20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
महाराणा प्रताप जयंती व बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव का भव्य आयोजन

वसई। राजपूताना परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में चैत्र महोत्सव, संवत 2083 का भव्य स्वागत श्रद्धा, शौर्य एवं संस्कार के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं क्षत्रिय धर्म का जीवंत उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महापुरुषों को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ ने जैसे ही सभा को आलोकित किया, पूरा प्रांगणजय भवानी  के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कारगिल के वीर योद्धा नायक दीपचंद पंचग्रामी रहे, जिनका वीरता के लिए भव्य सम्मान किया गया। जनता ने खड़े होकर अपने नायक का अभिनंदन किया।
विश्वामित्र की भूमिका में "महर्षि" टाइटल से अलंकृत नालासोपारा के अघोर पीठाधीश्वर महंत बाबा अलख राम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन  का आध्यात्मिक महत्व बताया एवं क्षत्रिय धर्म पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही क्षत्रिय का प्रथम कर्तव्य है। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, _"आज से 200 साल पहले जब अंग्रेज नहीं आए थे तब एक जनवरी को नववर्ष नही मनाया जाता था, तब हमारे यहां केवल विक्रम संवत ही चलता था तथा वसंत पंचमी से होली तक पिछले वर्ष की विदाई की जाती थी एवं संपूर्ण चैत्र माह में चैत्र महोत्सव मनाकर नववर्ष का स्वागत किया जाता था । हमारे देश का हर वर्ग पूरे उत्साह से चैत्र महोत्सव मनाता था. आजके आधुनिक काल मे हर वर्ष चैत्र महोत्सव मनाकर ददन सिंह अपनी खोई हुई संस्कृती की पुनर्स्थापना कर रहे है. अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। मंच संचालन की बागडोर श्रीप्रकाश सिंह ने कुशलता से संभाली। पधारे हुए सभी अतिथियों का सत्कार राजपूताना परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष दद्दन सिंह चौहान ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम में सम्मानमूर्ति के रूप में पधारीं क्षत्राणी नगरसेविका का विशेष सम्मान किया गया एवं  समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु श्रीमती बबीता देवराज सिंह, एकता सिंह, पिंकी राठौर, प्रदीपिका सिंह, जेपी सिंह, अभय कक्कड़, अशोक शेलके आदि को सम्मानित किया गया। 
नासिक से पधारे राजेंद्र सिंह चौहान, रामदुलार सिंह, लाल साहब सिंह, वीरेंद्र सिंह तोमर, कुमार शैलेंद्र सिंह, जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती रीता सिंह सहित अनेक आर्मी एवं नेवी के जवानों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी वीरों ने महाराणा प्रताप जयंती एवं बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गायक दामोदर राव, नंदिनी तिवारी, पूनम सिंह एवं सूरज सिंह 'तूफानी ने अपनी सुमधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और वीर रस के गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। राजपूताना परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह सूर्यवंशी, बबन सिंह, ललन सिंह, अरबिंद सिंह मनोज सिंह राकेश सिंह नाहर सिंह केदार सिंह रूपेश सिंह अजय सिंह सरवन सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह राणावत वीरभद्र सिंह जडेजा अश्विन सिंह जाडेजा स्वरूप सिंह जडेजा जयेंद्र सिंह जडेजा जगदीश सिंह जडेजा सत्येंद्र रावत सुनील सिंह, मोहित सिंह, विजय सिंह, विनोद सिंह, राधा रमन सिंह, अमित सिंह, नाहर सिंह, भावेश सिंह, रोहित सिंह, राम सिंह, केदारनाथ सिंह, राज चौरसिया, जयकुमार यादव एवं संस्था के सभी सदस्यो पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती अंजू सिंह, खुशबू सिंह, आशा सिंह, गरिमा सिंह, सुषमा सिंह, संध्या सिंह, किरण सिंह, बबीता सिंह सहित तमाम बहनों एवं माताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *सुरुचिपूर्ण भोज* का आनंद लिया एवं प्रसाद ग्रहण किया।
मेले में खरीददारी करने गए युवक की बाइक चोरी
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली छेत्र के ग्राम लोनी में लगे मेले में खरीददारी करने गए युवक की बाइक अज्ञात चोर लेकर चम्पत हो गया।पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी है। मझिला थाना के ग्राम चठिया निवासी श्यामू पुत्र प्रमोद यादव के अनुसार वह 16 मई को ग्राम लोनी में मेला देखने गया था। मेले के बाहर अपनी बाइक संख्या यूपी 34बीएच 4627 ख़डी कर कुछ सामान खरीदने लगा वापस आने पर उसकी बाइक कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी है।
स्वर्गीय आजाद बंसल की पंचम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
मेरठ/रामराज। अपनी सरलता, मिलनसार स्वभाव और समाज सेवा के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय श्री आजाद बंसल आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनके निधन के वर्षों बाद भी क्षेत्रवासियों के मन में उनके प्रति वही सम्मान, प्रेम और अपनापन देखने को मिलता है।

रविवार को उनकी पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर श्री सिद्धपीठ फिरोजपुर महादेव, रामराज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग पहुंचे और स्वर्गीय आजाद बंसल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय आजाद बंसल ने अपने जीवन में सदैव समाजहित और जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उनकी सादगी, व्यवहार कुशलता और लोगों के प्रति अपनापन ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।

बताया गया कि स्वर्गीय आजाद बंसल का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। उनके परिवार में पत्नी राकेश बंसल, बड़े पुत्र राहुल बंसल एवं छोटे पुत्र रोहित बंसल हैं। श्रद्धांजलि सभा में राहुल बंसल एवं रोहित बंसल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पिता द्वारा दिखाए गए सेवा और सद्भाव के मार्ग पर परिवार आगे भी चलता रहेगा।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल ब्रह्मचारी, मास्टर श्रीपाल कोहली, डॉ. मनचंदा, सोनी गोयल, बब्बू, विपेंद्र तथा सुधा वाल्मीकि सहित विभिन्न जिलों के भाजपा नेता और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से ओतप्रोत दिखाई दिया।
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
कक्षा बारहवीं का परिणाम घोषित — डीपीएम पब्लिक स्कूल ने क्षेत्र में किया अभूतपूर्व प्रदर्शन
मोनू भाटी

