युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने झंडी दिखाकर यात्रा का किया शुभारंभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)।  क्षेत्र के ग्राम उमरा कलां  से एक  साईकिल यात्रा सैफई के लिए  रवाना। युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने झंडी दिखाकर यात्रा का किया शुभारंभ। रविवार को क्षेत्र के ग्राम उमरा कलां स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर क्षेत्र के युवा सपा कार्यकर्ताओं का सपा  नेता अतुल वर्मा ने स्वागत करते हुए उनका उत्साह वर्धन किया और सभी को समाजवादी पार्टी का पटका व पहचान पत्र पहनाया। इस मौके पर उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन किया और कहा कि आप सभी पार्टी के एक मजबूत स्तंभ है उन्होंने छह दिवसीय पीडीए साइकिल यात्रा को  हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

साइकिल यात्रा के संयोजक अविनेश यादव व नीरज यादव ने बताया कि, रविवार से प्रारंभ हुई पीडीए साइकिल यात्रा आगामी 10 अक्टूबर को सैफई पहुंचकर स्वर्गीय  नेता मुलायम सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगी, उन्होंने बताया कि  साइकिल यात्रा जगह-जगह लोगों को समाजवादी पार्टी की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी देते हुए एक बार फिर सपा का परचम लहराने के लिए लोगों को जागरूक करेगी।  इस मौके पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष महिला सभा ज्ञानवती, विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रतापसिंह,राजेंद्र यादव, रफीक , प्रधान सेतुबंध यादव, डॉक्टर इस्माइल, भागीरथ मौर्य ,गौरव सहित साइकिल यात्री  गौतम कुमार यादव, अवनेश यादव, मालतीभार्गव, नीरज यादव, संदीप यादव, नीरज यादव, संतोष कुमार यादव, रामबाबू, बबलू कुमार, अतुलमिश्रा सहित 25 सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में देवीपाटन मंडल के समस्त जनपदों में प्रमुखता से हो रहा कार्य

*आईजीआरएस पर देवीपाटन मंडल का दबदबा कायम, लगातार सातवीं बार प्रदेश में प्रथम*

*सितंबर माह में 91.82 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान*

*मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की सघन मॉनिटरिंग और शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद बना प्रभावी निस्तारण का आधार*

*‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ के जरिए महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर एवं वाद मुक्त देवीपाटन:से संवाद इसकी अतिरिक्त अन्य और योजनाओं को गहन समीक्षा के उपरान्त*
*मण्डलायुक्त  की पहल को समस्त जिलाधिकारी फॉलो एवं निगरानी करें*

*गोण्डा, 04 अक्टूबर 2026।* जनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में देवीपाटन मंडल ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परचम लहराया है। आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) की सितंबर 2026 की रैंकिंग में देवीपाटन मंडल ने  91.82 प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

मंडल की यह उपलब्धि जनशिकायतों के निस्तारण में अपनाई जा रही प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था, अधिकारियों की जवाबदेही, शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक तथा प्रकरणों के वास्तविक समाधान पर दिए जा रहे विशेष जोर का परिणाम है।

शिकायत का निस्तारण नहीं, समस्या का समाधान है प्राथमिकता

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में मंडल के चारों जनपदों—गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती एवं बलरामपुर—में आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित एवं गहन समीक्षा की जा रही है।

मंडलायुक्त द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आईजीआरएस पर किसी शिकायत का केवल औपचारिक अथवा कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान ही निस्तारण का आधार होना चाहिए।

इसी उद्देश्य से मंडलायुक्त द्वारा स्वयं प्रत्येक माह रैंडम आधार पर शिकायतकर्ताओं से फोन पर संवाद कर फीडबैक लिया जाता है। शिकायतकर्ता से यह जानकारी प्राप्त की जाती है कि उसकी समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है अथवा नहीं। फीडबैक में यदि किसी प्रकरण में औपचारिक निस्तारण अथवा समस्या का समाधान न होना सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।

इस व्यवस्था से जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और मजबूती मिली है।

*‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ से महिलाओं को मिला सीधा प्रशासनिक मंच वाद मुक्त:से समाधान देवीपाटन मंडल के सभी महिलाओं की समस्याओं का हो रहा निदान*

महिलाओं एवं बेटियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए मंडल में संचालित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ पहल भी जनशिकायत निस्तारण व्यवस्था को नई गति दे रही है।

गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती एवं बलरामपुर में संचालित इस पहल के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जा रहा है तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का सहज एवं प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें त्वरित राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हो।

लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन का सिलसिला जारी

देवीपाटन मंडल का आईजीआरएस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। मार्च 2026 में प्रथम, अप्रैल में प्रथम, मई में द्वितीय तथा जून, जुलाई, अगस्त एवं सितंबर 2026 में पुनः प्रथम स्थान प्राप्त कर मंडल ने जनशिकायतों के निस्तारण में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज किया है।

लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त करना मंडल में शिकायतों की नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों की सघन मॉनिटरिंग, शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रभावी व्यवस्था को दर्शाता है।

जनविश्वास को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस उपलब्धि के लिए मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईजीआरएस पर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि शिकायतकर्ता को केवल निस्तारण की सूचना न मिले, बल्कि उसकी समस्या का वास्तविक समाधान भी हो।
4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में बलयों के राजा, शनि ग्रह की विपरीत स्थिति (Opposition) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की भी दृश्यता

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को शनि ग्रह अपनी विपरीत स्थिति (Opposition) में पहुँच रहा है, जो वर्ष 2026 का सबसे चमकीला और स्पष्ट दृश्य होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी,सूर्य और शनि के बीच से गुजरेगी, जिससे शनि हमारे आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देगा। यह स्थिति खगोल प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर है क्योंकि शनि इस समय अपनी अधिकतम चमक और सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा, और इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

*क्या होता है खगोल विज्ञान में शनि ग्रह की विपरीत स्थिति का अर्थ और महत्व ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति (Opposition) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह (जैसे शनि, बृहस्पति, मंगल) के बीच से गुजरती है। इस स्थिति में ग्रह,सूर्य के विपरीत दिशा में होता है,अर्थात सूर्य अस्त होने पर ग्रह उदय होता है और सूर्य उदय होने पर अस्त होता है। अगर हम बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति लगभग 378 दिनों (या 54 सप्ताह) के अंतराल पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 1 वर्ष लगता है, जबकि शनि को अपनी कक्षा में एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसलिए, हर साल पृथ्वी को शनि को "पकड़ने" और उससे आगे निकलने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण शनि की विपरीत स्थिति प्रत्येक वर्ष लगभग दो सप्ताह बाद आती है।
*क्या है 4 अक्टूबर 2026 की विशेष खगोलीय घटना ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि समय, स्थान और तारीख की बात करें तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे पर होगी। लेकिन शनि ग्रह को सूर्यास्त के बाद से लेकर पूरी रात भर देखा जा सकता है।

