ज्ञानपुर सर्किल में कानून व्यवस्था मजबूत करने पर जोर: हिस्ट्रीशीटरों और अपराधियों के सत्यापन के लिए विशेष बैठक
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर  चमन सिंह चावड़ा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक ज्ञानपुर सर्किल के चारों थानों - ज्ञानपुर, गोपीगंज, कोईरौना और ऊंज के समस्त बीट पुलिस कर्मियों के साथ आयोजित की गई।

बैठक के दौरान, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर ने बीट पुलिस कर्मियों को YAKSH ऐप के माध्यम से हिस्ट्रीशीटरों और अपराधियों के सत्यापन को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बीट पुलिस कर्मी अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों तथा संदिग्ध तत्वों पर सतर्क नजर रखें और ऐप के माध्यम से तुरंत सत्यापन सुनिश्चित करें।चमन सिंह चावड़ा ने सभी कर्मियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोकने के लिए पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीट स्तर पर सक्रिय गश्त, जनसंपर्क और सूचना संकलन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर ने बैठक में उपस्थित सभी बीट पुलिस कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : मुख्यमंत्री योगी
- मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

-सीएम की बड़ी घोषणा-भरतपुर भरतकुंड नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा भदरसा नगर पंचायत, मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था का दिखावा करने वाले दलों पर रामनगरी में कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाई थी, लेकिन क्या सपा, कांग्रेस या अन्य सरकारें जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएंगी। यदि नहीं करा पाएंगी तो हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया था? आस्था का दिखावा कर रहे लोगों ने यह पाप किया था, जबकि भाजपा ने अयोध्या को सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया।

मुख्यमंत्री याेगी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने यहां पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया और लोकार्पण व शिलान्यास वाली तमाम योजनाओं का जिक्र कर इनका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत, भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीकापुर विधायक ने पिछली बार ग्राम पंचायत खिरौनी-सुचित्तागंज को नगर पंचायत बनवाया था। अब उनकी मांग पर यह नगर पंचायत मां ज्वाला देवी के नाम पर होगी। समाजवादी पार्टी का असली चरित्र सभी ने देखा होगा,जब इनके नमूने चेयरमैन ने भदरसा में गुस्ताखी की थी। भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा। भाई-भाई का संबंध भरत जी से सीखिए। 14 वर्ष तक भरतकुंड के पास रहकर उन्होंने भगवान राम की आज्ञा का पालन किया। भगवान राम की चरण पादुकाएं अयोध्या का संचालन कर रही थीं। भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है,लेकिन अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न जैसे भाई हुए। चारों दिशाओं में अयोध्या की पहचान आज भी मौजूद है।

सक्रिय जनप्रतिनिधि से आते हैं सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो तो नियंता भी साथ देता है। प्रभु राम और पवनसुत के आशीर्वाद से सभी कार्य अपने आप बढ़ते हैं। बीकापुरवासियों ने अच्छा विधायक चुना तो विकास दौड़ता दिखाई देता है। जैसे अयोध्या का वैभव देश में चरम पर दिखाई देता है, वैसे ही बीकापुर में भी विकास की योजनाएं दिखाई दे रही हैं। सक्रिय जनप्रतिनिधि जब विकास में रूचि लेते हैं तो परिणाम वैसे ही सकारात्मक आते हैं, जैसे आज अयोध्या, बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज, रुधौली में दिखाई दे रहे हैं।

कभी विकास से वंचित थी अयोध्या

सीएम ने कहा कि 19 जून को हमने रुदौली में विकास योजनाओं की सौगात दी थी। पहले जो असंभव था, वह इन जनप्रतिनिधियों के कारण संभव हो पाया। लंबे समय तक सड़क, बिजली, पानी नहीं मिलने से अयोध्या उपेक्षित होने के साथ विकास से वंचित रहती थी। व्यवस्था न होने से श्रद्धालु मां सरयू का आशीर्वाद लेने में विफल रहता था, लेकिन अब मां सरयू की पवित्र धारा अयोध्या को अभिसिंचित करती है।

तीनों लोकों से न्यारी हो गई अयोध्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब वैभवशाली और तीनों लोकों से न्यारी है। गलियां चमक रही हैं, लाइट भी रहती है। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या पीएम मोदी के विजन के अनुरूप सोलर सिटी बन गई है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों की श्रृंखला है। सीएम ने सभी का आह्वान किया कि कभी उपेक्षित रहे गुप्तार घाट में अब परिवार के साथ घूमने जाइए। हमने सूरजकुंड का पुनरुद्धार किया। स्थानीय विधायक के प्रस्ताव पर भरतकुंड का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है।

सपा-कांग्रेस कुछ नहीं कर सकीं तो अयोध्या के विरोध में जुटीं

सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग एयरपोर्ट के नाम पर गुमराह करते थे, लेकिन अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। अयोध्या सभी शहरों के साथ जुड़ गई है। सपा व कांग्रेस वाले कुछ नहीं कर पाए, इसलिए अयोध्या का विरोध कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने निषादराज के नाम पर रैनबसेरा और मां शबरी के नाम पर भोजनालय बनवाकर समरसता फैलाई। हरिद्वार में हरि की पैड़ी की तरह ही अयोध्या में राम की पैड़ी दिख रही है। रोज सरयू मैया की आरती होती है। सपा जिस वक्फ के नाम पर श्रृंग्वेरपुर में कब्जा करा रही थी, भाजपा सरकार ने वहां भगवान राम व निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा व स्मारक बनाया है। सपा के लोग जाकर देखें कि श्रृंग्वेरपुर सौंदर्यीकरण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया है।

सपा-कांग्रेस ने बाधा पहुंचाई, डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया

सीएम ने कहा कि कांग्रेस व सपा ने मंदिर निर्माण में बाधाएं डालीं, राम के नाम पर प्रश्न खड़ा किया। रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, लेकिन डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया। अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति अब अभिभूत होकर जाता है। भक्ति पथ, धर्मपथ, रामपथ, जन्मभूमिपथ अयोध्या की पहचान बन रहे हैं। सिंगल लेन की जगह अब फोरलेन व सिक्स लेन हैं। एयर, रेल व रोड कनेक्टिविटी अयोध्या को नई पहचान दिला रही है। बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर व गोसाईगंज को भी लाभ प्राप्त हो रहा है।

