ज्ञानपुर पुलिस लाइन में 'ई-साक्ष्य' ऐप प्रशिक्षण:विवेचकों को डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए गए*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद में पुलिसिंग और विवेचना प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़, पारदर्शी और हाईटेक बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन ज्ञानपुर के मुख्य सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक भदोही के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर और तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में विवेचकों को 'ई-साक्ष्य' (eSakshya) मोबाइल एप्लिकेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभागार में उपस्थित जनपद के सभी थानों के विवेचकों को ऐप के उपयोग और डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए।
श्री तिवारी ने लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया कि कैसे विवेचक घटना स्थल से ही ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफ्स को सीधे ऐप पर सुरक्षित रूप से अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह ऐप साक्ष्यों की विश्वसनीयता को बनाए रखता है, जिससे न्यायालय में पुलिस का पक्ष मजबूत होता है। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर ने विवेचकों के तकनीकी सवालों और व्यावहारिक चुनौतियों का भी समाधान किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा, "नए आपराधिक कानूनों के युग में डिजिटल साक्ष्य ही न्याय की मुख्य धुरी हैं। सभी विवेचक पूरी कर्मठता के साथ इस नई तकनीक को अपनी कार्यप्रणाली में अपनाएं।" क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा ने भी इस प्रशिक्षण को पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

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अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ

इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?

इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।

30 साल की डील

30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।

पत्नी की मौत से ग़मगीन युवक का गोमती में मिला शव
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)। जनपद हरदोई के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र के चमारन टोला निवासी 26 वर्षीय अनूप कुमार पुत्र स्वर्गीय राम कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के किनारे पानी में उतराता मिला। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक की साइकिल गोमती नदी पुल पर लावारिस अवस्था में पड़ी मिली, जिससे घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूचना मिलने पर बेनीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय सभासद राजेश चौधरी ने बताया कि अनूप कुमार बेहद सरल, मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार पर दुखों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा जब लगभग दस दिन पूर्व उसकी पत्नी सीमा ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने अनूप को भीतर तक झकझोर दिया था।
परिजनों के अनुसार पत्नी की असामयिक मृत्यु के बाद अनूप गहरे सदमे में था। वह अक्सर नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के उस स्थान पर चला जाता था, जहां सीमा का अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार के लोग कई बार उसे समझा-बुझाकर वापस घर ले आते थे, लेकिन वह पत्नी की यादों से उबर नहीं पा रहा था।
अब अनूप का शव उसी गोमती नदी के किनारे मिलने से परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दस दिन पहले जिस घर में नवजात बच्ची के जन्म की खुशी थी, उसी घर से पहले मां और अब पिता की विदाई ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। मासूम बच्ची के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ जाने की खबर सुनकर क्षेत्र के लोग भी भावुक हो उठे।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे क्षेत्र में इस हृदय विदारक घटना को लेकर शोक का माहौल है तथा लोग दिवंगत आत्माओं की शांति और नवजात बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं परिजनों पर दुःख का पहाड़ टूट गया।
जातिसूचक टिप्पणी को लेकर थाने में तहरीर, एफआईआर दर्ज करने की मांग
घोसी,मऊ। सोशल मीडिया पर कथित रूप से की गई जातिसूचक टिप्पणी को लेकर राजभर समाज के लोगों ने कोतवाली घोसी में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 17 जुलाई 2026 को शिवप्रताप यादव उर्फ मुन्ना यादव जो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बताए गए हैं तथा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा राजभर समाज और चमार समाज के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने एवं अपमानित करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।

तहरीर में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित टिप्पणी से राजभर समाज एवं दलित समाज में आक्रोश व्याप्त है। प्रार्थियों ने आरोप लगाया कि उक्त बयान से दोनों समाजों की भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में जितेन्द्र कुमार भारती, कमलेश राजभर, संदीप कुमार (बैसारी) तथा दीपक कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली घोसी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का एक सदस्य 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार
लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्कर करने वाले गिरोह के एक सदस्य को 171 कछुओं सहित जनपद कानपुर से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जाहिद अली पुत्र मो. अली निवासी ग्राम भटपुरा थाना कमालगंज, फतेहगढ़ है। इसके कब्जे से  171 अदद कछुआ (इंडियन रूफर्ड टर्टल), एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अभियुक्त को  हरबंश मोहाल, जनपद कानपुर ‌क्षेत्र अन्तर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की शाम को गिरफ्तार किया गया है।

शक्तिवर्धक दवाओं में इसका किया जाता है इस्तेमाल

वन्य जीव अपराध नियन्त्रण ब्यूरो भारत सरकार की पहल पर एसटीएफ ने पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में कछुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही की है। भारत में कछुओं की पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियाँ उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। यह अवैध व्यापार जीवित कछुओ के माँस अथवा पालने  (as pet) अथवा कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखा कर शक्तिवर्धक दवाओं के लिए किया जाता है। कछुओं को SOFT SHELL (मुलायम कवच) तथा HARD SHELL(कठोर कवच) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यमुना, चम्बल, गंगा, गोमती, घाघरा, गण्डक आदि नदियों, उनकी सहायक नदियों, तालाबों, आदि में यह कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।

