श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में संपन्न हुआ नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत कार्यक्रम
गोण्डा। प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी संकल्प के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में प्रभारी   प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशानुसार नशा मुक्त  युवा फार  विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति से घृणा नहीं बल्कि सहानुभूति रखते हुए उसे नशा मुक्त करने में सहयोग करें और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका  सुनिश्चित  करें l कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति सिर्फ अपना जीवन ही बर्बाद नहीं करता बल्कि अपने माता-पिता के सपनों को तोड़ता है, बच्चों के भविष्य को अंधकारमय करता है और अपने परिवार व समाज को  पतन के कगार पर ले जाता है इसलिए देश को नशा मुक्त करने में सभी अपना सहयोग करें l सफल मंच संचालन एनसीसी प्रभारी डॉ. अमित शुक्ला ने किया l धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चमन कौर ने किया l उक्त विषय पर आयोजित भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया l भाषण प्रतियोगिता में मानसी सिंह, संदीप तिवारी ,मोहम्मद जैद एवं पोस्टर प्रतियोगिता में मेहविश मिराज ,राज एवं कमलवासनी तिवारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया  जबकि निर्णायक की भूमिका में डॉ .चमन कौर ,डॉ. संतोष श्रीवास्तव एवं डॉ मनोज मिश्रा रहे l कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पवन सिंह ,डॉ. परवेज आलम, डॉ दिलीप शुक्ला, डॉ. दलीप सिंह,  डॉ. संजय कुमार ,डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ,डॉ. अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज का दावा बड़ा अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता छोटा


*206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने 37 तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है, बारिश में पानी भरने पर मरीज जाते ही नहीं*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में कागजों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चमक रहे हैं, लेकिन धरातल पर पगडंडी और कीचड़ मरीजों का स्वागत करते हैं। शनिवार को पड़ताल में जिले के 206 स्वास्थ्य केंद्रों में से 37 तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को सेंटर से एंबुलेंस तक स्वयं ही पहुंचना पड़ता है। बारिश में उपकेंद्र तक पहुंचना मरीजों के लिए अग्निपरीक्षा देने जैसे है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे सेंटर तक पहुंचती हैं। केंद्र के अंदर दवा और उपकरण सहित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों के लिए पहुंच मार्ग नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। यहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। हर महीने अनुमानित 700 से 800 प्रसव होते हैं। इनमें 60 से 65 फीसदी प्रसव ग्रामीण अंचल यानी उपकेंद्रों पर होते हैं।



हमारी टीम ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।

इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।




आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
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206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
जनपद मऊ -: जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समाज कार्य विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम ने विकास खंड परदहा के ग्राम परसपुरा चमरियोंव और सरैया रघुनाथपुर का भ्रमण किया।

टीम ने गांवों में पेयजल की गुणवत्ता, नियमित जलापूर्ति, पानी के प्रेशर, शुद्ध पेयजल का आम जनजीवन पर प्रभाव तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े पहलुओं का आकलन किया।

इस दौरान समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के श्री कमलेश कुमार, जिला समन्वयक जल जीवन मिशन एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान, जल सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ, आशा बहू, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
गुरु पूर्णिमा पर्व मे रघुनाथ दास आश्रम पर हुआ भव्य भंडारे का आयोजन
ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। गुरूवार को नगर के पौराणिक नर्मदा तीर्थ स्थल स्थित श्री श्री 1008 बाबा रघुनाथ दास आश्रम, जानकी बाग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के अगले और सावन के पहले दिन होने वाले भंडारे में नगर सहित दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जानकी बाग पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही सम्मान के साथ अपने गुरु के चरणों का आशीर्वाद लेते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की शुरुआत कन्याओं व साधुओं के प्रसाद पा लेने के बाद हुई, भंडारे में आसपास क्षेत्र के 501 मठों के साधुओं सन्यासियों ने प्रसाद पाया और देश दुनिया की खुशहाली के लिए कामना की। 
       आश्रम महंत भंडारी बाबा श्री श्री रामसेवक जी ने बताया सावन का महीना भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। शिव जी के प्रिय महीने सावन माह की शुरुआत आज गुरूवार 30 जुलाई से हो रही है, इस पवित्र माह का समापन 28 अगस्त रक्षाबंधन के साथ होगा, इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त सावन का पहला सोमवार, 10 अगस्त दूसरा सोमवार, 11अगस्त शिवरात्रि, 12 अगस्त हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त हरियाली तीज, 17 अगस्त को तीसरा सोमवार व नागपंचमी, 23 अगस्त पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त को चौथा सोमवार, 28 अगस्त रक्षाबंधन शुक्रवार को रक्षाबंधन के साथ सावन माह समाप्त होगा। रक्षा बन्धन के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन लेगी।
       भंडारी बाबा का कहना है, कि जो भक्त सच्चे मन से शिव जी की प्रिय वस्तु वेलपत्र, पुष्प, धतूरा, शक्कर, गाय का देशी घी, दही, सफेद चंदन, कपूर, पंचामृत, शमी आदि इस माह शिवलिंग पर अर्पित करता हैं, उसके सभी कष्टों को वह पल भर में हर लेते हैं। बाबा ने बताया कि आयोजित भंडारा पूर्वाह्न 11 बजे से साधुओं व कन्याओं के पूजन के साथ आरम्भ हुआ हैं जो कि प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा। बाबा से आशीर्वाद लेने को कस्बे सहित दूरदराज क्षेत्रों से आये महिलाओं पुरूषों सहित बच्चों की लाइन लगी रही। भक्तों ने बताया, कि जो भी व्यक्ति अपने अहंकार को तज इस परिसर में आता हैं उनके सभी कष्टों को भंडारी बाबा दूर कर देते हैं उसका जीवन सफल सुखमय हो जाता हैं। भंडारे उपरांत संगीत संध्या का आयोजन स्वर संगम संगीत सीमित द्वारा किया गया जिसमें स्थानीय व मेहमान भजन गायकों ने सुरीली धुनों की लय पर सुंदर सुंदर भजन प्रस्तुत किए, जिनको सुनकर युवा श्रद्धालु झूमने लगे है तो वही वृद्ध श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये।
      इस अवसर पर श्री लाल बाबा जी, भंडारी बाबा श्री रामसेवक दास जी, बाबा श्री राम रतन दास जी, बाबा श्री हरीराम दास जी, बाबा श्री भरत दास जी, बाबा श्री मथुरा दास जी, बाबा श्री मैकूदास जी, बाबा श्री भवानी दास जी, बाबा श्री वीरेन्द्र तिवारी आदि सहित दर्जनों की संख्या में भक्त लंगर की जिम्मेदारी को बखूबी संभालते नज़र आये।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।
घोसी में अवैध चमड़ा भंडारण पर नगर पंचायत की कार्रवाई, चार गोदाम सील
मऊ। नगर पंचायत घोसी के करीमुद्दीनपुर दक्षिणी वार्ड संख्या-8 में मृत पशुओं के चमड़े के भंडारण उससे उठ रही दुर्गंध तथा संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा की गई शिकायत और समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया। अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मृत पशुओं के चमड़े के भंडारण से संबंधित गतिविधियां पाए जाने पर अनीश कुरैशी, इम्तेयाज कुरैशी, शाहिद तथा शहनवाज को नोटिस जारी किया गया। साथ ही उनके गोदामों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी ने संबंधित लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों की पुनरावृत्ति होने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर देना तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नगर पंचायत नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक अशोक सिंह, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल प्रदीप राय तथा नगर पंचायत की टीम से विमलेश कुमार, उमेश यादव, रामशब्द, अमरेंद्र श्रीवास्तव, सुजीत, शैलेश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
29 जुलाई 2026 को दिखेगा वर्ष का आकर्षक 'बक मून',/ फुल मून

