हनुमान जयंती दो बार कब-कब मनाई जाती है?

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, हनुमान का जन्मदिन दो बार मनाने के पीछे खास वजह बताई जाती है। एक हनुमान जयंती उनके जन्मदिवस के रूप में तो दूसरी विजय अभिनन्दन महोत्सव के रूप में मनाई जाती है। कथा के अनुसार, पवन पुत्र बजरंगबली बाल्यकाल से ही बहुत शक्तिशाली और ऊर्जा से भरपूर थे। एक दिन हनुमानजी आकाश में चमकते हुए सूर्य को फल समझकर उसे खाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में इंद्र उन्हें समझाने की कोशिश की, जब हनुमानजी नहीं माने तो इंद्रदेव ने क्रोधित होकर वज्र से उन पर प्रहार कर दिया। इसके चलते बजरंगबली की ठोड़ी धंस गई और वो मूर्छित हो गए। वायुदेव यह जानकर बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने क्रोध में आकर वायु को रोक दिया। इससे हवा बंद हो गई और सभी जीव संकट में आ गए।


हनुमान जी को मिला था दूसरा जीवन
पूरे ब्रह्मांड पर संकट आया तो सभी देवताओं के प्रार्थना करने के बाद ब्रह्माजी ने भगवान हनुमान को दूसरा जीवन दिया। सभी देवताओं ने उन्हें कई प्रकार शक्तियां भी दी थीं। मान्यता है की जिस दिन हनुमानजी को दूसरा जीवन प्राप्त हुआ था उस दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाने लगा। इसके अलावा, पौराणिक कथाओं में बताया गया है की देवी सीता और भगवान राम ने बजरंगबली को चिरंजीवी होने का वरदान दिया था। इसी के चलते कार्तिक माह में भी हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है।
वैदिक ब्राह्मण: राहुल कृष्ण महराज जी
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर सम्पन्न
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अशोक कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी,सदर गोण्डा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में  उमेश शाह , सचिव प्रबंधतंत्र,व वर्षा सिंह उपाध्यक्ष,प्रबंध समिति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहाकि सामुदायिक सेवा भावना व्यक्ति के व्यक्तित्व की आधारशिला है। स्वयं सेवकों को सनातन धर्म संस्कृति के संस्कार सीखना चाहिए जिससे वे महान बन सकें  और समाज का कल्याण कर सकें।

विशिष्ट अतिथि वर्षा सिंह ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयं सेवकों देश के भविष्य हैं। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वयं सेवकों को अथक परिश्रम करना होगा।कार्यक्रम का डा परवेज आलम ने किया।पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बहुजन समाज को हुक्मरान बनाने में जुटी आसपा
जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। शनिवार को यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा थाना घूरपुर स्थित ग्रामसभा कांटी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिला इकाई प्रयागराज के जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में सेक्टर बूथ गठन हेतु बैठक आयोजित की गई।
           बतौर मुख्य अतिथि आसपा जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता। बहुजनों पर अन्याय अत्याचार न हो इसलिए बुनजनो को अपनी सत्ता बनानी होगी। आसपा बहुजनों को देश का हुक्मरान बनाने में जुटी हुई है। बहुजन समाज की सत्ता प्राप्ति हेतु आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्मानित लोकप्रिय सांसद नगीना एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद बहुजन समाज को पुनः ध्रुवीकरण में लगे हुए हैं। आसपा का हरएक पदाधिकारी कार्यकर्ताओं का सम्मान करे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा है कि जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता वो समाज अपना इतिहास नहीं बना सकता। इतिहास जानने के लिए आसपा सेक्टर बूथ गठन के साथ साथ कैडर देने का कार्य भी कार्य किया जा रहा है। जिससे प्रतीत होने लगा है कि आने वाला कल आजाद पार्टी का ही है। आईपी रामबृज में विधानसभा कमटी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करें। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों व हिन्दू-मुस्लिम राजनीति से तंग आ चुकी है, अब जनता प्रदेश में परिवर्तन चाहती है। भाजपा सरकार दलित, मुसलमानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी का परचम लहराएगा।
        बैठक में राजू राव, करन कुमार, गौरी शंकर, नचऊ पासी, अमरीश, राजेन्द्र प्रसाद, मुकेश, गुड्डी, शर्मिला, गीता, प्रीती, अंगूरा, रामकली, गुलाबकली, राजकली, सुषमा, शीला, सरिता, शिवपत्ती, रेखा, के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट

ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट में हुआ भव्य आयोजन जिसमें भाकियू (भानू ) विधि प्रमोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रयागराज


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।नवरात्र के नौमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट मऊगंज मध्य प्रदेश में एक भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 101 कन्याओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया और उन्हें एक थाली, एक गिलास, एक चम्मच और 101 रुपये भेंट में दिए गए।

इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने कहा कि कन्याओं की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट देना एक पवित्र कार्य है, जिससे हमें पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस अवसर पर आश्रम के सचिव सर्वण कुमार द्विवेदी, शिष्य प्रयागराज से भारतीय किसान यूनियन (भानू) विधिप्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष धर्मराज सिंह एडाकेट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी देते हुए आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर कन्याओं को भेंट देने के साथ-साथ उन्हें भोजन भी कराया गया।

आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने बताया कि ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट का उद्देश्य समाज में धर्म और संस्कृति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आश्रम द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहते हैं, जिससे समाज में एकता और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
आजमगढ़ : मां सिद्धेश्वरी धाम सिधौना में मां के दरबार में लोगों ने लगाई हाजिरी,लगा मेला
आजमगढ़।चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर सिद्धेश्वरी धाम पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आकर मां का दर्शन पूजन अर्चन किये एवं मेले का आनंद लिए। बताते चले कि आज सिद्धेश्वरी धाम पर सुबह से ही मेला लगाने वाले दुकानदारों की भीड़ रही धाम पर अनेक प्रकार के दुकान सजे हुए दिखाई दिए मेले में आए हुए लोगों ने पहले मां सिद्धेश्वरी जी का पूजन अर्चन बंधन करके मेले में लगे झूले व सर्कस का आनंद लिए छोटे-छोटे बच्चे हाथ में माटी के बने हुए खिलौने हाथी घोड़ा रंग बिरंगे गुब्बारे लेकर आनंदित दिखे। सर्कस व झूले पर नाचते कूदते उछलते दिखे ।मेले के प्रति लोगों में अदम्य उत्साह दिखाई दिया। बच्चे बूढ़े नौजवान सभी मेले से उत्साहित दिखे। बताते चलें कि श्री सिद्धेश्वरी सिधौना एक सिद्ध पीठ है। यह सिधौना बाजार से लगभग 1 किलोमीटर दक्षिण ग्राम सभा सिधौना खास ग्राम में अपनी प्राचीनता को समेटे स्थित है। जहां दूर दरार से लोग मेला देखने के लिए आते हैं धाम पर जाने के लिए बीच रोड सिधौना बाजार से बना हुआ है जिस पर दो पहिया चार पहिया वाहनों से भक्तगण दूर दराज स्थान से आकर मां के दरबार में माथा टेकते हैं कढ़ाई चढ़ाते हैं मूंडन संस्कार कराते हैं। उक्त धाम पर शादी विवाह का संस्कार भी संपन्न होता है नवरात्रि के दिन तो यहां अपार भीड़ होता है हर दिन मेले जैसा दृश्य दिखाई देता है इस ऐतिहासिक धाम पर मैंना पोखरा नामक जलाशय है जहां छठ माता जी का मंदिर बना हुआ है जो छठ पूजा में आकर्षण का केंद्र बना रहता है जो भक्तगण मां के दरबार में आते हैं मां उनका मनोरथ पूरा करती है चारों तरफ हरे भरे पेड़ों से भरा मंदिर और परिसर में लगा आकर्षक उक्त धाम को और भी आकर्षक बना दिया । मेले में लोगों के रंग-बिरंगे कपड़े रंग बिरंगी दुकने एवं चमकीले झालर मोतियों से सजा मंदिर मेले के आकर्षण को और बढ़ा दिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेहनाजपुर थाना प्रभारी मनीष पाल अपने हमराहियों के साथ क्षेत्र के चारों तरफ घूमते हुए नजर आए जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे। |
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।
हनुमान जयंती दो बार कब-कब मनाई जाती है?

