यूपी बीज निगम कर्मचारियों को सातवां वेतनमान मंजूर, सीएम योगी ने दी बड़ी सौगात

* कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रयास रंग लाए, 40 करोड़ से अधिक मुनाफे की उम्मीद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य बीज विकास निगम के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम कर्मियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से निगम के कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
अब तक निगम होने के कारण यहां कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी विभागों की तरह सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पा रहा था। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रयासों से यह निर्णय संभव हो सका है। इससे कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मियों की तरह बेहतर वेतन और सुविधाएं मिल सकेंगी।

* निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत
उत्तर प्रदेश राज्य बीज विकास निगम पिछले कई वर्षों से लगातार लाभ में चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से निगम लगातार मुनाफा कमा रहा है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम को **40 करोड़ रुपये से अधिक लाभ** होने का अनुमान है। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 तक निगम का **कुल संचित लाभ 143.07 करोड़ रुपये** पहुंच चुका है।

* कर्मचारियों के जीवन स्तर में होगा सुधार
सरकार का मानना है कि निगम कर्मियों के समर्पण और निगम की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए सातवां वेतनमान लागू किया गया है। इससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
नारी शक्ति के अपमान पर भड़कीं महिलाएं, विपक्षी दलों का पुतला फूंक जताया विरोध*
सुलतानपुर। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ नगर क्षेत्र की महिलाओं में भारी रोष देखने को मिला। भाजपा जिला उपाध्यक्ष व भाजयुमो ज़िलाध्यक्ष चन्दन नारायण सिंह के नेतृत्व में बुधवार को मातृशक्ति ने एकजुट होकर नगर में विशाल पदयात्रा निकाली और विरोध प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों का तिकोनिया पार्क पर पुतला दहन किया।
विपक्ष की मानसिकता पर उठाए सवाल
पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वन्दन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी और सम्मान दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम है। लेकिन, कुछ राजनीतिक दल अपनी संकुचित मानसिकता के कारण इस महिला हितैषी कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसे देश की आधी आबादी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
पदयात्रा से दिया एकता का संदेश
भाजयुमो के जिला पदाधिकारियों की देख रेख में नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में माताओं बहनों और छात्राओं ने हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने समाज को यह संदेश दिया कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। पदयात्रा के समापन पर विपक्षी दलों का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ प्रीति प्रकाश ,रचना अग्रवाल,रेखा निषाद ,कोकिला तिवारी ,सरला द्विवेदी ,भावना राय ,रेनू सिंह ,मंजू तिवारी,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी गौरव मौर्य,सचिन पांडेय,सुधांशु सिंह,शानू सिंह,शुभेन्द्र वीर,प्रिंस और महाविद्यालयों की छात्राएँ भी उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की राह में रोड़ा अटकाने वाले दलों को आने वाले समय में जनता कड़ा सबक सिखाएगी।
काशी नरेश कॉलेज में राजर्षि टंडन विवि का बी.एड. कोर्स शुरू: संबद्धता विस्तार और गुणवत्ता समीक्षा को टीम ने किया निरीक्षण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केएनपीजी), ज्ञानपुर (भदोही) में बी.एड. पाठ्यक्रम के संचालन की तैयारी है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के एक तीन सदस्यीय निरीक्षण दल ने आज महाविद्यालय का स्थलीय दौरा किया। यह दौरा बी.एड. पाठ्यक्रम की संबद्धता के विस्तार और गुणवत्ता मानकों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया था।
निरीक्षण टीम ने महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में उपलब्ध संसाधनों का गहनता से अवलोकन किया। टीम ने विशेष रूप से शैक्षिक ढांचे, पुस्तकालय सुविधाओं और संकाय सदस्यों के विवरण पर ध्यान केंद्रित किया। शैक्षिक ढांचे के तहत स्मार्ट क्लासरूम, मनोविज्ञान एवं विज्ञान प्रयोगशाला और आईसीटी संसाधनों की उपलब्धता जांची गई। पुस्तकालय में बी.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित नवीनतम पुस्तकों, पत्रिकाओं और ई-जर्नल्स की उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, संकाय सदस्यों की योग्यता (यूजीसी/एनसीटीई मानकों के अनुसार) और उनकी उपस्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण दल में प्रोफेसर पी.के. पाण्डेय, प्रोफेसर देवेश त्रिपाठी और डॉ. सुरेंद्र कुमार शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) द्वारा पहले से ही विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, यूपीआरटीओयू केएनपीजी के समन्वयक डॉक्टर अभिमन्यु यादव, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
भदोही में होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी, डीएम-एसपी ने दिए सख्त निर्देश*
*25 से 27 अप्रैल तक 6 केंद्रों पर होगी होमगार्ड परीक्षा, 14,976 अभ्यर्थी होंगे शामिल*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश होमगार्ड के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं नकल-विहीन आयोजन हेतु जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन जनपद भदोही के कुल 06 परीक्षा केन्द्रों पर दिनांक 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम पाली पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03:00 बजे से 05:00 बजे तक संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा तिथियों के प्रत्येक पालियों में 2496, प्रत्येक दिन में 4992 तथा कुल 03 दिन में कुल 14976 अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।
        जिलाधिकारी ने परीक्षा की सुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः नकल-विहीन, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो परीक्षा की समुचित निगरानी करेंगे।
         बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी परीक्षा केन्द्रों का पूर्व निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्रों पर समय से प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा संवेदनशील केन्द्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। परीक्षा केन्द्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करें।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचकर सुरक्षा, प्रवेश, ट्रैफिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के भी निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जांच के दौरान महिलाओं से मंगलसूत्र या श्रद्धा से जुड़ी धार्मिक सामग्री उतरवाने जैसी अनावश्यक कार्रवाई न की जाए तथा सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए।
मीटर स्मार्ट पर 30 बस्तियों में बांस पर टिकी बिजली*


