मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश
— क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

— डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए।

लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 के खिलाफ चार्जशीट
पुलिस का दावा- सीसीटीवी में मुख्य आरोपी 85 बार रकम हटाते दिखा, चैट और बैंक लेनदेन भी साक्ष्य

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है।  रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
जनपद सुलतानपुर में भारी वर्षा एवं खराब मौसम के दृष्टिगत जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील*
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के दृष्टिगत जनपद सुलतानपुर में आगामी दिनों में भारी वर्षा,गरज-चमक,वज्रपात तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 एवं 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। सुलतानपुर जनपद को भी इस अवधि में प्रभावित जिलों में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी सुलतानपुर ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें, लेकिन किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास कर घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने एवं यात्रा करने से बचें। तेज बारिश एवं गरज-चमक के दौरान सुरक्षित एवं पक्के भवन में रहें।
वज्रपात के समय पेड़, बिजली के खंभे, खुले मैदान एवं जलाशयों के पास न जाएं।
निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
जलमग्न सड़कों, पुलों एवं रपटों को पार करने का प्रयास न करें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर भवनों, कच्ची दीवारों एवं अस्थायी संरचनाओं से दूर रहें।
किसान भाई खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें तथा मौसम सामान्य होने तक आवश्यक सावधानी बरतें।
बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुधन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम संबंधी सही एवं अद्यतन जानकारी के लिए केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।*
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं स्थानीय स्तर की जानकारी प्राप्त करने के लिए *‘सचेत (SACHET) ऐप’* का प्रयोग करें तथा समय-समय पर जारी होने वाली चेतावनियों को गंभीरता से लें। प्रशासन द्वारा जनपद में मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्थानीय प्रशासन/संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
जिलाधिकारी सुलतानपुर ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। जनपदवासी शांत रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।*
दिव्यांग शिविर में मुख्य विकास अधिकारी का हुआ सम्मान
फर्रुखाबाद। एस. एन. साध. ट्रस्ट के सौजन्य में दिव्यांग शिविर सुबह से प्रारम्भ हुआ शिविर का  मुख्य विकास अधिकारी  विनोद कुमार गौड़ ने पहुंच कर शिविर मे आने पर राकेश साध व चमकेश साध ने शाल उड़ा कर उनका सम्मान किया और पूरे शिविर मे नि शुल्क दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देकर शिविर का निरीक्षण कराया शिविर की व्यवस्था देख कर मुख्य विकास अधिकारी जी ने ट्रस्ट व ट्रस्टियों की ऐसे नेक कार्यों को अपने नगर में आयोजित करने के लिए बधाई दी और भी सभी प्रबुद्ध वर्गों से ऐसे नेक कार्यों को बढ़ावा देने की अपील की।

मधु साध, प्रिया साध, रितेश साध, राहुल साध, गुंजा जैन, रोहित गर्ग ने दिल्ली से आकर व्यवस्था की कमान संभाली।

इस शिविर की विशेषता ये है विगत वर्षों की भांति कोई भी दिव्यांग जन केवल अपना आधार कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र लेकर आये और तत्काल रजिस्ट्रेशन कराकर निशुल्क शिविर में दी जाने वाली सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

विगत शिवरों की तरह इस बार भी विशेष रूप से जो व्यक्ति कान की समस्या से जूझ रहा है, उसके लिए ENT स्पेशलिस्ट डॉ अनु जी उनका परीक्षण कर उनको कान की मशीन व दवाई लिख रही है जो कि निशुल्क ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है।

इसमें मुख्य भूमिका में जयपुर से आई हुई विशेष टीम के सदस्यों द्वारा जो सेवा दी जा राही वह किसी तीर्थ यात्रा करने से कम नहीं है।

इस नेक कार्य में –उदय पाल, , सुजीत वर्मा,  विजय, नितिन, राहुल, प्रभात, नरेश, जगदीश, रॉबिन साध, शेखर साध और जयपुर की पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा।

