सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
विधानसभा 2027 से पहले सियासत गरम: भदोही के हसनैन अंसारी की सपा में वापसी, लखनऊ में समर्थकों संग हुए शामिल

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भदोही की राजनीति में सक्रिय नेता हसनैन अंसारी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
यह सदस्यता कार्यक्रम अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने हसनैन अंसारी और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल कराया। इस अवसर पर भदोही सदर विधायक जाहिद बेग, पूर्व प्रदेश महिला सभा अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव तथा समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव टोनी मंसूरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
*पहले सपा, फिर कांग्रेस और अब फिर सपा में वापसी*
हसनैन अंसारी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उस दौरान अजय राय की मौजूदगी में उन्होंने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान वे भावुक हो गए थे और मंच पर उनकी आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।
हालांकि,  विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी कर ली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। विपक्षी दलों में इन दिनों दल-बदल की स्थिति को “भगदड़” के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने का संकल्प
सपा में दोबारा शामिल होने के बाद हसनैन अंसारी ने कहा कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में लौटे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भदोही जनपद में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। “जय समाजवाद” के नारों के बीच सभी ने आगामी चुनावों में पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छोड़ा डीएमके का साथ, विजय की टीवीके की राह हुई आसान

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कांग्रेस ने तमिलनाडु में एक्टर विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने क फैसला किया है। इसके साथ ही अपने पुराने सहयोगी को ‘हाथ’ झटक दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने का एलान किया। पार्टी ने कहा कि वह टीवीके को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी। इसके साथ कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन खत्म करने की घोषणा भी की। कांग्रेस लंबे समय द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सहयोगी रही है।

सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला

टीवीके अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने राज्य में सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है।

कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी ये शर्त

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका समर्थन पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होगा। पार्टी ने कहा है कि टीवीके को इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को शामिल नहीं करना होगा, जो भारतीय संविधान के मूल्यों में विश्वास नहीं रखती। 

आने वाले चुनावों के ले भी समर्थन

कांग्रेस ने कहा है कि उसका समर्थन सिर्फ मौजूदा सरकार के गठन नहीं बल्कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनावों के लिए भी होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले ऐसी चर्चा सामने आई थी कि राहुल गांधी टीवीके साथ गठबंधन के इच्छुक हैं लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं के दबाव में डीएमके साथ कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। 

डीएमके ने कांग्रेस को कहा गद्दार

डीएमके ने कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर इस गद्दारी बताया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बारे में डीएमके ने कहा कि शुरू से ही यह चर्चा थी कि कुछ लोग विजय का समर्थन करना चाहते हैं और उनकी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। कांग्रेस हर राज्य में ऐसा कर रही है।आखिरकार वे सभी जगह हार रहे हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में उनका पूरी तरह सफाया हो गया है। महाराष्ट्र में उनके पास कोई मौका नहीं है। वे कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी पार्टी ही बंद हो जाएगी।

यूपी में अब घर बैठे मिलेगी खतौनी की प्रमाणित प्रति, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत

* राजस्व विभाग की नई डिजिटल व्यवस्था लागू, 24 घंटे ऑनलाइन सेवा उपलब्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लोगों को इस कार्य के लिए तहसील या कचहरी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक घर बैठे ही कुछ आसान चरणों में खतौनी की प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकेंगे।
राजस्व विभाग की इस डिजिटल पहल के तहत नागरिक UP Bhulekh Portal या Board of Revenue Uttar Pradesh Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ‘खतौनी की नकल’ विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद जनपद, तहसील और गांव की जानकारी दर्ज कर संबंधित गाटा संख्या का चयन करना होगा।
निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करते ही खतौनी की प्रमाणित प्रति तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगी। यह सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
नई व्यवस्था में यूपीआई सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी तेज और सरल हो गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी और आम लोगों को अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी।
सोनभद्र लाइमस्टोन ब्लॉक-ए की ई-नीलामी के लिए NIT जारी, 79 मिलियन टन भंडार का होगा दोहन


खनन क्षेत्र में बढ़ेगा निवेश, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को मिलेगा बढ़ावा

