30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
यूपी में थमेगी बारिश की रफ्तार, अगले तीन-चार दिन कमजोर रहेगा मानसून

- एक सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, तराई समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। एक सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि तराई क्षेत्र के साथ ही कुछ अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

- बुंदेलखंड समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने के साथ मौसम में उमस बढ़ सकती है। बारिश थमने के बाद तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव की तैयारियां पूरी

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति और श्रद्धा को समर्पित पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव का आयोजन 30 अगस्त को अग्रसेन भवन प्रांगण में किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महोत्सव से पूर्व गुरुवार को श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार के सदस्य हजारीबाग से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी द्वारा संचालित गौशाला पहुंचे। यहां सदस्यों ने गौ माता को गुड़, चोकर, फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौ सेवा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद गौशाला परिसर में भक्तों ने बाबा श्याम के भजनों का गुणगान किया और भक्ति रस में डूबे। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष महोत्सव से पहले गौ सेवा कर कार्यक्रम को मंगलमय बनाने की कामना की जाती है।

इसके बाद आयोजक मंडली ने उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे से मुलाकात कर उन्हें महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा।

30 अगस्त को अग्रसेन भवन में दोपहर 2:15 बजे बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भव्य भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद देश के प्रसिद्ध भजन गायक बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच और जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर करेंगे।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति, सेवा और सामाजिक समर्पण के साथ इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। पंचम वर्ष के आयोजन को विशेष और यादगार बनाने के लिए सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर बाबा श्याम के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।

जर्जर सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर संगठन ने उठाई आवाज, अधिकारियों की उपस्थिति की मांग

संभल ।आज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा 1 सितंबर को ब्लॉक संभल की पंचायत में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी संभल, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसडीओ जल मिशन, आपूर्ति निरीक्षक तथा परियोजना निदेशक/यूपीडा आदि अधिकारियों की उपस्थिति की मांग की गई है ! जिला अधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर महोदय नीरज द्विवेदी के माध्यम से सौंपा गया ! साथ ही मुख्य विकास अधिकारी महोदय गोरखनाथ भट्ट को ज्ञापन सौंपकर ग्राम चमरौआ, भारतल, गोजनी, सिंहपुर सानी, लखौरी एवं हिसामपुर के मुख्य रास्तों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया !
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेंहदी हसन, तहसील प्रभारी राजीव सैनी, तहसील सचिव ताराचन्द सैनी, ब्लॉक उपाध्यक्ष युवा मो. हसन, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक मंत्री मनीराम गूर्जर, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. जाकिर अली आदि उपस्थित रहे !
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
भाजपा का बयान हताशा और राजनीतिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा : विनोद कुमार पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्षी आवाजों को दबाने की राजनीति को देशभर में स्थापित किया, उन्हें झारखंड की लोकतांत्रिक सरकार को नसीहत देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार की तुलना इतिहास की गंभीर त्रासदियों से करना न सिर्फ राजनीतिक दुरुपयोग है, बल्कि भाजपा की बौखलाहट और राजनीतिक कुंठा को भी दर्शाता है। भाजपा को चाहिए कि वह ऐसे अमर्यादित और गैर-जिम्मेदाराना बयानों के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर बात करे।

उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भाजपा की पुरानी राजनीतिक शैली है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन कोई भी अधिकार कानून से ऊपर नहीं है। सरकार का दायित्व है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक दमन बताना पूरी तरह भ्रामक है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने शासन वाले राज्यों में लोकतांत्रिक अधिकारों, छात्रों, किसानों और विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार का हिसाब देना चाहिए। दूसरों को लोकतंत्र का प्रमाणपत्र बांटने से पहले भाजपा अपने राजनीतिक इतिहास के पन्ने पलट ले।