आज रजिस्ट्रेशन 180 हुये

आज बाटे गए उपकरणों की संख्या–
ट्राई साइकिल - 08
कृत्रिम हाथ- 07
व्हीलचेयर- 10
छड़ी - 36
कैलिपर- 24
कृतिम पैर- 29
वैशाखी- 28
वॉकर- 18
जूते- 26
कान की मशीन- 68 वितरित की गई।
सुरों की सरताज बनीं दृष्टि पांडे: भारत विकास परिषद की प्रतियोगिता में गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर को दिलाए दोहरे स्वर्ण पदक, अब प्रदेश स्तर पर बि
रायबरेली। भारत विकास परिषद, रायबरेली के तत्वाधान में आज सिविल लाइंस स्थित सूर्या होटल में आयोजित समूह गान प्रतियोगिता पूरी तरह से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की होनहार छात्रा दृष्टि पांडे के नाम रही। जनपद के तमाम दिग्गजों और प्रतिष्ठित विद्यालयों के बीच, दृष्टि पांडे ने अपनी जादुई आवाज, असाधारण सुर-साधना और कुशल नेतृत्व (लीड) के दम पर प्रतियोगिता का रुख एकतरफा कर दिया।
अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए दृष्टि पांडे की अगुवाई में विद्यालय की टीम ने हिंदी समूह गान और संस्कृत समूह गान दोनों ही बेहद कठिन श्रेणियों में प्रथम स्थान का दोहरा खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सफलता के साथ ही इस प्रतिभावान टीम का चयन आधिकारिक रूप से प्रदेश स्तरीय (स्टेट लेवल) समूह गान प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जहाँ दृष्टि पांडे के नेतृत्व में यह टीम प्रांतीय पटल पर पूरे रायबरेली जनपद का प्रतिनिधित्व करेगी।
प्रतियोगिता के दौरान जब दृष्टि पांडे ने मुख्य गायिका के रूप में हिंदी गीत "कोटि-कोटि कंठों ने गाया माँ का गौरव गान है" की तान छेड़ी, तो पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद संस्कृत समूह गान में माँ सरस्वती की वंदना "जय जय हे भगवती सुर भारती" की उनकी शास्त्रीय व सुरीली प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल (जजेस) और परिषद के पदाधिकारियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दृष्टि के सुरों के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण और मंच पर उनके गजब के आत्मविश्वास की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस शानदार गायन में टीम के अन्य साथी कलाकारों—मुदित मनमोहन, अनंत, शताक्षी, सिद्धि और काजल ने दृष्टि के सुर से सुर मिलाकर सामूहिक जुगलबंदी को शिखर पर पहुँचाया। वहीं, तबले पर अर्णव और ढोलक पर सृजन तिवारी की थाप व सधी हुई संगत ने इस पूरी प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए।विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने दृष्टि पांडे की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें तथा पूरी टीम को बधाई दी है। सभी ने हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि दृष्टि अपनी इसी सुरीली कला के दम पर प्रदेश स्तर पर भी रायबरेली का परचम लहराएंगी।
कानपुर में बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, पनकी धाम में लगीं लंबी कतारें
कानपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में बुढ़वा मंगल पर शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मियों के साथ यातायात पुलिस की भी तैनाती रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया।

पनकी मंदिर में मंगला आरती के बाद कपाट खुले तो दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार बढ़ता गया। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अलग-अलग कतारें लगाई गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के रास्ते तय किए गए। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी गई। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ाते रहे। किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्तों को नियंत्रित किया गया।

मंदिर में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के जयकारे लगाए और भजन-कीर्तन किए। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर को शहर के प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। मान्यता है कि यहां विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा दिन में तीन बार रंग बदलती है। इसी आस्था के चलते बुढ़वा मंगल पर दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।

इसके अलावा जूही-हमीरपुर रोड स्थित बड़ा हनुमान मंदिर, संकटमोचन हनुमान के नाम से प्रसिद्ध श्री बालाजी दक्षिणेश्वर मंदिर और कुढ़नी हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इन मंदिरों में भी पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की गई। भीड़ वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई।
सपा विधायक अनिल वर्मा ने चौपाल का आयोजन कर महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर सरकार पर साधा निशाना
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में समाजवादी पीडीए चौपाल में पिछड़े दलित शोषण वर्गों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने व पीडीए समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, पीडीए चौपाल शनिवार को क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर, रंवाशी में युवा सपा नेता अतुल वर्मा  एवं ग्राम मेवा, रामनगर में सपा विधायक अनिल वर्मा ने चौपाल का आयोजन कर महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का नौजवान बेरोजगार है और महंगाई के कारण परिवार का पालन पोषण करना कठिन हो रहा है, उन्होंने इस मौके पर उपस्थित लोगों को समाजवादी पार्टी की नीतियों के  प्रति जागरुक करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में सपा का परचम लहराने की अपील की। ग्राम मेवा और रामनगर में सपा विधायक अनिल वर्मा ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अन्नदाता आज एक-एक बोरी खाद  के लिए तरस रहा है वहीं उसे अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है, उन्होंने गन्ना किसानों के साथ हो रहे अन्याय का जिक्र करते हुए कहा कि गन्ना किसानों को उनकी उपज की लागत का मूल्य नहीं मिल पा रहा है और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से गोविंद वर्मा, सूरज वर्मा, शिवनाथ वर्मा, प्यारेलाल भार्गव, प्रधान पन्नालाल,  विश्राम लाल गौतम, जियाउद्दीन, जया किशोर वर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
मौसम को लेकर योगी सरकार सतर्क, रेड अलर्ट-आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने के निर्देश
— क्षति का आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता कराएं उपलब्ध: मुख्यमंत्री

