कोर्ट के आदेश के बावजूद तालाब से नहीं हट रहा अवैध कब्जा, पीड़ित ने मुख्यमंत्री दरबार जाने की दी चेतावनी








जमगढ़। जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के पिपरहा दुखियावर गांव में ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक तालाब से कब्जा नहीं हटाया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गांव के निवासी एवं शिकायतकर्ता अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब गाटा संख्या 461 पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इस मामले में न्यायालय ने भी अवैध कब्जा हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी पक्ष का एक रिश्तेदार लेखपाल के पद पर तैनात है, जो तहसील स्तर पर गलत पैरवी कर कार्रवाई रुकवाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, बार-बार गलत पैमाइश कराकर मामले को उलझाया जा रहा है और शिकायतकर्ता को परेशान किया जा रहा है।
अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि वह इस संबंध में कमिश्नर से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों तक कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
वहीं इस मामले में राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर यादव ने बताया कि तालाब की पैमाइश कराई जा चुकी है और अवैध कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि तालाब गांव की सामूहिक संपत्ति है और इससे जल संरक्षण व पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था होती है, इसलिए इसे जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए।
महानगरपालिका अपने कर्मचारियों के माध्यम से कराए नालों की सफाई– अनिल गलगली

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में हर वर्ष 1 मार्च से मानसून पूर्व नालेसफाई का कार्य शुरू करने की परंपरा है। लेकिन इस वर्ष मार्च माह शुरू होने के बाद भी कई स्थानों पर नालेसफाई का कार्य वास्तव में शुरू होता दिखाई नहीं दे रहा है। इससे बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका नागरिकों द्वारा व्यक्त की जा रही है।इससे पहले महानगरपालिका में प्रशासक राज चल रहा था।

अब जनप्रतिनिधि चुने जा चुके हैं और महापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष तथा नगरसेवक कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में नालेसफाई का कार्य आखिर किस स्तर पर अटका हुआ है, इस बारे में स्पष्टता होना आवश्यक है। सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि यदि ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं या निविदा प्रक्रिया में देरी हो रही है, तो महानगरपालिका को अपने ही कर्मचारियों के माध्यम से नालेसफाई का कार्य करवाना चाहिए। इससे एक ओर सार्वजनिक धन की बचत होगी और दूसरी ओर कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी।

पालिका प्रशासन को इस विषय पर तुरंत निर्णय लेकर पूरे मुंबई में नालेसफाई का कार्य तेजी से शुरू करना चाहिए, ऐसी मांग भी गलगली ने की है।
कोयलसा का कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर बना मिसाल, सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की हो रही सराहना
जमगढ़। विकास खंड कोयलसा के काबिरुद्दीनपुर गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय अपनी बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में एक मिसाल बनता जा रहा है। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की ग्रामीणों द्वारा लगातार सराहना की जा रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जो भी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, उन्हें विद्यालय में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय में स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय, मिड-डे मील सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसके लिए शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने में जुटे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकार की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
आक्सीजन लगाने व रिफर करने को लेकर हुए विवाद के बाद डाक्टर व वार्ड ब्वाय से मारपीट
*महिला की रास्ते में मौत