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने खनन क्षेत्र में पारदर्शिता और निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव ने जानकारी दी कि जनपद सोनभद्र स्थित डाला कजरहट लाइमस्टोन ब्लॉक-ए (161 हेक्टेयर) की ई-नीलामी के लिए Notice Inviting Tender (NIT) 6 मई 2026 को जारी कर दिया गया है।
इस खनन ब्लॉक में लगभग 79.20 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार आंका गया है। इसमें CaO (कैल्शियम ऑक्साइड) की औसत मात्रा 41.98 प्रतिशत है, जो सीमेंट उद्योग के लिए उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल के रूप में उपयोगी है।
सरकार के अनुसार, ई-नीलामी प्रणाली से पारदर्शिता बढ़ेगी और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य को बेहतर राजस्व प्राप्त होगा। साथ ही, यह पहल प्रदेश में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और खनन क्षेत्र के विकास को गति देने में अहम भूमिका निभाएगी।
इस परियोजना के जरिए विशेष रूप से सोनभद्र क्षेत्र में खनन आधारित रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ-साथ प्रदेश के सतत विकास को भी बल मिलेगा।
बीसी सखी कार्यक्रम से बदल रही यूपी की ग्रामीण तस्वीर, महिलाओं को मिला आत्मनिर्भरता का नया आधार
“एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” मॉडल से गांव-गांव पहुंचीं बैंकिंग सेवाएं, 44 हजार करोड़ से अधिक लेन-देन

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में ग्रामीण विकास और महिला सशक्तिकरण की दिशा में “बीसी सखी कार्यक्रम” एक प्रभावशाली पहल के रूप में उभरकर सामने आया है। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के नेतृत्व में संचालित यह योजना गांव-गांव तक बैंकिंग सेवाएं पहुंचाने के साथ महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत चल रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें बैंकिंग प्रतिनिधि (बीसी सखी) के रूप में स्थापित करना है। “एक ग्राम पंचायत–एक बीसी सखी” के सिद्धांत पर आधारित यह योजना लाखों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है।
वर्तमान में प्रदेश में लगभग 40 हजार बीसी सखियां सक्रिय हैं, जो गांव-गांव जाकर बैंकिंग सेवाएं प्रदान कर रही हैं। इनके माध्यम से अब तक 44 हजार करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लेन-देन किया जा चुका है। ये सखियां नकद जमा-निकासी, आधार आधारित भुगतान (AePS), बैलेंस जांच, बीमा, पेंशन और ऋण पुनर्भुगतान जैसी सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं।
यह कार्यक्रम न केवल वित्तीय समावेशन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि महिलाओं को डिजिटल और आर्थिक रूप से भी सशक्त बना रहा है। सुल्तानपुर की प्रियंका मौर्य और लखनऊ की अनीता पाल जैसी बीसी सखियां प्रतिमाह औसतन 45 हजार रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित कर रही हैं। अब तक बीसी सखियों द्वारा 121 करोड़ रुपये से अधिक का कमीशन अर्जित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में भारतीय स्टेट बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा सहित कई सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक साझेदार के रूप में जुड़े हैं, जिनके सहयोग से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार हो रहा है। बीसी सखियों को माइक्रो एटीएम, लैपटॉप और स्मार्टफोन जैसे डिजिटल उपकरणों से भी सशक्त किया जा रहा है।
सरकार इस योजना के दायरे को और बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है। बीसी सखियों को जन सेवा केंद्र संचालन, बीमा सेवाएं, आरडी खाता खोलना, ऋण वितरण और डाकघर योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है। भविष्य में उन्हें आधार अपडेट जैसी सेवाओं से भी जोड़ा जा सकता है।
जनपद स्तर पर भी इस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रतिस्पर्धा देखने को मिल रही है। वर्तमान में प्रयागराज पहले स्थान पर है, जबकि बरेली और शाहजहांपुर क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं।
मिशन निदेशक दीपा रंजन के अनुसार, लक्ष्य है कि जल्द ही सभी ग्राम पंचायतों में बीसी सखी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि “आत्मनिर्भर ग्रामीण महिला–आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश” के संकल्प को साकार किया जा सके। यह योजना न केवल महिलाओं को सम्मानजनक आजीविका दे रही है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रही है।
अवैध खनन पर यूपी में बड़ी कार्रवाई, 385 वाहनों पर शिकंजा; 1.85 करोड़ का जुर्माना

