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मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, सौरभ राजपूत मर्डर मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

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नीले ड्रम वाले सौरभ हत्याकांड को लेकर आज सजा पर फैसला आ गया है। उत्तर प्रदेश के मेरठ कोर्ट ने ने सौरभ के हत्यारों मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सजा ए मौत दी गई है। हत्याकांड में कोर्ट ने पहले ही मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को हत्या के मामले में आरोपी करार दिया था। अब 14 अक्टूबर यानी आज दोनों को कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई है।

जिला जज अरविंद कुमार मिश्रा की अदालत में बुधवार को सजा पर सुनवाई की। लंच से पहले भी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश हुए दोनों दोषियों से अदालत ने पूछा कि क्या वे सजा सुनाए जाने से पहले कुछ कहना चाहते हैं। दोनों ने जवाब दिया कि उन्हें कुछ नहीं कहना है। हालांकि, मुस्कान ने कहा कि उसकी दो बेटियां है उनका ख्याल रखा जाए। लंच के बाद दोनों को दोबारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया गया। इसके बाद अदालत ने सजा सुनाई। जेल प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, फैसला सुनते समय मुस्कान ने हाथ जोड़ रखे थे और बाद में रोने लगी। साहिल शुक्ला की आंखें भी नम हो गईं।

परिजनों ने की थी फांसी की मांग

नीला ड्रम केस यानी सौरभ राजपूत हत्याकांड में पीड़ित परिवार ने फांसी दिए जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि आरोपियों को फांसी से कम की सजा मंजूर नहीं है। सौरभ की मां रेणु राजपूत ने पहले ही कहा कि वह हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट तक इंसाफ के लिए लड़ाई लड़ेंगी। कोर्ट के निर्णय से पहले रेणु ने अपने घर पर पूजा भी शुरू की है। मुस्कान के परिजनों ने भी उसका साथ छोड़ दिया था और वे भी सौरभ के हत्यारों को फांसी दिए जाने की मांग कर रहे थे। कोर्ट ने अब यही फैसला सुनाया है।

क्या था नीला ड्रम केस?

मेरठ के ब्रह्मपुरी में 3 मार्च 2025 की रात को मुस्कान और उसके प्रेमी साहिल ने मिलकर खौफनाक वारदात को अंजाम दिया था। मुस्कान ने खाने में बेहोशी की दवा मिलाकर अपने पति सौरभ के बेहोश किया। पुलिस जांच के अनुसार, वारदात वाली रात सौरभ अपनी मां रेनू देवी के घर से कोफ्ते की सब्जी लेकर आया था। आरोप है कि मुस्कान ने उसी सब्जी में नशीली दवा मिला दी थी। सौरभ के बेसुध होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद सौरभ की हत्या की गई और वॉशरूम में उसके शव के टुकड़े किए गए। जांच में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, शव को पहले ब्रीफकेस में रखने की कोशिश की गई, लेकिन ब्रीफकेस का हुक टूटने के बाद उसे बेड में रखा गया। बाद में शव को नीले ड्रम में छिपाया गया। बॉडी पार्ट्स को नील ड्रम में भरकर सीमेंट से जमा दिया। वारदात अंजाम देने के बाद चार मार्च को साहिल और मुस्कान हिमाचल फरार हो गए थे। मामले में 18 मार्च को दोनों की गिरफ्तारी की गई। दोनों की गिरफ्तारी के बाद सौरभ की लाश ड्रम से बरामद की गई थी।

*नेमरा में सीएम हेमंत सोरेन ने माता स्व. रूपी सोरेन की स्मृति में निभाए पारंपरिक रीति-रिवाज, दातून-पानी-भोजन की रस्म की पूरी

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने आज अपने पैतृक गाँव नेमरा (रामगढ़) में पूजनीय माता दिवंगत (स्व०) रूपी सोरेन के श्राद्ध कर्म संस्कार के सातवें दिन

पारंपरिक रीति-रिवाजों का पूरी श्रद्धा के साथ निर्वहन किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपनी स्वर्गीय माता की आत्मा की शांति के लिए परंपरा के अनुरूप दातून,