— डीएम व अधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहने के निर्देश, 27 सितंबर तक मौसम को लेकर यूपी में विशेष सतर्कता

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में बदलते मौसम, भारी बारिश और आंधी-वज्रपात की चेतावनी को देखते हुए योगी सरकार पूरी तरह अलर्ट हो गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में भारी बारिश और आकस्मिक बाढ़ की स्थिति को देखते हुए सभी संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने और क्षेत्र में जाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने रेड अलर्ट और आकस्मिक बाढ़ की आशंका वाले जिलों में स्कूल बंद रखने को कहा है। वहीं वरिष्ठ अधिकारियों को पूरी सतर्कता बरतने व आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि से हुई क्षति का तत्काल आकलन कर प्रभावित परिवारों को 24 घंटे के भीतर हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सभी से अपील की गई है कि आकाशीय बिजली एवं अतिवृष्टि के दौरान अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें। नदियों एवं जलाशयों में स्नान करने से बचें और विशेष सावधानी बरतें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार हर परिस्थिति में पूरी प्रतिबद्धता के साथ प्रदेश वासियों के साथ खड़ी है। इसके अतिरिक्त अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जनमानस की सुरक्षा के लिए स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी कदम उठाएं और संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी की जाए।

लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं अधिकारी

मुख्यमंत्री ने जीर्ण-शीर्ण मकानों और झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे लोगों को आवश्यकता के अनुसार निकटतम राहत शरणालय में पहुंचाया जाए, ताकि भारी बारिश या आकस्मिक बाढ़ की स्थिति में उनके जीवन को खतरा न हो।

राहत आयुक्त ने अधिकारियों के साथ की समीक्षा बैठक

इससे पहले राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों के जिलाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कर मौसम की स्थिति और तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने, स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने और किसी भी आकस्मिक स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार प्रदेश में 27 सितंबर तक मौसम प्रभावित रहने की संभावना है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 और 26 सितंबर को बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भारी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई गई है।

राहत आयुक्त ने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति के जान-माल की सुरक्षा प्रशासन का दायित्व है। जिलाधिकारी स्वयं फील्ड में रहकर स्थिति का निरीक्षण करें और आमजन से लगातार संवाद बनाए रखें। मौसम संबंधी चेतावनियों और जरूरी सावधानियों की जानकारी पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्थानीय संचार माध्यमों और अन्य उपलब्ध संसाधनों के जरिए व्यापक रूप से लोगों तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

रेड अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता

लखीमपुर खीरी, सीतापुर, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, श्रावस्ती, बहराइच, रामपुर, बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर में रेड अलर्ट को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, प्रतापगढ़, संत कबीर नगर, महाराजगंज, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, अयोध्या, अंबेडकर नगर, बस्ती, सिद्धार्थनगर, गोंडा, बलरामपुर, हरदोई, लखनऊ, बाराबंकी, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, संभल और बदायूं समेत अन्य क्षेत्रों में ऑरेंज अलर्ट को देखते हुए अधिकारी सक्रिय रहेंगे।

बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में तैयारी

आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, मऊ, महाराजगंज, कुशीनगर, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, सिद्धार्थनगर, बस्ती, बलरामपुर, अंबेडकर नगर, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अयोध्या, गोंडा, श्रावस्ती, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बहराइच, हरदोई, लखनऊ, उन्नाव, रायबरेली, बाराबंकी, अमेठी, फतेहपुर, कानपुर नगर, बांदा, कौशांबी और चित्रकूट के कुछ वाटरशेड क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका को देखते हुए सुरक्षा और राहत एजेंसियों को आवश्यकतानुसार तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

आंधी-वज्रपात से बचाव पर जोर

राहत आयुक्त ने निर्देश दिए कि तेज आंधी और वज्रपात के दौरान लोगों को खुले स्थान, पेड़, बाग और पार्क में जाने से रोका जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कोई व्यक्ति खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर न हो। राहत और बचाव से जुड़ी सभी व्यवस्थाएं सक्रिय रखी जाएं तथा जरूरत पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।
बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, मुख्यमंत्री के निर्देश पर जिलों में प्रशासन अलर्ट
-लखनऊ समेत कई जिलों में लगातार वर्षा, जिलाधिकारियों को क्षेत्र में सक्रिय रहकर आवागमन और जलभराव पर नजर रखने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई जिलों में गुरुवार से शुरू हुई बारिश का सिलसिला शुक्रवार को भी जारी रहा। लगातार बारिश से कई स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ और जलभराव की स्थिति बनी है। मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सभी जिलों के जिलाधिकारी और प्रशासनिक अधिकारी सतर्क हैं। जिलों में वाहनों के आवागमन, जलभराव और संवेदनशील क्षेत्रों पर लगातार निगरानी की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को क्षेत्र में रहकर स्थिति का जायजा लेने और आमजन की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।

