यूपी बोर्ड परीक्षा में जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कछौना कस्बा स्थित श्री जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज कछौना पतसेनी की यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट में छात्र-छात्राओं ने परचम लहराया। बेहतर रिजल्ट देखकर छात्र-छात्राओं ने गुरुजनों व माता-पिता व विद्यालय परिवार का मान बढ़ाया। हाई स्कूल छात्र अभिषेक कुमार ने 90.50% अंक प्राप्त का प्रथम स्थान अर्जित किया, छात्र अनुराधा वर्मा ने 90.17% अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र सत्येंद्र कुमार राना ने 89.81 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया, छात्रा साक्षी भारतीय ने 89.83% अंक अर्जित का चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा में छत्र राज किशोर ने 87.80 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, छात्र आयुष चौरसिया ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र नैमिष राठौर ने 87.00% अंक अर्जित कर तृतीय प्राप्त किया, छात्र कौशल किशोर ने 87.00 प्रतिशत अंक अर्जित चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधक डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी, परीक्षा परिणाम से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने कहा परीक्षाएं जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है। सीखने की यात्रा का सिर्फ एक चरण है, सीखना जिंदगी भर चलता रहता है, परीक्षाएं सीखने, बैठने और खुद को समझने का अवसर है।
सफलता का परचम: पाली के मेधावियों ने बोर्ड परीक्षा में दिखाया दमखम

हाईस्कूल में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज तथा इंटर में सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज रहा अव्वल

विशाल वाजपेई
पाली, हरदोई। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार पाली कस्बे के मेधावियों ने सफलता की नई इबारत लिखी है। नगर के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। क्षेत्र के सरस्वती विद्या मंदिर, सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज और पब्लिक शिक्षा निकेतन के बीच अंकों की कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

हाईस्कूल: अंचल, रंजना और कोमल ने लहराया परचम
हाईस्कूल परीक्षा में सरस्वती विद्या मंदिर के अंचल अग्निहोत्री ने 91.33% अंकों के साथ नगर में सर्वोच्च स्थान की दौड़ में बढ़त बनाई। वहीं, पब्लिक शिक्षा निकेतन की रंजना बाजपेयी ने 90.66% अंक पाकर अपनी चमक बिखेरी। सेठ बाबूराम कॉलेज की कोमल देवी भी 90.5% अंक पाकर टॉपर्स की फेहरिस्त में शामिल रहीं।
इंटरमीडिएट: अरुण और प्रिंस रहे अव्वल
इंटरमीडिएट के परिणामों में सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज के अरुण कुमार ने 88.2% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। सरस्वती विद्या मंदिर के प्रिंस चौहान ने भी 86.6% अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया।

मेधावियों ने पेश की मिसाल
सरस्वती विद्या मंदिर के सौम्या गुप्ता (90.33%) और उत्कर्ष व आयुष (88.83%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं पंथ इंटर कॉलेज की आकांक्षा पाठक ने 86.6% अंक पाकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। कासिम अली जनता इंटर कॉलेज की छात्राओं असरा बनो और अलकमा ने भी विषम परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर सफलता हासिल की।

नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, पाली, हरदोई में कक्षा 10 में अंचल अग्निहोत्री ने 91.33% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। सौम्या गुप्ता 90.33% के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि उत्कर्ष बाजपेई और आयुष ने 88.83% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 12 में प्रिंस चौहान ने 86.6% अंक के साथ प्रथम, अंशू राठौर ने 84% के साथ द्वितीय और मानवी मिश्रा ने 83.4% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वहीं सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज, पाली, हरदोई के कक्षा 10 में कोमल देवी ने 90.5% अंक पाकर विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। हसन फराज (85.86%) द्वितीय और आदित्य कुमार (84.83%) तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 12 में अरुण कुमार ने 88.2% अंक के साथ प्रथम, हर्षित कुमार 84.2% के साथ द्वितीय और शिवानी देवी 83.8% के साथ तृतीय स्थान पर रहीं।

कासिम अली जनता इंटर कॉलेज, पाली में कक्षा 10 की छात्रा असरा बनो ने 82.5% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। हरीम फातिमा (82%) द्वितीय और अंश मिश्रा (80.33%) तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 12 में अलकमा (80%) प्रथम, साजिया (79.8%) द्वितीय और निस्वानाज (77%) तृतीय स्थान पर रहीं।

इसी क्रम में पब्लिक शिक्षा निकेतन, पाली के कक्षा 10 में रंजना बाजपेयी ने 90.66% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अभिषेक मोहन (90.33%) द्वितीय और गोल्डी (89.66%) तृतीय स्थान पर रहे।

पंथ इंटरमीडिएट कॉलेज, पाली के कक्षा 10 में आकांक्षा पाठक ने 86.6% अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। आदर्श तिवारी (83.16%) द्वितीय तथा अभिनव (78.16%) तृतीय स्थान पर रहे।