पानी और भोजन परोसने की रस्म पूरी की। इस भावुक क्षण में परिवार के सदस्य और ग्रामीण भी उपस्थित रहे, जिन्होंने दिवंगत आत्मा को अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की तथा उन्हें नमन किया।

SIR के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे असदुद्दीन ओवैसी, चुनाव आयोग पर अनियमितताओं का आरोप

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ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) की प्रक्रिया को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। ओवैसी ने अपनी रिट याचिका के जरिए मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनकी याचिका पर कल गुरुवार, 15 अक्टूबर को सुनवाई होने की संभावना है।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग

एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने वोटर लिस्ट के एसआईआर को बरकरार रखने वाले सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करते हुए याचिका दाखिल की है। याचिका में चुनाव आयोग के फैसले लेने के प्रोसेस में कथित अनियमितताओं से जुड़े नए खुलासों का हवाला दिया गया है। ओवैसी ने सुप्रीम कोर्ट से 27 मई, 2026 के फैसले की समीक्षा करने और उसे वापस लेने की मांग की है। इसके साथ ही, एसआईआर लागू करने के लिए चुनाव आयोग की तरफ से जारी आदेशों को रद्द करने की भी मांग की गई है।

राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने दायर की याचिता

शीर्ष अदालत इस मुद्दे पर पहले से लंबित अन्य याचिकाओं के साथ ओवैसी की याचिका पर भी सुनवाई करने के लिए सहमत हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और विपक्ष के 10 प्रमुख नेताओं ने भी एसआईआर तथा उससे जुड़ी प्रक्रियाओं में कथित अनियमितताओं को चुनौती देते हुए शीर्ष अदालत में याचिकाएं दायर की हैं।

ओवैसी की याचिका में क्या ?

याचिका में 'रिपोर्टर्स कलेक्टिव' की एक पड़ताल का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि उत्तर प्रदेश में वोटर लिस्ट से नाम हटाने के लिए दाखिल 87, 127 फॉर्म 7 अनुरोधों में से 85,854 कथित तौर पर ऑटो जनरेट किए गए थे और उनमें नाम हटाने के पीछे की वजहों का जिक्र नहीं था। ओवैसी की याचिका में गोवा का भी उदाहरण दिया गया है। दावा है कि वहां 97 मतदाताओं के नाम लिस्ट में शामिल किए जाने के योग्य पाए जाने के बावजूद उन्हें बाहर रखा गया, क्योंकि संबंधित सॉफ्टवेयर में उनके नाम बहाल करने की सुविधा कथित तौर पर उपलब्ध नहीं थी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग तेज

देशभर में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (एसआईआर) को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार और चुनाव आयोग को निशाने पर लिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर कई जगह प्रदर्शन हो रहे हैं। वहीं, एसआईआर की प्रक्रिया को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में भी कई याचिकाएं दायर की गई हैं। ऐसे में मतदाता सूची के पुनरीक्षण का मुद्दा अब राजनीतिक टकराव के साथ-साथ कानूनी बहस का भी केंद्र बन गया है।

तिरंगा फहराने पर युवाओं को जेल में डालना कायरता', सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी पर भड़के राहुल गांधी

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दिल्ली में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के नेताओं सौरव दास, आशुतोष रांका के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी सीजेपी नेताओं पांच दिन की न्यायिक हिरासत की निंदा की है।

तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं-राहुल गांधी

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन के दौरान तिरंगा लहराना कोई अपराध नहीं है। इसके लिए युवाओं को जेल में डालना कायरतापूर्ण काम है। तिरंगा हाथ में लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना कानून का उल्लंघन नहीं हो सकता। सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए ताकत का गलत इस्तेमाल कर रही है। शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी सीधे तौर पर लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला है।

‘इंडिया’ गठबंधन युवाओं की इस लड़ाई में साथ-राहुल गांधी

राहुल गांधी ने कहा कि छात्र, युवा, पत्रकार और INDIA गठबंधन अलग-अलग बैनर के तहत भले ही प्रदर्शन कर रहे हों, लेकिन उनकी मांग एक ही है। सभी नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं। ‘इंडिया’ गठबंधन भी युवाओं की इस लड़ाई में उनके साथ मजबूती से खड़ा है।

