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विनोद पाण्डेय बोले- कार्यकर्ता ही पार्टी की असली ताकत, SIR अभियान को सफल बनाने का आह्वान


सिमडेगा जिला मुख्यालय स्थित नगर भवन में गुरुवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) जिला समिति द्वारा एक दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन, बीएलए-2 प्रशिक्षण सह कार्यशाला एवं संगठन सुदृढ़ीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न प्रखंडों तथा सिमडेगा, कोलेबिरा एवं तोरपा विधानसभा क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता एवं पदाधिकारी शामिल हुए।

कार्यक्रम मे विशिष्ट अतिथि के रूप में तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया उपस्थित रहे। सिमडेगा पहुंचने पर पार्टी महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय एवं तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया का झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना, जिला सचिव सफिक खान एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग सहित पार्टी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से स्वागत किया।

इस दौरान झामुमो कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु शिबू सोरेन अमर रहे.. हेमंत सोरेन जिंदाबाद.. तीर धनुष जिंदाबाद.. झारखंड मुक्ति मोर्चा जिंदाबाद के नारे लगाते हुए नजर आए।

कार्यक्रम का उद्घाटन केंद्रीय महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय, तोरपा विधायक सुदीप गुड़िया, जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना, जिला सचिव सफिक खान एवं महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय महासचिव सह प्रवक्ता श्री विनोद कुमार पाण्डेय ने कहा कि पार्टी की वास्तविक ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत बनाने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को आम जनता तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि झामुमो हमेशा आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर और समाज के सभी वर्गों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहा है।

विनोद कुमार पाण्डेय ने विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती निष्पक्ष एवं त्रुटिरहित मतदाता सूची पर निर्भर करती है। उन्होंने बीएलए-2 कार्यकर्ताओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि प्रत्येक कार्यकर्ता अपने क्षेत्र में सक्रिय रहकर मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सकारात्मक योगदान दें तथा पात्र नागरिकों का नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने और त्रुटियों के निराकरण में सहयोग करें।

कार्यक्रम की अध्यक्षता झामुमो जिलाध्यक्ष अनिल कंडुलना ने किया। कार्यशाला के दौरान बीएलए-2 कार्यकर्ताओं को मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया,आवश्यक प्रपत्रों, पात्र मतदाताओं के पंजीकरण, संशोधन एवं विलोपन संबंधी प्रक्रियाओं तथा निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों की विस्तृत जानकारी दी गई। साथ ही कार्यकर्ताओं को अपने-अपने क्षेत्रों में मतदाता जागरूकता अभियान चलाने और नागरिकों को निर्वाचन प्रक्रिया से जोड़ने के निर्देश दिए गए। सम्मेलन में उपस्थित कार्यकर्ताओं ने संगठन को और अधिक मजबूत बनाने, मतदाता जागरूकता अभियान को जन-जन तक पहुंचाने तथा विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यक्रम को सफल बनाने का संकल्प लिया।

मौके पर कार्यकता सम्मेलन में मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष अनिल कांडुलना, जिला सचिव सफीक खान, जिला उपाध्यक्ष अनिल तिर्की, रितेश बड़ाइक, ओस्कर डांग, महिला मोर्चा जिला अध्यक्ष रोस प्रतिमा सोरेंग, केंद्रीय समिति सदस्य फिरोज अली, बिरजो कंडुलना, नुवास केरकेट्टा, प्रफुल्लित डुंगडुंग, नुसरत खातून, सुनील खेस, जुसाफ लुगुन, संजू डांग, क्रीड़ा मोर्चा अध्यक्ष देवेंद्र साहू, सभी जिला समिति के पदाधिकारी, सभी वर्ग संगठन के अध्यक्ष सचिव एवं सभी पदाधिकारी, नगर समिति के अध्यक्ष सचिव एवं सभी पदाधिकारी, सभी प्रखण्ड के अध्यक्ष सचिव, सभी पंचायत के अध्यक्ष सचिव, सभी BLA- 2 सभी बूथ समिति के सदस्य एवं पार्टी के सक्रिय साथी पार्टी के सभी विंग के नेता एवं हजारों की संख्या मे कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने योजना एवं विकास विभाग की समीक्षा की, नवाचारी योजनाओं पर फोकस का निर्देश