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज, हनुमान का जन्मदिन दो बार मनाने के पीछे खास वजह बताई जाती है। एक हनुमान जयंती उनके जन्मदिवस के रूप में तो दूसरी विजय अभिनन्दन महोत्सव के रूप में मनाई जाती है। कथा के अनुसार, पवन पुत्र बजरंगबली बाल्यकाल से ही बहुत शक्तिशाली और ऊर्जा से भरपूर थे। एक दिन हनुमानजी आकाश में चमकते हुए सूर्य को फल समझकर उसे खाने का प्रयास कर रहे थे। ऐसे में इंद्र उन्हें समझाने की कोशिश की, जब हनुमानजी नहीं माने तो इंद्रदेव ने क्रोधित होकर वज्र से उन पर प्रहार कर दिया। इसके चलते बजरंगबली की ठोड़ी धंस गई और वो मूर्छित हो गए। वायुदेव यह जानकर बहुत क्रोधित हुए और उन्होंने क्रोध में आकर वायु को रोक दिया। इससे हवा बंद हो गई और सभी जीव संकट में आ गए।


हनुमान जी को मिला था दूसरा जीवन
पूरे ब्रह्मांड पर संकट आया तो सभी देवताओं के प्रार्थना करने के बाद ब्रह्माजी ने भगवान हनुमान को दूसरा जीवन दिया। सभी देवताओं ने उन्हें कई प्रकार शक्तियां भी दी थीं। मान्यता है की जिस दिन हनुमानजी को दूसरा जीवन प्राप्त हुआ था उस दिन चैत्र मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से इस दिन को हनुमान जयंती के रूप में मनाया जाने लगा। इसके अलावा, पौराणिक कथाओं में बताया गया है की देवी सीता और भगवान राम ने बजरंगबली को चिरंजीवी होने का वरदान दिया था। इसी के चलते कार्तिक माह में भी हनुमान जयंती का त्योहार मनाया जाता है।
वैदिक ब्राह्मण: राहुल कृष्ण महराज जी
दुर्लभ पांडुलिपियों को खोजने चला एक अभियान, तीन माह की मशक्कत, सामने आ सकती हैं कई अद्भुत बातें

भोपाल। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक मंशा जाहिर की, और मप्र पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय विभाग इसको अमलीजामा पहनाने पर जुट गया। मार्च से मई तक चलने वाली इस मशक्कत के दौरान कई दुर्लभ पांडुलिपियों के सामने आने की संभावना है। इसके लिए विधिवत एक ऐप भी विकसित किया है, जिसपर इन पांडुलिपियों को अपलोड किया जा रहा है, यह काम अनवरत जारी है। 

मध्य प्रदेश शासन, संस्कृति विभाग के माध्यम से राज्य में 'ज्ञान भारतम् मिशन' का सक्रिय रूप से क्रियान्वयन कर रहा है, जो भारत की अमूल्य पांडुलिपि विरासत के संरक्षण, प्रलेखन एवं डिजिटलीकरण के लिए समर्पित एक राष्ट्रीय पहल है। इस मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय पांडुलिपि सर्वेक्षण मार्च से मई 2026 की अवधि में राज्य के सभी जिलों में संचालित किया जा रहा है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य संस्थानों, मंदिरों, निजी संग्रहों तथा पारंपरिक संरक्षकों के पास सुरक्षित पांडुलिपियों की व्यवस्थित पहचान कर उनका डिजिटल प्रलेखन करना है, ताकि उनका दीर्घकालिक संरक्षण एवं सुलभ उपलब्धता सुनिश्चित की जा सके।

