यूपी में फिर सक्रिय मानसून, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

- पूर्वांचल और मध्य यूपी में तेज बारिश के आसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी


लखनऊ। सितंबर की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

- 5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में पांच सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। दक्षिणी और पूर्वी यूपी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर बना रह सकता है। वहीं, पश्चिमी और मध्य यूपी में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

- इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

- कई जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।

- अगस्त में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों के कारण अगस्त में मानसून लगातार सक्रिय रहा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 24 फीसदी अधिक है। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
पुण्यतिथि पर श्रद्धा से याद की गईं स्व. शान्ती सिंह
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोइ । मंगलवार को शहर के डीएम चौराहा स्थित सिकरवार हाउस में लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री अनिल सिंह वीरू की मां व नरेंद्र सिंह अटिया की धर्मपत्नी स्व. शांति सिंह सिकरवार की 16वीं पुण्यतिथि पर जिले भर से आए सम्भ्रांतजनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आयोजित भंडारे में लंच पैकेट एवं बूंदी वितरण भाजपा नेता राजाबक्श सिंह व लंच पैकेट पूर्व सांसद श्रीमती उषा वर्मा एवं राजेश्वरी देवी द्वारा किया गया।
श्री सिंह ने सर्वप्रथम अपने परिवारीजनों में पिता नरेंद्र सिंह, भाई सुनील सिंह,संजीव सिंह सोनू,रेनू सिंह राठौर, देवशी सिकरवार,यशवर्धन, आदि वर्धन,अवि,विहा सिकरवार समेत सम्भ्रांतजनों ने पुष्पांजलि अर्पित की। श्री सिंह ने कहा कि वर्ष में आने वाला यह दिन मां के गोलोकवासी होने की याद दिलाता है। हालांकि उनकी याद हमेशा आती है, लेकिन यह दिन उनका विशेष दिन है। मां की कृपा उनके परिवार पर सूक्ष्म रूप से बरस रही है, इसका सभी को अनुभव भी होता है। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में पूर्व विधायक श्रीगंगा सिंह चौहान,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मुकेश अग्रवाल,नगर पालिका अध्यक्ष श्री सुखसागर मिश्रा, पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल,पूर्व अध्यक्ष बार रामप्रताप सिंह यादव,पूर्व महामंत्री बार अजीत प्रताप सिंह,कर्मवीर सिंह चौहान, डॉ सुरेश अग्निहोत्री,अवनिकांत बाजपेई, राजपाल गुप्ता,डीसीबी अध्यक्ष अशोक सिंह,पूर्व अध्यक्ष डीसीवी श्री महेंद्र पाल सिंह,श्री विद्याराम वर्मा, अध्यक्ष क्रय विक्रय श्री सुशील अवस्थी"छोटे महाराज" प्राचार्य सीएसएन डॉ कौशलेंद्र सिंह,पूर्व प्राचार्य डॉ बीडी शुक्ला,डा.रामाधार दीक्षित, पूर्व उप मंत्री मिल्खे राम,पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्री रविंद्र पांडे,शौर्यवर्धन सिंह चौहान, राजीव मिश्रा,संजीव सिंह कुशवाहा,अवधेश गुप्ता,पूर्व महामंत्री छात्रसंघ मानवेंद्र सिंह,उत्तम श्रीवास्तव,पवन जैन,रविंद्र मिश्रा गुड्डन, उपाध्यक्ष श्री गोविंद सिंह सोमवंशी,सर्वेश पांडे, हर्षवर्धन सिंह सोमवंशी,आप और हम मंच के संयोजक श्री कमलेश पाठक,जिलाध्यक्ष अनिल सिंह राठौर,अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा श्री राजपालसिंह सोमवंशी,सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पदमरागसिंह यादव पम्मू,चन्द्रशेखर पाल, अखिलेश पाठक, डॉ अनुराग शुक्ला,कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय, पूर्व अध्यक्ष भाजपा श्रीकृष्ण शास्त्री,श्री राजीव रंजन मिश्रा,पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह व आशीष सिंह सोमवंशी,सुभाष पाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख वावन श्री समीर सिंह,पूर्व प्रमुख, नरेंद्र पाल सिंह"नीरू",उदयवीर सिंह,समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू,व्यापारी नेता विमलेश दीक्षित,प्रबंधक सेंट जेवियर श्री राकेश पाल,पूर्व अध्यक्ष पंचायत उद्योग शिशुपाल सिंह,अध्यक्ष गन्ना समिति श्री रंजीत कुमार सिंह, पूर्व प्रत्याशी सुरसा श्री उमेंद्र वर्मा पप्पू,पूर्व सभासद वादशाह सिंह, हरी प्रताप सिंह,राजीव सिंह,डॉक्टर संजय सिंह,प्रधान संजय सिंह सोमवंशी,केपी सिंह, अशोक सिंह उतरा,मनोज सिंह बबलू,विश्वराज सिंह चौहान, सुभाष पांडे,अजय पाल,अमित बाजपेई, रहमत अली मोनू ,डॉ धनपाल यादव, फूलचंद वर्मा, सूरज वर्मा, राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र कुमार पचानू,अध्यक्ष यूथ प्रवेश श्रीवास्तव कुक्कू,सुधीर गुप्ता मिन्ना, सईद अहमद,सूरज वर्मा,पूर्व अध्यक्ष हरिनाम यादव, डॉ जैनुल खान, पुनीत मिश्रा,श्रवण मिश्रा राही,अवध बिहारी मिश्रा, डॉ पंकज मिश्रा,इंद्र भूषण सिंह, अनमोल बाजपेई,आदर्श दीपक मिश्रा,महामंत्री मंडी श्री संजय गुप्ता,उत्तम गुप्ता, राजकुमार गुप्ता,श्री कृष्ण गुप्ता,वरिष्ठ पत्रकार श्री आलोक सिंह,आमिर किरमानी,देवेंद्र सिंह बबलू, महेश मिश्रा, प्रशांत पाठक,शिव प्रकाश त्रिवेदी,शिवेंद्र प्रताप सिंह सोमवंशी,प्रशांत सिंह ज्ञानू,हंसराज सिंह राहुल, गोपाल द्विवेदी,प्रवीण सिंह राजन,अजय मिश्रा"लाली", रवि पांडे ,नितेश शुक्ला,हरिवंश तिवारी,कैप्टन अशोक अग्निहोत्री, अनिल सिंह पारसोला,अरुण चौहान, देवेंद्र विक्रम सिंह"राम"शोभित सिंह तोमर,अर्जुन चंदेल,विवेक मिश्रा, आनंद अवस्थी,मोतीलाल यादव, नीरज बाजपाई, कमलेश सिंह बघेल,एडवोकेट आशुतोष गुप्ता,सुनील सक्सैना,प्रधान आशुतोष आजाद, राकेश गुप्ता, मोहम्मद समद, बबलू निजामपुर, अंजनी सिंह वैभव,अरविंद सिंह विक्कू, आलोक सिंह चंदेल, अश्वनी सिंह बबलू,राज बहादुर यादव, राजेश यादव, मानसिंह यादव, इंजीनियर नपेंद्र विक्रम सिंह सोमवंशी, नीरज सिंह सोमवंशी, एड. हर्ष कुमार सिंह, अमित सिंह सुरसा, एडवोकेट शैलेंद्र सिंह राठौड़, क सिंह राठौड़ रमेश सिंह राठौड़, चमन अली, देश दीपकदीक्षित अपूर्व महेश्वरी, संग्राम सिंह, रामकिंकर बाजपेई, धीरेंद्र मिश्रा धीरू, अविनाश सिंह जहांनीखेड़ा, अध्यक्ष मदन मोहन सिंह, राम सिंह राठौड़,, अनुज मिश्रा अध्यक्ष व्यापार मंडल अब्बाद हुसैन, प्रदीप सिंह पिंटू पुरवाबाजीराव, विनीत सिंह नगवा आदि उपस्थित रहे।
2027 में सुलतानपुर की पांचों सीटों पर जीत का परचम फहराना है : मीना चौबे

*‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करें कार्यकर्ता : मीना चौबे*

*मिशन-2027 को लेकर भाजपा चुनावी मोड में, 2156 बूथों का होगा सत्यापन*

सुलतानपुर। मिशन-2027 को लेकर भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। संगठन ने बूथों को मजबूत और फुलप्रूफ बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जिले के सभी 2156 बूथों एवं समितियों का 4 सितम्बर तक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के 26 मंडलों की कार्यसमिति का भी भौतिक सत्यापन होगा।

भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जिला योजना बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रभारी मीना चौबे ने कहा कि 2027 में सुलतानपुर की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम फहराना है। ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करते हुए प्रत्येक बूथ को मजबूत कर पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।उन्होंने कहा कि 2 सितम्बर को सभी 26 मंडलों में कार्यसमिति की बैठक कर मंडल पदाधिकारियों, सदस्यों  का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बूथवार प्रमुख जातियों का अनुमानित डेटा तैयार करने के साथ मंडल स्तर पर पक्ष एवं विपक्ष के प्रमुख नेताओं की सूची भी तैयार की जाएगी, जिससे चुनावी रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सके।

जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मिशन-2027 की जीत के लिए संगठन को बूथ स्तर तक पूरी ताकत के साथ जुटना होगा और प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करे।जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि जिले के सभी 2156 बूथों के भौतिक सत्यापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। बैठक का संचालन जिला महामंत्री संदीप सिंह ने किया।इस मौके पर डॉ. सीताशरण त्रिपाठी, घनश्याम चौहान, विजय त्रिपाठी, डॉ. प्रीति प्रकाश, आनंद द्विवेदी, रामेंद्र सिंह राणा, आशीष सिंह, आलोक आर्य, राजेश सिंह, अखिलेश जायसवाल, चंदन नारायण सिंह, कुसुमलता मौर्य, रेखा निषाद, प्रदीप शुक्ल, शिवाकांत मिश्रा,  रचना अग्रवाल, रीना जायसवाल, संतोष सिंह, सूर्य नारायण पांडेय, प्रदीप शर्मा, सोहनलाल निषाद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा नेता गोलीकांड का 4  माह बाद भी खुलासा नहीं,तीन पुलिस टीमें कर रही जांच