गोंडा।जिले के कटरा बाजार क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन लगाने और मरीज को रिफर करने को लेकर विवाद हो गया।इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डाक्टर इंदू राणा के पति डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मरीज के तीमारदारों ने मारपीट किया,जिसमें डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय को चोटें आई हैं।जिनका मेडिकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार में कराया गया है।डाक्टर अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा निवासी नरेंद्र तिवारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।घटना कटरा बाजार थाने के ठीक बगल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेंद्र तिवारी अपने मित्र की 60 वर्षीय दादी नइका को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार लेकर पहुंचे थे।नइका की हालत गंभीर थी और डाक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था कि इसी दौरान नरेंद्र तिवारी नइका को आक्सीजन लगाकर रिफर करने की मांग किया।इसी बात को लेकर डाक्टर अरुण कुमार सिंह व नरेंद्र तिवारी के बीच कहासुनी हुई,जिसके बाद नरेंद्र तिवारी ने डाक्टर सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मारपीट किया।घटना की सूचना मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर आदित्य वर्मा और उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रकरण के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।उन्होंने सीएचसी कटरा बाजार का निरीक्षण कर मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।इस संबंध में डाक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वे ओपीडी देख रहे थे,तभी उन्हें सूचना मिली कि एक गंभीर मरीज नइका आई है।उन्होंने यह भी बताया कि डाक्टर प्रियंका द्वारा मरीज को एक घंटा पहले ही रेफर किया जा चुका था, परन्तु तीमारदार उसे ले जाने के स्थान पर विवाद कर रहे थे।जब उन्होंने जानकारी लेनी चाही तो नरेंद्र तिवारी ने उनके और उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट किया।इस संबंध में कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक कुमार त्रिवेदी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन का भव्य आयोजन संपन्न
देहरादून। हृदयांगन साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन के पावन अवसर पर महिला सम्मान समारोह गुरुवार 12 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि डा०गीता खन्ना (एम.डी. बाल रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी) उपस्थित रहीं।विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा० पूजा पोखरियाल (डायरेक्टर, सनराइज एकेडमी),श्रीमती मंजू श्रीवास्तव(सृजन अध्यक्ष), डॉ. रमा गोयल(हर्षल संस्थाध्यक्ष), डॉ. नीता कुकरेती वरिष्ठ साहित्यकार,श्रीमती मोनिका शर्मा (प्रबंधक,सनराइज एकेडमी),डॉ. इंद्राणी पाँधी (डायरेक्टर, हिमाचल टाइम्स), श्रीमती विजया बिष्ट (लायंस क्लब अध्यक्ष) तथा डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी (हृदयांगन अध्यक्ष) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में शिक्षा,उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना,नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ की मधुर वाणी वंदना से हुआ।संस्था की उत्तराखण्ड प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा मंच का अत्यंत कुशल एवं गरिमापूर्ण संचालन किया गया।कार्यक्रम में कवयित्री डॉ.विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती अर्चना झा, श्रीमती संगीता वर्मानी, डॉ. भारती मिश्रा,श्रीमती आ. निशा अतुल्य, आ. उषा रेणु, श्रीमती स्वाति मौल ‘श्री’, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति तथा श्रीमती निकी पुष्कर सहित अनेक साहित्यकार एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थिति रहे।साथ ही साहित्यानुरागियों में आ.महिन्दर कौर (मोना जी) वरिष्ठ नागरिक तथा आ. मीना सौंधी की उपस्थिति थी।हृदयांगन साहित्यिक संस्था समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव आ. विधु भूषण त्रिवेदी ने लाइव माध्यम से उपस्थित होकर आशीर्वचन देकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।मुख्य अतिथि डॉ. गीता खन्ना ने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा,विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।विशिष्ट अतिथियों डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नीता कुकरेती, श्रीमती मोनिका शर्मा, डॉ. इंद्राणी पाँधी, श्रीमती विजया बिष्ट एवं कमलेश्वरी मिश्रा ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।वरिष्ठ साहित्यकारों में श्रीकांत ‘श्री’, शिव मोहन सिंह,सतीश बंसल, जी. के. पिपिल, लक्ष्मीकांत बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’,महेंद्र प्रकाशी, रोहित कोचगवे,सतेंद्र शर्मा,संजय प्रधान,रविन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा,आरुण भट्ट एवं सुभाष वर्मा की सराहनीय सहभागिता रही।हृदयांगन संस्था एवं हृदयांगन वीथिका मुम्बई में संस्थापक की उदार नीति के कारण सम्पूर्ण भारत में साहित्यिक योगदान दे रही है। संस्था निरंतर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान,अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।अतिथि स्वागत सत्कार, स्वल्पाहार का दायित्व‌ श्रीमती निकिता चतुर्वेदी ने संभाला जो हृदयांगन संस्था की आजीवन सहयोगी सदस्य हैं।संस्था के संस्थापक एवं महासचिव विधु भूषण विद्यावाचस्पति ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों तथा आयोजकों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात कार्यक्रम समाप्त‌ हुआ।
शीतला माता मंदिर देखने आए व्यक्ति की बाईक चोरी

विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर ,उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मीरापुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव स्थित शीतला माता मंदिर मेले से एक बाइक चोरी हो गई। अज्ञात चोरों ने मेले में खड़ी एक स्प्लेंडर बाइक को चुरा लिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ककरौली थाना क्षेत्र के ककरौली निवासी सलमान पुत्र शरीफ ने मीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च 2025 की शाम करीब 5 बजे वह अपनी स्प्लेंडर बाइक से शीतला माता मंदिर मेले में आए थे।

सलमान ने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी और मेले में चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे, तो उनकी बाइक वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लग सका।

मीरापुर पुलिस ने सलमान की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और चोरों की तलाश जारी है।
कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

Image 2Image 3

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

#noticesseekingmotionforremovalofcecgyaneshkumarsubmittedin_parliament

Image 2Image 3

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: सर्वर अपग्रेड होने तक अब 'मैन्युअल' होगी सिलेंडर बुकिंग

रांची: IOCL (इंडेन गैस) के सर्वर में तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल बाधित है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनी ने रांची के विभिन्न वितरकों (Distributors) के लिए मैन्युअल बुकिंग नंबर जारी किए हैं।

Image 2Image 3

रांची में लगभग डेढ़ लाख इंडेन उपभोक्ता हैं, जिन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 10,500 सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है और गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर 'पैनिक बुकिंग' न करें। सर्वर अपग्रेड होते ही ऑनलाइन सेवाएं पुनः बहाल कर दी जाएंगी। किसी भी जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन के व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बुकिंग नंबर्स (Quick List for Thumbnail)

वितरक का नाम मोबाइल नंबर

Aditi Indane 7762920033

Shantanu Indane 9431357871

Ranchi Gas 9708788000

Anand Gas 9603045000

Indraprastha Gas 9835149400

गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बृजेन्द्र मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाग-बगीचे खत्म हो रहे हैं। इसका सीधा असर इन पर दिख रहा है। गांवों में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इसका कारण है कि मकानों में गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है। वहीं वक्ता के रूप में लालजी तिवारी ने बताया कि कच्चे मकान गौरैया के लिए प्राकृतिक वातावरण और तापमान के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते थे। आधुनिक मकानों में यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होती है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि गौरैया के संरक्षण के लिए सरकारों की तरफ से कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखती है। हालांकि, यूपी में 20 मार्च को गौरैया संरक्षण दिवस के रूप में रखा गया है। संस्था सभी से आग्रह करती है सभी पक्षियों के लिए जलपत्र, घोंसले और दान पानी कि व्यवस्था करें। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने किया। संगोष्ठी के दौरान चंद्र प्रकाश उपाध्याय, धर्मेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राम लाल पाल, हरिचंद्र निषाद, कमलेश तिवारी, अर्जुन पाल, राम तेज मिश्र, अवधेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।
कोर्ट के आदेश के बावजूद तालाब से नहीं हट रहा अवैध कब्जा, पीड़ित ने मुख्यमंत्री दरबार जाने की दी चेतावनी








जमगढ़। जिले के सगड़ी तहसील क्षेत्र के पिपरहा दुखियावर गांव में ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। आरोप है कि उच्च न्यायालय के स्पष्ट आदेश के बावजूद अब तक तालाब से कब्जा नहीं हटाया गया है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
गांव के निवासी एवं शिकायतकर्ता अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि ग्राम समाज के सार्वजनिक तालाब गाटा संख्या 461 पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर रखा है। इस मामले में न्यायालय ने भी अवैध कब्जा हटाने का स्पष्ट निर्देश दिया है, लेकिन इसके बावजूद कार्रवाई नहीं हो रही है।
पीड़ित का आरोप है कि विपक्षी पक्ष का एक रिश्तेदार लेखपाल के पद पर तैनात है, जो तहसील स्तर पर गलत पैरवी कर कार्रवाई रुकवाने का प्रयास कर रहा है। साथ ही, बार-बार गलत पैमाइश कराकर मामले को उलझाया जा रहा है और शिकायतकर्ता को परेशान किया जा रहा है।
अश्विनी सिंह राठौर ने बताया कि वह इस संबंध में कमिश्नर से लेकर अन्य उच्चाधिकारियों तक कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक अवैध कब्जा नहीं हटाया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वह मुख्यमंत्री के जनता दरबार में पहुंचकर न्याय की गुहार लगाएंगे।
वहीं इस मामले में राजस्व निरीक्षक श्यामसुंदर यादव ने बताया कि तालाब की पैमाइश कराई जा चुकी है और अवैध कब्जा करने वाले लोगों को नोटिस जारी कर दिया गया है। उन्हें एक सप्ताह के भीतर कब्जा हटाने का आदेश दिया गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले में सभी आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गांव में सार्वजनिक तालाब पर अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों का कहना है कि तालाब गांव की सामूहिक संपत्ति है और इससे जल संरक्षण व पशुओं के लिए पानी की व्यवस्था होती है, इसलिए इसे जल्द से जल्द कब्जामुक्त कराया जाना चाहिए।
महानगरपालिका अपने कर्मचारियों के माध्यम से कराए नालों की सफाई– अनिल गलगली

