बाबा श्याम की भक्ति में डूबा हजारीबाग, भव्यता के साथ संपन्न हुआ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, आस्था और मधुर भजनों से रविवार को पूरा हजारीबाग भक्तिमय हो उठा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से अग्रसेन भवन में आयोजित पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दर्शन और भक्ति रस में शामिल होने अग्रसेन भवन पहुंचे।

शाम होते-होते आयोजन स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पूरे परिसर में लगातार ‘जय श्री श्याम’ और ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बाबा के दरबार में पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण गौ लीला पर आधारित बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य दरबार रहा। कोलकाता के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए दरबार में गौ माता, गोपालन और भगवान श्रीकृष्ण की गौ लीला के भाव को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक सजावट, मनमोहक रोशनी और भव्य श्रृंगार के बीच बाबा श्याम का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महोत्सव का शुभारंभ दोपहर करीब 2:15 बजे राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा द्वारा विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान स्वरूप सौरभ रामरायका एवं उनकी धर्मपत्नी निहारिका रामरायका ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।

शाम करीब 6:30 बजे भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच एवं जयपुर के दीपांशु अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ‘फागुन आयो बाबा के दरबार चला’ और ‘श्याम घर आओ’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। भजनों की धुन के साथ पूरा अग्रसेन भवन तालियों, जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा।

भजन कलाकारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और आयोजन के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था यहां विशेष रूप से देखने को मिली। आयोजक मंडली की ओर से महिलाओं के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी।

महोत्सव के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। व्यवस्था से जुड़े सदस्य लगातार सक्रिय रहे, ताकि दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती देवी, विधायक प्रदीप प्रसाद के सुपुत्र सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर ज्योत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष महोत्सव में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का पावन आशीर्वाद भी आयोजन को प्राप्त हुआ।

आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से करीब चार महीनों से तैयारियां की जा रही थीं। दरबार की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भजन कलाकारों की प्रस्तुति सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन मंडली लगातार जुटी रही।

देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच आरती के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरा अग्रसेन भवन एक बार फिर ‘जय श्री श्याम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

आयोजक मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, कलाकारों, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और श्याम भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन भले ही हो गया, लेकिन बाबा श्याम की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था की चमक देर रात तक साफ दिखाई देती रही।

विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रधानाचार्य ने किया पुरस्कार वितरण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। जिला क्रीड़ांगन में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के तत्वावधान में जनपदीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता का सोमवार को आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने किया। जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंडर-17 बालक वर्ग में 56 किलोग्राम भार वर्ग में कृष्ण गुप्ता ने स्वर्ण पदक तथा सौरभ कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया। 60 किलोग्राम में आर्यन ने स्वर्ण तथा आदित्य प्रताप सिंह ने रजत पदक हासिल किया। 79 किलोग्राम में शिव सिंह ने स्वर्ण पदक और
88 किलोग्राम में राज श्रीवास्तव ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालक वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने स्वर्ण पदक तथा फरमान ने रजत पदक प्राप्त किया। 65 किलोग्राम में पंचम वर्मा ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में 44 किलोग्राम में प्रिया श्रीवास्तव, 48 किलोग्राम में नव्या गुप्ता तथा 58 किलोग्राम में तमन्ना तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
53 किलोग्राम में तनु गुप्ता ने स्वर्ण तथा पल्लवी राठौर ने रजत पदक प्राप्त किया। 69 किलोग्राम में पलक तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में
53 किलोग्राम भार वर्ग में अंशिका तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता का संचालन लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष  उमा शंकर तिवारी ने किया। निर्णायक की भूमिका आकाश चंद्रा अस्थाना, सौरभ कुमार, रजनीश पांडेय एवं अभिषेक कुमार अग्निहोत्री ने निभाई। इस अवसर पर वैदिक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, वेणी माधव विद्यापीठ की क्रीड़ा अध्यक्ष मैना गुप्ता, हेम सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा विजेता एवं पदक प्राप्त खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
आजमगढ़ : फत्तेपूर गांव में सरकारी कोटे की दुकान आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप ,खुली बैठक में मची भगदड़
    ( खालिद खान )
दीदारगंज (आजमगढ़  ) ।मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत कस्बा फत्तेपुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक के दौरान पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण भारी भीड़ जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी (एजी) रघुनाथ राय ने ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही रजिस्टर भरवाया और करीब 500 ग्रामीणों से हाथ उठवाकर समर्थन की प्रक्रिया कराई। परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों समूहों के समर्थकों की संख्या की सही गणना नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई थी। इसमें कस्बा फत्तेपुर गांव के सिद्धार्थ स्वयं सहायता समूह और चमेली स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया था। इसके बाद 20 अगस्त को पुनः बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के बीएमएम विक्रम सिंह ने दोनों समूहों की कार्यप्रणाली की रेटिंग की। इसमें सिद्धार्थ समूह को 34 अंक तथा चमेली समूह को 30 अंक मिले थे। बैठक में मौजूद ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर राज कमल राय ने सिद्धार्थ समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए अनुमोदित किया था। इसी क्रम में अग्रिम कार्रवाई के लिए 27 अगस्त को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में एडीओ एजी रघुनाथ राय करीब 12 बजे पहुंचे और सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही शुरू कर दी। इसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन परिसर में पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के समर्थकों की गिनती नहीं हो सकी और देखते ही देखते अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसके बाद एडीओ एजी ने चमेली समूह के समर्थकों से करीब 11 पेज पर हस्ताक्षर कराए, जबकि रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ समूह के समर्थकों को घर जाने के लिए कहा गया। इस पर सिद्धार्थ समूह के समर्थकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि अधिकारियों द्वारा एकपक्षीय तरीके से कार्रवाई की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के साथ मार्टिनगंज के उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता से की।
एसडीएम ने कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि नियमों के विपरीत कार्यवाही या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव, एडीओ एजी रघुनाथ राय, बीएमएम विक्रम सिंह, कस्बा फत्तेपुर ग्राम प्रधान पति सुरजीत कनौजिया, पूरंदपुर प्रधान श्रीकांत राय, डेमरी मखदुमपुर के पूर्व प्रधान पति जुलकदर सहित सरायमीर थाना पुलिस के कांस्टेबल सौरभ पांडे, शशिकांत तिवारी एवं उपनिरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
यूपी में थमेगी बारिश की रफ्तार, अगले तीन-चार दिन कमजोर रहेगा मानसून