जेपीएससी पर भाजपा की राजनीति तथ्यहीन और अवसरवादी

जेपीएससी मामले पर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि न्यायपालिका में सरकार की ओर से कौन अधिवक्ता किस स्तर पर पैरवी करेगा, यह पूरी तरह विधिक प्रक्रिया और सरकार के अधिवक्ताओं का विषय है। इसे राजनीतिक षड्यंत्र का रंग देना न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास जेपीएससी मामले में कोई ठोस तथ्य, दस्तावेज या कानूनी आपत्ति है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भ्रम फैलाना चाहिए। विद्यार्थियों के हितों के नाम पर राजनीति करने के बजाय भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसने उनके भविष्य को लेकर अपने शासनकाल में क्या ठोस कदम उठाए थे।

विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता अब उसकी राजनीतिक बयानबाजी और झूठे नैरेटिव के बजाय विकास, अधिकार और सामाजिक न्याय की राजनीति को समझ रही है।

उन्होंने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन लोकतांत्रिक विरोध और तथ्यहीन आरोपों के बीच की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए। भाजपा नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों दोनों पर संयम रखना चाहिए। झारखंड की जनता को नाजी जर्मनी जैसे भयावह ऐतिहासिक संदर्भों से डराने के बजाय भाजपा अपनी नीतियों और अपने काम का हिसाब दे।

उन्होंने कहा कि भाजपा पड़ोस में महाराष्ट्र में अपनी सरकार के नए फरमान के बारे में जानकारी हासिल कर लें जिसमें कहा गया है कि मराठी नहीं आता - तो चालान कटेगा - महाराष्ट्र में रोजी रोजगार नहीं करने दिया जाएगा। झारखंड समेत अन्य राज्य के निवासी को महाराष्ट्र में अब गाड़ी चलाने के लिए सिर्फ लाइसेंस और परमिट काफी नहीं - मराठी का टेस्ट भी पास करना होगा। पूरा मराठी आना होगा। भाजपा की अब अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाषा को भी डर और दंड का औजार बना दिया है। हिंदी का सम्मान कहां गया ? कल तक “एक देश, एक भाषा” की बातें, और आज रोज़गार के लिए आए आम आदमी से भाषा की परीक्षा? भाजपा बताए - क्या अब देश के हर राज्य में रोज़गार करने के लिए पहले वहाँ की भाषा की परीक्षा होगी? भाजपा पूरे देश को टुकड़ों में बाँटने की घृणित राजनीति कर रही है।

