाठी की बहुआयामी प्रतिभा दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय संवेदना को सशक्त रूप से रेखांकित करती है।उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार प्रयागराज जनपद एवं समस्त उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उन असंख्य दिव्यांगजनो के लिए आशा साहस और प्रेरणा का संदेश है।विश्वास है कि डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी का यह अन्तरराष्ट्रीय पदार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक नई राह प्रशस्त करेगा और आने वाली पीढ़ियो को शिक्षा खेल और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

प्रोफेसर राजेंद्र सिंह "रज्जू भैया" की 105वी में जयंती पर आयोजित हुआ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं रक्तदान शिविर

सुल्तानपुर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यालय रज्जू भैया सदन, लवकुश नगर सुल्तानपुर में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया के 105वे जन्मदिवस पर सुंदरकांड का पाठ के साथ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं जन सेवा न्यास वाराणसी के तत्वाधान में रक्तदान शिविर का आयोजन विभाग संघचालक डॉक्टर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया इस अवसर पर जिले के प्रसिद्ध विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर ने निशुल्क उपचार एवं परामर्श दिया, एवं सैकड़ो स्वयंसेवकों ने रक्तदान दिया।

डॉ राधाकृष्णन जी द्वारा सभी स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया गया कि रज्जू भैया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक के रूप में हम सबका मार्गदर्शन कई वर्षों तक किया ,उन्होंने प्रो0 रज्जू भैया के जीवन कई कहानियों का वर्णन करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके त्याग और समर्पण को याद किया

एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने रज्जू भैया के चित्र पर पुष्पार्चन किया।

इस अवसर पर प्रांत के ग्राम विकास संयोजक डॉ रमाशंकर पांडे, सह प्रांत शारीरिक प्रमुख गोकुल , विभाग प्रचारक प्रकाश , जिला प्रचारक आशीष ,नगरसंचालक अमरपाल ,सहनगर संघचालक सुदीप पाल , अजय , प्रवीण अग्रवाल , सुशील त्रिपाठी सहित जिले के सैकड़ो सम्मानित स्वयंसेवकों के साथ चिकित्सा शिविर में डॉ संजय सिंह डॉ रविंद्र यादव डॉक्टर सलिल कुमार श्रीवास्तव ,डॉक्टर आर के मिश्रा, डॉ पवन कुमार सिंह, डॉक्टर सौरभ चतुर्वेदी, डॉक्टर डीपी सिंह, बृजेश त्रिपाठी, विजय चौधरी ने अपना विशिष्ट योगदान दिया।

स्पोर्ट्स स्टेडियम के चारों ओर सड़क निर्माण व चौड़ीकरण कार्य का चेयरमैन ने किया स्थलीय निरीक्षण
बलरामपुर।नगर क्षेत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम के चारों ओर चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य का आज नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने राजकीय ठेकेदार रूपेश ओझा के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता,प्रगति एवं निर्धारित मानकों का गहन अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चेयरमैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान जहाँ-जहाँ क्रॉस (पानी के आवागमन हेतु नालियों/पाइपों का प्रावधान) आवश्यक है,वहाँ उनका समुचित निर्माण सुनिश्चित किया जाए,ताकि बरसात के समय जलनिकासी में किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो। इसके साथ ही उन्होंने दिक्षित चौराहे के चौड़ीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वाहनों के आवागमन में सुगमता आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी। डॉ.धीरू ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों व ठेकेदार को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल आवागमन का साधन नहीं,बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। चेयरमैन ने कहा,“जनहित में सुव्यवस्थित,सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क निर्माण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरवासियों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना नगर पालिका की जिम्मेदारी है,जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया जा रहा है।”निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य हटाए गये,डॉ बीना सिंह बनीं कार्यवाहक प्रधानाचार्य

