आज आएगी महिला आयोग की सदस्य, करेंगी जनसुनवाई

गोण्डा।  प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम, पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय तथा उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से 04 फरवरी,2026 को जनपद में महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जनसुनवाई कार्यक्रम पूर्वान्ह 11ः00 बजे से सर्किट हाउस गोण्डा में आयोजित होगा। जनसुनवाई के उपरान्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। जनपद में महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। सभी पीड़ित महिलाएं जनसुनवाई में अपनी बात रख सकती है।  इस दौरान महिला थानाध्यक्ष सहित संबंधित पुलिस अधिकारी जनसुनवाई में उपस्थित रहेंगे।
आयोग का यह प्रयास महिला शिकायतों के त्वरित निस्तारण, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं जनसुनवाई के बाद श्रीमती सिंह द्वारा स्वास्थ्य केंद्र  व आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करेंगी।
नेपाल से आई बहुएं भारतीय मतदाता नहीं बन सकतीं, पहले लेनी होगी नागरिकता

लखनऊ । भारत-नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का संबंध बेहद मजबूत माना जाता है। सीमावर्ती जिलों सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नेपाल की लड़कियों की शादी भारतीय नागरिकों से होती है। विवाह के बाद ये महिलाएं भारत में रहकर पारिवारिक जीवन बिता रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे भारत की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं करा सकतीं।

भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, नेपाल की जो महिलाएं भारतीय नागरिकों से शादी करके भारत में रह रही हैं, वे वैध निवासी (Legal Resident) तो मानी जाती हैं, लेकिन भारतीय नागरिक (Indian Citizen) नहीं होतीं। भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। इसलिए वैध रूप से रहने के बावजूद उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिल सकता।

नागरिकता मिलने के बाद ही वोटर बनने का अधिकार

नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आवेदन करना होता है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं—

भारत में लगातार 7 साल निवास का प्रमाण

विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य

वैध मैरिज सर्टिफिकेट

लगातार 7 साल तक भारत में रहने का पक्का आवासीय प्रमाण (Residential Documents)

यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी, फिर राज्य गृह विभाग और अंत में केंद्र गृह मंत्रालय के माध्यम से पूरी की जाती है।

बच्चों को मिल सकती है भारतीय नागरिकता

हालांकि तय मानकों को पूरा करने पर ऐसे दंपतियों के बच्चे भारतीय नागरिक माने जा सकते हैं, और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम इस प्रकार हैं—

1 जुलाई 1987 से पहले जन्म: स्वतः भारतीय नागरिक

1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा वैध तरीके से भारत में रह रहा हो

भारत-नेपाल संधि से वैध निवास, लेकिन वोट का अधिकार नहीं

भारत-नेपाल के बीच संधि के चलते भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों को वैध निवासी माना जाता है, लेकिन मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता जरूरी है। इसी कारण नेपाल से आईं बहुएं नागरिकता लिए बिना वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़वा सकतीं।
राजधानी लखनऊ में तूफानी हवाओं का कहर, काले बादलों से छाया अंधेरा, बारिश शुरू

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिन में ही काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया और तूफानी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मौसम इतना बिगड़ा कि पेड़ गिरने जैसी आशंका जताई जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ बिजली कड़कने से लोग सहम गए।

सुबह के समय हल्का कोहरा रहा, इसके बाद आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
रविवार के बाद सोमवार को भी लखनऊ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। अधिकतम आर्द्रता 87% और न्यूनतम 54% रही।

वहीं वायु गुणवत्ता की बात करें तो सुबह अलीगंज का AQI 206 और तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र 202 के साथ खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। गोमतीनगर 80 और अंबेडकर यूनिवर्सिटी 65 के साथ संतोषजनक श्रेणी में रहे। कुकरैल पिकनिक स्पॉट का AQI 45 के साथ अच्छी स्थिति में रहा।मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फरवरी से मौसम सामान्य होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026: 7.48 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य का फैसला आज से; कदाचार रोकने के लिए 1989 केंद्रों पर 'किलो-बंंदी'

राँची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं आज, 3 फरवरी से शुरू हो गईं। राज्यभर के 1989 केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की गहमागहमी देखी गई। प्रशासन ने "कदाचार मुक्त परीक्षा" सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की अभूतपूर्व तैनाती की है।

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परीक्षा का सांख्यिकीय विवरण

इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार:

