रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
रितिक दुबे ने स्व. शिवनारायण उपाध्याय के घर पहुंच कर प्रकट की शोक संवेदना
जौनपुर। जय भोलेनाथ सेवा संस्था के संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष रितिक दुबे ने आज बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित रमनीपुर गांव में स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के घर आकर उनके परिवार जनों को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना प्रकट किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय अत्यंत विनम्र और सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। कैंसर के चलते पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो गई थी। वह मुंबई के समीप नालासोपारा में रहते थे और रितिक दुबे की संस्था से जुड़े हुए थे। रितिक दुबे जौनपुर के बरसठी तहसील अंतर्गत स्थित सिरोली गांव के रहने वाले हैं। इस अवसर पर मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, दीपक मिश्रा, सुनील पांडे,  अश्विन पांडे, शिवम तिवारी, के अलावा स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के बड़े भाई मारकंडे उपाध्याय, पुत्र प्रिंस उपाध्याय तथा रिकेन उपाध्याय उपस्थित रहे।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

दुबई के बुर्ज खलीफा पर गूंजेगी ओलचिकी की गूंज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला ओडिसा का प्रतिनिधिमंडल

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रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ओडिसा के रायरंगपुर से आए पंडित रघुनाथ मुर्मु हेरिटेज ट्रस्ट के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष को वैश्विक मंच पर मनाना रहा।

दुबई में ऐतिहासिक आयोजन:

ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आगामी 11 और 12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के बुर्ज खलीफा में 'ओलचिकी शताब्दी समारोह' का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य सरकार के सहयोग व मार्गदर्शन की अपेक्षा की।

ओलचिकी में झारखंड का नक्शा:

इस मुलाकात के दौरान ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को एक विशेष उपहार भेंट किया। उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ओलचिकी लिपि में अनुवादित झारखंड का आधिकारिक मानचित्र (Map) मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी भाषा और लिपि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना गौरव की बात है।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री चुन्नियान मुर्मु, कोषाध्यक्ष श्री अंता आलोक बास्के और सदस्य डॉ. डुमनी माई मुर्मु उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जमशेदपुर दौरे की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को मिला MTMC आने का न्योता

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज रांची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में जमशेदपुर के बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) के प्रभारी डीन डॉ. हरीश चंद्र बंधु ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को आगामी 26 फरवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

राष्ट्रपति का प्रस्तावित दौरा:

विदित हो कि 26 फरवरी 2026 को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जमशेदपुर दौरा प्रस्तावित है। अपने इस प्रवास के दौरान महामहिम राष्ट्रपति मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज का भी भ्रमण करेंगी, जहाँ वे चिकित्सा जगत के भविष्य यानी मेडिकल छात्रों के साथ संवाद करेंगी।

मुलाकात के मुख्य बिंदु:

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कॉलेज के प्रभारी डीन ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और राष्ट्रपति के आगमन को लेकर की जा रही तैयारियों की संक्षिप्त जानकारी साझा की। इस अवसर पर कॉलेज की जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंघल एवं लीगल हेड श्री जय प्रकाश भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए संस्थान को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
प्रयागराज: अलग-अलग स्थानों पर हुई मार्ग दुर्घटना में बारहवीं के दो छात्रों की माैत
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर हुई मार्ग दुर्घटना में बारहवीं के दो छात्रों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शवाें कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की।

