पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन का 10वां स्थापना दिवस धूमधाम से मनाया, ‘उत्कर्ष उत्सव 2026’ में 51 महिलाओं सहित कई संस्थाएं सम्मानित
रायपुर- पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन ने पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन के 10वें स्थापना दिवस के अवसर पर ‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ का भव्य आयोजन किया। यह कार्यक्रम केवल एक उत्सव नहीं था, बल्कि समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं और संस्थाओं को सम्मानित करने का एक प्रेरणादायक मंच भी बना।
कार्यक्रम में 500 से अधिक महिलाओं की उपस्थिति ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी से माहौल उत्साह और ऊर्जा से भर गया। यह आयोजन इस बात का प्रतीक रहा कि समाज में अच्छे कार्यों को पहचान और सम्मान देना कितना जरूरी है।
इस मौके पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही 7 गैर-सरकारी संस्थाओं (एनजीओ) को भी उनके सराहनीय योगदान के लिए मंच पर सम्मान मिला।
कार्यक्रम की एक विशेष पहल उन संयुक्त परिवारों को सम्मानित करना भी रही, जिनमें चार पीढ़ियां एक साथ रह रही हैं। इस पहल के जरिए परिवारिक एकता और भारतीय संस्कृति के महत्व को उजागर किया गया।
इस आयोजन में पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की अध्यक्षा डॉ. कविता कुंभज, सचिव मूलचंद कश्यप, कोषाध्यक्ष राहुल कुंभज एवं उपाध्यक्ष ज्योति की उपस्थिति रही। उनके नेतृत्व में कार्यक्रम बेहद सुव्यवस्थित और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष विभा अवस्थी, छत्तीसगढ़ बाल आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा एवं छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध गायक विवेक शर्मा , एसीपी सीमा अहिवारा जी, पार्षद कृतिका जैन जी उपस्थित रहे। इसके अलावा कई विशिष्ट अतिथि, समाजसेवी और गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में शामिल हुए।
इस आयोजन का उद्देश्य समाज में सकारात्मक कार्य करने वाले लोगों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करना था। सम्मान प्राप्त करते समय प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दे रहा था, जो कार्यक्रम की सफलता को दर्शाता है।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कई सहयोगियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनमें कमलेश जैन (श्रीमती चम्पा इंदिरा देवी जैन चैरिटेबल ट्रस्ट रायपुर), गीता वर्मा, रुद्रांश ज्वेलर्स, डी.पी. गोस्वामी, अनिकेता भारद्वाज (डीएसी एकेडमी), रूपेंद्र साहू एवं हर्षा साहू (छत्तीसगढ़ डिफेंस एकेडमी), जय करण (जेई एलीवेटर), राहुल गुप्ता (लवकुश सेल्स एंड फर्नीचर), विनोद (तिरुपति धार्मिक यात्रा), राम तिवारी (मौलश्री मसाले), अजय साहू (अवधेश एप्टेक कम्प्यूटैक), ललित एवं लक्ष्मण (डीबी ग्राफिक्स), भास्कर साहू (एमवीएल फिल्म फोटोग्राफी), संजय महतो (माहतो स्टूडियो) एवं दीपक्षा (जैनम एकेडमी) सहित अन्य सहयोगी शामिल रहे।
इसके अलावा पियूष जैन, देवेंद्र चतुर्वेदी, हरदीप कौर, रात्रि लहरी, लाहोटी, शेखर वर्मा, रघुनाथ भरद्वाज, डॉ. उदय भान सिंह, अजय श्रीवास्तव, ब्रज यादव, भूपेंद्र मानिकपुरी, कमल साहू एवं प्रिय गुप्ता सहित कई गणमान्य लोग कार्यक्रम में मौजूद रहे। पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन द्वारा सभी सहयोगी साथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने भी सभी का मन मोह लिया। खासतौर पर नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत साउथ क्लासिकल डांस ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और खूब तालियां बटोरीं।