* प्रदेशव्यापी अभियान तेज, ओवरलोडिंग और अवैध परिवहन पर सख्ती जारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में अवैध खनन, अवैध परिवहन और ओवरलोडिंग पर अंकुश लगाने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग उत्तर प्रदेश के निर्देश पर 1 मई से 3 मई तक चले प्रवर्तन अभियान के दौरान प्रदेशभर में 385 वाहनों के खिलाफ कार्रवाई की गई और 1 करोड़ 85 लाख रुपये का जुर्माना अधिरोपित किया गया।
यह अभियान विभाग की सचिव एवं निदेशक माला श्रीवास्तव के निर्देश पर संचालित किया गया। जांच के दौरान अधिकांश वाहन वैध प्रपत्रों के साथ संचालित होते पाए गए, जबकि अवैध परिवहन या ओवरलोडिंग में संलिप्त वाहनों पर सख्त कार्रवाई की गई।
माला श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया कि अवैध खनन और ओवरलोडिंग के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। इसी क्रम में 6 मई से निदेशालय स्तर से 20 विशेष टीमें विभिन्न जनपदों के लिए रवाना की जा रही हैं, जो जमीनी स्तर पर सघन जांच करेंगी।
उन्होंने अंतर्राज्यीय सीमावर्ती जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि अन्य राज्यों से आने वाले उपखनिजों का परिवहन केवल ISTP (इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास) के माध्यम से सुनिश्चित किया जाए और ओवरलोडिंग पर पूरी तरह रोक लगाई जाए। साथ ही, खनन स्थलों पर निर्धारित लोडिंग मानकों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ त्वरित और कठोर कार्रवाई की जाएगी, ताकि खनन कार्यों में पारदर्शिता और कानून व्यवस्था बनी रहे।
देवघर-महान रोटेरियन स्व. अभय श्रॉफ को संगीत समारोह में भावभीनी श्रद्धांजलि।
देवघर: के शिल्पग्राम ऑडिटोरियम में संस्कृती वाटिका एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले सीजन-2” के दौरान महान समाजसेवी एवं रोटरी क्लब ऑफ देवघर के स्तंभ स्वर्गीय रोटेरियन अभय श्रॉफ को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। यह भव्य संगीत समारोह केवल प्रतिभाओं का मंच नहीं बना, बल्कि देवघर की एक महान विभूति को याद करने और उनके अतुलनीय योगदान को नमन करने का भावुक अवसर भी बना। कार्यक्रम में उपस्थित रोटेरियंस, समाजसेवियों, कलाकारों एवं नागरिकों ने स्व. अभय श्रॉफ को याद करते हुए उन्हें सेवा, समर्पण और मानवता का प्रतीक बताया। कार्यक्रम के दौरान संस्कृती वाटिका, देवघर के निदेशक बिस्वजीत दास ने अत्यंत भावुक अंदाज में प्रसिद्ध गीत “ना चिट्ठी ना संदेश” प्रस्तुत किया। गीत की मार्मिक प्रस्तुति ने पूरे सभागार को भावुक कर दिया और उपस्थित लोगों की आंखें नम हो गईं। इसके उपरांत सभी लोगों ने खड़े होकर एक मिनट का मौन रख स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ को श्रद्धांजलि अर्पित की। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से भर गया। इस अवसर पर रोटरी परिवार की ओर से चार्टर प्रेसिडेंट रोटेरियन गोविंद प्रसाद डालमिया, रोटेरियन डॉ. सुनील कुमार सिन्हा, रोटेरियन विजय मुंद्रा, रोटेरियन सुरेंद्र सिंघानिया, रोटेरियन डॉ. संजय भगत, रोटेरियन आनंद साह, रोटेरियन प्रमोद चौचरिया, क्लब सचिव रोटेरियन नितेश बठवाल, एवं वर्तमान अध्यक्ष रोटेरियन पीयूष जायसवाल विशेष रूप से उपस्थित रहे। रोटेरियन पीयूष जायसवाल ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “स्व. रोटेरियन अभय श्रॉफ केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि रोटरी क्लब ऑफ देवघर की आत्मा थे। उनका जीवन सेवा, समर्पण, अनुशासन और मानवता का जीवंत उदाहरण था। उन्होंने जिस निष्ठा और प्रेम से रोटरी को आगे बढ़ाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा। देवघर समाज और रोटरी परिवार उनके योगदान को कभी नहीं भूल पाएगा।” 