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AI समिट में यूथ कांग्रेस का प्रदर्शन, टी-शर्ट उतारकर पीएम मोदी के खिलाफ नारेबाजी

#delhiaisummitprotestindianyouthcongress 

राष्ट्रीय राजधानी के भारत मंडपम में एआई इंपैक्ट समिट चल रहा है। समिट के दौरान इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने भारत मंडपम में टॉपलेस होकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने मोदी विरोधी नारे भी लगाए। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने जिस तरह बिना शर्ट के प्रदर्शन किया उसे लेकर राजनीति गरमा गई है।

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पुलिस ने 4 लोगों को किया गिरफ्तार

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यूथ कांग्रेस कार्यकता AI समिट में घुस आए। उन्होंने अपने टीशर्ट उतार कर प्रदर्शन किया। अचानक नारेबाजी शुरू होने से कुछ समय के लिए कार्यक्रम का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सुरक्षा कर्मियों ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए प्रदर्शनकारियों को कंट्रोल किया और स्थिति को सामान्य किया। दिल्ली पुलिस ने कहा है कि सभी को हिरासत में ले लिया गया है और FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में 4 लोगों ने गिरफ्तार किया है।

सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया

इंडियन यूथ कांग्रेस ने एक्स पर पोस्ट कर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा और उनकी सरकार की विदेश नीति पर सवाल उठाया। यूथ कांग्रेस ने कहा, 'जब विदेश नीति में झुकाव, कॉरपोरेट दबाव और चुप्पी हावी हो तो साफ है पीएम मोदी COMPROMISED हैं। इसी सच्चाई को बेनकाब करने भारतीय युवा कांग्रेस के जाबांज कार्यकर्ता AI Summit पहुंचे और Compromised PM के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। देश की अस्मिता से कोई समझौता नहीं। इंकलाब जिंदाबाद।'

बीजेपी का कांग्रेस पर करारा वार

बीजेपी ने विपक्षी पार्टी कांग्रेस पर सवाल उठाए बीजेपी नेता अमित मालवीय ने एक्स पर पोस्ट में कांग्रेस पर करारा वार किया। उन्होंने पोस्ट में लिखा, 'राष्ट्रीय शर्म, ऐसे समय में जब भारत एक प्रतिष्ठित वैश्विक एआई शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अपने नवाचार और नेतृत्व का प्रदर्शन कर रहा है। कांग्रेस पार्टी ने गरिमा की जगह व्यवधान का रास्ता चुना है। राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शिखर सम्मेलन स्थल पर नग्न होकर हंगामा किया, जो स्पष्ट रूप से भारत को विश्व मंच पर शर्मिंदा करने के उद्देश्य से किया गया कृत्य था।

क्या है “पैक्स सिलिका” जिसमें आज शामिल होगा भारत, यूएस के साथ एक और डील

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भारत और अमेरिका व्‍यापार समझौते को जल्द ही अंतिम रूप दिया जाने वाला है। ट्रेड डील पर अंतिम साइन से ठीक पहले अमेरिका के टॉप लेवल के अधिकारी भारत पहुंच रहे हैं। अमेरिकी आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग भारत दौरे पर आ रहे हैं। यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक औपचारिकता नहीं माना जा रहा बल्कि वैश्विक टेक्नोलॉजी और सप्लाई-चेन की नई राजनीति की ओर इशारा है।

दरअसल, भारत आज औपचारिक रूप से अमेरिका की अगुवाई वाली पहल 'पैक्स सिलिका' में शामिल होने जा रहा है। यह पहल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और सप्लाई चेन (आपूर्ति श्रृंखला) सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बनाई गई है। यह घोषणा दिल्ली में चल रहे ग्लोबल एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान की गई है।

पिछले महीने हुई थी गठबंधन में शामिल होने का घोषणा

अमेरिका ने दिसंबर 2025 में पैक्स सिलिका की शुरूआत की थी। पैक्स सिलिका सम्मेलन 12 दिसंबर को वाशिंगटन में हुआ था, जहां साझेदार देशों ने पैक्स सिलिका घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए थे। भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने पिछले महीने नई दिल्ली को रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित करने की घोषणा की।

घोषणा पर किन देशों ने किया हस्ताक्षर?