मेरठ | 13 मई 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आज घोषित कक्षा बारहवीं के परिणाम में डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ के विद्यार्थियों ने शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। विद्यालय ने पूरे क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परिणाम अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कई विद्यार्थियों ने अच्छे अधिक अंक प्राप्त करके विद्यालय का नाम पूरे मेरठ क्षेत्र में रोशन किया है।
विज्ञान संकाय में विद्यालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा:
प्रथम स्थान: सरण्या सिंह — 92.60%    द्वितीय स्थान- देव चौधरी — 89.04%   तृतीय स्थान रिया सोलंकी — 87.60%
                                       
वाणिज्य संकाय में भी शानदार परिणाम:
प्रथम स्थान -  सिम्बुल — 85.02%  द्वितीय स्थान - आस्था सिरोही —82.02%   तृतीय स्थान अंश — 80.01%
विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी जी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और भावपूर्ण अभिनंदन किया।
सचिव महोदय ने अपने संबोधन में कहा, “यह उपलब्धि हमारे विद्यालय डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। हमारे विद्यार्थियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में विद्यालय का परचम लहराया है। मैं पूरे गर्व के साथ कह सकता हूँ कि हमारा विद्यालय आज मेरठ क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय सिद्ध हुआ है। यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के अटूट सहयोग का अद्भुत संगम है।”
श्री जगदीश त्यागी जी ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता का भी विशेष रूप से अभिनंदन किया और कहा कि “अभिभावकों का विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन ही इस उपलब्धि की असली नींव है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य  जिया जैदी जी ने भी सभी विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर पूरा विद्यालय गर्व से भरा हुआ है और शिक्षकों की मेहनत व समर्पण अत्यंत सराहनीय रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों ने एक-दूसरे का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल छाया रहा।
डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ का पूरा परिवार समस्त सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है। ईश्वर सभी को और भी बड़ी ऊँचाइयों तक पहुँचाए। मेरठ
डीपीएम पब्लिक स्कूल का सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन
क्षेत्र में लहराया सफलता का परचम, विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का मान

मेरठ। बहसूमा स्थित डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता हासिल कर क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम इस वर्ष अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए तथा कई विद्यार्थियों ने उच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

विज्ञान संकाय में सरण्या सिंह ने 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं देव चौधरी ने 89.04 प्रतिशत अंक लेकर द्वितीय तथा रिया सोलंकी ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वाणिज्य संकाय में सिम्बुल ने 85.02 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि आस्था सिरोही ने 82.02 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय और अंश ने 80.01 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी ने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा पूरे विद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विद्यालय को मेरठ क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय बताते हुए गर्व व्यक्त किया।

प्रधानाचार्य जिया जैदी ने भी विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत और विद्यार्थियों की लगन ने विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने क
समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो..
*राणा प्रताप पीजी कालेज के स्थापना दिवस पर हुआ कवि सम्मेलन*

सुलतानपुर,गाली दे वीरों को संसद तो उसका भी उपचार करो,शीश काट कर रिपुओं का भारत मां का शृंगार करो। जो झुकने दिया न शीश राष्ट्र का उसकी जय जयकार करो ,समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो।
वीर रस के चर्चित कवि डॉ रणजीत सिंह ने जब यह पंक्तियां क्षत्रिय भवन सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में पढ़ीं तो लोग भाव विभोर हो गए।
राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने यह आयोजन किया था। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र व संचालन आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत ब्रजेश कुमार पाण्डेय इन्दु की इस वाणी वंदना से हुई - रग रग में नई रवानी दे माई दे ,सबको तू चेतना सयानी माई दे। देश की अखण्डता न खंड खंड हो सके ,सबको विवेक हिन्दुस्तानी माई दे। आचार्य अभिमन्यु शुक्ल तरंग ने नाम से ही जिसके चमकते हैं सूर्य सदा, तुम्हें उस नाम की महत्ता का पता नहीं सुनाकर वाहवाही बटोरी। प्रख्यात कवयित्री डॉ.निरुपमा श्रीवास्तव की पंक्तियां थीं बुनो प्यार के धागे कोमल बिनो सहादत वाली चादर । बुनो नेह की छलकी गागर रघुनंदन की बगिया बीनो मोहन का मेरे पीतांबर। व्यंग्यकार निर्झर प्रतापगढ़ी ने लोगों को खुब हंसाया। उन्होंने कहा असली जो गुनहगार थे स्वच्छंद हो गये जो बेगुनाह थे नजरबंद हो गये इस दौर में बेइमान हरिश्चंद्र हो गये। शायर डॉ.अब्दुल मन्नान एडवोकेट ने सुनाया हमारी बात को संसद में कैसे रखेगा, हमारा सांसद गूंगा है और बहरा है।
सीतापुर से आये साहित्यकार प्रमोद द्विवेदी ने ललकारते हुए पढ़ा - जहां वीर सेना में भर्ती हेतु सदा आतुर रहते ,उस भारत को दास बनाये बोलो इतना किसमें दम । लखनऊ के अशोक पाण्डेय अनहद ने कहा कई सदी तक तप अगर करते हैं मां बाप । तब जाकर सौभाग्य से मिलता एक प्रताप।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र ने कहा मारा गया इंसाफ मांगने के जुर्म में इंसानियत के हक में बोलने के जुर्म में। औरों की खुशी देख क्यों पाती नहीं दुनिया तोड़े गए हैं फूल महकने के जुर्म में। संचालक आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने सुनाया कवि कुसुम की सेज पर सोता नहीं है मैं कलम को बम बनाने जा रहा हूं। मैं नई दुनिया बसाने जा रहा हूं।
स्वागत असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व आभार ज्ञापन प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने किया। महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक एडवोकेट राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ एस बी सिंह, प्राचार्य प्रोफेसर डी के त्रिपाठी, एडवोकेट रणजीत सिंह, जीतेन्द्र श्रीवास्तव व सूर्य प्रताप सिंह ने अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर कवियों को सम्मानित किया। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापना दिवस पर प्रकाशित वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा भी कवियों को भेंट की गई।
इस अवसर पर बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर के पीठाधीश्वर कपाली बाबा, क्षत्रिय शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संतोष सिंह अंश समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
हरदोई का 'कोहिनूर,डॉ. प्रदीप सिंह ने अमेरिका में पाई PhD की उपाधि...
रितेश मिश्रा
हरदोई की मिट्टी की महक अब अमेरिका की प्रयोगशालाओं में भी गूंज रही है। जिले के पाली कस्बे के पास स्थित छोटे से गाँव कछेलिया के रहने वाले डॉ. प्रदीप सिंह ने अपनी प्रतिभा के दम पर विश्व स्तर पर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। डॉ. प्रदीप को अमेरिका की प्रतिष्ठित साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी ने 'बायोलॉजिकल साइंस' में पीएचडी (PhD) की उपाधि से नवाज़ा है। वर्तमान में वह अमेरिका के कनेक्टिकट स्थित 'यूकॉन हेल्थ' संस्थान में एक पोस्ट-डॉक्टोरल वैज्ञानिक के रूप में जटिल शोध कार्यों को अंजाम दे रहे हैं
डॉ. प्रदीप की यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है, बल्कि यह एक माँ के अदम्य साहस और एक मध्यमवर्गीय परिवार के बलिदान की कहानी है। उनके पिता श्री श्रीराम सिंह (सिंचाई विभाग) और माता श्रीमती माधुरी देवी ने संसाधनों की कमी को कभी बच्चों की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया। विशेष रूप से उनकी माताजी ने विषम परिस्थितियों में भी धैर्य रखते हुए पूरे परिवार को एकजुट रखा और शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।इसी का परिणाम है कि आज उनके पाँचों बेटे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मेधावी प्रदीप का शैक्षणिक सफर सेठ बाबूराम भारतीय विद्यालय (पाली) से शुरू होकर हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय तक पहुँचा। भारत में NET, GATE और IIT-JAM जैसी कड़ी परीक्षाओं को पहले ही प्रयास में फतह करने वाले प्रदीप ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे फौलादी हों, तो गाँव की पगडंडियों से निकलकर अमेरिका के आधुनिकतम विज्ञान केंद्रों तक का रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है।
उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और वह आज लाखों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन चुके हैं।
अनियंत्रित बाइक ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से घुसी बाइक चालक की हुई मौत