मध्य प्रदेश के लिए नियुक्त नोडल प्रमुख निलेश लोखंडे के नेतृत्व में यह पहल जन-सहभागिता एवं प्रौ‌द्योगिकी के समन्वय पर विशेष बल देती है। इस हेतु एक समर्पित मोबाइल एप्लिकेशन विकसित किया गया है, जिसके माध्यम से नागरिक अपने पास उपलब्ध अथवा जात पांडुलिपियों की जानकारी साझा कर सकते हैं। शासन द्वारा यह सुनिश्चित किया गया है कि पांडुलिपियों का स्वामित्व संरक्षकों के पास ही सुरक्षित रहेगा तथा संरक्षण हेतु केवल उनकी डिजिटल प्रतियाँ तैयार की जाएंगी। यह मिशन मध्य प्रदेश की समृद्ध बौ‌द्धिक एवं सांस्कृतिक धरोहर को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने का एक सामूहिक प्रयास है।

किसको किया शामिल

लोखंडे ने बताया कि कागजी पांडुलिपियों का इतिहास करीब 75 साल पहले के दस्तावेज को माना गया है। इससे पहले पेड़ के पत्तों, लकड़ी, चमड़ा, ताम्र पत्र आदि पर दस्तावेज अंकित होते थे।

मई तक चलेगा सर्वे

तीन माह चलने वाले इस अभियान की शुरुआत में अब तक करीब 76000 दस्तावेज संग्रहित कर लिए गए हैं। प्रधानमंत्री की मंशा के अनुसार इसमें करीब एक करोड़ दस्तावेज संग्रहित किए जाएंगे। मप्र से बड़ी संख्या में दस्तावेज मिलने की उम्मीद की जा रही है।

* क्या होगा जन का फायदा

लोखंडे ने बताया कि ज्ञान भारतम अभियान के तहत करीब 24 भाषा की पांडुलिपि शामिल की जा रही हैं। आध्यात्मिक, धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व की पांडुलिपियों को अपलोड करने में मदद करने वाले और इसके बारे में जानकारी मुहैया कराने वाले लोगों को प्रशस्ति पत्र देने और सम्मानित करने की योजना बनाई जा रही है।

एनसीसी ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा प्रयागराज में संपन्न — सफलता की आभा से दमके कैडेट्स के चेहरे

नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय जमुनीपुर परिसर में आयोजित हुई परीक्षा

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज। एनसीसी ग्रुप मुख्यालय प्रयागराज के अंतर्गत 15 यूपी बटालियन के कुशल नेतृत्व में नेहरू ग्राम भारती मानित विश्वविद्यालय, जमुनीपुर परिसर में ‘बी’ प्रमाणपत्र की लिखित परीक्षा गरिमामय एवं अनुशासित वातावरण में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस महत्वपूर्ण परीक्षा में 1 यूपी सीटीआर, 2 यूपी आर्टी बैटरी, 6 यूपी गर्ल्स बटालियन तथा 17 यूपी बटालियन के कैडेट्स ने उत्साह, आत्मविश्वास और सैन्य अनुशासन के साथ सहभागिता की।
परीक्षा कक्षों में एक ओर जहाँ अनुशासन की सख्ती स्पष्ट रूप से दिखाई दी, वहीं दूसरी ओर कैडेट्स के चेहरों पर आत्मसंतोष, परिश्रम और सफलता की चमक भी झलकती रही। प्रत्येक कैडेट ने अपने प्रशिक्षण, समर्पण और राष्ट्रसेवा के संकल्प को उत्तर पुस्तिकाओं में साकार करने का प्रयास किया।
यह परीक्षा 15 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल राहुल दुबे तथा 60 यूपी बटालियन के प्रशासनिक अधिकारी कर्नल योगेंद्र चिनवान के कुशल पर्यवेक्षण एवं मार्गदर्शन में सम्पन्न हुई। उनके नेतृत्व में पूरी परीक्षा प्रक्रिया एनसीसी के सख्त मानकों, सैन्य मर्यादा एवं अनुशासन के अनुरूप शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं गरिमामय ढंग से संचालित की गई।
परीक्षा के सफल संचालन में विश्वविद्यालय के एसोसिएट एनसीसी ऑफिसर लेफ्टिनेंट (डॉ.) कृपा शंकर यादव, एनसीसी प्रशिक्षक मयंक यादव, 15 यूपी बटालियन के सूबेदार राजेंद्र कुमार (ट्रेनिंग जेसीओ) तथा नायब सूबेदार अनिल सिंह सहित समस्त बटालियन एवं विश्वविद्यालय स्टाफ का योगदान अत्यंत सराहनीय रहा।
राष्ट्रीय सेवा योजना का शिविर सम्पन्न
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के समापन अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में अशोक कुमार गुप्ता,उप जिलाधिकारी,सदर गोण्डा एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में  उमेश शाह , सचिव प्रबंधतंत्र,व वर्षा सिंह उपाध्यक्ष,प्रबंध समिति ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहाकि सामुदायिक सेवा भावना व्यक्ति के व्यक्तित्व की आधारशिला है। स्वयं सेवकों को सनातन धर्म संस्कृति के संस्कार सीखना चाहिए जिससे वे महान बन सकें  और समाज का कल्याण कर सकें।

