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अयोध्या : जीआरपी कैंट ने सेना के फर्जी अधिकारी काे किया गिरफ्तार
अयोध्या। मिलिट्री इंटेलिजेंस लखनऊ की अयोध्या इकाई की सूचना पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) अयोध्या कैंट ने सेना के फर्जी अधिकारी को गिरफ्तार किया।मिलिट्री इंटेलीजेंस को काफी दिनों से सूचना मिल रही थी कि अयोध्याऔर आस पास के जनपदों में सेना का एक अधिकारी अक्सर रेलवे स्टेशन और कैंट एरिया में देखा जाता है ,जो अपने आप को आर्टिलरी का अधिकारी और डोगरा रेजिमेंट में कैंटीन इंचार्ज बताता है और अलग-अलग वर्दी में ट्रेन, रेलवे स्टेशन पर अक्सर घूमता है।

मिलिट्री इंटेलीजेंस अयोध्या टीम सक्रिय हुई और सूचना संकलन, साक्ष्य , टेक्निकल डाटा के आधार पर ये पुष्टि की कि यह सेना में नहीं है ये फर्जी अधिकारी हैऔर सेना की वर्दी और कागजात का गलत इस्तेमाल कर रहा है उसी क्रम में मंगलवार को रेलवे स्टेशन अयोध्या कैंट में सेना का वर्दी पहने व्यक्ति के संबंध में जीआरपी अयोध्या को सूचित किया गया। सेना के फर्जी अधिकारी को जीआरपी अयोध्या द्वारा आज गिरफ्तार किया गया है।पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति से प्राप्त कागजात में आईडी में अपना नाम करन यादव, पिता उदय भान सिंह यादव ग्राम गहमर जिला गाजीपुर बताया है और आधार कार्ड भी उसी नाम का प्राप्त हुआ।

जीआरपी थाना प्रभारी ने बताया कि काफी कड़ाई से पूछताछ में उसने सही पता नाम सुरेंद्र निषाद,पिता लेट शारदा निषाद ग्राम मोहपरिया बलुआ, पकड़ी,जिला चंदौली बताया। इसके पास से सेना का भारी मात्रा में यूनिफोर्म, नेम प्लेट,रिबन, एटीम, आधार , परिचय पत्र कवर, क्रेडिट कार्ड बरामद हुआ है।
श्रीराम जन्मभूमि ट्रस्ट की वेबसाइट से हटे चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा, कृष्ण मोहन बनेंगे नए महासचिव

-  इस्तीफे स्वीकार होने के बाद अब वेबसाइट से भी हटाए गए नाम, फोटो और अन्य विवरण; ट्रस्ट से पूरी तरह खत्म हुआ जुड़ाव

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावा चोरी प्रकरण के बीच संगठनात्मक बदलाव की प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए पूर्व महासचिव चंपत राय और पूर्व सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का विवरण अपनी आधिकारिक वेबसाइट से हटा दिया है। वेबसाइट पर अब केवल ट्रस्ट के 12 पदाधिकारियों और सदस्यों का ही विवरण उपलब्ध है।
ट्रस्ट की वेबसाइट अपडेट होने के बाद चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्रा के नाम, फोटो तथा अन्य जानकारी पूरी तरह हटा दी गई है। इसे ट्रस्ट से उनके औपचारिक रूप से अलग होने के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, चंपत राय ने 26 जून को महासचिव पद से तथा डॉ. अनिल मिश्रा ने ट्रस्ट सदस्य के पद से इस्तीफा दिया था। 27 जून को ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष ने दोनों के इस्तीफों की पुष्टि की थी। इसके बाद 6 जुलाई को हुई ट्रस्ट की बैठक में दोनों के इस्तीफे औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिए गए।
बताया जा रहा है कि इस्तीफे स्वीकार होने के बाद से दोनों ने राम मंदिर परिसर में आना भी बंद कर दिया था। हालांकि, ट्रस्ट की वेबसाइट अब तक अपडेट नहीं की गई थी। अब वेबसाइट में बदलाव करते हुए दोनों का पूरा विवरण हटा दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, ट्रस्ट के नए महासचिव के रूप में कृष्ण मोहन को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। हालांकि, इस संबंध में ट्रस्ट की ओर से औपचारिक घोषणा का इंतजार है।
राम मंदिर दान प्रकरण पर बोले नृपेंद्र मिश्रा: 'चढ़ावे की चोरी शर्मनाक, सिस्टम में होगा सुधार'
-  अयोध्या पहुंचे राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष ने कहा- ऐसी घटना से अफसोस ही नहीं, शर्मिंदगी भी महसूस हो रही है