 
गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ
खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की शाम आकाश प्रेमियों और सामान्य जनमानस के लिए विशेष रहने वाली है क्योंकि इस दौरान भारतीय समयानुसार रात 8:06 बजे जुलाई की पूर्णिमा अपने चरम पर होगी। इस दौरान चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में रहेगा तथा लगभग –12.7 मैग्नीट्यूड की चमक से दमकेगा एवं इसी पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से 'बक मून' (Buck Moon) कहा जाता है। इसका विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यही दिन आषाढ़ पूर्णिमा अथवा गुरु पूर्णिमा का भी है। इस प्रकार एक ही दिन खगोलीय और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण संयोग देखने को मिलेगा।

*क्या होती है पूर्णिमा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा वह खगोलीय अवस्था है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं तथा पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। इस स्थिति में चंद्रमा का सूर्य से प्रकाशित पूरा निकटवर्ती भाग पृथ्वी की ओर दिखाई देता है, इसलिए वह पूर्ण गोलाकार एवं अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है। या कुछ यूं कहें कि पूर्णिमा वह समय होता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के विपरीत दिशाओं में एक सीध में होते हैं, जिसे खगोलविज्ञान की भाषा में' सिज़ीगी' कहते हैं।उस समय, चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी की ओर होता है जबकि दूसरा भाग अंधकार में होता है। अमावस्या के समय इसका ठीक विपरीत होता है।

*कब होगा बक मून का चरम समय।?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही चंद्रमा, पूरब -दक्षिण पूर्वी आकाश में नज़र आने लगेगा लेकिन रात 8:06 बजे वह सटीक क्षण होगा जब पूर्णिमा अपनी चरम अवस्था में पहुँचेगी, लेकिन सामान्य दर्शकों को चंद्रमा एक दिन पहले एवं एक दिन बाद की रातों में भी लगभग पूर्ण जैसा ही दिखाई देगा, क्योंकि प्रकाशित भाग में परिवर्तन बहुत धीमी गति से होता है।

*कहाँ और किस दिशा में दिखाई देगा बक मून?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में 29 जुलाई को सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा पूर्व–दक्षिण-पूर्व (East-Southeast) दिशा में उदित होगा। रात बढ़ने के साथ वह आकाश में ऊँचा उठेगा, लगभग मध्यरात्रि में सर्वोच्च ऊँचाई पर पहुँचेगा और सूर्योदय के आसपास पश्चिम दिशा में अस्त होगा।

*किस तारामण्डल में दिखाई देगा बक मून।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा के चरम के समय चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में स्थित रहेगा, साथ ही पृथ्वी से उसकी औसत दूरी लगभग 3,99,600 किलोमीटर होगी तथा उसका प्रत्यक्ष कोणीय व्यास लगभग 0.5 डिग्री दिखाई देगा।

*चंद्रमा कितना चमकीला/ कितने मैग्नीट्यूड पर होगा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस पूर्णिमा के दौरान चंद्रमा का दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.7 रहेगा, जो इसे रात्रि आकाश की सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तुओं में शामिल करता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का अर्थ है कि वस्तु अत्यंत अधिक चमकीली है। पूर्णिमा के समय चंद्रमा का प्रकाश इतना प्रबल होता है कि अत्यंत हल्के बादलों के बीच भी दिखाई देता है।

' *बक मून' नाम कैसे पड़ा?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जुलाई की पूर्णिमा को बक मून (Buck Moon) नाम उत्तरी अमेरिका की मूल निवासी (Native American) जनजातियों द्वारा दिया गया था, क्योंकि वर्ष के इसी समय नर हिरण (Buck) के नए सींग तेज़ी से विकसित होते हैं और मखमली आवरण से ढके दिखाई देते हैं। इसी मौसमी परिवर्तन के आधार पर जुलाई की पूर्णिमा को "बक मून" कहा जाने लगा साथ ही इसके अन्य पारंपरिक नाम भी प्रचलित हैं, जिनमें थंडर मून , हे मून,शैलमन मून, रस्पवेरी मून, हॉफ वे समर मून तथा कुछ क्षेत्रों में मियड मून भी शामिल हैं। ये नाम विभिन्न संस्कृतियों की कृषि, मौसम और प्राकृतिक चक्रों से जुड़े हैं।

