हजारीबाग में निकलेगी भव्य श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा, तैयारियां पूरी

हजारीबाग - श्याम भक्त परिवार हजारीबाग के द्वारा आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को लेकर समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पूरे शहर में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। मंगलवार को यह भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर की सड़कों पर श्याम नाम की गूंज के साथ निकलेगी। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व सोमवार को आयोजन स्थल पर अत्यंत भक्तिमय दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्री श्याम के पावन निशान की विधिवत रूप से उसकी सज्जा का कार्य किया। प्रभु श्री श्याम के मधुर भजनों को गुनगुनाते हुए महिलाएं पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव से निशान को सजा रही थीं। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा और जय श्री श्याम के जयकारों से पूरा परिसर गूंजायमान हो उठा। मोर पंख, गेंदा फूल, रंगीन वस्त्र एवं आकर्षक सजावटी सामग्री से निशान को भव्य और मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। भक्ति में लीन महिलाओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की चमक स्पष्ट झलक रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा वातावरण श्याममय हो उठा हो। वहीं दूसरी ओर आयोजक मंडली के सदस्य भी कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु अंतिम तैयारियों में जुटे रहे। शोभायात्रा की सुसज्जित रथ की तैयारी, झांकियों की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। आयोजक मंडली के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने का हमारा संकल्प है। विशेष प्रसन्नता की बात है कि इस बार यात्रा नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से निकाली जा रही है, जो सभी श्याम भक्तों के लिए गर्व और आस्था का विषय है। हम सभी शहरवासियों से आग्रह करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाएं और प्रभु श्री श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजकों के अनुसार प्रातः 9:00 बजे नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत शोभायात्रा प्रारंभ होगी। सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु श्री श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचकर संपन्न होगी। श्याम भक्त परिवार हजारीबाग ने समस्त श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

185 स्कूलों में नौनिहालों को टाट-पट्टी से मिलेगी मुक्ति

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 185 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द ही टाट-पट्टी से मुक्ति मिलेगी। शिक्षा विभाग ने डेस्क-बेंच खरीद के लिए परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर अप्रैल-मई तक डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी। अब तक करीब 700 विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यह सुविधा मिल रही है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें एक लाख 40 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प सहित अन्य योजनाओं से विद्यालयों को चमकाया जा रहा है। परियोजना कार्यालय और कंपोजिट ग्रांट से विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साल 2020 के पहले गिने-चुने विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा थी, लेकिन बीते पांच साल में सुविधाएं बढ़ाई गई। साल 2022 में करीब 250, 2023 में 123, 2024 में 45 और 2025 में 11 समेत अब तक कुल 700 विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा दे दी गई है, लेकिन अब भी 185 विद्यालयों में बच्चों को टाट-पट्टी पर ही बैठना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग ने परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। एक-एक बेंच पर 8519 रुपये खर्च होंगे। शासन से जैसे बजट मिलेगा विभाग इसकी खरीद करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि हर साल स्कूलों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। शासन से मिले बजट के अलावा संगठनों, जप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। 185 विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी।
बेल्थरारोड के लाल ने रोशन किया बलिया का मान, डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का एम्स दिल्ली में चयन

संजीव सिंह बेल्थरा रोड (बलिया), 23 फरवरी 2026: क्षेत्र के पिपरौली बड़ा गांव के लिए गौरव का क्षण आ गया है। प्राथमिक विद्यालय चौकियां मोड़ के प्रधानाध्यापक विजय शंकर गुप्ता के सुपुत्र डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का चयन देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में चिकित्सक पद के लिए हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।डॉ. अमरेंद्र गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, बलिया से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद कठिन परिश्रम से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। लखनऊ के फातिमा हॉस्पिटल से एमडी करने के बाद अब एम्स दिल्ली में चयनित होकर उन्होंने ग्रामीण परिवेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।डॉ. अमरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी उच्च मुकाम हासिल कर सकता है।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील चौबे, शिक्षक देवेंद्र वर्मा, कृष्णा नन्द सिंह, वीरेंद्र यादव, आशुतोष पाण्डेय, हरेकृष्णा पाण्डेय, अजित सिंह, नन्द लाल शर्मा सहित क्षेत्रीय गणमान्यजनोंने डॉ. अमरेंद्र एवं उनके परिजनों को बधाई दी। बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी का माहौल व्याप्त है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं
28 फरवरी को जिला पंचायत गोण्डा की सामान्य बैठक, विकास से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगा निर्णय



