सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा एवं स्लेट पूजा का आयोजन


टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, के परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा का श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ पूजा में सहभागिता की। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। जो नौनिहाल बच्चे पूजा प्रारंभ के लिए इच्छुक थे, वे अपने माता-पिता के साथ पूजा में सम्मिलित हुए। साथ ही बच्चों की स्लेट पूजा संपन्न कराई गई। पंडित जी ने विधिवत स्लेट पूजा कराते हुए बच्चों को माँ सरस्वती की पूजा का आशीर्वाद प्रदान किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पावन अवसर पर अभिभावकों ने भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया। विद्यालय के *डायरेक्टर लायन राजीव भार्गव* एवं *प्रिंसिपल लायन शिवानी भार्गव* ने सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर समाज एवं विद्यालय परिवार को माँ सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाओं का संदेश दिया।
श्री शिक्षा निकेतन स्कूल में विराजी माँ शारदे: बड़े हीं हर्ष उल्लास के साथ की गई मां सरस्वती की पूजा

गयाजी। नैली रोड खटकाचक स्थित श्री शिक्षा निकेतन स्कूल के प्रांगण में वसंत पंचमी के अवसर पर मां शारदे की पूजा बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस मौके पर सबसे पहले पूरे विद्यालय परिसर को फूलों एवं सफेद-पीले रंग के गुम्बारे से सजाया गया। तत्पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना किया गया है । आचार्य अमोघ पाठक के सानिध्य में विद्यालय प्राचार्य पूनम सिन्हा ने मां भगवती शारदा की पूजा की। प्राचार्य श्रीमति सिन्हा के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हवन एवं आरती में भाग लिया।

हवन, आरती, पुष्पांजलि के बाद विद्यालय आए सभी बच्चों एवं अभिभावकों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को अविर गुलाल लगा माँ शारदा का आशीर्वाद दिया। साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक दूसरे को अविर गुलाल लगाकर कर वसन्त उत्सव का त्योहार मनाया। इस मौके पर प्राचार्य श्रीमति सिन्हा ने सभी लोगो को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूरा आयोजन प्राचार्य पूनम सिन्हा के दिशा निर्देशन एवं उपप्राचार्य रूपा गुप्ता एवं मैनेजमेंट इंचार्ज राखी राज के देख-रेख में सम्पन्न हुआ।

एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सरस्वती शिशु मंदिर कादीपुर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार कादीपुर, सुल्तानपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आज विद्
सरस्वती शिशु मंदिर कादीपुर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार
कादीपुर, सुल्तानपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आज विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित विद्या बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार का कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। विद्यारंभ संस्कार हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बच्चों के शैक्षिक जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
इस पावन अवसर पर जिला प्रचारक श्रीमान बृजेश जी नगर प्रचारक श्रीमान मैहर कुँवर जी विद्यालय के अध्यक्ष श्री केशव प्रसाद मिश्र जी प्रबंधक श्री गजेंद्र बहादुर सिंह कोषाध्यक्ष श्री संदीप अग्रहरि जी के साथ माननीय सह विभाग संघचालक डॉक्टर हृदय राम जी, विनोद जी , आशीष जी, ललित जी ,मयंक जी, नीलेश  जी ,विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमान संतोष जी , जिला उपाध्यक्ष हिंदू वाहिनी संघ राहुल सिंह जी, हेमंत शर्मा जी नगर पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद जयसवाल जी एवं कादीपुर विधायक श्री राजेश गौतम जी का सानिध्य प्राप्त हुआ उनके साथ विद्यालय के भैया-बहनों के अभिभावक, गणमान्य अतिथिगण एवं शिक्षक-शिक्षिकाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अशोक उपाध्याय जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय की मातृ भारती की बहनों — निशा जी, प्रीति मिश्रा जी, पर्मिला जी, अनामिका जी, श्वेता जी तथा आरती जायसवाल जी सहित अन्य बहिनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में निशा जी ने सहभागिता निभाई।
पूरे विद्यालय परिसर में भक्ति, संस्कार एवं शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती की आराधना कर विद्या, बुद्धि और संस्कारों की कामना की।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी अभिभावकों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
धरती ने पहना बसंती वस्त्र

–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा

आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है। प्रकृति मुस्कुरा रही है, चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी है, मानों धरती ने स्वयं बसंती वस्त्र पहन लिए हों। शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन के साथ जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा और नई सृजनात्मकता का संचार होता है। वसंत पंचमी को अभिजीत मुहूर्त भी कहा जाता है—यह ऐसा शुभ दिन है जिसमें बिना विशेष मुहूर्त देखे किसी भी मंगल कार्य का आरंभ किया जा सकता है। विद्या आरंभ, लेखन, संगीत, कला और साधना के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।इसी पावन तिथि को माँ सरस्वती का अवतरण दिवस भी माना जाता है—ज्ञान, वाणी, विवेक और सृजन की अधिष्ठात्री देवी। आज के दिन उनके चरणों में वंदन कर हम अपने जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं।