*बक मून/ पूर्णिमा का पृथ्वी पर क्या पर प्रभाव होगा।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा और अमावस्या के समय सूर्य एवं चंद्रमा का संयुक्त गुरुत्वाकर्षण प्रभाव समुद्रों में स्प्रिंग टाइड (Spring Tide) अथवा उच्च ज्वार उत्पन्न करता है। इन दिनों उच्च और निम्न ज्वार के बीच का अंतर सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक होता है। हालांकि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार पूर्णिमा का मानव व्यवहार या मानसिक स्वास्थ्य पर कोई निर्णायक प्रत्यक्ष प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है। लेकिन फिर भी पुराने जमाने से ही कई देशों ख़ासकर प्राचीन यूरोप में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को लूना भी कहा जाता है एवं उसी के आधार पर बना था *ल्यूनेटिक* शब्द जिसका मतलब ही होता है कि *चांदमारा* या पागल होना। लेकिन आधुनिक खगोल वैज्ञानिक अनुसंधानों में चंद्रमा का आपने शरीर के ऊपर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होता है। इसीलिए यहां घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह कहते हैं कि *पहले जानें उसके बाद ही मानें और सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।*

*हर पूर्णिमा पर ग्रहण क्यों नहीं होता?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। इसका कारण यह है कि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा (क्रांतिवृत्त) से लगभग 5.1° झुकी हुई है। इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर चंद्रमा पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है। चंद्र ग्रहण केवल तभी होता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपने कक्षीय नोड के निकट हो और सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा लगभग एक सीध में हों।

*चंद्रमा हमेशा एक जैसा क्यों नहीं दिखता?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 27.32 दिनों में करता है, जबकि एक पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक का औसत समय 29.53 दिन (सिनोडिक मास) होता है। यही कारण है कि चंद्रमा की कलाएँ लगातार बदलती रहती हैं। एक चंद्र चक्र में अमावस्या, बढ़ता अर्धचंद्र, प्रथम चतुर्थांश, बढ़ता गिबस मून, पूर्णिमा, घटता गिबस मून, तृतीय चतुर्थांश और घटता अर्धचंद्र जैसी आठ प्रमुख अवस्थाएँ आती हैं। इन्हीं समस्त चंद्रकलाओं के कारण चन्द्रमा, पृथ्वी से हमेशा एक ही आकर में नहीं दिखाई देता है और अपनी कलाएँ बदलता रहता है।

*क्या वास्तव में हम चंद्रमा का केवल आधा भाग ही देखते हैं?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यद्यपि किसी भी समय चंद्रमा का लगभग 50 प्रतिशत भाग ही पृथ्वी से दिखाई देता है, लेकिन चंद्र लिब्रेशन (Libration) नामक हल्के डगमगाने वाले प्रभाव के कारण समय के साथ हम उसकी सतह का लगभग 59 प्रतिशत भाग देख पाते हैं।

*गुरु पूर्णिमा का वैज्ञानिक एवं पौराणिक महत्व क्या होता है।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की पूर्णिमा भारतीय परंपरा में गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाई जाएगी। पौराणिक रूप में यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती से जुड़ा माना जाता है और ज्ञान, शिक्षा तथा गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का पर्व है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय दृष्टि से यह केवल पूर्णिमा का एक विशेष क्षण होता है, साथ ही इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है जबकि सांस्कृतिक रूप से यह भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति हमेशा अपनी सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। इसीलिए सभी को अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ होना ही चाहिए क्योंकि बिन गुरु ज्ञान कहां।

*कैसे देखें बक मून और तस्वीर कैसे लें?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बक मून/पूर्णिमा को देखने के लिए किसी दूरबीन / टेलीस्कोप या विनॉकुलर आदि की आवश्यकता नहीं होती है सूर्यास्त के तुरंत बाद पूर्वी क्षितिज का खुला स्थान चुनें। यदि आपके पास कोई टेलीस्कोप/दूरबीन या विनोकुलर एवं कैमरा आदि उपकरण मौजूद हैं और आप फोटोग्राफी करना चाहें तो ट्राइपॉड का उपयोग करें तथा कैमरे या मोबाइल में एक्सपोज़र कम रखें, जिससे चंद्रमा की सतह के गड्ढे और पर्वतीय संरचनाएँ स्पष्ट दिखाई दें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 का बक मून केवल एक सुंदर पूर्णिमा नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान, प्रकृति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम है। यह अवसर हमें चंद्रमा की वैज्ञानिक समझ के साथ-साथ प्रकृति के उन मौसमी संकेतों की भी याद दिलाता है जिनके आधार पर विभिन्न सभ्यताओं ने सदियों तक समय और ऋतुओं का निर्धारण किया था। इसीलिए मौसम साफ़ होने पर आप इस बक मून/ गुरु पूर्णिमा की चाँदनी रात्रि का लुत्फ़ जरुर उठाएं साथ ही बच्चों को इसके वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक कारणों से भी अवगत ज़रूर करवाएं,जिस से समाज में व्यापक रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण पुष्ट होता रहे।
        
ज्ञानपुर पुलिस ने शातिर चोर को किया गिरफ्तार:चोरी का मोबाइल, साइकिल और नकदी बरामद, घर में घुसकर की थी वारदात*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन, साइकिल और नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में की गई।
ज्ञानपुर थाना पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अभियुक्त को घाटमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी थाना ज्ञानपुर में पंजीकृत मु०अ०संख्या 198/26 धारा 305 बीएनएस से संबंधित विवेचना के दौरान हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रात करीब 3:30 बजे ज्ञानपुर तहसील के पीछे एक मकान में घुसकर चोरी की थी। उसने वहां से एक साइकिल, एक गैस सिलेंडर, एक मोबाइल और चार्जर चुराया था। चोरी के बाद वह पाली की तरफ भाग गया था। उसने घाटमपुर पुलिया पर एक व्यक्ति को 1100 रुपये में गैस सिलेंडर बेच दिया था।
आरोपी की पहचान कार्तिक उपाध्याय पुत्र स्व० भवानी प्रसाद के रूप में हुई है, जो ग्राम मिल्की, थाना ज्ञानपुर, जनपद भदोही का निवासी है। उसका अस्थाई पता ग्राम नरपतपुर, थाना चौरी, जनपद भदोही है। पुलिस ने उसके पास से सैमसंग गैलेक्सी ए-13 मोबाइल, एक काले रंग की एवन साइकिल और 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।
इस मामले में दर्ज मु०अ०सं० 198/2026 धारा 305(ए) बीएनएस की विवेचना के दौरान चोरी का सामान बरामद होने पर धारा 317(2) और 317(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद सिंह यादव, हेड कांस्टेबल लालजी और कांस्टेबल मिथुन कुमार की टीम शामिल थी।
सड़क दुर्घटना के बाद घायल का मोबाइल चुराने वाला गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने चोरी का VIVO मोबाइल फोन किया बरामद