इस घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देशों में ऑस्ट्रेलिया, जापान, दक्षिण कोरिया, ब्रिटेन, यूएई, सिंगापुर, इस्राइल, कतर और ग्रीस शामिल हैं। जबकि कनाडा, यूरोपीय संघ, नीदरलैंड्स और ताइवान जैसे देश इसमें भागीदार के रूप में जुड़े हैं।

चीन पर निर्भरता कम करने की रणनीति

कहा जा रहा है कि यह गठबंधन चीन के तकनीकी प्रभुत्व को कम करने के लिए बनाया गया है। ग्लोबल सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स सप्लाई चेन में चीन की बड़ी भूमिका रही है। अब अमेरिका अपने सहयोगियों के साथ नया आर्थिक गठबंधन खड़ा कर रहा है। यह पहल अमेरिका की इंडो-पैसिफिक रणनीति और टेक्नोलॉजी-आधारित साझेदारी मॉडल का हिस्सा मानी जा रही है।

ट्रंप के 'बोर्ड ऑफ पीस' की बैठक में ऑब्जर्वर के रूप में शामिल हुआ भारत, क्यों नहीं ली पूर्ण सदस्यता?

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भारत ने गुरुवार को वॉशिंगटन में गाजा बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में ऑब्जर्वर के तौर पर हिस्सा लिया। ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने के निमंत्रण की समीक्षा के एक सप्ताह बाद भारत ने 19 फरवरी को पहली बैठक में एक पर्यवेक्षक देश के रूप में भाग लिया। अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास में तैनात भारत के चार्ज डी' अफेयर्स नामग्या सी खम्पा ने देश का प्रतिनिधित्व किया।

अमेरिका ने की 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को ‘बोर्ड ऑफ पीस’ नामक एक नए वैश्विक मंच की शुरुआत की और गाजा में युद्ध के बाद स्थिरीकरण और राहत प्रयासों के लिए अमेरिका की ओर से 10 अरब डॉलर के योगदान की घोषणा की। यह बैठक संयुक्त राज्य अमेरिका शांति संस्थान में आयोजित की गई। ट्रंप ने उद्घाटन सत्र में उपराष्ट्रपति जेडी वेंस, विदेश मंत्री मार्को रुबियो, विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और बोर्ड सदस्य जारेड कुशनर के साथ मंच साझा किया। उन्होंने कहा, “हम जो कर रहे हैं, वह एक सरल शब्द है- शांति। इसे कहना आसान है, लेकिन हासिल करना कठिन। लेकिन हम इसे हासिल करेंगे।

कौन-कौन हुआ शामिल?

वॉशिंगटन स्थित यूएस इंस्टीट्यूट ऑफ पीस में आयोजित बैठक में लगभग 50 देशों के अधिकारियों ने भाग लिया। इनमें 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्किये, संयुक्त अरब अमीरात, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ सहित अन्य देश पर्यवेक्षक के रूप में इसमें शामिल हुए।

बोर्ड ऑफ पीस क्या है?

बोर्ड ऑफ पीस को ट्रंप ने पिछले महीने वर्ल्ड इकनॉमिक फोरम की सालाना बैठक में दावोस में पेश किया था। उस समय ट्रंप ने कहा था कि हर कोई इस संगठन का हिस्सा बनना चाहता है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह संगठन आगे चलकर संयुक्त राष्ट्र (UN) को टक्कर दे सकता है। शुरुआत में इस बोर्ड का मकसद गाजा में इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम की निगरानी करना था। साथ ही गाजा के पुनर्निर्माण और वहां के प्रशासन में भूमिका निभाने की बात थी। लेकिन बाद में ट्रंप की योजना इससे कहीं बड़ी हो गई। इसके चार्टर के अनुसार यह दुनिया के अन्य संघर्ष क्षेत्रों में भी शांति और स्थिरता के लिए काम कर सकता है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद इस बोर्ड के चेयरमैन हैं।

