खगोलीय घटना। 4 अगस्त 2026 की शाम पश्चिमी आकाश में शुक्र, स्पाइका और रेगुलस का सुंदर दृश्य संयोजन दिखेगा
* क्या है यह दृश्य संयोजन ?

गोरखपुर। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चित्रा तारा और मघा तारा के बीच दिखाई देगा शुक्र ग्रह या कुछ यूं कहें कि 4 अगस्त, 2026 को शुक्र ग्रह की सीध में होंगे स्पाइका और रेगुलस तारे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर बनेगा मनमोहक खगोलीय दृश्य इसका नग्न आंखों से भी किया जा सकेगा अवलोकन ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि स्पाइका तारा जिसे खगोल विज्ञान की भाषा में अल्फा वर्जिनिस भी कहा जाता है,यह कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है जोकि पृथ्वी से लगभग 250 प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद है , स्पाइका एक अकेले नीले-सफेद तारे के रूप में दिखाई देता है। लेकिन स्पिका के रूप में हमें जो प्रकाश का एक बिंदु दिखाई देता है, वह वास्तव में कम से कम दो तारे हैं। इसका मतलब हुआ कि यह एक बाइनरी तारा है और इसकी चमक के मैग्नीट्यूड के कारण ही जो इसे कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा बनाती है। साथ ही यह पृथ्वी पर कहीं से भी दिखाई देने वाला 15वां सबसे चमकीला तारा माना जाता है। यह भी जानना आवश्यक है कि इसकी चमक वृश्चिक तारामंडल में स्थित एंटारेस तारे के लगभग बराबर है, इसलिए कभी-कभी प्राचीन खगोल विज्ञान में एंटारेस को 15वां और स्पिका को 16वां सबसे चमकीला तारा भी मान लिया गया है। यह मैग्नीट्यूड में परिवर्तन की प्रक्रिया के कारण होता है। अब हम बात करें रेगुलस तारे की तो पाते हैं कि रेगुलस तारा,सिंह तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है, जिसको खगोल विज्ञान में अल्फा लियोनिस के नाम से भी जाना जाने वाला यह तारा हमारे आकाश के सबसे चमकीले तारों की सूची में 21वें स्थान पर है। इसको हिंदी भाषा में मघा तारा के नाम से भी जाना जाता है यह सूर्य के आकाशीय पथ, यानी क्रांतिवृत्त के निकट स्थित है। इसलिए पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों से रेगुलस तारामंडल समान रूप से स्पष्ट दिखाई देता है और रेगुलस पृथ्वी से लगभग 79 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उत्तरी गोलार्ध से रेगुलस वर्ष भर रात के किसी न किसी समय दिखाई देता है, सिवाय 22 अगस्त के आसपास के लगभग एक महीने को छोड़कर। साथ ही उत्तरी गोलार्ध में, रेगुलस को स्प्रिंग ट्रायंगल नामक तारामंडल बनाने वाले तीन चमकीले तारों में से एक के रूप में भी जाना जाता है एवं साथ ही उत्तरी या दक्षिणी गोलार्ध से देखने पर, रेगुलस लगभग सूर्य और चंद्रमा के पथ का अनुसरण करता है। इसलिए उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोग आमतौर पर दक्षिण की ओर मुख करके रेगुलस को आकाश में अपना विस्तृत चाप बनाते हुए देखते हैं। लेकिन दक्षिणी गोलार्ध में रहने वाले लोग इसे देखने के लिए आमतौर पर उत्तर की ओर मुख करते हैं।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सिंह राशि का सबसे चमकीला तारा रेगुलस जिसे सिंह का हृदय भी कहा जाता है और सिंह तारामंडल को देखने पर रेगुलस उल्टे प्रश्न चिह्न के निचले भाग में स्थित चमकीले बिंदु को दर्शाता है, जो सिंह के सिर और कंधों का आकार बनाता है। इस आकृति को हंसिया कहा जाता है साथ ही एक आसानी से पहचाने जाने वाला त्रिभुज सिंह के पिछले हिस्से और पूंछ को दर्शाता है, और डेनेबोला तारा सिंह की पूंछ को चिह्नित करता है खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक ख़ास बात यह भी है कि जब भी ग्रह और चंद्रमा इसके पास से गुजरते हुए प्रतीत होते हैं तो इसका मतलब हुआ कि रेगुलस एकमात्र प्रथम परिमाण का तारा है जो लगभग पूरी तरह से क्रांतिवृत्त पर स्थित है,या कुछ यूं कहें कि रेगुलस तारा ,हमारे आकाश में सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों के पथ पर स्थित है। इसीलिए जब रेगुलस तारा दिखाई देता है, तब चंद्रमा महीने में एक बार उसके सामने से गुजरता है। कुछ वर्षों में, पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा रेगुलस को ढक भी लेता है ,यानी उसके सामने से गुजरता है। और अभी हम रेगुलस के 20 चंद्र ग्रहणों की एक श्रृंखला में हैं, जो जुलाई 2025 से दिसंबर 2026 तक चलेगी। दिसंबर 2026 के ग्रहण के दौरान, मंगल और बृहस्पति ग्रह इसके पास में होंगे।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रह भी कभी-कभी रेगुलस के सामने से गुजरते हैं और ग्रह कभी-कभी इस तारे को ढक भी लेते हैं ,या कुछ यूं कहें कि इसके सामने से गुजर जाते हैं साथ ही रेगुलस को ढकने वाला आखिरी ग्रह शुक्र था, जिसने 7 जुलाई 1959 को यह दृश्य प्रदर्शित किया था। फिर 1 अक्टूबर 2044 को शुक्र एक बार फिर रेगुलस को ढक लेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि आकाश प्रेमियों के लिए 4 अगस्त, 2026 की शाम एक आकर्षक खगोलीय दृश्य लेकर आएगी। इस दिन सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र, दो प्रसिद्ध चमकदार तारों स्पाइका और रेगुलस के बीच एक सुंदर स्थिति में दिखाई देगा। यह दुर्लभ दृश्य न केवल खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए रोचक होगा, बल्कि सामान्य लोग भी इसे बिना किसी विशेष उपकरण के नग्न आंखों से ही देख सकेंगे। यदि दूरबीन या बाइनोकुलर का उपयोग किया जाए तो यह खगोलीय संयोजन और भी अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस अवसर पर सिंह तारामंडल का सबसे चमकीला तारा रेगुलस तथा कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा स्पाइका, शुक्र ग्रह के आसपास एक सुंदर ज्यामितीय दृश्य संयोजन युक्त विन्यास बनाते हुए नजर आएंगे। अपनी असाधारण चमक के कारण शुक्र ग्रह पहले ही पश्चिमी आकाश में आसानी से पहचाना जा सकेगा, जबकि उसके  दृश्य संयोजन स्थित दोनों प्रमुख तारे इस दृश्य को और अधिक मनोहारी बना देंगे।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 4 अगस्त 2026 की शाम सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर यह विशेष खगोलीय संयोजन देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस समय शुक्र ग्रह, स्पाइका और रेगुलस लगभग एक ही दिशा में दिखाई देंगे और आकाश में एक आकर्षक पैटर्न का निर्माण करेंगे। मौसम साफ रहने पर यह दृश्य काफी देर तक आसानी से देखा जा सकेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शुक्र ग्रह को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह भी कहा जाता है। आकार और संरचना की कुछ समानताओं के कारण इसे पृथ्वी का जुड़वां माना जाता है। यही कारण है कि इसे "पृथ्वी की बहन" भी कहा जाता है। अपनी अत्यधिक चमक के कारण शुक्र ग्रह को संध्या तारा तथा भोर का तारा के नाम से भी जाना जाता है, हालांकि यह वास्तव में तारा नहीं बल्कि एक ग्रह है। वर्तमान समय में यह सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में अत्यंत चमकीला दिखाई दे रहा है और 4 अगस्त की शाम इसकी स्थिति स्पाइका तथा रेगुलस के साथ एक विशेष दृश्य प्रस्तुत करेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि स्पाइका कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है तथा यह आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा माना जाता है। दूसरी ओर, सिंह तारामंडल का प्रमुख तारा रेगुलस अपने नीले-सफेद रंग और अत्यधिक तापमान के कारण विशेष पहचान रखता है। दोनों तारों की उपस्थिति के बीच चमकता हुआ शुक्र ग्रह आकाश में एक आकर्षक स्थिति युक्त विन्यास जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा, जो आकाश प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
*  इस दौरान कितना होगा शुक्र ग्रह और चित्रा तारा एवं मघा तारा का मैग्नीट्यूड ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बताया कि इस खगोलीय संयोजन के दौरान शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 4.14 रहेगा। वहीं स्पाइका का मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.97 होगा, जबकि रेगुलस लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड के साथ अपनी चमक बिखेरता दिखाई देगा। चमक के इन अंतर के कारण शुक्र, दोनों तारों की तुलना में कहीं अधिक तेजस्वी नजर आएगा और पश्चिमी आकाश में सबसे पहले ध्यान आकर्षित करेगा।
*  कितने बजे से कितने बजे तक और किस दिशा में नज़र आयेगा यह दृश्य संयोजन
खगोलविद अमर पाल सिंह ने अवलोकन के समय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वैसे तो यह तीनों खगोलीय पिण्ड सूर्यास्त के बाद से ही आकाश के पश्चिमी दिशा में दिखना शुरू हो जाएंगे लेकिन अगर बात करें इनके अस्त होने की तो पाते हैं कि रेगुलस तारा लगभग शाम 7:30 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे चला जाएगा। इसके बाद शुक्र ग्रह लगभग रात 8:45 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे अस्त हो जाएगा। वहीं स्पाइका तारा लगभग रात 10 बजे तक पश्चिमी क्षितिज पर दिखाई देता रहेगा इसके बाद पश्चिमी क्षितिज पर नीचे चला जायेगा। इसलिए इस खगोलीय घटना का सर्वोत्तम अवलोकन सूर्यास्त के तुरंत बाद से लेकर शुरुआती शाम के समय तक किया जा सकता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने आकाश प्रेमियों से अपील की है कि यदि मौसम साफ रहे तो शहर की तेज रोशनी और प्रकाश प्रदूषण से दूर किसी खुले स्थान का चयन करें। खुले क्षितिज वाले स्थान से पश्चिम दिशा में देखने पर यह सुंदर खगोलीय दृश्य अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। दूरबीन अथवा बाइनोकुलर की सहायता लेने पर शुक्र ग्रह और उसके आसपास स्थित दोनों चमकीले तारों का दृश्य और भी मनमोहक तथा प्रभावशाली प्रतीत होगा।
*  खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से ऐसे दृश्य संयोजन क्यों महत्वपूर्ण होते हैं ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से यह संयोजन आकाश में ग्रहों और तारों की प्रत्यक्ष स्थिति को समझने का भी एक उत्कृष्ट अवसर है। यद्यपि शुक्र, स्पाइका और रेगुलस वास्तविक अंतरिक्ष में एक-दूसरे से अत्यधिक दूर स्थित हैं, लेकिन कभी कभी पृथ्वी से देखने पर वे एक ही दिशा में दिखाई देते हैं, जिससे यह आकर्षक दृश्य बनता है। ऐसे विशेष खगोलीय संयोजन विद्यार्थियों एवं आमलोगों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ रात के आकाश के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी प्रेरित करते हैं।
मॉडलिंग में भी लहराया एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल का परचम, लगभग 30 स्कूलों को पछाड़ नन्हे सितारों ने जीते गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल

संभल, चंदौसी।"जहाँ प्रतिभा को सही मंच और सही मार्गदर्शन मिलता है, वहाँ सफलता कदम चूमती है।" इसी कहावत को एक बार फिर एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सच साबित कर दिखाया। स्केटिंग और ताइक्वांडो में लगातार अपनी शानदार सफलता का परचम लहराने के बाद अब विद्यालय के बच्चों ने मॉडलिंग के क्षेत्र में भी अपना जलवा बिखेरते हुए पूरे विद्यालय का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया।

2 अगस्त 2026 को मुरादाबाद में आयोजित North India Zone Dance Championship एवं मॉडलिंग प्रतियोगिता में लगभग ३०  प्रतिष्ठित विद्यालयों के बच्चों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल के नन्हे मॉडल्स ने अपने आत्मविश्वास, आकर्षक रैंप वॉक, बेहतरीन स्टाइल और दमदार प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ शील्ड अपने नाम कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
पूरा सिस्टम बचाने में जुटा था...', बृजभूषण के बरी होने पर विनेश फोगाट का झलका दर्द

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर महिला पहलवान विनेश फोगाट दुख जाहिर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही पूरा प्रशासन, सरकार और व्यवस्था बृजभूषण को बचाने में लगी थी।

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर जाताया दुख

कोर्ट के फैसले के बाद सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए विनेश ने लिखा कि ‘हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं, लेकिन कई महिला पहलवान खड़ी रहीं और कोर्ट में बृजभूषण के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ती रहीं। हमें इस बात का बहुत दुख है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में दोषी नहीं माना।’

फैसले के खिलाफ जाएंगे कोर्ट- विनेश

विनेश ने लिखा कि ‘शुरू दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है।’पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द अपील दायर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने उम्मीद नहीं खोई है और अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

सारी ताकत बृज भूषण के पास- बजरंग पूनिया

इसके अलावा बजरंग पूनिया ने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि 'आज के फैसले से यह साफ हो गया है कि सारी ताकत बृज भूषण के पास है। उन्होंने गवाह तोड़ दिए। हम कोर्ट के आदेश का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और हमें समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर उन्हें बरी किया गया।'

बृज भूषण शरण सिंह ने क्या कहा?

वहीं, कोर्ट का फैसला आने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, 'मैंने पहले ही दिन कहा था कि अगर मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित होता है तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।' विरोध प्रदर्शनों और विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रियंका गांधी से लेकर आम आदमी पार्टी और वामपंथी नेता सब जुट गए थे और उनकी फांसी की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। उन्होंने यह भी कहा कि वे जूनियर पहलवानों के हक के लिए लड़े थे और अब वही खिलाड़ी देश का परचम लहराएंगे।

जंतर-मंतर पर हुआ था लंबा आंदोलन

बता दें कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित देश के प्रमुख पहलवानों ने बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले ने पूरे देश में तूल पकड़ा था। अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है।

शादी के लिए प्रताड़ित करने वाला गिरफ्तार:टावर पर चढ़कर दी थी आत्महत्या, झूठे मुकदमे की धमकी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले के गोपीगंज थाना पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शादी के लिए एक महिला को प्रताड़ित करने, आत्महत्या की धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में की गई है। आरोपी ने मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी थी।

विकास गुप्ता नामक व्यक्ति ने गोपीगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि विजय कुमार गौतम नामक अभियुक्त उनकी बहन को लंबे समय से शादी के लिए परेशान कर रहा था। आरोपी एक लाख रुपये की मांग कर रहा था और परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी भी दे रहा था।