विशिष्ट अतिथि वर्षा सिंह ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयं सेवकों देश के भविष्य हैं। विकसित भारत के सपने को साकार करने के लिए स्वयं सेवकों को अथक परिश्रम करना होगा।कार्यक्रम का डा परवेज आलम ने किया।पवन कुमार सिंह ने आये हुए अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया।
बहुजन समाज को हुक्मरान बनाने में जुटी आसपा
जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता

विश्वनाथ प्रताप सिंह


प्रयागराज। शनिवार को यमुनापार की तहसील बारा विकास खण्ड जसरा थाना घूरपुर स्थित ग्रामसभा कांटी में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) जिला इकाई प्रयागराज के जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज की अध्यक्षता में सेक्टर बूथ गठन हेतु बैठक आयोजित की गई।
           बतौर मुख्य अतिथि आसपा जिला महामंत्री उच्च न्यायालय के अधिवक्ता आईपी रामबृज ने बैठक को सम्बोधित करते हुए कहा कि जिस समाज की सत्ता होती है उस समाज पर अन्याय अत्याचार नहीं होता। बहुजनों पर अन्याय अत्याचार न हो इसलिए बुनजनो को अपनी सत्ता बनानी होगी। आसपा बहुजनों को देश का हुक्मरान बनाने में जुटी हुई है। बहुजन समाज की सत्ता प्राप्ति हेतु आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष सम्मानित लोकप्रिय सांसद नगीना एडवोकेट चन्द्रशेखर आजाद बहुजन समाज को पुनः ध्रुवीकरण में लगे हुए हैं। आसपा का हरएक पदाधिकारी कार्यकर्ताओं का सम्मान करे। कार्यकर्ता ही पार्टी की रीढ़ होता है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा है कि जो समाज अपना इतिहास नहीं जानता वो समाज अपना इतिहास नहीं बना सकता। इतिहास जानने के लिए आसपा सेक्टर बूथ गठन के साथ साथ कैडर देने का कार्य भी कार्य किया जा रहा है। जिससे प्रतीत होने लगा है कि आने वाला कल आजाद पार्टी का ही है। आईपी रामबृज में विधानसभा कमटी को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए एक-दूसरे का सहयोग करें। प्रदेश की जनता भाजपा सरकार की नीतियों व हिन्दू-मुस्लिम राजनीति से तंग आ चुकी है, अब जनता प्रदेश में परिवर्तन चाहती है। भाजपा सरकार दलित, मुसलमानों के साथ बदले की भावना से काम कर रही है। आने वाले विधानसभा चुनाव में आजाद समाज पार्टी का परचम लहराएगा।
        बैठक में राजू राव, करन कुमार, गौरी शंकर, नचऊ पासी, अमरीश, राजेन्द्र प्रसाद, मुकेश, गुड्डी, शर्मिला, गीता, प्रीती, अंगूरा, रामकली, गुलाबकली, राजकली, सुषमा, शीला, सरिता, शिवपत्ती, रेखा, के साथ सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट

ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट में हुआ भव्य आयोजन जिसमें भाकियू (भानू ) विधि प्रमोष्ठ जिलाध्यक्ष प्रयागराज


विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।नवरात्र के नौमी के पावन अवसर पर शुक्रवार को ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट मऊगंज मध्य प्रदेश में एक भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर 101 कन्याओं को प्रसाद ग्रहण कराया गया और उन्हें एक थाली, एक गिलास, एक चम्मच और 101 रुपये भेंट में दिए गए।

इस मौके पर आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने कहा कि कन्याओं की सेवा करना भगवान की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि नवरात्र के पावन अवसर पर कन्याओं को भेंट देना एक पवित्र कार्य है, जिससे हमें पुण्य की प्राप्ति होती है।

इस अवसर पर आश्रम के सचिव सर्वण कुमार द्विवेदी, शिष्य प्रयागराज से भारतीय किसान यूनियन (भानू) विधिप्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष धर्मराज सिंह एडाकेट और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। आयोजन की जानकारी देते हुए आश्रम के प्रवक्ता ने बताया कि इस अवसर पर कन्याओं को भेंट देने के साथ-साथ उन्हें भोजन भी कराया गया।

आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी ने बताया कि ॐ प्राचीन चतुर्भुज आश्रम ट्रस्ट का उद्देश्य समाज में धर्म और संस्कृति की भावना को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि आश्रम द्वारा समय-समय पर इस प्रकार के आयोजन किए जाते रहते हैं, जिससे समाज में एकता और सद्भावना की भावना को बढ़ावा मिलता है।

इस अवसर पर उपस्थित लोगों ने आश्रम के अध्यक्ष बाबा प्रकाश चन्द्र गिरी और उनकी टीम को इस भव्य आयोजन के लिए बधाई दी।
बे मौसम बारिश ने किसानों की बढ़ाई चिंता
प्रयागराज में गेहूं की फसल तैयार, बारिश ने मचाई तबाही

विश्वनाथ प्रताप सिंह

प्रयागराज।बे मौसम बारिश ने किसानों की सांसे रोक दी हैं। प्रयागराज जिले में शुक्रवार की शाम को गरज चमक के साथ हुई बे मौसम बारिश से गेहूं की तैयार फसल जाने की स्थिति में आ गई है। किसानों की स्थिति बहुत दयनीय हो गई है, क्यों कि लंबी लागत को लगाकर कि गयी तैयार गेहूं की फसल आज जाने की स्थिति में आ गई है।

मौसम को देखते हुए किसानों के होश उड़ गए हैं। वे अपनी फसल को बचाने के लिए चिंतित हैं। किसानों का कहना है कि बे मौसम बारिश से उनकी गेहूं की फसल को बहुत नुकसान हुआ है। फसल की गुणवत्ता भी खराब हो गई है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।

भाकियू (भानू ) प्रयागराज जिलाध्यक्ष पंकज प्रताप सिंह ने बताया कि उनकी गेहूं की फसल तैयार थी, लेकिन बे मौसम बारिश ने उनकी सारी उम्मीदें ध्वस्त कर दीं। उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की मदद करनी चाहिए और उन्हें उचित मुआवजा देना चाहिए।

वहीं, भारतीय किसान यूनियन (भानू ) प्रदेश महामंत्री ठाकुर कृष्णराज सिंह ने बताया कि बे मौसम बारिश से किसानों का बहुत नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि किसानों को उचित मुआवजा दिया जाए और उनकी फसल का सर्वे कराया जाए।

प्रयागराज के कृषि अधिकारी ने बताया कि बे मौसम बारिश से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही नुकसान का आकलन किया जाएगा और सरकार को रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

