मंत्री चमरा लिंडा सख्त: दिसंबर से पहले छात्रवृत्ति भुगतान, पारदर्शी मैकेनिज्म बनाने का निर्देश

रांची। माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बुद्ध की ज्ञानस्थली से निकला देश का नंबर-1 प्रतिभाशाली छात्र, AIR-1 शुभम कुमार समेत 18 मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान

गया। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली गया ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी बौद्धिक पहचान का परचम लहराया है। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल कर इतिहास रचने वाले शुभम कुमार समेत 18 सफल छात्रों का शहर के हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में भव्य सम्मान किया गया। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल द्वारा आयोजित फेलिसिटेशन सेरेमनी में छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में गया नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद् डॉ. शशि शेखर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शुभम कुमार और अन्य छात्रों की उपलब्धियां बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह साबित करती हैं कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समारोह में जेईई एडवांस में सफलता प्राप्त करने वाले सभी 18 छात्रों को चांदी की चेन पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्रों के अभिभावकों को भी शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

सम्मान समारोह में शुभम कुमार ने अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा से ही उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन किया। कोटा में रहकर की गई कठिन मेहनत और अनुशासित तैयारी का ही परिणाम है कि उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए ईमानदारी, समर्पण और लगातार प्रयास जरूरी है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है।

ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि 18 छात्रों की सफलता ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है, लेकिन शुभम कुमार की उपलब्धि पूरे गया जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, उसी धरती के बेटे ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि गया आज भी ज्ञान और प्रतिभा की राजधानी है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय की ओर से संचालित सुपर-30 कार्यक्रम में अब कक्षा नौवीं से ही मेधावी छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी ताकि और अधिक छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें।

पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर गया का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जिसे न कोई खरीद सकता है, न बेच सकता है और न ही बांट सकता है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को नई पहचान और समाज को नई दिशा देती है।

महाकाल आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज का विशेष अनुष्ठान शुरू
सुल्तानपुर शिव योगी महाकाल आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज का विशेष अनुष्ठान शुरू।

सीताकुंड धाम महाकाल आश्रम से शुरू हुई चक्रवर्ती परिक्रमा।

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले के भारी संख्या में श्रद्धालु हो रहे सामिल। मार्ग की साफ सफाई व जल छिड़काव के बाद लेट कर परिक्रमा कर रहे शिवयोगी मौनी महाराज।

दीवानी चौराहा,कलेक्ट्रेट चौराहा,पंचमुखी मंदिर चौराहा,शाहगंज चौराहा,चौक ठठेरी बाजार होते हुए पहुंचेंगे रामलीला मैदान सिद्धेश्वर महादेव के मंदिर,पूजा अर्चना कर महादेव का लेंगे आशीर्वाद। बीते 15 मई से सीताकुंड धाम स्थित महाकाल आश्रम में चल रहा विशेष अनुष्ठान...
‘12 साल बेमिसाल’ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया सामूहिक पूजन, मोदी की दीर्घायु और राष्ट्र की उन्नति की कामना
ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मीरापुर। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान के अंतर्गत बुधवार को मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के गांव संभलहेड़ा स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में भव्य सामूहिक पूजन एवं प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन तथा देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से भगवान शिव के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सामाजिक समरसता तथा भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि की कामना की। इस दौरान वक्ताओं ने केन्द्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण और वैश्विक स्तर पर सम्मान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अमरजीत गुर्जर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देखा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की नीतियों ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य किया है।