बाइक पर पीछे बैठी पत्नी सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल

मिर्जापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव निवासी 43 वर्षीय धरणी धर पाठक उर्फ छोटे पाठक की शनिवार की रात साढ़े नौ बजे के करीब प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के रामपुर कलां गांव में सड़क हादसे में घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में मृत बाइक चालक की पत्नी और बड़े भाई की पुत्रवधू गंभीर रूप से घायल हो गई जिनका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मड़वा धनावल गांव निवासी धरणी धर पाठक शनिवार की रात बड़े भाई रामकृष्ण पाठक की पुत्रवधू रंजना पत्नी सोनू पाठक की तबीयत बिगड़ने पर उपचार कराने के लिए प्रयागराज जिले के कोरांव स्थित एक निजी अस्पताल में ले जा रहे थे।धरणी धर अपनी बाइक पर पत्नी निर्मला और भाई की पुत्रवधू विमला देवी पत्नी मणिकांत पाठक को बैठाकर कोरांव जा रहे थे। जबकि रंजना को दूसरे बाइक पर बैठाकर भतीजा मोनू ले जा रहा था। जैसे ही धरणीधर कोरांव क्षेत्र के रामपुर कलां गांव में पहुंचे तो सामने से आ रही चारपहिया वाहन की रोशनी से बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से जा घुसी। ट्राली में टकराने से बाइक चालक के सिर में गंभीर चोट आने से घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं पत्नी निर्मला और भाई की पुत्रवधू विमला देवी को गंभीर चोटें आ गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दूसरे बाइक पर सवार भतीजे मोनू ने घटना की जानकारी स्वजनों को देते हुए ग्रामीणों के सहयोग से आनन फानन में घायल महिलाओं को क्षेत्र के दुर्जनीपुर गांव स्थित सरदार हास्पिटल में भर्ती करवाया। जहां दोनों का उपचार किया जा रहा है। मृतक धरणीधर मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में किसी प्राइवेट कंपनी में वाचमैन का कार्य करते थे। मृतक को एक पुत्र और एक पुत्री हैं।
20 मई 2026 को दिखेगी चंद्रमा और बृहस्पति की शानदार खगोलीय युति


खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में बनेगा अद्भुत नज़ारा, रात लगभग 10 बजे तक रहेगा दृश्य।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 20 मई 2026 की शाम, आकाश प्रेमियों और खगोल विज्ञान में रुचि रखने वाले लोगों के लिए अत्यंत विशेष रहने वाली है। इस दिन पश्चिमी आकाश में चंद्रमा और सौरमंडल के सबसे बड़े ग्रह बृहस्पति (Jupiter) की मनमोहक खगोलीय युति (Conjunction) देखने को मिलेगी। यह दृश्य सूर्यास्त के बाद से लेकर लगभग रात 10 बजे तक स्पष्ट रूप से देखा जा सकेगा, जिसके बाद दोनों खगोलीय पिंड पश्चिमी क्षितिज के नीचे चले जाएंगे। यह खगोलीय घटना बिना किसी दूरबीन के भी खुली आँखों से आसानी से देखी जा सकेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 20 मई की शाम पश्चिम दिशा में एक चमकीले अर्धचंद्राकार चंद्रमा के पास बृहस्पति ग्रह दिखाई देगा। दोनों खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के अत्यंत निकट प्रतीत होंगे, जिससे यह दृश्य अत्यंत आकर्षक लगेगा। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल वैज्ञानिक दृष्टि से यह केवल दृष्टि-रेखा (Line of Sight) का प्रभाव होता है लेकिन वास्तव में चंद्रमा और बृहस्पति के बीच करोड़ों किलोमीटर की दूरी बनी रहती है।

*क्या होती है युति?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में “युति” उस स्थिति को कहा जाता है जब पृथ्वी से देखने पर दो खगोलीय पिंड आकाश में एक-दूसरे के बहुत पास दिखाई देते हैं। इस घटना में चंद्रमा और बृहस्पति एक ही खगोलीय देशांतर (Celestial Longitude) अथवा लगभग समान राइट एसेन्शन (Right Ascension) के आसपास दिखाई देंगे। वैज्ञानिक रूप से इसे ही युति (Conjunction)  कहा जाता है।