देश-दुनिया में अयोध्या व प्रदेशवासियों को मिल रहा सम्मान

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने मर्यादा के दायरे में रहकर अनवरत कार्य किया। 2017 के पहले लोग शक की निगाहों से देखते थे, लेकिन आज अयोध्या और प्रदेशवासी देश-दुनिया में जहां भी जाते हैं तो उन्हें सम्मान मिलता है। अयोध्या में अब विकास व विरासत का अद्भुत समन्वय हो रहा है। जो 500 वर्ष में नहीं हो पाया, अयोध्या अब वह करके दिखा रही है। संतों, राजाओं, युवराजों समेत समाज के प्रत्येक तबके ने रामजन्मभूमि मुक्ति के लिए संघर्ष किया। जो कहते थे कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे देख लें कि अयोध्या में दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं।

विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जज्बा अयोध्या की पहचान

सीएम ने विपरीत मौसम में उमड़े जनसैलाब के प्रति आभार जताया। कहा कि कल-परसों से यहां अनवरत वर्षा हो रही है। मुझे शंका थी कि बारिश के कारण यहां लोग आ पाएंगे या नहीं, लेकिन मौसम की चुनौती के बीच भी लोग आए, क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जब्बा ही अयोध्या की पहचान है।

इस अवसर पर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्य़क्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक शोभा सिंह चौहान, गोरखनाथ बाबा, इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बू’, भाजपा के जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। बीकापुर के विधायक डॉ.अमित सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।
ब्रेकिंग न्यूज़: बलरामपुर में कोटेदार की गुंडागर्दी!

"जो करना है कर लो, हमारी पकड़ ऊपर तक है" – राशन मांगने पर गरीब मजदूर को मिलीं गालियां!

बलरामपुर (गैंसड़ी): उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक तरफ गरीबों को उनका पूरा हक देने का दावा कर रही है, वहीं बलरामपुर के विकास खंड गैंसड़ी के ग्राम चमरबोधिया से 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा दिखाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के दबंग कोटेदार राजू पर राशन में भारी घटतौली करने और विरोध करने पर पीड़ित परिवार सहित गाली-गलौज व मारपीट पर आमादा होने का संगीन आरोप लगा है।

हजारीबाग में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कार्यालय का उद्घाटन, सांसद मनीष जायसवाल ने लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की

हजारीबाग शहर के बंशीलाल चौक, मंगल बाजार के समीप गुरुवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यालय का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के लाभों की जानकारी दी गई तथा लोगों से इसका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की गई।

योजना के फ्रेंचाइजी हेमंत कुमार ने ली हैं। इन्होंने बिहार और झारखंड के लिए इसकी जिम्मेदारी ली है। उद्घाटन से पहले सांसद मनीष जायसवाल का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने योजना के पहले लाभार्थी सुनील केशरी को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित कई लोगों ने भी अपने घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाकर बिजली बिल शून्य करने की इच्छा जताई।

अपने संबोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है। साथ ही आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर उसे विद्युत विभाग को देकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद में लगभग 90 प्रतिशत घरों में सोलर पैनल लगे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी करीब 45 प्रतिशत परिवार सोलर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। झारखंड में भी इस योजना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि लोग स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा का लाभ उठा सकें।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹78 हजार तक की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। उन्होंने लोगों से इस जनहितकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा इसकी जानकारी अन्य लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नीलेंदु जयपुरियार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को बहुत जल्द समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में हजारीबाग के लोगों को समय रहते इस योजना का लाभ उठा लेना चाहिए।

कार्यक्रम में योजना का लाभ उठाने वालों में राहुल राणा, राजीव सिन्हा, प्रभात कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। वहीं समारोह में बबलू सिंह, विजय श्री, हरीश श्रीवास्तव, के.पी.ओझा, किशोरी राणा, रंजन चौधरी, सिब्रोटी चेटरजी, सुनील सिन्हा, अमरेंद्र कुमार, पंचम, विशाल, सनी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की तैयारियां तेज, सांसद मनीष जायसवाल ने जर्सी निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

हजारीबाग। सांसद खेल महोत्सव-2026 के तहत आयोजित होने वाले नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने मंगलवार को शहर के न्यू एरिया स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप संचालित एक स्टिचिंग सेंटर का निरीक्षण किया, जहां टूर्नामेंट के लिए तैयार की जा रही आकर्षक नमो जर्सियों की प्रिंटिंग और सिलाई का कार्य चल रहा है।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने युद्धस्तर पर हो रहे जर्सी निर्माण कार्य का जायजा लिया और स्टिचिंग यूनिट की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वहां कार्यरत स्थानीय महिला कारीगरों से बातचीत कर उनके कौशल की सराहना की तथा तैयार हो रही जर्सियों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की जर्सियों की प्रिंटिंग और सिलाई का कार्य हजारीबाग की स्थानीय स्टिचिंग यूनिट को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय महिला कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ-साथ लघु उद्योग और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के तहत आयोजित नमो फुटबॉल टूर्नामेंट की लोकप्रियता हर वर्ष बढ़ रही है। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना तथा युवाओं में अनुशासन, खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की सोच विकसित करना है।

सांसद ने विश्वास जताया कि सांसद खेल महोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित यह टूर्नामेंट हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

निरीक्षण के दौरान समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह, व्यवसायी बबलू भंडारी, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कार्यकारी महासचिव बने कृष्ण मोहन त्रिपाठी
— ट्रस्ट ने सार्वजनिक की भेंट, दान और चढ़ावा की राशि, श्रद्धालु अयोध्या आकर कर सकते हैं सत्यापन

— गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटाया गया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की राम जन्मभूमि परिसर में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया। साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए ट्रस्ट ने अब तक की भेंट, दान और चढ़ाव की धनराशि को सार्वजनिक करते हुए कहा कि कोई भी दानकर्ता यहां आकर अपनी भेंट या दान का सत्यापन कर सकता है।

ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने बैठक में लिये गए फैसलों की मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ और इस बैठक में ट्रस्ट के सदस्य के. पारासरन आभासी रूप से जुड़े। बैठक में मंदिर के दान में चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्य और आहत करने वाली बताया गया। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र द्वारा नैतिक रूप से अपने अपने पदों से दिए गए त्यागपत्र पर ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप चर्चा की गयी।

कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा

बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी के. पारासरन ने सदस्यों को बताया कि ट्रस्ट का नियम है कि अगर कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा। ऐसे में नैतिक आधार पर महामंत्री चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही ट्रस्टी कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। इनकी मदद के लिए एक समिति भी गठित की गयी। इसके अलावा गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटा दिया गया है।

