बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठमार होली का ऐलान, तीन दिन रंग और भक्ति में डूबेगा ब्रज

बरसाना और नंदगांव में इस बार की होली का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगी। भक्तों का उत्साह इस पर्व में और भी बढ़ जाएगा क्योंकि फाग गीतों और प्रसाद के साथ पूरा धाम रंग में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना में लठमार होली होगी। गलियों में हुरियारिन घूंघट ओढ़कर लाठियों के साथ उतरेंगी, और नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में प्रवेश करेंगे। जय राधे के उद्घोष के साथ यह लीला मनमोहक रूप लेगी। 26 फरवरी को नंदगांव में इसी प्रेम रस की लीला होगी। बरसाने की गोपियां फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर थिरकेंगी। प्रशासन और मंदिर सेवायत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। बरसाना की होली केवल तीन दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय भक्ति परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से जारी है और आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।
मत काटो किसी की पतंग
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज छत पर खड़ी थी,
आसमान के छोर की ओर देख रही थी।
चारों तरफ रंग-बिरंगी पतंगें
हवा में उड़ रही थीं,
दूर-दूर तक आसमान की ओर
पेंच बढ़ा रही थीं।

अड़ोस-पड़ोस की छतों पर
लोग हर्षोल्लास से
पतंगें उड़ा रहे थे,
अद्भुत खुशी से
उनके चेहरे चमक रहे थे।

जो किसी और की पतंग काट गिराता,
उसका आनंद ही निराला था।
पर कुछ ही पलों में
जब उसकी अपनी पतंग कट जाती,
तो वही चेहरा
खिन्न और मायूस हो जाता।

यानि कुछ पल की खुशी,
और कुछ पल का दुःख।

मैं सोच रही थी
कितना बड़ा है यह आसमान,
हर एक की अपनी पतंग,
अपनी-अपनी डोर।

क्यों न सभी पतंगें
अपनी डोर के सहारे
आसमान में उड़ती जाएँ?
क्यों काटें हम
किसी और की पतंग?
क्यों उसके पतन का
उल्लास मनाएँ?

आज हम काटेंगे,
कल वह हमारी पतंग काटेगा
इससे क्या होगा लाभ?

कितना अच्छा हो
यदि सबकी पतंगें
आसमान में
और ऊँची उड़ती जाएँ,
सब शिखर तक पहुँचे।

सबके मन में
एक-दूसरे के लिए
परस्पर सहकारिता का भाव हो
तभी तो यह समाज
सचमुच स्वर्गतुल्य बन सकेगा।
माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
धुर्वा में जनाक्रोश का विस्फोट: 'चप्पा-चप्पा' बंद रहेगा HEC क्षेत्र, मशाल जुलूस के साथ उतरी हजारों की भीड़।

रांची: मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूमों, अंश और अंशिका का कोई पता नहीं चलने से पूरा एचईसी (HEC) क्षेत्र उबल रहा है। शनिवार शाम कैलाश यादव के नेतृत्व में हजारों लोगों ने मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही बच्चे बरामद नहीं हुए, तो यह जनाक्रोश एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।

कल संपूर्ण बंदी का आह्वान संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव ने घोषणा की कि रविवार (11 जनवरी) को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा एचईसी औद्योगिक क्षेत्र, धुर्वा और जगन्नाथपुर बंद रहेगा। बाजार, दुकानें, ऑटो और निजी प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। समिति ने आम जनता से इस 'सद्भावना बंद' को समर्थन देने की अपील की है।

तीन विशेष टीमों का गठन बंद और शांति मार्च को सफल बनाने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं:

धुर्वा क्षेत्र: रंजन यादव, बबन यादव और रामकुमार सिंह के नेतृत्व में टीम कमान संभालेगी।

जगन्नाथपुर क्षेत्र: गौरीशंकर यादव और मिंटू पासवान की टीम सक्रिय रहेगी।

सेक्टर-2 क्षेत्र: संजीत यादव और विशाल सिंह की टीम मोर्चा संभालेगी।

ये सभी टीमें सुबह 10 बजे सेक्टर-2 पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास इकट्ठा होकर पुराना ओपीडी गोलचक्कर तक शांति मार्च निकालेंगी।

परिजनों का टूट रहा सब्र विगत 2 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे से दोनों बच्चे गायब हैं। धुर्वा थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। कैलाश यादव ने कहा कि परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है और पुलिस की कार्यशैली से लोगों में भारी असुरक्षा का भाव है।

