वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
स्क्रैपेज-लिंक्ड EV प्रोत्साहन से लास्ट-माइल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिल सकती है रफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की प्रस्तावित नई स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
नीति के अनुसार, दिल्ली में पंजीकृत पुराने वाहन मालिक यदि अपने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कर छह महीने के भीतर नया EV खरीदते हैं, तो वे इस लाभ के पात्र होंगे। योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर ₹10,000, तीनपहिया वाहनों पर ₹25,000 और इलेक्ट्रिक कारों पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ EV श्रेणियों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी छूट दी जाएगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति का सबसे अधिक फायदा इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों (E3Ws) को होगा, क्योंकि इनका उपयोग शहरी परिवहन और छोटे माल ढुलाई में बड़े पैमाने पर होता है। भारत का E3W बाजार तेजी से बढ़ रहा है और कुल EV अपनाने में इसकी अहम हिस्सेदारी है।
आयुष लोहिया योधा के CEO ने कहा कि स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन नीतियां पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं, खासकर कमर्शियल मोबिलिटी सेक्टर में।
उन्होंने कहा, “इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन शहरी परिवहन में EV अपनाने का सबसे व्यावहारिक माध्यम हैं। यह प्रोत्साहन ड्राइवरों और छोटे फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए शुरुआती लागत को कम करता है, जो अपनी आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की परिचालन लागत पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में काफी कम होती है, जिससे यह बदलाव आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की नीतियां न केवल शहरी प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी, बल्कि पुराने ऑटो-रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहनों के बड़े बेड़े को आधुनिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
जैसे-जैसे शहर उत्सर्जन कम करने और वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, स्क्रैपेज-लिंक्ड EV प्रोत्साहन भारत के लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तेजी से विद्युतीकरण में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ आज गंगा आरती में शामिल होंगे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। बॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री तथा करोड़ों दिलों की धड़कन माधुरी दीक्षित आज वाराणसी पहुंच गई हैं। वे कल शाम 5:30 बजे पीएनजी ज्वैलर्स के वाराणसी शाखा उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह भी मुख्य अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होंगे। पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा उद्घाटन समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वाराणसी पहुंचने पर कृपाशंकर सिंह ने पूर्वांचल के लोगों की तरफ से माधुरी दीक्षित का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। आज शाम वे उनके साथ गंगा आरती में शामिल होंगे। कल सुबह माधुरी दीक्षित के साथ कृपाशंकर काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
नगरा में आस्था का केंद्र बना पुरानी दुर्गा मंदिर, नवरात्र में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
रामईश्वर प्रजापति नगरा/बलिया नगरा क्षेत्र स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर वर्षों से श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से माता के दर्शन करने से बड़ी से बड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां आकर माथा टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं माता के चरणों में अर्पित करते हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक आस्थाएं भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों से पहले लोग यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना जरूरी मानते हैं।परिवारों में यह परंपरा बन चुकी है कि विवाह से पूर्व “दिखावटी” (रिश्ता तय होने की रस्म) भी माता के दरबार में की जाती है। हर वर्ष चैत्र माह में नवरात्रि के दौरान यह मंदिर भक्ति के रंग में रंग जाता है। दर्जनों गांवों की महिलाएं माता को “खपर” (चढ़ावा) चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचती हैं। पूरे दस दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना रहता है। मंदिर में नियमित रूप से शिव चर्चा का आयोजन भी होता है, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इसके साथ ही सुबह और शाम की आरती में भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रहती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। वहीं, दशहरा नवमी के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होता है, जहां रामलीला और मेले का भव्य दृश्य देखने को मिलता है। इस दौरान भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के पुजारी मुन्ना पंडित के अनुसार, “माता दुर्गा अत्यंत जागृत और चमत्कारी हैं। सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद माता अपने तरीके से पूरी करती हैं।” उन्होंने बताया कि श्रद्धालु माता शारदा स्वरूप में भी पूजा करते हैं और शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मनोकामनाओं के लिए यहां आते हैं। इस प्रकार नगरा का पुरानी दुर्गा मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक विश्वास का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत चल रहे रामकथा प्रवचन के आठवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया, जहां श्रद्धालु कथा श्रवण में तल्लीन रहे। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने अपने ओजस्वी एवं मधुर वचनों से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सीता हरण प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए धर्म-अधर्म के संघर्ष को समझाया। साथ ही जटायु-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए जटायु की वीरता और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निष्ठा को विस्तार से बताया, जिससे श्रोता भावुक हो उठे। प्रवचन के दौरान बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया। इसके पश्चात सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के साथ हुआ, जिसमें विजय नारायण सिंह उर्फ गोपाल जी, निर्भय प्रकाश, मनमोहन सिंह, डॉ. डीपी सिंह, अरविंद नारायण सिंह, डॉ. बृजेश सिंह, बिट्टन सिंह, छट्ठू राम, डॉ. आर.एस. वर्मा, समरजीत सिंह, नंदलाल गुप्ता, आलोक यादव, संजीव गिरी, धनजी सिंह,संजय ,फतेह बहादुर सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सेवक के रूप में भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।

