पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

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जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

NCERT विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान की सफाई, बोले-न्यायपालिका का अपमान करने की मंशा नहीं थी

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एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े आपत्तिजनक बातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया और बाजार से किताब को वापस लेने का निर्देश दिया।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कथित विवादित अध्याय पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ हुआ उससे उन्हें गहरा दुख है और सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से न्यायपालिका का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा, 'हम ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करते हैं। ज्यूडिशियरी ने जो भी कहा है, हम उसका पूरा पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं, और मैं अफसोस जाहिर करता हूं। जैसे ही यह मामला मेरे ध्यान में आया, मैंने तुरंत NCERT को संबंधित किताबें वापस लेने का निर्देश दिया ताकि वे आगे सर्कुलेट न हों। उन्हें वापस बुलाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।'

सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और किसी भी शैक्षणिक सामग्री के जरिए संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, संस्थाओं को बदनाम करना नहीं।

सीजेआई की अहम टिप्पणी

इससे पहले गुरूवार सुबह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कुछ अहम टिप्पणियां की। सीजेआई ने आदेश में कहा कि व्यवस्था के 3 अंग - विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, 'हमें एक अखबार से NCERT की किताब में लिखे गए अंश का पता चला। इसे जानकर हमें आघात पहुंचा।'

न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोच समझकर न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें करना और उसके प्रति असम्मान फैलाना निश्चित रूप से आपराधिक अवमानना का मामला हो सकता है। अगर ऐसा जान-बूझकर किया गया है तो।

हम सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते-सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह सोचा-समझा योजनाबद्ध कदम है। बच्चों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी इसे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों को सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते। यह कहना कि इसे हटाया जा रहा है, काफी नहीं। किताब मार्केट में गई। मैंने भी इसकी एक कॉपी देखी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि मार्केट और स्कूलों में भेजी गई किताबें वापस ली जाएं और किताब का ऑनलाइन मटीरियल भी हटाया जाए।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

घर से छ: दिन पहले गायब युवक का शव नदी में उतराता मिला
*परिजनों ने दर्ज करवाई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसभरिया गांव निवासी युवक संजय कुमार (35) का शव नदी में उतराता मिला।घर से करीब 3 किलोमीटर दूर  रामापुर पुल के पास टेंढी नदी में उतराता देखा गया।संजय कुमार पिछले छ: दिनों से लापता थे।राहगीरों ने नदी में शव को देखकर तत्काल कौड़िया थाने की पुलिस को सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गोताखोरों को बुलाया।गोताखोरों ने संजय कुमार के शव को नदी से बाहर निकाला तत्पश्चात पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।बताते चलें कि परिजनों ने 20 फरवरी को कौड़िया थाने में संजय कुमार के गायब होने की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराया था।रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस व परिजन उसकी तलाश कर रहे थे परन्तु उनका कोई पता नहीं चल रहा था।मृतक संजय कुमार पत्थर कटाई का काम करके परिवार का जीवन यापन थे तथा वह नशे के भी आदी बताए जा रहे थे।फिलहाल कौड़िया थाने की पुलिस परिजनों से पूछताछ कर सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक संजय कुमार पिछले छ: दिन से गायब थे,जिसकी गुमशुदगी 20 फरवरी को परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी।उसका शव आज टेंढ़ि नदी में मिला है, शव दो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में शरीर पर कहीं भी कोई चोट का निशान नहीं मिला है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
बहसूमा में  हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया वीडियो से खुला राज
मेरठ। बहसूमा। थाना क्षेत्र में हुए सुरेंद्र उर्फ सुनील हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कत्ल के बाद खुलेआम चेतावनी देते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान पुख्ता की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस टीम और आरोपी के बीच जोरदार जद्दोजहद हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने अपराध को स्वीकार करते हुए वीडियो जारी किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

पुलिस का कहना है  घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले में विधिक कार्रवाई सख्ती से की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।
आईटीबी बर्लिन में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
* 03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन-2026 में मनेंगे 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत के उत्सव

लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। 03 से 05 मार्च तक जर्मनी की राजधानी Berlin में आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किट्स, वेलनेस एवं एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक झलक प्रस्तुत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी (मेसे डैम 22) में होगा। वर्ष 1966 से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मेला वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का अग्रणी मंच रहा है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है।

* आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम
इस वर्ष की थीम ‘Discover the Stories Behind 60 Years of Legacy’ रखी गई है, जो वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी और प्रेरक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की दिशा तय करने का संदेश देती है।* बदलती प्राथमिकताएं और उभरते रुझान
आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों और विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है।

* ‘वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में साइनेज एवं डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
प्रमुख पर्यटन सर्किट्स एवं वेलनेस टूरिज्म की जानकारी
इन माध्यमों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि आईटीबी बर्लिन-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन दुनिया से संवाद करेगा और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
सीएम योगी का जापान दौरा: यूपी-यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
यामानाशी (जापान)/लखनऊ। जापान दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, जो प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
* ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में सहयोग
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्राप्त तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों के दौरान जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ। भारतीय दूतावास के सहयोग से निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
* रोबोटिक्स और भविष्य की तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
* उत्तर प्रदेश की विकास गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उर्वर भूमि, प्रचुर जल संसाधन और विशाल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
* ‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल बना आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
* प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के राज्यपाल Kotaro Nagasaki, उपराज्यपाल Junichi Ishidera, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक सहित दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी प्रशासन और जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
जिले में रंगों के त्योहार की तैयारियां युद्ध स्तर पर
*जनपद में कुल 12 जगहों पर होलिका जलाई जाएगी*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में रंगों का पर्व होली तीन अथवा चार मार्च को मनाया जा सकता है। होलिका दहन की रात चंद्रग्रहण के कारण तिथियों को लेकर माथापच्ची है। उधर, इसकी तैयारियां घर-घर चल रही हैं। होली की पूर्व संध्या में जनपद में कुल करीब 12 जगहों पर होलिका जलायी जाएगी। खास बात है कि इसमें 60 फीसदी होलिका संवेदनशील चिह्नित की गई है। इसके अलावा कई ऐसी जगहें हैं, जहां हाइटेंशन तार के नीचे से होलिका गुजरी हुई है। पुलिस विभाग की ओर से इसको लेकर खास तैयारी की गई है। पुलिस की ओर गठित क्विक रिस्पांस टीमें लगातार चक्रमण करती रहेंगी।होली के लिए पुलिस विभाग की ओर से खास तैयारियां की गई है। जिले में कुल करीब 12 सौ जगहों पर होलिका जलायी जाएगी। जिसमें अधिक औराई क्षेत्र में 183 और भदोही में 168 जगहों पर होलिका दहन होगा। होलिका दहन वाले दिन सर्किल सीओ, इंस्पेक्टर और क्विक रिस्पांस की टीम लगातार चक्रमण करती रहेगी। होली को लेकर पुलिस विभाग की तैयारियां भले ही पुख्ता है लेकिन बिजली विभाग इसको लेकर अब तक तैयार नहीं है। जिले में तमाम ऐसी जगहों पर होलिका स्थापित की गई हैं। जहां हाईटेंशन तार के नीचे से होलिका लगाई गई हैं। इसमें कई तो घनी आबादी के बीच हैं। ऐसे में हमेशा खतरे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों को इस बात का भी डर बना होता है कि अगर तार में स्पार्किंग होगा या फिर कोई तार टूटता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली विभाग का दावा है कि जेई और लाइनमैन की टीम भ्रमण करेंगे। अगर कहीं ऐसा होता है तो होलिका को आगे-पीछे कराया जाएगा। शहर के मेन रोड भरत चौराहा के पास तारों के नीचे होलिका स्थापित है।
ईश्वरपुर पवनी में खंडजा निर्माण को लेकर विवाद, मारपीट का आरोप; पुलिस पर भी कार्रवाई न करने की शिकायत
आजमगढ़। जिले के ईश्वरपुर पवनी गांव में नाली पर खंडजा निर्माण को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया। गांव निवासी राम लौटन ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने से गुजर रही नाली पर नगर पंचायत के सभासद अरुण कुमार द्वारा खंडजा लगवाया जा रहा था। इस दौरान उनका बरामदा और कुआं क्षतिग्रस्त किया जा रहा था। पीड़ित राम लौटन का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध किया तो सभासद और उनके परिवार के लोगों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में वे और उनके परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। राम लौटन ने बताया कि उन्होंने घटना की लिखित तहरीर स्थानीय थाने पर दी, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही तहरीर लेने की कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो मामला और बढ़ सकता है। वहीं इस संबंध में सभासद पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।
पुरी की तर्ज पर जमशेदपुर में बनेगा ₹100 करोड़ का जगन्नाथ मंदिर; राष्ट्रपति ने किया भूमि पूजन