जंतर-मंतर भारत के लोगों का-राहुल गांधी

कांग्रेस नेता ने जंतर-मंतर की ऐतिहासिक पहचान का भी जिक्र किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि यह जगह देश की आम जनता की है, सत्ता के हुक्मरानों की नहीं। राहुल ने कहा, जंतर-मंतर भारत के लोगों का है और हम इसे वापस लेकर रहेंगे। लोकतंत्र में जनता की आवाज उठाने की जगह को बंद या सीमित नहीं किया जा सकता। सरकार चाहे जितनी बंदिशें लगा ले, अपने हक की लड़ाई रुकने वाली नहीं है।

सरकार विरोध की आवाज दबाने की कोशिश में-अभिजीत दिपके

वहीं, सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दिपके ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को निशाने पर लेते हुए कहा कि अगर सरकार असहमति की आवाज दबाने के लिए इतनी ही दृढ़ है, तो उसे आपातकाल घोषित करने का साहस दिखाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विरोध की आवाज को दबाने के लिए ऐसे कदम उठा रही है। दिपके ने कहा कि इस कार्रवाई से पार्टी के कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।

बिहार के वैशाली दर्दनाक नाव हादसा, एक घर से सात तो दूसरे से पांच बच्चों कू मौत

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बिहार के वैशाली में दर्दनाक नाव हादसा हुआ है। राघोपुर दियारा में हुए दर्दनाक नाव हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई है। इस हादस के बाद इलाके में मातम पसरा है। हर तरफ चीख-पुकार मची है। हादसे की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मृतकों में 7 बच्चे एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। जबकि दूसरे घर से पांच बच्चियों की मौत ही है।

पूरे गांव में पसरा मातम

जानकारी के अनुसार, एक ही घर से सात मासूम बच्चों के शव उठे, जबकि दूसरे घर से पांच बच्चियों की मौत हो गई। तीसरे घर के एक बच्चे की भी जान चली गई। एक साथ इतनी अर्थियां उठने से रामपुर श्यामचंद गांव में मातम छा गया है। पूरे गांव में चीख-पुकार मची हुई है और शोक के कारण घरों में चूल्हे तक नहीं जले हैं।

भोज खाने जा रहे थे करीब 20 लोग

बताया जाता है कि रामपुर श्यामचंद पंचायत के भगतान टोला स्थित माता महारानी स्थान के पास सिंघेश्वर राय के यहां भोज का आयोजन किया गया था। गांव के करीब 20 लोग एक छोटी और जर्जर नाव पर सवार होकर ढाब के उस पार भोज खाने जा रहे थे। नाव जैसे ही बीच ढाब में पहुंची, ओवरलोड होने और जर्जर स्थिति के कारण अनियंत्रित होकर पलट गई। देखते ही देखते नाव पर सवार लोग गहरे पानी में डूबने लगे।

पीएम मोदी ने जताया दुख

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर शोक जताया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा है कि 'बिहार के वैशाली में नाव पलटने की घटना में हुई जानमाल की हानि अत्यंत दुखद है। इस कठिन समय में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। मैं सभी घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं। स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों की सहायता कर रहा है। पीएमएनआरएफ की ओर से मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। घायलों को 50,000 रुपये दिए जाएंगे।'

पीड़ित परिवारों ने मिलेंगे चिराग पासवान

इस घटना पर केंद्रीय मंत्री और हाजीपुर से सांसद चिराग पासवान ने गहरा दुख जताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर हादसे को हृदयविदारक बताया और कहा कि SDRF की टीम राहत एवं बचाव कार्य में जुटी है। घायलों को बेहतर इलाज के लिए NMCH भेजा गया है। चिराग पासवान ने बताया कि इस संबंध में उनकी जिलाधिकारी से बात हुई है और उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की जानकारी ली है। साथ ही केंद्र और राज्य सरकार के माध्यम से पीड़ित परिवारों को ज्यादा से ज्यादा मदद पहुंचाने को लेकर भी चर्चा हुई है। चिराग पासवान ने कहा कि वह आज खुद घटनास्थल पर पहुंचकर शोकाकुल परिजनों से मुलाकात करेंगे।

सीजेपी के सौरव दास और आशुतोष रांका 5 दिन की न्यायिक हिरासत में, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पड़ा भारी

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जंतर-मंतर पर जबरन घुसकर प्रदर्शन के मामले में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को बड़ा झटका लगा है। सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है। स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट ने आज यानी बुधवार को सीजेपी नेता सौरव दास और आशुतोष रांका को 5 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा। वहीं, तीसरे नेता अजिंक्य शिंदे को मजिस्ट्रेट ने जमानत दे दी।

सीजेपी नेताओं पर क्या है आरोप?