प्रदेश की राजधानी लखनऊ, उन्नाव, कानपुर मंडल, प्रयागराज मंडल, अयोध्या मंडल, वाराणसी सहित कई जिलों में शनिवार सुबह हल्की से मध्यम बारिश हुई है।

चन्द्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कानपुर सीएसए के मौसम वैज्ञानिक डॉ एस एन सुनील पांडेय ने बताया कि

कृषि विभाग की 25 सितंबर तक की वर्षा रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 54 जिलों में वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान प्रदेश में 14 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि बलरामपुर में सर्वाधिक 71.6 मिलीमीटर और बरेली में न्यूनतम 0.1 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। एक जून से 25 सितंबर तक प्रदेश के 15 जिलों में सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक, 36 जिलों में सामान्य, 10 जिलों में सामान्य से कम और आठ जिलों में सामान्य से काफी कम वर्षा दर्ज की गई है। छह जिलों में सामान्य से बहुत कम बारिश हुई है, जबकि किसी भी जिले में शून्य वर्षा दर्ज नहीं हुई।

रिपोर्ट के अनुसार सामान्य से 120 प्रतिशत से अधिक वर्षा वाले जिलों में संभल, महोबा, चित्रकूट, हमीरपुर, मेरठ, बांदा, कानपुर नगर, मुजफ्फरनगर, एटा, प्रयागराज, कन्नौज, बिजनौर, फिरोजाबाद, ललितपुर और प्रतापगढ़ शामिल हैं। वहीं 36 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में रही।

मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक प्रदेश में बारिश की गतिविधियां जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। 25 और 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश तथा 27 सितंबर को भी बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी 25 से 27 सितंबर तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

बारिश को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बढ़ा दी है। जिलाधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों पर लगातार नजर रखने, आमजन से संपर्क बनाए रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। रेड और ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष निगरानी की जा रही है। प्रदेश के सभी प्राइमरी से लेकर बारहवीं तक के स्कूल, सीबीएसी,यूपी बोर्ड एवं आई एससी बोर्ड के स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया है।

मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद प्रशासनिक अमला जलभराव वाले क्षेत्रों, क्षतिग्रस्त सड़कों और प्रमुख मार्गों पर आवागमन की स्थिति पर नजर रख रहा है। लोगों से भी खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और प्रशासन की ओर से जारी मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने की अपील की गई है।
राम मंदिर चढ़ावा मामले में 8 के खिलाफ चार्जशीट
पुलिस का दावा- सीसीटीवी में मुख्य आरोपी 85 बार रकम हटाते दिखा, चैट और बैंक लेनदेन भी साक्ष्य