गोण्डा। 20 फरवरी 2026  जिला पंचायत, की सामान्य बैठक अध्यक्ष, जिला पंचायत की अध्यक्षता में 28 फरवरी  को पूर्वान्ह 11:30 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित की जाएगी। बैठक में समस्त सदस्य एवं पदेन सदस्यों से समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।

बैठक के एजेण्डे में कुल 12 बिंदुओं को शामिल किया गया है। सबसे पहले जिला पंचायत की गत सामान्य बैठक 07 मार्च 2025 की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी। इसके पश्चात जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद गोण्डा के श्रम बजट की स्वीकृति पर विचार होगा। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत लोकसभा क्षेत्र गोण्डा एवं कैसरगंज में भारत सरकार से स्वीकृत मार्गों की वित्तीय स्वीकृति हेतु जिला पंचायत के अनुमोदन पर निर्णय लिया जाएगा।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट तथा 2026-27 के मूल बजट की स्वीकृति पर विचार किया जाएगा। पंचम राज्य वित्त आयोग एवं पन्द्रहवां वित्त आयोग योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 की अनुपूरक कार्ययोजना की स्वीकृति भी बैठक में प्रस्तावित है।

जिला पंचायत विकास योजना के अंतर्गत राज्य वित्त आयोग एवं केन्द्रीय वित्त आयोग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजनाओं पर भी निर्णय लिया जाएगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला पंचायत की विभव एवं सम्पत्ति कर प्रस्तावना सूची की स्वीकृति पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में शासन, मंत्री, जनप्रतिनिधियों, आईजीआरएस तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त संदर्भों में उल्लिखित विभिन्न परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। अंत में अन्य विषयों पर अध्यक्ष की अनुमति से चर्चा की जाएगी। यह बैठक जनपद के विकास, बजट निर्धारण एवं आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
झारखंड विधानसभा: बजट सत्र का तीसरा दिन आज, सदन में पेश होगा तृतीय अनुपूरक बजट

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रांची: झारखंड विधानसभा के पंचम बजट सत्र की कार्यवाही आज अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है। आज का दिन विधायी कार्यों और वित्तीय चर्चाओं के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 17 कार्यदिवसों के इस लंबे सत्र में राज्य की भावी योजनाओं और वित्तीय स्थिरता पर गहन विचार-विमर्श की तैयारी है।

आज की कार्यसूची:

दिन की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ होगी, जिसमें विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा देगा। इसके उपरांत, वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सदन के पटल पर तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और उस पर होने वाले वाद-विवाद के बाद सरकार अपना आधिकारिक जवाब पेश करेगी।

वार्षिक बजट पर नजर:

सत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 24 फरवरी 2026 को देखने को मिलेगी, जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बजट से राज्य के युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

सत्र के दौरान कुल 17 दिनों तक राज्य की नीतियों, वित्तीय प्राथमिकताओं और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होने वाली है।

