रूस के बाद अब ईरानी तेल से हटा प्रतिबंध, क्या है जंग के बीच ट्रंप के यू-टर्न की वजह
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वैश्विक अर्थव्यवस्था पर मंडराते तेल संकट और आसमान छूती कीमतों के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने एक चौंकाने वाला कदम उठाया है। अमेरिका ने रूस के बाद ईरान के तेल पर लगे दीर्घकालिक प्रतिबंधों को अगले एक महीने के लिए अस्थायी रूप से हटा दिया है।
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140 मिलियन बैरल तेल होगा उपलब्ध
अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इस कदम का उद्येश्य मौजूदा आपूर्ति को जारी करके बाजारों को तेजी से स्थिर करना है। बेसेंट ने लिखा, दुनिया के लिए इस मौजूदा आपूर्ति को अस्थायी रूप से जारी करके अमेरका वैश्विक बाजारों में लगभग 140 मिलियन बैरल तेल तेजी से उपलब्ध कराएगा। यह छूट उस ईरानी तेल पर लागू होगी जो पहले से ही जहाज पर लदकर समुद्र में फंसा हुआ है।
दुनियाभर में गहरा रहा ऊर्जा संकट
अमेरिका और इजराइल के हमलों से उसके परमाणु, सैन्य या ऊर्जा ठिकानों को कितना नुकसान हुआ है। ये हमले 28 फरवरी से जारी हैं। ईरान के हमलों के कारण तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है, जिससे न केवल पश्चिम एशिया बल्कि वैश्विक स्तर पर खाद्य और ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। परिणामस्वरूप कच्चे तेल की कीमतों में आए तीव्र उछाल ने अमेरिकी और वैश्विक बाजारों में हाहाकार मचा दिया था। मुद्रास्फीति और शेयर बाजार में भारी गिरावट को रोकने की उम्मीद में ट्रंप प्रशासन ने यह सामान्य लाइसेंस जारी किया है।
रूस को मिली थी ऐसी ही छूट
इसके पहले ट्रंप प्रशासन ने रूसी तेल पर भी इसी तरह की छूट दी थी, जिसमें समुद्र में मौजूद रूसी तेल शिपमेंट की खरीद पर 30 दिनों की छूट दी गई थी।। बेसेंट ने बताया कि प्रशासन ने पहले ही बाजार में 44 करोड़ बैरल अतिरिक्त तेल लाने के लिए काम कर रहा है। इसके होर्मुज जलडमरूमध्य में बाधा डालकर फायदा उठाने की ईरान की क्षमता कमजोर हुई है। बेसेंट ने ईरान को ग्लोबल आतंकवाद का सरगना बताया और कहा कि अमेरिका इस लड़ाई को उम्मीद से भी ज्यादा तेजी से जीत रहा है।





18 मार्च को मोहनपुर प्रखंड के नयाचितकाठ पंचायत के उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ में प्रफुल्ल कनकलता सिकदार प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता आयोजित किए गए थे। आज़ शुक्रवार 20 मार्च को प्रतिभागियों को नयाचितकाठ पंचायत भवन में में पुरस्कृत किया गया।
जिसमें मुख्य अतिथि अबध किशोर भटनागर सेवानिवृत्त अध्यापक, देवघर कालेज, देवघर ने कहा कि अपने माता-पिता के याद में इस तरह कार्यक्रम आयोजित करने से जन साधारण को प्रेरणा मिलती है।
आज़ के कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रो राम नंदन सिंह ने कहा बहुत अच्छा लगता है इस तरह के कार्यक्रम में सम्मिलित होने पर। इससे बच्चे संस्कारवान बनते हैं। डॉ प्रेम कुमार भारती ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार और कनकलता सिकदार दोनों ही दयालु प्रवृत्ति के थे।
नयाचितकाठ में शिक्षा का अलख जगाने का भरपूर प्रयास किये हैं। मुखिया अनिल कुमार साह ने कहा कि प्रफुल्ल कुमार सिकदार बहुत बहुत सुयोग्य अभिभावक थे।वे एक ईमानदार, शिक्षित और कठोर परिश्रम करने वाले किसान थे।