मुंबई। मुंबई महानगरपालिका क्षेत्र में हर वर्ष 1 मार्च से मानसून पूर्व नालेसफाई का कार्य शुरू करने की परंपरा है। लेकिन इस वर्ष मार्च माह शुरू होने के बाद भी कई स्थानों पर नालेसफाई का कार्य वास्तव में शुरू होता दिखाई नहीं दे रहा है। इससे बारिश के मौसम में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न होने की आशंका नागरिकों द्वारा व्यक्त की जा रही है।इससे पहले महानगरपालिका में प्रशासक राज चल रहा था।

अब जनप्रतिनिधि चुने जा चुके हैं और महापौर, स्थायी समिति अध्यक्ष तथा नगरसेवक कार्यरत हैं। ऐसी स्थिति में नालेसफाई का कार्य आखिर किस स्तर पर अटका हुआ है, इस बारे में स्पष्टता होना आवश्यक है। सूचना अधिकार कार्यकर्ता अनिल गलगली ने कहा कि यदि ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं या निविदा प्रक्रिया में देरी हो रही है, तो महानगरपालिका को अपने ही कर्मचारियों के माध्यम से नालेसफाई का कार्य करवाना चाहिए। इससे एक ओर सार्वजनिक धन की बचत होगी और दूसरी ओर कार्य की गुणवत्ता भी बेहतर बनी रहेगी।

पालिका प्रशासन को इस विषय पर तुरंत निर्णय लेकर पूरे मुंबई में नालेसफाई का कार्य तेजी से शुरू करना चाहिए, ऐसी मांग भी गलगली ने की है।
कोयलसा का कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर बना मिसाल, सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था की हो रही सराहना
जमगढ़। विकास खंड कोयलसा के काबिरुद्दीनपुर गांव में स्थित कंपोजिट विद्यालय अपनी बेहतर शिक्षा व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में एक मिसाल बनता जा रहा है। विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं और अनुशासित वातावरण की ग्रामीणों द्वारा लगातार सराहना की जा रही है। विद्यालय के प्रधानाचार्य अजय सिंह ने बताया कि सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में जो भी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, उन्हें विद्यालय में पूरी पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ लागू किया गया है। बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के साथ-साथ विद्यालय में स्वच्छ वातावरण, पर्याप्त बैठने की व्यवस्था, शुद्ध पेयजल, शौचालय, मिड-डे मील सहित अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय का मुख्य उद्देश्य बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की ओर अग्रसर करना है। इसके लिए शिक्षकगण भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ बच्चों को पढ़ाने में जुटे रहते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कंपोजिट विद्यालय काबिरुद्दीनपुर में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाता है। यही कारण है कि यह विद्यालय क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में एक आदर्श के रूप में उभर कर सामने आ रहा है। विद्यालय प्रशासन का कहना है कि आगे भी सरकार की योजनाओं को पूरी जिम्मेदारी के साथ लागू करते हुए बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती रहेंगी।
आक्सीजन लगाने व रिफर करने को लेकर हुए विवाद के बाद डाक्टर व वार्ड ब्वाय से मारपीट
*महिला की रास्ते में मौत