बी.ए.शिक्षाशास्त्र प्रायोगिक परीक्षा 20 को होगी*
सुलतानपुर। राणा प्रताप पी जी कॉलेज के शिक्षाशास्त्र मेजर विषय के बी०ए० प्रथम,तृतीय और पंचम सेमेस्टर की मौखिकी/प्रायोगिकी परीक्षा 20 फरवरी दिन शुक्रवार को महाविद्यालय में प्रातः 10 बजे से कला संकाय में सम्पन्न होगी। विभागाध्यक्ष डॉ० शिल्पी सिंह ने बताया कि सभी परीक्षार्थी अपने परिचय-पत्र, प्रवेश-पत्र एवं प्रायोगिक की फाइल के साथ निर्धारित तिथि एवं समयानुसार महाविद्यालय में उपस्थित हों। परीक्षा में अनुपस्थित रहने और परीक्षा छूट जाने पर सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थियों की होगी ।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
बीमा क्षेत्र में अनिल गलगली को मिलियन डॉलर राउंड टेबल अवार्ड
मुंबई। प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने बीमा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के साथ प्रतिष्ठित एमडीआरटी (मिलियन डॉलर राउंड टेबल) अवॉर्ड प्राप्त किया है। वर्ष 2025 के दौरान श्री गलगली ने बीमा जगत की इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि को सफलतापूर्वक हासिल किया। इस अवसर का भव्य समारोह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कार्यालय, घाटकोपर पूर्व, मुंबई में आयोजित किया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक राहिल जैटली और कार्यालय प्रमुख महेश चौधरी ने एमडीआरटी (MDRT) का मानक हासिल करने वाले उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में अनिल गलगली, अब्दुल लतीफ, अशफाक अहमद, नमिता ठाक्कर और शैजू जोसे शामिल हैं, जिन्होंने भी एमडीआरटी बेंचमार्क सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। यह आयोजन एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस परिवार के लिए गर्व का क्षण रहा और बीमा क्षेत्र में बढ़ती उत्कृष्टता का प्रतीक बना।
आजमगढ़:-सड़क दुर्घटना में बाल बाल बचे दोनों युवक

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर कस्बे में लखनऊ–बलिया मार्ग पर बाबा गेट के पास सोमवार को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार चालक की जान बच गई, जबकि साथ बैठे युवक को मामूली चोट आई। घायल का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक जायसवाल के 28 वर्षीय पुत्र विशाल अपनी शादी (19 नवम्बर) की तैयारियों के सिलसिले में कोलकाता से आने वाले रिश्तेदार को लेने शाहगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। वह अपने घर से लगभग 100 मीटर ही आगे बढ़े थे कि सामने से तेज गति से आ रही ट्रक से बचने के प्रयास में उनकी लेंजर कार सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे में असंतुलित हो गई और पास स्थित सीमेंटेड बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, एयरबैग खुल जाने से चालक विशाल की जान बच गई। कार में साथ बैठे अब्बास (25), पुत्र गुलाम अज़गर, निवासी चमावा को हल्की चोट आई, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। परिवारजन होने वाले दूल्हे की सकुशलता पर ईश्वर का आभार व्यक्त कर रहे हैं।
हजारीबाग में निकलेगी भव्य श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा, तैयारियां पूरी