- एक सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, तराई समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। एक सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि तराई क्षेत्र के साथ ही कुछ अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

- बुंदेलखंड समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने के साथ मौसम में उमस बढ़ सकती है। बारिश थमने के बाद तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव की तैयारियां पूरी

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति और श्रद्धा को समर्पित पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव का आयोजन 30 अगस्त को अग्रसेन भवन प्रांगण में किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महोत्सव से पूर्व गुरुवार को श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार के सदस्य हजारीबाग से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी द्वारा संचालित गौशाला पहुंचे। यहां सदस्यों ने गौ माता को गुड़, चोकर, फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौ सेवा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद गौशाला परिसर में भक्तों ने बाबा श्याम के भजनों का गुणगान किया और भक्ति रस में डूबे। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष महोत्सव से पहले गौ सेवा कर कार्यक्रम को मंगलमय बनाने की कामना की जाती है।

इसके बाद आयोजक मंडली ने उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे से मुलाकात कर उन्हें महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा।

30 अगस्त को अग्रसेन भवन में दोपहर 2:15 बजे बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भव्य भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद देश के प्रसिद्ध भजन गायक बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच और जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर करेंगे।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति, सेवा और सामाजिक समर्पण के साथ इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। पंचम वर्ष के आयोजन को विशेष और यादगार बनाने के लिए सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर बाबा श्याम के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।

जर्जर सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर संगठन ने उठाई आवाज, अधिकारियों की उपस्थिति की मांग

संभल ।आज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा 1 सितंबर को ब्लॉक संभल की पंचायत में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी संभल, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसडीओ जल मिशन, आपूर्ति निरीक्षक तथा परियोजना निदेशक/यूपीडा आदि अधिकारियों की उपस्थिति की मांग की गई है ! जिला अधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर महोदय नीरज द्विवेदी के माध्यम से सौंपा गया ! साथ ही मुख्य विकास अधिकारी महोदय गोरखनाथ भट्ट को ज्ञापन सौंपकर ग्राम चमरौआ, भारतल, गोजनी, सिंहपुर सानी, लखौरी एवं हिसामपुर के मुख्य रास्तों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया !
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेंहदी हसन, तहसील प्रभारी राजीव सैनी, तहसील सचिव ताराचन्द सैनी, ब्लॉक उपाध्यक्ष युवा मो. हसन, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक मंत्री मनीराम गूर्जर, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. जाकिर अली आदि उपस्थित रहे !
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
बाबा श्याम की भक्ति में डूबा हजारीबाग, भव्यता के साथ संपन्न हुआ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, आस्था और मधुर भजनों से रविवार को पूरा हजारीबाग भक्तिमय हो उठा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से अग्रसेन भवन में आयोजित पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। हजारीबाग सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों की संख्या में श्याम भक्त बाबा के दर्शन और भक्ति रस में शामिल होने अग्रसेन भवन पहुंचे।

शाम होते-होते आयोजन स्थल श्रद्धालुओं से खचाखच भर गया। पूरे परिसर में लगातार ‘जय श्री श्याम’ और ‘हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा’ के जयकारे गूंजते रहे। बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ और बाबा के दरबार में पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।