साइबर ठगी में पश्चिम बंगाल के फरीद की जमानत खारिज
*जिला जज की अदालत ने 2.75 करोड़ की ठगी में नहीं दी राहत*

सुलतानपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने व 2.75 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के आरोपी फरीद मलिक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज की अदालत मे सुनवाई चली। प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी के अपराध को समाज के लिए अत्यंत घातक व बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली नगर के विवेकानन्द नगर के वर्तमान व चांदा थाने के सफीपुर स्थायी निवासी भास्कर पांडेय ने गत 14 अक्टूबर को अशिका वेल्थ बिल्डर्स नेटवर्क के व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ साइबर थाने में धोखाधड़ी व लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर 10.11 लाख रुपए गत अप्रैल व मई माह में जमा कराकर उनसे ठग लिए। ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। वहीं अमेठी जिले के अभिषेक सिंह ने भी इन्हीं साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।आरोपियो का यह गिरोह कई प्रदेशों में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में करीब 2.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लोगों को लुभावनी स्कीम बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा कर निवेश करने व बड़े स्तर पर फ्रॉड का काम आरोपी करते रहे। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल असम राज्य के हनीफ काजी, शमसुद्दीन,सफीकुल इस्लाम व जाकिर खान एवं मुंबई के संतोष सर्वे, विजय ईश्वर पश्चिम बंगाल के फरीद मलिक को जेल भेजने की कारवाई किया था। मामले में आरोपी जाकिर खान,संतोष सर्वे, विजय इश्वर व अन्य की जमानत अर्जी पूर्व में खारिज हो चुकी है। अदालत ने आरोपी फरीद मलिक की भूमिका को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
अम्बेडकर मूर्ति तोड़ने से भड़का गांव! रातों-रात खंडित की गई प्रतिमा, लोगों में भारी आक्रोश
सुल्तानपुर। सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा अकोढ़ी में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अज्ञात बदमाशों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को खंडित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ नजर आया। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थानीय निवासी सियाराम के अनुसार, अज्ञात लोगों ने रात के अंधेरे में इस घटना को अंजाम दिया। सुबह जब ग्रामीणों की नजर मूर्ति पर पड़ी तो वह खंडित अवस्था में मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि यह पार्क करीब तीन वर्ष पहले बनाया गया था, जहां यह मूर्ति स्थापित की गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
सुलतानपुर में पेट्रोल पंपों पर अराजकता! नियम ताक पर, डिब्बों में धड़ल्ले से बिक रहा पेट्रोल
सुलतानपुर। सुलतानपुर में पेट्रोल पंपों की स्थिति इन दिनों पूरी तरह बेकाबू नजर आ रही है। जिला पूर्ति अधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पंप संचालक नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हेमनापुर-वलीपुर स्थित ठाकुर राज नारायण किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर हालात सबसे ज्यादा खराब दिखाई दिए, जहां पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबी-लंबी कतारों के बीच धक्का-मुक्की और “पहले मैं” की होड़ ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां नियमों के तहत बोतल या डिब्बों में पेट्रोल देने पर रोक है, वहीं यहां खुलेआम कैन और डिब्बों में पेट्रोल भरा जा रहा है। मौके से सामने आए वीडियो में भी यह साफ नजर आया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालक का बयान भी गैर-जिम्मेदाराना सामने आया। उनका कहना था कि सड़क पर गाड़ियों की भीड़ के कारण डिब्बों में पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि गाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि “जब होगा तब देंगे।”
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर कोई प्रशासनिक व्यवस्था नजर नहीं आई। वलीपुर चौकी क्षेत्र में होने के बावजूद न तो पुलिस की मौजूदगी दिखी और न ही किसी तरह की भीड़ नियंत्रण व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्ति विभाग द्वारा पहले यह दावा किया गया था कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
लगातार बढ़ती भीड़, अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी के बीच लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।
वित्त वर्ष 27 तक मजबूती की राह पर चलेगा देश का EV सेक्टर: आयुष लोहिया
नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
उद्योग के आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025 में देश में लगभग 11–12 लाख इलेक्ट्रिक दोपहिया और 6 लाख से अधिक इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन बिके। उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अग्रणी राज्यों में उभर रहा है, जहां ई-रिक्शा और ई-ऑटो की संख्या लगातार बढ़ रही है।