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति का मोबाइल फोन चुराकर फरार हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया VIVO कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में की गई।
शिकायतकर्ता ने 31 मई 2026 को ऊँज थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया कि एक अज्ञात XUV-300 वाहन के चालक ने लापरवाही से स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे शिकायतकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक और उसके साथियों ने घायल का मोबाइल फोन छीन लिया, अभद्रता की और धमकी देकर मौके से फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर थाना ऊँज में मु0अ0सं0 64/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि 31 मई 2026 को वह अपनी XUV गाड़ी से कैमूर (बिहार) से घर लौट रहा था। ऊँज थाना क्षेत्र में उसकी गाड़ी से एक स्कूटी सवार व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना के बाद उसने घायल व्यक्ति का VIVO कंपनी का मोबाइल फोन उठा लिया और अपने पास रख लिया। आरोपी की निशानदेही पर तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कौशांबी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित हिसामपुर परसाखी निवासी इंगला प्रसाद पुत्र स्वर्गीय कामता प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का VIVO मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त XUV वाहन (संख्या UP73 AK 5190) को भी पुलिस अभिरक्षा में ले लिया है।
इस मामले में दर्ज मु0अ0सं0 64/2026 की विवेचना के दौरान चोरी का मोबाइल बरामद होने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुभाषचंद्र बौद्ध, कांस्टेबल जुबैर खां और कांस्टेबल सुनील प्रजापति शामिल थे। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में की गई।
कार्ड वितरण कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में  संपन्न हुआ

गोण्डा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में  संपन्न हुआ।

देश के विकास में शिक्षकों की भूमिका अमूल्य है ,शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है , मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को लाभान्वित किया गया है उक्त  बातें श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने  कही l कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने किया  एवं नोडल अधिकारी के रूप में बोलते हुए कहा उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना को धरातल पर उतारा एवं सभी श्रेणी के शिक्षकों को लाभान्वित किया l उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी l मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य ने कहा यह योजना प्रदेश के लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवार को बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रदान करेगी l जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा इस योजना से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ा है l सफल मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ रेखा शर्मा ने कहा कैशलेस चिकित्सा शिक्षकों के जीवन में सुकून ,संतोष एवं आत्मविश्वास  का भाव  बढ़ाएगी l धन्यवाद ज्ञापन मुख्य नियंता प्रो.अमन  चन्द्रा ने किया l कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ नीरज यादव एवं डॉ आर बी सिंह का सहयोग सराहनीय रहा lउक्त कार्यक्रम में सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय एवं वित्तविहीन महाविद्यालय के अनुमोदित शिक्षकों को कार्ड वितरित किया गया l कार्यक्रम में प्रो.संदीप कुमार श्रीवास्तव, प्रो अरविंद कुमार शर्मा, प्रो अभय श्रीवास्तव, प्रो जय शंकर तिवारी ,डॉ चमन कौर, डॉ पुष्यमित्र मिश्रा, डॉ संतोष श्रीवास्तव ,डॉ  लोहंस कल्याणी ,डॉ शिशिर त्रिपाठी ,डॉ पुनीत कुमार ,डॉ रवि ओझा ,डॉ वंदना भारतीय ,डॉ स्मिता सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ शैलेंद्र बहादुर सिंह, डॉ अखिलेश्वर प्रसाद शुक्ला ,डॉ हरिराम डॉ शैलेंद्र बहादुर सिंह, डॉ पवन मिश्रा, डॉ मनोज मिश्रा सहित  विभिन्न महाविद्यालय के सैकड़ो शिक्षक उपस्थित रहे l
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में संपन्न हुआ नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत कार्यक्रम
गोण्डा। प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी संकल्प के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में प्रभारी   प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशानुसार नशा मुक्त  युवा फार  विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति से घृणा नहीं बल्कि सहानुभूति रखते हुए उसे नशा मुक्त करने में सहयोग करें और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका  सुनिश्चित  करें l कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति सिर्फ अपना जीवन ही बर्बाद नहीं करता बल्कि अपने माता-पिता के सपनों को तोड़ता है, बच्चों के भविष्य को अंधकारमय करता है और अपने परिवार व समाज को  पतन के कगार पर ले जाता है इसलिए देश को नशा मुक्त करने में सभी अपना सहयोग करें l सफल मंच संचालन एनसीसी प्रभारी डॉ. अमित शुक्ला ने किया l धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चमन कौर ने किया l उक्त विषय पर आयोजित भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया l भाषण प्रतियोगिता में मानसी सिंह, संदीप तिवारी ,मोहम्मद जैद एवं पोस्टर प्रतियोगिता में मेहविश मिराज ,राज एवं कमलवासनी तिवारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया  जबकि निर्णायक की भूमिका में डॉ .चमन कौर ,डॉ. संतोष श्रीवास्तव एवं डॉ मनोज मिश्रा रहे l कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पवन सिंह ,डॉ. परवेज आलम, डॉ दिलीप शुक्ला, डॉ. दलीप सिंह,  डॉ. संजय कुमार ,डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ,डॉ. अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज का दावा बड़ा अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता छोटा


*206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने 37 तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है, बारिश में पानी भरने पर मरीज जाते ही नहीं*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में कागजों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चमक रहे हैं, लेकिन धरातल पर पगडंडी और कीचड़ मरीजों का स्वागत करते हैं। शनिवार को पड़ताल में जिले के 206 स्वास्थ्य केंद्रों में से 37 तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को सेंटर से एंबुलेंस तक स्वयं ही पहुंचना पड़ता है। बारिश में उपकेंद्र तक पहुंचना मरीजों के लिए अग्निपरीक्षा देने जैसे है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे सेंटर तक पहुंचती हैं। केंद्र के अंदर दवा और उपकरण सहित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों के लिए पहुंच मार्ग नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। यहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। हर महीने अनुमानित 700 से 800 प्रसव होते हैं। इनमें 60 से 65 फीसदी प्रसव ग्रामीण अंचल यानी उपकेंद्रों पर होते हैं।