मुख्य अतिथि एवं विधान परिषद सदस्य श्रीमती वंदना वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता नजर सिंह, मण्डल प्रभारी इन्दर सिंह कश्यप, मण्डल अध्यक्ष सचिन ठाकुर, सुबोध सैनी, अरुण पाल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष सत्येन्द्र चौधरी, नरेन्द्र गर्ग, कृष्णपाल सैनी, रूप सिंह प्रजापति, संदीप शर्मा, सुभाष पाल, संदीप पाल सहित मण्डल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पूजन कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में भाजपा के ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की तथा कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया।
मोदी  सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मीरापुर में हुआ सामूहिक पूजन, राष्ट्र की उन्नति और प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । केंद्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी मीरापुर मंडल ने ग्राम संभलहेड़ा स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में भव्य सामूहिक पूजन एवं प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि एवं प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव के पूजन-अर्चन से हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इसी क्रम में सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक रूप से ईश्वर का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मंडल अध्यक्ष इंदर सिंह कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कार्यक्रम संयोजक एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अमरजीत गुर्जर ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। देश आज आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व समुदाय भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार कर रहा है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नजर सिंह, मंडल प्रभारी इन्दर सिंह कश्यप, मंडल अध्यक्ष सचिन ठाकुर, सुबोध सैनी, अरुण पाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र चौधरी, नरेंद्र गर्ग, कृष्णपाल सैनी, रूप सिंह प्रजापति, संदीप शर्मा, सुभाष पाल, संदीप पाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना करते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित एवं जनसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
झारखंड के 17 जिलों में येलो अलर्ट। अगले 24-48 घंटे भारी बारिश, आंधी, वज्रपात की आशंका।

राँची। मौसम एक बार फिर अपना रुप बदल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, राँची और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान 200 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा।

आईएमडी ने राँची, खूँटी, गुमला, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद और गिरिडीह समेत 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने राँची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में वज्रपात की आशंका जताई है। बारिश के बावजूद पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी बनी रह सकती है। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की संभावना है।

राँची, दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में बादल और बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है।

लोकप्रिय चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल की 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ और विश्व पर्यावरण दिवस पर पौध वितरण कर लगाने और सुरक्षा का संकल्प दिलाया*
सुल्तानपुर,लोकप्रिय चेयरमैन श्री प्रवीण कुमार अग्रवाल की 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर "पौध वितरण कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पंचमुखी हनुमान मंदिर डाक घर चौराहा के पास नगर पालिका परिषद के सभी सभासदों ने मिलकर यह आयोजन किया। दरअसल इस आयोजन में सार्वजनिक रूप से 1500 पौधे लोगों में बांटे गए। हर व्यक्ति से यह अपील की गई कि पौधा लेकर जाएं लगाएं और फिर उसकी देखभाल करें।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहाकि " पेड़" हर व्यक्ति को लगाना चाहिए। जो देखभाल कर सके वही यह पौधा ले जाकर लगाने का हकदार है, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने निवेदन करते हुए पर्यावरण प्रेमियों से कहाकि एक वृक्ष जरूर लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। वैवाहिक वर्षगांठ जैसे मौके को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का यह सन्देश रहा। लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना और सिर्फ पौधा देना ही नहीं,बल्कि उसकी अच्छे से जिम्मेदारी लेने का संकल्प लेना। नगरक्षेत्र के लोकप्रिय भाजपा नेता व नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल की 35वीं वर्षगांठ को समाजसेवा से जोड़कर 1500 पौधे वितरण किए गए और लोगों से एक-एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।
35वीं वर्षगांठ पर सुल्तानपुर नगरपालिका परिषद चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल का सराहनीय कार्य,किया पौधा वितरण*
सुल्तानपुर,अपने विवाह की 35वीं वर्षगांठ पर आज सुल्तानपुर के नगर पालिका परिषद के चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने सराहनीय कार्य किया। तामझाम से दूर उन्होंने बेहद सादगी के साथ वैवाहिक वर्षगांठ मनाते हुए नगर वासियों को 1500 पौधों का निःशुल्क वितरण किया और ज्यादा से ज्यादा लोगों से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पौधरोपण का अनुरोध किया । दरअसल नगर के पोस्ट ऑफिस चौराहे पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पर आज नगर पालिका के सभासदों द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान पहले तो चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने मंदिर में जाकर पूजन अर्चन किया और उसके बाद नगर वासियों को 1500 पौधों का निःशुल्क वितरण किया। उन्होंने कहा कि आज उनके विवाह के 35 वर्ष पूरे हुए। इसलिए पौध वितरण कर कार्यक्रम सभासदों द्वारा आयोजित किया गया। प्रवीण अग्रवाल के अनुरोध किया कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाये और सबसे जरूरी बात की उसकी देखरेख करे ताकि हमारा पेड़ सुरक्षित रह सके।
मंत्री चमरा लिंडा सख्त: दिसंबर से पहले छात्रवृत्ति भुगतान, पारदर्शी मैकेनिज्म बनाने का निर्देश