* बाजार में बढ़ेगा एकीकरण
इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर बाजार पर लोहिया ने कहा कि मौजूदा असमानता भविष्य में बाजार के एकीकरण को तेज़ करेगी।
उन्होंने कहा, “जिन कंपनियों के पास मजबूत पूंजी और सप्लाई चेन है, वे ही टिक पाएंगी, जबकि कई छोटे स्टार्टअप्स आर्थिक दबाव के कारण अगले 18–24 महीनों में विलय या बाजार से बाहर हो सकते हैं।”

* सप्लाई और लागत बनी चुनौती
लोहिया के अनुसार, बैटरी, मोटर और अन्य जरूरी पुर्जों की सप्लाई में बाधाएं अभी भी उद्योग के सामने बड़ी चुनौती हैं।
उन्होंने कहा, “बढ़ती इनपुट लागत और सप्लाई की दिक्कतों के कारण नई कंपनियों को मुनाफा कमाने में समय लगेगा, लेकिन यही दौर उद्योग को मजबूत बनाएगा।”

* FY27 तक बदलेगी तस्वीर
वित्त वर्ष 2027 तक EV सेक्टर के और मजबूत होने की उम्मीद जताते हुए उन्होंने कहा कि शहरीकरण, ई-कॉमर्स और छोटे व्यवसायों के विस्तार से इलेक्ट्रिक कार्गो और तीनपहिया वाहनों की मांग तेजी से बढ़ेगी।
“कम लागत और बेहतर आय की वजह से थ्री-व्हीलर इस बदलाव की रीढ़ बने रहेंगे,” उन्होंने जोड़ा।

* टू-व्हीलर सेगमेंट में कड़ी प्रतिस्पर्धा
उन्होंने बताया कि इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में भी वृद्धि जारी रहेगी, लेकिन प्रतिस्पर्धा काफी कड़ी होगी।
“इस क्षेत्र में वही कंपनियां सफल होंगी, जो गुणवत्ता, सर्विस नेटवर्क और ग्राहकों के भरोसे पर ध्यान देंगी।”

* यूपी बन रहा EV हब
उत्तर प्रदेश को लेकर लोहिया ने कहा कि राज्य तेजी से ई-रिक्शा और लॉजिस्टिक्स EV का बड़ा केंद्र बन रहा है। सरकारी नीतियां, बढ़ती ईंधन कीमतें और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर इस बदलाव को गति दे रहे हैं।