गोंडा।जिले के कटरा बाजार क्षेत्र स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आक्सीजन लगाने और मरीज को रिफर करने को लेकर विवाद हो गया।इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डाक्टर इंदू राणा के पति डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मरीज के तीमारदारों ने मारपीट किया,जिसमें डाक्टर अरुण कुमार सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय को चोटें आई हैं।जिनका मेडिकल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार में कराया गया है।डाक्टर अरुण कुमार सिंह की तहरीर पर कटरा बाजार थाना क्षेत्र के चरेरा निवासी नरेंद्र तिवारी के खिलाफ पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दिया है।घटना कटरा बाजार थाने के ठीक बगल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में हुई है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी नरेंद्र तिवारी अपने मित्र की 60 वर्षीय दादी नइका को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कटरा बाजार लेकर पहुंचे थे।नइका की हालत गंभीर थी और डाक्टरों द्वारा उनका इलाज किया जा रहा था कि इसी दौरान नरेंद्र तिवारी नइका को आक्सीजन लगाकर रिफर करने की मांग किया।इसी बात को लेकर डाक्टर अरुण कुमार सिंह व नरेंद्र तिवारी के बीच कहासुनी हुई,जिसके बाद नरेंद्र तिवारी ने डाक्टर सिंह व वार्ड ब्वाय सुधीर कुमार पाण्डेय के साथ मारपीट किया।घटना की सूचना मिलते ही अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर आदित्य वर्मा और उपजिलाधिकारी नेहा मिश्रा मौके पर पहुंचे और प्रकरण के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।उन्होंने सीएचसी कटरा बाजार का निरीक्षण कर मरीजों के लिए उपलब्ध सुविधाओं का भी जायजा लिया।इस संबंध में डाक्टर अरुण कुमार सिंह ने बताया कि वे ओपीडी देख रहे थे,तभी उन्हें सूचना मिली कि एक गंभीर मरीज नइका आई है।उन्होंने यह भी बताया कि डाक्टर प्रियंका द्वारा मरीज को एक घंटा पहले ही रेफर किया जा चुका था, परन्तु तीमारदार उसे ले जाने के स्थान पर विवाद कर रहे थे।जब उन्होंने जानकारी लेनी चाही तो नरेंद्र तिवारी ने उनके और उनके कर्मचारियों के साथ मारपीट किया।इस संबंध में कटरा बाजार थानाध्यक्ष विवेक कुमार त्रिवेदी ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच की जा रही है।
विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन का भव्य आयोजन संपन्न
देहरादून। हृदयांगन साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक राष्ट्रीय संस्था के तत्वावधान में विश्व महिला दिवस एवं होली मिलन के पावन अवसर पर महिला सम्मान समारोह गुरुवार 12 मार्च 2026 को अत्यंत गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।मुख्य अतिथि डा०गीता खन्ना (एम.डी. बाल रोग विशेषज्ञ एवं समाजसेवी) उपस्थित रहीं।विशिष्ट अतिथियों के रूप में डा० पूजा पोखरियाल (डायरेक्टर, सनराइज एकेडमी),श्रीमती मंजू श्रीवास्तव(सृजन अध्यक्ष), डॉ. रमा गोयल(हर्षल संस्थाध्यक्ष), डॉ. नीता कुकरेती वरिष्ठ साहित्यकार,श्रीमती मोनिका शर्मा (प्रबंधक,सनराइज एकेडमी),डॉ. इंद्राणी पाँधी (डायरेक्टर, हिमाचल टाइम्स), श्रीमती विजया बिष्ट (लायंस क्लब अध्यक्ष) तथा डॉ. विद्युत प्रभा चतुर्वेदी (हृदयांगन अध्यक्ष) की गरिमामयी उपस्थिति रही।