*कितना होगा इस दौरान मैग्नीट्यूड?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान चंद्रमा का औसत प्रत्यक्ष मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 8.5 तथा बृहस्पति का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 1.78 के क़रीब रहेगा। खगोल विज्ञान में मैग्नीट्यूड किसी खगोलीय पिंड की चमक मापने की इकाई है। जितना अधिक ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का मान होता है, कोई भी खगोलीय पिण्ड उतना ही अधिक चमकीला दिखाई देता है। इसी कारण चंद्रमा अत्यधिक चमकीला और बृहस्पति उसके पास एक उज्ज्वल तारे जैसा दिखाई देगा।

*कितना होगा कोणीय अंतर (Angular Separation) ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय गणनाओं के अनुसार 20 मई 2026 को चंद्रमा और बृहस्पति लगभग 3 डिग्री के कोणीय अंतर (Angular Separation) पर दिखाई देंगे। यह दूरी इतनी कम होगी कि दोनों को एक साथ साधारण आंखों से आसानी से देखा जा सकेगा। हालांकि यह दूरी इतनी कम नहीं होगी कि दोनों एक ही दूरबीन फ्रेम में उच्च आवर्धन पर दिखाई दें, लेकिन सामान्य दूरबीन और बाइनोक्युलर से यह दृश्य अत्यंत सुंदर दिखाई देगा।

*किस दिशा में और किस तारामण्डल में देखें?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह खगोलीय युति पश्चिमी आकाश में मिथुन (Gemini) तारामंडल के क्षेत्र में दिखाई देगी। इसी क्षेत्र में प्रसिद्ध तारे कैस्टर (Castor) और पोलक्स (Pollux) भी मौजूद हैं। जिस शानदार खगोलीय मिथुन तारामंडल क्षेत्र में इस नज़ारे जिसमें बृहस्पति ग्रह और चंद्रमा की युति होगी, और उसी मिथुन तारामंडल क्षेत्र में नीचे की तरफ ही आप शुक्र ग्रह को भी अपनी साधारण आंखों से ही देख सकते हैं ,और इसके बाद धीरे धीरे आगामी आने वाले दिनों में बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह भी एक-दूसरे के निकट आते दिखाई देंगे,और अगले माह 9 जून 2026 को बृहस्पति ग्रह और शुक्र ग्रह की भी युति मिथुन तारामंडल में ही घटित होगी उस दौरान बुद्ध ग्रह भी मिथुन तारामंडल में दिखाई देगा इसलिए यह पूरा महीना और आगामी दिनों में ग्रहों ,उपग्रहों नक्षत्रों आदि के खगोलीय अवलोकन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हो रहा है।

*कैसे देखें इस शानदार खगोलीय नज़ारे को?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश, भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस शानदार खगोलीय घटना को देखने के लिए आपको किसी विशेष खगोलीय उपकरण की आवश्यकता नहीं होगी। यदि मौसम साफ हो और पश्चिम दिशा का क्षितिज खुला हो, तो शहरों से भी यह दृश्य आसानी से देखा जा सकेगा। लेकिन ग्रामीण इलाकों में यह दृश्य और भी अधिक स्पष्ट रूप में नज़र आयेगा। वैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही आप इस युति को देखना शुरू कर सकते हैं लेकिन और भी अधिक बेहतर परिणाम हेतु सूर्यास्त के लगभग 30 से 40 मिनट बाद आकाश पर्याप्त अंधकारमय होने लगेगा और तभी यह युति सबसे बेहतर दिखाई देगी। ख़ासकर ग्रामीण क्षेत्रों या कम प्रकाश प्रदूषण वाले स्थानों से यह दृश्य और अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा। खगोलविद अमर पाल सिंह का कहना है कि बृहस्पति सौरमंडल का सबसे बड़ा ग्रह है और इसका व्यास पृथ्वी से लगभग 11 गुना अधिक है। इसके चार प्रमुख उपग्रह, आयो (Io), यूरोपा (Europa), गैनीमीड (Ganymede) और कैलिस्टो (Callisto) जोकि छोटी दूरबीन से देखे जा सकते हैं। लेकिन यदि आप कोई अच्छी सी बाइनोक्युलर या छोटी दूरबीन का उपयोग करे तो वह बृहस्पति के पास इन उपग्रहों को छोटे प्रकाश बिंदुओं के रूप में देख सकते हैं और इस युति का भी विशेष आनंद भी उठा सकते हैं।

*क्या होता है अर्थ शाइन और इस दौरान कैसे देखें ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अर्थशाइन (Earthshine) वह हल्की रोशनी होती है जो पृथ्वी से परावर्तित होकर चंद्रमा के अंधेरे भाग पर पड़ती है, जिससे चंद्रमा का धुंधला हिस्सा भी दिखाई देता है। इसे “चंद्रमा पर पृथ्वी की चमक” या अर्थ शाइन भी कहा जाता है। और 20 मई 2026 को दिखाई देने वाला चंद्रमा लगभग 4 दिन पुराना बढ़ता हुआ (Waxing Crescent) चंद्रमा होगा और इसकी प्रकाशित सतह लगभग 20 से 23 प्रतिशत के आसपास रहेगी। इसलिए चंद्रमा एक सुंदर पतले अर्धचंद्र के रूप में दिखाई देगा, इसी दौरान चंद्रमा पर आप अर्थ शाइन को भी देख सकते हैं जो इस दृश्य को और भी आकर्षक बनाएगा।

*क्या होगा, पृथ्वी पर इसका असर?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान में ऐसी युतियाँ केवल सुंदर दृश्य ही नहीं होतीं, बल्कि खगोल वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी महत्वपूर्ण होती हैं। इन घटनाओं की सहायता से ग्रहों की स्थिति, कक्षीय गति और खगोलीय यांत्रिकी (Celestial Mechanics) को समझने में मदद मिलती है। प्राचीन भारतीय खगोलविद भी ग्रहों और चंद्रमा की युतियों का विस्तृत अध्ययन करते थे और कैलेंडर (पंचांग) निर्माण में उनका उपयोग किया जाता था।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस प्रकार की घटनाएँ लोगों में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति जिज्ञासा उत्पन्न करती हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों और युवाओं को ऐसी घटनाओं का अवलोकन अवश्य करना चाहिए, क्योंकि यह उन्हें प्रत्यक्ष रूप से ब्रह्मांड की गतिशीलता को समझने का अवसर प्रदान करता है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे 20 मई 2026 की शाम पश्चिम दिशा में खुला स्थान चुनकर इस अद्भुत खगोलीय दृश्य का आनंद लें। वैज्ञानिक दृष्टि से यह घटना पूर्णतः प्राकृतिक और सुरक्षित है। इसका पृथ्वी पर किसी प्रकार का नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है ,यह केवल ग्रहों और चंद्रमा की नियमित कक्षीय गति का परिणाम है। अंतरिक्ष विज्ञान के अनुसार पृथ्वी, चंद्रमा और ग्रह निरंतर सूर्य की परिक्रमा करते रहते हैं, और समय-समय पर उनकी स्थिति ऐसी बनती है कि वे पृथ्वी से देखने पर एक-दूसरे के निकट दिखाई देते हैं। इस प्रकार 20 मई 2026 की शाम खगोलीय घटनाओं के प्रेमियों के लिए एक यादगार अवसर बनने जा रही है, जब आकाश में चंद्रमा और बृहस्पति की चमकदार युति पश्चिमी क्षितिज को अद्भुत सौंदर्य से भर देगी।
महाराणा प्रताप जयंती व बाबू वीर कुंवर सिंह विजय उत्सव का भव्य आयोजन