पहली घटना प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र में डीएसए ग्राउंड में सोमवार को बस की टक्कर लगने से बारहवीं के छात्र की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर परिवार को खबर दी। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि हादसे में नगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित सप्रू मार्ग निवासी मनीष कुमार (18) पुत्र श्याम सिंह की मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल से बारहवीं की परीक्षा देने जा रहा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी घटना प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र के सीकी गांव के समीप सोमवार को दो मोटरसाइकिल की भिड़ंत में बारहवीं के छात्र गरुड़ कुमार (18) पुत्र संतोष मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में दूसरे मोटरसाइकिल पर सवार छात्र घायल हुए हैं। हादसे के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि मृत छात्र गरुड़ कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित सोहागी थाना क्षेत्र के बजरा गांव निवासी संतोष मिश्रा का बेटा है। वह मोटरसाइकिल से बारहवीं की परीक्षा देने जा रहा था। लेकिन हादसे का शिकार हो गया। परिवार के लोग स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में पहुंचे हैं। पुलिस परिवार से प्रार्थना पत्र लेकर विधिक कार्रवाई कर रही है।
लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी
* ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी में डाक अभिलेखों के जरिए सामने आएगा भारत की जनगणना का अनोखा सफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा राजधानी में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ‘गिनती में आओ: भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ विषय पर आधारित यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होगी। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को ऐतिहासिक दस्तावेजों से जोड़ते हुए जनगणना के विकासक्रम से परिचित कराना है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे शीतल वर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण) द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन, लखनऊ में होगा। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।

* डाक अभिलेखों में छिपी जनगणना की कहानी
प्रदर्शनी की विशेषता यह है कि इसमें डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और अन्य डाक अभिलेखों के माध्यम से भारत में जनगणना की ऐतिहासिक यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा। आमतौर पर जनगणना को केवल आंकड़ों तक सीमित समझा जाता है, लेकिन यह प्रदर्शनी बताएगी कि आज़ादी के बाद सूचना प्रसार, प्रशिक्षण सामग्री भेजने और सरकारी संवाद स्थापित करने में डाक विभाग की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

* नई पीढ़ी के लिए सीखने का अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के विकास की बुनियाद है। डाक टिकटों और अभिलेखीय दस्तावेजों के माध्यम से जनगणना के इतिहास को समझाने का यह प्रयास नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस प्रदर्शनी का संयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार द्वारा किया गया है। आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगा तथा अभिलेखीय स्रोतों के माध्यम से आधुनिक भारत को समझने की नई संभावनाएं प्रस्तुत करेगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का लोकार्पण
लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज स्थित महामना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों का विशेष योगदान है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण होकर देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार माता-पिता बालकों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार बालिकाओं की शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तभी राष्ट्र का संतुलित और समग्र विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा पर निरंतर ध्यान दें।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में 1 से 8 वर्ष तक की आयु को बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी अवस्था में संस्कारों का बीजारोपण होता है। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की।
विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले दानदाताओं को राज्यपाल ने शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती उत्तर प्रदेश) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), डॉ. मदन लाल ब्रह्हभट्ट (निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान) तथा संजय जी (सह प्रांत प्रचारक) उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रबंधक विनीत मिश्रा ने संस्थान की विकास यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्रा (कोषाध्यक्ष) ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से नरेंद्र राय, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, अखिलेश वर्मा, विनय, रुद्र, अवधेश, सुमन तिवारी, अमित मौर्य, अशोक सिंह, रमाकांत, रतनलाल, शशिकांत सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश शुक्ला (अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज) ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रांची से दिल्ली जा रही एयर एम्बुलेंस क्रैश, सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची : झारखंड के चतरा जिले से एक अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस सिमरिया थाना क्षेत्र के घने जंगलों में दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस भयावह हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई।

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, लातेहार निवासी होटल संचालक संजय कुमार आग की एक घटना में 65 प्रतिशत से अधिक झुलस गए थे। उन्हें बेहतर इलाज के लिए देवकमल अस्पताल से दिल्ली ले जाया जा रहा था, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था और रास्ते में ही यह विमान हादसे का शिकार हो गया।

मृतकों में संजय कुमार, उनकी पत्नी, सदर अस्पताल के चिकित्सक डॉ. विकास कुमार गुप्ता, एक नर्सिंग स्टाफ, दो क्रू मेंबर और एक अन्य सहायक कर्मी शामिल हैं।