अयोध्या। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा शनिवार को अयोध्या पहुंचे। इस दौरान उन्होंने श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित हेराफेरी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे बेहद गंभीर और शर्मनाक बताया।
नृपेंद्र मिश्रा ने कहा, "चढ़ावे की चोरी अपने आप में शर्म की बात है। राम मंदिर जैसे आस्था के केंद्र में ऐसी घटना का सामने आना हमारे लिए केवल अफसोस का विषय नहीं, बल्कि शर्मिंदगी का कारण भी है।"
उन्होंने कहा कि यह मामला व्यवस्था (सिस्टम) से जुड़ा है और उन्हें पूरा विश्वास है कि जांच और आवश्यक सुधारात्मक कदमों के बाद व्यवस्था को और मजबूत बनाया जाएगा, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। उन्होंने भरोसा जताया कि संबंधित तंत्र में सुधार होगा और पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
राम मंदिर ट्रस्ट में नए सीईओ की तलाश तेज, 30 दिनों में चयन की उम्मीद

-  महिला-पुरुष दोनों उम्मीदवारों के लिए अवसर, ईमानदारी, निष्ठा और प्रबंधन क्षमता होंगे प्रमुख मानदंड

अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने मंदिर के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) के चयन को लेकर स्पष्ट किया है कि यह पद महिला और पुरुष दोनों उम्मीदवारों के लिए समान रूप से खुला है। ट्रस्ट द्वारा गठित तीन सदस्यीय चयन समिति से अगले 30 दिनों के भीतर चयन प्रक्रिया पूरी करने की उम्मीद जताई गई है।
ट्रस्ट के अनुसार, नए सीईओ के चयन में ईमानदारी, निष्ठा, पारदर्शिता और उत्कृष्ट प्रशासनिक क्षमता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। चयनित अधिकारी में ट्रस्ट के भीतर सकारात्मक कार्य वातावरण विकसित करने, सभी हितधारकों का विश्वास एवं सम्मान अर्जित करने तथा प्रभावी नेतृत्व प्रदान करने की क्षमता होना आवश्यक होगी।
सीईओ चयन समिति में सेवानिवृत्त न्यायाधीश जस्टिस प्रमोद कोहली, सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल विष्णु कांत चतुर्वेदी तथा सुरेश हवारे शामिल हैं। समिति के एक सदस्य ने बताया कि चयन प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो चुकी है और पैनल इसे जल्द से जल्द पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।
समिति के अनुसार, भावी सीईओ में भगवान श्रीराम के प्रति गहरी आस्था के साथ-साथ आधुनिक प्रबंधन प्रणाली की मजबूत समझ भी होनी चाहिए। उनकी प्रमुख जिम्मेदारी मंदिर की प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना, श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा तीर्थ क्षेत्र के संचालन को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाना होगी।
हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप करने वाले क्या जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा करा पाएंगे : मुख्यमंत्री योगी
- मुख्यमंत्री ने बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया

-सीएम की बड़ी घोषणा-भरतपुर भरतकुंड नगर पंचायत के नाम से जाना जाएगा भदरसा नगर पंचायत, मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत

अयोध्या। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आस्था का दिखावा करने वाले दलों पर रामनगरी में कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि इन लोगों ने हनुमानगढ़ी में नमाज पढ़वाई थी, लेकिन क्या सपा, कांग्रेस या अन्य सरकारें जामा मस्जिद में हनुमान चालीसा का पाठ करवा पाएंगी। यदि नहीं करा पाएंगी तो हनुमानगढ़ी की सीढ़ियों पर नमाज पढ़वाने का पाप क्यों कराया गया था? आस्था का दिखावा कर रहे लोगों ने यह पाप किया था, जबकि भाजपा ने अयोध्या को सनातन धर्म की सांस्कृतिक राजधानी के रूप में स्थापित किया।

मुख्यमंत्री याेगी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश के बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में 432 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 217 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण व शिलान्यास किया। इस अवसर पर अयोध्या के विकास कार्यों पर आधारित लघु फिल्म भी दिखाई गई। मुख्यमंत्री ने यहां पूर्व मंत्री मुन्ना सिंह चौहान की प्रतिमा का अनावरण भी किया और लोकार्पण व शिलान्यास वाली तमाम योजनाओं का जिक्र कर इनका श्रेय जनता व जनप्रतिनिधियों को दिया।

मां ज्वाला के नाम पर होगी खिरौनी-सुचित्तागंज नगर पंचायत, भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीकापुर विधायक ने पिछली बार ग्राम पंचायत खिरौनी-सुचित्तागंज को नगर पंचायत बनवाया था। अब उनकी मांग पर यह नगर पंचायत मां ज्वाला देवी के नाम पर होगी। समाजवादी पार्टी का असली चरित्र सभी ने देखा होगा,जब इनके नमूने चेयरमैन ने भदरसा में गुस्ताखी की थी। भदरसा नगर पंचायत अब भरतनगर भरतकुंड होगा। भाई-भाई का संबंध भरत जी से सीखिए। 14 वर्ष तक भरतकुंड के पास रहकर उन्होंने भगवान राम की आज्ञा का पालन किया। भगवान राम की चरण पादुकाएं अयोध्या का संचालन कर रही थीं। भरत जैसा भाई मिलना मुश्किल है,लेकिन अयोध्या में राम, लक्ष्मण, भरत व शत्रुघ्न जैसे भाई हुए। चारों दिशाओं में अयोध्या की पहचान आज भी मौजूद है।

सक्रिय जनप्रतिनिधि से आते हैं सकारात्मक परिणाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि नीयत साफ और नीति स्पष्ट हो तो नियंता भी साथ देता है। प्रभु राम और पवनसुत के आशीर्वाद से सभी कार्य अपने आप बढ़ते हैं। बीकापुरवासियों ने अच्छा विधायक चुना तो विकास दौड़ता दिखाई देता है। जैसे अयोध्या का वैभव देश में चरम पर दिखाई देता है, वैसे ही बीकापुर में भी विकास की योजनाएं दिखाई दे रही हैं। सक्रिय जनप्रतिनिधि जब विकास में रूचि लेते हैं तो परिणाम वैसे ही सकारात्मक आते हैं, जैसे आज अयोध्या, बीकापुर, मिल्कीपुर, गोसाईगंज, रुधौली में दिखाई दे रहे हैं।

कभी विकास से वंचित थी अयोध्या

सीएम ने कहा कि 19 जून को हमने रुदौली में विकास योजनाओं की सौगात दी थी। पहले जो असंभव था, वह इन जनप्रतिनिधियों के कारण संभव हो पाया। लंबे समय तक सड़क, बिजली, पानी नहीं मिलने से अयोध्या उपेक्षित होने के साथ विकास से वंचित रहती थी। व्यवस्था न होने से श्रद्धालु मां सरयू का आशीर्वाद लेने में विफल रहता था, लेकिन अब मां सरयू की पवित्र धारा अयोध्या को अभिसिंचित करती है।

तीनों लोकों से न्यारी हो गई अयोध्या

मुख्यमंत्री ने कहा कि अयोध्या अब वैभवशाली और तीनों लोकों से न्यारी है। गलियां चमक रही हैं, लाइट भी रहती है। सूर्यवंश की राजधानी अयोध्या पीएम मोदी के विजन के अनुरूप सोलर सिटी बन गई है। नए घाट से लेकर गुप्तार घाट तक घाटों की श्रृंखला है। सीएम ने सभी का आह्वान किया कि कभी उपेक्षित रहे गुप्तार घाट में अब परिवार के साथ घूमने जाइए। हमने सूरजकुंड का पुनरुद्धार किया। स्थानीय विधायक के प्रस्ताव पर भरतकुंड का सौंदर्यीकरण भी हो रहा है।