शिकायत के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को अभियुक्त विजय कुमार गौतम एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने धमकी दी कि यदि उसकी शादी वादी की बहन से नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा और वादी के परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा देगा। इस तहरीर के आधार पर गोपीगंज थाने में मु0अ0सं. 0326/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78, 74, 308(5), 351(3) और 226 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में गोपीगंज पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त विजय कुमार गौतम को धनापुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विजय कुमार गौतम (उम्र करीब 26 वर्ष) पुत्र होरीलाल गौतम निवासी ग्राम घनश्यामपुर, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही के रूप में हुई है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संतोष कुमार और मुख्य आरक्षी संजय सरोज द्वारा की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सावन के पहले सोमवार पर भदोही पुलिस मुस्तैद: प्रमुख मंदिरों और गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, पावन सावन मास के प्रथम सोमवार पर जनपद भदोही पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर, जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों, मंदिरों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत इंतजाम किए गए थे।

इसी क्रम में, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा और थानाध्यक्ष कोइरौना ने पुलिस बल के साथ प्रसिद्ध सेमराध धाम मंदिर और गंगा घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ज्ञानपुर ने भी पुलिस बल के साथ कस्बा ज्ञानपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर परिसर का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने, श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन का अवलोकन करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में स्थित प्रमुख मंदिरों, शिवालयों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भदोही पुलिस ने जनपदवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन-पूजन के दौरान पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिसकर्मी से संपर्क करें।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में संपन्न हुआ नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत कार्यक्रम
गोण्डा। प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी संकल्प के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में प्रभारी   प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशानुसार नशा मुक्त  युवा फार  विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति से घृणा नहीं बल्कि सहानुभूति रखते हुए उसे नशा मुक्त करने में सहयोग करें और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका  सुनिश्चित  करें l कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति सिर्फ अपना जीवन ही बर्बाद नहीं करता बल्कि अपने माता-पिता के सपनों को तोड़ता है, बच्चों के भविष्य को अंधकारमय करता है और अपने परिवार व समाज को  पतन के कगार पर ले जाता है इसलिए देश को नशा मुक्त करने में सभी अपना सहयोग करें l सफल मंच संचालन एनसीसी प्रभारी डॉ. अमित शुक्ला ने किया l धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चमन कौर ने किया l उक्त विषय पर आयोजित भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया l भाषण प्रतियोगिता में मानसी सिंह, संदीप तिवारी ,मोहम्मद जैद एवं पोस्टर प्रतियोगिता में मेहविश मिराज ,राज एवं कमलवासनी तिवारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया  जबकि निर्णायक की भूमिका में डॉ .चमन कौर ,डॉ. संतोष श्रीवास्तव एवं डॉ मनोज मिश्रा रहे l कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पवन सिंह ,डॉ. परवेज आलम, डॉ दिलीप शुक्ला, डॉ. दलीप सिंह,  डॉ. संजय कुमार ,डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ,डॉ. अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज का दावा बड़ा अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता छोटा


*206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने 37 तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है, बारिश में पानी भरने पर मरीज जाते ही नहीं*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में कागजों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चमक रहे हैं, लेकिन धरातल पर पगडंडी और कीचड़ मरीजों का स्वागत करते हैं। शनिवार को पड़ताल में जिले के 206 स्वास्थ्य केंद्रों में से 37 तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को सेंटर से एंबुलेंस तक स्वयं ही पहुंचना पड़ता है। बारिश में उपकेंद्र तक पहुंचना मरीजों के लिए अग्निपरीक्षा देने जैसे है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे सेंटर तक पहुंचती हैं। केंद्र के अंदर दवा और उपकरण सहित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों के लिए पहुंच मार्ग नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। यहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। हर महीने अनुमानित 700 से 800 प्रसव होते हैं। इनमें 60 से 65 फीसदी प्रसव ग्रामीण अंचल यानी उपकेंद्रों पर होते हैं।



हमारी टीम ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।

इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।




आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
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206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
जनपद मऊ -: जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समाज कार्य विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम ने विकास खंड परदहा के ग्राम परसपुरा चमरियोंव और सरैया रघुनाथपुर का भ्रमण किया।

टीम ने गांवों में पेयजल की गुणवत्ता, नियमित जलापूर्ति, पानी के प्रेशर, शुद्ध पेयजल का आम जनजीवन पर प्रभाव तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े पहलुओं का आकलन किया।

इस दौरान समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के श्री कमलेश कुमार, जिला समन्वयक जल जीवन मिशन एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान, जल सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ, आशा बहू, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
गुरु पूर्णिमा पर्व मे रघुनाथ दास आश्रम पर हुआ भव्य भंडारे का आयोजन
ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। गुरूवार को नगर के पौराणिक नर्मदा तीर्थ स्थल स्थित श्री श्री 1008 बाबा रघुनाथ दास आश्रम, जानकी बाग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के अगले और सावन के पहले दिन होने वाले भंडारे में नगर सहित दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जानकी बाग पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही सम्मान के साथ अपने गुरु के चरणों का आशीर्वाद लेते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की शुरुआत कन्याओं व साधुओं के प्रसाद पा लेने के बाद हुई, भंडारे में आसपास क्षेत्र के 501 मठों के साधुओं सन्यासियों ने प्रसाद पाया और देश दुनिया की खुशहाली के लिए कामना की। 
       आश्रम महंत भंडारी बाबा श्री श्री रामसेवक जी ने बताया सावन का महीना भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। शिव जी के प्रिय महीने सावन माह की शुरुआत आज गुरूवार 30 जुलाई से हो रही है, इस पवित्र माह का समापन 28 अगस्त रक्षाबंधन के साथ होगा, इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त सावन का पहला सोमवार, 10 अगस्त दूसरा सोमवार, 11अगस्त शिवरात्रि, 12 अगस्त हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त हरियाली तीज, 17 अगस्त को तीसरा सोमवार व नागपंचमी, 23 अगस्त पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त को चौथा सोमवार, 28 अगस्त रक्षाबंधन शुक्रवार को रक्षाबंधन के साथ सावन माह समाप्त होगा। रक्षा बन्धन के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन लेगी।
       भंडारी बाबा का कहना है, कि जो भक्त सच्चे मन से शिव जी की प्रिय वस्तु वेलपत्र, पुष्प, धतूरा, शक्कर, गाय का देशी घी, दही, सफेद चंदन, कपूर, पंचामृत, शमी आदि इस माह शिवलिंग पर अर्पित करता हैं, उसके सभी कष्टों को वह पल भर में हर लेते हैं। बाबा ने बताया कि आयोजित भंडारा पूर्वाह्न 11 बजे से साधुओं व कन्याओं के पूजन के साथ आरम्भ हुआ हैं जो कि प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा। बाबा से आशीर्वाद लेने को कस्बे सहित दूरदराज क्षेत्रों से आये महिलाओं पुरूषों सहित बच्चों की लाइन लगी रही। भक्तों ने बताया, कि जो भी व्यक्ति अपने अहंकार को तज इस परिसर में आता हैं उनके सभी कष्टों को भंडारी बाबा दूर कर देते हैं उसका जीवन सफल सुखमय हो जाता हैं। भंडारे उपरांत संगीत संध्या का आयोजन स्वर संगम संगीत सीमित द्वारा किया गया जिसमें स्थानीय व मेहमान भजन गायकों ने सुरीली धुनों की लय पर सुंदर सुंदर भजन प्रस्तुत किए, जिनको सुनकर युवा श्रद्धालु झूमने लगे है तो वही वृद्ध श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये।
      इस अवसर पर श्री लाल बाबा जी, भंडारी बाबा श्री रामसेवक दास जी, बाबा श्री राम रतन दास जी, बाबा श्री हरीराम दास जी, बाबा श्री भरत दास जी, बाबा श्री मथुरा दास जी, बाबा श्री मैकूदास जी, बाबा श्री भवानी दास जी, बाबा श्री वीरेन्द्र तिवारी आदि सहित दर्जनों की संख्या में भक्त लंगर की जिम्मेदारी को बखूबी संभालते नज़र आये।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।
खगोलीय घटना। 4 अगस्त 2026 की शाम पश्चिमी आकाश में शुक्र, स्पाइका और रेगुलस का सुंदर दृश्य संयोजन दिखेगा
* क्या है यह दृश्य संयोजन ?