नगर के सभी विद्यालयों में परिणाम आते ही जश्न का माहौल हो गया। शिक्षकों ने बच्चों का मुंह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रवासियों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रवासी फाउंडेशन का अभियान
जौनपुर। सदियों से पलायन का दंश झेल रहे पूर्वांचल को इस कलंक से मुक्ति दिलाने के लिए मुंबई के प्रवासियों ने एक अभियान शुरू किया है, जिसका सूत्रपात आगामी 6 मई को मुंगरा बादशाहपुर में प्रवासी सम्मेलन के ज़रिए किया जायेगा।  कुछ हालिया घटनाओं पर गौर किया जाये, तो पूर्वांचल एक बड़ी समस्या से घिरता जा रहा है। आपको सैकड़ों ऐसे लोग मिल जायेंगे, अपनी पैतृक जमीन बेंच कर मुंबई जैसे महानगरों में या तो फ्लैट ख़रीद रहे हैं, या तो कुछ कारोबार शुरू कर रहे हैं। यह सिलसिला पिछले कुछ सालों से शुरू हुआ है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्वांचल से मुंबई जाने वाली गाड़ियां ठसाठस भरी जा रही हैं, जबकि वहाँ के भूमिपुत्रों द्वारा हमारे लोगों को किस तरह से अपमानित व प्रताड़ित किया जा रहा है, यह जग जाहिर है। मुंबई और महाराष्ट्र में पूर्वांचल के लोग इतनी तादात में हो गए हैं कि वहाँ की सरकार को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन जातियों और गुटों में बिखरे प्रवासी अपनी कोई ख़ास पहचान नहीं बना पाए। मुंबई ही नहीं, देश के जिस भी महानगर में पूर्वांचल के लोग गए, वहाँ अपनी कड़ी मेहनत से ख़ुद का भी विकास किया और उस राज्य को भी चमकाया। मगर अब हालात बदल गए हैं, उस राज्य के स्थानीय भूमिपुत्रों को लगता है कि ये बाहर से आए हुए लोग उनका हक मार रहे हैं। इसी वजह से भाषा और प्रांत के विवाद की खबरें आए दिन आती रहती हैं।
आपसी एकता न होने की वजह परदेस में भी शोषण का शिकार होना पड़ता है और मार्गदर्शन के अभाव में गांव के भी किसी काम नहीं नहीं आ पाते। प्रवासी समाज में आपसी एकता बहुत जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संगठित हो सकें। ऐसे ही तमाम मुद्दों के लिए आयोजित प्रवासी सम्मेलन की संपन्नता के बाद मुंबई में प्रवासी फाउंडेशन नाम से एक मंच का गठन करके, वहाँ गांवों के विकास के लिए सामूहिक योजना बनाने का निश्चय किया गया है, जिसमें मुंगरा बादशाहपुर व आसपास के सीमावर्ती जिलों के प्रवासियों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जो पूरी तरह से ग़ैर राजनैतिक होगा। इस बारे में प्रवासी फाउंडेशन के लिए अरविंद उपाध्याय और अमित दुबे ने मुंगरा बादशाहपुर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और अपना भविष्य का लक्ष्य बताया।
बेटी भावना त्रिवेदी ने रचा इतिहास: यूपी बोर्ड हाईस्कूल में 94% अंकों के साथ जिले में पाया तीसरा स्थान*
बेटियां किसी से कम नहीं': भावना बनीं हरदोई की शान, जिले की टॉपर्स लिस्ट में तीसरा स्थान पाकर बढ़ाया कछौना क्षेत्र का मान*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* "हौसलों से उड़ान होती है" इस बात को बालामऊ की एक होनहार छात्रा ने सच कर दिखाया है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2026 के परिणामों में एस.बी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज, बालामऊ की मेधावी छात्रा कुमारी भावना त्रिवेदी ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए जिले की मेरिट सूची में तीसरा स्थान (3rd Rank) प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ग्राम व पोस्ट बालामऊ निवासी नृपेंद्र कुमार त्रिवेदी की पुत्री भावना ने इस परीक्षा में 94% अंक अर्जित किए हैं। उनकी इस बड़ी सफलता की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने भावना का मुँह मीठा कराकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपनी सफलता का श्रेय भावना ने अपने माता-पिता के अटूट सहयोग और विद्यालय के गुरुजनों के सही मार्गदर्शन को दिया है। विद्यालय परिवार ने कहा कि भावना की यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। ग्रामीण अंचल की मेधा ने यह साबित कर दिया कि गाँव की बेटियां भी आसमान छूने का जज्बा रखती हैं।एस.बी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज प्रशासन ने इस ऐतिहासिक पल पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सदैव तत्पर है। भावना की सफलता से प्रेरित होकर विद्यालय के अन्य छात्रों में भी एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं भावना की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है। बालामऊ के लिए यह गौरव का क्षण है! स्कूल स्टाफ और क्षेत्रवासियों ने भावना को भविष्य में और ऊंचाइयों को छूने की शुभकामनाएं दी हैं।
सुल्तानपुर में रात के अंधेरे में गरजे फाइटर जेट, वायुसेना का हाईटेक रिहर्सल जारी
सुल्तानपुर। जिले में भारतीय वायु सेना का मेगा रिहर्सल दिन के साथ-साथ अब रात में भी जारी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जयसिंहपुर क्षेत्र के अरवल कीरी करवत इलाके में चल रहे इस अभ्यास में देर शाम लड़ाकू विमानों ने आसमान में अद्भुत करतब दिखाए।
रिहर्सल के दौरान फाइटर जेट्स में लगी लाइट्स की चमक ने रात के अंधेरे को रोशन कर दिया। तेज रफ्तार और सटीक मूवमेंट के साथ वायुसेना के विमानों ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया।
सुरक्षा के मद्देनजर रिहर्सल स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन लागू कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि अभ्यास में कोई बाधा न आए।
बताया जा रहा है कि यह रिहर्सल किसी बड़े एयर शो या आपातकालीन ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा है, जिसमें एक्सप्रेस-वे को अस्थायी रनवे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा बेहद रोमांचक रहा, जहां उन्होंने रात में पहली बार फाइटर जेट्स की रोशनी के साथ करतबों को देखा।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
देवघर-साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के रवीन्द्र सभागार में विद्यार्थियों के बीच 'विश्व पृथ्वी दिवस' शीर्षक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर बेबी कुमारी को प्रथम, कशिश प्रिया को द्वितीय, आकृति कुमारी वर्णवाल को तृतीय, अमन कुमार को चतुर्थ, आस्था कुमारी को पंचम, आयुष कुमार को षष्ठ, मुस्कान सिंह को सप्तम, निशांत राज को अष्टम एवं शौर्य मयंक सिंह को नवम स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा। आज की प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ साथ शिक्षिका मनीषा घोष, सुदीप्ता चक्रबर्ती, भारती मैम, शिक्षक उदय कुमार मंडल, जीतेन्द्र कुमार चंद्र, मुनेश्वर प्रसाद यादव एवं अन्य की अहम भूमिका रही।
बलिया में BJP जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री  हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

