ट्रंप ने पीएम मोदी को भेजा पत्र, गाजा बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने का भेजा आमंत्रण*
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को गाजा शांति बोर्ड का हिस्सा बनने के लिए आमंत्रित किया है। यह बोर्ड गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने और शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए बनाया जा रहा है। साथ ही यह पहल गाजा में चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए ट्रंप की 20 सूत्रीय शांति योजना से जुड़ी है।
डोनाल्ड ट्रंप के बेहद भरोसेमंद और भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने इसकी जानकारी सोशल मीडिया में शेयर की है। पत्र में लिखा है, “भारत गणराज्य के प्रधानमंत्री के रूप में, मुझे आपको मध्य पूर्व में शांति को सुदृढ़ करने और साथ ही वैश्विक संघर्षों के समाधान के लिए एक साहसिक नए दृष्टिकोण को अपनाने के इस ऐतिहासिक और भव्य प्रयास में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हुए अत्यंत गर्व हो रहा है”।
गाजा पीस समझौता 20 सूत्री प्रस्ताव पर आधारित
ट्रंप ने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की एक व्यापक योजना की अपनी 29 सितंबर की घोषणा का उल्लेख किया है। “29 सितंबर, 2025 को, मैंने गाजा संघर्ष को समाप्त करने की व्यापक योजना की घोषणा की, जो एक असाधारण 20-सूत्रीय रोडमैप है जिसे अरब जगत, इजराइल और यूरोप के प्रमुख राष्ट्राध्यक्षों सहित सभी विश्व नेताओं ने तुरंत स्वीकार कर लिया। इस योजना को आगे बढ़ाते हुए, 17 नवंबर को, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से संकल्प 2803 पारित किया, जिसमें इस दृष्टिकोण का स्वागत और समर्थन किया गया”।
सपनों को वास्तविकता में बदलने का समय
ट्रंप ने लिखा, “अब समय आ गया है कि इन सभी सपनों को वास्तविकता में बदला जाए। योजना के केंद्र में शांति बोर्ड है, सबसे प्रभावशाली और महत्वपूर्ण बोर्ड, जिसे एक नए अंतरराष्ट्रीय संगठन और संक्रमणकालीन शासी प्रशासन के रूप में स्थापित किया जाएगा”।
बोर्ड ऑफ पीस में इनके नाम शामिल
व्हाइट हाउस ने शुक्रवार को बोर्ड ऑफ पीस के सदस्यों की सूची जारी की। यह बोर्ड गाजा में शांति, स्थिरता, पुनर्निर्माण और लंबे समय तक विकास की निगरानी करेगा। इस बोर्ड के चेयरमैन खुद डोनाल्ड ट्रंप होंगे। व्हाइट हाउस के अनुसार, बोर्ड में कई बड़े और प्रभावशाली नाम शामिल हैं, जिनमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर, ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ, वर्ल्ड बैंक के अध्यक्ष अजय बंगा, ट्रंप के दामाद जेरेड कुशनर, अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट के सीईओ मार्क रोवन, अमेरिका के उप राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रॉबर्ट गेब्रियल का नाम है। इसके अलावा, तुर्किये के विदेश मंत्री हाकान फिदान और कतर के राजनयिक अली अल थवाड़ी को भी गाजा एग्जीक्यूटिव बोर्ड में शामिल किया गया है।




नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में पीने के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है। भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दिल्ली का लगभग आधा भूजल पीने योग्य नहीं है। यह रिपोर्ट 7 जनवरी को दिल्ली विधानसभा में पेश की गई। CAG की रिपोर्ट के अनुसार, 2017 से 2022 के बीच लिए गए 16,234 भूजल नमूनों में से 8,933 नमूने, यानी करीब 55 प्रतिशत, निर्धारित मानकों पर फेल पाए गए। कुछ वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर 63 प्रतिशत तक पहुँच गया। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि असुरक्षित भूजल की आपूर्ति सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है। ऑडिट में यह भी सामने आया कि दिल्ली में प्रतिदिन 80 से 90 मिलियन गैलन कच्चा और बिना शोधित पानी बोरवेल और रैनी वेल के माध्यम से सीधे जलाशयों और उपभोक्ताओं तक पहुँचाया जा रहा है। दिल्ली जल बोर्ड की प्रयोगशालाएँ संसाधनों और प्रशिक्षित स्टाफ की कमी के कारण केवल 12 मापदंडों पर ही पानी की जांच कर पा रही हैं, जबकि भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) के अनुसार पानी की गुणवत्ता की जांच 43 मापदंडों पर किया जाना अनिवार्य है। रिपोर्ट में यह भी उजागर हुआ है कि पानी में मौजूद घातक रसायनों जैसे आर्सेनिक, सीसा, रेडियोधर्मी तत्व और अन्य जहरीले जैविक मापदंडों की जांच नहीं की जा रही है। इसके अलावा, निजी वॉटर ट्रीटमेंट प्लांटों में अब भी प्रतिबंधित और कैंसरजनक ‘पॉलीइलेक्ट्रोलाइट्स’ का इस्तेमाल जारी है। जन स्वास्थ्य अभियान इंडिया ने इस रिपोर्ट को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट बताते हुए सरकार से तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की है। संस्था ने कच्चे पानी की आपूर्ति पर रोक लगाने, पानी की गुणवत्ता को 100 प्रतिशत BIS मानकों के अनुरूप सुनिश्चित करने, प्रयोगशालाओं में योग्य स्टाफ और आधुनिक मशीनें उपलब्ध कराने तथा पानी की गुणवत्ता से संबंधित सभी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की है।
नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार द्वारा पीएम विश्वकर्मा हाट 2026 का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रदर्शनी विशेष रूप से पीएम विश्वकर्मा योजना के लाभार्थी कारीगरों और शिल्पकारों के लिए समर्पित है। यह आयोजन 18 जनवरी से 31 जनवरी 2026 तक दिल्ली हाट, आईएनए, नई दिल्ली में होगा। हाट सुबह 10:30 बजे से रात 10:00 बजे तक आम जनता के लिए खुला रहेगा।
नई दिल्ली। गणतंत्र दिवस परेड की रिहर्सल को सुचारु रूप से संपन्न कराने के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने 17, 19, 20 और 21 जनवरी 2026 को विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। इन दिनों सुबह 10:15 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक कर्तव्यपथ और आसपास के इलाकों में यातायात प्रतिबंध रहेंगे। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करें।
* विधानसभा अध्यक्ष को लिखा पत्र, विशेषाधिकार हनन की जांच की मांग
6 hours ago
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