हादसे की खबर मिलते ही चतरा और लातेहार जिला प्रशासन की टीमें तुरंत हरकत में आईं और बचाव कार्य शुरू किया। चूंकि दुर्घटना स्थल घने जंगलों के बीच है, इसलिए बचाव दल को वहां पहुंचने और राहत कार्य संचालित करने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार अग्रवाल ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि विमान में सवार सभी सात लोगों के शव बरामद कर लिए गए हैं। सुरक्षा और साक्ष्य जुटाने के उद्देश्य से घटनास्थल के आसपास के लगभग तीन किलोमीटर के क्षेत्र को पूरी तरह से सील कर दिया गया है।

इस गंभीर विमान दुर्घटना की तकनीकी जांच के लिए दिल्ली से विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) की टीम को रवाना किया गया है, जिसके बाद ही क्रैश के सटीक कारणों का पता चल पाएगा। इस हादसे ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। एक गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जीवनदान दिलाने की कोशिश में निकली यह यात्रा बेहद त्रासद अंत में तब्दील हो गई, जिससे लातेहार और चतरा सहित पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई है।

अज्ञान और भय ने दिया भूत प्रेत का जन्म  — डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’
अमेठी। विकासखंड भेंटुआ के अंतर्गत स्थित उच्च माध्यमिक विद्यालय माहना हारीपुर में आयोजित एक प्रेरक परिचर्चा संगोष्ठी ज्ञान, तर्क और वैज्ञानिक चेतना का उत्सव बन गई। कार्यक्रम में प्रख्यात साहित्यकार एवं चिंतक डॉ. रमाकांत तिवारी ‘क्षितिज’ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट कहा, “भूत-प्रेत जैसी धारणाएं वास्तविकता नहीं, बल्कि मन का वहम हैं, जिन्हें अज्ञान और भय ने जन्म दिया है।” अपने ओजस्वी एवं तार्किक उद्बोधन में डॉ. तिवारी ने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य मनुष्य को भ्रम के अंधकार से निकालकर सत्य के प्रकाश तक पहुंचाना है। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित किया कि वे हर विचार को तर्क और प्रमाण की कसौटी पर परखें।
“जब ज्ञान का दीपक प्रज्वलित होता है, तब अंधविश्वास के साए स्वतः ही विलीन हो जाते हैं,” उनके इन शब्दों ने सभागार में उपस्थित विद्यार्थियों के मन में नई चेतना का संचार किया। संगोष्ठी संवाद का सशक्त मंच बनी। छात्र-छात्राओं ने शिक्षा की गुणवत्ता, नैतिक मूल्यों के क्षरण, करियर निर्माण, सामाजिक कुरीतियों तथा आधुनिक जीवन की चुनौतियों पर प्रश्न पूछे। डॉ. तिवारी ने सहज, सरल और तथ्यपरक शैली में उनके उत्तर दिए, जिससे विद्यार्थियों के चेहरे संतोष और आत्मविश्वास से दमक उठे। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों को तनावमुक्त जीवन के सूत्र भी बताए। परीक्षा के समय मानसिक संतुलन बनाए रखने, नियमित दिनचर्या अपनाने और सकारात्मक सोच विकसित करने पर विशेष बल दिया। विद्यार्थियों को योग और ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा नृत्य के माध्यम से भी आत्म-अभिव्यक्ति और मानसिक प्रसन्नता का संदेश दिया गया।रचनात्मकता को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। बच्चों ने विज्ञान, पर्यावरण, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों पर सुंदर चित्र उकेरे। विजेता विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र एवं आकर्षक उपहार देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी बच्चों को प्रोत्साहन स्वरूप पेन और पेंसिल भेंट की गई, जिससे उनका उत्साह दोगुना हो गया। इस अवसर पर विद्यालय के अध्यापक ललित कुमार ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ऐसे बौद्धिक एवं रचनात्मक आयोजन विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की आधारशिला रखते हैं। कार्यक्रम की सफलता में समस्त विद्यालय परिवार का उल्लेखनीय योगदान रहा।
पूरे आयोजन का वातावरण जिज्ञासा, संवाद, रचनात्मकता और सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। अंत में विद्यालय प्रबंधन ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, सामाजिक संवेदनशीलता और आत्मविश्वास का विकास करते हैं और यही सच्ची शिक्षा का लक्ष्य है।
रितिक दुबे ने स्व. शिवनारायण उपाध्याय के घर पहुंच कर प्रकट की शोक संवेदना
जौनपुर। जय भोलेनाथ सेवा संस्था के संस्थापक तथा राष्ट्रीय अध्यक्ष रितिक दुबे ने आज बदलापुर तहसील अंतर्गत स्थित रमनीपुर गांव में स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के घर आकर उनके परिवार जनों को सांत्वना देते हुए शोक संवेदना प्रकट किया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय अत्यंत विनम्र और सनातन धर्म के प्रति गहरी आस्था रखने वाले व्यक्ति थे। कैंसर के चलते पिछले दिनों उनकी मृत्यु हो गई थी। वह मुंबई के समीप नालासोपारा में रहते थे और रितिक दुबे की संस्था से जुड़े हुए थे। रितिक दुबे जौनपुर के बरसठी तहसील अंतर्गत स्थित सिरोली गांव के रहने वाले हैं। इस अवसर पर मुंबई के वरिष्ठ पत्रकार शिवपूजन पांडे, दीपक मिश्रा, सुनील पांडे,  अश्विन पांडे, शिवम तिवारी, के अलावा स्वर्गीय शिवनारायण उपाध्याय के बड़े भाई मारकंडे उपाध्याय, पुत्र प्रिंस उपाध्याय तथा रिकेन उपाध्याय उपस्थित रहे।
BMSICL में जातिगत भेदभाव का आरोप: सवर्ण अधिकारियों पर गाज, यादव अफसर बेदाग — क्या यही है बिहार की “सामाजिक न्याय” की राजनीति?