दरिद्रता से भी अधिक खतरनाक हैं वह पिछड़ापन जो प्रधानमंत्री के कुर्सी पर बैठने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ ।"दरिद्रता से भी अधिक खतरनाक है वह पिछड़ापन, जो प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता। अगर सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचकर भी 'दीन-हीन' का ठप्पा लगा रहे, तो यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए सोचने का विषय है।"

एक तरफ देश को विकसित बनाने के दावे हैं, दूसरी तरफ हक मारने की यह राजनीति। जब सांसद, विधायक और मंत्री बनकर भी 'दलितपन' या 'पिछड़ापन' नहीं जाता, तो सवाल उठता है कि क्या यह सचमुच उत्थान के लिए है या सिर्फ दूसरों का हिस्सा खाने के लिए? दुनिया आविष्कार कर रही है और हम अपनी पहचान को पीछे धकेलने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने परशुराम जयंती मनाई जाने हेतु आयोजित बैठक में कही भारतीय राजनीत के रंग मंच पर एक ऐसा प्रहसन चल रहा है जिसे देख कर शर्म को भी शर्म आ जाए।

सत्ता के गलियारे में अति पिछड़ा होने की ऐसी होड़ मची है मानो प्रधानमंत्री का पद कोई संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि वंचित होने सर्टिफिकेट बांटने वाली खिड़की हो। सत्ता की धूर्तता नीला चोला 14 अपील को सरकारी खर्च पर जिस तरह से नीली मोहब्बत का भव्य प्रदर्शन किया गया वह भाजपा के वैचारिक दिवालिए पन का प्रमाण है जो कल तक सपा के पीडीए को कोसते थे आज वे खुद अति पिछड़ा कार्ड खोल कर उसी राह पर रेंग रहे हैं यह महज इत्तेफाक नहीं बल्कि सुनियोजित पॉलिटिकल पाखण्ड है 24 साल तक सत्ता के  सराओच्चा शिखर पर विराजमान रहने वाला व्यक्ति जो हजारों करोड़ों के विमानों में बदलने का कार्य करता हो वह खुद को "अति पिछड़ा कह कर उन कारणों लोगों के मुंह पर तमाचा मार रहा है जो वास्तव में गरीबी रेखा के नीचे सड़ रहे हैं।
यूपी बोर्ड परीक्षा में जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज के छात्र-छात्राओं ने लहराया परचम*
रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* कछौना कस्बा स्थित श्री जानकी प्रसाद इंटर कॉलेज कछौना पतसेनी की यूपी बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट में छात्र-छात्राओं ने परचम लहराया। बेहतर रिजल्ट देखकर छात्र-छात्राओं ने गुरुजनों व माता-पिता व विद्यालय परिवार का मान बढ़ाया। हाई स्कूल छात्र अभिषेक कुमार ने 90.50% अंक प्राप्त का प्रथम स्थान अर्जित किया, छात्र अनुराधा वर्मा ने 90.17% अंक अर्जित कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र सत्येंद्र कुमार राना ने 89.81 प्रतिशत अंक अर्जित कर तृतीय स्थान प्राप्त किया, छात्रा साक्षी भारतीय ने 89.83% अंक अर्जित का चतुर्थ स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा में छत्र राज किशोर ने 87.80 प्रतिशत अंक अर्जित कर प्रथम स्थान प्राप्त किया, छात्र आयुष चौरसिया ने 87.60 प्रतिशत अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान प्राप्त किया, छात्र नैमिष राठौर ने 87.00% अंक अर्जित कर तृतीय प्राप्त किया, छात्र कौशल किशोर ने 87.00 प्रतिशत अंक अर्जित चतुर्थ स्थान प्राप्त किया, सभी उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को विद्यालय प्रबंधक डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने सभी के उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी, परीक्षा परिणाम से छात्र-छात्राओं में काफी उत्साह है। डॉक्टर शिवराज सिंह पटेल ने कहा परीक्षाएं जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं है। सीखने की यात्रा का सिर्फ एक चरण है, सीखना जिंदगी भर चलता रहता है, परीक्षाएं सीखने, बैठने और खुद को समझने का अवसर है।
सफलता का परचम: पाली के मेधावियों ने बोर्ड परीक्षा में दिखाया दमखम