*गर्मी में लो- वोल्टेज, ट्रिपिंग, स्पार्किंग और लोकेशन फाॅल्ट से परेशान हैं 2500 उपभोक्ता*




रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिजली निगम ने जनपद के एक लाख 624 उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर अब स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। इन स्मार्ट मीटरों को बिजली जुगाड़ के बांस-बल्ली के सहारे मिल रही है। जिससे स्मार्ट बिल निकल रहा है। जुगाड़ की यह व्यवस्था जिले की 30 बस्तियों में चल रही है। इस व्यवस्था से 2500 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर इन उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट के कारण बिजली कटौती, स्पार्किंग, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन 30 बस्तियों के उपभोक्ता कई बार बिजली के खंंभे और एबीसी केबल लगाने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। हर बार सिर्फ अभियंताओं ने आश्वासन ही दिया।



दो विभागों के बीच का पेच, झेल रहे उपभोक्ता
खंभे और एबीसी केबल लगाने में दो विभागों बिजली निगम और निकाय प्रशासन के बीच पेच फंसा है। इसका खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। बिजली निगम के अभियंताओं की माने तो निकाय को प्रस्ताव बनाकर देना होता है कि कहां खंभे लगाए जाने हैं। इसके बाद बिजली निगम की टीम सर्वे करती है। वहीं, निकाय प्रशासन का कहना है कि खंभे लगाना बिजली निगम का काम है।


जिन-जिन बस्तियों में बांस बल्ली लगे हैं। वहां खंभे लगाने के लिए सर्वे हो चुका है। प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने या अगले महीने तक वहां बांस-बल्लियों को हटाकर खंभे लगा दिए जाएंगे। निकाय के अंतर्गत आने वाली बस्तियों में खंभे लगाने के लिए नगर पंचायत को जानकारी देनी होती है। - एसके सिंह, एक्सईएन भदोही विद्युत उपकेंद्र।
खंभे और केबल लगाने की जिम्मेदारी को बिजली निगम की है। अगर बिजली निगम को खंभे लगाने की जानकारी चाहिए तो निकाय प्रशासन सर्वे कराकर उन्हें तत्काल अवगत करा देगा। - सुजीत कुमार, ईओ, नईबाजार।


ये है जिले की बिजली व्यवस्था
डिवीजन - दो
उपभोक्ता - दो लाख 48 हजार
स्मार्ट मीटर - एक लाख 620
प्रीपेट स्मार्ट मीटर - 10653
इन बस्तियों में बांस-बल्ली से होती है आपूर्ति
बस्ती - उपभोक्ता - आबादी
मक्दूपुर - 40 - 2000
नेहरूनगर (नईबाजार) - 130 - 5000
पकरी (भदोही) - 25 - 300
साई कॉलोनी (ज्ञानपुर) - 15 - 100
गांधीनगर (नईबाजार) - 15 - 100
नोट - इसी तरह जिले की कई बस्तियां हैं
69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेरा, सरकार पर न्याय में देरी का आरोप * ‘योगी जी हमें न्याय दो’ के नारों के बीच प्रदर्
लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में कथित 19 हजार सीटों के आरक्षण घोटाले को लेकर आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। वर्ष 2020 से हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों ने विधानसभा का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 10 से 15 मिनट तक सैकड़ों अभ्यर्थियों ने धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने सभी को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “योगी जी हमें न्याय दो”, “सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और धनंजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों से उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत की जगह मात्र 3.86 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत के बजाय बेहद कम आरक्षण दिया गया, जिससे बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन हुआ।
नेताओं का दावा है कि लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 13 अगस्त 2024 को भर्ती सूची निरस्त करते हुए सरकार को तीन महीने में मूल चयन सूची तैयार करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुमित यादव ने कहा कि अभ्यर्थी किसी को नौकरी से बाहर करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्ष 2020 से न्यायालय में याचिकाकर्ता बने अभ्यर्थियों को याची लाभ देकर मामले का समाधान चाहते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में प्रस्ताव नहीं रखती, तब तक लखनऊ में आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में धनंजय गुप्ता, मनोज प्रजापति, नकुल यादव, रामविलास यादव, पुष्पेंद्र सिंह, राजेश चौधरी, शोभा, कंचन, दीपिका राजपूत, इसरार अली, लईक अहमद समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
भाजपा नेता गोलीकांड में 36 घंटे बाद भी तहरीर नहीं,परिजनों का सीसीटीवी व डीवीआर देने से इंकार
*अपर पुलिस अधीक्षक नहीं दर्ज कर सके बयान