बांग्लादेश, चीन व मलेशिया तक करते थे कछुओं की सप्लाई

विगत काफी दिनों से एसटीएफ  को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले तस्करों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में  अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कछुआ तस्करों द्वारा बड़े स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के कछुओ की तस्करी का कार्य किया जा रहा है। यह भी जानकारी हुई कि ऐसे व्यापारी माल बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं, जहाँ से यह माल बंग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया आदि देशो में भेजा जाता है।

एसटीएफ ने अभियुक्त को कानपुर से किया गिरफ्तार

उप निरीक्षक  फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम जनपद कानपुर में भ्रमणशील थी। इस दौरान ज्ञात हुआ कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की तस्करी के लिए कानपुर आने वाले है। इस सूचना को विकसित करते हुए वन विभाग कानपुर रेंज की टीम को साथ लेकर संयुक्त टीम द्वारा हरबंश मोहाल रेलवे क्रासिंग, जनपद कानपुर ‌के पास से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि वह जनपद फतेहगढ़ के आस पास के जनपदों के तालाबों एवं नदियों से स्थानीय कछुआ तस्करों के माध्यम से कछुए इकठ्ठा करता है, इसके पश्चात कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन कछुओं की बिहार व पश्चिम बंगाल में सप्लाई करता है। 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा

अभियुक्त के विरूद्ध वन रेंज कानपुर में केस नं0 10/2026-27 धारा 09, 39, 40, 48ए, 51, 57 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। आवष्यक विधिक कार्यवाही वन रेंज कानपुर द्वारा की जायेगी।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में 20 जुलाई से नियमित कक्षाएं प्रारंभ
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 की नियमित कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा जारी सूचना के अनुसार स्नातक तृतीय, पंचम एवं सप्तम सेमेस्टर तथा परास्नातक तृतीय सेमेस्टर के समस्त छात्र-छात्राओं की कक्षाएं 20 जुलाई से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जाएंगी।
महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से समय से कक्षाओं में उपस्थित होने का आग्रह किया है। साथ ही, कक्षा संचालन एवं समय-सारिणी से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन तथा अपने-अपने संबंधित विभागों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्राचार्य ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में नियमित अध्ययन-अध्यापन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी छात्र-छात्राओं की समयबद्ध उपस्थिति अपेक्षित है।
एल. बी. एस. डिग्री कॉलेज में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में वर्तमान सत्र के लिए एम.ए., एम.एससी. एवं एम.कॉम. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
महाविद्यालय से निर्गत सूचना के अनुसार अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इसके उपरांत वे महाविद्यालय की वेबसाइट www.lbsdc.org.in⁠ पर 18 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
महाविद्यालय में कला संकाय के अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, मध्यकालीन इतिहास, भूगोल, रक्षा अध्ययन, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और शिक्षा शास्त्र में एम. ए. पाठ्यक्रम संचालित है।
एम.एससी. के अंतर्गत भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान, प्राणि विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान में छात्र-छात्राएं प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते हैं।
महाविद्यालय में एम. कॉम. पाठ्यक्रम के लिए भी प्रवेशार्थी छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं।
प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपने पंचम/षष्ठम सेमेस्टर के अंकपत्र की प्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन आवेदन पूर्ण होने के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी महाविद्यालय में जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
इसके बाद परास्नातक की इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राएं महाविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें। उन्हें प्रवेश के बारे में समस्त प्रामाणिक जानकारियाँ वेबसाइट पर मिलेंगी।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि यदि पंजीकरण अथवा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो अभ्यर्थी महाविद्यालय के छात्रवृत्ति विभाग से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सके।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
महाराष्ट्र में बेकाबू कार की चपेट में आने से हलिया निवासी युवक की इलाज के दौरान मौत
युवक की दर्दनाक मौत से परिजनों में मचा कोहराम

हलिया, मीरजापुर: थाना क्षेत्र के हलिया कस्बा निवासी राम सहाय का 38 वर्षीय पुत्र राम दुलारे उर्फ बबलू गुप्ता घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से रोज़ी रोटी की तलाश में कुछ दीन पहले मुंबई गया हुआ था मुंबई के तलोजा स्थित इलाके में वाचमैन के रूप में मजदूरी का काम करके अपने बुढ़े मां बाप और परिवार का भरण पोषण करता था बीते 7 जुलाई को लंच में नास्ता करने हेतु तलोजा फेस वन स्थित दुकान पर नास्ता करने हेतु गये हुए थे इसी दौरान रसुक दार विल्डर के बेटे की बेकाबू कार का धक्का लगने व दुकान का खौलता तेल ऊपर पड़ जाने की वजह से बुरी तरह से झुलस गए जिसका इलाज मुंबई स्थित नेशनल वर्न सेंटर अस्पताल एरोली मुंबई में चल रहा था बीती रात इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा मृतक दो भाई तीन बहन में सबसे बड़ा और कमाने वाला था मृतक के दो पुत्र व तीन पुत्रियां हैं पत्नी सरीता गुप्ता का रो रो कर बुरा हाल हो रहा है
सोना लेकर चीन से लौटे आनन्द को बधाई देने वालों का लगा तांता

उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। जिले के टहर किसुदेवपुर निवासी होनहार एथलीट आनंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। चीन में एथलेटिक्स चैंपियनशिप' में भाला फेंक स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराकर जब आनंद सिंह अपने गृह जनपद पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सहारे जैसे ही आनंद का काफिला कंधरापुर क्षेत्र के सेहदा कट पर उतरा, वहां मौजूद समर्थकों और खेल प्रेमियों का तांता लग गया। आनंद ने सबसे पहले अपने पिता अमरजीत सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस साथ ही गांजे बाजे के साथ रोटरी क्लब अध्यक्ष व भाजपा सह-कोषाध्यक्ष श्रेय अग्रवाल, भाजपा नेता रित्विक जायसवाल, भाजपा नेता मनीष यादव और एथलेटिक्स संघ के संयुक्त सचिव मुज़म्मिल खान सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों व समर्थकों ने आनंद को अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर उनका जोरदार अभिनंदन किया। अपनी इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए आनंद सिंह ने कहा कि वह कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर ही आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भाला फेंकने की प्रेरणा कप्तानगंज इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मिली, वही से उन्होंने अपना सफर शुरू किया था। आनंद ने अपनी इस स्वर्णिम सफलता का पूरा श्रेय अपने परिजनों, गुरुजनों, मित्रों और सभी शुभचिंतकों को दिया है। इस ऐतिहासिक मौके पर आनंद सिंह ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार से एक बड़ी मांग करते हुए कहा कि जिले के युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मेरी सरकार से मांग है कि आजमगढ़ को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक सर्वसुविधायुक्त खेल का मैदान प्रदान किया जाए, ताकि आगे भी युवा खिलाड़ी अपने गृह जनपद में ही बेहतर तैयारी कर सकें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा सकें।
ज्ञानपुर पुलिस लाइन में 'ई-साक्ष्य' ऐप प्रशिक्षण:विवेचकों को डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए गए*

नितेश श्रीवास्तव

भदोही। भदोही जनपद में पुलिसिंग और विवेचना प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सुदृढ़, पारदर्शी और हाईटेक बनाने के उद्देश्य से पुलिस लाइन ज्ञानपुर के मुख्य सभागार में एक महत्वपूर्ण कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण पुलिस अधीक्षक भदोही के मार्गदर्शन में अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल और क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
कार्यशाला में डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर और तकनीकी विशेषज्ञ सौरभ तिवारी ने मुख्य वक्ता के रूप में विवेचकों को 'ई-साक्ष्य' (eSakshya) मोबाइल एप्लिकेशन की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने सभागार में उपस्थित जनपद के सभी थानों के विवेचकों को ऐप के उपयोग और डिजिटल साक्ष्य संकलन के आधुनिक गुर सिखाए।
श्री तिवारी ने लाइव डेमो के माध्यम से प्रदर्शित किया कि कैसे विवेचक घटना स्थल से ही ऑडियो, वीडियो और फोटोग्राफ्स को सीधे ऐप पर सुरक्षित रूप से अपलोड कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि यह ऐप साक्ष्यों की विश्वसनीयता को बनाए रखता है, जिससे न्यायालय में पुलिस का पक्ष मजबूत होता है। डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर ने विवेचकों के तकनीकी सवालों और व्यावहारिक चुनौतियों का भी समाधान किया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक शुभम अग्रवाल ने कहा, "नए आपराधिक कानूनों के युग में डिजिटल साक्ष्य ही न्याय की मुख्य धुरी हैं। सभी विवेचक पूरी कर्मठता के साथ इस नई तकनीक को अपनी कार्यप्रणाली में अपनाएं।" क्षेत्राधिकारी ज्ञानपुर चमन सिंह चावड़ा ने भी इस प्रशिक्षण को पुलिस की कार्यक्षमता बढ़ाने में एक क्रांतिकारी कदम बताया।
सऊदी अरब और अमेरिका में न्यूक्लियर डील, जानें ट्रंप की इस मंजूरी के बाद कैसे बदलेंगे वैश्विक समीकरण?