हाईस्कूल में सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज तथा इंटर में सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज रहा अव्वल

विशाल वाजपेई
पाली, हरदोई। यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में इस बार पाली कस्बे के मेधावियों ने सफलता की नई इबारत लिखी है। नगर के विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त कर अपनी मेधा का परिचय दिया। क्षेत्र के सरस्वती विद्या मंदिर, सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज और पब्लिक शिक्षा निकेतन के बीच अंकों की कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली।

हाईस्कूल: अंचल, रंजना और कोमल ने लहराया परचम
हाईस्कूल परीक्षा में सरस्वती विद्या मंदिर के अंचल अग्निहोत्री ने 91.33% अंकों के साथ नगर में सर्वोच्च स्थान की दौड़ में बढ़त बनाई। वहीं, पब्लिक शिक्षा निकेतन की रंजना बाजपेयी ने 90.66% अंक पाकर अपनी चमक बिखेरी। सेठ बाबूराम कॉलेज की कोमल देवी भी 90.5% अंक पाकर टॉपर्स की फेहरिस्त में शामिल रहीं।
इंटरमीडिएट: अरुण और प्रिंस रहे अव्वल
इंटरमीडिएट के परिणामों में सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज के अरुण कुमार ने 88.2% अंक हासिल कर विद्यालय का नाम रोशन किया। सरस्वती विद्या मंदिर के प्रिंस चौहान ने भी 86.6% अंकों के साथ शानदार प्रदर्शन किया।

मेधावियों ने पेश की मिसाल
सरस्वती विद्या मंदिर के सौम्या गुप्ता (90.33%) और उत्कर्ष व आयुष (88.83%) ने भी उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वहीं पंथ इंटर कॉलेज की आकांक्षा पाठक ने 86.6% अंक पाकर विद्यालय को गौरवान्वित किया। कासिम अली जनता इंटर कॉलेज की छात्राओं असरा बनो और अलकमा ने भी विषम परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर सफलता हासिल की।

नगर के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, पाली, हरदोई में कक्षा 10 में अंचल अग्निहोत्री ने 91.33% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। सौम्या गुप्ता 90.33% के साथ द्वितीय स्थान पर रहीं, जबकि उत्कर्ष बाजपेई और आयुष ने 88.83% अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया।
कक्षा 12 में प्रिंस चौहान ने 86.6% अंक के साथ प्रथम, अंशू राठौर ने 84% के साथ द्वितीय और मानवी मिश्रा ने 83.4% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान प्राप्त किया।

वहीं सेठ बाबूराम भारतीय इंटर कॉलेज, पाली, हरदोई के कक्षा 10 में कोमल देवी ने 90.5% अंक पाकर विद्यालय में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। हसन फराज (85.86%) द्वितीय और आदित्य कुमार (84.83%) तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 12 में अरुण कुमार ने 88.2% अंक के साथ प्रथम, हर्षित कुमार 84.2% के साथ द्वितीय और शिवानी देवी 83.8% के साथ तृतीय स्थान पर रहीं।

कासिम अली जनता इंटर कॉलेज, पाली में कक्षा 10 की छात्रा असरा बनो ने 82.5% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। हरीम फातिमा (82%) द्वितीय और अंश मिश्रा (80.33%) तृतीय स्थान पर रहे।
कक्षा 12 में अलकमा (80%) प्रथम, साजिया (79.8%) द्वितीय और निस्वानाज (77%) तृतीय स्थान पर रहीं।

इसी क्रम में पब्लिक शिक्षा निकेतन, पाली के कक्षा 10 में रंजना बाजपेयी ने 90.66% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया। अभिषेक मोहन (90.33%) द्वितीय और गोल्डी (89.66%) तृतीय स्थान पर रहे।

पंथ इंटरमीडिएट कॉलेज, पाली के कक्षा 10 में आकांक्षा पाठक ने 86.6% अंक के साथ प्रथम स्थान हासिल किया। आदर्श तिवारी (83.16%) द्वितीय तथा अभिनव (78.16%) तृतीय स्थान पर रहे।