हजारीबाग - श्याम भक्त परिवार हजारीबाग के द्वारा आयोजित होने वाली श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को लेकर समस्त तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं। पूरे शहर में आस्था, श्रद्धा और उत्साह का वातावरण बना हुआ है। मंगलवार को यह भव्य एवं ऐतिहासिक शोभायात्रा शहर की सड़कों पर श्याम नाम की गूंज के साथ निकलेगी। कार्यक्रम से एक दिन पूर्व सोमवार को आयोजन स्थल पर अत्यंत भक्तिमय दृश्य देखने को मिला। महिलाओं ने सामूहिक रूप से प्रभु श्री श्याम के पावन निशान की विधिवत रूप से उसकी सज्जा का कार्य किया। प्रभु श्री श्याम के मधुर भजनों को गुनगुनाते हुए महिलाएं पूरी श्रद्धा और समर्पण भाव से निशान को सजा रही थीं। हारे का सहारा, बाबा श्याम हमारा और जय श्री श्याम के जयकारों से पूरा परिसर गूंजायमान हो उठा। मोर पंख, गेंदा फूल, रंगीन वस्त्र एवं आकर्षक सजावटी सामग्री से निशान को भव्य और मनोहारी स्वरूप प्रदान किया गया। भक्ति में लीन महिलाओं के चेहरों पर उत्साह और आस्था की चमक स्पष्ट झलक रही थी। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो पूरा वातावरण श्याममय हो उठा हो। वहीं दूसरी ओर आयोजक मंडली के सदस्य भी कार्यक्रम को सफल एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न कराने हेतु अंतिम तैयारियों में जुटे रहे। शोभायात्रा की सुसज्जित रथ की तैयारी, झांकियों की व्यवस्था, ध्वनि विस्तारक यंत्र, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा एवं श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर सभी आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं। आयोजक मंडली के सदस्यों ने संयुक्त रूप से बताया कि प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री श्याम फाल्गुन निशान ध्वज शोभायात्रा को ऐतिहासिक और यादगार बनाने का हमारा संकल्प है। विशेष प्रसन्नता की बात है कि इस बार यात्रा नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से निकाली जा रही है, जो सभी श्याम भक्तों के लिए गर्व और आस्था का विषय है। हम सभी शहरवासियों से आग्रह करते हैं कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर इस धार्मिक महोत्सव को सफल बनाएं और प्रभु श्री श्याम का आशीर्वाद प्राप्त करें। आयोजकों के अनुसार प्रातः 9:00 बजे नवनिर्मित श्री श्याम मंदिर से विधिवत पूजा-अर्चना के उपरांत शोभायात्रा प्रारंभ होगी। सुसज्जित रथ पर विराजमान प्रभु श्री श्याम के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है। यात्रा शहर के विभिन्न प्रमुख चौक-चौराहों एवं मार्गों से होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण में पहुंचकर संपन्न होगी। श्याम भक्त परिवार हजारीबाग ने समस्त श्रद्धालुओं एवं शहरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में सहभागिता कर इस भव्य आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

185 स्कूलों में नौनिहालों को टाट-पट्टी से मिलेगी मुक्ति

रिपोर्ट -‌ नितेश श्रीवास्तव

भदोही। जिले के 185 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को जल्द ही टाट-पट्टी से मुक्ति मिलेगी। शिक्षा विभाग ने डेस्क-बेंच खरीद के लिए परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। स्वीकृति मिलने पर अप्रैल-मई तक डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी। अब तक करीब 700 विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को यह सुविधा मिल रही है। जिले में 885 प्राथमिक, पूर्व माध्यमिक और कंपोजिट विद्यालय संचालित है। इसमें एक लाख 40 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। ऑपरेशन कायाकल्प सहित अन्य योजनाओं से विद्यालयों को चमकाया जा रहा है। परियोजना कार्यालय और कंपोजिट ग्रांट से विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। साल 2020 के पहले गिने-चुने विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा थी, लेकिन बीते पांच साल में सुविधाएं बढ़ाई गई। साल 2022 में करीब 250, 2023 में 123, 2024 में 45 और 2025 में 11 समेत अब तक कुल 700 विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा दे दी गई है, लेकिन अब भी 185 विद्यालयों में बच्चों को टाट-पट्टी पर ही बैठना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में सभी विद्यालयों में डेस्क-बेंच की सुविधा मुहैया कराने के लिए विभाग ने परियोजना कार्यालय प्रस्ताव भेजा है। एक-एक बेंच पर 8519 रुपये खर्च होंगे। शासन से जैसे बजट मिलेगा विभाग इसकी खरीद करेगी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी शिवम पांडेय ने कहा कि हर साल स्कूलों में डेस्क-बेंच की सुविधाएं बढ़ाई जा रही है। शासन से मिले बजट के अलावा संगठनों, जप्रतिनिधियों का भी सहयोग लिया जा रहा है। 185 विद्यालयों का प्रस्ताव भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर डेस्क-बेंच की खरीद की जाएगी।
बेल्थरारोड के लाल ने रोशन किया बलिया का मान, डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का एम्स दिल्ली में चयन

