गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
*गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा*

*गिफ्ट निफ्टी के नाम मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे  ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स बनाने का रिकॉर्ड*
•  मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 12,28,621 करोड़ रुपए) का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज
*नई दिल्ली, 2 अप्रैल, 2026:*  भारतीय इक्विटी मार्केट की ग्रोथ स्टोरी के नए बेंचमार्क, गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान, 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज किया गया। यह उपलब्धि अक्टूबर 2025 के 106.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर और अप्रैल 2025 के 2.17 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले रिकॉर्ड से भी आगे पहुँच गई है।
यह उपलब्धि गिफ्ट निफ्टी पर बढ़ते वैश्विक भरोसे और दिलचस्पी को उजागर करती है, जो भारत की ग्रोथ स्टोरी के एक मजबूत बेंचमार्क के रूप में उभर रहा है। गिफ्ट निफ्टी की यह सफलता वास्तव में सराहनीय है, जिसके लिए इसने सभी भागीदारों का आभार व्यक्त किया है। गिफ्ट निफ्टी मानता है कि भागीदारों के सहयोग से यह कॉन्ट्रैक्ट इतना सफल बन पाया है।
एनएसई आईएक्स पर ट्रेडिंग टर्नओवर 3 जुलाई, 2023 से गिफ्ट निफ्टी के फुल-स्केल ऑपरेशन शुरू होने के बाद से लगातार तेजी से बढ़ रहा है। पहले दिन से लेकर मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी में कुल 63.37 मिलियन से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का वॉल्यूम दर्ज हुआ है और कुल टर्नओवर 2.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है।
सुलतानपुर जेल में कैदी की संदिग्ध मौत,बहुजन अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
सुलतानपुर जिला कारागार में 48 वर्षीय कैदी नत्थू कोरी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद 'बहुजन अधिकार सेना' ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। संगठन ने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मृतक नत्थू कोरी (पुत्र मनोहर कोरी) धनपतगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चरथई का निवासी था। वह 25 मार्च से जिला कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, 6 और 7 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे उसका शव जेल के शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला। जेल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है।

हालांकि, 'बहुजन अधिकार सेना' ने इसे जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। संगठन के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कई मांगें रखी गई हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की मजिस्ट्रियल (न्यायिक) जांच कराई जाए। ड्यूटी पर तैनात लापरवाह जेल कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। इसके साथ ही, मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा और न्याय प्रदान किया जाए। संगठन ने जेलों में सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की भी मांग की है।

इस घटना ने सुलतानपुर जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'बहुजन अधिकार सेना' का आरोप है कि जेल प्रशासन की निगरानी में चूक हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
यूसीसी और एक देश-एक चुनाव’, बीजेपी के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने बता दिया टारगेट

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आज यानी 6 अप्रैल को भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना हुई थी। बीजेपी का आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को खास संदेश दिया।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए “मां” के समान है। पीएम मोदी ने स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक आयोजन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया।

भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही-पीएम मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश जानता है, हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है, आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ऐसे कितने ही काम हैं, जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं।''

हमारा मिशन अभी भी जारी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारा मिशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि "समान नागरिक संहिता और एक देश-एक चुनाव ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। भाजपा के कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कभी पीछे नहीं हटते।उन्हें दृढ़ विश्वास था कि वे जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य बेहतर होगा।"

कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने तप, त्याग की पराकाष्ठा की है, ये वही जान सकता है, जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। पीएओम मोदी ने कहा, कार्यकर्ताओं ने हर कठिनाई झेली, चाहे वह आपातकाल हो या कांग्रेस के शासन का दमन। कई कार्यकर्ताओं ने तो अपना जीवन भी बलिदान कर दिया। हमने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा है, जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है।"

हमने कार्यकर्ताओं का विशाल कैडर खड़ा किया

पीएम मोदी ने ने बीजेपी की यात्रा जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दिया। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।"

कोरांवशार्ट सर्किट से हार्डवेयर गोदाम में भीषण आग लगी, लाखों का सामान जलकर राख

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,कोरांव नगर पंचायत में दोपहर एक हार्डवेयर गोदाम में बिजली की शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान चलकर राख हो गया। बस्ती वाले इलाके में गोदाम होने के कारण आसपास के लोगों में खलबली मच गई।

