नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
आजमगढ़:-15 से 22 मई तक लगेंगे ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का होगा समाधान
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर जनपद के फूलपुर विद्युत वितरण खण्डों में 15, 16, 18, 19, 20, 21 एवं 22 मई 2026 को ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’ आयोजित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियन्ता गौरव तिवारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड फूलपुर, सठियांव एवं कप्तानगंज सहित अन्य क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। अधिशासी अभियंता फूलपुर हरीश प्रजापति व उपखंड अधिकारी फूलपुर भूप सिंह और अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेगा कैम्प के दौरान उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा कर सकेंगे, बिल संशोधन करा सकेंगे, नए विद्युत संयोजन प्राप्त कर सकेंगे, लोड वृद्धि, मीटर परिवर्तन तथा अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जाएगा। कैम्प का संचालन संबंधित अधिशासी अभियन्ता (वितरण) के नेतृत्व में किया जाएगा।
विभाग द्वारा कैम्प स्थलों के चयन के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा सकें।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
प्रो. उमा श्रीवास्तव बनीं काशी नरेश विश्वविद्यालय की पहली कुलपति

*प्रदेश सरकार की ओर से प्रोफेसर उमा को नियुक्त किया गया कुलपति*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित व सांख्यिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. उमा श्रीवास्तव को काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही का अंतरिम (प्रथम) कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद  प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी हो गया। प्रो. उमा पिछले 39 वर्ष से विश्वविद्यालय में बतौर शिक्षक सेवा दे रही हैं। वर्तमान में वह गणित एवं सांख्यिकी विभाग की अध्यक्ष हैं। उन्होंने पांच किताबें लिखी हैं और उनके करीब 92 शोधपत्र विभिन्न जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशेष आमंत्रित सदस्य और गोरक्ष प्रांत की प्रमुख हैं।
शुभांगी शुक्ला बनी भदोही की एडीएम वित्त एवं राजस्व
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लंबे समय से जिले में तैनात अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य का स्थानांतरण मेरठ हो गया है। उनकी जगह मेरठ में अपर जिला अधिकारी रहीं शुभांगी शुक्ला को भदोही की जिम्मेदारी दी गई है। एक, दो दिन में वे जिले का कार्यभार संभाल लेंगी। कुंवर वीरेंद्र मौर्य बीते तीन साल से जनपद में तैनात थे। उन्हें एडीएम मेरठ, उप संचालक चकबंदी बनाया गया है।
भदोही पुलिस अधीक्षक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित: हाईस्कूल-इंटर में 90 से अधिक अंक पाने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों का सम्मान
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पुलिस लाइन ज्ञानपुर परेड ग्राउंड में साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल की कार्यवाही का अवलोकन कर उसे और बेहतर तरीके से करने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया और वहां निर्माणाधीन नए बैरकों के कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने एमटी कार्यालय और वहां के अभिलेखों के रख-रखाव को भी परखा। निरीक्षण के इसी क्रम में, परेड ग्राउंड पर मौजूद यूपी-112 की गाड़ियों और एमटी अनुभाग के राजकीय वाहनों व उनमें उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की गई। व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। परेड व निरीक्षण के उपरांत, पुलिस अधीक्षक ने अर्दली रूम किया, जिसमें रजिस्टर पेशी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जनपद भदोही पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में कृतिका यादव (हेड ऑपरेटर, रेडियो शाखा के देवमणि यादव की पुत्री) ने 95.40अंक प्राप्त किए। अर्चिता यादव (उपनिरीक्षक, यातायात शाखा के श्री धर्मेंद्र यादव की पुत्री) ने 92.60 अंक प्राप्त किए, जबकि शुभम यादव (मुख्य आरक्षी, पुलिस लाइन के राजकुमार यादव का पुत्र) ने 92.80अंक प्राप्त किए।

भदोही पुलिस परिवार को इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है। जनपद पुलिस द्वारा सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने हेतु शुभाशीष प्रदान किया गया।
नर्सें हैं स्वास्थ्य सेवा की रीढ़: जीवेश त्रिपाठी
राजा कोठी वार्ड-9 में नर्स दिवस पर जीवेश त्रिपाठी ने किया नर्सों का सम्मान



विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज,शंकरगढ़ ब्लाक के अंतर्गत राजा कोठी वार्ड नंबर 9 में अंतर्राष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित हुआ। कार्यक्रम में राजा कमलाकर डिग्री कॉलेज के पास के स्थानीय निवासी जीवेश त्रिपाठी ने नर्सों को शुभकामनाएं देते हुए उनके सेवा कार्य को समाज सेवा बताया। उन्होंने कहा कि संकट के समय में नर्सें अपने परिवार से दूर रहकर दिन-रात मरीजों की सेवा करती हैं। यह समर्पण ही उन्हें समाज में विशेष स्थान दिलाता है। जीवेश त्रिपाठी ने कहा, नर्सिंग केवल एक नौकरी नहीं बल्कि त्याग और ममता का दूसरा नाम है। कोविड महामारी से लेकर हर आपात स्थिति में नर्सों ने फ्रंटलाइन पर रहकर मानवता की रक्षा की है। शंकरगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने में इनकी भूमिका सबसे अहम है। उन्होंने क्षेत्र की सभी नर्सों के बेहतर स्वास्थ्य, सुरक्षित कार्य वातावरण और उज्जवल भविष्य की कामना की।
थाना होलागढ़ में पति ने पति लगाया मायके में घुसकर पत्नी और भतीजे को मारने पीटने का आरोप


विश्वनाथ प्रताप सिंह

घटना सीसीटीवी में कैद, जान से मारने की धमकी का आरोप
होलागढ़ इलाके चार दिनों में हुई बड़ी घटनाएं,पुलिस ने सख्ती नहीं दिखाई तो होगी बड़ी घटना
प्रयागराज,होलागढ़ । इलाके  के दहियावां निवासी काजल जायसवाल ने अपने पति पर मायके में घुसकर मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। यह घटना 12 मई 2026 को हुई, जिसमें उनके भतीजे को भी पीटा गया।
शिकायत के अनुसार, कानपुर नगर के नौबस्ता थाना क्षेत्र स्थित यशोदा नगर निवासी उनके पति आज जायसवाल अवैध हथियार (कट्टा) लेकर दहियावां स्थित उनके मायके पहुंचे। उन्होंने काजल जायसवाल को जान से मारने की धमकी दी। जब उनके भतीजे ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो जायसवाल ने उसे भी लाठी-डंडों से पीटा और जान से मारने की धमकी दी। काजल जायवर्षों से अपने मायके दहियावां में रह रही हैं। उनके और पति के बीच मारपीट तथा घरेलू विवाद को लेकर एक मुकदमा चल रहा है।
मरीजों की सेवा सबसे बड़ा मानव धर्म : डॉ. सुप्रीत वर्मा
सुल्तानपुर,राष्ट्रीय सामाजिक सेवा संघ द्वारा जिले के लगभग 350 मरीजों, तीमारदारों एवं जरूरतमंदों को गरम ताज़ा निःशुल्क भोजन वितरित किया गया।
संघ के तत्वाधान में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं जिला अस्पताल तथा रेलवे स्टेशन परिसर में प्रत्येक बृहस्पतिवार देर शाम निःशुल्क भोजन वितरण कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
इस अवसर पर संघ अध्यक्ष मेराज अहमद खान के संयोजन में जिला चिकित्सालय स्थित ब्लड बैंक के सामने आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा, न्यूरो सर्जन यशांक तथा डॉ.आकाश श्रीवास्तव ने जरूरतमंदों को भोजन की थाली वितरित कर किया।
सर्जन डॉ. सुप्रीत वर्मा ने कहा कि मरीजों और तीमारदारों को भोजन उपलब्ध कराना अत्यंत सराहनीय एवं मानवीय कार्य है। ऐसे सेवा कार्य समाज में मानवता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
न्यूरो सर्जन यशांक ने कहा कि अस्पतालों में दूर-दराज से आने वाले जरूरतमंद लोगों की सहायता करना पुण्य का कार्य है। सामाजिक संगठनों की यह पहल समाज को नई प्रेरणा देती है।
सर्जन डॉ. आकाश श्रीवास्तव ने कहा कि भोजन वितरण जैसे कार्यक्रम जरूरतमंदों के लिए बड़ी राहत साबित होते हैं। हर सक्षम व्यक्ति को समाज सेवा के लिए आगे आना चाहिए।
संघ के मार्गदर्शक निज़ाम खान ने बताया कि पौष्टिक एवं स्वादिष्ट भोजन के मेन्यू में अरहर की दाल, मौसमी सब्जी, रोटी एवं चावल शामिल था।
इस पुनीत कार्य में प्रदीप श्रीवास्तव, सुहेल सिद्दीकी, सरदार गुरुप्रीत सिंह, हाजी मुहम्मद मुजतबा अंसारी, जियाऊल कमर सिद्दीकी, राशिद खान, सद्दाम खान, अमानत खान, युसूफ पठान, बैजनाथ प्रजापति एवं माता प्रसाद जायसवाल सुल्तान महमूद खान कैफ़ी सहित अनेक समाजसेवियों का सहयोग रहा।
आजमगढ़:-15 से 22 मई तक लगेंगे ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’, बिजली उपभोक्ताओं की समस्याओं का होगा समाधान
वी कुमार यदुवंशी

