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खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

#raghavchadhabreakssilenceonaapactionsayssilencednotdefeated

आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

Pramod Raghav: A Visionary Philanthropist and Social Entrepreneur

Pramod Raghav is a highly respected and accomplished philanthropist, social entrepreneur, and visionary leader who has been making a profound impact on society through his tireless efforts and unwavering dedication. As the Chairman of “Niswarth Kadam”, a non-governmental organization (NGO) dedicated to serving the underprivileged and marginalized sections of society, Pramod Raghav has been instrumental in driving positive change and empowering communities.

A Successful Career and a New Chapter

Pramod Raghav's journey is a testament to his entrepreneurial spirit and commitment to creating a better world. Having built a successful career in the IT industry, he made the bold decision to sell his company in the USA for a staggering $21 million and redirect his focus towards philanthropy and social work. This selfless act is a shining example of his dedication to giving back to society and making a meaningful difference in the lives of others.

“Niswarth Kadam”: A Beacon of Hope

Under Pramod Raghav's visionary leadership, “Niswarth Kadam” has emerged as a beacon of hope for countless individuals and families in need. The organization has been working tirelessly to address some of the most pressing social issues, including education, healthcare, environmental conservation, and animal welfare. Through its various initiatives and programs, “Niswarth Kadam” has been able to touch the lives of thousands of people, providing them with the support and resources they need to improve their lives and create a brighter future.

Pramod Raghav's Philanthropic Efforts

Pramod Raghav's philanthropic efforts are multifaceted and far-reaching. Some of the key areas of focus for “Niswarth Kadam” under his leadership include:

Education & Skill Development: Establishing Bal Sanskar Kendras and learning centers that provide education, values, and life skills to children from economically weaker sections.

Healthcare Access for All: Conducting free health camps, supporting rural healthcare facilities, and managing the Manu Health Care Center in Ghuddor, Himachal Pradesh and offering free treatment, medicines, dental and oxygen services, and home visits for the elderly in surrounded remote villages. 

Environmental Stewardship: Organizing cleanliness drives, plantation campaigns, and awareness programs on sustainability and reducing plastic waste.

Cow Welfare and Gaushalas: Extending dedicated support for Gaushalas (cow shelters), ensuring proper care, feeding, and medical attention for cows. The organization actively promotes cow protection and welfare as part of India’s cultural and spiritual ethos, fostering compassion for all living beings.

Preserving Culture and Heritage: Supporting the renovation of temples and the revival of Gurukuls, emphasizing traditional education, Sanatani values, and spiritual learning to safeguard India’s timeless heritage for future generations.

Community Welfare and Sharing: Running initiatives like ‘Neki Ki Deewar’ & ‘Drop Off Box’ where individuals donate clothes, toys, shoes, and daily essentials for those in need, reflecting the organization’s belief in collective compassion.

Awards and Recognition

Pramod Raghav's outstanding contributions to philanthropy and social work have not gone unnoticed. He has received numerous awards and honors for his efforts, including the prestigious Delhi Ratna Award, Haryana Gaurav Award, Best NGO Award, and Times Power Icon Award. These accolades are a testament to his dedication and commitment to creating a positive impact in society.

A Legacy of Compassion and Service

Pramod Raghav's legacy is one of compassion, service, and dedication to making a difference in the lives of others. Through his tireless efforts and unwavering commitment, he has inspired countless individuals to join him in his mission to create a better world. As a visionary philanthropist and social entrepreneur, Pramod Raghav continues to be a shining example of what it means to live a life of purpose and service to others.

रायपुर की सड़कों पर नशे में गाड़ी चलाते मिले ये 23 लोग, पुलिस ने जब्त की गाड़ी, ड्राइविंग लाइसेंस भी होगा निलंबित

रायपुर-  अटल नगर नवा रायपुर में कल देर रात ड्रंक एंड ड्राइव वाहन चालकों के विरूद्ध पुलिस ने विशेष अभियान चलाया. यातायात पुलिस व थाना तेलीबांधा, मंदिर हसौद और राखी स्टॉफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 23 शराबी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया. 

बता दे कि शहर की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन में ड्रंक एंड ड्राइव वाहन चालक सबसे बड़ी बाधा है. नशे की हालत में होने के कारण स्वयं तथा दूसरे वाहन चालक के जान के लिए जोखिम भरा होता है. ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ रायपुर पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई करती है।

इसी क्रम 22 फरवरी को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के आदेशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर डॉ प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में रायपुर पुलिस ने शहर के श्रीराम मंदिर के पास, फुण्डहर चौक एवं एयरपोर्ट टर्निग नवा रायपुर में बेरिकेटिंग कर चेकिंग अभियान चलाया. 23 नशेड़ी वाहन चालकों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण निराकरण के लिए कोर्ट भेजा गया. इसके साथ सभी वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन कार्यालय भेजा जाएगा.


ये लोग मिले नशे की हालत में

शनिवार रात अभियान के दौरान मुकेश कुमार (Mukesh Kumar), रंजन मिश्रा (Ranjan Mishra), श्याम अवस्थी (Shyam Awasthi), गौरव राघव (Gaurav Raghav), जगत राम (Jagat Ram), पराग तिवारी (Parag Tiwari), अनीज कुमार (Aneej Kumar), ब्रिशांक कुमार (Brishank Kumar), दीपेश सोनी (Dipesh Soni), धनंजय जायसवाल (Dhananjay Jaiswal), पूनाराम (Poonaram), ललित कुमार (Lalit Kumar), बब्बन मांझी (Babban Manjhi), संजू कुमार (Sanju Kumar), नवीन गेड़ाम (Naveen Gedam), अभिषेक सिंह (Abhishek Singh), अर्जुन बरई (Arjun Barai), देवेंद्र कुमार (Devendra Kumar), आकाश सोनकर (Akash Sonkar), नितेश मंदानी (Nitesh Mandani), अमितेश खत्री (Amitesh Khatri), स्वरित टंडन (Swarit Tandon) और मोती महिलांगे (Moti Mahilange) नशे में वाहन चलाते पकड़े गए.

आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में रखी बड़ी मांग, चुनाव लड़ने के लिए उम्र कम करने की डिमांग

#aap_mp_raghav_chadha_demand_nake_age_less_for_contesting_elections 

आम आमदी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने चुनाव लड़ने के लिए उम्र कम करने की मांग की है।आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, जब 18 साल में सरकार चुनने का अधिकार, तो 21 में चुनाव लड़ने का क्यों नहीं।राघव चड्ढा ने कहा, भारत एक युवा देश है लेकिन उतनी संख्या में युवा राजनीति में नहीं हैं। बता दें कि वर्तमान में टुनाव लड़की की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष है।

आम आदम पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को कहा कि आज जिस मसले पर मैं बोलना चाहता हूं, वो मेरे दिल के करीब है। उन्होंने राजनीति में युवाओं की सहभागिता पर बोलते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे युवा देश है। देश की औसत उम्र मात्र 29 साल है। 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम की है। आधी आबादी 25 साल से कम आयु की है। क्या हमारे नेतागन या प्रतिनधित इतने युवा हैं। आपको यह जानकर अचंभा होगा कि पहली लोकसभा चुनी गई थी तो उस समय लोकसभा में 26 प्रतिशत लोग 40 साल से कम आयु के थे। 17वीं लोकसा में मात्र 12 प्रतिशत नेता 40 साल से कम आयु के थे। 

राघव चड्ढा ने कहा, जैसे-जैसे हमारा देश जवान हो रहा है, उसी अनुपात में चुने हुए प्रतिनिधि जवानी से दूर होते जा रहे हैं। आज हमारा युवा देश बुजुर्ग राजनेताओं से संचालित है। जबकि देश को युवा राजनेताओं की जरूरत है।

आम आदमी पार्टी के सदस्य ने बताया कि राजनीति में युवाओं की संख्या इसीलिए कम हो रही है क्योंकि कोई भी अपने बच्चों को नेता नहीं बनाना चाहता है। उन्होंने कहा, आज, हमें युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि युवा भारत के मुख्यधारा की राजनीति में आए। इस देश में लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव हो, चुनाव लड़ने की उम्र 25 वर्ष है। उन्होंने कहा, इस आयु को 25 से घटाकर 21 वर्ष करें।

चड्ढा ने दलील दी कि 21 वर्ष के युवा अगर मुख्यधारा की राजनीति में आना चाहते हैं और चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उसे अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, जब देश के युवा 18 वर्ष की आयु में वोट डालकर अपनी सरकार चुन सकते हैं और देश का भविष्य चुन सकते हैं तो 21 वर्ष की आयु में वह चुनाव भी जरूर लड़ सकते हैं।

केजरीवाल पहुंच गए जेल पर कहां हैं राघव चड्ढा ? चर्चाओं का बाजार है गर्म

#where_is_raghav_chadha_after_arvind_kejriwal_s_arrest 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किहाड़ पहुंच गए हैं। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कोर्ट ने केजरीवाल को 15 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है।

गिरफ़्तारी के बाद से ही आम आदमी पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। केजरीवाल के बाद आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संदीप पाठक, गोपाल राय सहित अन्य नेताओं ने मोर्चा संभाले रखा है। खुद अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी अब सामने हैं। हालांकि, पार्टी पर आए इस गंभीर संकट के बीच अक्सर सीएम केजरीवाल के साथ दिखने वाले पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी का मुखर चेहरा माने जाने वाले राघव चड्ढा को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल किए जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव सिर पर है, वहीं, मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक की गिरफ़्तारी हो चुकी है। इस अहम मौके पर भी राघव चड्ढा चुप्पी सौ सवाल कर रही है। ऐसे में चर्चाओं का होना लाजमी है।

मीडिया रिपोर्टों में ये कहा जा रहा है कि राघव आँखों की सर्जरी के लिए लंदन में हैं।अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के अगले दिन अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार राघव चड्ढा आठ मार्च से ही लंदन में हैं। राघव चड्ढा ने नौ मार्च को लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के लंदन इंडियन फ़ोरम में भी भाषण दिया था। इसकी जानकारी राघव चड्ढा ने ख़ुद ट्वीट करके दी थी।राघव चड्ढा ने इसके बाद किए ट्वीट में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के साथ 20 मार्च को ब्रिटेन की संसद में साप्ताहिक होने वाले 'प्राइम मिनिस्टर क्वेश्चन्स' का हिस्सा बने। पीएमक्यू के दौरान ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक विपक्षी सांसदों के सवालों के जवाब देते हैं।

इस बीच ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद प्रीत कौर गिल ने राघव चड्ढा के साथ हुई मुलाक़ात की एक तस्वीर ट्वीट की। जिसके बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राघव चड्ढा की प्रीत गिल के साथ तस्वीर को शेयर करते हुए सवाल किया, भारत में चुनावों का एलान हो गया है लेकिन अरविंद केजरीवाल की आंखों का तारा माने जाने वाले राघव चड्ढा लंदन में हैं। क्यों? चड्ढा प्रीत गिल से संपर्क में क्यों हैं?