*किस दिशा और तारामण्डल में दिखाई देगा शनि ग्रह ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान शनि ग्रह, सीट्स (Cetus) तारामंडल में स्थित होगा। जोकि पूर्वी क्षितिज से थोड़ा सा उत्तर दिशा की तरफ से ऊपर आते हुए दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि शनि ग्रह ,सूर्यास्त के समय पूर्वी क्षितिज से उदय होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई देता रहेगा, और सूर्योदय के समय पश्चिमी क्षितिज पर अस्त होगा।

*दूरी और चमक (मैग्नीट्यूड) कितना होगा ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति में शनि की चमक प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड तक पहुँच जाएगी, जो इसे आकाश के चमकीले तारों के बराबर बनाती है। यह सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक चमकीला होगा और साथ ही पृथ्वी से इसकी दूरी की बात करें तो पाते हैं कि बाहरी ग्रह विपरीत स्थिति वाले वर्ष में पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं। 2026 में, शनि ग्रह ,पृथ्वी से लगभग 784 मिलियन मील (1.26 बिलियन किलोमीटर) दूर होगा। यह दूरी लगभग 8.43 खगोलीय इकाई (AU) या 70 प्रकाश-मिनट के बराबर होती है।और यह भी जानना आवश्यक है कि डिस्क का आकार क्या होगा तो पता चलता है कि दूरबीन से देखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि विपरीत स्थिति में शनि की डिस्क का आकार सबसे बड़ा होता है। अपने सबसे बड़े आकार में, शनि दूरबीनों से 19.7 आर्कसेकंड व्यास का दिखाई देगा। इस दौरान शनि के वलयों का काफ़ी झुकाव एक प्रमुख आकर्षण होगा और यह भी समझने में सहूलियत होती है कि कैसे शनि ग्रह अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा के दौरान शनि के छल्लों का दिखना कैसा होता है।जैसे कि खगोलप्रेमियों देखा था कि मार्च 2025 में शनि के वलय तल (Ring Plane) से गुजरा था, जब वलय पृथ्वी से लगभग किनारे-किनारे (edge-on) दिखाई दे रहे थे और छोटी दूरबीनों में अदृश्य से हो गए थे।और अक्टूबर 2026 में, वलय फिर से देखने पर धीरे धीरे से खुलने(दृश्यमान) होने लगे हैं और पृथ्वी से देखने वालों के सापेक्ष शनि के वलय माइनस 7.5 डिग्री दक्षिण की ओर झुके हुए होंगे। हालांकि यह झुकाव 2017 जैसे अधिकतम खुले वलयों (27 डिग्री) जितना नहीं है,लेकिन फ़िर भी यह छोटी दूरबीनों में वलयों को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त है। *4 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर 2026 की रात्रि का खगोलीय दृश्य कैसा होगा?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश,भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक की रात आकाश में एक सुंदर एवं खगोलीय जिज्ञासा बढ़ाने वाला खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें शनि के अलावा अन्य ग्रह, तारे और चंद्रमा भी शामिल होंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में शनि ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि  यह शाम को लगभग 5:50 बजे के बाद से पूर्वी क्षितिज से ऊपर आते हुए रात भर आकाश के सीट्स तारामंडल में प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ चमकीला खगोलीय पिंड होगा।और चंद्रमा रात लगभग 12:30 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा उत्तर दिशा में कर्क (Cancer) तारामंडल में लगभग माइनस 9.57 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ उदय होगा। और उसी दिशा में दो सुंदर तारों की बात करें तो पाते हैं कि चंद्रमा के ऊपर कैस्टर (Castor) और पोलैक्स (Pollux) तारे चमकते हुए दिखाई देंगे। अब अगर मंगल ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि उसी दिशा से निकलते हुए मंगल ग्रह लगभग 12:50 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा सा उत्तर दिशा में ऊपर आना शुरू करेगा और चंद्रमा के काफी नीचे कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही मंगल ग्रह लगभग प्लस 1.10 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। एवं इसी कड़ी में ब्रहस्पति ग्रह की भी बात करें तो पाते हैं कि बृहस्पति ग्रह भी रात लगभग 2:05 बजे, सिंह (Leo) तारामंडल में लगभग माइनस 1.74 मैग्नीट्यूड की चमक लिए उदय होगा और उसी दिशा क्षेत्र में रेगुलस तारा भी अपनी चमक बिखेरते हुए रात लगभग 2:50 बजे, ठीक उसी पूर्वी क्षितिज से थोड़ा उत्तर दिशा में सिंह तारामंडल क्षेत्र में रेगुलस तारा लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय दृश्य 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक थोड़े सा समय में भी बदलाव करते हुए एवं आगे-पीछे दिखते और मैग्नीट्यूड में थोड़ा सा परिवर्तन के साथ दिखाई देते रहेंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विशेष रूप से, 7 अक्टूबर को रात में लगभग 2:40 बजे के बाद क्षितिज से ऊपर चंद्रमा और रेगुलस तारे की एक शानदार युति  (Conjunction) भी दिखाई देगी, जहाँ वे काफी पास-पास दिखाई देंगे।
इसी दौरान खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष व्याख्या करते हुए समायोचित रूप में बताया कि हमारे समाज में शनि ग्रह को लेकर फैले हुए भ्रम से बचने की भी अति आवश्यकता है क्योंकि बिना जाने एवं देखे, जांचे,परखे और बिना विश्व वैज्ञानिक प्रमाण आधारित तथ्यों के कुछ भी यूँ ही नहीं मानना चाहिए, इसीलिए पहले ठीक से जानना चाहिए तभी मानना चाहिए और तभी किसी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का निवारण किया जा सकता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सर्वांगीण वैज्ञानिक वातावरण से उत्पन्न वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सकता है एवं तभी किसी समाज और देश का भला भी हो सकता है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनि के छल्लों और चंद्रमाओं की दुनिया की बात करें तो पाते हैं कि शनि, सूर्य से बाहर की ओर स्थित छठा ग्रह है। प्राचीन काल में लोग इसे स्थिर तारों के बीच घूमने वाले एक सुनहरे "तारे" या 'घुमक्कड़' के रूप में देखते थे। लेकिन उन्होंने बाद में जाना कि यह कोई तारा नहीं है बल्कि यही है शनि ग्रह। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि के वलयों की बात करें तो पाते हैं कि 17वीं शताब्दी में दूरबीनों के आविष्कार के बाद ही इसके छल्ले दिखाई देने लगे। साथ ही बाद में अंतरिक्ष यानों ने भी खुलासा किया कि शनि के कई पतले, बारीक और अति सुंदर वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हैं। और यही छल्ले इसकी खूबसूरती का राज़ हैं जो इसे सुंदरता में अन्य से ज़्यादा सम्मान दिलाते हैं, इसीलिए इसको वलयों का सम्राट भी कहा जाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अब अगर हम शनि ग्रह के चंद्रमाओं की बात करें तो पाते हैं कि शनि के कम से कम 293 चंद्रमा हैं जिनकी कक्षाएँ सिद्ध हो चुकी हैं। इनमें से केवल 13 चंद्रमाओं का व्यास 30 मील (लगभग 50 किलोमीटर) से अधिक है।