पटना। बिहार में सत्तारूढ़ दल हमेशा से सामाजिक न्याय का नारा बुलंद करते आए हैं, लेकिन क्या यह “न्याय” अब प्रशासनिक संस्थाओं में जातिगत प्रतिशोध का रूप लेने लगा है? बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BMSICL) से सामने आए ताजा मामले ने इस सवाल को एक बार फिर केंद्र में ला दिया है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि: बिहार में जाति और सत्ता का गठजोड़

बिहार की राजनीति दशकों से जातिगत समीकरणों पर टिकी रही है। 1990 के दशक में लालू प्रसाद यादव के उदय के बाद से “पिछड़ा वर्ग बनाम सवर्ण” की राजनीति बिहार की मुख्यधारा बन गई। नीतीश कुमार के शासनकाल में भले ही “सुशासन” का दावा किया गया, लेकिन जातिगत समीकरण आज भी नौकरशाही और सरकारी संस्थाओं की कार्यशैली को गहराई से प्रभावित करते हैं।

ऐसे माहौल में जब किसी सरकारी संस्था की शीर्ष अधिकारी के इशारे पर केवल सवर्ण और अल्पसंख्यक समुदाय के कर्मचारियों पर कार्रवाई हो और उसी जाति के अधिकारी — जिन पर गंभीर आरोप हों — बचे रहें, तो यह महज प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि सुनियोजित जातिगत भेदभाव की ओर संकेत करता है।

BMSICL प्रकरण: क्या हुआ?