#donaldtrumpapprovessaudiarabiaciviliannuclear_deal

अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से तनाव जारी है। दोनों देशों के बीच तनाव मामूली नहीं है। फरवरी से जारी जंग ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। अमेरिका और ईरान के बीच इस हालिया संघर्ष और तनाव का मुख्य कारण ईरान का तेजी से बढ़ता परमाणु कार्यक्रम, उसकी बैलिस्टिक मिसाइल क्षमता है। हालांकि, इसी बीच मेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के साथ एक ऐतिहासिक परमाणु समझौते को मंजूरी दे दी है।

परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम में अमेरिका देगा साथ

इस समझौते के तहत सऊदी अरब को शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम विकसित करने में अमेरिका सहयोग देगा। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक यह समझौता भविष्य में सऊदी अरब को अपने देश में यूरेनियम संवर्धन की अनुमति मिलने का रास्ता भी खोल सकता है। यूरेनियम संवर्धन का मतलब है यूरेनियम में शुद्धता बढ़ाना। साधारण यूरेनियम में काम आने वाले यूरेनियम (यू-235) की मात्रा बढ़ाना। इसी प्रक्रिया से बना यूरेनियम परमाणु बिजली बनाने में भी इस्तेमाल होता है, और अगर इसे बहुत ज्यादा संवर्धित किया जाए, तो परमाणु बम बनाने में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

क्या परमाणु बम बनाएगा सऊदी अरब?

इस समझौते में 'गोल्ड स्टैंडर्ड' शामिल नहीं है। अगर यह शामिल होता, तो सऊदी अरब पर यूरेनियम को एनरिच करने या इस्तेमाल हो चुके न्यूक्लियर फ्यूल की रीप्रोसेसिंग करने पर रोक लग जाती। ये दोनों ही न्यूक्लियर हथियार बनाने के लिए जरूरी मटीरियल हासिल करने के मुख्य तरीके हैं। परमाणु हथियारों के प्रसार को रोकने वाले एक्सपर्ट्स चेतावनी देते हैं कि सऊदी अरब में अगर यूरेनियम एनरिचमेंट वाले प्लांट आ गए तो इससे इस देश के लिए परमाणु हथियार बनाने का रास्ता खुल सकता है। गौरतलब है कि सऊदी अरब के आक्रामक क्राउन प्रिंस ने संकेत दिया है कि अगर ईरान परमाणु बम हासिल कर लेता है, तो वे भी ऐसा कर सकते हैं।

30 साल की डील

30 साल तक चलने वाले इस नए समझौते की कीमत अरबों डॉलर होने का अनुमान है। इसे इस तरह से तैयार किया गया है कि सऊदी अरब के न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने में अमेरिकी कंपनियों की मुख्य भूमिका हो और दूसरे विदेशी प्रतिस्पर्धियों को इससे बाहर रखा जा सके।

पत्नी की मौत से ग़मगीन युवक का गोमती में मिला शव
रितेश मिश्रा
बेनीगंज (हरदोई)। जनपद हरदोई के कोतवाली बेनीगंज क्षेत्र के चमारन टोला निवासी 26 वर्षीय अनूप कुमार पुत्र स्वर्गीय राम कुमार का शव संदिग्ध परिस्थितियों में नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के किनारे पानी में उतराता मिला। घटना की सूचना मिलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक की साइकिल गोमती नदी पुल पर लावारिस अवस्था में पड़ी मिली, जिससे घटना को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
सूचना मिलने पर बेनीगंज पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हरदोई भेज दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
स्थानीय सभासद राजेश चौधरी ने बताया कि अनूप कुमार बेहद सरल, मेहनती और शांत स्वभाव का व्यक्ति था। वह मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करता था। परिवार पर दुखों का पहाड़ उस समय टूट पड़ा जब लगभग दस दिन पूर्व उसकी पत्नी सीमा ने एक बच्ची को जन्म दिया, लेकिन प्रसव के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने अनूप को भीतर तक झकझोर दिया था।
परिजनों के अनुसार पत्नी की असामयिक मृत्यु के बाद अनूप गहरे सदमे में था। वह अक्सर नैमिषारण्य स्थित गोमती नदी के उस स्थान पर चला जाता था, जहां सीमा का अंतिम संस्कार किया गया था। परिवार के लोग कई बार उसे समझा-बुझाकर वापस घर ले आते थे, लेकिन वह पत्नी की यादों से उबर नहीं पा रहा था।
अब अनूप का शव उसी गोमती नदी के किनारे मिलने से परिवार पर एक और दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। दस दिन पहले जिस घर में नवजात बच्ची के जन्म की खुशी थी, उसी घर से पहले मां और अब पिता की विदाई ने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं। मासूम बच्ची के सिर से माता-पिता दोनों का साया उठ जाने की खबर सुनकर क्षेत्र के लोग भी भावुक हो उठे।
फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पूरे क्षेत्र में इस हृदय विदारक घटना को लेकर शोक का माहौल है तथा लोग दिवंगत आत्माओं की शांति और नवजात बच्ची के उज्ज्वल भविष्य की प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं परिजनों पर दुःख का पहाड़ टूट गया।
जातिसूचक टिप्पणी को लेकर थाने में तहरीर, एफआईआर दर्ज करने की मांग
घोसी,मऊ। सोशल मीडिया पर कथित रूप से की गई जातिसूचक टिप्पणी को लेकर राजभर समाज के लोगों ने कोतवाली घोसी में तहरीर देकर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया गया है कि 17 जुलाई 2026 को शिवप्रताप यादव उर्फ मुन्ना यादव जो समाजवादी पार्टी के पूर्व जिलाध्यक्ष बताए गए हैं तथा कुछ अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा राजभर समाज और चमार समाज के लोगों की सामाजिक प्रतिष्ठा को धूमिल करने एवं अपमानित करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक एवं जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया गया।

