'दीपक' की रोशनी अब आबकारी के हिस्से,सीएम की छवि चमकाने की जिम्मेदारी 'मनीष' के जादुई हाथों में...
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खान आशु
भोपाल, मध्य प्रदेश। सीएम की छवि चमकाने वाले विभाग जनसंपर्क में अब उनके पहले भी अपना जलवा दिखा चुके IAS मनीष सिंह को सौंपी गई है। नाम के अनुरूप बुद्धिमान, समझदार या विचारशील व्यक्तित्व के धनी मनीष सिंह में जहां काम को जुनून की इंतहा तक उत्साह है, वहीं उनकी प्रशासनिक पकड़ का भी लोहा माना जाता रहा है।
शुक्रवार देर रात हुए प्रशासनिक फेरबदल में IAS मनीष मनीष सिंह को जनसंपर्क संचालनालय का जिम्मा सौंपा गया है। उनकी यहां पहले भी एक पारी बीत चुकी है। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के कार्यकाल में जनसंपर्क विभाग में सेवाएं दे चुके मनीष सिंह की बेहतर ट्यूनिंग से इस विभाग से जुड़े सभी लोग संतुष्ट रहे हैं। जहां विभागीय अधिकारी व कर्मचारियों से उनका तालमेल रहा है, वहीं प्रदेश भर के छोटे बड़े अखबार मालिकों को भी उचित प्रतिसाद उनसे मिलता रहा है। विभाग से जुड़े पत्रकारों के लिए भी उनका दोस्ताना व्यवहार यादगार कहा जा सकता है।
यथा नाम, तथा काम
मनीष नाम के मायने खंखालने पर पता चलता है कि इस नाम को ईश्वर के नाम मन+ईश का समावेश माना जाता है। इस नाम के व्यक्ति को मन का स्वामी कहा जाता है। जबकि बुद्धिमत्ता, समझदारी और विचारशीलता इनकी अतिरिक्त योग्यता मानी जाती है। मनीष सिंह ऐसे व्यक्ति कहे जा सकते हैं, जिनको लेकर यथा नाम, तथा काम की संज्ञा दी जा सकती है।
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जहां रहे, अलग पहचान
नगर निगम भोपाल में आयुक्त के रूप में उनकी कार्यशैली शहर को अब तक याद है। स्व. बाबूलाल गौर के मंत्रित्वकाल और उन्हीं की पुत्रवधु कृष्णा गौर के महापौर रहते हुए उन्होंने नगर निगम के नाम एक नई तहरीर लिखी थी। भोपाल से इंदौर एकेवीएन, नगर निगम और इंदौर जिला प्रशासन के साथ पारी खेली और नए आयाम स्थापित किए। बार-बार का शहर स्वच्छता अवार्ड भी इंदौर के नाम करने की शुरुआत भी मनीष सिंह के कार्यकाल से ही शुरु हुआ है। भोपाल मेट्रो से लेकर जनसंपर्क विभाग की कई उपलब्धियां भी मनीष सिंह के नाम से ही जानी जाती हैं। उनका दोबारा जनसंपर्क विभाग में लौटना किसी नए कीर्तिमान से जोड़ा जा रहा है।
लोगों में उत्साह भी, उमंग भी
जनसंपर्क संचालनालय के नए मुखिया को लेकर विभाग से जुड़े लोगों में उत्साह बना हुआ है। विभिन्न विभागों में सेवाओं के दौरान लोगों से सतत और गहरे संबंधों को तलाशा जाने लगा है। मनीष सिंह की नई आमद से लोग उत्साह में इसीलिए हैं कि वे इस अधिकारी से बिना किसी व्यवधान के अपनी समस्या का समाधान मांगने आसानी से पहुंच पाएंगे।


मुंबई। बिंद समाज विकास संघ द्वारा आचार्य अत्रे ग्राउंड पंतनगर घाटकोपर ईस्ट मुंबई में रविवार 8 फरवरी 2026 को बी एस वी एस तीसरा प्रीमियर लीग टूर्नामेंट महान समाजसेवी, स्वर्गीय सहदेव प्रसाद महतो ट्रॉफी टूर्नामेंट आयोजित किया गया।जिसमें कुल 12 टीमों ने भाग लिया सभी के कप्तानों ने कुशल नेतृत्व करते हुए अपने खिलाड़ियों का हर्षवर्धन हौसला बढ़ाया।वर्ली ब्लास्टर की टीम ने सभी टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर टूर्नामेंट ट्रॉफी अपने नाम कर लिया। द्वितीय स्थान पर रही कांदिवली चैंपियंस,तीसरे स्थान पर विक्रोली एक्सप्रेस, वर्ली ब्लास्टर के कप्तान ओमप्रकाश बिंद ,कांदिवली चैंपियंस के कप्तान रतन बिंद विक्रोली एक्सप्रेस के कप्तान विकास बिंद ने अच्छे नेतृत्व का परिचय देते हुए अपने सभी खिलाड़ियों के साथ हंड्रेड परसेंटेज देकर टूर्नामेंट में अव्वल रहे। विजेता टीमों को और मैन ऑफ द मैच सभी खिलाड़ियों,बेस्ट टूर्नामेंट सीरीज में, बेस्ट बॉलर, बेस्ट बैट्समैन, बेस्ट क्षेत्ररक्षण ने सीरीज अवॉर्ड लेकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाने में कामयाब रहे।चर्चित समाजसेवी सुशील साहनी, के आर बिंद कंपनी के मालिक सी ए किशोरी लाल बिंद , उद्योगपति आर्यन बिंद, बिल्डर राम बहादुर बिंद, समाजसेवी राजेंद्र बिंद, सुरेश कुमार बिंद, मेवालाल निषाद, प्रकाश इंडस्ट्रीज के मालिक प्रकाश राधेश्याम बिंद, तमाम समाज सेवियों ने सभी खिलाड़ियों को अपने हाथों द्वारा चमचमाती हुई ट्रॉफी और उचित पुरस्कार देकर और बिंद समाज विकास संघ द्वारा सभी टीमों और खिलाड़ियों को सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया।मैदान में आए हुए सभी दर्शकों ने बिंद समाज विकास संगठन की बहुत तारीफ की सभी ने कहा कि ऐसे अन्य सामाजिक संगठनों को भी आगे आकर समाज और देश के भविष्य के होनहार खिलाड़ियों को तरासने का काम करें ताकि देश और समाज का नाम रोशन हो सके।