महोत्सव का मुख्य आकर्षण गौ लीला पर आधारित बाबा श्याम का भव्य एवं दिव्य दरबार रहा। कोलकाता के कारीगरों द्वारा विशेष रूप से तैयार किए गए दरबार में गौ माता, गोपालन और भगवान श्रीकृष्ण की गौ लीला के भाव को आकर्षक रूप में प्रस्तुत किया गया। आकर्षक सजावट, मनमोहक रोशनी और भव्य श्रृंगार के बीच बाबा श्याम का अलौकिक स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहा।

महोत्सव का शुभारंभ दोपहर करीब 2:15 बजे राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा द्वारा विधि-विधान से बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ हुआ। यजमान स्वरूप सौरभ रामरायका एवं उनकी धर्मपत्नी निहारिका रामरायका ने बाबा श्याम की पूजा-अर्चना की। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की गई। ज्योत के दर्शन और बाबा का आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार बढ़ती गई।

शाम करीब 6:30 बजे भजन संध्या का शुभारंभ हुआ। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच एवं जयपुर के दीपांशु अग्रवाल ने अपनी मधुर आवाज और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर कर दिया। ‘फागुन आयो बाबा के दरबार चला’ और ‘श्याम घर आओ’ जैसे भजनों पर श्रद्धालु जमकर झूमे। भजनों की धुन के साथ पूरा अग्रसेन भवन तालियों, जयकारों और भक्तिमय संगीत से गूंज उठा।

भजन कलाकारों ने आयोजन की व्यवस्थाओं की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न स्थानों पर भजन प्रस्तुत करने का अवसर मिलता है, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा, बैठने की व्यवस्था और आयोजन के सुव्यवस्थित संचालन की व्यवस्था यहां विशेष रूप से देखने को मिली। आयोजक मंडली की ओर से महिलाओं के लिए भी विशेष बैठने की व्यवस्था की गई थी।

महोत्सव के दौरान सुरक्षा और विधि-व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया गया। व्यवस्था से जुड़े सदस्य लगातार सक्रिय रहे, ताकि दूर-दराज से पहुंचे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो। उप निर्वाचन पदाधिकारी वेदवंती देवी, विधायक प्रदीप प्रसाद के सुपुत्र सहित कई गणमान्य लोगों ने भी बाबा श्याम के दरबार में पहुंचकर ज्योत के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

इस वर्ष महोत्सव में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहा। वहीं श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का पावन आशीर्वाद भी आयोजन को प्राप्त हुआ।

आयोजन को सफल बनाने के लिए श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से करीब चार महीनों से तैयारियां की जा रही थीं। दरबार की सजावट, श्रद्धालुओं के बैठने, सुरक्षा, विधि-व्यवस्था, भजन कलाकारों की प्रस्तुति सहित तमाम व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन मंडली लगातार जुटी रही।

देर रात करीब 11:30 बजे से 12 बजे के बीच आरती के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य समापन हुआ। आरती के दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने एक साथ हिस्सा लिया और पूरा अग्रसेन भवन एक बार फिर ‘जय श्री श्याम’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा।

आयोजक मंडली ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी श्रद्धालुओं, सहयोगियों, कलाकारों, प्रशासन, सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े लोगों और श्याम भक्तों के प्रति आभार व्यक्त किया। महोत्सव का समापन भले ही हो गया, लेकिन बाबा श्याम की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के चेहरों पर खुशी और आस्था की चमक देर रात तक साफ दिखाई देती रही।

विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों ने जीते स्वर्ण एवं रजत पदक, प्रधानाचार्य ने किया पुरस्कार वितरण
ब्यूरो रितेश मिश्रा
हरदोई। जिला क्रीड़ांगन में लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के तत्वावधान में जनपदीय भारोत्तोलन प्रतियोगिता का सोमवार को आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला क्रीड़ा अधिकारी मंजू शर्मा ने किया। जनपद के विभिन्न विद्यालयों से आए खिलाड़ियों ने विभिन्न भार वर्गों में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
अंडर-17 बालक वर्ग में 56 किलोग्राम भार वर्ग में कृष्ण गुप्ता ने स्वर्ण पदक तथा सौरभ कुमार ने रजत पदक प्राप्त किया। 60 किलोग्राम में आर्यन ने स्वर्ण तथा आदित्य प्रताप सिंह ने रजत पदक हासिल किया। 79 किलोग्राम में शिव सिंह ने स्वर्ण पदक और
88 किलोग्राम में राज श्रीवास्तव ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालक वर्ग में 60 किलोग्राम भार वर्ग में दिनेश ने स्वर्ण पदक तथा फरमान ने रजत पदक प्राप्त किया। 65 किलोग्राम में पंचम वर्मा ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-17 बालिका वर्ग में 44 किलोग्राम में प्रिया श्रीवास्तव, 48 किलोग्राम में नव्या गुप्ता तथा 58 किलोग्राम में तमन्ना तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया।
53 किलोग्राम में तनु गुप्ता ने स्वर्ण तथा पल्लवी राठौर ने रजत पदक प्राप्त किया। 69 किलोग्राम में पलक तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। अंडर-19 बालिका वर्ग में
53 किलोग्राम भार वर्ग में अंशिका तिवारी ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। प्रतियोगिता का संचालन लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष  उमा शंकर तिवारी ने किया। निर्णायक की भूमिका आकाश चंद्रा अस्थाना, सौरभ कुमार, रजनीश पांडेय एवं अभिषेक कुमार अग्निहोत्री ने निभाई। इस अवसर पर वैदिक विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के क्रीड़ा अध्यक्ष राजेंद्र कुमार, वेणी माधव विद्यापीठ की क्रीड़ा अध्यक्ष मैना गुप्ता, हेम सिंह सहित अनेक शिक्षक एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर लाल बहादुर शास्त्री इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य द्वारा विजेता एवं पदक प्राप्त खिलाड़ियों को पुरस्कार एवं पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। प्रधानाचार्य ने खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेलों में निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
आजमगढ़ : फत्तेपूर गांव में सरकारी कोटे की दुकान आवंटन में नियमों की अनदेखी का आरोप ,खुली बैठक में मची भगदड़
    ( खालिद खान )
दीदारगंज (आजमगढ़  ) ।मार्टिनगंज तहसील क्षेत्र के विकासखंड मार्टिनगंज अंतर्गत कस्बा फत्तेपुर गांव में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को आयोजित खुली बैठक में जमकर हंगामा हो गया। बैठक के दौरान पंचायत भवन का परिसर छोटा होने के कारण भारी भीड़ जुटने से भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सरकारी कोटे की दुकान के चयन की प्रक्रिया में शासनादेश एवं नियमावली 2020 का पालन नहीं किया गया। ग्रामीणों के मुताबिक, बैठक के दौरान सहायक विकास अधिकारी (एजी) रघुनाथ राय ने ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही रजिस्टर भरवाया और करीब 500 ग्रामीणों से हाथ उठवाकर समर्थन की प्रक्रिया कराई। परिसर में अत्यधिक भीड़ होने के कारण दोनों समूहों के समर्थकों की संख्या की सही गणना नहीं हो सकी, जिसके बाद विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर 28 जुलाई 2026 को ग्राम प्रधान की मौजूदगी में सरकारी कोटे की दुकान के आवंटन को लेकर खुली बैठक हुई थी। इसमें कस्बा फत्तेपुर गांव के सिद्धार्थ स्वयं सहायता समूह और चमेली स्वयं सहायता समूह ने आवेदन किया था। इसके बाद 20 अगस्त को पुनः बैठक हुई, जिसमें स्वयं सहायता समूह के बीएमएम विक्रम सिंह ने दोनों समूहों की कार्यप्रणाली की रेटिंग की। इसमें सिद्धार्थ समूह को 34 अंक तथा चमेली समूह को 30 अंक मिले थे। बैठक में मौजूद ब्लॉक सप्लाई इंस्पेक्टर राज कमल राय ने सिद्धार्थ समूह को सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान के लिए अनुमोदित किया था। इसी क्रम में अग्रिम कार्रवाई के लिए 27 अगस्त को सुबह 10 बजे बैठक बुलाई गई थी।
ग्रामीणों का आरोप है कि बैठक में एडीओ एजी रघुनाथ राय करीब 12 बजे पहुंचे और सप्लाई इंस्पेक्टर की अनुपस्थिति में कार्यवाही शुरू कर दी। इसी दौरान भारी संख्या में ग्रामीण पंचायत भवन परिसर में पहुंच गए। भीड़ अधिक होने के कारण दोनों पक्षों के समर्थकों की गिनती नहीं हो सकी और देखते ही देखते अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई। आरोप है कि इसके बाद एडीओ एजी ने चमेली समूह के समर्थकों से करीब 11 पेज पर हस्ताक्षर कराए, जबकि रेटिंग में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले सिद्धार्थ समूह के समर्थकों को घर जाने के लिए कहा गया। इस पर सिद्धार्थ समूह के समर्थकों ने चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए मीडिया के सामने विरोध दर्ज कराया। उनका आरोप था कि अधिकारियों द्वारा एकपक्षीय तरीके से कार्रवाई की गई और नियमों का पालन नहीं किया गया। मामले की शिकायत ग्रामीणों ने वीडियो और अन्य साक्ष्यों के साथ मार्टिनगंज के उपजिलाधिकारी बलराम गुप्ता से की।
एसडीएम ने कोटा चयन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि जांच में यदि नियमों के विपरीत कार्यवाही या किसी कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बैठक के दौरान ग्राम पंचायत अधिकारी राकेश यादव, एडीओ एजी रघुनाथ राय, बीएमएम विक्रम सिंह, कस्बा फत्तेपुर ग्राम प्रधान पति सुरजीत कनौजिया, पूरंदपुर प्रधान श्रीकांत राय, डेमरी मखदुमपुर के पूर्व प्रधान पति जुलकदर सहित सरायमीर थाना पुलिस के कांस्टेबल सौरभ पांडे, शशिकांत तिवारी एवं उपनिरीक्षक समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में गूंजेगी बाबा श्याम की भक्ति, पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव की तैयारी अंतिम चरण में