अयोध्या। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चढ़ावे की रकम में कथित गबन के मामले में पुलिस ने आठ आरोपियों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल की है। पुलिस की विवेचना रिपोर्ट में सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), बैंकिंग लेनदेन और बरामदगी को प्रमुख साक्ष्य बनाया गया है।  रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार चढ़ावे की रकम हटाकर छिपाते हुए सीसीटीवी में दिखाई दिया, जबकि अन्य आरोपियों की भूमिका भी फुटेज में दर्ज होने का दावा किया गया है। रामजन्मभूमि थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 90/2026 में क्षेत्राधिकारी आशुतोष तिवारी ने विवेचना पूरी करने के बाद 22/23 सितंबर को अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत में चार्जशीट दाखिल की। मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(5), 317(2), 317(5), 61(2) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) सहपठित धारा 13(2) के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, गणना कक्ष में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में चढ़ावे की रकम हटाने और इसमें एक-दूसरे का सहयोग करने की घटनाएं सामने आईं। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अविनाश शुक्ला उर्फ शनि 85 बार रकम चुराकर कपड़ों और कमर में छिपाते तथा चार बार अन्य आरोपियों की मदद करते दिखा। करुणेश पाण्डेय दो बार रकम हटाते और 68 बार सह-अभियुक्तों का सहयोग करते दिखाई दिया। अनुकल्प मिश्रा पर 56 बार सह-अभियुक्तों की मदद करने, लवकुश मिश्रा पर एक बार रकम हटाने और 52 बार सहयोग करने तथा मनीष कुमार यादव पर 16 बार रकम हटाने और 19 बार सहयोग करने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक रमाशंकर मिश्रा भी एक बार चढ़ावे की रकम हटाते हुए फुटेज में दिखाई दिया। चार्जशीट में तत्कालीन गणना कक्ष प्रभारी एवं सेवानिवृत्त बैंककर्मी सुभाष श्रीवास्तव की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस का आरोप है कि उनकी मौजूदगी में रकम हटाई जाती रही और उन्होंने सुरक्षा कर्मियों को आरोपियों की तलाशी लेने से यह कहते हुए रोका कि वे अपने लोग हैं और विश्वसनीय हैं। विवेचना के मुताबिक, चार जून 2026 की रात गणना कक्ष में 2.25 लाख रुपए की नोटों की गड्डियां बाथरूम में छिपाए जाने की घटना सामने आई थी। पुलिस रिपोर्ट में कहा गया है कि गणना कर्मी आनंद कुमार चौधरी ने तत्कालीन महासचिव चम्पत राय के मोबाइल पर इसका वीडियो और संदेश भेजा था। पुलिस के अनुसार, साथी कर्मचारियों को संदेह होने और गेट पर चेकिंग शुरू होने के बाद आरोपियों ने पकड़े जाने के डर से रकम बाथरूम में छिपाई थी। अगले दिन कारसेवकपुरम में सीसीटीवी फुटेज की जांच के बाद मामले की जानकारी सामने आई और 25 जून को मुकदमा दर्ज कराया गया। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नकदी, विदेशी मुद्रा और सोने-चांदी के आभूषण बरामद किए जाने का दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक अविनाश शुक्ला से 20.39 लाख रुपए नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर तथा सोने-चांदी के आभूषण, करुणेश पाण्डेय से 18.07 लाख, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख और रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। मनीष यादव और रामशंकर यादव से भी नकदी बरामद होने की बात कही गई है। जांच में विटारा ब्रेजा, स्विफ्ट डिजायर, अर्टिगा और बुलेट मोटरसाइकिल समेत कई वाहन जब्त किए गए। पुलिस ने चार्जशीट में दावा किया है कि कथित गबन की रकम का इस्तेमाल जमीन, मकान, वाहन और अन्य संपत्तियां खरीदने में किया गया। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, अनुकल्प मिश्रा के पिता के नाम पर कौशलपुरी में करीब 55 लाख रुपए का मकान खरीदा गया, जिसमें कथित तौर पर 54.5 लाख रुपए अपराध से अर्जित रकम के इस्तेमाल का दावा है। इसके अलावा करीब 7.33 लाख रुपए भागवत कथा के आयोजन में खर्च किए जाने की बात सामने आई है। लवकुश मिश्रा पर पत्नी के नाम 22.52 लाख रुपए की जमीन खरीदने और मकान निर्माण में 20.91 लाख रुपए खर्च करने का आरोप है। रमाशंकर मिश्रा द्वारा 12 लाख रुपए का प्लॉट खरीदने तथा महंगे कैमरे और सोने की अंगूठियां लेने का भी चार्जशीट में उल्लेख है। रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू पर बेटे के नाम 9.50 लाख रुपए की संपत्ति खरीदने का आरोप लगाया गया है। चार्जशीट में कुल 133 गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। इनमें शिकायतकर्ता कृष्णमोहन, मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय, ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल जी, बैंककर्मी, सुरक्षा कर्मी और फॉरेंसिक ऑडिटर समेत अन्य लोग शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन, व्हाट्सऐप चैट और सीडीआर को भी विवेचना का हिस्सा बनाया है। रिपोर्ट के अनुसार, इन डिजिटल साक्ष्यों से आरोपियों के बीच लगातार संपर्क और रकम को छिपाने तथा बाहर ले जाने से संबंधित बातचीत की पुष्टि होने का दावा किया गया है। मामले में नामजद सभी आठ आरोपी—अविनाश शुक्ला उर्फ शनि, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, मनीष कुमार यादव, रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाष श्रीवास्तव—वर्तमान में न्यायिक हिरासत में हैं।पुलिस ने अदालत के समक्ष उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अदालत में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।
जनपद सुलतानपुर में भारी वर्षा एवं खराब मौसम के दृष्टिगत जनपदवासियों से सतर्क रहने की अपील*
भारत मौसम विज्ञान विभाग द्वारा जारी मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी के दृष्टिगत जनपद सुलतानपुर में आगामी दिनों में भारी वर्षा,गरज-चमक,वज्रपात तथा तेज हवाओं की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 एवं 26 सितंबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। सुलतानपुर जनपद को भी इस अवधि में प्रभावित जिलों में शामिल किया गया है।

जिलाधिकारी सुलतानपुर ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए सतर्क रहें, लेकिन किसी प्रकार की अफवाह अथवा भ्रामक सूचना पर विश्वास कर घबराने की आवश्यकता नहीं है।

प्रशासन द्वारा स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा संबंधित विभागों एवं तहसील स्तर के अधिकारियों को आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