वे हमेशा सोचते थे कि गांव में शिक्षा का विकास कैसे हो। साथ ही साथ समय को बहुत महत्व देते थे। उनकी कमी खल रही है। प्रफुल्ल कनकलता सिकदार के बड़े पुत्र बादल चन्द्र सिकदार, शत्रुघन प्रसाद, विजय दास, रामरेख यादव , गांगु मंडल, भृगुनाथ शर्मा, उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार झा, माधुरी झा, रेणु कुमारी, डॉ वेणु भटनागर दीनबंधु उच्च विद्यालय , देवघर के शिक्षक शिक्षिकाओं में सुनील कुमार सूर, जीतेन्द्र कुमार चन्द्र , मुनेश्वर प्रसाद यादव , मनीषा घोष के अलावे उत्क्रमित मध्य विद्यालय नयाचितकाठ के छात्र छात्राएं उपस्थित थे।
पुरस्कार पाने वाले छात्र छात्राओं के नाम क्रमश राजा ,बबलू, धनंजय, अनुराधा, अंकित, कृष्ण,करण , करिण,, उज्जवल,अनुराग,नेहा, मिथुन, बन्दना, आनन्दी, ममता, सिन्धु, करिश्मा, प्रियंका, रनवीर,अभिशेख। द्वीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
दीनबंधु उच्च विद्यालय के नवम वर्ग के आस्था, इन्दु और करिश्मा ने स्वागत गीत गाकर सवको भाव विभोर कर दिए। अंग वस्त्र और मोमेंट देकर अतिथियों का सम्मान किया गया। स्वागत भा सचिव काजल कान्ति सिकदार ने स्वागत भाषण दिए। प्रधानाध्यापक सन्तोष कुमार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ ही कार्यक्रम का समापन हो गया।

संजीव सिंह बलिया!वाराणसी:20 मार्च 2026: यूपी कॉलेज परिसर में शुक्रवार सुबह साढ़े 10 बजे कला एवं सामाजिक विज्ञान संकाय के बाहर बीएससी सेकंड ईयर के छात्र सूर्य प्रताप सिंह (23) की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई। गाजीपुर निवासी सूर्य प्रताप घर के इकलौते बेटे थे और चेचक से ठीक होकर आज ही कॉलेज लौटे थे। हमलावर ने क्लासरूम के बाहर चार गोलियां चलाईं और पिस्टल कूड़े के ढेर में फेंककर फरार हो गया। घायल छात्र को बीएचयू ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।आरोपी मंजीत भी इसी कॉलेज का बीए सेकंड ईयर का छात्र है और वाराणसी के चांदमारी इलाके का निवासी बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, हत्या का कारण स्पष्ट नहीं हुआ है। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हंगामा मच गया। आक्रोशित छात्रों ने कैंपस में कुर्सियां तोड़ीं और बाहर दुकानों में तोड़फोड़ की। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने कॉलेज गेट बंद करा दिए तथा आसपास की 150 से अधिक दुकानों को बंद करा दिया। सात थानों की भारी फोर्स तैनात है। छात्र कॉलेज के बाहर धरने पर बैठे हैं।ट्रॉमा सेंटर में सूर्य प्रताप की मां ने बेटे की लाश देख बेहोश हो गईं, जिन्हें परिजनों ने संभाला। साथी छात्र दहाड़कर रो रहे थे। एक छात्र भावुक होकर बोला, “हमके हमार भाई चाही।”पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है।


संजय द्विवेदी प्रयागराज।झूंसी क्षेत्र की 67 वर्षीय महिला पिछले लगभग एक वर्ष से भोजन के बाद भारीपन बार-बार कच्ची डकार उल्टी गले में जलन और भोजन के मुंह में वापस आने जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रही थी।इन लक्षणों के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो रहा था और दवाइयों से केवल अस्थायी राहत मिल पा रही थी।लगातार परेशानी के बाद मरीज ने स्वरूप रानी नेहरू चिकित्सालय (SRN) में परामर्श लिया।यहां एंडोस्कोपी सहित विस्तृत जांच में उन्हें हायटल हर्निया नामक बीमारी का पता चला।