चमनगंज के हार्डवेयर की दुकान में आग

कोरांव नगर पंचायत के कोरांव-मांडा मार्ग पर नगर पंचायत कोरांव निवासी आशीष कुमार पुत्र सुरेश कुमार का चमनगंज मुहल्ले में हार्डवेयर का गोदाम स्थित है।वह पीवीसी पाइप के थोक विक्रेता है। गुरुवार दोपहर अचानक गोदाम में धुआं निकलने लगा तो आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी गोदाम मालिक को दी। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।

दमकलकर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई

सूचना पर दमकल की गाड़ी व कोरांव पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके । पीड़ित दुकानदार आशीष कुमार ने बताया कि गोदाम में रखा सामान जल जाने से लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

हनुमान जयंती दो बार कब-कब मनाई जाती है?

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, हनुमान का जन्मदिन दो बार मनाने के पीछे खास वजह बताई जाती है। एक हनुमान जयंती उनके जन्मदिवस के रूप में तो दूसरी विजय अभिनन्दन महोत्सव के रूप में मनाई जाती है। कथा के अनुसार, पवन पुत्र बजरंगबली बाल्यकाल से ही बहुत शक्तिशाली और ऊर्जा से भरपूर थे। एक दिन हनुमानजी आकाश में चमकते हुए सूर्य को फल समझकर उसे खाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में इंद्र उन्हें समझाने की कोशिश की, जब हनुमानजी नहीं माने तो इंद्रदेव ने क्रोधित होकर वज्र से उन पर प्रहार कर दिया। इसके चलते बजरंगबली की ठोड़ी धंस गई और वो मूर्छित हो गए। वायुदेव यह जानकर बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने क्रोध में आकर वायु को रोक दिया। इससे हवा बंद हो गई और सभी जीव संकट में आ गए।


हनुमान जी को मिला था दूसरा जीवन
पूरे ब्रह्मांड पर संकट आया तो सभी देवताओं के प्रार्थना करने के बाद ब्रह्माजी ने भगवान हनुमान को दूसरा जीवन दिया। सभी देवताओं ने उन्हें कई प्रकार शक्तियां भी दी थीं। मान्यता है की जिस दिन हनुमानजी को दूसरा जीवन प्राप्त हुआ था उस दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाने लगा। इसके अलावा, पौराणिक कथाओं में बताया गया है की देवी सीता और भगवान राम ने बजरंगबली को चिरंजीवी होने का वरदान दिया था। इसी के चलते कार्तिक माह में भी हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है।
वैदिक ब्राह्मण: राहुल कृष्ण महराज जी
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने UPPCS-2024 में पाई सफलता, बने सब रजिस्ट्रार

*अभ्युदय योजना और निःशुल्क कोचिंग का असर, सोनकर ने लहराया परचम*


*संसाधनों की कमी नहीं बनी बाधा, सरकारी कोचिंग से मिली नई उड़ान*


*समाज कल्याण विभाग की पहल रंग लाई, प्रतिभाओं को मिल रहा मंच*


*गोंडा, 09 अप्रैल 2026* - आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद गोंडा के रक्षा राम सोनकर ने उत्तर प्रदेश सम्मिलित राज्य/प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा (UPPCS-2024) में सफलता हासिल कर सब रजिस्ट्रार पद प्राप्त किया है। उनकी यह उपलब्धि न केवल जिले बल्कि प्रदेश के लिए भी प्रेरणादायक उदाहरण बन गई है।

रक्षा राम सोनकर की सफलता के पीछे समाज कल्याण मंत्रालय द्वारा संचालित निःशुल्क कोचिंग और मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इन योजनाओं के माध्यम से उन्हें गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री, अनुभवी शिक्षकों का मार्गदर्शन और प्रतियोगी माहौल मिला, जिसने उनकी तैयारी को मजबूत आधार दिया।

गोमती नगर स्थित भागीदारी भवन में संचालित निःशुल्क आवासीय कोचिंग के तहत अभ्यर्थियों को हॉस्टल, भोजन, लाइब्रेरी और नियमित कक्षाओं की सुविधाएं बिना किसी शुल्क के उपलब्ध कराई जाती हैं। संयुक्त निदेशक आनंद कुमार सिंह के अनुसार, यहां विषय विशेषज्ञों द्वारा मुख्य परीक्षा को ध्यान में रखते हुए उत्तर लेखन अभ्यास और मॉडल टेस्ट भी कराए जाते हैं, जिससे अभ्यर्थियों का आत्मविश्वास बढ़ता है।