हमारी टीम ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।

इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।




आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
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206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
जनपद मऊ -: जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समाज कार्य विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम ने विकास खंड परदहा के ग्राम परसपुरा चमरियोंव और सरैया रघुनाथपुर का भ्रमण किया।

टीम ने गांवों में पेयजल की गुणवत्ता, नियमित जलापूर्ति, पानी के प्रेशर, शुद्ध पेयजल का आम जनजीवन पर प्रभाव तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े पहलुओं का आकलन किया।

इस दौरान समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के श्री कमलेश कुमार, जिला समन्वयक जल जीवन मिशन एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान, जल सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ, आशा बहू, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
गुरु पूर्णिमा पर्व मे रघुनाथ दास आश्रम पर हुआ भव्य भंडारे का आयोजन
ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। गुरूवार को नगर के पौराणिक नर्मदा तीर्थ स्थल स्थित श्री श्री 1008 बाबा रघुनाथ दास आश्रम, जानकी बाग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के अगले और सावन के पहले दिन होने वाले भंडारे में नगर सहित दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जानकी बाग पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही सम्मान के साथ अपने गुरु के चरणों का आशीर्वाद लेते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की शुरुआत कन्याओं व साधुओं के प्रसाद पा लेने के बाद हुई, भंडारे में आसपास क्षेत्र के 501 मठों के साधुओं सन्यासियों ने प्रसाद पाया और देश दुनिया की खुशहाली के लिए कामना की। 
       आश्रम महंत भंडारी बाबा श्री श्री रामसेवक जी ने बताया सावन का महीना भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। शिव जी के प्रिय महीने सावन माह की शुरुआत आज गुरूवार 30 जुलाई से हो रही है, इस पवित्र माह का समापन 28 अगस्त रक्षाबंधन के साथ होगा, इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त सावन का पहला सोमवार, 10 अगस्त दूसरा सोमवार, 11अगस्त शिवरात्रि, 12 अगस्त हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त हरियाली तीज, 17 अगस्त को तीसरा सोमवार व नागपंचमी, 23 अगस्त पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त को चौथा सोमवार, 28 अगस्त रक्षाबंधन शुक्रवार को रक्षाबंधन के साथ सावन माह समाप्त होगा। रक्षा बन्धन के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन लेगी।
       भंडारी बाबा का कहना है, कि जो भक्त सच्चे मन से शिव जी की प्रिय वस्तु वेलपत्र, पुष्प, धतूरा, शक्कर, गाय का देशी घी, दही, सफेद चंदन, कपूर, पंचामृत, शमी आदि इस माह शिवलिंग पर अर्पित करता हैं, उसके सभी कष्टों को वह पल भर में हर लेते हैं। बाबा ने बताया कि आयोजित भंडारा पूर्वाह्न 11 बजे से साधुओं व कन्याओं के पूजन के साथ आरम्भ हुआ हैं जो कि प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा। बाबा से आशीर्वाद लेने को कस्बे सहित दूरदराज क्षेत्रों से आये महिलाओं पुरूषों सहित बच्चों की लाइन लगी रही। भक्तों ने बताया, कि जो भी व्यक्ति अपने अहंकार को तज इस परिसर में आता हैं उनके सभी कष्टों को भंडारी बाबा दूर कर देते हैं उसका जीवन सफल सुखमय हो जाता हैं। भंडारे उपरांत संगीत संध्या का आयोजन स्वर संगम संगीत सीमित द्वारा किया गया जिसमें स्थानीय व मेहमान भजन गायकों ने सुरीली धुनों की लय पर सुंदर सुंदर भजन प्रस्तुत किए, जिनको सुनकर युवा श्रद्धालु झूमने लगे है तो वही वृद्ध श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये।
      इस अवसर पर श्री लाल बाबा जी, भंडारी बाबा श्री रामसेवक दास जी, बाबा श्री राम रतन दास जी, बाबा श्री हरीराम दास जी, बाबा श्री भरत दास जी, बाबा श्री मथुरा दास जी, बाबा श्री मैकूदास जी, बाबा श्री भवानी दास जी, बाबा श्री वीरेन्द्र तिवारी आदि सहित दर्जनों की संख्या में भक्त लंगर की जिम्मेदारी को बखूबी संभालते नज़र आये।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।
घोसी में अवैध चमड़ा भंडारण पर नगर पंचायत की कार्रवाई, चार गोदाम सील
मऊ। नगर पंचायत घोसी के करीमुद्दीनपुर दक्षिणी वार्ड संख्या-8 में मृत पशुओं के चमड़े के भंडारण उससे उठ रही दुर्गंध तथा संभावित संक्रामक बीमारियों को लेकर स्थानीय लोगों द्वारा की गई शिकायत और समाचार प्रकाशित होने के बाद नगर पंचायत प्रशासन हरकत में आ गया। अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर औचक निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मृत पशुओं के चमड़े के भंडारण से संबंधित गतिविधियां पाए जाने पर अनीश कुरैशी, इम्तेयाज कुरैशी, शाहिद तथा शहनवाज को नोटिस जारी किया गया। साथ ही उनके गोदामों को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। अधिशासी अधिकारी ने संबंधित लोगों को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियों की पुनरावृत्ति होने पर उनके विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्रवासियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त वातावरण उपलब्ध कराना उन्हें गरिमापूर्ण जीवन जीने का अवसर देना तथा जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। नगर पंचायत नागरिकों के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

कार्रवाई के दौरान उपनिरीक्षक अशोक सिंह, हेड कांस्टेबल अमित कुमार, कांस्टेबल प्रदीप राय तथा नगर पंचायत की टीम से विमलेश कुमार, उमेश यादव, रामशब्द, अमरेंद्र श्रीवास्तव, सुजीत, शैलेश सहित अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।
29 जुलाई 2026 को दिखेगा वर्ष का आकर्षक 'बक मून',/ फुल मून