*सीन रिक्रिएशन रिपोर्ट भेजी

गोंडा।जिले में भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गोली मारे जाने के चार महीने से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।यह घटना बीते 20 अप्रैल को परसपुर थाना क्षेत्र के गजराज पुरवा में हुई थी,जब देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश के चलते भूपेंद्र सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया गया था।घटना के बाद उनकी पत्नी अनामिका सिंह ने परसपुर थाने में दो आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था।तहरीर के अनुसार भूपेंद्र सिंह एक निमंत्रण में शामिल होने जा रहे थे कि तभी घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई जिसमे गोली गाड़ी के शीशे से टकराकर उनके पेट में लगी थी।घटना के लगभग 134 दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी परसपुर थाने की पुलिस सहित तीन पुलिस टीमें अभी तक कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई हैं।भूपेंद्र सिंह लखनऊ में इलाज के बाद दो महीने पहले अपने घर लौट चुके हैं।पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और भूपेंद्र सिंह की काल डिटेल भी खंगाला है,परन्तु अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह ने अब पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग किया है।उन्होंने कहा है कि घटना के चार महीने व्यतीत हो चुके हैं परन्तु उनके पति को अभी तक न्याय नहीं मिला है।वहीं इस मामले में परसपुर के थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि सीन रिक्रिएशन की रिपोर्ट भेजी गई है।उन्होंने कहा कि सीन रिक्रिएशन होने के बाद ही घटना के तरीके का पता चल पाएगा।उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।थानाध्यक्ष ने जल्द ही घटना के खुलासे का आश्वासन दिया है।घटना का सीन रिक्रिएशन न होने से घटना का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है,उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना का खुलासा करने में हमलोगों को मदद मिलेगी।
आजमगढ़ : अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी के वर्षगांठ पर पर हाजी सफीक अहमद ने पुरस्कार का किया वितरण

  सिद्धेश्वर पांडेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़  । फूलपुर तहसील के अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी का एक वर्ष पूरा होने पर मंगलवार को तैयारी कर रहे छात्र और छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया । इस दौरान पुरस्कार पाकर छात्र - छात्राओं के चेहरे चमक उठे । एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी के प्रबन्धक हाजी सफीक अहमद के द्वारा 113 प्रतियोगी छात्र और छात्राओं को उपहार के तौर घड़ी का वितरण किया गया । लाइब्रेरी के प्रबंधक हाजी सफीक अहमद ने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी का एक वर्ष पूरा होने पर छात्र और छात्राओं को घड़ी उपहार स्वरूप इसलिए दिया गया है कि उन्हें समय का ज्ञान कराया जाय ,जिससे प्रतियोगी छात्र और छात्राए समय का प्रयोग करे,और समय के हिसाब से आगे बढ़े । इस अवसर पर कफील अहमद ,मो इस्माइल , विशेष पांडेय , आशुतोष प्रजापति, पूजा यादव, हाजिक असलम , दिनेश कुमार , शुभम यादव, विवेक यादव ,वीरेंद्र यादव,कंचन यादव ,सुमित चौरसिया, गरिमा यादव , आकांक्षा यादव ,रंजना यादव ,प्रीति आदि रहे । संचालन कफील अहमद ने किया । फोटो कैप्शन - अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी में पुरस्कार वितरित करते प्रबन्धक हाजी सफीक अहमद
बाबा श्याम की भक्ति में डूबा हजारीबाग, भव्यता के साथ संपन्न हुआ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, आस्था और मधुर भजनों से रविवार को पूरा हजारीबाग भक्तिमय हो उठा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से अग्रसेन भवन में आयोजित पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दर्शन और भक्ति रस में शामिल होने अग्रसेन भवन पहुंचे।

शाम होते-होते आयोजन स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पूरे परिसर में लगातार ‘जय श्री श्याम’ और ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बाबा के दरबार में पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण गौ लीला पर आधारित बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य दरबार रहा। कोलकाता के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए दरबार में गौ माता, गोपालन और भगवान श्रीकृष्ण की गौ लीला के भाव को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक सजावट, मनमोहक रोशनी और भव्य श्रृंगार के बीच बाबा श्याम का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महोत्सव का शुभारंभ दोपहर करीब 2:15 बजे राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा द्वारा विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान स्वरूप सौरभ रामरायका एवं उनकी धर्मपत्नी निहारिका रामरायका ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।

शाम करीब 6:30 बजे भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच एवं जयपुर के दीपांशु अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ‘फागुन आयो बाबा के दरबार चला’ और ‘श्याम घर आओ’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। भजनों की धुन के साथ पूरा अग्रसेन भवन तालियों, जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा।

भजन कलाकारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और आयोजन के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था यहां विशेष रूप से देखने को मिली। आयोजक मंडली की ओर से महिलाओं के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी।

महोत्सव के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। व्यवस्था से जुड़े सदस्य लगातार सक्रिय रहे, ताकि दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती देवी, विधायक प्रदीप प्रसाद के सुपुत्र सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर ज्योत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष महोत्सव में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का पावन आशीर्वाद भी आयोजन को प्राप्त हुआ।

आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से करीब चार महीनों से तैयारियां की जा रही थीं। दरबार की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भजन कलाकारों की प्रस्तुति सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन मंडली लगातार जुटी रही।

देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच आरती के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरा अग्रसेन भवन एक बार फिर ‘जय श्री श्याम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

आयोजक मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, कलाकारों, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और श्याम भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन भले ही हो गया, लेकिन बाबा श्याम की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था की चमक देर रात तक साफ दिखाई देती रही।

विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रधानाचार्य ने किया पुरस्कार वितरण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। जिला क्रीड़ांगन में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के तत्वावधान में जनपदीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता का सोमवार को आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने किया। जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंडर-17 बालक वर्ग में 56 किलोग्राम भार वर्ग में कृष्ण गुप्ता ने स्वर्ण पदक तथा सौरभ कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया। 60 किलोग्राम में आर्यन ने स्वर्ण तथा आदित्य प्रताप सिंह ने रजत पदक हासिल किया। 79 किलोग्राम में शिव सिंह ने स्वर्ण पदक और
88 किलोग्राम में राज श्रीवास्तव ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालक वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने स्वर्ण पदक तथा फरमान ने रजत पदक प्राप्त किया। 65 किलोग्राम में पंचम वर्मा ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में 44 किलोग्राम में प्रिया श्रीवास्तव, 48 किलोग्राम में नव्या गुप्ता तथा 58 किलोग्राम में तमन्ना तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
53 किलोग्राम में तनु गुप्ता ने स्वर्ण तथा पल्लवी राठौर ने रजत पदक प्राप्त किया। 69 किलोग्राम में पलक तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में
53 किलोग्राम भार वर्ग में अंशिका तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता का संचालन लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष  उमा शंकर तिवारी ने किया। निर्णायक की भूमिका आकाश चंद्रा अस्थाना, सौरभ कुमार, रजनीश पांडेय एवं अभिषेक कुमार अग्निहोत्री ने निभाई। इस अवसर पर वैदिक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, वेणी माधव विद्यापीठ की क्रीड़ा अध्यक्ष मैना गुप्ता, हेम सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा विजेता एवं पदक प्राप्त खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
आजमगढ़ : फत्तेपूर गांव में सरकारी कोटे की दुकान आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप ,खुली बैठक में मची भगदड़
    ( खालिद खान )
दीदारगंज (आजमगढ़  ) ।मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत कस्बा फत्तेपुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक के दौरान पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण भारी भीड़ जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी (एजी) रघुनाथ राय ने ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही रजिस्टर भरवाया और करीब 500 ग्रामीणों से हाथ उठवाकर समर्थन की प्रक्रिया कराई। परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों समूहों के समर्थकों की संख्या की सही गणना नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई थी। इसमें कस्बा फत्तेपुर गांव के सिद्धार्थ स्वयं सहायता समूह और चमेली स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया था। इसके बाद 20 अगस्त को पुनः बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के बीएमएम विक्रम सिंह ने दोनों समूहों की कार्यप्रणाली की रेटिंग की। इसमें सिद्धार्थ समूह को 34 अंक तथा चमेली समूह को 30 अंक मिले थे। बैठक में मौजूद ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर राज कमल राय ने सिद्धार्थ समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए अनुमोदित किया था। इसी क्रम में अग्रिम कार्रवाई के लिए 27 अगस्त को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में एडीओ एजी रघुनाथ राय करीब 12 बजे पहुंचे और सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही शुरू कर दी। इसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन परिसर में पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के समर्थकों की गिनती नहीं हो सकी और देखते ही देखते अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसके बाद एडीओ एजी ने चमेली समूह के समर्थकों से करीब 11 पेज पर हस्ताक्षर कराए, जबकि रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ समूह के समर्थकों को घर जाने के लिए कहा गया। इस पर सिद्धार्थ समूह के समर्थकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि अधिकारियों द्वारा एकपक्षीय तरीके से कार्रवाई की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के साथ मार्टिनगंज के उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता से की।
एसडीएम ने कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि नियमों के विपरीत कार्यवाही या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव, एडीओ एजी रघुनाथ राय, बीएमएम विक्रम सिंह, कस्बा फत्तेपुर ग्राम प्रधान पति सुरजीत कनौजिया, पूरंदपुर प्रधान श्रीकांत राय, डेमरी मखदुमपुर के पूर्व प्रधान पति जुलकदर सहित सरायमीर थाना पुलिस के कांस्टेबल सौरभ पांडे, शशिकांत तिवारी एवं उपनिरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
यूपी में फिर सक्रिय मानसून, 21 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

- पूर्वांचल और मध्य यूपी में तेज बारिश के आसार, कई जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की चेतावनी


लखनऊ। सितंबर की शुरुआत के साथ उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। मौसम विभाग ने बुधवार को प्रदेश के 21 जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। पूर्वांचल और मध्य उत्तर प्रदेश में बारिश का जोर अधिक रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी यूपी के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने की सलाह दी है।

- 5 सितंबर तक जारी रह सकता है बारिश का दौर
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के कई हिस्सों में पांच सितंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने के आसार हैं। दक्षिणी और पूर्वी यूपी में अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर बना रह सकता है। वहीं, पश्चिमी और मध्य यूपी में बारिश की गतिविधियों में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है।

- इन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बांदा, चित्रकूट, कौशांबी, प्रयागराज, फतेहपुर, सोनभद्र, मिर्जापुर, कानपुर देहात, कानपुर नगर, रायबरेली, मथुरा, हाथरस, आगरा, फिरोजाबाद, इटावा, औरैया, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है।

- कई जिलों में वज्रपात की भी चेतावनी
सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, गाजियाबाद, हापुड़, गौतमबुद्ध नगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, संभल, बदायूं, जालौन, हमीरपुर, महोबा, झांसी और ललितपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की आशंका जताई गई है।