आजमगढ़। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के निर्देश पर जनपद के फूलपुर विद्युत वितरण खण्डों में 15, 16, 18, 19, 20, 21 एवं 22 मई 2026 को ‘वाणिज्यिक मेगा कैम्प’ आयोजित किए जाएंगे। अधीक्षण अभियन्ता गौरव तिवारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार यह कैम्प विद्युत वितरण खण्ड फूलपुर, सठियांव एवं कप्तानगंज सहित अन्य क्षेत्रों में लगाए जाएंगे। अधिशासी अभियंता फूलपुर हरीश प्रजापति व उपखंड अधिकारी फूलपुर भूप सिंह और अभियंता देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मेगा कैम्प के दौरान उपभोक्ता अपने बिजली बिल जमा कर सकेंगे, बिल संशोधन करा सकेंगे, नए विद्युत संयोजन प्राप्त कर सकेंगे, लोड वृद्धि, मीटर परिवर्तन तथा अन्य वाणिज्यिक समस्याओं का मौके पर समाधान कराया जाएगा। कैम्प का संचालन संबंधित अधिशासी अभियन्ता (वितरण) के नेतृत्व में किया जाएगा।
विभाग द्वारा कैम्प स्थलों के चयन के साथ व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए लाउडस्पीकर, सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक उपभोक्ता योजना का लाभ उठा सकें।
ई टिकटिंग अवैध कारोबारी जिला बदर घोषित,घर पर कराई गई डुग्गी मुनादी
*गुंडा एक्ट के तहत छ: महीने के लिए हुई कार्रवाई

गोंडा।जिले में ई टिकटिंग के अवैध कारोबारी शमशेर आलम को जिला बदर कर दिया गया है।जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन के न्यायालय ने शमशेर आलम को गुंडा एक्ट के अंतर्गत दोषी घोषित करते हुए छ: माह के लिए जिले की सीमा से बाहर रहने का निर्देश दिया है।जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश के बाद खोंड़ारे थाने की पुलिस शमशेर आलम के कोल्हुई गरीब गांव स्थित घर पहुंच गई और डुग्गी मुनादी कराकर उन्हें जिलाबदर किए जाने की जानकारी दी।आदेश के अनुसार,शमशेर आलम अगले छ: महीने तक गोंडा जिले के सीमा में प्रवेश नहीं कर पाएंगे और उन्हें किसी अन्य जिले में रहना होगा।यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के रिपोर्ट पर की गई है।आदेश में स्पष्ट उल्लेख है कि शमशेर आलम एक शातिर अपराधी है,जिसका समाज में इतना भय और आतंक व्याप्त है कि कोई भी व्यक्ति उसके खिलाफ थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने या न्यायालय में साक्ष्य देने की हिम्मत नहीं कर पाता।शमशेर आलम बड़े पैमाने पर फर्जी आईबोल और रेडबोल जैसे साफ्टवेयर तथा यूट्यूब का उपयोग करके रेलवे टिकट की वेबसाइट को हैक कर ई टिकट का अवैध कारोबार करता था।उसे रेलवे पुलिस और कई जांच एजेंसियों द्वारा पहले भी कई बार गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है,इसके बावजूद वह लगातार अवैध गतिविधियों में लिप्त रहा।खोंड़ारे थानाध्यक्ष कृष्ण गोपाल राय ने बताया कि जिलाधिकारी न्यायालय के आदेश पर शमशेर आलम को छ: माह के लिए जिलाबदर किया गया है।उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शमशेर आलम उक्त छ: माह के दौरान गोंडा जिले की सीमा में पाये जाते हैं तो उनके खिलाफ तत्काल कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।यहाँ यह बताना आवश्यक है कि कई बार रेलवे पुलिस और अन्य एजेंसियों के द्वारा शमशेर आलम के खिलाफ कठोर कार्रवाई की गई थी,परन्तु उसके बावजूद भी इसके द्वारा बड़े पैमाने पर इस तरीके से कार्य किया जा रहा है।कई राज्य में और कई जगहों पर शमशेर आलम के खिलाफ अवैध टिकट कारोबार को  लेकर के भी मुकदमा दर्ज है।जिसकी जांच कई एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
फैंटेसी और दर्शन का विलक्षण संगम : कुमार पंकज की “एल्गा-गोरस”