चूहों और कुत्तों के वीडियो सामने आने के बाद हुई कार्यवाही

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को प्रिंसिपल के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है,यह कार्रवाई वार्डों में चूहों और कुत्तों के घूमने का वीडियो वायरल होने के बाद की गई है।डॉ बीना सिंह को मेडिकल कॉलेज का कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है।प्रोफेसर कोटास्थाने को उनके मूल पद विभागाध्यक्ष पैथालॉजी विभाग,गोंडा मेडिकल कॉलेज में वापस भेज दिया गया है।यह निर्णय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया,जिसका गठन वायरल वीडियो के सामने आने के बाद किया गया था।डॉ बीना सिंह वर्तमान में स्वशासी मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री विभाग की आचार्य हैं जिन्हें अब यहां का कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है।

मेडिकल कॉलेज में अभी तक कोई स्थाई प्रिंसिपल नियुक्त नहीं किया गया है और यह कार्यवाहक प्रधानाचार्य की अगुआई में ही संचालित हो रहा है।वायरल वीडियो के कारण गोंडा मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश ही नहीं,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हुई थी।इस घटना के बाद से ही प्रिंसिपल पर कार्रवाई की अटकलें लगाई जा रही थी।पोर्टल ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था,जिसके संज्ञान में आने के बाद शासन ने जांच कमेटी का गठन किया।कमेटी ने बीते दिनों मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वायरल वीडियो से संबंधित जांच भी किया था।

शासन के इस फैसले का मेडिकल कॉलेज में तैनात कई कर्मचारियों और डाक्टरों ने स्वागत किया है।उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद भी दिया है।वहीं जिला प्रशासन द्वारा धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को रिलीव करते हुए उनको उनके मूल पद पर भेज दिया गया है तथा नव मनोनीत कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण विकास के साथ सनातन धर्म का प्रसार करनेवाले पीठाधीश्वर रिंकू महाराज का सम्मान

जौनपुर। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन द्वारा आज गुरुजी ग्रामीण विकास के साथ-साथ अमेरिका तक सनातन धर्म का प्रसार करने वाले बड़कू हनुमान जी महाराज मंदिर एवं पीठाधीश्वर रिंकू महाराज का पुरेव स्थित हनुमान मंदिर पर सम्मान किया गया। इस अवसर पर थाना प्रभारी जलालपुर गजानन चौबे, समाजसेवी रामजी उपाध्याय, हरिवंश उपाध्याय उपस्थित रहे। राहुल एजुकेशन की तरफ से वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने धार्मिक स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। रिंकू महाराज और उनके परिवार के 156 लोग अमेरिका रहते हैं।

12 वर्ष की उम्र में अध्यात्म से जुड़ने वाले रिंकू महाराज ने सनातन धर्म के प्रसार के साथ ग्रामीण विकास का संकल्प लेकर सेवा भावना के साथ लगातार काम कर रहे हैं। 38 वर्षीय अविवाहित संत रिंकू महाराज राजनीति से परहेज नहीं करते। उनका मानना है कि अगर आपको जनता से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करना है और गांवों का विकास करना है तो राजनीति एक सशक्त माध्यम है। रिंकू महाराज ने अमेरिका में 108 ताकतवर लोगों को ट्रस्टी बनाया है, जिसमें राजेश अग्रवाल , डॉ रीता अग्रवाल जैसे प्रख्यात उद्योगपति शामिल हैं। गांव में उन्होंने राजाराम हॉस्पिटल की स्थापना की है, जिसमें आम मरीजों को 50% डिस्काउंट पर इलाज की सुविधा है। किसानों को लेकर रिंकू महाराज के पास अनेक दूरदर्शी योजनाएं हैं।

हर गांव में कोल्ड स्टोर की स्थापना से लेकर हर घर में लघु उद्योग की स्थापना करना उनका मिशन है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुद्रा दायिनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना तथा उनके निर्यात के लिए समुचित संसाधनों का उपयोग किया उनकी दूरदर्शी योजनाओं में शामिल है। ग्रामीण विकास को लेकर अपने दूरदर्शी योजनाओं क्रियान्वित करने के लिए वे विधानसभा चुनाव में भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
सीएमओ के तबादले की मांग, आशाओ का धरना जारी