 
गुरु पूर्णिमा पर बनेगा दुर्लभ
खगोलीय-सांस्कृतिक संयोग।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की शाम आकाश प्रेमियों और सामान्य जनमानस के लिए विशेष रहने वाली है क्योंकि इस दौरान भारतीय समयानुसार रात 8:06 बजे जुलाई की पूर्णिमा अपने चरम पर होगी। इस दौरान चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में रहेगा तथा लगभग –12.7 मैग्नीट्यूड की चमक से दमकेगा एवं इसी पूर्णिमा को पारंपरिक रूप से 'बक मून' (Buck Moon) कहा जाता है। इसका विशेष महत्व इसलिए भी है क्योंकि यही दिन आषाढ़ पूर्णिमा अथवा गुरु पूर्णिमा का भी है। इस प्रकार एक ही दिन खगोलीय और सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण संयोग देखने को मिलेगा।

*क्या होती है पूर्णिमा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा वह खगोलीय अवस्था है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा लगभग एक सीधी रेखा में होते हैं तथा पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच स्थित होती है। इस स्थिति में चंद्रमा का सूर्य से प्रकाशित पूरा निकटवर्ती भाग पृथ्वी की ओर दिखाई देता है, इसलिए वह पूर्ण गोलाकार एवं अत्यधिक चमकीला दिखाई देता है। या कुछ यूं कहें कि पूर्णिमा वह समय होता है जब सूर्य और चंद्रमा पृथ्वी के विपरीत दिशाओं में एक सीध में होते हैं, जिसे खगोलविज्ञान की भाषा में' सिज़ीगी' कहते हैं।उस समय, चंद्रमा का प्रकाशित भाग पृथ्वी की ओर होता है जबकि दूसरा भाग अंधकार में होता है। अमावस्या के समय इसका ठीक विपरीत होता है।

*कब होगा बक मून का चरम समय।?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बैसे तो सूर्यास्त के बाद से ही चंद्रमा, पूरब -दक्षिण पूर्वी आकाश में नज़र आने लगेगा लेकिन रात 8:06 बजे वह सटीक क्षण होगा जब पूर्णिमा अपनी चरम अवस्था में पहुँचेगी, लेकिन सामान्य दर्शकों को चंद्रमा एक दिन पहले एवं एक दिन बाद की रातों में भी लगभग पूर्ण जैसा ही दिखाई देगा, क्योंकि प्रकाशित भाग में परिवर्तन बहुत धीमी गति से होता है।

*कहाँ और किस दिशा में दिखाई देगा बक मून?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में 29 जुलाई को सूर्यास्त के तुरंत बाद चंद्रमा पूर्व–दक्षिण-पूर्व (East-Southeast) दिशा में उदित होगा। रात बढ़ने के साथ वह आकाश में ऊँचा उठेगा, लगभग मध्यरात्रि में सर्वोच्च ऊँचाई पर पहुँचेगा और सूर्योदय के आसपास पश्चिम दिशा में अस्त होगा।

*किस तारामण्डल में दिखाई देगा बक मून।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा के चरम के समय चंद्रमा, मकर (Capricornus) तारामंडल की दिशा में स्थित रहेगा, साथ ही पृथ्वी से उसकी औसत दूरी लगभग 3,99,600 किलोमीटर होगी तथा उसका प्रत्यक्ष कोणीय व्यास लगभग 0.5 डिग्री दिखाई देगा।

*चंद्रमा कितना चमकीला/ कितने मैग्नीट्यूड पर होगा?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस पूर्णिमा के दौरान चंद्रमा का दृश्य मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 12.7 रहेगा, जो इसे रात्रि आकाश की सबसे चमकीली प्राकृतिक वस्तुओं में शामिल करता है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ऋणात्मक (Negative) मैग्नीट्यूड का अर्थ है कि वस्तु अत्यंत अधिक चमकीली है। पूर्णिमा के समय चंद्रमा का प्रकाश इतना प्रबल होता है कि अत्यंत हल्के बादलों के बीच भी दिखाई देता है।

' *बक मून' नाम कैसे पड़ा?*
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि जुलाई की पूर्णिमा को बक मून (Buck Moon) नाम उत्तरी अमेरिका की मूल निवासी (Native American) जनजातियों द्वारा दिया गया था, क्योंकि वर्ष के इसी समय नर हिरण (Buck) के नए सींग तेज़ी से विकसित होते हैं और मखमली आवरण से ढके दिखाई देते हैं। इसी मौसमी परिवर्तन के आधार पर जुलाई की पूर्णिमा को "बक मून" कहा जाने लगा साथ ही इसके अन्य पारंपरिक नाम भी प्रचलित हैं, जिनमें थंडर मून , हे मून,शैलमन मून, रस्पवेरी मून, हॉफ वे समर मून तथा कुछ क्षेत्रों में मियड मून भी शामिल हैं। ये नाम विभिन्न संस्कृतियों की कृषि, मौसम और प्राकृतिक चक्रों से जुड़े हैं।

*बक मून/ पूर्णिमा का पृथ्वी पर क्या पर प्रभाव होगा।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि पूर्णिमा और अमावस्या के समय सूर्य एवं चंद्रमा का संयुक्त गुरुत्वाकर्षण प्रभाव समुद्रों में स्प्रिंग टाइड (Spring Tide) अथवा उच्च ज्वार उत्पन्न करता है। इन दिनों उच्च और निम्न ज्वार के बीच का अंतर सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक होता है। हालांकि वैज्ञानिक अध्ययनों के अनुसार पूर्णिमा का मानव व्यवहार या मानसिक स्वास्थ्य पर कोई निर्णायक प्रत्यक्ष प्रभाव सिद्ध नहीं हुआ है। लेकिन फिर भी पुराने जमाने से ही कई देशों ख़ासकर प्राचीन यूरोप में प्रचलित मान्यताओं के अनुसार चंद्रमा को लूना भी कहा जाता है एवं उसी के आधार पर बना था *ल्यूनेटिक* शब्द जिसका मतलब ही होता है कि *चांदमारा* या पागल होना। लेकिन आधुनिक खगोल वैज्ञानिक अनुसंधानों में चंद्रमा का आपने शरीर के ऊपर कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं होता है। इसीलिए यहां घबराने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है, इसीलिए खगोलविद अमर पाल सिंह कहते हैं कि *पहले जानें उसके बाद ही मानें और सही ज्ञान सभी समस्याओं का समाधान और यही है विज्ञान।*

