लंदन में बाबा साहेब की स्मृतियों के बीच भावुक हुए मुख्यमंत्री: "संविधान ने हमें सिर्फ अधिकार नहीं, सम्मान और गरिमा भी दी"

लंदन / रांची, 26 जनवरी 2026: 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने लंदन स्थित डॉ. भीमराव अंबेडकर मेमोरियल (बाबा साहेब का ऐतिहासिक आवास) पहुँचकर संविधान निर्माता को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने इस क्षण को अपने जीवन का सबसे 'भावुक और प्रेरणादायी' अनुभव बताया।

सामाजिक न्याय की आधारशिला को नमन
बाबा साहेब के उस घर में, जहाँ उन्होंने अपने छात्र जीवन के दौरान रहकर समानता का स्वप्न बुना था, मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन करते हुए कहा:
"गणतंत्र दिवस के दिन बाबा साहेब के इस आवास में होना परम सौभाग्य की बात है। उनके समावेशी और समानतामूलक विचार ही आज हमारे सामाजिक न्याय और लोकतांत्रिक मूल्यों की सबसे मजबूत आधारशिला हैं।"
गेस्ट बुक में दर्ज किए अपने विचार
मुख्यमंत्री ने म्यूजियम का भ्रमण किया और उन ऐतिहासिक दस्तावेजों व स्मृतियों का अवलोकन किया जो बाबा साहेब के संघर्षपूर्ण जीवन को दर्शाते हैं। इस अवसर पर उन्होंने म्यूजियम की 'गेस्ट बुक' में अपने संदेश के माध्यम से बाबा साहेब के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि बाबा साहेब ने देश के प्रत्येक नागरिक को सम्मान, गरिमा और स्वाभिमान के साथ जीने का संवैधानिक अधिकार प्रदान किया है।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक दौरे के दौरान मुख्यमंत्री के साथ उनकी धर्मपत्नी श्रीमती कल्पना मुर्मू सोरेन, झारखंड के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार तथा अंबेडकर म्यूजियम के पदाधिकारी उपस्थित रहे। प्रतिनिधिमंडल ने बाबा साहेब के वैश्विक योगदान और आधुनिक भारत के निर्माण में उनकी भूमिका पर चर्चा की।
संविधान और हाशिये के समाज का जुड़ाव
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि बाबा साहेब की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता का ही परिणाम है कि आज भारत जैसा विविध देश एक सशक्त लोकतंत्र के रूप में खड़ा है। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार बाबा साहेब के बताए 'शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो' के मार्ग पर चलकर समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने के लिए संकल्पित है।
4 hours ago
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