* अनुभव से मिली सीख
अपने अनुभव साझा करते हुए उन्होंने कहा, “2008 से इस उद्योग को देखने के बाद मेरा मानना है कि भविष्य उन्हीं कंपनियों का है, जो लंबी सोच और स्थिर रणनीति के साथ आगे बढ़ती हैं।”
उन्होंने बताया कि ज़ुपेरिया ऑटो का उद्देश्य किफायती, भरोसेमंद और पर्यावरण के अनुकूल वाहन उपलब्ध कराना है। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ती जागरूकता, सरकारी सहयोग और तकनीकी प्रगति के चलते आने वाले वर्षों में EV सेक्टर देश की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव लाएगा।
स्क्रैपेज-लिंक्ड EV प्रोत्साहन से लास्ट-माइल इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिल सकती है रफ्तार
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की प्रस्तावित नई स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
नीति के अनुसार, दिल्ली में पंजीकृत पुराने वाहन मालिक यदि अपने वाहन को अधिकृत स्क्रैपिंग केंद्र में जमा कर छह महीने के भीतर नया EV खरीदते हैं, तो वे इस लाभ के पात्र होंगे। योजना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों पर ₹10,000, तीनपहिया वाहनों पर ₹25,000 और इलेक्ट्रिक कारों पर ₹1 लाख तक की सब्सिडी देने का प्रस्ताव है। इसके अलावा कुछ EV श्रेणियों के लिए रोड टैक्स और रजिस्ट्रेशन फीस में भी छूट दी जाएगी।
उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि इस नीति का सबसे अधिक फायदा इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहनों (E3Ws) को होगा, क्योंकि इनका उपयोग शहरी परिवहन और छोटे माल ढुलाई में बड़े पैमाने पर होता है। भारत का E3W बाजार तेजी से बढ़ रहा है और कुल EV अपनाने में इसकी अहम हिस्सेदारी है।
आयुष लोहिया योधा के CEO ने कहा कि स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन नीतियां पुराने और अधिक प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों को हटाकर इलेक्ट्रिक विकल्प अपनाने की प्रक्रिया को तेज कर सकती हैं, खासकर कमर्शियल मोबिलिटी सेक्टर में।
उन्होंने कहा, “इलेक्ट्रिक तीनपहिया वाहन शहरी परिवहन में EV अपनाने का सबसे व्यावहारिक माध्यम हैं। यह प्रोत्साहन ड्राइवरों और छोटे फ्लीट ऑपरेटर्स के लिए शुरुआती लागत को कम करता है, जो अपनी आजीविका के लिए इन वाहनों पर निर्भर हैं।”
उन्होंने आगे बताया कि इलेक्ट्रिक वाहनों की परिचालन लागत पारंपरिक ईंधन आधारित वाहनों की तुलना में काफी कम होती है, जिससे यह बदलाव आर्थिक रूप से भी लाभकारी साबित होता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की नीतियां न केवल शहरी प्रदूषण को कम करने में मदद करेंगी, बल्कि पुराने ऑटो-रिक्शा और छोटे मालवाहक वाहनों के बड़े बेड़े को आधुनिक बनाने में भी अहम भूमिका निभाएंगी।
जैसे-जैसे शहर उत्सर्जन कम करने और वायु गुणवत्ता सुधारने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं, स्क्रैपेज-लिंक्ड EV प्रोत्साहन भारत के लास्ट-माइल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तेजी से विद्युतीकरण में महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं।
बॉलीवुड अभिनेत्री माधुरी दीक्षित के साथ आज गंगा आरती में शामिल होंगे कृपाशंकर सिंह
वाराणसी। बॉलीवुड की प्रख्यात अभिनेत्री तथा करोड़ों दिलों की धड़कन माधुरी दीक्षित आज वाराणसी पहुंच गई हैं। वे कल शाम 5:30 बजे पीएनजी ज्वैलर्स के वाराणसी शाखा उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्यमंत्री कृपाशंकर सिंह भी मुख्य अतिथि के रूप में इस समारोह में शामिल होंगे। पिंडरा के विधायक डॉ अवधेश सिंह तथा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विश्व भूषण मिश्रा उद्घाटन समारोह में सम्मानित अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वाराणसी पहुंचने पर कृपाशंकर सिंह ने पूर्वांचल के लोगों की तरफ से माधुरी दीक्षित का एयरपोर्ट पर स्वागत किया। आज शाम वे उनके साथ गंगा आरती में शामिल होंगे। कल सुबह माधुरी दीक्षित के साथ कृपाशंकर काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा विश्वनाथ के दर्शन करेंगे।
अपमान का बदला लेने के लिए चार दोस्तों ने की थी टाइल्स कारीगर रितेश की हत्या