BMSICL, जो बिहार में दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति श्रृंखला का प्रबंधन करती है, वहां मुख्य महाप्रबंधक (आपूर्ति श्रृंखला) कुमारी सीमा यादव के कार्यकाल में निम्नलिखित अधिकारियों और कर्मचारियों को निशाना बनाया गया —

∙ सुनील कुमार सिंह — GM लॉजिस्टिक एवं IT

∙ मोहित शर्मा — IT मैनेजर

∙ आशीष कुमार — लॉजिस्टिक मैनेजर

∙ विकाश झा — DGM प्रोजेक्ट

∙ नितीश उपाध्याय — मैनेजर प्रोजेक्ट

∙ कृति किरण — मैनेजर ड्रग्स

∙ धीरज कुमार सिंह — बिहटा वेयरहाउस मैनेजर

∙ नवनीत कुमार — DGM ड्रग्स

∙ फिरोज खान — फतुहा वेयरहाउस मैनेजर

इन सभी के विरुद्ध कार्रवाई की गई। इनमें से अधिकांश सवर्ण या अल्पसंख्यक समुदाय से आते हैं।

सबसे बड़ा सवाल: यादव अधिकारी क्यों बचे?

जो बात इस पूरे प्रकरण को और अधिक संदिग्ध बनाती है, वह यह है कि सहायक प्रबंधक नितिन कुमार यादव और धीरेंद्र कुमार — जिन पर कई गंभीर प्रशासनिक और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप हैं — उन्हें पूरी तरह बख्श दिया गया। न कोई जांच, न कोई निलंबन, न कोई नोटिस।

यह “चयनात्मक न्याय” स्पष्ट रूप से इशारा करता है कि कार्रवाई का आधार कदाचार नहीं, बल्कि जाति थी।

सामाजिक पृष्ठभूमि: सवर्ण विरोधी भावना या संस्थागत भेदभाव?

बिहार में पिछले तीन दशकों में सवर्ण समुदायों — भूमिहार, ब्राह्मण, राजपूत, कायस्थ — के प्रशासनिक और राजनीतिक प्रभाव में उल्लेखनीय कमी आई है। आरक्षण नीति और पिछड़ा वर्ग की राजनीतिक मजबूती के बाद सत्ता का ध्रुवीकरण हुआ है। लेकिन विशेषज्ञ मानते हैं कि सामाजिक न्याय का असली अर्थ किसी एक वर्ग को दंडित करना नहीं, बल्कि सबके साथ समान व्यवहार करना है।

BMSICL जैसी स्वास्थ्य आपूर्ति संस्था — जिस पर करोड़ों मरीजों के लिए दवास्वतंत्र जांच कराई

दुबई के बुर्ज खलीफा पर गूंजेगी ओलचिकी की गूंज: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन से मिला ओडिसा का प्रतिनिधिमंडल

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रांची: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज कांके रोड स्थित उनके आवासीय कार्यालय में ओडिसा के रायरंगपुर से आए पंडित रघुनाथ मुर्मु हेरिटेज ट्रस्ट के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य केंद्र ओलचिकी लिपि के शताब्दी वर्ष को वैश्विक मंच पर मनाना रहा।

दुबई में ऐतिहासिक आयोजन:

ट्रस्ट के सदस्यों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि आगामी 11 और 12 अप्रैल 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (दुबई) के बुर्ज खलीफा में 'ओलचिकी शताब्दी समारोह' का भव्य आयोजन प्रस्तावित है। प्रतिनिधिमंडल ने इस ऐतिहासिक कार्यक्रम के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री के साथ विस्तृत चर्चा की और राज्य सरकार के सहयोग व मार्गदर्शन की अपेक्षा की।

ओलचिकी में झारखंड का नक्शा:

इस मुलाकात के दौरान ट्रस्ट ने मुख्यमंत्री को एक विशेष उपहार भेंट किया। उन्होंने सर्वे ऑफ इंडिया द्वारा ओलचिकी लिपि में अनुवादित झारखंड का आधिकारिक मानचित्र (Map) मुख्यमंत्री को सौंपा। मुख्यमंत्री ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि अपनी भाषा और लिपि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ले जाना गौरव की बात है।

इस अवसर पर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्री चुन्नियान मुर्मु, कोषाध्यक्ष श्री अंता आलोक बास्के और सदस्य डॉ. डुमनी माई मुर्मु उपस्थित रहे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के जमशेदपुर दौरे की तैयारी: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन को मिला MTMC आने का न्योता

