उत्तर प्रदेश का अनोखा मंदिर, जहां कुएं में होती है शिवलिंग की पूजा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के सेमराध स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर जो कुएं में स्थित है। किवदंतियों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उत्पत्ति विशालकाय प्रकाश पुंज से हुई थी। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर काशी-प्रयाग के मध्य सेमराध नाथ धाम जंगीगंज के पास परम पावनी मां गंगा के तट पर स्थित है।‌कहा जाता है कि एक व्यापारी जलमार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसकी नौका डावांडोल होकर नदी में फंस गयी। जिसके बाद व्यापारी ने गंगा तट पर रात्रि में विश्राम का मन बनाया। व्यापारी को सपने में आया कि यह भगवान शिव का स्थान है। यहीं जमीन के अंदर शिवलिंग स्थित है। व्यापारी ने सपने की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए जमीन की खुदाई शुरू करा दी। जहां कुछ गहराई में जाने पर उसे चमकता हुआ एक शिवलिंग दिखाई पड़ा। शिवलिंग का दर्शन कर व्यापारी भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और उसे अपने साथ ले जाना चाहा।
बताते हैं कि वह शिवलिंग के जितना करीब जाता लिंग उतना ही दूर खिसक जाया करता था। थक हार कर उसने वहीं गंगा नदी के तट पर खुदाई से बने कुंए नुमा बने गड्ढे में एक भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया, जो बाद में बाबा सेमराध नाथ धाम के नाम से विख्यात हुआ।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

कोमल सिंह ने बढ़ाया जिले का मान
गोण्डा। विकास खण्ड बेलसर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलहा निवासी सूर्यकान्त सिंह की  पुत्री कोमल सिंह ने जेआरएफ (असिस्टेंट प्रोफेसर) की परीक्षा उत्तीर्ण कर जनपद के नाम रोशन किया है। इस संदर्भ में विकास सिंह विक्कू ने बताया कि कोमल सिंह ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालय अवध शरण तथा इंटरमीडिएट लखनऊ पब्लिक स्कूल से किया। तदुपरांत बीए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तथा एमए की शिक्षा जेएनयू दिल्ली से अर्जित कर पहली ही बार मे जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि कोमल के पिता सूर्यकान्त सिंह ग्राम प्रधान तथा माता संगीता सिंह गृहिणी है। इस अवसर पर सोनू सिंह, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, पंकज सिंह, पंचम सिंह अवनीश शुक्ला सहित तमाम क्षेत्रीयजनों ने शुभकामनाएं प्रेषित किया।
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, जौनपुर इकाई की काव्यगोष्ठी संपन्न
जौनपुर। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट जौनपुर इकाई द्वारा गूगल मीट के माध्यम से प्रथम काव्यगोष्ठी का आयोजन गुरुवार 5 फरवरी 2026 को राजेश पाण्डेय के संचालन में संपन्न हुआ।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी,मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि विजय तिवारी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सुमति श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती के वंदना से हुई।दिल्ली से कवि तथा चित्रकार पंकज तिवारी ने 'एसंउ लाग बाटइ महाकुंभ अइया' के माध्यम से अवधी रचना,वरिष्ठ कवि एस. बी. उपाध्याय,सुजिता शर्मा द्वारा शानदार गीत,'कविता ही है सखी हमारी' नारी सशक्तिकरण पर बेहतरीन रचना सीमा त्रिवेदी, 'सजे सपने मनभावन से' गीत सुमति श्रीवास्तव,अनुपमा द्विवेदी,मंजू पांडेय ने 'मेरे ख्वाबों में ख्यालों में तुम ही हो',अयोध्या प्रसाद 'सखि वसंत सचमुच बौराया है',जौनपुर इकाई अध्यक्षा सीमा सिंह द्वारा 'जिंदा रहने के ख्वाहिश में बस इतना ही काफी है' के माध्यम से जिंदगी के खूबसूरत सफर एवं जटिल प्रक्रिया का बखान किया।राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह की कविता 'मैं बना हूँ सारथी तो बात मेरी मान लो' के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण एवं अर्जुन के संवाद को बखूबी बयां किया।मुख्य अतिथि विजय तिवारी ने 'बड़ी बात है' बड़ी ही गूढ़ कविता पढ़ीं।संचालक राजेश पाण्डेय की कविता 'मैं ही तो कारण सत्ता हूँ' बहुत पसंद की गई।अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी ने अपने गुरुजी को याद करते हुए अपनी बेहतरीन रचनाएं पढ़ते हुए सभी की कविताओं पर समीक्षात्मक टिप्पणी भी किया।अंत में सत्यभामा द्वारा बड़े ही सहज भाव में सभी का आभार व्यक्त किया गया।
20 किलो ग्राम अवैध गांजा चोरी की चार पहिया के साथ अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश
रमेश दूबे

*जनपद संतकबीरनगर के चोरी की 03 घटनाओं का खुलासा*


                   पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक श्री अजय कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना बखिरा श्री सतीश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री पंकज कुमार पाण्डेय व प्रभारी सर्विलांस सेल श्री अभिमन्यु सिंह के गठित टीम द्वारा आज दिनांक 05.02.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. रमेश शाह पुत्र बृजकिशोर शाह निवासी मोहम्मदपुर निर्मल टोला थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य 02. मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य को बालूसाशन पुल के पास से गिरफ्तार किया गया ।





*गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 49/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट की बढ़ोतरी किया गया ।*

*प्रथम घटना-* दिनांक 01.10.2025 को वादी अनिल कुमार यादव पुत्र राधेश्याम निवासी भगता थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं थाना कोतवाली खलीलाबाद अन्तर्गत अपने वाहन होण्डा मोबिलियो कार से जमीन देखने घोरखल गायत्री पुरम आया था, जहां से अज्ञात चोर द्वारा वाहन चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 892/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।