22 जुलाई को होगी ट्रस्ट की पुन: बैठक

गोविंद देव गिरि ने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की पुन: बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। दान चोरी करने वाले अन्य अपराधियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए दान की गयी 2800 वस्तुतों की सूची बनी है और अगर किसी भी दानदाता के मन में संशय है तो वे ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय आकर देख सकते हैं। सभी वस्तुओं को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।

श्रद्धालुओं का विश्वास पुन: स्थापित करेगा ट्रस्ट

बड़े ही भावुक हाेते हुए गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर चोरी के प्रकरण को लेकर अनर्गल बातें मीडिया में आने और कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इस मुद्दे पर जो चिंता दिखायी जा रही है वे राष्ट्र के लिए घातक हैं, क्योंकि यही वे राजनीतिक दल और नेता हैं जो भगवान राम को काल्पनिक बता कर न्यायालय तक गए। मंदिर आंदोलन के समय कारसेवकों पर गोलियां तक चलवाईं। ऐसे नेताओं एवं संगठनों का मकसद राजनीतिक रोटियां सेंकना और हिंदू एकता, रामभक्तों और सनातन पर चोट करना है, लेकिन ट्रस्ट आह्र्वान करता है कि सभी हिंदू समाज की अपेक्षा के अनुरूप काम करेगा और उनका विश्वास पुन:स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि राम भक्त धैर्य रखें और किसी प्रकार के अनर्गल समाचारों पर ध्यान न दें।

चोरी करने वालों को दंड दिलाना प्राथमिकता

बैठक में कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि पहला काम चढ़ावा चोरी करने वाले अपराधियों को दंड दिलाना और मंदिर प्रबंधन में अब तक रहीं कमियां दूर करना है। ट्रस्ट के सदस्य समाज में राम मंदिर की पुन: प्रतिष्ठा और विश्वास बनाएंगे।

सार्वजनिक की गई धनराशि

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि आज की बैठक में प्रमुख रूप से दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना की प्रक्रिया में अनियमितता, उसकी जांच और कार्यवाही, महामंत्री और एक न्यासी के न्यासी पद से त्यागपत्रों, मीडिया में चल रही चर्चाओं, भावी अन्तरिम व्यवस्थाओं आदि विषयों पर विचार हुआ। अब तक निधि समर्पण अभियान एवं कॉर्पस दान के माध्यम से प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपये में से 2,370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग की गई है।

2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ

प्रारम्भ से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ, जिसमें से 391 करोड़ रुपये की राशि संचालन व्यय में उपयोग ली गई। शेष राशियां बैंक खातों में उपलब्ध है। ये समस्त वितीय सूचनाएं समय—समय पर ट्रस्ट ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की हैं। नकद राशि के अतिरिक्त अनेक श्रद्धालुओं ने वस्तु के रूप में प्रभु श्री रामलला को भेंट अर्पित की हैं। ऐसी कुल 2,926 भेंट प्राप्त हुई हैं जो समस्त, तिथि अनुसार, सम्पूर्ण विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और उनका भौतिक सत्यापन एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फ़र्म द्वारा आंतरिक अंकेक्षक के नाते प्रति वर्ष किया जाता है। काउंटर पर ऐसी भेंट देने वाले समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई हैं और काउंटर के अतिरिक्त दी गई भेंट हेतु भी उन समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई है जिन्होने दानदाता का विवरण दिया।

कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध

समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन है कि जो भी अपनी दी हुई भेंट का उपयोग जानना अथवा सत्यापन करना चाहें, वे कभी भी ट्रस्ट के अधिकारी से तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या पधारें और प्रभु श्री रामलला के दर्शन के साथ अपनी भेंट का सत्यापन कर सकते हैं। चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में गला कर छड़ें बनाई गई हैं जिनके मूल स्वरूप का विवरण फोटो व वजन सहित उपलब्ध है। गलाने के पश्चात चाँदी की शुद्धता और कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध हैं।

भारतीय वन सेवा (आईएफएस) से सेवानिवृत्त हैं कृष्ण मोहन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को श्री राम जन्मभूमि परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। उन्हें ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघचालक के दायित्व पर अपनी सेवा दे रहे हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं

कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
यूपी में उच्च शिक्षा का विस्तार: कैबिनेट ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को दी मंजूरी
-  कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय; उच्च शिक्षा मंत्री बोले— अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिससे उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता को भी नई मजबूती मिलेगी।
लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने तथा संचालन प्राधिकार-पत्र देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाना है और सरकार उसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के ग्राम गदनपुर आहार में 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
इसी प्रकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र के ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। संस्था पहले से मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रही है। नए विश्वविद्यालय से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश-2026 प्रख्यापित किया जाएगा।
वहीं एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर को फतेहपुर तहसील के कस्बा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति मिली है। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले नौ वर्षों में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसी तरह 2017 तक प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 56 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि तीनों प्रस्तावित विश्वविद्यालय निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इनके शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की बेहतर सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगी।
उत्तराखंड की सूखती 13 नदियों को मिलेगा नया जीवन, बड़े संस्थान करेंगे अध्ययन
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार घटते जल प्रवाह और सूखते जल स्रोतों को देखते हुए राज्य सरकार ने नदियों के पुनर्जीवन के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी ने राज्य की 13 प्रमुख नदियों के वैज्ञानिक अध्ययन की योजना तैयार की है, जिसमें देश के प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के संस्थान शामिल होंगे।
स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी (सारा) की इस पहल के तहत ‘एक जिला-एक नदी’ मॉडल पर हर जिले से एक नदी का चयन किया गया है। इन नदियों के साथ-साथ उनके जलग्रहण क्षेत्र, भूजल पुनर्भरण, झीलों और तालाबों की स्थिति का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
इस परियोजना में आईआईटी रुड़की, जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान और भारतीय वन्यजीव संस्थान जैसे प्रमुख संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई है। विशेषज्ञ वैज्ञानिक आधार पर यह आकलन करेंगे कि नदियों का जल प्रवाह क्यों कम हुआ और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कौन से कदम जरूरी हैं।
अल्मोड़ा की जटा गंगा, बागेश्वर की गरुड़ गंगा, पिथौरागढ़ की पूर्वी रामगंगा, नैनीताल की शिप्रा, चंपावत की गौड़ी, पौड़ी की नयार पूर्वी और नयार पश्चिमी, देहरादून और टिहरी की सोंग, चमोली की चंद्रभागा, रुद्रप्रयाग की पुनार, उत्तरकाशी की कमल गंगा, हरिद्वार की पथरी और उधम सिंह नगर की फीका नदी का अध्ययन किया जाएगा।
अध्ययन के बाद संबंधित संस्थान विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें नदियों के पुनर्जीवन के उपाय, जल संरक्षण के तरीके और आवश्यक सुधार शामिल होंगे। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे की योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना की निगरानी अगले 10 वर्ष तक की जाएगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल संरक्षण के प्रयास जमीनी स्तर पर सफल हो सकें।
शादी में आए रिश्तेदार की बाइक चोरी, खेत में क्षतिग्रस्त हालत में मिली,थाना पुलिस जांच में जुटी
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम करपुरदस्त में शादी समारोह में आए एक रिश्तेदार की बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित संजेश कुमार के अनुसार, 1 जुलाई की रात उनकी UP-30 BV 2763 नंबर की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। तलाश के दौरान गांव मोकुलपुर निवासी एक युवक पर शक होने पर डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई। अगले दिन गांव के चमन मोहम्मद के खेत में चोरी गई बाइक क्षतिग्रस्त अवस्था में बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र: मानसून की पहली बारिश में उफनाया नाला, मां और 8 महीने का मासूम बहा; बच्चे का शव बरामद, मां की तलाश जारी