सपा-कांग्रेस कुछ नहीं कर सकीं तो अयोध्या के विरोध में जुटीं

सीएम ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग एयरपोर्ट के नाम पर गुमराह करते थे, लेकिन अब महर्षि वाल्मीकि के नाम पर अयोध्या में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बन गया है। अयोध्या सभी शहरों के साथ जुड़ गई है। सपा व कांग्रेस वाले कुछ नहीं कर पाए, इसलिए अयोध्या का विरोध कर रहे हैं। डबल इंजन सरकार ने निषादराज के नाम पर रैनबसेरा और मां शबरी के नाम पर भोजनालय बनवाकर समरसता फैलाई। हरिद्वार में हरि की पैड़ी की तरह ही अयोध्या में राम की पैड़ी दिख रही है। रोज सरयू मैया की आरती होती है। सपा जिस वक्फ के नाम पर श्रृंग्वेरपुर में कब्जा करा रही थी, भाजपा सरकार ने वहां भगवान राम व निषादराज के मिलन की भव्य प्रतिमा व स्मारक बनाया है। सपा के लोग जाकर देखें कि श्रृंग्वेरपुर सौंदर्यीकरण की नई ऊंचाइयों तक पहुंच गया है।

सपा-कांग्रेस ने बाधा पहुंचाई, डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया

सीएम ने कहा कि कांग्रेस व सपा ने मंदिर निर्माण में बाधाएं डालीं, राम के नाम पर प्रश्न खड़ा किया। रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, लेकिन डबल इंजन सरकार आई तो राम मंदिर बन गया। अयोध्या आने वाला हर व्यक्ति अब अभिभूत होकर जाता है। भक्ति पथ, धर्मपथ, रामपथ, जन्मभूमिपथ अयोध्या की पहचान बन रहे हैं। सिंगल लेन की जगह अब फोरलेन व सिक्स लेन हैं। एयर, रेल व रोड कनेक्टिविटी अयोध्या को नई पहचान दिला रही है। बीकापुर, रुदौली, मिल्कीपुर व गोसाईगंज को भी लाभ प्राप्त हो रहा है।

देश-दुनिया में अयोध्या व प्रदेशवासियों को मिल रहा सम्मान

सीएम ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने मर्यादा के दायरे में रहकर अनवरत कार्य किया। 2017 के पहले लोग शक की निगाहों से देखते थे, लेकिन आज अयोध्या और प्रदेशवासी देश-दुनिया में जहां भी जाते हैं तो उन्हें सम्मान मिलता है। अयोध्या में अब विकास व विरासत का अद्भुत समन्वय हो रहा है। जो 500 वर्ष में नहीं हो पाया, अयोध्या अब वह करके दिखा रही है। संतों, राजाओं, युवराजों समेत समाज के प्रत्येक तबके ने रामजन्मभूमि मुक्ति के लिए संघर्ष किया। जो कहते थे कि परिंदा भी पर नहीं मार सकता, वे देख लें कि अयोध्या में दर्शन करने लाखों श्रद्धालु आ रहे हैं।

विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जज्बा अयोध्या की पहचान

सीएम ने विपरीत मौसम में उमड़े जनसैलाब के प्रति आभार जताया। कहा कि कल-परसों से यहां अनवरत वर्षा हो रही है। मुझे शंका थी कि बारिश के कारण यहां लोग आ पाएंगे या नहीं, लेकिन मौसम की चुनौती के बीच भी लोग आए, क्योंकि विपरीत परिस्थितियों में जूझने का जब्बा ही अयोध्या की पहचान है।