फर्रुखाबाद।आशा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन अब तेज हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर बीते 15 दिसंबर से चल रहे इस धरने में अब सीएमओ के तबादले की मांग को प्रमुखता दी जा रही है।

अभद्र व्यवहार का आरोप और नारेबाजी सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर भारी संख्या में एकत्रित हुई आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। संगठन का आरोप है कि सीएमओ ने उनके लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था, जिससे उनमें भारी रोष है। इस घटना के विरोध में उन्होंने पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा था और सीएमओ का घेराव भी किया था। बताते हैं कि विरोध बढ़ने के बाद सीएमओ अवकाश पर चले गए, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और एकमुश्त धनराशि
प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं की मांगों की सूची लंबी है, लेकिन उनकी प्रमुख मांग उन्हें 'राज्य कर्मचारी' का दर्जा दिया जाना है। इसके अलावा, वे एकमुश्त धनराशि (फिक्स वेतन/मानदेय) प्रदान करने और अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की मांग कर रही हैं।
जब तक मांगें पूरी नहीं, तब तक आंदोलनआशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यह आंदोलन केवल आश्वासन से खत्म नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सीएमओ का तबादला नहीं होता और उनकी राज्य कर्मचारी के दर्जे सहित सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, उनका धरना अनवरत जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।
माघी पूर्णिमा पर अरैल सेक्टर-7 में ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति का सेवा भाव से भंडारा

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर रविवार को अरैल सेक्टर-7 में ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति द्वारा भंडारे का आयोजन श्रद्धा और सेवा भाव के साथ किया गया।भण्डारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया।भण्डारे के उपरांत पधारे संत-महात्माओं को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम का आयोजन प्रकाश अरोड़ा के नेतृत्व में किया गया जिसमें सामाजिक सहभागिता एवं धार्मिक समरसता का संदेश देखने को मिला।

आयोजन के दौरान ग्रामीण जागृति शिक्षा समिति के अध्यक्ष नागेन्द्र पाण्डेय दिलीप मालवीय पीके त्रिपाठी सहित सैकड़ो की संख्या में श्रद्धालु एवं क्षेत्रीय नागरिक उपस्थित रहे।पूरे कार्यक्रम के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु रही और लोगो ने समिति के इस सेवा कार्य की सराहना की।

एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्टो ने तीन मरीजो को दिया नया जीवन।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।एसआरएन अस्पताल के युवा कार्डियोलॉजिस्ट डॉ.विमल निषाद डॉ.वैभव श्रीवास्तव और डॉ.ऋषिका पटेल ने जटिल हृदय रोगों से पीड़ित तीन मरीजों का सफल इलाज कर उन्हें नया जीवन दिया।

पहला मरीज 58 वर्षीय पुरुष है जो कोरांव के निवासी है।वे ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन से पीड़ित थे, लेकिन हृदय में 32 मिमी के छेद (एएसडी) के कारण कोई भी सर्जन उन्हें ऑपरेशन के लिए तैयार नहीं था, क्योंकि मरीज हाई कार्डियक रिस्क में था।पिछले एक वर्ष से वे लगातार परेशान थे। डॉक्टरों की टीम ने बिना किसी सर्जिकल चीड़-फाड़ के 40 मिमी के डिवाइस से हृदय का छेद सफलतापूर्वक बंद किया। अब एएसडी क्लोज़र हो जाने के बाद तीन महीने के भीतर मरीज का ब्लैडर आउटलेट ऑब्स्ट्रक्शन का ऑपरेशन सुरक्षित रूप से किया जा सकेगा।दूसरी मरीज फूलपुर की 52 वर्षीय महिला हैं, जिनके हृदय में 31 मिमी का छेद था। इसके कारण उनका दाहिना हृदय फेल हो चुका था और लीवर में कंजेशन की वजह से गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो रही थीं। डॉक्टरों ने दाहिनी जांघ की मोटी नस के माध्यम से 38 मिमी के डिवाइस से बिना चीड़-फाड़ के हृदय का छेद बंद किया। दोनों मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ हैं। चिकित्सकों के अनुसार 3 से 6 महीनों में राइट हार्ट फेल्योर और लीवर की स्थिति में भी स्पष्ट सुधार होगा।इसके अलावा 25 वर्षीय युवक जो जारी का निवासी है पिछले तीन वर्षों से सांस फूलने और दिल की धड़कन से परेशान था तथा पिछले तीन महीनों से टीबी की दवाएं ले रहा था।कुम्भ मेले में अपनी मां के साथ कल्पवास के दौरान अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसे हार्ट फेल्योर की स्थिति में एस आर एन अस्पताल लाया गया।जांच में टीबी की पुष्टि नहीं हुई, बल्कि मरीज में गम्भीर माइट्रल स्टेनोसिस पाई गई,जिससे हृदय का बायां वाल्व सिकुड़ गया था।मोती लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.वी.के. पांडेय ने आर्थिक सहायता प्रदान कर मरीज का बैलून माइट्रल वॉल्वोटॉमी निःशुल्क कराया। सफल उपचार के बाद युवक की हालत में तेजी से सुधार हुआ।वर्तमान में तीनों मरीज स्वस्थ हैं और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।

जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल: असरफी ने एनजेएस तेलीबाग को हराकर ट्रॉफी पर जमाया कब्ज़ा
लखनऊ। जिज्ञासा कप सीजन-1 का फाइनल मुकाबला आज एनजेएस तेलीबाग और असरफी टीम के बीच खेला गया। रोमांच से भरपूर इस मुकाबले में असरफी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी असरफी की टीम ने कसी हुई गेंदबाजी का शानदार नमूना पेश किया। असरफी के गेंदबाजों के आगे एनजेएस तेलीबाग की पूरी टीम 135 रन पर सिमट गई। एनजेएस तेलीबाग की ओर से आशुतोष पांडे ने 28 गेंदों में 37 रन और आयुष पासवान ने 23 गेंदों में 25 रन की अहम पारी खेली।

असरफी की गेंदबाजी में आशुतोष सिंह ने घातक प्रदर्शन करते हुए 4 विकेट झटके, जबकि मो. वैस ने भी 2 विकेट हासिल कर विपक्षी टीम पर दबाव बनाए रखा। लक्ष्य का पीछा करने उतरी असरफी की टीम ने संघर्षपूर्ण अंदाज में खेलते हुए 9 विकेट खोकर 136 रन बनाए और मुकाबला जीतकर जिज्ञासा कप सीजन-1 की चैंपियन बनी।

*मैन ऑफ द मैच*

आशुतोष सिंह
(शानदार गेंदबाजी प्रदर्शन – 4 विकेट)
भारत और नेपाल सदैव से रही है साहित्यिक और सांस्कृतिक समानता–महापौर

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।शहर के हिन्दुस्तानी एकेडमी में रविवार को भारत की साहित्यिक संस्था राष्ट्रीय कवि संगम और नेपाल की संस्था गुगुड्डी वाङ्मय के संयुक्त तत्वावधान में अन्तरराष्ट्रीय काव्य महोत्सव एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में महापौर उमेश चंद्र गणेश केसरवानी तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ अनिल सिंह भदोरिया की उपस्थिति रही। दीप प्रज्वलन के बाद प्रारंभ हुए कार्यक्रम के प्रथम सत्र का संचालन डॉक्टर शंभू नाथ त्रिपाठी अंशुल ने किया। बतौर मुख्य अतिथि अपने उद्बोधन में महापौर ने कहा कि भारत और नेपाल की साहित्यिक और सांस्कृतिक परंपरा लगभग एक ही है इस तरह के आयोजनो से विश्व बंधुत्व की स्थापना होती है।