गोरखपुर। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि चित्रा तारा और मघा तारा के बीच दिखाई देगा शुक्र ग्रह या कुछ यूं कहें कि 4 अगस्त, 2026 को शुक्र ग्रह की सीध में होंगे स्पाइका और रेगुलस तारे। खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर बनेगा मनमोहक खगोलीय दृश्य इसका नग्न आंखों से भी किया जा सकेगा अवलोकन ।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि स्पाइका तारा जिसे खगोल विज्ञान की भाषा में अल्फा वर्जिनिस भी कहा जाता है,यह कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है जोकि पृथ्वी से लगभग 250 प्रकाश वर्ष की दूरी पर मौजूद है , स्पाइका एक अकेले नीले-सफेद तारे के रूप में दिखाई देता है। लेकिन स्पिका के रूप में हमें जो प्रकाश का एक बिंदु दिखाई देता है, वह वास्तव में कम से कम दो तारे हैं। इसका मतलब हुआ कि यह एक बाइनरी तारा है और इसकी चमक के मैग्नीट्यूड के कारण ही जो इसे कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा बनाती है। साथ ही यह पृथ्वी पर कहीं से भी दिखाई देने वाला 15वां सबसे चमकीला तारा माना जाता है। यह भी जानना आवश्यक है कि इसकी चमक वृश्चिक तारामंडल में स्थित एंटारेस तारे के लगभग बराबर है, इसलिए कभी-कभी प्राचीन खगोल विज्ञान में एंटारेस को 15वां और स्पिका को 16वां सबसे चमकीला तारा भी मान लिया गया है। यह मैग्नीट्यूड में परिवर्तन की प्रक्रिया के कारण होता है। अब हम बात करें रेगुलस तारे की तो पाते हैं कि रेगुलस तारा,सिंह तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है, जिसको खगोल विज्ञान में अल्फा लियोनिस के नाम से भी जाना जाने वाला यह तारा हमारे आकाश के सबसे चमकीले तारों की सूची में 21वें स्थान पर है। इसको हिंदी भाषा में मघा तारा के नाम से भी जाना जाता है यह सूर्य के आकाशीय पथ, यानी क्रांतिवृत्त के निकट स्थित है। इसलिए पृथ्वी के उत्तरी और दक्षिणी दोनों गोलार्धों से रेगुलस तारामंडल समान रूप से स्पष्ट दिखाई देता है और रेगुलस पृथ्वी से लगभग 79 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित है।खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि उत्तरी गोलार्ध से रेगुलस वर्ष भर रात के किसी न किसी समय दिखाई देता है, सिवाय 22 अगस्त के आसपास के लगभग एक महीने को छोड़कर। साथ ही उत्तरी गोलार्ध में, रेगुलस को स्प्रिंग ट्रायंगल नामक तारामंडल बनाने वाले तीन चमकीले तारों में से एक के रूप में भी जाना जाता है एवं साथ ही उत्तरी या दक्षिणी गोलार्ध से देखने पर, रेगुलस लगभग सूर्य और चंद्रमा के पथ का अनुसरण करता है। इसलिए उत्तरी गोलार्ध में रहने वाले लोग आमतौर पर दक्षिण की ओर मुख करके रेगुलस को आकाश में अपना विस्तृत चाप बनाते हुए देखते हैं। लेकिन दक्षिणी गोलार्ध में रहने वाले लोग इसे देखने के लिए आमतौर पर उत्तर की ओर मुख करते हैं।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि सिंह राशि का सबसे चमकीला तारा रेगुलस जिसे सिंह का हृदय भी कहा जाता है और सिंह तारामंडल को देखने पर रेगुलस उल्टे प्रश्न चिह्न के निचले भाग में स्थित चमकीले बिंदु को दर्शाता है, जो सिंह के सिर और कंधों का आकार बनाता है। इस आकृति को हंसिया कहा जाता है साथ ही एक आसानी से पहचाने जाने वाला त्रिभुज सिंह के पिछले हिस्से और पूंछ को दर्शाता है, और डेनेबोला तारा सिंह की पूंछ को चिह्नित करता है खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि एक ख़ास बात यह भी है कि जब भी ग्रह और चंद्रमा इसके पास से गुजरते हुए प्रतीत होते हैं तो इसका मतलब हुआ कि रेगुलस एकमात्र प्रथम परिमाण का तारा है जो लगभग पूरी तरह से क्रांतिवृत्त पर स्थित है,या कुछ यूं कहें कि रेगुलस तारा ,हमारे आकाश में सूर्य, चंद्रमा और ग्रहों के पथ पर स्थित है। इसीलिए जब रेगुलस तारा दिखाई देता है, तब चंद्रमा महीने में एक बार उसके सामने से गुजरता है। कुछ वर्षों में, पृथ्वी से देखने पर चंद्रमा रेगुलस को ढक भी लेता है ,यानी उसके सामने से गुजरता है। और अभी हम रेगुलस के 20 चंद्र ग्रहणों की एक श्रृंखला में हैं, जो जुलाई 2025 से दिसंबर 2026 तक चलेगी। दिसंबर 2026 के ग्रहण के दौरान, मंगल और बृहस्पति ग्रह इसके पास में होंगे।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि ग्रह भी कभी-कभी रेगुलस के सामने से गुजरते हैं और ग्रह कभी-कभी इस तारे को ढक भी लेते हैं ,या कुछ यूं कहें कि इसके सामने से गुजर जाते हैं साथ ही रेगुलस को ढकने वाला आखिरी ग्रह शुक्र था, जिसने 7 जुलाई 1959 को यह दृश्य प्रदर्शित किया था। फिर 1 अक्टूबर 2044 को शुक्र एक बार फिर रेगुलस को ढक लेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि आकाश प्रेमियों के लिए 4 अगस्त, 2026 की शाम एक आकर्षक खगोलीय दृश्य लेकर आएगी। इस दिन सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर सौर मंडल का सबसे चमकीला ग्रह शुक्र, दो प्रसिद्ध चमकदार तारों स्पाइका और रेगुलस के बीच एक सुंदर स्थिति में दिखाई देगा। यह दुर्लभ दृश्य न केवल खगोल विज्ञान के विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं के लिए रोचक होगा, बल्कि सामान्य लोग भी इसे बिना किसी विशेष उपकरण के नग्न आंखों से ही देख सकेंगे। यदि दूरबीन या बाइनोकुलर का उपयोग किया जाए तो यह खगोलीय संयोजन और भी अधिक स्पष्ट तथा आकर्षक दिखाई देगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि इस अवसर पर सिंह तारामंडल का सबसे चमकीला तारा रेगुलस तथा कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा स्पाइका, शुक्र ग्रह के आसपास एक सुंदर ज्यामितीय दृश्य संयोजन युक्त विन्यास बनाते हुए नजर आएंगे। अपनी असाधारण चमक के कारण शुक्र ग्रह पहले ही पश्चिमी आकाश में आसानी से पहचाना जा सकेगा, जबकि उसके  दृश्य संयोजन स्थित दोनों प्रमुख तारे इस दृश्य को और अधिक मनोहारी बना देंगे।
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, गोरखपुर के खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार, 4 अगस्त 2026 की शाम सूर्यास्त के बाद पश्चिमी क्षितिज पर यह विशेष खगोलीय संयोजन देखा जा सकेगा। उन्होंने बताया कि इस समय शुक्र ग्रह, स्पाइका और रेगुलस लगभग एक ही दिशा में दिखाई देंगे और आकाश में एक आकर्षक पैटर्न का निर्माण करेंगे। मौसम साफ रहने पर यह दृश्य काफी देर तक आसानी से देखा जा सकेगा।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि शुक्र ग्रह को पृथ्वी का जुड़वा ग्रह भी कहा जाता है। आकार और संरचना की कुछ समानताओं के कारण इसे पृथ्वी का जुड़वां माना जाता है। यही कारण है कि इसे "पृथ्वी की बहन" भी कहा जाता है। अपनी अत्यधिक चमक के कारण शुक्र ग्रह को संध्या तारा तथा भोर का तारा के नाम से भी जाना जाता है, हालांकि यह वास्तव में तारा नहीं बल्कि एक ग्रह है। वर्तमान समय में यह सूर्यास्त के बाद पश्चिमी आकाश में अत्यंत चमकीला दिखाई दे रहा है और 4 अगस्त की शाम इसकी स्थिति स्पाइका तथा रेगुलस के साथ एक विशेष दृश्य प्रस्तुत करेगी।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि स्पाइका कन्या तारामंडल का सबसे चमकीला तारा है तथा यह आकाश का 15वां सबसे चमकीला तारा माना जाता है। दूसरी ओर, सिंह तारामंडल का प्रमुख तारा रेगुलस अपने नीले-सफेद रंग और अत्यधिक तापमान के कारण विशेष पहचान रखता है। दोनों तारों की उपस्थिति के बीच चमकता हुआ शुक्र ग्रह आकाश में एक आकर्षक स्थिति युक्त विन्यास जैसा दृश्य प्रस्तुत करेगा, जो आकाश प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनेगा।
*  इस दौरान कितना होगा शुक्र ग्रह और चित्रा तारा एवं मघा तारा का मैग्नीट्यूड ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि बताया कि इस खगोलीय संयोजन के दौरान शुक्र ग्रह का मैग्नीट्यूड लगभग माइनस 4.14 रहेगा। वहीं स्पाइका का मैग्नीट्यूड लगभग प्लस 0.97 होगा, जबकि रेगुलस लगभग प्लस 1.40 मैग्नीट्यूड के साथ अपनी चमक बिखेरता दिखाई देगा। चमक के इन अंतर के कारण शुक्र, दोनों तारों की तुलना में कहीं अधिक तेजस्वी नजर आएगा और पश्चिमी आकाश में सबसे पहले ध्यान आकर्षित करेगा।
*  कितने बजे से कितने बजे तक और किस दिशा में नज़र आयेगा यह दृश्य संयोजन
खगोलविद अमर पाल सिंह ने अवलोकन के समय के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वैसे तो यह तीनों खगोलीय पिण्ड सूर्यास्त के बाद से ही आकाश के पश्चिमी दिशा में दिखना शुरू हो जाएंगे लेकिन अगर बात करें इनके अस्त होने की तो पाते हैं कि रेगुलस तारा लगभग शाम 7:30 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे चला जाएगा। इसके बाद शुक्र ग्रह लगभग रात 8:45 बजे पश्चिमी क्षितिज के नीचे अस्त हो जाएगा। वहीं स्पाइका तारा लगभग रात 10 बजे तक पश्चिमी क्षितिज पर दिखाई देता रहेगा इसके बाद पश्चिमी क्षितिज पर नीचे चला जायेगा। इसलिए इस खगोलीय घटना का सर्वोत्तम अवलोकन सूर्यास्त के तुरंत बाद से लेकर शुरुआती शाम के समय तक किया जा सकता है।
खगोलविद अमर पाल सिंह ने आकाश प्रेमियों से अपील की है कि यदि मौसम साफ रहे तो शहर की तेज रोशनी और प्रकाश प्रदूषण से दूर किसी खुले स्थान का चयन करें। खुले क्षितिज वाले स्थान से पश्चिम दिशा में देखने पर यह सुंदर खगोलीय दृश्य अधिक स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। दूरबीन अथवा बाइनोकुलर की सहायता लेने पर शुक्र ग्रह और उसके आसपास स्थित दोनों चमकीले तारों का दृश्य और भी मनमोहक तथा प्रभावशाली प्रतीत होगा।
*  खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से ऐसे दृश्य संयोजन क्यों महत्वपूर्ण होते हैं ?
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि खगोल विज्ञान के दृष्टिकोण से यह संयोजन आकाश में ग्रहों और तारों की प्रत्यक्ष स्थिति को समझने का भी एक उत्कृष्ट अवसर है। यद्यपि शुक्र, स्पाइका और रेगुलस वास्तविक अंतरिक्ष में एक-दूसरे से अत्यधिक दूर स्थित हैं, लेकिन कभी कभी पृथ्वी से देखने पर वे एक ही दिशा में दिखाई देते हैं, जिससे यह आकर्षक दृश्य बनता है। ऐसे विशेष खगोलीय संयोजन विद्यार्थियों एवं आमलोगों में अंतरिक्ष विज्ञान के प्रति रुचि बढ़ाने के साथ-साथ रात के आकाश के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए भी प्रेरित करते हैं।
मॉडलिंग में भी लहराया एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल का परचम, लगभग 30 स्कूलों को पछाड़ नन्हे सितारों ने जीते गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल

संभल, चंदौसी।"जहाँ प्रतिभा को सही मंच और सही मार्गदर्शन मिलता है, वहाँ सफलता कदम चूमती है।" इसी कहावत को एक बार फिर एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने सच साबित कर दिखाया। स्केटिंग और ताइक्वांडो में लगातार अपनी शानदार सफलता का परचम लहराने के बाद अब विद्यालय के बच्चों ने मॉडलिंग के क्षेत्र में भी अपना जलवा बिखेरते हुए पूरे विद्यालय का नाम गर्व से ऊँचा कर दिया।

2 अगस्त 2026 को मुरादाबाद में आयोजित North India Zone Dance Championship एवं मॉडलिंग प्रतियोगिता में लगभग ३०  प्रतिष्ठित विद्यालयों के बच्चों ने हिस्सा लिया। कड़ी प्रतिस्पर्धा के बीच एबीसी किड्स मॉन्टेसरी स्कूल के नन्हे मॉडल्स ने अपने आत्मविश्वास, आकर्षक रैंप वॉक, बेहतरीन स्टाइल और दमदार प्रस्तुति से निर्णायकों को मंत्रमुग्ध कर दिया तथा गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल के साथ शील्ड अपने नाम कर विद्यालय का गौरव बढ़ाया।
पूरा सिस्टम बचाने में जुटा था...', बृजभूषण के बरी होने पर विनेश फोगाट का झलका दर्द

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भारतीय जनता पार्टी के नेता और भारतीय कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने छह महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन उत्पीड़न के आरोपों के मामले में बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले पर महिला पहलवान विनेश फोगाट दुख जाहिर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरू से ही पूरा प्रशासन, सरकार और व्यवस्था बृजभूषण को बचाने में लगी थी।