*शनि को देखने का सबसे अच्छा समय कौनसा होता है?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि ग्रह को देखने के लिए सबसे अच्छा समय, विपरीत स्थिति होती है जो वर्ष के उस सर्वोत्तम समय के मध्य में होती है जब किसी बाहरी ग्रह को देखना संभव होता है। एवं बिना किसी दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की सहायता से भी आप नंगी आँखों से ही शनि ग्रह को आसानी से देख कर पहचान सकते हैं क्योंकि शनि ग्रह भी एक चमकीला ग्रह है और जब यह हमारे क्षितिज के ऊपर होता है, तो यह बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देता है। लेकिन अगर आप इसके छल्लों को अच्छे से देखना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छी दूरबीन, जिसे स्थिर रूप से पकड़ा जाए या तिपाई पर लगाया जाए, तब शनि को एक चमकदार अंडाकार डिस्क के रूप में प्रदर्शित करेगी। वहीं, यदि आप छोटी दूरबीन को भी अच्छे से समान्तरण कर सकें और प्रकाश प्रदूषण नहीं हो एवं साथ ही सटीक दिशा का ज्ञान और पहचान होने पर मौसम साफ़ हो तो किसी भी 6 इंच के छोटे घरेलू दूरबीन से भी इसके सुंदर छल्ले आसानी से दिखाई दे सकते हैं ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात शनि को देखने के लिए एक बेहतरीन मौका है। इस दौरान आप साधारण आँखों से ही इसे देख सकते हैं और यह न केवल वर्ष का सबसे चमकीला शनि होगा,बल्कि इस रात्रि में चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति और कैस्टर,पोलक्स और रेगुलस तारे के साथ बना खगोलीय दृश्य भी दर्शनीय होगा। और अंत में खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि खगोल/अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बिना एक्सपर्ट के जानकारी दिए ऐसे ही किसी की भी आदि अधूरी और अप्रमाणित सूचनाओं के साथ ही भ्रामक जानकारियों एवं अंधविश्वासों से पूरी तरीके से दूर रहें, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।
इसी के साथ खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि अगर 4 अक्टूबर 2026 की रात को आप उपरोक्त तारों, ग्रहों और चंद्रमा को किसी कारणवश नहीं देख पाएं तो भी उतना निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शनि की विपरीत स्थिति का दृश्य छोड़कर उपरोक्त खगोलीय पिण्डों का दिखना जैसे चंद्रमा, ग्रहों और तारों का दृश्य संयोजन दूरी में आगे पीछे एवं समय और थोड़ा सा मैग्नीट्यूड और दिशा आदि में भी परिवर्तन के साथ आकाश में दिखाई देते हुए 7 अक्टूबर तक सुंदर दृश्य रूप में दिखाई देंगे।
     
युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से लिया संन्यास, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक मैसेज

#yuzvendrachahalannouncedhisretirementfromfirstclasscricket

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड बॉल क्रिकेट फॉर्मेट यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच हाल ही में लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। अब व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।

युजवेंद्र चहल का भावुक पोस्ट

न्यास का ऐलान करते हुए युजवेंद्र चहल ने भावुक पोस्ट शेयर किया। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखते हुए कहा- मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। तब मैं 10 साल का था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। इसी खेल ने मुझे सब्र, कैरेक्टर, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी का मतलब सिखाया।

मेरा सफर खत्म नहीं हुआ-चहल

उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला

वह लंबे समय से टीम इंडिया से भी बाहर चल रहे है। अगस्त 2023 में भारत के लिए आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते नजर आए थे। 36 साल के चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। यानी रेड बॉल में उन्होंने कभी कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला।

भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट

चहल ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।

थाना रामपुर साइबर टीम द्वारा पूर्व मे गुम हुए 3 अदद मोबाइल( कुल कीमत 58000/-) को उनके वास्तविक मालिक को किया गया सुपुर्द

आवेदकगण-
1.मोहम्मद असगर निवासी गनपा सिराथू जनपद कौशाम्बी , उत्तर प्रदेश
मोबाइल-  REALME 15X अनुमानित कीमत 17000/
गुम होने का स्थान – मर्यादपुर बाजार  थाना रामपुर जनपद मऊ
2. पूजा पुत्री पंचम प्रसाद निवासी हडहवा फाटक थाना गोरखनाथ जनपद गोरखपुर
मोबाइल – Vivo VFE अनुमानित कीमत 30000/-
गुम होने का स्थान- रामपुर बेलौली थाना रामपुर, जनपद मऊ
3.मीना पत्नी राजीव मौर्या निवासी मर्यादपुर थाना रामपुर जनपद मऊ
मोबाइल- INFINIX HOT 10  अनुमानित कीमत 11000/-
गुम होने का स्थान  - मर्यादपुर बाजार थाना रामपुर जनपद मऊ