देवघर- के डीएवी पब्लिक स्कूल में उत्सव ए सृजन गाला फेस्ट का भव्य आयोजन।
देवघर: नगर के भंडारकोला स्थित गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल में उत्सव-ए-सृजन कार्यक्रम का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस रचनात्मक उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा संस्कृतिक चेतना एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित के साथ हुआ। इस अवसर पर कौशल किशोर झा, प्रिंसिपल जिला जज देवघर, स्वाति विजय उपाध्याय सिविल जज, देवघर कोर्ट हीरा कुमार एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, वेंकटेश कुमार, डीएसपी देवघर पंडा धर्म रक्षिणी सभा बाबा मंदिर के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, देवघर बाबा मंदिर प्रभारी रमेश परिहस्त एलएमसी मेंबर ताराचंद जैन, प्रदीप बाजला, प्रमोद बाजला, सहोदया स्कूल के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, प्राचार्य डीएवी कास्टर टाउन दिलीप कुमार सिंह, प्राचार्य रेड रोज स्कूल ए के पांडे, प्राचार्य ब्लू वेल्स स्कूल पूनम झा, प्रिंसिपल मैडम श्रेया भार्गव, समाजसेवी अशोक सिंह, और मनोज मंडल विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा संगीत नृत्य नाटक चित्रकला हस्तकला एवं साहित्यक प्रस्तुतियों का आकर्षण प्रदर्शन किया गया। विद्यालय परिसर में संपूर्ण भारत के राज्यों के व्यंजन के स्टॉल्स ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्राचार्य बलराम कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। उसमें आत्मविश्वास का संचार होता है।उन्होंने कहा कि यह पूरा कार्यक्रम बच्चों का बच्चों के द्वारा बच्चों के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य अतिथि कौशल किशोर झा ने कहा कि आज के कार्यक्रम से यह अनुभूति हो रही है कि यह कार्यक्रम शैक्षणिक, सांस्कृतिक, और नैतिक उपलब्धियां का प्रतिबिंब है। शिक्षा केवल पुस्तकों तक समिति नहीं है। सच्ची शिक्षा वही है जो हमें संस्कार अनुशासन सहयोग और आत्मनिर्भर सिखाएं। स्वाति विजय उपाध्याय ने कहां की ऐसी आयोजन को देखकर मुझे अपने स्कूल के दिनों की याद आ गई। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वैदिक परंपरा से लेकर आधुनिक विज्ञान तक के सफर की बात डीएवी में ही संभव है। वेंकटेश कुमार ने कहा कि बच्चों के द्वारा किया गया संपूर्ण कार्यक्रम सचमुच काबिले तारीफ है। गाला फेस्ट सफल आयोजन के लिए हेड बॉय और हेड गर्ल्स ने विद्यार्थियों शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में बच्चों ने भारत के सभी प्रांत के गीत और नृत्य की अद्भुत और मनोरम प्रस्तुति की। एलएमसी मेंबर ताराचंद जैन ने अनन्या एंजल के द्वारा गायक गीत सत्यम शिवम सुंदरम की प्रस्तुति और स्नेहा मंडल के नृत्य की प्रस्तुति पर कैश प्राइज दिया साथ ही साथ प्रमोद बाजला ने अनन्या एंजेल और सूफी गीत के प्रतिभागियों को भी कैश प्राइज देकर आशीर्वाद दिया। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सुर्य ने दी।
माघ मेला सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री के आगमन पर पुलिस आयुक्त द्वारा आवश्यक निर्देश

संजय द्विवेदी माघ मेला–2026 को सकुशल सुरक्षित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के दिनांक 10.01.20 26 को प्रस्तावित माघ मेला प्रयागराज भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत आज दिनांक 09.01.2026 को रिज़र्व पुलिस लाइन्स माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार द्वारा पुलिस बल की ब्रीफिंग आयोजित की गई।ब्रीफिंग के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व—मकर संक्रांति मौनी अमावस्या एवं बसंत पंचमी की तैयारियों की समीक्षा हेतु माघ मेला प्रयागराज में भ्रमण करेंगे। उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारियो को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था से सम्बंधित पॉइंटवार ड्यूटी तैनात सुरक्षा बल एवं मूवमेंट प्लान की समुचित जानकारी प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जाए।साथ ही फ्लीट मूवमेंट एवं ड्यूटी का रिहर्सल समय से पूर्ण कर लिया जाए।ड्यूटी के सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कर्मचारियो को विधिवत ब्रीफ करे यह सुनिश्चित करे कि सुरक्षा मार्गो पर तैनात पुलिस बल गम्भीरता सतर्कता एवं शालीन व्यवहार के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहे। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए सुरक्षा मार्गो पर किसी भी प्रकार की जाम अथवा अव्यवस्था उत्पन्न न होने पाए तथा आने-जाने वाले मार्गो पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।पुलिस आयुक्त द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि माघ मेला क्षेत्र में आपराधिक गिरोहो एवं संदिग्ध गतिविधियो पर कड़ी निगरानी रखी जाए भिक्षुकों को मेला प्रशासन द्वारा बनाए गए रैन बसेरो शेल्टर होम में भेजा जाए संगम क्षेत्र सहित प्रमुख स्थलो पर अतिक्रमण न होने पाए आवागमन मार्ग सदैव खुले एवं सुव्यवस्थित रखे तथा वाहनो को निकटतम निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही पार्क कराया जाए।इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज डॉ.अजय पाल शर्मा जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा मेला अधिकारी ऋषिराज पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय नोडल अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एंटी करप्शन टीम ने ग्राम विकास अधिकारी घूस लेते किया गिरफ्तार
देवरिया । जिले में एंटी करप्शन टीम ने ग्राम विकास अधिकारी जय नारायण सिंह को 24हजार रुपये  घुस लेते किया गिरफ्तार, देसही विकास खंड में थी तैनाती । देवरिया जिले के देसही देवरिया विकास खंड के ग्राम सभा पकड़ी वीरभद्र में ग्राम विकास अधिकारी जय नारायण सिंह निवासी चम्पा पार्क के पीछे तारा मंडल गोरखपुर की तैनाती है।   सतीश मणि निवासी परसौनी कुशीनगर से मुंडेरा एमिलिया में हैंड पंप का रिबोर व अन्य कार्य के भुगतान के लिए 24 हजार रुपए की ग्राम विकास अधिकारी ने मांग की। इसके बाद सतीश मणि ने एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की। टीम ने बुधवार को रंगे हाथ दबोच लिया। इस मामले में टीम ने महुआडीह थाने में केस दर्ज कराया है।
दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।

रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।

आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:

क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)

टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद

पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।

बरसाना की विश्वप्रसिद्ध लठमार होली का ऐलान, तीन दिन रंग और भक्ति में डूबेगा ब्रज

बरसाना और नंदगांव में इस बार की होली का आयोजन 24 से 26 फरवरी तक किया जाएगा। उत्सव की शुरुआत श्रीजी मंदिर में लड्डू होली से होगी। भक्तों का उत्साह इस पर्व में और भी बढ़ जाएगा क्योंकि फाग गीतों और प्रसाद के साथ पूरा धाम रंग में रंग जाएगा। 25 फरवरी को बरसाना में लठमार होली होगी। गलियों में हुरियारिन घूंघट ओढ़कर लाठियों के साथ उतरेंगी, और नंदगांव के हुरियारे ढाल सजाकर राधा के आंगन में प्रवेश करेंगे। जय राधे के उद्घोष के साथ यह लीला मनमोहक रूप लेगी। 26 फरवरी को नंदगांव में इसी प्रेम रस की लीला होगी। बरसाने की गोपियां फाग गीतों और ढोल-नगाड़ों की ताल पर थिरकेंगी। प्रशासन और मंदिर सेवायत ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा के लिए हर संभव इंतजाम किए हैं। बरसाना की होली केवल तीन दिन का उत्सव नहीं है, बल्कि चालीस दिवसीय भक्ति परंपरा का हिस्सा है। वसंत पंचमी से समाज गायन शुरू होता है और महाशिवरात्रि को लठमार होली की प्रथम चौपाई के साथ मुख्य उत्सव प्रारंभ होता है। यह परंपरा विक्रम संवत 1569 से जारी है और आज भी उसी उल्लास और मर्यादा के साथ निभाई जाती है।
मत काटो किसी की पतंग
–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा, वरिष्ठ साहित्यकार

आज छत पर खड़ी थी,
आसमान के छोर की ओर देख रही थी।
चारों तरफ रंग-बिरंगी पतंगें
हवा में उड़ रही थीं,
दूर-दूर तक आसमान की ओर
पेंच बढ़ा रही थीं।

अड़ोस-पड़ोस की छतों पर
लोग हर्षोल्लास से
पतंगें उड़ा रहे थे,
अद्भुत खुशी से
उनके चेहरे चमक रहे थे।

जो किसी और की पतंग काट गिराता,
उसका आनंद ही निराला था।
पर कुछ ही पलों में
जब उसकी अपनी पतंग कट जाती,
तो वही चेहरा
खिन्न और मायूस हो जाता।

यानि कुछ पल की खुशी,
और कुछ पल का दुःख।

मैं सोच रही थी
कितना बड़ा है यह आसमान,
हर एक की अपनी पतंग,
अपनी-अपनी डोर।

क्यों न सभी पतंगें
अपनी डोर के सहारे
आसमान में उड़ती जाएँ?
क्यों काटें हम
किसी और की पतंग?
क्यों उसके पतन का
उल्लास मनाएँ?

आज हम काटेंगे,
कल वह हमारी पतंग काटेगा
इससे क्या होगा लाभ?