- अगस्त में सामान्य से 24 फीसदी अधिक बारिश
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने सात निम्न दबाव क्षेत्रों के कारण अगस्त में मानसून लगातार सक्रिय रहा। प्रदेश में अगस्त के दौरान सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले 291.3 मिमी बारिश दर्ज की गई। यह सामान्य से करीब 24 फीसदी अधिक है। इससे पहले वर्ष 2018 में अगस्त में 293.1 मिमी बारिश दर्ज की गई थी।
पुण्यतिथि पर श्रद्धा से याद की गईं स्व. शान्ती सिंह
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोइ । मंगलवार को शहर के डीएम चौराहा स्थित सिकरवार हाउस में लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व महामंत्री अनिल सिंह वीरू की मां व नरेंद्र सिंह अटिया की धर्मपत्नी स्व. शांति सिंह सिकरवार की 16वीं पुण्यतिथि पर जिले भर से आए सम्भ्रांतजनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद आयोजित भंडारे में लंच पैकेट एवं बूंदी वितरण भाजपा नेता राजाबक्श सिंह व लंच पैकेट पूर्व सांसद श्रीमती उषा वर्मा एवं राजेश्वरी देवी द्वारा किया गया।
श्री सिंह ने सर्वप्रथम अपने परिवारीजनों में पिता नरेंद्र सिंह, भाई सुनील सिंह,संजीव सिंह सोनू,रेनू सिंह राठौर, देवशी सिकरवार,यशवर्धन, आदि वर्धन,अवि,विहा सिकरवार समेत सम्भ्रांतजनों ने पुष्पांजलि अर्पित की। श्री सिंह ने कहा कि वर्ष में आने वाला यह दिन मां के गोलोकवासी होने की याद दिलाता है। हालांकि उनकी याद हमेशा आती है, लेकिन यह दिन उनका विशेष दिन है। मां की कृपा उनके परिवार पर सूक्ष्म रूप से बरस रही है, इसका सभी को अनुभव भी होता है। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में पूर्व विधायक श्रीगंगा सिंह चौहान,पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मुकेश अग्रवाल,नगर पालिका अध्यक्ष श्री सुखसागर मिश्रा, पूर्व पालिकाध्यक्ष उमेश अग्रवाल,पूर्व अध्यक्ष बार रामप्रताप सिंह यादव,पूर्व महामंत्री बार अजीत प्रताप सिंह,कर्मवीर सिंह चौहान, डॉ सुरेश अग्निहोत्री,अवनिकांत बाजपेई, राजपाल गुप्ता,डीसीबी अध्यक्ष अशोक सिंह,पूर्व अध्यक्ष डीसीवी श्री महेंद्र पाल सिंह,श्री विद्याराम वर्मा, अध्यक्ष क्रय विक्रय श्री सुशील अवस्थी"छोटे महाराज" प्राचार्य सीएसएन डॉ कौशलेंद्र सिंह,पूर्व प्राचार्य डॉ बीडी शुक्ला,डा.रामाधार दीक्षित, पूर्व उप मंत्री मिल्खे राम,पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्री रविंद्र पांडे,शौर्यवर्धन सिंह चौहान, राजीव मिश्रा,संजीव सिंह कुशवाहा,अवधेश गुप्ता,पूर्व महामंत्री छात्रसंघ मानवेंद्र सिंह,उत्तम श्रीवास्तव,पवन जैन,रविंद्र मिश्रा गुड्डन, उपाध्यक्ष श्री गोविंद सिंह सोमवंशी,सर्वेश पांडे, हर्षवर्धन सिंह सोमवंशी,आप और हम मंच के संयोजक श्री कमलेश पाठक,जिलाध्यक्ष अनिल सिंह राठौर,अध्यक्ष क्षत्रिय महासभा श्री राजपालसिंह सोमवंशी,सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पदमरागसिंह यादव पम्मू,चन्द्रशेखर पाल, अखिलेश पाठक, डॉ अनुराग शुक्ला,कांग्रेस के जिलाध्यक्ष विक्रम पांडेय, पूर्व अध्यक्ष भाजपा श्रीकृष्ण शास्त्री,श्री राजीव रंजन मिश्रा,पूर्व अध्यक्ष अजय सिंह व आशीष सिंह सोमवंशी,सुभाष पाल, पूर्व ब्लाक प्रमुख वावन श्री समीर सिंह,पूर्व प्रमुख, नरेंद्र पाल सिंह"नीरू",उदयवीर सिंह,समाजसेवी राजवर्धन सिंह राजू,व्यापारी नेता विमलेश दीक्षित,प्रबंधक सेंट जेवियर श्री राकेश पाल,पूर्व अध्यक्ष पंचायत उद्योग शिशुपाल सिंह,अध्यक्ष गन्ना समिति श्री रंजीत कुमार सिंह, पूर्व प्रत्याशी सुरसा श्री उमेंद्र वर्मा पप्पू,पूर्व सभासद वादशाह सिंह, हरी प्रताप सिंह,राजीव सिंह,डॉक्टर संजय सिंह,प्रधान संजय सिंह सोमवंशी,केपी सिंह, अशोक सिंह उतरा,मनोज सिंह बबलू,विश्वराज सिंह चौहान, सुभाष पांडे,अजय पाल,अमित बाजपेई, रहमत अली मोनू ,डॉ धनपाल यादव, फूलचंद वर्मा, सूरज वर्मा, राष्ट्रीय सचिव जितेंद्र कुमार पचानू,अध्यक्ष यूथ प्रवेश श्रीवास्तव कुक्कू,सुधीर गुप्ता मिन्ना, सईद अहमद,सूरज वर्मा,पूर्व अध्यक्ष हरिनाम यादव, डॉ जैनुल खान, पुनीत मिश्रा,श्रवण मिश्रा राही,अवध बिहारी मिश्रा, डॉ पंकज मिश्रा,इंद्र भूषण सिंह, अनमोल बाजपेई,आदर्श दीपक मिश्रा,महामंत्री मंडी श्री संजय गुप्ता,उत्तम गुप्ता, राजकुमार गुप्ता,श्री कृष्ण गुप्ता,वरिष्ठ पत्रकार श्री आलोक सिंह,आमिर किरमानी,देवेंद्र सिंह बबलू, महेश मिश्रा, प्रशांत पाठक,शिव प्रकाश त्रिवेदी,शिवेंद्र प्रताप सिंह सोमवंशी,प्रशांत सिंह ज्ञानू,हंसराज सिंह राहुल, गोपाल द्विवेदी,प्रवीण सिंह राजन,अजय मिश्रा"लाली", रवि पांडे ,नितेश शुक्ला,हरिवंश तिवारी,कैप्टन अशोक अग्निहोत्री, अनिल सिंह पारसोला,अरुण चौहान, देवेंद्र विक्रम सिंह"राम"शोभित सिंह तोमर,अर्जुन चंदेल,विवेक मिश्रा, आनंद अवस्थी,मोतीलाल यादव, नीरज बाजपाई, कमलेश सिंह बघेल,एडवोकेट आशुतोष गुप्ता,सुनील सक्सैना,प्रधान आशुतोष आजाद, राकेश गुप्ता, मोहम्मद समद, बबलू निजामपुर, अंजनी सिंह वैभव,अरविंद सिंह विक्कू, आलोक सिंह चंदेल, अश्वनी सिंह बबलू,राज बहादुर यादव, राजेश यादव, मानसिंह यादव, इंजीनियर नपेंद्र विक्रम सिंह सोमवंशी, नीरज सिंह सोमवंशी, एड. हर्ष कुमार सिंह, अमित सिंह सुरसा, एडवोकेट शैलेंद्र सिंह राठौड़, क सिंह राठौड़ रमेश सिंह राठौड़, चमन अली, देश दीपकदीक्षित अपूर्व महेश्वरी, संग्राम सिंह, रामकिंकर बाजपेई, धीरेंद्र मिश्रा धीरू, अविनाश सिंह जहांनीखेड़ा, अध्यक्ष मदन मोहन सिंह, राम सिंह राठौड़,, अनुज मिश्रा अध्यक्ष व्यापार मंडल अब्बाद हुसैन, प्रदीप सिंह पिंटू पुरवाबाजीराव, विनीत सिंह नगवा आदि उपस्थित रहे।
2027 में सुलतानपुर की पांचों सीटों पर जीत का परचम फहराना है : मीना चौबे

*‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करें कार्यकर्ता : मीना चौबे*

*मिशन-2027 को लेकर भाजपा चुनावी मोड में, 2156 बूथों का होगा सत्यापन*

सुलतानपुर। मिशन-2027 को लेकर भाजपा पूरी तरह चुनावी मोड में आ गई है। संगठन ने बूथों को मजबूत और फुलप्रूफ बनाने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी शुरू कर दी है। जिले के सभी 2156 बूथों एवं समितियों का 4 सितम्बर तक भौतिक सत्यापन किया जाएगा। इसके साथ ही जिले के 26 मंडलों की कार्यसमिति का भी भौतिक सत्यापन होगा।

भाजपा जिला कार्यालय पर जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित जिला योजना बैठक में मुख्य अतिथि एवं जिला प्रभारी मीना चौबे ने कहा कि 2027 में सुलतानपुर की पांचों विधानसभा सीटों पर जीत का परचम फहराना है। ‘बूथ जीतो, चुनाव जीतो’ के मंत्र को साकार करते हुए प्रत्येक बूथ को मजबूत कर पूरी तैयारी के साथ चुनावी मैदान में उतरना होगा।उन्होंने कहा कि 2 सितम्बर को सभी 26 मंडलों में कार्यसमिति की बैठक कर मंडल पदाधिकारियों, सदस्यों  का भौतिक सत्यापन किया जाएगा। बूथवार प्रमुख जातियों का अनुमानित डेटा तैयार करने के साथ मंडल स्तर पर पक्ष एवं विपक्ष के प्रमुख नेताओं की सूची भी तैयार की जाएगी, जिससे चुनावी रणनीति को और प्रभावी बनाया जा सके।

जिलाध्यक्ष सुशील त्रिपाठी ने कहा कि मिशन-2027 की जीत के लिए संगठन को बूथ स्तर तक पूरी ताकत के साथ जुटना होगा और प्रत्येक कार्यकर्ता अपनी जिम्मेदारी का पूरी निष्ठा से निर्वहन करे।जिला मीडिया प्रमुख विजय सिंह रघुवंशी ने बताया कि जिले के सभी 2156 बूथों के भौतिक सत्यापन की तैयारी पूरी कर ली गई है। बैठक का संचालन जिला महामंत्री संदीप सिंह ने किया।इस मौके पर डॉ. सीताशरण त्रिपाठी, घनश्याम चौहान, विजय त्रिपाठी, डॉ. प्रीति प्रकाश, आनंद द्विवेदी, रामेंद्र सिंह राणा, आशीष सिंह, आलोक आर्य, राजेश सिंह, अखिलेश जायसवाल, चंदन नारायण सिंह, कुसुमलता मौर्य, रेखा निषाद, प्रदीप शुक्ल, शिवाकांत मिश्रा,  रचना अग्रवाल, रीना जायसवाल, संतोष सिंह, सूर्य नारायण पांडेय, प्रदीप शर्मा, सोहनलाल निषाद समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाजपा नेता गोलीकांड का 4  माह बाद भी खुलासा नहीं,तीन पुलिस टीमें कर रही जांच