कार्यक्रम में शिक्षा,उद्यमिता एवं विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली विशिष्ट महिलाओं को सम्मानित कर उनके कार्यों की सराहना की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में महिलाओं की भूमिका को रेखांकित करना,नारी सम्मान की भावना को सुदृढ़ करना तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनने की प्रेरणा देना था।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ श्रीमती अर्चना झा ‘सरित’ की मधुर वाणी वंदना से हुआ।संस्था की उत्तराखण्ड प्रभारी अध्यक्ष श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’ द्वारा मंच का अत्यंत कुशल एवं गरिमापूर्ण संचालन किया गया।कार्यक्रम में कवयित्री डॉ.विद्युत प्रभा चतुर्वेदी ‘मंजू’, श्रीमती कविता बिष्ट ‘नेह’, श्रीमती अर्चना झा, श्रीमती संगीता वर्मानी, डॉ. भारती मिश्रा,श्रीमती आ. निशा अतुल्य, आ. उषा रेणु, श्रीमती स्वाति मौल ‘श्री’, श्रीमती उर्मिला राममूर्ति तथा श्रीमती निकी पुष्कर सहित अनेक साहित्यकार एवं सांस्कृतिक कर्मी उपस्थिति रहे।साथ ही साहित्यानुरागियों में आ.महिन्दर कौर (मोना जी) वरिष्ठ नागरिक तथा आ. मीना सौंधी की उपस्थिति थी।हृदयांगन साहित्यिक संस्था समूह के संस्थापक एवं राष्ट्रीय महासचिव आ. विधु भूषण त्रिवेदी ने लाइव माध्यम से उपस्थित होकर आशीर्वचन देकर कार्यक्रम को पूर्णता प्रदान की।मुख्य अतिथि डॉ. गीता खन्ना ने उद्बोधन में महिलाओं को शिक्षा,विज्ञान और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हुए कहा कि “नारी समाज की आधारशिला है और उसके सशक्त होने से ही समाज का सर्वांगीण विकास संभव है।विशिष्ट अतिथियों डॉ. पूजा पोखरियाल, डॉ. रमा गोयल, श्रीमती मंजू श्रीवास्तव, डॉ. नीता कुकरेती, श्रीमती मोनिका शर्मा, डॉ. इंद्राणी पाँधी, श्रीमती विजया बिष्ट एवं कमलेश्वरी मिश्रा ने भी अपने प्रेरणादायी विचार रखे।वरिष्ठ साहित्यकारों में श्रीकांत ‘श्री’, शिव मोहन सिंह,सतीश बंसल, जी. के. पिपिल, लक्ष्मीकांत बडोनी ‘दर्द गढ़वाली’,महेंद्र प्रकाशी, रोहित कोचगवे,सतेंद्र शर्मा,संजय प्रधान,रविन्द्र सेठ, नरेंद्र शर्मा,आरुण भट्ट एवं सुभाष वर्मा की सराहनीय सहभागिता रही।हृदयांगन संस्था एवं हृदयांगन वीथिका मुम्बई में संस्थापक की उदार नीति के कारण सम्पूर्ण भारत में साहित्यिक योगदान दे रही है। संस्था निरंतर साहित्यिक, सांस्कृतिक और सामाजिक चेतना के माध्यम से महिलाओं को सम्मान,अवसर और सशक्तिकरण प्रदान करने की दिशा में कार्यरत है। संस्था का उद्देश्य समाज में जागरूकता फैलाना, नारी प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा महिलाओं को आत्मविश्वास और स्वाभिमान के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है।अतिथि स्वागत सत्कार, स्वल्पाहार का दायित्व‌ श्रीमती निकिता चतुर्वेदी ने संभाला जो हृदयांगन संस्था की आजीवन सहयोगी सदस्य हैं।संस्था के संस्थापक एवं महासचिव विधु भूषण विद्यावाचस्पति ने उपस्थित सभी अतिथि साहित्यकारों तथा आयोजकों का विशेष धन्यवाद ज्ञापित किया तत्पश्चात कार्यक्रम समाप्त‌ हुआ।
शीतला माता मंदिर देखने आए व्यक्ति की बाईक चोरी

विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर ,उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में मीरापुर थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर गांव स्थित शीतला माता मंदिर मेले से एक बाइक चोरी हो गई। अज्ञात चोरों ने मेले में खड़ी एक स्प्लेंडर बाइक को चुरा लिया। पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ककरौली थाना क्षेत्र के ककरौली निवासी सलमान पुत्र शरीफ ने मीरापुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 11 मार्च 2025 की शाम करीब 5 बजे वह अपनी स्प्लेंडर बाइक से शीतला माता मंदिर मेले में आए थे।

सलमान ने अपनी बाइक सड़क किनारे खड़ी कर दी और मेले में चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे, तो उनकी बाइक वहां नहीं मिली। काफी तलाश के बाद भी बाइक का कोई सुराग नहीं लग सका।

मीरापुर पुलिस ने सलमान की तहरीर के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है और चोरों की तलाश जारी है।
कोई नौकरी नहीं देगा, उनका करियर खत्म हो जाएगा', पीरियड्स लीव पर सुप्रीम कोर्ट की अहम टिप्पणी

#supremecourtrefusedtohearpilseekingpolicymenstrual_leave

Image 2Image 3

सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं कर्मचारियों और छात्राओं के लिए देशभर में मासिक धर्म अवकाश नीति की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। अदालत ने याचिका खारिज करते हुए कहा, ऐसा करने से अनजाने में रूढ़िवादिता को बढ़ावा मिलेगा, इससे महिलाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हो सकते हैं।

सीजेआई सूर्यकांत की अहम टिप्पणी

देशभर में महिला छात्रों और कामकाजी महिलाओं को पीरियड्स में पेड लीव देने की मांग वाली याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि ऐसी याचिकाएं अनजाने में महिलाओं के बारे में बनी रूढ़ियों को और मजबूत कर सकती हैं। ये याचिकाएं डर पैदा करने के लिए, महिलाओं को हीन दिखाने के लिए, यह जताने के लिए दायर की जाती हैं कि पीरियड्स उनके साथ होने वाली कोई बुरी चीज है।

पीरियड्स लीव को अनिवार्य बनाने को लेकर चेताया

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक याचिकाकर्ता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता एम.आर. शमशाद ने दलील दी कि कुछ राज्य सरकारों और संगठनों ने इस दिशा में पहले ही कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि केरल ने स्कूलों में ऐसी छूट दी है और कई निजी कंपनियों ने स्वेच्छा से मासिक धर्म अवकाश नीतियां लागू की हैं। इस दलील के जवाब में, सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि नियोक्ताओं द्वारा स्वैच्छिक उपाय स्वागत योग्य हैं। हालांकि, शीर्ष अदालत ने आगाह किया कि कानून के माध्यम से मासिक धर्म अवकाश को अनिवार्य बनाने के अनपेक्षित परिणाम हो सकते हैं।

महिलाओं के विकास क्या होगा असर?

सीजेआई ने कहा, स्वेच्छा से अवकाश दिया जाना बहुत अच्छी बात है लेकिन जैसे ही आप कहेंगे कि यह कानून के तहत अनिवार्य है तो कोई उन्हें नौकरी नहीं देगा। उन्हें न्यायपालिका या सरकारी नौकरियों में कोई नहीं लेगा; उनका करियर खत्म हो जाएगा। पीठ ने ऐसी व्यवस्थाओं के कार्यस्थल पर प्रभाव और महिलाओं की पेशेवर प्रगति पर पड़ने वाले संभावित असर को भी रेखांकित किया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्ष का महाभियोग प्रस्ताव, दोनों सदनों में दिया नोटिस

#noticesseekingmotionforremovalofcecgyaneshkumarsubmittedin_parliament

Image 2Image 3

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने का नोटिस संसद के दोनों सदनों में सौंप दिया है। PTI ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि संसद के दोनों सदनों में विपक्ष की ओर से महाभियोग प्रस्ताव से संबंधित नोटिस सौंप दिए गए हैं।

लोकसभा के 130, राज्यसभा के 63 सांसदों के हस्ताक्षर

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा ने सूत्रों के हवाले से बताया कि लोकसभा के 130 सांसदों ने और राज्यसभा के 63 सांसदों ने इस नोटिस पर हस्ताक्षर किए हैं। विपक्ष के एक नेता ने बताया कि सांसदों ने नोटिस को लेकर काफी उत्साह दिखाया और आवश्यक संख्या पूरी हो जाने के बाद भी गुरुवार को कई सांसदों हस्ताक्षर किए। नियमों के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए नोटिस पर लोकसभा के कम से कम 100 सांसदों और राज्यसभा के 50 सांसदों के हस्ताक्षर आवश्यक होते हैं।

नोटिस में विपक्ष ने क्या आरोप लगाया?

बताया जा रहा है कि करीब 10 पन्नों वाले नोटिस में 7 बिंदु गिनाए गए हैं, जिनके आधार पर ज्ञानेश कुमार को हटाने का प्रस्ताव किया गया है। विपक्षी दलों ने कई मौकों पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मदद करने का आरोप लगाया है। खासकर मतदाता सूचियों की विशेष गहन पुनरीक्षण ( एसआईआर ) प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का आरोप है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से की जा रही है। खास तौर पर पश्चिम बंगाल में एसआईआर की प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है।

क्या होती है सीईसी को पद से हटाने की प्रक्रिया ?