देखो वसंत पंचमी का शुभ दिन आया,
माँ सरस्वती के अवतरण का मंगल दिन आया।
सफेद वस्त्रों में सुसज्जित,
मुख पर असीम शांति, होठों पर मधुर मुस्कान,
आँखों से छलक रहा स्नेह का निर्झर,
कितनी सुंदर मेरी माँ है भारती-वागेश्वरी।
हाथों में तेरे वीणा है,
सुरों की तू सुरीली देवी,
तुझसे ही है सारा संगीत,
राग-रागनियाँ और मधुर लहरियाँ।
कितनी मीठी, शहद-सी तेरी वाणी,
मेरी माँ है वीणापाणी।
हंस पर तू विराजित,
मोतियों-सी तू दमकती,
तेरे चेहरे का दिव्य नूर
कर देता मन का सारा संताप दूर।
हर लो हमारा अज्ञान, दे दो हमें ज्ञान,
मेरी माँ है हंसवाहिनी।
तू ब्रह्मा पुत्री – वेदों की अधिकारी,
शब्द-शब्द में तू समायी।
माँ से शुरू हुआ संसार,
तुझसे ही पाया अक्षर-अंक का ज्ञान।
दे दो हमें वरदान, बना लो अपना अधिकारी-वारिस,
मेरी माँ है शारदे माँ।
महाश्वेता, ज्ञानंदा, गिरा-वागीश-वागेश्वरी,
तेरी कृपा बिना सब कुछ अधूरा।
तुझको क्या कहूँ,
धरो अपना हाथ सिर पर हमारे,
दे दो ऐसा आशीष
कुछ ऐसा लिख जाएँ, कुछ ऐसा बोल जाएँ,
दुनिया में अपना जन्म सफल कर जाएँ।
मेरी हे माँ सरस्वती देवी,
मेरी हे माँ सरस्वती-शारदा देवी।
लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

बसंत पंचमी से विंध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम के लिए दिया जाएगा पौध, जिलाधिकारी ने स्थल व कारीडोर में साफ सफाई व्यवस


संतोष देव गिरि,

मीरजापुर। विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को हरित क्रांति के दृष्टिगत खुशखबरी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर उद्यान विभाग द्वारा विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम पौध का निशुल्क वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश व जनपद को हरा-भरा बनाए रखना व हरित क्रांति लाने के दृष्टिगत विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी से अनवरत गेट नंबर 4 कोतवाली रोड मुख्य द्वार पर काउंटर लगाकर श्रद्धालुओं को मां के प्रसाद के रूप में निःशुल्क पौध का वितरण किया जाएगा।

उपनिदेशक उद्यान ने बताया कि चिन्हित स्थल पर आज ही काउंटर आदि की तैयारी करके बसंत पंचमी के दिन से दो शिफ्टो में प्रातः 6 से अपरान्ह 2 तक तथा अपरान्ह 2 से रात्रि 10 बजे तक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अनवरत औषधि व सुगंधित फूलों के पौधे वितरण कराया जाएगा। तत्पश्चात जिलाधिकारी कारीडोर व मां विन्ध्यवासिनी मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने नंबर एक पर सेफ हाऊस कार्य का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी द्वारा आगामी बासंतिक नवरात्र के पूर्व कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य पूर्व में ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने कार्य देरी पर कार्यदाई संस्था के उपस्थित अधिकारी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर गोवा लाल, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रियांशी साहू ने बाजी मारी


गोण्डा, 21 जनवरी। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा में आज युवा उत्सव पखवाड़े के अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न पाठ्य सहगामी क्रियाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों मे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने  के उद्देश्य से 'सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा' विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।  आयोजित प्रतियोगिता में 433 छात्र-छात्राओं ने बहुत उत्साह के साथ प्रतिभाग़ किया।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. चमन कौर ने बताया आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सड़क सुरक्षा हमारे जीवन का अहम हिस्सा है, क्योंकि हर साल लाखों लोग लापरवाही एवं जागरूकता की कमी के कारण सड़क दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं, इसलिए हमें हेलमेट, सीट बेल्ट, ज़ेबरा क्रॉसिंग और ट्रैफिक संकेत का पालन करना चाहिए और शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए; क्योंकि खुद सुरक्षित रहना और औरों को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