मेघाश्रेय ने देश की विशिष्ट विभूतियों को दिया सर्वोत्तम नागरिक सम्मान
मुंबई। सर्वोत्तम या आदर्श नागरिक वह व्यक्ति है जो देश के कानूनों का पालन करता है, अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को समझता है, समाज की भलाई में योगदान देता है, और देश की एकता व अखंडता का सम्मान करता है। देश की अग्रणी सामाजिक संस्था मेघाश्रेय द्वारा आज मुंबई के लोअर परेल स्थित द सेंट रेजिस होटल में आयोजित भव्य समारोह में देश की विशिष्ट विभूतियों को सर्वोत्तम नागरिक सम्मान 2026 प्रदान किया गया।  समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल उपस्थित रहे। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रेरणादायक कार्य करने वाली जिन विभूतियां को सर्वोत्तम नागरिक सम्मान 2026 प्रदान किया गया उनमें सांसद एवं फिल्म अभिनेता रवि किशन, प्रख्यात कथावाचिका जया किशोरी, पद्मश्री हरिहरन, फिल्म निर्माता सुभाष घई,परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव, पदमश्री अशोक लक्ष्मण श्रॉफ, फिल्म अभिनेत्री भूमि पेडणेकर, पदमश्री संजीव कपूर, सुजय जयराज, अभिमन्यु सिंह, अभिषेक सिंह, अहमद खान, सलीम मर्चेंट, जयेशराज भालचंद्र जोशी ,जलील डी पार्कर, लक्ष्मी अग्रवाल, केदार नारायन जोशी, देवांश धनगर का समावेश रहा । इस अवसर पर महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मेघाश्रेय संस्था की अध्यक्ष सीमा सिंह की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह ने जो सर्वोत्तम नागरिक सम्मान आज इन विभूतियों को दी है, यह बहुत सराहनीय है।  इतनी खूबसूरत सोच के साथ, पूरे देश से करोड़ों लोगों में 10-20 लोगों को चुनना बहुत ही कठिन चीज है। ऐसे में सीमा सिंह ने जिन विभूतियों को चुना है वह भारत के लिए अलग-अलग क्षेत्र में एक सराहनीय कार्य किए हैं। देश के लिए शानदार योगदान दिए हैं, ऐसे लोग के देश के प्रति रग रग में जोश, देश के प्रति प्यार से ही आज हमारा देश पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। राज्यपाल वर्मा ने कहा कि बहुत संघर्ष परिश्रम करने के बाद कही किसी को इस तरह के बड़े सम्मान से नवाजा जाता है। आप सब धन्य हो हमारे देश के प्रधानमंत्री देश के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री के कार्य का पूरे विश्व में चर्चा होती  है।  इस सुंदर कार्यक्रम के लिए सीमा सिंह व उनके परिवार को गवर्नर ने बधाई दी। इस मौके पर संस्था की संस्थापिका सीमा सिंह के सुपुत्र श्रेयस सिंह तथा सुपुत्री मेघना सिंह ने महाराष्ट्र के गवर्नर जिष्णु देव वर्मा को शॉल, श्रीफल तथा पुष्प गुच्छ देकर संस्था की तरफ से स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर हजारों की संख्या में, अलग-अलग क्षेत्रों तथा अलग-अलग प्रांतों से लोग उपस्थित थे।
भाजपा नेताओं को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने की आदत छोड़ देनी चाहिए : विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को छात्रों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बंद करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर व्यंग करते कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए युवाओं और छात्रों के सवालों का समाधान नहीं कर पाए, वे आज छात्रों के पीछे खड़े होकर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। जबकि हकीकत अब पूरा देश जान चुका है कि माननीय मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है, छात्र अपने घर लौट चुके हैं और 25 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कई और महत्वपूर्ण निर्णय सरकार छात्र हित में लेने जा रही है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए छात्रों को आगे करना पड़ रहा है। छात्र-युवा पढ़ाई, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष करें, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उनके आंदोलनों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी बताएं कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता है तो वे छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर सकारात्मक संवाद क्यों नहीं करते? हर प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताकर माहौल गरमाना और फिर थाने पहुंचकर राजनीतिक प्रदर्शन करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना है।

झामुमो महासचिव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में पुलिस को कानून के दायरे में ही कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति पर कार्रवाई को लेकर बिना पूरी जानकारी के पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाना और उसे राजनीतिक रंग देना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। भाजपा को कानून और लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले अपने राजनीतिक आचरण का आईना देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे छात्रों और युवाओं के बीच भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा हो। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर कानून हाथ में लेने या राजनीतिक उकसावे की राजनीति को जायज नहीं ठहराया जा सकता।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता ने उसकी राजनीति को नकार दिया है। अब कभी छात्रों के नाम पर, कभी युवाओं के नाम पर और कभी कानून-व्यवस्था के नाम पर भाजपा अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन छात्रों के भविष्य की चिंता कर रहा है और कौन उनके मुद्दों को अपनी राजनीति का ईंधन बना रहा है।

उन्होंने बाबूलाल मरांडी से सवाल किया कि यदि भाजपा को सचमुच छात्रों की इतनी चिंता है तो वह यह बताए कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों पर उसने क्या ठोस कदम उठाए? सिर्फ थाने में दो घंटे बैठ जाने से छात्र हितैषी होने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता।

विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश का विरोध करेगा। भाजपा नेताओं को सलाह है कि छात्रों को आगे करके अपनी राजनीति चमकाने के बजाय खुद मैदान में उतरें और जनता के सवालों का सामना करें।