प्रयागराज में साहित्य तीर्थ की स्थापना हो रही है यह हमारे लिए लिए बहुत बड़ी उपलब्धि होगी।उन्होंने कार्यक्रम के संयोजक अमित शर्मा आनन्द को बधाई भी दी।अतिथियों और रचनाकारों का स्वागत राष्ट्रीय कवि संगम प्रयागराज के जिला अध्यक्ष डॉ संतोष शुक्ला समर्थ ने किया आभार ज्ञापन प्रांतीय संरक्षक प्रतिमा मिश्रा ने किया कार्यक्रम का संचालन युवा कवि राष्ट्रीय कवि संगम के जिला मंत्री सुधांशु शुक्ला ने किया।कार्यक्रम में नेपाल से आए रचनाकारों खिमानन्द बडू केशव भट्ट सृजन वीरवहादुर चन्द विस्राम के अलावा उत्तर प्रदेश और देश भर से आए लगभग पच्चास रचनाकारों ने काव्य पाठ किया और उन्हें सम्मानित किया।समारोह में डॉ इंदु जौनपुरी मनीष पाण्डेय सौरभश्री दिव्यांशु उपाध्याय जगदीश कौर बालकृष्ण पाण्डेय निखिलेश मालवीय उपस्थित रहे।

उत्तर प्रदेश का गौरव बने प्रयागराज के डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी

राष्ट्रीय सफलता से अन्तरराष्ट्रीय मंच तक—पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप मलेशिया के लिए चयन

संजय द्विवेदी, प्रयागराज।दिव्यांगजन सशक्तिकरण खेल प्रतिभा और मानवीय संकल्प के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के लिए यह अत्यंत गर्व और हर्ष का विषय है कि प्रयागराज स्थित नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर के विशेष शिक्षा विभाग में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी ने पैरा डार्ट्स के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि अर्जित की है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन द्वारा आयोजित राष्ट्रीय स्तरीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप 2026 जो 31 जनवरी एवं 1 फरवरी 2026 को कानपुर (उत्तर प्रदेश) में सम्पन्न हुई ,में डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी ने उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हुए उत्कृष्ट एवं प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से 120 से अधिक दिव्यांग खिलाड़ियों ने प्रतिभाग किया जहाँ डॉ.त्रिपाठी ने अपने कौशल एकाग्रता और अनुशासन से सभी का ध्यान आकर्षित किया।उनके इसी शानदार प्रदर्शन के परिणामस्वरूप वर्ल्ड डिसेबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन स्कॉटलैंड द्वारा आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय पैरा डार्ट्स चैंपियनशिप(मलेशिया) के लिए उनका चयन किया गया है। इस प्रकार डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी अब वैश्विक मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व करेगे जो न केवल प्रयागराज और उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।इंडियन डिसएबिलिटी डार्ट्स एसोसिएशन के महासचिव महेन्द्र सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि डॉ.त्रिपाठी का चयन उनकी निरंतर साधना अनुकरणीय अनुशासन और उत्कृष्ट खेल प्रदर्शन का प्रतिफल है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि डॉ. त्रिपाठी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी अपने प्रदर्शन से राष्ट्र का नाम गौरवान्वित करेगे।डॉ.दीपक कुमार त्रिपाठी केवल एक सफल खिलाड़ी ही नही बल्कि दिव्यांगजनो के मार्गदर्शक प्रेरक और सशक्तिकरण के संवाहक भी है।वे सदैव इस संकल्प के साथ कार्यरत हैं कि सभी दिव्यांगजन शैक्षिक एवं खेल दोनों ही क्षेत्रो में समान अवसर प्राप्त कर विश्व मंच पर आगे बढ़ें।उनका प्रयास केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों तक सीमित न होकर दिव्यांगजनो को आत्मनिर्भर आत्मविश्वासी और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के योग्य बनाने की दिशा में निरन्तर समर्पित है।