बे मौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है आखिरकार किसान परेशानियों का सामना करता रहा है। मजबूर है किसान खेती करने पर, किसान को खेती में नुकसान के अलावा कोई फायदा दिखता नजर नहीं आ रहा है। यही स्थिति रही अगर सरकार कोई मदद नहीं करती है तो किसान मजबूरन खेती करना बंद कर परदेश को पलायन करने पर मजबूर होगा। अब देखना होगा कि सरकार किसानों की मदद के लिए क्या कदम उठाती है।किसान खेती करता है या परदेश को पलायन सरकार ही किसानों का उचित मार्गदर्शन करे किसान को अन्नदाता कहते हैं किसान सबको भोजन देता है खुद भूखा सोता है इसका कारण है खेती मे लम्बी लागत की महंगाई प्रकृति की मार सुखा बुडा ओला आगजली और सस्ते दामों पर अनाज को बेचना जैसे किसान की अनेको समस्याएं है इन पर सरकार को विशेष गहनकर सोचना चाहिए किसानों की मदद करना चाहिए।
महिला सशक्तिकरण व बालिका शिक्षा पर स्वयं सेवकों ने निकाली जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक महिला सशक्तिकरण एवं बालिका शिक्षा के प्रति जागरूक हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर लैंगिक विभेद न करने एवं बालिकाओं को शिक्षा देने के लिए ग्राम वासियों को प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से बालिकाओं का विद्यालय में अधिकाधिक नामांकन कराने, बालिकाओं को सुविधा उपलब्ध कराने एवं महिला सशक्तिकरण हेतु अपील की।सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बनकटाचार्यगंज स्थित राजकीय बाल संरक्षण गृह का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने राजकीय बाल संरक्षण गृह में निवास कर रहे बालकों से मिलकर उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को समझा और उन्हें अच्छा मनुष्य बनकर समाज सेवा करने के लिए प्रेरित किया। स्वयंसेवकों ने बालकों को  विस्कुट वितरित किए।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  मुख्य अतिथि के रूप में प्रोफेसर राज बहादुर सिंह बघेल जी, पूर्व विभागाध्यक्ष सैन्य विज्ञान विभाग,ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए मुख्य अतिथि का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर बघेल जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा स्वयंसेवकों को समाजिक सद्भाव बनाने के लिए धार्मिक सहिष्णुता आवश्यक है। धार्मिक सद्भाव विकसित भारत के निर्माण का आधार है। धार्मिक सद्भाव से राष्ट्रीय सुरक्षा कायम रह सकती है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।डा दिलीप शुक्ल  नेआये हुए मुख्य अतिथि का धन्यवाद ज्ञापन किया।
आजमगढ़ : मां सिद्धेश्वरी धाम सिधौना में मां के दरबार में लोगों ने लगाई हाजिरी,लगा मेला
आजमगढ़।चैत्र नवरात्र के शुभ अवसर पर सिद्धेश्वरी धाम पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु दूर-दूर से आकर मां का दर्शन पूजन अर्चन किये एवं मेले का आनंद लिए। बताते चले कि आज सिद्धेश्वरी धाम पर सुबह से ही मेला लगाने वाले दुकानदारों की भीड़ रही धाम पर अनेक प्रकार के दुकान सजे हुए दिखाई दिए मेले में आए हुए लोगों ने पहले मां सिद्धेश्वरी जी का पूजन अर्चन बंधन करके मेले में लगे झूले व सर्कस का आनंद लिए छोटे-छोटे बच्चे हाथ में माटी के बने हुए खिलौने हाथी घोड़ा रंग बिरंगे गुब्बारे लेकर आनंदित दिखे। सर्कस व झूले पर नाचते कूदते उछलते दिखे ।मेले के प्रति लोगों में अदम्य उत्साह दिखाई दिया। बच्चे बूढ़े नौजवान सभी मेले से उत्साहित दिखे। बताते चलें कि श्री सिद्धेश्वरी सिधौना एक सिद्ध पीठ है। यह सिधौना बाजार से लगभग 1 किलोमीटर दक्षिण ग्राम सभा सिधौना खास ग्राम में अपनी प्राचीनता को समेटे स्थित है। जहां दूर दरार से लोग मेला देखने के लिए आते हैं धाम पर जाने के लिए बीच रोड सिधौना बाजार से बना हुआ है जिस पर दो पहिया चार पहिया वाहनों से भक्तगण दूर दराज स्थान से आकर मां के दरबार में माथा टेकते हैं कढ़ाई चढ़ाते हैं मूंडन संस्कार कराते हैं। उक्त धाम पर शादी विवाह का संस्कार भी संपन्न होता है नवरात्रि के दिन तो यहां अपार भीड़ होता है हर दिन मेले जैसा दृश्य दिखाई देता है इस ऐतिहासिक धाम पर मैंना पोखरा नामक जलाशय है जहां छठ माता जी का मंदिर बना हुआ है जो छठ पूजा में आकर्षण का केंद्र बना रहता है जो भक्तगण मां के दरबार में आते हैं मां उनका मनोरथ पूरा करती है चारों तरफ हरे भरे पेड़ों से भरा मंदिर और परिसर में लगा आकर्षक उक्त धाम को और भी आकर्षक बना दिया । मेले में लोगों के रंग-बिरंगे कपड़े रंग बिरंगी दुकने एवं चमकीले झालर मोतियों से सजा मंदिर मेले के आकर्षण को और बढ़ा दिया। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मेहनाजपुर थाना प्रभारी मनीष पाल अपने हमराहियों के साथ क्षेत्र के चारों तरफ घूमते हुए नजर आए जिससे शांति व्यवस्था बनी रहे। |
राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयं सेवकों ने निकाली पर्यावरण जागरूकता रैली
गोंडा। श्री लाल बहादुर शास्त्री महाविद्यालय गोण्डा की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाई के सप्त दिवसीय विशेष शिविर के पांचवें दिन स्वयंसेवकों ने शिविर स्थल से चयनित गांव बंगरहवा,परेड सरकार, नेवलगंज,बनकटाचार्यगंज तक पर्यावरण संरक्षण हेतु जन जागरूकता रैली निकाली। स्वयं सेवकों ने डोर टू डोर जाकर ग्राम वासियों को पर्यावरण संरक्षण हेतु  प्रेरित किया। स्वयं सेवकों ने ग्राम वासियों से अधिकाधिक पौधरोपण करने, प्लास्टिक का प्रयोग न करने,रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाने,जल संरक्षण हेतु अपील की।