ब्रिटेन किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयूज माउंटबेटन गिरफ्तार, एपस्टीन फाइल्स मामले में बड़ी कार्रवाई

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अमेरिका के दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से संबंधों के मामले में ब्रिटेन में बड़ी कार्रवाई हुई है। इस मामले में पुलिस ने किंग चार्ल्स के छोटे भाई एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर को गिरफ्तार किया है। उन्हें नॉरफोक के सैंड्रिंघम एस्टेट में स्थित ‘वुड फार्म’ से हिरासत में लिया गया है।

यह गिरफ्तारी कुख्यात अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े हालिया खुलासों के बाद हुई है। एपस्टीन फाइल्‍स से संकेत मिले थे कि जब एंड्रयू ब्रिटेन के ट्रेड एनवॉय यानी ट्रेड मामलों के राजदूत थे, तब उन्होंने एपस्टीन को कुछ गोपनीय सरकारी दस्तावेज भेजे थे।

बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटिश पुलिस ने उनको अपने पद के दुरुपयोग करने के संदेह में गिरफ्तार किया है। उनको तब गिरफ्तार किया गया, जब वह 66वां जन्मदिन मना रहे थे। बीते सप्ताह एंड्रयू के खिलाफ थेम्स वैली पुलिस को पद के दुरुपयोग को लेकर शिकायत दर्ज कराई गई थी। राजशाही के विरोधी कार्यकर्ता ने उनके खिलाफ शिकायत तब की थी, जब उन पर कथित तौर पर एपस्टीन के साथ बिजनेस संबंधी डॉक्यूमेंट शेयर करने के आरोप लगे थे। नियमों के तहत ट्रेड राजदूतों को अपनी यात्रों की जानकारी गुप्त रखना होता है, चाहें वह उस पद पर न भी हो।

एंड्रयू लंबे समय से एपस्टीन के साथ अपने संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। पिछले साल ही किंग चार्ल्स ने उनके सभी शाही खिताब और सम्मान छीन लिए थे और उन्हें विंडसर एस्टेट के शाही बंगले से भी बेदखल करने का फैसला किया था। एंड्रयू ने हमेशा किसी भी गलत काम से इनकार किया है, लेकिन नई फाइल्स में सामने आई तस्वीरों और ईमेल्स ने उन पर शिकंजा कस दिया है।

बांग्लादेश में नई सरकार बनते ही स्पाइसजेट पर लगा 'बैन', जानें पूरा मामला

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बांग्लादेश की तारिक रहमान सरकार ने भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) के उपयोग से रोक दिया है। बांग्लादेश ने कथित बकाया भुगतान न चुकाने के कारण बजट एयरलाइन स्पाइसजेट को अपने हवाई क्षेत्र के उपयोग से रोक दिया है। एयरस्पेस उपलब्ध न होने के चलते कोलकाता से गुवाहाटी और इम्फाल जाने वाली कुछ उड़ानों को अब लंबा रूट अपनाना पड़ रहा है। इससे उड़ान के समय और ऑपरेशनल लागत पर असर पड़ सकता है।

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स्पाइसजेट ने क्या कहा?

स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, ‘ये उद्योग से जुड़े सामान्य मुद्दे हैं और हम इनका शीघ्र समाधान निकालने के लिए रचनात्मक रूप से काम कर रहे हैं। हमारी उड़ान सेवाएं अप्रभावित हैं और हम नियामक आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी निर्धारित सेवाएं जारी रखे हुए हैं।’ हालांकि, विशिष्ट विवरणों का खुलासा नहीं किया गया।

वैकल्पिक और लंबे रूट का सहारा

बता दें कि यात्रियों पर फिलहाल इसका सीधा असर नहीं पड़ा है। हालांकि एयरस्पेस बंद होने से कुछ उड़ानों को वैकल्पिक रूट से जाना पड़ रहा है। फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार स्पाइसजेट की कुछ उड़ानें बांग्लादेशी एयरस्पेस से बचते हुए वैकल्पिक और लंबा मार्ग अपना रही हैं।

