राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मियों का प्रदर्शन, नियमितीकरण और समान वेतन की उठी मांग आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी करने, कैशलेस चिकित्सा सुविध
बूढ़नपुर, आजमगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डॉ. वेद प्रकाश यादव की अगुवाई में कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और महंगाई भत्ता सहित कई प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी करना, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और महंगाई भत्ता देना शामिल रहा। इसके साथ ही आशा बहुओं को उनके कार्य के अनुरूप उचित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक देने की मांग भी उठाई गई। इस मौके पर डॉ. वेद प्रकाश यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह समान कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें समान वेतन नहीं मिलता। इससे कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं, आशा बहुएं दिन-रात मेहनत करके स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें उनके परिश्रम के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान किए जाने की आवश्यकता जताई। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में एनएचएम कर्मियों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और आशा बहुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें उचित वेतन, सुविधाएं और नौकरी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस अवसर पर डॉ. तुषार गुप्ता, प्रभाकर सिंह (बीपीएम), इंजसु राय, रणविजय, प्रमोद यादव, गुलाबी राजभर, वंदना, निशा कुमारी, मीरा देवी, प्रेमशीला रंजन, प्रिया सिंह, सरोज देवी, इंद्रावती, रामदेई और प्रतिमा शर्मा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

बूढ़नपुर, आजमगढ़। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। डॉ. वेद प्रकाश यादव की अगुवाई में कर्मचारियों ने नियमितीकरण, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और महंगाई भत्ता सहित कई प्रमुख मांगें उठाईं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के कर्मियों का नियमितीकरण, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को स्थायी करना, समान कार्य के लिए समान वेतन, कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और महंगाई भत्ता देना शामिल रहा। इसके साथ ही आशा बहुओं को उनके कार्य के अनुरूप उचित प्रोत्साहन राशि और पारिश्रमिक देने की मांग भी उठाई गई। इस मौके पर डॉ. वेद प्रकाश यादव ने कहा कि आउटसोर्सिंग कर्मचारी नियमित कर्मचारियों की तरह समान कार्य करते हैं, लेकिन उन्हें समान वेतन नहीं मिलता। इससे कर्मचारियों को आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। वहीं, आशा बहुएं दिन-रात मेहनत करके स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाती हैं, लेकिन उन्हें उनके परिश्रम के अनुरूप पारिश्रमिक नहीं मिल पाता। उन्होंने कर्मचारियों की मांगों पर गंभीरता से विचार कर उनका समाधान किए जाने की आवश्यकता जताई। प्रदर्शन में शामिल कर्मियों ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में एनएचएम कर्मियों, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों और आशा बहुओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान कर उन्हें उचित वेतन, सुविधाएं और नौकरी की सुरक्षा उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इस अवसर पर डॉ. तुषार गुप्ता, प्रभाकर सिंह (बीपीएम), इंजसु राय, रणविजय, प्रमोद यादव, गुलाबी राजभर, वंदना, निशा कुमारी, मीरा देवी, प्रेमशीला रंजन, प्रिया सिंह, सरोज देवी, इंद्रावती, रामदेई और प्रतिमा शर्मा सहित अनेक कर्मचारी मौजूद रहे।

बूढ़नपुर। तहसील क्षेत्र के कंपोजिट विद्यालय प्रतापपुर छतौरा में इन दिनों जलजमाव और जर्जर भवन के कारण बच्चों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। विद्यालय परिसर में पानी भरा होने के कारण आए दिन बच्चे फिसलकर गिर रहे हैं। इसके चलते कई बच्चे विद्यालय आने से भी कतरा रहे हैं। विद्यालय की स्थिति इतनी खराब है कि भवन की छत से पानी टपक रहा है। जर्जर भवन को लेकर विद्यालय के अध्यापकों में भी भय बना हुआ है। शिक्षकों का कहना है कि कभी भी छत का कोई हिस्सा टूटकर गिर सकता है, जिससे बड़ा हादसा हो सकता है। बरसात के दौरान विद्यालय परिसर में जलजमाव की समस्या और गंभीर हो जाती है।विद्यालय में आने वाले शिक्षक भी अपनी गाड़ियां विद्यालय के बाहर खड़ी करने को मजबूर हैं। अध्यापक बच्चों की साइकिल लेकर किसी तरह कक्षाओं तक पहुंचते हैं। विद्यालय की बदहाल स्थिति को लेकर शिक्षकों और अभिभावकों में चिंता बनी हुई है।वहीं विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर प्रधानाध्यापिका उमा राय से जब संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी का नाम पूछा गया तो वह नाम नहीं बता सकीं। विद्यालय में उस दिन कितने बच्चे उपस्थित थे, इस सवाल पर भी प्रधानाध्यापिका ने कहा कि उन्होंने अभी रजिस्टर नहीं देखा है, रजिस्टर देखने के बाद संख्या बताने की बात कही।