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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज रांची स्थित उनके आवासीय कार्यालय में जमशेदपुर के बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज (MTMC) के प्रभारी डीन डॉ. हरीश चंद्र बंधु ने शिष्टाचार मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री को आगामी 26 फरवरी 2026 को मेडिकल कॉलेज परिसर में आयोजित होने वाले विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया।

राष्ट्रपति का प्रस्तावित दौरा:

विदित हो कि 26 फरवरी 2026 को भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू का जमशेदपुर दौरा प्रस्तावित है। अपने इस प्रवास के दौरान महामहिम राष्ट्रपति मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज का भी भ्रमण करेंगी, जहाँ वे चिकित्सा जगत के भविष्य यानी मेडिकल छात्रों के साथ संवाद करेंगी।

मुलाकात के मुख्य बिंदु:

मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान कॉलेज के प्रभारी डीन ने संस्थान की शैक्षणिक गतिविधियों और राष्ट्रपति के आगमन को लेकर की जा रही तैयारियों की संक्षिप्त जानकारी साझा की। इस अवसर पर कॉलेज की जनसंपर्क पदाधिकारी श्रीमती प्रियंका सिंघल एवं लीगल हेड श्री जय प्रकाश भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने निमंत्रण स्वीकार करते हुए संस्थान को अपनी शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

होली के रंग, स्वयं सहायता समूह की दीदियों के संग- ‘लखपति दीदी’ बनने की नई उड़ान

₹5 करोड़ बिक्री लक्ष्य के साथ यूपीएसआरएलएम का राज्यव्यापी अभियान

लखनऊ। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के निर्देशों के क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (UPSRLM) द्वारा होली पर्व के अवसर पर स्वयं सहायता समूह (SHG) की दीदियों द्वारा निर्मित उत्पादों के विपणन एवं बिक्री को प्रोत्साहित करने हेतु विशेष राज्यव्यापी अभियान प्रारंभ किया गया है।

इस अभियान के अंतर्गत गुलाल/अबीर, पापड़, चिप्स, मिठाइयाँ, अगरबत्ती, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा दिया जा रहा है। श्री मौर्य के निर्देशानुसार सभी जनपदों में विकास भवन, कलेक्ट्रेट, तहसील एवं अन्य शासकीय परिसरों में SHG उत्पादों की प्रदर्शनी एवं बिक्री काउंटर स्थापित किए जा रहे हैं। साथ ही जिला प्रशासन, नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के सहयोग से संस्थागत एवं सामूहिक खरीद को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

* 5 करोड़ रुपए की बिक्री का लक्ष्य
इस विशेष पहल के अंतर्गत राज्य स्तर पर ₹5 करोड़ की बिक्री का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिससे हजारों स्वयं सहायता समूह की दीदियों को प्रत्यक्ष आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। सभी जनपदों को निर्देशित किया गया है कि वे उत्पादों का विवरण, बिक्री स्थल, संपर्क संख्या एवं प्रतिदिन की बिक्री प्रगति को गूगल शीट पर नियमित रूप से अपडेट करें, ताकि राज्य स्तर पर सतत निगरानी एवं समीक्षा सुनिश्चित की जा सके।

* हर्बल गुलाल से सुरक्षित होली
अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह की महिलाएं प्राकृतिक संसाधनों से हर्बल गुलाल/अबीर तैयार कर रही हैं। इन रंगों को पलाश के फूल, चुकंदर, गेंदे के फूल, पालक के रस आदि प्राकृतिक तत्वों से बनाया जा रहा है। यह गुलाल पूर्णतः केमिकल-फ्री, त्वचा के लिए सुरक्षित एवं पर्यावरण-अनुकूल है। SHG दीदियों द्वारा निर्मित यह उत्पाद सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक होली मनाने का संदेश भी देता है।