खास बात है कि दिल्ली शराब नीति से जुड़े घोटाले में सीएम केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय से लगातार एक के बाद एक 9 समन भेजे जा चुके थे। इस मामले पर एक्स पर राघव चड्ढा की तरफ से कोई खास रिएक्शन देखने को नहीं मिल रहा था। ऐसा नहीं था कि आप सांसद राजनीति से जुड़े मामलों से दूरी बनाए हुए थे। वे लगातार चंडीगढ़ मेयर चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर अपनी राय व्यक्त कर रहे थे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की कथित बेईमान से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उन्होंने लगातार पार्टी की आवाज को मजबूती से रखा था। इतना ही नहीं इंडिया गठबंधन की बैठक से लेकर समझौते पर भी अपनी राय जताई थी।

अरविंद केजरीवाल के सबसे क़रीबी लोगों में से एक माने जाने वाले राघव चड्ढा की ये चुप्पी सामान्य नहीं मानी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या राघव चड्ढा को गिरफ्तारी का डर सता रहा है ? शायद इसी वजह से उन्होंने इस मसले से किनारा कर लिया है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के अगले दिन वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इस दौरान कहा था कि गिरफ़्तार होने वालों में अब अगला नंबर राघव चड्ढा का है। 

अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरे जैसे मनीष सिसोदिया, सतेन्द्र जेल में बंद है। ऐसे में अपने नाम का जिक्र सुन शायद राघव चड्ढा डर गए हैं? सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या अपने बचाव के लिए राघव बीजेपी की शरण में तो नहीं आने वाले?

"POP Movement Honors Sayan Das with Sustainable Innovation Award"

Sayan Das, a climate activist and the founder of Kapda Karo Recycle, received the esteemed Sustainable Innovation Award 2023 from Dr. Raghavan Seetharaman, former CEO of Doha Bank, at the International Conference and POP Festival for Youth-Led Climate Action 2024. This prestigious event, hosted at the India Habitat Centre on February 3, 2024, was organized by the Protect Our Planet (POP) Movement, USA.

The award ceremony brought together a distinguished gathering of global leaders, Nobel laureates, and environmental experts. Among the notable attendees were Mama Shamsa Abubakar Fadhil, a respected Peace Mediator and Community Mobilizer from Kenya, Raghavan Seetharaman, former CEO of Doha Bank, and H.E. Dr. Rosalía Arteaga, former President of Ecuador.

With representation from 41 countries, the event featured 50 speakers who actively engaged in meaningful discussions on youth-driven climate action. The agenda encompassed workshops, an art exhibition, informative sessions, and a platform for project submissions, all aimed at inspiring and mobilizing youth towards sustainable initiatives.

Sayan Das's recognition underscores his impactful efforts in advancing sustainable innovation. The POP Movement, known for its advocacy in environmental preservation, commended Das for his outstanding contributions in the fight against climate change. In a world facing pressing environmental challenges, this acknowledgment serves as a source of hope, encouraging young leaders to persevere in their quest for a sustainable future.

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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आप सांसद राघव चड्ढा को दिया झटका, ठुकराई केजरीवाल की ये मांग

#rajya_sabha_chairman_jagdeep_dhankhar_declines_raghav_chadha_as_aap_leader_in_parliament

शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्य सभा में आप नेता का पद खाली है। इसे भरने के लिए पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा का नाम प्रस्तावित कर भेजा था।लेकिन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को खारिज कर दिया है।न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से को ये जानकारी दी है।

खबर है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीएम केजरीवाल को एक खत लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि यह मामला 1998 के 'द लीडर्स एंड चीफ व्हिप ऑफ रेकनाइज्ड पार्टीज एंड ग्रुप्स इन पार्लियामेंट एक्ट' के लिए है। सभी उसी कानून के तहत बनाए गए हैं। आपकी रिक्वेस्ट मौजूदा कानून के तहत नहीं है इसलिए इसे अस्वीकार्य किया जा रहा है।

बात दें कि हाल ही में राघव चड्ढा ने राज्यसभा में निलंबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से हाल ही में माफी मांगी थी। इसके बाद उनका निलंबन बहाल हो गया था।

आप सांसद राघव चड्ढा की संसद सदस्यता बहाल, राज्यसभा विशेषाधिकार समिति ने निलंबन किया रद्द

#aap_mp_raghav_chadha_parliament_membership_revoked

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल हो गई। अब वह फिर से राज्यसभा में नजर आएंगे।राज्यसभा की ओर से आप सांसद का निलंबन वापस ले लिया गया। राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल करने के लिए राज्यसभा में प्रस्ताव पारित किया।

सोमवार को संसद में शीतकालीन सत्र शुरू हुआ। इस राज्यसभा में चड्ढा के निलंबन को वापस लेने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस मामले में आज राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद राज्यसभा अध्यक्ष ने चड्ढा की सदस्यता बहाल करने का फैसला लिया।

सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता बहाल होने के तत्काल बाद आप सांसद राघव चड्ढा का भी बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को मुझे राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। मैं अपने निलंबन को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और अब 115 दिनों के बाद मेरा निलंबन रद्द कर दिया गया है। मुझे खुशी है कि मेरा निलंबन वापस ले लिया गया है। सदस्यता बहाली के लिए मैं, सुप्रीम कोर्ट और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद देना चाहता हूं।

बता दें कि अगस्त में दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान उन पर पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगा था। सांसदों की बिना सहमति के प्रस्ताव पर नाम लेने के आरोप में उन्हें राज्यसभा से निलंबित कर दिया था। उन्हें इस मामले में जांच पूरी होने तक निलंबित किया था। चड्ढा के निलंबन का प्रस्ताव बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने पेश किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन मामले में आप सांसद राघव चड्ढा को दी सलाह, कहा-आप राज्यसभा चेयरमैन से माफी मांग लीजिए

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के निलंबन मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा।शीर्ष अदालत ने कहा कि कथित तौर पर सदन में व्यवधान फैलाने के आरोप पर आप चेयरमैन से बिना शर्त माफी मांग लें।बता दें कि सदन में शोरशराबे के लिए चड्ढा को सभापति धनखड़ ने निलंबित कर दिया था।अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आप सासंद को आसान रास्ता अपनाने की सलाह दी है।मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को मुकर्रर की गई है।

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चड्ढा पहली बार के सांसद हैं और राज्यसभा के युवा सदस्य हैं। चेयरपर्सन उनकी माफी को गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव पर एटॉर्नी जनरल वेंकटस्वामी ने कहा कि चूंकि मामला सदन का है तो चड्ढा को माफी राज्यसभा में ही मांगनी होगी। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें लगता है कि इस मामले का सौहार्दपूर्वक समाधान हो जाएगा।

बता दें कि राज्यसभा से निलंबित सांसद राघव चड्ढा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है।पिछली सुनवाई में सीजेआई ने एजी से पूछा था कि इस तरह के अनिश्चितकालीन निलंबन का असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिनके निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं हो रहा है। विशेषाधिकार समिति के पास सदस्य को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने की शक्ति कहां है? क्या इससे विशेषाधिकार का उल्लंघन होता है?