वहीं, मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना के अंतर्गत प्रदेश के 75 जिलों में 166 प्रशिक्षण केंद्रों के जरिए यूपीएससी, यूपीपीएससी, जेईई, नीट, एनडीए और सीडीएस जैसी परीक्षाओं की तैयारी भी निःशुल्क कराई जा रही है। यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं के लिए वरदान साबित हो रही है।

समाज कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि कोई भी प्रतिभाशाली युवा आर्थिक अभाव के कारण अपने सपनों से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि उचित मार्गदर्शन और संसाधन मिलने पर युवा किसी भी प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

रक्षा राम सोनकर की यह उपलब्धि न केवल अन्य अभ्यर्थियों को प्रेरित करेगी, बल्कि यह भी दर्शाती है कि सरकारी योजनाएं सही दिशा में लागू होने पर प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में सक्षम हैं।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
सुल्तानपुर में मारपीट के बाद बुजुर्ग की मौत,अयोध्या में इलाज के दौरान चौथे दिन हुई मौत,तीन आरोपियों पर केस दर्ज*
सुल्तानपुर के हलियापुर थाना क्षेत्र में आपसी विवाद के बाद एक बुजुर्ग की मौत हो गई। बुजुर्ग को गंभीर हालत में अयोध्या के मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जानकारी के अनुसार, ग्राम उस्कामऊ (मौंजा तौधिकपुर) निवासी झुरहू प्रसाद 5 अप्रैल की सुबह गांव के ही दयाराम मौर्य के यहां किसी काम से गए थे। आरोप है कि उसी रात करीब 8 बजे आपसी कहासुनी के बाद कुछ लोगों ने एकजुट होकर उन पर हमला कर दिया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पीड़ित के पुत्र अनिल कुमार ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि दयाराम मौर्य, ओमप्रकाश कोरी और माले चमार ने लाठी-डंडों और लात-घूंसों से झुरहू प्रसाद की पिटाई की। जब परिजन शोर सुनकर मौके पर पहुंचे, तो आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को पहले प्राथमिक उपचार के बाद 100 सैय्या अस्पताल, पिठला ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें दर्शन नगर मेडिकल कॉलेज, अयोध्या रेफर कर दिया था। बुधवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। हलियापुर पुलिस ने अनिल कुमार की तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
*गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा*

*गिफ्ट निफ्टी के नाम मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे  ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स बनाने का रिकॉर्ड*
•  मार्च 2026 में 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 12,28,621 करोड़ रुपए) का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज
*नई दिल्ली, 2 अप्रैल, 2026:*  भारतीय इक्विटी मार्केट की ग्रोथ स्टोरी के नए बेंचमार्क, गिफ्ट निफ्टी ने मार्च 2026 में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। इस दौरान, 129.80 बिलियन अमेरिकी डॉलर का अब तक का सबसे ज्यादा मासिक टर्नओवर और 2.82 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स का सबसे ज्यादा मासिक वॉल्यूम दर्ज किया गया। यह उपलब्धि अक्टूबर 2025 के 106.22 बिलियन अमेरिकी डॉलर और अप्रैल 2025 के 2.17 मिलियन कॉन्ट्रैक्ट्स के पिछले रिकॉर्ड से भी आगे पहुँच गई है।
यह उपलब्धि गिफ्ट निफ्टी पर बढ़ते वैश्विक भरोसे और दिलचस्पी को उजागर करती है, जो भारत की ग्रोथ स्टोरी के एक मजबूत बेंचमार्क के रूप में उभर रहा है। गिफ्ट निफ्टी की यह सफलता वास्तव में सराहनीय है, जिसके लिए इसने सभी भागीदारों का आभार व्यक्त किया है। गिफ्ट निफ्टी मानता है कि भागीदारों के सहयोग से यह कॉन्ट्रैक्ट इतना सफल बन पाया है।
एनएसई आईएक्स पर ट्रेडिंग टर्नओवर 3 जुलाई, 2023 से गिफ्ट निफ्टी के फुल-स्केल ऑपरेशन शुरू होने के बाद से लगातार तेजी से बढ़ रहा है। पहले दिन से लेकर मार्च 2026 तक गिफ्ट निफ्टी में कुल 63.37 मिलियन से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट्स का वॉल्यूम दर्ज हुआ है और कुल टर्नओवर 2.92 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुँच चुका है।
सुलतानपुर जेल में कैदी की संदिग्ध मौत,बहुजन अधिकार सेना ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा
सुलतानपुर जिला कारागार में 48 वर्षीय कैदी नत्थू कोरी की मंगलवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। इस घटना के बाद 'बहुजन अधिकार सेना' ने मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा है। संगठन ने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