संजीव सिंह बेल्थरा रोड (बलिया), 23 फरवरी 2026: क्षेत्र के पिपरौली बड़ा गांव के लिए गौरव का क्षण आ गया है। प्राथमिक विद्यालय चौकियां मोड़ के प्रधानाध्यापक विजय शंकर गुप्ता के सुपुत्र डॉ. अमरेंद्र गुप्ता का चयन देश के शीर्ष चिकित्सा संस्थान अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), नई दिल्ली में चिकित्सक पद के लिए हो गया है। इस उपलब्धि से पूरे बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।डॉ. अमरेंद्र गुप्ता ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पैतृक गांव के प्राथमिक विद्यालय से प्राप्त की। इसके बाद जवाहर नवोदय विद्यालय, बलिया से इंटरमीडिएट उत्तीर्ण करने के बाद कठिन परिश्रम से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल कर किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस की डिग्री प्राप्त की। लखनऊ के फातिमा हॉस्पिटल से एमडी करने के बाद अब एम्स दिल्ली में चयनित होकर उन्होंने ग्रामीण परिवेश का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चमकाया है।डॉ. अमरेंद्र ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, गुरुजनों और मित्रों को देते हुए कहा कि दृढ़ संकल्प, सतत परिश्रम और सही मार्गदर्शन से कोई भी उच्च मुकाम हासिल कर सकता है।इस अवसर पर खंड शिक्षा अधिकारी सीयर सुनील चौबे, शिक्षक देवेंद्र वर्मा, कृष्णा नन्द सिंह, वीरेंद्र यादव, आशुतोष पाण्डेय, हरेकृष्णा पाण्डेय, अजित सिंह, नन्द लाल शर्मा सहित क्षेत्रीय गणमान्यजनोंने डॉ. अमरेंद्र एवं उनके परिजनों को बधाई दी। बिल्थरा रोड क्षेत्र में खुशी का माहौल व्याप्त है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं
28 फरवरी को जिला पंचायत गोण्डा की सामान्य बैठक, विकास से जुड़े 12 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर होगा निर्णय



गोण्डा। 20 फरवरी 2026  जिला पंचायत, की सामान्य बैठक अध्यक्ष, जिला पंचायत की अध्यक्षता में 28 फरवरी  को पूर्वान्ह 11:30 बजे जिला पंचायत सभागार में आयोजित की जाएगी। बैठक में समस्त सदस्य एवं पदेन सदस्यों से समय पर उपस्थित रहने का अनुरोध किया गया है।

बैठक के एजेण्डे में कुल 12 बिंदुओं को शामिल किया गया है। सबसे पहले जिला पंचायत की गत सामान्य बैठक 07 मार्च 2025 की कार्यवाही की पुष्टि की जाएगी। इसके पश्चात जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित विकास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की जाएगी।

बैठक में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए जनपद गोण्डा के श्रम बजट की स्वीकृति पर विचार होगा। साथ ही प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-4 के अंतर्गत लोकसभा क्षेत्र गोण्डा एवं कैसरगंज में भारत सरकार से स्वीकृत मार्गों की वित्तीय स्वीकृति हेतु जिला पंचायत के अनुमोदन पर निर्णय लिया जाएगा।

इसके अलावा वित्तीय वर्ष 2025-26 के पुनरीक्षित बजट तथा 2026-27 के मूल बजट की स्वीकृति पर विचार किया जाएगा। पंचम राज्य वित्त आयोग एवं पन्द्रहवां वित्त आयोग योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 की अनुपूरक कार्ययोजना की स्वीकृति भी बैठक में प्रस्तावित है।

जिला पंचायत विकास योजना के अंतर्गत राज्य वित्त आयोग एवं केन्द्रीय वित्त आयोग की वर्ष 2026-27 की कार्ययोजनाओं पर भी निर्णय लिया जाएगा। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिला पंचायत की विभव एवं सम्पत्ति कर प्रस्तावना सूची की स्वीकृति पर भी विचार किया जाएगा।