विकास कुमार सोनभद्र अनपरा। सोनभद्र जिले में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास अचानक उफनाए एक बरसाती नाले ने मां और उसके आठ महीने के मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जिसका शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं, लापता मां का अब तक सिर्फ कपड़ा ही मिल सका है, उसका कोई सुराग नहीं लगा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

अचानक बढ़े जलस्तर ने दोनों को आगोश में लिया
मिली जानकारी के अनुसार, अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास रहने वाली 25 वर्षीय सविता देर शाम अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को लेकर घर से निकली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का घर नाले के बिल्कुल करीब है और वह संभवतः शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव पल भर में बेहद तेज हो गया। नाला पार करते समय मां और बेटा पानी के इस प्रचंड वेग को संभाल नहीं पाए और तेज धारा में बह गए।

सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू, 3 किमी दूर मिला मासूम का शव
यह घटना देर रात की होने के कारण शुरुआत में किसी को इसकी भनक नहीं लगी। सुबह होते ही जब पुलिस को मामले की जानकारी मिली, तो तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद, घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी मां सविता का कुछ पता नहीं चल सका है, पुलिस को नाले के पास से केवल उसके कपड़े बरामद हुए हैं।

पति था घर से बाहर, परिजनों को 'चमत्कार' की उम्मीद
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त महिला का पति घर पर मौजूद नहीं था। जैसे ही उसे इस अनहोनी की सूचना मिली, वह बदहवास हालत में मौके पर पहुंचा। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

वर्तमान में पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें नाले और उसके आसपास के संभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

मासूम की मौत से जहां पूरे गांव की आंखें नम हैं, वहीं परिजन और ग्रामीण अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि काश सविता सकुशल मिल जाए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नाले और थोड़ी सी भी लापरवाही पल भर में जिंदगी को खत्म कर सकती है।
ज्ञानपुर सर्किल में कानून व्यवस्था मजबूत करने पर जोर: हिस्ट्रीशीटरों और अपराधियों के सत्यापन के लिए विशेष बैठक
रिपोर्टर -‌ नितेश श्रीवास्तव


भदोही। भदोही पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी और अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल के निर्देशन में, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर  चमन सिंह चावड़ा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण बैठक की। यह बैठक ज्ञानपुर सर्किल के चारों थानों - ज्ञानपुर, गोपीगंज, कोईरौना और ऊंज के समस्त बीट पुलिस कर्मियों के साथ आयोजित की गई।

बैठक के दौरान, क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर ने बीट पुलिस कर्मियों को YAKSH ऐप के माध्यम से हिस्ट्रीशीटरों और अपराधियों के सत्यापन को समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बीट पुलिस कर्मी अपने क्षेत्र में सक्रिय अपराधियों, हिस्ट्रीशीटरों तथा संदिग्ध तत्वों पर सतर्क नजर रखें और ऐप के माध्यम से तुरंत सत्यापन सुनिश्चित करें।चमन सिंह चावड़ा ने सभी कर्मियों को अपने-अपने थाना क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, सार्वजनिक शांति सुनिश्चित करने तथा किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना को रोकने के लिए पूर्ण सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि बीट स्तर पर सक्रिय गश्त, जनसंपर्क और सूचना संकलन को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।

क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर ने बैठक में उपस्थित सभी बीट पुलिस कर्मियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने आश्वासन दिया कि उनके कार्य में किसी भी प्रकार की समस्या आने पर तत्काल सहयोग प्रदान किया जाएगा।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : मुख्यमंत्री योगी
- मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

-सीएम की बड़ी घोषणा-भरतपुर भरतकुंड नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा भदरसा नगर पंचायत, मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था का दिखावा करने वाले दलों पर रामनगरी में कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाई थी, लेकिन क्या सपा, कांग्रेस या अन्य सरकारें जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएंगी। यदि नहीं करा पाएंगी तो हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया था? आस्था का दिखावा कर रहे लोगों ने यह पाप किया था, जबकि भाजपा ने अयोध्या को सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया।

मुख्यमंत्री याेगी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने यहां पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया और लोकार्पण व शिलान्यास वाली तमाम योजनाओं का जिक्र कर इनका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत, भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीकापुर विधायक ने पिछली बार ग्राम पंचायत खिरौनी-सुचित्तागंज को नगर पंचायत बनवाया था। अब उनकी मांग पर यह नगर पंचायत मां ज्वाला देवी के नाम पर होगी। समाजवादी पार्टी का असली चरित्र सभी ने देखा होगा,जब इनके नमूने चेयरमैन ने भदरसा में गुस्ताखी की थी। भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा। भाई-भाई का संबंध भरत जी से सीखिए। 14 वर्ष तक भरतकुंड के पास रहकर उन्होंने भगवान राम की आज्ञा का पालन किया। भगवान राम की चरण पादुकाएं अयोध्या का संचालन कर रही थीं। भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है,लेकिन अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न जैसे भाई हुए। चारों दिशाओं में अयोध्या की पहचान आज भी मौजूद है।

