नगर पालिका के हाल : सप्लाई लेकर भूल गए, पेमेंट की बारी आई तो मांग रहे ऑर्डर...!
• बदल गए 4 सीएमओ, लेखाधिकारी अपनाए हैं हठधर्मिता
भोपाल। प्रदेश के जिलों में फैले स्थानीय निकायों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और हठधर्मिता का माहौल पसरा हुआ है। अपनी जरूरत का सामान सप्लाई लेने के बाद भुगतान के नाम पर नियम गिनाए जा रहे हैं। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी की हठधर्मिता का आलम यह है कि सीएम हेल्पलाइन पर इस संबंध में की गई शिकायत को भी वे बिना जांच किए सीधे फोर्स क्लास में डाल देते हैं। अब सप्लायर अपने हक का पैसा मांगने के लिए यहां वहां भटकने पर मजबूर है। उसने इस मामले को लेकर मुख्यमंत्री और नगरीय प्रशासन मंत्री से भी शिकायत की है।
मामला धार जिला मुख्यालय का है। यहां अरशद पठान नामक एक सप्लायर बरसों से आवश्यक सामग्री सप्लाई कर रहे हैं। करीब पांच छह साल पहले भी उन्होंने नगर पालिका की विभिन्न शाखाओं में सामग्री की आपूर्ति की थी। सप्लाई के लिए विभाग से विधिवत ऑर्डर भी जारी किया गया था और इसके सप्लाई किए जाने पर किसी तरह की मीनमेख या आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।
- फिर हुआ आपत्तियों का दौर
अरशद पठान ने जब इस सप्लाई के भुगतान के लिए ₹16 लाख का बिल नगर पालिका में सबमिट किया तो आपत्तियों का दौर शुरू हो गया। लेखा अधिकारीअनुपम तिवारी इस मामले को सप्लाई ऑर्डर की कमी और अन्य आपत्तियों के नाम पर लटकाते रहे। इस दौरान करीब 4 सीएमओ बदल गए और मामला टलता गया। इस मामले को करीब 5=6 साल गुजर गए लेकिन लेखा अधिकारी तिवारी ने इस पेमेंट को क्लियर नहीं किया।
- सीएम हेल्पलाइन से भी मदद नहीं
अपना पैसा न मिलने पर अरशद पठान ने सीएम हेल्पलाइन प्लेटफार्म पर इसकी शिकायत की। जिसको लेकर गुमराह करने वाले जवाबों के जरिए लेखा अधिकारी ने बंद करवा दिया। उन्होंने स्पष्ट कारण न बताते हुए ही सीएम हेल्पलाइन शिकायत को फोर्स क्लास कर दिया है।
- अब शिकायत सीएम तक
पांच साल में भी अपना पेमेंट नहीं मिलने पर अरशद पठान ने इसकी गुहार सीएम डॉ मोहन यादव को की है। उन्होंने लिखा है कि लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी के इस व्यवहार से जहां शासकीय प्रक्रियाओं पर प्रश्न चिन्ह लग रहा है, वहीं छोटे सप्लायर को बाजार में बने रहना भी मुश्किल हो गया है। इस पेमेंट के रुकने से उनका व्यवसायिक, सामाजिक और पारिवारिक जीवन भी मुश्किल हो गया है। उन्होंने इस शिकायत को नगरीय प्रशासन मंत्री और नगरीय प्रशासन मुख्यालय को भी भेजा है।
- उठ रहे सवाल
सरकारी प्रक्रिया में लेनदेन एक सामान्य प्रक्रिया माना जाने लगा है। लेखा अधिकारी अनुपम तिवारी द्वारा इस पेमेंट के बदले कुछ दक्षिणा सप्लायर से चाही जा रही है। इसकी पूर्ति न होने के चलते ही संभवतः यह भुगतान रोका गया है। इस मामले में यह कयास भी लगाए जा रहे हैं कि लेखा अधिकारी तिवारी अपने किसी सप्लायर को नगर पालिका में एडजस्ट करने के लिए अरशद को आउट करना चाहते हैं, इसी वजह से उन्होंने उनका यह पेमेंट अटका रखा है।






तरबूज आगे रख कर मासूम बच्चों को बंधक बना कर तालिबानी ढंग से दी सजा बनाई रील की वायरल