कुल परीक्षार्थी: 7,48,182

मैट्रिक (10वीं): 4,23,861 छात्र (1232 केंद्र)

इंटरमीडिएट (12वीं): 3,24,321 छात्र (757 केंद्र)

इंटरमीडिएट संकायवार विवरण:

कला (Arts): 2,12,547

विज्ञान (Science): 90,579

वाणिज्य (Commerce): 21,195

जिलों की स्थिति: गिरिडीह फिर अव्वल

मैट्रिक और इंटर, दोनों ही परीक्षाओं में गिरिडीह जिला सबसे अधिक परीक्षार्थियों (40,827) के साथ शीर्ष पर है। वहीं, खूंटी जिला सबसे कम परीक्षार्थियों (6,097) वाला जिला बना है।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जैक ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है:

सीसीटीवी निगरानी: सभी 1989 केंद्रों के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

मजिस्ट्रेट की तैनाती: केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस बल मुस्तैद हैं।

कोषागार से सीधी निगरानी: प्रश्न-पत्रों के निकालने से लेकर वितरण तक की वीडियोग्राफी और प्रशासनिक निगरानी की जा रही है।

15 मिनट अतिरिक्त समय: परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।

परीक्षा समय-सारणी (शिड्यूल)

परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं:

प्रथम पाली (मैट्रिक): सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

द्वितीय पाली (इंटर): दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।

अज्ञात वाहन की टक्कर से बुग्गी क्षतिग्रस्त, चालक फरार
मेरठ। बहसूमा। मोड खुर्द निवासी कले  पुत्र होसराम की बुग्गी को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बुग्गी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में बुग्गी चला रहे आबिद को भी चोट लगने की सूचना है। टक्कर के बाद अज्ञात वाहन का चालक मौके से फरार हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबिद मोड खुर्द स्थित अपने घर से हरा चारा और कुछ घरेलू सामान बुग्गी में रखकर घेर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह सड़क पार कर रहा था, तभी सामने से तेज गति में आ रहे अज्ञात वाहन ने बुग्गी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुग्गी सड़क पर पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई और आबिद उछलकर दूर जा गिरा। और गाड़ी का शीशा टूट कर सड़क पर जा गिरा

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और घायल आबिद को संभाला। बताया गया कि उसे चोटें आई हैं, हालांकि गंभीर स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, टक्कर मारने वाला वाहन चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। बताया गया की घटना की सूचना संबंधित थाने को दे दी गई है।
देवघर-महापौर प्रत्याशी बाबा बलियासे ने किया नामांकन दाखिल, उमड़ा जनसैलाब।
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देवघर: नगर निगम चुनाव में सोमवार को जाने-माने समाजसेवी सह ऑक्सीजन मैन के नाम से मशहूर नागेंद्रनाथ बलियासे उर्फ बाबा बलियासे ने अपने समर्थकों के नाथ नामांकन दाखिल किया। बिलासी स्थित अपने चुनाव कार्यालय से बाबा बलियासे समर्थक और ढोल-बाजे के साथ रैली निकाल कर डीसी ऑफिस पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बाबा बलियास ने कहा कि उनके लिए यह चुनाव मैदान नहीं, बल्कि सेवा मैदान है। लगातार 15 वर्षों से लोगों की सेवा करते आ रहा हूं। कोरोना के दौरान हर किसी का सहयोग किया। निःशुल्क ऑक्सीजन सप्लाई कर कईयों की जान बचाई। समाजसेवा के बाद देवघर के विकास के लिए मेयर का चुनाव लड़ रहा हूं। बाबा बलियासे कहा कि समाजसेवा के जरिए आज जनप्रतिनिधि बनने को चुनाव मैदान हूं। इसका एक मात्र उद्देश्य है कि जनता की सेवा। देवघरवासियों ने देखा है कि कैसे कोराना जैसी वैश्विक महामारी में अच्छे-अच्छे और सक्षम लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिये थे, लेकिन मैंने लोगों की हर परिस्थिति में मदद की। नतीजा यह हुआ कि लोगों ने उपहार के तौर पर मेरा नामाकरण ऑक्सीजन मैन कर दिया। देवघर के विकास के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय सांसद, विधायक के साथ समन्वय बनाकर ही शहर का विकास हो सकता है। देवघर के विकास के लिए एक वातावरण तैयार करने का प्रयास करूंगा, ताकि यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को उपलब्ध हो सके। मेरी लड़ाई देवघर के लिए है और शहर के विकास के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं।
​श्री साई बाबा कॉलेज में 'स्पोर्ट्स फेस्ट-2026' का आगाज: खेलों से मिलती है शक्ति और ऊर्जा