नगर के सभी विद्यालयों में परिणाम आते ही जश्न का माहौल हो गया। शिक्षकों ने बच्चों का मुंह मीठा कराया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
प्रवासियों के अधिकारों और सम्मान के लिए प्रवासी फाउंडेशन का अभियान
जौनपुर। सदियों से पलायन का दंश झेल रहे पूर्वांचल को इस कलंक से मुक्ति दिलाने के लिए मुंबई के प्रवासियों ने एक अभियान शुरू किया है, जिसका सूत्रपात आगामी 6 मई को मुंगरा बादशाहपुर में प्रवासी सम्मेलन के ज़रिए किया जायेगा।  कुछ हालिया घटनाओं पर गौर किया जाये, तो पूर्वांचल एक बड़ी समस्या से घिरता जा रहा है। आपको सैकड़ों ऐसे लोग मिल जायेंगे, अपनी पैतृक जमीन बेंच कर मुंबई जैसे महानगरों में या तो फ्लैट ख़रीद रहे हैं, या तो कुछ कारोबार शुरू कर रहे हैं। यह सिलसिला पिछले कुछ सालों से शुरू हुआ है और लगातार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्वांचल से मुंबई जाने वाली गाड़ियां ठसाठस भरी जा रही हैं, जबकि वहाँ के भूमिपुत्रों द्वारा हमारे लोगों को किस तरह से अपमानित व प्रताड़ित किया जा रहा है, यह जग जाहिर है। मुंबई और महाराष्ट्र में पूर्वांचल के लोग इतनी तादात में हो गए हैं कि वहाँ की सरकार को प्रभावित कर सकते हैं, लेकिन जातियों और गुटों में बिखरे प्रवासी अपनी कोई ख़ास पहचान नहीं बना पाए। मुंबई ही नहीं, देश के जिस भी महानगर में पूर्वांचल के लोग गए, वहाँ अपनी कड़ी मेहनत से ख़ुद का भी विकास किया और उस राज्य को भी चमकाया। मगर अब हालात बदल गए हैं, उस राज्य के स्थानीय भूमिपुत्रों को लगता है कि ये बाहर से आए हुए लोग उनका हक मार रहे हैं। इसी वजह से भाषा और प्रांत के विवाद की खबरें आए दिन आती रहती हैं।
आपसी एकता न होने की वजह परदेस में भी शोषण का शिकार होना पड़ता है और मार्गदर्शन के अभाव में गांव के भी किसी काम नहीं नहीं आ पाते। प्रवासी समाज में आपसी एकता बहुत जरूरी है, ताकि वे अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संगठित हो सकें। ऐसे ही तमाम मुद्दों के लिए आयोजित प्रवासी सम्मेलन की संपन्नता के बाद मुंबई में प्रवासी फाउंडेशन नाम से एक मंच का गठन करके, वहाँ गांवों के विकास के लिए सामूहिक योजना बनाने का निश्चय किया गया है, जिसमें मुंगरा बादशाहपुर व आसपास के सीमावर्ती जिलों के प्रवासियों को जोड़ने का निर्णय लिया गया है, जो पूरी तरह से ग़ैर राजनैतिक होगा। इस बारे में प्रवासी फाउंडेशन के लिए अरविंद उपाध्याय और अमित दुबे ने मुंगरा बादशाहपुर में प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित किया और अपना भविष्य का लक्ष्य बताया।
बेटी भावना त्रिवेदी ने रचा इतिहास: यूपी बोर्ड हाईस्कूल में 94% अंकों के साथ जिले में पाया तीसरा स्थान*
बेटियां किसी से कम नहीं': भावना बनीं हरदोई की शान, जिले की टॉपर्स लिस्ट में तीसरा स्थान पाकर बढ़ाया कछौना क्षेत्र का मान*

रितेश मिश्रा
कछौना, हरदोई:* "हौसलों से उड़ान होती है" इस बात को बालामऊ की एक होनहार छात्रा ने सच कर दिखाया है। यूपी बोर्ड हाईस्कूल परीक्षा 2026 के परिणामों में एस.बी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज, बालामऊ की मेधावी छात्रा कुमारी भावना त्रिवेदी ने अपनी प्रतिभा का परचम लहराते हुए जिले की मेरिट सूची में तीसरा स्थान (3rd Rank) प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। ग्राम व पोस्ट बालामऊ निवासी नृपेंद्र कुमार त्रिवेदी की पुत्री भावना ने इस परीक्षा में 94% अंक अर्जित किए हैं। उनकी इस बड़ी सफलता की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यालय के प्रबंधक, प्रधानाचार्य और शिक्षकों ने भावना का मुँह मीठा कराकर उन्हें आशीर्वाद दिया और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। अपनी सफलता का श्रेय भावना ने अपने माता-पिता के अटूट सहयोग और विद्यालय के गुरुजनों के सही मार्गदर्शन को दिया है। विद्यालय परिवार ने कहा कि भावना की यह उपलब्धि दर्शाती है कि यदि संकल्प दृढ़ हो, तो संसाधनों की कमी कभी आड़े नहीं आती। ग्रामीण अंचल की मेधा ने यह साबित कर दिया कि गाँव की बेटियां भी आसमान छूने का जज्बा रखती हैं।एस.बी.एस. पब्लिक इंटर कॉलेज प्रशासन ने इस ऐतिहासिक पल पर गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यालय गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए सदैव तत्पर है। भावना की सफलता से प्रेरित होकर विद्यालय के अन्य छात्रों में भी एक नया उत्साह देखने को मिल रहा है। वहीं भावना की इस शानदार उपलब्धि पर बधाई संदेशों का तांता लगा हुआ है। बालामऊ के लिए यह गौरव का क्षण है! स्कूल स्टाफ और क्षेत्रवासियों ने भावना को भविष्य में और ऊंचाइयों को छूने की शुभकामनाएं दी हैं।
सुल्तानपुर में रात के अंधेरे में गरजे फाइटर जेट, वायुसेना का हाईटेक रिहर्सल जारी
सुल्तानपुर। जिले में भारतीय वायु सेना का मेगा रिहर्सल दिन के साथ-साथ अब रात में भी जारी है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जयसिंहपुर क्षेत्र के अरवल कीरी करवत इलाके में चल रहे इस अभ्यास में देर शाम लड़ाकू विमानों ने आसमान में अद्भुत करतब दिखाए।
रिहर्सल के दौरान फाइटर जेट्स में लगी लाइट्स की चमक ने रात के अंधेरे को रोशन कर दिया। तेज रफ्तार और सटीक मूवमेंट के साथ वायुसेना के विमानों ने अपनी ताकत और तकनीक का शानदार प्रदर्शन किया।
सुरक्षा के मद्देनजर रिहर्सल स्थल के आसपास आम लोगों की आवाजाही पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही प्रशासन द्वारा रूट डायवर्जन लागू कर यातायात को नियंत्रित किया जा रहा है, ताकि अभ्यास में कोई बाधा न आए।
बताया जा रहा है कि यह रिहर्सल किसी बड़े एयर शो या आपातकालीन ऑपरेशन की तैयारी का हिस्सा है, जिसमें एक्सप्रेस-वे को अस्थायी रनवे के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों के लिए यह नजारा बेहद रोमांचक रहा, जहां उन्होंने रात में पहली बार फाइटर जेट्स की रोशनी के साथ करतबों को देखा।
जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि को मारी गोली, लखनऊ रिफर
*गाड़ी में बैठते समय कहासुनी के बाद दबंगों ने मारी गोली