वसई। राजपूताना परिवार फाउंडेशन के तत्वावधान में चैत्र महोत्सव, संवत 2083 का भव्य स्वागत श्रद्धा, शौर्य एवं संस्कार के साथ संपन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति एवं क्षत्रिय धर्म का जीवंत उत्सव था।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा महापुरुषों को माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। दीप की लौ ने जैसे ही सभा को आलोकित किया, पूरा प्रांगणजय भवानी  के उद्घोष से गूंज उठा।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षण कारगिल के वीर योद्धा नायक दीपचंद पंचग्रामी रहे, जिनका वीरता के लिए भव्य सम्मान किया गया। जनता ने खड़े होकर अपने नायक का अभिनंदन किया।
विश्वामित्र की भूमिका में "महर्षि" टाइटल से अलंकृत नालासोपारा के अघोर पीठाधीश्वर महंत बाबा अलख राम ने अपने ओजस्वी उद्बोधन में सनातन  का आध्यात्मिक महत्व बताया एवं क्षत्रिय धर्म पर जोर देते हुए कहा कि धर्म की रक्षा ही क्षत्रिय का प्रथम कर्तव्य है। मुख्य वक्ता डॉ. ओमप्रकाश दुबे ने मार्गदर्शन देते हुए कहा, _"आज से 200 साल पहले जब अंग्रेज नहीं आए थे तब एक जनवरी को नववर्ष नही मनाया जाता था, तब हमारे यहां केवल विक्रम संवत ही चलता था तथा वसंत पंचमी से होली तक पिछले वर्ष की विदाई की जाती थी एवं संपूर्ण चैत्र माह में चैत्र महोत्सव मनाकर नववर्ष का स्वागत किया जाता था । हमारे देश का हर वर्ग पूरे उत्साह से चैत्र महोत्सव मनाता था. आजके आधुनिक काल मे हर वर्ष चैत्र महोत्सव मनाकर ददन सिंह अपनी खोई हुई संस्कृती की पुनर्स्थापना कर रहे है. अपनी जड़ों से जुड़ना ही सच्चा राष्ट्रवाद है। मंच संचालन की बागडोर श्रीप्रकाश सिंह ने कुशलता से संभाली। पधारे हुए सभी अतिथियों का सत्कार राजपूताना परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष दद्दन सिंह चौहान ने शॉल एवं श्रीफल भेंट कर किया। कार्यक्रम में सम्मानमूर्ति के रूप में पधारीं क्षत्राणी नगरसेविका का विशेष सम्मान किया गया एवं  समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हेतु श्रीमती बबीता देवराज सिंह, एकता सिंह, पिंकी राठौर, प्रदीपिका सिंह, जेपी सिंह, अभय कक्कड़, अशोक शेलके आदि को सम्मानित किया गया। 
नासिक से पधारे राजेंद्र सिंह चौहान, रामदुलार सिंह, लाल साहब सिंह, वीरेंद्र सिंह तोमर, कुमार शैलेंद्र सिंह, जय प्रकाश सिंह एवं श्रीमती रीता सिंह सहित अनेक आर्मी एवं नेवी के जवानों की उपस्थिति ने कार्यक्रम को गौरवान्वित किया। सभी वीरों ने महाराणा प्रताप जयंती एवं बाबू वीर कुंवर सिंह जयंती पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
गायक दामोदर राव, नंदिनी तिवारी, पूनम सिंह एवं सूरज सिंह 'तूफानी ने अपनी सुमधुर गायकी से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। भक्ति और वीर रस के गीतों पर पूरा पंडाल झूम उठा। राजपूताना परिवार के सदस्य वीरेंद्र सिंह, महेंद्र सिंह, राजेश सिंह सूर्यवंशी, बबन सिंह, ललन सिंह, अरबिंद सिंह मनोज सिंह राकेश सिंह नाहर सिंह केदार सिंह रूपेश सिंह अजय सिंह सरवन सिंह सिसोदिया नरेंद्र सिंह राणावत वीरभद्र सिंह जडेजा अश्विन सिंह जाडेजा स्वरूप सिंह जडेजा जयेंद्र सिंह जडेजा जगदीश सिंह जडेजा सत्येंद्र रावत सुनील सिंह, मोहित सिंह, विजय सिंह, विनोद सिंह, राधा रमन सिंह, अमित सिंह, नाहर सिंह, भावेश सिंह, रोहित सिंह, राम सिंह, केदारनाथ सिंह, राज चौरसिया, जयकुमार यादव एवं संस्था के सभी सदस्यो पूरे जोश-ओ-खरोश के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। श्रीमती अंजू सिंह, खुशबू सिंह, आशा सिंह, गरिमा सिंह, सुषमा सिंह, संध्या सिंह, किरण सिंह, बबीता सिंह सहित तमाम बहनों एवं माताओं ने उत्साहपूर्वक सहभागिता कर कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई।कार्यक्रम के पश्चात सभी ने *सुरुचिपूर्ण भोज* का आनंद लिया एवं प्रसाद ग्रहण किया।
मेले में खरीददारी करने गए युवक की बाइक चोरी
रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई।कोतवाली छेत्र के ग्राम लोनी में लगे मेले में खरीददारी करने गए युवक की बाइक अज्ञात चोर लेकर चम्पत हो गया।पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी है। मझिला थाना के ग्राम चठिया निवासी श्यामू पुत्र प्रमोद यादव के अनुसार वह 16 मई को ग्राम लोनी में मेला देखने गया था। मेले के बाहर अपनी बाइक संख्या यूपी 34बीएच 4627 ख़डी कर कुछ सामान खरीदने लगा वापस आने पर उसकी बाइक कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया। पीड़ित की लिखित तहरीर के आधार पर पुलिस ने अज्ञात चोर के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर बाइक की तलाश शुरू कर दी है।
स्वर्गीय आजाद बंसल की पंचम पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
मेरठ/रामराज। अपनी सरलता, मिलनसार स्वभाव और समाज सेवा के लिए क्षेत्र में विशेष पहचान रखने वाले वरिष्ठ भाजपा नेता स्वर्गीय श्री आजाद बंसल आज भी लोगों के दिलों में जीवित हैं। उनके निधन के वर्षों बाद भी क्षेत्रवासियों के मन में उनके प्रति वही सम्मान, प्रेम और अपनापन देखने को मिलता है।