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में योजना एवं विकास विभाग के अद्यतन कार्य प्रगति की उच्च स्तरीय समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजना एवं विकास विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, बजटीय प्रावधानों, परियोजनाओं के कार्यान्वयन तथा निर्धारित लक्ष्य की प्राप्ति हेतु कार्यों को गति प्रदान करें।

मुख्यमंत्री ने योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा जमीनी स्तर पर उनकी सतत प्रगति पर बल दिया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि योजना एवं विकास विभाग राज्य सरकार के विभिन्न विभागों के साथ समन्वय बनाकर चालू वित्तीय वर्ष तथा आगामी वित्तीय वर्ष के सभी योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूर्ण किए जाएं। मुख्यमंत्री ने राज्य के सर्वांगीण विकास को गति प्रदान करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ कार्य करने पर जोर दिया। बैठक में योजना एवं विकास विभाग के मंत्री श्री राधा कृष्ण किशोर उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री ने कहा अधिकारियों से कहा कि इन्नोवेटिव स्कीमों (Innovative Schemes)को गति प्रदान करें। इस बिंदु पर मुख्यमंत्री को विभागीय सचिव ने अवगत कराया कि इन्नोवेटिव स्कीम के तहत 2 करोड़ रुपए की राशि को बढ़ाकर 5 करोड़ रुपए किए जाने का प्रावधान किया गया है। मुख्यमंत्री के समक्ष अधिकारियों ने कहा कि वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोजेक्ट के तहत योजना का चयन किया जाए, इस निमित्त कार्य योजना बनाई गई है।

बैठक में पिछले 5 वर्ष से चली आ रही योजनाओं की समीक्षा कर उसके क्रियान्वयन में सुधार एवं योजना समाप्ति पर विचार करने का सुझाव प्राप्त हुआ। वहीं सीएसएस स्कीम की मॉनिटरिंग एवं सपोर्ट के लिए एक पीएमयू का गठन करने पर चर्चा हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 में 75% खर्च होने पर विचार की आवश्यकता पर बल दिया गया। वहीं 60% से कम खर्च करने वाले विभाग की समीक्षा कर सुधार की आवश्यकता बताई गई। साथ ही अगले 10 वर्षों के लिए एक विजन डाक्यूमेंट तैयार करने का सुझाव प्राप्त हुआ।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, योजना एवं विकास विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार, अपर सचिव योजना एवं विकास विभाग विजया जाधव, अपर निदेशक-सह-अपर सचिव श्री कृष्ण नंदन प्रसाद सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन का बड़ा ऐलान: 3 माह में बनेगा प्रवासी श्रमिकों का डाटाबेस, हर जिले में बनेगा मॉडल ITI

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों की उपस्थिति में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग तथा योजना एवं विकास विभाग की अद्यतन कार्य प्रगति की समीक्षा को लेकर अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में मुख्यमंत्री ने विभागीय योजनाओं, विभाग द्वारा संचालित रोजगार सृजन कार्यक्रमों एवं गतिविधियों, कौशल विकास प्रशिक्षण, नियोजन सेवाओं, श्रमिक कल्याण तथा विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी संचालन, समयबद्ध कार्यान्वयन और आम जनता तक लाभ पहुंचाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों को आधुनिक बनाने, सभी पात्र श्रमिकों को कल्याणकारी योजनाओं का शत प्रतिशत लाभ सुनिश्चित करने पर बल दिया। उन्होंने राज्य के युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराए जाने का निर्देश दिया। साथ ही प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए विशेष पहल करने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस राज्य में श्रम विभाग की बहुत बड़ी भूमिका है। आपके बेहतर कार्य प्रणाली से ही श्रमिकों का उत्थान किया जा सकेगा। श्रमिकों की सुरक्षा आपके कार्यों और योजनाओं पर निर्भर है। विभाग श्रमिकों तक अपनी पहुंच बनाएं। देश के सभी राज्यों में श्रमिकों के लिए एक हेल्पलाइन सेंटर स्थापित करें। बैठक में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के मंत्री श्री संजय प्रसाद यादव उपस्थित रहे।