मृतक नत्थू कोरी (पुत्र मनोहर कोरी) धनपतगंज थाना क्षेत्र के ग्राम चरथई का निवासी था। वह 25 मार्च से जिला कारागार में बंद था। जानकारी के अनुसार, 6 और 7 अप्रैल की दरमियानी रात करीब 1:30 बजे उसका शव जेल के शौचालय में प्लास्टिक की रस्सी से लटका हुआ मिला। जेल प्रशासन इसे आत्महत्या बता रहा है।

हालांकि, 'बहुजन अधिकार सेना' ने इसे जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही और मानवाधिकारों का उल्लंघन करार दिया है। संगठन के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में कई मांगें रखी गई हैं।
ज्ञापन में मांग की गई है कि मामले की मजिस्ट्रियल (न्यायिक) जांच कराई जाए। ड्यूटी पर तैनात लापरवाह जेल कर्मियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई हो। इसके साथ ही, मृतक के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा और न्याय प्रदान किया जाए। संगठन ने जेलों में सीसीटीवी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने की भी मांग की है।

इस घटना ने सुलतानपुर जिला कारागार की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 'बहुजन अधिकार सेना' का आरोप है कि जेल प्रशासन की निगरानी में चूक हुई है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित परिवार को कब तक न्याय मिल पाता है।
यूसीसी और एक देश-एक चुनाव’, बीजेपी के स्थापना दिवस पर पीएम मोदी ने बता दिया टारगेट

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आज यानी 6 अप्रैल को भाजपा के लिए बहुत बड़ा दिन है। आज ही के दिन यानी 6 अप्रैल 1980 को पार्टी की स्थापना हुई थी। बीजेपी का आज अपना 47वां स्थापना दिवस मना रही है। पीएम मोदी ने इस अवसर पर बीजेपी कार्यकर्ताओं को खास संदेश दिया।

पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को किया संबोधित

पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए भावुक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा सिर्फ एक राजनीतिक संगठन नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के लिए “मां” के समान है। पीएम मोदी ने स्थापना दिवस का जिक्र करते हुए कहा कि यह हम कार्यकर्ताओं के लिए एक राजनीतिक आयोजन नहीं होता। ये हम सब कार्यकर्ताओं के लिए एक भावुक अवसर होता है। ये दिन हमें पार्टी के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का मौका देता है कि पार्टी ने हमें राष्ट्र सेवा का सौभाग्य दिया।

भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही-पीएम मोदी

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा, ''देश जानता है, हर चुनौती का सामना करने के लिए भाजपा ईमानदारी से कोशिश कर रही है, आगे भी करेगी। पहले भी सकारात्मक नतीजे मिले हैं और आगे भी मिलेंगे। अंग्रेजों के दौर के सैकड़ों काले कानूनों का अंत, लोकतंत्र के लिए नए संसद भवन का निर्माण, सामान्य समाज के गरीबों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण, कानून बनाकर तीन तलाक पर रोक, सीएए, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण ऐसे कितने ही काम हैं, जो भाजपा के ईमानदार प्रयासों का नतीजा हैं।''

हमारा मिशन अभी भी जारी-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, हमारा मिशन अभी भी जारी है। उन्होंने कहा कि "समान नागरिक संहिता और एक देश-एक चुनाव ऐसे सभी विषयों पर आज देश में एक गंभीर चर्चा हो रही है। भाजपा के कार्यकर्ता जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने में कभी पीछे नहीं हटते।उन्हें दृढ़ विश्वास था कि वे जो कड़ी मेहनत कर रहे हैं, उससे भारत का भविष्य बेहतर होगा।"

कार्यकर्ताओं के समर्पण को किया याद

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि "आज भाजपा जिस शिखर पर है, उसकी चमक सबको दिखती है, लेकिन यहां तक पहुंचने में लाखों कार्यकर्ताओं का जो श्रम है, उन्होंने तप, त्याग की पराकाष्ठा की है, ये वही जान सकता है, जो इस पार्टी के संकल्पों के लिए समर्पित होकर स्वयं इस साधना का हिस्सा रहा है। पीएओम मोदी ने कहा, कार्यकर्ताओं ने हर कठिनाई झेली, चाहे वह आपातकाल हो या कांग्रेस के शासन का दमन। कई कार्यकर्ताओं ने तो अपना जीवन भी बलिदान कर दिया। हमने पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में देखा है, जहां हिंसा को एक राजनीतिक संस्कृति बना दिया गया है।"