आजमगढ़। निजामाबाद थाना क्षेत्र के ग्राम क्यामुद्दीन पट्टी उर्फ परसहां निवासी शहजाद अहमद ने पुलिस चौकी फरिहा पर तैनात नायब दरोगा परमात्मा यादव और एक सिपाही पर घूस मांगने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़ित की शिकायत पर क्षेत्राधिकारी सदर के आदेश के बाद निजामाबाद थाने में मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पीड़ित शहजाद अहमद पुत्र अबुल बशर ने दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि वह अपने मकान का निर्माण करा रहा था। आरोप है कि विपक्षियों ने दबंगई के बल पर रुकवा दिया। इस संबंध में उसने स्थानीय थाना निजामाबाद में शिकायत की थी। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि थाना प्रभारी विपक्षियों के प्रभाव में आ गए और पीड़ित का मकान निर्माण भी रुकवा दिया । शिकायतकर्ता के अनुसार, बाद में पुलिस चौकी फरिहा से परमात्मा यादव नामक नायब दरोगा तथा प्रशांत सरोज नामक सिपाही ने उसे फोन कर फरिहा पुलिस चौकी पर बुलाया। आरोप है कि नायब दरोगा ने कहा कि “बड़े साहब” से बात हो गई है और काम शुरू कराने के लिए ₹10 हजार रुपए लाने होंगे। पीड़ित का आरोप है कि उससे पहले परमात्मा यादव द्वारा पीड़ित से ₹2500 भी लिया गया है तथा बाद में ₹5000 अतिरिक्त लाने की बात कही गई। खुद को परेशान बताते हुए पीड़ित ने क्षेत्राधिकारी सदर से मामले में कार्रवाई की मांग की। प्रार्थना पत्र पर क्षेत्राधिकारी सदर ने जांच के निर्देश देते हुए प्रकरण को थाना निजामाबाद भेजा। इसके बाद प्रभारी निरीक्षक ने अभियोग पंजीकृत करने का आदेश दिया। मामले की कायमी हेड कांस्टेबल सतीश चंद्र विशाल द्वारा की गई है।



साथ ही उन्होंने कहा कि उक्त कुएं के आसपास किसी प्रकार का घेराबंदी नहीं होने के कारण कई मवेशी भी जाते रहते है, जिससे मवेशी की भी डूबने से मौत हो सकती है। इधर मामले को लेकर जब स्थानीय मुखिया उमर फारूक से फोन के माध्यम से जानकारी ली गई तो उन्होंने जेसीबी से निर्माण कार्य होने की जानकारी से इनकार कर दिया। साथ ही उन्होंने किसी प्रकार की कार्रवाई हुई या नहीं इसकी भी स्पष्ट जानकारी नहीं दिए। बहरहाल मनरेगा योजना में भ्रष्टाचार का यह कोई नया मामला नहीं है। इस पंचायत में कई योजनाओं में पहले भी जेसीबी चलाए जाने की बात सामने आ चुकी है। किंतु एक बच्चे की मृत्यु के बाद भी अब तक उक्त योजना का संचालन होना एवं पूर्ण न होना स्थानीय जनप्रतिनिधियों के साथ अधिकारियों के लापरवाही को भी दर्शाता है।
रितेश मिश्रा
जौनपुर । अखंड राजपूताना सेवा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी सिंह दुर्गावंश के नेतृत्व में महाराणा प्रताप जन्मोत्सव के अवसर पर शनिवार सुबह भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा कार्यालय परिसर से प्रारंभ होकर महराजगंज तिराहे तक पहुंची, जहां पूरे क्षेत्र में उत्साह और उल्लास का माहौल देखने को मिला।
मुंबई। जैन शासन की सेवा एवं तीर्थों के उत्थान के लिए समर्पित सेवाभावी व्यक्तित्व संजयभाई जीवनलाल शाह को श्री वर्धमान जंबूद्वीप ट्रस्ट तथा वर्धमान जैन पेढ़ी के ट्रस्टी के रूप में नियुक्त किया गया है। इस गौरवपूर्ण नियुक्ति से जैन समाज में हर्ष और आनंद की भावना व्याप्त है।

7 min ago
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