साइबर टीम
1. उ0नि0 प्रमोद मद्धेशिया
2.उ0नि0 अनुराधा
3. का0आ0 नीरज शर्मा
4.का0 नीलेश मिश्रा
खेत में चारा काटने जा रहे किसान तेंदुए की गुर्राहट से कांप उठे
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )खेत में चारा काटने जा रहे किसान तेंदुए की गुर्राहट से कांप उठे। सूचना के बाद दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए तथा रेंजर का फोन मिलाया लेकिन रेंजर ने ग्रामीणों का फोन नहीं उठाया। कई घंटे बाद मात्र एक वन रक्षक मौके पर पहंुचा लेकिन तब तक तेंदुआ भाग गया। खेत में तेंदुए के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने रेंजर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया है।
मंगलवार की सुबह भुम्मा गंगनहर पुल के निकट चारा लेने गए किसान सहदेव, अंशुल, चमन व संजय ने दीपू चौधरी के खेत में तेंदुए की गुर्राहट की आवाज सुनी, इससे किसान भयभीत हो गए तथा इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों को दी। खेत में तेंदुए की सूचना पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए तथा वन विभाग के कर्मचारियों की प्रतीक्षा करने लगे। आरोप है कि ग्रामीणों ने रेंजर अशोक शर्मा के नंबर पर फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। खेत से लगातार तेंदुए की गुर्राहट की आवाजें आती रही तथा ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर डटे रहे। करीब दो घंटे बाद एक वन रक्षक मौके पर पहंुचा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन माह से क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में भय बना हुआ है तथा किसान अपने खेतों सही से काम भी नहीं कर पा रहे हैं। सहदेव, अंशुल, चमन, संजय व दीपू चौधरी आदि का आरोप है कि वन विभाग की टीम मात्र खानापूर्ति करके लौट जाती है। ग्रामीणों ने वनरक्षक के साथ आसपास के खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान देखे हैं। भुम्मा पुल के निकट एकत्र ग्रामीणों में यह भी चर्चा रही है कि सोमवार को तेंदुए ने किसी बाइक सवार पर भी हमला किया था तथा इसकी सूचना डायल 112 पुलिस सहायता नंबर पर भी दी गई थी। इंस्पेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
ओक स्टूडियोज़ के समारोह में सम्मानित हुईं मनीषा जोशी
मुंबई। युवा पत्रकार मनीषा जोशी को ओक स्टूडियोज़ के खुला मंच समारोह में वरिष्ठ कला निर्देशक जयंत देशमुख, गुरु बिश्वजीत, गायक विनोद दुबे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव डॉ वागीश सारस्वत ने सम्मानित किया.खुला मंच समारोह में मुंबई के विख्यात लेखक,पत्रकार तथा फ़िल्मकार विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियां देने के लिए एकत्र हुए। मध्यप्रदेश से पधारीं कवयित्री काव्या मिश्रा ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना पढ़कर समारोह की शुरुआत की।मंचों के विख्यात कवि प्रबुद्ध सौरभ ने अपने अनोखे अंदाज़ में रचनाएँ प्रस्तुत करके भाव विभोर कर दिया। नंदिता माजी शर्मा ने दोहों की प्रस्तुति देकर अचंभित कर दिया।समारोह में सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब कला निर्देशक जयंत देशमुख ने धूमिल की रचनाओं का पाठ किया। संसद से सड़क तक आम आदमी की पीड़ा को चित्रित करती धूमिल की कविताओं की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को राजनीतिक बर्बरता को रेखांकित करने वाला बना दिया। वागीश सारस्वत के काव्यपाठ ने माहौल को करुण कर दिया। जब उन्होंने चीकू की माँ कविता का पाठ किया तो श्रोताओं के रोंगटे खड़े हो गए और आँखें नम हो गईं.
समारोह का संचालन मनीषा जोशी ने किया और चमत्कार कहानी का पाठ करके चमत्कृत कर दिया।रंग लेखक व निर्देशक देव फौजदार ने भी चमत्कार से जुड़ी मथुरा यात्रा की कहानी सुनाई जिसने दर्शकों को राधारानी से जोड़कर आध्यात्मिक अनुभूति कराई। गीतकार विशु ने चलो मराठी हो जाएं रचना सुनाकर महाराष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का सफल प्रयास किया। राजेश मिश्रा और बेला बारोट ने अपने नाटकों के संवाद प्रस्तुत किए।समारोह में कमर हाजीपुरी, ब्रिजेश शुक्ला, शिखा गोस्वामी,संगीता शुक्ला ,नायरा शर्मा,रजिया रागिनी, श्रुति भट्टाचार्य,आदि ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश
— क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

— डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए।

लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 के खिलाफ चार्जशीट
पुलिस का दावा- सीसीटीवी में मुख्य आरोपी 85 बार रकम हटाते दिखा, चैट और बैंक लेनदेन भी साक्ष्य

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है।  रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने झंडी दिखाकर यात्रा का किया शुभारंभ
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)।  क्षेत्र के ग्राम उमरा कलां  से एक  साईकिल यात्रा सैफई के लिए  रवाना। युवा सपा नेता अतुल वर्मा ने झंडी दिखाकर यात्रा का किया शुभारंभ। रविवार को क्षेत्र के ग्राम उमरा कलां स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय पर क्षेत्र के युवा सपा कार्यकर्ताओं का सपा  नेता अतुल वर्मा ने स्वागत करते हुए उनका उत्साह वर्धन किया और सभी को समाजवादी पार्टी का पटका व पहचान पत्र पहनाया। इस मौके पर उन्होंने सभी कार्यकर्ताओं का उत्साह वर्धन किया और कहा कि आप सभी पार्टी के एक मजबूत स्तंभ है उन्होंने छह दिवसीय पीडीए साइकिल यात्रा को  हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

साइकिल यात्रा के संयोजक अविनेश यादव व नीरज यादव ने बताया कि, रविवार से प्रारंभ हुई पीडीए साइकिल यात्रा आगामी 10 अक्टूबर को सैफई पहुंचकर स्वर्गीय  नेता मुलायम सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित करेंगी, उन्होंने बताया कि  साइकिल यात्रा जगह-जगह लोगों को समाजवादी पार्टी की कल्याणकारी नीतियों की जानकारी देते हुए एक बार फिर सपा का परचम लहराने के लिए लोगों को जागरूक करेगी।  इस मौके पर प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष महिला सभा ज्ञानवती, विधानसभा अध्यक्ष राजेंद्र प्रतापसिंह,राजेंद्र यादव, रफीक , प्रधान सेतुबंध यादव, डॉक्टर इस्माइल, भागीरथ मौर्य ,गौरव सहित साइकिल यात्री  गौतम कुमार यादव, अवनेश यादव, मालतीभार्गव, नीरज यादव, संदीप यादव, नीरज यादव, संतोष कुमार यादव, रामबाबू, बबलू कुमार, अतुलमिश्रा सहित 25 सदस्य उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री जी के निर्देशों के क्रम में देवीपाटन मंडल के समस्त जनपदों में प्रमुखता से हो रहा कार्य

*आईजीआरएस पर देवीपाटन मंडल का दबदबा कायम, लगातार सातवीं बार प्रदेश में प्रथम*

*सितंबर माह में 91.82 प्रतिशत अंक के साथ प्रदेश में शीर्ष स्थान*

*मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल की सघन मॉनिटरिंग और शिकायतकर्ताओं से सीधा संवाद बना प्रभावी निस्तारण का आधार*

*‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ के जरिए महिलाओं की शिकायतों के त्वरित समाधान पर विशेष जोर एवं वाद मुक्त देवीपाटन:से संवाद इसकी अतिरिक्त अन्य और योजनाओं को गहन समीक्षा के उपरान्त*
*मण्डलायुक्त  की पहल को समस्त जिलाधिकारी फॉलो एवं निगरानी करें*

*गोण्डा, 04 अक्टूबर 2026।* जनशिकायतों के त्वरित, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की दिशा में देवीपाटन मंडल ने एक बार फिर प्रदेश में अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का परचम लहराया है। आईजीआरएस (समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली) की सितंबर 2026 की रैंकिंग में देवीपाटन मंडल ने  91.82 प्रतिशत के साथ प्रदेश में प्रथम स्थान हासिल किया है।

मंडल की यह उपलब्धि जनशिकायतों के निस्तारण में अपनाई जा रही प्रभावी मॉनिटरिंग व्यवस्था, अधिकारियों की जवाबदेही, शिकायतकर्ताओं से सीधे फीडबैक तथा प्रकरणों के वास्तविक समाधान पर दिए जा रहे विशेष जोर का परिणाम है।

शिकायत का निस्तारण नहीं, समस्या का समाधान है प्राथमिकता

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल के निर्देशन में मंडल के चारों जनपदों—गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती एवं बलरामपुर—में आईजीआरएस पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की नियमित एवं गहन समीक्षा की जा रही है।

मंडलायुक्त द्वारा अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि आईजीआरएस पर किसी शिकायत का केवल औपचारिक अथवा कागजी निस्तारण पर्याप्त नहीं है। शिकायतकर्ता की समस्या का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान ही निस्तारण का आधार होना चाहिए।