अम्बिकापुर- प्ले हार्ड-पार्टी हार्ड... ये पंक्तियां श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-2026 के उद्घाटन अवसर पर अम्बिकापुर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष उम्मेद सिंह चरन ने कही। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के प्रत्येक पायदान पर है। खेलों से प्रतिस्पर्धा, मनोरंजन के साथ शरीर को शक्ति मिलती है, जो हमें ऊर्जावान बनाती है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामना देते श्रेष्ठ प्रदर्शन का आह्वान किया।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती एवं श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि उम्मेद सिंह चरन ने झंडोत्तोलन कर तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-२०२६ का आगाज किया। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा शरीर होना आवश्यक है। खेलों से ही हमें स्वस्थ शरीर मिलता है जिसमें स्वस्थ मन, दिमाग का विकास होता है।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेलों से हमें फिटनेस, फ्रेंड, फेमिली और फ्रीडम मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि खेल भावना से प्रतियोगिता में भाग लीजिये। अतिथियों ने खिलाड़ियोंं से परिचय प्राप्त किया और गोला फेंक कर उत्साहवर्धन किया। स्पोर्ट्स फेस्ट के दौरान, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक, स्लो साइकिल रेस, रस्साकशी, बैडमिंटन, शतरंज, ऊंची कूद, लम्बी कूद आदि प्रतियोगितायें खेली जायेंगी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगमीत कौर ने किया। अतिथियों को आभार एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनिता चरन, प्रबंध समिति की सदस्य अलका इंगोले, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवघर-महापौर प्रत्याशी रवि केशरी ने भरा नामांकन, भव्य जुलूस के साथ जनता से मांगा आशीर्वाद न्यू ग्रैंड होटल से निकाली शोभायात्रा।
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देवघर: नगर निगम चुनाव 2026 में महापौर पद के प्रत्याशी रवि केशरी ने सोमवार को भव्य जुलूस के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। न्यू ग्रैंड होटल से सुबह 10 बजे शुरू हुए नामांकन जुलूस ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय तक का सफर तय किया, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से अपना नामांकन पत्र भरा। इस दौरान सैकड़ों समर्थकों ने उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नारेबाजी की और फूलमालाओं से उनका स्वागत किया। नामांकन के बाद, रवि केशरी ने इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा यह नामांकन सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि देवघर की जनता के प्रति मेरी एक सच्ची प्रतिबद्धता है। मैंने आज जो कागज भरा है, वह आप सभी के विश्वास और आशीर्वाद है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा देवघर बनाना है जहां हर नागरिक को गरिमामय जीवन जीने के लिए बुनियादी सुविधाएं मिलें। स्वच्छता, सड़क, पानी और शिक्षा-स्वास्थ्य पर हमारा पूरा फोकस रहेगा। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जहां नागरिकों को हर काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। तकनीक का उपयोग करके हम शहर को स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित बनाएंगे। इस अवसर पर उनके प्रमुख समर्थकों, स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके पक्ष में मतदान का आह्वान किया। कार्यक्रम में मीडिया के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्हें आमंत्रित करने के लिए उनकी टीम ने विशेष निमंत्रण भेजा था।नामांकन के इस कार्यक्रम में जनता के व्यापक समर्थन ने साफ संकेत दिया कि महापौर पद की यह दौड़ अब और भी रोचक होने वाली है। रवि केशरी ने अपने संबोधन के अंत में कहा, यह मेरी अकेली जीत नहीं होगी, यह पूरे देवघर की जीत होगी। मैं आपके सपनों को साकार करने के लिए एक पुल की तरह काम करूंगा।
संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।