कल्पना, विचार और मानवीय संवेदनाओं को नया आयाम देती एक चर्चित कृति

पुस्तक समीक्षा

लखनऊ । हिंदी साहित्य जगत में इन दिनों लेखक कुमार पंकज की चर्चित कृति “एल्गा-गोरस” स्याह मिथकों की रहस्य गाथा और उसके दूसरे भाग “अग्निशास्त्र की रक्तगाथा” को लेकर व्यापक चर्चा देखने को मिल रही है। दोनों पुस्तकों के एक साथ प्रकाशित होने ने हिंदी फैंटेसी साहित्य में नई जिज्ञासा और उत्साह पैदा किया है। लॉन्च के कुछ ही घंटों के भीतर यह कृति सोशल मीडिया और डिजिटल मंचों पर छा गई। इसके वीडियो ट्रेलर को फेसबुक और यूट्यूब पर लाखों दर्शकों ने देखा, जबकि पहले ही दिन यह अमेज़न की “हॉट न्यू रिलीज़” सूची में शीर्ष स्थान तक पहुँच गई। हिंदी साहित्य में किसी फैंटेसी कृति को इतनी तेज़ लोकप्रियता मिलना अपने आप में उल्लेखनीय माना जा रहा है।

मेरठ निवासी गीतकार और लेखक कुमार पंकज की लेखन शैली इस कृति को सामान्य फैंटेसी उपन्यासों से अलग पहचान देती है। “एल्गा-गोरस” केवल युद्ध, रोमांच और रहस्य की कहानी नहीं है, बल्कि यह मनुष्य के भीतर चल रहे मानसिक संघर्ष, भावनात्मक उलझनों और अस्तित्व संबंधी प्रश्नों की भी गंभीर पड़ताल करती है। कथा कई स्तरों पर विकसित होती है, जिससे पाठक केवल घटनाओं का साक्षी नहीं बनता, बल्कि विचारों और अनुभूतियों की यात्रा का सहभागी बन जाता है। इसके पात्र मात्र काल्पनिक चरित्र नहीं, बल्कि मानवीय मनःस्थितियों और जीवन-दृष्टियों के प्रतीक बनकर उभरते हैं।

कृति का सबसे प्रभावशाली पक्ष उसका दार्शनिक स्वर है। “जंग कभी नहीं मरती, केवल योद्धा मरते हैं” जैसी पंक्तियाँ कथा को व्यापक मानवीय संदर्भ प्रदान करती हैं। वहीं “फुसफुसाहट, कभी भीतरी बेइमानी के बिना पैदा नहीं होती” और “इंतज़ार, वक़्त क़त्ल करने का सबसे फूहड़ तरीका है” जैसे विचार पाठक को भीतर तक प्रभावित करते हैं। लेखक ने जीवन, युद्ध, प्रेम और अहं जैसे जटिल विषयों को सहज लेकिन गहन भाषा में प्रस्तुत किया है।

प्रेम और रिश्तों का चित्रण भी इस कृति की बड़ी विशेषता है। यहाँ प्रेम किसी आदर्शवादी कल्पना के रूप में नहीं, बल्कि उसकी वास्तविक जटिलताओं, अपेक्षाओं, निर्भरता और टूटन के साथ सामने आता है। यही संवेदनात्मक ईमानदारी पाठक को कथा से भावनात्मक रूप से जोड़ती है।