बैठक में शासन, मंत्री, जनप्रतिनिधियों, आईजीआरएस तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त संदर्भों में उल्लिखित विभिन्न परियोजनाओं एवं निर्माण कार्यों की स्वीकृति का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। अंत में अन्य विषयों पर अध्यक्ष की अनुमति से चर्चा की जाएगी। यह बैठक जनपद के विकास, बजट निर्धारण एवं आगामी योजनाओं के क्रियान्वयन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
झारखंड विधानसभा: बजट सत्र का तीसरा दिन आज, सदन में पेश होगा तृतीय अनुपूरक बजट

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रांची: झारखंड विधानसभा के पंचम बजट सत्र की कार्यवाही आज अपने तीसरे दिन में प्रवेश कर गई है। आज का दिन विधायी कार्यों और वित्तीय चर्चाओं के लिहाज से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। 17 कार्यदिवसों के इस लंबे सत्र में राज्य की भावी योजनाओं और वित्तीय स्थिरता पर गहन विचार-विमर्श की तैयारी है।

आज की कार्यसूची:

दिन की शुरुआत प्रश्नकाल के साथ होगी, जिसमें विपक्ष विभिन्न जनहित के मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश करेगा, वहीं सत्ता पक्ष अपनी उपलब्धियों का ब्यौरा देगा। इसके उपरांत, वित्त मंत्री श्री राधाकृष्ण किशोर द्वारा सदन के पटल पर तृतीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसके बाद राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव और उस पर होने वाले वाद-विवाद के बाद सरकार अपना आधिकारिक जवाब पेश करेगी।

वार्षिक बजट पर नजर:

सत्र की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी 24 फरवरी 2026 को देखने को मिलेगी, जब वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेंगे। इस बजट से राज्य के युवाओं, किसानों और बुनियादी ढांचे के विकास को लेकर बड़ी उम्मीदें जुड़ी हुई हैं।

सत्र के दौरान कुल 17 दिनों तक राज्य की नीतियों, वित्तीय प्राथमिकताओं और विभिन्न विकासात्मक योजनाओं पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस होने वाली है।

बी.ए.शिक्षाशास्त्र प्रायोगिक परीक्षा 20 को होगी*
सुलतानपुर। राणा प्रताप पी जी कॉलेज के शिक्षाशास्त्र मेजर विषय के बी०ए० प्रथम,तृतीय और पंचम सेमेस्टर की मौखिकी/प्रायोगिकी परीक्षा 20 फरवरी दिन शुक्रवार को महाविद्यालय में प्रातः 10 बजे से कला संकाय में सम्पन्न होगी। विभागाध्यक्ष डॉ० शिल्पी सिंह ने बताया कि सभी परीक्षार्थी अपने परिचय-पत्र, प्रवेश-पत्र एवं प्रायोगिक की फाइल के साथ निर्धारित तिथि एवं समयानुसार महाविद्यालय में उपस्थित हों। परीक्षा में अनुपस्थित रहने और परीक्षा छूट जाने पर सम्पूर्ण जिम्मेदारी स्वयं परीक्षार्थियों की होगी ।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
कोशिश द्वारा आयोजित राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा संपन्न