अगस्त में 5 सांसदों की बिना मंजूरी के बिना उनका नाम सिलेक्ट कमिटी के लिए प्रस्तावित करने के कारण राज्यसभा चेयरमैन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके अलावा राज्यसभा ने इस मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है, जहां अभी इसकी सुनवाई होनी है।

खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं', आप के एक्शन पर राघव चड्ढा का रिएक्शन

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा के उपनेता पद से हटाए जाने के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है। राघव चड्ढा की आप की तरफ से एक्शन पर पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। आम आदमी पार्टी द्वारा राज्यसभा से डिप्टी लीडर पद से हटाए जाने के एक दिन बाद शुक्रवारको सांसद ने सुबह 10 बजे अपने एक्स अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया है। इसमें उन्होंने कहा है- 'खामोश करवाया गया हूं, हारा नहीं हूं।'

राघव चड्ढा ने पूछा-क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध

राघव चड्ढा ने कहा कि मुझे जब भी राज्यसभा में बोलने का मौका मिलता है तो मैंने आम आदमी से जुड़े मुद्दों को ही उठाया है। शायद ऐसे टॉपिक उठाता हूं, जिसे आम तौर पर संसद में नहीं उठाया जाता। मगर क्या जनता के मुद्दे उठाना अपराध है, क्या मैंने कोई गुनाह कर दिया। क्या मैं गलत करता हूं।

मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना-राघव चड्ढा

ये सवाल मैं इसलिए पूछ रहा हूं क्योंकि आप ने राज्यसभा के सक्रेटेरियट को कहा है कि राघव चड्ढा को पार्लियामेंट में बोलने का मौका न दिया जाए। अब भला मेरे बोलने पर कोई रोक क्यों लगाना चाहेगा। मैं तो हमेशा देश के आम आदमी की बात करता हूं। मेरे मुद्दों से देश के आम आदमी का तो फायदा हुआ, लेकिन आम आदमी पार्टी का क्या नुकसान हुआ। आप हमेशा मेरा हौसला बढ़ाते हैं। आप मेरा हाथ थामे रेखिएगा। मैं आपसे हूं और आपके लिए हूं। जिन लोगों ने मुझे खामोश किया, उन्हें कहना चाहता हूं, मेरी खामोशी को मेरी हार मत समझ लेना, मैं वो दरिया हूं जो वक्त आने पर सैलाब बनता है।’

राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी

इससे पहले गुरुवार को आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को पत्र लिखकर राघव चड्ढा को सदन में पार्टी के उपनेता पद से हटाने का आग्रह किया था। इतना ही नहीं, राघव चड्ढा के राज्यसभा में बोलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा की जगह अब अशोक मित्तल को राज्यसभा में उपनेता नियुक्त किया है।

राघव चड्ढा के एक्शन पर भाजपा की तीखी प्रतिक्रिया

आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उपनेता पद से हटाए जाने के मुद्दे पर दिल्ली भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने इस फैसले को पार्टी के अंदरूनी संकट और नेतृत्व की कमजोरी का संकेत बताया है। सचदेवा ने अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि वह एक कमजोर नेता हैं, जिनमें न तो विपक्ष का सामना करने का साहस है और न ही अपनी पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष से निपटने की क्षमता है। सचदेवा ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल को अपने संसदीय दल का नेता चुनने का अधिकार है, लेकिन जिस तरह राघव चड्ढा को न केवल राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया गया, बल्कि उन्हें सदन में बोलने का समय न देने का अनुरोध भी किया गया, यह असामान्य और चिंताजनक है। यह कदम इस बात की ओर इशारा करता है कि चड्ढा ने अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व से दूरी बना ली है।

राघव चड्डा राज्यसभा में उपनेता के पद से हटाए गए, क्या है AAP के एक्शन के पीछे की वजह?

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आम आदमी पार्टी (आप) के भीतर इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा। दिल्ली विधानसभा चुनाव 2025 में बीजेपी से मिली करारी हार के बाद पार्टी दबाव में है। इस बीच राज्यसभा में एक बड़ा बदलाव हुआ है, जिसने पार्टी के अंदरखाने की खींचतान को सतह पर ला दिया है। दरअसल आप ने राघव चड्ढा को राज्यसभा में उप नेता के पद से हटा दिया है। इतना ही नहीं, राज्यसभा में उनके बोलने पर भी रोक लगा दी गई है।

अशोक मित्तल को मिली राघव चड्ढा की जगह

आम आदमी पार्टी ने सांसद राघव चड्ढा को डिप्टी लीडर पद से हटा दिया है। पार्टी ने राज्य सभा सचिवालय को इस संदर्भ में एक पत्र भेजा। वहीं अब अशोक मित्तल राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की ओर से उपनेता होंगे। आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को एक पत्र सौंपकर सांसद अशोक मित्तल को पार्टी का उप-नेता नियुक्त करने का आग्रह किया है।

राघव चड्ढा के बोलने पर भी रोक

आम आदमी पार्टी ने राज्यसभा सचिवालय को सूचित किया है कि सांसद राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय आवंटित न किया जाए। राघव चड्ढा पर यह एक्शन ऐसे वक्त में हुआ है, जब वह लगातार राज्यसभा में जनहित के मुद्दों पर वोकल थे। लगातार जनहित के मुद्दों को उठा रहे थे। चाहे वो एयरपोर्ट पर 10 रुपए की चाय हो या डिलीवरी बॉयज के मुद्दे हों।

मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए डाटा रोलओवर की सुविधा की मांग

राघव चड्ढा ने बीते दिनों राज्यसभा में दूरसंचार कंपनियों के डाटा इस्तेमाल के तरीके पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि जो डाटा उपभोक्ता इस्तेमाल नहीं कर पाते, वह खत्म नहीं होना चाहिए, बल्कि अगले दिन के लिए बचा रहना चाहिए। अभी रोजाना मिलने वाला डाटा रात 12 बजे के बाद खत्म हो जाता है, जबकि इसके लिए उपभोक्ता पैसे चुका चुके होते हैं। इसलिए इसका फायदा कंपनियों को नहीं, बल्कि ग्राहकों को मिलना चाहिए। चड्ढा ने सुझाव दिया था कि बचे हुए डाटा के आधार पर अगले महीने रिचार्ज में छूट दी जाए और ग्राहकों को डाटा रोलओवर की सुविधा मिले।

राघव चड्ढा पर एक्शन की वजह क्या?

लगातार जनगित के मुद्दों को उठाने के बाद भी आम आमदी पार्टी की ओर से कुए गए एक्शन पर सवाल उठ रहा है। सूत्रों के मुताबिक पार्टी हाई कमान ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे बिना चर्चा के कुछ मुद्दों पर बोल रहे हैं। वह राज्यसभा में किस मुद्दे को उठाएंगे, इसकी जानकारी भी पार्टी को नहीं देते थे। सूत्रों का कहना है कि यह फैसला अनुशासनहीनता और पार्टी लाइन का पालन न करने के आरोप में लिया गया हो सकता है। राघव चड्ढा पर आरोप लगते रहे हैं कि वह आम आदमी पार्टी की लाइन से अलग बात करते हैं। अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जब राउज एवेन्यू कोर्ट बरी किया था, तब भी राघव चड्ढा का बयान सामने नहीं आया था।

Pramod Raghav: A Visionary Philanthropist and Social Entrepreneur

Pramod Raghav is a highly respected and accomplished philanthropist, social entrepreneur, and visionary leader who has been making a profound impact on society through his tireless efforts and unwavering dedication. As the Chairman of “Niswarth Kadam”, a non-governmental organization (NGO) dedicated to serving the underprivileged and marginalized sections of society, Pramod Raghav has been instrumental in driving positive change and empowering communities.

A Successful Career and a New Chapter

Pramod Raghav's journey is a testament to his entrepreneurial spirit and commitment to creating a better world. Having built a successful career in the IT industry, he made the bold decision to sell his company in the USA for a staggering $21 million and redirect his focus towards philanthropy and social work. This selfless act is a shining example of his dedication to giving back to society and making a meaningful difference in the lives of others.

“Niswarth Kadam”: A Beacon of Hope

Under Pramod Raghav's visionary leadership, “Niswarth Kadam” has emerged as a beacon of hope for countless individuals and families in need. The organization has been working tirelessly to address some of the most pressing social issues, including education, healthcare, environmental conservation, and animal welfare. Through its various initiatives and programs, “Niswarth Kadam” has been able to touch the lives of thousands of people, providing them with the support and resources they need to improve their lives and create a brighter future.

Pramod Raghav's Philanthropic Efforts

Pramod Raghav's philanthropic efforts are multifaceted and far-reaching. Some of the key areas of focus for “Niswarth Kadam” under his leadership include:

Education & Skill Development: Establishing Bal Sanskar Kendras and learning centers that provide education, values, and life skills to children from economically weaker sections.

Healthcare Access for All: Conducting free health camps, supporting rural healthcare facilities, and managing the Manu Health Care Center in Ghuddor, Himachal Pradesh and offering free treatment, medicines, dental and oxygen services, and home visits for the elderly in surrounded remote villages. 

Environmental Stewardship: Organizing cleanliness drives, plantation campaigns, and awareness programs on sustainability and reducing plastic waste.

Cow Welfare and Gaushalas: Extending dedicated support for Gaushalas (cow shelters), ensuring proper care, feeding, and medical attention for cows. The organization actively promotes cow protection and welfare as part of India’s cultural and spiritual ethos, fostering compassion for all living beings.

Preserving Culture and Heritage: Supporting the renovation of temples and the revival of Gurukuls, emphasizing traditional education, Sanatani values, and spiritual learning to safeguard India’s timeless heritage for future generations.

Community Welfare and Sharing: Running initiatives like ‘Neki Ki Deewar’ & ‘Drop Off Box’ where individuals donate clothes, toys, shoes, and daily essentials for those in need, reflecting the organization’s belief in collective compassion.

Awards and Recognition

Pramod Raghav's outstanding contributions to philanthropy and social work have not gone unnoticed. He has received numerous awards and honors for his efforts, including the prestigious Delhi Ratna Award, Haryana Gaurav Award, Best NGO Award, and Times Power Icon Award. These accolades are a testament to his dedication and commitment to creating a positive impact in society.

A Legacy of Compassion and Service

Pramod Raghav's legacy is one of compassion, service, and dedication to making a difference in the lives of others. Through his tireless efforts and unwavering commitment, he has inspired countless individuals to join him in his mission to create a better world. As a visionary philanthropist and social entrepreneur, Pramod Raghav continues to be a shining example of what it means to live a life of purpose and service to others.

रायपुर की सड़कों पर नशे में गाड़ी चलाते मिले ये 23 लोग, पुलिस ने जब्त की गाड़ी, ड्राइविंग लाइसेंस भी होगा निलंबित

रायपुर-  अटल नगर नवा रायपुर में कल देर रात ड्रंक एंड ड्राइव वाहन चालकों के विरूद्ध पुलिस ने विशेष अभियान चलाया. यातायात पुलिस व थाना तेलीबांधा, मंदिर हसौद और राखी स्टॉफ ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 23 शराबी वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए वाहनों को जब्त किया. 