तहरीर में कहा गया है कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कथित टिप्पणी से राजभर समाज एवं दलित समाज में आक्रोश व्याप्त है। प्रार्थियों ने आरोप लगाया कि उक्त बयान से दोनों समाजों की भावनाएं आहत हुई हैं इसलिए संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।

इस संबंध में जितेन्द्र कुमार भारती, कमलेश राजभर, संदीप कुमार (बैसारी) तथा दीपक कुमार सहित अन्य लोगों ने प्रभारी निरीक्षक कोतवाली घोसी को प्रार्थना पत्र सौंपकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्करी करने वाले गिरोह का एक सदस्य 171 कछुओं के साथ गिरफ्तार
लखनऊ । एसटीएफ उत्तर प्रदेश को अन्र्तराष्ट्रीय स्तर पर कछुओं की तस्कर करने वाले गिरोह के एक सदस्य को 171 कछुओं सहित जनपद कानपुर से गिरफ्तार करने में उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई। गिरफ्तार अभियुक्त का नाम जाहिद अली पुत्र मो. अली निवासी ग्राम भटपुरा थाना कमालगंज, फतेहगढ़ है। इसके कब्जे से  171 अदद कछुआ (इंडियन रूफर्ड टर्टल), एक आधार कार्ड, एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। अभियुक्त को  हरबंश मोहाल, जनपद कानपुर ‌क्षेत्र अन्तर्गत रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की शाम को गिरफ्तार किया गया है।

शक्तिवर्धक दवाओं में इसका किया जाता है इस्तेमाल

वन्य जीव अपराध नियन्त्रण ब्यूरो भारत सरकार की पहल पर एसटीएफ ने पिछले कई वर्षों से उत्तर प्रदेश में कछुओं की तस्करी पर प्रभावी कार्यवाही की है। भारत में कछुओं की पाई जाने वाली 29 प्रजातियों में 15 प्रजातियाँ उत्तर प्रदेश में पाई जाती है। इनमें 11 प्रजातियों का अवैध व्यापार किया जाता है। यह अवैध व्यापार जीवित कछुओ के माँस अथवा पालने  (as pet) अथवा कछुओं की कैलिपी (झिल्ली) को सुखा कर शक्तिवर्धक दवाओं के लिए किया जाता है। कछुओं को SOFT SHELL (मुलायम कवच) तथा HARD SHELL(कठोर कवच) के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यमुना, चम्बल, गंगा, गोमती, घाघरा, गण्डक आदि नदियों, उनकी सहायक नदियों, तालाबों, आदि में यह कछुए बहुतायत में पाए जाते हैं।

बांग्लादेश, चीन व मलेशिया तक करते थे कछुओं की सप्लाई

विगत काफी दिनों से एसटीएफ  को प्रतिबंधित प्रजाति के कछुओं की तस्करी करने वाले तस्करों के सक्रिय होने की सूचनाएं प्राप्त हो रहीं थी। इस सम्बन्ध में एसटीएफ की विभिन्न इकाईयों/टीमों को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था, जिसके अनुपालन में  अवनीश्वर चन्द्र श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक, एसटीएफ लखनऊ के पर्यवेक्षण में अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि प्रदेश के विभिन्न जनपदों के कछुआ तस्करों द्वारा बड़े स्तर पर विभिन्न प्रजातियों के कछुओ की तस्करी का कार्य किया जा रहा है। यह भी जानकारी हुई कि ऐसे व्यापारी माल बेचने के लिए पश्चिम बंगाल के व्यापारियों के संपर्क में रहते हैं, जहाँ से यह माल बंग्लादेश और म्यांमार के रास्ते चीन, हांगकांग, मलेशिया आदि देशो में भेजा जाता है।

एसटीएफ ने अभियुक्त को कानपुर से किया गिरफ्तार

उप निरीक्षक  फैजुद्दीन सिद्दीकी के नेतृत्व में एसटीएफ टीम जनपद कानपुर में भ्रमणशील थी। इस दौरान ज्ञात हुआ कि कुछ तस्कर भारी मात्रा में कछुओं की तस्करी के लिए कानपुर आने वाले है। इस सूचना को विकसित करते हुए वन विभाग कानपुर रेंज की टीम को साथ लेकर संयुक्त टीम द्वारा हरबंश मोहाल रेलवे क्रासिंग, जनपद कानपुर ‌के पास से एक तस्कर को गिरफ्तार कर लिया गया।गिरफ्तार अभियुक्त ने बताया कि वह जनपद फतेहगढ़ के आस पास के जनपदों के तालाबों एवं नदियों से स्थानीय कछुआ तस्करों के माध्यम से कछुए इकठ्ठा करता है, इसके पश्चात कानपुर के तस्करों के साथ मिलकर उन कछुओं की बिहार व पश्चिम बंगाल में सप्लाई करता है। 

वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा

अभियुक्त के विरूद्ध वन रेंज कानपुर में केस नं0 10/2026-27 धारा 09, 39, 40, 48ए, 51, 57 वन्य जीव संरक्षण अधिनियम-1972 के अंतर्गत अभियोग पंजीकृत कराया जा रहा है। आवष्यक विधिक कार्यवाही वन रेंज कानपुर द्वारा की जायेगी।
श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में 20 जुलाई से नियमित कक्षाएं प्रारंभ
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज, गोण्डा में नवीन शैक्षणिक सत्र 2026–27 की नियमित कक्षाओं का संचालन 20 जुलाई 2026 से प्रारंभ होगा।
महाविद्यालय के प्राचार्य द्वारा जारी सूचना के अनुसार स्नातक तृतीय, पंचम एवं सप्तम सेमेस्टर तथा परास्नातक तृतीय सेमेस्टर के समस्त छात्र-छात्राओं की कक्षाएं 20 जुलाई से निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार संचालित की जाएंगी।
महाविद्यालय प्रशासन ने सभी विद्यार्थियों से समय से कक्षाओं में उपस्थित होने का आग्रह किया है। साथ ही, कक्षा संचालन एवं समय-सारिणी से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विद्यार्थियों को महाविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन तथा अपने-अपने संबंधित विभागों से संपर्क करने की सलाह दी गई है।
प्राचार्य ने कहा कि नए शैक्षणिक सत्र में नियमित अध्ययन-अध्यापन की निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी छात्र-छात्राओं की समयबद्ध उपस्थिति अपेक्षित है।
एल. बी. एस. डिग्री कॉलेज में स्नातकोत्तर प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आवेदन प्रारंभ
गोण्डा, 18 जुलाई। श्री लाल बहादुर शास्त्री डिग्री कॉलेज में वर्तमान सत्र के लिए एम.ए., एम.एससी. एवं एम.कॉम. प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है।
महाविद्यालय से निर्गत सूचना के अनुसार अभ्यर्थियों को सर्वप्रथम माँ पाटेश्वरी विश्वविद्यालय, बलरामपुर की वेबसाइट पर पंजीकरण कराना होगा। इसके उपरांत वे महाविद्यालय की वेबसाइट www.lbsdc.org.in⁠ पर 18 जुलाई 2026 से 25 जुलाई 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
महाविद्यालय में कला संकाय के अंतर्गत हिंदी, अंग्रेजी, अर्थशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, मध्यकालीन इतिहास, भूगोल, रक्षा अध्ययन, समाजशास्त्र, मनोविज्ञान और शिक्षा शास्त्र में एम. ए. पाठ्यक्रम संचालित है।
एम.एससी. के अंतर्गत भौतिक विज्ञान, गणित, रसायन विज्ञान, प्राणि विज्ञान एवं वनस्पति विज्ञान में छात्र-छात्राएं प्रवेश हेतु आवेदन कर सकते हैं।
महाविद्यालय में एम. कॉम. पाठ्यक्रम के लिए भी प्रवेशार्थी छात्र-छात्राएं आवेदन कर सकते हैं।
प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन करते समय अभ्यर्थियों को अपने पंचम/षष्ठम सेमेस्टर के अंकपत्र की प्रति अपलोड करना अनिवार्य होगा। ऑनलाइन आवेदन पूर्ण होने के बाद आवेदन पत्र की हार्ड कॉपी महाविद्यालय में जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
इसके बाद परास्नातक की इन कक्षाओं में प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राएं महाविद्यालय की वेबसाइट का नियमित अवलोकन करते रहें। उन्हें प्रवेश के बारे में समस्त प्रामाणिक जानकारियाँ वेबसाइट पर मिलेंगी।
महाविद्यालय के प्रभारी प्राचार्य प्रो. जितेन्द्र सिंह ने जानकारी दी कि यदि पंजीकरण अथवा ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई आती है, तो अभ्यर्थी महाविद्यालय के छात्रवृत्ति विभाग से संपर्क कर आवश्यक सहायता प्राप्त कर सके।
साइकिल प्योर अगरबत्ती ने 77 वर्षों की सुगंधमयी विरासत का जश्न मनाया, त्योहारी सीजन के लिए नए उत्पाद लॉन्च