रांची। माननीय मंत्री चमरा लिंडा द्वारा विभिन्न विभागीय योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में योजनाओं के क्रियान्वयन की गति और प्रभावशीलता को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

समीक्षा के दौरान मंत्री ने छात्रवृत्ति योजना पर विशेष जोर देते हुए निर्देश दिया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 में प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान दिसंबर माह से पूर्व हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही छात्रवृत्ति वितरण को पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाने के लिए एक प्रभावी मैकेनिज्म विकसित करने का भी निर्देश दिया गया।

बैठक में आदिवासी कल्याण आयुक्त ने जानकारी दी कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए ई-कल्याण पोर्टल 15 मई से ही खोल दिया गया है, जिससे आवेदन प्रक्रिया सुचारू रूप से चल रही है।

साइकिल वितरण योजना की समीक्षा करते हुए मंत्री ने निर्देश दिया कि छात्र-छात्राओं के ड्रॉपआउट को कम करने के उद्देश्य से निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध कम से कम 50 प्रतिशत साइकिलों का वितरण अगले एक माह के भीतर सुनिश्चित किया जाए।

वहीं मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना की समीक्षा के दौरान मंत्री ने इसे और अधिक प्रभावी बनाने के लिए गहन अध्ययन कर नई रूपरेखा के साथ विकसित करने तथा नए सिरे से आवेदन आमंत्रित करने का निर्देश दिया, ताकि अधिक से अधिक बेरोजगार युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ा जा सके।

बैठक में सचिव एवं विशेष सचिव, अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, आदिवासी कल्याण आयुक्त, प्रबंध निदेशक (आदिवासी सहकारी विकास निगम), राज्य परियोजना निदेशक (JTDS) एवं परियोजना निदेशक (ITDA), रांची सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

बुद्ध की ज्ञानस्थली से निकला देश का नंबर-1 प्रतिभाशाली छात्र, AIR-1 शुभम कुमार समेत 18 मेधावियों का हुआ भव्य सम्मान

गया। भगवान बुद्ध की ज्ञानस्थली गया ने एक बार फिर पूरे देश में अपनी बौद्धिक पहचान का परचम लहराया है। जेईई एडवांस 2026 में ऑल इंडिया रैंक (AIR)-1 हासिल कर इतिहास रचने वाले शुभम कुमार समेत 18 सफल छात्रों का शहर के हरिदास सेमिनरी ऑडिटोरियम में भव्य सम्मान किया गया। ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल द्वारा आयोजित फेलिसिटेशन सेरेमनी में छात्रों की उपलब्धियों का जश्न मनाया गया और उन्हें भविष्य के लिए प्रेरित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। समारोह में गया नगर निगम के पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव एवं शिक्षाविद् डॉ. शशि शेखर मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। वहीं बिहार विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से समारोह को संबोधित करते हुए सफल छात्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शुभम कुमार और अन्य छात्रों की उपलब्धियां बिहार के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं और यह साबित करती हैं कि मेहनत और लगन से कोई भी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।

समारोह में जेईई एडवांस में सफलता प्राप्त करने वाले सभी 18 छात्रों को चांदी की चेन पहनाकर सम्मानित किया गया। इसके अलावा छात्रों के अभिभावकों को भी शॉल और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के दौरान छात्रों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए उपस्थित लोगों ने जोरदार तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।

सम्मान समारोह में शुभम कुमार ने अपनी सफलता का अनुभव साझा करते हुए कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। उन्होंने कहा कि 11वीं कक्षा से ही उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर निरंतर अध्ययन किया। कोटा में रहकर की गई कठिन मेहनत और अनुशासित तैयारी का ही परिणाम है कि उन्हें यह ऐतिहासिक सफलता मिली। उन्होंने छात्रों को संदेश देते हुए कहा कि सफलता पाने के लिए ईमानदारी, समर्पण और लगातार प्रयास जरूरी है। यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो तो सफलता अवश्य मिलती है।