तीन आरोपित गिरफ्तार, चौथा फरार, घटना में इस्तेमाल आला कत्ल बरामद


लखनऊ। दीपावली के अवसर पर जिन दोस्तों से कहा सुनी और विवाद की नफरत की भट्टी में दुश्मनी इस कदर पक्की कि  टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला को अपनी जान गंवानी पड़ी। मृतक की तहरीर पर पुलिस द्वारा शांत भांग की कार्रवाई का नतीजा अनस, आशू, प्रियांशु व अरबाज को इतना खराब लगा कि आरोपियों ने गला रेट कर कारीगर की निर्माण हत्या कर दी। पहले उन्हीं लोगों ने घर से बुलाया। फिर मौत के घाट उतार दिया। चाकूओं के वार से रितेश चीखता रहा और कातिल सामने खड़े होकर उसकी मौत का इंतजार करते रहे। यह दिल दहलाने वाला घटना
हरदासी खेड़ा गांव के पास खाली पड़े मैदान में मंगलवार देर रात हुई। 20 वर्षीय टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला की हत्या के मामले में डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह की क्राइम टीम व इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा की संयुक्त टीम ने 24 घंटे में ही अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया।  हत्या में प्रयुक्त चाकू, कातिल की खून से सनी चप्पल व मृतक का मोबाइल भी बरामद कर लिया है।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह के मुताबिक चिनहट क्षेत्र के हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में मंगलवार देर रात टाइल्स कारीगर रितेश सिंह उर्फ बाला का खून से लथपथ शव मिला था। उसका गला काट कर हत्यारों ने मौत की नींद सुलाया था। पास में मिली बाइक से उसकी पहचान हुई। पुलिस ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह की तहरीर पर उपरोक्त निवासी प्रियांशु गुप्ता के खिलाफ नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
डीसीपी पूर्वी शशांक सिंह ने बताया कि इस मामले में कातिलों की गर्दन तक पहुंचने के लिए इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र के साथ क्राइम व सर्विलांस टीम को लगाया गया था। इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा और क्राइम व सर्विलांस टीम ने कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी प्रियांशु गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की तो बताया कि इस घटना को अंजाम अकेले नहीं चार लोगों ने मिलकर दिया था। यह सुनते ही पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले का राजफाश कर अनस खान, आशू निषाद व प्रियांशु गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया। जबकि इस घटना में शामिल अरबाज खान अभी फरार  है। इंस्पेक्टर के मुताबिक सभी आरोपित कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार के रहने वाले हैं।
गिरफ्तार हत्यारोपियों ने पूछताछ में बताया कि बीती दीपावली के दौरान मृतक रितेश सिंह और इन लोगों के बीच बम फोड़ने को लेकर कहासुनी हुई थी। इस मामले में हत्यारोपियों की तहरीर पर चिनहट कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया था। हत्यारों ने पुलिस को बताया कि कार्रवाई न होने पर मृतक रितेश आए दिन तंज कसता था कि हमारा कुछ नहीं कर पाए। यह बातें आरोपियों को खल रही थी और योजना के तहत मंगलवार शाम करीब पांच बजे घर से बुलाकर कातिलों ने रितेश सिंह की हत्या कर भाग निकले।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि यह लोग आपस में एक-दूसरे के मित्र हैं और मंगलवार को कॉल कर रितेश सिंह को बुलाया था। कातिलों ने पुलिस को बताया कि हरदासी खेड़ा गांव के पास मैदान में पहले से बैठे सभी आरोपी शराब पीने के बाद रितेश की गला काट कर निर्मम तरीके से हत्या किए जाने की बात स्वीकार किया है।

इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा के मुताबिक कमता क्षेत्र स्थित कल्याणी विहार निवासी दयाशंकर सिंह मूल रूप जनपद बलिया के रहने वाले हैं। उनका बेटा रितेश सिंह उर्फ बाला टाइल्स कारीगर था। इस मामले में इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा का कहना है कि गिरफ्तार सभी आरोपितों ने पुलिस को गुमराह करने की पूरी कोशिश की, लेकिन सर्विलांस के साक्ष्यों के सामने उनकी एक नहीं चली। पूछताछ के दौरान सभी आरोपितों ने एक-एक कर सारे राज उगल दिए। इंस्पेक्टर के मुताबिक फरार आरोपी अरबाज खान की तलाश में उनकी टीम उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है और उम्मीद है कि जल्द ही पकड़ लिया जाएगा।

*24 घंटे के भीतर हत्याकांड का खुलासा होने पर डीसीपी पूर्वी ने पुलिस टीम को दी शाबाशी*