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात हुए भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह गोलीकांड को लेकर 36 घंटे बीत चुके हैं।हालांकि पीड़ित परिवार के लोगों द्वारा अभी तक परसपुर थाने में किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई है।पुलिस ने परिजनों से एक दर्जन से अधिक बार तहरीर मांगी है परन्तु शिकायत न मिलने से जांच में बाधा आ रही है।गोलीकांड में घायल भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह का बयान लेने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय लखनऊ स्थित किंग जार्ज चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे,लेकिन भूपेंद्र सिंह के बेहोश होने के कारण वे तीन बार प्रयास करने के बावजूद बयान नहीं दर्ज कर पाये और बिना बयान लिए ही गोंडा वापस लौट आए।परसपुर थाने की पुलिस भूपेंद्र सिंह के घर पर लगे सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल करना चाहती थी,लेकिन परिजनों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग और डीवीआर देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।अभी तक पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाया गया है।इस घटना के बाद घायल भूपेंद्र सिंह के घर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।इसके साथ ही लखनऊ स्थित केजीएमसी में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है,जहाँ उनके परिजनों की लगातार सुरक्षा और निगरानी की जा रही है।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि अभी तक परिजनों द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है।उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर मिलते ही तत्काल मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले में कठोर कार्यवाही की जाएगी।मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है।सभी बिंदुओं पर हमारी चार पुलिस टीमों द्वारा जांच की जा रही है।जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।
पीएम मोदी पर बयान देकर बुरे फंसे मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

#bjpapproacheseciagainstcongresschiefkharge

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रदानमंत्री पर विवादित बयान देकर मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित रूप से दिए गए बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन-किरण रिजिजू

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'

खरगे ने दी सफाई

वहीं, पीएम मोदी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं और इस संबंध में मैंने कहा था कि कर आतंकवाद हो रहा है, ईडी छापेमारी कर रही है, आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है, सीबीआई छापेमारी कर रही है। इस आतंकवाद को प्रधानमंत्री बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा; वे लोगों को डराने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे छापेमारी के जरिए लोगों को चुप कराने और चुनावों में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्नई में मैंने यही कहा था।'

मिर्जापुर: गैस एजेंसी की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान, 20–25 दिन बाद भी नहीं हो रही डिलीवरी
मिर्जापुर। विंध्याचल स्थित आधुनिक गैस एजेंसी के उपभोक्ता इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग के 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं की जा रही है।
बताया जाता है कि पूर्व में यह एजेंसी परमार गैस एजेंसी के नाम से संचालित होती थी, जिसे बाद में आधुनिक एजेंसी में मर्ज कर दिया गया। मर्जर के बाद शहर के बड़ी संख्या में कनेक्शन इसी एजेंसी में स्थानांतरित हो गए, जिसके चलते वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर संपर्क करने पर उन्हें गोदाम से स्वयं सिलेंडर ले जाने की बात कही जाती है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद एजेंसी प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी कर रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे एजेंसी के मनोबल बढ़े हुए हैं और उपभोक्ताओं की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और समयबद्ध होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए।
मिर्जापुर: गैस एजेंसी की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान, 20–25 दिन बाद भी नहीं हो रही डिलीवरी
मिर्जापुर। विंध्याचल स्थित आधुनिक गैस एजेंसी के उपभोक्ता इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग के 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं की जा रही है।
बताया जाता है कि पूर्व में यह एजेंसी परमार गैस एजेंसी के नाम से संचालित होती थी, जिसे बाद में आधुनिक एजेंसी में मर्ज कर दिया गया। मर्जर के बाद शहर के बड़ी संख्या में कनेक्शन इसी एजेंसी में स्थानांतरित हो गए, जिसके चलते वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर संपर्क करने पर उन्हें गोदाम से स्वयं सिलेंडर ले जाने की बात कही जाती है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद एजेंसी प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी कर रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे एजेंसी के मनोबल बढ़े हुए हैं और उपभोक्ताओं की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और समयबद्ध होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए।
यूपी बीज निगम कर्मचारियों को सातवां वेतनमान मंजूर, सीएम योगी ने दी बड़ी सौगात

* कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रयास रंग लाए, 40 करोड़ से अधिक मुनाफे की उम्मीद

लखनऊ । उत्तर प्रदेश राज्य बीज विकास निगम के कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निगम कर्मियों को सातवां वेतनमान देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री के इस फैसले से निगम के कर्मचारियों में खुशी की लहर है।
अब तक निगम होने के कारण यहां कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी विभागों की तरह सातवें वेतन आयोग का लाभ नहीं मिल पा रहा था। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी, जिसे अब सरकार ने स्वीकार कर लिया है।
सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल और कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही के प्रयासों से यह निर्णय संभव हो सका है। इससे कर्मचारियों को अन्य सरकारी कर्मियों की तरह बेहतर वेतन और सुविधाएं मिल सकेंगी।

* निगम की आर्थिक स्थिति मजबूत
उत्तर प्रदेश राज्य बीज विकास निगम पिछले कई वर्षों से लगातार लाभ में चल रहा है। वित्तीय वर्ष 2019-20 से निगम लगातार मुनाफा कमा रहा है।
वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम को **40 करोड़ रुपये से अधिक लाभ** होने का अनुमान है। वहीं वित्तीय वर्ष 2024-25 तक निगम का **कुल संचित लाभ 143.07 करोड़ रुपये** पहुंच चुका है।

* कर्मचारियों के जीवन स्तर में होगा सुधार
सरकार का मानना है कि निगम कर्मियों के समर्पण और निगम की मजबूत आर्थिक स्थिति को देखते हुए सातवां वेतनमान लागू किया गया है। इससे कर्मचारियों के जीवन स्तर में सुधार होगा और कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
नारी शक्ति के अपमान पर भड़कीं महिलाएं, विपक्षी दलों का पुतला फूंक जताया विरोध*
सुलतानपुर। नारी शक्ति वन्दन अधिनियम का विरोध करने वाले विपक्षी दलों के खिलाफ नगर क्षेत्र की महिलाओं में भारी रोष देखने को मिला। भाजपा जिला उपाध्यक्ष व भाजयुमो ज़िलाध्यक्ष चन्दन नारायण सिंह के नेतृत्व में बुधवार को मातृशक्ति ने एकजुट होकर नगर में विशाल पदयात्रा निकाली और विरोध प्रदर्शन करते हुए विपक्षी दलों का तिकोनिया पार्क पर पुतला दहन किया।
विपक्ष की मानसिकता पर उठाए सवाल
पदयात्रा के दौरान महिलाओं ने विपक्षी दलों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना था कि केंद्र सरकार द्वारा लाया गया नारी शक्ति वन्दन अधिनियम महिलाओं को राजनीति में उचित भागीदारी और सम्मान दिलाने वाला ऐतिहासिक कदम है। लेकिन, कुछ राजनीतिक दल अपनी संकुचित मानसिकता के कारण इस महिला हितैषी कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसे देश की आधी आबादी कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
पदयात्रा से दिया एकता का संदेश
भाजयुमो के जिला पदाधिकारियों की देख रेख में नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस पदयात्रा में बड़ी संख्या में माताओं बहनों और छात्राओं ने हिस्सा लिया। हाथों में तख्तियां लिए महिलाओं ने समाज को यह संदेश दिया कि अब महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति सजग हैं। पदयात्रा के समापन पर विपक्षी दलों का पुतला दहन कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया गया।
प्रमुख उपस्थिति
इस अवसर पर डॉ प्रीति प्रकाश ,रचना अग्रवाल,रेखा निषाद ,कोकिला तिवारी ,सरला द्विवेदी ,भावना राय ,रेनू सिंह ,मंजू तिवारी,विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी गौरव मौर्य,सचिन पांडेय,सुधांशु सिंह,शानू सिंह,शुभेन्द्र वीर,प्रिंस और महाविद्यालयों की छात्राएँ भी उपस्थित रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की राह में रोड़ा अटकाने वाले दलों को आने वाले समय में जनता कड़ा सबक सिखाएगी।
काशी नरेश कॉलेज में राजर्षि टंडन विवि का बी.एड. कोर्स शुरू: संबद्धता विस्तार और गुणवत्ता समीक्षा को टीम ने किया निरीक्षण*