उन्होंने कहा भाजपा नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर झामुमो से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। जनता के बीच जाकर लड़ना है तो भाजपा नेता खुद मैदान में उतरें।

30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
यूपी में थमेगी बारिश की रफ्तार, अगले तीन-चार दिन कमजोर रहेगा मानसून

- एक सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, तराई समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। एक सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि तराई क्षेत्र के साथ ही कुछ अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

- बुंदेलखंड समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने के साथ मौसम में उमस बढ़ सकती है। बारिश थमने के बाद तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव की तैयारियां पूरी

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति और श्रद्धा को समर्पित पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव का आयोजन 30 अगस्त को अग्रसेन भवन प्रांगण में किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महोत्सव से पूर्व गुरुवार को श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार के सदस्य हजारीबाग से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी द्वारा संचालित गौशाला पहुंचे। यहां सदस्यों ने गौ माता को गुड़, चोकर, फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौ सेवा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद गौशाला परिसर में भक्तों ने बाबा श्याम के भजनों का गुणगान किया और भक्ति रस में डूबे। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष महोत्सव से पहले गौ सेवा कर कार्यक्रम को मंगलमय बनाने की कामना की जाती है।

इसके बाद आयोजक मंडली ने उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे से मुलाकात कर उन्हें महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा।

30 अगस्त को अग्रसेन भवन में दोपहर 2:15 बजे बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भव्य भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद देश के प्रसिद्ध भजन गायक बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच और जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर करेंगे।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति, सेवा और सामाजिक समर्पण के साथ इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। पंचम वर्ष के आयोजन को विशेष और यादगार बनाने के लिए सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर बाबा श्याम के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।

जर्जर सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर संगठन ने उठाई आवाज, अधिकारियों की उपस्थिति की मांग

संभल ।आज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा 1 सितंबर को ब्लॉक संभल की पंचायत में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी संभल, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसडीओ जल मिशन, आपूर्ति निरीक्षक तथा परियोजना निदेशक/यूपीडा आदि अधिकारियों की उपस्थिति की मांग की गई है ! जिला अधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर महोदय नीरज द्विवेदी के माध्यम से सौंपा गया ! साथ ही मुख्य विकास अधिकारी महोदय गोरखनाथ भट्ट को ज्ञापन सौंपकर ग्राम चमरौआ, भारतल, गोजनी, सिंहपुर सानी, लखौरी एवं हिसामपुर के मुख्य रास्तों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया !
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेंहदी हसन, तहसील प्रभारी राजीव सैनी, तहसील सचिव ताराचन्द सैनी, ब्लॉक उपाध्यक्ष युवा मो. हसन, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक मंत्री मनीराम गूर्जर, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. जाकिर अली आदि उपस्थित रहे !
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
भाजपा का बयान हताशा और राजनीतिक दिवालियेपन की पराकाष्ठा : विनोद कुमार पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने भाजपा प्रदेश मुख्य प्रवक्ता के बयान पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि जिन लोगों ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने और विपक्षी आवाजों को दबाने की राजनीति को देशभर में स्थापित किया, उन्हें झारखंड की लोकतांत्रिक सरकार को नसीहत देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड सरकार की तुलना इतिहास की गंभीर त्रासदियों से करना न सिर्फ राजनीतिक दुरुपयोग है, बल्कि भाजपा की बौखलाहट और राजनीतिक कुंठा को भी दर्शाता है। भाजपा को चाहिए कि वह ऐसे अमर्यादित और गैर-जिम्मेदाराना बयानों के बजाय जनता के वास्तविक मुद्दों पर बात करे।