इसी उद्देश्य से मंडलायुक्त द्वारा स्वयं प्रत्येक माह रैंडम आधार पर शिकायतकर्ताओं से फोन पर संवाद कर फीडबैक लिया जाता है। शिकायतकर्ता से यह जानकारी प्राप्त की जाती है कि उसकी समस्या का वास्तविक समाधान हुआ है अथवा नहीं। फीडबैक में यदि किसी प्रकरण में औपचारिक निस्तारण अथवा समस्या का समाधान न होना सामने आता है, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं।

इस व्यवस्था से जनशिकायतों के निस्तारण में गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही को और मजबूती मिली है।

*‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ से महिलाओं को मिला सीधा प्रशासनिक मंच वाद मुक्त:से समाधान देवीपाटन मंडल के सभी महिलाओं की समस्याओं का हो रहा निदान*

महिलाओं एवं बेटियों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी समाधान के लिए मंडल में संचालित ‘मां पाटेश्वरी शक्ति संवाद’ पहल भी जनशिकायत निस्तारण व्यवस्था को नई गति दे रही है।

गोण्डा, बहराइच, श्रावस्ती एवं बलरामपुर में संचालित इस पहल के माध्यम से महिलाओं की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ सुना जा रहा है तथा संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए जा रहे हैं।

इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का सहज एवं प्रभावी मंच उपलब्ध कराना है, जिससे उन्हें त्वरित राहत मिल सके और प्रशासन के प्रति उनका विश्वास और अधिक मजबूत हो।

लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन का सिलसिला जारी

देवीपाटन मंडल का आईजीआरएस पर उत्कृष्ट प्रदर्शन लगातार जारी है। मार्च 2026 में प्रथम, अप्रैल में प्रथम, मई में द्वितीय तथा जून, जुलाई, अगस्त एवं सितंबर 2026 में पुनः प्रथम स्थान प्राप्त कर मंडल ने जनशिकायतों के निस्तारण में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन दर्ज किया है।

लगातार शीर्ष स्थान प्राप्त करना मंडल में शिकायतों की नियमित समीक्षा, लंबित प्रकरणों की सघन मॉनिटरिंग, शिकायतकर्ताओं से सीधे संवाद और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की प्रभावी व्यवस्था को दर्शाता है।

जनविश्वास को मजबूत करना प्रशासन की प्राथमिकता

मंडलायुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने इस उपलब्धि के लिए मंडल के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई देते हुए कहा कि आईजीआरएस पर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त करना केवल एक रैंकिंग नहीं, बल्कि जनसमस्याओं के प्रति प्रशासन की संवेदनशीलता, जवाबदेही और प्रतिबद्धता का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि जनशिकायतों का समयबद्ध, निष्पक्ष एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। प्रत्येक अधिकारी यह सुनिश्चित करे कि शिकायतकर्ता को केवल निस्तारण की सूचना न मिले, बल्कि उसकी समस्या का वास्तविक समाधान भी हो।
4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में बलयों के राजा, शनि ग्रह की विपरीत स्थिति (Opposition) एवं अन्य खगोलीय पिंडों की भी दृश्यता

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 को शनि ग्रह अपनी विपरीत स्थिति (Opposition) में पहुँच रहा है, जो वर्ष 2026 का सबसे चमकीला और स्पष्ट दृश्य होगा। इस खगोलीय घटना के दौरान पृथ्वी,सूर्य और शनि के बीच से गुजरेगी, जिससे शनि हमारे आकाश में सूर्य के ठीक विपरीत दिशा में दिखाई देगा। यह स्थिति खगोल प्रेमियों के लिए एक अनोखा अवसर है क्योंकि शनि इस समय अपनी अधिकतम चमक और सबसे बड़े आकार में दिखाई देगा, और इसे पूरी रात आसानी से देखा जा सकेगा।

*क्या होता है खगोल विज्ञान में शनि ग्रह की विपरीत स्थिति का अर्थ और महत्व ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति (Opposition) एक ऐसी खगोलीय स्थिति है जब पृथ्वी सूर्य और किसी बाहरी ग्रह (जैसे शनि, बृहस्पति, मंगल) के बीच से गुजरती है। इस स्थिति में ग्रह,सूर्य के विपरीत दिशा में होता है,अर्थात सूर्य अस्त होने पर ग्रह उदय होता है और सूर्य उदय होने पर अस्त होता है। अगर हम बात करें शनि ग्रह की तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति लगभग 378 दिनों (या 54 सप्ताह) के अंतराल पर आती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि पृथ्वी को सूर्य की एक परिक्रमा पूरी करने में 1 वर्ष लगता है, जबकि शनि को अपनी कक्षा में एक चक्कर लगाने में 29.4 पृथ्वी वर्ष लगते हैं। इसलिए, हर साल पृथ्वी को शनि को "पकड़ने" और उससे आगे निकलने के लिए अपनी कक्षा में थोड़ी अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती है, जिसके कारण शनि की विपरीत स्थिति प्रत्येक वर्ष लगभग दो सप्ताह बाद आती है।
*क्या है 4 अक्टूबर 2026 की विशेष खगोलीय घटना ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस पर संक्षिप्त प्रकाश डालते हुए बताया कि समय, स्थान और तारीख की बात करें तो पाते हैं कि शनि की विपरीत स्थिति 4 अक्टूबर 2026 को भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे पर होगी। लेकिन शनि ग्रह को सूर्यास्त के बाद से लेकर पूरी रात भर देखा जा सकता है।

*किस दिशा और तारामण्डल में दिखाई देगा शनि ग्रह ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस दौरान शनि ग्रह, सीट्स (Cetus) तारामंडल में स्थित होगा। जोकि पूर्वी क्षितिज से थोड़ा सा उत्तर दिशा की तरफ से ऊपर आते हुए दिखाई देगा या कुछ यूं कहें कि दृश्यता की बात करें तो पाते हैं कि शनि ग्रह ,सूर्यास्त के समय पूर्वी क्षितिज से उदय होगा और पूरी रात आकाश में दिखाई देता रहेगा, और सूर्योदय के समय पश्चिमी क्षितिज पर अस्त होगा।