स्पाइसजेट के शेयर में गिरावट

इस बीच बीएसई में दोपहर के कारोबार के दौरान स्पाइसजेट के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। कंपनी ने हाल ही में दिसंबर 2025 तिमाही में 269.27 करोड़ रुपये का घाटा भी दर्ज किया था, जिसका कारण बढ़ती लागत और एकमुश्त खर्च बताए गए हैं।

भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है और उसे अपनाता भी है”, AI इम्पैक्ट समिट में बोले पीएम मोदी

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राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली के भारत मंडपम में हो रहे 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026' को पीएम मोदी संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने इंडिया एआई समिट 2026 का मकसद बताया। पीएम मोदी ने एआई के लिए दुनिया को भारत का मंत्र दिया। पीएम मोदी ने कहा कि भारत नई टेक्नोलॉजी बनाता भी है, और उसे अभूतपूर्व तेजी से अपनाता भी है।

भारत को एआई में भय नहीं भविष्य दिखता है-पीएम मोदी

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा, भारत दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी का देश है। सबसे बड़े टैग टैलेंट पूल का केंद्र है। उन्होंने कहा कि भारत को एआई में भय नहीं, भाग्य और भविष्य दिखता है।

एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि एआई को मानव इतिहास का ट्रांसफॉर्मेशन है। हालांकि, इस दौरान पीएम मोदी ने दुनिया को संदेश देते हुए साफ-साफ कहा कि एआई को डेमोक्रेटाइज करना होगा। भविष्य में नहीं, बल्कि वर्तमान में इसकी दिशा तय होनी चाहिए।

एआई एक ट्रांसफॉर्मेशन है-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा, मानव इतिहास में हर कुछ शताब्दियों के बाद एक टर्निंग पॉइंट आता है और वो टर्निंग पॉइंट सभ्यता की दिशा रिसेट करता है और वहीं से विकास की रफ्तार बदलती है। सोचने, समझने और काम करने के परिणाम बदलते हैं। किसी ने कल्पना नहीं की थी कि एक दिन पूरी दुनिया रियल टाइम में कनेक्ट होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मानव इतिहास का ऐसा ही ट्रांसफॉर्मेशन है। आज जो हम देख रहे हैं जो प्रेडिक्ट कर रहे हैं वो इसके इंपैक्ट का सिर्फ प्रारंभिक संकेत है।

एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही-पीएम मोदी

पीएम ने कहा एआई मशीनों को इंटेलीजेंट बना रही है। लेकिन उससे भी अधिक मानव सामर्थ्य को कई गुना बढ़ा रही है। पहले टेक्नोलॉजी दिखने में दशकों लगते थे, आज मशीन लर्निंग से लर्निंग मशीन तक का सफर तेज भी है, गहरा भी है, व्यापक भी है। इसलिए हमें विजन भी रखना है और जिम्मेदारी भी बढ़ानी है।

ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय- पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा इस समिट का होना पूरे ग्लोबल साउथ के लिए गर्व का विषय है। यहां दुनिया के कोने-कोने से आए मेहमान इसकी सफलता को नई ऊंचाई पर ले जा रहे हैं। यंग जेनरेशन की उपस्थिति नया विश्वास पैदा करती है। पीएम ने कहा एआई समिट में यंग टैलेंट बहुत बड़ी संख्या में आया।

संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज', मोहन भागवत ने बताई आरएसएस की अधूरी सफलता की वजह

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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत उत्तर प्रदेश के दौरे पर हैं। अपने दो दिवसीय दौरे के दौरान संघ प्रमुख भागवत ने हिंदू समाज को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि संघ की सबसे बड़ी समस्या हिंदू समाज ही है क्योंकि हमें उन्हें जगाने में काफी मेहनत करनी पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने देश भर के मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति की भी वकालत की।

आरएसएस चीफ या सर संघचालक मोहन भागवत ने बुधवार को उन्होंने लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में समाज के लोगों से तकरीबन ढाई घंटे तक बातचीत की।इस कार्यक्रम में उन्होंने संघ के विचारों के बारे में भी बताया और लोगों के सवालों के सहजता से उत्तर भी दिए। मोटे तौर पर सात ऐसे सम-सामयिक और राजनीति मुद्दे हैं, जिन पर भागवत ने आरएसएस की सोच को लोगों के सामने रखा।