सक्रिय जनप्रतिनिधि से आते हैं सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो तो नियंता भी साथ देता है। प्रभु राम और पवनसुत के आशीर्वाद से सभी कार्य अपने आप बढ़ते हैं। बीकापुरवासियों ने अच्छा विधायक चुना तो विकास दौड़ता दिखाई देता है। जैसे अयोध्या का वैभव देश में चरम पर दिखाई देता है, वैसे ही बीकापुर में भी विकास की योजनाएं दिखाई दे रही हैं। सक्रिय जनप्रतिनिधि जब विकास में रूचि लेते हैं तो परिणाम वैसे ही सकारात्मक आते हैं, जैसे आज अयोध्या, बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज, रुधौली में दिखाई दे रहे हैं।

कभी विकास से वंचित थी अयोध्या

सीएम ने कहा कि 19 जून को हमने रुदौली में विकास योजनाओं की सौगात दी थी। पहले जो असंभव था, वह इन जनप्रतिनिधियों के कारण संभव हो पाया। लंबे समय तक सड़क, बिजली, पानी नहीं मिलने से अयोध्या उपेक्षित होने के साथ विकास से वंचित रहती थी। व्यवस्था न होने से श्रद्धालु मां सरयू का आशीर्वाद लेने में विफल रहता था, लेकिन अब मां सरयू की पवित्र धारा अयोध्या को अभिसिंचित करती है।

तीनों लोकों से न्यारी हो गई अयोध्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब वैभवशाली और तीनों लोकों से न्यारी है। गलियां चमक रही हैं, लाइट भी रहती है। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या पीएम मोदी के विजन के अनुरूप सोलर सिटी बन गई है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों की श्रृंखला है। सीएम ने सभी का आह्वान किया कि कभी उपेक्षित रहे गुप्तार घाट में अब परिवार के साथ घूमने जाइए। हमने सूरजकुंड का पुनरुद्धार किया। स्थानीय विधायक के प्रस्ताव पर भरतकुंड का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है।

सपा-कांग्रेस कुछ नहीं कर सकीं तो अयोध्या के विरोध में जुटीं

सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग एयरपोर्ट के नाम पर गुमराह करते थे, लेकिन अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। अयोध्या सभी शहरों के साथ जुड़ गई है। सपा व कांग्रेस वाले कुछ नहीं कर पाए, इसलिए अयोध्या का विरोध कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने निषादराज के नाम पर रैनबसेरा और मां शबरी के नाम पर भोजनालय बनवाकर समरसता फैलाई। हरिद्वार में हरि की पैड़ी की तरह ही अयोध्या में राम की पैड़ी दिख रही है। रोज सरयू मैया की आरती होती है। सपा जिस वक्फ के नाम पर श्रृंग्वेरपुर में कब्जा करा रही थी, भाजपा सरकार ने वहां भगवान राम व निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा व स्मारक बनाया है। सपा के लोग जाकर देखें कि श्रृंग्वेरपुर सौंदर्यीकरण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया है।

सपा-कांग्रेस ने बाधा पहुंचाई, डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया

सीएम ने कहा कि कांग्रेस व सपा ने मंदिर निर्माण में बाधाएं डालीं, राम के नाम पर प्रश्न खड़ा किया। रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, लेकिन डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया। अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति अब अभिभूत होकर जाता है। भक्ति पथ, धर्मपथ, रामपथ, जन्मभूमिपथ अयोध्या की पहचान बन रहे हैं। सिंगल लेन की जगह अब फोरलेन व सिक्स लेन हैं। एयर, रेल व रोड कनेक्टिविटी अयोध्या को नई पहचान दिला रही है। बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर व गोसाईगंज को भी लाभ प्राप्त हो रहा है।

देश-दुनिया में अयोध्या व प्रदेशवासियों को मिल रहा सम्मान

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने मर्यादा के दायरे में रहकर अनवरत कार्य किया। 2017 के पहले लोग शक की निगाहों से देखते थे, लेकिन आज अयोध्या और प्रदेशवासी देश-दुनिया में जहां भी जाते हैं तो उन्हें सम्मान मिलता है। अयोध्या में अब विकास व विरासत का अद्भुत समन्वय हो रहा है। जो 500 वर्ष में नहीं हो पाया, अयोध्या अब वह करके दिखा रही है। संतों, राजाओं, युवराजों समेत समाज के प्रत्येक तबके ने रामजन्मभूमि मुक्ति के लिए संघर्ष किया। जो कहते थे कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे देख लें कि अयोध्या में दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं।

विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जज्बा अयोध्या की पहचान

सीएम ने विपरीत मौसम में उमड़े जनसैलाब के प्रति आभार जताया। कहा कि कल-परसों से यहां अनवरत वर्षा हो रही है। मुझे शंका थी कि बारिश के कारण यहां लोग आ पाएंगे या नहीं, लेकिन मौसम की चुनौती के बीच भी लोग आए, क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जब्बा ही अयोध्या की पहचान है।

इस अवसर पर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्य़क्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक शोभा सिंह चौहान, गोरखनाथ बाबा, इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बू’, भाजपा के जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। बीकापुर के विधायक डॉ.अमित सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।
ब्रेकिंग न्यूज़: बलरामपुर में कोटेदार की गुंडागर्दी!

"जो करना है कर लो, हमारी पकड़ ऊपर तक है" – राशन मांगने पर गरीब मजदूर को मिलीं गालियां!