*दूरी और चमक (मैग्नीट्यूड) कितना होगा ?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विपरीत स्थिति में शनि की चमक प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड तक पहुँच जाएगी, जो इसे आकाश के चमकीले तारों के बराबर बनाती है। यह सामान्य दिनों की तुलना में थोड़ा अधिक चमकीला होगा और साथ ही पृथ्वी से इसकी दूरी की बात करें तो पाते हैं कि बाहरी ग्रह विपरीत स्थिति वाले वर्ष में पृथ्वी के सबसे निकट होते हैं। 2026 में, शनि ग्रह ,पृथ्वी से लगभग 784 मिलियन मील (1.26 बिलियन किलोमीटर) दूर होगा। यह दूरी लगभग 8.43 खगोलीय इकाई (AU) या 70 प्रकाश-मिनट के बराबर होती है।और यह भी जानना आवश्यक है कि डिस्क का आकार क्या होगा तो पता चलता है कि दूरबीन से देखने वालों के लिए यह महत्वपूर्ण है कि विपरीत स्थिति में शनि की डिस्क का आकार सबसे बड़ा होता है। अपने सबसे बड़े आकार में, शनि दूरबीनों से 19.7 आर्कसेकंड व्यास का दिखाई देगा। इस दौरान शनि के वलयों का काफ़ी झुकाव एक प्रमुख आकर्षण होगा और यह भी समझने में सहूलियत होती है कि कैसे शनि ग्रह अपने अक्ष पर घूमते हुए सूर्य की परिक्रमा के दौरान शनि के छल्लों का दिखना कैसा होता है।जैसे कि खगोलप्रेमियों देखा था कि मार्च 2025 में शनि के वलय तल (Ring Plane) से गुजरा था, जब वलय पृथ्वी से लगभग किनारे-किनारे (edge-on) दिखाई दे रहे थे और छोटी दूरबीनों में अदृश्य से हो गए थे।और अक्टूबर 2026 में, वलय फिर से देखने पर धीरे धीरे से खुलने(दृश्यमान) होने लगे हैं और पृथ्वी से देखने वालों के सापेक्ष शनि के वलय माइनस 7.5 डिग्री दक्षिण की ओर झुके हुए होंगे। हालांकि यह झुकाव 2017 जैसे अधिकतम खुले वलयों (27 डिग्री) जितना नहीं है,लेकिन फ़िर भी यह छोटी दूरबीनों में वलयों को स्पष्ट रूप से देखने के लिए पर्याप्त है। *4 अक्टूबर की रात से 7 अक्टूबर 2026 की रात्रि का खगोलीय दृश्य कैसा होगा?।*

वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला (तारामण्डल) गोरखपुर, उत्तर प्रदेश,भारत के खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया 4 अक्टूबर से 7 अक्टूबर 2026 तक की रात आकाश में एक सुंदर एवं खगोलीय जिज्ञासा बढ़ाने वाला खगोलीय दृश्य देखने को मिलेगा, जिसमें शनि के अलावा अन्य ग्रह, तारे और चंद्रमा भी शामिल होंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात्रि में शनि ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि  यह शाम को लगभग 5:50 बजे के बाद से पूर्वी क्षितिज से ऊपर आते हुए रात भर आकाश के सीट्स तारामंडल में प्लस 0.32 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ चमकीला खगोलीय पिंड होगा।और चंद्रमा रात लगभग 12:30 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा उत्तर दिशा में कर्क (Cancer) तारामंडल में लगभग माइनस 9.57 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ उदय होगा। और उसी दिशा में दो सुंदर तारों की बात करें तो पाते हैं कि चंद्रमा के ऊपर कैस्टर (Castor) और पोलैक्स (Pollux) तारे चमकते हुए दिखाई देंगे। अब अगर मंगल ग्रह की बात करें तो पाते हैं कि उसी दिशा से निकलते हुए मंगल ग्रह लगभग 12:50 बजे पूर्वी क्षितिज पर थोड़ा सा उत्तर दिशा में ऊपर आना शुरू करेगा और चंद्रमा के काफी नीचे कर्क तारामंडल क्षेत्र में ही मंगल ग्रह लगभग प्लस 1.10 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा। एवं इसी कड़ी में ब्रहस्पति ग्रह की भी बात करें तो पाते हैं कि बृहस्पति ग्रह भी रात लगभग 2:05 बजे, सिंह (Leo) तारामंडल में लगभग माइनस 1.74 मैग्नीट्यूड की चमक लिए उदय होगा और उसी दिशा क्षेत्र में रेगुलस तारा भी अपनी चमक बिखेरते हुए रात लगभग 2:50 बजे, ठीक उसी पूर्वी क्षितिज से थोड़ा उत्तर दिशा में सिंह तारामंडल क्षेत्र में रेगुलस तारा लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड की चमक के साथ दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यह सुंदर खगोलीय दृश्य 4 अक्टूबर से लेकर 7 अक्टूबर 2026 तक थोड़े सा समय में भी बदलाव करते हुए एवं आगे-पीछे दिखते और मैग्नीट्यूड में थोड़ा सा परिवर्तन के साथ दिखाई देते रहेंगे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि विशेष रूप से, 7 अक्टूबर को रात में लगभग 2:40 बजे के बाद क्षितिज से ऊपर चंद्रमा और रेगुलस तारे की एक शानदार युति  (Conjunction) भी दिखाई देगी, जहाँ वे काफी पास-पास दिखाई देंगे।
इसी दौरान खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष व्याख्या करते हुए समायोचित रूप में बताया कि हमारे समाज में शनि ग्रह को लेकर फैले हुए भ्रम से बचने की भी अति आवश्यकता है क्योंकि बिना जाने एवं देखे, जांचे,परखे और बिना विश्व वैज्ञानिक प्रमाण आधारित तथ्यों के कुछ भी यूँ ही नहीं मानना चाहिए, इसीलिए पहले ठीक से जानना चाहिए तभी मानना चाहिए और तभी किसी समाज में व्याप्त अंधविश्वासों का निवारण किया जा सकता है और वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं सर्वांगीण वैज्ञानिक वातावरण से उत्पन्न वैज्ञानिक चेतना का विकास हो सकता है एवं तभी किसी समाज और देश का भला भी हो सकता है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि शनि के छल्लों और चंद्रमाओं की दुनिया की बात करें तो पाते हैं कि शनि, सूर्य से बाहर की ओर स्थित छठा ग्रह है। प्राचीन काल में लोग इसे स्थिर तारों के बीच घूमने वाले एक सुनहरे "तारे" या 'घुमक्कड़' के रूप में देखते थे। लेकिन उन्होंने बाद में जाना कि यह कोई तारा नहीं है बल्कि यही है शनि ग्रह। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि के वलयों की बात करें तो पाते हैं कि 17वीं शताब्दी में दूरबीनों के आविष्कार के बाद ही इसके छल्ले दिखाई देने लगे। साथ ही बाद में अंतरिक्ष यानों ने भी खुलासा किया कि शनि के कई पतले, बारीक और अति सुंदर वलय हैं जो बर्फ के छोटे-छोटे टुकड़ों से बने हैं। और यही छल्ले इसकी खूबसूरती का राज़ हैं जो इसे सुंदरता में अन्य से ज़्यादा सम्मान दिलाते हैं, इसीलिए इसको वलयों का सम्राट भी कहा जाता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अब अगर हम शनि ग्रह के चंद्रमाओं की बात करें तो पाते हैं कि शनि के कम से कम 293 चंद्रमा हैं जिनकी कक्षाएँ सिद्ध हो चुकी हैं। इनमें से केवल 13 चंद्रमाओं का व्यास 30 मील (लगभग 50 किलोमीटर) से अधिक है।