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और भजनों की मधुर धुनों से 30 अगस्त को हजारीबाग का अग्रसेन भवन परिसर गूंजायमान होगा। श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं और आयोजन स्थल पर दिन-रात कार्य जारी है। भव्य दरबार, सजावट, प्रसाद और श्रद्धालुओं की सुविधा समेत सभी व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है।

पंचम वर्ष के इस आयोजन को यादगार बनाने के लिए बाबा श्याम के दरबार को विशेष आकर्षण का केंद्र बनाया जा रहा है। कोलकाता से पहुंचे कुशल कारीगर अग्रसेन भवन परिसर में भव्य दरबार को आकार देने में जुटे हैं। दरबार की सजावट में बारीक कारीगरी के साथ भव्यता और आकर्षण का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। तैयारियां पूरी होने के बाद बाबा श्याम का दरबार श्रद्धालुओं को विशेष आध्यात्मिक अनुभूति कराएगा।

बाबा श्याम के श्रृंगार की भी विशेष तैयारी की जा रही है। चंदन और केसर से बाबा का दिव्य श्रृंगार किया जाएगा। आकर्षक वस्त्र, मनमोहक सजावट और भव्य दरबार के बीच बाबा श्याम का मनोहारी स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण रहेगा।

महोत्सव में बाहर से आने वाले भजन कलाकारों की प्रस्तुतियां भी मुख्य आकर्षण रहेंगी। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच तथा जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपने भजनों से बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। कार्यक्रम में स्थानीय कलाकार भी अपनी प्रस्तुतियां देंगे। भजनों की मधुर धुनों के बीच श्रद्धालु बाबा श्याम की भक्ति में देर तक डूबे रहेंगे।

30 अगस्त को दोपहर 2:15 बजे अग्रसेन भवन में बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ पंचम श्री श्याम मनुहार महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की विशेष अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी। भव्य सजावट और रोशनी के बीच बाबा श्याम का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा। आयोजन समिति की कोशिश है कि अग्रसेन भवन पहुंचने वाले भक्तों को बाबा श्याम के धाम जैसा आध्यात्मिक वातावरण महसूस हो।

आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा। महोत्सव का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार और भजन-कीर्तन से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति और सेवा को समर्पित होकर इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। प्रत्येक वर्ष आयोजन को नया स्वरूप देने का प्रयास किया जाता है। पंचम वर्ष में इसे और अधिक भव्य बनाने की तैयारी है।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर महोत्सव में शामिल होने की अपील की है। आयोजकों के अनुसार, यह आयोजन बाबा श्याम की भक्ति, श्रद्धा और आस्था से भक्तों को जोड़ने का विशेष अवसर है। महोत्सव के दिन बाबा श्याम के जयकारों और भजनों से पूरा अग्रसेन भवन परिसर भक्तिमय होने की उम्मीद है।

आज खास होगा स्टर्जन मून, चंद्र ग्रहण भी लगेगा; भारत में नहीं दिखेगा नजारा

- चंद्रमा का करीब 96 फीसदी हिस्सा पृथ्वी की छाया में आएगा, कई देशों में दिख सकता है तांबे जैसा लाल रंग

गोरखपुर। खगोलविज्ञान में दिलचस्पी रखने वालों के लिए 28 अगस्त 2026 की पूर्णिमा खास रहने वाली है। खगोलविद अमर पाल सिंह के अनुसार इस दिन अगस्त की पूर्णिमा यानी स्टर्जन मून के साथ चंद्र ग्रहण की खगोलीय घटना भी होगी। हालांकि भारत में रहने वाले लोग इस अद्भुत नजारे को नहीं देख सकेंगे।
अमर पाल सिंह ने बताया कि भारत में पूर्णिमा का चरम सुबह के समय होगा। इसी दौरान चंद्र ग्रहण भी घटित होगा, लेकिन भारत से ग्रहण का दृश्य दिखाई नहीं देगा। इसलिए देश में स्टर्जन मून का पूर्ण स्वरूप और चंद्र ग्रहण का मिलन देखने का अवसर नहीं मिलेगा।
उन्होंने बताया कि वैश्विक स्तर पर यह पूर्णिमा खगोल प्रेमियों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्ण रूप से चमकता चंद्रमा कुछ समय बाद पृथ्वी की छाया में प्रवेश करेगा। ग्रहण के दौरान चंद्रमा का लगभग 96 प्रतिशत हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा।
पृथ्वी की छाया में आने के कारण कई देशों में चंद्रमा का रंग सामान्य से अलग नजर आ सकता है। वहां यह तांबे जैसा लाल या गहरे नारंगी रंग में दिखाई देने की संभावना है। हालांकि भारत से यह खगोलीय नजारा दिखाई नहीं देगा।