इस आयोजन को सफल बनाने में संस्थान के स्टाफ की भी अहम भूमिका रही। रानी सिंह ठाकुर, काजल, अतुल, पियूष और राधिका ने व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संभालने में सराहनीय योगदान दिया।
कार्यक्रम का संचालन रात्रि लहरी और काजल ने बहुत ही सहज और प्रभावशाली ढंग से किया, जिससे पूरा कार्यक्रम व्यवस्थित और रोचक बना रहा।
पारस इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन की 10 साल की यह यात्रा संघर्ष, मेहनत और समर्पण की कहानी है। एक छोटे स्तर से शुरुआत कर आज यह संस्थान शिक्षा के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना चुका है।
‘पारस दशाब्दी उत्कर्ष उत्सव 2026’ केवल एक आयोजन नहीं था, बल्कि समाज में सकारात्मक कार्य करने वालों को सम्मान देने और दूसरों को प्रेरित करने का एक सशक्त माध्यम भी बना।
यह आयोजन पारस ग्रुप ऑफ फाउंडेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है, जो आने वाले समय में और भी बड़े कार्यों की प्रेरणा देता रहेगा।





मई अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के अवसर पर अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन AIPWA एवम् ऑल इंडिया स्कीम वर्कर फेडरेशन AICCTU के राष्ट्रीय अध्यक्ष गीता मंडल के नेतृत्व में पुराना सदर अस्पताल से प्रतिरोध मार्च निकला गया प्रतिरोध मार्च के माध्यम से केंद्र के मजदूर विरोधी एवं महिला विरोधी नारा के साथ जुलूस निकाला गया और कचहरी परिसर सूचना भवन के सामने सभा का आयोजन किया गया सभा का अध्यक्षता झारखंड राज्य विद्यालय रसोइया संघ की जिला सचिव मीनू देवी ने की एवं संचालन निर्माण मजदूर के नेता कॉम अशोक महतो ने किया कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गीता मंडल ने कहा 1 अप्रैल 2026 मजदूर विरोधी एवं मालिक पक्षीय श्रम _संहिता को लागू कर दिया है।
इसे निरस्त कर पुराना श्रम कानून को पुनर्बहाल करने की मांग किया गया ,केंद्र की मोदी सरकार महिला आरक्षण का झूठा प्रचार फैलाया हुआ है जबकि 2023 में ही महिला आरक्षण पारित किया गया है इसे तुरंत लागू करे और आदिवासी,दलित और पिछड़ा वर्ग के महिलाओं को भी आरक्षण मिले केंद्र सरकार को यदि महिलाओं के प्रति सहानुभूति है तो देश में एक करोड़ से अधिक महिलाएं रसोइया,सहिया,सेविका,सहायिका,जलसहिया आदि अन्य अनुबंध महिला कर्मचारियों के जीविकोपार्जन के लिए लोकसभा का विशेष सत्र बुलाकर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने का बिल पारित करे या नहीं तो जबतक सरकारी कर्मचारी का दर्जा नहीं तब तक सम्मानजनक मानदेय कम_से_कम 26 हजार रुपए प्रतिमाह मानदेय भुगतान करने की गारंटी करे तब मोदी सरकार का महिलावादी का असली चरित्र सामने आएगा।
कार्यक्रम को भाकपा माले जिला सचिव कॉम रघुपति पंडित,जिला कमिटी सदस्य जयदेव सिंह,शंभू तुरी,रसोइया संघ की जिला उपाध्यक्ष चिंता देवी,अखिल भारतीय प्रगतिशील महिला एसोसिएशन की जिला उपाध्यक्ष चमेली ने संबोधित किया इसके अलावा मुनि देवी,सुनीता किस्कु,सरस्वती देवी,पुतुल देवी,चंपा देवी,जगदंबा देवी,कविता देवी,लीला देवी,रिंकू देवी,sumiya देवी,मोना देवी,सुनीता देवी,रंजू देवी,सोनू भारती,लक्ष्मण मंडल,शंकर पंडित आदि दर्जनों लोगों ने भाग लिया।