15 सितंबर 1946 को देवघर में जन्मे स्व. अभय श्रॉफ ने अपना पूरा जीवन देवघर और यहां की जनता की सेवा में समर्पित कर दिया। वे वर्ष 1981 में रोटरी क्लब ऑफ देवघर के संस्थापक सदस्यों में से एक थे और लगातार 44 वर्षों तक रोटरी से जुड़े रहे। इस दौरान उन्होंने दो बार क्लब अध्यक्ष के रूप में नेतृत्व किया और रोटरी के विभिन्न सामाजिक कार्यों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। विशेष रूप से वार्षिक रोटरी मेले के सफल आयोजन में उनका योगदान अविस्मरणीय रहा। कई अवसरों पर उन्होंने अकेले अपने नेतृत्व और मेहनत से पूरे आयोजन को सफल बनाया। उनके व्यक्तित्व में सरलता, विनम्रता, प्रेम और सेवा भावना का अद्भुत संगम था। वे किसी के प्रति दुर्भावना नहीं रखते थे और सदैव समाजहित में कार्य करते रहे। वे एक सफल व्यवसायी होने के साथ-साथ पुस्तकों, ज्ञान और अध्यात्म के प्रति गहरी रुचि रखते थे। उनके घर की निजी लाइब्रेरी उनकी अध्ययनशील प्रवृत्ति का प्रमाण थी। वे एक प्रभावशाली वक्ता भी थे, जिनकी वाणी में स्पष्टता, संवेदनशीलता और प्रेरणा झलकती थी। स्व. अभय श्रॉफ को बागवानी से विशेष प्रेम था। देवघर में आयोजित वार्षिक पुष्प प्रदर्शनी में वे लगातार कई पुरस्कार जीतते रहे। उनका जीवन सेवा, संस्कार और समाज के प्रति समर्पण की मिसाल था। कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने कहा कि स्व. अभय श्रॉफ केवल एक रोटेरियन नहीं, बल्कि अपने आप में एक संस्था थे, जिनकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों को सदैव मार्गदर्शन देती रहेगी। इस अवसर पर आयोजित “गुरु असित मुखर्जी मेमोरियल सिंगिंग ग्रैंड फिनाले 2026” भी अत्यंत भव्य एवं सफल रहा। झारखंड, बिहार एवं पश्चिम बंगाल से 1200 से अधिक प्रतिभागियों ने ऑडिशन दिया था, जिनमें से चयनित जूनियर एवं सीनियर वर्ग के प्रतिभागियों ने फाइनल में शानदार प्रस्तुति दी। संस्कृती वाटिका के मुख्य स्तंभ बिस्वजीत दास (सहायक प्राध्यापक, DIPSER कॉलेज) एवं तृषा दास (नृत्य शिक्षिका, देवसंग स्कूल) को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। पिछले 15 वर्षों से दोनों संगीत एवं वाद्ययंत्र की शिक्षा देकर देवघर की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। कार्यक्रम में अनाथालय के बच्चों की प्रस्तुति ने सभी को भावुक कर दिया। वहीं इंडियन आइडल सीजन-2 के फाइनलिस्ट एवं प्रसिद्ध गायक आद्रिज घोष मुख्य निर्णायक के रूप में उपस्थित रहे और प्रतिभागियों की सराहना की। *प्रतियोगिता के विजेता इस प्रकार रहे:* जूनियर वर्ग: प्रथम – Md. Rehan Shaikh द्वितीय – Shreayanshu Karmakar तृतीय – Kanishk Kr. Suman सीनियर वर्ग: प्रथम – Nitin Kumar द्वितीय – Shashwat तृतीय – Shobhit Sharma विशेष पुरस्कार: Best Performer – Md. Rehan Shaikh Sri Sushil Kumar Das Memorial Award – Chandan Kumar पूरा कार्यक्रम स्व. अभय श्रॉफ की यादों, उनके आदर्शों और समाज सेवा के प्रति उनके समर्पण को समर्पित रहा। ईश्वर उनकी पुण्य आत्मा को शांति प्रदान करें।
विधानसभा 2027 से पहले सियासत गरम: भदोही के हसनैन अंसारी की सपा में वापसी, लखनऊ में समर्थकों संग हुए शामिल