ब्रिटिश इंग्लिश स्कूल गुरुकुल के निदेशक भीमराज प्रसाद ने कहा कि 18 छात्रों की सफलता ने विद्यालय का गौरव बढ़ाया है, लेकिन शुभम कुमार की उपलब्धि पूरे गया जिले के लिए ऐतिहासिक है। उन्होंने कहा कि जिस धरती पर भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, उसी धरती के बेटे ने देशभर में पहला स्थान हासिल कर यह साबित कर दिया है कि गया आज भी ज्ञान और प्रतिभा की राजधानी है। उन्होंने घोषणा की कि विद्यालय की ओर से संचालित सुपर-30 कार्यक्रम में अब कक्षा नौवीं से ही मेधावी छात्रों को निःशुल्क शिक्षा दी जाएगी ताकि और अधिक छात्र राष्ट्रीय स्तर पर सफलता हासिल कर सकें।

पूर्व डिप्टी मेयर मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शुभम कुमार ने ऑल इंडिया रैंक-1 प्राप्त कर गया का नाम पूरे देश में रोशन किया है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसा अमूल्य धन है जिसे न कोई खरीद सकता है, न बेच सकता है और न ही बांट सकता है। शिक्षा ही वह शक्ति है जो व्यक्ति को नई पहचान और समाज को नई दिशा देती है।

महाकाल आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज का विशेष अनुष्ठान शुरू
सुल्तानपुर शिव योगी महाकाल आश्रम पीठाधीश्वर मौनी महाराज का विशेष अनुष्ठान शुरू।

सीताकुंड धाम महाकाल आश्रम से शुरू हुई चक्रवर्ती परिक्रमा।

प्रत्येक वर्ष की तरह इस वर्ष भी जिले के भारी संख्या में श्रद्धालु हो रहे सामिल। मार्ग की साफ सफाई व जल छिड़काव के बाद लेट कर परिक्रमा कर रहे शिवयोगी मौनी महाराज।

दीवानी चौराहा,कलेक्ट्रेट चौराहा,पंचमुखी मंदिर चौराहा,शाहगंज चौराहा,चौक ठठेरी बाजार होते हुए पहुंचेंगे रामलीला मैदान सिद्धेश्वर महादेव के मंदिर,पूजा अर्चना कर महादेव का लेंगे आशीर्वाद। बीते 15 मई से सीताकुंड धाम स्थित महाकाल आश्रम में चल रहा विशेष अनुष्ठान...
‘12 साल बेमिसाल’ अभियान के तहत भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया सामूहिक पूजन, मोदी की दीर्घायु और राष्ट्र की उन्नति की कामना
ब्रह्म प्रकाश शर्मा

मीरापुर। केन्द्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान के अंतर्गत बुधवार को मीरापुर विधानसभा क्षेत्र के गांव संभलहेड़ा स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में भव्य सामूहिक पूजन एवं प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता कर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन तथा देश की निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान से भगवान शिव के पूजन-अर्चन के साथ हुआ। उपस्थित श्रद्धालुओं ने राष्ट्र की सुख-समृद्धि, सामाजिक समरसता तथा भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा में निरंतर वृद्धि की कामना की। इस दौरान वक्ताओं ने केन्द्र सरकार के 12 वर्षों की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश ने विकास, सुशासन, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति, गरीब कल्याण और वैश्विक स्तर पर सम्मान के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है।

कार्यक्रम के संयोजक एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अमरजीत गुर्जर ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने अनेक ऐतिहासिक निर्णयों और जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ देखा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार की नीतियों ने समाज के प्रत्येक वर्ग तक विकास की रोशनी पहुंचाने का कार्य किया है।

मुख्य अतिथि एवं विधान परिषद सदस्य श्रीमती वंदना वर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत विश्व मंच पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभरा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान करते हुए कहा कि भाजपा का लक्ष्य केवल सत्ता प्राप्त करना नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की भावना को मजबूत करना है।

इस अवसर पर वरिष्ठ भाजपा नेता नजर सिंह, मण्डल प्रभारी इन्दर सिंह कश्यप, मण्डल अध्यक्ष सचिन ठाकुर, सुबोध सैनी, अरुण पाल, पूर्व मण्डल अध्यक्ष सत्येन्द्र चौधरी, नरेन्द्र गर्ग, कृष्णपाल सैनी, रूप सिंह प्रजापति, संदीप शर्मा, सुभाष पाल, संदीप पाल सहित मण्डल के अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

पूजन कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी लोगों ने राष्ट्रहित और जनसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया। धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण के बीच संपन्न हुए इस आयोजन ने क्षेत्र में भाजपा के ‘12 साल बेमिसाल’ अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की तथा कार्यकर्ताओं में उत्साह का संचार किया।
मोदी  सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने पर मीरापुर में हुआ सामूहिक पूजन, राष्ट्र की उन्नति और प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना

ब्रह्म प्रकाश शर्मा

जानसठ । केंद्र में प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी मीरापुर मंडल ने ग्राम संभलहेड़ा स्थित पंचमुखी शिव मंदिर में भव्य सामूहिक पूजन एवं प्रार्थना कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं तथा क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए राष्ट्र की प्रगति, समृद्धि एवं प्रधानमंत्री की दीर्घायु की कामना की।

कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भगवान शिव के पूजन-अर्चन से हुआ। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने पिछले 12 वर्षों में विकास, सुरक्षा, आत्मनिर्भरता और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। इसी क्रम में सरकार के सफल 12 वर्ष पूर्ण होने पर सामूहिक रूप से ईश्वर का आभार व्यक्त किया गया तथा राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मंडल अध्यक्ष इंदर सिंह कश्यप ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने विश्व पटल पर अपनी अलग पहचान स्थापित की है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच रहा है और देश विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। कार्यक्रम संयोजक एवं भाजपा जिला कोषाध्यक्ष अमरजीत गुर्जर ने कहा कि मोदी सरकार के 12 वर्ष सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित रहे हैं। देश आज आत्मनिर्भर भारत की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्व समुदाय भारत की बढ़ती ताकत को स्वीकार कर रहा है। इस अवसर पर भाजपा के वरिष्ठ नेता नजर सिंह, मंडल प्रभारी इन्दर सिंह कश्यप, मंडल अध्यक्ष सचिन ठाकुर, सुबोध सैनी, अरुण पाल, पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्येंद्र चौधरी, नरेंद्र गर्ग, कृष्णपाल सैनी, रूप सिंह प्रजापति, संदीप शर्मा, सुभाष पाल, संदीप पाल सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण से सराबोर रहा। कार्यकर्ताओं ने सामूहिक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ एवं दीर्घ जीवन की कामना करते हुए भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प को दोहराया। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने राष्ट्रहित एवं जनसेवा के लिए निरंतर कार्य करने का संकल्प लिया
प्राकृतिक हीरा, धरती माता के अमर प्रेम का अनमोल उपहार
– संजय जीवन लाल शाह

