झोलाछाप डॉक्टर की लापरवाही के कारण महिला एवं नवजात बच्चे की गई जान
परिजनों के हंगामे के बाद स्थानीय विधायक और पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचे।
रफीगंज के महादेव हॉस्पिटल में महिला एवं नवजात के मृत्यु के बाद परिजनों हंगामा खड़ा कर दिया। सूचना पाकर स्थानीय विधायक एवं पुलिस प्रशासन के लोग मौके पर पहुंच मामले को शांत करवाया। इस मामले में मृतक महिला के पति महुआइन गाँव निवासी अखिलेश चौधरी द्वारा रफीगंज थाने में प्राथमिकी दर्ज करवाई गई है। दिए गए आवेदन में उल्लेख किया गया है कि मैं अपनी पत्नी शोभा देवी (उम्र लगभग 27 वर्ष) को प्रसव के लिए 27 नवंबर 2025 को दोपहर रफीगंज के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया था। सरकारी अस्पताल में डॉक्टर लालजी यादव और एक ANM द्वारा जाँच के बाद बताया गया कि मरीज की स्थिति ठीक' है, और प्रसव सामान्य हो जाएगा, जिसमें थोड़ा समय लगेगा। इसी बीच ललीता देवी ने उन्हें सरकारी अस्पताल में प्रसव ठीक से न होने की बात कहकर 'महादेव अस्पताल' जाने की सलाह दी।पति अखिलेश चौधरी का कहना है कि उन्होंने 27 नवंबर की पूरी रात सरकारी अस्पताल में इंतजार किया, लेकिन वहाँ किसी डॉक्टर या नर्स ने उनकी पत्नी को कोई इलाज नहीं दिया। आशा कार्यकर्ता की सलाह पर परिवार ने अपनी मरीज को 28 नवंबर 2025 को दोपहर महादेव अस्पताल में भर्ती कराया। महादेव अस्पताल में डॉ. महादेव यादव और अवकाश प्राप्त ANM राधा देवी ने कथित तौर पर परिजनों को बताया कि मरीज की स्थिति ठीक नहीं है और जितनी जल्दी हो सके, ऑपरेशन कराना होगा। ऑपरेशन से पहले उनसे ₹30,000 जमा करने के लिए कहा गया।परिजनों ने तुरंत ₹30,000 जमा कर दिए, जिसके बाद शोभा देवी का ऑपरेशन किया गया। ऑपरेशन के थोड़ी देर बाद डॉक्टर ने परिजनों को बताया कि महिला और नवजात दोनों सीरियस हैं।
डॉ महादेव द्वारा कासमा रोड स्थित मां बच्चा अस्पताल में हमारे बच्चे को साथ ले जाकर भर्ती करवाया गया। जहां बच्चा अस्पताल के डॉ विकास कुमार द्वारा बताया गया कि बच्चा सीरियस है 20 हजार रुपए जमा करें। इसके कुछ देर बाद बताया गया कि बच्चे की स्थिति ठीक नहीं है रेफर करना होगा। जब बच्चे को देखा तो वो मृत अवस्था में पड़ा हुआ था। दूसरी तरफ डॉ महादेव के द्वारा एंबुलेंस बुलाकर हमारे परिजन के साथ मेरी पत्नी को गयाजी के किसी अस्पताल में भेज दिया गया तथा डॉ महादेव एवं स्टाफ सभी अस्पताल छोड़कर फरार हो गए।
सूत्रों के अनुसार महिला और नवजात की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने डॉक्टर और आशा कार्यकर्ता पर लापरवाही और गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। सूचना पाकर रफीगंज विधायक प्रमोद कुमार सिंह मौके पर पहुंचे और उन्होंने औरंगाबाद डीएम श्रीकांत शास्त्री से फोन पर बातचीत कर रफीगंज में चल रहा है अवैध क्लिनिको पर छापा मारने की बात कही। तथा इस मामले में निष्पक्ष जांच करते हुए डॉक्टर पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने कि बात कही।







4 hours ago
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