पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटी, तेल कंपनियों को बड़ी राहत
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मिडिल ईस्ट में युद्ध के कारण भारत में डीजल और पेट्रोल की दिक्कत शुरू हो गई है। साथ ही कच्चे तेल की कीमत भी प्रति बैरल 100 डॉलर से ज्यादा है। इस बीच सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटाने का बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर 10 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी कम की है।
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पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखने का फैसला
केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर एक्साइज ड्यूटी 10-10 रुपए घटा दी है। यह पेट्रोल पर पहले 13 रुपए थी जो अब 3 रुपए हो गई है, वहीं डीजल पर 10 रुपए थी जो अब जीरो हो गई है। दरअसल, इजराइल-ईरान जंग से पहले यह कच्चे तेल की कीमत करीब 73 डॉलर प्रति बैरल थी जो अब 105 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर हो गई है। इससे तेल कंपनियों घाटा हो रहा था। वे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ा सकती थीं। इससे आम आदमी पर बोझ बढ़ता। ऐसे में सरकार ने एक्साइज ड्यूटी घटाकर पेट्रोल-डीजल के दामों को स्थिर रखा है।
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें नीचे आना शुरू हुई हैं। पश्चिम एशिया में अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहे संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित हुई है, जिससे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं। हालांकि, शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में कीमतों में थोड़ी गिरावट देखी गई। इसकी वजह यह है कि अमेरिका ने ईरान के एनर्जी प्लांट्स पर हमले 10 दिनों के लिए रोकने का ऐलान किया है। रॉयटर्स के अनुसार, ब्रेंट क्रूड की कीमत 0.8% गिरकर 107.11 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 0.88% गिरकर 93.65 डॉलर प्रति बैरल हो गया। इससे एक दिन पहले दोनों में अच्छी बढ़त दर्ज की गई थी।
क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो जाएंगे?
सरकार की ओर से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी कम करने के बाद अब बड़ा सवाल है कि क्या पेट्रोल-डीजल के दाम कम हो जाएंगे? इसका जवाब ना होगा। दरअसल, भले ही सरकार ने टैक्स कम किया है, लेकिन पेट्रोल-डीजल के रिटेल रेट सीधे सरकार तय नहीं करती। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी तेल कंपनियां कच्चे तेल की कीमत और अपने मुनाफे के आधार पर रेट तय करती हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनियां इस छूट का इस्तेमाल अपने पिछले घाटे की भरपाई के लिए करेगी।




नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन (EV) सेक्टर अब शुरुआती तेज़ वृद्धि के दौर से निकलकर स्थिर और टिकाऊ विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में इस क्षेत्र में वही कंपनियां टिकेंगी, जिनके पास मजबूत वित्तीय आधार, उन्नत तकनीक और भरोसेमंद सप्लाई चेन होगी। यह बात ज़ुपेरिया ऑटो के सीईओ आयुष लोहिया ने कही।
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार की प्रस्तावित नई स्क्रैपेज-लिंक्ड प्रोत्साहन योजना राजधानी में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। इस योजना के तहत पुराने वाहनों को स्क्रैप कर नए इलेक्ट्रिक वाहन (EV) खरीदने पर ₹1 लाख तक का प्रोत्साहन दिया जाएगा।
9 hours ago
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