संजीव सिंह बलिया!लब्धप्रतिष्ठ दार्शनिक व आध्यात्मिक साहित्यकार डॉ. विद्यासागर उपाध्याय की 23वीं कृति 'गांडीव के पार' (खंडकाव्य) इन्कसाइट पब्लिकेशन, बिलासपुर (छत्तीसगढ़) से प्रकाशित हो गई है।महाभारत के महासमर के बाद उपजे गहन मौन की अनकही व्याख्या करने वाला यह खंडकाव्य अर्जुन को केंद्र में रखकर रचा गया है। यह उस एक रात्रि का जीवंत वृत्तांत है, जब हिमालय की ओर प्रस्थान से पूर्व वयोवृद्ध अर्जुन अपने पौत्र परीक्षित के जिज्ञासु प्रश्नों का उत्तर देते हैं। मात्र काव्य नहीं, यह कृष्ण के उपदेशों की अर्जुन द्वारा अनुभूतिजन्य व्याख्या है, जो सत्ता, धर्म और आत्म-साक्षात्कार के सूक्ष्म अंतर स्पष्ट करती है।कृति महाभारत के उपेक्षित पात्र कणिक की कुटिल नीतियों के माध्यम से आधुनिक राजनीति के लोकलुभावन छल पर प्रहार करती है। लेखक कुशलता से प्रतिपादित करते हैं कि प्रजा को अन्न-कर्मकांडों में उलझाकर सत्ता सुरक्षित रखना आज भी प्रासंगिक है। साथ ही, यह कड़वा सच उजागर करता है कि अधर्म जितना विनाशकारी नहीं, उतना धर्म के पक्ष में विलंब और योग्यजनों का मौन घातक है। गांडीव को मात्र धनुष नहीं, बल्कि मानवीय अहंकार का प्रतीक बताया गया है—जिसके विसर्जन से ही परमात्मा के 'पार' पहुंचा जा सकता है।साहित्यिक शिल्प में अनूठा: लगभग 350 वर्षों के अंतराल के बाद सर्वतोभद्र, गतप्रत्यागत, अनुलोम-विलोम जैसे दुरूह शास्त्रीय छंदों का निर्दोष प्रयोग। त्रि-खंडीय संरचना और चम्पू शैली में अनुष्टुप, शार्दूलविक्रीड़ित, हरिगीतिका, घनाक्षरी, सवैया सहित 18+ छंदों का अद्भुत समन्वय। गद्य-पद्य का संगम युद्ध के कोलाहल और दार्शनिक गांभीर्य को मधुर संगीत देता है।विद्वत समाज ने इसे सनातन चिंतन और आधुनिक बोध का सशक्त सेतु मानकर हर्ष व्यक्त किया है। बधाई हो, डॉ. उपाध्याय जी!


तुलसीपुर (बलरामपुर)
आशीष कुमार

आजमगढ़ : यूपी बोर्ड परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर क्षेत्र का नाम रोशन करने वाले फूलपुर तहसील के अम्बारी स्थित उत्कर्ष कोचिंग सेंटर के छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में हाईस्कूल के जिला टॉपर एवं प्रदेश में आठवां स्थान प्राप्त करने वाले विवेक यादव को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में विवेक यादव ने 96.5 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप करते हुए प्रदेश में 8 वां स्थान प्राप्त किया है जबकि अंशिका यादव ने 93.3, सत्यम यादव ने 89.5, आस्था यादव ने 88.3 तथा मंगल यादव ने 87.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर सफलता का परचम लहराया। वहीं इंटरमीडिएट परीक्षा में अर्चिता यादव ने 87.4, शिवांगी यादव ने 85, गौरव प्रजापति ने 84.2 तथा अनुज ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया। इस अवसर पर कोचिंग सेंटर की प्रबंधक सुनीता यादव ने सभी मेधावी छात्र-छात्राओं को माल्यार्पण कर तथा मिष्ठान्न खिलाकर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण ही सफलता की कुंजी है। कार्यक्रम में मौजूद शिक्षकों एवं गणमान्य लोगों ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए अन्य विद्यार्थियों को भी उनसे प्रेरणा लेने की बात कही। इस दौरान भारद्वाज सिंह यादव, अरबिंद यादव, बृजेश यादव, अबुजर, बीरेंद्र यादव, इम्तियाज अहमद, बृजेंद्र यादव, मुक्तेश्वर पाण्डेय, राजेश यादव, सुजीत यादव समेत अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।
May 02 2026, 08:26
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