जिलाधिकारी ने नागरिकों से अपील की है कि—
अनावश्यक रूप से खराब मौसम के दौरान घर से बाहर निकलने एवं यात्रा करने से बचें। तेज बारिश एवं गरज-चमक के दौरान सुरक्षित एवं पक्के भवन में रहें।
वज्रपात के समय पेड़, बिजली के खंभे, खुले मैदान एवं जलाशयों के पास न जाएं।
निचले एवं जलभराव वाले क्षेत्रों, नालों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से बचें।
जलमग्न सड़कों, पुलों एवं रपटों को पार करने का प्रयास न करें।
तेज हवाओं के दौरान कमजोर भवनों, कच्ची दीवारों एवं अस्थायी संरचनाओं से दूर रहें।
किसान भाई खेतों में जल निकासी की समुचित व्यवस्था रखें तथा मौसम सामान्य होने तक आवश्यक सावधानी बरतें।
बच्चों, बुजुर्गों तथा पशुधन की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें।
जिलाधिकारी ने जनपदवासियों से अपील की है कि मौसम संबंधी सही एवं अद्यतन जानकारी के लिए केवल अधिकृत सरकारी स्रोतों पर ही भरोसा करें।*
मौसम संबंधी चेतावनियों एवं स्थानीय स्तर की जानकारी प्राप्त करने के लिए *‘सचेत (SACHET) ऐप’* का प्रयोग करें तथा समय-समय पर जारी होने वाली चेतावनियों को गंभीरता से लें। प्रशासन द्वारा जनपद में मौसम की स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक स्थानीय प्रशासन/संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।
जिलाधिकारी सुलतानपुर ने कहा कि सावधानी और सतर्कता ही सुरक्षा का सबसे प्रभावी उपाय है। जनपदवासी शांत रहें, अफवाहों से बचें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।*
दिव्यांग शिविर में मुख्य विकास अधिकारी का हुआ सम्मान
फर्रुखाबाद। एस. एन. साध. ट्रस्ट के सौजन्य में दिव्यांग शिविर सुबह से प्रारम्भ हुआ शिविर का  मुख्य विकास अधिकारी  विनोद कुमार गौड़ ने पहुंच कर शिविर मे आने पर राकेश साध व चमकेश साध ने शाल उड़ा कर उनका सम्मान किया और पूरे शिविर मे नि शुल्क दी जाने वाली सेवाओं के बारे में विस्तृत जानकारी देकर शिविर का निरीक्षण कराया शिविर की व्यवस्था देख कर मुख्य विकास अधिकारी जी ने ट्रस्ट व ट्रस्टियों की ऐसे नेक कार्यों को अपने नगर में आयोजित करने के लिए बधाई दी और भी सभी प्रबुद्ध वर्गों से ऐसे नेक कार्यों को बढ़ावा देने की अपील की।

मधु साध, प्रिया साध, रितेश साध, राहुल साध, गुंजा जैन, रोहित गर्ग ने दिल्ली से आकर व्यवस्था की कमान संभाली।

इस शिविर की विशेषता ये है विगत वर्षों की भांति कोई भी दिव्यांग जन केवल अपना आधार कार्ड और दिव्यांग प्रमाण पत्र लेकर आये और तत्काल रजिस्ट्रेशन कराकर निशुल्क शिविर में दी जाने वाली सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सके।

विगत शिवरों की तरह इस बार भी विशेष रूप से जो व्यक्ति कान की समस्या से जूझ रहा है, उसके लिए ENT स्पेशलिस्ट डॉ अनु जी उनका परीक्षण कर उनको कान की मशीन व दवाई लिख रही है जो कि निशुल्क ट्रस्ट द्वारा उपलब्ध करायी जा रही है।

इसमें मुख्य भूमिका में जयपुर से आई हुई विशेष टीम के सदस्यों द्वारा जो सेवा दी जा राही वह किसी तीर्थ यात्रा करने से कम नहीं है।

इस नेक कार्य में –उदय पाल, , सुजीत वर्मा,  विजय, नितिन, राहुल, प्रभात, नरेश, जगदीश, रॉबिन साध, शेखर साध और जयपुर की पूरी टीम का विशेष सहयोग रहा।