*शनि को देखने का सबसे अच्छा समय कौनसा होता है?।*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शनि ग्रह को देखने के लिए सबसे अच्छा समय, विपरीत स्थिति होती है जो वर्ष के उस सर्वोत्तम समय के मध्य में होती है जब किसी बाहरी ग्रह को देखना संभव होता है। एवं बिना किसी दूरबीन/ टेलीस्कोप या विनोकुलर आदि उपकरण की सहायता से भी आप नंगी आँखों से ही शनि ग्रह को आसानी से देख कर पहचान सकते हैं क्योंकि शनि ग्रह भी एक चमकीला ग्रह है और जब यह हमारे क्षितिज के ऊपर होता है, तो यह बिना किसी उपकरण के आसानी से दिखाई देता है। लेकिन अगर आप इसके छल्लों को अच्छे से देखना चाहते हैं तो आप किसी भी अच्छी दूरबीन, जिसे स्थिर रूप से पकड़ा जाए या तिपाई पर लगाया जाए, तब शनि को एक चमकदार अंडाकार डिस्क के रूप में प्रदर्शित करेगी। वहीं, यदि आप छोटी दूरबीन को भी अच्छे से समान्तरण कर सकें और प्रकाश प्रदूषण नहीं हो एवं साथ ही सटीक दिशा का ज्ञान और पहचान होने पर मौसम साफ़ हो तो किसी भी 6 इंच के छोटे घरेलू दूरबीन से भी इसके सुंदर छल्ले आसानी से दिखाई दे सकते हैं ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 4 अक्टूबर 2026 की रात शनि को देखने के लिए एक बेहतरीन मौका है। इस दौरान आप साधारण आँखों से ही इसे देख सकते हैं और यह न केवल वर्ष का सबसे चमकीला शनि होगा,बल्कि इस रात्रि में चंद्रमा, मंगल, बृहस्पति और कैस्टर,पोलक्स और रेगुलस तारे के साथ बना खगोलीय दृश्य भी दर्शनीय होगा। और अंत में खगोलविद अमर पाल सिंह ने विशेष ज़ोर देते हुए यह भी बताया कि खगोल/अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में बिना एक्सपर्ट के जानकारी दिए ऐसे ही किसी की भी आदि अधूरी और अप्रमाणित सूचनाओं के साथ ही भ्रामक जानकारियों एवं अंधविश्वासों से पूरी तरीके से दूर रहें, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह हमेशा ही कहते हैं कि सही ज्ञान, सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।
इसी के साथ खगोलविद अमर पाल सिंह ने यह भी बताया कि अगर 4 अक्टूबर 2026 की रात को आप उपरोक्त तारों, ग्रहों और चंद्रमा को किसी कारणवश नहीं देख पाएं तो भी उतना निराश होने की जरूरत नहीं है, क्योंकि शनि की विपरीत स्थिति का दृश्य छोड़कर उपरोक्त खगोलीय पिण्डों का दिखना जैसे चंद्रमा, ग्रहों और तारों का दृश्य संयोजन दूरी में आगे पीछे एवं समय और थोड़ा सा मैग्नीट्यूड और दिशा आदि में भी परिवर्तन के साथ आकाश में दिखाई देते हुए 7 अक्टूबर तक सुंदर दृश्य रूप में दिखाई देंगे।
     
युजवेंद्र चहल ने क्रिकेट के इस फॉर्मेट से लिया संन्यास, इंस्टाग्राम पर लिखा भावुक मैसेज

#yuzvendrachahalannouncedhisretirementfromfirstclasscricket

भारतीय स्पिनर युजवेंद्र चहल ने रेड बॉल क्रिकेट फॉर्मेट यानी फर्स्ट क्लास क्रिकेट से संन्यास का एलान कर दिया है। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिये फर्स्ट क्लास क्रिकेट को अलविदा कहने की घोषणा की। हालांकि, उन्होंने भारत के लिए खेलने की इच्छा जाहिर की है। उन्होंने अपना आखिरी रेड-बॉल मैच हाल ही में लॉर्ड्स में नॉर्थम्पटनशायर के लिए खेला था। अब व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलना जारी रखेंगे।

युजवेंद्र चहल का भावुक पोस्ट

न्यास का ऐलान करते हुए युजवेंद्र चहल ने भावुक पोस्ट शेयर किया। चहल ने इंस्टाग्राम पोस्ट पर लिखते हुए कहा- मैंने जो पहली क्रिकेट बॉल पकड़ी थी, वह लाल रंग की थी। तब मैं 10 साल का था और मुझे अंदाजा भी नहीं था कि मुझे इस खेल से इतना गहरा लगाव हो जाएगा। मेरे लिए रेड-बॉल क्रिकेट कभी भी सिर्फ एक और फॉर्मेट नहीं था। इसी खेल ने मुझे सब्र, कैरेक्टर, मुश्किलों का सामना करने की हिम्मत और घंटों तक मैदान पर डटे रहकर हर रन और हर विकेट के लिए संघर्ष करने की असली खुशी का मतलब सिखाया।

मेरा सफर खत्म नहीं हुआ-चहल

उन्होंने आगे लिखा, मैंने अपना आखिरी प्रथम श्रेणी मैच लॉर्ड्स में खेला। यह कहते हुए भावुकता महसूस होती है क्योंकि टेस्ट कैप पाना हमेशा से मेरा सपना रहा था, जिसे मैंने कई वर्षों तक संजोकर रखा था। भले ही वह सपना पूरा न हो सका, लेकिन मैं अपने इस सफर से सचमुच संतुष्ट हूं और इस प्रारूप में मिले हर मौके के लिए बेहद शुक्रगुजार हूं। रेड बॉल ने मुझे मेरी जिंदगी की कुछ सबसे खूबसूरत यादें दी हैं और कोई भी मुझसे वे यादें कभी नहीं छीन सकता। लेकिन मेरा सफर अभी खत्म नहीं हुआ है।

एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला

वह लंबे समय से टीम इंडिया से भी बाहर चल रहे है। अगस्त 2023 में भारत के लिए आखिरी बार वेस्टइंडीज के खिलाफ खेलते नजर आए थे। 36 साल के चहल ने भारत के लिए 72 वनडे और 80 टी-20 इंटरनेशनल खेले हैं, लेकिन उन्हें एक भी टेस्ट खेलने का मौका नहीं मिला। यानी रेड बॉल में उन्होंने कभी कोई इंटरनेशनल मैच नहीं खेला।

भारत के लिए कभी नहीं खेला टेस्ट

चहल ने लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर नॉर्थम्प्टनशायर के लिए रेड बॉल प्रारूप में अपना आखिरी मैच खेला। चहल ने अपने करियर में 49 प्रथम श्रेणी मैच खेले, जिसमें उन्होंने 32.27 की औसत से 148 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 6/25 रहा। हाल ही में उन्होंने नॉर्थम्प्टनशायर के लिए काउंटी क्रिकेट खेला और लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ अपने आखिरी मैच में दो विकेट लिए। 2026-27 सीजन में 36 वर्षीय खिलाड़ी ने काउंटी चैंपियनशिप में पांच मैच खेले और 21 विकेट लिए। उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन डरहम के खिलाफ रहा, जहां उन्होंने कुल नौ विकेट लिए जिसमें पहली पारी में पांच विकेट लेना भी शामिल था।