रविवार को उनकी पंचम पुण्यतिथि के अवसर पर श्री सिद्धपीठ फिरोजपुर महादेव, रामराज में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं क्षेत्र के गणमान्य लोग पहुंचे और स्वर्गीय आजाद बंसल को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उपस्थित लोगों ने कहा कि स्वर्गीय आजाद बंसल ने अपने जीवन में सदैव समाजहित और जनसेवा को सर्वोपरि रखा। उनकी सादगी, व्यवहार कुशलता और लोगों के प्रति अपनापन ही उनकी सबसे बड़ी पहचान थी।

बताया गया कि स्वर्गीय आजाद बंसल का जन्म 15 अगस्त 1947 को हुआ था। उनके परिवार में पत्नी राकेश बंसल, बड़े पुत्र राहुल बंसल एवं छोटे पुत्र रोहित बंसल हैं। श्रद्धांजलि सभा में राहुल बंसल एवं रोहित बंसल ने सभी आगंतुकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके पिता द्वारा दिखाए गए सेवा और सद्भाव के मार्ग पर परिवार आगे भी चलता रहेगा।

इस दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष हरवीर पाल ब्रह्मचारी, मास्टर श्रीपाल कोहली, डॉ. मनचंदा, सोनी गोयल, बब्बू, विपेंद्र तथा सुधा वाल्मीकि सहित विभिन्न जिलों के भाजपा नेता और क्षेत्र के अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

श्रद्धांजलि सभा के उपरांत प्रसाद वितरण एवं भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया। पूरा वातावरण श्रद्धा, सम्मान और भावनाओं से ओतप्रोत दिखाई दिया।
संभल में बाबा टिकैत की पुण्यतिथि पर भाकियू ने लिया किसान हित के संघर्ष का संकल्प

संभल । भारतीय किसान यूनियन (बी आर एस एस) भारत राष्ट्रीय सेवक संघ द्वारा शुक्रवार को ग्राम - चमरौआ में जिला महासचिव अनमोल कुमार के नेतृत्व में किसान मसीहा बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि श्रद्धापूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता तहसील संरक्षक सेवक सैनी ने की, जबकि संचालन युवा जिला मीडिया प्रभारी निर्देश कुमार ने किया।
जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी ने कहा कि भारतीय किसान यूनियन के संस्थापक और प्रमुख किसान नेता बाबा महेन्द्र सिंह टिकैत की पुण्यतिथि प्रतिवर्ष 15 मई को मनाई जाती है। उनका निधन 15 मई 2011 को हुआ था। वे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सिसौली के निवासी थे और उन्हें किसानों का "मसीहा" माना जाता था। इस दिन को किसानों की समस्याओं पर चर्चा और याद करते हुए मनाया जाता है। बाबा टिकैत को 1980 और 90 के दशक में किसानों के अधिकारों के लिए बड़े आंदोलनों के लिए जाना जाता है। बाबा टिकैत ने जीवनभर किसानों के हक की लड़ाई लड़ी। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही किसान अपना हक ले सकते हैं।  किसान एकता पर जोर देते हुए कहा कि बिखरे हुए किसान कुछ हासिल नहीं कर सकते। अंत में सभी किसानों ने एकजुट होकर किसान हितों के लिए संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने बाबा टिकैत के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
मुख्य रूप से युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष संभल कामेन्द्र चौधरी, जिला संरक्षक शिवनारायण सैनी, जिला महासचिव अनमोल कुमार, जिला मंत्री सुफियान पाशा (अ. मो.), तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेहंदी हसन, ब्लाक महासचिव धीरेन्द्र त्यागी, तहसील प्रभारी राजीव कुमार, श्रीपाल यादव ब्लॉक महासचिव पवासा, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. हसन, हुकम सिंह सैनी सुरेन्द्र भाटी, अंकुल कुमार, यामीन मलिक, चन्द्रसेन सैनी, फरमान अली, मो. ताहिर आदि कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
कक्षा बारहवीं का परिणाम घोषित — डीपीएम पब्लिक स्कूल ने क्षेत्र में किया अभूतपूर्व प्रदर्शन
मोनू भाटी

मेरठ | 13 मई 2026 — केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा आज घोषित कक्षा बारहवीं के परिणाम में डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ के विद्यार्थियों ने शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता प्राप्त की है। विद्यालय ने पूरे क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। इस वर्ष विद्यालय का परिणाम अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश विद्यार्थी प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए और कई विद्यार्थियों ने अच्छे अधिक अंक प्राप्त करके विद्यालय का नाम पूरे मेरठ क्षेत्र में रोशन किया है।
विज्ञान संकाय में विद्यालय का प्रदर्शन उल्लेखनीय रहा:
प्रथम स्थान: सरण्या सिंह — 92.60%    द्वितीय स्थान- देव चौधरी — 89.04%   तृतीय स्थान रिया सोलंकी — 87.60%
                                       
