बाबा श्याम की भक्ति में डूबा हजारीबाग, भव्यता के साथ संपन्न हुआ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव
हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, आस्था और मधुर भजनों से रविवार को पूरा हजारीबाग भक्तिमय हो उठा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से अग्रसेन भवन में आयोजित पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दर्शन और भक्ति रस में शामिल होने अग्रसेन भवन पहुंचे।
शाम होते-होते आयोजन स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पूरे परिसर में लगातार ‘जय श्री श्याम’ और ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बाबा के दरबार में पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
महोत्सव का मुख्य आकर्षण गौ लीला पर आधारित बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य दरबार रहा। कोलकाता के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए दरबार में गौ माता, गोपालन और भगवान श्रीकृष्ण की गौ लीला के भाव को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक सजावट, मनमोहक रोशनी और भव्य श्रृंगार के बीच बाबा श्याम का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।
महोत्सव का शुभारंभ दोपहर करीब 2:15 बजे राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा द्वारा विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान स्वरूप सौरभ रामरायका एवं उनकी धर्मपत्नी निहारिका रामरायका ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।
शाम करीब 6:30 बजे भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच एवं जयपुर के दीपांशु अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ‘फागुन आयो बाबा के दरबार चला’ और ‘श्याम घर आओ’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। भजनों की धुन के साथ पूरा अग्रसेन भवन तालियों, जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा।
भजन कलाकारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और आयोजन के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था यहां विशेष रूप से देखने को मिली। आयोजक मंडली की ओर से महिलाओं के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी।
महोत्सव के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। व्यवस्था से जुड़े सदस्य लगातार सक्रिय रहे, ताकि दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती देवी, विधायक प्रदीप प्रसाद के सुपुत्र सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर ज्योत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।
इस वर्ष महोत्सव में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का पावन आशीर्वाद भी आयोजन को प्राप्त हुआ।
आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से करीब चार महीनों से तैयारियां की जा रही थीं। दरबार की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भजन कलाकारों की प्रस्तुति सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन मंडली लगातार जुटी रही।
देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच आरती के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरा अग्रसेन भवन एक बार फिर ‘जय श्री श्याम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।
आयोजक मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, कलाकारों, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और श्याम भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन भले ही हो गया, लेकिन बाबा श्याम की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था की चमक देर रात तक साफ दिखाई देती रही।
6 hours ago
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