शैक्षणिक जगत में विशेष शिक्षा के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका और खेल के मैदान में यह उपलब्धि डॉ.त्रिपाठी की बहुआयामी प्रतिभा दृढ़ इच्छाशक्ति और मानवीय संवेदना को सशक्त रूप से रेखांकित करती है।उनकी यह सफलता विश्वविद्यालय परिवार प्रयागराज जनपद एवं समस्त उत्तर प्रदेश के लिए गौरव का विषय होने के साथ-साथ उन असंख्य दिव्यांगजनो के लिए आशा साहस और प्रेरणा का संदेश है।विश्वास है कि डॉ. दीपक कुमार त्रिपाठी का यह अन्तरराष्ट्रीय पदार्पण दिव्यांग सशक्तिकरण की दिशा में एक नई राह प्रशस्त करेगा और आने वाली पीढ़ियो को शिक्षा खेल और राष्ट्रसेवा के पथ पर निरन्तर आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

प्रोफेसर राजेंद्र सिंह "रज्जू भैया" की 105वी में जयंती पर आयोजित हुआ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं रक्तदान शिविर

सुल्तानपुर।राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विभाग कार्यालय रज्जू भैया सदन, लवकुश नगर सुल्तानपुर में प्रोफेसर राजेंद्र सिंह रज्जू भैया के 105वे जन्मदिवस पर सुंदरकांड का पाठ के साथ निशुल्क स्वास्थ्य शिविर एवं जन सेवा न्यास वाराणसी के तत्वाधान में रक्तदान शिविर का आयोजन विभाग संघचालक डॉक्टर अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में किया गया इस अवसर पर जिले के प्रसिद्ध विभिन्न रोगों के विशेषज्ञ डॉक्टर ने निशुल्क उपचार एवं परामर्श दिया, एवं सैकड़ो स्वयंसेवकों ने रक्तदान दिया।

डॉ राधाकृष्णन जी द्वारा सभी स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए बताया गया कि रज्जू भैया राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के चतुर्थ सरसंघचालक के रूप में हम सबका मार्गदर्शन कई वर्षों तक किया ,उन्होंने प्रो0 रज्जू भैया के जीवन कई कहानियों का वर्णन करते हुए राष्ट्र के प्रति उनके त्याग और समर्पण को याद किया

एवं कार्यक्रम में उपस्थित सभी स्वयंसेवकों ने रज्जू भैया के चित्र पर पुष्पार्चन किया।

इस अवसर पर प्रांत के ग्राम विकास संयोजक डॉ रमाशंकर पांडे, सह प्रांत शारीरिक प्रमुख गोकुल , विभाग प्रचारक प्रकाश , जिला प्रचारक आशीष ,नगरसंचालक अमरपाल ,सहनगर संघचालक सुदीप पाल , अजय , प्रवीण अग्रवाल , सुशील त्रिपाठी सहित जिले के सैकड़ो सम्मानित स्वयंसेवकों के साथ चिकित्सा शिविर में डॉ संजय सिंह डॉ रविंद्र यादव डॉक्टर सलिल कुमार श्रीवास्तव ,डॉक्टर आर के मिश्रा, डॉ पवन कुमार सिंह, डॉक्टर सौरभ चतुर्वेदी, डॉक्टर डीपी सिंह, बृजेश त्रिपाठी, विजय चौधरी ने अपना विशिष्ट योगदान दिया।