कितना अच्छा हो
यदि सबकी पतंगें
आसमान में
और ऊँची उड़ती जाएँ,
सब शिखर तक पहुँचे।

सबके मन में
एक-दूसरे के लिए
परस्पर सहकारिता का भाव हो
तभी तो यह समाज
सचमुच स्वर्गतुल्य बन सकेगा।
माघ मेला-2026 के दौरान प्रयागराज जंक्शन पर लागू होगा एकल दिशा मूवमेन्ट प्लान।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।प्रयागराज जंक्शन पर माघ मेला -2026 के दौरान मुख्य स्नान पर्वो के एक दिन पूर्व से दो दिन बाद तक श्रद्धालुओ एवं यात्रियो की सुरक्षा और सुगमता से प्रवेश/निकासी के लिए पर एकल दिशा मूवमेन्ट लागू रहेगा।टिकट की व्यवस्था यात्री आश्रयों में अनारक्षित टिकट काउण्टर एटीवीएम और मोबाइल टिकटिंग के रूप में रहेगी।क्रम स्नान पर्व स्नान का दिनांक प्रतिबन्ध अवधि

1.मकर संक्रांति:-15.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे) से 20.01.20 26 (24:00 बजे)तक

2.मौनी अमावस्या:-18.01.20 26 14.01.2026 (00:00 बजे)से 20.01.20 26(24:00 बजे) तक

3.बसंत पंचमी:- 23.01.2026 22.01.2026 (00:00 बजे) से 25.01.20 26(24:00 बजे) तक

4.माघी पूर्णिमा:-01.02.20 26 31.01.2026 (00:00 बजे)से 03.02.20 26 (24:00 बजे) तक

5.महाशिवरात्रि:-15.02.20 26.14.02.2026 (00:00 बजे) से 17.02.2026 (24:00 बजे) तक

प्रयागराज जंक्शन:-प्रयागराज जंक्शन पर केवल लीडर रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं सिविल लाइन्स की ओर से निकासी की जाएगी।अनारक्षित यात्रियो को दिशावार यात्री आश्रय के माध्यम से प्रवेश दिया जाएगा।

सूबेदारगंज स्टेशन:-सूबेदारगंज स्टेशन पर केवल झलवा रोड से प्रवेश (कौशाम्बी रोड)से दिया जाएगा एवं जी.टी. रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

प्रयागराज छिवकी जंक्शन:-

प्रयागराज छिवकी जंक्शन पर केवल सी.ओ.डी.रोड से प्रवेश दिया जाएगा एवं जी.ई.सी.रोड की ओर से निकासी की जाएगी।

नैनी जंक्शन:-नैनी जंक्शन केवल स्टेशन रोड (प्लेटफॉर्म संख्या-1)की ओर से प्रवेश दिया जायेगा एवं द्वितीय प्रवेश द्वार (प्लेटफॉर्म सं0-4)की ओर से निकासी की जाएगी।

माघ मेला -2026 के दौरान रेलवे स्टेशनो पर दिशावार मूवमेन्ट हेतु कलर कोडिंग प्रणाली लागू।

संजय द्विवेदी प्रयागराज।माघ मेला -2026 के दौरान श्रद्धालुओ की सहज सुरक्षित एवं भ्रम रहित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रयागराज मंडल द्वारा प्रमुख स्टेशनो पर दिशावार कलर कोडिंग प्रणाली लागू की जाएगी।यह व्यवस्था मंडल रेल प्रबन्धक प्रयागराज मंडल रजनीश अग्रवाल के मार्गदर्शन एवं वरिष्ठ मण्डल वाणिज्य प्रबन्धक हरिमोहन के नेतृत्व में क्रियान्वित की जा रही है।इस प्रणाली के अन्तर्गत प्रयागराज परिक्षेत्र के प्रमुख स्टेशन प्रयागराज जंक्शन प्रयागराज छिवकी नैनी एवं सूबेदारगंज पर प्रत्येक दिशा के लिए अलग-अलग रंग निर्धारित किए गए है ताकि श्रद्धालु स्टेशन परिसर में प्रवेश करते ही अपने गंतव्य की दिशा को सरलता से पहचान सकें और बिना किसी भ्रम के आसने से उचित यात्री आश्रय एवं प्रवेश द्वार तक पहुँच सके।माघ मेला-2026 में प्रमुख स्नान पर्व- मकर संक्रांति (15 जनवरी-2026)मौनी अमावस्या (18 जनवरी -2026)बसंत पंचमी (23 जनवरी-2026)माघी पूर्णिमा (01 फरवरी -2026)एवं महाशिवरात्रि (15 फरवरी -2026) है।प्रयागराज जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-लखनऊ वाराणसी (बनारस) दिशा हेतु लाल रंग—यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु नीला रंग — यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–2 मानिकपुर दिशा हेतु पीला रंग—यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–3 कानपुर दिशा हेतु हरा रंग—यात्री आश्रय संख्या–4 गेट संख्या–4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री सिटी साइड स्थित गेट संख्या–5 से प्रवेश करेंगे।