हिंदू समाज एकजुट नहीं-भागवत

मोहन भागवत ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में आरएसएस ने कई महत्वपूर्ण कार्य किए हैं, लेकिन यह भी माना है कि इसका मिशन अभी भी अधूरा है। उन्होंने कहा, 'संघ ने बहुत काम किया है, लेकिन इसे पूर्ण सफलता नहीं मिली है, क्योंकि हिंदू समाज एकजुट नहीं है।' आरएसएस प्रमुख ने लोगों से अनुरोध किया है कि बिना संघ में शामिल हुए,इसे जज करने की कोशिश न करें। उन्होंने राष्ट्रहित में हिंदुओं को एकजुट होने की अपील की।

हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन-भागवत

प्रश्न-उत्तर के दौरान संघ प्रमुख मोहन भागवत को इस सवाल का भी सामना करना पड़ा कि आरएसएस की सबसे बड़ी समस्या क्या है। इसपर उन्होंने कहा, 'हिंदू समुदाय सभी मुद्दों पर उदासीन है।' उनका कहना है कि 'भिन्न-भिन्न जातियों और पंथों से अपनी पहचान बनाने की जगह, हिंदू के तौर पर अपनी पहचान बनाना हम सभी के लिए बेहतर है। सामाजिक सौहार्द समाजिक एकता का आधार है।' उनके अनुसार, 'जाति व्यवस्था धीरे-धीरे मिट रही है। युवा पीढ़ी में यह व्यवहार दिख रहा है।' 'जिस दिन समाज में जाति का महत्त्व नहीं रहेगा, जाति की राजनीति करने वाले नेता भी बदल जाएंगे।'

मंदिरों को सरकारी नियंत्रण से मुक्ति पर जोर

एक सवाल के जवाब में डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि मंदिरों से होने वाली आय को जन कल्याण के लिए लगाना चाहिए और इसकी बागडोर सरकार के हाथों में न होकर जिम्मेदार भक्तों के पास होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश के प्रमुख मंदिरों के संचालन और आय के जन कल्याण के लिए खर्च किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी हो और निष्पक्ष व ईमानदार संस्था की निगरानी में हो। उन्होंने कहा कि संघ इस दिशा में आगे तैयारी कर रहा है, जल्द परिणाम देखने को मिलेगा।

बीजेपी-आरएसएस संबंध पर क्या बोले भागवत?

इस दौरान संघ प्रमुख ने भाजंपा-आरएसएस संबंधो को लेकर लगने वाले आरोपों का भी जवाब दिया। भागवत ने संघ को बीजेपी का रिमोट बताए जाने जैसे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि ऐसा भ्रम अक्सर हो जाता है। हमारे पास ऐसा कोई रिमोट कंट्रोल नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार चलाना बेहद कठिन काम है, इसलिए हम तो सिर्फ अपना ही काम करते हैं। हां, हम सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि हालांकि सरकार का विरोध करने वाले हमें भी गालियां देते हैं लेकिन सत्ता में बैठे कई लोग बहुत अच्छा काम भी कर रहे हैं।

राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक', किरेन रिजिजू का नेता प्रतिपक्ष पर बड़ा हमला

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केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। रिजिजू ने राहुल गांधी पर ‘भारत विरोधी ताकतों’ से संबंध रखने का आरोप लगाते हुए कहा कि राहुल गांधी देश की सुरक्षा के लिए ‘सबसे खतरनाक व्यक्ति’ बन चुके हैं।

राहुल का व्यवहार काफी बचकाना-रिजिजु

केंद्रीय मंत्री का आरोप है कि राहुल का व्यवहार काफी बचकाना है। लोकसभा नेता प्रतिपक्ष के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के लिए इस तरह की हरकत काफी निंदनीय है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का नेता एक बड़ा चेहरा होता है। सदन के बाहर जाना, लोगों को देशद्रोही कहना, नाटकीय धरना देना और एक अनपब्लिश्ड किताब से सरकार को बेवजह घेरना, दिखाता है कि राहुल किस तरह व्यवहार करते हैं। उनका व्यहार बच्चों जैसा होता है। हमने भारत के इतिहास में ऐसा LoP कभी नहीं देखा था।