गोंडा।जिले के परसपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत डेसरास ग्राम पंचायत के गजराज पुरवा में सोमवार देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश को लेकर गोलीबारी की घटना सामने आई है।जहाँ जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गांव के कुछ लोगों ने आपसी कहासुनी के बाद गोली मार दिया।गंभीर रूप से घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा से लखनऊ रिफर कर दिया गया है।यह घटना देर रात  उस समय हुई जब भूपेंद्र सिंह अपनी गाड़ी में बैठ रहे थे।गोली लगने के बाद उनकी गाड़ी एक पेड़ से टकरा गई।घटना के तत्काल बाद परिवार के सदस्य उनको सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परसपुर ले गये,जहाँ से उन्हें जिला मुख्यालय स्थित मेडिकल कालेज भेज दिया गया।जहाँ उनकी गंभीर हालत को देखते हुए लखनऊ रिफर कर दिया गया है।भूपेंद्र सिंह के पेट में गोली के छर्रे लगे हैं,जिससे उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल घटना स्थल पर पहुंचे।उन्होंने भाजपा जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह की पत्नी और परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह से घटना के संबंध में जानकारी प्राप्त किया।घटना में शामिल आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक ने पांच टीमों का गठन किया है।भूपेंद्र सिंह पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के करीबी बताए जाते हैं।उनकी पत्नी अनामिका सिंह परसपुर पंचम क्षेत्र से जिला पंचायत सदस्य हैं।भूपेंद्र सिंह स्वयं भी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि होने के साथ साथ प्रधानी के चुनाव की तैयारी कर रहे थे।पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह घटना चुनावी रंजिश और आपसी कहासुनी का प्रतीत होता है।पुलिस अधीक्षक ने पुष्टि किया कि उन्होंने मौके पर पहुंच कर घटनास्थल का निरीक्षण किया है।उन्होंने बताया कि घटना के खुलासे और आरोपियों की धरपकड़ के लिए पांच पुलिस टीमों को लगाया गया है।पुलिस ने जल्द ही इस पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।घायल भूपेंद्र सिंह को इलाज के लिए गोंडा मेडिकल कॉलेज में एंबुलेंस से नीचे उतारते समय साथ आए लोगों ने मेडिकल कालेज की सुरक्षा में तैनात सुरक्षा गार्ड से गाली गलौज किया है,जिससे मेडिकल कालेज में तैनात कई गार्ड नाराज हैं और उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग किया है।
देवघर-साप्ताहिक विश्व पृथ्वी दिवस के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन।
देवघर: विश्व पृथ्वी दिवस 22 अप्रैल को दुनिया भर में पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित किया जाता है। इसकी स्थापना अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने 1970 में एक पर्यावरण शिक्षा के रूप की थी। अब इसे 192 से अधिक देशों में प्रति वर्ष मनाया जाता है। स्थानीय साइंस एंड मैथमेटिक्स डेवलपमेंट आर्गेनाइजेशन के बैनर तले दीनबंधु उच्च विद्यालय के रवीन्द्र सभागार में विद्यार्थियों के बीच 'विश्व पृथ्वी दिवस' शीर्षक निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया जिसमें दर्जनों विद्यार्थियों ने अपनी अपनी भागीदारी निभाई। प्राप्ताँक के आधार पर बेबी कुमारी को प्रथम, कशिश प्रिया को द्वितीय, आकृति कुमारी वर्णवाल को तृतीय, अमन कुमार को चतुर्थ, आस्था कुमारी को पंचम, आयुष कुमार को षष्ठ, मुस्कान सिंह को सप्तम, निशांत राज को अष्टम एवं शौर्य मयंक सिंह को नवम स्थान प्राप्त हुआ। सभी विजयी प्रतिभागियों को आगामी 22 अप्रैल रवीन्द्र सभागार में मुख्य अतिथि साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह संत माइकल एंग्लो विद्यालय के निदेशक डॉ. जय चंद्र राज, विशिष्ट अतिथि साइंस फॉर सोसाइटी, देवघर के अध्यक्ष प्रो. रामनंदन सिंह, सचिव सुबोध कुमार झा, साइंस आर्गेनाइजेशन के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रदीप कुमार सिंह देव व दीनबंधु स्कूल के प्रधानाध्यापक काजल कांति सिकदार के करकमलों से पुरस्कृत किया जाएगा। आज की प्रतियोगिता को सफल बनाने में विद्यालय के प्रधानाध्यापक के साथ साथ शिक्षिका मनीषा घोष, सुदीप्ता चक्रबर्ती, भारती मैम, शिक्षक उदय कुमार मंडल, जीतेन्द्र कुमार चंद्र, मुनेश्वर प्रसाद यादव एवं अन्य की अहम भूमिका रही।
बलिया में BJP जिला महामंत्री हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' के स्वागत में अनोखा जलवा: दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा, वीडियो वायरल

