सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?
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अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।
परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ
इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।
क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?
इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।
30 साल की डील
30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।




रितेश मिश्रा
घोसी,मऊ। सोशल मीडिया पर कथित रूप से की गई जातिसूचक टिप्पणी को लेकर राजभर समाज के लोगों ने कोतवाली घोसी में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 17 जुलाई 2026 को शिवप्रताप यादव उर्फ मुन्ना यादव जो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बताए गए हैं तथा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा राजभर समाज और चमार समाज के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने एवं अपमानित करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।
लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्कर करने वाले गिरोह के एक सदस्य को 171 कछुओं सहित जनपद कानपुर से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जाहिद अली पुत्र मो. अली निवासी ग्राम भटपुरा थाना कमालगंज, फतेहगढ़ है। इसके कब्जे से 171 अदद कछुआ (इंडियन रूफर्ड टर्टल), एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अभियुक्त को हरबंश मोहाल, जनपद कानपुर क्षेत्र अन्तर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की शाम को गिरफ्तार किया गया है।
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 की नियमित कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा।
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में वर्तमान सत्र के लिए एम.ए., एम.एससी. एवं एम.कॉम. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
पटना,
युवक की दर्दनाक मौत से परिजनों में मचा कोहराम

Jul 24 2026, 18:08
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