बलरामपुर (गैंसड़ी): उत्तर प्रदेश सरकार जहां एक तरफ गरीबों को उनका पूरा हक देने का दावा कर रही है, वहीं बलरामपुर के विकास खंड गैंसड़ी के ग्राम चमरबोधिया से 'जीरो टॉलरेंस' को ठेंगा दिखाने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ के दबंग कोटेदार राजू पर राशन में भारी घटतौली करने और विरोध करने पर पीड़ित परिवार सहित गाली-गलौज व मारपीट पर आमादा होने का संगीन आरोप लगा है।

हजारीबाग में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कार्यालय का उद्घाटन, सांसद मनीष जायसवाल ने लोगों से योजना का लाभ उठाने की अपील की

हजारीबाग शहर के बंशीलाल चौक, मंगल बाजार के समीप गुरुवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के कार्यालय का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना के लाभों की जानकारी दी गई तथा लोगों से इसका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की गई।

योजना के फ्रेंचाइजी हेमंत कुमार ने ली हैं। इन्होंने बिहार और झारखंड के लिए इसकी जिम्मेदारी ली है। उद्घाटन से पहले सांसद मनीष जायसवाल का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया। वहीं सांसद मनीष जायसवाल ने योजना के पहले लाभार्थी सुनील केशरी को गुलदस्ता देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में उपस्थित कई लोगों ने भी अपने घरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम लगवाकर बिजली बिल शून्य करने की इच्छा जताई।

अपने संबोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल लगभग शून्य हो सकता है। साथ ही आवश्यकता से अधिक बिजली का उत्पादन होने पर उसे विद्युत विभाग को देकर आर्थिक लाभ भी प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि गुजरात के अहमदाबाद में लगभग 90 प्रतिशत घरों में सोलर पैनल लगे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी करीब 45 प्रतिशत परिवार सोलर ऊर्जा का उपयोग कर रहे हैं। झारखंड में भी इस योजना को तेजी से बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि लोग स्वच्छ एवं सस्ती ऊर्जा का लाभ उठा सकें।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि केंद्र सरकार इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को ₹78 हजार तक की सब्सिडी उपलब्ध करा रही है, जिससे सोलर रूफटॉप सिस्टम लगाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। उन्होंने लोगों से इस जनहितकारी योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने तथा इसकी जानकारी अन्य लोगों तक पहुंचाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर नीलेंदु जयपुरियार ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी को बहुत जल्द समाप्त किया जा सकता है। ऐसे में हजारीबाग के लोगों को समय रहते इस योजना का लाभ उठा लेना चाहिए।

कार्यक्रम में योजना का लाभ उठाने वालों में राहुल राणा, राजीव सिन्हा, प्रभात कुमार सहित अन्य लोग शामिल रहे। वहीं समारोह में बबलू सिंह, विजय श्री, हरीश श्रीवास्तव, के.पी.ओझा, किशोरी राणा, रंजन चौधरी, सिब्रोटी चेटरजी, सुनील सिन्हा, अमरेंद्र कुमार, पंचम, विशाल, सनी एवं अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की तैयारियां तेज, सांसद मनीष जायसवाल ने जर्सी निर्माण कार्य का किया निरीक्षण

हजारीबाग। सांसद खेल महोत्सव-2026 के तहत आयोजित होने वाले नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। इसी क्रम में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने मंगलवार को शहर के न्यू एरिया स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर के समीप संचालित एक स्टिचिंग सेंटर का निरीक्षण किया, जहां टूर्नामेंट के लिए तैयार की जा रही आकर्षक नमो जर्सियों की प्रिंटिंग और सिलाई का कार्य चल रहा है।

निरीक्षण के दौरान सांसद ने युद्धस्तर पर हो रहे जर्सी निर्माण कार्य का जायजा लिया और स्टिचिंग यूनिट की कार्यप्रणाली की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वहां कार्यरत स्थानीय महिला कारीगरों से बातचीत कर उनके कौशल की सराहना की तथा तैयार हो रही जर्सियों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया।

सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री के 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नमो फुटबॉल टूर्नामेंट-2026 की जर्सियों की प्रिंटिंग और सिलाई का कार्य हजारीबाग की स्थानीय स्टिचिंग यूनिट को सौंपा गया है। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय महिला कारीगरों को रोजगार मिलने के साथ-साथ लघु उद्योग और आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिल रही है।

उन्होंने कहा कि सांसद खेल महोत्सव के तहत आयोजित नमो फुटबॉल टूर्नामेंट की लोकप्रियता हर वर्ष बढ़ रही है। आयोजन का उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए बेहतर मंच उपलब्ध कराना, खेल संस्कृति को बढ़ावा देना तथा युवाओं में अनुशासन, खेल भावना और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की सोच विकसित करना है।

सांसद ने विश्वास जताया कि सांसद खेल महोत्सव-2026 के अंतर्गत आयोजित यह टूर्नामेंट हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

निरीक्षण के दौरान समाजसेवी श्रद्धानंद सिंह, व्यवसायी बबलू भंडारी, सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कार्यकारी महासचिव बने कृष्ण मोहन त्रिपाठी
— ट्रस्ट ने सार्वजनिक की भेंट, दान और चढ़ावा की राशि, श्रद्धालु अयोध्या आकर कर सकते हैं सत्यापन

— गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटाया गया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की राम जन्मभूमि परिसर में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया। साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए ट्रस्ट ने अब तक की भेंट, दान और चढ़ाव की धनराशि को सार्वजनिक करते हुए कहा कि कोई भी दानकर्ता यहां आकर अपनी भेंट या दान का सत्यापन कर सकता है।

ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने बैठक में लिये गए फैसलों की मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ और इस बैठक में ट्रस्ट के सदस्य के. पारासरन आभासी रूप से जुड़े। बैठक में मंदिर के दान में चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्य और आहत करने वाली बताया गया। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र द्वारा नैतिक रूप से अपने अपने पदों से दिए गए त्यागपत्र पर ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप चर्चा की गयी।

कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा

बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी के. पारासरन ने सदस्यों को बताया कि ट्रस्ट का नियम है कि अगर कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा। ऐसे में नैतिक आधार पर महामंत्री चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही ट्रस्टी कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। इनकी मदद के लिए एक समिति भी गठित की गयी। इसके अलावा गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटा दिया गया है।

22 जुलाई को होगी ट्रस्ट की पुन: बैठक

गोविंद देव गिरि ने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की पुन: बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। दान चोरी करने वाले अन्य अपराधियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए दान की गयी 2800 वस्तुतों की सूची बनी है और अगर किसी भी दानदाता के मन में संशय है तो वे ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय आकर देख सकते हैं। सभी वस्तुओं को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।

श्रद्धालुओं का विश्वास पुन: स्थापित करेगा ट्रस्ट

बड़े ही भावुक हाेते हुए गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर चोरी के प्रकरण को लेकर अनर्गल बातें मीडिया में आने और कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इस मुद्दे पर जो चिंता दिखायी जा रही है वे राष्ट्र के लिए घातक हैं, क्योंकि यही वे राजनीतिक दल और नेता हैं जो भगवान राम को काल्पनिक बता कर न्यायालय तक गए। मंदिर आंदोलन के समय कारसेवकों पर गोलियां तक चलवाईं। ऐसे नेताओं एवं संगठनों का मकसद राजनीतिक रोटियां सेंकना और हिंदू एकता, रामभक्तों और सनातन पर चोट करना है, लेकिन ट्रस्ट आह्र्वान करता है कि सभी हिंदू समाज की अपेक्षा के अनुरूप काम करेगा और उनका विश्वास पुन:स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि राम भक्त धैर्य रखें और किसी प्रकार के अनर्गल समाचारों पर ध्यान न दें।