*द्वितीय घटना-* दिनांक 03.12.2025 को वादी श्री प्रार्थी विजय चन्द्र चौधरी पुत्र रामवृक्ष चौधरी निवासी बरडाड़ थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि चमनगंज चौराहे पर स्थित मेरी दुकान व मकान के दरवाजे के सामने से रात्रि में बोलेरो गाड़ी चोरी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 469/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।







*तृतीय घटना-* दिनांक 26.01.2026 को वादी श्री सलीम खान पुत्र रफीक खान निवासी मथुरा खुर्द थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं अपने भाई गोले की बोलेरो गाड़ी लेकर बरदहिया बाजार करने आया था, रात्रि में उक्त गाड़ी सरदार ढ़ाबा के समीप खड़ी करके बाजार करने हेतु बरदहिया बाजार चला गया था, बाजार करके जब वापस आया तो मेरी गाड़ी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 37/2026 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
 रमेश शाह पुत्र बृजकिशोर शाह निवासी मोहम्मदपुर निर्मल टोला थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
 मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य ।

*बरामदगी का विवरणः-*
 01 अदद बैगनार कार ।
 20 किलो 800 ग्राम अवैध गांजा ।
 लगभग 5 लाख रु0 नकद ।
 02 अदद मोबाइल ।

*पूछताछ विवरणः-*
गिरफ्तार अभियुक्त रमेश शाह द्वारा बताया गया कि हम लोगों का एक संगठित गैंग है, मैं गैग का लीडर हूं । हम लोग चारपहिया वाहनों की चोरी करते है तथा उससे प्राप्त धन को आपस में बाटकर अपना जीविकोपार्जन करते है । हम लोग उत्तर प्रदेश राज्य से गाड़ियों की चोरी करके बिहार ले जाकर कम दामों में कबाडियों को बेच देते है तथा कुछ गाड़ी दूर दराज अन्य लोगो को बेच देते है । रमेश शाह द्वारा बताया गया कि वैगनार कार में जो गांजा है उसे मै ज्यादा पैसे की चाह में बेचने के लिए ले जा रहा था । मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य तथा परमेश्वर सोनी पुत्र टेगारी शाह निवासी बिजुलपुर थाना तुर्कवलिया जनपद मोतीहारी चम्पारण बिहार राज्य हम तीनों लोग साथ में मिलकर रात्रि में रोड पर या रोड के किनारे खड़ी गाडियों की रेकी करते है और मौका पाकर चोरी कर बिहार ले जाकर कबाड़ियों व अन्य व्यक्तियों को बेच देते है । उक्त पकड़े गये दोनों व्यक्तियों से इतना पैसा लेकर चलने के बारे में पूछा गया तो बता रहे है कि साहब हम लोग गाड़ी चोरी व पुरानी गाडियों के खरीद विक्री का काम करते है । गाड़ी खरीदने के बहाने रेकी भी करते है, यदि कही ठीक ठाक गाड़ी मिल जाती है तो हम लोग चोरी न करके गाड़ी खरीद कर बिहार में ले जाकर बेचते है, जिससे समाज में लोग यह समझे कि हम लोग पुरानी गाड़ियों को उत्तर प्रदेश राज्य से बिहार राज्य ले जाकर बेचने का कार्य करते हैं ।

*अपराधिक इतिहास*
01. रमेश शाह
• मु0अ0सं0 128/2021 धारा 379,413,414 भादवि थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 189/2021 धारा 379,411,415,419,420,467,468,471 भादवि थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 201/2021 धारा 379,411 भादवि0 थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 58/2008 धारा 414 भादवि थाना बरौली जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
• मु0अ0सं0 01/2026 धारा 317(4),317(5),318(4),182(ए) बीएनएस थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
• मु0अ0सं0 892/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
• मु0अ0सं0 469/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर ।
• मु0अ0सं0 37/2026 धारा 303(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।

*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 एसओजी टीम प्रभारी निरीक्षक श्री अजय कुमार सिंह, हे0का0 विवेक कुमार राय, हे0का0 अनूप कुमार राय, का0 अभिषेक सिंह, का0 दीपक सिंह, का0 सर्वेश मिश्रा, का0 वीर बहादुर यादव, का0 शुभम सिंह, का0 विवेक मिश्रा, का0 अरूण हलवाई ।
 प्रभारी निरीक्षक थाना बखिरा श्री सतीश कुमार सिंह, उ0नि0 श्री सुरेश यादव, उ0नि0 श्री राजीव कुमार सिंह, हे0का0 अजय कुमार सिंह, हे0का0 अमित कुमार सिंह, का0 अंगद यादव, का0 अनूप यादव ।
 प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री पंकज कुमार पाण्डेय, उ0नि0 श्री धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा, उ0नि0 श्री अजीत कुमार, उ0नि0 श्री धर्मनाथ यादव, का0 जितेन्द्र सोनी, का0 बलराम यादव ।
 प्रभारी सर्विलांस सेल श्री अभिमन्यु सिंह, हे0का0 रामललित, का0 ज्ञानप्रकाश सिंह, का0 अमरजीत मौर्य, का0 नितीश कुमार, का0 पीयूष गुप्ता ।

*नोट- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 25000 रु0 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है ।*
राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
असम की धरती से हेमन्त सोरेन की हुंकार: "आदिवासी समाज की एकजुटता ही हमारी पहचान; असम के आदिवासियों के साथ खड़ा है पूरा झारखंड"