*हर पूर्णिमा पर ग्रहण क्यों नहीं होता?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बहुत से लोग मानते हैं कि हर पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण होना चाहिए, जबकि ऐसा नहीं है। इसका कारण यह है कि चंद्रमा की कक्षा पृथ्वी की सूर्य के चारों ओर की कक्षा (क्रांतिवृत्त) से लगभग 5.1° झुकी हुई है। इसलिए अधिकांश पूर्णिमाओं पर चंद्रमा पृथ्वी की छाया के ऊपर या नीचे से निकल जाता है। चंद्र ग्रहण केवल तभी होता है जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपने कक्षीय नोड के निकट हो और सूर्य, पृथ्वी तथा चंद्रमा लगभग एक सीध में हों।

*चंद्रमा हमेशा एक जैसा क्यों नहीं दिखता?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चंद्रमा, पृथ्वी की परिक्रमा लगभग 27.32 दिनों में करता है, जबकि एक पूर्णिमा से अगली पूर्णिमा तक का औसत समय 29.53 दिन (सिनोडिक मास) होता है। यही कारण है कि चंद्रमा की कलाएँ लगातार बदलती रहती हैं। एक चंद्र चक्र में अमावस्या, बढ़ता अर्धचंद्र, प्रथम चतुर्थांश, बढ़ता गिबस मून, पूर्णिमा, घटता गिबस मून, तृतीय चतुर्थांश और घटता अर्धचंद्र जैसी आठ प्रमुख अवस्थाएँ आती हैं। इन्हीं समस्त चंद्रकलाओं के कारण चन्द्रमा, पृथ्वी से हमेशा एक ही आकर में नहीं दिखाई देता है और अपनी कलाएँ बदलता रहता है।

*क्या वास्तव में हम चंद्रमा का केवल आधा भाग ही देखते हैं?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि यद्यपि किसी भी समय चंद्रमा का लगभग 50 प्रतिशत भाग ही पृथ्वी से दिखाई देता है, लेकिन चंद्र लिब्रेशन (Libration) नामक हल्के डगमगाने वाले प्रभाव के कारण समय के साथ हम उसकी सतह का लगभग 59 प्रतिशत भाग देख पाते हैं।

*गुरु पूर्णिमा का वैज्ञानिक एवं पौराणिक महत्व क्या होता है।?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 की पूर्णिमा भारतीय परंपरा में गुरु पूर्णिमा के रूप में मनाई जाएगी। पौराणिक रूप में यह दिन महर्षि वेदव्यास की जयंती से जुड़ा माना जाता है और ज्ञान, शिक्षा तथा गुरु-शिष्य परंपरा के सम्मान का पर्व है। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोलीय दृष्टि से यह केवल पूर्णिमा का एक विशेष क्षण होता है, साथ ही इसे कई अन्य नामों से भी जाना जाता है जबकि सांस्कृतिक रूप से यह भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति हमेशा अपनी सच्ची श्रद्धा व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है। इसीलिए सभी को अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ होना ही चाहिए क्योंकि बिन गुरु ज्ञान कहां।

*कैसे देखें बक मून और तस्वीर कैसे लें?*

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस बक मून/पूर्णिमा को देखने के लिए किसी दूरबीन / टेलीस्कोप या विनॉकुलर आदि की आवश्यकता नहीं होती है सूर्यास्त के तुरंत बाद पूर्वी क्षितिज का खुला स्थान चुनें। यदि आपके पास कोई टेलीस्कोप/दूरबीन या विनोकुलर एवं कैमरा आदि उपकरण मौजूद हैं और आप फोटोग्राफी करना चाहें तो ट्राइपॉड का उपयोग करें तथा कैमरे या मोबाइल में एक्सपोज़र कम रखें, जिससे चंद्रमा की सतह के गड्ढे और पर्वतीय संरचनाएँ स्पष्ट दिखाई दें।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 29 जुलाई 2026 का बक मून केवल एक सुंदर पूर्णिमा नहीं, बल्कि खगोल विज्ञान, प्रकृति, संस्कृति और भारतीय परंपरा का अद्भुत संगम है। यह अवसर हमें चंद्रमा की वैज्ञानिक समझ के साथ-साथ प्रकृति के उन मौसमी संकेतों की भी याद दिलाता है जिनके आधार पर विभिन्न सभ्यताओं ने सदियों तक समय और ऋतुओं का निर्धारण किया था। इसीलिए मौसम साफ़ होने पर आप इस बक मून/ गुरु पूर्णिमा की चाँदनी रात्रि का लुत्फ़ जरुर उठाएं साथ ही बच्चों को इसके वैज्ञानिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक कारणों से भी अवगत ज़रूर करवाएं,जिस से समाज में व्यापक रूप से वैज्ञानिक दृष्टिकोण पुष्ट होता रहे।
        