विनेश फोगाट ने सोशल मीडिया पर जाताया दुख

कोर्ट के फैसले के बाद सोशल मीडिया प्‍लेटफॉर्म एक्‍स पर पोस्‍ट करते हुए विनेश ने लिखा कि ‘हमें सड़क पर उतरने और सत्ताधारी पार्टी के एक बाहुबली नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाने के लिए बहुत हिम्मत जुटानी पड़ी थी। सत्ता और अपने बाहुबल के दम पर बृजभूषण ने कई लड़कियों को डराकर उनके नाम वापस करवाए हैं, लेकिन कई महिला पहलवान खड़ी रहीं और कोर्ट में बृजभूषण के ख़िलाफ़ लड़ाई लड़ती रहीं। हमें इस बात का बहुत दुख है कि अदालत ने बृजभूषण शरण सिंह को महिला पहलवानों द्वारा लगाए गए यौन हिंसा के आरोपों में दोषी नहीं माना।’

फैसले के खिलाफ जाएंगे कोर्ट- विनेश

विनेश ने लिखा कि ‘शुरू दिन से ही सारा तंत्र, सरकार और ये सिस्टम बृजभूषण को बचाने के लिए लगा हुआ है।’पहलवानों ने अपने वकीलों को इस फैसले के खिलाफ जल्द से जल्द अपील दायर करने का निर्देश दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि उन्होंने उम्मीद नहीं खोई है और अपनी लड़ाई जारी रखेंगी।

सारी ताकत बृज भूषण के पास- बजरंग पूनिया

इसके अलावा बजरंग पूनिया ने फैसले पर निराशा जताते हुए कहा कि 'आज के फैसले से यह साफ हो गया है कि सारी ताकत बृज भूषण के पास है। उन्होंने गवाह तोड़ दिए। हम कोर्ट के आदेश का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं और हमें समझ नहीं आ रहा कि किस आधार पर उन्हें बरी किया गया।'

बृज भूषण शरण सिंह ने क्या कहा?

वहीं, कोर्ट का फैसला आने के बाद बृज भूषण शरण सिंह ने कहा, 'मैंने पहले ही दिन कहा था कि अगर मेरे खिलाफ कोई आरोप साबित होता है तो मैं खुद फांसी पर लटक जाऊंगा।' विरोध प्रदर्शनों और विपक्षी नेताओं पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि जंतर-मंतर पर प्रियंका गांधी से लेकर आम आदमी पार्टी और वामपंथी नेता सब जुट गए थे और उनकी फांसी की मांग कर रहे थे, लेकिन उन्हें न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा था। उन्होंने यह भी कहा कि वे जूनियर पहलवानों के हक के लिए लड़े थे और अब वही खिलाड़ी देश का परचम लहराएंगे।

जंतर-मंतर पर हुआ था लंबा आंदोलन

बता दें कि साक्षी मलिक, विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया सहित देश के प्रमुख पहलवानों ने बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर कई हफ्तों तक विरोध प्रदर्शन किया था। इस मामले ने पूरे देश में तूल पकड़ा था। अब दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न मामले में भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह और विनोद तोमर को बरी कर दिया है।

शादी के लिए प्रताड़ित करने वाला गिरफ्तार:टावर पर चढ़कर दी थी आत्महत्या, झूठे मुकदमे की धमकी

रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जिले के गोपीगंज थाना पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शादी के लिए एक महिला को प्रताड़ित करने, आत्महत्या की धमकी देने और झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में की गई है। आरोपी ने मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी दी थी।

विकास गुप्ता नामक व्यक्ति ने गोपीगंज थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि विजय कुमार गौतम नामक अभियुक्त उनकी बहन को लंबे समय से शादी के लिए परेशान कर रहा था। आरोपी एक लाख रुपये की मांग कर रहा था और परिवार को झूठे मुकदमे में फंसाने तथा जान से मारने की धमकी भी दे रहा था।

शिकायत के अनुसार, 2 अगस्त 2026 को अभियुक्त विजय कुमार गौतम एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने धमकी दी कि यदि उसकी शादी वादी की बहन से नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगा और वादी के परिवार को झूठे मुकदमे में फंसा देगा। इस तहरीर के आधार पर गोपीगंज थाने में मु0अ0सं. 0326/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 78, 74, 308(5), 351(3) और 226 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था।

भदोही के पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के निर्देश पर और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में यह कार्रवाई की गई। क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में गोपीगंज पुलिस ने सोमवार को मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए वांछित अभियुक्त विजय कुमार गौतम को धनापुर मोड़ के पास से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान विजय कुमार गौतम (उम्र करीब 26 वर्ष) पुत्र होरीलाल गौतम निवासी ग्राम घनश्यामपुर, थाना गोपीगंज, जनपद भदोही के रूप में हुई है। इस मामले की विवेचना उपनिरीक्षक संतोष कुमार और मुख्य आरक्षी संजय सरोज द्वारा की जा रही है। गिरफ्तारी के बाद, अभियुक्त को नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्यवाही पूरी कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
सावन के पहले सोमवार पर भदोही पुलिस मुस्तैद: प्रमुख मंदिरों और गंगा घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था का लिया जायजा


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के पर्यवेक्षण में, पावन सावन मास के प्रथम सोमवार पर जनपद भदोही पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम दर्शन और शांतिपूर्ण वातावरण सुनिश्चित करना था।

इस अवसर पर, जनपद के सभी प्रमुख शिवालयों, मंदिरों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा, भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विस्तृत इंतजाम किए गए थे।

इसी क्रम में, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा और थानाध्यक्ष कोइरौना ने पुलिस बल के साथ प्रसिद्ध सेमराध धाम मंदिर और गंगा घाट क्षेत्र का निरीक्षण किया। जिलाधिकारी ज्ञानपुर ने भी पुलिस बल के साथ कस्बा ज्ञानपुर स्थित प्रसिद्ध हरिहरनाथ मंदिर परिसर का जायजा लिया।

निरीक्षण के दौरान, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को सतर्कता बरतने, श्रद्धालुओं के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार करने और सुचारु यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन और यातायात संचालन का अवलोकन करते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो और कानून-व्यवस्था सुदृढ़ बनी रहे।

जनपद के समस्त थाना क्षेत्रों में स्थित प्रमुख मंदिरों, शिवालयों और गंगा घाटों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर लगातार निगरानी रखी जा रही है। भदोही पुलिस ने जनपदवासियों और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे दर्शन-पूजन के दौरान पुलिस प्रशासन का सहयोग करें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल डायल-112 या निकटतम पुलिसकर्मी से संपर्क करें।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में संपन्न हुआ नशा मुक्त युवा फार विकसित भारत कार्यक्रम
गोण्डा। प्रधानमंत्री के राष्ट्रव्यापी संकल्प के अंतर्गत श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज के  ललिता शास्त्री सभागार में प्रभारी   प्राचार्य प्रो. जितेंद्र सिंह के निर्देशानुसार नशा मुक्त  युवा फार  विकसित भारत कार्यक्रम का आयोजन किया गया l कार्यक्रम के मुख्य वक्ता जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. अरविंद कुमार शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति से घृणा नहीं बल्कि सहानुभूति रखते हुए उसे नशा मुक्त करने में सहयोग करें और राष्ट्र के विकास में अपनी भूमिका  सुनिश्चित  करें l कार्यक्रम की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए कार्यक्रम संयोजक डॉ. रेखा शर्मा ने कहा नशा ग्रस्त व्यक्ति सिर्फ अपना जीवन ही बर्बाद नहीं करता बल्कि अपने माता-पिता के सपनों को तोड़ता है, बच्चों के भविष्य को अंधकारमय करता है और अपने परिवार व समाज को  पतन के कगार पर ले जाता है इसलिए देश को नशा मुक्त करने में सभी अपना सहयोग करें l सफल मंच संचालन एनसीसी प्रभारी डॉ. अमित शुक्ला ने किया l धन्यवाद ज्ञापन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. चमन कौर ने किया l उक्त विषय पर आयोजित भाषण एवं पोस्टर प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर प्रतिभाग किया l भाषण प्रतियोगिता में मानसी सिंह, संदीप तिवारी ,मोहम्मद जैद एवं पोस्टर प्रतियोगिता में मेहविश मिराज ,राज एवं कमलवासनी तिवारी ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया  जबकि निर्णायक की भूमिका में डॉ .चमन कौर ,डॉ. संतोष श्रीवास्तव एवं डॉ मनोज मिश्रा रहे l कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम अधिकारी डॉ पवन सिंह ,डॉ. परवेज आलम, डॉ दिलीप शुक्ला, डॉ. दलीप सिंह,  डॉ. संजय कुमार ,डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव ,डॉ. अमित दुबे का सहयोग सराहनीय रहा l
उप स्वास्थ्य केंद्रों पर इलाज का दावा बड़ा अस्पताल तक पहुंचने का रास्ता छोटा