- भारत में कब और कितने बजे होगा पूर्णिमा का चरम समय
वीर बहादुर सिंह नक्षत्रशाला, (तारामण्डल) गोरखपुर के खगोलविद् अमर पाल सिंह के अनुसार, यह पूर्णिमा 28 अगस्त 2026 को भारतीय समयानुसार सुबह करीब 9:48 बजे अपने चरम पर होगी। इसका अर्थ है कि जब पूर्ण चंद्रमा अपने सर्वोच्च रूप में होगा, तब भारत में दिन हो चुका होगा। इसलिए भारतीय आकाश में ग्रहण का दृश्य प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखा जा सकेगा। फिर भी, सूर्यास्त के बाद चमकता हुआ पूर्ण चंद्रमा लोगों को विशेष दृश्य का अनुभव कराएगा।

- क्या होता है “स्टर्जन मून”
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि “स्टर्जन मून” नाम उत्तरी अमेरिका की जनजातीय परंपराओं से जुड़ा है, क्योंकि अगस्त के महीने में ग्रेट लेक्स और लेक चैम्पलेन जैसे क्षेत्रों में स्टर्जन मछलियाँ बड़ी संख्या में पाई जाती थीं, इसलिए इस पूर्णिमा को यह नाम दिया गया। अलग-अलग संस्कृतियों में इसके अन्य नाम भी प्रचलित रहे हैं, जैसे कि सेल्ट्स इसे विवाद का चंद्रमा और लिंक्स का चंद्रमा कहते थे, जबकि एंग्लो-सैक्सन परंपरा में इसे अनाज का चंद्रमा कहा गया। अगर हम बात करें इसके कुछ अन्य नामों कि तो पाते हैं कि इसके कई अन्य नाम भी मौजूद हैं उनमें से कुछ इस प्रकार हैं जैसे कि इसको कॉर्न मून, ग्रेन मून, फ्रूट मून, लाइटनिंग मून और बारले मून जैसे आदि नामों से भी जाना जाता रहा है।

- किस दिशा में दिखाई देगा स्टर्जन पूर्णिमा का चांद
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को स्टर्जन पूर्णिमा का चांद शाम के समय पूर्वी आकाशीय क्षितिज पर लगभग 6 बजकर 35 मिनट के बाद दिखाई देना शुरू कर देगा और पूरी रात अपनी चमक बिखेरते हुए भोर में पश्चिमी क्षितिज की ओर चला जायेगा।

- कैसे पड़ा अगस्त के चंद्रमा का नाम 'स्टर्जन मून'
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि अगस्त की पूर्णिमा को स्टर्जन मून के नाम से जाना जाता है, जिसका नाम एक विशाल मीठे पानी की मछली के नाम पर रखा गया है जो अगस्त में बड़ी संख्या में पाई जाती है। चूंकि उत्तरी गोलार्ध में अगस्त कटाई का मौसम होता है, इसलिए अगस्त की पूर्णिमा को ग्रेन मून, फ्रूट मून और बारले मून भी कहा जाता है।

- क्या संबंध होता है ग्रहण और पूर्णिमा में
खगोलविद अमर पाल सिंह का यह भी कहना है कि ग्रहण और पूर्णिमा का मेल कोई असाधारण संयोग नहीं है, बल्कि चंद्रमा की कक्षा और उसके नोड्स से जुड़ी एक नियमित खगोलीय प्रक्रिया है। जब पूर्णिमा के समय चंद्रमा अपनी कक्षा के ऐसे बिंदु पर होता है, जहां वह पृथ्वी की कक्षा यानी क्रांतिवृत्त को काटता है, तभी चंद्र ग्रहण की स्थिति बनती है। यही कारण है कि कभी-कभी पूर्णिमा के साथ चंद्र ग्रहण और अमावस्या के साथ सूर्य ग्रहण देखने को मिलता है।

- हर पूर्णिमा को क्यों नहीं होता चंद्र ग्रहण
खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि हर पूर्णिमा को चंद्र ग्रहण न होने का मुख्य कारण चंद्रमा की कक्षा का पृथ्वी की कक्षा के तल (orbital plane) से लगभग 5° से 5.1° झुका होना है और मुख्य कारण कक्षा का झुकाव है। चंद्रमा, पृथ्वी के चारों ओर बिल्कुल सीधी या समतल प्लेट की तरह नहीं घूमता, बल्कि इसका मार्ग 5 डिग्री झुका हुआ होता है, साथ ही इस झुकाव के कारण ज्यादातर पूर्णिमा के दिन चंद्रमा, पृथ्वी की छाया के या तो ऊपर से या नीचे से निकल जाता है और छाया सीधे चंद्रमा पर नहीं पड़ती, लेकिन यह भी जानना आवश्यक है कि चंद्र ग्रहण तभी होता है जब सूर्य, पृथ्वी और चंद्रमा अंतरिक्ष में बिल्कुल एक सीध में आएं और चंद्रमा पृथ्वी की छाया से होकर गुजरे, जो कि केवल तभी संभव है जब पूर्णिमा की तिथि कक्षा के मिलन बिंदुओं (nodes) के पास हो।