भारत विरोधी ताकतों से जुड़े होने का आरोप

किरेन रिजिजू ने समाचार एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में आरोप लगाया कि राहुल गांधी देश और विदेश में नक्सलियों, अतिवादियों, वैचारिक समूहों और जॉर्ज सोरोस जैसे लोगों से मुलाकात करते रहे हैं। उन्होंने कहा, ‘राहुल गांधी भारत की सुरक्षा के लिए सबसे खतरनाक व्यक्ति बन गए हैं, क्योंकि वे भारत विरोधी ताकतों के साथ जुड़ते हैं।

संसद में सिर्फ हंगामा करती है कांग्रेस-रिजिजू

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने आगे कहा कि सरकार पर आरोप लगाती है कि हम उन्हें संसद में बोलने नहीं देते हैं। विपक्ष के ये आरोप पूरी तरह से गलत हैं। सरकार कांग्रेस को हर बात बोलने का मौका देती है, लेकिन मुद्दों पर बोलने की बजाए वो हंगामा शुरू कर देते हैं। नारों के साथ बैनर लहराने लगते हैं। उन्होंने कहा कि कागज फेंकना, नारेबाजी करना और बैनर दिखाना ज्यादातर कांग्रेस का तरीका है। यह विपक्ष की गंभीरता को दर्शाता है।

जबरदस्ती पीएम के खिलाफ बयानबाजी का आरोप

रिजिजू ने राहुल गांधी के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर दिए बयानों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल के समर्थक इन बातों को गंभीरता से नहीं लेते क्योंकि वे बिना सच और आधार के बोलते हैं। अगर कोई दस्तावेज है या पीएम किसी से मिले हैं, तो सबूत पेश करें। बिना आधार के पीएम का नाम जोड़ना निराशा और हताशा पैदा करता है। उन्होंने कहा, "वे जबरदस्ती प्रधानमंत्री का नाम घसीटते हैं, बिना किसी आधार के। इससे देश में निराशा फैलती है।"