नैनी जंक्शन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु हरा रंग - यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1झाँसी दिशा हेतु नीला रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1 सतना दिशा हेतु लाल रंग-यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1 पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु पीला रंग-यात्री आश्रय संख्या-4A एवं 4B / गेट संख्या-3 एवं 4 सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

प्रयागराज छिवकी स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

पं.दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन दिशा हेतु हरा रंग- यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1A मानिकपुर सतना दिशा हेतु लाल रंग - यात्री आश्रय संख्या–2 गेट संख्या–1B झाँसी दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–3 गेट संख्या–1B सभी दिशाओ में यात्रा करने वाले आरक्षित यात्री गेट संख्या–2

सूबेदारगंज स्टेशन से दिशावार व्यवस्था:-

कानपुर दिशा हेतु यात्री आश्रय संख्या–1 गेट संख्या–1 कानपुर दिशा हेतु आरक्षित यात्री गेट संख्या–3 इस कलर कोडिंग व्यवस्था के माध्यम से स्टेशन पर आने वाले श्रद्धालु बिना किसी अतिरिक्त पूछताछ के यह स्पष्ट रूप से समझ सकेंगे कि उन्हे अपनी गंतव्य दिशा की ट्रेन के लिए किस रंग के यात्री आश्रय एवं किस गेट से जाना है।इससे यात्रियों में भ्रम की स्थिति समाप्त होगी भीड़ का सन्तुलित वितरण सुनिश्चित होगा तथा माघ मेला अवधि के दौरान स्टेशन परिसरों में सुचारु सुरक्षित एवं नियंत्रित आवागमन बना रहेगा।

भारत मिलाप की कथा सुनकर भक्त हुए भाव विभोर
फर्रुखाबाद । माँ गायत्री प्रज्ञा पीठ मेरापुर में पंचम दिवस की राम कथा  में आचार्य मनोज अवस्थी जी
महाराज ने राम वनवास  के प्रसंग का मार्मिक प्रवचन दिया।

अयोध्या में राम के राजतिलक की तैयारी, कैकेयी के कोप भवन में प्रवेश, राजा दशरथ की मनुहार में तीन वरदान देते हुए श्रीराम को वनवास की आज्ञा देना, सीता, लक्ष्मण सहित राम का वन गमन और चित्रकूट में भरत मिलाप के प्रसंग के माध्यम से रामायणकालीन पारिवारिक, सामाजिक व राजनीतिक मूल्यों को बताया। उन्होंने कहा कि राम के वनगमन व कोप भवन के घटनाक्रम की जानकारी बाहर किसी को नहीं थी। कैकेयी अपनी जिद पर अड़ी थी। राजा दशरथ उन्हें समझा रहे थे। राम के निवास के बाहर भारी भीड़ थी। लक्ष्मण भी वहीं थे। महल में पहुंचकर राम ने पिता को प्रणाम किया। फिर पिता से पूछा क्या मुझसे कोई अपराध हुआ है। कोई कुछ बोलता क्यों नहीं। इस पर कैकयी बोली महाराज दशरथ ने मुझे एक बार दो वरदान दिए थे। मैंने कल रात वही दोनों वर मांगे, जिससे वे पीछे हट रहे हैं। यह शास्त्र सम्मत नहीं है। रघुकुल की नीति के विरुद्ध है। कैकेयी ने बोलना जारी रखा, मैं चाहती हूं कि राज्याभिषेक भरत का हो और तुम चौदह वर्ष वन में रहो।

कैकेयी ने राम, लक्ष्मण और सीता को वलकल वस्त्र दिए। सीता को तपस्विनी के वेश में देखना सबसे अधिक दुखदाई था। महर्षि वशिष्ठ अब तक शांत थे। अब उन्हें क्रोध आ गया। उन्होंने कहा कि वन जाएगी तो सब अयोध्यावासी उसके साथ जाएंगे। एक बार फिर राम ने सबसे अनुमति मांगी।

राम, सीता और लक्ष्मण जंगल जाने से पहले पिता का आशीर्वाद लेने गए। महाराज दशरथ दर्द से कराह रहे थे। तीनों रानियां वहीं थीं। मंत्री आसपास थे। मंत्री रानी कैकेयी को अब भी समझा रहे थे। ज्ञान, दर्शन, नीति-रीति, परंपरा सबका हवाला दिया। कैकेयी अड़ी रहीं। राम ने कहा राज्य का लोभ नहीं है।

आचार्य अवस्थी जी इस प्रसंग को भावों के उच्चाकाश पर पहुंचाते हुए सभी श्रोताओं की आँखे नम कर दी।आचार्य अवस्थी ने कहा कि जैसे ही राम महल से निकले माता कौशल्या को कैकेयी भवन का विवरण दिया और अपना निर्णय सुनाया। राम वन जाएंगे। कौशल्या यह सुनकर सुध खो बैठीं। लक्ष्मण अब तक शांत थे पर क्रोध से भरे हुए। राम ने समझाया और उनसे वन जाने की तैयारी के लिए कहा। कौशल्या का मन था कि राम को रोक लें। वन न जाने दें। राजगद्दी छोड़ दें पर वह अयोध्या में रहें, परन्तु राम ने पिता की आज्ञा को सिरोंधार्य कर वन को प्रस्तान किया।