तिनसुकिया (असम)/राँची, 01 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज असम के तिनसुकिया जिले में 'ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम' (AASAA) द्वारा आयोजित 21वीं आदिवासी महासभा-2026 को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने डेढ़ सौ वर्षों से असम में रह रहे आदिवासी समुदाय की व्यथा सुनते हुए उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और अपनी एकजुटता को वैश्विक पहचान बताया।

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"हमारी एकजुटता पर हो रहा प्रहार"

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के लोग आज भी हाशिए पर हैं। उन्होंने आगाह किया कि सामंती और बौद्धिक रूप से समृद्ध लोग आदिवासियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

"आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया, तो वह अपने जल-जंगल-जमीन की बात करेगा, इसीलिए कुछ शक्तियां हमें पीछे धकेलने में जुटी हैं।" - हेमन्त सोरेन

झारखंड के विकास मॉडल का दुनिया मान रही लोहा

मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब दूसरे राज्य झारखंड के 'विकास मॉडल' की कॉपी कर रहे हैं। मुख्य बिंदु:

महिला सशक्तिकरण: 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के तहत लगभग 55 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जा रहे हैं।

शिक्षा की उड़ान: राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बिना किसी गारंटी के ₹15 लाख तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है।

वैश्विक उपस्थिति: विश्व आर्थिक मंच (WEF) में पहली बार झारखंड ने एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपनी बात वैश्विक पटल पर रखी।

अर्थव्यवस्था में योगदान: श्री सोरेन ने गर्व से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है।

पूर्वजों के बलिदान को किया याद

भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी जैसे वीर सपूतों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ादी का सपना भी नहीं देख रहा था, तब हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। उन्होंने असम के दिवंगत नेता प्रदीप नाग और प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

इस महासभा में मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा, AASAA के केंद्रीय अध्यक्ष रेजन होरो सहित असम के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।

उत्तर प्रदेश का अनोखा मंदिर, जहां कुएं में होती है शिवलिंग की पूजा
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। उत्तर प्रदेश में भदोही जिले के सेमराध स्थित भगवान शिव का एक अनोखा मंदिर जो कुएं में स्थित है। किवदंतियों के अनुसार मंदिर में स्थापित शिवलिंग की उत्पत्ति विशालकाय प्रकाश पुंज से हुई थी। जिला मुख्यालय से लगभग 30 किलोमीटर दूर काशी-प्रयाग के मध्य सेमराध नाथ धाम जंगीगंज के पास परम पावनी मां गंगा के तट पर स्थित है।‌कहा जाता है कि एक व्यापारी जलमार्ग से गुजर रहा था कि अचानक उसकी नौका डावांडोल होकर नदी में फंस गयी। जिसके बाद व्यापारी ने गंगा तट पर रात्रि में विश्राम का मन बनाया। व्यापारी को सपने में आया कि यह भगवान शिव का स्थान है। यहीं जमीन के अंदर शिवलिंग स्थित है। व्यापारी ने सपने की सत्यता को प्रमाणित करने के लिए जमीन की खुदाई शुरू करा दी। जहां कुछ गहराई में जाने पर उसे चमकता हुआ एक शिवलिंग दिखाई पड़ा। शिवलिंग का दर्शन कर व्यापारी भक्ति से ओत-प्रोत हो गया और उसे अपने साथ ले जाना चाहा।
बताते हैं कि वह शिवलिंग के जितना करीब जाता लिंग उतना ही दूर खिसक जाया करता था। थक हार कर उसने वहीं गंगा नदी के तट पर खुदाई से बने कुंए नुमा बने गड्ढे में एक भव्य मंदिर का निर्माण करा दिया, जो बाद में बाबा सेमराध नाथ धाम के नाम से विख्यात हुआ।
WhatsApp Status से लेकर Instagram Reels तक, हर जगह छाया ‘Choli Bheej Jata’, यूट्यूब के Top 10 में ट्रेंड होकर बना 2026 का सबसे बड़ा होली ब्लास्ट

डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!

दिल्ली की भीड़भाड़ वाली सड़कों से लेकर बिहार के सुदूर गाँवों के चौराहों तक, इस समय सिर्फ एक ही शोर है—खेसारी लाल यादव। उनका नया होली गीत “चोली भीज जाता” महज़ एक गाना नहीं, बल्कि एक डिजिटल सुनामी बन चुका है। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर रिलीज़ होते ही इस गाने ने पूरे इंटरनेट पर कब्ज़ा (Taken over the internet) कर लिया है। आलम यह है कि यह गाना यूट्यूब ट्रेंडिंग के Top 10 में अपनी मज़बूत जगह बनाए हुए है और इसे 2026 का सबसे बड़ा होली गीत (Biggest Holi Song of 2026) घोषित कर दिया गया है।

सोशल मीडिया पर ‘बवाल’ वायरल ट्रेंड

भैया, आजकल सफलता का असली पैमाना ‘रील्स’ और ‘स्टेटस’ हैं। और “चोली भीज जाता” के हुक स्टेप पर इस समय लाखों की संख्या में इंस्टाग्राम रील्स बन रही हैं। लड़के जहाँ खेसारी भैया के स्वैग को कॉपी कर रहे हैं, वहीं लड़कियाँ प्रिया रघुवंशी के नखरों और ठुमकों पर अपनी अदाएँ दिखा रही हैं। व्हाट्सएप स्टेटस हो या फेसबुक स्टोरी, हर जगह लोग इसी गाने को लगाकर अपनी होली की खुशी जाहिर कर रहे हैं। अभिषेक भोजपुरीया के मज़ेदार बोल और आर्य शर्मा का म्यूज़िक हर किसी के ज़ुबान पर चढ़ गया है।