थाना रामपुर साइबर टीम द्वारा पूर्व मे गुम हुए 3 अदद मोबाइल( कुल कीमत 58000/-) को उनके वास्तविक मालिक को किया गया सुपुर्द

आवेदकगण-
1.मोहम्मद असगर निवासी गनपा सिराथू जनपद कौशाम्बी , उत्तर प्रदेश
मोबाइल-  REALME 15X अनुमानित कीमत 17000/
गुम होने का स्थान – मर्यादपुर बाजार  थाना रामपुर जनपद मऊ
2. पूजा पुत्री पंचम प्रसाद निवासी हडहवा फाटक थाना गोरखनाथ जनपद गोरखपुर
मोबाइल – Vivo VFE अनुमानित कीमत 30000/-
गुम होने का स्थान- रामपुर बेलौली थाना रामपुर, जनपद मऊ
3.मीना पत्नी राजीव मौर्या निवासी मर्यादपुर थाना रामपुर जनपद मऊ
मोबाइल- INFINIX HOT 10  अनुमानित कीमत 11000/-
गुम होने का स्थान  - मर्यादपुर बाजार थाना रामपुर जनपद मऊ

साइबर टीम
1. उ0नि0 प्रमोद मद्धेशिया
2.उ0नि0 अनुराधा
3. का0आ0 नीरज शर्मा
4.का0 नीलेश मिश्रा
खेत में चारा काटने जा रहे किसान तेंदुए की गुर्राहट से कांप उठे
(विपिन राठौर मीरापुर मुज़फ्फरनगर )खेत में चारा काटने जा रहे किसान तेंदुए की गुर्राहट से कांप उठे। सूचना के बाद दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए तथा रेंजर का फोन मिलाया लेकिन रेंजर ने ग्रामीणों का फोन नहीं उठाया। कई घंटे बाद मात्र एक वन रक्षक मौके पर पहंुचा लेकिन तब तक तेंदुआ भाग गया। खेत में तेंदुए के पंजों के निशान मिलने से ग्रामीणों में भय बना हुआ है। ग्रामीणों ने रेंजर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आक्रोश जताया है।
मंगलवार की सुबह भुम्मा गंगनहर पुल के निकट चारा लेने गए किसान सहदेव, अंशुल, चमन व संजय ने दीपू चौधरी के खेत में तेंदुए की गुर्राहट की आवाज सुनी, इससे किसान भयभीत हो गए तथा इसकी सूचना अन्य ग्रामीणों व वन विभाग के कर्मचारियों को दी। खेत में तेंदुए की सूचना पर दर्जनों ग्रामीण एकत्र हो गए तथा वन विभाग के कर्मचारियों की प्रतीक्षा करने लगे। आरोप है कि ग्रामीणों ने रेंजर अशोक शर्मा के नंबर पर फोन किया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। खेत से लगातार तेंदुए की गुर्राहट की आवाजें आती रही तथा ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर डटे रहे। करीब दो घंटे बाद एक वन रक्षक मौके पर पहंुचा। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन माह से क्षेत्र में तेंदुए की दस्तक से ग्रामीणों में भय बना हुआ है तथा किसान अपने खेतों सही से काम भी नहीं कर पा रहे हैं। सहदेव, अंशुल, चमन, संजय व दीपू चौधरी आदि का आरोप है कि वन विभाग की टीम मात्र खानापूर्ति करके लौट जाती है। ग्रामीणों ने वनरक्षक के साथ आसपास के खेतों में तेंदुए के पंजों के निशान देखे हैं। भुम्मा पुल के निकट एकत्र ग्रामीणों में यह भी चर्चा रही है कि सोमवार को तेंदुए ने किसी बाइक सवार पर भी हमला किया था तथा इसकी सूचना डायल 112 पुलिस सहायता नंबर पर भी दी गई थी। इंस्पेक्टर इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना प्राप्त नहीं हुई है।
ओक स्टूडियोज़ के समारोह में सम्मानित हुईं मनीषा जोशी
मुंबई। युवा पत्रकार मनीषा जोशी को ओक स्टूडियोज़ के खुला मंच समारोह में वरिष्ठ कला निर्देशक जयंत देशमुख, गुरु बिश्वजीत, गायक विनोद दुबे और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के महासचिव डॉ वागीश सारस्वत ने सम्मानित किया.खुला मंच समारोह में मुंबई के विख्यात लेखक,पत्रकार तथा फ़िल्मकार विभिन्न प्रकार की प्रस्तुतियां देने के लिए एकत्र हुए। मध्यप्रदेश से पधारीं कवयित्री काव्या मिश्रा ने सुमधुर स्वर में सरस्वती वंदना पढ़कर समारोह की शुरुआत की।मंचों के विख्यात कवि प्रबुद्ध सौरभ ने अपने अनोखे अंदाज़ में रचनाएँ प्रस्तुत करके भाव विभोर कर दिया। नंदिता माजी शर्मा ने दोहों की प्रस्तुति देकर अचंभित कर दिया।समारोह में सबसे रोमांचक क्षण तब आया जब कला निर्देशक जयंत देशमुख ने धूमिल की रचनाओं का पाठ किया। संसद से सड़क तक आम आदमी की पीड़ा को चित्रित करती धूमिल की कविताओं की प्रस्तुति ने समारोह के माहौल को राजनीतिक बर्बरता को रेखांकित करने वाला बना दिया। वागीश सारस्वत के काव्यपाठ ने माहौल को करुण कर दिया। जब उन्होंने चीकू की माँ कविता का पाठ किया तो श्रोताओं के रोंगटे खड़े हो गए और आँखें नम हो गईं.
समारोह का संचालन मनीषा जोशी ने किया और चमत्कार कहानी का पाठ करके चमत्कृत कर दिया।रंग लेखक व निर्देशक देव फौजदार ने भी चमत्कार से जुड़ी मथुरा यात्रा की कहानी सुनाई जिसने दर्शकों को राधारानी से जोड़कर आध्यात्मिक अनुभूति कराई। गीतकार विशु ने चलो मराठी हो जाएं रचना सुनाकर महाराष्ट्र की सांस्कृतिक चेतना से जोड़ने का सफल प्रयास किया। राजेश मिश्रा और बेला बारोट ने अपने नाटकों के संवाद प्रस्तुत किए।समारोह में कमर हाजीपुरी, ब्रिजेश शुक्ला, शिखा गोस्वामी,संगीता शुक्ला ,नायरा शर्मा,रजिया रागिनी, श्रुति भट्टाचार्य,आदि ने भी अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं।
मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश
— क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

— डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए।

लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 के खिलाफ चार्जशीट
पुलिस का दावा- सीसीटीवी में मुख्य आरोपी 85 बार रकम हटाते दिखा, चैट और बैंक लेनदेन भी साक्ष्य

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है।  रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।