आज आएगी महिला आयोग की सदस्य, करेंगी जनसुनवाई

गोण्डा।  प्रदेश में महिला उत्पीड़न की रोकथाम, पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय तथा उनकी समस्याओं के शीघ्र समाधान के उद्देश्य से 04 फरवरी,2026 को जनपद में महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। जनसुनवाई कार्यक्रम पूर्वान्ह 11ः00 बजे से सर्किट हाउस गोण्डा में आयोजित होगा। जनसुनवाई के उपरान्त आंगनबाड़ी केन्द्रों का निरीक्षण भी किया जाएगा। जनपद में महिला आयोग की सदस्य एकता सिंह की अध्यक्षता में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया जाएगा। सभी पीड़ित महिलाएं जनसुनवाई में अपनी बात रख सकती है।  इस दौरान महिला थानाध्यक्ष सहित संबंधित पुलिस अधिकारी जनसुनवाई में उपस्थित रहेंगे।
आयोग का यह प्रयास महिला शिकायतों के त्वरित निस्तारण, प्रशासनिक समन्वय और जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। वहीं जनसुनवाई के बाद श्रीमती सिंह द्वारा स्वास्थ्य केंद्र  व आंगनवाड़ी केंद्र का निरीक्षण करेंगी।
नेपाल से आई बहुएं भारतीय मतदाता नहीं बन सकतीं, पहले लेनी होगी नागरिकता

लखनऊ । भारत-नेपाल के बीच “रोटी-बेटी” का संबंध बेहद मजबूत माना जाता है। सीमावर्ती जिलों सिद्धार्थनगर, महराजगंज, बलरामपुर, गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और पीलीभीत सहित कई क्षेत्रों में बड़ी संख्या में नेपाल की लड़कियों की शादी भारतीय नागरिकों से होती है। विवाह के बाद ये महिलाएं भारत में रहकर पारिवारिक जीवन बिता रही हैं, लेकिन इसके बावजूद वे भारत की मतदाता सूची में अपना नाम शामिल नहीं करा सकतीं।

भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य

चुनाव आयोग के अधिकारियों के अनुसार, नेपाल की जो महिलाएं भारतीय नागरिकों से शादी करके भारत में रह रही हैं, वे वैध निवासी (Legal Resident) तो मानी जाती हैं, लेकिन भारतीय नागरिक (Indian Citizen) नहीं होतीं। भारत में मतदाता बनने के लिए नागरिक होना अनिवार्य शर्त है। इसलिए वैध रूप से रहने के बावजूद उन्हें जनप्रतिनिधि चुनने का अधिकार नहीं मिल सकता।

नागरिकता मिलने के बाद ही वोटर बनने का अधिकार

नेपाली महिलाओं को विवाह के बाद भारतीय नागरिकता प्राप्त करने के लिए भारतीय नागरिकता अधिनियम 1955 के तहत आवेदन करना होता है। इसके लिए कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी पड़ती हैं—

भारत में लगातार 7 साल निवास का प्रमाण

विवाह पंजीकरण (Marriage Registration) अनिवार्य

वैध मैरिज सर्टिफिकेट

लगातार 7 साल तक भारत में रहने का पक्का आवासीय प्रमाण (Residential Documents)

यह पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी, फिर राज्य गृह विभाग और अंत में केंद्र गृह मंत्रालय के माध्यम से पूरी की जाती है।

बच्चों को मिल सकती है भारतीय नागरिकता

हालांकि तय मानकों को पूरा करने पर ऐसे दंपतियों के बच्चे भारतीय नागरिक माने जा सकते हैं, और उनका नाम मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।

जन्म के आधार पर नागरिकता के नियम इस प्रकार हैं—

1 जुलाई 1987 से पहले जन्म: स्वतः भारतीय नागरिक

1 जुलाई 1987 से 2 दिसंबर 2004 के बीच जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो

2 दिसंबर 2004 के बाद जन्म: तभी नागरिक, जब माता-पिता में से एक भारतीय नागरिक हो और दूसरा वैध तरीके से भारत में रह रहा हो

भारत-नेपाल संधि से वैध निवास, लेकिन वोट का अधिकार नहीं

भारत-नेपाल के बीच संधि के चलते भारत में रहने वाले नेपाली नागरिकों को वैध निवासी माना जाता है, लेकिन मतदाता बनने के लिए भारतीय नागरिकता जरूरी है। इसी कारण नेपाल से आईं बहुएं नागरिकता लिए बिना वोटर लिस्ट में नाम नहीं जुड़वा सकतीं।
राजधानी लखनऊ में तूफानी हवाओं का कहर, काले बादलों से छाया अंधेरा, बारिश शुरू

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली। दिन में ही काले बादलों के कारण अंधेरा छा गया और तूफानी हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के चलते शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। मौसम इतना बिगड़ा कि पेड़ गिरने जैसी आशंका जताई जा रही है। ठंडी हवाओं के साथ बिजली कड़कने से लोग सहम गए।