खेसारी आर्मी की ताकत: 24/7 सपोर्ट

खेसारी लाल यादव की सबसे बड़ी ताकत उनकी खेसारी आर्मी है। ये वो फैन हैं जिन्होंने इस गाने को रिलीज़ के साथ ही ट्रेंडिंग के शिखर पर पहुँचा दिया। यूट्यूब के टॉप 10 में जगह बनाना कोई छोटी बात नहीं है, लेकिन खेसारी के पावर के आगे इस बार सब फीका नज़र आ रहे हैं। IVY Bhojpuri Bawaal चैनल पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई है, जहाँ लोग इसे इस सदी का सबसे बड़ा होली एंथम बता रहे हैं। Ps Dance Group के ज़बरदस्त डांस ने इस गाने के वीडियो को और भी शानदार बना दिया है।

प्रोडक्शन की क्वालिटी: चकाचक विज़ुअल्स

दिलीप चौरसिया की बेहतरीन सिनेमेटोग्राफी ने गाने को वो चमक दी है, जो बड़े बजट की फिल्मों में दिखती है। विलेंस प्रोडक्शन (Wailens Production) की ओर से पेश किया गया यह वीडियो विज़ुअल मास्टरपीस है। रोहित सिंह की डीआई (D.I.) ने रंगों को इतना निखारा है कि होली की मस्ती मोबाइल स्क्रीन से बाहर निकलकर आती महसूस होती है। यह गाना साबित करता है कि भोजपुरी म्यूज़िक अब ग्लोबल लेवल पर धमाका करने को तैयार है।

निष्कर्ष: आप भी बनें इस ट्रेंड का हिस्सा!

अगर आपने अभी तक अपना व्हाट्सएप स्टेटस इस गाने के साथ अपडेट नहीं किया है, तो जल्दी कीजिए, वरना आप 2026 के सबसे बड़े ट्रेंड से पीछे रह जाएंगे। खेसारी भैया और शिल्पी राज की यह जुगलबंदी इस होली आपको झूमने पर मजबूर कर देगी।

पूरा गाना यहाँ देखें और इसे और भी ऊपर ट्रेंड कराएं :- https://youtu.be/T_qBgY7EqOA�

कोमल सिंह ने बढ़ाया जिले का मान
गोण्डा। विकास खण्ड बेलसर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलहा निवासी सूर्यकान्त सिंह की  पुत्री कोमल सिंह ने जेआरएफ (असिस्टेंट प्रोफेसर) की परीक्षा उत्तीर्ण कर जनपद के नाम रोशन किया है। इस संदर्भ में विकास सिंह विक्कू ने बताया कि कोमल सिंह ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालय अवध शरण तथा इंटरमीडिएट लखनऊ पब्लिक स्कूल से किया। तदुपरांत बीए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तथा एमए की शिक्षा जेएनयू दिल्ली से अर्जित कर पहली ही बार मे जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि कोमल के पिता सूर्यकान्त सिंह ग्राम प्रधान तथा माता संगीता सिंह गृहिणी है। इस अवसर पर सोनू सिंह, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, पंकज सिंह, पंचम सिंह अवनीश शुक्ला सहित तमाम क्षेत्रीयजनों ने शुभकामनाएं प्रेषित किया।
102 वर्ष की उम्र में ब्रह्मलीन सच्चिदानंद स्वामी का जौनपुर से रहा गहरा लगाव
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
परमहंस महराज के तीन शिष्यों,स्वामी अड़गड़ानंद और अनुसुइया महराज में सबसे बड़े सच्चिदानंद स्वामी धारकुंडी महराज थे। उनका जौनपुर से विशेष लगाव था। लगभग तीन दशक पूर्व दौलतपुर गांव निवासी व रेलवे विभाग में सतना स्टेशन पर स्टेशन मास्टर के पद पर तैनात रहे ताल्लुका दूबे उनके आश्रम में गए थे। स्वामी जी से इस कदर प्रभावित हुए कि नौकरी और परिवार छोड़ उन्हीं के शरणागत होकर रह गए। जिन्हें दूबे बाबा के नाम से जाना गया। इसी तरह महमदपुर गुलरा गांव निवासी जगदीश पांडेय घर बार छोड़कर आश्रम में ही रह गए। उन्हें जगदीश बाबा की उपाधि मिली। वर्ष 1985 में धारकुंडी महराज का आगमन महमदपुर गुलरा और दौलतपुर गांव में हुआ था। तभी से यहां उनके हजारों श्रद्धालु बन गये। प्रत्येक गुरुपूर्णिमा को यहां से हजारों श्रद्धालु धारकुंडी आश्रम पहुंच उनका दर्शन पूजन करते चले आ रहे हैं। उनके गोलोक सिधारने की खबर से सभी श्रद्धालुओं में शोक छा गया। उनके भक्तों में शामिल राजा हरपाल सिंह महाविद्यालय के प्रबंधक कुंवर जय सिंह के अनुसार उनका दर्शन करने मात्र से ही शरीर में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो उठता था। ऐसे संतों का दर्शन दुर्लभ होता है।
धारकुंडी आश्रम के पीछे स्थित अघमर्षण कुंड का उल्लेख महाभारत के युधिष्ठिर और यक्ष संवाद की पृष्ठभूमि के रूप में होता है। यही कारण है कि यह स्थान न केवल श्रद्धालुओं बल्कि इतिहास प्रेमियों और पर्यटकों को भी आकर्षित करता है।  स्वामी जी 22 नवंबर 1956 को यहां आए और पहाड़ की उसी गुफा में निवास करने लगे, जहां पहले एक खूंखार शेर रहा करता था। चमत्कारिक रूप से शेर ने गुफा छोड़ दी और वही स्थान बाद में विकसित होकर धारकुंडी आश्रम बन गया। स्वामी जी ने अपने अतीत की जानकारी किसी को नहीं दी। उन्हें निशानेबाजी और सेना के कोड वर्ड्स का गहरा ज्ञान था। कुल मिलाकर उनका संपूर्ण जीवन एक रहस्यमय आध्यात्मिक जीवन रहा, जिसे समझ पाना बहुत मुश्किल है।
बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट, जौनपुर इकाई की काव्यगोष्ठी संपन्न
जौनपुर। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट जौनपुर इकाई द्वारा गूगल मीट के माध्यम से प्रथम काव्यगोष्ठी का आयोजन गुरुवार 5 फरवरी 2026 को राजेश पाण्डेय के संचालन में संपन्न हुआ।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी,मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि विजय तिवारी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सुमति श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती के वंदना से हुई।दिल्ली से कवि तथा चित्रकार पंकज तिवारी ने 'एसंउ लाग बाटइ महाकुंभ अइया' के माध्यम से अवधी रचना,वरिष्ठ कवि एस. बी. उपाध्याय,सुजिता शर्मा द्वारा शानदार गीत,'कविता ही है सखी हमारी' नारी सशक्तिकरण पर बेहतरीन रचना सीमा त्रिवेदी, 'सजे सपने मनभावन से' गीत सुमति श्रीवास्तव,अनुपमा द्विवेदी,मंजू पांडेय ने 'मेरे ख्वाबों में ख्यालों में तुम ही हो',अयोध्या प्रसाद 'सखि वसंत सचमुच बौराया है',जौनपुर इकाई अध्यक्षा सीमा सिंह द्वारा 'जिंदा रहने के ख्वाहिश में बस इतना ही काफी है' के माध्यम से जिंदगी के खूबसूरत सफर एवं जटिल प्रक्रिया का बखान किया।राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह की कविता 'मैं बना हूँ सारथी तो बात मेरी मान लो' के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण एवं अर्जुन के संवाद को बखूबी बयां किया।मुख्य अतिथि विजय तिवारी ने 'बड़ी बात है' बड़ी ही गूढ़ कविता पढ़ीं।संचालक राजेश पाण्डेय की कविता 'मैं ही तो कारण सत्ता हूँ' बहुत पसंद की गई।अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी ने अपने गुरुजी को याद करते हुए अपनी बेहतरीन रचनाएं पढ़ते हुए सभी की कविताओं पर समीक्षात्मक टिप्पणी भी किया।अंत में सत्यभामा द्वारा बड़े ही सहज भाव में सभी का आभार व्यक्त किया गया।
20 किलो ग्राम अवैध गांजा चोरी की चार पहिया के साथ अंतर्जनपदीय गिरोह का पर्दाफाश
रमेश दूबे