समारोह अधिकारी प्रो. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हर साल भारत में लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओ में अपनी जान गवाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं। इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण अक्सर हमारी लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जागरूकता की कमी है।
प्रियांशी साहू एमएससी थर्ड सेमेस्टर ने प्रथम स्थान, पिंकी गुप्ता बी.एड. प्रथम वर्ष एवं मेहविश मेराज एमएससी प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान एवं खुशी कौशल बीए थर्ड ईयर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रो. अमन चंद्रा, प्रो. शशिवाला और डॉ. रेखा शर्मा ने निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहसंयोजक डॉ अरुण कुमार और राम भरोसे की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

संपूर्ण प्रतियोगिता प्राचार्य प्रो बी पी सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई। प्रो. राव, प्रो. राजीव अग्रवाल, प्रो. अरविंद कुमार शर्मा प्रो. मंशाराम वर्मा प्रो. ममता शर्मा, प्रो. जे. बी. पाल, प्रो. जय शंकर तिवारी, डॉ. अवधेश वर्मा, डॉ नीरज यादव, डॉ. लोहांस कल्याणी, डॉ. परवेज आलम, डॉ. पूजा यादव, डॉ. अभिक सिंह, डॉ. अच्युत शुक्ला, डॉ. अमित शुक्ला आदि प्राध्यापकों की उपस्थिति ने छात्रों को अभिप्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर में बसंत पंचमी महोत्सव की धूम*
सुल्तानपुर,बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर सरस्वती विद्या मन्दिर विवेकानन्द नगर की पावन धरा पर मां वीणावादिनी की वीणा के तार झंकृत हो उठे। विद्यालय में प्रकृति पूजा का महोत्सव धूमधाम से मनाया गया।इधर प्रकृति की नई तरंग, उधर भैया बहनों में सांस्कृतिक कार्यक्रम की उमंग हिलोरें मार रही थी। पीले रंग की सजावट में मानो विद्या मन्दिर का कोना-कोना फूलों की कान्ति से मुस्कुरा रहा हो। हवन- सामग्री की पवित्र आहुतियां सम्पूर्ण वातावरण को सुगंधित करती रहीं। आचार्य महेश कुमार शुक्ल ने मंत्रोच्चार कर मां शारदे का आह्वान किया तो यजमान अतिथि सुल्तानपुर विभाग के माननीय विभाग संघ चालक डाक्टर ए के सिंह,सुमन सिंह,विभाग प्रचारक श्रीमान् श्री प्रकाश जी, जिला प्रचारक आशीष जी,प्रबन्धक डा.पवन सिंह,डाक्टर शिवांगी सिंह,प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी, उपाध्यक्ष डॉ वी के झा, पूर्व प्रबन्धक सुनील श्रीवास्तव, शैलेन्द्र चतुर्वेदी, डॉ पवनेश मिश्र ,शक्ति पाठक के साथ- साथ सभी आचार्य बन्धु भगिनी एवं भैया बहनों ने हवन-पूजन किया। इस अवसर पर प्रधानाचार्य राकेश मणि त्रिपाठी ने कहा कि आज बसंत पंचमी उत्सव के साथ विद्यालय में शिशु वाटिका से लेकर कक्षा 6, 9 एवं 11 की कक्षाओं में प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। आज इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र छात्राओं को प्रवेश परीक्षा हेतु फार्म का वितरण प्रारंभ कर दिया गया है। इसी कड़ी में 151 भैया बहनों का वैदिक रीति से प्रवेश प्रारंभ संस्कार कर प्रवेश प्रक्रिया का विधिवत शुभारंभ भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन संजीव चतुर्वेदी तथा श्वेता पाण्डेय ने किया। कार्यक्रम के अन्त में कार्यक्रम की संयोजिका श्रद्धा सिंह ने आगन्तुक अतिथियों, सहयोगियों एवं भैया बहनों के प्रति आभार ज्ञापन किया। कार्यक्रम के संयोजन में आचार्य अनिल पाण्डेय, रमेश मिश्र , रमाशंकर तिवारी, शेषमणि द्विवेदी, राजबहादुर शर्मा, रंजना पाण्डेय, सरिता त्रिपाठी, प्रांजलि पाण्डेय,शशी द्विवेदी आदि ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। समारोह में सम्पूर्ण विद्यालय परिवार ने भागीदारी की।
टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल में बसंत पंचमी के अवसर पर सरस्वती पूजा एवं स्लेट पूजा का आयोजन


