सतनामी साधो बालक बालिकाओं को दे रहे सादा भोजन उच्च विचार की शिक्षा
फर्रुखाबाद।
सनातनियों के लिए जिस प्रकार सावन का महीना पावन है उतना ही सतनामी साधो के लिए भी ये सावन का महीना पावन और श्रेष्ठ माना जाता रहा है, साध समाज प्रमुख अमर साध ने बताया की सतनामी साधो के इतिहास से ये पता चलता है की साल भर साध अपनी जीविका चलाने हेतु अल्प व्यापार रोजगार किया करते थे पर सावन के महीने में सिर्फ मालिक का नाम और सुमरन ध्यान को ही अपनी वरीयता देते थे, आज से २ दशक पहले तक सतनामी साधो की एक टोली इसी सावन महीने के दौरान गंगा किनारे स्थित पुरानी विसरातों में बने दरीचो में चटाई बिछा कर रहते थे और वही पर सात्विक और स्वच्छ भोजन बना कर ग्रहण किया करते थे और अधिकांश समय सिर्फ और सिर्फ मालिक के नाम ज्ञान और ध्यान में व्यतीत किया करते थे।
जैसा की कहा जाता है की जैसे हमारे बड़ों के आचरण जैसे होंगे वैसा ही हमारा समाज बन के तैयार होगा इसी तर्ज पर आज भी साध समाज चल रहा है । इस सावन के महीने में फर्रुखाबाद साधवाडा में स्थित चौकी साधन में प्रमुख रूप से २ जगह बाल सभा का आयोजन किया जा रहा है जो की विगत वर्षों से निरंतर होता आ रहा है। इसमें एक बाल सभा बालिकाओं की लगती है जिसकी वर्तमान में प्रमुख निर्दोष बुआ है जिनके द्वारा बालिकाओं को सावन महीने में सिर्फ ज्ञान रूपी वार्ता और सत्य का अनुसरण करना अपने विचारों में सादगी के साथ साथ अपने भोजन में सात्विकता लाना *"सादा भोजन उच्च विचार"* वाली कहावत को चरितार्थ होते सहज ही देखा जा सकता है। इस दौरान उनकी सहयोगी के रूप में प्रेम कुमारी बाई सुधा बाई, जोगिना बाई, मधु बाई, शशी बाई, कामिनी,सोनाली, समता, मोनिका, गुंजन,विनीता, प्रीति, शिखा व अन्य बाईयों का सहयोग निरंतर बना रहता है।
वही दूसरी ओर बालकों की सभा लगती है जिसमें बच्चों को सत्य और ईमानदारी की राह दिखाने का कार्य ज्ञानप्रकाश साध, लोकेंद्र भान साध, सुनील साध, अखिलेश साध, सुनील साध (२) अनमोल साध, शिवम साध व अन्य साध मार्ग दर्शक के रूप में अपनी भूमिका का निर्भाव करते है। इस सभा का सफल संचालन कपिल साध करते है। इन बालक और बालिकाओं के द्वारा पूरे महीने जो सच्ची लगन और श्रद्धा से इस नेक कार्य में लगते है उनको साध संगत की तरफ से अंत में प्रोत्साहन के रूप में कुछ सप्रेम भेट इनाम के रूप में भी दी जाती है और उसके बाद इन भोले नौनिहालों के चेहरे खुशी से खिल उठते है जिनको देख कर हम सभी का हृदय भी भाव विभोर हो जाता है।
Aug 29 2026, 18:31
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