पटना,
भारत की नंबर 1 अगरबत्ती निर्माता और दुनिया के सबसे बड़े अगरबत्ती ब्रांडों में से एक साइकिल प्योर अगरबत्ती ने अपनी 77 वर्षों की सुगंधमयी उत्कृष्टता का जश्न मनाते हुए त्योहारी सीजन के लिए बांस-रहित सॉलिड धूप और मेदिनी जुदवा प्रीमियम कप समब्राणी की नई श्रृंखला लॉन्च की है। कंपनी हर वर्ष 12 अरब से अधिक अगरबत्तियों का निर्माण करती है और 75 से अधिक देशों में अपने उत्पादों की पहुंच रखती है। परंपरा और आधुनिक नवाचार के संतुलन के साथ कंपनी भारतीय आध्यात्मिक विरासत को नए स्वरूप में उपभोक्ताओं तक पहुंचा रही है। 1948 से शुरू हुई विश्वास की यात्रा 1948 में दूरदर्शी उद्योगपति श्री एन. रंगा राव द्वारा स्थापित साइकिल प्योर अगरबत्ती आज वैश्विक स्तर पर एक विश्वसनीय ब्रांड बन चुकी है। वर्षों से कंपनी ने गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार, जिम्मेदार विनिर्माण और भारतीय संस्कृति से जुड़े मूल्यों के आधार पर अपनी अग्रणी पहचान बनाई है। पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता साइकिल प्योर अगरबत्ती दुनिया की पहली कार्बन-न्यूट्रल अगरबत्ती निर्माता कंपनी होने का गौरव रखती है। कंपनी नवीकरणीय ऊर्जा, वनीकरण और जिम्मेदार उत्पादन प्रक्रियाओं के माध्यम से इस उपलब्धि को बनाए हुए है। साथ ही, प्लास्टिक उपयोग की भरपाई करते हुए कंपनी प्लास्टिक-न्यूट्रल दर्जा भी हासिल कर चुकी है। बांस-रहित सॉलिड धूप की तीन नई सुगंधें 1. दसारा (Dasara) मैसूर दशहरा की भव्यता से प्रेरित यह सुगंध चंदन और मसाला मिश्रण का अनूठा मेल है, जो उत्सव, परंपरा और शाही अनुभव का एहसास कराती है। 2. यज्ञ (Yagna) 1940 के दशक की पारंपरिक वैदिक परंपराओं से प्रेरित यह सुगंध प्राकृतिक सामग्री और वैदिक अनुष्ठानों की दिव्यता को दर्शाती है। यह पूजा, ध्यान और आध्यात्मिक शांति के लिए विशेष रूप से तैयार की गई है। 3. वुड्स (Woods) प्रकृति की हरियाली और शांत वातावरण से प्रेरित यह सुगंध चंदन, एम्बर, ऐलैंथस मलाबारिका और प्राकृतिक तेलों के मिश्रण से तैयार की गई है, जो मानसिक शांति, संतुलन और ताजगी का अनुभव कराती है। मेदिनी जुदवा कप समब्राणी भारतीय परंपरा में मेदिनी पृथ्वी माता का प्रतीक मानी जाती हैं। इसी भावना से प्रेरित मेदिनी जुदवा कप समब्राणी में गुलाब और चमेली की दो सुगंधें शामिल हैं, जो घर में पूजा-अर्चना और आध्यात्मिक वातावरण को और अधिक पवित्र बनाती हैं। कंपनी का बयान कंपनी के मुख्य बिक्री एवं विपणन अधिकारी (Chief Sales & Marketing Officer) अमरनाथ दत्ता ने कहा: "पिछले 77 वर्षों से हमारी यात्रा का उद्देश्य परंपरा का सम्मान करते हुए उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप लगातार नवाचार करना रहा है। गुणवत्ता, विश्वास और आधुनिक तकनीक हमारी सफलता की आधारशिला हैं।" उन्होंने आगे कहा कि पर्यावरण संरक्षण भी कंपनी की प्राथमिकता है। कार्बन-न्यूट्रल और प्लास्टिक-न्यूट्रल बनने के साथ-साथ कंपनी महिलाओं के लिए आजीविका के अवसर भी सृजित कर रही है। उपभोक्ताओं की बदलती पसंद कंपनी के अनुसार आज उपभोक्ता प्रीमियम पूजा उत्पादों, प्रामाणिक सुगंध और पर्यावरण-अनुकूल विकल्पों की ओर तेजी से आकर्षित हो रहे हैं। इसी मांग को ध्यान में रखते हुए नई त्योहारी श्रृंखला विकसित की गई है। कंपनी के एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट (मार्केटिंग) द्वैपायन दास ने कहा: "त्योहारी मौसम भारतीय परिवारों के लिए आस्था और भावनात्मक जुड़ाव का समय होता है। हमारी नई श्रृंखला गुणवत्ता, प्रामाणिकता और स्थिरता (Sustainability) को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। बिहार हमारे लिए एक महत्वपूर्ण बाजार है और यहां प्रीमियम सुगंध उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है।" आगे की रणनीति कंपनी ने हाल ही में सात्विक (Satvik) ब्रांड के अधिग्रहण का भी उल्लेख किया, जिससे पूजा और आध्यात्मिक उत्पादों के क्षेत्र में उसकी मौजूदगी और मजबूत होगी। कंपनी का लक्ष्य नवाचार, टिकाऊ विकास और उपभोक्ता-केंद्रित उत्पादों के माध्यम से अपने पोर्टफोलियो का विस्तार करना है। एनआर ग्रुप के बारे में एनआर ग्रुप की स्थापना 1948 में मैसूर में श्री एन. रंगा राव ने की थी। यह समूह साइकिल प्योर अगरबत्ती के अलावा IRIS (होम फ्रेगरेंस), Lia (एयर केयर उत्पाद), NESSO (फ्लोरल एक्सट्रैक्ट्स) और Rangsons (एयरोस्पेस इंजीनियरिंग) जैसे क्षेत्रों में भी कार्यरत है। समूह आज भारत सहित 75 से अधिक देशों में अपनी सेवाएं और उत्पाद उपलब्ध करा रहा है।
महाराष्ट्र में बेकाबू कार की चपेट में आने से हलिया निवासी युवक की इलाज के दौरान मौत
युवक की दर्दनाक मौत से परिजनों में मचा कोहराम