इस अवसर पर महापौर गिरीश पति त्रिपाठी, विधायक रामचंद्र यादव, अभय सिंह, चंद्रभानु पासवान, जिला पंचायत अध्य़क्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक शोभा सिंह चौहान, गोरखनाथ बाबा, इंद्रप्रताप तिवारी ‘खब्बू’, भाजपा के जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी, महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे। बीकापुर के विधायक डॉ.अमित सिंह चौहान ने अतिथियों का स्वागत किया।
चम्पत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा मंजूर, कार्यकारी महासचिव बने कृष्ण मोहन त्रिपाठी
— ट्रस्ट ने सार्वजनिक की भेंट, दान और चढ़ावा की राशि, श्रद्धालु अयोध्या आकर कर सकते हैं सत्यापन

— गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटाया गया

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट की राम जन्मभूमि परिसर में सोमवार को हुई महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया। साथ ही ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया। श्रद्धालुओं की भावनाओं को देखते हुए ट्रस्ट ने अब तक की भेंट, दान और चढ़ाव की धनराशि को सार्वजनिक करते हुए कहा कि कोई भी दानकर्ता यहां आकर अपनी भेंट या दान का सत्यापन कर सकता है।

ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंददेव गिरि महाराज ने बैठक में लिये गए फैसलों की मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट की बैठक में सदस्यों का कोरम पूरा हुआ और इस बैठक में ट्रस्ट के सदस्य के. पारासरन आभासी रूप से जुड़े। बैठक में मंदिर के दान में चोरी की घटना को अत्यंत दुर्भाग्य और आहत करने वाली बताया गया। बैठक में ट्रस्ट के महासचिव चम्पत राय और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र द्वारा नैतिक रूप से अपने अपने पदों से दिए गए त्यागपत्र पर ट्रस्ट के नियमों के अनुरूप चर्चा की गयी।

कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा

बैठक के दौरान सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं ट्रस्टी के. पारासरन ने सदस्यों को बताया कि ट्रस्ट का नियम है कि अगर कोई सदस्य त्यागपत्र देता है तो त्यागपत्र स्वीकार हो जाएगा। ऐसे में नैतिक आधार पर महामंत्री चम्पत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र का त्यागपत्र स्वीकार कर लिया गया है। साथ ही ट्रस्टी कृष्ण मोहन को कार्यकारी महासचिव नियुक्त किया गया है। इनकी मदद के लिए एक समिति भी गठित की गयी। इसके अलावा गोपाल नगरकोटे का नाम विशिष्ट आमंत्रित सदस्य सूची से हटा दिया गया है।

22 जुलाई को होगी ट्रस्ट की पुन: बैठक

गोविंद देव गिरि ने बताया कि 22 जुलाई को ट्रस्ट की पुन: बैठक होगी। बैठक में ट्रस्ट के नए सदस्यों की नियुक्ति पर विचार किया जाएगा। तब तक एसआईटी की फाइनल रिपोर्ट आ जाएगी। दान चोरी करने वाले अन्य अपराधियों के खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के लिए दान की गयी 2800 वस्तुतों की सूची बनी है और अगर किसी भी दानदाता के मन में संशय है तो वे ट्रस्ट के अयोध्या कार्यालय आकर देख सकते हैं। सभी वस्तुओं को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है।

श्रद्धालुओं का विश्वास पुन: स्थापित करेगा ट्रस्ट

बड़े ही भावुक हाेते हुए गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि मंदिर चोरी के प्रकरण को लेकर अनर्गल बातें मीडिया में आने और कुछ राजनीतिक दलों की ओर से इस मुद्दे पर जो चिंता दिखायी जा रही है वे राष्ट्र के लिए घातक हैं, क्योंकि यही वे राजनीतिक दल और नेता हैं जो भगवान राम को काल्पनिक बता कर न्यायालय तक गए। मंदिर आंदोलन के समय कारसेवकों पर गोलियां तक चलवाईं। ऐसे नेताओं एवं संगठनों का मकसद राजनीतिक रोटियां सेंकना और हिंदू एकता, रामभक्तों और सनातन पर चोट करना है, लेकिन ट्रस्ट आह्र्वान करता है कि सभी हिंदू समाज की अपेक्षा के अनुरूप काम करेगा और उनका विश्वास पुन:स्थापित करेगा। उन्होंने कहा कि राम भक्त धैर्य रखें और किसी प्रकार के अनर्गल समाचारों पर ध्यान न दें।