आशुतोष रांका, सौरव दास और अजिंक्य जंतर-मंतर से मंगलवार को गिरफ्तार हुए थे। इन्हें जंतर-मंतर क्षेत्र में बिना अनुमति प्रवेश करने के आरोप में आज यानी बुधवार को एहतियातन गिरफ्तार किया गया था। सीजेपी के तीनों नेताओं पर आरोप है कि उन्होंने बैरिकेड तोड़कर उस इलाके में प्रवेश किया, जिसे हाल ही में निर्धारित विरोध प्रदर्शन स्थल की सूची से हटा दिया गया था। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करते हुए नारे लगाए थे।

सीजेपी के वकील का गंभीर आरोप

दूसरी तरफ, सीजेपी नेताओं का पक्ष रखते हुए उनके वकील अभिष्ट हेले ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने केवल इस बेबुनियाद आशंका के आधार पर नेताओं को हिरासत में भिजवाया कि वे कोई अपराध कर सकते हैं। वकील ने आरोप लगाया कि पुलिस ने अदालत के समक्ष यह सरासर झूठ बोला कि तीनों नेताओं ने आम जनता से उस स्थान पर जुटने की अपील की थी। उन्होंने कहा कि सीजेपी नेताओं ने न तो ऐसी कोई अपील की थी और न ही किसी भी तरह से बेल बॉन्ड की शर्तों का उल्लंघन किया है।

पहले भी हिरासत में लिए गए थे दास और रांका

सौरव दास और आशुतोष रांका को शनिवार को दिल्ली में एक प्रदर्शन के दौरान भी हिरासत में लिया गया था। उस समय दोनों ने एक साल तक शांति बनाए रखने का बांड भरा था। इसके बावजूद मंगलवार को जंतर-मंतर पर कथित तौर पर बिना अनुमति प्रवेश करने के मामले में उन्हें फिर हिरासत में लिया गया।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति

बता दें कि जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया है। दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार ने 11 अक्टूबर को एक आदेश जारी कर रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और सीबीडी मैदान को विरोध प्रदर्शन और सभाओं के लिए निर्धारित स्थान घोषित किया था। इस आदेश के तहत जंतर-मंतर को निर्धारित प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया गया। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति से जुड़े इस विवाद के बीच नेताओं की हिरासत ने मामले को और चर्चा में ला दिया है।

*नेमरा में सीएम हेमंत सोरेन से मिले मंत्री, सांसद और विधायक, स्व. रूपी सोरेन को दी श्रद्धांजलि, सीएम ने दशकर्म की तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन से आज उनके पैतृक आवास पर झारखंड के मंत्री श्री योगेंद्र प्रसाद, चतरा सांसद श्री काली चरण सिंह, विधायक श्री डॉ. कुशवाहा शशि भूषण मेहता, विधायक श्री नागेंद्र महतो, विधायक श्री सुदीप गुड़िया, बिहार के दरभंगा के एम.एल.सी श्री सुनील चौधरी, पूर्व मंत्री श्री सत्यानंद भोक्ता, पूर्व राज्यसभा

सांसद श्री दीपक प्रकाश, पूर्व सांसद श्री रविंद्र कुमार राय, पूर्व विधायक श्री देवेन्द्र कुमार सिंह उर्फ बिट्टू सिंह एवं श्री जानकी यादव, श्री दिनेशानंद गोस्वामी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति व आगंतुकों ने मुलाकात कर संवेदना व्यक्त की। साथ ही मुख्यमंत्री की पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्पांजलि कर श्रद्धसुमन अर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण कर तैयारियों का लिया जायजा

मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन ने निरीक्षण कर अपनी पूजनीय माता स्व. रूपी सोरेन के दशकर्म एवं संस्कार भोज की चल रही तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने लगाये जा रहे पंडाल, पार्किंग, बैरिकेडिंग सहित अन्य सुविधाओं की वस्तुस्थिति से अवगत हुए।

माता के श्राद्धकर्म के बीच जनसेवा में जुटे सीएम हेमंत सोरेन, नेमरा में सुनी लोगों की समस्याएं, दशकर्म की तैयारियों की समीक्षा की

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री, दिशोम गुरू एवं पद्मभूषण स्मृति-शेष शिबू सोरेन की धर्मपत्नी तथा मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन की पूजनीय माताजी स्व. रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म उनके पैतृक गांव नेमरा में चल रहा है ।मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन जहां पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुरूप श्राद्धकर्म एवं पारिवारिक अनुष्ठान पूर्ण कर रहे हैं वहीं व्यक्तिगत रूप से जनसरोकार से भी जुड़े हैं एवं सरकारी कार्यों का निष्पादन भी करने में भी जुटे हैं।

मुख्यमंत्री आमलोगों की समस्याएं भी सुन रहे हैं। मुख्यमंत्री से मिलने व अपनी व्यक्तिगत एवं क्षेत्रीय समस्याओं को लेकर नेमरा में आज अलग-अलग बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। आमलोगों ने मुख्यमंत्री से मिलकर उनके समक्ष अपनी समस्याएं रखी। साथ ही समस्याओं से संबंधित लिखित आवेदन भी दिए। मुख्यमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता पूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों को समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

आज गिरीडीह के केश्वरी गांव निवासी माधो पासवान अपनी दृष्टि दिव्यांग पुत्री कालो कुमारी के साथ पहुंचे थे। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी भूमि को कब्जामुक्त कराने की मांग रखी। वहीं रांची जिले के सिल्ली हाकेदाग के विश्राम बेदिया ने बीमार पत्नी एतवारी देवी का समुचित इलाज कराने संबंधी बातों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। रामगढ़ जिले के ही हेठबरगा निवासी राज बेदिया रोजगार उपलब्ध कराने एवं शारीरीक दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाने, ग्राम सॉंकी निवासी युवक ने अपने भाई अनू कुमार बेदिया की मृत्यु के बाद मुआवजा भुगतान का अनुरोध मुख्यमंत्री से किया। इसी तरह से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से लोग नेमरा पहुंचकर मुख्यमंत्री के समक्ष अपनी समस्याएं रखी, जिसका जांचोपरांत आवश्यक समाधान का निर्देश दिया गया।

नेमरा में शोक और संवेदना का माहौल

मुख्यमंत्री के पूजनीय माता के निधन से नेमरा गांव में शोक और संवेदना का माहौल है। दिवंगत स्व. रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विभिन्न क्षेत्रों के आम से लेकर खास लोग पहुंच रहे हैं। लोग उनकी तस्वीर पर पुष्पांजलि अर्पित कर अपनी श्रद्धासुमन अर्पित करने के साथ मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन एवं उनकी धर्म पत्नी श्रीमती कल्पना सोरेन से मिलकर उनके प्रति संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी लोगों से आत्मीयता के साथ मुलाकात कर रहे हैं।

अधिकारियों के साथ की बैठक मुख्यमंत्री श्री हेमन्त सोरेन आज नेमरा स्थित अपने पैतृक आवास में पुलिस पदाधिकारी व प्रशासनिक पदाधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी पूजनीय माता स्व० रूपी सोरेन के श्राद्ध (दशकर्म) तथा संस्कार भोज कार्यक्रम में आने वाले लोगों के लिए की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि दशकर्म तथा संस्कार भोज में हजारों-हजार लोगों के आगमण की संभावना को देखते हुए व्यापक तैयारी की जाए। आगंतुकों की सुरक्षा, उनके वाहनों की पार्किंग, यातायात व्यवस्था से लेकर अन्य सभी आवश्यक सुविधाओं से संबंधित तैयारी किए जाने से किसी को कोई असुविधा नहीं होगी। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ के गोला चौक पर एक छोटा गोलंबर की तरह सर्किल बनाने का निर्देश दिया, ताकि चारों तरफ से आने वाली वाहनों को घूमने में सहुलियत हो, यातायात व्यवस्था में व्यवधान नहीं हो और यहां की सड़क दुर्घटनाओं को समाप्त किया जा सके।