दिल्ली राज्य पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में सम्मानित हुए एड. विनय कुमार दुबे
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नई दिल्ली। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित तीसरी दिल्ली राज्य पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025–26 का तीन दिवसीय भव्य शुभारंभ दिव्यांगजनों के उत्थान और खेल प्रतिभा को समर्पित एक ऐतिहासिक क्षण के रूप में दर्ज हुआ। यह राज्य-स्तरीय आयोजन दिवंगत कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित किया गया, जिनका जीवन सेवा, संवेदना और सामाजिक सरोकारों का प्रतीक रहा है। इस गरिमामयी उद्घाटन समारोह की शोभा बढ़ाई वीकेडीएल एनपीए एडवाइजरी काउंसिल के चेयरमैन, भारत सरकार के गृह मंत्रालय की हिंदी सलाहकार समिति के सदस्य एवं प्रख्यात समाजसेवी भाजपा नेता एडवोकेट विनय कुमार दुबे की विशिष्ट उपस्थिति ने i उनके साथ अनेक विशिष्ट अतिथियों की प्रेरणादायी मौजूदगी ने आयोजन को और अधिक गौरवपूर्ण बना दिया। उद्घाटन अवसर पर दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव, बीएसएफ एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह, दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री रविंदर इंद्रराज सिंह, भारतीय फिल्म निर्माता, निर्देशक और नोएडा फिल्म सिटी तथा मारवाह स्टूडियोज के संस्थापक डॉ. संदीप मारवाह, डीसीपी द्वारका आईपीएस अंकित सिंह, विधायक नीरज बसोया, CNN News 18 की वरिष्ठ पत्रकार संपादक (गृह मामले) अरुणिमा तथा भारतीय पैरालंपिक समिति के निदेशक सत्य बाबू सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने समारोह की गरिमा को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की अध्यक्षा पारुल सिंह ने सभी अतिथियों का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त किया।
अपने प्रेरक संबोधन में एडवोकेट विनय कुमार दुबे ने दिव्यांग खिलाड़ियों के अदम्य साहस, संघर्षशीलता और आत्मविश्वास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि ये खिलाड़ी केवल खेल मैदान के विजेता नहीं हैं, बल्कि जीवन के हर क्षेत्र में प्रेरणा के प्रतीक हैं। इन्होंने सिद्ध कर दिया है कि सीमाएँ शरीर में नहीं, बल्कि सोच में होती हैं। हर बच्चे में एक भारत बसता है और यही भारत का भविष्य है।”
उन्होंने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए बधाई देते हुए सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की तथा अपनी बहन कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति को नमन करते हुए भावनात्मक शब्दों में खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर श्री दुबे ने कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट की ओर से पैरा-एथलीटों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट का उद्देश्य दिव्यांग खिलाड़ियों को प्रशिक्षण, खेल सामग्री, आवश्यक संसाधन एवं मंच प्रदान कर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुँचाने में सहयोग करना है। साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा दिव्यांगजनों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की सराहना करते हुए सरकार और समाज के साझा प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। समाज के प्रति उनके निरंतर योगदान और सेवा भावना को दृष्टिगत रखते हुए दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली की ओर से दिल्ली पुलिस के विशेष आयुक्त दिवेश चंद्र श्रीवास्तव द्वारा एडवोकेट विनय कुमार दुबे को शाल एवं स्मृति-चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। केंद्र एवं राज्य से पधारे सभी अतिथियों ने उनके सामाजिक कार्यों की मुक्तकंठ से प्रशंसा की।
उल्लेखनीय है कि कुमारी ममता देवी चैरिटेबल ट्रस्ट महाराष्ट्र, दिल्ली तथा उत्तर प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, निर्धन परिवारों की सहायता और गरीब कन्याओं के विवाह जैसे अनेक जनकल्याणकारी कार्यों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। समाज के वंचित वर्गों के उत्थान हेतु ट्रस्ट की सतत सेवाओं के कारण उसे व्यापक सम्मान और जनविश्वास प्राप्त हुआ है। दिव्यांग पैरा स्पोर्ट्स एसोसिएशन ऑफ़ दिल्ली द्वारा आयोजित इस तीन दिवसीय चैंपियनशिप में 1,000 से अधिक पैरा-एथलीट भाग ले रहे हैं। प्रतियोगिता में अंडर-12, अंडर-17 (सब-जूनियर), अंडर-19 (जूनियर) एवं सीनियर वर्गों में विविध ट्रैक और फील्ड स्पर्धाएँ आयोजित की जा रही हैं। एडवोकेट विनय कुमार दुबे अनेक सामाजिक एवं सेवा संगठनों ब्राह्मण इंटरनेशनल बिज़नेस ओरिएंटेसन (बीबो फाउंडेशन), ज्ञानोदय सेवा समिति, ब्राह्मण एकता मंच चैरिटेबल ट्रस्ट, केएनएस ग्रुप और किसान क्रांति मोर्चा के संस्थापक एवं संरक्षक भी हैं। ये सभी संस्थाएँ शिक्षा, स्वास्थ्य, गौ-सेवा और रोजगार सृजन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दे रही हैं। वे प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत अभियान संघठन के विधि विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैi उनकी केएनएस संस्था ने हाल ही में उत्तर प्रदेश में हजारों ग़रीब और असहाय महिलाओं को रोजगार प्रदान करने का कार्य किया i कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में उन्होंने महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में हजारों जरूरतमंद परिवारों की सहायता कर मानवता का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत किया, जिनमे कोविड से बचने के लिए हज़ारों परिवारों को महाराष्ट्र से उत्तर प्रदेश उनके घर वापसी की व्यवस्था तथा हज़ारों लोगो को कई महीने तक भोजन व्यवस्था शामिल थी जिसके लिए उन्हें विभिन्न मंचों से सम्मानित भी किया गया। कुमारी ममता देवी दुबे की स्मृति में आयोजित यह राज्य-स्तरीय पैरा-एथलेटिक्स चैंपियनशिप केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि समान अवसर, सम्मान और सशक्तिकरण का जीवंत संदेश है। दृढ़ इच्छाशक्ति और आत्मविश्वास से परिपूर्ण ये खिलाड़ी पदकों के साथ-साथ एक समावेशी और सशक्त भारत के निर्माण का संकल्प भी मैदान पर उतारते हैं।
इस चैंपियनशिप में खिलाड़ीयो ने राज्य-स्तरीय सम्मान और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चयन के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। खेल, समर्पण और सामाजिक सहयोग का यह संगम समाज में सकारात्मक परिवर्तन और सशक्तिकरण का प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।
राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव की घोषणा, जानें कब वोटिंग और रिजल्ट?