खगोलविद अमर पाल सिंह ने बताया कि 28 अगस्त 2026 को होने वाला चंद्र ग्रहण भारतीय समयानुसार (IST) सुबह 6:54 बजे शुरू होगा और दोपहर 12:32 बजे समाप्त होगा इसीलिए यह भारत में दिखाई नहीं देगा।
यूपी में थमेगी बारिश की रफ्तार, अगले तीन-चार दिन कमजोर रहेगा मानसून

- एक सितंबर तक भारी बारिश का अलर्ट नहीं, तराई समेत कुछ इलाकों में हल्की बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से जारी बारिश के दौर पर अब विराम लगने के संकेत मिलने लगे हैं। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार से प्रदेश में मानसून की सक्रियता धीरे-धीरे कम होगी और अगले तीन से चार दिनों तक बारिश का जोर अपेक्षाकृत कमजोर रह सकता है। एक सितंबर तक प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है।
हालांकि तराई क्षेत्र के साथ ही कुछ अन्य जिलों में स्थानीय स्तर पर हल्की बारिश का सिलसिला बना रह सकता है। शुक्रवार को प्रदेश के 19 जिलों में गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने इन इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

- बुंदेलखंड समेत कई जिलों में जमकर बरसे बादल
इससे पहले बृहस्पतिवार को प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहा। बुंदेलखंड के अलावा पश्चिमी और मध्य यूपी के कुछ जिलों में भी मध्यम से भारी बारिश दर्ज की गई। मुरादाबाद में सबसे अधिक 161 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके अलावा महोबा में 155 मिमी, बदायूं में 154 मिमी, गोंडा में 133 मिमी और बांदा में 101.8 मिमी बारिश दर्ज की गई।
क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक शुक्रवार से मानसून की गतिविधियों में कमी आने के संकेत हैं। अगले कुछ दिनों में बारिश की तीव्रता घटने के साथ मौसम में उमस बढ़ सकती है। बारिश थमने के बाद तापमान में बढ़ोतरी और उमस भरी गर्मी लोगों की परेशानी बढ़ा सकती है।
30 अगस्त को अग्रसेन भवन में सजेगा बाबा श्याम का भव्य दरबार, पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव की तैयारियां पूरी

हजारीबाग। बाबा श्याम की भक्ति और श्रद्धा को समर्पित पंचम श्री श्याम मनोहर महोत्सव का आयोजन 30 अगस्त को अग्रसेन भवन प्रांगण में किया जाएगा। आयोजन को लेकर श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की ओर से तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।

महोत्सव से पूर्व गुरुवार को श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार के सदस्य हजारीबाग से करीब 5 से 7 किलोमीटर दूर कोलकाता पिंजरापोल सोसाइटी द्वारा संचालित गौशाला पहुंचे। यहां सदस्यों ने गौ माता को गुड़, चोकर, फल, सब्जी सहित अन्य खाद्य सामग्री खिलाकर गौ सेवा की और आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद गौशाला परिसर में भक्तों ने बाबा श्याम के भजनों का गुणगान किया और भक्ति रस में डूबे। आयोजकों के अनुसार, हर वर्ष महोत्सव से पहले गौ सेवा कर कार्यक्रम को मंगलमय बनाने की कामना की जाती है।

इसके बाद आयोजक मंडली ने उपायुक्त हेमंत सती, पुलिस अधीक्षक अमन कुमार तथा सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे से मुलाकात कर उन्हें महोत्सव का आमंत्रण पत्र सौंपा।

30 अगस्त को अग्रसेन भवन में दोपहर 2:15 बजे बाबा श्याम की पूजा-अर्चना के साथ महोत्सव का शुभारंभ होगा। राणी सती मंदिर के प्रधान पुजारी शशिकांत मिश्रा विधिवत पूजा-अर्चना संपन्न कराएंगे। इसके बाद अखंड ज्योत प्रज्वलित की जाएगी और भव्य भजन-कीर्तन का सिलसिला शुरू होगा।

कार्यक्रम में सबसे पहले स्थानीय कलाकार अपनी प्रस्तुति देंगे। इसके बाद देश के प्रसिद्ध भजन गायक बाबा श्याम का गुणगान करेंगे। जयपुर के अभिषेक नामा, कटिहार के आदर्श दाधीच और जयपुर के दीपांशु अग्रवाल अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर करेंगे।

महोत्सव में बाबा श्याम के दरबार की अलौकिक झांकी भी सजाई जाएगी, जो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। आयोजन में श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार, रामगढ़ कैंट का विशेष सहयोग रहेगा, जबकि श्री श्याम परिवार तुलसीधाम, कोलकाता का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण 35 एमएम के माध्यम से भी किया जाएगा, जिससे हजारीबाग से बाहर रहने वाले श्याम भक्त भी बाबा के दरबार से जुड़ सकेंगे।

