जिलाधिकारी ने कोदई गांव के प्रधान का वित्तीय अधिकार किया सीज
संजीव सिंह बलिया । नगरा: जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार ने नगरा ब्लॉक के कोदई के प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया गया है। शिकायत पर जिलाधिकारी ने दो सदस्यीय टीम गठित की थी। टीम ने जांचोपरांत 2.71 लाख के अनियमित भुगतान का का दोषी पाया । अनियमितता के मामले में
अंतिम जांच अधिकारी डीसी मनरेगा को नामित करने के साथ ही नगरा बीडीओ को त्रिस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है।कारवाई से प्रधानों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई हैं ।
कोदई गांव के ही लाल बाबू ने प्रार्थाना पत्र देकर प्रधान द्वारा अनियमित तरीक़े से किये गये भुगतान के जांच कराने की मांग की थी । इसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने प्रकरण की जांच को डीआईओएस की अध्यक्षता में दो सदस्यीय टीम गठित की थी । समिति द्वारा दिये गये रिपोर्ट मेंग्राम पंचायत के विकास कार्यो में कोदई प्रधान लक्ष्मीना देवी द्वारा 2.71लाख का वित्तीय व अन्य अनियमितता को दोषी मिली।रिपोर्ट के आधार पर जिलाधिकारी ने प्रधान का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिया।पंचायत का विकास कार्य बाधित हो इसके लिये बीडीओ नगरा को त्रिस्तरीय समिति गठित करने का निर्देश दिया है।तथा प्रकरण के अंतिम जांच अधिकारी जांच अधिकारीडीसी मनरेगा दिग्विजय नाथ पांडेयको नामित किया है।
इस सम्बंध में नगरा बीडीओ आफताब अहमद ने कहा कि जिलाधिकारी के आदेश पर ग्राम पंचायत कोदई के खाते का संचालन के लिये त्रिस्तरीय समिति के गठन की जल्दी ही प्रकिया चल रही है। जिला के 5 प्रधानों के अधिकारो पर लगी है पाबंदी बलिया जिले के कुल 940 पंचायतों में ग्राम पंचायतों के प्रधानों का वित्तीय व प्रशासनिक अधिकार वित्तीय अनियमितता में सीज है।इसमें चिलकहर ब्लॉक के इंदरपुर, पीपरापट्टी बहोरापुर ,हनुमानगंज ब्लॉक के आराजी माफी सागरपाली ,रसड़़ा ब्लॉक के बस्तौरा व नगरा ब्लॉक के कोदई प्रधान का अधिकार सीज है।कहने को तो इन पंचायतों में धीमी गति से चल रहे विकास कार्यो से ग्रामीण संतुष्ट नहीं है। वहीं रसड़ा ब्लॉक के सब्बलपुर प्रधान लाल बहादुर राजभर हाईकोर्ट के निर्देश पर बहाल हो गये हैं।
Apr 30 2024, 19:55