*जनपद संतकबीरनगर के चोरी की 03 घटनाओं का खुलासा*


                   पुलिस अधीक्षक जनपद संतकबीरनगर *श्री संदीप कुमार मीना* के निर्देशन में जनपद संतकबीरनगर मे अपराध एवं अपराधियो के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में एसओजी प्रभारी निरीक्षक श्री अजय कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना बखिरा श्री सतीश कुमार सिंह, प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री पंकज कुमार पाण्डेय व प्रभारी सर्विलांस सेल श्री अभिमन्यु सिंह के गठित टीम द्वारा आज दिनांक 05.02.2026 को अभियुक्तगण नाम पता 01. रमेश शाह पुत्र बृजकिशोर शाह निवासी मोहम्मदपुर निर्मल टोला थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य 02. मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य को बालूसाशन पुल के पास से गिरफ्तार किया गया ।





*गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर मु0अ0सं0 49/2026 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट की बढ़ोतरी किया गया ।*

*प्रथम घटना-* दिनांक 01.10.2025 को वादी अनिल कुमार यादव पुत्र राधेश्याम निवासी भगता थाना महुली जनपद संतकबीरनगर के द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं थाना कोतवाली खलीलाबाद अन्तर्गत अपने वाहन होण्डा मोबिलियो कार से जमीन देखने घोरखल गायत्री पुरम आया था, जहां से अज्ञात चोर द्वारा वाहन चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 892/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।







*द्वितीय घटना-* दिनांक 03.12.2025 को वादी श्री प्रार्थी विजय चन्द्र चौधरी पुत्र रामवृक्ष चौधरी निवासी बरडाड़ थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर द्वारा थाना बखिरा पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि चमनगंज चौराहे पर स्थित मेरी दुकान व मकान के दरवाजे के सामने से रात्रि में बोलेरो गाड़ी चोरी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना बखिरा पर मु0अ0सं0 469/2025 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।







*तृतीय घटना-* दिनांक 26.01.2026 को वादी श्री सलीम खान पुत्र रफीक खान निवासी मथुरा खुर्द थाना ललिया जनपद बलरामपुर द्वारा थाना कोतवाली खलीलाबाद पर प्रार्थना पत्र दिया गया कि मैं अपने भाई गोले की बोलेरो गाड़ी लेकर बरदहिया बाजार करने आया था, रात्रि में उक्त गाड़ी सरदार ढ़ाबा के समीप खड़ी करके बाजार करने हेतु बरदहिया बाजार चला गया था, बाजार करके जब वापस आया तो मेरी गाड़ी अज्ञात चोर द्वारा चोरी कर लिया गया है, उक्त प्रार्थना पत्र के आधार पर थाना कोतवाली खलीलाबाद पर मु0अ0सं0 37/2026 धारा 303(2) बीएनएस पंजीकृत किया गया था ।

*गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पताः-*
 रमेश शाह पुत्र बृजकिशोर शाह निवासी मोहम्मदपुर निर्मल टोला थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
 मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य ।