स्पोर्ट्स स्टेडियम के चारों ओर सड़क निर्माण व चौड़ीकरण कार्य का चेयरमैन ने किया स्थलीय निरीक्षण
बलरामपुर।नगर क्षेत्र में स्पोर्ट्स स्टेडियम के चारों ओर चल रहे सड़क निर्माण एवं चौड़ीकरण कार्य का आज नगर पालिका परिषद के चेयरमैन डॉ.धीरेन्द्र प्रताप सिंह धीरू ने राजकीय ठेकेदार रूपेश ओझा के साथ स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कार्य की गुणवत्ता,प्रगति एवं निर्धारित मानकों का गहन अवलोकन करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। चेयरमैन ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सड़क निर्माण के दौरान जहाँ-जहाँ क्रॉस (पानी के आवागमन हेतु नालियों/पाइपों का प्रावधान) आवश्यक है,वहाँ उनका समुचित निर्माण सुनिश्चित किया जाए,ताकि बरसात के समय जलनिकासी में किसी प्रकार की समस्या न उत्पन्न हो। इसके साथ ही उन्होंने दिक्षित चौराहे के चौड़ीकरण के निर्देश देते हुए कहा कि इससे वाहनों के आवागमन में सुगमता आएगी और यातायात व्यवस्था अधिक सुरक्षित बनेगी। डॉ.धीरू ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों व ठेकेदार को निर्देशित किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी तथा सभी कार्य निर्धारित समयसीमा और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरे किए जाएँ। उन्होंने कहा कि सड़क निर्माण केवल आवागमन का साधन नहीं,बल्कि नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय है। चेयरमैन ने कहा,“जनहित में सुव्यवस्थित,सुरक्षित एवं टिकाऊ सड़क निर्माण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। नगरवासियों को बेहतर यातायात सुविधा उपलब्ध कराना नगर पालिका की जिम्मेदारी है,जिसे पूरी प्रतिबद्धता के साथ निभाया जा रहा है।”निरीक्षण के दौरान संबंधित विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य हटाए गये,डॉ बीना सिंह बनीं कार्यवाहक प्रधानाचार्य

चूहों और कुत्तों के वीडियो सामने आने के बाद हुई कार्यवाही

गोंडा।जिला मुख्यालय स्थित स्वशासी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को प्रिंसिपल के दायित्व से मुक्त कर दिया गया है,यह कार्रवाई वार्डों में चूहों और कुत्तों के घूमने का वीडियो वायरल होने के बाद की गई है।डॉ बीना सिंह को मेडिकल कॉलेज का कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है।प्रोफेसर कोटास्थाने को उनके मूल पद विभागाध्यक्ष पैथालॉजी विभाग,गोंडा मेडिकल कॉलेज में वापस भेज दिया गया है।यह निर्णय जांच कमेटी की रिपोर्ट के बाद लिया गया,जिसका गठन वायरल वीडियो के सामने आने के बाद किया गया था।डॉ बीना सिंह वर्तमान में स्वशासी मेडिकल कॉलेज में बायोकेमिस्ट्री विभाग की आचार्य हैं जिन्हें अब यहां का कार्यवाहक प्रधानाचार्य बनाया गया है।

मेडिकल कॉलेज में अभी तक कोई स्थाई प्रिंसिपल नियुक्त नहीं किया गया है और यह कार्यवाहक प्रधानाचार्य की अगुआई में ही संचालित हो रहा है।वायरल वीडियो के कारण गोंडा मेडिकल कॉलेज और स्वास्थ्य विभाग की प्रदेश ही नहीं,बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर बदनामी हुई थी।इस घटना के बाद से ही प्रिंसिपल पर कार्रवाई की अटकलें लगाई जा रही थी।पोर्टल ने इस पूरे मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था,जिसके संज्ञान में आने के बाद शासन ने जांच कमेटी का गठन किया।कमेटी ने बीते दिनों मेडिकल कॉलेज पहुंचकर वायरल वीडियो से संबंधित जांच भी किया था।

शासन के इस फैसले का मेडिकल कॉलेज में तैनात कई कर्मचारियों और डाक्टरों ने स्वागत किया है।उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार और स्वास्थ्य मंत्री को धन्यवाद भी दिया है।वहीं जिला प्रशासन द्वारा धनंजय श्रीकांत कोटास्थाने को रिलीव करते हुए उनको उनके मूल पद पर भेज दिया गया है तथा नव मनोनीत कार्यवाहक प्रधानाचार्य को पदभार ग्रहण करने का निर्देश दिया गया है।
ग्रामीण विकास के साथ सनातन धर्म का प्रसार करनेवाले पीठाधीश्वर रिंकू महाराज का सम्मान