टेंडर हार्ट्स इंटरनेशनल स्कूल, के परिसर में बसंत पंचमी के पावन अवसर पर माँ सरस्वती की पूजा का श्रद्धा एवं भक्ति भाव के साथ आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्ले ग्रुप से लेकर कक्षा दसवीं तक के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साह के साथ पूजा में सहभागिता की। विद्यालय परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर हो उठा। जो नौनिहाल बच्चे पूजा प्रारंभ के लिए इच्छुक थे, वे अपने माता-पिता के साथ पूजा में सम्मिलित हुए। साथ ही बच्चों की स्लेट पूजा संपन्न कराई गई। पंडित जी ने विधिवत स्लेट पूजा कराते हुए बच्चों को माँ सरस्वती की पूजा का आशीर्वाद प्रदान किया एवं उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस पावन अवसर पर अभिभावकों ने भी श्रद्धा एवं उत्साह के साथ पूजा-अर्चना की तथा प्रसाद ग्रहण किया। विद्यालय के *डायरेक्टर लायन राजीव भार्गव* एवं *प्रिंसिपल लायन शिवानी भार्गव* ने सरस्वती पूजा के शुभ अवसर पर समाज एवं विद्यालय परिवार को माँ सरस्वती के आशीर्वाद स्वरूप शुभकामनाओं का संदेश दिया।
श्री शिक्षा निकेतन स्कूल में विराजी माँ शारदे: बड़े हीं हर्ष उल्लास के साथ की गई मां सरस्वती की पूजा

गयाजी। नैली रोड खटकाचक स्थित श्री शिक्षा निकेतन स्कूल के प्रांगण में वसंत पंचमी के अवसर पर मां शारदे की पूजा बड़े ही धूमधाम से किया गया। इस मौके पर सबसे पहले पूरे विद्यालय परिसर को फूलों एवं सफेद-पीले रंग के गुम्बारे से सजाया गया। तत्पश्चात मां सरस्वती की प्रतिमा स्थापित कर पूजा अर्चना किया गया है । आचार्य अमोघ पाठक के सानिध्य में विद्यालय प्राचार्य पूनम सिन्हा ने मां भगवती शारदा की पूजा की। प्राचार्य श्रीमति सिन्हा के साथ विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने हवन एवं आरती में भाग लिया।

हवन, आरती, पुष्पांजलि के बाद विद्यालय आए सभी बच्चों एवं अभिभावकों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने बच्चों को अविर गुलाल लगा माँ शारदा का आशीर्वाद दिया। साथ सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एक दूसरे को अविर गुलाल लगाकर कर वसन्त उत्सव का त्योहार मनाया। इस मौके पर प्राचार्य श्रीमति सिन्हा ने सभी लोगो को बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं दी। पूरा आयोजन प्राचार्य पूनम सिन्हा के दिशा निर्देशन एवं उपप्राचार्य रूपा गुप्ता एवं मैनेजमेंट इंचार्ज राखी राज के देख-रेख में सम्पन्न हुआ।

एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान में दो दिवसीय सरस्वती पूजा का भव्य शुभारंभ, श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ संपन्न हुआ प्रथम दिन का आयोजन

हजारीबाग - एचजेडबी आरोग्यम नर्सिंग संस्थान परिसर में दो दिवसीय मां सरस्वती पूजा का शुभारंभ गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति एवं उल्लासपूर्ण वातावरण के बीच किया गया। माघ शुक्ल पंचमी के पावन अवसर पर विद्या की देवी मां सरस्वती की प्रतिमा की आकर्षक स्थापना कर विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराई गई। प्रथम दिन के पूजा कार्यक्रम में संस्थान के शिक्षकगण, छात्र-छात्राएं, आरोग्यम अस्पताल के नर्सिंग कर्मी एवं चिकित्सकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी श्रद्धालुओं ने मां सरस्वती से ज्ञान, विवेक, अनुशासन एवं उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूजा-अर्चना वैदिक मंत्रोच्चारण एवं विधि-विधान के साथ संपन्न हुई, जिससे संपूर्ण संस्थान परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर हो गया। धूप-दीप, पुष्प अर्पण एवं आरती के दौरान श्रद्धालुओं की आस्था स्पष्ट रूप से झलकती रही। इस पावन अवसर पर आरोग्यम अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा एवं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहीं। दोनों ने मां सरस्वती की पूजा-अर्चना कर छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास की कामना की। अस्पताल के निदेशक हर्ष अजमेरा ने अपने वक्तव्य में कहा कि मां सरस्वती केवल ज्ञान की ही नहीं, बल्कि विवेक और संस्कार की भी देवी हैं। नर्सिंग शिक्षा से जुड़े छात्र-छात्राओं के लिए विद्या के साथ-साथ सेवा, करुणा और नैतिक मूल्यों का होना अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के धार्मिक एवं सांस्कृतिक आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वहीं अस्पताल की प्रशासक जया सिंह ने कहा कि सरस्वती पूजा जैसे आयोजनों से विद्यार्थियों में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। इससे न केवल शैक्षणिक विकास होता है, बल्कि नैतिकता, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारियों की भावना भी मजबूत होती है। हम सभी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। कार्यक्रम के दौरान संस्थान परिसर को आकर्षक रूप से सजाया गया था। पूजा के पश्चात प्रसाद वितरण किया गया। आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के शिक्षकगण, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