*206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर बने 37 तक पहुंचने का रास्ता ही नहीं है, बारिश में पानी भरने पर मरीज जाते ही नहीं*


रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले में कागजों पर आयुष्मान आरोग्य मंदिर चमक रहे हैं, लेकिन धरातल पर पगडंडी और कीचड़ मरीजों का स्वागत करते हैं। शनिवार को पड़ताल में जिले के 206 स्वास्थ्य केंद्रों में से 37 तक पहुंचने के लिए कोई पक्की सड़क नहीं है। एंबुलेंस का तो सवाल ही नहीं, गर्भवती महिलाओं को सेंटर से एंबुलेंस तक स्वयं ही पहुंचना पड़ता है। बारिश में उपकेंद्र तक पहुंचना मरीजों के लिए अग्निपरीक्षा देने जैसे है। गर्भवती महिलाएं और बच्चे जैसे-तैसे सेंटर तक पहुंचती हैं। केंद्र के अंदर दवा और उपकरण सहित व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं, लेकिन मरीजों के लिए पहुंच मार्ग नहीं है। जिले के ग्रामीण अंचल में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए 206 आयुष्मान आरोग्य मंदिर संचालित हैं। यहां एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की तैनाती है। इन केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं का उपचार और बच्चों का टीकाकरण किया जाता है। हर महीने अनुमानित 700 से 800 प्रसव होते हैं। इनमें 60 से 65 फीसदी प्रसव ग्रामीण अंचल यानी उपकेंद्रों पर होते हैं।



हमारी टीम ने शनिवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक जाने वाले रास्तों की पड़ताल की। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के रास्ते ठीक मिले, लेकिन कई आयुष्मान आरोग्य मंदिरों तक पहुंचने वाले मार्ग बदहाल मिले। जिम्मेदार अधिकारी भी इस समस्या से अनभिज्ञ बने हुए हैं। केंद्रों पर ओपीडी संचालित हो रही है, लेकिन पहुंच मार्ग अधूरा है। 206 में से 37 केंद्र ऐसे हैं, जहां तक पहुंचने के लिए पक्का रास्ता नहीं है। टीम वारी, लक्षमणा, दशवतपुर, नई बाजार और साडा केंद्र पहुंची। कहीं 50 मीटर तो कहीं 500 मीटर तक कच्चा रास्ता है, जहां वाहन भी नहीं पहुंच पाते।

इन उपकेंद्रों तक पगडंडी और कच्ची सड़क
कटेबना, तिवारीपुर, होलपुर, गड़ेरियापुर, सोनईचा, अरई उपरवार, ऊंज, बिछिया, महजूदा, कोछिया, लालीपुर, बरमोहनी, चौरापुर बैदान, दशवतपुर, वारी, रेगरा, सागरपुर, श्रवेली, भुलईपुर, डमरी, मर्चवार, रवेली, अवसानपुर, मई हरदोपट्टी, बभनौटी, बरदहां, चौरी, उधवा, पिपरिस, रया, नई बाजार, परगासपुर ओल्ड, कुकरौठी, जोगीपुर, असती और माधोपुर आदि।




आयुर्वेदिक अस्पताल के रास्ते पर जमा है पानी
मोढ़ आयुर्वेदिक अस्पताल जाने वाले रास्ते पर बारिश का पानी जमा है। अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को मोढ़ बाईपास से होकर आने में दिक्कत होती है। सराय गांव के लोग भी इसी रास्ते का उपयोग करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि कई बार रास्ते की मरम्मत के लिए अधिकारियों से शिकायत की गई, लेकिन समस्या जस की तस है।
उप स्वास्थ्य केंद्र वारी पर सुबह 10:30 बजे ताला लगा मिला। केंद्र पर कोई मौजूद नहीं था। केंद्र तक पहुंचने का रास्ता बदहाल था। बारिश के बाद मरीज यहां नहीं आते हैं। परिसर और आसपास पानी तथा कीचड़ जमा होने से मरीज पीएचसी कसियापुर चले जाते हैं।
दोपहर दो बजे उप स्वास्थ्य केंद्र लालीपुर पहुंची। यहां मरीज दवा लेने आए थे। बिना बारिश के भी परिसर में कीचड़ था। हल्की बारिश होने पर करीब 100 मीटर तक पानी भर जाता है, जिससे मरीजों को परेशानी होती है।
औराई के लक्षमणा केंद्र के समीप खड़ंजा बना है, लेकिन बारिश में यहां करीब एक फीट तक पानी भर जाता है। मरीज और तीमारदार जलभराव के बीच होकर केंद्र पहुंचते हैं। केंद्र में जल निकासी की व्यवस्था नहीं है।
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206 उप स्वास्थ्य केंद्रों में 37 को छोड़कर सभी पर रास्ता बन गया है। पंचायत राज विभाग को रास्ता निर्माण के लिए पत्र लिखा गया है। बारिश के बाद काम शुरू होने की उम्मीद है। - डॉ. एसके चक, सीएमओ, भदोही
जनपद मऊ -: जल जीवन मिशन के तहत शुद्ध पेयजल आपूर्ति के प्रभाव का मूल्यांकन करने के लिए समाज कार्य विभाग,
लखनऊ विश्वविद्यालय की टीम ने विकास खंड परदहा के ग्राम परसपुरा चमरियोंव और सरैया रघुनाथपुर का भ्रमण किया।

टीम ने गांवों में पेयजल की गुणवत्ता, नियमित जलापूर्ति, पानी के प्रेशर, शुद्ध पेयजल का आम जनजीवन पर प्रभाव तथा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े पहलुओं का आकलन किया।

इस दौरान समाज कार्य विभाग, लखनऊ विश्वविद्यालय के श्री कमलेश कुमार, जिला समन्वयक जल जीवन मिशन एवं कार्यदायी संस्था के प्रतिनिधि मौजूद रहे।