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जमशेदपुर: भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू गुरुवार को एक दिवसीय दौरे पर जमशेदपुर पहुँचीं। सोनारी एयरपोर्ट पर राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इसके पश्चात राष्ट्रपति सड़क मार्ग से कदमा स्थित मरीन ड्राइव पहुँचीं, जहाँ उन्होंने 'श्री जगन्नाथ आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धर्मार्थ केन्द्र ट्रस्ट' के भव्य मंदिर का भूमि पूजन और शिलान्यास किया।

पुरी की तर्ज पर बनेगा भव्य धाम:

ट्रस्ट के अध्यक्ष एस.के. बेहरा ने बताया कि लगभग 100 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह मंदिर ढाई एकड़ भूमि पर विकसित होगा। मुख्य मंदिर की संरचना ओडिशा के विश्व प्रसिद्ध पुरी जगन्नाथ मंदिर की तर्ज पर होगी।

परियोजना: मुख्य मंदिर 1.5 एकड़ में और आध्यात्मिक-सांस्कृतिक केंद्र 1 एकड़ में बनेगा।

समय सीमा: आध्यात्मिक केंद्र 2 वर्षों में और मुख्य मंदिर 4 वर्षों में बनकर तैयार होगा।

युवाओं के लिए बनेगा 'संस्कार केंद्र':

इस केंद्र का उद्देश्य केवल धार्मिक अनुष्ठान तक सीमित नहीं है। यहाँ गीता और भागवत जैसे ग्रंथों के माध्यम से युवाओं को अनुशासन, नैतिकता और आत्मबल की शिक्षा दी जाएगी। जमशेदपुर के 200-250 किमी के दायरे के शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को यहाँ जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार किया जाएगा।

आगे का कार्यक्रम:

जगन्नाथ मंदिर के कार्यक्रम के बाद राष्ट्रपति बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज के कार्यक्रम में शिरकत करेंगी। यहाँ वे एक नए भवन का शिलान्यास करने के साथ ही मेडिकल छात्रों से सीधा संवाद करेंगी।

सुरक्षा व्यवस्था:

राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए जमशेदपुर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर के प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्जन और नो-एंट्री लागू की गई है ताकि सुरक्षा और आमजन की सुविधा के बीच तालमेल बना रहे।

NCERT विवाद पर धर्मेंद्र प्रधान की सफाई, बोले-न्यायपालिका का अपमान करने की मंशा नहीं थी

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एनसीईआरटी की कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़े आपत्तिजनक बातों को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई की। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने इसे न्यायपालिका को बदनाम करने की सोची-समझी साजिश करार दिया और बाजार से किताब को वापस लेने का निर्देश दिया।

एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका से जुड़े कथित विवादित अध्याय पर अब केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने साफ कहा कि जो कुछ हुआ उससे उन्हें गहरा दुख है और सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से न्यायपालिका का अपमान करने की कोई मंशा नहीं थी।

धर्मेद्र प्रधान ने कहा, 'हम ज्यूडिशियरी का पूरा सम्मान करते हैं। ज्यूडिशियरी ने जो भी कहा है, हम उसका पूरा पालन करेंगे। जो हुआ है, उससे मैं बहुत दुखी हूं, और मैं अफसोस जाहिर करता हूं। जैसे ही यह मामला मेरे ध्यान में आया, मैंने तुरंत NCERT को संबंधित किताबें वापस लेने का निर्देश दिया ताकि वे आगे सर्कुलेट न हों। उन्हें वापस बुलाने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं।'

सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही-प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा कि सरकार न्यायपालिका का सर्वोच्च सम्मान करती है और किसी भी शैक्षणिक सामग्री के जरिए संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि एनसीईआरटी की किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी सामग्री तैयार करने की प्रक्रिया की जांच की जा रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि अध्याय तैयार करने में शामिल लोगों की जवाबदेही तय की जाएगी और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का उद्देश्य जागरूकता फैलाना है, संस्थाओं को बदनाम करना नहीं।

सीजेआई की अहम टिप्पणी

इससे पहले गुरूवार सुबह मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचौली की बेंच ने मामले पर सुनवाई की। सीजेआई सूर्यकांत ने इस मामले में सुनवाई करते हुए कुछ अहम टिप्पणियां की। सीजेआई ने आदेश में कहा कि व्यवस्था के 3 अंग - विधायिका, न्यायपालिका और कार्यपालिका लोकतंत्र के सुचारू रूप से काम करने के लिए जरूरी हैं। उन्होंने कहा, 'हमें एक अखबार से NCERT की किताब में लिखे गए अंश का पता चला। इसे जानकर हमें आघात पहुंचा।'

न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश

सीजेआई ने कहा कि ऐसा लगता है कि यह सोच समझकर न्यायपालिका की गरिमा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया। सीजेआई ने कहा कि न्यायपालिका के बारे में इस तरह की बातें करना और उसके प्रति असम्मान फैलाना निश्चित रूप से आपराधिक अवमानना का मामला हो सकता है। अगर ऐसा जान-बूझकर किया गया है तो।

हम सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते-सीजेआई

सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि यह सोचा-समझा योजनाबद्ध कदम है। बच्चों के अलावा शिक्षक और अभिभावक भी इसे पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि हम अधिकारियों को सिर्फ माफी पर जाने नहीं दे सकते। यह कहना कि इसे हटाया जा रहा है, काफी नहीं। किताब मार्केट में गई। मैंने भी इसकी एक कॉपी देखी है। उन्होंने शिक्षा विभाग को आदेश दिया कि मार्केट और स्कूलों में भेजी गई किताबें वापस ली जाएं और किताब का ऑनलाइन मटीरियल भी हटाया जाए।

कनाडा में क्राइम से भारत का कोई लेना-देना नहीं”, भारत दौरे से पहले मार्क कार्नी के नरम पड़े सुर

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के निमंत्रण पर कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी भारत आ रहे हैं। वो कल यानि शुक्रवार 27 फरवरी से 2 मार्च तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगेय़ यह प्रधानमंत्री कार्नी की भारत की पहली आधिकारिक यात्रा होगी। कर्नी ने भारत यात्रा से ठीक पहले बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि कनाडा में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई संबंध नहीं है। यह बयान ऐसे समय आया है जब आतंकी हरदीप सिंह निज्जर मामले को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय तक कूटनीतिक तनाव बना रहा।

कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट कहा है कि उनके देश में होने वाले हिंसक अपराधों से भारत का कोई लेना-देना नहीं है। कनाडाई अधिकारियों ने दो टूक कहा कि यदि उन्हें लगता कि भारत कनाडा की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप कर रहा है, तो प्रधानमंत्री की यह यात्रा संभव नहीं होती। उन्होंने यह भी दोहराया कि कनाडा अपने आंतरिक मामलों में किसी भी विदेशी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करता। यह बयान ऐसे समय आया है जब कार्नी हिंद-प्रशांत क्षेत्र के दौरे की शुरुआत भारत से कर रहे हैं।

खालिस्तानी आतंकी की हत्या को लेकर बिगड़े भारत-कनाडा के रिश्ते

कनाडा सरकार के इस कदम को दोनों देशों के रिश्तों को बेहतर करने के तौर पर देखा जा रहा है। जो जस्टिन ट्रूडो के कार्यकाल के अंतिम दिनों में बेहद खराब दौर में पहुंच गए थे। कनाडा में खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या हुई थी। कनाडा की तत्कालीन ट्रूडो सरकार ने भारत पर निज्जर की हत्या कराने का आरोप लगाया और इसे संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया था। हालांकि भारत सरकार ने कनाडा के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और निज्जर की हत्या में संलिप्तता से इनकार किया। इस मामले को लेकर दोनों देशों के रिश्ते इतने बिगड़े की दोनों ने अपने कुछ राजनयिकों को वापस बुला लिया।