चोरी करने वालों को दंड दिलाना प्राथमिकता

बैठक में कार्यकारी महासचिव कृष्ण मोहन ने अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए कहा कि पहला काम चढ़ावा चोरी करने वाले अपराधियों को दंड दिलाना और मंदिर प्रबंधन में अब तक रहीं कमियां दूर करना है। ट्रस्ट के सदस्य समाज में राम मंदिर की पुन: प्रतिष्ठा और विश्वास बनाएंगे।

सार्वजनिक की गई धनराशि

ट्रस्ट की ओर से बताया गया कि आज की बैठक में प्रमुख रूप से दानपात्रों से प्राप्त राशि की गणना की प्रक्रिया में अनियमितता, उसकी जांच और कार्यवाही, महामंत्री और एक न्यासी के न्यासी पद से त्यागपत्रों, मीडिया में चल रही चर्चाओं, भावी अन्तरिम व्यवस्थाओं आदि विषयों पर विचार हुआ। अब तक निधि समर्पण अभियान एवं कॉर्पस दान के माध्यम से प्राप्त कुल राशि 3,264 करोड़ रुपये में से 2,370 करोड़ रुपये निर्माण एवं पूंजीगत व्यय में उपयोग की गई है।

2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ

प्रारम्भ से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल चढ़ावा 582 करोड़ रुपये प्राप्त हुआ, जिसमें से 391 करोड़ रुपये की राशि संचालन व्यय में उपयोग ली गई। शेष राशियां बैंक खातों में उपलब्ध है। ये समस्त वितीय सूचनाएं समय—समय पर ट्रस्ट ने मीडिया के समक्ष प्रस्तुत की हैं। नकद राशि के अतिरिक्त अनेक श्रद्धालुओं ने वस्तु के रूप में प्रभु श्री रामलला को भेंट अर्पित की हैं। ऐसी कुल 2,926 भेंट प्राप्त हुई हैं जो समस्त, तिथि अनुसार, सम्पूर्ण विवरण के साथ रजिस्टर में दर्ज हैं और उनका भौतिक सत्यापन एक स्वतंत्र चार्टर्ड अकाउंटेंट फ़र्म द्वारा आंतरिक अंकेक्षक के नाते प्रति वर्ष किया जाता है। काउंटर पर ऐसी भेंट देने वाले समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई हैं और काउंटर के अतिरिक्त दी गई भेंट हेतु भी उन समस्त श्रद्धालुओं को रशीद दी गई है जिन्होने दानदाता का विवरण दिया।

कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध

समस्त श्रद्धालुओं से निवेदन है कि जो भी अपनी दी हुई भेंट का उपयोग जानना अथवा सत्यापन करना चाहें, वे कभी भी ट्रस्ट के अधिकारी से तिथि व समय निश्चित कर अयोध्या पधारें और प्रभु श्री रामलला के दर्शन के साथ अपनी भेंट का सत्यापन कर सकते हैं। चांदी की वस्तुओं को भारत सरकार की टकसाल (मिंट) में गला कर छड़ें बनाई गई हैं जिनके मूल स्वरूप का विवरण फोटो व वजन सहित उपलब्ध है। गलाने के पश्चात चाँदी की शुद्धता और कुल वजन के टकसाल के प्रमाण-पत्र भी उपलब्ध हैं।

भारतीय वन सेवा (आईएफएस) से सेवानिवृत्त हैं कृष्ण मोहन

श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की सोमवार को श्री राम जन्मभूमि परिसर में हुई बैठक में ट्रस्ट सदस्य कृष्ण मोहन को अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। उन्हें ट्रस्ट का अंतरिम महासचिव नियुक्त किया गया है। अब वे ट्रस्ट के प्रशासनिक और संगठनात्मक कार्यों का दायित्व संभालेंगे। कृष्ण मोहन राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्र संघचालक के दायित्व पर अपनी सेवा दे रहे हैं।

उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं

कृष्ण मोहन ने 1970 के दशक में लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद उनका चयन भारतीय वन सेवा (आईएफएस) में हुआ और उन्होंने महाराष्ट्र कैडर में लंबे समय तक सेवाएं दीं। सेवानिवृत्ति के बाद वे सामाजिक और जनसेवा के कार्यों से जुड़े रहे।

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ

कृष्ण मोहन का जन्म सितंबर 1952 में बरेली में हुआ। उनके पिता रेलवे में अधिकारी थे। मूल रूप से हरदोई जिले के शाहाबाद क्षेत्र के सिकंदरपुर बाजार निवासी कृष्ण मोहन ने लखनऊ विश्वविद्यालय से एमएससी की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद करीब पांच वर्ष तक एटॉमिक एनर्जी विभाग में वैज्ञानिक के रूप में कार्य किया। बाद में उनका चयन भारतीय वन सेवा में हुआ और महाराष्ट्र कैडर मिला। वर्ष 2012 में अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए।
राम मंदिर ट्रस्ट की अहम बैठक का स्थल बदला, अब मंदिर परिसर में होगी चर्चा

- सुरक्षा और गोपनीयता के मद्देनजर लिया गया निर्णय, चंपत राय व अनिल मिश्रा भी बैठक में होंगे शामिल

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की रविवार को होने वाली महत्वपूर्ण बैठक के आयोजन स्थल में अंतिम समय में बदलाव कर दिया गया है। पहले यह बैठक मनीराम छावनी में प्रस्तावित थी, लेकिन रविवार देर रात इसे राम मंदिर परिसर में आयोजित करने का निर्णय लिया गया।
सूत्रों के अनुसार सुरक्षा कारणों और मीडिया की अनावश्यक आवाजाही से बचने के उद्देश्य से बैठक स्थल बदला गया है। ट्रस्ट की इस महत्वपूर्ण बैठक में ट्रस्टी अनिल मिश्रा तथा महासचिव चंपत राय भी शामिल होंगे।
बैठक में हाल के दिनों में चर्चा में रहे विभिन्न मुद्दों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। इनमें चंपत राय और अनिल मिश्रा के संभावित त्यागपत्रों को लेकर उठे सवाल, एसआईटी की जांच रिपोर्ट, वित्तीय वर्ष 2025-26 की ऑडिट रिपोर्ट, विभिन्न वित्तीय प्रस्तावों के साथ-साथ राम मंदिर निर्माण एवं विकास से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण कार्य शामिल बताए जा रहे हैं।
ट्रस्ट की इस बैठक पर श्रद्धालुओं, संत समाज और आम जनता की निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी दिनों में राम मंदिर परियोजना और ट्रस्ट के प्रशासनिक कार्यों की दिशा तय कर सकते हैं। हालांकि, बैठक के एजेंडे को लेकर ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक रूप से कोई विस्तृत जानकारी जारी नहीं की गई है।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में नहीं जाएंगे महंत नृत्य गोपाल दास, बोले- 'रामभक्तों की आस्था पर राजनीति न हो'


सीएम योगी और पीएम मोदी पर जताया भरोसा, कहा- घटना से बेहद आहत हूं



अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने ट्रस्ट की महत्वपूर्ण बैठक में शामिल होने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह बैठक में नहीं जाएंगे।
महंत नृत्य गोपाल दास ने कहा कि हाल की घटनाओं से वह काफी आहत हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण पर योगी आदित्यनाथ और नरेंद्र मोदी पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा कि उन्हें विश्वास है कि उचित निर्णय लिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस विषय पर किसी भी व्यक्ति को अपने व्यक्तिगत हित के लिए राजनीति नहीं करनी चाहिए। यह मामला करोड़ों रामभक्तों की आस्था से जुड़ा हुआ है और इसे राजनीतिक विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।
महंत नृत्य गोपाल दास के बैठक में शामिल न होने के फैसले को ट्रस्ट की बैठक से पहले एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, ट्रस्ट की ओर से उनके निर्णय पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राम मंदिर दान प्रकरण: चंपत राय के समर्थन में उतरा अयोध्या व्यापार मंडल