संजीव  सिंह, नगरा (बलिया): बलिया जनपद के नगरा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नव-नियुक्त जिला महामंत्री  हिमांशु प्रताप सिंह 'मंटू' का स्वागत बेहद अनोखे अंदाज में किया गया। नगर पंचायत नगरा में BJP जिला कार्य समिति सदस्य व समाजसेवी प्रो. समरजीत बहादुर सिंह द्वारा आयोजित भव्य समारोह में पारंपरिक माल्यार्पण के साथ दो बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने सबका ध्यान खींच लिया। यह दृश्य सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।कार्यक्रम का संचालन जिला कार्यसमिति सदस्य प्रो. समरजीत सिंह, मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मंडल अध्यक्ष मालीपुर पंचम गुप्ता और नगर पंचायत नगरा के पूर्व प्रत्याशी दीपक राम ने किया। स्वागत में माल्यार्पण, अंगवस्त्र व स्मृति चिन्ह भेंट के बाद बुलडोजरों से फूलों की वर्षा ने उत्साह दोगुना कर दिया।प्रमुख पदाधिकारियों की मौजूदगी
इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष नगरा सूर्य प्रकाश सिंह, मालीपुर मंडल अध्यक्ष पंचम गुप्ता, वरिष्ठ कार्यकर्ता सुरेश सोनी, जिला पंचायत सदस्य प्रत्याशी मन्नू सिंह, अतुल आनंद सिंह, संजय पांडे, अमन पांडे, कृष्णा कुशवाहा,  पृथ्वी पाल सिंह पूर्व मंडल अध्यक्ष, परमहंस वर्मा, धर्मराज सिंह, मो. इरफान अहमद, मो. मंसूर अली, संजीव गिरी, चंद्रभूषण ‘टिंकू’ और मंडल महामंत्री अमरेंद्र सोनी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।वक्ताओं ने संगठन की एकजुटता और कार्यकर्ताओं की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे आयोजन पार्टी को मजबूत बनाते हैं। नए जिला महामंत्री ने आभार व्यक्त करते हुए कहा, “आपका विश्वास मेरी प्रेरणा है। मैं संगठन की जिम्मेदारियों को निभाते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कटिबद्ध रहूंगा।”यह अनोखा स्वागत बलिया के राजनीतिक पटल पर चर्चा का विषय बन गया है, जो BJP कार्यकर्ताओं के जोश को साफ दर्शाता है।
4 वर्षीय नन्हीं 'जलपरी' का कमाल, गहरी यमुना नदी को मात्र 21 मिनट 28 सेकेंड में तैरकर किया पार

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, कल्पना कीजिए एक ऐसी नन्हीं बच्ची की, जिसके कदम अभी जमीन पर पूरी तरह जमे भी नहीं हैं। इसके लिए यमुना नदी का विशाल पाट किसी समंदर से कम नहीं है। जहां बड़े-बड़े तैराकों के हौसले लहरों का शोर सुनकर डगमगा जाते हैं, वहां चार वर्ष की एक मासूम ने पानी पर अपनी जीत की इबारत लिख दी है।

नन्हीं जलपरी सत्या भारती का कमाल

यह कहानी किसी परीकथा की नहीं, बल्कि प्रयागराज की उस 'जलपरी' सत्या भारती की है, जिसने अपने चौथे जन्मदिन पर खिलौनों के बजाय तूफानी लहरों से खेलकर दुनिया को दांतों तले उंगलियां दबाने पर मजबूर कर दिया।

कुशल डाल्फिन की तरह यमुना को किया पार

शहर के नैनी महेवा की रहने वाली सत्या भारती ने जब सुबह 7:24 पर यमुना की गहराई में छलांग लगाई, तो किनारे पर खड़े हर शख्स की धड़कनें थमी हुई थीं। 900 मीटर का वो सफर, जो किसी अनुभवी तैराक के लिए भी परीक्षा जैसा होता है, उसे सत्या ने 'ब्रेस्टस्ट्रोक' स्टाइल में किसी कुशल डाल्फिन की तरह महज 21 मिनट 28 सेकंड में तय कर लिया। जैसे-जैसे उनके छोटे-छोटे हाथ पानी को पीछे धकेल रहे थे, यमुना का लहरें सत्या के अटूट हौसले के आगे नतमस्तक हो रहा था।

माता-पिता को बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास

कोच त्रिभुवन निषाद के मार्गदर्शन में तैर रही सत्या की एकाग्रता देखने लायक थी। घाट पर मौजूद भीड़ का शोर और 'सत्या जिंदाबाद' के नारों ने मानों उसे ऊर्जा की एक नई लहर दे दी थी। माता-पिता और दादी की आँखों में डर नहीं, बल्कि अपनी बेटी के विश्वविजेता बनने का अटूट विश्वास चमक रहा था।

यमुना नदी की 900 मीटर दूरी पार की

गुरुवार सुबह 7:45:28 बजे जब सत्या ने दूसरे छोर को छुआ तो प्रयागराज की माटी ने एक इतिहास बनते देखा। यह सिर्फ 900 मीटर की दूरी नहीं थी, बल्कि एक चार साल की बच्ची का वो संकल्प था जिसने असंभव शब्द की परिभाषा बदल दी। आज पूरा देश इस नन्हीं चैंपियन की ओर देख रहा है, जिसके सपनों में अभी से ओलंपिक के पदक चमकने लगे हैं।

क्या कहते हैं नन्हीं जलपरी के कोच?