आज रजिस्ट्रेशन 180 हुये

आज बाटे गए उपकरणों की संख्या–
ट्राई साइकिल - 08
कृत्रिम हाथ- 07
व्हीलचेयर- 10
छड़ी - 36
कैलिपर- 24
कृतिम पैर- 29
वैशाखी- 28
वॉकर- 18
जूते- 26
कान की मशीन- 68 वितरित की गई।
सुरों की सरताज बनीं दृष्टि पांडे: भारत विकास परिषद की प्रतियोगिता में गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर को दिलाए दोहरे स्वर्ण पदक, अब प्रदेश स्तर पर बि
रायबरेली। भारत विकास परिषद, रायबरेली के तत्वाधान में आज सिविल लाइंस स्थित सूर्या होटल में आयोजित समूह गान प्रतियोगिता पूरी तरह से गोपाल सरस्वती विद्या मंदिर की होनहार छात्रा दृष्टि पांडे के नाम रही। जनपद के तमाम दिग्गजों और प्रतिष्ठित विद्यालयों के बीच, दृष्टि पांडे ने अपनी जादुई आवाज, असाधारण सुर-साधना और कुशल नेतृत्व (लीड) के दम पर प्रतियोगिता का रुख एकतरफा कर दिया।
अपनी विलक्षण प्रतिभा का परिचय देते हुए दृष्टि पांडे की अगुवाई में विद्यालय की टीम ने हिंदी समूह गान और संस्कृत समूह गान दोनों ही बेहद कठिन श्रेणियों में प्रथम स्थान का दोहरा खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। इस ऐतिहासिक और गौरवशाली सफलता के साथ ही इस प्रतिभावान टीम का चयन आधिकारिक रूप से प्रदेश स्तरीय (स्टेट लेवल) समूह गान प्रतियोगिता के लिए हो गया है, जहाँ दृष्टि पांडे के नेतृत्व में यह टीम प्रांतीय पटल पर पूरे रायबरेली जनपद का प्रतिनिधित्व करेगी।
प्रतियोगिता के दौरान जब दृष्टि पांडे ने मुख्य गायिका के रूप में हिंदी गीत "कोटि-कोटि कंठों ने गाया माँ का गौरव गान है" की तान छेड़ी, तो पूरा सभागार राष्ट्रभक्ति के अद्वितीय रस में डूब गया। इसके तुरंत बाद संस्कृत समूह गान में माँ सरस्वती की वंदना "जय जय हे भगवती सुर भारती" की उनकी शास्त्रीय व सुरीली प्रस्तुति ने निर्णायक मंडल (जजेस) और परिषद के पदाधिकारियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
दृष्टि के सुरों के उतार-चढ़ाव, स्पष्ट उच्चारण और मंच पर उनके गजब के आत्मविश्वास की सभी ने मुक्तकंठ से सराहना की।
इस शानदार गायन में टीम के अन्य साथी कलाकारों—मुदित मनमोहन, अनंत, शताक्षी, सिद्धि और काजल ने दृष्टि के सुर से सुर मिलाकर सामूहिक जुगलबंदी को शिखर पर पहुँचाया। वहीं, तबले पर अर्णव और ढोलक पर सृजन तिवारी की थाप व सधी हुई संगत ने इस पूरी प्रस्तुति में चार चांद लगा दिए।विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों और अभिभावकों ने दृष्टि पांडे की इस अभूतपूर्व सफलता पर उन्हें तथा पूरी टीम को बधाई दी है। सभी ने हर्ष व्यक्त करते हुए उम्मीद जताई है कि दृष्टि अपनी इसी सुरीली कला के दम पर प्रदेश स्तर पर भी रायबरेली का परचम लहराएंगी।
कानपुर में बुढ़वा मंगल पर मंदिरों में उमड़ा आस्था का सैलाब, पनकी धाम में लगीं लंबी कतारें
कानपुर। उत्तर प्रदेश के जनपद कानपुर में बुढ़वा मंगल पर शहर के प्रमुख हनुमान मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगीं। भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पुलिसकर्मियों के साथ यातायात पुलिस की भी तैनाती रही। जगह-जगह बैरिकेडिंग और बैरियर लगाकर श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित किया गया।

पनकी मंदिर में मंगला आरती के बाद कपाट खुले तो दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहुंचना लगातार बढ़ता गया। पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अलग-अलग कतारें लगाई गईं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रवेश और निकास के रास्ते तय किए गए। मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों से भीड़ पर नजर रखी गई। पुलिसकर्मी लगातार श्रद्धालुओं को कतार में आगे बढ़ाते रहे। किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए प्रमुख स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रास्तों को नियंत्रित किया गया।

मंदिर में श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के जयकारे लगाए और भजन-कीर्तन किए। पनकी पंचमुखी हनुमान मंदिर को शहर के प्राचीन और प्रमुख धार्मिक स्थलों में माना जाता है। मान्यता है कि यहां विराजमान बजरंगबली की प्रतिमा दिन में तीन बार रंग बदलती है। इसी आस्था के चलते बुढ़वा मंगल पर दूर-दूर से भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।