बता दे कि शहर की यातायात व्यवस्था के सुगम संचालन में ड्रंक एंड ड्राइव वाहन चालक सबसे बड़ी बाधा है. नशे की हालत में होने के कारण स्वयं तथा दूसरे वाहन चालक के जान के लिए जोखिम भरा होता है. ऐसे वाहन चालकों के खिलाफ रायपुर पुलिस लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई करती है।

इसी क्रम 22 फरवरी को पुलिस उप महानिरीक्षक एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के आदेशानुसार अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रायपुर डॉ प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन में रायपुर पुलिस ने शहर के श्रीराम मंदिर के पास, फुण्डहर चौक एवं एयरपोर्ट टर्निग नवा रायपुर में बेरिकेटिंग कर चेकिंग अभियान चलाया. 23 नशेड़ी वाहन चालकों के विरूद्ध मोटरयान अधिनियम की धारा 185 के तहत कार्रवाई करते हुए प्रकरण निराकरण के लिए कोर्ट भेजा गया. इसके साथ सभी वाहन चालकों के लाइसेंस निलंबन के लिए परिवहन कार्यालय भेजा जाएगा.


ये लोग मिले नशे की हालत में

शनिवार रात अभियान के दौरान मुकेश कुमार (Mukesh Kumar), रंजन मिश्रा (Ranjan Mishra), श्याम अवस्थी (Shyam Awasthi), गौरव राघव (Gaurav Raghav), जगत राम (Jagat Ram), पराग तिवारी (Parag Tiwari), अनीज कुमार (Aneej Kumar), ब्रिशांक कुमार (Brishank Kumar), दीपेश सोनी (Dipesh Soni), धनंजय जायसवाल (Dhananjay Jaiswal), पूनाराम (Poonaram), ललित कुमार (Lalit Kumar), बब्बन मांझी (Babban Manjhi), संजू कुमार (Sanju Kumar), नवीन गेड़ाम (Naveen Gedam), अभिषेक सिंह (Abhishek Singh), अर्जुन बरई (Arjun Barai), देवेंद्र कुमार (Devendra Kumar), आकाश सोनकर (Akash Sonkar), नितेश मंदानी (Nitesh Mandani), अमितेश खत्री (Amitesh Khatri), स्वरित टंडन (Swarit Tandon) और मोती महिलांगे (Moti Mahilange) नशे में वाहन चलाते पकड़े गए.

आप सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में रखी बड़ी मांग, चुनाव लड़ने के लिए उम्र कम करने की डिमांग

#aap_mp_raghav_chadha_demand_nake_age_less_for_contesting_elections 

आम आमदी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने चुनाव लड़ने के लिए उम्र कम करने की मांग की है।आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा, जब 18 साल में सरकार चुनने का अधिकार, तो 21 में चुनाव लड़ने का क्यों नहीं।राघव चड्ढा ने कहा, भारत एक युवा देश है लेकिन उतनी संख्या में युवा राजनीति में नहीं हैं। बता दें कि वर्तमान में टुनाव लड़की की न्यूनतम उम्र 25 वर्ष है।

आम आदम पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने गुरुवार को कहा कि आज जिस मसले पर मैं बोलना चाहता हूं, वो मेरे दिल के करीब है। उन्होंने राजनीति में युवाओं की सहभागिता पर बोलते हुए कहा कि भारत दुनिया में सबसे युवा देश है। देश की औसत उम्र मात्र 29 साल है। 65 प्रतिशत आबादी 35 साल से कम की है। आधी आबादी 25 साल से कम आयु की है। क्या हमारे नेतागन या प्रतिनधित इतने युवा हैं। आपको यह जानकर अचंभा होगा कि पहली लोकसभा चुनी गई थी तो उस समय लोकसभा में 26 प्रतिशत लोग 40 साल से कम आयु के थे। 17वीं लोकसा में मात्र 12 प्रतिशत नेता 40 साल से कम आयु के थे। 

राघव चड्ढा ने कहा, जैसे-जैसे हमारा देश जवान हो रहा है, उसी अनुपात में चुने हुए प्रतिनिधि जवानी से दूर होते जा रहे हैं। आज हमारा युवा देश बुजुर्ग राजनेताओं से संचालित है। जबकि देश को युवा राजनेताओं की जरूरत है।

आम आदमी पार्टी के सदस्य ने बताया कि राजनीति में युवाओं की संख्या इसीलिए कम हो रही है क्योंकि कोई भी अपने बच्चों को नेता नहीं बनाना चाहता है। उन्होंने कहा, आज, हमें युवाओं को प्रोत्साहित करने की जरूरत है ताकि युवा भारत के मुख्यधारा की राजनीति में आए। इस देश में लोकसभा का चुनाव हो या विधानसभा का चुनाव हो, चुनाव लड़ने की उम्र 25 वर्ष है। उन्होंने कहा, इस आयु को 25 से घटाकर 21 वर्ष करें।

चड्ढा ने दलील दी कि 21 वर्ष के युवा अगर मुख्यधारा की राजनीति में आना चाहते हैं और चुनाव लड़ना चाहते हैं तो उसे अनुमति मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, जब देश के युवा 18 वर्ष की आयु में वोट डालकर अपनी सरकार चुन सकते हैं और देश का भविष्य चुन सकते हैं तो 21 वर्ष की आयु में वह चुनाव भी जरूर लड़ सकते हैं।

केजरीवाल पहुंच गए जेल पर कहां हैं राघव चड्ढा ? चर्चाओं का बाजार है गर्म

#where_is_raghav_chadha_after_arvind_kejriwal_s_arrest 

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल किहाड़ पहुंच गए हैं। दिल्ली शराब घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। जहां से उन्हें अब न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कोर्ट ने केजरीवाल को 15 अप्रैल तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेजा है।