आज की कथा में अपार जनमानस के साथ प्रमुख रूप से विमल शर्मा आईएएस, विजय बहादुर त्रिपाठी उदय चौहान, कुलदीप चौहान प्रधान कांकन, विवेक प्रधान उधत प्रोफेसर डॉ रामबदन पाण्डेय प्राचार्य एकरसानंद संस्कृत विद्यायालय मैनपुरी, डॉ विजय कुमार शुक्ला प्रवक्ता भाव मयी कथा का श्रवण किया।
धुर्वा में जनाक्रोश का विस्फोट: 'चप्पा-चप्पा' बंद रहेगा HEC क्षेत्र, मशाल जुलूस के साथ उतरी हजारों की भीड़।

रांची: मौसीबाड़ी मल्लारकोचा खटाल से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूमों, अंश और अंशिका का कोई पता नहीं चलने से पूरा एचईसी (HEC) क्षेत्र उबल रहा है। शनिवार शाम कैलाश यादव के नेतृत्व में हजारों लोगों ने मौसीबाड़ी से बिरसा चौक तक विशाल मशाल जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारियों ने साफ कर दिया है कि यदि जल्द ही बच्चे बरामद नहीं हुए, तो यह जनाक्रोश एक बड़े जन-आंदोलन का रूप लेगा।

कल संपूर्ण बंदी का आह्वान संघर्ष समिति के संयोजक कैलाश यादव ने घोषणा की कि रविवार (11 जनवरी) को सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक पूरा एचईसी औद्योगिक क्षेत्र, धुर्वा और जगन्नाथपुर बंद रहेगा। बाजार, दुकानें, ऑटो और निजी प्रतिष्ठान पूरी तरह बंद रहेंगे। समिति ने आम जनता से इस 'सद्भावना बंद' को समर्थन देने की अपील की है।

तीन विशेष टीमों का गठन बंद और शांति मार्च को सफल बनाने के लिए तीन विशेष टीमें बनाई गई हैं:

धुर्वा क्षेत्र: रंजन यादव, बबन यादव और रामकुमार सिंह के नेतृत्व में टीम कमान संभालेगी।

जगन्नाथपुर क्षेत्र: गौरीशंकर यादव और मिंटू पासवान की टीम सक्रिय रहेगी।

सेक्टर-2 क्षेत्र: संजीत यादव और विशाल सिंह की टीम मोर्चा संभालेगी।

ये सभी टीमें सुबह 10 बजे सेक्टर-2 पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास इकट्ठा होकर पुराना ओपीडी गोलचक्कर तक शांति मार्च निकालेंगी।

परिजनों का टूट रहा सब्र विगत 2 जनवरी को दोपहर 2:30 बजे से दोनों बच्चे गायब हैं। धुर्वा थाने में शिकायत के बावजूद पुलिस के हाथ खाली हैं। कैलाश यादव ने कहा कि परिजनों की मानसिक स्थिति बिगड़ती जा रही है और पुलिस की कार्यशैली से लोगों में भारी असुरक्षा का भाव है।