वाणिज्य संकाय में भी शानदार परिणाम:
प्रथम स्थान -  सिम्बुल — 85.02%  द्वितीय स्थान - आस्था सिरोही —82.02%   तृतीय स्थान अंश — 80.01%
विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी जी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर पूरे विद्यालय परिवार को हार्दिक बधाई दी। उन्होंने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका स्वागत किया और भावपूर्ण अभिनंदन किया।
सचिव महोदय ने अपने संबोधन में कहा, “यह उपलब्धि हमारे विद्यालय डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल की शैक्षणिक उत्कृष्टता, अनुशासन, समर्पण और निरंतर प्रयासों का जीवंत प्रमाण है। हमारे विद्यार्थियों ने न केवल व्यक्तिगत स्तर पर बल्कि पूरे क्षेत्र में विद्यालय का परचम लहराया है। मैं पूरे गर्व के साथ कह सकता हूँ कि हमारा विद्यालय आज मेरठ क्षेत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय सिद्ध हुआ है। यह सफलता विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के अटूट सहयोग का अद्भुत संगम है।”
श्री जगदीश त्यागी जी ने विद्यार्थियों के साथ-साथ उनके माता-पिता का भी विशेष रूप से अभिनंदन किया और कहा कि “अभिभावकों का विश्वास और निरंतर प्रोत्साहन ही इस उपलब्धि की असली नींव है।”
विद्यालय के प्रधानाचार्य  जिया जैदी जी ने भी सभी विद्यार्थियों का हार्दिक अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की इस उपलब्धि पर पूरा विद्यालय गर्व से भरा हुआ है और शिक्षकों की मेहनत व समर्पण अत्यंत सराहनीय रहा है।
इस अवसर पर विद्यालय के सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों तथा अभिभावकों ने एक-दूसरे का उत्साहपूर्वक अभिनंदन किया। विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल छाया रहा।
डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल, बहसूमा, मेरठ का पूरा परिवार समस्त सफल विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक शुभकामनाएँ देता है। ईश्वर सभी को और भी बड़ी ऊँचाइयों तक पहुँचाए। मेरठ
डीपीएम पब्लिक स्कूल का सीबीएसई इंटरमीडिएट परीक्षा में शानदार प्रदर्शन
क्षेत्र में लहराया सफलता का परचम, विद्यार्थियों ने बढ़ाया विद्यालय का मान

मेरठ। बहसूमा स्थित डी०पी०एम० पब्लिक स्कूल ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) द्वारा घोषित कक्षा 12वीं के परीक्षा परिणाम में शानदार एवं अभूतपूर्व सफलता हासिल कर क्षेत्र में नया कीर्तिमान स्थापित किया है। विद्यालय का परीक्षा परिणाम इस वर्ष अत्यंत उत्कृष्ट रहा, जिसमें अधिकांश छात्र-छात्राएं प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए तथा कई विद्यार्थियों ने उच्च अंक प्राप्त कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन किया।

विज्ञान संकाय में सरण्या सिंह ने 92.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। वहीं देव चौधरी ने 89.04 प्रतिशत अंक लेकर द्वितीय तथा रिया सोलंकी ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।
वाणिज्य संकाय में सिम्बुल ने 85.02 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि आस्था सिरोही ने 82.02 प्रतिशत अंकों के साथ द्वितीय और अंश ने 80.01 प्रतिशत अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

विद्यालय के सम्मानित सचिव जगदीश त्यागी ने सभी सफल विद्यार्थियों को मिठाई खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया तथा पूरे विद्यालय परिवार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। उन्होंने विद्यालय को मेरठ क्षेत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला विद्यालय बताते हुए गर्व व्यक्त किया।

प्रधानाचार्य जिया जैदी ने भी विद्यार्थियों की उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षकों की कड़ी मेहनत और विद्यार्थियों की लगन ने विद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

परिणाम घोषित होने के बाद विद्यालय परिसर में खुशी और उत्साह का माहौल देखने क
समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो..
*राणा प्रताप पीजी कालेज के स्थापना दिवस पर हुआ कवि सम्मेलन*