सुबह के समय हल्का कोहरा रहा, इसके बाद आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग के अनुसार आज लखनऊ का अधिकतम तापमान 25 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
रविवार के बाद सोमवार को भी लखनऊ प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा। सोमवार को अधिकतम तापमान 26.3 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से 2.3 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान 13 डिग्री रहा जो सामान्य से 4 डिग्री अधिक था। अधिकतम आर्द्रता 87% और न्यूनतम 54% रही।

वहीं वायु गुणवत्ता की बात करें तो सुबह अलीगंज का AQI 206 और तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र 202 के साथ खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। गोमतीनगर 80 और अंबेडकर यूनिवर्सिटी 65 के साथ संतोषजनक श्रेणी में रहे। कुकरैल पिकनिक स्पॉट का AQI 45 के साथ अच्छी स्थिति में रहा।मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के अनुसार फरवरी से मौसम सामान्य होने की संभावना है और न्यूनतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट आ सकती है। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 घंटों में कहीं-कहीं हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
झारखंड बोर्ड परीक्षा 2026: 7.48 लाख परीक्षार्थियों के भविष्य का फैसला आज से; कदाचार रोकने के लिए 1989 केंद्रों पर 'किलो-बंंदी'

राँची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) द्वारा आयोजित मैट्रिक और इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाएं आज, 3 फरवरी से शुरू हो गईं। राज्यभर के 1989 केंद्रों पर सुबह से ही परीक्षार्थियों की गहमागहमी देखी गई। प्रशासन ने "कदाचार मुक्त परीक्षा" सुनिश्चित करने के लिए सीसीटीवी निगरानी और पुलिस बल की अभूतपूर्व तैनाती की है।

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परीक्षा का सांख्यिकीय विवरण

इस वर्ष परीक्षार्थियों की संख्या में पिछले साल के मुकाबले थोड़ी कमी आई है। आंकड़ों के अनुसार:

कुल परीक्षार्थी: 7,48,182

मैट्रिक (10वीं): 4,23,861 छात्र (1232 केंद्र)

इंटरमीडिएट (12वीं): 3,24,321 छात्र (757 केंद्र)

इंटरमीडिएट संकायवार विवरण:

कला (Arts): 2,12,547

विज्ञान (Science): 90,579

वाणिज्य (Commerce): 21,195

जिलों की स्थिति: गिरिडीह फिर अव्वल

मैट्रिक और इंटर, दोनों ही परीक्षाओं में गिरिडीह जिला सबसे अधिक परीक्षार्थियों (40,827) के साथ शीर्ष पर है। वहीं, खूंटी जिला सबसे कम परीक्षार्थियों (6,097) वाला जिला बना है।

सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम

परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए जैक ने 'जीरो टॉलरेंस' नीति अपनाई है:

सीसीटीवी निगरानी: सभी 1989 केंद्रों के कमरों में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

मजिस्ट्रेट की तैनाती: केंद्रों पर स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस बल मुस्तैद हैं।

कोषागार से सीधी निगरानी: प्रश्न-पत्रों के निकालने से लेकर वितरण तक की वीडियोग्राफी और प्रशासनिक निगरानी की जा रही है।

15 मिनट अतिरिक्त समय: परीक्षार्थियों को प्रश्न-पत्र पढ़ने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा रहा है।

परीक्षा समय-सारणी (शिड्यूल)

परीक्षाएं दो पालियों में आयोजित की जा रही हैं:

प्रथम पाली (मैट्रिक): सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक।

द्वितीय पाली (इंटर): दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक।

अज्ञात वाहन की टक्कर से बुग्गी क्षतिग्रस्त, चालक फरार
मेरठ। बहसूमा। मोड खुर्द निवासी कले  पुत्र होसराम की बुग्गी को अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बुग्गी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हादसे में बुग्गी चला रहे आबिद को भी चोट लगने की सूचना है। टक्कर के बाद अज्ञात वाहन का चालक मौके से फरार हो गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, आबिद मोड खुर्द स्थित अपने घर से हरा चारा और कुछ घरेलू सामान बुग्गी में रखकर घेर की ओर जा रहा था। जैसे ही वह सड़क पार कर रहा था, तभी सामने से तेज गति में आ रहे अज्ञात वाहन ने बुग्गी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बुग्गी सड़क पर पलटते हुए क्षतिग्रस्त हो गई और आबिद उछलकर दूर जा गिरा। और गाड़ी का शीशा टूट कर सड़क पर जा गिरा

घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और घायल आबिद को संभाला। बताया गया कि उसे चोटें आई हैं, हालांकि गंभीर स्थिति की पुष्टि नहीं हो सकी है। वहीं, टक्कर मारने वाला वाहन चालक बिना रुके मौके से फरार हो गया।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि फरार वाहन चालक की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, इस मार्ग पर तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके। बताया गया की घटना की सूचना संबंधित थाने को दे दी गई है।
देवघर-महापौर प्रत्याशी बाबा बलियासे ने किया नामांकन दाखिल, उमड़ा जनसैलाब।
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देवघर: नगर निगम चुनाव में सोमवार को जाने-माने समाजसेवी सह ऑक्सीजन मैन के नाम से मशहूर नागेंद्रनाथ बलियासे उर्फ बाबा बलियासे ने अपने समर्थकों के नाथ नामांकन दाखिल किया। बिलासी स्थित अपने चुनाव कार्यालय से बाबा बलियासे समर्थक और ढोल-बाजे के साथ रैली निकाल कर डीसी ऑफिस पहुंचे और नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद पत्रकारों से बात करते हुए बाबा बलियास ने कहा कि उनके लिए यह चुनाव मैदान नहीं, बल्कि सेवा मैदान है। लगातार 15 वर्षों से लोगों की सेवा करते आ रहा हूं। कोरोना के दौरान हर किसी का सहयोग किया। निःशुल्क ऑक्सीजन सप्लाई कर कईयों की जान बचाई। समाजसेवा के बाद देवघर के विकास के लिए मेयर का चुनाव लड़ रहा हूं। बाबा बलियासे कहा कि समाजसेवा के जरिए आज जनप्रतिनिधि बनने को चुनाव मैदान हूं। इसका एक मात्र उद्देश्य है कि जनता की सेवा। देवघरवासियों ने देखा है कि कैसे कोराना जैसी वैश्विक महामारी में अच्छे-अच्छे और सक्षम लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिये थे, लेकिन मैंने लोगों की हर परिस्थिति में मदद की। नतीजा यह हुआ कि लोगों ने उपहार के तौर पर मेरा नामाकरण ऑक्सीजन मैन कर दिया। देवघर के विकास के लिए केंद्र सरकार, राज्य सरकार, स्थानीय सांसद, विधायक के साथ समन्वय बनाकर ही शहर का विकास हो सकता है। देवघर के विकास के लिए एक वातावरण तैयार करने का प्रयास करूंगा, ताकि यहां विश्व स्तरीय सुविधाएं स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को उपलब्ध हो सके। मेरी लड़ाई देवघर के लिए है और शहर के विकास के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं।
​श्री साई बाबा कॉलेज में 'स्पोर्ट्स फेस्ट-2026' का आगाज: खेलों से मिलती है शक्ति और ऊर्जा

अम्बिकापुर- प्ले हार्ड-पार्टी हार्ड... ये पंक्तियां श्री साई बाबा आदर्श स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-2026 के उद्घाटन अवसर पर अम्बिकापुर सैनिक कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष उम्मेद सिंह चरन ने कही। उन्होंने कहा कि खेल जीवन के प्रत्येक पायदान पर है। खेलों से प्रतिस्पर्धा, मनोरंजन के साथ शरीर को शक्ति मिलती है, जो हमें ऊर्जावान बनाती है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को शुभकामना देते श्रेष्ठ प्रदर्शन का आह्वान किया।

इससे पहले अतिथियों ने मां सरस्वती एवं श्री साई नाथ की तस्वीर पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मुख्य अतिथि उम्मेद सिंह चरन ने झंडोत्तोलन कर तीन दिवसीय स्पोर्ट्स फेस्ट-२०२६ का आगाज किया। खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट कर अतिथियों को सलामी दी।

महाविद्यालय शासी निकाय के अध्यक्ष विजय कुमार इंगोले ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि अच्छी पढ़ाई के लिए अच्छा शरीर होना आवश्यक है। खेलों से ही हमें स्वस्थ शरीर मिलता है जिसमें स्वस्थ मन, दिमाग का विकास होता है।