प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि प्रकृति की करोड़ों वर्षों की साधना का परिणाम और धरती माता के अमर प्रेम का जीवंत प्रतीक है। इसकी अनुपम चमक, दुर्लभता, शाश्वतता और अद्वितीय सौंदर्य ने इसे सदियों से प्रेम, विश्वास, समर्पण, शक्ति और वैभव का सर्वोच्च प्रतीक बनाया है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा आज भी दुनिया भर में प्रेम की सबसे सुंदर और सबसे मूल्यवान अभिव्यक्ति माना जाता है। कहा जाता है कि कुछ उपहार समय के साथ पुराने हो जाते हैं, लेकिन प्राकृतिक हीरा ऐसा उपहार है जिसकी चमक समय के साथ और अधिक निखरती जाती है। जब कोई व्यक्ति अपनी प्रिय को प्राकृतिक हीरे का उपहार देता है, तो वह केवल एक आभूषण नहीं देता, बल्कि अपने अटूट प्रेम, सम्मान, विश्वास और जीवनभर साथ निभाने का वचन सौंपता है। इसी कारण प्राकृतिक हीरे को दुनिया भर में “अल्टीमेट गिफ्ट ऑफ लव” की संज्ञा दी गई है। ‘डायमंड’ शब्द ग्रीक भाषा के शब्द ‘एडामस’ से लिया गया है, जिसका अर्थ है—अजेय और अविनाशी। यह नाम हीरे के गुणों का सटीक परिचय देता है। प्रेम की तरह ही हीरा भी अटूट, अमर और समय की हर कसौटी पर खरा उतरने वाला माना जाता है। इतिहास साक्षी है कि इस अद्भुत रत्न को प्राप्त करने के लिए अनेक राजाओं और साम्राज्यों ने संघर्ष किए, युद्ध लड़े और इसे अपने गौरव का प्रतीक बनाया। भारत को प्राकृतिक हीरों की जन्मभूमि होने का गौरव प्राप्त है। हजारों वर्ष पूर्व विश्व के प्रथम हीरे भारत की धरती से प्राप्त हुए थे। गोलकुंडा की खदानों से निकले हीरों ने विश्व को चमत्कृत कर दिया था। विश्वविख्यात कोहिनूर, होप डायमंड और अनेक ऐतिहासिक हीरे भारत की गौरवशाली विरासत का हिस्सा रहे हैं। जब दुनिया के अधिकांश देशों में हीरे के बारे में जानकारी भी नहीं थी, तब भारतीय राजघरानों की रानियां और राजकुमारियां हीरों से सुसज्जित मुकुट, हार, बाजूबंद, कंगन और अंगूठियां धारण करती थीं। निजाम, गायकवाड़, सिंधिया और अन्य भारतीय राजवंशों के खजाने प्राकृतिक हीरों की अद्वितीय संपदा के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध थे। भारतीय संस्कृति में हीरे को केवल संपत्ति नहीं, बल्कि सौभाग्य, समृद्धि और प्रतिष्ठा का प्रतीक माना गया है।
विश्व की विभिन्न सभ्यताओं में भी प्राकृतिक हीरे को विशेष सम्मान प्राप्त हुआ है। यूनानियों का विश्वास था कि हीरे देवताओं के आंसुओं से बने हैं, जबकि प्राचीन रोमन उन्हें टूटते तारों के टुकड़े मानते थे। मध्यकालीन यूरोप में हीरे को साहस, सुरक्षा और वैवाहिक सुख का प्रतीक माना जाता था। इटली में इसे पति-पत्नी के मध्य प्रेम और सामंजस्य को सुदृढ़ करने वाला रत्न माना गया। सगाई की अंगूठी में हीरा जड़ने की परंपरा भी प्रेम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वर्ष 1477 में ऑस्ट्रिया के आर्चड्यूक मैक्सिमिलियन ने मैरी ऑफ बरगंडी को हीरे की अंगूठी भेंट की थी। इसके बाद हीरे की अंगूठी प्रेम, प्रतिबद्धता और वैवाहिक बंधन का वैश्विक प्रतीक बन गई। आज भी विश्वभर में लाखों युगल अपने जीवन की नई शुरुआत प्राकृतिक हीरे की अंगूठी के साथ करते हैं। वैज्ञानिक दृष्टि से भी प्राकृतिक हीरा प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है। यह धरती की गहराइयों में लगभग 150 से 200 किलोमीटर नीचे, अत्यधिक तापमान और दबाव के बीच करोड़ों वर्षों में निर्मित होता है। प्रकृति की इस लंबी और अद्भुत प्रक्रिया के कारण प्रत्येक प्राकृतिक हीरा अद्वितीय होता है। कोई भी दो प्राकृतिक हीरे पूरी तरह समान नहीं होते। प्रत्येक हीरा अपनी अलग पहचान और विशिष्टता लिए होता है, मानो उस पर स्वयं प्रकृति के हस्ताक्षर अंकित हों।
प्राकृतिक हीरे की यात्रा भी उसकी चमक जितनी ही प्रेरणादायक होती है। धरती की गहराइयों से निकलकर वह खनिकों, कारीगरों, डिजाइनरों और ज्वेलरी विशेषज्ञों के कुशल हाथों से गुजरता है। अनगिनत घंटों की मेहनत और कलात्मकता के बाद वह एक शानदार आभूषण का रूप धारण करता है, जो किसी के जीवन की सबसे यादगार स्मृति बन जाता है। आज के आधुनिक युग में भी प्राकृतिक हीरा केवल फैशन का हिस्सा नहीं है, बल्कि भावनाओं, उपलब्धियों और जीवन के महत्वपूर्ण पड़ावों का साक्षी है। सगाई, विवाह, वर्षगांठ, सफलता, मातृत्व अथवा किसी विशेष उपलब्धि के अवसर पर दिया गया प्राकृतिक हीरा जीवनभर की यादों को संजोए रखता है। ज्वैल मेकर वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष संजय जीवनलाल शाह के अनुसार, “प्राकृतिक हीरा हमें यह संदेश देता है कि वास्तविक मूल्य समय, धैर्य, समर्पण और प्रकृति की अनमोल रचना में निहित होता है। करोड़ों वर्षों में निर्मित यह रत्न प्रेम, निष्ठा और स्थायित्व का जीवंत प्रतीक है।”
जब तक संसार में प्रेम, विश्वास, सौंदर्य और समर्पण का अस्तित्व रहेगा, तब तक प्राकृतिक हीरे की दिव्य चमक मानव हृदयों को आलोकित करती रहेगी। वास्तव में, प्राकृतिक हीरा केवल एक रत्न नहीं, बल्कि धरती माता द्वारा मानवता को दिया गया अमर प्रेम का अनमोल उपहार है—एक ऐसा उपहार जो पीढ़ियों तक रिश्तों, भावनाओं और स्मृतियों को जीवंत बनाए रखता है। यही कारण है कि प्राकृतिक हीरा सदैव प्रेम की सबसे सुंदर, सबसे शुद्ध और सबसे शाश्वत अभिव्यक्ति बना रहेगा।
यूपी में गर्मी का कहर: बांदा 45 डिग्री के साथ सबसे गर्म, 17 जिलों में लू और 36 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इन दिनों मौसम के दो अलग-अलग रूप देखने को मिल रहे हैं। एक ओर बुंदेलखंड और दक्षिणी जिलों में भीषण गर्मी, लू और उमस लोगों का जीना मुहाल किए हुए हैं, तो दूसरी ओर तराई और कुछ अन्य क्षेत्रों में आंधी, बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का दौर जारी है। मौसम के इस दोहरे मिजाज ने प्रदेशवासियों को असमंजस में डाल दिया है।

मंगलवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार दर्ज किया गया। बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी का असर सबसे अधिक देखने को मिला। बांदा 45 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। इसके अलावा प्रयागराज में 44.6 डिग्री, झांसी में 44.4 डिग्री, कानपुर में 43.9 डिग्री और वाराणसी में 43.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

भीषण गर्मी और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा। लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। गर्म हवाओं और उमस ने लोगों की परेशानी को और बढ़ा दिया। बिजली और पानी की बढ़ती मांग ने भी कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।

हालांकि प्रदेश के कुछ हिस्सों में मौसम ने थोड़ी राहत भी दी। कई जिलों में बादलों की आवाजाही के साथ हल्की बूंदाबांदी हुई, जिससे तापमान में मामूली गिरावट दर्ज की गई। लेकिन यह राहत ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और उमस ने लोगों को परेशान किया।

मौसम विभाग ने बुधवार के लिए विशेष चेतावनी जारी की है। विभाग के अनुसार बुंदेलखंड और दक्षिणी उत्तर प्रदेश के 17 जिलों में लू चलने की संभावना है। वहीं तराई क्षेत्र समेत 36 जिलों में गरज-चमक, तेज हवाएं और हल्की बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि 11 जून से एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से 13 जून तक प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाएं चल सकती हैं और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश भी हो सकती है। इससे तापमान में कुछ कमी आने की संभावना है, हालांकि उमस बरकरार रह सकती है।

राजधानी लखनऊ में भी मौसम का बदला हुआ स्वरूप देखने को मिला। दिनभर कड़ी धूप और गर्मी के बाद मंगलवार शाम को कई इलाकों में तेज आंधी चली। कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी भी हुई। इसके बावजूद लोगों को गर्मी से विशेष राहत नहीं मिल सकी। मंगलवार को अधिकतम तापमान में 1.7 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि न्यूनतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग का अनुमान है कि 12 जून से राजधानी समेत प्रदेश के कई हिस्सों में मौसम का मिजाज बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादल छाने, तेज हवाएं चलने और बूंदाबांदी होने की संभावना है। हालांकि तब तक लोगों को भीषण गर्मी और लू से सतर्क रहने की जरूरत है।

विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय घरों से कम निकलने, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और धूप से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और बदलते मौसम का यह दौर अगले कुछ दिनों तक जारी रहने की संभावना है।
झारखंड के 17 जिलों में येलो अलर्ट। अगले 24-48 घंटे भारी बारिश, आंधी, वज्रपात की आशंका।

राँची। मौसम एक बार फिर अपना रुप बदल रहा है। मौसम विभाग ने राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश, तेज आंधी और वज्रपात को लेकर अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, राँची और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के दौरान 200 मिमी तक बारिश दर्ज की जा सकती है। बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण राज्य के अधिकांश जिलों में मौसम का मिजाज बदला हुआ रहेगा।