*सीन रिक्रिएशन रिपोर्ट भेजी

गोंडा।जिले में भारतीय जनता पार्टी जिला पंचायत सदस्य प्रतिनिधि भूपेंद्र सिंह को गोली मारे जाने के चार महीने से अधिक समय व्यतीत हो जाने के बाद भी पुलिस इस मामले का खुलासा नहीं कर पाई है।यह घटना बीते 20 अप्रैल को परसपुर थाना क्षेत्र के गजराज पुरवा में हुई थी,जब देर रात लगभग 10 बजे चुनावी रंजिश के चलते भूपेंद्र सिंह को गोली मारकर घायल कर दिया गया था।घटना के बाद उनकी पत्नी अनामिका सिंह ने परसपुर थाने में दो आरोपियों के खिलाफ तहरीर देकर मुकदमा दर्ज करवाया था।तहरीर के अनुसार भूपेंद्र सिंह एक निमंत्रण में शामिल होने जा रहे थे कि तभी घर से लगभग 100 मीटर की दूरी पर उनके ऊपर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई जिसमे गोली गाड़ी के शीशे से टकराकर उनके पेट में लगी थी।घटना के लगभग 134 दिन व्यतीत हो जाने के बाद भी परसपुर थाने की पुलिस सहित तीन पुलिस टीमें अभी तक कोई सफलता हासिल नहीं कर पाई हैं।भूपेंद्र सिंह लखनऊ में इलाज के बाद दो महीने पहले अपने घर लौट चुके हैं।पुलिस ने घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज और भूपेंद्र सिंह की काल डिटेल भी खंगाला है,परन्तु अभी तक कोई ठोस जानकारी सामने नहीं आई है।परसपुर पंचम से जिला पंचायत सदस्य अनामिका सिंह ने अब पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द घटना के खुलासे की मांग किया है।उन्होंने कहा है कि घटना के चार महीने व्यतीत हो चुके हैं परन्तु उनके पति को अभी तक न्याय नहीं मिला है।वहीं इस मामले में परसपुर के थानाध्यक्ष कमल शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि सीन रिक्रिएशन की रिपोर्ट भेजी गई है।उन्होंने कहा कि सीन रिक्रिएशन होने के बाद ही घटना के तरीके का पता चल पाएगा।उन्होंने कहा कि पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।थानाध्यक्ष ने जल्द ही घटना के खुलासे का आश्वासन दिया है।घटना का सीन रिक्रिएशन न होने से घटना का खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है,उन्होंने बताया कि उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद घटना का खुलासा करने में हमलोगों को मदद मिलेगी।
आजमगढ़ : अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी के वर्षगांठ पर पर हाजी सफीक अहमद ने पुरस्कार का किया वितरण

  सिद्धेश्वर पांडेय
    व्यूरो चीफ
आजमगढ़  । फूलपुर तहसील के अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी का एक वर्ष पूरा होने पर मंगलवार को तैयारी कर रहे छात्र और छात्राओं को पुरस्कार वितरण किया गया । इस दौरान पुरस्कार पाकर छात्र - छात्राओं के चेहरे चमक उठे । एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी के प्रबन्धक हाजी सफीक अहमद के द्वारा 113 प्रतियोगी छात्र और छात्राओं को उपहार के तौर घड़ी का वितरण किया गया । लाइब्रेरी के प्रबंधक हाजी सफीक अहमद ने कहा कि एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी का एक वर्ष पूरा होने पर छात्र और छात्राओं को घड़ी उपहार स्वरूप इसलिए दिया गया है कि उन्हें समय का ज्ञान कराया जाय ,जिससे प्रतियोगी छात्र और छात्राए समय का प्रयोग करे,और समय के हिसाब से आगे बढ़े । इस अवसर पर कफील अहमद ,मो इस्माइल , विशेष पांडेय , आशुतोष प्रजापति, पूजा यादव, हाजिक असलम , दिनेश कुमार , शुभम यादव, विवेक यादव ,वीरेंद्र यादव,कंचन यादव ,सुमित चौरसिया, गरिमा यादव , आकांक्षा यादव ,रंजना यादव ,प्रीति आदि रहे । संचालन कफील अहमद ने किया । फोटो कैप्शन - अम्बारी स्थित एपीजे अब्दुल कलाम डिजिटल लाइब्रेरी में पुरस्कार वितरित करते प्रबन्धक हाजी सफीक अहमद
बाबा श्याम की भक्ति में डूबा हजारीबाग, भव्यता के साथ संपन्न हुआ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, आस्था और मधुर भजनों से रविवार को पूरा हजारीबाग भक्तिमय हो उठा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से अग्रसेन भवन में आयोजित पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दर्शन और भक्ति रस में शामिल होने अग्रसेन भवन पहुंचे।

शाम होते-होते आयोजन स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पूरे परिसर में लगातार ‘जय श्री श्याम’ और ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बाबा के दरबार में पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण गौ लीला पर आधारित बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य दरबार रहा। कोलकाता के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए दरबार में गौ माता, गोपालन और भगवान श्रीकृष्ण की गौ लीला के भाव को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक सजावट, मनमोहक रोशनी और भव्य श्रृंगार के बीच बाबा श्याम का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महोत्सव का शुभारंभ दोपहर करीब 2:15 बजे राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा द्वारा विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान स्वरूप सौरभ रामरायका एवं उनकी धर्मपत्नी निहारिका रामरायका ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।