वेदांता पब्लिक स्कूल में भक्ति और देशभक्ति का संगम ,धूमधाम से मनाई गई बसंत पंचमी और नेताजी की जयंती

जानसठ/सिखेड़ा। शिक्षा के साथ-साथ संस्कारों और राष्ट्रीय चेतना को जगाने के उद्देश्य से, सिखेड़ा स्थित वेदांता पब्लिक स्कूल में 'बसंत पंचमी' और 'पराक्रम दिवस' (नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती) का आयोजन अत्यंत हर्षोल्लास और गरिमा के साथ किया गया। विद्यालय परिसर में आयोजित इस दोहरे उत्सव ने विद्यार्थियों में ज्ञान की देवी के प्रति श्रद्धा और राष्ट्र नायकों के प्रति कृतज्ञता का संचार किया।

उत्सव का आरंभ विद्यालय प्रबंधन द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर और पुष्प अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत, विद्यालय प्रांगण में एक सामूहिक हवन का आयोजन हुआ, जिसमें आहुति देकर सभी के उज्जवल भविष्य और सुख-समृद्धि की कामना की गई। पूरा परिसर वैदिक मंत्रोच्चार और 'जय हिंद' के नारों से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य विवेक चौधरी ने बसंत पंचमी के आध्यात्मिक और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-
"बसंत पंचमी केवल एक ऋतु परिवर्तन नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और संस्कारों के प्रति जागृत होने का पर्व है। शिक्षा का असली उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान प्राप्त करना नहीं, बल्कि उसे जीवन को सार्थक बनाने का माध्यम बनाना है।"

विद्यालय की कोऑर्डिनेटर सुनीता सैनी ने पर्व की प्रासंगिकता बताते हुए कहा कि बसंत का आगमन प्रकृति में नव-जीवन का संचार करता है। यह हमारे भीतर रचनात्मक ऊर्जा भरने और अपनी संस्कृति से जुड़े रहने का संदेश देता है। इस अवसर पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस को याद करते हुए विद्यालय के प्रबंधक सुशील सिंह आर्य ने उनके बलिदान और अदम्य साहस की चर्चा की। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आज का दिन नेताजी के सपनों के भारत को साकार करने का संकल्प लेने का है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भक्ति और देशभक्ति से ओत-प्रोत विभिन्न सांस्कृतिक गतिविधियों का आनंद लिया। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने में समस्त 'वेदांता परिवार' के सदस्यों और शिक्षकों का विशेष योगदान रहा। अनुशासन और उत्साह के बीच यह कार्यक्रम संपन्न हुआ।
सरस्वती शिशु मंदिर कादीपुर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार कादीपुर, सुल्तानपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आज विद्
सरस्वती शिशु मंदिर कादीपुर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार
कादीपुर, सुल्तानपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आज विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित विद्या बसंत पंचमी एवं विद्यारंभ संस्कार का कार्यक्रम श्रद्धा, आस्था एवं उत्साह के साथ संपन्न हुआ। विद्यारंभ संस्कार हिन्दू धर्म के 16 संस्कारों में से एक महत्वपूर्ण संस्कार है, जो बच्चों के शैक्षिक जीवन की शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जाता है।
इस पावन अवसर पर जिला प्रचारक श्रीमान बृजेश जी नगर प्रचारक श्रीमान मैहर कुँवर जी विद्यालय के अध्यक्ष श्री केशव प्रसाद मिश्र जी प्रबंधक श्री गजेंद्र बहादुर सिंह कोषाध्यक्ष श्री संदीप अग्रहरि जी के साथ माननीय सह विभाग संघचालक डॉक्टर हृदय राम जी, विनोद जी , आशीष जी, ललित जी ,मयंक जी, नीलेश  जी ,विश्व हिंदू परिषद के उपाध्यक्ष श्रीमान संतोष जी , जिला उपाध्यक्ष हिंदू वाहिनी संघ राहुल सिंह जी, हेमंत शर्मा जी नगर पंचायत अध्यक्ष श्री आनंद जयसवाल जी एवं कादीपुर विधायक श्री राजेश गौतम जी का सानिध्य प्राप्त हुआ उनके साथ विद्यालय के भैया-बहनों के अभिभावक, गणमान्य अतिथिगण एवं शिक्षक-शिक्षिकाएँ बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन विद्यालय के प्रधानाचार्य श्री अशोक उपाध्याय जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में विद्यालय की मातृ भारती की बहनों — निशा जी, प्रीति मिश्रा जी, पर्मिला जी, अनामिका जी, श्वेता जी तथा आरती जायसवाल जी सहित अन्य बहिनों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के मुख्य यजमान के रूप में निशा जी ने सहभागिता निभाई।
पूरे विद्यालय परिसर में भक्ति, संस्कार एवं शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण देखने को मिला। विद्यार्थियों ने माँ सरस्वती की आराधना कर विद्या, बुद्धि और संस्कारों की कामना की।
कार्यक्रम के समापन पर विद्यालय परिवार द्वारा सभी अभिभावकों, अतिथियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया।
धरती ने पहना बसंती वस्त्र