ज्ञानपुर पुलिस ने शातिर चोर को किया गिरफ्तार:चोरी का मोबाइल, साइकिल और नकदी बरामद, घर में घुसकर की थी वारदात*
नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने घर में घुसकर चोरी करने वाले एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन, साइकिल और नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में की गई।
ज्ञानपुर थाना पुलिस को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर अभियुक्त को घाटमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी थाना ज्ञानपुर में पंजीकृत मु०अ०संख्या 198/26 धारा 305 बीएनएस से संबंधित विवेचना के दौरान हुई।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने रात करीब 3:30 बजे ज्ञानपुर तहसील के पीछे एक मकान में घुसकर चोरी की थी। उसने वहां से एक साइकिल, एक गैस सिलेंडर, एक मोबाइल और चार्जर चुराया था। चोरी के बाद वह पाली की तरफ भाग गया था। उसने घाटमपुर पुलिया पर एक व्यक्ति को 1100 रुपये में गैस सिलेंडर बेच दिया था।
आरोपी की पहचान कार्तिक उपाध्याय पुत्र स्व० भवानी प्रसाद के रूप में हुई है, जो ग्राम मिल्की, थाना ज्ञानपुर, जनपद भदोही का निवासी है। उसका अस्थाई पता ग्राम नरपतपुर, थाना चौरी, जनपद भदोही है। पुलिस ने उसके पास से सैमसंग गैलेक्सी ए-13 मोबाइल, एक काले रंग की एवन साइकिल और 650 रुपये नकद बरामद किए हैं।
इस मामले में दर्ज मु०अ०सं० 198/2026 धारा 305(ए) बीएनएस की विवेचना के दौरान चोरी का सामान बरामद होने पर धारा 317(2) और 317(4) बीएनएस की बढ़ोतरी की गई है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक प्रमोद सिंह यादव, हेड कांस्टेबल लालजी और कांस्टेबल मिथुन कुमार की टीम शामिल थी।
सड़क दुर्घटना के बाद घायल का मोबाइल चुराने वाला गिरफ्तार:भदोही पुलिस ने चोरी का VIVO मोबाइल फोन किया बरामद

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही पुलिस ने सड़क दुर्घटना के बाद घायल व्यक्ति का मोबाइल फोन चुराकर फरार हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया VIVO कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देशन में की गई।
शिकायतकर्ता ने 31 मई 2026 को ऊँज थाने में तहरीर दी थी। इसमें बताया गया कि एक अज्ञात XUV-300 वाहन के चालक ने लापरवाही से स्कूटी में टक्कर मार दी, जिससे शिकायतकर्ता गंभीर रूप से घायल हो गया। चालक और उसके साथियों ने घायल का मोबाइल फोन छीन लिया, अभद्रता की और धमकी देकर मौके से फरार हो गए। इस तहरीर के आधार पर थाना ऊँज में मु0अ0सं0 64/2026 के तहत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि 31 मई 2026 को वह अपनी XUV गाड़ी से कैमूर (बिहार) से घर लौट रहा था। ऊँज थाना क्षेत्र में उसकी गाड़ी से एक स्कूटी सवार व्यक्ति दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। दुर्घटना के बाद उसने घायल व्यक्ति का VIVO कंपनी का मोबाइल फोन उठा लिया और अपने पास रख लिया। आरोपी की निशानदेही पर तलाशी के दौरान उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान कौशांबी जनपद के कोखराज थाना क्षेत्र स्थित हिसामपुर परसाखी निवासी इंगला प्रसाद पुत्र स्वर्गीय कामता प्रसाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का VIVO मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त XUV वाहन (संख्या UP73 AK 5190) को भी पुलिस अभिरक्षा में ले लिया है।
इस मामले में दर्ज मु0अ0सं0 64/2026 की विवेचना के दौरान चोरी का मोबाइल बरामद होने पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(2) की बढ़ोतरी की गई है। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में उपनिरीक्षक सुभाषचंद्र बौद्ध, कांस्टेबल जुबैर खां और कांस्टेबल सुनील प्रजापति शामिल थे। यह कार्रवाई अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में की गई।
कार्ड वितरण कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में  संपन्न हुआ

गोण्डा। मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण कार्यक्रम श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में  संपन्न हुआ।

देश के विकास में शिक्षकों की भूमिका अमूल्य है ,शिक्षक राष्ट्र निर्माता होता है , मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है जिससे प्रदेश के लाखों शिक्षकों को लाभान्वित किया गया है उक्त  बातें श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के ललिता सभागार में आयोजित मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना के अंतर्गत कार्ड वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए सदर विधायक प्रतीक भूषण शरण सिंह ने  कही l कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह ने किया  एवं नोडल अधिकारी के रूप में बोलते हुए कहा उत्तर प्रदेश सरकार ने मुख्यमंत्री कैशलेस चिकित्सा योजना को धरातल पर उतारा एवं सभी श्रेणी के शिक्षकों को लाभान्वित किया l उत्तर प्रदेश सरकार की यह पहल प्रदेश के विकास में मील का पत्थर सिद्ध होगी l मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय बलरामपुर के परीक्षा नियंत्रक दिनेश कुमार मौर्य ने कहा यह योजना प्रदेश के लाखों शिक्षकों एवं उनके परिवार को बेहतर स्वास्थ्य एवं सुरक्षा प्रदान करेगी l जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ रामचंद्र ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा इस योजना से शिक्षकों का आत्मविश्वास बढ़ा है l सफल मंच संचालन करते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ रेखा शर्मा ने कहा कैशलेस चिकित्सा शिक्षकों के जीवन में सुकून ,संतोष एवं आत्मविश्वास  का भाव  बढ़ाएगी l धन्यवाद ज्ञापन मुख्य नियंता प्रो.अमन  चन्द्रा ने किया l कार्यक्रम के सहायक नोडल अधिकारी डॉ नीरज यादव एवं डॉ आर बी सिंह का सहयोग सराहनीय रहा lउक्त कार्यक्रम में सहायता प्राप्त अशासकीय महाविद्यालय एवं वित्तविहीन महाविद्यालय के अनुमोदित शिक्षकों को कार्ड वितरित किया गया l कार्यक्रम में प्रो.संदीप कुमार श्रीवास्तव, प्रो अरविंद कुमार शर्मा, प्रो अभय श्रीवास्तव, प्रो जय शंकर तिवारी ,डॉ चमन कौर, डॉ पुष्यमित्र मिश्रा, डॉ संतोष श्रीवास्तव ,डॉ  लोहंस कल्याणी ,डॉ शिशिर त्रिपाठी ,डॉ पुनीत कुमार ,डॉ रवि ओझा ,डॉ वंदना भारतीय ,डॉ स्मिता सिंह, डॉ धर्मेंद्र सिंह, डॉ शैलेंद्र बहादुर सिंह, डॉ अखिलेश्वर प्रसाद शुक्ला ,डॉ हरिराम डॉ शैलेंद्र बहादुर सिंह, डॉ पवन मिश्रा, डॉ मनोज मिश्रा सहित  विभिन्न महाविद्यालय के सैकड़ो शिक्षक उपस्थित रहे l