24 घंटे के भीतर रितेश हत्याकांड का खुलासा करने वाले इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र, वरिष्ठ उपनिरीक्षक मनोज कुमार, उपनिरीक्षक धनंजय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक दीपक कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक मोहित कुमार, उपनिरीक्षक तेज कुमार शुक्ला, उपनिरीक्षक कपिल कुमार, उपनिरीक्षक मदन पटेल व कांस्टेबल मनीष कुमार के अलावा क्राइम/सर्विलांस टीम में शामिल उपनिरीक्षक अमर नाथ चौरसिया, हेड कांस्टेबल संदीप पाण्डेय, हेड कांस्टेबल अमित कुमार सिंह, कांस्टेबल शिवानंद खरवार, कांस्टेबल तरनजीत सिंह, कांस्टेबल विमल चन्द, कांस्टेबल अजय यादव व कांस्टेबल प्रदीप कुमार को शाबाशी देने के साथ पुलिस टीम को 15 हजार रुपए का इनाम देने की घोषणा की है।
नगरा में आस्था का केंद्र बना पुरानी दुर्गा मंदिर, नवरात्र में उमड़ती है श्रद्धालुओं की भीड़
रामईश्वर प्रजापति नगरा/बलिया नगरा क्षेत्र स्थित पुरानी दुर्गा मंदिर वर्षों से श्रद्धा और विश्वास का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यहां सच्चे मन से माता के दर्शन करने से बड़ी से बड़ी समस्याएं भी दूर हो जाती हैं। यही कारण है कि दूर-दराज के गांवों से भी श्रद्धालु यहां आकर माथा टेकते हैं और अपनी मनोकामनाएं माता के चरणों में अर्पित करते हैं। मंदिर की विशेषता यह है कि यहां केवल धार्मिक अनुष्ठान ही नहीं, बल्कि सामाजिक आस्थाएं भी गहराई से जुड़ी हुई हैं। शादी-विवाह जैसे शुभ कार्यों से पहले लोग यहां आकर माता का आशीर्वाद लेना जरूरी मानते हैं।परिवारों में यह परंपरा बन चुकी है कि विवाह से पूर्व “दिखावटी” (रिश्ता तय होने की रस्म) भी माता के दरबार में की जाती है। हर वर्ष चैत्र माह में नवरात्रि के दौरान यह मंदिर भक्ति के रंग में रंग जाता है। दर्जनों गांवों की महिलाएं माता को “खपर” (चढ़ावा) चढ़ाने के लिए बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचती हैं। पूरे दस दिनों तक पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और श्रद्धा का अद्भुत माहौल बना रहता है। मंदिर में नियमित रूप से शिव चर्चा का आयोजन भी होता है, जिसमें महिला, पुरुष और बच्चे बढ़-चढ़कर भाग लेते हैं। इसके साथ ही सुबह और शाम की आरती में भी श्रद्धालुओं की अच्छी भागीदारी रहती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठता है। वहीं, दशहरा नवमी के अवसर पर यहां विशेष आयोजन होता है, जहां रामलीला और मेले का भव्य दृश्य देखने को मिलता है। इस दौरान भी श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचकर माता का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। मंदिर के पुजारी मुन्ना पंडित के अनुसार, “माता दुर्गा अत्यंत जागृत और चमत्कारी हैं। सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद माता अपने तरीके से पूरी करती हैं।” उन्होंने बताया कि श्रद्धालु माता शारदा स्वरूप में भी पूजा करते हैं और शिक्षा, विवाह, स्वास्थ्य सहित विभिन्न मनोकामनाओं के लिए यहां आते हैं। इस प्रकार नगरा का पुरानी दुर्गा मंदिर केवल एक पूजा स्थल ही नहीं, बल्कि आस्था, परंपरा और सामाजिक विश्वास का जीवंत केंद्र बन चुका है, जहां हर वर्ष हजारों श्रद्धालु माता का आशीर्वाद प्राप्त करने पहुंचते हैं।
सीता हरण से सुग्रीव राज्याभिषेक तक, रामकथा में झूमे श्रद्धालु
रामेश्वर प्रजापति छांगुर नगरा (बलिया) स्थानीय पुरानी दुर्गा मंदिर परिसर में आयोजित श्री राम जन्म महोत्सव के अंतर्गत चल रहे रामकथा प्रवचन के आठवें दिन बुधवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। पूरा वातावरण भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया, जहां श्रद्धालु कथा श्रवण में तल्लीन रहे। कथा व्यास महाराज विजय कौशिक जी ने अपने ओजस्वी एवं मधुर वचनों से रामकथा के विभिन्न प्रसंगों का भावपूर्ण वर्णन किया। उन्होंने सीता हरण प्रसंग को मार्मिक ढंग से प्रस्तुत करते हुए धर्म-अधर्म के संघर्ष को समझाया। साथ ही जटायु-रावण युद्ध का वर्णन करते हुए जटायु की वीरता और भगवान श्रीराम के प्रति उनकी निष्ठा को विस्तार से बताया, जिससे श्रोता भावुक हो उठे। प्रवचन के दौरान बाली-सुग्रीव युद्ध का प्रसंग भी विस्तार से सुनाया गया। महाराज जी ने बताया कि भगवान श्रीराम ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होकर सुग्रीव को उसका अधिकार दिलाया। इसके पश्चात सुग्रीव के राज्याभिषेक का सुंदर वर्णन करते हुए धर्म की स्थापना का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ आरती के साथ हुआ, जिसमें विजय नारायण सिंह उर्फ गोपाल जी, निर्भय प्रकाश, मनमोहन सिंह, डॉ. डीपी सिंह, अरविंद नारायण सिंह, डॉ. बृजेश सिंह, बिट्टन सिंह, छट्ठू राम, डॉ. आर.एस. वर्मा, समरजीत सिंह, नंदलाल गुप्ता, आलोक यादव, संजीव गिरी, धनजी सिंह,संजय ,फतेह बहादुर सिंह सहित अन्य श्रद्धालुओं ने सेवक के रूप में भगवान की आरती उतारकर कार्यक्रम को भव्यता प्रदान की। कथा के दौरान “जय श्रीराम” के जयघोष से पूरा पंडाल गूंज उठा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था सुव्यवस्थित रही और श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ कथा का आनंद लिया। इस अवसर पर क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग एवं श्रद्धालु बड़ी संख्या में उपस्थित रहे, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
रामनवमी को लेकर रांची में अलर्ट, डीजीपी ने की शहर की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा

रांची, 26 मार्च रामनवमी पर्व को लेकर राजधानी रांची में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में है। बुधवार की देर रात झारखंड की पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) तदाशा मिश्रा की अध्यक्षता में रांची एसएसपी कार्यालय में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की गई।

बैठक में डीजीपी तदाशा मिश्रा ने पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी पुलिस अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त संख्या में पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित करने, संवेदनशील एवं भीड़-भाड़ वाले इलाकों की पहचान कर विशेष सतर्कता बरतने तथा जुलूस और शोभायात्रा के रूट का भौतिक सत्यापन करने पर जोर दिया।

इसके साथ ही सोशल मीडिया और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कड़ी निगरानी रखने का निर्देश दिया गया, ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या भ्रामक सूचना पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। डीजीपी ने अधिकारियों को स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पुलिस पूरी तरह तैयार रहे।

साइबर ठगी में पश्चिम बंगाल के फरीद की जमानत खारिज
*जिला जज की अदालत ने 2.75 करोड़ की ठगी में नहीं दी राहत*

सुलतानपुर। ऑनलाइन ट्रेडिंग के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर धोखाधड़ी करने व 2.75 करोड़ की साइबर ठगी के आरोप से जुड़े मामले में पश्चिम बंगाल के आरोपी फरीद मलिक की तरफ से प्रस्तुत जमानत अर्जी पर बुधवार को जिला जज की अदालत मे सुनवाई चली। प्रभारी जिला जज संध्या चौधरी की अदालत ने आरोपी के अपराध को समाज के लिए अत्यंत घातक व बेहद गंभीर मानते हुए उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
कोतवाली नगर के विवेकानन्द नगर के वर्तमान व चांदा थाने के सफीपुर स्थायी निवासी भास्कर पांडेय ने गत 14 अक्टूबर को अशिका वेल्थ बिल्डर्स नेटवर्क के व्हाट्सएप ग्रुप के खिलाफ साइबर थाने में धोखाधड़ी व लाखों की ठगी का मुकदमा दर्ज कराया। उनके आरोप के मुताबिक साइबर ठगों ने उन्हें अपने जाल में फंसाकर 10.11 लाख रुपए गत अप्रैल व मई माह में जमा कराकर उनसे ठग लिए। ठगी का शिकार होने की जानकारी मिलने पर उन्होंने मामला दर्ज कराया। वहीं अमेठी जिले के अभिषेक सिंह ने भी इन्हीं साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।आरोपियो का यह गिरोह कई प्रदेशों में फैला हुआ है। पुलिस की जांच में करीब 2.75 करोड़ रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। मामले में लोगों को लुभावनी स्कीम बताकर उन्हें अपने जाल में फंसा कर निवेश करने व बड़े स्तर पर फ्रॉड का काम आरोपी करते रहे। पुलिस ने इस गिरोह में शामिल असम राज्य के हनीफ काजी, शमसुद्दीन,सफीकुल इस्लाम व जाकिर खान एवं मुंबई के संतोष सर्वे, विजय ईश्वर पश्चिम बंगाल के फरीद मलिक को जेल भेजने की कारवाई किया था। मामले में आरोपी जाकिर खान,संतोष सर्वे, विजय इश्वर व अन्य की जमानत अर्जी पूर्व में खारिज हो चुकी है। अदालत ने आरोपी फरीद मलिक की भूमिका को अत्यंत गंभीर मानते हुए जमानत अर्जी खारिज कर दिया है।