भारत-कनाडा के रिश्ते फिर पटरी पर

हालांकि, ट्रूडो सरकार के सत्ता से बाहर होने और मार्क कार्नी के सत्ता संभालने के बाद से भारत- कनाडा के रिश्तों में फिर से बेहतरी हो रही है। मार्क कार्नी भारत दौरे पर आ रहे हैं और इस दौरे का मकसद दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को फिर से मजबूत करना है। इसे कनाडा द्वारा व्यवहारिक विदेश नीति अपनाने के तौर पर भी देखा जा रहा है।

घर से छ: दिन पहले गायब युवक का शव नदी में उतराता मिला
*परिजनों ने दर्ज करवाई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट

गोंडा।जिले के कौड़िया थाना क्षेत्र अंतर्गत बसभरिया गांव निवासी युवक संजय कुमार (35) का शव नदी में उतराता मिला।घर से करीब 3 किलोमीटर दूर  रामापुर पुल के पास टेंढी नदी में उतराता देखा गया।संजय कुमार पिछले छ: दिनों से लापता थे।राहगीरों ने नदी में शव को देखकर तत्काल कौड़िया थाने की पुलिस को सूचना दिया।सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से गोताखोरों को बुलाया।गोताखोरों ने संजय कुमार के शव को नदी से बाहर निकाला तत्पश्चात पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दिया है।बताते चलें कि परिजनों ने 20 फरवरी को कौड़िया थाने में संजय कुमार के गायब होने की गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज कराया था।रिपोर्ट दर्ज होने के बाद से ही पुलिस व परिजन उसकी तलाश कर रहे थे परन्तु उनका कोई पता नहीं चल रहा था।मृतक संजय कुमार पत्थर कटाई का काम करके परिवार का जीवन यापन थे तथा वह नशे के भी आदी बताए जा रहे थे।फिलहाल कौड़िया थाने की पुलिस परिजनों से पूछताछ कर सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है।कौड़िया थानाध्यक्ष तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मृतक संजय कुमार पिछले छ: दिन से गायब थे,जिसकी गुमशुदगी 20 फरवरी को परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई थी।उसका शव आज टेंढ़ि नदी में मिला है, शव दो तीन दिन पुराना बताया जा रहा है।प्रारंभिक जांच में शरीर पर कहीं भी कोई चोट का निशान नहीं मिला है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो पाएगा।
बहसूमा में  हत्याकांड का आरोपी गिरफ्तार, सोशल मीडिया वीडियो से खुला राज
मेरठ। बहसूमा। थाना क्षेत्र में हुए सुरेंद्र उर्फ सुनील हत्याकांड में पुलिस ने मुख्य आरोपी प्रदीप को गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने कत्ल के बाद खुलेआम चेतावनी देते हुए अपना वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान पुख्ता की।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस टीम और आरोपी के बीच जोरदार जद्दोजहद हुई। काफी मशक्कत के बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी की कार्रवाई का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई है।

जांच में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी ने कथित तौर पर अपने अपराध को स्वीकार करते हुए वीडियो जारी किया था। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया।

पुलिस का कहना है  घटना के पीछे के कारणों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने आश्वस्त किया है कि मामले में विधिक कार्रवाई सख्ती से की जाएगी।

घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, जबकि पुलिस ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त बढ़ा दी है।
आईटीबी बर्लिन में दिखेगी उत्तर प्रदेश पर्यटन की सशक्त मौजूदगी, समृद्ध विरासत का होगा भव्य प्रदर्शन
* 03 से 05 मार्च तक आयोजित आईटीबी बर्लिन-2026 में मनेंगे 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत के उत्सव