जौनपुर। देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थान राहुल एजुकेशन द्वारा आज गुरुजी ग्रामीण विकास के साथ-साथ अमेरिका तक सनातन धर्म का प्रसार करने वाले बड़कू हनुमान जी महाराज मंदिर एवं पीठाधीश्वर रिंकू महाराज का पुरेव स्थित हनुमान मंदिर पर सम्मान किया गया। इस अवसर पर थाना प्रभारी जलालपुर गजानन चौबे, समाजसेवी रामजी उपाध्याय, हरिवंश उपाध्याय उपस्थित रहे। राहुल एजुकेशन की तरफ से वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे ने धार्मिक स्मृति चिन्ह देकर उनका सम्मान किया। रिंकू महाराज और उनके परिवार के 156 लोग अमेरिका रहते हैं।

12 वर्ष की उम्र में अध्यात्म से जुड़ने वाले रिंकू महाराज ने सनातन धर्म के प्रसार के साथ ग्रामीण विकास का संकल्प लेकर सेवा भावना के साथ लगातार काम कर रहे हैं। 38 वर्षीय अविवाहित संत रिंकू महाराज राजनीति से परहेज नहीं करते। उनका मानना है कि अगर आपको जनता से जुड़ी समस्याओं का निराकरण करना है और गांवों का विकास करना है तो राजनीति एक सशक्त माध्यम है। रिंकू महाराज ने अमेरिका में 108 ताकतवर लोगों को ट्रस्टी बनाया है, जिसमें राजेश अग्रवाल , डॉ रीता अग्रवाल जैसे प्रख्यात उद्योगपति शामिल हैं। गांव में उन्होंने राजाराम हॉस्पिटल की स्थापना की है, जिसमें आम मरीजों को 50% डिस्काउंट पर इलाज की सुविधा है। किसानों को लेकर रिंकू महाराज के पास अनेक दूरदर्शी योजनाएं हैं।

हर गांव में कोल्ड स्टोर की स्थापना से लेकर हर घर में लघु उद्योग की स्थापना करना उनका मिशन है। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मुद्रा दायिनी फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देना तथा उनके निर्यात के लिए समुचित संसाधनों का उपयोग किया उनकी दूरदर्शी योजनाओं में शामिल है। ग्रामीण विकास को लेकर अपने दूरदर्शी योजनाओं क्रियान्वित करने के लिए वे विधानसभा चुनाव में भी उतरने की तैयारी कर रहे हैं।
सीएमओ के तबादले की मांग, आशाओ का धरना जारी


फर्रुखाबाद।आशा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन अब तेज हो गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर बीते 15 दिसंबर से चल रहे इस धरने में अब सीएमओ के तबादले की मांग को प्रमुखता दी जा रही है।

अभद्र व्यवहार का आरोप और नारेबाजी सोमवार को सीएमओ कार्यालय पर भारी संख्या में एकत्रित हुई आशा कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। संगठन का आरोप है कि सीएमओ ने उनके लिए अभद्र शब्दों का प्रयोग किया था, जिससे उनमें भारी रोष है। इस घटना के विरोध में उन्होंने पूर्व में सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा था और सीएमओ का घेराव भी किया था। बताते हैं कि विरोध बढ़ने के बाद सीएमओ अवकाश पर चले गए, लेकिन इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त नहीं किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य कर्मचारी का दर्जा और एकमुश्त धनराशि
प्रदर्शनकारी आशा कार्यकर्ताओं की मांगों की सूची लंबी है, लेकिन उनकी प्रमुख मांग उन्हें 'राज्य कर्मचारी' का दर्जा दिया जाना है। इसके अलावा, वे एकमुश्त धनराशि (फिक्स वेतन/मानदेय) प्रदान करने और अन्य लंबित समस्याओं के समाधान की मांग कर रही हैं।
जब तक मांगें पूरी नहीं, तब तक आंदोलनआशा कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को स्पष्ट संदेश दिया है कि यह आंदोलन केवल आश्वासन से खत्म नहीं होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि जब तक सीएमओ का तबादला नहीं होता और उनकी राज्य कर्मचारी के दर्जे सहित सभी मांगें पूरी नहीं की जातीं, उनका धरना अनवरत जारी रहेगा। कार्यकर्ताओं ने सीएमओ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी आवाज बुलंद की।