*बरामदगी का विवरणः-*
 01 अदद बैगनार कार ।
 20 किलो 800 ग्राम अवैध गांजा ।
 लगभग 5 लाख रु0 नकद ।
 02 अदद मोबाइल ।

*पूछताछ विवरणः-*
गिरफ्तार अभियुक्त रमेश शाह द्वारा बताया गया कि हम लोगों का एक संगठित गैंग है, मैं गैग का लीडर हूं । हम लोग चारपहिया वाहनों की चोरी करते है तथा उससे प्राप्त धन को आपस में बाटकर अपना जीविकोपार्जन करते है । हम लोग उत्तर प्रदेश राज्य से गाड़ियों की चोरी करके बिहार ले जाकर कम दामों में कबाडियों को बेच देते है तथा कुछ गाड़ी दूर दराज अन्य लोगो को बेच देते है । रमेश शाह द्वारा बताया गया कि वैगनार कार में जो गांजा है उसे मै ज्यादा पैसे की चाह में बेचने के लिए ले जा रहा था । मोहम्मद सिराज पुत्र स्व0 अजुल हकीमी निवासी बंगरा वाजीद थाना मरियारी जनपद मुजफ्फरपुर बिहार राज्य तथा परमेश्वर सोनी पुत्र टेगारी शाह निवासी बिजुलपुर थाना तुर्कवलिया जनपद मोतीहारी चम्पारण बिहार राज्य हम तीनों लोग साथ में मिलकर रात्रि में रोड पर या रोड के किनारे खड़ी गाडियों की रेकी करते है और मौका पाकर चोरी कर बिहार ले जाकर कबाड़ियों व अन्य व्यक्तियों को बेच देते है । उक्त पकड़े गये दोनों व्यक्तियों से इतना पैसा लेकर चलने के बारे में पूछा गया तो बता रहे है कि साहब हम लोग गाड़ी चोरी व पुरानी गाडियों के खरीद विक्री का काम करते है । गाड़ी खरीदने के बहाने रेकी भी करते है, यदि कही ठीक ठाक गाड़ी मिल जाती है तो हम लोग चोरी न करके गाड़ी खरीद कर बिहार में ले जाकर बेचते है, जिससे समाज में लोग यह समझे कि हम लोग पुरानी गाड़ियों को उत्तर प्रदेश राज्य से बिहार राज्य ले जाकर बेचने का कार्य करते हैं ।

*अपराधिक इतिहास*
01. रमेश शाह
• मु0अ0सं0 128/2021 धारा 379,413,414 भादवि थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 189/2021 धारा 379,411,415,419,420,467,468,471 भादवि थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 201/2021 धारा 379,411 भादवि0 थाना हरैया जनपद बस्ती ।
• मु0अ0सं0 58/2008 धारा 414 भादवि थाना बरौली जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
• मु0अ0सं0 01/2026 धारा 317(4),317(5),318(4),182(ए) बीएनएस थाना माधोपुर जनपद गोपालगंज बिहार राज्य ।
• मु0अ0सं0 892/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।
• मु0अ0सं0 469/2025 धारा 303(2) बीएनएस थाना बखिरा जनपद संतकबीरनगर ।
• मु0अ0सं0 37/2026 धारा 303(2) बीएनएस थाना कोतवाली खलीलाबाद जनपद संतकबीरनगर ।

*गिरफ्तार करने वाले अधिकारी / कर्मचारीगणः-*
 एसओजी टीम प्रभारी निरीक्षक श्री अजय कुमार सिंह, हे0का0 विवेक कुमार राय, हे0का0 अनूप कुमार राय, का0 अभिषेक सिंह, का0 दीपक सिंह, का0 सर्वेश मिश्रा, का0 वीर बहादुर यादव, का0 शुभम सिंह, का0 विवेक मिश्रा, का0 अरूण हलवाई ।
 प्रभारी निरीक्षक थाना बखिरा श्री सतीश कुमार सिंह, उ0नि0 श्री सुरेश यादव, उ0नि0 श्री राजीव कुमार सिंह, हे0का0 अजय कुमार सिंह, हे0का0 अमित कुमार सिंह, का0 अंगद यादव, का0 अनूप यादव ।
 प्रभारी निरीक्षक थाना कोतवाली खलीलाबाद श्री पंकज कुमार पाण्डेय, उ0नि0 श्री धर्मेन्द्र कुमार मिश्रा, उ0नि0 श्री अजीत कुमार, उ0नि0 श्री धर्मनाथ यादव, का0 जितेन्द्र सोनी, का0 बलराम यादव ।
 प्रभारी सर्विलांस सेल श्री अभिमन्यु सिंह, हे0का0 रामललित, का0 ज्ञानप्रकाश सिंह, का0 अमरजीत मौर्य, का0 नितीश कुमार, का0 पीयूष गुप्ता ।

*नोट- पुलिस अधीक्षक संतकबीरनगर श्री संदीप कुमार मीना द्वारा गिरफ्तारी व बरामदगी करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन हेतु 25000 रु0 नगद पुरस्कार देने की घोषणा की गयी है ।*
राँची: राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने किया 'मीडिया कप 2026' का उद्घाटन; पहले दिन टीम भैरवी और अमानत का दबदबा

राँची, 04 फरवरी 2026: द राँची प्रेस क्लब की ओर से बहुप्रतीक्षित मीडिया कप क्रिकेट टूर्नामेंट-2026 का शानदार शुभारंभ बुधवार को रातू के अगरु स्थित जेके इंटरनेशनल क्रिकेट अकादमी में हुआ। राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने दीप प्रज्वलित कर और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर टूर्नामेंट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

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"लोकतंत्र के प्रहरी भी दिखाएं खेल का कौशल": राज्यपाल