देवघर- के डीएवी पब्लिक स्कूल में उत्सव ए सृजन गाला फेस्ट का भव्य आयोजन।
देवघर: नगर के भंडारकोला स्थित गीता देवी डीएवी पब्लिक स्कूल में उत्सव-ए-सृजन कार्यक्रम का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। इस रचनात्मक उत्सव का उद्देश्य विद्यार्थियों की सृजनात्मक प्रतिभा संस्कृतिक चेतना एवं कलात्मक अभिव्यक्ति को मंच प्रदान करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित के साथ हुआ। इस अवसर पर कौशल किशोर झा, प्रिंसिपल जिला जज देवघर, स्वाति विजय उपाध्याय सिविल जज, देवघर कोर्ट हीरा कुमार एडिशनल डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर, वेंकटेश कुमार, डीएसपी देवघर पंडा धर्म रक्षिणी सभा बाबा मंदिर के अध्यक्ष सुरेश भारद्वाज, देवघर बाबा मंदिर प्रभारी रमेश परिहस्त एलएमसी मेंबर ताराचंद जैन, प्रदीप बाजला, प्रमोद बाजला, सहोदया स्कूल के अध्यक्ष रामसेवक सिंह गुंजन, प्राचार्य डीएवी कास्टर टाउन दिलीप कुमार सिंह, प्राचार्य रेड रोज स्कूल ए के पांडे, प्राचार्य ब्लू वेल्स स्कूल पूनम झा, प्रिंसिपल मैडम श्रेया भार्गव, समाजसेवी अशोक सिंह, और मनोज मंडल विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम के अंतर्गत विद्यार्थियों द्वारा संगीत नृत्य नाटक चित्रकला हस्तकला एवं साहित्यक प्रस्तुतियों का आकर्षण प्रदर्शन किया गया। विद्यालय परिसर में संपूर्ण भारत के राज्यों के व्यंजन के स्टॉल्स ने दर्शकों का विशेष ध्यान आकर्षित किया। प्राचार्य बलराम कुमार झा ने अपने संबोधन में कहा कि ऐसे आयोजन से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होता है। उसमें आत्मविश्वास का संचार होता है।उन्होंने कहा कि यह पूरा कार्यक्रम बच्चों का बच्चों के द्वारा बच्चों के लिए आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के दिशा निर्देशों का अनुपालन करते हुए इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है। मुख्य अतिथि कौशल किशोर झा ने कहा कि आज के कार्यक्रम से यह अनुभूति हो रही है कि यह कार्यक्रम शैक्षणिक, सांस्कृतिक, और नैतिक उपलब्धियां का प्रतिबिंब है। शिक्षा केवल पुस्तकों तक समिति नहीं है। सच्ची शिक्षा वही है जो हमें संस्कार अनुशासन सहयोग और आत्मनिर्भर सिखाएं। स्वाति विजय उपाध्याय ने कहां की ऐसी आयोजन को देखकर मुझे अपने स्कूल के दिनों की याद आ गई। सुरेश भारद्वाज ने कहा कि वैदिक परंपरा से लेकर आधुनिक विज्ञान तक के सफर की बात डीएवी में ही संभव है। वेंकटेश कुमार ने कहा कि बच्चों के द्वारा किया गया संपूर्ण कार्यक्रम सचमुच काबिले तारीफ है। गाला फेस्ट सफल आयोजन के लिए हेड बॉय और हेड गर्ल्स ने विद्यार्थियों शिक्षकों एवं अभिभावकों के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम की कड़ी में बच्चों ने भारत के सभी प्रांत के गीत और नृत्य की अद्भुत और मनोरम प्रस्तुति की। एलएमसी मेंबर ताराचंद जैन ने अनन्या एंजल के द्वारा गायक गीत सत्यम शिवम सुंदरम की प्रस्तुति और स्नेहा मंडल के नृत्य की प्रस्तुति पर कैश प्राइज दिया साथ ही साथ प्रमोद बाजला ने अनन्या एंजेल और सूफी गीत के प्रतिभागियों को भी कैश प्राइज देकर आशीर्वाद दिया। उक्त आशय की जानकारी मीडिया प्रभारी अभिषेक सुर्य ने दी।
माघ मेला सुरक्षा व्यवस्था: मुख्यमंत्री के आगमन पर पुलिस आयुक्त द्वारा आवश्यक निर्देश

संजय द्विवेदी माघ मेला–2026 को सकुशल सुरक्षित एवं निर्विघ्न रूप से संपन्न कराए जाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार के दिनांक 10.01.20 26 को प्रस्तावित माघ मेला प्रयागराज भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत आज दिनांक 09.01.2026 को रिज़र्व पुलिस लाइन्स माघ मेला स्थित तीर्थराज सभागार में पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज जोगेन्द्र कुमार द्वारा पुलिस बल की ब्रीफिंग आयोजित की गई।ब्रीफिंग के दौरान पुलिस आयुक्त ने सभी को संबोधित करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री माघ मेला–2026 के प्रमुख स्नान पर्व—मकर संक्रांति मौनी अमावस्या एवं बसंत पंचमी की तैयारियों की समीक्षा हेतु माघ मेला प्रयागराज में भ्रमण करेंगे। उन्होंने सभी राजपत्रित अधिकारियो को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री की सुरक्षा व्यवस्था से सम्बंधित पॉइंटवार ड्यूटी तैनात सुरक्षा बल एवं मूवमेंट प्लान की समुचित जानकारी प्रत्येक स्तर पर सुनिश्चित की जाए।साथ ही फ्लीट मूवमेंट एवं ड्यूटी का रिहर्सल समय से पूर्ण कर लिया जाए।ड्यूटी के सम्बन्ध में सभी अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने अधीनस्थ कर्मचारियो को विधिवत ब्रीफ करे यह सुनिश्चित करे कि सुरक्षा मार्गो पर तैनात पुलिस बल गम्भीरता सतर्कता एवं शालीन व्यवहार के साथ ड्यूटी पर मौजूद रहे। यातायात व्यवस्था सुचारू रखने के लिए सुरक्षा मार्गो पर किसी भी प्रकार की जाम अथवा अव्यवस्था उत्पन्न न होने पाए तथा आने-जाने वाले मार्गो पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती सुनिश्चित की जाए।पुलिस आयुक्त द्वारा यह भी निर्देश दिए गए कि माघ मेला क्षेत्र में आपराधिक गिरोहो एवं संदिग्ध गतिविधियो पर कड़ी निगरानी रखी जाए भिक्षुकों को मेला प्रशासन द्वारा बनाए गए रैन बसेरो शेल्टर होम में भेजा जाए संगम क्षेत्र सहित प्रमुख स्थलो पर अतिक्रमण न होने पाए आवागमन मार्ग सदैव खुले एवं सुव्यवस्थित रखे तथा वाहनो को निकटतम निर्धारित पार्किंग स्थलों में ही पार्क कराया जाए।इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट प्रयागराज डॉ.अजय पाल शर्मा जिलाधिकारी प्रयागराज मनीष कुमार वर्मा मेला अधिकारी ऋषिराज पुलिस अधीक्षक माघ मेला नीरज कुमार पाण्डेय नोडल अधिकारी सहित अन्य वरिष्ठ पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारीगण उपस्थित रहे।