लखनऊ। विश्व पर्यटन उद्योग के सबसे प्रतिष्ठित मंच आईटीबी बर्लिन-2026 में उत्तर प्रदेश अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक पर्यटन संभावनाओं के साथ अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। 03 से 05 मार्च तक जर्मनी की राजधानी Berlin में आयोजित ‘इंटरनेशनल टूरिज्म-बोर्से बर्लिन’ में पर्यटन विशेषज्ञों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं के समक्ष उत्तर प्रदेश अपने विविध पर्यटन स्थलों, पर्यटन सर्किट्स, वेलनेस एवं एडवेंचर टूरिज्म की व्यापक झलक प्रस्तुत करेगा।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि आयोजन बर्लिन एक्सपो सेंटर सिटी (मेसे डैम 22) में होगा। वर्ष 1966 से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय मेला वैश्विक यात्रा एवं पर्यटन उद्योग का अग्रणी मंच रहा है। इस वर्ष यह अपने 60 वर्षों की गौरवशाली विरासत का उत्सव मना रहा है।

* आईटीबी बर्लिन-2026 की थीम
इस वर्ष की थीम ‘Discover the Stories Behind 60 Years of Legacy’ रखी गई है, जो वैश्विक पर्यटन उद्योग के विकास, नवाचार, साझेदारी और प्रेरक उपलब्धियों को एक मंच पर प्रस्तुत करेगी। यह थीम अतीत की विरासत को सम्मान देते हुए भविष्य की दिशा तय करने का संदेश देती है।* बदलती प्राथमिकताएं और उभरते रुझान
आईटीबी बर्लिन-2026 में प्रदर्शनी को भौगोलिक सीमाओं से आगे बढ़ाते हुए विभिन्न बाजार खंडों में विभाजित किया गया है। इनमें एडवेंचर टूरिज्म, बिजनेस ट्रैवल, एलजीबीटीक्यू+ ट्रैवल, लग्जरी ट्रैवल, मेडिकल टूरिज्म तथा ट्रैवल टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्र शामिल हैं। इसका उद्देश्य पर्यटन उद्योग से जुड़े हितधारकों और विभिन्न श्रेणी के यात्रियों को उनकी रुचि और आवश्यकताओं के अनुरूप अवसर प्रदान करना है।

* ‘वैश्विक मंच पर प्रदर्शित होंगी प्रदेश की पर्यटन संभावनाएं’
मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि तीन दिवसीय इस अंतरराष्ट्रीय आयोजन में उत्तर प्रदेश पर्यटन भव्य पवेलियन के माध्यम से प्रदेश की पर्यटन क्षमता को प्रदर्शित करेगा। पवेलियन में अंग्रेजी एवं स्थानीय भाषा में साइनेज एवं डिस्प्ले लगाए जाएंगे।
प्रमुख पर्यटन सर्किट्स एवं वेलनेस टूरिज्म की जानकारी
इन माध्यमों से उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक पर्यटन, प्राकृतिक स्थलों और निवेश संभावनाओं को वैश्विक स्तर पर नई पहचान मिलेगी।
मंत्री ने कहा कि आईटीबी बर्लिन-2026 के माध्यम से उत्तर प्रदेश का पर्यटन विजन दुनिया से संवाद करेगा और वैश्विक साझेदारियों को नई दिशा प्रदान करेगा।
सीएम योगी का जापान दौरा: यूपी-यामानाशी के बीच ग्रीन हाइड्रोजन पर ऐतिहासिक समझौता
यामानाशी (जापान)/लखनऊ। जापान दौरे पर गए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए जापान के यामानाशी प्रांत के साथ ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक को लेकर ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता प्रदेश में स्वच्छ ऊर्जा और उन्नत तकनीक के क्षेत्र में नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