नितेश श्रीवास्तव


भदोही। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भदोही की राजनीति में सक्रिय नेता हसनैन अंसारी ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी (सपा) का दामन थाम लिया है। राजधानी लखनऊ स्थित सपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।
यह सदस्यता कार्यक्रम अखिलेश यादव के निर्देश पर आयोजित किया गया, जिसमें प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने हसनैन अंसारी और उनके समर्थकों को पार्टी में शामिल कराया। इस अवसर पर भदोही सदर विधायक जाहिद बेग, पूर्व प्रदेश महिला सभा अध्यक्ष रीबू श्रीवास्तव तथा समाजवादी युवजन सभा के प्रदेश सचिव टोनी मंसूरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
*पहले सपा, फिर कांग्रेस और अब फिर सपा में वापसी*
हसनैन अंसारी का राजनीतिक सफर उतार-चढ़ाव से भरा रहा है। वे लंबे समय तक समाजवादी पार्टी से जुड़े रहे, लेकिन वर्ष 2023 में उन्होंने कांग्रेस का दामन थाम लिया था। उस दौरान अजय राय की मौजूदगी में उन्होंने समर्थकों के साथ कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की थी। सदस्यता कार्यक्रम के दौरान वे भावुक हो गए थे और मंच पर उनकी आंखों से आंसू भी छलक पड़े थे, जो उस समय काफी चर्चा में रहा।
हालांकि,  विधानसभा चुनाव से ठीक पहले उन्होंने एक बार फिर सपा में वापसी कर ली है। राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह फैसला प्रदेश में तेजी से बदलते राजनीतिक समीकरणों का संकेत है। विपक्षी दलों में इन दिनों दल-बदल की स्थिति को “भगदड़” के रूप में भी देखा जा रहा है।
नई ऊर्जा के साथ संगठन को मजबूत करने का संकल्प
सपा में दोबारा शामिल होने के बाद हसनैन अंसारी ने कहा कि वे अखिलेश यादव की नीतियों और समाजवादी विचारधारा से प्रभावित होकर पार्टी में लौटे हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि भदोही जनपद में संगठन को मजबूत करने और पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे।
कार्यक्रम के दौरान सैकड़ों कार्यकर्ताओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। “जय समाजवाद” के नारों के बीच सभी ने आगामी चुनावों में पार्टी के लिए पूरी ताकत से काम करने का संकल्प लिया।
भारत की जनगणना हेतु प्रशिक्षण के साथ पूरी हुई तैयारी
मुंबई । बृहन्मुंबई महानगरपालिका जी-दक्षिण विभाग के तत्वावधान 2026-2027 वर्ष भारत की जनगणना करने हेतु जनगणना मास्टर प्रशिक्षक,फिल्ड प्रशिक्षक, सुपरवाइजर एवं जनगणना प्रगणक हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।उक्त कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा  विभाग जनगणना अधिकारी तथा डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित करके किया गया।जनगणना प्रशिक्षण तीन सत्रों में रखा गया जिसमें प्रथम सत्र 23,24,25 अप्रैल,द्वितीय सत्र 27,28,29 अप्रैल को पूर्ण किया गया। अंतिम तृतीय सत्र 4,5,6 मई 2026 जो ग्लोबमिल मनपा शाला,लोअर परेल मुंबई में आयोजित किया गया।प्रत्येक सत्र में 200 सुपरवाइजर और प्रगणक कुल 600 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण देकर तैयार किया गया है। जनगणना 2027 का पहला टप्पा महाराष्ट्र में स्व-गणना 1 मई से 15 मई रखा गया है जिसमें नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भरकर पूर्ण करेंगे तथा 16 मई से 14 जून तक घरगणना प्रगणक एवं सुपरवाइजर की निगरानी में किया जाना है।उक्त प्रशिक्षण श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी,डॉ विरेंद्र वि.मोहिते स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी एवं चार्ज जनगणना अधिकारी,राजेश यादव सहायक अभियंता एवं अतिरिक्त चार्ज जनगणना अधिकारी के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। जनगणना सहायक के रूप में सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अमोल दर्रोई,डॉ मनिष शार्दुल एवं समाज विकास अधिकारी राजेश सुरवाडे की नियुक्ति हुई है।उक्त प्रशिक्षण देने के लिए मास्टर ट्रेनर के रूप में गौरव श्रीवास्तव तथा फिल्ड प्रशिक्षक के रूप में प्रीती चौधरी, अमित शिंदे,सविता बोडके किरण पवार, सुमित्रा एमगेकर, मास्टर प्रशिक्षक रेणुका गवळी,महेन्द्र गुप्ता,राम बनकर,दीपक वैष्णव, अरुण शिंदे,वसंत सिद की नियुक्ति की गई है। सहायक आयुक्त तथा विभाग जनगणना अधिकारी श्रीमती स्वप्नजा क्षिरसागर एवं स्वास्थ्य चिकित्सा अधिकारी व चार्ज जनगणना अधिकारी डॉ विरेंद्र मोहिते सर ने जी-दक्षिण विभाग में रहने वाले नागरिकों से निवेदन तथा आह्वाहन किया कि भारत सरकार द्वारा 2027 की जनगणना में सहयोग करें।आपके द्वार पर आने वाले जनगणना अधिकारियों का सम्मान करते हुए पूछे गए प्रश्नों के उत्तर शांति पूर्वक देकर अपनी जनगणना एवं घरगणना पूर्ण कीजिए तथा भारत के नागरिक होने का दायित्व का निर्वहन कीजिए।
पलामू में भाजपा का महासंग्राम: मटका फोड़ प्रदर्शन कर घेरा DC दफ्तर, अमर बाउरी बोले- "खून चूस रही है हेमंत सरकार"

पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के तहत बुधवार को पलामू में भारतीय जनता पार्टी की तरफ से बिजली और पानी को लेकर लगातार हो रही समस्याओं के खिलाफ विशाल प्रदर्शन उपायुक्त कार्यालय के समक्ष किया गया। प्रदर्शन की शुरुआत काली मंदिर रेडमा चौक से की गई, जहां से सैकड़ो की संख्या में पुरुष एवं महिलाओं ने सांकेतिक रूप से मटका और हाथों में तख्तियां लेकर उपायुक्त कार्यालय तक पैदल मार्च किया। इस दौरान राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी में की गई।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से झारखंड के पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी झारखंड प्रदेश के महामंत्री अमर कुमार बाउरी, प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह, डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया, पूर्व विधायक पुष्पा देवी, पूर्व सांसद मनोज कुमार भुइँया, जिला अध्यक्ष अमित तिवारी, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रभात भुइंया सहित सैकड़ो कार्यकर्ता सम्मिलित हुए।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश महामंत्री अमर कुमार बाउरी ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार गरीब जनता का न सिर्फ पानी बल्कि उनका खून भी चूस रही है। जिस तरह से पूरे राज्य में 80000 से भी अधिक चापानल छोटी-छोटी खराबियों के कारण बंद पड़े हैं, उसे ठीक करवाने या उसे बदलवाने का कार्य राज्य की हेमंत सोरेन की सरकार नहीं कर पा रही है। लोग आज शुद्ध पेयजल के लिए त्राहिमाम कर रहे हैं। शुरुआत की गर्मी में ही बिजली और पानी की समस्या से लोगों की जान तक जा रही है।

उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हाल में ही एक गर्भवती महिला की मौत बिजली नहीं होने के कारण डॉक्टर के द्वारा टॉर्च से ऑपरेशन किया गया जिससे गर्भवती महिला की मौत हो गई। वहीं उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री पर भी निशाना चाहते हुए कहा कि झारखंड के बढ़बोले मंत्री सिर्फ अपनी बातों से सुर्खियों में रहते हैं जबकि उनका काम हकीकत में धरातल पर उतरता नहीं देख रहा।

अमर कुमार बाउरी ने चेतावनी देते हुए साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही राज्य में बिजली और पानी की समस्या का निवारण राज्य सरकार नहीं करती है तो प्रदेश स्तर पर भारतीय जनता पार्टी पूरे राज्य में चरणबद्ध आंदोलन करेगी। वहीं सांकेतिक रूप से प्रदर्शन कर रही महिलाओं ने अपना विरोध करते हुए उपायुक्त के गाड़ी के समक्ष मटका फोड़ा।

मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए डाल्टनगंज विधायक आलोक चौरसिया ने कहा कि पलामू जैसे शहर में बिजली और पानी न होने के कारण इसका असर न सिर्फ लोगों के आम जीवन पर पड़ रहा है बल्कि इसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवा और अन्य कार्यों पर भी हो रहा है।

उन्होंने बताया कि पलामू के लगभग सभी क्षेत्र में लगे हुए चापाकल और नल खराब पड़े हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नल जल योजना पलामू सहित पूरे राज्य में ठप पड़ी हुई है। उन्होंने साफ तौर पर उपायुक्त के माध्यम से सरकार से मांग किया कि जल्द ही पलामू और पूरे राज्य में बिजली और पानी की समस्या को समाप्त करें अन्यथा जो आंदोलन आज उपायुक्त कार्यालय तक है अगली बार बृहद रूप से राज्य स्तर पर किया जाएगा।

प्रदेश महामंत्री मनोज कुमार सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार आम जनता के मूलभूत सुविधाओं से भी वंचित रखने का काम कर रही है। बिजली और पानी की समस्या से आम जनता त्राहिमाम है और इसका सीधा असर सबसे अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। आए दिन राज्य में बिजली न होने के कारण कई मरीजों की जान चली गयी। वहीं छात्रों पर भी सीधे तौर पर उनकी पढ़ाई पर हो रहा है।

सरकार को चेतावनी देते हुए उन्होंने साफ तौर पर कहा कि यदि जल्द ही सब समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो जिस तरह से बंगाल में आम जनता के विरोध का सामना तृणमूल कांग्रेस को करना पड़ा और उन्हें अपने सत्ता से हाथ धोना पड़ा, उसी तरह आने वाले चुनाव में भी झारखंड की जनता हेमंत सोरेन की निकम्मी सरकार को उखाड़ फेंकने का काम करेगी।

राज्य सरकार 10000 करोड़ के मदर ऑफ ऑल स्कैम ट्रेजरी घोटाले को सुनियोजित तरीके से दफनाने में लगी- प्रतुल शाह देव

भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने राज्य सरकार पर 10000 करोड़ के ट्रेजरी स्कैम को सुनियोजित तरीके से दफनाने का आरोप लगाया।प्रतुल ने कहा कि राज्य सरकार ने वित्त विभाग के निर्णय के आलोक में पत्रांक (2)- 12/26, 252 के जरिए वित्तीय कार्य से जुड़े 3 वर्ष से ज्यादा एक ही पद पर जमे सिर्फ क्लर्क और किरानी के ट्रांसफर का आदेश दिया। एसपी,डीएसपी और ट्रेजरी अफसर यथावत पदों पर आज भी बने हुए हैं। असली आरोप तो इन पर ही लगा था जो आज भी जमे हुए हैं