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय द्वारा काशी नरेश राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय (केएनपीजी), ज्ञानपुर (भदोही) में बी.एड. पाठ्यक्रम के संचालन की तैयारी है। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के एक तीन सदस्यीय निरीक्षण दल ने आज महाविद्यालय का स्थलीय दौरा किया। यह दौरा बी.एड. पाठ्यक्रम की संबद्धता के विस्तार और गुणवत्ता मानकों की समीक्षा के उद्देश्य से किया गया था।
निरीक्षण टीम ने महाविद्यालय के शिक्षा विभाग में उपलब्ध संसाधनों का गहनता से अवलोकन किया। टीम ने विशेष रूप से शैक्षिक ढांचे, पुस्तकालय सुविधाओं और संकाय सदस्यों के विवरण पर ध्यान केंद्रित किया। शैक्षिक ढांचे के तहत स्मार्ट क्लासरूम, मनोविज्ञान एवं विज्ञान प्रयोगशाला और आईसीटी संसाधनों की उपलब्धता जांची गई। पुस्तकालय में बी.एड. पाठ्यक्रम से संबंधित नवीनतम पुस्तकों, पत्रिकाओं और ई-जर्नल्स की उपलब्धता की समीक्षा की गई। इसके अतिरिक्त, संकाय सदस्यों की योग्यता (यूजीसी/एनसीटीई मानकों के अनुसार) और उनकी उपस्थिति का भी मूल्यांकन किया गया।
निरीक्षण दल में प्रोफेसर पी.के. पाण्डेय, प्रोफेसर देवेश त्रिपाठी और डॉ. सुरेंद्र कुमार शामिल थे।
उल्लेखनीय है कि महाविद्यालय में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय (यूपीआरटीओयू) द्वारा पहले से ही विभिन्न पाठ्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य, यूपीआरटीओयू केएनपीजी के समन्वयक डॉक्टर अभिमन्यु यादव, शिक्षा विभाग के विभागाध्यक्ष, समस्त प्राध्यापक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
भदोही में होमगार्ड भर्ती परीक्षा की तैयारियां पूरी, डीएम-एसपी ने दिए सख्त निर्देश*
*25 से 27 अप्रैल तक 6 केंद्रों पर होगी होमगार्ड परीक्षा, 14,976 अभ्यर्थी होंगे शामिल*


रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश होमगार्ड के पदों पर एनरोलमेंट-2025 की परीक्षा के सफल, निष्पक्ष एवं नकल-विहीन आयोजन हेतु जिलाधिकारी शैलेष कुमार, पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी, अपर जिलाधिकारी वि0 रा0 कुंवर वीरेन्द्र मौर्य, अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में परीक्षा से संबंधित सभी व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने बताया कि उक्त परीक्षा का आयोजन जनपद भदोही के कुल 06 परीक्षा केन्द्रों पर दिनांक 25, 26 एवं 27 अप्रैल 2026 को किया जाएगा। परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित होगी, जिसमें प्रथम पाली पूर्वाह्न 10:00 बजे से 12:00 बजे तक तथा द्वितीय पाली अपराह्न 03:00 बजे से 05:00 बजे तक संपन्न कराई जाएगी। परीक्षा तिथियों के प्रत्येक पालियों में 2496, प्रत्येक दिन में 4992 तथा कुल 03 दिन में कुल 14976 अभ्यर्थियों द्वारा प्रतिभाग किया जाएगा।
        जिलाधिकारी ने परीक्षा की सुचिता एवं पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि परीक्षा को पूर्णतः नकल-विहीन, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से सम्पन्न कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए प्रत्येक परीक्षा केन्द्र पर एक सेक्टर मजिस्ट्रेट एवं एक स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती सुनिश्चित की गई है, जो परीक्षा की समुचित निगरानी करेंगे।
         बैठक में यह भी निर्देशित किया गया कि सभी परीक्षा केन्द्रों का पूर्व निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा मूलभूत सुविधाएं जैसे स्वच्छ पेयजल, शौचालय, विद्युत आपूर्ति एवं बैठने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त परीक्षा केन्द्रों पर समय से प्रश्नपत्र एवं अन्य परीक्षा सामग्री सुरक्षित रूप से पहुंचाने के लिए भी विशेष व्यवस्था की गई है।
           जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि परीक्षा के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने हेतु पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की जाए तथा संवेदनशील केन्द्रों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। परीक्षा केन्द्रों के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए तथा अभ्यर्थियों को शांतिपूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश देते हुए कहा कि परीक्षा प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी गंभीरता एवं जिम्मेदारी के साथ सुनिश्चित करें।
         पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने होमगार्ड भर्ती परीक्षा को सकुशल एवं निष्पक्ष संपन्न कराने के लिए ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी परीक्षा केंद्रों पर समय से पहुंचकर सुरक्षा, प्रवेश, ट्रैफिक एवं अन्य व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर लें, ताकि अभ्यर्थियों को किसी प्रकार की कठिनाई न हो। परीक्षा केंद्रों के आसपास यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के भी निर्देश दिए गए। एसपी ने स्पष्ट कहा कि जांच के दौरान महिलाओं से मंगलसूत्र या श्रद्धा से जुड़ी धार्मिक सामग्री उतरवाने जैसी अनावश्यक कार्रवाई न की जाए तथा सम्मानजनक व्यवहार रखा जाए।
मीटर स्मार्ट पर 30 बस्तियों में बांस पर टिकी बिजली*