उद्घाटन भाषण के दौरान राज्यपाल ने मीडिया को लोकतंत्र का 'चतुर्थ स्तंभ' बताते हुए कहा कि दिन-रात जनहित के कार्यों में व्यस्त रहने वाले पत्रकारों के लिए खेल का मैदान मानसिक तनाव दूर करने और आपसी सौहार्द बढ़ाने का बेहतरीन मंच है। उन्होंने कहा कि मीडिया जब खिलाड़ियों की उपलब्धियों को दिखाता है, तो वह समाज के लिए प्रेरणा बन जाता है।

मैच राउंड-अप: विक्की पासवान और शमीम राजा चमके

टूर्नामेंट के पहले दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए:

1. मैच - 1 (भैरवी बनाम कारो): टीम भैरवी ने विक्की पासवान की विस्फोटक शतकीय पारी (117 रन) के दम पर 13 ओवरों में 160 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। जवाब में कारो की टीम 142 रन ही बना सकी।

परिणाम: भैरवी 18 रनों से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: विक्की पासवान।

2. मैच - 2 (अजय बनाम अमानत): टीम अजय ने पहले बल्लेबाजी करते हुए राकेश सिंह के शानदार 83 रनों की मदद से 124 रन बनाए। जवाब में टीम अमानत ने शमीम राजा (52 रन) और रियाज आलम की पारियों की बदौलत केवल 10.3 ओवरों में लक्ष्य हासिल कर लिया।

परिणाम: अमानत 7 विकेट से जीता।

प्लेयर ऑफ द मैच: शमीम राजा।

विशेष उपस्थिति

समारोह में अदानी समूह के वाइस प्रेसिडेंट (कॉरपोरेट अफेयर्स) संजीव शेखर, टाटा समूह के प्रतिनिधि अमृतांशु, राँची प्रेस क्लब के नवनिर्वाचित पदाधिकारी और बड़ी संख्या में वरिष्ठ पत्रकार मौजूद थे। राज्यपाल ने हाल ही में निर्वाचित प्रेस क्लब की नई कमेटी को भी बधाई दी।

उत्तराखंड में 30 जून तक मदरसा बोर्ड  हो जाएगा समाप्त
* अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड में शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। धामी सरकार द्वारा लाए गए अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025 के तहत प्रदेश का मदरसा बोर्ड इस साल जून के अंत तक पूरी तरह समाप्त हो जाएगा। 1 जुलाई 2026 से सभी मदरसों को उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण से मान्यता और उत्तराखंड विद्यालयी शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेनी अनिवार्य होगी।
सरकार ने विधेयक को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया है। प्राधिकरण के अध्यक्ष के रूप में बीएसएम पीजी कॉलेज रुड़की के सेवानिवृत्त प्राचार्य प्रो. सुरजीत सिंह गांधी को नियुक्त किया गया है।
दरअसल, धामी सरकार ने प्रदेश में संचालित सभी मदरसों और अन्य अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों को मुख्यधारा की शिक्षा प्रणाली से जोड़ने के उद्देश्य से यह विधेयक लाया था। अगस्त 2025 में विधानसभा से पारित होने के बाद 6 अक्टूबर 2025 को राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई थी। अब प्राधिकरण के गठन के साथ ही इसकी सभी औपचारिकताएं पूरी हो चुकी हैं।
सरकारी निर्णय के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखंड मदरसा बोर्ड समाप्त हो जाएगा, जिसके बाद राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और राष्ट्रीय पाठ्यक्रम ढांचा लागू होगा। इसके साथ ही उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन जाएगा, जहां मदरसा बोर्ड को पूरी तरह खत्म किया जा रहा है।
प्राधिकरण की संरचना - अध्यक्ष: प्रो. सुरजीत सिंह गांधी, सदस्य - डॉ. राकेश कुमार जैन (हरिद्वार), डॉ. सैय्यद अली हमीद (अल्मोड़ा), प्रो. पेमा तेनजिन (चमोली), प्रो. गुरमीत सिंह (मुरादाबाद), डॉ. एल्बा मन्ड्रेले (बागेश्वर), प्रो. रोबिना अमन (अल्मोड़ा), चंद्रशेखर भट्ट (पूर्व सचिव), राजेंद्र सिंह बिष्ट (पिथौरागढ़), पदेन सदस्य - महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा एवं निदेशक, एससीईआरटी
पदेन सदस्य सचिव - निदेशक, अल्पसंख्यक कल्याण, उत्तराखंड
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों को आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ना है, ताकि वे भी राष्ट्र निर्माण में योगदान दे सकें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबको शिक्षा का अधिकार” के संकल्प के अनुरूप उत्तराखंड सरकार शिक्षा सुधार की दिशा में आगे बढ़ रही है।
उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग की उपाध्यक्ष फरजाना बेगम ने सरकार के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अल्पसंख्यक बच्चों को मुख्यधारा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा। उन्होंने कहा कि अब ये बच्चे डॉक्टर, डीएम, एसएसपी जैसे बड़े पदों तक पहुंच सकेंगे। यह निर्णय अल्पसंख्यक बच्चों के भविष्य के लिए एक मिसाल है।
कुल मिलाकर, धामी सरकार का यह कदम उत्तराखंड की शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है, जो आने वाले वर्षों में प्रदेश के शैक्षणिक परिदृश्य को नई दिशा देगा।
उत्तराखंड ने साहसिक पर्यटन को दी नई उड़ान
* 83 प्रमुख हिमालयी चोटियां पर्वतारोहण के लिए खुलीं, भारतीय पर्वतारोहियों को फीस से पूरी छूट, विदेशियों को भी बड़ी राहत
देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने साहसिक पर्यटन और पर्वतारोहण को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) और वन विभाग के संयुक्त प्रयास से गढ़वाल और कुमाऊं हिमालय क्षेत्र की 83 प्रमुख हिमालयी चोटियों को पर्वतारोहण अभियानों के लिए खोल दिया गया है। यह कदम न केवल राज्य के पर्यटन इतिहास में मील का पत्थर है, बल्कि युवाओं के लिए नए अवसर और सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार का सशक्त माध्यम भी बनेगा।