संविधान के अनुच्छेद 324 (5) में मुख्य निर्वाचन आयुक्त को पद से हटाने का प्रावधान किया गया है. इस अनुच्छेद के मुताबिक मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए वैसी ही प्रक्रिया अपनाई जाएगी जो सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को हटाने की होती है। सुप्रीम कोर्ट के किसी जज को उसके पद से हटाने का प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 124 (4) में किया गया है। इसमें साफ किया गया है कि जज को केवल दो आधार पर ही हटाया जा सकता है - दुर्व्यवहार और कार्य निष्पादन में अक्षमता। 124 (5) के मुताबिक संसद के दोनों सदनों में विशेष बहुमत के द्वारा एक प्रस्ताव पारित करके राष्ट्रपति को किसी जज को हटाने की सिफारिश की जा सकती है। इस पूरी प्रक्रिया का कोई नाम तो नहीं दिया गया है लेकिन आम तौर पर इसे महाभियोग प्रस्ताव के नाम से जाना जाता है।

इंडेन गैस उपभोक्ताओं के लिए जरूरी खबर: सर्वर अपग्रेड होने तक अब 'मैन्युअल' होगी सिलेंडर बुकिंग

रांची: IOCL (इंडेन गैस) के सर्वर में तकनीकी अपग्रेडेशन के चलते ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया फिलहाल बाधित है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए कंपनी ने रांची के विभिन्न वितरकों (Distributors) के लिए मैन्युअल बुकिंग नंबर जारी किए हैं।

Image 2Image 3

रांची में लगभग डेढ़ लाख इंडेन उपभोक्ता हैं, जिन्हें किसी भी तरह की असुविधा से बचाने के लिए यह वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। अधिकारियों के अनुसार, प्रतिदिन लगभग 10,500 सिलेंडरों की डिलीवरी सामान्य रूप से की जा रही है और गैस की कोई कमी नहीं है। उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराकर 'पैनिक बुकिंग' न करें। सर्वर अपग्रेड होते ही ऑनलाइन सेवाएं पुनः बहाल कर दी जाएंगी। किसी भी जन शिकायत के लिए रांची जिला प्रशासन के व्हाट्सएप नंबर 9430328080 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

महत्वपूर्ण बुकिंग नंबर्स (Quick List for Thumbnail)

वितरक का नाम मोबाइल नंबर

Aditi Indane 7762920033

Shantanu Indane 9431357871

Ranchi Gas 9708788000

Anand Gas 9603045000

Indraprastha Gas 9835149400

गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया*
सुल्तानपुर,गौरैया आओ मेरे देश में कटका क्लब सामाजिक संस्था के द्वारा कटका बाजार में संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व बृजेन्द्र मिश्र ने किया। इस मौके पर शिक्षा प्रकोष्ठ अध्यक्ष शीतला प्रसाद पांडेय ने बताया कि ग्रामीण और शहरी इलाकों में बाग-बगीचे खत्म हो रहे हैं। इसका सीधा असर इन पर दिख रहा है। गांवों में अब पक्के मकान बनाए जा रहे हैं। इसका कारण है कि मकानों में गौरैया को अपना घोंसला बनाने के लिए सुरक्षित जगह नहीं मिल रही है। वहीं वक्ता के रूप में लालजी तिवारी ने बताया कि कच्चे मकान गौरैया के लिए प्राकृतिक वातावरण और तापमान के लिहाज से अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराते थे। आधुनिक मकानों में यह सुविधा अब उपलब्ध नहीं होती है। इस मौके पर संस्था अध्यक्ष डॉ सौरभ मिश्र विनम्र ने बताया कि गौरैया के संरक्षण के लिए सरकारों की तरफ से कोई खास दिलचस्पी नहीं दिखती है। हालांकि, यूपी में 20 मार्च को गौरैया संरक्षण दिवस के रूप में रखा गया है। संस्था सभी से आग्रह करती है सभी पक्षियों के लिए जलपत्र, घोंसले और दान पानी कि व्यवस्था करें। कार्यक्रम का संचालन मोनू यादव ने किया। संगोष्ठी के दौरान चंद्र प्रकाश उपाध्याय, धर्मेंद्र शर्मा, अवधेश शर्मा, राम लाल पाल, हरिचंद्र निषाद, कमलेश तिवारी, अर्जुन पाल, राम तेज मिश्र, अवधेश तिवारी आदि लोग उपस्थित रहे।