–डॉ मंजू मंगलप्रभात लोढ़ा

आज वसंत पंचमी का पावन पर्व है। प्रकृति मुस्कुरा रही है, चारों ओर पीले फूलों की छटा बिखरी है, मानों धरती ने स्वयं बसंती वस्त्र पहन लिए हों। शीत ऋतु की विदाई और वसंत के आगमन के साथ जीवन में नई ऊर्जा, नई आशा और नई सृजनात्मकता का संचार होता है। वसंत पंचमी को अभिजीत मुहूर्त भी कहा जाता है—यह ऐसा शुभ दिन है जिसमें बिना विशेष मुहूर्त देखे किसी भी मंगल कार्य का आरंभ किया जा सकता है। विद्या आरंभ, लेखन, संगीत, कला और साधना के लिए यह दिन अत्यंत फलदायी माना गया है।इसी पावन तिथि को माँ सरस्वती का अवतरण दिवस भी माना जाता है—ज्ञान, वाणी, विवेक और सृजन की अधिष्ठात्री देवी। आज के दिन उनके चरणों में वंदन कर हम अपने जीवन को अज्ञान से ज्ञान की ओर, अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने का संकल्प लेते हैं।

देखो वसंत पंचमी का शुभ दिन आया,
माँ सरस्वती के अवतरण का मंगल दिन आया।
सफेद वस्त्रों में सुसज्जित,
मुख पर असीम शांति, होठों पर मधुर मुस्कान,
आँखों से छलक रहा स्नेह का निर्झर,
कितनी सुंदर मेरी माँ है भारती-वागेश्वरी।
हाथों में तेरे वीणा है,
सुरों की तू सुरीली देवी,
तुझसे ही है सारा संगीत,
राग-रागनियाँ और मधुर लहरियाँ।
कितनी मीठी, शहद-सी तेरी वाणी,
मेरी माँ है वीणापाणी।
हंस पर तू विराजित,
मोतियों-सी तू दमकती,
तेरे चेहरे का दिव्य नूर
कर देता मन का सारा संताप दूर।
हर लो हमारा अज्ञान, दे दो हमें ज्ञान,
मेरी माँ है हंसवाहिनी।
तू ब्रह्मा पुत्री – वेदों की अधिकारी,
शब्द-शब्द में तू समायी।
माँ से शुरू हुआ संसार,
तुझसे ही पाया अक्षर-अंक का ज्ञान।
दे दो हमें वरदान, बना लो अपना अधिकारी-वारिस,
मेरी माँ है शारदे माँ।
महाश्वेता, ज्ञानंदा, गिरा-वागीश-वागेश्वरी,
तेरी कृपा बिना सब कुछ अधूरा।
तुझको क्या कहूँ,
धरो अपना हाथ सिर पर हमारे,
दे दो ऐसा आशीष
कुछ ऐसा लिख जाएँ, कुछ ऐसा बोल जाएँ,
दुनिया में अपना जन्म सफल कर जाएँ।
मेरी हे माँ सरस्वती देवी,
मेरी हे माँ सरस्वती-शारदा देवी।
लंदन में शिक्षा व कौशल विकास पर झारखण्ड–यूके उच्चस्तरीय राउंड टेबल, युवाओं को वैश्विक अवसरों से जोड़ने पर जोर

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लंदन प्रवास के दौरान झारखण्ड सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को शिक्षा एवं कौशल विकास पर केंद्रित एक उच्चस्तरीय राउंड टेबल संवाद के साथ एक नई और महत्वपूर्ण पहल की शुरुआत की। यह बैठक प्रातः 09:45 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित हुई, जिसमें यूके के प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों, विश्वविद्यालयों, स्किलिंग संगठनों, अवार्डिंग बॉडीज़ और अप्रेंटिसशिप पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रतिनिधियों ने भाग लिया।

बैठक की अध्यक्षता श्री सुदिव्य कुमार, माननीय मंत्री, पर्यटन, कला-संस्कृति, खेलकूद एवं युवा कार्य विभाग सह उच्च शिक्षा विभाग तथा श्रीमती वंदना डाडेल, आईएएस, अपर मुख्य सचिव, झारखण्ड सरकार ने की। संवाद का उद्देश्य झारखण्ड के युवाओं को वैश्विक मानकों के अनुरूप कौशल, व्यावहारिक प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से जोड़ने की रणनीति पर विचार-विमर्श करना रहा।