खिलाड़ियों को सम्बोधित करते हुए प्राचार्य डॉ. राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि खेलों से हमें फिटनेस, फ्रेंड, फेमिली और फ्रीडम मिलता है। उन्होंने खिलाड़ियों का आह्वान करते हुए कहा कि खेल भावना से प्रतियोगिता में भाग लीजिये। अतिथियों ने खिलाड़ियोंं से परिचय प्राप्त किया और गोला फेंक कर उत्साहवर्धन किया। स्पोर्ट्स फेस्ट के दौरान, गोला फेंक, तवा फेंक, भाला फेंक, स्लो साइकिल रेस, रस्साकशी, बैडमिंटन, शतरंज, ऊंची कूद, लम्बी कूद आदि प्रतियोगितायें खेली जायेंगी।

कार्यक्रम का संचालन डॉ. जगमीत कौर ने किया। अतिथियों को आभार एनईपी समन्वयक डॉ. आर.एन शर्मा ने किया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि अनिता चरन, प्रबंध समिति की सदस्य अलका इंगोले, आईक्यूएसी प्रभारी डॉ. शैलेष देवांगन, लाइफ साईंस विभाग के अध्यक्ष अरविन्द तिवारी, कम्प्यूटर साईंस एंड आईटी विभाग के अध्यक्ष डॉ. विवेक कुमार गुप्ता, वाणिज्य एवं प्रबंध विभाग के अध्यक्ष राकेश कुमार सेन, शिक्षा विभाग के अध्यक्ष डॉ. दिनेश शाक्य तथा सभी प्राध्यापक और खिलाड़ी उपस्थित रहे।

देवघर-महापौर प्रत्याशी रवि केशरी ने भरा नामांकन, भव्य जुलूस के साथ जनता से मांगा आशीर्वाद न्यू ग्रैंड होटल से निकाली शोभायात्रा।
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देवघर: नगर निगम चुनाव 2026 में महापौर पद के प्रत्याशी रवि केशरी ने सोमवार को भव्य जुलूस के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। न्यू ग्रैंड होटल से सुबह 10 बजे शुरू हुए नामांकन जुलूस ने शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाहरणालय तक का सफर तय किया, जहां उन्होंने औपचारिक रूप से अपना नामांकन पत्र भरा। इस दौरान सैकड़ों समर्थकों ने उनके साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हुए नारेबाजी की और फूलमालाओं से उनका स्वागत किया। नामांकन के बाद, रवि केशरी ने इंडोर स्टेडियम में आयोजित एक जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा यह नामांकन सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि देवघर की जनता के प्रति मेरी एक सच्ची प्रतिबद्धता है। मैंने आज जो कागज भरा है, वह आप सभी के विश्वास और आशीर्वाद है। हमारा लक्ष्य एक ऐसा देवघर बनाना है जहां हर नागरिक को गरिमामय जीवन जीने के लिए बुनियादी सुविधाएं मिलें। स्वच्छता, सड़क, पानी और शिक्षा-स्वास्थ्य पर हमारा पूरा फोकस रहेगा। हम एक ऐसी व्यवस्था बनाएंगे जहां नागरिकों को हर काम के लिए दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। तकनीक का उपयोग करके हम शहर को स्मार्ट और नागरिक-केंद्रित बनाएंगे। इस अवसर पर उनके प्रमुख समर्थकों, स्थानीय नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके पक्ष में मतदान का आह्वान किया। कार्यक्रम में मीडिया के प्रतिनिधियों की भी सक्रिय उपस्थिति रही, जिन्हें आमंत्रित करने के लिए उनकी टीम ने विशेष निमंत्रण भेजा था।नामांकन के इस कार्यक्रम में जनता के व्यापक समर्थन ने साफ संकेत दिया कि महापौर पद की यह दौड़ अब और भी रोचक होने वाली है। रवि केशरी ने अपने संबोधन के अंत में कहा, यह मेरी अकेली जीत नहीं होगी, यह पूरे देवघर की जीत होगी। मैं आपके सपनों को साकार करने के लिए एक पुल की तरह काम करूंगा।
संत रविदास जयन्ती पर मानवता की मिसाल