हलिया, मीरजापुर: थाना क्षेत्र के हलिया कस्बा निवासी राम सहाय का 38 वर्षीय पुत्र राम दुलारे उर्फ बबलू गुप्ता घर की आर्थिक स्थिति ठीक न होने की वजह से रोज़ी रोटी की तलाश में कुछ दीन पहले मुंबई गया हुआ था मुंबई के तलोजा स्थित इलाके में वाचमैन के रूप में मजदूरी का काम करके अपने बुढ़े मां बाप और परिवार का भरण पोषण करता था बीते 7 जुलाई को लंच में नास्ता करने हेतु तलोजा फेस वन स्थित दुकान पर नास्ता करने हेतु गये हुए थे इसी दौरान रसुक दार विल्डर के बेटे की बेकाबू कार का धक्का लगने व दुकान का खौलता तेल ऊपर पड़ जाने की वजह से बुरी तरह से झुलस गए जिसका इलाज मुंबई स्थित नेशनल वर्न सेंटर अस्पताल एरोली मुंबई में चल रहा था बीती रात इलाज के दौरान युवक की मौत हो गई मौत की खबर सुनकर परिजनों में कोहराम मच गया परिवार पर विपत्ति का पहाड़ टूट पड़ा मृतक दो भाई तीन बहन में सबसे बड़ा और कमाने वाला था मृतक के दो पुत्र व तीन पुत्रियां हैं पत्नी सरीता गुप्ता का रो रो कर बुरा हाल हो रहा है
सोना लेकर चीन से लौटे आनन्द को बधाई देने वालों का लगा तांता

उपेंद्र कुमार पांडेय

आजमगढ़। जिले के टहर किसुदेवपुर निवासी होनहार एथलीट आनंद सिंह ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। चीन में एथलेटिक्स चैंपियनशिप' में भाला फेंक स्पर्धा में भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का परचम लहराकर जब आनंद सिंह अपने गृह जनपद पहुंचे, तो उनका भव्य स्वागत किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के सहारे जैसे ही आनंद का काफिला कंधरापुर क्षेत्र के सेहदा कट पर उतरा, वहां मौजूद समर्थकों और खेल प्रेमियों का तांता लग गया। आनंद ने सबसे पहले अपने पिता अमरजीत सिंह के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। इस साथ ही गांजे बाजे के साथ रोटरी क्लब अध्यक्ष व भाजपा सह-कोषाध्यक्ष श्रेय अग्रवाल, भाजपा नेता रित्विक जायसवाल, भाजपा नेता मनीष यादव और एथलेटिक्स संघ के संयुक्त सचिव मुज़म्मिल खान सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमियों व समर्थकों ने आनंद को अंगवस्त्र व माल्यार्पण कर उनका जोरदार अभिनंदन किया। अपनी इस बड़ी सफलता पर खुशी जाहिर करते हुए आनंद सिंह ने कहा कि वह कड़ी मेहनत और अटूट लगन के बल पर ही आज इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें भाला फेंकने की प्रेरणा कप्तानगंज इंटर कॉलेज में पढ़ाई के दौरान मिली, वही से उन्होंने अपना सफर शुरू किया था। आनंद ने अपनी इस स्वर्णिम सफलता का पूरा श्रेय अपने परिजनों, गुरुजनों, मित्रों और सभी शुभचिंतकों को दिया है। इस ऐतिहासिक मौके पर आनंद सिंह ने स्थानीय स्तर पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए सरकार से एक बड़ी मांग करते हुए कहा कि जिले के युवा खिलाड़ियों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मेरी सरकार से मांग है कि आजमगढ़ को सभी आधुनिक सुविधाओं से लैस एक सर्वसुविधायुक्त खेल का मैदान प्रदान किया जाए, ताकि आगे भी युवा खिलाड़ी अपने गृह जनपद में ही बेहतर तैयारी कर सकें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहरा सकें।