‘लखपति दीदी’ लक्ष्य की ओर मजबूत कदम
यह पहल स्वयं सहायता समूह की दीदियों को “लखपति दीदी” के लक्ष्य से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पर्व आधारित बिक्री, स्थानीय उत्पादों की ब्रांडिंग एवं संस्थागत विपणन के माध्यम से महिलाओं की आय में निरंतर वृद्धि सुनिश्चित की जा रही है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनकर आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हों।

मिशन निदेशक, राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने कहा कि होली जैसे प्रमुख पर्व पर स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराना ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक प्रभावी पहल है। यह अभियान “वोकल फॉर लोकल” की भावना को सशक्त करते हुए ग्रामीण उद्यमिता को नई ऊँचाइयों तक पहुंचाने का कार्य करेगा।
प्रयागराज: अलग-अलग स्थानों पर हुई मार्ग दुर्घटना में बारहवीं के दो छात्रों की माैत
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले में सोमवार को अलग-अलग स्थानों पर हुई मार्ग दुर्घटना में बारहवीं के दो छात्रों की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शवाें कब्जे में लेकर विधिक कार्रवाई की।

पहली घटना प्रयागराज के खुल्दाबाद थाना क्षेत्र में डीएसए ग्राउंड में सोमवार को बस की टक्कर लगने से बारहवीं के छात्र की मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने शव को कब्जे में लेकर परिवार को खबर दी। इस संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त नगर मनीष कुमार शांडिल्य ने बताया कि हादसे में नगर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में स्थित सप्रू मार्ग निवासी मनीष कुमार (18) पुत्र श्याम सिंह की मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल से बारहवीं की परीक्षा देने जा रहा था। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दूसरी घटना प्रयागराज के खीरी थाना क्षेत्र के सीकी गांव के समीप सोमवार को दो मोटरसाइकिल की भिड़ंत में बारहवीं के छात्र गरुड़ कुमार (18) पुत्र संतोष मिश्रा की मौत हो गई। हादसे में दूसरे मोटरसाइकिल पर सवार छात्र घायल हुए हैं। हादसे के संबंध में जानकारी देते हुए पुलिस उपायुक्त यमुनानगर विवेक चन्द्र यादव ने बताया कि मृत छात्र गरुड़ कुमार मिश्रा मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित सोहागी थाना क्षेत्र के बजरा गांव निवासी संतोष मिश्रा का बेटा है। वह मोटरसाइकिल से बारहवीं की परीक्षा देने जा रहा था। लेकिन हादसे का शिकार हो गया। परिवार के लोग स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय में पहुंचे हैं। पुलिस परिवार से प्रार्थना पत्र लेकर विधिक कार्रवाई कर रही है।
लखनऊ में 24 फरवरी से विशेष प्रदर्शनी, डाक टिकटों से जानिए जनगणना की कहानी
* ‘गिनती में आओ’ प्रदर्शनी में डाक अभिलेखों के जरिए सामने आएगा भारत की जनगणना का अनोखा सफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश राजकीय अभिलेखागार द्वारा राजधानी में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है। ‘गिनती में आओ: भारत में जनगणना का डाक इतिहास’ विषय पर आधारित यह प्रदर्शनी 24 फरवरी से 28 फरवरी तक आयोजित होगी। इसका उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और आम नागरिकों को ऐतिहासिक दस्तावेजों से जोड़ते हुए जनगणना के विकासक्रम से परिचित कराना है।
प्रदर्शनी का उद्घाटन 24 फरवरी को दोपहर 12:30 बजे शीतल वर्मा (निदेशक, जनगणना संचालन एवं नागरिक पंजीकरण) द्वारा किया जाएगा। यह आयोजन महानगर विस्तार स्थित शहीद स्मारक भवन, लखनऊ में होगा। प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक आम जनता के लिए खुली रहेगी।