उन्होंने कहा कि धरना-प्रदर्शन, कानून-व्यवस्था और सोशल मीडिया से जुड़े नियमों को तोड़-मरोड़कर पेश करना भाजपा की पुरानी राजनीतिक शैली है। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता संविधान प्रदत्त अधिकार है, लेकिन कोई भी अधिकार कानून से ऊपर नहीं है। सरकार का दायित्व है कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के साथ-साथ कानून-व्यवस्था भी सुनिश्चित करे। प्रशासनिक प्रक्रिया को राजनीतिक दमन बताना पूरी तरह भ्रामक है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं को पहले अपने शासन वाले राज्यों में लोकतांत्रिक अधिकारों, छात्रों, किसानों और विपक्षी नेताओं के साथ हुए व्यवहार का हिसाब देना चाहिए। दूसरों को लोकतंत्र का प्रमाणपत्र बांटने से पहले भाजपा अपने राजनीतिक इतिहास के पन्ने पलट ले।

जेपीएससी पर भाजपा की राजनीति तथ्यहीन और अवसरवादी

जेपीएससी मामले पर भाजपा के आरोपों पर विनोद पांडेय ने कहा कि न्यायपालिका में सरकार की ओर से कौन अधिवक्ता किस स्तर पर पैरवी करेगा, यह पूरी तरह विधिक प्रक्रिया और सरकार के अधिवक्ताओं का विषय है। इसे राजनीतिक षड्यंत्र का रंग देना न्यायिक प्रक्रिया पर अनावश्यक सवाल खड़े करने की कोशिश है।

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के पास जेपीएससी मामले में कोई ठोस तथ्य, दस्तावेज या कानूनी आपत्ति है, तो उसे सक्षम न्यायालय के समक्ष रखना चाहिए, न कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए भ्रम फैलाना चाहिए। विद्यार्थियों के हितों के नाम पर राजनीति करने के बजाय भाजपा को यह बताना चाहिए कि उसने उनके भविष्य को लेकर अपने शासनकाल में क्या ठोस कदम उठाए थे।

विनोद पांडेय ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार युवाओं, विद्यार्थियों और आम जनता के हितों के प्रति प्रतिबद्ध है। भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता अब उसकी राजनीतिक बयानबाजी और झूठे नैरेटिव के बजाय विकास, अधिकार और सामाजिक न्याय की राजनीति को समझ रही है।

उन्होंने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन लोकतांत्रिक विरोध और तथ्यहीन आरोपों के बीच की मर्यादा नहीं टूटनी चाहिए। भाजपा नेताओं को अपनी भाषा और तथ्यों दोनों पर संयम रखना चाहिए। झारखंड की जनता को नाजी जर्मनी जैसे भयावह ऐतिहासिक संदर्भों से डराने के बजाय भाजपा अपनी नीतियों और अपने काम का हिसाब दे।

उन्होंने कहा कि भाजपा पड़ोस में महाराष्ट्र में अपनी सरकार के नए फरमान के बारे में जानकारी हासिल कर लें जिसमें कहा गया है कि मराठी नहीं आता - तो चालान कटेगा - महाराष्ट्र में रोजी रोजगार नहीं करने दिया जाएगा। झारखंड समेत अन्य राज्य के निवासी को महाराष्ट्र में अब गाड़ी चलाने के लिए सिर्फ लाइसेंस और परमिट काफी नहीं - मराठी का टेस्ट भी पास करना होगा। पूरा मराठी आना होगा। भाजपा की अब अपनी राजनीति चमकाने के लिए भाषा को भी डर और दंड का औजार बना दिया है। हिंदी का सम्मान कहां गया ? कल तक “एक देश, एक भाषा” की बातें, और आज रोज़गार के लिए आए आम आदमी से भाषा की परीक्षा? भाजपा बताए - क्या अब देश के हर राज्य में रोज़गार करने के लिए पहले वहाँ की भाषा की परीक्षा होगी? भाजपा पूरे देश को टुकड़ों में बाँटने की घृणित राजनीति कर रही है।