आईएमडी ने राँची, खूँटी, गुमला, बोकारो, रामगढ़, हजारीबाग, कोडरमा, चतरा, पलामू, गढ़वा, लातेहार, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां, धनबाद और गिरिडीह समेत 17 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही 40 से 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

मौसम विभाग ने राँची, बोकारो, धनबाद, देवघर, दुमका, जामताड़ा, गिरिडीह, गोड्डा, पाकुड़ और साहिबगंज जिलों में वज्रपात की आशंका जताई है। बारिश के बावजूद पलामू, गढ़वा, चतरा, लातेहार और पश्चिमी सिंहभूम के कुछ इलाकों में भीषण गर्मी बनी रह सकती है। यहां तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंचने की संभावना है।

राँची, दुमका, देवघर, जामताड़ा, साहिबगंज, पाकुड़ और गोड्डा में बादल और बारिश के कारण मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने की उम्मीद है।

लोकप्रिय चेयरमैन प्रवीन अग्रवाल की 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ और विश्व पर्यावरण दिवस पर पौध वितरण कर लगाने और सुरक्षा का संकल्प दिलाया*
सुल्तानपुर,लोकप्रिय चेयरमैन श्री प्रवीण कुमार अग्रवाल की 35वीं वैवाहिक वर्षगांठ और विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर "पौध वितरण कार्यक्रम" का आयोजन किया गया। कार्यक्रम पंचमुखी हनुमान मंदिर डाक घर चौराहा के पास नगर पालिका परिषद के सभी सभासदों ने मिलकर यह आयोजन किया। दरअसल इस आयोजन में सार्वजनिक रूप से 1500 पौधे लोगों में बांटे गए। हर व्यक्ति से यह अपील की गई कि पौधा लेकर जाएं लगाएं और फिर उसकी देखभाल करें।
कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहाकि " पेड़" हर व्यक्ति को लगाना चाहिए। जो देखभाल कर सके वही यह पौधा ले जाकर लगाने का हकदार है, नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण अग्रवाल ने निवेदन करते हुए पर्यावरण प्रेमियों से कहाकि एक वृक्ष जरूर लगाएं और उसकी देखभाल भी करें। वैवाहिक वर्षगांठ जैसे मौके को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का यह सन्देश रहा। लोगों को पेड़ लगाने के लिए प्रेरित करना और सिर्फ पौधा देना ही नहीं,बल्कि उसकी अच्छे से जिम्मेदारी लेने का संकल्प लेना। नगरक्षेत्र के लोकप्रिय भाजपा नेता व नगर पालिका अध्यक्ष प्रवीण कुमार अग्रवाल की 35वीं वर्षगांठ को समाजसेवा से जोड़कर 1500 पौधे वितरण किए गए और लोगों से एक-एक पेड़ लगाने और उसकी देखभाल करने की अपील की।
35वीं वर्षगांठ पर सुल्तानपुर नगरपालिका परिषद चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल का सराहनीय कार्य,किया पौधा वितरण*
सुल्तानपुर,अपने विवाह की 35वीं वर्षगांठ पर आज सुल्तानपुर के नगर पालिका परिषद के चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने सराहनीय कार्य किया। तामझाम से दूर उन्होंने बेहद सादगी के साथ वैवाहिक वर्षगांठ मनाते हुए नगर वासियों को 1500 पौधों का निःशुल्क वितरण किया और ज्यादा से ज्यादा लोगों से पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए पौधरोपण का अनुरोध किया । दरअसल नगर के पोस्ट ऑफिस चौराहे पर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर पर आज नगर पालिका के सभासदों द्वारा इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस दौरान पहले तो चेयरमैन प्रवीण अग्रवाल ने मंदिर में जाकर पूजन अर्चन किया और उसके बाद नगर वासियों को 1500 पौधों का निःशुल्क वितरण किया। उन्होंने कहा कि आज उनके विवाह के 35 वर्ष पूरे हुए। इसलिए पौध वितरण कर कार्यक्रम सभासदों द्वारा आयोजित किया गया। प्रवीण अग्रवाल के अनुरोध किया कि पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक पौधा जरूर लगाये और सबसे जरूरी बात की उसकी देखरेख करे ताकि हमारा पेड़ सुरक्षित रह सके।