श्रमिकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़े

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण, सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ तथा श्रमिक कल्याण कार्यक्रमों की प्रगति पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़े और योजना का लाभ समय सीमा के अंतर्गत देना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य में असंगठित, निर्माण एवं प्रवासी श्रमिकों का अपडेटेड डाटा शीघ्र तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया। मुख्यमंत्री ने अगले 3 माह के भीतर देश के किस राज्य में हमारे कितने श्रमिक क्या काम कर रहे हैं, इसकी पूरी जानकारी पोर्टल में रहे यह सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।

प्रवासी श्रमिकों की सुविधा के लिए स्थापित होंगे प्रवासी सहायता केन्द्र

बैठक में मुख्यमंत्री को अधिकारियों ने अवगत कराया कि 'झारखंड राज्य प्रवासी सुलभ सहायता योजना' के तहत झारखण्ड राज्य के प्रवासी एवं विदेश में कार्यरत श्रमिकों के लिए नोएडा (उ०प्र०), हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलूरु एवं मुम्बई में प्रवासी सहायता केन्द्र स्थापित किये जायेंगे। इसके अलावा सीमावर्ती राज्यों में प्रवासी श्रमिकों को सहायता प्रदान करेंगे।

कैम्प लगाकर श्रमिकों का पोर्टल के माध्यम से निबंधन कराएं

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने श्रमिक निबंधन कार्यों में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। श्रमिक की सुरक्षा, ट्रैकिंग आदि विभाग की जिम्मेदारी है। श्रम विभाग कैम्प लगाकर श्रमिकों का पोर्टल के माध्यम से निबंधन कराएं, ताकि उनके साथ कोई समस्या होने पर राज्य सरकार उनकी त्वरित मदद कर सके। उन्होंने कहा कि मनरेगा योजना के श्रमिकों का भी निबंधन हो, यह सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री ने श्रमिकों के लिए सेफ्टी किट, जूता, हेलमेट, ग्लब्स इत्यादि की राशि प्रदान करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों का सेफ्टी किट के लिए दुकान चिन्हित कराते हुए, सभी उपकरण उपलब्ध करवाना सुनिश्चित कराएं, ताकि श्रमिकों को आसानी से किट की सामग्री मिले। श्रमिकों के लिए ड्रेस कोड हो यह सुनिश्चित की जाए। दुर्घटनाओं को रोकने के सभी जरूरी उपाय किए जाएं। उन्होंने कहा कि कंस्ट्रक्शन साइड्स पर श्रमिकों की सुरक्षा से संबंधित सभी जरूरतों को अंकित करने हेतु बोर्ड लगवाना अनिवार्य करें।

श्रमिक बेस्ड राज्य की पहचान से बाहर निकलने के लिए उठायें प्रभावी कदम

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों से कहा कि विभाग कुछ ऐसी कार्य योजना बनाएं, जिससे मजदूरों को आत्मनिर्भर बनाया जा सके। झारखंड को श्रमिक बेस्ड राज्य के रूप में बताया जाता है। इससे बाहर निकलने के लिए प्रभावी कदम उठाये जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में जरूरतें बदल चुकी है। विभाग कुछ ऐसी नीति बनाएं, जिससे श्रमिक अपने पैरो पर खड़े (आत्मनिर्भर) हो सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि रोज़ी -रोजगार के लिए श्रमिक गांव छोड़ने को भी मजबूर हो रहे हैं। यह पलायन हर हाल में रुके, इस लक्ष्य के साथ कार्यों को गति दें। उन्होंने कहा कि विभाग एक बेहतर मैकेनिज्म विकसित कर मजदूरों का सत्यापन कराएं।

श्रमिक चौक की पहचान कर श्रमिक पड़ाव का होगा निर्माण

मुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की टीम श्रमिक प्वाइंट चिन्हित करें (वैसे चौक चौराहा जहां काम के लिए श्रमिक एकत्र होते हैं)। इस श्रमिक प्वाइंट पर पर जाकर, उनके कल्याण हेतु सरकार की योजनों की जानकारी दें। उन्हें जागरूक करें। चिन्हित श्रमिक पड़ाव स्थान पर शेड बनाएं, ताकि मजदूरों को धूप व बरसात से बचाव हो सके। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि BOCW बोर्ड की कार्य योजना के तहत श्रमिक पड़ावों को श्रमिक चौक--सह-सुविधा केन्द्र के रूप में विकसित किए जाने की योजना है, जहां सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएगी।