* डाक अभिलेखों में छिपी जनगणना की कहानी
प्रदर्शनी की विशेषता यह है कि इसमें डाक टिकटों, पोस्टमार्क, पुराने पत्रों और अन्य डाक अभिलेखों के माध्यम से भारत में जनगणना की ऐतिहासिक यात्रा को प्रस्तुत किया जाएगा। आमतौर पर जनगणना को केवल आंकड़ों तक सीमित समझा जाता है, लेकिन यह प्रदर्शनी बताएगी कि आज़ादी के बाद सूचना प्रसार, प्रशिक्षण सामग्री भेजने और सरकारी संवाद स्थापित करने में डाक विभाग की कितनी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

* नई पीढ़ी के लिए सीखने का अवसर
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़ों का संकलन नहीं, बल्कि देश के विकास की बुनियाद है। डाक टिकटों और अभिलेखीय दस्तावेजों के माध्यम से जनगणना के इतिहास को समझाने का यह प्रयास नई पीढ़ी को अतीत से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेगा।
इस प्रदर्शनी का संयोजन अज़ीम प्रेमजी विश्वविद्यालय, बेंगलुरु के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ. विकास कुमार द्वारा किया गया है। आयोजन विशेष रूप से विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और इतिहास प्रेमियों के लिए उपयोगी साबित होगा तथा अभिलेखीय स्रोतों के माध्यम से आधुनिक भारत को समझने की नई संभावनाएं प्रस्तुत करेगा।
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने किया कंप्यूटर लैब व वेबसाइट का लोकार्पण
लखनऊ। राजधानी के अर्जुनगंज स्थित महामना सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में नवनिर्मित कंप्यूटर लैब एवं विद्यालय की वेबसाइट का लोकार्पण आनंदीबेन पटेल द्वारा किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, गणमान्य नागरिक एवं क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थियों और शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, जिसमें सरस्वती शिशु विद्या मंदिरों का विशेष योगदान है। यहां से शिक्षित विद्यार्थी ज्ञान और संस्कारों से परिपूर्ण होकर देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बालिका शिक्षा पर विशेष बल देते हुए कहा कि जिस प्रकार माता-पिता बालकों की शिक्षा पर ध्यान देते हैं, उसी प्रकार बालिकाओं की शिक्षा को भी समान प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तभी राष्ट्र का संतुलित और समग्र विकास संभव है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें और उनकी शिक्षा पर निरंतर ध्यान दें।
राज्यपाल ने अपने उद्बोधन में 1 से 8 वर्ष तक की आयु को बच्चों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी अवस्था में संस्कारों का बीजारोपण होता है। इस दौरान बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की उन्होंने सराहना की।
विद्यालय के विकास में योगदान देने वाले दानदाताओं को राज्यपाल ने शाल और स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में बाल कल्याण समिति के सदस्य, आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियाँ एवं क्षेत्र के सम्मानित नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. सौरभ मालवीय (क्षेत्रीय मंत्री, विद्या भारती उत्तर प्रदेश) ने की। विशिष्ट अतिथियों में रामजी सिंह (प्रदेश निरीक्षक, विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश), डॉ. मदन लाल ब्रह्हभट्ट (निदेशक, कल्याण सिंह अति विशिष्ट कैंसर संस्थान) तथा संजय जी (सह प्रांत प्रचारक) उपस्थित रहे।
विद्यालय के प्रबंधक विनीत मिश्रा ने संस्थान की विकास यात्रा का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। प्रधानाचार्य डॉ. सुभाष पाण्डेय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया, जबकि कार्यक्रम का संचालन सुरेन्द्र मिश्रा (कोषाध्यक्ष) ने किया।
समारोह में प्रमुख रूप से नरेंद्र राय, डॉ. नरेंद्र अग्रवाल, अखिलेश वर्मा, विनय, रुद्र, अवधेश, सुमन तिवारी, अमित मौर्य, अशोक सिंह, रमाकांत, रतनलाल, शशिकांत सहित विद्यालय परिवार के समस्त शिक्षक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में अखिलेश शुक्ला (अध्यक्ष, सरस्वती शिशु मंदिर अर्जुनगंज) ने सभी अतिथियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त किया।