*गर्मी में लो- वोल्टेज, ट्रिपिंग, स्पार्किंग और लोकेशन फाॅल्ट से परेशान हैं 2500 उपभोक्ता*




रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। बिजली निगम ने जनपद के एक लाख 624 उपभोक्ताओं के पुराने मीटर बदलकर अब स्मार्ट मीटर लगा दिए हैं। इन स्मार्ट मीटरों को बिजली जुगाड़ के बांस-बल्ली के सहारे मिल रही है। जिससे स्मार्ट बिल निकल रहा है। जुगाड़ की यह व्यवस्था जिले की 30 बस्तियों में चल रही है। इस व्यवस्था से 2500 उपभोक्ताओं के घरों में बिजली आपूर्ति हो रही है। भीषण गर्मी में लोड बढ़ने पर इन उपभोक्ताओं को लोकल फॉल्ट के कारण बिजली कटौती, स्पार्किंग, ट्रिपिंग और लो वोल्टेज जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इन 30 बस्तियों के उपभोक्ता कई बार बिजली के खंंभे और एबीसी केबल लगाने के लिए बिजली निगम के अधिकारियों से मिलकर प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। हर बार सिर्फ अभियंताओं ने आश्वासन ही दिया।



दो विभागों के बीच का पेच, झेल रहे उपभोक्ता
खंभे और एबीसी केबल लगाने में दो विभागों बिजली निगम और निकाय प्रशासन के बीच पेच फंसा है। इसका खामियाजा उपभोक्ता झेल रहे हैं। बिजली निगम के अभियंताओं की माने तो निकाय को प्रस्ताव बनाकर देना होता है कि कहां खंभे लगाए जाने हैं। इसके बाद बिजली निगम की टीम सर्वे करती है। वहीं, निकाय प्रशासन का कहना है कि खंभे लगाना बिजली निगम का काम है।


जिन-जिन बस्तियों में बांस बल्ली लगे हैं। वहां खंभे लगाने के लिए सर्वे हो चुका है। प्रक्रिया चल रही है। इसी महीने या अगले महीने तक वहां बांस-बल्लियों को हटाकर खंभे लगा दिए जाएंगे। निकाय के अंतर्गत आने वाली बस्तियों में खंभे लगाने के लिए नगर पंचायत को जानकारी देनी होती है। - एसके सिंह, एक्सईएन भदोही विद्युत उपकेंद्र।
खंभे और केबल लगाने की जिम्मेदारी को बिजली निगम की है। अगर बिजली निगम को खंभे लगाने की जानकारी चाहिए तो निकाय प्रशासन सर्वे कराकर उन्हें तत्काल अवगत करा देगा। - सुजीत कुमार, ईओ, नईबाजार।