श्री श्याम अरदास कीर्तन परिवार की नौ सदस्यीय टोली पिछले पांच वर्षों से बाबा श्याम की भक्ति, सेवा और सामाजिक समर्पण के साथ इस आयोजन को आगे बढ़ा रही है। पंचम वर्ष के आयोजन को विशेष और यादगार बनाने के लिए सदस्य लगातार तैयारियों में जुटे हैं।

आयोजकों ने हजारीबाग सहित आसपास के सभी श्याम भक्तों से 30 अगस्त को अग्रसेन भवन पहुंचकर बाबा श्याम के दरबार में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने की अपील की है।

जर्जर सड़कों और जनसमस्याओं को लेकर संगठन ने उठाई आवाज, अधिकारियों की उपस्थिति की मांग

संभल ।आज संगठन के कार्यकर्ताओं द्वारा 1 सितंबर को ब्लॉक संभल की पंचायत में विभिन्न समस्याओं के समाधान हेतु उपजिलाधिकारी संभल, खंड विकास अधिकारी, अधिशासी अभियंता विद्युत, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, एसडीओ जल मिशन, आपूर्ति निरीक्षक तथा परियोजना निदेशक/यूपीडा आदि अधिकारियों की उपस्थिति की मांग की गई है ! जिला अधिकारी महोदय को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर महोदय नीरज द्विवेदी के माध्यम से सौंपा गया ! साथ ही मुख्य विकास अधिकारी महोदय गोरखनाथ भट्ट को ज्ञापन सौंपकर ग्राम चमरौआ, भारतल, गोजनी, सिंहपुर सानी, लखौरी एवं हिसामपुर के मुख्य रास्तों की जर्जर स्थिति का मुद्दा उठाया !
युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलदीप शर्मा, जिला अध्यक्ष सम्भल कामेन्द्र चौधरी, जिला संगठन मंत्री चौ. ऋषिपाल सिंह, जिला मंत्री (अ. मो.) सुफियान पाशा, तहसील संरक्षक सेवक सैनी, तहसील अध्यक्ष (अ. मो.) मेंहदी हसन, तहसील प्रभारी राजीव सैनी, तहसील सचिव ताराचन्द सैनी, ब्लॉक उपाध्यक्ष युवा मो. हसन, ब्लॉक प्रभारी नरेन्द्र चौधरी, ब्लॉक मंत्री मनीराम गूर्जर, वरिष्ठ कार्यकर्ता मो. जाकिर अली आदि उपस्थित रहे !
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर मदरसा अहले सुन्नत अजमल उल उलूम के तत्वावधान में जुलूस-ए-मौहम्मदी शानो-शौकत, अकीदत और उत्साह के साथ निकाला गया। जुलूस के दौरान पूरा शहर ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं, नात-ए-पाक और दरूदो-सलाम से गूंजता रहा। बड़ी संख्या में अकीदतमंद हाथों में इस्लामी झंडे लेकर जुलूस में शामिल हुए।

जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।
Sambhal शानो-शौकत से निकला जुलूस-ए-मोहम्मदी, ‘या रसूल अल्लाह’ की सदाओं से गूंजा सम्भल
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जुलूस मदरसे से शुरू होकर अन्जुमन मदरसा, मौहल्ला दीपा सराय, तिलंगो वाली मस्जिद और पेपटपुरा होते हुए दीपा सराय चौक पहुंचा, जहां जुलूस का समापन हुआ और तकरीर का आयोजन किया गया। चमन सराय-जगत से निकला जुलूस मियां मीरन शाह रोड, दरीबा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। वहीं देहली दरवाजा से निकला जुलूस मुख्य बाजार, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, कोतवाली के सामने और आर्य समाज रोड से मुख्य जुलूस में पहुंचा। मौहल्ला रायसत्ती से निकला जुलूस बल्ले की पुलिया होते हुए खग्गू सराय तिराहा पहुंचा, जबकि डेरासराय से निकला जुलूस होली चौक, कटरा बाजार, एजेंटी तिराहा और आर्य समाज रोड होते हुए मुख्य जुलूस में शामिल हुआ। इसके अलावा विभिन्न मौहल्लों और गांवों से निकले छोटे-छोटे जुलूस भी मुख्य जुलूस का हिस्सा बने। जुलूस में विभिन्न नक्शे और झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। बच्चों ने सोशल मीडिया की बढ़ती लत से दूर रहकर कुरआन मजीद से जुड़ने का संदेश देने वाला नक्शा प्रस्तुत किया। रास्ते भर जगह-जगह लंगर और पानी की व्यवस्था की गई। लोगों ने फूल बरसाकर जुलूस का स्वागत किया और अकीदतमंदों की खिदमत की। दीपा सराय चौक पर जुलूस संपन्न होने के बाद लोगों को तबर्रुकात की जियारत कराई गई। इस दौरान मुल्क और शहर में अमन-ओ-अमान की दुआ की गई। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। जुलूस के मार्ग पर सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम, सीओ पर्याप्त पुलिस बल के साथ तैनात रहे और प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों ने लगातार सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रखी।