मेघाश्रेय ने देश की विशिष्ट विभूतियों को दिया सर्वोत्तम नागरिक सम्मान
मुंबई। सर्वोत्तम या आदर्श नागरिक वह व्यक्ति है जो देश के कानूनों का पालन करता है, अपने अधिकारों के साथ कर्तव्यों को समझता है, समाज की भलाई में योगदान देता है, और देश की एकता व अखंडता का सम्मान करता है। देश की अग्रणी सामाजिक संस्था मेघाश्रेय द्वारा आज मुंबई के लोअर परेल स्थित द सेंट रेजिस होटल में आयोजित भव्य समारोह में देश की विशिष्ट विभूतियों को सर्वोत्तम नागरिक सम्मान 2026 प्रदान किया गया।  समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में महाराष्ट्र के राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा, कैबिनेट मंत्री एडवोकेट आशीष शेलार, आरएसएस के अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल उपस्थित रहे। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रेरणादायक कार्य करने वाली जिन विभूतियां को सर्वोत्तम नागरिक सम्मान 2026 प्रदान किया गया उनमें सांसद एवं फिल्म अभिनेता रवि किशन, प्रख्यात कथावाचिका जया किशोरी, पद्मश्री हरिहरन, फिल्म निर्माता सुभाष घई,परमवीर चक्र विजेता योगेंद्र यादव, पदमश्री अशोक लक्ष्मण श्रॉफ, फिल्म अभिनेत्री भूमि पेडणेकर, पदमश्री संजीव कपूर, सुजय जयराज, अभिमन्यु सिंह, अभिषेक सिंह, अहमद खान, सलीम मर्चेंट, जयेशराज भालचंद्र जोशी ,जलील डी पार्कर, लक्ष्मी अग्रवाल, केदार नारायन जोशी, देवांश धनगर का समावेश रहा । इस अवसर पर महाराष्ट्र के महामहिम राज्यपाल जिष्णु देव वर्मा ने मेघाश्रेय संस्था की अध्यक्ष सीमा सिंह की सराहना करते हुए कहा कि सीमा सिंह ने जो सर्वोत्तम नागरिक सम्मान आज इन विभूतियों को दी है, यह बहुत सराहनीय है।  इतनी खूबसूरत सोच के साथ, पूरे देश से करोड़ों लोगों में 10-20 लोगों को चुनना बहुत ही कठिन चीज है। ऐसे में सीमा सिंह ने जिन विभूतियों को चुना है वह भारत के लिए अलग-अलग क्षेत्र में एक सराहनीय कार्य किए हैं। देश के लिए शानदार योगदान दिए हैं, ऐसे लोग के देश के प्रति रग रग में जोश, देश के प्रति प्यार से ही आज हमारा देश पूरे विश्व में अपना परचम लहरा रहा है। राज्यपाल वर्मा ने कहा कि बहुत संघर्ष परिश्रम करने के बाद कही किसी को इस तरह के बड़े सम्मान से नवाजा जाता है। आप सब धन्य हो हमारे देश के प्रधानमंत्री देश के लिए सराहनीय कार्य कर रहे हैं। देश के प्रधानमंत्री के कार्य का पूरे विश्व में चर्चा होती  है।  इस सुंदर कार्यक्रम के लिए सीमा सिंह व उनके परिवार को गवर्नर ने बधाई दी। इस मौके पर संस्था की संस्थापिका सीमा सिंह के सुपुत्र श्रेयस सिंह तथा सुपुत्री मेघना सिंह ने महाराष्ट्र के गवर्नर जिष्णु देव वर्मा को शॉल, श्रीफल तथा पुष्प गुच्छ देकर संस्था की तरफ से स्वागत सम्मान किया। इस मौके पर हजारों की संख्या में, अलग-अलग क्षेत्रों तथा अलग-अलग प्रांतों से लोग उपस्थित थे।
भाजपा नेताओं को छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने की आदत छोड़ देनी चाहिए : विनोद पांडेय