ये है जिले की बिजली व्यवस्था
डिवीजन - दो
उपभोक्ता - दो लाख 48 हजार
स्मार्ट मीटर - एक लाख 620
प्रीपेट स्मार्ट मीटर - 10653
इन बस्तियों में बांस-बल्ली से होती है आपूर्ति
बस्ती - उपभोक्ता - आबादी
मक्दूपुर - 40 - 2000
नेहरूनगर (नईबाजार) - 130 - 5000
पकरी (भदोही) - 25 - 300
साई कॉलोनी (ज्ञानपुर) - 15 - 100
गांधीनगर (नईबाजार) - 15 - 100
नोट - इसी तरह जिले की कई बस्तियां हैं
69000 शिक्षक भर्ती: आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने विधानसभा घेरा, सरकार पर न्याय में देरी का आरोप * ‘योगी जी हमें न्याय दो’ के नारों के बीच प्रदर्
लखनऊ। 69000 सहायक शिक्षक भर्ती में कथित 19 हजार सीटों के आरक्षण घोटाले को लेकर आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। वर्ष 2020 से हाईकोर्ट और बाद में सुप्रीम कोर्ट में न्याय की लड़ाई लड़ रहे अभ्यर्थियों ने विधानसभा का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया। करीब 10 से 15 मिनट तक सैकड़ों अभ्यर्थियों ने धरना दिया, जिसके बाद पुलिस ने सभी को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “योगी जी हमें न्याय दो”, “सुप्रीम कोर्ट में याची लाभ का प्रस्ताव पेश करो” जैसे नारे लगाए। प्रदर्शन पिछड़ा दलित संयुक्त मोर्चा के बैनर तले किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप और धनंजय गुप्ता ने आरोप लगाया कि पिछले 18 महीनों से उत्तर प्रदेश सरकार सुप्रीम कोर्ट में आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी नहीं कर रही है।
उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत की जगह मात्र 3.86 प्रतिशत और एससी वर्ग को 21 प्रतिशत के बजाय बेहद कम आरक्षण दिया गया, जिससे बेसिक शिक्षा नियमावली 1981 और आरक्षण नियमावली 1994 का उल्लंघन हुआ।
नेताओं का दावा है कि लखनऊ हाईकोर्ट की डबल बेंच ने 13 अगस्त 2024 को भर्ती सूची निरस्त करते हुए सरकार को तीन महीने में मूल चयन सूची तैयार करने का आदेश दिया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
मोर्चा के प्रदेश महासचिव सुमित यादव ने कहा कि अभ्यर्थी किसी को नौकरी से बाहर करने की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्ष 2020 से न्यायालय में याचिकाकर्ता बने अभ्यर्थियों को याची लाभ देकर मामले का समाधान चाहते हैं।
प्रदेश अध्यक्ष सुशील कश्यप ने चेतावनी दी कि जब तक सरकार सुप्रीम कोर्ट में अभ्यर्थियों के पक्ष में प्रस्ताव नहीं रखती, तब तक लखनऊ में आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में धनंजय गुप्ता, मनोज प्रजापति, नकुल यादव, रामविलास यादव, पुष्पेंद्र सिंह, राजेश चौधरी, शोभा, कंचन, दीपिका राजपूत, इसरार अली, लईक अहमद समेत बड़ी संख्या में अभ्यर्थी मौजूद रहे।
भाजपा नेता गोलीकांड में 36 घंटे बाद भी तहरीर नहीं,परिजनों का सीसीटीवी व डीवीआर देने से इंकार
*अपर पुलिस अधीक्षक नहीं दर्ज कर सके बयान

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात हुए भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह गोलीकांड को लेकर 36 घंटे बीत चुके हैं।हालांकि पीड़ित परिवार के लोगों द्वारा अभी तक परसपुर थाने में किसी के खिलाफ कोई तहरीर नहीं दी गई है।पुलिस ने परिजनों से एक दर्जन से अधिक बार तहरीर मांगी है परन्तु शिकायत न मिलने से जांच में बाधा आ रही है।गोलीकांड में घायल भाजपा नेता भूपेंद्र सिंह का बयान लेने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी राधेश्याम राय लखनऊ स्थित किंग जार्ज चिकित्सा महाविद्यालय पहुंचे,लेकिन भूपेंद्र सिंह के बेहोश होने के कारण वे तीन बार प्रयास करने के बावजूद बयान नहीं दर्ज कर पाये और बिना बयान लिए ही गोंडा वापस लौट आए।परसपुर थाने की पुलिस भूपेंद्र सिंह के घर पर लगे सीसीटीवी फुटेज को जांच में शामिल करना चाहती थी,लेकिन परिजनों ने सीसीटीवी कैमरे की रिकार्डिंग और डीवीआर देने से स्पष्ट इंकार कर दिया है।अभी तक पुलिस को सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध नहीं करवाया गया है।इस घटना के बाद घायल भूपेंद्र सिंह के घर पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है।इसके साथ ही लखनऊ स्थित केजीएमसी में भी पुलिस बल की तैनाती की गई है,जहाँ उनके परिजनों की लगातार सुरक्षा और निगरानी की जा रही है।मामले में पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि अभी तक परिजनों द्वारा कोई तहरीर नहीं दी गई है।उन्होंने आश्वासन दिया कि तहरीर मिलते ही तत्काल मुकदमा दर्ज कर पूरे मामले में कठोर कार्यवाही की जाएगी।मामले के खुलासे के लिए चार पुलिस टीमों का गठन किया गया है।सभी बिंदुओं पर हमारी चार पुलिस टीमों द्वारा जांच की जा रही है।जांच में जो भी निकल कर आएगा उसके आधार पर हम कड़ी कार्रवाई करेंगे।
पीएम मोदी पर बयान देकर बुरे फंसे मल्लिकार्जुन खरगे, बीजेपी ने चुनाव आयोग में दर्ज कराई शिकायत