एंटी करप्शन टीम ने ग्राम विकास अधिकारी घूस लेते किया गिरफ्तार
देवरिया । जिले में एंटी करप्शन टीम ने ग्राम विकास अधिकारी जय नारायण सिंह को 24हजार रुपये  घुस लेते किया गिरफ्तार, देसही विकास खंड में थी तैनाती । देवरिया जिले के देसही देवरिया विकास खंड के ग्राम सभा पकड़ी वीरभद्र में ग्राम विकास अधिकारी जय नारायण सिंह निवासी चम्पा पार्क के पीछे तारा मंडल गोरखपुर की तैनाती है।   सतीश मणि निवासी परसौनी कुशीनगर से मुंडेरा एमिलिया में हैंड पंप का रिबोर व अन्य कार्य के भुगतान के लिए 24 हजार रुपए की ग्राम विकास अधिकारी ने मांग की। इसके बाद सतीश मणि ने एंटी करप्शन टीम से इसकी शिकायत की। टीम ने बुधवार को रंगे हाथ दबोच लिया। इस मामले में टीम ने महुआडीह थाने में केस दर्ज कराया है।
दावोस में पहली बार गूँजेगा 'जोहार': विश्व आर्थिक मंच में झारखंड की खनिज संपदा और निवेश की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन।

रांची/दावोस: झारखंड के इतिहास में पहली बार 19 से 23 जनवरी 2026 तक स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच (WEF) की वार्षिक बैठक में झारखंड की सशक्त उपस्थिति दर्ज होगी। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में राज्य का प्रतिनिधिमंडल वैश्विक मंच पर न केवल निवेश का न्योता देगा, बल्कि झारखंड को एक 'इनफाइनाइट अपॉर्चुनिटी स्टेट' (Infinite Opportunity State) के रूप में स्थापित करेगा।

आदिवासी नेतृत्व और वैश्विक संवाद यह गौरव का विषय है कि पहली बार एक आदिवासी जनप्रतिनिधि के रूप में हेमन्त सोरेन विश्व के टॉप निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अपनी बात रखेंगे। मुख्यमंत्री का उद्देश्य झारखंड की विजन-2050 की रूपरेखा साझा करना और राज्य को देश के अग्रणी निवेश गंतव्य (Investment Destination) के रूप में पेश करना है।

प्रमुख फोकस क्षेत्र (Focus Sectors): झारखंड प्रतिनिधिमंडल वैश्विक उद्योग जगत के साथ निम्नलिखित क्षेत्रों में निवेश के अवसरों पर चर्चा करेगा:

क्रिटिकल मिनरल्स और आधुनिक खनन

इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और ऑटोमोबाइल

अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy)

टेक्सटाइल (वस्त्र निर्माण) और वनोत्पाद

पर्यटन और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग

'इंडिया पवेलियन' में झारखंड की चमक भारत सरकार ने इस प्रतिष्ठित बैठक के लिए देश के केवल छह राज्यों को चुना है, जिनमें झारखंड भी शामिल है। झारखंड अपनी विशेष थीम "GROWTH IN HARMONY WITH NATURE" (प्रकृति के साथ समन्वय में विकास) के साथ वहां मौजूद रहेगा। गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सहित 130 देशों के लगभग 3,000 प्रतिनिधि भाग लेंगे।

क्यों महत्वपूर्ण है यह सम्मेलन? विश्व आर्थिक शिखर सम्मेलन दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच माना जाता है। यहाँ झारखंड की उपस्थिति से वैश्विक वित्तीय संस्थानों और बहुराष्ट्रीय कंपनियों के साथ सीधा संवाद स्थापित होगा, जिससे राज्य में औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन और तकनीकी नवाचार को नई गति मिलेगी।