गिरफ़्तारी के बाद से ही आम आदमी पार्टी के समर्थक और कार्यकर्ता सड़कों पर हैं। केजरीवाल के बाद आतिशी, सौरभ भारद्वाज, संदीप पाठक, गोपाल राय सहित अन्य नेताओं ने मोर्चा संभाले रखा है। खुद अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल भी अब सामने हैं। हालांकि, पार्टी पर आए इस गंभीर संकट के बीच अक्सर सीएम केजरीवाल के साथ दिखने वाले पार्टी के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। 

आम आदमी पार्टी का मुखर चेहरा माने जाने वाले राघव चड्ढा को लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल किए जा रहे हैं। लोकसभा चुनाव सिर पर है, वहीं, मुख्यमंत्री और पार्टी के संयोजक की गिरफ़्तारी हो चुकी है। इस अहम मौके पर भी राघव चड्ढा चुप्पी सौ सवाल कर रही है। ऐसे में चर्चाओं का होना लाजमी है।

मीडिया रिपोर्टों में ये कहा जा रहा है कि राघव आँखों की सर्जरी के लिए लंदन में हैं।अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के अगले दिन अंग्रेज़ी अख़बार टाइम्स ऑफ़ इंडिया ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसके अनुसार राघव चड्ढा आठ मार्च से ही लंदन में हैं। राघव चड्ढा ने नौ मार्च को लंदन स्कूल ऑफ़ इकोनॉमिक्स के लंदन इंडियन फ़ोरम में भी भाषण दिया था। इसकी जानकारी राघव चड्ढा ने ख़ुद ट्वीट करके दी थी।राघव चड्ढा ने इसके बाद किए ट्वीट में बताया कि उन्होंने अपनी पत्नी और अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा के साथ 20 मार्च को ब्रिटेन की संसद में साप्ताहिक होने वाले 'प्राइम मिनिस्टर क्वेश्चन्स' का हिस्सा बने। पीएमक्यू के दौरान ब्रिटेन के पीएम ऋषि सुनक विपक्षी सांसदों के सवालों के जवाब देते हैं।

इस बीच ब्रिटेन की लेबर पार्टी की सांसद प्रीत कौर गिल ने राघव चड्ढा के साथ हुई मुलाक़ात की एक तस्वीर ट्वीट की। जिसके बाद बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने राघव चड्ढा की प्रीत गिल के साथ तस्वीर को शेयर करते हुए सवाल किया, भारत में चुनावों का एलान हो गया है लेकिन अरविंद केजरीवाल की आंखों का तारा माने जाने वाले राघव चड्ढा लंदन में हैं। क्यों? चड्ढा प्रीत गिल से संपर्क में क्यों हैं?

खास बात है कि दिल्ली शराब नीति से जुड़े घोटाले में सीएम केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय से लगातार एक के बाद एक 9 समन भेजे जा चुके थे। इस मामले पर एक्स पर राघव चड्ढा की तरफ से कोई खास रिएक्शन देखने को नहीं मिल रहा था। ऐसा नहीं था कि आप सांसद राजनीति से जुड़े मामलों से दूरी बनाए हुए थे। वे लगातार चंडीगढ़ मेयर चुनाव से जुड़े घटनाक्रमों पर अपनी राय व्यक्त कर रहे थे। चंडीगढ़ मेयर चुनाव में बीजेपी की कथित बेईमान से लेकर सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर उन्होंने लगातार पार्टी की आवाज को मजबूती से रखा था। इतना ही नहीं इंडिया गठबंधन की बैठक से लेकर समझौते पर भी अपनी राय जताई थी।

अरविंद केजरीवाल के सबसे क़रीबी लोगों में से एक माने जाने वाले राघव चड्ढा की ये चुप्पी सामान्य नहीं मानी जा रही है। सवाल उठ रहे हैं कि क्या राघव चड्ढा को गिरफ्तारी का डर सता रहा है ? शायद इसी वजह से उन्होंने इस मसले से किनारा कर लिया है। दरअसल, अरविंद केजरीवाल की गिरफ़्तारी के अगले दिन वरिष्ठ अधिवक्ता और कांग्रेस के पूर्व नेता कपिल सिब्बल ने प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने इस दौरान कहा था कि गिरफ़्तार होने वालों में अब अगला नंबर राघव चड्ढा का है। 

अरविंद केजरीवाल समेत आम आदमी पार्टी के बड़े चेहरे जैसे मनीष सिसोदिया, सतेन्द्र जेल में बंद है। ऐसे में अपने नाम का जिक्र सुन शायद राघव चड्ढा डर गए हैं? सवाल ये भी उठ रहे हैं कि क्या अपने बचाव के लिए राघव बीजेपी की शरण में तो नहीं आने वाले?

"POP Movement Honors Sayan Das with Sustainable Innovation Award"

Sayan Das, a climate activist and the founder of Kapda Karo Recycle, received the esteemed Sustainable Innovation Award 2023 from Dr. Raghavan Seetharaman, former CEO of Doha Bank, at the International Conference and POP Festival for Youth-Led Climate Action 2024. This prestigious event, hosted at the India Habitat Centre on February 3, 2024, was organized by the Protect Our Planet (POP) Movement, USA.

The award ceremony brought together a distinguished gathering of global leaders, Nobel laureates, and environmental experts. Among the notable attendees were Mama Shamsa Abubakar Fadhil, a respected Peace Mediator and Community Mobilizer from Kenya, Raghavan Seetharaman, former CEO of Doha Bank, and H.E. Dr. Rosalía Arteaga, former President of Ecuador.

With representation from 41 countries, the event featured 50 speakers who actively engaged in meaningful discussions on youth-driven climate action. The agenda encompassed workshops, an art exhibition, informative sessions, and a platform for project submissions, all aimed at inspiring and mobilizing youth towards sustainable initiatives.

Sayan Das's recognition underscores his impactful efforts in advancing sustainable innovation. The POP Movement, known for its advocacy in environmental preservation, commended Das for his outstanding contributions in the fight against climate change. In a world facing pressing environmental challenges, this acknowledgment serves as a source of hope, encouraging young leaders to persevere in their quest for a sustainable future.