कोच त्रिभुवन निषाद कहते हैं कि सत्या की यह जीत महज एक रिकार्ड नहीं, बल्कि उन करोड़ों माता-पिता के लिए एक संदेश है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। आज यमुना की लहरें शांत हैं पर सत्या के हौसले की गूंज पूरे देश में सुनाई दे रही है। यह नन्हीं जलपरी कल जब बड़ी होगी, तो शायद समंदर भी छोटे पड़ जाएंगे, क्योंकि उसके सीने में धड़कता दिल किसी साधारण बच्ची का नहीं, बल्कि एक भविष्य की महाविजेता का है। लहरों ने तो सिर्फ रास्ता दिया था, इतिहास तो सत्या के हौसलों ने रचा है।

माता-पिता और दादी के साथ पहुंची थी सत्या

सत्या का एडमिशन भी भारतीय विद्यापीठ स्कूल में इस वर्ष हुआ है। यमुना पार करने के लिए वह अपने पिता देवेंद्र कुमार, माता शिवानी भारतीय और दादी नीलम भारतीय के साथ महेवा घाट पर पहुंची तो वहां पहले से मौजूद दर्शकों ने ताली बजाकर उत्साह बढ़ाया। कोच कमला निषाद बताती हैं कि परिवार व रिश्तेदार सभी लोग दर्जनों नाव पर बैठकर मीरापुर सिंधु सागर घाट (बरगद घाट) की ओर पहुंचे । वहां सृष्टि निषाद, मानस निषाद व त्रिभुवन निषाद के साथ सत्या दूसरे नाव पर सवार हुई।

प्रशिक्षक का इशारा पाकर यमुना में कूद गई सत्या भारती

सुबह 7:24 पर अपने प्रशिक्षक के इशारा पाते ही यमुना नदी में कूद गई और मछली के तरीके तैरना शुरू कर दिया साथ। दर्जनों नाव पर सवार दर्शकों ने गंगा मैया की जय, जमुना मैया की जय का उद्घोष किया। पूरी सुरक्षा के बीच सत्या भारती ने मात्र 21 मिनट 28 सेकंड में यमुना नदी को पार किया।

दरिद्रता से भी अधिक खतरनाक हैं वह पिछड़ापन जो प्रधानमंत्री के कुर्सी पर बैठने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता : सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रीय अध्यक्ष


लखनऊ ।"दरिद्रता से भी अधिक खतरनाक है वह पिछड़ापन, जो प्रधानमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद भी पीछा नहीं छोड़ता। अगर सत्ता के सर्वोच्च शिखर पर पहुँचकर भी 'दीन-हीन' का ठप्पा लगा रहे, तो यह समाज और व्यवस्था दोनों के लिए सोचने का विषय है।"

एक तरफ देश को विकसित बनाने के दावे हैं, दूसरी तरफ हक मारने की यह राजनीति। जब सांसद, विधायक और मंत्री बनकर भी 'दलितपन' या 'पिछड़ापन' नहीं जाता, तो सवाल उठता है कि क्या यह सचमुच उत्थान के लिए है या सिर्फ दूसरों का हिस्सा खाने के लिए? दुनिया आविष्कार कर रही है और हम अपनी पहचान को पीछे धकेलने में दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उक्त बाते सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे ने परशुराम जयंती मनाई जाने हेतु आयोजित बैठक में कही भारतीय राजनीत के रंग मंच पर एक ऐसा प्रहसन चल रहा है जिसे देख कर शर्म को भी शर्म आ जाए।

सत्ता के गलियारे में अति पिछड़ा होने की ऐसी होड़ मची है मानो प्रधानमंत्री का पद कोई संवैधानिक जिम्मेदारी नहीं बल्कि वंचित होने सर्टिफिकेट बांटने वाली खिड़की हो। सत्ता की धूर्तता नीला चोला 14 अपील को सरकारी खर्च पर जिस तरह से नीली मोहब्बत का भव्य प्रदर्शन किया गया वह भाजपा के वैचारिक दिवालिए पन का प्रमाण है जो कल तक सपा के पीडीए को कोसते थे आज वे खुद अति पिछड़ा कार्ड खोल कर उसी राह पर रेंग रहे हैं यह महज इत्तेफाक नहीं बल्कि सुनियोजित पॉलिटिकल पाखण्ड है 24 साल तक सत्ता के  सराओच्चा शिखर पर विराजमान रहने वाला व्यक्ति जो हजारों करोड़ों के विमानों में बदलने का कार्य करता हो वह खुद को "अति पिछड़ा कह कर उन कारणों लोगों के मुंह पर तमाचा मार रहा है जो वास्तव में गरीबी रेखा के नीचे सड़ रहे हैं।