इस स्थिति में पेट का ऊपरी हिस्सा अपनी जगह से खिसककर छाती में चला जाता है,जिससे एसिड रिफ्लक्स और अन्य समस्याएं उत्पन्न होती हैं।हायटल हर्निया का प्रारंभिक उपचार दवाइयो और जीवनशैली में बदलाव से किया जाता है, लेकिन जब इनसे आराम नहीं मिलता और मरीज की दिनचर्या प्रभावित होने लगती है, तब सर्जरी आवश्यक हो जाती है।इस केस को और जटिल बनाता था मरीज का पूर्व चिकित्सा इतिहास।उन्हें पहले थायरॉयडेक्टॉमी हिस्टेरेक्टॉमी और रेक्टल प्रोलैप्स की सर्जरी हो चुकी थी जिससे पेट के अंदर चिपकाव(एड्हीजन) होने की संभावना अधिक थी। ऐसे में ऑपरेशन तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण हो जाता है।इन सभी परिस्थितियो को ध्यान में रखते हुए सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ.वैभव श्रीवास्तव के नेतृत्व में टीम ने सावधानीपूर्वक योजना बनाकर मरीज का सफलतापूर्वक लैप्रोस्कोपिक फंडोप्लिकेशन ऑपरेशन किया।टीम में डॉ.तरुण कालरा डॉ.निशांत शुक्ला डॉ.हर्षित शर्मा डॉ. सृष्टि सिकदर और डॉ.सौरभ मिश्रा शामिल रहे।निश्चेतना विभाग से डॉ.शिवेन्दु ओझा और डॉ. साक्षी सिंह के मार्गदर्शन में डॉ. पल्लवी सूद एवं डॉ.उत्कर्ष मजूमदार ने सहयोग किया। ऑपरेशन थिएटर में प्रमिला राय दिनेश फ़ैयाज़ एवं अन्य कर्मचारियो की महत्वपूर्ण भूमिका रही।यह एक आधुनिक मिनिमली इनवेसिव सर्जरी है जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से पेट के ऊपरी हिस्से को इस प्रकार व्यवस्थित किया जाता है कि एसिड रिफ्लक्स रुक जाए।ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति संतोषजनक रही और उल्टी रिगर्जिटेशन व गले की जलन जैसी समस्याओ में स्पष्ट सुधार के बाद उन्हे छुट्टी दे दी गई।पहले इस प्रकार की सर्जरी के लिए मरीजों को लखनऊ वाराणसी या दिल्ली जाना पड़ता था लेकिन अब यह सुविधा प्रयागराज में ही उपलब्ध हो गई है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आम जनता से अपील की है कि लंबे समय तक सीने या गले में जलन खट्टी डकार या भोजन का बार-बार ऊपर आना जैसी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और उचित उपचार से हायटल हर्निया जैसी बीमारी का सफल इलाज संभव है।डॉ.वैभव श्रीवास्तव ने आगे बताया कि हायटल हर्निया के जटिल मामलों में भी यदि सही समय पर पहचान और उचित योजना के साथ उपचार किया जाए, तो लैप्रोस्कोपिक सर्जरी द्वारा सुरक्षित और स्थायी समाधान संभव है।आधुनिक तकनीकों के उपयोग से मरीज को कम दर्द शीघ्र रिकवरी और बेहतर जीवन गुणवत्ता मिलती है।
सुल्तानपुर,किसान के पुत्र ने आईआईटी जैम की परीक्षा पूरे देश में 1051 रैंक हासिल कर नाम रोशन किया है।जिले के होनहार शिवम शर्मा शहर के एक सिविल लाइन स्थित ड्रीम विजन एकेडमी कोचिंग से पढ़ाई कर सफलता हांसिल की है।उन्होंने इसका श्रेय अपने माता-पिता और अध्यापक डॉ जितेंद्र कुमार यादव को दिया है।शिवम शर्मा ने अपनी प्रारंभिक परीक्षा सीएल इंटरमीडिएट कॉलेज से की है।उन्होंने बताया कि उनका सपना जेआरएफ के एग्जाम को क्रैक कर एक अच्छा रिसर्चर बनना है।मोतिगरपुर ब्लॉक के उघरपुर भटपुरा ढेमा के निवासी शिवम ने बताया कि उनके पिता यज्ञ नारायण शर्मा एक साधारण किसान हैं।ड्रीम विजन एकेडमी के निदेशक योगेश यादव ने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
49 min ago
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