जौनपुर। कोशिश साहित्यिक संस्था के 24वें वार्षिकोत्सव तिलकधारी महिला कालेज परिसर में राष्ट्रीय कवि सम्मेलन एवं मुशायरा का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का श्री गणेश दीप प्रज्ज्वलन एवं डॉ. नरेंद्र पाठक के सरस्वती वंदना से हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शायर अहमद निसार ने किया तथा डॉ. अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य टी.डी. कॉलेज मुख्य अतिथि रहे। कार्यक्रम के प्रारंभ में कोशिश संस्था द्वारा प्रकाशित मंजरी नामक काव्य संग्रह का विमोचन हुआ जो उपस्थित श्रोताओं के लिए कौतूहल का विषय रहा। इसके अतिरिक्त वरिष्ठ कवि जनार्दन प्रसाद अस्थाना के कहानी संग्रह प्रायश्चित एवं आनन्द राय द्वारा रचित रूठ गया स्नेहल संचित मन नामक काव्य संग्रह का भी विमोचन हुआ। आमंत्रित कवियों एवं उपस्थित श्रोताओं का स्वागत प्रो. आर.एन. सिंह ने किया। संस्था के उद्देश्यों पर संस्थाध्यक्ष जनार्दन प्रसाद अस्थाना ने प्रकाश डाला एवं अतिथियों के सम्मान में अशोक मिश्रा ने अपने उद्गार व्यक्त किया।विशिष्ट अतिथियों में वरिष्ठजन डा. एम.पी. सिंह, डॉ. एस.बी. सिंह, डा. अंबिकेश्वर सिंह, डॉ. राममोहन सिंह, डॉ, ओम प्रकाश सिंह, डॉ, अजय दुबे, रामकृष्ण त्रिपाठी, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह आदि को सम्मानित भी किया गया। प्रारंभिक सत्र के पश्चात गीत, गजल एवं कविताओं का जो प्रवाह प्रारंभ हुआ, वह सायंकाल तक चलता रहा। मिर्जापुर से पधारे लल्लू तिवारी का शेर 'प्यार कच्चा घड़ा नहीं होता, कोई छोटा बड़ा नहीं होता, पर खूब तालियां बजीं। मऊ से पधारे कवि डॉ. ईश्वर चंद्र त्रिपाठी की रचना 'जीत जाता हूं हार जाता हूं, रोज करने शिकार जाता हूं, सुनकर पूरा हाल वाह-वाह करता रहा। मुक्तेश्वर पाराशर की पंक्तियां 'अकेली यात्राओं में भी मन के गीत पाएंगे', लोगों को खूब पसंद आई। सांप्रदायिक सौहार्द पर पुष्पेंद्र अस्थाना की रचना 'यूं तो जन्नत नहीं जहन्नुम मिलेगा तुमको, नाम मजहब के खून बहाने वालों', बहुत सराही गई। लोक गीतों के महाकवि जगदीश पंथी ने जब कहां की 'बड़ा निक लागे ननद तोरा गंवुआं तो पूरा सभागार मस्ती में झूम उठा और तालियां की गड़गड़ाहट से पूरा हाल गूंजता रहा।काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप वशिष्ठ का शेर 'बड़े दिख रहे हैं वे कंधों पर चढ़कर, जो सचमुच बड़े हैं वो झुक कर खड़े हैं', लोगों के मन को छू गया और और बड़े ही सहज भाव में बड़प्पन को रेखांकित किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ अरुण सिंह पूर्व प्राचार्य ने साहित्य एवं कविता की प्रासंगिकता को रेखांकित किया और इसके योगदान में कोशिश मंच के प्रयासों को खूब सराहा। कवि सम्मेलन की अध्यक्षता कर रहे मशहूर शायर अहमद निसार का शेर, ''बहुत संभाल के धरती पर पांव रखिएगा, हमारे शहर के जर्रे में भी दिल धड़कता है', तहे दिल से साराहा गया और खूब वाहवाही बटोरी।कवि सम्मेलन के बीच-बीच में कोशिश संस्था से जुड़े तमाम कवियों एवं शायरों में जनार्दन प्रसाद अस्थाना, प्रखर जौनपुरी, अशोक मिश्रा, गिरीश श्रीवास्तव, फूलचन्द भारती, एस.बी. उपाध्याय, डा. संजय सिंह सागर, रमेश चंद्र सेठ, अंसार जौनपुरी, अनिल उपाध्याय, नन्द लाल समीर, राजेश पांडेय, सुमति श्रीवास्तव, ओ.पी. खरे, ओंकार यादव, रामजीत मिश्रा, पहलवान, बृजेश राय, मंजू पांडेय, रूपेश साथी ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं का मन जीतने में सफल रहे और सृजन के क्षेत्र में जौनपुर के योगदान का सार्थक परिचय दिया। इसके अतिरिक्त काशी हिंदू विश्वविद्यालय के कई शोध छात्रों ने गीत और गजलों के सृजन में अपनी प्रतिभा का परिचय दिया जो श्रोताओं द्वारा बहुत पसंद किया गया।डॉ विमला सिंह, डॉ राम अवतार सिंह, संजय सेठ, संजय उपाध्याय, डॉ सुभाष सिंह प्रधानाचार्य, डॉ शुभ्रा सिंह, डॉ संतोष सरोज, प्रेम गुप्ता, डॉ सुधा सिंह, अनिल विश्वकर्मा, आर.पी. सिंह एडवोकेट, अश्वनी तिवारी सहित अन्य अनेक संभ्रांत नागरिकों ने कार्यक्रम की गरिमा में चार चांद लगाया। कवि सम्मेलन का संचालन सभाजीत द्विवेदी प्रखर ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डा. अंबिकेश्वर सिंह ने किया।
बीमा क्षेत्र में अनिल गलगली को मिलियन डॉलर राउंड टेबल अवार्ड
मुंबई। प्रसिद्ध आरटीआई कार्यकर्ता अनिल गलगली ने बीमा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि हासिल करते हुए एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस के साथ प्रतिष्ठित एमडीआरटी (मिलियन डॉलर राउंड टेबल) अवॉर्ड प्राप्त किया है। वर्ष 2025 के दौरान श्री गलगली ने बीमा जगत की इस अंतरराष्ट्रीय स्तर की उपलब्धि को सफलतापूर्वक हासिल किया। इस अवसर का भव्य समारोह एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस कार्यालय, घाटकोपर पूर्व, मुंबई में आयोजित किया गया। क्षेत्रीय प्रबंधक राहिल जैटली और कार्यालय प्रमुख महेश चौधरी ने एमडीआरटी (MDRT) का मानक हासिल करने वाले उपलब्धि प्राप्तकर्ताओं को सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में अनिल गलगली, अब्दुल लतीफ, अशफाक अहमद, नमिता ठाक्कर और शैजू जोसे शामिल हैं, जिन्होंने भी एमडीआरटी बेंचमार्क सफलतापूर्वक प्राप्त किया है। यह आयोजन एक्सिस मैक्स लाइफ इंश्योरेंस परिवार के लिए गर्व का क्षण रहा और बीमा क्षेत्र में बढ़ती उत्कृष्टता का प्रतीक बना।
आजमगढ़:-सड़क दुर्घटना में बाल बाल बचे दोनों युवक