प्रवासी मजदूरों की करें मैपिंग

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रवासी मजदूरों का मैपिंग कर उनका लोकेशन पोर्टल में दर्ज करें। हमारे कितने मजदूर देश के बाहर या अन्य राज्यों में कार्य कर रहे हैं। इसका पूरा डाटा रखें। श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग अपनी योजनाओं को विभिन्न संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर मूल्यांकन करें।

औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को करें अपग्रेड

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने राज्य के अंदर स्थापित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों एवं अन्य प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक संस्थानों की डिमांड एवं भविष्य की आवश्यकताओं को दृष्टिगत प्रशिक्षण कोर्स डिजाइन किए जाएं। प्रत्येक जिले के एक आईटीआई को मॉडल आईटीआई के रूप में विकसित करें। इसकी ग्रेडिंग भी कराएं और हाई वैल्यू कृषि कोर्स को भी चालू कराएं। सभी कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में अत्याधुनिक मशीनें, प्रयोगशालाएं (लैब्स) एवं स्मार्ट क्लासरूम की स्थापना की जाए।

युवाओं के प्लेसमेंट की व्यवस्था करें

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि आईटीआई के विद्यार्थियों को डिग्री लेकर भटकना नहीं पड़े। इसके लिए प्लेसमेंट की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इम्पलायमेंट चेन विकसित करें, ताकि यहां के प्रशिक्षण प्राप्त विद्यार्थियों को आसानी से प्लेसमेंट हो सके। उन्होंने बड़ी कंपनियों के फैकेल्टीज को हायर कर आईटीआई के अध्यनरत विद्यार्थियों को शिक्षा एवं प्रशिक्षण प्रदान कराने का भी निर्देश दिया। निजी संस्थानों से जो लोग सेवानिवृत हो गये उनके अनुभवों का लाभ विद्यार्थियों को मिले, इसकी रूपरेखा भी तैयार करें।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से की बातचीत..

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आईटीआई धनबाद से शिक्षा ग्रहण कर जबलपुर स्थित एक बड़े उद्योग में कार्यरत सूरज कुमार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए, बातचीत कर उनका कुशलक्षेम और उनकी वहां कार्यप्रणाली से अवगत हुए। सूरज कुमार ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि 9 वर्ष पूर्व वह आईटीआई, धनबाद से शिक्षा ग्रहण की। जबलपुर में करीब 70 हजार रुपए प्रति माह की मानदेय पर कार्य कर रहे हैं। अपने कार्य व मानदेय से संतुष्ट हैं। बताया कि वहां उनके अलावा झारखंड राज्य के तीन और लोग काम कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से ही पुणे स्थित एक संस्थान में कार्यरत अनिमा कुमारी से भी बातचीत कर कुशलक्षेम जाना। अनिमा ने मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि लोहरदगा स्थित मोज़ाइक स्किल ट्रेनिंग सेंटर से प्रशिक्षण प्राप्त करने के उपरांत वे पुणे स्थित एक संस्थान में सेवा दे रहीं हैं। अनिमा ने बताया कि सेवा कार्य के एवज में उन्हें मई माह में 21 हजार रुपए मानदेय मिली है। उन्होंने जानकारी दी कि झारखंड से प्रशिक्षण प्राप्त 10 अन्य लड़कियां पुणे के विभिन्न संस्थानों में अपनी सेवाएं दे रही हैं, जो उनके सीधे संपर्क में भी हैं। मुख्यमंत्री ने अनिमा के आवासन, खाने की व्यवस्था, सुरक्षा आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। अनिमा ने उत्साह व आत्मविश्वास के साथ मुख्यमंत्री के प्रति आभार एवं धन्यवाद ज्ञापित किया।

बैठक में राज्य के मुख्य सचिव श्री अविनाश कुमार, विकास आयुक्त श्री अजय कुमार सिंह, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के सचिव श्री जितेंद्र कुमार सिंह, श्रमायुक्त श्री संदीप सिंह, श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के विशेष सचिव श्री आदित्य कुमार आनंद सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।