यामानाशी में आयोजित यूपी इन्वेस्टमेंट रोड शो के दौरान मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों को उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश ने अपनी कार्यशैली को ‘रिएक्टिव’ से बदलकर ‘प्रोएक्टिव’ बनाया है, जो प्रदेश की तीव्र आर्थिक प्रगति का आधार बना है।
* ग्रीन हाइड्रोजन तकनीक में सहयोग
एमओयू के तहत उत्तर प्रदेश के उच्च तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान में उन्नत प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। प्राप्त तकनीक को प्रदेश की इंडस्ट्री, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ऊर्जा क्षेत्र में लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इसे प्रधानमंत्री मोदी के के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि टोक्यो में जी2जी (गवर्नमेंट टू गवर्नमेंट) और जी2बी (गवर्नमेंट टू बिजनेस) बैठकों के दौरान जापानी उद्योग समूहों के साथ व्यापक संवाद हुआ। भारतीय दूतावास के सहयोग से निवेश संभावनाओं पर सकारात्मक चर्चा हुई।
* रोबोटिक्स और भविष्य की तकनीक पर जोर
मुख्यमंत्री ने रोबोटिक्स को भविष्य की प्रमुख तकनीक बताते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने बजट में रोबोटिक्स के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित करने की व्यवस्था की है। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तर प्रदेश और यामानाशी के बीच यह सहयोग भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई देगा।
* उत्तर प्रदेश की विकास गाथा
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 25 करोड़ की आबादी वाला उत्तर प्रदेश भारत का सबसे बड़ा राज्य है, जहां उर्वर भूमि, प्रचुर जल संसाधन और विशाल मानव संसाधन उपलब्ध हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में प्रदेश ने बीते वर्षों में प्रति व्यक्ति आय और अर्थव्यवस्था को तीन गुना करने में सफलता प्राप्त की है। आज उत्तर प्रदेश देश की सबसे तेजी से विकसित होती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
* ‘रिएक्टिव से प्रोएक्टिव’ मॉडल बना आधार
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले समस्याओं पर प्रतिक्रिया देने वाली व्यवस्था थी, जबकि अब प्रदेश ने प्रोएक्टिव गवर्नेंस मॉडल अपनाया है। निवेश आकर्षित करने, उद्योगों को सुविधाएं देने और वैश्विक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में सरकार सक्रिय रूप से कार्य कर रही है।
* प्रतिनिधिमंडल की उपस्थिति
इस अवसर पर यामानाशी प्रांत के राज्यपाल Kotaro Nagasaki, उपराज्यपाल Junichi Ishidera, उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, जापान में भारत की राजदूत नगमा मलिक सहित दोनों देशों के उद्योग प्रतिनिधि और भारतीय समुदाय के सदस्य उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने यामानाशी प्रशासन और जापान सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह साझेदारी ऊर्जा आत्मनिर्भरता और तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगी।
16 मार्च से शुरू होगी परिषदीय स्कूलों की परीक्षा



रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में परिषदीय विद्यालयों की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी जारी हो गई है। 16 से 20 मार्च तक होने वाली परीक्षा में पहली से आठवीं तक के एक लाख 47 हजार बच्चे शामिल होंगे। 31 मार्च को परिणाम आएगा। इसके बाद नया शिक्षण सत्र शुरू होगा। समय सारिणी जारी होते ही शिक्षा विभाग तैयारी में जुट गया है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय है। इनमें करीब एक लाख 47 हजार छात्र-छात्राएं हैं। अभी हाईस्कूल, इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा, सीबीएसई और संस्कृत बोर्ड की परीक्षाएं चल रही हैं। 10 मार्च तक यह सभी परीक्षाएं समाप्त हो जाएंगी। जिसको देखते हुए शिक्षा निदेशालय ने पहली से आठवीं तक की वार्षिक परीक्षा की समय सारिणी को जारी कर दिया। 16 से 20 मार्च तक परिषदीय विद्यालयों में परीक्षा कराई जाएगी। परीक्षा के लिए मॉडल प्रश्न पत्र जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा तैयार कराकर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) को दिया जाएगा। बीएसए इसका मुद्रण कराकर विद्यालयों में वितरण कराएंगे। कक्षा एक की वार्षिक परीक्षा मौखिक होगी। कक्षा दो से पांच की परीक्षा लिखित और मौखिक दोनों माध्यम से होगी। दो व तीन में इसका अधिभार 50-50 फीसदी होगा। वहीं, कक्षा चार व पांच में क्रमश: 70 व 30 का होगा। लिखित परीक्षा 50 नंबर की होगी। लिखित परीक्षा 2 घंटे की होगी जबकि मौखिक परीक्षा के लिए प्रधानाध्यापक आवश्यकतानुसार समय तय करेंगे। बेसिक शिक्षा निदेशक प्रताप सिंह बघेल का पत्र आते ही बेसिक शिक्षा विभाग ने तैयारी को शुरू कर दिया है। 25 मार्च को कॉपियों को जांचा जाएगा। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि परीक्षा की समय सारिणी आ गई है। जल्द ही प्रश्नपत्र तैयार कराकर विद्यालयों में भेजा जाएगा। उन्होंने बताया कि इस बार परीक्षा में कई बदलाव किए गए हैं। वार्षिक परीक्षा और उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन होने के बाद परीक्षाफल जारी करने के दौरान विद्यार्थियों के अभिभावकों की बैठक होगी। इसमें मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई जाएंगी। इसके बाद ही परीक्षाफल जारी होगा।
जिले में रंगों के त्योहार की तैयारियां युद्ध स्तर पर
*जनपद में कुल 12 जगहों पर होलिका जलाई जाएगी*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। कालीन नगरी में रंगों का पर्व होली तीन अथवा चार मार्च को मनाया जा सकता है। होलिका दहन की रात चंद्रग्रहण के कारण तिथियों को लेकर माथापच्ची है। उधर, इसकी तैयारियां घर-घर चल रही हैं। होली की पूर्व संध्या में जनपद में कुल करीब 12 जगहों पर होलिका जलायी जाएगी। खास बात है कि इसमें 60 फीसदी होलिका संवेदनशील चिह्नित की गई है। इसके अलावा कई ऐसी जगहें हैं, जहां हाइटेंशन तार के नीचे से होलिका गुजरी हुई है। पुलिस विभाग की ओर से इसको लेकर खास तैयारी की गई है। पुलिस की ओर गठित क्विक रिस्पांस टीमें लगातार चक्रमण करती रहेंगी।होली के लिए पुलिस विभाग की ओर से खास तैयारियां की गई है। जिले में कुल करीब 12 सौ जगहों पर होलिका जलायी जाएगी। जिसमें अधिक औराई क्षेत्र में 183 और भदोही में 168 जगहों पर होलिका दहन होगा। होलिका दहन वाले दिन सर्किल सीओ, इंस्पेक्टर और क्विक रिस्पांस की टीम लगातार चक्रमण करती रहेगी। होली को लेकर पुलिस विभाग की तैयारियां भले ही पुख्ता है लेकिन बिजली विभाग इसको लेकर अब तक तैयार नहीं है। जिले में तमाम ऐसी जगहों पर होलिका स्थापित की गई हैं। जहां हाईटेंशन तार के नीचे से होलिका लगाई गई हैं। इसमें कई तो घनी आबादी के बीच हैं। ऐसे में हमेशा खतरे की आशंका बनी हुई है। स्थानीय लोगों को इस बात का भी डर बना होता है कि अगर तार में स्पार्किंग होगा या फिर कोई तार टूटता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। बिजली विभाग का दावा है कि जेई और लाइनमैन की टीम भ्रमण करेंगे। अगर कहीं ऐसा होता है तो होलिका को आगे-पीछे कराया जाएगा। शहर के मेन रोड भरत चौराहा के पास तारों के नीचे होलिका स्थापित है।
ईश्वरपुर पवनी में खंडजा निर्माण को लेकर विवाद, मारपीट का आरोप; पुलिस पर भी कार्रवाई न करने की शिकायत
आजमगढ़। जिले के ईश्वरपुर पवनी गांव में नाली पर खंडजा निर्माण को लेकर विवाद ने तूल पकड़ लिया। गांव निवासी राम लौटन ने आरोप लगाया है कि उनके घर के सामने से गुजर रही नाली पर नगर पंचायत के सभासद अरुण कुमार द्वारा खंडजा लगवाया जा रहा था। इस दौरान उनका बरामदा और कुआं क्षतिग्रस्त किया जा रहा था। पीड़ित राम लौटन का कहना है कि जब उन्होंने निर्माण कार्य का विरोध किया तो सभासद और उनके परिवार के लोगों ने ईंट-पत्थर से हमला कर दिया। इस हमले में वे और उनके परिवार के सदस्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास के लोगों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। राम लौटन ने बताया कि उन्होंने घटना की लिखित तहरीर स्थानीय थाने पर दी, लेकिन पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही तहरीर लेने की कार्रवाई की। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो मामला और बढ़ सकता है। वहीं इस संबंध में सभासद पक्ष का बयान प्राप्त नहीं हो सका है। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।