उज्जैन में शाही मस्जिद पर कार्रवाई को लेकर बढ़ा विवाद, उपद्रवियों का पुलिस पर पथराव, जानें पूरा मामला
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उज्जैन में सिंहस्थ की तैयारियों के बीच सड़क चौड़ीकरण को लेकर शाही मस्जिद पर कार्रवाई ने विवाद बढ़ गया है। उज्जैन में सड़क चौड़ी करने के प्रोजेक्ट के लिए शाही मस्जिद का एक हिस्सा गिराए जाने की योजना के खिलाफ लोग सड़क पर उतर आए हैं। छत्री चौक स्थित मस्जिद का करीब 11 फीट हिस्सा प्रस्तावित सड़क की जद में आ रहा है। इसके विरोध में मुस्लिम पक्ष ने सोमवार सुबह पुलिस पर पथराव कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े।
सिंहस्थ 2028 के लिए सड़कों का चौड़ीकरण
सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच कंठाल चौराहे से गोपाल मंदिर तक करीब 900 मीटर लंबे मार्ग को 15 मीटर चौड़ा किया जा रहा है। सड़क की जद में आने वाले कई धार्मिक स्थलों को हटाया जा चुका है। निर्माण में बाधा बन रहे 60 धार्मिक स्थलों में से अधिकांश को हटाया जा चुका है। लेकिन अब शाही मस्जिद को लेकर मामला गरमा गया है। रविवार रात बड़ी संख्या में पुलिस बल और जेसीबी-पोकलैंड मशीनें मौके पर पहुंचीं, जिसके बाद मुस्लिम समाज के लोग विरोध में सड़कों पर उतर आए।
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2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती
कार्रवाई की आशंका को देखते हुए यहां जेसीबी और पोकलेन मशीनों के साथ करीब 2 हजार पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई। प्रशासनिक गतिविधियां बढ़ने के बाद शनिवार रात से मुस्लिम समाज के लोग शाही मस्जिद परिसर और आसपास की सड़कों पर एकत्र होने लगे और नारेबाजी शुरू कर दी। विरोध का सिलसिला रविवार रात तक जारी रहा। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए कंठाल-गोपाल मंदिर मार्ग पर बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही रोक दी गई। सुरक्षा के लिहाज से पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात किया गया और ड्रोन कैमरों से भी निगरानी की गई।
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मोहन यादव ने खुद तोड़ा था अपना घर
शाही मस्जिद के पास यह हालात, तब है जब एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुद अपने पैतृक घर को तोड़ा। उन्होंने सिंहस्थ 2028 के लिए अपने घर को तोड़ने पर खुशी जताई थी। इसका वीडियो भी शेयर किया।
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636 साल पुरानी है शाही मस्जिद
शाही मस्जिद की उम्र को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में अलग जानकारी सामने आई है। मस्जिद के इमाम मोहम्मद इब्राहिम के मुताबिक, यह मस्जिद वर्ष 1390 में बनी थी और करीब 636 साल पुरानी है। उन्होंने इसे उज्जैन के प्राचीन धार्मिक स्थलों में शामिल बताया है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में शाही मस्जिद की उम्र करीब 100 साल बताई गई है। मस्जिद पक्ष का कहना था कि वह सड़क के चौड़ीकरणमें सहयोग करने को तैयार है, लेकिन धार्मिक स्थल के ढांचे को बचाया जाना चाहिए। इमाम ने यह भी दावा किया कि मस्जिद के ढांचे में थोड़ा बदलाव भी किया गया तो पूरी इमारत प्रभावित हो सकती है।






47 min ago
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