झारखंड मुक्ति मोर्चा के महासचिव विनोद पांडेय ने भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी के बयान पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेताओं को छात्रों के मुद्दों की आड़ में अपनी राजनीतिक जमीन तलाशने की कोशिश बंद करनी चाहिए। उन्होंने भाजपा पर व्यंग करते कहा कि जो लोग सत्ता में रहते हुए युवाओं और छात्रों के सवालों का समाधान नहीं कर पाए, वे आज छात्रों के पीछे खड़े होकर राजनीतिक ड्रामा कर रहे हैं। जबकि हकीकत अब पूरा देश जान चुका है कि माननीय मुख्यमंत्री ने छात्रों की सभी मांगों को मान लिया है, छात्र अपने घर लौट चुके हैं और 25 अगस्त को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक में कई और महत्वपूर्ण निर्णय सरकार छात्र हित में लेने जा रही है।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा नेताओं की राजनीति अब इतनी कमजोर हो चुकी है कि उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई लड़ने के लिए छात्रों को आगे करना पड़ रहा है। छात्र-युवा पढ़ाई, रोजगार और अपने भविष्य को लेकर संघर्ष करें, यह उनका लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन उनके आंदोलनों को राजनीतिक स्वार्थ के लिए इस्तेमाल करना भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता बाबूलाल मरांडी बताएं कि यदि उन्हें वास्तव में छात्रों की चिंता है तो वे छात्रों के बीच जाकर उनके मुद्दों पर सकारात्मक संवाद क्यों नहीं करते? हर प्रशासनिक कार्रवाई को राजनीतिक दमन बताकर माहौल गरमाना और फिर थाने पहुंचकर राजनीतिक प्रदर्शन करना समस्या का समाधान नहीं, बल्कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करना है।

झामुमो महासचिव ने कहा कि कानून अपना काम करेगा और किसी भी मामले में पुलिस को कानून के दायरे में ही कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन किसी व्यक्ति पर कार्रवाई को लेकर बिना पूरी जानकारी के पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाना और उसे राजनीतिक रंग देना जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका नहीं है। भाजपा को कानून और लोकतंत्र की दुहाई देने से पहले अपने राजनीतिक आचरण का आईना देखना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा नेता लगातार ऐसी भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे छात्रों और युवाओं के बीच भ्रम और टकराव की स्थिति पैदा हो। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार है, लेकिन विरोध के नाम पर कानून हाथ में लेने या राजनीतिक उकसावे की राजनीति को जायज नहीं ठहराया जा सकता।

विनोद पांडेय ने कहा कि भाजपा की परेशानी यह है कि झारखंड की जनता ने उसकी राजनीति को नकार दिया है। अब कभी छात्रों के नाम पर, कभी युवाओं के नाम पर और कभी कानून-व्यवस्था के नाम पर भाजपा अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। जनता सब देख रही है और समझ रही है कि कौन छात्रों के भविष्य की चिंता कर रहा है और कौन उनके मुद्दों को अपनी राजनीति का ईंधन बना रहा है।

उन्होंने बाबूलाल मरांडी से सवाल किया कि यदि भाजपा को सचमुच छात्रों की इतनी चिंता है तो वह यह बताए कि केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल में युवाओं के रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े सवालों पर उसने क्या ठोस कदम उठाए? सिर्फ थाने में दो घंटे बैठ जाने से छात्र हितैषी होने का प्रमाणपत्र नहीं मिल जाता।

विनोद पांडेय ने कहा कि झामुमो छात्रों और युवाओं के लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करता है, लेकिन किसी भी आंदोलन को राजनीतिक हथियार बनाने की कोशिश का विरोध करेगा। भाजपा नेताओं को सलाह है कि छात्रों को आगे करके अपनी राजनीति चमकाने के बजाय खुद मैदान में उतरें और जनता के सवालों का सामना करें।

उन्होंने कहा भाजपा नेताओं को यह समझ लेना चाहिए कि छात्रों के कंधे पर बंदूक रखकर झामुमो से राजनीतिक लड़ाई नहीं लड़ी जा सकती। जनता के बीच जाकर लड़ना है तो भाजपा नेता खुद मैदान में उतरें।