इसी दौरान किसी के द्वारा खंड शिक्षा अधिकारी के विद्यालय पहुंचने की सूचना मिलने पर विद्यालय में हलचल बढ़ गई और प्रधानाध्यापिका रजिस्टर लेकर एक कमरे से दूसरे कमरे में जाती दिखाई दीं। अध्यापकों का आरोप है कि जब से वर्तमान प्रधानाध्यापिका ने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली है, तब से विद्यालय की स्थिति लगातार खराब होती गई है। विद्यालय में कुल 256 बच्चे, आठ अध्यापक और दो अनुदेशक कार्यरत बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद विद्यालय की मूलभूत व्यवस्थाएं बदहाल हैं। अभिभावकों का कहना है कि जर्जर भवन और जलजमाव के बीच बच्चों को विद्यालय भेजना जोखिम भरा है। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से विद्यालय भवन की तत्काल जांच कराने, जलजमाव की समस्या दूर कराने तथा जर्जर भवन की मरम्मत या पुनर्निर्माण कराने की मांग की है, ताकि किसी अनहोनी से पहले बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
आजमगढ़ जिले के ब्लॉक कोयलसा के नगवा (कोदई का पूरा) गांव के ग्रामीणों ने कोटेदार श्याम नारायण कनौजिया पर गंभीर आरोप लगाया है ग्रामीणों का कहना है कि तीन-तीन महीने अंगूठा लगाकर राशन नहीं दिया जा रहा है यहां तक की हर यूनिट पर कटौती करने का काम कोटेदार कर रहे हैं साथ ही बोलने पर जान से मारने की गाली गलौज धमकी देते हैं कई बार शिकायत की गई है कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है ग्रामीणों का कहना है कि बालू रखकर वजन कर लेते हैं और कहते हैं कि जो तुम्हारा राशन हो गया हम लोग घर पर आते हैं तो मोबाइल पर मैसेज आता है की सुबह-सुबह इनका कई गाड़ी गेहूं चावल की बिक जाती है ग्रामीणों ने एसडीएम से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों से अबिलंब कोटा को निरस्त कर कार्रवाई करने की मांग की है ग्रामीणों में मुख्य रूप से कमलावती, रमेश राम चरण, रघुनाथ,हरिराम, धाम,कलावती,दिलभावती जयमुरता किस्मती,खुशबू राम आशीष,कविता, राम जी सभाजीत,सहित आज ग्रामीणों ने आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है
बूढ़नपुर (आजमगढ़)। बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र में इन दिनों नकली खोए के कारोबार के फलने-फूलने की चर्चाएं तेज हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजारों और मिठाई की दुकानों पर बड़े पैमाने पर संदिग्ध गुणवत्ता का खोआ बेचा जा रहा है, लेकिन जिम्मेदार विभाग की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि त्योहारों और शादी-विवाह के मौसम में नकली या मिलावटी खोए की मांग और बिक्री बढ़ जाती है। ऐसे में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ होने की आशंका बनी रहती है। लोगों का आरोप है कि खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा नियमित जांच और नमूना संग्रह की कार्रवाई पर्याप्त नहीं दिखाई दे रही है, जिससे मिलावटखोर बेखौफ होकर अपना कारोबार चला रहे हैं। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि तहसील क्षेत्र के सभी मिठाई प्रतिष्ठानों और डेयरियों पर विशेष अभियान चलाकर खोए की गुणवत्ता की जांच कराई जाए। दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सके। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन या खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि मिलावट की शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो यह आम लोगों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर चिंता का विषय हो सकता है। जनता की मांग: पूरे तहसील क्षेत्र में विशेष जांच अभियान चलाया जाए। संदिग्ध खोए के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच कराई जाए। मिलावट करने वालों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई कर आम लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बूढ़नपुर। तहसील बार एसोसिएशन बूढ़नपुर के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह एवं मंत्री जगत नारायण तिवारी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर तहसीलदार शैलेश यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा न्यायालय में वादकारियों का पक्ष सुने बिना एकपक्षीय आदेश पारित किए गए हैं, जिससे आम जनता एवं अधिवक्ता समाज के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान बार पदाधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण बिना समुचित सुनवाई के कर दिया गया। उनका आरोप है कि लगभग एक हजार से अधिक फाइलों का रातोंरात निस्तारण कर दिया गया, जबकि संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब इस संबंध में तहसीलदार से वार्ता कर मामले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने अधिवक्ताओं की बात सुनने से इनकार कर दिया और इसे शासन की मंशा के अनुरूप किया गया कार्य बताया। इस रवैये से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई दशकों में ऐसा पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण बिना प्रभावी सुनवाई के किए जाने का आरोप सामने आया है। उन्होंने इसे वादकारियों और अधिवक्ताओं दोनों के हितों के विपरीत बताते हुए इसकी घोर निंदा की। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो बूढ़नपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनों के लिए बाध्य होंगे। वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि अधिवक्ताओं की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। तहसीलदार पर मनमाने ढंग से आदेश पारित करने का आरोप, अधिवक्ताओं ने दी आंदोलन की चेतावनी बूढ़नपुर। तहसील बार एसोसिएशन बूढ़नपुर के अध्यक्ष मिथिलेश कुमार सिंह एवं मंत्री जगत नारायण तिवारी ने प्रेस वार्ता आयोजित कर तहसीलदार शैलेश यादव के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि तहसीलदार द्वारा न्यायालय में वादकारियों का पक्ष सुने बिना एकपक्षीय आदेश पारित किए गए हैं, जिससे आम जनता एवं अधिवक्ता समाज के हितों को नुकसान पहुंच रहा है। प्रेस वार्ता के दौरान बार पदाधिकारियों ने बताया कि तहसीलदार न्यायालय में बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निस्तारण बिना समुचित सुनवाई के कर दिया गया। उनका आरोप है कि लगभग एक हजार से अधिक फाइलों का रातोंरात निस्तारण कर दिया गया, जबकि संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर नहीं दिया गया। इससे न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर प्रश्नचिह्न खड़ा हो गया है। अधिवक्ताओं ने कहा कि जब इस संबंध में तहसीलदार से वार्ता कर मामले पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया तो उन्होंने अधिवक्ताओं की बात सुनने से इनकार कर दिया और इसे शासन की मंशा के अनुरूप किया गया कार्य बताया। इस रवैये से अधिवक्ता समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले कई दशकों में ऐसा पहला अवसर है जब बड़ी संख्या में मामलों का निस्तारण बिना प्रभावी सुनवाई के किए जाने का आरोप सामने आया है। उन्होंने इसे वादकारियों और अधिवक्ताओं दोनों के हितों के विपरीत बताते हुए इसकी घोर निंदा की। अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी से मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषी पाए जाने पर तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र ध्यान नहीं दिया गया तो बूढ़नपुर बार एसोसिएशन के अधिवक्ता धरना-प्रदर्शन एवं अन्य लोकतांत्रिक आंदोलनों के लिए बाध्य होंगे। वहीं, इस संबंध में पूछे जाने पर उपजिलाधिकारी अभयराज पाण्डेय ने बताया कि मामला अभी उनके संज्ञान में नहीं है। यदि अधिवक्ताओं की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके अनुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बूढ़नपुर तहसील क्षेत्र के आछेपुर छतौना गांव निवासी प्रतिभाशाली खिलाड़ी रोशनी ने खेल जगत में अपनी मेहनत और लगन के बल पर क्षेत्र का नाम रोशन कर गौरव बढ़ाया है। रोशनी की उपलब्धियों से पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है और लोग स्वयं को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। बताया जाता है कि रोशनी ने ग्रामीण स्तर की खेल प्रतियोगिताओं से लेकर प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिताओं तक अपने उत्कृष्ट प्रदर्शन से पहचान बनाई है। विशेष रूप से जैवलिन थ्रो सहित विभिन्न खेल विधाओं में शानदार प्रदर्शन कर उन्होंने प्रदेश स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। लगातार बेहतर प्रदर्शन के कारण रोशनी क्षेत्र के युवाओं और खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं। रोशनी का सपना है कि वह एक सफल खिलाड़ी बनकर देश और प्रदेश के साथ-साथ अपने क्षेत्र का नाम राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन करें। उनकी इसी उपलब्धि और उज्ज्वल भविष्य को देखते हुए क्षेत्र के सामाजिक संगठनों द्वारा एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें सम्मानित कर उत्साहवर्धन किया गया। इस अवसर पर समाजसेवी हरिप्रसाद दुबे ने कहा कि उनके द्वारा गठित सामाजिक संगठन का उद्देश्य क्षेत्र के मेधावी छात्र-छात्राओं, खिलाड़ियों एवं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करना है। उन्होंने कहा कि प्रतिभाओं को उचित मंच और सम्मान मिलने से उनका मनोबल बढ़ता है तथा वे आगे और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित होते हैं। सम्मान समारोह में धर्ममणि पाण्डेय, त्रिभुवन पाण्डेय, राजनारायण वर्मा, लालधर पाण्डेय, रामप्रीत, राकेश, राजदेव, आकाश, विजय प्रताप, मनोज यादव, राणा सिंह, देवानंद गिरी, आशीष पांडे सहित अनेक गणमान्य लोग एवं शुभचिंतक उपस्थित रहे। सभी ने रोशनी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
Oct 09 2026, 11:03
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