मंत्री श्री सुदिव्य कुमार ने कहा कि यह संवाद उस स्पष्ट सोच को मजबूती देता है, जिसमें शिक्षा को रोजगार से, कौशल को अवसर से और स्थानीय प्रतिभा को वैश्विक मंच से जोड़ा जा रहा है। माननीय मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जी के मार्गदर्शन में अबुआ सरकार द्वारा युवा शक्ति को भविष्य के लिए तैयार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी पहल है।

पूर्वी भारत के लिए समावेशी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का आह्वान

सत्र के उद्घाटन में झारखण्ड प्रतिनिधिमंडल ने राज्य को केवल एक भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि वैश्विक शिक्षा और नवाचार के संभावित केंद्र के रूप में प्रस्तुत किया। प्रतिनिधिमंडल ने इस तथ्य पर ध्यान आकृष्ट किया कि हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों की गतिविधियां मुख्यतः पश्चिमी भारत, दिल्ली एनसीआर और दक्षिण भारत तक सीमित रही हैं, जबकि पूर्वी और मध्य भारत अब भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा निवेश के मानचित्र से बाहर हैं। झारखण्ड ने अधिक संतुलित और समावेशी अंतरराष्ट्रीयकरण की आवश्यकता पर बल देते हुए पूर्वी भारत को वैश्विक शिक्षा साझेदारियों के अगले चरण का प्रमुख गंतव्य बनाने का आह्वान किया।

उच्च शिक्षा की गुणवत्ता सुधार के तीन स्तंभ

झारखण्ड सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता और परिणामों को सुदृढ़ करने हेतु तीन प्रमुख सुधारात्मक कदम प्रस्तुत किए—राज्य संकाय विकास अकादमी की स्थापना, राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप अनिवार्य 8-सप्ताह की इंटर्नशिप, तथा राष्ट्रीय बेंचमार्किंग के अनुरूप राज्य संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क। सरकार ने यह भी रेखांकित किया कि उच्च शिक्षा में लैंगिक समानता सूचकांक के मामले में झारखण्ड राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहा है। विदेशी छात्रवृत्ति मार्ग के तहत यूके जाने वाले छात्रों में 65 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो राज्य की युवा महिलाओं की वैश्विक शिक्षा के प्रति बढ़ती आकांक्षा को दर्शाता है।

कौशल, अप्रेंटिसशिप और उद्योग-आधारित शिक्षा

संवाद में अप्रेंटिसशिप-आधारित शिक्षा, उद्योग-संबद्ध डिग्री कार्यक्रम, फिनिशिंग स्कूल अवधारणा और आईटीआई पाठ्यक्रमों के आधुनिकीकरण पर विशेष चर्चा हुई। केयर इकॉनमी, पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी, हरित कौशल, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और खनन से जुड़े अनुसंधान एवं कौशल को प्राथमिक क्षेत्र बताया गया।

भारत–यूके सहयोग के नए आयाम

राउंड टेबल में कौशल एवं योग्यताओं की पारस्परिक मान्यता, संयुक्त डिग्री कार्यक्रम, अंतरराष्ट्रीय कैंपस/सैटेलाइट केंद्र, छात्र एवं शिक्षक विनिमय तथा भारत–यूके हरित कौशल एजेंडा के तहत सहयोग के अवसरों पर सहमति बनी। सतत पर्यटन, आदिवासी ज्ञान प्रणालियां, संस्कृति, जलवायु कार्रवाई और नवाचार आधारित साझेदारियों पर भी चर्चा हुई।

यूके पक्ष की सकारात्मक प्रतिक्रिया

यूके के प्रतिभागियों ने झारखण्ड की दृष्टि की सराहना करते हुए ट्रांसनेशनल एजुकेशन, पाठ्यक्रम विकास, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्रों में सहयोग की प्रबल इच्छा व्यक्त की। रांची और उसके आसपास स्मार्ट सिटी पारिस्थितिकी तंत्र में शिक्षा आधारित निवेश की संभावनाओं पर भी रुचि दिखाई गई।

बैठक का समापन संस्थागत स्तर पर आगे की ठोस चर्चाओं और साझेदारियों को आगे बढ़ाने की सहमति के साथ हुआ। झारखण्ड सरकार ने यूके भागीदारों को पूर्वी भारत के केंद्र में एक समावेशी, भविष्य-तैयार शिक्षा एवं कौशल पारिस्थितिकी के सह-निर्माण के लिए आमंत्रित किया।

बसंत पंचमी से विंध्याचल धाम में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम के लिए दिया जाएगा पौध, जिलाधिकारी ने स्थल व कारीडोर में साफ सफाई व्यवस