भ्रमण के दौरान ग्राम प्रधान, जल सखी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, विद्यालय स्टाफ, आशा बहू, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं तथा ग्रामीण भी उपस्थित रहे।
गुरु पूर्णिमा पर्व मे रघुनाथ दास आश्रम पर हुआ भव्य भंडारे का आयोजन
ब्यूरो रितेश मिश्रा
शाहाबाद हरदोई। गुरूवार को नगर के पौराणिक नर्मदा तीर्थ स्थल स्थित श्री श्री 1008 बाबा रघुनाथ दास आश्रम, जानकी बाग पर भक्तों की भारी भीड़ जुटी। गत वर्षों की भाँति इस वर्ष भी गुरू पूर्णिमा के अगले और सावन के पहले दिन होने वाले भंडारे में नगर सहित दूरदराज क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्रद्धालु जानकी बाग पहुंचे। जहां श्रद्धालुओं ने बड़े ही सम्मान के साथ अपने गुरु के चरणों का आशीर्वाद लेते हुए प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की शुरुआत कन्याओं व साधुओं के प्रसाद पा लेने के बाद हुई, भंडारे में आसपास क्षेत्र के 501 मठों के साधुओं सन्यासियों ने प्रसाद पाया और देश दुनिया की खुशहाली के लिए कामना की। 
       आश्रम महंत भंडारी बाबा श्री श्री रामसेवक जी ने बताया सावन का महीना भगवान शिव की पूजा को समर्पित होता है। शिव जी के प्रिय महीने सावन माह की शुरुआत आज गुरूवार 30 जुलाई से हो रही है, इस पवित्र माह का समापन 28 अगस्त रक्षाबंधन के साथ होगा, इस वर्ष सावन माह में चार सोमवार व्रत पड़ेंगे। उन्होंने बताया कि 3 अगस्त सावन का पहला सोमवार, 10 अगस्त दूसरा सोमवार, 11अगस्त शिवरात्रि, 12 अगस्त हरियाली अमावस्या, 15 अगस्त हरियाली तीज, 17 अगस्त को तीसरा सोमवार व नागपंचमी, 23 अगस्त पुत्रदा एकादशी, 24 अगस्त को चौथा सोमवार, 28 अगस्त रक्षाबंधन शुक्रवार को रक्षाबंधन के साथ सावन माह समाप्त होगा। रक्षा बन्धन के दिन बहनें अपने भाईयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधकर अपनी सुरक्षा का वचन लेगी।
       भंडारी बाबा का कहना है, कि जो भक्त सच्चे मन से शिव जी की प्रिय वस्तु वेलपत्र, पुष्प, धतूरा, शक्कर, गाय का देशी घी, दही, सफेद चंदन, कपूर, पंचामृत, शमी आदि इस माह शिवलिंग पर अर्पित करता हैं, उसके सभी कष्टों को वह पल भर में हर लेते हैं। बाबा ने बताया कि आयोजित भंडारा पूर्वाह्न 11 बजे से साधुओं व कन्याओं के पूजन के साथ आरम्भ हुआ हैं जो कि प्रभु इच्छा तक चलता रहेगा। बाबा से आशीर्वाद लेने को कस्बे सहित दूरदराज क्षेत्रों से आये महिलाओं पुरूषों सहित बच्चों की लाइन लगी रही। भक्तों ने बताया, कि जो भी व्यक्ति अपने अहंकार को तज इस परिसर में आता हैं उनके सभी कष्टों को भंडारी बाबा दूर कर देते हैं उसका जीवन सफल सुखमय हो जाता हैं। भंडारे उपरांत संगीत संध्या का आयोजन स्वर संगम संगीत सीमित द्वारा किया गया जिसमें स्थानीय व मेहमान भजन गायकों ने सुरीली धुनों की लय पर सुंदर सुंदर भजन प्रस्तुत किए, जिनको सुनकर युवा श्रद्धालु झूमने लगे है तो वही वृद्ध श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गये।
      इस अवसर पर श्री लाल बाबा जी, भंडारी बाबा श्री रामसेवक दास जी, बाबा श्री राम रतन दास जी, बाबा श्री हरीराम दास जी, बाबा श्री भरत दास जी, बाबा श्री मथुरा दास जी, बाबा श्री मैकूदास जी, बाबा श्री भवानी दास जी, बाबा श्री वीरेन्द्र तिवारी आदि सहित दर्जनों की संख्या में भक्त लंगर की जिम्मेदारी को बखूबी संभालते नज़र आये।
आरक्षण की बेड़ियों में जकड़ा सवर्ण आजाद भारत का गुलाम है: सूरज प्रसाद चौबे राष्ट्रिय अध्यक्ष


लखनऊ। सवर्ण आर्मी भारत के राष्ट्रीय अध्यक्ष सूरज प्रसाद चौबे सवर्ण समाज को संगठित करने हेतु संगठन द्वारा किए जा रहे जनसंपर्क अभियान हेतु संगठन के पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि आरक्षण मूल रूप से आर्थिक और सामाजिक रूप से पिछड़े वर्ग के उत्थान हेतु बनाया गया था लेकिन आज यह सीमा लाघ चुका है कुछ ही परिवारों तह सीमित रह गया है जिन्हें वास्तव में आरक्षण की जरूरत है वह इससे वंचित है जब देश का युवा रात दिन मेहनत कर सफलता प्राप्त करता है तो आरक्षण के कारण उसका हक छीन जाता है इससे न केवल उसके सपनों का हनन होता है बल्कि देश की प्रगति भी रुकती है।

76 वर्षों से आरक्षण से यदि 10% लोग भी गरीबी रेखा से नहीं निकलते है तो क्या पालिसी फेक नहीं है अगर निकले है तो उस साइकल से निकलना चाहिए या नहीं निकलना चाहिए आरक्षण के बेड़ियों से जकड़ा सवर्ण आजाद भारत में गुलाम है क्या सामान्य वर्ग के विद्यार्थी विद्यार्थी नहीं है क्या उनकी मेहनत सपनो और संघर्ष का कोई मूल्य नहीं है योग्यता का सम्मान हर हालत में हो जब परीक्षा में प्रश्न जाती देख कर नहीं पूछे जाते तो चयन प्रक्रिया में योग्यता की जगह जाती को प्राथिमकता क्यों दी जाती है साथ ही यह भी आवश्यक है कि आरक्षण जैसे नीतियों की समय समय पर समीक्षा हो ताकि उसका लाभ जरूरत मंद को वास्तव में पहुंचे। सवर्ण युवा अब जाग चुका है योग्यता का सम्मान चाहता है आरक्षण मेरिट की हत्या कर रहा है ये राजनीतिक दल आरक्षण को वोट बैंक की बना रहे हैं इनमें होड़ लगी है कि आरक्षण कितना बढ़ाया जाय, भीम आर्मी प्रमुख चन्द्रशेखर रावण कहते हैं कि आरक्षण की तरफ देखा तो भूचाल आ जायेगा । जो चमचा कहते हैं पहले जातिवाद खत्म करो तो उनसे यह पूछना चाहता था कि क्या इसकी शुरुआत पहले तुम करोगे अपना जाति प्रमाण पत्र फॉर कर।

आरक्षण की बात पर कुछ चमचा कहते हैं कि रोटी बेटी का संबंध  सवर्ण बेटियों पर कुदृष्टि रखते हैं इनसे कहना चाहूंगा कि पहले खुद से शुरुआत करो दलित महादलित के घर बेटी की शादी करे सम्पन्न दलित गरीब दलित के यहां बेटी की शादी करे । बिहार में पासवान मांझी दोनों दलित है लेकिन पासवान मांझी के नल से पानी नहीं पी सकते हैं दोष सवर्ण का देते हैं आपस में दलित महादलित का शोषण कर रहा है। पिछड़ा अति पिछड़ा का हक खा रहा है लेकिन दोष सवर्ण का दिया जाता है,अब तक सवर्ण चुप रहा लेकिन अब नहीं रहेगा संगठित हो कर आरक्षण एससीएसटी एक्ट यूजीसी के खिलाफ 15 अगस्त के बाद जंतर मंतर दिल्ली में इन काकरोच जनता पार्टी से बड़ा आंदोलन करेगा ,सवर्ण समाज कभी भी आंदोलन में सड़क जान पत्थर वाजी नहीं किया देश हित सर्वोपरि रहा है आज वही सवर्ण के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है आरक्षण किसी भी तरह का हो वह प्रतिभा को रोकता है आरक्षण पूर्ण रूप से समाप्त होने चाहिए।