नितेश श्रीवास्तव
डिजिटल सुनामी: खेसारी का राज!
गोण्डा। विकास खण्ड बेलसर अंतर्गत ग्राम पंचायत तेलहा निवासी सूर्यकान्त सिंह की पुत्री कोमल सिंह ने जेआरएफ (असिस्टेंट प्रोफेसर) की परीक्षा उत्तीर्ण कर जनपद के नाम रोशन किया है। इस संदर्भ में विकास सिंह विक्कू ने बताया कि कोमल सिंह ने प्राथमिक शिक्षा क्षेत्रीय विद्यालय अवध शरण तथा इंटरमीडिएट लखनऊ पब्लिक स्कूल से किया। तदुपरांत बीए इलाहाबाद यूनिवर्सिटी तथा एमए की शिक्षा जेएनयू दिल्ली से अर्जित कर पहली ही बार मे जेआरएफ की परीक्षा में सफलता हासिल कर लिया। उन्होंने बताया कि कोमल के पिता सूर्यकान्त सिंह ग्राम प्रधान तथा माता संगीता सिंह गृहिणी है। इस अवसर पर सोनू सिंह, शिवम सिंह, अर्पित शुक्ला, पंकज सिंह, पंचम सिंह अवनीश शुक्ला सहित तमाम क्षेत्रीयजनों ने शुभकामनाएं प्रेषित किया।
जौनपुर। विश्व भर में फैले लाखों भक्तों के लिए भगवान की तरह पूजे जाने वाले सच्चिदानन्द स्वामी धारकुंडी महराज के ब्रह्मलीन होने की खबर का पता चलते ही उनके श्रद्धालुओं में शोक की लहर छा गई। सैकड़ों श्रद्धालु उनके अंतिम दर्शन के लिए मध्यप्रदेश के सतना जिले में स्थित धारकुंडी आश्रम के लिए प्रस्थान कर दिया। स्वामी जी ने शनिवार की रात मुंबई के बदलापुर स्थित आश्रम पर नश्वर शरीर को त्याग गोलोक सिधार गए। बताते हैं कि वे 102 वर्ष की उम्र में शरीर का परित्याग किए हैं।
जौनपुर। बाबू शोभनाथ सिंह मेमोरियल ट्रस्ट जौनपुर इकाई द्वारा गूगल मीट के माध्यम से प्रथम काव्यगोष्ठी का आयोजन गुरुवार 5 फरवरी 2026 को राजेश पाण्डेय के संचालन में संपन्न हुआ।अध्यक्षता वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी,मुख्य अतिथि वरिष्ठ कवि विजय तिवारी रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सुमति श्रीवास्तव द्वारा माँ सरस्वती के वंदना से हुई।दिल्ली से कवि तथा चित्रकार पंकज तिवारी ने 'एसंउ लाग बाटइ महाकुंभ अइया' के माध्यम से अवधी रचना,वरिष्ठ कवि एस. बी. उपाध्याय,सुजिता शर्मा द्वारा शानदार गीत,'कविता ही है सखी हमारी' नारी सशक्तिकरण पर बेहतरीन रचना सीमा त्रिवेदी, 'सजे सपने मनभावन से' गीत सुमति श्रीवास्तव,अनुपमा द्विवेदी,मंजू पांडेय ने 'मेरे ख्वाबों में ख्यालों में तुम ही हो',अयोध्या प्रसाद 'सखि वसंत सचमुच बौराया है',जौनपुर इकाई अध्यक्षा सीमा सिंह द्वारा 'जिंदा रहने के ख्वाहिश में बस इतना ही काफी है' के माध्यम से जिंदगी के खूबसूरत सफर एवं जटिल प्रक्रिया का बखान किया।राष्ट्रीय सचिव सत्यभामा सिंह की कविता 'मैं बना हूँ सारथी तो बात मेरी मान लो' के माध्यम से भगवान श्री कृष्ण एवं अर्जुन के संवाद को बखूबी बयां किया।मुख्य अतिथि विजय तिवारी ने 'बड़ी बात है' बड़ी ही गूढ़ कविता पढ़ीं।संचालक राजेश पाण्डेय की कविता 'मैं ही तो कारण सत्ता हूँ' बहुत पसंद की गई।अध्यक्षता कर रहे वरिष्ठ कवि प्रेम शंकर द्विवेदी ने अपने गुरुजी को याद करते हुए अपनी बेहतरीन रचनाएं पढ़ते हुए सभी की कविताओं पर समीक्षात्मक टिप्पणी भी किया।अंत में सत्यभामा द्वारा बड़े ही सहज भाव में सभी का आभार व्यक्त किया गया।

वी कुमार यदुवंशी






1 hour and 58 min ago
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