सर्वे के उपरांत स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय वृद्धाश्रम का भ्रमण किया। स्वयं सेवकों ने वृद्धाश्रम में निवास कर रहे वृद्धजन से मिलकर उनकी समस्याओं को समझा। स्वयंसेवकों ने वृद्धजन को फल एवं विस्कुट वितरित किए। स्वयं सेवकों ने बादशाह बाग स्थित राजकीय उद्यान विभाग की नर्सरी का भ्रमण किया और विभिन्न प्रजातियों के पौधों की नर्सरी और पाली हाउस में तैयार हो रहे पौधों का देखा।भोजन के उपरांत आयोजित बौद्धिक सत्र में  कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा, विभागाध्यक्ष भूगोल विभाग,मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के. गुप्त, पूर्व प्राचार्य, विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा विभागाध्यक्ष संस्कृत विभाग ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

वरिष्ठ कार्यक्रमाधिकारी पवन कुमार सिंह,डा चमन कौर,डा परवेज आलम,डा दिलीप शुक्ल ने अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर आये हुए अतिथियों का स्वागत किया। मुख्य अतिथि प्रोफेसर डी.के.गुप्ता जी ने 'वर्तमान वैश्विक परिदृश्य और ऊर्जा संकट ' विषय पर संबोधित करते हुए कहा कि हमें ऊर्जा के गैर परंपरागत स्रोतों पर निर्भरता बढ़ानी होगी। स्वयं सेवकों को पर्यावरण संरक्षण पर विशेष ध्यान देना होगा। विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर मंशाराम वर्मा जी ने स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सेवा योजना समाज को  समझने की शक्ति विकसित करती है। राष्ट्रीय सेवा योजना का मूल उद्देश्य समाज की सेवा भाव विकसित करना है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रोफेसर रंजन शर्मा जी स्वयं सेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित भारत के निर्माण में राष्ट्रीय सेवा योजना की अहम भूमिका है।कार्यक्रम का संचालन पवन कुमार सिंह ने किया।