राहुल गांधी पहले खुद और अपनी पार्टी के सांसद-विधायकों से इस्तीफा मांगें, फिर CEC ज्ञानेश कुमार से इस्तीफ़ा माँगे: अशोक बड़ाईक

भाजपा झारखंड के प्रदेश प्रवक्ता अशोक बड़ाईक ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि राहुल गांधी का दावा है कि देश के सभी चुनावों में वोट चोरी हुई है, तो उन्हें पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि झारखंड, तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, केरल और कर्नाटक में कांग्रेस की जीत क्या वोट चोरी से हुई है?

अशोक बड़ाईक ने कहा कि अगर राहुल गांधी अपने आरोपों को लेकर इतने ही गंभीर हैं, तो सबसे पहले अपनी लोकसभा सदस्यता से इस्तीफा देने का नैतिक साहस दिखाएं। साथ ही, जिन राज्यों में कांग्रेस की सरकार है, वहां के कांग्रेस विधायकों से भी इस्तीफे की मांग करें।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपनी पार्टी की जवाबदेही तय करनी चाहिए। कांग्रेस की जीत हो तो सब सही और दूसरी पार्टी की जीत हो तो वोट चोरी का आरोप, यह दोहरा रवैया नहीं चलेगा।

अशोक बड़ाईक ने कहा कि राहुल गांधी पहले अपने आरोपों के प्रमाण देश के सामने रखें और अपनी पार्टी के भीतर जवाबदेही सुनिश्चित करें। उसके बाद ही मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग करें।

लोकतंत्र में आरोप लगाने से नहीं, बल्कि तथ्यों और प्रमाणों से बात साबित होती है। राहुल गांधी को जनता को बताना चाहिए कि वे चुनाव व्यवस्था में सुधार चाहते हैं या सिर्फ राजनीतिक आरोपों के जरिए सुर्खियों में बने रहना चाहते हैं।

*मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पश्चिमी सिंहभूम में SIR कार्यों की समीक्षा की, हेल्पडेस्क का किया निरीक्षण, प्रचार वाहन को दिखाई हरी झंडी

सरायकेला/चाईबासा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड श्री के. रवि कुमार ने पश्चिमी सिंहभूम जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत संचालित कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने जिले में चल रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने हेल्पडेस्क का निरीक्षण कर मतदाताओं को उपलब्ध कराई जा रही सहायता एवं जानकारी की व्यवस्था का जायजा लिया। साथ ही, एसआईआर के प्रति आम लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

इससे पूर्व, सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया स्थित अर्का जैन विश्वविद्यालय में मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने ELC FEST 2026 के जिला स्तरीय ग्रैंड फिनाले का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवा लोकतंत्र की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इसके लिए आवश्यक है कि वे स्वयं मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूक रहें और अपने आसपास के पात्र नागरिकों को भी मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए प्रेरित करें।

श्री के रवि कुमार ने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके सभी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराने के लिए आगे आएं। युवाओं की सहभागिता से मतदाता पंजीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और पात्र नागरिकों की लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।

चाईबासा में एसआईआर कार्यों की समीक्षा के दौरान श्री के रवि कुमार ने कहा कि मतदाता बनने के लिए तीन प्रमुख अर्हताएं हैं—18 वर्ष की आयु पूर्ण करना, पात्र भारतीय नागरिक होना तथा संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का सामान्य निवासी होना। उन्होंने स्पष्ट किया कि एसआईआर के तहत सुनवाई की प्रक्रिया इन्हीं निर्धारित अर्हताओं के आधार पर की जा रही है।

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सुनवाई की प्रक्रिया निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप निष्पक्ष एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न की जाए, साथ ही हेल्पडेस्क, ELC कार्यक्रम एवं वृहत प्रचार प्रसार के माध्यम से मतदाताओं को आवश्यक जानकारी एवं सहयोग उपलब्ध कराई जाए जिससे कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची से छुटे नहीं कोई भी अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल न हो के लक्ष्य को पूरा किया जा सके।