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राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ ने आप सांसद राघव चड्ढा को दिया झटका, ठुकराई केजरीवाल की ये मांग

#rajya_sabha_chairman_jagdeep_dhankhar_declines_raghav_chadha_as_aap_leader_in_parliament

शराब घोटाला मामले में ईडी द्वारा संजय सिंह की गिरफ्तारी के बाद राज्य सभा में आप नेता का पद खाली है। इसे भरने के लिए पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने राघव चड्ढा का नाम प्रस्तावित कर भेजा था।लेकिन राज्यसभा सभापति जगदीप धनखड़ ने आम आदमी पार्टी की उस मांग को खारिज कर दिया है।न्यूज एजेंसी पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से को ये जानकारी दी है।

खबर है कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने सीएम केजरीवाल को एक खत लिखा है। इसमें उन्होंने कहा है कि यह मामला 1998 के 'द लीडर्स एंड चीफ व्हिप ऑफ रेकनाइज्ड पार्टीज एंड ग्रुप्स इन पार्लियामेंट एक्ट' के लिए है। सभी उसी कानून के तहत बनाए गए हैं। आपकी रिक्वेस्ट मौजूदा कानून के तहत नहीं है इसलिए इसे अस्वीकार्य किया जा रहा है।

बात दें कि हाल ही में राघव चड्ढा ने राज्यसभा में निलंबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट से मिले निर्देश के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से हाल ही में माफी मांगी थी। इसके बाद उनका निलंबन बहाल हो गया था।

आप सांसद राघव चड्ढा की संसद सदस्यता बहाल, राज्यसभा विशेषाधिकार समिति ने निलंबन किया रद्द

#aap_mp_raghav_chadha_parliament_membership_revoked

राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल हो गई। अब वह फिर से राज्यसभा में नजर आएंगे।राज्यसभा की ओर से आप सांसद का निलंबन वापस ले लिया गया। राघव चड्ढा की सदस्यता बहाल करने के लिए राज्यसभा में प्रस्ताव पारित किया।

सोमवार को संसद में शीतकालीन सत्र शुरू हुआ। इस राज्यसभा में चड्ढा के निलंबन को वापस लेने का प्रस्ताव पारित हुआ। इस मामले में आज राज्यसभा की विशेषाधिकार समिति की बैठक हुई। बैठक के बाद राज्यसभा अध्यक्ष ने चड्ढा की सदस्यता बहाल करने का फैसला लिया।

सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता बहाल होने के तत्काल बाद आप सांसद राघव चड्ढा का भी बयान सामने आ गया है। उन्होंने कहा कि 11 अगस्त को मुझे राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था। मैं अपने निलंबन को रद्द करने के लिए सुप्रीम कोर्ट गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस पर संज्ञान लिया और अब 115 दिनों के बाद मेरा निलंबन रद्द कर दिया गया है। मुझे खुशी है कि मेरा निलंबन वापस ले लिया गया है। सदस्यता बहाली के लिए मैं, सुप्रीम कोर्ट और राज्यसभा के सभापति जगदीप धनखड़ को धन्यवाद देना चाहता हूं।

बता दें कि अगस्त में दिल्ली सेवा विधेयक से संबंधित एक प्रस्ताव पर चर्चा चल रही थी। इस दौरान उन पर पांच सांसदों के फर्जी हस्ताक्षर करने का आरोप लगा था। सांसदों की बिना सहमति के प्रस्ताव पर नाम लेने के आरोप में उन्हें राज्यसभा से निलंबित कर दिया था। उन्हें इस मामले में जांच पूरी होने तक निलंबित किया था। चड्ढा के निलंबन का प्रस्ताव बीजेपी सांसद पीयूष गोयल ने पेश किया था।

सुप्रीम कोर्ट ने निलंबन मामले में आप सांसद राघव चड्ढा को दी सलाह, कहा-आप राज्यसभा चेयरमैन से माफी मांग लीजिए

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आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा के निलंबन मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को उनसे बिना शर्त माफी मांगने को कहा।शीर्ष अदालत ने कहा कि कथित तौर पर सदन में व्यवधान फैलाने के आरोप पर आप चेयरमैन से बिना शर्त माफी मांग लें।बता दें कि सदन में शोरशराबे के लिए चड्ढा को सभापति धनखड़ ने निलंबित कर दिया था।अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आप सासंद को आसान रास्ता अपनाने की सलाह दी है।मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को मुकर्रर की गई है।

सीजेआई डी वाई चंद्रचूड़ ने कहा कि चड्ढा पहली बार के सांसद हैं और राज्यसभा के युवा सदस्य हैं। चेयरपर्सन उनकी माफी को गंभीरतापूर्वक विचार करेंगे। सुप्रीम कोर्ट के इस सुझाव पर एटॉर्नी जनरल वेंकटस्वामी ने कहा कि चूंकि मामला सदन का है तो चड्ढा को माफी राज्यसभा में ही मांगनी होगी। इसपर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें लगता है कि इस मामले का सौहार्दपूर्वक समाधान हो जाएगा।

बता दें कि राज्यसभा से निलंबित सांसद राघव चड्ढा की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है।पिछली सुनवाई में सीजेआई ने एजी से पूछा था कि इस तरह के अनिश्चितकालीन निलंबन का असर उन लोगों पर पड़ेगा, जिनके निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व नहीं हो रहा है। विशेषाधिकार समिति के पास सदस्य को अनिश्चितकाल के लिए निलंबित करने की शक्ति कहां है? क्या इससे विशेषाधिकार का उल्लंघन होता है?

अगस्त में 5 सांसदों की बिना मंजूरी के बिना उनका नाम सिलेक्ट कमिटी के लिए प्रस्तावित करने के कारण राज्यसभा चेयरमैन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। इसके अलावा राज्यसभा ने इस मामले को संसद की विशेषाधिकार समिति के पास भेज दिया है, जहां अभी इसकी सुनवाई होनी है।