शाम करीब 6:30 बजे भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच एवं जयपुर के दीपांशु अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ‘फागुन आयो बाबा के दरबार चला’ और ‘श्याम घर आओ’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। भजनों की धुन के साथ पूरा अग्रसेन भवन तालियों, जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा।

भजन कलाकारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और आयोजन के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था यहां विशेष रूप से देखने को मिली। आयोजक मंडली की ओर से महिलाओं के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी।

महोत्सव के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। व्यवस्था से जुड़े सदस्य लगातार सक्रिय रहे, ताकि दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती देवी, विधायक प्रदीप प्रसाद के सुपुत्र सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर ज्योत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष महोत्सव में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का पावन आशीर्वाद भी आयोजन को प्राप्त हुआ।

आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से करीब चार महीनों से तैयारियां की जा रही थीं। दरबार की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भजन कलाकारों की प्रस्तुति सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन मंडली लगातार जुटी रही।

देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच आरती के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरा अग्रसेन भवन एक बार फिर ‘जय श्री श्याम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

आयोजक मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, कलाकारों, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और श्याम भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन भले ही हो गया, लेकिन बाबा श्याम की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था की चमक देर रात तक साफ दिखाई देती रही।

विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रधानाचार्य ने किया पुरस्कार वितरण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। जिला क्रीड़ांगन में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के तत्वावधान में जनपदीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता का सोमवार को आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने किया। जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंडर-17 बालक वर्ग में 56 किलोग्राम भार वर्ग में कृष्ण गुप्ता ने स्वर्ण पदक तथा सौरभ कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया। 60 किलोग्राम में आर्यन ने स्वर्ण तथा आदित्य प्रताप सिंह ने रजत पदक हासिल किया। 79 किलोग्राम में शिव सिंह ने स्वर्ण पदक और
88 किलोग्राम में राज श्रीवास्तव ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालक वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने स्वर्ण पदक तथा फरमान ने रजत पदक प्राप्त किया। 65 किलोग्राम में पंचम वर्मा ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में 44 किलोग्राम में प्रिया श्रीवास्तव, 48 किलोग्राम में नव्या गुप्ता तथा 58 किलोग्राम में तमन्ना तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
53 किलोग्राम में तनु गुप्ता ने स्वर्ण तथा पल्लवी राठौर ने रजत पदक प्राप्त किया। 69 किलोग्राम में पलक तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में
53 किलोग्राम भार वर्ग में अंशिका तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता का संचालन लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष  उमा शंकर तिवारी ने किया। निर्णायक की भूमिका आकाश चंद्रा अस्थाना, सौरभ कुमार, रजनीश पांडेय एवं अभिषेक कुमार अग्निहोत्री ने निभाई। इस अवसर पर वैदिक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, वेणी माधव विद्यापीठ की क्रीड़ा अध्यक्ष मैना गुप्ता, हेम सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा विजेता एवं पदक प्राप्त खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
आजमगढ़ : फत्तेपूर गांव में सरकारी कोटे की दुकान आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप ,खुली बैठक में मची भगदड़
    ( खालिद खान )
दीदारगंज (आजमगढ़  ) ।मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत कस्बा फत्तेपुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक के दौरान पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण भारी भीड़ जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी (एजी) रघुनाथ राय ने ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही रजिस्टर भरवाया और करीब 500 ग्रामीणों से हाथ उठवाकर समर्थन की प्रक्रिया कराई। परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों समूहों के समर्थकों की संख्या की सही गणना नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई थी। इसमें कस्बा फत्तेपुर गांव के सिद्धार्थ स्वयं सहायता समूह और चमेली स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया था। इसके बाद 20 अगस्त को पुनः बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के बीएमएम विक्रम सिंह ने दोनों समूहों की कार्यप्रणाली की रेटिंग की। इसमें सिद्धार्थ समूह को 34 अंक तथा चमेली समूह को 30 अंक मिले थे। बैठक में मौजूद ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर राज कमल राय ने सिद्धार्थ समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए अनुमोदित किया था। इसी क्रम में अग्रिम कार्रवाई के लिए 27 अगस्त को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में एडीओ एजी रघुनाथ राय करीब 12 बजे पहुंचे और सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही शुरू कर दी। इसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन परिसर में पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के समर्थकों की गिनती नहीं हो सकी और देखते ही देखते अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसके बाद एडीओ एजी ने चमेली समूह के समर्थकों से करीब 11 पेज पर हस्ताक्षर कराए, जबकि रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ समूह के समर्थकों को घर जाने के लिए कहा गया। इस पर सिद्धार्थ समूह के समर्थकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि अधिकारियों द्वारा एकपक्षीय तरीके से कार्रवाई की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के साथ मार्टिनगंज के उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता से की।
एसडीएम ने कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि नियमों के विपरीत कार्यवाही या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव, एडीओ एजी रघुनाथ राय, बीएमएम विक्रम सिंह, कस्बा फत्तेपुर ग्राम प्रधान पति सुरजीत कनौजिया, पूरंदपुर प्रधान श्रीकांत राय, डेमरी मखदुमपुर के पूर्व प्रधान पति जुलकदर सहित सरायमीर थाना पुलिस के कांस्टेबल सौरभ पांडे, शशिकांत तिवारी एवं उपनिरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।