चोरी करने वालों को दंड दिलाना प्राथमिकता

बैठक में कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि पहला काम चढ़ावा चोरी करने वाले अपराधियों को दंड दिलाना और मंदिर प्रबंधन में अब तक रहीं कमियां दूर करना है। ट्रस्ट के सदस्य समाज में राम मंदिर की पुन: प्रतिष्ठा और विश्वास बनाएंगे।

सार्वजनिक की गई धनराशि

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि आज की बैठक में प्रमुख रूप से दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना की प्रक्रिया में अनियमितता, उसकी जांच और कार्यवाही, महामंत्री और एक न्यासी के न्यासी पद से त्यागपत्रों, मीडिया में चल रही चर्चाओं, भावी अन्तरिम व्यवस्थाओं आदि विषयों पर विचार हुआ। अब तक निधि समर्पण अभियान एवं कॉर्पस दान के माध्यम से प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपये में से 2,370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग की गई है।

2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ

प्रारम्भ से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ, जिसमें से 391 करोड़ रुपये की राशि संचालन व्यय में उपयोग ली गई। शेष राशियां बैंक खातों में उपलब्ध है। ये समस्त वितीय सूचनाएं समय—समय पर ट्रस्ट ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की हैं। नकद राशि के अतिरिक्त अनेक श्रद्धालुओं ने वस्तु के रूप में प्रभु श्री रामलला को भेंट अर्पित की हैं। ऐसी कुल 2,926 भेंट प्राप्त हुई हैं जो समस्त, तिथि अनुसार, सम्पूर्ण विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और उनका भौतिक सत्यापन एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फ़र्म द्वारा आंतरिक अंकेक्षक के नाते प्रति वर्ष किया जाता है। काउंटर पर ऐसी भेंट देने वाले समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई हैं और काउंटर के अतिरिक्त दी गई भेंट हेतु भी उन समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई है जिन्होने दानदाता का विवरण दिया।

कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध

समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन है कि जो भी अपनी दी हुई भेंट का उपयोग जानना अथवा सत्यापन करना चाहें, वे कभी भी ट्रस्ट के अधिकारी से तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या पधारें और प्रभु श्री रामलला के दर्शन के साथ अपनी भेंट का सत्यापन कर सकते हैं। चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में गला कर छड़ें बनाई गई हैं जिनके मूल स्वरूप का विवरण फोटो व वजन सहित उपलब्ध है। गलाने के पश्चात चाँदी की शुद्धता और कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध हैं।

भारतीय वन सेवा (आईएफएस) से सेवानिवृत्त हैं कृष्ण मोहन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को श्री राम जन्मभूमि परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। उन्हें ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघचालक के दायित्व पर अपनी सेवा दे रहे हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं

कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
यूपी में उच्च शिक्षा का विस्तार: कैबिनेट ने तीन नए निजी विश्वविद्यालयों को दी मंजूरी
-  कानपुर, गाजियाबाद और फतेहपुर में खुलेंगे नए विश्वविद्यालय; उच्च शिक्षा मंत्री बोले— अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाना सरकार का लक्ष्य