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राज्यसभा चुनाव 2026 की तारीकों का ऐलान हो गया है। चुनाव आयोग ने आज यानी बुधवार को 10 राज्यों की राज्यसभा की 37 सीटों के लिए चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर दी। राज्यसभा की ये सीटें अप्रैल 2026 में खाली होने वाली हैं और 10 राज्यों से जुड़ी हैं। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी शाम मतगणना की जाएगी।

चुनाव 16 मार्च को

चुनाव आयोग की ओर से बताया गया है कि 10 राज्यों में खाली हो रही 37 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव 16 मार्च को होंगे। 37 सीटों के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी होगा। अप्रैल महीने की अलग-अलग तारीखों पर कई सांसदों का कार्यकाल खत्म हो रहा है। 5 मार्च नामांकन भरने की आखिरी तारीख होगी। 9 मार्च तक कैंडिडेट अपना नामांकन वापस ले सकते हैं। 16 मार्च को सुबह 9 से 4 के बीच वोटों की गिनती होगी और उसी दिन शाम 5 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी।

किन राज्यों की है ये सीटें?

बता दें कि 10 राज्यों से राज्यसभा की कुल 37 सीटें खाली हो रही है। जिसमें सबसे ज्यादा महाराष्ट्र की सात है। वहीं तमिलनाडु की 6, ओडिशा की 4, पश्चिम बंगाल की 5, असम की 3, बिहार की 5, छत्तीसगढ़ की 2, तेलंगाना की 2 और हिमाचल प्रदेश की एक सीट खाली हो रही है।

किस पार्टी के पास कितनी सीट?

छत्तीसगढ़ में जो सीट खाली हो रही है उसमें 1-1 बीजेपी और कांग्रेस के पास है। वहीं बिहार में 2 राजद, 1 जदयू और 1 राष्ट्रीय लोक मोर्चा के पास है। हरियाणा की दोनों सीटों बीजेपी के पास हैं। उधर, महाराष्ट्र में शिवसेना यूबीटी से 1, एनसीपी 1, कांग्रेस से 1, शरद गुट वाली एनसीपी से 1 और आरपीआई के पास 1 सीट है। इसके साथ ही हिमाचल में खाली हो रही सीट बीजेपी के पास है।

2020 में एनडीए का रहा दबदबा

2020 में जब इन सीटों पर चुनाव हुआ था तब बीजेपी और उसके सहयोगियों ने असम, बिहार, हरियाणा और हिमाचल जैसे राज्यों में अच्छी बढ़त हासिल की थी। महाराष्ट्र में सीटें अविभाजित शिवसेना, अविभाजित एनसीपी, बीजेपी और कांग्रेस के बीच बंटी थीं। तमिलनाडु में डीएमके के नेतृत्व वाले गठबंधन ने अधिकतर सीटें जीतीं। वहीं बंगाल में टीएमसी का दबदबा बना रहा। इस बार समीकरण अलग हैं और कई सांसदों के भविष्य पर सवालिया निशान है। शरद पवार ने पहले संन्यास के संकेत दिए थे लेकिन अब माना जा रहा है कि वह दोबारा राज्यसभा का चुनाव लड़ेंगे। वहीं प्रियंका चतुर्वेदी को लेकर भी सवाल है। ओडिशा में बीजू जनता दल के कमजोर होने के बाद अलग समीकरण हैं।