इन अधिसूचित चोटियों की ऊंचाई 5,700 मीटर से 7,756 मीटर तक है। इनमें कामेट (7,756 मीटर), नंदा देवी ईस्ट, चौखंबा समूह, त्रिशूल समूह, शिवलिंग, सतोपंथ, चांगाबांग, पंचाचूली और नीलकंठ जैसी विश्वविख्यात चोटियां शामिल हैं। ये चोटियां चमोली, उत्तरकाशी, पिथौरागढ़, बागेश्वर, रुद्रप्रयाग और टिहरी गढ़वाल जिलों में स्थित हैं।

राज्य सरकार ने भारतीय पर्वतारोहियों को बड़ी राहत देते हुए इन सभी चोटियों पर लगने वाले पीक फीस, कैंपिंग शुल्क, ट्रेल मैनेजमेंट फीस और पर्यावरण शुल्क को पूरी तरह समाप्त कर दिया है। इससे देश के युवा पर्वतारोहियों को हजारों रुपये की बचत होगी और पर्वतारोहण गतिविधियों को नया प्रोत्साहन मिलेगा।

विदेशी पर्वतारोहियों के लिए भी नियमों को सरल किया गया है। अब उनसे वन विभाग द्वारा लिया जाने वाला अभियान शुल्क समाप्त कर दिया गया है। विदेशी पर्वतारोहियों को केवल भारतीय पर्वतारोहण फाउंडेशन (IMF) द्वारा निर्धारित शुल्क ही देना होगा।

पर्वतारोहण अभियानों के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां अब उत्तराखंड माउंटेनियरिंग परमिशन सिस्टम (UKMPS) के माध्यम से ऑनलाइन ली जा सकेंगी। इससे अनुमति प्रक्रिया पारदर्शी, त्वरित और सुविधाजनक होगी तथा कागजी औपचारिकताओं में कमी आएगी।

सरकार का मानना है कि इस पहल से उत्तराखंड को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख पर्वतारोहण और एडवेंचर टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में पहचान मिलेगी। दूरस्थ और सीमावर्ती क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे स्थानीय लोगों को गाइड, पोर्टर, होमस्टे और अन्य सेवाओं के माध्यम से रोजगार के नए अवसर प्राप्त होंगे।

उत्तराखंड सरकार ने देश-विदेश के सभी पर्वतारोहियों से अपील की है कि वे अभियानों के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन करें, पर्यावरण संरक्षण के नियमों का सम्मान करें और हिमालय की संवेदनशील पारिस्थितिकी की रक्षा में सहयोग दें। यह निर्णय राज्य को साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला साबित होगा।
असम की धरती से हेमन्त सोरेन की हुंकार: "आदिवासी समाज की एकजुटता ही हमारी पहचान; असम के आदिवासियों के साथ खड़ा है पूरा झारखंड"

तिनसुकिया (असम)/राँची, 01 फरवरी 2026: मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज असम के तिनसुकिया जिले में 'ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ आसाम' (AASAA) द्वारा आयोजित 21वीं आदिवासी महासभा-2026 को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने डेढ़ सौ वर्षों से असम में रह रहे आदिवासी समुदाय की व्यथा सुनते हुए उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया और अपनी एकजुटता को वैश्विक पहचान बताया।

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"हमारी एकजुटता पर हो रहा प्रहार"

मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी, दलित और पिछड़े समाज के लोग आज भी हाशिए पर हैं। उन्होंने आगाह किया कि सामंती और बौद्धिक रूप से समृद्ध लोग आदिवासियों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।

"आदिवासी समाज अगर आर्थिक और बौद्धिक रूप से मजबूत हो गया, तो वह अपने जल-जंगल-जमीन की बात करेगा, इसीलिए कुछ शक्तियां हमें पीछे धकेलने में जुटी हैं।" - हेमन्त सोरेन

झारखंड के विकास मॉडल का दुनिया मान रही लोहा

मुख्यमंत्री ने झारखंड सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए कहा कि अब दूसरे राज्य झारखंड के 'विकास मॉडल' की कॉपी कर रहे हैं। मुख्य बिंदु:

महिला सशक्तिकरण: 'मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना' के तहत लगभग 55 लाख महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जा रहे हैं।

शिक्षा की उड़ान: राज्य के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए बिना किसी गारंटी के ₹15 लाख तक का एजुकेशन लोन दिया जा रहा है।

वैश्विक उपस्थिति: विश्व आर्थिक मंच (WEF) में पहली बार झारखंड ने एक आदिवासी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अपनी बात वैश्विक पटल पर रखी।

अर्थव्यवस्था में योगदान: श्री सोरेन ने गर्व से कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे ज्यादा योगदान देने वाला राज्य है।

पूर्वजों के बलिदान को किया याद

भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी जैसे वीर सपूतों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब देश आज़ादी का सपना भी नहीं देख रहा था, तब हमारे पूर्वज अंग्रेजों से लोहा ले रहे थे। उन्होंने असम के दिवंगत नेता प्रदीप नाग और प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

इनकी रही मुख्य उपस्थिति

इस महासभा में मंत्री चमरा लिंडा, सांसद विजय हांसदा, विधायक एमटी राजा, AASAA के केंद्रीय अध्यक्ष रेजन होरो सहित असम के कोने-कोने से आए हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग उपस्थित थे।