सुलतानपुर,गाली दे वीरों को संसद तो उसका भी उपचार करो,शीश काट कर रिपुओं का भारत मां का शृंगार करो। जो झुकने दिया न शीश राष्ट्र का उसकी जय जयकार करो ,समय कह रहा घर घर में राणा प्रताप तैयार करो।
वीर रस के चर्चित कवि डॉ रणजीत सिंह ने जब यह पंक्तियां क्षत्रिय भवन सभागार में आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन में पढ़ीं तो लोग भाव विभोर हो गए।
राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय के स्थापना दिवस पर क्षत्रिय शिक्षा समिति ने यह आयोजन किया था। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र व संचालन आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने किया।
कवि सम्मेलन की शुरुआत ब्रजेश कुमार पाण्डेय इन्दु की इस वाणी वंदना से हुई - रग रग में नई रवानी दे माई दे ,सबको तू चेतना सयानी माई दे। देश की अखण्डता न खंड खंड हो सके ,सबको विवेक हिन्दुस्तानी माई दे। आचार्य अभिमन्यु शुक्ल तरंग ने नाम से ही जिसके चमकते हैं सूर्य सदा, तुम्हें उस नाम की महत्ता का पता नहीं सुनाकर वाहवाही बटोरी। प्रख्यात कवयित्री डॉ.निरुपमा श्रीवास्तव की पंक्तियां थीं बुनो प्यार के धागे कोमल बिनो सहादत वाली चादर । बुनो नेह की छलकी गागर रघुनंदन की बगिया बीनो मोहन का मेरे पीतांबर। व्यंग्यकार निर्झर प्रतापगढ़ी ने लोगों को खुब हंसाया। उन्होंने कहा असली जो गुनहगार थे स्वच्छंद हो गये जो बेगुनाह थे नजरबंद हो गये इस दौर में बेइमान हरिश्चंद्र हो गये। शायर डॉ.अब्दुल मन्नान एडवोकेट ने सुनाया हमारी बात को संसद में कैसे रखेगा, हमारा सांसद गूंगा है और बहरा है।
सीतापुर से आये साहित्यकार प्रमोद द्विवेदी ने ललकारते हुए पढ़ा - जहां वीर सेना में भर्ती हेतु सदा आतुर रहते ,उस भारत को दास बनाये बोलो इतना किसमें दम । लखनऊ के अशोक पाण्डेय अनहद ने कहा कई सदी तक तप अगर करते हैं मां बाप । तब जाकर सौभाग्य से मिलता एक प्रताप।
अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ साहित्यकार डॉ डी एम मिश्र ने कहा मारा गया इंसाफ मांगने के जुर्म में इंसानियत के हक में बोलने के जुर्म में। औरों की खुशी देख क्यों पाती नहीं दुनिया तोड़े गए हैं फूल महकने के जुर्म में। संचालक आशुकवि मथुरा प्रसाद सिंह जटायु ने सुनाया कवि कुसुम की सेज पर सोता नहीं है मैं कलम को बम बनाने जा रहा हूं। मैं नई दुनिया बसाने जा रहा हूं।
स्वागत असिस्टेंट प्रोफेसर ज्ञानेन्द्र विक्रम सिंह रवि व आभार ज्ञापन प्रोफेसर इन्द्रमणि कुमार ने किया। महाविद्यालय प्रबंधक एडवोकेट बालचंद्र सिंह, पूर्व प्रबंधक एडवोकेट राम बहादुर सिंह, सुरेन्द्र नाथ सिंह, पूर्व प्राचार्य डॉ एस बी सिंह, प्राचार्य प्रोफेसर डी के त्रिपाठी, एडवोकेट रणजीत सिंह, जीतेन्द्र श्रीवास्तव व सूर्य प्रताप सिंह ने अंगवस्त्र व पुष्पगुच्छ देकर कवियों को सम्मानित किया। राणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय स्थापना दिवस पर प्रकाशित वार्षिक पत्रिका प्रताप प्रतिमा भी कवियों को भेंट की गई।
इस अवसर पर बाबा सत्यनाथ मठ अल्देमऊ नूरपुर के पीठाधीश्वर कपाली बाबा, क्षत्रिय शिक्षा समिति के अध्यक्ष एडवोकेट संजय सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ संतोष सिंह अंश समेत अनेक प्रमुख लोग उपस्थित रहे।
हरदोई का 'कोहिनूर,डॉ. प्रदीप सिंह ने अमेरिका में पाई PhD की उपाधि...
रितेश मिश्रा
हरदोई की मिट्टी की महक अब अमेरिका की प्रयोगशालाओं में भी गूंज रही है। जिले के पाली कस्बे के पास स्थित छोटे से गाँव कछेलिया के रहने वाले डॉ. प्रदीप सिंह ने अपनी प्रतिभा के दम पर विश्व स्तर पर उत्तर प्रदेश का मान बढ़ाया है। डॉ. प्रदीप को अमेरिका की प्रतिष्ठित साउथ डकोटा स्टेट यूनिवर्सिटी ने 'बायोलॉजिकल साइंस' में पीएचडी (PhD) की उपाधि से नवाज़ा है। वर्तमान में वह अमेरिका के कनेक्टिकट स्थित 'यूकॉन हेल्थ' संस्थान में एक पोस्ट-डॉक्टोरल वैज्ञानिक के रूप में जटिल शोध कार्यों को अंजाम दे रहे हैं
डॉ. प्रदीप की यह सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है, बल्कि यह एक माँ के अदम्य साहस और एक मध्यमवर्गीय परिवार के बलिदान की कहानी है। उनके पिता श्री श्रीराम सिंह (सिंचाई विभाग) और माता श्रीमती माधुरी देवी ने संसाधनों की कमी को कभी बच्चों की पढ़ाई के आड़े नहीं आने दिया। विशेष रूप से उनकी माताजी ने विषम परिस्थितियों में भी धैर्य रखते हुए पूरे परिवार को एकजुट रखा और शिक्षा के प्रति प्रेरित किया।इसी का परिणाम है कि आज उनके पाँचों बेटे समाज के विभिन्न क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
मेधावी प्रदीप का शैक्षणिक सफर सेठ बाबूराम भारतीय विद्यालय (पाली) से शुरू होकर हरिद्वार के गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय तक पहुँचा। भारत में NET, GATE और IIT-JAM जैसी कड़ी परीक्षाओं को पहले ही प्रयास में फतह करने वाले प्रदीप ने यह साबित कर दिया कि यदि इरादे फौलादी हों, तो गाँव की पगडंडियों से निकलकर अमेरिका के आधुनिकतम विज्ञान केंद्रों तक का रास्ता खुद-ब-खुद बन जाता है।
उनकी इस उपलब्धि पर पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर है और वह आज लाखों युवाओं के लिए एक नई प्रेरणा बन चुके हैं।
अनियंत्रित बाइक ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से घुसी बाइक चालक की हुई मौत

बाइक पर पीछे बैठी पत्नी सहित दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल

मिर्जापुर।ड्रमंडगंज थाना क्षेत्र के मड़वा धनावल गांव निवासी 43 वर्षीय धरणी धर पाठक उर्फ छोटे पाठक की शनिवार की रात साढ़े नौ बजे के करीब प्रयागराज जिले के कोरांव थाना क्षेत्र के रामपुर कलां गांव में सड़क हादसे में घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं हादसे में मृत बाइक चालक की पत्नी और बड़े भाई की पुत्रवधू गंभीर रूप से घायल हो गई जिनका निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। मड़वा धनावल गांव निवासी धरणी धर पाठक शनिवार की रात बड़े भाई रामकृष्ण पाठक की पुत्रवधू रंजना पत्नी सोनू पाठक की तबीयत बिगड़ने पर उपचार कराने के लिए प्रयागराज जिले के कोरांव स्थित एक निजी अस्पताल में ले जा रहे थे।धरणी धर अपनी बाइक पर पत्नी निर्मला और भाई की पुत्रवधू विमला देवी पत्नी मणिकांत पाठक को बैठाकर कोरांव जा रहे थे। जबकि रंजना को दूसरे बाइक पर बैठाकर भतीजा मोनू ले जा रहा था। जैसे ही धरणीधर कोरांव क्षेत्र के रामपुर कलां गांव में पहुंचे तो सामने से आ रही चारपहिया वाहन की रोशनी से बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े ट्रैक्टर ट्राली में पीछे से जा घुसी। ट्राली में टकराने से बाइक चालक के सिर में गंभीर चोट आने से घटना स्थल पर ही मौत हो गई। वहीं पत्नी निर्मला और भाई की पुत्रवधू विमला देवी को गंभीर चोटें आ गई। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। दूसरे बाइक पर सवार भतीजे मोनू ने घटना की जानकारी स्वजनों को देते हुए ग्रामीणों के सहयोग से आनन फानन में घायल महिलाओं को क्षेत्र के दुर्जनीपुर गांव स्थित सरदार हास्पिटल में भर्ती करवाया। जहां दोनों का उपचार किया जा रहा है। मृतक धरणीधर मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले में किसी प्राइवेट कंपनी में वाचमैन का कार्य करते थे। मृतक को एक पुत्र और एक पुत्री हैं।