संतोष देव गिरि,

मीरजापुर। विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को हरित क्रांति के दृष्टिगत खुशखबरी है। जिलाधिकारी पवन कुमार गंगवार के निर्देश पर उद्यान विभाग द्वारा विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को एक पेड़ मां के नाम पौध का निशुल्क वितरण किया जाएगा। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश व जनपद को हरा-भरा बनाए रखना व हरित क्रांति लाने के दृष्टिगत विंध्याचल में आने वाले श्रद्धालुओं को बसंत पंचमी से अनवरत गेट नंबर 4 कोतवाली रोड मुख्य द्वार पर काउंटर लगाकर श्रद्धालुओं को मां के प्रसाद के रूप में निःशुल्क पौध का वितरण किया जाएगा।

उपनिदेशक उद्यान ने बताया कि चिन्हित स्थल पर आज ही काउंटर आदि की तैयारी करके बसंत पंचमी के दिन से दो शिफ्टो में प्रातः 6 से अपरान्ह 2 तक तथा अपरान्ह 2 से रात्रि 10 बजे तक कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर अनवरत औषधि व सुगंधित फूलों के पौधे वितरण कराया जाएगा। तत्पश्चात जिलाधिकारी कारीडोर व मां विन्ध्यवासिनी मंदिर का निरीक्षण किया। उन्होंने नंबर एक पर सेफ हाऊस कार्य का अवलोकन किया।

जिलाधिकारी द्वारा आगामी बासंतिक नवरात्र के पूर्व कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य पूर्व में ही निर्धारित किया जा चुका है। उन्होंने कार्य देरी पर कार्यदाई संस्था के उपस्थित अधिकारी नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रगति लाने का निर्देश दिया। इस अवसर पर नगर मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद मीरजापुर गोवा लाल, सहित अन्य सम्बन्धित अधिकारी उपस्थित रहें।
पोस्टर प्रतियोगिता में प्रियांशी साहू ने बाजी मारी


गोण्डा, 21 जनवरी। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज गोंडा में आज युवा उत्सव पखवाड़े के अंतर्गत चलाई जा रही विभिन्न पाठ्य सहगामी क्रियाओं के अंतर्गत विद्यार्थियों मे सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता लाने  के उद्देश्य से 'सड़क सुरक्षा, जीवन रक्षा' विषय पर पोस्टर प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया।  आयोजित प्रतियोगिता में 433 छात्र-छात्राओं ने बहुत उत्साह के साथ प्रतिभाग़ किया।

कार्यक्रम की संयोजक डॉ. चमन कौर ने बताया आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में सड़क सुरक्षा हमारे जीवन का अहम हिस्सा है, क्योंकि हर साल लाखों लोग लापरवाही एवं जागरूकता की कमी के कारण सड़क दुर्घटनाओं के शिकार होते हैं, इसलिए हमें हेलमेट, सीट बेल्ट, ज़ेबरा क्रॉसिंग और ट्रैफिक संकेत का पालन करना चाहिए और शराब पीकर गाड़ी नहीं चलाना चाहिए; क्योंकि खुद सुरक्षित रहना और औरों को सुरक्षित रखना अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह हमारी नैतिक जिम्मेदारी है कि स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी जागरूक करें।

समारोह अधिकारी प्रो. जितेंद्र सिंह ने कहा कि हर साल भारत में लाखों लोग सड़क दुर्घटनाओ में अपनी जान गवाते हैं या गंभीर रूप से घायल होते हैं। इन दुर्घटनाओं का मुख्य कारण अक्सर हमारी लापरवाही, नियमों की अनदेखी और जागरूकता की कमी है।
प्रियांशी साहू एमएससी थर्ड सेमेस्टर ने प्रथम स्थान, पिंकी गुप्ता बी.एड. प्रथम वर्ष एवं मेहविश मेराज एमएससी प्रथम वर्ष द्वितीय स्थान एवं खुशी कौशल बीए थर्ड ईयर ने तृतीय स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। प्रो. अमन चंद्रा, प्रो. शशिवाला और डॉ. रेखा शर्मा ने निर्णायक मंडल की भूमिका का निर्वहन किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में सहसंयोजक डॉ अरुण कुमार और राम भरोसे की भूमिका महत्वपूर्ण रही।

संपूर्ण प्रतियोगिता प्राचार्य प्रो बी पी सिंह के दिशा-निर्देशन में आयोजित की गई। प्रो. राव, प्रो. राजीव अग्रवाल, प्रो. अरविंद कुमार शर्मा प्रो. मंशाराम वर्मा प्रो. ममता शर्मा, प्रो. जे. बी. पाल, प्रो. जय शंकर तिवारी, डॉ. अवधेश वर्मा, डॉ नीरज यादव, डॉ. लोहांस कल्याणी, डॉ. परवेज आलम, डॉ. पूजा यादव, डॉ. अभिक सिंह, डॉ. अच्युत शुक्ला, डॉ. अमित शुक्ला आदि प्राध्यापकों की उपस्थिति ने छात्रों को अभिप्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।