सरल, प्रवाहपूर्ण और प्रभावशाली भाषा इस कृति को व्यापक पाठक वर्ग तक पहुँचाती है। “एल्गा-गोरस” केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि आत्ममंथन और वैचारिक अनुभव बनकर सामने आती है। यही कारण है कि कुमार पंकज की यह कृति हिंदी साहित्य में फैंटेसी और दर्शन के अद्भुत संगम के रूप में नई संभावनाओं का द्वार खोलती दिखाई देती है। — प्रशांत आर्यप्रियम्
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
प्रो. उमा श्रीवास्तव बनीं काशी नरेश विश्वविद्यालय की पहली कुलपति

*प्रदेश सरकार की ओर से प्रोफेसर उमा को नियुक्त किया गया कुलपति*


नितेश श्रीवास्तव

भदोही। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के गणित व सांख्यिकी विभाग की अध्यक्ष प्रो. उमा श्रीवास्तव को काशी नरेश विश्वविद्यालय, भदोही का अंतरिम (प्रथम) कुलपति नियुक्त किया गया है। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मंजूरी के बाद  प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग की ओर से आदेश जारी हो गया। प्रो. उमा पिछले 39 वर्ष से विश्वविद्यालय में बतौर शिक्षक सेवा दे रही हैं। वर्तमान में वह गणित एवं सांख्यिकी विभाग की अध्यक्ष हैं। उन्होंने पांच किताबें लिखी हैं और उनके करीब 92 शोधपत्र विभिन्न जर्नल में प्रकाशित हो चुके हैं। वह अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की विशेष आमंत्रित सदस्य और गोरक्ष प्रांत की प्रमुख हैं।
शुभांगी शुक्ला बनी भदोही की एडीएम वित्त एवं राजस्व
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। लंबे समय से जिले में तैनात अपर जिलाधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य का स्थानांतरण मेरठ हो गया है। उनकी जगह मेरठ में अपर जिला अधिकारी रहीं शुभांगी शुक्ला को भदोही की जिम्मेदारी दी गई है। एक, दो दिन में वे जिले का कार्यभार संभाल लेंगी। कुंवर वीरेंद्र मौर्य बीते तीन साल से जनपद में तैनात थे। उन्हें एडीएम मेरठ, उप संचालक चकबंदी बनाया गया है।
भदोही पुलिस अधीक्षक ने मेधावी छात्रों को किया सम्मानित: हाईस्कूल-इंटर में 90 से अधिक अंक पाने वाले पुलिसकर्मियों के बच्चों का सम्मान
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने पुलिस लाइन ज्ञानपुर परेड ग्राउंड में साप्ताहिक शुक्रवार परेड की सलामी ली और उसका निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अनुशासन व एकरूपता बनाए रखने के लिए टोलीवार ड्रिल की कार्यवाही का अवलोकन कर उसे और बेहतर तरीके से करने हेतु संबंधित को निर्देशित किया। इसके पश्चात, पुलिस अधीक्षक ने पुलिस लाइन परिसर का भ्रमण किया और वहां निर्माणाधीन नए बैरकों के कार्य की प्रगति देखी। उन्होंने एमटी कार्यालय और वहां के अभिलेखों के रख-रखाव को भी परखा। निरीक्षण के इसी क्रम में, परेड ग्राउंड पर मौजूद यूपी-112 की गाड़ियों और एमटी अनुभाग के राजकीय वाहनों व उनमें उपलब्ध उपकरणों की क्रियाशीलता की जांच की गई। व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए। परेड व निरीक्षण के उपरांत, पुलिस अधीक्षक ने अर्दली रूम किया, जिसमें रजिस्टर पेशी सहित अन्य महत्वपूर्ण अभिलेखों का बारीकी से अवलोकन कर उन्हें अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया। इसी क्रम में, शैक्षिक सत्र 2025-26 की हाईस्कूल/इंटरमीडिएट परीक्षा में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर जनपद भदोही पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी द्वारा मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी गईं। सम्मानित होने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं में कृतिका यादव (हेड ऑपरेटर, रेडियो शाखा के देवमणि यादव की पुत्री) ने 95.40अंक प्राप्त किए। अर्चिता यादव (उपनिरीक्षक, यातायात शाखा के श्री धर्मेंद्र यादव की पुत्री) ने 92.60 अंक प्राप्त किए, जबकि शुभम यादव (मुख्य आरक्षी, पुलिस लाइन के राजकुमार यादव का पुत्र) ने 92.80अंक प्राप्त किए।

भदोही पुलिस परिवार को इन सभी प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है। जनपद पुलिस द्वारा सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ने हेतु शुभाशीष प्रदान किया गया।