इसके अलावा जूही-हमीरपुर रोड स्थित बड़ा हनुमान मंदिर, संकटमोचन हनुमान के नाम से प्रसिद्ध श्री बालाजी दक्षिणेश्वर मंदिर और कुढ़नी हनुमान मंदिर में भी श्रद्धालुओं की भीड़ रही। इन मंदिरों में भी पुलिस बल तैनात रहा और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की गई। भीड़ वाले स्थानों पर बैरिकेडिंग कर श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से दर्शन कराने की व्यवस्था की गई।
सपा विधायक अनिल वर्मा ने चौपाल का आयोजन कर महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर सरकार पर साधा निशाना
कमलेश मेहरोत्रा लहरपुर (सीतापुर)। क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में समाजवादी पीडीए चौपाल में पिछड़े दलित शोषण वर्गों की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने व पीडीए समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से आयोजित की गई, पीडीए चौपाल शनिवार को क्षेत्र के ग्राम अकबरपुर, रंवाशी में युवा सपा नेता अतुल वर्मा  एवं ग्राम मेवा, रामनगर में सपा विधायक अनिल वर्मा ने चौपाल का आयोजन कर महंगाई एवं बेरोजगारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा, उन्होंने कहा कि आज प्रदेश का नौजवान बेरोजगार है और महंगाई के कारण परिवार का पालन पोषण करना कठिन हो रहा है, उन्होंने इस मौके पर उपस्थित लोगों को समाजवादी पार्टी की नीतियों के  प्रति जागरुक करते हुए आगामी विधानसभा चुनाव में सपा का परचम लहराने की अपील की। ग्राम मेवा और रामनगर में सपा विधायक अनिल वर्मा ने किसानों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि दुर्भाग्य की बात है कि अन्नदाता आज एक-एक बोरी खाद  के लिए तरस रहा है वहीं उसे अपनी उपज का सही मूल्य नहीं मिल रहा है, उन्होंने गन्ना किसानों के साथ हो रहे अन्याय का जिक्र करते हुए कहा कि गन्ना किसानों को उनकी उपज की लागत का मूल्य नहीं मिल पा रहा है और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। इस मौके पर प्रमुख रूप से गोविंद वर्मा, सूरज वर्मा, शिवनाथ वर्मा, प्यारेलाल भार्गव, प्रधान पन्नालाल,  विश्राम लाल गौतम, जियाउद्दीन, जया किशोर वर्मा सहित ग्रामीण उपस्थित थे।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।
योगी सरकार की मुफ्त कोचिंग ने गढ़ी सफलता की नई कहानी, यूपीपीएससी- 2025 में 74 अभ्यर्थी सफल
- तीन विभागीय कोचिंग केंद्रों के अभ्यर्थियों ने मुख्य परीक्षा में लहराया पर परचम
- भागीदारी भवन के 35, अलीगंज के 18 और हापुड़ के 21 अभ्यर्थी हुए सफल
- 6 लाख रुपये तक वार्षिक आय वाले पात्र छात्रों को आवासीय कोचिंग के साथ कई सुविधाएं
- मुख्य परीक्षा के बाद इंटरव्यू की तैयारी के लिए भी समाज कल्याण विभाग कराएगा मॉक इंटरव्यू
- मंत्री असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं

लखनऊ। आर्थिक संसाधनों की कमी प्रतिभाशाली युवाओं की राह में बाधा न बने, इसके लिए योगी सरकार की ओर से संचालित निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। समाज कल्याण विभाग की ओर से संचालित पूर्व परीक्षा प्रशिक्षण केंद्रों और भागीदारी भवन स्थित कोचिंग से निःशुल्क प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने वाले 74 अभ्यर्थियों ने यूपीपीएससी-2025 की मुख्य परीक्षा में सफलता हासिल की है। मुख्य परीक्षा में सफल सभी अभ्यर्थी अब चयन प्रक्रिया के अगले चरण साक्षात्कार में शामिल होंगे।

- मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी की जाती है संचालित
प्रदेश में समाज कल्याण विभाग की ओर से 8 आवासीय कोचिंग केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। अधिकतम 6 लाख रुपये वार्षिक आय सीमा वाले पात्र छात्रों को यहां आवासीय कोचिंग के साथ मेस, पुस्तकालय, इंटरनेट, टेस्ट सीरीज, नोट्स, मनोरंजन, खेलकूद और जिम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। मुख्य परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए आगे मॉक इंटरव्यू की सुविधा भी संचालित की जाती है, ताकि वे साक्षात्कार के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकें।

- मंत्री ने सफल अभ्यर्थियों को दीं शुभकामनाएं
समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने सफल अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतिभावान युवाओं को उनकी आर्थिक परिस्थितियों की परवाह किए बिना गुणवत्तापूर्ण और निःशुल्क प्रशिक्षण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। विभागीय केंद्रों से 74 अभ्यर्थियों की सफलता इसी दिशा में किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है।

- राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल
समाज कल्याण विभाग के उपनिदेशक आनंद कुमार सिंह ने बताया कि भागीदारी भवन स्थित कोचिंग के 35, अलीगंज स्थित आदर्श परीक्षा केंद्र के 18 और हापुड़ स्थित राजकीय आईएएस/पीसीएस कोचिंग केंद्र के 21 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में सफल हुए हैं। तीनों केंद्रों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की सफलता को विभागीय निःशुल्क प्रशिक्षण व्यवस्था के प्रभावी परिणाम के तौर पर देखा जा रहा है।