प्रज्ञा हॉस्पिटल शंकरगढ़ की पहल मरीजों में बांटे फल व कम्बल

संजय द्विवेदी।प्रयागराज।यमुनानगर क्षेत्र के शंकरगढ़ स्थित प्रज्ञा हॉस्पिटल के डायरेक्टर की मां कुसुम सिंह ने संत शिरोमणि रविदास जयंती के अवसर पर मरीजों में फल और कंबल का वितरण करते हुए उनके जल्द स्वास्थ्य लाभ की कामना की गई। इस अवसर पर कुसुम सिंह ने कहा कि संत रविदास जी ने समाज में व्याप्त जाति के आधार पर शोषण भेदभाव और जन्म आधारित श्रेष्ठता को नकारा था। उनकी शिक्षाएं हमें मानवता की सेवा और सामाजिक समरसता की ओर प्रेरित करती है।संत रविदास जी के वचनों को आत्मसात करते हुए मानव सेवा के उद्देश्य से कार्य करना चाहिए। उनके द्वारा संत रविदास जी के जीवन और शिक्षाओं पर चर्चा की गई, समाज में समरसता और भाईचारे का संदेश दिया गया।इस अवसर पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉक्टर प्रभाकर सिंह ने कहा कि संत रविदास एक महान समाज सुधारक थे। देश में व्याप्त अंधविश्वास, जातिवाद और पाखंड के खिलाफ समाज के निर्माण में अतुलनीय योगदान है। उनका मानना था कि व्यक्ति का आधार एवं सम्मान कर्म के आधार पर करनी चाहिए जन्म के आधार पर कोई पूज्यनीय नहीं होता है। जाति एक ऐसा रोग है जिसने भारतीयों के मनुष्यता को नाश कर दिया है, जाति इंसान को इंसान नहीं रहने देती उसे ऊंच-नीच में बांट देती है। इस मौके पर मौजूद उग्रसेन द्विवेदी ने कहा कि एक आदर्श एवं समता मूलक समाज को महापुरुषों के विचारों को समाज में स्थापित करने से ही होगा। जब तक सभी वर्गों से बिना भेदभाव के भारत के विकास में भागीदारी सुनिश्चित नहीं किया जाएगा तब तक देश का विकास देश की एकता, एकजुटता और अखंडता सुनिश्चित नहीं हो सकती है। कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से उग्रसेन द्विवेदी, वीरेंद्र प्रजापति, दिवाकर, प्रमोद, शमशाद, रेखा सिंह, प्रियांशु सिंह, संगीता पाल, सुलेखा सिंह एवं अस्पताल के समस्त स्टाफ मौजूद रहे।
रांची: मैट्रिक परीक्षा को लेकर 75 केंद्रों पर निषेधाज्ञा लागू; 200 मीटर की परिधि में 5 से अधिक व्यक्तियों के जुटने पर पाबंदी

रांची, 02 फरवरी 2026: झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) द्वारा आयोजित माध्यमिक वार्षिक परीक्षा-2026 के सफल और कदाचार मुक्त संचालन को लेकर रांची जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। रांची के विभिन्न 75 परीक्षा केंद्रों के आसपास विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए अनुमंडल दंडाधिकारी (SDO), सदर द्वारा BNSS की धारा-163 (पूर्व में धारा-144) के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है।

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परीक्षा की समय-सारणी और सुरक्षा घेरा

यह निषेधाज्ञा 03 फरवरी 2026 से 17 फरवरी 2026 तक प्रभावी रहेगी। परीक्षा केंद्रों के 200 मीटर की परिधि में प्रतिदिन सुबह 06:45 बजे से रात 08:20 बजे तक यह आदेश लागू रहेगा। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी और वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

इन गतिविधियों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध:

निषेधाज्ञा के दौरान परीक्षा केंद्रों के पास निम्नलिखित कार्यों पर रोक रहेगी:

भीड़ पर रोक: 5 या उससे अधिक व्यक्तियों का एक जगह जमा होना वर्जित है (सरकारी कर्मियों और शवयात्रा को छोड़कर)।

लाउडस्पीकर पर पाबंदी: किसी भी प्रकार के ध्वनि विस्तारक यंत्र (Loudspeaker) का प्रयोग नहीं किया जा सकेगा।

हथियार ले जाने पर रोक: लाठी-डंडा, तीर-धनुष, भाला या किसी भी प्रकार के अस्त्र-शस्त्र (बंदूक, रिवॉल्वर, बम-बारूद) लेकर चलने पर प्रतिबंध है।

सभा पर रोक: किसी भी प्रकार की बैठक या आमसभा का आयोजन प्रतिबंधित रहेगा।

छात्रों और अभिभावकों से अपील

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा केंद्रों पर अनावश्यक भीड़ लगाकर विधि-व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। छात्रों को तनावमुक्त माहौल देने के लिए नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था की गई है।