प्रतुल ने कहा की उत्पाद सचिव के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने 2020 से रिकॉर्ड मांगा है। 8 मई को यह टीम बोकारो जाने वाली है ।एजी की आपत्ति के बाद अब ये 2011 से रिकॉर्ड मांग रही है।इस घोटाले को दबा देने की पूरी प्लानिंग है।तभी जांच समिति में सीआईडी के वर्तमान दो आईजी को छोड़कर पुलिस के मानवाधिकार आईजी को कमान दी गई है। इसके अतिरिक्त एसआईटी टीम के जो सदस्य हैं उसमें से एक 2022 के दौरान बोकारो के भी एसपी थे और 2014-16 के दौरान हजारीबाग के डीएसपी थे ।इस दौरान दोनों जिला में भी ट्रेजरी घोटाला हुआ था। इस जांच समिति के एक और सदस्य डीआईजी स्तर के एक अधिकारी 27 नवंबर, 2017 से बोकारो एसपी थे। वह 2019 तक इस पद पर रहे।2018 में अकाउंटेंट कौशल पांडे का बोकारो तबादला हुआ। कौशल पांडे ही इस पूरे घोटाले का किंग पिन माना जाता है। उस समय अकाउंट सेक्शन की हेड क्लर्क प्रभा टोप्पो को हटाकर कौशल पांडे को प्रभार दे दिया गया।

प्रतुल ने कहा की बोकारो के स्ट्रांग रूम में लगभग 12 से 14 किलो तक सोना जमा है। सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि यह सोना अभी भी वहां मौजूद है या कोई हेरा फेरी हो गई है। प्रतुल ने कहा कि जो एसआईटी जाए ,वह स्ट्रांग रूम की भी जांच कर इस सोने का भौतिक सत्यापन करे।

प्रतुल ने कहा कि झारखंड वित्तीय नियमावली एवं ट्रेजरी कोड के नियम 305 के अनुसार डीडीओ को अपने अधीन पैसे के खर्च की उस तरह चिंता करनी चाहिए जैसा वह अपने घर के लिए खर्च कर रहे हो। प्रतुल ने कहा पर यह आश्चर्यजनक बात है कि एक माह बीत जाने के बाद भी डीडीओ और ट्रेजरी ऑफिसर अभी भी अपने पदों पर बने हुए हैं। एसआईटी को जांच के लिए इन्हीं अफसर से मदद लेना है।ये न सिर्फ सुबूत मिटा सकते हैं बल्कि जांच समिति को भी गुमराह कर सकते हैं।

पीएजी ने गंभीर अनियमितता पकड़ी थी

प्रतुल ने कहा इससे पहले प्रिंसिपल एजी में दो अप्रैल,2026 की रिपोर्ट में ही भौतिक सत्यापन के दौरान बड़े पैमाने पर ट्रेजरी में गड़बड़ी के सबूत पेश किए थे। रिपोर्ट के अनुसार 58% डी ए को कई गुना ज्यादा बढ़ा कर लिया गया।रिपोर्ट में मास्टर डाटा कंट्रोल में बड़ी कमजोरी पाई गई ।इसी रिपोर्ट में 2175 मामले ऐसे आए जिनके जन्मतिथि 2023 और 2026 के बीच में बदल दी गई ।इसी कालखंड में 2890 पैन नंबर के साथ भी फेरबदल हुआ और 5037 सरकारी कर्मचारियों के जॉइनिंग डेट के साथ भी छेड़छाड़ की गई।

प्रतुल ने कहा कि सरकार का जो रवैया है उस से स्पष्ट है कि वह मदर आफ स्कैम को दबाने की कोशिश हो रही है।इसलिए राज्य सरकार को अविलंब इस पूरे मामले की ईडी और सीबीआई जांच के आदेश देने चाहिए। अगर राज्य सरकार ऐसा नहीं करती है तो भारतीय जनता पार्टी भविष्य में उचित कदम उठाएगी आज के प्रेस वार्ता में प्रदेश सह मीडिया प्रभारी अशोक बड़ाइक भी उपस्थित थे।

तमिलनाडु में कांग्रेस ने छोड़ा डीएमके का साथ, विजय की टीवीके की राह हुई आसान

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कांग्रेस ने तमिलनाडु में एक्टर विजय की अगुवाई वाली टीवीके को समर्थन देने क फैसला किया है। इसके साथ ही अपने पुराने सहयोगी को ‘हाथ’ झटक दिया है। कांग्रेस ने बुधवार को तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) को समर्थन देने का एलान किया। पार्टी ने कहा कि वह टीवीके को तमिलनाडु में सरकार बनाने के लिए समर्थन देगी। इसके साथ कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन खत्म करने की घोषणा भी की। कांग्रेस लंबे समय द्रविड मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की सहयोगी रही है।

सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला

टीवीके अध्यक्ष विजय ने औपचारिक रूप से कांग्रेस से समर्थन मांगा था, जिसके बाद तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी और कांग्रेस विधायक दल ने राज्य में सरकार गठन के लिए टीवीके को समर्थन देने का फैसला किया। कांग्रेस ने अपने बयान में कहा कि तमिलनाडु की जनता, खासकर युवाओं ने एक स्पष्ट जनादेश दिया है, जो एक धर्मनिरपेक्ष, प्रगतिशील और जनकल्याणकारी सरकार के पक्ष में है।

कांग्रेस ने समर्थन के लिए रखी ये शर्त

कांग्रेस ने यह भी स्पष्ट किया कि उसका समर्थन पूरी तरह से बिना शर्त नहीं होगा। पार्टी ने कहा है कि टीवीके को इस गठबंधन में किसी भी ऐसी सांप्रदायिक ताकत को शामिल नहीं करना होगा, जो भारतीय संविधान के मूल्यों में विश्वास नहीं रखती। 

आने वाले चुनावों के ले भी समर्थन

कांग्रेस ने कहा है कि उसका समर्थन सिर्फ मौजूदा सरकार के गठन नहीं बल्कि आने वाले स्थानीय निकाय चुनाव, लोकसभा चुनाव और राज्यसभा चुनावों के लिए भी होगा। तमिलनाडु विधानसभा चुनावों से पहले ऐसी चर्चा सामने आई थी कि राहुल गांधी टीवीके साथ गठबंधन के इच्छुक हैं लेकिन पार्टी के अन्य नेताओं के दबाव में डीएमके साथ कांग्रेस ने चुनाव लड़ा था। 

डीएमके ने कांग्रेस को कहा गद्दार

डीएमके ने कांग्रेस द्वारा टीवीके को समर्थन देने पर इस गद्दारी बताया है। तमिलनाडु में कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार बनाने के लिए टीवीके के बारे में डीएमके ने कहा कि शुरू से ही यह चर्चा थी कि कुछ लोग विजय का समर्थन करना चाहते हैं और उनकी पार्टी में शामिल होना चाहते हैं। कांग्रेस हर राज्य में ऐसा कर रही है।आखिरकार वे सभी जगह हार रहे हैं। दिल्ली और पश्चिम बंगाल में उनका पूरी तरह सफाया हो गया है। महाराष्ट्र में उनके पास कोई मौका नहीं है। वे कुछ ऐसा कर रहे हैं जिससे उनकी पार्टी ही बंद हो जाएगी।

यूपी में अब घर बैठे मिलेगी खतौनी की प्रमाणित प्रति, तहसील के चक्कर से मिलेगी राहत

* राजस्व विभाग की नई डिजिटल व्यवस्था लागू, 24 घंटे ऑनलाइन सेवा उपलब्ध

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने आम नागरिकों को बड़ी राहत देते हुए खतौनी की प्रमाणित प्रति प्राप्त करने की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन कर दिया है। अब लोगों को इस कार्य के लिए तहसील या कचहरी जाने की आवश्यकता नहीं होगी। नागरिक घर बैठे ही कुछ आसान चरणों में खतौनी की प्रमाणित नकल प्राप्त कर सकेंगे।
राजस्व विभाग की इस डिजिटल पहल के तहत नागरिक UP Bhulekh Portal या Board of Revenue Uttar Pradesh Portal पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद ‘खतौनी की नकल’ विकल्प का चयन करना होगा। इसके बाद जनपद, तहसील और गांव की जानकारी दर्ज कर संबंधित गाटा संख्या का चयन करना होगा।
निर्धारित शुल्क का ऑनलाइन भुगतान करते ही खतौनी की प्रमाणित प्रति तुरंत डाउनलोड के लिए उपलब्ध हो जाएगी। यह सेवा 24 घंटे संचालित रहेगी, जिससे नागरिक अपनी सुविधा के अनुसार कभी भी इसका लाभ उठा सकते हैं।
नई व्यवस्था में यूपीआई सहित विभिन्न डिजिटल भुगतान माध्यमों का उपयोग किया जा सकता है, जिससे भुगतान प्रक्रिया भी तेज और सरल हो गई है।
सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल समय और श्रम की बचत होगी, बल्कि पारदर्शिता भी बढ़ेगी और आम लोगों को अनावश्यक खर्च से राहत मिलेगी।