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में सोमवार को 5, कालिदास मार्ग स्थित सरकारी आवास पर हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में उच्च शिक्षा विभाग के कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने प्रदेश में तीन नए निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की, जिससे उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा के विस्तार के साथ उसकी गुणवत्ता को भी नई मजबूती मिलेगी।
लोक भवन स्थित मीडिया सेंटर में आयोजित प्रेस वार्ता में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय अधिनियम-2019 के तहत मूल्यांकन के बाद तीन संस्थाओं को आशय पत्र (एलओपी) जारी करने तथा संचालन प्राधिकार-पत्र देने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का लक्ष्य प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा पहुंचाना है और सरकार उसी दिशा में लगातार कार्य कर रही है।
उन्होंने बताया कि स्वामी ब्रह्मानंद सरस्वती चैरिटेबल ट्रस्ट, दिल्ली द्वारा कानपुर नगर की बिल्हौर तहसील के ग्राम गदनपुर आहार में 51.739 एकड़ भूमि पर कृषि आधारित निजी विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा। यह संस्थान कृषि शिक्षा और अनुसंधान को नई दिशा देगा। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (चतुर्थ संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
इसी प्रकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट एंड इंजीनियरिंग सोसाइटी, गाजियाबाद को गाजियाबाद विकास प्राधिकरण क्षेत्र के ग्राम डासना में 26.2656 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मंजूरी दी गई है। संस्था पहले से मेडिकल और इंजीनियरिंग कॉलेज संचालित कर रही है। नए विश्वविद्यालय से क्षेत्र में उच्च शिक्षा के नए अवसर उपलब्ध होंगे। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (तृतीय संशोधन) अध्यादेश-2026 प्रख्यापित किया जाएगा।
वहीं एंग्लो संस्कृत कॉलेज, फतेहपुर को फतेहपुर तहसील के कस्बा फतेहपुर दक्षिणी में 20.45 एकड़ भूमि पर निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने की अनुमति मिली है। इसके लिए उत्तर प्रदेश निजी विश्वविद्यालय (पंचम संशोधन) अध्यादेश-2026 लागू किया जाएगा।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश में उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। वर्ष 2017 तक उत्तर प्रदेश में 14 सरकारी विश्वविद्यालय थे, जबकि पिछले नौ वर्षों में 8 नए सरकारी विश्वविद्यालय स्थापित किए गए हैं। इसी तरह 2017 तक प्रदेश में 27 निजी विश्वविद्यालय थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 56 हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि तीनों प्रस्तावित विश्वविद्यालय निर्धारित मानकों पर खरे उतरते हैं। इनके शुरू होने से प्रदेश के युवाओं को गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा, शोध, नवाचार और रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों की बेहतर सुविधाएं अपने ही राज्य में उपलब्ध होंगी।
उत्तराखंड की सूखती 13 नदियों को मिलेगा नया जीवन, बड़े संस्थान करेंगे अध्ययन
देहरादून। उत्तराखंड में लगातार घटते जल प्रवाह और सूखते जल स्रोतों को देखते हुए राज्य सरकार ने नदियों के पुनर्जीवन के लिए बड़ा कदम उठाया है। स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी ने राज्य की 13 प्रमुख नदियों के वैज्ञानिक अध्ययन की योजना तैयार की है, जिसमें देश के प्रमुख राष्ट्रीय स्तर के संस्थान शामिल होंगे।
स्प्रिंग एंड रिवर रिजूवनेशन अथॉरिटी (सारा) की इस पहल के तहत ‘एक जिला-एक नदी’ मॉडल पर हर जिले से एक नदी का चयन किया गया है। इन नदियों के साथ-साथ उनके जलग्रहण क्षेत्र, भूजल पुनर्भरण, झीलों और तालाबों की स्थिति का भी विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।
इस परियोजना में आईआईटी रुड़की, जीबी पंत राष्ट्रीय हिमालयी पर्यावरण संस्थान और भारतीय वन्यजीव संस्थान जैसे प्रमुख संस्थानों को जिम्मेदारी दी गई है। विशेषज्ञ वैज्ञानिक आधार पर यह आकलन करेंगे कि नदियों का जल प्रवाह क्यों कम हुआ और उन्हें पुनर्जीवित करने के लिए कौन से कदम जरूरी हैं।
अल्मोड़ा की जटा गंगा, बागेश्वर की गरुड़ गंगा, पिथौरागढ़ की पूर्वी रामगंगा, नैनीताल की शिप्रा, चंपावत की गौड़ी, पौड़ी की नयार पूर्वी और नयार पश्चिमी, देहरादून और टिहरी की सोंग, चमोली की चंद्रभागा, रुद्रप्रयाग की पुनार, उत्तरकाशी की कमल गंगा, हरिद्वार की पथरी और उधम सिंह नगर की फीका नदी का अध्ययन किया जाएगा।
अध्ययन के बाद संबंधित संस्थान विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट तैयार करेंगे, जिसमें नदियों के पुनर्जीवन के उपाय, जल संरक्षण के तरीके और आवश्यक सुधार शामिल होंगे। इन्हीं रिपोर्टों के आधार पर आगे की योजनाओं को मंजूरी दी जाएगी।
अधिकारियों के अनुसार इस योजना की निगरानी अगले 10 वर्ष तक की जाएगी और स्थानीय लोगों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जल संरक्षण के प्रयास जमीनी स्तर पर सफल हो सकें।
शादी में आए रिश्तेदार की बाइक चोरी, खेत में क्षतिग्रस्त हालत में मिली,थाना पुलिस जांच में जुटी
अमृतपुर, फर्रुखाबाद। थाना अमृतपुर क्षेत्र के ग्राम करपुरदस्त में शादी समारोह में आए एक रिश्तेदार की बाइक चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित संजेश कुमार के अनुसार, 1 जुलाई की रात उनकी UP-30 BV 2763 नंबर की मोटरसाइकिल चोरी हो गई थी। तलाश के दौरान गांव मोकुलपुर निवासी एक युवक पर शक होने पर डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस उसे पूछताछ के लिए थाने ले गई। अगले दिन गांव के चमन मोहम्मद के खेत में चोरी गई बाइक क्षतिग्रस्त अवस्था में बरामद हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने बाइक कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र: मानसून की पहली बारिश में उफनाया नाला, मां और 8 महीने का मासूम बहा; बच्चे का शव बरामद, मां की तलाश जारी

विकास कुमार सोनभद्र अनपरा। सोनभद्र जिले में मानसून की पहली ही तेज बारिश ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां पल भर में उजाड़ दीं। अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास अचानक उफनाए एक बरसाती नाले ने मां और उसके आठ महीने के मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में मासूम बच्चे की मौत हो गई है, जिसका शव घटनास्थल से तीन किलोमीटर दूर बरामद किया गया। वहीं, लापता मां का अब तक सिर्फ कपड़ा ही मिल सका है, उसका कोई सुराग नहीं लगा है। इस दर्दनाक हादसे के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

अचानक बढ़े जलस्तर ने दोनों को आगोश में लिया
मिली जानकारी के अनुसार, अनपरा थाना क्षेत्र के एमटीसी कंपनी के पास रहने वाली 25 वर्षीय सविता देर शाम अपने आठ महीने के मासूम बच्चे को लेकर घर से निकली थी। थाना प्रभारी के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला का घर नाले के बिल्कुल करीब है और वह संभवतः शौच के लिए निकली थी। इसी दौरान अचानक मूसलाधार बारिश शुरू हो गई, जिससे बरसाती नाले का जलस्तर और बहाव पल भर में बेहद तेज हो गया। नाला पार करते समय मां और बेटा पानी के इस प्रचंड वेग को संभाल नहीं पाए और तेज धारा में बह गए।

सुबह शुरू हुआ रेस्क्यू, 3 किमी दूर मिला मासूम का शव
यह घटना देर रात की होने के कारण शुरुआत में किसी को इसकी भनक नहीं लगी। सुबह होते ही जब पुलिस को मामले की जानकारी मिली, तो तुरंत राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया। स्थानीय पुलिस और गोताखोरों की कड़ी मशक्कत के बाद, घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर मासूम बच्चे का शव बरामद कर लिया गया। हालांकि, काफी खोजबीन के बाद भी मां सविता का कुछ पता नहीं चल सका है, पुलिस को नाले के पास से केवल उसके कपड़े बरामद हुए हैं।

पति था घर से बाहर, परिजनों को 'चमत्कार' की उम्मीद
बताया जा रहा है कि घटना के वक्त महिला का पति घर पर मौजूद नहीं था। जैसे ही उसे इस अनहोनी की सूचना मिली, वह बदहवास हालत में मौके पर पहुंचा। इस हादसे ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया है।

वर्तमान में पुलिस, एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों की टीमें नाले और उसके आसपास के संभावित इलाकों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

मासूम की मौत से जहां पूरे गांव की आंखें नम हैं, वहीं परिजन और ग्रामीण अब भी किसी चमत्कार की उम्मीद लगाए बैठे हैं कि काश सविता सकुशल मिल जाए। इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि बारिश के मौसम में उफनते नदी-नाले और थोड़ी सी भी लापरवाही पल भर में जिंदगी को खत्म कर सकती है।