#bjpapproacheseciagainstcongresschiefkharge

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे प्रदानमंत्री पर विवादित बयान देकर मुश्किल में पड़ते दिख रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी ने मल्लिकार्जुन खरगे के बयान के खिलाफ चुनाव आयोग पहुंचकर शिकायत दर्ज करवाई है।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू और निर्मला सीतारमण के नेतृत्व में भाजपा का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज चुनाव आयोग से मिला। प्रतिनिधिमंडल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे द्वारा प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ कथित रूप से दिए गए बयान को लेकर आयोग के समक्ष शिकायत दर्ज कराई।

आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन-किरण रिजिजू

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने 'एक्स' पर अपने पोस्ट में कहा, 'हमने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के खिलाफ उनके चौंकाने वाले और शर्मनाक बयान के लिए कड़ी शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को 'आतंकवादी' कहा था। यह सिर्फ अपमानजनक ही नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक संस्थाओं पर एक खतरनाक और पहले कभी नहीं हुआ हमला है। यह आदर्श आचार संहिता का खुला उल्लंघन है। तुरंत कार्रवाई से कोई समझौता नहीं होगा।'

खरगे ने दी सफाई

वहीं, पीएम मोदी पर अपनी टिप्पणी के बारे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, 'मैंने प्रधानमंत्री के खिलाफ कुछ नहीं कहा। प्रधानमंत्री राजनेताओं और उम्मीदवारों को डरा रहे हैं और इस संबंध में मैंने कहा था कि कर आतंकवाद हो रहा है, ईडी छापेमारी कर रही है, आयकर विभाग छापेमारी कर रहा है, सीबीआई छापेमारी कर रही है। इस आतंकवाद को प्रधानमंत्री बढ़ावा दे रहे हैं। मैंने उन्हें आतंकवादी नहीं कहा; वे लोगों को डराने के लिए आतंकवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। वे छापेमारी के जरिए लोगों को चुप कराने और चुनावों में उन्हें हराने की कोशिश कर रहे हैं। चेन्नई में मैंने यही कहा था।'

मिर्जापुर: गैस एजेंसी की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान, 20–25 दिन बाद भी नहीं हो रही डिलीवरी
मिर्जापुर। विंध्याचल स्थित आधुनिक गैस एजेंसी के उपभोक्ता इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग के 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं की जा रही है।
बताया जाता है कि पूर्व में यह एजेंसी परमार गैस एजेंसी के नाम से संचालित होती थी, जिसे बाद में आधुनिक एजेंसी में मर्ज कर दिया गया। मर्जर के बाद शहर के बड़ी संख्या में कनेक्शन इसी एजेंसी में स्थानांतरित हो गए, जिसके चलते वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर संपर्क करने पर उन्हें गोदाम से स्वयं सिलेंडर ले जाने की बात कही जाती है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद एजेंसी प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी कर रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे एजेंसी के मनोबल बढ़े हुए हैं और उपभोक्ताओं की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और समयबद्ध होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए।
मिर्जापुर: गैस एजेंसी की लापरवाही से उपभोक्ता परेशान, 20–25 दिन बाद भी नहीं हो रही डिलीवरी
मिर्जापुर। विंध्याचल स्थित आधुनिक गैस एजेंसी के उपभोक्ता इन दिनों भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। उपभोक्ताओं का आरोप है कि गैस बुकिंग के 20 से 25 दिन बीत जाने के बाद भी सिलेंडर की होम डिलीवरी नहीं की जा रही है।
बताया जाता है कि पूर्व में यह एजेंसी परमार गैस एजेंसी के नाम से संचालित होती थी, जिसे बाद में आधुनिक एजेंसी में मर्ज कर दिया गया। मर्जर के बाद शहर के बड़ी संख्या में कनेक्शन इसी एजेंसी में स्थानांतरित हो गए, जिसके चलते वितरण व्यवस्था चरमरा गई है।
उपभोक्ताओं का कहना है कि एजेंसी पर संपर्क करने पर उन्हें गोदाम से स्वयं सिलेंडर ले जाने की बात कही जाती है, जबकि जिला प्रशासन की ओर से स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि घरेलू गैस सिलेंडर की होम डिलीवरी सुनिश्चित की जाए। इसके बावजूद एजेंसी प्रशासनिक निर्देशों की अनदेखी कर रही है।
स्थानीय लोगों का यह भी आरोप है कि जिला पूर्ति अधिकारी द्वारा इस संबंध में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे एजेंसी के मनोबल बढ़े हुए हैं और उपभोक्ताओं की समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं।
उपभोक्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर एजेंसी के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए और समयबद्ध होम डिलीवरी सुनिश्चित कराई जाए।