हमने कार्यकर्ताओं का विशाल कैडर खड़ा किया

पीएम मोदी ने ने बीजेपी की यात्रा जिक्र करते हुए कहा, "राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के विशाल और पवित्र वट वृक्ष के नीचे हमें साफ नीयत के साथ सुचिता के साथ राजनीति में कदम रखने की प्रेरणा मिली। फिर शुरुआत के कुछ दशकों में हमने संगठन के लिए नीतियां निर्धारित करने में अपनी ऊर्जा लगाई। उसके बाद जो समय आया जब भाजपा ने पूरी निष्ठा के साथ खुद को एक सशक्त कैडर आधारित पार्टी बनाने में झोंक दिया। हमने कार्यकर्ताओं का ऐसा विशाल कैडर खड़ा किया, जिनमें सेवा भावना से काम करने का समर्पण था, जिन्होंने पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन का आदर्श बनाया और जिन्होंने किसी भी परिस्थिति में अपने मूल्यों से समझौता स्वीकार नहीं किया।"

कोरांवशार्ट सर्किट से हार्डवेयर गोदाम में भीषण आग लगी, लाखों का सामान जलकर राख

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज ,कोरांव नगर पंचायत में दोपहर एक हार्डवेयर गोदाम में बिजली की शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लग गई। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान चलकर राख हो गया। बस्ती वाले इलाके में गोदाम होने के कारण आसपास के लोगों में खलबली मच गई।

चमनगंज के हार्डवेयर की दुकान में आग

कोरांव नगर पंचायत के कोरांव-मांडा मार्ग पर नगर पंचायत कोरांव निवासी आशीष कुमार पुत्र सुरेश कुमार का चमनगंज मुहल्ले में हार्डवेयर का गोदाम स्थित है।वह पीवीसी पाइप के थोक विक्रेता है। गुरुवार दोपहर अचानक गोदाम में धुआं निकलने लगा तो आसपास के लोगों ने मामले की जानकारी गोदाम मालिक को दी। तब तक मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ एकत्र हो गई।

दमकलकर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग बुझाई

सूचना पर दमकल की गाड़ी व कोरांव पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने दो घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा सके । पीड़ित दुकानदार आशीष कुमार ने बताया कि गोदाम में रखा सामान जल जाने से लगभग 25 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।

हनुमान जयंती दो बार कब-कब मनाई जाती है?

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, हनुमान का जन्मदिन दो बार मनाने के पीछे खास वजह बताई जाती है। एक हनुमान जयंती उनके जन्मदिवस के रूप में तो दूसरी विजय अभिनन्दन महोत्सव के रूप में मनाई जाती है। कथा के अनुसार, पवन पुत्र बजरंगबली बाल्यकाल से ही बहुत शक्तिशाली और ऊर्जा से भरपूर थे। एक दिन हनुमानजी आकाश में चमकते हुए सूर्य को फल समझकर उसे खाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में इंद्र उन्हें समझाने की कोशिश की, जब हनुमानजी नहीं माने तो इंद्रदेव ने क्रोधित होकर वज्र से उन पर प्रहार कर दिया। इसके चलते बजरंगबली की ठोड़ी धंस गई और वो मूर्छित हो गए। वायुदेव यह जानकर बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने क्रोध में आकर वायु को रोक दिया। इससे हवा बंद हो गई और सभी जीव संकट में आ गए।


हनुमान जी को मिला था दूसरा जीवन
पूरे ब्रह्मांड पर संकट आया तो सभी देवताओं के प्रार्थना करने के बाद ब्रह्माजी ने भगवान हनुमान को दूसरा जीवन दिया। सभी देवताओं ने उन्हें कई प्रकार शक्तियां भी दी थीं। मान्यता है की जिस दिन हनुमानजी को दूसरा जीवन प्राप्त हुआ था उस दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाने लगा। इसके अलावा, पौराणिक कथाओं में बताया गया है की देवी सीता और भगवान राम ने बजरंगबली को चिरंजीवी होने का वरदान दिया था। इसी के चलते कार्तिक माह में भी हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है।
वैदिक ब्राह्मण: राहुल कृष्ण महराज जी
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।