अम्बेडकर मूर्ति तोड़ने से भड़का गांव! रातों-रात खंडित की गई प्रतिमा, लोगों में भारी आक्रोश
सुल्तानपुर। सुल्तानपुर के गोसाईगंज थाना क्षेत्र के ग्राम सभा अकोढ़ी में उस समय तनाव की स्थिति बन गई, जब अज्ञात बदमाशों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर की मूर्ति को खंडित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। लोगों में गुस्सा और आक्रोश साफ नजर आया। ग्रामीणों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई।
स्थानीय निवासी सियाराम के अनुसार, अज्ञात लोगों ने रात के अंधेरे में इस घटना को अंजाम दिया। सुबह जब ग्रामीणों की नजर मूर्ति पर पड़ी तो वह खंडित अवस्था में मिली, जिसके बाद हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि यह पार्क करीब तीन वर्ष पहले बनाया गया था, जहां यह मूर्ति स्थापित की गई थी। घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को संभालते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों की पहचान कर जल्द ही कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है, जिसे देखते हुए प्रशासन सतर्क है और हालात पर नजर बनाए हुए है।
सुलतानपुर में पेट्रोल पंपों पर अराजकता! नियम ताक पर, डिब्बों में धड़ल्ले से बिक रहा पेट्रोल
सुलतानपुर। सुलतानपुर में पेट्रोल पंपों की स्थिति इन दिनों पूरी तरह बेकाबू नजर आ रही है। जिला पूर्ति अधिकारी के स्पष्ट आदेशों के बावजूद पंप संचालक नियमों की खुलेआम अनदेखी कर रहे हैं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
हेमनापुर-वलीपुर स्थित ठाकुर राज नारायण किसान सेवा केंद्र पेट्रोल पंप पर हालात सबसे ज्यादा खराब दिखाई दिए, जहां पेट्रोल और डीजल लेने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। लंबी-लंबी कतारों के बीच धक्का-मुक्की और “पहले मैं” की होड़ ने स्थिति को और तनावपूर्ण बना दिया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि जहां नियमों के तहत बोतल या डिब्बों में पेट्रोल देने पर रोक है, वहीं यहां खुलेआम कैन और डिब्बों में पेट्रोल भरा जा रहा है। मौके से सामने आए वीडियो में भी यह साफ नजर आया, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो गए हैं।
पेट्रोल पंप संचालक का बयान भी गैर-जिम्मेदाराना सामने आया। उनका कहना था कि सड़क पर गाड़ियों की भीड़ के कारण डिब्बों में पेट्रोल दिया जा रहा है, जबकि गाड़ियों को लेकर उन्होंने कहा कि “जब होगा तब देंगे।”
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि मौके पर कोई प्रशासनिक व्यवस्था नजर नहीं आई। वलीपुर चौकी क्षेत्र में होने के बावजूद न तो पुलिस की मौजूदगी दिखी और न ही किसी तरह की भीड़ नियंत्रण व्यवस्था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पूर्ति विभाग द्वारा पहले यह दावा किया गया था कि पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है।
लगातार बढ़ती भीड़, अव्यवस्था और नियमों की अनदेखी के बीच लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है, ताकि किसी बड़े हादसे को रोका जा सके और आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु बनाया जा सके।