वी कुमार यदुवंशी
आजमगढ़। फूलपुर कस्बे में लखनऊ–बलिया मार्ग पर बाबा गेट के पास सोमवार को एक कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार चालक की जान बच गई, जबकि साथ बैठे युवक को मामूली चोट आई। घायल का प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक जायसवाल के 28 वर्षीय पुत्र विशाल अपनी शादी (19 नवम्बर) की तैयारियों के सिलसिले में कोलकाता से आने वाले रिश्तेदार को लेने शाहगंज रेलवे स्टेशन जा रहे थे। वह अपने घर से लगभग 100 मीटर ही आगे बढ़े थे कि सामने से तेज गति से आ रही ट्रक से बचने के प्रयास में उनकी लेंजर कार सड़क किनारे खोदे गए गड्ढे में असंतुलित हो गई और पास स्थित सीमेंटेड बिजली के खंभे से टकरा गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, एयरबैग खुल जाने से चालक विशाल की जान बच गई। कार में साथ बैठे अब्बास (25), पुत्र गुलाम अज़गर, निवासी चमावा को हल्की चोट आई, जिन्हें उपचार के बाद घर भेज दिया गया। दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जुट गई। परिवारजन होने वाले दूल्हे की सकुशलता पर ईश्वर का आभार व्यक्त कर रहे हैं।