-   एसआईटी रिपोर्ट आने तक आरोपों से बचने की अपील की

अयोध्या। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के चर्चित दान प्रकरण में अब अयोध्या का व्यापार मंडल भी ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। व्यापार मंडल के अध्यक्ष पंकज गुप्ता ने कहा कि मामले की जांच कर रही एसआईटी की रिपोर्ट आने से पहले किसी भी व्यक्ति पर आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने सभी पक्षों से धैर्य रखने और तथ्यों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालने की अपील की।
व्यापार मंडल की बैठक के बाद पंकज गुप्ता ने बताया कि दान प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों की पैरवी न करने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया गया है। उन्होंने कहा कि कानून अपना काम कर रहा है और यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
चंपत राय का समर्थन करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन राष्ट्र और श्रीराम मंदिर आंदोलन को समर्पित किया है। मंदिर आंदोलन के दौरान संतों को एक मंच पर लाने, ऐतिहासिक साक्ष्यों के संकलन तथा मंदिर निर्माण के अभियान में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मामले में न्यायालय का निर्णय भी साक्ष्यों के आधार पर आया था।
व्यापार मंडल अध्यक्ष ने कहा कि श्रीराम मंदिर निर्माण के बाद अयोध्या में व्यापार, पर्यटन और रोजगार के क्षेत्र में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। पहले जहां स्थानीय युवाओं को रोजगार के लिए बाहर जाना पड़ता था, वहीं अब देशभर से व्यापारी और निवेशक अयोध्या का रुख कर रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार द्वारा रेलवे स्टेशन, रामपथ, धर्मपथ, एयरपोर्ट तथा अन्य आधारभूत सुविधाओं के विकास की भी सराहना की।उन्होंने कहा कि मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को काफी सहूलियत मिल रही है।
गौरतलब है कि दान प्रकरण में संत समाज के बाद अब अयोध्या का व्यापार मंडल भी चंपत राय के समर्थन में सामने आया है। इस घटनाक्रम के बीच अब सभी की निगाहें 6 जुलाई को प्रस्तावित बैठक पर टिकी हैं, जिसमें ट्रस्ट की आगे की रणनीति और नेतृत्व से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
बैठक में महामंत्री नंदलाल गुप्ता, अचल गुप्ता, विनोद श्रीवास्तव, श्याम सुंदर कसेरा, सरदार कमलजीत, सरदार महेंद्र, जितेंद्र मोदनवाल, सोनू अग्रहरि, रंजीत गुप्ता, राकेश गुप्ता, निखिल गुप्ता सहित अयोध्या धाम के अनेक वरिष्ठ व्यापारी उपस्थित रहे।
राम मंदिर ट्रस्ट में हलचल: चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे का दावा, बिना हस्ताक्षर की विज्ञप्ति से बढ़ी चर्चा
अयोध्या। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र (न्यास) के नाम से जारी एक विज्ञप्ति में दावा किया गया है कि ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्र ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
विज्ञप्ति में यह जानकारी ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद गिरि के हवाले से दी गई है। इसमें कहा गया है कि दोनों के इस्तीफों पर ट्रस्ट उचित समय पर विचार करेगा।
हालांकि, जारी की गई इस विज्ञप्ति पर किसी भी अधिकृत पदाधिकारी के हस्ताक्षर नहीं हैं। ऐसे में इसकी प्रामाणिकता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से हस्ताक्षरयुक्त आधिकारिक बयान या प्रेस विज्ञप्ति जारी नहीं की गई है।
ऐसे में चंपत राय और अनिल मिश्र के इस्तीफे की खबर की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है। जब तक ट्रस्ट की ओर से विधिवत हस्ताक्षरित बयान या आधिकारिक घोषणा नहीं आती, इस दावे को पुष्टि-रहित सूचना के रूप में ही देखा जाना चाहिए।